inputs stringlengths 800 163k | targets stringlengths 20 291 | template_id int64 0 34 | template_lang stringclasses 1 value |
|---|---|---|---|
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में मंगलवार को तेजी का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 387.13 अंकों की तेजी के साथ 18,744.93 पर और निफ्टी 120.55 अंकों की तेजी के साथ 5,688.95 पर बंद हुआ।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1.48 अंकों की गिरावट के साथ सुबह 18,356.32 पर खुला और 387.13 अंकों यानी 2.11 फीसदी की तेजी के साथ 18,744.93 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 18,771.33 के ऊपरी और 18,325.73 के निचले स्तर को स्पर्श किया।
बीएसई के 30 में से 28 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। मारुति सुजुकी (4.23 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (3.95 फीसदी), ओएनजीसी (3.87 फीसदी), एचडीएफसी (3.84 फीसदी) और डॉ रेड्डीज लैब (3.56 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। इंफोसिस (1.71फीसदी) और स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (1.28 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई।टिप्पणियां
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 5.95 अंकों की गिरावट के साथ 5,562.45 पर खुला और 120.55 अंकों यानी 2.16 फीसदी की तेजी के साथ 5,688.95 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,699.25 के ऊपरी और 5,555.85 के निचले स्तर को स्पर्श किया।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 52.74 अंकोंकी तेजी के साथ 6,161.39 पर और स्मॉॅलकैप 25.19 अंकों की तेजी के साथ 5,922.71 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। बैंकिंग (2.94 फीसदी), वाहन (2.54 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (2.53 फीसदी), बिजली (2.42 फीसदी) और रियलिटी (2.29 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
सूचना प्रौद्योगिकी (0.50 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.09 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1338 शेयरों में तेजी और 1022 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 149 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
बीएसई के 30 में से 28 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। मारुति सुजुकी (4.23 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (3.95 फीसदी), ओएनजीसी (3.87 फीसदी), एचडीएफसी (3.84 फीसदी) और डॉ रेड्डीज लैब (3.56 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। इंफोसिस (1.71फीसदी) और स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (1.28 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई।टिप्पणियां
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 5.95 अंकों की गिरावट के साथ 5,562.45 पर खुला और 120.55 अंकों यानी 2.16 फीसदी की तेजी के साथ 5,688.95 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,699.25 के ऊपरी और 5,555.85 के निचले स्तर को स्पर्श किया।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 52.74 अंकोंकी तेजी के साथ 6,161.39 पर और स्मॉॅलकैप 25.19 अंकों की तेजी के साथ 5,922.71 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। बैंकिंग (2.94 फीसदी), वाहन (2.54 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (2.53 फीसदी), बिजली (2.42 फीसदी) और रियलिटी (2.29 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
सूचना प्रौद्योगिकी (0.50 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.09 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1338 शेयरों में तेजी और 1022 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 149 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 5.95 अंकों की गिरावट के साथ 5,562.45 पर खुला और 120.55 अंकों यानी 2.16 फीसदी की तेजी के साथ 5,688.95 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,699.25 के ऊपरी और 5,555.85 के निचले स्तर को स्पर्श किया।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 52.74 अंकोंकी तेजी के साथ 6,161.39 पर और स्मॉॅलकैप 25.19 अंकों की तेजी के साथ 5,922.71 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। बैंकिंग (2.94 फीसदी), वाहन (2.54 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (2.53 फीसदी), बिजली (2.42 फीसदी) और रियलिटी (2.29 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
सूचना प्रौद्योगिकी (0.50 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.09 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1338 शेयरों में तेजी और 1022 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 149 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1338 शेयरों में तेजी और 1022 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 149 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: देश के शेयर बाजारों में मंगलवार को तेजी का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 387.13 अंकों की तेजी के साथ 18,744.93 पर और निफ्टी 120.55 अंकों की तेजी के साथ 5,688.95 पर बंद हुआ। | 19 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इंग्लैंड के ग्रीम स्वान को अपना आदर्श मानने वाले युवा ऑफ स्पिनर विकास दीक्षित ने गुरुवार को डीडीसीए लीग के दौरान एक पारी में 10 विकेट लेने का कारनामा कर दिखाया।
इस 16-वर्षीय क्रिकेटर का लक्ष्य लगातार अच्छा प्रदर्शन करके शीर्ष स्तर की क्रिकेट खेलना है। केजी कोल्ट्स की तरफ से खेलने वाले विकास ने डीटीसी के खिलाफ 27 रन देकर सभी 10 विकेट झटके और अपनी टीम को 222 रन से बड़ी जीत दिलाई।
भारतीय बल्लेबाज गौतम गंभीर भी विकास से खासे प्रभावित हैं। ऑलराउंडर विकास दीक्षित को भी विश्वास है कि वह अपने प्रेरणास्रोत गौतम गंभीर और कोच संजय भारद्वाज की अपेक्षाओं पर खरा उतरता रहेगा।
कुलाची हंसराज मॉडल स्कूल में 11वीं के छात्र विकास ने कहा, मैं बल्लेबाजी करते हुए केवल 33 रन बना पाया था। इससे काफी निराश था, लेकिन अब बहुत खुश हूं। सर (कोच भारद्वाज) ने कहा है कि शीर्ष स्तर की क्रिकेट खेलने के लिए मुझे लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। मैं आगे भी अच्छा प्रदर्शन करने के लिए कड़ी मेहनत करूंगा।
भारद्वाज भी अपने इस युवा शिष्य के प्रदर्शन से बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, गंभीर जब भी दिल्ली में अभ्यास करते है, तो विकास से ही गेंदबाजी करवाते हैं। गंभीर को भी लगता है कि इसमें शीर्ष स्तर की क्रिकेट खेलने की क्षमता है। टिप्पणियां
भारत नगर क्रिकेट अकादमी के मैदान पर खेले गए डीडीसीए लीग के इस मैच में केजी कोल्ट्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 45 ओवर में सात विकेट पर 309 रन बनाए। इसके जवाब में डीटीसी का स्कोर एक समय बिना किसी नुकसान के 62 रन था। इसके बाद विकास की फिरकी की जादू चला और डीटीसी की पूरी टीम 87 रन पर ढेर हो गई।
किसी एक पारी में सभी 10 विकेट चटकाने का कारनामा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब तक केवल दो बार हो पाया है। सबसे पहले वर्ष 1956 में इंग्लैंड के जिम लेकर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 53 रन देकर 10 विकेट हासिल किए थे, जबकि वर्ष 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में खेलते हुए अनिल कुंबले ने 74 रन देकर सारे पाकिस्तानी खिलाड़ियों को पैवेलियन लौटाया था।
इस 16-वर्षीय क्रिकेटर का लक्ष्य लगातार अच्छा प्रदर्शन करके शीर्ष स्तर की क्रिकेट खेलना है। केजी कोल्ट्स की तरफ से खेलने वाले विकास ने डीटीसी के खिलाफ 27 रन देकर सभी 10 विकेट झटके और अपनी टीम को 222 रन से बड़ी जीत दिलाई।
भारतीय बल्लेबाज गौतम गंभीर भी विकास से खासे प्रभावित हैं। ऑलराउंडर विकास दीक्षित को भी विश्वास है कि वह अपने प्रेरणास्रोत गौतम गंभीर और कोच संजय भारद्वाज की अपेक्षाओं पर खरा उतरता रहेगा।
कुलाची हंसराज मॉडल स्कूल में 11वीं के छात्र विकास ने कहा, मैं बल्लेबाजी करते हुए केवल 33 रन बना पाया था। इससे काफी निराश था, लेकिन अब बहुत खुश हूं। सर (कोच भारद्वाज) ने कहा है कि शीर्ष स्तर की क्रिकेट खेलने के लिए मुझे लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। मैं आगे भी अच्छा प्रदर्शन करने के लिए कड़ी मेहनत करूंगा।
भारद्वाज भी अपने इस युवा शिष्य के प्रदर्शन से बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, गंभीर जब भी दिल्ली में अभ्यास करते है, तो विकास से ही गेंदबाजी करवाते हैं। गंभीर को भी लगता है कि इसमें शीर्ष स्तर की क्रिकेट खेलने की क्षमता है। टिप्पणियां
भारत नगर क्रिकेट अकादमी के मैदान पर खेले गए डीडीसीए लीग के इस मैच में केजी कोल्ट्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 45 ओवर में सात विकेट पर 309 रन बनाए। इसके जवाब में डीटीसी का स्कोर एक समय बिना किसी नुकसान के 62 रन था। इसके बाद विकास की फिरकी की जादू चला और डीटीसी की पूरी टीम 87 रन पर ढेर हो गई।
किसी एक पारी में सभी 10 विकेट चटकाने का कारनामा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब तक केवल दो बार हो पाया है। सबसे पहले वर्ष 1956 में इंग्लैंड के जिम लेकर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 53 रन देकर 10 विकेट हासिल किए थे, जबकि वर्ष 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में खेलते हुए अनिल कुंबले ने 74 रन देकर सारे पाकिस्तानी खिलाड़ियों को पैवेलियन लौटाया था।
भारतीय बल्लेबाज गौतम गंभीर भी विकास से खासे प्रभावित हैं। ऑलराउंडर विकास दीक्षित को भी विश्वास है कि वह अपने प्रेरणास्रोत गौतम गंभीर और कोच संजय भारद्वाज की अपेक्षाओं पर खरा उतरता रहेगा।
कुलाची हंसराज मॉडल स्कूल में 11वीं के छात्र विकास ने कहा, मैं बल्लेबाजी करते हुए केवल 33 रन बना पाया था। इससे काफी निराश था, लेकिन अब बहुत खुश हूं। सर (कोच भारद्वाज) ने कहा है कि शीर्ष स्तर की क्रिकेट खेलने के लिए मुझे लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। मैं आगे भी अच्छा प्रदर्शन करने के लिए कड़ी मेहनत करूंगा।
भारद्वाज भी अपने इस युवा शिष्य के प्रदर्शन से बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, गंभीर जब भी दिल्ली में अभ्यास करते है, तो विकास से ही गेंदबाजी करवाते हैं। गंभीर को भी लगता है कि इसमें शीर्ष स्तर की क्रिकेट खेलने की क्षमता है। टिप्पणियां
भारत नगर क्रिकेट अकादमी के मैदान पर खेले गए डीडीसीए लीग के इस मैच में केजी कोल्ट्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 45 ओवर में सात विकेट पर 309 रन बनाए। इसके जवाब में डीटीसी का स्कोर एक समय बिना किसी नुकसान के 62 रन था। इसके बाद विकास की फिरकी की जादू चला और डीटीसी की पूरी टीम 87 रन पर ढेर हो गई।
किसी एक पारी में सभी 10 विकेट चटकाने का कारनामा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब तक केवल दो बार हो पाया है। सबसे पहले वर्ष 1956 में इंग्लैंड के जिम लेकर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 53 रन देकर 10 विकेट हासिल किए थे, जबकि वर्ष 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में खेलते हुए अनिल कुंबले ने 74 रन देकर सारे पाकिस्तानी खिलाड़ियों को पैवेलियन लौटाया था।
कुलाची हंसराज मॉडल स्कूल में 11वीं के छात्र विकास ने कहा, मैं बल्लेबाजी करते हुए केवल 33 रन बना पाया था। इससे काफी निराश था, लेकिन अब बहुत खुश हूं। सर (कोच भारद्वाज) ने कहा है कि शीर्ष स्तर की क्रिकेट खेलने के लिए मुझे लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। मैं आगे भी अच्छा प्रदर्शन करने के लिए कड़ी मेहनत करूंगा।
भारद्वाज भी अपने इस युवा शिष्य के प्रदर्शन से बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, गंभीर जब भी दिल्ली में अभ्यास करते है, तो विकास से ही गेंदबाजी करवाते हैं। गंभीर को भी लगता है कि इसमें शीर्ष स्तर की क्रिकेट खेलने की क्षमता है। टिप्पणियां
भारत नगर क्रिकेट अकादमी के मैदान पर खेले गए डीडीसीए लीग के इस मैच में केजी कोल्ट्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 45 ओवर में सात विकेट पर 309 रन बनाए। इसके जवाब में डीटीसी का स्कोर एक समय बिना किसी नुकसान के 62 रन था। इसके बाद विकास की फिरकी की जादू चला और डीटीसी की पूरी टीम 87 रन पर ढेर हो गई।
किसी एक पारी में सभी 10 विकेट चटकाने का कारनामा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब तक केवल दो बार हो पाया है। सबसे पहले वर्ष 1956 में इंग्लैंड के जिम लेकर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 53 रन देकर 10 विकेट हासिल किए थे, जबकि वर्ष 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में खेलते हुए अनिल कुंबले ने 74 रन देकर सारे पाकिस्तानी खिलाड़ियों को पैवेलियन लौटाया था।
भारद्वाज भी अपने इस युवा शिष्य के प्रदर्शन से बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, गंभीर जब भी दिल्ली में अभ्यास करते है, तो विकास से ही गेंदबाजी करवाते हैं। गंभीर को भी लगता है कि इसमें शीर्ष स्तर की क्रिकेट खेलने की क्षमता है। टिप्पणियां
भारत नगर क्रिकेट अकादमी के मैदान पर खेले गए डीडीसीए लीग के इस मैच में केजी कोल्ट्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 45 ओवर में सात विकेट पर 309 रन बनाए। इसके जवाब में डीटीसी का स्कोर एक समय बिना किसी नुकसान के 62 रन था। इसके बाद विकास की फिरकी की जादू चला और डीटीसी की पूरी टीम 87 रन पर ढेर हो गई।
किसी एक पारी में सभी 10 विकेट चटकाने का कारनामा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब तक केवल दो बार हो पाया है। सबसे पहले वर्ष 1956 में इंग्लैंड के जिम लेकर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 53 रन देकर 10 विकेट हासिल किए थे, जबकि वर्ष 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में खेलते हुए अनिल कुंबले ने 74 रन देकर सारे पाकिस्तानी खिलाड़ियों को पैवेलियन लौटाया था।
भारत नगर क्रिकेट अकादमी के मैदान पर खेले गए डीडीसीए लीग के इस मैच में केजी कोल्ट्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 45 ओवर में सात विकेट पर 309 रन बनाए। इसके जवाब में डीटीसी का स्कोर एक समय बिना किसी नुकसान के 62 रन था। इसके बाद विकास की फिरकी की जादू चला और डीटीसी की पूरी टीम 87 रन पर ढेर हो गई।
किसी एक पारी में सभी 10 विकेट चटकाने का कारनामा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब तक केवल दो बार हो पाया है। सबसे पहले वर्ष 1956 में इंग्लैंड के जिम लेकर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 53 रन देकर 10 विकेट हासिल किए थे, जबकि वर्ष 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में खेलते हुए अनिल कुंबले ने 74 रन देकर सारे पाकिस्तानी खिलाड़ियों को पैवेलियन लौटाया था।
किसी एक पारी में सभी 10 विकेट चटकाने का कारनामा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब तक केवल दो बार हो पाया है। सबसे पहले वर्ष 1956 में इंग्लैंड के जिम लेकर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 53 रन देकर 10 विकेट हासिल किए थे, जबकि वर्ष 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में खेलते हुए अनिल कुंबले ने 74 रन देकर सारे पाकिस्तानी खिलाड़ियों को पैवेलियन लौटाया था। | यहाँ एक सारांश है:इंग्लैंड के ग्रीम स्वान को अपना आदर्श मानने वाले युवा ऑफ स्पिनर विकास दीक्षित ने गुरुवार को डीडीसीए लीग के दौरान एक पारी में 10 विकेट लेने का कारनामा कर दिखाया। | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत के महेश भूपति और रोहन बोपन्ना की पांचवीं वरीयता प्राप्त जोड़ी को एटीपी वर्ल्ड टूर फाइनल्स टेनिस टूर्नामेंट के युगल स्पर्धा के फाइनल में हार का सामना करना पड़ा है।
एटीपी के मुताबिक, सोमवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में छठी वरीयता प्राप्त मार्सेल ग्रानोलर्स और मार्क लोपेज की स्पेनिश जोड़ी ने भूपति और बोपन्ना को 7-5, 3-6, 10-3 से पराजित किया।टिप्पणियां
भूपति यहां पांचवीं बार उपविजेता बने हैं। इससे पहले, भूपति 1997, 1999 और 2000 में लिएंडर पेस के साथ जोड़ी बनाकर उपविजेता रहे थे जबकि 2010 में भी उन्हें बेलारूस के मैक्स मिर्नी के साथ यहां उपविजेता से ही संतोष करना पड़ा था।
उल्लेखनीय है कि इस इस वर्ष भूपति और बोपन्ना ने दो खिताब जीते जिनमें दुबई और पेरिस मास्टर्स शामिल है।
एटीपी के मुताबिक, सोमवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में छठी वरीयता प्राप्त मार्सेल ग्रानोलर्स और मार्क लोपेज की स्पेनिश जोड़ी ने भूपति और बोपन्ना को 7-5, 3-6, 10-3 से पराजित किया।टिप्पणियां
भूपति यहां पांचवीं बार उपविजेता बने हैं। इससे पहले, भूपति 1997, 1999 और 2000 में लिएंडर पेस के साथ जोड़ी बनाकर उपविजेता रहे थे जबकि 2010 में भी उन्हें बेलारूस के मैक्स मिर्नी के साथ यहां उपविजेता से ही संतोष करना पड़ा था।
उल्लेखनीय है कि इस इस वर्ष भूपति और बोपन्ना ने दो खिताब जीते जिनमें दुबई और पेरिस मास्टर्स शामिल है।
भूपति यहां पांचवीं बार उपविजेता बने हैं। इससे पहले, भूपति 1997, 1999 और 2000 में लिएंडर पेस के साथ जोड़ी बनाकर उपविजेता रहे थे जबकि 2010 में भी उन्हें बेलारूस के मैक्स मिर्नी के साथ यहां उपविजेता से ही संतोष करना पड़ा था।
उल्लेखनीय है कि इस इस वर्ष भूपति और बोपन्ना ने दो खिताब जीते जिनमें दुबई और पेरिस मास्टर्स शामिल है।
उल्लेखनीय है कि इस इस वर्ष भूपति और बोपन्ना ने दो खिताब जीते जिनमें दुबई और पेरिस मास्टर्स शामिल है। | सारांश: भारत के महेश भूपति और रोहन बोपन्ना की पांचवीं वरीयता प्राप्त जोड़ी को एटीपी वर्ल्ड टूर फाइनल्स टेनिस टूर्नामेंट के युगल स्पर्धा के फाइनल में हार का सामना करना पड़ा है। | 7 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: Oppo A5s को भारत में लॉन्च कर दिया गया है। यह 4,230 एमएएच की बैटरी के साथ आता है। नए Oppo फोन के दो वेरिएंट मार्केट में उतारे गए हैं। ये हैं- 2 जीबी रैम + 32 जीबी स्टोरेज और 4 जीबी रैम + 64 जीबी स्टोरेज। अहम खासियतों की बात करें तो Oppo A5s हैंडसेट 6.2 इंच के एचडी+ डिस्प्ले, मीडियाटेक हीलियो पी35 प्रोसेसर और डुअल रियर कैमरा सेटअप के साथ आता है। Oppo A5s स्मार्ट बार, म्यूजिक ऑन डिस्प्ले और स्मार्ट स्कैन जैसे फीचर से लैस है। ओप्पो के इस फोन में एंड्रॉयड ओरियो पर आधारित कलरओएस 5.2.1 है।
ओप्पो ए5एस की कीमत 9,990 रुपये से शुरू होती है। यह दाम 2 जीबी रैम + 32 जीबी स्टोरेज वेरिएंट का है। इस वेरिएंट को ब्लैक और रेड रंग में उपलब्ध कराया गया है। Oppo ने अभी ओप्पो ए5एस के 4 जीबी रैम + 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट के दाम का खुलासा नहीं किया है। इसे मई महीने में ग्रीन और गोल्ड रंग में उपलब्ध कराए जाने की उम्मीद है।
Oppo A5s हैंडसेट अमेज़न, फ्लिपकार्ट, पेटीएम मॉल, स्नैपडील और टाटा क्लिक पर मिलेगा। हैंडसेट को ऑफलाइन स्टोर से भी खरीदा जा सकेगा।
इस फोन के बारे में बेहतरीन बैटरी लाइफ देने का दावा किया गया है। Oppo A5s वाटरड्रॉप डिस्प्ले नॉच के साथ आता है।
डुअल सिम Oppo A5s आउट ऑफ बॉक्स एंड्रॉयड 8.1 ओरियो पर आधारित कलरओएस 5.2 पर चलेगा। इसमें 6.2 इंच का एचडी+ (720x1520 पिक्सल) इन-सेल डिस्प्ले है, 19:9 आस्पेक्ट रेशियो के साथ। स्मार्टफोन में मीडियाटेक हीलियो पी35 (एमटी6765) प्रोसेसर का इस्तेमाल किया गया है। रैम के दो विकल्प हैं- 2 जीबी और 4 जीबी।
फोटो और वीडियो के लिए Oppo A5s में डुअल रियर कैमरा सेटअप है। प्राइमरी सेंसर 13 मेगापिक्सल का है और सेकेंडरी 2 मेगापिक्सल का। फोन में एफ/ 2.0 अपर्चर वाला 8 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा है।
इनबिल्ट स्टोरेज के आधार पर Oppo A5s के दो वेरिएंट होंगे- 32 जीबी और 64 जीबी। दोनों ही वेरिएंट 256 जीबी तक के माइक्रोएसडी कार्ड को सपोर्ट करेंगे। फोन 4जी एलटीई, वाई-फाई, ब्लूटूथ 4.2, जीपीएस/ ए-जीपीएस और माइक्रो-यूएसबी पोर्ट के साथ आता है। एक्सेलेरोमीटर, एंबियंट लाइट, मैगनेटोमीटर और प्रॉक्सिमिटी सेंसर इस फोन का हिस्सा हैं। फोन के पिछले हिस्से पर फिंगरप्रिंट सेंसर है। बैटरी 4,230 एमएएच की है। हैंडसेट का डाइमेंशन 155.9x75.4x8.2 मिलीमीटर है और वज़न 170 ग्राम। | यहाँ एक सारांश है:रैम और स्टोरेज पर आधारित Oppo A5s के दो वेरिएंट होंगे
एफ/ 2.0 अपर्चर वाला 8 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा है ओप्पो ए5एस में
Oppo A5s की कीमत 9,990 रुपये से शुरू | 15 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) का आयोजन अब पांच जनवरी की बजाय 17 जनवरी से होगा। इसके लिए खिलाड़ियों की नीलामी एक दिसम्बर को होनी थी लेकिन अब इसकी तारीख 16 दिसम्बर कर दी गई है।
हॉकी इंडिया लीग की गवर्निग काउंसिल ने सोमवार को ये बदलाव किए। लीग का समापन पहले तीन फरवरी को होना था लेकिन नई तारीख के मुताबिक यह अब 17 फरवरी को समाप्त होगा।
हॉकी इंडिया (एचआई) के महासचिव और एचआईएल के प्रमुख नरेंद्र बत्रा ने कहा कि यह फैसला हॉकी के हक में लिया गया है। बत्रा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ ने तारीखों में परिवर्तन के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है।टिप्पणियां
बत्रा ने बताया कि इस लीग में हिस्सा लेने वाली फ्रेंचाइजी टीमों के चैम्पियंस ट्रॉफी में हिस्सा ले रहे हैं, ऐसे में कोच दिसम्बर में होने वाली नीलामी में शामिल नहीं हो सकेंगे। इसी को देखते हुए नीलामी और टूर्नामेंट के शुरू होने की तरीख में बदलाव किया गया है।
तारीखें बढ़ने से इस लीग में हिस्सा लेने वाली छह टीमों के स्टार खिलाड़ी नीलामी में हिस्सा ले सकेंगे और अपनी टीम के चयन को लेकर कोच तथा फ्रेंचाइजी मालिक को अहम राय दे सकेंगे।
हॉकी इंडिया लीग की गवर्निग काउंसिल ने सोमवार को ये बदलाव किए। लीग का समापन पहले तीन फरवरी को होना था लेकिन नई तारीख के मुताबिक यह अब 17 फरवरी को समाप्त होगा।
हॉकी इंडिया (एचआई) के महासचिव और एचआईएल के प्रमुख नरेंद्र बत्रा ने कहा कि यह फैसला हॉकी के हक में लिया गया है। बत्रा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ ने तारीखों में परिवर्तन के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है।टिप्पणियां
बत्रा ने बताया कि इस लीग में हिस्सा लेने वाली फ्रेंचाइजी टीमों के चैम्पियंस ट्रॉफी में हिस्सा ले रहे हैं, ऐसे में कोच दिसम्बर में होने वाली नीलामी में शामिल नहीं हो सकेंगे। इसी को देखते हुए नीलामी और टूर्नामेंट के शुरू होने की तरीख में बदलाव किया गया है।
तारीखें बढ़ने से इस लीग में हिस्सा लेने वाली छह टीमों के स्टार खिलाड़ी नीलामी में हिस्सा ले सकेंगे और अपनी टीम के चयन को लेकर कोच तथा फ्रेंचाइजी मालिक को अहम राय दे सकेंगे।
हॉकी इंडिया (एचआई) के महासचिव और एचआईएल के प्रमुख नरेंद्र बत्रा ने कहा कि यह फैसला हॉकी के हक में लिया गया है। बत्रा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ ने तारीखों में परिवर्तन के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है।टिप्पणियां
बत्रा ने बताया कि इस लीग में हिस्सा लेने वाली फ्रेंचाइजी टीमों के चैम्पियंस ट्रॉफी में हिस्सा ले रहे हैं, ऐसे में कोच दिसम्बर में होने वाली नीलामी में शामिल नहीं हो सकेंगे। इसी को देखते हुए नीलामी और टूर्नामेंट के शुरू होने की तरीख में बदलाव किया गया है।
तारीखें बढ़ने से इस लीग में हिस्सा लेने वाली छह टीमों के स्टार खिलाड़ी नीलामी में हिस्सा ले सकेंगे और अपनी टीम के चयन को लेकर कोच तथा फ्रेंचाइजी मालिक को अहम राय दे सकेंगे।
बत्रा ने बताया कि इस लीग में हिस्सा लेने वाली फ्रेंचाइजी टीमों के चैम्पियंस ट्रॉफी में हिस्सा ले रहे हैं, ऐसे में कोच दिसम्बर में होने वाली नीलामी में शामिल नहीं हो सकेंगे। इसी को देखते हुए नीलामी और टूर्नामेंट के शुरू होने की तरीख में बदलाव किया गया है।
तारीखें बढ़ने से इस लीग में हिस्सा लेने वाली छह टीमों के स्टार खिलाड़ी नीलामी में हिस्सा ले सकेंगे और अपनी टीम के चयन को लेकर कोच तथा फ्रेंचाइजी मालिक को अहम राय दे सकेंगे।
तारीखें बढ़ने से इस लीग में हिस्सा लेने वाली छह टीमों के स्टार खिलाड़ी नीलामी में हिस्सा ले सकेंगे और अपनी टीम के चयन को लेकर कोच तथा फ्रेंचाइजी मालिक को अहम राय दे सकेंगे। | सारांश: हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) का आयोजन अब पांच जनवरी की बजाय 17 जनवरी से होगा। इसके लिए खिलाड़ियों की नीलामी एक दिसम्बर को होनी थी लेकिन अब इसकी तारीख 16 दिसम्बर कर दी गई है। | 31 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पिता के दोबारा सेहरा बांधने की हसरत उस समय धरी की धरी रह गई जब उसके बेटे ने उस महिला से शादी कर ली, जिससे वह शादी करने के सपने संजोए बैठे था।
पुलिस ने बताया जिले के कैंट थाने के बडआपुर निवासी 50 वर्षीय छोटेलाल की पहली बीबी की मौत हो चुकी है, उनका बेटा बबलू 25 वर्ष का है। कुछ समय पहले काम की तलाश में उत्तराखंड के मसूरी गया था, जहां उसकी मुलाकात 33 वर्षीय विधवा सुनीता से हुई और दोनों में प्यार हो गया।टिप्पणियां
बाद में वह सुनीता को अपने घर ले आया और दोनों ने चुपचाप शादी कर ली। लेकिन उनका पिता छोटेलाल भी सुनीता से शादी की हसरत दिल में लिए बैठा था। छोटलाल ने महिला पर बेवफाई का आरोप लगाते हुए उसका गला दबाने की कोशिश भी की, जिसके बाद घर लड़ाई का मैदान बन गया और महिला ने पुलिस में छोटेलाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी।
बरेली के एसएसपी सत्यवीर सिंह ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए बताया कि पूरे मामले की छानबीन की जा रही है।
पुलिस ने बताया जिले के कैंट थाने के बडआपुर निवासी 50 वर्षीय छोटेलाल की पहली बीबी की मौत हो चुकी है, उनका बेटा बबलू 25 वर्ष का है। कुछ समय पहले काम की तलाश में उत्तराखंड के मसूरी गया था, जहां उसकी मुलाकात 33 वर्षीय विधवा सुनीता से हुई और दोनों में प्यार हो गया।टिप्पणियां
बाद में वह सुनीता को अपने घर ले आया और दोनों ने चुपचाप शादी कर ली। लेकिन उनका पिता छोटेलाल भी सुनीता से शादी की हसरत दिल में लिए बैठा था। छोटलाल ने महिला पर बेवफाई का आरोप लगाते हुए उसका गला दबाने की कोशिश भी की, जिसके बाद घर लड़ाई का मैदान बन गया और महिला ने पुलिस में छोटेलाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी।
बरेली के एसएसपी सत्यवीर सिंह ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए बताया कि पूरे मामले की छानबीन की जा रही है।
बाद में वह सुनीता को अपने घर ले आया और दोनों ने चुपचाप शादी कर ली। लेकिन उनका पिता छोटेलाल भी सुनीता से शादी की हसरत दिल में लिए बैठा था। छोटलाल ने महिला पर बेवफाई का आरोप लगाते हुए उसका गला दबाने की कोशिश भी की, जिसके बाद घर लड़ाई का मैदान बन गया और महिला ने पुलिस में छोटेलाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी।
बरेली के एसएसपी सत्यवीर सिंह ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए बताया कि पूरे मामले की छानबीन की जा रही है।
बरेली के एसएसपी सत्यवीर सिंह ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए बताया कि पूरे मामले की छानबीन की जा रही है। | यह एक सारांश है: पिता के दोबारा सेहरा बांधने की हसरत उस समय धरी की धरी रह गई जब उसके बेटे ने उस महिला से शादी कर ली, जिससे वह शादी करने के सपने संजोए बैठे था। | 16 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: एक तरफ कच्चा तेल तेज़ी से महंगा हो रहा है, लेकिन पिछले 23 दिनों में सरकारी तेल कंपनियों ने भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है. विशेषकर ऐसे समय पर जब पेट्रोल-डीज़ल की खुदरा कीमतों में रोज़ाना बदलाव आम बात हो चुकी है.टिप्पणियां
कुछ मेट्रो शहरों में पेट्रोल के दाम इस प्रकार हैं.
वहीं अब मेट्रो शहर में डीजल के दाम कुछ इस प्रकार होंगे.
इंडियन ऑयल की साइट पर दिया गया पेट्रोल के दाम का चार्ट
इंडियन ऑयल की साइट पर दिया गया डीजल के दाम का चार्ट
कुछ मेट्रो शहरों में पेट्रोल के दाम इस प्रकार हैं.
वहीं अब मेट्रो शहर में डीजल के दाम कुछ इस प्रकार होंगे.
इंडियन ऑयल की साइट पर दिया गया पेट्रोल के दाम का चार्ट
इंडियन ऑयल की साइट पर दिया गया डीजल के दाम का चार्ट
वहीं अब मेट्रो शहर में डीजल के दाम कुछ इस प्रकार होंगे.
इंडियन ऑयल की साइट पर दिया गया पेट्रोल के दाम का चार्ट
इंडियन ऑयल की साइट पर दिया गया डीजल के दाम का चार्ट | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: तेल कंपनियों ने काफी समय से नहीं बढ़ाए तेल के दाम
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊपर गए तेल के दाम
कर्नाटक चुनाव के चलते नहीं बढ़े दाम | 19 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भारत रत्न को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने NDTV के कार्यक्रम हम लोग में कहा आज भारत रत्न हर किसी को मिल जा रहा है. अगर आप भी उस लिस्ट को ध्यान से देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि उसमें मुसलमानों और दलितों की साफ तौर पर अनदेखी हो रही है. उन्होंने देश के सर्वोच्च सम्मान को दिए जाने के लिए एक ऐसी कमेटी बननी चाहिए जो देश की विविधता को ध्यान में रखते हुए इस सम्मान के लिए लोगों के नाम का चयन करें. आज भारत रत्न सिर्फ बाह्मनों का क्लब बन गया है. ओवैसी ने कहा कि आज तक जितने लोगों को यह सम्मान मिला उसमें मुसलमानों और दलितों की तुलना में अपर कास्ट का क्या शेयर रहा. अभी तक 48 हस्तियों को यह मिला जिसमें एक भी आदिवासी नहीं है. यह अवॉर्ड आज सरकार द्वारा सिर्फ अपनी पार्टी के आधार पर लोगों को खुश करने के लिए यह दिया जा रहा है.
ओवैसी ने प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न दिए जाने को लेकर भी सवाल खड़े गए. उन्होंने कहा कि मुझे यह समझ नहीं आता कि पीएम मोदी कहते हैं यूपीए के काल में जब प्रणब मुखर्जी वित्त मंत्री थे उस समय देश में एनपीए सबसे ज्यादा थी और इसी वजह से देश की अर्थव्यवस्था खराब हो गई. लेकिन बाद में आप उन्हें भारत रत्न देते हैं. लगता है प्रणब मुखर्जी को आरएसएस मुख्यालय जाने का फायदा मिल गया. ओवैसी ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय को भारत रत्न दिए जाने पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्या की मौत की जांच के लिए के बाद चंद्रचूड़ आयोग बनाया गया. इस आयोग ने कहा कि एक शख्स ने फर्जीवाड़ा किया लेकिन आपने उन्हें भी भारत रत्न दे दिया.
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि कहा कि दोनों राष्ट्रीय पार्टियों की सबसे बड़ी लड़ाई यह है कि सबसे बड़ा हिन्दू कौन है? यही उनकी सबसे बड़ी लड़ाई है. आप देखते होंगे कि चाहे राहुल गांधी हो या नरेंद्र मोदी..इनमें यह कॉम्पिटीशन है कि आप दो मंदिर जाएंगे तो हम पांच मंदिर जाएंगे...आप चलकर जाएंगे तो मैं तालाब में प्लेन को उतार दूंगा. ओवैसी ने कहा, 'मैं आवाम का एजेंट हूं. मैं अपनी राजनीति कर रहा हूं. मैं 8 साल यूपीए के साथ था. कई बार मैं कांग्रेस अध्यक्ष के घर गया. उस समय तो मैं बहुत नेक आदमी था, आज मैं बुरा हो गया क्योंकि मैं अब उनकी मुखालफत कर रहा हूं.' | सरकारें सिर्फ अपने लिए काम करने वालों को देती है यह सम्मान - ओवैसी
ओवैसी ने नाम चुनने के लिए कमेटी बनाने की कही बात
प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न देने पर भी उठाए सवाल | 28 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की पूर्वनिर्धारित बीजिंग यात्रा पर खतरे के बादल मंडराते दिख रहे हैं क्योंकि उन्होंने शुक्रवार को कहा कि लद्दाख मामले को लेकर उत्पन्न मतभेद को समाप्त करने के लिए हो रही वार्ता संतोषजनक नहीं है और भारत चीन की ओर से ‘और बेहतर प्रतिक्रिया’ चाहता था। खुर्शीद को नौ मई को बीजिंग जाना है ।
विदेश मंत्री ने कहा कि ‘अभी तक’ उनकी यात्रा पर पुनर्विचार नहीं हुआ है लेकिन ‘वह कल क्या होगा इस बारे में आज कोई अनुमान नहीं लगा सकता है।’ उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत चाहता है कि चीनी सेना उस स्थान पर वापस लौट जाए, जहां वह लद्दाख में घुसपैठ से पहली थी और वह देपसांग घाटी में यथा स्थिति बनाए रखना चाहता है। चीनी सेना ने लद्दाख क्षेत्र की इस घाटी में घुसपैठ कर अपने खेमे लगाए हुए हैं।टिप्पणियां
यह पूछने पर कि क्या उनकी बीजिंग यात्रा पर पुनर्विचार किया जा रहा है? खुर्शीद ने कहा, ‘हमने अभी तक पुनर्विचार नहीं किया है। हमें अभी तक यह जरूरी नहीं लगा। हम अभी तक पुनर्विचार तक नहीं पहुंचे हैं।’
यह पूछने पर कि क्या वह निश्चित तौर पर चीन की यात्रा पर जा रहे हैं? विदेश मंत्री ने जवाब दिया, ‘मानवीय कार्यों के संबंध में उपयोग करने के लिए ‘निश्चित’ अच्छा शब्द नहीं है। कल क्या होगा इस बारे में आज कोई अनुमान नहीं लगा सकता है।’ बार-बार पूछने के बावजूद उन्होंने अपनी बीजिंग यात्रा के संबंध में कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया। लेकिन सूत्रों का कहा है कि विभिन्न स्तरों पर चल रही वार्ताओं में कोई प्रगति नहीं होने के कारण यह यात्रा ‘लाभकर नहीं’ होगी।
विदेश मंत्री ने कहा कि ‘अभी तक’ उनकी यात्रा पर पुनर्विचार नहीं हुआ है लेकिन ‘वह कल क्या होगा इस बारे में आज कोई अनुमान नहीं लगा सकता है।’ उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत चाहता है कि चीनी सेना उस स्थान पर वापस लौट जाए, जहां वह लद्दाख में घुसपैठ से पहली थी और वह देपसांग घाटी में यथा स्थिति बनाए रखना चाहता है। चीनी सेना ने लद्दाख क्षेत्र की इस घाटी में घुसपैठ कर अपने खेमे लगाए हुए हैं।टिप्पणियां
यह पूछने पर कि क्या उनकी बीजिंग यात्रा पर पुनर्विचार किया जा रहा है? खुर्शीद ने कहा, ‘हमने अभी तक पुनर्विचार नहीं किया है। हमें अभी तक यह जरूरी नहीं लगा। हम अभी तक पुनर्विचार तक नहीं पहुंचे हैं।’
यह पूछने पर कि क्या वह निश्चित तौर पर चीन की यात्रा पर जा रहे हैं? विदेश मंत्री ने जवाब दिया, ‘मानवीय कार्यों के संबंध में उपयोग करने के लिए ‘निश्चित’ अच्छा शब्द नहीं है। कल क्या होगा इस बारे में आज कोई अनुमान नहीं लगा सकता है।’ बार-बार पूछने के बावजूद उन्होंने अपनी बीजिंग यात्रा के संबंध में कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया। लेकिन सूत्रों का कहा है कि विभिन्न स्तरों पर चल रही वार्ताओं में कोई प्रगति नहीं होने के कारण यह यात्रा ‘लाभकर नहीं’ होगी।
यह पूछने पर कि क्या उनकी बीजिंग यात्रा पर पुनर्विचार किया जा रहा है? खुर्शीद ने कहा, ‘हमने अभी तक पुनर्विचार नहीं किया है। हमें अभी तक यह जरूरी नहीं लगा। हम अभी तक पुनर्विचार तक नहीं पहुंचे हैं।’
यह पूछने पर कि क्या वह निश्चित तौर पर चीन की यात्रा पर जा रहे हैं? विदेश मंत्री ने जवाब दिया, ‘मानवीय कार्यों के संबंध में उपयोग करने के लिए ‘निश्चित’ अच्छा शब्द नहीं है। कल क्या होगा इस बारे में आज कोई अनुमान नहीं लगा सकता है।’ बार-बार पूछने के बावजूद उन्होंने अपनी बीजिंग यात्रा के संबंध में कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया। लेकिन सूत्रों का कहा है कि विभिन्न स्तरों पर चल रही वार्ताओं में कोई प्रगति नहीं होने के कारण यह यात्रा ‘लाभकर नहीं’ होगी।
यह पूछने पर कि क्या वह निश्चित तौर पर चीन की यात्रा पर जा रहे हैं? विदेश मंत्री ने जवाब दिया, ‘मानवीय कार्यों के संबंध में उपयोग करने के लिए ‘निश्चित’ अच्छा शब्द नहीं है। कल क्या होगा इस बारे में आज कोई अनुमान नहीं लगा सकता है।’ बार-बार पूछने के बावजूद उन्होंने अपनी बीजिंग यात्रा के संबंध में कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया। लेकिन सूत्रों का कहा है कि विभिन्न स्तरों पर चल रही वार्ताओं में कोई प्रगति नहीं होने के कारण यह यात्रा ‘लाभकर नहीं’ होगी। | विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की पूर्वनिर्धारित बीजिंग यात्रा पर खतरे के बादल मंडराते दिख रहे हैं क्योंकि उन्होंने शुक्रवार को कहा कि लद्दाख मामले को लेकर उत्पन्न मतभेद को समाप्त करने के लिए हो रही वार्ता संतोषजनक नहीं है और भारत चीन की ओर से ‘और बेहतर प्रति | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सीआरपीएफ ने अपने जवानों पर भीड़ द्वारा पथराव किए जाने और ज्वलनशील पदार्थ फेंके जाने की स्थिति में उनके पूरे शरीर को बचाने वाले 2,000 आधुनिक कवच की खरीद के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं.
कश्मीर घाटी में हिंसक प्रदर्शनों के दौरान सीआरपीएफ जवानों के गंभीर रूप से घायल होने की घटनाएं सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया है.
अधिकारियों ने बताया कि शरीर पर पहने जाने वाले आधुनिक कवच की विशेषताओं में पथराव, चाकू या तेजाब हमले से बचाव शामिल हैं. साथ ही ज्वलनशील पदार्थ से भरी बोतल से होने वाले हमलों से भी जवानों को बचाया जा सकेगा.
उन्होंने बताया कि कश्मीर घाटी में हुई हालिया हिंसक प्रदर्शनों के बाद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल को यह कदम उठाने पर बाध्य होना पड़ा है.टिप्पणियां
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर घाटी में फैली हिंसा में 2000 से अधिक जवान घायल हो गए. जल्द ही खरीदे जाने वाले पूरी शरीर की रक्षा करने वाले कवच की मदद से संभावना है कि प्रदर्शनकारियों से मिलने वाली चुनौती से निपटने में सुरक्षा बलों को आसानी होगी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कश्मीर घाटी में हिंसक प्रदर्शनों के दौरान सीआरपीएफ जवानों के गंभीर रूप से घायल होने की घटनाएं सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया है.
अधिकारियों ने बताया कि शरीर पर पहने जाने वाले आधुनिक कवच की विशेषताओं में पथराव, चाकू या तेजाब हमले से बचाव शामिल हैं. साथ ही ज्वलनशील पदार्थ से भरी बोतल से होने वाले हमलों से भी जवानों को बचाया जा सकेगा.
उन्होंने बताया कि कश्मीर घाटी में हुई हालिया हिंसक प्रदर्शनों के बाद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल को यह कदम उठाने पर बाध्य होना पड़ा है.टिप्पणियां
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर घाटी में फैली हिंसा में 2000 से अधिक जवान घायल हो गए. जल्द ही खरीदे जाने वाले पूरी शरीर की रक्षा करने वाले कवच की मदद से संभावना है कि प्रदर्शनकारियों से मिलने वाली चुनौती से निपटने में सुरक्षा बलों को आसानी होगी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अधिकारियों ने बताया कि शरीर पर पहने जाने वाले आधुनिक कवच की विशेषताओं में पथराव, चाकू या तेजाब हमले से बचाव शामिल हैं. साथ ही ज्वलनशील पदार्थ से भरी बोतल से होने वाले हमलों से भी जवानों को बचाया जा सकेगा.
उन्होंने बताया कि कश्मीर घाटी में हुई हालिया हिंसक प्रदर्शनों के बाद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल को यह कदम उठाने पर बाध्य होना पड़ा है.टिप्पणियां
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर घाटी में फैली हिंसा में 2000 से अधिक जवान घायल हो गए. जल्द ही खरीदे जाने वाले पूरी शरीर की रक्षा करने वाले कवच की मदद से संभावना है कि प्रदर्शनकारियों से मिलने वाली चुनौती से निपटने में सुरक्षा बलों को आसानी होगी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने बताया कि कश्मीर घाटी में हुई हालिया हिंसक प्रदर्शनों के बाद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल को यह कदम उठाने पर बाध्य होना पड़ा है.टिप्पणियां
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर घाटी में फैली हिंसा में 2000 से अधिक जवान घायल हो गए. जल्द ही खरीदे जाने वाले पूरी शरीर की रक्षा करने वाले कवच की मदद से संभावना है कि प्रदर्शनकारियों से मिलने वाली चुनौती से निपटने में सुरक्षा बलों को आसानी होगी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर घाटी में फैली हिंसा में 2000 से अधिक जवान घायल हो गए. जल्द ही खरीदे जाने वाले पूरी शरीर की रक्षा करने वाले कवच की मदद से संभावना है कि प्रदर्शनकारियों से मिलने वाली चुनौती से निपटने में सुरक्षा बलों को आसानी होगी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: CRPF ने 2,000 आधुनिक कवच की खरीद के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं.
कश्मीर में हिंसक प्रदर्शनों में जवानों के घायल होने के बाद उठाया कदम.
ज्वलनशील पदार्थ से भरी बोतल से होने वाले हमलों से भी बच पाएंगे जवान. | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: रूस की सेना ने शुक्रवार को कहा कि उसने 28 मई को सीरिया में इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों की बैठक पर हमला किया था और वह इसकी पुष्टि करने की कोशिश कर रही है कि क्या इसमें आतंकवादी समूह का नेता अबू बकर अल बगदादी मारा गया.
मीडिया खबरों में सेना के एक बयान के हवाले से कहा गया कि यह हमला आईएस के मजबूत गढ़ रक्का के समीप एक स्थान पर किया गया और वहां आईएस नेता अबू बकर अल बगदादी भी था.टिप्पणियां
इसमें कहा गया है कि सेना कई तरीकों से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या वह मारा गया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मीडिया खबरों में सेना के एक बयान के हवाले से कहा गया कि यह हमला आईएस के मजबूत गढ़ रक्का के समीप एक स्थान पर किया गया और वहां आईएस नेता अबू बकर अल बगदादी भी था.टिप्पणियां
इसमें कहा गया है कि सेना कई तरीकों से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या वह मारा गया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसमें कहा गया है कि सेना कई तरीकों से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या वह मारा गया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: रूस की सेना ने पिछले दिनों किया एक ऑपरेशन
उसी दौरान बगदादी के मारे जाने की संभावना
रूसी सेना इसकी पुष्टि करने की कोशिश कर रही | 2 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने बैंकों से कहा कि वे अपनी गैर निष्पादित आस्तियों को कम करें ताकि भारतीय बैंकिंग प्रणाली की वित्तीय हालत मजबूत हो।
सार्वजनिक क्षेत्र के बंकों का एनपीए जनवरी-मार्च 2010-12 तिमाही में घटकर 3.1 प्रतिशत रह गया जो पिछली तिमाही में 3.18 प्रतिशत था।टिप्पणियां
वे यहां सार्वजनिक क्षेत्र बैंकों व वित्तीय संस्थानों के आला अफसरों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, 'मुझे खुशी है कि बैंकों ने एनपीए घटाने की चुनौती को स्वीकार किया है। इस गति को बनाए रखना होगा और इस दिशा में सही समय पर उठाए गए कदमों से बैंकिंग क्षेत्र की बेहतर वित्तीय हालत सुनिश्चित होगी।'
वित्तमंत्री ने इस बात पर भी खुशी जताई कि एनपीए की समस्याओं को टालने के लिए बैंक अपनी तरफ से कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कपड़ा क्षेत्र तथा बिजली क्षेत्र में वितरण कंपनियों के ऋणों के पुनर्गठन के हाल ही के फैसले एनपीए प्रबंधन के अच्छे उदाहरण हैं। उन्होंने कहा, 'मैं आपसे आग्रह करता हूं कि भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा निर्देशों के अनुसार एनपीए पर नियंत्रण तथा इसे घटाने के लिए विभिन्न कदमों का इस्तेमाल करें।
सार्वजनिक क्षेत्र के बंकों का एनपीए जनवरी-मार्च 2010-12 तिमाही में घटकर 3.1 प्रतिशत रह गया जो पिछली तिमाही में 3.18 प्रतिशत था।टिप्पणियां
वे यहां सार्वजनिक क्षेत्र बैंकों व वित्तीय संस्थानों के आला अफसरों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, 'मुझे खुशी है कि बैंकों ने एनपीए घटाने की चुनौती को स्वीकार किया है। इस गति को बनाए रखना होगा और इस दिशा में सही समय पर उठाए गए कदमों से बैंकिंग क्षेत्र की बेहतर वित्तीय हालत सुनिश्चित होगी।'
वित्तमंत्री ने इस बात पर भी खुशी जताई कि एनपीए की समस्याओं को टालने के लिए बैंक अपनी तरफ से कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कपड़ा क्षेत्र तथा बिजली क्षेत्र में वितरण कंपनियों के ऋणों के पुनर्गठन के हाल ही के फैसले एनपीए प्रबंधन के अच्छे उदाहरण हैं। उन्होंने कहा, 'मैं आपसे आग्रह करता हूं कि भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा निर्देशों के अनुसार एनपीए पर नियंत्रण तथा इसे घटाने के लिए विभिन्न कदमों का इस्तेमाल करें।
वे यहां सार्वजनिक क्षेत्र बैंकों व वित्तीय संस्थानों के आला अफसरों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, 'मुझे खुशी है कि बैंकों ने एनपीए घटाने की चुनौती को स्वीकार किया है। इस गति को बनाए रखना होगा और इस दिशा में सही समय पर उठाए गए कदमों से बैंकिंग क्षेत्र की बेहतर वित्तीय हालत सुनिश्चित होगी।'
वित्तमंत्री ने इस बात पर भी खुशी जताई कि एनपीए की समस्याओं को टालने के लिए बैंक अपनी तरफ से कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कपड़ा क्षेत्र तथा बिजली क्षेत्र में वितरण कंपनियों के ऋणों के पुनर्गठन के हाल ही के फैसले एनपीए प्रबंधन के अच्छे उदाहरण हैं। उन्होंने कहा, 'मैं आपसे आग्रह करता हूं कि भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा निर्देशों के अनुसार एनपीए पर नियंत्रण तथा इसे घटाने के लिए विभिन्न कदमों का इस्तेमाल करें।
वित्तमंत्री ने इस बात पर भी खुशी जताई कि एनपीए की समस्याओं को टालने के लिए बैंक अपनी तरफ से कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कपड़ा क्षेत्र तथा बिजली क्षेत्र में वितरण कंपनियों के ऋणों के पुनर्गठन के हाल ही के फैसले एनपीए प्रबंधन के अच्छे उदाहरण हैं। उन्होंने कहा, 'मैं आपसे आग्रह करता हूं कि भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा निर्देशों के अनुसार एनपीए पर नियंत्रण तथा इसे घटाने के लिए विभिन्न कदमों का इस्तेमाल करें। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने बैंकों से कहा कि वे अपनी गैर निष्पादित आस्तियों को कम करें ताकि भारतीय बैंकिंग प्रणाली की वित्तीय हालत मजबूत हो। | 19 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली में ठंड ने बुधवार को 44 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस दिन अधिकतम तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 11 डिग्री नीचे रहा।
मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा, "1969 के बाद यह पहला मौका है, जब अधिकतम तापमान सामान्य से 11 डिग्री नीचे चला गया है।"टिप्पणियां
भारतीय मौसम विभाग ने कहा है कि आने वाले दिनों में दिल्लीवासियों को सर्दी से राहत मिलने की सम्भावना नहीं है। रविवार को न्यूनतम तापमान 2 डिग्री तक जा सकता है जबकि सोमवार को यह 4.5 डिग्री तक पहुंच गया था।
सर्दी के साथ-साथ कोहरे ने यातायात पर बुरा असर डाला है। रेल और वायु यातायात प्रभावित हुए हैं। कई उड़ानें रद्द की गई हैं जबकि दिल्ली से चलने वाली और यहां पहुंचने वाली कई रेलगाड़ियां घंटों देरी से चल रही हैं।
मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा, "1969 के बाद यह पहला मौका है, जब अधिकतम तापमान सामान्य से 11 डिग्री नीचे चला गया है।"टिप्पणियां
भारतीय मौसम विभाग ने कहा है कि आने वाले दिनों में दिल्लीवासियों को सर्दी से राहत मिलने की सम्भावना नहीं है। रविवार को न्यूनतम तापमान 2 डिग्री तक जा सकता है जबकि सोमवार को यह 4.5 डिग्री तक पहुंच गया था।
सर्दी के साथ-साथ कोहरे ने यातायात पर बुरा असर डाला है। रेल और वायु यातायात प्रभावित हुए हैं। कई उड़ानें रद्द की गई हैं जबकि दिल्ली से चलने वाली और यहां पहुंचने वाली कई रेलगाड़ियां घंटों देरी से चल रही हैं।
भारतीय मौसम विभाग ने कहा है कि आने वाले दिनों में दिल्लीवासियों को सर्दी से राहत मिलने की सम्भावना नहीं है। रविवार को न्यूनतम तापमान 2 डिग्री तक जा सकता है जबकि सोमवार को यह 4.5 डिग्री तक पहुंच गया था।
सर्दी के साथ-साथ कोहरे ने यातायात पर बुरा असर डाला है। रेल और वायु यातायात प्रभावित हुए हैं। कई उड़ानें रद्द की गई हैं जबकि दिल्ली से चलने वाली और यहां पहुंचने वाली कई रेलगाड़ियां घंटों देरी से चल रही हैं।
सर्दी के साथ-साथ कोहरे ने यातायात पर बुरा असर डाला है। रेल और वायु यातायात प्रभावित हुए हैं। कई उड़ानें रद्द की गई हैं जबकि दिल्ली से चलने वाली और यहां पहुंचने वाली कई रेलगाड़ियां घंटों देरी से चल रही हैं। | संक्षिप्त सारांश: दिल्ली में ठंड ने बुधवार को 44 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस दिन अधिकतम तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 11 डिग्री नीचे रहा। | 10 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: महीनों से जारी राजनीतिक गतिरोध खत्म करते हुए नेपाल के मुख्य न्यायाधीश खिल राज रेगमी ने देश के नए प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली। रेगमी ने 21 जून को होने वाले चुनावों की देखरेख के लिए गठित अंतरिम सरकार के प्रधान का यह पदभार संभाला है।
यूनाइटेड डेमोक्रेटिक मधेशी फ्रंट (यूडीएमएफ) समेत देश के चार प्रमुख दलों ने लंबी बैठक के दौरान मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व में चुनावों की देखरेख के लिए सरकार गठित करने के मकसद से 11 बिन्दु वाले राजनीतिक सहमति दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके बाद 63 वर्षीय रेगमी ने अंतरिम सरकार के प्रमुख के तौर पर शपथ ग्रहण की।
राष्ट्रपति रामबरन यादव ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में रेगमी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई, जिसके बाद नवनियुक्त प्रधानमंत्री ने कैबिनेट के दो नए मंत्रियों को शपथ ग्रहण कराई।
राष्ट्रपति कार्यालय ने बताया कि माधव घिमिरे को गृह एवं विदेश मामलों का विभाग सौंपा गया, जबकि हरि प्रसाद न्यूपेन को कानून, न्याय और श्रम विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई।
मुख्य न्यायाधीश रेगमी ने पूर्व प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टराई की जगह ली है। मुख्य दलों के बीच हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी। दलों के बीच न्याय प्रदान करने के लिए ‘ट्रुथ एंड रिकंसीलिएशन कमीशन’ गठित करने, नेपाल सेना में शामिल माओवादियों के लिए कर्नल का एक और लेफ्टिनेंट कर्नल के दो पद सुनिश्चित करना, संविधान सभा के चुनाव से पहले मतदाता सूची में आवश्यक सुधार करना और नागरिक प्रमाण पत्र वितरण संबंधी मामलों को सुलझाना जैसे मसलों पर सहमति बनी। राजनीतिक दलों के बीच सभी कानूनी बाधाओं को दूर करके 21 जून को नए चुनाव कराने पर भी सहमति बनी। समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले मुख्य दलों के शीर्ष नेताओं में नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के प्रमुख प्रचंड, नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष सुशील कोइराला, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल-यूनीफाइड मार्क्सिस्ट लेनिनिस्ट के अध्यक्ष झालानाथ खनाल और ज्वाइंट डेमोक्रेटिक मधेशी फ्रंट के प्रतिनिधि बिजय कुमार गछधर शामिल थे।
नेपाल के राजनीतिक इतिहास में यह पहली बार है जब वर्तमान मुख्य न्यायाधीश को सरकार का प्रमुख बनाया गया है। एक वर्ष पहले संसद का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पैदा हुआ गतिरोध रेगमी के चयन के साथ समाप्त हो गया। संसद का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पिछले साल नवंबर में चुनाव होने थे लेकिन राजनीतिक मतभेद के कारण इन्हें रद्द कर दिया गया था।टिप्पणियां
नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष सुशील कोइराला ने शपथ ग्रहण समारोह के बाद कहा कि मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व में अंतरिम सरकार के गठन से न केवल मौजूदा राजनीतिक गतिरोध का समाधान निकलने का रास्ता मिलेगा, बल्कि इससे देश के लोकतंत्र को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इस समय चुनाव कराना बहुत जरूरी है, क्योंकि ताजा जनादेश लोकतंत्र की रक्षा करेगा और आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि नेपाली कांग्रेस लोकतंत्र और मानवाधिकार के सिद्धांतों के मसले पर किसी भी ताकत से किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। इस बीच सीपीएन-माओवादी के 100 कार्यकर्ताओं ने शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राष्ट्रपति भवन के सामने विरोध प्रदर्शन किया।
यूनाइटेड डेमोक्रेटिक मधेशी फ्रंट (यूडीएमएफ) समेत देश के चार प्रमुख दलों ने लंबी बैठक के दौरान मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व में चुनावों की देखरेख के लिए सरकार गठित करने के मकसद से 11 बिन्दु वाले राजनीतिक सहमति दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके बाद 63 वर्षीय रेगमी ने अंतरिम सरकार के प्रमुख के तौर पर शपथ ग्रहण की।
राष्ट्रपति रामबरन यादव ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में रेगमी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई, जिसके बाद नवनियुक्त प्रधानमंत्री ने कैबिनेट के दो नए मंत्रियों को शपथ ग्रहण कराई।
राष्ट्रपति कार्यालय ने बताया कि माधव घिमिरे को गृह एवं विदेश मामलों का विभाग सौंपा गया, जबकि हरि प्रसाद न्यूपेन को कानून, न्याय और श्रम विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई।
मुख्य न्यायाधीश रेगमी ने पूर्व प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टराई की जगह ली है। मुख्य दलों के बीच हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी। दलों के बीच न्याय प्रदान करने के लिए ‘ट्रुथ एंड रिकंसीलिएशन कमीशन’ गठित करने, नेपाल सेना में शामिल माओवादियों के लिए कर्नल का एक और लेफ्टिनेंट कर्नल के दो पद सुनिश्चित करना, संविधान सभा के चुनाव से पहले मतदाता सूची में आवश्यक सुधार करना और नागरिक प्रमाण पत्र वितरण संबंधी मामलों को सुलझाना जैसे मसलों पर सहमति बनी। राजनीतिक दलों के बीच सभी कानूनी बाधाओं को दूर करके 21 जून को नए चुनाव कराने पर भी सहमति बनी। समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले मुख्य दलों के शीर्ष नेताओं में नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के प्रमुख प्रचंड, नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष सुशील कोइराला, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल-यूनीफाइड मार्क्सिस्ट लेनिनिस्ट के अध्यक्ष झालानाथ खनाल और ज्वाइंट डेमोक्रेटिक मधेशी फ्रंट के प्रतिनिधि बिजय कुमार गछधर शामिल थे।
नेपाल के राजनीतिक इतिहास में यह पहली बार है जब वर्तमान मुख्य न्यायाधीश को सरकार का प्रमुख बनाया गया है। एक वर्ष पहले संसद का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पैदा हुआ गतिरोध रेगमी के चयन के साथ समाप्त हो गया। संसद का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पिछले साल नवंबर में चुनाव होने थे लेकिन राजनीतिक मतभेद के कारण इन्हें रद्द कर दिया गया था।टिप्पणियां
नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष सुशील कोइराला ने शपथ ग्रहण समारोह के बाद कहा कि मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व में अंतरिम सरकार के गठन से न केवल मौजूदा राजनीतिक गतिरोध का समाधान निकलने का रास्ता मिलेगा, बल्कि इससे देश के लोकतंत्र को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इस समय चुनाव कराना बहुत जरूरी है, क्योंकि ताजा जनादेश लोकतंत्र की रक्षा करेगा और आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि नेपाली कांग्रेस लोकतंत्र और मानवाधिकार के सिद्धांतों के मसले पर किसी भी ताकत से किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। इस बीच सीपीएन-माओवादी के 100 कार्यकर्ताओं ने शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राष्ट्रपति भवन के सामने विरोध प्रदर्शन किया।
राष्ट्रपति रामबरन यादव ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में रेगमी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई, जिसके बाद नवनियुक्त प्रधानमंत्री ने कैबिनेट के दो नए मंत्रियों को शपथ ग्रहण कराई।
राष्ट्रपति कार्यालय ने बताया कि माधव घिमिरे को गृह एवं विदेश मामलों का विभाग सौंपा गया, जबकि हरि प्रसाद न्यूपेन को कानून, न्याय और श्रम विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई।
मुख्य न्यायाधीश रेगमी ने पूर्व प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टराई की जगह ली है। मुख्य दलों के बीच हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी। दलों के बीच न्याय प्रदान करने के लिए ‘ट्रुथ एंड रिकंसीलिएशन कमीशन’ गठित करने, नेपाल सेना में शामिल माओवादियों के लिए कर्नल का एक और लेफ्टिनेंट कर्नल के दो पद सुनिश्चित करना, संविधान सभा के चुनाव से पहले मतदाता सूची में आवश्यक सुधार करना और नागरिक प्रमाण पत्र वितरण संबंधी मामलों को सुलझाना जैसे मसलों पर सहमति बनी। राजनीतिक दलों के बीच सभी कानूनी बाधाओं को दूर करके 21 जून को नए चुनाव कराने पर भी सहमति बनी। समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले मुख्य दलों के शीर्ष नेताओं में नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के प्रमुख प्रचंड, नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष सुशील कोइराला, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल-यूनीफाइड मार्क्सिस्ट लेनिनिस्ट के अध्यक्ष झालानाथ खनाल और ज्वाइंट डेमोक्रेटिक मधेशी फ्रंट के प्रतिनिधि बिजय कुमार गछधर शामिल थे।
नेपाल के राजनीतिक इतिहास में यह पहली बार है जब वर्तमान मुख्य न्यायाधीश को सरकार का प्रमुख बनाया गया है। एक वर्ष पहले संसद का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पैदा हुआ गतिरोध रेगमी के चयन के साथ समाप्त हो गया। संसद का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पिछले साल नवंबर में चुनाव होने थे लेकिन राजनीतिक मतभेद के कारण इन्हें रद्द कर दिया गया था।टिप्पणियां
नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष सुशील कोइराला ने शपथ ग्रहण समारोह के बाद कहा कि मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व में अंतरिम सरकार के गठन से न केवल मौजूदा राजनीतिक गतिरोध का समाधान निकलने का रास्ता मिलेगा, बल्कि इससे देश के लोकतंत्र को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इस समय चुनाव कराना बहुत जरूरी है, क्योंकि ताजा जनादेश लोकतंत्र की रक्षा करेगा और आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि नेपाली कांग्रेस लोकतंत्र और मानवाधिकार के सिद्धांतों के मसले पर किसी भी ताकत से किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। इस बीच सीपीएन-माओवादी के 100 कार्यकर्ताओं ने शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राष्ट्रपति भवन के सामने विरोध प्रदर्शन किया।
राष्ट्रपति कार्यालय ने बताया कि माधव घिमिरे को गृह एवं विदेश मामलों का विभाग सौंपा गया, जबकि हरि प्रसाद न्यूपेन को कानून, न्याय और श्रम विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई।
मुख्य न्यायाधीश रेगमी ने पूर्व प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टराई की जगह ली है। मुख्य दलों के बीच हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी। दलों के बीच न्याय प्रदान करने के लिए ‘ट्रुथ एंड रिकंसीलिएशन कमीशन’ गठित करने, नेपाल सेना में शामिल माओवादियों के लिए कर्नल का एक और लेफ्टिनेंट कर्नल के दो पद सुनिश्चित करना, संविधान सभा के चुनाव से पहले मतदाता सूची में आवश्यक सुधार करना और नागरिक प्रमाण पत्र वितरण संबंधी मामलों को सुलझाना जैसे मसलों पर सहमति बनी। राजनीतिक दलों के बीच सभी कानूनी बाधाओं को दूर करके 21 जून को नए चुनाव कराने पर भी सहमति बनी। समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले मुख्य दलों के शीर्ष नेताओं में नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के प्रमुख प्रचंड, नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष सुशील कोइराला, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल-यूनीफाइड मार्क्सिस्ट लेनिनिस्ट के अध्यक्ष झालानाथ खनाल और ज्वाइंट डेमोक्रेटिक मधेशी फ्रंट के प्रतिनिधि बिजय कुमार गछधर शामिल थे।
नेपाल के राजनीतिक इतिहास में यह पहली बार है जब वर्तमान मुख्य न्यायाधीश को सरकार का प्रमुख बनाया गया है। एक वर्ष पहले संसद का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पैदा हुआ गतिरोध रेगमी के चयन के साथ समाप्त हो गया। संसद का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पिछले साल नवंबर में चुनाव होने थे लेकिन राजनीतिक मतभेद के कारण इन्हें रद्द कर दिया गया था।टिप्पणियां
नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष सुशील कोइराला ने शपथ ग्रहण समारोह के बाद कहा कि मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व में अंतरिम सरकार के गठन से न केवल मौजूदा राजनीतिक गतिरोध का समाधान निकलने का रास्ता मिलेगा, बल्कि इससे देश के लोकतंत्र को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इस समय चुनाव कराना बहुत जरूरी है, क्योंकि ताजा जनादेश लोकतंत्र की रक्षा करेगा और आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि नेपाली कांग्रेस लोकतंत्र और मानवाधिकार के सिद्धांतों के मसले पर किसी भी ताकत से किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। इस बीच सीपीएन-माओवादी के 100 कार्यकर्ताओं ने शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राष्ट्रपति भवन के सामने विरोध प्रदर्शन किया।
मुख्य न्यायाधीश रेगमी ने पूर्व प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टराई की जगह ली है। मुख्य दलों के बीच हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी। दलों के बीच न्याय प्रदान करने के लिए ‘ट्रुथ एंड रिकंसीलिएशन कमीशन’ गठित करने, नेपाल सेना में शामिल माओवादियों के लिए कर्नल का एक और लेफ्टिनेंट कर्नल के दो पद सुनिश्चित करना, संविधान सभा के चुनाव से पहले मतदाता सूची में आवश्यक सुधार करना और नागरिक प्रमाण पत्र वितरण संबंधी मामलों को सुलझाना जैसे मसलों पर सहमति बनी। राजनीतिक दलों के बीच सभी कानूनी बाधाओं को दूर करके 21 जून को नए चुनाव कराने पर भी सहमति बनी। समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले मुख्य दलों के शीर्ष नेताओं में नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के प्रमुख प्रचंड, नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष सुशील कोइराला, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल-यूनीफाइड मार्क्सिस्ट लेनिनिस्ट के अध्यक्ष झालानाथ खनाल और ज्वाइंट डेमोक्रेटिक मधेशी फ्रंट के प्रतिनिधि बिजय कुमार गछधर शामिल थे।
नेपाल के राजनीतिक इतिहास में यह पहली बार है जब वर्तमान मुख्य न्यायाधीश को सरकार का प्रमुख बनाया गया है। एक वर्ष पहले संसद का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पैदा हुआ गतिरोध रेगमी के चयन के साथ समाप्त हो गया। संसद का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पिछले साल नवंबर में चुनाव होने थे लेकिन राजनीतिक मतभेद के कारण इन्हें रद्द कर दिया गया था।टिप्पणियां
नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष सुशील कोइराला ने शपथ ग्रहण समारोह के बाद कहा कि मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व में अंतरिम सरकार के गठन से न केवल मौजूदा राजनीतिक गतिरोध का समाधान निकलने का रास्ता मिलेगा, बल्कि इससे देश के लोकतंत्र को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इस समय चुनाव कराना बहुत जरूरी है, क्योंकि ताजा जनादेश लोकतंत्र की रक्षा करेगा और आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि नेपाली कांग्रेस लोकतंत्र और मानवाधिकार के सिद्धांतों के मसले पर किसी भी ताकत से किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। इस बीच सीपीएन-माओवादी के 100 कार्यकर्ताओं ने शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राष्ट्रपति भवन के सामने विरोध प्रदर्शन किया।
नेपाल के राजनीतिक इतिहास में यह पहली बार है जब वर्तमान मुख्य न्यायाधीश को सरकार का प्रमुख बनाया गया है। एक वर्ष पहले संसद का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पैदा हुआ गतिरोध रेगमी के चयन के साथ समाप्त हो गया। संसद का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पिछले साल नवंबर में चुनाव होने थे लेकिन राजनीतिक मतभेद के कारण इन्हें रद्द कर दिया गया था।टिप्पणियां
नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष सुशील कोइराला ने शपथ ग्रहण समारोह के बाद कहा कि मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व में अंतरिम सरकार के गठन से न केवल मौजूदा राजनीतिक गतिरोध का समाधान निकलने का रास्ता मिलेगा, बल्कि इससे देश के लोकतंत्र को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इस समय चुनाव कराना बहुत जरूरी है, क्योंकि ताजा जनादेश लोकतंत्र की रक्षा करेगा और आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि नेपाली कांग्रेस लोकतंत्र और मानवाधिकार के सिद्धांतों के मसले पर किसी भी ताकत से किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। इस बीच सीपीएन-माओवादी के 100 कार्यकर्ताओं ने शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राष्ट्रपति भवन के सामने विरोध प्रदर्शन किया।
नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष सुशील कोइराला ने शपथ ग्रहण समारोह के बाद कहा कि मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व में अंतरिम सरकार के गठन से न केवल मौजूदा राजनीतिक गतिरोध का समाधान निकलने का रास्ता मिलेगा, बल्कि इससे देश के लोकतंत्र को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इस समय चुनाव कराना बहुत जरूरी है, क्योंकि ताजा जनादेश लोकतंत्र की रक्षा करेगा और आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि नेपाली कांग्रेस लोकतंत्र और मानवाधिकार के सिद्धांतों के मसले पर किसी भी ताकत से किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। इस बीच सीपीएन-माओवादी के 100 कार्यकर्ताओं ने शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राष्ट्रपति भवन के सामने विरोध प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि इस समय चुनाव कराना बहुत जरूरी है, क्योंकि ताजा जनादेश लोकतंत्र की रक्षा करेगा और आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि नेपाली कांग्रेस लोकतंत्र और मानवाधिकार के सिद्धांतों के मसले पर किसी भी ताकत से किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। इस बीच सीपीएन-माओवादी के 100 कार्यकर्ताओं ने शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राष्ट्रपति भवन के सामने विरोध प्रदर्शन किया। | संक्षिप्त सारांश: महीनों से जारी राजनीतिक गतिरोध खत्म करते हुए नेपाल के मुख्य न्यायाधीश खिल राज रेगमी ने देश के नए प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली। | 10 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बारिश के मौसम में पूर्वी दिल्ली स्थित गाजीपुर के पास कूड़े के पहाड़ का एक हिस्सा शुक्रवार को ढह जाने से एक बड़ा हादसा हो गया. हादसे में एक लड़की समें दो की मौत हो गई. यह लड़की नहर के पास से स्कूटी से गुजर रही थी. सात लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है. पांच लोगों को बचाया गया है. प्रशासन ने दो लोगों की मौत की पुष्टि की है. हादसे के चपेट में 6 गाड़ियां आ गई और पास की नहर में गिर गई हैं. राहत और बचाव कार्य जारी है. उधर, एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई है. नहर से टैक्सी को बाहर निकाल लिया गया है.
1984 में इस पहाड़ को खड़ा किया गया था. ओखला में भी एक कूड़े के ढेर को बनाया गया है. करीब 600 ट्रक रोजाना कूड़ा लेकर यहां आते हैं. दिल्ली से रोज लगभग 14000 टन कचरा निकाला जाता है. ये पूरा क्षेत्र 70 एकड़ में फैला हुआ है. फिलहाल यह पहाड़ 50 फीट ऊंचा है.टिप्पणियां
दोपहर करीब ढाई बजे कूड़े के पहाड़ का ये हिस्सा पास से गुजर रहे नाले में गिरा जिससे नाले का पानी पास से गुजर रही सड़क पर आ गया. पानी का बहाव इतना तेज था कई लोग नाले में बह गए. हादसे में एक कार भी नाले में बह गई है. इस हादसे में दो लोगों के मारे जाने की खबर है. मृतकों में एक महिला और एक बच्चा शामिल है. प्रशासन ने तुरंत ही राहत और बचाव का काम शुरू कर दिया है.
फायर बिग्रेड की टीम मौके पर मौजूद है. हादसे के बाद इस रूट से होकर गाजियाबाद जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया गया है. गाजियाबाद के इंदिरापुरम, वैशाली, वसुंधरा समेत अन्य इलाकों से काफी लोग दिल्ली और नोएडा जाने के लिए इस रूट का इस्तेमाल करते हैं.
1984 में इस पहाड़ को खड़ा किया गया था. ओखला में भी एक कूड़े के ढेर को बनाया गया है. करीब 600 ट्रक रोजाना कूड़ा लेकर यहां आते हैं. दिल्ली से रोज लगभग 14000 टन कचरा निकाला जाता है. ये पूरा क्षेत्र 70 एकड़ में फैला हुआ है. फिलहाल यह पहाड़ 50 फीट ऊंचा है.टिप्पणियां
दोपहर करीब ढाई बजे कूड़े के पहाड़ का ये हिस्सा पास से गुजर रहे नाले में गिरा जिससे नाले का पानी पास से गुजर रही सड़क पर आ गया. पानी का बहाव इतना तेज था कई लोग नाले में बह गए. हादसे में एक कार भी नाले में बह गई है. इस हादसे में दो लोगों के मारे जाने की खबर है. मृतकों में एक महिला और एक बच्चा शामिल है. प्रशासन ने तुरंत ही राहत और बचाव का काम शुरू कर दिया है.
फायर बिग्रेड की टीम मौके पर मौजूद है. हादसे के बाद इस रूट से होकर गाजियाबाद जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया गया है. गाजियाबाद के इंदिरापुरम, वैशाली, वसुंधरा समेत अन्य इलाकों से काफी लोग दिल्ली और नोएडा जाने के लिए इस रूट का इस्तेमाल करते हैं.
दोपहर करीब ढाई बजे कूड़े के पहाड़ का ये हिस्सा पास से गुजर रहे नाले में गिरा जिससे नाले का पानी पास से गुजर रही सड़क पर आ गया. पानी का बहाव इतना तेज था कई लोग नाले में बह गए. हादसे में एक कार भी नाले में बह गई है. इस हादसे में दो लोगों के मारे जाने की खबर है. मृतकों में एक महिला और एक बच्चा शामिल है. प्रशासन ने तुरंत ही राहत और बचाव का काम शुरू कर दिया है.
फायर बिग्रेड की टीम मौके पर मौजूद है. हादसे के बाद इस रूट से होकर गाजियाबाद जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया गया है. गाजियाबाद के इंदिरापुरम, वैशाली, वसुंधरा समेत अन्य इलाकों से काफी लोग दिल्ली और नोएडा जाने के लिए इस रूट का इस्तेमाल करते हैं.
फायर बिग्रेड की टीम मौके पर मौजूद है. हादसे के बाद इस रूट से होकर गाजियाबाद जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया गया है. गाजियाबाद के इंदिरापुरम, वैशाली, वसुंधरा समेत अन्य इलाकों से काफी लोग दिल्ली और नोएडा जाने के लिए इस रूट का इस्तेमाल करते हैं. | संक्षिप्त पाठ: स्कूटी और कैब पास की नहर में गिर गई, लड़की की मौत
राहत और बचाव कार्य जारी, सात लोगों के दबे होने की आशंका
1984 में इस पहाड़ को खड़ा किया गया था, पूरा क्षेत्र 70 एकड़ में | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मैक्सिको में हमलावरों ने एक ग्रीष्म कालीन शिविर में घुस कर सात किशोरियों के साथ बलात्कार किया और कई लड़कों की पिटाई की। प्रशासन के मुताबिक यह घटना पिछले सप्ताह सेन्ट्रल मेक्सिको में घटी।
मेक्सिको के अटॉर्नी जनरल के दफ्तर ने बताया है कि यह घटना गुरुवार रात को इक्सतापाल्युसा में हुई। करीब 90 बच्चे और किशोर, पिछले सोमवार से, इस इलाके में शिविर लगाए हुए थे।
शिविर के निदेशक ने शुक्रवार सुबह अभियोक्ता दफ्तर में शिकायत करके बताया कि करीब दर्जन भर हथियारबंद हमलावरों ने रात को उनके शिविर पर हमला कर दिया।
अटॉर्नी जनरल के दफ्तर से जारी एक बयान के मुताबिक,"इन हथियारबंद लोगों ने शिविर में रह रहे लोगों को घटों तक बंदी बनाए रखा। इस दौरान उन्होंने सात नाबालिग लड़कियों के साथ बलात्कार किया और कई लड़कों की पिटाई की भी की।"टिप्पणियां
इसके अलावा हमलावरों ने इन लोगों के सामान और दो वाहन भी चुरा लिए।
मेक्सिको के गवर्नर एरुवील एविला का कहना है कि सभी पीड़ित किशोरियों को कानूनी, चिकित्सकीय और मानसिक सहायता प्रदान की जाएगी। और इस मामले के दोषियों को खोज कर ऐसी सजा दी जाएगी जो एक नजीर बन सके।
मेक्सिको के अटॉर्नी जनरल के दफ्तर ने बताया है कि यह घटना गुरुवार रात को इक्सतापाल्युसा में हुई। करीब 90 बच्चे और किशोर, पिछले सोमवार से, इस इलाके में शिविर लगाए हुए थे।
शिविर के निदेशक ने शुक्रवार सुबह अभियोक्ता दफ्तर में शिकायत करके बताया कि करीब दर्जन भर हथियारबंद हमलावरों ने रात को उनके शिविर पर हमला कर दिया।
अटॉर्नी जनरल के दफ्तर से जारी एक बयान के मुताबिक,"इन हथियारबंद लोगों ने शिविर में रह रहे लोगों को घटों तक बंदी बनाए रखा। इस दौरान उन्होंने सात नाबालिग लड़कियों के साथ बलात्कार किया और कई लड़कों की पिटाई की भी की।"टिप्पणियां
इसके अलावा हमलावरों ने इन लोगों के सामान और दो वाहन भी चुरा लिए।
मेक्सिको के गवर्नर एरुवील एविला का कहना है कि सभी पीड़ित किशोरियों को कानूनी, चिकित्सकीय और मानसिक सहायता प्रदान की जाएगी। और इस मामले के दोषियों को खोज कर ऐसी सजा दी जाएगी जो एक नजीर बन सके।
शिविर के निदेशक ने शुक्रवार सुबह अभियोक्ता दफ्तर में शिकायत करके बताया कि करीब दर्जन भर हथियारबंद हमलावरों ने रात को उनके शिविर पर हमला कर दिया।
अटॉर्नी जनरल के दफ्तर से जारी एक बयान के मुताबिक,"इन हथियारबंद लोगों ने शिविर में रह रहे लोगों को घटों तक बंदी बनाए रखा। इस दौरान उन्होंने सात नाबालिग लड़कियों के साथ बलात्कार किया और कई लड़कों की पिटाई की भी की।"टिप्पणियां
इसके अलावा हमलावरों ने इन लोगों के सामान और दो वाहन भी चुरा लिए।
मेक्सिको के गवर्नर एरुवील एविला का कहना है कि सभी पीड़ित किशोरियों को कानूनी, चिकित्सकीय और मानसिक सहायता प्रदान की जाएगी। और इस मामले के दोषियों को खोज कर ऐसी सजा दी जाएगी जो एक नजीर बन सके।
अटॉर्नी जनरल के दफ्तर से जारी एक बयान के मुताबिक,"इन हथियारबंद लोगों ने शिविर में रह रहे लोगों को घटों तक बंदी बनाए रखा। इस दौरान उन्होंने सात नाबालिग लड़कियों के साथ बलात्कार किया और कई लड़कों की पिटाई की भी की।"टिप्पणियां
इसके अलावा हमलावरों ने इन लोगों के सामान और दो वाहन भी चुरा लिए।
मेक्सिको के गवर्नर एरुवील एविला का कहना है कि सभी पीड़ित किशोरियों को कानूनी, चिकित्सकीय और मानसिक सहायता प्रदान की जाएगी। और इस मामले के दोषियों को खोज कर ऐसी सजा दी जाएगी जो एक नजीर बन सके।
इसके अलावा हमलावरों ने इन लोगों के सामान और दो वाहन भी चुरा लिए।
मेक्सिको के गवर्नर एरुवील एविला का कहना है कि सभी पीड़ित किशोरियों को कानूनी, चिकित्सकीय और मानसिक सहायता प्रदान की जाएगी। और इस मामले के दोषियों को खोज कर ऐसी सजा दी जाएगी जो एक नजीर बन सके।
मेक्सिको के गवर्नर एरुवील एविला का कहना है कि सभी पीड़ित किशोरियों को कानूनी, चिकित्सकीय और मानसिक सहायता प्रदान की जाएगी। और इस मामले के दोषियों को खोज कर ऐसी सजा दी जाएगी जो एक नजीर बन सके। | संक्षिप्त सारांश: मैक्सिको में हमलावरों ने एक ग्रीष्म कालीन शिविर में घुस कर सात किशोरियों के साथ बलात्कार किया और कई लड़कों की पिटाई की। प्रशासन के मुताबिक यह घटना पिछले सप्ताह सेन्ट्रल मेक्सिको में घटी। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: केंद्र सरकार की राज्य मंत्री और एनसीपी सांसद अगाथा संगमा ने जगदलपुर में आदिवासियों की एक सभा में कहा कि उनके पिता राष्ट्रपति पद के काबिल उम्मीदवार हैं और उन्हें जो समर्थन मिल रहा है वह उनके आदिवासी होने के चलते नहीं, बल्कि उनकी योग्यता की वजह से मिल रहा है।
अगाथा ने इस सभा में पीए संगमा की उम्मीदवारी को नैतिक समर्थन देने की बात भी कही। संगमा की उम्मीदवारी के बाद सबकी निगाहें अगाथा पर रही हैं और एनसीपी कह चुकी है कि अगर अगाथा ने पार्टी लाइन छोड़कर पिता का समर्थन किया तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है लेकिन जगदलपुर में अगाथा शायद पार्टी लाइन भूलती दिखीं।
अगाथा ने इस सभा में पीए संगमा की उम्मीदवारी को नैतिक समर्थन देने की बात भी कही। संगमा की उम्मीदवारी के बाद सबकी निगाहें अगाथा पर रही हैं और एनसीपी कह चुकी है कि अगर अगाथा ने पार्टी लाइन छोड़कर पिता का समर्थन किया तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है लेकिन जगदलपुर में अगाथा शायद पार्टी लाइन भूलती दिखीं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अगाथा ने कहा कि उनके पिता राष्ट्रपति पद के काबिल उम्मीदवार हैं और उन्हें जो समर्थन मिल रहा है वह उनके आदिवासी होने के चलते नहीं, बल्कि उनकी योग्यता की वजह से मिल रहा है। | 25 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मानसेर संयंत्र में तालाबंदी के बावजूद देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने पिछले साल के मुकाबले जुलाई के दौरान बिक्री में 9.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की। इस दौरान कंपनी ने 82,234 कारें बेचीं। बीते साल जुलाई में कंपनी की बिक्री 75,300 कारों की थी।
कंपनी ने कहा कि जुलाई, 2012 के दौरान घरेलू बाजार में उसकी बिक्री 6.8 प्रतिशत बढ़कर 71,024 कारों की रही, जबकि बीते साल जुलाई में कंपनी ने घरेलू बाजार में 66,504 कारें बेची थीं।
कार बिक्री में प्रमुख योगदान उसकी कांपैक्ट सेडान कार डिजायर का रहा, जिसकी बिक्री चार गुना बढ़कर 11,413 इकाइयों की रही हालांकि मारुति-800, आल्टो, ए-स्टार और वैगन आर की बिक्री 23.7 प्रतिशत घटकर 28,998 इकाइयों की रही।
इसी तरह, सेडान कार एसएक्स-4 की बिक्री 70.5 प्रतिशत घटकर महज 679 इकाइयों पर आ गई। टिप्पणियां
इस दौरान, कंपनी का निर्यात 27.4 प्रतिशत बढ़कर 11,210 कारों का रहा, जबकि बीते साल जुलाई में कंपनी ने 8,796 कारों का निर्यात किया था।
उल्लेखनीय है कि कंपनी के मानेसर संयंत्र में हिंसा की घटना के बाद 21 जुलाई को मारुति सुजुकी इंडिया ने मानेसर संयंत्र में तालाबंदी की घोषणा की। इस हिंसक घटना में कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी की मृत्यु हो गई थी और अन्य 100 लोग घायल हुए थे।
कंपनी ने कहा कि जुलाई, 2012 के दौरान घरेलू बाजार में उसकी बिक्री 6.8 प्रतिशत बढ़कर 71,024 कारों की रही, जबकि बीते साल जुलाई में कंपनी ने घरेलू बाजार में 66,504 कारें बेची थीं।
कार बिक्री में प्रमुख योगदान उसकी कांपैक्ट सेडान कार डिजायर का रहा, जिसकी बिक्री चार गुना बढ़कर 11,413 इकाइयों की रही हालांकि मारुति-800, आल्टो, ए-स्टार और वैगन आर की बिक्री 23.7 प्रतिशत घटकर 28,998 इकाइयों की रही।
इसी तरह, सेडान कार एसएक्स-4 की बिक्री 70.5 प्रतिशत घटकर महज 679 इकाइयों पर आ गई। टिप्पणियां
इस दौरान, कंपनी का निर्यात 27.4 प्रतिशत बढ़कर 11,210 कारों का रहा, जबकि बीते साल जुलाई में कंपनी ने 8,796 कारों का निर्यात किया था।
उल्लेखनीय है कि कंपनी के मानेसर संयंत्र में हिंसा की घटना के बाद 21 जुलाई को मारुति सुजुकी इंडिया ने मानेसर संयंत्र में तालाबंदी की घोषणा की। इस हिंसक घटना में कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी की मृत्यु हो गई थी और अन्य 100 लोग घायल हुए थे।
कार बिक्री में प्रमुख योगदान उसकी कांपैक्ट सेडान कार डिजायर का रहा, जिसकी बिक्री चार गुना बढ़कर 11,413 इकाइयों की रही हालांकि मारुति-800, आल्टो, ए-स्टार और वैगन आर की बिक्री 23.7 प्रतिशत घटकर 28,998 इकाइयों की रही।
इसी तरह, सेडान कार एसएक्स-4 की बिक्री 70.5 प्रतिशत घटकर महज 679 इकाइयों पर आ गई। टिप्पणियां
इस दौरान, कंपनी का निर्यात 27.4 प्रतिशत बढ़कर 11,210 कारों का रहा, जबकि बीते साल जुलाई में कंपनी ने 8,796 कारों का निर्यात किया था।
उल्लेखनीय है कि कंपनी के मानेसर संयंत्र में हिंसा की घटना के बाद 21 जुलाई को मारुति सुजुकी इंडिया ने मानेसर संयंत्र में तालाबंदी की घोषणा की। इस हिंसक घटना में कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी की मृत्यु हो गई थी और अन्य 100 लोग घायल हुए थे।
इसी तरह, सेडान कार एसएक्स-4 की बिक्री 70.5 प्रतिशत घटकर महज 679 इकाइयों पर आ गई। टिप्पणियां
इस दौरान, कंपनी का निर्यात 27.4 प्रतिशत बढ़कर 11,210 कारों का रहा, जबकि बीते साल जुलाई में कंपनी ने 8,796 कारों का निर्यात किया था।
उल्लेखनीय है कि कंपनी के मानेसर संयंत्र में हिंसा की घटना के बाद 21 जुलाई को मारुति सुजुकी इंडिया ने मानेसर संयंत्र में तालाबंदी की घोषणा की। इस हिंसक घटना में कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी की मृत्यु हो गई थी और अन्य 100 लोग घायल हुए थे।
इस दौरान, कंपनी का निर्यात 27.4 प्रतिशत बढ़कर 11,210 कारों का रहा, जबकि बीते साल जुलाई में कंपनी ने 8,796 कारों का निर्यात किया था।
उल्लेखनीय है कि कंपनी के मानेसर संयंत्र में हिंसा की घटना के बाद 21 जुलाई को मारुति सुजुकी इंडिया ने मानेसर संयंत्र में तालाबंदी की घोषणा की। इस हिंसक घटना में कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी की मृत्यु हो गई थी और अन्य 100 लोग घायल हुए थे।
उल्लेखनीय है कि कंपनी के मानेसर संयंत्र में हिंसा की घटना के बाद 21 जुलाई को मारुति सुजुकी इंडिया ने मानेसर संयंत्र में तालाबंदी की घोषणा की। इस हिंसक घटना में कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी की मृत्यु हो गई थी और अन्य 100 लोग घायल हुए थे। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मानसेर संयंत्र में तालाबंदी के बावजूद देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने पिछले साल के मुकाबले जुलाई के दौरान बिक्री में 9.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की। | 19 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: एक कहावत है 'बड़े मियां तो बड़े मियां, छोटे मियां सुभान अल्लाह', जो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से नाता रखने वाले मध्य प्रदेश के इंदौर के विजयवर्गीय परिवार पर सटीक बैठ रही है. ऐसा इसलिए, क्योंकि भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने लगभग ढाई दशक पहले एक अफसर पर जूता ताना था और अब उनके विधायक बेटे आकाश विजयवर्गीय (Akash Vijayvargiya) ने नगर निगम के अफसरों पर क्रिकेट का बल्ला चला दिया. इंदौर की राजनीति में कैलाश विजयवर्गीय की आक्रामक नेता की छवि रही है, उनसे जुड़े किस्से हमेशा चर्चाओं में रहे है. अब उनके विधायक बेटे आकाश विजयवर्गीय द्वारा गंजी कंपाउंड में स्थित जर्जर मकान को गिराने गए नगर निगम के अमले में शामिल अधिकारी धीरेंद्र बायस पर क्रिकेट का बल्ला चला दिया.
इस पूरे घटनाक्रम ने कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) के राजनीतिक अंदाज की याद ताजा कर दी है. लगभग दो दशक पहले का वाकया है, जब स्थानीय लोगों की पानी की समस्या को लेकर कैलाश विजयवर्गीय नगर निगम आयुक्त के आवास का घेराव करने पहुंचे थे. यहां विजयवर्गीय ने तब एक अधिकारी के सामने जूता तान लिया था. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के.के .मिश्रा ने कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) द्वारा एक अफसर के सामने जूता ताने होने की तस्वीर जारी करते हुए कहा, "यह घटना वर्ष 1994 की है, जब विजयवर्गीय विधायक हुआ करते थे, उनका वहां मेयर हाउस के पास विवाद हुआ, इस दौरान उन्होंने वहां तैनात आईपीएस अधिकारी प्रमेाद फलणीकर पर जूता चलाया था. अब उनके बेटे ने बल्ला चलाया है, यही है संस्कारवान बेटा".
राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर कमलनाथ सरकार पर भाजपा लगातार हमला कर रही है. इस पर मिश्रा ने कहा, "बल्लभ भवन हिला देने की गीदड़ धमकी देने वाले शिवराज सिंह चौहान यह भी कहते है कि टाइगर अभी जिंदा है, पर आकाश विजयवर्गीय से संबद्घ मामले में टाइगर, मेमना हो गया है." कैलाश विजयवर्गीय और आकाश को करीब से जानने वाले दोनों को अलग-अलग मानते है. उनका कहना है कि, दोनों की कार्यशैली अलग-अलग है, कैलाश विजयवर्गीय की राजनीति आक्रमक रही है. वह हमेशा ही राजनीति में तीखे तेवरों के लिए जाने जाते रहे हैं. उनका अपने विरोधियों से निपटने का भी उनका अलग तरीका है, वहीं आकाश अलग है, वे गंभीर है और युवाओं में धार्मिकता लाने के लिए एक संगठन भी चलाते है. इस घटना को बदलते आकाश के तौर पर देखा जा रहा है.
आकाश (Kailash Vijayvargiya) का अफसर को पीटने के बाद के बयान की भी खूब चर्चा है, जिसमें उन्होंने कहा था, "भाजपा ने सिखाया है, पहले आवेदन, फिर निवेदन और फिर दे दनादन. हमने हाथ जोड़कर निवेदन कई बार किया, अभी तो यह सिर्फ शुरुआत है. अब यह लड़ाई इनके खात्मे के साथ खत्म होगी." इंदौर के घटनाक्रम के सामने आने के बाद महापौर मालिनी गौड़ भी अपरोक्ष रूप से निगम अमले के साथ खड़ी नजर आईं. उन्होंने कहा, "नगर निगम ने जर्जर मकानों को तोड़ने की सूची बनाई है, आकाश को मौके पर जाने से पहले बात करनी थी." गौरतलब है कि इंदौर के गंजी कंपाउंड में एक जर्जर मकान को गिराने गए नगर निगम के अमले के अधिकारी की आकाश ने क्रिकेट के बल्ले से पिटाई कर दी थी. इस घटना के बाद आकाश जेल में हैं. | सारांश: कैलाश विजयवर्गीय की 25 साल पुरानी फोटो वायरल
उन्होंने आईपीएस अफसर को दिखाया था जूता
अब बेटे ने निगम कर्मी को क्रिकेट बैट से मारा | 5 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पिछले दिनों दिल्ली से सटे नोएडा में अफ्रीकी छात्रों पर हुए हमले ने एक बार फिर भारत में नस्लवाद के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है. यह काफी नहीं था कि इस मामले पर अंतरराष्ट्रीय चैनल अल जज़ीरा से बात करते हुए बीजेपी के पूर्व सांसद तरुण विजय ने कह दिया कि 'अगर हम भारतीय नस्लभेदी होते तो दक्षिण भारतीयों के साथ कैसे रहते.' यह विडंबना ही है कि भारत में नस्लभेद की समस्या पर बात करते हुए खुद सांसद ही एक नस्लभेदी टिप्पणी कर बैठे.
ऐसे में जब पूरे भारत में रंग और नस्लभेद को लेकर चर्चा चल रही है, तब एक व्यंग्य भरे लहज़े में नागालैंड की रहने वाली मेरेनला इमसोंग ने एक वीडियो बनाया है जिसमें उन्होंने उत्तर भारतीयों की उस घिसी-पिटी आदत पर तंज कसा है जिसके तहत वह उत्तर पूर्वी लोगों के रूप रंग और बोलने के लहज़े को लेकर पूर्वाग्रह रखते हैं और कई बार उनका मज़ाक भी बना देते हैं.
दिलचस्प यह है कि मेरनला ने इस वीडियो में रंग भेद करने वालों को उन्हीं की कड़वी दवा चखाई है. उत्तर पूर्वी लोगों को लेकर एक ढर्रे की राय कायम रखने वालों के लिए मेरेनला ने वही सब बात कही हैं (तंज कसते हुए) जो अक्सर भारत के पूर्वी राज्यों में रहने वाले लोगों को सुनने को मिलती हैं. टिप्पणियां
इस वीडियो को एक लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है और ज्यादातर इसमें कही गई बात से सहमति दिखाई गई है. मेरेनला ने अपने वीडियो के जरिए बताना चाहा है कि जिस तरह उत्तर पूर्वी लोगों को लेकर बिना सोचे समझे राय कायम कर ली जाती है, उसी तरह अगर उत्तर भारत के सभी लोगों के रूप, रंग और स्वभाव को लेकर एक जैसी राय बना ली जाए तो आप पर क्या बीतेगी..
क्या आप भी इस वीडियो से सहमत हैं. अपनी राय कमेंट बॉक्स में लिखें...
ऐसे में जब पूरे भारत में रंग और नस्लभेद को लेकर चर्चा चल रही है, तब एक व्यंग्य भरे लहज़े में नागालैंड की रहने वाली मेरेनला इमसोंग ने एक वीडियो बनाया है जिसमें उन्होंने उत्तर भारतीयों की उस घिसी-पिटी आदत पर तंज कसा है जिसके तहत वह उत्तर पूर्वी लोगों के रूप रंग और बोलने के लहज़े को लेकर पूर्वाग्रह रखते हैं और कई बार उनका मज़ाक भी बना देते हैं.
दिलचस्प यह है कि मेरनला ने इस वीडियो में रंग भेद करने वालों को उन्हीं की कड़वी दवा चखाई है. उत्तर पूर्वी लोगों को लेकर एक ढर्रे की राय कायम रखने वालों के लिए मेरेनला ने वही सब बात कही हैं (तंज कसते हुए) जो अक्सर भारत के पूर्वी राज्यों में रहने वाले लोगों को सुनने को मिलती हैं. टिप्पणियां
इस वीडियो को एक लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है और ज्यादातर इसमें कही गई बात से सहमति दिखाई गई है. मेरेनला ने अपने वीडियो के जरिए बताना चाहा है कि जिस तरह उत्तर पूर्वी लोगों को लेकर बिना सोचे समझे राय कायम कर ली जाती है, उसी तरह अगर उत्तर भारत के सभी लोगों के रूप, रंग और स्वभाव को लेकर एक जैसी राय बना ली जाए तो आप पर क्या बीतेगी..
क्या आप भी इस वीडियो से सहमत हैं. अपनी राय कमेंट बॉक्स में लिखें...
दिलचस्प यह है कि मेरनला ने इस वीडियो में रंग भेद करने वालों को उन्हीं की कड़वी दवा चखाई है. उत्तर पूर्वी लोगों को लेकर एक ढर्रे की राय कायम रखने वालों के लिए मेरेनला ने वही सब बात कही हैं (तंज कसते हुए) जो अक्सर भारत के पूर्वी राज्यों में रहने वाले लोगों को सुनने को मिलती हैं. टिप्पणियां
इस वीडियो को एक लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है और ज्यादातर इसमें कही गई बात से सहमति दिखाई गई है. मेरेनला ने अपने वीडियो के जरिए बताना चाहा है कि जिस तरह उत्तर पूर्वी लोगों को लेकर बिना सोचे समझे राय कायम कर ली जाती है, उसी तरह अगर उत्तर भारत के सभी लोगों के रूप, रंग और स्वभाव को लेकर एक जैसी राय बना ली जाए तो आप पर क्या बीतेगी..
क्या आप भी इस वीडियो से सहमत हैं. अपनी राय कमेंट बॉक्स में लिखें...
इस वीडियो को एक लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है और ज्यादातर इसमें कही गई बात से सहमति दिखाई गई है. मेरेनला ने अपने वीडियो के जरिए बताना चाहा है कि जिस तरह उत्तर पूर्वी लोगों को लेकर बिना सोचे समझे राय कायम कर ली जाती है, उसी तरह अगर उत्तर भारत के सभी लोगों के रूप, रंग और स्वभाव को लेकर एक जैसी राय बना ली जाए तो आप पर क्या बीतेगी..
क्या आप भी इस वीडियो से सहमत हैं. अपनी राय कमेंट बॉक्स में लिखें...
क्या आप भी इस वीडियो से सहमत हैं. अपनी राय कमेंट बॉक्स में लिखें... | यहाँ एक सारांश है:मेरेनला इमसोंग ने उत्तर पूर्वी लोगों को लेकर एक राय रखने वालों पर तंज कसा
उनके वीडियो को एक लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है
भारत में नस्लभेद और रंगभेद का मामला गरमाया हुआ है | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सनसनीखेज दावा किया है. उन्होंने कहा है कि बीजेपी मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार को गिराने का प्रयास कर रही है. दिग्विजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी पर कमलनाथ सरकार गिराने के लिए विधायक को 100 करोड़ रुपये का प्रलोभन देने का भी आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि भाजपा को विपक्ष में बैठना पच नहीं रहा है, लिहाजा वह विधायकों की खरीद-फरोख्त कर रही है. राज्य के पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, विश्वास सारंग द्वारा विधायक बैजनाथ कुशवाहा को शहर से 10 किलोमीटर दूर ले जाकर 100 करोड़ रुपये का लालच और मंत्री पद का प्रलोभन दिया, ताकि सरकार गिराई जा सके.
दिग्विजय सिंह ने कहा कि भाजपा सत्ता हासिल करने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त में लगी है. विधायकों को 100 करोड़ रुपये तक का ऑफर दिया गया है. उन्होंने भाजपा के विधायकों पर दूसरे विधायक को ढाबे पर चर्चा के लिए ले जाने का आरोप भी लगाया है. दिग्विजय सिंह ने कहा कि समय आएगा तो वे इस मामले में सबूतों को सामने भी लाएंगे. आपको बता दें कि दिग्विजय सिंह के इस आरोप के बाद भाजपा भी आक्रामक हो गई है. पूर्व मंत्री विश्वास सारंग व विधायक नारायण त्रिपाठी ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि सिंह अगर आरोप साबित कर देंगे तो वे राजनीति ही छोड़ देंगे.
आपको बता दें कि आज ही मध्य प्रदेश से एक और खबर सामने आई थी. पथरिया से बसपा विधायक (BSP MLA) रामबाई ने कमलनाथ सरकार (Kamal Nath Govt) को अल्टीमेटम दे दिया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उनसे मंत्री बनाने का वादा किया है, वह 20 जनवरी तक इंतजार करेंगी. जब उनसे पूछा गया कि क्या ये सरकार के लिए खतरे की चेतावनी है तो उन्होंने कहा कि कांग्रेस भी जानती है कि उनकी सरकार अगले 5 सालों तक ऐसे ही चलेगी. वहीं दूसरी ओर जयस से कांग्रेस विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने भी नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि युवाओं में निराशा है, उम्मीद है अगले विस्तार में भागीदारी मिलेगी. मैंने अपनी बात शीर्ष नेतृत्व तक रख दी है. बता दें, राज्य विधानसभा के 230 सदस्यों में 114 कांग्रेस और 109 भाजपा के हैं. वहीं कांग्रेस को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के दो, समाजवादी पार्टी (सपा) के एक और चार निर्दलीय का समर्थन हासिल है. इसी के चलते कांग्रेस ने सरकार बनाई है. (इनपुट- IANS) | सारांश: कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने लगाया आरोप
कहा- बीजेपी मध्य प्रदेश सरकार गिराना चाहती है
विधायक को 100 करोड़ रुपये ऑफर किये गए | 7 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अमेरिकी ऊर्जा विभाग का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल 10 दिवसीय दौरे पर भारत आया हुआ है। अमेरिकी दूतावास द्वारा सोमवार को जारी एक बयान में कहा गया कि इस दौरे में प्रतिनिधिमंडल परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग और साझीदारी के लिए बात करेगा। बयान के मुताबिक ऊर्जा विभाग के प्रतिनिधि भारत के परमाणु ऊर्जा समुदाय के बारे में अपनी जानकारी बढ़ाएंगे और परमाणु विकास और साझेदारी के अवसरों की तलाश करेंगे, जिससे दोनों देशों का हित पूरा होगा। इस दौरे में अमेरिका के प्रमुख परमाणु इंजीनियरिंग और विज्ञान प्रयोगशाला 'इदाहो राष्ट्रीय प्रयोगशाला' के प्रतिनिधि यहां सरकार, उद्योग और शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले प्रमुख विशेषज्ञों से मिलेंगे। प्रयोगशाला के निदेशक और प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख जॉन ग्रेसनबचर ने कहा कि सभी परमाणु ऊर्जा वाले देश एक दूसरे के परमाणु संस्थानों को समझने और जहां उचित हो आपसी सहयोग करने से लाभान्वित होते हैं। दौरे में प्रतिनिधिमंडल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुम्बई, परमाणु ऊर्जा विभाग और उसके दो प्रयोगशालाओं-भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम और राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम-के प्रमुख प्रतिनिधियों से मिलेंगे। इदाहो राष्ट्रीय प्रयोगशाला ने इससे पहले अमेरिका और भारत में नागरिक परमाणु ऊर्जा सहयोग पर 123 समझौते की वार्ता और भारत-अमेरिका कार्यसमूह की बैठक में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। | सारांश: अमेरिकी दूतावास द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि इस दौरे में प्रतिनिधिमंडल परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग और साझीदारी के लिए बात करेगा। | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अपनी हालिया फिल्म 'जैक एंड डिएन' में टैटू पार्लर की मालकिन की भूमिका निभाने वाली ऑस्ट्रेलियाई पॉप गायिका और अभिनेत्री काइली मिनोग ने अपने किरदार के लिए शरीर पर कई रंगों की स्याही से नकली टैटू बनवाए हैं।टिप्पणियां
ऑनलाइन पत्रिका 'सन' के मुताबिक 44-वर्षीय मिनोग ने इस फिल्म में छोटा-सा हास्य चरित्र निभाया है और इस फिल्म में किए गए कैमियो रोल के जरिये वह करीब 11 साल बाद बड़े पर्दे पर लौट रही हैं। इससे पहले उन्होंने 'मौलां रूश' में 'ग्रीन फेयरी' का किरदार निभाया था।
अमेरिकी अभिनेत्री राइली किओफ इस फिल्म में 'जैक' का अभिनय करेंगी, और फिल्म दो युवा लड़कियों की कहानी है, जो न्यूयार्क सिटी में रहते हुए एक-दूसरे के प्रेम में पड़ जाती हैं। फिल्म 2 नवंबर को रिलीज होगी।
ऑनलाइन पत्रिका 'सन' के मुताबिक 44-वर्षीय मिनोग ने इस फिल्म में छोटा-सा हास्य चरित्र निभाया है और इस फिल्म में किए गए कैमियो रोल के जरिये वह करीब 11 साल बाद बड़े पर्दे पर लौट रही हैं। इससे पहले उन्होंने 'मौलां रूश' में 'ग्रीन फेयरी' का किरदार निभाया था।
अमेरिकी अभिनेत्री राइली किओफ इस फिल्म में 'जैक' का अभिनय करेंगी, और फिल्म दो युवा लड़कियों की कहानी है, जो न्यूयार्क सिटी में रहते हुए एक-दूसरे के प्रेम में पड़ जाती हैं। फिल्म 2 नवंबर को रिलीज होगी।
अमेरिकी अभिनेत्री राइली किओफ इस फिल्म में 'जैक' का अभिनय करेंगी, और फिल्म दो युवा लड़कियों की कहानी है, जो न्यूयार्क सिटी में रहते हुए एक-दूसरे के प्रेम में पड़ जाती हैं। फिल्म 2 नवंबर को रिलीज होगी। | संक्षिप्त सारांश: 44-वर्षीय मिनोग ने फिल्म 'जैक एंड डिएन' में छोटा-सा हास्य चरित्र निभाया है और इस कैमियो रोल के जरिये वह करीब 11 साल बाद बड़े पर्दे पर लौट रही हैं। | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: असम में बाढ़ ने तबाही मचा दी है। ब्रह्मपुत्र के बढ़ते जलस्तर से करीब आधा असम पानी में डूब चुका है। बाढ़ से अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है।टिप्पणियां
हालात ये हैं कि असम के 16 जिलों के 17 लाख लोग इस बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। करीब 2 हजार गांव बाढ़ की चपेट में हैं। प्रशासन की तरफ से 166 राहत शिविर लगाए गए हैं जहां 2 लाख से ज्यादा लोगों ने शरण ली हुई है।
मुख्यमंत्री तरुण गोगोई (जो इस समय जापान की यात्रा पर हैं) ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे राहत और बचाव के काम में हेलीकॉप्टर और मोटर बोट्स का इस्तेमाल करें ताकि लोगों तक जल्द राहत पहुंचाई जा सके।
हालात ये हैं कि असम के 16 जिलों के 17 लाख लोग इस बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। करीब 2 हजार गांव बाढ़ की चपेट में हैं। प्रशासन की तरफ से 166 राहत शिविर लगाए गए हैं जहां 2 लाख से ज्यादा लोगों ने शरण ली हुई है।
मुख्यमंत्री तरुण गोगोई (जो इस समय जापान की यात्रा पर हैं) ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे राहत और बचाव के काम में हेलीकॉप्टर और मोटर बोट्स का इस्तेमाल करें ताकि लोगों तक जल्द राहत पहुंचाई जा सके।
मुख्यमंत्री तरुण गोगोई (जो इस समय जापान की यात्रा पर हैं) ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे राहत और बचाव के काम में हेलीकॉप्टर और मोटर बोट्स का इस्तेमाल करें ताकि लोगों तक जल्द राहत पहुंचाई जा सके। | यहाँ एक सारांश है:असम में बाढ़ ने तबाही मचा दी है। ब्रह्मपुत्र के बढ़ते जलस्तर से करीब आधा असम पानी में डूब चुका है। बाढ़ से अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कप्तान महेंद्र सिह धोनी के नेतृत्व में भले ही भारतीय क्रिकेट टीम ने दिग्गज टीमों को उन्हीं की धरती पर हराकर एकदिवसीय श्रृंखला जीती हो लेकिन दक्षिण अफ्रीका को उनके घर में हराना आज भी टीम इंडिया के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रही है। हाल में सम्पन्न पांच मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला में यह बात साबित हो गई कि भारतीय टीम के ये शेर आज भी तेज और उछाल वाली पिचों पर ढेर हो जाते हैं। दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाजों डेल स्टेन और मोर्न मोर्कल की जोड़ी के सामने भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह फ्लॉप रही। भारत ने जिन दो मुकाबले में जीत दर्ज की उसमें विराट कोहली, मुनाफ पटेल और यूसुफ पठान का अहम योगदान रहा। विश्व कप टीम में शामिल किए गए लेग स्पिनर पीयूष चावला को अंतिम मैच में खेलने का मौका मिला लेकिन वह उसमें अपना प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। चावला ने लगभग दो वर्ष बाद एकदिवसीय टीम में वापसी की है। चावला ने सात ओवर की गेंदबाजी में 32 रन खर्च किए लेकिन उन्हें एक भी विकेट नहीं मिला। अंतिम एकदिवसीय जीतकर दक्षिण अफ्रीका ने श्रृंखला पर 3-2 से कब्जा कर लिया, लेकिन इस मैच में हरफनमौला खिलाड़ी यूसुफ पठान ने अपनी आतिशी पारी से सबका दिल जीत लिया। यूसुफ की शानदार पारी हालांकि टीम को हार से नहीं बचा पाई लेकिन इतना तो जरूर है कि उन्होंने टीम को शर्मशार होने से बचा लिया। ऐसे में 19 फरवरी से आयोजित हो रहे विश्व कप के दौरान प्रशंसकों को उनसे उम्मीदें बढ़ गई हैं। यूसुफ ने इस श्रृंखला में तीन मैच खेले, जिसमें उन्होंने शानदार 55.33 की औसत से 166 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने एक शतक और एक अर्द्धशतक भी लगाया और एक विकेट भी झटका। दूसरी ओर, श्रृंखला में मध्यक्रम के एक विश्वसनीय बल्लेबाज के रूप में विराट कोहली ने अपना प्रभाव छोड़ा। दिल्ली के विराट ने दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों का जिस तरह से डटकर मुकाबला किया वह काबिलेतारीफ है। डरबन के किंग्समीड मैदान पर खेले गए पहले एकदिवसीय मुकाबले में सलामी बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर से लेकर युवराज सिंह और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी जहां रनों के लिए तरसते नजर आए वहीं कोहली ने उस मैच में शानदार 54 रनों की पारी खेली थी। भारत की ओर से श्रृंखला में सर्वाधिक रन बनाने के मामले में कोहली शीर्ष पर रहे। कोहली ने पांच मैचों की पांच पारियों में 48.25 की औसत से 193 रन बनाए जिसमें दो अर्द्धशतक शामिल थे। लगभग 11 महीने बाद अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मुकाबले में वापसी करने वाले तेंदुलकर ने निराश किया। तेंदुलकर ने जहां पहले मुकाबले में सात रन बनाए वहीं जोहांसबर्ग के वांडर्स स्टेडियम में खेले गए दूसरे मुकाबले में 24 रन बनाकर वह चलते बने। इसके बाद चोट के कारण वह बाकी के मैचों में नहीं खेल पाए थे। वैसे दक्षिण अफ्रीकी धरती पर चार शतक लगाकर सचिन शतक बनाने के मामले में दूसरे नम्बर पर हैं। सौरव गांगुली के नाम पांच शतक है। भारतीय टीम के लिए युवराज सिंह का फॉर्म चिंता का विषय बना हुआ है। युवी ने पहले मुकाबले में केवल दो रन ही बना सके। दूसरे मुकाबले में हालांकि 53 रन बनाकर उन्होंने फॉर्म में आने का संकेत दिया लेकिन वह बाकी के तीन मुकाबलों में इस प्रदर्शन को नहीं दोहरा सके। युवी ने पांच मैचों में 18.22 रन की खराब औसत से महज 91 रन ही बनाए। उन्होंने वैसे 28.80 के औसत से पांच विकेट झटके। कप्तान धोनी भी श्रृंखला में रनों के लिए तरसते नजर आए। धोनी ने पांच मैचों की पांच पारियों में 15 की औसत से मात्र 75 रन ही बना पाए जिसमें 38 रन उनका सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर रहा। विश्व कप के लिहाज से सुरेश रैना का फॉर्म धोनी के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। रैना ने पांच मैचों की पांच पारियों में 22.20 की औसत से 111 रन बनाए हैं जिसमें 37 रन उनका सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर रहा है। तेज गेंदबाजी में मुनाफ पटेल का प्रदर्शन शानदार रहा। मुनाफ ने पांच मैचों में 18.72 की औसत से भारत की ओर से सर्वाधिक 11 विकेट झटके। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 29 रन खर्च कर चार विकेट का रहा। जहीर ने इतने ही मैचों में 25.11 की औसत से कुल नौ विकेट चटकाए जबकि हरभजन की झोली में कुल चार विकेट आए। दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज हाशिम अमला ने सर्वाधिक रन बनाने के मामले में शीर्ष पर रहे। अमला ने पांच मैचों की पांच पारियों में 62.50 की औसत से 250 रन बनाए, जिसमें एक शतक और दो अर्द्धशतक शामिल थे। तेज गेंदबाज लोनवाबो त्सोत्सोबे ने पांच मैचों में 13.53 की औसत से सर्वाधिक 13 विकेट झटके वहीं मोर्न मोर्कल ने इतने ही मुकाबलों में 11.41 की औसत से कुल 11 विकेट चटकाए। मोर्कल को उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए मैन ऑफ द सीरीज का पुरस्कार दिया गया। देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय टीम अगले महीने से आयोजित होने वाले विश्व कप में कैसा प्रदर्शन करती हैं हालांकि क्रिकेट पंडितों की राय में खिताब की प्रबल दावेदारों में भारतीय टीम भी शामिल है। | संक्षिप्त सारांश: पांच मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला में यह बात साबित हो गई कि भारतीय टीम के ये शेर आज भी तेज और उछाल वाली पिचों पर ढेर हो जाते हैं। | 0 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर लाखों की ठगी हो रही है. यूपी के मऊ के सुनील सिंह से ऐसे ही ठगी करने की कोशिश हुई. पहले दूर बैठे ठग ने उनका फोटो डाउनलोड करके उनके नाम से दूसरा एकाउंट बनाया फिर उनके रिश्तेदारों को अपनी फ्रेंड लिस्ट में शामिल कर उनसे पैसे मांगना शुरू किया.
मऊ के सुनील सिंह ने बताया कि ''मुझे फोन आने शुरू हुए कि आपकी लड़की बीमार है, कैसे पैसा डालना है. तब मुझे पता चला कि मेरा फेसबुक का दूसरा एकाउंट ठगों ने बना लिया है.''
इसी के चलते यूपी एसटीएफ को एडवाइजरी भी जारी करनी पड़ी है. इसी ठगी के चलते फेसबुक ने एक करोड़ से ज्यादा फर्जी एकाउंट बंद किए हैं और कई नए फीचर भी डाले हैं. लेकिन इसके बावजूद फर्जी प्रोफाइल बनाना अभी बहुत आसान है.
सोशल मीडिया पर उतनी ही जानकारी दें जिससे आपकी निजता बची रहे क्योंकि डिजिटल प्लेटफार्म का जितना आप उपयोग करते हैं उतना ही साइबर क्रिमिनल की नजर में भी रहते हैं. | यहाँ एक सारांश है:यूपी के मऊ के सुनील सिंह के दोस्तों को ठगने की कोशिश हुई
उत्तर प्रदेश एसटीएफ को एडवाइजरी जारी करनी पड़ी
सोशल मीडिया पर सीमित जानकारी दें ताकि निजता बची रहे | 15 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: SSC ने कॉन्सटेबल जनरल ड्यूटी (SSC GD Constable) भर्ती परीक्षा का एडमिट कार्ड (SSC GD Admit Card) जारी कर दिया है. भर्ती परीक्षा का एडमिट कार्ड (SSC GD Admit Card 2019) SSC की सभी रीजनल वेबसाइट्स पर जारी किया गया है. उम्मीदवार अपने रीजन की एसएससी वेबसाइट पर जाकर अपना एडमिट कार्ड (SSC Admit Card 2019) डाउनलोड कर सकते हैं. कॉन्सटेबल जनरल ड्यूटी के के 54 हजार 953 पर भर्ती परीक्षा 11 फरवरी से 11 मार्च तक आयोजित की जाएगी. परीक्षा की तारीख नजदीक है, ऐसे में उम्मीदवारों को अपनी तैयारी तेज कर देनी चाहिए. बता दें कि कॉन्सटेबल जीडी के 54 हजार 953 पर भर्ती के लिए पिछले साल जुलाई के महीने में नोटिफिकेशन जारी किया गया था. SSC GD के माध्यम से BSF, CRPF, SSB, ITBP, AR, NIA, और SSF में नियुक्तियां की जाएंगी.
उम्मीदवार नीचे दिए गए डायरेक्ट लिंक पर क्लिक कर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं.SSC GD Admit Card 2019
उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलों कर अपना एडमिट कार्ड (SSC GD Constable Admit Card) डाउनलोड कर सकते हैं. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एसएससी जीडी एडमिट कार्ड जारी.
कॉन्सटेबल जनरल ड्यूटी के के 54 हजार 953 पर भर्ती होनी है.
कॉन्सटेबल भर्ती परीक्षा 11 फरवरी से 11 मार्च तक आयोजित की जाएगी. | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: असम में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या 157 हो गई है. पुलिस के अनुसार मरने वालों में 85 लोग गोलाघाट और 50 से ज्यादा लोग जोरहाट के रहने वाले थे. इस घटना के सामने आने के बाद प्रशासन ने संबंधित इलाकों में अवैध शराब बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. अभी तक पुलिस ने 100 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं. जबकि 22 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है. पुलिस ने कई हजार लीटर शराब जब्त भी की है. राज्य सरकार ने इस घटना में जान गंवाने वाले लोगों को दो लाख रुपये का मुआवजा जबकि बीमार लोगों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की है.
बता दें कि बीते गुरुवार की रात गोलाघाट एवं जोरहाट के दो चाय बगानों के श्रमिक जहरीली शराब पीने से बीमार हो गए थे. इनमें से 12 की मौत उसी रात हो गई थी. मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल और स्वास्थ्य मंत्री हेमंत सर्मा ने जेएमसीएच में भर्ती लोगों की स्थिति की शनिवार को समीक्षा की थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अपर असम मंडलायुक्त जूली सोनोवाल को इस घटना की जांच करने और एक महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा है. असम के पुलिस महानिदेशक कुलधर सैकिया ने बताया कि गोलाघाट में 12 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. देश में एक पखवाड़े के भीतर जहरीली शराब से हुई यह दूसरी बड़ी घटना है. इस महीने की शुरुआत में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 70 लोगों की मौत जहरीली शराब पीने से हो गई थी.
गौरतलब है कि इस घटना को लेकर खुमतई से भाजपा विधायक मृणाल सैकिया ने बताया था कि 100 से अधिक लोगों ने शराब पी थी और इसके एक ही विक्रेता से खरीदे जाने का संदेह है. बीमार पड़े लोगों का इलाज कर रहे एक चिकित्सक ने बताया था कि देशी जहरीली शराब पीने की वजह से ये मौतें हुईं और अस्पताल लाए गए ज्यादातर लोगों की हालत गंभीर है. सैकिया ने बताया था कि उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की जांच करने और फौरन कार्रवाई करने का अनुरोध किया है. वहीं, कांग्रेस विधायक रूपज्योति कुर्मी ने आबकारी मंत्री परिमल शुक्लवैद्य के इस्तीफे की मांग की है और मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल से मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने का अनुरोध किया है. | यहाँ एक सारांश है:100 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए
अभी तक पुलिस ने 20 लोगों को किया है गिरफ्तार
मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान | 4 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इशरत जहां के परिवार ने जान को खतरा होने की बात कही है। मुंबई में आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इशरत की बहन ने कहा है कि उन्हें डराया जा रहा है। उनके घर के नीचे एक पुलिसवाले को तैनात किया है, जिसने रात में 2 बजे उठकर उनका हाल पूछा यानी सुरक्षा देने के नाम पर ही उन्हें डराया जा रहा है।टिप्पणियां
इशरत के चाचा रऊफ लाला का कहना है कि 2011 से ही उन्हें डराने या मारने की कोशिश हो रही है। जून महीने में भी ऐसी ही कोशिश हुई। इशरत की बहन ने गृहमंत्री को चिट्ठी लिखकर सुरक्षा की मांग भी की है।
इधर, गृहमंत्री से जब इस बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि इशरत के परिवार वाले सुरक्षा की मांग करेंगे तो उन्हें सुरक्षा दी जाएगी।
इशरत के चाचा रऊफ लाला का कहना है कि 2011 से ही उन्हें डराने या मारने की कोशिश हो रही है। जून महीने में भी ऐसी ही कोशिश हुई। इशरत की बहन ने गृहमंत्री को चिट्ठी लिखकर सुरक्षा की मांग भी की है।
इधर, गृहमंत्री से जब इस बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि इशरत के परिवार वाले सुरक्षा की मांग करेंगे तो उन्हें सुरक्षा दी जाएगी।
इधर, गृहमंत्री से जब इस बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि इशरत के परिवार वाले सुरक्षा की मांग करेंगे तो उन्हें सुरक्षा दी जाएगी। | सारांश: मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इशरत की बहन ने कहा है कि उन्हें डराया जा रहा है। गृहमंत्री को चिट्ठी लिखकर उन्होंने सुरक्षा की मांग की है। | 31 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) आयोजन के दौरान भले ही छोटी-मोटी समस्या आई गई हो लेकिन वरिष्ठ बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने कहा कि इससे पूरी आईपीएल प्रतियोगिता पर सवाल नहीं उठाए जा सकते।
बीसीसीआई की इस महत्वपूर्ण प्रतियोगिता में स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर इस महान क्रिकेटर ने कहा,‘‘ मुझे लगता है कि किसी भी संगठन में कुछ ने कुछ समस्या उठती ही है लेकिन इससे पूरा संगठन खराब नहीं हो जाता।’’ चार जून को राज्यसभा के सदस्य बनने जा रहे तेंदुलकर ने युवा खिलाड़ियों को सलाह दी कि वे सही मिसाल कायम करने वाले लोगों का अनुकरण करें और उनके अच्छे गुणों को अपनाने का प्रयास करें।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह जरूर कहना चाहूंगा कि यह (स्पॉट फिक्सिंग) कोई अच्छा उदाहरण नहीं है। मेरी सलाह होगी कि उचित मिसाल कामय करने वालों का अनुसरण करें।’’ सचिन तेंदुलकर ‘कोका कोला-एनडीटीवी सपोर्ट माई स्कूल’ नामक अभियान पर आयोजित समारोह के अवसर बोल रहे थे।
गौरतलब है कि टीवी के एक स्टिंग आपरेशन के बाद आईपीएल के पांच क्रिकेटरों पर स्पॉट फिक्सिंग के आरोप लगे थे जिनको निलंबित कर दिया गया था और अभी मामले की जांच चल रही है।टिप्पणियां
शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए तेंदुलकर ने कहा कि स्कूलों में ढांचागत सुविधाओं का होना बहुत जरूरी है और खासकर लडकियों को शिक्षा दिलाने में अपना समर्थन देना बहुत जरूरी है। तेंदुलकर ने कहा, ‘‘स्कूल के दिनों में आपकी जिंदगी आकार लेना शुरू करती है और यहीं से इंसान प्रगति करना शुरू करता है। अगर हम मूलभूत सुविधाएं मुहैया करा दें तो मुझे लगता है कि लड़कियां स्कूल छोड़ने के बजाय इसमें जाना शुरू कर देंगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘महिला परिवार की रीढ़ होती है और लड़की पढ़ी-लिखी होगी तो परिवार का भविष्य भी बदल जाएगा।’’
यह पूछने पर कि राज्यसभा के सदस्य बनने के बाद वे अपने शिक्षा के अभियान और आगे बढ़ाएंगे , तेंदुलकर ने कहा, ‘‘मैं राज्यसभा का सदस्य बनने से पहले ही अनेक संस्थाओं से जुड़ा हुआ हूं मुझे नहीं लगता कि इस तरह के कार्यक्रम (शिक्षा को बढ़ावा) के लिए किसी बड़े मंच की जरूरत है।’’ अपने स्कूली दिनों की याद करते हुए तेंदुलकर ने कहा, ‘‘मैं अपने स्कूल के दिनों को याद करता हूं जब हम सब साथ-साथ खेलते थे और सब मिलकर आजाद मैदान क्रॉस मैदान और शिवाजी मैदान जाते थे और वहां खेलते और मजे करते थे।
बीसीसीआई की इस महत्वपूर्ण प्रतियोगिता में स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर इस महान क्रिकेटर ने कहा,‘‘ मुझे लगता है कि किसी भी संगठन में कुछ ने कुछ समस्या उठती ही है लेकिन इससे पूरा संगठन खराब नहीं हो जाता।’’ चार जून को राज्यसभा के सदस्य बनने जा रहे तेंदुलकर ने युवा खिलाड़ियों को सलाह दी कि वे सही मिसाल कायम करने वाले लोगों का अनुकरण करें और उनके अच्छे गुणों को अपनाने का प्रयास करें।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह जरूर कहना चाहूंगा कि यह (स्पॉट फिक्सिंग) कोई अच्छा उदाहरण नहीं है। मेरी सलाह होगी कि उचित मिसाल कामय करने वालों का अनुसरण करें।’’ सचिन तेंदुलकर ‘कोका कोला-एनडीटीवी सपोर्ट माई स्कूल’ नामक अभियान पर आयोजित समारोह के अवसर बोल रहे थे।
गौरतलब है कि टीवी के एक स्टिंग आपरेशन के बाद आईपीएल के पांच क्रिकेटरों पर स्पॉट फिक्सिंग के आरोप लगे थे जिनको निलंबित कर दिया गया था और अभी मामले की जांच चल रही है।टिप्पणियां
शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए तेंदुलकर ने कहा कि स्कूलों में ढांचागत सुविधाओं का होना बहुत जरूरी है और खासकर लडकियों को शिक्षा दिलाने में अपना समर्थन देना बहुत जरूरी है। तेंदुलकर ने कहा, ‘‘स्कूल के दिनों में आपकी जिंदगी आकार लेना शुरू करती है और यहीं से इंसान प्रगति करना शुरू करता है। अगर हम मूलभूत सुविधाएं मुहैया करा दें तो मुझे लगता है कि लड़कियां स्कूल छोड़ने के बजाय इसमें जाना शुरू कर देंगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘महिला परिवार की रीढ़ होती है और लड़की पढ़ी-लिखी होगी तो परिवार का भविष्य भी बदल जाएगा।’’
यह पूछने पर कि राज्यसभा के सदस्य बनने के बाद वे अपने शिक्षा के अभियान और आगे बढ़ाएंगे , तेंदुलकर ने कहा, ‘‘मैं राज्यसभा का सदस्य बनने से पहले ही अनेक संस्थाओं से जुड़ा हुआ हूं मुझे नहीं लगता कि इस तरह के कार्यक्रम (शिक्षा को बढ़ावा) के लिए किसी बड़े मंच की जरूरत है।’’ अपने स्कूली दिनों की याद करते हुए तेंदुलकर ने कहा, ‘‘मैं अपने स्कूल के दिनों को याद करता हूं जब हम सब साथ-साथ खेलते थे और सब मिलकर आजाद मैदान क्रॉस मैदान और शिवाजी मैदान जाते थे और वहां खेलते और मजे करते थे।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह जरूर कहना चाहूंगा कि यह (स्पॉट फिक्सिंग) कोई अच्छा उदाहरण नहीं है। मेरी सलाह होगी कि उचित मिसाल कामय करने वालों का अनुसरण करें।’’ सचिन तेंदुलकर ‘कोका कोला-एनडीटीवी सपोर्ट माई स्कूल’ नामक अभियान पर आयोजित समारोह के अवसर बोल रहे थे।
गौरतलब है कि टीवी के एक स्टिंग आपरेशन के बाद आईपीएल के पांच क्रिकेटरों पर स्पॉट फिक्सिंग के आरोप लगे थे जिनको निलंबित कर दिया गया था और अभी मामले की जांच चल रही है।टिप्पणियां
शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए तेंदुलकर ने कहा कि स्कूलों में ढांचागत सुविधाओं का होना बहुत जरूरी है और खासकर लडकियों को शिक्षा दिलाने में अपना समर्थन देना बहुत जरूरी है। तेंदुलकर ने कहा, ‘‘स्कूल के दिनों में आपकी जिंदगी आकार लेना शुरू करती है और यहीं से इंसान प्रगति करना शुरू करता है। अगर हम मूलभूत सुविधाएं मुहैया करा दें तो मुझे लगता है कि लड़कियां स्कूल छोड़ने के बजाय इसमें जाना शुरू कर देंगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘महिला परिवार की रीढ़ होती है और लड़की पढ़ी-लिखी होगी तो परिवार का भविष्य भी बदल जाएगा।’’
यह पूछने पर कि राज्यसभा के सदस्य बनने के बाद वे अपने शिक्षा के अभियान और आगे बढ़ाएंगे , तेंदुलकर ने कहा, ‘‘मैं राज्यसभा का सदस्य बनने से पहले ही अनेक संस्थाओं से जुड़ा हुआ हूं मुझे नहीं लगता कि इस तरह के कार्यक्रम (शिक्षा को बढ़ावा) के लिए किसी बड़े मंच की जरूरत है।’’ अपने स्कूली दिनों की याद करते हुए तेंदुलकर ने कहा, ‘‘मैं अपने स्कूल के दिनों को याद करता हूं जब हम सब साथ-साथ खेलते थे और सब मिलकर आजाद मैदान क्रॉस मैदान और शिवाजी मैदान जाते थे और वहां खेलते और मजे करते थे।
गौरतलब है कि टीवी के एक स्टिंग आपरेशन के बाद आईपीएल के पांच क्रिकेटरों पर स्पॉट फिक्सिंग के आरोप लगे थे जिनको निलंबित कर दिया गया था और अभी मामले की जांच चल रही है।टिप्पणियां
शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए तेंदुलकर ने कहा कि स्कूलों में ढांचागत सुविधाओं का होना बहुत जरूरी है और खासकर लडकियों को शिक्षा दिलाने में अपना समर्थन देना बहुत जरूरी है। तेंदुलकर ने कहा, ‘‘स्कूल के दिनों में आपकी जिंदगी आकार लेना शुरू करती है और यहीं से इंसान प्रगति करना शुरू करता है। अगर हम मूलभूत सुविधाएं मुहैया करा दें तो मुझे लगता है कि लड़कियां स्कूल छोड़ने के बजाय इसमें जाना शुरू कर देंगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘महिला परिवार की रीढ़ होती है और लड़की पढ़ी-लिखी होगी तो परिवार का भविष्य भी बदल जाएगा।’’
यह पूछने पर कि राज्यसभा के सदस्य बनने के बाद वे अपने शिक्षा के अभियान और आगे बढ़ाएंगे , तेंदुलकर ने कहा, ‘‘मैं राज्यसभा का सदस्य बनने से पहले ही अनेक संस्थाओं से जुड़ा हुआ हूं मुझे नहीं लगता कि इस तरह के कार्यक्रम (शिक्षा को बढ़ावा) के लिए किसी बड़े मंच की जरूरत है।’’ अपने स्कूली दिनों की याद करते हुए तेंदुलकर ने कहा, ‘‘मैं अपने स्कूल के दिनों को याद करता हूं जब हम सब साथ-साथ खेलते थे और सब मिलकर आजाद मैदान क्रॉस मैदान और शिवाजी मैदान जाते थे और वहां खेलते और मजे करते थे।
शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए तेंदुलकर ने कहा कि स्कूलों में ढांचागत सुविधाओं का होना बहुत जरूरी है और खासकर लडकियों को शिक्षा दिलाने में अपना समर्थन देना बहुत जरूरी है। तेंदुलकर ने कहा, ‘‘स्कूल के दिनों में आपकी जिंदगी आकार लेना शुरू करती है और यहीं से इंसान प्रगति करना शुरू करता है। अगर हम मूलभूत सुविधाएं मुहैया करा दें तो मुझे लगता है कि लड़कियां स्कूल छोड़ने के बजाय इसमें जाना शुरू कर देंगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘महिला परिवार की रीढ़ होती है और लड़की पढ़ी-लिखी होगी तो परिवार का भविष्य भी बदल जाएगा।’’
यह पूछने पर कि राज्यसभा के सदस्य बनने के बाद वे अपने शिक्षा के अभियान और आगे बढ़ाएंगे , तेंदुलकर ने कहा, ‘‘मैं राज्यसभा का सदस्य बनने से पहले ही अनेक संस्थाओं से जुड़ा हुआ हूं मुझे नहीं लगता कि इस तरह के कार्यक्रम (शिक्षा को बढ़ावा) के लिए किसी बड़े मंच की जरूरत है।’’ अपने स्कूली दिनों की याद करते हुए तेंदुलकर ने कहा, ‘‘मैं अपने स्कूल के दिनों को याद करता हूं जब हम सब साथ-साथ खेलते थे और सब मिलकर आजाद मैदान क्रॉस मैदान और शिवाजी मैदान जाते थे और वहां खेलते और मजे करते थे।
यह पूछने पर कि राज्यसभा के सदस्य बनने के बाद वे अपने शिक्षा के अभियान और आगे बढ़ाएंगे , तेंदुलकर ने कहा, ‘‘मैं राज्यसभा का सदस्य बनने से पहले ही अनेक संस्थाओं से जुड़ा हुआ हूं मुझे नहीं लगता कि इस तरह के कार्यक्रम (शिक्षा को बढ़ावा) के लिए किसी बड़े मंच की जरूरत है।’’ अपने स्कूली दिनों की याद करते हुए तेंदुलकर ने कहा, ‘‘मैं अपने स्कूल के दिनों को याद करता हूं जब हम सब साथ-साथ खेलते थे और सब मिलकर आजाद मैदान क्रॉस मैदान और शिवाजी मैदान जाते थे और वहां खेलते और मजे करते थे। | यहाँ एक सारांश है:आईपीएल आयोजन के दौरान भले ही छोटी-मोटी समस्या आई गई हो लेकिन वरिष्ठ बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने कहा कि इससे पूरी आईपीएल प्रतियोगिता पर सवाल नहीं उठाए जा सकते। | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और केन्द्र में सत्तारूढ़ यूपीए की महत्वपूर्ण घटक तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की अक्ष्यक्ष ममता बनर्जी के आपत्तिजनक कार्टून बनाने और उन्हें सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट के जरिये सार्वजनिक करने के आरोप में जादवपुर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अम्बिकेश महापात्रा को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें अलीपुर कोर्ट में पेश किया जाएगा।टिप्पणियां
कोलकाता से सटे दक्षिण 24 परगना जिले में स्थित यूनिवर्सिटी में महापात्रा रसायन शास्त्र के प्रोफेसर हैं, और उन पर मुख्यमंत्री के आपत्तिजनक कार्टून बनाने का आरोप है, जिनमें ममता के अलावा पूर्व रेलमंत्री दिनेश त्रिवेदी और मौजूदा रेलमंत्री मुकुल रॉय की तस्वीरें बनी हुई थीं। इस कार्टून में ममता को दिनेश त्रिवेदी को 'दुष्टू लोक' (दुष्ट लोग) और मुकुल रॉय को 'भालो लोक' (भले लोग) कहते हुए दिखाया गया है।
प्रोफेसर ने यह कार्टून सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक पर पोस्ट भी किया था। प्रोफेसर पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 66 के तहत मामला दर्ज किया गया है, और बंगाल सरकार का मखौल उड़ाने का आरोप लगाया गया है। बताया जा रहा है कि आपत्तिजनक कार्टून् से नाराज़ होकर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने प्रोफेसर की गिरफ्तारी से पहले उनके घर में घुसकर उनकी जमकर पिटाई भी की थी।
कोलकाता से सटे दक्षिण 24 परगना जिले में स्थित यूनिवर्सिटी में महापात्रा रसायन शास्त्र के प्रोफेसर हैं, और उन पर मुख्यमंत्री के आपत्तिजनक कार्टून बनाने का आरोप है, जिनमें ममता के अलावा पूर्व रेलमंत्री दिनेश त्रिवेदी और मौजूदा रेलमंत्री मुकुल रॉय की तस्वीरें बनी हुई थीं। इस कार्टून में ममता को दिनेश त्रिवेदी को 'दुष्टू लोक' (दुष्ट लोग) और मुकुल रॉय को 'भालो लोक' (भले लोग) कहते हुए दिखाया गया है।
प्रोफेसर ने यह कार्टून सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक पर पोस्ट भी किया था। प्रोफेसर पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 66 के तहत मामला दर्ज किया गया है, और बंगाल सरकार का मखौल उड़ाने का आरोप लगाया गया है। बताया जा रहा है कि आपत्तिजनक कार्टून् से नाराज़ होकर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने प्रोफेसर की गिरफ्तारी से पहले उनके घर में घुसकर उनकी जमकर पिटाई भी की थी।
प्रोफेसर ने यह कार्टून सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक पर पोस्ट भी किया था। प्रोफेसर पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 66 के तहत मामला दर्ज किया गया है, और बंगाल सरकार का मखौल उड़ाने का आरोप लगाया गया है। बताया जा रहा है कि आपत्तिजनक कार्टून् से नाराज़ होकर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने प्रोफेसर की गिरफ्तारी से पहले उनके घर में घुसकर उनकी जमकर पिटाई भी की थी। | संक्षिप्त सारांश: प्रोफेसर ने यह कार्टून सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक पर पोस्ट किया था, और उसमें ममता के अलावा पूर्व रेलमंत्री दिनेश त्रिवेदी और मौजूदा रेलमंत्री मुकुल रॉय की तस्वीरें बनी हुई थीं। | 8 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: टीम अन्ना के प्रमुख सदस्य और उच्चतम न्यायालय के मशहूर वकील प्रशांत भूषण पर बुधवार को उनके चेंबर में हुए हमले की कड़ी निन्दा करते हुए गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। चिदंबरम ने कहा, मैं इस हमले की कड़े शब्दों में निन्दा करता हूं। उच्चतम न्यायालय के पास भूषण पर उनके चेंबर में दो लोगों ने हमला किया। उन्होंने कहा, किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। गृह मंत्री ने कहा कि यह घटना इस लिहाज से और भी निन्दनीय है कि हमला उच्चतम न्यायालय के एक प्रतिष्ठित वकील पर किया गया है। चिदंबरम ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें सूचित किया है कि एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि दूसरे की तलाश जारी है। उन्होंने कहा कि भूषण का शहर के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज चल रहा है। मैंने अपने मंत्रालय के एक अधिकारी से कहा है कि वह जाकर घटना की पूरी जानकारी ले और मुझे उसकी रिपोर्ट दे। उल्लेखनीय है कि भूषण एक समाचार चैनल से आज दोपहर बातचीत कर रहे थे तभी दो युवक उच्चतम न्यायालय के ठीक सामने न्यू लॉयर्स चैम्बर में बने उनके दफ्तर में घुसे और उनसे मारपीट शुरू कर दी। युवकों ने भूषण को उनकी कुर्सी से गिरा दिया और उन पर मुक्कों तथा पैरों से प्रहार किये। भूषण जब जमीन पर गिर गये तो युवकों ने उनकी छाती तक पर प्रहार किए। | यह एक सारांश है: प्रशांत भूषण पर उनके चेंबर में हुए हमले की कड़ी निन्दा करते हुए गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। | 21 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: यूनान की संसद ने खर्चों में कटौती के लिए सख्त उपायों वाला बजट बुधवार सुबह पारित कर दिया। यूरो क्षेत्र में बढ़ते ऋण संकट पर लगाम लगाने के लिए यूरोपीय नेताओं के बढ़ते दबाव के बीच यह बजट पारित किया गया है। बजट का समाजवादी, रूढ़िवादी तथा सरकार को समर्थन दे रहे दक्षिणपंथियों ने समर्थन किया। बजट में खर्चों में कटौती के ऐसे कदम उठाने की बात कही गई है, जिसे लोग पसंद नहीं कर रहे हैं। दूसरी ओर यूरोपीय संघ ने नए ऋण देने के लिए ऐसे कदम उठाने की मांग की थी। संसद के अध्यक्ष फिलिप्स पेटसालनिकोज ने कहा कि कुल 299 सांसदों में से 258 ने बजट के पक्ष में, जबकि 41 ने इसके विरोध में वोट डाला। इससे पहले, कार्यवाहक प्रधानमंत्री लुकास पापादेमोस ने सांसदों से बजट का समर्थन करने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा था कि खतरनाक नीतियों के कारण प्रत्येक यूनानवासी पर 40,000 डॉलर का कर्ज हो गया है। इस स्थिति में बदलाव के लिए यह जरूरी है। बजट में आर्थिक नीतियों की रूपरेखा का प्रस्ताव है। बढ़ते घाटों के कारण यूनान का ऋण फिलहाल 350 अरब यूरो से ऊपर चला गया है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: यूरो क्षेत्र में बढ़ते ऋण संकट पर लगाम लगाने के लिए यूरोपीय नेताओं के बढ़ते दबाव के बीच यह बजट पारित किया गया है। | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: राहुल द्रविड़ के साथ शुक्रवार को आईपीएल मैच के दौरान बहस करने के कारण गौतम गंभीर की छवि थोड़ी खराब हुई है लेकिन कोलकाता नाइटराइडर्स के कप्तान ने शनिवार को साफ किया कि उन्होंने इस दिग्गज बल्लेबाज के लिए कभी कड़े शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया और वह उनका पूरा सम्मान करते हैं।
यह दूसरा अवसर है जबकि किसी आईपीएल मैच में गंभीर इस तरह की झड़प में शामिल हुए। इससे पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूर के कप्तान विराट कोहली से भी वह मैदान में भिड़ गए थे। शुक्रवार की रात केकेआर की पारी के पांचवें ओवर में पहले मानविंदर बिस्ला और शेन वाटसन के बीच बहस हुई। तब गेंदबाज ने बल्लेबाज को रन आउट करने की चेतावनी दी थी।
द्रविड़ ने बिस्ला को शांत करने की कोशिश की लेकिन यह बल्लेबाज चाहता था कि वह पहले वाटसन को शांत करायें। दूसरे छोर पर खड़े गंभीर भी इस गर्मागर्म बहस में शामिल हो गए। अगले ओवर में जब वाटसन की गेंद पर दिनेश याग्निक ने गंभीर को स्टंप आउट किया तो ऐसा लगा कि बल्लेबाज ने पैवेलियन लौटने से पहले द्रविड़ से बहस की।
गंभीर ने हालांकि आज सुबह साफ किया इस तरह की झड़प नहीं हुई थी। उन्होंने अपने ट्विटर पेज पर लिखा है, ‘‘आप लोगों ने इस गलत ले लिया। मेरे और राहुल भाई के बीच कोई बहस नहीं हुई थी। वह हमेशा सम्मानित साथी रहेंगे। बात का बतंगड़ न बनायें प्लीज।’’
गंभीर ने असल में कल रात की घटना को जिस तरह से लिया गया उसे हास्यास्पद बताया। उन्होंने कहा, ‘‘सॉरी मेरे और राहुल बीच कुछ भी नहीं हुआ। मैं हमेशा उनका सम्मान करता हूं।’’
गंभीर की अपनी स्थिति स्पष्ट करने से पहले भारतीय टीम के उनके साथी रविंदर जडेजा ने इस महान बल्लेबाज का सम्मान नहीं करने के लिए उनकी कड़ी आलोचना की थी।
जडेजा ने इस बारे में कई ट्वीट किए। उन्होंने लिखा, ‘‘गंभीर भले ही आपने मैच जीत लिया लेकिन आपने भारतीय टीम के करोड़ों प्रशंसकों का सम्मान गंवा दिया और आप इसे कभी वापस नहीं पाओगे।’’ गंभीर की तुनकमिजाज कोहली से तुलना करते हुए जडेजा ने बेंगलूर के कप्तान को बेहतर करार दिया।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘कोहली गंभीर की तुलना में बेहतर है। वह कम से कम महान खिलाड़ियों की इज्जत को करता है।’’ जडेजा ने बिस्ला को भी नहीं बख्शा। उन्होंने लिखा, ‘‘यह फूहड़पन है कि जो व्यक्ति कैच तक नहीं ले सकता वही बिस्ला क्रिकेट के भद्रजन द्रविड़ पर छींटाकशी करता है। यदि क्रिकेट भद्रजनों का खेल है तो राहुल द्रविड़ वह भद्रजन हैं।’’
सिर्फ जडेजा ही नहीं बल्कि राजस्थान रॉयल्स के पूर्व कप्तान शेन वार्न ने भी गंभीर को आड़े हाथों लिया। उन्होंने अपने ट्विटर पेज पर लिखा, ‘‘क्रिकेट प्रशंसकों के लिए सवाल .. क्या गंभीर इस दुनिया में खीझने वाले क्रिकेटरों में शीर्ष तीन में शामिल है?’’
यह दूसरा अवसर है जबकि किसी आईपीएल मैच में गंभीर इस तरह की झड़प में शामिल हुए। इससे पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूर के कप्तान विराट कोहली से भी वह मैदान में भिड़ गए थे। शुक्रवार की रात केकेआर की पारी के पांचवें ओवर में पहले मानविंदर बिस्ला और शेन वाटसन के बीच बहस हुई। तब गेंदबाज ने बल्लेबाज को रन आउट करने की चेतावनी दी थी।
द्रविड़ ने बिस्ला को शांत करने की कोशिश की लेकिन यह बल्लेबाज चाहता था कि वह पहले वाटसन को शांत करायें। दूसरे छोर पर खड़े गंभीर भी इस गर्मागर्म बहस में शामिल हो गए। अगले ओवर में जब वाटसन की गेंद पर दिनेश याग्निक ने गंभीर को स्टंप आउट किया तो ऐसा लगा कि बल्लेबाज ने पैवेलियन लौटने से पहले द्रविड़ से बहस की।
गंभीर ने हालांकि आज सुबह साफ किया इस तरह की झड़प नहीं हुई थी। उन्होंने अपने ट्विटर पेज पर लिखा है, ‘‘आप लोगों ने इस गलत ले लिया। मेरे और राहुल भाई के बीच कोई बहस नहीं हुई थी। वह हमेशा सम्मानित साथी रहेंगे। बात का बतंगड़ न बनायें प्लीज।’’
गंभीर ने असल में कल रात की घटना को जिस तरह से लिया गया उसे हास्यास्पद बताया। उन्होंने कहा, ‘‘सॉरी मेरे और राहुल बीच कुछ भी नहीं हुआ। मैं हमेशा उनका सम्मान करता हूं।’’
गंभीर की अपनी स्थिति स्पष्ट करने से पहले भारतीय टीम के उनके साथी रविंदर जडेजा ने इस महान बल्लेबाज का सम्मान नहीं करने के लिए उनकी कड़ी आलोचना की थी।
जडेजा ने इस बारे में कई ट्वीट किए। उन्होंने लिखा, ‘‘गंभीर भले ही आपने मैच जीत लिया लेकिन आपने भारतीय टीम के करोड़ों प्रशंसकों का सम्मान गंवा दिया और आप इसे कभी वापस नहीं पाओगे।’’ गंभीर की तुनकमिजाज कोहली से तुलना करते हुए जडेजा ने बेंगलूर के कप्तान को बेहतर करार दिया।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘कोहली गंभीर की तुलना में बेहतर है। वह कम से कम महान खिलाड़ियों की इज्जत को करता है।’’ जडेजा ने बिस्ला को भी नहीं बख्शा। उन्होंने लिखा, ‘‘यह फूहड़पन है कि जो व्यक्ति कैच तक नहीं ले सकता वही बिस्ला क्रिकेट के भद्रजन द्रविड़ पर छींटाकशी करता है। यदि क्रिकेट भद्रजनों का खेल है तो राहुल द्रविड़ वह भद्रजन हैं।’’
सिर्फ जडेजा ही नहीं बल्कि राजस्थान रॉयल्स के पूर्व कप्तान शेन वार्न ने भी गंभीर को आड़े हाथों लिया। उन्होंने अपने ट्विटर पेज पर लिखा, ‘‘क्रिकेट प्रशंसकों के लिए सवाल .. क्या गंभीर इस दुनिया में खीझने वाले क्रिकेटरों में शीर्ष तीन में शामिल है?’’
द्रविड़ ने बिस्ला को शांत करने की कोशिश की लेकिन यह बल्लेबाज चाहता था कि वह पहले वाटसन को शांत करायें। दूसरे छोर पर खड़े गंभीर भी इस गर्मागर्म बहस में शामिल हो गए। अगले ओवर में जब वाटसन की गेंद पर दिनेश याग्निक ने गंभीर को स्टंप आउट किया तो ऐसा लगा कि बल्लेबाज ने पैवेलियन लौटने से पहले द्रविड़ से बहस की।
गंभीर ने हालांकि आज सुबह साफ किया इस तरह की झड़प नहीं हुई थी। उन्होंने अपने ट्विटर पेज पर लिखा है, ‘‘आप लोगों ने इस गलत ले लिया। मेरे और राहुल भाई के बीच कोई बहस नहीं हुई थी। वह हमेशा सम्मानित साथी रहेंगे। बात का बतंगड़ न बनायें प्लीज।’’
गंभीर ने असल में कल रात की घटना को जिस तरह से लिया गया उसे हास्यास्पद बताया। उन्होंने कहा, ‘‘सॉरी मेरे और राहुल बीच कुछ भी नहीं हुआ। मैं हमेशा उनका सम्मान करता हूं।’’
गंभीर की अपनी स्थिति स्पष्ट करने से पहले भारतीय टीम के उनके साथी रविंदर जडेजा ने इस महान बल्लेबाज का सम्मान नहीं करने के लिए उनकी कड़ी आलोचना की थी।
जडेजा ने इस बारे में कई ट्वीट किए। उन्होंने लिखा, ‘‘गंभीर भले ही आपने मैच जीत लिया लेकिन आपने भारतीय टीम के करोड़ों प्रशंसकों का सम्मान गंवा दिया और आप इसे कभी वापस नहीं पाओगे।’’ गंभीर की तुनकमिजाज कोहली से तुलना करते हुए जडेजा ने बेंगलूर के कप्तान को बेहतर करार दिया।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘कोहली गंभीर की तुलना में बेहतर है। वह कम से कम महान खिलाड़ियों की इज्जत को करता है।’’ जडेजा ने बिस्ला को भी नहीं बख्शा। उन्होंने लिखा, ‘‘यह फूहड़पन है कि जो व्यक्ति कैच तक नहीं ले सकता वही बिस्ला क्रिकेट के भद्रजन द्रविड़ पर छींटाकशी करता है। यदि क्रिकेट भद्रजनों का खेल है तो राहुल द्रविड़ वह भद्रजन हैं।’’
सिर्फ जडेजा ही नहीं बल्कि राजस्थान रॉयल्स के पूर्व कप्तान शेन वार्न ने भी गंभीर को आड़े हाथों लिया। उन्होंने अपने ट्विटर पेज पर लिखा, ‘‘क्रिकेट प्रशंसकों के लिए सवाल .. क्या गंभीर इस दुनिया में खीझने वाले क्रिकेटरों में शीर्ष तीन में शामिल है?’’
गंभीर ने हालांकि आज सुबह साफ किया इस तरह की झड़प नहीं हुई थी। उन्होंने अपने ट्विटर पेज पर लिखा है, ‘‘आप लोगों ने इस गलत ले लिया। मेरे और राहुल भाई के बीच कोई बहस नहीं हुई थी। वह हमेशा सम्मानित साथी रहेंगे। बात का बतंगड़ न बनायें प्लीज।’’
गंभीर ने असल में कल रात की घटना को जिस तरह से लिया गया उसे हास्यास्पद बताया। उन्होंने कहा, ‘‘सॉरी मेरे और राहुल बीच कुछ भी नहीं हुआ। मैं हमेशा उनका सम्मान करता हूं।’’
गंभीर की अपनी स्थिति स्पष्ट करने से पहले भारतीय टीम के उनके साथी रविंदर जडेजा ने इस महान बल्लेबाज का सम्मान नहीं करने के लिए उनकी कड़ी आलोचना की थी।
जडेजा ने इस बारे में कई ट्वीट किए। उन्होंने लिखा, ‘‘गंभीर भले ही आपने मैच जीत लिया लेकिन आपने भारतीय टीम के करोड़ों प्रशंसकों का सम्मान गंवा दिया और आप इसे कभी वापस नहीं पाओगे।’’ गंभीर की तुनकमिजाज कोहली से तुलना करते हुए जडेजा ने बेंगलूर के कप्तान को बेहतर करार दिया।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘कोहली गंभीर की तुलना में बेहतर है। वह कम से कम महान खिलाड़ियों की इज्जत को करता है।’’ जडेजा ने बिस्ला को भी नहीं बख्शा। उन्होंने लिखा, ‘‘यह फूहड़पन है कि जो व्यक्ति कैच तक नहीं ले सकता वही बिस्ला क्रिकेट के भद्रजन द्रविड़ पर छींटाकशी करता है। यदि क्रिकेट भद्रजनों का खेल है तो राहुल द्रविड़ वह भद्रजन हैं।’’
सिर्फ जडेजा ही नहीं बल्कि राजस्थान रॉयल्स के पूर्व कप्तान शेन वार्न ने भी गंभीर को आड़े हाथों लिया। उन्होंने अपने ट्विटर पेज पर लिखा, ‘‘क्रिकेट प्रशंसकों के लिए सवाल .. क्या गंभीर इस दुनिया में खीझने वाले क्रिकेटरों में शीर्ष तीन में शामिल है?’’
गंभीर ने असल में कल रात की घटना को जिस तरह से लिया गया उसे हास्यास्पद बताया। उन्होंने कहा, ‘‘सॉरी मेरे और राहुल बीच कुछ भी नहीं हुआ। मैं हमेशा उनका सम्मान करता हूं।’’
गंभीर की अपनी स्थिति स्पष्ट करने से पहले भारतीय टीम के उनके साथी रविंदर जडेजा ने इस महान बल्लेबाज का सम्मान नहीं करने के लिए उनकी कड़ी आलोचना की थी।
जडेजा ने इस बारे में कई ट्वीट किए। उन्होंने लिखा, ‘‘गंभीर भले ही आपने मैच जीत लिया लेकिन आपने भारतीय टीम के करोड़ों प्रशंसकों का सम्मान गंवा दिया और आप इसे कभी वापस नहीं पाओगे।’’ गंभीर की तुनकमिजाज कोहली से तुलना करते हुए जडेजा ने बेंगलूर के कप्तान को बेहतर करार दिया।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘कोहली गंभीर की तुलना में बेहतर है। वह कम से कम महान खिलाड़ियों की इज्जत को करता है।’’ जडेजा ने बिस्ला को भी नहीं बख्शा। उन्होंने लिखा, ‘‘यह फूहड़पन है कि जो व्यक्ति कैच तक नहीं ले सकता वही बिस्ला क्रिकेट के भद्रजन द्रविड़ पर छींटाकशी करता है। यदि क्रिकेट भद्रजनों का खेल है तो राहुल द्रविड़ वह भद्रजन हैं।’’
सिर्फ जडेजा ही नहीं बल्कि राजस्थान रॉयल्स के पूर्व कप्तान शेन वार्न ने भी गंभीर को आड़े हाथों लिया। उन्होंने अपने ट्विटर पेज पर लिखा, ‘‘क्रिकेट प्रशंसकों के लिए सवाल .. क्या गंभीर इस दुनिया में खीझने वाले क्रिकेटरों में शीर्ष तीन में शामिल है?’’
गंभीर की अपनी स्थिति स्पष्ट करने से पहले भारतीय टीम के उनके साथी रविंदर जडेजा ने इस महान बल्लेबाज का सम्मान नहीं करने के लिए उनकी कड़ी आलोचना की थी।
जडेजा ने इस बारे में कई ट्वीट किए। उन्होंने लिखा, ‘‘गंभीर भले ही आपने मैच जीत लिया लेकिन आपने भारतीय टीम के करोड़ों प्रशंसकों का सम्मान गंवा दिया और आप इसे कभी वापस नहीं पाओगे।’’ गंभीर की तुनकमिजाज कोहली से तुलना करते हुए जडेजा ने बेंगलूर के कप्तान को बेहतर करार दिया।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘कोहली गंभीर की तुलना में बेहतर है। वह कम से कम महान खिलाड़ियों की इज्जत को करता है।’’ जडेजा ने बिस्ला को भी नहीं बख्शा। उन्होंने लिखा, ‘‘यह फूहड़पन है कि जो व्यक्ति कैच तक नहीं ले सकता वही बिस्ला क्रिकेट के भद्रजन द्रविड़ पर छींटाकशी करता है। यदि क्रिकेट भद्रजनों का खेल है तो राहुल द्रविड़ वह भद्रजन हैं।’’
सिर्फ जडेजा ही नहीं बल्कि राजस्थान रॉयल्स के पूर्व कप्तान शेन वार्न ने भी गंभीर को आड़े हाथों लिया। उन्होंने अपने ट्विटर पेज पर लिखा, ‘‘क्रिकेट प्रशंसकों के लिए सवाल .. क्या गंभीर इस दुनिया में खीझने वाले क्रिकेटरों में शीर्ष तीन में शामिल है?’’
जडेजा ने इस बारे में कई ट्वीट किए। उन्होंने लिखा, ‘‘गंभीर भले ही आपने मैच जीत लिया लेकिन आपने भारतीय टीम के करोड़ों प्रशंसकों का सम्मान गंवा दिया और आप इसे कभी वापस नहीं पाओगे।’’ गंभीर की तुनकमिजाज कोहली से तुलना करते हुए जडेजा ने बेंगलूर के कप्तान को बेहतर करार दिया।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘कोहली गंभीर की तुलना में बेहतर है। वह कम से कम महान खिलाड़ियों की इज्जत को करता है।’’ जडेजा ने बिस्ला को भी नहीं बख्शा। उन्होंने लिखा, ‘‘यह फूहड़पन है कि जो व्यक्ति कैच तक नहीं ले सकता वही बिस्ला क्रिकेट के भद्रजन द्रविड़ पर छींटाकशी करता है। यदि क्रिकेट भद्रजनों का खेल है तो राहुल द्रविड़ वह भद्रजन हैं।’’
सिर्फ जडेजा ही नहीं बल्कि राजस्थान रॉयल्स के पूर्व कप्तान शेन वार्न ने भी गंभीर को आड़े हाथों लिया। उन्होंने अपने ट्विटर पेज पर लिखा, ‘‘क्रिकेट प्रशंसकों के लिए सवाल .. क्या गंभीर इस दुनिया में खीझने वाले क्रिकेटरों में शीर्ष तीन में शामिल है?’’
उन्होंने कहा, ‘‘कोहली गंभीर की तुलना में बेहतर है। वह कम से कम महान खिलाड़ियों की इज्जत को करता है।’’ जडेजा ने बिस्ला को भी नहीं बख्शा। उन्होंने लिखा, ‘‘यह फूहड़पन है कि जो व्यक्ति कैच तक नहीं ले सकता वही बिस्ला क्रिकेट के भद्रजन द्रविड़ पर छींटाकशी करता है। यदि क्रिकेट भद्रजनों का खेल है तो राहुल द्रविड़ वह भद्रजन हैं।’’
सिर्फ जडेजा ही नहीं बल्कि राजस्थान रॉयल्स के पूर्व कप्तान शेन वार्न ने भी गंभीर को आड़े हाथों लिया। उन्होंने अपने ट्विटर पेज पर लिखा, ‘‘क्रिकेट प्रशंसकों के लिए सवाल .. क्या गंभीर इस दुनिया में खीझने वाले क्रिकेटरों में शीर्ष तीन में शामिल है?’’
सिर्फ जडेजा ही नहीं बल्कि राजस्थान रॉयल्स के पूर्व कप्तान शेन वार्न ने भी गंभीर को आड़े हाथों लिया। उन्होंने अपने ट्विटर पेज पर लिखा, ‘‘क्रिकेट प्रशंसकों के लिए सवाल .. क्या गंभीर इस दुनिया में खीझने वाले क्रिकेटरों में शीर्ष तीन में शामिल है?’’ | संक्षिप्त सारांश: राहुल द्रविड़ के साथ शुक्रवार को आईपीएल मैच के दौरान बहस करने के कारण गौतम गंभीर की छवि थोड़ी खराब हुई है लेकिन कोलकाता नाइटराइडर्स के कप्तान ने शनिवार को साफ किया कि उन्होंने इस दिग्गज बल्लेबाज के लिए कभी कड़े शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया और वह उनका पूरा | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: टीम इंडिया के वनडे और टी-20 कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर बनी बायोपिक 'एम.एस. धोनी : द अनटोल्ड स्टोरी' में उन तीन खिलाड़ियों के नाम शामिल नहीं है, जिन्हें कप्तान धोनी टीम से बाहर करना चाहते थे. निर्देशक नीरज पांडे का कहना है कि यह उनके तथा क्रिकेट खिलाड़ी के बीच का आपसी निर्णय था, क्योंकि दोनों का मानना था कि उनके नामों को दर्शाने से अच्छा होने के बजाए काफी कुछ बिगड़ सकता था.
फिल्म के ट्रेलर के एक दृश्य में धोनी के किरदार में नजर आने वाले सुशांत सिंह राजपूत को यह कहते देखा जा रहा है कि ये तीन खिलाड़ी वनडे टीम में फिट नहीं हो रहे हैं. इसके जवाब में एक चयनकर्ता कहता है कि धोनी उस इंसान को बाहर करना चाहता है, जिसने उसे आगे बढ़ाया. एक अन्य व्यक्ति कहता है कि यह इन तीनों को नहीं रोक सकता.
इस पर सुशांत कहते हैं, "हम सभी सेवक हैं और राष्ट्रीय कार्य कर रहे हैं."
फिल्म के इस दृश्य के बारे में पांडे का कहना है कि उन्होंने इसमें क्रिकेट खिलाड़ियों को नामों को छुपाने की कोशिश की है. पांडे ने आईएएनएस को बताया, "इस फिल्म के इस दृश्य के बारे में हमने तीनों खिलाड़ियों के नामों को छुपाने का फैसला किया है और इसका निर्णय एक बैठक के दौरान लिया गया. इसके काफी कुछ अच्छा होने के बजाए बिगड़ सकता था."टिप्पणियां
खिलाड़ियों के नामों को फिल्म में छुपाए जाने के पीछे किसी बड़े विवाद से बचने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर निर्देशक ने कहा, "मुझे इसमें विवाद खड़ा होने का अंदेशा था, इसलिए लगा था कि यह फिल्म को काफी नुकसान पहुंचा सकता है. इसके साथ ही ये वे तीन क्रिकेट खिलाड़ी हैं, जो देश के लिए खेले थे. इस कारण इसे गलत तरीके में भी लिया जा सकता था."
सुशांत अभिनीत 'एम.एस. धौनी : द अनटोल्ड स्टोरी' को 30 सितंबर को रिलीज होगी.
फिल्म के ट्रेलर के एक दृश्य में धोनी के किरदार में नजर आने वाले सुशांत सिंह राजपूत को यह कहते देखा जा रहा है कि ये तीन खिलाड़ी वनडे टीम में फिट नहीं हो रहे हैं. इसके जवाब में एक चयनकर्ता कहता है कि धोनी उस इंसान को बाहर करना चाहता है, जिसने उसे आगे बढ़ाया. एक अन्य व्यक्ति कहता है कि यह इन तीनों को नहीं रोक सकता.
इस पर सुशांत कहते हैं, "हम सभी सेवक हैं और राष्ट्रीय कार्य कर रहे हैं."
फिल्म के इस दृश्य के बारे में पांडे का कहना है कि उन्होंने इसमें क्रिकेट खिलाड़ियों को नामों को छुपाने की कोशिश की है. पांडे ने आईएएनएस को बताया, "इस फिल्म के इस दृश्य के बारे में हमने तीनों खिलाड़ियों के नामों को छुपाने का फैसला किया है और इसका निर्णय एक बैठक के दौरान लिया गया. इसके काफी कुछ अच्छा होने के बजाए बिगड़ सकता था."टिप्पणियां
खिलाड़ियों के नामों को फिल्म में छुपाए जाने के पीछे किसी बड़े विवाद से बचने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर निर्देशक ने कहा, "मुझे इसमें विवाद खड़ा होने का अंदेशा था, इसलिए लगा था कि यह फिल्म को काफी नुकसान पहुंचा सकता है. इसके साथ ही ये वे तीन क्रिकेट खिलाड़ी हैं, जो देश के लिए खेले थे. इस कारण इसे गलत तरीके में भी लिया जा सकता था."
सुशांत अभिनीत 'एम.एस. धौनी : द अनटोल्ड स्टोरी' को 30 सितंबर को रिलीज होगी.
इस पर सुशांत कहते हैं, "हम सभी सेवक हैं और राष्ट्रीय कार्य कर रहे हैं."
फिल्म के इस दृश्य के बारे में पांडे का कहना है कि उन्होंने इसमें क्रिकेट खिलाड़ियों को नामों को छुपाने की कोशिश की है. पांडे ने आईएएनएस को बताया, "इस फिल्म के इस दृश्य के बारे में हमने तीनों खिलाड़ियों के नामों को छुपाने का फैसला किया है और इसका निर्णय एक बैठक के दौरान लिया गया. इसके काफी कुछ अच्छा होने के बजाए बिगड़ सकता था."टिप्पणियां
खिलाड़ियों के नामों को फिल्म में छुपाए जाने के पीछे किसी बड़े विवाद से बचने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर निर्देशक ने कहा, "मुझे इसमें विवाद खड़ा होने का अंदेशा था, इसलिए लगा था कि यह फिल्म को काफी नुकसान पहुंचा सकता है. इसके साथ ही ये वे तीन क्रिकेट खिलाड़ी हैं, जो देश के लिए खेले थे. इस कारण इसे गलत तरीके में भी लिया जा सकता था."
सुशांत अभिनीत 'एम.एस. धौनी : द अनटोल्ड स्टोरी' को 30 सितंबर को रिलीज होगी.
फिल्म के इस दृश्य के बारे में पांडे का कहना है कि उन्होंने इसमें क्रिकेट खिलाड़ियों को नामों को छुपाने की कोशिश की है. पांडे ने आईएएनएस को बताया, "इस फिल्म के इस दृश्य के बारे में हमने तीनों खिलाड़ियों के नामों को छुपाने का फैसला किया है और इसका निर्णय एक बैठक के दौरान लिया गया. इसके काफी कुछ अच्छा होने के बजाए बिगड़ सकता था."टिप्पणियां
खिलाड़ियों के नामों को फिल्म में छुपाए जाने के पीछे किसी बड़े विवाद से बचने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर निर्देशक ने कहा, "मुझे इसमें विवाद खड़ा होने का अंदेशा था, इसलिए लगा था कि यह फिल्म को काफी नुकसान पहुंचा सकता है. इसके साथ ही ये वे तीन क्रिकेट खिलाड़ी हैं, जो देश के लिए खेले थे. इस कारण इसे गलत तरीके में भी लिया जा सकता था."
सुशांत अभिनीत 'एम.एस. धौनी : द अनटोल्ड स्टोरी' को 30 सितंबर को रिलीज होगी.
खिलाड़ियों के नामों को फिल्म में छुपाए जाने के पीछे किसी बड़े विवाद से बचने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर निर्देशक ने कहा, "मुझे इसमें विवाद खड़ा होने का अंदेशा था, इसलिए लगा था कि यह फिल्म को काफी नुकसान पहुंचा सकता है. इसके साथ ही ये वे तीन क्रिकेट खिलाड़ी हैं, जो देश के लिए खेले थे. इस कारण इसे गलत तरीके में भी लिया जा सकता था."
सुशांत अभिनीत 'एम.एस. धौनी : द अनटोल्ड स्टोरी' को 30 सितंबर को रिलीज होगी.
सुशांत अभिनीत 'एम.एस. धौनी : द अनटोल्ड स्टोरी' को 30 सितंबर को रिलीज होगी. | संक्षिप्त सारांश: फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत ने निभाया है धोनी का किरदार
30 सितंबर को रिलीज होगी वनडे कप्तान धोनी की बायोपिक
नीरज पांडे ने बनाई है एमएस धोनी के जीवन पर फिल्म | 0 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली में यूपीए की कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक सरकार के सहयोगी दलों ने एक सुर में नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार के कड़े फैसलों से उनके लिए चुनाव जीतने में दिक्कतें आएंगी। उनका कहना था कि रिफॉर्म से चुनाव नहीं जीते जाते।
संप्रग के प्रमुख घटक दल द्रमुक और राकांपा ने गुरुवार को रसोई गैस सब्सिडी सीमित करने के सरकार के फैसले पर आपत्ति जताई बताई। हालांकि संप्रग ने आर्थिक सुधार से जुड़े कदमों का पुरजोर तरीके से समर्थन किया।
संप्रग समन्वय समिति की बैठक में यहां द्रमुक नेता टीआर बालू चाहते थे कि सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या दोगुनी बढाकर 12 सिलेंडर प्रति वर्ष की जाए।
जब उनसे कहा गया कि यह सीमा नहीं बढाई जा सकती तो उन्होंने अपनी इस मांग में संशोधन करके सिलेंडरों की संख्या नौ सिलेंडर प्रति वर्ष करने की मांग की। हालांकि इसे भी स्वीकार नहीं किया गया।
माना जा रहा है कि राकांपा प्रमुख शरद पवार ने भी द्रमुक की इस मांग का समर्थन किया। किसी भी घटक दल ने डीजल के दामों में वृद्धि या खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के फैसले का विरोध नहीं किया।टिप्पणियां
समिति की बैठक के बाद वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने संवाददाताओं से कहा कि संप्रग के नेताओं ने आर्थिक सुधार के फैसलों पर ‘आम संतुष्टि’ जताई।
बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विदेश निवेश सुनिश्चित करने के लिए आर्थिक सुधारों की जरूरत को रेखांकित किया।
संप्रग के प्रमुख घटक दल द्रमुक और राकांपा ने गुरुवार को रसोई गैस सब्सिडी सीमित करने के सरकार के फैसले पर आपत्ति जताई बताई। हालांकि संप्रग ने आर्थिक सुधार से जुड़े कदमों का पुरजोर तरीके से समर्थन किया।
संप्रग समन्वय समिति की बैठक में यहां द्रमुक नेता टीआर बालू चाहते थे कि सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या दोगुनी बढाकर 12 सिलेंडर प्रति वर्ष की जाए।
जब उनसे कहा गया कि यह सीमा नहीं बढाई जा सकती तो उन्होंने अपनी इस मांग में संशोधन करके सिलेंडरों की संख्या नौ सिलेंडर प्रति वर्ष करने की मांग की। हालांकि इसे भी स्वीकार नहीं किया गया।
माना जा रहा है कि राकांपा प्रमुख शरद पवार ने भी द्रमुक की इस मांग का समर्थन किया। किसी भी घटक दल ने डीजल के दामों में वृद्धि या खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के फैसले का विरोध नहीं किया।टिप्पणियां
समिति की बैठक के बाद वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने संवाददाताओं से कहा कि संप्रग के नेताओं ने आर्थिक सुधार के फैसलों पर ‘आम संतुष्टि’ जताई।
बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विदेश निवेश सुनिश्चित करने के लिए आर्थिक सुधारों की जरूरत को रेखांकित किया।
संप्रग समन्वय समिति की बैठक में यहां द्रमुक नेता टीआर बालू चाहते थे कि सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या दोगुनी बढाकर 12 सिलेंडर प्रति वर्ष की जाए।
जब उनसे कहा गया कि यह सीमा नहीं बढाई जा सकती तो उन्होंने अपनी इस मांग में संशोधन करके सिलेंडरों की संख्या नौ सिलेंडर प्रति वर्ष करने की मांग की। हालांकि इसे भी स्वीकार नहीं किया गया।
माना जा रहा है कि राकांपा प्रमुख शरद पवार ने भी द्रमुक की इस मांग का समर्थन किया। किसी भी घटक दल ने डीजल के दामों में वृद्धि या खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के फैसले का विरोध नहीं किया।टिप्पणियां
समिति की बैठक के बाद वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने संवाददाताओं से कहा कि संप्रग के नेताओं ने आर्थिक सुधार के फैसलों पर ‘आम संतुष्टि’ जताई।
बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विदेश निवेश सुनिश्चित करने के लिए आर्थिक सुधारों की जरूरत को रेखांकित किया।
जब उनसे कहा गया कि यह सीमा नहीं बढाई जा सकती तो उन्होंने अपनी इस मांग में संशोधन करके सिलेंडरों की संख्या नौ सिलेंडर प्रति वर्ष करने की मांग की। हालांकि इसे भी स्वीकार नहीं किया गया।
माना जा रहा है कि राकांपा प्रमुख शरद पवार ने भी द्रमुक की इस मांग का समर्थन किया। किसी भी घटक दल ने डीजल के दामों में वृद्धि या खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के फैसले का विरोध नहीं किया।टिप्पणियां
समिति की बैठक के बाद वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने संवाददाताओं से कहा कि संप्रग के नेताओं ने आर्थिक सुधार के फैसलों पर ‘आम संतुष्टि’ जताई।
बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विदेश निवेश सुनिश्चित करने के लिए आर्थिक सुधारों की जरूरत को रेखांकित किया।
माना जा रहा है कि राकांपा प्रमुख शरद पवार ने भी द्रमुक की इस मांग का समर्थन किया। किसी भी घटक दल ने डीजल के दामों में वृद्धि या खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के फैसले का विरोध नहीं किया।टिप्पणियां
समिति की बैठक के बाद वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने संवाददाताओं से कहा कि संप्रग के नेताओं ने आर्थिक सुधार के फैसलों पर ‘आम संतुष्टि’ जताई।
बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विदेश निवेश सुनिश्चित करने के लिए आर्थिक सुधारों की जरूरत को रेखांकित किया।
समिति की बैठक के बाद वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने संवाददाताओं से कहा कि संप्रग के नेताओं ने आर्थिक सुधार के फैसलों पर ‘आम संतुष्टि’ जताई।
बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विदेश निवेश सुनिश्चित करने के लिए आर्थिक सुधारों की जरूरत को रेखांकित किया।
बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विदेश निवेश सुनिश्चित करने के लिए आर्थिक सुधारों की जरूरत को रेखांकित किया। | संक्षिप्त पाठ: दिल्ली में यूपीए की कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक सरकार के सहयोगी दलों ने एक सुर में नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार के कड़े फैसलों से उनके लिए चुनाव जीतने में दिक्कतें आएंगी। | 22 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: क्रिकेट बोर्ड की खिलाड़ियों के लिए एक मुश्त फायदा योजना का लाभ कुछ और खिलाड़ियों को मिल सकता है, जिन्होंने संन्यास की कट ऑफ तारीख से अधिक समय तक क्रिकेट खेला। सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
यह योजना उन खिलाड़ियों के लिए शुरू की गई थी जिन्होंने 2003-04 से पहले निश्चित संख्या में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और अब संन्यास ले चुके हैं।
बीसीसीआई सूत्र ने कहा, ‘‘एक मुश्त फायदा योजना उन खिलाड़ियों तक सीमित थी जिन्होंने 2003-04 तक निश्चित संख्या में घरेलू या अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और अब संन्यास ले चुके हैं। इसका लाभ हालांकि 2012 में दिया गया। कार्य समिति की बैठक में सुझाव दिया गया कि इसका दायरा बढ़ाया जा सकता है जिससे कि कुछ और खिलाड़ियों को लाभ हो जिन्होंने कट ऑफ तारीख तक संन्यास नहीं लिया था।’’
कोलकाता में कार्य समिति की बैठक में किसी खिलाड़ी का नाम नहीं लिया गया, लेकिन खबरों के मुताबिक पांच खिलाड़ियों साइराज बहुतुले, वसीम जाफर, अमोल मजूमदार, संजय बांगड़ और एस श्रीराम को इस योजना का लाभ मिल सकता है।
एक मुश्त भुगतान योजना पर बीसीसीआई ने 100 करोड़ रूपये खर्च किए और इस योजना से 160 क्रिकेटरों को फायदा पहुंचा। जिन क्रिकेटरों ने 100 से अधिक टेस्ट मैच खेले उन्हें डेढ़ करोड़ रुपये दिए गए। जबकि 75 से 99 टेस्ट खेलने वाले क्रिकेटरों को एक करोड़ रुपये मिले।टिप्पणियां
इसके अलावा 50 से 74 टेस्ट खेलने वाले खिलाड़ियों को 74 लाख जबकि 25 से 49 टेस्ट खेलने वालों को 60 लाख रूपये दिए गए। दस से 24 टेस्ट खेलने वालों को 50 लाख रुपये दिए गए। जिन्होंने एक से नौ टेस्ट खेले और जिन्होंने अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच 1970 से पहले खेला उन्हें 35 लाख रुपये दिए गए।
सौ या इससे अधिक प्रथम श्रेणी मैच खेलने वाले खिलाड़ियों को 30 लाख जबकि 75 से 99 मैच खेलने वालों को 25 लाख रुपये दिए गए।
यह योजना उन खिलाड़ियों के लिए शुरू की गई थी जिन्होंने 2003-04 से पहले निश्चित संख्या में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और अब संन्यास ले चुके हैं।
बीसीसीआई सूत्र ने कहा, ‘‘एक मुश्त फायदा योजना उन खिलाड़ियों तक सीमित थी जिन्होंने 2003-04 तक निश्चित संख्या में घरेलू या अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और अब संन्यास ले चुके हैं। इसका लाभ हालांकि 2012 में दिया गया। कार्य समिति की बैठक में सुझाव दिया गया कि इसका दायरा बढ़ाया जा सकता है जिससे कि कुछ और खिलाड़ियों को लाभ हो जिन्होंने कट ऑफ तारीख तक संन्यास नहीं लिया था।’’
कोलकाता में कार्य समिति की बैठक में किसी खिलाड़ी का नाम नहीं लिया गया, लेकिन खबरों के मुताबिक पांच खिलाड़ियों साइराज बहुतुले, वसीम जाफर, अमोल मजूमदार, संजय बांगड़ और एस श्रीराम को इस योजना का लाभ मिल सकता है।
एक मुश्त भुगतान योजना पर बीसीसीआई ने 100 करोड़ रूपये खर्च किए और इस योजना से 160 क्रिकेटरों को फायदा पहुंचा। जिन क्रिकेटरों ने 100 से अधिक टेस्ट मैच खेले उन्हें डेढ़ करोड़ रुपये दिए गए। जबकि 75 से 99 टेस्ट खेलने वाले क्रिकेटरों को एक करोड़ रुपये मिले।टिप्पणियां
इसके अलावा 50 से 74 टेस्ट खेलने वाले खिलाड़ियों को 74 लाख जबकि 25 से 49 टेस्ट खेलने वालों को 60 लाख रूपये दिए गए। दस से 24 टेस्ट खेलने वालों को 50 लाख रुपये दिए गए। जिन्होंने एक से नौ टेस्ट खेले और जिन्होंने अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच 1970 से पहले खेला उन्हें 35 लाख रुपये दिए गए।
सौ या इससे अधिक प्रथम श्रेणी मैच खेलने वाले खिलाड़ियों को 30 लाख जबकि 75 से 99 मैच खेलने वालों को 25 लाख रुपये दिए गए।
बीसीसीआई सूत्र ने कहा, ‘‘एक मुश्त फायदा योजना उन खिलाड़ियों तक सीमित थी जिन्होंने 2003-04 तक निश्चित संख्या में घरेलू या अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और अब संन्यास ले चुके हैं। इसका लाभ हालांकि 2012 में दिया गया। कार्य समिति की बैठक में सुझाव दिया गया कि इसका दायरा बढ़ाया जा सकता है जिससे कि कुछ और खिलाड़ियों को लाभ हो जिन्होंने कट ऑफ तारीख तक संन्यास नहीं लिया था।’’
कोलकाता में कार्य समिति की बैठक में किसी खिलाड़ी का नाम नहीं लिया गया, लेकिन खबरों के मुताबिक पांच खिलाड़ियों साइराज बहुतुले, वसीम जाफर, अमोल मजूमदार, संजय बांगड़ और एस श्रीराम को इस योजना का लाभ मिल सकता है।
एक मुश्त भुगतान योजना पर बीसीसीआई ने 100 करोड़ रूपये खर्च किए और इस योजना से 160 क्रिकेटरों को फायदा पहुंचा। जिन क्रिकेटरों ने 100 से अधिक टेस्ट मैच खेले उन्हें डेढ़ करोड़ रुपये दिए गए। जबकि 75 से 99 टेस्ट खेलने वाले क्रिकेटरों को एक करोड़ रुपये मिले।टिप्पणियां
इसके अलावा 50 से 74 टेस्ट खेलने वाले खिलाड़ियों को 74 लाख जबकि 25 से 49 टेस्ट खेलने वालों को 60 लाख रूपये दिए गए। दस से 24 टेस्ट खेलने वालों को 50 लाख रुपये दिए गए। जिन्होंने एक से नौ टेस्ट खेले और जिन्होंने अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच 1970 से पहले खेला उन्हें 35 लाख रुपये दिए गए।
सौ या इससे अधिक प्रथम श्रेणी मैच खेलने वाले खिलाड़ियों को 30 लाख जबकि 75 से 99 मैच खेलने वालों को 25 लाख रुपये दिए गए।
कोलकाता में कार्य समिति की बैठक में किसी खिलाड़ी का नाम नहीं लिया गया, लेकिन खबरों के मुताबिक पांच खिलाड़ियों साइराज बहुतुले, वसीम जाफर, अमोल मजूमदार, संजय बांगड़ और एस श्रीराम को इस योजना का लाभ मिल सकता है।
एक मुश्त भुगतान योजना पर बीसीसीआई ने 100 करोड़ रूपये खर्च किए और इस योजना से 160 क्रिकेटरों को फायदा पहुंचा। जिन क्रिकेटरों ने 100 से अधिक टेस्ट मैच खेले उन्हें डेढ़ करोड़ रुपये दिए गए। जबकि 75 से 99 टेस्ट खेलने वाले क्रिकेटरों को एक करोड़ रुपये मिले।टिप्पणियां
इसके अलावा 50 से 74 टेस्ट खेलने वाले खिलाड़ियों को 74 लाख जबकि 25 से 49 टेस्ट खेलने वालों को 60 लाख रूपये दिए गए। दस से 24 टेस्ट खेलने वालों को 50 लाख रुपये दिए गए। जिन्होंने एक से नौ टेस्ट खेले और जिन्होंने अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच 1970 से पहले खेला उन्हें 35 लाख रुपये दिए गए।
सौ या इससे अधिक प्रथम श्रेणी मैच खेलने वाले खिलाड़ियों को 30 लाख जबकि 75 से 99 मैच खेलने वालों को 25 लाख रुपये दिए गए।
एक मुश्त भुगतान योजना पर बीसीसीआई ने 100 करोड़ रूपये खर्च किए और इस योजना से 160 क्रिकेटरों को फायदा पहुंचा। जिन क्रिकेटरों ने 100 से अधिक टेस्ट मैच खेले उन्हें डेढ़ करोड़ रुपये दिए गए। जबकि 75 से 99 टेस्ट खेलने वाले क्रिकेटरों को एक करोड़ रुपये मिले।टिप्पणियां
इसके अलावा 50 से 74 टेस्ट खेलने वाले खिलाड़ियों को 74 लाख जबकि 25 से 49 टेस्ट खेलने वालों को 60 लाख रूपये दिए गए। दस से 24 टेस्ट खेलने वालों को 50 लाख रुपये दिए गए। जिन्होंने एक से नौ टेस्ट खेले और जिन्होंने अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच 1970 से पहले खेला उन्हें 35 लाख रुपये दिए गए।
सौ या इससे अधिक प्रथम श्रेणी मैच खेलने वाले खिलाड़ियों को 30 लाख जबकि 75 से 99 मैच खेलने वालों को 25 लाख रुपये दिए गए।
इसके अलावा 50 से 74 टेस्ट खेलने वाले खिलाड़ियों को 74 लाख जबकि 25 से 49 टेस्ट खेलने वालों को 60 लाख रूपये दिए गए। दस से 24 टेस्ट खेलने वालों को 50 लाख रुपये दिए गए। जिन्होंने एक से नौ टेस्ट खेले और जिन्होंने अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच 1970 से पहले खेला उन्हें 35 लाख रुपये दिए गए।
सौ या इससे अधिक प्रथम श्रेणी मैच खेलने वाले खिलाड़ियों को 30 लाख जबकि 75 से 99 मैच खेलने वालों को 25 लाख रुपये दिए गए।
सौ या इससे अधिक प्रथम श्रेणी मैच खेलने वाले खिलाड़ियों को 30 लाख जबकि 75 से 99 मैच खेलने वालों को 25 लाख रुपये दिए गए। | यहाँ एक सारांश है:क्रिकेट बोर्ड की खिलाड़ियों के लिए एक मुश्त फायदा योजना का लाभ कुछ और खिलाड़ियों को मिल सकता है, जिन्होंने संन्यास की कट ऑफ तारीख से अधिक समय तक क्रिकेट खेला। सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। | 15 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: तुर्की में सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर किए गए श्रृंखलाबद्ध बम विस्फाटों में कम से कम 14 व्यक्तियों की मौत हो गई और 220 अन्य घायल हो गए. बम विस्फोटों के लिए कुर्द विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है.
अधिकारियों ने आज बताया कि हमलों में दो कार बम विस्फोट शामिल थे, जिससे पूर्वी तुर्की में पुलिस थानों को निशाना बनाया गया, जबकि तीसरा विस्फोट देश के दक्षिणपूर्व हिस्से में सड़क किनारे हुआ, जिससे सैनिकों को लेकर जा रहे एक सैन्य वाहन को निशाना बनाया गया.
अधिकारियों ने कहा कि हमले कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी या पीकेके की ओर से किए गए, जिसने कार बम विस्फोट से पुलिस थानों को निशाना बनाने या सड़क किनारे रखे बम से पुलिस वाहनों पर हमला करने का अभियान शुरू किया है. गत सप्ताह पीकेके कमांडर जमील बायिक ने तुर्की के शहरों में पुलिस के खिलाफ ऐसे हमले तेज करने की धमकी दी थी.टिप्पणियां
श्रृंखलाबद्ध हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब तुर्की ने अमेरिका आधारित मुस्लिम मौलवी फतुल्लाह गुलेन के नेतृत्व वाले आंदोलन के संदिग्ध समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है. गुलेन पर सरकार गत महीने एक असफल सैन्य तख्तापलट का षड्यंत्र रचने का आरोप लगाती है, जिसमें कम से कम 270 व्यक्ति मारे गए थे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अधिकारियों ने आज बताया कि हमलों में दो कार बम विस्फोट शामिल थे, जिससे पूर्वी तुर्की में पुलिस थानों को निशाना बनाया गया, जबकि तीसरा विस्फोट देश के दक्षिणपूर्व हिस्से में सड़क किनारे हुआ, जिससे सैनिकों को लेकर जा रहे एक सैन्य वाहन को निशाना बनाया गया.
अधिकारियों ने कहा कि हमले कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी या पीकेके की ओर से किए गए, जिसने कार बम विस्फोट से पुलिस थानों को निशाना बनाने या सड़क किनारे रखे बम से पुलिस वाहनों पर हमला करने का अभियान शुरू किया है. गत सप्ताह पीकेके कमांडर जमील बायिक ने तुर्की के शहरों में पुलिस के खिलाफ ऐसे हमले तेज करने की धमकी दी थी.टिप्पणियां
श्रृंखलाबद्ध हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब तुर्की ने अमेरिका आधारित मुस्लिम मौलवी फतुल्लाह गुलेन के नेतृत्व वाले आंदोलन के संदिग्ध समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है. गुलेन पर सरकार गत महीने एक असफल सैन्य तख्तापलट का षड्यंत्र रचने का आरोप लगाती है, जिसमें कम से कम 270 व्यक्ति मारे गए थे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अधिकारियों ने कहा कि हमले कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी या पीकेके की ओर से किए गए, जिसने कार बम विस्फोट से पुलिस थानों को निशाना बनाने या सड़क किनारे रखे बम से पुलिस वाहनों पर हमला करने का अभियान शुरू किया है. गत सप्ताह पीकेके कमांडर जमील बायिक ने तुर्की के शहरों में पुलिस के खिलाफ ऐसे हमले तेज करने की धमकी दी थी.टिप्पणियां
श्रृंखलाबद्ध हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब तुर्की ने अमेरिका आधारित मुस्लिम मौलवी फतुल्लाह गुलेन के नेतृत्व वाले आंदोलन के संदिग्ध समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है. गुलेन पर सरकार गत महीने एक असफल सैन्य तख्तापलट का षड्यंत्र रचने का आरोप लगाती है, जिसमें कम से कम 270 व्यक्ति मारे गए थे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
श्रृंखलाबद्ध हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब तुर्की ने अमेरिका आधारित मुस्लिम मौलवी फतुल्लाह गुलेन के नेतृत्व वाले आंदोलन के संदिग्ध समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है. गुलेन पर सरकार गत महीने एक असफल सैन्य तख्तापलट का षड्यंत्र रचने का आरोप लगाती है, जिसमें कम से कम 270 व्यक्ति मारे गए थे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: बम विस्फोटों के लिए कुर्द विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है.
हमले में पूर्वी तुर्की में पुलिस थानों को निशाना बनाया गया.
हमले कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी या पीकेके की ओर से किए गए : अधिकारी | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कप्तान एलिस्टर कुक (नाबाद 37) और अनुभवी केविन पीटरसन (नाबाद 35) की संयमभरी बल्लेबाजी की बदौलत इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया के साथ ट्रेंट ब्रिज मैदान पर जारी एशेज-2013 के पहले टेस्ट मैच के दूसरे दिन की समाप्ति तक अपनी दूसरी पारी में दो विकेट पर 80 रन बनाकर 15 रनों की बढ़त हासिल कर ली है।
कुक ने 130 गेंदों का सामना करते हुए चार चौके लगाए हैं जबकि पीटरसन ने 98 गेंदों पर छह चौके जड़े हैं। दोनों के बीच अब तक तीसरे विकेट के लिए 69 रनों की साझेदारी हुई थी। यह साझेदारी ऐसे समय में हुई है जब इंग्लैंड ने मात्र 11 रन के कुल योग पर अपने सलामी बल्लेबाज जोए रूट (5) और जोनाथन ट्रॉट (0) के विकेट गंवा दिए थे।
इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 215 रन बनाए थे। एक समय उसने 117 रनों पर ही ऑस्ट्रेलिया के नौ विकेट झटक लिए थे लेकिन फिलिप ह्यूज (नाबाद 81) और एस्टन अगर (98) ने अंतिम विकेट के लिए रिकॉर्ड साझेदारी करते हुए न सिर्फ ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी का स्कोर 280 रनों तक पहुंचाया बल्कि उसे 65 रनों की बढ़त भी दिलाई।
इससे पहले, अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले स्पिन गेंदबाज अगर द्वारा 11वें स्थान पर खेली गई रिकॉर्ड पारी तथा 10वें विकेट के लिए ह्यूज के साथ हुई 163 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी ने ऑस्ट्रेलिया को शर्मसार होने से बचा लिया।
अगर ने पदार्पण मैच में 11वें स्थान पर बल्लेबाजी करते हुए 1902 में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर इंग्लैंड के खिलाफ ही वारविक आर्मस्ट्रांग द्वारा बनाए गए नाबाद 45 रनों के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया। इसके साथ ही अगर ने ह्यूज के साथ टेस्ट इतिहास में 10वें विकेट के लिए सर्वाधिक 163 रनों की साझेदारी करने का भी रिकॉर्ड बनाया।
एक समय 117 रन पर नौ विकेट गंवाकर ऑस्ट्रेलिया भारी मुसीबत में दिख रही थी, वहीं अगर और ह्यूज के बीच हुई शानदार साझेदारी ने उसे मजबूत स्थिति में ला दिया।
इससे पहले टेस्ट के पहले दिन की समाप्ति पर इंग्लैंड ने जेम्स एंडरसन (25/2) और स्टीवन फिन (37/2) की धारदार गेंदबाजी की बदौलत पहले दिन का खेल खत्म होने तक पहली पारी में 75 रनों के कुल योग पर ऑस्ट्रेलिया के चार बल्लेबाजों को पैवेलियन लौटा दिया था।
पहले दिन की समाप्ति पर इंग्लैंड मजबूत स्थिति में दिख रही थी, लेकिन दूसरे दिन के मैच में ऑस्ट्रेलिया की तरफ से 10वें विकेट की साझेदारी ने स्थिति को पलट दिया।
इंग्लैंड की पहली पारी 215 रनों के योग पर समेटने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने पहले दिन की समाप्ति तक शेन वॉटसन (13), क्रिस रोजर्स (16), एड कोवान (0) और कप्तान माइकल क्लार्क (0) के विकेट गंवा दिए थे। स्टीवन स्मिथ 38 और फिलिप ह्यूज सात रनों पर नाबाद लौटे थे।
दूसरे दिन के पहले सत्र की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई टीम अच्छी लय में दिखी क्योंकि स्मिथ और ह्यूज कुल योग को 108 रनों तक ले गए लेकिन इसी योग पर एंडरसन ने स्मिथ को विकेट के पीछे मैट प्रायर के हाथों कैच कराकर ऑस्ट्रेलिया को पांचवां झटका दिया।
स्मिथ ने अपनी 79 गेंदों की पारी में सात चौके और एक छक्का लगाया। इसके बाद विकेटों की झड़ी शुरू हो गई। 113 रनों के कुल योग पर ग्रीम स्वान ने विकेटकीपर ब्रैड हेडिन (1) को चलता किया और 114 के कुल योग पर एंडसन ने पीटर सिडल (1) को पैवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
मिशेल स्टार्क (0) एंडरसन की गेंद को समझ नहीं सके और 114 रन के कुल योग पर ही आउट हो गए। एंडरसन ने अपने करियर में 14वीं बार पारी में पांच विकेट झटकने का कारनामा किया। जेम्स पेटिंसन (2) का विकेट 117 रन के कुल योग पर गिरा। पेटिंसन को स्वान ने पगबाधा आउट किया।
ऑस्ट्रेलिया के अंतिम विकेट के रूप में अगर स्टुअर्ट ब्रॉड की गेंद का शिकार हुए। अगर को ग्रीम स्वान ने मिडविकेट की सीमा के पास लपक लिया। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से पहली पारी में जेम्स एंडरसन को पांच तथा फिन और स्वान को दो-दो विकेट मिले, जबकि दूसरी पारी में अब तक स्टार्क दो विकेट ले चुके हैं।
कुक ने 130 गेंदों का सामना करते हुए चार चौके लगाए हैं जबकि पीटरसन ने 98 गेंदों पर छह चौके जड़े हैं। दोनों के बीच अब तक तीसरे विकेट के लिए 69 रनों की साझेदारी हुई थी। यह साझेदारी ऐसे समय में हुई है जब इंग्लैंड ने मात्र 11 रन के कुल योग पर अपने सलामी बल्लेबाज जोए रूट (5) और जोनाथन ट्रॉट (0) के विकेट गंवा दिए थे।
इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 215 रन बनाए थे। एक समय उसने 117 रनों पर ही ऑस्ट्रेलिया के नौ विकेट झटक लिए थे लेकिन फिलिप ह्यूज (नाबाद 81) और एस्टन अगर (98) ने अंतिम विकेट के लिए रिकॉर्ड साझेदारी करते हुए न सिर्फ ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी का स्कोर 280 रनों तक पहुंचाया बल्कि उसे 65 रनों की बढ़त भी दिलाई।
इससे पहले, अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले स्पिन गेंदबाज अगर द्वारा 11वें स्थान पर खेली गई रिकॉर्ड पारी तथा 10वें विकेट के लिए ह्यूज के साथ हुई 163 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी ने ऑस्ट्रेलिया को शर्मसार होने से बचा लिया।
अगर ने पदार्पण मैच में 11वें स्थान पर बल्लेबाजी करते हुए 1902 में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर इंग्लैंड के खिलाफ ही वारविक आर्मस्ट्रांग द्वारा बनाए गए नाबाद 45 रनों के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया। इसके साथ ही अगर ने ह्यूज के साथ टेस्ट इतिहास में 10वें विकेट के लिए सर्वाधिक 163 रनों की साझेदारी करने का भी रिकॉर्ड बनाया।
एक समय 117 रन पर नौ विकेट गंवाकर ऑस्ट्रेलिया भारी मुसीबत में दिख रही थी, वहीं अगर और ह्यूज के बीच हुई शानदार साझेदारी ने उसे मजबूत स्थिति में ला दिया।
इससे पहले टेस्ट के पहले दिन की समाप्ति पर इंग्लैंड ने जेम्स एंडरसन (25/2) और स्टीवन फिन (37/2) की धारदार गेंदबाजी की बदौलत पहले दिन का खेल खत्म होने तक पहली पारी में 75 रनों के कुल योग पर ऑस्ट्रेलिया के चार बल्लेबाजों को पैवेलियन लौटा दिया था।
पहले दिन की समाप्ति पर इंग्लैंड मजबूत स्थिति में दिख रही थी, लेकिन दूसरे दिन के मैच में ऑस्ट्रेलिया की तरफ से 10वें विकेट की साझेदारी ने स्थिति को पलट दिया।
इंग्लैंड की पहली पारी 215 रनों के योग पर समेटने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने पहले दिन की समाप्ति तक शेन वॉटसन (13), क्रिस रोजर्स (16), एड कोवान (0) और कप्तान माइकल क्लार्क (0) के विकेट गंवा दिए थे। स्टीवन स्मिथ 38 और फिलिप ह्यूज सात रनों पर नाबाद लौटे थे।
दूसरे दिन के पहले सत्र की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई टीम अच्छी लय में दिखी क्योंकि स्मिथ और ह्यूज कुल योग को 108 रनों तक ले गए लेकिन इसी योग पर एंडरसन ने स्मिथ को विकेट के पीछे मैट प्रायर के हाथों कैच कराकर ऑस्ट्रेलिया को पांचवां झटका दिया।
स्मिथ ने अपनी 79 गेंदों की पारी में सात चौके और एक छक्का लगाया। इसके बाद विकेटों की झड़ी शुरू हो गई। 113 रनों के कुल योग पर ग्रीम स्वान ने विकेटकीपर ब्रैड हेडिन (1) को चलता किया और 114 के कुल योग पर एंडसन ने पीटर सिडल (1) को पैवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
मिशेल स्टार्क (0) एंडरसन की गेंद को समझ नहीं सके और 114 रन के कुल योग पर ही आउट हो गए। एंडरसन ने अपने करियर में 14वीं बार पारी में पांच विकेट झटकने का कारनामा किया। जेम्स पेटिंसन (2) का विकेट 117 रन के कुल योग पर गिरा। पेटिंसन को स्वान ने पगबाधा आउट किया।
ऑस्ट्रेलिया के अंतिम विकेट के रूप में अगर स्टुअर्ट ब्रॉड की गेंद का शिकार हुए। अगर को ग्रीम स्वान ने मिडविकेट की सीमा के पास लपक लिया। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से पहली पारी में जेम्स एंडरसन को पांच तथा फिन और स्वान को दो-दो विकेट मिले, जबकि दूसरी पारी में अब तक स्टार्क दो विकेट ले चुके हैं।
इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 215 रन बनाए थे। एक समय उसने 117 रनों पर ही ऑस्ट्रेलिया के नौ विकेट झटक लिए थे लेकिन फिलिप ह्यूज (नाबाद 81) और एस्टन अगर (98) ने अंतिम विकेट के लिए रिकॉर्ड साझेदारी करते हुए न सिर्फ ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी का स्कोर 280 रनों तक पहुंचाया बल्कि उसे 65 रनों की बढ़त भी दिलाई।
इससे पहले, अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले स्पिन गेंदबाज अगर द्वारा 11वें स्थान पर खेली गई रिकॉर्ड पारी तथा 10वें विकेट के लिए ह्यूज के साथ हुई 163 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी ने ऑस्ट्रेलिया को शर्मसार होने से बचा लिया।
अगर ने पदार्पण मैच में 11वें स्थान पर बल्लेबाजी करते हुए 1902 में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर इंग्लैंड के खिलाफ ही वारविक आर्मस्ट्रांग द्वारा बनाए गए नाबाद 45 रनों के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया। इसके साथ ही अगर ने ह्यूज के साथ टेस्ट इतिहास में 10वें विकेट के लिए सर्वाधिक 163 रनों की साझेदारी करने का भी रिकॉर्ड बनाया।
एक समय 117 रन पर नौ विकेट गंवाकर ऑस्ट्रेलिया भारी मुसीबत में दिख रही थी, वहीं अगर और ह्यूज के बीच हुई शानदार साझेदारी ने उसे मजबूत स्थिति में ला दिया।
इससे पहले टेस्ट के पहले दिन की समाप्ति पर इंग्लैंड ने जेम्स एंडरसन (25/2) और स्टीवन फिन (37/2) की धारदार गेंदबाजी की बदौलत पहले दिन का खेल खत्म होने तक पहली पारी में 75 रनों के कुल योग पर ऑस्ट्रेलिया के चार बल्लेबाजों को पैवेलियन लौटा दिया था।
पहले दिन की समाप्ति पर इंग्लैंड मजबूत स्थिति में दिख रही थी, लेकिन दूसरे दिन के मैच में ऑस्ट्रेलिया की तरफ से 10वें विकेट की साझेदारी ने स्थिति को पलट दिया।
इंग्लैंड की पहली पारी 215 रनों के योग पर समेटने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने पहले दिन की समाप्ति तक शेन वॉटसन (13), क्रिस रोजर्स (16), एड कोवान (0) और कप्तान माइकल क्लार्क (0) के विकेट गंवा दिए थे। स्टीवन स्मिथ 38 और फिलिप ह्यूज सात रनों पर नाबाद लौटे थे।
दूसरे दिन के पहले सत्र की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई टीम अच्छी लय में दिखी क्योंकि स्मिथ और ह्यूज कुल योग को 108 रनों तक ले गए लेकिन इसी योग पर एंडरसन ने स्मिथ को विकेट के पीछे मैट प्रायर के हाथों कैच कराकर ऑस्ट्रेलिया को पांचवां झटका दिया।
स्मिथ ने अपनी 79 गेंदों की पारी में सात चौके और एक छक्का लगाया। इसके बाद विकेटों की झड़ी शुरू हो गई। 113 रनों के कुल योग पर ग्रीम स्वान ने विकेटकीपर ब्रैड हेडिन (1) को चलता किया और 114 के कुल योग पर एंडसन ने पीटर सिडल (1) को पैवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
मिशेल स्टार्क (0) एंडरसन की गेंद को समझ नहीं सके और 114 रन के कुल योग पर ही आउट हो गए। एंडरसन ने अपने करियर में 14वीं बार पारी में पांच विकेट झटकने का कारनामा किया। जेम्स पेटिंसन (2) का विकेट 117 रन के कुल योग पर गिरा। पेटिंसन को स्वान ने पगबाधा आउट किया।
ऑस्ट्रेलिया के अंतिम विकेट के रूप में अगर स्टुअर्ट ब्रॉड की गेंद का शिकार हुए। अगर को ग्रीम स्वान ने मिडविकेट की सीमा के पास लपक लिया। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से पहली पारी में जेम्स एंडरसन को पांच तथा फिन और स्वान को दो-दो विकेट मिले, जबकि दूसरी पारी में अब तक स्टार्क दो विकेट ले चुके हैं।
इससे पहले, अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले स्पिन गेंदबाज अगर द्वारा 11वें स्थान पर खेली गई रिकॉर्ड पारी तथा 10वें विकेट के लिए ह्यूज के साथ हुई 163 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी ने ऑस्ट्रेलिया को शर्मसार होने से बचा लिया।
अगर ने पदार्पण मैच में 11वें स्थान पर बल्लेबाजी करते हुए 1902 में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर इंग्लैंड के खिलाफ ही वारविक आर्मस्ट्रांग द्वारा बनाए गए नाबाद 45 रनों के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया। इसके साथ ही अगर ने ह्यूज के साथ टेस्ट इतिहास में 10वें विकेट के लिए सर्वाधिक 163 रनों की साझेदारी करने का भी रिकॉर्ड बनाया।
एक समय 117 रन पर नौ विकेट गंवाकर ऑस्ट्रेलिया भारी मुसीबत में दिख रही थी, वहीं अगर और ह्यूज के बीच हुई शानदार साझेदारी ने उसे मजबूत स्थिति में ला दिया।
इससे पहले टेस्ट के पहले दिन की समाप्ति पर इंग्लैंड ने जेम्स एंडरसन (25/2) और स्टीवन फिन (37/2) की धारदार गेंदबाजी की बदौलत पहले दिन का खेल खत्म होने तक पहली पारी में 75 रनों के कुल योग पर ऑस्ट्रेलिया के चार बल्लेबाजों को पैवेलियन लौटा दिया था।
पहले दिन की समाप्ति पर इंग्लैंड मजबूत स्थिति में दिख रही थी, लेकिन दूसरे दिन के मैच में ऑस्ट्रेलिया की तरफ से 10वें विकेट की साझेदारी ने स्थिति को पलट दिया।
इंग्लैंड की पहली पारी 215 रनों के योग पर समेटने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने पहले दिन की समाप्ति तक शेन वॉटसन (13), क्रिस रोजर्स (16), एड कोवान (0) और कप्तान माइकल क्लार्क (0) के विकेट गंवा दिए थे। स्टीवन स्मिथ 38 और फिलिप ह्यूज सात रनों पर नाबाद लौटे थे।
दूसरे दिन के पहले सत्र की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई टीम अच्छी लय में दिखी क्योंकि स्मिथ और ह्यूज कुल योग को 108 रनों तक ले गए लेकिन इसी योग पर एंडरसन ने स्मिथ को विकेट के पीछे मैट प्रायर के हाथों कैच कराकर ऑस्ट्रेलिया को पांचवां झटका दिया।
स्मिथ ने अपनी 79 गेंदों की पारी में सात चौके और एक छक्का लगाया। इसके बाद विकेटों की झड़ी शुरू हो गई। 113 रनों के कुल योग पर ग्रीम स्वान ने विकेटकीपर ब्रैड हेडिन (1) को चलता किया और 114 के कुल योग पर एंडसन ने पीटर सिडल (1) को पैवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
मिशेल स्टार्क (0) एंडरसन की गेंद को समझ नहीं सके और 114 रन के कुल योग पर ही आउट हो गए। एंडरसन ने अपने करियर में 14वीं बार पारी में पांच विकेट झटकने का कारनामा किया। जेम्स पेटिंसन (2) का विकेट 117 रन के कुल योग पर गिरा। पेटिंसन को स्वान ने पगबाधा आउट किया।
ऑस्ट्रेलिया के अंतिम विकेट के रूप में अगर स्टुअर्ट ब्रॉड की गेंद का शिकार हुए। अगर को ग्रीम स्वान ने मिडविकेट की सीमा के पास लपक लिया। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से पहली पारी में जेम्स एंडरसन को पांच तथा फिन और स्वान को दो-दो विकेट मिले, जबकि दूसरी पारी में अब तक स्टार्क दो विकेट ले चुके हैं।
अगर ने पदार्पण मैच में 11वें स्थान पर बल्लेबाजी करते हुए 1902 में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर इंग्लैंड के खिलाफ ही वारविक आर्मस्ट्रांग द्वारा बनाए गए नाबाद 45 रनों के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया। इसके साथ ही अगर ने ह्यूज के साथ टेस्ट इतिहास में 10वें विकेट के लिए सर्वाधिक 163 रनों की साझेदारी करने का भी रिकॉर्ड बनाया।
एक समय 117 रन पर नौ विकेट गंवाकर ऑस्ट्रेलिया भारी मुसीबत में दिख रही थी, वहीं अगर और ह्यूज के बीच हुई शानदार साझेदारी ने उसे मजबूत स्थिति में ला दिया।
इससे पहले टेस्ट के पहले दिन की समाप्ति पर इंग्लैंड ने जेम्स एंडरसन (25/2) और स्टीवन फिन (37/2) की धारदार गेंदबाजी की बदौलत पहले दिन का खेल खत्म होने तक पहली पारी में 75 रनों के कुल योग पर ऑस्ट्रेलिया के चार बल्लेबाजों को पैवेलियन लौटा दिया था।
पहले दिन की समाप्ति पर इंग्लैंड मजबूत स्थिति में दिख रही थी, लेकिन दूसरे दिन के मैच में ऑस्ट्रेलिया की तरफ से 10वें विकेट की साझेदारी ने स्थिति को पलट दिया।
इंग्लैंड की पहली पारी 215 रनों के योग पर समेटने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने पहले दिन की समाप्ति तक शेन वॉटसन (13), क्रिस रोजर्स (16), एड कोवान (0) और कप्तान माइकल क्लार्क (0) के विकेट गंवा दिए थे। स्टीवन स्मिथ 38 और फिलिप ह्यूज सात रनों पर नाबाद लौटे थे।
दूसरे दिन के पहले सत्र की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई टीम अच्छी लय में दिखी क्योंकि स्मिथ और ह्यूज कुल योग को 108 रनों तक ले गए लेकिन इसी योग पर एंडरसन ने स्मिथ को विकेट के पीछे मैट प्रायर के हाथों कैच कराकर ऑस्ट्रेलिया को पांचवां झटका दिया।
स्मिथ ने अपनी 79 गेंदों की पारी में सात चौके और एक छक्का लगाया। इसके बाद विकेटों की झड़ी शुरू हो गई। 113 रनों के कुल योग पर ग्रीम स्वान ने विकेटकीपर ब्रैड हेडिन (1) को चलता किया और 114 के कुल योग पर एंडसन ने पीटर सिडल (1) को पैवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
मिशेल स्टार्क (0) एंडरसन की गेंद को समझ नहीं सके और 114 रन के कुल योग पर ही आउट हो गए। एंडरसन ने अपने करियर में 14वीं बार पारी में पांच विकेट झटकने का कारनामा किया। जेम्स पेटिंसन (2) का विकेट 117 रन के कुल योग पर गिरा। पेटिंसन को स्वान ने पगबाधा आउट किया।
ऑस्ट्रेलिया के अंतिम विकेट के रूप में अगर स्टुअर्ट ब्रॉड की गेंद का शिकार हुए। अगर को ग्रीम स्वान ने मिडविकेट की सीमा के पास लपक लिया। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से पहली पारी में जेम्स एंडरसन को पांच तथा फिन और स्वान को दो-दो विकेट मिले, जबकि दूसरी पारी में अब तक स्टार्क दो विकेट ले चुके हैं।
एक समय 117 रन पर नौ विकेट गंवाकर ऑस्ट्रेलिया भारी मुसीबत में दिख रही थी, वहीं अगर और ह्यूज के बीच हुई शानदार साझेदारी ने उसे मजबूत स्थिति में ला दिया।
इससे पहले टेस्ट के पहले दिन की समाप्ति पर इंग्लैंड ने जेम्स एंडरसन (25/2) और स्टीवन फिन (37/2) की धारदार गेंदबाजी की बदौलत पहले दिन का खेल खत्म होने तक पहली पारी में 75 रनों के कुल योग पर ऑस्ट्रेलिया के चार बल्लेबाजों को पैवेलियन लौटा दिया था।
पहले दिन की समाप्ति पर इंग्लैंड मजबूत स्थिति में दिख रही थी, लेकिन दूसरे दिन के मैच में ऑस्ट्रेलिया की तरफ से 10वें विकेट की साझेदारी ने स्थिति को पलट दिया।
इंग्लैंड की पहली पारी 215 रनों के योग पर समेटने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने पहले दिन की समाप्ति तक शेन वॉटसन (13), क्रिस रोजर्स (16), एड कोवान (0) और कप्तान माइकल क्लार्क (0) के विकेट गंवा दिए थे। स्टीवन स्मिथ 38 और फिलिप ह्यूज सात रनों पर नाबाद लौटे थे।
दूसरे दिन के पहले सत्र की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई टीम अच्छी लय में दिखी क्योंकि स्मिथ और ह्यूज कुल योग को 108 रनों तक ले गए लेकिन इसी योग पर एंडरसन ने स्मिथ को विकेट के पीछे मैट प्रायर के हाथों कैच कराकर ऑस्ट्रेलिया को पांचवां झटका दिया।
स्मिथ ने अपनी 79 गेंदों की पारी में सात चौके और एक छक्का लगाया। इसके बाद विकेटों की झड़ी शुरू हो गई। 113 रनों के कुल योग पर ग्रीम स्वान ने विकेटकीपर ब्रैड हेडिन (1) को चलता किया और 114 के कुल योग पर एंडसन ने पीटर सिडल (1) को पैवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
मिशेल स्टार्क (0) एंडरसन की गेंद को समझ नहीं सके और 114 रन के कुल योग पर ही आउट हो गए। एंडरसन ने अपने करियर में 14वीं बार पारी में पांच विकेट झटकने का कारनामा किया। जेम्स पेटिंसन (2) का विकेट 117 रन के कुल योग पर गिरा। पेटिंसन को स्वान ने पगबाधा आउट किया।
ऑस्ट्रेलिया के अंतिम विकेट के रूप में अगर स्टुअर्ट ब्रॉड की गेंद का शिकार हुए। अगर को ग्रीम स्वान ने मिडविकेट की सीमा के पास लपक लिया। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से पहली पारी में जेम्स एंडरसन को पांच तथा फिन और स्वान को दो-दो विकेट मिले, जबकि दूसरी पारी में अब तक स्टार्क दो विकेट ले चुके हैं।
इससे पहले टेस्ट के पहले दिन की समाप्ति पर इंग्लैंड ने जेम्स एंडरसन (25/2) और स्टीवन फिन (37/2) की धारदार गेंदबाजी की बदौलत पहले दिन का खेल खत्म होने तक पहली पारी में 75 रनों के कुल योग पर ऑस्ट्रेलिया के चार बल्लेबाजों को पैवेलियन लौटा दिया था।
पहले दिन की समाप्ति पर इंग्लैंड मजबूत स्थिति में दिख रही थी, लेकिन दूसरे दिन के मैच में ऑस्ट्रेलिया की तरफ से 10वें विकेट की साझेदारी ने स्थिति को पलट दिया।
इंग्लैंड की पहली पारी 215 रनों के योग पर समेटने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने पहले दिन की समाप्ति तक शेन वॉटसन (13), क्रिस रोजर्स (16), एड कोवान (0) और कप्तान माइकल क्लार्क (0) के विकेट गंवा दिए थे। स्टीवन स्मिथ 38 और फिलिप ह्यूज सात रनों पर नाबाद लौटे थे।
दूसरे दिन के पहले सत्र की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई टीम अच्छी लय में दिखी क्योंकि स्मिथ और ह्यूज कुल योग को 108 रनों तक ले गए लेकिन इसी योग पर एंडरसन ने स्मिथ को विकेट के पीछे मैट प्रायर के हाथों कैच कराकर ऑस्ट्रेलिया को पांचवां झटका दिया।
स्मिथ ने अपनी 79 गेंदों की पारी में सात चौके और एक छक्का लगाया। इसके बाद विकेटों की झड़ी शुरू हो गई। 113 रनों के कुल योग पर ग्रीम स्वान ने विकेटकीपर ब्रैड हेडिन (1) को चलता किया और 114 के कुल योग पर एंडसन ने पीटर सिडल (1) को पैवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
मिशेल स्टार्क (0) एंडरसन की गेंद को समझ नहीं सके और 114 रन के कुल योग पर ही आउट हो गए। एंडरसन ने अपने करियर में 14वीं बार पारी में पांच विकेट झटकने का कारनामा किया। जेम्स पेटिंसन (2) का विकेट 117 रन के कुल योग पर गिरा। पेटिंसन को स्वान ने पगबाधा आउट किया।
ऑस्ट्रेलिया के अंतिम विकेट के रूप में अगर स्टुअर्ट ब्रॉड की गेंद का शिकार हुए। अगर को ग्रीम स्वान ने मिडविकेट की सीमा के पास लपक लिया। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से पहली पारी में जेम्स एंडरसन को पांच तथा फिन और स्वान को दो-दो विकेट मिले, जबकि दूसरी पारी में अब तक स्टार्क दो विकेट ले चुके हैं।
पहले दिन की समाप्ति पर इंग्लैंड मजबूत स्थिति में दिख रही थी, लेकिन दूसरे दिन के मैच में ऑस्ट्रेलिया की तरफ से 10वें विकेट की साझेदारी ने स्थिति को पलट दिया।
इंग्लैंड की पहली पारी 215 रनों के योग पर समेटने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने पहले दिन की समाप्ति तक शेन वॉटसन (13), क्रिस रोजर्स (16), एड कोवान (0) और कप्तान माइकल क्लार्क (0) के विकेट गंवा दिए थे। स्टीवन स्मिथ 38 और फिलिप ह्यूज सात रनों पर नाबाद लौटे थे।
दूसरे दिन के पहले सत्र की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई टीम अच्छी लय में दिखी क्योंकि स्मिथ और ह्यूज कुल योग को 108 रनों तक ले गए लेकिन इसी योग पर एंडरसन ने स्मिथ को विकेट के पीछे मैट प्रायर के हाथों कैच कराकर ऑस्ट्रेलिया को पांचवां झटका दिया।
स्मिथ ने अपनी 79 गेंदों की पारी में सात चौके और एक छक्का लगाया। इसके बाद विकेटों की झड़ी शुरू हो गई। 113 रनों के कुल योग पर ग्रीम स्वान ने विकेटकीपर ब्रैड हेडिन (1) को चलता किया और 114 के कुल योग पर एंडसन ने पीटर सिडल (1) को पैवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
मिशेल स्टार्क (0) एंडरसन की गेंद को समझ नहीं सके और 114 रन के कुल योग पर ही आउट हो गए। एंडरसन ने अपने करियर में 14वीं बार पारी में पांच विकेट झटकने का कारनामा किया। जेम्स पेटिंसन (2) का विकेट 117 रन के कुल योग पर गिरा। पेटिंसन को स्वान ने पगबाधा आउट किया।
ऑस्ट्रेलिया के अंतिम विकेट के रूप में अगर स्टुअर्ट ब्रॉड की गेंद का शिकार हुए। अगर को ग्रीम स्वान ने मिडविकेट की सीमा के पास लपक लिया। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से पहली पारी में जेम्स एंडरसन को पांच तथा फिन और स्वान को दो-दो विकेट मिले, जबकि दूसरी पारी में अब तक स्टार्क दो विकेट ले चुके हैं।
इंग्लैंड की पहली पारी 215 रनों के योग पर समेटने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने पहले दिन की समाप्ति तक शेन वॉटसन (13), क्रिस रोजर्स (16), एड कोवान (0) और कप्तान माइकल क्लार्क (0) के विकेट गंवा दिए थे। स्टीवन स्मिथ 38 और फिलिप ह्यूज सात रनों पर नाबाद लौटे थे।
दूसरे दिन के पहले सत्र की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई टीम अच्छी लय में दिखी क्योंकि स्मिथ और ह्यूज कुल योग को 108 रनों तक ले गए लेकिन इसी योग पर एंडरसन ने स्मिथ को विकेट के पीछे मैट प्रायर के हाथों कैच कराकर ऑस्ट्रेलिया को पांचवां झटका दिया।
स्मिथ ने अपनी 79 गेंदों की पारी में सात चौके और एक छक्का लगाया। इसके बाद विकेटों की झड़ी शुरू हो गई। 113 रनों के कुल योग पर ग्रीम स्वान ने विकेटकीपर ब्रैड हेडिन (1) को चलता किया और 114 के कुल योग पर एंडसन ने पीटर सिडल (1) को पैवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
मिशेल स्टार्क (0) एंडरसन की गेंद को समझ नहीं सके और 114 रन के कुल योग पर ही आउट हो गए। एंडरसन ने अपने करियर में 14वीं बार पारी में पांच विकेट झटकने का कारनामा किया। जेम्स पेटिंसन (2) का विकेट 117 रन के कुल योग पर गिरा। पेटिंसन को स्वान ने पगबाधा आउट किया।
ऑस्ट्रेलिया के अंतिम विकेट के रूप में अगर स्टुअर्ट ब्रॉड की गेंद का शिकार हुए। अगर को ग्रीम स्वान ने मिडविकेट की सीमा के पास लपक लिया। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से पहली पारी में जेम्स एंडरसन को पांच तथा फिन और स्वान को दो-दो विकेट मिले, जबकि दूसरी पारी में अब तक स्टार्क दो विकेट ले चुके हैं।
दूसरे दिन के पहले सत्र की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई टीम अच्छी लय में दिखी क्योंकि स्मिथ और ह्यूज कुल योग को 108 रनों तक ले गए लेकिन इसी योग पर एंडरसन ने स्मिथ को विकेट के पीछे मैट प्रायर के हाथों कैच कराकर ऑस्ट्रेलिया को पांचवां झटका दिया।
स्मिथ ने अपनी 79 गेंदों की पारी में सात चौके और एक छक्का लगाया। इसके बाद विकेटों की झड़ी शुरू हो गई। 113 रनों के कुल योग पर ग्रीम स्वान ने विकेटकीपर ब्रैड हेडिन (1) को चलता किया और 114 के कुल योग पर एंडसन ने पीटर सिडल (1) को पैवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
मिशेल स्टार्क (0) एंडरसन की गेंद को समझ नहीं सके और 114 रन के कुल योग पर ही आउट हो गए। एंडरसन ने अपने करियर में 14वीं बार पारी में पांच विकेट झटकने का कारनामा किया। जेम्स पेटिंसन (2) का विकेट 117 रन के कुल योग पर गिरा। पेटिंसन को स्वान ने पगबाधा आउट किया।
ऑस्ट्रेलिया के अंतिम विकेट के रूप में अगर स्टुअर्ट ब्रॉड की गेंद का शिकार हुए। अगर को ग्रीम स्वान ने मिडविकेट की सीमा के पास लपक लिया। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से पहली पारी में जेम्स एंडरसन को पांच तथा फिन और स्वान को दो-दो विकेट मिले, जबकि दूसरी पारी में अब तक स्टार्क दो विकेट ले चुके हैं।
स्मिथ ने अपनी 79 गेंदों की पारी में सात चौके और एक छक्का लगाया। इसके बाद विकेटों की झड़ी शुरू हो गई। 113 रनों के कुल योग पर ग्रीम स्वान ने विकेटकीपर ब्रैड हेडिन (1) को चलता किया और 114 के कुल योग पर एंडसन ने पीटर सिडल (1) को पैवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
मिशेल स्टार्क (0) एंडरसन की गेंद को समझ नहीं सके और 114 रन के कुल योग पर ही आउट हो गए। एंडरसन ने अपने करियर में 14वीं बार पारी में पांच विकेट झटकने का कारनामा किया। जेम्स पेटिंसन (2) का विकेट 117 रन के कुल योग पर गिरा। पेटिंसन को स्वान ने पगबाधा आउट किया।
ऑस्ट्रेलिया के अंतिम विकेट के रूप में अगर स्टुअर्ट ब्रॉड की गेंद का शिकार हुए। अगर को ग्रीम स्वान ने मिडविकेट की सीमा के पास लपक लिया। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से पहली पारी में जेम्स एंडरसन को पांच तथा फिन और स्वान को दो-दो विकेट मिले, जबकि दूसरी पारी में अब तक स्टार्क दो विकेट ले चुके हैं।
मिशेल स्टार्क (0) एंडरसन की गेंद को समझ नहीं सके और 114 रन के कुल योग पर ही आउट हो गए। एंडरसन ने अपने करियर में 14वीं बार पारी में पांच विकेट झटकने का कारनामा किया। जेम्स पेटिंसन (2) का विकेट 117 रन के कुल योग पर गिरा। पेटिंसन को स्वान ने पगबाधा आउट किया।
ऑस्ट्रेलिया के अंतिम विकेट के रूप में अगर स्टुअर्ट ब्रॉड की गेंद का शिकार हुए। अगर को ग्रीम स्वान ने मिडविकेट की सीमा के पास लपक लिया। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से पहली पारी में जेम्स एंडरसन को पांच तथा फिन और स्वान को दो-दो विकेट मिले, जबकि दूसरी पारी में अब तक स्टार्क दो विकेट ले चुके हैं।
ऑस्ट्रेलिया के अंतिम विकेट के रूप में अगर स्टुअर्ट ब्रॉड की गेंद का शिकार हुए। अगर को ग्रीम स्वान ने मिडविकेट की सीमा के पास लपक लिया। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से पहली पारी में जेम्स एंडरसन को पांच तथा फिन और स्वान को दो-दो विकेट मिले, जबकि दूसरी पारी में अब तक स्टार्क दो विकेट ले चुके हैं। | सारांश: कुक (नाबाद 37) और पीटरसन (नाबाद 35) की संयमभरी बल्लेबाजी की बदौलत इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया के साथ ट्रेंट ब्रिज मैदान पर जारी एशेज-2013 के पहले टेस्ट मैच के दूसरे दिन की समाप्ति तक अपनी दूसरी पारी में दो विकेट पर 80 रन बनाकर 15 रनों की बढ़त हासि | 7 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सचिन तेंदुलकर के नाम भले ही शतकों का शतक दर्ज है, लेकिन उन्हें साल 2008 में इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई टेस्ट में लगाया गया अपना शतक सबसे ज्यादा पसंद है, क्योंकि यह मुबंई हमलों के बाद जड़ा गया था।
दुबई में एक कार्यक्रम में सचिन ने इस बात का खुलासा किया। चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ यह टेस्ट मैच मुंबई हमलों के बाद खेला गया पहला क्रिकेट मैच था। सचिन ने इस मैच में 103 रनों की अपनों नाबाद पारी को मुंबई हमलों के पीड़ितों के नाम समर्पित किया था।टिप्पणियां
इस महान बल्लेबाज ने हालांकि यह भी कहा कि 1992 में पर्थ में लगाया गया शतक भी क्रिकेट के लिहाज से उनके पसंदीदा शतकों में शामिल है। इस मौके पर सचिन ने अपनी बचपन की यादें भी साझा कीं और कहा कि बचपन से ही वह सुनील गावस्कर को अपना आदर्श मानते रहे। उन्होंने कहा कि वह विवियन रिचर्ड्स की पारियों को अचंभित होकर देखते थे।
पाकिस्तान के खिलाफ करियर के अपने पहले मैच के बारे में सचिन ने कहा कि वकार यूनुस की गेंद पर उन्हें चोट लग गई और नाक से खून बहने लगा, लेकिन उन्होंने सोचा कि इससे बुरा अब कुछ नहीं हो सकता और अगर मैं इसका सामना कर लेता हूं तो मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल सकूंगा।
दुबई में एक कार्यक्रम में सचिन ने इस बात का खुलासा किया। चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ यह टेस्ट मैच मुंबई हमलों के बाद खेला गया पहला क्रिकेट मैच था। सचिन ने इस मैच में 103 रनों की अपनों नाबाद पारी को मुंबई हमलों के पीड़ितों के नाम समर्पित किया था।टिप्पणियां
इस महान बल्लेबाज ने हालांकि यह भी कहा कि 1992 में पर्थ में लगाया गया शतक भी क्रिकेट के लिहाज से उनके पसंदीदा शतकों में शामिल है। इस मौके पर सचिन ने अपनी बचपन की यादें भी साझा कीं और कहा कि बचपन से ही वह सुनील गावस्कर को अपना आदर्श मानते रहे। उन्होंने कहा कि वह विवियन रिचर्ड्स की पारियों को अचंभित होकर देखते थे।
पाकिस्तान के खिलाफ करियर के अपने पहले मैच के बारे में सचिन ने कहा कि वकार यूनुस की गेंद पर उन्हें चोट लग गई और नाक से खून बहने लगा, लेकिन उन्होंने सोचा कि इससे बुरा अब कुछ नहीं हो सकता और अगर मैं इसका सामना कर लेता हूं तो मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल सकूंगा।
इस महान बल्लेबाज ने हालांकि यह भी कहा कि 1992 में पर्थ में लगाया गया शतक भी क्रिकेट के लिहाज से उनके पसंदीदा शतकों में शामिल है। इस मौके पर सचिन ने अपनी बचपन की यादें भी साझा कीं और कहा कि बचपन से ही वह सुनील गावस्कर को अपना आदर्श मानते रहे। उन्होंने कहा कि वह विवियन रिचर्ड्स की पारियों को अचंभित होकर देखते थे।
पाकिस्तान के खिलाफ करियर के अपने पहले मैच के बारे में सचिन ने कहा कि वकार यूनुस की गेंद पर उन्हें चोट लग गई और नाक से खून बहने लगा, लेकिन उन्होंने सोचा कि इससे बुरा अब कुछ नहीं हो सकता और अगर मैं इसका सामना कर लेता हूं तो मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल सकूंगा।
पाकिस्तान के खिलाफ करियर के अपने पहले मैच के बारे में सचिन ने कहा कि वकार यूनुस की गेंद पर उन्हें चोट लग गई और नाक से खून बहने लगा, लेकिन उन्होंने सोचा कि इससे बुरा अब कुछ नहीं हो सकता और अगर मैं इसका सामना कर लेता हूं तो मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल सकूंगा। | यहाँ एक सारांश है:तेंदुलकर के नाम भले ही शतकों का शतक दर्ज है, लेकिन उन्हें 2008 में इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई टेस्ट में लगाया गया अपना शतक सबसे ज्यादा पसंद है, क्योंकि यह मुबंई हमलों के बाद जड़ा गया था। | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: इस वर्ष माउंट एवरेस्ट पर सफलता हासिल करने वाली 25 वर्षीय टीना मीना पहली भारतीय महिला बन गई हैं। अरूणाचल प्रदेश की टीना मीना ने नौ मई को माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई पूरी की। दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर पहुंचने वाली वह अरूणाचल प्रदेश की पहली महिला बन गई हैं। अभियान की देखरेख करने वाले एक्सप्लोर हिमालय ट्रैवल एंड एडवेंचर के प्रबंधक नबीन त्रितल ने कहा कि वह अपने गाईड शेरिंग दोरजी शेरपा (32) के साथ दुनिया की सर्वोच्च चोटी पर पहुंचीं। त्रितल ने कहा कि दोनों सुरक्षित आधार शिविर पहुंच चुके हैं। एक्सप्लोर हिमालय एवरेस्ट एक्सपेडिशन की एक अन्य महिला अंशु जामसेनपा (32) का फिलहाल चोटी तक पहुंचने का अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि सात सदस्यीय दल का उद्देश्य भारत के युवाओं के बीच पर्वतारोहण और रोमांचक खेलों के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है। इस वर्ष कई भारतीय पर्वतारोहियों ने 8848 मीटर उंचे माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने का प्रयास किया। एवरेस्ट की ओर भारतीय वायुसेना की 14 सदस्यीय एक महिला टीम भी बढ़ रही है। | संक्षिप्त सारांश: अरूणाचल प्रदेश की टीना मीना ने नौ मई को माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई पूरी की। दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर पहुंचने वाली वह अरूणाचल प्रदेश की पहली महिला बन गई हैं। | 0 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं आज से शुरू हो गई है. हाईस्कूल की परीक्षा में कुल 31,95,603 विद्यार्थी जबकि इंटरमीडिएट की परीक्षा में 26,11,319 विद्यार्थी शामिल होंगे. परिषद की सचिव नीना श्रीवास्तव ने बुधवार को कहा कि इन परीक्षाओं के लिए कुल 8,354 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं और नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी केंद्र सीसीटीवी कैमरे से लैस रहेंगे. उन्होंने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों के लिए प्रश्नपत्रों का केंद्रवार बंडल बनाया गया है.
परीक्षाओं में नकल और उत्तर पुस्तिकाओं की हेराफेरी पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश से समस्त जिलों के वास्ते क्रमांकित उत्तर पुस्तिकाओं की व्यवस्था की गई है. श्रीवास्तव ने बताया कि हाईस्कूल की परीक्षा कुल 14 कार्य दिवसों में पूरी होकर 28 फरवरी 2019 को संपन्न होंगी, जबकि इंटरमीडिएट की परीक्षा कुल 16 कार्य दिवसों में पूरी होकर दो मार्च को संपन्न होंगी.
उन्होंने बताया कि कुम्भ मेले को देखते हुए प्रमुख स्नान पर्व को और उससे एक दिन आगे और पीछे परीक्षा नहीं है. श्रीवास्तव ने कहा, "हमारी कोशिश होगी कि अप्रैल के दूसरे या तीसरे सप्ताह में हम इन परीक्षाओं के परिणाम घोषित कर दें." | संक्षिप्त सारांश: यूपी में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं आज से
कुल 5,806,922 छात्र देंगे परीक्षा
8,354 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: एशियाई विकास बैंक (एडीबी) का अनुमान है कि वर्ष 2011 में एशिया की दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं चीन और भारत की आर्थिक वृद्धि दर क्रमश: 9.6 प्रतिशत और 8.2 प्रतिशत रहेगी। बैंक की एशियाई विकास परिदृश्य रिपोर्ट, 2011 के अनुसार चीन में मुद्रास्फीति का इस वर्ष उसकी आर्थिक वृद्धि दर पर असर पड़ेगा। सरकार ने महंगाई दर को काबू में रखने के लिए ब्याज दर महंगा करने की नीति अपनानी शुरू की है। चीन की आर्थिक वृद्धि 2010 में 10.3 प्रतिशत थी। रपट के अनुसार 2012 में एशिया की नंबर एक और विश्व में अमेरिका के बाद दूसरे नंबर पर आ गई चीन की अर्थव्यवस्था का 9.2 प्रतिशत से विस्तार होगा। रपट में कहा गया है कि चीन में मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ रहा है और ब्याज दर नीति कड़ी होने लगी है। इससे देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर इस वर्ष घटने का अनुमान है। चीन में 2010 में मुद्रास्फीति 3.3 प्रतिशत थी। इस वर्ष इसके 4.6 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। 2012 में महंगाई का दबाव कम होने और मुद्रास्फीति के 4.2 प्रतिशत तक रहने का अनुमान है। रपट में भारत के बारे में अनुमान लगाया है कि 2011 और 2012 में देश की आर्थिक वृद्धि क्रमश: 8.2 प्रतिशत और 8.8 प्रतिशत रहेगी। उल्लेखनीय है कि भारत में विभिन्न एजेंसियों ने चालू वित्तवर्ष 2011-12 में आर्थिक वृद्धि 9 प्रतिशत के आसपास रहने की उम्मीद जताई गई है। वर्ष 2010-11 में भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) इससे पिछले वित्तवर्ष की तुलना में 8.6 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। | संक्षिप्त सारांश: एडीबी का अनुमान है कि 2011 में एशिया की दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं- चीन और भारत की आर्थिक वृद्धि दर क्रमश: 9.6% और 8.2% रहेगी। | 29 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा के दौरान कथित तौर पर पुलिस की पिटाई में घायल मिनाहाजुद्दीन ने एनडीटीवी से खास बातचीत की और पूरे वाकये को बयान किया. मिनाहाजुद्दीन ने कहा, 'हम उस दिन सात बजे के करीब लाइब्रेरी में बैठे थे. उसी वक्त बीस से पच्चीस पुलिस वाले कमांडो की ड्रेस पहने बिना कुछ पूछे लाठी-डंडा चलाने लगे. सभी बच्चों के उपर सबसे पहले मेरे हाथ पर लाठी लगी. जब मैंने बचने की कोशिश की तो लाठी मेरे आंख पर लगी और मैं लगभग अचेत हो गया. अपने आप को बचाने के लिए वॉशरूम की ओर भागा. कुछ लोगों ने वीडियो भी बनाया, जिसमें खून बह रहा है. करीब आधे घंटे तक ये तमाशा चलता रहा. टॉयलेट से निकाल-निकाल कर बच्चों को मारा. एक-एक बच्चे को तीन-तीन पुलिस वाले मार रहे थे.
वे आगे कहते हैं, 'जब सब खत्म हो गया तो एक डिसएबल्ड बच्चा, जिसे पुलिस ने कम मारा था उसने मेरी सहायता की. उसने फर्स्ट एड करने की कोशिश की, लेकिन पता चला कि मामला क्रिटिकल है तो पहले अलशिफा अस्पताल ले गया. फिर एम्स ट्रामा सेंटर गए थे. लेकिन कहीं एंटरटेन नहीं कर रहे थे.' मिनाहाजुद्दीन आगे कहते हैं, 'इसके बाद मुझे ट्रामा सेंटर से एम्स के राजेंद्र प्रसाद चिकित्सालय ले गए. कल मेरा ऑपरेशन हुआ है. डॉक्टरों ने बताया कि मेरी बांयी आंख की रोशनी आने के चांस नहीं हैं. मुझे लिखने का बहुत शौक है. मेरे पांच रिसर्च पेपर पब्लिश हो चुके हैं. कई जगह आर्टिकल भी लिखता रहा हूं. मैंने AMU से लॉ किया है. मेरे काम पर इफेक्ट पड़ा है.'
मिनाहाजुद्दीन कहते हैं, 'मैं पीएचडी करना चाहता हूं और पीएचडी के लिए प्रवेश परीक्षा दूंगा. बिहार ज्यूडिसियरी की भी मुझे परीक्षा देनी है, उसकी रिक्तियां आने वाली हैं. जबसे परिवार ने सुना है तब से वो लोग सदमे में हैं. पापा बिहार से कल आने वाले हैं. परिवार वाले हिम्मत बढ़ा रहे हैं. थाने में भी परेशानी हुई. हमने सौ नंबर पर डायल किया, लेकिन तब पुलिस ने हमें दूसरी चीजों में उलझाना शुरू कर दिया. चार-पांच घंटे पुलिस वालों ने मुझे रोके रखा. MLC भी बनाया, लेकिन अबतक मुझे उसकी रिपोर्ट भी नहीं दी है. | सारांश: घायल मिनाहाजुद्दीन ने एनडीटीवी से बयां की दास्तां
कहा, हम बैठे थे तभी पुलिस वाले लाइब्रेरी में घुस गए
इसके बाद छात्रों को बेरहमी से पीटने लगे | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बिहार विधानसभा चुनाव से ऐन पहले हुई गलती को सुधारते हुए उत्तर प्रदेश में नई सियासी इबारत लिखने के लिए सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) द्वारा आयोजित रजत जयंती समारोह रूपी 'मेगा पॉलिटिकल शो' में महागठबंधन की नींव पड़ती नजर आई. लगभग सभी समाजवादी तथा चरणसिंहवादी नेता एक बार फिर सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव को इस गठजोड़ की कमान देने पर रजामंद दिखे.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश के साथ-साथ देश की सियासत में भी नई हलचल पैदा करने के मकसद से आयोजित इस समारोह में उपस्थित वरिष्ठ नेता वर्ष 2017 के प्रदेश विधानसभा चुनाव के साथ-साथ साल 2019 के लोकसभा चुनाव पर नजरें लगाए इस साथ को दूर तक निभाने का इरादा जताते दिखे.
हालांकि इस मौके पर किसी गठबंधन की औपचारिक घोषणा नहीं हुई, लेकिन समारोह में मौजूद राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) अध्यक्ष अजित सिंह, जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता शरद यादव, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) मुखिया लालू प्रसाद यादव और जनता दल सेक्युलर के प्रमुख एच. डी. देवेगौड़ा ने एक सुर में मुलायम को गठबंधन की कमान देने की बात कही.
बिहार विधानसभा के पिछले चुनाव से ठीक पहले महागठबंधन का प्रमुख घटक होने के बावजूद उससे अलग होने वाली सपा के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने भी कहा कि उन्होंने पार्टी की रजत जयंती समारोह में इन नेताओं को इसलिए, बुलाया है क्योंकि पहले सभी साथ थे और अब उन्हें लगता है कि सभी को फिर एकजुट होना चाहिए. जल्द ही सभी मिल-बैठकर और बातचीत करेंगे.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा ने इस मौके पर कहा कि देश में साम्प्रदायिक ताकतों से लड़ने के मामले में सपा एक 'लैंडमार्क पार्टी' है. मुलायम सिंह यादव, लालू यादव, शरद यादव समेत सभी वरिष्ठ नेताओं को आगे आकर साम्प्रदायिक ताकतों से लड़ना चाहिए. मेरा आग्रह है कि एकजुट हो जाएं और मुलायम सिंह यादव की अगुवाई में साम्प्रदायिक ताकतों से लड़ें.
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा, 'देश के तमाम समाजवादी और चौधरी चरणसिंहवादी नेता ऐसे मौके पर एकजुट हुए हैं, जब जनता में भ्रम की स्थिति है कि आगे क्या होगा. जनता को मैंने आज विश्वास दिला दिया है कि देश की एकता जरूरी है. हम इसके लिए समर्पित रहेंगे.' उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन सिर्फ सत्ता हासिल करने के मकसद से आयोजित नहीं किया गया है. समाजवादी आंदोलन तो भाषा, गरीबी-अमीरी और क्षेत्रीयता के नाम पर गैर-बराबरी और भेदभाव को मिटाने के लिए है.
मुलायम ने समाजवादी आंदोलन तथा संघर्ष के अपने साथियों के योगदान के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि यहां बैठे लोग समाजवाद के पोषण के लिए लड़ेंगे. यह सम्मेलन संकल्प करने के लिए है कि न अन्याय करेंगे, न होने देंगे. उन्होंने कहा, 'देश की सुरक्षा को लेकर गंभीर समस्याओं का समाधान करना होगा. जनता जवाब मांगेगी. हमने मिलकर लड़ाई लड़ी है, एक समय था, जब हम सब एक थे. हमारे मन में भावना पैदा हुई कि हम सब फिर एक हों. हम मिलकर देश के बारे में सोचेंगे, जनता के बारे में सोचेंगे.'
मालूम हो कि बिहार विधानसभा के पिछले चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) 'जनता परिवार' के महागठबंधन का अहम घटक था और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव को उसका नेतृत्व सौंपा गया था, लेकिन चुनाव से ऐन पहले सपा ने अपेक्षित संख्या में सीटें ना मिलने का हवाला देते हुए गठबंधन से हाथ खींच लिया था. हालांकि चुनाव में राजद, जदयू और कांग्रेस के महागठबंधन ने भाजपा की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को शिकस्त देकर सरकार बनाई थी.टिप्पणियां
उस वक्त माना गया था कि सपा ने देश की राजनीति में दूरगामी संदेश देने वाले बिहार विधानसभा चुनाव से ऐन पहले गठबंधन से अलग होकर पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव को राष्ट्रीय फलक पर एक बार फिर बेहद मजबूत नेता के तौर पर उभरने का मौका गंवा दिया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश के साथ-साथ देश की सियासत में भी नई हलचल पैदा करने के मकसद से आयोजित इस समारोह में उपस्थित वरिष्ठ नेता वर्ष 2017 के प्रदेश विधानसभा चुनाव के साथ-साथ साल 2019 के लोकसभा चुनाव पर नजरें लगाए इस साथ को दूर तक निभाने का इरादा जताते दिखे.
हालांकि इस मौके पर किसी गठबंधन की औपचारिक घोषणा नहीं हुई, लेकिन समारोह में मौजूद राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) अध्यक्ष अजित सिंह, जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता शरद यादव, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) मुखिया लालू प्रसाद यादव और जनता दल सेक्युलर के प्रमुख एच. डी. देवेगौड़ा ने एक सुर में मुलायम को गठबंधन की कमान देने की बात कही.
बिहार विधानसभा के पिछले चुनाव से ठीक पहले महागठबंधन का प्रमुख घटक होने के बावजूद उससे अलग होने वाली सपा के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने भी कहा कि उन्होंने पार्टी की रजत जयंती समारोह में इन नेताओं को इसलिए, बुलाया है क्योंकि पहले सभी साथ थे और अब उन्हें लगता है कि सभी को फिर एकजुट होना चाहिए. जल्द ही सभी मिल-बैठकर और बातचीत करेंगे.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा ने इस मौके पर कहा कि देश में साम्प्रदायिक ताकतों से लड़ने के मामले में सपा एक 'लैंडमार्क पार्टी' है. मुलायम सिंह यादव, लालू यादव, शरद यादव समेत सभी वरिष्ठ नेताओं को आगे आकर साम्प्रदायिक ताकतों से लड़ना चाहिए. मेरा आग्रह है कि एकजुट हो जाएं और मुलायम सिंह यादव की अगुवाई में साम्प्रदायिक ताकतों से लड़ें.
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा, 'देश के तमाम समाजवादी और चौधरी चरणसिंहवादी नेता ऐसे मौके पर एकजुट हुए हैं, जब जनता में भ्रम की स्थिति है कि आगे क्या होगा. जनता को मैंने आज विश्वास दिला दिया है कि देश की एकता जरूरी है. हम इसके लिए समर्पित रहेंगे.' उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन सिर्फ सत्ता हासिल करने के मकसद से आयोजित नहीं किया गया है. समाजवादी आंदोलन तो भाषा, गरीबी-अमीरी और क्षेत्रीयता के नाम पर गैर-बराबरी और भेदभाव को मिटाने के लिए है.
मुलायम ने समाजवादी आंदोलन तथा संघर्ष के अपने साथियों के योगदान के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि यहां बैठे लोग समाजवाद के पोषण के लिए लड़ेंगे. यह सम्मेलन संकल्प करने के लिए है कि न अन्याय करेंगे, न होने देंगे. उन्होंने कहा, 'देश की सुरक्षा को लेकर गंभीर समस्याओं का समाधान करना होगा. जनता जवाब मांगेगी. हमने मिलकर लड़ाई लड़ी है, एक समय था, जब हम सब एक थे. हमारे मन में भावना पैदा हुई कि हम सब फिर एक हों. हम मिलकर देश के बारे में सोचेंगे, जनता के बारे में सोचेंगे.'
मालूम हो कि बिहार विधानसभा के पिछले चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) 'जनता परिवार' के महागठबंधन का अहम घटक था और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव को उसका नेतृत्व सौंपा गया था, लेकिन चुनाव से ऐन पहले सपा ने अपेक्षित संख्या में सीटें ना मिलने का हवाला देते हुए गठबंधन से हाथ खींच लिया था. हालांकि चुनाव में राजद, जदयू और कांग्रेस के महागठबंधन ने भाजपा की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को शिकस्त देकर सरकार बनाई थी.टिप्पणियां
उस वक्त माना गया था कि सपा ने देश की राजनीति में दूरगामी संदेश देने वाले बिहार विधानसभा चुनाव से ऐन पहले गठबंधन से अलग होकर पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव को राष्ट्रीय फलक पर एक बार फिर बेहद मजबूत नेता के तौर पर उभरने का मौका गंवा दिया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हालांकि इस मौके पर किसी गठबंधन की औपचारिक घोषणा नहीं हुई, लेकिन समारोह में मौजूद राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) अध्यक्ष अजित सिंह, जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता शरद यादव, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) मुखिया लालू प्रसाद यादव और जनता दल सेक्युलर के प्रमुख एच. डी. देवेगौड़ा ने एक सुर में मुलायम को गठबंधन की कमान देने की बात कही.
बिहार विधानसभा के पिछले चुनाव से ठीक पहले महागठबंधन का प्रमुख घटक होने के बावजूद उससे अलग होने वाली सपा के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने भी कहा कि उन्होंने पार्टी की रजत जयंती समारोह में इन नेताओं को इसलिए, बुलाया है क्योंकि पहले सभी साथ थे और अब उन्हें लगता है कि सभी को फिर एकजुट होना चाहिए. जल्द ही सभी मिल-बैठकर और बातचीत करेंगे.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा ने इस मौके पर कहा कि देश में साम्प्रदायिक ताकतों से लड़ने के मामले में सपा एक 'लैंडमार्क पार्टी' है. मुलायम सिंह यादव, लालू यादव, शरद यादव समेत सभी वरिष्ठ नेताओं को आगे आकर साम्प्रदायिक ताकतों से लड़ना चाहिए. मेरा आग्रह है कि एकजुट हो जाएं और मुलायम सिंह यादव की अगुवाई में साम्प्रदायिक ताकतों से लड़ें.
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा, 'देश के तमाम समाजवादी और चौधरी चरणसिंहवादी नेता ऐसे मौके पर एकजुट हुए हैं, जब जनता में भ्रम की स्थिति है कि आगे क्या होगा. जनता को मैंने आज विश्वास दिला दिया है कि देश की एकता जरूरी है. हम इसके लिए समर्पित रहेंगे.' उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन सिर्फ सत्ता हासिल करने के मकसद से आयोजित नहीं किया गया है. समाजवादी आंदोलन तो भाषा, गरीबी-अमीरी और क्षेत्रीयता के नाम पर गैर-बराबरी और भेदभाव को मिटाने के लिए है.
मुलायम ने समाजवादी आंदोलन तथा संघर्ष के अपने साथियों के योगदान के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि यहां बैठे लोग समाजवाद के पोषण के लिए लड़ेंगे. यह सम्मेलन संकल्प करने के लिए है कि न अन्याय करेंगे, न होने देंगे. उन्होंने कहा, 'देश की सुरक्षा को लेकर गंभीर समस्याओं का समाधान करना होगा. जनता जवाब मांगेगी. हमने मिलकर लड़ाई लड़ी है, एक समय था, जब हम सब एक थे. हमारे मन में भावना पैदा हुई कि हम सब फिर एक हों. हम मिलकर देश के बारे में सोचेंगे, जनता के बारे में सोचेंगे.'
मालूम हो कि बिहार विधानसभा के पिछले चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) 'जनता परिवार' के महागठबंधन का अहम घटक था और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव को उसका नेतृत्व सौंपा गया था, लेकिन चुनाव से ऐन पहले सपा ने अपेक्षित संख्या में सीटें ना मिलने का हवाला देते हुए गठबंधन से हाथ खींच लिया था. हालांकि चुनाव में राजद, जदयू और कांग्रेस के महागठबंधन ने भाजपा की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को शिकस्त देकर सरकार बनाई थी.टिप्पणियां
उस वक्त माना गया था कि सपा ने देश की राजनीति में दूरगामी संदेश देने वाले बिहार विधानसभा चुनाव से ऐन पहले गठबंधन से अलग होकर पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव को राष्ट्रीय फलक पर एक बार फिर बेहद मजबूत नेता के तौर पर उभरने का मौका गंवा दिया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बिहार विधानसभा के पिछले चुनाव से ठीक पहले महागठबंधन का प्रमुख घटक होने के बावजूद उससे अलग होने वाली सपा के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने भी कहा कि उन्होंने पार्टी की रजत जयंती समारोह में इन नेताओं को इसलिए, बुलाया है क्योंकि पहले सभी साथ थे और अब उन्हें लगता है कि सभी को फिर एकजुट होना चाहिए. जल्द ही सभी मिल-बैठकर और बातचीत करेंगे.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा ने इस मौके पर कहा कि देश में साम्प्रदायिक ताकतों से लड़ने के मामले में सपा एक 'लैंडमार्क पार्टी' है. मुलायम सिंह यादव, लालू यादव, शरद यादव समेत सभी वरिष्ठ नेताओं को आगे आकर साम्प्रदायिक ताकतों से लड़ना चाहिए. मेरा आग्रह है कि एकजुट हो जाएं और मुलायम सिंह यादव की अगुवाई में साम्प्रदायिक ताकतों से लड़ें.
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा, 'देश के तमाम समाजवादी और चौधरी चरणसिंहवादी नेता ऐसे मौके पर एकजुट हुए हैं, जब जनता में भ्रम की स्थिति है कि आगे क्या होगा. जनता को मैंने आज विश्वास दिला दिया है कि देश की एकता जरूरी है. हम इसके लिए समर्पित रहेंगे.' उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन सिर्फ सत्ता हासिल करने के मकसद से आयोजित नहीं किया गया है. समाजवादी आंदोलन तो भाषा, गरीबी-अमीरी और क्षेत्रीयता के नाम पर गैर-बराबरी और भेदभाव को मिटाने के लिए है.
मुलायम ने समाजवादी आंदोलन तथा संघर्ष के अपने साथियों के योगदान के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि यहां बैठे लोग समाजवाद के पोषण के लिए लड़ेंगे. यह सम्मेलन संकल्प करने के लिए है कि न अन्याय करेंगे, न होने देंगे. उन्होंने कहा, 'देश की सुरक्षा को लेकर गंभीर समस्याओं का समाधान करना होगा. जनता जवाब मांगेगी. हमने मिलकर लड़ाई लड़ी है, एक समय था, जब हम सब एक थे. हमारे मन में भावना पैदा हुई कि हम सब फिर एक हों. हम मिलकर देश के बारे में सोचेंगे, जनता के बारे में सोचेंगे.'
मालूम हो कि बिहार विधानसभा के पिछले चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) 'जनता परिवार' के महागठबंधन का अहम घटक था और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव को उसका नेतृत्व सौंपा गया था, लेकिन चुनाव से ऐन पहले सपा ने अपेक्षित संख्या में सीटें ना मिलने का हवाला देते हुए गठबंधन से हाथ खींच लिया था. हालांकि चुनाव में राजद, जदयू और कांग्रेस के महागठबंधन ने भाजपा की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को शिकस्त देकर सरकार बनाई थी.टिप्पणियां
उस वक्त माना गया था कि सपा ने देश की राजनीति में दूरगामी संदेश देने वाले बिहार विधानसभा चुनाव से ऐन पहले गठबंधन से अलग होकर पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव को राष्ट्रीय फलक पर एक बार फिर बेहद मजबूत नेता के तौर पर उभरने का मौका गंवा दिया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा ने इस मौके पर कहा कि देश में साम्प्रदायिक ताकतों से लड़ने के मामले में सपा एक 'लैंडमार्क पार्टी' है. मुलायम सिंह यादव, लालू यादव, शरद यादव समेत सभी वरिष्ठ नेताओं को आगे आकर साम्प्रदायिक ताकतों से लड़ना चाहिए. मेरा आग्रह है कि एकजुट हो जाएं और मुलायम सिंह यादव की अगुवाई में साम्प्रदायिक ताकतों से लड़ें.
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा, 'देश के तमाम समाजवादी और चौधरी चरणसिंहवादी नेता ऐसे मौके पर एकजुट हुए हैं, जब जनता में भ्रम की स्थिति है कि आगे क्या होगा. जनता को मैंने आज विश्वास दिला दिया है कि देश की एकता जरूरी है. हम इसके लिए समर्पित रहेंगे.' उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन सिर्फ सत्ता हासिल करने के मकसद से आयोजित नहीं किया गया है. समाजवादी आंदोलन तो भाषा, गरीबी-अमीरी और क्षेत्रीयता के नाम पर गैर-बराबरी और भेदभाव को मिटाने के लिए है.
मुलायम ने समाजवादी आंदोलन तथा संघर्ष के अपने साथियों के योगदान के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि यहां बैठे लोग समाजवाद के पोषण के लिए लड़ेंगे. यह सम्मेलन संकल्प करने के लिए है कि न अन्याय करेंगे, न होने देंगे. उन्होंने कहा, 'देश की सुरक्षा को लेकर गंभीर समस्याओं का समाधान करना होगा. जनता जवाब मांगेगी. हमने मिलकर लड़ाई लड़ी है, एक समय था, जब हम सब एक थे. हमारे मन में भावना पैदा हुई कि हम सब फिर एक हों. हम मिलकर देश के बारे में सोचेंगे, जनता के बारे में सोचेंगे.'
मालूम हो कि बिहार विधानसभा के पिछले चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) 'जनता परिवार' के महागठबंधन का अहम घटक था और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव को उसका नेतृत्व सौंपा गया था, लेकिन चुनाव से ऐन पहले सपा ने अपेक्षित संख्या में सीटें ना मिलने का हवाला देते हुए गठबंधन से हाथ खींच लिया था. हालांकि चुनाव में राजद, जदयू और कांग्रेस के महागठबंधन ने भाजपा की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को शिकस्त देकर सरकार बनाई थी.टिप्पणियां
उस वक्त माना गया था कि सपा ने देश की राजनीति में दूरगामी संदेश देने वाले बिहार विधानसभा चुनाव से ऐन पहले गठबंधन से अलग होकर पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव को राष्ट्रीय फलक पर एक बार फिर बेहद मजबूत नेता के तौर पर उभरने का मौका गंवा दिया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा, 'देश के तमाम समाजवादी और चौधरी चरणसिंहवादी नेता ऐसे मौके पर एकजुट हुए हैं, जब जनता में भ्रम की स्थिति है कि आगे क्या होगा. जनता को मैंने आज विश्वास दिला दिया है कि देश की एकता जरूरी है. हम इसके लिए समर्पित रहेंगे.' उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन सिर्फ सत्ता हासिल करने के मकसद से आयोजित नहीं किया गया है. समाजवादी आंदोलन तो भाषा, गरीबी-अमीरी और क्षेत्रीयता के नाम पर गैर-बराबरी और भेदभाव को मिटाने के लिए है.
मुलायम ने समाजवादी आंदोलन तथा संघर्ष के अपने साथियों के योगदान के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि यहां बैठे लोग समाजवाद के पोषण के लिए लड़ेंगे. यह सम्मेलन संकल्प करने के लिए है कि न अन्याय करेंगे, न होने देंगे. उन्होंने कहा, 'देश की सुरक्षा को लेकर गंभीर समस्याओं का समाधान करना होगा. जनता जवाब मांगेगी. हमने मिलकर लड़ाई लड़ी है, एक समय था, जब हम सब एक थे. हमारे मन में भावना पैदा हुई कि हम सब फिर एक हों. हम मिलकर देश के बारे में सोचेंगे, जनता के बारे में सोचेंगे.'
मालूम हो कि बिहार विधानसभा के पिछले चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) 'जनता परिवार' के महागठबंधन का अहम घटक था और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव को उसका नेतृत्व सौंपा गया था, लेकिन चुनाव से ऐन पहले सपा ने अपेक्षित संख्या में सीटें ना मिलने का हवाला देते हुए गठबंधन से हाथ खींच लिया था. हालांकि चुनाव में राजद, जदयू और कांग्रेस के महागठबंधन ने भाजपा की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को शिकस्त देकर सरकार बनाई थी.टिप्पणियां
उस वक्त माना गया था कि सपा ने देश की राजनीति में दूरगामी संदेश देने वाले बिहार विधानसभा चुनाव से ऐन पहले गठबंधन से अलग होकर पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव को राष्ट्रीय फलक पर एक बार फिर बेहद मजबूत नेता के तौर पर उभरने का मौका गंवा दिया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मुलायम ने समाजवादी आंदोलन तथा संघर्ष के अपने साथियों के योगदान के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि यहां बैठे लोग समाजवाद के पोषण के लिए लड़ेंगे. यह सम्मेलन संकल्प करने के लिए है कि न अन्याय करेंगे, न होने देंगे. उन्होंने कहा, 'देश की सुरक्षा को लेकर गंभीर समस्याओं का समाधान करना होगा. जनता जवाब मांगेगी. हमने मिलकर लड़ाई लड़ी है, एक समय था, जब हम सब एक थे. हमारे मन में भावना पैदा हुई कि हम सब फिर एक हों. हम मिलकर देश के बारे में सोचेंगे, जनता के बारे में सोचेंगे.'
मालूम हो कि बिहार विधानसभा के पिछले चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) 'जनता परिवार' के महागठबंधन का अहम घटक था और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव को उसका नेतृत्व सौंपा गया था, लेकिन चुनाव से ऐन पहले सपा ने अपेक्षित संख्या में सीटें ना मिलने का हवाला देते हुए गठबंधन से हाथ खींच लिया था. हालांकि चुनाव में राजद, जदयू और कांग्रेस के महागठबंधन ने भाजपा की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को शिकस्त देकर सरकार बनाई थी.टिप्पणियां
उस वक्त माना गया था कि सपा ने देश की राजनीति में दूरगामी संदेश देने वाले बिहार विधानसभा चुनाव से ऐन पहले गठबंधन से अलग होकर पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव को राष्ट्रीय फलक पर एक बार फिर बेहद मजबूत नेता के तौर पर उभरने का मौका गंवा दिया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मालूम हो कि बिहार विधानसभा के पिछले चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) 'जनता परिवार' के महागठबंधन का अहम घटक था और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव को उसका नेतृत्व सौंपा गया था, लेकिन चुनाव से ऐन पहले सपा ने अपेक्षित संख्या में सीटें ना मिलने का हवाला देते हुए गठबंधन से हाथ खींच लिया था. हालांकि चुनाव में राजद, जदयू और कांग्रेस के महागठबंधन ने भाजपा की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को शिकस्त देकर सरकार बनाई थी.टिप्पणियां
उस वक्त माना गया था कि सपा ने देश की राजनीति में दूरगामी संदेश देने वाले बिहार विधानसभा चुनाव से ऐन पहले गठबंधन से अलग होकर पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव को राष्ट्रीय फलक पर एक बार फिर बेहद मजबूत नेता के तौर पर उभरने का मौका गंवा दिया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उस वक्त माना गया था कि सपा ने देश की राजनीति में दूरगामी संदेश देने वाले बिहार विधानसभा चुनाव से ऐन पहले गठबंधन से अलग होकर पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव को राष्ट्रीय फलक पर एक बार फिर बेहद मजबूत नेता के तौर पर उभरने का मौका गंवा दिया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: सपा रजत जयंती समारोह में महागठबंधन की नींव पड़ती नजर आई
साम्प्रदायिक ताकतों से लड़ने में सपा 'लैंडमार्क पार्टी' : देवेगौड़ा
देश की एकता जरूरी, हम इसके लिए समर्पित रहेंगे : मुलायम | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में झूठी शान के नाम पर एक युवक ने कथित तौर पर अपनी बहन का सिर काटकर उसे मौत के घाट उतार दिया और उसका कटा सिर उसके प्रेमी के घर फेंक दिया।
पुलिस अधीक्षक (शहर) राजकमल यादव ने बताया कि 23 वर्षीय काला ने बुधवार को अपनी 19-वर्षीय बहन का सिर काटकर उसकी हत्या कर दी और फिर उसका कटा सिर उसके 20 वर्षीय प्रेमी के घर फेंक दिया।टिप्पणियां
घटना जिले के बिहारी गांव की है। लड़की का परिवार उसके प्रेम संबंध के खिलाफ था। बुधवार को काला और उसकी बहन के बीच इसे लेकर झगड़ा हुआ, जिसके बाद काला ने अपनी बहन की हत्या कर दी। पुलिस ने काला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
काला और उसके परिवार के सदस्य घटना के बाद से फरार हैं। घटना के बाद से इलाके में तनाव बना हुआ है, जिसे देखते हुए गांव में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
पुलिस अधीक्षक (शहर) राजकमल यादव ने बताया कि 23 वर्षीय काला ने बुधवार को अपनी 19-वर्षीय बहन का सिर काटकर उसकी हत्या कर दी और फिर उसका कटा सिर उसके 20 वर्षीय प्रेमी के घर फेंक दिया।टिप्पणियां
घटना जिले के बिहारी गांव की है। लड़की का परिवार उसके प्रेम संबंध के खिलाफ था। बुधवार को काला और उसकी बहन के बीच इसे लेकर झगड़ा हुआ, जिसके बाद काला ने अपनी बहन की हत्या कर दी। पुलिस ने काला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
काला और उसके परिवार के सदस्य घटना के बाद से फरार हैं। घटना के बाद से इलाके में तनाव बना हुआ है, जिसे देखते हुए गांव में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
घटना जिले के बिहारी गांव की है। लड़की का परिवार उसके प्रेम संबंध के खिलाफ था। बुधवार को काला और उसकी बहन के बीच इसे लेकर झगड़ा हुआ, जिसके बाद काला ने अपनी बहन की हत्या कर दी। पुलिस ने काला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
काला और उसके परिवार के सदस्य घटना के बाद से फरार हैं। घटना के बाद से इलाके में तनाव बना हुआ है, जिसे देखते हुए गांव में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
काला और उसके परिवार के सदस्य घटना के बाद से फरार हैं। घटना के बाद से इलाके में तनाव बना हुआ है, जिसे देखते हुए गांव में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। | सारांश: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में झूठी शान के नाम पर एक युवक ने अपनी बहन की हत्या कर उसका कटा सिर उसके प्रेमी के घर फेंक दिया। | 20 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उच्चतम न्यायालय ने धनशोधन और कर चोरी के आरोपी हसन अली खान को बंबई उच्च न्यायालय की ओर से जमानत पर रिहा करने पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति अलतमस कबीर की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की खंडपीठ ने मंगलवार को कहा कि बंबई उच्च न्यायालय के हसन अली को जमानत पर रिहा करने के आदेश पर गुरुवार तक अमल नहीं किया जाएगा। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने यह आदेश दिया। ईडी ने उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी थी। खंडपीठ ने कहा, इस मामले को गुरुवार के लिए सूचीबद्ध होने दें। ऐसे में बंबई उच्च न्यायालय के 12 अगस्त के हसन अली को जमानत देने के फैसले पर अमल नहीं किया जाएगा। ईडी ने कहा, दस्तावेजों से खुलासा होता है कि हसन अली खान ने भारत से बाहर एक बैंक में 80 करोड़ डॉलर जमा कर रखा है। इस एजेंसी ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि हसन अली की ओर किए गए कई लेनदेन से उसके अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्कर अदनान खशोगी से संबंधों का पता चलता है। बंबई उच्च न्यायालय की ओर से 12 अगस्त को जमानत का आदेश दिए जाने के एक दिन बाद दायर की गई याचिका में ईडी ने कहा है, दस्तावेजों से खुलासा होता है कि हसन अली और खाशोगी में गहरा गठजोड़ था। उच्च न्यायालय ने यह टिप्पणी करते हुए हसन अली को जमानत दे दी थी कि ईडी यह साबित करने में नाकाम रही है कि उसने जो धन जमा कर रखा है वह अपराध से हासिल किया गया है। ईडी ने पहले कहा था कि हसन अली और उसके गिरफ्तार सहयोगी काशीनाथ तापुरिया के अमेरिका, स्विट्जरलैंड, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात और दूसरे देशों के बैंक अधिकारियों से गहरे रिश्ते थे। उसने यह आरोप भी लगाया है कि खान का खाशोगी से भी संपर्क था और 2003 में उसे इस हथियार व्यवसायी से हथियारों की बिक्री के ऐवज में 30 करोड़ डालर प्राप्त हुआ था। उसने यह भी कहा कि आरोपी ने इस तरह से लेन देन किया है ताकि उसके स्रोत का पता नहीं लग सके और जांच विफल हो जाए। | उच्चतम न्यायालय ने धनशोधन और कर चोरी के आरोपी हसन अली खान को बंबई उच्च न्यायालय की ओर से जमानत पर रिहा करने पर रोक लगा दी है। | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: नक्सलियों द्वारा अगवा जिलाधिकारी और जूनियर इंजीनियर की रिहाई का प्रयास तेज करते हुए उड़ीसा सरकार ने दो मध्यस्थों के साथ वार्ता शुरू की। दोनों मध्यस्थों के नामों का चयन नक्सलियों ने किया है। राज्य के गृह सचिव यूएन बेहरा ने बताया कि सरकार के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और शिक्षाविदों जी. हरगोपाल और आर. सोमेश्वर राव के साथ रिहाई के मुद्दों पर लम्बी वार्ता की। दोनों मध्यस्थ रविवार सुबह यहां पहुंचे। मध्यस्थों के साथ वार्ता में शामिल बेहरा ने पत्रकारों को बताया कि मध्यस्थों के साथ बातचीत जारी है और मलकानगिरी के जिलाधिकारी आर. विनील कृष्णा एवं जूनियर इंजीनियर पवित्र मोहन माझी सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा, "हम सभी पहलुओं पर बातचीत कर रहे हैं। जिलाधिकारी और जूनियर इंजीनियर ठीक ठाक और सुरक्षित हैं।" बेहरा से यह पूछे जाने पर कि क्या मध्यस्थों में से कोई मलकानगिरी जिला जा सकता है। इस पर उन्होंने कहा कि इस बारे में अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि मध्यस्थों के साथ अपराह्न में दोबारा शुरू हुई वार्ता कई घंटे चल सकती है। सूत्रों ने बताया कि सरकार कई जेलों में बंद नक्सली नेताओं के ऊपर लगे आरोपों की समीक्षा करने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है। नक्सलियों के साथ वार्ता प्रक्रिया शुरू करने के लिए सरकार अपने वकीलों को यह कह सकती है कि वे नक्सलियों की रिहाई के लिए उनके वकीलों द्वारा दायर याचिका पर आपत्ति न उठाएं। ज्ञात हो कि उड़ीसा के मलकानगिरी के जिलाधिकारी आर. विनील कृष्णा और उनके साथ मौजूद एक जूनियर इंजीनियर को नक्सलियों ने बुधवार शाम को अगवा कर लिया था। दोनों अधिकारियों को अगवा करने के बाद नक्सलियों ने उनकी रिहाई पर मध्यस्थता करने के लिए सरकार को दो नाम सुझाए। इसके बाद सरकार ने शुक्रवार को मानवाधिकार कार्यकताओं और शिक्षाविदों जी. हरगोपाल और आर. सोमेश्वर राव को मध्यस्थता करने का अनुरोध किया। सूत्रों ने बताया कि सरकार द्वारा नक्सली विचारक गांती प्रसादम को रिहा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार यह कदम मध्यस्थता करने वालों के सुझाव पर उठा रही है। मध्यस्थों का कहना है कि प्रसादम की रिहाई से बातचीत की प्रक्रिया जोर पकड़ेगी। अधिकारियों ने हालांकि इस मसले पर टिप्पणी करने से इनकार किया है। दिल्ली से एक स्थानीय टेलीविजन को दिए साक्षात्कार में हरगोपाल ने कहा, "मैं प्रसादम की रिहाई के लिए उड़ीसा सरकार से अनुरोध करता हूं।" उन्होंने कहा, "उसके बाहर आने पर शायद मैं और आरएस राव मामले में हस्तक्षेप करने का प्रयास करेंगे। प्रसादम भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की ओर से नक्सलियों से बात कर सकता है। हम सम्भवत: कोई हल निकाल सकते हैं।" सूत्रों के मुताबिक आंध्र प्रदेश की जेल में बंद प्रसादम को राज्य पुलिस शनिवार रात ही यहां ला चुकी है। राज्य के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बताया, "प्रसादम को कोरापुत जेल में रखा गया है।" उन्होंने कह कि प्रसादम के वकील ने शनिवार को एक स्थानीय अदालत में जमानत के लिए आवेदन किया था जिसे खारिज कर दिया गया। उसकी जमानत के लिए सोमवार को एक बार फिर जमानत याचिका पेश की जा सकती है। नक्सलियों ने राज्य के जेलों में बंद अपने साथियों की रिहाई की भी मांग की है। इनमें से कम से कम सात कट्टर नक्सली हैं। | संक्षिप्त पाठ: नक्सलियों द्वारा अगवा जिलाधिकारी और जूनियर इंजीनियर की रिहाई का प्रयास तेज करते हुए उड़ीसा सरकार ने दो मध्यस्थों के साथ वार्ता शुरू की। | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: महाराष्ट्र में गणेश उत्सव के अंतिम दिन बृहस्पतिवार को प्रतिमा विसर्जन के दौरान 12 लोगों की डूबने से मौत हो गई. राज्य में 'गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ' के जयकारों के साथ गुरुवार को समूचे महाराष्ट्र में भगवान गणेश की प्रतिमाओं को विसर्जित किया गया और इसके साथ ही 10 दिनों तक चलने वाला गणेश उत्सव ‘अनंत चतुदर्शी' के अवसर पर संपन्न हो गया, लेकिन विसर्जन के दौरान लोगों के डूबने और लापता होने की घटनाओं ने कुछ जगहों पर माहौल को गमगीन कर दिया.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विसर्जन के दौरान रत्नागिरी जिले में तीन, नासिक, सिंधुदुर्ग, सतारा जिलों में दो-दो और धुले, बुलढाणा और भंडारा जिलों में एक-एक व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई. इसके अलावा विसर्जन के लिए गए करीब छह अन्य लोग लापता हैं और उनके भी डूबने की आशंका है. गणेश चतुर्थी के साथ दो सितंबर को गणपति उत्सव शुरू हुआ था.
प्रतिमा विसर्जन के लिए मुंबई महानगर,राज्य की सांस्कृतिक राजधानी पुणे के विभिन्न मंडलों और प्रदेश के अन्य हिस्सों में ढोल-ताशों के साथ श्रद्धालुओं ने पारंपरिक श्रद्धा एवं उल्लास के साथ झांकियां निकालीं. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी पारिस्थितिकी अनुकूल गणेश प्रतिमा के विसर्जन से पहले पूजा-अर्चना की. मुंबई में गिरगांव चौपाटी, शिवाजी पार्क, जुहू, वर्सोवा और मार्वे बीच तथा कई तालाबों सहित 129 स्थानों पर प्रतिमाओं को विसर्जित किया गया.
नगर निकाय के एक अधिकारी ने बताया कि दोपहर तक करीब 587 गणेश प्रतिमाएं विसर्जित की गईं. एक अधिकारी ने बताया कि विसर्जन को लेकर पूरे शहर में 50,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किये गए. 5,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से भी झांकियों की निगरानी की गई. मुंबई पुलिस ने प्रतिमा विसर्जन से पहले ट्वीट किया, ‘‘हम अपने प्रिय भगवान गणेश को विदा करने को तैयार हैं ऐसे में हम आप सबसे एक सुरक्षित और शांतिपूर्ण गणेश विसर्जन सुनिश्चित करने का अनुरोध करते हैं.''
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘पिछले कुछ बरसों में शहर में पुल ढहने की घटनाओं के मद्देनजर हमने कमजोर पुलों को बंद करने का फैसला किया. मुंबई में यातायात के लिए आज कम से कम 53 सड़कों को बंद रखा गया.'' पुणे के पांच प्रमुख मंडलों--कस्बा गणपति, तम्बादी जोगेश्वरी मंडल, गुरजी तालिम मंडल, तुलसी बाग मंडल और केसरीवाडा मंडल में श्रद्धालुओं ने झांकियां निकालीं.
नासिक में श्रद्धालुओं ने विसर्जन झांकियों के दौरान एक दूसरे को गुलाल लगाया. नासिक नगर निकाय ने प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए विभिन्न स्थानों पर कृत्रिम तालाब बनाए. ठाणे, नवी मुंबई, पालघर, सोलापुर, कोल्हापुर, औरंगाबाद, नांदेड़, जलगांव, अमरावती और नागपुर सहित राज्य के अन्य हिस्सों में भी श्रद्धालुओं ने पारंपरिक उल्लास के साथ भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन किया. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: महाराष्ट्र में गणेश प्रतिमा के विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा
विसर्जन के दौरान 12 लोगों की डूबने से मौत हो गई
विसर्जन के लिए गए करीब छह अन्य लोग लापता हैं और उनके भी डूबने की आशंका है | 25 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अगर आप भी उन लाखों फैन्स में से एक हैं जो शाहरुख-सलमान की जोड़ी को एक साथ देखना चाहते हैं तो आपके लिए खुशखबरी है. शाहरुख खान का कहना है कि वो और सलमान दुबारा किसी फिल्म में साथ काम करेंगे. बता दें कि शाहरुख और सलमान ने फिल्म 'करण-अर्जुन', 'हम तुम्हारे हैं सनम' और 'कुछ-कुछ होता है' में साथ काम किया था लेकिन उसके बाद यह जोड़ी कभी किसी फिल्म में साथ दिखाई नहीं दी.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक जब शाहरुख खान से पूछा गया क्या वह कभी फिल्म में साथ दिखाई देंगे तो तो किंग खान ने जवाब दिया कि वो भी हो जाएगा. हम यहां हैं, यदि कोई हमें साथ में फिल्म ऑफर करेगा तो हम जरूर करेंगे. वहीं इसमें सलमान खान ने जोड़ा कि यह जरूर होगा यदि कोई अच्छा जानकार लेखक हमें कहानी बताएगा तो हम जरूर साथ्ज्ञ में फिल्म करेंगे. इस पर शाहरुख खान बोले कि साथ ही हमें एक ऐसा डायरेक्ट चाहिए जिसमें काफी धैर्य हो.
बादशाह और दबंग खान की जोड़ी को एक साथ देखने के लिए उनके फैन्स की इच्छा हमेशा से ही रहती है. हालांकि पहले इन दो खान स्टार्स के झगड़े ने फैन्स की इस उम्मीद पर पानी फेर दिया था, लेकिन साल भर पहले हुई इन दोनों की दोस्ती और लगातार बढ़ते साथ ने एक बार फिर ऐसी इच्छा लोगों में जगा दी है.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक जब शाहरुख खान से पूछा गया क्या वह कभी फिल्म में साथ दिखाई देंगे तो तो किंग खान ने जवाब दिया कि वो भी हो जाएगा. हम यहां हैं, यदि कोई हमें साथ में फिल्म ऑफर करेगा तो हम जरूर करेंगे. वहीं इसमें सलमान खान ने जोड़ा कि यह जरूर होगा यदि कोई अच्छा जानकार लेखक हमें कहानी बताएगा तो हम जरूर साथ्ज्ञ में फिल्म करेंगे. इस पर शाहरुख खान बोले कि साथ ही हमें एक ऐसा डायरेक्ट चाहिए जिसमें काफी धैर्य हो.
बादशाह और दबंग खान की जोड़ी को एक साथ देखने के लिए उनके फैन्स की इच्छा हमेशा से ही रहती है. हालांकि पहले इन दो खान स्टार्स के झगड़े ने फैन्स की इस उम्मीद पर पानी फेर दिया था, लेकिन साल भर पहले हुई इन दोनों की दोस्ती और लगातार बढ़ते साथ ने एक बार फिर ऐसी इच्छा लोगों में जगा दी है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: शाहरुख खान ने कहा कि ऑफर मिला तो जरूर करेंगे साथ में काम
स्टार स्क्रीन अवॉर्ड में सालों बाद साथ दिखी शाहरुख-सलमान की जोड़ी
सलमान ने कहा अच्छा लेखक लाया कहानी तो जरूर करेंगे साथ काम | 32 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: मोदी सरकार पर सोनिया गांधी की एक टिप्पणी पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राजनीतिक लाभ के लिए ‘मगरमच्छ के आंसू' बहा रही हैं. उल्लेखनीय है कि इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष ने मोदी सरकार पर ‘हिंसा और बंटवारे की जननी' बन जाने का आरोप लगाते हुए कहा था कि उसने अपने ही देशवासियों पर हमला बोल दिया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की यह प्रतिक्रिया उनके इसी बयान पर आई है.
वित्त मंत्री ने छात्रों के बारे में कांग्रेस के इतिहास पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या ऐसा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शासन में नहीं था कि दिल्ली के एक केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्रों को तिहाड़ जेल भेजा गया था. भाजपा नेता ने कहा कि पुलिस ने तब विश्वविद्यालय में प्रवेश किया था और पूरे शैक्षणिक वर्ष को शून्य घोषित करना पड़ा था. सीतारमण ने कहा कि सरकार पर सोनिया गांधी की टिप्पणी गैर-जिम्मेदाराना और राजनीति से प्रेरित है. वित्त मंत्री ने सवाल किया कि 1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान भीड़ हिंसा के अपराधियों को दंडित करने के लिए कांग्रेस ने क्या किया?
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘सोनिया गांधी छात्रों के लिए मगरमच्छ के आंसू बहा रही हैं.' बता दें, कांग्रेस अध्यक्ष ने एक बयान में आरोप लगाया था, ‘मोदी सरकार की मंशा साफ है- देश में अस्थिरता फैलाओ, देश में हिंसा करवाओ, देश के युवाओं के अधिकार छीनते जाओ, देश में धार्मिक उन्माद का वातावरण बनाओ और राजनीतिक रोटियां सेंकते जाओ. इसके सूत्रधार कोई और नहीं, बल्कि स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और (गृहमंत्री) अमित शाह हैं.' | सारांश: केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस पर बोला हमला
कांग्रेस अध्यक्ष पर लगाया घड़ियाली आंसू बहाने का आरोप
सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर हिंसा को बढ़ावा देने का लगाया था आरोप | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली में ठंड का कहर जारी है। लगातार बढ़ रही ठंड से दिल्लीवालों को जल्द राहत नहीं मिलने वाली है। तड़के साढ़े चार बजे न्यूनतम तापमान गिरकर 2.7 डिग्री पर पहुंच गया।
इसके बाद सुबह साढ़े पांच पर तापमान 4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। ठंड के साथ-साथ घने कोहरे की वजह से काफी दिक्कतें आ रही हैं। सुबह साढ़े पांच बजे एयरपोर्ट के पास पालम इलाके में आज विज़िबिल्टी 50 मीटर तक पहुंच गई।
वहीं सफदरजंग में विजिबिल्टी 200 मीटर के पास है। कोहरे की वजह से दिल्ली से आने जाने वाली 12 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है और 26 ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं, जिससे स्टेशन पर लोगों की परेशानी बढ़ रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले तीन-चार दिनों तक लोगों को ठंड से राहत नहीं मिलने वाली है। दिल्ली के अलावा यूपी में भी ठंड का कहर जारी है। यहां ठंड की वजह से मरनेवालों की संख्या 116 से ज्यादा है।टिप्पणियां
दिल्ली में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ऐसे में सबसे ज्यादा मुसीबत उन लोगों के लिए है, जिनके सिर के ऊपर छत नहीं है। एक आंकड़े के मुताबिक, एक लाख से ज्यादा लोग दिल्ली में बेघर है
दिल्ली सरकार ने सिर्फ साढ़े सात हजार लोगों के लिए ही नाइट शेल्टर के इंतजाम किए हैं। बाकी लोगों को सड़क के किनारे ही अभी भी रात गुजारनी पड़ रही है। मौसम विभाग की मानें तो अगले तीन-चार दिन दिल्ली ऐसे ही ठिठुरती रहेगी।
इसके बाद सुबह साढ़े पांच पर तापमान 4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। ठंड के साथ-साथ घने कोहरे की वजह से काफी दिक्कतें आ रही हैं। सुबह साढ़े पांच बजे एयरपोर्ट के पास पालम इलाके में आज विज़िबिल्टी 50 मीटर तक पहुंच गई।
वहीं सफदरजंग में विजिबिल्टी 200 मीटर के पास है। कोहरे की वजह से दिल्ली से आने जाने वाली 12 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है और 26 ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं, जिससे स्टेशन पर लोगों की परेशानी बढ़ रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले तीन-चार दिनों तक लोगों को ठंड से राहत नहीं मिलने वाली है। दिल्ली के अलावा यूपी में भी ठंड का कहर जारी है। यहां ठंड की वजह से मरनेवालों की संख्या 116 से ज्यादा है।टिप्पणियां
दिल्ली में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ऐसे में सबसे ज्यादा मुसीबत उन लोगों के लिए है, जिनके सिर के ऊपर छत नहीं है। एक आंकड़े के मुताबिक, एक लाख से ज्यादा लोग दिल्ली में बेघर है
दिल्ली सरकार ने सिर्फ साढ़े सात हजार लोगों के लिए ही नाइट शेल्टर के इंतजाम किए हैं। बाकी लोगों को सड़क के किनारे ही अभी भी रात गुजारनी पड़ रही है। मौसम विभाग की मानें तो अगले तीन-चार दिन दिल्ली ऐसे ही ठिठुरती रहेगी।
वहीं सफदरजंग में विजिबिल्टी 200 मीटर के पास है। कोहरे की वजह से दिल्ली से आने जाने वाली 12 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है और 26 ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं, जिससे स्टेशन पर लोगों की परेशानी बढ़ रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले तीन-चार दिनों तक लोगों को ठंड से राहत नहीं मिलने वाली है। दिल्ली के अलावा यूपी में भी ठंड का कहर जारी है। यहां ठंड की वजह से मरनेवालों की संख्या 116 से ज्यादा है।टिप्पणियां
दिल्ली में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ऐसे में सबसे ज्यादा मुसीबत उन लोगों के लिए है, जिनके सिर के ऊपर छत नहीं है। एक आंकड़े के मुताबिक, एक लाख से ज्यादा लोग दिल्ली में बेघर है
दिल्ली सरकार ने सिर्फ साढ़े सात हजार लोगों के लिए ही नाइट शेल्टर के इंतजाम किए हैं। बाकी लोगों को सड़क के किनारे ही अभी भी रात गुजारनी पड़ रही है। मौसम विभाग की मानें तो अगले तीन-चार दिन दिल्ली ऐसे ही ठिठुरती रहेगी।
दिल्ली में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ऐसे में सबसे ज्यादा मुसीबत उन लोगों के लिए है, जिनके सिर के ऊपर छत नहीं है। एक आंकड़े के मुताबिक, एक लाख से ज्यादा लोग दिल्ली में बेघर है
दिल्ली सरकार ने सिर्फ साढ़े सात हजार लोगों के लिए ही नाइट शेल्टर के इंतजाम किए हैं। बाकी लोगों को सड़क के किनारे ही अभी भी रात गुजारनी पड़ रही है। मौसम विभाग की मानें तो अगले तीन-चार दिन दिल्ली ऐसे ही ठिठुरती रहेगी।
दिल्ली सरकार ने सिर्फ साढ़े सात हजार लोगों के लिए ही नाइट शेल्टर के इंतजाम किए हैं। बाकी लोगों को सड़क के किनारे ही अभी भी रात गुजारनी पड़ रही है। मौसम विभाग की मानें तो अगले तीन-चार दिन दिल्ली ऐसे ही ठिठुरती रहेगी। | संक्षिप्त पाठ: दिल्ली में ठंड का कहर जारी है। लगातार बढ़ रही ठंड से दिल्लीवालों को जल्द राहत नहीं मिलने वाली है। तड़के साढ़े चार बजे न्यूनतम तापमान गिरकर 2.7 डिग्री पर पहुंच गया। | 13 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली में तेज रफ्तार मर्सिडीज कार ने दो पुलिसवालों को कुचल दिया है। हादसे में एक पुलिसवाले की मौत हो गई जबकि दूसरे की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसा आज तड़के दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में हुआ जब बाइक पर गश्त कर रहे पुलिसवालों को पीछे से तेज रफ्तार मर्सिडीज कार ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि 39 साल के कॉन्सटेबल दीपक सिंह चौहान की मौके पर ही मौत हो गई जबकि कॉन्स्टेबल अमित बुरी तरह से जख्मी हो गए।
पुलिस ने मर्सिडीज चलाने वाले आरोपी गुरदीप को आईपीसी की धारा 304 A के तहत गिरफ्तार कर लिया है। हादसा उस वक्त हुआ जब दिल्ली में रेस्तरां चेन चलाने वाला गुरप्रीत अपनी एक दोस्त को पश्चिम विहार में छोड़ कर लौट रहा था। तभी उसने चेक पोस्ट पर तैनात पुलिसवालों की बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर मारने के बाद भी गुरप्रीत ने वहां रुकना मुनासिब नहीं समझा और मौके से फरार हो गया। गुरप्रीत का सुराग ढूंढते−ढूंढते पुलिसवाले उस सोसाइटी तक पहुंच गए जहां उसने हादसे को अंजाम देने से पहले अपनी दोस्त को छोड़ा था। इसी सोसाइटी के गेस्ट रजिस्टर से पुलिस को गुरदीप का पता मिल गया। बाद में पुलिस ने गुरदीप को साकेत से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने मर्सिडीज चलाने वाले आरोपी गुरदीप को आईपीसी की धारा 304 A के तहत गिरफ्तार कर लिया है। हादसा उस वक्त हुआ जब दिल्ली में रेस्तरां चेन चलाने वाला गुरप्रीत अपनी एक दोस्त को पश्चिम विहार में छोड़ कर लौट रहा था। तभी उसने चेक पोस्ट पर तैनात पुलिसवालों की बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर मारने के बाद भी गुरप्रीत ने वहां रुकना मुनासिब नहीं समझा और मौके से फरार हो गया। गुरप्रीत का सुराग ढूंढते−ढूंढते पुलिसवाले उस सोसाइटी तक पहुंच गए जहां उसने हादसे को अंजाम देने से पहले अपनी दोस्त को छोड़ा था। इसी सोसाइटी के गेस्ट रजिस्टर से पुलिस को गुरदीप का पता मिल गया। बाद में पुलिस ने गुरदीप को साकेत से गिरफ्तार कर लिया। | यहाँ एक सारांश है:राजधानी के पश्चिम विहार इलाके में सुबह डेढ़ बजे तेज रफ्तार मर्सिडीज कार ने दो पुलिसवालों को कुचल दिया। हादसे में एक पुलिसवाले की मौत हो गई जबकि दूसरे की हालत गंभीर बनी हुई है। | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: ईडन गार्डन्स के विकेट को लेकर बुधवार को नया विवाद पैदा हो गया जब बीसीसीआई ने पूर्व क्षेत्र के क्यूरेटर आशीष भौमिक को अनुभवी प्रबीर मुखर्जी की जगह पिच तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी। मुखर्जी दशकों से ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स के क्यूरेटर रहे हैं लेकिन भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के साथ उनके मतभेद जगजाहिर हैं।
बीसीसीआई ने भौमिक को इस विकेट को तैयार करने की प्रक्रिया को देखने को कहा है। ईडन गार्डन्स को 5 दिसंबर से भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरे क्रिकेट टेस्ट की मेजबानी करनी है।
भारतीय क्रिकेट बोर्ड के निर्देश के बाद त्रिपुरा क्रिकेट संघ (टीसीए) से जुड़े भौमिक आज यहां पहुंच रहे हैं।
टीसीए के सचिव अरिंदम गांगुली ने कहा, ‘‘बीसीसीआई के निर्देशों के अनुसार वह (भौमिक) कोलकाता जा रहे हैं। लेकिन मुझे कोई जानकारी नहीं है कि उन्होंने वहां स्थानीय क्यूरेटर (प्रबीर मुखर्जी) की जगह ली है। मेरे पास विस्तृत जानकारी नहीं है।’’ मुखर्जी ने स्वीकार किया कि यहां भौमिक की भूमिका शीर्ष होगी। उन्होंने साथ ही भौमिक को अपना ‘बॉस’ भी करार दिया।
भौमिक के साथ काम करने के बारे में पूछने पर मुखर्जी ने कहा, ‘‘इस समय वह मेरा बॉस होगा और मेरा बॉस जो कहेगा मैं उसे मानूंगा। क्योंकि उसे बीसीसीआई ने भेजा है।’’
मुखर्जी ने कहा कि उनकी अनदेखी नहीं हुई है लेकिन बीसीसीआई ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट की विकेट की तैयारी में उनकी मदद के लिए भौमिक को भेजा है। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा नहीं है कि मुझे हटाया गया है या मेरी अनदेखी हुई है। हम एक साथ मिलकर विकेट तैयार करेंगे। उसकी सहायता करके मुझे खुशी होगी।’’
स्पिन की अनुकूल विकेट तैयार करने की धोनी की मांग पर मुखर्जी ने कहा, ‘‘अगर कोई मुझे यहां ऑस्ट्रेलिया जैसी विकेट बनाने को कहता है तो यह संभव नहीं है। कई चीजें (मिट्टी, मौसम) विकेट की प्रकृति तय करती हैं।’’ कैब के संयुक्त सचिव सुजान मुखर्जी ने हालांकि भौमिक की यात्रा को ‘नियमित’ निरीक्षण दौरा करार दिया और कहा कि 83 वर्षीय मुखर्जी को बदला नहीं गया है। मुखर्जी 1985 से ईडन के साथ जुड़े हैं।टिप्पणियां
सुजान मुखर्जी ने कहा, ‘‘यह पिच और हालात का आंकलन करने की नियमित यात्रा है जो मैच से पहले हमेशा होता है। प्रबीर मुखर्जी ही ईडन के क्यूरेटर हैं।’’ इससे पहले रविवार को बीसीसीआई की मैदान और पिच समिति के अध्यक्ष दलजीत सिंह ने भी ईडन का दौरा किया था।
बीसीसीआई के वरिष्ठ अधिकारी और आईपीएल अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इस बारे में अधिक कुछ बोलने से इनकार करते हुए कहा कि भौमिक को कोलकाता भेजने का फैसला बोर्ड की मैदान और पिच समिति ने लिया है।
बीसीसीआई ने भौमिक को इस विकेट को तैयार करने की प्रक्रिया को देखने को कहा है। ईडन गार्डन्स को 5 दिसंबर से भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरे क्रिकेट टेस्ट की मेजबानी करनी है।
भारतीय क्रिकेट बोर्ड के निर्देश के बाद त्रिपुरा क्रिकेट संघ (टीसीए) से जुड़े भौमिक आज यहां पहुंच रहे हैं।
टीसीए के सचिव अरिंदम गांगुली ने कहा, ‘‘बीसीसीआई के निर्देशों के अनुसार वह (भौमिक) कोलकाता जा रहे हैं। लेकिन मुझे कोई जानकारी नहीं है कि उन्होंने वहां स्थानीय क्यूरेटर (प्रबीर मुखर्जी) की जगह ली है। मेरे पास विस्तृत जानकारी नहीं है।’’ मुखर्जी ने स्वीकार किया कि यहां भौमिक की भूमिका शीर्ष होगी। उन्होंने साथ ही भौमिक को अपना ‘बॉस’ भी करार दिया।
भौमिक के साथ काम करने के बारे में पूछने पर मुखर्जी ने कहा, ‘‘इस समय वह मेरा बॉस होगा और मेरा बॉस जो कहेगा मैं उसे मानूंगा। क्योंकि उसे बीसीसीआई ने भेजा है।’’
मुखर्जी ने कहा कि उनकी अनदेखी नहीं हुई है लेकिन बीसीसीआई ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट की विकेट की तैयारी में उनकी मदद के लिए भौमिक को भेजा है। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा नहीं है कि मुझे हटाया गया है या मेरी अनदेखी हुई है। हम एक साथ मिलकर विकेट तैयार करेंगे। उसकी सहायता करके मुझे खुशी होगी।’’
स्पिन की अनुकूल विकेट तैयार करने की धोनी की मांग पर मुखर्जी ने कहा, ‘‘अगर कोई मुझे यहां ऑस्ट्रेलिया जैसी विकेट बनाने को कहता है तो यह संभव नहीं है। कई चीजें (मिट्टी, मौसम) विकेट की प्रकृति तय करती हैं।’’ कैब के संयुक्त सचिव सुजान मुखर्जी ने हालांकि भौमिक की यात्रा को ‘नियमित’ निरीक्षण दौरा करार दिया और कहा कि 83 वर्षीय मुखर्जी को बदला नहीं गया है। मुखर्जी 1985 से ईडन के साथ जुड़े हैं।टिप्पणियां
सुजान मुखर्जी ने कहा, ‘‘यह पिच और हालात का आंकलन करने की नियमित यात्रा है जो मैच से पहले हमेशा होता है। प्रबीर मुखर्जी ही ईडन के क्यूरेटर हैं।’’ इससे पहले रविवार को बीसीसीआई की मैदान और पिच समिति के अध्यक्ष दलजीत सिंह ने भी ईडन का दौरा किया था।
बीसीसीआई के वरिष्ठ अधिकारी और आईपीएल अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इस बारे में अधिक कुछ बोलने से इनकार करते हुए कहा कि भौमिक को कोलकाता भेजने का फैसला बोर्ड की मैदान और पिच समिति ने लिया है।
भारतीय क्रिकेट बोर्ड के निर्देश के बाद त्रिपुरा क्रिकेट संघ (टीसीए) से जुड़े भौमिक आज यहां पहुंच रहे हैं।
टीसीए के सचिव अरिंदम गांगुली ने कहा, ‘‘बीसीसीआई के निर्देशों के अनुसार वह (भौमिक) कोलकाता जा रहे हैं। लेकिन मुझे कोई जानकारी नहीं है कि उन्होंने वहां स्थानीय क्यूरेटर (प्रबीर मुखर्जी) की जगह ली है। मेरे पास विस्तृत जानकारी नहीं है।’’ मुखर्जी ने स्वीकार किया कि यहां भौमिक की भूमिका शीर्ष होगी। उन्होंने साथ ही भौमिक को अपना ‘बॉस’ भी करार दिया।
भौमिक के साथ काम करने के बारे में पूछने पर मुखर्जी ने कहा, ‘‘इस समय वह मेरा बॉस होगा और मेरा बॉस जो कहेगा मैं उसे मानूंगा। क्योंकि उसे बीसीसीआई ने भेजा है।’’
मुखर्जी ने कहा कि उनकी अनदेखी नहीं हुई है लेकिन बीसीसीआई ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट की विकेट की तैयारी में उनकी मदद के लिए भौमिक को भेजा है। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा नहीं है कि मुझे हटाया गया है या मेरी अनदेखी हुई है। हम एक साथ मिलकर विकेट तैयार करेंगे। उसकी सहायता करके मुझे खुशी होगी।’’
स्पिन की अनुकूल विकेट तैयार करने की धोनी की मांग पर मुखर्जी ने कहा, ‘‘अगर कोई मुझे यहां ऑस्ट्रेलिया जैसी विकेट बनाने को कहता है तो यह संभव नहीं है। कई चीजें (मिट्टी, मौसम) विकेट की प्रकृति तय करती हैं।’’ कैब के संयुक्त सचिव सुजान मुखर्जी ने हालांकि भौमिक की यात्रा को ‘नियमित’ निरीक्षण दौरा करार दिया और कहा कि 83 वर्षीय मुखर्जी को बदला नहीं गया है। मुखर्जी 1985 से ईडन के साथ जुड़े हैं।टिप्पणियां
सुजान मुखर्जी ने कहा, ‘‘यह पिच और हालात का आंकलन करने की नियमित यात्रा है जो मैच से पहले हमेशा होता है। प्रबीर मुखर्जी ही ईडन के क्यूरेटर हैं।’’ इससे पहले रविवार को बीसीसीआई की मैदान और पिच समिति के अध्यक्ष दलजीत सिंह ने भी ईडन का दौरा किया था।
बीसीसीआई के वरिष्ठ अधिकारी और आईपीएल अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इस बारे में अधिक कुछ बोलने से इनकार करते हुए कहा कि भौमिक को कोलकाता भेजने का फैसला बोर्ड की मैदान और पिच समिति ने लिया है।
टीसीए के सचिव अरिंदम गांगुली ने कहा, ‘‘बीसीसीआई के निर्देशों के अनुसार वह (भौमिक) कोलकाता जा रहे हैं। लेकिन मुझे कोई जानकारी नहीं है कि उन्होंने वहां स्थानीय क्यूरेटर (प्रबीर मुखर्जी) की जगह ली है। मेरे पास विस्तृत जानकारी नहीं है।’’ मुखर्जी ने स्वीकार किया कि यहां भौमिक की भूमिका शीर्ष होगी। उन्होंने साथ ही भौमिक को अपना ‘बॉस’ भी करार दिया।
भौमिक के साथ काम करने के बारे में पूछने पर मुखर्जी ने कहा, ‘‘इस समय वह मेरा बॉस होगा और मेरा बॉस जो कहेगा मैं उसे मानूंगा। क्योंकि उसे बीसीसीआई ने भेजा है।’’
मुखर्जी ने कहा कि उनकी अनदेखी नहीं हुई है लेकिन बीसीसीआई ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट की विकेट की तैयारी में उनकी मदद के लिए भौमिक को भेजा है। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा नहीं है कि मुझे हटाया गया है या मेरी अनदेखी हुई है। हम एक साथ मिलकर विकेट तैयार करेंगे। उसकी सहायता करके मुझे खुशी होगी।’’
स्पिन की अनुकूल विकेट तैयार करने की धोनी की मांग पर मुखर्जी ने कहा, ‘‘अगर कोई मुझे यहां ऑस्ट्रेलिया जैसी विकेट बनाने को कहता है तो यह संभव नहीं है। कई चीजें (मिट्टी, मौसम) विकेट की प्रकृति तय करती हैं।’’ कैब के संयुक्त सचिव सुजान मुखर्जी ने हालांकि भौमिक की यात्रा को ‘नियमित’ निरीक्षण दौरा करार दिया और कहा कि 83 वर्षीय मुखर्जी को बदला नहीं गया है। मुखर्जी 1985 से ईडन के साथ जुड़े हैं।टिप्पणियां
सुजान मुखर्जी ने कहा, ‘‘यह पिच और हालात का आंकलन करने की नियमित यात्रा है जो मैच से पहले हमेशा होता है। प्रबीर मुखर्जी ही ईडन के क्यूरेटर हैं।’’ इससे पहले रविवार को बीसीसीआई की मैदान और पिच समिति के अध्यक्ष दलजीत सिंह ने भी ईडन का दौरा किया था।
बीसीसीआई के वरिष्ठ अधिकारी और आईपीएल अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इस बारे में अधिक कुछ बोलने से इनकार करते हुए कहा कि भौमिक को कोलकाता भेजने का फैसला बोर्ड की मैदान और पिच समिति ने लिया है।
भौमिक के साथ काम करने के बारे में पूछने पर मुखर्जी ने कहा, ‘‘इस समय वह मेरा बॉस होगा और मेरा बॉस जो कहेगा मैं उसे मानूंगा। क्योंकि उसे बीसीसीआई ने भेजा है।’’
मुखर्जी ने कहा कि उनकी अनदेखी नहीं हुई है लेकिन बीसीसीआई ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट की विकेट की तैयारी में उनकी मदद के लिए भौमिक को भेजा है। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा नहीं है कि मुझे हटाया गया है या मेरी अनदेखी हुई है। हम एक साथ मिलकर विकेट तैयार करेंगे। उसकी सहायता करके मुझे खुशी होगी।’’
स्पिन की अनुकूल विकेट तैयार करने की धोनी की मांग पर मुखर्जी ने कहा, ‘‘अगर कोई मुझे यहां ऑस्ट्रेलिया जैसी विकेट बनाने को कहता है तो यह संभव नहीं है। कई चीजें (मिट्टी, मौसम) विकेट की प्रकृति तय करती हैं।’’ कैब के संयुक्त सचिव सुजान मुखर्जी ने हालांकि भौमिक की यात्रा को ‘नियमित’ निरीक्षण दौरा करार दिया और कहा कि 83 वर्षीय मुखर्जी को बदला नहीं गया है। मुखर्जी 1985 से ईडन के साथ जुड़े हैं।टिप्पणियां
सुजान मुखर्जी ने कहा, ‘‘यह पिच और हालात का आंकलन करने की नियमित यात्रा है जो मैच से पहले हमेशा होता है। प्रबीर मुखर्जी ही ईडन के क्यूरेटर हैं।’’ इससे पहले रविवार को बीसीसीआई की मैदान और पिच समिति के अध्यक्ष दलजीत सिंह ने भी ईडन का दौरा किया था।
बीसीसीआई के वरिष्ठ अधिकारी और आईपीएल अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इस बारे में अधिक कुछ बोलने से इनकार करते हुए कहा कि भौमिक को कोलकाता भेजने का फैसला बोर्ड की मैदान और पिच समिति ने लिया है।
मुखर्जी ने कहा कि उनकी अनदेखी नहीं हुई है लेकिन बीसीसीआई ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट की विकेट की तैयारी में उनकी मदद के लिए भौमिक को भेजा है। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा नहीं है कि मुझे हटाया गया है या मेरी अनदेखी हुई है। हम एक साथ मिलकर विकेट तैयार करेंगे। उसकी सहायता करके मुझे खुशी होगी।’’
स्पिन की अनुकूल विकेट तैयार करने की धोनी की मांग पर मुखर्जी ने कहा, ‘‘अगर कोई मुझे यहां ऑस्ट्रेलिया जैसी विकेट बनाने को कहता है तो यह संभव नहीं है। कई चीजें (मिट्टी, मौसम) विकेट की प्रकृति तय करती हैं।’’ कैब के संयुक्त सचिव सुजान मुखर्जी ने हालांकि भौमिक की यात्रा को ‘नियमित’ निरीक्षण दौरा करार दिया और कहा कि 83 वर्षीय मुखर्जी को बदला नहीं गया है। मुखर्जी 1985 से ईडन के साथ जुड़े हैं।टिप्पणियां
सुजान मुखर्जी ने कहा, ‘‘यह पिच और हालात का आंकलन करने की नियमित यात्रा है जो मैच से पहले हमेशा होता है। प्रबीर मुखर्जी ही ईडन के क्यूरेटर हैं।’’ इससे पहले रविवार को बीसीसीआई की मैदान और पिच समिति के अध्यक्ष दलजीत सिंह ने भी ईडन का दौरा किया था।
बीसीसीआई के वरिष्ठ अधिकारी और आईपीएल अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इस बारे में अधिक कुछ बोलने से इनकार करते हुए कहा कि भौमिक को कोलकाता भेजने का फैसला बोर्ड की मैदान और पिच समिति ने लिया है।
स्पिन की अनुकूल विकेट तैयार करने की धोनी की मांग पर मुखर्जी ने कहा, ‘‘अगर कोई मुझे यहां ऑस्ट्रेलिया जैसी विकेट बनाने को कहता है तो यह संभव नहीं है। कई चीजें (मिट्टी, मौसम) विकेट की प्रकृति तय करती हैं।’’ कैब के संयुक्त सचिव सुजान मुखर्जी ने हालांकि भौमिक की यात्रा को ‘नियमित’ निरीक्षण दौरा करार दिया और कहा कि 83 वर्षीय मुखर्जी को बदला नहीं गया है। मुखर्जी 1985 से ईडन के साथ जुड़े हैं।टिप्पणियां
सुजान मुखर्जी ने कहा, ‘‘यह पिच और हालात का आंकलन करने की नियमित यात्रा है जो मैच से पहले हमेशा होता है। प्रबीर मुखर्जी ही ईडन के क्यूरेटर हैं।’’ इससे पहले रविवार को बीसीसीआई की मैदान और पिच समिति के अध्यक्ष दलजीत सिंह ने भी ईडन का दौरा किया था।
बीसीसीआई के वरिष्ठ अधिकारी और आईपीएल अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इस बारे में अधिक कुछ बोलने से इनकार करते हुए कहा कि भौमिक को कोलकाता भेजने का फैसला बोर्ड की मैदान और पिच समिति ने लिया है।
सुजान मुखर्जी ने कहा, ‘‘यह पिच और हालात का आंकलन करने की नियमित यात्रा है जो मैच से पहले हमेशा होता है। प्रबीर मुखर्जी ही ईडन के क्यूरेटर हैं।’’ इससे पहले रविवार को बीसीसीआई की मैदान और पिच समिति के अध्यक्ष दलजीत सिंह ने भी ईडन का दौरा किया था।
बीसीसीआई के वरिष्ठ अधिकारी और आईपीएल अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इस बारे में अधिक कुछ बोलने से इनकार करते हुए कहा कि भौमिक को कोलकाता भेजने का फैसला बोर्ड की मैदान और पिच समिति ने लिया है।
बीसीसीआई के वरिष्ठ अधिकारी और आईपीएल अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इस बारे में अधिक कुछ बोलने से इनकार करते हुए कहा कि भौमिक को कोलकाता भेजने का फैसला बोर्ड की मैदान और पिच समिति ने लिया है। | संक्षिप्त सारांश: ईडन गार्डन्स के विकेट को लेकर बुधवार को नया विवाद पैदा हो गया जब बीसीसीआई ने पूर्व क्षेत्र के क्यूरेटर आशीष भौमिक को अनुभवी प्रबीर मुखर्जी की जगह पिच तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी। | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सरकार ने बुधवार को बताया कि आदर्श हाउसिंग सोसाइटी घोटाला मामले में केन्द्रीय जांच ब्यूरो ने 13 व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है। रक्षा मंत्री एके एंटनी ने राज्यसभा को बताया कि सीबीआई ने 29 जनवरी को इन 13 लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण कानून की विभिन्न धाराओं के तहत नियमित मामला दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने इस मामले में पिछले साल 15 नवंबर को प्राथमिक जांच दर्ज की थी। प्राथमिक जांच के नतीजों के आधार पर ही नियमित जांच दर्ज की गई। एंटनी ने भाजपा के रामदास अग्रवाल के सवाल के लिखित जवाब में कहा कि इस मामले में 13 स्थानों पर छापे मारे गये और बड़ी संख्या में दस्तावेज जारी किये गये। उन्होंने कहा कि मामले में जांच जारी है। रक्षामंत्री ने भाजपा की ही माया सिंह के एक अन्य सवाल के लिखित जवाब में बताया कि मुंबई के हर सिद्धि अपार्टमेंट ने रक्षा मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं मांगा था, हालांकि भारतीय नौसेना ने सुरक्षा चिंताओं के कारण आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा कि नौसेना प्रतिष्ठान के लिए संभावित सुरक्षा जोखिम को ध्यान में रखते हुए नौसेना ने मुंबई उच्च न्यायालय में अक्तूबर 2010 को एक मामला दायर किया था। नौसेना ने इसके जरिये इस इमारत को गिराने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि मामला न्यायालय के विचाराधीन है। एंटनी ने कहा कि वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने हरसिद्धि अपार्टमेंट को तटीय नियमन क्षेत्र अधिसूचना 1991 ओर 2011 के तहत कोई अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं दिया है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सरकार ने बताया कि आदर्श हाउसिंग सोसाइटी घोटाला मामले में केन्द्रीय जांच ब्यूरो ने 13 व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है। | 11 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मिस्र में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन के काफिले पर उस समय टमाटर और जूते फेंके जब वह एलेक्सजेंड्रिया में नए अमेरिकी वाणिज्य दूतावास से लौट रही थीं। प्रदर्शनकारी ‘मोनिका, मोनिका, मोनिका’ चिल्ला रहे थे।
समारोह समाप्त होने के बाद जब कर्मचारी वाहन की तरफ बढ़ रहे थे तब प्रदर्शनकारियों ने उनके ऊपर टमाटर, जूते और पानी की बोतलें फेंकी। दंगा निरोधक पुलिस को भीड़ को रोकने में मशक्कत करनी पड़ी। एक टमाटर मिस्र के अधिकारी के चेहरे पर लगा।
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने हिलेरी के वाहन को निशाना बनाने का प्रयास किया और विदेश विभाग के अधिकारी ने कहा कि उनका (हिलेरी) वाहन निशाना नहीं बन सका।टिप्पणियां
प्रदर्शनकारी मोनिका, मोनिका चिल्ला रहे थे जिसका इशारा हिलेरी के पति और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन से जुड़ी व्हाइट हाउस इंटर्न मोनिका लेवेंस्की से था।
हिलेरी के काफिले को उस समय निशाना बनाया गया जब एलेक्जेंड्रिया में वाणिज्य दूतावास को फिर से खोले जाने के मौके पर उन्होंने कहा कि वह इस शहर में उन आलोचकों को उत्तर देने के लिए आई हैं जो समझते हैं कि अमेरिका मिस्र की राजनीति में पक्षपात करता है। ‘‘ मैं स्पष्ट करना चाहती हूं कि अमेरिका, मिस्र में विजेता या पराजित होने वालों का चयन करने से नहीं जुड़ा है।’’
समारोह समाप्त होने के बाद जब कर्मचारी वाहन की तरफ बढ़ रहे थे तब प्रदर्शनकारियों ने उनके ऊपर टमाटर, जूते और पानी की बोतलें फेंकी। दंगा निरोधक पुलिस को भीड़ को रोकने में मशक्कत करनी पड़ी। एक टमाटर मिस्र के अधिकारी के चेहरे पर लगा।
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने हिलेरी के वाहन को निशाना बनाने का प्रयास किया और विदेश विभाग के अधिकारी ने कहा कि उनका (हिलेरी) वाहन निशाना नहीं बन सका।टिप्पणियां
प्रदर्शनकारी मोनिका, मोनिका चिल्ला रहे थे जिसका इशारा हिलेरी के पति और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन से जुड़ी व्हाइट हाउस इंटर्न मोनिका लेवेंस्की से था।
हिलेरी के काफिले को उस समय निशाना बनाया गया जब एलेक्जेंड्रिया में वाणिज्य दूतावास को फिर से खोले जाने के मौके पर उन्होंने कहा कि वह इस शहर में उन आलोचकों को उत्तर देने के लिए आई हैं जो समझते हैं कि अमेरिका मिस्र की राजनीति में पक्षपात करता है। ‘‘ मैं स्पष्ट करना चाहती हूं कि अमेरिका, मिस्र में विजेता या पराजित होने वालों का चयन करने से नहीं जुड़ा है।’’
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने हिलेरी के वाहन को निशाना बनाने का प्रयास किया और विदेश विभाग के अधिकारी ने कहा कि उनका (हिलेरी) वाहन निशाना नहीं बन सका।टिप्पणियां
प्रदर्शनकारी मोनिका, मोनिका चिल्ला रहे थे जिसका इशारा हिलेरी के पति और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन से जुड़ी व्हाइट हाउस इंटर्न मोनिका लेवेंस्की से था।
हिलेरी के काफिले को उस समय निशाना बनाया गया जब एलेक्जेंड्रिया में वाणिज्य दूतावास को फिर से खोले जाने के मौके पर उन्होंने कहा कि वह इस शहर में उन आलोचकों को उत्तर देने के लिए आई हैं जो समझते हैं कि अमेरिका मिस्र की राजनीति में पक्षपात करता है। ‘‘ मैं स्पष्ट करना चाहती हूं कि अमेरिका, मिस्र में विजेता या पराजित होने वालों का चयन करने से नहीं जुड़ा है।’’
प्रदर्शनकारी मोनिका, मोनिका चिल्ला रहे थे जिसका इशारा हिलेरी के पति और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन से जुड़ी व्हाइट हाउस इंटर्न मोनिका लेवेंस्की से था।
हिलेरी के काफिले को उस समय निशाना बनाया गया जब एलेक्जेंड्रिया में वाणिज्य दूतावास को फिर से खोले जाने के मौके पर उन्होंने कहा कि वह इस शहर में उन आलोचकों को उत्तर देने के लिए आई हैं जो समझते हैं कि अमेरिका मिस्र की राजनीति में पक्षपात करता है। ‘‘ मैं स्पष्ट करना चाहती हूं कि अमेरिका, मिस्र में विजेता या पराजित होने वालों का चयन करने से नहीं जुड़ा है।’’
हिलेरी के काफिले को उस समय निशाना बनाया गया जब एलेक्जेंड्रिया में वाणिज्य दूतावास को फिर से खोले जाने के मौके पर उन्होंने कहा कि वह इस शहर में उन आलोचकों को उत्तर देने के लिए आई हैं जो समझते हैं कि अमेरिका मिस्र की राजनीति में पक्षपात करता है। ‘‘ मैं स्पष्ट करना चाहती हूं कि अमेरिका, मिस्र में विजेता या पराजित होने वालों का चयन करने से नहीं जुड़ा है।’’ | संक्षिप्त पाठ: मिस्र में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन के काफिले पर उस समय टमाटर और जूते फेंके जब वह एलेक्सजेंड्रिया में नए अमेरिकी वाणिज्य दूतावास से लौट रही थीं | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सर्जिकल स्ट्राइक के हीरो कहे जाने वाले रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ (Satish Dua) ने देश के पूर्व रक्षा मंत्री दिवंगत मनोहर पर्रिकर (Manohar Parrikar) को यादगार रक्षा मंत्री बताया. नेशनल मीडिया सेंटर में शुक्रवार को मनोहर पर्रिकर की 64वीं जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में सतीश दुआ ने बताया कि कैसे 2016 में हुए उरी में सेना पर हुए हमले के बाद उनकी पहली मुलाकात रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर से हुई थी.
सतीश दुआ ने बताया, 'मनोहर पर्रिकर से पहली मुलाकात बेहद मनहूस घड़ी में हुई. उरी कैंप पर आतंकी हमले की सूचना मिली तो वह गोवा से सीधे दिल्ली और फिर जम्मू-कश्मीर पहुंचे. मैंने उन्हें रिसीव किया. उस हमले में हमारे 18 जवान शहीद हुए थे. पहले उन्होंने मुझसे घटना के बारे में जानकारी ली, फिर कुछ समय के बाद मैं जब उनके चैंबर में गया तो मुझसे उन्होंने सिर्फ दो बातें कीं. पहली बात एक सवाल के रूप में थी, चूंकि वह ऑपरेशन से जुड़ी संवेदनशील बात रही, इसलिए उसे सार्वजनिक नहीं कर सकता, मगर दूसरी बात ने मुझे बहुत प्रभावित किया. उन्होंने कहा कि देखो अपनी तरफ से एक भी जान नहीं जानी चाहिए. मैंने उन्हें पूरा भरोसा दिया तो उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक (Surgical Strike) करने की इजाजत दे दी. जिससे 10 दिन के भीतर आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दे दिया गया.'
चीफ ऑफ इंटिग्रेटिड डिफेंस स्टाफ पद से रिटायर हुए सतीश दुआ ने कहा कि रक्षा मंत्री रहते हुए मनोहर पर्रिकर ने कई साहसिक फैसले लिए. सेना में वर्षों से रुके पड़े कई प्रोजेक्ट को उन्होंने गति प्रदान की. उनके साथ काम करना यादगार रहा.
बीजेपी के पूर्व राज्यसभा सदस्य तरुण विजय ने कहा कि दिल्ली में रक्षा मंत्री बनने के बाद भी तमाम लोग मनोहर पर्रिकर को सूट आदि पहनने की सलाह देते, मगर वह हाफ बांह की शर्ट ही हमेशा पहनकर सादगी का परिचय देते रहे. तरुण विजय ने कहा कि जब हमने उन्हें उत्तराखंड के तमाम शहीद जवानों के बारे में बताया तो उन्होंने देहरादून के चीड़बाग में शौर्य स्थल के निर्माण की मंजूरी देते हुए भूमि पूजन किया था. मनोहर पर्रिकर हमेशा यादों में जिंदा रहेंगे. | सारांश: मनोहर पर्रिकर की 64वीं जयंती पर किया याद
सतीश दुआ थे सर्जिकल स्ट्राइक के हीरो
मनोहर पर्रिकर को बताया यादगार रक्षा मंत्री | 33 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हम भारतीय आमतौर पर समझते हैं विकसित देशों खासकर अमेरिका के लोग काफी बुद्धिमान होते होंगे और उन्हें हर क्षेत्र में हमसे ज्यादा जानकारी होती होंगी. हाल में हुए एक सर्वे की रिपोर्ट जानकर शायद आप कहेंगे, 'क्या अमेरिकी इतने बुद्धू होते हैं?. आपको जानकर ताज्जुब होगा कि 7 फीसदी (16.4 मिलियन) अमेरिकी नागरिककों को ये तक नहीं पता है कि चॉकलेट बनाने के लिए दूध कहां से और कैसे आता है. यूएस डेयरी के इनोवोशन सेंटर की ओर से कराए गए सर्वे में करीब एक करोड़ 60 लाख अमेरिकी लोगों ने बताया कि भूरे रंग की गाय भूरे रंग का दूध देती है, शायद इसी से चॉकलेट बनता है. चौंकाने वाली बात यह है कि इस सर्वे में व्यस्कों को लिया गया था. ये बातें आपको थोड़ी अटपटी लग रही होगी, लेकिन सर्वे रिपोर्ट में यही सच्चाई सामने आई है. टिप्पणियांद वाशिंगटन पोस्ट की खबर के मुताबिक इस सर्वे को कराने के पीछे का मकसद ये पता लगाना था कि अमेरिकी नागरिक अपने खाने-पीने की चीजों के बारे में कितनी बातें जानते हैं. सर्वे करने पर पता चला कि यहां के लोगों को खेती और दूध से जुड़े पदार्थों के बारे में बहुत कम जानकारी है. अधिकतर लोगों को ये नहीं मालूम है कि वे जो चीजें खा रहे हैं, वास्तव में वह कहां से आता है. 1990 में बर्गर को लेकर कराए गए एक सर्वे में भी कुछ इसी तरह के परिणाम सामने आए थे.
गैर-सरकारी संगठन फूडकॉर्प्स के सह संस्थापक सिसली अपटोन ने कहा, 'यह रिपोर्ट ज्यादा चौंकाने वाले नहीं हैं. अमेरिका के लोगों में प्राकृतिक चीजों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है. इस बात का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि यहां के लोगों का मानना है कि खाना केवल दुकानों में पर मिलता है. अमेरिकी लोग अपने बच्चों को ये कभी बताने की कोशिश ही नहीं करते हैं कि आखिर ये खाना कौन बनाता है, यह कैसे बनता है, अनाज कौन उपजाता है आदि. सर्वे के दौरान पता चला कि अमेरिका के लोगे खेती से काफी दूर हो चुे हैं, इसलिए उन्हें ये बातें नहीं पता है.
द वाशिंगटन पोस्ट की खबर के मुताबिक इस सर्वे को कराने के पीछे का मकसद ये पता लगाना था कि अमेरिकी नागरिक अपने खाने-पीने की चीजों के बारे में कितनी बातें जानते हैं. सर्वे करने पर पता चला कि यहां के लोगों को खेती और दूध से जुड़े पदार्थों के बारे में बहुत कम जानकारी है. अधिकतर लोगों को ये नहीं मालूम है कि वे जो चीजें खा रहे हैं, वास्तव में वह कहां से आता है. 1990 में बर्गर को लेकर कराए गए एक सर्वे में भी कुछ इसी तरह के परिणाम सामने आए थे.
गैर-सरकारी संगठन फूडकॉर्प्स के सह संस्थापक सिसली अपटोन ने कहा, 'यह रिपोर्ट ज्यादा चौंकाने वाले नहीं हैं. अमेरिका के लोगों में प्राकृतिक चीजों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है. इस बात का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि यहां के लोगों का मानना है कि खाना केवल दुकानों में पर मिलता है. अमेरिकी लोग अपने बच्चों को ये कभी बताने की कोशिश ही नहीं करते हैं कि आखिर ये खाना कौन बनाता है, यह कैसे बनता है, अनाज कौन उपजाता है आदि. सर्वे के दौरान पता चला कि अमेरिका के लोगे खेती से काफी दूर हो चुे हैं, इसलिए उन्हें ये बातें नहीं पता है.
गैर-सरकारी संगठन फूडकॉर्प्स के सह संस्थापक सिसली अपटोन ने कहा, 'यह रिपोर्ट ज्यादा चौंकाने वाले नहीं हैं. अमेरिका के लोगों में प्राकृतिक चीजों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है. इस बात का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि यहां के लोगों का मानना है कि खाना केवल दुकानों में पर मिलता है. अमेरिकी लोग अपने बच्चों को ये कभी बताने की कोशिश ही नहीं करते हैं कि आखिर ये खाना कौन बनाता है, यह कैसे बनता है, अनाज कौन उपजाता है आदि. सर्वे के दौरान पता चला कि अमेरिका के लोगे खेती से काफी दूर हो चुे हैं, इसलिए उन्हें ये बातें नहीं पता है. | संक्षिप्त पाठ: अमेरिका के 7 फीसदी लोगों को नहीं पता है कि दूध कहां से आता है
सर्वे में ज्यादातर लोगों ने कहा, भूरे रंग की गाय देती है भूरा दूध
अधिकतर लोगों को ये नहीं मालूम है कि खाने की चीजें कहां से आती हैं | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सलमान खान (Salman Khan) और संजय लीला भंसाली की फिल्म 'इंशाअल्लाह' ईद पर रिलीज नहीं होगी. कुछ ही दिन पहले 'इंशाअल्लाह' को लेकर खबर आई थी कि फिल्म को रद्द कर दिया गया है. इसके बावजूद सलमान खान (Salman Khan) ने ट्वीट कर फैंस से यह वादा किया था कि वह ईद पर अपनी ईदी लेने के लिए जरूर आएंगे. सलमान खान (Salman Khan) के इस ट्वीट को लेकर यह कयास लगाए जा रहे थे कि ईद के मौके पर भाईजान की 'किक 2' रिलीज हो सकती है. लेकिन हाल ही में इस फिल्म को लेकर भी खुलासा हो गया है. दरअसल, खुद फिल्म के निर्माता साजित नादियाडवाला ने ही 'किक 2 (Kick 2)' के ईद पर रिलीज होने की बात पर इंकार कर दिया है.
स्पॉट बॉय डॉट कॉम की खबर के मुताबिक ईद 2020 पर सलमान खान (Salman Khan) की 'किक 2 (Kick 2)' रिलीज नहीं होगी. बल्कि सलमान खान अपनी किसी दूसरी फिल्म के जरिए फैंस से ईदी लेने के लिए आएंगे, जिसे वह खुद प्रपोड्यूस करेंगे. वहीं, खुद 'किक 2' के निर्माता साजिद नाडियाडवाला ने इस बात से साफ इंकार करते हुए कहा, "मैं और सलमान खान किक 2 के ईद 2020 पर रिलीज होने को लेकर पहले ही बात कर चुके हैं. मुझे फिल्म के लिए अभी और भी बहुत कुछ लिखने की आवश्यकता है और मैं यह काम बेहतर तरीके से करना चाहता हूं."
बता दें कि सलमान खान (Salman Khan) और आलिया भट्ट स्टारर फिल्म इंशाअल्लाह पर बात करते हुए खुद डायरेक्टर संजय लीला भंसाली ने कहा था कि इस बात पर भरोसा नहीं है कि फिल्म ईद तक पूरी तैयार हो जाएगी. इस बात पर संजय लीला भंसाली और सलमान खान की बैठक भी हुई थी. यहां तक कि फिल्म की शूटिंग भी कुछ दिनों में शुरू होने वाली थी, लेकिन उसी रात आए सलमान खान के ट्वीट ने दोनों में दरार पैदा कर दी.
इससे इतर सलमान खान (Salman Khan) इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म 'दबंग 3 (Dabangg 3)' की शूटिंग में बिजी हैं. इस फिल्म को प्रभुदेवा डायरेक्टर कर रहे हैं. सोनाक्षी सिन्हा और सलमान खान स्टारर ये फिल्म इसी साल दिसंबर में रिलीज होनी है. इस फिल्म में साउथ के स्टार किच्चा सुदीप (Kichcha Sudeep) विलेन की भूमिका निभाएंगे. इस फिल्म के अलावा अब देखना यह है कि सलमान खान ईद पर किस फिल्म के जरिए फैंस से ईदी लेने आते हैं. | यहाँ एक सारांश है:'इंशाअल्लाह' के बाद सलमान खान की एक और फिल्म नहीं होगी ईद पर रिलीज
फिल्म को लेकर खुद निर्माता ने किया खुलासा
इन दिनों 'दबंग 3' की तैयारी में लगे हैं सलमान खान | 18 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जर्मनी का शहर कोलोन राइन नदी के किनारे बसा है। इस नदी को पार करने के कई तरीके हैं, लेकिन आप यहां से कैसे भी जाएं, इस नदी पर बने पुल पर लगे तालों को नजरअंदाज नहीं कर सकेंगे। कहा जाता है कि इस पुल पर लोगों के प्यार की कहानी कह रहे इन तालों का वजन करीब दो टन है।
इटली में शुरू हुआ यह रूमानी रिवाज जर्मनी जैसे संजीदा देश में इतना लोकप्रिय होगा, मैंने कभी सोचा नहीं था। लेकिन वेनिस के रिअल्तो पुल से भी ज्यादा ताले अब यहां दिख रहे हैं।
32 साल की एवेल्यां लीबे यहां अपने प्यार की निशानी निशानी को ढूंढ रही हैं। छह महीने पहले उन्होंने अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ यहां पर एक ताला लगाया, जो आज इन हजारों की भीड़ में कहीं खो गया है। इन तालों की भीड़ में कहीं वह ताला भी है, जो उनके ब्वॉयफ्रेंड ने उनके साथ यहां उस रात लगाया, जब उसने शादी के लिए एवेल्यां को पूछा। एवेल्यां कहती हैं कि यह उनके सबसे यादगार पलों में से एक है।टिप्पणियां
न जाने मोहब्बत की ऐसी कितनी ही कहानियां यहां पर लोहे और पीतल के इन तालों के तौर पर बंधी हैं। एक छोर से दूसरे छोर तक नजर दौड़ाएं तो हैरानी होती है। यह पुल दूसरे विश्व युद्ध में पूरी तरह बर्बाद हो गया, लेकिन जैसा कि जर्मनी में हर चीज के साथ हुआ, इसे भी चंद सालों में एक बार फिर खड़ा कर लिया गया।
युद्ध के बाद की जिंदगी में इस पुल पर लटकते इन तालों में लोगों ने नए मायने ढूंढे। मैंने कोशिश कि सबसे पुराने ताले को खोजूं, लेकिन 1984 से पहले का ताला ढूंढ नहीं पाई। कई जंग खाए तालों में तो उनके लगाने वालों के नाम और साल नजर ही नहीं आ रहे थे। जाते-जाते मैंने भी एक ताला यहां लगाया...अपने और इस शहर के नाम (अंजिली और कोलोन-2012) का।
इटली में शुरू हुआ यह रूमानी रिवाज जर्मनी जैसे संजीदा देश में इतना लोकप्रिय होगा, मैंने कभी सोचा नहीं था। लेकिन वेनिस के रिअल्तो पुल से भी ज्यादा ताले अब यहां दिख रहे हैं।
32 साल की एवेल्यां लीबे यहां अपने प्यार की निशानी निशानी को ढूंढ रही हैं। छह महीने पहले उन्होंने अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ यहां पर एक ताला लगाया, जो आज इन हजारों की भीड़ में कहीं खो गया है। इन तालों की भीड़ में कहीं वह ताला भी है, जो उनके ब्वॉयफ्रेंड ने उनके साथ यहां उस रात लगाया, जब उसने शादी के लिए एवेल्यां को पूछा। एवेल्यां कहती हैं कि यह उनके सबसे यादगार पलों में से एक है।टिप्पणियां
न जाने मोहब्बत की ऐसी कितनी ही कहानियां यहां पर लोहे और पीतल के इन तालों के तौर पर बंधी हैं। एक छोर से दूसरे छोर तक नजर दौड़ाएं तो हैरानी होती है। यह पुल दूसरे विश्व युद्ध में पूरी तरह बर्बाद हो गया, लेकिन जैसा कि जर्मनी में हर चीज के साथ हुआ, इसे भी चंद सालों में एक बार फिर खड़ा कर लिया गया।
युद्ध के बाद की जिंदगी में इस पुल पर लटकते इन तालों में लोगों ने नए मायने ढूंढे। मैंने कोशिश कि सबसे पुराने ताले को खोजूं, लेकिन 1984 से पहले का ताला ढूंढ नहीं पाई। कई जंग खाए तालों में तो उनके लगाने वालों के नाम और साल नजर ही नहीं आ रहे थे। जाते-जाते मैंने भी एक ताला यहां लगाया...अपने और इस शहर के नाम (अंजिली और कोलोन-2012) का।
32 साल की एवेल्यां लीबे यहां अपने प्यार की निशानी निशानी को ढूंढ रही हैं। छह महीने पहले उन्होंने अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ यहां पर एक ताला लगाया, जो आज इन हजारों की भीड़ में कहीं खो गया है। इन तालों की भीड़ में कहीं वह ताला भी है, जो उनके ब्वॉयफ्रेंड ने उनके साथ यहां उस रात लगाया, जब उसने शादी के लिए एवेल्यां को पूछा। एवेल्यां कहती हैं कि यह उनके सबसे यादगार पलों में से एक है।टिप्पणियां
न जाने मोहब्बत की ऐसी कितनी ही कहानियां यहां पर लोहे और पीतल के इन तालों के तौर पर बंधी हैं। एक छोर से दूसरे छोर तक नजर दौड़ाएं तो हैरानी होती है। यह पुल दूसरे विश्व युद्ध में पूरी तरह बर्बाद हो गया, लेकिन जैसा कि जर्मनी में हर चीज के साथ हुआ, इसे भी चंद सालों में एक बार फिर खड़ा कर लिया गया।
युद्ध के बाद की जिंदगी में इस पुल पर लटकते इन तालों में लोगों ने नए मायने ढूंढे। मैंने कोशिश कि सबसे पुराने ताले को खोजूं, लेकिन 1984 से पहले का ताला ढूंढ नहीं पाई। कई जंग खाए तालों में तो उनके लगाने वालों के नाम और साल नजर ही नहीं आ रहे थे। जाते-जाते मैंने भी एक ताला यहां लगाया...अपने और इस शहर के नाम (अंजिली और कोलोन-2012) का।
न जाने मोहब्बत की ऐसी कितनी ही कहानियां यहां पर लोहे और पीतल के इन तालों के तौर पर बंधी हैं। एक छोर से दूसरे छोर तक नजर दौड़ाएं तो हैरानी होती है। यह पुल दूसरे विश्व युद्ध में पूरी तरह बर्बाद हो गया, लेकिन जैसा कि जर्मनी में हर चीज के साथ हुआ, इसे भी चंद सालों में एक बार फिर खड़ा कर लिया गया।
युद्ध के बाद की जिंदगी में इस पुल पर लटकते इन तालों में लोगों ने नए मायने ढूंढे। मैंने कोशिश कि सबसे पुराने ताले को खोजूं, लेकिन 1984 से पहले का ताला ढूंढ नहीं पाई। कई जंग खाए तालों में तो उनके लगाने वालों के नाम और साल नजर ही नहीं आ रहे थे। जाते-जाते मैंने भी एक ताला यहां लगाया...अपने और इस शहर के नाम (अंजिली और कोलोन-2012) का।
युद्ध के बाद की जिंदगी में इस पुल पर लटकते इन तालों में लोगों ने नए मायने ढूंढे। मैंने कोशिश कि सबसे पुराने ताले को खोजूं, लेकिन 1984 से पहले का ताला ढूंढ नहीं पाई। कई जंग खाए तालों में तो उनके लगाने वालों के नाम और साल नजर ही नहीं आ रहे थे। जाते-जाते मैंने भी एक ताला यहां लगाया...अपने और इस शहर के नाम (अंजिली और कोलोन-2012) का। | संक्षिप्त सारांश: कोलोन की राइन नदी पर बने पुल पर न जाने मोहब्बत की कितनी ही कहानियां यहां पर लोहे और पीतल के इन तालों के तौर पर बंधी हैं। इन तालों का वजन करीब दो टन है... | 10 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में कैद भारतीय नागरिक सरबजीत ने नए सिरे से एक दया याचिका दाखिल की है। इस दया याचिका को अब पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के पास भेजा जाएगा।टिप्पणियां
सरबजीत ने अपनी दया याचिका में लिखा है कि जिस तरह भारत ने मानवीय आधार पर पाकिस्तानी नागरिक खलील चिश्ती को रिहा किया है उसी तरह उनकी भी रिहाई की जानी चाहिए।
सरबजीत ने लिखा है कि वह पिछले 22 साल से पाकिस्तान की जेल में सड़ रहा है और अब उसकी फांसी की सजा माफ कर उसे भारत भेज देना चाहिए, जिससे वह अपनी बाकी की जिंदगी परिवार के साथ बिता सके। सरबजीत को पाकिस्तान ने बम धमाके करने के आरोप में 1990 में गिरफ्तार किया था।
सरबजीत ने अपनी दया याचिका में लिखा है कि जिस तरह भारत ने मानवीय आधार पर पाकिस्तानी नागरिक खलील चिश्ती को रिहा किया है उसी तरह उनकी भी रिहाई की जानी चाहिए।
सरबजीत ने लिखा है कि वह पिछले 22 साल से पाकिस्तान की जेल में सड़ रहा है और अब उसकी फांसी की सजा माफ कर उसे भारत भेज देना चाहिए, जिससे वह अपनी बाकी की जिंदगी परिवार के साथ बिता सके। सरबजीत को पाकिस्तान ने बम धमाके करने के आरोप में 1990 में गिरफ्तार किया था।
सरबजीत ने लिखा है कि वह पिछले 22 साल से पाकिस्तान की जेल में सड़ रहा है और अब उसकी फांसी की सजा माफ कर उसे भारत भेज देना चाहिए, जिससे वह अपनी बाकी की जिंदगी परिवार के साथ बिता सके। सरबजीत को पाकिस्तान ने बम धमाके करने के आरोप में 1990 में गिरफ्तार किया था। | संक्षिप्त सारांश: पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में कैद भारतीय नागरिक सरबजीत ने नए सिरे से एक दया याचिका दाखिल की है। इस दया याचिका को अब पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के पास भेजा जाएगा। | 23 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पूर्व भारतीय कप्तान रवि शास्त्री को उम्मीद है कि स्टार बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 22 फरवरी से चेन्नई में शुरू हो रही चार टेस्ट मैचों की सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। शास्त्री ने कहा, वह भूखा होगा। वह वास्तव में भूखा होगा। यदि ऑस्ट्रेलिया उन्हें पहले दो मैचों में रन बनाने देता है तो यह तेंदुलकर के लिए बहुत बड़ी सीरीज होगी। उन्होंने कहा, वह शुरू में थोड़ा नर्वस रहेगा लेकिन यदि वह पहली दो पारियों में 50, 60 या 70 का स्कोर बना देता है तो फिर यह उनके लिए बहुत बड़ी सीरीज होगी।
तेंदुलकर ने टेस्ट मैचों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए दिसंबर में एकदिवसीय मैचों में संन्यास ले लिया था। इस स्टार बल्लेबाज ने पिछली 31 टेस्ट पारियों और 17 मैच से शतक नहीं लगाया है। लेकिन शास्त्री का मानना है कि तेंदुलकर अब भी भारतीय बल्लेबाजी लाइनअप में सर्वश्रेष्ठ हैं। उन्होंने कहा, इंग्लैंड ने बेहतरीन गेंदबाजी की, लेकिन मैं समझता हूं कि उन्हें दो महीने का विश्राम मिला है और इसका उपयोग उन्होंने तैयारियों के लिए किया होगा। मैं चाहता हूं कि वह सकारात्मक बना रहे। यदि वह ऐसा करते हैं तो हमें उनसे अच्छी पारियां देखने को मिलेंगी।
तेंदुलकर ने टेस्ट मैचों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए दिसंबर में एकदिवसीय मैचों में संन्यास ले लिया था। इस स्टार बल्लेबाज ने पिछली 31 टेस्ट पारियों और 17 मैच से शतक नहीं लगाया है। लेकिन शास्त्री का मानना है कि तेंदुलकर अब भी भारतीय बल्लेबाजी लाइनअप में सर्वश्रेष्ठ हैं। उन्होंने कहा, इंग्लैंड ने बेहतरीन गेंदबाजी की, लेकिन मैं समझता हूं कि उन्हें दो महीने का विश्राम मिला है और इसका उपयोग उन्होंने तैयारियों के लिए किया होगा। मैं चाहता हूं कि वह सकारात्मक बना रहे। यदि वह ऐसा करते हैं तो हमें उनसे अच्छी पारियां देखने को मिलेंगी। | संक्षिप्त सारांश: शास्त्री ने कहा है कि अगर पहले दो टेस्ट मैचों में सचिन ने अपनी लय हासिल कर ली तो वे इस सीरीज में रनों का अंबार लगा देंगे क्योंकि वे रनों के भूखे दिख रहे हैं। | 23 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: इंदौर की विशेष अदालत ने सीबीआई द्वारा नम्रता दामोर मौत मामले में पेश की गई क्लोजर रिपोर्ट को ठुकरा दिया है. सीबीआई को इस मामले की जांच की जिम्मेदारी वर्ष 2015 में दी गई थी. जबकि नम्रता दामोर की मौत जनवरी 2012 में हुई थी. दामोर एमबीबीएस की छात्रा थीं. इस मामले को लेकर सीबीआई ने इससे पहले दिसंबर 2017 में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी. इस रिपोर्ट में सीबीआई ने नम्रता दामोर के जानकार और साथ पढ़ाई करने वाले छात्रों से पूछताछ के आधार पर कहा था कि नम्रता दामोर की किसी ने हत्या नहीं की बल्कि उसने ट्रेन से कूदकर खुदकुशी की थी.
हालांकि, सीबीआई की इस दलील से नम्रता दोमार के पिता मेहताब सिंह संतुष्ट नहीं थे. इसके बाद ही स्पेशल कोर्ट ने उस समय सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करते हुए, इस मामले की फिर से जांच करने को कहा था. बता दें कि सीबीआई ने कोर्ट ने नम्रता दामोर हत्या के अलावा कुल 23 संदिग्ध मौतों को लेकर भी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है. जिसमें मौत की वजह संदिग्ध हालत में मौत, दुर्घटना, आत्महत्या और स्वास्थ्य कारणों को बताया गया है.
गौरतलब है कि व्यापम घोटाले के कवर-अप की कोशिशों के आरोप अब 19-वर्षीय मेडिकल छात्रा नम्रता दामोर की तीन साल पहले हुई मौत पर आकर केंद्रित हो गए थे, जिसकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में 'गला घोंटकर' मारे जाने की बात होने के बावजूद पुलिस ने आत्महत्या कहकर खारिज कर दिया था.
नम्रता दामोर की ऑटोप्सी (पोस्टमार्टम) करने वाले तीन डॉक्टरों में से एक बीबी पुरोहित ने कहा था कि उसकी हत्या की गई थी.उसकी मौत के प्राकृतिक होने का एक प्रतिशत भी चान्स नहीं है.नम्रता दामोर की मौत का किस्सा दोबारा सुर्खियों में पिछले दिनों तब आया, जब उसके पिता का साक्षात्कार करने के कुछ ही मिनट बाद एक टीवी पत्रकार की मौत हो थी.
नम्रता का शव जनवरी, 2012 में उज्जैन में रेल की पटरियों के पास पड़ा मिला था. वर्ष 2014 में जब पुलिस ने मामले की क्लोज़र रिपोर्ट दाखिल की, तो उन्होंने इसे खुदकुशी बताया, जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बिल्कुल उलट था, क्योंकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, नम्रता की मौत 'मुंह-नाक दबोचे जाने की वजह से हिंसक तरीके से दम घुटने' के कारण हुई थी, और ये निष्कर्ष स्पष्ट संकेत देते हैं कि नम्रता की हत्या की गई थी.
NDTV से बातचीत करते हुए डॉ. बीबी पुरोहित ने कहा था कि पोस्टमार्टम करने वाले पैनल में शामिल हम तीनों डॉक्टरों को 25-25 साल से भी ज़्यादा का तजुर्बा है.उसकी (नम्रता की) नाक और मुंह पर खरोंचें थीं, जिससे संकेत मिलता है कि उसका गला दबाया गया था.इस पोस्टमार्टम के दो साल बाद पुलिस ने कहा था कि छात्रा ट्रेन से गिर गई थी. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मनोहर वर्मा ने कहा था हमने उसकी मौत की जांच की और फॉरेंसिक विशेषज्ञों के साथ मिलकर सीन को री-क्रिएट किया. हमें ऐसा कुछ नहीं मिला, जिससे हत्या किए जाने के संकेत मिल सकें. अगर कोई नए सबूत सामने आते हैं, हम दोबारा जांच कर सकते हैं, लेकिन फिलहाल कुछ भी ऐसा नही है.
मेडिकल की दूसरे वर्ष की छात्रा नम्रता कथित रूप से उन आवेदकों में शामिल थी, जिन्होंने गलत तरीकों से मेडिकल प्रवेश परीक्षा पास की थी. इस परीक्षा को पास करने के लिए लाखों आवेदकों ने राजनेताओं और नौकरशाहों को कथित रूप से रिश्वत दी थी, जिन्होंने किन्हीं और लोगों को परीक्षा में बिठाकर उत्तर-पुस्तिकाएं लिखने दीं.पिछले शनिवार को पत्रकार अक्षय सिंह झाबुआ स्थित नम्रता के घर में उसके पिता से बातचीत कर रहे थे, तभी उनके मुंह से झाग निकलने लगा, और वह गिर पड़े. डॉक्टरों का कहना था कि उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई, लेकिन अक्षय के परिवार के विरोध के बाद दिल्ली के एम्स अस्पताल में मौत के कारणों की जांच की जा रही है. | संक्षिप्त सारांश: स्पेशल कोर्ट ने सीबीआई को दोबारा जांच के लिए कहा
2012 में हुई थी नम्रता दामोर की मौत
2017 से मामले की जांच कर रही है सीबीआई | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: जम्मू एवं कश्मीर में रविवार को खराब मौसम, अलगाववादियों के बहिष्कार की घोषणा और एक महिला उम्मीदवार की हत्या के बावजूद कई चरणों में कराए जा रहे पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में 80 फीसदी से अधिक मतदान हुए। खराब मौसम और बहिष्कार को नकारते हुए लोग शांतिपूर्ण मतदान में शामिल हुए। घाटी के पांच प्रखंडों उरी (बारामूला), नागम (बडगाम), पहलू (खुलगाम), लार (गांदेरबल), वावूरा (कुपवाड़ा) और जम्मू क्षेत्र के तीन प्रखंडों चेनानी (ऊधमपुर), विजयपुर (साम्बा) और आर. एस. पुरा (जम्मू) में सर्द हवाओं और मौसम के बावजूद लोगों ने मतदान में हिस्सा लिया। एक निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि उरी में 86.95 फीसदी मतदान हुआ। साथ ही वावूरा में 85, लार में 82.60, नगम में 72 और पहलू में 81.48 फीसदी मतदान हुआ। उन्होंने बताया कि कुल मिलाकर इन प्रखंडों में 81.62 फीसदी मतदान हुआ। इसके अलावा चेनानी में 78, विजयपुर में 84 और आरएसपुरा में 83 फीसदी मतदान हुआ। मतदान सुबह आठ बजे प्रारंभ हुआ और दोपहर बाद दो बजे समाप्त हो गया। विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतों की गिनती हो रही है। उल्लेखनीय है कि राज्य में 10 वर्ष के अंतराल के बाद कई चरणों में पंचायत चुनाव हो रहे हैं। हुर्रियत कांफ्रेंस के कट्टरवादी धड़े के नेता सैयद अली शाह गिलानी ने पंचायत चुनाव के बहिष्कार का आह्वान किया है जबकि अन्य अलगावावादी नेता चुनाव को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं। शुक्रवार को बडगाम जिले के पोखरापोरा इलाके में आतंकवादियों ने एक महिला उम्मीदवार की हत्या कर दी थी लेकिन इससे मतदान पर कोई असर नहीं देखा गया। 70 फीसदी से अधिक लोगों ने मतदान किया। महिला उम्मीदवार की हत्या को आतंकवादियों की चुनाव प्रभावित करने की कोशिश मानी जा रही है लेकिन मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इससे इनकार किया है। उन्होंने शनिवार को कहा कि हत्या की जांच की जा रही लेकिन इस बात के संकेत मिले हैं कि इस हत्या का चुनाव से सम्बंध नहीं है। कश्मीर घाटी में बीती रात हुई बारिश और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में काफी गिरावट देखी गई। इसके बावजूद गांदेरबल जिले के लार प्रखंड में काफी संख्या में लोग मतदान केंद्रों पर पहुंचे। | उरी में 86.95 फीसदी मतदान हुआ। साथ ही वावूरा में 85, लार में 82.60, नगम में 72 और पहलू में 81.48 फीसदी मतदान हुआ। | 34 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस में औपचारिक रूप से ‘नंबर-2’ की कुर्सी संभालने वाले राहुल गांधी न सिर्फ स्वयं बल्कि उनकी मां सोनिया गांधी भी काफी भावुक हो उठीं और रो पड़ीं।टिप्पणियां
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की बैठक में राहुल ने परिवार के अंतरंग क्षणों को कांग्रेसजन से बांटते हुए कहा, ‘मैं कुछ भावुक बातें बताना चाहता हूं कि कल पार्टी का मुझे उपाध्यक्ष बनाए जाने के बाद मैं रात को सो नहीं पाया। सुबह चार बजे उठा और बालकनी में गया।’ उन्होंने कहा, ‘बड़ी जिम्मेदारी महसूस कर रहा था। अंधेरा था और ठंड थी। मैंने फैसला किया कि मैं वह नहीं कहूंगा जो आप सुनना चाहते हैं।’
राहुल ने कहा कि जब वह छोटे थे तो बैडमिंटन पसंद करते थे क्योंकि वह संतुलन दिखाता है। दादी (इंदिरा गांधी) के सुरक्षाकर्मियों के साथ ‘मैं बैडमिन्टन खेलता था। एक दिन उन्होंने मेरी दादी को मार दिया और संतुलन हटा दिया। मेरे पिता बंगाल से आए, अस्पताल गए। अंधेरा था। लोग गुस्से में चिल्ला रहे थे। पिता को पहली बार मैंने रोते देखा।’
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की बैठक में राहुल ने परिवार के अंतरंग क्षणों को कांग्रेसजन से बांटते हुए कहा, ‘मैं कुछ भावुक बातें बताना चाहता हूं कि कल पार्टी का मुझे उपाध्यक्ष बनाए जाने के बाद मैं रात को सो नहीं पाया। सुबह चार बजे उठा और बालकनी में गया।’ उन्होंने कहा, ‘बड़ी जिम्मेदारी महसूस कर रहा था। अंधेरा था और ठंड थी। मैंने फैसला किया कि मैं वह नहीं कहूंगा जो आप सुनना चाहते हैं।’
राहुल ने कहा कि जब वह छोटे थे तो बैडमिंटन पसंद करते थे क्योंकि वह संतुलन दिखाता है। दादी (इंदिरा गांधी) के सुरक्षाकर्मियों के साथ ‘मैं बैडमिन्टन खेलता था। एक दिन उन्होंने मेरी दादी को मार दिया और संतुलन हटा दिया। मेरे पिता बंगाल से आए, अस्पताल गए। अंधेरा था। लोग गुस्से में चिल्ला रहे थे। पिता को पहली बार मैंने रोते देखा।’
राहुल ने कहा कि जब वह छोटे थे तो बैडमिंटन पसंद करते थे क्योंकि वह संतुलन दिखाता है। दादी (इंदिरा गांधी) के सुरक्षाकर्मियों के साथ ‘मैं बैडमिन्टन खेलता था। एक दिन उन्होंने मेरी दादी को मार दिया और संतुलन हटा दिया। मेरे पिता बंगाल से आए, अस्पताल गए। अंधेरा था। लोग गुस्से में चिल्ला रहे थे। पिता को पहली बार मैंने रोते देखा।’ | यह एक सारांश है: कांग्रेस में औपचारिक रूप से ‘नंबर-2’ की कुर्सी संभालने वाले राहुल गांधी न सिर्फ स्वयं बल्कि उनकी मां सोनिया गांधी भी काफी भावुक हो उठीं और रो पड़ीं। | 16 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के प्रमुख घटक दल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डएएमके) ने गुरुवार को कहा कि पूर्व केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ए. राजा ने सही ही कहा था कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम की अनुमति व उनकी मंजूरी के बाद किया गया था। डीएमके नेता व तमिल फिल्मों की अभिनेत्री खुशबू ने समाचार चैनल एनडीटीवी से बातचीत में कहा, "राजा ने जो कहा था कि सरकार के वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी स्पेक्ट्रम आवंटन के निर्णय से अवगत थे, तो वह झूठ नहीं बोल रहे थे।" खुशबू ने कहा कि चिदम्बरम को इस बात की जानकारी थी और उन्हीं के अधीन राजा ने फैसले लिए थे, जिसके तहत 2001 के दर से 2008 में स्पेक्ट्रम आवंटन किए गए। उन्होंने कहा, "हमारे लिए यह बड़ी राहत है। डीएमके के लिए बड़ी राहत है।" उल्लेखनीय है कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में उस वक्त एक नया मोड़ आ गया जब केंद्रीय वित्त मंत्रालय से प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी गई एक टिप्पणी में यह खुलासा हुआ कि यदि तत्कालीन केंद्रीय वित्त मंत्री अपने 'रुख पर अड़ जाते' तो 2008 में स्पेक्ट्रम की नीलामी हो सकती थी। राजा 2जी मामले में अपनी भूमिका को लेकर तिहाड़ जेल में बंद हैं। उनके अलावा डीएमके सांसद व डीएमके अध्यक्ष एम. करूणानिधि की बेटी कनिमोझी भी इस मामले में तिहाड़ में हैं। | यहाँ एक सारांश है:डीएमके ने कहा कि राजा ने सही ही कहा था कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन चिदम्बरम की अनुमति व उनकी मंजूरी के बाद किया गया था। | 12 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के छठे चरण के मतदान की घड़ी करीब आने के बाद अब सातवें और अंतिम चरण के चुनाव प्रचार के लिए सरगर्मी तेज गई है।
सोमवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने खुद कांग्रेस की तरफ से प्रचार का मोर्चा थामा तो बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से पार्टी अध्यक्ष मायावती और समाजवादी पार्टी (सपा) की तरफ से पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह ने जनसभाएं कर अपनी-अपनी पार्टियों के लिए वोट मांगा।
सातवें चरण में रुहेलखंड क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 10 जिलों की 60 सीटों पर 3 मार्च को मतदान होगा।
उत्तर प्रदेश के पिछड़ेपन के लिए गैर कांग्रेसी दलों को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमरोहा में एक चुनावी जनसभा में कहा कि अब समय आ गया है कि सूबे में बदलाव लाकर वे एक ऐसी सरकार बनाएं जो जातिवाद से ऊपर उठकर रोजगार, उद्योग और खेती को बढ़ावा दे। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि हमारी पार्टी (कांग्रेस) ऐसी सरकार बना सकती है।
मायावती ने बदायूं में जनसभा में कहा कि सपा और भाजपा ने आपस में अंदरखाने समझौता कर लिया है जबकि कांग्रेस तो दौड़ से ही बाहर हो गई है।
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने बरेली में जनसभा के दौरान एक बार फिर सपा, बसपा और भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा कि इन तीनों दलों ने पिछले 22 साल से झूठे वादे करके जनता को बेवकूफ बनाया।
रामपुर में जनसभा के दौरान उलेमा काउंसिल के कार्यकर्ताओं ने हंगामा करते हुए राहुल गांधी को काले झंडे दिखाए। प्रदर्शनकारी बाटला हाउस मुठभेड़ मामले की न्यायिक जांच की मांग को लेकर राहुल का विरोध कर रहे थे।
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने बिजनौर में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग मतदान करके इस भ्रष्टतम बसपा सरकार को ऐसी जगह पहुंचा दीजिए जहां से ये कभी वापस न आ सके।टिप्पणियां
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने रामपुर में जनसभा के दौरान कहा कि आज गठबंधन कसाब का है। एक कसाब तो मुम्बई जेल में है लेकिन ये कसाब उत्तर प्रदेश में आ गया है वह है कांग्रेस, सपा और बसपा, जो मिलकर जनता को लूट रहे हैं।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए भाजपा नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने रामपुर में कहा कि 40 वर्ष तक उत्तर प्रदेश पर राज करने वाले क्या सोचकर यह कह रहे हैं कि पांच साल में यहां बहुत बड़ा बदलाव ला देंगे। जो 40 वर्ष में बदलाव न ला सके वह पांच वर्ष में क्या करेगा।
सोमवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने खुद कांग्रेस की तरफ से प्रचार का मोर्चा थामा तो बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से पार्टी अध्यक्ष मायावती और समाजवादी पार्टी (सपा) की तरफ से पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह ने जनसभाएं कर अपनी-अपनी पार्टियों के लिए वोट मांगा।
सातवें चरण में रुहेलखंड क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 10 जिलों की 60 सीटों पर 3 मार्च को मतदान होगा।
उत्तर प्रदेश के पिछड़ेपन के लिए गैर कांग्रेसी दलों को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमरोहा में एक चुनावी जनसभा में कहा कि अब समय आ गया है कि सूबे में बदलाव लाकर वे एक ऐसी सरकार बनाएं जो जातिवाद से ऊपर उठकर रोजगार, उद्योग और खेती को बढ़ावा दे। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि हमारी पार्टी (कांग्रेस) ऐसी सरकार बना सकती है।
मायावती ने बदायूं में जनसभा में कहा कि सपा और भाजपा ने आपस में अंदरखाने समझौता कर लिया है जबकि कांग्रेस तो दौड़ से ही बाहर हो गई है।
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने बरेली में जनसभा के दौरान एक बार फिर सपा, बसपा और भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा कि इन तीनों दलों ने पिछले 22 साल से झूठे वादे करके जनता को बेवकूफ बनाया।
रामपुर में जनसभा के दौरान उलेमा काउंसिल के कार्यकर्ताओं ने हंगामा करते हुए राहुल गांधी को काले झंडे दिखाए। प्रदर्शनकारी बाटला हाउस मुठभेड़ मामले की न्यायिक जांच की मांग को लेकर राहुल का विरोध कर रहे थे।
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने बिजनौर में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग मतदान करके इस भ्रष्टतम बसपा सरकार को ऐसी जगह पहुंचा दीजिए जहां से ये कभी वापस न आ सके।टिप्पणियां
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने रामपुर में जनसभा के दौरान कहा कि आज गठबंधन कसाब का है। एक कसाब तो मुम्बई जेल में है लेकिन ये कसाब उत्तर प्रदेश में आ गया है वह है कांग्रेस, सपा और बसपा, जो मिलकर जनता को लूट रहे हैं।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए भाजपा नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने रामपुर में कहा कि 40 वर्ष तक उत्तर प्रदेश पर राज करने वाले क्या सोचकर यह कह रहे हैं कि पांच साल में यहां बहुत बड़ा बदलाव ला देंगे। जो 40 वर्ष में बदलाव न ला सके वह पांच वर्ष में क्या करेगा।
सातवें चरण में रुहेलखंड क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 10 जिलों की 60 सीटों पर 3 मार्च को मतदान होगा।
उत्तर प्रदेश के पिछड़ेपन के लिए गैर कांग्रेसी दलों को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमरोहा में एक चुनावी जनसभा में कहा कि अब समय आ गया है कि सूबे में बदलाव लाकर वे एक ऐसी सरकार बनाएं जो जातिवाद से ऊपर उठकर रोजगार, उद्योग और खेती को बढ़ावा दे। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि हमारी पार्टी (कांग्रेस) ऐसी सरकार बना सकती है।
मायावती ने बदायूं में जनसभा में कहा कि सपा और भाजपा ने आपस में अंदरखाने समझौता कर लिया है जबकि कांग्रेस तो दौड़ से ही बाहर हो गई है।
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने बरेली में जनसभा के दौरान एक बार फिर सपा, बसपा और भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा कि इन तीनों दलों ने पिछले 22 साल से झूठे वादे करके जनता को बेवकूफ बनाया।
रामपुर में जनसभा के दौरान उलेमा काउंसिल के कार्यकर्ताओं ने हंगामा करते हुए राहुल गांधी को काले झंडे दिखाए। प्रदर्शनकारी बाटला हाउस मुठभेड़ मामले की न्यायिक जांच की मांग को लेकर राहुल का विरोध कर रहे थे।
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने बिजनौर में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग मतदान करके इस भ्रष्टतम बसपा सरकार को ऐसी जगह पहुंचा दीजिए जहां से ये कभी वापस न आ सके।टिप्पणियां
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने रामपुर में जनसभा के दौरान कहा कि आज गठबंधन कसाब का है। एक कसाब तो मुम्बई जेल में है लेकिन ये कसाब उत्तर प्रदेश में आ गया है वह है कांग्रेस, सपा और बसपा, जो मिलकर जनता को लूट रहे हैं।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए भाजपा नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने रामपुर में कहा कि 40 वर्ष तक उत्तर प्रदेश पर राज करने वाले क्या सोचकर यह कह रहे हैं कि पांच साल में यहां बहुत बड़ा बदलाव ला देंगे। जो 40 वर्ष में बदलाव न ला सके वह पांच वर्ष में क्या करेगा।
उत्तर प्रदेश के पिछड़ेपन के लिए गैर कांग्रेसी दलों को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमरोहा में एक चुनावी जनसभा में कहा कि अब समय आ गया है कि सूबे में बदलाव लाकर वे एक ऐसी सरकार बनाएं जो जातिवाद से ऊपर उठकर रोजगार, उद्योग और खेती को बढ़ावा दे। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि हमारी पार्टी (कांग्रेस) ऐसी सरकार बना सकती है।
मायावती ने बदायूं में जनसभा में कहा कि सपा और भाजपा ने आपस में अंदरखाने समझौता कर लिया है जबकि कांग्रेस तो दौड़ से ही बाहर हो गई है।
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने बरेली में जनसभा के दौरान एक बार फिर सपा, बसपा और भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा कि इन तीनों दलों ने पिछले 22 साल से झूठे वादे करके जनता को बेवकूफ बनाया।
रामपुर में जनसभा के दौरान उलेमा काउंसिल के कार्यकर्ताओं ने हंगामा करते हुए राहुल गांधी को काले झंडे दिखाए। प्रदर्शनकारी बाटला हाउस मुठभेड़ मामले की न्यायिक जांच की मांग को लेकर राहुल का विरोध कर रहे थे।
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने बिजनौर में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग मतदान करके इस भ्रष्टतम बसपा सरकार को ऐसी जगह पहुंचा दीजिए जहां से ये कभी वापस न आ सके।टिप्पणियां
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने रामपुर में जनसभा के दौरान कहा कि आज गठबंधन कसाब का है। एक कसाब तो मुम्बई जेल में है लेकिन ये कसाब उत्तर प्रदेश में आ गया है वह है कांग्रेस, सपा और बसपा, जो मिलकर जनता को लूट रहे हैं।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए भाजपा नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने रामपुर में कहा कि 40 वर्ष तक उत्तर प्रदेश पर राज करने वाले क्या सोचकर यह कह रहे हैं कि पांच साल में यहां बहुत बड़ा बदलाव ला देंगे। जो 40 वर्ष में बदलाव न ला सके वह पांच वर्ष में क्या करेगा।
मायावती ने बदायूं में जनसभा में कहा कि सपा और भाजपा ने आपस में अंदरखाने समझौता कर लिया है जबकि कांग्रेस तो दौड़ से ही बाहर हो गई है।
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने बरेली में जनसभा के दौरान एक बार फिर सपा, बसपा और भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा कि इन तीनों दलों ने पिछले 22 साल से झूठे वादे करके जनता को बेवकूफ बनाया।
रामपुर में जनसभा के दौरान उलेमा काउंसिल के कार्यकर्ताओं ने हंगामा करते हुए राहुल गांधी को काले झंडे दिखाए। प्रदर्शनकारी बाटला हाउस मुठभेड़ मामले की न्यायिक जांच की मांग को लेकर राहुल का विरोध कर रहे थे।
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने बिजनौर में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग मतदान करके इस भ्रष्टतम बसपा सरकार को ऐसी जगह पहुंचा दीजिए जहां से ये कभी वापस न आ सके।टिप्पणियां
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने रामपुर में जनसभा के दौरान कहा कि आज गठबंधन कसाब का है। एक कसाब तो मुम्बई जेल में है लेकिन ये कसाब उत्तर प्रदेश में आ गया है वह है कांग्रेस, सपा और बसपा, जो मिलकर जनता को लूट रहे हैं।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए भाजपा नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने रामपुर में कहा कि 40 वर्ष तक उत्तर प्रदेश पर राज करने वाले क्या सोचकर यह कह रहे हैं कि पांच साल में यहां बहुत बड़ा बदलाव ला देंगे। जो 40 वर्ष में बदलाव न ला सके वह पांच वर्ष में क्या करेगा।
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने बरेली में जनसभा के दौरान एक बार फिर सपा, बसपा और भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा कि इन तीनों दलों ने पिछले 22 साल से झूठे वादे करके जनता को बेवकूफ बनाया।
रामपुर में जनसभा के दौरान उलेमा काउंसिल के कार्यकर्ताओं ने हंगामा करते हुए राहुल गांधी को काले झंडे दिखाए। प्रदर्शनकारी बाटला हाउस मुठभेड़ मामले की न्यायिक जांच की मांग को लेकर राहुल का विरोध कर रहे थे।
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने बिजनौर में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग मतदान करके इस भ्रष्टतम बसपा सरकार को ऐसी जगह पहुंचा दीजिए जहां से ये कभी वापस न आ सके।टिप्पणियां
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने रामपुर में जनसभा के दौरान कहा कि आज गठबंधन कसाब का है। एक कसाब तो मुम्बई जेल में है लेकिन ये कसाब उत्तर प्रदेश में आ गया है वह है कांग्रेस, सपा और बसपा, जो मिलकर जनता को लूट रहे हैं।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए भाजपा नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने रामपुर में कहा कि 40 वर्ष तक उत्तर प्रदेश पर राज करने वाले क्या सोचकर यह कह रहे हैं कि पांच साल में यहां बहुत बड़ा बदलाव ला देंगे। जो 40 वर्ष में बदलाव न ला सके वह पांच वर्ष में क्या करेगा।
रामपुर में जनसभा के दौरान उलेमा काउंसिल के कार्यकर्ताओं ने हंगामा करते हुए राहुल गांधी को काले झंडे दिखाए। प्रदर्शनकारी बाटला हाउस मुठभेड़ मामले की न्यायिक जांच की मांग को लेकर राहुल का विरोध कर रहे थे।
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने बिजनौर में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग मतदान करके इस भ्रष्टतम बसपा सरकार को ऐसी जगह पहुंचा दीजिए जहां से ये कभी वापस न आ सके।टिप्पणियां
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने रामपुर में जनसभा के दौरान कहा कि आज गठबंधन कसाब का है। एक कसाब तो मुम्बई जेल में है लेकिन ये कसाब उत्तर प्रदेश में आ गया है वह है कांग्रेस, सपा और बसपा, जो मिलकर जनता को लूट रहे हैं।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए भाजपा नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने रामपुर में कहा कि 40 वर्ष तक उत्तर प्रदेश पर राज करने वाले क्या सोचकर यह कह रहे हैं कि पांच साल में यहां बहुत बड़ा बदलाव ला देंगे। जो 40 वर्ष में बदलाव न ला सके वह पांच वर्ष में क्या करेगा।
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने बिजनौर में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग मतदान करके इस भ्रष्टतम बसपा सरकार को ऐसी जगह पहुंचा दीजिए जहां से ये कभी वापस न आ सके।टिप्पणियां
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने रामपुर में जनसभा के दौरान कहा कि आज गठबंधन कसाब का है। एक कसाब तो मुम्बई जेल में है लेकिन ये कसाब उत्तर प्रदेश में आ गया है वह है कांग्रेस, सपा और बसपा, जो मिलकर जनता को लूट रहे हैं।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए भाजपा नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने रामपुर में कहा कि 40 वर्ष तक उत्तर प्रदेश पर राज करने वाले क्या सोचकर यह कह रहे हैं कि पांच साल में यहां बहुत बड़ा बदलाव ला देंगे। जो 40 वर्ष में बदलाव न ला सके वह पांच वर्ष में क्या करेगा।
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने रामपुर में जनसभा के दौरान कहा कि आज गठबंधन कसाब का है। एक कसाब तो मुम्बई जेल में है लेकिन ये कसाब उत्तर प्रदेश में आ गया है वह है कांग्रेस, सपा और बसपा, जो मिलकर जनता को लूट रहे हैं।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए भाजपा नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने रामपुर में कहा कि 40 वर्ष तक उत्तर प्रदेश पर राज करने वाले क्या सोचकर यह कह रहे हैं कि पांच साल में यहां बहुत बड़ा बदलाव ला देंगे। जो 40 वर्ष में बदलाव न ला सके वह पांच वर्ष में क्या करेगा।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए भाजपा नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने रामपुर में कहा कि 40 वर्ष तक उत्तर प्रदेश पर राज करने वाले क्या सोचकर यह कह रहे हैं कि पांच साल में यहां बहुत बड़ा बदलाव ला देंगे। जो 40 वर्ष में बदलाव न ला सके वह पांच वर्ष में क्या करेगा। | संक्षिप्त पाठ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के छठे चरण के मतदान की घड़ी करीब आने के बाद अब सातवें और अंतिम चरण के चुनाव प्रचार के लिए सरगर्मी तेज गई है। | 14 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड ने पाकिस्तान के खिलाफ अपने टेस्ट करियर में एक नया मुकाम हासिल कर लिया। ब्रॉड ने टेस्ट क्रिकेट में अपने 350 विकेट पूरे कर लिए। ब्रॉड ने यासिर शाह को अपना 350वां शिकार बनाया। करियर के 95वें टेस्ट में खेल रहे ब्रॉड इंग्लैंड के क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तीसरे गेंदबाज हैं।टिप्पणियां
इंग्लिश टीम के लिए सबसे ज़्यादा विकेट लेने वालों की लिस्ट में सबसे ऊपर जेम्स एंडरसन हैं। एंडरसन ने 116 टेस्टों में 454 विकेट लिए हैं जबकि दूसरे नंबर पर महान गेंदबाज सर इयन बॉथम के 102 टेस्ट में 383 विकेट हैं। अब तीसरे नंबर पर ब्रॉड की एंट्री हुई है जिनके नाम अब 95 मैचों में 350 विकेट हो गए हैं। ब्रॉड ने इंग्लैंड के लिए 121 वनडे और 56 टी-20 मैच भी खेले हैं। 30 साल के ब्रॉड इंग्लिश टी-20 टीम के कप्तान भी रह चुके हैं।
वैसे टेस्ट इतिहास में 350 विकेट से ज्यादा विकेट लेने वाले ब्रॉड 22वें गेंदबाज हैं और 17वें तेज गेंदबाज। टेस्ट में सबसे ज्यादा 800 विकेट श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन के नाम हैं। लिस्ट में भारत के अनिल कुंबले तीसरे स्थान पर 619 विकेट के साथ हैं। कपिल देव 7वें स्थान पर 434 विकेट के साथ मौजूद हैं तो 10वें नंबर पर हरभजन सिंह 417 विकेट से साथ हैं।
इंग्लिश टीम के लिए सबसे ज़्यादा विकेट लेने वालों की लिस्ट में सबसे ऊपर जेम्स एंडरसन हैं। एंडरसन ने 116 टेस्टों में 454 विकेट लिए हैं जबकि दूसरे नंबर पर महान गेंदबाज सर इयन बॉथम के 102 टेस्ट में 383 विकेट हैं। अब तीसरे नंबर पर ब्रॉड की एंट्री हुई है जिनके नाम अब 95 मैचों में 350 विकेट हो गए हैं। ब्रॉड ने इंग्लैंड के लिए 121 वनडे और 56 टी-20 मैच भी खेले हैं। 30 साल के ब्रॉड इंग्लिश टी-20 टीम के कप्तान भी रह चुके हैं।
वैसे टेस्ट इतिहास में 350 विकेट से ज्यादा विकेट लेने वाले ब्रॉड 22वें गेंदबाज हैं और 17वें तेज गेंदबाज। टेस्ट में सबसे ज्यादा 800 विकेट श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन के नाम हैं। लिस्ट में भारत के अनिल कुंबले तीसरे स्थान पर 619 विकेट के साथ हैं। कपिल देव 7वें स्थान पर 434 विकेट के साथ मौजूद हैं तो 10वें नंबर पर हरभजन सिंह 417 विकेट से साथ हैं।
वैसे टेस्ट इतिहास में 350 विकेट से ज्यादा विकेट लेने वाले ब्रॉड 22वें गेंदबाज हैं और 17वें तेज गेंदबाज। टेस्ट में सबसे ज्यादा 800 विकेट श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन के नाम हैं। लिस्ट में भारत के अनिल कुंबले तीसरे स्थान पर 619 विकेट के साथ हैं। कपिल देव 7वें स्थान पर 434 विकेट के साथ मौजूद हैं तो 10वें नंबर पर हरभजन सिंह 417 विकेट से साथ हैं। | सारांश: इंग्लैंड के क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तीसरे गेंदबाज
इंग्लिश टी-20 टीम के कप्तान भी रह चुके हैं ब्रॉड
ब्रॉड ने यासिर शाह को अपना 350वां शिकार बनाया | 5 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने मीडिया के एक तबके द्वारा अपने खिलाफ चलाए जा रहे ‘मानहानि’ संबंधी अभियान के खिलाफ कानूनी रणनीति तय करने के लिए अपना हिमाचल दौरा रद्द कर दिया है।टिप्पणियां
गडकरी के करीबी सूत्रों ने सोमवार की रात बताया कि दौरा रद्द करना आवश्यक हो गया था क्योंकि वह अपने कानूनी सलाहकारों से मीडिया के एक तबके को संभावित कानूनी नोटिस भेजने के लिए चर्चा करेंगे।
भाजपा अध्यक्ष ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश के किन्नौर और शिमला में रैलियों को संबोधित किया था। गडकरी ने आज दिन में चेतावनी दी थी कि वह उन मीडिया प्रतिष्ठानों के खिलाफ मामला दायर करेंगे जो कथित तौर पर कांग्रेस द्वारा रची गई ‘साजिश’ के तहत उनकी ‘मानहानि’ कर रहे हैं।
गडकरी के करीबी सूत्रों ने सोमवार की रात बताया कि दौरा रद्द करना आवश्यक हो गया था क्योंकि वह अपने कानूनी सलाहकारों से मीडिया के एक तबके को संभावित कानूनी नोटिस भेजने के लिए चर्चा करेंगे।
भाजपा अध्यक्ष ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश के किन्नौर और शिमला में रैलियों को संबोधित किया था। गडकरी ने आज दिन में चेतावनी दी थी कि वह उन मीडिया प्रतिष्ठानों के खिलाफ मामला दायर करेंगे जो कथित तौर पर कांग्रेस द्वारा रची गई ‘साजिश’ के तहत उनकी ‘मानहानि’ कर रहे हैं।
भाजपा अध्यक्ष ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश के किन्नौर और शिमला में रैलियों को संबोधित किया था। गडकरी ने आज दिन में चेतावनी दी थी कि वह उन मीडिया प्रतिष्ठानों के खिलाफ मामला दायर करेंगे जो कथित तौर पर कांग्रेस द्वारा रची गई ‘साजिश’ के तहत उनकी ‘मानहानि’ कर रहे हैं। | संक्षिप्त पाठ: भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने मीडिया के एक तबके द्वारा अपने खिलाफ चलाए जा रहे ‘मानहानि’ संबंधी अभियान के खिलाफ कानूनी रणनीति तय करने के लिए अपना हिमाचल दौरा रद्द कर दिया है। | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका ने अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से कहा है कि वह सीरिया पर वित्तीय और राजनीतिक दबाव बढ़ाएं, ताकि दमिश्क अपने नागरिकों का दमन रोके और सकारात्मक बदलाव की राह तैयार करे। अमेरिकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन ने नॉर्वे के विदेश मंत्री जोनास गार स्टोएर के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, हम अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से सीरिया पर वित्तीय और राजनीतिक दबाव बढ़ाने के लिए कह रहे हैं, ताकि दमिश्क अपने नागरिकों का दमन रोके और सकारात्मक बदलाव की राह तैयार करे। उन्होंने कहा, हम और हमारे अन्य सहयोगी सीरिया में तथा वहां से बाहर रह रहे उसके विपक्षी सदस्यों से संपर्क कर रहे हैं, ताकि उन्हें एक एकीकृत योजना बनाने के लिए प्रेरित किया जा सके। यह एकीकृत योजना सीरिया में समग्र, लोकतांत्रिक तथा सहभागिता वाली प्रणाली के बारे में होगी। हिलेरी ने एक सवाल के जवाब में कहा, वहां बहुत काम हो रहा है और मुझे लगता है कि इसके नतीजे भी मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका कई देशों के साथ क्षेत्र में और बाहर कूटनीतिक प्रयास कर रहा है, ताकि सीरिया की समस्या का समाधान निकल सके। | संक्षिप्त सारांश: अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से कहा है कि वह सीरिया पर वित्तीय और राजनीतिक दबाव बढ़ाएं, ताकि दमिश्क अपने नागरिकों का दमन रोके। | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: इंग्लैंड के पूर्व कप्तान टोनी ग्रेग ने आर्थिक फायदे के लिए टेस्ट की बजाय टी-20 क्रिकेट को बढ़ावा देकर खेल का नुकसान करने के लिए बीसीसीआई को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने डीआरएस का विरोध करने पर भी बीसीसीआई की कड़ी आलोचना की है।
लॉर्ड्स पर एमसीसी स्पिरिट ऑफ क्रिकेट काउड्रे व्याख्यान देते हुए ग्रेग ने कहा कि इंडियन प्रीमियर लीग और चैंपियंस लीग की कामयाबी से करोड़ों डॉलर कमाने पर आमादा बीसीसीआई के रवैये के कारण टेस्ट क्रिकेट की उपेक्षा हो रही है। उन्होंने कहा कि भारत को खेल की समस्याओं के प्रति अपना स्वार्थी रवैया छोड़कर क्रिकेट की भावना का अनुकरण करना चाहिए।
उन्होंने कहा, भारत के लिए आईपीएल और चैंपियंस लीग अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम से अधिक अहम हो गए हैं। भारत ने खेल का कुछ हिस्सा निजी हितों को बेच दिया है, और इसके कुछ प्रशासकों के हितों के टकराव के कारण खेल भावना के अनुकूल काम करना मुश्किल हो गया है।
ग्रेग ने कहा, टेस्ट क्रिकेट के प्रति भारत के पक्षपातपूर्ण रवैये और कुछ खास मसलों पर उसके रुख, आईसीसी भ्रष्टाचार जांच को लेकर रवैये, डोपिंग निरोधक नियमों को लागू करने की शीघ्रता पर उदासीन रवैये, आईपीएल पर भ्रष्टाचार के कथित साये और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री जॉन हावर्ड को आईसीसी का उपाध्यक्ष बनाने से रोकने की प्रक्रिया के अभाव में इसकी भूमिका कुछ उदाहरण हैं।
ग्रेग ने बीसीसीआई पर छोटे देशों को धमकाकर आईसीसी की बैठकों में उनके वोट हथियाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, क्रिकेट पर बीसीसीआई का नियंत्रण अधिक है, क्योंकि इसके पास आईसीसी की बैठकों में किसी भी प्रस्ताव का विरोध करने के लिए पर्याप्त वोट होते हैं। इसका कारण यह है कि कुछ देशों का गुजारा भारत से मिलने वाली आर्थिक सहायता के बिना नहीं चल सकता।
ग्रेग ने कहा, आईसीसी की कई समस्यायें सुलझ जाएंगी, यदि भारत स्वीकार कर ले कि करोड़ों डॉलर कमाने और क्रिकेटरों को धनकुबेर बनाने से अधिक महत्वपूर्ण क्रिकेट की भावना है। उन्होंने डीआरएस स्वीकार नहीं करने के लिए भी बीसीसीआई को आड़े हाथों लिया।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, यह खेल के लिए अच्छा नहीं है, जब मीडिया की सुखिर्यों में खराब फैसले हों, जिनसे खेल के नतीजे पर असर पड़ा हो। डीआरएस सौ फीसदी दुरूस्त नहीं है, लेकिन इससे अंपायरों के फैसलों की कमियों को दूर किया जा सकता है।
ग्रेग ने कहा, इसे ठुकराने के भारत के पास दो कारण हैं। पहला यह कि इसके सुपरस्टार्स का शुरुआती दिनों में डीआरएस के साथ अनुभव अच्छा नहीं रहा और दूसरा बीसीसीआई का मानना है कि यह पूरी तरह दुरूस्त नहीं है। भारतीय सुपरस्टार क्रिकेटरों को चाहिए कि बहुमत के फैसले को माने और डीआरएस को स्वीकार करें।
लॉर्ड्स पर एमसीसी स्पिरिट ऑफ क्रिकेट काउड्रे व्याख्यान देते हुए ग्रेग ने कहा कि इंडियन प्रीमियर लीग और चैंपियंस लीग की कामयाबी से करोड़ों डॉलर कमाने पर आमादा बीसीसीआई के रवैये के कारण टेस्ट क्रिकेट की उपेक्षा हो रही है। उन्होंने कहा कि भारत को खेल की समस्याओं के प्रति अपना स्वार्थी रवैया छोड़कर क्रिकेट की भावना का अनुकरण करना चाहिए।
उन्होंने कहा, भारत के लिए आईपीएल और चैंपियंस लीग अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम से अधिक अहम हो गए हैं। भारत ने खेल का कुछ हिस्सा निजी हितों को बेच दिया है, और इसके कुछ प्रशासकों के हितों के टकराव के कारण खेल भावना के अनुकूल काम करना मुश्किल हो गया है।
ग्रेग ने कहा, टेस्ट क्रिकेट के प्रति भारत के पक्षपातपूर्ण रवैये और कुछ खास मसलों पर उसके रुख, आईसीसी भ्रष्टाचार जांच को लेकर रवैये, डोपिंग निरोधक नियमों को लागू करने की शीघ्रता पर उदासीन रवैये, आईपीएल पर भ्रष्टाचार के कथित साये और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री जॉन हावर्ड को आईसीसी का उपाध्यक्ष बनाने से रोकने की प्रक्रिया के अभाव में इसकी भूमिका कुछ उदाहरण हैं।
ग्रेग ने बीसीसीआई पर छोटे देशों को धमकाकर आईसीसी की बैठकों में उनके वोट हथियाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, क्रिकेट पर बीसीसीआई का नियंत्रण अधिक है, क्योंकि इसके पास आईसीसी की बैठकों में किसी भी प्रस्ताव का विरोध करने के लिए पर्याप्त वोट होते हैं। इसका कारण यह है कि कुछ देशों का गुजारा भारत से मिलने वाली आर्थिक सहायता के बिना नहीं चल सकता।
ग्रेग ने कहा, आईसीसी की कई समस्यायें सुलझ जाएंगी, यदि भारत स्वीकार कर ले कि करोड़ों डॉलर कमाने और क्रिकेटरों को धनकुबेर बनाने से अधिक महत्वपूर्ण क्रिकेट की भावना है। उन्होंने डीआरएस स्वीकार नहीं करने के लिए भी बीसीसीआई को आड़े हाथों लिया।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, यह खेल के लिए अच्छा नहीं है, जब मीडिया की सुखिर्यों में खराब फैसले हों, जिनसे खेल के नतीजे पर असर पड़ा हो। डीआरएस सौ फीसदी दुरूस्त नहीं है, लेकिन इससे अंपायरों के फैसलों की कमियों को दूर किया जा सकता है।
ग्रेग ने कहा, इसे ठुकराने के भारत के पास दो कारण हैं। पहला यह कि इसके सुपरस्टार्स का शुरुआती दिनों में डीआरएस के साथ अनुभव अच्छा नहीं रहा और दूसरा बीसीसीआई का मानना है कि यह पूरी तरह दुरूस्त नहीं है। भारतीय सुपरस्टार क्रिकेटरों को चाहिए कि बहुमत के फैसले को माने और डीआरएस को स्वीकार करें।
उन्होंने कहा, भारत के लिए आईपीएल और चैंपियंस लीग अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम से अधिक अहम हो गए हैं। भारत ने खेल का कुछ हिस्सा निजी हितों को बेच दिया है, और इसके कुछ प्रशासकों के हितों के टकराव के कारण खेल भावना के अनुकूल काम करना मुश्किल हो गया है।
ग्रेग ने कहा, टेस्ट क्रिकेट के प्रति भारत के पक्षपातपूर्ण रवैये और कुछ खास मसलों पर उसके रुख, आईसीसी भ्रष्टाचार जांच को लेकर रवैये, डोपिंग निरोधक नियमों को लागू करने की शीघ्रता पर उदासीन रवैये, आईपीएल पर भ्रष्टाचार के कथित साये और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री जॉन हावर्ड को आईसीसी का उपाध्यक्ष बनाने से रोकने की प्रक्रिया के अभाव में इसकी भूमिका कुछ उदाहरण हैं।
ग्रेग ने बीसीसीआई पर छोटे देशों को धमकाकर आईसीसी की बैठकों में उनके वोट हथियाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, क्रिकेट पर बीसीसीआई का नियंत्रण अधिक है, क्योंकि इसके पास आईसीसी की बैठकों में किसी भी प्रस्ताव का विरोध करने के लिए पर्याप्त वोट होते हैं। इसका कारण यह है कि कुछ देशों का गुजारा भारत से मिलने वाली आर्थिक सहायता के बिना नहीं चल सकता।
ग्रेग ने कहा, आईसीसी की कई समस्यायें सुलझ जाएंगी, यदि भारत स्वीकार कर ले कि करोड़ों डॉलर कमाने और क्रिकेटरों को धनकुबेर बनाने से अधिक महत्वपूर्ण क्रिकेट की भावना है। उन्होंने डीआरएस स्वीकार नहीं करने के लिए भी बीसीसीआई को आड़े हाथों लिया।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, यह खेल के लिए अच्छा नहीं है, जब मीडिया की सुखिर्यों में खराब फैसले हों, जिनसे खेल के नतीजे पर असर पड़ा हो। डीआरएस सौ फीसदी दुरूस्त नहीं है, लेकिन इससे अंपायरों के फैसलों की कमियों को दूर किया जा सकता है।
ग्रेग ने कहा, इसे ठुकराने के भारत के पास दो कारण हैं। पहला यह कि इसके सुपरस्टार्स का शुरुआती दिनों में डीआरएस के साथ अनुभव अच्छा नहीं रहा और दूसरा बीसीसीआई का मानना है कि यह पूरी तरह दुरूस्त नहीं है। भारतीय सुपरस्टार क्रिकेटरों को चाहिए कि बहुमत के फैसले को माने और डीआरएस को स्वीकार करें।
ग्रेग ने कहा, टेस्ट क्रिकेट के प्रति भारत के पक्षपातपूर्ण रवैये और कुछ खास मसलों पर उसके रुख, आईसीसी भ्रष्टाचार जांच को लेकर रवैये, डोपिंग निरोधक नियमों को लागू करने की शीघ्रता पर उदासीन रवैये, आईपीएल पर भ्रष्टाचार के कथित साये और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री जॉन हावर्ड को आईसीसी का उपाध्यक्ष बनाने से रोकने की प्रक्रिया के अभाव में इसकी भूमिका कुछ उदाहरण हैं।
ग्रेग ने बीसीसीआई पर छोटे देशों को धमकाकर आईसीसी की बैठकों में उनके वोट हथियाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, क्रिकेट पर बीसीसीआई का नियंत्रण अधिक है, क्योंकि इसके पास आईसीसी की बैठकों में किसी भी प्रस्ताव का विरोध करने के लिए पर्याप्त वोट होते हैं। इसका कारण यह है कि कुछ देशों का गुजारा भारत से मिलने वाली आर्थिक सहायता के बिना नहीं चल सकता।
ग्रेग ने कहा, आईसीसी की कई समस्यायें सुलझ जाएंगी, यदि भारत स्वीकार कर ले कि करोड़ों डॉलर कमाने और क्रिकेटरों को धनकुबेर बनाने से अधिक महत्वपूर्ण क्रिकेट की भावना है। उन्होंने डीआरएस स्वीकार नहीं करने के लिए भी बीसीसीआई को आड़े हाथों लिया।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, यह खेल के लिए अच्छा नहीं है, जब मीडिया की सुखिर्यों में खराब फैसले हों, जिनसे खेल के नतीजे पर असर पड़ा हो। डीआरएस सौ फीसदी दुरूस्त नहीं है, लेकिन इससे अंपायरों के फैसलों की कमियों को दूर किया जा सकता है।
ग्रेग ने कहा, इसे ठुकराने के भारत के पास दो कारण हैं। पहला यह कि इसके सुपरस्टार्स का शुरुआती दिनों में डीआरएस के साथ अनुभव अच्छा नहीं रहा और दूसरा बीसीसीआई का मानना है कि यह पूरी तरह दुरूस्त नहीं है। भारतीय सुपरस्टार क्रिकेटरों को चाहिए कि बहुमत के फैसले को माने और डीआरएस को स्वीकार करें।
ग्रेग ने बीसीसीआई पर छोटे देशों को धमकाकर आईसीसी की बैठकों में उनके वोट हथियाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, क्रिकेट पर बीसीसीआई का नियंत्रण अधिक है, क्योंकि इसके पास आईसीसी की बैठकों में किसी भी प्रस्ताव का विरोध करने के लिए पर्याप्त वोट होते हैं। इसका कारण यह है कि कुछ देशों का गुजारा भारत से मिलने वाली आर्थिक सहायता के बिना नहीं चल सकता।
ग्रेग ने कहा, आईसीसी की कई समस्यायें सुलझ जाएंगी, यदि भारत स्वीकार कर ले कि करोड़ों डॉलर कमाने और क्रिकेटरों को धनकुबेर बनाने से अधिक महत्वपूर्ण क्रिकेट की भावना है। उन्होंने डीआरएस स्वीकार नहीं करने के लिए भी बीसीसीआई को आड़े हाथों लिया।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, यह खेल के लिए अच्छा नहीं है, जब मीडिया की सुखिर्यों में खराब फैसले हों, जिनसे खेल के नतीजे पर असर पड़ा हो। डीआरएस सौ फीसदी दुरूस्त नहीं है, लेकिन इससे अंपायरों के फैसलों की कमियों को दूर किया जा सकता है।
ग्रेग ने कहा, इसे ठुकराने के भारत के पास दो कारण हैं। पहला यह कि इसके सुपरस्टार्स का शुरुआती दिनों में डीआरएस के साथ अनुभव अच्छा नहीं रहा और दूसरा बीसीसीआई का मानना है कि यह पूरी तरह दुरूस्त नहीं है। भारतीय सुपरस्टार क्रिकेटरों को चाहिए कि बहुमत के फैसले को माने और डीआरएस को स्वीकार करें।
ग्रेग ने कहा, आईसीसी की कई समस्यायें सुलझ जाएंगी, यदि भारत स्वीकार कर ले कि करोड़ों डॉलर कमाने और क्रिकेटरों को धनकुबेर बनाने से अधिक महत्वपूर्ण क्रिकेट की भावना है। उन्होंने डीआरएस स्वीकार नहीं करने के लिए भी बीसीसीआई को आड़े हाथों लिया।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, यह खेल के लिए अच्छा नहीं है, जब मीडिया की सुखिर्यों में खराब फैसले हों, जिनसे खेल के नतीजे पर असर पड़ा हो। डीआरएस सौ फीसदी दुरूस्त नहीं है, लेकिन इससे अंपायरों के फैसलों की कमियों को दूर किया जा सकता है।
ग्रेग ने कहा, इसे ठुकराने के भारत के पास दो कारण हैं। पहला यह कि इसके सुपरस्टार्स का शुरुआती दिनों में डीआरएस के साथ अनुभव अच्छा नहीं रहा और दूसरा बीसीसीआई का मानना है कि यह पूरी तरह दुरूस्त नहीं है। भारतीय सुपरस्टार क्रिकेटरों को चाहिए कि बहुमत के फैसले को माने और डीआरएस को स्वीकार करें।
उन्होंने कहा, यह खेल के लिए अच्छा नहीं है, जब मीडिया की सुखिर्यों में खराब फैसले हों, जिनसे खेल के नतीजे पर असर पड़ा हो। डीआरएस सौ फीसदी दुरूस्त नहीं है, लेकिन इससे अंपायरों के फैसलों की कमियों को दूर किया जा सकता है।
ग्रेग ने कहा, इसे ठुकराने के भारत के पास दो कारण हैं। पहला यह कि इसके सुपरस्टार्स का शुरुआती दिनों में डीआरएस के साथ अनुभव अच्छा नहीं रहा और दूसरा बीसीसीआई का मानना है कि यह पूरी तरह दुरूस्त नहीं है। भारतीय सुपरस्टार क्रिकेटरों को चाहिए कि बहुमत के फैसले को माने और डीआरएस को स्वीकार करें।
ग्रेग ने कहा, इसे ठुकराने के भारत के पास दो कारण हैं। पहला यह कि इसके सुपरस्टार्स का शुरुआती दिनों में डीआरएस के साथ अनुभव अच्छा नहीं रहा और दूसरा बीसीसीआई का मानना है कि यह पूरी तरह दुरूस्त नहीं है। भारतीय सुपरस्टार क्रिकेटरों को चाहिए कि बहुमत के फैसले को माने और डीआरएस को स्वीकार करें। | संक्षिप्त सारांश: इंग्लैंड के पूर्व कप्तान टोनी ग्रेग ने आर्थिक फायदे के लिए टेस्ट की बजाय टी-20 क्रिकेट को बढ़ावा देकर खेल का नुकसान करने के लिए बीसीसीआई को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने डीआरएस का विरोध करने पर भी बीसीसीआई की कड़ी आलोचना की है। | 0 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: युवाओं को लुभाने के लिए किए गए चुनावी वादे को पूरा करते हुए उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज छात्रों को मुफ्त लैपटाप बांटे और इसे एक क्रांतिकारी कदम करार दिया।
मुख्यमंत्री ने यहां काल्विन तालुकेदार कॉलेज प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि विपक्षियों की तमाम विपरीत अटकलों से बेपरवाह सपा सरकार ने करीब 10 हजार छात्र-छात्राओं को लैपटाप वितरित कर उन्हें एक नई दुनिया में कदम रखने का मौका दिया हैं। यह एक क्रांतिकारी कदम हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘लैपटाप और इंटरनेट ने आज सब कुछ बदलकर रख दिया है। चाहे सरकारी कामकाज हो या फिर शिक्षा का क्षेत्र। हम चाहते हैं कि कल दुनिया यह नहीं कह पाये कि आपने इंटरनेट आधारित प्रगतिशील पढ़ाई नहीं की है। आपके अंदर हीन भावना नहीं आये, इसलिए सपा सरकार ने लैपटाप देकर आपको बराबर पर ला खड़ा करने का प्रयास किया है।’’टिप्पणियां
अपनी स्वप्निल परियोजना को मूर्तरूप देते हुए अखिलेश ने कहा, ‘‘कोई भी समाजवादियों से यह उम्मीद नहीं करता था कि वे अंग्रेजी और कम्यूटर की बात करेंगे लेकिन सपा ने बदलाव को समझा है और लैपटाप बांटने की पहल की है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पहिया बनने के बाद दुनिया बदल गई और उसके बाद अगर किसी ने दुनिया को बदला है तो वह इंटरनेट है। मुझे खुशी है कि आज लैपटाप दिया जा रहा हैं। इंटरनेट के जरिये ये बच्चे एक नई दुनिया में कदम रखेंगे और उन्हें प्रगतिशील पढ़ाई का लाभ लेने का मौका मिलेगा।’’
गौरतलब है कि सपा में पिछले साल विधानसभा चुनाव के लिये अपने घोषणापत्र में इंटरमीडियट पास करके अगली कक्षा में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को लैपटाप तथा हाईस्कूल पास करके अगले दर्जे में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को टैबलेट मुफ्त देने का वादा किया था।
मुख्यमंत्री ने यहां काल्विन तालुकेदार कॉलेज प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि विपक्षियों की तमाम विपरीत अटकलों से बेपरवाह सपा सरकार ने करीब 10 हजार छात्र-छात्राओं को लैपटाप वितरित कर उन्हें एक नई दुनिया में कदम रखने का मौका दिया हैं। यह एक क्रांतिकारी कदम हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘लैपटाप और इंटरनेट ने आज सब कुछ बदलकर रख दिया है। चाहे सरकारी कामकाज हो या फिर शिक्षा का क्षेत्र। हम चाहते हैं कि कल दुनिया यह नहीं कह पाये कि आपने इंटरनेट आधारित प्रगतिशील पढ़ाई नहीं की है। आपके अंदर हीन भावना नहीं आये, इसलिए सपा सरकार ने लैपटाप देकर आपको बराबर पर ला खड़ा करने का प्रयास किया है।’’टिप्पणियां
अपनी स्वप्निल परियोजना को मूर्तरूप देते हुए अखिलेश ने कहा, ‘‘कोई भी समाजवादियों से यह उम्मीद नहीं करता था कि वे अंग्रेजी और कम्यूटर की बात करेंगे लेकिन सपा ने बदलाव को समझा है और लैपटाप बांटने की पहल की है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पहिया बनने के बाद दुनिया बदल गई और उसके बाद अगर किसी ने दुनिया को बदला है तो वह इंटरनेट है। मुझे खुशी है कि आज लैपटाप दिया जा रहा हैं। इंटरनेट के जरिये ये बच्चे एक नई दुनिया में कदम रखेंगे और उन्हें प्रगतिशील पढ़ाई का लाभ लेने का मौका मिलेगा।’’
गौरतलब है कि सपा में पिछले साल विधानसभा चुनाव के लिये अपने घोषणापत्र में इंटरमीडियट पास करके अगली कक्षा में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को लैपटाप तथा हाईस्कूल पास करके अगले दर्जे में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को टैबलेट मुफ्त देने का वादा किया था।
उन्होंने कहा, ‘‘लैपटाप और इंटरनेट ने आज सब कुछ बदलकर रख दिया है। चाहे सरकारी कामकाज हो या फिर शिक्षा का क्षेत्र। हम चाहते हैं कि कल दुनिया यह नहीं कह पाये कि आपने इंटरनेट आधारित प्रगतिशील पढ़ाई नहीं की है। आपके अंदर हीन भावना नहीं आये, इसलिए सपा सरकार ने लैपटाप देकर आपको बराबर पर ला खड़ा करने का प्रयास किया है।’’टिप्पणियां
अपनी स्वप्निल परियोजना को मूर्तरूप देते हुए अखिलेश ने कहा, ‘‘कोई भी समाजवादियों से यह उम्मीद नहीं करता था कि वे अंग्रेजी और कम्यूटर की बात करेंगे लेकिन सपा ने बदलाव को समझा है और लैपटाप बांटने की पहल की है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पहिया बनने के बाद दुनिया बदल गई और उसके बाद अगर किसी ने दुनिया को बदला है तो वह इंटरनेट है। मुझे खुशी है कि आज लैपटाप दिया जा रहा हैं। इंटरनेट के जरिये ये बच्चे एक नई दुनिया में कदम रखेंगे और उन्हें प्रगतिशील पढ़ाई का लाभ लेने का मौका मिलेगा।’’
गौरतलब है कि सपा में पिछले साल विधानसभा चुनाव के लिये अपने घोषणापत्र में इंटरमीडियट पास करके अगली कक्षा में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को लैपटाप तथा हाईस्कूल पास करके अगले दर्जे में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को टैबलेट मुफ्त देने का वादा किया था।
अपनी स्वप्निल परियोजना को मूर्तरूप देते हुए अखिलेश ने कहा, ‘‘कोई भी समाजवादियों से यह उम्मीद नहीं करता था कि वे अंग्रेजी और कम्यूटर की बात करेंगे लेकिन सपा ने बदलाव को समझा है और लैपटाप बांटने की पहल की है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पहिया बनने के बाद दुनिया बदल गई और उसके बाद अगर किसी ने दुनिया को बदला है तो वह इंटरनेट है। मुझे खुशी है कि आज लैपटाप दिया जा रहा हैं। इंटरनेट के जरिये ये बच्चे एक नई दुनिया में कदम रखेंगे और उन्हें प्रगतिशील पढ़ाई का लाभ लेने का मौका मिलेगा।’’
गौरतलब है कि सपा में पिछले साल विधानसभा चुनाव के लिये अपने घोषणापत्र में इंटरमीडियट पास करके अगली कक्षा में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को लैपटाप तथा हाईस्कूल पास करके अगले दर्जे में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को टैबलेट मुफ्त देने का वादा किया था।
गौरतलब है कि सपा में पिछले साल विधानसभा चुनाव के लिये अपने घोषणापत्र में इंटरमीडियट पास करके अगली कक्षा में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को लैपटाप तथा हाईस्कूल पास करके अगले दर्जे में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को टैबलेट मुफ्त देने का वादा किया था। | संक्षिप्त सारांश: मुख्यमंत्री ने लखनऊ के काल्विन तालुकेदार कॉलेज प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि विपक्षियों की तमाम विपरीत अटकलों से बेपरवाह सपा सरकार ने करीब 10 हजार छात्र-छात्राओं को लैपटाप वितरित कर उन्हें एक नई दुनिया में कदम रखने का मौका दिया हैं। यह एक क्रांत | 10 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान को उम्मीद है कि उसे इस साल के आखिर में भारत के साथ पूरी शृंखला खेलने का मौका मिलेगा हालांकि भारत ने सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान में टीम भेजने या किसी तटस्थ स्थान पर खेलने से इनकार किया है।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष जका अशरफ ने सोमवार को स्वदेश लौटने के बाद कहा कि अगस्त में प्रस्तावित शृंखला के लिए अभी काफी समय बाकी है।
अशरफ ने कहा, यह मानना गलत है कि भारत ने पाकिस्तान के साथ खेलने से इनकार कर दिया है। दिल्ली में कोई फैसला नहीं लिया गया। मैंने कुछ विकल्पों पर बात की और मुझे उम्मीद है कि भारतीय टीम पाकिस्तान आएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बीसीसीआई के साथ बातचीत जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई वन-डे शृंखला बड़ी सफलता है, क्योंकि द्विपक्षीय संबंध बहाल हो गए हैं।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, यह शृंखला दोनों देशों के लिए अहम थी। मैं भविष्य में संबंधों और मैचों को लेकर आशान्वित हूं। अशरफ ने कहा कि पाकिस्तान की घरेलू शृंखला भारत में कराये जाने का भी एक प्रस्ताव था। उन्होंने कहा, हमने ऐसा प्रस्ताव भी रखा है, लेकिन अभी कुछ तय नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि शृंखला को लेकर दोनों देशों की आवाम के उत्साह से साबित होता है कि वे भारत-पाकिस्तान क्रिकेट को किस कदर तरस रहे थे।
पीसीबी के एक अधिकारी ने कहा कि बीसीसीआई अधिकारियों ने दिल्ली में हुई बैठक में कोई वादा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि बीसीसीआई सुरक्षा कारणों से अपनी टीम पाकिस्तान भेजने को लेकर आशंकित है।
अधिकारी ने कहा, इसके अलावा तटस्थ स्थान पर खेलने की उनकी कोई नीति नहीं है और वे इसमें बदलाव भी नहीं करना चाहते। अशरफ ने यह भी कहा कि बांग्लादेश ने पाकिस्तान का दौरा करने से मना नहीं किया है, लेकिन शृंखला का शेड्यूल अभी तय नहीं हुआ है।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष जका अशरफ ने सोमवार को स्वदेश लौटने के बाद कहा कि अगस्त में प्रस्तावित शृंखला के लिए अभी काफी समय बाकी है।
अशरफ ने कहा, यह मानना गलत है कि भारत ने पाकिस्तान के साथ खेलने से इनकार कर दिया है। दिल्ली में कोई फैसला नहीं लिया गया। मैंने कुछ विकल्पों पर बात की और मुझे उम्मीद है कि भारतीय टीम पाकिस्तान आएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बीसीसीआई के साथ बातचीत जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई वन-डे शृंखला बड़ी सफलता है, क्योंकि द्विपक्षीय संबंध बहाल हो गए हैं।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, यह शृंखला दोनों देशों के लिए अहम थी। मैं भविष्य में संबंधों और मैचों को लेकर आशान्वित हूं। अशरफ ने कहा कि पाकिस्तान की घरेलू शृंखला भारत में कराये जाने का भी एक प्रस्ताव था। उन्होंने कहा, हमने ऐसा प्रस्ताव भी रखा है, लेकिन अभी कुछ तय नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि शृंखला को लेकर दोनों देशों की आवाम के उत्साह से साबित होता है कि वे भारत-पाकिस्तान क्रिकेट को किस कदर तरस रहे थे।
पीसीबी के एक अधिकारी ने कहा कि बीसीसीआई अधिकारियों ने दिल्ली में हुई बैठक में कोई वादा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि बीसीसीआई सुरक्षा कारणों से अपनी टीम पाकिस्तान भेजने को लेकर आशंकित है।
अधिकारी ने कहा, इसके अलावा तटस्थ स्थान पर खेलने की उनकी कोई नीति नहीं है और वे इसमें बदलाव भी नहीं करना चाहते। अशरफ ने यह भी कहा कि बांग्लादेश ने पाकिस्तान का दौरा करने से मना नहीं किया है, लेकिन शृंखला का शेड्यूल अभी तय नहीं हुआ है।
अशरफ ने कहा, यह मानना गलत है कि भारत ने पाकिस्तान के साथ खेलने से इनकार कर दिया है। दिल्ली में कोई फैसला नहीं लिया गया। मैंने कुछ विकल्पों पर बात की और मुझे उम्मीद है कि भारतीय टीम पाकिस्तान आएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बीसीसीआई के साथ बातचीत जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई वन-डे शृंखला बड़ी सफलता है, क्योंकि द्विपक्षीय संबंध बहाल हो गए हैं।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, यह शृंखला दोनों देशों के लिए अहम थी। मैं भविष्य में संबंधों और मैचों को लेकर आशान्वित हूं। अशरफ ने कहा कि पाकिस्तान की घरेलू शृंखला भारत में कराये जाने का भी एक प्रस्ताव था। उन्होंने कहा, हमने ऐसा प्रस्ताव भी रखा है, लेकिन अभी कुछ तय नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि शृंखला को लेकर दोनों देशों की आवाम के उत्साह से साबित होता है कि वे भारत-पाकिस्तान क्रिकेट को किस कदर तरस रहे थे।
पीसीबी के एक अधिकारी ने कहा कि बीसीसीआई अधिकारियों ने दिल्ली में हुई बैठक में कोई वादा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि बीसीसीआई सुरक्षा कारणों से अपनी टीम पाकिस्तान भेजने को लेकर आशंकित है।
अधिकारी ने कहा, इसके अलावा तटस्थ स्थान पर खेलने की उनकी कोई नीति नहीं है और वे इसमें बदलाव भी नहीं करना चाहते। अशरफ ने यह भी कहा कि बांग्लादेश ने पाकिस्तान का दौरा करने से मना नहीं किया है, लेकिन शृंखला का शेड्यूल अभी तय नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा, यह शृंखला दोनों देशों के लिए अहम थी। मैं भविष्य में संबंधों और मैचों को लेकर आशान्वित हूं। अशरफ ने कहा कि पाकिस्तान की घरेलू शृंखला भारत में कराये जाने का भी एक प्रस्ताव था। उन्होंने कहा, हमने ऐसा प्रस्ताव भी रखा है, लेकिन अभी कुछ तय नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि शृंखला को लेकर दोनों देशों की आवाम के उत्साह से साबित होता है कि वे भारत-पाकिस्तान क्रिकेट को किस कदर तरस रहे थे।
पीसीबी के एक अधिकारी ने कहा कि बीसीसीआई अधिकारियों ने दिल्ली में हुई बैठक में कोई वादा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि बीसीसीआई सुरक्षा कारणों से अपनी टीम पाकिस्तान भेजने को लेकर आशंकित है।
अधिकारी ने कहा, इसके अलावा तटस्थ स्थान पर खेलने की उनकी कोई नीति नहीं है और वे इसमें बदलाव भी नहीं करना चाहते। अशरफ ने यह भी कहा कि बांग्लादेश ने पाकिस्तान का दौरा करने से मना नहीं किया है, लेकिन शृंखला का शेड्यूल अभी तय नहीं हुआ है।
अधिकारी ने कहा, इसके अलावा तटस्थ स्थान पर खेलने की उनकी कोई नीति नहीं है और वे इसमें बदलाव भी नहीं करना चाहते। अशरफ ने यह भी कहा कि बांग्लादेश ने पाकिस्तान का दौरा करने से मना नहीं किया है, लेकिन शृंखला का शेड्यूल अभी तय नहीं हुआ है। | पाकिस्तान को उम्मीद है कि उसे इस साल के आखिर में भारत के साथ पूरी शृंखला खेलने का मौका मिलेगा हालांकि भारत ने सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान में टीम भेजने या किसी तटस्थ स्थान पर खेलने से इनकार किया है। | 26 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: यूपी में रविवार को हुई फतेहपुर की रैली में पीएम नरेंद्र मोदी कांग्रेस और सपा गठबंधन पर जमकर बरसे. उन्होंने राज्य की बिजली व्यवस्था को लेकर राहुल-अखिलेश पर कटाक्ष किया. राहुल गांधी और अखिलेश यादव के गठबंधन पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा, " पहले ही दिन रथ पर जब दोनों निकले तो रास्तों पर तार मिले. तारों के बीच में कांग्रेस उपाध्यक्ष डर रहे थे. वो झुक रहे थे. लेकिन अखिलेश जी नहीं डर रहे थे क्योंकि उन्हें पता था कि तार है बिजली नहीं है." प्रधानमंत्री मोदी की इस चुटकी लोग हंस पड़े.टिप्पणियां
पीएम मोदी ने फतेहपुर की रैली में करीब एक घंटे तक भाषण देकर यूपी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सपा पहले कहती थी कि किसी से समझौता नहीं होगा. 2/3 बहुमत से जीतेंगे. फिर दोनों मिल गए और कहने लगे बहुमत मिल जाएगा. वे कह रहे थे कि सपा सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरेगी, अब क्या हुआ भैया. अभी तो तीसरा चरण पूरा नहीं हुआ और हौंसले पस्त हो गए. पीएम मोदी ने कहा कि जनता से धोखा देश बर्दाश्त नहीं करता है. उन्होंने सपा-कांग्रेस गठबंधन को डूबती हुई नैया करार दिया, जिन्होंने मुसीबत में एक दूसरे का हाथ थाम लिया है.
बता दें कि फतेहपुर जिले में छह विधानसभा सीटें हैं. इनमें फतेहपुर सदर, हुसेनगंज, अयाह शाह, खागा (सुरक्षित), बिंदकी तथा जहानाबाद शामिल हैं. 2012 के चुनावों में फतेहपुर सदर विधानसभा सीट पर सपा के सईद कासिम हसन, हुसेनगंज सीट पर बसपा के मो. आसिफ, अयाह शाह विधानसभा सीट पर बसपा के अयाध्योध्या पाल, बिंदकी सीट पर बसपा विधायक सुखदेव प्रसाद वर्मा, जहानाबाद पर सपा के मदनगोपाल तथा खागा सुरक्षित विधानसभा सीट पर भाजपा की कृष्णा पासवान ने जीत दर्ज की थी.
पीएम मोदी ने फतेहपुर की रैली में करीब एक घंटे तक भाषण देकर यूपी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सपा पहले कहती थी कि किसी से समझौता नहीं होगा. 2/3 बहुमत से जीतेंगे. फिर दोनों मिल गए और कहने लगे बहुमत मिल जाएगा. वे कह रहे थे कि सपा सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरेगी, अब क्या हुआ भैया. अभी तो तीसरा चरण पूरा नहीं हुआ और हौंसले पस्त हो गए. पीएम मोदी ने कहा कि जनता से धोखा देश बर्दाश्त नहीं करता है. उन्होंने सपा-कांग्रेस गठबंधन को डूबती हुई नैया करार दिया, जिन्होंने मुसीबत में एक दूसरे का हाथ थाम लिया है.
बता दें कि फतेहपुर जिले में छह विधानसभा सीटें हैं. इनमें फतेहपुर सदर, हुसेनगंज, अयाह शाह, खागा (सुरक्षित), बिंदकी तथा जहानाबाद शामिल हैं. 2012 के चुनावों में फतेहपुर सदर विधानसभा सीट पर सपा के सईद कासिम हसन, हुसेनगंज सीट पर बसपा के मो. आसिफ, अयाह शाह विधानसभा सीट पर बसपा के अयाध्योध्या पाल, बिंदकी सीट पर बसपा विधायक सुखदेव प्रसाद वर्मा, जहानाबाद पर सपा के मदनगोपाल तथा खागा सुरक्षित विधानसभा सीट पर भाजपा की कृष्णा पासवान ने जीत दर्ज की थी.
बता दें कि फतेहपुर जिले में छह विधानसभा सीटें हैं. इनमें फतेहपुर सदर, हुसेनगंज, अयाह शाह, खागा (सुरक्षित), बिंदकी तथा जहानाबाद शामिल हैं. 2012 के चुनावों में फतेहपुर सदर विधानसभा सीट पर सपा के सईद कासिम हसन, हुसेनगंज सीट पर बसपा के मो. आसिफ, अयाह शाह विधानसभा सीट पर बसपा के अयाध्योध्या पाल, बिंदकी सीट पर बसपा विधायक सुखदेव प्रसाद वर्मा, जहानाबाद पर सपा के मदनगोपाल तथा खागा सुरक्षित विधानसभा सीट पर भाजपा की कृष्णा पासवान ने जीत दर्ज की थी. | राहुल-अखिलेश की रथ यात्रा को लेकर पीएम मोदी का कटाक्ष
रथ में राहुल बिजली के तारों से डर रहे थे
अखिलेश जानते थे तारों में बिजली नहीं है | 28 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सार्वजनिक जीवन से हंसी-मजाक गायब होने की बात कहे जाने के कुछ ही दिनों बाद रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने शनिवार को कहा कि उन्हें दिल्ली में मजाक करते हुए थोड़ा डर सा लगता है, क्योंकि उसके गलत मायने निकाले जा सकते हैं।
गोवा इंजीनियरिंग कॉलेज के स्वर्ण जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में पर्रिकर ने कहा, 'मुझे यहां (गोवा) रहना अच्छा लगता है। जब मैं गोवा में होता हूं, मजाक करने की स्वतंत्रता ले सकता हूं। दिल्ली में मुझे मजाक करते हुए कुछ डर लगता है, क्योंकि यदि मैं मजाक भी कर रहा हूं... तो उसका गलत अर्थ निकाला जा सकता है और भ्रम पैदा हो सकता है।' उन्होंने दिल्ली में मीडिया का जिक्र करते हुए कहा, 'वह हमेशा विवादों की खोज में रहते हैं। यहां (गोवा) हम सामान्य तरीके से मजाक करते हैं।'
इससे पहले एक निजी टीवी चैनल को दिए गए साक्षात्कार में पीएम मोदी ने कहा था, 'चौबीसों घंटे वाले समाचार चैनलों के समय में कोई भी एक शब्द उठाकर उसका बड़ा मुद्दा बना सकता है। लेकिन मैं आपको सच्चाई बताता हूं, सार्वजनिक जीवन में हास्य की कमी का कारण डर है। मैं खुद भी डरा हुआ हूं। पहले जब मैं भाषण देता था, तो उन्हें मजाकिया बनाता था, लेकिन उसका कोई मुद्दा नहीं बना।' टिप्पणियां
पर्रिकर ने कहा, 'मुझे याद है मैंने गोवा इंजीनियरिंग कॉलेज के महिला छात्रावास का उद्घाटन किया था और कहा था कि मेरा महिला छात्रावास में जाने का 30-40 साल पुराना सपना पूरा हो गया।'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गोवा इंजीनियरिंग कॉलेज के स्वर्ण जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में पर्रिकर ने कहा, 'मुझे यहां (गोवा) रहना अच्छा लगता है। जब मैं गोवा में होता हूं, मजाक करने की स्वतंत्रता ले सकता हूं। दिल्ली में मुझे मजाक करते हुए कुछ डर लगता है, क्योंकि यदि मैं मजाक भी कर रहा हूं... तो उसका गलत अर्थ निकाला जा सकता है और भ्रम पैदा हो सकता है।' उन्होंने दिल्ली में मीडिया का जिक्र करते हुए कहा, 'वह हमेशा विवादों की खोज में रहते हैं। यहां (गोवा) हम सामान्य तरीके से मजाक करते हैं।'
इससे पहले एक निजी टीवी चैनल को दिए गए साक्षात्कार में पीएम मोदी ने कहा था, 'चौबीसों घंटे वाले समाचार चैनलों के समय में कोई भी एक शब्द उठाकर उसका बड़ा मुद्दा बना सकता है। लेकिन मैं आपको सच्चाई बताता हूं, सार्वजनिक जीवन में हास्य की कमी का कारण डर है। मैं खुद भी डरा हुआ हूं। पहले जब मैं भाषण देता था, तो उन्हें मजाकिया बनाता था, लेकिन उसका कोई मुद्दा नहीं बना।' टिप्पणियां
पर्रिकर ने कहा, 'मुझे याद है मैंने गोवा इंजीनियरिंग कॉलेज के महिला छात्रावास का उद्घाटन किया था और कहा था कि मेरा महिला छात्रावास में जाने का 30-40 साल पुराना सपना पूरा हो गया।'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इससे पहले एक निजी टीवी चैनल को दिए गए साक्षात्कार में पीएम मोदी ने कहा था, 'चौबीसों घंटे वाले समाचार चैनलों के समय में कोई भी एक शब्द उठाकर उसका बड़ा मुद्दा बना सकता है। लेकिन मैं आपको सच्चाई बताता हूं, सार्वजनिक जीवन में हास्य की कमी का कारण डर है। मैं खुद भी डरा हुआ हूं। पहले जब मैं भाषण देता था, तो उन्हें मजाकिया बनाता था, लेकिन उसका कोई मुद्दा नहीं बना।' टिप्पणियां
पर्रिकर ने कहा, 'मुझे याद है मैंने गोवा इंजीनियरिंग कॉलेज के महिला छात्रावास का उद्घाटन किया था और कहा था कि मेरा महिला छात्रावास में जाने का 30-40 साल पुराना सपना पूरा हो गया।'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पर्रिकर ने कहा, 'मुझे याद है मैंने गोवा इंजीनियरिंग कॉलेज के महिला छात्रावास का उद्घाटन किया था और कहा था कि मेरा महिला छात्रावास में जाने का 30-40 साल पुराना सपना पूरा हो गया।'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: पर्रिकर ने कहा- मुझे गोवा में रहना अच्छा लगता है
'दिल्ली में मजाक का भी गलत अर्थ निकल सकता है'
'मीडिया हमेशा विवादों की खोज में रहता है' | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: राष्ट्रीय राजधानी में पड़ोसी युवक के हवस और दरिंदगी की शिकार हुई पांच साल की बच्ची के पिता का कहना है कि पुलिस ने उन्हें चुप रहने के लिए 2,000 रुपये की पेशकश करते हुए यह सलाह दी थी कि बच्ची के जिंदा बचे होने के लिए वह ईश्वर का शुक्रिया अदा करे।
पीड़ित बच्ची का इलाज पूर्वी दिल्ली के शाहदरा स्थित स्वामी दयानंद अस्पताल में चल रहा है, जहां पीड़िता के पिता ने संवाददाताओं से कहा, "हम पुलिस के पास एफआईआर दर्ज कराने गए थे। उन्होंने कभी उसे (बच्ची) ढूंढ़ने की कोशिश नहीं की, बल्कि हमें बाहर निकाल दिया।"
पीड़िता के पिता ने कहा कि परिवार को बुधवार को बच्ची के गुम होने का पता चला। पुलिस ने उन्हें बच्ची के साथ हुई घटना अपने परिवार के समक्ष उजागर नहीं करने के लिए कहा और यहां तक कि चुप रहने के लिए उन्हें 2,000 रुपये की पेशकश कर डाली।
बच्ची के पिता ने कहा, "पुलिस ने हमसे कहा कि हमें मीडिया में यह मामला नहीं लाना चाहिए। उन्होंने हमें खर्चा-पानी के तौर पर 2,000 रुपये स्वीकार करने के लिए कहा और हमसे हमारी बेटी को घर ले जाने और उसके जल्द ठीक होने के लिए प्रार्थना करने को कहा।"
बताया जाता है कि पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर में रहने वाले एक व्यक्ति ने 15 अप्रैल को बच्ची को अगवा कर लिया और अपने फ्लैट में बंधक बनाए रखा। आरोपी की उम्र करीब 30 साल बताई जा रही है। वह गांधी नगर इलाके में एक मकान के भूतल पर रह रहा था, जहां पीड़िता का परिवार भी रहता है।टिप्पणियां
आरोपी ने बच्ची के साथ कई बार दुष्कर्म किया। पुलिस ने कहा कि बच्ची को तब बाहर निकाला गया, जब बुधवार शाम परिजनों ने उसकी चीख सुनी।
स्वामी दयानंद अस्पताल में बच्ची का इलाज करने वाले चिकित्सक का कहना है कि उसकी हालत गंभीर है और अगले 24 घंटे उसके लिए मुश्किलभरे होंगे।
पीड़ित बच्ची का इलाज पूर्वी दिल्ली के शाहदरा स्थित स्वामी दयानंद अस्पताल में चल रहा है, जहां पीड़िता के पिता ने संवाददाताओं से कहा, "हम पुलिस के पास एफआईआर दर्ज कराने गए थे। उन्होंने कभी उसे (बच्ची) ढूंढ़ने की कोशिश नहीं की, बल्कि हमें बाहर निकाल दिया।"
पीड़िता के पिता ने कहा कि परिवार को बुधवार को बच्ची के गुम होने का पता चला। पुलिस ने उन्हें बच्ची के साथ हुई घटना अपने परिवार के समक्ष उजागर नहीं करने के लिए कहा और यहां तक कि चुप रहने के लिए उन्हें 2,000 रुपये की पेशकश कर डाली।
बच्ची के पिता ने कहा, "पुलिस ने हमसे कहा कि हमें मीडिया में यह मामला नहीं लाना चाहिए। उन्होंने हमें खर्चा-पानी के तौर पर 2,000 रुपये स्वीकार करने के लिए कहा और हमसे हमारी बेटी को घर ले जाने और उसके जल्द ठीक होने के लिए प्रार्थना करने को कहा।"
बताया जाता है कि पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर में रहने वाले एक व्यक्ति ने 15 अप्रैल को बच्ची को अगवा कर लिया और अपने फ्लैट में बंधक बनाए रखा। आरोपी की उम्र करीब 30 साल बताई जा रही है। वह गांधी नगर इलाके में एक मकान के भूतल पर रह रहा था, जहां पीड़िता का परिवार भी रहता है।टिप्पणियां
आरोपी ने बच्ची के साथ कई बार दुष्कर्म किया। पुलिस ने कहा कि बच्ची को तब बाहर निकाला गया, जब बुधवार शाम परिजनों ने उसकी चीख सुनी।
स्वामी दयानंद अस्पताल में बच्ची का इलाज करने वाले चिकित्सक का कहना है कि उसकी हालत गंभीर है और अगले 24 घंटे उसके लिए मुश्किलभरे होंगे।
पीड़िता के पिता ने कहा कि परिवार को बुधवार को बच्ची के गुम होने का पता चला। पुलिस ने उन्हें बच्ची के साथ हुई घटना अपने परिवार के समक्ष उजागर नहीं करने के लिए कहा और यहां तक कि चुप रहने के लिए उन्हें 2,000 रुपये की पेशकश कर डाली।
बच्ची के पिता ने कहा, "पुलिस ने हमसे कहा कि हमें मीडिया में यह मामला नहीं लाना चाहिए। उन्होंने हमें खर्चा-पानी के तौर पर 2,000 रुपये स्वीकार करने के लिए कहा और हमसे हमारी बेटी को घर ले जाने और उसके जल्द ठीक होने के लिए प्रार्थना करने को कहा।"
बताया जाता है कि पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर में रहने वाले एक व्यक्ति ने 15 अप्रैल को बच्ची को अगवा कर लिया और अपने फ्लैट में बंधक बनाए रखा। आरोपी की उम्र करीब 30 साल बताई जा रही है। वह गांधी नगर इलाके में एक मकान के भूतल पर रह रहा था, जहां पीड़िता का परिवार भी रहता है।टिप्पणियां
आरोपी ने बच्ची के साथ कई बार दुष्कर्म किया। पुलिस ने कहा कि बच्ची को तब बाहर निकाला गया, जब बुधवार शाम परिजनों ने उसकी चीख सुनी।
स्वामी दयानंद अस्पताल में बच्ची का इलाज करने वाले चिकित्सक का कहना है कि उसकी हालत गंभीर है और अगले 24 घंटे उसके लिए मुश्किलभरे होंगे।
बच्ची के पिता ने कहा, "पुलिस ने हमसे कहा कि हमें मीडिया में यह मामला नहीं लाना चाहिए। उन्होंने हमें खर्चा-पानी के तौर पर 2,000 रुपये स्वीकार करने के लिए कहा और हमसे हमारी बेटी को घर ले जाने और उसके जल्द ठीक होने के लिए प्रार्थना करने को कहा।"
बताया जाता है कि पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर में रहने वाले एक व्यक्ति ने 15 अप्रैल को बच्ची को अगवा कर लिया और अपने फ्लैट में बंधक बनाए रखा। आरोपी की उम्र करीब 30 साल बताई जा रही है। वह गांधी नगर इलाके में एक मकान के भूतल पर रह रहा था, जहां पीड़िता का परिवार भी रहता है।टिप्पणियां
आरोपी ने बच्ची के साथ कई बार दुष्कर्म किया। पुलिस ने कहा कि बच्ची को तब बाहर निकाला गया, जब बुधवार शाम परिजनों ने उसकी चीख सुनी।
स्वामी दयानंद अस्पताल में बच्ची का इलाज करने वाले चिकित्सक का कहना है कि उसकी हालत गंभीर है और अगले 24 घंटे उसके लिए मुश्किलभरे होंगे।
बताया जाता है कि पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर में रहने वाले एक व्यक्ति ने 15 अप्रैल को बच्ची को अगवा कर लिया और अपने फ्लैट में बंधक बनाए रखा। आरोपी की उम्र करीब 30 साल बताई जा रही है। वह गांधी नगर इलाके में एक मकान के भूतल पर रह रहा था, जहां पीड़िता का परिवार भी रहता है।टिप्पणियां
आरोपी ने बच्ची के साथ कई बार दुष्कर्म किया। पुलिस ने कहा कि बच्ची को तब बाहर निकाला गया, जब बुधवार शाम परिजनों ने उसकी चीख सुनी।
स्वामी दयानंद अस्पताल में बच्ची का इलाज करने वाले चिकित्सक का कहना है कि उसकी हालत गंभीर है और अगले 24 घंटे उसके लिए मुश्किलभरे होंगे।
आरोपी ने बच्ची के साथ कई बार दुष्कर्म किया। पुलिस ने कहा कि बच्ची को तब बाहर निकाला गया, जब बुधवार शाम परिजनों ने उसकी चीख सुनी।
स्वामी दयानंद अस्पताल में बच्ची का इलाज करने वाले चिकित्सक का कहना है कि उसकी हालत गंभीर है और अगले 24 घंटे उसके लिए मुश्किलभरे होंगे।
स्वामी दयानंद अस्पताल में बच्ची का इलाज करने वाले चिकित्सक का कहना है कि उसकी हालत गंभीर है और अगले 24 घंटे उसके लिए मुश्किलभरे होंगे। | संक्षिप्त पाठ: राष्ट्रीय राजधानी में पड़ोसी युवक के हवस और दरिंदगी की शिकार हुई पांच साल की बच्ची के पिता का कहना है कि पुलिस ने उन्हें चुप रहने के लिए 2,000 रुपये की पेशकश करते हुए यह सलाह दी थी कि बच्ची के जिंदा बचे होने के लिए वह ईश्वर का शुक्रिया अदा करे। | 27 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इस मामले को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने हाईलेवल मीटिंग बुलाई थी. यह विपक्ष वाली लाइन में मिला था. योगी ने कहा था कि 150 ग्राम PETN मिला. यह एक पुड़िया में मिला. विस्फोटक मिलना चिंताजनक है. यह एक खतरनाक साजिश का हिस्सा है. जो इस साजिश के पीछे हैं उनका पर्दाफाश होना जरूरी है. मैं विपक्षी दलों से इस मामले में सहयोग की अपील करता हूं. कुछ लोग शरारत पर उतर आए हैं, उन्हें सबक सिखाने की जरूरत है.
इस मामले को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने हाईलेवल मीटिंग बुलाई थी. यह विपक्ष वाली लाइन में मिला था. योगी ने कहा था कि 150 ग्राम PETN मिला. यह एक पुड़िया में मिला. विस्फोटक मिलना चिंताजनक है. यह एक खतरनाक साजिश का हिस्सा है. जो इस साजिश के पीछे हैं उनका पर्दाफाश होना जरूरी है. मैं विपक्षी दलों से इस मामले में सहयोग की अपील करता हूं. कुछ लोग शरारत पर उतर आए हैं, उन्हें सबक सिखाने की जरूरत है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: विस्फोटक को आगरा भेजा ही नहीं गया
लखनऊ में चल रही है जांच
एनआईए के जिम्मे जांच का जिम्मा | 19 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी (H. D. Kumaraswamy) ने जेडीएस के विधायकों द्वारा राज्य में बनी नई सरकार के समर्थन करने की बात को सिरे से खारिज कर दिया है. बता दें कि उनकी पार्टी के एक विधायक जीटी देवगौड़ा ने कहा था कि बीजेपी सरकार को जेडीएस के कुछ विधायक अपना समर्थन दे रहे हैं. देवगौड़ा के इस दावे पर सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने ट्वीट किया कि हमारी पार्टी के कुछ विधायकों द्वारा बीजेपी की नई सरकार को समर्थन देने की बात इन दिनों चर्चाओं में है. मैं आश्वस्त कर देना चाहता हूं कि इस तरह की कोई भी बात पूरी तरह से आधारहीन है. हम कर्नाटक की जनता के लिए अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं और यह आगे भी जारी रहेगी.
वहीं, एचडी कुमारस्वामी के पिता एचडी देवगौड़ा ने पीटीआई से कहा कि हम राज्य में मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाने जा रहे हैं. एक क्षेत्रिय दल होने के नाते हमें अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से निभानी है. मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता. गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही कर्नाटक में जेडीएस-कांग्रेस की गठबंधन सरकार गिरने के बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता बीएस येदियुरप्पा एक बार फिर राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष येदियुरप्पा को राज्यपाल वजुभाई वाला ने मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई थी.
हालांकि बीएस येदियुरप्पा (B. S. Yeddyurappa) के मंत्रिमंडल में कौन-कौन शामिल होगा, यह अभी साफ नहीं हो पाया है. बीएस येदियुरप्पा ने कहा था कि ‘मंत्रिमंडल में किसे शामिल किया जाएगा, इसके बारे में मैं हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष से चर्चा करुंगा और उन्हें सूचित करुंगा.'इससे पहले येदियुरप्पा ने सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए राज्यपाल से मुलाकात की थी और उनसे आज ही पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाने का अनुरोध किया था. उन्होंने कहा था कि चूंकि वह पहले ही विपक्ष के नेता हैं तो नेता चुनने के लिए विधायक दल की बैठक बुलाने की जरुरत है.
आपको बता दें कि बीएस येदियुरप्पा (B. S. Yeddyurappa) मंगलवार को शक्ति परीक्षण के बाद कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन सरकार गिरने के बाद सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए पार्टी आलाकमान के ‘निर्देशों' का इंतजार कर रहे थे. जगदीश शेट्टार, अरविंद लिम्बावली, जे सी मधुस्वामी, बासवराज बोम्मई और येदियुरप्पा के बेटी वियजेंद्र समेत कर्नाटक भाजपा नेताओं के एक समूह ने गुरुवार को नयी दिल्ली में पार्टी प्रमुख अमित शाह से मुलाकात की और सरकार गठन पर चर्चा की थी. दरअसल, कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली 14 महीने पुरानी कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन सरकार विधानसभा में विश्वास मत हारने के बाद मंगलवार को गिर गई थी. इसी के साथ राज्य में तीन सप्ताह से चल रहे सत्ता संघर्ष पर विराम लग गया. | कर्नाटक में बीजेपी की बनी नई सरकार
येदियुरप्पा ने ली थी नए सीएम पद की शपथ
कर्नाटक में गिर गई थी कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार | 6 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीजेपी के चुनावी वादे के हिसाब राज्य में हर शहर में एंटी रोमियो स्क्वॉड बनाने का आदेश दे दिया है. पार्टी का आरोप रहा है कि राज्य में लड़कियों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पिछली सरकारें उदासीन रही हैं. बीजेपी नेताओं ने चुनाव में आरोप लगाया था कि राज्य में मनचलों के चलते लड़कियों को कॉलेज आने जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता रहा है. कई बार ऐसी स्थिति में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठता रहा है.
राज्य में बीजेपी की सरकार बनने के बाद से यूपी पुलिस सतर्क हो गई है और मंगलवार से ही कई शहरों में पुलिस ने लड़कियों के कॉलेज के बाहर खड़े शोहदों पर कार्रवाई आरंभ कर दी थी. कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया और कुछ से पूछताछ की गई और फिर उन्हें छोड़ दिया गया.
संसद में भी बयान देते हुए मंगलवार को राज्य के मुख्यमंत्री और सांसद योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जल्द ही राज्य में ऐसे कदम उठाए जाएंगे जिससे महिलाओं की सुरक्षा पर लगा प्रश्नचिह्न समाप्त हो सके.
मंगलवार को संसद में अपने आखिरी भाषण में भी योगी ने अपने इरादे जाहिर कर दिए. योगी ने सदन के सामने कहा कि यूपी में अब बहुत चीजों की बंदी होने वाली है. योगी के इस बयान से अब ये कयास लगाए जाने लगे हैं कि यूपी में क्या बंद होने वाला है.टिप्पणियां
योगी आदित्यनाथ ने महिला सुरक्षा को अपना चुनावी मुद्दा बनाया था. हर मंच से वह महिला सुरक्षा की बात करते रहे थे. संकल्प पत्र में बीजेपी ने महिलाओं को छेड़खाने से बचाने के लिए एंटी रोमियो स्क्वायड बनाने का वादा किया था.
बता दें कि राज्य में बीजेपी की सरकार बनते ही कई शहरों में चल अवैध बूचड़खानों पर स्थानीय प्रशासन ने अपने आप कार्रवाई आरंभ कर दी है. कई अवैध बूचड़खानों सील कर दिया गया है. यह भूचड़खाने अवैध तरीके से अब तक चल रहे थे. वाराणसी से लेकर लखीमपुर खीरी, गाजियाबाद और मेरठ जैसे तमाम शहरों में अवैध बूचड़खानों पर प्रशासन का डंडा चल गया है.
राज्य में बीजेपी की सरकार बनने के बाद से यूपी पुलिस सतर्क हो गई है और मंगलवार से ही कई शहरों में पुलिस ने लड़कियों के कॉलेज के बाहर खड़े शोहदों पर कार्रवाई आरंभ कर दी थी. कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया और कुछ से पूछताछ की गई और फिर उन्हें छोड़ दिया गया.
संसद में भी बयान देते हुए मंगलवार को राज्य के मुख्यमंत्री और सांसद योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जल्द ही राज्य में ऐसे कदम उठाए जाएंगे जिससे महिलाओं की सुरक्षा पर लगा प्रश्नचिह्न समाप्त हो सके.
मंगलवार को संसद में अपने आखिरी भाषण में भी योगी ने अपने इरादे जाहिर कर दिए. योगी ने सदन के सामने कहा कि यूपी में अब बहुत चीजों की बंदी होने वाली है. योगी के इस बयान से अब ये कयास लगाए जाने लगे हैं कि यूपी में क्या बंद होने वाला है.टिप्पणियां
योगी आदित्यनाथ ने महिला सुरक्षा को अपना चुनावी मुद्दा बनाया था. हर मंच से वह महिला सुरक्षा की बात करते रहे थे. संकल्प पत्र में बीजेपी ने महिलाओं को छेड़खाने से बचाने के लिए एंटी रोमियो स्क्वायड बनाने का वादा किया था.
बता दें कि राज्य में बीजेपी की सरकार बनते ही कई शहरों में चल अवैध बूचड़खानों पर स्थानीय प्रशासन ने अपने आप कार्रवाई आरंभ कर दी है. कई अवैध बूचड़खानों सील कर दिया गया है. यह भूचड़खाने अवैध तरीके से अब तक चल रहे थे. वाराणसी से लेकर लखीमपुर खीरी, गाजियाबाद और मेरठ जैसे तमाम शहरों में अवैध बूचड़खानों पर प्रशासन का डंडा चल गया है.
संसद में भी बयान देते हुए मंगलवार को राज्य के मुख्यमंत्री और सांसद योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जल्द ही राज्य में ऐसे कदम उठाए जाएंगे जिससे महिलाओं की सुरक्षा पर लगा प्रश्नचिह्न समाप्त हो सके.
मंगलवार को संसद में अपने आखिरी भाषण में भी योगी ने अपने इरादे जाहिर कर दिए. योगी ने सदन के सामने कहा कि यूपी में अब बहुत चीजों की बंदी होने वाली है. योगी के इस बयान से अब ये कयास लगाए जाने लगे हैं कि यूपी में क्या बंद होने वाला है.टिप्पणियां
योगी आदित्यनाथ ने महिला सुरक्षा को अपना चुनावी मुद्दा बनाया था. हर मंच से वह महिला सुरक्षा की बात करते रहे थे. संकल्प पत्र में बीजेपी ने महिलाओं को छेड़खाने से बचाने के लिए एंटी रोमियो स्क्वायड बनाने का वादा किया था.
बता दें कि राज्य में बीजेपी की सरकार बनते ही कई शहरों में चल अवैध बूचड़खानों पर स्थानीय प्रशासन ने अपने आप कार्रवाई आरंभ कर दी है. कई अवैध बूचड़खानों सील कर दिया गया है. यह भूचड़खाने अवैध तरीके से अब तक चल रहे थे. वाराणसी से लेकर लखीमपुर खीरी, गाजियाबाद और मेरठ जैसे तमाम शहरों में अवैध बूचड़खानों पर प्रशासन का डंडा चल गया है.
मंगलवार को संसद में अपने आखिरी भाषण में भी योगी ने अपने इरादे जाहिर कर दिए. योगी ने सदन के सामने कहा कि यूपी में अब बहुत चीजों की बंदी होने वाली है. योगी के इस बयान से अब ये कयास लगाए जाने लगे हैं कि यूपी में क्या बंद होने वाला है.टिप्पणियां
योगी आदित्यनाथ ने महिला सुरक्षा को अपना चुनावी मुद्दा बनाया था. हर मंच से वह महिला सुरक्षा की बात करते रहे थे. संकल्प पत्र में बीजेपी ने महिलाओं को छेड़खाने से बचाने के लिए एंटी रोमियो स्क्वायड बनाने का वादा किया था.
बता दें कि राज्य में बीजेपी की सरकार बनते ही कई शहरों में चल अवैध बूचड़खानों पर स्थानीय प्रशासन ने अपने आप कार्रवाई आरंभ कर दी है. कई अवैध बूचड़खानों सील कर दिया गया है. यह भूचड़खाने अवैध तरीके से अब तक चल रहे थे. वाराणसी से लेकर लखीमपुर खीरी, गाजियाबाद और मेरठ जैसे तमाम शहरों में अवैध बूचड़खानों पर प्रशासन का डंडा चल गया है.
योगी आदित्यनाथ ने महिला सुरक्षा को अपना चुनावी मुद्दा बनाया था. हर मंच से वह महिला सुरक्षा की बात करते रहे थे. संकल्प पत्र में बीजेपी ने महिलाओं को छेड़खाने से बचाने के लिए एंटी रोमियो स्क्वायड बनाने का वादा किया था.
बता दें कि राज्य में बीजेपी की सरकार बनते ही कई शहरों में चल अवैध बूचड़खानों पर स्थानीय प्रशासन ने अपने आप कार्रवाई आरंभ कर दी है. कई अवैध बूचड़खानों सील कर दिया गया है. यह भूचड़खाने अवैध तरीके से अब तक चल रहे थे. वाराणसी से लेकर लखीमपुर खीरी, गाजियाबाद और मेरठ जैसे तमाम शहरों में अवैध बूचड़खानों पर प्रशासन का डंडा चल गया है.
बता दें कि राज्य में बीजेपी की सरकार बनते ही कई शहरों में चल अवैध बूचड़खानों पर स्थानीय प्रशासन ने अपने आप कार्रवाई आरंभ कर दी है. कई अवैध बूचड़खानों सील कर दिया गया है. यह भूचड़खाने अवैध तरीके से अब तक चल रहे थे. वाराणसी से लेकर लखीमपुर खीरी, गाजियाबाद और मेरठ जैसे तमाम शहरों में अवैध बूचड़खानों पर प्रशासन का डंडा चल गया है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: राज्य सरकार ने बनाया एंटी रोमियो स्क्वॉड
आरोप : लड़कियों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पिछली सरकारे उदासीन
बीजेपी ने चुनाव में किया था वादा. | 19 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: माइक हसी ने रविवार को ऑस्ट्रेलिया को श्रीलंका पर तीसरे और अंतिम टेस्ट में पांच विकेट की जीत दिलाते हुए टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा और साथ ही मेजबान टीम को तीन मैचों की शृंखला में क्लीनस्वीप करने में भी मदद की।टिप्पणियां
सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर हसी ने नाबाद 27 रन की पारी खेली, जिससे ऑस्ट्रेलिया ने श्रीलंका के 141 रन के लक्ष्य को पांच विकेट गंवाकर हासिल कर लिया। विजयी रन बनाने वाले मिशेल जॉनसन एक रन बनाकर नाबाद रहे। अंतिम दिन स्पिन गेंदबाजों को मदद कर रही पिच पर बाएं हाथ के स्पिनर रंगना हेराथ ने 47 रन देकर तीन विकेट चटकाए।
मैच में सात विकेट चटकाने वाले ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जैकसन बर्ड को मैन ऑफ द मैच, जबकि कप्तान माइकल क्लार्क को मैन ऑफ द सीरीज चुना गया। इससे पहले अंपायरों ने दर्शकों को हैरानी में डाल दिया, जब उन्होंने उस समय चाय का विश्राम लिया, जब ऑस्ट्रेलिया जीत से सिर्फ पांच रन दूर था। सुबह श्रीलंका की टीम 278 रन पर ऑल आउट हो गई। दिनेश चांदीमल ने पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ खेलते हुए 106 गेंद में 11 चौकों की मदद से नाबाद 62 रन बनाए।
सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर हसी ने नाबाद 27 रन की पारी खेली, जिससे ऑस्ट्रेलिया ने श्रीलंका के 141 रन के लक्ष्य को पांच विकेट गंवाकर हासिल कर लिया। विजयी रन बनाने वाले मिशेल जॉनसन एक रन बनाकर नाबाद रहे। अंतिम दिन स्पिन गेंदबाजों को मदद कर रही पिच पर बाएं हाथ के स्पिनर रंगना हेराथ ने 47 रन देकर तीन विकेट चटकाए।
मैच में सात विकेट चटकाने वाले ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जैकसन बर्ड को मैन ऑफ द मैच, जबकि कप्तान माइकल क्लार्क को मैन ऑफ द सीरीज चुना गया। इससे पहले अंपायरों ने दर्शकों को हैरानी में डाल दिया, जब उन्होंने उस समय चाय का विश्राम लिया, जब ऑस्ट्रेलिया जीत से सिर्फ पांच रन दूर था। सुबह श्रीलंका की टीम 278 रन पर ऑल आउट हो गई। दिनेश चांदीमल ने पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ खेलते हुए 106 गेंद में 11 चौकों की मदद से नाबाद 62 रन बनाए।
मैच में सात विकेट चटकाने वाले ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जैकसन बर्ड को मैन ऑफ द मैच, जबकि कप्तान माइकल क्लार्क को मैन ऑफ द सीरीज चुना गया। इससे पहले अंपायरों ने दर्शकों को हैरानी में डाल दिया, जब उन्होंने उस समय चाय का विश्राम लिया, जब ऑस्ट्रेलिया जीत से सिर्फ पांच रन दूर था। सुबह श्रीलंका की टीम 278 रन पर ऑल आउट हो गई। दिनेश चांदीमल ने पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ खेलते हुए 106 गेंद में 11 चौकों की मदद से नाबाद 62 रन बनाए। | यहाँ एक सारांश है:माइक हसी ने ऑस्ट्रेलिया को श्रीलंका पर तीसरे और अंतिम टेस्ट में पांच विकेट की जीत दिलाते हुए टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा और साथ ही मेजबान टीम को तीन मैचों की शृंखला में क्लीनस्वीप करने में भी मदद की। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: गैर-ब्रांडेड या साधारण ईंधन के मुकाबले कीमत में भारी अंतर के चलते सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने प्रीमियम या ब्रांडेड पेट्रोल और डीजल का उत्पादन लगभग बंद कर दिया है।
सरकार ने पिछले महीने गैर-ब्रांडेड पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 5.50 रुपये तक घटाकर 9.28 रुपये प्रति लीटर कर दिया, जबकि ब्रांडेड पेट्रोल पर इसने 15.96 रुपये प्रति लीटर के उत्पाद शुल्क में कटौती नहीं की।
इससे ब्रांडेड पेट्रोल और डीजल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। दिल्ली में ब्रांडेड डीजल की कीमत 43 प्रतिशत बढ़कर 65.81 रुपये पहुंच चुकी हैं, जबकि प्रीमियम पेट्रोल की कीमतें नौ प्रतिशत तक बढ़कर औसतन 77.58 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं।टिप्पणियां
वहीं दूसरी ओर, नई दिल्ली में गैर-ब्रांडेड पेट्रोल 67.90 रुपये प्रति लीटर और गैर-ब्रांडेड डीजल 46.95 रुपये प्रति लीटर के दाम पर बिक रहा है।
यहां पेट्रोटेक 2012 सम्मेलन में इंडियन आयल कॉरपोरेशन के निदेशक (मार्केटिंग) मार्कंड नेने ने कहा, बिक्री लगभग जीरो है। इन कीमतों पर प्रीमियम डीजल या पेट्रोल का कोई खरीदार नहीं है।
सरकार ने पिछले महीने गैर-ब्रांडेड पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 5.50 रुपये तक घटाकर 9.28 रुपये प्रति लीटर कर दिया, जबकि ब्रांडेड पेट्रोल पर इसने 15.96 रुपये प्रति लीटर के उत्पाद शुल्क में कटौती नहीं की।
इससे ब्रांडेड पेट्रोल और डीजल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। दिल्ली में ब्रांडेड डीजल की कीमत 43 प्रतिशत बढ़कर 65.81 रुपये पहुंच चुकी हैं, जबकि प्रीमियम पेट्रोल की कीमतें नौ प्रतिशत तक बढ़कर औसतन 77.58 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं।टिप्पणियां
वहीं दूसरी ओर, नई दिल्ली में गैर-ब्रांडेड पेट्रोल 67.90 रुपये प्रति लीटर और गैर-ब्रांडेड डीजल 46.95 रुपये प्रति लीटर के दाम पर बिक रहा है।
यहां पेट्रोटेक 2012 सम्मेलन में इंडियन आयल कॉरपोरेशन के निदेशक (मार्केटिंग) मार्कंड नेने ने कहा, बिक्री लगभग जीरो है। इन कीमतों पर प्रीमियम डीजल या पेट्रोल का कोई खरीदार नहीं है।
इससे ब्रांडेड पेट्रोल और डीजल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। दिल्ली में ब्रांडेड डीजल की कीमत 43 प्रतिशत बढ़कर 65.81 रुपये पहुंच चुकी हैं, जबकि प्रीमियम पेट्रोल की कीमतें नौ प्रतिशत तक बढ़कर औसतन 77.58 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं।टिप्पणियां
वहीं दूसरी ओर, नई दिल्ली में गैर-ब्रांडेड पेट्रोल 67.90 रुपये प्रति लीटर और गैर-ब्रांडेड डीजल 46.95 रुपये प्रति लीटर के दाम पर बिक रहा है।
यहां पेट्रोटेक 2012 सम्मेलन में इंडियन आयल कॉरपोरेशन के निदेशक (मार्केटिंग) मार्कंड नेने ने कहा, बिक्री लगभग जीरो है। इन कीमतों पर प्रीमियम डीजल या पेट्रोल का कोई खरीदार नहीं है।
वहीं दूसरी ओर, नई दिल्ली में गैर-ब्रांडेड पेट्रोल 67.90 रुपये प्रति लीटर और गैर-ब्रांडेड डीजल 46.95 रुपये प्रति लीटर के दाम पर बिक रहा है।
यहां पेट्रोटेक 2012 सम्मेलन में इंडियन आयल कॉरपोरेशन के निदेशक (मार्केटिंग) मार्कंड नेने ने कहा, बिक्री लगभग जीरो है। इन कीमतों पर प्रीमियम डीजल या पेट्रोल का कोई खरीदार नहीं है।
यहां पेट्रोटेक 2012 सम्मेलन में इंडियन आयल कॉरपोरेशन के निदेशक (मार्केटिंग) मार्कंड नेने ने कहा, बिक्री लगभग जीरो है। इन कीमतों पर प्रीमियम डीजल या पेट्रोल का कोई खरीदार नहीं है। | सारांश: गैर-ब्रांडेड या साधारण ईंधन के मुकाबले कीमत में भारी अंतर के चलते सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने प्रीमियम या ब्रांडेड पेट्रोल और डीजल का उत्पादन लगभग बंद कर दिया है। | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: गोल्ड कोस्ट के ग्रिफिथ विश्वविद्यालय के शोधकर्ता निकोलस रोड ने यह कहकर कि सचिन तेंदुलकर हर लिहाज से डोनाल्ड ब्रैडमैन से बेहतर बल्लेबाज हैं, एक बार फिर लम्बे समय से चली आ रही इस बहस को जीवंत बना दिया है। रोड ने कहा है कि वह आंकड़ों के आधार पर यह साबित कर सकते हैं कि तेंदुलकर महानतम बल्लेबाज हैं। रोड ने हालांकि यह कहा कि अगर कालचक्र को पीछे ले जाया जा सके तो वह निश्चित तौर पर हर बार ब्रैडमैन को बल्लेबाजी करते देखना पसंद करेंगे। रोड ने कहा कि वह बल्लेबाजी से जुड़े प्रदर्शन को लेकर अर्थशास्त्र के सिद्धांतों के आधार पर यह साबित कर सकते हैं कि कौन-सा बल्लेबाज सबसे बेहतर है। उनके मुताबिक वह समय-समय पर ऐसा करते रहे हैं। समाचार पत्र 'डेली टेलीग्राफ' ने रोड के हवाले से लिखा है, "मेरे नतीजों से लोग सहमत नहीं भी हो सकते हैं लेकिन मैं यह साबित कर सकता हूं कि कौन सबसे बेहतर बल्लेबाज है।" रोड ने कहा कि क्रिकेट के प्रति उनके जुनून ने उन्हें रैंकिंग प्रणाली तैयार करने को प्रेरित किया। यह काफी कठिन काम था क्योंकि यह क्रिकेट से अर्थशास्त्र का मेल कराना था। उनका कहना है कि अभी कुछ समय पहले तक ब्रैडमैन महानतम बल्लेबाज बने हुए थे लेकिन आज तेंदुलकर उनसे बहुत कम अंतर से आगे निकल चुके हैं। रोड अपने रैंकिंग सिस्टम के तहत किसी बल्लेबाज द्वारा अपने पूरे करियर में बनाए गए कुल रनों में से उसी काल में बराबर पारियों में किसी औसत बल्लेबाज द्वारा बनाए गए रनों को घटाया जाता है। रोड अपने रैंकिंग सिस्टम का लगातार नवीकरण करते रहते हैं और इसी आधार पर वह नया रैंकिंग तैयार करते हैं। | संक्षिप्त सारांश: गोल्ड कोस्ट के ग्रिफिथ विश्वविद्यालय के शोधकर्ता निकोलस रोड ने सचिन तेंदुलकर को हर लिहाज से डोनाल्ड ब्रैडमैन से बेहतर बल्लेबाज बताया है। | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सैमसंग इस महीने भारत में 15,000 रुपये से कम के दो स्मार्टफोन पेश करेगी, जिससे मध्यम-खंड के मोबाइल बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
कोरियाई मोबाइल फोन निर्माता की भारतीय बाजार में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है और वह गैर-अंग्रेजी भाषी ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए ग्राहकों को स्थानीय भाषाओं में विकल्प उपलब्ध कराएगी। सैमसंग के कंट्री प्रमुख (मोबाइल कारोबार) विनीत तनेजा ने कहा, हम मध्यम मूल्य वाले दो नए स्मार्टफोन पेश करेंगे।
सैमसंग के हर मोबाइल फोन में नौ भारतीय भाषाओं का विकल्प होगा। कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि इन हैंडसेटों की कीमत 5,000-15,000 रुपये के बीच होगी। भारत में बिकने वाले ज्यादातर मोबाइल फोन इसी दायरे में आते हैं, जिनमें नोकिया लूमिया 520 व 620, ब्लैकबेरी कर्व, जोलो स्मार्टफोन, माइक्रोमैक्स कैनवस 2 और अन्य शामिल हैं।टिप्पणियां
सैमसंग के हैंडसेट नौ भारतीय भाषाओं - हिन्दी, पंजाबी, तमिल, बांग्ला, तेलुगू, कन्नड़, मलयालम, मराठी और गुजराती में विकल्प उपलब्ध कराएंगे। तनेजा ने कहा, स्मार्टफोन बाजार में अब प्रतिस्पर्धा यह है कि स्क्रीन का आकार छोटा किए बिना फोन को छोटा किया जाए।
कंपनी मंगलवार को अपना मंहगा स्मार्टफोन गैलेक्सी नोट 3 पेश करेगी। बाजार में सैमसंग के 17 स्मार्टफोन फोन 5,000 रुपये (सैमसंग स्टार) से 39,000 (एस4) रुपये में उपलब्ध हैं। तनेजा ने कहा कि कंपनी मध्यम खंड के स्मार्टफोन के बाजार पर ध्यान केंद्रित कर रही है और वह अपने सभी हैंडसेट में दोहरे सिम का विकल्प प्रदान करेगी। उन्होंने कहा, आने वाले दिनों में आपको ज्यादा से ज्यादा दोहरे सिम वाले फोन दिखेंगे।
कोरियाई मोबाइल फोन निर्माता की भारतीय बाजार में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है और वह गैर-अंग्रेजी भाषी ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए ग्राहकों को स्थानीय भाषाओं में विकल्प उपलब्ध कराएगी। सैमसंग के कंट्री प्रमुख (मोबाइल कारोबार) विनीत तनेजा ने कहा, हम मध्यम मूल्य वाले दो नए स्मार्टफोन पेश करेंगे।
सैमसंग के हर मोबाइल फोन में नौ भारतीय भाषाओं का विकल्प होगा। कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि इन हैंडसेटों की कीमत 5,000-15,000 रुपये के बीच होगी। भारत में बिकने वाले ज्यादातर मोबाइल फोन इसी दायरे में आते हैं, जिनमें नोकिया लूमिया 520 व 620, ब्लैकबेरी कर्व, जोलो स्मार्टफोन, माइक्रोमैक्स कैनवस 2 और अन्य शामिल हैं।टिप्पणियां
सैमसंग के हैंडसेट नौ भारतीय भाषाओं - हिन्दी, पंजाबी, तमिल, बांग्ला, तेलुगू, कन्नड़, मलयालम, मराठी और गुजराती में विकल्प उपलब्ध कराएंगे। तनेजा ने कहा, स्मार्टफोन बाजार में अब प्रतिस्पर्धा यह है कि स्क्रीन का आकार छोटा किए बिना फोन को छोटा किया जाए।
कंपनी मंगलवार को अपना मंहगा स्मार्टफोन गैलेक्सी नोट 3 पेश करेगी। बाजार में सैमसंग के 17 स्मार्टफोन फोन 5,000 रुपये (सैमसंग स्टार) से 39,000 (एस4) रुपये में उपलब्ध हैं। तनेजा ने कहा कि कंपनी मध्यम खंड के स्मार्टफोन के बाजार पर ध्यान केंद्रित कर रही है और वह अपने सभी हैंडसेट में दोहरे सिम का विकल्प प्रदान करेगी। उन्होंने कहा, आने वाले दिनों में आपको ज्यादा से ज्यादा दोहरे सिम वाले फोन दिखेंगे।
सैमसंग के हर मोबाइल फोन में नौ भारतीय भाषाओं का विकल्प होगा। कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि इन हैंडसेटों की कीमत 5,000-15,000 रुपये के बीच होगी। भारत में बिकने वाले ज्यादातर मोबाइल फोन इसी दायरे में आते हैं, जिनमें नोकिया लूमिया 520 व 620, ब्लैकबेरी कर्व, जोलो स्मार्टफोन, माइक्रोमैक्स कैनवस 2 और अन्य शामिल हैं।टिप्पणियां
सैमसंग के हैंडसेट नौ भारतीय भाषाओं - हिन्दी, पंजाबी, तमिल, बांग्ला, तेलुगू, कन्नड़, मलयालम, मराठी और गुजराती में विकल्प उपलब्ध कराएंगे। तनेजा ने कहा, स्मार्टफोन बाजार में अब प्रतिस्पर्धा यह है कि स्क्रीन का आकार छोटा किए बिना फोन को छोटा किया जाए।
कंपनी मंगलवार को अपना मंहगा स्मार्टफोन गैलेक्सी नोट 3 पेश करेगी। बाजार में सैमसंग के 17 स्मार्टफोन फोन 5,000 रुपये (सैमसंग स्टार) से 39,000 (एस4) रुपये में उपलब्ध हैं। तनेजा ने कहा कि कंपनी मध्यम खंड के स्मार्टफोन के बाजार पर ध्यान केंद्रित कर रही है और वह अपने सभी हैंडसेट में दोहरे सिम का विकल्प प्रदान करेगी। उन्होंने कहा, आने वाले दिनों में आपको ज्यादा से ज्यादा दोहरे सिम वाले फोन दिखेंगे।
सैमसंग के हैंडसेट नौ भारतीय भाषाओं - हिन्दी, पंजाबी, तमिल, बांग्ला, तेलुगू, कन्नड़, मलयालम, मराठी और गुजराती में विकल्प उपलब्ध कराएंगे। तनेजा ने कहा, स्मार्टफोन बाजार में अब प्रतिस्पर्धा यह है कि स्क्रीन का आकार छोटा किए बिना फोन को छोटा किया जाए।
कंपनी मंगलवार को अपना मंहगा स्मार्टफोन गैलेक्सी नोट 3 पेश करेगी। बाजार में सैमसंग के 17 स्मार्टफोन फोन 5,000 रुपये (सैमसंग स्टार) से 39,000 (एस4) रुपये में उपलब्ध हैं। तनेजा ने कहा कि कंपनी मध्यम खंड के स्मार्टफोन के बाजार पर ध्यान केंद्रित कर रही है और वह अपने सभी हैंडसेट में दोहरे सिम का विकल्प प्रदान करेगी। उन्होंने कहा, आने वाले दिनों में आपको ज्यादा से ज्यादा दोहरे सिम वाले फोन दिखेंगे।
कंपनी मंगलवार को अपना मंहगा स्मार्टफोन गैलेक्सी नोट 3 पेश करेगी। बाजार में सैमसंग के 17 स्मार्टफोन फोन 5,000 रुपये (सैमसंग स्टार) से 39,000 (एस4) रुपये में उपलब्ध हैं। तनेजा ने कहा कि कंपनी मध्यम खंड के स्मार्टफोन के बाजार पर ध्यान केंद्रित कर रही है और वह अपने सभी हैंडसेट में दोहरे सिम का विकल्प प्रदान करेगी। उन्होंने कहा, आने वाले दिनों में आपको ज्यादा से ज्यादा दोहरे सिम वाले फोन दिखेंगे। | सैमसंग के कंट्री प्रमुख (मोबाइल कारोबार) विनीत तनेजा ने कहा, हम मध्यम मूल्य वाले दो नए स्मार्टफोन पेश करेंगे। सैमसंग के हर मोबाइल फोन में नौ भारतीय भाषाओं का विकल्प होगा। कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि इन हैंडसेटों की कीमत 5,000-15,000 रुपये के बीच होगी। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: एक पिता हर रोज अपनी बेटी के साथ कब्र में सोता है. यह बात आपको अटपटी लग सकती है, लेकिन इसके पीछे की सच्चाई जानकर आप कहेंगे भला इस पिता को अपनी बेटी से किस हद तक प्यार है. झांग लीयोंग और उनकी पत्नी डेंग की एक बेटी है, जिसकी उम्र महज दो साल है. दो साल की मासूम झांग जिनली गंभीर बीमारी से ग्रसित है. यह बात मां-पिता को अंदर ही अंदर खा जा रही है. झांग लीयोंग को डर है कि बड़ी होकर उनकी बेटी को जब इस गंभीर बीमारी के बारे में पता चलेगा तो शायद उसके मन में मौत का डर सताने लगेगा. वह अपनी बेटी को मौत से डरते हुए नहीं देखना चाहते हैं. उनका मानना है कि आप जिससे सबसे ज्यादा प्यार करते हैं उसे दुख और डर में नहीं देख सकते. खासकर किसी बाप के लिए यह सबसे बुरा वक्त होता है.इंडिपेंडेंट की खबर के मुताबिक झांग लीयोंग ने अपनी बेटी मन से डर निकालने के लिए एक अनोखा तरीका निकाला है। उन्होंने अपने घर की आंगन में एक कब्र खोदी है. वह रोज इसी कब्र में बेटी के साथ सोते हैं. दिन में भी समय मिलने पर यहीं खेलते हैं. साथ ही वे झांग को अभी से समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि ऐसा भी हो सकता है कि कभी उसे अकेले यहीं रहना पड़े. ऐसे में वह घबराए नहीं. टिप्पणियां
डॉक्टरों की सलाह पर झांग लीयोंग और उनकी पत्नी डेंग ने एक और बेटी को जन्म देने की तैयारी में हैं. बताया जा रहा है कि आने वाले बच्चे के कोर्ड ब्लड से जिनली का इलाज किया जाएगा. कोर्ड ब्लड को अभी तक बेकार कहकर फेंक दिया जाता था। जबकि शोध में पता चला है कि इससे गंभीर बीमारियों का ईलाज किया जा सकता है.
मालूम हो कि बच्चे के गर्भनाल से निकलने वाले ब्लड को कोर्ड ब्लड कहते हैं. इसमें मौजूद स्टेम सेल का उपयोग गंभीर रोगों का ईलाज हो सकता है। झांग दंपत्ति का कहना है कि वह अपनी बेटी को बचाने के लिए कहीं भी जाने को तैयार हैं. वह किसी भी डॉक्टर तक पहुंचने की कोशिश करेंगे. हालांकि इस परिवार की आर्थिक स्थित बेहद खराब है और वह बड़े शहर में बेटी का इलाज कराने में सक्षम नहीं हैं.
इंडिपेंडेंट की खबर के मुताबिक झांग लीयोंग ने अपनी बेटी मन से डर निकालने के लिए एक अनोखा तरीका निकाला है। उन्होंने अपने घर की आंगन में एक कब्र खोदी है. वह रोज इसी कब्र में बेटी के साथ सोते हैं. दिन में भी समय मिलने पर यहीं खेलते हैं. साथ ही वे झांग को अभी से समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि ऐसा भी हो सकता है कि कभी उसे अकेले यहीं रहना पड़े. ऐसे में वह घबराए नहीं. टिप्पणियां
डॉक्टरों की सलाह पर झांग लीयोंग और उनकी पत्नी डेंग ने एक और बेटी को जन्म देने की तैयारी में हैं. बताया जा रहा है कि आने वाले बच्चे के कोर्ड ब्लड से जिनली का इलाज किया जाएगा. कोर्ड ब्लड को अभी तक बेकार कहकर फेंक दिया जाता था। जबकि शोध में पता चला है कि इससे गंभीर बीमारियों का ईलाज किया जा सकता है.
मालूम हो कि बच्चे के गर्भनाल से निकलने वाले ब्लड को कोर्ड ब्लड कहते हैं. इसमें मौजूद स्टेम सेल का उपयोग गंभीर रोगों का ईलाज हो सकता है। झांग दंपत्ति का कहना है कि वह अपनी बेटी को बचाने के लिए कहीं भी जाने को तैयार हैं. वह किसी भी डॉक्टर तक पहुंचने की कोशिश करेंगे. हालांकि इस परिवार की आर्थिक स्थित बेहद खराब है और वह बड़े शहर में बेटी का इलाज कराने में सक्षम नहीं हैं.
डॉक्टरों की सलाह पर झांग लीयोंग और उनकी पत्नी डेंग ने एक और बेटी को जन्म देने की तैयारी में हैं. बताया जा रहा है कि आने वाले बच्चे के कोर्ड ब्लड से जिनली का इलाज किया जाएगा. कोर्ड ब्लड को अभी तक बेकार कहकर फेंक दिया जाता था। जबकि शोध में पता चला है कि इससे गंभीर बीमारियों का ईलाज किया जा सकता है.
मालूम हो कि बच्चे के गर्भनाल से निकलने वाले ब्लड को कोर्ड ब्लड कहते हैं. इसमें मौजूद स्टेम सेल का उपयोग गंभीर रोगों का ईलाज हो सकता है। झांग दंपत्ति का कहना है कि वह अपनी बेटी को बचाने के लिए कहीं भी जाने को तैयार हैं. वह किसी भी डॉक्टर तक पहुंचने की कोशिश करेंगे. हालांकि इस परिवार की आर्थिक स्थित बेहद खराब है और वह बड़े शहर में बेटी का इलाज कराने में सक्षम नहीं हैं.
मालूम हो कि बच्चे के गर्भनाल से निकलने वाले ब्लड को कोर्ड ब्लड कहते हैं. इसमें मौजूद स्टेम सेल का उपयोग गंभीर रोगों का ईलाज हो सकता है। झांग दंपत्ति का कहना है कि वह अपनी बेटी को बचाने के लिए कहीं भी जाने को तैयार हैं. वह किसी भी डॉक्टर तक पहुंचने की कोशिश करेंगे. हालांकि इस परिवार की आर्थिक स्थित बेहद खराब है और वह बड़े शहर में बेटी का इलाज कराने में सक्षम नहीं हैं. | संक्षिप्त सारांश: चीन के एक पिता-पुत्री की बेहद मार्मिक कहानी
दो साल की बेटी को है गंभीर बीमारी
बेटी के मन से मौत का डर निकालने के लिए पिता ने ढूंढी तरकीब | 0 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और आफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन आईसीसी की ताजा एकदिवसीय रैंकिंग में आगे बढ़ने में सफल रहे हैं।
धोनी बल्लेबाजों की सूची में एक पायदान ऊपर चौथे स्थान पर पहुंच गये हैं। अश्विन ने गेंदबाजों की सूची में चार स्थान की छलांग लगायी है और अब वह अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग छठे स्थान पर हैं।
अश्विन ढाका में एशिया कप में तीन मैच में पांच विकेट लेने के दम पर यह प्रगति की है। भारत के जिन बल्लेबाजों की रैंकिंग में सुधार हुआ है उनमें सचिन तेंदुलकर दो पायदान उपर 27वें और सुरेश रैना चार पायदान उपर 32वें स्थान पर पहुंच गये हैं।
भारतीय टीम के इस बीच पहले की तरह 117 रेंटिंग अंक हैं और वह टीम चैंपियनशिप में तीसरे स्थान पर है। आस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज के खिलाफ कल समाप्त हुई पांच मैचों की श्रृंखला 2-2 से बराबर छूटने के बाद चार रेटिंग अंक गंवाये हैं लेकिन वह अब भी नंबर एक पर काबिज है।
इसके विपरीत वेस्टइंडीज ने सात रेटिंग अंक हासिल किये और वह 86 रेटिंग अंक के साथ न्यूजीलैंड के साथ संयुक्त सातवें स्थान पर है। टिप्पणियां
श्रीलंका एशिया कप में सारे मैच गंवाने के कारण इंग्लैंड के बाद पांचवें स्थान पर खिसक गया है जबकि पाकिस्तान को खिताब जीतने पर एक रेटिंग अंक मिला है तथा वह तालिका में छठे स्थान पर है।
दक्षिण अफ्रीका दूसरे स्थान पर है। बांग्लादेश के साकिब अल हसन ने आलराउंडरों की सूची में आस्ट्रेलिया के शेन वाटसन से फिर से शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। उन्होंने एशिया कप में शानदार प्रदर्शन किया तथा 237 रन बनाये। इसे वह बल्लेबाजों की सूची में 14 स्थान की लंबी छलांग लगाकर अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 12वीं रैंकिंग पर पहुंच गये।
धोनी बल्लेबाजों की सूची में एक पायदान ऊपर चौथे स्थान पर पहुंच गये हैं। अश्विन ने गेंदबाजों की सूची में चार स्थान की छलांग लगायी है और अब वह अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग छठे स्थान पर हैं।
अश्विन ढाका में एशिया कप में तीन मैच में पांच विकेट लेने के दम पर यह प्रगति की है। भारत के जिन बल्लेबाजों की रैंकिंग में सुधार हुआ है उनमें सचिन तेंदुलकर दो पायदान उपर 27वें और सुरेश रैना चार पायदान उपर 32वें स्थान पर पहुंच गये हैं।
भारतीय टीम के इस बीच पहले की तरह 117 रेंटिंग अंक हैं और वह टीम चैंपियनशिप में तीसरे स्थान पर है। आस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज के खिलाफ कल समाप्त हुई पांच मैचों की श्रृंखला 2-2 से बराबर छूटने के बाद चार रेटिंग अंक गंवाये हैं लेकिन वह अब भी नंबर एक पर काबिज है।
इसके विपरीत वेस्टइंडीज ने सात रेटिंग अंक हासिल किये और वह 86 रेटिंग अंक के साथ न्यूजीलैंड के साथ संयुक्त सातवें स्थान पर है। टिप्पणियां
श्रीलंका एशिया कप में सारे मैच गंवाने के कारण इंग्लैंड के बाद पांचवें स्थान पर खिसक गया है जबकि पाकिस्तान को खिताब जीतने पर एक रेटिंग अंक मिला है तथा वह तालिका में छठे स्थान पर है।
दक्षिण अफ्रीका दूसरे स्थान पर है। बांग्लादेश के साकिब अल हसन ने आलराउंडरों की सूची में आस्ट्रेलिया के शेन वाटसन से फिर से शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। उन्होंने एशिया कप में शानदार प्रदर्शन किया तथा 237 रन बनाये। इसे वह बल्लेबाजों की सूची में 14 स्थान की लंबी छलांग लगाकर अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 12वीं रैंकिंग पर पहुंच गये।
अश्विन ढाका में एशिया कप में तीन मैच में पांच विकेट लेने के दम पर यह प्रगति की है। भारत के जिन बल्लेबाजों की रैंकिंग में सुधार हुआ है उनमें सचिन तेंदुलकर दो पायदान उपर 27वें और सुरेश रैना चार पायदान उपर 32वें स्थान पर पहुंच गये हैं।
भारतीय टीम के इस बीच पहले की तरह 117 रेंटिंग अंक हैं और वह टीम चैंपियनशिप में तीसरे स्थान पर है। आस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज के खिलाफ कल समाप्त हुई पांच मैचों की श्रृंखला 2-2 से बराबर छूटने के बाद चार रेटिंग अंक गंवाये हैं लेकिन वह अब भी नंबर एक पर काबिज है।
इसके विपरीत वेस्टइंडीज ने सात रेटिंग अंक हासिल किये और वह 86 रेटिंग अंक के साथ न्यूजीलैंड के साथ संयुक्त सातवें स्थान पर है। टिप्पणियां
श्रीलंका एशिया कप में सारे मैच गंवाने के कारण इंग्लैंड के बाद पांचवें स्थान पर खिसक गया है जबकि पाकिस्तान को खिताब जीतने पर एक रेटिंग अंक मिला है तथा वह तालिका में छठे स्थान पर है।
दक्षिण अफ्रीका दूसरे स्थान पर है। बांग्लादेश के साकिब अल हसन ने आलराउंडरों की सूची में आस्ट्रेलिया के शेन वाटसन से फिर से शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। उन्होंने एशिया कप में शानदार प्रदर्शन किया तथा 237 रन बनाये। इसे वह बल्लेबाजों की सूची में 14 स्थान की लंबी छलांग लगाकर अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 12वीं रैंकिंग पर पहुंच गये।
भारतीय टीम के इस बीच पहले की तरह 117 रेंटिंग अंक हैं और वह टीम चैंपियनशिप में तीसरे स्थान पर है। आस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज के खिलाफ कल समाप्त हुई पांच मैचों की श्रृंखला 2-2 से बराबर छूटने के बाद चार रेटिंग अंक गंवाये हैं लेकिन वह अब भी नंबर एक पर काबिज है।
इसके विपरीत वेस्टइंडीज ने सात रेटिंग अंक हासिल किये और वह 86 रेटिंग अंक के साथ न्यूजीलैंड के साथ संयुक्त सातवें स्थान पर है। टिप्पणियां
श्रीलंका एशिया कप में सारे मैच गंवाने के कारण इंग्लैंड के बाद पांचवें स्थान पर खिसक गया है जबकि पाकिस्तान को खिताब जीतने पर एक रेटिंग अंक मिला है तथा वह तालिका में छठे स्थान पर है।
दक्षिण अफ्रीका दूसरे स्थान पर है। बांग्लादेश के साकिब अल हसन ने आलराउंडरों की सूची में आस्ट्रेलिया के शेन वाटसन से फिर से शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। उन्होंने एशिया कप में शानदार प्रदर्शन किया तथा 237 रन बनाये। इसे वह बल्लेबाजों की सूची में 14 स्थान की लंबी छलांग लगाकर अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 12वीं रैंकिंग पर पहुंच गये।
इसके विपरीत वेस्टइंडीज ने सात रेटिंग अंक हासिल किये और वह 86 रेटिंग अंक के साथ न्यूजीलैंड के साथ संयुक्त सातवें स्थान पर है। टिप्पणियां
श्रीलंका एशिया कप में सारे मैच गंवाने के कारण इंग्लैंड के बाद पांचवें स्थान पर खिसक गया है जबकि पाकिस्तान को खिताब जीतने पर एक रेटिंग अंक मिला है तथा वह तालिका में छठे स्थान पर है।
दक्षिण अफ्रीका दूसरे स्थान पर है। बांग्लादेश के साकिब अल हसन ने आलराउंडरों की सूची में आस्ट्रेलिया के शेन वाटसन से फिर से शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। उन्होंने एशिया कप में शानदार प्रदर्शन किया तथा 237 रन बनाये। इसे वह बल्लेबाजों की सूची में 14 स्थान की लंबी छलांग लगाकर अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 12वीं रैंकिंग पर पहुंच गये।
श्रीलंका एशिया कप में सारे मैच गंवाने के कारण इंग्लैंड के बाद पांचवें स्थान पर खिसक गया है जबकि पाकिस्तान को खिताब जीतने पर एक रेटिंग अंक मिला है तथा वह तालिका में छठे स्थान पर है।
दक्षिण अफ्रीका दूसरे स्थान पर है। बांग्लादेश के साकिब अल हसन ने आलराउंडरों की सूची में आस्ट्रेलिया के शेन वाटसन से फिर से शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। उन्होंने एशिया कप में शानदार प्रदर्शन किया तथा 237 रन बनाये। इसे वह बल्लेबाजों की सूची में 14 स्थान की लंबी छलांग लगाकर अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 12वीं रैंकिंग पर पहुंच गये।
दक्षिण अफ्रीका दूसरे स्थान पर है। बांग्लादेश के साकिब अल हसन ने आलराउंडरों की सूची में आस्ट्रेलिया के शेन वाटसन से फिर से शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। उन्होंने एशिया कप में शानदार प्रदर्शन किया तथा 237 रन बनाये। इसे वह बल्लेबाजों की सूची में 14 स्थान की लंबी छलांग लगाकर अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 12वीं रैंकिंग पर पहुंच गये। | यहाँ एक सारांश है:धोनी बल्लेबाजों की सूची में एक पायदान ऊपर चौथे स्थान पर पहुंच गये हैं। अश्विन ने गेंदबाजों की सूची में चार स्थान की छलांग लगायी है और अब वह अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग छठे स्थान पर हैं। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बिहार में दूसरे चरण के लिए बृहस्पतिवार को वोट डाले जाएंगे. जिन पांच लोकसभा क्षेत्रों में वोट डाले जाने हैं उसमें सभी सीटों पर जनता दल यूनाइटेड के उम्मीदवार मैदान में हैं. मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार इन पांचों लोक सभा क्षेत्रों में धुंआधार प्रचार कर रहे हैं. सोमवार को उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज के लोगों की हमने कभी उपेक्षा नहीं की.
माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह बयान उक्त पांच क्षेत्रों में सवर्ण समाज के लोगों के बीच उनके उम्मीदवारों के प्रति उत्साह और जोश के अभाव के मद्देनजर दिया है. नीतीश ने यह बात बांका लोकसभा क्षेत्र में कही. निश्चित रूप से इस बयान के पीछे नीतीश का लक्ष्य है कि मतदान के दिन सवर्ण लोग बड़ी संख्या में उनके प्रत्याशियों को वोट दें.
नीतीश ने बांका लोकसभा क्षेत्र में प्रचार किया. इस सीट पर नीतीश ने अपनी पार्टी के विधायक गिरधारी यादव को उम्मीदवार बनाया है. यहां सांसद पुतुल देवी बागी उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं. पुतुल के मैदान में रहने के कारण माना जा रहा है कि यहां मुख्य लड़ाई राजद के जयप्रकाश यादव और पुतुल देवी के बीच है.
सवर्ण जाति के लोगों के लिए किए गए अपने काम की चर्चा करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि जब से उनकी सरकार बनी है, तब से सवर्ण आयोग का गठन कर कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसका लाभ उन्हें मिला है.
उन्होंने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सवर्ण जाति के गरीब लोगों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण देने की चर्चा की और कहा कि इसे अब बिहार में भी लागू कर दिया गया है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सवर्णों में जेडीयू उम्मीदवारों के प्रति उत्साह और जोश का अभाव
बांका में जेडीयू के विधायक गिरधारी यादव उम्मीदवार
मुख्य लड़ाई राजद के जयप्रकाश यादव और पुतुल देवी के बीच | 11 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वैश्विक ऑटोमोटिव कार्यक्रम 'टॉप गियर' ने अंबेस्डर कार को दुनिया की सबसे बढ़िया टैक्सी बताया है।
किसी समय अंबेस्डर कार की भारतीय कार बाजार में तूती बोलती थी हालांकि मारुति सुजूकी, हुंदै, टोयोटा तथा होंडा जैसी आधुनिक कंपनियों के आने के बाद उसकी चमक कुछ फीकी पड़ गई।
बीबीसी पर प्रसारित शो में टॉप गियर के कार्यकारी निदेशक रिचर्ड हेमंड ने दुनियाभर की टैक्सियों पर कार्य्रकम कराया जिसमें अंबेस्डर बाकी सभी को पछाड़ते हुए विजेता के रूप में उभरी।
ब्रिटेन स्थित मोटर संग्रहालय ब्यूलियू ने एक बयान में कहा गया है कि हिंदुस्तान अंबेस्डर ने ब्रिटेन, अमेरिका, जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका, मेक्सिको तथा रूस जैसे देशों की टैक्सियों को पछाड़ दिया।टिप्पणियां
हिंदुस्तान अंबेस्डर की शुरुआत ब्रिटेन में मोरिस ऑक्सफोर्ड के रूप में हुई थी लेकिन नाम में थोड़े बदलाव के साथ यह भारत का सबसे स्थायी वाहन बन गई। सीके बिड़ला ग्रुप की कंपनी हिंदुस्तान मोटर्स ने 1948 में अंबेस्डर बनानी शुरू की थी।
इसके बाद 1980 के दशक में मारुति के आने तक अंबेस्डर भारत में जीवन स्तर का परिचायक बनकर चलती रही। यह सरकारी अधिकारियों के लिए सबसे पसंदीदा वाहनों में से एक है। वित्त वर्ष में 2012-13 में इसकी ब्रिकी घटकर 3390 वाहन रह गई।
किसी समय अंबेस्डर कार की भारतीय कार बाजार में तूती बोलती थी हालांकि मारुति सुजूकी, हुंदै, टोयोटा तथा होंडा जैसी आधुनिक कंपनियों के आने के बाद उसकी चमक कुछ फीकी पड़ गई।
बीबीसी पर प्रसारित शो में टॉप गियर के कार्यकारी निदेशक रिचर्ड हेमंड ने दुनियाभर की टैक्सियों पर कार्य्रकम कराया जिसमें अंबेस्डर बाकी सभी को पछाड़ते हुए विजेता के रूप में उभरी।
ब्रिटेन स्थित मोटर संग्रहालय ब्यूलियू ने एक बयान में कहा गया है कि हिंदुस्तान अंबेस्डर ने ब्रिटेन, अमेरिका, जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका, मेक्सिको तथा रूस जैसे देशों की टैक्सियों को पछाड़ दिया।टिप्पणियां
हिंदुस्तान अंबेस्डर की शुरुआत ब्रिटेन में मोरिस ऑक्सफोर्ड के रूप में हुई थी लेकिन नाम में थोड़े बदलाव के साथ यह भारत का सबसे स्थायी वाहन बन गई। सीके बिड़ला ग्रुप की कंपनी हिंदुस्तान मोटर्स ने 1948 में अंबेस्डर बनानी शुरू की थी।
इसके बाद 1980 के दशक में मारुति के आने तक अंबेस्डर भारत में जीवन स्तर का परिचायक बनकर चलती रही। यह सरकारी अधिकारियों के लिए सबसे पसंदीदा वाहनों में से एक है। वित्त वर्ष में 2012-13 में इसकी ब्रिकी घटकर 3390 वाहन रह गई।
बीबीसी पर प्रसारित शो में टॉप गियर के कार्यकारी निदेशक रिचर्ड हेमंड ने दुनियाभर की टैक्सियों पर कार्य्रकम कराया जिसमें अंबेस्डर बाकी सभी को पछाड़ते हुए विजेता के रूप में उभरी।
ब्रिटेन स्थित मोटर संग्रहालय ब्यूलियू ने एक बयान में कहा गया है कि हिंदुस्तान अंबेस्डर ने ब्रिटेन, अमेरिका, जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका, मेक्सिको तथा रूस जैसे देशों की टैक्सियों को पछाड़ दिया।टिप्पणियां
हिंदुस्तान अंबेस्डर की शुरुआत ब्रिटेन में मोरिस ऑक्सफोर्ड के रूप में हुई थी लेकिन नाम में थोड़े बदलाव के साथ यह भारत का सबसे स्थायी वाहन बन गई। सीके बिड़ला ग्रुप की कंपनी हिंदुस्तान मोटर्स ने 1948 में अंबेस्डर बनानी शुरू की थी।
इसके बाद 1980 के दशक में मारुति के आने तक अंबेस्डर भारत में जीवन स्तर का परिचायक बनकर चलती रही। यह सरकारी अधिकारियों के लिए सबसे पसंदीदा वाहनों में से एक है। वित्त वर्ष में 2012-13 में इसकी ब्रिकी घटकर 3390 वाहन रह गई।
ब्रिटेन स्थित मोटर संग्रहालय ब्यूलियू ने एक बयान में कहा गया है कि हिंदुस्तान अंबेस्डर ने ब्रिटेन, अमेरिका, जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका, मेक्सिको तथा रूस जैसे देशों की टैक्सियों को पछाड़ दिया।टिप्पणियां
हिंदुस्तान अंबेस्डर की शुरुआत ब्रिटेन में मोरिस ऑक्सफोर्ड के रूप में हुई थी लेकिन नाम में थोड़े बदलाव के साथ यह भारत का सबसे स्थायी वाहन बन गई। सीके बिड़ला ग्रुप की कंपनी हिंदुस्तान मोटर्स ने 1948 में अंबेस्डर बनानी शुरू की थी।
इसके बाद 1980 के दशक में मारुति के आने तक अंबेस्डर भारत में जीवन स्तर का परिचायक बनकर चलती रही। यह सरकारी अधिकारियों के लिए सबसे पसंदीदा वाहनों में से एक है। वित्त वर्ष में 2012-13 में इसकी ब्रिकी घटकर 3390 वाहन रह गई।
हिंदुस्तान अंबेस्डर की शुरुआत ब्रिटेन में मोरिस ऑक्सफोर्ड के रूप में हुई थी लेकिन नाम में थोड़े बदलाव के साथ यह भारत का सबसे स्थायी वाहन बन गई। सीके बिड़ला ग्रुप की कंपनी हिंदुस्तान मोटर्स ने 1948 में अंबेस्डर बनानी शुरू की थी।
इसके बाद 1980 के दशक में मारुति के आने तक अंबेस्डर भारत में जीवन स्तर का परिचायक बनकर चलती रही। यह सरकारी अधिकारियों के लिए सबसे पसंदीदा वाहनों में से एक है। वित्त वर्ष में 2012-13 में इसकी ब्रिकी घटकर 3390 वाहन रह गई।
इसके बाद 1980 के दशक में मारुति के आने तक अंबेस्डर भारत में जीवन स्तर का परिचायक बनकर चलती रही। यह सरकारी अधिकारियों के लिए सबसे पसंदीदा वाहनों में से एक है। वित्त वर्ष में 2012-13 में इसकी ब्रिकी घटकर 3390 वाहन रह गई। | संक्षिप्त पाठ: बीबीसी पर प्रसारित शो में टॉप गियर के कार्यकारी निदेशक रिचर्ड हेमंड ने दुनियाभर की टैक्सियों पर कार्य्रकम कराया जिसमें अंबेस्डर बाकी सभी को पछाड़ते हुए विजेता के रूप में उभरी। | 14 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मुंबई में मालाड पश्चिम में स्टेशन के पास शनिवार दोपहर एमएनएस कार्यकर्ता और फेरीवाले आपस में भिड़ गये. जिसमे एमएनएस के स्थानीय विभाग प्रमुख सुशांत मालवदे को सिर में गंभीर चोट आयी है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मामले में एमएनएस के कुल 4 कार्यकर्ता जख्मी हुए हैं और मालाड पुलिस ने 5 फेरीवालों को हिरासत में लिया है. इस वारदात के बाद से मालाड पश्चिम में रेलवे स्टेशन के आसपास तनाव बना हुआ है. झगड़े की आशंका को देखते हुए पुलिस का भारी बंदोबस्त किया गया है. एमएनएस कार्यकर्ता पर हमले की खबर मिलने के बाद पार्टी नेता नितिन सरदेसाई, शालिनी ठाकरे, संदीप देशपांडे सहित बड़ी संख्या में एमएनएस कार्यकर्ता मालाड पहुंचे. एमएनएस नेताओं का आरोप है कि फेरीवालों ने संजय निरूपम के उकसावे पर हमला किया इसलिए निरुपम के खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाए.
मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरूपम ने एमएनएस की फेरीवाला हटाओ मुहिम का विरोध किया है. उन्होंने जगह-जगह सभाएं कर ईंट का जवाब पत्थर से देने का आह्वान किया था. खबर है कि मालाड में भी उन्होंने फेरीवालों की सभा ली थी. जिसके जवाब में दोपहर को एमएनएस कार्यकर्ता फेरीवालों को हटाने पहुंचे थे. वो भद्दी गालियों के साथ समान पलटने लगे, उनको भगाने लगे तभी पीछे से उनपर हमला हो गया.
गौरतलब है कि एलिफिंस्टन भगदड़ हादसे के बाद से फेरीवाले एमएनएस के निशाने पर हैं. एमएनएस का आरोप है कि स्टेशन के फुटओवर ब्रिज और बाहर निकलने के रास्तों पर फेरीवालों की वजह से लोगों को परेशानी होती है और हादसे की आशंका बनी रहती है. एमएनएस नेता राज ठाकरे ने सभा लेकर रेल प्रशासन को चेतावनी दी थी कि 15 दिन के अंदर अगर प्रशासन ने सभी फेरीवालों को हटाया नहीं तो एमएनएस कार्यकर्ता खुद अपने स्टाइल में हटाएंगे. 15 दिन पूरे होने के बाद से मुंबई के अलग-अलग रेलवे स्टेशनों पर एमएनएस कार्यकर्ताओं ने फेरीवालों की पिटाई की है उनके सामानों का नुकसान किया है.टिप्पणियां
एमएनएस की इस मुहिम का बड़े पैमाने पर स्वागत भी हो रहा है क्योंकि अवैध फेरीवालों की वजह से स्टेशनों के आसपास चलना मुश्किल हो गया था. शिकायत के बाद भी पुलिस, रेलवे और बीएमसी उन्हें हटाने की बजाय हफ्ता लेकर शह देते रहे हैं. लेकिन फेरीवालों की रोजी रोटी से जुड़ा मुद्दा भी है इसलिए कुछ लोग एमएनएस के खिलाफ भी हैं, खासकर उनकी मारपीट और गुंडागर्दी से.
मुद्दा अवैध फेरीवाले बनाम एमएनएस है लेकिन ये परप्रांतीय विरुद्ध एमएनएस बनता जा रहा है जो आगे चलकर दो समुदायों के बीच संघर्ष का रूप ले सकता है. राजनीतिक पार्टियां इस पर अपनी रोटी सेंकने में जुट भी गई हैं. लेकिन इस पूरे मामले में राज्य सरकार की मूकदर्शक भूमिका भी सवालों में है.
मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरूपम ने एमएनएस की फेरीवाला हटाओ मुहिम का विरोध किया है. उन्होंने जगह-जगह सभाएं कर ईंट का जवाब पत्थर से देने का आह्वान किया था. खबर है कि मालाड में भी उन्होंने फेरीवालों की सभा ली थी. जिसके जवाब में दोपहर को एमएनएस कार्यकर्ता फेरीवालों को हटाने पहुंचे थे. वो भद्दी गालियों के साथ समान पलटने लगे, उनको भगाने लगे तभी पीछे से उनपर हमला हो गया.
गौरतलब है कि एलिफिंस्टन भगदड़ हादसे के बाद से फेरीवाले एमएनएस के निशाने पर हैं. एमएनएस का आरोप है कि स्टेशन के फुटओवर ब्रिज और बाहर निकलने के रास्तों पर फेरीवालों की वजह से लोगों को परेशानी होती है और हादसे की आशंका बनी रहती है. एमएनएस नेता राज ठाकरे ने सभा लेकर रेल प्रशासन को चेतावनी दी थी कि 15 दिन के अंदर अगर प्रशासन ने सभी फेरीवालों को हटाया नहीं तो एमएनएस कार्यकर्ता खुद अपने स्टाइल में हटाएंगे. 15 दिन पूरे होने के बाद से मुंबई के अलग-अलग रेलवे स्टेशनों पर एमएनएस कार्यकर्ताओं ने फेरीवालों की पिटाई की है उनके सामानों का नुकसान किया है.टिप्पणियां
एमएनएस की इस मुहिम का बड़े पैमाने पर स्वागत भी हो रहा है क्योंकि अवैध फेरीवालों की वजह से स्टेशनों के आसपास चलना मुश्किल हो गया था. शिकायत के बाद भी पुलिस, रेलवे और बीएमसी उन्हें हटाने की बजाय हफ्ता लेकर शह देते रहे हैं. लेकिन फेरीवालों की रोजी रोटी से जुड़ा मुद्दा भी है इसलिए कुछ लोग एमएनएस के खिलाफ भी हैं, खासकर उनकी मारपीट और गुंडागर्दी से.
मुद्दा अवैध फेरीवाले बनाम एमएनएस है लेकिन ये परप्रांतीय विरुद्ध एमएनएस बनता जा रहा है जो आगे चलकर दो समुदायों के बीच संघर्ष का रूप ले सकता है. राजनीतिक पार्टियां इस पर अपनी रोटी सेंकने में जुट भी गई हैं. लेकिन इस पूरे मामले में राज्य सरकार की मूकदर्शक भूमिका भी सवालों में है.
गौरतलब है कि एलिफिंस्टन भगदड़ हादसे के बाद से फेरीवाले एमएनएस के निशाने पर हैं. एमएनएस का आरोप है कि स्टेशन के फुटओवर ब्रिज और बाहर निकलने के रास्तों पर फेरीवालों की वजह से लोगों को परेशानी होती है और हादसे की आशंका बनी रहती है. एमएनएस नेता राज ठाकरे ने सभा लेकर रेल प्रशासन को चेतावनी दी थी कि 15 दिन के अंदर अगर प्रशासन ने सभी फेरीवालों को हटाया नहीं तो एमएनएस कार्यकर्ता खुद अपने स्टाइल में हटाएंगे. 15 दिन पूरे होने के बाद से मुंबई के अलग-अलग रेलवे स्टेशनों पर एमएनएस कार्यकर्ताओं ने फेरीवालों की पिटाई की है उनके सामानों का नुकसान किया है.टिप्पणियां
एमएनएस की इस मुहिम का बड़े पैमाने पर स्वागत भी हो रहा है क्योंकि अवैध फेरीवालों की वजह से स्टेशनों के आसपास चलना मुश्किल हो गया था. शिकायत के बाद भी पुलिस, रेलवे और बीएमसी उन्हें हटाने की बजाय हफ्ता लेकर शह देते रहे हैं. लेकिन फेरीवालों की रोजी रोटी से जुड़ा मुद्दा भी है इसलिए कुछ लोग एमएनएस के खिलाफ भी हैं, खासकर उनकी मारपीट और गुंडागर्दी से.
मुद्दा अवैध फेरीवाले बनाम एमएनएस है लेकिन ये परप्रांतीय विरुद्ध एमएनएस बनता जा रहा है जो आगे चलकर दो समुदायों के बीच संघर्ष का रूप ले सकता है. राजनीतिक पार्टियां इस पर अपनी रोटी सेंकने में जुट भी गई हैं. लेकिन इस पूरे मामले में राज्य सरकार की मूकदर्शक भूमिका भी सवालों में है.
एमएनएस की इस मुहिम का बड़े पैमाने पर स्वागत भी हो रहा है क्योंकि अवैध फेरीवालों की वजह से स्टेशनों के आसपास चलना मुश्किल हो गया था. शिकायत के बाद भी पुलिस, रेलवे और बीएमसी उन्हें हटाने की बजाय हफ्ता लेकर शह देते रहे हैं. लेकिन फेरीवालों की रोजी रोटी से जुड़ा मुद्दा भी है इसलिए कुछ लोग एमएनएस के खिलाफ भी हैं, खासकर उनकी मारपीट और गुंडागर्दी से.
मुद्दा अवैध फेरीवाले बनाम एमएनएस है लेकिन ये परप्रांतीय विरुद्ध एमएनएस बनता जा रहा है जो आगे चलकर दो समुदायों के बीच संघर्ष का रूप ले सकता है. राजनीतिक पार्टियां इस पर अपनी रोटी सेंकने में जुट भी गई हैं. लेकिन इस पूरे मामले में राज्य सरकार की मूकदर्शक भूमिका भी सवालों में है.
मुद्दा अवैध फेरीवाले बनाम एमएनएस है लेकिन ये परप्रांतीय विरुद्ध एमएनएस बनता जा रहा है जो आगे चलकर दो समुदायों के बीच संघर्ष का रूप ले सकता है. राजनीतिक पार्टियां इस पर अपनी रोटी सेंकने में जुट भी गई हैं. लेकिन इस पूरे मामले में राज्य सरकार की मूकदर्शक भूमिका भी सवालों में है. | यह एक सारांश है: संजय निरूपम ने एमएनएस की फेरीवाला हटाओ मुहिम का विरोध किया है
एलिफिंस्टन भगदड़ हादसे के बाद से फेरीवाले एमएनएस के निशाने पर हैं
एमएनएस की इस मुहिम का बड़े पैमाने पर स्वागत भी हो रहा है | 9 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सीबीआई ने पूर्व रेलमंत्री पवन बंसल के निजी सचिव पवन कुमार बंसल और रेलवे बोर्ड के एक सदस्य के खिलाफ दो नई प्राथमिक जांच का पंजीकरण किया है जो रिश्वतखोरी कांड की जांच का ही हिस्सा है।
सीबीआई सूत्रों ने बताया कि एजेंसी को जानकारी मिली कि रेलवे बोर्ड सदस्य (इलेक्ट्रिकल) कुल भूषण ने रेलवे की जमीन के विकास के लिए करार देने में कथित रूप से एक निजी बिल्डर का पक्ष लिया।
सूत्रों ने बताया कि भूषण ने कथित रूप से शर्तों में ढील दे दी जिससे करोड़ों रुपये का करार हड़पने में बिल्डर को मदद मिली।टिप्पणियां
सूत्रों ने बताया कि सीबीआई को इस कथित तरफदारी का पता 10 करोड़ रुपये के रेलवे के नोट के बदले पदस्थापन की जांच के दौरान चला जिसमें कथित रूप से बंसल के भांजा विजय सिंगला और रेल बोर्ड के तत्कालीन सदस्य (स्टाफ) महेश कुमार संलिप्त हैं।
उन्होंने बताया कि आरोपित से पूछताछ और भूषण से संबंधित फाइलों की जांच के दौरान एजेंसी को इन तरफदारियों की जानकारी मिली।
सीबीआई सूत्रों ने बताया कि एजेंसी को जानकारी मिली कि रेलवे बोर्ड सदस्य (इलेक्ट्रिकल) कुल भूषण ने रेलवे की जमीन के विकास के लिए करार देने में कथित रूप से एक निजी बिल्डर का पक्ष लिया।
सूत्रों ने बताया कि भूषण ने कथित रूप से शर्तों में ढील दे दी जिससे करोड़ों रुपये का करार हड़पने में बिल्डर को मदद मिली।टिप्पणियां
सूत्रों ने बताया कि सीबीआई को इस कथित तरफदारी का पता 10 करोड़ रुपये के रेलवे के नोट के बदले पदस्थापन की जांच के दौरान चला जिसमें कथित रूप से बंसल के भांजा विजय सिंगला और रेल बोर्ड के तत्कालीन सदस्य (स्टाफ) महेश कुमार संलिप्त हैं।
उन्होंने बताया कि आरोपित से पूछताछ और भूषण से संबंधित फाइलों की जांच के दौरान एजेंसी को इन तरफदारियों की जानकारी मिली।
सूत्रों ने बताया कि भूषण ने कथित रूप से शर्तों में ढील दे दी जिससे करोड़ों रुपये का करार हड़पने में बिल्डर को मदद मिली।टिप्पणियां
सूत्रों ने बताया कि सीबीआई को इस कथित तरफदारी का पता 10 करोड़ रुपये के रेलवे के नोट के बदले पदस्थापन की जांच के दौरान चला जिसमें कथित रूप से बंसल के भांजा विजय सिंगला और रेल बोर्ड के तत्कालीन सदस्य (स्टाफ) महेश कुमार संलिप्त हैं।
उन्होंने बताया कि आरोपित से पूछताछ और भूषण से संबंधित फाइलों की जांच के दौरान एजेंसी को इन तरफदारियों की जानकारी मिली।
सूत्रों ने बताया कि सीबीआई को इस कथित तरफदारी का पता 10 करोड़ रुपये के रेलवे के नोट के बदले पदस्थापन की जांच के दौरान चला जिसमें कथित रूप से बंसल के भांजा विजय सिंगला और रेल बोर्ड के तत्कालीन सदस्य (स्टाफ) महेश कुमार संलिप्त हैं।
उन्होंने बताया कि आरोपित से पूछताछ और भूषण से संबंधित फाइलों की जांच के दौरान एजेंसी को इन तरफदारियों की जानकारी मिली।
उन्होंने बताया कि आरोपित से पूछताछ और भूषण से संबंधित फाइलों की जांच के दौरान एजेंसी को इन तरफदारियों की जानकारी मिली। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सीबीआई ने पूर्व रेलमंत्री पवन बंसल के निजी सचिव पवन कुमार बंसल और रेलवे बोर्ड के एक सदस्य के खिलाफ दो नई प्राथमिक जांच का पंजीकरण किया है जो रिश्वतखोरी कांड की जांच का ही हिस्सा है। | 3 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पूर्व सेनाप्रमुख जनरल वीके सिंह ने मंगलवार को अपने पहले दिए बयान पर सफाई देते हुए कहा है कि जम्मू एवं कश्मीर के मंत्रियों को रिश्वत दिए जाने की बात गलत है। इससे पहले, ख़बरें थीं कि पूर्व सेनाप्रमुख ने दावा किया है कि राज्य के मंत्रियों को सेना पैसे देती रही है, क्योंकि राज्य में स्थायित्व बनाए रखने के लिए उन्हें मंत्रियों से काम लेना होता है। पूर्व जनरल ने खुफिया यूनिट की रिपोर्ट लीक हो जाने की जांच कराने की भी मांग की और कहा कि खुफिया यूनिट और उसकी रिपोर्टों के बारे में सावर्जनिक रूप से बात करना देशद्रोह है। जिस तरह से रिपोर्ट उजागर हुई है, जनरल सिंह ने उसके पीछे भी साज़िश होने की आशंका जताई है।
पूर्व थल सेनाप्रमुख वीके सिंह ने कहा कि यह कहना सरासर गलत है कि किसी मंत्री को रिश्वत दी गई। यह रकम उन लोगों को जनता का दिल जीतने के लिए दी गई थी, और ऐसा राज्य सरकार की मदद के उद्देश्य से किया गया था। जनरल सिंह ने कहा कि दरअसल, सेना की वह सीक्रेट यूनिट राज्य की पृथकतावादी ताकतों के खिलाफ काम करती है। उन्होंने यह भी कहा कि वह खुफिया इकाई उनके नहीं, डीजीएमआई के तहत काम करती थी।
जिस तरह से खुफिया इकाई की रिपोर्ट उजागर हुई, उसके पीछे जनरल सिंह ने साजिश की आशंका जताते हुए कहा कि इसमें देश की छवि का ख्याल नहीं रखा गया, यह देशद्रोह है।
इससे पूर्व जम्मू−कश्मीर के मंत्रियों को सेना से पैसे मिलने के पूर्व सेनाप्रमुख के बयान के बाद राजनीति गरमा गई थी। उनके बयान पर गृहमंत्री सुशील शिंदे ने कहा था कि वीके सिंह राजनीतिज्ञों के नाम बताएं। यदि विवरण दिया जाता है तो हम जांच कर सकते हैं। दरअसल, वीके सिंह ने एक अंग्रेजी अखबार को दिए बयान में कहा था कि सेना जम्मू−कश्मीर में सभी मंत्रियों को रकम देती है।
जनरल सिंह ने बताया था कि सेना ऐसा राज्य में स्थायित्व बनाए रखने के लिए करती है। उन्होंने कहा कि मंत्रियों को कई चीजें करने के साथ ही कई गतिविधियों को भी अंजाम देना होता है। दरअसल, जनरल ने यह बयान अपने ऊपर लगाए गए आरोपों के जवाब में दिया था। उन पर आरोप है कि अपने कार्यकाल में जम्मू−कश्मीर के मंत्री गुलाम हसन मीर को राज्य सरकार को अस्थिर करने के लिए टेक्निकल सपोर्ट डिवीजन की ओर से एक करोड़ 19 लाख रुपये दिए गए थे।
हालांकि अपने इस बयान के बाद वीके सिंह ने कहा कि हो सकता है सारे मंत्रियों को नहीं, लेकिन कुछ मंत्री और लोग ज़रूर हैं, जिन्हें खास काम करवाने के लिए रकम दी जाती है।
इस बयान पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारुक अब्दुल्ला का कहना है कि वीके सिंह का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है और इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सेना किसी भी पार्टी के लिए फंडिंग नहीं कर सकती है और अगर ऐसा हुआ है तो गलत है। फारुक अब्दुल्ला ने कहा कि अब इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए, ताकि पता चल सके कि किसने पैसे लिए हैं, और उस रकम का किस तरह इस्तेमाल किया गया है।
उधर, नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रदेश अध्यक्ष देवेंदर सिंह राना ने कहा कि देश और खासकर सेना के लिए यह दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है कि पूर्व सेनाप्रमुख इस तरह के आधारहीन बयान दे रहे हैं। वहीं जम्मू-कश्मीर के मंत्री ताज मोहिउद्दीन का कहना है कि अगर वीके सिंह के पास मंत्रियों के नाम हैं तो वह खुलासा करें।
बीजेपी के सुब्रह्मण्यम स्वामी ने इस मसले पर जनरल सिंह का बचाव किया है, जबकि कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा है कि जनरल सिंह को यह बात तभी कहनी चाहिए थी, जब वह सेनाप्रमुख थे। | यहाँ एक सारांश है:वीके सिंह ने कहा कि यह कहना सरासर गलत है कि किसी मंत्री को रिश्वत दी गई। यह रकम उन लोगों को जनता का दिल जीतने के लिए दी गई थी, और ऐसा राज्य सरकार की मदद के उद्देश्य से किया गया था। | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एल्गोरिथमिक कारोबार नियमों को कड़ा कर दिया है। बाजार नियामक ने इस प्रणाली का इस्तेमाल करने वालों को प्रत्येक छह माह में अपने सिस्टम का ऑडिट अनिवार्य कर दिया है। नियम पालन नहीं करने वाले शेयर ब्रोकरों पर ज्यादा जुर्माना भी लगाया जाएगा।
शेयर कारोबार में ‘एल्गो ट्रेडिंग’ से आशय ऐसे ऑर्डर से हैं, जो आधुनिक गणितीय तरीके का इस्तेमाल कर बेहद तेज गति से सामने आते हैं और अपने आप ही सौदे होते हैं। इस प्रणाली का इस्तेमाल मुख्य रूप से बड़े संस्थागत निवेशकों द्वारा किया जाता है। इस प्रकार की चिंता जताई जाती है कि एल्गो से छोटे निवेशकों और बाजार दोनों को संभावित प्रणालीगत जोखिम का खतरा रहता है।टिप्पणियां
सेबी ने सबसे पहले एल्गो कारोबार पर दिशानिर्देश मार्च, 2012 में जारी किए थे। मंगलवार को जारी सर्कुलर में बाजार नियामक ने कहा है कि उसने एल्गो दिशानिर्देशों की समीक्षा का फैसला किया है। इस बारे में तकनीकी सलाहकार समिति ने सुझाव दिया था। नए नियम 27 मई से लागू होंगे।
संशोधित दिशानिर्देशों के अनुसार, एल्गो सुविधा प्रदान करने वाले शेयर ब्रोकरों को अनिवार्य रूप से प्रत्येक छह माह में अपने सिस्टम का ऑडिट कराना होगा और उसे सेबी और शेयर बाजारों द्वारा तय जरूरतों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। इस तरह का आडिट उचित प्रमाणन वाले सिस्टम आडिटर द्वारा किया जाएगा।
शेयर कारोबार में ‘एल्गो ट्रेडिंग’ से आशय ऐसे ऑर्डर से हैं, जो आधुनिक गणितीय तरीके का इस्तेमाल कर बेहद तेज गति से सामने आते हैं और अपने आप ही सौदे होते हैं। इस प्रणाली का इस्तेमाल मुख्य रूप से बड़े संस्थागत निवेशकों द्वारा किया जाता है। इस प्रकार की चिंता जताई जाती है कि एल्गो से छोटे निवेशकों और बाजार दोनों को संभावित प्रणालीगत जोखिम का खतरा रहता है।टिप्पणियां
सेबी ने सबसे पहले एल्गो कारोबार पर दिशानिर्देश मार्च, 2012 में जारी किए थे। मंगलवार को जारी सर्कुलर में बाजार नियामक ने कहा है कि उसने एल्गो दिशानिर्देशों की समीक्षा का फैसला किया है। इस बारे में तकनीकी सलाहकार समिति ने सुझाव दिया था। नए नियम 27 मई से लागू होंगे।
संशोधित दिशानिर्देशों के अनुसार, एल्गो सुविधा प्रदान करने वाले शेयर ब्रोकरों को अनिवार्य रूप से प्रत्येक छह माह में अपने सिस्टम का ऑडिट कराना होगा और उसे सेबी और शेयर बाजारों द्वारा तय जरूरतों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। इस तरह का आडिट उचित प्रमाणन वाले सिस्टम आडिटर द्वारा किया जाएगा।
सेबी ने सबसे पहले एल्गो कारोबार पर दिशानिर्देश मार्च, 2012 में जारी किए थे। मंगलवार को जारी सर्कुलर में बाजार नियामक ने कहा है कि उसने एल्गो दिशानिर्देशों की समीक्षा का फैसला किया है। इस बारे में तकनीकी सलाहकार समिति ने सुझाव दिया था। नए नियम 27 मई से लागू होंगे।
संशोधित दिशानिर्देशों के अनुसार, एल्गो सुविधा प्रदान करने वाले शेयर ब्रोकरों को अनिवार्य रूप से प्रत्येक छह माह में अपने सिस्टम का ऑडिट कराना होगा और उसे सेबी और शेयर बाजारों द्वारा तय जरूरतों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। इस तरह का आडिट उचित प्रमाणन वाले सिस्टम आडिटर द्वारा किया जाएगा।
संशोधित दिशानिर्देशों के अनुसार, एल्गो सुविधा प्रदान करने वाले शेयर ब्रोकरों को अनिवार्य रूप से प्रत्येक छह माह में अपने सिस्टम का ऑडिट कराना होगा और उसे सेबी और शेयर बाजारों द्वारा तय जरूरतों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। इस तरह का आडिट उचित प्रमाणन वाले सिस्टम आडिटर द्वारा किया जाएगा। | सेबी ने एल्गोरिथमिक कारोबार नियमों को कड़ा कर दिया है। बाजार नियामक ने इस प्रणाली का इस्तेमाल करने वालों को प्रत्येक छह माह में अपने सिस्टम का ऑडिट अनिवार्य कर दिया है। | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रमुख उद्योगपति अनिल अंबानी की पत्नी टीना अंबानी शुक्रवार को 2जी स्पेक्ट्रम मामले में अभियोजन गवाह के तौर पर पेश हुईं और उन्होंने विशेष अदालत को बताया कि रिलायंस एडीएजी के मामलों में उनकी 'कोई भूमिका' नहीं है।
रिलायंस एडीएजी अध्यक्ष एवं टीना के पति अनिल अंबानी गुरुवार को सीबीआई गवाह के तौर पर अदालत में पेश हुए थे। टीना ने अदालत को बताया कि वह रिलायंस एडीएजी की किसी भी कंपनी से कभी नहीं जुड़ीं।
विशेष सीबीआई न्यायाधीश ओपी सैनी से उन्होंने कहा, मेरी रिलायंस एडीएजी में कोई भूमिका नहीं है, क्योंकि मैं एक गृहणी हूं और एक अस्पताल चलाती हूं... मैं रिलायंस एडीएजी की किसी भी कंपनी से कभी भी जुड़ी नहीं रही।टिप्पणियां
55-वर्षीय टीना अंबानी को उन विभिन्न कंपनियों के दस्तावेज दिखाए गए, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे रिलायंस एडीएजी से संबंधित हैं। उन कंपनियों में जेब्रा कंसलटेंट प्राइवेट लिमिटेड, स्वान कंसलटेंट प्राइवेट लिमिटेड भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि उन्हें इन कंपनियों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। सीबीआई अभियोजक केके गोयल द्वारा पूछताछ के दौरान टीना अंबानी को मामले से संबंधित कई दस्तावेज दिखाए गए और उन्होंने उन पर अपने हस्ताक्षर की पहचान की।
रिलायंस एडीएजी अध्यक्ष एवं टीना के पति अनिल अंबानी गुरुवार को सीबीआई गवाह के तौर पर अदालत में पेश हुए थे। टीना ने अदालत को बताया कि वह रिलायंस एडीएजी की किसी भी कंपनी से कभी नहीं जुड़ीं।
विशेष सीबीआई न्यायाधीश ओपी सैनी से उन्होंने कहा, मेरी रिलायंस एडीएजी में कोई भूमिका नहीं है, क्योंकि मैं एक गृहणी हूं और एक अस्पताल चलाती हूं... मैं रिलायंस एडीएजी की किसी भी कंपनी से कभी भी जुड़ी नहीं रही।टिप्पणियां
55-वर्षीय टीना अंबानी को उन विभिन्न कंपनियों के दस्तावेज दिखाए गए, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे रिलायंस एडीएजी से संबंधित हैं। उन कंपनियों में जेब्रा कंसलटेंट प्राइवेट लिमिटेड, स्वान कंसलटेंट प्राइवेट लिमिटेड भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि उन्हें इन कंपनियों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। सीबीआई अभियोजक केके गोयल द्वारा पूछताछ के दौरान टीना अंबानी को मामले से संबंधित कई दस्तावेज दिखाए गए और उन्होंने उन पर अपने हस्ताक्षर की पहचान की।
विशेष सीबीआई न्यायाधीश ओपी सैनी से उन्होंने कहा, मेरी रिलायंस एडीएजी में कोई भूमिका नहीं है, क्योंकि मैं एक गृहणी हूं और एक अस्पताल चलाती हूं... मैं रिलायंस एडीएजी की किसी भी कंपनी से कभी भी जुड़ी नहीं रही।टिप्पणियां
55-वर्षीय टीना अंबानी को उन विभिन्न कंपनियों के दस्तावेज दिखाए गए, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे रिलायंस एडीएजी से संबंधित हैं। उन कंपनियों में जेब्रा कंसलटेंट प्राइवेट लिमिटेड, स्वान कंसलटेंट प्राइवेट लिमिटेड भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि उन्हें इन कंपनियों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। सीबीआई अभियोजक केके गोयल द्वारा पूछताछ के दौरान टीना अंबानी को मामले से संबंधित कई दस्तावेज दिखाए गए और उन्होंने उन पर अपने हस्ताक्षर की पहचान की।
55-वर्षीय टीना अंबानी को उन विभिन्न कंपनियों के दस्तावेज दिखाए गए, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे रिलायंस एडीएजी से संबंधित हैं। उन कंपनियों में जेब्रा कंसलटेंट प्राइवेट लिमिटेड, स्वान कंसलटेंट प्राइवेट लिमिटेड भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि उन्हें इन कंपनियों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। सीबीआई अभियोजक केके गोयल द्वारा पूछताछ के दौरान टीना अंबानी को मामले से संबंधित कई दस्तावेज दिखाए गए और उन्होंने उन पर अपने हस्ताक्षर की पहचान की।
उन्होंने कहा कि उन्हें इन कंपनियों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। सीबीआई अभियोजक केके गोयल द्वारा पूछताछ के दौरान टीना अंबानी को मामले से संबंधित कई दस्तावेज दिखाए गए और उन्होंने उन पर अपने हस्ताक्षर की पहचान की। | यहाँ एक सारांश है:उद्योगपति अनिल अंबानी की पत्नी टीना अंबानी शुक्रवार को 2जी स्पेक्ट्रम मामले में अभियोजन गवाह के तौर पर पेश हुईं और उन्होंने विशेष अदालत को बताया कि रिलायंस एडीएजी के मामलों में उनकी 'कोई भूमिका' नहीं है। | 4 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: 12 बार के ग्रैंडस्लैम चैंपियन राफेल नडाल ने अमेरिकी ओपन टेनिस टूर्नामेंट के चौथे राउंड में जगह बना ली, जिससे वह सातवें वरीय रोजर फेडरर के साथ भिड़ंत के करीब पहुंच गए हैं, जबकि महिला वर्ग में दूसरी वरीय विक्टोरिया अजारेंका को अंतिम 16 में जगह बनाने में मशक्कत करनी पड़ी।
स्पेन के दूसरे वरीय नडाल ने क्रोएशिया के इवान डोडिग को 6-4, 6-3, 6-3 से शिकस्त देकर करियर की सर्वश्रेष्ठ हार्डकोर्ट जीत की संख्या 18 मैच कर ली। उन्होंने मैच के बाद कहा, मुझे लगता है कि मैंने अभी तक हफ्ते का सर्वश्रेष्ठ मैच खेला है।टिप्पणियां
वर्ष 2010 में अमेरिकी ओपन खिताब जीतकर अपना करियर ग्रैंडस्लैम पूरा करने वाले नडाल और स्विस स्टार फेडरर के बीच कभी भी अमेरिकी ओपन में भिड़ंत नहीं हुई है, लेकिन दोनों का सामना क्वार्टरफाइनल में हो सकता है। वर्ष 2002 के बाद फेडरर ग्रैंडस्लैम में अपनी निचली वरीयता पर खेल रहे हैं और उनकी निगाहें 17वें ग्रैंडस्लैम खिताब और छठी अमेरिकी ओपन ट्रॉफी पर लगी हैं। वह फ्रांस के एड्रियन मानारिनो से भिड़ेंगे।
नडाल ने कहा, मुझे दूसरे हफ्ते में पहुंचने के लिए हर चीज में थोड़ा सुधार करना होगा। अगर आप अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं खेल रहे हों, तो मैच जीतना असंभव है। अब उनकी भिड़ंत जर्मनी के 22वें वरीय फिलिप कोलश्रेबर से होगी, जिन्होंने अमेरिका के 13वें वरीय जॉन इस्नर को पराजित किया था। इस्नर के बाहर होने से मेजबान देश की उम्मीदें वाइल्डकार्डधारी टिम स्मिजेक से होगी।
स्पेन के दूसरे वरीय नडाल ने क्रोएशिया के इवान डोडिग को 6-4, 6-3, 6-3 से शिकस्त देकर करियर की सर्वश्रेष्ठ हार्डकोर्ट जीत की संख्या 18 मैच कर ली। उन्होंने मैच के बाद कहा, मुझे लगता है कि मैंने अभी तक हफ्ते का सर्वश्रेष्ठ मैच खेला है।टिप्पणियां
वर्ष 2010 में अमेरिकी ओपन खिताब जीतकर अपना करियर ग्रैंडस्लैम पूरा करने वाले नडाल और स्विस स्टार फेडरर के बीच कभी भी अमेरिकी ओपन में भिड़ंत नहीं हुई है, लेकिन दोनों का सामना क्वार्टरफाइनल में हो सकता है। वर्ष 2002 के बाद फेडरर ग्रैंडस्लैम में अपनी निचली वरीयता पर खेल रहे हैं और उनकी निगाहें 17वें ग्रैंडस्लैम खिताब और छठी अमेरिकी ओपन ट्रॉफी पर लगी हैं। वह फ्रांस के एड्रियन मानारिनो से भिड़ेंगे।
नडाल ने कहा, मुझे दूसरे हफ्ते में पहुंचने के लिए हर चीज में थोड़ा सुधार करना होगा। अगर आप अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं खेल रहे हों, तो मैच जीतना असंभव है। अब उनकी भिड़ंत जर्मनी के 22वें वरीय फिलिप कोलश्रेबर से होगी, जिन्होंने अमेरिका के 13वें वरीय जॉन इस्नर को पराजित किया था। इस्नर के बाहर होने से मेजबान देश की उम्मीदें वाइल्डकार्डधारी टिम स्मिजेक से होगी।
वर्ष 2010 में अमेरिकी ओपन खिताब जीतकर अपना करियर ग्रैंडस्लैम पूरा करने वाले नडाल और स्विस स्टार फेडरर के बीच कभी भी अमेरिकी ओपन में भिड़ंत नहीं हुई है, लेकिन दोनों का सामना क्वार्टरफाइनल में हो सकता है। वर्ष 2002 के बाद फेडरर ग्रैंडस्लैम में अपनी निचली वरीयता पर खेल रहे हैं और उनकी निगाहें 17वें ग्रैंडस्लैम खिताब और छठी अमेरिकी ओपन ट्रॉफी पर लगी हैं। वह फ्रांस के एड्रियन मानारिनो से भिड़ेंगे।
नडाल ने कहा, मुझे दूसरे हफ्ते में पहुंचने के लिए हर चीज में थोड़ा सुधार करना होगा। अगर आप अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं खेल रहे हों, तो मैच जीतना असंभव है। अब उनकी भिड़ंत जर्मनी के 22वें वरीय फिलिप कोलश्रेबर से होगी, जिन्होंने अमेरिका के 13वें वरीय जॉन इस्नर को पराजित किया था। इस्नर के बाहर होने से मेजबान देश की उम्मीदें वाइल्डकार्डधारी टिम स्मिजेक से होगी।
नडाल ने कहा, मुझे दूसरे हफ्ते में पहुंचने के लिए हर चीज में थोड़ा सुधार करना होगा। अगर आप अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं खेल रहे हों, तो मैच जीतना असंभव है। अब उनकी भिड़ंत जर्मनी के 22वें वरीय फिलिप कोलश्रेबर से होगी, जिन्होंने अमेरिका के 13वें वरीय जॉन इस्नर को पराजित किया था। इस्नर के बाहर होने से मेजबान देश की उम्मीदें वाइल्डकार्डधारी टिम स्मिजेक से होगी। | 12 बार के ग्रैंडस्लैम चैंपियन राफेल नडाल ने अमेरिकी ओपन टेनिस टूर्नामेंट के चौथे राउंड में जगह बना ली, जिससे वह सातवें वरीय रोजर फेडरर के साथ भिड़ंत के करीब पहुंच गए हैं, जबकि महिला वर्ग में दूसरी वरीय विक्टोरिया अजारेंका को अंतिम 16 में जगह बनाने में मशक | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: तूफान के पर्याय, फर्राटा के बादशाह उसैन बोल्ट ने आज यहां अपनी ख्याति के अनुरूप प्रदर्शन करते हुए 100 मीटर की बहुप्रतिष्ठित, बहुचर्चित दौड़ में लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीतकर ओलिंपिक में नया इतिहास रचा जबकि दक्षिण अफ्रीका के वेड वान नीकर्क ने 400 मीटर में माइकल जॉनसन का लंबे समय से चला आ रहा रिकॉर्ड तोड़ा.
रियो ओलिंपिक में जमैका के बोल्ट ने खचाखच भरे स्टेडियम में 100 मीटर के फाइनल में 9.81 सेकेंड का समय निकालकर सोने का तमगा हासिल किया. डोपिंग के दागी अमेरिकी धावक जस्टिन गैटलिन 9.89 सेकेंड के साथ दूसरे जबकि कनाडा के आंद्रे डि ग्रेस 9.91 सेकेंड का समय लेकर तीसरे स्थान पर रहे. नीकर्क ने पुरुषों की 400 मीटर दौड़ 43 . 03 सेकेंड में पूरी की जो जानसन के पिछले रिकॉर्ड से 0. 15 सेकेंड बेहतर है.
जॉनसन ने 1999 में सेविले में यह रिकॉर्ड बनाया था. ग्रेनाडा के मौजूदा चैंपियन किरानी जेम्स ने 43.76 सेकेंड के साथ रजत पदक जीता जबकि अमेरिका के लैशवान मेरिट (43 . 85 सेकेंड ) को कांस्य पदक मिला. लेकिन आज का दिन बोल्ट के नाम पर था और पूरे स्टेडियम में सिर्फ उन्हीं का नाम गूंज रहा था. विश्व और ओलिंपिक रिकॉर्डधारक इस फर्राटा धावक ने अपने प्रशंसकों को निराश भी नहीं किया. बीजिंग और लंदन में भी 100 मीटर का स्वर्ण पदक जीतने वाले इस दिग्गज ने दौड़ पूरी करने के बाद दर्शकों का आभार व्यक्त किया. बोल्ट ने अपने पारंपरिक ‘लाइटनिंग बोल्ट’ का पोज बनाया. उन्होंने पूरे स्टेडियम का चक्कर लगाया और यहां तक कि अपने प्रशंसकों के साथ सेल्फी भी खिंचवाई. टिप्पणियां
उन्होंने बाद में कहा, यह बेहतरीन था. मैं बहुत तेज नहीं दौड़ा लेकिन मैं जीता और इसलिए मैं खुश हूं. मैंने आपसे कहा था कि मैं खिताब जीतने जा रहा हूं. किसी ने कहा था कि मैं अमर बन सकता हूं. दो और पदक जीतकर मैं अमर बनकर विदाई ले सकता हूं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रियो ओलिंपिक में जमैका के बोल्ट ने खचाखच भरे स्टेडियम में 100 मीटर के फाइनल में 9.81 सेकेंड का समय निकालकर सोने का तमगा हासिल किया. डोपिंग के दागी अमेरिकी धावक जस्टिन गैटलिन 9.89 सेकेंड के साथ दूसरे जबकि कनाडा के आंद्रे डि ग्रेस 9.91 सेकेंड का समय लेकर तीसरे स्थान पर रहे. नीकर्क ने पुरुषों की 400 मीटर दौड़ 43 . 03 सेकेंड में पूरी की जो जानसन के पिछले रिकॉर्ड से 0. 15 सेकेंड बेहतर है.
जॉनसन ने 1999 में सेविले में यह रिकॉर्ड बनाया था. ग्रेनाडा के मौजूदा चैंपियन किरानी जेम्स ने 43.76 सेकेंड के साथ रजत पदक जीता जबकि अमेरिका के लैशवान मेरिट (43 . 85 सेकेंड ) को कांस्य पदक मिला. लेकिन आज का दिन बोल्ट के नाम पर था और पूरे स्टेडियम में सिर्फ उन्हीं का नाम गूंज रहा था. विश्व और ओलिंपिक रिकॉर्डधारक इस फर्राटा धावक ने अपने प्रशंसकों को निराश भी नहीं किया. बीजिंग और लंदन में भी 100 मीटर का स्वर्ण पदक जीतने वाले इस दिग्गज ने दौड़ पूरी करने के बाद दर्शकों का आभार व्यक्त किया. बोल्ट ने अपने पारंपरिक ‘लाइटनिंग बोल्ट’ का पोज बनाया. उन्होंने पूरे स्टेडियम का चक्कर लगाया और यहां तक कि अपने प्रशंसकों के साथ सेल्फी भी खिंचवाई. टिप्पणियां
उन्होंने बाद में कहा, यह बेहतरीन था. मैं बहुत तेज नहीं दौड़ा लेकिन मैं जीता और इसलिए मैं खुश हूं. मैंने आपसे कहा था कि मैं खिताब जीतने जा रहा हूं. किसी ने कहा था कि मैं अमर बन सकता हूं. दो और पदक जीतकर मैं अमर बनकर विदाई ले सकता हूं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जॉनसन ने 1999 में सेविले में यह रिकॉर्ड बनाया था. ग्रेनाडा के मौजूदा चैंपियन किरानी जेम्स ने 43.76 सेकेंड के साथ रजत पदक जीता जबकि अमेरिका के लैशवान मेरिट (43 . 85 सेकेंड ) को कांस्य पदक मिला. लेकिन आज का दिन बोल्ट के नाम पर था और पूरे स्टेडियम में सिर्फ उन्हीं का नाम गूंज रहा था. विश्व और ओलिंपिक रिकॉर्डधारक इस फर्राटा धावक ने अपने प्रशंसकों को निराश भी नहीं किया. बीजिंग और लंदन में भी 100 मीटर का स्वर्ण पदक जीतने वाले इस दिग्गज ने दौड़ पूरी करने के बाद दर्शकों का आभार व्यक्त किया. बोल्ट ने अपने पारंपरिक ‘लाइटनिंग बोल्ट’ का पोज बनाया. उन्होंने पूरे स्टेडियम का चक्कर लगाया और यहां तक कि अपने प्रशंसकों के साथ सेल्फी भी खिंचवाई. टिप्पणियां
उन्होंने बाद में कहा, यह बेहतरीन था. मैं बहुत तेज नहीं दौड़ा लेकिन मैं जीता और इसलिए मैं खुश हूं. मैंने आपसे कहा था कि मैं खिताब जीतने जा रहा हूं. किसी ने कहा था कि मैं अमर बन सकता हूं. दो और पदक जीतकर मैं अमर बनकर विदाई ले सकता हूं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने बाद में कहा, यह बेहतरीन था. मैं बहुत तेज नहीं दौड़ा लेकिन मैं जीता और इसलिए मैं खुश हूं. मैंने आपसे कहा था कि मैं खिताब जीतने जा रहा हूं. किसी ने कहा था कि मैं अमर बन सकता हूं. दो और पदक जीतकर मैं अमर बनकर विदाई ले सकता हूं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: 100 मीटर की दौड़ में लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीता
नीकर्क ने माइकल जॉनसन का लंबे समय से चला आ रहा रिकॉर्ड तोड़ा
बोल्ट ने जीतने के बाद लोगों के साथ सेल्फी खिंचवाई | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव की राय में इस समय दुनिया के फिर मंदी में फंसने का खतरा कम ही है। उन्होंने यह बात ऐसे समय कही है जबकि विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका की आर्थिक वृद्धि धीमी है और यूरोपीय संघ का अर्थव्यवस्था गिर रही है। इन दो प्रमुख क्षेत्रों की कजोर और डांवाडोल आर्थिक स्थिति के मद्देनजर आशंका है कि कही 2008 की तरह विश्व अर्थव्यवस्था कहीं एक बार फिर मंदी में न घिर जाए। राव ने यहां सीआईआई के एक समारोह में कहा मुझे लगता है कि वैश्विक मंदी की संभावना कम है। साथ ही कहा कि भारत की वृद्धि दर में कमी आ रही है लेकिन इसके मंदी की रुख करार नहीं दे सकते। उन्होंने कहा, अमेरिका अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी है। यूरोप की वृद्धि दर घट रही है और जापान की वृद्धि दर में सुधार हो रहा है। सुब्बाराव ने भारतीय अर्थव्यवस्था की चुनौतियों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि आरबीआई का काम आर्थिक वृद्धि की रफ्तार और मूल्य स्तर के बीच उचित संतुलन स्थापित करना। उन्होंने कहा, मैं भारत के 80 फीसद लोगों के प्रति संवेदनशील हूं जो कीमत बढ़ने से प्रभावित हो रहे हैं। हमें ब्याज दरों में बढ़ोतरी से परेशान उद्योगपतियों और (महंगाई से पीड़ित) गरीबों की चिंताओं के बीच संतुलन स्थापित करना होगा। सुब्बाराव ने कहा कि इस बारे में चिंता जायज है कि मार्च 2010 से अब तक 13 बार ब्याज दरें बढ़ाने के बावजूद मुद्रास्फीति कम नहीं हुई लेकिन कहा कि यदि मौद्रिक नीति सख्त नहीं की गई होती तो कीमतें और बढ़ी होतीं। उन्होंने कहा, यह आलोचना जायज है। लेकिन यदि आरबीआई ने कदम नहीं उठाए होते तो मुद्रास्फीति की अभी 12 या 13 फीसद पहुंच गई होती न कि 9.7 फीसद। रुपये की पूंजी खाते की परिवर्तनीयता के बारे में उन्होंने कहा कि यह तब तक नहीं होगा जब तक राजकोषीय स्थिरता नहीं आती, वित्तीय बाजार और विकसित नहीं होते और वृद्धि दर स्थिर नहीं होती और मुद्रास्फीति में स्थिरता नहीं आती। | संक्षिप्त सारांश: सुब्बाराव ने यह बात ऐसे समय कही है जबकि विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका की आर्थिक वृद्धि धीमी है। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बाराबती स्टेडियम में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पांचवें संस्करण के अंतर्गत रविवार को खेले जाने वाले लीग मुकाबले में गौतम गंभीर की कप्तानी वाली कोलकाता नाइटराइडर्स के खिलाफ डेक्कन चार्जर्स टीम के लिए लगातार पांचवीं हार से निपटने की चुनौती होगी। अपने पिछले मैच में किंग्स इलेवन पंजाब को आठ विकेट से हराकर नाइटराइडर्स टीम फिर से जीत की पटरी पर सवार हो गई है, जबकि चार्जर्स ने अब तक खेले अपने चारों मैच गंवा दिए हैं।
अभिनेता शाहरुख खान की मालिकाना हक रखने वाली नाइटराइडर्स ने मौजूदा संस्करण में अब तक छह मैच खेले हैं, जिनमें उसे तीन में जीत और इतने ही मैचों में हार नसीब हुई है। छह अंक लेकर नाइटराइडर्स बेहतर नेट रनरेट के आधार पर अंक तालिका में पांचवें स्थान पर है। 2009 की चैंपियन चार्जर्स मौजूदा सत्र में एक अदद जीत के लिए तरस रही है। चार्जर्स ने अब तक चार मैच खेले हैं और चारों में उसे शिकस्त झेलनी पड़ी है। चार्जर्स नौ टीमों की तालिका में सबसे निचले क्रम पर है।टिप्पणियां
गंभीर ने किंग्स इलेवन के खिलाफ नाबाद 66 रन बनाए थे, जबकि हरफनमौला जैक्स कैलिस ने नाबाद 30 रनों का योगदान दिया था। ब्रेंडन मैक्लम मौजूदा संस्करण में अब तक बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे हैं।
दूसरी ओर, चाजर्स को यदि इस टूर्नामेंट में वापसी करनी है, तो उसे आगामी कुछ मैचों में लगातार जीत दर्ज करनी होगी। चाजर्स के बल्लेबाजों को अधिक रन बनाने होंगे और उसके गेंदबाजों को नियमित अंतराल पर विपक्षी टीम के विकेट चटकाने होंगे। इसके अलावा क्षेत्ररक्षण में भी चार्जर्स को सुधार की जरूरत है।
अभिनेता शाहरुख खान की मालिकाना हक रखने वाली नाइटराइडर्स ने मौजूदा संस्करण में अब तक छह मैच खेले हैं, जिनमें उसे तीन में जीत और इतने ही मैचों में हार नसीब हुई है। छह अंक लेकर नाइटराइडर्स बेहतर नेट रनरेट के आधार पर अंक तालिका में पांचवें स्थान पर है। 2009 की चैंपियन चार्जर्स मौजूदा सत्र में एक अदद जीत के लिए तरस रही है। चार्जर्स ने अब तक चार मैच खेले हैं और चारों में उसे शिकस्त झेलनी पड़ी है। चार्जर्स नौ टीमों की तालिका में सबसे निचले क्रम पर है।टिप्पणियां
गंभीर ने किंग्स इलेवन के खिलाफ नाबाद 66 रन बनाए थे, जबकि हरफनमौला जैक्स कैलिस ने नाबाद 30 रनों का योगदान दिया था। ब्रेंडन मैक्लम मौजूदा संस्करण में अब तक बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे हैं।
दूसरी ओर, चाजर्स को यदि इस टूर्नामेंट में वापसी करनी है, तो उसे आगामी कुछ मैचों में लगातार जीत दर्ज करनी होगी। चाजर्स के बल्लेबाजों को अधिक रन बनाने होंगे और उसके गेंदबाजों को नियमित अंतराल पर विपक्षी टीम के विकेट चटकाने होंगे। इसके अलावा क्षेत्ररक्षण में भी चार्जर्स को सुधार की जरूरत है।
गंभीर ने किंग्स इलेवन के खिलाफ नाबाद 66 रन बनाए थे, जबकि हरफनमौला जैक्स कैलिस ने नाबाद 30 रनों का योगदान दिया था। ब्रेंडन मैक्लम मौजूदा संस्करण में अब तक बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे हैं।
दूसरी ओर, चाजर्स को यदि इस टूर्नामेंट में वापसी करनी है, तो उसे आगामी कुछ मैचों में लगातार जीत दर्ज करनी होगी। चाजर्स के बल्लेबाजों को अधिक रन बनाने होंगे और उसके गेंदबाजों को नियमित अंतराल पर विपक्षी टीम के विकेट चटकाने होंगे। इसके अलावा क्षेत्ररक्षण में भी चार्जर्स को सुधार की जरूरत है।
दूसरी ओर, चाजर्स को यदि इस टूर्नामेंट में वापसी करनी है, तो उसे आगामी कुछ मैचों में लगातार जीत दर्ज करनी होगी। चाजर्स के बल्लेबाजों को अधिक रन बनाने होंगे और उसके गेंदबाजों को नियमित अंतराल पर विपक्षी टीम के विकेट चटकाने होंगे। इसके अलावा क्षेत्ररक्षण में भी चार्जर्स को सुधार की जरूरत है। | संक्षिप्त सारांश: गौतम गंभीर की कप्तानी वाली कोलकाता नाइटराइडर्स के खिलाफ डेक्कन चार्जर्स टीम के लिए लगातार पांचवीं हार से निपटने की चुनौती होगी। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सीबीआई के एक शीर्ष अधिकारी के खिलाफ प्रदर्शन के लिए जांच एजेंसी के कार्यालय की ओर बढ़ रहे बीजेपी कार्यकर्ताओं को रोकने के उद्देश्य से पुलिस ने पानी की धार छोड़ी, जिससे कम से कम 10 कार्यकर्ता घायल हो गए।
इस अधिकारी पर बीजेपी ने रेलवे में पदोन्नति के लिए कथित रिश्वत मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल को बचाने का आरोप लगाया है। बीजेपी नेता हरमोहन धवन की अगुवाई में कई स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं ने चंडीगढ़ के सीबीआई उप महानिरीक्षक महेश अग्रवाल के खिलाफ प्रदर्शन किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि अग्रवाल के बंसल के साथ पारिवारिक रिश्ते हैं और उन्होंने करोड़ों रुपये के रिश्वत मामले में बंसल के भतीजे की गिरफ्तारी के बाद पूर्व रेल मंत्री को बचाया। प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय सीबीआई कार्यालय तक जुलूस निकालने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने अवरोधक तोड़ने का प्रयास किया।टिप्पणियां
सूत्रों ने बताया कि तब पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए पानी की धार उन पर छोड़ी, जिससे एक महिला सहित कम से कम 10 कार्यकर्ता मामूली तौर पर घायल हो गए। धवन ने कहा, हमारा प्रदर्शन शांतिपूर्ण था। बिना किसी उकसावे का... पुलिस ने हम पर पानी की धार छोड़ी। उन्होंने दावा किया कि एक सीबीआई अधिकारी ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण में 15 मई को अग्रवाल के खिलाफ एक हलफनामा सौंपा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उन्होंने (अग्रवाल ने) बंसल के परिजनों से जुड़े दो मामलों में जांच को प्रभावित करने की कोशिश की।
अग्रवाल को तत्काल निलंबित करने और उनके खिलाफ उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए धवन ने यह भी आरोप लगाया कि सीबीआई अधिकारी ने रेलवे घोटाले के सिलसिले में 3 मई को बंसल के भतीजे विजय सिंगला के घर पर सीबीआई की दिल्ली टीम के छापे की सूचना लीक कर दी थी। तमिलनाडु कैडर के 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी अग्रवाल वर्ष 2006 में पुलिस अधीक्षक बनकर चंडीगढ़ आए थे। बाद में उन्हें डीआईजी रैंक पर पदोन्नति दी गई।
इस अधिकारी पर बीजेपी ने रेलवे में पदोन्नति के लिए कथित रिश्वत मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल को बचाने का आरोप लगाया है। बीजेपी नेता हरमोहन धवन की अगुवाई में कई स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं ने चंडीगढ़ के सीबीआई उप महानिरीक्षक महेश अग्रवाल के खिलाफ प्रदर्शन किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि अग्रवाल के बंसल के साथ पारिवारिक रिश्ते हैं और उन्होंने करोड़ों रुपये के रिश्वत मामले में बंसल के भतीजे की गिरफ्तारी के बाद पूर्व रेल मंत्री को बचाया। प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय सीबीआई कार्यालय तक जुलूस निकालने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने अवरोधक तोड़ने का प्रयास किया।टिप्पणियां
सूत्रों ने बताया कि तब पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए पानी की धार उन पर छोड़ी, जिससे एक महिला सहित कम से कम 10 कार्यकर्ता मामूली तौर पर घायल हो गए। धवन ने कहा, हमारा प्रदर्शन शांतिपूर्ण था। बिना किसी उकसावे का... पुलिस ने हम पर पानी की धार छोड़ी। उन्होंने दावा किया कि एक सीबीआई अधिकारी ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण में 15 मई को अग्रवाल के खिलाफ एक हलफनामा सौंपा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उन्होंने (अग्रवाल ने) बंसल के परिजनों से जुड़े दो मामलों में जांच को प्रभावित करने की कोशिश की।
अग्रवाल को तत्काल निलंबित करने और उनके खिलाफ उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए धवन ने यह भी आरोप लगाया कि सीबीआई अधिकारी ने रेलवे घोटाले के सिलसिले में 3 मई को बंसल के भतीजे विजय सिंगला के घर पर सीबीआई की दिल्ली टीम के छापे की सूचना लीक कर दी थी। तमिलनाडु कैडर के 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी अग्रवाल वर्ष 2006 में पुलिस अधीक्षक बनकर चंडीगढ़ आए थे। बाद में उन्हें डीआईजी रैंक पर पदोन्नति दी गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि अग्रवाल के बंसल के साथ पारिवारिक रिश्ते हैं और उन्होंने करोड़ों रुपये के रिश्वत मामले में बंसल के भतीजे की गिरफ्तारी के बाद पूर्व रेल मंत्री को बचाया। प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय सीबीआई कार्यालय तक जुलूस निकालने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने अवरोधक तोड़ने का प्रयास किया।टिप्पणियां
सूत्रों ने बताया कि तब पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए पानी की धार उन पर छोड़ी, जिससे एक महिला सहित कम से कम 10 कार्यकर्ता मामूली तौर पर घायल हो गए। धवन ने कहा, हमारा प्रदर्शन शांतिपूर्ण था। बिना किसी उकसावे का... पुलिस ने हम पर पानी की धार छोड़ी। उन्होंने दावा किया कि एक सीबीआई अधिकारी ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण में 15 मई को अग्रवाल के खिलाफ एक हलफनामा सौंपा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उन्होंने (अग्रवाल ने) बंसल के परिजनों से जुड़े दो मामलों में जांच को प्रभावित करने की कोशिश की।
अग्रवाल को तत्काल निलंबित करने और उनके खिलाफ उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए धवन ने यह भी आरोप लगाया कि सीबीआई अधिकारी ने रेलवे घोटाले के सिलसिले में 3 मई को बंसल के भतीजे विजय सिंगला के घर पर सीबीआई की दिल्ली टीम के छापे की सूचना लीक कर दी थी। तमिलनाडु कैडर के 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी अग्रवाल वर्ष 2006 में पुलिस अधीक्षक बनकर चंडीगढ़ आए थे। बाद में उन्हें डीआईजी रैंक पर पदोन्नति दी गई।
सूत्रों ने बताया कि तब पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए पानी की धार उन पर छोड़ी, जिससे एक महिला सहित कम से कम 10 कार्यकर्ता मामूली तौर पर घायल हो गए। धवन ने कहा, हमारा प्रदर्शन शांतिपूर्ण था। बिना किसी उकसावे का... पुलिस ने हम पर पानी की धार छोड़ी। उन्होंने दावा किया कि एक सीबीआई अधिकारी ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण में 15 मई को अग्रवाल के खिलाफ एक हलफनामा सौंपा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उन्होंने (अग्रवाल ने) बंसल के परिजनों से जुड़े दो मामलों में जांच को प्रभावित करने की कोशिश की।
अग्रवाल को तत्काल निलंबित करने और उनके खिलाफ उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए धवन ने यह भी आरोप लगाया कि सीबीआई अधिकारी ने रेलवे घोटाले के सिलसिले में 3 मई को बंसल के भतीजे विजय सिंगला के घर पर सीबीआई की दिल्ली टीम के छापे की सूचना लीक कर दी थी। तमिलनाडु कैडर के 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी अग्रवाल वर्ष 2006 में पुलिस अधीक्षक बनकर चंडीगढ़ आए थे। बाद में उन्हें डीआईजी रैंक पर पदोन्नति दी गई।
अग्रवाल को तत्काल निलंबित करने और उनके खिलाफ उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए धवन ने यह भी आरोप लगाया कि सीबीआई अधिकारी ने रेलवे घोटाले के सिलसिले में 3 मई को बंसल के भतीजे विजय सिंगला के घर पर सीबीआई की दिल्ली टीम के छापे की सूचना लीक कर दी थी। तमिलनाडु कैडर के 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी अग्रवाल वर्ष 2006 में पुलिस अधीक्षक बनकर चंडीगढ़ आए थे। बाद में उन्हें डीआईजी रैंक पर पदोन्नति दी गई। | यह एक सारांश है: डीआईजी महेश अग्रवाल पर बीजेपी ने रेलवे में पदोन्नति के लिए कथित रिश्वत मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल को बचाने का आरोप लगाया है। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने पानी की धार छोड़ी, जिससे कम से कम 10 कार्यकर्ता घायल हो गए। | 24 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों में बीते सप्ताह सुस्ती रही। आम बजट और मौद्रिक समीक्षा आने जैसी महत्वपूर्ण आर्थिक घटनाओं के बावजूद निवेशक उत्साहित नहीं दिखे।
शुक्रवार को लोकसभा में आम बजट पेश किए जाने के बाद बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 37.04 अंक गिरकर 17466.2 पर बंद हुआ जबकि इससे पिछले सप्ताह सेंसेक्स 17503.24 पर बंद हुआ था।
इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 15.65 अंकों की गिरावट के साथ 5317.9 पर बंद हुआ।
बीते सप्ताह 15 मार्च को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा अर्ध तिमाही मौद्रिक समीक्षा में प्रमुख ब्याजों दरों के अपरिवर्तित रहने के कारण भी बाजार को निराशा हाथ लगी थी। इसके बाद उस दिन सेंसेक्स में 243 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई थी।
इसी तरह शुक्रवार को आम बजट में वित्तीय बाजार के लिए कुछ खास घोषणा नहीं होने से निवेशकों में निराशा देखी गई।
साप्ताहिक कारोबार के दौरान सेंसेक्स में शामिल डीएलएफ (5.6 फीसदी), सन फार्मा (5.2 फीसदी), टीसीएस (4.8 फीसदी) और एचडीएफसी बैंक (4.7) शेयरों में अच्छी गिरावट दर्ज की गई।
सप्ताह के दौरान वैश्विक स्तर पर देखें तो एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखा गया। टिप्पणियां
सप्ताह के दौरान जापान के निक्केई सूचकांक में 2.02 फीसदी जबकि हांगकांग के हेंगसेंग में 1.1 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। चीन के शंघाई कम्पोजिट सूचकांक में 1.42 फीसदी की गिरावट रही।
यूरोपीय बाजारों में हालांकि इस दौरान अच्छी तेजी रही। ब्रिटेन का एफटीएसई 100 में 1.33 फीसदी की जबकि जर्मन के डीएएक्स सूचकांक में 4.03 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। फ्रांस के सीएसी 40 में तीन फीसदी से अधिक की तेजी रही।
शुक्रवार को लोकसभा में आम बजट पेश किए जाने के बाद बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 37.04 अंक गिरकर 17466.2 पर बंद हुआ जबकि इससे पिछले सप्ताह सेंसेक्स 17503.24 पर बंद हुआ था।
इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 15.65 अंकों की गिरावट के साथ 5317.9 पर बंद हुआ।
बीते सप्ताह 15 मार्च को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा अर्ध तिमाही मौद्रिक समीक्षा में प्रमुख ब्याजों दरों के अपरिवर्तित रहने के कारण भी बाजार को निराशा हाथ लगी थी। इसके बाद उस दिन सेंसेक्स में 243 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई थी।
इसी तरह शुक्रवार को आम बजट में वित्तीय बाजार के लिए कुछ खास घोषणा नहीं होने से निवेशकों में निराशा देखी गई।
साप्ताहिक कारोबार के दौरान सेंसेक्स में शामिल डीएलएफ (5.6 फीसदी), सन फार्मा (5.2 फीसदी), टीसीएस (4.8 फीसदी) और एचडीएफसी बैंक (4.7) शेयरों में अच्छी गिरावट दर्ज की गई।
सप्ताह के दौरान वैश्विक स्तर पर देखें तो एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखा गया। टिप्पणियां
सप्ताह के दौरान जापान के निक्केई सूचकांक में 2.02 फीसदी जबकि हांगकांग के हेंगसेंग में 1.1 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। चीन के शंघाई कम्पोजिट सूचकांक में 1.42 फीसदी की गिरावट रही।
यूरोपीय बाजारों में हालांकि इस दौरान अच्छी तेजी रही। ब्रिटेन का एफटीएसई 100 में 1.33 फीसदी की जबकि जर्मन के डीएएक्स सूचकांक में 4.03 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। फ्रांस के सीएसी 40 में तीन फीसदी से अधिक की तेजी रही।
इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 15.65 अंकों की गिरावट के साथ 5317.9 पर बंद हुआ।
बीते सप्ताह 15 मार्च को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा अर्ध तिमाही मौद्रिक समीक्षा में प्रमुख ब्याजों दरों के अपरिवर्तित रहने के कारण भी बाजार को निराशा हाथ लगी थी। इसके बाद उस दिन सेंसेक्स में 243 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई थी।
इसी तरह शुक्रवार को आम बजट में वित्तीय बाजार के लिए कुछ खास घोषणा नहीं होने से निवेशकों में निराशा देखी गई।
साप्ताहिक कारोबार के दौरान सेंसेक्स में शामिल डीएलएफ (5.6 फीसदी), सन फार्मा (5.2 फीसदी), टीसीएस (4.8 फीसदी) और एचडीएफसी बैंक (4.7) शेयरों में अच्छी गिरावट दर्ज की गई।
सप्ताह के दौरान वैश्विक स्तर पर देखें तो एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखा गया। टिप्पणियां
सप्ताह के दौरान जापान के निक्केई सूचकांक में 2.02 फीसदी जबकि हांगकांग के हेंगसेंग में 1.1 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। चीन के शंघाई कम्पोजिट सूचकांक में 1.42 फीसदी की गिरावट रही।
यूरोपीय बाजारों में हालांकि इस दौरान अच्छी तेजी रही। ब्रिटेन का एफटीएसई 100 में 1.33 फीसदी की जबकि जर्मन के डीएएक्स सूचकांक में 4.03 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। फ्रांस के सीएसी 40 में तीन फीसदी से अधिक की तेजी रही।
बीते सप्ताह 15 मार्च को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा अर्ध तिमाही मौद्रिक समीक्षा में प्रमुख ब्याजों दरों के अपरिवर्तित रहने के कारण भी बाजार को निराशा हाथ लगी थी। इसके बाद उस दिन सेंसेक्स में 243 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई थी।
इसी तरह शुक्रवार को आम बजट में वित्तीय बाजार के लिए कुछ खास घोषणा नहीं होने से निवेशकों में निराशा देखी गई।
साप्ताहिक कारोबार के दौरान सेंसेक्स में शामिल डीएलएफ (5.6 फीसदी), सन फार्मा (5.2 फीसदी), टीसीएस (4.8 फीसदी) और एचडीएफसी बैंक (4.7) शेयरों में अच्छी गिरावट दर्ज की गई।
सप्ताह के दौरान वैश्विक स्तर पर देखें तो एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखा गया। टिप्पणियां
सप्ताह के दौरान जापान के निक्केई सूचकांक में 2.02 फीसदी जबकि हांगकांग के हेंगसेंग में 1.1 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। चीन के शंघाई कम्पोजिट सूचकांक में 1.42 फीसदी की गिरावट रही।
यूरोपीय बाजारों में हालांकि इस दौरान अच्छी तेजी रही। ब्रिटेन का एफटीएसई 100 में 1.33 फीसदी की जबकि जर्मन के डीएएक्स सूचकांक में 4.03 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। फ्रांस के सीएसी 40 में तीन फीसदी से अधिक की तेजी रही।
इसी तरह शुक्रवार को आम बजट में वित्तीय बाजार के लिए कुछ खास घोषणा नहीं होने से निवेशकों में निराशा देखी गई।
साप्ताहिक कारोबार के दौरान सेंसेक्स में शामिल डीएलएफ (5.6 फीसदी), सन फार्मा (5.2 फीसदी), टीसीएस (4.8 फीसदी) और एचडीएफसी बैंक (4.7) शेयरों में अच्छी गिरावट दर्ज की गई।
सप्ताह के दौरान वैश्विक स्तर पर देखें तो एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखा गया। टिप्पणियां
सप्ताह के दौरान जापान के निक्केई सूचकांक में 2.02 फीसदी जबकि हांगकांग के हेंगसेंग में 1.1 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। चीन के शंघाई कम्पोजिट सूचकांक में 1.42 फीसदी की गिरावट रही।
यूरोपीय बाजारों में हालांकि इस दौरान अच्छी तेजी रही। ब्रिटेन का एफटीएसई 100 में 1.33 फीसदी की जबकि जर्मन के डीएएक्स सूचकांक में 4.03 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। फ्रांस के सीएसी 40 में तीन फीसदी से अधिक की तेजी रही।
साप्ताहिक कारोबार के दौरान सेंसेक्स में शामिल डीएलएफ (5.6 फीसदी), सन फार्मा (5.2 फीसदी), टीसीएस (4.8 फीसदी) और एचडीएफसी बैंक (4.7) शेयरों में अच्छी गिरावट दर्ज की गई।
सप्ताह के दौरान वैश्विक स्तर पर देखें तो एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखा गया। टिप्पणियां
सप्ताह के दौरान जापान के निक्केई सूचकांक में 2.02 फीसदी जबकि हांगकांग के हेंगसेंग में 1.1 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। चीन के शंघाई कम्पोजिट सूचकांक में 1.42 फीसदी की गिरावट रही।
यूरोपीय बाजारों में हालांकि इस दौरान अच्छी तेजी रही। ब्रिटेन का एफटीएसई 100 में 1.33 फीसदी की जबकि जर्मन के डीएएक्स सूचकांक में 4.03 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। फ्रांस के सीएसी 40 में तीन फीसदी से अधिक की तेजी रही।
सप्ताह के दौरान वैश्विक स्तर पर देखें तो एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखा गया। टिप्पणियां
सप्ताह के दौरान जापान के निक्केई सूचकांक में 2.02 फीसदी जबकि हांगकांग के हेंगसेंग में 1.1 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। चीन के शंघाई कम्पोजिट सूचकांक में 1.42 फीसदी की गिरावट रही।
यूरोपीय बाजारों में हालांकि इस दौरान अच्छी तेजी रही। ब्रिटेन का एफटीएसई 100 में 1.33 फीसदी की जबकि जर्मन के डीएएक्स सूचकांक में 4.03 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। फ्रांस के सीएसी 40 में तीन फीसदी से अधिक की तेजी रही।
सप्ताह के दौरान जापान के निक्केई सूचकांक में 2.02 फीसदी जबकि हांगकांग के हेंगसेंग में 1.1 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। चीन के शंघाई कम्पोजिट सूचकांक में 1.42 फीसदी की गिरावट रही।
यूरोपीय बाजारों में हालांकि इस दौरान अच्छी तेजी रही। ब्रिटेन का एफटीएसई 100 में 1.33 फीसदी की जबकि जर्मन के डीएएक्स सूचकांक में 4.03 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। फ्रांस के सीएसी 40 में तीन फीसदी से अधिक की तेजी रही।
यूरोपीय बाजारों में हालांकि इस दौरान अच्छी तेजी रही। ब्रिटेन का एफटीएसई 100 में 1.33 फीसदी की जबकि जर्मन के डीएएक्स सूचकांक में 4.03 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। फ्रांस के सीएसी 40 में तीन फीसदी से अधिक की तेजी रही। | यह एक सारांश है: आम बजट और मौद्रिक समीक्षा आने जैसी महत्वपूर्ण आर्थिक घटनाओं के बावजूद निवेशक उत्साहित नहीं दिखे। | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: नवीन जिंदल की कंपनी से खबर न दिखाने के एवज में 100 करोड़ रुपये की उगाही की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार ज़ी न्यूज़ के दो संपादकों- सुधीर चौधरी और समीर आहलूवालिया को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
आज दोनों पत्रकारों को दिल्ली के साकेत कोर्ट में पेश किया किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इसी के साथ क्राइम ब्रांच ने ज़ी न्यूज़ के नौ वरिष्ठ संपादकों और संचालको को जांच में सहयोग देने के लिए कहा है और उनसे अपने-अपने बयान दर्ज करवाने के लिए कहा है। इससे पहले ज़ी के इन संपादकों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया था।
आज दोनों पत्रकारों को दिल्ली के साकेत कोर्ट में पेश किया किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इसी के साथ क्राइम ब्रांच ने ज़ी न्यूज़ के नौ वरिष्ठ संपादकों और संचालको को जांच में सहयोग देने के लिए कहा है और उनसे अपने-अपने बयान दर्ज करवाने के लिए कहा है। इससे पहले ज़ी के इन संपादकों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया था। | संक्षिप्त सारांश: नवीन जिंदल की कंपनी से खबर न दिखाने के एवज में 100 करोड़ रुपये की उगाही की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार ज़ी न्यूज़ के दो संपादकों- सुधीर चौधरी और समीर आहलूवालिया को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। | 0 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: शिव सेना प्रमुख बाल ठाकरे ने मुम्बई में 16 फरवरी को होने वाले निकाय चुनावों के मद्देनजर ठाणे में एक विशाल रैली को सम्बोधित किया और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार की जमकर आलोचना की।
पवार ने शिव सेना पर 40,000 करोड़ रुपये का घोटाला करने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में 86 वर्षीय ठाकरे ने पवार को उनके साथ सम्पत्तियों की अदला-बदली करने की चुनौती दी।
उन्होंने कहा, "मैं अपनी सभी सम्पत्ति आपके नाम हस्तानांतरित कर दूंगा। आप अपनी सम्पत्ति मेरे नाम कर दें। इस विनिमय के बाद मेरे पास अधिक सम्पत्ति होगी। मैं आपको खुली चुनौती देता हूं।" ठाकरे ने ऐसी चुनौती कांग्रेस नेता नारायण राने को भी दी। ठाकरे ने ठाणे में हजारों की भीड़ को सम्बोधित करते हुए पार्टी की धर्मनिरपेक्ष छवि प्रस्तुत की।
उन्होंने कहा, "मेरी पार्टी के कार्यकर्ताओं खासतौर पर महिलाओं ने 1992-93 के दंगों के समय कई मुस्लिम लोगों को बचाया था। मेरी पार्टी जाति, धर्म, क्षेत्र एवं वंश के आधार पर कभी भी पक्षपात नहीं करती।"
ठाकरे ने राज्य के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चौहान पर निशाना साधा। चौहान ने कहा था कि बाल ठाकरे राज्य की राजनीति में अपनी महत्ता खो चुके हैं।
शिव सेना प्रमुख ने कहा, "यदि मेरा महत्व नहीं है तो मैं इतनी भीड़ कैसे इकट्ठी कर सकता हूं। क्या शरद पवार, अजित पवार और पृथ्वीराज इतनी भीड़ जमा कर सकते हैं?"टिप्पणियां
उन्होंने आशा व्यक्त की कि शिव सेना एवं भाजपा-आरपीआई(आठवले) गठबंधन बीएमसी चुनावों में विजय हासिल करेगा। बाल ठाकरे ने कहा कि अदालतों में शपथ लेने के लिए धार्मिक पुस्तकों इस्तेमाल प्रतिबंधित कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके बदले बाबा साहेब के संविधान का प्रयोग किया जाए। रैली में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के नेता रामदास आठवले भी उपस्थित थे।
ठाकरे ने गुजराज के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को पसंद करने एवं घोटोलों को लेकर आवाज न उठाने पर अपने भतीजे एवं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे की भी आलोचना की।
पवार ने शिव सेना पर 40,000 करोड़ रुपये का घोटाला करने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में 86 वर्षीय ठाकरे ने पवार को उनके साथ सम्पत्तियों की अदला-बदली करने की चुनौती दी।
उन्होंने कहा, "मैं अपनी सभी सम्पत्ति आपके नाम हस्तानांतरित कर दूंगा। आप अपनी सम्पत्ति मेरे नाम कर दें। इस विनिमय के बाद मेरे पास अधिक सम्पत्ति होगी। मैं आपको खुली चुनौती देता हूं।" ठाकरे ने ऐसी चुनौती कांग्रेस नेता नारायण राने को भी दी। ठाकरे ने ठाणे में हजारों की भीड़ को सम्बोधित करते हुए पार्टी की धर्मनिरपेक्ष छवि प्रस्तुत की।
उन्होंने कहा, "मेरी पार्टी के कार्यकर्ताओं खासतौर पर महिलाओं ने 1992-93 के दंगों के समय कई मुस्लिम लोगों को बचाया था। मेरी पार्टी जाति, धर्म, क्षेत्र एवं वंश के आधार पर कभी भी पक्षपात नहीं करती।"
ठाकरे ने राज्य के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चौहान पर निशाना साधा। चौहान ने कहा था कि बाल ठाकरे राज्य की राजनीति में अपनी महत्ता खो चुके हैं।
शिव सेना प्रमुख ने कहा, "यदि मेरा महत्व नहीं है तो मैं इतनी भीड़ कैसे इकट्ठी कर सकता हूं। क्या शरद पवार, अजित पवार और पृथ्वीराज इतनी भीड़ जमा कर सकते हैं?"टिप्पणियां
उन्होंने आशा व्यक्त की कि शिव सेना एवं भाजपा-आरपीआई(आठवले) गठबंधन बीएमसी चुनावों में विजय हासिल करेगा। बाल ठाकरे ने कहा कि अदालतों में शपथ लेने के लिए धार्मिक पुस्तकों इस्तेमाल प्रतिबंधित कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके बदले बाबा साहेब के संविधान का प्रयोग किया जाए। रैली में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के नेता रामदास आठवले भी उपस्थित थे।
ठाकरे ने गुजराज के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को पसंद करने एवं घोटोलों को लेकर आवाज न उठाने पर अपने भतीजे एवं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे की भी आलोचना की।
उन्होंने कहा, "मैं अपनी सभी सम्पत्ति आपके नाम हस्तानांतरित कर दूंगा। आप अपनी सम्पत्ति मेरे नाम कर दें। इस विनिमय के बाद मेरे पास अधिक सम्पत्ति होगी। मैं आपको खुली चुनौती देता हूं।" ठाकरे ने ऐसी चुनौती कांग्रेस नेता नारायण राने को भी दी। ठाकरे ने ठाणे में हजारों की भीड़ को सम्बोधित करते हुए पार्टी की धर्मनिरपेक्ष छवि प्रस्तुत की।
उन्होंने कहा, "मेरी पार्टी के कार्यकर्ताओं खासतौर पर महिलाओं ने 1992-93 के दंगों के समय कई मुस्लिम लोगों को बचाया था। मेरी पार्टी जाति, धर्म, क्षेत्र एवं वंश के आधार पर कभी भी पक्षपात नहीं करती।"
ठाकरे ने राज्य के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चौहान पर निशाना साधा। चौहान ने कहा था कि बाल ठाकरे राज्य की राजनीति में अपनी महत्ता खो चुके हैं।
शिव सेना प्रमुख ने कहा, "यदि मेरा महत्व नहीं है तो मैं इतनी भीड़ कैसे इकट्ठी कर सकता हूं। क्या शरद पवार, अजित पवार और पृथ्वीराज इतनी भीड़ जमा कर सकते हैं?"टिप्पणियां
उन्होंने आशा व्यक्त की कि शिव सेना एवं भाजपा-आरपीआई(आठवले) गठबंधन बीएमसी चुनावों में विजय हासिल करेगा। बाल ठाकरे ने कहा कि अदालतों में शपथ लेने के लिए धार्मिक पुस्तकों इस्तेमाल प्रतिबंधित कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके बदले बाबा साहेब के संविधान का प्रयोग किया जाए। रैली में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के नेता रामदास आठवले भी उपस्थित थे।
ठाकरे ने गुजराज के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को पसंद करने एवं घोटोलों को लेकर आवाज न उठाने पर अपने भतीजे एवं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे की भी आलोचना की।
उन्होंने कहा, "मेरी पार्टी के कार्यकर्ताओं खासतौर पर महिलाओं ने 1992-93 के दंगों के समय कई मुस्लिम लोगों को बचाया था। मेरी पार्टी जाति, धर्म, क्षेत्र एवं वंश के आधार पर कभी भी पक्षपात नहीं करती।"
ठाकरे ने राज्य के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चौहान पर निशाना साधा। चौहान ने कहा था कि बाल ठाकरे राज्य की राजनीति में अपनी महत्ता खो चुके हैं।
शिव सेना प्रमुख ने कहा, "यदि मेरा महत्व नहीं है तो मैं इतनी भीड़ कैसे इकट्ठी कर सकता हूं। क्या शरद पवार, अजित पवार और पृथ्वीराज इतनी भीड़ जमा कर सकते हैं?"टिप्पणियां
उन्होंने आशा व्यक्त की कि शिव सेना एवं भाजपा-आरपीआई(आठवले) गठबंधन बीएमसी चुनावों में विजय हासिल करेगा। बाल ठाकरे ने कहा कि अदालतों में शपथ लेने के लिए धार्मिक पुस्तकों इस्तेमाल प्रतिबंधित कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके बदले बाबा साहेब के संविधान का प्रयोग किया जाए। रैली में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के नेता रामदास आठवले भी उपस्थित थे।
ठाकरे ने गुजराज के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को पसंद करने एवं घोटोलों को लेकर आवाज न उठाने पर अपने भतीजे एवं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे की भी आलोचना की।
ठाकरे ने राज्य के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चौहान पर निशाना साधा। चौहान ने कहा था कि बाल ठाकरे राज्य की राजनीति में अपनी महत्ता खो चुके हैं।
शिव सेना प्रमुख ने कहा, "यदि मेरा महत्व नहीं है तो मैं इतनी भीड़ कैसे इकट्ठी कर सकता हूं। क्या शरद पवार, अजित पवार और पृथ्वीराज इतनी भीड़ जमा कर सकते हैं?"टिप्पणियां
उन्होंने आशा व्यक्त की कि शिव सेना एवं भाजपा-आरपीआई(आठवले) गठबंधन बीएमसी चुनावों में विजय हासिल करेगा। बाल ठाकरे ने कहा कि अदालतों में शपथ लेने के लिए धार्मिक पुस्तकों इस्तेमाल प्रतिबंधित कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके बदले बाबा साहेब के संविधान का प्रयोग किया जाए। रैली में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के नेता रामदास आठवले भी उपस्थित थे।
ठाकरे ने गुजराज के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को पसंद करने एवं घोटोलों को लेकर आवाज न उठाने पर अपने भतीजे एवं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे की भी आलोचना की।
शिव सेना प्रमुख ने कहा, "यदि मेरा महत्व नहीं है तो मैं इतनी भीड़ कैसे इकट्ठी कर सकता हूं। क्या शरद पवार, अजित पवार और पृथ्वीराज इतनी भीड़ जमा कर सकते हैं?"टिप्पणियां
उन्होंने आशा व्यक्त की कि शिव सेना एवं भाजपा-आरपीआई(आठवले) गठबंधन बीएमसी चुनावों में विजय हासिल करेगा। बाल ठाकरे ने कहा कि अदालतों में शपथ लेने के लिए धार्मिक पुस्तकों इस्तेमाल प्रतिबंधित कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके बदले बाबा साहेब के संविधान का प्रयोग किया जाए। रैली में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के नेता रामदास आठवले भी उपस्थित थे।
ठाकरे ने गुजराज के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को पसंद करने एवं घोटोलों को लेकर आवाज न उठाने पर अपने भतीजे एवं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे की भी आलोचना की।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि शिव सेना एवं भाजपा-आरपीआई(आठवले) गठबंधन बीएमसी चुनावों में विजय हासिल करेगा। बाल ठाकरे ने कहा कि अदालतों में शपथ लेने के लिए धार्मिक पुस्तकों इस्तेमाल प्रतिबंधित कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके बदले बाबा साहेब के संविधान का प्रयोग किया जाए। रैली में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के नेता रामदास आठवले भी उपस्थित थे।
ठाकरे ने गुजराज के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को पसंद करने एवं घोटोलों को लेकर आवाज न उठाने पर अपने भतीजे एवं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे की भी आलोचना की।
ठाकरे ने गुजराज के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को पसंद करने एवं घोटोलों को लेकर आवाज न उठाने पर अपने भतीजे एवं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे की भी आलोचना की। | पवार ने शिव सेना पर 40,000 करोड़ रुपये का घोटाला करने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में 86 वर्षीय ठाकरे ने पवार को उनके साथ सम्पत्तियों की अदला-बदली करने की चुनौती दी। | 26 | ['hin'] |
Subsets and Splits
No community queries yet
The top public SQL queries from the community will appear here once available.