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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को एक अदालत में बताया कि कथित रूप से आत्महत्या करने वाली सुनंदा पुष्कर अपने पति और कांग्रेस नेता शशि थरूर के साथ तनावपूर्ण संबंधों के चलते मानसिक पीड़ा से गुजर रही थीं. पुलिस ने थरूर पर सुनंदा को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया, जिसने उन्हें आत्महत्या को मजबूर किया. विशेष लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने अदालत को बताया कि दोनों के बीच झगड़े के चलते सुनंदा परेशान थीं और मानसिक पीड़ा से गुजर रही थीं. उन्होंने पुष्कर की मौत से संबंधित मामले में थरूर के खिलाफ आरोप तय किए जाने के दौरान यह बात कही. सुनंदा 17 जनवरी, 2014 को दिल्ली के चाणक्यपुरी में आलीशान होटल लीला के एक कमरे में मृत मिली थीं. पुलिस ने इस मामले में थरूर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 498-A और धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया. फिलहाल वह जमानत पर हैं. जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक सुनंदा पुष्कर की मौत जहर खाने से हुेई है और उनके शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर 15 जगह चोट के निशान मिले हैं. ये निशान उनकी कलाई, बाजू और पैरों पर मिले हैं.
सारांश: दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया सुनंदा के शरीर पर थे चोट के 15 निशान शशि थरूर हैं आरोपी
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली हाईकोर्ट ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र नजीब अहमद की गुमशुदगी का मामला मंगलवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया. नजीब अहमद अक्टूबर 2016 से गुमशुदा है. न्यायमूर्ति जीएस सिस्तानी और न्यायमूर्ति रेखा पिल्लई की खंडपीठ ने इस मामले को तत्काल प्रभाव से सीबीआई को सौंप दिया. इससे पहले दिल्ली पुलिस ने कहा कि यदि अदालत इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपती है तो उसे कोई आपत्ति नहीं होगी. अदालत ने मामले की जांच सीबीआई से कराने का निर्देश देते हुए यह भी स्पष्ट किया कि जांच की अगुवाई करने वाला अधिकारी डीआईजी रैंक से कम का नहीं होगा. दिल्ली पुलिस ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उसने मामले की उचित तरीके से जांच की. नजीब को देशभर में तलाशा गया, लेकिन उसका पता नहीं चल पाया. नजीब अहमद की मां फातिमा नफीस की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के निर्देश दिए. जेएनयू में एमएससी प्रथम वर्ष का छात्र नजीब अहमद 14-15 अक्टूबर, 2016 की रात से ही जेएनयू छात्रावास से गुमशुदा हैं. टिप्पणियां कहा जा रहा है कि इससे पहले उसका राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कुछ सदस्यों से झगड़ा हुआ था. एबीवीपी ने हालांकि इस मामले में अपनी किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इससे पहले दिल्ली पुलिस ने कहा कि यदि अदालत इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपती है तो उसे कोई आपत्ति नहीं होगी. अदालत ने मामले की जांच सीबीआई से कराने का निर्देश देते हुए यह भी स्पष्ट किया कि जांच की अगुवाई करने वाला अधिकारी डीआईजी रैंक से कम का नहीं होगा. दिल्ली पुलिस ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उसने मामले की उचित तरीके से जांच की. नजीब को देशभर में तलाशा गया, लेकिन उसका पता नहीं चल पाया. नजीब अहमद की मां फातिमा नफीस की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के निर्देश दिए. जेएनयू में एमएससी प्रथम वर्ष का छात्र नजीब अहमद 14-15 अक्टूबर, 2016 की रात से ही जेएनयू छात्रावास से गुमशुदा हैं. टिप्पणियां कहा जा रहा है कि इससे पहले उसका राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कुछ सदस्यों से झगड़ा हुआ था. एबीवीपी ने हालांकि इस मामले में अपनी किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अदालत ने मामले की जांच सीबीआई से कराने का निर्देश देते हुए यह भी स्पष्ट किया कि जांच की अगुवाई करने वाला अधिकारी डीआईजी रैंक से कम का नहीं होगा. दिल्ली पुलिस ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उसने मामले की उचित तरीके से जांच की. नजीब को देशभर में तलाशा गया, लेकिन उसका पता नहीं चल पाया. नजीब अहमद की मां फातिमा नफीस की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के निर्देश दिए. जेएनयू में एमएससी प्रथम वर्ष का छात्र नजीब अहमद 14-15 अक्टूबर, 2016 की रात से ही जेएनयू छात्रावास से गुमशुदा हैं. टिप्पणियां कहा जा रहा है कि इससे पहले उसका राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कुछ सदस्यों से झगड़ा हुआ था. एबीवीपी ने हालांकि इस मामले में अपनी किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नजीब अहमद की मां फातिमा नफीस की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के निर्देश दिए. जेएनयू में एमएससी प्रथम वर्ष का छात्र नजीब अहमद 14-15 अक्टूबर, 2016 की रात से ही जेएनयू छात्रावास से गुमशुदा हैं. टिप्पणियां कहा जा रहा है कि इससे पहले उसका राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कुछ सदस्यों से झगड़ा हुआ था. एबीवीपी ने हालांकि इस मामले में अपनी किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कहा जा रहा है कि इससे पहले उसका राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कुछ सदस्यों से झगड़ा हुआ था. एबीवीपी ने हालांकि इस मामले में अपनी किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: नजीब अहमद अक्टूबर 2016 से गुमशुदा है नजीब को देशभर में तलाशा गया : दिल्ली पुलिस एबीवीपी के छात्र से हुआ था झगड़ा
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि केंद्र को धुंध के खतरनाक स्तर को घटाने में हस्तक्षेप करने की जरूरत है. दिल्ली एक तरह से 'गैस के चैंबर' में तब्दील हो गई है, जिसकी मुख्य वजह पड़ोसी राज्य पंजाब और हरियाणा में खेतों की आग है. केजरीवाल ने कहा कि वाहनों पर पाबंदी जैसी ऑड-ईवन योजना इस धुंध को कम करने में कारगर साबित नहीं होंगे, क्योंकि अध्ययनों से पता चलता है कि पंजाब और हरियाणा से प्रदूषण युक्त धुंध के 'व्यापक स्तर' ने स्थिति को बद से बदतर कर दिया है. केजरीवाल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'प्रदूषण इस हद तक बढ़ गया है कि दिल्ली में वातावरण एक गैस चैंबर जैसा हो गया है. पहली नजर में इसका सबसे बड़ा कारण हरियाणा और पंजाब के खेतों में भारी मात्रा में खूंटी को जलाना प्रतीत होता है.' प्रदूषण के चलते नगर निगमों द्वारा संचालित स्कूलों को एक दिन के लिए बंद करने के निर्णय के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि लंबे समय तक स्कूलों को बंद रखना व्यवहारिक समाधान नहीं है.टिप्पणियां केजरीवाल ने किसानों को वैकल्पिक उपाय और प्रोत्साहन दिए जाने की वकालत की, ताकि वे पारंपरिक व्यवस्था छोड़ दें. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के पास बहुत कम पद्धतियां हैं और केंद्र को हस्तक्षेप करने की जरूरत है. केंद्र इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठकर किसी समाधान की रूपरेखा तैयार कर सकता है. कुछ रिपोर्टों के मुताबिक जलाई जा रही खूंटी की मात्रा करीब 1.6 से 2 करोड़ टन है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) केजरीवाल ने कहा कि वाहनों पर पाबंदी जैसी ऑड-ईवन योजना इस धुंध को कम करने में कारगर साबित नहीं होंगे, क्योंकि अध्ययनों से पता चलता है कि पंजाब और हरियाणा से प्रदूषण युक्त धुंध के 'व्यापक स्तर' ने स्थिति को बद से बदतर कर दिया है. केजरीवाल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'प्रदूषण इस हद तक बढ़ गया है कि दिल्ली में वातावरण एक गैस चैंबर जैसा हो गया है. पहली नजर में इसका सबसे बड़ा कारण हरियाणा और पंजाब के खेतों में भारी मात्रा में खूंटी को जलाना प्रतीत होता है.' प्रदूषण के चलते नगर निगमों द्वारा संचालित स्कूलों को एक दिन के लिए बंद करने के निर्णय के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि लंबे समय तक स्कूलों को बंद रखना व्यवहारिक समाधान नहीं है.टिप्पणियां केजरीवाल ने किसानों को वैकल्पिक उपाय और प्रोत्साहन दिए जाने की वकालत की, ताकि वे पारंपरिक व्यवस्था छोड़ दें. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के पास बहुत कम पद्धतियां हैं और केंद्र को हस्तक्षेप करने की जरूरत है. केंद्र इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठकर किसी समाधान की रूपरेखा तैयार कर सकता है. कुछ रिपोर्टों के मुताबिक जलाई जा रही खूंटी की मात्रा करीब 1.6 से 2 करोड़ टन है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) केजरीवाल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'प्रदूषण इस हद तक बढ़ गया है कि दिल्ली में वातावरण एक गैस चैंबर जैसा हो गया है. पहली नजर में इसका सबसे बड़ा कारण हरियाणा और पंजाब के खेतों में भारी मात्रा में खूंटी को जलाना प्रतीत होता है.' प्रदूषण के चलते नगर निगमों द्वारा संचालित स्कूलों को एक दिन के लिए बंद करने के निर्णय के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि लंबे समय तक स्कूलों को बंद रखना व्यवहारिक समाधान नहीं है.टिप्पणियां केजरीवाल ने किसानों को वैकल्पिक उपाय और प्रोत्साहन दिए जाने की वकालत की, ताकि वे पारंपरिक व्यवस्था छोड़ दें. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के पास बहुत कम पद्धतियां हैं और केंद्र को हस्तक्षेप करने की जरूरत है. केंद्र इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठकर किसी समाधान की रूपरेखा तैयार कर सकता है. कुछ रिपोर्टों के मुताबिक जलाई जा रही खूंटी की मात्रा करीब 1.6 से 2 करोड़ टन है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) केजरीवाल ने किसानों को वैकल्पिक उपाय और प्रोत्साहन दिए जाने की वकालत की, ताकि वे पारंपरिक व्यवस्था छोड़ दें. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के पास बहुत कम पद्धतियां हैं और केंद्र को हस्तक्षेप करने की जरूरत है. केंद्र इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठकर किसी समाधान की रूपरेखा तैयार कर सकता है. कुछ रिपोर्टों के मुताबिक जलाई जा रही खूंटी की मात्रा करीब 1.6 से 2 करोड़ टन है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: 'ऑड-ईवन स्कीम धुंध कम करने में कारगर साबित नहीं होंगे' 'पंजाब, हरियाणा से प्रदूषण युक्त धुंध ने हालात बदतर कर दिया है' 'लंबे समय तक स्कूलों को बंद रखना व्यवहारिक समाधान नहीं है'
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: आरबीएल बैंक की आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) को आज निर्गम के अंतिम दिन 69.58  गुना अभिदान मिला है. एक दशक में आईपीओ लाने वाला यह निजी क्षेत्र का पहला बैंक है. एनएसई पर शाम पांच बजे तक के आंकड़ों के अनुसार कंपनी के निर्गम के तहत 3,79,01,919 शेयरों की पेशकश के लिए 2,63,73,00,965 शेयरों के बोली प्राप्त हुई है. इसके अनुसार पात्र संस्थागत क्रेताओं (क्यूआईबी) के लिए तय कोटे को 85 गुना अभिदान जबकि गैर संस्थागत निवेशकों के हिस्से को 198 गुना अभिदान मिला. आईपीओ का कीमत दायरा 224-225 रुपये  प्रति शेयर तय किया गया था.   एनएसई पर शाम पांच बजे तक के आंकड़ों के अनुसार कंपनी के निर्गम के तहत 3,79,01,919 शेयरों की पेशकश के लिए 2,63,73,00,965 शेयरों के बोली प्राप्त हुई है. इसके अनुसार पात्र संस्थागत क्रेताओं (क्यूआईबी) के लिए तय कोटे को 85 गुना अभिदान जबकि गैर संस्थागत निवेशकों के हिस्से को 198 गुना अभिदान मिला. आईपीओ का कीमत दायरा 224-225 रुपये  प्रति शेयर तय किया गया था.
सारांश: पिछले एक दशक में आईपीओ लाने वाला निजी क्षेत्र का पहला बैंक आईपीओ का कीमत दायरा 224-225 रुपये प्रति शेयर था गैर संस्थागत निवेशकों ने आईपीओ को लिया हाथोंहाथ
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इंडियन मुजाहिदीन के एक शीर्ष आतंकवादी एवं संगठन संस्थापक यासीन भटकल के कथित नजदीकी सहयोगी को बिहार के दरभंगा जिले से गिरफ्तार कर लिया। एनआईए की ओर से गिरफ्तार आतंकवादी की पहचान मोहम्मद जफीर अंसारी के बेटे मोहम्मद दानिश अंसारी के रूप में की गई है। एनआईए अधिकारियों द्वारा गिरफ्तार मोहम्मद दानिश अंसारी दरभंगा के लहेरियासराय पुलिस थाना क्षेत्र स्थित चकजोरा गांव का रहने वाला है। सूत्रों ने बताया कि पिछले साल दिल्ली की एक विशेष एनआईए अदालत ने दानिश के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था।टिप्पणियां सुरक्षा एजेंसियां काफी समय से दानिश की तलाश में थीं। एजेंसियों का दावा है कि उसने भटकल को रहने की सुविधा उपलब्ध कराई थी जो कथित तौर पर अभी पाकिस्तान में छुपा हुआ है। दानिश एक अन्य आतंकवादी वारदात में भी वांछित था जिसकी जांच दिल्ली पुलिस कर रही है। सूत्रों ने बताया कि पिछले साल दिल्ली की एक विशेष एनआईए अदालत ने दानिश के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था।टिप्पणियां सुरक्षा एजेंसियां काफी समय से दानिश की तलाश में थीं। एजेंसियों का दावा है कि उसने भटकल को रहने की सुविधा उपलब्ध कराई थी जो कथित तौर पर अभी पाकिस्तान में छुपा हुआ है। दानिश एक अन्य आतंकवादी वारदात में भी वांछित था जिसकी जांच दिल्ली पुलिस कर रही है। सुरक्षा एजेंसियां काफी समय से दानिश की तलाश में थीं। एजेंसियों का दावा है कि उसने भटकल को रहने की सुविधा उपलब्ध कराई थी जो कथित तौर पर अभी पाकिस्तान में छुपा हुआ है। दानिश एक अन्य आतंकवादी वारदात में भी वांछित था जिसकी जांच दिल्ली पुलिस कर रही है। दानिश एक अन्य आतंकवादी वारदात में भी वांछित था जिसकी जांच दिल्ली पुलिस कर रही है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इंडियन मुजाहिदीन के एक शीर्ष आतंकवादी एवं संगठन संस्थापक यासीन भटकल के कथित नजदीकी सहयोगी को बिहार के दरभंगा जिले से गिरफ्तार कर लिया।
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मध्‍य क्रम के बल्‍लेबाज रॉस टेलर ने फॉर्म में वापसी करके सोमवार को यहां नाबाद शतक जमाया जिससे न्यूजीलैंड ने दूसरे टेस्ट क्रिकेट मैच के चौथे दिन पाकिस्तान के सामने जीत के लिये 369 रन का लक्ष्य रखा. टेलर ने नाबाद 102 रन बनाए. उनके अलावा टॉम लाथम ने 80 रन की पारी खेली जिससे न्यूजीलैंड ने अपनी दूसरी पारी पांच विकेट पर 313 रन बनाकर समाप्त घोषित की.  न्यूजीलैंड के 271 रन के जवाब में पाकिस्तान ने अपनी पहली पारी में 216 रन बनाए थे. न्यूजीलैंड ने पाकिस्तान को चौथे दिन के आखिरी क्षणों में तीन ओवर खेलने का मौका दिया, जिसमें उसने बिना किसी नुकसान के एक रन बनाया है. समी असलम एक रन पर खेल रहे हैं जबकि कार्यवाहक कप्तान अजहर अली को अभी खाता खोलना है. पाकिस्तान के सामने चुनौती काफी कड़ी है क्योंकि इस मैदान पर चौथी पारी में सबसे बड़ा लक्ष्य हासिल करने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के नाम पर है जिसने 16 साल पहले चार विकेट पर 212 रन बनाये थे. टेलर ने अपने करियर का 16वां शतक जमाया जिसके बाद न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियम्‍सन ने पारी समाप्त घोषित कर दी. टेलर ने अपनी पारी में 134 गेंदें खेली तथा 16 चौके लगाए. पाकिस्तान की तरफ से नवोदित तेज गेंदबाज इमरान खान ने 76 रन देकर तीन विकेट लिए. न्यूजीलैंड ने सुबह सलामी बल्लेबाज जीत रावल (दो) का विकेट जल्दी गंवा दिया जिसके बाद लाथम और विलियम्‍सन (42) ने दूसरे विकेट के लिये 96 रन की साझेदारी की. ये दोनों बल्लेबाज दूसरे सत्र में आउट हुए. टेलर ने एक छोर संभाले रखा और आखिर में वह 11 पारियों के बाद पहली बार 50 रन के पार पहुंचने में सफल रहे. टिप्पणियां उन्होंने लाथम के साथ 52 और हेनरी निकोल्स (26) के साथ 60 के साथ भी उपयोगी साझेदारियां की. कोलिन डि ग्रैंडहोम ने केवल 21 गेंदों पर 32 रन की तेजतर्रार पारी खेली. वीजे वाटलिंग 15 रन बनाकर नाबाद रहे. उन्होंने और टेलर ने छठे विकेट के लिये 59 रन की अटूट साझेदारी की. न्यूजीलैंड पहला टेस्ट मैच जीतकर सीरीज में 1-0 से आगे चल रहा है और अब उसकी निगाह दो टेस्ट मैचों की सीरीज में 'क्लीन स्वीप' पर टिकी है. वैसे यदि वह इस मैच को ड्रॉ भी करा देता है तो सीरीज अपने नाम कर लेगा. न्यूजीलैंड ने 1985 के बाद से लेकर अब तक 13 टेस्ट श्रृंखलाओं में पाकिस्तान को नहीं हराया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)  न्यूजीलैंड के 271 रन के जवाब में पाकिस्तान ने अपनी पहली पारी में 216 रन बनाए थे. न्यूजीलैंड ने पाकिस्तान को चौथे दिन के आखिरी क्षणों में तीन ओवर खेलने का मौका दिया, जिसमें उसने बिना किसी नुकसान के एक रन बनाया है. समी असलम एक रन पर खेल रहे हैं जबकि कार्यवाहक कप्तान अजहर अली को अभी खाता खोलना है. पाकिस्तान के सामने चुनौती काफी कड़ी है क्योंकि इस मैदान पर चौथी पारी में सबसे बड़ा लक्ष्य हासिल करने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के नाम पर है जिसने 16 साल पहले चार विकेट पर 212 रन बनाये थे. टेलर ने अपने करियर का 16वां शतक जमाया जिसके बाद न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियम्‍सन ने पारी समाप्त घोषित कर दी. टेलर ने अपनी पारी में 134 गेंदें खेली तथा 16 चौके लगाए. पाकिस्तान की तरफ से नवोदित तेज गेंदबाज इमरान खान ने 76 रन देकर तीन विकेट लिए. न्यूजीलैंड ने सुबह सलामी बल्लेबाज जीत रावल (दो) का विकेट जल्दी गंवा दिया जिसके बाद लाथम और विलियम्‍सन (42) ने दूसरे विकेट के लिये 96 रन की साझेदारी की. ये दोनों बल्लेबाज दूसरे सत्र में आउट हुए. टेलर ने एक छोर संभाले रखा और आखिर में वह 11 पारियों के बाद पहली बार 50 रन के पार पहुंचने में सफल रहे. टिप्पणियां उन्होंने लाथम के साथ 52 और हेनरी निकोल्स (26) के साथ 60 के साथ भी उपयोगी साझेदारियां की. कोलिन डि ग्रैंडहोम ने केवल 21 गेंदों पर 32 रन की तेजतर्रार पारी खेली. वीजे वाटलिंग 15 रन बनाकर नाबाद रहे. उन्होंने और टेलर ने छठे विकेट के लिये 59 रन की अटूट साझेदारी की. न्यूजीलैंड पहला टेस्ट मैच जीतकर सीरीज में 1-0 से आगे चल रहा है और अब उसकी निगाह दो टेस्ट मैचों की सीरीज में 'क्लीन स्वीप' पर टिकी है. वैसे यदि वह इस मैच को ड्रॉ भी करा देता है तो सीरीज अपने नाम कर लेगा. न्यूजीलैंड ने 1985 के बाद से लेकर अब तक 13 टेस्ट श्रृंखलाओं में पाकिस्तान को नहीं हराया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) टेलर ने अपनी पारी में 134 गेंदें खेली तथा 16 चौके लगाए. पाकिस्तान की तरफ से नवोदित तेज गेंदबाज इमरान खान ने 76 रन देकर तीन विकेट लिए. न्यूजीलैंड ने सुबह सलामी बल्लेबाज जीत रावल (दो) का विकेट जल्दी गंवा दिया जिसके बाद लाथम और विलियम्‍सन (42) ने दूसरे विकेट के लिये 96 रन की साझेदारी की. ये दोनों बल्लेबाज दूसरे सत्र में आउट हुए. टेलर ने एक छोर संभाले रखा और आखिर में वह 11 पारियों के बाद पहली बार 50 रन के पार पहुंचने में सफल रहे. टिप्पणियां उन्होंने लाथम के साथ 52 और हेनरी निकोल्स (26) के साथ 60 के साथ भी उपयोगी साझेदारियां की. कोलिन डि ग्रैंडहोम ने केवल 21 गेंदों पर 32 रन की तेजतर्रार पारी खेली. वीजे वाटलिंग 15 रन बनाकर नाबाद रहे. उन्होंने और टेलर ने छठे विकेट के लिये 59 रन की अटूट साझेदारी की. न्यूजीलैंड पहला टेस्ट मैच जीतकर सीरीज में 1-0 से आगे चल रहा है और अब उसकी निगाह दो टेस्ट मैचों की सीरीज में 'क्लीन स्वीप' पर टिकी है. वैसे यदि वह इस मैच को ड्रॉ भी करा देता है तो सीरीज अपने नाम कर लेगा. न्यूजीलैंड ने 1985 के बाद से लेकर अब तक 13 टेस्ट श्रृंखलाओं में पाकिस्तान को नहीं हराया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने लाथम के साथ 52 और हेनरी निकोल्स (26) के साथ 60 के साथ भी उपयोगी साझेदारियां की. कोलिन डि ग्रैंडहोम ने केवल 21 गेंदों पर 32 रन की तेजतर्रार पारी खेली. वीजे वाटलिंग 15 रन बनाकर नाबाद रहे. उन्होंने और टेलर ने छठे विकेट के लिये 59 रन की अटूट साझेदारी की. न्यूजीलैंड पहला टेस्ट मैच जीतकर सीरीज में 1-0 से आगे चल रहा है और अब उसकी निगाह दो टेस्ट मैचों की सीरीज में 'क्लीन स्वीप' पर टिकी है. वैसे यदि वह इस मैच को ड्रॉ भी करा देता है तो सीरीज अपने नाम कर लेगा. न्यूजीलैंड ने 1985 के बाद से लेकर अब तक 13 टेस्ट श्रृंखलाओं में पाकिस्तान को नहीं हराया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: रॉस टेलर ने नाबाद 102 रन और लाथम ने 80 रन बनाए पाकिस्‍तान को टेस्‍ट में जीत के लिए 369 रन बनाने हैं न्‍यूजीलैंड की नजर जीत हासिल कर क्‍लीन स्‍वीप करने पर टिकी
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: फिल्मकार करण जौहर ने उन खबरों का खंडन किया है जिनमें कहा गया था कि पाकिस्तानी अभिनेता फवाद खान ‘कॉफी विथ करण’ के आगामी सीजन की पहली कड़ी में अतिथि के रूप में दिखेंगे. करण ने शो की शूटिंग शुरू कर दी है, जिसका प्रसारण अगले महीने से शुरू होगा. करण जौहर के निर्देशन में बनी आगामी फिल्म 'ऐ दिल है मुश्किल' में फवाद खान एक महत्वपूर्ण भूमिका में नज़र आने वाले हैं. इससे पहले वह धर्मा प्रोडक्शंस की फिल्म ‘कपूर एंड सन्स’ में भी काम कर चुके हैं. इस वजह से संभावना जताई जा रही थी कि वह जौहर के टॉक शो में पहले अतिथि होंगे.टिप्पणियां इस बारे में पूछे जाने पर जौहर ने कहा, ‘‘नहीं. इस सीजन में कौन से स्टार का कॉम्बिनेशन शो में आएगा उसे अब तक हमने तय नहीं किया है. उस बारे में काफी कुछ अटकलबाजी हो रही है, लेकिन हम पहली कड़ी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और इसकी शीघ्र घोषणा करेंगे.’’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) करण जौहर के निर्देशन में बनी आगामी फिल्म 'ऐ दिल है मुश्किल' में फवाद खान एक महत्वपूर्ण भूमिका में नज़र आने वाले हैं. इससे पहले वह धर्मा प्रोडक्शंस की फिल्म ‘कपूर एंड सन्स’ में भी काम कर चुके हैं. इस वजह से संभावना जताई जा रही थी कि वह जौहर के टॉक शो में पहले अतिथि होंगे.टिप्पणियां इस बारे में पूछे जाने पर जौहर ने कहा, ‘‘नहीं. इस सीजन में कौन से स्टार का कॉम्बिनेशन शो में आएगा उसे अब तक हमने तय नहीं किया है. उस बारे में काफी कुछ अटकलबाजी हो रही है, लेकिन हम पहली कड़ी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और इसकी शीघ्र घोषणा करेंगे.’’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस बारे में पूछे जाने पर जौहर ने कहा, ‘‘नहीं. इस सीजन में कौन से स्टार का कॉम्बिनेशन शो में आएगा उसे अब तक हमने तय नहीं किया है. उस बारे में काफी कुछ अटकलबाजी हो रही है, लेकिन हम पहली कड़ी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और इसकी शीघ्र घोषणा करेंगे.’’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: करण जौहर ने शुरू की 'कॉफी विथ करण' की शूटिंग. फवाद खान नहीं होंगे शो के पहले एपिसोड के गेस्ट. सीज़न में कौन से स्टार आएंगे अभी यह तय नहीं है- करण जौहर.
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['hin']
एक सारांश बनाओ: बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने आज इलाहाबाद की अपनी रैली में पार्टी के लोगों को विरोधी दलों और विरोधी मीडिया से सावधान रहने को कहा. उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी पर हमले जारी रखा, लेकिन बीएसपी को लेकर पैदा हुए अंदेशों पर देर तक सफाई दी. इलाहाबाद के अलोपीबाग में बसपा सुप्रीमो मायावती को सुनने भीड़ जमा थी. इस मौके का पूरा फायदा उन्होंने बीएसपी को लेकर उठे अंदेशों पर सफाई देने के लिए किया. पिछले दिनों दो न्यूज चैनलों के सर्वे बीएसपी को यूपी में तीसरे नंबर पर दिखा चुके हैं. ऐसे में मायावती ने इल्जाम लगाया कि मीडिया का एक बड़ा तबका दलित विरोधी और दूसरे दलों से मिला हुआ है. पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा, "चुनाव होने तक कांग्रेस और बीजेपी, खासतौर पर बीजेपी बड़े पैमाने पर मीडिया का गलत इस्तेमाल करेगी. उनके पास कोई धन की कमी नहीं है. उनके पास बड़े-बड़े धन्ना सेठ हैं. बड़े-बड़े पूंजीपति हैं. ऐसे में भाजपा, उत्तर प्रदेश में अपनी सरकार बनाने के लिए हर हथकंडे का इस्तेमाल करेगी. मीडिया का भी बड़े पैमाने पर उपयोग करने की कोशिश करेगी."   मायावती पर इस चुनाव में टिकट बेचने के अलावा सवर्णों की उपेक्षा के भी इल्जाम लगे हैं. गौरतलब है कि 2007 में मायावती ने सोशिल इंजीनियरिंग के फार्मूले पर चुनाव लड़ा और 90 टिकट ब्राम्हणों को दिए जबकि इस बार सिर्फ 34 टिकट दिए हैं. बृजेश पाठक ने उन पर ब्राम्हणों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है. मायवती ने सफाई दी कि वह सवर्णों के साथ हैं.   हालांकि, मायावती इस बार दलित-मुस्लिम वोट पर ज्यादा जोर दे रही हैं लेकिन चुनाव में वह सवर्णों की उपेक्षा का इल्जाम भी अपने सिर नहीं लेना चाहतीं. लिहाजा कहती हैं, "लोग कह रहे हैं कि मैं सवर्ण समाज के खिलाफ हूं जबकि सच तो यह है कि मैंने सवर्ण समाज के लोगों को पार्टी में ऊंचा स्थान दिया है. अगर मैं ऐसी होती तो यह नहीं करती." पिछले करीब एक साल में बीएसपी के 7 बड़े नेता पार्टी छोड़ गए. पहले राज्यसभा सांसद अखिलेश दास और जुगुल किशोर, फिर बीएसपी विधायक दल के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य. संयोजक आर.के.चौधरी, विधायक बृजेश वर्मा और रोमी शाहनी और पूर्व सांसद बृजेश पाठक इसमें शामिल हैं. इससे पार्टी को धक्का लगा है. मायावती ने कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश करते हुए कहा कि इससे कोई नुकसान नहीं होगा.टिप्पणियां मायावती कहती हैं, "यदि किसी भी समाज का पार्टी से जुड़ा बड़े से बड़ा नेता भी अपने व्यक्तिगत व पारिवारिक स्वार्थ में किसी भी विरोधी पार्टी के हाथ में चला जाता है तो फिर वह अधिकंशत: अकेला हो जाता है किंतु उसके साथ में उसका खुद का समाज नहीं जाता है. और फिर उसका समाज उसके स्थान पर पार्टी में अपना नया नेता तैयार करके आगे बढ़ता चला जाता है." स्वामी प्रसाद मौर्य से लेकर बृजेश पाठक तक का पार्टी से चले जाना, उन पर टिकट बेचने का इल्जाम लगना और चुनावी सर्वे में उनकी पार्टी का तीसरे नंबर पर होना ये सब वे फैक्टर हैं जिन्होंने मायावती की चिंता बढ़ाई है. इसलिए इन रैलियों के जरिये वह कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ा रही हैं और जनता का भरोसा जीतने की कोशिश कर रही हैं. इलाहाबाद के अलोपीबाग में बसपा सुप्रीमो मायावती को सुनने भीड़ जमा थी. इस मौके का पूरा फायदा उन्होंने बीएसपी को लेकर उठे अंदेशों पर सफाई देने के लिए किया. पिछले दिनों दो न्यूज चैनलों के सर्वे बीएसपी को यूपी में तीसरे नंबर पर दिखा चुके हैं. ऐसे में मायावती ने इल्जाम लगाया कि मीडिया का एक बड़ा तबका दलित विरोधी और दूसरे दलों से मिला हुआ है. पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा, "चुनाव होने तक कांग्रेस और बीजेपी, खासतौर पर बीजेपी बड़े पैमाने पर मीडिया का गलत इस्तेमाल करेगी. उनके पास कोई धन की कमी नहीं है. उनके पास बड़े-बड़े धन्ना सेठ हैं. बड़े-बड़े पूंजीपति हैं. ऐसे में भाजपा, उत्तर प्रदेश में अपनी सरकार बनाने के लिए हर हथकंडे का इस्तेमाल करेगी. मीडिया का भी बड़े पैमाने पर उपयोग करने की कोशिश करेगी."   मायावती पर इस चुनाव में टिकट बेचने के अलावा सवर्णों की उपेक्षा के भी इल्जाम लगे हैं. गौरतलब है कि 2007 में मायावती ने सोशिल इंजीनियरिंग के फार्मूले पर चुनाव लड़ा और 90 टिकट ब्राम्हणों को दिए जबकि इस बार सिर्फ 34 टिकट दिए हैं. बृजेश पाठक ने उन पर ब्राम्हणों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है. मायवती ने सफाई दी कि वह सवर्णों के साथ हैं.   हालांकि, मायावती इस बार दलित-मुस्लिम वोट पर ज्यादा जोर दे रही हैं लेकिन चुनाव में वह सवर्णों की उपेक्षा का इल्जाम भी अपने सिर नहीं लेना चाहतीं. लिहाजा कहती हैं, "लोग कह रहे हैं कि मैं सवर्ण समाज के खिलाफ हूं जबकि सच तो यह है कि मैंने सवर्ण समाज के लोगों को पार्टी में ऊंचा स्थान दिया है. अगर मैं ऐसी होती तो यह नहीं करती." पिछले करीब एक साल में बीएसपी के 7 बड़े नेता पार्टी छोड़ गए. पहले राज्यसभा सांसद अखिलेश दास और जुगुल किशोर, फिर बीएसपी विधायक दल के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य. संयोजक आर.के.चौधरी, विधायक बृजेश वर्मा और रोमी शाहनी और पूर्व सांसद बृजेश पाठक इसमें शामिल हैं. इससे पार्टी को धक्का लगा है. मायावती ने कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश करते हुए कहा कि इससे कोई नुकसान नहीं होगा.टिप्पणियां मायावती कहती हैं, "यदि किसी भी समाज का पार्टी से जुड़ा बड़े से बड़ा नेता भी अपने व्यक्तिगत व पारिवारिक स्वार्थ में किसी भी विरोधी पार्टी के हाथ में चला जाता है तो फिर वह अधिकंशत: अकेला हो जाता है किंतु उसके साथ में उसका खुद का समाज नहीं जाता है. और फिर उसका समाज उसके स्थान पर पार्टी में अपना नया नेता तैयार करके आगे बढ़ता चला जाता है." स्वामी प्रसाद मौर्य से लेकर बृजेश पाठक तक का पार्टी से चले जाना, उन पर टिकट बेचने का इल्जाम लगना और चुनावी सर्वे में उनकी पार्टी का तीसरे नंबर पर होना ये सब वे फैक्टर हैं जिन्होंने मायावती की चिंता बढ़ाई है. इसलिए इन रैलियों के जरिये वह कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ा रही हैं और जनता का भरोसा जीतने की कोशिश कर रही हैं. पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा, "चुनाव होने तक कांग्रेस और बीजेपी, खासतौर पर बीजेपी बड़े पैमाने पर मीडिया का गलत इस्तेमाल करेगी. उनके पास कोई धन की कमी नहीं है. उनके पास बड़े-बड़े धन्ना सेठ हैं. बड़े-बड़े पूंजीपति हैं. ऐसे में भाजपा, उत्तर प्रदेश में अपनी सरकार बनाने के लिए हर हथकंडे का इस्तेमाल करेगी. मीडिया का भी बड़े पैमाने पर उपयोग करने की कोशिश करेगी."   मायावती पर इस चुनाव में टिकट बेचने के अलावा सवर्णों की उपेक्षा के भी इल्जाम लगे हैं. गौरतलब है कि 2007 में मायावती ने सोशिल इंजीनियरिंग के फार्मूले पर चुनाव लड़ा और 90 टिकट ब्राम्हणों को दिए जबकि इस बार सिर्फ 34 टिकट दिए हैं. बृजेश पाठक ने उन पर ब्राम्हणों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है. मायवती ने सफाई दी कि वह सवर्णों के साथ हैं.   हालांकि, मायावती इस बार दलित-मुस्लिम वोट पर ज्यादा जोर दे रही हैं लेकिन चुनाव में वह सवर्णों की उपेक्षा का इल्जाम भी अपने सिर नहीं लेना चाहतीं. लिहाजा कहती हैं, "लोग कह रहे हैं कि मैं सवर्ण समाज के खिलाफ हूं जबकि सच तो यह है कि मैंने सवर्ण समाज के लोगों को पार्टी में ऊंचा स्थान दिया है. अगर मैं ऐसी होती तो यह नहीं करती." पिछले करीब एक साल में बीएसपी के 7 बड़े नेता पार्टी छोड़ गए. पहले राज्यसभा सांसद अखिलेश दास और जुगुल किशोर, फिर बीएसपी विधायक दल के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य. संयोजक आर.के.चौधरी, विधायक बृजेश वर्मा और रोमी शाहनी और पूर्व सांसद बृजेश पाठक इसमें शामिल हैं. इससे पार्टी को धक्का लगा है. मायावती ने कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश करते हुए कहा कि इससे कोई नुकसान नहीं होगा.टिप्पणियां मायावती कहती हैं, "यदि किसी भी समाज का पार्टी से जुड़ा बड़े से बड़ा नेता भी अपने व्यक्तिगत व पारिवारिक स्वार्थ में किसी भी विरोधी पार्टी के हाथ में चला जाता है तो फिर वह अधिकंशत: अकेला हो जाता है किंतु उसके साथ में उसका खुद का समाज नहीं जाता है. और फिर उसका समाज उसके स्थान पर पार्टी में अपना नया नेता तैयार करके आगे बढ़ता चला जाता है." स्वामी प्रसाद मौर्य से लेकर बृजेश पाठक तक का पार्टी से चले जाना, उन पर टिकट बेचने का इल्जाम लगना और चुनावी सर्वे में उनकी पार्टी का तीसरे नंबर पर होना ये सब वे फैक्टर हैं जिन्होंने मायावती की चिंता बढ़ाई है. इसलिए इन रैलियों के जरिये वह कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ा रही हैं और जनता का भरोसा जीतने की कोशिश कर रही हैं. मायावती पर इस चुनाव में टिकट बेचने के अलावा सवर्णों की उपेक्षा के भी इल्जाम लगे हैं. गौरतलब है कि 2007 में मायावती ने सोशिल इंजीनियरिंग के फार्मूले पर चुनाव लड़ा और 90 टिकट ब्राम्हणों को दिए जबकि इस बार सिर्फ 34 टिकट दिए हैं. बृजेश पाठक ने उन पर ब्राम्हणों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है. मायवती ने सफाई दी कि वह सवर्णों के साथ हैं.   हालांकि, मायावती इस बार दलित-मुस्लिम वोट पर ज्यादा जोर दे रही हैं लेकिन चुनाव में वह सवर्णों की उपेक्षा का इल्जाम भी अपने सिर नहीं लेना चाहतीं. लिहाजा कहती हैं, "लोग कह रहे हैं कि मैं सवर्ण समाज के खिलाफ हूं जबकि सच तो यह है कि मैंने सवर्ण समाज के लोगों को पार्टी में ऊंचा स्थान दिया है. अगर मैं ऐसी होती तो यह नहीं करती." पिछले करीब एक साल में बीएसपी के 7 बड़े नेता पार्टी छोड़ गए. पहले राज्यसभा सांसद अखिलेश दास और जुगुल किशोर, फिर बीएसपी विधायक दल के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य. संयोजक आर.के.चौधरी, विधायक बृजेश वर्मा और रोमी शाहनी और पूर्व सांसद बृजेश पाठक इसमें शामिल हैं. इससे पार्टी को धक्का लगा है. मायावती ने कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश करते हुए कहा कि इससे कोई नुकसान नहीं होगा.टिप्पणियां मायावती कहती हैं, "यदि किसी भी समाज का पार्टी से जुड़ा बड़े से बड़ा नेता भी अपने व्यक्तिगत व पारिवारिक स्वार्थ में किसी भी विरोधी पार्टी के हाथ में चला जाता है तो फिर वह अधिकंशत: अकेला हो जाता है किंतु उसके साथ में उसका खुद का समाज नहीं जाता है. और फिर उसका समाज उसके स्थान पर पार्टी में अपना नया नेता तैयार करके आगे बढ़ता चला जाता है." स्वामी प्रसाद मौर्य से लेकर बृजेश पाठक तक का पार्टी से चले जाना, उन पर टिकट बेचने का इल्जाम लगना और चुनावी सर्वे में उनकी पार्टी का तीसरे नंबर पर होना ये सब वे फैक्टर हैं जिन्होंने मायावती की चिंता बढ़ाई है. इसलिए इन रैलियों के जरिये वह कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ा रही हैं और जनता का भरोसा जीतने की कोशिश कर रही हैं. हालांकि, मायावती इस बार दलित-मुस्लिम वोट पर ज्यादा जोर दे रही हैं लेकिन चुनाव में वह सवर्णों की उपेक्षा का इल्जाम भी अपने सिर नहीं लेना चाहतीं. लिहाजा कहती हैं, "लोग कह रहे हैं कि मैं सवर्ण समाज के खिलाफ हूं जबकि सच तो यह है कि मैंने सवर्ण समाज के लोगों को पार्टी में ऊंचा स्थान दिया है. अगर मैं ऐसी होती तो यह नहीं करती." पिछले करीब एक साल में बीएसपी के 7 बड़े नेता पार्टी छोड़ गए. पहले राज्यसभा सांसद अखिलेश दास और जुगुल किशोर, फिर बीएसपी विधायक दल के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य. संयोजक आर.के.चौधरी, विधायक बृजेश वर्मा और रोमी शाहनी और पूर्व सांसद बृजेश पाठक इसमें शामिल हैं. इससे पार्टी को धक्का लगा है. मायावती ने कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश करते हुए कहा कि इससे कोई नुकसान नहीं होगा.टिप्पणियां मायावती कहती हैं, "यदि किसी भी समाज का पार्टी से जुड़ा बड़े से बड़ा नेता भी अपने व्यक्तिगत व पारिवारिक स्वार्थ में किसी भी विरोधी पार्टी के हाथ में चला जाता है तो फिर वह अधिकंशत: अकेला हो जाता है किंतु उसके साथ में उसका खुद का समाज नहीं जाता है. और फिर उसका समाज उसके स्थान पर पार्टी में अपना नया नेता तैयार करके आगे बढ़ता चला जाता है." स्वामी प्रसाद मौर्य से लेकर बृजेश पाठक तक का पार्टी से चले जाना, उन पर टिकट बेचने का इल्जाम लगना और चुनावी सर्वे में उनकी पार्टी का तीसरे नंबर पर होना ये सब वे फैक्टर हैं जिन्होंने मायावती की चिंता बढ़ाई है. इसलिए इन रैलियों के जरिये वह कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ा रही हैं और जनता का भरोसा जीतने की कोशिश कर रही हैं. पिछले करीब एक साल में बीएसपी के 7 बड़े नेता पार्टी छोड़ गए. पहले राज्यसभा सांसद अखिलेश दास और जुगुल किशोर, फिर बीएसपी विधायक दल के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य. संयोजक आर.के.चौधरी, विधायक बृजेश वर्मा और रोमी शाहनी और पूर्व सांसद बृजेश पाठक इसमें शामिल हैं. इससे पार्टी को धक्का लगा है. मायावती ने कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश करते हुए कहा कि इससे कोई नुकसान नहीं होगा.टिप्पणियां मायावती कहती हैं, "यदि किसी भी समाज का पार्टी से जुड़ा बड़े से बड़ा नेता भी अपने व्यक्तिगत व पारिवारिक स्वार्थ में किसी भी विरोधी पार्टी के हाथ में चला जाता है तो फिर वह अधिकंशत: अकेला हो जाता है किंतु उसके साथ में उसका खुद का समाज नहीं जाता है. और फिर उसका समाज उसके स्थान पर पार्टी में अपना नया नेता तैयार करके आगे बढ़ता चला जाता है." स्वामी प्रसाद मौर्य से लेकर बृजेश पाठक तक का पार्टी से चले जाना, उन पर टिकट बेचने का इल्जाम लगना और चुनावी सर्वे में उनकी पार्टी का तीसरे नंबर पर होना ये सब वे फैक्टर हैं जिन्होंने मायावती की चिंता बढ़ाई है. इसलिए इन रैलियों के जरिये वह कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ा रही हैं और जनता का भरोसा जीतने की कोशिश कर रही हैं. मायावती कहती हैं, "यदि किसी भी समाज का पार्टी से जुड़ा बड़े से बड़ा नेता भी अपने व्यक्तिगत व पारिवारिक स्वार्थ में किसी भी विरोधी पार्टी के हाथ में चला जाता है तो फिर वह अधिकंशत: अकेला हो जाता है किंतु उसके साथ में उसका खुद का समाज नहीं जाता है. और फिर उसका समाज उसके स्थान पर पार्टी में अपना नया नेता तैयार करके आगे बढ़ता चला जाता है." स्वामी प्रसाद मौर्य से लेकर बृजेश पाठक तक का पार्टी से चले जाना, उन पर टिकट बेचने का इल्जाम लगना और चुनावी सर्वे में उनकी पार्टी का तीसरे नंबर पर होना ये सब वे फैक्टर हैं जिन्होंने मायावती की चिंता बढ़ाई है. इसलिए इन रैलियों के जरिये वह कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ा रही हैं और जनता का भरोसा जीतने की कोशिश कर रही हैं. स्वामी प्रसाद मौर्य से लेकर बृजेश पाठक तक का पार्टी से चले जाना, उन पर टिकट बेचने का इल्जाम लगना और चुनावी सर्वे में उनकी पार्टी का तीसरे नंबर पर होना ये सब वे फैक्टर हैं जिन्होंने मायावती की चिंता बढ़ाई है. इसलिए इन रैलियों के जरिये वह कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ा रही हैं और जनता का भरोसा जीतने की कोशिश कर रही हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बसपा सुप्रीमो ने मीडिया पर भी साधा जमकर निशाना पार्टी की साख पर दी कार्यकर्ताओं को सफाई सवर्ण समाज की उपेक्षा के आरोप को बताया निराधार
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: फरीदाबाद जिले के सीकरी गांव के किसान श्रीराम ने नोटबंदी से पहले ही गेहूं की बुआई के इंतजाम कर लिए थे, लेकिन अब तक वे खाद नहीं खरीद पाए हैं. इसके लिए उन्हें 25000 रुपये चाहिए जो उन्हें बैंकों से नहीं मिल रहे. श्रीराम ने एनडीटीवी से कहा, "पिछले कई दिनों से बैंक का चक्कर लगा रहा हूं. कुछ भी कैश नहीं मिला है. अभी सिर्फ दस दिन बचे हैं. अगर फसल के लिए खाद नहीं खरीद पाया तो फसल खराब होगी...पैदावार कम होगी...हमारी कमाई घटेगी." सीकरी गांव के सिंडिकेट बैंक में श्रीराम का बैंक खाता तो है लेकिन उनके पास न तो चेकबुक है और न ही डेबिट कार्ड. बैंक मैनेजर पुरुषोत्तम लाल कहते हैं, "शुक्रवार से पैसा अब तक आया ही नहीं है. हम श्रीराम की मदद कर सकते हैं. एनईएफटी के जरिए वह अपना पैसा खाद व्यापारी के बैंक एकाउंट में सीधे ट्रांसफर कर सकते हैं.''टिप्पणियां लेकिन श्रीराम बहुत पढ़े-लिखे नहीं हैं. आनलाइन बैंकिंग उनके लिए दूर की कौड़ी है. उनको बस कैश का ही आसरा है.  श्रीराम की पत्नी रामेश्वरी कहती हैं, "घर में कैश बहुत कम है. रोजमर्रा का खर्चा उधारी से ही चल रहा है.  बेटा मनोज कहता है, "स्कूल भी दबाव डाल रहे हैं कि हम फीस जल्दी जमा करें. हमारे पास चेकबुक या डेबिट कार्ड नहीं है. बैंक में कैश मिल ही नहीं पा रहा है." बताया जा रहा है कि इस साल नोटबंदी के बावजूद फसलों की बुआई इस साल अब तक ज्यादा हुई है. सरकार सहकारी बैंकों तक मौजूदा रबी सीजन के लिए 21000 करोड़ मुहैया कराने का ऐलान कर चुकी है. लेकिन नोटबंदी के बाद किसानों की मुश्किल कम होने का नाम नहीं ले रही. यह ग्रामीण भारत की सच्चाई है. कैशलेस अर्थव्यवस्था से काफी दूर. श्रीराम ने एनडीटीवी से कहा, "पिछले कई दिनों से बैंक का चक्कर लगा रहा हूं. कुछ भी कैश नहीं मिला है. अभी सिर्फ दस दिन बचे हैं. अगर फसल के लिए खाद नहीं खरीद पाया तो फसल खराब होगी...पैदावार कम होगी...हमारी कमाई घटेगी." सीकरी गांव के सिंडिकेट बैंक में श्रीराम का बैंक खाता तो है लेकिन उनके पास न तो चेकबुक है और न ही डेबिट कार्ड. बैंक मैनेजर पुरुषोत्तम लाल कहते हैं, "शुक्रवार से पैसा अब तक आया ही नहीं है. हम श्रीराम की मदद कर सकते हैं. एनईएफटी के जरिए वह अपना पैसा खाद व्यापारी के बैंक एकाउंट में सीधे ट्रांसफर कर सकते हैं.''टिप्पणियां लेकिन श्रीराम बहुत पढ़े-लिखे नहीं हैं. आनलाइन बैंकिंग उनके लिए दूर की कौड़ी है. उनको बस कैश का ही आसरा है.  श्रीराम की पत्नी रामेश्वरी कहती हैं, "घर में कैश बहुत कम है. रोजमर्रा का खर्चा उधारी से ही चल रहा है.  बेटा मनोज कहता है, "स्कूल भी दबाव डाल रहे हैं कि हम फीस जल्दी जमा करें. हमारे पास चेकबुक या डेबिट कार्ड नहीं है. बैंक में कैश मिल ही नहीं पा रहा है." बताया जा रहा है कि इस साल नोटबंदी के बावजूद फसलों की बुआई इस साल अब तक ज्यादा हुई है. सरकार सहकारी बैंकों तक मौजूदा रबी सीजन के लिए 21000 करोड़ मुहैया कराने का ऐलान कर चुकी है. लेकिन नोटबंदी के बाद किसानों की मुश्किल कम होने का नाम नहीं ले रही. यह ग्रामीण भारत की सच्चाई है. कैशलेस अर्थव्यवस्था से काफी दूर. सीकरी गांव के सिंडिकेट बैंक में श्रीराम का बैंक खाता तो है लेकिन उनके पास न तो चेकबुक है और न ही डेबिट कार्ड. बैंक मैनेजर पुरुषोत्तम लाल कहते हैं, "शुक्रवार से पैसा अब तक आया ही नहीं है. हम श्रीराम की मदद कर सकते हैं. एनईएफटी के जरिए वह अपना पैसा खाद व्यापारी के बैंक एकाउंट में सीधे ट्रांसफर कर सकते हैं.''टिप्पणियां लेकिन श्रीराम बहुत पढ़े-लिखे नहीं हैं. आनलाइन बैंकिंग उनके लिए दूर की कौड़ी है. उनको बस कैश का ही आसरा है.  श्रीराम की पत्नी रामेश्वरी कहती हैं, "घर में कैश बहुत कम है. रोजमर्रा का खर्चा उधारी से ही चल रहा है.  बेटा मनोज कहता है, "स्कूल भी दबाव डाल रहे हैं कि हम फीस जल्दी जमा करें. हमारे पास चेकबुक या डेबिट कार्ड नहीं है. बैंक में कैश मिल ही नहीं पा रहा है." बताया जा रहा है कि इस साल नोटबंदी के बावजूद फसलों की बुआई इस साल अब तक ज्यादा हुई है. सरकार सहकारी बैंकों तक मौजूदा रबी सीजन के लिए 21000 करोड़ मुहैया कराने का ऐलान कर चुकी है. लेकिन नोटबंदी के बाद किसानों की मुश्किल कम होने का नाम नहीं ले रही. यह ग्रामीण भारत की सच्चाई है. कैशलेस अर्थव्यवस्था से काफी दूर. लेकिन श्रीराम बहुत पढ़े-लिखे नहीं हैं. आनलाइन बैंकिंग उनके लिए दूर की कौड़ी है. उनको बस कैश का ही आसरा है.  श्रीराम की पत्नी रामेश्वरी कहती हैं, "घर में कैश बहुत कम है. रोजमर्रा का खर्चा उधारी से ही चल रहा है.  बेटा मनोज कहता है, "स्कूल भी दबाव डाल रहे हैं कि हम फीस जल्दी जमा करें. हमारे पास चेकबुक या डेबिट कार्ड नहीं है. बैंक में कैश मिल ही नहीं पा रहा है." बताया जा रहा है कि इस साल नोटबंदी के बावजूद फसलों की बुआई इस साल अब तक ज्यादा हुई है. सरकार सहकारी बैंकों तक मौजूदा रबी सीजन के लिए 21000 करोड़ मुहैया कराने का ऐलान कर चुकी है. लेकिन नोटबंदी के बाद किसानों की मुश्किल कम होने का नाम नहीं ले रही. यह ग्रामीण भारत की सच्चाई है. कैशलेस अर्थव्यवस्था से काफी दूर. बताया जा रहा है कि इस साल नोटबंदी के बावजूद फसलों की बुआई इस साल अब तक ज्यादा हुई है. सरकार सहकारी बैंकों तक मौजूदा रबी सीजन के लिए 21000 करोड़ मुहैया कराने का ऐलान कर चुकी है. लेकिन नोटबंदी के बाद किसानों की मुश्किल कम होने का नाम नहीं ले रही. यह ग्रामीण भारत की सच्चाई है. कैशलेस अर्थव्यवस्था से काफी दूर.
सारांश: फरीदाबाद जिले के सीकरी गांव की ग्राउंड रिपोर्ट खाद नहीं खरीद पाए तो फसल खराब होगी किसान श्रीराम के लिए आनलाइन बैंकिंग दूर की कौड़ी
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से कपिल सिब्बल ने कोर्ट में कहा कि मामले की सुनवाई टाली जाए. उन्होंने कहा कि इसकी सुनवाई 2019 के आम चुनाव के बाद हो. कपिल सिब्बल ने कहा कि सुनवाई इसलिए टाली जाए क्योंकि कोर्ट के फैसले का देश में बड़ा असर पड़ेगा. ये उनके चुनाव मैनिफेस्टो में था कि वो कानूनी तरीके से मंदिर बनाएंगे. अगर अभी सुनवाई हुई तो देश के राजनीतिक भविष्य पर असर होगा. अभी तक सारी कागजी कार्रवाई भी पूरी नहीं हुई है. CJI ने कहा कि हमें इससे फर्क नहीं पड़ता कि कोर्ट से बाहर क्या चल रहा है. दूसरे पक्ष की ओर से कहा गया कि कागजी कार्रवाई पूरी हो चुकी है लिहाजा सुनवाई शुरु की जाए. दोनों पक्षों में कोर्ट में जोरदार बहस हुई. CJI ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सब पक्षकार जनवरी में सुनवाई के लिए तैयार हो गए थे और अब कह रहे हैं कि जुलाई 2019 के बाद सुनवाई हो. हजारों पन्नों के अदालती दस्तावेजों का अंग्रेजी में अनुवाद न होने के कारण सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले पर पांच दिसंबर से सुनवाई करने का निर्णय लिया था. अनुवाद अब पूरा हो चुका है. अदालत ने सभी पक्षकारों को हिन्दी, पाली, उर्दू, अरबी, पारसी, संस्कृत आदि सात भाषाओं के अदालती दस्तावेजों का 12 हफ्ते में अंग्रेजी में अनुवाद करने का निर्देश दिया था. उत्तर प्रदेश सरकार को विभिन्न भाषाओं के मौखिक साक्ष्यों का अंग्रेजी में अनुवाद करने का जिम्मा सौंपा गया था.टिप्पणियां Videos : अयोध्या केस में सुप्रीम कोर्ट में आज हुई अहम सुनवाई अयोध्या में राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद के विवादित ढांचे को गिराए जाने की 25वीं वर्षगांठ से एक दिन पहले राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद स्वामित्व विवाद पर यह संभवत: अंतिम सुनवाई है. CJI ने कहा कि हमें इससे फर्क नहीं पड़ता कि कोर्ट से बाहर क्या चल रहा है. दूसरे पक्ष की ओर से कहा गया कि कागजी कार्रवाई पूरी हो चुकी है लिहाजा सुनवाई शुरु की जाए. दोनों पक्षों में कोर्ट में जोरदार बहस हुई. CJI ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सब पक्षकार जनवरी में सुनवाई के लिए तैयार हो गए थे और अब कह रहे हैं कि जुलाई 2019 के बाद सुनवाई हो. हजारों पन्नों के अदालती दस्तावेजों का अंग्रेजी में अनुवाद न होने के कारण सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले पर पांच दिसंबर से सुनवाई करने का निर्णय लिया था. अनुवाद अब पूरा हो चुका है. अदालत ने सभी पक्षकारों को हिन्दी, पाली, उर्दू, अरबी, पारसी, संस्कृत आदि सात भाषाओं के अदालती दस्तावेजों का 12 हफ्ते में अंग्रेजी में अनुवाद करने का निर्देश दिया था. उत्तर प्रदेश सरकार को विभिन्न भाषाओं के मौखिक साक्ष्यों का अंग्रेजी में अनुवाद करने का जिम्मा सौंपा गया था.टिप्पणियां Videos : अयोध्या केस में सुप्रीम कोर्ट में आज हुई अहम सुनवाई अयोध्या में राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद के विवादित ढांचे को गिराए जाने की 25वीं वर्षगांठ से एक दिन पहले राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद स्वामित्व विवाद पर यह संभवत: अंतिम सुनवाई है. हजारों पन्नों के अदालती दस्तावेजों का अंग्रेजी में अनुवाद न होने के कारण सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले पर पांच दिसंबर से सुनवाई करने का निर्णय लिया था. अनुवाद अब पूरा हो चुका है. अदालत ने सभी पक्षकारों को हिन्दी, पाली, उर्दू, अरबी, पारसी, संस्कृत आदि सात भाषाओं के अदालती दस्तावेजों का 12 हफ्ते में अंग्रेजी में अनुवाद करने का निर्देश दिया था. उत्तर प्रदेश सरकार को विभिन्न भाषाओं के मौखिक साक्ष्यों का अंग्रेजी में अनुवाद करने का जिम्मा सौंपा गया था.टिप्पणियां Videos : अयोध्या केस में सुप्रीम कोर्ट में आज हुई अहम सुनवाई अयोध्या में राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद के विवादित ढांचे को गिराए जाने की 25वीं वर्षगांठ से एक दिन पहले राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद स्वामित्व विवाद पर यह संभवत: अंतिम सुनवाई है. Videos : अयोध्या केस में सुप्रीम कोर्ट में आज हुई अहम सुनवाई अयोध्या में राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद के विवादित ढांचे को गिराए जाने की 25वीं वर्षगांठ से एक दिन पहले राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद स्वामित्व विवाद पर यह संभवत: अंतिम सुनवाई है. अयोध्या में राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद के विवादित ढांचे को गिराए जाने की 25वीं वर्षगांठ से एक दिन पहले राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद स्वामित्व विवाद पर यह संभवत: अंतिम सुनवाई है.
यहाँ एक सारांश है:अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई अब सुनवाई 8 फरवरी तक के लिए टली सुन्नी वक्फ बोर्ड ने कहा- 2019 के आम चुनाव के बाद हो सुनवाई
17
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के राजनैतिक समूह से अपने संबंध तोड़ने वाले अन्ना हजारे के फैसले को अरविंद केजरीवाल ने चौंकाने वाला और अविश्वसनीय बताया है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हजारे के सिद्धांत ही उनके राजनैतिक दल की नींव बनेंगे।टिप्पणियां अपने अगले कदम के बारे में कुछ समर्थकों से चर्चा करने के बाद केजरीवाल ने संवाददाताओं को बताया, हम अन्ना हजारे का सम्मान करते हैं। वे हमारे गुरु और पिता हैं। कल की घोषणाओं ने हमें हैरान किया है। यह पूरी तरह से चौंकाने वाला, दुखद, दुर्भाग्यपूर्ण और अविश्वसनीय था। बुधवार को हजारे ने राजनैतिक दल बनाने जा रहे केजरीवाल के नेतृत्व वाले समूह से अपना संबंध तोड़ने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि उनके नाम या तस्वीर का इस्तेमाल नए दल के साथ नहीं किया जाना चाहिए। अपने अगले कदम के बारे में कुछ समर्थकों से चर्चा करने के बाद केजरीवाल ने संवाददाताओं को बताया, हम अन्ना हजारे का सम्मान करते हैं। वे हमारे गुरु और पिता हैं। कल की घोषणाओं ने हमें हैरान किया है। यह पूरी तरह से चौंकाने वाला, दुखद, दुर्भाग्यपूर्ण और अविश्वसनीय था। बुधवार को हजारे ने राजनैतिक दल बनाने जा रहे केजरीवाल के नेतृत्व वाले समूह से अपना संबंध तोड़ने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि उनके नाम या तस्वीर का इस्तेमाल नए दल के साथ नहीं किया जाना चाहिए। बुधवार को हजारे ने राजनैतिक दल बनाने जा रहे केजरीवाल के नेतृत्व वाले समूह से अपना संबंध तोड़ने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि उनके नाम या तस्वीर का इस्तेमाल नए दल के साथ नहीं किया जाना चाहिए।
यहाँ एक सारांश है:अन्ना ने राजनैतिक दल बनाने जा रहे केजरीवाल के नेतृत्व वाले समूह से संबंध तोड़ने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि उनके नाम या तस्वीर का इस्तेमाल नए दल के साथ नहीं किया जाना चाहिए।
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी राष्ट्रपति के निवास स्थान व्हाइट हाउस की चारदीवारी पर स्मोक बम फेंके जाने से आज अफरातफरी मच गई। आनन−फानन में व्हाइट हाउस के सारे गेट बंद कर दिए गए। व्हाइट हाउस के बाहर वॉल स्ट्रीट पर कब्जा करो मुहिम के कम से कम डेढ़ हजार प्रदर्शनकारी जमा थे। सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि किसी प्रदर्शनकारी ने ही व्हाइट हाउस में धुंआ छोड़ने वाला बम फेंका होगा। इस मामले में अब तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। घटना के समय राष्ट्रपति बराक ओबामा अपनी पत्नी मिशेल ओबामा का जन्मदिन मनाने के लिए बाहर गए थे हालांकि इस घटना के बाद वह आराम से व्हाइट हाउस में लौट आए। आनन−फानन में व्हाइट हाउस के सारे गेट बंद कर दिए गए। व्हाइट हाउस के बाहर वॉल स्ट्रीट पर कब्जा करो मुहिम के कम से कम डेढ़ हजार प्रदर्शनकारी जमा थे। सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि किसी प्रदर्शनकारी ने ही व्हाइट हाउस में धुंआ छोड़ने वाला बम फेंका होगा। इस मामले में अब तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। घटना के समय राष्ट्रपति बराक ओबामा अपनी पत्नी मिशेल ओबामा का जन्मदिन मनाने के लिए बाहर गए थे हालांकि इस घटना के बाद वह आराम से व्हाइट हाउस में लौट आए।
यह एक सारांश है: अमेरिकी राष्ट्रपति के निवास स्थान व्हाइट हाउस की चारदीवारी पर स्मोक बम फेंके जाने से आज अफरातफरी मच गई।
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सरकार ने बताया कि देश में 15 विशिष्ट जनों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के 500 से अधिक कमांडो को तैनात किया गया है। गृह राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, ‘जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा वाले लोगों को एनएसजी गतिशील (मोबाइल) सुरक्षा घेरा प्रदान कर रहा है। फिलहाल 15 लोगों को सुरक्षा घेरा प्रदान किया जा रहा है।टिप्पणियां वीआईपी लोगों की सुरक्षा के लिए कुल तैनात जवानों की संख्या 512 है।’ उन्होंने कहा कि कमांडो मानेसर और मुंबई हब में अपने प्राथमिक या द्वितीय दर्जे के हथियारों से 90 राउंड गोलीबारी का साप्ताहिक अभ्यास कर रहे हैं। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने कहा कि सरकार ने वीआईपी सुरक्षा में लगे एनएसजी के कमांडों को वापस लेने का कोई फैसला नहीं किया है। गृह राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, ‘जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा वाले लोगों को एनएसजी गतिशील (मोबाइल) सुरक्षा घेरा प्रदान कर रहा है। फिलहाल 15 लोगों को सुरक्षा घेरा प्रदान किया जा रहा है।टिप्पणियां वीआईपी लोगों की सुरक्षा के लिए कुल तैनात जवानों की संख्या 512 है।’ उन्होंने कहा कि कमांडो मानेसर और मुंबई हब में अपने प्राथमिक या द्वितीय दर्जे के हथियारों से 90 राउंड गोलीबारी का साप्ताहिक अभ्यास कर रहे हैं। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने कहा कि सरकार ने वीआईपी सुरक्षा में लगे एनएसजी के कमांडों को वापस लेने का कोई फैसला नहीं किया है। वीआईपी लोगों की सुरक्षा के लिए कुल तैनात जवानों की संख्या 512 है।’ उन्होंने कहा कि कमांडो मानेसर और मुंबई हब में अपने प्राथमिक या द्वितीय दर्जे के हथियारों से 90 राउंड गोलीबारी का साप्ताहिक अभ्यास कर रहे हैं। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने कहा कि सरकार ने वीआईपी सुरक्षा में लगे एनएसजी के कमांडों को वापस लेने का कोई फैसला नहीं किया है। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने कहा कि सरकार ने वीआईपी सुरक्षा में लगे एनएसजी के कमांडों को वापस लेने का कोई फैसला नहीं किया है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सरकार ने बताया कि देश में 15 विशिष्ट जनों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के 500 से अधिक कमांडो को तैनात किया गया है।
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय कोच डंकन फ्लेचर और छह अन्य क्रिकेटरों ने एमए चिदंबरम स्टेडियम में श्रीलंका जाने वाली टीम के लिए नई ट्रेनिंग पोशाक जारी की। इस अवसर पर विराट कोहली, रोहित शर्मा, जहीर खान, रविचंद्रन अश्विन, अजिंक्या रहाणे और प्रज्ञान ओझा भी उपस्थित थे।टिप्पणियां यह पोशाक नाइकी ने तैयार की है। फ्लेचर ने कहा, ‘क्रिकेटर जब अभ्यास करते हैं तो उनकी पोशाक ऐसी होनी चाहिए जो उन्हें सही तरह से सुरक्षा, इधर-उधर चलने में सहजता और लचक प्रदान करे। इसके अलावा खिलाड़ी अलग-अलग वातावरण में अभ्यास करते हैं। अभ्यास के लिए पोशाक तैयार करते समय ये सभी कारक अहम भूमिका निभाते हैं और मुझे उम्मीद है कि नाइकी की यह नई पोशाक इन जरूरतों को पूरा करेगी।’ कोहली ने कहा, ‘क्रिकेट में कई घंटों तक अभ्यास करना पड़ता है। पोशाक हल्की और सहज है और इससे शरीर में हवा का प्रवाह बढ़ता है। इससे शरीर में ठंडक बनी रहती है और इससे अभ्यास में मदद मिलेगी।’ यह पोशाक नाइकी ने तैयार की है। फ्लेचर ने कहा, ‘क्रिकेटर जब अभ्यास करते हैं तो उनकी पोशाक ऐसी होनी चाहिए जो उन्हें सही तरह से सुरक्षा, इधर-उधर चलने में सहजता और लचक प्रदान करे। इसके अलावा खिलाड़ी अलग-अलग वातावरण में अभ्यास करते हैं। अभ्यास के लिए पोशाक तैयार करते समय ये सभी कारक अहम भूमिका निभाते हैं और मुझे उम्मीद है कि नाइकी की यह नई पोशाक इन जरूरतों को पूरा करेगी।’ कोहली ने कहा, ‘क्रिकेट में कई घंटों तक अभ्यास करना पड़ता है। पोशाक हल्की और सहज है और इससे शरीर में हवा का प्रवाह बढ़ता है। इससे शरीर में ठंडक बनी रहती है और इससे अभ्यास में मदद मिलेगी।’ कोहली ने कहा, ‘क्रिकेट में कई घंटों तक अभ्यास करना पड़ता है। पोशाक हल्की और सहज है और इससे शरीर में हवा का प्रवाह बढ़ता है। इससे शरीर में ठंडक बनी रहती है और इससे अभ्यास में मदद मिलेगी।’
यह एक सारांश है: भारतीय कोच डंकन फ्लेचर और छह अन्य क्रिकेटरों ने एमए चिदंबरम स्टेडियम में श्रीलंका जाने वाली टीम के लिए नई ट्रेनिंग पोशाक जारी की।
2
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलिया के साथ खेली जाने वाली दो मैचों की ट्वेंटी-20 श्रृंखला तथा आस्ट्रेलिया में खेली जाने वाली त्रिकोणीय एकदिवसीय श्रृंखला के लिए भारतीय टीम का चयन 15 जनवरी को किया जाएगा। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की चयन समिति के प्रमुख के. श्रीकांत की अध्यक्षता में सभी चयनकर्ता चेन्नई में एकत्रित होंगे और इस दौरे के लिए 16 सदस्यीय टीम का चयन करेंगे।टिप्पणियां इस टीम में युवराज सिंह की वापसी की सम्भावना जताई जा रही है। युवराज चोट और फेफड़े के संक्रमण के कारण टीम से बाहर चल रहे हैं। युवराज ने बीते सप्ताह कहा था कि वह इस समस्याओं से पूरी तरह उबर चुके हैं। भारतीय टीम में युवराज को शामिल किए जाने के अलावा किसी बड़े बदलाव के आसार नहीं नजर आ रहे हैं। प्रवीण कुमार सहित कुछ चोटिल खिलाड़ी पूरी तरह स्वस्थ होकर टीम में वापसी करेंगे जबकि कुछ को आराम दिया जा सकता है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की चयन समिति के प्रमुख के. श्रीकांत की अध्यक्षता में सभी चयनकर्ता चेन्नई में एकत्रित होंगे और इस दौरे के लिए 16 सदस्यीय टीम का चयन करेंगे।टिप्पणियां इस टीम में युवराज सिंह की वापसी की सम्भावना जताई जा रही है। युवराज चोट और फेफड़े के संक्रमण के कारण टीम से बाहर चल रहे हैं। युवराज ने बीते सप्ताह कहा था कि वह इस समस्याओं से पूरी तरह उबर चुके हैं। भारतीय टीम में युवराज को शामिल किए जाने के अलावा किसी बड़े बदलाव के आसार नहीं नजर आ रहे हैं। प्रवीण कुमार सहित कुछ चोटिल खिलाड़ी पूरी तरह स्वस्थ होकर टीम में वापसी करेंगे जबकि कुछ को आराम दिया जा सकता है। इस टीम में युवराज सिंह की वापसी की सम्भावना जताई जा रही है। युवराज चोट और फेफड़े के संक्रमण के कारण टीम से बाहर चल रहे हैं। युवराज ने बीते सप्ताह कहा था कि वह इस समस्याओं से पूरी तरह उबर चुके हैं। भारतीय टीम में युवराज को शामिल किए जाने के अलावा किसी बड़े बदलाव के आसार नहीं नजर आ रहे हैं। प्रवीण कुमार सहित कुछ चोटिल खिलाड़ी पूरी तरह स्वस्थ होकर टीम में वापसी करेंगे जबकि कुछ को आराम दिया जा सकता है। भारतीय टीम में युवराज को शामिल किए जाने के अलावा किसी बड़े बदलाव के आसार नहीं नजर आ रहे हैं। प्रवीण कुमार सहित कुछ चोटिल खिलाड़ी पूरी तरह स्वस्थ होकर टीम में वापसी करेंगे जबकि कुछ को आराम दिया जा सकता है।
सारांश: ऑस्ट्रेलिया के साथ खेली जाने वाली दो मैचों की ट्वेंटी-20 श्रृंखला तथा आस्ट्रेलिया में खेली जाने वाली त्रिकोणीय एकदिवसीय श्रृंखला के लिए भारतीय टीम का चयन 15 जनवरी को किया जाएगा।
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: यह मामला दिल्ली के सुब्रतो पार्क का है, जहां पुलिस चौकी पर तैनात पुलिसवाले ने एक बुजुर्ग व्यापारी को धक्का दे दिया, जिससे वह जमीन पर गिरकर बेहोश हो गए। बाद में बुजुर्ग शख्स की मौत हो गई। गीता कॉलोनी के रहने वाले 66 साल के अनिल अरोड़ा देर रात अपने बेटे के साथ धौला कुआं इलाके में एक पार्टी से लौट रहे थे, लेकिन पुलिस चौकी के पास उनकी गाड़ी खराब हो गई। उनका बेटा चौकी में पानी लेने गया, तो उसका पुलिसवाले से झगड़ा हो गया। इस दौरान एक और पुलिसवाला वहां पहुंच गया और दोनों मिलकर अरोड़ा के बेटे को पीटने लगे। इस दौरान अनिल अरोड़ा बीच−बचाव करने आए, तो एक पुलिसवाले ने उन्हें धक्का दे दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। इसे लेकर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। दिल्ली के पुलिस कमिश्नर ने क्राइम ब्रांच से इस मामले की जांच करने को कहा है और साथ ही मजिस्ट्रेट से जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं। उनका बेटा चौकी में पानी लेने गया, तो उसका पुलिसवाले से झगड़ा हो गया। इस दौरान एक और पुलिसवाला वहां पहुंच गया और दोनों मिलकर अरोड़ा के बेटे को पीटने लगे। इस दौरान अनिल अरोड़ा बीच−बचाव करने आए, तो एक पुलिसवाले ने उन्हें धक्का दे दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। इसे लेकर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। दिल्ली के पुलिस कमिश्नर ने क्राइम ब्रांच से इस मामले की जांच करने को कहा है और साथ ही मजिस्ट्रेट से जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं।
सारांश: दिल्ली के सुब्रतो पार्क में पुलिस चौकी पर तैनात पुलिसवाले ने एक बुजुर्ग व्यापारी को धक्का दे दिया, जिससे वह बेहोश हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: गौरतलब है कि एसआईटी अब राजेंद्र कुमार की अगुवाई में काम कर रही है. पहले एसआईटी चीफ संजीव शर्मा थे, जिन्हें 23 सितंबर को एसआईटी गठित होने के 24 घंटे के अंदर डी श्रीनिवास वर्मा से जांच की ज़िम्मेदारी मिली थी. इस बीच इस मामले में पांच आरोपियों में से बरखा सोनी का पति अपनी पत्नी के बचाव में सामने आया है. अमित सोनी ने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि उसकी पत्नी निर्दोष है. अमित सोनी राज्य कांग्रेस सोशल मीडिया और आईटी विभाग का उपाध्यक्ष था. हनीट्रैप कांड के सामने आने के तुरंत बाद, प्रदेश कांग्रेस ने कहा कि उसने जून में ही अमित को बर्खास्त कर दिया था. मीडिया से बात करते हुए अमित ने कहा “अगर मैं वाकई ताकतवर नेताओं और मंत्रियों जैसे प्रभावशाली लोगों को जानता तो हमें गिरफ्तार नहीं किया जाता.'' सोनी ने कहा, "ना तो मामले की आरोपियों ने, न ही शिकायतकर्ता ने मेरी पत्नी की पहचान की है."
यहाँ एक सारांश है:सरकार को कारण लिखित में कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया राज्य सरकार को रिपोर्ट 21 अक्टूबर के पहले पेश करनी होगी आरोपी बरखा सोनी का पति अपनी पत्नी के बचाव में सामने आया
4
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अपने बाइक प्रेम के लिए मशहूर भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने एफआईएम सुपरस्पोर्ट विश्व चैम्पियनशिप में अपनी रेसिंग टीम लॉन्च की है।टिप्पणियां यह चैम्पियनशिप अगले साल मार्च में भारत में होने वाली विश्व सुपरबाइक चैम्पियनशिप की सहयोगी रेस है। यह चेक गणराज्य में होने वाली 10वीं रेस के जरिये पदार्पण करेगी। यह अगले पूरे सत्र में भाग लेगी। टीम के दो ड्राइवरों में फ्रांस के फ्लोरियन मारिनो और ब्रिटेन के डेन लिनफुट शामिल हैं। मारिनो चार बार के सुपरस्टोक-600 रेस विजेता हैं और पिछले साल होंडा डब्ल्यूएसएस के राइडर थे। लिनफुट 2008 में दो बार सुपरस्टोक-600 रेस जीत चुके हैं। टीम का बेस ब्रिटेन में होगा और इसके तकनीकी निदेशक एंड्रयू स्टोन होंगे। यह चैम्पियनशिप अगले साल मार्च में भारत में होने वाली विश्व सुपरबाइक चैम्पियनशिप की सहयोगी रेस है। यह चेक गणराज्य में होने वाली 10वीं रेस के जरिये पदार्पण करेगी। यह अगले पूरे सत्र में भाग लेगी। टीम के दो ड्राइवरों में फ्रांस के फ्लोरियन मारिनो और ब्रिटेन के डेन लिनफुट शामिल हैं। मारिनो चार बार के सुपरस्टोक-600 रेस विजेता हैं और पिछले साल होंडा डब्ल्यूएसएस के राइडर थे। लिनफुट 2008 में दो बार सुपरस्टोक-600 रेस जीत चुके हैं। टीम का बेस ब्रिटेन में होगा और इसके तकनीकी निदेशक एंड्रयू स्टोन होंगे। टीम के दो ड्राइवरों में फ्रांस के फ्लोरियन मारिनो और ब्रिटेन के डेन लिनफुट शामिल हैं। मारिनो चार बार के सुपरस्टोक-600 रेस विजेता हैं और पिछले साल होंडा डब्ल्यूएसएस के राइडर थे। लिनफुट 2008 में दो बार सुपरस्टोक-600 रेस जीत चुके हैं। टीम का बेस ब्रिटेन में होगा और इसके तकनीकी निदेशक एंड्रयू स्टोन होंगे।
यहाँ एक सारांश है:अपने बाइक प्रेम के लिए मशहूर भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने एफआईएम सुपरस्पोर्ट विश्व चैम्पियनशिप में अपनी रेसिंग टीम लॉन्च की है।
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत ने सार्क की मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान गृहमंत्री राजनाथ सिंह के भाषण का 'प्रसारण ना' किए जाने की खबरों को 'गुमराह करने वाला' बताया. सरकार के एक सूत्र ने कहा, 'इस्लामाबाद हुई गृह मंत्रियों की बैठक के संदर्भ में मीडिया की खबरें जिनमें कहा गया कि हमारे गृहमंत्री का भाषण 'प्रसारित नहीं किया गया', गुमराह करने वाला है.' सूत्र ने कहा, 'यह दक्षेस की मानक नीति है कि मेजबान देश का सत्रोद्घाटन भाषण प्रसारित करने की अनुमति मीडिया को है और वह सार्वजनिक होता है, जबकि बाकी कार्यवाही बंद कमरे में होती है ताकि मुद्दों पर स्पष्ट एवं विस्तृत चर्चा की जा सके.' इससे पहले ऐसी खबरें आई थीं कि राजनाथ सिंह का भाषण प्रसारित नहीं किया गया, क्योंकि मीडिया संगठनों को सातवें सार्क गृहमंत्री सम्मेलन को कवर करने की मंजूरी नहीं थी. खबरों में कहा गया कि आयोजन स्थल पर केवल एक ही प्रसारक पाकिस्तान के सरकारी टेलीविजन चैनल पाकिस्तान टेलीविजन को अंदर जाने की मंजूरी थी. इसी बीच इस्लामाबाद में पाकिस्तान के गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने भी कहा कि राजनाथ के भाषण को प्रसारित ना किए जाने जैसी कोई बात नहीं है, क्योंकि हिस्सा ले रहे किसी भी मंत्री के भाषण नहीं दिखाए गए. उन्होंने कहा, 'यह सच है कि उनके (राजनाथ) भाषण का सीधा प्रसारण नहीं किया गया, क्योंकि सरकारी मीडिया ने हिस्सा ले रहे किसी भी मंत्री के भाषण का सीधा प्रसारण नहीं किया.' टिप्पणियां अधिकारी ने कहा कि उद्घाटन सत्र का सीधा प्रसारण तब किया गया जब प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और गृह मंत्री चौधरी निसार अली खान ने स्वागत भाषण दिए. उन्होंने कहा कि सरकारी मीडिया ने सिंह के साथ कोई भेदभाव नहीं किया और उन्हें पूरा सरकारी प्रोटोकॉल दिया गया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सरकार के एक सूत्र ने कहा, 'इस्लामाबाद हुई गृह मंत्रियों की बैठक के संदर्भ में मीडिया की खबरें जिनमें कहा गया कि हमारे गृहमंत्री का भाषण 'प्रसारित नहीं किया गया', गुमराह करने वाला है.' सूत्र ने कहा, 'यह दक्षेस की मानक नीति है कि मेजबान देश का सत्रोद्घाटन भाषण प्रसारित करने की अनुमति मीडिया को है और वह सार्वजनिक होता है, जबकि बाकी कार्यवाही बंद कमरे में होती है ताकि मुद्दों पर स्पष्ट एवं विस्तृत चर्चा की जा सके.' इससे पहले ऐसी खबरें आई थीं कि राजनाथ सिंह का भाषण प्रसारित नहीं किया गया, क्योंकि मीडिया संगठनों को सातवें सार्क गृहमंत्री सम्मेलन को कवर करने की मंजूरी नहीं थी. खबरों में कहा गया कि आयोजन स्थल पर केवल एक ही प्रसारक पाकिस्तान के सरकारी टेलीविजन चैनल पाकिस्तान टेलीविजन को अंदर जाने की मंजूरी थी. इसी बीच इस्लामाबाद में पाकिस्तान के गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने भी कहा कि राजनाथ के भाषण को प्रसारित ना किए जाने जैसी कोई बात नहीं है, क्योंकि हिस्सा ले रहे किसी भी मंत्री के भाषण नहीं दिखाए गए. उन्होंने कहा, 'यह सच है कि उनके (राजनाथ) भाषण का सीधा प्रसारण नहीं किया गया, क्योंकि सरकारी मीडिया ने हिस्सा ले रहे किसी भी मंत्री के भाषण का सीधा प्रसारण नहीं किया.' टिप्पणियां अधिकारी ने कहा कि उद्घाटन सत्र का सीधा प्रसारण तब किया गया जब प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और गृह मंत्री चौधरी निसार अली खान ने स्वागत भाषण दिए. उन्होंने कहा कि सरकारी मीडिया ने सिंह के साथ कोई भेदभाव नहीं किया और उन्हें पूरा सरकारी प्रोटोकॉल दिया गया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सूत्र ने कहा, 'यह दक्षेस की मानक नीति है कि मेजबान देश का सत्रोद्घाटन भाषण प्रसारित करने की अनुमति मीडिया को है और वह सार्वजनिक होता है, जबकि बाकी कार्यवाही बंद कमरे में होती है ताकि मुद्दों पर स्पष्ट एवं विस्तृत चर्चा की जा सके.' इससे पहले ऐसी खबरें आई थीं कि राजनाथ सिंह का भाषण प्रसारित नहीं किया गया, क्योंकि मीडिया संगठनों को सातवें सार्क गृहमंत्री सम्मेलन को कवर करने की मंजूरी नहीं थी. खबरों में कहा गया कि आयोजन स्थल पर केवल एक ही प्रसारक पाकिस्तान के सरकारी टेलीविजन चैनल पाकिस्तान टेलीविजन को अंदर जाने की मंजूरी थी. इसी बीच इस्लामाबाद में पाकिस्तान के गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने भी कहा कि राजनाथ के भाषण को प्रसारित ना किए जाने जैसी कोई बात नहीं है, क्योंकि हिस्सा ले रहे किसी भी मंत्री के भाषण नहीं दिखाए गए. उन्होंने कहा, 'यह सच है कि उनके (राजनाथ) भाषण का सीधा प्रसारण नहीं किया गया, क्योंकि सरकारी मीडिया ने हिस्सा ले रहे किसी भी मंत्री के भाषण का सीधा प्रसारण नहीं किया.' टिप्पणियां अधिकारी ने कहा कि उद्घाटन सत्र का सीधा प्रसारण तब किया गया जब प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और गृह मंत्री चौधरी निसार अली खान ने स्वागत भाषण दिए. उन्होंने कहा कि सरकारी मीडिया ने सिंह के साथ कोई भेदभाव नहीं किया और उन्हें पूरा सरकारी प्रोटोकॉल दिया गया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इससे पहले ऐसी खबरें आई थीं कि राजनाथ सिंह का भाषण प्रसारित नहीं किया गया, क्योंकि मीडिया संगठनों को सातवें सार्क गृहमंत्री सम्मेलन को कवर करने की मंजूरी नहीं थी. खबरों में कहा गया कि आयोजन स्थल पर केवल एक ही प्रसारक पाकिस्तान के सरकारी टेलीविजन चैनल पाकिस्तान टेलीविजन को अंदर जाने की मंजूरी थी. इसी बीच इस्लामाबाद में पाकिस्तान के गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने भी कहा कि राजनाथ के भाषण को प्रसारित ना किए जाने जैसी कोई बात नहीं है, क्योंकि हिस्सा ले रहे किसी भी मंत्री के भाषण नहीं दिखाए गए. उन्होंने कहा, 'यह सच है कि उनके (राजनाथ) भाषण का सीधा प्रसारण नहीं किया गया, क्योंकि सरकारी मीडिया ने हिस्सा ले रहे किसी भी मंत्री के भाषण का सीधा प्रसारण नहीं किया.' टिप्पणियां अधिकारी ने कहा कि उद्घाटन सत्र का सीधा प्रसारण तब किया गया जब प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और गृह मंत्री चौधरी निसार अली खान ने स्वागत भाषण दिए. उन्होंने कहा कि सरकारी मीडिया ने सिंह के साथ कोई भेदभाव नहीं किया और उन्हें पूरा सरकारी प्रोटोकॉल दिया गया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इसी बीच इस्लामाबाद में पाकिस्तान के गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने भी कहा कि राजनाथ के भाषण को प्रसारित ना किए जाने जैसी कोई बात नहीं है, क्योंकि हिस्सा ले रहे किसी भी मंत्री के भाषण नहीं दिखाए गए. उन्होंने कहा, 'यह सच है कि उनके (राजनाथ) भाषण का सीधा प्रसारण नहीं किया गया, क्योंकि सरकारी मीडिया ने हिस्सा ले रहे किसी भी मंत्री के भाषण का सीधा प्रसारण नहीं किया.' टिप्पणियां अधिकारी ने कहा कि उद्घाटन सत्र का सीधा प्रसारण तब किया गया जब प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और गृह मंत्री चौधरी निसार अली खान ने स्वागत भाषण दिए. उन्होंने कहा कि सरकारी मीडिया ने सिंह के साथ कोई भेदभाव नहीं किया और उन्हें पूरा सरकारी प्रोटोकॉल दिया गया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अधिकारी ने कहा कि उद्घाटन सत्र का सीधा प्रसारण तब किया गया जब प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और गृह मंत्री चौधरी निसार अली खान ने स्वागत भाषण दिए. उन्होंने कहा कि सरकारी मीडिया ने सिंह के साथ कोई भेदभाव नहीं किया और उन्हें पूरा सरकारी प्रोटोकॉल दिया गया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:सार्क समिट में शामिल राजनाथ ने आतंकवाद को लेकर पाक के रवैये की आलोचना की इस बीच वहां उनके भाषण का प्रसारण नहीं किए जाने की खबर आई थी हालांकि भारत ने खबर को खारिज करते हुए इसे सार्क की मानक प्रक्रिया बताया
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) ने फिर एक बार धमाल मचा दिया है. खेसारी लाल यादव का लेटेस्ट भोजपुरी सॉन्ग 'लागे कूद जाई बहरी' (Lage Kud Jaai Bahri) ने   यूट्यूब पर कोहराम मचा दिया है. इस वीडियो में वो कॉलेज छात्र के रूप में दिख रहे हैं और उनका लुक काफी कमाल का है. उनका यह सॉन्ग भोजपुरी फिल्म 'जिला चंपारण' का है. खेसारी लाल यादव के इस भोजपुरी सॉन्ग को लोग खूब पसंद कर रहे हैं. इस गाने को खेसारी लाल यादव और प्रियंका सिंह ने मिलकर गाया है और इस जोड़ी ने एक बार फिर धूम मचा दी है. खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) के इस सॉन्ग की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस सॉन्ग के वीडियो को अभी तक 1 करोड़ 69 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है और इसे देखने का सिलसिला अभी जारी है. खेसारी लाल यादव ने इस वीडियो सॉन्ग से यूट्यूब  पर हंगामा बरपा दिया है. इस सॉन्ग में मॉर्डन लुक में दिखाई दे रहे हैं. इस गाने का म्यूजिक मधुकर आनंद ने दिया है. और इसके बोल आजाद सिंह ने लिखे हैं. खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) के इस गाने को यशी म्यूजिक द्वारा रिलीज किया गया है. भोजपुरी सिनेमा में खेसारी लाल यादव की जोड़ी काजल राघवानी (Kajal Raghwani) के साथ खूब जमती है. हालांकि इस सॉन्ग में यह जोड़ी नहीं है फिर भी लोगों को खेसारी का अंदाज खूब भा रहा है. साल 2018 में खेसारी लाल यादव ने भोजपुरी सिनेमा में खूब डंका बजाया था. उनकी ज्यादातक फिल्में हिट रही थीं. आने वाले दिनों में खेसारी लाल यादव की कई और फिल्में रिलीज होने वाली हैं. उम्मीद है कि दर्शकों को उनकी फिल्में खूब पसंद आएंगी.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: खेसारी लाल यादव का जबरदस्त धमाका नए भोजपुरी सॉन्ग से मचाया धमाल यूट्यूब पर वीडियो ने मचाई धूम
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: चुनाव करीब आते ही शीला दीक्षित सरकार को युवा वोटरों की चिंता सताने लगी है, शायद इसलिए दिल्ली सरकार ने दिल्ली यूनिवर्सिटी में 90 फीसदी सीट दिल्ली में रहने वाले लोगों के लिए आरक्षित करने का प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव के मुताबिक, दिल्ली में उन 12 कॉलेज को जिन्हें दिल्ली सरकार की तरफ से फंडिग होती है, वहां 90 फीसदी सीट रिजर्व करने का प्रस्ताव है, जबकि ऐसे 16 कॉलेज हैं, जिन्हें पांच फीसदी ग्रांट दिल्ली सरकार की तरफ से मिलता है। इन कॉलेजों में भी 50 फीसदी सीट दिल्ली के छात्रों के लिए आरक्षित करने का प्रस्ताव है।टिप्पणियां अगर यह प्रस्ताव पास हो जाता है तो दिल्ली विश्वविद्यालय की करीब 61 हजार सीटों में से 36 हजार से अधिक सीट आरक्षित हो जाएंगी। फिलहाल, डीयू में पढ़ने वाले के कुल छात्रों में से सिर्फ 13 हजार दिल्ली के रहने वाले हैं। इस प्रस्ताव में दिल्ली की लड़कियों को पांच फीसदी अंक देने का भी प्रस्ताव है। इधर, दिल्ली सरकार के इस प्रस्ताव पर राजनीति भी शुरू हो गई है। बीजेपी का कहना है कि पिछले 15 साल में शीला सरकार को इस तरह के कानून की याद नहीं आई और अब चुनाव में यह प्रस्ताव पूरी तरह से वोट बैंक की राजनीति का नमूना है। प्रस्ताव के मुताबिक, दिल्ली में उन 12 कॉलेज को जिन्हें दिल्ली सरकार की तरफ से फंडिग होती है, वहां 90 फीसदी सीट रिजर्व करने का प्रस्ताव है, जबकि ऐसे 16 कॉलेज हैं, जिन्हें पांच फीसदी ग्रांट दिल्ली सरकार की तरफ से मिलता है। इन कॉलेजों में भी 50 फीसदी सीट दिल्ली के छात्रों के लिए आरक्षित करने का प्रस्ताव है।टिप्पणियां अगर यह प्रस्ताव पास हो जाता है तो दिल्ली विश्वविद्यालय की करीब 61 हजार सीटों में से 36 हजार से अधिक सीट आरक्षित हो जाएंगी। फिलहाल, डीयू में पढ़ने वाले के कुल छात्रों में से सिर्फ 13 हजार दिल्ली के रहने वाले हैं। इस प्रस्ताव में दिल्ली की लड़कियों को पांच फीसदी अंक देने का भी प्रस्ताव है। इधर, दिल्ली सरकार के इस प्रस्ताव पर राजनीति भी शुरू हो गई है। बीजेपी का कहना है कि पिछले 15 साल में शीला सरकार को इस तरह के कानून की याद नहीं आई और अब चुनाव में यह प्रस्ताव पूरी तरह से वोट बैंक की राजनीति का नमूना है। अगर यह प्रस्ताव पास हो जाता है तो दिल्ली विश्वविद्यालय की करीब 61 हजार सीटों में से 36 हजार से अधिक सीट आरक्षित हो जाएंगी। फिलहाल, डीयू में पढ़ने वाले के कुल छात्रों में से सिर्फ 13 हजार दिल्ली के रहने वाले हैं। इस प्रस्ताव में दिल्ली की लड़कियों को पांच फीसदी अंक देने का भी प्रस्ताव है। इधर, दिल्ली सरकार के इस प्रस्ताव पर राजनीति भी शुरू हो गई है। बीजेपी का कहना है कि पिछले 15 साल में शीला सरकार को इस तरह के कानून की याद नहीं आई और अब चुनाव में यह प्रस्ताव पूरी तरह से वोट बैंक की राजनीति का नमूना है। इधर, दिल्ली सरकार के इस प्रस्ताव पर राजनीति भी शुरू हो गई है। बीजेपी का कहना है कि पिछले 15 साल में शीला सरकार को इस तरह के कानून की याद नहीं आई और अब चुनाव में यह प्रस्ताव पूरी तरह से वोट बैंक की राजनीति का नमूना है।
चुनाव करीब आते ही शीला दीक्षित सरकार को युवा वोटरों की चिंता सताने लगी है, शायद इसलिए दिल्ली सरकार ने दिल्ली यूनिवर्सिटी में 90 फीसदी सीट दिल्ली में रहने वाले लोगों के लिए आरक्षित करने का प्रस्ताव भेजा है।
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: इटावा में कुछ दबंग लोगों ने एक दलित बाप−बेटे को ट्रैक्टर से कुचल कर मार डाला है। यह आरोप बरेली में तैनात सेल्स टैक्स के ज्वाइंट कमिश्नर कृष्ण प्रताप सिंह ने लगाया है। उनका कहना है कि उनके भाई तुलसी राम और भतीजे सुधीर कुमार को गांव के दबंग लोगों ने बस इसलिए मार डाला कि उसका किसी लड़की से प्रेम था। यह घटना उद्धनपुरा गांव की है जिसके बाद पुलिस पहुंची। तुलसीराम की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी जबकि पुलिस सुधीर कुमार को सैफई अस्पताल ले गई जहां उसे बचाया नहीं जा सका। हालांकि घरवालों का आरोप यहां तक है कि पुलिस उसे अस्पताल ले ही नहीं गई। इटावा मुलायम सिंह यादव का गृह जिला है और इस घटना ने फिर से उत्तर प्रदेश की कानून−व्ववस्था के हाल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वैसे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस घटना पर कहा है कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि ग्राम निवासी तुलसी राम अपने पुत्र सुधीर कुमार के साथ खेत पर काम कर रहे थे। तभी गांव का एक दबंग परिवार आया और उनसे मारपीट की। उसके बाद ट्रैक्टर लाकर दोनों को ट्रैक्टर के नीचे लिटाकर कुचल डाला। दबंगों ने उनके ऊपर कई बार ट्रैक्टर चढ़ाया। घटना के पीछे प्रेम-प्रसंग का मामला बताया जा रहा है। ऊंची जाति की लड़की और दलित जाति के लड़के बीच प्रेम प्रसंग होने से लड़की पक्ष के लोगों ने 24 घंटे पहले जान से मारने की धमकी दी थी। जिस लड़के से प्रेम-प्रसंग चल रहा था वह फरीदाबाद चला गया था। लड़की की शादी 5 माह पूर्व भिंड जिले में हुई थी। फिर भी उनका प्रेम प्रसंग जारी था। यह घटना उद्धनपुरा गांव की है जिसके बाद पुलिस पहुंची। तुलसीराम की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी जबकि पुलिस सुधीर कुमार को सैफई अस्पताल ले गई जहां उसे बचाया नहीं जा सका। हालांकि घरवालों का आरोप यहां तक है कि पुलिस उसे अस्पताल ले ही नहीं गई। इटावा मुलायम सिंह यादव का गृह जिला है और इस घटना ने फिर से उत्तर प्रदेश की कानून−व्ववस्था के हाल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वैसे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस घटना पर कहा है कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि ग्राम निवासी तुलसी राम अपने पुत्र सुधीर कुमार के साथ खेत पर काम कर रहे थे। तभी गांव का एक दबंग परिवार आया और उनसे मारपीट की। उसके बाद ट्रैक्टर लाकर दोनों को ट्रैक्टर के नीचे लिटाकर कुचल डाला। दबंगों ने उनके ऊपर कई बार ट्रैक्टर चढ़ाया। घटना के पीछे प्रेम-प्रसंग का मामला बताया जा रहा है। ऊंची जाति की लड़की और दलित जाति के लड़के बीच प्रेम प्रसंग होने से लड़की पक्ष के लोगों ने 24 घंटे पहले जान से मारने की धमकी दी थी। जिस लड़के से प्रेम-प्रसंग चल रहा था वह फरीदाबाद चला गया था। लड़की की शादी 5 माह पूर्व भिंड जिले में हुई थी। फिर भी उनका प्रेम प्रसंग जारी था। इटावा मुलायम सिंह यादव का गृह जिला है और इस घटना ने फिर से उत्तर प्रदेश की कानून−व्ववस्था के हाल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वैसे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस घटना पर कहा है कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि ग्राम निवासी तुलसी राम अपने पुत्र सुधीर कुमार के साथ खेत पर काम कर रहे थे। तभी गांव का एक दबंग परिवार आया और उनसे मारपीट की। उसके बाद ट्रैक्टर लाकर दोनों को ट्रैक्टर के नीचे लिटाकर कुचल डाला। दबंगों ने उनके ऊपर कई बार ट्रैक्टर चढ़ाया। घटना के पीछे प्रेम-प्रसंग का मामला बताया जा रहा है। ऊंची जाति की लड़की और दलित जाति के लड़के बीच प्रेम प्रसंग होने से लड़की पक्ष के लोगों ने 24 घंटे पहले जान से मारने की धमकी दी थी। जिस लड़के से प्रेम-प्रसंग चल रहा था वह फरीदाबाद चला गया था। लड़की की शादी 5 माह पूर्व भिंड जिले में हुई थी। फिर भी उनका प्रेम प्रसंग जारी था। उल्लेखनीय है कि ग्राम निवासी तुलसी राम अपने पुत्र सुधीर कुमार के साथ खेत पर काम कर रहे थे। तभी गांव का एक दबंग परिवार आया और उनसे मारपीट की। उसके बाद ट्रैक्टर लाकर दोनों को ट्रैक्टर के नीचे लिटाकर कुचल डाला। दबंगों ने उनके ऊपर कई बार ट्रैक्टर चढ़ाया। घटना के पीछे प्रेम-प्रसंग का मामला बताया जा रहा है। ऊंची जाति की लड़की और दलित जाति के लड़के बीच प्रेम प्रसंग होने से लड़की पक्ष के लोगों ने 24 घंटे पहले जान से मारने की धमकी दी थी। जिस लड़के से प्रेम-प्रसंग चल रहा था वह फरीदाबाद चला गया था। लड़की की शादी 5 माह पूर्व भिंड जिले में हुई थी। फिर भी उनका प्रेम प्रसंग जारी था। घटना के पीछे प्रेम-प्रसंग का मामला बताया जा रहा है। ऊंची जाति की लड़की और दलित जाति के लड़के बीच प्रेम प्रसंग होने से लड़की पक्ष के लोगों ने 24 घंटे पहले जान से मारने की धमकी दी थी। जिस लड़के से प्रेम-प्रसंग चल रहा था वह फरीदाबाद चला गया था। लड़की की शादी 5 माह पूर्व भिंड जिले में हुई थी। फिर भी उनका प्रेम प्रसंग जारी था।
यहाँ एक सारांश है:बरेली में तैनात सेल्स टैक्स के ज्वाइंट कमिश्नर कृष्ण प्रताप सिंह का आरोप है कि उनके भाई और भतीजे को दबंगों ने सिर्फ इसलिए मार डाला, क्यों उसका ऊंची जाति की किसी लड़की से प्रेम संबंध था।
15
['hin']
एक सारांश बनाओ: सरकार राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए आगामी आम बजट में सेवाकर क्षेत्र का दायरा बढ़ाकर इसमें और सेवाओं को शामिल कर सकती है। साथ ही वह सेवा कर की नकारात्मक सूची भी ला सकती है। सूत्रों ने बताया कि सरकार नकारात्मक सूची के तहत 22 सेवाओं को रख सकती है और शेष पर 10 प्रतिशत की दर से कर लगाया जा सकता है।टिप्पणियां सूत्रों ने कहा कि इस उद्देश्य के लिए सेवाओं को सभी तरह की आर्थिक गतिविधियों के रूप में परिभाषित किया जाएगा। इसमें वस्तुएं, धन और अचल संपत्ति शामिल नहीं होंगी। मौजूदा समय में 119 सेवाओं पर कर लगाया जाता है। चालू वित्तवर्ष में सरकार को इस मद से 82,000 करोड़ रुपये जुटाए जाने की उम्मीद है। पिछले महीने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पर राज्यों के वित्त मंत्रियों की अधिकार प्राप्त समिति ने सेवाओं की नकारात्मक सूची के आधार पर सेवा कर लगाने को मंजूरी दी थी। केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) ने दिसंबर में इस बारे में रपट का मसौदा दिया था। सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय अगले वित्तवर्ष से नकारात्मक सूची को लागू करने के लिए भरसक प्रयास कर रहा है, क्योंकि इससे सरकार को अधिक राजस्व मिलने की उम्मीद है। वित्तमंत्री के साथ बजट पूर्व बैठक में उद्योग ने भी सरकार से सेवा कर का दायरा बढ़ाने के लिए नकारात्मक सूची लाने की मांग की थी। वैश्विक स्तर पर नकारात्मक सूची का चलन है। भारत में इसे वस्तु एवं सेवा कर के हिस्से के रूप में लागू किए जाने का प्रस्ताव है। सूत्रों ने कहा कि इस उद्देश्य के लिए सेवाओं को सभी तरह की आर्थिक गतिविधियों के रूप में परिभाषित किया जाएगा। इसमें वस्तुएं, धन और अचल संपत्ति शामिल नहीं होंगी। मौजूदा समय में 119 सेवाओं पर कर लगाया जाता है। चालू वित्तवर्ष में सरकार को इस मद से 82,000 करोड़ रुपये जुटाए जाने की उम्मीद है। पिछले महीने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पर राज्यों के वित्त मंत्रियों की अधिकार प्राप्त समिति ने सेवाओं की नकारात्मक सूची के आधार पर सेवा कर लगाने को मंजूरी दी थी। केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) ने दिसंबर में इस बारे में रपट का मसौदा दिया था। सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय अगले वित्तवर्ष से नकारात्मक सूची को लागू करने के लिए भरसक प्रयास कर रहा है, क्योंकि इससे सरकार को अधिक राजस्व मिलने की उम्मीद है। वित्तमंत्री के साथ बजट पूर्व बैठक में उद्योग ने भी सरकार से सेवा कर का दायरा बढ़ाने के लिए नकारात्मक सूची लाने की मांग की थी। वैश्विक स्तर पर नकारात्मक सूची का चलन है। भारत में इसे वस्तु एवं सेवा कर के हिस्से के रूप में लागू किए जाने का प्रस्ताव है। केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) ने दिसंबर में इस बारे में रपट का मसौदा दिया था। सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय अगले वित्तवर्ष से नकारात्मक सूची को लागू करने के लिए भरसक प्रयास कर रहा है, क्योंकि इससे सरकार को अधिक राजस्व मिलने की उम्मीद है। वित्तमंत्री के साथ बजट पूर्व बैठक में उद्योग ने भी सरकार से सेवा कर का दायरा बढ़ाने के लिए नकारात्मक सूची लाने की मांग की थी। वैश्विक स्तर पर नकारात्मक सूची का चलन है। भारत में इसे वस्तु एवं सेवा कर के हिस्से के रूप में लागू किए जाने का प्रस्ताव है।
संक्षिप्त सारांश: सरकार राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए बजट में सेवाकर क्षेत्र का दायरा बढ़ाकर इसमें और सेवाओं को शामिल कर सकती है। साथ ही वह सेवा कर की नकारात्मक सूची भी ला सकती है।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कोई भी बहन नहीं चाहेगी कि उसकी किसी भूल के चलते उसके भाई का अहित हो या उसे कोई नुकसान हो. यही वजह है कि भद्रा में बहनें अपने भाईयों को राखी नहीं बांधतीं. जी हां, कहा जाता है कि सूर्पनखा ने अपने भाई रावण को भद्रा में ही राखी बांधी थी. और इसी वजह से रावण का विनाश हुआ था. यह भी एक बड़ी वजह है कि इस दौरान बहनें अपने भाई के हित को देखते हुए राखी नहीं बांधतीं.  प्रमुख तीन देवों में से यदि एक भी उपस्थि‍त न हो तो कोई भी पूजा या आराधना सम्पन्न नहीं मानी जाती. किसी भी हवन या पूजा आराधना के दौरान तीनों देवों का ध्यान किया जाता है. हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार भद्रा काल में भगवान शंकर तांडव करते हैं. इस दौरान श‍िव के क्रोधि‍त होने के चलते ही कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता.  प्रमुख तीन देवों में से यदि एक भी उपस्थि‍त न हो तो कोई भी पूजा या आराधना सम्पन्न नहीं मानी जाती. किसी भी हवन या पूजा आराधना के दौरान तीनों देवों का ध्यान किया जाता है. हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार भद्रा काल में भगवान शंकर तांडव करते हैं. इस दौरान श‍िव के क्रोधि‍त होने के चलते ही कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता.
यह एक सारांश है: 7 अगस्त को चंद्र ग्रहण होगा जो रात 10.52 से शुरू होकर 12.22 तक रहेगा. चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले ही सूतक लग जाएगा. सुबह 11.07 बजे से बाद दोपहर 1.50 बजे तक रक्षा बंधन हेतु शुभ समय है.
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: लीबिया में एक ओर जहां 41 साल से सत्ता में बने मुअम्मार गद्दाफी के सहयोगी और राजनयिक उनका साथ छोड़ रहे है वहीं देश में भीषण नरसंहार का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र में लीबिया के एक राजनयिक ने मंगलवार को कहा है कि गद्दाफी ने लीबिया के पश्चिमी हिस्से में नागरिकों पर हमले करने के लिए सेना भेजी है, वहीं बेनगाजी में 300 लोगों की मौत की खबर के बाद देश के आंतरिक मामलों के मंत्री ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने गद्दाफी को जिद्दी बताते हुए कहा कि वह बड़े पैमाने पर आम लोगों पर हमलों की साजिश रच रहे हैं। इधर, लीबिया में जारी रक्तपात को देखते हुए भारत सरकार अपने नागरिकों को लाने की योजना बना रही है। लीबिया में करीब 18,000 भारतीय मौजूद हैं। विदेश मंत्री एस. एम. कृष्णा ने लोकसभा में बुधवार को अपने एक बयान में कहा कि भूमि, जल या वायु मार्ग से भारतीयों की संभावित निकासी की योजना तैयार की जा रही है। समाचार चैनल सीएनएन के मुताबिक आंतरिक मामलों के मंत्री अब्दुल फत्ताह यूनिस अल अबिदि ने लीबिया के पूर्वी शहर बेनगाजी में 300 नागरिकों के मारे जाने की खबर सुनने के बाद सोमवार को इस्तीफा दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया है कि गद्दाफी बड़े पैमाने पर लोगों पर हमलों की योजना बना रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा है कि गद्दाफी की सत्ता समाप्त होने में अब चंद दिन या चंद घंटे ही बाकी है, इस लड़ाई में जनता की जीत होगी। अबिदि ने बुधवार को कहा, "गद्दाफी ने मुझसे कहा था कि वह बेनगाजी में लोगों के खिलाफ विमानों के इस्तेमाल की योजना बना रहे हैं और मैंने उनसे कहा था ऐसा करने पर हजारों लोग मारे जाएंगे।" गद्दाफी ने मंगलवार को टेलीविजन पर प्रसारित अपने बयान में कहा कि वह देशव्यापी विद्रोह के बावजूद अपना पद नहीं छोड़ेंगे और अपने देश में शहीद की तरह मरने के लिए तैयार हैं। साथ ही उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर नियंत्रण करने का संकल्प जताया। गद्दाफी ने कहा कि यदि विरोधियों ने आत्मसमर्पण नहीं किया तो वह 'लीबिया के एक-एक घर को उनसे मुक्त कराएंगे।' अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के मुताबिक लीबिया में 15 फरवरी के बाद से शुरू हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान अब तक 500 लोगों को मार दिया गया है और सुरक्षा बलों के साथ संघर्ष में 4,000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। न्यूयार्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में लीबिया के उप राजदूत इब्राहिम दुब्बासी ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें सूचना मिली है कि लीबिया के पश्चिमी क्षेत्र में नरसंहार शुरू हो गया है। दुब्बासी ने मंगलवार को कहा कि गद्दाफी ने देश के पश्चिमी हिस्से में नागरिकों पर हमला करने के लिए सेना भेजी है। दुब्बासी के नेतृत्व में लीबिया के अन्य राजदूतों ने गद्दाफी द्वारा प्रदर्शनकारियों के दमन की निंदा की। उन्होंने इस्तीफा देने से इंकार करते हुए कहा कि वह लीबियाई लोगों के लिए काम करते हैं सरकार के किसी व्यक्ति के लिए नहीं। संयुक्त राष्ट्र ने भी लीबिया के शासक मुअम्मार गद्दाफी द्वारा समर्थकों को सड़कों पर उतारने की घोषणा पर चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र के राजनीतिक मामलों के अवर महासचिव लिन पास्को ने पत्रकारों से कहा, "स्थितियां और बदतर हो सकती हैं।" उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को दूसरे लोगों पर हमला करने के लिए कहना बेहद खतरनाक है। इधर, नई दिल्ली विदेश राज्य मंत्री एस. एम. कृष्णा ने कहा, "हम भूमि, जल या वायु मार्ग से भारतीय मूल के लोगों की लीबिया से संभावित निकासी की योजना तैयार कर रहे हैं।" लीबिया के अलावा यमन और बहरीन में जारी विरोध प्रदर्शनों को ध्यान में रखते हुए कृष्णा ने कहा इन देशों में काफी संख्या में भारतीय मौजूद हैं और इनमें से ज्यादातर लोग यहां जीविकोपार्जन के लिए गए हैं। यह सभी लोग इन देशों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यमन में इस समय 14,000 और बहरीन में 3.5 लाख भारतीय हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी संकटग्रस्त देशों में भारतीय समुदाय के लोग कथित रूप से सुरक्षित हैं।
मुअम्मार गद्दाफी के सहयोगी और राजनयिक उनका साथ छोड़ रहे है वहीं देश में भीषण नरसंहार का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
1
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कोयला आवंटन की जांच से जुड़ी स्टेटस रिपोर्ट को लेकर खुद कानून मंत्री अश्विनी कुमार सवालों के घेरे में हैं। सूत्रों के मुताबिक, अश्विनी कुमार को लेकर कांग्रेस बंटी हुई है। पार्टी में उनके इस्तीफे को लेकर सुगबुगाहट जारी है।टिप्पणियां कई कांग्रेस नेताओं की राय है कि अश्विनी कुमार इस्तीफा दें और इस मामले को जबरदस्ती खींचने का कोई मतलब नहीं है, लेकिन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अपने कानून मंत्री के साथ खड़े दिख रहे हैं।   सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल कांग्रेस कोर ग्रुप की बैठक में इस बात पर सहमति बन गई है कि फिलहाल अश्विनी कुमार के इस्तीफे का दबाव ना बनाया जाए। इससे पूर्व मंगलवार को कोयला आवंटन में सीबीआई रिपोर्ट में सरकारी दखलअंदाज़ी पर सुप्रीम कोर्ट की बेहद तीखी टिप्पणी के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कानून मंत्री अश्विनी कुमार को बुलाया। बैठक में कानूनमंत्री फाइलों का पुलिंदा लेकर गए थे। बैठक के बाद कुमार आत्मविश्वास से भरे हुए निकले। उन्होंने मीडिया वालों से कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी है, कोई फैसला नहीं है। कई कांग्रेस नेताओं की राय है कि अश्विनी कुमार इस्तीफा दें और इस मामले को जबरदस्ती खींचने का कोई मतलब नहीं है, लेकिन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अपने कानून मंत्री के साथ खड़े दिख रहे हैं।   सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल कांग्रेस कोर ग्रुप की बैठक में इस बात पर सहमति बन गई है कि फिलहाल अश्विनी कुमार के इस्तीफे का दबाव ना बनाया जाए। इससे पूर्व मंगलवार को कोयला आवंटन में सीबीआई रिपोर्ट में सरकारी दखलअंदाज़ी पर सुप्रीम कोर्ट की बेहद तीखी टिप्पणी के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कानून मंत्री अश्विनी कुमार को बुलाया। बैठक में कानूनमंत्री फाइलों का पुलिंदा लेकर गए थे। बैठक के बाद कुमार आत्मविश्वास से भरे हुए निकले। उन्होंने मीडिया वालों से कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी है, कोई फैसला नहीं है। इससे पूर्व मंगलवार को कोयला आवंटन में सीबीआई रिपोर्ट में सरकारी दखलअंदाज़ी पर सुप्रीम कोर्ट की बेहद तीखी टिप्पणी के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कानून मंत्री अश्विनी कुमार को बुलाया। बैठक में कानूनमंत्री फाइलों का पुलिंदा लेकर गए थे। बैठक के बाद कुमार आत्मविश्वास से भरे हुए निकले। उन्होंने मीडिया वालों से कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी है, कोई फैसला नहीं है।
यह एक सारांश है: कोयला आवंटन की जांच से जुड़ी स्टेटस रिपोर्ट के मामले में अश्विनी कुमार को लेकर कांग्रेस बंटी हुई है। पार्टी में उनके इस्तीफे को लेकर सुगबुगाहट जारी है।
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा कि अवैध तरीकों से जोड़ा और विदेशों में जमा किया गया काला धन राष्ट्रीय लूट का सूचक है। न्यायालय ने केंद्र सरकार से विदेशों में काला धन जमा करने वाले भारतीयों की पूरी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा। न्यायमूर्ति बी. सुदर्शन रेड्डी और न्यायमूर्ति एसएस निज्जर की सर्वोच्च न्यायालय पीठ ने लिकलेस्टीन के बैंकों में जमा काले धन के सम्बंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए याचिका का दायरा संकुचित करने और विदेशों में काला धन जमा करने वाले भारतीयों की जानकारी उपलब्ध न कराने पर केंद्र सरकार की खिंचाई की। सर्वोच्च न्यायालय ने यह टिप्पणी वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी की उस याचिका पर सुनवाई के दौरान की जिसमें सरकार से विदेशों में जमा काले धन की जानकारी और इस धन को वापस लाने के लिए अब तक की गई कार्रवाई का खुलासा करने की मांग की गई है। इससे पहले 14 जनवरी को हुई सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से विदेशों में काला धन जमा करने वाले लोगों के नामों का खुलासा नहीं कर पाने का कारण बताने को कहा था। यूरोप में स्थित 160 वर्ग किलोमीटर की लिकलेस्टीन रियासत में स्विट्जरलैंड और जर्मनी के करीब 15 बैंक हैं। इस रियासत की कुल जनसंख्या 67,000 है।
संक्षिप्त पाठ: न्यायालय ने केंद्र सरकार से विदेशों में काला धन जमा करने वाले भारतीयों की पूरी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा।
22
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: एआईएडीएमके का पार्टी सिंबल लेने के लिए घूस देने के मामले में दिल्ली पुलिस जल्द ही शशिकला के भतीजे टीटीवी दिनाकरन से पूछताछ करेगी. बताया जाता है कि पकड़े गए बिचौलिए ने कई ब्यूरोक्रेटों के नाम लिए हैं जो उसकी इस काम मे मदद कर रहे थे. दिल्ली में एआईएडीएमके पार्टी सिंबल लेने को लेकर हुए घूसकांड के मामले में क्राइम ब्रांच ने बिचौलिए सुकेश चंद्रशेखर को पकड़ा है. उससे लगातार पूछताछ की जा रही है. पुलिस का दावा है कि सुकेश ने करीब 13 ऐसे लोगों के नाम बताए हैं जो इस मामले से जुड़े हुए है. इनमें कई नौकरशाह (ब्यूरोक्रेट) भी शामिल हैं. पुलिस को शक है कि सुकेश इन्हीं ब्यूरोक्रेटों के जरिए चुनाव आयोग में किसी अधिकारी के संपर्क में था.टिप्पणियां सुकेश को सोमवार को एक होटल से एक करोड़ 30 लाख रुपये के साथ पकड़ा गया था. सुकेश ने दावा किया है कि एआईएडीएमके पार्टी की शशिकला के भतीजे टीटीवी दिनाकरन ने उसे 10 करोड़ रुपये चुनाव आयोग से दो पत्ती वाला पार्टी सिंबल  दिलाने के लिए दिया था. जबकि पूरा सौदा करीब 60 करोड़ में हुआ था. हालांकि यह मामला सामने आने के बाद सोमवार को शाम से एआईएडीएमके के शशिकला और पनीरसेल्वम खेमे में समझौते के लिए बातचीत जारी है. दिल्ली पुलिस जल्द ही इस मामले में दिनाकरन से पूछताछ करेगी. हालांकि वे सभी आरोपों को पहले ही नकार चुके हैं. पुलिस का दावा है कि सुकेश ने करीब 13 ऐसे लोगों के नाम बताए हैं जो इस मामले से जुड़े हुए है. इनमें कई नौकरशाह (ब्यूरोक्रेट) भी शामिल हैं. पुलिस को शक है कि सुकेश इन्हीं ब्यूरोक्रेटों के जरिए चुनाव आयोग में किसी अधिकारी के संपर्क में था.टिप्पणियां सुकेश को सोमवार को एक होटल से एक करोड़ 30 लाख रुपये के साथ पकड़ा गया था. सुकेश ने दावा किया है कि एआईएडीएमके पार्टी की शशिकला के भतीजे टीटीवी दिनाकरन ने उसे 10 करोड़ रुपये चुनाव आयोग से दो पत्ती वाला पार्टी सिंबल  दिलाने के लिए दिया था. जबकि पूरा सौदा करीब 60 करोड़ में हुआ था. हालांकि यह मामला सामने आने के बाद सोमवार को शाम से एआईएडीएमके के शशिकला और पनीरसेल्वम खेमे में समझौते के लिए बातचीत जारी है. दिल्ली पुलिस जल्द ही इस मामले में दिनाकरन से पूछताछ करेगी. हालांकि वे सभी आरोपों को पहले ही नकार चुके हैं. सुकेश को सोमवार को एक होटल से एक करोड़ 30 लाख रुपये के साथ पकड़ा गया था. सुकेश ने दावा किया है कि एआईएडीएमके पार्टी की शशिकला के भतीजे टीटीवी दिनाकरन ने उसे 10 करोड़ रुपये चुनाव आयोग से दो पत्ती वाला पार्टी सिंबल  दिलाने के लिए दिया था. जबकि पूरा सौदा करीब 60 करोड़ में हुआ था. हालांकि यह मामला सामने आने के बाद सोमवार को शाम से एआईएडीएमके के शशिकला और पनीरसेल्वम खेमे में समझौते के लिए बातचीत जारी है. दिल्ली पुलिस जल्द ही इस मामले में दिनाकरन से पूछताछ करेगी. हालांकि वे सभी आरोपों को पहले ही नकार चुके हैं. दिल्ली पुलिस जल्द ही इस मामले में दिनाकरन से पूछताछ करेगी. हालांकि वे सभी आरोपों को पहले ही नकार चुके हैं.
संक्षिप्त सारांश: दिनाकरन ने 10 करोड़ रुपये दो पत्ती वाला पार्टी सिंबल दिलाने के लिए दिए थे घूसकांड के मामले में क्राइम ब्रांच ने बिचौलिए सुकेश चंद्रशेखर को पकड़ा बिचौलिए सुकेश ने मदद करने वाले कई ब्यूरोक्रेटों के नाम लिए
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पदक के प्रबल दावेदारों में से एक भारत की स्टार मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम ने लंदन ओलिंपिक की महिला मुक्केबाजी प्रतियोगिता के 51 किलोग्राम भार वर्ग में विजयी शुरुआत करते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। इस शानदार जीत के बाद मैरीकॉम से पदक की उम्मीदें बढ़ गई हैं। उधर, सम्मान के लिए दक्षिण कोरिया से खेलने उतरी पुरुष हॉकी टीम को लगातार चौथी हार का सामना करना पड़ा। एथलेटिक्स में पदक की उम्मीद कृष्णा पूनिया से थी लेकिन पूनिया ने भी निराश किया। रविवार को खेले गए प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में पांच बार की विश्व चैम्पियन मैरीकॉम ने पोलैंड की केरोलिना निखाजुक को 19-14 से हराकर अंतिम-8 में प्रवेश किया। क्वार्टर फाइनल में मैरीकॉम का मुकाबला ट्यूनीशिया की मारॉवा राहाली से सोमवार को होगा। पहले राउंड में मुकाबला बेहद कड़ा रहा और 3-3 की बराबरी पर खत्म हुआ। दूसरे राउंड में मैरीकॉम ने आक्रामक रुख अख्तियार किया जिसका विपक्षी मुक्केबाज के सामने कोई जवाब नहीं था। मैरीकॉम ने दूसरा राउंड 5-4 से अपने नाम किया। मैरीकॉम ने तीसरा राउंड 7-3 से जीता जबकि चौथे राउंड में दोनों मुक्केबाज 4-4 की बराबरी पर रहीं। 29 वर्षीय मैरीकॉम से देश को पदक की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि महिला मुक्केबाजी को ओलिंपिक में पहली बार शामिल किया गया है। दूसरी ओर, भारतीय पुरुष हॉकी टीम की हार का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। रीवरबैंक एरीना में खेले गए ग्रुप-'बी' के अपने चौथे मुकाबले में भारतीय टीम, दक्षिण कोरिया से 1-4 से हार गई। आठ बार की ओलिंपिक चैम्पियन भारतीय टीम, दक्षिण कोरिया के सामने कभी भी मुकाबले में नहीं दिखी। दक्षिण कोरिया को पिछले मुकाबले में अपने से नीची रैंक वाली बेल्जियम की टीम से हार का सामना करना पड़ा था। कोरिया ने इसका बदला भारतीय टीम को हराकर निकाला। इस मैच में कोरिया को पांच पेनल्टी कॉर्नर मिले जिनमें से उसने तीन को गोल में परिवर्तित किया। उसकी ओर से ह्यून वू नेम (60वें और 70वें), जोंग ह्यून जांग (छठे) तथा ली सेउंग ने मैच के 68वें मिनट में गोल किए। भारत को इस मुकाबले में चार पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन भारतीय खिलाड़ी उसे गोल में परिवर्तित करने में असफल रहे। भारत की ओर से गुरविंदर चांडी ने मैच के 10वें मिनट में एकमात्र गोल किया। एक बार फिर इस मैच में भारतीय रक्षापंक्ति असहाय नजर आई। दक्षिण कोरिया की ओर से जांग ने मैच के छठे मिनट में गोल कर अपनी टीम को शुरुआती बढ़त दिला दी थी। जांग का अंतरराष्ट्रीय मैचों में यह 103वां गोल था। चार मैच खेलने के बाद भारतीय टीम अपने ग्रुप में सबसे निचले पायदान पर है। दक्षिण कोरिया की टीम नीदरलैंड्स और जर्मनी के बाद तीसरे स्थान पर है। भारत अपना अंतिम ग्रुप मुकाबला मंगलवार को बेल्जियम से खेलेगा। इससे पहले, भारत को नीदरलैंड्स, न्यूजीलैंड और जर्मनी ने पराजित किया था। भारतीय टीम खिताब की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुकी है। उधर, पूनिया ने शनिवार को फाइनल में 63.62 मीटर चक्का फेंका जोकि उनके व्यक्तिगत श्रेष्ठ प्रदर्शन 64.76 से कम रहा। पूनिया के नाम इस स्पर्धा का राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।टिप्पणियां राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाली पूनिया ने अपने पहले प्रयास में 62.42 मीटर की दूरी नापी जो उन्हें शीर्ष आठ में पहुंचाने के लिए काफी था, लेकिन तीसरे प्रयास में वह 61.61 मीटर की दूरी ही नाप सकी। उनका दूसरा प्रयास फाउल था। फाइनल में हिस्सा लेने वाली 12 एथलीटों में से 4 तीन दौर के बाद ही बाहर हो गई थी। तीसरे दौर के बाद पूनिया सातवें स्थान पर थीं, लेकिन चौथे प्रयास के फाउल होने और पांचवें प्रयास में 63.62 मीटर की औसत दूरी के कारण वह सातवें स्थान पर ही रह गई। इस शानदार जीत के बाद मैरीकॉम से पदक की उम्मीदें बढ़ गई हैं। उधर, सम्मान के लिए दक्षिण कोरिया से खेलने उतरी पुरुष हॉकी टीम को लगातार चौथी हार का सामना करना पड़ा। एथलेटिक्स में पदक की उम्मीद कृष्णा पूनिया से थी लेकिन पूनिया ने भी निराश किया। रविवार को खेले गए प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में पांच बार की विश्व चैम्पियन मैरीकॉम ने पोलैंड की केरोलिना निखाजुक को 19-14 से हराकर अंतिम-8 में प्रवेश किया। क्वार्टर फाइनल में मैरीकॉम का मुकाबला ट्यूनीशिया की मारॉवा राहाली से सोमवार को होगा। पहले राउंड में मुकाबला बेहद कड़ा रहा और 3-3 की बराबरी पर खत्म हुआ। दूसरे राउंड में मैरीकॉम ने आक्रामक रुख अख्तियार किया जिसका विपक्षी मुक्केबाज के सामने कोई जवाब नहीं था। मैरीकॉम ने दूसरा राउंड 5-4 से अपने नाम किया। मैरीकॉम ने तीसरा राउंड 7-3 से जीता जबकि चौथे राउंड में दोनों मुक्केबाज 4-4 की बराबरी पर रहीं। 29 वर्षीय मैरीकॉम से देश को पदक की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि महिला मुक्केबाजी को ओलिंपिक में पहली बार शामिल किया गया है। दूसरी ओर, भारतीय पुरुष हॉकी टीम की हार का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। रीवरबैंक एरीना में खेले गए ग्रुप-'बी' के अपने चौथे मुकाबले में भारतीय टीम, दक्षिण कोरिया से 1-4 से हार गई। आठ बार की ओलिंपिक चैम्पियन भारतीय टीम, दक्षिण कोरिया के सामने कभी भी मुकाबले में नहीं दिखी। दक्षिण कोरिया को पिछले मुकाबले में अपने से नीची रैंक वाली बेल्जियम की टीम से हार का सामना करना पड़ा था। कोरिया ने इसका बदला भारतीय टीम को हराकर निकाला। इस मैच में कोरिया को पांच पेनल्टी कॉर्नर मिले जिनमें से उसने तीन को गोल में परिवर्तित किया। उसकी ओर से ह्यून वू नेम (60वें और 70वें), जोंग ह्यून जांग (छठे) तथा ली सेउंग ने मैच के 68वें मिनट में गोल किए। भारत को इस मुकाबले में चार पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन भारतीय खिलाड़ी उसे गोल में परिवर्तित करने में असफल रहे। भारत की ओर से गुरविंदर चांडी ने मैच के 10वें मिनट में एकमात्र गोल किया। एक बार फिर इस मैच में भारतीय रक्षापंक्ति असहाय नजर आई। दक्षिण कोरिया की ओर से जांग ने मैच के छठे मिनट में गोल कर अपनी टीम को शुरुआती बढ़त दिला दी थी। जांग का अंतरराष्ट्रीय मैचों में यह 103वां गोल था। चार मैच खेलने के बाद भारतीय टीम अपने ग्रुप में सबसे निचले पायदान पर है। दक्षिण कोरिया की टीम नीदरलैंड्स और जर्मनी के बाद तीसरे स्थान पर है। भारत अपना अंतिम ग्रुप मुकाबला मंगलवार को बेल्जियम से खेलेगा। इससे पहले, भारत को नीदरलैंड्स, न्यूजीलैंड और जर्मनी ने पराजित किया था। भारतीय टीम खिताब की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुकी है। उधर, पूनिया ने शनिवार को फाइनल में 63.62 मीटर चक्का फेंका जोकि उनके व्यक्तिगत श्रेष्ठ प्रदर्शन 64.76 से कम रहा। पूनिया के नाम इस स्पर्धा का राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।टिप्पणियां राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाली पूनिया ने अपने पहले प्रयास में 62.42 मीटर की दूरी नापी जो उन्हें शीर्ष आठ में पहुंचाने के लिए काफी था, लेकिन तीसरे प्रयास में वह 61.61 मीटर की दूरी ही नाप सकी। उनका दूसरा प्रयास फाउल था। फाइनल में हिस्सा लेने वाली 12 एथलीटों में से 4 तीन दौर के बाद ही बाहर हो गई थी। तीसरे दौर के बाद पूनिया सातवें स्थान पर थीं, लेकिन चौथे प्रयास के फाउल होने और पांचवें प्रयास में 63.62 मीटर की औसत दूरी के कारण वह सातवें स्थान पर ही रह गई। उधर, सम्मान के लिए दक्षिण कोरिया से खेलने उतरी पुरुष हॉकी टीम को लगातार चौथी हार का सामना करना पड़ा। एथलेटिक्स में पदक की उम्मीद कृष्णा पूनिया से थी लेकिन पूनिया ने भी निराश किया। रविवार को खेले गए प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में पांच बार की विश्व चैम्पियन मैरीकॉम ने पोलैंड की केरोलिना निखाजुक को 19-14 से हराकर अंतिम-8 में प्रवेश किया। क्वार्टर फाइनल में मैरीकॉम का मुकाबला ट्यूनीशिया की मारॉवा राहाली से सोमवार को होगा। पहले राउंड में मुकाबला बेहद कड़ा रहा और 3-3 की बराबरी पर खत्म हुआ। दूसरे राउंड में मैरीकॉम ने आक्रामक रुख अख्तियार किया जिसका विपक्षी मुक्केबाज के सामने कोई जवाब नहीं था। मैरीकॉम ने दूसरा राउंड 5-4 से अपने नाम किया। मैरीकॉम ने तीसरा राउंड 7-3 से जीता जबकि चौथे राउंड में दोनों मुक्केबाज 4-4 की बराबरी पर रहीं। 29 वर्षीय मैरीकॉम से देश को पदक की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि महिला मुक्केबाजी को ओलिंपिक में पहली बार शामिल किया गया है। दूसरी ओर, भारतीय पुरुष हॉकी टीम की हार का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। रीवरबैंक एरीना में खेले गए ग्रुप-'बी' के अपने चौथे मुकाबले में भारतीय टीम, दक्षिण कोरिया से 1-4 से हार गई। आठ बार की ओलिंपिक चैम्पियन भारतीय टीम, दक्षिण कोरिया के सामने कभी भी मुकाबले में नहीं दिखी। दक्षिण कोरिया को पिछले मुकाबले में अपने से नीची रैंक वाली बेल्जियम की टीम से हार का सामना करना पड़ा था। कोरिया ने इसका बदला भारतीय टीम को हराकर निकाला। इस मैच में कोरिया को पांच पेनल्टी कॉर्नर मिले जिनमें से उसने तीन को गोल में परिवर्तित किया। उसकी ओर से ह्यून वू नेम (60वें और 70वें), जोंग ह्यून जांग (छठे) तथा ली सेउंग ने मैच के 68वें मिनट में गोल किए। भारत को इस मुकाबले में चार पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन भारतीय खिलाड़ी उसे गोल में परिवर्तित करने में असफल रहे। भारत की ओर से गुरविंदर चांडी ने मैच के 10वें मिनट में एकमात्र गोल किया। एक बार फिर इस मैच में भारतीय रक्षापंक्ति असहाय नजर आई। दक्षिण कोरिया की ओर से जांग ने मैच के छठे मिनट में गोल कर अपनी टीम को शुरुआती बढ़त दिला दी थी। जांग का अंतरराष्ट्रीय मैचों में यह 103वां गोल था। चार मैच खेलने के बाद भारतीय टीम अपने ग्रुप में सबसे निचले पायदान पर है। दक्षिण कोरिया की टीम नीदरलैंड्स और जर्मनी के बाद तीसरे स्थान पर है। भारत अपना अंतिम ग्रुप मुकाबला मंगलवार को बेल्जियम से खेलेगा। इससे पहले, भारत को नीदरलैंड्स, न्यूजीलैंड और जर्मनी ने पराजित किया था। भारतीय टीम खिताब की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुकी है। उधर, पूनिया ने शनिवार को फाइनल में 63.62 मीटर चक्का फेंका जोकि उनके व्यक्तिगत श्रेष्ठ प्रदर्शन 64.76 से कम रहा। पूनिया के नाम इस स्पर्धा का राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।टिप्पणियां राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाली पूनिया ने अपने पहले प्रयास में 62.42 मीटर की दूरी नापी जो उन्हें शीर्ष आठ में पहुंचाने के लिए काफी था, लेकिन तीसरे प्रयास में वह 61.61 मीटर की दूरी ही नाप सकी। उनका दूसरा प्रयास फाउल था। फाइनल में हिस्सा लेने वाली 12 एथलीटों में से 4 तीन दौर के बाद ही बाहर हो गई थी। तीसरे दौर के बाद पूनिया सातवें स्थान पर थीं, लेकिन चौथे प्रयास के फाउल होने और पांचवें प्रयास में 63.62 मीटर की औसत दूरी के कारण वह सातवें स्थान पर ही रह गई। एथलेटिक्स में पदक की उम्मीद कृष्णा पूनिया से थी लेकिन पूनिया ने भी निराश किया। रविवार को खेले गए प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में पांच बार की विश्व चैम्पियन मैरीकॉम ने पोलैंड की केरोलिना निखाजुक को 19-14 से हराकर अंतिम-8 में प्रवेश किया। क्वार्टर फाइनल में मैरीकॉम का मुकाबला ट्यूनीशिया की मारॉवा राहाली से सोमवार को होगा। पहले राउंड में मुकाबला बेहद कड़ा रहा और 3-3 की बराबरी पर खत्म हुआ। दूसरे राउंड में मैरीकॉम ने आक्रामक रुख अख्तियार किया जिसका विपक्षी मुक्केबाज के सामने कोई जवाब नहीं था। मैरीकॉम ने दूसरा राउंड 5-4 से अपने नाम किया। मैरीकॉम ने तीसरा राउंड 7-3 से जीता जबकि चौथे राउंड में दोनों मुक्केबाज 4-4 की बराबरी पर रहीं। 29 वर्षीय मैरीकॉम से देश को पदक की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि महिला मुक्केबाजी को ओलिंपिक में पहली बार शामिल किया गया है। दूसरी ओर, भारतीय पुरुष हॉकी टीम की हार का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। रीवरबैंक एरीना में खेले गए ग्रुप-'बी' के अपने चौथे मुकाबले में भारतीय टीम, दक्षिण कोरिया से 1-4 से हार गई। आठ बार की ओलिंपिक चैम्पियन भारतीय टीम, दक्षिण कोरिया के सामने कभी भी मुकाबले में नहीं दिखी। दक्षिण कोरिया को पिछले मुकाबले में अपने से नीची रैंक वाली बेल्जियम की टीम से हार का सामना करना पड़ा था। कोरिया ने इसका बदला भारतीय टीम को हराकर निकाला। इस मैच में कोरिया को पांच पेनल्टी कॉर्नर मिले जिनमें से उसने तीन को गोल में परिवर्तित किया। उसकी ओर से ह्यून वू नेम (60वें और 70वें), जोंग ह्यून जांग (छठे) तथा ली सेउंग ने मैच के 68वें मिनट में गोल किए। भारत को इस मुकाबले में चार पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन भारतीय खिलाड़ी उसे गोल में परिवर्तित करने में असफल रहे। भारत की ओर से गुरविंदर चांडी ने मैच के 10वें मिनट में एकमात्र गोल किया। एक बार फिर इस मैच में भारतीय रक्षापंक्ति असहाय नजर आई। दक्षिण कोरिया की ओर से जांग ने मैच के छठे मिनट में गोल कर अपनी टीम को शुरुआती बढ़त दिला दी थी। जांग का अंतरराष्ट्रीय मैचों में यह 103वां गोल था। चार मैच खेलने के बाद भारतीय टीम अपने ग्रुप में सबसे निचले पायदान पर है। दक्षिण कोरिया की टीम नीदरलैंड्स और जर्मनी के बाद तीसरे स्थान पर है। भारत अपना अंतिम ग्रुप मुकाबला मंगलवार को बेल्जियम से खेलेगा। इससे पहले, भारत को नीदरलैंड्स, न्यूजीलैंड और जर्मनी ने पराजित किया था। भारतीय टीम खिताब की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुकी है। उधर, पूनिया ने शनिवार को फाइनल में 63.62 मीटर चक्का फेंका जोकि उनके व्यक्तिगत श्रेष्ठ प्रदर्शन 64.76 से कम रहा। पूनिया के नाम इस स्पर्धा का राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।टिप्पणियां राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाली पूनिया ने अपने पहले प्रयास में 62.42 मीटर की दूरी नापी जो उन्हें शीर्ष आठ में पहुंचाने के लिए काफी था, लेकिन तीसरे प्रयास में वह 61.61 मीटर की दूरी ही नाप सकी। उनका दूसरा प्रयास फाउल था। फाइनल में हिस्सा लेने वाली 12 एथलीटों में से 4 तीन दौर के बाद ही बाहर हो गई थी। तीसरे दौर के बाद पूनिया सातवें स्थान पर थीं, लेकिन चौथे प्रयास के फाउल होने और पांचवें प्रयास में 63.62 मीटर की औसत दूरी के कारण वह सातवें स्थान पर ही रह गई। रविवार को खेले गए प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में पांच बार की विश्व चैम्पियन मैरीकॉम ने पोलैंड की केरोलिना निखाजुक को 19-14 से हराकर अंतिम-8 में प्रवेश किया। क्वार्टर फाइनल में मैरीकॉम का मुकाबला ट्यूनीशिया की मारॉवा राहाली से सोमवार को होगा। पहले राउंड में मुकाबला बेहद कड़ा रहा और 3-3 की बराबरी पर खत्म हुआ। दूसरे राउंड में मैरीकॉम ने आक्रामक रुख अख्तियार किया जिसका विपक्षी मुक्केबाज के सामने कोई जवाब नहीं था। मैरीकॉम ने दूसरा राउंड 5-4 से अपने नाम किया। मैरीकॉम ने तीसरा राउंड 7-3 से जीता जबकि चौथे राउंड में दोनों मुक्केबाज 4-4 की बराबरी पर रहीं। 29 वर्षीय मैरीकॉम से देश को पदक की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि महिला मुक्केबाजी को ओलिंपिक में पहली बार शामिल किया गया है। दूसरी ओर, भारतीय पुरुष हॉकी टीम की हार का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। रीवरबैंक एरीना में खेले गए ग्रुप-'बी' के अपने चौथे मुकाबले में भारतीय टीम, दक्षिण कोरिया से 1-4 से हार गई। आठ बार की ओलिंपिक चैम्पियन भारतीय टीम, दक्षिण कोरिया के सामने कभी भी मुकाबले में नहीं दिखी। दक्षिण कोरिया को पिछले मुकाबले में अपने से नीची रैंक वाली बेल्जियम की टीम से हार का सामना करना पड़ा था। कोरिया ने इसका बदला भारतीय टीम को हराकर निकाला। इस मैच में कोरिया को पांच पेनल्टी कॉर्नर मिले जिनमें से उसने तीन को गोल में परिवर्तित किया। उसकी ओर से ह्यून वू नेम (60वें और 70वें), जोंग ह्यून जांग (छठे) तथा ली सेउंग ने मैच के 68वें मिनट में गोल किए। भारत को इस मुकाबले में चार पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन भारतीय खिलाड़ी उसे गोल में परिवर्तित करने में असफल रहे। भारत की ओर से गुरविंदर चांडी ने मैच के 10वें मिनट में एकमात्र गोल किया। एक बार फिर इस मैच में भारतीय रक्षापंक्ति असहाय नजर आई। दक्षिण कोरिया की ओर से जांग ने मैच के छठे मिनट में गोल कर अपनी टीम को शुरुआती बढ़त दिला दी थी। जांग का अंतरराष्ट्रीय मैचों में यह 103वां गोल था। चार मैच खेलने के बाद भारतीय टीम अपने ग्रुप में सबसे निचले पायदान पर है। दक्षिण कोरिया की टीम नीदरलैंड्स और जर्मनी के बाद तीसरे स्थान पर है। भारत अपना अंतिम ग्रुप मुकाबला मंगलवार को बेल्जियम से खेलेगा। इससे पहले, भारत को नीदरलैंड्स, न्यूजीलैंड और जर्मनी ने पराजित किया था। भारतीय टीम खिताब की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुकी है। उधर, पूनिया ने शनिवार को फाइनल में 63.62 मीटर चक्का फेंका जोकि उनके व्यक्तिगत श्रेष्ठ प्रदर्शन 64.76 से कम रहा। पूनिया के नाम इस स्पर्धा का राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।टिप्पणियां राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाली पूनिया ने अपने पहले प्रयास में 62.42 मीटर की दूरी नापी जो उन्हें शीर्ष आठ में पहुंचाने के लिए काफी था, लेकिन तीसरे प्रयास में वह 61.61 मीटर की दूरी ही नाप सकी। उनका दूसरा प्रयास फाउल था। फाइनल में हिस्सा लेने वाली 12 एथलीटों में से 4 तीन दौर के बाद ही बाहर हो गई थी। तीसरे दौर के बाद पूनिया सातवें स्थान पर थीं, लेकिन चौथे प्रयास के फाउल होने और पांचवें प्रयास में 63.62 मीटर की औसत दूरी के कारण वह सातवें स्थान पर ही रह गई। पहले राउंड में मुकाबला बेहद कड़ा रहा और 3-3 की बराबरी पर खत्म हुआ। दूसरे राउंड में मैरीकॉम ने आक्रामक रुख अख्तियार किया जिसका विपक्षी मुक्केबाज के सामने कोई जवाब नहीं था। मैरीकॉम ने दूसरा राउंड 5-4 से अपने नाम किया। मैरीकॉम ने तीसरा राउंड 7-3 से जीता जबकि चौथे राउंड में दोनों मुक्केबाज 4-4 की बराबरी पर रहीं। 29 वर्षीय मैरीकॉम से देश को पदक की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि महिला मुक्केबाजी को ओलिंपिक में पहली बार शामिल किया गया है। दूसरी ओर, भारतीय पुरुष हॉकी टीम की हार का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। रीवरबैंक एरीना में खेले गए ग्रुप-'बी' के अपने चौथे मुकाबले में भारतीय टीम, दक्षिण कोरिया से 1-4 से हार गई। आठ बार की ओलिंपिक चैम्पियन भारतीय टीम, दक्षिण कोरिया के सामने कभी भी मुकाबले में नहीं दिखी। दक्षिण कोरिया को पिछले मुकाबले में अपने से नीची रैंक वाली बेल्जियम की टीम से हार का सामना करना पड़ा था। कोरिया ने इसका बदला भारतीय टीम को हराकर निकाला। इस मैच में कोरिया को पांच पेनल्टी कॉर्नर मिले जिनमें से उसने तीन को गोल में परिवर्तित किया। उसकी ओर से ह्यून वू नेम (60वें और 70वें), जोंग ह्यून जांग (छठे) तथा ली सेउंग ने मैच के 68वें मिनट में गोल किए। भारत को इस मुकाबले में चार पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन भारतीय खिलाड़ी उसे गोल में परिवर्तित करने में असफल रहे। भारत की ओर से गुरविंदर चांडी ने मैच के 10वें मिनट में एकमात्र गोल किया। एक बार फिर इस मैच में भारतीय रक्षापंक्ति असहाय नजर आई। दक्षिण कोरिया की ओर से जांग ने मैच के छठे मिनट में गोल कर अपनी टीम को शुरुआती बढ़त दिला दी थी। जांग का अंतरराष्ट्रीय मैचों में यह 103वां गोल था। चार मैच खेलने के बाद भारतीय टीम अपने ग्रुप में सबसे निचले पायदान पर है। दक्षिण कोरिया की टीम नीदरलैंड्स और जर्मनी के बाद तीसरे स्थान पर है। भारत अपना अंतिम ग्रुप मुकाबला मंगलवार को बेल्जियम से खेलेगा। इससे पहले, भारत को नीदरलैंड्स, न्यूजीलैंड और जर्मनी ने पराजित किया था। भारतीय टीम खिताब की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुकी है। उधर, पूनिया ने शनिवार को फाइनल में 63.62 मीटर चक्का फेंका जोकि उनके व्यक्तिगत श्रेष्ठ प्रदर्शन 64.76 से कम रहा। पूनिया के नाम इस स्पर्धा का राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।टिप्पणियां राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाली पूनिया ने अपने पहले प्रयास में 62.42 मीटर की दूरी नापी जो उन्हें शीर्ष आठ में पहुंचाने के लिए काफी था, लेकिन तीसरे प्रयास में वह 61.61 मीटर की दूरी ही नाप सकी। उनका दूसरा प्रयास फाउल था। फाइनल में हिस्सा लेने वाली 12 एथलीटों में से 4 तीन दौर के बाद ही बाहर हो गई थी। तीसरे दौर के बाद पूनिया सातवें स्थान पर थीं, लेकिन चौथे प्रयास के फाउल होने और पांचवें प्रयास में 63.62 मीटर की औसत दूरी के कारण वह सातवें स्थान पर ही रह गई। मैरीकॉम ने तीसरा राउंड 7-3 से जीता जबकि चौथे राउंड में दोनों मुक्केबाज 4-4 की बराबरी पर रहीं। 29 वर्षीय मैरीकॉम से देश को पदक की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि महिला मुक्केबाजी को ओलिंपिक में पहली बार शामिल किया गया है। दूसरी ओर, भारतीय पुरुष हॉकी टीम की हार का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। रीवरबैंक एरीना में खेले गए ग्रुप-'बी' के अपने चौथे मुकाबले में भारतीय टीम, दक्षिण कोरिया से 1-4 से हार गई। आठ बार की ओलिंपिक चैम्पियन भारतीय टीम, दक्षिण कोरिया के सामने कभी भी मुकाबले में नहीं दिखी। दक्षिण कोरिया को पिछले मुकाबले में अपने से नीची रैंक वाली बेल्जियम की टीम से हार का सामना करना पड़ा था। कोरिया ने इसका बदला भारतीय टीम को हराकर निकाला। इस मैच में कोरिया को पांच पेनल्टी कॉर्नर मिले जिनमें से उसने तीन को गोल में परिवर्तित किया। उसकी ओर से ह्यून वू नेम (60वें और 70वें), जोंग ह्यून जांग (छठे) तथा ली सेउंग ने मैच के 68वें मिनट में गोल किए। भारत को इस मुकाबले में चार पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन भारतीय खिलाड़ी उसे गोल में परिवर्तित करने में असफल रहे। भारत की ओर से गुरविंदर चांडी ने मैच के 10वें मिनट में एकमात्र गोल किया। एक बार फिर इस मैच में भारतीय रक्षापंक्ति असहाय नजर आई। दक्षिण कोरिया की ओर से जांग ने मैच के छठे मिनट में गोल कर अपनी टीम को शुरुआती बढ़त दिला दी थी। जांग का अंतरराष्ट्रीय मैचों में यह 103वां गोल था। चार मैच खेलने के बाद भारतीय टीम अपने ग्रुप में सबसे निचले पायदान पर है। दक्षिण कोरिया की टीम नीदरलैंड्स और जर्मनी के बाद तीसरे स्थान पर है। भारत अपना अंतिम ग्रुप मुकाबला मंगलवार को बेल्जियम से खेलेगा। इससे पहले, भारत को नीदरलैंड्स, न्यूजीलैंड और जर्मनी ने पराजित किया था। भारतीय टीम खिताब की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुकी है। उधर, पूनिया ने शनिवार को फाइनल में 63.62 मीटर चक्का फेंका जोकि उनके व्यक्तिगत श्रेष्ठ प्रदर्शन 64.76 से कम रहा। पूनिया के नाम इस स्पर्धा का राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।टिप्पणियां राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाली पूनिया ने अपने पहले प्रयास में 62.42 मीटर की दूरी नापी जो उन्हें शीर्ष आठ में पहुंचाने के लिए काफी था, लेकिन तीसरे प्रयास में वह 61.61 मीटर की दूरी ही नाप सकी। उनका दूसरा प्रयास फाउल था। फाइनल में हिस्सा लेने वाली 12 एथलीटों में से 4 तीन दौर के बाद ही बाहर हो गई थी। तीसरे दौर के बाद पूनिया सातवें स्थान पर थीं, लेकिन चौथे प्रयास के फाउल होने और पांचवें प्रयास में 63.62 मीटर की औसत दूरी के कारण वह सातवें स्थान पर ही रह गई। दूसरी ओर, भारतीय पुरुष हॉकी टीम की हार का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। रीवरबैंक एरीना में खेले गए ग्रुप-'बी' के अपने चौथे मुकाबले में भारतीय टीम, दक्षिण कोरिया से 1-4 से हार गई। आठ बार की ओलिंपिक चैम्पियन भारतीय टीम, दक्षिण कोरिया के सामने कभी भी मुकाबले में नहीं दिखी। दक्षिण कोरिया को पिछले मुकाबले में अपने से नीची रैंक वाली बेल्जियम की टीम से हार का सामना करना पड़ा था। कोरिया ने इसका बदला भारतीय टीम को हराकर निकाला। इस मैच में कोरिया को पांच पेनल्टी कॉर्नर मिले जिनमें से उसने तीन को गोल में परिवर्तित किया। उसकी ओर से ह्यून वू नेम (60वें और 70वें), जोंग ह्यून जांग (छठे) तथा ली सेउंग ने मैच के 68वें मिनट में गोल किए। भारत को इस मुकाबले में चार पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन भारतीय खिलाड़ी उसे गोल में परिवर्तित करने में असफल रहे। भारत की ओर से गुरविंदर चांडी ने मैच के 10वें मिनट में एकमात्र गोल किया। एक बार फिर इस मैच में भारतीय रक्षापंक्ति असहाय नजर आई। दक्षिण कोरिया की ओर से जांग ने मैच के छठे मिनट में गोल कर अपनी टीम को शुरुआती बढ़त दिला दी थी। जांग का अंतरराष्ट्रीय मैचों में यह 103वां गोल था। चार मैच खेलने के बाद भारतीय टीम अपने ग्रुप में सबसे निचले पायदान पर है। दक्षिण कोरिया की टीम नीदरलैंड्स और जर्मनी के बाद तीसरे स्थान पर है। भारत अपना अंतिम ग्रुप मुकाबला मंगलवार को बेल्जियम से खेलेगा। इससे पहले, भारत को नीदरलैंड्स, न्यूजीलैंड और जर्मनी ने पराजित किया था। भारतीय टीम खिताब की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुकी है। उधर, पूनिया ने शनिवार को फाइनल में 63.62 मीटर चक्का फेंका जोकि उनके व्यक्तिगत श्रेष्ठ प्रदर्शन 64.76 से कम रहा। पूनिया के नाम इस स्पर्धा का राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।टिप्पणियां राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाली पूनिया ने अपने पहले प्रयास में 62.42 मीटर की दूरी नापी जो उन्हें शीर्ष आठ में पहुंचाने के लिए काफी था, लेकिन तीसरे प्रयास में वह 61.61 मीटर की दूरी ही नाप सकी। उनका दूसरा प्रयास फाउल था। फाइनल में हिस्सा लेने वाली 12 एथलीटों में से 4 तीन दौर के बाद ही बाहर हो गई थी। तीसरे दौर के बाद पूनिया सातवें स्थान पर थीं, लेकिन चौथे प्रयास के फाउल होने और पांचवें प्रयास में 63.62 मीटर की औसत दूरी के कारण वह सातवें स्थान पर ही रह गई। आठ बार की ओलिंपिक चैम्पियन भारतीय टीम, दक्षिण कोरिया के सामने कभी भी मुकाबले में नहीं दिखी। दक्षिण कोरिया को पिछले मुकाबले में अपने से नीची रैंक वाली बेल्जियम की टीम से हार का सामना करना पड़ा था। कोरिया ने इसका बदला भारतीय टीम को हराकर निकाला। इस मैच में कोरिया को पांच पेनल्टी कॉर्नर मिले जिनमें से उसने तीन को गोल में परिवर्तित किया। उसकी ओर से ह्यून वू नेम (60वें और 70वें), जोंग ह्यून जांग (छठे) तथा ली सेउंग ने मैच के 68वें मिनट में गोल किए। भारत को इस मुकाबले में चार पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन भारतीय खिलाड़ी उसे गोल में परिवर्तित करने में असफल रहे। भारत की ओर से गुरविंदर चांडी ने मैच के 10वें मिनट में एकमात्र गोल किया। एक बार फिर इस मैच में भारतीय रक्षापंक्ति असहाय नजर आई। दक्षिण कोरिया की ओर से जांग ने मैच के छठे मिनट में गोल कर अपनी टीम को शुरुआती बढ़त दिला दी थी। जांग का अंतरराष्ट्रीय मैचों में यह 103वां गोल था। चार मैच खेलने के बाद भारतीय टीम अपने ग्रुप में सबसे निचले पायदान पर है। दक्षिण कोरिया की टीम नीदरलैंड्स और जर्मनी के बाद तीसरे स्थान पर है। भारत अपना अंतिम ग्रुप मुकाबला मंगलवार को बेल्जियम से खेलेगा। इससे पहले, भारत को नीदरलैंड्स, न्यूजीलैंड और जर्मनी ने पराजित किया था। भारतीय टीम खिताब की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुकी है। उधर, पूनिया ने शनिवार को फाइनल में 63.62 मीटर चक्का फेंका जोकि उनके व्यक्तिगत श्रेष्ठ प्रदर्शन 64.76 से कम रहा। पूनिया के नाम इस स्पर्धा का राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।टिप्पणियां राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाली पूनिया ने अपने पहले प्रयास में 62.42 मीटर की दूरी नापी जो उन्हें शीर्ष आठ में पहुंचाने के लिए काफी था, लेकिन तीसरे प्रयास में वह 61.61 मीटर की दूरी ही नाप सकी। उनका दूसरा प्रयास फाउल था। फाइनल में हिस्सा लेने वाली 12 एथलीटों में से 4 तीन दौर के बाद ही बाहर हो गई थी। तीसरे दौर के बाद पूनिया सातवें स्थान पर थीं, लेकिन चौथे प्रयास के फाउल होने और पांचवें प्रयास में 63.62 मीटर की औसत दूरी के कारण वह सातवें स्थान पर ही रह गई। कोरिया ने इसका बदला भारतीय टीम को हराकर निकाला। इस मैच में कोरिया को पांच पेनल्टी कॉर्नर मिले जिनमें से उसने तीन को गोल में परिवर्तित किया। उसकी ओर से ह्यून वू नेम (60वें और 70वें), जोंग ह्यून जांग (छठे) तथा ली सेउंग ने मैच के 68वें मिनट में गोल किए। भारत को इस मुकाबले में चार पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन भारतीय खिलाड़ी उसे गोल में परिवर्तित करने में असफल रहे। भारत की ओर से गुरविंदर चांडी ने मैच के 10वें मिनट में एकमात्र गोल किया। एक बार फिर इस मैच में भारतीय रक्षापंक्ति असहाय नजर आई। दक्षिण कोरिया की ओर से जांग ने मैच के छठे मिनट में गोल कर अपनी टीम को शुरुआती बढ़त दिला दी थी। जांग का अंतरराष्ट्रीय मैचों में यह 103वां गोल था। चार मैच खेलने के बाद भारतीय टीम अपने ग्रुप में सबसे निचले पायदान पर है। दक्षिण कोरिया की टीम नीदरलैंड्स और जर्मनी के बाद तीसरे स्थान पर है। भारत अपना अंतिम ग्रुप मुकाबला मंगलवार को बेल्जियम से खेलेगा। इससे पहले, भारत को नीदरलैंड्स, न्यूजीलैंड और जर्मनी ने पराजित किया था। भारतीय टीम खिताब की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुकी है। उधर, पूनिया ने शनिवार को फाइनल में 63.62 मीटर चक्का फेंका जोकि उनके व्यक्तिगत श्रेष्ठ प्रदर्शन 64.76 से कम रहा। पूनिया के नाम इस स्पर्धा का राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।टिप्पणियां राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाली पूनिया ने अपने पहले प्रयास में 62.42 मीटर की दूरी नापी जो उन्हें शीर्ष आठ में पहुंचाने के लिए काफी था, लेकिन तीसरे प्रयास में वह 61.61 मीटर की दूरी ही नाप सकी। उनका दूसरा प्रयास फाउल था। फाइनल में हिस्सा लेने वाली 12 एथलीटों में से 4 तीन दौर के बाद ही बाहर हो गई थी। तीसरे दौर के बाद पूनिया सातवें स्थान पर थीं, लेकिन चौथे प्रयास के फाउल होने और पांचवें प्रयास में 63.62 मीटर की औसत दूरी के कारण वह सातवें स्थान पर ही रह गई। भारत को इस मुकाबले में चार पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन भारतीय खिलाड़ी उसे गोल में परिवर्तित करने में असफल रहे। भारत की ओर से गुरविंदर चांडी ने मैच के 10वें मिनट में एकमात्र गोल किया। एक बार फिर इस मैच में भारतीय रक्षापंक्ति असहाय नजर आई। दक्षिण कोरिया की ओर से जांग ने मैच के छठे मिनट में गोल कर अपनी टीम को शुरुआती बढ़त दिला दी थी। जांग का अंतरराष्ट्रीय मैचों में यह 103वां गोल था। चार मैच खेलने के बाद भारतीय टीम अपने ग्रुप में सबसे निचले पायदान पर है। दक्षिण कोरिया की टीम नीदरलैंड्स और जर्मनी के बाद तीसरे स्थान पर है। भारत अपना अंतिम ग्रुप मुकाबला मंगलवार को बेल्जियम से खेलेगा। इससे पहले, भारत को नीदरलैंड्स, न्यूजीलैंड और जर्मनी ने पराजित किया था। भारतीय टीम खिताब की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुकी है। उधर, पूनिया ने शनिवार को फाइनल में 63.62 मीटर चक्का फेंका जोकि उनके व्यक्तिगत श्रेष्ठ प्रदर्शन 64.76 से कम रहा। पूनिया के नाम इस स्पर्धा का राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।टिप्पणियां राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाली पूनिया ने अपने पहले प्रयास में 62.42 मीटर की दूरी नापी जो उन्हें शीर्ष आठ में पहुंचाने के लिए काफी था, लेकिन तीसरे प्रयास में वह 61.61 मीटर की दूरी ही नाप सकी। उनका दूसरा प्रयास फाउल था। फाइनल में हिस्सा लेने वाली 12 एथलीटों में से 4 तीन दौर के बाद ही बाहर हो गई थी। तीसरे दौर के बाद पूनिया सातवें स्थान पर थीं, लेकिन चौथे प्रयास के फाउल होने और पांचवें प्रयास में 63.62 मीटर की औसत दूरी के कारण वह सातवें स्थान पर ही रह गई। एक बार फिर इस मैच में भारतीय रक्षापंक्ति असहाय नजर आई। दक्षिण कोरिया की ओर से जांग ने मैच के छठे मिनट में गोल कर अपनी टीम को शुरुआती बढ़त दिला दी थी। जांग का अंतरराष्ट्रीय मैचों में यह 103वां गोल था। चार मैच खेलने के बाद भारतीय टीम अपने ग्रुप में सबसे निचले पायदान पर है। दक्षिण कोरिया की टीम नीदरलैंड्स और जर्मनी के बाद तीसरे स्थान पर है। भारत अपना अंतिम ग्रुप मुकाबला मंगलवार को बेल्जियम से खेलेगा। इससे पहले, भारत को नीदरलैंड्स, न्यूजीलैंड और जर्मनी ने पराजित किया था। भारतीय टीम खिताब की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुकी है। उधर, पूनिया ने शनिवार को फाइनल में 63.62 मीटर चक्का फेंका जोकि उनके व्यक्तिगत श्रेष्ठ प्रदर्शन 64.76 से कम रहा। पूनिया के नाम इस स्पर्धा का राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।टिप्पणियां राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाली पूनिया ने अपने पहले प्रयास में 62.42 मीटर की दूरी नापी जो उन्हें शीर्ष आठ में पहुंचाने के लिए काफी था, लेकिन तीसरे प्रयास में वह 61.61 मीटर की दूरी ही नाप सकी। उनका दूसरा प्रयास फाउल था। फाइनल में हिस्सा लेने वाली 12 एथलीटों में से 4 तीन दौर के बाद ही बाहर हो गई थी। तीसरे दौर के बाद पूनिया सातवें स्थान पर थीं, लेकिन चौथे प्रयास के फाउल होने और पांचवें प्रयास में 63.62 मीटर की औसत दूरी के कारण वह सातवें स्थान पर ही रह गई। जांग का अंतरराष्ट्रीय मैचों में यह 103वां गोल था। चार मैच खेलने के बाद भारतीय टीम अपने ग्रुप में सबसे निचले पायदान पर है। दक्षिण कोरिया की टीम नीदरलैंड्स और जर्मनी के बाद तीसरे स्थान पर है। भारत अपना अंतिम ग्रुप मुकाबला मंगलवार को बेल्जियम से खेलेगा। इससे पहले, भारत को नीदरलैंड्स, न्यूजीलैंड और जर्मनी ने पराजित किया था। भारतीय टीम खिताब की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुकी है। उधर, पूनिया ने शनिवार को फाइनल में 63.62 मीटर चक्का फेंका जोकि उनके व्यक्तिगत श्रेष्ठ प्रदर्शन 64.76 से कम रहा। पूनिया के नाम इस स्पर्धा का राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।टिप्पणियां राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाली पूनिया ने अपने पहले प्रयास में 62.42 मीटर की दूरी नापी जो उन्हें शीर्ष आठ में पहुंचाने के लिए काफी था, लेकिन तीसरे प्रयास में वह 61.61 मीटर की दूरी ही नाप सकी। उनका दूसरा प्रयास फाउल था। फाइनल में हिस्सा लेने वाली 12 एथलीटों में से 4 तीन दौर के बाद ही बाहर हो गई थी। तीसरे दौर के बाद पूनिया सातवें स्थान पर थीं, लेकिन चौथे प्रयास के फाउल होने और पांचवें प्रयास में 63.62 मीटर की औसत दूरी के कारण वह सातवें स्थान पर ही रह गई। भारत अपना अंतिम ग्रुप मुकाबला मंगलवार को बेल्जियम से खेलेगा। इससे पहले, भारत को नीदरलैंड्स, न्यूजीलैंड और जर्मनी ने पराजित किया था। भारतीय टीम खिताब की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुकी है। उधर, पूनिया ने शनिवार को फाइनल में 63.62 मीटर चक्का फेंका जोकि उनके व्यक्तिगत श्रेष्ठ प्रदर्शन 64.76 से कम रहा। पूनिया के नाम इस स्पर्धा का राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।टिप्पणियां राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाली पूनिया ने अपने पहले प्रयास में 62.42 मीटर की दूरी नापी जो उन्हें शीर्ष आठ में पहुंचाने के लिए काफी था, लेकिन तीसरे प्रयास में वह 61.61 मीटर की दूरी ही नाप सकी। उनका दूसरा प्रयास फाउल था। फाइनल में हिस्सा लेने वाली 12 एथलीटों में से 4 तीन दौर के बाद ही बाहर हो गई थी। तीसरे दौर के बाद पूनिया सातवें स्थान पर थीं, लेकिन चौथे प्रयास के फाउल होने और पांचवें प्रयास में 63.62 मीटर की औसत दूरी के कारण वह सातवें स्थान पर ही रह गई। उधर, पूनिया ने शनिवार को फाइनल में 63.62 मीटर चक्का फेंका जोकि उनके व्यक्तिगत श्रेष्ठ प्रदर्शन 64.76 से कम रहा। पूनिया के नाम इस स्पर्धा का राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।टिप्पणियां राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाली पूनिया ने अपने पहले प्रयास में 62.42 मीटर की दूरी नापी जो उन्हें शीर्ष आठ में पहुंचाने के लिए काफी था, लेकिन तीसरे प्रयास में वह 61.61 मीटर की दूरी ही नाप सकी। उनका दूसरा प्रयास फाउल था। फाइनल में हिस्सा लेने वाली 12 एथलीटों में से 4 तीन दौर के बाद ही बाहर हो गई थी। तीसरे दौर के बाद पूनिया सातवें स्थान पर थीं, लेकिन चौथे प्रयास के फाउल होने और पांचवें प्रयास में 63.62 मीटर की औसत दूरी के कारण वह सातवें स्थान पर ही रह गई। राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाली पूनिया ने अपने पहले प्रयास में 62.42 मीटर की दूरी नापी जो उन्हें शीर्ष आठ में पहुंचाने के लिए काफी था, लेकिन तीसरे प्रयास में वह 61.61 मीटर की दूरी ही नाप सकी। उनका दूसरा प्रयास फाउल था। फाइनल में हिस्सा लेने वाली 12 एथलीटों में से 4 तीन दौर के बाद ही बाहर हो गई थी। तीसरे दौर के बाद पूनिया सातवें स्थान पर थीं, लेकिन चौथे प्रयास के फाउल होने और पांचवें प्रयास में 63.62 मीटर की औसत दूरी के कारण वह सातवें स्थान पर ही रह गई। फाइनल में हिस्सा लेने वाली 12 एथलीटों में से 4 तीन दौर के बाद ही बाहर हो गई थी। तीसरे दौर के बाद पूनिया सातवें स्थान पर थीं, लेकिन चौथे प्रयास के फाउल होने और पांचवें प्रयास में 63.62 मीटर की औसत दूरी के कारण वह सातवें स्थान पर ही रह गई।
यह एक सारांश है: पदक के प्रबल दावेदारों में से एक भारत की स्टार मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम ने लंदन ओलिंपिक की महिला मुक्केबाजी प्रतियोगिता के 51 किलोग्राम भार वर्ग में विजयी शुरुआत करते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश की सियासत में बसपा-सपा गठबंधन में अब भी कांग्रेस की उम्मीदें जिंदा हैं. उत्तर प्रदेश की सियासत में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले प्रियंका गांधी वाड्रा की सक्रिय राजनीति में एंट्री ने एक बार फिर से बीजेपी के खिलाफ सपा-बसपा के गठबंधन में कांग्रेस के जगह पाने की उम्मीद जगा दी है. एनडीटीवी को मिली सूत्रों से जानकारी की मानें कांग्रेस समाजवादी पार्टी के नेतृत्व के संपर्क में है और प्रियंका गांधी कांग्रेस के सपा-बसपा गठबंधन में शामिल होने और ज्यादा से ज्यादा सीटों हासिल करने के मुद्दे पर अखिलेश यादव से सीधे तौर पर बातचीत करेंगी.  समाजवादी पार्टी के नेताओं ने एनडीटीवी से कहा कि अखिलेश यादव बातचीत के लिए तैयार हैं, मगर सबसे बड़ी चुनौती है मायावती को समझाना. हालांकि, ऑन रिकॉर्ड उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियां कांग्रेस के साथ बातचीत की संभावनाओं पर किसी तरह के कमेंट करने की स्थिति में नहीं है. उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने एनडीटीवी से कहा कि यह ऐसा मसला है, जिस पर मैं कमेंट नहीं कर सकता. दरअसल, प्रियंका गांधी ने 2017 के विधानसभा चुनावों से पहले भी अखिलेश यादव के साथ गठबंधन की बातचीत के कमान को संभाला था. मगर चुनाव में परिणाम दोनों दलों के लिए काफी खराब साबित हुए थे. फिर भी, अखिलेश यादव ने भविष्य के गठजोड़ों से इनकार नहीं किया था. हालांकि, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में सीट शेयरिंग को लेकर अंतिम दौर में बात नहीं बनी थी.  बताया जाता है कि सूबे में कांग्रेस नेताओं के अड़ियल रवैये की वजह से अखिलेश यादव और मायावती ने कांग्रेस को गठबंधन से अलग कर दिया था. जबकि सपा और बसपा के विधायक अब भी मध्य प्रदेश और राजस्थान में कांग्रेस सरकार को समर्थन कर रहे हैं.  दरअसल, यूपी की सभी 80 लोकसभा सीटों पर कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया है. यूपी की 80 सीटें किसी भी पार्टी के लिए केंद्र में राज करने के लिए काफी अहम होती हैं. यही वजह है कि यूपी में कांग्रेस को मजबूत करने और अधिक से अधिक सीट जीतने के इरादे से राहुल गांधी ने अपना सबसे बड़ा सियासी दांव चला और प्रियंका गांधी को पूर्वी यूपी की कमान दे दी. इतना ही नहीं, यूपी फतह करने के लिए राहुल ने प्रियंका गांधी के अलावा ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी पश्चिमी यूपी का प्रभारी बना दिया.  जबकि मायावती की बहुजन समाजा पार्टी और अखिलेश की समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में 38-38 सीटों पर लड़ने के लिए सहमत हुई है, तो अब कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि वे अखिलेश यादव कम से कम 8 से 10 सीट के देने के लिए मना लेंगे. हालांकि, कांग्रेस नेता के ऐसे दावों को सपा नेताओं ने इनकार कर दिया. उनका कहना है कि अगर उनकी पार्टी सिर्फ 28 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, तो यह हमारे लिए फायदेमंद नहीं होगा. कांग्रेस की सीटों के लिए दोनों पार्टियों को त्याग करना होगा. हालांकि, सपा नेताओं ने यह भी कहा कि अखिलेश यादव बीजेपी को हराने के लिए बेस्ट सिचुएशन चाहते हैं.   वहीं, अखिलेश यादव के आधिकारी प्रवक्ता ने कहा कि ऐसी खबरें काल्पनिक हैं. बता दें कि इससे पहले यादव परिवार की छोटी बहु अपर्णा यादव भी प्रियंका गांधी की तारीफ कर चुकी हैं. उन्होंने कहा कि अगर 2017 में प्रियंका गांधी को गठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री का चेहरा बनाया जाता तो परिणाम कुछ और सामने आते.
सारांश: सपा-बसपा गठबंधन में अब भी कांग्रेस की उम्मीदें कायम. अखिलेश यादव बातचीत करने को इच्छूक हैं, मगर मायावती नहीं. प्रियंका गांधी बीच का रास्ता निकालेंगी.
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीयों का सोने से लगाव जगजाहिर है। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय परिवारों के पास 950 अरब डॉलर (49,400 अरब रुपये) मूल्य का सोना है। वैश्विक अनुसंधान फर्म मैकक्वैरी की रिपोर्ट में कहा गया है कि सोना रखना देश की संस्कृति और परंपरा का हिस्सा है। भारत सोने का सबसे बड़ा उपभोक्ता है। चीन का नंबर उसके बाद आता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय परिवारों के पास 18,000 टन सोना है, जो सोने के वैश्विक भंडार का 11 प्रतिशत है और मौजूदा मूल्य के हिसाब से यह 950 अरब डॉलर का बैठता है। यह सोना डॉलर मूल्य में भारत के सकल घरेलू उत्पाद का 50 प्रतिशत है। मैकक्वैरी ने कहा है कि वित्तवर्ष 2009-10 में भारतीयों परिवारों की कुल बचत 329 अरब डॉलर थी। इसमें से सात से आठ फीसदी निवेश सोने में किया गया था। सोने को शृंगार से अधिक सम्पत्ति रखने का साधन के रूप में रेखा जाता है। इस वजह से इस समय सोने के दाम बढ़ने से भारतीय परिवारों की इस अनुमानित स्वर्ण संपत्ति का मूल्य भी बढ़ा है। रिपोर्ट में यह शब्द इसलिए इस्तेमाल किया गया है, क्योंकि आम भारतीय परिवार संकट के समय भी सोने के आभूषण या सोना नहीं बेचते, क्योंकि ऐसा किए जाने को वे सही नहीं मानते।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मैकक्वैरी की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय परिवारों के पास 18,000 टन सोना है, जो मौजूदा मूल्य के हिसाब से 950 अरब डॉलर का बैठता है।
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: टीम इंडिया के लिए उन्होंने आखिरी टी-20 मैच इस साल फरवरी में अपना आखिरी मैच खेला था. टीम इंडिया में एक बार फिर वो जोरदार वापसी को तैयार हैंय दिनेश कार्तिक आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी के दौरान मनीष पांडे के चोटिल होने के बाद शामिल किए गए थे और बाद में वो वेस्टइंडीज दौरे पर भी टीम में शामिल थे.टिप्पणियां 15 सदस्यीय टीम में विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, शिखर धवन, लोकेश राहुल, मनीष पांडे, केदार जाधव, दिनेश कार्तिक, धोनी, हार्दिक पांड्या, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार, आशीष नेहरा और अक्षर पटेल शामिल हैं. टीम इंडिया अपना पहला टी-20 धोनी के गृह नगर रांची, दूसरा गुवाहाटी और तीसरा हैदराबाद में खेलेगी.   15 सदस्यीय टीम में विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, शिखर धवन, लोकेश राहुल, मनीष पांडे, केदार जाधव, दिनेश कार्तिक, धोनी, हार्दिक पांड्या, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार, आशीष नेहरा और अक्षर पटेल शामिल हैं. टीम इंडिया अपना पहला टी-20 धोनी के गृह नगर रांची, दूसरा गुवाहाटी और तीसरा हैदराबाद में खेलेगी.
यहाँ एक सारांश है:टी-20 मैच के लिए टीम इंडिया में तीन नए नाम. आशीष नेहरा को मिली टीम इंडिया में जगह. अजिंक्य रहाणे, युवराज सिंह, सुरेश रैना और रविंद्र जडेजा बाहर.
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) 28 फरवरी को दोपहर 12 बजे देश भर के एक करोड़ से अधिक बीजेपी कार्यकर्ताओं, वालंटियरों एवं अन्य विशिष्ट नागरिकों से वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से महासंवाद करेंगे. यह संवाद एक चर्चा के रूप में पार्टी के सभी 14,000 मंडलों, 896 जिलों एवं महानगरों पर आयोजित किया जा रहा है. बीजेपी का दावा है कि यह दुनिया की अब तक की सबसे बड़ी वीडियो कॉन्फ्रेंस होगी. जिन क्षेत्रों में शक्ति केंद्र उनके मंडल कार्यालय से 20 किलो मीटर से अधिक दूरी पर है, वहां पर यह कार्यक्रम शक्ति केंद्र पर करने का प्रावधान किया गया है. सभी बीजेपी शासित प्रदेशों में मुख्यमंत्री व कैबिनेट के मंत्री गण इन कार्यक्रमों में शामिल होंगे. इसके अलावा, पार्टी के सभी वरिष्ठ पदाधिकारी एक-एक चयनित स्थान पर इन कार्यक्रमों पर उपस्थित रहेंगे. बीजेपी का दावा है कि यह दुनिया की अब तक की सबसे बड़ी वीडियो कॉन्फ्रेंस होगी. पीएम मोदी (PM Modi) यह महासंवाद नरेन्द्र मोदी ऐप के जरिए करेंगे. नमो ऐप के अतिरिक्त इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण पार्टी के फेसबुक पेजों, ट्विटर हैंडलों, यूट्यूब चैनलों के साथ-साथ कई ऐप व प्लेयर आदि पर भी किया जाएगा. देश भर के करीब एक करोड़ लोगों के इस महासंवाद से सीधे जुड़ने का अनुमान है. देश के कई स्थानों से कार्यकर्ता, वॉलंटियर व विशिष्ट नागरिक प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) से संवाद करेंगे. इस तरह का संवाद किसी देश में पहले नहीं किया गया है.
सारांश: बीजेपी के 14,000 मंडलों, 896 जिलों एवं महानगरों में होगा आयोजन बीजेपी शासित प्रदेशों में सीएम व मंत्री कार्यक्रम में शामिल होंगे लाइव प्रसारण पार्टी के फेसबुक पेजों, ट्विटर, यूट्यूब चैनलों पर होगा
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: 1993 को मुंबई में हुए सीरियल बम धमाकों के मामले में सुप्रीम कोर्ट आज अपना फ़ैसला सुनाएगा। इस फ़ैसले से संजय दत्त की किस्मत का भी फ़ैसला होगा कि वह रिहा होते हैं या फिर जेल जाते हैं। इसके अलावा टाडा कोर्ट ने अक्टूबर 2006 में 11 लोगों को फांसी की सज़ा और 22 लोगों को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई थी। इस मामले के बाकी आरोपियों को तीन से 10 साल तक की सज़ा सुनाई गई थी। 12 मार्च 1993 को मुंबई में एक के बाद एक कुल 12 बम धमाके हुए थे जिनमें 257 लोगों की मौत हुई थी और 713 लोग घायल हुए थे। इन धमाकों में 27 करोड़ रुपये की संपत्ति को नुक़सान पहुंचा था। मुंबई की टाडा अदालत ने संजय दत्त को शस्त्र कानून के तहत छह साल की कैद की सजा सुनाई थी। संजय दत्त पहले ही 18 महीने जेल में गुजार चुके हैं और यदि शीर्ष अदालत ने टाडा अदालत के फैसले की पुष्टि कर दी तो फिर उन्हें शेष अवधि के लिए फिर जेल जाना पड़ेगा। टाडा अदालत ने संजय दत्त को गैरकानूनी तरीके से नौ एमएम की पिस्तौल और एके 56 राइफल रखने के जुर्म में नवंबर, 2006 में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। लेकिन अदालत ने उन्हें टाडा कानून के तहत आपराधिक साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप से बरी कर दिया था।टिप्पणियां शीर्ष अदालत ने इन तमाम अपीलों पर एक नवंबर 2011 से अगस्त 2012 के दौरान दस महीने तक सुनवाई की थी। इन अपीलों पर सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने इस मामले के भारी भरकम दस्तावेजों और वकीलों की लिखित दलीलों के मद्देनजर पहली बार लैपटॉप का इस्तेमाल किया था। इसके अलावा टाडा कोर्ट ने अक्टूबर 2006 में 11 लोगों को फांसी की सज़ा और 22 लोगों को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई थी। इस मामले के बाकी आरोपियों को तीन से 10 साल तक की सज़ा सुनाई गई थी। 12 मार्च 1993 को मुंबई में एक के बाद एक कुल 12 बम धमाके हुए थे जिनमें 257 लोगों की मौत हुई थी और 713 लोग घायल हुए थे। इन धमाकों में 27 करोड़ रुपये की संपत्ति को नुक़सान पहुंचा था। मुंबई की टाडा अदालत ने संजय दत्त को शस्त्र कानून के तहत छह साल की कैद की सजा सुनाई थी। संजय दत्त पहले ही 18 महीने जेल में गुजार चुके हैं और यदि शीर्ष अदालत ने टाडा अदालत के फैसले की पुष्टि कर दी तो फिर उन्हें शेष अवधि के लिए फिर जेल जाना पड़ेगा। टाडा अदालत ने संजय दत्त को गैरकानूनी तरीके से नौ एमएम की पिस्तौल और एके 56 राइफल रखने के जुर्म में नवंबर, 2006 में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। लेकिन अदालत ने उन्हें टाडा कानून के तहत आपराधिक साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप से बरी कर दिया था।टिप्पणियां शीर्ष अदालत ने इन तमाम अपीलों पर एक नवंबर 2011 से अगस्त 2012 के दौरान दस महीने तक सुनवाई की थी। इन अपीलों पर सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने इस मामले के भारी भरकम दस्तावेजों और वकीलों की लिखित दलीलों के मद्देनजर पहली बार लैपटॉप का इस्तेमाल किया था। 12 मार्च 1993 को मुंबई में एक के बाद एक कुल 12 बम धमाके हुए थे जिनमें 257 लोगों की मौत हुई थी और 713 लोग घायल हुए थे। इन धमाकों में 27 करोड़ रुपये की संपत्ति को नुक़सान पहुंचा था। मुंबई की टाडा अदालत ने संजय दत्त को शस्त्र कानून के तहत छह साल की कैद की सजा सुनाई थी। संजय दत्त पहले ही 18 महीने जेल में गुजार चुके हैं और यदि शीर्ष अदालत ने टाडा अदालत के फैसले की पुष्टि कर दी तो फिर उन्हें शेष अवधि के लिए फिर जेल जाना पड़ेगा। टाडा अदालत ने संजय दत्त को गैरकानूनी तरीके से नौ एमएम की पिस्तौल और एके 56 राइफल रखने के जुर्म में नवंबर, 2006 में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। लेकिन अदालत ने उन्हें टाडा कानून के तहत आपराधिक साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप से बरी कर दिया था।टिप्पणियां शीर्ष अदालत ने इन तमाम अपीलों पर एक नवंबर 2011 से अगस्त 2012 के दौरान दस महीने तक सुनवाई की थी। इन अपीलों पर सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने इस मामले के भारी भरकम दस्तावेजों और वकीलों की लिखित दलीलों के मद्देनजर पहली बार लैपटॉप का इस्तेमाल किया था। मुंबई की टाडा अदालत ने संजय दत्त को शस्त्र कानून के तहत छह साल की कैद की सजा सुनाई थी। संजय दत्त पहले ही 18 महीने जेल में गुजार चुके हैं और यदि शीर्ष अदालत ने टाडा अदालत के फैसले की पुष्टि कर दी तो फिर उन्हें शेष अवधि के लिए फिर जेल जाना पड़ेगा। टाडा अदालत ने संजय दत्त को गैरकानूनी तरीके से नौ एमएम की पिस्तौल और एके 56 राइफल रखने के जुर्म में नवंबर, 2006 में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। लेकिन अदालत ने उन्हें टाडा कानून के तहत आपराधिक साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप से बरी कर दिया था।टिप्पणियां शीर्ष अदालत ने इन तमाम अपीलों पर एक नवंबर 2011 से अगस्त 2012 के दौरान दस महीने तक सुनवाई की थी। इन अपीलों पर सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने इस मामले के भारी भरकम दस्तावेजों और वकीलों की लिखित दलीलों के मद्देनजर पहली बार लैपटॉप का इस्तेमाल किया था। संजय दत्त पहले ही 18 महीने जेल में गुजार चुके हैं और यदि शीर्ष अदालत ने टाडा अदालत के फैसले की पुष्टि कर दी तो फिर उन्हें शेष अवधि के लिए फिर जेल जाना पड़ेगा। टाडा अदालत ने संजय दत्त को गैरकानूनी तरीके से नौ एमएम की पिस्तौल और एके 56 राइफल रखने के जुर्म में नवंबर, 2006 में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। लेकिन अदालत ने उन्हें टाडा कानून के तहत आपराधिक साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप से बरी कर दिया था।टिप्पणियां शीर्ष अदालत ने इन तमाम अपीलों पर एक नवंबर 2011 से अगस्त 2012 के दौरान दस महीने तक सुनवाई की थी। इन अपीलों पर सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने इस मामले के भारी भरकम दस्तावेजों और वकीलों की लिखित दलीलों के मद्देनजर पहली बार लैपटॉप का इस्तेमाल किया था। टाडा अदालत ने संजय दत्त को गैरकानूनी तरीके से नौ एमएम की पिस्तौल और एके 56 राइफल रखने के जुर्म में नवंबर, 2006 में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। लेकिन अदालत ने उन्हें टाडा कानून के तहत आपराधिक साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप से बरी कर दिया था।टिप्पणियां शीर्ष अदालत ने इन तमाम अपीलों पर एक नवंबर 2011 से अगस्त 2012 के दौरान दस महीने तक सुनवाई की थी। इन अपीलों पर सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने इस मामले के भारी भरकम दस्तावेजों और वकीलों की लिखित दलीलों के मद्देनजर पहली बार लैपटॉप का इस्तेमाल किया था। शीर्ष अदालत ने इन तमाम अपीलों पर एक नवंबर 2011 से अगस्त 2012 के दौरान दस महीने तक सुनवाई की थी। इन अपीलों पर सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने इस मामले के भारी भरकम दस्तावेजों और वकीलों की लिखित दलीलों के मद्देनजर पहली बार लैपटॉप का इस्तेमाल किया था। इन अपीलों पर सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने इस मामले के भारी भरकम दस्तावेजों और वकीलों की लिखित दलीलों के मद्देनजर पहली बार लैपटॉप का इस्तेमाल किया था।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 1993 को मुंबई में हुए सीरियल बम धमाकों के मामले में सुप्रीम कोर्ट आज अपना फ़ैसला सुनाएगा। इस फ़ैसले से संजय दत्त की किस्मत का भी फ़ैसला होगा कि वह रिहा होते हैं या फिर जेल जाते हैं।
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान इमरान खान ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के उस फैसले का स्वागत किया है जिनमें आईसीसी ने क्रिकेट को सरकारी हस्तक्षेप से दूर रखने के प्रयास के तहत अपने सदस्य देशों के बोर्ड से कार्यकारिणी में राजनेताओं को शामिल करने से बचने की बात कही है। समाचार पत्र द 'न्यूज' ने इमरान के हवाले से लिखा है, "पाकिस्तान में पारदर्शिता का अभाव है। इस सुझाव को अमल में लाने से पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।" वर्ष 1992 में क्रिकेट को अलविदा कहने वाले इमरान वर्तमान में राजनेता हैं। उन्होंने तहरीक-ए-इंसाफ (न्याय के लिए आंदोलन) पार्टी की स्थान की है। पत्र के अनुसार इमरान ने कहा, "पाकिस्तान को क्षेत्रीय स्तर पर नए संविधान के तहत क्रिकेट की संरचना तैयार करनी चाहिए जहां अधिकारी निर्वाचित हों।"उल्लेखनीय है कि आईसीसी ने गुरुवार को कहा था कि उसके कार्यकारी बोर्ड ने अपनी बैठक में फैसला किया है कि क्रिकेट की बेहतरी के लिए सभी क्रिकेट बोर्ड को स्वतंत्र चुनाव कराने और राजनीतिक हस्तक्षेप से दूर रहते हुए स्वतंत्र तरीके से काम करना होगा। कार्यकारिणी ने साफ किया था कि अगर आईसीसी यह पाती है कि किसी राष्ट्रीय बोर्ड में सरकार का प्रशासनिक हस्तक्षेप है तो वह उस बोर्ड को निलम्बित कर सकती है।
सारांश: आईसीसी के क्रिकेट को सरकारी हस्तक्षेप से दूर रखने फैसले का पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान इमरान खान ने स्वागत किया है।
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जगदीश सिंह खेहर ने कहा कि जजों की नियुक्ति को लेकर मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर (एमओपी) को कॉलेजियम ने क्लियर कर दिया है. अब हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति का काम युद्धस्तर पर होगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पहले हाईकोर्ट में जजों के खाली पदों को भरा जाएगा उसके बाद हम जजों की संख्या बढ़ाने को लेकर विचार करेंगे. जजों की नियुक्ति और रिक्त पदों को लेकर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की कमेटी बनाई गई है. कुछ याचिकाएं विचार के लिए कमेटी के पास भेजी गईं हैं. गत 15 महीनों से कोलेजियम और केंद्र के बीच चला टकराव खत्म हो गया है. हाई कोर्ट में जजों की नियुक्ति के मामले में दाखिल याचिकाओं का सुप्रीम कोर्ट ने निस्तारण कर दिया और याचिकाकर्ता की उस दलील को ठुकरा दिया है जिसमें कहा गया था कि कोर्ट केंद्र को निर्देश जारी करे कि देश में जजों की संख्या बढ़ाई जाए. देशभर के हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. पिछले हफ्ते ही कोलेजियम ने मेमोरेंडम आफ प्रोसीजर को तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा है. यह मामला काफी वक्त से सरकार और सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम के बीच लटका है जो अब लगभग तय हो गया है. यहां नेशनल सिक्योरिटी के प्रावधान को लेकर दोनों में मतभेद था जो अब खत्म हो गया है. टिप्पणियां इससे पहले सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा था कि जजों की नियुक्ति को लेकर दाखिल याचिका खारिज की जाए. यह मामला सरकार और सीजेआई के बीच का है. जजों की नियुक्ति का मामला प्रशासनिक स्तर का है और इसे लेकर समानांतर न्यायिक सुनवाई नहीं चल सकती. अगर सीजेआई सरकार से कोई जानकारी मांगते हैं तो सरकार देने को तैयार है. सरकार पहले ही सीजेआई को जजों की नियुक्ति के लिए एमओपी दे चुकी है. दो महीने में समाधान निकलने की उम्मीद है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के रवैए पर सवाल उठाए थे और कहा था कि हाईकोर्ट बंद करने की नौबत आ गई है. अगर सरकार हाईकोर्ट के जजों की नियुक्ति नहीं करती तो कोर्ट आदेश जारी करने पर मजबूर होगा. गत 15 महीनों से कोलेजियम और केंद्र के बीच चला टकराव खत्म हो गया है. हाई कोर्ट में जजों की नियुक्ति के मामले में दाखिल याचिकाओं का सुप्रीम कोर्ट ने निस्तारण कर दिया और याचिकाकर्ता की उस दलील को ठुकरा दिया है जिसमें कहा गया था कि कोर्ट केंद्र को निर्देश जारी करे कि देश में जजों की संख्या बढ़ाई जाए. देशभर के हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. पिछले हफ्ते ही कोलेजियम ने मेमोरेंडम आफ प्रोसीजर को तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा है. यह मामला काफी वक्त से सरकार और सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम के बीच लटका है जो अब लगभग तय हो गया है. यहां नेशनल सिक्योरिटी के प्रावधान को लेकर दोनों में मतभेद था जो अब खत्म हो गया है. टिप्पणियां इससे पहले सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा था कि जजों की नियुक्ति को लेकर दाखिल याचिका खारिज की जाए. यह मामला सरकार और सीजेआई के बीच का है. जजों की नियुक्ति का मामला प्रशासनिक स्तर का है और इसे लेकर समानांतर न्यायिक सुनवाई नहीं चल सकती. अगर सीजेआई सरकार से कोई जानकारी मांगते हैं तो सरकार देने को तैयार है. सरकार पहले ही सीजेआई को जजों की नियुक्ति के लिए एमओपी दे चुकी है. दो महीने में समाधान निकलने की उम्मीद है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के रवैए पर सवाल उठाए थे और कहा था कि हाईकोर्ट बंद करने की नौबत आ गई है. अगर सरकार हाईकोर्ट के जजों की नियुक्ति नहीं करती तो कोर्ट आदेश जारी करने पर मजबूर होगा. देशभर के हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. पिछले हफ्ते ही कोलेजियम ने मेमोरेंडम आफ प्रोसीजर को तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा है. यह मामला काफी वक्त से सरकार और सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम के बीच लटका है जो अब लगभग तय हो गया है. यहां नेशनल सिक्योरिटी के प्रावधान को लेकर दोनों में मतभेद था जो अब खत्म हो गया है. टिप्पणियां इससे पहले सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा था कि जजों की नियुक्ति को लेकर दाखिल याचिका खारिज की जाए. यह मामला सरकार और सीजेआई के बीच का है. जजों की नियुक्ति का मामला प्रशासनिक स्तर का है और इसे लेकर समानांतर न्यायिक सुनवाई नहीं चल सकती. अगर सीजेआई सरकार से कोई जानकारी मांगते हैं तो सरकार देने को तैयार है. सरकार पहले ही सीजेआई को जजों की नियुक्ति के लिए एमओपी दे चुकी है. दो महीने में समाधान निकलने की उम्मीद है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के रवैए पर सवाल उठाए थे और कहा था कि हाईकोर्ट बंद करने की नौबत आ गई है. अगर सरकार हाईकोर्ट के जजों की नियुक्ति नहीं करती तो कोर्ट आदेश जारी करने पर मजबूर होगा. इससे पहले सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा था कि जजों की नियुक्ति को लेकर दाखिल याचिका खारिज की जाए. यह मामला सरकार और सीजेआई के बीच का है. जजों की नियुक्ति का मामला प्रशासनिक स्तर का है और इसे लेकर समानांतर न्यायिक सुनवाई नहीं चल सकती. अगर सीजेआई सरकार से कोई जानकारी मांगते हैं तो सरकार देने को तैयार है. सरकार पहले ही सीजेआई को जजों की नियुक्ति के लिए एमओपी दे चुकी है. दो महीने में समाधान निकलने की उम्मीद है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के रवैए पर सवाल उठाए थे और कहा था कि हाईकोर्ट बंद करने की नौबत आ गई है. अगर सरकार हाईकोर्ट के जजों की नियुक्ति नहीं करती तो कोर्ट आदेश जारी करने पर मजबूर होगा. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के रवैए पर सवाल उठाए थे और कहा था कि हाईकोर्ट बंद करने की नौबत आ गई है. अगर सरकार हाईकोर्ट के जजों की नियुक्ति नहीं करती तो कोर्ट आदेश जारी करने पर मजबूर होगा.
खाली पदों को भरने के बाद जजों की संख्या बढ़ाने पर किया जाएगा विचार गत 15 महीनों से कोलेजियम और केंद्र के बीच चला टकराव खत्म हो गया नेशनल सिक्योरिटी के प्रावधान को लेकर दोनों में मतभेद समाप्त हुआ
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका के टेनिस खिलाड़ी एंडी रोडिक को लगता है कि वह कभी विंबलडन नहीं जीत पाएंगे, जो कि उनके पसंदीदा ग्रास कोर्ट पर खेला जाता है। तीन बार के उपविजेता रोडिक शुक्रवार को तीसरे दौर में ही फेलिसियानो लोपेज से हार गए थे। रोडिक को हमेशा लगता रहा है कि विंबलडन का तेज ग्रास कोर्ट उनके अनुकूल है और वह यहां खिताब जीत सकते हैं, लेकिन पूर्व अमेरिकी ओपन चैंपियन को अब लगता है कि उनका सपना शायद पूरा नहीं हो पाएगा। रोडिक 2009 में विंबलडन के फाइनल में पहुंचे थे, जहां वह पांच सेट तक चले मुकाबले में रोजर फेडरर से हार गए थे। इसके बाद वह कभी इस टूर्नामेंट में चौथे दौर से आगे नहीं बढ़ पाए थे। अब जबकि उम्र भी उनके आड़े आ रही तब इस 28 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि उन्हें लगता है कि वह कभी ऑल इंग्लैंड क्लब में खिताब नहीं जीत पाएंगे। रोडिक ने कहा, हां मुझे ऐसा लगता है। मैं भी इंसान हूं। मेरा मतलब है कि ऐसा होता है। हो सकता है कि आपको कभी अपना पसंदीदा पद नहीं मिले। उन्होंने कहा, इस साल मैंने अच्छा खेल नहीं दिखाया। मुझे नहीं लगता कि पिछले साल अप्रैल से मैंने अपनी सर्वश्रेष्ठ टेनिस खेली है। जब तक आप कोई फैसला नहीं करते, आपको आगे बढ़ना होता है। अभी मैंने रुकने का फैसला नहीं किया है, इसलिए आगे बढ़ता रहूंगा।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अमेरिका के टेनिस खिलाड़ी एंडी रोडिक को लगता है कि वह कभी विंबलडन नहीं जीत पाएंगे, जो कि उनके पसंदीदा ग्रास कोर्ट पर खेला जाता है।
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मुंबई में एक बुजुर्ग की सरेआम पिटाई करने के आरोप में एमएनएस के पार्षद नितिन निकम को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार पार्षद को कल्याण कोर्ट में पेश किया गया जहां उसे जमानत मिल गई। इससे पहले राज ठाकरे ने भी घटना पर नाराजगी जताई थी। बता दें कि मुंबई के कल्याण में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के पार्षद नितिन निकम के एक बुजुर्ग को बेरहमी से पीटने के दृश्य देखकर राज ठाकरे को गुस्सा आया। इस मामले में उनके अगले कदम का अभी कुछ पता नहीं चल पाया है लेकिन पार्टी के महासचिव अखिलेश चौबे ने कहा कि टीवी पर चले दृश्य देखकर ठाकरे काफी अपसेट हो गए थे। ठाकरे का कहना है कि किसी बुजुर्ग की ऐसी पिटाई सही नहीं जाएगी। चौबे का कहना है कि पार्टी इस मामले में कोई कार्रवाई जरूर करेगी। गौरतलब है कि मुंबई के कल्याण में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के पार्षद नितिन निकम की गुंडागर्दी का नज़ारा सबने उस वक्त देखाजब उन्होंने एक बुजुर्ग को काम ठीक से नहीं करने के लिए बेरहमी से पीटा। टिप्पणियां डीजी पाटिल नाम के सीनियर सिटीज़न को पाइपलाइन मरम्मत करने का काम दिया गया था लेकिन मरम्मत का काम एमएनएस कॉर्पोरेटर नितिन निकम के मनमुताबिक नहीं हो रहा था। जब नितिन ने बुजुर्ग को पीटा उस वक्त काम करनेवाली संस्था का इंजीनियर भी वहां मौजूद था। इस मामले में कॉन्ट्रैक्टर ने कल्याण के बाज़ारपेट पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराई है लेकिन फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ़्तारी नहीं हुई है। बता दें कि मुंबई के कल्याण में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के पार्षद नितिन निकम के एक बुजुर्ग को बेरहमी से पीटने के दृश्य देखकर राज ठाकरे को गुस्सा आया। इस मामले में उनके अगले कदम का अभी कुछ पता नहीं चल पाया है लेकिन पार्टी के महासचिव अखिलेश चौबे ने कहा कि टीवी पर चले दृश्य देखकर ठाकरे काफी अपसेट हो गए थे। ठाकरे का कहना है कि किसी बुजुर्ग की ऐसी पिटाई सही नहीं जाएगी। चौबे का कहना है कि पार्टी इस मामले में कोई कार्रवाई जरूर करेगी। गौरतलब है कि मुंबई के कल्याण में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के पार्षद नितिन निकम की गुंडागर्दी का नज़ारा सबने उस वक्त देखाजब उन्होंने एक बुजुर्ग को काम ठीक से नहीं करने के लिए बेरहमी से पीटा। टिप्पणियां डीजी पाटिल नाम के सीनियर सिटीज़न को पाइपलाइन मरम्मत करने का काम दिया गया था लेकिन मरम्मत का काम एमएनएस कॉर्पोरेटर नितिन निकम के मनमुताबिक नहीं हो रहा था। जब नितिन ने बुजुर्ग को पीटा उस वक्त काम करनेवाली संस्था का इंजीनियर भी वहां मौजूद था। इस मामले में कॉन्ट्रैक्टर ने कल्याण के बाज़ारपेट पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराई है लेकिन फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ़्तारी नहीं हुई है। ठाकरे का कहना है कि किसी बुजुर्ग की ऐसी पिटाई सही नहीं जाएगी। चौबे का कहना है कि पार्टी इस मामले में कोई कार्रवाई जरूर करेगी। गौरतलब है कि मुंबई के कल्याण में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के पार्षद नितिन निकम की गुंडागर्दी का नज़ारा सबने उस वक्त देखाजब उन्होंने एक बुजुर्ग को काम ठीक से नहीं करने के लिए बेरहमी से पीटा। टिप्पणियां डीजी पाटिल नाम के सीनियर सिटीज़न को पाइपलाइन मरम्मत करने का काम दिया गया था लेकिन मरम्मत का काम एमएनएस कॉर्पोरेटर नितिन निकम के मनमुताबिक नहीं हो रहा था। जब नितिन ने बुजुर्ग को पीटा उस वक्त काम करनेवाली संस्था का इंजीनियर भी वहां मौजूद था। इस मामले में कॉन्ट्रैक्टर ने कल्याण के बाज़ारपेट पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराई है लेकिन फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ़्तारी नहीं हुई है। गौरतलब है कि मुंबई के कल्याण में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के पार्षद नितिन निकम की गुंडागर्दी का नज़ारा सबने उस वक्त देखाजब उन्होंने एक बुजुर्ग को काम ठीक से नहीं करने के लिए बेरहमी से पीटा। टिप्पणियां डीजी पाटिल नाम के सीनियर सिटीज़न को पाइपलाइन मरम्मत करने का काम दिया गया था लेकिन मरम्मत का काम एमएनएस कॉर्पोरेटर नितिन निकम के मनमुताबिक नहीं हो रहा था। जब नितिन ने बुजुर्ग को पीटा उस वक्त काम करनेवाली संस्था का इंजीनियर भी वहां मौजूद था। इस मामले में कॉन्ट्रैक्टर ने कल्याण के बाज़ारपेट पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराई है लेकिन फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ़्तारी नहीं हुई है। डीजी पाटिल नाम के सीनियर सिटीज़न को पाइपलाइन मरम्मत करने का काम दिया गया था लेकिन मरम्मत का काम एमएनएस कॉर्पोरेटर नितिन निकम के मनमुताबिक नहीं हो रहा था। जब नितिन ने बुजुर्ग को पीटा उस वक्त काम करनेवाली संस्था का इंजीनियर भी वहां मौजूद था। इस मामले में कॉन्ट्रैक्टर ने कल्याण के बाज़ारपेट पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराई है लेकिन फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ़्तारी नहीं हुई है। इस मामले में कॉन्ट्रैक्टर ने कल्याण के बाज़ारपेट पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराई है लेकिन फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ़्तारी नहीं हुई है।
सारांश: मुंबई में एक बुजुर्ग की सरेआम पिटाई करने के आरोप में एमएनएस के पार्षद नितिन निकम को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार पार्षद को कल्याण कोर्ट में पेश किया गया जहां उसे जमानत मिल गई।
33
['hin']
एक सारांश बनाओ: देश में टेनिस को चलाने वाली संस्था है ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन... खेल के लिए कोई नीति हो या न हो, इन दिनों यहां एक खेल बखूबी चल रहा है, तुष्टीकरण का खेल... पहले लिएंडर पेस को खुश करने के लिए सानिया मिर्ज़ा को उनका पार्टनर बनाया गया। ज़ाहिर था सानिया से पूछे बगैर उनका पार्टनर तय कर दिया गया। इससे उनका गुस्सा गुबार बनकर फूट पड़ा... और अब सानिया के गुस्से को शांत करने के लिए उनकी मां नसीमा मिर्जा को टेनिस टीम का मैनेजर बनाकर लंदन ओलिंपिक टीम के साथ भेजा जा रहा है। हालांकि नसीमा पहले भी टेनिस संघ के पैसे पर टीम के साथ विदेश जाती रही हैं। लेकिन ओलिंपिक में एक कोच से ज़्यादा एक मां को अहमियत दिया जाना शायद दुनिया में पहली बार हो रहा है।टिप्पणियां सानिया को खुश करने के लिए डेविस कप कोच नंदन और फ़ैडरेशन कप कोच एनरिको पिपरनो को लंदन जाने वाली टीम से बाहर रखा गया है। सानिया के पिता इमरान मिर्ज़ा का कहना है कि उनके परिवार ने टेनिस संघ से ऐसी कोई गुज़ारिश नहीं की थी। लेकिन वे यह भी जोर दे रहे हैं कि नसीमा 10 विंबलडन सहित 25 ग्रैंड स्लैम में सानिया के साथ जा चुकी हैं। उनके अनुभव से खिलाड़ियों को फ़ायदा होगा। खेल मंत्रालय बढ़−चढ़कर दावा कर रहा कि इस बार ओलिंपिक में खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ़ के अलावा सिर्फ़ 10 लोगों का दल जाएगा। उसमें से भी ज़्यादातर पूर्व खिलाड़ी हैं। जबकि पिछले ओलिंपिक में खिलाड़ियों और कोच के अलावा करीब 166 लोग बीजिंग गए थे। जिसके लिए करीब 2 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आया था। सानिया के गुस्से के सामने खेल मंत्रालय भी झुक गया लगता है। पहले लिएंडर पेस को खुश करने के लिए सानिया मिर्ज़ा को उनका पार्टनर बनाया गया। ज़ाहिर था सानिया से पूछे बगैर उनका पार्टनर तय कर दिया गया। इससे उनका गुस्सा गुबार बनकर फूट पड़ा... और अब सानिया के गुस्से को शांत करने के लिए उनकी मां नसीमा मिर्जा को टेनिस टीम का मैनेजर बनाकर लंदन ओलिंपिक टीम के साथ भेजा जा रहा है। हालांकि नसीमा पहले भी टेनिस संघ के पैसे पर टीम के साथ विदेश जाती रही हैं। लेकिन ओलिंपिक में एक कोच से ज़्यादा एक मां को अहमियत दिया जाना शायद दुनिया में पहली बार हो रहा है।टिप्पणियां सानिया को खुश करने के लिए डेविस कप कोच नंदन और फ़ैडरेशन कप कोच एनरिको पिपरनो को लंदन जाने वाली टीम से बाहर रखा गया है। सानिया के पिता इमरान मिर्ज़ा का कहना है कि उनके परिवार ने टेनिस संघ से ऐसी कोई गुज़ारिश नहीं की थी। लेकिन वे यह भी जोर दे रहे हैं कि नसीमा 10 विंबलडन सहित 25 ग्रैंड स्लैम में सानिया के साथ जा चुकी हैं। उनके अनुभव से खिलाड़ियों को फ़ायदा होगा। खेल मंत्रालय बढ़−चढ़कर दावा कर रहा कि इस बार ओलिंपिक में खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ़ के अलावा सिर्फ़ 10 लोगों का दल जाएगा। उसमें से भी ज़्यादातर पूर्व खिलाड़ी हैं। जबकि पिछले ओलिंपिक में खिलाड़ियों और कोच के अलावा करीब 166 लोग बीजिंग गए थे। जिसके लिए करीब 2 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आया था। सानिया के गुस्से के सामने खेल मंत्रालय भी झुक गया लगता है। सानिया को खुश करने के लिए डेविस कप कोच नंदन और फ़ैडरेशन कप कोच एनरिको पिपरनो को लंदन जाने वाली टीम से बाहर रखा गया है। सानिया के पिता इमरान मिर्ज़ा का कहना है कि उनके परिवार ने टेनिस संघ से ऐसी कोई गुज़ारिश नहीं की थी। लेकिन वे यह भी जोर दे रहे हैं कि नसीमा 10 विंबलडन सहित 25 ग्रैंड स्लैम में सानिया के साथ जा चुकी हैं। उनके अनुभव से खिलाड़ियों को फ़ायदा होगा। खेल मंत्रालय बढ़−चढ़कर दावा कर रहा कि इस बार ओलिंपिक में खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ़ के अलावा सिर्फ़ 10 लोगों का दल जाएगा। उसमें से भी ज़्यादातर पूर्व खिलाड़ी हैं। जबकि पिछले ओलिंपिक में खिलाड़ियों और कोच के अलावा करीब 166 लोग बीजिंग गए थे। जिसके लिए करीब 2 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आया था। सानिया के गुस्से के सामने खेल मंत्रालय भी झुक गया लगता है। खेल मंत्रालय बढ़−चढ़कर दावा कर रहा कि इस बार ओलिंपिक में खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ़ के अलावा सिर्फ़ 10 लोगों का दल जाएगा। उसमें से भी ज़्यादातर पूर्व खिलाड़ी हैं। जबकि पिछले ओलिंपिक में खिलाड़ियों और कोच के अलावा करीब 166 लोग बीजिंग गए थे। जिसके लिए करीब 2 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आया था। सानिया के गुस्से के सामने खेल मंत्रालय भी झुक गया लगता है।
यहाँ एक सारांश है:देश में टेनिस को चलाने वाली संस्था है ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन... खेल के लिए कोई नीति हो या न हो, इन दिनों यहां एक खेल बखूबी चल रहा है, तुष्टीकरण का खेल...
15
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राजस्थान के भरतपुर में शादी का माहौल उस वक्त मातम में बदल गया जब एक बारात घर की दीवार गिरने से 26 लोगों की मौत हो गई जबकि 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए. भरतपुर जिले के सेवर रोड के अन्नपूर्णा बारात घर में बुधवार को शादी समारोह में बारातियों के खाने-पीने का कार्यक्रम चल रहा था. शाम से वहां तेज हवा चल रही थी और रात 10 बजे अचानक आंधी के कारण दीवार गिर गई जिसकी चपेट में कई लोग आ गए. टिप्पणियां जानकार बताते हैं कि मैरिज होम की दीवार के पास ही खाने के स्टॉल लगाए गए थे. बारात जयपुर से आई थी. बाराती खाने का आनंद ले रहे थे, तभी तेज अंधड़ आया और मैरिज होम की दीवार हवा के दबाव को सहन नहीं कर पाई और दीवार धराशाई हो गई. दीवार के नीचे आकर बड़ी संख्या में लोग दब गए. दीवार गिरने से मैरिज होम में भगदड़ मच गई. लोगों की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग और पुलिस ने मौके पर पहुंच कर मलबे में दबे लोगों को निकालना शुरू किया.  हादसे की सूचना मिलते ही जिला अधिकारी और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और दबे लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. मरने वालों में 4 बच्चे, 9 महिलाएं और 12 पुरुष शामिल हैं. बारात जयपुर से भरतपुर आई थी. हादसे के समय घटनास्थल पर करीब 800 लोग मौजूद थे. पुलिस का कहना है कि कई लोगों की मौत भगदड़ में कुचल जाने से भी हुई है. पुलिस ने मैरिज होम के संचालक और प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया है.  जानकार बताते हैं कि मैरिज होम की दीवार के पास ही खाने के स्टॉल लगाए गए थे. बारात जयपुर से आई थी. बाराती खाने का आनंद ले रहे थे, तभी तेज अंधड़ आया और मैरिज होम की दीवार हवा के दबाव को सहन नहीं कर पाई और दीवार धराशाई हो गई. दीवार के नीचे आकर बड़ी संख्या में लोग दब गए. दीवार गिरने से मैरिज होम में भगदड़ मच गई. लोगों की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग और पुलिस ने मौके पर पहुंच कर मलबे में दबे लोगों को निकालना शुरू किया.  हादसे की सूचना मिलते ही जिला अधिकारी और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और दबे लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. मरने वालों में 4 बच्चे, 9 महिलाएं और 12 पुरुष शामिल हैं. बारात जयपुर से भरतपुर आई थी. हादसे के समय घटनास्थल पर करीब 800 लोग मौजूद थे. पुलिस का कहना है कि कई लोगों की मौत भगदड़ में कुचल जाने से भी हुई है. पुलिस ने मैरिज होम के संचालक और प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया है.  हादसे की सूचना मिलते ही जिला अधिकारी और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और दबे लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. मरने वालों में 4 बच्चे, 9 महिलाएं और 12 पुरुष शामिल हैं. बारात जयपुर से भरतपुर आई थी. हादसे के समय घटनास्थल पर करीब 800 लोग मौजूद थे. पुलिस का कहना है कि कई लोगों की मौत भगदड़ में कुचल जाने से भी हुई है. पुलिस ने मैरिज होम के संचालक और प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया है.
यहाँ एक सारांश है:सेवर रोड के अन्नपूर्णा बारात घर में हुआ हादसा हादसे के वक्त खाना खा रहे थे लोग दीवार तेज हवा के दबाव को नहीं सह पाई
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ईरान ने कहा है कि बहरीन में खाड़ी देशों की ओर से सैन्य हस्तक्षेप अस्वीकार्य है क्योंकि इससे वहां की संवेदनशील स्थिति और बिगड़ेगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रामिन मेहमानपरस्त ने कहा, विदेशी सैन्यबलों की उपस्थिति स्वीकार्य नहीं हो सकती और इससे वहां स्थिति और जटिल बनेगी। यह बयान सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित हुआ। बहरीन में सरकार को लोकतंत्र समर्थकों से निबटने में मदद करने के लिए सोमवार को सउदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के सशस्त्र बल वहां पहुंचे। प्रवक्ता ने कहा, मूलभूत रूप से हम यह नहीं समझते कि अन्य देशों खासकर फारस के खाड़ी के देशों के सैन्य बलों के लिए बहरीन में मौजूद रहना या वहां की स्थिति में हस्तक्षेप करना उचित है। उन्होंने कहा, बहरीन की जनता की जा मांगे हैं वे वैध हैं और जनता शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रही है। इन वैध मांगों पर कोई भी हिंसक कार्रवाई रोकी जानी चाहिए।
सारांश: ईरान ने कहा है कि बहरीन में खाड़ी देशों की ओर से सैन्य हस्तक्षेप अस्वीकार्य है क्योंकि इससे वहां की संवेदनशील स्थिति और बिगड़ेगी।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: समाजवादी पार्टी में बढ़ते अंतर्कलह के बीच वरिष्ठ पार्टी नेता शिवपाल यादव पांच नवंबर को अपनी पार्टी के 25वें वार्षिक समारोह के लिहाज से समान विचार वाले समाजवादी नेताओं को आमंत्रित करने के लिए बुधवार शाम दिल्ली पहुंचे. इस कदम को राज्य विधानसभा चुनावों के लिए गठबंधन बनाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है. शिवपाल के करीबी सूत्रों ने कहा कि उन्होंने दिल्ली पहुंचने के बाद जदयू नेता नीतीश कुमार, शरद यादव और रालोद अध्यक्ष अजित सिंह से संपर्क किया और उन्हें पार्टी के समारोह के लिए आमंत्रित किया. इसे इस मौके पर गठजोड़ दिखाने की कोशिश के तहत देखा जा रहा है. आपसी कलह से कमजोर हुई समाजवादी पार्टी अगले साल उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा और बसपा से मुकाबले के लिए गठबंधन पर विचार कर रही है. सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव की ओर से निमंत्रण लेकर शिवपाल ने जदयू नेता केसी त्यागी से मुलाकात की और लखनऊ में पांच नवंबर को आयोजित होने वाले समारोह के लिए उनकी पार्टी के नेताओं को आमंत्रित किया. जब यादव से पूछा गया कि क्या वह राजद और रालोद नेताओं को भी समारोह के लिए आमंत्रित करेंगे, तो उन्होंने कहा,''फिलहाल मैं यहां केसी त्यागी को आमंत्रित करने आया हूं.'' कांग्रेस को आमंत्रित करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि केवल समाजवादियों को आमंत्रित किया जा रहा है. जदयू और सपा के सूत्रों ने कहा कि नेताओं को आमंत्रित करने का विचार बिहार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में गठजोड़ बनाने से जुड़ा है. पहले समान विचार वाले दलों के गठबंधन का प्रयास सफल नहीं हो सका था क्योंकि सपा ने हाथ खींच लिये थे. शिवपाल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''मैंने पहले भी गठबंधन बनाने की कोशिश की थी लेकिन रामगोपाल यादव ने सीबीआई के डर से इसे बनने नहीं दिया.''टिप्पणियां तीन नवंबर से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की 'रथ यात्रा' में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कैबिनेट से बर्खास्‍त किये जाने के बाद अब वह मुख्यमंत्री के अधीन तो नहीं हैं लेकिन अगर आमंत्रित किया गया तो जरूर शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि अखिलेश को अनुशासित बेटे की तरह अपने पिता का सम्मान करना चाहिए.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शिवपाल के करीबी सूत्रों ने कहा कि उन्होंने दिल्ली पहुंचने के बाद जदयू नेता नीतीश कुमार, शरद यादव और रालोद अध्यक्ष अजित सिंह से संपर्क किया और उन्हें पार्टी के समारोह के लिए आमंत्रित किया. इसे इस मौके पर गठजोड़ दिखाने की कोशिश के तहत देखा जा रहा है. आपसी कलह से कमजोर हुई समाजवादी पार्टी अगले साल उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा और बसपा से मुकाबले के लिए गठबंधन पर विचार कर रही है. सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव की ओर से निमंत्रण लेकर शिवपाल ने जदयू नेता केसी त्यागी से मुलाकात की और लखनऊ में पांच नवंबर को आयोजित होने वाले समारोह के लिए उनकी पार्टी के नेताओं को आमंत्रित किया. जब यादव से पूछा गया कि क्या वह राजद और रालोद नेताओं को भी समारोह के लिए आमंत्रित करेंगे, तो उन्होंने कहा,''फिलहाल मैं यहां केसी त्यागी को आमंत्रित करने आया हूं.'' कांग्रेस को आमंत्रित करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि केवल समाजवादियों को आमंत्रित किया जा रहा है. जदयू और सपा के सूत्रों ने कहा कि नेताओं को आमंत्रित करने का विचार बिहार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में गठजोड़ बनाने से जुड़ा है. पहले समान विचार वाले दलों के गठबंधन का प्रयास सफल नहीं हो सका था क्योंकि सपा ने हाथ खींच लिये थे. शिवपाल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''मैंने पहले भी गठबंधन बनाने की कोशिश की थी लेकिन रामगोपाल यादव ने सीबीआई के डर से इसे बनने नहीं दिया.''टिप्पणियां तीन नवंबर से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की 'रथ यात्रा' में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कैबिनेट से बर्खास्‍त किये जाने के बाद अब वह मुख्यमंत्री के अधीन तो नहीं हैं लेकिन अगर आमंत्रित किया गया तो जरूर शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि अखिलेश को अनुशासित बेटे की तरह अपने पिता का सम्मान करना चाहिए.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आपसी कलह से कमजोर हुई समाजवादी पार्टी अगले साल उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा और बसपा से मुकाबले के लिए गठबंधन पर विचार कर रही है. सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव की ओर से निमंत्रण लेकर शिवपाल ने जदयू नेता केसी त्यागी से मुलाकात की और लखनऊ में पांच नवंबर को आयोजित होने वाले समारोह के लिए उनकी पार्टी के नेताओं को आमंत्रित किया. जब यादव से पूछा गया कि क्या वह राजद और रालोद नेताओं को भी समारोह के लिए आमंत्रित करेंगे, तो उन्होंने कहा,''फिलहाल मैं यहां केसी त्यागी को आमंत्रित करने आया हूं.'' कांग्रेस को आमंत्रित करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि केवल समाजवादियों को आमंत्रित किया जा रहा है. जदयू और सपा के सूत्रों ने कहा कि नेताओं को आमंत्रित करने का विचार बिहार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में गठजोड़ बनाने से जुड़ा है. पहले समान विचार वाले दलों के गठबंधन का प्रयास सफल नहीं हो सका था क्योंकि सपा ने हाथ खींच लिये थे. शिवपाल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''मैंने पहले भी गठबंधन बनाने की कोशिश की थी लेकिन रामगोपाल यादव ने सीबीआई के डर से इसे बनने नहीं दिया.''टिप्पणियां तीन नवंबर से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की 'रथ यात्रा' में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कैबिनेट से बर्खास्‍त किये जाने के बाद अब वह मुख्यमंत्री के अधीन तो नहीं हैं लेकिन अगर आमंत्रित किया गया तो जरूर शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि अखिलेश को अनुशासित बेटे की तरह अपने पिता का सम्मान करना चाहिए.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव की ओर से निमंत्रण लेकर शिवपाल ने जदयू नेता केसी त्यागी से मुलाकात की और लखनऊ में पांच नवंबर को आयोजित होने वाले समारोह के लिए उनकी पार्टी के नेताओं को आमंत्रित किया. जब यादव से पूछा गया कि क्या वह राजद और रालोद नेताओं को भी समारोह के लिए आमंत्रित करेंगे, तो उन्होंने कहा,''फिलहाल मैं यहां केसी त्यागी को आमंत्रित करने आया हूं.'' कांग्रेस को आमंत्रित करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि केवल समाजवादियों को आमंत्रित किया जा रहा है. जदयू और सपा के सूत्रों ने कहा कि नेताओं को आमंत्रित करने का विचार बिहार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में गठजोड़ बनाने से जुड़ा है. पहले समान विचार वाले दलों के गठबंधन का प्रयास सफल नहीं हो सका था क्योंकि सपा ने हाथ खींच लिये थे. शिवपाल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''मैंने पहले भी गठबंधन बनाने की कोशिश की थी लेकिन रामगोपाल यादव ने सीबीआई के डर से इसे बनने नहीं दिया.''टिप्पणियां तीन नवंबर से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की 'रथ यात्रा' में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कैबिनेट से बर्खास्‍त किये जाने के बाद अब वह मुख्यमंत्री के अधीन तो नहीं हैं लेकिन अगर आमंत्रित किया गया तो जरूर शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि अखिलेश को अनुशासित बेटे की तरह अपने पिता का सम्मान करना चाहिए.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जब यादव से पूछा गया कि क्या वह राजद और रालोद नेताओं को भी समारोह के लिए आमंत्रित करेंगे, तो उन्होंने कहा,''फिलहाल मैं यहां केसी त्यागी को आमंत्रित करने आया हूं.'' कांग्रेस को आमंत्रित करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि केवल समाजवादियों को आमंत्रित किया जा रहा है. जदयू और सपा के सूत्रों ने कहा कि नेताओं को आमंत्रित करने का विचार बिहार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में गठजोड़ बनाने से जुड़ा है. पहले समान विचार वाले दलों के गठबंधन का प्रयास सफल नहीं हो सका था क्योंकि सपा ने हाथ खींच लिये थे. शिवपाल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''मैंने पहले भी गठबंधन बनाने की कोशिश की थी लेकिन रामगोपाल यादव ने सीबीआई के डर से इसे बनने नहीं दिया.''टिप्पणियां तीन नवंबर से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की 'रथ यात्रा' में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कैबिनेट से बर्खास्‍त किये जाने के बाद अब वह मुख्यमंत्री के अधीन तो नहीं हैं लेकिन अगर आमंत्रित किया गया तो जरूर शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि अखिलेश को अनुशासित बेटे की तरह अपने पिता का सम्मान करना चाहिए.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कांग्रेस को आमंत्रित करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि केवल समाजवादियों को आमंत्रित किया जा रहा है. जदयू और सपा के सूत्रों ने कहा कि नेताओं को आमंत्रित करने का विचार बिहार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में गठजोड़ बनाने से जुड़ा है. पहले समान विचार वाले दलों के गठबंधन का प्रयास सफल नहीं हो सका था क्योंकि सपा ने हाथ खींच लिये थे. शिवपाल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''मैंने पहले भी गठबंधन बनाने की कोशिश की थी लेकिन रामगोपाल यादव ने सीबीआई के डर से इसे बनने नहीं दिया.''टिप्पणियां तीन नवंबर से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की 'रथ यात्रा' में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कैबिनेट से बर्खास्‍त किये जाने के बाद अब वह मुख्यमंत्री के अधीन तो नहीं हैं लेकिन अगर आमंत्रित किया गया तो जरूर शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि अखिलेश को अनुशासित बेटे की तरह अपने पिता का सम्मान करना चाहिए.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शिवपाल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''मैंने पहले भी गठबंधन बनाने की कोशिश की थी लेकिन रामगोपाल यादव ने सीबीआई के डर से इसे बनने नहीं दिया.''टिप्पणियां तीन नवंबर से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की 'रथ यात्रा' में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कैबिनेट से बर्खास्‍त किये जाने के बाद अब वह मुख्यमंत्री के अधीन तो नहीं हैं लेकिन अगर आमंत्रित किया गया तो जरूर शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि अखिलेश को अनुशासित बेटे की तरह अपने पिता का सम्मान करना चाहिए.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) तीन नवंबर से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की 'रथ यात्रा' में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कैबिनेट से बर्खास्‍त किये जाने के बाद अब वह मुख्यमंत्री के अधीन तो नहीं हैं लेकिन अगर आमंत्रित किया गया तो जरूर शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि अखिलेश को अनुशासित बेटे की तरह अपने पिता का सम्मान करना चाहिए.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: सपा पांच नवंबर को अपनी स्‍थापना का मना रही रजत जयंती वर्ष इस कदम को गठबंधन बनाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा इसे गठजोड़ दिखाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा
13
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद यूनिवर्सिटी ने एक सर्कुलर जारी कर छात्रावास में रहने वाली छात्राओं से किसी धरना-प्रदर्शन में शामिल न होने का निर्देश दिया है. सर्कुलर कुलानुशासक और परिसर प्रभारी (महिला छात्रावास) डॉ. सरोज यादव ने 13 दिसंबर को जारी किया है. सर्कुलर में कहा गया है, "छात्रावास में रहने वाली सभी छात्राओं से अपेक्षा की जाती है कि वे अपनी सुरक्षा की दृष्टि से छात्रावास के नियमों का दृढ़ता से अनुपाल करेंगी. छात्राओं के लिए छात्रावास में प्रवेश और बाहर निकलने का समय दर्ज कर अपना हस्ताक्षर करना अनिवार्य है. अगर आपको परिसर में कोई अनुशासन का उल्लंघन करता या संदिग्ध गतिविधि में संलिप्त दिखाई दे तो इसकी सूचना परिसर प्रभारी को दें. बिना अनुमति किसी धरना या प्रदर्शन में भाग लेना प्रतिबंधित है." सूत्रों ने बताया कि यूनिवर्सिटी ने यह सर्कुलर देश के कई हिस्सों में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के मद्देनजर जारी किया है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी ने कहा कि छात्राएं प्रदर्शनों में शामिल न हों. बिना अनुमति किसी धरना या प्रदर्शन में भाग लेना प्रतिबंधित है. यह सर्कुलर देश सीएए के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के मद्देनजर जारी हुआ है.
3
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्याज, आलू और दालों की कीमतों में नरमी आने से 19 फरवरी को समाप्त हुए सप्ताह में खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति घटकर 10.39 प्रतिशत पर आ गई।  समीक्षाधीन सप्ताह में हालांकि फल, दूध और सब्जियों की कीमतों में तेजी बनी रही। इससे पिछले सप्ताह खाद्य मुद्रास्फीति 11.49 प्रतिशत पर थी, जबकि बीते साल 19 फरवरी को समाप्त हुए सप्ताह में यह 21.62 प्रतिशत पर पहुंच गई थी। सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, समीक्षाधीन सप्ताह में आलू के दाम में 12.66 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि दालों की कीमतों में 5.02 प्रतिशत, प्याज में 3.64 प्रतिशत और गेहूं की कीमत में 2.06 प्रतिशत की नरमी आई। बीते साल की इसी अवधि के मुकाबले समीक्षाधीन अवधि में हालांकि, फलों के दाम 16.34 प्रतिशत, अंडा, मीट और मछली के दाम 14.5 प्रतिशत, सब्जियों के दाम 14.29 प्रतिशत और दूध के दाम में 11.07 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। विशेषज्ञों की मानें तो कुछ निश्चित खाद्य वस्तुओं की कीमतों में नरमी के रुख का फरवरी में संपूर्ण मुद्रास्फीति पर असर देखने को मिल सकता है। जनवरी में संपूर्ण मुद्रास्फीति 8.23 प्रतिशत रही।
संक्षिप्त पाठ: प्याज, आलू व दालों की कीमतों में नरमी आने से 19 फरवरी को समाप्त हुए सप्ताह में खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति घटकर 10.39 प्रतिशत पर आ गई।
14
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और जनता दल- यूनाईटेड (जेडीयू) गठबंधन में चल रही तनातनी के बीच जेडीयू के तेवर अब नरम पड़ गए हैं. कांग्रेस सहित विपक्षी दलों को खरीखोटी सुना चुके जेडीयू के महासचिव केसी त्यागी का रुख अब नरम पड़ चुका है. केसी त्यागी ने एनडीटीवी इंडिया से खास बातचीत में आज कहा कि वे न तो एनडीए गठबंधन में शामिल होने जा रहे हैं और न ही बिहार सरकार को कोई खतरा है. राष्ट्रपति चुनाव को लेकर भले ही जेडीयू ने विपक्षी पार्टियों से अलग रास्ता अख्तियार कर लिया हो लेकिन जेडीयू ने साफ किया है कि न तो कोई तलवार खिंची है और न ही कोई टकराव है. सारी तलवारें म्यान में हैं. त्यागी ने कहा है कि ''राष्ट्रपति चुनाव में हमारी और हमारी मित्र पार्टियों की राय अलग-अलग है, जिसका गठबंधन की एकता पर कोई असर नहीं पड़ेगा.'' बिहार की बेटी मीरा कुमार को समर्थन देने के सवाल पर त्यागी ने कहा कि ''वे पहले ही पराजित हैं. उनके पास 41 फीसदी वोट हैं, वे पहले से ही हारी हुई हैं और हमने उसमें कोई बदलाव नहीं किया है.'' हालांकि त्यागी ने एक बार फिर अटल बिहारी वाजपेयी की तारीफ करते हुए कहा कि उनके साथ काम करते हुए कभी भी असुविधा नहीं हुई. अटल जी के वक्त शरद यादव, नीतीश कुमार, सब मंत्री थे. किसी के खिलाफ कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं होती थी. सारे विवादित मुद्दों को अलग रखा गया था, चाहे वह राम जन्मभूमि का मुद्दा हो या फिर यूनिफार्म सिविल कोड का हो. टिप्पणियां यूपीए को लेकर केसी त्यागी ने कहा कि ''हम असहज नहीं हैं, सिर्फ एक मसले पर अपनी अलग राय रखे हुए हैं. बाकी हम यूपीए से सहज महसूस करते हैं.''  जेडीयू के महासचिव ने कहा कि ''जो विरोधी पार्टी के नेता हमारे नेतृत्व के बारे में अच्छी बातें करते हैं उनका स्वागत करते हैं. बाकी लोकतंत्र रंजिशों का खेल नहीं है. एक-दूसरे की तारीफ करना बुरा नहीं है.'' त्यागी ने कहा कि ''एनडीए में जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता. अभी तक हमारे मतभेद बने हुए हैं. नए नेतृत्व द्वारा जिन मुद्दों को हवा दी गई है उससे हम असहज महसूस करते हैं. हम बिहार में महागठबंधन से बंधे हुए हैं. बिहार में गठबंधन को कई खतरा नहीं है. जो लोग जलन और ईर्ष्या से देख रहे हैं उनको निराशा होगी.'' राष्ट्रपति चुनाव को लेकर भले ही जेडीयू ने विपक्षी पार्टियों से अलग रास्ता अख्तियार कर लिया हो लेकिन जेडीयू ने साफ किया है कि न तो कोई तलवार खिंची है और न ही कोई टकराव है. सारी तलवारें म्यान में हैं. त्यागी ने कहा है कि ''राष्ट्रपति चुनाव में हमारी और हमारी मित्र पार्टियों की राय अलग-अलग है, जिसका गठबंधन की एकता पर कोई असर नहीं पड़ेगा.'' बिहार की बेटी मीरा कुमार को समर्थन देने के सवाल पर त्यागी ने कहा कि ''वे पहले ही पराजित हैं. उनके पास 41 फीसदी वोट हैं, वे पहले से ही हारी हुई हैं और हमने उसमें कोई बदलाव नहीं किया है.'' हालांकि त्यागी ने एक बार फिर अटल बिहारी वाजपेयी की तारीफ करते हुए कहा कि उनके साथ काम करते हुए कभी भी असुविधा नहीं हुई. अटल जी के वक्त शरद यादव, नीतीश कुमार, सब मंत्री थे. किसी के खिलाफ कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं होती थी. सारे विवादित मुद्दों को अलग रखा गया था, चाहे वह राम जन्मभूमि का मुद्दा हो या फिर यूनिफार्म सिविल कोड का हो. टिप्पणियां यूपीए को लेकर केसी त्यागी ने कहा कि ''हम असहज नहीं हैं, सिर्फ एक मसले पर अपनी अलग राय रखे हुए हैं. बाकी हम यूपीए से सहज महसूस करते हैं.''  जेडीयू के महासचिव ने कहा कि ''जो विरोधी पार्टी के नेता हमारे नेतृत्व के बारे में अच्छी बातें करते हैं उनका स्वागत करते हैं. बाकी लोकतंत्र रंजिशों का खेल नहीं है. एक-दूसरे की तारीफ करना बुरा नहीं है.'' त्यागी ने कहा कि ''एनडीए में जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता. अभी तक हमारे मतभेद बने हुए हैं. नए नेतृत्व द्वारा जिन मुद्दों को हवा दी गई है उससे हम असहज महसूस करते हैं. हम बिहार में महागठबंधन से बंधे हुए हैं. बिहार में गठबंधन को कई खतरा नहीं है. जो लोग जलन और ईर्ष्या से देख रहे हैं उनको निराशा होगी.'' बिहार की बेटी मीरा कुमार को समर्थन देने के सवाल पर त्यागी ने कहा कि ''वे पहले ही पराजित हैं. उनके पास 41 फीसदी वोट हैं, वे पहले से ही हारी हुई हैं और हमने उसमें कोई बदलाव नहीं किया है.'' हालांकि त्यागी ने एक बार फिर अटल बिहारी वाजपेयी की तारीफ करते हुए कहा कि उनके साथ काम करते हुए कभी भी असुविधा नहीं हुई. अटल जी के वक्त शरद यादव, नीतीश कुमार, सब मंत्री थे. किसी के खिलाफ कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं होती थी. सारे विवादित मुद्दों को अलग रखा गया था, चाहे वह राम जन्मभूमि का मुद्दा हो या फिर यूनिफार्म सिविल कोड का हो. टिप्पणियां यूपीए को लेकर केसी त्यागी ने कहा कि ''हम असहज नहीं हैं, सिर्फ एक मसले पर अपनी अलग राय रखे हुए हैं. बाकी हम यूपीए से सहज महसूस करते हैं.''  जेडीयू के महासचिव ने कहा कि ''जो विरोधी पार्टी के नेता हमारे नेतृत्व के बारे में अच्छी बातें करते हैं उनका स्वागत करते हैं. बाकी लोकतंत्र रंजिशों का खेल नहीं है. एक-दूसरे की तारीफ करना बुरा नहीं है.'' त्यागी ने कहा कि ''एनडीए में जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता. अभी तक हमारे मतभेद बने हुए हैं. नए नेतृत्व द्वारा जिन मुद्दों को हवा दी गई है उससे हम असहज महसूस करते हैं. हम बिहार में महागठबंधन से बंधे हुए हैं. बिहार में गठबंधन को कई खतरा नहीं है. जो लोग जलन और ईर्ष्या से देख रहे हैं उनको निराशा होगी.'' यूपीए को लेकर केसी त्यागी ने कहा कि ''हम असहज नहीं हैं, सिर्फ एक मसले पर अपनी अलग राय रखे हुए हैं. बाकी हम यूपीए से सहज महसूस करते हैं.''  जेडीयू के महासचिव ने कहा कि ''जो विरोधी पार्टी के नेता हमारे नेतृत्व के बारे में अच्छी बातें करते हैं उनका स्वागत करते हैं. बाकी लोकतंत्र रंजिशों का खेल नहीं है. एक-दूसरे की तारीफ करना बुरा नहीं है.'' त्यागी ने कहा कि ''एनडीए में जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता. अभी तक हमारे मतभेद बने हुए हैं. नए नेतृत्व द्वारा जिन मुद्दों को हवा दी गई है उससे हम असहज महसूस करते हैं. हम बिहार में महागठबंधन से बंधे हुए हैं. बिहार में गठबंधन को कई खतरा नहीं है. जो लोग जलन और ईर्ष्या से देख रहे हैं उनको निराशा होगी.'' त्यागी ने कहा कि ''एनडीए में जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता. अभी तक हमारे मतभेद बने हुए हैं. नए नेतृत्व द्वारा जिन मुद्दों को हवा दी गई है उससे हम असहज महसूस करते हैं. हम बिहार में महागठबंधन से बंधे हुए हैं. बिहार में गठबंधन को कई खतरा नहीं है. जो लोग जलन और ईर्ष्या से देख रहे हैं उनको निराशा होगी.''
यह एक सारांश है: जेडीयू के तेवर नरम पड़े, बिहार में महागठबंधन में बना रहेगा त्यागी ने कहा- अटल जी के साथ काम करते हुए कभी भी असुविधा नहीं हुई एनडीए में जाने का कोई सवाल नहीं उठता, मतभेद बरकरार
9
['hin']
एक सारांश बनाओ: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने कार्यकर्ताओं के ड्रेस कोड में 64 साल बाद कुछ बदलाव करते हुए चमड़े की जगह कृत्रिम बेल्ट को अपनाने का फैसला किया है, लेकिन खाकी निक्कर को पैंट में बदलने के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉ मनमोहन वैद्य ने बताया, यह बदलाव इस साल मई-जून में संघ शिक्षा वर्ग के आयोजन से लागू होगा। चमड़े की जगह कृत्रिम बेल्ट के साथ उसका बकल भी अब तांबे की बजाय स्टील का होगा। यह पूछे जाने पर कि संघ ने बेल्ट के अलावा यूनिफार्म में क्या कोई अन्य बदलाव भी किया है, मसलन हाफ पैंट की बजाय क्या फुल पैंट पहनने की अनुमति होगी, जिसकी काफी समय से कुछ कार्यकर्ता मांग कर रहे हैं, वैद्य ने कहा, बेल्ट के अलावा कोई अन्य परिवर्तन नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि अभी तक संघ के लोग चमड़े की जो बेल्ट लगाते थे, उन्हें खासतौर पर कानपुर की उन टेनरियों से लिया जाता था, जहां वध किए गए जानवरों की खाल का प्रयोग नहीं होता है। उन्होंने कहा, संघ ने हमेशा यह शर्त रखी कि उसे आपूर्ति की जाने वाली बेल्ट वध किए गए जानवरों की खाल से नहीं बनी होनी चाहिए। चमड़े की बजाय कृत्रिम पदार्थ की बेल्ट के बदलाव का कारण पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि कुछ सदस्यों, विशेषत: जैन समुदाय के लोगों को चमड़े की बेल्ट पर आपत्ति थी। वे इसे पहनने में असहज महसूस करते थे, भले ही ये बेल्ट वध किए गए जानवरों की खाल से नहीं बनी होतीं। संघ के मंचों से ऐसे सदस्यों की ओर से अक्सर आग्रह होता था कि चमड़े की बेल्ट की जगह कृत्रिम पदार्थ की बेल्ट ली जाए। वैद्य ने कहा कि चमड़े की जगह अब कृत्रिम विकल्प आसानी से उपलब्ध होने के कारण हमने इस बदलाव का निर्णय किया है। इससे जो लोग चमड़े की बेल्ट पहनने में हिचक महसूस करते थे, वे अब सहज महसूस करेंगे और संघ की भी खास टेनरियों पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी। संघ के ड्रेस कोड में सबसे पहला परिवर्तन 1940 में किया गया था। वैद्य ने बताया कि ब्रिटिश काल में हाफ पैंट और कमीज दोनों खाकी रंग की हुआ करती थीं और कमीज पर आरएसएस अंकित तांबे का बिल्ला लगा रहता था। 1940 इसमें परिवर्तन करके कमीज को खाकी की बजाय सफेद कर दिया गया। उन्होंने कहा, खाकी हाफ पैंट और खाकी कमीज की बजाय खाकी हाफ पैंट के साथ सफेद कमीज अधिक सुरूचिपूर्ण लगता है। प्रचार प्रमुख ने बताया कि दूसरा परिवर्तन 1947 में किया गया। तब तक संघ कार्यकर्ता शाखाओं में एड़ी से ऊंचे लॉन्ग बूट पहनते थे। तब लॉन्ग बूट की बजाय सामान्य काले जूते कर दिए गए और अब 64 वर्ष बाद यह तीसरा परिवर्तन हुआ है। उन्होंने कहा, संघ हमेशा परिवर्तन के पक्ष में रहा है। जब भी परिवर्तन की आवश्यकता होती है, संघ अपने को परिवर्तित करता है।
सारांश: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने कार्यकर्ताओं के ड्रेस कोड में 64 साल बाद कुछ बदलाव करते हुए चमड़े की जगह कृत्रिम बेल्ट को अपनाने का फैसला किया है, लेकिन खाकी निक्कर को पैंट में बदलने के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।
5
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली पुलिस ने बाबा रामदेव और पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह के खिलाफ जंतर-मंतर पर जनता को भड़काने के लिए मामला दर्ज किया है। गौरतलब है कि योगगुरु रामदेव और पूर्व सेना प्रमुख वीके सिंह के नेतृत्व में बलात्कार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों को रविवार को जब इंडिया गेट की ओर जाने से रोका गया तो उनकी पुलिस के साथ झड़प हो गई थी।टिप्पणियां जंतर मंतर पर एक भाषण के बाद रामदेव और वीके सिंह ने इंडिया गेट की ओर मार्च करना शुरू किया था। जैसे ही रामदेव और सिंह मंच से उतरे, पुलिस ने इलाके को घेर लिया था और प्रदर्शनकारी बैठ गए। हालांकि इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने इंडिया गेट की ओर मार्च शुरू किया और बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग किया। इस झड़प में दो प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे। रामदेव ने कहा था,  सरकार को फास्ट ट्रैक अदालत स्थापित करनी चाहिए और बलात्कारियों को सजा देनी चाहिए। हम आरोपियों के लिए फांसी चाहते हैं। गौरतलब है कि योगगुरु रामदेव और पूर्व सेना प्रमुख वीके सिंह के नेतृत्व में बलात्कार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों को रविवार को जब इंडिया गेट की ओर जाने से रोका गया तो उनकी पुलिस के साथ झड़प हो गई थी।टिप्पणियां जंतर मंतर पर एक भाषण के बाद रामदेव और वीके सिंह ने इंडिया गेट की ओर मार्च करना शुरू किया था। जैसे ही रामदेव और सिंह मंच से उतरे, पुलिस ने इलाके को घेर लिया था और प्रदर्शनकारी बैठ गए। हालांकि इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने इंडिया गेट की ओर मार्च शुरू किया और बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग किया। इस झड़प में दो प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे। रामदेव ने कहा था,  सरकार को फास्ट ट्रैक अदालत स्थापित करनी चाहिए और बलात्कारियों को सजा देनी चाहिए। हम आरोपियों के लिए फांसी चाहते हैं। जंतर मंतर पर एक भाषण के बाद रामदेव और वीके सिंह ने इंडिया गेट की ओर मार्च करना शुरू किया था। जैसे ही रामदेव और सिंह मंच से उतरे, पुलिस ने इलाके को घेर लिया था और प्रदर्शनकारी बैठ गए। हालांकि इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने इंडिया गेट की ओर मार्च शुरू किया और बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग किया। इस झड़प में दो प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे। रामदेव ने कहा था,  सरकार को फास्ट ट्रैक अदालत स्थापित करनी चाहिए और बलात्कारियों को सजा देनी चाहिए। हम आरोपियों के लिए फांसी चाहते हैं। रामदेव ने कहा था,  सरकार को फास्ट ट्रैक अदालत स्थापित करनी चाहिए और बलात्कारियों को सजा देनी चाहिए। हम आरोपियों के लिए फांसी चाहते हैं।
संक्षिप्त सारांश: दिल्ली पुलिस ने बाबा रामदेव और पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह के खिलाफ जंतर-मंतर पर जनता को भड़काने के लिए मामला दर्ज किया है।
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कोलंबिया में शनिवार को ज्वालामुखी फटने से 10 किलोमीटर तक के दायरे में राख का गुबार फैल गया। इसके मुख से निकल रहे लावे में आई कमी को देखते हुए रविवार को अधिकारियों ने ज्वालामुखी चेतावनी को लाल से नारंगी में तब्दील कर दिया। भूगर्भ सेवा के मुताबिक धरती के भीतर हो रहे बदलावों और लावे में आई कमी का आकलन करते हुए इस चेतावनी में बदलाव किया गया है।टिप्पणियां ज्वालामुखी की गतिविधियां लगातार बदलती रहती है और वैज्ञानिक इसमें एक और विस्फोट की आशंका से इनकार नहीं कर रहे हैं। 29 मई को ही भूगर्भ गतिविधियों को देखते हुए चेतावनी का स्तर और कम करके नारंगी से पीला किया गया था। इसके मुख से निकल रहे लावे में आई कमी को देखते हुए रविवार को अधिकारियों ने ज्वालामुखी चेतावनी को लाल से नारंगी में तब्दील कर दिया। भूगर्भ सेवा के मुताबिक धरती के भीतर हो रहे बदलावों और लावे में आई कमी का आकलन करते हुए इस चेतावनी में बदलाव किया गया है।टिप्पणियां ज्वालामुखी की गतिविधियां लगातार बदलती रहती है और वैज्ञानिक इसमें एक और विस्फोट की आशंका से इनकार नहीं कर रहे हैं। 29 मई को ही भूगर्भ गतिविधियों को देखते हुए चेतावनी का स्तर और कम करके नारंगी से पीला किया गया था। भूगर्भ सेवा के मुताबिक धरती के भीतर हो रहे बदलावों और लावे में आई कमी का आकलन करते हुए इस चेतावनी में बदलाव किया गया है।टिप्पणियां ज्वालामुखी की गतिविधियां लगातार बदलती रहती है और वैज्ञानिक इसमें एक और विस्फोट की आशंका से इनकार नहीं कर रहे हैं। 29 मई को ही भूगर्भ गतिविधियों को देखते हुए चेतावनी का स्तर और कम करके नारंगी से पीला किया गया था। ज्वालामुखी की गतिविधियां लगातार बदलती रहती है और वैज्ञानिक इसमें एक और विस्फोट की आशंका से इनकार नहीं कर रहे हैं। 29 मई को ही भूगर्भ गतिविधियों को देखते हुए चेतावनी का स्तर और कम करके नारंगी से पीला किया गया था। 29 मई को ही भूगर्भ गतिविधियों को देखते हुए चेतावनी का स्तर और कम करके नारंगी से पीला किया गया था।
संक्षिप्त सारांश: कोलंबिया में शनिवार को ज्वालामुखी फटने से 10 किलोमीटर तक के दायरे में राख का गुबार फैल गया।
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: वहीं, पूर्वोत्तर में बाढ़ को देखते हुए रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने सुचारू राहत और बचाव अभियान सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों से असम और अरुणाचल प्रदेश की सरकारों तथा राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया दल (एनडीआरएफ) के साथ करीबी समन्वय से काम करने को कहा. प्रभु ने बाढ़ की स्थिति की समीक्षा के लिए रेलवे बोर्ड के अधिकारियों की एक विशेष बैठक बुलाई थी. उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा कि पूर्वोत्तर के लिए पीने के पानी की आपूर्ति, अनाज, दवाएं और स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं को लेजाने को प्राथमिकता दी जाए और रेलवे द्वारा उनकी सुचारू ढुलाई सुनिश्चित हो.टिप्पणियां उन्होंने अधिकारियों को सड़कों की मरम्मत के लिए संभव सहायता देने के निर्देश दिए ताकि बचाव और राहत के लिए सुचारू कनेक्टिविटी मुहैया हो सके. (इनपुट एजेंसियों से) वहीं, पूर्वोत्तर में बाढ़ को देखते हुए रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने सुचारू राहत और बचाव अभियान सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों से असम और अरुणाचल प्रदेश की सरकारों तथा राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया दल (एनडीआरएफ) के साथ करीबी समन्वय से काम करने को कहा. प्रभु ने बाढ़ की स्थिति की समीक्षा के लिए रेलवे बोर्ड के अधिकारियों की एक विशेष बैठक बुलाई थी. उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा कि पूर्वोत्तर के लिए पीने के पानी की आपूर्ति, अनाज, दवाएं और स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं को लेजाने को प्राथमिकता दी जाए और रेलवे द्वारा उनकी सुचारू ढुलाई सुनिश्चित हो.टिप्पणियां उन्होंने अधिकारियों को सड़कों की मरम्मत के लिए संभव सहायता देने के निर्देश दिए ताकि बचाव और राहत के लिए सुचारू कनेक्टिविटी मुहैया हो सके. (इनपुट एजेंसियों से) उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा कि पूर्वोत्तर के लिए पीने के पानी की आपूर्ति, अनाज, दवाएं और स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं को लेजाने को प्राथमिकता दी जाए और रेलवे द्वारा उनकी सुचारू ढुलाई सुनिश्चित हो.टिप्पणियां उन्होंने अधिकारियों को सड़कों की मरम्मत के लिए संभव सहायता देने के निर्देश दिए ताकि बचाव और राहत के लिए सुचारू कनेक्टिविटी मुहैया हो सके. (इनपुट एजेंसियों से) उन्होंने अधिकारियों को सड़कों की मरम्मत के लिए संभव सहायता देने के निर्देश दिए ताकि बचाव और राहत के लिए सुचारू कनेक्टिविटी मुहैया हो सके. (इनपुट एजेंसियों से) (इनपुट एजेंसियों से)
सारांश: असम में साढ़े 17 लाख से ज़्यादा लोग 26 ज़िलों में प्रभावित हैं. असम में 52 लोगों की मौत हो गई है. किरेन रिजीजू ने शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित राज्यों का हवाई दौरा किया.
33
['hin']
एक सारांश बनाओ: मध्यम गति की गेंदबाज आन्या श्रुबसोबे ने अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी की, जिससे इंग्लैंड ने आईसीसी महिला विश्वकप के सुपर सिक्स मैच में दक्षिण अफ्रीका को 243 गेंद शेष रहते हुए सात विकेट से हरा दिया। पिछले मैच में ऑस्ट्रेलिया से दो रन से हारने वाले इंग्लैंड को फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए बड़े अंतर से जीत की दरकार थी और वह इसमें सफल रहा। दक्षिण अफ्रीका की टीम पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर 29.3 ओवर में 77 रन पर ढेर हो गई। इंग्लैंड ने केवल 9.3 ओवर में तीन विकेट पर 81 रन बनाकर सुपर सिक्स में अपनी पहली जीत दर्ज की।टिप्पणियां इंग्लैंड की इस जीत की नायिका श्रुबसोबे रही, जिन्होंने 17 रन देकर पांच विकेट लिए। उन्हें डेनिली वाट का भी अच्छा सहयोग मिला। वाट ने नौ गेंद पर सात रन देकर तीन विकेट हासिल किए। दक्षिण अफ्रीका की चार बल्लेबाज डेनवान नीकर्क (17), शमीम इस्माइल (16), मारिजेन कैप (13) और सांड्रे फ्रिट्ज (10) ही दोहरे अंक में पहुंच पाई। इंग्लैंड की भी 10 विकेट से जीत दर्ज करने की इच्छा पूरी नहीं हो पाई, लेकिन एरेन ब्रिंडल ने 16 गेंद पर छह चौकों की मदद से नाबाद 28 और लीडिया ग्रीनवे ने 19 गेंद पर पांच चौकों की मदद से नाबाद 25 रन बनाकर टीम को 10 ओवर के अंदर जीत दिला दी। पिछले मैच में ऑस्ट्रेलिया से दो रन से हारने वाले इंग्लैंड को फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए बड़े अंतर से जीत की दरकार थी और वह इसमें सफल रहा। दक्षिण अफ्रीका की टीम पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर 29.3 ओवर में 77 रन पर ढेर हो गई। इंग्लैंड ने केवल 9.3 ओवर में तीन विकेट पर 81 रन बनाकर सुपर सिक्स में अपनी पहली जीत दर्ज की।टिप्पणियां इंग्लैंड की इस जीत की नायिका श्रुबसोबे रही, जिन्होंने 17 रन देकर पांच विकेट लिए। उन्हें डेनिली वाट का भी अच्छा सहयोग मिला। वाट ने नौ गेंद पर सात रन देकर तीन विकेट हासिल किए। दक्षिण अफ्रीका की चार बल्लेबाज डेनवान नीकर्क (17), शमीम इस्माइल (16), मारिजेन कैप (13) और सांड्रे फ्रिट्ज (10) ही दोहरे अंक में पहुंच पाई। इंग्लैंड की भी 10 विकेट से जीत दर्ज करने की इच्छा पूरी नहीं हो पाई, लेकिन एरेन ब्रिंडल ने 16 गेंद पर छह चौकों की मदद से नाबाद 28 और लीडिया ग्रीनवे ने 19 गेंद पर पांच चौकों की मदद से नाबाद 25 रन बनाकर टीम को 10 ओवर के अंदर जीत दिला दी। इंग्लैंड की इस जीत की नायिका श्रुबसोबे रही, जिन्होंने 17 रन देकर पांच विकेट लिए। उन्हें डेनिली वाट का भी अच्छा सहयोग मिला। वाट ने नौ गेंद पर सात रन देकर तीन विकेट हासिल किए। दक्षिण अफ्रीका की चार बल्लेबाज डेनवान नीकर्क (17), शमीम इस्माइल (16), मारिजेन कैप (13) और सांड्रे फ्रिट्ज (10) ही दोहरे अंक में पहुंच पाई। इंग्लैंड की भी 10 विकेट से जीत दर्ज करने की इच्छा पूरी नहीं हो पाई, लेकिन एरेन ब्रिंडल ने 16 गेंद पर छह चौकों की मदद से नाबाद 28 और लीडिया ग्रीनवे ने 19 गेंद पर पांच चौकों की मदद से नाबाद 25 रन बनाकर टीम को 10 ओवर के अंदर जीत दिला दी। इंग्लैंड की भी 10 विकेट से जीत दर्ज करने की इच्छा पूरी नहीं हो पाई, लेकिन एरेन ब्रिंडल ने 16 गेंद पर छह चौकों की मदद से नाबाद 28 और लीडिया ग्रीनवे ने 19 गेंद पर पांच चौकों की मदद से नाबाद 25 रन बनाकर टीम को 10 ओवर के अंदर जीत दिला दी।
संक्षिप्त पाठ: दक्षिण अफ्रीका की टीम बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर 29.3 ओवर में 77 रन पर ढेर हो गई। इंग्लैंड ने केवल 9.3 ओवर में तीन विकेट पर 81 रन बनाकर सुपर सिक्स में पहली जीत दर्ज की।
30
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अचानक सामने आए घटनाक्रम के तहत भारत और चीन ने लद्दाख के दौलत बेग ओल्डी (डीबीओ) सेक्टर से अपनी सेना पीछे हटा ली है। डीबीओ सेक्टर में करीब तीन हफ्ते पहले चीनी सैनिक घुस आए थे। यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों ने दी। पिछले 15 अप्रैल को करीब 50 की तादाद में चीनी सेना वाहनों और कुत्तों से लैस होकर डीबीओ सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पार भारतीय सीमा के 19 किलोमीटर अंदर तक घुस आई थी और पांच टेंट गाड़ दिए थे। भारतीय सेना ने भी चीनी सेना की ओर रुख करके 300 मीटर की दूरी पर अपने टेंट गाड़ दिए थे। दोनों देशों की सेना के बीच चार फ्लैग मीटिंग हुई थी। शनिवार को भी एक फ्लैग मीटिंग हुई। हालांकि, इन फ्लैग मीटिंग से कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकल सका था। टकराव खत्म करने के लिए उच्च स्तर पर कूटनीतिक प्रयास भी जारी थे। आखिरकार भारत और चीन के बीच आज इस बात पर सहमति बनी कि गतिरोध बिंदु से दोनों देश अपनी सेना को पीछे हटाएंगे। सूत्रों ने बताया कि इस बाबत 19:30 बजे सहमति बनी। सूत्रों ने कहा कि सेना को पीछे हटाने से पहले स्थानीय स्तर पर भारतीय और चीनी पक्ष के कमांडरों ने हाथ मिलाए। बहरहाल, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि चीनी सेना एलएसी के पार जाकर 15 अप्रैल की स्थिति पर वापस जाएगी कि नहीं। भारत की मांग रही है कि चीनी सेना 15 अप्रैल की स्थिति पर वापस चली जाए। लद्दाख में टकराव की स्थिति के कारण विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की 9 मई को प्रस्तावित चीन यात्रा पर ग्रहण लगता नजर आ रहा था। चीन के प्रधानमंत्री ली केकियांग की 20 मई की प्रस्तावित भारत यात्रा की जमीन तैयार करने के लिए खुर्शीद चीन जाने वाले हैं। खुर्शीद ने 3 मई को ईरान जाते वक्त पत्रकारों को बताया था कि लद्दाख में गतिरोध खत्म करने के लिए जारी वार्ता में प्रगति संतोषजनक नहीं हैं। विदेश मंत्री ने कहा था कि भारत को चीन से ‘‘इससे कहीं ज्यादा बेहतर’’ प्रतिक्रिया की आस थी। उन्होंने जोर देकर कहा था कि वह चाहते हैं कि लद्दाख की जिस दिपसांग घाटी में चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की वहां पहले जैसी स्थिति बहाल हो जाए। चीनी पक्ष ने पहले उस इलाके को खाली करने से इनकार कर दिया था जहां उन्होंने घुसपैठ की थी और जोर देकर कहा था कि पहले भारत की सेना को डीबीओ सेक्टर से पीछे हटाया जाना चाहिए। ब्रिगेडियर स्तरीय अधिकारियों की अगुवाई में दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य कर्मियों ने शनिवार को चुशूल में चौथी फ्लैग मीटिंग की थी। हालांकि, करीब 45 मिनट चली इस मीटिंग में कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकल सका था। चीन ने 15 अप्रैल की स्थिति में वापस लौटने से साफ इनकार कर दिया था। भारतीय पक्ष की दलील थी कि यदि पीछे हटने की बात आयी तो दोनों सेना को एक-साथ पीछे हटना होगा और चीनी सेना को अपना कब्जा खत्म करना होगा। दोनों पक्ष तब वार्ता जारी रखने पर राजी हुए थे।टिप्पणियां चीनी पक्ष ने अपने पहले के रख को दोहराते हुए कहा था कि भारत को फुक्त्शे और चूमर में एलएसी के पास बनाए गए बंकर खत्म करना चाहिए। इस पर भारत ने कहा था कि चीन ने भी बंकर बना रखे हैं। आज की सहमति के मुताबिक, भारतीय सेना ने बुर्सते वापस लौटने का फैसला किया है। यही वह जगह है जहां भारतीय सेना 15 अप्रैल को तैनात थी। पिछले 15 अप्रैल को करीब 50 की तादाद में चीनी सेना वाहनों और कुत्तों से लैस होकर डीबीओ सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पार भारतीय सीमा के 19 किलोमीटर अंदर तक घुस आई थी और पांच टेंट गाड़ दिए थे। भारतीय सेना ने भी चीनी सेना की ओर रुख करके 300 मीटर की दूरी पर अपने टेंट गाड़ दिए थे। दोनों देशों की सेना के बीच चार फ्लैग मीटिंग हुई थी। शनिवार को भी एक फ्लैग मीटिंग हुई। हालांकि, इन फ्लैग मीटिंग से कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकल सका था। टकराव खत्म करने के लिए उच्च स्तर पर कूटनीतिक प्रयास भी जारी थे। आखिरकार भारत और चीन के बीच आज इस बात पर सहमति बनी कि गतिरोध बिंदु से दोनों देश अपनी सेना को पीछे हटाएंगे। सूत्रों ने बताया कि इस बाबत 19:30 बजे सहमति बनी। सूत्रों ने कहा कि सेना को पीछे हटाने से पहले स्थानीय स्तर पर भारतीय और चीनी पक्ष के कमांडरों ने हाथ मिलाए। बहरहाल, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि चीनी सेना एलएसी के पार जाकर 15 अप्रैल की स्थिति पर वापस जाएगी कि नहीं। भारत की मांग रही है कि चीनी सेना 15 अप्रैल की स्थिति पर वापस चली जाए। लद्दाख में टकराव की स्थिति के कारण विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की 9 मई को प्रस्तावित चीन यात्रा पर ग्रहण लगता नजर आ रहा था। चीन के प्रधानमंत्री ली केकियांग की 20 मई की प्रस्तावित भारत यात्रा की जमीन तैयार करने के लिए खुर्शीद चीन जाने वाले हैं। खुर्शीद ने 3 मई को ईरान जाते वक्त पत्रकारों को बताया था कि लद्दाख में गतिरोध खत्म करने के लिए जारी वार्ता में प्रगति संतोषजनक नहीं हैं। विदेश मंत्री ने कहा था कि भारत को चीन से ‘‘इससे कहीं ज्यादा बेहतर’’ प्रतिक्रिया की आस थी। उन्होंने जोर देकर कहा था कि वह चाहते हैं कि लद्दाख की जिस दिपसांग घाटी में चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की वहां पहले जैसी स्थिति बहाल हो जाए। चीनी पक्ष ने पहले उस इलाके को खाली करने से इनकार कर दिया था जहां उन्होंने घुसपैठ की थी और जोर देकर कहा था कि पहले भारत की सेना को डीबीओ सेक्टर से पीछे हटाया जाना चाहिए। ब्रिगेडियर स्तरीय अधिकारियों की अगुवाई में दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य कर्मियों ने शनिवार को चुशूल में चौथी फ्लैग मीटिंग की थी। हालांकि, करीब 45 मिनट चली इस मीटिंग में कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकल सका था। चीन ने 15 अप्रैल की स्थिति में वापस लौटने से साफ इनकार कर दिया था। भारतीय पक्ष की दलील थी कि यदि पीछे हटने की बात आयी तो दोनों सेना को एक-साथ पीछे हटना होगा और चीनी सेना को अपना कब्जा खत्म करना होगा। दोनों पक्ष तब वार्ता जारी रखने पर राजी हुए थे।टिप्पणियां चीनी पक्ष ने अपने पहले के रख को दोहराते हुए कहा था कि भारत को फुक्त्शे और चूमर में एलएसी के पास बनाए गए बंकर खत्म करना चाहिए। इस पर भारत ने कहा था कि चीन ने भी बंकर बना रखे हैं। आज की सहमति के मुताबिक, भारतीय सेना ने बुर्सते वापस लौटने का फैसला किया है। यही वह जगह है जहां भारतीय सेना 15 अप्रैल को तैनात थी। भारतीय सेना ने भी चीनी सेना की ओर रुख करके 300 मीटर की दूरी पर अपने टेंट गाड़ दिए थे। दोनों देशों की सेना के बीच चार फ्लैग मीटिंग हुई थी। शनिवार को भी एक फ्लैग मीटिंग हुई। हालांकि, इन फ्लैग मीटिंग से कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकल सका था। टकराव खत्म करने के लिए उच्च स्तर पर कूटनीतिक प्रयास भी जारी थे। आखिरकार भारत और चीन के बीच आज इस बात पर सहमति बनी कि गतिरोध बिंदु से दोनों देश अपनी सेना को पीछे हटाएंगे। सूत्रों ने बताया कि इस बाबत 19:30 बजे सहमति बनी। सूत्रों ने कहा कि सेना को पीछे हटाने से पहले स्थानीय स्तर पर भारतीय और चीनी पक्ष के कमांडरों ने हाथ मिलाए। बहरहाल, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि चीनी सेना एलएसी के पार जाकर 15 अप्रैल की स्थिति पर वापस जाएगी कि नहीं। भारत की मांग रही है कि चीनी सेना 15 अप्रैल की स्थिति पर वापस चली जाए। लद्दाख में टकराव की स्थिति के कारण विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की 9 मई को प्रस्तावित चीन यात्रा पर ग्रहण लगता नजर आ रहा था। चीन के प्रधानमंत्री ली केकियांग की 20 मई की प्रस्तावित भारत यात्रा की जमीन तैयार करने के लिए खुर्शीद चीन जाने वाले हैं। खुर्शीद ने 3 मई को ईरान जाते वक्त पत्रकारों को बताया था कि लद्दाख में गतिरोध खत्म करने के लिए जारी वार्ता में प्रगति संतोषजनक नहीं हैं। विदेश मंत्री ने कहा था कि भारत को चीन से ‘‘इससे कहीं ज्यादा बेहतर’’ प्रतिक्रिया की आस थी। उन्होंने जोर देकर कहा था कि वह चाहते हैं कि लद्दाख की जिस दिपसांग घाटी में चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की वहां पहले जैसी स्थिति बहाल हो जाए। चीनी पक्ष ने पहले उस इलाके को खाली करने से इनकार कर दिया था जहां उन्होंने घुसपैठ की थी और जोर देकर कहा था कि पहले भारत की सेना को डीबीओ सेक्टर से पीछे हटाया जाना चाहिए। ब्रिगेडियर स्तरीय अधिकारियों की अगुवाई में दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य कर्मियों ने शनिवार को चुशूल में चौथी फ्लैग मीटिंग की थी। हालांकि, करीब 45 मिनट चली इस मीटिंग में कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकल सका था। चीन ने 15 अप्रैल की स्थिति में वापस लौटने से साफ इनकार कर दिया था। भारतीय पक्ष की दलील थी कि यदि पीछे हटने की बात आयी तो दोनों सेना को एक-साथ पीछे हटना होगा और चीनी सेना को अपना कब्जा खत्म करना होगा। दोनों पक्ष तब वार्ता जारी रखने पर राजी हुए थे।टिप्पणियां चीनी पक्ष ने अपने पहले के रख को दोहराते हुए कहा था कि भारत को फुक्त्शे और चूमर में एलएसी के पास बनाए गए बंकर खत्म करना चाहिए। इस पर भारत ने कहा था कि चीन ने भी बंकर बना रखे हैं। आज की सहमति के मुताबिक, भारतीय सेना ने बुर्सते वापस लौटने का फैसला किया है। यही वह जगह है जहां भारतीय सेना 15 अप्रैल को तैनात थी। दोनों देशों की सेना के बीच चार फ्लैग मीटिंग हुई थी। शनिवार को भी एक फ्लैग मीटिंग हुई। हालांकि, इन फ्लैग मीटिंग से कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकल सका था। टकराव खत्म करने के लिए उच्च स्तर पर कूटनीतिक प्रयास भी जारी थे। आखिरकार भारत और चीन के बीच आज इस बात पर सहमति बनी कि गतिरोध बिंदु से दोनों देश अपनी सेना को पीछे हटाएंगे। सूत्रों ने बताया कि इस बाबत 19:30 बजे सहमति बनी। सूत्रों ने कहा कि सेना को पीछे हटाने से पहले स्थानीय स्तर पर भारतीय और चीनी पक्ष के कमांडरों ने हाथ मिलाए। बहरहाल, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि चीनी सेना एलएसी के पार जाकर 15 अप्रैल की स्थिति पर वापस जाएगी कि नहीं। भारत की मांग रही है कि चीनी सेना 15 अप्रैल की स्थिति पर वापस चली जाए। लद्दाख में टकराव की स्थिति के कारण विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की 9 मई को प्रस्तावित चीन यात्रा पर ग्रहण लगता नजर आ रहा था। चीन के प्रधानमंत्री ली केकियांग की 20 मई की प्रस्तावित भारत यात्रा की जमीन तैयार करने के लिए खुर्शीद चीन जाने वाले हैं। खुर्शीद ने 3 मई को ईरान जाते वक्त पत्रकारों को बताया था कि लद्दाख में गतिरोध खत्म करने के लिए जारी वार्ता में प्रगति संतोषजनक नहीं हैं। विदेश मंत्री ने कहा था कि भारत को चीन से ‘‘इससे कहीं ज्यादा बेहतर’’ प्रतिक्रिया की आस थी। उन्होंने जोर देकर कहा था कि वह चाहते हैं कि लद्दाख की जिस दिपसांग घाटी में चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की वहां पहले जैसी स्थिति बहाल हो जाए। चीनी पक्ष ने पहले उस इलाके को खाली करने से इनकार कर दिया था जहां उन्होंने घुसपैठ की थी और जोर देकर कहा था कि पहले भारत की सेना को डीबीओ सेक्टर से पीछे हटाया जाना चाहिए। ब्रिगेडियर स्तरीय अधिकारियों की अगुवाई में दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य कर्मियों ने शनिवार को चुशूल में चौथी फ्लैग मीटिंग की थी। हालांकि, करीब 45 मिनट चली इस मीटिंग में कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकल सका था। चीन ने 15 अप्रैल की स्थिति में वापस लौटने से साफ इनकार कर दिया था। भारतीय पक्ष की दलील थी कि यदि पीछे हटने की बात आयी तो दोनों सेना को एक-साथ पीछे हटना होगा और चीनी सेना को अपना कब्जा खत्म करना होगा। दोनों पक्ष तब वार्ता जारी रखने पर राजी हुए थे।टिप्पणियां चीनी पक्ष ने अपने पहले के रख को दोहराते हुए कहा था कि भारत को फुक्त्शे और चूमर में एलएसी के पास बनाए गए बंकर खत्म करना चाहिए। इस पर भारत ने कहा था कि चीन ने भी बंकर बना रखे हैं। आज की सहमति के मुताबिक, भारतीय सेना ने बुर्सते वापस लौटने का फैसला किया है। यही वह जगह है जहां भारतीय सेना 15 अप्रैल को तैनात थी। आखिरकार भारत और चीन के बीच आज इस बात पर सहमति बनी कि गतिरोध बिंदु से दोनों देश अपनी सेना को पीछे हटाएंगे। सूत्रों ने बताया कि इस बाबत 19:30 बजे सहमति बनी। सूत्रों ने कहा कि सेना को पीछे हटाने से पहले स्थानीय स्तर पर भारतीय और चीनी पक्ष के कमांडरों ने हाथ मिलाए। बहरहाल, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि चीनी सेना एलएसी के पार जाकर 15 अप्रैल की स्थिति पर वापस जाएगी कि नहीं। भारत की मांग रही है कि चीनी सेना 15 अप्रैल की स्थिति पर वापस चली जाए। लद्दाख में टकराव की स्थिति के कारण विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की 9 मई को प्रस्तावित चीन यात्रा पर ग्रहण लगता नजर आ रहा था। चीन के प्रधानमंत्री ली केकियांग की 20 मई की प्रस्तावित भारत यात्रा की जमीन तैयार करने के लिए खुर्शीद चीन जाने वाले हैं। खुर्शीद ने 3 मई को ईरान जाते वक्त पत्रकारों को बताया था कि लद्दाख में गतिरोध खत्म करने के लिए जारी वार्ता में प्रगति संतोषजनक नहीं हैं। विदेश मंत्री ने कहा था कि भारत को चीन से ‘‘इससे कहीं ज्यादा बेहतर’’ प्रतिक्रिया की आस थी। उन्होंने जोर देकर कहा था कि वह चाहते हैं कि लद्दाख की जिस दिपसांग घाटी में चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की वहां पहले जैसी स्थिति बहाल हो जाए। चीनी पक्ष ने पहले उस इलाके को खाली करने से इनकार कर दिया था जहां उन्होंने घुसपैठ की थी और जोर देकर कहा था कि पहले भारत की सेना को डीबीओ सेक्टर से पीछे हटाया जाना चाहिए। ब्रिगेडियर स्तरीय अधिकारियों की अगुवाई में दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य कर्मियों ने शनिवार को चुशूल में चौथी फ्लैग मीटिंग की थी। हालांकि, करीब 45 मिनट चली इस मीटिंग में कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकल सका था। चीन ने 15 अप्रैल की स्थिति में वापस लौटने से साफ इनकार कर दिया था। भारतीय पक्ष की दलील थी कि यदि पीछे हटने की बात आयी तो दोनों सेना को एक-साथ पीछे हटना होगा और चीनी सेना को अपना कब्जा खत्म करना होगा। दोनों पक्ष तब वार्ता जारी रखने पर राजी हुए थे।टिप्पणियां चीनी पक्ष ने अपने पहले के रख को दोहराते हुए कहा था कि भारत को फुक्त्शे और चूमर में एलएसी के पास बनाए गए बंकर खत्म करना चाहिए। इस पर भारत ने कहा था कि चीन ने भी बंकर बना रखे हैं। आज की सहमति के मुताबिक, भारतीय सेना ने बुर्सते वापस लौटने का फैसला किया है। यही वह जगह है जहां भारतीय सेना 15 अप्रैल को तैनात थी। सूत्रों ने कहा कि सेना को पीछे हटाने से पहले स्थानीय स्तर पर भारतीय और चीनी पक्ष के कमांडरों ने हाथ मिलाए। बहरहाल, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि चीनी सेना एलएसी के पार जाकर 15 अप्रैल की स्थिति पर वापस जाएगी कि नहीं। भारत की मांग रही है कि चीनी सेना 15 अप्रैल की स्थिति पर वापस चली जाए। लद्दाख में टकराव की स्थिति के कारण विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की 9 मई को प्रस्तावित चीन यात्रा पर ग्रहण लगता नजर आ रहा था। चीन के प्रधानमंत्री ली केकियांग की 20 मई की प्रस्तावित भारत यात्रा की जमीन तैयार करने के लिए खुर्शीद चीन जाने वाले हैं। खुर्शीद ने 3 मई को ईरान जाते वक्त पत्रकारों को बताया था कि लद्दाख में गतिरोध खत्म करने के लिए जारी वार्ता में प्रगति संतोषजनक नहीं हैं। विदेश मंत्री ने कहा था कि भारत को चीन से ‘‘इससे कहीं ज्यादा बेहतर’’ प्रतिक्रिया की आस थी। उन्होंने जोर देकर कहा था कि वह चाहते हैं कि लद्दाख की जिस दिपसांग घाटी में चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की वहां पहले जैसी स्थिति बहाल हो जाए। चीनी पक्ष ने पहले उस इलाके को खाली करने से इनकार कर दिया था जहां उन्होंने घुसपैठ की थी और जोर देकर कहा था कि पहले भारत की सेना को डीबीओ सेक्टर से पीछे हटाया जाना चाहिए। ब्रिगेडियर स्तरीय अधिकारियों की अगुवाई में दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य कर्मियों ने शनिवार को चुशूल में चौथी फ्लैग मीटिंग की थी। हालांकि, करीब 45 मिनट चली इस मीटिंग में कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकल सका था। चीन ने 15 अप्रैल की स्थिति में वापस लौटने से साफ इनकार कर दिया था। भारतीय पक्ष की दलील थी कि यदि पीछे हटने की बात आयी तो दोनों सेना को एक-साथ पीछे हटना होगा और चीनी सेना को अपना कब्जा खत्म करना होगा। दोनों पक्ष तब वार्ता जारी रखने पर राजी हुए थे।टिप्पणियां चीनी पक्ष ने अपने पहले के रख को दोहराते हुए कहा था कि भारत को फुक्त्शे और चूमर में एलएसी के पास बनाए गए बंकर खत्म करना चाहिए। इस पर भारत ने कहा था कि चीन ने भी बंकर बना रखे हैं। आज की सहमति के मुताबिक, भारतीय सेना ने बुर्सते वापस लौटने का फैसला किया है। यही वह जगह है जहां भारतीय सेना 15 अप्रैल को तैनात थी। बहरहाल, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि चीनी सेना एलएसी के पार जाकर 15 अप्रैल की स्थिति पर वापस जाएगी कि नहीं। भारत की मांग रही है कि चीनी सेना 15 अप्रैल की स्थिति पर वापस चली जाए। लद्दाख में टकराव की स्थिति के कारण विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की 9 मई को प्रस्तावित चीन यात्रा पर ग्रहण लगता नजर आ रहा था। चीन के प्रधानमंत्री ली केकियांग की 20 मई की प्रस्तावित भारत यात्रा की जमीन तैयार करने के लिए खुर्शीद चीन जाने वाले हैं। खुर्शीद ने 3 मई को ईरान जाते वक्त पत्रकारों को बताया था कि लद्दाख में गतिरोध खत्म करने के लिए जारी वार्ता में प्रगति संतोषजनक नहीं हैं। विदेश मंत्री ने कहा था कि भारत को चीन से ‘‘इससे कहीं ज्यादा बेहतर’’ प्रतिक्रिया की आस थी। उन्होंने जोर देकर कहा था कि वह चाहते हैं कि लद्दाख की जिस दिपसांग घाटी में चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की वहां पहले जैसी स्थिति बहाल हो जाए। चीनी पक्ष ने पहले उस इलाके को खाली करने से इनकार कर दिया था जहां उन्होंने घुसपैठ की थी और जोर देकर कहा था कि पहले भारत की सेना को डीबीओ सेक्टर से पीछे हटाया जाना चाहिए। ब्रिगेडियर स्तरीय अधिकारियों की अगुवाई में दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य कर्मियों ने शनिवार को चुशूल में चौथी फ्लैग मीटिंग की थी। हालांकि, करीब 45 मिनट चली इस मीटिंग में कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकल सका था। चीन ने 15 अप्रैल की स्थिति में वापस लौटने से साफ इनकार कर दिया था। भारतीय पक्ष की दलील थी कि यदि पीछे हटने की बात आयी तो दोनों सेना को एक-साथ पीछे हटना होगा और चीनी सेना को अपना कब्जा खत्म करना होगा। दोनों पक्ष तब वार्ता जारी रखने पर राजी हुए थे।टिप्पणियां चीनी पक्ष ने अपने पहले के रख को दोहराते हुए कहा था कि भारत को फुक्त्शे और चूमर में एलएसी के पास बनाए गए बंकर खत्म करना चाहिए। इस पर भारत ने कहा था कि चीन ने भी बंकर बना रखे हैं। आज की सहमति के मुताबिक, भारतीय सेना ने बुर्सते वापस लौटने का फैसला किया है। यही वह जगह है जहां भारतीय सेना 15 अप्रैल को तैनात थी। लद्दाख में टकराव की स्थिति के कारण विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की 9 मई को प्रस्तावित चीन यात्रा पर ग्रहण लगता नजर आ रहा था। चीन के प्रधानमंत्री ली केकियांग की 20 मई की प्रस्तावित भारत यात्रा की जमीन तैयार करने के लिए खुर्शीद चीन जाने वाले हैं। खुर्शीद ने 3 मई को ईरान जाते वक्त पत्रकारों को बताया था कि लद्दाख में गतिरोध खत्म करने के लिए जारी वार्ता में प्रगति संतोषजनक नहीं हैं। विदेश मंत्री ने कहा था कि भारत को चीन से ‘‘इससे कहीं ज्यादा बेहतर’’ प्रतिक्रिया की आस थी। उन्होंने जोर देकर कहा था कि वह चाहते हैं कि लद्दाख की जिस दिपसांग घाटी में चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की वहां पहले जैसी स्थिति बहाल हो जाए। चीनी पक्ष ने पहले उस इलाके को खाली करने से इनकार कर दिया था जहां उन्होंने घुसपैठ की थी और जोर देकर कहा था कि पहले भारत की सेना को डीबीओ सेक्टर से पीछे हटाया जाना चाहिए। ब्रिगेडियर स्तरीय अधिकारियों की अगुवाई में दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य कर्मियों ने शनिवार को चुशूल में चौथी फ्लैग मीटिंग की थी। हालांकि, करीब 45 मिनट चली इस मीटिंग में कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकल सका था। चीन ने 15 अप्रैल की स्थिति में वापस लौटने से साफ इनकार कर दिया था। भारतीय पक्ष की दलील थी कि यदि पीछे हटने की बात आयी तो दोनों सेना को एक-साथ पीछे हटना होगा और चीनी सेना को अपना कब्जा खत्म करना होगा। दोनों पक्ष तब वार्ता जारी रखने पर राजी हुए थे।टिप्पणियां चीनी पक्ष ने अपने पहले के रख को दोहराते हुए कहा था कि भारत को फुक्त्शे और चूमर में एलएसी के पास बनाए गए बंकर खत्म करना चाहिए। इस पर भारत ने कहा था कि चीन ने भी बंकर बना रखे हैं। आज की सहमति के मुताबिक, भारतीय सेना ने बुर्सते वापस लौटने का फैसला किया है। यही वह जगह है जहां भारतीय सेना 15 अप्रैल को तैनात थी। विदेश मंत्री ने कहा था कि भारत को चीन से ‘‘इससे कहीं ज्यादा बेहतर’’ प्रतिक्रिया की आस थी। उन्होंने जोर देकर कहा था कि वह चाहते हैं कि लद्दाख की जिस दिपसांग घाटी में चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की वहां पहले जैसी स्थिति बहाल हो जाए। चीनी पक्ष ने पहले उस इलाके को खाली करने से इनकार कर दिया था जहां उन्होंने घुसपैठ की थी और जोर देकर कहा था कि पहले भारत की सेना को डीबीओ सेक्टर से पीछे हटाया जाना चाहिए। ब्रिगेडियर स्तरीय अधिकारियों की अगुवाई में दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य कर्मियों ने शनिवार को चुशूल में चौथी फ्लैग मीटिंग की थी। हालांकि, करीब 45 मिनट चली इस मीटिंग में कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकल सका था। चीन ने 15 अप्रैल की स्थिति में वापस लौटने से साफ इनकार कर दिया था। भारतीय पक्ष की दलील थी कि यदि पीछे हटने की बात आयी तो दोनों सेना को एक-साथ पीछे हटना होगा और चीनी सेना को अपना कब्जा खत्म करना होगा। दोनों पक्ष तब वार्ता जारी रखने पर राजी हुए थे।टिप्पणियां चीनी पक्ष ने अपने पहले के रख को दोहराते हुए कहा था कि भारत को फुक्त्शे और चूमर में एलएसी के पास बनाए गए बंकर खत्म करना चाहिए। इस पर भारत ने कहा था कि चीन ने भी बंकर बना रखे हैं। आज की सहमति के मुताबिक, भारतीय सेना ने बुर्सते वापस लौटने का फैसला किया है। यही वह जगह है जहां भारतीय सेना 15 अप्रैल को तैनात थी। चीनी पक्ष ने पहले उस इलाके को खाली करने से इनकार कर दिया था जहां उन्होंने घुसपैठ की थी और जोर देकर कहा था कि पहले भारत की सेना को डीबीओ सेक्टर से पीछे हटाया जाना चाहिए। ब्रिगेडियर स्तरीय अधिकारियों की अगुवाई में दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य कर्मियों ने शनिवार को चुशूल में चौथी फ्लैग मीटिंग की थी। हालांकि, करीब 45 मिनट चली इस मीटिंग में कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकल सका था। चीन ने 15 अप्रैल की स्थिति में वापस लौटने से साफ इनकार कर दिया था। भारतीय पक्ष की दलील थी कि यदि पीछे हटने की बात आयी तो दोनों सेना को एक-साथ पीछे हटना होगा और चीनी सेना को अपना कब्जा खत्म करना होगा। दोनों पक्ष तब वार्ता जारी रखने पर राजी हुए थे।टिप्पणियां चीनी पक्ष ने अपने पहले के रख को दोहराते हुए कहा था कि भारत को फुक्त्शे और चूमर में एलएसी के पास बनाए गए बंकर खत्म करना चाहिए। इस पर भारत ने कहा था कि चीन ने भी बंकर बना रखे हैं। आज की सहमति के मुताबिक, भारतीय सेना ने बुर्सते वापस लौटने का फैसला किया है। यही वह जगह है जहां भारतीय सेना 15 अप्रैल को तैनात थी। भारतीय पक्ष की दलील थी कि यदि पीछे हटने की बात आयी तो दोनों सेना को एक-साथ पीछे हटना होगा और चीनी सेना को अपना कब्जा खत्म करना होगा। दोनों पक्ष तब वार्ता जारी रखने पर राजी हुए थे।टिप्पणियां चीनी पक्ष ने अपने पहले के रख को दोहराते हुए कहा था कि भारत को फुक्त्शे और चूमर में एलएसी के पास बनाए गए बंकर खत्म करना चाहिए। इस पर भारत ने कहा था कि चीन ने भी बंकर बना रखे हैं। आज की सहमति के मुताबिक, भारतीय सेना ने बुर्सते वापस लौटने का फैसला किया है। यही वह जगह है जहां भारतीय सेना 15 अप्रैल को तैनात थी। चीनी पक्ष ने अपने पहले के रख को दोहराते हुए कहा था कि भारत को फुक्त्शे और चूमर में एलएसी के पास बनाए गए बंकर खत्म करना चाहिए। इस पर भारत ने कहा था कि चीन ने भी बंकर बना रखे हैं। आज की सहमति के मुताबिक, भारतीय सेना ने बुर्सते वापस लौटने का फैसला किया है। यही वह जगह है जहां भारतीय सेना 15 अप्रैल को तैनात थी। आज की सहमति के मुताबिक, भारतीय सेना ने बुर्सते वापस लौटने का फैसला किया है। यही वह जगह है जहां भारतीय सेना 15 अप्रैल को तैनात थी।
संक्षिप्त सारांश: पिछले 15 अप्रैल को करीब 50 की तादाद में चीनी सेना वाहनों और कुत्तों से लैस होकर डीबीओ सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पार भारतीय सीमा के 19 किलोमीटर अंदर तक घुस आई थी और पांच टेंट गाड़ दिए थे।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: यूनाइटेड एयरलाइंस एक महीने में दूसरी बार अपनी बदइंतजामी को लेकर सुर्खियों में है. पिछले दिनों अमेरिका के यूनाइटेड एयरलाइंस के हवाई जहाज में एशियाई मूल के यात्री के साथ धक्का-मुक्की की गई थी. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के मुताबिक यूनाइटेड एयरलाइंस के स्टॉफ ने एशियाई मूल के एक पैसेंजर को ना सिर्फ उसके सीट से धक्का देकर बाहर कर दिया, बल्कि उसके साथ मारपीट भी की.टिप्पणियां यात्री के पास वैध टिकट होने के बाद भी एयरलाइंस इस यात्री को यात्रा कराने को राजी नहीं था. एयरलाइंस का कहना था कि जरूरत से ज्यादा टिकट बुक हो जाने के चलते जहाज में जगह नहीं बची थी, इसलिए उस यात्री को बाहर निकाला गया. यूनाइटेड फ्लाइट संख्या 3411 शिकागो से लाउजविले, केंचुकी जा रही थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) यात्री के पास वैध टिकट होने के बाद भी एयरलाइंस इस यात्री को यात्रा कराने को राजी नहीं था. एयरलाइंस का कहना था कि जरूरत से ज्यादा टिकट बुक हो जाने के चलते जहाज में जगह नहीं बची थी, इसलिए उस यात्री को बाहर निकाला गया. यूनाइटेड फ्लाइट संख्या 3411 शिकागो से लाउजविले, केंचुकी जा रही थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट में यात्री के ऊपर गिरा बिच्छु यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट से ह्यूस्टन से कैलगरी जा रहा था यात्री इसी महीने यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट में एशियाई यात्री से बदसलूकी
9
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत और पाकिस्तान के बीच बुधवार को पंजाब क्रिकेट संघ (पीसीए) मैदान पर होने वाले आईसीसी विश्व कप-2011 के सेमीफाइनल मुकाबले के सभी टिकट बिक चुके हैं, लेकिन काफी संख्या में लोग अब भी टिकट की उम्मीद में पीसीए स्टेडियम की टिकट खिड़की पर कतार लगाए खड़े हैं। पीसीए स्टेडियम के गेट संख्या-1 के करीब स्थित 1000 रुपये वाले टिकट काउंटर पर लगभग 500 लोग जमा हैं। उन्हें बताया गया है कि 1000 रुपये की कीमत वाली 1000 टिकटें बेची जानी हैं, लेकिन सच्चाई कुछ और ही है। लोगों को उम्मीद है कि यह टिकट खिड़की बुधवार सुबह से पहले कभी भी खुल सकती है, लेकिन छह दिनों से खिड़की खुली ही नहीं है। 24 मार्च को यह खिड़की अंतिम बार खुली थी और काउंटर से लगभग 1500 टिकट बेचे गए थे। मंडी गोविंदगढ़ से आए चेतन शर्मा ने बताया कि वह चार दिनों से लगातार इस खिड़की के खुलने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सुबह सात बजे से रात आठ बजे तक यह खिड़की एक बार भी नहीं खुली है। चेतन ने कहा, मैं अपने दोस्त के पास चंडीगढ़ में रह रहा हूं। मैं रोज सुबह सात बजे यहां आता हूं। चार दिनों से मेरा यहां आने का सिलसिला जारी है, लेकिन यह खिड़की एक बार भी नहीं खुली है। टिकट की चाह रखने वाले 47 वर्षीय सतीश कुमार ने बताया कि उन्हें प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली है कि मैच के सभी टिकट बिक चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद वह इस उम्मीद के साथ टिकट खिड़की पर आ रहे हैं कि शायद यह खुले और उन्हें भी स्टेडियम में बैठकर यह हाई-प्रोफाइल मैच देखने का मौका मिल जाए। सतीश ने कहा, हम 1000 रुपये वाले टिकट 100,000 रुपये में तो नहीं खरीद सकते। सोचा कि चलो आजमा लेते हैं, किस्मत अच्छी रही तो शायद टिकट मिल जाए, लेकिन 21 तारीख के बाद 250 रुपये कीमत वाली टिकटों की खिड़की खुली ही नहीं। इसके बाद मैंने 1000 रुपये कीमत वाले टिकटों के लिए प्रयास शुरू किया, लेकिन पांच दिनों से चक्कर काटने के बावजूद टिकट नसीब नहीं हुआ है। टिकट की चाह रखने वाले एक अन्य व्यक्ति साहिल बंसल ने बताया कि पांच दिन पहले पीसीए ने 1000 और 250 रुपये वाले काउंटरों पर 'हाउसफुल' का बोर्ड लगा दिया था, लेकिन किसी ने उन्हें हटा दिया। इसके बाद से ही रोजाना लोगों की भीड़ खिड़कियों पर जुटने लगी।
यहाँ एक सारांश है:भारत-पाक के बीच सेमीफाइनल मुकाबले के सभी टिकट बिक चुके हैं, लेकिन काफी संख्या में लोग टिकट की उम्मीद में खिड़की पर कतार लगाए खड़े हैं।
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्र सरकार 12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) में शिक्षा पर 100 अरब डॉलर तक खर्च करेगी, जबकि मौजूदा योजना अवधि में अनुमानित खर्च 70 अरब डॉलर है। शुक्रवार को यह जानकारी प्रधानमंत्री के शिक्षा एवं नवप्रवर्तन सलाहकार सैम पित्रोदा ने दी। नौवीं प्रवासी भारतीय दिवस समारोह में पित्रोदा ने कहा, "हम 12वीं पंचवर्षीय योजना में शिक्षा पर करीब 100 अरब डॉलर खर्च करने जा रहे हैं। यह सूचना एवं प्रौद्योगिकी पर होने वाले लगभग 20 अरब डॉलर के अतिरिक्त खर्च होगा।" उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में अधिक निवेश की खातिर निजी और प्रवासियों के लिए द्वार खुले रखे हैं। राष्ट्रीय नवप्रवर्तन परिषद के प्रमुख पित्रोदा ने कहा, "हमारी मंशा शिक्षा व्यवस्था को उदार बनाने की है। 1991 में हमने अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए जो किया, वह अब शिक्षा के लिए करने की जरूरत है।" उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में आमूल परिवर्तन के प्रति प्रतिबद्धता प्रकट की है, लेकिन विकास की गति संतोषप्रद नहीं है। राष्ट्रीय ज्ञान आयोग की संस्तुतियों का हवाला देते हुए पित्रोदा ने कहा, "हमने सिफारिशें की हैं, मंत्री को इन्हें अमल में लाना है। उन्होंने अभी तक ऐसा कदम नहीं उठाया है, जिससे मुझे संतोष मिले।" उन्होंने प्रवासी भारतीयों से भारत के शिक्षा क्षेत्र में निवेश करने को कहा। पित्रोदा ने कहा, "इस क्षेत्र में निजी निवेश केव्यापक सुअवसर हैं। मौका स्थानीय निवेशकों और प्रवासियों, दानों के लिए हैं।" उल्लेखनीय है कि नौवें प्रवासी दिवस समारोह में 15,00 से अधिक प्रवासी भारतीय भाग ले रहे हैं। भाग लेने वाले प्रवासी भारतीयों की संख्या पिछले वर्ष से 20 प्रतिशत अधिक है।
केंद्र सरकार 12वीं पंचवर्षीय योजना में शिक्षा पर 100 अरब डॉलर तक खर्च करेगी, जबकि मौजूदा योजना अवधि में अनुमानित खर्च 70 अरब डॉलर है।
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत को कड़ी चुनौती पेश करने के बावजूद हॉकी विश्व लीग सेमीफाइनल में बुधवार को अधिक रैंकिंग की टीम नीदरलैंड के हाथों 1-3 से हार का सामना करना पड़ा जो उसकी टूर्नामेंट में पहली हार है. सभी गोल पहले दो क्वार्टर में किये गये. नीरदलैंड कीर तरफ से थियरे ब्रिंकमैन (दूसरे मिनट), सैंडर बार्ट (12वें मिनट) और माइक्रो प्रूइसर (24वें मिनट) ने गोल किये जबकि भारत की तरफ से एकमात्र गोल आकाशदीप सिंह ने किया. इस हार से हालांकि भारत के टूर्नामेंट में अवसरों पर कोई फर्क नहीं पड़ा क्योंकि उसने पहले ही क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया था. भारत ने इससे पहले अपने लीग चरण के तीनों मैच जीते थे. नीदरलैंड इस जीत से पूल बी में शीर्ष पर रहा. उसने अपने सभी मैच जीते. भारत ने चार में से तीन मैच जीते और वह दूसरे स्थान पर रहा. भारत अब गुरुवार को क्वार्टर फाइनल में मलेशिया से जबकि नीदरलैंड पूल ए में चौथे स्थान पर रहे चीन से भिड़ेगा. नीदरलैंड को भारत के खिलाफ शुरू से ही जीत का दावेदार माना जा रहा था. भारतीयों ने धीमी शुरूआत की और नीदरलैंड ने शुरू में ही हमलावर तेवर अपनाये. दूसरे मिनट में ही सरदार सिंह गेंद पर कब्जा नहीं रख पाये और ब्रिंकमैन ने अपनी टीम को बढ़त दिलाने में कोई गलती नहीं की. युवा आकाश चिकते ने इसके बाद छठे मिनट में योनस डि गेयुस के प्रयास को नाकाम किया. नीदरलैंड ने हालांकि 12वें मिनट में अपना स्कोर दोगुना कर दिया. उन्होंने टीम को मिले पहले पेनल्टी कार्नर को गोल में बदला. भारत को अगले ही मूव में पेनल्टी कार्नर मिला लेकिन वह इस मौके का फायदा नहीं उठा पाया. नीदरलैंड ने 24वें मिनट में स्कोर 3-0 कर दिया. प्रूइसर ने तब ब्योर्न कोलरमैन के पास गोल किया.टिप्पणियां आकाशदीप के शानदार प्रयास से भारत ने मैच में वापसी की. उन्होंने मैदानी गोल दागा. दूसरे और तीसरे क्वार्टर में दोनों टीमों की तरफ से प्रयास किये गये लेकिन किसी को भी सफलता नहीं मिली.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नीदरलैंड इस जीत से पूल बी में शीर्ष पर रहा. उसने अपने सभी मैच जीते. भारत ने चार में से तीन मैच जीते और वह दूसरे स्थान पर रहा. भारत अब गुरुवार को क्वार्टर फाइनल में मलेशिया से जबकि नीदरलैंड पूल ए में चौथे स्थान पर रहे चीन से भिड़ेगा. नीदरलैंड को भारत के खिलाफ शुरू से ही जीत का दावेदार माना जा रहा था. भारतीयों ने धीमी शुरूआत की और नीदरलैंड ने शुरू में ही हमलावर तेवर अपनाये. दूसरे मिनट में ही सरदार सिंह गेंद पर कब्जा नहीं रख पाये और ब्रिंकमैन ने अपनी टीम को बढ़त दिलाने में कोई गलती नहीं की. युवा आकाश चिकते ने इसके बाद छठे मिनट में योनस डि गेयुस के प्रयास को नाकाम किया. नीदरलैंड ने हालांकि 12वें मिनट में अपना स्कोर दोगुना कर दिया. उन्होंने टीम को मिले पहले पेनल्टी कार्नर को गोल में बदला. भारत को अगले ही मूव में पेनल्टी कार्नर मिला लेकिन वह इस मौके का फायदा नहीं उठा पाया. नीदरलैंड ने 24वें मिनट में स्कोर 3-0 कर दिया. प्रूइसर ने तब ब्योर्न कोलरमैन के पास गोल किया.टिप्पणियां आकाशदीप के शानदार प्रयास से भारत ने मैच में वापसी की. उन्होंने मैदानी गोल दागा. दूसरे और तीसरे क्वार्टर में दोनों टीमों की तरफ से प्रयास किये गये लेकिन किसी को भी सफलता नहीं मिली.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नीदरलैंड को भारत के खिलाफ शुरू से ही जीत का दावेदार माना जा रहा था. भारतीयों ने धीमी शुरूआत की और नीदरलैंड ने शुरू में ही हमलावर तेवर अपनाये. दूसरे मिनट में ही सरदार सिंह गेंद पर कब्जा नहीं रख पाये और ब्रिंकमैन ने अपनी टीम को बढ़त दिलाने में कोई गलती नहीं की. युवा आकाश चिकते ने इसके बाद छठे मिनट में योनस डि गेयुस के प्रयास को नाकाम किया. नीदरलैंड ने हालांकि 12वें मिनट में अपना स्कोर दोगुना कर दिया. उन्होंने टीम को मिले पहले पेनल्टी कार्नर को गोल में बदला. भारत को अगले ही मूव में पेनल्टी कार्नर मिला लेकिन वह इस मौके का फायदा नहीं उठा पाया. नीदरलैंड ने 24वें मिनट में स्कोर 3-0 कर दिया. प्रूइसर ने तब ब्योर्न कोलरमैन के पास गोल किया.टिप्पणियां आकाशदीप के शानदार प्रयास से भारत ने मैच में वापसी की. उन्होंने मैदानी गोल दागा. दूसरे और तीसरे क्वार्टर में दोनों टीमों की तरफ से प्रयास किये गये लेकिन किसी को भी सफलता नहीं मिली.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) युवा आकाश चिकते ने इसके बाद छठे मिनट में योनस डि गेयुस के प्रयास को नाकाम किया. नीदरलैंड ने हालांकि 12वें मिनट में अपना स्कोर दोगुना कर दिया. उन्होंने टीम को मिले पहले पेनल्टी कार्नर को गोल में बदला. भारत को अगले ही मूव में पेनल्टी कार्नर मिला लेकिन वह इस मौके का फायदा नहीं उठा पाया. नीदरलैंड ने 24वें मिनट में स्कोर 3-0 कर दिया. प्रूइसर ने तब ब्योर्न कोलरमैन के पास गोल किया.टिप्पणियां आकाशदीप के शानदार प्रयास से भारत ने मैच में वापसी की. उन्होंने मैदानी गोल दागा. दूसरे और तीसरे क्वार्टर में दोनों टीमों की तरफ से प्रयास किये गये लेकिन किसी को भी सफलता नहीं मिली.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भारत को अगले ही मूव में पेनल्टी कार्नर मिला लेकिन वह इस मौके का फायदा नहीं उठा पाया. नीदरलैंड ने 24वें मिनट में स्कोर 3-0 कर दिया. प्रूइसर ने तब ब्योर्न कोलरमैन के पास गोल किया.टिप्पणियां आकाशदीप के शानदार प्रयास से भारत ने मैच में वापसी की. उन्होंने मैदानी गोल दागा. दूसरे और तीसरे क्वार्टर में दोनों टीमों की तरफ से प्रयास किये गये लेकिन किसी को भी सफलता नहीं मिली.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आकाशदीप के शानदार प्रयास से भारत ने मैच में वापसी की. उन्होंने मैदानी गोल दागा. दूसरे और तीसरे क्वार्टर में दोनों टीमों की तरफ से प्रयास किये गये लेकिन किसी को भी सफलता नहीं मिली.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: इस हार से टीम इंडिया पर नहीं पड़ेगा कोई असर भारत ने इससे पहले अपने लीग चरण के तीनों मैच जीते नीदरलैंड इस जीत से पूल बी में शीर्ष पर रहा
0
['hin']
एक सारांश बनाओ: आपको किससे खुशी मिलती है? ऐसा प्रश्न आपसे बार-बार पूछा जाता है। आप स्वयं से पूछें कि आपको कैसे खुशी मिलती है? क्या व्यवसाय संभाल कर ही आप खुश हैं या आप किसी और वजह से खुश होते हैं? क्या कोई और तय करता है कि आप खुश हों कि नहीं? क्या आप विश्वास करते हैं कि आपकी खुशी पहले से तय है और आपके बस के बाहर? कुछ लोगों के लिए धन-दौलत ही सबसे बड़ी खुशी है। कुछ लोगों के लिए यह पंचतारा होटलों के खाने तक सीमित है। कुछ लोगों के हेरोइन आदि मादक पदार्थों के सेवन से खुशी मिलती है और कुछ लोग शराब और जुए को ही खुशी का साधन मानते हैं। कुछ लोगों के लिए अच्छा जीवन साथी, बढ़िया नौकरी, अच्छा बॉस, आज्ञाकारी बच्चे व माता-पिता से पटरी बैठना ही खुशी के पैमाने हो सकते हैं। शराब और नशीले पदार्थों में प्रसन्नता पाना खतरनाक होता है। ऐसे शौक न केवल थोड़े समय के लिए बल्कि दीर्घकालीन रूप से भी नुकसानदायक होते है। 'प्रसन्नता का व्यापार' एक बड़े उद्योग का रूप ले चुका है। कुछ लोग पवित्र महापुरुषों की संगति में आनंद पाते हैं और मुक्ति का उपाय तलाशते हैं यद्यपि भारत जैसे देश में साधु के रूप में छिपे ठगों की भी कमी नहीं है। आप स्वयं ही अपने आपको प्रसन्न कर सकते हैं। प्रसन्नता कोई अपने आप आने वाली चीज नहीं है। इसके लिए आपको लगातार कोशिश करनी होगी। जब आपको दूसरों की खुशी में ही खुशी मिलने लगेगी तो आप खुशी के भीतर छिपा राज जान लेंगे। याद रखें कि खुशी हमेशा किसी वस्तु की इच्छा, प्रशंसा या कुछ करने में नहीं होती। जीवन की छोटी-छोटी बातों में खुशियां तलाशें और मानकर चलें कि आप प्रसन्न हैं। कोई भी अपना मनपसंद काम करके खुशी पा सकता है। यदि आप मनचाहा काम करने जा रहे हों तो आपको सच्ची प्रसन्नता मिलती है। कुछ रचनात्मक कार्य करें, बेकार व्यक्ति कभी भी खुशी नहीं पा सकता। अपनी इच्छाएं सीमित करके अपने साधनों से संतुष्ट रहने में ही सच्ची खुशी छिपी है। जो लोग कुछ नहीं कर सकते उनके पास काम ही नहीं होता। खुशी का एक रहस्य यह भी होता है कि आप अपने हुनर से समाज, परिवार, सहकर्मियों व अपने काम आएं। मेरा अपना अनुभव तो यही है कि जिस दिन मैं कुछ नहीं करता, मुझे बेचैनी महसूस होती है। रिटायरमेंट के बाद भी मैंने अपने आपको लेखन कार्य में व्यस्त कर रखा है। लोग कहते हैं कि मैंने बहुत कड़ी दिनचर्या बना रखी है, लेकिन मेरे लिए यही सबसे बड़ी खुशी है। कई बार तो मुझे लगता है कि हम जो करना चाहते हैं या पाना चाहते हैं, उसके लिए एक जीवन बहुत थोड़ा है। इस संसार में ज्ञान की कमी नहीं है। अपने बारे में अच्छी राय बनाएं और अपनी योग्यता की कद्र करें। आप स्वयं अपनी इज्जत नहीं कर सकते तो दूसरों से भी इसकी उम्मीद न रखें। आप अपने विश्वास से ज्यादा ऊपर नहीं उठ सकते। जितनी आप अपनी इज्जत करेंगे, उसी अनुपात में लोग आपकी इज्जत करेंगे। अपनी ही संगति में रहना सीखें और साथ ही दूसरों को भी नीचा न दिखाएं। मेरा मित्र श्रीराम हमेशा मुझसे अपना दुख बांटता है, चाहे वह मुझे कहीं भी क्यों न मिले। एक दिन एक खुशनुमा शाम बिताने के बाद जब हम घर लौट रहे थे उसने मुझसे कहा कि नरेंद्र घमंडी है, मैंने इस बारे में साफ इनकार किया तो उसने बड़ी निराशा से कहा कि मैंने ध्यान नहीं दिया, वे लोग उसे नीचा दिखाने की कोशिश में लगे रहते हैं। मैंने उससे कहा कि तुम जीवन से वही पाते हो, जो जो चाहते हो। मैं लोगों के साथ दोस्ताना व्यवहार करता हूं इसलिए वे भी मेरे साथ ऐसा ही करते हैं। मैंने उसे कहा कि हमें भूलना नहीं चाहिए, भगवान ने हर इंसान को अलग-अलग बनाया है। हर इंसान पर उस माहौल का असर पड़ता है, जिसमें उसका पालन-पोषण होता है।
नशीले पदार्थों में प्रसन्नता पाना खतरनाक होता है। ऐसे शौक न केवल थोड़े समय के लिए बल्कि दीर्घकालीन रूप से भी नुकसानदायक होते है।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भष्ट्राचार के खिलाफ मुहिम चला रहे अन्ना हजारे सोमवार को राष्ट्रपति पद के वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी की उम्मीदवारी का समर्थन करते नजर आये। उन्होंने मुखर्जी को अन्य संप्रग मंत्रियों से बेहतर करार दिया। बहरहाल हजारे अपनी इस बात पर कायम हैं कि यदि सीधे चुनाव होते तो एपीजे अब्दुल कलाम एक बार फिर शीर्ष संवैधानिक पद पर आसीन होते।टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘सरकार में अन्य मंत्रियों की तुलना में प्रणब मुखर्जी एक बेहतर मंत्री हैं। लेकिन यदि राष्ट्रपति का सीधे चुनाव होता तो एपीजे अब्दुल कलाम आसानी से जीत सकते थे।’’ हजारे ने एक मराठी समाचार चैनल के साथ साक्षात्कार में यह बात कही। हजारे ने यह भी कहा, ‘‘मुखर्जी एक सक्षम मंत्री हैं। उन्होंने कई महत्वपूर्ण फैसलों में प्रमुख भूमिका निभायी है। उन्हें संप्रग ने चुनाव मैदान में उतारा है। यदि कोई अन्य मंत्री होता तो मैं अनुमोदन नहीं करता।’’ बहरहाल हजारे अपनी इस बात पर कायम हैं कि यदि सीधे चुनाव होते तो एपीजे अब्दुल कलाम एक बार फिर शीर्ष संवैधानिक पद पर आसीन होते।टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘सरकार में अन्य मंत्रियों की तुलना में प्रणब मुखर्जी एक बेहतर मंत्री हैं। लेकिन यदि राष्ट्रपति का सीधे चुनाव होता तो एपीजे अब्दुल कलाम आसानी से जीत सकते थे।’’ हजारे ने एक मराठी समाचार चैनल के साथ साक्षात्कार में यह बात कही। हजारे ने यह भी कहा, ‘‘मुखर्जी एक सक्षम मंत्री हैं। उन्होंने कई महत्वपूर्ण फैसलों में प्रमुख भूमिका निभायी है। उन्हें संप्रग ने चुनाव मैदान में उतारा है। यदि कोई अन्य मंत्री होता तो मैं अनुमोदन नहीं करता।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सरकार में अन्य मंत्रियों की तुलना में प्रणब मुखर्जी एक बेहतर मंत्री हैं। लेकिन यदि राष्ट्रपति का सीधे चुनाव होता तो एपीजे अब्दुल कलाम आसानी से जीत सकते थे।’’ हजारे ने एक मराठी समाचार चैनल के साथ साक्षात्कार में यह बात कही। हजारे ने यह भी कहा, ‘‘मुखर्जी एक सक्षम मंत्री हैं। उन्होंने कई महत्वपूर्ण फैसलों में प्रमुख भूमिका निभायी है। उन्हें संप्रग ने चुनाव मैदान में उतारा है। यदि कोई अन्य मंत्री होता तो मैं अनुमोदन नहीं करता।’’ हजारे ने यह भी कहा, ‘‘मुखर्जी एक सक्षम मंत्री हैं। उन्होंने कई महत्वपूर्ण फैसलों में प्रमुख भूमिका निभायी है। उन्हें संप्रग ने चुनाव मैदान में उतारा है। यदि कोई अन्य मंत्री होता तो मैं अनुमोदन नहीं करता।’’
भष्ट्राचार के खिलाफ मुहिम चला रहे अन्ना हजारे राष्ट्रपति पद के वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी की उम्मीदवारी का समर्थन करते नजर आये। उन्होंने मुखर्जी को अन्य संप्रग मंत्रियों से बेहतर करार दिया।
1
['hin']
एक सारांश बनाओ: देश आज 67वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर सुबह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने दिल्ली के लाल किले पर झंडा फहराया और इसके बाद देश को संबोधित किया। अपने संबोधन में सिंह अपने पिछले दो कार्यकाल का जिक्र किया और लोगों से यह तय करने की अपील की कि आपको क्या चाहिए। पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि संबंध सुधारने के लिए पड़ोसी देश से हो रही भारत विरोधी गतिविधियां बंद करनी होंगी। साथ ही जोर देकर कहा कि नियंत्रण रेखा पर हाल ही में जवानों की हत्या जैसी कायराना हरकत को रोकने के लिए सभी कदम उठाए जाएंगे। सिंह ने 67वें स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि आतंकवाद और नक्सल हिंसा घटी है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में लगातार निगरानी की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा अपने पड़ोसी देशों के साथ दोस्ती का प्रयास किया है। हालांकि पाकिस्तान के साथ संबंध सुधरने के लिए अनिवार्य है कि पड़ोसी देश अपनी भूमि और अपने नियंत्रण वाले क्षेत्र को भारत विरोधी गतिविधि के लिए इस्तेमाल होने से रोके। प्रधानमंत्री ने 6 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर पांच भारतीय सैनिकों की पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि यह कायराना हरकत थी। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हम हरसंभव कदम उठाएंगे ।टिप्पणियां राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में स्थिति में सुधार हुआ है। 2012 में और इस साल कुछ राज्यों में सांप्रदाययिक हिंसा की चिन्ताजनक घटनाओं के बावजूद पिछले 9 साल सांप्रदायिक सद्भाव की दृष्टि से अच्छे गुजरे हैं। आतंकवादी और नक्सली हिंसा में भी कमी आई है। उन्होंने कहा, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के संबंध में हमें लगातार सावधानी बरतने की आवश्यकता है। समय-समय पर हो रहे नक्सली हमलों को पूरी तरह रोकने में हम सफल नहीं हो पाए हैं। छत्तीसगढ़ में पिछली 25 मई को जो नक्सल हिंसा हुई, वह भारत के लोकतंत्र पर सीधा हमला था गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए दिल्ली और देश के दूसरे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। राजधानी में चप्पे-चप्पे पर पुलिस को तैनात किया गया है और सड़कों पर गाड़ियों की तलाशी ली जा रही है। साथ ही तमाम संवेदनशील इलाकों और होटलों में भी पुलिस की ओर से तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि संबंध सुधारने के लिए पड़ोसी देश से हो रही भारत विरोधी गतिविधियां बंद करनी होंगी। साथ ही जोर देकर कहा कि नियंत्रण रेखा पर हाल ही में जवानों की हत्या जैसी कायराना हरकत को रोकने के लिए सभी कदम उठाए जाएंगे। सिंह ने 67वें स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि आतंकवाद और नक्सल हिंसा घटी है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में लगातार निगरानी की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा अपने पड़ोसी देशों के साथ दोस्ती का प्रयास किया है। हालांकि पाकिस्तान के साथ संबंध सुधरने के लिए अनिवार्य है कि पड़ोसी देश अपनी भूमि और अपने नियंत्रण वाले क्षेत्र को भारत विरोधी गतिविधि के लिए इस्तेमाल होने से रोके। प्रधानमंत्री ने 6 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर पांच भारतीय सैनिकों की पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि यह कायराना हरकत थी। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हम हरसंभव कदम उठाएंगे ।टिप्पणियां राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में स्थिति में सुधार हुआ है। 2012 में और इस साल कुछ राज्यों में सांप्रदाययिक हिंसा की चिन्ताजनक घटनाओं के बावजूद पिछले 9 साल सांप्रदायिक सद्भाव की दृष्टि से अच्छे गुजरे हैं। आतंकवादी और नक्सली हिंसा में भी कमी आई है। उन्होंने कहा, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के संबंध में हमें लगातार सावधानी बरतने की आवश्यकता है। समय-समय पर हो रहे नक्सली हमलों को पूरी तरह रोकने में हम सफल नहीं हो पाए हैं। छत्तीसगढ़ में पिछली 25 मई को जो नक्सल हिंसा हुई, वह भारत के लोकतंत्र पर सीधा हमला था गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए दिल्ली और देश के दूसरे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। राजधानी में चप्पे-चप्पे पर पुलिस को तैनात किया गया है और सड़कों पर गाड़ियों की तलाशी ली जा रही है। साथ ही तमाम संवेदनशील इलाकों और होटलों में भी पुलिस की ओर से तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सिंह ने 67वें स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि आतंकवाद और नक्सल हिंसा घटी है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में लगातार निगरानी की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा अपने पड़ोसी देशों के साथ दोस्ती का प्रयास किया है। हालांकि पाकिस्तान के साथ संबंध सुधरने के लिए अनिवार्य है कि पड़ोसी देश अपनी भूमि और अपने नियंत्रण वाले क्षेत्र को भारत विरोधी गतिविधि के लिए इस्तेमाल होने से रोके। प्रधानमंत्री ने 6 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर पांच भारतीय सैनिकों की पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि यह कायराना हरकत थी। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हम हरसंभव कदम उठाएंगे ।टिप्पणियां राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में स्थिति में सुधार हुआ है। 2012 में और इस साल कुछ राज्यों में सांप्रदाययिक हिंसा की चिन्ताजनक घटनाओं के बावजूद पिछले 9 साल सांप्रदायिक सद्भाव की दृष्टि से अच्छे गुजरे हैं। आतंकवादी और नक्सली हिंसा में भी कमी आई है। उन्होंने कहा, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के संबंध में हमें लगातार सावधानी बरतने की आवश्यकता है। समय-समय पर हो रहे नक्सली हमलों को पूरी तरह रोकने में हम सफल नहीं हो पाए हैं। छत्तीसगढ़ में पिछली 25 मई को जो नक्सल हिंसा हुई, वह भारत के लोकतंत्र पर सीधा हमला था गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए दिल्ली और देश के दूसरे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। राजधानी में चप्पे-चप्पे पर पुलिस को तैनात किया गया है और सड़कों पर गाड़ियों की तलाशी ली जा रही है। साथ ही तमाम संवेदनशील इलाकों और होटलों में भी पुलिस की ओर से तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा अपने पड़ोसी देशों के साथ दोस्ती का प्रयास किया है। हालांकि पाकिस्तान के साथ संबंध सुधरने के लिए अनिवार्य है कि पड़ोसी देश अपनी भूमि और अपने नियंत्रण वाले क्षेत्र को भारत विरोधी गतिविधि के लिए इस्तेमाल होने से रोके। प्रधानमंत्री ने 6 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर पांच भारतीय सैनिकों की पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि यह कायराना हरकत थी। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हम हरसंभव कदम उठाएंगे ।टिप्पणियां राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में स्थिति में सुधार हुआ है। 2012 में और इस साल कुछ राज्यों में सांप्रदाययिक हिंसा की चिन्ताजनक घटनाओं के बावजूद पिछले 9 साल सांप्रदायिक सद्भाव की दृष्टि से अच्छे गुजरे हैं। आतंकवादी और नक्सली हिंसा में भी कमी आई है। उन्होंने कहा, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के संबंध में हमें लगातार सावधानी बरतने की आवश्यकता है। समय-समय पर हो रहे नक्सली हमलों को पूरी तरह रोकने में हम सफल नहीं हो पाए हैं। छत्तीसगढ़ में पिछली 25 मई को जो नक्सल हिंसा हुई, वह भारत के लोकतंत्र पर सीधा हमला था गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए दिल्ली और देश के दूसरे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। राजधानी में चप्पे-चप्पे पर पुलिस को तैनात किया गया है और सड़कों पर गाड़ियों की तलाशी ली जा रही है। साथ ही तमाम संवेदनशील इलाकों और होटलों में भी पुलिस की ओर से तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने 6 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर पांच भारतीय सैनिकों की पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि यह कायराना हरकत थी। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हम हरसंभव कदम उठाएंगे ।टिप्पणियां राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में स्थिति में सुधार हुआ है। 2012 में और इस साल कुछ राज्यों में सांप्रदाययिक हिंसा की चिन्ताजनक घटनाओं के बावजूद पिछले 9 साल सांप्रदायिक सद्भाव की दृष्टि से अच्छे गुजरे हैं। आतंकवादी और नक्सली हिंसा में भी कमी आई है। उन्होंने कहा, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के संबंध में हमें लगातार सावधानी बरतने की आवश्यकता है। समय-समय पर हो रहे नक्सली हमलों को पूरी तरह रोकने में हम सफल नहीं हो पाए हैं। छत्तीसगढ़ में पिछली 25 मई को जो नक्सल हिंसा हुई, वह भारत के लोकतंत्र पर सीधा हमला था गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए दिल्ली और देश के दूसरे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। राजधानी में चप्पे-चप्पे पर पुलिस को तैनात किया गया है और सड़कों पर गाड़ियों की तलाशी ली जा रही है। साथ ही तमाम संवेदनशील इलाकों और होटलों में भी पुलिस की ओर से तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में स्थिति में सुधार हुआ है। 2012 में और इस साल कुछ राज्यों में सांप्रदाययिक हिंसा की चिन्ताजनक घटनाओं के बावजूद पिछले 9 साल सांप्रदायिक सद्भाव की दृष्टि से अच्छे गुजरे हैं। आतंकवादी और नक्सली हिंसा में भी कमी आई है। उन्होंने कहा, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के संबंध में हमें लगातार सावधानी बरतने की आवश्यकता है। समय-समय पर हो रहे नक्सली हमलों को पूरी तरह रोकने में हम सफल नहीं हो पाए हैं। छत्तीसगढ़ में पिछली 25 मई को जो नक्सल हिंसा हुई, वह भारत के लोकतंत्र पर सीधा हमला था गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए दिल्ली और देश के दूसरे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। राजधानी में चप्पे-चप्पे पर पुलिस को तैनात किया गया है और सड़कों पर गाड़ियों की तलाशी ली जा रही है। साथ ही तमाम संवेदनशील इलाकों और होटलों में भी पुलिस की ओर से तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए दिल्ली और देश के दूसरे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। राजधानी में चप्पे-चप्पे पर पुलिस को तैनात किया गया है और सड़कों पर गाड़ियों की तलाशी ली जा रही है। साथ ही तमाम संवेदनशील इलाकों और होटलों में भी पुलिस की ओर से तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
संक्षिप्त सारांश: 67वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम ने भाषण में कहा कि पाकिस्तान से हम दोस्ती चाहते हैं, लेकिन उसे अपनी भूमि और अपने नियंत्रण वाले इलाकों से भारत के खिलाफ आतंकवाद को प्रोत्साहन देना बंद करना पड़ेगा।
8
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के रामपुर में एक चावल मिल परिसर में जुआ खेले जाने के संदेह को लेकर की गयी छापेमारी के बाद दो सब-इंस्पेक्टरों समेत सात पुलिसकर्मियों ने मिल के मालिक को कथित तौर पर पीट-पीटकर मार डाला। इसके बाद अधिकारियों ने मामले की मजिस्ट्रेट स्तर की जांच का आदेश दिया है। केमरी थाने में दर्ज करायी गयी शिकायत के अनुसार सात पुलिसकर्मियों ने जलाल अहमद (40) को राइफल की बट से पीटा, जिससे उसकी मौत हो गयी। अहमद के परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि शनिवार को देर रात सात पुलिसकर्मियों ने मिल में प्रवेश किया और उसको गाली देना शुरू कर दिया और झूठे मामले में फंसाने की धमकी देते हुए एक लाख रुपये की मांग की। उसके परिवार के सदस्यों ने संवाददाताओं से कहा कि जब अहमद ने इससे इंकार किया तो पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।टिप्पणियां पुलिस सूत्रों ने बताया कि रामपुर के पुलिस अधीक्षक संजीव त्यागी ने आरोपी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। कार्यवाहक कलेक्टर मदन सिंह गरबियल ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया है। घटना से क्षेत्र में आक्रोश पैदा हो गया और बड़ी संख्या में केमरी शहर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने आरोपियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसी बीच, एक आरोपी सब इंस्पेक्टर ने एक शिकायत दर्ज करायी है जिसमें आरोप लगाया है कि मिल में मालिक द्वारा जुआ जैसी गैरकानूनी गतिविधियां चलायी जा रही थी और उसके परिसर से 6,700 रुपये भी बरामद किये गये। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इसके बाद अधिकारियों ने मामले की मजिस्ट्रेट स्तर की जांच का आदेश दिया है। केमरी थाने में दर्ज करायी गयी शिकायत के अनुसार सात पुलिसकर्मियों ने जलाल अहमद (40) को राइफल की बट से पीटा, जिससे उसकी मौत हो गयी। अहमद के परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि शनिवार को देर रात सात पुलिसकर्मियों ने मिल में प्रवेश किया और उसको गाली देना शुरू कर दिया और झूठे मामले में फंसाने की धमकी देते हुए एक लाख रुपये की मांग की। उसके परिवार के सदस्यों ने संवाददाताओं से कहा कि जब अहमद ने इससे इंकार किया तो पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।टिप्पणियां पुलिस सूत्रों ने बताया कि रामपुर के पुलिस अधीक्षक संजीव त्यागी ने आरोपी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। कार्यवाहक कलेक्टर मदन सिंह गरबियल ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया है। घटना से क्षेत्र में आक्रोश पैदा हो गया और बड़ी संख्या में केमरी शहर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने आरोपियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसी बीच, एक आरोपी सब इंस्पेक्टर ने एक शिकायत दर्ज करायी है जिसमें आरोप लगाया है कि मिल में मालिक द्वारा जुआ जैसी गैरकानूनी गतिविधियां चलायी जा रही थी और उसके परिसर से 6,700 रुपये भी बरामद किये गये। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अहमद के परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि शनिवार को देर रात सात पुलिसकर्मियों ने मिल में प्रवेश किया और उसको गाली देना शुरू कर दिया और झूठे मामले में फंसाने की धमकी देते हुए एक लाख रुपये की मांग की। उसके परिवार के सदस्यों ने संवाददाताओं से कहा कि जब अहमद ने इससे इंकार किया तो पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।टिप्पणियां पुलिस सूत्रों ने बताया कि रामपुर के पुलिस अधीक्षक संजीव त्यागी ने आरोपी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। कार्यवाहक कलेक्टर मदन सिंह गरबियल ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया है। घटना से क्षेत्र में आक्रोश पैदा हो गया और बड़ी संख्या में केमरी शहर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने आरोपियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसी बीच, एक आरोपी सब इंस्पेक्टर ने एक शिकायत दर्ज करायी है जिसमें आरोप लगाया है कि मिल में मालिक द्वारा जुआ जैसी गैरकानूनी गतिविधियां चलायी जा रही थी और उसके परिसर से 6,700 रुपये भी बरामद किये गये। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पुलिस सूत्रों ने बताया कि रामपुर के पुलिस अधीक्षक संजीव त्यागी ने आरोपी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। कार्यवाहक कलेक्टर मदन सिंह गरबियल ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया है। घटना से क्षेत्र में आक्रोश पैदा हो गया और बड़ी संख्या में केमरी शहर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने आरोपियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसी बीच, एक आरोपी सब इंस्पेक्टर ने एक शिकायत दर्ज करायी है जिसमें आरोप लगाया है कि मिल में मालिक द्वारा जुआ जैसी गैरकानूनी गतिविधियां चलायी जा रही थी और उसके परिसर से 6,700 रुपये भी बरामद किये गये। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अधिकारियों ने मामले की मजिस्ट्रेट स्तर की जांच का आदेश दिया है रामपुर के पुलिस अधीक्षक ने आरोपी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया मृतक के घरवालों का आरोप, पैसे नहीं देने के चलते की गई पिटाई
28
['hin']
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान में आंतरिक मामलों पर प्रधानमंत्री के सलाहकार रहमान मलिक ने संसद के उच्च सदन सीनेट से इस्तीफा दे दिया। 'जियो न्यूज' के अनुसार, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सांसद मलिक ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने सीनेट से इस्तीफा दे दिया।टिप्पणियां मलिक ने कहा कि वह सलाहकार के पद से भी इस्तीफा देना चाहते थे, लेकिन प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ ने उन्हें इस पद पर बने रहने के लिए कहा। सर्वोच्च न्यायालय ने ब्रिटेन और पाकिस्तान की दोहरी नागरिकता को लेकर मलिक की सीनेट सदस्यता निलम्बित कर दी थी। मलिक के अनुसार, उन्होंने न्यायालय को बताया कि वह ब्रिटेन की अपनी नागरिकता सौंप चुके हैं, लेकिन वह इसके पक्ष में दस्तावेज पेश करने में विफल रहे। मलिक ने कहा कि वह सलाहकार के पद से भी इस्तीफा देना चाहते थे, लेकिन प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ ने उन्हें इस पद पर बने रहने के लिए कहा। सर्वोच्च न्यायालय ने ब्रिटेन और पाकिस्तान की दोहरी नागरिकता को लेकर मलिक की सीनेट सदस्यता निलम्बित कर दी थी। मलिक के अनुसार, उन्होंने न्यायालय को बताया कि वह ब्रिटेन की अपनी नागरिकता सौंप चुके हैं, लेकिन वह इसके पक्ष में दस्तावेज पेश करने में विफल रहे। सर्वोच्च न्यायालय ने ब्रिटेन और पाकिस्तान की दोहरी नागरिकता को लेकर मलिक की सीनेट सदस्यता निलम्बित कर दी थी। मलिक के अनुसार, उन्होंने न्यायालय को बताया कि वह ब्रिटेन की अपनी नागरिकता सौंप चुके हैं, लेकिन वह इसके पक्ष में दस्तावेज पेश करने में विफल रहे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तान में आंतरिक मामलों पर प्रधानमंत्री के सलाहकार रहमान मलिक ने संसद के उच्च सदन सीनेट से इस्तीफा दे दिया।
32
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में गुरुवार को तेजी का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 160.93 अंकों की तेजी के साथ 19,413.54 पर और निफ्टी 44.70 अंकों की तेजी के साथ 5,863.30 पर बंद हुआ। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स  30.56 अंकों की गिरावट के साथ 19,222.05 पर खुला और 160.93 अंकों यानी 0.84 फीसदी की तेजी के साथ 19,413.54 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,465.52 के ऊपरी 19,212.92 के निचले स्तर को छुआ। नेशलन स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 17.30 अंकों की गिरावट के साथ 5,801.30 पर खुला और 44.70 अंकों यानी 0.77 फीसदी की तेजी के साथ 5,863.30 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,878.00 के ऊपरी और 5,801.30 के निचले स्तर को छुआ।टिप्पणियां बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 30.74 अंकों की तेजी के साथ 6,440.81 पर और स्मॉलकैप 52.74 अंकों की तेजी के साथ 6,290.76 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से 10 सेक्टरों में तेजी रही। रियल्टी (1.68 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.66 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.59 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.34 फीसदी) और बैंकिंग (0.86 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स  30.56 अंकों की गिरावट के साथ 19,222.05 पर खुला और 160.93 अंकों यानी 0.84 फीसदी की तेजी के साथ 19,413.54 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,465.52 के ऊपरी 19,212.92 के निचले स्तर को छुआ। नेशलन स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 17.30 अंकों की गिरावट के साथ 5,801.30 पर खुला और 44.70 अंकों यानी 0.77 फीसदी की तेजी के साथ 5,863.30 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,878.00 के ऊपरी और 5,801.30 के निचले स्तर को छुआ।टिप्पणियां बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 30.74 अंकों की तेजी के साथ 6,440.81 पर और स्मॉलकैप 52.74 अंकों की तेजी के साथ 6,290.76 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से 10 सेक्टरों में तेजी रही। रियल्टी (1.68 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.66 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.59 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.34 फीसदी) और बैंकिंग (0.86 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। नेशलन स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 17.30 अंकों की गिरावट के साथ 5,801.30 पर खुला और 44.70 अंकों यानी 0.77 फीसदी की तेजी के साथ 5,863.30 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,878.00 के ऊपरी और 5,801.30 के निचले स्तर को छुआ।टिप्पणियां बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 30.74 अंकों की तेजी के साथ 6,440.81 पर और स्मॉलकैप 52.74 अंकों की तेजी के साथ 6,290.76 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से 10 सेक्टरों में तेजी रही। रियल्टी (1.68 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.66 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.59 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.34 फीसदी) और बैंकिंग (0.86 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 30.74 अंकों की तेजी के साथ 6,440.81 पर और स्मॉलकैप 52.74 अंकों की तेजी के साथ 6,290.76 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से 10 सेक्टरों में तेजी रही। रियल्टी (1.68 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.66 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.59 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.34 फीसदी) और बैंकिंग (0.86 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। बीएसई के 13 में से 10 सेक्टरों में तेजी रही। रियल्टी (1.68 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.66 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.59 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.34 फीसदी) और बैंकिंग (0.86 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।
सारांश: देश के शेयर बाजारों में गुरुवार को तेजी का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 160.93 अंकों की तेजी के साथ 19,413.54 पर और निफ्टी 44.70 अंकों की तेजी के साथ 5,863.30 पर बंद हुआ।
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: श्रीनगर में सेना और सरकार की सहायता न मिलने के कारण भारतीय सेना का एक जवान अपनी मां का शव 10 फुट गहरी बर्फ़ में घंटों तक ऊंची चढ़ाई चढ़कर अपने घर ले जा सका. मोहम्मद अब्बास खान नाम के इस जवान की मां की मौत पठानकोट में 28 जनवरी को हो गई थी. बेटे की इच्छा थी कि वह अपनी मां का शव अपने गांव LOC के करीब कश्मीर के करनाह में दफनाए. अब्बास अगले दिन पठानकोट से गाड़ी के ज़रिए पहले जम्मू और फिर वहां से श्रीनगर पहुंचे. यहां उन्होंने सेना से हेलीकॉप्टर की गुज़ारिश की. लेकिन उन्हें मदद नहीं मिली.टिप्पणियां इधर अब्बास मां का शव लेकर श्रीनगर से कुपवाड़ा पुहंच चुके थे. उन्हें उम्मीद थी कि सेना शव को चित्राकोट, जो उनके घर से 52 किलोमीटर दूर है, तक पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर दे देगी, लेकिन सेना की मदद नहीं आई. अब्बास ने स्थानीय प्रशासन से भी हेलीकॉप्टर की मांग की, लेकिन यहां भी सिर्फ आश्वासन ही मिला. अब तक चित्राकोट से अब्बास के कुछ रिश्तेदार कुछ मजदूरों के साथ कुपवाड़ा पहुंच चुके थे. यहां गांववालों ने छत और खाना देकर उनकी मदद की. इधर, वे सेना से फरियाद लगाते रहे, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिला. कुपवाड़ा में ये सभी चार दिन तक फंसे रहे. अंत में 2 फरवरी को 10 घंटे में 30 किलोमीटर की यात्रा कर वे अगले पड़ाव तक पहुंचे. बाद में सेना की ओर से यह कहा गया कि हेलीकॉप्टर भेजा गया था तब तक अब्बास निकल चुके थे. कुपवाड़ा में सेना ने उन्हें कुछ मजदूर मुहैया कराए थे. बाकी के 22 किलोमीटर की यात्रा उन्होंने वहां से गुजरने वाली गाड़ियों से लिफ्ट लेकर की और बेटे ने अंत में अपनी मां को अपने गांव में दफनाने की अपनी इच्छा पूरी की. इधर अब्बास मां का शव लेकर श्रीनगर से कुपवाड़ा पुहंच चुके थे. उन्हें उम्मीद थी कि सेना शव को चित्राकोट, जो उनके घर से 52 किलोमीटर दूर है, तक पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर दे देगी, लेकिन सेना की मदद नहीं आई. अब्बास ने स्थानीय प्रशासन से भी हेलीकॉप्टर की मांग की, लेकिन यहां भी सिर्फ आश्वासन ही मिला. अब तक चित्राकोट से अब्बास के कुछ रिश्तेदार कुछ मजदूरों के साथ कुपवाड़ा पहुंच चुके थे. यहां गांववालों ने छत और खाना देकर उनकी मदद की. इधर, वे सेना से फरियाद लगाते रहे, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिला. कुपवाड़ा में ये सभी चार दिन तक फंसे रहे. अंत में 2 फरवरी को 10 घंटे में 30 किलोमीटर की यात्रा कर वे अगले पड़ाव तक पहुंचे. बाद में सेना की ओर से यह कहा गया कि हेलीकॉप्टर भेजा गया था तब तक अब्बास निकल चुके थे. कुपवाड़ा में सेना ने उन्हें कुछ मजदूर मुहैया कराए थे. बाकी के 22 किलोमीटर की यात्रा उन्होंने वहां से गुजरने वाली गाड़ियों से लिफ्ट लेकर की और बेटे ने अंत में अपनी मां को अपने गांव में दफनाने की अपनी इच्छा पूरी की. इधर, वे सेना से फरियाद लगाते रहे, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिला. कुपवाड़ा में ये सभी चार दिन तक फंसे रहे. अंत में 2 फरवरी को 10 घंटे में 30 किलोमीटर की यात्रा कर वे अगले पड़ाव तक पहुंचे. बाद में सेना की ओर से यह कहा गया कि हेलीकॉप्टर भेजा गया था तब तक अब्बास निकल चुके थे. कुपवाड़ा में सेना ने उन्हें कुछ मजदूर मुहैया कराए थे. बाकी के 22 किलोमीटर की यात्रा उन्होंने वहां से गुजरने वाली गाड़ियों से लिफ्ट लेकर की और बेटे ने अंत में अपनी मां को अपने गांव में दफनाने की अपनी इच्छा पूरी की.
संक्षिप्त सारांश: मां का शव ले जाने के लिए नहीं मिल पाई मदद 10 फुट गहरी बर्फ में घंटों चढ़ाई कर ले गया शव सेना से की थी हेलीकॉप्टर की गुजारिश
10
['hin']
एक सारांश बनाओ: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान कलेक्टर अनुभा श्रीवास्तव का एक कथित चैट इन दिनों खासा वायरल हो रहा है. इस चैट में अनुभा अपनी जूनियर अधिकारी पूजा तिवारी से बीजेपी को जीताने के लिए कुछ भी करने के लिए कह रही है. साथ ही वह कह रही हैं कि 'अगर चुनाव बाद तुम्हें तुरंत एसडीएम का चार्ज संभालना है तो किसी भी तरह बीजेपी को जिताओ. उन्होंने चैट में पूजा तिवारी से कहा कि मुझे कांग्रेस क्लीन स्वीप चाहिए. मैं आरओ डेहरिया को फोन कर देती हूं. पूजा तुम्हें अगर एसडीएम का चार्ज लेना है तो जैतपुर में बीजेपी को विन कराओ.' इस पर पूजा तिवारी ने अनुभा को जवाब में 'ओके मैम' लिखा. साथ ही पूजा ने कहा कि 'मैं मैनेज करती हूं बट कोई इंक्वायरी तो नहीं होगी.' इस पर अनुभा ने उन्हें भरोसा दिलाते हुए लिखा कि मैं हूं. मेहनत कर रही हो तो बीजेपी गवर्नमेंट बनते ही तुम्हें एसडीएम का चार्ज मिलेगा. बता दें कि अनुभा शहडोल की कलेक्टर हैं. गौरतलब है पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बीजेपी की तुलना में ज्यादा सीटें मिली थी. इसके बाद ही उसने सपा-बसपा जैसी पार्टियों के समर्थन से राज्य में अपनी सरकार बनाई. डिप्टी कलेक्टर पूजा तिवारी ने इस चैट को फर्जी बताते हुए कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज करवा दी है. उन्‍होंने कहा, 'मेरा और कलेक्टर मैडम के नाम से किसी ने ग़लत मैसेज व्हाट्सऐप में चलाया उसकी हमें जैसे ही पता चला फौरन उसकी एफआईआर मैंने कोतवाली थाने में करवा दी. ऐसा कुछ हुआ ही नहीं, वो फोन नंबर भी फर्ज़ी था. जो हमारा ग्रुप है डिप्टी कलेक्टर का उसमें भी ये मैसेज गया सीधे... उन्होंने मुझे कहा पूजा देखो ये क्या हो रहा है तो हम सबने चर्चा करके एफआईआर करवाई. मैडम ने भी सारे वरिष्ठ अधिकारियों को ये बताया. मेरी छवि ख़राब करने के लिये ये मैसेज चला रहे हैं.' मामले में ज़िले के एसपी कुमार सौरभ ने बताया, 'डिप्टी कलेक्टर ने शिकायत कराई कि पिछले कुछ दिनों से उन्हें अंजान नंबर से अश्लील मैसेज आ रहे हैं. किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनके फोन को हैक करके दुष्प्रचार किया गया, झूठे चैट को प्रचारित करके उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. इस संबंध में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया. कमलनाथ ने राज्य के सीएम के तौर पर पद संभाला. हालांकि सरकार में आने के कुछ समय बाद ही सरकार विवादों में तब घिर गई जब कमलनाथ के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार में श्रम मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने अधिकारियों व कर्मचारी को लेकर एक बयान दिया. उन्होंने कहा था कि जो भी अधिकारी या कर्मचारी काम नहीं करेगा, उसे लात मारकर बाहर कर देंगे. मंत्री के इस बयान का वीडियो वायरल हो गया था. मंत्री सिसोदिया अपने विधानसभा क्षेत्र बमोरी के हिनोतिया गांव पहुंचे थे. वहां उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से कहा था कि मैं कैबिनेट मंत्री नहीं बना, बल्कि बमोरी का हर आदमी, हर कार्यकर्ता कैबिनेट मंत्री है. आपको कोई परेशानी नहीं आएगी. कोई भी काम हो तो अधिकारी को फोन करो, जो नहीं सुने, उसके बारे में मुझे बताओ. मैंने बैठक में कह दिया है. अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी काम नहीं करेगा तो उसे लात मारकर बाहर कर देंगे.'
जूनियर अधिकारी को बीजेपी को जीताने को कहा डीएम पर हो सकती है कार्रवाई वायरल हो रहा है डीएम का यह चैट
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: त्रिपुरा में विपक्षी वाम मोर्चे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शनिवार की जनसभा के दौरान राज्य मंत्री मोनोज कांती देव द्वारा उनकी मंत्रीमंडलीय साथी को गलत तरीके से छूने के लिए उन्हें बर्खास्त करने की मांग की है. सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने वाम मोर्चे पर चरित्र हनन का आरोप लगाते हुए उसकी मांग को ठुकरा दिया. वहीं, समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के मुखिया अखिलेश यादव को इलाहाबाद यूनिवर्सिटी (Allahabad University) के एक कार्यक्रम में जाने के दौरान लखनऊ एयरपोर्ट पर पुलिस द्वारा रोके जाने पर मामला गरमाता दिख रहा है. अखिलेश (Akhilesh Yadav) यादव ने मीडिया को संबोधित कर बीजेपी सरकार पर हमला बोला और कहा कि उन्हें छात्रों के कार्यक्रम में न जाने का दुख है. उधर, बिहार शेल्टर होम मामले में सुप्रीम कोर्ट के अवमानना का सामना कर रहे सीबीआई के तत्कालीन अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव को मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने अनोखी सजा सुनाई और उन्हें दिन भर के लिए कोर्ट के एक कोने में बैठने की सजा दी. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि नागेश्वर राव को पता होना चाहिए था कि बिहार शेल्टर मामले के उस वक्त के जांच अधिकारी ए के शर्मा को हटाने से क्या असर होगा. वहीं, दिल्ली के करोलबाग में एक होटल में आग लगने की घटना में 17 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि दिल्ली सरकार ने करोलबाग आग हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं. सीएम ने पीड़ित परिवार को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा का ऐलान भी किया है. उधर, करीना कपूर खान (Kareena Kapoor Khan) इन दिनों रेडियो पर 'व्हॉट वूमन वॉन्ट (What Women Want)' शो कर रही हैं. इसमें करीना कपूर खान के साथ कई सेलेब्रिटी भी आते हैं और फिर करीना कपूर खान के जवाब भी काफी कमाल के होते हैं. लेकिन इस बार सैफ अली खान (Saif Ali Khan) ने उनसे शरारत भरा सवाल करके फंसाने की कोशिश की.  त्रिपुरा में विपक्षी वाम मोर्चे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शनिवार की जनसभा के दौरान राज्य मंत्री मोनोज कांती देव द्वारा उनकी मंत्रीमंडलीय साथी को गलत तरीके से छूने के लिए उन्हें बर्खास्त करने की मांग की है. सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने वाम मोर्चे पर चरित्र हनन का आरोप लगाते हुए उसकी मांग को ठुकरा दिया. वाम मोर्चे के संयोजक बिजन धर ने संवाददाताओं से कहा, "जिस मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विप्लब कुमार देव और अन्य लोग जनसभा संबोधित कर रहे थे उस मंच पर एक महिला मंत्री को गलत तरीके से छूने के लिए मोनोज कांती देव को बर्खास्त कर गिरफ्तार कर लेना चाहिए." उन्होंने कहा कि विभिन्न सोशल मीडिया साइट्स पर यह सार्वजनिक रूप से देखा गया कि देव ने समाज कल्याण और सामाजिक शिक्षा मंत्री संतना चकमा की कमर पर हाथ रखा था. चकमा एक युवा आदिवासी नेता हैं.  हालांकि, एनडीटीवी इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है. उधर, बिहार शेल्टर होम मामले में सुप्रीम कोर्ट के अवमानना का सामना कर रहे सीबीआई के तत्कालीन अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव को मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने अनोखी सजा सुनाई और उन्हें दिन भर के लिए कोर्ट के एक कोने में बैठने की सजा दी. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि नागेश्वर राव को पता होना चाहिए था कि बिहार शेल्टर मामले के उस वक्त के जांच अधिकारी ए के शर्मा को हटाने से क्या असर होगा.    समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के मुखिया अखिलेश यादव कोइलाहाबाद यूनिवर्सिटी (Allahabad University) के एक कार्यक्रम में जाने के दौरान लखनऊ एयरपोर्ट पर पुलिस द्वारा रोके जाने पर मामला गरमाता दिख रहा है. अखिलेश (Akhilesh Yadav) यादव ने मीडिया को संबोधित कर बीजेपी सरकार पर हमला बोला और कहा कि उन्हें छात्रों के कार्यक्रम में न जाने का दुख है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की नियत साफ नहीं थी. अखिलेश यादव ने कहा, 'मुझे इस समय इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के छात्रों के बीच अपनी बात रखनी थी. इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के छात्रों और छात्रसंघ के अध्यक्ष (जो अभी हालही चुने गए हैं) के कार्यक्रम में मुझे शामिल होना था. मुझे दुख है इस बात का कि जो छात्र इतने दिनों से तैयारी कर रहे थे और उस कार्यक्रम में शामिल होकर हमें अपनी बात रखनी थी, वह नहीं हो पाया. सरकार का मन और नियत साफ नहीं रहा. यूनिवर्सिटी का कार्यक्रम मैंने बहुत महीने पहले भेज दिया था. छात्रसंघ के नेताओं ने भी प्रशासनिक अधिकारियों और वीसी से मुलाकात करने के बाद ही मुझे कार्यक्रम की तारीख दी थी.' बिहार शेल्टर होम मामले में सुप्रीम कोर्ट के अवमानना का सामना कर रहे सीबीआई के तत्कालीन अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव को मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने अनोखी सजा सुनाई और उन्हें दिन भर के लिए कोर्ट के एक कोने में बैठने की सजा दी. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि नागेश्वर राव को पता होना चाहिए था कि बिहार शेल्टर मामले के उस वक्त के जांच अधिकारी ए के शर्मा को हटाने से क्या असर होगा. राव को फटकार लगाते हुए चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि हम नागेश्वर राव को अवमानना का दोषी करार देंगे. एक तरफ वो कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया जाए, और दूसरी तफर वो शर्मा का रिलीविंग ऑर्डर साइन कर देते हैं. चीफ जस्टिस ने कड़े लहजे में कहा कि अगर एक दिन बाद रिलीविंग ऑर्डर साइन होता तो क्या आसमान टूट पड़ता?सुप्रीम कोर्ट ने नागेश्वर राव को अवमानना का दोषी माना है. सुप्रीम कोर्ट ने नागेश्वर राव पर 1 लाख का जुर्माना लगाया. सुप्रीम कोर्ट ने सजा में कहा कि जब तक आज कोर्ट चलती रहेगी, कोर्ट में ही एक कोने में बैठे रहेंगे. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट की मनाही के बाद नागेश्वर राव ने अफसर का तबादला किया था.  दिल्ली में मंगलवार की सुबह एक बड़ा हादसा हुआ. दिल्ली के करोलबाग में एक होटल में आग लगने की घटना में 17 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि दिल्ली सरकार ने करोलबाग आग हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने करोलबाग के एक होटल में आग लगने की घटना में मरने वाले लोगों के परिजन को पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का एलान किया. पुलिस ने बताया कि आग करोलबाग में गुरुद्वारा रोड स्थित होटल अर्पित पैलेस में लगी. दमकल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आग लगने की सूचना सुबह चार बजकर 35 मिनट पर मिली और तुरंत दमकल विभाग की 24 गाड़ियां मौके पर भेजी गईं. दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हादसे में 17 लोग मारे गए हैं. घायलों को राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) सहित तीन अस्पतालों में भर्ती कराया गया. एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि 13 शव आरएमएल अस्पताल में हैं. मृतकों में एक बच्चा भी शामिल है. घटना के वीडियो में दो लोग जान बचाने के लिए जलती हुई इमारत की चौथी मंजिल से कूदते नजर आ रहे हैं. चश्मदीदों के मुताबिक ज्यादातर लोगों की मौत दम घुटने से हुई है. गलियारों में लकड़ी के पैनल लगे होने के कारण आग जल्दी फैल गई. दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कुछ इस्तेमाल किए अग्निशामक मिले हैं, जिससे प्रतीत होता है कि अंदर फंसे लोगों ने आग बुझाकर वहां से निकलने की कोशिश की होगी. अधिकारी ने बताया कि आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है.  करीना कपूर खान (Kareena Kapoor Khan) इन दिनों रेडियो पर 'व्हॉट वूमन वॉन्ट (What Women Want)' शो कर रही हैं. इसमें करीना कपूर खान के साथ कई सेलेब्रिटी भी आते हैं और फिर करीना कपूर खान के जवाब भी काफी कमाल के होते हैं. लेकिन इस बार सैफ अली खान (Saif Ali Khan) ने उनसे शरारत भरा सवाल करके फंसाने की कोशिश की. करीना कपूर खान (Kareena Kapoor Khan) ने बहुत ही शानदार अंदाज में इसका जवाब दिया. सैफ अली खान ने बीवी के मां बनने के बाद पति को लेकर फोकस कम हो जाने को अपना विषय बनाया था. करीना कपूर खान ने उन्हें Bebology की मजेदार खुराक पिला डाली. करीना कपूर खान और सैफ अली खान की ये बातचीत सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है.  सैफ अली खान (Saif Ali Khan) ने करीना कपूर खान (Kareena Kapoor Khan) से पूछाः 'जब बीवी मां बन जाती है तो लोग कहते हैं कि रिलेशनशिप में बदलाव आ जाता है और पत्नियों का ध्यान बच्चे की तरफ ज्यादा हो जाता है. वे व्यस्त हो जाती है और उनके पास पहले जितना समय नहीं रहता. क्या कोई ऐसा तरीका है कि पति घर में बेबी आने के बाद पत्नी का ज्यादा से ज्यादा साथ पा सके या उसे खुश रख सके? इस संबंध में आप हमें कुछ टिप्स देना चाहेंगी.'
यहाँ एक सारांश है:पीएम के सामने ही मंत्री को गलत तरीके से छूआ योगी सरकार ने अखिलेश यादव को इलाहाबाद जाने से रोका दिल्ली के होटल में लगी आग, 17 की मौत
18
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश में मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या जुलाई में घटकर 103.42 करोड़ पर आ गई, जो जून के अंत तक 103.51 करोड़ थी. मुख्य रूप से रिलायंस और टाटा टेलीसर्विसेज जैसे आपरेटरों के ग्राहकों में कमी की वजह से मोबाइल कनेक्शनों की संख्या कम हुई है. ट्राई ने शुक्रवार को कहा कि जुलाई के अंत तक देश में कुल फोन ग्राहकों (वायरलेस और वायरलाइन) की संख्या 105.88 करोड़ थी, जो जून के 105.98 करोड़ के आंकड़े से कम है.टिप्पणियां यह पहला मौका नहीं है जबकि देश में मासिक आधार पर फोन ग्राहकों की संख्या घटी हो. इससे पहले मई में मोबाइल ग्राहकों की संख्या 1.1 प्रतिशत घटी थी. कुल मोबाइल ग्राहकों की संख्या में 1.26 प्रतिशत की गिरावट आई थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) यह पहला मौका नहीं है जबकि देश में मासिक आधार पर फोन ग्राहकों की संख्या घटी हो. इससे पहले मई में मोबाइल ग्राहकों की संख्या 1.1 प्रतिशत घटी थी. कुल मोबाइल ग्राहकों की संख्या में 1.26 प्रतिशत की गिरावट आई थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:ट्राई ने कंपनियां को सेवा की गुणवत्ता के नियमों का पालन करने को कहा ट्राई ने इस संबंध में 17 अक्तूबर तक रपट जमा करने को कहा है पीओई के माध्यम से ही एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क जुड़ती है कॉल
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: विश्व बाजार में आने वाले महीनों में भी कच्चे तेल के दाम यदि 100 डॉलर प्रति बैरल के ईदगिर्द ही टिके रहते हैं तो सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों का नुकसान अगले वित्त वर्ष में 98,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। ब्रोकर फर्म आईआईएफएल की एक रिपोर्ट में यह अनुमान व्यक्त करते हुए कहा गया है कि फरवरी में कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को छूने के बाद यह माना जा रहा था कि तेल कंपनियों की कम वसूली चालू वित्त वर्ष में 72,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी। इंडिया इंफोलाइन रिसर्च के विशेषज्ञ प्रायेश जैन ने कहा कि यदि कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ही बने रहते हैं और स्थिति में कोई बदलाव नहीं आता है तो अगले वित्त वर्ष में पेट्रोलियम पदार्थों की बिक्री करने वाली तेल विपणन कंपनियों की कुल कम वसूली 98,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। यह आंकड़ा एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा दूर नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल से दिसंबर 2010 की अवधि में जब कच्चे तेल के दाम औसतन 80 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहे थे तब तेल कंपनियों की कम वसूली 47,000 करोड़ रुपये तक आंकी गई। बहरहाल, चौथी तिमाही में कच्चे तेल के दाम औसतन 101 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर बने हुए हैं। इससे तेल कंपनियों की कम वसूली 25,000 करोड़ रुपये तक बढ़ने की आशंका है। इसे मिलाकर चालू वित्त वर्ष में इनकी कम वसूली 72,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, लेकिन स्थिति में यदि सुधार नहीं होता है तो अगले वित्त वर्ष में यह एक लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।
यह एक सारांश है: सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों का नुकसान अगले वित्त वर्ष में 98,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में मुस्लिम उम्मीदवारों से तौबा करने वाली भारतीय जनता पार्टी का मालेगांव नगर निगम चुनाव में एक भी मुस्लिम उम्मीदवार जीत न सका. बीजेपी ने मालेगांव में सर्वाधिक 27 उम्मीदवार उतारे थे. नतीजों पर हारी हुई बीजेपी की उम्मीदवार शाहीन सय्यद ने कहा कि बीजेपी का चुनाव लड़ने का तरीका दूसरों से अलग है. लेकिन, इस बार बीजेपी का झंडा गाड़ दिया है और अगली बार बीजेपी यहां से जरुर जीतेगी. हालांकि बीजेपी ने यहां 7 वार्डों में जीत हासिल की है. बीजेपी के लिए पिछले चुनावों में यहां बीजेपी को एक भी सीट नहीं मिली थी. इसलिए इन सात सीटों को ही बीजेपी अपनी बड़ी जीत मानकर चल रही है.टिप्पणियां महाराष्ट्र के भिवंडी और मालेगांव, मुस्लिम बहुल इलाकों के नगर निगम में जीत कांग्रेस के नाम रही. पार्टी ने यहा अपने दम पर बहुमत हासिल किया है. मालेगांव के कांग्रेस विधायक आसिफ शेख ने कहा कि यह सबका साथ सबका विकास इस नारे की हार का नतीजा है. कांग्रेस ने यहां 84 वार्डों में से 28 सीटें जीती हैं. जबकि शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के खाते में 20 सीटें ही आई हैं.  इस बीच, भिवंडी में बीजेपी के निशान पर 4 मुस्लिम उम्मीदवार जीते हैं. यहां 22 मुस्लिम उम्मीदवार कमल के निशान पर चुनाव लड़े थे.  नतीजों पर हारी हुई बीजेपी की उम्मीदवार शाहीन सय्यद ने कहा कि बीजेपी का चुनाव लड़ने का तरीका दूसरों से अलग है. लेकिन, इस बार बीजेपी का झंडा गाड़ दिया है और अगली बार बीजेपी यहां से जरुर जीतेगी. हालांकि बीजेपी ने यहां 7 वार्डों में जीत हासिल की है. बीजेपी के लिए पिछले चुनावों में यहां बीजेपी को एक भी सीट नहीं मिली थी. इसलिए इन सात सीटों को ही बीजेपी अपनी बड़ी जीत मानकर चल रही है.टिप्पणियां महाराष्ट्र के भिवंडी और मालेगांव, मुस्लिम बहुल इलाकों के नगर निगम में जीत कांग्रेस के नाम रही. पार्टी ने यहा अपने दम पर बहुमत हासिल किया है. मालेगांव के कांग्रेस विधायक आसिफ शेख ने कहा कि यह सबका साथ सबका विकास इस नारे की हार का नतीजा है. कांग्रेस ने यहां 84 वार्डों में से 28 सीटें जीती हैं. जबकि शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के खाते में 20 सीटें ही आई हैं.  इस बीच, भिवंडी में बीजेपी के निशान पर 4 मुस्लिम उम्मीदवार जीते हैं. यहां 22 मुस्लिम उम्मीदवार कमल के निशान पर चुनाव लड़े थे.  महाराष्ट्र के भिवंडी और मालेगांव, मुस्लिम बहुल इलाकों के नगर निगम में जीत कांग्रेस के नाम रही. पार्टी ने यहा अपने दम पर बहुमत हासिल किया है. मालेगांव के कांग्रेस विधायक आसिफ शेख ने कहा कि यह सबका साथ सबका विकास इस नारे की हार का नतीजा है. कांग्रेस ने यहां 84 वार्डों में से 28 सीटें जीती हैं. जबकि शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के खाते में 20 सीटें ही आई हैं.  इस बीच, भिवंडी में बीजेपी के निशान पर 4 मुस्लिम उम्मीदवार जीते हैं. यहां 22 मुस्लिम उम्मीदवार कमल के निशान पर चुनाव लड़े थे.  इस बीच, भिवंडी में बीजेपी के निशान पर 4 मुस्लिम उम्मीदवार जीते हैं. यहां 22 मुस्लिम उम्मीदवार कमल के निशान पर चुनाव लड़े थे.
सारांश: मालेगांव में बीजेपी ने खड़े किए थे 27 मुस्लिम उम्मीदवार पिछले चुनावों में बीजेपी का यहां खाता भी नहीं खुला था 28 सीट जीतकर कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर आई है
7
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रीय चयन समिति और मुख्य कोच रवि शास्त्री तथा कोहली की मौजूदगी वाला टीम प्रबंधन इस हफ्ते नई दिल्ली में दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट मैचों के लिए टीम के चयन के दौरान इस मुद्दे पर फैसला करेगा. यह भी पता चला है कि तैयारी के लिए समय की कमी को लेकर कोहली की चिंता के बाद फैसला किया जाएगा कि कुछ टेस्ट विशेषज्ञों को दक्षिण अफ्रीका के हालात से सामंजस्य बैठाने के लिए वहां जल्दी भेजा जा सकता है या नहीं.टिप्पणियां चयनसमिति की बैठक के दौरान दक्षिण अफ्रीका दौरे की तैयारी को लेकर विस्तृत चर्चा हो सकती है. तमिलनाडु और सौराष्ट्र के रणजी ट्रॉफी नॉकआउट में जगह नहीं बनाने से मुरली विजय और चेतेश्वर पुजारा जैसे टेस्ट विशेषज्ञों को दिल्ली में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट मैच के बाद कोई और मैच खेलने को नहीं मिलेगा. अधिकारी ने कहा, कुछ लोगों का मानना है कि हमें कुछ 2010 के दक्षिण अफ्रीका दौरे की तरह करना चाहिए. जब कुछ बल्लेबाज बाकी खिलाड़ियों से 10 दिन पहले वहां चले गए थे और डरबन में गैरी कर्स्टन अकादमी में ट्रेनिंग की थी. भारत ने तब दक्षिण अफ्रीका में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए सीरीज 1-1 से बराबर की थी.  चयनसमिति की बैठक के दौरान दक्षिण अफ्रीका दौरे की तैयारी को लेकर विस्तृत चर्चा हो सकती है. तमिलनाडु और सौराष्ट्र के रणजी ट्रॉफी नॉकआउट में जगह नहीं बनाने से मुरली विजय और चेतेश्वर पुजारा जैसे टेस्ट विशेषज्ञों को दिल्ली में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट मैच के बाद कोई और मैच खेलने को नहीं मिलेगा. अधिकारी ने कहा, कुछ लोगों का मानना है कि हमें कुछ 2010 के दक्षिण अफ्रीका दौरे की तरह करना चाहिए. जब कुछ बल्लेबाज बाकी खिलाड़ियों से 10 दिन पहले वहां चले गए थे और डरबन में गैरी कर्स्टन अकादमी में ट्रेनिंग की थी. भारत ने तब दक्षिण अफ्रीका में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए सीरीज 1-1 से बराबर की थी.  चयनसमिति की बैठक के दौरान दक्षिण अफ्रीका दौरे की तैयारी को लेकर विस्तृत चर्चा हो सकती है. तमिलनाडु और सौराष्ट्र के रणजी ट्रॉफी नॉकआउट में जगह नहीं बनाने से मुरली विजय और चेतेश्वर पुजारा जैसे टेस्ट विशेषज्ञों को दिल्ली में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट मैच के बाद कोई और मैच खेलने को नहीं मिलेगा. अधिकारी ने कहा, कुछ लोगों का मानना है कि हमें कुछ 2010 के दक्षिण अफ्रीका दौरे की तरह करना चाहिए. जब कुछ बल्लेबाज बाकी खिलाड़ियों से 10 दिन पहले वहां चले गए थे और डरबन में गैरी कर्स्टन अकादमी में ट्रेनिंग की थी. भारत ने तब दक्षिण अफ्रीका में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए सीरीज 1-1 से बराबर की थी.
संक्षिप्त पाठ: बीसीसीआई के अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर दी जानकारी. कहा-विराट ने चयनकर्ताओं से सोचने कुछ दिन का समय मांगा है. इसी वजह से नहीं हुई टी-20 टीम की घोषणा.
14
['hin']
एक सारांश बनाओ: पीएमसी बैंक घोटाले (PMC Bank Crisis) ने इसके ग्राहकों की जिंदगी पूरी तरह बदलकर रख दी है. पुलिस जांच के मुताबिक बैंक को 11 साल में करीब 4300 करोड़ से ज्यादा का चूना लग चुका है. बैंक में हुए इस घोटाले ने इसके ग्राहकों की जिंदगी पूरी तरह से बदल कर रख दी है. क्योंकि वित्तीय गड़बड़ी के चलते आरबीआई (RBI) ने खाताधारकों के पैसे निकालने की एक सीमा तय कर दी है. आम लोगों के साथ इसका असर टीवी एक्ट्रेस नुपुर अलंकार (Nupur Alankar) पर भी पड़ा है. इस घोटाले ने उनकी जिंदगी में तूफान ला दिया है, यहां तक कि नुपुर को अपना गुजारा करने के लिए अपने गहने तक बेचने पड़ रहे हैं. यह बात नुपुर अलंकार ने खुद टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में बताई.  अपनी परेशानियों के बारे में नुपुर अलंकार (Nupur Alankar) ने बताया, 'घर पर पैसे न होने के कारण, सभी अकाउंट फ्रीज कर देने की वजह से मेरे पास गहने बेचने के अलावा और कोई रास्ता नहीं था. यहां तक कि मैने अपने साथी अभिनेता से 3,000 हजार रुपये उधार लिए. किसी दूसरे ने मुझे 500 रुपये ट्रांसफर किए. इसके अलावा, मैंने अपने दोस्तों से भी 50,000 हजार रुपये उधार लिए. अभी तक यह भी नहीं पता चल पाया है कि इस समस्या का समाधान कब होगा और हमें डर भी है कि कहीं हम अपना पैसा न खो दें.' इंटरव्यू के दौरान नुपुर अलंकार (Nupur Alankar) ने कहा, 'मैं एक बड़े वित्तीय संकट से गुजर रही हूं. दूसरे बैंकों में भी मेरे खाते हैं, लेकिन मैंने उन सब को इस बैंक में ट्रांसफर कर दिया था. मुझे क्या पता था कि मेरे परिवार की और मेरी जमापूंजी बैंक में इस तरह फंस जाएगी. मैं पैसों के बिना अपना जीवन कैसे गुजार सकती हूं? क्या मुझे अपने घर को गिरवी रखना चाहिए? मेरी मेहनत की कमाई पर ही इतनी रोकथाम क्यों? मैंने पूरी शिद्दत के साथ इनकम टैक्स अदा किया है, तो मुझे इस चीज से क्यों गुजरना पड़ रहा है?' नुपुर ने बातचीत में बताया कि उनका क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड कुछ काम नहीं कर रहा है.  नुपुर अलंकार (Nupur Alankar) ने आगे बताया, 'सबसे बुरी चीज यह है कि मैं अभी कोई लोन लेने की स्थिति में भी नहीं हूं. जिस पल मैंने टेलीकॉलर्स से कहा कि मेरा खाता पीएमसी बैंक में है तो उन्होंने उसी वक्त फोन काट दिया.' बता दें कि नुपुर अलंकार अपने करियर के दौरान 'अगले जनम मोहे बिटिया ही कीजो' और 'घर की लक्ष्मी बेटियां' जैसे सीरियल्स में काम कर चुकी हैं.
यहाँ एक सारांश है:पीएमसी बैंक घोटाले ने इस एक्ट्रेस की जिंदगी बनाई मुश्किल एक्ट्रेस को गहने बेच कर करना पड़ रहा है गुजारा इंटरव्यू में एक्ट्रेस का छलका दर्द
15
['hin']
एक सारांश बनाओ: आतंकवादी संगठन आईएसआईएस को मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा करार देते हुए एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इसके सदस्यों को 'जहन्नुम के कुत्ते' करार दिया। ओवैसी ने शुक्रवार रात हैदराबाद में मुस्लिम संगठनों द्वारा आयोजित एक विरोध सभा को संबोधित करते हुए कहा, 'आईएसआईएस ने अपने एक आत्मघाती हमलावर को मदीना भेजा...यह धोखाधड़ी है, अपराधियों का गिरोह... ये लोग जहन्नुम के कुत्ते हैं।' ओवैसी ने कहा, 'आईएसआईएस न सिर्फ मुस्लिमों के लिए बल्कि पूरी मानवता के लिए खतरा है।' उन्होंने कहा, 'हमें यह तथ्य स्वीकार करना चाहिए कि आईएसआईएस हमारे बीच है... लेकिन निश्चित रूप से वे इस्लाम से संबंधित नहीं हैं और उन्हें नष्ट करना हमारी बड़ी जिम्मेदारी है।' ओवैसी ने मुस्लिम युवाओं से कहा कि वे इस्लाम के लिए जिएं न कि इसके लिए जान दें। उन्होंने बीजेपी और आरएसएस पर भी निशाना साधा और कहा कि जहां आईएसआईएस इस्लाम का दुश्मन है, वहीं संघ परिवार भारत में धर्मनिरपेक्षता का शत्रु है। टिप्पणियां सभा में एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें कहा गया है कि आईएसआईएस का इस्लाम से कोई लेनादेना नहीं है और उसकी गतिविधियां इस्लाम की जड़ों पर ही चोट करने के लिए हैं।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ओवैसी ने शुक्रवार रात हैदराबाद में मुस्लिम संगठनों द्वारा आयोजित एक विरोध सभा को संबोधित करते हुए कहा, 'आईएसआईएस ने अपने एक आत्मघाती हमलावर को मदीना भेजा...यह धोखाधड़ी है, अपराधियों का गिरोह... ये लोग जहन्नुम के कुत्ते हैं।' ओवैसी ने कहा, 'आईएसआईएस न सिर्फ मुस्लिमों के लिए बल्कि पूरी मानवता के लिए खतरा है।' उन्होंने कहा, 'हमें यह तथ्य स्वीकार करना चाहिए कि आईएसआईएस हमारे बीच है... लेकिन निश्चित रूप से वे इस्लाम से संबंधित नहीं हैं और उन्हें नष्ट करना हमारी बड़ी जिम्मेदारी है।' ओवैसी ने मुस्लिम युवाओं से कहा कि वे इस्लाम के लिए जिएं न कि इसके लिए जान दें। उन्होंने बीजेपी और आरएसएस पर भी निशाना साधा और कहा कि जहां आईएसआईएस इस्लाम का दुश्मन है, वहीं संघ परिवार भारत में धर्मनिरपेक्षता का शत्रु है। टिप्पणियां सभा में एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें कहा गया है कि आईएसआईएस का इस्लाम से कोई लेनादेना नहीं है और उसकी गतिविधियां इस्लाम की जड़ों पर ही चोट करने के लिए हैं।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ओवैसी ने कहा, 'आईएसआईएस न सिर्फ मुस्लिमों के लिए बल्कि पूरी मानवता के लिए खतरा है।' उन्होंने कहा, 'हमें यह तथ्य स्वीकार करना चाहिए कि आईएसआईएस हमारे बीच है... लेकिन निश्चित रूप से वे इस्लाम से संबंधित नहीं हैं और उन्हें नष्ट करना हमारी बड़ी जिम्मेदारी है।' ओवैसी ने मुस्लिम युवाओं से कहा कि वे इस्लाम के लिए जिएं न कि इसके लिए जान दें। उन्होंने बीजेपी और आरएसएस पर भी निशाना साधा और कहा कि जहां आईएसआईएस इस्लाम का दुश्मन है, वहीं संघ परिवार भारत में धर्मनिरपेक्षता का शत्रु है। टिप्पणियां सभा में एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें कहा गया है कि आईएसआईएस का इस्लाम से कोई लेनादेना नहीं है और उसकी गतिविधियां इस्लाम की जड़ों पर ही चोट करने के लिए हैं।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ओवैसी ने मुस्लिम युवाओं से कहा कि वे इस्लाम के लिए जिएं न कि इसके लिए जान दें। उन्होंने बीजेपी और आरएसएस पर भी निशाना साधा और कहा कि जहां आईएसआईएस इस्लाम का दुश्मन है, वहीं संघ परिवार भारत में धर्मनिरपेक्षता का शत्रु है। टिप्पणियां सभा में एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें कहा गया है कि आईएसआईएस का इस्लाम से कोई लेनादेना नहीं है और उसकी गतिविधियां इस्लाम की जड़ों पर ही चोट करने के लिए हैं।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सभा में एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें कहा गया है कि आईएसआईएस का इस्लाम से कोई लेनादेना नहीं है और उसकी गतिविधियां इस्लाम की जड़ों पर ही चोट करने के लिए हैं।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ओवैसी ने कहा- मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है आईएसआईएस 'आईएसआईएस को नष्ट करना हमारी बड़ी जिम्मेदारी' 'संघ परिवार भारत में धर्मनिरपेक्षता का शत्रु'
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: देशभर के सार्वजनिक बैंकों, कई निजी बैंकों, विदेशी बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और सहकारिता बैंकों के नौ कर्मचारी संघों के करीब 10 लाख कर्मचारी शुक्रवार को बैंक कर्मचारी संघों के संयुक्त फोरम (यूएफबीयू) के बैनर तले कई मांगों के साथ हड़ताल पर रहे। बैंक कर्मियों की हड़ताल के कारण जहां देशभर में बैंकिंग कामकाज प्रभावित हुआ, वहीं आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान खातों से पैसे निकालने के लिए आम लोगों को एटीएम पर पूरी तरह से निर्भर होना पड़ा और कई एटीएम मशीनों में नकदी समाप्त हो जाने कारण परेशानी और बढ़ गई। नेशनल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स के द्वारा जारी किए गए एक बयान के मुताबिक कर्मचारी संघों ने अपनी मांगों के साथ हड़ताल की सूचना दो माह पहले दे दी थी, लेकिन सरकार और इंडियन बैंक एसोसिएशन ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया। सरकार ने तीन अगस्त को इस पर थोड़ी पहल की, लेकिन वार्ता को कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाने के कारण यूएफबीयू ने हड़ताल की घोषणा कर दी। बैंक कर्मचारी संघों के संयुक्त फोरम के संयोजक सीएच वेंकटचलाम ने चेन्नई में कहा, "सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के अलावा निजी और विदेशी बैंकों के करीब 10 लाख कर्मचारी शुक्रवार को हड़ताल में शामिल हुए। हड़ताल का राष्ट्रव्यापी असर हुआ।" बैंकिंग उद्योग के नौ संघों के इस फोरम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि चेक क्लियरिंग कामकाज भी प्रभावित हुआ है। उन्होंने हालांकि कहा कि कुछ निजी बैंक हालांकि काम करते रहे। उन्होंने कहा, "आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक काम कर रहे हैं। उनकी इसमें भागीदारी नहीं है।" अखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ के हरविंदर सिंह ने कहा, "हमने देखा है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में सरकारी हिस्सेदारी कम की जा रही है और साथ ही हमारे बैंकों में निजी पूंजी बढ़ रही है।" उन्होंने कहा, "हमारी मांग है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण नहीं होना चाहिए और इन बैंकों में सरकारी हिस्सेदारी कम नहीं होनी चाहिए। सार्वजनिक बैंकों की पूंजी बढ़ाने के लिए विश्व बैंक से ऋण भी नहीं लिया जाना चाहिए।" उन्होंने कहा कि हमारी अन्य मांगों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का विलय रोकना, स्थाई बैंकिंग नौकरियों का निजी बैंकों से आउटसोर्सिग रोकना, खाली पदों को भरना, मुआवजे के आधार पर पारिवार के सदस्य को नौकरी और आवास, कार और अन्य ऋणों के लिए दिशा-निर्देश तय करना शामिल है। संघ के अधिकारियों का कहना है कि वे 10 अगस्त को बेंगलुरू में बैठक कर आगे की रणनीति पर विचार करेंगे। हड़ताल के दौरान कर्नाटक के बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ की राज्य इकाई के अध्यक्ष श्रीनिवास बाबू ने कहा, "एक दिवसीय हड़ताल वेतन बढ़ाने को लेकर नहीं है, बल्कि सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण के सरकारी प्रयास और बैंक की नौकरियों के आउटसोर्सिग को लेकर है।" अपनी मांगों को लेकर विभिन्न बैंकों के करीब 10,000 कर्मचारियों ने शहर के वाणिज्यिक केंद्र स्थित स्टेट बैंक ऑफ मैसूर की शाखा से फ्रीडम पार्क तक जुलूस निकाला। वे बैंक प्रबंधन की प्रतिनिधि इकाई इंडियन बैंक एसोसिएशन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर धरना भी दिया। हड़ताल का बिहार में भी व्यापक असर देखने को मिला। बैंक में कामकाज ठप रहा, एटीएम में भी पैसे खत्म हो गए, जिसकी वजह से उपभोक्ताओं को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। राजधानी पटना में सभी बैंकों के एटीएम से पैसे खत्म हो गए। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बिहार संयोजक पी़डी़ सिंह ने हड़ताल को पूरी तरह सफल बताया और कहा कि हड़ताल से करीब 40,000 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ, जबकि 20 हजार करोड़ रुपये के चेक और ड्राफ्ट का क्लियरेंस अटक गया। हड़ताल में उत्तर प्रदेश की करीब 6,000 शाखाओं के लगभग एक लाख कर्मचारी शामिल हुए। इसके कारण यहां बैंकों में कामकाज पूरी तरह से ठप रहा, जिससे लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बैंककर्मियों ने जगह-जगह प्रदर्शन कर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना विरोध प्रकट किया। पीएनबी स्टाफ एसोसिएशन (लखनऊ परिक्षेत्र) के महासिचव अजीत कुमार ने यहां संवाददाताओं से कहा, "राजधानी लखनऊ में 500 सार्वजनिक और निजी बैंकों की शाखाओं के करीब दस हजार से अधिक अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल में शामिल होकर अपना विरोध जता रहे हैं। हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिल रहा है।" बैंकों में कामकाज ठप होने से लोगों ने एटीएम के जरिए अपनी जरूरतें पूरी कीं। कुछ स्थानों पर एटीएम में नकदी समाप्त होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हड़ताल का असर मध्य प्रदेश में भी नजर आया। यहां भी सार्वजनिक, निजी व ग्रामीण बैंकों के कर्मचारी तथा अधिकारी हड़ताल पर रहे। अपनी मांगों को लेकर बैंककर्मियों ने जगह-जगह सभाएं कीं। बैंक कर्मियों की हड़ताल के कारण प्रदेश में विभिन्न बैंकों की लगभग साढ़े पांच हजार शाखाओं में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। इन शाखाओं के करीब 40,000 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। एक अनुमान के मुताबिक, हड़ताल के कारण राज्य में 2,44,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार प्रभावित हुआ।
यह एक सारांश है: बैंक कर्मियों की हड़ताल के कारण जहां देशभर में बैंकिंग कामकाज प्रभावित हुआ, वहीं आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पिछले कुछ दिनों से लगातार चल रही गंभीर चर्चाओं के बाद गुरुवार को बीसीसीआई और सहारा ग्रुप के बीच समझौता हो गया जिससे पुणे वारियर्स के इंडियन प्रीयियर लीग (आईपीएल) के पांचवें चरण में खेलने का रास्ता भी साफ हो गया। सहारा ने चार फरवरी को बोर्ड से संबंध तोड़ते हुए टीम इंडिया के प्रायोजन से हटने का फैसला किया था। लेकिन 12 दिन के पश्चात आज समझौता होने के बाद यह फैसला हुआ कि सहारा भारतीय टीम का प्रायोजक बना रहेगा। बीसीसीआई और सहारा दोनों ने संयुक्त बयान जारी किये जिसमें अनुबंध की विस्तृत जानकारी दी हुई है। इसमें पुणे वारियर्स की नीलामी के पुन: सक्रिय होने और ट्रेडिंग विंडो के विस्तार के अलावा भी अन्य चीजों का उल्लेख किया हुआ है। युवराज सिंह की जगह किसी अन्य खिलाड़ी को शामिल करने के विवादास्पद मुद्दे के संबंध में सहारा ने पेशकश की है कि वह सभी फ्रेंचाइजी टीमों से आईपीएल मैचों में पांच विदेशी खिलाड़ियों को उतारने की सहमति प्राप्त करेगा। युवराज सिंह अमेरिका में फेफड़े के कैंसर का उपचार करा रहे हैं। संयुक्त बयान के अनुसार, ‘ट्रेडिंग विंडो पहले 17 फरवरी को समाप्त होनी थी लेकिन पुणे वारियर्स इंडिया को अन्य फ्रेंचाइजी टीमों से बातचीत का मौका प्रदान करने के लिये इसे 29 फरवरी 2012 तक कर दिया है।’ बयान के अनुसार, ‘पुणे वारियर्स इंडिया की नीलामी प्रक्रिया दोबारा जारी कर दी गयी है ताकि वह टीम संयोजन नियम के मुताबिक खिलाड़ियों को टीम में शामिल कर सके।’ बीसीसीआई और सहारा ने मध्यस्थता कार्रवाई शुरू करने पर भी सहमति जता दी है जिसकी पहल सहारा ने की थी। इसके अंतर्गत एक मध्यस्थ की नियुक्ति की जायेगी जो इस कारपोरेट कंपनी के 74 मैचों के लिये फ्रेंचाइजी फीस कम करने के दावे को संबोधित करेगा। बीसीसीआई को सहारा के पुणे वारियर्स इंडिया फ्रेंचाइजी में रणनीतिक भागीदार रखने के मुद्दे पर कोई परेशानी नही है, बशर्ते यह फ्रेंचाइजी के अनुबंध की शर्तों के अनुसार हो। इस सयुंक्त बयान पर बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन और सहारा ग्रुप के अध्यक्ष सुब्रत राय के हस्ताक्षर हैं। सहारा ने कार्यक्रम के अनुसार बेंगलूर में खेले जाने वाले एक प्ले आफ मैच को पुणे में खिलाये जाने का आग्रह किया था और बीसीसीआई ने कहा कि वह सैद्धांतिक रूप से इसे पुणे के नये स्टेडियम में आयोजित करने पर सहमत है बशर्ते इसे रायल चैलेंजर्स बेंगलूर की सहमति भी प्राप्त हो। प्ले आफ मैच की मेजबानी का अधिकार पिछले सत्र के फाइनल में पहुंचने वाली टीमों के मैदान का होता है और इस तरह से इसका अधिकार रायल चैलेंजर्स बेंगलूर का है।टिप्पणियां सहारा ने फ्रेंचाइजी फीस के लिये बैक गांरटी को दो हिस्सों में देने का भी आग्रह किया था और बीसीसीआई ने इसे अगली बैठक में विचार करने पर सहमति जता दी है। बयान के अनुसार, ‘सहारा ने पुष्टि की कि वह भारतीय टीम का प्रायोजक बना रहेगा । समझौते के अनुसार सहारा प्रायोजन देने के अधिकार को जारी रखना चाहेगा।’ सहारा पिछले 11 वर्षों से भारतीय टीम का प्रायोजक रहा है और चार फरवरी को उसने यह शिकायत करते हुए बीसीसीआई से हटने का फैसला किया था कि उसकी खिलाड़ियों और मैचों की संख्या से संबंधित शिकायतों पर गौर नहीं किया गया। बीसीसीआई अगर यह समझौता नहीं कर पाता तो उसे 2000 करोड़ रूपये का नुकसान हो सकता था। हालांकि बोर्ड इसकी भरपायी के लिये दूसरा प्रायोजक ढूंढ सकता था। सहारा ने चार फरवरी को बोर्ड से संबंध तोड़ते हुए टीम इंडिया के प्रायोजन से हटने का फैसला किया था। लेकिन 12 दिन के पश्चात आज समझौता होने के बाद यह फैसला हुआ कि सहारा भारतीय टीम का प्रायोजक बना रहेगा। बीसीसीआई और सहारा दोनों ने संयुक्त बयान जारी किये जिसमें अनुबंध की विस्तृत जानकारी दी हुई है। इसमें पुणे वारियर्स की नीलामी के पुन: सक्रिय होने और ट्रेडिंग विंडो के विस्तार के अलावा भी अन्य चीजों का उल्लेख किया हुआ है। युवराज सिंह की जगह किसी अन्य खिलाड़ी को शामिल करने के विवादास्पद मुद्दे के संबंध में सहारा ने पेशकश की है कि वह सभी फ्रेंचाइजी टीमों से आईपीएल मैचों में पांच विदेशी खिलाड़ियों को उतारने की सहमति प्राप्त करेगा। युवराज सिंह अमेरिका में फेफड़े के कैंसर का उपचार करा रहे हैं। संयुक्त बयान के अनुसार, ‘ट्रेडिंग विंडो पहले 17 फरवरी को समाप्त होनी थी लेकिन पुणे वारियर्स इंडिया को अन्य फ्रेंचाइजी टीमों से बातचीत का मौका प्रदान करने के लिये इसे 29 फरवरी 2012 तक कर दिया है।’ बयान के अनुसार, ‘पुणे वारियर्स इंडिया की नीलामी प्रक्रिया दोबारा जारी कर दी गयी है ताकि वह टीम संयोजन नियम के मुताबिक खिलाड़ियों को टीम में शामिल कर सके।’ बीसीसीआई और सहारा ने मध्यस्थता कार्रवाई शुरू करने पर भी सहमति जता दी है जिसकी पहल सहारा ने की थी। इसके अंतर्गत एक मध्यस्थ की नियुक्ति की जायेगी जो इस कारपोरेट कंपनी के 74 मैचों के लिये फ्रेंचाइजी फीस कम करने के दावे को संबोधित करेगा। बीसीसीआई को सहारा के पुणे वारियर्स इंडिया फ्रेंचाइजी में रणनीतिक भागीदार रखने के मुद्दे पर कोई परेशानी नही है, बशर्ते यह फ्रेंचाइजी के अनुबंध की शर्तों के अनुसार हो। इस सयुंक्त बयान पर बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन और सहारा ग्रुप के अध्यक्ष सुब्रत राय के हस्ताक्षर हैं। सहारा ने कार्यक्रम के अनुसार बेंगलूर में खेले जाने वाले एक प्ले आफ मैच को पुणे में खिलाये जाने का आग्रह किया था और बीसीसीआई ने कहा कि वह सैद्धांतिक रूप से इसे पुणे के नये स्टेडियम में आयोजित करने पर सहमत है बशर्ते इसे रायल चैलेंजर्स बेंगलूर की सहमति भी प्राप्त हो। प्ले आफ मैच की मेजबानी का अधिकार पिछले सत्र के फाइनल में पहुंचने वाली टीमों के मैदान का होता है और इस तरह से इसका अधिकार रायल चैलेंजर्स बेंगलूर का है।टिप्पणियां सहारा ने फ्रेंचाइजी फीस के लिये बैक गांरटी को दो हिस्सों में देने का भी आग्रह किया था और बीसीसीआई ने इसे अगली बैठक में विचार करने पर सहमति जता दी है। बयान के अनुसार, ‘सहारा ने पुष्टि की कि वह भारतीय टीम का प्रायोजक बना रहेगा । समझौते के अनुसार सहारा प्रायोजन देने के अधिकार को जारी रखना चाहेगा।’ सहारा पिछले 11 वर्षों से भारतीय टीम का प्रायोजक रहा है और चार फरवरी को उसने यह शिकायत करते हुए बीसीसीआई से हटने का फैसला किया था कि उसकी खिलाड़ियों और मैचों की संख्या से संबंधित शिकायतों पर गौर नहीं किया गया। बीसीसीआई अगर यह समझौता नहीं कर पाता तो उसे 2000 करोड़ रूपये का नुकसान हो सकता था। हालांकि बोर्ड इसकी भरपायी के लिये दूसरा प्रायोजक ढूंढ सकता था। बीसीसीआई और सहारा दोनों ने संयुक्त बयान जारी किये जिसमें अनुबंध की विस्तृत जानकारी दी हुई है। इसमें पुणे वारियर्स की नीलामी के पुन: सक्रिय होने और ट्रेडिंग विंडो के विस्तार के अलावा भी अन्य चीजों का उल्लेख किया हुआ है। युवराज सिंह की जगह किसी अन्य खिलाड़ी को शामिल करने के विवादास्पद मुद्दे के संबंध में सहारा ने पेशकश की है कि वह सभी फ्रेंचाइजी टीमों से आईपीएल मैचों में पांच विदेशी खिलाड़ियों को उतारने की सहमति प्राप्त करेगा। युवराज सिंह अमेरिका में फेफड़े के कैंसर का उपचार करा रहे हैं। संयुक्त बयान के अनुसार, ‘ट्रेडिंग विंडो पहले 17 फरवरी को समाप्त होनी थी लेकिन पुणे वारियर्स इंडिया को अन्य फ्रेंचाइजी टीमों से बातचीत का मौका प्रदान करने के लिये इसे 29 फरवरी 2012 तक कर दिया है।’ बयान के अनुसार, ‘पुणे वारियर्स इंडिया की नीलामी प्रक्रिया दोबारा जारी कर दी गयी है ताकि वह टीम संयोजन नियम के मुताबिक खिलाड़ियों को टीम में शामिल कर सके।’ बीसीसीआई और सहारा ने मध्यस्थता कार्रवाई शुरू करने पर भी सहमति जता दी है जिसकी पहल सहारा ने की थी। इसके अंतर्गत एक मध्यस्थ की नियुक्ति की जायेगी जो इस कारपोरेट कंपनी के 74 मैचों के लिये फ्रेंचाइजी फीस कम करने के दावे को संबोधित करेगा। बीसीसीआई को सहारा के पुणे वारियर्स इंडिया फ्रेंचाइजी में रणनीतिक भागीदार रखने के मुद्दे पर कोई परेशानी नही है, बशर्ते यह फ्रेंचाइजी के अनुबंध की शर्तों के अनुसार हो। इस सयुंक्त बयान पर बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन और सहारा ग्रुप के अध्यक्ष सुब्रत राय के हस्ताक्षर हैं। सहारा ने कार्यक्रम के अनुसार बेंगलूर में खेले जाने वाले एक प्ले आफ मैच को पुणे में खिलाये जाने का आग्रह किया था और बीसीसीआई ने कहा कि वह सैद्धांतिक रूप से इसे पुणे के नये स्टेडियम में आयोजित करने पर सहमत है बशर्ते इसे रायल चैलेंजर्स बेंगलूर की सहमति भी प्राप्त हो। प्ले आफ मैच की मेजबानी का अधिकार पिछले सत्र के फाइनल में पहुंचने वाली टीमों के मैदान का होता है और इस तरह से इसका अधिकार रायल चैलेंजर्स बेंगलूर का है।टिप्पणियां सहारा ने फ्रेंचाइजी फीस के लिये बैक गांरटी को दो हिस्सों में देने का भी आग्रह किया था और बीसीसीआई ने इसे अगली बैठक में विचार करने पर सहमति जता दी है। बयान के अनुसार, ‘सहारा ने पुष्टि की कि वह भारतीय टीम का प्रायोजक बना रहेगा । समझौते के अनुसार सहारा प्रायोजन देने के अधिकार को जारी रखना चाहेगा।’ सहारा पिछले 11 वर्षों से भारतीय टीम का प्रायोजक रहा है और चार फरवरी को उसने यह शिकायत करते हुए बीसीसीआई से हटने का फैसला किया था कि उसकी खिलाड़ियों और मैचों की संख्या से संबंधित शिकायतों पर गौर नहीं किया गया। बीसीसीआई अगर यह समझौता नहीं कर पाता तो उसे 2000 करोड़ रूपये का नुकसान हो सकता था। हालांकि बोर्ड इसकी भरपायी के लिये दूसरा प्रायोजक ढूंढ सकता था। युवराज सिंह की जगह किसी अन्य खिलाड़ी को शामिल करने के विवादास्पद मुद्दे के संबंध में सहारा ने पेशकश की है कि वह सभी फ्रेंचाइजी टीमों से आईपीएल मैचों में पांच विदेशी खिलाड़ियों को उतारने की सहमति प्राप्त करेगा। युवराज सिंह अमेरिका में फेफड़े के कैंसर का उपचार करा रहे हैं। संयुक्त बयान के अनुसार, ‘ट्रेडिंग विंडो पहले 17 फरवरी को समाप्त होनी थी लेकिन पुणे वारियर्स इंडिया को अन्य फ्रेंचाइजी टीमों से बातचीत का मौका प्रदान करने के लिये इसे 29 फरवरी 2012 तक कर दिया है।’ बयान के अनुसार, ‘पुणे वारियर्स इंडिया की नीलामी प्रक्रिया दोबारा जारी कर दी गयी है ताकि वह टीम संयोजन नियम के मुताबिक खिलाड़ियों को टीम में शामिल कर सके।’ बीसीसीआई और सहारा ने मध्यस्थता कार्रवाई शुरू करने पर भी सहमति जता दी है जिसकी पहल सहारा ने की थी। इसके अंतर्गत एक मध्यस्थ की नियुक्ति की जायेगी जो इस कारपोरेट कंपनी के 74 मैचों के लिये फ्रेंचाइजी फीस कम करने के दावे को संबोधित करेगा। बीसीसीआई को सहारा के पुणे वारियर्स इंडिया फ्रेंचाइजी में रणनीतिक भागीदार रखने के मुद्दे पर कोई परेशानी नही है, बशर्ते यह फ्रेंचाइजी के अनुबंध की शर्तों के अनुसार हो। इस सयुंक्त बयान पर बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन और सहारा ग्रुप के अध्यक्ष सुब्रत राय के हस्ताक्षर हैं। सहारा ने कार्यक्रम के अनुसार बेंगलूर में खेले जाने वाले एक प्ले आफ मैच को पुणे में खिलाये जाने का आग्रह किया था और बीसीसीआई ने कहा कि वह सैद्धांतिक रूप से इसे पुणे के नये स्टेडियम में आयोजित करने पर सहमत है बशर्ते इसे रायल चैलेंजर्स बेंगलूर की सहमति भी प्राप्त हो। प्ले आफ मैच की मेजबानी का अधिकार पिछले सत्र के फाइनल में पहुंचने वाली टीमों के मैदान का होता है और इस तरह से इसका अधिकार रायल चैलेंजर्स बेंगलूर का है।टिप्पणियां सहारा ने फ्रेंचाइजी फीस के लिये बैक गांरटी को दो हिस्सों में देने का भी आग्रह किया था और बीसीसीआई ने इसे अगली बैठक में विचार करने पर सहमति जता दी है। बयान के अनुसार, ‘सहारा ने पुष्टि की कि वह भारतीय टीम का प्रायोजक बना रहेगा । समझौते के अनुसार सहारा प्रायोजन देने के अधिकार को जारी रखना चाहेगा।’ सहारा पिछले 11 वर्षों से भारतीय टीम का प्रायोजक रहा है और चार फरवरी को उसने यह शिकायत करते हुए बीसीसीआई से हटने का फैसला किया था कि उसकी खिलाड़ियों और मैचों की संख्या से संबंधित शिकायतों पर गौर नहीं किया गया। बीसीसीआई अगर यह समझौता नहीं कर पाता तो उसे 2000 करोड़ रूपये का नुकसान हो सकता था। हालांकि बोर्ड इसकी भरपायी के लिये दूसरा प्रायोजक ढूंढ सकता था। संयुक्त बयान के अनुसार, ‘ट्रेडिंग विंडो पहले 17 फरवरी को समाप्त होनी थी लेकिन पुणे वारियर्स इंडिया को अन्य फ्रेंचाइजी टीमों से बातचीत का मौका प्रदान करने के लिये इसे 29 फरवरी 2012 तक कर दिया है।’ बयान के अनुसार, ‘पुणे वारियर्स इंडिया की नीलामी प्रक्रिया दोबारा जारी कर दी गयी है ताकि वह टीम संयोजन नियम के मुताबिक खिलाड़ियों को टीम में शामिल कर सके।’ बीसीसीआई और सहारा ने मध्यस्थता कार्रवाई शुरू करने पर भी सहमति जता दी है जिसकी पहल सहारा ने की थी। इसके अंतर्गत एक मध्यस्थ की नियुक्ति की जायेगी जो इस कारपोरेट कंपनी के 74 मैचों के लिये फ्रेंचाइजी फीस कम करने के दावे को संबोधित करेगा। बीसीसीआई को सहारा के पुणे वारियर्स इंडिया फ्रेंचाइजी में रणनीतिक भागीदार रखने के मुद्दे पर कोई परेशानी नही है, बशर्ते यह फ्रेंचाइजी के अनुबंध की शर्तों के अनुसार हो। इस सयुंक्त बयान पर बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन और सहारा ग्रुप के अध्यक्ष सुब्रत राय के हस्ताक्षर हैं। सहारा ने कार्यक्रम के अनुसार बेंगलूर में खेले जाने वाले एक प्ले आफ मैच को पुणे में खिलाये जाने का आग्रह किया था और बीसीसीआई ने कहा कि वह सैद्धांतिक रूप से इसे पुणे के नये स्टेडियम में आयोजित करने पर सहमत है बशर्ते इसे रायल चैलेंजर्स बेंगलूर की सहमति भी प्राप्त हो। प्ले आफ मैच की मेजबानी का अधिकार पिछले सत्र के फाइनल में पहुंचने वाली टीमों के मैदान का होता है और इस तरह से इसका अधिकार रायल चैलेंजर्स बेंगलूर का है।टिप्पणियां सहारा ने फ्रेंचाइजी फीस के लिये बैक गांरटी को दो हिस्सों में देने का भी आग्रह किया था और बीसीसीआई ने इसे अगली बैठक में विचार करने पर सहमति जता दी है। बयान के अनुसार, ‘सहारा ने पुष्टि की कि वह भारतीय टीम का प्रायोजक बना रहेगा । समझौते के अनुसार सहारा प्रायोजन देने के अधिकार को जारी रखना चाहेगा।’ सहारा पिछले 11 वर्षों से भारतीय टीम का प्रायोजक रहा है और चार फरवरी को उसने यह शिकायत करते हुए बीसीसीआई से हटने का फैसला किया था कि उसकी खिलाड़ियों और मैचों की संख्या से संबंधित शिकायतों पर गौर नहीं किया गया। बीसीसीआई अगर यह समझौता नहीं कर पाता तो उसे 2000 करोड़ रूपये का नुकसान हो सकता था। हालांकि बोर्ड इसकी भरपायी के लिये दूसरा प्रायोजक ढूंढ सकता था। बयान के अनुसार, ‘पुणे वारियर्स इंडिया की नीलामी प्रक्रिया दोबारा जारी कर दी गयी है ताकि वह टीम संयोजन नियम के मुताबिक खिलाड़ियों को टीम में शामिल कर सके।’ बीसीसीआई और सहारा ने मध्यस्थता कार्रवाई शुरू करने पर भी सहमति जता दी है जिसकी पहल सहारा ने की थी। इसके अंतर्गत एक मध्यस्थ की नियुक्ति की जायेगी जो इस कारपोरेट कंपनी के 74 मैचों के लिये फ्रेंचाइजी फीस कम करने के दावे को संबोधित करेगा। बीसीसीआई को सहारा के पुणे वारियर्स इंडिया फ्रेंचाइजी में रणनीतिक भागीदार रखने के मुद्दे पर कोई परेशानी नही है, बशर्ते यह फ्रेंचाइजी के अनुबंध की शर्तों के अनुसार हो। इस सयुंक्त बयान पर बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन और सहारा ग्रुप के अध्यक्ष सुब्रत राय के हस्ताक्षर हैं। सहारा ने कार्यक्रम के अनुसार बेंगलूर में खेले जाने वाले एक प्ले आफ मैच को पुणे में खिलाये जाने का आग्रह किया था और बीसीसीआई ने कहा कि वह सैद्धांतिक रूप से इसे पुणे के नये स्टेडियम में आयोजित करने पर सहमत है बशर्ते इसे रायल चैलेंजर्स बेंगलूर की सहमति भी प्राप्त हो। प्ले आफ मैच की मेजबानी का अधिकार पिछले सत्र के फाइनल में पहुंचने वाली टीमों के मैदान का होता है और इस तरह से इसका अधिकार रायल चैलेंजर्स बेंगलूर का है।टिप्पणियां सहारा ने फ्रेंचाइजी फीस के लिये बैक गांरटी को दो हिस्सों में देने का भी आग्रह किया था और बीसीसीआई ने इसे अगली बैठक में विचार करने पर सहमति जता दी है। बयान के अनुसार, ‘सहारा ने पुष्टि की कि वह भारतीय टीम का प्रायोजक बना रहेगा । समझौते के अनुसार सहारा प्रायोजन देने के अधिकार को जारी रखना चाहेगा।’ सहारा पिछले 11 वर्षों से भारतीय टीम का प्रायोजक रहा है और चार फरवरी को उसने यह शिकायत करते हुए बीसीसीआई से हटने का फैसला किया था कि उसकी खिलाड़ियों और मैचों की संख्या से संबंधित शिकायतों पर गौर नहीं किया गया। बीसीसीआई अगर यह समझौता नहीं कर पाता तो उसे 2000 करोड़ रूपये का नुकसान हो सकता था। हालांकि बोर्ड इसकी भरपायी के लिये दूसरा प्रायोजक ढूंढ सकता था। बीसीसीआई को सहारा के पुणे वारियर्स इंडिया फ्रेंचाइजी में रणनीतिक भागीदार रखने के मुद्दे पर कोई परेशानी नही है, बशर्ते यह फ्रेंचाइजी के अनुबंध की शर्तों के अनुसार हो। इस सयुंक्त बयान पर बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन और सहारा ग्रुप के अध्यक्ष सुब्रत राय के हस्ताक्षर हैं। सहारा ने कार्यक्रम के अनुसार बेंगलूर में खेले जाने वाले एक प्ले आफ मैच को पुणे में खिलाये जाने का आग्रह किया था और बीसीसीआई ने कहा कि वह सैद्धांतिक रूप से इसे पुणे के नये स्टेडियम में आयोजित करने पर सहमत है बशर्ते इसे रायल चैलेंजर्स बेंगलूर की सहमति भी प्राप्त हो। प्ले आफ मैच की मेजबानी का अधिकार पिछले सत्र के फाइनल में पहुंचने वाली टीमों के मैदान का होता है और इस तरह से इसका अधिकार रायल चैलेंजर्स बेंगलूर का है।टिप्पणियां सहारा ने फ्रेंचाइजी फीस के लिये बैक गांरटी को दो हिस्सों में देने का भी आग्रह किया था और बीसीसीआई ने इसे अगली बैठक में विचार करने पर सहमति जता दी है। बयान के अनुसार, ‘सहारा ने पुष्टि की कि वह भारतीय टीम का प्रायोजक बना रहेगा । समझौते के अनुसार सहारा प्रायोजन देने के अधिकार को जारी रखना चाहेगा।’ सहारा पिछले 11 वर्षों से भारतीय टीम का प्रायोजक रहा है और चार फरवरी को उसने यह शिकायत करते हुए बीसीसीआई से हटने का फैसला किया था कि उसकी खिलाड़ियों और मैचों की संख्या से संबंधित शिकायतों पर गौर नहीं किया गया। बीसीसीआई अगर यह समझौता नहीं कर पाता तो उसे 2000 करोड़ रूपये का नुकसान हो सकता था। हालांकि बोर्ड इसकी भरपायी के लिये दूसरा प्रायोजक ढूंढ सकता था। सहारा ने कार्यक्रम के अनुसार बेंगलूर में खेले जाने वाले एक प्ले आफ मैच को पुणे में खिलाये जाने का आग्रह किया था और बीसीसीआई ने कहा कि वह सैद्धांतिक रूप से इसे पुणे के नये स्टेडियम में आयोजित करने पर सहमत है बशर्ते इसे रायल चैलेंजर्स बेंगलूर की सहमति भी प्राप्त हो। प्ले आफ मैच की मेजबानी का अधिकार पिछले सत्र के फाइनल में पहुंचने वाली टीमों के मैदान का होता है और इस तरह से इसका अधिकार रायल चैलेंजर्स बेंगलूर का है।टिप्पणियां सहारा ने फ्रेंचाइजी फीस के लिये बैक गांरटी को दो हिस्सों में देने का भी आग्रह किया था और बीसीसीआई ने इसे अगली बैठक में विचार करने पर सहमति जता दी है। बयान के अनुसार, ‘सहारा ने पुष्टि की कि वह भारतीय टीम का प्रायोजक बना रहेगा । समझौते के अनुसार सहारा प्रायोजन देने के अधिकार को जारी रखना चाहेगा।’ सहारा पिछले 11 वर्षों से भारतीय टीम का प्रायोजक रहा है और चार फरवरी को उसने यह शिकायत करते हुए बीसीसीआई से हटने का फैसला किया था कि उसकी खिलाड़ियों और मैचों की संख्या से संबंधित शिकायतों पर गौर नहीं किया गया। बीसीसीआई अगर यह समझौता नहीं कर पाता तो उसे 2000 करोड़ रूपये का नुकसान हो सकता था। हालांकि बोर्ड इसकी भरपायी के लिये दूसरा प्रायोजक ढूंढ सकता था। प्ले आफ मैच की मेजबानी का अधिकार पिछले सत्र के फाइनल में पहुंचने वाली टीमों के मैदान का होता है और इस तरह से इसका अधिकार रायल चैलेंजर्स बेंगलूर का है।टिप्पणियां सहारा ने फ्रेंचाइजी फीस के लिये बैक गांरटी को दो हिस्सों में देने का भी आग्रह किया था और बीसीसीआई ने इसे अगली बैठक में विचार करने पर सहमति जता दी है। बयान के अनुसार, ‘सहारा ने पुष्टि की कि वह भारतीय टीम का प्रायोजक बना रहेगा । समझौते के अनुसार सहारा प्रायोजन देने के अधिकार को जारी रखना चाहेगा।’ सहारा पिछले 11 वर्षों से भारतीय टीम का प्रायोजक रहा है और चार फरवरी को उसने यह शिकायत करते हुए बीसीसीआई से हटने का फैसला किया था कि उसकी खिलाड़ियों और मैचों की संख्या से संबंधित शिकायतों पर गौर नहीं किया गया। बीसीसीआई अगर यह समझौता नहीं कर पाता तो उसे 2000 करोड़ रूपये का नुकसान हो सकता था। हालांकि बोर्ड इसकी भरपायी के लिये दूसरा प्रायोजक ढूंढ सकता था। सहारा ने फ्रेंचाइजी फीस के लिये बैक गांरटी को दो हिस्सों में देने का भी आग्रह किया था और बीसीसीआई ने इसे अगली बैठक में विचार करने पर सहमति जता दी है। बयान के अनुसार, ‘सहारा ने पुष्टि की कि वह भारतीय टीम का प्रायोजक बना रहेगा । समझौते के अनुसार सहारा प्रायोजन देने के अधिकार को जारी रखना चाहेगा।’ सहारा पिछले 11 वर्षों से भारतीय टीम का प्रायोजक रहा है और चार फरवरी को उसने यह शिकायत करते हुए बीसीसीआई से हटने का फैसला किया था कि उसकी खिलाड़ियों और मैचों की संख्या से संबंधित शिकायतों पर गौर नहीं किया गया। बीसीसीआई अगर यह समझौता नहीं कर पाता तो उसे 2000 करोड़ रूपये का नुकसान हो सकता था। हालांकि बोर्ड इसकी भरपायी के लिये दूसरा प्रायोजक ढूंढ सकता था। बीसीसीआई अगर यह समझौता नहीं कर पाता तो उसे 2000 करोड़ रूपये का नुकसान हो सकता था। हालांकि बोर्ड इसकी भरपायी के लिये दूसरा प्रायोजक ढूंढ सकता था।
सारांश: बीसीसीआई और सहारा में काफी समय से चला आ रहा गतिरोध अब समाप्त हो गया है। इसी के साथ अब यह साफ हो गया है कि सहारा टीम इंडिया की स्पांसरशिप जारी रखेगी।
7
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान ने कहा है कि वह भारत की ओर से आई भगोड़ों की सूची को गंभीरता से ले रहा है। पाकिस्तान ने कहा है कि वह उन सभी संदिग्धों की तलाश के भारत के निवेदन को गंभीरता से ले रहा है, जिनके बारे में कहा जा रहा है कि वे पाकिस्तान में मौजूद हैं। इस साल की शुरुआत में पाकिस्तान को एक सूची सौंपी गई थी, जिसमें पाकिस्तानी सेना के पांच अधिकारियों के भी नाम थे। इन अधिकारियों के नाम मुंबई हमलों के संबंध में सूची में डाले गए थे। इस बारे में विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता तहमीना जांजुआ ने कहा, यह भारत की सूची है। भारतीय जिसका नाम चाहें, इसमें डाल सकते हैं। यह फैसला करना उनका काम है कि किसे सूची में डालना है। जहां तक हमारी बात है, हमसे इस प्रकार का जो भी मामला उठाया जाता है, हम उसे पूरी गंभीरता से लेते हैं। तहमीना से इस सूची में सामने आ रही गलतियों के बारे में पूछा गया था। यह पूछे जाने पर कि क्या भारत ने सूची औपचारिक तौर पर वापस ले ली है, उन्होंने कहा, हमारे पास इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। यह केवल मीडिया में आई बात है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, भारत के साथ, परिणामपरक और सार्थक बातचीत की दिशा में काम कर रहा है।
संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तान ने कहा कि वह उन सभी संदिग्धों की तलाश के भारत के निवेदन को गंभीरता से ले रहा है, जिनके बारे में कहा जा रहा है कि वे पाक में मौजूद हैं।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मध्य प्रदेश में पिछले दो सालों में बलात्कार के 28 मामलों में दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई है. मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (अभियोजन) पुरुषोत्तम शर्मा ने सोमवार को कहा, ‘दुष्कर्म करने वालों को सजा दिलाने में मध्य प्रदेश पुलिस का रिकॉर्ड बहुत अच्छा रहा है. पिछले दो साल में राज्य में दुष्कर्म के 28 मामलों में दोषियों को फांसी की सजा मिली है.' उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में दुष्कर्म और दुष्कर्म कर हत्या के 19 मामले सामने आए थे, जिनमें से 18 मामले नाबालिगों के थे. इन सभी 19 मामलों में दोषियों को फांसी की सजा हुई है. इसके चलते मध्य प्रदेश देश में पहला राज्य है, जिसका नाम इस संदर्भ में वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉडर्स लंदन में दर्ज हुआ है. शर्मा ने बताया कि इसी प्रकार 2019 में भी 9 मामले दुष्कर्म के हैं, जिनमें फांसी की सजा हुई है. शर्मा ने बताया कि पुलिस अभियोजन विभाग ने पोक्सो और दुष्कर्म के मामले में एक त्रिस्तरीय व्यवस्था लागू की है. इसका जिला अभियोजन अधिकारी पूरे सबूत देखेगा, जिससे केस मजबूत बना रहे. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के मुख्यालय में हर मामले की निगरानी वह खुद करेंगे. इसके साथ हर जिला स्तर पर एक ‘गवाह सहायता डेस्क' बनाई है, जिसमें गवाह को अपना पक्ष मजबूती से रखने के लिए तैयार किया जाएगा. उन्होंने बताया कि अभी तक दुष्कर्म के कई मामलों में गवाहों को लोग प्रभावित कर देते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. शर्मा ने बताया कि पीड़ित से लेकर गवाहों को सुरक्षा से लेकर अदालत तक आने-जाने का खर्चा तक विभाग देगा. उन्होंने बताया कि कटनी में एक बच्चे के दुष्कर्म के मामले में विभाग ने मात्र पांच दिन में पूरे सबूत एकत्र करके फांसी की सजा दिलाई थी. इसलिए ऐसे सभी मामलों को मजबूती से फास्ट ट्रैक कोर्ट में लेकर काम किया जाएगा. शर्मा ने कहा कि प्रदेश में अभियोजन अधिकारियों की कमी नहीं हो, इसके लिए विभाग ने 324 पदों को भरने के लिए मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग को जानकारी भेज दी है. जल्दी ही इन पर नियुक्ति होगी, जिससे उनके अधिकारी अदालत में और बेहतर तरीके से पीड़ितों का पक्ष रख पाएंगे.
बलात्कार के 28 मामलों में दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई आरोपियों को सजा दिलाने में मध्य प्रदेश पुलिस का रिकॉर्ड बहुत अच्छा रहा कहा- इन सभी 19 मामलों में दोषियों को फांसी की सजा हुई
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारती वॉलमार्ट ने मुख्य वित्त अधिकारी पंकज मदान समेत अपने पांच अधिकारियों को निलंबित किया है। खुदरा दुकानदारी करने वाली दिग्गज अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट कुछ देशों के अपने प्रतिष्ठानों के अधिकारियों पर कारोबार के लिए भ्रष्ट तरीके अपनाने के आरोपों की आंतरिक स्तर पर जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई उसी जांच के सिलसिले में की गई है। उसका यह थोक कारोबार करने वाला उपक्रम स्थानीय भारतीय समूह के साथ 50:50 की हिस्सेदारी में है। जांच आगे बढ़ने के साथ कंपनी के कुछ और अधिकारी इसकी चपेट में आ सकते हैं।टिप्पणियां निलंबन की पुष्टि करते हुए भारती वॉलमार्ट के प्रवक्ता ने कहा, हम पूरी जांच करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जांच पूरी होने से पहले इस पर कोई टिप्पणी करना हमारे लिए अनुचित है। सूत्रों ने बताया कि भारत और कुछ अन्य देशों में वालमार्ट पर रिश्वत देने के आरोपों की जांच के मद्देनजर मंगलवार को भारती वालमार्ट के मुख्य वित्त अधिकारी मदान और कंपनी के कानून विभाग के चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। इन पर क्या आरोप हैं, इसका अभी पता नहीं चल सका है। यह पूछने पर कि क्या कंपनी ने जांच पूरी होने तक और स्टोर खोलने की योजना पर रोक लगाने का फैसला किया है, प्रवक्ता ने कहा, हम भारतीय बाजार के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम विश्व से सबसे गतिशील बाजारो में से एक भारत में अपने कारोबार के विस्तार, किसानों के लिए अवसर बढ़ाने और भारत में लोगों के जीवन निर्वाह के खर्च में कमी लाने में मदद करने के मौके निकालने के प्रति उत्साहित हैं। भारती वॉलमार्ट बेस्ट प्राइस मॉडर्न होलसेल ब्रांड थोक दुकानें चलाता है। सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई उसी जांच के सिलसिले में की गई है। उसका यह थोक कारोबार करने वाला उपक्रम स्थानीय भारतीय समूह के साथ 50:50 की हिस्सेदारी में है। जांच आगे बढ़ने के साथ कंपनी के कुछ और अधिकारी इसकी चपेट में आ सकते हैं।टिप्पणियां निलंबन की पुष्टि करते हुए भारती वॉलमार्ट के प्रवक्ता ने कहा, हम पूरी जांच करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जांच पूरी होने से पहले इस पर कोई टिप्पणी करना हमारे लिए अनुचित है। सूत्रों ने बताया कि भारत और कुछ अन्य देशों में वालमार्ट पर रिश्वत देने के आरोपों की जांच के मद्देनजर मंगलवार को भारती वालमार्ट के मुख्य वित्त अधिकारी मदान और कंपनी के कानून विभाग के चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। इन पर क्या आरोप हैं, इसका अभी पता नहीं चल सका है। यह पूछने पर कि क्या कंपनी ने जांच पूरी होने तक और स्टोर खोलने की योजना पर रोक लगाने का फैसला किया है, प्रवक्ता ने कहा, हम भारतीय बाजार के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम विश्व से सबसे गतिशील बाजारो में से एक भारत में अपने कारोबार के विस्तार, किसानों के लिए अवसर बढ़ाने और भारत में लोगों के जीवन निर्वाह के खर्च में कमी लाने में मदद करने के मौके निकालने के प्रति उत्साहित हैं। भारती वॉलमार्ट बेस्ट प्राइस मॉडर्न होलसेल ब्रांड थोक दुकानें चलाता है। निलंबन की पुष्टि करते हुए भारती वॉलमार्ट के प्रवक्ता ने कहा, हम पूरी जांच करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जांच पूरी होने से पहले इस पर कोई टिप्पणी करना हमारे लिए अनुचित है। सूत्रों ने बताया कि भारत और कुछ अन्य देशों में वालमार्ट पर रिश्वत देने के आरोपों की जांच के मद्देनजर मंगलवार को भारती वालमार्ट के मुख्य वित्त अधिकारी मदान और कंपनी के कानून विभाग के चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। इन पर क्या आरोप हैं, इसका अभी पता नहीं चल सका है। यह पूछने पर कि क्या कंपनी ने जांच पूरी होने तक और स्टोर खोलने की योजना पर रोक लगाने का फैसला किया है, प्रवक्ता ने कहा, हम भारतीय बाजार के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम विश्व से सबसे गतिशील बाजारो में से एक भारत में अपने कारोबार के विस्तार, किसानों के लिए अवसर बढ़ाने और भारत में लोगों के जीवन निर्वाह के खर्च में कमी लाने में मदद करने के मौके निकालने के प्रति उत्साहित हैं। भारती वॉलमार्ट बेस्ट प्राइस मॉडर्न होलसेल ब्रांड थोक दुकानें चलाता है। यह पूछने पर कि क्या कंपनी ने जांच पूरी होने तक और स्टोर खोलने की योजना पर रोक लगाने का फैसला किया है, प्रवक्ता ने कहा, हम भारतीय बाजार के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम विश्व से सबसे गतिशील बाजारो में से एक भारत में अपने कारोबार के विस्तार, किसानों के लिए अवसर बढ़ाने और भारत में लोगों के जीवन निर्वाह के खर्च में कमी लाने में मदद करने के मौके निकालने के प्रति उत्साहित हैं। भारती वॉलमार्ट बेस्ट प्राइस मॉडर्न होलसेल ब्रांड थोक दुकानें चलाता है।
खुदरा दुकानदारी करने वाली अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट कुछ देशों के प्रतिष्ठानों के अधिकारियों पर कारोबार के लिए भ्रष्ट तरीके अपनाने के आरोपों की आंतरिक स्तर पर जांच कर रही है।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तानी टीम दो टेस्ट मैच की सीरीज खेलने के लिए न्यूज़ीलैंड के दौरे पर है. दोनों टीमों के बीच दूसरा टेस्ट मैच हेमिल्‍टन में चल रहा है. बारिश के वजह से इस टेस्‍ट का खेल बार-बार बाधित हो रहा है. पहला टेस्ट मैच 8 विकेट से जीतने के बाद दूसरे टेस्ट पर न्यूज़ीलैंड ने पकड़ बना ली है. अगर आगे बारिश नहीं हुई तो न्यूज़ीलैंड टीम इस मैच को भी अपने कब्ज़े में कर सकती है. दूसरे टेस्ट मैच में जिस अनोखे वर्ल्ड रिकॉर्ड की उम्मीद की जा रही थी वह कायम हो गया. इसे कायम किया पाकिस्तान के नवोदित तेज गेंदबाज़ इमरान खान ने. इमरान जब पहली पारी में बल्लेबाजी के लिए आए तो मैदान के चारों तरफ ताली बजने लगी. सभी उम्मीद कर रहे थे कि इमरान वह वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम करें जिसका काफी दिनों से इंतजार हो रहा था. बहरहाल, इमरान ने क्रिकेट प्रेमियों की दिल नहीं तोड़ा और यह वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम कर लिया. जी हां, जिस वर्ल्ड रिकॉर्ड की बात हो रही है वह है पहला टेस्ट रन बनाने के लिए सबसे ज्यादा समय इंतज़ार करने का.   पाकिस्तान के गेंदबाज़ इमरान खान को टेस्ट में अपना पहला रन बनाने के लिए 2 साल और 7 टेस्ट का इंतजार करना पड़ा है. अपने टेस्ट करियर के आठवें टेस्ट में उन्‍होंने पहला रन बनाते हुए वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम कर लिया. पाकिस्‍तान के पूर्व कप्‍तान और हरफनमौला इमरान खान जैसे नाम वाले इन इमरान ने अक्टूबर 2014 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट करियर शुरू किया था. इन दो सालों के दौरान वे सात टेस्‍ट मैच तो खेले, लेकिन अपना पहला रन नहीं बना पाए. 2016 में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट में उन्‍होंने अपना पहला टेस्ट रन बनाने के साथ ही वर्ल्‍ड रिकार्ड बनाया. टिप्पणियां 2014 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने पहले टेस्‍ट मैच में इमरान पहली पारी में वह 0 पर नाबाद थे और दूसरी पारी में उन्हें बल्लेबाजी करने का मौक़ा नहीं मिला था. अपने टेस्ट करियर के दूसरे, तीसरे और चौथे टेस्ट में उन्हें बल्लेबाजी का मौक़ा नहीं मिला. 3 जुलाई 2015 को श्रीलंका के खिलाफ अपने टेस्ट करियर के पांचवें टेस्ट की पहली पारी में वे 0 पर आउट हुए और दूसरी पारी में बल्लेबाजी का मौक़ा नहीं मिला. 13 अक्टूबर 2015 को इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में फिर वह पहली पारी में बल्लेबाजी नहीं कर पाए और दूसरी पारी में 0 पर आउट हुए थे. फिर 22 अक्टूबर 2015 को इंग्लैंड के खिलाफ अपने करियर के सातवें टेस्ट में पहली पारी में वे 0 पर नाबाद थे और दूसरी पारी में उन्‍हें बैटिंग का मौका नहीं मिला. लेकिन न्यूज़ीलैंड के खिलाफ हेमिल्‍टन में चल रहे दूसरे टेस्‍ट में इमरान ने पहली पारी में इमरान खान ने पहली पारी में छह रन बनाए और इसके साथ ही उनके नाम पर एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज हो गया. दूसरे टेस्ट मैच में जिस अनोखे वर्ल्ड रिकॉर्ड की उम्मीद की जा रही थी वह कायम हो गया. इसे कायम किया पाकिस्तान के नवोदित तेज गेंदबाज़ इमरान खान ने. इमरान जब पहली पारी में बल्लेबाजी के लिए आए तो मैदान के चारों तरफ ताली बजने लगी. सभी उम्मीद कर रहे थे कि इमरान वह वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम करें जिसका काफी दिनों से इंतजार हो रहा था. बहरहाल, इमरान ने क्रिकेट प्रेमियों की दिल नहीं तोड़ा और यह वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम कर लिया. जी हां, जिस वर्ल्ड रिकॉर्ड की बात हो रही है वह है पहला टेस्ट रन बनाने के लिए सबसे ज्यादा समय इंतज़ार करने का.   पाकिस्तान के गेंदबाज़ इमरान खान को टेस्ट में अपना पहला रन बनाने के लिए 2 साल और 7 टेस्ट का इंतजार करना पड़ा है. अपने टेस्ट करियर के आठवें टेस्ट में उन्‍होंने पहला रन बनाते हुए वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम कर लिया. पाकिस्‍तान के पूर्व कप्‍तान और हरफनमौला इमरान खान जैसे नाम वाले इन इमरान ने अक्टूबर 2014 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट करियर शुरू किया था. इन दो सालों के दौरान वे सात टेस्‍ट मैच तो खेले, लेकिन अपना पहला रन नहीं बना पाए. 2016 में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट में उन्‍होंने अपना पहला टेस्ट रन बनाने के साथ ही वर्ल्‍ड रिकार्ड बनाया. टिप्पणियां 2014 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने पहले टेस्‍ट मैच में इमरान पहली पारी में वह 0 पर नाबाद थे और दूसरी पारी में उन्हें बल्लेबाजी करने का मौक़ा नहीं मिला था. अपने टेस्ट करियर के दूसरे, तीसरे और चौथे टेस्ट में उन्हें बल्लेबाजी का मौक़ा नहीं मिला. 3 जुलाई 2015 को श्रीलंका के खिलाफ अपने टेस्ट करियर के पांचवें टेस्ट की पहली पारी में वे 0 पर आउट हुए और दूसरी पारी में बल्लेबाजी का मौक़ा नहीं मिला. 13 अक्टूबर 2015 को इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में फिर वह पहली पारी में बल्लेबाजी नहीं कर पाए और दूसरी पारी में 0 पर आउट हुए थे. फिर 22 अक्टूबर 2015 को इंग्लैंड के खिलाफ अपने करियर के सातवें टेस्ट में पहली पारी में वे 0 पर नाबाद थे और दूसरी पारी में उन्‍हें बैटिंग का मौका नहीं मिला. लेकिन न्यूज़ीलैंड के खिलाफ हेमिल्‍टन में चल रहे दूसरे टेस्‍ट में इमरान ने पहली पारी में इमरान खान ने पहली पारी में छह रन बनाए और इसके साथ ही उनके नाम पर एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज हो गया. पाकिस्तान के गेंदबाज़ इमरान खान को टेस्ट में अपना पहला रन बनाने के लिए 2 साल और 7 टेस्ट का इंतजार करना पड़ा है. अपने टेस्ट करियर के आठवें टेस्ट में उन्‍होंने पहला रन बनाते हुए वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम कर लिया. पाकिस्‍तान के पूर्व कप्‍तान और हरफनमौला इमरान खान जैसे नाम वाले इन इमरान ने अक्टूबर 2014 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट करियर शुरू किया था. इन दो सालों के दौरान वे सात टेस्‍ट मैच तो खेले, लेकिन अपना पहला रन नहीं बना पाए. 2016 में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट में उन्‍होंने अपना पहला टेस्ट रन बनाने के साथ ही वर्ल्‍ड रिकार्ड बनाया. टिप्पणियां 2014 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने पहले टेस्‍ट मैच में इमरान पहली पारी में वह 0 पर नाबाद थे और दूसरी पारी में उन्हें बल्लेबाजी करने का मौक़ा नहीं मिला था. अपने टेस्ट करियर के दूसरे, तीसरे और चौथे टेस्ट में उन्हें बल्लेबाजी का मौक़ा नहीं मिला. 3 जुलाई 2015 को श्रीलंका के खिलाफ अपने टेस्ट करियर के पांचवें टेस्ट की पहली पारी में वे 0 पर आउट हुए और दूसरी पारी में बल्लेबाजी का मौक़ा नहीं मिला. 13 अक्टूबर 2015 को इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में फिर वह पहली पारी में बल्लेबाजी नहीं कर पाए और दूसरी पारी में 0 पर आउट हुए थे. फिर 22 अक्टूबर 2015 को इंग्लैंड के खिलाफ अपने करियर के सातवें टेस्ट में पहली पारी में वे 0 पर नाबाद थे और दूसरी पारी में उन्‍हें बैटिंग का मौका नहीं मिला. लेकिन न्यूज़ीलैंड के खिलाफ हेमिल्‍टन में चल रहे दूसरे टेस्‍ट में इमरान ने पहली पारी में इमरान खान ने पहली पारी में छह रन बनाए और इसके साथ ही उनके नाम पर एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज हो गया. 2014 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने पहले टेस्‍ट मैच में इमरान पहली पारी में वह 0 पर नाबाद थे और दूसरी पारी में उन्हें बल्लेबाजी करने का मौक़ा नहीं मिला था. अपने टेस्ट करियर के दूसरे, तीसरे और चौथे टेस्ट में उन्हें बल्लेबाजी का मौक़ा नहीं मिला. 3 जुलाई 2015 को श्रीलंका के खिलाफ अपने टेस्ट करियर के पांचवें टेस्ट की पहली पारी में वे 0 पर आउट हुए और दूसरी पारी में बल्लेबाजी का मौक़ा नहीं मिला. 13 अक्टूबर 2015 को इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में फिर वह पहली पारी में बल्लेबाजी नहीं कर पाए और दूसरी पारी में 0 पर आउट हुए थे. फिर 22 अक्टूबर 2015 को इंग्लैंड के खिलाफ अपने करियर के सातवें टेस्ट में पहली पारी में वे 0 पर नाबाद थे और दूसरी पारी में उन्‍हें बैटिंग का मौका नहीं मिला. लेकिन न्यूज़ीलैंड के खिलाफ हेमिल्‍टन में चल रहे दूसरे टेस्‍ट में इमरान ने पहली पारी में इमरान खान ने पहली पारी में छह रन बनाए और इसके साथ ही उनके नाम पर एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज हो गया. 13 अक्टूबर 2015 को इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में फिर वह पहली पारी में बल्लेबाजी नहीं कर पाए और दूसरी पारी में 0 पर आउट हुए थे. फिर 22 अक्टूबर 2015 को इंग्लैंड के खिलाफ अपने करियर के सातवें टेस्ट में पहली पारी में वे 0 पर नाबाद थे और दूसरी पारी में उन्‍हें बैटिंग का मौका नहीं मिला. लेकिन न्यूज़ीलैंड के खिलाफ हेमिल्‍टन में चल रहे दूसरे टेस्‍ट में इमरान ने पहली पारी में इमरान खान ने पहली पारी में छह रन बनाए और इसके साथ ही उनके नाम पर एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज हो गया.
यह एक सारांश है: पहला रन बनाने के लिए दो साल और सात टेस्‍ट का इंतजार करना पड़ा अक्‍टूबर 2014 में ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ टेस्‍ट करियर प्रारंभ किया था कई बार 0 पर आउट हुए तो कई बार बैटिंग का मौका ही नहीं मिला
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने शुक्रवार को कहा कि 2006 के बाद से राज्य में सड़कों के निर्माण एवं रख-रखाव पर 1.19 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए. उन्होंने कहा कि राजद-कांग्रेस के 15 साल के शासन में खर्च किए गए 6,071 करोड़ रुपये के मुकाबले पिछले 12 सालों में 1.19 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए. उपमुख्यमंत्री ने कहा, “राजद-कांग्रेस के 1990 से 2005 तक के 15 सालों के शासन के दौरान राज्य में सड़कें बनाने एवं उसके रख-रखाव पर 6,071 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई जबकि राज्य ने 2006 के बाद से सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत पर 1.19 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं जो उसके मुकाबले 19 गुणा ज्यादा है.”टिप्पणियां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नीत राजग सरकार ने पहली बार नवंबर 2006 में राज्य का शासन संभाला था. नवंबर 2015 से जुलाई 2017 की अवधि को हटा दें जब कुमार ने लालू प्रसाद की राजद के साथ सत्ता साझा की थी तो राज्य में नवंबर 2006 के बाद से राजग का ही शासन रहा है. मोदी ने कहा कि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए ग्रामीण कार्य एवं सड़क निर्माण विभाग दोनों नई सड़कों के निर्माण के लिए 17,000 करोड़ रुपये खर्च करेंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि उक्त राशि का केवल 15 प्रतिशत सड़कों की मरम्मत एवं रख-रखाव पर खर्च किया जाएगा. (इनपुट भाषा से) उपमुख्यमंत्री ने कहा, “राजद-कांग्रेस के 1990 से 2005 तक के 15 सालों के शासन के दौरान राज्य में सड़कें बनाने एवं उसके रख-रखाव पर 6,071 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई जबकि राज्य ने 2006 के बाद से सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत पर 1.19 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं जो उसके मुकाबले 19 गुणा ज्यादा है.”टिप्पणियां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नीत राजग सरकार ने पहली बार नवंबर 2006 में राज्य का शासन संभाला था. नवंबर 2015 से जुलाई 2017 की अवधि को हटा दें जब कुमार ने लालू प्रसाद की राजद के साथ सत्ता साझा की थी तो राज्य में नवंबर 2006 के बाद से राजग का ही शासन रहा है. मोदी ने कहा कि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए ग्रामीण कार्य एवं सड़क निर्माण विभाग दोनों नई सड़कों के निर्माण के लिए 17,000 करोड़ रुपये खर्च करेंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि उक्त राशि का केवल 15 प्रतिशत सड़कों की मरम्मत एवं रख-रखाव पर खर्च किया जाएगा. (इनपुट भाषा से) मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नीत राजग सरकार ने पहली बार नवंबर 2006 में राज्य का शासन संभाला था. नवंबर 2015 से जुलाई 2017 की अवधि को हटा दें जब कुमार ने लालू प्रसाद की राजद के साथ सत्ता साझा की थी तो राज्य में नवंबर 2006 के बाद से राजग का ही शासन रहा है. मोदी ने कहा कि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए ग्रामीण कार्य एवं सड़क निर्माण विभाग दोनों नई सड़कों के निर्माण के लिए 17,000 करोड़ रुपये खर्च करेंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि उक्त राशि का केवल 15 प्रतिशत सड़कों की मरम्मत एवं रख-रखाव पर खर्च किया जाएगा. (इनपुट भाषा से) मोदी ने कहा कि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए ग्रामीण कार्य एवं सड़क निर्माण विभाग दोनों नई सड़कों के निर्माण के लिए 17,000 करोड़ रुपये खर्च करेंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि उक्त राशि का केवल 15 प्रतिशत सड़कों की मरम्मत एवं रख-रखाव पर खर्च किया जाएगा. (इनपुट भाषा से)
संक्षिप्त सारांश: 2006 के बाद 19 गुनी ज्यादा राशि खर्च की गई राज्य में नवंबर 2006 के बाद से राजग का ही शासन रहा सिर्फ 2015 से 2017 तक जेडीयू-आरजेडी गठबंधन की सत्ता रही
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय क्रिकेट की नई सनसनी शिखर धवन ने 248 रन की बेहतरीन पारी खेलकर लिस्ट ए मैचों में भारत की तरफ से सर्वाधिक व्यक्तिगत पारी खेलने का नया रिकॉर्ड बनाया, लेकिन वह विश्व रिकॉर्ड से 20 रन पीछे रह गए। सलामी बल्लेबाज धवन ने भारत 'ए' की तरफ से दक्षिण अफ्रीका 'ए' के खिलाफ त्रिकोणीय एक-दिवसीय शृंखला के मैच में यह धुआंधार पारी खेलकर वीरेंद्र सहवाग के वेस्ट इंडीज के खिलाफ 8 दिसंबर, 2011 को इंदौर में बनाए गए 219 रन के रिकॉर्ड को तोड़ा। सहवाग के नाम एक-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक पारी में सबसे अधिक रन का रिकॉर्ड बरकरार है, लेकिन लिस्ट ए में अब भारत की तरफ से सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी का रिकार्ड धवन के नाम दर्ज हो गया है। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने अपनी पारी में 150 गेंदों का सामना किया तथा 30 चौके और सात छक्के लगाए।टिप्पणियां धवन के पास इंग्लैंड के एलिस्टेयर ब्राउन के 268 रन के रिकॉर्ड को तोड़ने का सुनहरा मौका था, लेकिन वह 45वें ओवर में आउट हो गए। ब्राउन ने 2002 में सर्रे की तरफ से ग्लेमोर्गन के खिलाफ यह धमाकेदार पारी खेली थी। धवन लिस्ट ए मैचों में एक पारी में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे नंबर पर हैं। धवन लिस्ट ए मैचों में दोहरा शतक जड़ने वाले 12वें बल्लेबाज हैं। ब्राउन ने दो दोहरे शतक लगाए हैं और इस तरह से लिस्ट ए में 13वीं बार किसी बल्लेबाज ने दोहरा शतक जमाया। धवन हालांकि सचिन तेंदुलकर और सहवाग के बाद लिस्ट ए मैचों में दोहरा शतक जड़ने वाले तीसरे भारतीय बल्लेबाज हैं। तेंदुलकर और सहवाग ने अंतरराष्ट्रीय मैचों में यह कारनामा किया है। धवन ने अपनी पारी में 30 चौके लगाए और इस तरह उन्होंने ब्राउन के एक पारी में सर्वाधिक चौकों के रिकॉर्ड की बराबरी की। भारत ए टीम ने तीन विकेट पर 433 रन बनाए, जो किसी भी भारतीय टीम का लिस्ट ए मैचों में सर्वाधिक स्कोर है। सलामी बल्लेबाज धवन ने भारत 'ए' की तरफ से दक्षिण अफ्रीका 'ए' के खिलाफ त्रिकोणीय एक-दिवसीय शृंखला के मैच में यह धुआंधार पारी खेलकर वीरेंद्र सहवाग के वेस्ट इंडीज के खिलाफ 8 दिसंबर, 2011 को इंदौर में बनाए गए 219 रन के रिकॉर्ड को तोड़ा। सहवाग के नाम एक-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक पारी में सबसे अधिक रन का रिकॉर्ड बरकरार है, लेकिन लिस्ट ए में अब भारत की तरफ से सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी का रिकार्ड धवन के नाम दर्ज हो गया है। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने अपनी पारी में 150 गेंदों का सामना किया तथा 30 चौके और सात छक्के लगाए।टिप्पणियां धवन के पास इंग्लैंड के एलिस्टेयर ब्राउन के 268 रन के रिकॉर्ड को तोड़ने का सुनहरा मौका था, लेकिन वह 45वें ओवर में आउट हो गए। ब्राउन ने 2002 में सर्रे की तरफ से ग्लेमोर्गन के खिलाफ यह धमाकेदार पारी खेली थी। धवन लिस्ट ए मैचों में एक पारी में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे नंबर पर हैं। धवन लिस्ट ए मैचों में दोहरा शतक जड़ने वाले 12वें बल्लेबाज हैं। ब्राउन ने दो दोहरे शतक लगाए हैं और इस तरह से लिस्ट ए में 13वीं बार किसी बल्लेबाज ने दोहरा शतक जमाया। धवन हालांकि सचिन तेंदुलकर और सहवाग के बाद लिस्ट ए मैचों में दोहरा शतक जड़ने वाले तीसरे भारतीय बल्लेबाज हैं। तेंदुलकर और सहवाग ने अंतरराष्ट्रीय मैचों में यह कारनामा किया है। धवन ने अपनी पारी में 30 चौके लगाए और इस तरह उन्होंने ब्राउन के एक पारी में सर्वाधिक चौकों के रिकॉर्ड की बराबरी की। भारत ए टीम ने तीन विकेट पर 433 रन बनाए, जो किसी भी भारतीय टीम का लिस्ट ए मैचों में सर्वाधिक स्कोर है। सहवाग के नाम एक-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक पारी में सबसे अधिक रन का रिकॉर्ड बरकरार है, लेकिन लिस्ट ए में अब भारत की तरफ से सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी का रिकार्ड धवन के नाम दर्ज हो गया है। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने अपनी पारी में 150 गेंदों का सामना किया तथा 30 चौके और सात छक्के लगाए।टिप्पणियां धवन के पास इंग्लैंड के एलिस्टेयर ब्राउन के 268 रन के रिकॉर्ड को तोड़ने का सुनहरा मौका था, लेकिन वह 45वें ओवर में आउट हो गए। ब्राउन ने 2002 में सर्रे की तरफ से ग्लेमोर्गन के खिलाफ यह धमाकेदार पारी खेली थी। धवन लिस्ट ए मैचों में एक पारी में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे नंबर पर हैं। धवन लिस्ट ए मैचों में दोहरा शतक जड़ने वाले 12वें बल्लेबाज हैं। ब्राउन ने दो दोहरे शतक लगाए हैं और इस तरह से लिस्ट ए में 13वीं बार किसी बल्लेबाज ने दोहरा शतक जमाया। धवन हालांकि सचिन तेंदुलकर और सहवाग के बाद लिस्ट ए मैचों में दोहरा शतक जड़ने वाले तीसरे भारतीय बल्लेबाज हैं। तेंदुलकर और सहवाग ने अंतरराष्ट्रीय मैचों में यह कारनामा किया है। धवन ने अपनी पारी में 30 चौके लगाए और इस तरह उन्होंने ब्राउन के एक पारी में सर्वाधिक चौकों के रिकॉर्ड की बराबरी की। भारत ए टीम ने तीन विकेट पर 433 रन बनाए, जो किसी भी भारतीय टीम का लिस्ट ए मैचों में सर्वाधिक स्कोर है। धवन के पास इंग्लैंड के एलिस्टेयर ब्राउन के 268 रन के रिकॉर्ड को तोड़ने का सुनहरा मौका था, लेकिन वह 45वें ओवर में आउट हो गए। ब्राउन ने 2002 में सर्रे की तरफ से ग्लेमोर्गन के खिलाफ यह धमाकेदार पारी खेली थी। धवन लिस्ट ए मैचों में एक पारी में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे नंबर पर हैं। धवन लिस्ट ए मैचों में दोहरा शतक जड़ने वाले 12वें बल्लेबाज हैं। ब्राउन ने दो दोहरे शतक लगाए हैं और इस तरह से लिस्ट ए में 13वीं बार किसी बल्लेबाज ने दोहरा शतक जमाया। धवन हालांकि सचिन तेंदुलकर और सहवाग के बाद लिस्ट ए मैचों में दोहरा शतक जड़ने वाले तीसरे भारतीय बल्लेबाज हैं। तेंदुलकर और सहवाग ने अंतरराष्ट्रीय मैचों में यह कारनामा किया है। धवन ने अपनी पारी में 30 चौके लगाए और इस तरह उन्होंने ब्राउन के एक पारी में सर्वाधिक चौकों के रिकॉर्ड की बराबरी की। भारत ए टीम ने तीन विकेट पर 433 रन बनाए, जो किसी भी भारतीय टीम का लिस्ट ए मैचों में सर्वाधिक स्कोर है। धवन हालांकि सचिन तेंदुलकर और सहवाग के बाद लिस्ट ए मैचों में दोहरा शतक जड़ने वाले तीसरे भारतीय बल्लेबाज हैं। तेंदुलकर और सहवाग ने अंतरराष्ट्रीय मैचों में यह कारनामा किया है। धवन ने अपनी पारी में 30 चौके लगाए और इस तरह उन्होंने ब्राउन के एक पारी में सर्वाधिक चौकों के रिकॉर्ड की बराबरी की। भारत ए टीम ने तीन विकेट पर 433 रन बनाए, जो किसी भी भारतीय टीम का लिस्ट ए मैचों में सर्वाधिक स्कोर है।
संक्षिप्त पाठ: शिखर धवन ने 248 रन की बेहतरीन पारी खेलकर लिस्ट ए मैचों में भारत की तरफ से सर्वाधिक व्यक्तिगत पारी खेलने का नया रिकॉर्ड बनाया, लेकिन वह विश्व रिकॉर्ड से 20 रन पीछे रह गए।
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: विदेशों में तेजी के बीच स्टाकिस्टों और निवेशकों की लिवाली के चलते दिल्ली सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोने के भाव 610 रुपये की तेजी के साथ 25,840 रुपये प्रति दस ग्राम की नई ऊंचाई को छू गए। बाजार सूत्रों के अनुसार विदेशी बाजारों में भारी उठा पटक के बीच स्टाकिस्टों और निवेशकों की लिवाली के चलते स्थानीय बाजार में सोने के भाव 26,000 रुपये प्रति दस ग्राम की ओर अग्रसर है। स्थानीय बाजार में सोना 99.9 शुद्ध और 99.5 शुद्ध के भाव 610 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 25,840 रुपये और 25,720 रुपये प्रति दस ग्राम की नई ऊंचाई पर बंद हुए। गिन्नी के भाव 1200 रुपये के उछाल के साथ 21,000 रुपये प्रति आठ ग्राम की नयी ऊंचाई तक जा पहुंचे। स्टेंडर्ड एंड पुअर्स द्वारा अमेरिका की रेटिंग घटाए जाने के बाद न्यूयार्क में सोने के भाव 1774.80 डॉलर प्रति औंस की रिकार्ड ऊंचाई को छू गए। जिसका असर स्थानीय बाजार धारणा पर पड़ा। सूत्रों के अनुसार आगामी शादी-विवाह सीजन के मद्देनजर कीमतों में और तेजी आने की संभावनाओं के चलते कारोबारियों ने पूर्व लिवाली की। इससे भी बाजार धारणा मजबूत हुई। वहीं मौजूदा उच्चस्तर पर मांग घटने से चांदी में 1000 रुपये की गिरावट आई। चांदी तैयार के भाव 1000 रुपये की गिरावट के साथ 58,900 रुपये और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 1380 रुपये की हानि के साथ 58,600 रुपये किलो बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव 2000 रुपये टूटकर 64000 : 65000 रुपये प्रति सैंकड़ा बंद हुए।
संक्षिप्त सारांश: दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने के भाव 610 रुपये की तेजी के साथ 25,840 रुपये प्रति दस ग्राम की नई ऊंचाई को छू गए।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष मार्कंडेय काटजू ने बुधवार को कहा कि सलमान रुश्दी ‘खराब’ और ‘निम्नस्तरीय’ लेखक हैं और विवादस्पद पुस्तक ‘सैटेनिक वर्सेज’ से पहले उन्हें बहुत अधिक लोग नहीं जानते थे। कुछ समय पहले तक उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश रहे काटजू ने भारत में जन्मे और ब्रिटेन में रहने वाले रुश्दी के प्रशंसकों की आलोचना की। काटजू ने कहा कि वे औपनिवेशिक हीनभावना से ग्रस्त है कि विदेश में रहने वाला लेखक महान होता है। भारतीय प्रेस परिषद (पीसीआई) के अध्यक्ष ने अपने बयान में कहा, ‘मैंने रुश्दी की कुछ पुस्तकें पढ़ी हैं और मेरा मानना है कि वे एक खराब लेखक है और सैटेनिक वर्सेज से पहले उन्हें कम ही लोग जानते थे।’ उन्होंने कहा कि यहां तक ‘मिडनाइट चिल्ड्रेन’ को भी महान साहित्य कहना कठिन है। काटजू ने कहा, ‘समस्या यह है कि आज भारत के शिक्षित लोग औपनिवेशिक हीनभावना से ग्रस्त है। इसलिए जो भी लंदन या न्यूयार्क में रहता है, वह महान लेखक है। जबकि भारत में रहने वाले लेखक निम्न स्तर के है।' टिप्पणियां जयपुर साहित्य उत्सव के दौरान रूश्दी से संबंधित विवाद के विषय पर काटजू ने कहा, ‘ मैं धार्मिक रूढ़िवादिता का पक्षधर नहीं हूं। लेकिन मेरी इच्छा किसी निम्नस्तरीय लेखक को हीरो बनाने की नहीं है।’ जयपुर उत्सव का उल्लेख करते हुए काटजू ने कहा कि यहां लोगों को साहित्य पर गंभीर चर्चा की उम्मीद थी। उन्हें लगता था कि यहां कबीर, प्रेमचंद, शरद चंद्र, मंटो, गालिब, फैज, काजी नजरूल इस्लाम और सुब्रमण्यम भारती के साहित्य पर चर्चा होगी। उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश ने कहा, ‘कबीर और तुलसीदास इसलिए अच्छे नहीं हैं क्योंकि वे बनारस के घाट पर रहते थे। जबकि रूश्दी महान लेखक इसलिए हैं क्योंकि वह टेम्स नदी के घाट पर रहते हैं। यह हमारे बौद्धिक और साहित्यिक लोगों का सोचने का स्तर है।’ काटजू ने कहा कि उत्सव में बाल्मीकि, व्यास से लेकर आधुनिक भारत के सभी साहित्यिक आयामों पर चर्चा की जानी चाहिए। कुछ समय पहले तक उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश रहे काटजू ने भारत में जन्मे और ब्रिटेन में रहने वाले रुश्दी के प्रशंसकों की आलोचना की। काटजू ने कहा कि वे औपनिवेशिक हीनभावना से ग्रस्त है कि विदेश में रहने वाला लेखक महान होता है। भारतीय प्रेस परिषद (पीसीआई) के अध्यक्ष ने अपने बयान में कहा, ‘मैंने रुश्दी की कुछ पुस्तकें पढ़ी हैं और मेरा मानना है कि वे एक खराब लेखक है और सैटेनिक वर्सेज से पहले उन्हें कम ही लोग जानते थे।’ उन्होंने कहा कि यहां तक ‘मिडनाइट चिल्ड्रेन’ को भी महान साहित्य कहना कठिन है। काटजू ने कहा, ‘समस्या यह है कि आज भारत के शिक्षित लोग औपनिवेशिक हीनभावना से ग्रस्त है। इसलिए जो भी लंदन या न्यूयार्क में रहता है, वह महान लेखक है। जबकि भारत में रहने वाले लेखक निम्न स्तर के है।' टिप्पणियां जयपुर साहित्य उत्सव के दौरान रूश्दी से संबंधित विवाद के विषय पर काटजू ने कहा, ‘ मैं धार्मिक रूढ़िवादिता का पक्षधर नहीं हूं। लेकिन मेरी इच्छा किसी निम्नस्तरीय लेखक को हीरो बनाने की नहीं है।’ जयपुर उत्सव का उल्लेख करते हुए काटजू ने कहा कि यहां लोगों को साहित्य पर गंभीर चर्चा की उम्मीद थी। उन्हें लगता था कि यहां कबीर, प्रेमचंद, शरद चंद्र, मंटो, गालिब, फैज, काजी नजरूल इस्लाम और सुब्रमण्यम भारती के साहित्य पर चर्चा होगी। उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश ने कहा, ‘कबीर और तुलसीदास इसलिए अच्छे नहीं हैं क्योंकि वे बनारस के घाट पर रहते थे। जबकि रूश्दी महान लेखक इसलिए हैं क्योंकि वह टेम्स नदी के घाट पर रहते हैं। यह हमारे बौद्धिक और साहित्यिक लोगों का सोचने का स्तर है।’ काटजू ने कहा कि उत्सव में बाल्मीकि, व्यास से लेकर आधुनिक भारत के सभी साहित्यिक आयामों पर चर्चा की जानी चाहिए। भारतीय प्रेस परिषद (पीसीआई) के अध्यक्ष ने अपने बयान में कहा, ‘मैंने रुश्दी की कुछ पुस्तकें पढ़ी हैं और मेरा मानना है कि वे एक खराब लेखक है और सैटेनिक वर्सेज से पहले उन्हें कम ही लोग जानते थे।’ उन्होंने कहा कि यहां तक ‘मिडनाइट चिल्ड्रेन’ को भी महान साहित्य कहना कठिन है। काटजू ने कहा, ‘समस्या यह है कि आज भारत के शिक्षित लोग औपनिवेशिक हीनभावना से ग्रस्त है। इसलिए जो भी लंदन या न्यूयार्क में रहता है, वह महान लेखक है। जबकि भारत में रहने वाले लेखक निम्न स्तर के है।' टिप्पणियां जयपुर साहित्य उत्सव के दौरान रूश्दी से संबंधित विवाद के विषय पर काटजू ने कहा, ‘ मैं धार्मिक रूढ़िवादिता का पक्षधर नहीं हूं। लेकिन मेरी इच्छा किसी निम्नस्तरीय लेखक को हीरो बनाने की नहीं है।’ जयपुर उत्सव का उल्लेख करते हुए काटजू ने कहा कि यहां लोगों को साहित्य पर गंभीर चर्चा की उम्मीद थी। उन्हें लगता था कि यहां कबीर, प्रेमचंद, शरद चंद्र, मंटो, गालिब, फैज, काजी नजरूल इस्लाम और सुब्रमण्यम भारती के साहित्य पर चर्चा होगी। उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश ने कहा, ‘कबीर और तुलसीदास इसलिए अच्छे नहीं हैं क्योंकि वे बनारस के घाट पर रहते थे। जबकि रूश्दी महान लेखक इसलिए हैं क्योंकि वह टेम्स नदी के घाट पर रहते हैं। यह हमारे बौद्धिक और साहित्यिक लोगों का सोचने का स्तर है।’ काटजू ने कहा कि उत्सव में बाल्मीकि, व्यास से लेकर आधुनिक भारत के सभी साहित्यिक आयामों पर चर्चा की जानी चाहिए। काटजू ने कहा, ‘समस्या यह है कि आज भारत के शिक्षित लोग औपनिवेशिक हीनभावना से ग्रस्त है। इसलिए जो भी लंदन या न्यूयार्क में रहता है, वह महान लेखक है। जबकि भारत में रहने वाले लेखक निम्न स्तर के है।' टिप्पणियां जयपुर साहित्य उत्सव के दौरान रूश्दी से संबंधित विवाद के विषय पर काटजू ने कहा, ‘ मैं धार्मिक रूढ़िवादिता का पक्षधर नहीं हूं। लेकिन मेरी इच्छा किसी निम्नस्तरीय लेखक को हीरो बनाने की नहीं है।’ जयपुर उत्सव का उल्लेख करते हुए काटजू ने कहा कि यहां लोगों को साहित्य पर गंभीर चर्चा की उम्मीद थी। उन्हें लगता था कि यहां कबीर, प्रेमचंद, शरद चंद्र, मंटो, गालिब, फैज, काजी नजरूल इस्लाम और सुब्रमण्यम भारती के साहित्य पर चर्चा होगी। उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश ने कहा, ‘कबीर और तुलसीदास इसलिए अच्छे नहीं हैं क्योंकि वे बनारस के घाट पर रहते थे। जबकि रूश्दी महान लेखक इसलिए हैं क्योंकि वह टेम्स नदी के घाट पर रहते हैं। यह हमारे बौद्धिक और साहित्यिक लोगों का सोचने का स्तर है।’ काटजू ने कहा कि उत्सव में बाल्मीकि, व्यास से लेकर आधुनिक भारत के सभी साहित्यिक आयामों पर चर्चा की जानी चाहिए। जयपुर साहित्य उत्सव के दौरान रूश्दी से संबंधित विवाद के विषय पर काटजू ने कहा, ‘ मैं धार्मिक रूढ़िवादिता का पक्षधर नहीं हूं। लेकिन मेरी इच्छा किसी निम्नस्तरीय लेखक को हीरो बनाने की नहीं है।’ जयपुर उत्सव का उल्लेख करते हुए काटजू ने कहा कि यहां लोगों को साहित्य पर गंभीर चर्चा की उम्मीद थी। उन्हें लगता था कि यहां कबीर, प्रेमचंद, शरद चंद्र, मंटो, गालिब, फैज, काजी नजरूल इस्लाम और सुब्रमण्यम भारती के साहित्य पर चर्चा होगी। उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश ने कहा, ‘कबीर और तुलसीदास इसलिए अच्छे नहीं हैं क्योंकि वे बनारस के घाट पर रहते थे। जबकि रूश्दी महान लेखक इसलिए हैं क्योंकि वह टेम्स नदी के घाट पर रहते हैं। यह हमारे बौद्धिक और साहित्यिक लोगों का सोचने का स्तर है।’ काटजू ने कहा कि उत्सव में बाल्मीकि, व्यास से लेकर आधुनिक भारत के सभी साहित्यिक आयामों पर चर्चा की जानी चाहिए। उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश ने कहा, ‘कबीर और तुलसीदास इसलिए अच्छे नहीं हैं क्योंकि वे बनारस के घाट पर रहते थे। जबकि रूश्दी महान लेखक इसलिए हैं क्योंकि वह टेम्स नदी के घाट पर रहते हैं। यह हमारे बौद्धिक और साहित्यिक लोगों का सोचने का स्तर है।’ काटजू ने कहा कि उत्सव में बाल्मीकि, व्यास से लेकर आधुनिक भारत के सभी साहित्यिक आयामों पर चर्चा की जानी चाहिए।
यहाँ एक सारांश है:भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष मार्कंडेय काटजू ने बुधवार को कहा कि सलमान रुश्दी ‘खराब’ और ‘निम्नस्तरीय’ लेखक हैं और विवादस्पद पुस्तक ‘सैटेनिक वर्सेज’ से पहले उन्हें बहुत अधिक लोग नहीं जानते थे।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश के नाम अपने संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के जरिए कई बातें कहीं. उन्होंने देश की सुरक्षा से लेकर नोटबंदी के मुद्दे पर बात की. पेश है उनके भाषण के मुख्य अंश - देश के सुरक्षा बलों के प्रति आपका जो भाव है, वह प्रशंसनीय है.देशवासियों ने जो शुभकामनायें-सन्देश भेजे,अपनी ख़ुशियों में देश के सुरक्षा बलों को शामिल किया,उसका एक अद्भुत रिसपॉन्स था.देशवासियों ने जिस अनूठे अंदाज़ में यह दिवाली जवानों को समर्पित की इसका असर वहां हर जवानों के चेहरे पर अभिव्यक्त होता थाहर वर्ष की तरह इस बार दिवाली पर मैं जवानों के साथ दिवाली मनाने के लिये, चीन की सीमा पर, सरहद पर गया था . सेना के एक जवान ने मुझे (पीएम) लिखा...   कुछ समय पहले मुझे जम्मू-कश्मीर के प्रधान मिलने आये थे . इतने प्यार से, इतने खुलेपन से, गांव के इन प्रधानों ने बातें की.जब सारा राष्ट्र सेना के साथ खड़ा होता है, तो सेना की ताक़त 125 करोड़ गुना बढ़ जाती है.मेरी आपसे अपील है कि हम अपना स्वभाव बनाएं, कोई भी उत्सव हो, देश के जवानों को हम किसी-न-किसी रूप में ज़रूर याद करें.मैं छात्रों का अभिनन्दन करता हूँ, उनके माता-पिता को उनके परिजनों, शिक्षकों को और ग्राम प्रधानों को भी ह्रदय से बधाई देता हूं.परीक्षाओं में बड़ी तादाद में छात्रों का सम्मिलित होना इशारा करता है कि जम्मू कश्मीर के बच्चे विकास की ऊंचाइयों को पाने के लिये कृतसंकल्पित हैं.कुछ दिन पहले जब बोर्ड की परीक्षा हुई, तो क़रीब 95% कश्मीर के छात्र-छात्राओं ने बोर्ड की परीक्षा में हिस्सा लिया.आज मुझे ख़ुशी हो रही है कि कश्मीर घाटी से आए हुए इन सभी प्रधानों ने गांव में जाकर के दूरदराज के लोगों को जागृत किया.कश्मीर में जो स्कूल जलाए गए थे, उसकी चर्चा भी हुई और जितना दुःख हम देशवासियों को होता है, इन प्रधानों को भी इतनी ही पीड़ा थीमैंने ‘मन की बात’ के लिये लोगों के सुझाव मांगे, एकतरफ़ा ही सबके सुझाव आए, सब कहते थे कि 500,1000रुपये पर विस्तार से बातें करें.जिस समय मैंने ये निर्णय किया था तब भी मैंने सबके सामने कहा था कि निर्णय सामान्य नहीं है कठिनाइयों से भरा हुआ है.मुझे ये भी अंदाज़ था कि हमारे सामान्य जीवन में अनेक प्रकार की नई–नई कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा.निर्णय इतना बड़ा है इसके प्रभाव से बाहर निकलने में 50 दिन तो लग जाएंगे, तब जाकर के नॉर्मल अवस्था की ओर हम बढ़ पाएंगे.आपकी कठिनाइयों को मैं समझता हूं, भ्रमित करने के प्रयास चल रहे हैं फिर भी देशहित की इस बात को आपने स्वीकार किया है.कभी-कभी मन को विचलित करने वाली घटनायें सामने आते हुए भी, आपने सच्चाई के इस मार्ग को भली-भांति समझा है.500,1000 रुपये और इतना बड़ा देश इतनी करेंसियों की भरमार और ये निर्णय-पूरा विश्व बहुत बारीक़ी से देख रहा है.पूरा विश्व देख रहा है कि सवा-सौ करोड़ देशवासी कठिनाइयां झेल करके भी सफलता प्राप्त करेंगे क्या!विश्व के मन में प्रश्न-चिह्न हो सकता है लेकिन भारत को विश्वास है कि देशवासी संकल्प पूर्ण करके ही रहेंगे.हमारा देश सोने की तरह तप कर, निखर कर निकलेगा और उसका कारण इस देश का नागरिक है, उसका कारण आप हैं.केंद्र, राज्य, स्थानीय स्वराज संस्थाओं की इकाइयां, बैंक कर्मचारी, पोस्ट ऑफिस-दिन-रात इस काम में जुटे हुए हैं.तनाव के बीच, ये सभी लोग बहुत ही शांत-चित्त रूप से, इसे देश-सेवा का एक यज्ञ मान करके कार्यरत हैं.सुबह शुरू करते हैं, रात कब पूरा होगा, पता तक नहीं रहता है और उसी का कारण है कि भारत इसमें सफल होगा.कठिनाइयों के बीच बैंक,पोस्ट ऑफिस के लोग काम कर रहे हैं और जब मानवता के मुद्दे की बात आ जाए तो वो दो क़दम आगे हैं.इस महायज्ञ के अन्दर परिश्रम करने वाले, पुरुषार्थ करने वाले इन सभी साथियों का भी मैं ह्रदय से धन्यवाद करता हूं.जन-धन योजना को बैंक कर्मचारियों ने जिस प्रकार से अपने कंधे पर उठाया था उनके सामर्थ्य का परिचय हुआ.फिर से एक चुनौती को उन्होंने लिया है मुझे विश्वास है देशवासियों का संकल्प,सबका सामूहिक पुरुषार्थ, इस राष्ट्र को नई ताक़त बनाएगा.लेकिन बुराइयां इतनी फैली हुई हैं कि आज भी कुछ लोगों की बुराइयों की आदत जाती नहीं है.बेनामी संपत्ति का इतना कठोर क़ानून बना है, कितनी कठिनाई आएगी और सरकार नहीं चाहती है कि देशवासियों को कोई कठिनाई आए.एमपी के आशीष ने 500,1000 रुपये माध्यम से काले धन के ख़िलाफ़ लड़ाई को सराहा है, उन्होंने मुझे टेलीफ़ोन किया है.   वैसा ही मुझे एक फ़ोन कर्नाटक के श्रीमान येलप्पा वेलान्कर जी की तरफ़ से आया है.यह जानकार आनंद होता है, इतना गर्व होता है कि मेरे देश में सामान्य मानव का क्या अद्भुत सामर्थ्य है.मैं चुनाव में चाय पर चर्चा करता था लेकिन मुझे पता नहीं कि चाय पर चर्चा में, शादी भी होती है.   असम के धेकियाजुली गांव में चाय बागान मजदूर को 2000 रुपये का नोट मिला, तो चार अड़ोस-पड़ोस की महिलायें ने साथ जाकर के ख़रीदी की.नगर निगम को टैक्स का मुश्किल से 50% आता है लेकिन इस बार 8 तारीख़ के निर्णय से उनके पास 13 हज़ार करोड़ रुपये जमा हो गएभाइयो-बहनो ! हमारा गांव, हमारा किसान. ये हमारे देश की अर्थव्यवस्था की एक मज़बूत धुरी हैं.अर्थव्यवस्था के बदलाव के कारण,कठिनाइयों के बीच,हर नागरिक अपने को एडजेस्ट कर रहा है लेकिन मैं किसानों का विशेष रूप से अभिनंदन करता हूं.कठिनाइयों के बीच भी किसान ने रास्ते खोजे हैं. सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय किए हैं, जिसमें किसानों को और गांवों को प्राथमिकता दी है.कठिनाइयां तो हैं,लेकिन मुझे विश्वास है जो किसान हर कठिनाइयां झेलते हुए डटकर खड़ा रहता है,इस समय भी वो डट कर के खड़ा है.हमारे देश के छोटे व्यापारी, वे रोजगार भी देते हैं, आर्थिक गतिविधि भी बढ़ाते हैं.पिछले बजट में महत्वपूर्ण निर्णय किया था कि गांव के छोटे दुकानदार भी अब 24 घंटा अपना व्यापार कर सकते हैं, कोई क़ानून उनको रोकेगा नहीं.मुद्रा-योजना से उनको लोन देने की दिशा में काफी इनिशिएटिव लिए. लाखों-करोड़ों रुपये मुद्रा-योजना से ऐसे छोटे-छोटे लोगों को दिए.अर्थव्यवस्था के बदलाव के निर्णय के कारण छोटे-छोटे व्यापारी को भी कठिनाई होना स्वाभाविक था.लेकिन मैंने देखा कि छोटे व्यापारी भी टेक्नोलॉजी, मोबाइल ऐप, मोबाइल बैंक, क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ग्राहकों की सेवा कर रहे हैं.मैं अपने छोटे व्यापारी भाइयो-बहनों से कहना चाहता हूं कि मौका है, आप भी डिजीटल दुनिया में प्रवेश कर लीजिए.मॉल टेक्नोलॉजी के माध्यम से व्यापार को जिस प्रकार से बढ़ाते हैं, छोटा व्यापारी भी  यूजर फ्रेंडली टेक्नोलॉजी से व्यापार बढ़ा सकता है.आप कैशलेश सोसाइटी बनाने में बड़ा योगदान दे सकते हैं, व्यापार बढ़ाने में मोबाइल फोन पर पूरी बैंकिंग व्यवस्था खड़ी कर सकते हैं.आज नोटों के सिवाय अनेक रास्ते हैं, जिससे हम कारोबार चला सकते हैं. टेक्नोलोजिकल रास्ते हैं, सेफ है, सिक्योर है और त्वरित है.मैं चाहूँगा कि आप सिर्फ़ इस अभियान को सफल करने के लिए मदद करें, इतना नहीं, आप बदलाव का भी नेतृत्व करें.मज़दूर भाइयों-बहनों को कहना चाहता हूं, आपका बहुत शोषण हुआ है. कागज़ पर पगार होता है और जब हाथ में दिया जाता है तब दूसरा होता है.कभी पगार पूरा मिलता है, तो बाहर कोई खड़ा होता है, उसको कट देना पड़ता है और मज़दूर मजबूरन इस शोषण को जीवन का हिस्सा बना देता है.नई व्यवस्था से हम चाहते हैं कि आपका बैंक में खाता हो, आपकी पगार के पैसे आपके बैंक में जमा हों, ताकि मिनिमम वेजेस का पालन हो.एक बार आपके बैंक खाते में पैसे आ गए तो आप भी छोटे से मोबाइल फ़ोन को ई-बटुवे की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं.आप उसी मोबाइल फोन से अड़ोस-पड़ोस की छोटी-मोटी दुकान से जो भी खरीदना है, खरीद सकते हैं, उसी से पैसे भी दे सकते हैं.इतना बड़ा निर्णय मैंने ग़रीब, किसान, मज़दूर, वंचित, पीड़ित के लिये लिया है, उसका बेनेफिट उसको मिलना चाहिए.मेरे देश के युवा और युवतियां, मैं जानता हूं, मेरा निर्णय आपको पसन्द आया है, आप इस निर्णय का समर्थन करते हैं.मेरे नौजवानो, आप मेरी मदद कर सकते हो क्या. जितना आज की दुनिया का अनुभव आपको है, पुरानी पीढ़ी को नहीं है.हो सकता है, आपके परिवार में बड़े भाई साहब को भी मालूम नहीं होगा और माता-पिता, चाचा-चाची, मामा-मामी को भी शायद मालूम नहीं होगा.ऐप क्या होती है, आप वो जानते हो, ऑनलाइन बैंकिंग क्या होता है, ऑनलाइन टिकट बुकिंग कैसे होता है, आप जानते हो.हमारा सपना है कैशलैस सोसाइटी का, ये ठीक है शत-प्रतिशत कैशलेस सोसाइटी संभव नहीं, लेकिन क्यों न लैस-कैश सोसाइटी की तो शुरुआत करें.मुझे इसमें आपकी मदद चाहिए, ख़ुद का समय चाहिए, ख़ुद का संकल्प चाहिए और आप मुझे कभी निराश नहीं करोगे.हर बैंक ऑनलाइन सुविधा देता है. हर बैंक की अपनी मोबाइल ऐप है,कई तरह के कार्ड हैं, अपना वालेट है, वालेट का सीधा मतलब है ई-बटुवा.8 तारीख़ के बाद तो जो रुपये कार्ड का बहुत कम उपयोग होता था, गरीबों ने रुपये कार्ड का उपयोग करना शुरू किया और करीब 300% वृद्धि हुई.एक बढ़िया प्लैटफॉर्म है, कारोबार करने की यूपीआई, जिससे आप ख़रीदी भी कर सकते हैं, पैसे भी भेज सकते हैं, पैसे ले भी सकते हैं.साधारण फीचर वाला जो फोन होता है, उससे भी कैश ट्रांसफर हो सकता है. हर कोई इसका आराम से उपयोग कर सकता है.व्यवस्था को अधिक सरल बनाने के लिए ज़ोर दिया है. सभी बैंक इस पर लगे हुए हैं. अब तो ऑनलाइन सरचार्ज का ख़र्चा भी कैंसिल कर दिया है.मुझे विश्वास है नौजवान हर दिन कुछ समय निकाल कर 10 परिवारों को ये तकनीक क्या है, तकनीक का कैसे उपयोग करते हैं बताएंगे.एक बार लोगों को रुपये कार्ड का उपयोग कैसे हो, ये आप सिखा देंगे, तो ग़रीब आपको आशीर्वाद देगा.सामान्य नागरिक को ये व्यवस्थायें सिखा दोगे,तो उसको सारी चिंताओं से मुक्ति मिल जाएगी. सारे नौजवान लग जाएं तो ज्यादा समय नहीं लगेगा.मैं आपको निमंत्रण देता हूं – आइए, सिर्फ समर्थन नहीं, हम इस परिवर्तन के सेनानी बनें और परिवर्तन लेकर ही रहेंगे.देश को भ्रष्टाचार और काले-धन से मुक्त करने की ये लड़ाई को हम आगे बढ़ाएंगे. ये बात माननी पड़ेगी, जो बदलाव लाता है, वो नौजवान लाता है, क्रांति करता है, वो युवा करता है.केन्या ने एम-पेसा मोबाइल व्यवस्था खड़ी की, तकनीक का उपयोग किया, आज केन्या में पूरा कारोबार इस पर शिफ्ट होने की तैयारी में है.मेरे नौजवानो, मैं फिर एक बार आग्रह से आपको कहता हूँ कि आप इस अभियान को आगे बढ़ाइए.आज हरिवंशराय बच्चन जी के जन्मदिन पर अमिताभ बच्चन जी ने “स्वच्छता अभियान” के लिये एक नारा दिया है.आपने देखा होगा,अमिताभ जी स्वच्छता के अभियान को बहुत जी-जान से आगे बढ़ा रहे हैं. जैसे स्वच्छता का विषय उनके रग-रग में फैल गया है.तभी तो अपने पिताजी की जन्म-जयंती पर उनको स्वच्छता का ही काम याद आया. उन्होंने हरिवंशराय जी की कविता की पंक्ति लिखी है. हरिवंशराय जी इसके माध्यम से अपना परिचय दिया करते थे.मैं हरिवंशराय जी को आदर-पूर्वक नमन करता हूं. अमिताभ जी को भी स्वच्छता के काम को आगे बढ़ाने के लिये भी धन्यवाद करता हूं.मन की बात के माध्यम से आपके विचार, आपकी भावनायें आपके पत्रों के माध्यम से, माइ गव (MyGov),नरेंद्र मोदी ऐप (NarendraModiApp) पर मुझे आपको जोड़ कर रखती हैं.अब तो 11 बजे ये ‘मन की बात’ होती है, लेकिन प्रादेशिक भाषाओं में इसे पूरा करने के तुरंत बाद शुरू करने वाले हैं.मैं आकाशवाणी का आभारी हूं, ये उन्होंने इनिशिएटिव लिया है, ताकि जहां हिंदी भाषा प्रचलित नहीं है, वहां भी इससे जुड़ने का अवसर मिलेगा.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: नोटबंदी : निर्णय सामान्य नहीं है कठिनाइयों से भरा हुआ है. ये निर्णय-पूरा विश्व बहुत बारीक़ी से देख रहा है. भारत को विश्वास है कि देशवासी संकल्प पूर्ण करके ही रहेंगे.
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कश्मीर मामले को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के बीच, पाक ने अपने कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में एलओसी पर करीब 2000 जवानों को तैनात कर दिया है. भारतीय सेना के सूत्रों ने यह जानकारी दी है. जानकारी के मुताबिक एलओसी के करीब बाग और कोटली सेक्टर में पाकिस्तान ने बड़ी संख्या में सेना के जवानों को तैनात किया है. इन जवानों को जिस जगह पर पाकिस्तान ने तैनात किया है वह नियंत्रण रेखा से लगभग 30 किलोमीटर दूर है. भारतीय सेना पाकिस्तान के इस कदम पर निगाह बनाए हुए है.  सूत्रों ने जानकारी दी कि आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद और लश्कर ए तैय्यबा ने अफगानी आतंकी और पाक के लोकल आतंकियो की भर्ती अभियान शुरू किया. इससे पहले के आतंकी अभियानों में कश्मीरी युवाओं की भर्ती किया करते थे लेकिन इन दिनों वह कश्मीरी युवाओं के बजाय अफगानी आतंकियो की भर्ती पर ज्यादा जो दे रहे हैं. यह पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तान किसी साजिश को अंजाम देने की कोशिश में जुटा हुआ नजर आ रहा हो. इससे पहले भी गुजरात के सर क्रीक में पाकिस्तान ने स्पेशल फोर्सेज को तैनात किया था. पाकिस्तान ने एसओसी पर सेना के 100 कमांडों किए थे.   इसके अलावा हिजबुल मुजाहिदीन ने इंटरनेशनल बॉर्डर पर आरएसपुरा और हीरानगर में आतंकियों को घुसपैठ कराने में जुटा हुआ है. 12 से 14 आतंकियों का दो ग्रुप सीमा पार लॉन्चिंग पैड है मौजूद है. माछिल और गुरुज सेक्टर में एलओसी के उस पार आतंकियों के पांच लॉन्च पैड का खुलासा हुआ है. इन लांच पैड का नाम है दुर्गई, दुर्मत लोसर, तोबात और सोनार. इन लॉन्च पैड में 60 आतंकियों के मौजूद होने की खुफिया जानकारी मिली है. जानकारी के मुताबिक एलओसी के दूसरी ओर करीब आतंकियों के 30 लॉन्चिंग पैड मौजूद हैं. एक लॉन्चिंग पैड पर 10 से 15 आतंकी मौजूद होते है. ये पैड एलओसी के पास होते है जहां से मौका मिलते ही आतंकी घुसपैठ कर जाते है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तान ने LOC के करीब 2000 जवानों को तैनात किया पाक इसका इस्तेमाल आतंकियों को भारतीय क्षेत्र में घुसाने के लिए कर सकता है भारतीय सेना के सूत्रों ने ये जानकारी दी
25
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के खिलाफ कल से यहां शुरु होने वाले पहले टेस्ट के परिणाम में स्पिन के अहम भूमिका निभाने की उम्मीद है और न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियम्‍सन को भरोसा है कि उनके स्पिनरों को मेजबानों की सरजमीं पर वर्ल्‍ड ट्वेंटी20 के दौरान मिले अनुभव से विपक्षी टीम को चुनौती देने में मदद मिलेगी. न्यूजीलैंड ने वर्ल्‍ड ट्वेंटी20 के सेमीफाइनल में प्रवेश किया था और मिशेल सैंटनर (चार ओवर में 11 रन देकर चार विकेट) नाकआउट चरण में पहुंचने के दौरान ट्वेंटी20 में न्यूजीलैंड के स्पिनर के तौर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल रहे थे. इस प्रदर्शन से उन्हें नागपुर में भारत के खिलाफ मैच में जीत दर्ज करने में मदद मिली थी और इसमें सैंटनर को ईश सोढ़ी का अच्छा साथ मिला था जिन्होंने उस मुकाबले में तीन विकेट झटके थे. ये दोनों स्पिनर -सैंटनर और सोढी- इस टेस्ट श्रृंखला में भारत के बल्लेबाजी लाइन अप को चुनौती देंगे. यह पूछने पर कि क्या उनके स्पिनर भारतीय स्पिनरों की बराबरी कर सकते हैं तो विलियम्सन ने कहा कि वह सकारात्मक हैं.टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘उनके (भारत) पास काफी बढ़िया स्पिनर हैं, सामान्य सी बात है कि वे इन हालात में काफी अनुभवी हैं. हमारे पास कुछ शानदार युवा प्रतिभाएं हैं. हमने यह टी20 वर्ल्‍डकप में भी दिखाया था जो हमारे लिये काफी बड़ी चीज थी. हां, प्रारूप अलग हैं लेकिन मुझे भरोसा हैं कि हमें उस अनुभव से मदद मिलेगी.’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) न्यूजीलैंड ने वर्ल्‍ड ट्वेंटी20 के सेमीफाइनल में प्रवेश किया था और मिशेल सैंटनर (चार ओवर में 11 रन देकर चार विकेट) नाकआउट चरण में पहुंचने के दौरान ट्वेंटी20 में न्यूजीलैंड के स्पिनर के तौर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल रहे थे. इस प्रदर्शन से उन्हें नागपुर में भारत के खिलाफ मैच में जीत दर्ज करने में मदद मिली थी और इसमें सैंटनर को ईश सोढ़ी का अच्छा साथ मिला था जिन्होंने उस मुकाबले में तीन विकेट झटके थे. ये दोनों स्पिनर -सैंटनर और सोढी- इस टेस्ट श्रृंखला में भारत के बल्लेबाजी लाइन अप को चुनौती देंगे. यह पूछने पर कि क्या उनके स्पिनर भारतीय स्पिनरों की बराबरी कर सकते हैं तो विलियम्सन ने कहा कि वह सकारात्मक हैं.टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘उनके (भारत) पास काफी बढ़िया स्पिनर हैं, सामान्य सी बात है कि वे इन हालात में काफी अनुभवी हैं. हमारे पास कुछ शानदार युवा प्रतिभाएं हैं. हमने यह टी20 वर्ल्‍डकप में भी दिखाया था जो हमारे लिये काफी बड़ी चीज थी. हां, प्रारूप अलग हैं लेकिन मुझे भरोसा हैं कि हमें उस अनुभव से मदद मिलेगी.’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस प्रदर्शन से उन्हें नागपुर में भारत के खिलाफ मैच में जीत दर्ज करने में मदद मिली थी और इसमें सैंटनर को ईश सोढ़ी का अच्छा साथ मिला था जिन्होंने उस मुकाबले में तीन विकेट झटके थे. ये दोनों स्पिनर -सैंटनर और सोढी- इस टेस्ट श्रृंखला में भारत के बल्लेबाजी लाइन अप को चुनौती देंगे. यह पूछने पर कि क्या उनके स्पिनर भारतीय स्पिनरों की बराबरी कर सकते हैं तो विलियम्सन ने कहा कि वह सकारात्मक हैं.टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘उनके (भारत) पास काफी बढ़िया स्पिनर हैं, सामान्य सी बात है कि वे इन हालात में काफी अनुभवी हैं. हमारे पास कुछ शानदार युवा प्रतिभाएं हैं. हमने यह टी20 वर्ल्‍डकप में भी दिखाया था जो हमारे लिये काफी बड़ी चीज थी. हां, प्रारूप अलग हैं लेकिन मुझे भरोसा हैं कि हमें उस अनुभव से मदद मिलेगी.’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, ‘उनके (भारत) पास काफी बढ़िया स्पिनर हैं, सामान्य सी बात है कि वे इन हालात में काफी अनुभवी हैं. हमारे पास कुछ शानदार युवा प्रतिभाएं हैं. हमने यह टी20 वर्ल्‍डकप में भी दिखाया था जो हमारे लिये काफी बड़ी चीज थी. हां, प्रारूप अलग हैं लेकिन मुझे भरोसा हैं कि हमें उस अनुभव से मदद मिलेगी.’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:वर्ल्‍ड टी20 में सेमीफाइनल तक पहुंचा था न्‍यूजीलैंड नागपुर के टी20 मैच में भारत को न्‍यूजीलैंड ने हराया था सेंटनर और सोढ़ी हैं न्‍यूजीलैंड टीम के प्रमुख स्पिनर
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: लीबिया के कार्यवाहक विदेशमंत्री अब्देल अती अल-ओबीदी देश में जारी संघर्ष का समाधान निकालने के लिए ग्रीस पहुंचे हैं जबकि प्रमुख लीबियाई शहर ब्रेगा पर कब्जे के लिए कर्नल मुअम्मार गद्दाफी की सेना और विद्रोहियों के बीच घमासान लगातार तीसरे दिन जारी है और गठबंधन सेना भी सरकारी बलों पर लगातार हवाई हमले कर रही है। वेबसाइट 'अलजजीरा डॉट नेट' के अनुसार अल-ओबीदी ने ग्रीस के प्रधानमंत्री जॉर्ज पापेंद्रो से एथेंस में मुलाकात कर कहा है कि कर्नल गद्दाफी लीबिया में जारी संघर्ष का अंत चाहते हैं। ग्रीस के विदेश मंत्री दिमित्रिस द्राउत्सस ने कहा, "ऐसा लगता है कि लीबियाई सरकार समस्या का समाधान चाहती है।" उन्होंने कहा कि ओबीदी की माल्टा और तुर्की जाने की भी योजना है। ज्ञात हो कि ओबीदी रविवार को सीमा पार कर ट्यूनीशिया पहुंचे और वहां दजेरबा हवाईअड्डे से एक उड़ान के जरिए ग्रीस की राजधानी एथेंस पहुंचे थे। ग्रीस के विदेशमंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि ग्रीस, लीबिया में जारी संकट के राजनीतिक, कूटनीतिक समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। बयान में कहा गया है, "हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय के स्पष्ट संदेश को दोहराते हैं : संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का सम्मान हो और वह पूरी तरह लागू हो, हिंसा रोकने खासतौर से लीबिया की नागरिक आबादी के खिलाफ जारी हिंसा रोकने के लिए तत्काल संघर्ष विराम हो।" लीबिया की राजधानी त्रिपोली में कोई भी सरकारी अधिकारी ओबीदी की इस यात्रा पर टिप्पणी करने के लिए तत्काल उपलब्ध नहीं हो पाया है। उधर, पापेंद्रो के कार्यालय ने कहा है कि लीबियाई प्रधानमंत्री बगदादी अल-महमूदी ने शनिवार को फोन पर हुई बातचीत के दौरान ओबीदी की यात्रा के लिए अनुरोध किया था। पापेंद्रो ने तुर्की के प्रधानमंत्री रेसेप तईप एरडोगन से भी लीबिया संकट पर रविवार को चर्चा की। पापेंद्रो ने भी कतर, तुर्की और ब्रिटेन के नेताओं से लीबिया संकट पर फोन पर बातचीत की है। उधर, सरकारी बलों ने ब्रेगा के पूर्व में रविवार को विद्रोहियों पर तोपों से हमले किए, उसके बाद सैकड़ों की संख्या में विद्रोहियों ने रॉकेटों के जरिए सरकारी बलों पर जवाबी हमले किए। शहर के पश्चिमी हिस्से में काला धुंआ उड़ता हुआ देखा गया। कुछ विद्रोहियों ने कहा है कि सेना से बगावत कर आए कुछ बेहतर प्रशिक्षित लड़ाके शहर के अंदर अभी भी गद्दाफी के सैनिकों से जूझ रहे हैं।  विद्रोही, शहर के पश्चिमी छोर के पास स्थित एक विश्वविद्यालय परिसर में घुसने में सफल हो गए हैं। वहां संघर्ष की स्थिति बनी हुई है, जब विद्रोही एक महीने पहले उस इलाके में पहुंचे थे। लेकिन गद्दाफी के सैनिकों पर हो रहे हवाई हमले के बावजूद विद्रोही आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। अजदाबिया के मुख्य अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार रविवार को चार लोग मारे गए थे और नौ अन्य घायल हो गए थे। इस बीच तुर्की के एक पोत ने मिसराता में हाल के संघर्ष में घायल हुए 250 से अधिक लोगों को बचाने में मदद की है। अस्पताल की सुविधा वाला अंकारा नामक यह पोत तुर्की नौसेना के दो युद्धपोतों व वायु सेना के 10 एफ-16 लड़ाकू विमानों के सुरक्षा घेरे में पहुंचा था।
यह एक सारांश है: गद्दाफी की सेना और विद्रोहियों के बीच घमासान लगातार तीसरे दिन जारी है और गठबंधन सेना भी सरकारी बलों पर लगातार हवाई हमले कर रही है।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: महाराष्ट्र में सरकार नहीं बनाने की भाजपा की घोषणा पर शिवसेना (Shiv Sena) के नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने रविवार को कहा कि पार्टी किसी भी कीमत पर राज्य में अपना मुख्यमंत्री बनाएगी. राउत ने संवाददाताओं से कहा, ''महाराष्ट्र में किसी भी कीमत पर शिवसेना का मुख्यमंत्री बनेगा. उद्धव ठाकरे ने रविवार को पार्टी विधायकों से कहा कि मुख्यमंत्री शिवसेना का ही बनेगा.'' भाजपा ने रविवार को कहा कि उसके पास अकेले दम पर बहुमत नहीं है, इसलिए वह महाराष्ट्र में सरकार नहीं बनाएगी. राउत ने कहा, ''भाजपा का मुख्यमंत्री कैसे बनेगा, जबकि वह सरकार बनाने का दावा भी पेश नहीं कर पायी.''  इससे पहले महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए शिवसेना सांसद संजय राउत ने रविवार को एक हिंदी कविता का सहारा लेकर भाजपा नेता पर निशाना साधा था और उन्हें राजनीति के बड़े खेल में नौसिखिया बताया था.  मुख्यमंत्री पद साझा करने के मुद्दे पर भाजपा और शिवसेना के बीच जबरदस्त टकराव चल रहा है जिससे राज्य में सरकार गठन को लेकर गतिरोध पैदा हो गया है. 49 वर्षीय फडणवीस पर निशाना साधते हुए राउत ने ट्वीट किया था, ‘‘जो खानदानी रईस हैं वो मिजाज रखते हैं नरम अपना, तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नयी नयी है.''
पार्टी किसी भी कीमत पर राज्य में अपना मुख्यमंत्री बनाएगी: राउत 'उद्धव ठाकरे ने विधायकों से कहा कि मुख्यमंत्री शिवसेना का ही बनेगा' भाजपा ने रविवार को कहा कि उसके पास अकेले दम पर बहुमत नहीं है
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मंत्रियों के एक समूह (जीओएम) ने मंत्रियों के लिए आचार नीति संहिता तथा सरकारी अधिकारियों के लिए आचरण संहिता बनाने पर विचार किए जाने की सिफारिश की है। प्रशासनिक सुधार आयोग (एआरसी) प्रशासनिक सेवाओं की राजनीतिक तटस्थता तथा निष्पक्षता को संरक्षित करने के बारे में पहले ही सुझाव दे चुका है। रक्षामंत्री एके एंटनी की अगुवाई वाले मंत्री समूह की मंगलवार को हुई बैठक में एआरसी की 10वीं रिपोर्ट की सिफारिशों पर विचार किया गया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मंत्री समूह ने प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग से अगली बैठक से पहले इस बारे में अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने को कहा है। बैठक में शामिल मंत्री समूह के सदस्यों ने कहा कि इस तरह की संहिता जरूरी है और इससे अफसरशाही और मंत्रियों के बीच और अधिक तटस्थ तथा पारदर्शी कार्य संबंध स्थापित करने में मदद मिलेगी। एआरसी ने अपनी सिफारिशों में कहा है, सिविल सेवाओं में राजनीतिक तटस्थता तथा निष्पक्षता को कायम रखना जरूरी है। इसकी जिम्मेदारी मंत्रियों तथा अधिकारियों दोनों की है। मंत्रियों और सरकारी कर्मचारियों के लिए आचरण संहिता में इस पहलू को शामिल किया जाना चाहिए। यहां उल्लेखनीय है कि इससे पहले सरकार इसी बारे में एआरसी द्वारा 'संचालन में नैतिकता' शीर्षक से चौथी रिपोर्ट में इस तरह की सिफारिश को खारिज कर चुकी है। चौथी रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि मंत्रियों के लिए मौजूदा आचरण संहिता के अलावा इसमें यह भी निर्देशन दिया जाना चाहिए कि मंत्री किस तरह अपने कामकाज में संवैधानिक और नैतिकता के व्यवहार के ऊंचे मापदंड का पालन कर सकते हैं।टिप्पणियां इसमें प्रधानमंत्री कार्यालय तथा मुख्यमंत्रियों के कार्यालयों में आचार संहिता के अनुपालन के मामले में मंत्रियों पर की निगरानी के लिए विशेष प्रकोष्ठ के गठन का भी सुझाव दिया गया था। उस समय एआरसी की सिफारिशों को खारिज करते हुए सरकार ने कहा था इस विषय पर गठित अधिकार प्राप्त समिति ने विचार किया था और पाया गया कि नैतिक आसार संहिता की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि पहले ही एक आचार संहिता लागू है। एआरसी की 10वीं रिपोर्ट पर कृषिमंत्री शरद पवार, वित्तमंत्री पी चिदंबरम, गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री वीरप्पा मोइली वाले मंत्री समूह ने विचार किया। समूह के अन्य सदस्यों में शहरी विकास मंत्री कमलनाथ, संचार एवं आईटी मंत्री कपिल सिब्बल, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री सीपी जोशी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कुमारी शैलजा, ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश और कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्यमंत्री वी नारायणसामी हैं। प्रशासनिक सुधार आयोग (एआरसी) प्रशासनिक सेवाओं की राजनीतिक तटस्थता तथा निष्पक्षता को संरक्षित करने के बारे में पहले ही सुझाव दे चुका है। रक्षामंत्री एके एंटनी की अगुवाई वाले मंत्री समूह की मंगलवार को हुई बैठक में एआरसी की 10वीं रिपोर्ट की सिफारिशों पर विचार किया गया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मंत्री समूह ने प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग से अगली बैठक से पहले इस बारे में अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने को कहा है। बैठक में शामिल मंत्री समूह के सदस्यों ने कहा कि इस तरह की संहिता जरूरी है और इससे अफसरशाही और मंत्रियों के बीच और अधिक तटस्थ तथा पारदर्शी कार्य संबंध स्थापित करने में मदद मिलेगी। एआरसी ने अपनी सिफारिशों में कहा है, सिविल सेवाओं में राजनीतिक तटस्थता तथा निष्पक्षता को कायम रखना जरूरी है। इसकी जिम्मेदारी मंत्रियों तथा अधिकारियों दोनों की है। मंत्रियों और सरकारी कर्मचारियों के लिए आचरण संहिता में इस पहलू को शामिल किया जाना चाहिए। यहां उल्लेखनीय है कि इससे पहले सरकार इसी बारे में एआरसी द्वारा 'संचालन में नैतिकता' शीर्षक से चौथी रिपोर्ट में इस तरह की सिफारिश को खारिज कर चुकी है। चौथी रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि मंत्रियों के लिए मौजूदा आचरण संहिता के अलावा इसमें यह भी निर्देशन दिया जाना चाहिए कि मंत्री किस तरह अपने कामकाज में संवैधानिक और नैतिकता के व्यवहार के ऊंचे मापदंड का पालन कर सकते हैं।टिप्पणियां इसमें प्रधानमंत्री कार्यालय तथा मुख्यमंत्रियों के कार्यालयों में आचार संहिता के अनुपालन के मामले में मंत्रियों पर की निगरानी के लिए विशेष प्रकोष्ठ के गठन का भी सुझाव दिया गया था। उस समय एआरसी की सिफारिशों को खारिज करते हुए सरकार ने कहा था इस विषय पर गठित अधिकार प्राप्त समिति ने विचार किया था और पाया गया कि नैतिक आसार संहिता की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि पहले ही एक आचार संहिता लागू है। एआरसी की 10वीं रिपोर्ट पर कृषिमंत्री शरद पवार, वित्तमंत्री पी चिदंबरम, गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री वीरप्पा मोइली वाले मंत्री समूह ने विचार किया। समूह के अन्य सदस्यों में शहरी विकास मंत्री कमलनाथ, संचार एवं आईटी मंत्री कपिल सिब्बल, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री सीपी जोशी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कुमारी शैलजा, ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश और कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्यमंत्री वी नारायणसामी हैं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मंत्री समूह ने प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग से अगली बैठक से पहले इस बारे में अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने को कहा है। बैठक में शामिल मंत्री समूह के सदस्यों ने कहा कि इस तरह की संहिता जरूरी है और इससे अफसरशाही और मंत्रियों के बीच और अधिक तटस्थ तथा पारदर्शी कार्य संबंध स्थापित करने में मदद मिलेगी। एआरसी ने अपनी सिफारिशों में कहा है, सिविल सेवाओं में राजनीतिक तटस्थता तथा निष्पक्षता को कायम रखना जरूरी है। इसकी जिम्मेदारी मंत्रियों तथा अधिकारियों दोनों की है। मंत्रियों और सरकारी कर्मचारियों के लिए आचरण संहिता में इस पहलू को शामिल किया जाना चाहिए। यहां उल्लेखनीय है कि इससे पहले सरकार इसी बारे में एआरसी द्वारा 'संचालन में नैतिकता' शीर्षक से चौथी रिपोर्ट में इस तरह की सिफारिश को खारिज कर चुकी है। चौथी रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि मंत्रियों के लिए मौजूदा आचरण संहिता के अलावा इसमें यह भी निर्देशन दिया जाना चाहिए कि मंत्री किस तरह अपने कामकाज में संवैधानिक और नैतिकता के व्यवहार के ऊंचे मापदंड का पालन कर सकते हैं।टिप्पणियां इसमें प्रधानमंत्री कार्यालय तथा मुख्यमंत्रियों के कार्यालयों में आचार संहिता के अनुपालन के मामले में मंत्रियों पर की निगरानी के लिए विशेष प्रकोष्ठ के गठन का भी सुझाव दिया गया था। उस समय एआरसी की सिफारिशों को खारिज करते हुए सरकार ने कहा था इस विषय पर गठित अधिकार प्राप्त समिति ने विचार किया था और पाया गया कि नैतिक आसार संहिता की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि पहले ही एक आचार संहिता लागू है। एआरसी की 10वीं रिपोर्ट पर कृषिमंत्री शरद पवार, वित्तमंत्री पी चिदंबरम, गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री वीरप्पा मोइली वाले मंत्री समूह ने विचार किया। समूह के अन्य सदस्यों में शहरी विकास मंत्री कमलनाथ, संचार एवं आईटी मंत्री कपिल सिब्बल, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री सीपी जोशी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कुमारी शैलजा, ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश और कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्यमंत्री वी नारायणसामी हैं। एआरसी ने अपनी सिफारिशों में कहा है, सिविल सेवाओं में राजनीतिक तटस्थता तथा निष्पक्षता को कायम रखना जरूरी है। इसकी जिम्मेदारी मंत्रियों तथा अधिकारियों दोनों की है। मंत्रियों और सरकारी कर्मचारियों के लिए आचरण संहिता में इस पहलू को शामिल किया जाना चाहिए। यहां उल्लेखनीय है कि इससे पहले सरकार इसी बारे में एआरसी द्वारा 'संचालन में नैतिकता' शीर्षक से चौथी रिपोर्ट में इस तरह की सिफारिश को खारिज कर चुकी है। चौथी रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि मंत्रियों के लिए मौजूदा आचरण संहिता के अलावा इसमें यह भी निर्देशन दिया जाना चाहिए कि मंत्री किस तरह अपने कामकाज में संवैधानिक और नैतिकता के व्यवहार के ऊंचे मापदंड का पालन कर सकते हैं।टिप्पणियां इसमें प्रधानमंत्री कार्यालय तथा मुख्यमंत्रियों के कार्यालयों में आचार संहिता के अनुपालन के मामले में मंत्रियों पर की निगरानी के लिए विशेष प्रकोष्ठ के गठन का भी सुझाव दिया गया था। उस समय एआरसी की सिफारिशों को खारिज करते हुए सरकार ने कहा था इस विषय पर गठित अधिकार प्राप्त समिति ने विचार किया था और पाया गया कि नैतिक आसार संहिता की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि पहले ही एक आचार संहिता लागू है। एआरसी की 10वीं रिपोर्ट पर कृषिमंत्री शरद पवार, वित्तमंत्री पी चिदंबरम, गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री वीरप्पा मोइली वाले मंत्री समूह ने विचार किया। समूह के अन्य सदस्यों में शहरी विकास मंत्री कमलनाथ, संचार एवं आईटी मंत्री कपिल सिब्बल, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री सीपी जोशी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कुमारी शैलजा, ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश और कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्यमंत्री वी नारायणसामी हैं। यहां उल्लेखनीय है कि इससे पहले सरकार इसी बारे में एआरसी द्वारा 'संचालन में नैतिकता' शीर्षक से चौथी रिपोर्ट में इस तरह की सिफारिश को खारिज कर चुकी है। चौथी रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि मंत्रियों के लिए मौजूदा आचरण संहिता के अलावा इसमें यह भी निर्देशन दिया जाना चाहिए कि मंत्री किस तरह अपने कामकाज में संवैधानिक और नैतिकता के व्यवहार के ऊंचे मापदंड का पालन कर सकते हैं।टिप्पणियां इसमें प्रधानमंत्री कार्यालय तथा मुख्यमंत्रियों के कार्यालयों में आचार संहिता के अनुपालन के मामले में मंत्रियों पर की निगरानी के लिए विशेष प्रकोष्ठ के गठन का भी सुझाव दिया गया था। उस समय एआरसी की सिफारिशों को खारिज करते हुए सरकार ने कहा था इस विषय पर गठित अधिकार प्राप्त समिति ने विचार किया था और पाया गया कि नैतिक आसार संहिता की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि पहले ही एक आचार संहिता लागू है। एआरसी की 10वीं रिपोर्ट पर कृषिमंत्री शरद पवार, वित्तमंत्री पी चिदंबरम, गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री वीरप्पा मोइली वाले मंत्री समूह ने विचार किया। समूह के अन्य सदस्यों में शहरी विकास मंत्री कमलनाथ, संचार एवं आईटी मंत्री कपिल सिब्बल, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री सीपी जोशी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कुमारी शैलजा, ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश और कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्यमंत्री वी नारायणसामी हैं। इसमें प्रधानमंत्री कार्यालय तथा मुख्यमंत्रियों के कार्यालयों में आचार संहिता के अनुपालन के मामले में मंत्रियों पर की निगरानी के लिए विशेष प्रकोष्ठ के गठन का भी सुझाव दिया गया था। उस समय एआरसी की सिफारिशों को खारिज करते हुए सरकार ने कहा था इस विषय पर गठित अधिकार प्राप्त समिति ने विचार किया था और पाया गया कि नैतिक आसार संहिता की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि पहले ही एक आचार संहिता लागू है। एआरसी की 10वीं रिपोर्ट पर कृषिमंत्री शरद पवार, वित्तमंत्री पी चिदंबरम, गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री वीरप्पा मोइली वाले मंत्री समूह ने विचार किया। समूह के अन्य सदस्यों में शहरी विकास मंत्री कमलनाथ, संचार एवं आईटी मंत्री कपिल सिब्बल, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री सीपी जोशी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कुमारी शैलजा, ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश और कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्यमंत्री वी नारायणसामी हैं। एआरसी की 10वीं रिपोर्ट पर कृषिमंत्री शरद पवार, वित्तमंत्री पी चिदंबरम, गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री वीरप्पा मोइली वाले मंत्री समूह ने विचार किया। समूह के अन्य सदस्यों में शहरी विकास मंत्री कमलनाथ, संचार एवं आईटी मंत्री कपिल सिब्बल, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री सीपी जोशी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कुमारी शैलजा, ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश और कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्यमंत्री वी नारायणसामी हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मंत्री समूह के मुताबिक इस तरह की संहिता जरूरी है और इससे अफसरशाही और मंत्रियों के बीच और अधिक तटस्थ तथा पारदर्शी कार्य संबंध स्थापित करने में मदद मिलेगी।
11
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केन्द्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के जाकिर हुसैन ट्रस्ट द्वारा विकलांगो को सहायता उपकरण वितरित करने में की गई कथित गडबडी की जांच कर रही उत्तर प्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (ईओडब्ल्यू) ने सोमवार को जांच के लिए जरूरी दस्तावेजों को जुटाने का काम शुरू कर दिया है। ईओडब्ल्यू के महानिदेशक सुब्रत त्रिपाठी ने बताया, ‘‘जांच के सिलसिले में ईओडब्ल्यू की टीमों ने राज्य, मंडल और जिला मुख्यालयों पर विकलांग कल्याण विभाग से जरूरी दस्तावेज और फाइलें एकत्र करने का काम शुरू कर दिया है।’’ त्रिपाठी ने कहा कि जांच दल संबंधित कार्यालयों में जाकर आवश्यक दस्तावेज जुटा रही है और विकलांग कल्याण विभाग जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। इसे छापा अथवा छानबीन कहना उचित नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘इस मामले की जांच की लिए 3 जुलाई को ही आदेश जारी किए गए थे। जांच के लिए चार टीमें गठित की गई है और जांच अपने प्रारंभिक स्तर से आगे बढ़ चुकी है।’’ त्रिपाठी ने बताया, ‘‘मामले की जांच में संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए गए हैं और आगे भी किए जा रहे हैं। हालांकि जांच प्रारंभिक स्तर से आगे पहुंच चुकी है, मगर इतने चर्चित और संवेदनशील मामले में जांच पूरी हो जाने तक कुछ निष्कर्ष निकालना ठीक नहीं होगा।’’ उन्होंने बताया कि जांच में उपकरणों को बांटने में धन के गबन की आशंकाओं और आरोपों तथा सरकारी मशीनरी के स्तर पर गड़बड़ियों की आशंकाओं सहित अनेक पहलू शामिल हैं मगर जांच पूरी करने के लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है।
उत्तर प्रदेश के इकॉनोमिक ऑफेंसेस विंग ने यह छापेमारी की है। यह सारी छापेमारी सलमान खुर्शीद के ट्रस्ट पर लगे आरोपों के बाद आरंभ हुई है। तमाम अन्य ट्रस्ट भी इस जांच के दायरे में हैं।
28
['hin']
एक सारांश बनाओ: इसके जवाब में रवि किशन कहते हैं कि पिछली बार बीजेपी ने उन्हें टिकट ऑफर किया था, लेकिन तब उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन चुनाव हारने के बाद एक बार भी किसी का फोन नहीं आया था. इससे दुखी होकर मैं बीजेपी में शामिल हो गया. चुनाव प्रचार करते बीजेपी उम्मीदवार रवि किशन. महेश निषाद जैसे वोटर का राम भुआल निषाद के प्रति हमदर्दी है और गोरखपुर लोकसभा जीत चुके उम्मीदवार प्रवीण निषाद को गोरखपुर से न लड़ाने पर बीजेपी के खिलाफ नाराजगी है. यहां से आगे बढ़ने पर राजेंद्र नगर के रहने वाले मंयक मिश्रा कहते हैं कि योगी आदित्यनाथ ने पैराशूट उम्मीदवार इसलिए उतारा है, ताकि उनका सियासी भविष्य पक्का रहे. गोरखपुर के लोकल लीडरों में अंदरखाने इस बात को लेकर नाराजगी है. गोरखपुर में बीजेपी की राह आसान नहीं दिख रही है. मैंने जब ये सवाल रवि किशन से पूछा तो उन्होंने अति आत्मविश्वास से कहा कि आपको अंदाजा है हम हर घर पहुंचेंगे और लोगों को समझाएंगे. हमारे पास सभी जाति का समर्थन है. खैर चुनावी हार जीत 23 मई को पता चलेगा, लेकिन मुकाबला कांटे का है. बता दें कि गोरखपुर में अंतिम चरण में 19 मई को चुनाव होने हैं. बता दें कि गोरखपुर में रवि किशन का मुकाबला कांग्रेस के मधुसूदन तिवारी और समाजवादी पार्टी के राम भूवल निषाद से होगा.
संक्षिप्त सारांश: गोरखपुर में आसान नहीं रवि किशन की राह गोरखपुर से बीजेपी उम्मीदवार हैं रवि किशन अंतिम चरण में 19 मई को होना है मतदान
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बिहार के सुपौल जिले में कोसी नदी की मुख्यधारा पर बने चार लेन वाले महासेतु के उद्घाटन के साथ बीते 78 साल से कटे हुए मिथिलांचल के दो हिस्सों के बीच फिर से सड़क संपर्क स्थापित हो गया। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री सीपी जोशी ने 431 करोड रुपये की लागत से बने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 57 पर चार लेन वाले 1.87 किलोमीटर लंबे सड़क पुल और सात किलोमीटर सड़क का शुभारंभ किया। इस पुल का निर्माण सुपौल के निर्मली और सरायगढ़ गांव के बीच हुआ है और यह पूर्व से पश्चिम तक जाने वाले गलियारे (असम के सिल्चर से गुजरात के पोरबंदर) का हिस्सा होगा। वर्ष 1934 में आए विनाशकारी भूकंप के कारण इस क्षेत्र में बना संपर्क पुल ध्वस्त हो जाने के बाद क्षेत्र में सड़क संपर्क टूट गया था। अंतरराष्ट्रीय कंस्ट्रक्शन कंपनी ‘गैमन इंडिया’ द्वारा निर्मित इस पुल के उद्घाटन के बाद निर्मली कॉलेज में एक सभा में जोशी ने कहा, ‘‘विद्यापति की धरती पर यह एक ऐतिहासिक दिन है। यह पुल और सड़क मार्ग बिहार की प्रगति में योगदान करेगा, जिससे देश की भी प्रगति होगी।’’ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकास कार्य की तारीफ करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘संघीय व्यवस्था के तहत राज्य के मुख्यमंत्री जिस खूबसूरती से विकास कार्य को अंजाम दे रहे हैं। वह काबिले तारीफ है। प्रदेश का विकास संघीय व्यवस्था के आधार पर ही हो सकता है।’’ इस महासेतु का शिलान्यास, 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था। जोशी ने कहा, ‘‘एक प्रधानमंत्री ने इसका शिलान्यास किया और विकास पर बल देने वाले दूसरे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में यह पूरा हो गया है। केंद्र और बिहार सरकार इसी प्रकार मिलकर विकास कार्य को तेजी से पूरा करेंगे।’’ जोशी ने कहा, ‘‘इस क्षेत्र के विकास के लिए जो सपना देखा था वह पुल के निर्माण के रूप में साकार हो रहा है। भारत सरकार ने अपने सीमित संसाधनों के बीच सार्वजनिक निजी भागीदारी की नीतियों पर चलकर इस पुल को पूरा किया है।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘बिहार में 2300 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं, जिनके विकास के लिए केंद्र की ओर से 15 हजार करोड़ रुपये अधिक खर्च किए जा रहे हैं। इससे बिहार के विकास की कल्पना साकार हो सके।’’ मंत्री ने कहा कि बिहार के विकास के लिए सड़क मार्ग का बहुत महत्व है। सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से विकास होता है और क्षेत्र में कई प्रकार के परिवर्तन होते हैं। हम सब मिलकर प्रयास करेंगे कि इलाके के लोग आर्थिक प्रगति और राष्ट्र के विकास में योगदान दे। क्षेत्र के लोगों का जीवन सुखी और संपन्न बने। उन्होंने कहा, ‘‘बिहार का अभी सकल घरेलू उत्पाद दर (जीडीपी) 10 फीसदी है और इस दर को बनाए रखने के लिए कृषि का विकास जरूरी है और कृषि की विकास दर को बढ़ा सकता है। कोसी का यह इलाका कृषि विकास की अपार संभावनाओं वाला है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भागलपुर में बाईपास और डुमरी पुल को जल्द पूरा करने के लिए 2012-13 में हम वित्तीय गति प्रदान करेंगे। इस पुल के साथ जोड़ने के लिए सुपौल में 25 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य में केंद्रीय मंत्रालय मदद देगा।’’ वर्ष 1934 में आए विनाशकारी भूकंप के कारण इस क्षेत्र में बना संपर्क पुल ध्वस्त हो जाने के बाद क्षेत्र में सड़क संपर्क टूट गया था। अंतरराष्ट्रीय कंस्ट्रक्शन कंपनी ‘गैमन इंडिया’ द्वारा निर्मित इस पुल के उद्घाटन के बाद निर्मली कॉलेज में एक सभा में जोशी ने कहा, ‘‘विद्यापति की धरती पर यह एक ऐतिहासिक दिन है। यह पुल और सड़क मार्ग बिहार की प्रगति में योगदान करेगा, जिससे देश की भी प्रगति होगी।’’ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकास कार्य की तारीफ करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘संघीय व्यवस्था के तहत राज्य के मुख्यमंत्री जिस खूबसूरती से विकास कार्य को अंजाम दे रहे हैं। वह काबिले तारीफ है। प्रदेश का विकास संघीय व्यवस्था के आधार पर ही हो सकता है।’’ इस महासेतु का शिलान्यास, 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था। जोशी ने कहा, ‘‘एक प्रधानमंत्री ने इसका शिलान्यास किया और विकास पर बल देने वाले दूसरे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में यह पूरा हो गया है। केंद्र और बिहार सरकार इसी प्रकार मिलकर विकास कार्य को तेजी से पूरा करेंगे।’’ जोशी ने कहा, ‘‘इस क्षेत्र के विकास के लिए जो सपना देखा था वह पुल के निर्माण के रूप में साकार हो रहा है। भारत सरकार ने अपने सीमित संसाधनों के बीच सार्वजनिक निजी भागीदारी की नीतियों पर चलकर इस पुल को पूरा किया है।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘बिहार में 2300 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं, जिनके विकास के लिए केंद्र की ओर से 15 हजार करोड़ रुपये अधिक खर्च किए जा रहे हैं। इससे बिहार के विकास की कल्पना साकार हो सके।’’ मंत्री ने कहा कि बिहार के विकास के लिए सड़क मार्ग का बहुत महत्व है। सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से विकास होता है और क्षेत्र में कई प्रकार के परिवर्तन होते हैं। हम सब मिलकर प्रयास करेंगे कि इलाके के लोग आर्थिक प्रगति और राष्ट्र के विकास में योगदान दे। क्षेत्र के लोगों का जीवन सुखी और संपन्न बने। उन्होंने कहा, ‘‘बिहार का अभी सकल घरेलू उत्पाद दर (जीडीपी) 10 फीसदी है और इस दर को बनाए रखने के लिए कृषि का विकास जरूरी है और कृषि की विकास दर को बढ़ा सकता है। कोसी का यह इलाका कृषि विकास की अपार संभावनाओं वाला है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भागलपुर में बाईपास और डुमरी पुल को जल्द पूरा करने के लिए 2012-13 में हम वित्तीय गति प्रदान करेंगे। इस पुल के साथ जोड़ने के लिए सुपौल में 25 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य में केंद्रीय मंत्रालय मदद देगा।’’ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकास कार्य की तारीफ करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘संघीय व्यवस्था के तहत राज्य के मुख्यमंत्री जिस खूबसूरती से विकास कार्य को अंजाम दे रहे हैं। वह काबिले तारीफ है। प्रदेश का विकास संघीय व्यवस्था के आधार पर ही हो सकता है।’’ इस महासेतु का शिलान्यास, 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था। जोशी ने कहा, ‘‘एक प्रधानमंत्री ने इसका शिलान्यास किया और विकास पर बल देने वाले दूसरे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में यह पूरा हो गया है। केंद्र और बिहार सरकार इसी प्रकार मिलकर विकास कार्य को तेजी से पूरा करेंगे।’’ जोशी ने कहा, ‘‘इस क्षेत्र के विकास के लिए जो सपना देखा था वह पुल के निर्माण के रूप में साकार हो रहा है। भारत सरकार ने अपने सीमित संसाधनों के बीच सार्वजनिक निजी भागीदारी की नीतियों पर चलकर इस पुल को पूरा किया है।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘बिहार में 2300 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं, जिनके विकास के लिए केंद्र की ओर से 15 हजार करोड़ रुपये अधिक खर्च किए जा रहे हैं। इससे बिहार के विकास की कल्पना साकार हो सके।’’ मंत्री ने कहा कि बिहार के विकास के लिए सड़क मार्ग का बहुत महत्व है। सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से विकास होता है और क्षेत्र में कई प्रकार के परिवर्तन होते हैं। हम सब मिलकर प्रयास करेंगे कि इलाके के लोग आर्थिक प्रगति और राष्ट्र के विकास में योगदान दे। क्षेत्र के लोगों का जीवन सुखी और संपन्न बने। उन्होंने कहा, ‘‘बिहार का अभी सकल घरेलू उत्पाद दर (जीडीपी) 10 फीसदी है और इस दर को बनाए रखने के लिए कृषि का विकास जरूरी है और कृषि की विकास दर को बढ़ा सकता है। कोसी का यह इलाका कृषि विकास की अपार संभावनाओं वाला है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भागलपुर में बाईपास और डुमरी पुल को जल्द पूरा करने के लिए 2012-13 में हम वित्तीय गति प्रदान करेंगे। इस पुल के साथ जोड़ने के लिए सुपौल में 25 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य में केंद्रीय मंत्रालय मदद देगा।’’ इस महासेतु का शिलान्यास, 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था। जोशी ने कहा, ‘‘एक प्रधानमंत्री ने इसका शिलान्यास किया और विकास पर बल देने वाले दूसरे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में यह पूरा हो गया है। केंद्र और बिहार सरकार इसी प्रकार मिलकर विकास कार्य को तेजी से पूरा करेंगे।’’ जोशी ने कहा, ‘‘इस क्षेत्र के विकास के लिए जो सपना देखा था वह पुल के निर्माण के रूप में साकार हो रहा है। भारत सरकार ने अपने सीमित संसाधनों के बीच सार्वजनिक निजी भागीदारी की नीतियों पर चलकर इस पुल को पूरा किया है।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘बिहार में 2300 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं, जिनके विकास के लिए केंद्र की ओर से 15 हजार करोड़ रुपये अधिक खर्च किए जा रहे हैं। इससे बिहार के विकास की कल्पना साकार हो सके।’’ मंत्री ने कहा कि बिहार के विकास के लिए सड़क मार्ग का बहुत महत्व है। सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से विकास होता है और क्षेत्र में कई प्रकार के परिवर्तन होते हैं। हम सब मिलकर प्रयास करेंगे कि इलाके के लोग आर्थिक प्रगति और राष्ट्र के विकास में योगदान दे। क्षेत्र के लोगों का जीवन सुखी और संपन्न बने। उन्होंने कहा, ‘‘बिहार का अभी सकल घरेलू उत्पाद दर (जीडीपी) 10 फीसदी है और इस दर को बनाए रखने के लिए कृषि का विकास जरूरी है और कृषि की विकास दर को बढ़ा सकता है। कोसी का यह इलाका कृषि विकास की अपार संभावनाओं वाला है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भागलपुर में बाईपास और डुमरी पुल को जल्द पूरा करने के लिए 2012-13 में हम वित्तीय गति प्रदान करेंगे। इस पुल के साथ जोड़ने के लिए सुपौल में 25 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य में केंद्रीय मंत्रालय मदद देगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘बिहार में 2300 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं, जिनके विकास के लिए केंद्र की ओर से 15 हजार करोड़ रुपये अधिक खर्च किए जा रहे हैं। इससे बिहार के विकास की कल्पना साकार हो सके।’’ मंत्री ने कहा कि बिहार के विकास के लिए सड़क मार्ग का बहुत महत्व है। सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से विकास होता है और क्षेत्र में कई प्रकार के परिवर्तन होते हैं। हम सब मिलकर प्रयास करेंगे कि इलाके के लोग आर्थिक प्रगति और राष्ट्र के विकास में योगदान दे। क्षेत्र के लोगों का जीवन सुखी और संपन्न बने। उन्होंने कहा, ‘‘बिहार का अभी सकल घरेलू उत्पाद दर (जीडीपी) 10 फीसदी है और इस दर को बनाए रखने के लिए कृषि का विकास जरूरी है और कृषि की विकास दर को बढ़ा सकता है। कोसी का यह इलाका कृषि विकास की अपार संभावनाओं वाला है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भागलपुर में बाईपास और डुमरी पुल को जल्द पूरा करने के लिए 2012-13 में हम वित्तीय गति प्रदान करेंगे। इस पुल के साथ जोड़ने के लिए सुपौल में 25 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य में केंद्रीय मंत्रालय मदद देगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘बिहार का अभी सकल घरेलू उत्पाद दर (जीडीपी) 10 फीसदी है और इस दर को बनाए रखने के लिए कृषि का विकास जरूरी है और कृषि की विकास दर को बढ़ा सकता है। कोसी का यह इलाका कृषि विकास की अपार संभावनाओं वाला है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भागलपुर में बाईपास और डुमरी पुल को जल्द पूरा करने के लिए 2012-13 में हम वित्तीय गति प्रदान करेंगे। इस पुल के साथ जोड़ने के लिए सुपौल में 25 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य में केंद्रीय मंत्रालय मदद देगा।’’
संक्षिप्त सारांश: सुपौल जिले में कोसी नदी पर बने चार लेन वाले महासेतु के उद्घाटन के साथ 78 साल से कटे हुए मिथिलांचल के दो हिस्सों के बीच फिर से सड़क संपर्क स्थापित हो गया।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत के अत्याधुनिक संचार उपग्रह जीसैट-8 का शनिवार को फ्रेंच गुयाना के कोउरू अंतरिक्ष केंद्र से यूरोपीय प्रक्षेपण यान एरियनस्पेस की सहायता से सफल प्रक्षेपण किया गया। इससे देश की डायरेक्ट-टू-होम (डीटीएच) सेवा को मजबूती मिलेगी। जीसैट-8 यूरोपीय प्रक्षेपक एरियनस्पेस के एरियन-5 रॉकेट की मदद से भारतीय समयानुसार तड़के 2 बजकर 8 मिनट पर प्रक्षेपित किया गया। सह-यात्री के रूप में इसके साथ जापान के एसटी-2 अंतरिक्ष यान को भी भेजा गया। फ्रेंच गुयाना दक्षिणी अमेरिका के उत्तर-पूर्वी तट पर फ्रांस का एक क्षेत्र है। प्रक्षेपण के समय जीसैट-8 उपग्रह का वजन 3,100 किलोग्राम था। यह सबसे भारी उपग्रहों में से एक है। उच्च क्षमता वाले उपग्रहों को बेंगलुरु स्थित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन मुख्यालय द्वारा तैयार किया जाता है। प्रक्षेपण पर नजर रखने वाले इसरो के दल ने इस उपग्रह के सफल प्रक्षेपण पर खुशी व्यक्त की। इसरो अध्यक्ष के. राधाकृष्णन ने कहा, इस बात की घोषणा करते हुए मुझे अत्यंत खुशी हो रही है कि बेंगलुरु के निकट हासन स्थित इसरो के मास्टर कंट्रोल फैसिलिटी ने जीसैट-8 से संकेत मिलने की पुष्टि कर दी है। उन्होंने कहा, यह (प्रक्षेपण) हमारे लिए एक और महान क्षण है। राधाकृष्णन ने कहा कि भारत का उपभोक्ता समुदाय भारतीय राष्ट्रीय उपग्रह प्रणाली में 24 उच्च क्षमता वाले केयू बैंड ट्रांसपोंडरों के संचालन की ओर देख रहा था। इसरो के अधिकारियों ने कहा कि पिछले साल देश से प्रक्षेपित किए गए दो जीएसएलवी उपग्रहों के असफल रहने के कारण अंतरिक्ष एजेंसी को इस प्रक्षेपण के सफल रहने से दोहरी खुशी मिली है। इसरो ट्रांसपोंडर क्षमता बढ़ाने के लिए प्रयासरत था, जिसकी भारी मांग है। जापान की मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक कंपनी द्वारा निर्मित एसटी-2 सिंगापुर टेली कम्युनिकेशन लिमिटेड (सिंग टेल) और ताइवान की चुंघवा टेलीकॉम कंपनी लिमिटेड द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया जाएगा। जीसैट-8 अपने साथ 24 ट्रांसपोंडर ले गया है, जिससे भारत की केयू बैंड क्षमताओं में खासकर भारतीय उपमहाद्वीप की डायरेक्ट-टू-होम टीवी प्रसारण सेवाओं में वृद्धि होगी। इसके अतिरिक्त जीसैट-8 भारतीय नभ क्षेत्र और आसपास के इलाकों में वायुयान दिशा निर्देशन सहायता के लिए गगन प्रणाली के दो चैनल लेकर गया है।
यहाँ एक सारांश है:भारत के अत्याधुनिक संचार उपग्रह जीसैट-8 का फ्रेंच गुयाना के कोउरू से यूरोपीय प्रक्षेपण यान एरियनस्पेस की सहायता से सफल प्रक्षेपण किया गया।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रत्येक तीन में से एक महिला बिना मेकअप के घर से बाहर नहीं निकलती। एक नए अध्ययन के मुताबिक 30 प्रतिशत महिलाएं ऐसी हैं, जो घर से निकलने से पहले मेकअप जरूर करती हैं। ब्रिटेन में शोधकर्ताओं का कहना है कि दुनिया भर की लाखों महिलाएं मेकअप के बिना आत्मविश्वास महसूस नहीं करती हैं। ऐसी महिलाएं जब मेकअप कर लेती हैं, तो वे अपनी अच्छी प्रस्तुति के प्रति पर्याप्त आश्वस्त होती हैं। समाचार पत्र 'डेली एक्सप्रेस' के मुताबिक 10 में से छह महिलाएं हर दिन मेकअप लगाती हैं, जबकि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे क्या करने जा रही हैं, कहां जा रही हैं या उन्हें कौन देख रहा है। करीब 3,000 महिलाओं पर किए गए एक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है। तीन में से एक महिला हमेशा अपने चेहरे पर मेकअप लगाए रखती है, जबकि 10 प्रतिशत महिलाएं सोते समय भी मेकअप में रहती हैं। सर्वेक्षण करने वाली कम्पनी 'सुपरड्रग' की सौंदर्य निदेशक सारा वोल्वरसन कहती हैं कि ज्यादातर महिलाओं के लिए मेकअप करना उनकी दिनचर्या का एक अहम हिस्सा होता है। इसके पीछे उनकी मानसिकता यह होती है कि लोगों का उन्हें बिना मेकअप के देखना डरावना हो सकता है। सारा कहती हैं कि मेकअप चेहरे के दाग-धब्बों को छुपाकर महिलाओं के आत्मविश्वास को बहुत बढ़ा देता है। अध्ययन में पाया गया है कि एक औसत महिला अपने नए पुरुष मित्र को अपना असली चेहरा दिखाने से पहले ढाई महीने तक इंतजार करती है। एक-तिहाई से ज्यादा महिलाएं मानती हैं कि यदि वे अपने प्रेमियों के सामने बिन मेकअप जाएंगी, तो वे उन्हें पसंद नहीं करेंगे।
सारांश: दुनिया भर की लाखों महिलाएं मेकअप के बिना आत्मविश्वास महसूस नहीं करती हैं, यही कारण है कि प्रत्येक तीन में से एक महिला बिना मेकअप के घर से बाहर नहीं निकलती।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्र और राज्य सरकारें मॉब लिंचिंग से निपटने के लिए भले ही तमाम कवायद कर रही हों, लेकिन ऐसी घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं. अब उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में एक चौंकाने वाला मामला है. जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र में ग्रामीणों ने खेत में छिपी एक महिला को बच्चा चोरी के संदेह में पकड़ लिया और पेड़ से बांधकर उसके साथ मार पीट की. सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को मुक्त कराया और नौ लोगों को गिरफ्तार किया. अपर पुलिस अधीक्षक महेन्द्र कुमार ने बताया कि जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र के रहेली गांव के भाईलाल पुरवा में शनिवार की शाम गन्ने के खेत में छिपी एक महिला को ग्रामीणों ने पकड़ लिया. उस पर बच्चा चोरी का संदेह जताते हुए उसे पेड़ से बांधकर मारा पीटा गया.  सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को मुक्त कराया. उसे थाने लाई तथा उसका उपचार कराया. पूछताछ में पता चला कि वह थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव की निवासी है. एएसपी के अनुसार महिला के पिता आबिद अली की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है. आपको बता दें कि एक दिन पहले ही इसी तरह का एक मामला प्रदेश के आगरा में सामने आया था. उत्तर प्रदेश पुलिस ने आगरा में मॉब लिंचिंग में 200 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, क्योंकि एक व्यक्ति की बच्चा चोर होने के संदेह में कथित रूप से पिटाई की गई थी. आगरा में मंगलवार को मॉब लिचिंग की घटना घटी थी, लेकिन बुधवार को जब मारपीट का वीडियो फुटेज सामने आया तो पुलिस के ध्यान में यह मामला आया.
यहाँ एक सारांश है:उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले का है मामला महिला को बच्चा चोर बताकर पीटा पुलिस ने 9 आरोपियों को किया गिरफ्तार
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार से सिंगूर में किसानों को जमीन नहीं लौटाने का निर्देश दिया है। यह टाटा मोटर्स के लिए बड़ी राहत की खबर है। कोर्ट ने कहा है कि राज्य सरकार कलकत्ता हाईकोर्ट का आदेश आने तक किसानों को जमीन नहीं लौटाए।  शीर्ष अदालत ने कहा कि यह अंतरिम राहत है। कलकत्ता उच्च न्यायालय अपने समक्ष लंबित मामले में आगे की सुनवाई करेगा। पश्चिम बंगाल सरकार ने सिंगूर में टाटा मोटर्स को दी गई जमीन का आवंटन रद्द कर दिया था। ये जमीन टाटा को नैनो कार का प्लांट लगाने के लिए दी गई थी। पश्चिम बंगाल सरकार के फैसले के खिलाफ टाटा ने कलकत्ता हाईकोर्ट में अपील की थी, पर हाईकोर्ट ने भी टाटा की अपील को खारिज कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ़ टाटा मोटर्स ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस सरकार ने एक विधेयक पारित कर ऐसे किसानों को उनकी जमीन लौटाने की बात कही थी, जो अपनी जमीन का अधिग्रहण नहीं कराना चाहते थे। सरकार के इस कदम को टाटा समूह ने कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसने समूह के खिलाफ फैसला सुनाया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट का रुख किया गया। मामले के महत्व को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट से एक महीने में फैसला सुनाने को कहा है।न्यायाधीश पी सतशिवम तथा न्यायाधीश एके पटनायक ने कहा कि अंतरिम आदेश के तहत हम राज्य सरकार को यह निर्देश देते हैं कि कलकत्ता हाईकोर्ट के अगले आदेश तक वह किसानों को जमीन वापस नहीं लौटाए। पीठ ने कहा कि यह अंतरिम व्यवस्था है और वह मामले के गुण-दोष के बारे में कोई राय नहीं जता रही है। पीठ ने हाईकोर्ट से मामले में आगे की सुनवाई करने को कहा, जिसमें टाटा ने जमीन वापस लेने तथा उसे किसानों को वापस लौटाने को लेकर ममता बनर्जी सरकार द्वारा बनाए गए नए कानून को चुनौती दी है। राज्य सरकार की ओर से मामले में पेश वरिष्ठ अधिवक्ता पीपी राव ने कहा कि जब तक हाईकोर्ट मामले में फैसला नहीं दे देता, जमीन राज्य सरकार के कब्जे में रहेगी। इसके बाद पीठ ने कहा कि वह मामले में अंतरिम राहत दे रही है। सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि यह राजनीतिक मुद्दे का सवाल नहीं है, बल्कि अधिकारों से जुड़ा मामला है।
यह एक सारांश है: सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार से सिंगूर में किसानों को अभी जमीन नहीं लौटाने का निर्देश दिया है। यह टाटा मोटर्स के लिए बड़ी राहत की खबर है।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: इंटरव्यू में जब राधिका (Radhika Apte) से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ''द वेडिंग गेस्ट (The Wedding Guest)' में कई अच्छे सीन हैं. फैक्ट ये ही कि इतने बेहतरीन सीन होने के बावजूद फिल्म का केवल एक सीन लीक हुआ क्योंकि ये समाज की बीमार मानसिकता है.' 33 साल की राधिका आप्टे ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, 'जो सीन लीक हुआ है, उसमें मैं और देव पटेल दोनों हैं, लेकिन सीन केवल मेरे नाम पर फैलाए जा रहे हैं. ये पिक्चर्स मेल लीड एक्टर देव पटेल के नाम पर क्यों नहीं फैलाए जा रहे.' साल 2016 में आई फिल्म 'पार्चड' के दौरान राधिका आप्टे (Radhika Apte) के को-एक्टर अदिल हुसैन (Adil Hussain) के साथ सेक्स सीन वायरल होने को लेकर उस समय अदिल हुसैन ने ऐसे ही सवालों को उठाया था. इंटरव्यू के दौरान अदिल ने कहा था, 'ये दिखाता है कि हमारे समाज में सेक्स को लेकर लोगों में कितना जुनून है. ये लोग सिर्फ सेक्स सीन लीक करते हैं और कोई सुंदर सीन नहीं. फिल्म के जितने भी सीन लीक हुए हैं उन पर केवल राधिका आप्टे सेक्स सीन लिखा है ना कि अदिल हुसैन सेक्स सीन. ये सिर्फ इसलिए क्योंकि अगर कोई आदमी ये करता है तो ये दूसरा मामला है लेकिन अगर कोई महिला ये सीन करती है तो वो मैटर करता है.'
यहाँ एक सारांश है:राधिका आप्टे को आया गुस्सा कहा- समाज की बीमार मानसिकता 'द वेडिंग गेस्ट' है अगली फिल्म
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अगले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, न्यायमूर्ति ए के सिकरी और लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे वाली एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने उन्हें सीबीआई निदेशक के पद से स्थानांतरित करने का फैसला किया था. हालांकि, खड़गे ने इस पर अपनी कड़ी असहमति दर्ज करायी थी. वर्मा से संपर्क नहीं हो सका लेकिन उनके सहयोगियों ने बताया कि उनका नाम वक्ता सूची में से हटा लेने के बारे में उन्हें खबर कर दी गई है.  इस कॉन्क्लेव में कई बड़े नेता और हस्तियां छात्रों को संबोधित करती रही हैं. साल 2013 में पीएम मोदी ने इसमें शामिल हुए थे. केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली इसी कॉलेज से पढ़े हुए हैं.  एक अधिकारी ने पूछा गया कि आलोक वर्मा को आमंत्रण भेजने से पहले क्या कॉलेज प्रशासन से मंजूरी ली गई थी? तो उन्होंने जवाब दिया, हां. लेकिन विवाद होने और कुछ अन्य मुद्दे सामने आने के बाद आयोजन समिति ने उनका नाम हटाने का फैसला किया. जब एसआरसीसी की प्रिंसिपल सिमरत कौर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस आमंत्रण और इससे जुड़े किसी भी मामले की जानकारी नहीं है.  बता दें, पीएम मोदी की अध्यक्षता में चयन समिति द्वारा सीबीआई निदेशक के पद से हटाए जाने के एक दिन बाद आलोक वर्मा ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया था. वर्मा ने अपने त्याग-पत्र में कहा था कि यह ‘सामूहिक आत्ममंथन' का क्षण है. कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के सचिव को भेजे गए अपने इस्तीफे में वर्मा ने कहा था, ‘यह भी गौर किया जाए कि अधोहस्ताक्षरी (नीचे दस्तखत करने वाला) 31 जुलाई 2017 को ही सेवानिवृत हो चुका था और 31 जनवरी 2019 तक सीबीआई के निदेशक के तौर पर अपनी सेवा दे रहा था, क्योंकि यह तय कार्यकाल वाली भूमिका होती है. अधोहस्ताक्षरी अब सीबीआई निदेशक नहीं है और महानिदेशक दमकल सेवा, नागरिक सुरक्षा एवं गृह रक्षा के पद के लिहाज से पहले ही सेवानिवृति की उम्र पार कर चुका है. अत: अधोहस्ताक्षरी को आज से सेवानिवृत समझा जाए.'
यह एक सारांश है: SRCC के इवेंट में वक्ताओं से हटाया गया नाम स्टूडेंट्स यूनियन बिजनेस कॉन्क्लेव का होगा आयोजन कई बड़े नेता होते हैं शामिल
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सलामी बल्लेबाज जैक्स रुडॉल्फ (83) और हेनरी डेविड्स (54) के बीच हुई पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी के बाद दाएं हाथ के मध्यम गति के तेज गेंदबाज कोर्नेलियस डिविलियर्स (16/3) की घातक गेंदबाजी की बदौलत दक्षिण अफ्रीका की टाइटंस ने चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट के मुख्य दौर के अपने पहले मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया की पर्थ स्कॉर्चर्स को 39 रनों से पराजित कर दिया। डिविलिययर्स को उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया। इस जीत से टाइटंस ने चार अंक अर्जित किए। शनिवार को सुपरस्पोर्ट पार्क में खेले गए ग्रुप-'ए' के पहले मुकाबले में टाइटंस की ओर से रखे गए 164 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए स्कॉर्चर्स टीम निर्धारित 20 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 124 रन ही बना सकी। स्कॉर्चर्स की ओर से दाएं हाथ के बल्लेबाज मिशेल मार्श ने 41 गेंदों पर पांच चौकों और एक छक्के की मदद से नाबाद 52 रन बनाए। साइमन कैटिच 23 जबकि सलामी बल्लेबाज हर्शेल गिब्स 19 रन बनाकर आउट हुए। इसके अलावा शॉन मार्श सात, कप्तान मार्कस नॉर्थ (शून्य), ल्यूक रोंची नौ, नेथन रिमिंग्टन तीन और जोय मेनी (शून्य) ने रनों का योगदान दिया। ब्रैड हॉग (8) नाबाद लौटे। टाइटंस की ओर से ईडन लिंक्स, अल्फांसो थॉमस, डेविड वीस और रुएल्फ वान डेर मर्वे ने एक-एक विकेट झटका। इससे पहले, टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में चार विकेट पर 163 रन बनाए थे। स्कॉर्चर्स टॉस जीतकर टाइटंस को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। टाइटंस की ओर से रुडॉल्फ और डेविड्स ने पारी की शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने 12.2 ओवरों में पहले विकेट के लिए 109 रन जोड़े। डेविड्स के रूप में टाइटंस का पहला विकेट गिरा। उन्हें स्पिनर माइकल बीयर ने बोल्ड किया। डेविड्स ने अपनी अर्द्धशतकीय पारी के दौरान 38 गेंदों पर चार चौके और इतने ही छक्के लगाए। जार्सवेल्ड 18 गेंदों पर एक चौके और एक छक्के की मदद से 19 रन बनाकर आउट हुए। जार्सवेल्ड को मध्यम गति के तेज गेंदबाज मेनी ने नॉर्थ के हाथों कैच कराया। जार्सवेल्ड ने रुडॉल्फ के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 51 रन जोड़े।टिप्पणियां फरहान बेहरदीन और वीस खाता खोले बगैर पवेलियन लौटे। बेहरादीन को रिमिंग्टन ने विकेट कीपर रोंची के हाथों कैच कराया जबकि वीस को उन्होंने बोल्ड किया। मर्वे एक रन पर नाबाद लौटे। स्कॉचर्स की ओर से रिमिंग्टन ने दो जबकि बीयर और मेनी ने एक-एक विकेट झटका। डिविलिययर्स को उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया। इस जीत से टाइटंस ने चार अंक अर्जित किए। शनिवार को सुपरस्पोर्ट पार्क में खेले गए ग्रुप-'ए' के पहले मुकाबले में टाइटंस की ओर से रखे गए 164 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए स्कॉर्चर्स टीम निर्धारित 20 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 124 रन ही बना सकी। स्कॉर्चर्स की ओर से दाएं हाथ के बल्लेबाज मिशेल मार्श ने 41 गेंदों पर पांच चौकों और एक छक्के की मदद से नाबाद 52 रन बनाए। साइमन कैटिच 23 जबकि सलामी बल्लेबाज हर्शेल गिब्स 19 रन बनाकर आउट हुए। इसके अलावा शॉन मार्श सात, कप्तान मार्कस नॉर्थ (शून्य), ल्यूक रोंची नौ, नेथन रिमिंग्टन तीन और जोय मेनी (शून्य) ने रनों का योगदान दिया। ब्रैड हॉग (8) नाबाद लौटे। टाइटंस की ओर से ईडन लिंक्स, अल्फांसो थॉमस, डेविड वीस और रुएल्फ वान डेर मर्वे ने एक-एक विकेट झटका। इससे पहले, टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में चार विकेट पर 163 रन बनाए थे। स्कॉर्चर्स टॉस जीतकर टाइटंस को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। टाइटंस की ओर से रुडॉल्फ और डेविड्स ने पारी की शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने 12.2 ओवरों में पहले विकेट के लिए 109 रन जोड़े। डेविड्स के रूप में टाइटंस का पहला विकेट गिरा। उन्हें स्पिनर माइकल बीयर ने बोल्ड किया। डेविड्स ने अपनी अर्द्धशतकीय पारी के दौरान 38 गेंदों पर चार चौके और इतने ही छक्के लगाए। जार्सवेल्ड 18 गेंदों पर एक चौके और एक छक्के की मदद से 19 रन बनाकर आउट हुए। जार्सवेल्ड को मध्यम गति के तेज गेंदबाज मेनी ने नॉर्थ के हाथों कैच कराया। जार्सवेल्ड ने रुडॉल्फ के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 51 रन जोड़े।टिप्पणियां फरहान बेहरदीन और वीस खाता खोले बगैर पवेलियन लौटे। बेहरादीन को रिमिंग्टन ने विकेट कीपर रोंची के हाथों कैच कराया जबकि वीस को उन्होंने बोल्ड किया। मर्वे एक रन पर नाबाद लौटे। स्कॉचर्स की ओर से रिमिंग्टन ने दो जबकि बीयर और मेनी ने एक-एक विकेट झटका। स्कॉर्चर्स की ओर से दाएं हाथ के बल्लेबाज मिशेल मार्श ने 41 गेंदों पर पांच चौकों और एक छक्के की मदद से नाबाद 52 रन बनाए। साइमन कैटिच 23 जबकि सलामी बल्लेबाज हर्शेल गिब्स 19 रन बनाकर आउट हुए। इसके अलावा शॉन मार्श सात, कप्तान मार्कस नॉर्थ (शून्य), ल्यूक रोंची नौ, नेथन रिमिंग्टन तीन और जोय मेनी (शून्य) ने रनों का योगदान दिया। ब्रैड हॉग (8) नाबाद लौटे। टाइटंस की ओर से ईडन लिंक्स, अल्फांसो थॉमस, डेविड वीस और रुएल्फ वान डेर मर्वे ने एक-एक विकेट झटका। इससे पहले, टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में चार विकेट पर 163 रन बनाए थे। स्कॉर्चर्स टॉस जीतकर टाइटंस को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। टाइटंस की ओर से रुडॉल्फ और डेविड्स ने पारी की शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने 12.2 ओवरों में पहले विकेट के लिए 109 रन जोड़े। डेविड्स के रूप में टाइटंस का पहला विकेट गिरा। उन्हें स्पिनर माइकल बीयर ने बोल्ड किया। डेविड्स ने अपनी अर्द्धशतकीय पारी के दौरान 38 गेंदों पर चार चौके और इतने ही छक्के लगाए। जार्सवेल्ड 18 गेंदों पर एक चौके और एक छक्के की मदद से 19 रन बनाकर आउट हुए। जार्सवेल्ड को मध्यम गति के तेज गेंदबाज मेनी ने नॉर्थ के हाथों कैच कराया। जार्सवेल्ड ने रुडॉल्फ के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 51 रन जोड़े।टिप्पणियां फरहान बेहरदीन और वीस खाता खोले बगैर पवेलियन लौटे। बेहरादीन को रिमिंग्टन ने विकेट कीपर रोंची के हाथों कैच कराया जबकि वीस को उन्होंने बोल्ड किया। मर्वे एक रन पर नाबाद लौटे। स्कॉचर्स की ओर से रिमिंग्टन ने दो जबकि बीयर और मेनी ने एक-एक विकेट झटका। टाइटंस की ओर से ईडन लिंक्स, अल्फांसो थॉमस, डेविड वीस और रुएल्फ वान डेर मर्वे ने एक-एक विकेट झटका। इससे पहले, टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में चार विकेट पर 163 रन बनाए थे। स्कॉर्चर्स टॉस जीतकर टाइटंस को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। टाइटंस की ओर से रुडॉल्फ और डेविड्स ने पारी की शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने 12.2 ओवरों में पहले विकेट के लिए 109 रन जोड़े। डेविड्स के रूप में टाइटंस का पहला विकेट गिरा। उन्हें स्पिनर माइकल बीयर ने बोल्ड किया। डेविड्स ने अपनी अर्द्धशतकीय पारी के दौरान 38 गेंदों पर चार चौके और इतने ही छक्के लगाए। जार्सवेल्ड 18 गेंदों पर एक चौके और एक छक्के की मदद से 19 रन बनाकर आउट हुए। जार्सवेल्ड को मध्यम गति के तेज गेंदबाज मेनी ने नॉर्थ के हाथों कैच कराया। जार्सवेल्ड ने रुडॉल्फ के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 51 रन जोड़े।टिप्पणियां फरहान बेहरदीन और वीस खाता खोले बगैर पवेलियन लौटे। बेहरादीन को रिमिंग्टन ने विकेट कीपर रोंची के हाथों कैच कराया जबकि वीस को उन्होंने बोल्ड किया। मर्वे एक रन पर नाबाद लौटे। स्कॉचर्स की ओर से रिमिंग्टन ने दो जबकि बीयर और मेनी ने एक-एक विकेट झटका। इससे पहले, टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में चार विकेट पर 163 रन बनाए थे। स्कॉर्चर्स टॉस जीतकर टाइटंस को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। टाइटंस की ओर से रुडॉल्फ और डेविड्स ने पारी की शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने 12.2 ओवरों में पहले विकेट के लिए 109 रन जोड़े। डेविड्स के रूप में टाइटंस का पहला विकेट गिरा। उन्हें स्पिनर माइकल बीयर ने बोल्ड किया। डेविड्स ने अपनी अर्द्धशतकीय पारी के दौरान 38 गेंदों पर चार चौके और इतने ही छक्के लगाए। जार्सवेल्ड 18 गेंदों पर एक चौके और एक छक्के की मदद से 19 रन बनाकर आउट हुए। जार्सवेल्ड को मध्यम गति के तेज गेंदबाज मेनी ने नॉर्थ के हाथों कैच कराया। जार्सवेल्ड ने रुडॉल्फ के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 51 रन जोड़े।टिप्पणियां फरहान बेहरदीन और वीस खाता खोले बगैर पवेलियन लौटे। बेहरादीन को रिमिंग्टन ने विकेट कीपर रोंची के हाथों कैच कराया जबकि वीस को उन्होंने बोल्ड किया। मर्वे एक रन पर नाबाद लौटे। स्कॉचर्स की ओर से रिमिंग्टन ने दो जबकि बीयर और मेनी ने एक-एक विकेट झटका। टाइटंस की ओर से रुडॉल्फ और डेविड्स ने पारी की शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने 12.2 ओवरों में पहले विकेट के लिए 109 रन जोड़े। डेविड्स के रूप में टाइटंस का पहला विकेट गिरा। उन्हें स्पिनर माइकल बीयर ने बोल्ड किया। डेविड्स ने अपनी अर्द्धशतकीय पारी के दौरान 38 गेंदों पर चार चौके और इतने ही छक्के लगाए। जार्सवेल्ड 18 गेंदों पर एक चौके और एक छक्के की मदद से 19 रन बनाकर आउट हुए। जार्सवेल्ड को मध्यम गति के तेज गेंदबाज मेनी ने नॉर्थ के हाथों कैच कराया। जार्सवेल्ड ने रुडॉल्फ के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 51 रन जोड़े।टिप्पणियां फरहान बेहरदीन और वीस खाता खोले बगैर पवेलियन लौटे। बेहरादीन को रिमिंग्टन ने विकेट कीपर रोंची के हाथों कैच कराया जबकि वीस को उन्होंने बोल्ड किया। मर्वे एक रन पर नाबाद लौटे। स्कॉचर्स की ओर से रिमिंग्टन ने दो जबकि बीयर और मेनी ने एक-एक विकेट झटका। डेविड्स के रूप में टाइटंस का पहला विकेट गिरा। उन्हें स्पिनर माइकल बीयर ने बोल्ड किया। डेविड्स ने अपनी अर्द्धशतकीय पारी के दौरान 38 गेंदों पर चार चौके और इतने ही छक्के लगाए। जार्सवेल्ड 18 गेंदों पर एक चौके और एक छक्के की मदद से 19 रन बनाकर आउट हुए। जार्सवेल्ड को मध्यम गति के तेज गेंदबाज मेनी ने नॉर्थ के हाथों कैच कराया। जार्सवेल्ड ने रुडॉल्फ के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 51 रन जोड़े।टिप्पणियां फरहान बेहरदीन और वीस खाता खोले बगैर पवेलियन लौटे। बेहरादीन को रिमिंग्टन ने विकेट कीपर रोंची के हाथों कैच कराया जबकि वीस को उन्होंने बोल्ड किया। मर्वे एक रन पर नाबाद लौटे। स्कॉचर्स की ओर से रिमिंग्टन ने दो जबकि बीयर और मेनी ने एक-एक विकेट झटका। जार्सवेल्ड 18 गेंदों पर एक चौके और एक छक्के की मदद से 19 रन बनाकर आउट हुए। जार्सवेल्ड को मध्यम गति के तेज गेंदबाज मेनी ने नॉर्थ के हाथों कैच कराया। जार्सवेल्ड ने रुडॉल्फ के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 51 रन जोड़े।टिप्पणियां फरहान बेहरदीन और वीस खाता खोले बगैर पवेलियन लौटे। बेहरादीन को रिमिंग्टन ने विकेट कीपर रोंची के हाथों कैच कराया जबकि वीस को उन्होंने बोल्ड किया। मर्वे एक रन पर नाबाद लौटे। स्कॉचर्स की ओर से रिमिंग्टन ने दो जबकि बीयर और मेनी ने एक-एक विकेट झटका। फरहान बेहरदीन और वीस खाता खोले बगैर पवेलियन लौटे। बेहरादीन को रिमिंग्टन ने विकेट कीपर रोंची के हाथों कैच कराया जबकि वीस को उन्होंने बोल्ड किया। मर्वे एक रन पर नाबाद लौटे। स्कॉचर्स की ओर से रिमिंग्टन ने दो जबकि बीयर और मेनी ने एक-एक विकेट झटका। स्कॉचर्स की ओर से रिमिंग्टन ने दो जबकि बीयर और मेनी ने एक-एक विकेट झटका।
संक्षिप्त पाठ: रुडॉल्फ और डेविड्स के बीच हुई पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी के बाद डिविलियर्स (16/3) की घातक गेंदबाजी की बदौलत द. अफ्रीका की टाइटंस ने चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट के मुख्य दौर के अपने पहले मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया की पर्थ स्कॉर्चर्स को 3
14
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट से राहत भरी खबर है. आपराधिक मानहानि के मामले में कोर्ट से राहत मिल सकती है और मुकदमा रद्द हो सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हम मानते हैं कि राहुल गांधी ने कहा है कि उन्होंने महात्मा गांधी की हत्या के लिए RSS संस्थान को हत्यारा नहीं कहा था, सिर्फ जुड़े लोगों के लिए कहा था. ऐसे में RSS के लिए मानहानि वाली बात नहीं लगती. याचिकाकर्ता ने वक्त मांगा है. इस मामले की अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट 1 सितंबर को करेगा. महात्मा गांधी की हत्या में RSS के लोगों का हाथ बताने वाले बयान पर राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि के मामले में सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई है. राहुल गांधी ने अपने खिलाफ ट्रायल रद्द करने की मांग की है. सुप्रीम कोर्ट कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई कर रहा है. राहुल गांधी ने अपने खिलाफ महाराष्ट्र की एक निचली अदालत में चल रहे आपराधिक मानहानि से जुड़े एक मामले को रद्द करने की मांग की है. इससे पहले वह कोर्ट के माफी मांगने के प्रस्ताव को ठुकरा चुके हैं. राहुल की ओर से दलील दी गई कि उन्होंने जो कहा वो महात्मा गांधी की हत्या के ट्रायल पर आधारित है. टिप्पणियां दरअसल 2014 में महात्मा गांधी की हत्या का आरोप कथित रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर लगाने के संबंध में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का यह मामला दाखिल किया गया था. संघ की भिवंडी इकाई के सचिव राजेश कुंटे ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने सोनाले में 6 मार्च 2014 को एक चुनावी रैली में कहा था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने गांधी जी की हत्या की. कुंटे ने कहा कि कांग्रेस के नेता ने अपने भाषण के जरिए संघ की प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाने की कोशिश की. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि नाथूराम गोडसे ने गांधीजी को मारा, RSS के लोगों ने गांधीजी को मारा, इन दोनों बातों में बहुत फर्क है. जब आप किसी व्यक्ति विशेष के बारे में बोलते हैं तो सतर्क रहना चाहिए. आप किसी की सामूहिक निंदा नहीं कर सकते. हम सिर्फ ये जांच कर रहे हैं कि राहुल गांधी ने जो बयान दिए क्या वह मानहानि के दायरे में हैं या नहीं. कोर्ट ने कहा था कि आपको केस में ट्रायल फेस करना चाहिए. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने भिवंडी कोर्ट के मामले की पुलिस से रिपोर्ट मांगने पर भी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि मानहानि के मामलों में पुलिस की कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हम मानते हैं कि राहुल गांधी ने कहा है कि उन्होंने महात्मा गांधी की हत्या के लिए RSS संस्थान को हत्यारा नहीं कहा था, सिर्फ जुड़े लोगों के लिए कहा था. ऐसे में RSS के लिए मानहानि वाली बात नहीं लगती. याचिकाकर्ता ने वक्त मांगा है. इस मामले की अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट 1 सितंबर को करेगा. महात्मा गांधी की हत्या में RSS के लोगों का हाथ बताने वाले बयान पर राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि के मामले में सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई है. राहुल गांधी ने अपने खिलाफ ट्रायल रद्द करने की मांग की है. सुप्रीम कोर्ट कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई कर रहा है. राहुल गांधी ने अपने खिलाफ महाराष्ट्र की एक निचली अदालत में चल रहे आपराधिक मानहानि से जुड़े एक मामले को रद्द करने की मांग की है. इससे पहले वह कोर्ट के माफी मांगने के प्रस्ताव को ठुकरा चुके हैं. राहुल की ओर से दलील दी गई कि उन्होंने जो कहा वो महात्मा गांधी की हत्या के ट्रायल पर आधारित है. टिप्पणियां दरअसल 2014 में महात्मा गांधी की हत्या का आरोप कथित रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर लगाने के संबंध में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का यह मामला दाखिल किया गया था. संघ की भिवंडी इकाई के सचिव राजेश कुंटे ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने सोनाले में 6 मार्च 2014 को एक चुनावी रैली में कहा था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने गांधी जी की हत्या की. कुंटे ने कहा कि कांग्रेस के नेता ने अपने भाषण के जरिए संघ की प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाने की कोशिश की. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि नाथूराम गोडसे ने गांधीजी को मारा, RSS के लोगों ने गांधीजी को मारा, इन दोनों बातों में बहुत फर्क है. जब आप किसी व्यक्ति विशेष के बारे में बोलते हैं तो सतर्क रहना चाहिए. आप किसी की सामूहिक निंदा नहीं कर सकते. हम सिर्फ ये जांच कर रहे हैं कि राहुल गांधी ने जो बयान दिए क्या वह मानहानि के दायरे में हैं या नहीं. कोर्ट ने कहा था कि आपको केस में ट्रायल फेस करना चाहिए. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने भिवंडी कोर्ट के मामले की पुलिस से रिपोर्ट मांगने पर भी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि मानहानि के मामलों में पुलिस की कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए. महात्मा गांधी की हत्या में RSS के लोगों का हाथ बताने वाले बयान पर राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि के मामले में सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई है. राहुल गांधी ने अपने खिलाफ ट्रायल रद्द करने की मांग की है. सुप्रीम कोर्ट कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई कर रहा है. राहुल गांधी ने अपने खिलाफ महाराष्ट्र की एक निचली अदालत में चल रहे आपराधिक मानहानि से जुड़े एक मामले को रद्द करने की मांग की है. इससे पहले वह कोर्ट के माफी मांगने के प्रस्ताव को ठुकरा चुके हैं. राहुल की ओर से दलील दी गई कि उन्होंने जो कहा वो महात्मा गांधी की हत्या के ट्रायल पर आधारित है. टिप्पणियां दरअसल 2014 में महात्मा गांधी की हत्या का आरोप कथित रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर लगाने के संबंध में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का यह मामला दाखिल किया गया था. संघ की भिवंडी इकाई के सचिव राजेश कुंटे ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने सोनाले में 6 मार्च 2014 को एक चुनावी रैली में कहा था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने गांधी जी की हत्या की. कुंटे ने कहा कि कांग्रेस के नेता ने अपने भाषण के जरिए संघ की प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाने की कोशिश की. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि नाथूराम गोडसे ने गांधीजी को मारा, RSS के लोगों ने गांधीजी को मारा, इन दोनों बातों में बहुत फर्क है. जब आप किसी व्यक्ति विशेष के बारे में बोलते हैं तो सतर्क रहना चाहिए. आप किसी की सामूहिक निंदा नहीं कर सकते. हम सिर्फ ये जांच कर रहे हैं कि राहुल गांधी ने जो बयान दिए क्या वह मानहानि के दायरे में हैं या नहीं. कोर्ट ने कहा था कि आपको केस में ट्रायल फेस करना चाहिए. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने भिवंडी कोर्ट के मामले की पुलिस से रिपोर्ट मांगने पर भी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि मानहानि के मामलों में पुलिस की कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई कर रहा है. राहुल गांधी ने अपने खिलाफ महाराष्ट्र की एक निचली अदालत में चल रहे आपराधिक मानहानि से जुड़े एक मामले को रद्द करने की मांग की है. इससे पहले वह कोर्ट के माफी मांगने के प्रस्ताव को ठुकरा चुके हैं. राहुल की ओर से दलील दी गई कि उन्होंने जो कहा वो महात्मा गांधी की हत्या के ट्रायल पर आधारित है. टिप्पणियां दरअसल 2014 में महात्मा गांधी की हत्या का आरोप कथित रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर लगाने के संबंध में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का यह मामला दाखिल किया गया था. संघ की भिवंडी इकाई के सचिव राजेश कुंटे ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने सोनाले में 6 मार्च 2014 को एक चुनावी रैली में कहा था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने गांधी जी की हत्या की. कुंटे ने कहा कि कांग्रेस के नेता ने अपने भाषण के जरिए संघ की प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाने की कोशिश की. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि नाथूराम गोडसे ने गांधीजी को मारा, RSS के लोगों ने गांधीजी को मारा, इन दोनों बातों में बहुत फर्क है. जब आप किसी व्यक्ति विशेष के बारे में बोलते हैं तो सतर्क रहना चाहिए. आप किसी की सामूहिक निंदा नहीं कर सकते. हम सिर्फ ये जांच कर रहे हैं कि राहुल गांधी ने जो बयान दिए क्या वह मानहानि के दायरे में हैं या नहीं. कोर्ट ने कहा था कि आपको केस में ट्रायल फेस करना चाहिए. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने भिवंडी कोर्ट के मामले की पुलिस से रिपोर्ट मांगने पर भी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि मानहानि के मामलों में पुलिस की कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए. दरअसल 2014 में महात्मा गांधी की हत्या का आरोप कथित रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर लगाने के संबंध में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का यह मामला दाखिल किया गया था. संघ की भिवंडी इकाई के सचिव राजेश कुंटे ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने सोनाले में 6 मार्च 2014 को एक चुनावी रैली में कहा था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने गांधी जी की हत्या की. कुंटे ने कहा कि कांग्रेस के नेता ने अपने भाषण के जरिए संघ की प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाने की कोशिश की. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि नाथूराम गोडसे ने गांधीजी को मारा, RSS के लोगों ने गांधीजी को मारा, इन दोनों बातों में बहुत फर्क है. जब आप किसी व्यक्ति विशेष के बारे में बोलते हैं तो सतर्क रहना चाहिए. आप किसी की सामूहिक निंदा नहीं कर सकते. हम सिर्फ ये जांच कर रहे हैं कि राहुल गांधी ने जो बयान दिए क्या वह मानहानि के दायरे में हैं या नहीं. कोर्ट ने कहा था कि आपको केस में ट्रायल फेस करना चाहिए. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने भिवंडी कोर्ट के मामले की पुलिस से रिपोर्ट मांगने पर भी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि मानहानि के मामलों में पुलिस की कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि नाथूराम गोडसे ने गांधीजी को मारा, RSS के लोगों ने गांधीजी को मारा, इन दोनों बातों में बहुत फर्क है. जब आप किसी व्यक्ति विशेष के बारे में बोलते हैं तो सतर्क रहना चाहिए. आप किसी की सामूहिक निंदा नहीं कर सकते. हम सिर्फ ये जांच कर रहे हैं कि राहुल गांधी ने जो बयान दिए क्या वह मानहानि के दायरे में हैं या नहीं. कोर्ट ने कहा था कि आपको केस में ट्रायल फेस करना चाहिए. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने भिवंडी कोर्ट के मामले की पुलिस से रिपोर्ट मांगने पर भी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि मानहानि के मामलों में पुलिस की कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए.
सारांश: उन्होंने महात्मा गांधी की हत्या के लिए RSS संस्थान को हत्यारा नहीं कहा था इस मामले की अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट 1 सितंबर को करेगा. राहुल गांधी ने अपने खिलाफ ट्रायल रद्द करने की मांग की है
20
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: महत्वपूर्ण जगहों या बाजारों में पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा द्वारा संभावित हमले का प्रयास करने की खुफिया खबरों के बाद राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पुलिस को जो अलर्ट जारी किया गया है, उसमें लश्कर संस्थापक हाफिज सईद के भाषण के एक पैरा का हवाला दिया गया है। यह भाषण पिछले महीने पाकिस्तान में दिया गया था, जिसमें उसने खुले तौर पर धमकी दी थी कि उसके आतंकवादी दिल्ली में हमला करेंगे। यह सूचना दिल्ली पुलिस के साथ साझा की गई और पुलिस ने बाजारों, महत्वपूर्ण सरकारी एवं निजी इमारतों पर तत्काल सुरक्षा कड़ी कर दी। सूत्रों ने बताया कि बाजारों और शापिंग मॉल में जगह-जगह सीसीटीवी लगाए गए हैं। पुलिस इन पर कड़ी नजर रख रही है। दिल्ली के पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी ने हालांकि शहर में सुरक्षा कड़ी करने की बात को कोई खास तवज्जो नहीं दी। उन्होंने कहा कि पुलिस बल स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर सुरक्षा इंतजाम की लगातार समीक्षा करता आ रहा है। उन्होंने कहा, स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों के तहत हम कड़ी सतर्कता बरत रहे हैं। यह पूछने पर कि क्या पुलिस को खुफिया एजेंसियों से लश्कर द्वारा कोई संभावित आतंकी हमला करने की खबर मिली है, उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि शहर में फूलप्रूफ सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जो भी सुरक्षा उपाय किए जाने हैं, हम कर रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि संसद परिसर, अंतरराष्ट्रीय हवाई अडडा, रेलवे स्टेशन, अंतर राज्यीय बस टर्मिनस और मेट्रो स्टेशनों जैसे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। दिल्ली की अन्य राज्यों से लगी सीमाओं पर भी चेकिंग बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा आतंकी गुट द्वारा हमले की आशंका संबंधी सूचना के मद्देनजर भारतीय तटरक्षक ने देश के पश्चिमी तट के पास सुरक्षा बढ़ा दी है।  मुंबई में तटरक्षक के एक अधिकारी ने कहा, पश्चिमी तट के करीब हमने चौकसी और गश्त गतिविधियां तेज कर दी है। लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और 26/11 हमले के साजिशकर्ता हाफिज सईद द्वारा राष्ट्रीय राजधानी में लाल किला और अन्य जगहों को निशाना बनाए जाने संबंधी योजना पर केंद्रीय एजेसियों की तरफ से जारी अलर्ट के मद्देनजर सुरक्षा बढ़ाई गई है।टिप्पणियां हालांकि, तटरक्षक अधिकारियों ने सुरक्षा उद्देश्यों से तैनात किए जाने वाले पोत की संख्या के बारे में कुछ नहीं बताया। उन्होंने कहा कि नौसेना की सहायता से गुजरात और गोवा तट के करीब सुरक्षा बढ़ा दी गई है।(चित्र परिचय : हाफिज सईद लाहौर में ईद के मौके पर लोगों से हाथ मिलाता हुआ) पुलिस को जो अलर्ट जारी किया गया है, उसमें लश्कर संस्थापक हाफिज सईद के भाषण के एक पैरा का हवाला दिया गया है। यह भाषण पिछले महीने पाकिस्तान में दिया गया था, जिसमें उसने खुले तौर पर धमकी दी थी कि उसके आतंकवादी दिल्ली में हमला करेंगे। यह सूचना दिल्ली पुलिस के साथ साझा की गई और पुलिस ने बाजारों, महत्वपूर्ण सरकारी एवं निजी इमारतों पर तत्काल सुरक्षा कड़ी कर दी। सूत्रों ने बताया कि बाजारों और शापिंग मॉल में जगह-जगह सीसीटीवी लगाए गए हैं। पुलिस इन पर कड़ी नजर रख रही है। दिल्ली के पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी ने हालांकि शहर में सुरक्षा कड़ी करने की बात को कोई खास तवज्जो नहीं दी। उन्होंने कहा कि पुलिस बल स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर सुरक्षा इंतजाम की लगातार समीक्षा करता आ रहा है। उन्होंने कहा, स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों के तहत हम कड़ी सतर्कता बरत रहे हैं। यह पूछने पर कि क्या पुलिस को खुफिया एजेंसियों से लश्कर द्वारा कोई संभावित आतंकी हमला करने की खबर मिली है, उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि शहर में फूलप्रूफ सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जो भी सुरक्षा उपाय किए जाने हैं, हम कर रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि संसद परिसर, अंतरराष्ट्रीय हवाई अडडा, रेलवे स्टेशन, अंतर राज्यीय बस टर्मिनस और मेट्रो स्टेशनों जैसे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। दिल्ली की अन्य राज्यों से लगी सीमाओं पर भी चेकिंग बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा आतंकी गुट द्वारा हमले की आशंका संबंधी सूचना के मद्देनजर भारतीय तटरक्षक ने देश के पश्चिमी तट के पास सुरक्षा बढ़ा दी है।  मुंबई में तटरक्षक के एक अधिकारी ने कहा, पश्चिमी तट के करीब हमने चौकसी और गश्त गतिविधियां तेज कर दी है। लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और 26/11 हमले के साजिशकर्ता हाफिज सईद द्वारा राष्ट्रीय राजधानी में लाल किला और अन्य जगहों को निशाना बनाए जाने संबंधी योजना पर केंद्रीय एजेसियों की तरफ से जारी अलर्ट के मद्देनजर सुरक्षा बढ़ाई गई है।टिप्पणियां हालांकि, तटरक्षक अधिकारियों ने सुरक्षा उद्देश्यों से तैनात किए जाने वाले पोत की संख्या के बारे में कुछ नहीं बताया। उन्होंने कहा कि नौसेना की सहायता से गुजरात और गोवा तट के करीब सुरक्षा बढ़ा दी गई है।(चित्र परिचय : हाफिज सईद लाहौर में ईद के मौके पर लोगों से हाथ मिलाता हुआ) यह सूचना दिल्ली पुलिस के साथ साझा की गई और पुलिस ने बाजारों, महत्वपूर्ण सरकारी एवं निजी इमारतों पर तत्काल सुरक्षा कड़ी कर दी। सूत्रों ने बताया कि बाजारों और शापिंग मॉल में जगह-जगह सीसीटीवी लगाए गए हैं। पुलिस इन पर कड़ी नजर रख रही है। दिल्ली के पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी ने हालांकि शहर में सुरक्षा कड़ी करने की बात को कोई खास तवज्जो नहीं दी। उन्होंने कहा कि पुलिस बल स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर सुरक्षा इंतजाम की लगातार समीक्षा करता आ रहा है। उन्होंने कहा, स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों के तहत हम कड़ी सतर्कता बरत रहे हैं। यह पूछने पर कि क्या पुलिस को खुफिया एजेंसियों से लश्कर द्वारा कोई संभावित आतंकी हमला करने की खबर मिली है, उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि शहर में फूलप्रूफ सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जो भी सुरक्षा उपाय किए जाने हैं, हम कर रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि संसद परिसर, अंतरराष्ट्रीय हवाई अडडा, रेलवे स्टेशन, अंतर राज्यीय बस टर्मिनस और मेट्रो स्टेशनों जैसे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। दिल्ली की अन्य राज्यों से लगी सीमाओं पर भी चेकिंग बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा आतंकी गुट द्वारा हमले की आशंका संबंधी सूचना के मद्देनजर भारतीय तटरक्षक ने देश के पश्चिमी तट के पास सुरक्षा बढ़ा दी है।  मुंबई में तटरक्षक के एक अधिकारी ने कहा, पश्चिमी तट के करीब हमने चौकसी और गश्त गतिविधियां तेज कर दी है। लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और 26/11 हमले के साजिशकर्ता हाफिज सईद द्वारा राष्ट्रीय राजधानी में लाल किला और अन्य जगहों को निशाना बनाए जाने संबंधी योजना पर केंद्रीय एजेसियों की तरफ से जारी अलर्ट के मद्देनजर सुरक्षा बढ़ाई गई है।टिप्पणियां हालांकि, तटरक्षक अधिकारियों ने सुरक्षा उद्देश्यों से तैनात किए जाने वाले पोत की संख्या के बारे में कुछ नहीं बताया। उन्होंने कहा कि नौसेना की सहायता से गुजरात और गोवा तट के करीब सुरक्षा बढ़ा दी गई है।(चित्र परिचय : हाफिज सईद लाहौर में ईद के मौके पर लोगों से हाथ मिलाता हुआ) दिल्ली के पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी ने हालांकि शहर में सुरक्षा कड़ी करने की बात को कोई खास तवज्जो नहीं दी। उन्होंने कहा कि पुलिस बल स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर सुरक्षा इंतजाम की लगातार समीक्षा करता आ रहा है। उन्होंने कहा, स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों के तहत हम कड़ी सतर्कता बरत रहे हैं। यह पूछने पर कि क्या पुलिस को खुफिया एजेंसियों से लश्कर द्वारा कोई संभावित आतंकी हमला करने की खबर मिली है, उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि शहर में फूलप्रूफ सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जो भी सुरक्षा उपाय किए जाने हैं, हम कर रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि संसद परिसर, अंतरराष्ट्रीय हवाई अडडा, रेलवे स्टेशन, अंतर राज्यीय बस टर्मिनस और मेट्रो स्टेशनों जैसे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। दिल्ली की अन्य राज्यों से लगी सीमाओं पर भी चेकिंग बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा आतंकी गुट द्वारा हमले की आशंका संबंधी सूचना के मद्देनजर भारतीय तटरक्षक ने देश के पश्चिमी तट के पास सुरक्षा बढ़ा दी है।  मुंबई में तटरक्षक के एक अधिकारी ने कहा, पश्चिमी तट के करीब हमने चौकसी और गश्त गतिविधियां तेज कर दी है। लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और 26/11 हमले के साजिशकर्ता हाफिज सईद द्वारा राष्ट्रीय राजधानी में लाल किला और अन्य जगहों को निशाना बनाए जाने संबंधी योजना पर केंद्रीय एजेसियों की तरफ से जारी अलर्ट के मद्देनजर सुरक्षा बढ़ाई गई है।टिप्पणियां हालांकि, तटरक्षक अधिकारियों ने सुरक्षा उद्देश्यों से तैनात किए जाने वाले पोत की संख्या के बारे में कुछ नहीं बताया। उन्होंने कहा कि नौसेना की सहायता से गुजरात और गोवा तट के करीब सुरक्षा बढ़ा दी गई है।(चित्र परिचय : हाफिज सईद लाहौर में ईद के मौके पर लोगों से हाथ मिलाता हुआ) एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि शहर में फूलप्रूफ सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जो भी सुरक्षा उपाय किए जाने हैं, हम कर रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि संसद परिसर, अंतरराष्ट्रीय हवाई अडडा, रेलवे स्टेशन, अंतर राज्यीय बस टर्मिनस और मेट्रो स्टेशनों जैसे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। दिल्ली की अन्य राज्यों से लगी सीमाओं पर भी चेकिंग बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा आतंकी गुट द्वारा हमले की आशंका संबंधी सूचना के मद्देनजर भारतीय तटरक्षक ने देश के पश्चिमी तट के पास सुरक्षा बढ़ा दी है।  मुंबई में तटरक्षक के एक अधिकारी ने कहा, पश्चिमी तट के करीब हमने चौकसी और गश्त गतिविधियां तेज कर दी है। लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और 26/11 हमले के साजिशकर्ता हाफिज सईद द्वारा राष्ट्रीय राजधानी में लाल किला और अन्य जगहों को निशाना बनाए जाने संबंधी योजना पर केंद्रीय एजेसियों की तरफ से जारी अलर्ट के मद्देनजर सुरक्षा बढ़ाई गई है।टिप्पणियां हालांकि, तटरक्षक अधिकारियों ने सुरक्षा उद्देश्यों से तैनात किए जाने वाले पोत की संख्या के बारे में कुछ नहीं बताया। उन्होंने कहा कि नौसेना की सहायता से गुजरात और गोवा तट के करीब सुरक्षा बढ़ा दी गई है।(चित्र परिचय : हाफिज सईद लाहौर में ईद के मौके पर लोगों से हाथ मिलाता हुआ) सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा आतंकी गुट द्वारा हमले की आशंका संबंधी सूचना के मद्देनजर भारतीय तटरक्षक ने देश के पश्चिमी तट के पास सुरक्षा बढ़ा दी है।  मुंबई में तटरक्षक के एक अधिकारी ने कहा, पश्चिमी तट के करीब हमने चौकसी और गश्त गतिविधियां तेज कर दी है। लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और 26/11 हमले के साजिशकर्ता हाफिज सईद द्वारा राष्ट्रीय राजधानी में लाल किला और अन्य जगहों को निशाना बनाए जाने संबंधी योजना पर केंद्रीय एजेसियों की तरफ से जारी अलर्ट के मद्देनजर सुरक्षा बढ़ाई गई है।टिप्पणियां हालांकि, तटरक्षक अधिकारियों ने सुरक्षा उद्देश्यों से तैनात किए जाने वाले पोत की संख्या के बारे में कुछ नहीं बताया। उन्होंने कहा कि नौसेना की सहायता से गुजरात और गोवा तट के करीब सुरक्षा बढ़ा दी गई है।(चित्र परिचय : हाफिज सईद लाहौर में ईद के मौके पर लोगों से हाथ मिलाता हुआ) हालांकि, तटरक्षक अधिकारियों ने सुरक्षा उद्देश्यों से तैनात किए जाने वाले पोत की संख्या के बारे में कुछ नहीं बताया। उन्होंने कहा कि नौसेना की सहायता से गुजरात और गोवा तट के करीब सुरक्षा बढ़ा दी गई है।(चित्र परिचय : हाफिज सईद लाहौर में ईद के मौके पर लोगों से हाथ मिलाता हुआ) (चित्र परिचय : हाफिज सईद लाहौर में ईद के मौके पर लोगों से हाथ मिलाता हुआ)
संक्षिप्त सारांश: जो अलर्ट जारी किया गया है, उसमें लश्कर संस्थापक हाफिज सईद के भाषण के एक पैरा का हवाला दिया गया है। यह भाषण पिछले महीने पाकिस्तान में दिया गया था, जिसमें सईद ने खुले तौर पर धमकी दी थी कि उसके आतंकवादी दिल्ली में हमला करेंगे।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सशक्त लोकपाल विधेयक की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर 11 दिसंबर को अनशन पर बैठने जा रहे सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे को अपने ब्लॉगर सहित अन्य विरोधियों का सामना करना पड़ सकता है। उनके विरोधी वहीं पर तीन दिवसीय विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की योजना बना रहे हैं। हजारे के पूर्व ब्लॉगर राजू पारूलेकर ने आज कहा कि 10 दिसंबर से देश के विभिन्न भागों के युवा जंतर-मंतर पर हजारे और उनके समर्थकों के खिलाफ तीन दिवसीय विरोध प्रदर्शन में आएंगे। लोकपाल विधेयक के प्रावधानों को कथित तौर पर कमजोर करने के खिलाफ हजारे 11 दिसंबर को जंतर-मंतर पर उपवास करेंगे। उन्होंने कहा, कार्यकर्ता हजारे का आमने-सामने सामना करेंगे। वे टीम अन्ना की जोर जबर्दस्ती वाली कार्यप्रणाली पर सवाल उठाएंगे। वे हजारे से उनकी टीम में किरण बेदी के बने रहने पर उनका दृष्टिकोण पूछेंगे, जिनके खिलाफ मामला चल रहा है। टीम पुनर्गठन पर हजारे से अलग होने वाले पारूलेकर ने कहा कि प्रदर्शनकारी अरविंद केजरीवाल के वित्तीय लेन-देन के बारे में भी सवाल उठाएंगे। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह तीन दिवसीय विरोध प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लेंगे, लेकिन 23 दिसंबर से शुरू होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे, जिसमें कार्यकर्ता टीम अन्ना सदस्य अरविंद केजरीवाल और प्रशांत भूषण के आवास का घेराव करेंगे।
11 दिसंबर को अनशन पर बैठने जा रहे अन्ना हजारे को अपने ब्लॉगर सहित अन्य विरोधियों का सामना करना पड़ सकता है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली के राजोरी गार्डन में पुलिस ने एक ऐसे शातिर को गिरफ्तार किया है जो एटीएम से एक खास तरीके से पैसे निकालता था खास बात ये होती थी कि पैसे एटीएम से तो निकल जाते लेकिन अकाउंट से नहीं निकलते थे. पुलिस की गिरफ्त में आए शख्स जिसका नाम दिनेश कुमार लाल है जिसने एमबीए की डिग्री हासिल की है और एक प्राइवेट कंपनी में बतौर ऑडिटर के तौर पर काम करता है जिसका काम बैंक एटीएम में कैश जमा कराना था. लेकिन दिनेश ने यूट्यूब पर एटीएम से पैसे निकलने का एक ऐसा शातिर तरीका खोज निकाला जिसको जानकर पुलिस के भी होश उड़ गए और उस नायाब तरीके से उसने बैंक को हजारों में नहीं बल्कि पूरे 21 लाख रुपए का चूना लगा दिया.टिप्पणियां यूट्यूब से दिनेश को पता चल गया था कि अगर पैसा निकालते वक़्त एटीएम में लगे सेंसर को धोखा दे दिया जाए तो पैसा तो निकल जाएगा लेकिन वो अकाउंट से नहीं कटेगा. आपको बता दे दिनेश एटीएम से पैसा निकालते वक़्त जैसे ही पैसा निकलता था. ऊपर और नीचे का आखिरी नोट छोड़कर बीच के सारे नोट पकड़ लेता था और पकड़े हुए नोट को तब तक खींचता नहीं था, जब तक टाइम आउट न हो जाए. एक पर्टिकुलर समय तक जब नोट को कोई नहीं निकलता या खींचता है तो एटीएम पैसा वापिस अंदर खींच लेता है. इसी का फ़ायदा उठाता था दिनेश और जैसे ही टाइम आउट होता था ये बीच के पकड़े नोट बाहर खींच लेता था. जालसाजी को करने के लिए दिनेश एक ख़ास गत्ते का भी इस्तेमाल करता था. दिनेश ने पिछले 8 महीने में 200 से ज्यादा बार ट्रांजेक्शन किए. हर बार पैसे निकालकर उसे डिक्लाइन करवा देता था. राजोरी गार्डन के यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया के बैंक का जब ऑडिट हुआ तब 21 लाख की गड़बड़ी सामने आई. जिसकी शिकायत पुलिस से की गई तो सीसीटीवी और बैंक ऑडिट डिटेल्स के जरिये पुलिस दिनेश तक पहुंच गई. पुलिस ने दिनेश के पास से 8 एटीएम कार्ड बरामद कर लिए हैं. पुलिस को लगता है कि इसने ओर भी कई बैंको को इसी तरह चूना लगाया है. यूट्यूब से दिनेश को पता चल गया था कि अगर पैसा निकालते वक़्त एटीएम में लगे सेंसर को धोखा दे दिया जाए तो पैसा तो निकल जाएगा लेकिन वो अकाउंट से नहीं कटेगा. आपको बता दे दिनेश एटीएम से पैसा निकालते वक़्त जैसे ही पैसा निकलता था. ऊपर और नीचे का आखिरी नोट छोड़कर बीच के सारे नोट पकड़ लेता था और पकड़े हुए नोट को तब तक खींचता नहीं था, जब तक टाइम आउट न हो जाए. एक पर्टिकुलर समय तक जब नोट को कोई नहीं निकलता या खींचता है तो एटीएम पैसा वापिस अंदर खींच लेता है. इसी का फ़ायदा उठाता था दिनेश और जैसे ही टाइम आउट होता था ये बीच के पकड़े नोट बाहर खींच लेता था. जालसाजी को करने के लिए दिनेश एक ख़ास गत्ते का भी इस्तेमाल करता था. दिनेश ने पिछले 8 महीने में 200 से ज्यादा बार ट्रांजेक्शन किए. हर बार पैसे निकालकर उसे डिक्लाइन करवा देता था. राजोरी गार्डन के यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया के बैंक का जब ऑडिट हुआ तब 21 लाख की गड़बड़ी सामने आई. जिसकी शिकायत पुलिस से की गई तो सीसीटीवी और बैंक ऑडिट डिटेल्स के जरिये पुलिस दिनेश तक पहुंच गई. पुलिस ने दिनेश के पास से 8 एटीएम कार्ड बरामद कर लिए हैं. पुलिस को लगता है कि इसने ओर भी कई बैंको को इसी तरह चूना लगाया है. दिनेश ने पिछले 8 महीने में 200 से ज्यादा बार ट्रांजेक्शन किए. हर बार पैसे निकालकर उसे डिक्लाइन करवा देता था. राजोरी गार्डन के यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया के बैंक का जब ऑडिट हुआ तब 21 लाख की गड़बड़ी सामने आई. जिसकी शिकायत पुलिस से की गई तो सीसीटीवी और बैंक ऑडिट डिटेल्स के जरिये पुलिस दिनेश तक पहुंच गई. पुलिस ने दिनेश के पास से 8 एटीएम कार्ड बरामद कर लिए हैं. पुलिस को लगता है कि इसने ओर भी कई बैंको को इसी तरह चूना लगाया है.
संक्षिप्त सारांश: एटीएम से एक खास तरीके से पैसे निकालता था आरोपी दिनेश कुमार लाल पैसे एटीएम से तो निकल जाते लेकिन अकाउंट से नहीं निकलते थे एक प्राइवेट कंपनी में बतौर ऑडिटर के तौर पर काम करता था
29
['hin']