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इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली से सटे गुड़गांव में हथियारों से लैस कुछ लोगों ने मंगलवार को एक अस्पताल में घुसकर वहां भर्ती बाप−बेटे को गोली मार दी। इस वारदात में गंभीर रूप से घायल बेटे की बुधवार सुबह मौत हो गई।टिप्पणियां घटना गुड़गांव के सनराइज अस्पताल की है, जहां सतवीर और जॉली नाम के दो लोग इलाज के लिए भर्ती थे। पुलिस के मुताबिक घायलों के साथ जमीनी विवाद का एक मामला 2011 में हुआ था और इस मामले में मंगलवार को अदालत में सुनवाई हुई थी। कल ही अदालत के बाहर बाप-बेटे की किसी से मारपीट हुई। इसके बाद घायल हालत में इलाज के लिए ये दोनों अस्पताल लाए गए थे। पुलिस उपायुक्त महेश्वर दयाल ने बताया कि आईपीसी की धारा 307 (जान से मारने की कोशिश) के तहत तीन अज्ञात लोगों समेत कुल 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। घटना गुड़गांव के सनराइज अस्पताल की है, जहां सतवीर और जॉली नाम के दो लोग इलाज के लिए भर्ती थे। पुलिस के मुताबिक घायलों के साथ जमीनी विवाद का एक मामला 2011 में हुआ था और इस मामले में मंगलवार को अदालत में सुनवाई हुई थी। कल ही अदालत के बाहर बाप-बेटे की किसी से मारपीट हुई। इसके बाद घायल हालत में इलाज के लिए ये दोनों अस्पताल लाए गए थे। पुलिस उपायुक्त महेश्वर दयाल ने बताया कि आईपीसी की धारा 307 (जान से मारने की कोशिश) के तहत तीन अज्ञात लोगों समेत कुल 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। कल ही अदालत के बाहर बाप-बेटे की किसी से मारपीट हुई। इसके बाद घायल हालत में इलाज के लिए ये दोनों अस्पताल लाए गए थे। पुलिस उपायुक्त महेश्वर दयाल ने बताया कि आईपीसी की धारा 307 (जान से मारने की कोशिश) के तहत तीन अज्ञात लोगों समेत कुल 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
यहाँ एक सारांश है:गुड़गांव में हथियारों से लैस कुछ लोगों ने मंगलवार को एक अस्पताल में घुसकर वहां भर्ती बाप−बेटे को गोली मार दी। इस वारदात में गंभीर रूप से घायल बेटे की बुधवार सुबह मौत हो गई।
4
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज विश्व के सबसे उम्रदराज व्यक्ति, संगीतकार और कोयला खदान में काम करने वाले व्यक्ति का निधन हो गया। सैल्यूसतियानो सैनचेज-ब्लेजक्वेज 112 वर्ष के थे।टिप्पणियां गिनीज बुक के सलाहकार रॉबर्ट यंग बताते हैं कि सैनचेज-ब्लेजक्वेज की शुक्रवार को ग्रैंड आईलैंड, न्यूयॉर्क के एक नर्सिंग होम में मृत्यु हुई। जून में 116 साल की उम्र में जिरोएमॉन किमूरा की मृत्यु के बाद सैनचेज-ब्लेजक्वेज उर्फ 'शॉर्टी' विश्व के सबसे उम्रदराज व्यक्ति बने। सैनचेज-ब्लेजक्वेज का जन्म 8 जून, 1901 में स्पेन के एल तेजादो दे बेजार के गांव में हुआ था। 17 साल की उम्र में वे क्यूबा आ गए और इसके बाद वर्ष 1920 में वे अमेरिका आ गए, यहां उन्होंने लिंच, केंटुकी में कोयला खदान में काम करना शुरू किया। अंतत: वे न्यूयॉर्क आ गए। सैनचेज ब्लेजक्वेज के दो बच्चे, सात पोते-पोतियां, 15 पड़पोते पड़पोतियां और पांच उनकी (पड़पोतों की) संतानें हैं। गिनीज बुक के सलाहकार रॉबर्ट यंग बताते हैं कि सैनचेज-ब्लेजक्वेज की शुक्रवार को ग्रैंड आईलैंड, न्यूयॉर्क के एक नर्सिंग होम में मृत्यु हुई। जून में 116 साल की उम्र में जिरोएमॉन किमूरा की मृत्यु के बाद सैनचेज-ब्लेजक्वेज उर्फ 'शॉर्टी' विश्व के सबसे उम्रदराज व्यक्ति बने। सैनचेज-ब्लेजक्वेज का जन्म 8 जून, 1901 में स्पेन के एल तेजादो दे बेजार के गांव में हुआ था। 17 साल की उम्र में वे क्यूबा आ गए और इसके बाद वर्ष 1920 में वे अमेरिका आ गए, यहां उन्होंने लिंच, केंटुकी में कोयला खदान में काम करना शुरू किया। अंतत: वे न्यूयॉर्क आ गए। सैनचेज ब्लेजक्वेज के दो बच्चे, सात पोते-पोतियां, 15 पड़पोते पड़पोतियां और पांच उनकी (पड़पोतों की) संतानें हैं। सैनचेज-ब्लेजक्वेज का जन्म 8 जून, 1901 में स्पेन के एल तेजादो दे बेजार के गांव में हुआ था। 17 साल की उम्र में वे क्यूबा आ गए और इसके बाद वर्ष 1920 में वे अमेरिका आ गए, यहां उन्होंने लिंच, केंटुकी में कोयला खदान में काम करना शुरू किया। अंतत: वे न्यूयॉर्क आ गए। सैनचेज ब्लेजक्वेज के दो बच्चे, सात पोते-पोतियां, 15 पड़पोते पड़पोतियां और पांच उनकी (पड़पोतों की) संतानें हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज विश्व के सबसे उम्रदराज व्यक्ति, संगीतकार और कोयला खदान में काम कर चुके शख्स सैल्यूसतियानो सैनचेज-ब्लेजक्वेज का ग्रैंड आईलैंड, न्यूयॉर्क के एक नर्सिंग होम में निधन हो गया।
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: महिलाओं की स्वास्थ्य, सर्वाइवल और आर्थिक भागीदारी क्षेत्र में स्थिति खराब होने के बीच स्त्री-पुरुष असमानता पर तैयार रिपोर्ट में भारत एक साल पहले के मुकाबले चार पायदान फिसलकर 112 वें स्थान पर पहुंच गया है. स्वास्थ्य और आर्थिक भागीदारी, इन दो क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी के मामले में भारत सबसे निचला स्थान पाने वाले पांच देशों में शामिल है. विश्व आर्थिक मंच की महिला और पुरुषों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते फासले से संबंधित वार्षिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में यह बात कही गई है. भारत पिछले साल इस सूची में 108वें पायदान पर था. विश्व आर्थिक मंच की स्त्री - पुरुष असमानता रिपोर्ट में भारत का स्थान चीन (106), श्रीलंका (102), नेपाल (101), ब्राजील (92), इंडोनेशिया (85) और बांग्लादेश (50) से भी नीचे है. यह भी पढ़ें- 6 साल काम करने के बाद 24 की उम्र में रिटायर हुआ शख्स, पत्नी के साथ मिलकर इस तरह बचाए 5.38 करोड़ रुपये विश्व बैंक ने अपनी पहली स्त्री - पुरुष असमानता रिपोर्ट 2006 में पेश की थी. उस समय भारत 98वें पायदान पर था. आज भारत की रैंकिंग उससे भी कम है. तब से लेकर अब तक, रैंकिंग के लिए उपयोग होने वाले चार में से तीन कारकों में भारत की स्थिति खराब हुई है. राजनीतिक सशक्तिकरण में भारत की रैंकिंग सुधरी है जबकि स्वास्थ्य एवं उत्तरजीविता में वह फिसलकर 150 वें स्थान , आर्थिक भागीदारी एवं अवसर के मामले में 149 वें पायदान और शैक्षणिक उपलब्धियों के मामले में 112 वें पायदान पर आ गया है. मंच ने कहा कि भारत (35.4 प्रतिशत), पाकिस्तान (32.7 प्रतिशत), यमन (27.3 प्रतिशत), सीरिया (24.9 प्रतिशत) और इराक (22.7 प्रतिशत) में महिलाओं के लिए आर्थिक अवसर बेहद सीमित हैं. भारत उन देशों में है , जहां कंपनी के निदेशक मंडल में महिलाओं का प्रतिनिधित्व (13.8) बहुत कम है. यह भी पढ़ें- फोर्ब्स की 100 ताकतवर महिलाओं की लिस्ट में शामिल हुईं निर्मला सीतारमण विश्व आर्थिक मंच ने कहा कि स्वास्थ्य एवं उत्तरजीविता के मामले में चार बड़े देशों भारत , वियतनाम, पाकिस्तान और चीन की स्थिति बहुत खराब है. यहां लाखों महिलाओं की पुरुष के समान स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच नहीं है. मंच ने भारत में (100 लड़कों पर सिर्फ 91 लड़कियां) और पाकिस्तान (100 लड़कों पर 92 लड़कियों) जैसे कम लिंग अनुपात को लेकर भी चिंता जताई है. मंच ने कहा कि भारत ने अपनी समग्र असमानता को दो - तिहाई तक किया है लेकिन भारतीय समाज के एक बड़े छोर में महिलाओं की स्थिति अनिश्चित है और आर्थिक असमानता विशेष रूप से गहरी होती जा रही है. साल 2006 के बाद से स्थिति खराब हुई है और भारत सूची में शामिल 153 देशों में एकमात्र ऐसा देश है जहां , स्त्री - पुरुष के बीच आर्थिक असमानता , उनके बीच की राजनीतिक असमानता से भी बड़ी है.
यहाँ एक सारांश है:रिपोर्ट में भारत एक साल पहले के मुकाबले चार पायदान फिसल गया है स्त्री - पुरुष के बीच सबसे ज्यादा समानता आइसलैंड में है आंकड़ों के हिसाब से यमन की स्थिति सबसे खराब है
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: रिटेल में एफडीआई पर जोर देते हुए वाणिज्य और उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने कहा है कि सरकार के इस फैसले को लागू करने में लगा विराम लंबे समय तक नहीं रह सकता। विश्व आर्थिक मंच में एक परिचर्चा के दौरान उन्होंने कहा, ‘‘कैबिनेट ने खुदरा में एफडीआई पर विचार करके राय रखी। हम फैसले को वापस नहीं लेने जा रहे। यह केवल एक विराम है।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘यह (रिटेल में एफडीआई) होगा और विराम लंबे समत तक नहीं रह सकता।’’ वह इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव से खुदरा क्षेत्र में एफडीआई लाने के सरकार के फैसले को लागू करने में देरी हो रही है। सरकार ने अपने कुछ सहयोगी दलों समेत विपक्ष के कड़े विरोध के बाद गत 24 नवंबर को मल्टीब्रांड खुदरा क्षेत्र में 51 प्रतिशत विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) के फैसले को टाल दिया था। उन्होंने कहा, ‘‘यह (रिटेल में एफडीआई) होगा और विराम लंबे समत तक नहीं रह सकता।’’ वह इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव से खुदरा क्षेत्र में एफडीआई लाने के सरकार के फैसले को लागू करने में देरी हो रही है। सरकार ने अपने कुछ सहयोगी दलों समेत विपक्ष के कड़े विरोध के बाद गत 24 नवंबर को मल्टीब्रांड खुदरा क्षेत्र में 51 प्रतिशत विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) के फैसले को टाल दिया था। सरकार ने अपने कुछ सहयोगी दलों समेत विपक्ष के कड़े विरोध के बाद गत 24 नवंबर को मल्टीब्रांड खुदरा क्षेत्र में 51 प्रतिशत विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) के फैसले को टाल दिया था।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: रिटेल में एफडीआई पर जोर देते हुए वाणिज्य और उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने कहा है कि सरकार के इस फैसले को लागू करने में लगा विराम लंबे समय तक नहीं रह सकता।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार के कटिहार जिले के एक सरकारी स्कूल में गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण के बाद एक शिक्षक द्वारा ‘‘वंदे मातरम'' गाने से इनकार किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. शिक्षा विभाग ने इस मामले की जांच का आदेश दिया है. आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि शिक्षक की पहचान मनिहारी प्रखंड के अब्दुल्लापुर गांव के सरकारी प्राथमिक स्कूल के शिक्षक अफजल हुसैन के तौर पर हुई है. वीडियो के वायरल होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश चंद्र देव ने मनिहारी के प्रखंड शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार को मामले की जांच करने का आदेश दिया है. घटना की जांच के लिए स्कूल गए बीईओ अशोक कुमार ने कहा कि घटना पहली नजर में सही मालूम पड़ती है और शिक्षक अपने कृत्य को सही ठहराते रहे. स्कूल के शिक्षकों और कुछ अभिभावकों ने हुसैन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. अफजल हुसैन ने हालांकि कहा कि वंदे मातरम का गान उनकी धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ है. हुसैन ने कहा कि हम सिर्फ अल्लाह की इबादत करते हैं और किसी अन्य के सामने सिर नहीं झुका सकते. संविधान में यह कहीं पर नहीं लिखा है कि वंदे मातरम गाना अनिवार्य है.
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया शिक्षकों और कुछ अभिभावकों ने शिक्षक पर कार्रवाई की मांग की शिक्षक ने कहा- संविधान में वंदे मातरम गाना अनिवार्य नहीं
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शनिवार यानि आठ मार्च की रैली के लिए एक बार फिर इसे रंग-रोगन कर तैयार किया जा रहा है और भाजपा नेताओं की इच्छा है कि प्रधानमंत्री मोदी फिर इसी कुर्सी पर बैठे और एक बार फिर केंद्र में मोदी सरकार बने.  भारतीय जनता पार्टी कानपुर के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी ने बताया, ‘2014 लोकसभा चुनाव से पहले नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश में अपनी पहली चुनावी विजय शंखनाद रैली 19 अक्टूबर 2013 को इंदिरा नगर मैदान में की थी तब इस कुर्सी पर वह पहली बार बैठे थे. उसके बाद अप्रैल 2014 में कोयला नगर में लोकसभा चुनाव के दौरान उनकी रैली एक बार फिर कानपुर के कोयला नगर मैदान में हुई तो फिर मोदी जी इसी कुर्सी पर बैठे. इसके बाद वह देश के प्रधानमंत्री बन गयें.' साथ ही मैथानी कहते है, ‘इसके बाद सितंबर 2016 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने निराला नगर मैदान में एक चुनावी सभा की थी जिसमें एक बार फिर वह इसी कुर्सी पर बैठे थे और 2017 में उत्तर प्रदेश में भारी बहुमत से भाजपा की सरकार बनी थी.' उन्होंने कहा कि इसके बाद से भाजपा नेताओं का मानना है कि जब जब मोदी इस कुर्सी पर बैठते है तो प्रदेश में भाजपा को भारी जीत मिलती है. इसलिये भाजपा ने इस कुर्सी को उस डीलर से खरीद लिया जिसने रैली के लिए इसे मुहैया कराया था. बाद में इसे भाजपा कार्यालय में शीशे के एक बक्से में धरोहर के रूप में रख दिया गया था और आज भी वह पूरी तरह से सुरक्षित है.
यहाँ एक सारांश है:BJP नेता मानते हैं इस कुर्सी को शुभ फिर चर्चा में आई कुर्सी पांच साल से रखी थी कांच के बक्से में
4
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भाजपा ने पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा के निकट सहयोगी सादिक बाचा की रहस्यमय मौत की सीबीआई जांच की बुधवार को मांग की। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के मुख्य संचालकों में एक रहे बाचा की अचानक मौत के कारणों का पता लगाया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा, हालांकि हम पोस्टमार्टम रिपोर्ट के सामने आने के बाद ही कुछ टिप्पणी करना पसंद करेंगे लेकिन सरकार को इस मामले की जांच करनी चाहिए। अगले माह होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार करने के लिए आए जावड़ेकर ने कहा, वह ऐसा व्यक्ति नहीं था जो आत्महत्या करे। सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की पूछताछ से गुजर चुके 47 वर्षीय बाचा को चेन्नई के अस्पताल में मृत लाया घोषित किया गया है जिसके बाद उसके परिजनों ने दावा किया कि उसने आत्महत्या की है। उल्फा सहित पूर्वोत्तर के प्रतिबंधित संगठनों के साथ भाजपा के संबंधों को लेकर कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह के आरोप के जवाब में जावड़ेकर ने दावा किया कि कांग्रेस नेता रास्ता भटक गये हैं और उन्हें पीलिया हो गया है। उन्होंने कहा, कांग्रेस के उल्फा के साथ संबंधों के बारे में सब जानते हैं और उन्हें यह भी पता है कि विधानसभा चुनाव जीतने के लिए यह पार्टी किस तरह इस संगठन पर निर्भर है। जावड़ेकर ने दावा किया, कांग्रेस उल्फा के सहयोग से चुनाव लड़ रही है। हम :भाजपा: लोगों के समर्थन से यह चुनाव जीतेंगे।
यहाँ एक सारांश है:जावड़ेकर ने कहा, 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के मुख्य संचालकों में एक रहे बाचा की अचानक मौत के कारणों का पता लगाया जाना जरूरी है।
17
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोपों को लेकर कांग्रेस (Congress) और राकांपा पर निशाना साधते हुए उन्हें एक ऐसे मंदबुद्धि बच्चे के समान बताया जो परीक्षा में फेल होने के बाद कलम पर दोष मढ़ता है. फडणवीस एक अगस्त से शुरू हुए अपने जनसंपर्क कार्यक्रम ''महाजनादेश यात्रा'' के दूसरे चरण के समापन पर बोल रहे थे. इस दौरान भाजपा अध्यक्ष और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी वहां मौजूद थे. फडणवीस ने कहा, "कांग्रेस और राकांपा की हालत एक मंदबुद्धि बच्चे की तरह है जो बिल्कुल भी पढ़ाई नहीं करता और अनुत्तीर्ण हो जाता है, फिर बाद में कलम पर दोष मढ़ता है. फडणवीस ने कहा, 'जब राकांपा की उम्मीदवार सुप्रिया सुले बारामती से चुनाव जीतीं तो ईवीएम के साथ कोई परेशानी नहीं थी लेकिन जब अन्य जगहों पर भाजपा की जीत हुई तो उन्होंने मशीनों पर दोष मढ़ दिया.' उन्होंने कहा, "ईवीएम के साथ कोई समस्या नहीं बल्कि यह आपके दिमाग का फितूर है."
सारांश: ईवीएम पर महाराष्ट्र के सीएम ने विपक्ष को घेरा कहा- कांग्रेस और NCP मंदबुद्धि बच्चे की तरह 'ईवीएम के साथ कोई समस्या नहीं यह केवल दिमाग का फितूर'
31
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाल ने पलवल जिले के एक गांव में भूमि खरीद में राहुल गांधी पर कर वंचना का गुरुवार को आरोप लगाया। कांग्रेस नेता ने इस आरोप को ‘‘पूरी तरह से गलत, सरासर निराधार और मानहानिकारक’’ कहकर खारिज कर दिया। इनेलोद प्रमुख ने मांग की कि इस मामले की उच्चतम न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश से जांच कराई जाए। चौटाला ने कहा, ‘‘राहुल ने पलवल जिले के हसनपुर गांव में करीब 6.5 एकड़ के माप वाली जमीन खरीदी थी। उन्होंने इसमें कर वंचना की। राहुल ने यह जमीन 1.5 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से ली जैसा कि जमीन के बैनामे (भूमि बिक्री दस्तावेज) में उल्लेख किया गया है। सरकार द्वारा उस समय किए गए मूल्यांकन के अनुसार उसका मूल्य आठ लाख रुपये प्रति एकड़ था।’’ उन्होंने कहा कि गांधी को दी गई जमीन का सरकारी मूल्य आठ लाख रुपये प्रति एकड़ था जबकि इसका बाजार मूल्य 35 लाख रुपये प्रति एकड़ से ज्यादा था। इन आरोपों का बिन्दुवार खंडन करते हुए राहुल गांधी के कार्यालय ने दिल्ली में कहा कि उन्होंने हरियाणा के जिला पलवल की होडल तहसील के हसनपुर में 41 कनाल 13 मरला (6.456 एकड़) सैलाब जमीन खरीदी। उसने कहा, ‘‘यह जमीन कुल 26.47 लाख रुपये में खरीदी गई जिसका भुगतान चैक से किया गया। यह जमीन करीब 4.10 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से खरीदी गई।’’ ‘‘हसनपुर गांव में सैलाब जमीन के लिए तत्कालीन कलेक्टर दर 2007-08 में, जमीन की खरीद की तारीख तीन मार्च 2008, को 1.5 लाख रुपये प्रति एकड़ थी।’’ राहुल गांधी के कार्यालय से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि जांलधर में चौटाला द्वारा संवाददाता सम्मेलन में लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत, सरासर आधारहीन और मानहानिकारक हैं। चौटाला ने यह भी दावा किया था कि हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने राबर्ट वाड्रा की कथित रूप से औनेपौने दामों पर करोड़ों रुपये की सपंत्ति खरीदने में ‘‘उदारता’’ से मदद की। उन्होंने मांग की कि मामले की उच्चतम न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश से जांच कराई जानी चाहिए। चौटाला ने उच्चतम न्यायालय के एक वर्तमान न्यायाधीश से राहुल गांधी के जमीन के सौदे की जांच कराए जाने की मांग की थी। राहुल गांधी के कार्यालय ने कल कहा था कि सारे आरोप ‘पूरी तरह से झूठे, आधारहीन और अपमानजनक हैं।’’टिप्पणियां चौटाला ने बुधवार को आरोप लगाया था, ‘‘राहुल गांधी ने मार्च 2008 में पलवल जिले के हसनपुर गांव में करीब साढ़े छह एकड़ जमीन खरीदी थी। उन्होंने इसमें कर चोरी का सहारा लिया। जमीन पंजीकरण सौदे के मुताबिक राहुल ने डेढ़ लाख रुपये प्रति एकड़ के आधार पर यह जमीन खरीदी लेकिन सरकार द्वारा कराए गए मूल्यांकन में उस समय इसकी कीमत आठ लाख रुपये प्रति एकड़ थी।’’ राहुल के कार्यालय ने इस आरोप को खारिज करते हुए कल कहा था कि यह जमीन करीब चार लाख 10 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से खरीदी गई थी। इनेलोद प्रमुख ने मांग की कि इस मामले की उच्चतम न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश से जांच कराई जाए। चौटाला ने कहा, ‘‘राहुल ने पलवल जिले के हसनपुर गांव में करीब 6.5 एकड़ के माप वाली जमीन खरीदी थी। उन्होंने इसमें कर वंचना की। राहुल ने यह जमीन 1.5 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से ली जैसा कि जमीन के बैनामे (भूमि बिक्री दस्तावेज) में उल्लेख किया गया है। सरकार द्वारा उस समय किए गए मूल्यांकन के अनुसार उसका मूल्य आठ लाख रुपये प्रति एकड़ था।’’ उन्होंने कहा कि गांधी को दी गई जमीन का सरकारी मूल्य आठ लाख रुपये प्रति एकड़ था जबकि इसका बाजार मूल्य 35 लाख रुपये प्रति एकड़ से ज्यादा था। इन आरोपों का बिन्दुवार खंडन करते हुए राहुल गांधी के कार्यालय ने दिल्ली में कहा कि उन्होंने हरियाणा के जिला पलवल की होडल तहसील के हसनपुर में 41 कनाल 13 मरला (6.456 एकड़) सैलाब जमीन खरीदी। उसने कहा, ‘‘यह जमीन कुल 26.47 लाख रुपये में खरीदी गई जिसका भुगतान चैक से किया गया। यह जमीन करीब 4.10 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से खरीदी गई।’’ ‘‘हसनपुर गांव में सैलाब जमीन के लिए तत्कालीन कलेक्टर दर 2007-08 में, जमीन की खरीद की तारीख तीन मार्च 2008, को 1.5 लाख रुपये प्रति एकड़ थी।’’ राहुल गांधी के कार्यालय से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि जांलधर में चौटाला द्वारा संवाददाता सम्मेलन में लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत, सरासर आधारहीन और मानहानिकारक हैं। चौटाला ने यह भी दावा किया था कि हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने राबर्ट वाड्रा की कथित रूप से औनेपौने दामों पर करोड़ों रुपये की सपंत्ति खरीदने में ‘‘उदारता’’ से मदद की। उन्होंने मांग की कि मामले की उच्चतम न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश से जांच कराई जानी चाहिए। चौटाला ने उच्चतम न्यायालय के एक वर्तमान न्यायाधीश से राहुल गांधी के जमीन के सौदे की जांच कराए जाने की मांग की थी। राहुल गांधी के कार्यालय ने कल कहा था कि सारे आरोप ‘पूरी तरह से झूठे, आधारहीन और अपमानजनक हैं।’’टिप्पणियां चौटाला ने बुधवार को आरोप लगाया था, ‘‘राहुल गांधी ने मार्च 2008 में पलवल जिले के हसनपुर गांव में करीब साढ़े छह एकड़ जमीन खरीदी थी। उन्होंने इसमें कर चोरी का सहारा लिया। जमीन पंजीकरण सौदे के मुताबिक राहुल ने डेढ़ लाख रुपये प्रति एकड़ के आधार पर यह जमीन खरीदी लेकिन सरकार द्वारा कराए गए मूल्यांकन में उस समय इसकी कीमत आठ लाख रुपये प्रति एकड़ थी।’’ राहुल के कार्यालय ने इस आरोप को खारिज करते हुए कल कहा था कि यह जमीन करीब चार लाख 10 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से खरीदी गई थी। चौटाला ने कहा, ‘‘राहुल ने पलवल जिले के हसनपुर गांव में करीब 6.5 एकड़ के माप वाली जमीन खरीदी थी। उन्होंने इसमें कर वंचना की। राहुल ने यह जमीन 1.5 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से ली जैसा कि जमीन के बैनामे (भूमि बिक्री दस्तावेज) में उल्लेख किया गया है। सरकार द्वारा उस समय किए गए मूल्यांकन के अनुसार उसका मूल्य आठ लाख रुपये प्रति एकड़ था।’’ उन्होंने कहा कि गांधी को दी गई जमीन का सरकारी मूल्य आठ लाख रुपये प्रति एकड़ था जबकि इसका बाजार मूल्य 35 लाख रुपये प्रति एकड़ से ज्यादा था। इन आरोपों का बिन्दुवार खंडन करते हुए राहुल गांधी के कार्यालय ने दिल्ली में कहा कि उन्होंने हरियाणा के जिला पलवल की होडल तहसील के हसनपुर में 41 कनाल 13 मरला (6.456 एकड़) सैलाब जमीन खरीदी। उसने कहा, ‘‘यह जमीन कुल 26.47 लाख रुपये में खरीदी गई जिसका भुगतान चैक से किया गया। यह जमीन करीब 4.10 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से खरीदी गई।’’ ‘‘हसनपुर गांव में सैलाब जमीन के लिए तत्कालीन कलेक्टर दर 2007-08 में, जमीन की खरीद की तारीख तीन मार्च 2008, को 1.5 लाख रुपये प्रति एकड़ थी।’’ राहुल गांधी के कार्यालय से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि जांलधर में चौटाला द्वारा संवाददाता सम्मेलन में लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत, सरासर आधारहीन और मानहानिकारक हैं। चौटाला ने यह भी दावा किया था कि हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने राबर्ट वाड्रा की कथित रूप से औनेपौने दामों पर करोड़ों रुपये की सपंत्ति खरीदने में ‘‘उदारता’’ से मदद की। उन्होंने मांग की कि मामले की उच्चतम न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश से जांच कराई जानी चाहिए। चौटाला ने उच्चतम न्यायालय के एक वर्तमान न्यायाधीश से राहुल गांधी के जमीन के सौदे की जांच कराए जाने की मांग की थी। राहुल गांधी के कार्यालय ने कल कहा था कि सारे आरोप ‘पूरी तरह से झूठे, आधारहीन और अपमानजनक हैं।’’टिप्पणियां चौटाला ने बुधवार को आरोप लगाया था, ‘‘राहुल गांधी ने मार्च 2008 में पलवल जिले के हसनपुर गांव में करीब साढ़े छह एकड़ जमीन खरीदी थी। उन्होंने इसमें कर चोरी का सहारा लिया। जमीन पंजीकरण सौदे के मुताबिक राहुल ने डेढ़ लाख रुपये प्रति एकड़ के आधार पर यह जमीन खरीदी लेकिन सरकार द्वारा कराए गए मूल्यांकन में उस समय इसकी कीमत आठ लाख रुपये प्रति एकड़ थी।’’ राहुल के कार्यालय ने इस आरोप को खारिज करते हुए कल कहा था कि यह जमीन करीब चार लाख 10 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से खरीदी गई थी। इन आरोपों का बिन्दुवार खंडन करते हुए राहुल गांधी के कार्यालय ने दिल्ली में कहा कि उन्होंने हरियाणा के जिला पलवल की होडल तहसील के हसनपुर में 41 कनाल 13 मरला (6.456 एकड़) सैलाब जमीन खरीदी। उसने कहा, ‘‘यह जमीन कुल 26.47 लाख रुपये में खरीदी गई जिसका भुगतान चैक से किया गया। यह जमीन करीब 4.10 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से खरीदी गई।’’ ‘‘हसनपुर गांव में सैलाब जमीन के लिए तत्कालीन कलेक्टर दर 2007-08 में, जमीन की खरीद की तारीख तीन मार्च 2008, को 1.5 लाख रुपये प्रति एकड़ थी।’’ राहुल गांधी के कार्यालय से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि जांलधर में चौटाला द्वारा संवाददाता सम्मेलन में लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत, सरासर आधारहीन और मानहानिकारक हैं। चौटाला ने यह भी दावा किया था कि हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने राबर्ट वाड्रा की कथित रूप से औनेपौने दामों पर करोड़ों रुपये की सपंत्ति खरीदने में ‘‘उदारता’’ से मदद की। उन्होंने मांग की कि मामले की उच्चतम न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश से जांच कराई जानी चाहिए। चौटाला ने उच्चतम न्यायालय के एक वर्तमान न्यायाधीश से राहुल गांधी के जमीन के सौदे की जांच कराए जाने की मांग की थी। राहुल गांधी के कार्यालय ने कल कहा था कि सारे आरोप ‘पूरी तरह से झूठे, आधारहीन और अपमानजनक हैं।’’टिप्पणियां चौटाला ने बुधवार को आरोप लगाया था, ‘‘राहुल गांधी ने मार्च 2008 में पलवल जिले के हसनपुर गांव में करीब साढ़े छह एकड़ जमीन खरीदी थी। उन्होंने इसमें कर चोरी का सहारा लिया। जमीन पंजीकरण सौदे के मुताबिक राहुल ने डेढ़ लाख रुपये प्रति एकड़ के आधार पर यह जमीन खरीदी लेकिन सरकार द्वारा कराए गए मूल्यांकन में उस समय इसकी कीमत आठ लाख रुपये प्रति एकड़ थी।’’ राहुल के कार्यालय ने इस आरोप को खारिज करते हुए कल कहा था कि यह जमीन करीब चार लाख 10 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से खरीदी गई थी। उसने कहा, ‘‘यह जमीन कुल 26.47 लाख रुपये में खरीदी गई जिसका भुगतान चैक से किया गया। यह जमीन करीब 4.10 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से खरीदी गई।’’ ‘‘हसनपुर गांव में सैलाब जमीन के लिए तत्कालीन कलेक्टर दर 2007-08 में, जमीन की खरीद की तारीख तीन मार्च 2008, को 1.5 लाख रुपये प्रति एकड़ थी।’’ राहुल गांधी के कार्यालय से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि जांलधर में चौटाला द्वारा संवाददाता सम्मेलन में लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत, सरासर आधारहीन और मानहानिकारक हैं। चौटाला ने यह भी दावा किया था कि हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने राबर्ट वाड्रा की कथित रूप से औनेपौने दामों पर करोड़ों रुपये की सपंत्ति खरीदने में ‘‘उदारता’’ से मदद की। उन्होंने मांग की कि मामले की उच्चतम न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश से जांच कराई जानी चाहिए। चौटाला ने उच्चतम न्यायालय के एक वर्तमान न्यायाधीश से राहुल गांधी के जमीन के सौदे की जांच कराए जाने की मांग की थी। राहुल गांधी के कार्यालय ने कल कहा था कि सारे आरोप ‘पूरी तरह से झूठे, आधारहीन और अपमानजनक हैं।’’टिप्पणियां चौटाला ने बुधवार को आरोप लगाया था, ‘‘राहुल गांधी ने मार्च 2008 में पलवल जिले के हसनपुर गांव में करीब साढ़े छह एकड़ जमीन खरीदी थी। उन्होंने इसमें कर चोरी का सहारा लिया। जमीन पंजीकरण सौदे के मुताबिक राहुल ने डेढ़ लाख रुपये प्रति एकड़ के आधार पर यह जमीन खरीदी लेकिन सरकार द्वारा कराए गए मूल्यांकन में उस समय इसकी कीमत आठ लाख रुपये प्रति एकड़ थी।’’ राहुल के कार्यालय ने इस आरोप को खारिज करते हुए कल कहा था कि यह जमीन करीब चार लाख 10 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से खरीदी गई थी। राहुल गांधी के कार्यालय से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि जांलधर में चौटाला द्वारा संवाददाता सम्मेलन में लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत, सरासर आधारहीन और मानहानिकारक हैं। चौटाला ने यह भी दावा किया था कि हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने राबर्ट वाड्रा की कथित रूप से औनेपौने दामों पर करोड़ों रुपये की सपंत्ति खरीदने में ‘‘उदारता’’ से मदद की। उन्होंने मांग की कि मामले की उच्चतम न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश से जांच कराई जानी चाहिए। चौटाला ने उच्चतम न्यायालय के एक वर्तमान न्यायाधीश से राहुल गांधी के जमीन के सौदे की जांच कराए जाने की मांग की थी। राहुल गांधी के कार्यालय ने कल कहा था कि सारे आरोप ‘पूरी तरह से झूठे, आधारहीन और अपमानजनक हैं।’’टिप्पणियां चौटाला ने बुधवार को आरोप लगाया था, ‘‘राहुल गांधी ने मार्च 2008 में पलवल जिले के हसनपुर गांव में करीब साढ़े छह एकड़ जमीन खरीदी थी। उन्होंने इसमें कर चोरी का सहारा लिया। जमीन पंजीकरण सौदे के मुताबिक राहुल ने डेढ़ लाख रुपये प्रति एकड़ के आधार पर यह जमीन खरीदी लेकिन सरकार द्वारा कराए गए मूल्यांकन में उस समय इसकी कीमत आठ लाख रुपये प्रति एकड़ थी।’’ राहुल के कार्यालय ने इस आरोप को खारिज करते हुए कल कहा था कि यह जमीन करीब चार लाख 10 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से खरीदी गई थी। चौटाला ने यह भी दावा किया था कि हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने राबर्ट वाड्रा की कथित रूप से औनेपौने दामों पर करोड़ों रुपये की सपंत्ति खरीदने में ‘‘उदारता’’ से मदद की। उन्होंने मांग की कि मामले की उच्चतम न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश से जांच कराई जानी चाहिए। चौटाला ने उच्चतम न्यायालय के एक वर्तमान न्यायाधीश से राहुल गांधी के जमीन के सौदे की जांच कराए जाने की मांग की थी। राहुल गांधी के कार्यालय ने कल कहा था कि सारे आरोप ‘पूरी तरह से झूठे, आधारहीन और अपमानजनक हैं।’’टिप्पणियां चौटाला ने बुधवार को आरोप लगाया था, ‘‘राहुल गांधी ने मार्च 2008 में पलवल जिले के हसनपुर गांव में करीब साढ़े छह एकड़ जमीन खरीदी थी। उन्होंने इसमें कर चोरी का सहारा लिया। जमीन पंजीकरण सौदे के मुताबिक राहुल ने डेढ़ लाख रुपये प्रति एकड़ के आधार पर यह जमीन खरीदी लेकिन सरकार द्वारा कराए गए मूल्यांकन में उस समय इसकी कीमत आठ लाख रुपये प्रति एकड़ थी।’’ राहुल के कार्यालय ने इस आरोप को खारिज करते हुए कल कहा था कि यह जमीन करीब चार लाख 10 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से खरीदी गई थी। चौटाला ने उच्चतम न्यायालय के एक वर्तमान न्यायाधीश से राहुल गांधी के जमीन के सौदे की जांच कराए जाने की मांग की थी। राहुल गांधी के कार्यालय ने कल कहा था कि सारे आरोप ‘पूरी तरह से झूठे, आधारहीन और अपमानजनक हैं।’’टिप्पणियां चौटाला ने बुधवार को आरोप लगाया था, ‘‘राहुल गांधी ने मार्च 2008 में पलवल जिले के हसनपुर गांव में करीब साढ़े छह एकड़ जमीन खरीदी थी। उन्होंने इसमें कर चोरी का सहारा लिया। जमीन पंजीकरण सौदे के मुताबिक राहुल ने डेढ़ लाख रुपये प्रति एकड़ के आधार पर यह जमीन खरीदी लेकिन सरकार द्वारा कराए गए मूल्यांकन में उस समय इसकी कीमत आठ लाख रुपये प्रति एकड़ थी।’’ राहुल के कार्यालय ने इस आरोप को खारिज करते हुए कल कहा था कि यह जमीन करीब चार लाख 10 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से खरीदी गई थी। चौटाला ने बुधवार को आरोप लगाया था, ‘‘राहुल गांधी ने मार्च 2008 में पलवल जिले के हसनपुर गांव में करीब साढ़े छह एकड़ जमीन खरीदी थी। उन्होंने इसमें कर चोरी का सहारा लिया। जमीन पंजीकरण सौदे के मुताबिक राहुल ने डेढ़ लाख रुपये प्रति एकड़ के आधार पर यह जमीन खरीदी लेकिन सरकार द्वारा कराए गए मूल्यांकन में उस समय इसकी कीमत आठ लाख रुपये प्रति एकड़ थी।’’ राहुल के कार्यालय ने इस आरोप को खारिज करते हुए कल कहा था कि यह जमीन करीब चार लाख 10 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से खरीदी गई थी। राहुल के कार्यालय ने इस आरोप को खारिज करते हुए कल कहा था कि यह जमीन करीब चार लाख 10 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से खरीदी गई थी।
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाल ने पलवल जिले के एक गांव में भूमि खरीद में राहुल गांधी पर कर वंचना का गुरुवार को आरोप लगाया। कांग्रेस नेता ने इस आरोप को ‘‘पूरी तरह से गलत, सरासर निराधार और मानहानिकारक’’ कहकर खारिज कर दिया।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अकाली दल−बीजेपी ने घपले, घोटाले और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। केंद्र से भेजे गए हजारों करोड़ रुपये का बंदरबांट किया है। पंजाब के गुरुदासपुर की चुनावी रैली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने यह आरोप लगाए। सोनिया ने कहा कि पंजाब की आम जनता और सूबे का भविष्य अधर में है। उन्होंने कहा कि धरती के सपूत प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की यूपीए सरकार ने गरीबों के लिए कई योजनाएं चलाई हैं लेकिन पंजाब सरकार का ध्यान जनता के कल्याण पर नहीं है। सरकार ने इन योजनाओं के लिए भेजे गए पैसों का इस्तेमाल ही नहीं किया। उन्होंने कहा कि राज्य में अगर पंजाब की सरकार आई तो सीमा क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा साथ ही जिनकी जमीन ली जाएगी उन्हें 25 हजार प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया जाएगा। सरकार ने इन योजनाओं के लिए भेजे गए पैसों का इस्तेमाल ही नहीं किया। उन्होंने कहा कि राज्य में अगर पंजाब की सरकार आई तो सीमा क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा साथ ही जिनकी जमीन ली जाएगी उन्हें 25 हजार प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया जाएगा।
सोनिया ने कहा कि धरती के सपूत प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की यूपीए सरकार ने गरीबों के लिए कई योजनाएं चलाई हैं लेकिन पंजाब सरकार का ध्यान जनता के कल्याण पर नहीं है।
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2019) के नतीजे से पहले आए एग्जिट पोल (Exit Poll) के रुझानों ने मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की सियासत में हलचल पैदा कर दी है. निर्दलीय और दूसरे दलों के सहयोग से चल रही कमलनाथ सरकार की कमजोर कड़ी तलाशने के मकसद से भाजपा ने विधानसभा का सत्र बुलाने की मांग कर डाली है. राज्य विधानसभा में कांग्रेस के पास बहुमत नहीं है. 230 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के पास 114 विधायक हैं. सरकार चार निर्दलीयों, बसपा के दो और सपा के एक विधायक के समर्थन से चल रही है. भाजपा के पास 109 विधायक हैं. वर्तमान में कांग्रेस को 121 विधायकों का समर्थन हासिल है. कांग्रेस को समर्थन देने वाले कुछ विधायक कई बार कमलनाथ सरकार के खिलाफ नाराजगी जता चुके हैं और लगातार कहते रहे हैं कि वे लोकसभा चुनाव के बाद अपना रुख साफ करेंगे. लोकसभा चुनाव के परिणाम तो अभी नहीं आए हैं, लेकिन एग्जिट पोल के रुझानों से भाजपा में उत्साह है. एग्जिट पोल राज्य में कांग्रेस को एक से छह सीटें मिलने का अनुमान जता रहे हैं. इसी के चलते सोमवार को नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने राज्यपाल को पत्र लिखकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग कर डाली. उन्होंने पत्र में लिखा है, "विधानसभा का गठन हुए और नई सरकार के प्रभाव में आए लगभग छह माह व्यतीत हो चुका है. इस दौरान प्रदेश में अनेक ज्वलंत और तात्कालिक महत्व की समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं. इसलिए अविलंबनीय लोक महत्व के विषयों सहित अन्य विषयों पर चर्चा कराए जाने हेतु अपने विशेषाधिकार का उपयोग कर शीघ्र विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने मुख्यमंत्री को निर्देशित करने का कष्ट करें." तो क्या भाजपा विधानसभा सत्र के दौरान सरकार से बहुमत सिद्घ करने के लिए भी कहेगी? इस सवाल पर भार्गव ने कहा, "यह पार्टी से चर्चा के बाद तय होगा. अभी तो लोकमहत्व के विषयों पर चर्चा के लिए सत्र बुलाए जाने की मांग की है." वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक शिव अनुराग पटेरिया के अनुसार, "राज्य में विधायकों की संख्या के लिहाज से कांग्रेस एक कमजोर राजनीतिक जमीन पर खड़ी है. दिल्ली में अगर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार आती है तो बसपा, सपा और निर्दलीय विधायक भाजपा का साथ दे सकते हैं. इसी के चलते भाजपा ने सत्र बुलाने का दांव खेला है. वहीं भाजपा की रणनीति को ध्यान में रखकर कांग्रेस की ओर से विधायकों में यह संदेश दिया जा रहा है कि जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है." इस बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा, "भाजपा के लोग पहले दिन से यह कोशिश कर रहे हैं. बीते चार माह में बहुमत पांच बार सिद्ध किया जा चुका है. वे कई बार इस तरह की कोशिश कर चुके हैं. बहुमत सिद्ध करने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है, हमे कोई समस्या नहीं है. वे खुद को बचाने के लिए वर्तमान सरकार को परेशान करने की कोशिश कर रहे हैं." सत्र बुलाए जाने को लेकर लिखे गए भार्गव के पत्र पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी ने कहा, "नेता प्रतिपक्ष ने लोक महत्व के विषयों पर चर्चा के लिए सत्र बुलाने राज्यपाल को पत्र लिखा है. जब भी सत्र होता है, विधानसभा की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में यह तय होता है कि किन विषयों पर चर्चा होगी. जब भी सत्र होगा, हमें इस पर चर्चा करने में कोई आपत्ति नहीं है." सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के पांच विधायक पार्टी नेतृत्व से नाराज चल रहे हैं. ये विधायक मंत्री बनना चाहते थे और बन नहीं पाए हैं. ये विधायक लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात भी कर चुके हैं. दूसरी ओर बसपा के दोनों विधायकों से भाजपा के नेता लगातार चर्चा कर रहे हैं. निर्दलीय विधायक तो खुले तौर पर कई बार अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं. ऐसे में केंद्र में भाजपा सरकार की वापसी से राज्य इकाई को लगता है कि कांग्रेस की कमजोर कड़ी को विधानसभा सत्र के दौरान खोजना आसान होगा. सूत्र के अनुसार, कांग्रेस की ओर से आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल विस्तार करके इन असंतुष्ट विधायकों को संतुष्ट किया जाएगा. इसी क्रम में पार्टी ने मंगलवार को मंत्रियों, विधायकों और उम्मीदवारों की भोपाल में बैठक बुलाई है. कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री सुभाष कुमार सोजतिया का कहना है, "भाजपा ख्याली पुलाव पका रही है. एग्जिट पोल को ही नतीजे मान बैठी है. लेकिन 23 मई को भाजपा की जमीन खिसक जाएगी. जहां तक राज्य सरकार का सवाल है तो वह पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी." राजनीतिक विश्लेषक गिरिजा शंकर कहते हैं, "समाचार माध्यमों के एग्जिट पोल आने के बाद राज्य के नेताओं में सिर्फ पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को महत्व मिला. नेता प्रतिपक्ष और पार्टी अध्यक्ष का कहीं जिक्र नहीं आया. विधानसभा का सत्र बुलाने के लिए लिखा गया पत्र सिर्फ समाचार माध्यमों में सुर्खियां बटोरने का जरिया भर है. यह कुल मिलाकर भाजपा के अंदर की राजनीति का हिस्सा है." ( इनपुट आईएएनएस से)
यहाँ एक सारांश है:230 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के पास 114 विधायक भारतीय जनता पार्टी के पास 109 एमएलए बहुमत सिद्ध करने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह तैयार
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मुंबई पुलिस ने शक्ति मिल परिसर में महिला पत्रकार से गैंगरेप के मामले में चार्जशीट फाइल कर दी है। चार आरोपियों के खिलाफ स्थानीय अदालत में, जबकि एक नाबालिग आरोपी के खिलाफ जुवेनाइल कोर्ट में चार्जशीट फाइल की गई है।टिप्पणियां राज्य के गृहमंत्री आरआर पाटिल ने कहा है कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मजबूत केस तैयार किया है। चार्जशीट में पीड़िता का बयान, चश्मदीद का बयान, मौका−ए−वारदात से लिए गए सबूत, डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट और फोन कॉल रिकॉर्ड समेत बाकी जानकारियां दी गई हैं। पुलिस के मुताबिक उसके पास पांचों आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं। पांच में से एक आरोपी नाबालिग है। उल्लेखनीय है कि 23 साल की महिला पत्रकार से 22 अगस्त की शाम को शक्ति मिल्स परिसर में पांच आरोपियों ने गैंगरेप किया था। महिला अपने सहयोगी के साथ दफ्तर की तरफ से सौंपे गए काम के सिलसिले में गई थी। शक्ति मिल्स लंबे से समय से बंद पड़ा है और काफी सुनसान है। राज्य के गृहमंत्री आरआर पाटिल ने कहा है कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मजबूत केस तैयार किया है। चार्जशीट में पीड़िता का बयान, चश्मदीद का बयान, मौका−ए−वारदात से लिए गए सबूत, डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट और फोन कॉल रिकॉर्ड समेत बाकी जानकारियां दी गई हैं। पुलिस के मुताबिक उसके पास पांचों आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं। पांच में से एक आरोपी नाबालिग है। उल्लेखनीय है कि 23 साल की महिला पत्रकार से 22 अगस्त की शाम को शक्ति मिल्स परिसर में पांच आरोपियों ने गैंगरेप किया था। महिला अपने सहयोगी के साथ दफ्तर की तरफ से सौंपे गए काम के सिलसिले में गई थी। शक्ति मिल्स लंबे से समय से बंद पड़ा है और काफी सुनसान है। उल्लेखनीय है कि 23 साल की महिला पत्रकार से 22 अगस्त की शाम को शक्ति मिल्स परिसर में पांच आरोपियों ने गैंगरेप किया था। महिला अपने सहयोगी के साथ दफ्तर की तरफ से सौंपे गए काम के सिलसिले में गई थी। शक्ति मिल्स लंबे से समय से बंद पड़ा है और काफी सुनसान है।
राज्य के गृहमंत्री आरआर पाटिल ने कहा है कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मजबूत केस तैयार किया है। चार्जशीट में पीड़िता का बयान, चश्मदीद का बयान, मौका−ए−वारदात से लिए गए सबूत, डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट और फोन कॉल रिकॉर्ड समेत बाकी जानकारियां शामिल हैं।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पुलिस ने गुरूवार शाम बसपा के कार्यकर्ताओं पर अंबाला शहर में तब लाठीचार्ज किया जब आंदोलनकर्ताओं ने अग्रसेन क्रॉसिंग के पास से गुजर रही गाड़ियों और पुलिस पर पथराव किया. बसपा के कार्यकर्ता कुछ दिन पहले की एक घटना के संबंध में एक समुदाय के कुछ व्यक्तियों की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे थे.टिप्पणियां पात्रेहरी गांव के कुछ लोग बसपा नेताओं के साथ अंबाला शहर में अपने समुदाय के कुछ व्यक्तियों की गिरफ्तारी के विरोध में उपायुक्त को एक ज्ञापन देने के लिए आए थे. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पात्रेहरी गांव के कुछ लोग बसपा नेताओं के साथ अंबाला शहर में अपने समुदाय के कुछ व्यक्तियों की गिरफ्तारी के विरोध में उपायुक्त को एक ज्ञापन देने के लिए आए थे. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: पुलिस ने बसपा के कार्यकर्ताओं पर अंबाला शहर में किया लाठीचार्ज आंदोलनकर्ताओं ने अग्रसेन क्रॉसिंग के पास पुलिस की गाड़ियों पर किया पथराव कुछ व्यक्तियों की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे थे बसपा कार्यकर्ता
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: योग गुरु बाबा रामदेव ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि वह चाहे तो उन्हें गोली मार दे, लेकिन वह सांसदों के बारे में दिए गए अपने बयान से पीछे नहीं हटेंगे। ग्वालियर प्रवास पर पहुंचे बाबा रामदेव ने कहा कि वह दुर्ग में दिए अपने बयान पर कायम हैं। उनके इस बयान पर राजनीतिक गलियारे में हलचल मच गई थी।टिप्पणियां लोकसभाध्यक्ष मीरा कुमार ने भी इसे संसद की गरिमा के खिलाफ बताया। इस पर बाबा रामदेव ने कहा, "मैं संवैधानिक संस्था का सम्मान करता हूं, लेकिन लोकसभाध्यक्ष से सवाल करना चाहता हूं कि क्या वह इस बात की गारंटी ले सकती हैं कि लोकसभा में एक भी दागी या अपराधी नहीं है।" पिछले साल जून में रामलीला मैदान पर अपने योग शिविर के दौरान हुई घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी हत्या की साजिश की गई थी। उन्होंने कहा, "सरकार यदि मुझे मारना चाहती है तो सामने से गोली मार दे। लेकिन जब तक शरीर में प्राण रहेंगे, मैं अपना काम करता रहूंगा।" अन्ना हजारे के साथ संयुक्त आंदोलन के सवाल पर उन्होंने कहा, "मेरे और अन्ना हजारे के आंदोलन का विलय नहीं हुआ है। काले धन के खिलाफ हमारे आंदोलन को अन्ना हजारे का समर्थन है और लोकपाल के आंदोलन को हमारा समर्थन है।" अपने आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक व संवैधानिक करार देते हुए उन्होंने दावा किया कि इसे बहुसंख्यक लोगों का समर्थन हासिल है। लोकसभाध्यक्ष मीरा कुमार ने भी इसे संसद की गरिमा के खिलाफ बताया। इस पर बाबा रामदेव ने कहा, "मैं संवैधानिक संस्था का सम्मान करता हूं, लेकिन लोकसभाध्यक्ष से सवाल करना चाहता हूं कि क्या वह इस बात की गारंटी ले सकती हैं कि लोकसभा में एक भी दागी या अपराधी नहीं है।" पिछले साल जून में रामलीला मैदान पर अपने योग शिविर के दौरान हुई घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी हत्या की साजिश की गई थी। उन्होंने कहा, "सरकार यदि मुझे मारना चाहती है तो सामने से गोली मार दे। लेकिन जब तक शरीर में प्राण रहेंगे, मैं अपना काम करता रहूंगा।" अन्ना हजारे के साथ संयुक्त आंदोलन के सवाल पर उन्होंने कहा, "मेरे और अन्ना हजारे के आंदोलन का विलय नहीं हुआ है। काले धन के खिलाफ हमारे आंदोलन को अन्ना हजारे का समर्थन है और लोकपाल के आंदोलन को हमारा समर्थन है।" अपने आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक व संवैधानिक करार देते हुए उन्होंने दावा किया कि इसे बहुसंख्यक लोगों का समर्थन हासिल है। उन्होंने कहा, "सरकार यदि मुझे मारना चाहती है तो सामने से गोली मार दे। लेकिन जब तक शरीर में प्राण रहेंगे, मैं अपना काम करता रहूंगा।" अन्ना हजारे के साथ संयुक्त आंदोलन के सवाल पर उन्होंने कहा, "मेरे और अन्ना हजारे के आंदोलन का विलय नहीं हुआ है। काले धन के खिलाफ हमारे आंदोलन को अन्ना हजारे का समर्थन है और लोकपाल के आंदोलन को हमारा समर्थन है।" अपने आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक व संवैधानिक करार देते हुए उन्होंने दावा किया कि इसे बहुसंख्यक लोगों का समर्थन हासिल है।
संक्षिप्त पाठ: योग गुरु बाबा रामदेव ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि वह चाहे तो उन्हें गोली मार दे, लेकिन वह सांसदों के बारे में दिए गए अपने बयान से पीछे नहीं हटेंगे।
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: इस गणतंत्र दिवस की छुट्टियों का फायदा उठाने के लिए बॉक्स ऑफिस पर शाहरुख खान की फिल्म 'रईस' और ऋतिक रोशन की फिल्म 'काबिल' रिलीज हुई. दोनों की बॉक्स ऑफिस पर बड़ी भिड़ंत मानी जा रही थी जिसमें पहले दिन शाहरुख खान की फिल्‍म 'रईस', ऋतिक की 'काबिल' से काफी आगे निकल गई है. पहले दिन शाहरुख खान की 'रईस' ने करीब 20.42 करोड़ का कारोबार किया है जबकि ऋतिक की 'काबिल' 10.43 करोड़ का कारोबार ही कर पाई.  जाहिर है कि शाहरुख का स्टारडम और उनके प्रमोशन का धुंआधार स्‍टाइल 'रईस' को बढ़‍िया ओपनिंग दिलाने में सफल साबित हुआ है और इस दौड़ में काबिल कुछ पिछड़ती दिख रही है.टिप्पणियां वहीं दूसरी तरफ ऋतिक रोशन की फिल्‍म 'काबिल' को समीक्षकों की ओर से काफी तारीफ मिल रही है. ऐसे में पहले दिन के कलेक्‍शन में भले ही 'रईस' आगे हो लेकिन काबिल की टीम को उम्मीद है कि बॉक्स ऑफिस पर 'काबिल' लंबी दौड़ लगाएगी और अच्छा कलेक्शन करेगी. वैसे काबिल की टीम की उम्‍मीद काफी हद तक सही भी है क्‍योंकि बुधवार को रिलीज हुई इन फिल्‍मों के लिए 26 जनवरी की छुट्टी के साथ ही यह वीऐंड लंबा है और ऐसे में वीऐंड पर यह फिल्‍में क्‍या कलेक्‍शन करती हैं, यह भी देखने में दिलचस्‍प होगा.   ऋतिक रोशन ने रिलीज के बारे में बात करते हुए एनडीटीवी को कहा, 'मुझे मेरे अबतक के फिल्मी सफर में इतने अच्छे रिव्यू नहीं मिले थे. दर्शक और समीक्षक खुश हैं मेरे काम से और मेरी फिल्म से'. वहीं ऋतिक के पिता और काबिल के निर्माता राकेश रोशन भी अपनी इस फिल्म की ओपनिंग से खुश और संतुष्ट हैं. राकेश रोशन ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा, 'मैं संतुष्ट 'काबिल' की बॉक्स ऑफिस ऑपनिंग से काफी संतुष्‍ट हूं. हमने अच्छी फिल्म बनाई है और जिस तरह की प्रतिक्रिया मिल रही है वो काफी खुशी की बात है और मुझे यकीन है कि काबिल बॉक्स ऑफिस पर अच्छा करेगी.' वहीं दूसरी तरफ ऋतिक रोशन की फिल्‍म 'काबिल' को समीक्षकों की ओर से काफी तारीफ मिल रही है. ऐसे में पहले दिन के कलेक्‍शन में भले ही 'रईस' आगे हो लेकिन काबिल की टीम को उम्मीद है कि बॉक्स ऑफिस पर 'काबिल' लंबी दौड़ लगाएगी और अच्छा कलेक्शन करेगी. वैसे काबिल की टीम की उम्‍मीद काफी हद तक सही भी है क्‍योंकि बुधवार को रिलीज हुई इन फिल्‍मों के लिए 26 जनवरी की छुट्टी के साथ ही यह वीऐंड लंबा है और ऐसे में वीऐंड पर यह फिल्‍में क्‍या कलेक्‍शन करती हैं, यह भी देखने में दिलचस्‍प होगा.   ऋतिक रोशन ने रिलीज के बारे में बात करते हुए एनडीटीवी को कहा, 'मुझे मेरे अबतक के फिल्मी सफर में इतने अच्छे रिव्यू नहीं मिले थे. दर्शक और समीक्षक खुश हैं मेरे काम से और मेरी फिल्म से'. वहीं ऋतिक के पिता और काबिल के निर्माता राकेश रोशन भी अपनी इस फिल्म की ओपनिंग से खुश और संतुष्ट हैं. राकेश रोशन ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा, 'मैं संतुष्ट 'काबिल' की बॉक्स ऑफिस ऑपनिंग से काफी संतुष्‍ट हूं. हमने अच्छी फिल्म बनाई है और जिस तरह की प्रतिक्रिया मिल रही है वो काफी खुशी की बात है और मुझे यकीन है कि काबिल बॉक्स ऑफिस पर अच्छा करेगी.' वहीं ऋतिक के पिता और काबिल के निर्माता राकेश रोशन भी अपनी इस फिल्म की ओपनिंग से खुश और संतुष्ट हैं. राकेश रोशन ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा, 'मैं संतुष्ट 'काबिल' की बॉक्स ऑफिस ऑपनिंग से काफी संतुष्‍ट हूं. हमने अच्छी फिल्म बनाई है और जिस तरह की प्रतिक्रिया मिल रही है वो काफी खुशी की बात है और मुझे यकीन है कि काबिल बॉक्स ऑफिस पर अच्छा करेगी.'
यहाँ एक सारांश है:पहले दिन शाहरुख खान की 'रईस' ने करीब 20.42 करोड़ का कारोबार किया जबकि 'काबिल' 10.43 करोड़ का कारोबार ही कर पाई बुधवार को एक साथ रिलीज हुई हैं यह दोनों फिल्‍में
18
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: शाहदरा के जगतपुरी क्षेत्र में क्रेडिट कार्ड के बिल का भुगतान नहीं कर पाने से परेशान 35 वर्षीय एक व्यक्ति ने एक इमारत के छज्जे से कूदकर कथित रूप से आत्महत्या कर ली. पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि सुरेश कुमार सोमवार को करीब तीन बजे रात में अपनी बच्ची को लेकर इमारत के छज्जे पर गया. अपनी बेटी को अपने हाथों में लिया हुआ था और वह वहां से कूद गया. उन्होंने बताया कि उसकी पत्नी भी पीछे-पीछे गयी और जब उसने यह देखा तो वह भी छज्जे से कूद गयी. प्रमोशन नहीं मिला तो जूनियर कर्मचारी ने चाकू से किया सीनियर पर हमला  पुलिस ने बताया कि जगतपुरी निवासी सुरेश कुमार की मौत हो गयी जबकि उसकी पत्नी मनजीत कौर(31) और चार वर्षीय बेटी घायल हो गयी. कौर ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि उसके पति के पास विभिन्न बैंकों के क्रेडिट कार्ड थे और उसके ऊपर आठ लाख रूपये बकाया था.  उसने पुलिस को बताया कि बैंकों द्वारा बकाया चुकाने के लिए हर दिन आने वाले फोन और मैसेज से वह परेशान रहता था. सड़क पर तीनों को पड़े देखकर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी. उन्हें जीटीबी अस्पताल ले जाया गया जहां कुमार को मृत घोषित कर दिया गया जबकि उसकी बेटी के दोनों पैरों की हड्डी टूट गयी है. कौर ने जब छज्जे से छलांग लगायी तो वह बिजली के एक तार से टकरायी जिससे वह अधिक जोर से जमीन पर नहीं गिरी. उसे केवल मामूली चोटें आयी हैं. इस समय उसकी तथा उसकी बेटी की हालत स्थिर है. पुलिस ने कुमार के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया. जेडीयू ने तीन तलाक विधेयक का किया विरोध, कहा- जन जागरूकता की है जरूरत पुलिस ने बताया कि कुमार गुड़गांव में किसी निजी कंपनी में काम करता था. इस घटना को लेकर भारतीय दंड संहिता की धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया गया है. (इनपुट:भाषा)
संक्षिप्त सारांश: पिता ने बेटी के साथ बिल्डिंग से लगाई छलांग पति को छलांग लगाता जानकर पत्नी ने भी लगाई छलांग पिता की मौत, बच्ची और उसकी मां घायल
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कमजोर मांग और कीमती धातु की ऊंची कीमतों से धनतेरस में सोने और चांदी की बिक्री में 40 प्रतिशत तक की गिरावट होने का अनुमान है. बता दें, धनतेरस पर सोना-चांदी और अन्य कीमती चीजें खरीदना शुभ माना जाता है. हालांकि आभूषण कारोबारियों का कहना है कि इस बार देशभर के अधिकांश बाजारों में ठंडा माहौल देखने को मिला. कारोबारियों ने ग्राहकों की संख्या में कमी और उपभोक्ता द्वारा खर्च में कटौती करने की बात कही. दिल्ली में शुक्रवार को सोना 220 रुपए बढ़कर 39,240 रुपए प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया. पिछले साल धनतेरस में सोना 32,690 रुपए पर था. इस दौरान कीमतों में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई. खुदरा व्यापारियों के संगठन कैट के मुताबिक, इस साल धनतेरस में शाम तक करीब 6,000 किलो सोना बिकने का अनुमान है. इसका मूल्य 2,500 करोड़ रुपए के आसपास है. पिछले साल धनतेरस पर 17,000 किलो सोने की बिक्री हुई थी. इसका मूल्य 5,500 करोड़ रुपए था. कैट के सोना एवं आभूषण समिति के चेयरमैन पंकज अरोड़ा ने बयान में कहा, "अनुमान के मुताबिक इस बार कारोबार में 35-40 प्रतिशत की गिरावट आई है. यह कारोबारियों के लिए चिंता का विषय है." उन्होंने कहा कि सोने और चांदी की कीमतों में तेजी के चलते बिक्री में गिरावट आई है. अरोड़ा ने कहा कि संभवत: यह व्यापारियों के लिए पिछले 10 सालों में "सबसे खराब धनतेरस" रहा. अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद (GJC) के चेयरमैन अनंत पद्मनाभन ने बताया, "मात्रा के आधार पर, बिक्री में पिछले साल के मुकाबले 20 प्रतिशत कमी आने का अनुमान है. मूल्य के आधार पर बिक्री पिछले साल के स्तर पर ही रहेगी, क्योंकि कीमती धातु के दाम काफी बढ़े हुए हैं. उन्होंने कहा कि अधिकांश ग्राहकों ने शुभ काम मानते हुए कम मूल्य की वस्तुएं खरीदी. वे शादी- ब्याह के खातिर आभूषण खरीदने के लिए कीमतों में कमी का इंतजार कर रहे हैं. भारत में विश्व स्वर्ण परिषद (WGC) के अध्यक्ष सोमासुंदरम पीआर ने कहा, "सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में तेज वृद्धि और भारी छूट से कारोबार पर असर पड़ा है."  वहीं एक्सिस सिक्यूरिटीज ने एक टिप्पणी में कहा कि वैश्विक आर्थिक मंच पर अनिश्चितताओं को देखते हुए सोने में अभी और दम दिखता है. कंपनी ने एक नोट में कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने वैश्विक आर्थिक वृद्धि का अनुमान 0.2 प्रतिशत घटा कर 3 प्रतिशत कर दिया है. अस्थिरता के दौर में सोने पर दाव लगाना सुरक्षित समझा जाता है. दिल्ली के करोल बाग ज्वैलरी संघ के अध्यक्ष विजय खन्ना ने कहा कि अधिकांश खरीदारों ने विशेषकर निवेश उद्देश्य से सांकेतिक खरीद की. उन्होंने कहा, "इस धनतेरस पर बिक्री स्थिर रही लेकिन शादी-ब्याह के मौसम में बिक्री में सुधार की उम्मीद है." यूटी जावेरी के कुमार जैन ने कहा, "खरीदी ने तेजी पकड़ी और शादी-ब्याह के आभूषण बुकिंग के लिए भीड़ रही. कम कीमत के उत्पादों का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा." हालांकि कल्याण ज्वैलर्स के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक टी एस कल्याणरमण ने कहा, "हमने अपने शोरूमों में सकारात्मक रुख देखा. पूरे रुख या वृद्धि पर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी."
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सोने और चांदी की बिक्री में 40 प्रतिशत तक की गिरावट होने का अनुमान धनतेरस पर सोना-चांदी और अन्य कीमती चीजें खरीदना शुभ माना जाता है पिछले साल धनतेरस में सोना 32,690 रुपए पर था
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मुंबई में केबल टीवी के लिए सेट टॉप बॉक्स लगाए जाने की बाध्यता के खिलाफ शिवसेना ने विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।टिप्पणियां पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने पार्टी मुखपत्र सामना में कहा कि पार्टी सरकार के इस फैसले का विरोध करती है। ठाकरे का कहना है कि इससे आम आदमी के जेब पर अतिरिक्त भार पड़ेगा। इसी के साथ ठाकरे ने सरकार से मांग की कि वह इस लागू करने की अंतिम तारीख जनवरी 2013 तक बढ़ा दे। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने पार्टी मुखपत्र सामना में कहा कि पार्टी सरकार के इस फैसले का विरोध करती है। ठाकरे का कहना है कि इससे आम आदमी के जेब पर अतिरिक्त भार पड़ेगा। इसी के साथ ठाकरे ने सरकार से मांग की कि वह इस लागू करने की अंतिम तारीख जनवरी 2013 तक बढ़ा दे। इसी के साथ ठाकरे ने सरकार से मांग की कि वह इस लागू करने की अंतिम तारीख जनवरी 2013 तक बढ़ा दे।
यहाँ एक सारांश है:मुंबई में केबल टीवी के लिए सेट टॉप बॉक्स लगाए जाने की बाध्यता के खिलाफ शिवसेना ने विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
4
['hin']
एक सारांश बनाओ: श्रीलंका से भारतीय क्रिकेट टीम पांच वन-डे और एक टी-20 की सीरीज खेलने जा रही है। सीरीज का पहला मैच शनिवार को खेला जाएगा। आखिरी बार टीम इंडिया का श्रीलंका से सामना एशिया कप में हुआ था। सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने उस मैच में 100 और उप-कप्तान विराट कोहली ने 108 रनों की जबरदस्त पारी खेली थी। अगर भारतीय बल्लेबाजों का ये तेवर श्रीलंका में बरकरार रहा तो महेन्द्र सिंह धोनी की टीम के लिए ये बेहतरीन मौका होगा वन−डे में टॉप पर पहुंचने का लेकिन इसके लिए भारतीय टीम को श्रीलंका का व्हाइटवाश करना होगा। पांच मैचों की सीरीज का हर मैच जीतना होगा। श्रीलंका को उसकी जमीन पर 5−0 से हराना आसान नहीं होगा। वैसे, भारत ने श्रीलंका में पिछली दो सीरीज जीती हैं जिससे जीत की उम्मीद बनती है।टिप्पणियां गौरतलब है कि 2008 में महेन्द्र सिंह धोनी की टीम ने 3−2 से सीरीज जीती थी। धोनी ने उस सीरीज में दो हाफ सेंचुरी लगाई थी और मैन ऑफ द सीरीज भी रहे थे। 2009 में भारत ने श्रीलंका को 4−1 से हराया था। तब युवराज सिंह मैन ऑफ द सीरीज रहे थे। उल्लेखनीय है कि इस समय ऑस्ट्रेलिया 119 अंको के साथ पहले नंबर पर है। दूसरे नंबर पर दक्षिण अफ्रीका और तीसरे पर इंग्लैंड है। दोनों ही टीमों के 118 अंक हैं। भारत 117 प्वाइंट्स के साथ चौथे नंबर पर है। अगर भारत सभी पांच मैच जीत लेता है तो वह 120 अंकों के साथ टॉप पर पहुंच जाएगा। आखिरी बार टीम इंडिया का श्रीलंका से सामना एशिया कप में हुआ था। सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने उस मैच में 100 और उप-कप्तान विराट कोहली ने 108 रनों की जबरदस्त पारी खेली थी। अगर भारतीय बल्लेबाजों का ये तेवर श्रीलंका में बरकरार रहा तो महेन्द्र सिंह धोनी की टीम के लिए ये बेहतरीन मौका होगा वन−डे में टॉप पर पहुंचने का लेकिन इसके लिए भारतीय टीम को श्रीलंका का व्हाइटवाश करना होगा। पांच मैचों की सीरीज का हर मैच जीतना होगा। श्रीलंका को उसकी जमीन पर 5−0 से हराना आसान नहीं होगा। वैसे, भारत ने श्रीलंका में पिछली दो सीरीज जीती हैं जिससे जीत की उम्मीद बनती है।टिप्पणियां गौरतलब है कि 2008 में महेन्द्र सिंह धोनी की टीम ने 3−2 से सीरीज जीती थी। धोनी ने उस सीरीज में दो हाफ सेंचुरी लगाई थी और मैन ऑफ द सीरीज भी रहे थे। 2009 में भारत ने श्रीलंका को 4−1 से हराया था। तब युवराज सिंह मैन ऑफ द सीरीज रहे थे। उल्लेखनीय है कि इस समय ऑस्ट्रेलिया 119 अंको के साथ पहले नंबर पर है। दूसरे नंबर पर दक्षिण अफ्रीका और तीसरे पर इंग्लैंड है। दोनों ही टीमों के 118 अंक हैं। भारत 117 प्वाइंट्स के साथ चौथे नंबर पर है। अगर भारत सभी पांच मैच जीत लेता है तो वह 120 अंकों के साथ टॉप पर पहुंच जाएगा। गौरतलब है कि 2008 में महेन्द्र सिंह धोनी की टीम ने 3−2 से सीरीज जीती थी। धोनी ने उस सीरीज में दो हाफ सेंचुरी लगाई थी और मैन ऑफ द सीरीज भी रहे थे। 2009 में भारत ने श्रीलंका को 4−1 से हराया था। तब युवराज सिंह मैन ऑफ द सीरीज रहे थे। उल्लेखनीय है कि इस समय ऑस्ट्रेलिया 119 अंको के साथ पहले नंबर पर है। दूसरे नंबर पर दक्षिण अफ्रीका और तीसरे पर इंग्लैंड है। दोनों ही टीमों के 118 अंक हैं। भारत 117 प्वाइंट्स के साथ चौथे नंबर पर है। अगर भारत सभी पांच मैच जीत लेता है तो वह 120 अंकों के साथ टॉप पर पहुंच जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस समय ऑस्ट्रेलिया 119 अंको के साथ पहले नंबर पर है। दूसरे नंबर पर दक्षिण अफ्रीका और तीसरे पर इंग्लैंड है। दोनों ही टीमों के 118 अंक हैं। भारत 117 प्वाइंट्स के साथ चौथे नंबर पर है। अगर भारत सभी पांच मैच जीत लेता है तो वह 120 अंकों के साथ टॉप पर पहुंच जाएगा।
संक्षिप्त पाठ: भारतीय क्रिकेट टीम श्रीलंका से पांच वन-डे और एक टी-20 की सीरीज खेलने जा रही है। सीरीज का पहला मैच शनिवार को खेला जाएगा।
30
['hin']
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान में भ्रष्टाचार निरोधक इकाई के प्रमुख ने देश की सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ को गिरफ्तार किए जाने के आदेश को मानने से इनकार कर दिया है और कहा है कि प्रधानमंत्री के खिलाफ उनके पास पर्याप्त सबूत नहीं हैं।टिप्पणियां नेशनल एकाउंटेबिलिटी ब्यूरो के प्रमुख फसीह बुखारी ने सुप्रीम कोर्ट में भी कहा था कि शुरुआती जांच दोषपूर्ण रही है और उन्हें यह तय करने के लिए थोड़ा वक्त और चाहिए कि प्रधानमंत्री को गिरफ्तार किया जाए या नहीं। पाकिस्तान में पिछले एक साल से सरकार और सुप्रीम कोर्ट के बीच बार-बार टकराव सामने आता रहा है और मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश द्वारा प्रधानमंत्री की गिरफ्तारी के लिए दिए गए आदेश के बाद देश में नया राजनीतिक संकट पैदा हो गया है। यह मामला उस समय का है, जब अशरफ जल तथा ऊर्जा मंत्री हुआ करते थे और उन पर आरोप हैं कि उन्होंने निजी बिजली कंपनियों से जुड़े मामले में दलाली खाई थी। नेशनल एकाउंटेबिलिटी ब्यूरो के प्रमुख फसीह बुखारी ने सुप्रीम कोर्ट में भी कहा था कि शुरुआती जांच दोषपूर्ण रही है और उन्हें यह तय करने के लिए थोड़ा वक्त और चाहिए कि प्रधानमंत्री को गिरफ्तार किया जाए या नहीं। पाकिस्तान में पिछले एक साल से सरकार और सुप्रीम कोर्ट के बीच बार-बार टकराव सामने आता रहा है और मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश द्वारा प्रधानमंत्री की गिरफ्तारी के लिए दिए गए आदेश के बाद देश में नया राजनीतिक संकट पैदा हो गया है। यह मामला उस समय का है, जब अशरफ जल तथा ऊर्जा मंत्री हुआ करते थे और उन पर आरोप हैं कि उन्होंने निजी बिजली कंपनियों से जुड़े मामले में दलाली खाई थी। पाकिस्तान में पिछले एक साल से सरकार और सुप्रीम कोर्ट के बीच बार-बार टकराव सामने आता रहा है और मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश द्वारा प्रधानमंत्री की गिरफ्तारी के लिए दिए गए आदेश के बाद देश में नया राजनीतिक संकट पैदा हो गया है। यह मामला उस समय का है, जब अशरफ जल तथा ऊर्जा मंत्री हुआ करते थे और उन पर आरोप हैं कि उन्होंने निजी बिजली कंपनियों से जुड़े मामले में दलाली खाई थी।
संक्षिप्त सारांश: पाकिस्तान में भ्रष्टाचार निरोधक इकाई के प्रमुख ने देश की सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ को गिरफ्तार किए जाने के आदेश को मानने से इनकार कर दिया है और कहा है कि प्रधानमंत्री के खिलाफ उनके पास पर्याप्त सबूत नहीं हैं।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में सरकार के बदलने के बाद कानून और व्यवस्था की स्थिति में कोई खास बदलाव आता दिखाई नहीं दे रहा है, और शुक्रवार को इलाहाबाद में उस वक्त जोरदार हंगामा हुआ, जब बदमाशों को पकड़ने गई पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी, और उसमें एक शख्स की मौत हो गई।टिप्पणियां इलाहाबाद के धूमनगंज थाने के मरियाडीह गांव में हुई पुलिस फायरिंग के बाद गुस्साई भीड़ ने न सिर्फ इलाहाबाद-कानपुर हाईवे समेत सड़कों को जाम कर दिया, बल्कि एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी और एक बाइक समेत कई वाहनों को आग के हवाले भी कर डाला। हालांकि पुलिस का कहना है कि उन्होंने बदमाशों द्वारा गोलियां चलाए जाने के जवाब में फायरिंग की थी। उधर, एक अन्य घटना में राज्य के बांदा में स्थित अनाज मंडी में किसानों के बीच गोलियां चल जाने की ख़बर मिली है। बताया जाता है कि मंडी में किसानों के बीच अपना-अपना गेहूं पहले बेच देने की होड़ लगी थी, क्योंकि प्रदेश में इस साल गेहूं की बम्पर पैदावार होने के कारण गेहूं बेचने वालों की तुलना में खरीदार कम हैं। इसके अलावा मंडियों में इंतज़ामात भी बेहद खराब हैं। इलाहाबाद के धूमनगंज थाने के मरियाडीह गांव में हुई पुलिस फायरिंग के बाद गुस्साई भीड़ ने न सिर्फ इलाहाबाद-कानपुर हाईवे समेत सड़कों को जाम कर दिया, बल्कि एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी और एक बाइक समेत कई वाहनों को आग के हवाले भी कर डाला। हालांकि पुलिस का कहना है कि उन्होंने बदमाशों द्वारा गोलियां चलाए जाने के जवाब में फायरिंग की थी। उधर, एक अन्य घटना में राज्य के बांदा में स्थित अनाज मंडी में किसानों के बीच गोलियां चल जाने की ख़बर मिली है। बताया जाता है कि मंडी में किसानों के बीच अपना-अपना गेहूं पहले बेच देने की होड़ लगी थी, क्योंकि प्रदेश में इस साल गेहूं की बम्पर पैदावार होने के कारण गेहूं बेचने वालों की तुलना में खरीदार कम हैं। इसके अलावा मंडियों में इंतज़ामात भी बेहद खराब हैं। उधर, एक अन्य घटना में राज्य के बांदा में स्थित अनाज मंडी में किसानों के बीच गोलियां चल जाने की ख़बर मिली है। बताया जाता है कि मंडी में किसानों के बीच अपना-अपना गेहूं पहले बेच देने की होड़ लगी थी, क्योंकि प्रदेश में इस साल गेहूं की बम्पर पैदावार होने के कारण गेहूं बेचने वालों की तुलना में खरीदार कम हैं। इसके अलावा मंडियों में इंतज़ामात भी बेहद खराब हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: शुक्रवार को इलाहाबाद में उस वक्त जोरदार हंगामा हुआ, जब बदमाशों को पकड़ने गई पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी, और उसमें एक आदमी की मौत हो गई।
25
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पूरे देश को झकझोर देने वाले दिल्ली सामूहिक बलात्कार कांड की पीड़ित लड़की की सिंगापुर में इलाज के दौरान मृत्यु की खबर से उत्तर प्रदेश के उसके पुश्तैनी गांव में शोक की लहर है और गमगीन लोगों के घरों में शनिवार को चूल्हे नहीं जले। गांव में बलात्कार पीड़ित लड़की की मृत्यु की खबर के बाद मातम का माहौल है और घरों के चूल्हे ठंडे पड़े हैं। करीब 13 दिन तक जिंदगी के लिये संघर्ष करने वाली उस लड़की के चाचा ने बताया कि उनकी भतीजी मुफलिसी में जी रहे अपने परिवार के लिए उम्मीद की किरण थी। उन्होंने बताया कि बेहद गरीब परिवार में जन्मी उनकी भतीजी बहुत जहीन और संघर्षशील थी। उसकी योग्यता और लगन को देखते हुए उसके पिता रूप नारायण (काल्पनिक नाम) ने उसे ऊंची तालीम दिलाने के लिए अपना पुश्तैनी खेत भी बेच दिया था। उन्हें पूरा यकीन था कि एक दिन उनकी बेटी परिवार को ना सिर्फ गरीबी से निकालेगी बल्कि उसे तरक्की की राह पर ले जाएगी, लेकिन वक्त के जालिम हाथों ने सभी उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया। गांव के ग्राम प्रधान ने बताया कि गांव में आज शोकसभा करके ‘गांव की बेटी’ की दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। ग्रामीणों में दिल्ली बलात्कार कांड को लेकर खासी नाराजगी है और वे इसके गुनहगारों के लिए सख्त से सख्त सजा चाहते हैं। सिंह ने कहा कि ग्रामवासियों की मांग है कि उनकी बेटी की अस्मत को तार-तार करके उसकी मौत का कारण बने लोगों को ऐसी कड़ी सजा हो, जो कुत्सित मानसिकता रखने वाले लोगों के दिलों को खौफ से भर दे और वे ऐसी वारदात अंजाम देने की सोच भी ना सकें। हैवानियत की शिकार हुई लड़की के चाचा ने कहा कि उनके खानदान की बेटी के गुनहगारों को जब तक फांसी नहीं होती तब तक उनका परिवार न्याय के लिए संघर्ष करता रहेगा।टिप्पणियां गौरतलब है कि गत 16 दिसम्बर को चलती बस में सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई 23 वर्षीय लड़की की आज तड़के भारतीय समयानुसार दो बजकर 15 मिनट पर सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में मृत्यु हो गई। सामूहिक बलात्कार की इस वारदात के विरोध में पूरा देश मानो उबल पड़ा और ऐसी घटनाओं के दोषी लोगों को मौत की सजा दिए जाने की चौतरफा मांगें की जा रही हैं। गांव में बलात्कार पीड़ित लड़की की मृत्यु की खबर के बाद मातम का माहौल है और घरों के चूल्हे ठंडे पड़े हैं। करीब 13 दिन तक जिंदगी के लिये संघर्ष करने वाली उस लड़की के चाचा ने बताया कि उनकी भतीजी मुफलिसी में जी रहे अपने परिवार के लिए उम्मीद की किरण थी। उन्होंने बताया कि बेहद गरीब परिवार में जन्मी उनकी भतीजी बहुत जहीन और संघर्षशील थी। उसकी योग्यता और लगन को देखते हुए उसके पिता रूप नारायण (काल्पनिक नाम) ने उसे ऊंची तालीम दिलाने के लिए अपना पुश्तैनी खेत भी बेच दिया था। उन्हें पूरा यकीन था कि एक दिन उनकी बेटी परिवार को ना सिर्फ गरीबी से निकालेगी बल्कि उसे तरक्की की राह पर ले जाएगी, लेकिन वक्त के जालिम हाथों ने सभी उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया। गांव के ग्राम प्रधान ने बताया कि गांव में आज शोकसभा करके ‘गांव की बेटी’ की दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। ग्रामीणों में दिल्ली बलात्कार कांड को लेकर खासी नाराजगी है और वे इसके गुनहगारों के लिए सख्त से सख्त सजा चाहते हैं। सिंह ने कहा कि ग्रामवासियों की मांग है कि उनकी बेटी की अस्मत को तार-तार करके उसकी मौत का कारण बने लोगों को ऐसी कड़ी सजा हो, जो कुत्सित मानसिकता रखने वाले लोगों के दिलों को खौफ से भर दे और वे ऐसी वारदात अंजाम देने की सोच भी ना सकें। हैवानियत की शिकार हुई लड़की के चाचा ने कहा कि उनके खानदान की बेटी के गुनहगारों को जब तक फांसी नहीं होती तब तक उनका परिवार न्याय के लिए संघर्ष करता रहेगा।टिप्पणियां गौरतलब है कि गत 16 दिसम्बर को चलती बस में सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई 23 वर्षीय लड़की की आज तड़के भारतीय समयानुसार दो बजकर 15 मिनट पर सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में मृत्यु हो गई। सामूहिक बलात्कार की इस वारदात के विरोध में पूरा देश मानो उबल पड़ा और ऐसी घटनाओं के दोषी लोगों को मौत की सजा दिए जाने की चौतरफा मांगें की जा रही हैं। करीब 13 दिन तक जिंदगी के लिये संघर्ष करने वाली उस लड़की के चाचा ने बताया कि उनकी भतीजी मुफलिसी में जी रहे अपने परिवार के लिए उम्मीद की किरण थी। उन्होंने बताया कि बेहद गरीब परिवार में जन्मी उनकी भतीजी बहुत जहीन और संघर्षशील थी। उसकी योग्यता और लगन को देखते हुए उसके पिता रूप नारायण (काल्पनिक नाम) ने उसे ऊंची तालीम दिलाने के लिए अपना पुश्तैनी खेत भी बेच दिया था। उन्हें पूरा यकीन था कि एक दिन उनकी बेटी परिवार को ना सिर्फ गरीबी से निकालेगी बल्कि उसे तरक्की की राह पर ले जाएगी, लेकिन वक्त के जालिम हाथों ने सभी उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया। गांव के ग्राम प्रधान ने बताया कि गांव में आज शोकसभा करके ‘गांव की बेटी’ की दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। ग्रामीणों में दिल्ली बलात्कार कांड को लेकर खासी नाराजगी है और वे इसके गुनहगारों के लिए सख्त से सख्त सजा चाहते हैं। सिंह ने कहा कि ग्रामवासियों की मांग है कि उनकी बेटी की अस्मत को तार-तार करके उसकी मौत का कारण बने लोगों को ऐसी कड़ी सजा हो, जो कुत्सित मानसिकता रखने वाले लोगों के दिलों को खौफ से भर दे और वे ऐसी वारदात अंजाम देने की सोच भी ना सकें। हैवानियत की शिकार हुई लड़की के चाचा ने कहा कि उनके खानदान की बेटी के गुनहगारों को जब तक फांसी नहीं होती तब तक उनका परिवार न्याय के लिए संघर्ष करता रहेगा।टिप्पणियां गौरतलब है कि गत 16 दिसम्बर को चलती बस में सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई 23 वर्षीय लड़की की आज तड़के भारतीय समयानुसार दो बजकर 15 मिनट पर सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में मृत्यु हो गई। सामूहिक बलात्कार की इस वारदात के विरोध में पूरा देश मानो उबल पड़ा और ऐसी घटनाओं के दोषी लोगों को मौत की सजा दिए जाने की चौतरफा मांगें की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि बेहद गरीब परिवार में जन्मी उनकी भतीजी बहुत जहीन और संघर्षशील थी। उसकी योग्यता और लगन को देखते हुए उसके पिता रूप नारायण (काल्पनिक नाम) ने उसे ऊंची तालीम दिलाने के लिए अपना पुश्तैनी खेत भी बेच दिया था। उन्हें पूरा यकीन था कि एक दिन उनकी बेटी परिवार को ना सिर्फ गरीबी से निकालेगी बल्कि उसे तरक्की की राह पर ले जाएगी, लेकिन वक्त के जालिम हाथों ने सभी उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया। गांव के ग्राम प्रधान ने बताया कि गांव में आज शोकसभा करके ‘गांव की बेटी’ की दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। ग्रामीणों में दिल्ली बलात्कार कांड को लेकर खासी नाराजगी है और वे इसके गुनहगारों के लिए सख्त से सख्त सजा चाहते हैं। सिंह ने कहा कि ग्रामवासियों की मांग है कि उनकी बेटी की अस्मत को तार-तार करके उसकी मौत का कारण बने लोगों को ऐसी कड़ी सजा हो, जो कुत्सित मानसिकता रखने वाले लोगों के दिलों को खौफ से भर दे और वे ऐसी वारदात अंजाम देने की सोच भी ना सकें। हैवानियत की शिकार हुई लड़की के चाचा ने कहा कि उनके खानदान की बेटी के गुनहगारों को जब तक फांसी नहीं होती तब तक उनका परिवार न्याय के लिए संघर्ष करता रहेगा।टिप्पणियां गौरतलब है कि गत 16 दिसम्बर को चलती बस में सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई 23 वर्षीय लड़की की आज तड़के भारतीय समयानुसार दो बजकर 15 मिनट पर सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में मृत्यु हो गई। सामूहिक बलात्कार की इस वारदात के विरोध में पूरा देश मानो उबल पड़ा और ऐसी घटनाओं के दोषी लोगों को मौत की सजा दिए जाने की चौतरफा मांगें की जा रही हैं। उन्हें पूरा यकीन था कि एक दिन उनकी बेटी परिवार को ना सिर्फ गरीबी से निकालेगी बल्कि उसे तरक्की की राह पर ले जाएगी, लेकिन वक्त के जालिम हाथों ने सभी उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया। गांव के ग्राम प्रधान ने बताया कि गांव में आज शोकसभा करके ‘गांव की बेटी’ की दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। ग्रामीणों में दिल्ली बलात्कार कांड को लेकर खासी नाराजगी है और वे इसके गुनहगारों के लिए सख्त से सख्त सजा चाहते हैं। सिंह ने कहा कि ग्रामवासियों की मांग है कि उनकी बेटी की अस्मत को तार-तार करके उसकी मौत का कारण बने लोगों को ऐसी कड़ी सजा हो, जो कुत्सित मानसिकता रखने वाले लोगों के दिलों को खौफ से भर दे और वे ऐसी वारदात अंजाम देने की सोच भी ना सकें। हैवानियत की शिकार हुई लड़की के चाचा ने कहा कि उनके खानदान की बेटी के गुनहगारों को जब तक फांसी नहीं होती तब तक उनका परिवार न्याय के लिए संघर्ष करता रहेगा।टिप्पणियां गौरतलब है कि गत 16 दिसम्बर को चलती बस में सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई 23 वर्षीय लड़की की आज तड़के भारतीय समयानुसार दो बजकर 15 मिनट पर सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में मृत्यु हो गई। सामूहिक बलात्कार की इस वारदात के विरोध में पूरा देश मानो उबल पड़ा और ऐसी घटनाओं के दोषी लोगों को मौत की सजा दिए जाने की चौतरफा मांगें की जा रही हैं। गांव के ग्राम प्रधान ने बताया कि गांव में आज शोकसभा करके ‘गांव की बेटी’ की दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। ग्रामीणों में दिल्ली बलात्कार कांड को लेकर खासी नाराजगी है और वे इसके गुनहगारों के लिए सख्त से सख्त सजा चाहते हैं। सिंह ने कहा कि ग्रामवासियों की मांग है कि उनकी बेटी की अस्मत को तार-तार करके उसकी मौत का कारण बने लोगों को ऐसी कड़ी सजा हो, जो कुत्सित मानसिकता रखने वाले लोगों के दिलों को खौफ से भर दे और वे ऐसी वारदात अंजाम देने की सोच भी ना सकें। हैवानियत की शिकार हुई लड़की के चाचा ने कहा कि उनके खानदान की बेटी के गुनहगारों को जब तक फांसी नहीं होती तब तक उनका परिवार न्याय के लिए संघर्ष करता रहेगा।टिप्पणियां गौरतलब है कि गत 16 दिसम्बर को चलती बस में सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई 23 वर्षीय लड़की की आज तड़के भारतीय समयानुसार दो बजकर 15 मिनट पर सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में मृत्यु हो गई। सामूहिक बलात्कार की इस वारदात के विरोध में पूरा देश मानो उबल पड़ा और ऐसी घटनाओं के दोषी लोगों को मौत की सजा दिए जाने की चौतरफा मांगें की जा रही हैं। सिंह ने कहा कि ग्रामवासियों की मांग है कि उनकी बेटी की अस्मत को तार-तार करके उसकी मौत का कारण बने लोगों को ऐसी कड़ी सजा हो, जो कुत्सित मानसिकता रखने वाले लोगों के दिलों को खौफ से भर दे और वे ऐसी वारदात अंजाम देने की सोच भी ना सकें। हैवानियत की शिकार हुई लड़की के चाचा ने कहा कि उनके खानदान की बेटी के गुनहगारों को जब तक फांसी नहीं होती तब तक उनका परिवार न्याय के लिए संघर्ष करता रहेगा।टिप्पणियां गौरतलब है कि गत 16 दिसम्बर को चलती बस में सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई 23 वर्षीय लड़की की आज तड़के भारतीय समयानुसार दो बजकर 15 मिनट पर सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में मृत्यु हो गई। सामूहिक बलात्कार की इस वारदात के विरोध में पूरा देश मानो उबल पड़ा और ऐसी घटनाओं के दोषी लोगों को मौत की सजा दिए जाने की चौतरफा मांगें की जा रही हैं। हैवानियत की शिकार हुई लड़की के चाचा ने कहा कि उनके खानदान की बेटी के गुनहगारों को जब तक फांसी नहीं होती तब तक उनका परिवार न्याय के लिए संघर्ष करता रहेगा।टिप्पणियां गौरतलब है कि गत 16 दिसम्बर को चलती बस में सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई 23 वर्षीय लड़की की आज तड़के भारतीय समयानुसार दो बजकर 15 मिनट पर सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में मृत्यु हो गई। सामूहिक बलात्कार की इस वारदात के विरोध में पूरा देश मानो उबल पड़ा और ऐसी घटनाओं के दोषी लोगों को मौत की सजा दिए जाने की चौतरफा मांगें की जा रही हैं। गौरतलब है कि गत 16 दिसम्बर को चलती बस में सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई 23 वर्षीय लड़की की आज तड़के भारतीय समयानुसार दो बजकर 15 मिनट पर सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में मृत्यु हो गई। सामूहिक बलात्कार की इस वारदात के विरोध में पूरा देश मानो उबल पड़ा और ऐसी घटनाओं के दोषी लोगों को मौत की सजा दिए जाने की चौतरफा मांगें की जा रही हैं। सामूहिक बलात्कार की इस वारदात के विरोध में पूरा देश मानो उबल पड़ा और ऐसी घटनाओं के दोषी लोगों को मौत की सजा दिए जाने की चौतरफा मांगें की जा रही हैं।
पूरे देश को झकझोर देने वाले दिल्ली सामूहिक बलात्कार कांड की पीड़ित लड़की की सिंगापुर में इलाज के दौरान मृत्यु की खबर से उत्तर प्रदेश के उसके पुश्तैनी गांव में शोक की लहर है और गमगीन लोगों के घरों में आज चूल्हे नहीं जले।
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: शेख हसीना (Sheikh Hasina) ने लगातार तीसरे कार्यकाल के लिये सोमवार को बांग्लादेश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. इसके साथ ही शेख हसीना (Sheikh Hasina) रिकॉर्ड चौथी बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बन गई. उनकी पार्टी अवामी लीग ने 30 दिसंबर के चुनावों में जबरदस्त जीत हासिल की थी. राष्ट्रपति मोहम्मद अब्दुल हामिद ने बंगभवन में 71 वर्षीय हसीना को पद की शपथ दिलायी. प्रधानमंत्री के रूप में यह हसीना का चौथा कार्यकाल है. राष्ट्रपति ने उसके बाद सरकार में शामिल होने वाले नये मंत्रियों, राज्य मंत्रियों और उप मंत्रियों को पद की शपथ दिलाई. शेख हसीना (Sheikh Hasina) के मंत्रिमंडल में 24 मंत्री, 22 राज्य मंत्री होंगे. हसीना के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ ‘‘ग्रैंड अलायंस'' ने चुनावों में 96 प्रतिशत सीटों पर जीत हासिल की थी. इन चुनावों में धांधली, फर्जी वोट डालने, मतदाताओं को डराने-धमकाने और हिंसा की घटनाएं सुर्खियों में रही थीं.  शेख हसीना (Sheikh Hasina) एवं सत्तारूढ़ पार्टी अवामी लीग ने इन आरोपों का खंडन किया है. हसीना की कैबिनेट में ज्यादातर नए चेहरों को जगह दी गयी है. नए मंत्रिमंडल के 31 सदस्य पहली बार मंत्री बने हैं. मंत्रिमंडल में विशेष रूप से अवामी लीग के सदस्य शामिल हैं. बृहस्पतिवार को उन्हें चौथी बार सदन का नेता चुना गया. बांग्लादेश के संस्थापक बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की बेटी हसीना को कई लोग देश की लौह महिला कहते हैं. रक्षा मंत्रालय जैसे बड़े मंत्रालयों को हसीना के अपने पास ही रखने की अटकलों के बीच कई अनुभवी नेताओं को मंत्रिपरिषद से बाहर रखा गया.  अवामी लीग नीत ग्रैंड एलायंस की प्रमुख सहयोगी जातीय पार्टी ने शुक्रवार को तय किया था कि वह संसद में विपक्ष की भूमिका में रहेगी. पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया नीत मुख्य विपक्षी पार्टी बीएनपी ने आम चुनावों के नतीजों को मानने से इनकार कर दिया था.
शेख हसीना लगातार तीसरी बार बांग्लादेश की पीएम बनीं 30 दिसंबर के चुनावों में उनकी पार्टी ने जबरदस्त जीत हासिल की थी राष्ट्रपति ने बंगभवन में 71 वर्षीय हसीना को पीएम पद की शपथ दिलाई
1
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: स्पीकर की ओर से कपिल सिब्बल ने मांग की कि मामला बेहद गंभीर और इसे संवैधानिक पीठ को भेजा जाना चाहिए। वहीं, राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि राज्य का नियम कहता है कि स्पीकर के खिलाफ मोशन लाने से पहले विधानसभा सचिव को 14 दिन पहले सूचित करना होगा, जो बागियों ने नहीं किया। टिप्पणियां बता दें कि हरीश रावत सरकार के खिलाफ बागी 9 विधायक एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। बागियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा है कि उन्हें 21 जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा के विशेष सत्र में शामिल होने का मौका दिया जाए। साथ ही उन्होंने स्पीकर के अयोग्य घोषित करने को भी चुनौती दी है। कोर्ट ने इस याचिका पर बुधवार को सुनवाई की।   बागियों की ओर से कहा गया कि स्पीकर ने 27 मार्च को उन्हें अयोग्य घोषित किया था, वो असंवैधानिक है। उन्होंने इसके लिए सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के अरूणाचल प्रदेश को लेकर आए फैसले को आधार बनाया है जिसमें कहा गया है कि जब स्पीकर को हटाने के लिए प्रस्ताव लाया गया हो, उस वक्त स्पीकर किसी सदस्य को अयोग्य करार नहीं दे सकता। ये संविधान के आर्टिकल 179 C के विरोध में है। गौरतलब है कि उत्तराखंड सरकार ने बजट प्रस्ताव सदन के पटल पर पेश करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया हुआ है। 21 जुलाई से शुरू होने वाला उत्तराखंड विधानसभा का सत्र दो दिन चलेगा। बता दें कि हरीश रावत सरकार के खिलाफ बागी 9 विधायक एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। बागियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा है कि उन्हें 21 जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा के विशेष सत्र में शामिल होने का मौका दिया जाए। साथ ही उन्होंने स्पीकर के अयोग्य घोषित करने को भी चुनौती दी है। कोर्ट ने इस याचिका पर बुधवार को सुनवाई की।   बागियों की ओर से कहा गया कि स्पीकर ने 27 मार्च को उन्हें अयोग्य घोषित किया था, वो असंवैधानिक है। उन्होंने इसके लिए सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के अरूणाचल प्रदेश को लेकर आए फैसले को आधार बनाया है जिसमें कहा गया है कि जब स्पीकर को हटाने के लिए प्रस्ताव लाया गया हो, उस वक्त स्पीकर किसी सदस्य को अयोग्य करार नहीं दे सकता। ये संविधान के आर्टिकल 179 C के विरोध में है। गौरतलब है कि उत्तराखंड सरकार ने बजट प्रस्ताव सदन के पटल पर पेश करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया हुआ है। 21 जुलाई से शुरू होने वाला उत्तराखंड विधानसभा का सत्र दो दिन चलेगा। गौरतलब है कि उत्तराखंड सरकार ने बजट प्रस्ताव सदन के पटल पर पेश करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया हुआ है। 21 जुलाई से शुरू होने वाला उत्तराखंड विधानसभा का सत्र दो दिन चलेगा।
यह एक सारांश है: कल से होने वाले विधानसभा सत्र में नहीं ले सकेंगे भाग सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कई बड़े सवाल उठाए मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी
9
['hin']
एक सारांश बनाओ: नोटबंदी के सातवें दिन जनता के सब्र का बांध टूट गया. मंगलवार की दोपहर राजधानी के जम्मू एंड कश्मीर बैंक में विवाद बढ़ने पर गार्ड की राइफल कंधों से उतरकर हाथों में आ गई. नोट खत्म होने के चलते बैंक मैनेजर और लोगों के बीच काफी बहस हुई. मामला हालांकि शांत करा लिया गया. गोलबाजार थाना अंतर्गत लालगंगा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की जम्मू एंड कश्मीर बैंक शाखा में विवाद हो गया. सुबह से लाइन में लगे लोगों से कहा गया कि बैंक में पैसा खत्म हो गया है तो बाहर खड़े लोगों ने गाली-गलौज कर हंगामा मचाना शुरू कर दिया. भीड़ ने जबरदस्ती बैंक में घुसने की कोशिश की तो गार्ड ने लोगों को दरवाजे पर ही रोक लिया. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हंगामा मचाने वालों ने बैंक मैनेजर को बाहर बुलाने की मांग की और जैसे ही मैनेजर बाहर आए उनसे विवाद करने लगे. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि बैंक के गार्ड को बंदूक ताननी पड़ी. घटना के संबंध में जब बैंक के ब्रांच हेड पवन धर से सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि कुछ लोग गेट पर हंगामा कर रहे थे, जिन्हें बैंक के सुरक्षागार्ड ने बाहर किया. टिप्पणियां ब्रांच हेड ने बताया कि मामले की जानकारी पुलिस को दी गई. गोलबाजार थाना टीआई संदीप चंद्राकर ने बताया कि दोपहर में बैंक मैनेजर से झूमाझटकी की सूचना पर थाना से स्टाफ गया था, पैसे नहीं होने पर हंगामा की बात थी, हालात पर काबू पा लिया गया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गोलबाजार थाना अंतर्गत लालगंगा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की जम्मू एंड कश्मीर बैंक शाखा में विवाद हो गया. सुबह से लाइन में लगे लोगों से कहा गया कि बैंक में पैसा खत्म हो गया है तो बाहर खड़े लोगों ने गाली-गलौज कर हंगामा मचाना शुरू कर दिया. भीड़ ने जबरदस्ती बैंक में घुसने की कोशिश की तो गार्ड ने लोगों को दरवाजे पर ही रोक लिया. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हंगामा मचाने वालों ने बैंक मैनेजर को बाहर बुलाने की मांग की और जैसे ही मैनेजर बाहर आए उनसे विवाद करने लगे. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि बैंक के गार्ड को बंदूक ताननी पड़ी. घटना के संबंध में जब बैंक के ब्रांच हेड पवन धर से सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि कुछ लोग गेट पर हंगामा कर रहे थे, जिन्हें बैंक के सुरक्षागार्ड ने बाहर किया. टिप्पणियां ब्रांच हेड ने बताया कि मामले की जानकारी पुलिस को दी गई. गोलबाजार थाना टीआई संदीप चंद्राकर ने बताया कि दोपहर में बैंक मैनेजर से झूमाझटकी की सूचना पर थाना से स्टाफ गया था, पैसे नहीं होने पर हंगामा की बात थी, हालात पर काबू पा लिया गया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भीड़ ने जबरदस्ती बैंक में घुसने की कोशिश की तो गार्ड ने लोगों को दरवाजे पर ही रोक लिया. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हंगामा मचाने वालों ने बैंक मैनेजर को बाहर बुलाने की मांग की और जैसे ही मैनेजर बाहर आए उनसे विवाद करने लगे. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि बैंक के गार्ड को बंदूक ताननी पड़ी. घटना के संबंध में जब बैंक के ब्रांच हेड पवन धर से सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि कुछ लोग गेट पर हंगामा कर रहे थे, जिन्हें बैंक के सुरक्षागार्ड ने बाहर किया. टिप्पणियां ब्रांच हेड ने बताया कि मामले की जानकारी पुलिस को दी गई. गोलबाजार थाना टीआई संदीप चंद्राकर ने बताया कि दोपहर में बैंक मैनेजर से झूमाझटकी की सूचना पर थाना से स्टाफ गया था, पैसे नहीं होने पर हंगामा की बात थी, हालात पर काबू पा लिया गया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि बैंक के गार्ड को बंदूक ताननी पड़ी. घटना के संबंध में जब बैंक के ब्रांच हेड पवन धर से सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि कुछ लोग गेट पर हंगामा कर रहे थे, जिन्हें बैंक के सुरक्षागार्ड ने बाहर किया. टिप्पणियां ब्रांच हेड ने बताया कि मामले की जानकारी पुलिस को दी गई. गोलबाजार थाना टीआई संदीप चंद्राकर ने बताया कि दोपहर में बैंक मैनेजर से झूमाझटकी की सूचना पर थाना से स्टाफ गया था, पैसे नहीं होने पर हंगामा की बात थी, हालात पर काबू पा लिया गया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ब्रांच हेड ने बताया कि मामले की जानकारी पुलिस को दी गई. गोलबाजार थाना टीआई संदीप चंद्राकर ने बताया कि दोपहर में बैंक मैनेजर से झूमाझटकी की सूचना पर थाना से स्टाफ गया था, पैसे नहीं होने पर हंगामा की बात थी, हालात पर काबू पा लिया गया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: नोट खत्म होने के चलते बैंक मैनेजर और लोगों के बीच काफी बहस हुई. लालगंगा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की जम्मू एंड कश्मीर बैंक शाखा में विवाद हुआ. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि बैंक के गार्ड को बंदूक ताननी पड़ी.
5
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कमजोर वैश्विक रुख के बीच भारी बिकवाली के चलते दिल्ली सर्राफा बाजार में शनिवार को लगातार दूसरे दिन सोने और चांदी में गिरावट आई। जहां चांदी केभाव 500 रुपये लुढ़क कर 55700 रुपये किलो वहीं सोने केभाव 35 रुपये टूटकर 21135 रुपये प्रति दस ग्राम बंद हुए। अन्य मुद्राओं की तुलना में डॉलर मजबूत होने और अमेरिकी शेयर बाजार में आये सुधार के कारण वैश्विक बाजार में सोने चांदी की कीमतोंमें गिरावट आई जिसका असर स्थनीय बाजार धारणा परपड़ा। मौजूदा उच्चस्तर पर मांग कमजोर पड़ने से भी बाजारधारणा प्रभावित हुई वैश्विक बाजारमें सोने केभाव 8.70 डॉलर टूटकर 1426.20 डॉलर और चांदी केभाव 32.6 सेंट गिरकर 37.04 डॉलर प्रति औंस बोले गए। घरेलू बाजार में सोना 99.9 शुद्ध और 99.5 शुद्ध के भाव 35 रुपये कीगिरावट के साथ क्रमश: 21135 रुपये और 21015 रुपये प्रति दस ग्राम बंद हुए। गिन्नी केभाव पूर्वस्तर 17500 रुपये प्रति आठ ग्राम अपरिवर्तित बंद हुए। चांदी तैयार केभाव भारी बिकवाली के चलते 500 रुपये की गिरावट के साथ 55700 रुपये और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 370 रुपये टूटकर 55430 रुपये किलो बंद हुए। जबकि चांदी सिक्का केभाव 300 रुपये चढ़कर 59500-60000 रुपये प्रति सैगड़ा बंद हुए।
संक्षिप्त सारांश: कमजोर वैश्विक रुख के बीच भारी बिकवाली के चलते दिल्ली सर्राफा बाजार में लगातार दूसरे दिन सोने और चांदी में गिरावट आई।
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भाजपा ने वीवीआईपी हेलीकॉप्टर खरीद मामले में कथित रिश्वत देने के आरोपों में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को निशाने पर लेते हुए कंपनी के इतालवी मूल के होने के पहलू को हवा दी जबकि विभिन्न राजनीतिक दलों 3600 करोड़ रुपये के इस सौदे को रद्द करने की मांग की। राजनीतिक दलों ने कहा कि वे इस मुद्दे को संसद के आगामी बजट सत्र में उठाएंगे। उन्होंने कहा कि इतालवी अभियोजन ने जिस रिश्वत और दलाली दिये जाने की बात को स्वीकार किया है, उसे किन किन लोगों को दिया गया, इसका खुलासा होना चाहिए।टिप्पणियां बहरहाल, कांग्रेस ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि वह दुष्प्रचार कर रही है। मुख्य विपक्षी दल इस मुद्दे पर संसद को उसी तरह बाधित करने की योजना बना रहा है जैसा कि 2जी और अन्य मुद्दों पर पूर्व में किया गया था। कांग्रेस ने कहा कि सरकार ने तत्परता से सीबीआई जांच के आदेश दिए। पार्टी ने यह भी कहा कि समुचित जांच के बिना किसी को भी फांसी पर नहीं लटकाया जा सकता। राजनीतिक दलों ने कहा कि वे इस मुद्दे को संसद के आगामी बजट सत्र में उठाएंगे। उन्होंने कहा कि इतालवी अभियोजन ने जिस रिश्वत और दलाली दिये जाने की बात को स्वीकार किया है, उसे किन किन लोगों को दिया गया, इसका खुलासा होना चाहिए।टिप्पणियां बहरहाल, कांग्रेस ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि वह दुष्प्रचार कर रही है। मुख्य विपक्षी दल इस मुद्दे पर संसद को उसी तरह बाधित करने की योजना बना रहा है जैसा कि 2जी और अन्य मुद्दों पर पूर्व में किया गया था। कांग्रेस ने कहा कि सरकार ने तत्परता से सीबीआई जांच के आदेश दिए। पार्टी ने यह भी कहा कि समुचित जांच के बिना किसी को भी फांसी पर नहीं लटकाया जा सकता। बहरहाल, कांग्रेस ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि वह दुष्प्रचार कर रही है। मुख्य विपक्षी दल इस मुद्दे पर संसद को उसी तरह बाधित करने की योजना बना रहा है जैसा कि 2जी और अन्य मुद्दों पर पूर्व में किया गया था। कांग्रेस ने कहा कि सरकार ने तत्परता से सीबीआई जांच के आदेश दिए। पार्टी ने यह भी कहा कि समुचित जांच के बिना किसी को भी फांसी पर नहीं लटकाया जा सकता। कांग्रेस ने कहा कि सरकार ने तत्परता से सीबीआई जांच के आदेश दिए। पार्टी ने यह भी कहा कि समुचित जांच के बिना किसी को भी फांसी पर नहीं लटकाया जा सकता।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भाजपा ने वीवीआईपी हेलीकॉप्टर खरीद मामले में कथित रिश्वत देने के आरोपों में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को निशाने पर लेते हुए कंपनी के इतालवी मूल के होने के पहलू को हवा दी जबकि विभिन्न राजनीतिक दलों 3600 करोड़ रुपये के इस सौदे
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अखिल भारतीय टेनिस संघ को आड़े हाथों लेते हुए महेश भूपति ने कहा कि उन्हें अभी तक नहीं पता कि लंदन ओलिंपिक के मिश्रित युगल में वह सानिया मिर्जा के साथ खेलेंगे या नहीं और इसके लिए एटा की ‘हास्यास्पद राजनीति’ जिम्मेदार है। एटा ने 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों में भूपति और सानिया को साथ में नहीं उतारा जबकि उन्होंने 2009 में ऑस्ट्रेलियाई ओपन मिश्रित युगल खिताब जीता था और एक बार फाइनल तक भी पहुंचे थे। यहां ऑस्ट्रेलियाई ओपन खेल रहे भूपति से पूछा गया था कि क्या ओलिंपिक में वह और सानिया साथ में खेलेंगे।टिप्पणियां भूपति ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमारे संघ की राजनीति इतनी हास्यास्पद है कि अभी तक हमें नहीं पता कि हम साथ खेलेंगे या नहीं।’’ सानिया ने 2010 राष्ट्रमंडल खेलों में लिएंडर पेस के साथ खेला था और वे क्वार्टर फाइनल में हार गए थे। भूपति ने कहा, ‘‘सानिया और मैं दो साल पहले ऑस्ट्रेलिया ओपन जीते थे। इसके बावजूद राष्ट्रमंडल खेलों में साथ नहीं खेल सके। ओलिंपिक के मामले में कोई नहीं जानता कि सानिया किसके साथ खेलेगी। ग्रैंडस्लैम में हम मिलकर जीतने की कोशिश करेंगे।’’ भूपति और सानिया यहां दक्षिण अफ्रीका की नताली ग्रांडिन और हालैंड के जीन जूलियन रोजर के खिलाफ पहला मैच खेलेंगे। एटा ने 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों में भूपति और सानिया को साथ में नहीं उतारा जबकि उन्होंने 2009 में ऑस्ट्रेलियाई ओपन मिश्रित युगल खिताब जीता था और एक बार फाइनल तक भी पहुंचे थे। यहां ऑस्ट्रेलियाई ओपन खेल रहे भूपति से पूछा गया था कि क्या ओलिंपिक में वह और सानिया साथ में खेलेंगे।टिप्पणियां भूपति ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमारे संघ की राजनीति इतनी हास्यास्पद है कि अभी तक हमें नहीं पता कि हम साथ खेलेंगे या नहीं।’’ सानिया ने 2010 राष्ट्रमंडल खेलों में लिएंडर पेस के साथ खेला था और वे क्वार्टर फाइनल में हार गए थे। भूपति ने कहा, ‘‘सानिया और मैं दो साल पहले ऑस्ट्रेलिया ओपन जीते थे। इसके बावजूद राष्ट्रमंडल खेलों में साथ नहीं खेल सके। ओलिंपिक के मामले में कोई नहीं जानता कि सानिया किसके साथ खेलेगी। ग्रैंडस्लैम में हम मिलकर जीतने की कोशिश करेंगे।’’ भूपति और सानिया यहां दक्षिण अफ्रीका की नताली ग्रांडिन और हालैंड के जीन जूलियन रोजर के खिलाफ पहला मैच खेलेंगे। भूपति ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमारे संघ की राजनीति इतनी हास्यास्पद है कि अभी तक हमें नहीं पता कि हम साथ खेलेंगे या नहीं।’’ सानिया ने 2010 राष्ट्रमंडल खेलों में लिएंडर पेस के साथ खेला था और वे क्वार्टर फाइनल में हार गए थे। भूपति ने कहा, ‘‘सानिया और मैं दो साल पहले ऑस्ट्रेलिया ओपन जीते थे। इसके बावजूद राष्ट्रमंडल खेलों में साथ नहीं खेल सके। ओलिंपिक के मामले में कोई नहीं जानता कि सानिया किसके साथ खेलेगी। ग्रैंडस्लैम में हम मिलकर जीतने की कोशिश करेंगे।’’ भूपति और सानिया यहां दक्षिण अफ्रीका की नताली ग्रांडिन और हालैंड के जीन जूलियन रोजर के खिलाफ पहला मैच खेलेंगे। भूपति ने कहा, ‘‘सानिया और मैं दो साल पहले ऑस्ट्रेलिया ओपन जीते थे। इसके बावजूद राष्ट्रमंडल खेलों में साथ नहीं खेल सके। ओलिंपिक के मामले में कोई नहीं जानता कि सानिया किसके साथ खेलेगी। ग्रैंडस्लैम में हम मिलकर जीतने की कोशिश करेंगे।’’ भूपति और सानिया यहां दक्षिण अफ्रीका की नताली ग्रांडिन और हालैंड के जीन जूलियन रोजर के खिलाफ पहला मैच खेलेंगे।
यह एक सारांश है: टेनिस सितारे ने कहा कि ओलिंपिक के मिश्रित युगल में वह सानिया मिर्जा के साथ खेलेंगे या नहीं, वह नहीं जानते, और इसके लिए एटा की 'हास्यास्पद राजनीति' जिम्मेदार है।
2
['hin']
एक सारांश बनाओ: टेरर फंडिंग को रोकने के लिए पाकिस्तान को FATF की ओर से फरवरी 2020 तक एक और डेडलाइन दी गई है. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक पाकिस्तान से कहा गया है कि उसको चार महीने के समय दिया गया है अगर इस बार वह नाकाम रहा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की होगी. आपको बता दें कि पाकिस्तान को अभी ग्रे लिस्ट में रखा गया है. इसमें उन देशों को रखा गया है जिनके कानून मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग रोकने में कमजोर माने जाते हैं.  अब कई बार चेतावनी के बाद भी पेरिस स्थिति इस संस्था (FATF)की ओर से दिए गए सुझावों पर पाकिस्तान ने अमल नहीं किया है अब इस मामले में पाकिस्तान पर चार महीने बाद निर्णयाक फैसला किया जाएगा. FATF ने  पाकिस्तान से साफ कहा है कि फरवरी 2020 तक वह इस ऐक्शन प्लान को पूरा करे. नहीं तो इसके बाद कार्रवाई की जाएगी जिसमें सदस्य देशों से कहा जाएगा वह उसके (पाकिस्तान) के साथ व्यापारिक संबंधों और लेनदेन का विशेष ध्यान रखें.  आपको बता दें कि FATF एक अंतर-सरकारी संस्था है जिसे 1989 में गठित किया गया था. इसका काम मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकी फंडिंग और इससे जुड़े तमाम ऐसे मामलों जो अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था के लिए खतरा बन सकते हैं, पर लगाम लगाना है. अन्य खबरें :
यहाँ एक सारांश है:पाकिस्तान को चार महीने का वक्त FATF ने दिया है समय फरवरी 2020 तक है समय सीमा
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बंबई उच्च न्यायालय ने भारतीय नौसेना को अपने एक नौसेनिक जहाज को नष्ट करने की अनुमति दे दी जो एक मालवाहक जहाज से टक्कर के बाद एक साल से भी ज्यादा समय से शहर की गोदी पर खड़ा है। न्यायमूर्ति रोशन दलवी ने नौसेना की एक अर्जी पर सुनवाई की जिसमें आईएनएस विंध्यागिरि जहाज को इस आधार पर नष्ट करने की अनुमति मांगी गई है कि इसमें गोला-बारूद रखा है। नौसेना ने यह भी कहा कि जहाज को लंबे समय तक इस स्थिति में रखना सुरक्षित नहीं होगा। साइप्रस का झंडा लगा मालवाहक पोत एमवी नार्डलेक पिछले साल 30 जनवरी को आईएनएस विंध्यागिरी से टकरा गया था। टक्कर के बाद नौसेनिक जहाज को गोदी पर खड़ा कर दिया गया। नौसेना को अदालत से जहाज को नष्ट करने की अनुमति इसलिए मांगनी पड़ी क्योंकि फिलहाल उच्च न्यायालय मालवाहक जहाज का स्वामित्व रखने वाली कंपनी से नौसेना द्वारा मांगे गए मुआवजे के विवाद पर सुनवाई कर रहा है। नौसेना द्वारा दाखिल अर्जी के मुताबिक, ‘जिस गोदी में आईएनएस विंध्यागिरी फिलहाल खड़ा है वहां कई अन्य नौसेनिक युद्धपोत भी हैं। वहां अन्य मालवाहक जहाज भी हैं जो शहर के बंदरगाह से गुजरते हैं, जो इसी इलाके में है। इस तरह से गोला-बारूद को रखना असुरक्षित है और अन्य जहाजों को खतरा हो सकता है।’ टिप्पणियां नौसेना ने कहा कि पोत में विस्फोट के बिना उसमें से विस्फोटक सामग्री निकालना भी बहुत खतरनाक होगा। आवेदन के अनुसार, ‘यह न केवल राष्ट्र हित में बल्कि आसपास के क्षेत्र के लोगों की जान और माल की सुरक्षा के लिहाज से भी जरूरी है कि नौसेनिक जहाज को इस तरह से नष्ट कर दिया जाए जिस तरह अधिकारी पुराने और सेना से अलग किए गए जहाजों को करते हैं।’ न्यायमूर्ति रोशन दलवी ने नौसेना की एक अर्जी पर सुनवाई की जिसमें आईएनएस विंध्यागिरि जहाज को इस आधार पर नष्ट करने की अनुमति मांगी गई है कि इसमें गोला-बारूद रखा है। नौसेना ने यह भी कहा कि जहाज को लंबे समय तक इस स्थिति में रखना सुरक्षित नहीं होगा। साइप्रस का झंडा लगा मालवाहक पोत एमवी नार्डलेक पिछले साल 30 जनवरी को आईएनएस विंध्यागिरी से टकरा गया था। टक्कर के बाद नौसेनिक जहाज को गोदी पर खड़ा कर दिया गया। नौसेना को अदालत से जहाज को नष्ट करने की अनुमति इसलिए मांगनी पड़ी क्योंकि फिलहाल उच्च न्यायालय मालवाहक जहाज का स्वामित्व रखने वाली कंपनी से नौसेना द्वारा मांगे गए मुआवजे के विवाद पर सुनवाई कर रहा है। नौसेना द्वारा दाखिल अर्जी के मुताबिक, ‘जिस गोदी में आईएनएस विंध्यागिरी फिलहाल खड़ा है वहां कई अन्य नौसेनिक युद्धपोत भी हैं। वहां अन्य मालवाहक जहाज भी हैं जो शहर के बंदरगाह से गुजरते हैं, जो इसी इलाके में है। इस तरह से गोला-बारूद को रखना असुरक्षित है और अन्य जहाजों को खतरा हो सकता है।’ टिप्पणियां नौसेना ने कहा कि पोत में विस्फोट के बिना उसमें से विस्फोटक सामग्री निकालना भी बहुत खतरनाक होगा। आवेदन के अनुसार, ‘यह न केवल राष्ट्र हित में बल्कि आसपास के क्षेत्र के लोगों की जान और माल की सुरक्षा के लिहाज से भी जरूरी है कि नौसेनिक जहाज को इस तरह से नष्ट कर दिया जाए जिस तरह अधिकारी पुराने और सेना से अलग किए गए जहाजों को करते हैं।’ नौसेना ने यह भी कहा कि जहाज को लंबे समय तक इस स्थिति में रखना सुरक्षित नहीं होगा। साइप्रस का झंडा लगा मालवाहक पोत एमवी नार्डलेक पिछले साल 30 जनवरी को आईएनएस विंध्यागिरी से टकरा गया था। टक्कर के बाद नौसेनिक जहाज को गोदी पर खड़ा कर दिया गया। नौसेना को अदालत से जहाज को नष्ट करने की अनुमति इसलिए मांगनी पड़ी क्योंकि फिलहाल उच्च न्यायालय मालवाहक जहाज का स्वामित्व रखने वाली कंपनी से नौसेना द्वारा मांगे गए मुआवजे के विवाद पर सुनवाई कर रहा है। नौसेना द्वारा दाखिल अर्जी के मुताबिक, ‘जिस गोदी में आईएनएस विंध्यागिरी फिलहाल खड़ा है वहां कई अन्य नौसेनिक युद्धपोत भी हैं। वहां अन्य मालवाहक जहाज भी हैं जो शहर के बंदरगाह से गुजरते हैं, जो इसी इलाके में है। इस तरह से गोला-बारूद को रखना असुरक्षित है और अन्य जहाजों को खतरा हो सकता है।’ टिप्पणियां नौसेना ने कहा कि पोत में विस्फोट के बिना उसमें से विस्फोटक सामग्री निकालना भी बहुत खतरनाक होगा। आवेदन के अनुसार, ‘यह न केवल राष्ट्र हित में बल्कि आसपास के क्षेत्र के लोगों की जान और माल की सुरक्षा के लिहाज से भी जरूरी है कि नौसेनिक जहाज को इस तरह से नष्ट कर दिया जाए जिस तरह अधिकारी पुराने और सेना से अलग किए गए जहाजों को करते हैं।’ साइप्रस का झंडा लगा मालवाहक पोत एमवी नार्डलेक पिछले साल 30 जनवरी को आईएनएस विंध्यागिरी से टकरा गया था। टक्कर के बाद नौसेनिक जहाज को गोदी पर खड़ा कर दिया गया। नौसेना को अदालत से जहाज को नष्ट करने की अनुमति इसलिए मांगनी पड़ी क्योंकि फिलहाल उच्च न्यायालय मालवाहक जहाज का स्वामित्व रखने वाली कंपनी से नौसेना द्वारा मांगे गए मुआवजे के विवाद पर सुनवाई कर रहा है। नौसेना द्वारा दाखिल अर्जी के मुताबिक, ‘जिस गोदी में आईएनएस विंध्यागिरी फिलहाल खड़ा है वहां कई अन्य नौसेनिक युद्धपोत भी हैं। वहां अन्य मालवाहक जहाज भी हैं जो शहर के बंदरगाह से गुजरते हैं, जो इसी इलाके में है। इस तरह से गोला-बारूद को रखना असुरक्षित है और अन्य जहाजों को खतरा हो सकता है।’ टिप्पणियां नौसेना ने कहा कि पोत में विस्फोट के बिना उसमें से विस्फोटक सामग्री निकालना भी बहुत खतरनाक होगा। आवेदन के अनुसार, ‘यह न केवल राष्ट्र हित में बल्कि आसपास के क्षेत्र के लोगों की जान और माल की सुरक्षा के लिहाज से भी जरूरी है कि नौसेनिक जहाज को इस तरह से नष्ट कर दिया जाए जिस तरह अधिकारी पुराने और सेना से अलग किए गए जहाजों को करते हैं।’ टक्कर के बाद नौसेनिक जहाज को गोदी पर खड़ा कर दिया गया। नौसेना को अदालत से जहाज को नष्ट करने की अनुमति इसलिए मांगनी पड़ी क्योंकि फिलहाल उच्च न्यायालय मालवाहक जहाज का स्वामित्व रखने वाली कंपनी से नौसेना द्वारा मांगे गए मुआवजे के विवाद पर सुनवाई कर रहा है। नौसेना द्वारा दाखिल अर्जी के मुताबिक, ‘जिस गोदी में आईएनएस विंध्यागिरी फिलहाल खड़ा है वहां कई अन्य नौसेनिक युद्धपोत भी हैं। वहां अन्य मालवाहक जहाज भी हैं जो शहर के बंदरगाह से गुजरते हैं, जो इसी इलाके में है। इस तरह से गोला-बारूद को रखना असुरक्षित है और अन्य जहाजों को खतरा हो सकता है।’ टिप्पणियां नौसेना ने कहा कि पोत में विस्फोट के बिना उसमें से विस्फोटक सामग्री निकालना भी बहुत खतरनाक होगा। आवेदन के अनुसार, ‘यह न केवल राष्ट्र हित में बल्कि आसपास के क्षेत्र के लोगों की जान और माल की सुरक्षा के लिहाज से भी जरूरी है कि नौसेनिक जहाज को इस तरह से नष्ट कर दिया जाए जिस तरह अधिकारी पुराने और सेना से अलग किए गए जहाजों को करते हैं।’ नौसेना द्वारा दाखिल अर्जी के मुताबिक, ‘जिस गोदी में आईएनएस विंध्यागिरी फिलहाल खड़ा है वहां कई अन्य नौसेनिक युद्धपोत भी हैं। वहां अन्य मालवाहक जहाज भी हैं जो शहर के बंदरगाह से गुजरते हैं, जो इसी इलाके में है। इस तरह से गोला-बारूद को रखना असुरक्षित है और अन्य जहाजों को खतरा हो सकता है।’ टिप्पणियां नौसेना ने कहा कि पोत में विस्फोट के बिना उसमें से विस्फोटक सामग्री निकालना भी बहुत खतरनाक होगा। आवेदन के अनुसार, ‘यह न केवल राष्ट्र हित में बल्कि आसपास के क्षेत्र के लोगों की जान और माल की सुरक्षा के लिहाज से भी जरूरी है कि नौसेनिक जहाज को इस तरह से नष्ट कर दिया जाए जिस तरह अधिकारी पुराने और सेना से अलग किए गए जहाजों को करते हैं।’ नौसेना ने कहा कि पोत में विस्फोट के बिना उसमें से विस्फोटक सामग्री निकालना भी बहुत खतरनाक होगा। आवेदन के अनुसार, ‘यह न केवल राष्ट्र हित में बल्कि आसपास के क्षेत्र के लोगों की जान और माल की सुरक्षा के लिहाज से भी जरूरी है कि नौसेनिक जहाज को इस तरह से नष्ट कर दिया जाए जिस तरह अधिकारी पुराने और सेना से अलग किए गए जहाजों को करते हैं।’ आवेदन के अनुसार, ‘यह न केवल राष्ट्र हित में बल्कि आसपास के क्षेत्र के लोगों की जान और माल की सुरक्षा के लिहाज से भी जरूरी है कि नौसेनिक जहाज को इस तरह से नष्ट कर दिया जाए जिस तरह अधिकारी पुराने और सेना से अलग किए गए जहाजों को करते हैं।’
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बंबई उच्च न्यायालय ने भारतीय नौसेना को अपने एक नौसेनिक जहाज को नष्ट करने की अनुमति दे दी जो एक मालवाहक जहाज से टक्कर के बाद एक साल से भी ज्यादा समय से शहर की गोदी पर खड़ा है।
11
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार ने संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से एक दिन पहले 15 नवंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है. इसमें नोटों को अमान्य किए जाने, लक्षित हमले और तीन बार तलाक जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है. एक सूत्र ने बताया, ‘‘सरकार ने 15 नवंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह और विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं.’’ शीतकालीन सत्र आमतौर पर नवंबर के तीसरे या चौथे महीने में शुरू होता है लेकिन इस बार यह समयपूर्व 16 नवंबर को शुरू हो रहा है. सत्र के समयपूर्व आयोजन का उद्देश्य केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) और एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) को जल्द से जल्द पास करवाना है ताकि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का रास्ता साफ हो सके. इस सत्र के दौरान कुछ मुद्दे खासतौर पर हावी रहेंगे मसलन सेना द्वारा किए गए लक्षित हमले और कुछ पार्टियों द्वारा लगाए जा रहे आरोप कि सरकार इसका राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रही है, दूसरा 500 और 1,000 रुपये के नोटों को अमान्य करार दिया जाना. सरकार अगले साल से बजट सत्र के समयपूर्व आयोजन पर भी विचार कर रही है. इसे समय से एक महीने पहले या जनवरी से प्रारंभ किया जा सकता है. सरकारी सूत्रों ने बताया कि जीएसटी से जुड़े कानूनों के अलावा 15 नए बिल भी पेश किए जा सकते हैं. सरकार शत्रु संपत्ति अधिनियम में संशोधन के लिए अध्यादेश पारित करने पर भी जोर देगी.टिप्पणियां दिसंबर में केंद्र ने पचास साल पुराने शत्रु संपत्ति कानून में संशोधन के लिए चौथी बार अध्यादेश को लागू किया था. यह कानून युद्ध के बाद पाकिस्तान जा चुके लोगों की संपत्तियों के स्थानांतरण और उत्तराधिकार से संबंधित है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एक सूत्र ने बताया, ‘‘सरकार ने 15 नवंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह और विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं.’’ शीतकालीन सत्र आमतौर पर नवंबर के तीसरे या चौथे महीने में शुरू होता है लेकिन इस बार यह समयपूर्व 16 नवंबर को शुरू हो रहा है. सत्र के समयपूर्व आयोजन का उद्देश्य केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) और एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) को जल्द से जल्द पास करवाना है ताकि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का रास्ता साफ हो सके. इस सत्र के दौरान कुछ मुद्दे खासतौर पर हावी रहेंगे मसलन सेना द्वारा किए गए लक्षित हमले और कुछ पार्टियों द्वारा लगाए जा रहे आरोप कि सरकार इसका राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रही है, दूसरा 500 और 1,000 रुपये के नोटों को अमान्य करार दिया जाना. सरकार अगले साल से बजट सत्र के समयपूर्व आयोजन पर भी विचार कर रही है. इसे समय से एक महीने पहले या जनवरी से प्रारंभ किया जा सकता है. सरकारी सूत्रों ने बताया कि जीएसटी से जुड़े कानूनों के अलावा 15 नए बिल भी पेश किए जा सकते हैं. सरकार शत्रु संपत्ति अधिनियम में संशोधन के लिए अध्यादेश पारित करने पर भी जोर देगी.टिप्पणियां दिसंबर में केंद्र ने पचास साल पुराने शत्रु संपत्ति कानून में संशोधन के लिए चौथी बार अध्यादेश को लागू किया था. यह कानून युद्ध के बाद पाकिस्तान जा चुके लोगों की संपत्तियों के स्थानांतरण और उत्तराधिकार से संबंधित है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस सत्र के दौरान कुछ मुद्दे खासतौर पर हावी रहेंगे मसलन सेना द्वारा किए गए लक्षित हमले और कुछ पार्टियों द्वारा लगाए जा रहे आरोप कि सरकार इसका राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रही है, दूसरा 500 और 1,000 रुपये के नोटों को अमान्य करार दिया जाना. सरकार अगले साल से बजट सत्र के समयपूर्व आयोजन पर भी विचार कर रही है. इसे समय से एक महीने पहले या जनवरी से प्रारंभ किया जा सकता है. सरकारी सूत्रों ने बताया कि जीएसटी से जुड़े कानूनों के अलावा 15 नए बिल भी पेश किए जा सकते हैं. सरकार शत्रु संपत्ति अधिनियम में संशोधन के लिए अध्यादेश पारित करने पर भी जोर देगी.टिप्पणियां दिसंबर में केंद्र ने पचास साल पुराने शत्रु संपत्ति कानून में संशोधन के लिए चौथी बार अध्यादेश को लागू किया था. यह कानून युद्ध के बाद पाकिस्तान जा चुके लोगों की संपत्तियों के स्थानांतरण और उत्तराधिकार से संबंधित है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सरकार अगले साल से बजट सत्र के समयपूर्व आयोजन पर भी विचार कर रही है. इसे समय से एक महीने पहले या जनवरी से प्रारंभ किया जा सकता है. सरकारी सूत्रों ने बताया कि जीएसटी से जुड़े कानूनों के अलावा 15 नए बिल भी पेश किए जा सकते हैं. सरकार शत्रु संपत्ति अधिनियम में संशोधन के लिए अध्यादेश पारित करने पर भी जोर देगी.टिप्पणियां दिसंबर में केंद्र ने पचास साल पुराने शत्रु संपत्ति कानून में संशोधन के लिए चौथी बार अध्यादेश को लागू किया था. यह कानून युद्ध के बाद पाकिस्तान जा चुके लोगों की संपत्तियों के स्थानांतरण और उत्तराधिकार से संबंधित है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सरकारी सूत्रों ने बताया कि जीएसटी से जुड़े कानूनों के अलावा 15 नए बिल भी पेश किए जा सकते हैं. सरकार शत्रु संपत्ति अधिनियम में संशोधन के लिए अध्यादेश पारित करने पर भी जोर देगी.टिप्पणियां दिसंबर में केंद्र ने पचास साल पुराने शत्रु संपत्ति कानून में संशोधन के लिए चौथी बार अध्यादेश को लागू किया था. यह कानून युद्ध के बाद पाकिस्तान जा चुके लोगों की संपत्तियों के स्थानांतरण और उत्तराधिकार से संबंधित है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दिसंबर में केंद्र ने पचास साल पुराने शत्रु संपत्ति कानून में संशोधन के लिए चौथी बार अध्यादेश को लागू किया था. यह कानून युद्ध के बाद पाकिस्तान जा चुके लोगों की संपत्तियों के स्थानांतरण और उत्तराधिकार से संबंधित है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
नोटों को अमान्य करने, लक्षित हमले और तीन तलाक पर होगी चर्चा समयपूर्व शुरू होगा संसद का शीतकालीन सत्र सरकार जीएसटी का रास्ता साफ करने की कोशिश में
28
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत के सर्वोच्च एकल टेनिस खिलाड़ी सोमदेव देवबर्मन को पेशेवर टेनिस संघ (एटीपी) द्वारा सोमवार को जारी ताजा विश्व वरीयता क्रम में चार पायदान का फायदा हुआ है जबकि महिला टेनिस संघ (डब्ल्यूटीए) की रैंकिंग में सानिया मिर्जा को दो पायदान का नुकसान हुआ है। सोमदेव हाल में मलेशियन ओपन टूर्नामेंट के दूसरे दौर में प्रवेश करने में सफल हुए थे जिसका सीधा असर रैंकिंग पर पड़ा है। सोमदेव 89वें से 85वें स्थान पर पहुंच गए हैं जबकि सानिया 86वें से 88वें स्थान पर खिसक गई हैं। युगल रैंकिंग में भी सानिया को एक पायदान का नुकसान हुआ है। सानिया युगल में 10वें से 11वें स्थान पर फिसल गई हैं। सानिया अमेरिकी ओपन ग्रैंड स्लैम के बाद से कोर्ट से दूर हैं। वह इस समय बाएं घुटने की चोट से परेशान हैं। दूसरी ओर, पुरुषों की व्यक्तिगत युगल रैंकिंग में महेश भूपति छठे और लिएंडर पेस आठवें स्थान पर बरकरार हैं जबकि रोहन बोपन्ना एक स्थान खिसककर 14वें से 15वें स्थान पर पहुंच गए हैं। युगल रैंकिंग में भूपति और पेस की जोड़ी चौथे स्थान पर कायम है जबकि बोपन्ना और उनके पाकिस्तानी जोड़ीदार एसाम उल हक कुरैशी सातवें स्थान पर बने हुए हैं।
सारांश: भारत के सर्वोच्च एकल टेनिस खिलाड़ी सोमदेव देवबर्मन को एटीपी द्वारा जारी ताजा विश्व वरीयता क्रम में चार पायदान का फायदा हुआ है।
5
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मुंबई में शनिवार रात आयोजित स्टारडस्ट पुरस्कार समारोह में विद्या बालन को एक बार फिर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला, जबकि प्रियंका चोपड़ा, शाहरुख खान और अक्षय कुमार को दो-दो पुरस्कार मिले। ऋतिक रोशन को 'अग्निपथ' फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (नाटक) का पुरस्कार मिला और इसी श्रेणी में प्रियंका चोपड़ा को 'बर्फी' एवं श्रीदेवी को 'इंगलिश विंगलिश' फिल्म के लिये सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला।टिप्पणियां एक्शन थ्रिलर श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार अक्षय कुमार को फिल्म 'राउडी राठौड़' के लिये मिला और इसी श्रेणी में विद्या बालन को 'कहानी' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला। अमिताभ बच्चन को शताब्दी का स्टार और वैजयंतीमाला को प्राइड ऑफ दी इंडस्ट्री पुरस्कार मिला। शाहरुख खान और अक्षय कुमार को संयुक्त तौर पर स्टार ऑफ द ईयर पुरस्कार मिला। महिला श्रेणी में प्रियंका चोपड़ा को यह पुरस्कार मिला। 'बर्फी' को साल की सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार मिला। 'अग्निपथ' में भूमिका के लिये संजय दत्त को सर्वश्रेष्ठ नकारात्मक किरदार का पुरस्कार मिला। ऋतिक रोशन को 'अग्निपथ' फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (नाटक) का पुरस्कार मिला और इसी श्रेणी में प्रियंका चोपड़ा को 'बर्फी' एवं श्रीदेवी को 'इंगलिश विंगलिश' फिल्म के लिये सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला।टिप्पणियां एक्शन थ्रिलर श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार अक्षय कुमार को फिल्म 'राउडी राठौड़' के लिये मिला और इसी श्रेणी में विद्या बालन को 'कहानी' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला। अमिताभ बच्चन को शताब्दी का स्टार और वैजयंतीमाला को प्राइड ऑफ दी इंडस्ट्री पुरस्कार मिला। शाहरुख खान और अक्षय कुमार को संयुक्त तौर पर स्टार ऑफ द ईयर पुरस्कार मिला। महिला श्रेणी में प्रियंका चोपड़ा को यह पुरस्कार मिला। 'बर्फी' को साल की सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार मिला। 'अग्निपथ' में भूमिका के लिये संजय दत्त को सर्वश्रेष्ठ नकारात्मक किरदार का पुरस्कार मिला। एक्शन थ्रिलर श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार अक्षय कुमार को फिल्म 'राउडी राठौड़' के लिये मिला और इसी श्रेणी में विद्या बालन को 'कहानी' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला। अमिताभ बच्चन को शताब्दी का स्टार और वैजयंतीमाला को प्राइड ऑफ दी इंडस्ट्री पुरस्कार मिला। शाहरुख खान और अक्षय कुमार को संयुक्त तौर पर स्टार ऑफ द ईयर पुरस्कार मिला। महिला श्रेणी में प्रियंका चोपड़ा को यह पुरस्कार मिला। 'बर्फी' को साल की सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार मिला। 'अग्निपथ' में भूमिका के लिये संजय दत्त को सर्वश्रेष्ठ नकारात्मक किरदार का पुरस्कार मिला। शाहरुख खान और अक्षय कुमार को संयुक्त तौर पर स्टार ऑफ द ईयर पुरस्कार मिला। महिला श्रेणी में प्रियंका चोपड़ा को यह पुरस्कार मिला। 'बर्फी' को साल की सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार मिला। 'अग्निपथ' में भूमिका के लिये संजय दत्त को सर्वश्रेष्ठ नकारात्मक किरदार का पुरस्कार मिला।
सारांश: स्टारडस्ट पुरस्कार समारोह में विद्या बालन को एक बार फिर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला, जबकि प्रियंका चोपड़ा, शाहरुख खान और अक्षय कुमार को दो-दो पुरस्कार मिले।
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: आमतौर पर देखने में आता है कि कोई नेता तभी बगावत करता है, जब उसे वांछित पद नहीं मिलता, लेकिन अरुणाचल प्रदेश में जुलाई में ही मुख्यमंत्री बनाए गए कांग्रेस नेता ने ही बगावत कर दी है. यह अपनेआप में बिरला मामला है. पिछली बार जहां कालिखो पुल ने बगावत का बिगुल फूंका था, वहीं इस बार वर्तमान मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने ही कांग्रेस को जोर का झटका दे दिया है, 44 में से 43 विधायकों को अपने साथ ले गए हैं और अब कांग्रेस के पास केवल पूर्ण मुख्यमंत्री नबाम तुकी ही बचे हैं. हम आपको बता रहे हैं कि पेमा खांडू कौन हैं...   37 साल के पेमा खांडू अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज नेता दोरजी खांडू के बेटे हैं. दोरजी की 2011 में एक हेलीकॉप्टर हादसे में मौत हो गई थी.वह जून 2011 में अपने पिता के निर्वाचन क्षेत्र मुक्तो (सुरक्षित) क्षेत्र से पहली बार निर्विरोध विधायक चुने गए थे. 2014 में भी उन्होंने मुक्तो से निर्विरोध जीत हासिल की थी.पेमा ने दिल्ली के हिंदू कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की है.त्वांग जिले के रहने वाले खांडू के दो बेटे और एक बेटी है. वह मोंपा जनजाति से हैं. उन्होंने 2000 में कांग्रेस ज्वाइन की थी.पेमा 2005 में अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव बने थे और फिर 2010 में तवांग में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बनाए गए थे.पेमा जुलाई, 2016 में कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री बनने से पहले पर्यटन एवं जल संसाधन मंत्री रह चुके हैं.वर्तमान में वह देश के सबसे युवा मुख्यमंत्री हैं. साथ ही वह खेलप्रेमी भी हैं और अपने क्षेत्र में नई प्रतिभाओं की खोज के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित करवाते रहते हैं.
जुलाई में कांग्रेस ने खांडू को बनाया था नया मुख्यमंत्री खांडू से पहले नबाम तुकी थे कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री खांडू से पहले कालिखो पुल ने किया था बागियों का नेतृत्व
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['hin']
एक सारांश बनाओ: War Box Office Collection Day 10: ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) और टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) की फिल्म 'वॉर (War)' का दसवें दिन भी बॉक्स ऑफिस पर धांसू प्रदर्शन जारी रहा. केवल सात दिनों में 200 करोड़ रुपये का आंकड़ा पर करने वाली ऋतिक रोशन की एक्शन थ्रिलर फिल्म 'वॉर' ने शुक्रवार को भी ताबड़तोड़ प्रदर्शन किया. बॉक्स ऑफिस इंडिया डॉट कॉम वेबसाइट के मुताबिक फिल्म ने शुक्रवार को 6.25 से 6.50 करोड़ रुपये की अच्छी-खासी कमाई की. इस हिसाब से ऋतिक और  टाइगर की जबरदस्त फिल्म ने केवल 10 दिनों में 237 करोड़ रुपये की दमदार कमाई कर डाली है. ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) और टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) की फिल्म 'वॉर (War)' की लगातार जबरदस्त कमाई को देखते हुए अंदाजा लगाया जल्द ही ये फिल्म 300 करोड़ रुपये का आंकड़ा भी जल्द ही पार कर लेगी. बता दें, हाल ही में एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) की फिल्म 'द स्काइ इज पिंक (The Sky Is Pink)' रिलीज हुई है, हालांकि ऋतिक और टाइगर की फिल्म के सामने प्रियंका की 'द स्काइ इज पिंक' फीकी पड़ गई है. इससे इतर फिल्म ने समीक्षकों और दर्शकों का दिल जीतने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी. यहां तक कि ऋतिक और टाइगर की जोड़ी को पर्दे पर देखने के लिए सिनेमाघरों के बाहर लंबी कतारें लगी हुई थीं. बता दें कि फिल्म 'वॉर (War)' की कहानी 'कबीर' ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) और 'खालिद' टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) की है. फिल्म में हालात कुछ ऐसे बनते हैं कि गुरु और शिष्य एक दूसरे से टकराने को मजबूर हो जाते हैं. बेकाबू गुरु पर नकेल कसने के लिए शिष्य खालिद का इस्तेमाल किया जाता है, और फिर शुरू होते हैं जबरदस्त एक्शन. बाइक, कार, हेलीकॉप्टर, बर्फ पहाड़ हर जगह एक्शन देखने को मिलता है. कहानी में कई जबरदस्त ट्विस्ट भी डाले गए हैं और फिल्म का अंत भी थोड़ा सरप्राइजिंग रखा गया है. इन सबसे इतर दर्शकों को वॉर (War) में भरपूर मात्रा में ऐक्शन और स्टंट्स देखने को मिलेगा.
सारांश: फिल्म 'वॉर' का जलवा बॉक्स ऑफिस पर कायम केवल 10 दिनों में किया इतना कलेक्शन 'वॉर' ने 'द स्काइ इज पिंक' को पछाड़ा
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: टिप्पणियां एनसीईआरटी ने पाठ्यक्रम में बदलाव के लिए जनता से सुझाव मांगे हैं और इसी सिलसिले में बत्रा ने ये सुझाव भेजे हैं.  लेकिन एनडीटीवी इंडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा, “बत्रा ने एनसीईआरटी को जो सुझाव दिए हैं वे सरकार के सुझाव नहीं बत्रा के सुझाव हैं. इसे लेकर इतना हंगामा इसलिए मचाया जा रहा है क्योंकि वामपंथी अब तक बोलने की आजादी पर अपना ही अधिकार समझते थे. इन लोगों का काम सिर्फ बीजेपी और संघ के लोगों को गाली देना रहा है. हमने शिवाजी के लिए पहाड़ी चूहा शब्द तक सुना है. अब इन लोगों को तकलीफ क्यों हो रही है.” उधर संसद में दीनानाथ बत्रा के सुझावों को लेकर सवाल उठे. तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरिक ओ ब्रायन बत्रा के सुझावों को लेकर राज्यसभा में बोले. उन्होंने कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर को पाठ्यपुस्तकों से हटाने की बात करना हैरान करने वाला है. हालांकि सूत्रों के मुताबिक सरकार का कहना है कि पाठ्य पुस्तकों के लिए सुझाव मांगे गए हैं. हर किसी को सुझाव भेजने का का हक है. सुझाव भेजे जाने का मतलब यह नहीं है कि उन्हें स्वीकार कर लिया गया है. एनसीईआरटी ने पाठ्यक्रम में बदलाव के लिए जनता से सुझाव मांगे हैं और इसी सिलसिले में बत्रा ने ये सुझाव भेजे हैं.  लेकिन एनडीटीवी इंडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा, “बत्रा ने एनसीईआरटी को जो सुझाव दिए हैं वे सरकार के सुझाव नहीं बत्रा के सुझाव हैं. इसे लेकर इतना हंगामा इसलिए मचाया जा रहा है क्योंकि वामपंथी अब तक बोलने की आजादी पर अपना ही अधिकार समझते थे. इन लोगों का काम सिर्फ बीजेपी और संघ के लोगों को गाली देना रहा है. हमने शिवाजी के लिए पहाड़ी चूहा शब्द तक सुना है. अब इन लोगों को तकलीफ क्यों हो रही है.” उधर संसद में दीनानाथ बत्रा के सुझावों को लेकर सवाल उठे. तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरिक ओ ब्रायन बत्रा के सुझावों को लेकर राज्यसभा में बोले. उन्होंने कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर को पाठ्यपुस्तकों से हटाने की बात करना हैरान करने वाला है. हालांकि सूत्रों के मुताबिक सरकार का कहना है कि पाठ्य पुस्तकों के लिए सुझाव मांगे गए हैं. हर किसी को सुझाव भेजने का का हक है. सुझाव भेजे जाने का मतलब यह नहीं है कि उन्हें स्वीकार कर लिया गया है. उधर संसद में दीनानाथ बत्रा के सुझावों को लेकर सवाल उठे. तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरिक ओ ब्रायन बत्रा के सुझावों को लेकर राज्यसभा में बोले. उन्होंने कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर को पाठ्यपुस्तकों से हटाने की बात करना हैरान करने वाला है. हालांकि सूत्रों के मुताबिक सरकार का कहना है कि पाठ्य पुस्तकों के लिए सुझाव मांगे गए हैं. हर किसी को सुझाव भेजने का का हक है. सुझाव भेजे जाने का मतलब यह नहीं है कि उन्हें स्वीकार कर लिया गया है.
यहाँ एक सारांश है:उमा भारती ने कहा- बत्रा की अभिव्यक्ति की आजादी कोई छीन नहीं सकता बत्रा ने की टैगोर, एमएफ हुसैन और गालिब का जिक्र हटाने की मांग गुजरात दंगों में 2000 लोगों के मारे जाने की जानकारी पर एतराज
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: गुजरात में नर्मदा जिले के केवाडिया में सरदार सरोवर बांध के विद्युत उत्पन्न करने वाले छह मुख्य टर्बाइनों ने 12 जुलाई से काम करना शुरू कर दिया है। जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के मद्देनजर मध्य प्रदेश में बांध से 65000 क्यूसेक जल छोड़े जाने के बाद टर्बाइन अपनी पूरी क्षमता से विद्युत उत्पादन कर रहे हैं। सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड (एसएसएनएल) के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘नदी तलहटी के बिजली घर की 200-200 मेगावाट की सभी छह इकाइयां एक सप्ताह से नदी में पानी के अधिक प्रवाह के कारण अपनी पूरी क्षमता के अनुसार विद्युत आपूर्ति कर रही हैं। नदी तलहटी के बिजली घर की कुल संस्थापित क्षमता 1200 मेगावाट है।’’ अधिकारी ने बताया कि बांध में जलस्तर बढ़ रहा है और यह 18 जुलाई को 115.84 मीटर पहुंच गया था। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश के जलग्रहण क्षेत्रों में मानसून के शीघ्र आगमन के कारण नदी तलहटी और नहर आधारित बिजली घर के सभी टर्बाइन चालू हो गए। अधिकारी ने कहा कि नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण (एनसीए) के साथ विचार विमर्श के बाद ये सभी टर्बाइन चालू करने का निर्णय लिया गया। टिप्पणियां बांध द्वारा पैदा की जाने वाली 57 प्रतिशत बिजली मध्य प्रदेश, 27 प्रतिशत बिजली महाराष्ट्र और 16 प्रतिशत बिजली की आपूर्ति गुजरात को की जाती है। बांध ने पिछले एक सप्ताह में करीब 15 करोड़ विद्युत यूनिट पैदा की हैं जिसे गुजरात उर्जा विकास निगम लिमिटेड को बेचा जा रहा है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड (एसएसएनएल) के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘नदी तलहटी के बिजली घर की 200-200 मेगावाट की सभी छह इकाइयां एक सप्ताह से नदी में पानी के अधिक प्रवाह के कारण अपनी पूरी क्षमता के अनुसार विद्युत आपूर्ति कर रही हैं। नदी तलहटी के बिजली घर की कुल संस्थापित क्षमता 1200 मेगावाट है।’’ अधिकारी ने बताया कि बांध में जलस्तर बढ़ रहा है और यह 18 जुलाई को 115.84 मीटर पहुंच गया था। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश के जलग्रहण क्षेत्रों में मानसून के शीघ्र आगमन के कारण नदी तलहटी और नहर आधारित बिजली घर के सभी टर्बाइन चालू हो गए। अधिकारी ने कहा कि नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण (एनसीए) के साथ विचार विमर्श के बाद ये सभी टर्बाइन चालू करने का निर्णय लिया गया। टिप्पणियां बांध द्वारा पैदा की जाने वाली 57 प्रतिशत बिजली मध्य प्रदेश, 27 प्रतिशत बिजली महाराष्ट्र और 16 प्रतिशत बिजली की आपूर्ति गुजरात को की जाती है। बांध ने पिछले एक सप्ताह में करीब 15 करोड़ विद्युत यूनिट पैदा की हैं जिसे गुजरात उर्जा विकास निगम लिमिटेड को बेचा जा रहा है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश के जलग्रहण क्षेत्रों में मानसून के शीघ्र आगमन के कारण नदी तलहटी और नहर आधारित बिजली घर के सभी टर्बाइन चालू हो गए। अधिकारी ने कहा कि नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण (एनसीए) के साथ विचार विमर्श के बाद ये सभी टर्बाइन चालू करने का निर्णय लिया गया। टिप्पणियां बांध द्वारा पैदा की जाने वाली 57 प्रतिशत बिजली मध्य प्रदेश, 27 प्रतिशत बिजली महाराष्ट्र और 16 प्रतिशत बिजली की आपूर्ति गुजरात को की जाती है। बांध ने पिछले एक सप्ताह में करीब 15 करोड़ विद्युत यूनिट पैदा की हैं जिसे गुजरात उर्जा विकास निगम लिमिटेड को बेचा जा रहा है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बांध द्वारा पैदा की जाने वाली 57 प्रतिशत बिजली मध्य प्रदेश, 27 प्रतिशत बिजली महाराष्ट्र और 16 प्रतिशत बिजली की आपूर्ति गुजरात को की जाती है। बांध ने पिछले एक सप्ताह में करीब 15 करोड़ विद्युत यूनिट पैदा की हैं जिसे गुजरात उर्जा विकास निगम लिमिटेड को बेचा जा रहा है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: बांध के छह टर्बाइन 12 जुलाई से शुरु किए गए हैं। एक सप्ताह में 15 करोड़ यूनिट बिजली उत्पन्न की जा चुकी है। इस बांध पर बने बिजलीघर की क्षमता 1200 मेगावाट है।
5
['hin']
एक सारांश बनाओ: अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा नवम्बर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में अपने समर्थन को लेकर रिपब्लिकन पार्टी के सम्भावित उम्मीदवार मिट रोमनी से तीन स्विंग राज्यों में आगे चल रहे हैं। मतदाताओं में हालांकि इस बात को लेकर भ्रम की स्थिति है कि कौन उनके आर्थिक भविष्य के लिए बेहतर होगा।   ये नतीजे किनिपियाक विश्वविद्यालय द्वारा कराए गए सर्वेक्षण से सामने आए हैं। इसके अनुसार, ओबामा को तीन राज्यों- फ्लोरिडा (45-41 प्रतिशत), ओहियो (47-38 प्रतिशत) तथा पेंसिल्वेनिया (45-39 प्रतिशत) में बढ़त प्राप्त है।   विश्वविद्यालय के सर्वेक्षण संस्थान के सहायक निदेशक पीटर ए ब्राउन ने कहा कि वर्ष 1960 से अब तक कोई भी कम से कम दो-तीन स्विंग राज्यों में बढ़त के बगैर व्हाइट हाउस नहीं पहुंचा है।   ब्राउन ने कहा, "यदि ओबामा इस बढ़त को इन तीन प्रमुख स्विंग राज्यों में चुनाव के दिन तक बरकरार रख पाते हैं तो वह पुनर्निर्वाचन के लिए आश्वस्त हो सकते हैं।"   सर्वेक्षण के अनुसार, ओबामा को महिलाओं, युवा और अफ्रीकी-अमेरिकी मतदाताओं का भी समर्थन हासिल है। इन तीन राज्यों के मतदाताओं ने ओबामा प्रशासन के उस आदेश का भी समर्थन किया, जिसके तहत अवैध रूप से यहां रह रहे आप्रवासियों को वापस उनके देश भेजा जाना है।   ब्राउन ने कहा, "पिछले साल इन स्विंग राज्यों के मतदाताओं ने कहा था कि रोमनी आर्थिक क्षेत्र में बेहतर काम कर सकते हैं। लेकिन यह सोच अब देखने को नहीं मिल रही। इन तीन राज्यों के मतदाताओं का रुझान अब इस पर मिलाजुला है कि कौन ठीक ढंग से अर्थव्यवस्था के लिए काम कर सकेगा और कौन भविष्य में उनकी व्यक्तिगत आर्थिक स्थिति के लिए ठीक होगा।"   इस बीच, फॉक्स न्यूज के बुधवार को जारी हुए सर्वेक्षण में कहा गया है कि अधिकतर अमेरिकी मतदाताओं का मानना है कि दोनों में से किसी भी उम्मीदवार के पास हालात को बेहतर बनाने की योजना नहीं है।
सारांश: अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा नवम्बर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में अपने समर्थन को लेकर रिपब्लिकन पार्टी के सम्भावित उम्मीदवार मिट रोमनी से तीन स्विंग राज्यों में आगे चल रहे हैं।
5
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: शेयर बाजार की दिशा अगले सप्ताह मुख्यत: कम्पनियों के चौथी तिमाही के परिणामों, वाहन  कम्पनियों की बिक्री के मासिक आंकड़ों और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति घोषणा से निर्धारित होगी। शेयर बाजार बुधवार, एक मई को महाराष्ट्र दिवस के मौके पर बंद रहेंगे। अगले सप्ताह वाहन कम्पनियां बुधवार एक मई 2013 से अप्रैल 2013 में हुई बिक्री के आंकड़े जारी करेंगी, जिससे निवेशकों को विश्लेषण में मदद मिलेगी। मार्किट इकनॉमिक्स बुधवार एक मई को अप्रैल के लिए एचएसबीसी इंडिया मैन्यूफैक्च रिंग पीएमआई जारी करेगी, जिससे देश की औद्योगिकी कम्पनियों की कारोबारी स्थिति का पता चलेगा। मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई मार्च 2013 में 52 पर आ गई थी, जो फरवरी में तेजी के साथ 54.2 पर थी। मार्किट इकनॉमिक्स सेवा क्षेत्र की कम्पनियों से सम्बंधित पर्चेजिंग मैनेजर्स सूचकांक शुक्रवार तीन मई को जारी करेगी। मार्च में इसकी रीडिंग 51.4 थी, जो फरवरी में 54.2 पर थी। सेवा क्षेत्र का देश की अर्थव्यवस्था में 60 फीसदी योगदान है। आरबीआई शुक्रवार तीन मई को 2013-14 के लिए मौद्रिक नीति की घोषणा करेगा। थोक मूल्य महंगाई में गिरावट आने के कारण उम्मीद की जा रही है कि आरबीआई रेपो दर कटौती करेगा। 19 मार्च 2013 को मध्य तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा में आरबीआई ने रेपो दर 25 आधार अंकों की कटौती के साथ 7.5 फीसदी कर दिया था। ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर मार्च 2013 में पिछले 40 महीने के निचले स्तर 5.96 फीसदी पर आ गई, जो फरवरी में 6.84 फीसदी थी। गैर-खाद्य विनिर्माण या प्रमुख उद्योगों की महंगाई दर मार्च में घटकर 3.41 फीसदी दर्ज की गई थी। निवेशक अगले सप्ताह भी चौथी तिमाही के परिणामों पर नजर गड़ाए रहेंगे। सोमवार को परिणाम की घोषणा करने वाली प्रमुख कम्पनियों में है हेक्सावेयर टेक्नोलॉजी, हिंदुस्तान यूनिलीवर और स्टरलाइट इंडस्ट्रीज। मंगलवार को परिणाम जारी करने वाली प्रमुख कम्पनियों में हैं शॉपर्स स्टॉप और टीवीएस मोटर। बुधवार एक मई को परिणाम जारी करने वाली प्रमख कम्पनियां हैं आईडीएफसी और पंजाब सिंध बैंक। गुरुवार को परिणाम जारी करने वाली कम्पनियों में प्रमुख हैं आंध्रा बैंक, भारती एयरटेल और कोटक महिंद्रा बैंक। शुक्रवार को परिणाम जारी करने वाली कम्पनियों में प्रमुख हैं जेएसडब्ल्यू एनर्जी, एसीसी और अम्बुजा सीमेंट। मौसम विभाग ने गत सप्ताह शुक्रवार को मानसून का प्रारम्भिक अनुमान जारी कर दिया है और सामान्य बारिश की सम्भावना बताई है। मानसून का देश की अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ता है। सामान्य मानसून का अर्थ है अर्थव्यवस्था की बेहतरी की उम्मीद। आने वाले कुछ महीनों में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति के कारण शेयर बाजारों के सूचकांकों के ऊपर की ओर बढ़ने की उम्मीद कम है। शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के दिशानिर्देश के मुताबिक सूचीबद्ध निजी कम्पनियों में प्रमोटर की हिस्सेदारी घटानी होगी और आम निवेशकों को कम से कम 25 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। इसी तरह सरकारी सूचीबद्ध कम्पनियों में आम निवेशकों को कम से कम 10 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। सेबी के आदेश के मुताबिक निजी कम्पनियों के संस्थापकों को 30 जून 2013 तक अपनी हिस्सेदारी घटानी होगी, जबकि सरकारी कम्पनियों को 31 अगस्त तक सेबी के आदेश पालन करना होगा। वर्ष 2014 में सरकारी कम्पनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कम्पनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40 हजार करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कम्पनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। संसद में बजट सत्र का दूसरा हिस्सा चालू है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा या मतदान हो सकता है। इन विधेयकों में शामिल हैं फॉरवर्ड कंट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) एमेंडमेंट विधेयक-2010, पेंशन फंड रेगुलेटर एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी विधेयक-2011, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापना विधेयक-2011, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक 2011 और बीमा कानून (संशोधन) विधेयक-2008। सत्र 10 मई को समाप्त होगा। पांच मई 2013 को कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव भी बाजार को कुछ हद तक प्रभावित कर सकते हैं। चुनाव का परिणाम आठ मई को घोषित होगा।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। अगले सप्ताह वाहन कम्पनियां बुधवार एक मई 2013 से अप्रैल 2013 में हुई बिक्री के आंकड़े जारी करेंगी, जिससे निवेशकों को विश्लेषण में मदद मिलेगी। मार्किट इकनॉमिक्स बुधवार एक मई को अप्रैल के लिए एचएसबीसी इंडिया मैन्यूफैक्च रिंग पीएमआई जारी करेगी, जिससे देश की औद्योगिकी कम्पनियों की कारोबारी स्थिति का पता चलेगा। मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई मार्च 2013 में 52 पर आ गई थी, जो फरवरी में तेजी के साथ 54.2 पर थी। मार्किट इकनॉमिक्स सेवा क्षेत्र की कम्पनियों से सम्बंधित पर्चेजिंग मैनेजर्स सूचकांक शुक्रवार तीन मई को जारी करेगी। मार्च में इसकी रीडिंग 51.4 थी, जो फरवरी में 54.2 पर थी। सेवा क्षेत्र का देश की अर्थव्यवस्था में 60 फीसदी योगदान है। आरबीआई शुक्रवार तीन मई को 2013-14 के लिए मौद्रिक नीति की घोषणा करेगा। थोक मूल्य महंगाई में गिरावट आने के कारण उम्मीद की जा रही है कि आरबीआई रेपो दर कटौती करेगा। 19 मार्च 2013 को मध्य तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा में आरबीआई ने रेपो दर 25 आधार अंकों की कटौती के साथ 7.5 फीसदी कर दिया था। ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर मार्च 2013 में पिछले 40 महीने के निचले स्तर 5.96 फीसदी पर आ गई, जो फरवरी में 6.84 फीसदी थी। गैर-खाद्य विनिर्माण या प्रमुख उद्योगों की महंगाई दर मार्च में घटकर 3.41 फीसदी दर्ज की गई थी। निवेशक अगले सप्ताह भी चौथी तिमाही के परिणामों पर नजर गड़ाए रहेंगे। सोमवार को परिणाम की घोषणा करने वाली प्रमुख कम्पनियों में है हेक्सावेयर टेक्नोलॉजी, हिंदुस्तान यूनिलीवर और स्टरलाइट इंडस्ट्रीज। मंगलवार को परिणाम जारी करने वाली प्रमुख कम्पनियों में हैं शॉपर्स स्टॉप और टीवीएस मोटर। बुधवार एक मई को परिणाम जारी करने वाली प्रमख कम्पनियां हैं आईडीएफसी और पंजाब सिंध बैंक। गुरुवार को परिणाम जारी करने वाली कम्पनियों में प्रमुख हैं आंध्रा बैंक, भारती एयरटेल और कोटक महिंद्रा बैंक। शुक्रवार को परिणाम जारी करने वाली कम्पनियों में प्रमुख हैं जेएसडब्ल्यू एनर्जी, एसीसी और अम्बुजा सीमेंट। मौसम विभाग ने गत सप्ताह शुक्रवार को मानसून का प्रारम्भिक अनुमान जारी कर दिया है और सामान्य बारिश की सम्भावना बताई है। मानसून का देश की अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ता है। सामान्य मानसून का अर्थ है अर्थव्यवस्था की बेहतरी की उम्मीद। आने वाले कुछ महीनों में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति के कारण शेयर बाजारों के सूचकांकों के ऊपर की ओर बढ़ने की उम्मीद कम है। शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के दिशानिर्देश के मुताबिक सूचीबद्ध निजी कम्पनियों में प्रमोटर की हिस्सेदारी घटानी होगी और आम निवेशकों को कम से कम 25 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। इसी तरह सरकारी सूचीबद्ध कम्पनियों में आम निवेशकों को कम से कम 10 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। सेबी के आदेश के मुताबिक निजी कम्पनियों के संस्थापकों को 30 जून 2013 तक अपनी हिस्सेदारी घटानी होगी, जबकि सरकारी कम्पनियों को 31 अगस्त तक सेबी के आदेश पालन करना होगा। वर्ष 2014 में सरकारी कम्पनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कम्पनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40 हजार करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कम्पनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। संसद में बजट सत्र का दूसरा हिस्सा चालू है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा या मतदान हो सकता है। इन विधेयकों में शामिल हैं फॉरवर्ड कंट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) एमेंडमेंट विधेयक-2010, पेंशन फंड रेगुलेटर एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी विधेयक-2011, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापना विधेयक-2011, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक 2011 और बीमा कानून (संशोधन) विधेयक-2008। सत्र 10 मई को समाप्त होगा। पांच मई 2013 को कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव भी बाजार को कुछ हद तक प्रभावित कर सकते हैं। चुनाव का परिणाम आठ मई को घोषित होगा।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। मार्किट इकनॉमिक्स बुधवार एक मई को अप्रैल के लिए एचएसबीसी इंडिया मैन्यूफैक्च रिंग पीएमआई जारी करेगी, जिससे देश की औद्योगिकी कम्पनियों की कारोबारी स्थिति का पता चलेगा। मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई मार्च 2013 में 52 पर आ गई थी, जो फरवरी में तेजी के साथ 54.2 पर थी। मार्किट इकनॉमिक्स सेवा क्षेत्र की कम्पनियों से सम्बंधित पर्चेजिंग मैनेजर्स सूचकांक शुक्रवार तीन मई को जारी करेगी। मार्च में इसकी रीडिंग 51.4 थी, जो फरवरी में 54.2 पर थी। सेवा क्षेत्र का देश की अर्थव्यवस्था में 60 फीसदी योगदान है। आरबीआई शुक्रवार तीन मई को 2013-14 के लिए मौद्रिक नीति की घोषणा करेगा। थोक मूल्य महंगाई में गिरावट आने के कारण उम्मीद की जा रही है कि आरबीआई रेपो दर कटौती करेगा। 19 मार्च 2013 को मध्य तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा में आरबीआई ने रेपो दर 25 आधार अंकों की कटौती के साथ 7.5 फीसदी कर दिया था। ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर मार्च 2013 में पिछले 40 महीने के निचले स्तर 5.96 फीसदी पर आ गई, जो फरवरी में 6.84 फीसदी थी। गैर-खाद्य विनिर्माण या प्रमुख उद्योगों की महंगाई दर मार्च में घटकर 3.41 फीसदी दर्ज की गई थी। निवेशक अगले सप्ताह भी चौथी तिमाही के परिणामों पर नजर गड़ाए रहेंगे। सोमवार को परिणाम की घोषणा करने वाली प्रमुख कम्पनियों में है हेक्सावेयर टेक्नोलॉजी, हिंदुस्तान यूनिलीवर और स्टरलाइट इंडस्ट्रीज। मंगलवार को परिणाम जारी करने वाली प्रमुख कम्पनियों में हैं शॉपर्स स्टॉप और टीवीएस मोटर। बुधवार एक मई को परिणाम जारी करने वाली प्रमख कम्पनियां हैं आईडीएफसी और पंजाब सिंध बैंक। गुरुवार को परिणाम जारी करने वाली कम्पनियों में प्रमुख हैं आंध्रा बैंक, भारती एयरटेल और कोटक महिंद्रा बैंक। शुक्रवार को परिणाम जारी करने वाली कम्पनियों में प्रमुख हैं जेएसडब्ल्यू एनर्जी, एसीसी और अम्बुजा सीमेंट। मौसम विभाग ने गत सप्ताह शुक्रवार को मानसून का प्रारम्भिक अनुमान जारी कर दिया है और सामान्य बारिश की सम्भावना बताई है। मानसून का देश की अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ता है। सामान्य मानसून का अर्थ है अर्थव्यवस्था की बेहतरी की उम्मीद। आने वाले कुछ महीनों में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति के कारण शेयर बाजारों के सूचकांकों के ऊपर की ओर बढ़ने की उम्मीद कम है। शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के दिशानिर्देश के मुताबिक सूचीबद्ध निजी कम्पनियों में प्रमोटर की हिस्सेदारी घटानी होगी और आम निवेशकों को कम से कम 25 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। इसी तरह सरकारी सूचीबद्ध कम्पनियों में आम निवेशकों को कम से कम 10 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। सेबी के आदेश के मुताबिक निजी कम्पनियों के संस्थापकों को 30 जून 2013 तक अपनी हिस्सेदारी घटानी होगी, जबकि सरकारी कम्पनियों को 31 अगस्त तक सेबी के आदेश पालन करना होगा। वर्ष 2014 में सरकारी कम्पनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कम्पनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40 हजार करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कम्पनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। संसद में बजट सत्र का दूसरा हिस्सा चालू है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा या मतदान हो सकता है। इन विधेयकों में शामिल हैं फॉरवर्ड कंट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) एमेंडमेंट विधेयक-2010, पेंशन फंड रेगुलेटर एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी विधेयक-2011, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापना विधेयक-2011, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक 2011 और बीमा कानून (संशोधन) विधेयक-2008। सत्र 10 मई को समाप्त होगा। पांच मई 2013 को कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव भी बाजार को कुछ हद तक प्रभावित कर सकते हैं। चुनाव का परिणाम आठ मई को घोषित होगा।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। आरबीआई शुक्रवार तीन मई को 2013-14 के लिए मौद्रिक नीति की घोषणा करेगा। थोक मूल्य महंगाई में गिरावट आने के कारण उम्मीद की जा रही है कि आरबीआई रेपो दर कटौती करेगा। 19 मार्च 2013 को मध्य तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा में आरबीआई ने रेपो दर 25 आधार अंकों की कटौती के साथ 7.5 फीसदी कर दिया था। ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर मार्च 2013 में पिछले 40 महीने के निचले स्तर 5.96 फीसदी पर आ गई, जो फरवरी में 6.84 फीसदी थी। गैर-खाद्य विनिर्माण या प्रमुख उद्योगों की महंगाई दर मार्च में घटकर 3.41 फीसदी दर्ज की गई थी। निवेशक अगले सप्ताह भी चौथी तिमाही के परिणामों पर नजर गड़ाए रहेंगे। सोमवार को परिणाम की घोषणा करने वाली प्रमुख कम्पनियों में है हेक्सावेयर टेक्नोलॉजी, हिंदुस्तान यूनिलीवर और स्टरलाइट इंडस्ट्रीज। मंगलवार को परिणाम जारी करने वाली प्रमुख कम्पनियों में हैं शॉपर्स स्टॉप और टीवीएस मोटर। बुधवार एक मई को परिणाम जारी करने वाली प्रमख कम्पनियां हैं आईडीएफसी और पंजाब सिंध बैंक। गुरुवार को परिणाम जारी करने वाली कम्पनियों में प्रमुख हैं आंध्रा बैंक, भारती एयरटेल और कोटक महिंद्रा बैंक। शुक्रवार को परिणाम जारी करने वाली कम्पनियों में प्रमुख हैं जेएसडब्ल्यू एनर्जी, एसीसी और अम्बुजा सीमेंट। मौसम विभाग ने गत सप्ताह शुक्रवार को मानसून का प्रारम्भिक अनुमान जारी कर दिया है और सामान्य बारिश की सम्भावना बताई है। मानसून का देश की अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ता है। सामान्य मानसून का अर्थ है अर्थव्यवस्था की बेहतरी की उम्मीद। आने वाले कुछ महीनों में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति के कारण शेयर बाजारों के सूचकांकों के ऊपर की ओर बढ़ने की उम्मीद कम है। शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के दिशानिर्देश के मुताबिक सूचीबद्ध निजी कम्पनियों में प्रमोटर की हिस्सेदारी घटानी होगी और आम निवेशकों को कम से कम 25 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। इसी तरह सरकारी सूचीबद्ध कम्पनियों में आम निवेशकों को कम से कम 10 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। सेबी के आदेश के मुताबिक निजी कम्पनियों के संस्थापकों को 30 जून 2013 तक अपनी हिस्सेदारी घटानी होगी, जबकि सरकारी कम्पनियों को 31 अगस्त तक सेबी के आदेश पालन करना होगा। वर्ष 2014 में सरकारी कम्पनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कम्पनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40 हजार करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कम्पनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। संसद में बजट सत्र का दूसरा हिस्सा चालू है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा या मतदान हो सकता है। इन विधेयकों में शामिल हैं फॉरवर्ड कंट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) एमेंडमेंट विधेयक-2010, पेंशन फंड रेगुलेटर एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी विधेयक-2011, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापना विधेयक-2011, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक 2011 और बीमा कानून (संशोधन) विधेयक-2008। सत्र 10 मई को समाप्त होगा। पांच मई 2013 को कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव भी बाजार को कुछ हद तक प्रभावित कर सकते हैं। चुनाव का परिणाम आठ मई को घोषित होगा।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर मार्च 2013 में पिछले 40 महीने के निचले स्तर 5.96 फीसदी पर आ गई, जो फरवरी में 6.84 फीसदी थी। गैर-खाद्य विनिर्माण या प्रमुख उद्योगों की महंगाई दर मार्च में घटकर 3.41 फीसदी दर्ज की गई थी। निवेशक अगले सप्ताह भी चौथी तिमाही के परिणामों पर नजर गड़ाए रहेंगे। सोमवार को परिणाम की घोषणा करने वाली प्रमुख कम्पनियों में है हेक्सावेयर टेक्नोलॉजी, हिंदुस्तान यूनिलीवर और स्टरलाइट इंडस्ट्रीज। मंगलवार को परिणाम जारी करने वाली प्रमुख कम्पनियों में हैं शॉपर्स स्टॉप और टीवीएस मोटर। बुधवार एक मई को परिणाम जारी करने वाली प्रमख कम्पनियां हैं आईडीएफसी और पंजाब सिंध बैंक। गुरुवार को परिणाम जारी करने वाली कम्पनियों में प्रमुख हैं आंध्रा बैंक, भारती एयरटेल और कोटक महिंद्रा बैंक। शुक्रवार को परिणाम जारी करने वाली कम्पनियों में प्रमुख हैं जेएसडब्ल्यू एनर्जी, एसीसी और अम्बुजा सीमेंट। मौसम विभाग ने गत सप्ताह शुक्रवार को मानसून का प्रारम्भिक अनुमान जारी कर दिया है और सामान्य बारिश की सम्भावना बताई है। मानसून का देश की अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ता है। सामान्य मानसून का अर्थ है अर्थव्यवस्था की बेहतरी की उम्मीद। आने वाले कुछ महीनों में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति के कारण शेयर बाजारों के सूचकांकों के ऊपर की ओर बढ़ने की उम्मीद कम है। शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के दिशानिर्देश के मुताबिक सूचीबद्ध निजी कम्पनियों में प्रमोटर की हिस्सेदारी घटानी होगी और आम निवेशकों को कम से कम 25 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। इसी तरह सरकारी सूचीबद्ध कम्पनियों में आम निवेशकों को कम से कम 10 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। सेबी के आदेश के मुताबिक निजी कम्पनियों के संस्थापकों को 30 जून 2013 तक अपनी हिस्सेदारी घटानी होगी, जबकि सरकारी कम्पनियों को 31 अगस्त तक सेबी के आदेश पालन करना होगा। वर्ष 2014 में सरकारी कम्पनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कम्पनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40 हजार करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कम्पनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। संसद में बजट सत्र का दूसरा हिस्सा चालू है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा या मतदान हो सकता है। इन विधेयकों में शामिल हैं फॉरवर्ड कंट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) एमेंडमेंट विधेयक-2010, पेंशन फंड रेगुलेटर एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी विधेयक-2011, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापना विधेयक-2011, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक 2011 और बीमा कानून (संशोधन) विधेयक-2008। सत्र 10 मई को समाप्त होगा। पांच मई 2013 को कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव भी बाजार को कुछ हद तक प्रभावित कर सकते हैं। चुनाव का परिणाम आठ मई को घोषित होगा।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। निवेशक अगले सप्ताह भी चौथी तिमाही के परिणामों पर नजर गड़ाए रहेंगे। सोमवार को परिणाम की घोषणा करने वाली प्रमुख कम्पनियों में है हेक्सावेयर टेक्नोलॉजी, हिंदुस्तान यूनिलीवर और स्टरलाइट इंडस्ट्रीज। मंगलवार को परिणाम जारी करने वाली प्रमुख कम्पनियों में हैं शॉपर्स स्टॉप और टीवीएस मोटर। बुधवार एक मई को परिणाम जारी करने वाली प्रमख कम्पनियां हैं आईडीएफसी और पंजाब सिंध बैंक। गुरुवार को परिणाम जारी करने वाली कम्पनियों में प्रमुख हैं आंध्रा बैंक, भारती एयरटेल और कोटक महिंद्रा बैंक। शुक्रवार को परिणाम जारी करने वाली कम्पनियों में प्रमुख हैं जेएसडब्ल्यू एनर्जी, एसीसी और अम्बुजा सीमेंट। मौसम विभाग ने गत सप्ताह शुक्रवार को मानसून का प्रारम्भिक अनुमान जारी कर दिया है और सामान्य बारिश की सम्भावना बताई है। मानसून का देश की अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ता है। सामान्य मानसून का अर्थ है अर्थव्यवस्था की बेहतरी की उम्मीद। आने वाले कुछ महीनों में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति के कारण शेयर बाजारों के सूचकांकों के ऊपर की ओर बढ़ने की उम्मीद कम है। शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के दिशानिर्देश के मुताबिक सूचीबद्ध निजी कम्पनियों में प्रमोटर की हिस्सेदारी घटानी होगी और आम निवेशकों को कम से कम 25 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। इसी तरह सरकारी सूचीबद्ध कम्पनियों में आम निवेशकों को कम से कम 10 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। सेबी के आदेश के मुताबिक निजी कम्पनियों के संस्थापकों को 30 जून 2013 तक अपनी हिस्सेदारी घटानी होगी, जबकि सरकारी कम्पनियों को 31 अगस्त तक सेबी के आदेश पालन करना होगा। वर्ष 2014 में सरकारी कम्पनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कम्पनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40 हजार करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कम्पनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। संसद में बजट सत्र का दूसरा हिस्सा चालू है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा या मतदान हो सकता है। इन विधेयकों में शामिल हैं फॉरवर्ड कंट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) एमेंडमेंट विधेयक-2010, पेंशन फंड रेगुलेटर एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी विधेयक-2011, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापना विधेयक-2011, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक 2011 और बीमा कानून (संशोधन) विधेयक-2008। सत्र 10 मई को समाप्त होगा। पांच मई 2013 को कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव भी बाजार को कुछ हद तक प्रभावित कर सकते हैं। चुनाव का परिणाम आठ मई को घोषित होगा।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। मंगलवार को परिणाम जारी करने वाली प्रमुख कम्पनियों में हैं शॉपर्स स्टॉप और टीवीएस मोटर। बुधवार एक मई को परिणाम जारी करने वाली प्रमख कम्पनियां हैं आईडीएफसी और पंजाब सिंध बैंक। गुरुवार को परिणाम जारी करने वाली कम्पनियों में प्रमुख हैं आंध्रा बैंक, भारती एयरटेल और कोटक महिंद्रा बैंक। शुक्रवार को परिणाम जारी करने वाली कम्पनियों में प्रमुख हैं जेएसडब्ल्यू एनर्जी, एसीसी और अम्बुजा सीमेंट। मौसम विभाग ने गत सप्ताह शुक्रवार को मानसून का प्रारम्भिक अनुमान जारी कर दिया है और सामान्य बारिश की सम्भावना बताई है। मानसून का देश की अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ता है। सामान्य मानसून का अर्थ है अर्थव्यवस्था की बेहतरी की उम्मीद। आने वाले कुछ महीनों में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति के कारण शेयर बाजारों के सूचकांकों के ऊपर की ओर बढ़ने की उम्मीद कम है। शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के दिशानिर्देश के मुताबिक सूचीबद्ध निजी कम्पनियों में प्रमोटर की हिस्सेदारी घटानी होगी और आम निवेशकों को कम से कम 25 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। इसी तरह सरकारी सूचीबद्ध कम्पनियों में आम निवेशकों को कम से कम 10 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। सेबी के आदेश के मुताबिक निजी कम्पनियों के संस्थापकों को 30 जून 2013 तक अपनी हिस्सेदारी घटानी होगी, जबकि सरकारी कम्पनियों को 31 अगस्त तक सेबी के आदेश पालन करना होगा। वर्ष 2014 में सरकारी कम्पनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कम्पनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40 हजार करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कम्पनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। संसद में बजट सत्र का दूसरा हिस्सा चालू है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा या मतदान हो सकता है। इन विधेयकों में शामिल हैं फॉरवर्ड कंट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) एमेंडमेंट विधेयक-2010, पेंशन फंड रेगुलेटर एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी विधेयक-2011, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापना विधेयक-2011, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक 2011 और बीमा कानून (संशोधन) विधेयक-2008। सत्र 10 मई को समाप्त होगा। पांच मई 2013 को कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव भी बाजार को कुछ हद तक प्रभावित कर सकते हैं। चुनाव का परिणाम आठ मई को घोषित होगा।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। बुधवार एक मई को परिणाम जारी करने वाली प्रमख कम्पनियां हैं आईडीएफसी और पंजाब सिंध बैंक। गुरुवार को परिणाम जारी करने वाली कम्पनियों में प्रमुख हैं आंध्रा बैंक, भारती एयरटेल और कोटक महिंद्रा बैंक। शुक्रवार को परिणाम जारी करने वाली कम्पनियों में प्रमुख हैं जेएसडब्ल्यू एनर्जी, एसीसी और अम्बुजा सीमेंट। मौसम विभाग ने गत सप्ताह शुक्रवार को मानसून का प्रारम्भिक अनुमान जारी कर दिया है और सामान्य बारिश की सम्भावना बताई है। मानसून का देश की अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ता है। सामान्य मानसून का अर्थ है अर्थव्यवस्था की बेहतरी की उम्मीद। आने वाले कुछ महीनों में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति के कारण शेयर बाजारों के सूचकांकों के ऊपर की ओर बढ़ने की उम्मीद कम है। शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के दिशानिर्देश के मुताबिक सूचीबद्ध निजी कम्पनियों में प्रमोटर की हिस्सेदारी घटानी होगी और आम निवेशकों को कम से कम 25 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। इसी तरह सरकारी सूचीबद्ध कम्पनियों में आम निवेशकों को कम से कम 10 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। सेबी के आदेश के मुताबिक निजी कम्पनियों के संस्थापकों को 30 जून 2013 तक अपनी हिस्सेदारी घटानी होगी, जबकि सरकारी कम्पनियों को 31 अगस्त तक सेबी के आदेश पालन करना होगा। वर्ष 2014 में सरकारी कम्पनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कम्पनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40 हजार करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कम्पनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। संसद में बजट सत्र का दूसरा हिस्सा चालू है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा या मतदान हो सकता है। इन विधेयकों में शामिल हैं फॉरवर्ड कंट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) एमेंडमेंट विधेयक-2010, पेंशन फंड रेगुलेटर एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी विधेयक-2011, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापना विधेयक-2011, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक 2011 और बीमा कानून (संशोधन) विधेयक-2008। सत्र 10 मई को समाप्त होगा। पांच मई 2013 को कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव भी बाजार को कुछ हद तक प्रभावित कर सकते हैं। चुनाव का परिणाम आठ मई को घोषित होगा।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। गुरुवार को परिणाम जारी करने वाली कम्पनियों में प्रमुख हैं आंध्रा बैंक, भारती एयरटेल और कोटक महिंद्रा बैंक। शुक्रवार को परिणाम जारी करने वाली कम्पनियों में प्रमुख हैं जेएसडब्ल्यू एनर्जी, एसीसी और अम्बुजा सीमेंट। मौसम विभाग ने गत सप्ताह शुक्रवार को मानसून का प्रारम्भिक अनुमान जारी कर दिया है और सामान्य बारिश की सम्भावना बताई है। मानसून का देश की अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ता है। सामान्य मानसून का अर्थ है अर्थव्यवस्था की बेहतरी की उम्मीद। आने वाले कुछ महीनों में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति के कारण शेयर बाजारों के सूचकांकों के ऊपर की ओर बढ़ने की उम्मीद कम है। शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के दिशानिर्देश के मुताबिक सूचीबद्ध निजी कम्पनियों में प्रमोटर की हिस्सेदारी घटानी होगी और आम निवेशकों को कम से कम 25 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। इसी तरह सरकारी सूचीबद्ध कम्पनियों में आम निवेशकों को कम से कम 10 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। सेबी के आदेश के मुताबिक निजी कम्पनियों के संस्थापकों को 30 जून 2013 तक अपनी हिस्सेदारी घटानी होगी, जबकि सरकारी कम्पनियों को 31 अगस्त तक सेबी के आदेश पालन करना होगा। वर्ष 2014 में सरकारी कम्पनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कम्पनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40 हजार करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कम्पनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। संसद में बजट सत्र का दूसरा हिस्सा चालू है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा या मतदान हो सकता है। इन विधेयकों में शामिल हैं फॉरवर्ड कंट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) एमेंडमेंट विधेयक-2010, पेंशन फंड रेगुलेटर एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी विधेयक-2011, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापना विधेयक-2011, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक 2011 और बीमा कानून (संशोधन) विधेयक-2008। सत्र 10 मई को समाप्त होगा। पांच मई 2013 को कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव भी बाजार को कुछ हद तक प्रभावित कर सकते हैं। चुनाव का परिणाम आठ मई को घोषित होगा।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। शुक्रवार को परिणाम जारी करने वाली कम्पनियों में प्रमुख हैं जेएसडब्ल्यू एनर्जी, एसीसी और अम्बुजा सीमेंट। मौसम विभाग ने गत सप्ताह शुक्रवार को मानसून का प्रारम्भिक अनुमान जारी कर दिया है और सामान्य बारिश की सम्भावना बताई है। मानसून का देश की अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ता है। सामान्य मानसून का अर्थ है अर्थव्यवस्था की बेहतरी की उम्मीद। आने वाले कुछ महीनों में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति के कारण शेयर बाजारों के सूचकांकों के ऊपर की ओर बढ़ने की उम्मीद कम है। शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के दिशानिर्देश के मुताबिक सूचीबद्ध निजी कम्पनियों में प्रमोटर की हिस्सेदारी घटानी होगी और आम निवेशकों को कम से कम 25 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। इसी तरह सरकारी सूचीबद्ध कम्पनियों में आम निवेशकों को कम से कम 10 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। सेबी के आदेश के मुताबिक निजी कम्पनियों के संस्थापकों को 30 जून 2013 तक अपनी हिस्सेदारी घटानी होगी, जबकि सरकारी कम्पनियों को 31 अगस्त तक सेबी के आदेश पालन करना होगा। वर्ष 2014 में सरकारी कम्पनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कम्पनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40 हजार करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कम्पनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। संसद में बजट सत्र का दूसरा हिस्सा चालू है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा या मतदान हो सकता है। इन विधेयकों में शामिल हैं फॉरवर्ड कंट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) एमेंडमेंट विधेयक-2010, पेंशन फंड रेगुलेटर एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी विधेयक-2011, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापना विधेयक-2011, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक 2011 और बीमा कानून (संशोधन) विधेयक-2008। सत्र 10 मई को समाप्त होगा। पांच मई 2013 को कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव भी बाजार को कुछ हद तक प्रभावित कर सकते हैं। चुनाव का परिणाम आठ मई को घोषित होगा।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। मौसम विभाग ने गत सप्ताह शुक्रवार को मानसून का प्रारम्भिक अनुमान जारी कर दिया है और सामान्य बारिश की सम्भावना बताई है। मानसून का देश की अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ता है। सामान्य मानसून का अर्थ है अर्थव्यवस्था की बेहतरी की उम्मीद। आने वाले कुछ महीनों में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति के कारण शेयर बाजारों के सूचकांकों के ऊपर की ओर बढ़ने की उम्मीद कम है। शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के दिशानिर्देश के मुताबिक सूचीबद्ध निजी कम्पनियों में प्रमोटर की हिस्सेदारी घटानी होगी और आम निवेशकों को कम से कम 25 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। इसी तरह सरकारी सूचीबद्ध कम्पनियों में आम निवेशकों को कम से कम 10 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। सेबी के आदेश के मुताबिक निजी कम्पनियों के संस्थापकों को 30 जून 2013 तक अपनी हिस्सेदारी घटानी होगी, जबकि सरकारी कम्पनियों को 31 अगस्त तक सेबी के आदेश पालन करना होगा। वर्ष 2014 में सरकारी कम्पनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कम्पनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40 हजार करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कम्पनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। संसद में बजट सत्र का दूसरा हिस्सा चालू है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा या मतदान हो सकता है। इन विधेयकों में शामिल हैं फॉरवर्ड कंट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) एमेंडमेंट विधेयक-2010, पेंशन फंड रेगुलेटर एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी विधेयक-2011, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापना विधेयक-2011, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक 2011 और बीमा कानून (संशोधन) विधेयक-2008। सत्र 10 मई को समाप्त होगा। पांच मई 2013 को कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव भी बाजार को कुछ हद तक प्रभावित कर सकते हैं। चुनाव का परिणाम आठ मई को घोषित होगा।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। आने वाले कुछ महीनों में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति के कारण शेयर बाजारों के सूचकांकों के ऊपर की ओर बढ़ने की उम्मीद कम है। शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के दिशानिर्देश के मुताबिक सूचीबद्ध निजी कम्पनियों में प्रमोटर की हिस्सेदारी घटानी होगी और आम निवेशकों को कम से कम 25 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। इसी तरह सरकारी सूचीबद्ध कम्पनियों में आम निवेशकों को कम से कम 10 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। सेबी के आदेश के मुताबिक निजी कम्पनियों के संस्थापकों को 30 जून 2013 तक अपनी हिस्सेदारी घटानी होगी, जबकि सरकारी कम्पनियों को 31 अगस्त तक सेबी के आदेश पालन करना होगा। वर्ष 2014 में सरकारी कम्पनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कम्पनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40 हजार करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कम्पनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। संसद में बजट सत्र का दूसरा हिस्सा चालू है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा या मतदान हो सकता है। इन विधेयकों में शामिल हैं फॉरवर्ड कंट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) एमेंडमेंट विधेयक-2010, पेंशन फंड रेगुलेटर एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी विधेयक-2011, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापना विधेयक-2011, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक 2011 और बीमा कानून (संशोधन) विधेयक-2008। सत्र 10 मई को समाप्त होगा। पांच मई 2013 को कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव भी बाजार को कुछ हद तक प्रभावित कर सकते हैं। चुनाव का परिणाम आठ मई को घोषित होगा।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। सेबी के आदेश के मुताबिक निजी कम्पनियों के संस्थापकों को 30 जून 2013 तक अपनी हिस्सेदारी घटानी होगी, जबकि सरकारी कम्पनियों को 31 अगस्त तक सेबी के आदेश पालन करना होगा। वर्ष 2014 में सरकारी कम्पनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कम्पनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40 हजार करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कम्पनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। संसद में बजट सत्र का दूसरा हिस्सा चालू है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा या मतदान हो सकता है। इन विधेयकों में शामिल हैं फॉरवर्ड कंट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) एमेंडमेंट विधेयक-2010, पेंशन फंड रेगुलेटर एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी विधेयक-2011, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापना विधेयक-2011, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक 2011 और बीमा कानून (संशोधन) विधेयक-2008। सत्र 10 मई को समाप्त होगा। पांच मई 2013 को कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव भी बाजार को कुछ हद तक प्रभावित कर सकते हैं। चुनाव का परिणाम आठ मई को घोषित होगा।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। वर्ष 2014 में सरकारी कम्पनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कम्पनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40 हजार करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कम्पनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। संसद में बजट सत्र का दूसरा हिस्सा चालू है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा या मतदान हो सकता है। इन विधेयकों में शामिल हैं फॉरवर्ड कंट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) एमेंडमेंट विधेयक-2010, पेंशन फंड रेगुलेटर एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी विधेयक-2011, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापना विधेयक-2011, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक 2011 और बीमा कानून (संशोधन) विधेयक-2008। सत्र 10 मई को समाप्त होगा। पांच मई 2013 को कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव भी बाजार को कुछ हद तक प्रभावित कर सकते हैं। चुनाव का परिणाम आठ मई को घोषित होगा।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। संसद में बजट सत्र का दूसरा हिस्सा चालू है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा या मतदान हो सकता है। इन विधेयकों में शामिल हैं फॉरवर्ड कंट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) एमेंडमेंट विधेयक-2010, पेंशन फंड रेगुलेटर एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी विधेयक-2011, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापना विधेयक-2011, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक 2011 और बीमा कानून (संशोधन) विधेयक-2008। सत्र 10 मई को समाप्त होगा। पांच मई 2013 को कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव भी बाजार को कुछ हद तक प्रभावित कर सकते हैं। चुनाव का परिणाम आठ मई को घोषित होगा।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। पांच मई 2013 को कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव भी बाजार को कुछ हद तक प्रभावित कर सकते हैं। चुनाव का परिणाम आठ मई को घोषित होगा।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। बाजार में इस वक्त काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: शेयर बाजार की दिशा अगले सप्ताह मुख्यत: कम्पनियों के चौथी तिमाही के परिणामों, वाहन कम्पनियों की बिक्री के मासिक आंकड़ों और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति घोषणा से निर्धारित होगी।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: दिल्ली एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में मंगलवार को भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है. मौसम विभाग में उत्तर क्षेत्र की पूर्वानुमान इकाई के प्रमुख वैज्ञानिक कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि दक्षिण पश्चिमी हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव की वजह से मंगलवार से ही दिल्ली एनसीआर और राजस्थान के कुछ इलाकों में तेज हवाओं और हल्की बारिश का दौर शुरु हो चुका है. इसके कारण अगले दो दिनों में धूल भरी हवाओं और हल्की फुल्की बारिश के साथ तापमान में चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जायेगी.  उत्तरप्रदेश के झांसी में हाल के हफ्ते में काफी तेज गर्मी पड़ रही है. मंगलवार को यहां का तापमान 48 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. पंजाब और हरियाणा के अधिकतर स्थानों पर अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा. मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि हरियाणा के हिसार और पंजाब के पटियाला में तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस मापा गया. भिवानी में तापमान 45.3 डिग्री जबकि करनाल और नारनौल में 44 डिग्री सेल्सियस तापमान मापा गया. चंडीगढ़ का तापमान 43.9 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से पांच डिग्री अधिक है. जम्मू कश्मीर और आसपास के पहाड़ी इलाकों में मंगलवार से सक्रिय हुये पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से उत्तर की ओर चली दक्षिण पश्चिमी हवाओं के साझा असर की वजह से राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली सहित समूचे पश्चिमी भारत में भीषण गर्मी से अगले 24 घंटों में राहत मिलने की उम्मीद है. उल्लेखनीय है कि दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में सोमवार को अब तक का सर्वाधिक 48 डिग्री और राजस्थान के चुरु में 50 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था. मौसम विभाग में उत्तर क्षेत्र की पूर्वानुमान इकाई के प्रमुख वैज्ञानिक कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि दिल्ली एनसीआर, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित उत्तर पश्चिमी भारत के मैदानी इलाकों के तापमान में मंगलवार से चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जायेगी. केरल में दक्षिण पश्चिम मानसून सक्रिय होने के बीच राज्य में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हुई. भारी बारिश से तटीय क्षेत्रों में पेड़ उखड़ गए और घर क्षतिग्रस्त हुए. भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने कहा कि एर्नाकुलम जिले के पीरावम में सर्वाधिक 14 सेंटीमीटर बारिश हुई. इसके अलावा, अलपुझा, चेरथला और नेदुमांगद में 11-11 सेंटीमीटर बारिश हुई. आईएमडी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि राज्य में एक या दो स्थानों पर 16 जून की सुबह तक भारी बारिश (7-11 सेंटीमीटर) होने की बहुत संभावना है. इसमें कहा गया कि लक्षद्वीप क्षेत्र, केरल और कर्नाटक तट में 40-50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं और मछुआरों को इन इलाकों में समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है. तटीय इलाकों में दस से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा है और कई जिलों में पेड़ उखड़ने की खबरें हैं. मानसून की बारिश से सोमवार को राज्य में तीन लोगों की मौत हो गई थी.
संक्षिप्त पाठ: दिल्ली-NCR समेत पूरे उत्तर भारत में गर्मी का प्रकोप दो दिन के भीतर हो सकती है हल्की बारिश देशभर के कई राज्यों में गर्मी से बेहाल हैं लोग
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: खुदरा मुद्रास्फीति लगातार तीसरे महीने गिरते हुए मई में 9.31 प्रतिशत पर आ गई। ऐसा खाद्य तेल, अंडा, मांस-मछली आदि की खुदरा कीमतों में नरमी से मुद्रास्फीति का दबाव कम हुआ। वैसे इस दौरान सब्जियों की कीमत में तेज उछाल दर्ज किया गया। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित मुद्रास्फीति अप्रैल, 2013 में 9.39 प्रतिशत थी और उससे एक माह पहले 10.39 प्रतिशत थी। मई में खाद्य एवं पेय खंड की मुद्रास्फीति बढ़कर 10.65 प्रतिशत रही। अप्रैल में यह 10.61 प्रतिशत थी। आज जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मई महीने में सब्जियों की खुदरा कीमत सालाना आधार पर 9.78 प्रतिशत ऊंची रही जबकि अप्रैल में मूल्य स्तर 5.43 प्रतिशत ऊंचा था। हालांकि प्रोटीन युक्त उत्पादों - अंडे, मांस और मछली - की कीमत मई माह में 12.52 प्रतिशत बढ़ी जबकि अप्रैल में यह 13.60 प्रतिशत थी। तेल एवं वसा खंड की मुद्रास्फीति 5.49 प्रतिशत रही, जबकि अप्रैल में यह 7.52 प्रतिशत था। सूचकांक में शामिल सभी उत्पादों में अनाजों की कीमत मई में सालाना आधार पर सबसे अधिक 16.29 प्रतिशत ऊंची थी। इसके अलावा सालाना स्तर पर दलहन 9.59 प्रतिशत और चीनी 9.21 प्रतिशत महंगा हुआ। कपड़े और जूता-चप्पल खंड में महंगाई दर मई माह में 9.72 प्रतिशत रही।टिप्पणियां शहरी इलाकों में खुदरा मुद्रास्फीति मई में घटकर 9.65 प्रतिशत पर आ गई, जो अप्रैल में 9.73 प्रतिशत थी। ग्रामीण इलाकों में खुदरा मुद्रास्फीति मई माह में 8.98 प्रतिशत रही, जो अप्रैल में 9.16 प्रतिशत थी। थोकमूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति का मई का आंकड़ा शुक्रवार को आने की संभावना है। अप्रैल में मुद्रास्फीति तीन साल के न्यूनतम स्तर 4.89 प्रतिशत पर थी। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित मुद्रास्फीति अप्रैल, 2013 में 9.39 प्रतिशत थी और उससे एक माह पहले 10.39 प्रतिशत थी। मई में खाद्य एवं पेय खंड की मुद्रास्फीति बढ़कर 10.65 प्रतिशत रही। अप्रैल में यह 10.61 प्रतिशत थी। आज जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मई महीने में सब्जियों की खुदरा कीमत सालाना आधार पर 9.78 प्रतिशत ऊंची रही जबकि अप्रैल में मूल्य स्तर 5.43 प्रतिशत ऊंचा था। हालांकि प्रोटीन युक्त उत्पादों - अंडे, मांस और मछली - की कीमत मई माह में 12.52 प्रतिशत बढ़ी जबकि अप्रैल में यह 13.60 प्रतिशत थी। तेल एवं वसा खंड की मुद्रास्फीति 5.49 प्रतिशत रही, जबकि अप्रैल में यह 7.52 प्रतिशत था। सूचकांक में शामिल सभी उत्पादों में अनाजों की कीमत मई में सालाना आधार पर सबसे अधिक 16.29 प्रतिशत ऊंची थी। इसके अलावा सालाना स्तर पर दलहन 9.59 प्रतिशत और चीनी 9.21 प्रतिशत महंगा हुआ। कपड़े और जूता-चप्पल खंड में महंगाई दर मई माह में 9.72 प्रतिशत रही।टिप्पणियां शहरी इलाकों में खुदरा मुद्रास्फीति मई में घटकर 9.65 प्रतिशत पर आ गई, जो अप्रैल में 9.73 प्रतिशत थी। ग्रामीण इलाकों में खुदरा मुद्रास्फीति मई माह में 8.98 प्रतिशत रही, जो अप्रैल में 9.16 प्रतिशत थी। थोकमूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति का मई का आंकड़ा शुक्रवार को आने की संभावना है। अप्रैल में मुद्रास्फीति तीन साल के न्यूनतम स्तर 4.89 प्रतिशत पर थी। मई में खाद्य एवं पेय खंड की मुद्रास्फीति बढ़कर 10.65 प्रतिशत रही। अप्रैल में यह 10.61 प्रतिशत थी। आज जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मई महीने में सब्जियों की खुदरा कीमत सालाना आधार पर 9.78 प्रतिशत ऊंची रही जबकि अप्रैल में मूल्य स्तर 5.43 प्रतिशत ऊंचा था। हालांकि प्रोटीन युक्त उत्पादों - अंडे, मांस और मछली - की कीमत मई माह में 12.52 प्रतिशत बढ़ी जबकि अप्रैल में यह 13.60 प्रतिशत थी। तेल एवं वसा खंड की मुद्रास्फीति 5.49 प्रतिशत रही, जबकि अप्रैल में यह 7.52 प्रतिशत था। सूचकांक में शामिल सभी उत्पादों में अनाजों की कीमत मई में सालाना आधार पर सबसे अधिक 16.29 प्रतिशत ऊंची थी। इसके अलावा सालाना स्तर पर दलहन 9.59 प्रतिशत और चीनी 9.21 प्रतिशत महंगा हुआ। कपड़े और जूता-चप्पल खंड में महंगाई दर मई माह में 9.72 प्रतिशत रही।टिप्पणियां शहरी इलाकों में खुदरा मुद्रास्फीति मई में घटकर 9.65 प्रतिशत पर आ गई, जो अप्रैल में 9.73 प्रतिशत थी। ग्रामीण इलाकों में खुदरा मुद्रास्फीति मई माह में 8.98 प्रतिशत रही, जो अप्रैल में 9.16 प्रतिशत थी। थोकमूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति का मई का आंकड़ा शुक्रवार को आने की संभावना है। अप्रैल में मुद्रास्फीति तीन साल के न्यूनतम स्तर 4.89 प्रतिशत पर थी। आज जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मई महीने में सब्जियों की खुदरा कीमत सालाना आधार पर 9.78 प्रतिशत ऊंची रही जबकि अप्रैल में मूल्य स्तर 5.43 प्रतिशत ऊंचा था। हालांकि प्रोटीन युक्त उत्पादों - अंडे, मांस और मछली - की कीमत मई माह में 12.52 प्रतिशत बढ़ी जबकि अप्रैल में यह 13.60 प्रतिशत थी। तेल एवं वसा खंड की मुद्रास्फीति 5.49 प्रतिशत रही, जबकि अप्रैल में यह 7.52 प्रतिशत था। सूचकांक में शामिल सभी उत्पादों में अनाजों की कीमत मई में सालाना आधार पर सबसे अधिक 16.29 प्रतिशत ऊंची थी। इसके अलावा सालाना स्तर पर दलहन 9.59 प्रतिशत और चीनी 9.21 प्रतिशत महंगा हुआ। कपड़े और जूता-चप्पल खंड में महंगाई दर मई माह में 9.72 प्रतिशत रही।टिप्पणियां शहरी इलाकों में खुदरा मुद्रास्फीति मई में घटकर 9.65 प्रतिशत पर आ गई, जो अप्रैल में 9.73 प्रतिशत थी। ग्रामीण इलाकों में खुदरा मुद्रास्फीति मई माह में 8.98 प्रतिशत रही, जो अप्रैल में 9.16 प्रतिशत थी। थोकमूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति का मई का आंकड़ा शुक्रवार को आने की संभावना है। अप्रैल में मुद्रास्फीति तीन साल के न्यूनतम स्तर 4.89 प्रतिशत पर थी। हालांकि प्रोटीन युक्त उत्पादों - अंडे, मांस और मछली - की कीमत मई माह में 12.52 प्रतिशत बढ़ी जबकि अप्रैल में यह 13.60 प्रतिशत थी। तेल एवं वसा खंड की मुद्रास्फीति 5.49 प्रतिशत रही, जबकि अप्रैल में यह 7.52 प्रतिशत था। सूचकांक में शामिल सभी उत्पादों में अनाजों की कीमत मई में सालाना आधार पर सबसे अधिक 16.29 प्रतिशत ऊंची थी। इसके अलावा सालाना स्तर पर दलहन 9.59 प्रतिशत और चीनी 9.21 प्रतिशत महंगा हुआ। कपड़े और जूता-चप्पल खंड में महंगाई दर मई माह में 9.72 प्रतिशत रही।टिप्पणियां शहरी इलाकों में खुदरा मुद्रास्फीति मई में घटकर 9.65 प्रतिशत पर आ गई, जो अप्रैल में 9.73 प्रतिशत थी। ग्रामीण इलाकों में खुदरा मुद्रास्फीति मई माह में 8.98 प्रतिशत रही, जो अप्रैल में 9.16 प्रतिशत थी। थोकमूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति का मई का आंकड़ा शुक्रवार को आने की संभावना है। अप्रैल में मुद्रास्फीति तीन साल के न्यूनतम स्तर 4.89 प्रतिशत पर थी। सूचकांक में शामिल सभी उत्पादों में अनाजों की कीमत मई में सालाना आधार पर सबसे अधिक 16.29 प्रतिशत ऊंची थी। इसके अलावा सालाना स्तर पर दलहन 9.59 प्रतिशत और चीनी 9.21 प्रतिशत महंगा हुआ। कपड़े और जूता-चप्पल खंड में महंगाई दर मई माह में 9.72 प्रतिशत रही।टिप्पणियां शहरी इलाकों में खुदरा मुद्रास्फीति मई में घटकर 9.65 प्रतिशत पर आ गई, जो अप्रैल में 9.73 प्रतिशत थी। ग्रामीण इलाकों में खुदरा मुद्रास्फीति मई माह में 8.98 प्रतिशत रही, जो अप्रैल में 9.16 प्रतिशत थी। थोकमूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति का मई का आंकड़ा शुक्रवार को आने की संभावना है। अप्रैल में मुद्रास्फीति तीन साल के न्यूनतम स्तर 4.89 प्रतिशत पर थी। इसके अलावा सालाना स्तर पर दलहन 9.59 प्रतिशत और चीनी 9.21 प्रतिशत महंगा हुआ। कपड़े और जूता-चप्पल खंड में महंगाई दर मई माह में 9.72 प्रतिशत रही।टिप्पणियां शहरी इलाकों में खुदरा मुद्रास्फीति मई में घटकर 9.65 प्रतिशत पर आ गई, जो अप्रैल में 9.73 प्रतिशत थी। ग्रामीण इलाकों में खुदरा मुद्रास्फीति मई माह में 8.98 प्रतिशत रही, जो अप्रैल में 9.16 प्रतिशत थी। थोकमूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति का मई का आंकड़ा शुक्रवार को आने की संभावना है। अप्रैल में मुद्रास्फीति तीन साल के न्यूनतम स्तर 4.89 प्रतिशत पर थी। शहरी इलाकों में खुदरा मुद्रास्फीति मई में घटकर 9.65 प्रतिशत पर आ गई, जो अप्रैल में 9.73 प्रतिशत थी। ग्रामीण इलाकों में खुदरा मुद्रास्फीति मई माह में 8.98 प्रतिशत रही, जो अप्रैल में 9.16 प्रतिशत थी। थोकमूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति का मई का आंकड़ा शुक्रवार को आने की संभावना है। अप्रैल में मुद्रास्फीति तीन साल के न्यूनतम स्तर 4.89 प्रतिशत पर थी। थोकमूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति का मई का आंकड़ा शुक्रवार को आने की संभावना है। अप्रैल में मुद्रास्फीति तीन साल के न्यूनतम स्तर 4.89 प्रतिशत पर थी।
संक्षिप्त पाठ: खुदरा मुद्रास्फीति लगातार तीसरे महीने गिरते हुए मई में 9.31 प्रतिशत पर आ गई। ऐसा खाद्य तेल, अंडा, मांस-मछली आदि की खुदरा कीमतों में नरमी से मुद्रास्फीति का दबाव कम हुआ।
13
['hin']
एक सारांश बनाओ: मध्य प्रदेश में जारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सड़कों पर आवागमन बाधित हुआ है, वहीं कई गांव टापू में तब्दील हो गए हैं। राज्य के अधिकांश हिस्सों में पिछले दो दिनों से झमाझम बारिश का सिलसिला बना हुआ है। इसके चलते नदी-नाले उफान पर हैं। राज्य की नर्मदा, बेतवा, शिवना, धसान नदियां उफान पर हैं, और वे खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। इन नदियों के किनारे बसे गांवों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।टिप्पणियां भारी बारिश से रतलाम जिले में करीब सौ मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। नीमच जिले मे हुई कंजार्डा गांव के दोनों ओर के नाले उफान पर हैं और यह गांव टापू में तब्दील हो गया है। उज्जैन जिले में बालौदा कोरन, अजडावदा व कल्याणपुरा में पानी भर गया है और इन गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। महाकौशल क्षेत्र में केवलारी-उगली मार्ग बह जाने से मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया है। इसी तरह बालाघाट में मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र के बीच सड़क संपर्क बाधित है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी 24 घंटों में बारिश का दौर जारी रहेगा। राज्य के अधिकांश हिस्सों में पिछले दो दिनों से झमाझम बारिश का सिलसिला बना हुआ है। इसके चलते नदी-नाले उफान पर हैं। राज्य की नर्मदा, बेतवा, शिवना, धसान नदियां उफान पर हैं, और वे खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। इन नदियों के किनारे बसे गांवों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।टिप्पणियां भारी बारिश से रतलाम जिले में करीब सौ मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। नीमच जिले मे हुई कंजार्डा गांव के दोनों ओर के नाले उफान पर हैं और यह गांव टापू में तब्दील हो गया है। उज्जैन जिले में बालौदा कोरन, अजडावदा व कल्याणपुरा में पानी भर गया है और इन गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। महाकौशल क्षेत्र में केवलारी-उगली मार्ग बह जाने से मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया है। इसी तरह बालाघाट में मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र के बीच सड़क संपर्क बाधित है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी 24 घंटों में बारिश का दौर जारी रहेगा। भारी बारिश से रतलाम जिले में करीब सौ मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। नीमच जिले मे हुई कंजार्डा गांव के दोनों ओर के नाले उफान पर हैं और यह गांव टापू में तब्दील हो गया है। उज्जैन जिले में बालौदा कोरन, अजडावदा व कल्याणपुरा में पानी भर गया है और इन गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। महाकौशल क्षेत्र में केवलारी-उगली मार्ग बह जाने से मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया है। इसी तरह बालाघाट में मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र के बीच सड़क संपर्क बाधित है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी 24 घंटों में बारिश का दौर जारी रहेगा। महाकौशल क्षेत्र में केवलारी-उगली मार्ग बह जाने से मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया है। इसी तरह बालाघाट में मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र के बीच सड़क संपर्क बाधित है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी 24 घंटों में बारिश का दौर जारी रहेगा।
सारांश: राज्य की नर्मदा, बेतवा, शिवना, धसान नदियां उफान पर हैं, और वे खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। इन नदियों के किनारे बसे गांवों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
5
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलियाई राज्य न्यू साउथ वेल्स की सरकार ने शुक्रवार को बताया कि ईस्टर की छुट्टियों के दौरान शार्क के हमलों से निपटने के लिए हेलीकॉप्टर के जरिए समुद्र तटों की निगरानी की जाएगी. न्यू साउथ वेल्स डिपार्टमेंट ऑफ प्राइमरी इंडस्ट्रीज द्वारा हेलीकॉप्टर के जरिए सिडनी के तट की निगरानी करने के साथ ही राज्य के बाकी 2137 किलोमीटर तटीय क्षेत्रों की भी निगरानी की जाएगी. न्यू साउथ वेल्स के प्राइमरी इंडस्ट्रीज के मंत्री मिआल ब्लेयर ने कहा, "गर्मियों में हमारे शार्क पर निगरानी रखने वाले गश्ती दल के सदस्य संभावित खतरे के मद्देनजर काफी सक्रिय हो जाते हैं और इन्होंने 78 मौकों पर न्यू साउथ वेल्स और स्थानीय अधिकारियों को सहायता प्रदान की है." उन्होंने कहा, "हम जानते हैं कि शार्क हमारे प्राकृतिक वातावरण का हिस्सा हैं और कोई भी उपाय उन्हें नियंत्रित नहीं कर सकता, लेकिन हवाई निगरानी जोखिम को कम करने में मदद करती है." टिप्पणियां आस्ट्रेलिया में 2016 में कुल शार्क हमलों से संबंधित 26 घटनाएं हुईं. इनमें से अधिकांश घटनाएं न्यू साउथ वेल्स में हुई. ब्लेयर के मुताबिक, "हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमारे समुद्र तट उतने ही सुरक्षित हैं, जितना उन्हें इन स्कूली छुट्टियों के दौरान होना चाहिए." उन्होंने कहा, "हम जानते हैं कि शार्क हमारे प्राकृतिक वातावरण का हिस्सा हैं और कोई भी उपाय उन्हें नियंत्रित नहीं कर सकता, लेकिन हवाई निगरानी जोखिम को कम करने में मदद करती है." टिप्पणियां आस्ट्रेलिया में 2016 में कुल शार्क हमलों से संबंधित 26 घटनाएं हुईं. इनमें से अधिकांश घटनाएं न्यू साउथ वेल्स में हुई. ब्लेयर के मुताबिक, "हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमारे समुद्र तट उतने ही सुरक्षित हैं, जितना उन्हें इन स्कूली छुट्टियों के दौरान होना चाहिए." आस्ट्रेलिया में 2016 में कुल शार्क हमलों से संबंधित 26 घटनाएं हुईं. इनमें से अधिकांश घटनाएं न्यू साउथ वेल्स में हुई. ब्लेयर के मुताबिक, "हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमारे समुद्र तट उतने ही सुरक्षित हैं, जितना उन्हें इन स्कूली छुट्टियों के दौरान होना चाहिए." ब्लेयर के मुताबिक, "हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमारे समुद्र तट उतने ही सुरक्षित हैं, जितना उन्हें इन स्कूली छुट्टियों के दौरान होना चाहिए."
संक्षिप्त सारांश: ऑस्ट्रेलिया में सार्क से पर्यटकों को रहता है खतरा ईस्टर की छुट्टियों के दौरान शार्क के हमले रोकने की तैयारी न्यू साउथ वेल्स में ज्यादातर सार्क हमले की घटनाएं
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बता दें कि हाल ही में भारत द्वारा जैश सरगना मौलाना मसूद अजहर के खिलाफ पाकिस्तान सरकार से कार्रवाई की मांग का असर होता दिखा था. सूत्रों ने बताया था कि पाकिस्तान सरकार मसूद अजहर के खिलाफ कार्रवाई करने का मन बना रही है. सूत्रों का कहना था कि हालांकि पाकिस्तान सरकार ऐसा करते समय भारत के दबाव में नहीं दिखना चाहती है. यही वजह है कि पाकिस्तान अभी मसूद अजहर को जेल में डालने जैसी कार्रवाई के पक्ष में नहीं दिख रहा है. खबर है कि पाकिस्तान सरकार इस बात पर भी विचार कर रही है कि यूएनएससी द्वारा मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकियों के लिस्ट में शामिल करने का वह विरोध न करे. अगर पाकिस्तान सरकार ऐसा करती है तो फिर चीन की तरफ से भी मसूद के विरोध में वीटो पावर के इस्तेमाल करने का आधार खत्म हो जाएगा. बता दें कि मसूद अजहर को लेकर यूएस, यूके और फ्रांस ने नया प्रस्ताव पेश किया है. इस प्रस्ताव को लेकर चीन के पास 13 मार्च तक वीटो का इस्तेमाल करने का मौका है. बता दें कि हाल ही में खबर आई थी कि पाकिस्तान फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ग्रे लिस्ट में बना रहेगा. फिलहाल उसे ब्लैक लिस्ट में नहीं डाला गया है, लेकिन FATF, जो देशों के आतंकी फंडिंग रोकने पर नजर रखता है, ने पाक को खरी-खरी तो सुनाई ही है, तीखी चेतावनी भी दी है. फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स ने कहा था कि लश्कर, जैश और जमात उद दावा जैसे आतंकी संगठनों की फंडिंग पर सही तरीके से लगाम लगाने में पाकिस्तान नाकामयाब रहा है. पाकिस्तान को इन रणनीतिक कमियों से पार पाने के लिए काम करना चाहिए. पाकिस्तान इन आतंकी संगठनों- दाएश, अल कायदा, जमात-उद-दावा और उसी का अंग फलह-ए-इंसानियत फाउंडेशन, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हक्कानी नेटवर्क और तालिबान से जुड़े लोगों से बने खतरे का सही आकलन नहीं दिखाता. FATF ने कहा था कि आतंकी फंडिंग को रोकने के लिए जिस एक्शन प्लान की डेडलाइन जनवरी 2019 थी उस पर भी पाकिस्तान ने थोड़ी ही प्रगति दिखाई है. अब वो मई 2019 के लक्ष्य जल्द से जल्द पूरे करे.
संक्षिप्त पाठ: रऊफ बहावलपुर में जैश मदरसे का है इंचार्ज कंधार विमान कांड में भी शामिल था रऊफ़ मसूद अजहर का बेटा हम्माद भी हिरासत में
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: वेस्टइंडीज के कप्तान डेरेन सैमी पहली बार इंडियन प्रीमियर लीग में खेलने को लेकर काफी उत्साहित हैं और सनराइजर्स हैदराबाद से जुड़ने के कारण उन्होंने स्थानीय भाषा तेलुगू के भी कुछ शब्द सीखने शुरू कर दिए हैं।टिप्पणियां सैमी को चेन्नई में हुई नीलामी में आईपीएल की नई फ्रेंचाइजी सनराइजर्स ने चार लाख 25 हजार डॉलर (लगभग दो करोड़ 20 लाख रुपये) में खरीदा। यह ऑलराउंडर पहली बार इस टी-20 टूर्नामेंट में खेलेगा। सैमी इससे काफी खुश हैं और उन्होंने इसके लिए सनराइजर्स का आभार भी व्यक्त किया है। उन्होंने अपने ट्विटर पेज पर लिखा है, मुझे आईपीएल 2013 में भाग लेने का मौका देने के लिए सनराइजर्स हैदराबाद को बहुत-बहुत धन्यवाद। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा है, मैंने अभी तक केवल यही सीखा है, इल्ला उनारू हैदराबाद (आप कैसे हो, हैदराबाद)। सैमी को चेन्नई में हुई नीलामी में आईपीएल की नई फ्रेंचाइजी सनराइजर्स ने चार लाख 25 हजार डॉलर (लगभग दो करोड़ 20 लाख रुपये) में खरीदा। यह ऑलराउंडर पहली बार इस टी-20 टूर्नामेंट में खेलेगा। सैमी इससे काफी खुश हैं और उन्होंने इसके लिए सनराइजर्स का आभार भी व्यक्त किया है। उन्होंने अपने ट्विटर पेज पर लिखा है, मुझे आईपीएल 2013 में भाग लेने का मौका देने के लिए सनराइजर्स हैदराबाद को बहुत-बहुत धन्यवाद। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा है, मैंने अभी तक केवल यही सीखा है, इल्ला उनारू हैदराबाद (आप कैसे हो, हैदराबाद)। उन्होंने अपने ट्विटर पेज पर लिखा है, मुझे आईपीएल 2013 में भाग लेने का मौका देने के लिए सनराइजर्स हैदराबाद को बहुत-बहुत धन्यवाद। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा है, मैंने अभी तक केवल यही सीखा है, इल्ला उनारू हैदराबाद (आप कैसे हो, हैदराबाद)।
वेस्टइंडीज के कप्तान डेरेन सैमी पहली बार इंडियन प्रीमियर लीग में खेलने को लेकर काफी उत्साहित हैं और सनराइजर्स हैदराबाद से जुड़ने के कारण उन्होंने स्थानीय भाषा तेलुगू के भी कुछ शब्द सीखने शुरू कर दिए हैं।
1
['hin']
एक सारांश बनाओ: नागर विमानन मंत्रालय ने कहा है कि वह टाटा समूह के 'बर्खास्त' चेयरमैन साइरस मिस्त्री द्वारा एयर एशिया इंडिया के बारे में दी गई कथित जानकारी से जुड़े मुद्दों पर बराबर निगाह रखे हुए है और उसके संज्ञान में कार्रवाई योग्य कोई बात आती है, तो उस पर कदम उठाया जाएगा. एयरएशिया इंडिया में टाटा समूह भी भागीदार है. नागर विमानन सचिव आरएन चौबे ने कहा, "हम किसी भी हल्के से किसी भी प्रकार की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं. "अभी तक हमें कुछ नहीं मिला है." मिस्त्री ने एयरएशिया के साथ टाटा समूह के विमानन क्षेत्र के संयुक्त उद्यम में ‘नैतिकता संबंधी’ चिंता जताते हुए आरोप लगाया है कि फॉरेंसिक जांच में 22 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी वाले लेनदेन का खुलासा हुआ है. यह लेनदेन भारत और सिंगापुर में ऐसी इकाइयों के साथ किया गया है जिनका अस्तित्व ही नहीं था. मिस्त्री के एयरएशिया इंडिया के खिलाफ आरोपों पर नागर विमानन मंत्रालय के एक अन्य अधिकारी ने कहा, "यदि मंत्रालय के संज्ञान में कोई नई बात लाई जाती है, तो उचित अधिकारी इसे देखेंगे." मिस्त्री को सोमवार को टाटा समूह के चेयरमैन पद से हटा दिया गया. उनका स्थान उनके पूर्ववर्ती रतन टाटा ने लिया है. मिस्त्री की पारिवारिक कंपनी शापोरजी पल्लोनजी निर्माण क्षेत्र की प्रमुख कंपनी है और यह टाटा समूह के सबसे बड़े शेयरधारकों में है. टाटा संस के बोर्ड के सदस्यों को बुधवार को लिखे पत्र में मिस्त्री ने आरोप लगाया है कि अंतरिम चेयरमैन रतन टाटा के विमानन क्षेत्र से लगाव की वजह से टाटा संस के बोर्ड ने शुरुआती प्रतिबद्धता के विभिन्न स्तरों पर विमानन क्षेत्र में पूंजी निवेश बढ़ाया है. पत्र में मिस्त्री ने लिखा है, "बोर्ड के सदस्य और ट्रस्टी इस बात को जानते हैं कि एयर एशिया के मामले में कुछ सौदों और संगठन में कुल मिलाकर व्याप्त संस्कृति को लेकर नैतिकता की चिंताएं जताई जा चुकी हैं." इसी संदर्भ में मिस्त्री ने पत्र में कहा कि एक हालिया फॉरेंसिक जांच में पता चला कि भारत और सिंगापुर में ऐसी इकाइयों के साथ धोखाधड़ी वाले लेनदेन किए गए वास्तव में थीं ही नहीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्यकारी न्यासी वेंकटरामन ने इस मामले को कोई तवज्जो नहीं दी और इस पर आगे गौर किए जाने की बात को प्रोत्साहित नहीं किया. वेंकटरामन एयर एशिया के निदेशक मंडल के सदस्य होने के साथ साथ कंपनी में शेयरधारक भी हैं. उन्होंने दावा किया कि एयर एशिया के साथ वार्ता टाटा ने पूरी की थी, लेकिन टाटा संस के चेयरमैन के रूप में शुरुआती कार्यकाल में उन्हें टाटा संस की बोर्ड की बैठक में एयर एशिया के साथ संयुक्त उद्यम का प्रस्ताव रखने को कहा गया था.टिप्पणियां  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नागर विमानन सचिव आरएन चौबे ने कहा, "हम किसी भी हल्के से किसी भी प्रकार की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं. "अभी तक हमें कुछ नहीं मिला है." मिस्त्री ने एयरएशिया के साथ टाटा समूह के विमानन क्षेत्र के संयुक्त उद्यम में ‘नैतिकता संबंधी’ चिंता जताते हुए आरोप लगाया है कि फॉरेंसिक जांच में 22 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी वाले लेनदेन का खुलासा हुआ है. यह लेनदेन भारत और सिंगापुर में ऐसी इकाइयों के साथ किया गया है जिनका अस्तित्व ही नहीं था. मिस्त्री के एयरएशिया इंडिया के खिलाफ आरोपों पर नागर विमानन मंत्रालय के एक अन्य अधिकारी ने कहा, "यदि मंत्रालय के संज्ञान में कोई नई बात लाई जाती है, तो उचित अधिकारी इसे देखेंगे." मिस्त्री को सोमवार को टाटा समूह के चेयरमैन पद से हटा दिया गया. उनका स्थान उनके पूर्ववर्ती रतन टाटा ने लिया है. मिस्त्री की पारिवारिक कंपनी शापोरजी पल्लोनजी निर्माण क्षेत्र की प्रमुख कंपनी है और यह टाटा समूह के सबसे बड़े शेयरधारकों में है. टाटा संस के बोर्ड के सदस्यों को बुधवार को लिखे पत्र में मिस्त्री ने आरोप लगाया है कि अंतरिम चेयरमैन रतन टाटा के विमानन क्षेत्र से लगाव की वजह से टाटा संस के बोर्ड ने शुरुआती प्रतिबद्धता के विभिन्न स्तरों पर विमानन क्षेत्र में पूंजी निवेश बढ़ाया है. पत्र में मिस्त्री ने लिखा है, "बोर्ड के सदस्य और ट्रस्टी इस बात को जानते हैं कि एयर एशिया के मामले में कुछ सौदों और संगठन में कुल मिलाकर व्याप्त संस्कृति को लेकर नैतिकता की चिंताएं जताई जा चुकी हैं." इसी संदर्भ में मिस्त्री ने पत्र में कहा कि एक हालिया फॉरेंसिक जांच में पता चला कि भारत और सिंगापुर में ऐसी इकाइयों के साथ धोखाधड़ी वाले लेनदेन किए गए वास्तव में थीं ही नहीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्यकारी न्यासी वेंकटरामन ने इस मामले को कोई तवज्जो नहीं दी और इस पर आगे गौर किए जाने की बात को प्रोत्साहित नहीं किया. वेंकटरामन एयर एशिया के निदेशक मंडल के सदस्य होने के साथ साथ कंपनी में शेयरधारक भी हैं. उन्होंने दावा किया कि एयर एशिया के साथ वार्ता टाटा ने पूरी की थी, लेकिन टाटा संस के चेयरमैन के रूप में शुरुआती कार्यकाल में उन्हें टाटा संस की बोर्ड की बैठक में एयर एशिया के साथ संयुक्त उद्यम का प्रस्ताव रखने को कहा गया था.टिप्पणियां  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मिस्त्री के एयरएशिया इंडिया के खिलाफ आरोपों पर नागर विमानन मंत्रालय के एक अन्य अधिकारी ने कहा, "यदि मंत्रालय के संज्ञान में कोई नई बात लाई जाती है, तो उचित अधिकारी इसे देखेंगे." मिस्त्री को सोमवार को टाटा समूह के चेयरमैन पद से हटा दिया गया. उनका स्थान उनके पूर्ववर्ती रतन टाटा ने लिया है. मिस्त्री की पारिवारिक कंपनी शापोरजी पल्लोनजी निर्माण क्षेत्र की प्रमुख कंपनी है और यह टाटा समूह के सबसे बड़े शेयरधारकों में है. टाटा संस के बोर्ड के सदस्यों को बुधवार को लिखे पत्र में मिस्त्री ने आरोप लगाया है कि अंतरिम चेयरमैन रतन टाटा के विमानन क्षेत्र से लगाव की वजह से टाटा संस के बोर्ड ने शुरुआती प्रतिबद्धता के विभिन्न स्तरों पर विमानन क्षेत्र में पूंजी निवेश बढ़ाया है. पत्र में मिस्त्री ने लिखा है, "बोर्ड के सदस्य और ट्रस्टी इस बात को जानते हैं कि एयर एशिया के मामले में कुछ सौदों और संगठन में कुल मिलाकर व्याप्त संस्कृति को लेकर नैतिकता की चिंताएं जताई जा चुकी हैं." इसी संदर्भ में मिस्त्री ने पत्र में कहा कि एक हालिया फॉरेंसिक जांच में पता चला कि भारत और सिंगापुर में ऐसी इकाइयों के साथ धोखाधड़ी वाले लेनदेन किए गए वास्तव में थीं ही नहीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्यकारी न्यासी वेंकटरामन ने इस मामले को कोई तवज्जो नहीं दी और इस पर आगे गौर किए जाने की बात को प्रोत्साहित नहीं किया. वेंकटरामन एयर एशिया के निदेशक मंडल के सदस्य होने के साथ साथ कंपनी में शेयरधारक भी हैं. उन्होंने दावा किया कि एयर एशिया के साथ वार्ता टाटा ने पूरी की थी, लेकिन टाटा संस के चेयरमैन के रूप में शुरुआती कार्यकाल में उन्हें टाटा संस की बोर्ड की बैठक में एयर एशिया के साथ संयुक्त उद्यम का प्रस्ताव रखने को कहा गया था.टिप्पणियां  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) टाटा संस के बोर्ड के सदस्यों को बुधवार को लिखे पत्र में मिस्त्री ने आरोप लगाया है कि अंतरिम चेयरमैन रतन टाटा के विमानन क्षेत्र से लगाव की वजह से टाटा संस के बोर्ड ने शुरुआती प्रतिबद्धता के विभिन्न स्तरों पर विमानन क्षेत्र में पूंजी निवेश बढ़ाया है. पत्र में मिस्त्री ने लिखा है, "बोर्ड के सदस्य और ट्रस्टी इस बात को जानते हैं कि एयर एशिया के मामले में कुछ सौदों और संगठन में कुल मिलाकर व्याप्त संस्कृति को लेकर नैतिकता की चिंताएं जताई जा चुकी हैं." इसी संदर्भ में मिस्त्री ने पत्र में कहा कि एक हालिया फॉरेंसिक जांच में पता चला कि भारत और सिंगापुर में ऐसी इकाइयों के साथ धोखाधड़ी वाले लेनदेन किए गए वास्तव में थीं ही नहीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्यकारी न्यासी वेंकटरामन ने इस मामले को कोई तवज्जो नहीं दी और इस पर आगे गौर किए जाने की बात को प्रोत्साहित नहीं किया. वेंकटरामन एयर एशिया के निदेशक मंडल के सदस्य होने के साथ साथ कंपनी में शेयरधारक भी हैं. उन्होंने दावा किया कि एयर एशिया के साथ वार्ता टाटा ने पूरी की थी, लेकिन टाटा संस के चेयरमैन के रूप में शुरुआती कार्यकाल में उन्हें टाटा संस की बोर्ड की बैठक में एयर एशिया के साथ संयुक्त उद्यम का प्रस्ताव रखने को कहा गया था.टिप्पणियां  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इसी संदर्भ में मिस्त्री ने पत्र में कहा कि एक हालिया फॉरेंसिक जांच में पता चला कि भारत और सिंगापुर में ऐसी इकाइयों के साथ धोखाधड़ी वाले लेनदेन किए गए वास्तव में थीं ही नहीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्यकारी न्यासी वेंकटरामन ने इस मामले को कोई तवज्जो नहीं दी और इस पर आगे गौर किए जाने की बात को प्रोत्साहित नहीं किया. वेंकटरामन एयर एशिया के निदेशक मंडल के सदस्य होने के साथ साथ कंपनी में शेयरधारक भी हैं. उन्होंने दावा किया कि एयर एशिया के साथ वार्ता टाटा ने पूरी की थी, लेकिन टाटा संस के चेयरमैन के रूप में शुरुआती कार्यकाल में उन्हें टाटा संस की बोर्ड की बैठक में एयर एशिया के साथ संयुक्त उद्यम का प्रस्ताव रखने को कहा गया था.टिप्पणियां  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने दावा किया कि एयर एशिया के साथ वार्ता टाटा ने पूरी की थी, लेकिन टाटा संस के चेयरमैन के रूप में शुरुआती कार्यकाल में उन्हें टाटा संस की बोर्ड की बैठक में एयर एशिया के साथ संयुक्त उद्यम का प्रस्ताव रखने को कहा गया था.टिप्पणियां  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सरकार ने कहा कि कार्रवाई योग्य कोई बात आती है, तो उस पर कदम उठाया जाएगा एयर एशिया इंडिया में टाटा समूह भी भागीदार है मिस्त्री का आरोप- बिना अस्तित्व वाली कंपनियों से किया गया लेनदेन
32
['hin']
एक सारांश बनाओ: दो साल की मासूम बेबी फलक की एम्स में मौत हो गई है। डॉक्टरों का कहना है कि सिर्फ दो महीनों में तीसरा हार्ट अटैक बेबी फलक की मौत का कारण बना। रात 9.40 पर उसकी मौत हुई। बेबी फलक के इलाज में लगे एम्स के डॉक्टरों ने कुछ दिन पूर्व ही कहा था बेबी फलक की हालत में सुधार आ रहा  है लेकिन आज अचानक इस खबर से बेबी फलक के लिए दुआ करने वालों को काफी मायूसी हुई। बता दें कि जिस हिसाब से बेबी फलक को यातनाएं दी गई थी उसकी वजह से इस नन्हीं से जान को दो बार दिल का दौरा भी पड़ चुका था और उसके बाद भी उसको बचाने का भरसक प्रयास एम्स के डॉक्टरों ने किया लेकिन आज वह प्रयास विफल साबित हुआ। उल्लेखनीय है कि फलक को इसी साल 18 जनवरी को एक 14-वर्षीय लड़की एम्स लाई थी और फिर उसे वहीं छोड़कर भाग गई थी। फलक के सिर पर गम्भीर चोटें थी और चेहरे पर दांतों से काटे जाने के निशान थे। बाद में वह 14-वर्षीय लड़की भी पकड़ी गई थी, जो फिलहाल सुधार गृह में है। उल्लेखनीय है कि फलक को इसी साल 18 जनवरी को एक 14-वर्षीय लड़की एम्स लाई थी और फिर उसे वहीं छोड़कर भाग गई थी। फलक के सिर पर गम्भीर चोटें थी और चेहरे पर दांतों से काटे जाने के निशान थे। बाद में वह 14-वर्षीय लड़की भी पकड़ी गई थी, जो फिलहाल सुधार गृह में है।
दो साल की मासूम बेबी फलक की एम्स में मौत हो गई है। डॉक्टरों का कहना है कि सिर्फ दो महीनों में तीसरा हार्ट अटैक बेबी फलक की मौत का कारण बना।
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: तेज गेंदबाज लोंवाबो सोटसोबे ने भारतीय बल्लेबाजों के अनुशासनहीन प्रदर्शन का फायदा उठाते हुए चार विकेट चटकाए जिसकी बदौलत द. अफ्रीका ने मेहमान टीम को दूसरे एक दिवसीय क्रिकेट मैच में 190 रन पर समेट दिया। सोतसोबे ने 22 रन देकर चार विकेट लिए जबकि डेल स्टेन और मोर्ने मोर्कल को दो-दो विकेट मिले। भारत ने 40 रन के भीतर सात विकेट गंवा दिए। भारत के आखिरी चार विकेट 14 रन के भीतर तीसरे पावरप्ले में गिरे। युवराज सिंह (68 गेंद पर 53 रन) और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (61 गेंद पर 38 रन) ने चौथे विकेट के लिए 83 रन जोड़कर भारतीय पारी को संभालने की कोशिश की। एक समय पर भारत का स्कोर तीन विकेट पर 150 रन था जो नौ विकेट पर 184 रन हो गया। सोतसोबे ने मुरली विजय, युवराज, धोनी और सुरेश रैना के विकेट चटकाए। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने वाली भारतीय टीम को सचिन तेंदुलकर और विजय ने धीमी शुरुआत दी। विजय उस समय पवेलियन लौट गए जब स्कोर बोर्ड पर 21 रन टंगे थे। तेंदुलकर और विराट कोहली ने 42 रन की साझेदारी की जो कोहली के रन आउट होने से टूट गई। डेविड मिलर ने सीधे थ्रो पर कोहली को पवेलियन भेजा। सर्वाधिक एक दिवसीय मैच (444) खेलने के श्रीलंका के सनत जयसूर्या के रिकार्ड की बराबरी करने वाले तेंदुलकर ने कुछ अच्छे शाट खेले लेकिन जोहान बोथा की टर्न लेती गेंद पर आउट हो गए।
यह एक सारांश है: सोतसोबे ने भारतीय बल्लेबाजों के खराब प्रदर्शन का फायदा उठाते हुए चार विकेट चटकाए जिससे द. अफ्रीका ने मेहमान टीम को 190 रन पर समेट दिया।
16
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: फिल्म जगत के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना के निधन पर बॉलीवुड हस्तियों ने भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए अपने चहेते 'काका' को याद किया और कहा कि उनका जादू हमेशा बरकरार रहेगा और उनके जैसा न कोई था और न ही कोई होगा। 69 वर्षीय खन्ना का बुधवार को उनके बांद्रा स्थित आवास 'आशीर्वाद' में निधन हो गया। अपने फिल्मी करियर में राजेश खन्ना के साथ काम करने का एक मौका गंवाने वाली जानी-मानी अभिनेत्री सायरा बानो ने उन्हें बहुत ही शर्मीले अभिनेता के तौर पर याद किया। उन्होंने कहा, मुझे उनके साथ ‘छोटी बहू’ में काम करना था, लेकिन मैं बीमार होने के चलते उनके साथ काम नहीं कर पाई। मैंने उनके साथ दो दिन तक शूटिंग की थी और देखा कि वह बहुत आकर्षक, विनम्र और शर्मीले इंसान थे। उनकी आत्मा को शांति मिले। राजेश खन्ना के समकालीन रहे मनोज कुमार ने कहा कि वह उनसे मिलना चाह रहे थे, लेकिन संभव नहीं हुआ। कुमार ने कहा, मैंने डिंपल से बात की, लेकिन उन्होंने मुझसे नहीं आने के लिए कहा, क्योंकि राजेश खन्ना बात करने की हालत में नहीं थे। मुझे उनकी कमी बहुत खलेगी। मैंने उनके साथ बहुत अच्छी यादें साझा की हैं। टिप्पणियां फिल्मकार सुभाष घई ने कहा, राजेश खन्ना हिन्दी फिल्म जगत के पावरहाउस थे। मैं उनसे फिल्म 'अराधना' के सेट पर मिला था। उनके अंदर एक तरह की ऊर्जा थी। उनका नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। निर्माता-निर्देशक करण जौहर ने कहा कि खन्ना का जादू हमेशा कायम रहेगा। फिल्मकार मधुर भंडारकर ने कहा कि हिन्दी फिल्मों में 'सुपरस्टार' छवि को गढ़ने वाला कलाकार अब हमारे बीच नहीं है। काकाजी आपकी तरह न कोई था, न कोई है और न कोई होगा। आपकी कमी खलेगी। अभिनेता तुषार कपूर, अभिनेत्री नेहा धूपिया ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। 69 वर्षीय खन्ना का बुधवार को उनके बांद्रा स्थित आवास 'आशीर्वाद' में निधन हो गया। अपने फिल्मी करियर में राजेश खन्ना के साथ काम करने का एक मौका गंवाने वाली जानी-मानी अभिनेत्री सायरा बानो ने उन्हें बहुत ही शर्मीले अभिनेता के तौर पर याद किया। उन्होंने कहा, मुझे उनके साथ ‘छोटी बहू’ में काम करना था, लेकिन मैं बीमार होने के चलते उनके साथ काम नहीं कर पाई। मैंने उनके साथ दो दिन तक शूटिंग की थी और देखा कि वह बहुत आकर्षक, विनम्र और शर्मीले इंसान थे। उनकी आत्मा को शांति मिले। राजेश खन्ना के समकालीन रहे मनोज कुमार ने कहा कि वह उनसे मिलना चाह रहे थे, लेकिन संभव नहीं हुआ। कुमार ने कहा, मैंने डिंपल से बात की, लेकिन उन्होंने मुझसे नहीं आने के लिए कहा, क्योंकि राजेश खन्ना बात करने की हालत में नहीं थे। मुझे उनकी कमी बहुत खलेगी। मैंने उनके साथ बहुत अच्छी यादें साझा की हैं। टिप्पणियां फिल्मकार सुभाष घई ने कहा, राजेश खन्ना हिन्दी फिल्म जगत के पावरहाउस थे। मैं उनसे फिल्म 'अराधना' के सेट पर मिला था। उनके अंदर एक तरह की ऊर्जा थी। उनका नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। निर्माता-निर्देशक करण जौहर ने कहा कि खन्ना का जादू हमेशा कायम रहेगा। फिल्मकार मधुर भंडारकर ने कहा कि हिन्दी फिल्मों में 'सुपरस्टार' छवि को गढ़ने वाला कलाकार अब हमारे बीच नहीं है। काकाजी आपकी तरह न कोई था, न कोई है और न कोई होगा। आपकी कमी खलेगी। अभिनेता तुषार कपूर, अभिनेत्री नेहा धूपिया ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, मुझे उनके साथ ‘छोटी बहू’ में काम करना था, लेकिन मैं बीमार होने के चलते उनके साथ काम नहीं कर पाई। मैंने उनके साथ दो दिन तक शूटिंग की थी और देखा कि वह बहुत आकर्षक, विनम्र और शर्मीले इंसान थे। उनकी आत्मा को शांति मिले। राजेश खन्ना के समकालीन रहे मनोज कुमार ने कहा कि वह उनसे मिलना चाह रहे थे, लेकिन संभव नहीं हुआ। कुमार ने कहा, मैंने डिंपल से बात की, लेकिन उन्होंने मुझसे नहीं आने के लिए कहा, क्योंकि राजेश खन्ना बात करने की हालत में नहीं थे। मुझे उनकी कमी बहुत खलेगी। मैंने उनके साथ बहुत अच्छी यादें साझा की हैं। टिप्पणियां फिल्मकार सुभाष घई ने कहा, राजेश खन्ना हिन्दी फिल्म जगत के पावरहाउस थे। मैं उनसे फिल्म 'अराधना' के सेट पर मिला था। उनके अंदर एक तरह की ऊर्जा थी। उनका नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। निर्माता-निर्देशक करण जौहर ने कहा कि खन्ना का जादू हमेशा कायम रहेगा। फिल्मकार मधुर भंडारकर ने कहा कि हिन्दी फिल्मों में 'सुपरस्टार' छवि को गढ़ने वाला कलाकार अब हमारे बीच नहीं है। काकाजी आपकी तरह न कोई था, न कोई है और न कोई होगा। आपकी कमी खलेगी। अभिनेता तुषार कपूर, अभिनेत्री नेहा धूपिया ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। राजेश खन्ना के समकालीन रहे मनोज कुमार ने कहा कि वह उनसे मिलना चाह रहे थे, लेकिन संभव नहीं हुआ। कुमार ने कहा, मैंने डिंपल से बात की, लेकिन उन्होंने मुझसे नहीं आने के लिए कहा, क्योंकि राजेश खन्ना बात करने की हालत में नहीं थे। मुझे उनकी कमी बहुत खलेगी। मैंने उनके साथ बहुत अच्छी यादें साझा की हैं। टिप्पणियां फिल्मकार सुभाष घई ने कहा, राजेश खन्ना हिन्दी फिल्म जगत के पावरहाउस थे। मैं उनसे फिल्म 'अराधना' के सेट पर मिला था। उनके अंदर एक तरह की ऊर्जा थी। उनका नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। निर्माता-निर्देशक करण जौहर ने कहा कि खन्ना का जादू हमेशा कायम रहेगा। फिल्मकार मधुर भंडारकर ने कहा कि हिन्दी फिल्मों में 'सुपरस्टार' छवि को गढ़ने वाला कलाकार अब हमारे बीच नहीं है। काकाजी आपकी तरह न कोई था, न कोई है और न कोई होगा। आपकी कमी खलेगी। अभिनेता तुषार कपूर, अभिनेत्री नेहा धूपिया ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। फिल्मकार सुभाष घई ने कहा, राजेश खन्ना हिन्दी फिल्म जगत के पावरहाउस थे। मैं उनसे फिल्म 'अराधना' के सेट पर मिला था। उनके अंदर एक तरह की ऊर्जा थी। उनका नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। निर्माता-निर्देशक करण जौहर ने कहा कि खन्ना का जादू हमेशा कायम रहेगा। फिल्मकार मधुर भंडारकर ने कहा कि हिन्दी फिल्मों में 'सुपरस्टार' छवि को गढ़ने वाला कलाकार अब हमारे बीच नहीं है। काकाजी आपकी तरह न कोई था, न कोई है और न कोई होगा। आपकी कमी खलेगी। अभिनेता तुषार कपूर, अभिनेत्री नेहा धूपिया ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। निर्माता-निर्देशक करण जौहर ने कहा कि खन्ना का जादू हमेशा कायम रहेगा। फिल्मकार मधुर भंडारकर ने कहा कि हिन्दी फिल्मों में 'सुपरस्टार' छवि को गढ़ने वाला कलाकार अब हमारे बीच नहीं है। काकाजी आपकी तरह न कोई था, न कोई है और न कोई होगा। आपकी कमी खलेगी। अभिनेता तुषार कपूर, अभिनेत्री नेहा धूपिया ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी।
सारांश: सुपरस्टार राजेश खन्ना के निधन पर बॉलीवुड हस्तियों ने भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए अपने चहेते 'काका' को याद किया और कहा कि उनका जादू हमेशा बरकरार रहेगा।
31
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: योजना आयोग ने बृहस्पतिवार को कहा कि अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर इस वित्त वर्ष में 8-8.5 प्रतिशत रह सकती है लेकिन मौजूदा हालात में वह नौ प्रतिशत की वृद्धि दर शायद हासिल नहीं कर पाए। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया ने संवाददाताओं से कहा, 'मैं निश्चित रूप से कह सकता हूं कि 2011-12 में नौ प्रतिशत की वृद्धि दर व्यावहारिक नहीं दिखती। लेकिन आठ प्रतिशत से ऊपर कुछ भी बहुत अच्छी रहेगी।' उन्होंने कहा कि आर्थिक वृद्धि दर के लक्ष्य को नौ प्रतिशत से नीचे करना तर्कसंगत होगा। रिजर्व बैंक इसे 8 प्रतिशत कर चुका है। मेरा मानना है कि यह आठ प्रतिशत से ऊपर रहेगी और 8.5 प्रतिशत अतार्किक नहीं होगी। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी द्वारा जनवरी में 9 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि का अनुमान व्यक्त किये जाने के बारे में पूछे जाने पर अहलूवालिया ने कहा जनवरी से अब तक दुनिया में कई तरह के घटनाक्रम हुये हैं, इसके साथ ही औद्योगिक वृद्धि में भी कुछ सुस्ती आई है। औद्योगिक उत्पादन आंकड़ों के मामले में भी उन्होंने कहा 7.8 प्रतिशत के आंकड़े कोई बड़ा अचम्भा नहीं है, यह वही है जो हम सोच रहे थे। सबसे बड़ी बात यह है कि मासिक आंकडों में उल्लेखनीय सुधार दिखाई दिया है यह स्वाग्त योग्य है।
योजना आयोग ने कहा कि अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर इस वित्त वर्ष में 8-8.5 प्रतिशत रह सकती है लेकिन मौजूदा हालात में वह नौ प्रतिशत की वृद्धि दर शायद हासिल नहीं कर पाए।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को रद्द करने संबंधी केंद्र के फैसले के बाद देश भर में कई लोगों के बीच जश्न का माहौल है वहीं पंजाब ने स तरह के जश्न और प्रदर्शन पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है. राज्य में माहौल बिगाड़ने वाले किसी तरह के जश्न या प्रदर्शन पर सोमवार को रोक लगाई गई है. राज्य के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने पंजाब पुलिस को राज्य में गड़बड़ी पैदा करने की पाकिस्तान की किसी कोशिश को नाकाम करने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है. साथ ही उन्होंने जम्मू कश्मीर की सीमा से लगे पंजाब के जिलों में सुरक्षा बढ़ाने का आदेश दिया है. अमरिंदर सिंह ने कहा, ‘पाकिस्तान इसे हल्के में नहीं लेगा और भारत के खिलाफ कुछ हरकत करेगा.' उन्होंने बताया कि राज्य पुलिस को किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है.  कैप्टन ने अनुच्छेद 370 रद्द किये जाने संबंधी कदम के मद्देनजर राज्य में कानून व्यवस्था की समीक्षा के लिए राज्य के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक बैठक भी की है. उन्होंने पंजाब में रह रहे 8,000 कश्मीरी छात्रों के लिए सुरक्षा बढ़ाने का आदेश दिया है.  साथ ही सभी पुलिस अधीक्षकों और उपायुक्तों को इनसे मिलने तथा उनसे व्यक्तिगत रूप से बात करने को कहा है.  मुख्यमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के अंदर और बाहर रह रहे लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.  वहीं धारा 370 को लेकर उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि इसे पहले संसद में लाकर चर्चा करें. इसके बाद अगर इसे दोनों सदनों में दो तिहाई बहुमत मिल जाता है, तो 35 ए या 370 कुछ भी हटा या कुछ भी कर सकते हैं. लेकिन इस तरह से एकतरफा बिना कश्मीरी लोगों, राजनीतिक पार्टियों से परामर्श कर या बिना संसद के माध्यम से इसका प्रस्ताव लाया जाना संविधान के खिलाफ है.  (इनपुट-एजेंसियां)
यहाँ एक सारांश है:पाकिस्तान से लगी पंजाब सीमा पर बढ़ाई गई सुरक्षा राज्य में रह रहे 8000 कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा बढ़ाने का आदेश अमरिंदर सिंह ने कहा सरकार संसद के माध्यम से लाए प्रस्ताव
4
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान में जनरल राहील शरीफ की जगह नए सेना प्रमुख बनाए गए जनरल कमर जावेद बाजवा का भारत को लेकर क्या रवैया होगा? यह ऐसा सवाल है जिस पर इस वक्त सभी की निगाह है... बाजवा के पास पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) और उत्तरी क्षेत्रों में व्यापक भागदारी के कारण नियंत्रण रेखा से जुड़े मामलों का माहिर माना जाता है. ऐसे में आशंका है कि राहील शरीफ की तरह वह भी भारत के प्रति सख्त रुख अपनाए रह सकते हैं. हालांकि कई जानकारों का कहना है कि भारत के प्रति उनके रुख का आंकलन करना अभी थोड़ी जल्दबाजी होगी. वहीं पाकिस्तान के नए सेनाध्यक्ष बाजवा को काफी पहले से जानने वाले भारत के पूर्व सेनाध्यक्ष बिक्रम सिंह ने उनसे सतर्क रहने की सलाह दी है. जनरल बाजवा ने साल 2007 में कांगो में संयुक्त राष्ट्र के मिशन में ब्रिगेड कमांडर के तौर पर जनरल बिक्रम सिंह के अधीन काम किया था. बिक्रम सिंह ने बाजवा को 'पूरा पेशेवर' और 'उत्कृष्ट प्रदर्शन वाला' सैन्य अफसर बताया. वह कहते हैं कि संयुक्त राष्ट्र में उनका प्रदर्शन काफी सराहनीय था, लेकिन जब एक सैन्य अधिकारी अपने देश लौटता है तो चीज़ें बदल जाती हैं. देश में उन्हें राष्ट्रीय हितों के हिसाब से काम करना पड़ता है.' टिप्पणियां बिक्रम सिंह ने उम्मीद जताई कि बाजवा के निशाने पर पाकिस्तान के चरमपंथी होंगे ना कि भारत, जैसा कि वो सार्वजनिक रूप से कई बार कह भी चुके हैं. जनरल सिंह ने कहा, 'जनरल बाजवा 10वीं कोर के कमांडर रह चुके हैं, जो वहां की सबसे बड़ी कोर है. उन्हें भारत के प्रति अपने देश की नीति के बारे में बहुत अच्छे से जानकारी है. मुझे लगता है कि जहां तक पाकिस्तानी सेना की कश्मीर नीति का सवाल है, तो उसमें कोई बदलाव नहीं आने वाला.' हालांकि उन्होंने इसके साथ कहा कि कमर बाजवा के आने के बाद अगर पाकिस्तानी सेना की रणनीति में बड़ा बदलाव आता है तो भारत को सतर्क रहने की जरूरत होगी. पाक अधिकृत कश्मीर और उत्तरी इलाकों के मामलों से निपटने में माहिर माने जाने वाले लेफ्टिनेंट जनरल कमर जावेद बाजवा मंगलवार को जनरल राहील की औपचारिक रिटायरमेंट के बाद पाकिस्तानी सेना का नेतृत्व संभालेंगे. सैनिकों की संख्या के लिहाज से दुनिया छठी सबसे बड़ी सेना के इस प्रमुख के पुराने सहयोगियों का कहना है कि वह चर्चाओं में रहना पसंद नहीं करते. ऐसे में अब देखना यही है कि वह आने वाले दिनों में किस तरह की सुर्खियां बटौरते हैं. बाजवा के पास पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) और उत्तरी क्षेत्रों में व्यापक भागदारी के कारण नियंत्रण रेखा से जुड़े मामलों का माहिर माना जाता है. ऐसे में आशंका है कि राहील शरीफ की तरह वह भी भारत के प्रति सख्त रुख अपनाए रह सकते हैं. हालांकि कई जानकारों का कहना है कि भारत के प्रति उनके रुख का आंकलन करना अभी थोड़ी जल्दबाजी होगी. वहीं पाकिस्तान के नए सेनाध्यक्ष बाजवा को काफी पहले से जानने वाले भारत के पूर्व सेनाध्यक्ष बिक्रम सिंह ने उनसे सतर्क रहने की सलाह दी है. जनरल बाजवा ने साल 2007 में कांगो में संयुक्त राष्ट्र के मिशन में ब्रिगेड कमांडर के तौर पर जनरल बिक्रम सिंह के अधीन काम किया था. बिक्रम सिंह ने बाजवा को 'पूरा पेशेवर' और 'उत्कृष्ट प्रदर्शन वाला' सैन्य अफसर बताया. वह कहते हैं कि संयुक्त राष्ट्र में उनका प्रदर्शन काफी सराहनीय था, लेकिन जब एक सैन्य अधिकारी अपने देश लौटता है तो चीज़ें बदल जाती हैं. देश में उन्हें राष्ट्रीय हितों के हिसाब से काम करना पड़ता है.' टिप्पणियां बिक्रम सिंह ने उम्मीद जताई कि बाजवा के निशाने पर पाकिस्तान के चरमपंथी होंगे ना कि भारत, जैसा कि वो सार्वजनिक रूप से कई बार कह भी चुके हैं. जनरल सिंह ने कहा, 'जनरल बाजवा 10वीं कोर के कमांडर रह चुके हैं, जो वहां की सबसे बड़ी कोर है. उन्हें भारत के प्रति अपने देश की नीति के बारे में बहुत अच्छे से जानकारी है. मुझे लगता है कि जहां तक पाकिस्तानी सेना की कश्मीर नीति का सवाल है, तो उसमें कोई बदलाव नहीं आने वाला.' हालांकि उन्होंने इसके साथ कहा कि कमर बाजवा के आने के बाद अगर पाकिस्तानी सेना की रणनीति में बड़ा बदलाव आता है तो भारत को सतर्क रहने की जरूरत होगी. पाक अधिकृत कश्मीर और उत्तरी इलाकों के मामलों से निपटने में माहिर माने जाने वाले लेफ्टिनेंट जनरल कमर जावेद बाजवा मंगलवार को जनरल राहील की औपचारिक रिटायरमेंट के बाद पाकिस्तानी सेना का नेतृत्व संभालेंगे. सैनिकों की संख्या के लिहाज से दुनिया छठी सबसे बड़ी सेना के इस प्रमुख के पुराने सहयोगियों का कहना है कि वह चर्चाओं में रहना पसंद नहीं करते. ऐसे में अब देखना यही है कि वह आने वाले दिनों में किस तरह की सुर्खियां बटौरते हैं. वहीं पाकिस्तान के नए सेनाध्यक्ष बाजवा को काफी पहले से जानने वाले भारत के पूर्व सेनाध्यक्ष बिक्रम सिंह ने उनसे सतर्क रहने की सलाह दी है. जनरल बाजवा ने साल 2007 में कांगो में संयुक्त राष्ट्र के मिशन में ब्रिगेड कमांडर के तौर पर जनरल बिक्रम सिंह के अधीन काम किया था. बिक्रम सिंह ने बाजवा को 'पूरा पेशेवर' और 'उत्कृष्ट प्रदर्शन वाला' सैन्य अफसर बताया. वह कहते हैं कि संयुक्त राष्ट्र में उनका प्रदर्शन काफी सराहनीय था, लेकिन जब एक सैन्य अधिकारी अपने देश लौटता है तो चीज़ें बदल जाती हैं. देश में उन्हें राष्ट्रीय हितों के हिसाब से काम करना पड़ता है.' टिप्पणियां बिक्रम सिंह ने उम्मीद जताई कि बाजवा के निशाने पर पाकिस्तान के चरमपंथी होंगे ना कि भारत, जैसा कि वो सार्वजनिक रूप से कई बार कह भी चुके हैं. जनरल सिंह ने कहा, 'जनरल बाजवा 10वीं कोर के कमांडर रह चुके हैं, जो वहां की सबसे बड़ी कोर है. उन्हें भारत के प्रति अपने देश की नीति के बारे में बहुत अच्छे से जानकारी है. मुझे लगता है कि जहां तक पाकिस्तानी सेना की कश्मीर नीति का सवाल है, तो उसमें कोई बदलाव नहीं आने वाला.' हालांकि उन्होंने इसके साथ कहा कि कमर बाजवा के आने के बाद अगर पाकिस्तानी सेना की रणनीति में बड़ा बदलाव आता है तो भारत को सतर्क रहने की जरूरत होगी. पाक अधिकृत कश्मीर और उत्तरी इलाकों के मामलों से निपटने में माहिर माने जाने वाले लेफ्टिनेंट जनरल कमर जावेद बाजवा मंगलवार को जनरल राहील की औपचारिक रिटायरमेंट के बाद पाकिस्तानी सेना का नेतृत्व संभालेंगे. सैनिकों की संख्या के लिहाज से दुनिया छठी सबसे बड़ी सेना के इस प्रमुख के पुराने सहयोगियों का कहना है कि वह चर्चाओं में रहना पसंद नहीं करते. ऐसे में अब देखना यही है कि वह आने वाले दिनों में किस तरह की सुर्खियां बटौरते हैं. बिक्रम सिंह ने बाजवा को 'पूरा पेशेवर' और 'उत्कृष्ट प्रदर्शन वाला' सैन्य अफसर बताया. वह कहते हैं कि संयुक्त राष्ट्र में उनका प्रदर्शन काफी सराहनीय था, लेकिन जब एक सैन्य अधिकारी अपने देश लौटता है तो चीज़ें बदल जाती हैं. देश में उन्हें राष्ट्रीय हितों के हिसाब से काम करना पड़ता है.' टिप्पणियां बिक्रम सिंह ने उम्मीद जताई कि बाजवा के निशाने पर पाकिस्तान के चरमपंथी होंगे ना कि भारत, जैसा कि वो सार्वजनिक रूप से कई बार कह भी चुके हैं. जनरल सिंह ने कहा, 'जनरल बाजवा 10वीं कोर के कमांडर रह चुके हैं, जो वहां की सबसे बड़ी कोर है. उन्हें भारत के प्रति अपने देश की नीति के बारे में बहुत अच्छे से जानकारी है. मुझे लगता है कि जहां तक पाकिस्तानी सेना की कश्मीर नीति का सवाल है, तो उसमें कोई बदलाव नहीं आने वाला.' हालांकि उन्होंने इसके साथ कहा कि कमर बाजवा के आने के बाद अगर पाकिस्तानी सेना की रणनीति में बड़ा बदलाव आता है तो भारत को सतर्क रहने की जरूरत होगी. पाक अधिकृत कश्मीर और उत्तरी इलाकों के मामलों से निपटने में माहिर माने जाने वाले लेफ्टिनेंट जनरल कमर जावेद बाजवा मंगलवार को जनरल राहील की औपचारिक रिटायरमेंट के बाद पाकिस्तानी सेना का नेतृत्व संभालेंगे. सैनिकों की संख्या के लिहाज से दुनिया छठी सबसे बड़ी सेना के इस प्रमुख के पुराने सहयोगियों का कहना है कि वह चर्चाओं में रहना पसंद नहीं करते. ऐसे में अब देखना यही है कि वह आने वाले दिनों में किस तरह की सुर्खियां बटौरते हैं. बिक्रम सिंह ने उम्मीद जताई कि बाजवा के निशाने पर पाकिस्तान के चरमपंथी होंगे ना कि भारत, जैसा कि वो सार्वजनिक रूप से कई बार कह भी चुके हैं. जनरल सिंह ने कहा, 'जनरल बाजवा 10वीं कोर के कमांडर रह चुके हैं, जो वहां की सबसे बड़ी कोर है. उन्हें भारत के प्रति अपने देश की नीति के बारे में बहुत अच्छे से जानकारी है. मुझे लगता है कि जहां तक पाकिस्तानी सेना की कश्मीर नीति का सवाल है, तो उसमें कोई बदलाव नहीं आने वाला.' हालांकि उन्होंने इसके साथ कहा कि कमर बाजवा के आने के बाद अगर पाकिस्तानी सेना की रणनीति में बड़ा बदलाव आता है तो भारत को सतर्क रहने की जरूरत होगी. पाक अधिकृत कश्मीर और उत्तरी इलाकों के मामलों से निपटने में माहिर माने जाने वाले लेफ्टिनेंट जनरल कमर जावेद बाजवा मंगलवार को जनरल राहील की औपचारिक रिटायरमेंट के बाद पाकिस्तानी सेना का नेतृत्व संभालेंगे. सैनिकों की संख्या के लिहाज से दुनिया छठी सबसे बड़ी सेना के इस प्रमुख के पुराने सहयोगियों का कहना है कि वह चर्चाओं में रहना पसंद नहीं करते. ऐसे में अब देखना यही है कि वह आने वाले दिनों में किस तरह की सुर्खियां बटौरते हैं. पाक अधिकृत कश्मीर और उत्तरी इलाकों के मामलों से निपटने में माहिर माने जाने वाले लेफ्टिनेंट जनरल कमर जावेद बाजवा मंगलवार को जनरल राहील की औपचारिक रिटायरमेंट के बाद पाकिस्तानी सेना का नेतृत्व संभालेंगे. सैनिकों की संख्या के लिहाज से दुनिया छठी सबसे बड़ी सेना के इस प्रमुख के पुराने सहयोगियों का कहना है कि वह चर्चाओं में रहना पसंद नहीं करते. ऐसे में अब देखना यही है कि वह आने वाले दिनों में किस तरह की सुर्खियां बटौरते हैं.
सारांश: बाजवा को राहील शरीफ की जगह पाक सेना का नया प्रमुख बनाया गया है उन्होंने कांगो में यूएन के मिशन में जनरल बिक्रम सिंह के अधीन काम किया था पूर्व सेनाध्यक्ष बिक्रम सिंह ने भारत को बाजवा से सतर्क रहने की सलाह दी है
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ईरान के नए नेता हसन रुहानी की ओर से संदेश का इंतजार कर रहे राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि ईरानी प्रशासन परमाणु मुद्दे को ‘कूटनीतिक माध्यम’ के जरिये एक पारदर्शी तरीके से हल करेगा।टिप्पणियां व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जे कार्नी ने कहा, इस मुद्दे को हल करने के लिए कूटनीतिक माध्यम के अवसर खुले होने की वजह से हम उम्मीद करते हैं कि ईरान इसके हल के लिए अब गंभीर है और एक पारदर्शी तथा सत्यापन योग्य तरीके से वह अपने परमाणु हथियारों की महत्वाकांक्षा त्यागने और इसके बाद अन्य देशों के समुदाय में शामिल होने के लिए तैयार है। कार्नी ने कहा कि इस्राइल को ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर उसके द्वारा दिए गए अपने हर हालिया बयान पर संदेह जताने का अधिकार है, क्योंकि लंबे समय तक ईरान अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का निर्वाह करने में विफल रहा है। उन्होंने कहा, परमाणु हथियारों के कार्यक्रम को बंद करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से की जा रही मांगों को वह नजरअंदाज करता रहा है। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव ने कहा कि राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कोई अलग तरह की बात नहीं की है। कार्नी ने कहा, राष्ट्रपति की नीतियों, उनके द्वारा अपनाए गए रुख, ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों के लिए की गई कूटनीतिक तैयारी और इन प्रतिबंधों के ईरान पर पड़े प्रभावों के कारण हम यहां तक पहुंचे हैं। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव ने कहा, ईरानी नेताओं ने माना है कि इन प्रतिबंधों का उनकी अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा। दुनियाभर के कई देशों ने इस प्रतिबंध व्यवस्था में भागीदारी की। इनमें से कुछ ने तो खुद भी हानि उठाई क्योंकि वे सब इस बात पर सहमत हैं कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने चाहिए। ईरान की नई सरकार द्वारा इस समस्या को हल करने की बात कहने और इसके लिए संकेत देने पर अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसके लिए कूटनीतिक विकल्पों की तलाश कर रहा है। कार्नी ने कहा कि ईरान के साथ सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों (अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन और रूस) व जर्मनी यानी ‘‘पी 5 प्लस 1’’ की एक और बैठक होगी। संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका और यूरोपीय संघ के कड़े प्रतिबंधों का सामना कर रहे तेहरान पर नए प्रतिबंध लगाने के बारे में अमेरिकी कांग्रेस में बहस चल रही है। इस संदर्भ में एक बैठक 15 और 16 अक्तूबर का जेनेवा में होगी। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जे कार्नी ने कहा, इस मुद्दे को हल करने के लिए कूटनीतिक माध्यम के अवसर खुले होने की वजह से हम उम्मीद करते हैं कि ईरान इसके हल के लिए अब गंभीर है और एक पारदर्शी तथा सत्यापन योग्य तरीके से वह अपने परमाणु हथियारों की महत्वाकांक्षा त्यागने और इसके बाद अन्य देशों के समुदाय में शामिल होने के लिए तैयार है। कार्नी ने कहा कि इस्राइल को ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर उसके द्वारा दिए गए अपने हर हालिया बयान पर संदेह जताने का अधिकार है, क्योंकि लंबे समय तक ईरान अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का निर्वाह करने में विफल रहा है। उन्होंने कहा, परमाणु हथियारों के कार्यक्रम को बंद करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से की जा रही मांगों को वह नजरअंदाज करता रहा है। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव ने कहा कि राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कोई अलग तरह की बात नहीं की है। कार्नी ने कहा, राष्ट्रपति की नीतियों, उनके द्वारा अपनाए गए रुख, ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों के लिए की गई कूटनीतिक तैयारी और इन प्रतिबंधों के ईरान पर पड़े प्रभावों के कारण हम यहां तक पहुंचे हैं। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव ने कहा, ईरानी नेताओं ने माना है कि इन प्रतिबंधों का उनकी अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा। दुनियाभर के कई देशों ने इस प्रतिबंध व्यवस्था में भागीदारी की। इनमें से कुछ ने तो खुद भी हानि उठाई क्योंकि वे सब इस बात पर सहमत हैं कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने चाहिए। ईरान की नई सरकार द्वारा इस समस्या को हल करने की बात कहने और इसके लिए संकेत देने पर अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसके लिए कूटनीतिक विकल्पों की तलाश कर रहा है। कार्नी ने कहा कि ईरान के साथ सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों (अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन और रूस) व जर्मनी यानी ‘‘पी 5 प्लस 1’’ की एक और बैठक होगी। संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका और यूरोपीय संघ के कड़े प्रतिबंधों का सामना कर रहे तेहरान पर नए प्रतिबंध लगाने के बारे में अमेरिकी कांग्रेस में बहस चल रही है। इस संदर्भ में एक बैठक 15 और 16 अक्तूबर का जेनेवा में होगी। ईरान की नई सरकार द्वारा इस समस्या को हल करने की बात कहने और इसके लिए संकेत देने पर अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसके लिए कूटनीतिक विकल्पों की तलाश कर रहा है। कार्नी ने कहा कि ईरान के साथ सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों (अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन और रूस) व जर्मनी यानी ‘‘पी 5 प्लस 1’’ की एक और बैठक होगी। संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका और यूरोपीय संघ के कड़े प्रतिबंधों का सामना कर रहे तेहरान पर नए प्रतिबंध लगाने के बारे में अमेरिकी कांग्रेस में बहस चल रही है। इस संदर्भ में एक बैठक 15 और 16 अक्तूबर का जेनेवा में होगी।
संक्षिप्त पाठ: ईरान के नए नेता हसन रुहानी की ओर से संदेश का इंतजार कर रहे राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि ईरानी प्रशासन परमाणु मुद्दे को ‘कूटनीतिक माध्यम’ के जरिये एक पारदर्शी तरीके से हल करेगा।
14
['hin']
एक सारांश बनाओ: 'जोकोमॉन'  कुणाल नाम के अनाथ बच्चे पर है जिसे रास्ते से हटाकर उसके बदमाश चाचा और चाची लाखों की ज़ायदाद हड़पना चाहते हैं। जैसे-तैसे ये बच्चा बच जाता है और उसकी मुलाकात हो जाती है एक साइंटिस्ट से। चाचा को सबक सिखाने के लिए और गांव को अंधविश्वास से मुक्त कराने के लिए कुणाल और साइंटिस्ट एक हो जाते हैं। टेकनोलॉजी के ज़रिए साइंटिस्ट कुणाल को ऐसी ताकत दे देता है जिससे वह सुपरहीरो वाले हर कारनामे कर सकता है। गांव वाले इसे भूत का साया समझते हैं। लेकिन जिस अंधविश्वास को दूर करने की बात डायरेक्टर सत्यजीत भटकल कर रहे हैं वही फिल्म के एंड तक ये खुलासा नहीं करते कि सुपरहीरो के जादुई स्टंट्स के पीछे साइंस के कौन-से कारनामे हैं। फर्स्ट हाफ डल है इंटरवेल होते-होते कुणाल सुपरहीरो बनता है। उम्मीद जगती है कि अब फिल्म में जान आ जाएगी लेकिन ऐसा नहीं होता। मंजरी के होने न होने का कोई मतलब नहीं है। हां ,कई खूबसूरत लोकेशन्स ज़रूर हैं। दरअसल, डायरेक्टर ने एक्शन, इमोशन्स, अंधविश्वास, साइंस और बॉलीवुड गानों की एक भेल बनाई है जो प्राइमरी तक के बच्चे तो खा भी लें लेकिन उससे ऊपरी क्लास के बच्चे लॉजिक मांगेंगे और 'जोकोमॉन' ये कहां से लाएगा। बच्चों की फिल्म है इसीलिए उन्हीं के हिसाब से रेटिंग 'जोकोमॉन' को 2 स्टार।
सारांश: 'जोकोमॉन' कुणाल नाम के अनाथ बच्चे पर है जिसे रास्ते से हटाकर उसके बदमाश चाचा और चाची लाखों की ज़ायदाद हड़पना चाहते हैं।
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी (Maneka Gandhi) ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह(Rajnath Singh) की तारीफ कर सियासी गलियारे में सरगर्मी ला दी है. वैसे भी लुटियन्स जोन में नेताओं की ओर से किसी की तारीफ और आलोचनाओं का राजनीतिक विश्लेषकों की ओर से  निहितार्थ खोजने का खेल पुराना है. फिर भी चुनावी सीजन में मेनका गांधी ने जिस तरह से राजनाथ सिंह के कामकाज की सराहना की है, उसके सियासी गलियारे में अलग-अलग मायनों तलाशे जा रहे है. मेनका गांधी (Maneka Gandhi) ने राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) की तारीफ में कहा है कि पिछले चार दशक की राजनीति में उनके जैसा गृहमंत्री देखने को नहीं मिला. महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर गृहमंत्रालय से मिले सहयोग का हवाला देते हुए केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने कई ट्वीट कर राजनाथ सिंह के कार्यों की सराहना की. मेनका गांधी (Maneka Gandhi) ने अपने ट्वीट में लिखा- मैं चार दशकों से राजनीति में हूं, लेकिन मैंने #WomenSafety को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री @Rajnathsingh जी जैसे सवेंदनशील गृह मंत्री नहीं देखे. पुलिस फोर्स में 33% आरक्षण का मुद्दा हो या #NRImarriages के मामलें हो, हर बार हमें उनका पूरा सहयोग मिला है. दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा- मैं पूरे देश की महिलाओं की ओर से गृह मंत्री जी का धन्यवाद करती हूं. मैं चार दशकों से राजनीती में हूँ लेकिन मैंने #WomenSafety को लेकर हमारे केंद्रीय गृह मंत्री श्री @Rajnathsingh जी जैसे सवेंदनशील गृह मंत्री नहीं देखे। पुलिस फोर्स में 33% आरक्षण का मुद्दा हो या #NRImarriages के मामलें हो, हर बार हमें उनका पूरा सहयोग मिला है।   एक अन्य ट्वीट में मेनका गांधी ने गृहमंत्रालय और विदेश मंत्रालय को धन्यवाद देते हुए कहा-मुझे बेहद ख़ुशी है कि मानव तस्करों के चंगुल से छुड़ाए गए नेपाल के युवक, युवतियां सुरक्षित अपने वतन नेपाल पहुंच गए है और नेपाल के अधिकारियों की देख रेख में हैं. मैं मणिपुर सरकार, मणिपुर पुलिस, @HMOIndia और @MEAIndia के अधिकारियों का धन्यवाद करती हूं. मेनका गांधी के ट्वीट पर ट्विटर यूजर्स की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं. वर्षा नामक ट्विटर यूजर ने लिखा- चाहे जो भी हो महिलाएं आज भी सुरक्षित नहीं हैं. वहीं राहुल नामक यूजर ने लिखा-सही बात है.
संक्षिप्त पाठ: केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने की गृहमंत्री राजनाथ सिंह की तारीफ कहा- चार दशक की राजनीति में उनके जैसा होम मिनिस्टर नहीं देखा महिलाओं की सुरक्षा के लिए गृहमंत्रालय कर रहा सराहनीय काम
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख यूकिया एमानो ने जापान में स्थित संकटग्रस्त फुकुशिमा  न्यूक्लियर प्लांट की स्थिति को 'बेहद गम्भीर' बताया है। वह जापान रवाना होने की तैयार कर रहे हैं। एमानो ने कहा, "स्थिति बेहद गम्भीर है।" उन्होंने न्यूक्लियर प्लांट की इकाई संख्या एक, दो और तीन के कवच को हुए नुकसान के सम्बंध में यह बात कही। समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक शुक्रवार को उत्तरी जापान में आए रिक्टर पैमाने पर नौ तीव्रता के भूकम्प और सुनामी से हुए नुकसान के कारण फुकुशिमा परमाणु संयंत्र के प्रशीतक तंत्र ने काम करना बंद कर दिया था। इस संयंत्र के पिघलने और बड़े पैमाने पर रेडियोधर्मी विकिरण फैलने का खतरा पैदा हो गया है। एमानो ने कहा कि कर्मचारी आपात स्थिति से निपटने का भरपूर प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा "यह समय यह बात कहने का नहीं है कि चीजें नियंत्रण से बाहर हैं।" आईएईए के महानिदेशक ने कहा कि वह जापान और उनकी एजेंसी के बीच सहयोग के अन्य क्षेत्रों की तलाश के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक के लिए गुरुवार को जल्द से जल्द जापान रवाना होंगे। उन्होंने कहा, "निश्चित रूप से सुधार की गुंजाइश है।" एमानो के साथ आईएईए के विशेषज्ञों का एक दल भी जापान पहुंचेगा। जापान ने फुकुशिमा संयंत्र के आसपास रेडियोधर्मी विकिरण के स्तर का मूल्यांकन करने के लिए मदद मांगी है। एमानो ने कहा कि संयंत्र में परमाणु ईंधन को ठंडा रखने के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं है और उपयोग किए जा चुके ईंधन के तीन भंडारों में भी तापमान लगातार बढ़ रहा है। सयंत्र में कर्मचारी ईंधन छड़ों को पानी में डुबाए रखने के लिए इसमें लगातार पानी पहुंचा रहे हैं लेकिन परिसर में विस्फोटों और आग लगने की एक श्रृंखला बन गई है। बुधवार सुबह इकाई संख्या तीन में धुंए की मात्रा में वृद्धि हुई थी और इकाई संख्या चार में दोबारा आग लगी थी।
संक्षिप्त सारांश: आईएईए के प्रमुख यूकिया एमानो ने जापान में स्थित संकटग्रस्त फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट की स्थिति को 'बेहद गम्भीर' बताया है।
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बिहार के अररिया विधानसभा क्षेत्र से लोक जनशक्ति पार्टी के सदस्य जाकिर हुसैन खान को नेपाल में पुलिस ने एक व्यवसायी के 10 वर्ष पुराने अपहरण के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ने शनिवार को बताया कि लोजपा विधायक को भारत-नेपाल सीमा पर मोरांग जिले में शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन पर 26 जनवरी, 2002 को विराटनगर से एक व्यवसायी तुलसीराम अग्रवाल का अपहरण करने का आरोप है।टिप्पणियां पुलिस सूत्रों ने बताया कि लोजपा विधायक पर पांच करोड़ रुपये की फिरौती के लिए अग्रवाल का अपहरण करने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें काठमांडू में एक जेल ले जाया गया है। इससे पहले नेपाल की पुलिस ने एक कुख्यात अपराधी पप्पू देव को गिरफ्तार किया था, जिसने अपहरणकांड में साथ देने वाले लोगों के नाम का खुलासा किया था। उन्होंने बताया कि इससे पहले नेपाल पुलिस ने भारत पुलिस को अपने यहां आपराधिक मामलों में वांछित 25 अपराधियों की सूची सौंपी थी, जिसमें जाकिर का भी नाम था। जाकिर 2002 में 18 फरवरी को एक अन्य मामले में अदालत से जमानत मिलने पर अररिया जेल से रिहा हुए थे। लोजपा विधायक की गिरफ्तारी के विरोध में जोगबनी में सड़कों पर वाहनों का आवागमन और बाजार बंद हैं। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ने शनिवार को बताया कि लोजपा विधायक को भारत-नेपाल सीमा पर मोरांग जिले में शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन पर 26 जनवरी, 2002 को विराटनगर से एक व्यवसायी तुलसीराम अग्रवाल का अपहरण करने का आरोप है।टिप्पणियां पुलिस सूत्रों ने बताया कि लोजपा विधायक पर पांच करोड़ रुपये की फिरौती के लिए अग्रवाल का अपहरण करने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें काठमांडू में एक जेल ले जाया गया है। इससे पहले नेपाल की पुलिस ने एक कुख्यात अपराधी पप्पू देव को गिरफ्तार किया था, जिसने अपहरणकांड में साथ देने वाले लोगों के नाम का खुलासा किया था। उन्होंने बताया कि इससे पहले नेपाल पुलिस ने भारत पुलिस को अपने यहां आपराधिक मामलों में वांछित 25 अपराधियों की सूची सौंपी थी, जिसमें जाकिर का भी नाम था। जाकिर 2002 में 18 फरवरी को एक अन्य मामले में अदालत से जमानत मिलने पर अररिया जेल से रिहा हुए थे। लोजपा विधायक की गिरफ्तारी के विरोध में जोगबनी में सड़कों पर वाहनों का आवागमन और बाजार बंद हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि लोजपा विधायक पर पांच करोड़ रुपये की फिरौती के लिए अग्रवाल का अपहरण करने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें काठमांडू में एक जेल ले जाया गया है। इससे पहले नेपाल की पुलिस ने एक कुख्यात अपराधी पप्पू देव को गिरफ्तार किया था, जिसने अपहरणकांड में साथ देने वाले लोगों के नाम का खुलासा किया था। उन्होंने बताया कि इससे पहले नेपाल पुलिस ने भारत पुलिस को अपने यहां आपराधिक मामलों में वांछित 25 अपराधियों की सूची सौंपी थी, जिसमें जाकिर का भी नाम था। जाकिर 2002 में 18 फरवरी को एक अन्य मामले में अदालत से जमानत मिलने पर अररिया जेल से रिहा हुए थे। लोजपा विधायक की गिरफ्तारी के विरोध में जोगबनी में सड़कों पर वाहनों का आवागमन और बाजार बंद हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले नेपाल पुलिस ने भारत पुलिस को अपने यहां आपराधिक मामलों में वांछित 25 अपराधियों की सूची सौंपी थी, जिसमें जाकिर का भी नाम था। जाकिर 2002 में 18 फरवरी को एक अन्य मामले में अदालत से जमानत मिलने पर अररिया जेल से रिहा हुए थे। लोजपा विधायक की गिरफ्तारी के विरोध में जोगबनी में सड़कों पर वाहनों का आवागमन और बाजार बंद हैं।
संक्षिप्त पाठ: बिहार के अररिया विधानसभा क्षेत्र से लोक जनशक्ति पार्टी के सदस्य जाकिर हुसैन खान को नेपाल में पुलिस ने एक व्यवसायी के 10 वर्ष पुराने अपहरण के मामले में गिरफ्तार कर लिया है।
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: रियो ओलंपिक में 5,000 मीटर की दौड़ के दौरान अमेरिका और न्‍यूजीलैंड की दो एथलीटों ने बेहद प्रेरणादायक नजारा पेश करते हुए सबका दिल जीत लिया. उन्‍होंने इस प्रतियोगिता के दौरान खेल की असल भावना का उदाहरण पेश किया. दरअसल, हुआ यूं कि अमेरिका की एब्बे डी एगोस्टिनो और न्यूजीलैंड की निक्की हैम्‍बलिन इस रेस में ट्रैक पर दौड़ते हुए जब 3,000 मीटर की दूरी तक पहुंची तो एग्नोस्टिनो हैम्‍बलिन की हील से टकरा गईं. इसके बाद दोनों ही धावक जमीन पर गिर गईं. गिरने के बाद दोनों रनरों ने दर्शकों के सामने एक ऐसा उदाहरण पेश किया, जिसे सभी सराहने से नहीं चूके. टकराकर गिरने के बाद 24 वर्षीय एगोस्टिनो तुरंत खड़ी हुईं और उन्‍होंने रेस को जारी रखने की बजाय वहां रूककर अपनी विरोधी धावक हैम्‍बलिन की मदद के लिए अपने हाथ आगे बढ़ाए. एगोस्टिनो को बाद में इस बात का एहसास हुआ कि उन्‍हें टखने में चोट लगी है, इसके बाद भी उन्‍होंने हैम्‍बलिन की मदद करना जारी रखा. हालांकि जब हैम्‍बलिन को भी एहसास हुआ कि एगोस्टिनो को टखने में चोट आई है तो उन्‍होंने उनकी मदद की. इस दौरान अन्‍य धावकों ने रेस में दौड़ना जारी रखा. इसके बाद दोनों धावकों ने एक दूसरे की मदद करते हुए रेस पूरी की. वहीं, इस दौड़ में एल्माज अयाना ने 15.04.35 मिनट में दौड़ पूरी कर जीत दर्ज की. एगोस्टिनो ने 16.43 मिनट में दौड़ पूरी की. हालांकि टखने की गंभीर चोट के चलते हैम्‍बलिन दौड़ नहीं सकीं. फिनिश लाइन पर हैम्‍बलिन और एग्नोस्टिनो ने एक-दूसरे को गले लगाया। टिप्पणियां हैम्‍बलिन ने कहा, 'जब मैं जमीन पर गिरी तो मुझे लगा कि यह क्या हो रहा है. मैं जमीन पर क्या कर रही हूं. इसी दौरान एक हाथ मेरे कंधे पर आया और किसी ने मुझसे कहा कि उठो.. उठो, हमें रेस जीतनी है.' इसके बाद मेडिकल टीम घायल एग्नोस्टिनो को व्हीलचेयर पर ले गई। हालांकि तकलीफ में होने के बावजूद उन्होंने हैम्‍बलिन को मुस्कान के साथ विदा किया. गिरने के बाद दोनों रनरों ने दर्शकों के सामने एक ऐसा उदाहरण पेश किया, जिसे सभी सराहने से नहीं चूके. टकराकर गिरने के बाद 24 वर्षीय एगोस्टिनो तुरंत खड़ी हुईं और उन्‍होंने रेस को जारी रखने की बजाय वहां रूककर अपनी विरोधी धावक हैम्‍बलिन की मदद के लिए अपने हाथ आगे बढ़ाए. एगोस्टिनो को बाद में इस बात का एहसास हुआ कि उन्‍हें टखने में चोट लगी है, इसके बाद भी उन्‍होंने हैम्‍बलिन की मदद करना जारी रखा. हालांकि जब हैम्‍बलिन को भी एहसास हुआ कि एगोस्टिनो को टखने में चोट आई है तो उन्‍होंने उनकी मदद की. इस दौरान अन्‍य धावकों ने रेस में दौड़ना जारी रखा. इसके बाद दोनों धावकों ने एक दूसरे की मदद करते हुए रेस पूरी की. वहीं, इस दौड़ में एल्माज अयाना ने 15.04.35 मिनट में दौड़ पूरी कर जीत दर्ज की. एगोस्टिनो ने 16.43 मिनट में दौड़ पूरी की. हालांकि टखने की गंभीर चोट के चलते हैम्‍बलिन दौड़ नहीं सकीं. फिनिश लाइन पर हैम्‍बलिन और एग्नोस्टिनो ने एक-दूसरे को गले लगाया। टिप्पणियां हैम्‍बलिन ने कहा, 'जब मैं जमीन पर गिरी तो मुझे लगा कि यह क्या हो रहा है. मैं जमीन पर क्या कर रही हूं. इसी दौरान एक हाथ मेरे कंधे पर आया और किसी ने मुझसे कहा कि उठो.. उठो, हमें रेस जीतनी है.' इसके बाद मेडिकल टीम घायल एग्नोस्टिनो को व्हीलचेयर पर ले गई। हालांकि तकलीफ में होने के बावजूद उन्होंने हैम्‍बलिन को मुस्कान के साथ विदा किया. वहीं, इस दौड़ में एल्माज अयाना ने 15.04.35 मिनट में दौड़ पूरी कर जीत दर्ज की. एगोस्टिनो ने 16.43 मिनट में दौड़ पूरी की. हालांकि टखने की गंभीर चोट के चलते हैम्‍बलिन दौड़ नहीं सकीं. फिनिश लाइन पर हैम्‍बलिन और एग्नोस्टिनो ने एक-दूसरे को गले लगाया। टिप्पणियां हैम्‍बलिन ने कहा, 'जब मैं जमीन पर गिरी तो मुझे लगा कि यह क्या हो रहा है. मैं जमीन पर क्या कर रही हूं. इसी दौरान एक हाथ मेरे कंधे पर आया और किसी ने मुझसे कहा कि उठो.. उठो, हमें रेस जीतनी है.' इसके बाद मेडिकल टीम घायल एग्नोस्टिनो को व्हीलचेयर पर ले गई। हालांकि तकलीफ में होने के बावजूद उन्होंने हैम्‍बलिन को मुस्कान के साथ विदा किया. हैम्‍बलिन ने कहा, 'जब मैं जमीन पर गिरी तो मुझे लगा कि यह क्या हो रहा है. मैं जमीन पर क्या कर रही हूं. इसी दौरान एक हाथ मेरे कंधे पर आया और किसी ने मुझसे कहा कि उठो.. उठो, हमें रेस जीतनी है.' इसके बाद मेडिकल टीम घायल एग्नोस्टिनो को व्हीलचेयर पर ले गई। हालांकि तकलीफ में होने के बावजूद उन्होंने हैम्‍बलिन को मुस्कान के साथ विदा किया. इसके बाद मेडिकल टीम घायल एग्नोस्टिनो को व्हीलचेयर पर ले गई। हालांकि तकलीफ में होने के बावजूद उन्होंने हैम्‍बलिन को मुस्कान के साथ विदा किया.
यह एक सारांश है: दोनों एथलीटों ने बेहद प्रेरणादायक नजारा पेश करते हुए सबका दिल जीत लिया 3,000 मीटर की दूरी तक पहुंचने पर एग्नोस्टिनो हैम्‍बलिन की हील से टकरा गईं हैम्‍बलिन और एग्नोस्टिनो ने एक-दूसरे को गले लगाया.
2
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: माधुरी दीक्षित ने भले ही कहा हो कि पंडित बिरजू महाराज के साथ मंच पर नृत्य करने में उन्हें डर लगता है, लेकिन इस महान कथक नर्तक का मानना है कि हिन्दी सिनेमा में वहीदा रहमान के बाद नृत्य में कौशल कोई अभिनेत्री है तो वह सिर्फ माधुरी दीक्षित है। बरसों बाद बॉलीवुड में वापसी कर रहे पद्म विभूषण बिरजू महाराज ने ‘डेढ़ इश्कियां’ में माधुरी का नृत्य निर्देशन किया है। इससे पहले वह ‘दिल तो पागल है’ (1997) और ‘देवदास’ (2002) में माधुरी के साथ काम कर चुके हैं। वह और माधुरी ‘झलक दिखला जा’ के एक विशेष शो में साथ मंच पर थिरकते नजर आएंगे, जिसके बारे में माधुरी ने कहा था कि उसे डर लग रहा है। बिरजू महाराज ने कहा, माधुरी को डरने की कोई जरूरत नहीं है। वह बेहतरीन नृत्यांगना है। उसे देखकर वहीदा रहमान और मीना कुमारी की याद आती है। उसके नृत्य में इतनी गरिमा है। अगर मैं कहूं कि वहीदा रहमान के समकक्ष कोई नृत्यांगना बॉलीवुड में हुई है तो वह सिर्फ माधुरी है तो गलत नहीं होगा। टिप्पणियां माधुरी के साथ अपने अनुभव के बारे में उन्होंने कहा, 1997 में पहली बार मैंने माधुरी के साथ काम किया और आज भी जब मैं उसे निर्देशन देता हूं तो उसमें सीखने की वही ललक है। वह जीनियस है और बहुत जल्दी सीखती है। उसके चेहरे पर भाव काफी सहजता से आते हैं।   बिरजू महाराज ने कहा कि सिनेमा में शास्त्रीय नृत्यों की जगह भले ही ‘आइटम गीतों’ ने ले ली है, लेकिन पुराने गानों और उन पर नृत्य का आज भी लोग लोहा मानते हैं। उन्होंने कहा, वहीदा रहमान को ‘गाइड’ में या मीना कुमारी को ‘पाकीजा’ में कौन भूल सकता है। अब सिनेमा में कथक या कोई अन्य शास्त्रीय नृत्य कहां देखने को मिलता है। यही वजह है कि लोग आज भी पुराने गीतों को याद करते हैं। माधुरी मुझे इसलिए भी पसंद है कि शास्त्रीय नृत्य की परंपरा उसने कायम रखी है। ‘देवदास’ का ‘काहे छेड़ मोहे’ हो या ‘दिल तो पागल है’ का डांस सीक्वेंस। उसने बेहतरीन नृत्य किया है। सिनेमा में नृत्य निर्देशन में रूचि कम होने के बारे में उन्होंने कहा, आजकल विदेशी नृत्यों की कापी हो रही है। यह वो नहीं है जो मैं देखना चाहता हूं। ‘झलक दिखला जा’ में माधुरी के साथ अपने नृत्य के बारे में उन्होंने कहा कि यह कथक पर ही आधारित है। उन्होंने कहा, इसमें ‘गाइड’ का गीत ‘पिया तोसे नैना लागे रे’ के साथ कथक का टुकड़ा है। मूल रूप से यह जुगलबंदी है, जो दर्शकों को पसंद आएगी। बरसों बाद बॉलीवुड में वापसी कर रहे पद्म विभूषण बिरजू महाराज ने ‘डेढ़ इश्कियां’ में माधुरी का नृत्य निर्देशन किया है। इससे पहले वह ‘दिल तो पागल है’ (1997) और ‘देवदास’ (2002) में माधुरी के साथ काम कर चुके हैं। वह और माधुरी ‘झलक दिखला जा’ के एक विशेष शो में साथ मंच पर थिरकते नजर आएंगे, जिसके बारे में माधुरी ने कहा था कि उसे डर लग रहा है। बिरजू महाराज ने कहा, माधुरी को डरने की कोई जरूरत नहीं है। वह बेहतरीन नृत्यांगना है। उसे देखकर वहीदा रहमान और मीना कुमारी की याद आती है। उसके नृत्य में इतनी गरिमा है। अगर मैं कहूं कि वहीदा रहमान के समकक्ष कोई नृत्यांगना बॉलीवुड में हुई है तो वह सिर्फ माधुरी है तो गलत नहीं होगा। टिप्पणियां माधुरी के साथ अपने अनुभव के बारे में उन्होंने कहा, 1997 में पहली बार मैंने माधुरी के साथ काम किया और आज भी जब मैं उसे निर्देशन देता हूं तो उसमें सीखने की वही ललक है। वह जीनियस है और बहुत जल्दी सीखती है। उसके चेहरे पर भाव काफी सहजता से आते हैं।   बिरजू महाराज ने कहा कि सिनेमा में शास्त्रीय नृत्यों की जगह भले ही ‘आइटम गीतों’ ने ले ली है, लेकिन पुराने गानों और उन पर नृत्य का आज भी लोग लोहा मानते हैं। उन्होंने कहा, वहीदा रहमान को ‘गाइड’ में या मीना कुमारी को ‘पाकीजा’ में कौन भूल सकता है। अब सिनेमा में कथक या कोई अन्य शास्त्रीय नृत्य कहां देखने को मिलता है। यही वजह है कि लोग आज भी पुराने गीतों को याद करते हैं। माधुरी मुझे इसलिए भी पसंद है कि शास्त्रीय नृत्य की परंपरा उसने कायम रखी है। ‘देवदास’ का ‘काहे छेड़ मोहे’ हो या ‘दिल तो पागल है’ का डांस सीक्वेंस। उसने बेहतरीन नृत्य किया है। सिनेमा में नृत्य निर्देशन में रूचि कम होने के बारे में उन्होंने कहा, आजकल विदेशी नृत्यों की कापी हो रही है। यह वो नहीं है जो मैं देखना चाहता हूं। ‘झलक दिखला जा’ में माधुरी के साथ अपने नृत्य के बारे में उन्होंने कहा कि यह कथक पर ही आधारित है। उन्होंने कहा, इसमें ‘गाइड’ का गीत ‘पिया तोसे नैना लागे रे’ के साथ कथक का टुकड़ा है। मूल रूप से यह जुगलबंदी है, जो दर्शकों को पसंद आएगी। बिरजू महाराज ने कहा, माधुरी को डरने की कोई जरूरत नहीं है। वह बेहतरीन नृत्यांगना है। उसे देखकर वहीदा रहमान और मीना कुमारी की याद आती है। उसके नृत्य में इतनी गरिमा है। अगर मैं कहूं कि वहीदा रहमान के समकक्ष कोई नृत्यांगना बॉलीवुड में हुई है तो वह सिर्फ माधुरी है तो गलत नहीं होगा। टिप्पणियां माधुरी के साथ अपने अनुभव के बारे में उन्होंने कहा, 1997 में पहली बार मैंने माधुरी के साथ काम किया और आज भी जब मैं उसे निर्देशन देता हूं तो उसमें सीखने की वही ललक है। वह जीनियस है और बहुत जल्दी सीखती है। उसके चेहरे पर भाव काफी सहजता से आते हैं।   बिरजू महाराज ने कहा कि सिनेमा में शास्त्रीय नृत्यों की जगह भले ही ‘आइटम गीतों’ ने ले ली है, लेकिन पुराने गानों और उन पर नृत्य का आज भी लोग लोहा मानते हैं। उन्होंने कहा, वहीदा रहमान को ‘गाइड’ में या मीना कुमारी को ‘पाकीजा’ में कौन भूल सकता है। अब सिनेमा में कथक या कोई अन्य शास्त्रीय नृत्य कहां देखने को मिलता है। यही वजह है कि लोग आज भी पुराने गीतों को याद करते हैं। माधुरी मुझे इसलिए भी पसंद है कि शास्त्रीय नृत्य की परंपरा उसने कायम रखी है। ‘देवदास’ का ‘काहे छेड़ मोहे’ हो या ‘दिल तो पागल है’ का डांस सीक्वेंस। उसने बेहतरीन नृत्य किया है। सिनेमा में नृत्य निर्देशन में रूचि कम होने के बारे में उन्होंने कहा, आजकल विदेशी नृत्यों की कापी हो रही है। यह वो नहीं है जो मैं देखना चाहता हूं। ‘झलक दिखला जा’ में माधुरी के साथ अपने नृत्य के बारे में उन्होंने कहा कि यह कथक पर ही आधारित है। उन्होंने कहा, इसमें ‘गाइड’ का गीत ‘पिया तोसे नैना लागे रे’ के साथ कथक का टुकड़ा है। मूल रूप से यह जुगलबंदी है, जो दर्शकों को पसंद आएगी। माधुरी के साथ अपने अनुभव के बारे में उन्होंने कहा, 1997 में पहली बार मैंने माधुरी के साथ काम किया और आज भी जब मैं उसे निर्देशन देता हूं तो उसमें सीखने की वही ललक है। वह जीनियस है और बहुत जल्दी सीखती है। उसके चेहरे पर भाव काफी सहजता से आते हैं।   बिरजू महाराज ने कहा कि सिनेमा में शास्त्रीय नृत्यों की जगह भले ही ‘आइटम गीतों’ ने ले ली है, लेकिन पुराने गानों और उन पर नृत्य का आज भी लोग लोहा मानते हैं। उन्होंने कहा, वहीदा रहमान को ‘गाइड’ में या मीना कुमारी को ‘पाकीजा’ में कौन भूल सकता है। अब सिनेमा में कथक या कोई अन्य शास्त्रीय नृत्य कहां देखने को मिलता है। यही वजह है कि लोग आज भी पुराने गीतों को याद करते हैं। माधुरी मुझे इसलिए भी पसंद है कि शास्त्रीय नृत्य की परंपरा उसने कायम रखी है। ‘देवदास’ का ‘काहे छेड़ मोहे’ हो या ‘दिल तो पागल है’ का डांस सीक्वेंस। उसने बेहतरीन नृत्य किया है। सिनेमा में नृत्य निर्देशन में रूचि कम होने के बारे में उन्होंने कहा, आजकल विदेशी नृत्यों की कापी हो रही है। यह वो नहीं है जो मैं देखना चाहता हूं। ‘झलक दिखला जा’ में माधुरी के साथ अपने नृत्य के बारे में उन्होंने कहा कि यह कथक पर ही आधारित है। उन्होंने कहा, इसमें ‘गाइड’ का गीत ‘पिया तोसे नैना लागे रे’ के साथ कथक का टुकड़ा है। मूल रूप से यह जुगलबंदी है, जो दर्शकों को पसंद आएगी। उन्होंने कहा, इसमें ‘गाइड’ का गीत ‘पिया तोसे नैना लागे रे’ के साथ कथक का टुकड़ा है। मूल रूप से यह जुगलबंदी है, जो दर्शकों को पसंद आएगी।
यहाँ एक सारांश है:माधुरी के साथ अपने अनुभव के बारे में उन्होंने कहा, 1997 में पहली बार मैंने माधुरी के साथ काम किया और आज भी जब मैं उसे निर्देशन देता हूं तो उसमें सीखने की वही ललक है।
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के प्रबुद्धनगर जिले में मंगलवार को एक कार में आग लगने से हुए हादसे में जलकर मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है जबिक छह लोगों का गंभीर हालत में इलाज चल रहा है। घटना जिले के कांधला थाना क्षेत्र की है, जहां आज एलपीजी चालित मारुति वैन में अचानक आग लगने से ये हादसा हुआ। जिले के पुलिस उपाधीक्षक रफीक अहमद ने बताया, "राहत व बचाव कार्य समाप्त होने के बाद कार के मलबे से 14 शव बरामद किए गए। मृतकों में 6 बच्चे, 5 बच्चियां और तीन महिलाएं शामिल हैं। अहमद ने कहा कि घायलों को मेरठ और मुजफ्फनगर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जहां फिलहाल सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।" उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में शार्ट शर्किट से आग लगने की बात सामने आ रही है। कार एलपीजी से चालित थी और एलपीजी का रिसाव होने से उसमें आग लगी। आग लगने के बाद चालक सहित छह लोग तो किसी बाहर निकलकर जान बचाने में सफल रहे जबकि बाकी आग में फंस गए।टिप्पणियां अहमद ने बताया कि कार सवार गाजियाबाद के लोनी के रहने वाले एक ही परिवार के लोग थे और किसी समारोह में शिरकत करने बागपत जा रहे थे। उधर स्थानीय लोगों का आरोप है कि दमकल की गाड़ी देर से पहुंचने के कारण इतनी मौतें हुई। अगर दमकल गाड़ियां समय पर पहुंचती तो कई की जान बच सकती थी। घटना जिले के कांधला थाना क्षेत्र की है, जहां आज एलपीजी चालित मारुति वैन में अचानक आग लगने से ये हादसा हुआ। जिले के पुलिस उपाधीक्षक रफीक अहमद ने बताया, "राहत व बचाव कार्य समाप्त होने के बाद कार के मलबे से 14 शव बरामद किए गए। मृतकों में 6 बच्चे, 5 बच्चियां और तीन महिलाएं शामिल हैं। अहमद ने कहा कि घायलों को मेरठ और मुजफ्फनगर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जहां फिलहाल सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।" उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में शार्ट शर्किट से आग लगने की बात सामने आ रही है। कार एलपीजी से चालित थी और एलपीजी का रिसाव होने से उसमें आग लगी। आग लगने के बाद चालक सहित छह लोग तो किसी बाहर निकलकर जान बचाने में सफल रहे जबकि बाकी आग में फंस गए।टिप्पणियां अहमद ने बताया कि कार सवार गाजियाबाद के लोनी के रहने वाले एक ही परिवार के लोग थे और किसी समारोह में शिरकत करने बागपत जा रहे थे। उधर स्थानीय लोगों का आरोप है कि दमकल की गाड़ी देर से पहुंचने के कारण इतनी मौतें हुई। अगर दमकल गाड़ियां समय पर पहुंचती तो कई की जान बच सकती थी। जिले के पुलिस उपाधीक्षक रफीक अहमद ने बताया, "राहत व बचाव कार्य समाप्त होने के बाद कार के मलबे से 14 शव बरामद किए गए। मृतकों में 6 बच्चे, 5 बच्चियां और तीन महिलाएं शामिल हैं। अहमद ने कहा कि घायलों को मेरठ और मुजफ्फनगर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जहां फिलहाल सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।" उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में शार्ट शर्किट से आग लगने की बात सामने आ रही है। कार एलपीजी से चालित थी और एलपीजी का रिसाव होने से उसमें आग लगी। आग लगने के बाद चालक सहित छह लोग तो किसी बाहर निकलकर जान बचाने में सफल रहे जबकि बाकी आग में फंस गए।टिप्पणियां अहमद ने बताया कि कार सवार गाजियाबाद के लोनी के रहने वाले एक ही परिवार के लोग थे और किसी समारोह में शिरकत करने बागपत जा रहे थे। उधर स्थानीय लोगों का आरोप है कि दमकल की गाड़ी देर से पहुंचने के कारण इतनी मौतें हुई। अगर दमकल गाड़ियां समय पर पहुंचती तो कई की जान बच सकती थी। अहमद ने कहा कि घायलों को मेरठ और मुजफ्फनगर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जहां फिलहाल सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।" उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में शार्ट शर्किट से आग लगने की बात सामने आ रही है। कार एलपीजी से चालित थी और एलपीजी का रिसाव होने से उसमें आग लगी। आग लगने के बाद चालक सहित छह लोग तो किसी बाहर निकलकर जान बचाने में सफल रहे जबकि बाकी आग में फंस गए।टिप्पणियां अहमद ने बताया कि कार सवार गाजियाबाद के लोनी के रहने वाले एक ही परिवार के लोग थे और किसी समारोह में शिरकत करने बागपत जा रहे थे। उधर स्थानीय लोगों का आरोप है कि दमकल की गाड़ी देर से पहुंचने के कारण इतनी मौतें हुई। अगर दमकल गाड़ियां समय पर पहुंचती तो कई की जान बच सकती थी। अहमद ने बताया कि कार सवार गाजियाबाद के लोनी के रहने वाले एक ही परिवार के लोग थे और किसी समारोह में शिरकत करने बागपत जा रहे थे। उधर स्थानीय लोगों का आरोप है कि दमकल की गाड़ी देर से पहुंचने के कारण इतनी मौतें हुई। अगर दमकल गाड़ियां समय पर पहुंचती तो कई की जान बच सकती थी। उधर स्थानीय लोगों का आरोप है कि दमकल की गाड़ी देर से पहुंचने के कारण इतनी मौतें हुई। अगर दमकल गाड़ियां समय पर पहुंचती तो कई की जान बच सकती थी।
संक्षिप्त पाठ: प्रबुद्धनगर के कांधला क्षेत्र में एलम गांव में एक मारुति वैन में अचानक आग लगाने से 14 लोगों की मौत हो गई।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: इटली के विदेश मंत्री गिउलियो तेरजी ने कहा कि वह इतालवी समुद्री सुरक्षाकर्मियों के मामले में भारतीय न्यायपालिका की दुविधा को देखकर आश्चर्यचकित एवं घबराए हुए हैं। इस वर्ष फरवरी में इतालवी जहाज एनरिका लेक्सी के दो सुरक्षाकर्मियों की गोलीबारी में केरल के समुद्रतट पर दो भारतीय मछुआरों की मौत हो गई थी। सर्वोच्च न्यायालय ने अभी भी इटली की उस याचिका पर अपना निर्णय नहीं दिया है जिसमें कहा गया था कि इतालवी जहाज पर घटना होने की वजह से न्यायाधिकार इटली का बनना चाहिए। मछुआरे गैलस्टाइन एवं अजेश बिंकी की हत्या के आरोप में केरल के कोल्लम जिले की स्थानीय अदालत में इटली के सुरक्षाकर्मी लैटोर मिस्सिमिल्लानो और सल्वाटोर गिराने के खिलाफ मामला चल रहा है। अदालत ने सर्वोच्च न्यायालय में इटली की दायर याचिका को देखते हुए मामले की सुनवाई 8 नवम्बर तक के लिए स्थगित कर दी है।टिप्पणियां समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रपट के अनुसार विदेश मंत्री ने संसद में कहा कि यह अविश्वसनीय है कि कानून के शासन पर आधारित भारत जैसा देश सुरक्षाकर्मियों के मामले में त्वरित निर्णय देने का साहस नहीं जुटा पा रहा है ताकि वे घर वापस आ सकें। समाचार एजेंसी एएनएसए के अनुसार इतालवी सरकार ने कहा कि उसका मानना है चूंकि सुरक्षाकर्मी समुद्री डाकुओं के खिलाफ अभियान का हिस्सा थे इसलिए उन्हें मुकदमे से छूट मिलनी चाहिए। सर्वोच्च न्यायालय ने अभी भी इटली की उस याचिका पर अपना निर्णय नहीं दिया है जिसमें कहा गया था कि इतालवी जहाज पर घटना होने की वजह से न्यायाधिकार इटली का बनना चाहिए। मछुआरे गैलस्टाइन एवं अजेश बिंकी की हत्या के आरोप में केरल के कोल्लम जिले की स्थानीय अदालत में इटली के सुरक्षाकर्मी लैटोर मिस्सिमिल्लानो और सल्वाटोर गिराने के खिलाफ मामला चल रहा है। अदालत ने सर्वोच्च न्यायालय में इटली की दायर याचिका को देखते हुए मामले की सुनवाई 8 नवम्बर तक के लिए स्थगित कर दी है।टिप्पणियां समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रपट के अनुसार विदेश मंत्री ने संसद में कहा कि यह अविश्वसनीय है कि कानून के शासन पर आधारित भारत जैसा देश सुरक्षाकर्मियों के मामले में त्वरित निर्णय देने का साहस नहीं जुटा पा रहा है ताकि वे घर वापस आ सकें। समाचार एजेंसी एएनएसए के अनुसार इतालवी सरकार ने कहा कि उसका मानना है चूंकि सुरक्षाकर्मी समुद्री डाकुओं के खिलाफ अभियान का हिस्सा थे इसलिए उन्हें मुकदमे से छूट मिलनी चाहिए। मछुआरे गैलस्टाइन एवं अजेश बिंकी की हत्या के आरोप में केरल के कोल्लम जिले की स्थानीय अदालत में इटली के सुरक्षाकर्मी लैटोर मिस्सिमिल्लानो और सल्वाटोर गिराने के खिलाफ मामला चल रहा है। अदालत ने सर्वोच्च न्यायालय में इटली की दायर याचिका को देखते हुए मामले की सुनवाई 8 नवम्बर तक के लिए स्थगित कर दी है।टिप्पणियां समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रपट के अनुसार विदेश मंत्री ने संसद में कहा कि यह अविश्वसनीय है कि कानून के शासन पर आधारित भारत जैसा देश सुरक्षाकर्मियों के मामले में त्वरित निर्णय देने का साहस नहीं जुटा पा रहा है ताकि वे घर वापस आ सकें। समाचार एजेंसी एएनएसए के अनुसार इतालवी सरकार ने कहा कि उसका मानना है चूंकि सुरक्षाकर्मी समुद्री डाकुओं के खिलाफ अभियान का हिस्सा थे इसलिए उन्हें मुकदमे से छूट मिलनी चाहिए। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रपट के अनुसार विदेश मंत्री ने संसद में कहा कि यह अविश्वसनीय है कि कानून के शासन पर आधारित भारत जैसा देश सुरक्षाकर्मियों के मामले में त्वरित निर्णय देने का साहस नहीं जुटा पा रहा है ताकि वे घर वापस आ सकें। समाचार एजेंसी एएनएसए के अनुसार इतालवी सरकार ने कहा कि उसका मानना है चूंकि सुरक्षाकर्मी समुद्री डाकुओं के खिलाफ अभियान का हिस्सा थे इसलिए उन्हें मुकदमे से छूट मिलनी चाहिए। समाचार एजेंसी एएनएसए के अनुसार इतालवी सरकार ने कहा कि उसका मानना है चूंकि सुरक्षाकर्मी समुद्री डाकुओं के खिलाफ अभियान का हिस्सा थे इसलिए उन्हें मुकदमे से छूट मिलनी चाहिए।
संक्षिप्त पाठ: इटली के विदेश मंत्री गिउलियो तेरजी ने कहा कि वह इतालवी समुद्री सुरक्षाकर्मियों के मामले में भारतीय न्यायपालिका की दुविधा को देखकर आश्चर्यचकित एवं घबराए हुए हैं।
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मुंबई की हिंसा को लेकर बिहार से हुई गिरफ्तारी के मामले में महाराष्ट्र और बिहार के बीच के आपसी झगड़े के मामले में अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण भी कूद पड़े हैं। एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक चव्हाण ने बिहार के मुख्यमंत्री पर ओछी राजनीति करने का आरोप लगाया है।टिप्पणियां चव्हाण ने कहा है कि बिहार कोई विदेश नहीं है जहां से किसी आरोपी को गिरफ्तार करने से पहले सरकार की इजाजत लेनी पड़े।  दरअसल, मुंबई हिंसा के सिलसिले में बिहार से एक आदमी अब्दुल कादिर की गिरफ्तारी के बाद से ही दोनों राज्यों के बीच तलवारें ठनी हुई हैं। बगैर, सूचना के गिरफ्तारी पर बिहार ने ऐतराज जताया था, जिस पर राज ठाकरे ने बिहार सरकार को चेतावनी दी थी। इसके बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महाराष्ट्र सरकार पर राज ठाकरे जैसे लोगों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। बिहार पर चव्हाण से पहले राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे भी बयानबाजी कर चुके हैं। उद्धव ने तो यहां तक कह दिया कि मुंबई आने के लिए बिहार के लोगों को परमिट दिया जाना चाहिए। इसे लेकर नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। चव्हाण ने कहा है कि बिहार कोई विदेश नहीं है जहां से किसी आरोपी को गिरफ्तार करने से पहले सरकार की इजाजत लेनी पड़े।  दरअसल, मुंबई हिंसा के सिलसिले में बिहार से एक आदमी अब्दुल कादिर की गिरफ्तारी के बाद से ही दोनों राज्यों के बीच तलवारें ठनी हुई हैं। बगैर, सूचना के गिरफ्तारी पर बिहार ने ऐतराज जताया था, जिस पर राज ठाकरे ने बिहार सरकार को चेतावनी दी थी। इसके बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महाराष्ट्र सरकार पर राज ठाकरे जैसे लोगों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। बिहार पर चव्हाण से पहले राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे भी बयानबाजी कर चुके हैं। उद्धव ने तो यहां तक कह दिया कि मुंबई आने के लिए बिहार के लोगों को परमिट दिया जाना चाहिए। इसे लेकर नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बिहार पर चव्हाण से पहले राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे भी बयानबाजी कर चुके हैं। उद्धव ने तो यहां तक कह दिया कि मुंबई आने के लिए बिहार के लोगों को परमिट दिया जाना चाहिए। इसे लेकर नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
सारांश: मुंबई की हिंसा को लेकर बिहार से हुई गिरफ्तारी के मामले में महाराष्ट्र और बिहार के बीच के आपसी झगड़े के मामले में अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण भी कूद पड़े हैं।
7
['hin']
एक सारांश बनाओ: मुंबई में किंगफिशर के पायलटों ने एक बार फिर से हड़ताल पर जाने की धमकी दी है। इन लोगों को मार्च से अब तक की सैलरी नहीं मिली है। पायलटों का कहना है कि अगर उन्हें जल्द सैलरी नहीं दी जाती है तो मंगलवार से वे हड़ताल पर चले जाएंगे।टिप्पणियां मुंबई में पायलटों का कहना है कि उन्हें दिल्ली के अपने साथियों का भी समर्थन है और हड़ताल में दोनों जगहों के पायलट शामिल होंगे। हालांकि किंगफिशर की तरफ से अभी तक इस मामले में कोई बयान नहीं आया है। गौरतलब है कि किंगफिशर एयरलाइंस पिछले काफी समय से संकटग्रस्त है। पिछले वर्ष भी इसके पायलट वेतन की मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए थे। मुंबई में पायलटों का कहना है कि उन्हें दिल्ली के अपने साथियों का भी समर्थन है और हड़ताल में दोनों जगहों के पायलट शामिल होंगे। हालांकि किंगफिशर की तरफ से अभी तक इस मामले में कोई बयान नहीं आया है। गौरतलब है कि किंगफिशर एयरलाइंस पिछले काफी समय से संकटग्रस्त है। पिछले वर्ष भी इसके पायलट वेतन की मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए थे। गौरतलब है कि किंगफिशर एयरलाइंस पिछले काफी समय से संकटग्रस्त है। पिछले वर्ष भी इसके पायलट वेतन की मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए थे।
संक्षिप्त सारांश: मुंबई में किंगफिशर के पायलटों ने एक बार फिर से हड़ताल पर जाने की धमकी दी है। इन लोगों को मार्च से अब तक की सैलरी नहीं मिली है।
8
['hin']
एक सारांश बनाओ: अजय देवगन (Ajay Devgn) की फिल्म 'दे दे प्यार दे (De De Pyaar De)' की कमाई को देखकर लग रहा है कि इस वीकेंड में फिल्म 60 करोड़ की कमाई का आंकड़ा आसानी से पार कर लेगी. यह फिल्म दिल्ली एनसीआर औप पूर्वी पंजाब में बेहतरीन कमाई कर रही है. रविवार को यहां से करीब फिल्म ने 2 करोड़ की कमाई की थी. 'दे दे प्यार दे (De De Pyaar De)' फिल्म से अजय देवगन (Ajay Devgn), तब्बू (Tabu) और  रकुल प्रीत सिंह (Rakul Preet Singh) ने धमाल मचा दिया है. इन तीनों की केमिस्ट्री इस फिल्म से देखते ही बन रही है. दर्शकों को भी यह फिल्म काफी पसंद आ रही है. अब देखना होगा कि वर्किंग डे में भी यह फिल्म शानदार कमाई कर पाती है या नहीं.  अजय देवगन (Ajay Devgn) की फिल्म 'दे दे प्यार दे (De De Pyaar De)'  की कहानी 50 साल के अजय देवगन की है जो अपनी पत्नी से अलग हो चुका है. अजय देवगन को 26 साल की रकुल प्रीत से इश्क हो जाता है. यह अनोखी लव स्टोरी पूरे उफान पर बहती है. अजय देवगन अपनी इस युवा साथी के साथ अपनी पूर्व पत्नी और बच्चों के पास पहुंचता है. उसके बाद शुरू होती है अजीबोगरीब कहानी. पहला हाफ कुछ हंसाता है लेकिन दूसरे हाफ में ऐसा लगता है कि डायरेक्टर को समझ नहीं आ रहा है कि जो रायता उन्होंने फैलाया है, उसे कैसे समेटे. फिल्म की रफ्तार बहुत स्लो हो जाती है. स्क्रीनप्ले भी बेहद खराब है. अगर एक्टिंग के मोर्चे पर खंगाले तो रकुल प्रीत सिंह (Rakul Preet Singh) दिल जीतने में कामयाब रहती हैं. फिल्म की जान रकुल प्रीत सिंह हैं और जब भी वे स्क्रीन पर आती हैं, दर्शकों के चेहरे पर चमक दौड़ जाती है. तब्बू ने अच्छी एक्टिंग की है, लेकिन अजय देवगन (Ajay Devgn) इस रोल में बहुत जमे नहीं हैं, और एक्टिंग के मामले में भी कहीं आउट नजर आते हैं. कुल मिलाकर उनकी एक्टिंग बहुत ही एवरेज रही है. ये भी कह सकते हैं कि वे इस रोल में कहीं मिसफिट लगते हैं 'दे दे प्यार दे (De De Pyaar De)' का डायरेक्शन बेहद कमजोर है और कहानी भी पटरी से उतरी हुई है.
सारांश: अजय देवगन ने मचाया धमाल फिल्म कर रही है शानदार कमाई चार दिन में कमा लिए इतने करोड़
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए पूर्व लोकसभाध्यक्ष पीए संगमा की दावेदारी के पक्ष में अपना अभियान तेज करते हुए तमिलनाडु की मुख्यमंत्री और अन्नाद्रमुक प्रमुख जयललिता ने बीजेपी सहित विभिन्न गैर-कांग्रेसी दलों के शीर्ष नेताओं से संपर्क किया।टिप्पणियां जयललिता ने लालकृष्ण आडवाणी, माकपा महासचिव प्रकाश करात, भाकपा नेता एबी बर्धन, सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव, शिरोमणि अकाली दल नेता और पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से टेलीफोन पर बातचीत की। अन्नाद्रमुक ने एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी। संगमा के पक्ष में अपना अभियान तेज करते हुए जयललिता ने इन नेताओं से बातचीत की और आदिवासी नेता के लिए समर्थन मांगा। दो दिन पहले ही जयललिता ने सभी पार्टियों से राजनीतिक विचारधार से ऊपर उठने और संगमा का समर्थन करने की अपील की थी। जयललिता और ओड़िशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने 17 मई को संगमा को समर्थन देने की घोषणा की थी। संगमा की अपनी पार्टी राकांपा ने उनकी उम्मीदवारी का समर्थन देने से इनकार किया है। पार्टी ने कहा कि संप्रग का हिस्सा होने के नाते वह उसके फैसले के साथ होगी। जयललिता ने लालकृष्ण आडवाणी, माकपा महासचिव प्रकाश करात, भाकपा नेता एबी बर्धन, सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव, शिरोमणि अकाली दल नेता और पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से टेलीफोन पर बातचीत की। अन्नाद्रमुक ने एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी। संगमा के पक्ष में अपना अभियान तेज करते हुए जयललिता ने इन नेताओं से बातचीत की और आदिवासी नेता के लिए समर्थन मांगा। दो दिन पहले ही जयललिता ने सभी पार्टियों से राजनीतिक विचारधार से ऊपर उठने और संगमा का समर्थन करने की अपील की थी। जयललिता और ओड़िशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने 17 मई को संगमा को समर्थन देने की घोषणा की थी। संगमा की अपनी पार्टी राकांपा ने उनकी उम्मीदवारी का समर्थन देने से इनकार किया है। पार्टी ने कहा कि संप्रग का हिस्सा होने के नाते वह उसके फैसले के साथ होगी। दो दिन पहले ही जयललिता ने सभी पार्टियों से राजनीतिक विचारधार से ऊपर उठने और संगमा का समर्थन करने की अपील की थी। जयललिता और ओड़िशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने 17 मई को संगमा को समर्थन देने की घोषणा की थी। संगमा की अपनी पार्टी राकांपा ने उनकी उम्मीदवारी का समर्थन देने से इनकार किया है। पार्टी ने कहा कि संप्रग का हिस्सा होने के नाते वह उसके फैसले के साथ होगी।
संक्षिप्त पाठ: राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए पीए संगमा की दावेदारी के पक्ष में अपना अभियान तेज करते हुए जयललिता ने बीजेपी सहित विभिन्न गैर-कांग्रेसी दलों के शीर्ष नेताओं से संपर्क किया।
13
['hin']
एक सारांश बनाओ: नाइजीरिया के उत्तर-पूर्व में एक कॉलेज पर आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले में कम से कम 50 छात्रों की मौत हो गई। सूत्रों के अनुसार बोको हराम के हथियारबंद आतंकवादियों ने योबे प्रांत के गुजबा स्थित कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर पर आज सुबह हमला किया तथा सोते हुए छात्रों को गोली मार दी। कॉलेज प्रोवोस्ट मोलिमा इदी मातो ने हमले में से कम 50 छात्रों के मारे जाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि मरने वालों का आंकड़ा बढ़ भी सकता है क्योंकि अभी और शव बरामद किए जा रहे हैं।टिप्पणियां शवों को प्रांतीय राजधानी दामतुरू स्थित एक अस्पताल में ले जाया गया है। अस्पताल के एक कर्मचारी ने बताया कि शवों को दो वाहनों में लाया गया। सेना के प्रवक्ता लाजारूस अली ने बताया कि हमलावरों ने कॉलेज को आग के हवाले कर दिया। कॉलेज से एक हजार से अधिक छात्र भाग निकले। सूत्रों के अनुसार बोको हराम के हथियारबंद आतंकवादियों ने योबे प्रांत के गुजबा स्थित कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर पर आज सुबह हमला किया तथा सोते हुए छात्रों को गोली मार दी। कॉलेज प्रोवोस्ट मोलिमा इदी मातो ने हमले में से कम 50 छात्रों के मारे जाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि मरने वालों का आंकड़ा बढ़ भी सकता है क्योंकि अभी और शव बरामद किए जा रहे हैं।टिप्पणियां शवों को प्रांतीय राजधानी दामतुरू स्थित एक अस्पताल में ले जाया गया है। अस्पताल के एक कर्मचारी ने बताया कि शवों को दो वाहनों में लाया गया। सेना के प्रवक्ता लाजारूस अली ने बताया कि हमलावरों ने कॉलेज को आग के हवाले कर दिया। कॉलेज से एक हजार से अधिक छात्र भाग निकले। कॉलेज प्रोवोस्ट मोलिमा इदी मातो ने हमले में से कम 50 छात्रों के मारे जाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि मरने वालों का आंकड़ा बढ़ भी सकता है क्योंकि अभी और शव बरामद किए जा रहे हैं।टिप्पणियां शवों को प्रांतीय राजधानी दामतुरू स्थित एक अस्पताल में ले जाया गया है। अस्पताल के एक कर्मचारी ने बताया कि शवों को दो वाहनों में लाया गया। सेना के प्रवक्ता लाजारूस अली ने बताया कि हमलावरों ने कॉलेज को आग के हवाले कर दिया। कॉलेज से एक हजार से अधिक छात्र भाग निकले। शवों को प्रांतीय राजधानी दामतुरू स्थित एक अस्पताल में ले जाया गया है। अस्पताल के एक कर्मचारी ने बताया कि शवों को दो वाहनों में लाया गया। सेना के प्रवक्ता लाजारूस अली ने बताया कि हमलावरों ने कॉलेज को आग के हवाले कर दिया। कॉलेज से एक हजार से अधिक छात्र भाग निकले। सेना के प्रवक्ता लाजारूस अली ने बताया कि हमलावरों ने कॉलेज को आग के हवाले कर दिया। कॉलेज से एक हजार से अधिक छात्र भाग निकले।
नाइजीरिया के उत्तर-पूर्व में एक कॉलेज पर आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले में कम से कम 50 छात्रों की मौत हो गई।
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हांगकांग में सोमवार को हुई दो नौकाओं की आपसी टक्कर में मरनेवालों की संख्या बढ़कर 36 हो गई है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि बचावकार्य पूरी रात जारी रहा। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, लाम्मा द्वीप पर सोमवार रात 8.23 बजे यह दुर्घटना हुई।टिप्पणियां हांगकांग के सूचना सेवा विभाग ने एक वक्तव्य जारी कर कहा कि मंगलवार को मृतकों की तादाद बढ़कर 36 हो गई। वक्तव्य में कहा गया है कि 28 लोग घटनास्थल पर ही मारे गए थे, जबकि आठ ने अस्पतालों में दम तोड़ा। दुर्घटना में घायल 100 से ज्यादा लोगों को पांच अस्पतालों में दाखिल कराया गया है। इनमें से नौ की हालत गम्भीर है। एक नौका पर 124 लोग सवार थे। हांगकांग इलेक्ट्रिक कम्पनी ने अपने कर्मचारियों व उनके परिवारों को विक्टोरिया हार्बर पर आतिशबाजी देखने के लिए एक क्रूज पर लाने-ले जाने के लिए इस नौका को किराए पर लिया था। यह नौका दूसरी नौका से टकराने के तुरंत बाद डूब गई। दूसरी नौका हांगकांग एंड कोवलून फेरी कम्पनी की थी, जो डूबने से बच गई। इस पर भी दर्जनों लोग सवार थे। हांगकांग के सूचना सेवा विभाग ने एक वक्तव्य जारी कर कहा कि मंगलवार को मृतकों की तादाद बढ़कर 36 हो गई। वक्तव्य में कहा गया है कि 28 लोग घटनास्थल पर ही मारे गए थे, जबकि आठ ने अस्पतालों में दम तोड़ा। दुर्घटना में घायल 100 से ज्यादा लोगों को पांच अस्पतालों में दाखिल कराया गया है। इनमें से नौ की हालत गम्भीर है। एक नौका पर 124 लोग सवार थे। हांगकांग इलेक्ट्रिक कम्पनी ने अपने कर्मचारियों व उनके परिवारों को विक्टोरिया हार्बर पर आतिशबाजी देखने के लिए एक क्रूज पर लाने-ले जाने के लिए इस नौका को किराए पर लिया था। यह नौका दूसरी नौका से टकराने के तुरंत बाद डूब गई। दूसरी नौका हांगकांग एंड कोवलून फेरी कम्पनी की थी, जो डूबने से बच गई। इस पर भी दर्जनों लोग सवार थे। एक नौका पर 124 लोग सवार थे। हांगकांग इलेक्ट्रिक कम्पनी ने अपने कर्मचारियों व उनके परिवारों को विक्टोरिया हार्बर पर आतिशबाजी देखने के लिए एक क्रूज पर लाने-ले जाने के लिए इस नौका को किराए पर लिया था। यह नौका दूसरी नौका से टकराने के तुरंत बाद डूब गई। दूसरी नौका हांगकांग एंड कोवलून फेरी कम्पनी की थी, जो डूबने से बच गई। इस पर भी दर्जनों लोग सवार थे।
संक्षिप्त पाठ: हांगकांग में सोमवार को हुई दो नौकाओं की आपसी टक्कर में मरनेवालों की संख्या बढ़कर 36 हो गई है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि बचावकार्य पूरी रात जारी रहा।
14
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चीनी सेना के अभियंताओं की बढ़ती उपस्थिति भारतीय सेना के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। सेना के वरिष्ठ कमांडर ने कहा कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के कितने सिपाही और अभियंता नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में बुनियादी ढांचे के निर्माण में लगे हैं, इसके बारे में अभी सही संख्या नहीं बताई जा सकती। लेकिन पिछले कुछ महीनों में इस संख्या में इजाफा हुआ है। एलओसी जम्मू और कश्मीर को भारत और पाकिस्तान के बीच विभाजित करती है। जम्मू से करीब 160 किलोमीटर की दूरी पर स्थित राजौरी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मेजर जनरल के. एच. सिंह ने बताया, "हमारी खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट ने पीएलए के चीनी सिपाहियों और अभियंताओं की संख्या में लगातार वृद्धि होने की पुष्टि की है।" सिंह ने एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों को यह जानकारी दी। विशेष रूप से 2005 में भूकंप आने के बाद जब बहुत से निर्माण कार्य चीनी कम्पनियों को दिए गए थे, तभी से भारतीय सेना को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चीनी सैनिकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति की जानकारी थी। समाचार पत्र 'न्यूयॉर्क टाइम्स' में छपी एक रिपोर्ट में गिलगित और बाल्तिस्तान सहित पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में 15,000 चीनी सैनिकों के जमावड़े की बात कही गई है। मेजर सिंह ने कहा कि भारतीय सेना पाकिस्तान के अधिकार वाले क्षेत्र में इतनी बड़ी संख्या में चीनी जवानों के जमावड़े के उद्देश्य का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
यह एक सारांश है: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चीनी सेना के अभियंताओं की बढ़ती उपस्थिति भारतीय सेना के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
16
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स के लिए मंगलवार को युवा राहुल त्रिपाठी ने 93 रन की बेहतरीन पारी खेली. इस पारी की बदौलत उन्‍होंने अपनी टीम को कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ चार विकेट की जीत दिला दी. इस पारी के बाद राहुल त्रिपाठी की पारी की तुलना टीम के एक अन्‍य बल्‍लेबाज बेन स्‍टोक्‍स की शतकीय पारी से होने लगी है. स्‍टोक्‍स ने नाबाद 103 रन की यह पारी गुजरात लायंस के खिलाफ खेली थी और इसकी बदौलत पुणे सुरेश रैना की टीम के खिलाफ पांच विकेट की जीत हासिल करने में सफल रही थी. पुणे के मध्‍य क्रम के बल्‍लेबाजी मनोज तिवारी ने राहुल त्रिपाठी के 93 रन को बेहतरीन माना. लेकिन कहा कि वह गुजरात लायंस के खिलाफ बेन स्टोक्स के शतक को इससे बेहतर मानते हैं क्‍योंकि इंग्‍लैंड के हरफनमौला की यह पारी प्रतिकूल हालात में खेली गई थी. तिवारी ने बुधवार को केकेआर पर मिली जीत के बाद कहा,‘मैं स्टोक्स की पारी को त्रिपाठी की पारी से बेहतर आंकता हूं. उस समय हम तीन विकेट 10 रन पर गंवा चुके थे लेकिन उसके बाद वह अकेले दम पर मैच जिता ले गए. वह सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक है.’ हालांकि तिवारी ने युवा त्रिपाठी की तारीफ करते हुए कहा,‘राहुल ने शानदार प्रदर्शन किया. पिछले घरेलू सत्र में उसने बंगाल के खिलाफ शतक बनाया था. मुझे पता था कि वह वापसी करेगा. वह शानदार फॉर्म में है और मुझे खुशी है कि उन्‍होंने आईपीएल में यह लय कायम रखी.’ घरेलू क्रिकेट में बंगाल के कप्तान मनोज तिवारी का मानना है कि अब वे दिन गए जब युवा खिलाड़ी विश्व स्तरीय खिलाड़ियों के खिलाफ नर्वस हो जाते थे. उन्होंने कहा,‘आईपीएल के शुरुआती दिनों में युवा खिलाड़ी नर्वस हो जाते थे लेकिन अब वे काफी परिपक्‍व हो चुके हैं और विपरीत हालातों में अपने खेल का स्‍तर ऊपर उठाना जाते हैं. वे खचाखच भरे स्टेडियमों से घबराते नहीं हैं. फोकस मैदान पर रहता है. ऐसा नहीं लगा कि राहुल का फोकस 22 गज के बाहर था.उनके प्रशंसकों की संख्या में अब इजाफा होगा.’ तिवारी ने बुधवार को केकेआर पर मिली जीत के बाद कहा,‘मैं स्टोक्स की पारी को त्रिपाठी की पारी से बेहतर आंकता हूं. उस समय हम तीन विकेट 10 रन पर गंवा चुके थे लेकिन उसके बाद वह अकेले दम पर मैच जिता ले गए. वह सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक है.’ हालांकि तिवारी ने युवा त्रिपाठी की तारीफ करते हुए कहा,‘राहुल ने शानदार प्रदर्शन किया. पिछले घरेलू सत्र में उसने बंगाल के खिलाफ शतक बनाया था. मुझे पता था कि वह वापसी करेगा. वह शानदार फॉर्म में है और मुझे खुशी है कि उन्‍होंने आईपीएल में यह लय कायम रखी.’ घरेलू क्रिकेट में बंगाल के कप्तान मनोज तिवारी का मानना है कि अब वे दिन गए जब युवा खिलाड़ी विश्व स्तरीय खिलाड़ियों के खिलाफ नर्वस हो जाते थे. उन्होंने कहा,‘आईपीएल के शुरुआती दिनों में युवा खिलाड़ी नर्वस हो जाते थे लेकिन अब वे काफी परिपक्‍व हो चुके हैं और विपरीत हालातों में अपने खेल का स्‍तर ऊपर उठाना जाते हैं. वे खचाखच भरे स्टेडियमों से घबराते नहीं हैं. फोकस मैदान पर रहता है. ऐसा नहीं लगा कि राहुल का फोकस 22 गज के बाहर था.उनके प्रशंसकों की संख्या में अब इजाफा होगा.’
स्‍टोक्‍स ने गुजरात के खिलाफ बनाए थे नाबाद 103 रन तिवारी बोले. स्‍टोक्‍स ने विपरीत हालात में खेली थी यह पारी राहुल त्रिपाठी की बल्‍लेबाजी की भी जमकर प्रशंसा की
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने जो ऋण माफी का वादा किया था उसे पूरा किया. जिस तरह विधानसभा चुनाव के दौरान हमने टिकट वितरण में कार्यकर्ताओं को भागीदार बनाया है उसी प्रकार आगामी लोकसभा चुनाव में भी कार्यकर्ताओं को भागीदार बनाया जाएगा. बघेल ने मंगलवार को कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान किए वादों को  पूरा करने का काम हमने शुरू कर दिया है. लोकसभा में राष्ट्रीय मुद्दे हमारे घोषणापत्र में रहेंगे. विधानसभा में तीन चौथाई बहुमत से जीते हैं लोकसभा में हम सारी सीटें जीतेंगे.टिप्पणियां बस्तर के लोगों को उनके अधिकार नहीं मिले या उसमें कोई कमी रह गई इसलिए तो नक्सलवाद पनपा है. उनको वो अधिकार मिलने चाहिए, चाहे वो वन अधिकार पट्टा का मामला हो या भूमि अधिग्रण का या फिर दूसरे मामले हो उनको उनका अधिकार मिले. उन्होंने कहा कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कर्ज माफी का जो वादा किया था हमने उसे तत्काल पूरा कर दिया है, ये हमारे लिए सन्तोष का विषय है. सबकी सरकार होगी, सरकार में बैठे मुट्ठी भर लोगों की नहीं. आम जनता किसान मजदूर को लगे कि ये उनकी सरकार है. उन्होंने बताया कि झीरम घाटी में एसआईटी का गठन कर दिया है. बघेल ने मंगलवार को कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान किए वादों को  पूरा करने का काम हमने शुरू कर दिया है. लोकसभा में राष्ट्रीय मुद्दे हमारे घोषणापत्र में रहेंगे. विधानसभा में तीन चौथाई बहुमत से जीते हैं लोकसभा में हम सारी सीटें जीतेंगे.टिप्पणियां बस्तर के लोगों को उनके अधिकार नहीं मिले या उसमें कोई कमी रह गई इसलिए तो नक्सलवाद पनपा है. उनको वो अधिकार मिलने चाहिए, चाहे वो वन अधिकार पट्टा का मामला हो या भूमि अधिग्रण का या फिर दूसरे मामले हो उनको उनका अधिकार मिले. उन्होंने कहा कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कर्ज माफी का जो वादा किया था हमने उसे तत्काल पूरा कर दिया है, ये हमारे लिए सन्तोष का विषय है. सबकी सरकार होगी, सरकार में बैठे मुट्ठी भर लोगों की नहीं. आम जनता किसान मजदूर को लगे कि ये उनकी सरकार है. उन्होंने बताया कि झीरम घाटी में एसआईटी का गठन कर दिया है. बस्तर के लोगों को उनके अधिकार नहीं मिले या उसमें कोई कमी रह गई इसलिए तो नक्सलवाद पनपा है. उनको वो अधिकार मिलने चाहिए, चाहे वो वन अधिकार पट्टा का मामला हो या भूमि अधिग्रण का या फिर दूसरे मामले हो उनको उनका अधिकार मिले. उन्होंने कहा कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कर्ज माफी का जो वादा किया था हमने उसे तत्काल पूरा कर दिया है, ये हमारे लिए सन्तोष का विषय है. सबकी सरकार होगी, सरकार में बैठे मुट्ठी भर लोगों की नहीं. आम जनता किसान मजदूर को लगे कि ये उनकी सरकार है. उन्होंने बताया कि झीरम घाटी में एसआईटी का गठन कर दिया है. उन्होंने कहा कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कर्ज माफी का जो वादा किया था हमने उसे तत्काल पूरा कर दिया है, ये हमारे लिए सन्तोष का विषय है. सबकी सरकार होगी, सरकार में बैठे मुट्ठी भर लोगों की नहीं. आम जनता किसान मजदूर को लगे कि ये उनकी सरकार है. उन्होंने बताया कि झीरम घाटी में एसआईटी का गठन कर दिया है.
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कर्ज माफी का वादा किया था, उसे तत्काल पूरा किया कहा- सबकी सरकार होगी, सरकार में बैठे मुट्ठी भर लोगों की नहीं लोकसभा चुनाव में भी कार्यकर्ताओं को भागीदार बनाया जाएगा
1
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान की सेना ने ब्रिटेन के अखबार की उस खबर को ‘असंगत और निराधार’ बताया जिसमें उसने हिना-बिलावल मामले के पीछे देश की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विस इंटेलीजेंस (आईएसआई) का हाथ बताया था। बांग्लदेश के एक अखबार ‘ब्लिट्ज’ में विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी की मानहानि करती हुई खबर छपी थी।टिप्पणियां आईएसआई के जनसंपर्क विभाग के प्रवक्ता ने ‘द टेलीग्राफ’ के आरोपों का खंडन किया है कि आईएसआई बांग्लादेशी अखबार की मदद से हिना-बिलावल की मानहानि का अभियान चला रही है। प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘यह आरोप असंगत और निराधार हैं। इस मानहानि अभियान का आईएसआई से कोई लेना-देना नहीं है और विदेश मंत्री तथा खुफिया एजेंसी के बीच कोई समस्या भी नहीं है।’ उन्होंने कहा कि मानहानि अभियान उन लोगों का काम है जो विभिन्न प्राधिकारों के बीच गलतफहमी पैदा कर राष्ट्र को कमजोर करना चाहते हैं। बांग्लदेश के एक अखबार ‘ब्लिट्ज’ में विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी की मानहानि करती हुई खबर छपी थी।टिप्पणियां आईएसआई के जनसंपर्क विभाग के प्रवक्ता ने ‘द टेलीग्राफ’ के आरोपों का खंडन किया है कि आईएसआई बांग्लादेशी अखबार की मदद से हिना-बिलावल की मानहानि का अभियान चला रही है। प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘यह आरोप असंगत और निराधार हैं। इस मानहानि अभियान का आईएसआई से कोई लेना-देना नहीं है और विदेश मंत्री तथा खुफिया एजेंसी के बीच कोई समस्या भी नहीं है।’ उन्होंने कहा कि मानहानि अभियान उन लोगों का काम है जो विभिन्न प्राधिकारों के बीच गलतफहमी पैदा कर राष्ट्र को कमजोर करना चाहते हैं। आईएसआई के जनसंपर्क विभाग के प्रवक्ता ने ‘द टेलीग्राफ’ के आरोपों का खंडन किया है कि आईएसआई बांग्लादेशी अखबार की मदद से हिना-बिलावल की मानहानि का अभियान चला रही है। प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘यह आरोप असंगत और निराधार हैं। इस मानहानि अभियान का आईएसआई से कोई लेना-देना नहीं है और विदेश मंत्री तथा खुफिया एजेंसी के बीच कोई समस्या भी नहीं है।’ उन्होंने कहा कि मानहानि अभियान उन लोगों का काम है जो विभिन्न प्राधिकारों के बीच गलतफहमी पैदा कर राष्ट्र को कमजोर करना चाहते हैं। प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘यह आरोप असंगत और निराधार हैं। इस मानहानि अभियान का आईएसआई से कोई लेना-देना नहीं है और विदेश मंत्री तथा खुफिया एजेंसी के बीच कोई समस्या भी नहीं है।’ उन्होंने कहा कि मानहानि अभियान उन लोगों का काम है जो विभिन्न प्राधिकारों के बीच गलतफहमी पैदा कर राष्ट्र को कमजोर करना चाहते हैं।
यह एक सारांश है: पाकिस्तान की सेना ने ब्रिटेन के अखबार की उस खबर को ‘असंगत और निराधार’ बताया जिसमें उसने हिना-बिलावल मामले के पीछे देश की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विस इंटेलीजेंस (आईएसआई) का हाथ बताया था।
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: माइक हेसन को न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम का कोच बनाया गया है। हेसन कीवी टीम के साथ 2015 विश्व कप तक जुड़े रहेंगे। इससे पहले, हेसन न्यूजीलैंड की घरेलू टीम ओटागो और केन्या की राष्ट्रीय टीम के कोच रह चुके हैं। इस समय न्यूजीलैंड की टीम वेस्टइंडीज की दौरे पर गई हुई है। इस दौरे पर टीम के कोच जॉन राइट हैं।टिप्पणियां नवम्बर में कीवी टीम भारतीय दौरे पर आएगी। हेसन भारतीय दौरे पर कीवी टीम के साथ जुड़ेंगे। चार वर्षों से भी कम समय में हेसन न्यूजीलैंड के पांचवें कोच होंगे। एक वेबसाइट ने न्यूजीलैंड क्रिकेट के निदेशक जॉन बुकानन के हवाले से लिखा है, हाल में ओटागो टीम के लिए माइक प्रथम श्रेणी क्रिकेट के सफल कोच रहे हैं। उनके पास न्यूजीलैंड-'ए' टीम के साथ काम करने का अनुभव है। उन्होंने वर्ष 2010 में चैपल-हेडली शृंखला के दौरा राष्ट्रीय टीम के साथ कोचिंग स्टाफ में कुछ समय बिताया था। हम राष्ट्रीय टीम के लिए उनकी सेवाओं को प्राप्त करने के लिए भाग्यशाली रहे हैं। इससे पहले, हेसन न्यूजीलैंड की घरेलू टीम ओटागो और केन्या की राष्ट्रीय टीम के कोच रह चुके हैं। इस समय न्यूजीलैंड की टीम वेस्टइंडीज की दौरे पर गई हुई है। इस दौरे पर टीम के कोच जॉन राइट हैं।टिप्पणियां नवम्बर में कीवी टीम भारतीय दौरे पर आएगी। हेसन भारतीय दौरे पर कीवी टीम के साथ जुड़ेंगे। चार वर्षों से भी कम समय में हेसन न्यूजीलैंड के पांचवें कोच होंगे। एक वेबसाइट ने न्यूजीलैंड क्रिकेट के निदेशक जॉन बुकानन के हवाले से लिखा है, हाल में ओटागो टीम के लिए माइक प्रथम श्रेणी क्रिकेट के सफल कोच रहे हैं। उनके पास न्यूजीलैंड-'ए' टीम के साथ काम करने का अनुभव है। उन्होंने वर्ष 2010 में चैपल-हेडली शृंखला के दौरा राष्ट्रीय टीम के साथ कोचिंग स्टाफ में कुछ समय बिताया था। हम राष्ट्रीय टीम के लिए उनकी सेवाओं को प्राप्त करने के लिए भाग्यशाली रहे हैं। नवम्बर में कीवी टीम भारतीय दौरे पर आएगी। हेसन भारतीय दौरे पर कीवी टीम के साथ जुड़ेंगे। चार वर्षों से भी कम समय में हेसन न्यूजीलैंड के पांचवें कोच होंगे। एक वेबसाइट ने न्यूजीलैंड क्रिकेट के निदेशक जॉन बुकानन के हवाले से लिखा है, हाल में ओटागो टीम के लिए माइक प्रथम श्रेणी क्रिकेट के सफल कोच रहे हैं। उनके पास न्यूजीलैंड-'ए' टीम के साथ काम करने का अनुभव है। उन्होंने वर्ष 2010 में चैपल-हेडली शृंखला के दौरा राष्ट्रीय टीम के साथ कोचिंग स्टाफ में कुछ समय बिताया था। हम राष्ट्रीय टीम के लिए उनकी सेवाओं को प्राप्त करने के लिए भाग्यशाली रहे हैं। एक वेबसाइट ने न्यूजीलैंड क्रिकेट के निदेशक जॉन बुकानन के हवाले से लिखा है, हाल में ओटागो टीम के लिए माइक प्रथम श्रेणी क्रिकेट के सफल कोच रहे हैं। उनके पास न्यूजीलैंड-'ए' टीम के साथ काम करने का अनुभव है। उन्होंने वर्ष 2010 में चैपल-हेडली शृंखला के दौरा राष्ट्रीय टीम के साथ कोचिंग स्टाफ में कुछ समय बिताया था। हम राष्ट्रीय टीम के लिए उनकी सेवाओं को प्राप्त करने के लिए भाग्यशाली रहे हैं।
संक्षिप्त सारांश: माइक हेसन को न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम का कोच बनाया गया है। हेसन कीवी टीम के साथ 2015 विश्व कप तक जुड़े रहेंगे।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश में विधानसभा के पहले और दूसरे चरण के जिन 19 जिलों में मतदान होना है, वहां चुनाव प्रचार जोरों पर चल रहा है। मतदान की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है यहां सियासी सरगर्मी बढ़ती जा रही है। राजनीतिक दलों ने शुक्रवार को एक-दूसरे के खिलाफ जमकर निशाना साधा। दूसरी तरफ पांचवें चरण के लिए शुक्रवार को 245 उम्मीदवारों और छठे चरण के लिए 41 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया। पांचवें चरण का मतदान 23 फरवरी और छठे चरण का मतदान 28 फरवरी को है। कांग्रेस के गढ़ अमेठी और रायबरेली में पांच दिवसीय चुनाव प्रचार के लिए पहुंचीं प्रियंका वाड्रा ने गैर कांग्रेसी दलों पर जाति एवं धर्म के नाम पर जनता को गुमराह कर प्रदेश को विकास की दौर में पीछे धकेलने का आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में 22 साल से कांग्रेस के सत्ता से दूर रहने के कारण विकास नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की योजनाओं का पैसा आम जनता को नहीं मिलता, बल्कि वह कुछ लोगों की जेब में जाता है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने बहराइच और गोंडा में कांग्रेस-नीत केंद्र सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा, "यदि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार सौतेला व्यवहार न करती तो हमारी पार्टी की सरकार और बेहतर परिणाम देती।" उन्होंने कहा, "चालीस साल तक कांग्रेस ने प्रदेश में शासन किया लेकिन गलत आर्थिक नीतियों के कारण इस लम्बी अवधि में सर्वसमाज में गरीबी और बेरोजगारी बढ़ी।" समाजवादी पार्टी (सपा) मुखिया मुलायम सिंह यादव ने फैजाबाद और बाराबंकी में रैलियां कर मायावती सरकार को भ्रष्टतम सरकार बताते हुए लोगों से इसे बदलने की अपील की। उन्होंने वादा किया कि सपा की सरकार बनने पर किसानों, बुनकरों, युवाओं और छात्रों के हितों के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे। वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने गोंडा और बस्ती में जनसभाएं कर मायावती सरकार पर जमकर निशाना साथा। उन्होंने कहा कि भाजपा ही उत्तर प्रदेश के सुशासन और विकास के रास्ते पर ले जा सकती है। सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आजमगढ़ में जनसभा के दौरान कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला सामने आने के बाद कांग्रेस के केंद्र सरकार सवालों के घेरे में है। कांग्रेस नेताओं को जनता के बीच जवाब देना पड़ेगा।टिप्पणियां भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने आजमगढ़ में जनसभा के दौरान कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस तीनों पार्टियां भ्रष्टाचार में एक-दूसरे की सहयोगी हैं। भाजपा नेता राजनाथ सिंह ने श्रावस्ती, बलरामपुर और महराजगंज में जनसभाएं कीं, तो कांग्रेस नेता एवं केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने बाराबंकी और अम्बेडकर नगर में चुनावी रैलियों को सम्बोधित किया। मतदान की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है यहां सियासी सरगर्मी बढ़ती जा रही है। राजनीतिक दलों ने शुक्रवार को एक-दूसरे के खिलाफ जमकर निशाना साधा। दूसरी तरफ पांचवें चरण के लिए शुक्रवार को 245 उम्मीदवारों और छठे चरण के लिए 41 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया। पांचवें चरण का मतदान 23 फरवरी और छठे चरण का मतदान 28 फरवरी को है। कांग्रेस के गढ़ अमेठी और रायबरेली में पांच दिवसीय चुनाव प्रचार के लिए पहुंचीं प्रियंका वाड्रा ने गैर कांग्रेसी दलों पर जाति एवं धर्म के नाम पर जनता को गुमराह कर प्रदेश को विकास की दौर में पीछे धकेलने का आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में 22 साल से कांग्रेस के सत्ता से दूर रहने के कारण विकास नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की योजनाओं का पैसा आम जनता को नहीं मिलता, बल्कि वह कुछ लोगों की जेब में जाता है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने बहराइच और गोंडा में कांग्रेस-नीत केंद्र सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा, "यदि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार सौतेला व्यवहार न करती तो हमारी पार्टी की सरकार और बेहतर परिणाम देती।" उन्होंने कहा, "चालीस साल तक कांग्रेस ने प्रदेश में शासन किया लेकिन गलत आर्थिक नीतियों के कारण इस लम्बी अवधि में सर्वसमाज में गरीबी और बेरोजगारी बढ़ी।" समाजवादी पार्टी (सपा) मुखिया मुलायम सिंह यादव ने फैजाबाद और बाराबंकी में रैलियां कर मायावती सरकार को भ्रष्टतम सरकार बताते हुए लोगों से इसे बदलने की अपील की। उन्होंने वादा किया कि सपा की सरकार बनने पर किसानों, बुनकरों, युवाओं और छात्रों के हितों के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे। वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने गोंडा और बस्ती में जनसभाएं कर मायावती सरकार पर जमकर निशाना साथा। उन्होंने कहा कि भाजपा ही उत्तर प्रदेश के सुशासन और विकास के रास्ते पर ले जा सकती है। सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आजमगढ़ में जनसभा के दौरान कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला सामने आने के बाद कांग्रेस के केंद्र सरकार सवालों के घेरे में है। कांग्रेस नेताओं को जनता के बीच जवाब देना पड़ेगा।टिप्पणियां भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने आजमगढ़ में जनसभा के दौरान कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस तीनों पार्टियां भ्रष्टाचार में एक-दूसरे की सहयोगी हैं। भाजपा नेता राजनाथ सिंह ने श्रावस्ती, बलरामपुर और महराजगंज में जनसभाएं कीं, तो कांग्रेस नेता एवं केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने बाराबंकी और अम्बेडकर नगर में चुनावी रैलियों को सम्बोधित किया। दूसरी तरफ पांचवें चरण के लिए शुक्रवार को 245 उम्मीदवारों और छठे चरण के लिए 41 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया। पांचवें चरण का मतदान 23 फरवरी और छठे चरण का मतदान 28 फरवरी को है। कांग्रेस के गढ़ अमेठी और रायबरेली में पांच दिवसीय चुनाव प्रचार के लिए पहुंचीं प्रियंका वाड्रा ने गैर कांग्रेसी दलों पर जाति एवं धर्म के नाम पर जनता को गुमराह कर प्रदेश को विकास की दौर में पीछे धकेलने का आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में 22 साल से कांग्रेस के सत्ता से दूर रहने के कारण विकास नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की योजनाओं का पैसा आम जनता को नहीं मिलता, बल्कि वह कुछ लोगों की जेब में जाता है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने बहराइच और गोंडा में कांग्रेस-नीत केंद्र सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा, "यदि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार सौतेला व्यवहार न करती तो हमारी पार्टी की सरकार और बेहतर परिणाम देती।" उन्होंने कहा, "चालीस साल तक कांग्रेस ने प्रदेश में शासन किया लेकिन गलत आर्थिक नीतियों के कारण इस लम्बी अवधि में सर्वसमाज में गरीबी और बेरोजगारी बढ़ी।" समाजवादी पार्टी (सपा) मुखिया मुलायम सिंह यादव ने फैजाबाद और बाराबंकी में रैलियां कर मायावती सरकार को भ्रष्टतम सरकार बताते हुए लोगों से इसे बदलने की अपील की। उन्होंने वादा किया कि सपा की सरकार बनने पर किसानों, बुनकरों, युवाओं और छात्रों के हितों के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे। वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने गोंडा और बस्ती में जनसभाएं कर मायावती सरकार पर जमकर निशाना साथा। उन्होंने कहा कि भाजपा ही उत्तर प्रदेश के सुशासन और विकास के रास्ते पर ले जा सकती है। सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आजमगढ़ में जनसभा के दौरान कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला सामने आने के बाद कांग्रेस के केंद्र सरकार सवालों के घेरे में है। कांग्रेस नेताओं को जनता के बीच जवाब देना पड़ेगा।टिप्पणियां भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने आजमगढ़ में जनसभा के दौरान कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस तीनों पार्टियां भ्रष्टाचार में एक-दूसरे की सहयोगी हैं। भाजपा नेता राजनाथ सिंह ने श्रावस्ती, बलरामपुर और महराजगंज में जनसभाएं कीं, तो कांग्रेस नेता एवं केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने बाराबंकी और अम्बेडकर नगर में चुनावी रैलियों को सम्बोधित किया। कांग्रेस के गढ़ अमेठी और रायबरेली में पांच दिवसीय चुनाव प्रचार के लिए पहुंचीं प्रियंका वाड्रा ने गैर कांग्रेसी दलों पर जाति एवं धर्म के नाम पर जनता को गुमराह कर प्रदेश को विकास की दौर में पीछे धकेलने का आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में 22 साल से कांग्रेस के सत्ता से दूर रहने के कारण विकास नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की योजनाओं का पैसा आम जनता को नहीं मिलता, बल्कि वह कुछ लोगों की जेब में जाता है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने बहराइच और गोंडा में कांग्रेस-नीत केंद्र सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा, "यदि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार सौतेला व्यवहार न करती तो हमारी पार्टी की सरकार और बेहतर परिणाम देती।" उन्होंने कहा, "चालीस साल तक कांग्रेस ने प्रदेश में शासन किया लेकिन गलत आर्थिक नीतियों के कारण इस लम्बी अवधि में सर्वसमाज में गरीबी और बेरोजगारी बढ़ी।" समाजवादी पार्टी (सपा) मुखिया मुलायम सिंह यादव ने फैजाबाद और बाराबंकी में रैलियां कर मायावती सरकार को भ्रष्टतम सरकार बताते हुए लोगों से इसे बदलने की अपील की। उन्होंने वादा किया कि सपा की सरकार बनने पर किसानों, बुनकरों, युवाओं और छात्रों के हितों के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे। वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने गोंडा और बस्ती में जनसभाएं कर मायावती सरकार पर जमकर निशाना साथा। उन्होंने कहा कि भाजपा ही उत्तर प्रदेश के सुशासन और विकास के रास्ते पर ले जा सकती है। सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आजमगढ़ में जनसभा के दौरान कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला सामने आने के बाद कांग्रेस के केंद्र सरकार सवालों के घेरे में है। कांग्रेस नेताओं को जनता के बीच जवाब देना पड़ेगा।टिप्पणियां भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने आजमगढ़ में जनसभा के दौरान कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस तीनों पार्टियां भ्रष्टाचार में एक-दूसरे की सहयोगी हैं। भाजपा नेता राजनाथ सिंह ने श्रावस्ती, बलरामपुर और महराजगंज में जनसभाएं कीं, तो कांग्रेस नेता एवं केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने बाराबंकी और अम्बेडकर नगर में चुनावी रैलियों को सम्बोधित किया। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने बहराइच और गोंडा में कांग्रेस-नीत केंद्र सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा, "यदि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार सौतेला व्यवहार न करती तो हमारी पार्टी की सरकार और बेहतर परिणाम देती।" उन्होंने कहा, "चालीस साल तक कांग्रेस ने प्रदेश में शासन किया लेकिन गलत आर्थिक नीतियों के कारण इस लम्बी अवधि में सर्वसमाज में गरीबी और बेरोजगारी बढ़ी।" समाजवादी पार्टी (सपा) मुखिया मुलायम सिंह यादव ने फैजाबाद और बाराबंकी में रैलियां कर मायावती सरकार को भ्रष्टतम सरकार बताते हुए लोगों से इसे बदलने की अपील की। उन्होंने वादा किया कि सपा की सरकार बनने पर किसानों, बुनकरों, युवाओं और छात्रों के हितों के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे। वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने गोंडा और बस्ती में जनसभाएं कर मायावती सरकार पर जमकर निशाना साथा। उन्होंने कहा कि भाजपा ही उत्तर प्रदेश के सुशासन और विकास के रास्ते पर ले जा सकती है। सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आजमगढ़ में जनसभा के दौरान कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला सामने आने के बाद कांग्रेस के केंद्र सरकार सवालों के घेरे में है। कांग्रेस नेताओं को जनता के बीच जवाब देना पड़ेगा।टिप्पणियां भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने आजमगढ़ में जनसभा के दौरान कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस तीनों पार्टियां भ्रष्टाचार में एक-दूसरे की सहयोगी हैं। भाजपा नेता राजनाथ सिंह ने श्रावस्ती, बलरामपुर और महराजगंज में जनसभाएं कीं, तो कांग्रेस नेता एवं केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने बाराबंकी और अम्बेडकर नगर में चुनावी रैलियों को सम्बोधित किया। समाजवादी पार्टी (सपा) मुखिया मुलायम सिंह यादव ने फैजाबाद और बाराबंकी में रैलियां कर मायावती सरकार को भ्रष्टतम सरकार बताते हुए लोगों से इसे बदलने की अपील की। उन्होंने वादा किया कि सपा की सरकार बनने पर किसानों, बुनकरों, युवाओं और छात्रों के हितों के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे। वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने गोंडा और बस्ती में जनसभाएं कर मायावती सरकार पर जमकर निशाना साथा। उन्होंने कहा कि भाजपा ही उत्तर प्रदेश के सुशासन और विकास के रास्ते पर ले जा सकती है। सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आजमगढ़ में जनसभा के दौरान कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला सामने आने के बाद कांग्रेस के केंद्र सरकार सवालों के घेरे में है। कांग्रेस नेताओं को जनता के बीच जवाब देना पड़ेगा।टिप्पणियां भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने आजमगढ़ में जनसभा के दौरान कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस तीनों पार्टियां भ्रष्टाचार में एक-दूसरे की सहयोगी हैं। भाजपा नेता राजनाथ सिंह ने श्रावस्ती, बलरामपुर और महराजगंज में जनसभाएं कीं, तो कांग्रेस नेता एवं केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने बाराबंकी और अम्बेडकर नगर में चुनावी रैलियों को सम्बोधित किया। वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने गोंडा और बस्ती में जनसभाएं कर मायावती सरकार पर जमकर निशाना साथा। उन्होंने कहा कि भाजपा ही उत्तर प्रदेश के सुशासन और विकास के रास्ते पर ले जा सकती है। सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आजमगढ़ में जनसभा के दौरान कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला सामने आने के बाद कांग्रेस के केंद्र सरकार सवालों के घेरे में है। कांग्रेस नेताओं को जनता के बीच जवाब देना पड़ेगा।टिप्पणियां भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने आजमगढ़ में जनसभा के दौरान कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस तीनों पार्टियां भ्रष्टाचार में एक-दूसरे की सहयोगी हैं। भाजपा नेता राजनाथ सिंह ने श्रावस्ती, बलरामपुर और महराजगंज में जनसभाएं कीं, तो कांग्रेस नेता एवं केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने बाराबंकी और अम्बेडकर नगर में चुनावी रैलियों को सम्बोधित किया। सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आजमगढ़ में जनसभा के दौरान कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला सामने आने के बाद कांग्रेस के केंद्र सरकार सवालों के घेरे में है। कांग्रेस नेताओं को जनता के बीच जवाब देना पड़ेगा।टिप्पणियां भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने आजमगढ़ में जनसभा के दौरान कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस तीनों पार्टियां भ्रष्टाचार में एक-दूसरे की सहयोगी हैं। भाजपा नेता राजनाथ सिंह ने श्रावस्ती, बलरामपुर और महराजगंज में जनसभाएं कीं, तो कांग्रेस नेता एवं केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने बाराबंकी और अम्बेडकर नगर में चुनावी रैलियों को सम्बोधित किया। भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने आजमगढ़ में जनसभा के दौरान कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस तीनों पार्टियां भ्रष्टाचार में एक-दूसरे की सहयोगी हैं। भाजपा नेता राजनाथ सिंह ने श्रावस्ती, बलरामपुर और महराजगंज में जनसभाएं कीं, तो कांग्रेस नेता एवं केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने बाराबंकी और अम्बेडकर नगर में चुनावी रैलियों को सम्बोधित किया। भाजपा नेता राजनाथ सिंह ने श्रावस्ती, बलरामपुर और महराजगंज में जनसभाएं कीं, तो कांग्रेस नेता एवं केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने बाराबंकी और अम्बेडकर नगर में चुनावी रैलियों को सम्बोधित किया।
यहाँ एक सारांश है:उत्तर प्रदेश में विधानसभा के पहले और दूसरे चरण के जिन 19 जिलों में मतदान होना है, वहां चुनाव प्रचार जोरों पर चल रहा है।
15
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गुजरात में वर्ष 2002 में हुए दंगों की जांच कर रहे नानावती आयोग ने बुधवार को गुप्तचर शाखा के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) को एक रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट में सूचना देनी है कि दंगों से संबंधित राज्य गुप्तचर ब्यूरो (एसआईबी) की कौन सी जानकारी उपलब्ध थी और कौन सी नष्ट कर दी गईं। जन संघर्ष मंच (जेएसएम) नाम के एक गैर सरकारी संगठन ने आयोग से राज्य सरकार को एसआईबी की सूचनाओं के गायब होने संबंधी स्पष्टीकरण देने का निर्देश देने की मांग की थी। इसी याचिका पर न्यायमूर्ति जीटी नानावती और न्यायमूर्ति अक्षय मेहता ने एडीजीपी को 10 दिनों के अंदर यह रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया। गौरतलब है कि 29 जून को सरकार के वकील एस बी वकील ने संवाददाताओं को बताया था कि सरकारी नियमों के अनुसार वर्ष 2007 में इन दंगों से संबंधित फोन रिकॉर्ड, अधिकारियों की गतिविधि की सूची और वाहन लॉगबुक को नष्ट कर दिया गया। हालांकि बाद में राज्य के गृह विभाग ने दंगों से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध होने की बात कही थी। साथ ही सरकार ने यह भी कहा था कि एसआईबी की कुछ अस्थायी प्रकृति की सूचनाओं को नियमों के अनुसार नष्ट कर दिया गया। जेएसएम ने आयोग से राज्य के गृह सचिव को यह निर्देश देने को कहा है कि 27 फरवरी से 31 मई 2002 की अवधि के दौरान के किन दस्तावेजों को नष्ट किया गया। इसके अलावा 27 फरवरी से तीन मार्च 2002 की अवधि के दौरान पूर्व पुलिस महानिदेशक चक्रवर्ती, पूर्व एडीजीपी जी सी रायगर, पूर्व पुलिस आयुक्त पी सी पांडे और एसआईबी के उपायुक्त संजीव भट्ट के वाहनों की गतिविधि की सूची भी देखे जाने की मांग की गई है। राज्य सरकार ने जिन दस्तावेजों को नष्ट करने का दावा किया है, उसका प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत करने की मांग की गई है।
नानावती आयोग ने गुप्तचर शाखा के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक को एक रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है।
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा एवं उनके पति पाकिस्तानी क्रिकेट खिलाड़ी शोएब मलिक रियलिटी शो 'नच बलिए-5' में कदम थिरकाते नजर आएंगे। यद्यपि इस चर्चित जोड़ी के कार्यक्रम में भाग लेने की अटकलें लग रही थीं। अब इन अटकलों पर विराम लग गया है। सानिया एवं शोएब के भाग लेने की औपचारिक घोषणा बुधवार को की जाएगी। सूत्रों के अनुसार सानिया एवं शोएब अतिथि के रूप में सिर्फ एक या दो कड़ियों में भाग लेंगे। सानिया-शोएब के भाग लेने पर स्टार प्लस के महाप्रबंधक नचिकेत पंत ने मंगलवार को कहा, मैं बिग स्टार एंटरटेनमेंट अवार्ड्स में सानिया से मिला था। देखते हैं।टिप्पणियां 'नच बलिए-5' का प्रसारण 29 दिसम्बर से स्टार प्लस पर होगा। इस शो में सानिया-शोएब के अलावा 11 सेलिब्रेटी जोड़े भाग लेंगी। कार्यक्रम में निर्णायक बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी, फिल्म निर्देशक साजिद खान एवं नृत्य निर्देशक टेरेंस लेविस होंगे। यद्यपि इस चर्चित जोड़ी के कार्यक्रम में भाग लेने की अटकलें लग रही थीं। अब इन अटकलों पर विराम लग गया है। सानिया एवं शोएब के भाग लेने की औपचारिक घोषणा बुधवार को की जाएगी। सूत्रों के अनुसार सानिया एवं शोएब अतिथि के रूप में सिर्फ एक या दो कड़ियों में भाग लेंगे। सानिया-शोएब के भाग लेने पर स्टार प्लस के महाप्रबंधक नचिकेत पंत ने मंगलवार को कहा, मैं बिग स्टार एंटरटेनमेंट अवार्ड्स में सानिया से मिला था। देखते हैं।टिप्पणियां 'नच बलिए-5' का प्रसारण 29 दिसम्बर से स्टार प्लस पर होगा। इस शो में सानिया-शोएब के अलावा 11 सेलिब्रेटी जोड़े भाग लेंगी। कार्यक्रम में निर्णायक बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी, फिल्म निर्देशक साजिद खान एवं नृत्य निर्देशक टेरेंस लेविस होंगे। सूत्रों के अनुसार सानिया एवं शोएब अतिथि के रूप में सिर्फ एक या दो कड़ियों में भाग लेंगे। सानिया-शोएब के भाग लेने पर स्टार प्लस के महाप्रबंधक नचिकेत पंत ने मंगलवार को कहा, मैं बिग स्टार एंटरटेनमेंट अवार्ड्स में सानिया से मिला था। देखते हैं।टिप्पणियां 'नच बलिए-5' का प्रसारण 29 दिसम्बर से स्टार प्लस पर होगा। इस शो में सानिया-शोएब के अलावा 11 सेलिब्रेटी जोड़े भाग लेंगी। कार्यक्रम में निर्णायक बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी, फिल्म निर्देशक साजिद खान एवं नृत्य निर्देशक टेरेंस लेविस होंगे। 'नच बलिए-5' का प्रसारण 29 दिसम्बर से स्टार प्लस पर होगा। इस शो में सानिया-शोएब के अलावा 11 सेलिब्रेटी जोड़े भाग लेंगी। कार्यक्रम में निर्णायक बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी, फिल्म निर्देशक साजिद खान एवं नृत्य निर्देशक टेरेंस लेविस होंगे। कार्यक्रम में निर्णायक बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी, फिल्म निर्देशक साजिद खान एवं नृत्य निर्देशक टेरेंस लेविस होंगे।
यहाँ एक सारांश है:टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा एवं उनके पति पाकिस्तानी क्रिकेट खिलाड़ी शोएब मलिक रियलिटी शो 'नच बलिए-5' में कदम थिरकाते नजर आएंगे।
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन 12 दिन तक नक्सलवादियों की कैद में रहने के बाद सकुशल घर पहुंच गए हैं। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में स्थित सुकमा जिले के कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन शुक्रवार सुबह हेलीकॉप्टर से माओवादियों के मध्यस्थ बीडी शर्मा और प्रोफेसर हरगोपाल के साथ चिंतलनार से सुकमा पहुंचे। सुकमा पहुंचने के बाद कलेक्टर सीधे अपने सरकारी आवास पहुंचे। इस दौरान उनके साथ बस्तर क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। घर पहुंचने के बाद वहां मौजूद उनकी पत्नी आशा मेनन और उनके परिजनों ने आरती उतारकर उनका स्वागत किया। वहीं मेनन ने वहां मौजूद लोगों से कहा कि वे स्वस्थ्य हैं और उन्होंने सबको धन्यवाद दिया।टिप्पणियां राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार की शाम मेनन के रिहा होने के बाद उन्हें चिंतलनार में स्थित सीआरपीएफ के शिविर में ले जाया गया तथा उनके स्वास्थ्य की जांच की गई। राज्य के वरिष्ठ अधिकारी कलेक्टर मेनन से अभी तक के घटनाक्रम के बारे में जानकारी लेंगे। एलेक्स पॉल का माओवादियों ने 21 अप्रैल को जिले के मांझीपारा गांव से अपहरण कर लिया था। इस दौरान माओवादियों ने उनके दो सुरक्षाकर्मियों की हत्या भी कर दी थी। कलेक्टर की रिहाई के लिए राज्य सरकार की ओर से मध्यस्थ निर्मला बुच और एसके मिश्रा तथा माओवादियों की ओर से बीडी शर्मा और प्रोफेसर हरगोपाल ने पांच दौर की लंबी बातचीत की थी। इसके बाद राज्य सरकार और माओवादियों के वार्ताकारों के मध्य एक समझौता हुआ, जिसके तहत राज्य के जेलों में बंद आदिवासियों के मामले की जांच और सुनवाई की प्रगति की समीक्षा के लिए निर्मला बुच की अध्यक्षता में एक उच्चाधिकार समिति का गठन किया गया है। इसके बाद माओवादियों ने 12 दिनों के बाद गुरुवार को ताड़मेटला में कलेक्टर मेनन को अपने मध्यस्थ बीडी शर्मा और प्रोफेसर हरगोपाल को सौंप दिया था। इसके बाद कलेक्टर मेनन चिंतलनार में ही रुक गए थे तथा शुक्रवार सुबह अपने घर सुकमा पहुंचे। सुकमा पहुंचने के बाद कलेक्टर सीधे अपने सरकारी आवास पहुंचे। इस दौरान उनके साथ बस्तर क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। घर पहुंचने के बाद वहां मौजूद उनकी पत्नी आशा मेनन और उनके परिजनों ने आरती उतारकर उनका स्वागत किया। वहीं मेनन ने वहां मौजूद लोगों से कहा कि वे स्वस्थ्य हैं और उन्होंने सबको धन्यवाद दिया।टिप्पणियां राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार की शाम मेनन के रिहा होने के बाद उन्हें चिंतलनार में स्थित सीआरपीएफ के शिविर में ले जाया गया तथा उनके स्वास्थ्य की जांच की गई। राज्य के वरिष्ठ अधिकारी कलेक्टर मेनन से अभी तक के घटनाक्रम के बारे में जानकारी लेंगे। एलेक्स पॉल का माओवादियों ने 21 अप्रैल को जिले के मांझीपारा गांव से अपहरण कर लिया था। इस दौरान माओवादियों ने उनके दो सुरक्षाकर्मियों की हत्या भी कर दी थी। कलेक्टर की रिहाई के लिए राज्य सरकार की ओर से मध्यस्थ निर्मला बुच और एसके मिश्रा तथा माओवादियों की ओर से बीडी शर्मा और प्रोफेसर हरगोपाल ने पांच दौर की लंबी बातचीत की थी। इसके बाद राज्य सरकार और माओवादियों के वार्ताकारों के मध्य एक समझौता हुआ, जिसके तहत राज्य के जेलों में बंद आदिवासियों के मामले की जांच और सुनवाई की प्रगति की समीक्षा के लिए निर्मला बुच की अध्यक्षता में एक उच्चाधिकार समिति का गठन किया गया है। इसके बाद माओवादियों ने 12 दिनों के बाद गुरुवार को ताड़मेटला में कलेक्टर मेनन को अपने मध्यस्थ बीडी शर्मा और प्रोफेसर हरगोपाल को सौंप दिया था। इसके बाद कलेक्टर मेनन चिंतलनार में ही रुक गए थे तथा शुक्रवार सुबह अपने घर सुकमा पहुंचे। राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार की शाम मेनन के रिहा होने के बाद उन्हें चिंतलनार में स्थित सीआरपीएफ के शिविर में ले जाया गया तथा उनके स्वास्थ्य की जांच की गई। राज्य के वरिष्ठ अधिकारी कलेक्टर मेनन से अभी तक के घटनाक्रम के बारे में जानकारी लेंगे। एलेक्स पॉल का माओवादियों ने 21 अप्रैल को जिले के मांझीपारा गांव से अपहरण कर लिया था। इस दौरान माओवादियों ने उनके दो सुरक्षाकर्मियों की हत्या भी कर दी थी। कलेक्टर की रिहाई के लिए राज्य सरकार की ओर से मध्यस्थ निर्मला बुच और एसके मिश्रा तथा माओवादियों की ओर से बीडी शर्मा और प्रोफेसर हरगोपाल ने पांच दौर की लंबी बातचीत की थी। इसके बाद राज्य सरकार और माओवादियों के वार्ताकारों के मध्य एक समझौता हुआ, जिसके तहत राज्य के जेलों में बंद आदिवासियों के मामले की जांच और सुनवाई की प्रगति की समीक्षा के लिए निर्मला बुच की अध्यक्षता में एक उच्चाधिकार समिति का गठन किया गया है। इसके बाद माओवादियों ने 12 दिनों के बाद गुरुवार को ताड़मेटला में कलेक्टर मेनन को अपने मध्यस्थ बीडी शर्मा और प्रोफेसर हरगोपाल को सौंप दिया था। इसके बाद कलेक्टर मेनन चिंतलनार में ही रुक गए थे तथा शुक्रवार सुबह अपने घर सुकमा पहुंचे। कलेक्टर की रिहाई के लिए राज्य सरकार की ओर से मध्यस्थ निर्मला बुच और एसके मिश्रा तथा माओवादियों की ओर से बीडी शर्मा और प्रोफेसर हरगोपाल ने पांच दौर की लंबी बातचीत की थी। इसके बाद राज्य सरकार और माओवादियों के वार्ताकारों के मध्य एक समझौता हुआ, जिसके तहत राज्य के जेलों में बंद आदिवासियों के मामले की जांच और सुनवाई की प्रगति की समीक्षा के लिए निर्मला बुच की अध्यक्षता में एक उच्चाधिकार समिति का गठन किया गया है। इसके बाद माओवादियों ने 12 दिनों के बाद गुरुवार को ताड़मेटला में कलेक्टर मेनन को अपने मध्यस्थ बीडी शर्मा और प्रोफेसर हरगोपाल को सौंप दिया था। इसके बाद कलेक्टर मेनन चिंतलनार में ही रुक गए थे तथा शुक्रवार सुबह अपने घर सुकमा पहुंचे।
यह एक सारांश है: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के डीएम एलेक्स पॉल मेनन माओवादियों की कैद से छूटने के बाद सुबह अपने आधिकारिक बंगले पर पहुंचे, जहां परिवार वालों ने उनका स्वागत किया।
2
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: स्वान टेलीकाम के प्रवर्तक शाहिद बलवा ने सोमवार को आरोप लगाया कि सरकार को स्पेक्ट्रम के लिए लाइसेंस आवंटन में जिस भारी भरकम 30,000 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है, उसमें सबसे अधिक योगदान टाटा का है। बलवा के वकील माजिद मेमन ने विशेष सीबीआई जज ओपी सैनी की अदालत में कहा, टाटा की वजह से सरकार को 4,930 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है, वहीं घाटा पहुंचाने वाली सूची में स्वान टेलीकाम 2,624 करोड़ रुपये के साथ सातवें स्थान पर है। मेमन ने कहा, नुकसान में सबसे ज्यादा योगदान टाटा का है। कोई व्यक्ति इस बात के साथ अदालत आया था कि टाटा पर भी आरोप लगना चाहिए, जिससे इस मामले पर निर्णय निष्पक्ष तरीके से हो सके, पर उस आवेदन को खारिज कर दिया गया और जुर्माना भी लगा दिया गया। नौ आवेदकों के बीच 22 सर्कलों के लिए 122 लाइसेंस दिए गए थे, पर सभी पर आरोप नहीं लगाया गया है। सुनवाई के दौरान बलवा ने खुद करीब पांच मिनट तक दलील दी। बलवा ने कहा कि टाटा ने हिस्सेदारी बेचकर अप्रत्याशित लाभ कमाया। बलवा ने आरोप लगाया कि सिर्फ टाटा ऐसी कंपनी थी जिससे शेयर बेचे। इससे उसे 12,000 करोड़ रुपये मिले, इसमें से 3,000 करोड़ रुपये टाटा संस की जेब में गए। वहीं सिर्फ 9,000 करोड़ रुपये कंपनी में डाले गए। इस बीच, बलवा ने आरोप लगाया है कि सीबीआई ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज दिल्ली की अदालत को नहीं दिखाए हैं। बलवा के वकील मेमन ने एजेंसी के खिलाफ अपने आरोपों को मजबूती देने के लिये तत्कालीन विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी तथा तत्कालीन सालिसिटर जनरल के बीच आवंटन नीति में कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर हुई निजी बातचीत का उदाहरण दिया। मेमन ने कहा, आवंटन नीति पर विदेश मंत्री और सालिसिटर जनरल के बीच निजी बातचीत हुई थी। सीबीआई को सभी दस्तावेज अदालत के समक्ष रखने चाहिए।
संक्षिप्त सारांश: टाटा की वजह से सरकार को 4,930 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है, वहीं घाटा पहुंचाने वाली सूची में स्वान 2,624 करोड़ रुपये के साथ 7वें स्थान पर है।
10
['hin']
एक सारांश बनाओ: सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन ने अमेरिकी बाजार में बेचे गए 1,02,000 वाहनों का वापस लेने का फैसला किया है। कंपनी ने इस बारे में अमेरिकी अधिकारियों को सूचित किया है।टिप्पणियां जानकार सूत्रों का कहना है कि इन वाहनों की हेडलाइट नहीं जल पा रही है, क्योंकि इनकी वायरिंग में कुछ समस्या है। कंपनी ने हेडलाइटों को ठीक करने के लिए वाहनों को बाजार से वापस लेने का फैसला किया है। जिन वाहनों को बाजार से वापस लिया जा रहा है, उनमें 2004 से 2006 के दौरान विनिर्मित फोरेंजा वाहन के अलावा 2005 और 2006 के दौरान के रेनो वाहन शामिल हैं। इस बीच, इसुजु मोटर्स लि. और जनरल मोटर्स अमेरिका और कनाडा में बिके 2,58,000 स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहनों को बाजार से लेने का फैसला किया है। इन वाहनों के पॉवर विंडो में शॉर्ट सर्किट तथा डोर लॉक स्विच में कुछ समस्या है। जानकार सूत्रों का कहना है कि इन वाहनों की हेडलाइट नहीं जल पा रही है, क्योंकि इनकी वायरिंग में कुछ समस्या है। कंपनी ने हेडलाइटों को ठीक करने के लिए वाहनों को बाजार से वापस लेने का फैसला किया है। जिन वाहनों को बाजार से वापस लिया जा रहा है, उनमें 2004 से 2006 के दौरान विनिर्मित फोरेंजा वाहन के अलावा 2005 और 2006 के दौरान के रेनो वाहन शामिल हैं। इस बीच, इसुजु मोटर्स लि. और जनरल मोटर्स अमेरिका और कनाडा में बिके 2,58,000 स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहनों को बाजार से लेने का फैसला किया है। इन वाहनों के पॉवर विंडो में शॉर्ट सर्किट तथा डोर लॉक स्विच में कुछ समस्या है। जिन वाहनों को बाजार से वापस लिया जा रहा है, उनमें 2004 से 2006 के दौरान विनिर्मित फोरेंजा वाहन के अलावा 2005 और 2006 के दौरान के रेनो वाहन शामिल हैं। इस बीच, इसुजु मोटर्स लि. और जनरल मोटर्स अमेरिका और कनाडा में बिके 2,58,000 स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहनों को बाजार से लेने का फैसला किया है। इन वाहनों के पॉवर विंडो में शॉर्ट सर्किट तथा डोर लॉक स्विच में कुछ समस्या है।
यहाँ एक सारांश है:सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन ने अमेरिकी बाजार में बेचे गए 1,02,000 वाहनों का वापस लेने का फैसला किया है, जिनकी हेडलाइट नहीं जल पा रही हैं।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान के सिंध प्रांत में देर रात रेल पटरी पर हुए बम हमले में एक ट्रेन चपेट में आ गई, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और एक दर्जन अन्य घायल हुए।टिप्पणियां पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जैकबाबाद जिले के थुल कस्बे के पास देर रात 2 बजे हुए विस्फोट के बाद खुशाल एक्सप्रेस के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। यह ट्रेन सिंध प्रांत की राजधानी कराची से पेशावर जा रही थी। पुलिस ने कहा कि अगर डिब्बे पलट जाते तो हताहतों की संख्या ज्यादा होती। घायलों को पास के अस्पताल में ले जाया गया। इससे पहले, सिंध के कुछ संगठनों ने प्रांत में रेल पटरियों के बम हमलों की जिम्मेदारी ली थी। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जैकबाबाद जिले के थुल कस्बे के पास देर रात 2 बजे हुए विस्फोट के बाद खुशाल एक्सप्रेस के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। यह ट्रेन सिंध प्रांत की राजधानी कराची से पेशावर जा रही थी। पुलिस ने कहा कि अगर डिब्बे पलट जाते तो हताहतों की संख्या ज्यादा होती। घायलों को पास के अस्पताल में ले जाया गया। इससे पहले, सिंध के कुछ संगठनों ने प्रांत में रेल पटरियों के बम हमलों की जिम्मेदारी ली थी। पुलिस ने कहा कि अगर डिब्बे पलट जाते तो हताहतों की संख्या ज्यादा होती। घायलों को पास के अस्पताल में ले जाया गया। इससे पहले, सिंध के कुछ संगठनों ने प्रांत में रेल पटरियों के बम हमलों की जिम्मेदारी ली थी।
यह एक सारांश है: पाकिस्तान के सिंध प्रांत में देर रात रेल पटरी पर हुए बम हमले में एक ट्रेन चपेट में आ गई, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और एक दर्जन अन्य घायल हुए।
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: जम्मू-कश्मीर को मिला राज्य का दर्जा गुरुवार को खत्म हो जाएगा और इसके साथ ही उसे औपचारिक रूप से दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया जाएगा. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेशों के नए उपराज्यपाल (एलजी) क्रमश: गिरीश चंद्र मुर्मू और आर के माथुर गुरुवार को पदभार ग्रहण करेंगे. इस सिलसिले में श्रीनगर और लेह में दो अलग-अलग शपथ ग्रहण समारोहों का आयोजन किया जाएगा. जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल, मुर्मू और माथुर दोनों को शपथ दिलाएंगी. जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन कानून, 2019 के अनुसार दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नियुक्ति का दिन 31 अक्टूबर होगा और ये केंद्र शासित प्रदेश आधी रात (बुधवार-गुरुवार) को अस्तित्व में आएंगे. ऐसे कई उदाहरण हैं जब किसी केंद्र शासित प्रदेश को राज्य में बदला गया हो या एक राज्य को दो राज्यों में बांटा गया हो, लेकिन ऐसा पहली बार है कि एक राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बदल दिया गया. इसके साथ ही देश में राज्यों की संख्या 28 और केंद्र शासित प्रदेशों की संख्या 9 हो जाएगी.  नरेंद्र मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को दिए गए विशेष राज्य का दर्जा खत्म करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने का फैसला किया था, जिसे संसद ने अपनी मंजूरी दी. भाजपा ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में जम्मू-कश्मीर को दिया गया विशेष राज्य का दर्जा खत्म करने की बात कही थी और मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के 90 दिनों के भीतर ही इस वादे को पूरा कर दिया. इस बारे में पांच अगस्त को फैसला किया गया.  कश्मीर के शासक महाराजा हरि सिंह ने 72 साल पहले 26 अक्टूबर, 1947 को भारत के साथ विलय संधि की थी, जिसके बाद यह रियासत भारत का अभिन्न हिस्सा बन गई.
संक्षिप्त पाठ: 31 अक्टूबर होगा केंद्र शासित प्रदेश में बांटने का दिन देश में 9 हो जाएगी केंद्र शासित प्रदेशों की संख्या गुरुवार को सरदार पटेल की भी है जयंती
27
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सोने पर आयात शुल्क बढ़ाकर आठ प्रतिशत करने के अगले ही दिन वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने आज बैंकों से कहा कि वह ग्राहकों को इस कीमती धातु में निवेश नहीं करने की सलाह दें। उन्होंने कहा कि सोने का बढ़ता आयात अधिक समय तक संभालना मुश्किल है। यहां भारतीय बैंक संघ (आईबीए) की वार्षिक आम सभा को संबोधित करते हुए चिदंबरम ने कहा, सोने के प्रति बढ़ते आकर्षण को हतोत्साहित करने में बैंकों की भूमिका अहम् हो सकती है। मैं सभी बैंकों से आग्रह करता हूं कि वे अपनी सभी शाखाओं को सलाह दे कि उन्हें ग्राहकों को सोना खरीदने अथवा उसमें निवेश के लिए प्रोत्साहित नहीं करना चाहिए।टिप्पणियां चिदंबरम ने कहा कि रिजर्व बैंक पहले ही बैंकों को यह सलाह दे चुका है कि बैंक सोने के सिक्के नहीं बेचेंगे। मुझे उम्मीद है कि जरूर एक समय आएगा जब हम सोने को भी दूसरी धातुओं की तरह देखेंगे और समझेंगे कि यह ऐसी धातु है जो तांबे या पीतल के मुकाबले केवल थोड़ी ज्यादा चमक रखती है। चालू खाते के घाटे (सीएडी) पर लगातार बढ़ते दबाव को देखते हुए सरकार ने सोने के आयात पर शुल्क दो प्रतिशत बढ़ाकर आठ प्रतिशत कर दिया। छह महीने के भीतर सोने के आयात शुल्क में यह दूसरी बार वृद्धि की गई हे। इससे पहले सरकार ने जनवरी में इसे चार से बढ़ाकर छह प्रतिशत किया था चालू खाते के बढ़ते घाटे पर चिंता व्यक्त करते हुए चिदंबरम ने कहा, सीएडी में सोने के आयात का प्रमुख योगदान रहा है। सोने के दाम में गिरावट से लाखों लोगों को खुशी हुई। शायद मैं इन लाखों में नहीं था। मैंने रिजर्व बैंक गवर्नर से कहा अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के दाम में गिरावट भारत के लिए अच्छी खबर नहीं है। हमारा डर सही निकला। यहां भारतीय बैंक संघ (आईबीए) की वार्षिक आम सभा को संबोधित करते हुए चिदंबरम ने कहा, सोने के प्रति बढ़ते आकर्षण को हतोत्साहित करने में बैंकों की भूमिका अहम् हो सकती है। मैं सभी बैंकों से आग्रह करता हूं कि वे अपनी सभी शाखाओं को सलाह दे कि उन्हें ग्राहकों को सोना खरीदने अथवा उसमें निवेश के लिए प्रोत्साहित नहीं करना चाहिए।टिप्पणियां चिदंबरम ने कहा कि रिजर्व बैंक पहले ही बैंकों को यह सलाह दे चुका है कि बैंक सोने के सिक्के नहीं बेचेंगे। मुझे उम्मीद है कि जरूर एक समय आएगा जब हम सोने को भी दूसरी धातुओं की तरह देखेंगे और समझेंगे कि यह ऐसी धातु है जो तांबे या पीतल के मुकाबले केवल थोड़ी ज्यादा चमक रखती है। चालू खाते के घाटे (सीएडी) पर लगातार बढ़ते दबाव को देखते हुए सरकार ने सोने के आयात पर शुल्क दो प्रतिशत बढ़ाकर आठ प्रतिशत कर दिया। छह महीने के भीतर सोने के आयात शुल्क में यह दूसरी बार वृद्धि की गई हे। इससे पहले सरकार ने जनवरी में इसे चार से बढ़ाकर छह प्रतिशत किया था चालू खाते के बढ़ते घाटे पर चिंता व्यक्त करते हुए चिदंबरम ने कहा, सीएडी में सोने के आयात का प्रमुख योगदान रहा है। सोने के दाम में गिरावट से लाखों लोगों को खुशी हुई। शायद मैं इन लाखों में नहीं था। मैंने रिजर्व बैंक गवर्नर से कहा अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के दाम में गिरावट भारत के लिए अच्छी खबर नहीं है। हमारा डर सही निकला। चिदंबरम ने कहा कि रिजर्व बैंक पहले ही बैंकों को यह सलाह दे चुका है कि बैंक सोने के सिक्के नहीं बेचेंगे। मुझे उम्मीद है कि जरूर एक समय आएगा जब हम सोने को भी दूसरी धातुओं की तरह देखेंगे और समझेंगे कि यह ऐसी धातु है जो तांबे या पीतल के मुकाबले केवल थोड़ी ज्यादा चमक रखती है। चालू खाते के घाटे (सीएडी) पर लगातार बढ़ते दबाव को देखते हुए सरकार ने सोने के आयात पर शुल्क दो प्रतिशत बढ़ाकर आठ प्रतिशत कर दिया। छह महीने के भीतर सोने के आयात शुल्क में यह दूसरी बार वृद्धि की गई हे। इससे पहले सरकार ने जनवरी में इसे चार से बढ़ाकर छह प्रतिशत किया था चालू खाते के बढ़ते घाटे पर चिंता व्यक्त करते हुए चिदंबरम ने कहा, सीएडी में सोने के आयात का प्रमुख योगदान रहा है। सोने के दाम में गिरावट से लाखों लोगों को खुशी हुई। शायद मैं इन लाखों में नहीं था। मैंने रिजर्व बैंक गवर्नर से कहा अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के दाम में गिरावट भारत के लिए अच्छी खबर नहीं है। हमारा डर सही निकला। चालू खाते के घाटे (सीएडी) पर लगातार बढ़ते दबाव को देखते हुए सरकार ने सोने के आयात पर शुल्क दो प्रतिशत बढ़ाकर आठ प्रतिशत कर दिया। छह महीने के भीतर सोने के आयात शुल्क में यह दूसरी बार वृद्धि की गई हे। इससे पहले सरकार ने जनवरी में इसे चार से बढ़ाकर छह प्रतिशत किया था चालू खाते के बढ़ते घाटे पर चिंता व्यक्त करते हुए चिदंबरम ने कहा, सीएडी में सोने के आयात का प्रमुख योगदान रहा है। सोने के दाम में गिरावट से लाखों लोगों को खुशी हुई। शायद मैं इन लाखों में नहीं था। मैंने रिजर्व बैंक गवर्नर से कहा अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के दाम में गिरावट भारत के लिए अच्छी खबर नहीं है। हमारा डर सही निकला।
संक्षिप्त सारांश: सोने पर आयात शुल्क बढ़ाकर आठ प्रतिशत करने के अगले ही दिन वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने आज बैंकों से कहा कि वह ग्राहकों को इस कीमती धातु में निवेश नहीं करने की सलाह दें।
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बीते 25 वर्षों में भारतीय क्रिकेट टीम ने देश और दुनिया भर में अनेक मैच जीते हैं, लेकिन क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स में टेस्ट मैच जीतने का उसका सपना अब तक अधूरा है। भारतीय टीम ने लॉर्ड्स में अंतिम बार 1986 में कपिल देव की कप्तानी में टेस्ट मैच जीता था, लेकिन तब से लेकर आज तक एक ट्वेंटी-20 और एक 50 ओवर विश्व कप जीतने के साथ-साथ टेस्ट वरीयता क्रम में पहला स्थान प्राप्त करने के बावजूद उसके खिलाड़ियों का लॉर्ड्स की बालकनी में जीत की खुशी मनाने का सपना पूरा नहीं हो सका है। कपिल के बाद भारत ने सचिन तेंदुलकर, श्रीकांत, मोहम्मद अजहरूद्दीन, सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़, अनिल कुंबले और महेंद्र सिंह धोनी के रूप में अनेकों कप्तान देखे, लेकिन कोई भी लॉर्ड्स में अपनी टीम को जीत दिलाने में सफल नहीं हो सका। धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने सफलता के एक से बढ़कर एक कीर्तिमान स्थापित किए हैं। इस लिहाज से देखने वाली बात होगी कि धोनी अपनी टीम के इस 25 वर्ष लंबे इंतजार को खत्म कर पाते हैं या नहीं। भारतीय टीम ने जब आखिरी बार लॉर्ड्स में जीत का स्वाद चखा था, तब मौजूदा टीम का कोई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय पटल पर पदार्पण नहीं कर पाया था। कई खिलाड़ी ऐसे हैं, जिनका उस समय जन्म भी नहीं हुआ था, जबकि कई ऐसे हैं, जिन्होंने क्रिकेट का ककहरा पढ़ना शुरू ही किया था। भारत ने इस मैदान पर अब तक इंग्लिश टीम के साथ कुल 15 मैच खेले हैं, जिनमें से 10 में उसे हार मिली है, जबकि चार मुकाबले बराबरी पर छूटे हैं। इस लिहाज से 1986 की जीत उसके लिए काफी अहम है। भारतीय टीम ने पांच से 10 जून के बीच खेले गए उस टेस्ट मैच को दिलीप वेंगसरकर (126) के शानदार शतक और कपिल तथा चेतन शर्मा की उम्दा गेंदबाजी की बदौलत जीता था। वेंगसरकर और मोहिंदर अमरनाथ (69) की शानदार बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने अपनी पहली पारी में 341 रन बनाए थे। उससे पहले उसने 64 रन देकर पांच विकेट झटकने वाले चेतन और 55 रन देकर तीन विकेट लेने वाले रोजर बिन्नी की बदौलत इंग्लिश टीम की पहली पारी 294 रनों पर समेट दी थी। इसमें ग्राहम गूच के 114 और डेरेक प्रिंगल के 63 रन शामिल हैं। दूसरी पारी में कपिल ने चार और मनिंदर सिंह ने तीन विकेट लेकर इंग्लिश टीम को 180 रनों पर ढेर कर दिया था। माइक गैटिंग सर्वाधिक 40 और एलन लैम्ब 39 रन बना सके थे। भारत को यह मैच जीतने के लिए 134 रनों का लक्ष्य मिला था, जिसे उसने पांच विकेट खोकर हासिल कर लिया था। इंग्लैंड के खिलाफ हमेशा से अच्छी बल्लेबाजी करने वाले वेंगसरकर ने दूसरी पारी में भी सबसे अधिक 33 रन बनाए थे। रवि शास्त्री 20 और अजहरूद्दीन 14 रन पर नाबाद लौटे थे। गावस्कर के बल्ले से 22 रन निकले थे। कपिल को शानदार गेंदबाजी और उम्दा कप्तानी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया था।
संक्षिप्त सारांश: 25 वर्षों में भारत ने देश और दुनिया में अनेक मैच जीते हैं, लेकिन क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स में टेस्ट मैच जीतने का उसका सपना अधूरा है।
0
['hin']
एक सारांश बनाओ: ट्रेन में लूटपाट के बाद पुलिस में रिपोर्ट लिखाने वाले और पिछले एक हफ्ते से लापता असम के छात्र प्रीतम भट्टाचार्य का शव बरामद हो गया है, और उसकी हत्या गला काटकर की गई। प्रीतम का शव भागलपुर जिले के एक रेलवे स्टेशन पर बने पैदल पुल के नीचे से बरामद किया गया है। इसी महीने की 9 तारीख को सिलचर का रहने वाला 25-वर्षीय प्रीतम गुवाहाटी से दिल्ली जा रहा था, कि रास्ते में पूर्वी बिहार के नौगछिया में कुछ लोगों ने ट्रेन कम्पार्टमेंट में ही उस पर हमला कर उसका डिजिटल कैमरा और उसके सर्टिफिकेट छीन लिए थे। उसके परिवार का दावा है कि वह नौगछिया स्टेशन पर ही उतर गया था, और रेलवे पुलिस तथा स्थानीय पुलिस को उसने वारदात की जानकारी दी थी। कुछ देर बाद जब उसका फोन स्विच ऑफ मिलने लगा, तब अगले दिन परिवार ने भी नौगछिया पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराई। पिछले छह दिन से लापता प्रीतम के परिवार ने आरोप लगाया है कि किसी ने भी उनकी मदद नहीं की।टिप्पणियां अब स्थानीय पुलिस का मानना है कि प्रीतम का नौगछिया से ही अपहरण कर लिया गया होगा, और उसे नींद की दवाएं देकर कैद में रखा गया होगा। पुलिस के मुताबिक हो सकता है, उसकी मौत भी दवा के ओवरडोज़ से ही हुई हो। सूत्रों के अनुसार, पुलिस का मानना है कि प्रीतम की मौत रविवार को उसका शव मिलने से लगभग 12 घंटे पहले ही हुई थी। पुलिस के मुताबिक इस मामले में फिरौती की कोई मांग नहीं हुई, और फिलहाल अपहरणकर्ताओं की पहचान या गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इस बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि उन्होंने अधिकारियों से घटना की जांच करने के लिए कह दिया है। इसी महीने की 9 तारीख को सिलचर का रहने वाला 25-वर्षीय प्रीतम गुवाहाटी से दिल्ली जा रहा था, कि रास्ते में पूर्वी बिहार के नौगछिया में कुछ लोगों ने ट्रेन कम्पार्टमेंट में ही उस पर हमला कर उसका डिजिटल कैमरा और उसके सर्टिफिकेट छीन लिए थे। उसके परिवार का दावा है कि वह नौगछिया स्टेशन पर ही उतर गया था, और रेलवे पुलिस तथा स्थानीय पुलिस को उसने वारदात की जानकारी दी थी। कुछ देर बाद जब उसका फोन स्विच ऑफ मिलने लगा, तब अगले दिन परिवार ने भी नौगछिया पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराई। पिछले छह दिन से लापता प्रीतम के परिवार ने आरोप लगाया है कि किसी ने भी उनकी मदद नहीं की।टिप्पणियां अब स्थानीय पुलिस का मानना है कि प्रीतम का नौगछिया से ही अपहरण कर लिया गया होगा, और उसे नींद की दवाएं देकर कैद में रखा गया होगा। पुलिस के मुताबिक हो सकता है, उसकी मौत भी दवा के ओवरडोज़ से ही हुई हो। सूत्रों के अनुसार, पुलिस का मानना है कि प्रीतम की मौत रविवार को उसका शव मिलने से लगभग 12 घंटे पहले ही हुई थी। पुलिस के मुताबिक इस मामले में फिरौती की कोई मांग नहीं हुई, और फिलहाल अपहरणकर्ताओं की पहचान या गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इस बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि उन्होंने अधिकारियों से घटना की जांच करने के लिए कह दिया है। अब स्थानीय पुलिस का मानना है कि प्रीतम का नौगछिया से ही अपहरण कर लिया गया होगा, और उसे नींद की दवाएं देकर कैद में रखा गया होगा। पुलिस के मुताबिक हो सकता है, उसकी मौत भी दवा के ओवरडोज़ से ही हुई हो। सूत्रों के अनुसार, पुलिस का मानना है कि प्रीतम की मौत रविवार को उसका शव मिलने से लगभग 12 घंटे पहले ही हुई थी। पुलिस के मुताबिक इस मामले में फिरौती की कोई मांग नहीं हुई, और फिलहाल अपहरणकर्ताओं की पहचान या गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इस बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि उन्होंने अधिकारियों से घटना की जांच करने के लिए कह दिया है। इस बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि उन्होंने अधिकारियों से घटना की जांच करने के लिए कह दिया है।
सारांश: ट्रेन में लूटपाट के बाद पुलिस में रिपोर्ट लिखाने वाले और पिछले एक हफ्ते से लापता असम के छात्र प्रीतम भट्टाचार्य का शव बरामद हो गया है, और उसकी हत्या गला काटकर की गई।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: चंडीगढ़ की सड़कों पर देर रात वर्णिका कुंडु की कार का पीछा किए जाने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है कि एक और ऐसा ही मामला सामने आ गया है. यह मामला हरियाणा के गुरुग्राम का है. 25 साल की एक कामकाजी लड़की का पीछा कुछ लड़कों ने अपनी कार में उस वक्त किया जब वह ऑफिस से घर वापस जा रही थी. वे उसे लगातार रोकने की कोशिश करते रहे और उस पर  चिल्लाते रहे.  पढ़ें: 'मैं खुशकिस्मत हूं कि मेरा रेप नहीं हुआ, न ही मैं मरी पाई गई...' लड़की स्कूटर पर थी और आधी रात को ऑफिस से निकलने के कुछ समय बाद ही उसने पाया कि कुछ लोग उसका पीछा कर रहे हैं. इन लड़कों ने उसका तीन किलोमीटर तक पीछा किया. लड़की पुलिस स्टेशन गई लेकिन वह कार का नंबर याद नहीं कर पाई. लड़की को नंबर का सिर्फ यह हिस्सा याद रहा- "HR-57" पढ़ें: चंडीगढ़ छेड़छाड़ केस में विकास बराला ने वर्णिका कुंडू का पीछा करने की बात कबूली- सूत्र वह बाद में सुबह पुलिस कमिश्नर संदीप खिरवार के ऑफिस पहुंची और शिकायत दर्ज करवाई. पुलिस ने पीछा करने का मामला दर्ज किया है लेकिन पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज मिलने से पहले वे कुछ खास नहीं कर सकते.  वहीं, चंडीगढ़ में वर्णिका कुंडु का मामला अब तूल पकड़ चुका है.  हरियाणा बीजेपी के अध्‍यक्ष सुभाष बराला के बेटे द्वारा चंडीगढ़ में कथित रूप से एक लड़की का पीछा करने के मामले में विकास बराला और उसके दोस्त की आज पेशी होनी है. इस बीच सूत्रों के हवाले से ख़बर है कि विकास बराला ने पुलिस की पूछताछ में वर्णिका कुंडू की कार का पीछा करने की बात क़बूल कर ली है. पीड़िता ने आरोप लगाया है कि विकास बराला और उसका दोस्त आशीष कुमार एक पेट्रोल पंप से ही उसकी कार का पीछा कर रहे थे और फिर उन्होंने कार को रोकने की कोशिश भी की.टिप्पणियां वीडियो- चंडीगढ़ छेड़छाड़ केस में दबाव के बाद गिरफ्तार हुए आरोपी दो बार इनमें से एक आदमी अपनी गाड़ी से निकला और उसने कार का दरवाज़ा खोलने की कोशिश की. इसी दौरान लड़की के कई बार फोन करने पर पुलिस वहां पहुंची और दोनों लड़कों को गिरफ़्तार कर लिया. पीड़िता के पिता ने फेसबुक पर लिखा, ‘अगर हम दोषियों को न्याय के कठघरे में लाने के लिए प्रयासरत नहीं रहते हैं तो और अधिक बेटियां यह आघात सहेंगी.’ पढ़ें: 'मैं खुशकिस्मत हूं कि मेरा रेप नहीं हुआ, न ही मैं मरी पाई गई...' लड़की स्कूटर पर थी और आधी रात को ऑफिस से निकलने के कुछ समय बाद ही उसने पाया कि कुछ लोग उसका पीछा कर रहे हैं. इन लड़कों ने उसका तीन किलोमीटर तक पीछा किया. लड़की पुलिस स्टेशन गई लेकिन वह कार का नंबर याद नहीं कर पाई. लड़की को नंबर का सिर्फ यह हिस्सा याद रहा- "HR-57" पढ़ें: चंडीगढ़ छेड़छाड़ केस में विकास बराला ने वर्णिका कुंडू का पीछा करने की बात कबूली- सूत्र वह बाद में सुबह पुलिस कमिश्नर संदीप खिरवार के ऑफिस पहुंची और शिकायत दर्ज करवाई. पुलिस ने पीछा करने का मामला दर्ज किया है लेकिन पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज मिलने से पहले वे कुछ खास नहीं कर सकते.  वहीं, चंडीगढ़ में वर्णिका कुंडु का मामला अब तूल पकड़ चुका है.  हरियाणा बीजेपी के अध्‍यक्ष सुभाष बराला के बेटे द्वारा चंडीगढ़ में कथित रूप से एक लड़की का पीछा करने के मामले में विकास बराला और उसके दोस्त की आज पेशी होनी है. इस बीच सूत्रों के हवाले से ख़बर है कि विकास बराला ने पुलिस की पूछताछ में वर्णिका कुंडू की कार का पीछा करने की बात क़बूल कर ली है. पीड़िता ने आरोप लगाया है कि विकास बराला और उसका दोस्त आशीष कुमार एक पेट्रोल पंप से ही उसकी कार का पीछा कर रहे थे और फिर उन्होंने कार को रोकने की कोशिश भी की.टिप्पणियां वीडियो- चंडीगढ़ छेड़छाड़ केस में दबाव के बाद गिरफ्तार हुए आरोपी दो बार इनमें से एक आदमी अपनी गाड़ी से निकला और उसने कार का दरवाज़ा खोलने की कोशिश की. इसी दौरान लड़की के कई बार फोन करने पर पुलिस वहां पहुंची और दोनों लड़कों को गिरफ़्तार कर लिया. पीड़िता के पिता ने फेसबुक पर लिखा, ‘अगर हम दोषियों को न्याय के कठघरे में लाने के लिए प्रयासरत नहीं रहते हैं तो और अधिक बेटियां यह आघात सहेंगी.’ लड़की स्कूटर पर थी और आधी रात को ऑफिस से निकलने के कुछ समय बाद ही उसने पाया कि कुछ लोग उसका पीछा कर रहे हैं. इन लड़कों ने उसका तीन किलोमीटर तक पीछा किया. लड़की पुलिस स्टेशन गई लेकिन वह कार का नंबर याद नहीं कर पाई. लड़की को नंबर का सिर्फ यह हिस्सा याद रहा- "HR-57" पढ़ें: चंडीगढ़ छेड़छाड़ केस में विकास बराला ने वर्णिका कुंडू का पीछा करने की बात कबूली- सूत्र वह बाद में सुबह पुलिस कमिश्नर संदीप खिरवार के ऑफिस पहुंची और शिकायत दर्ज करवाई. पुलिस ने पीछा करने का मामला दर्ज किया है लेकिन पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज मिलने से पहले वे कुछ खास नहीं कर सकते.  वहीं, चंडीगढ़ में वर्णिका कुंडु का मामला अब तूल पकड़ चुका है.  हरियाणा बीजेपी के अध्‍यक्ष सुभाष बराला के बेटे द्वारा चंडीगढ़ में कथित रूप से एक लड़की का पीछा करने के मामले में विकास बराला और उसके दोस्त की आज पेशी होनी है. इस बीच सूत्रों के हवाले से ख़बर है कि विकास बराला ने पुलिस की पूछताछ में वर्णिका कुंडू की कार का पीछा करने की बात क़बूल कर ली है. पीड़िता ने आरोप लगाया है कि विकास बराला और उसका दोस्त आशीष कुमार एक पेट्रोल पंप से ही उसकी कार का पीछा कर रहे थे और फिर उन्होंने कार को रोकने की कोशिश भी की.टिप्पणियां वीडियो- चंडीगढ़ छेड़छाड़ केस में दबाव के बाद गिरफ्तार हुए आरोपी दो बार इनमें से एक आदमी अपनी गाड़ी से निकला और उसने कार का दरवाज़ा खोलने की कोशिश की. इसी दौरान लड़की के कई बार फोन करने पर पुलिस वहां पहुंची और दोनों लड़कों को गिरफ़्तार कर लिया. पीड़िता के पिता ने फेसबुक पर लिखा, ‘अगर हम दोषियों को न्याय के कठघरे में लाने के लिए प्रयासरत नहीं रहते हैं तो और अधिक बेटियां यह आघात सहेंगी.’ पढ़ें: चंडीगढ़ छेड़छाड़ केस में विकास बराला ने वर्णिका कुंडू का पीछा करने की बात कबूली- सूत्र वह बाद में सुबह पुलिस कमिश्नर संदीप खिरवार के ऑफिस पहुंची और शिकायत दर्ज करवाई. पुलिस ने पीछा करने का मामला दर्ज किया है लेकिन पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज मिलने से पहले वे कुछ खास नहीं कर सकते.  वहीं, चंडीगढ़ में वर्णिका कुंडु का मामला अब तूल पकड़ चुका है.  हरियाणा बीजेपी के अध्‍यक्ष सुभाष बराला के बेटे द्वारा चंडीगढ़ में कथित रूप से एक लड़की का पीछा करने के मामले में विकास बराला और उसके दोस्त की आज पेशी होनी है. इस बीच सूत्रों के हवाले से ख़बर है कि विकास बराला ने पुलिस की पूछताछ में वर्णिका कुंडू की कार का पीछा करने की बात क़बूल कर ली है. पीड़िता ने आरोप लगाया है कि विकास बराला और उसका दोस्त आशीष कुमार एक पेट्रोल पंप से ही उसकी कार का पीछा कर रहे थे और फिर उन्होंने कार को रोकने की कोशिश भी की.टिप्पणियां वीडियो- चंडीगढ़ छेड़छाड़ केस में दबाव के बाद गिरफ्तार हुए आरोपी दो बार इनमें से एक आदमी अपनी गाड़ी से निकला और उसने कार का दरवाज़ा खोलने की कोशिश की. इसी दौरान लड़की के कई बार फोन करने पर पुलिस वहां पहुंची और दोनों लड़कों को गिरफ़्तार कर लिया. पीड़िता के पिता ने फेसबुक पर लिखा, ‘अगर हम दोषियों को न्याय के कठघरे में लाने के लिए प्रयासरत नहीं रहते हैं तो और अधिक बेटियां यह आघात सहेंगी.’ वह बाद में सुबह पुलिस कमिश्नर संदीप खिरवार के ऑफिस पहुंची और शिकायत दर्ज करवाई. पुलिस ने पीछा करने का मामला दर्ज किया है लेकिन पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज मिलने से पहले वे कुछ खास नहीं कर सकते.  वहीं, चंडीगढ़ में वर्णिका कुंडु का मामला अब तूल पकड़ चुका है.  हरियाणा बीजेपी के अध्‍यक्ष सुभाष बराला के बेटे द्वारा चंडीगढ़ में कथित रूप से एक लड़की का पीछा करने के मामले में विकास बराला और उसके दोस्त की आज पेशी होनी है. इस बीच सूत्रों के हवाले से ख़बर है कि विकास बराला ने पुलिस की पूछताछ में वर्णिका कुंडू की कार का पीछा करने की बात क़बूल कर ली है. पीड़िता ने आरोप लगाया है कि विकास बराला और उसका दोस्त आशीष कुमार एक पेट्रोल पंप से ही उसकी कार का पीछा कर रहे थे और फिर उन्होंने कार को रोकने की कोशिश भी की.टिप्पणियां वीडियो- चंडीगढ़ छेड़छाड़ केस में दबाव के बाद गिरफ्तार हुए आरोपी दो बार इनमें से एक आदमी अपनी गाड़ी से निकला और उसने कार का दरवाज़ा खोलने की कोशिश की. इसी दौरान लड़की के कई बार फोन करने पर पुलिस वहां पहुंची और दोनों लड़कों को गिरफ़्तार कर लिया. पीड़िता के पिता ने फेसबुक पर लिखा, ‘अगर हम दोषियों को न्याय के कठघरे में लाने के लिए प्रयासरत नहीं रहते हैं तो और अधिक बेटियां यह आघात सहेंगी.’ वहीं, चंडीगढ़ में वर्णिका कुंडु का मामला अब तूल पकड़ चुका है.  हरियाणा बीजेपी के अध्‍यक्ष सुभाष बराला के बेटे द्वारा चंडीगढ़ में कथित रूप से एक लड़की का पीछा करने के मामले में विकास बराला और उसके दोस्त की आज पेशी होनी है. इस बीच सूत्रों के हवाले से ख़बर है कि विकास बराला ने पुलिस की पूछताछ में वर्णिका कुंडू की कार का पीछा करने की बात क़बूल कर ली है. पीड़िता ने आरोप लगाया है कि विकास बराला और उसका दोस्त आशीष कुमार एक पेट्रोल पंप से ही उसकी कार का पीछा कर रहे थे और फिर उन्होंने कार को रोकने की कोशिश भी की.टिप्पणियां वीडियो- चंडीगढ़ छेड़छाड़ केस में दबाव के बाद गिरफ्तार हुए आरोपी दो बार इनमें से एक आदमी अपनी गाड़ी से निकला और उसने कार का दरवाज़ा खोलने की कोशिश की. इसी दौरान लड़की के कई बार फोन करने पर पुलिस वहां पहुंची और दोनों लड़कों को गिरफ़्तार कर लिया. पीड़िता के पिता ने फेसबुक पर लिखा, ‘अगर हम दोषियों को न्याय के कठघरे में लाने के लिए प्रयासरत नहीं रहते हैं तो और अधिक बेटियां यह आघात सहेंगी.’ वीडियो- चंडीगढ़ छेड़छाड़ केस में दबाव के बाद गिरफ्तार हुए आरोपी दो बार इनमें से एक आदमी अपनी गाड़ी से निकला और उसने कार का दरवाज़ा खोलने की कोशिश की. इसी दौरान लड़की के कई बार फोन करने पर पुलिस वहां पहुंची और दोनों लड़कों को गिरफ़्तार कर लिया. पीड़िता के पिता ने फेसबुक पर लिखा, ‘अगर हम दोषियों को न्याय के कठघरे में लाने के लिए प्रयासरत नहीं रहते हैं तो और अधिक बेटियां यह आघात सहेंगी.’ दो बार इनमें से एक आदमी अपनी गाड़ी से निकला और उसने कार का दरवाज़ा खोलने की कोशिश की. इसी दौरान लड़की के कई बार फोन करने पर पुलिस वहां पहुंची और दोनों लड़कों को गिरफ़्तार कर लिया. पीड़िता के पिता ने फेसबुक पर लिखा, ‘अगर हम दोषियों को न्याय के कठघरे में लाने के लिए प्रयासरत नहीं रहते हैं तो और अधिक बेटियां यह आघात सहेंगी.’
25 साल की एक कामकाजी लड़की का पीछा लड़कों ने अपनी कार में किया गुरुग्राम की इस घटना में वे लड़की का पीछा 3 किलोमीटर तक करते रहे पुलिस कमिश्नर के पास जाकर लड़की ने शिकायत दर्ज करवाई
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: वर्ल्ड फ्रीडम इंडेक्स में भारत का स्तर 179 देशों की सूची में और गिर गया है। इस सूचकांक में भारत वर्ष 2002 के मुकाबले नौ स्थान नीचे गिरकर 140वें नंबर पर पहुंच गया और चिंतकों का कहना है कि यह ‘‘विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र’’ के हिसाब से शोचनीय हालत है। रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स ने वर्ष 2013 के लिए वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में कहा है, ‘‘एशिया में, पत्रकारों के खिलाफ बढ़ती हिंसा के मामलों में कार्रवाई नहीं करने की बढ़ती प्रवृति तथा इंटरनेट सेंसरशिप के चलते भारत इस पायदान पर 2002 के बाद से सर्वाधिक नीचे पहुंच गया है।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘चीन (173वां) में कोई सुधार नहीं दिखता। इसकी जेलों में अभी भी बहुत से पत्रकार बंद हैं तथा इंटरनेट सेंसरशिप के लगातार बने रहने से सूचना तक पहुंच में एक बड़ी बाधा बनी हुई है।’’ पिछले वर्ष जारी इस सूची में प्रेस की आजादी के लिहाज से तीन यूरोपीय देश फिनलैंड, नीदरलैंड और नार्वे शीर्ष पर थे जबकि सूची में सबसे नीचे तुर्कमेनिस्तान, उत्तर कोरिया तथा इरिट्रिया हैं। ये तीनों देश पिछले तीन साल से लगातार इसी स्थान पर बने हुए हैं। रिपोर्टर्स विदाउट बार्डर्स के महासचिव क्रिस्टोफ देलोयरे ने कहा, ‘‘तानाशाही शासन में समाचार प्रदाता तथा उनके परिवारों को कड़े परिणाम भुगतने पड़ते हैं लेकिन लोकतंत्रों में पत्रकारों को मीडिया के आर्थिक संकट और हितों के टकराव के बीच सामंजस्य बिठाना पड़ता है।टिप्पणियां रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में प्रशासन वेब सेंसरशिप पर जोर दे रहा है तथा अधिक कड़े प्रतिबंध लगा रहा है। इसके साथ ही पत्रकारों के खिलाफ हिंसा के मामलों में कोई सजा नहीं दी जाती तथा कश्मीर और छत्तीसगढ़ जैसे क्षेत्र अलग थलग पड़ रहे हैं।’’ इसमें आगे कहा गया है, ‘‘बांग्लादेश में भी बहुत अधिक बेहतर हालात नहीं हैं। वहां पत्रकारों को अक्सर पुलिस हिंसा का शिकार होना पड़ता है। मीडिया के दुश्मनों को छूट मिली हेाती है और कभी कभार ही ऐसा होता है कि ऐसे लोगों को सजा मिलती हो।’’ मीडियाकर्मियों के संरक्षण की कोई सरकारी नीति नहीं होने के कारण पाकिस्तान (159) और नेपाल (118) में पत्रकारों के स्वतंत्र रूप से काम करने की स्थिति लगातार बदतर हो रही है। एक जीवंत मीडिया होने के बावजूद पाकिस्तान पत्रकारों के लिहाज से दुनिया का सर्वाधिक खतरनाक देश बना हुआ है। रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स ने वर्ष 2013 के लिए वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में कहा है, ‘‘एशिया में, पत्रकारों के खिलाफ बढ़ती हिंसा के मामलों में कार्रवाई नहीं करने की बढ़ती प्रवृति तथा इंटरनेट सेंसरशिप के चलते भारत इस पायदान पर 2002 के बाद से सर्वाधिक नीचे पहुंच गया है।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘चीन (173वां) में कोई सुधार नहीं दिखता। इसकी जेलों में अभी भी बहुत से पत्रकार बंद हैं तथा इंटरनेट सेंसरशिप के लगातार बने रहने से सूचना तक पहुंच में एक बड़ी बाधा बनी हुई है।’’ पिछले वर्ष जारी इस सूची में प्रेस की आजादी के लिहाज से तीन यूरोपीय देश फिनलैंड, नीदरलैंड और नार्वे शीर्ष पर थे जबकि सूची में सबसे नीचे तुर्कमेनिस्तान, उत्तर कोरिया तथा इरिट्रिया हैं। ये तीनों देश पिछले तीन साल से लगातार इसी स्थान पर बने हुए हैं। रिपोर्टर्स विदाउट बार्डर्स के महासचिव क्रिस्टोफ देलोयरे ने कहा, ‘‘तानाशाही शासन में समाचार प्रदाता तथा उनके परिवारों को कड़े परिणाम भुगतने पड़ते हैं लेकिन लोकतंत्रों में पत्रकारों को मीडिया के आर्थिक संकट और हितों के टकराव के बीच सामंजस्य बिठाना पड़ता है।टिप्पणियां रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में प्रशासन वेब सेंसरशिप पर जोर दे रहा है तथा अधिक कड़े प्रतिबंध लगा रहा है। इसके साथ ही पत्रकारों के खिलाफ हिंसा के मामलों में कोई सजा नहीं दी जाती तथा कश्मीर और छत्तीसगढ़ जैसे क्षेत्र अलग थलग पड़ रहे हैं।’’ इसमें आगे कहा गया है, ‘‘बांग्लादेश में भी बहुत अधिक बेहतर हालात नहीं हैं। वहां पत्रकारों को अक्सर पुलिस हिंसा का शिकार होना पड़ता है। मीडिया के दुश्मनों को छूट मिली हेाती है और कभी कभार ही ऐसा होता है कि ऐसे लोगों को सजा मिलती हो।’’ मीडियाकर्मियों के संरक्षण की कोई सरकारी नीति नहीं होने के कारण पाकिस्तान (159) और नेपाल (118) में पत्रकारों के स्वतंत्र रूप से काम करने की स्थिति लगातार बदतर हो रही है। एक जीवंत मीडिया होने के बावजूद पाकिस्तान पत्रकारों के लिहाज से दुनिया का सर्वाधिक खतरनाक देश बना हुआ है। इसमें कहा गया है, ‘‘चीन (173वां) में कोई सुधार नहीं दिखता। इसकी जेलों में अभी भी बहुत से पत्रकार बंद हैं तथा इंटरनेट सेंसरशिप के लगातार बने रहने से सूचना तक पहुंच में एक बड़ी बाधा बनी हुई है।’’ पिछले वर्ष जारी इस सूची में प्रेस की आजादी के लिहाज से तीन यूरोपीय देश फिनलैंड, नीदरलैंड और नार्वे शीर्ष पर थे जबकि सूची में सबसे नीचे तुर्कमेनिस्तान, उत्तर कोरिया तथा इरिट्रिया हैं। ये तीनों देश पिछले तीन साल से लगातार इसी स्थान पर बने हुए हैं। रिपोर्टर्स विदाउट बार्डर्स के महासचिव क्रिस्टोफ देलोयरे ने कहा, ‘‘तानाशाही शासन में समाचार प्रदाता तथा उनके परिवारों को कड़े परिणाम भुगतने पड़ते हैं लेकिन लोकतंत्रों में पत्रकारों को मीडिया के आर्थिक संकट और हितों के टकराव के बीच सामंजस्य बिठाना पड़ता है।टिप्पणियां रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में प्रशासन वेब सेंसरशिप पर जोर दे रहा है तथा अधिक कड़े प्रतिबंध लगा रहा है। इसके साथ ही पत्रकारों के खिलाफ हिंसा के मामलों में कोई सजा नहीं दी जाती तथा कश्मीर और छत्तीसगढ़ जैसे क्षेत्र अलग थलग पड़ रहे हैं।’’ इसमें आगे कहा गया है, ‘‘बांग्लादेश में भी बहुत अधिक बेहतर हालात नहीं हैं। वहां पत्रकारों को अक्सर पुलिस हिंसा का शिकार होना पड़ता है। मीडिया के दुश्मनों को छूट मिली हेाती है और कभी कभार ही ऐसा होता है कि ऐसे लोगों को सजा मिलती हो।’’ मीडियाकर्मियों के संरक्षण की कोई सरकारी नीति नहीं होने के कारण पाकिस्तान (159) और नेपाल (118) में पत्रकारों के स्वतंत्र रूप से काम करने की स्थिति लगातार बदतर हो रही है। एक जीवंत मीडिया होने के बावजूद पाकिस्तान पत्रकारों के लिहाज से दुनिया का सर्वाधिक खतरनाक देश बना हुआ है। पिछले वर्ष जारी इस सूची में प्रेस की आजादी के लिहाज से तीन यूरोपीय देश फिनलैंड, नीदरलैंड और नार्वे शीर्ष पर थे जबकि सूची में सबसे नीचे तुर्कमेनिस्तान, उत्तर कोरिया तथा इरिट्रिया हैं। ये तीनों देश पिछले तीन साल से लगातार इसी स्थान पर बने हुए हैं। रिपोर्टर्स विदाउट बार्डर्स के महासचिव क्रिस्टोफ देलोयरे ने कहा, ‘‘तानाशाही शासन में समाचार प्रदाता तथा उनके परिवारों को कड़े परिणाम भुगतने पड़ते हैं लेकिन लोकतंत्रों में पत्रकारों को मीडिया के आर्थिक संकट और हितों के टकराव के बीच सामंजस्य बिठाना पड़ता है।टिप्पणियां रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में प्रशासन वेब सेंसरशिप पर जोर दे रहा है तथा अधिक कड़े प्रतिबंध लगा रहा है। इसके साथ ही पत्रकारों के खिलाफ हिंसा के मामलों में कोई सजा नहीं दी जाती तथा कश्मीर और छत्तीसगढ़ जैसे क्षेत्र अलग थलग पड़ रहे हैं।’’ इसमें आगे कहा गया है, ‘‘बांग्लादेश में भी बहुत अधिक बेहतर हालात नहीं हैं। वहां पत्रकारों को अक्सर पुलिस हिंसा का शिकार होना पड़ता है। मीडिया के दुश्मनों को छूट मिली हेाती है और कभी कभार ही ऐसा होता है कि ऐसे लोगों को सजा मिलती हो।’’ मीडियाकर्मियों के संरक्षण की कोई सरकारी नीति नहीं होने के कारण पाकिस्तान (159) और नेपाल (118) में पत्रकारों के स्वतंत्र रूप से काम करने की स्थिति लगातार बदतर हो रही है। एक जीवंत मीडिया होने के बावजूद पाकिस्तान पत्रकारों के लिहाज से दुनिया का सर्वाधिक खतरनाक देश बना हुआ है। रिपोर्टर्स विदाउट बार्डर्स के महासचिव क्रिस्टोफ देलोयरे ने कहा, ‘‘तानाशाही शासन में समाचार प्रदाता तथा उनके परिवारों को कड़े परिणाम भुगतने पड़ते हैं लेकिन लोकतंत्रों में पत्रकारों को मीडिया के आर्थिक संकट और हितों के टकराव के बीच सामंजस्य बिठाना पड़ता है।टिप्पणियां रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में प्रशासन वेब सेंसरशिप पर जोर दे रहा है तथा अधिक कड़े प्रतिबंध लगा रहा है। इसके साथ ही पत्रकारों के खिलाफ हिंसा के मामलों में कोई सजा नहीं दी जाती तथा कश्मीर और छत्तीसगढ़ जैसे क्षेत्र अलग थलग पड़ रहे हैं।’’ इसमें आगे कहा गया है, ‘‘बांग्लादेश में भी बहुत अधिक बेहतर हालात नहीं हैं। वहां पत्रकारों को अक्सर पुलिस हिंसा का शिकार होना पड़ता है। मीडिया के दुश्मनों को छूट मिली हेाती है और कभी कभार ही ऐसा होता है कि ऐसे लोगों को सजा मिलती हो।’’ मीडियाकर्मियों के संरक्षण की कोई सरकारी नीति नहीं होने के कारण पाकिस्तान (159) और नेपाल (118) में पत्रकारों के स्वतंत्र रूप से काम करने की स्थिति लगातार बदतर हो रही है। एक जीवंत मीडिया होने के बावजूद पाकिस्तान पत्रकारों के लिहाज से दुनिया का सर्वाधिक खतरनाक देश बना हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में प्रशासन वेब सेंसरशिप पर जोर दे रहा है तथा अधिक कड़े प्रतिबंध लगा रहा है। इसके साथ ही पत्रकारों के खिलाफ हिंसा के मामलों में कोई सजा नहीं दी जाती तथा कश्मीर और छत्तीसगढ़ जैसे क्षेत्र अलग थलग पड़ रहे हैं।’’ इसमें आगे कहा गया है, ‘‘बांग्लादेश में भी बहुत अधिक बेहतर हालात नहीं हैं। वहां पत्रकारों को अक्सर पुलिस हिंसा का शिकार होना पड़ता है। मीडिया के दुश्मनों को छूट मिली हेाती है और कभी कभार ही ऐसा होता है कि ऐसे लोगों को सजा मिलती हो।’’ मीडियाकर्मियों के संरक्षण की कोई सरकारी नीति नहीं होने के कारण पाकिस्तान (159) और नेपाल (118) में पत्रकारों के स्वतंत्र रूप से काम करने की स्थिति लगातार बदतर हो रही है। एक जीवंत मीडिया होने के बावजूद पाकिस्तान पत्रकारों के लिहाज से दुनिया का सर्वाधिक खतरनाक देश बना हुआ है। इसमें आगे कहा गया है, ‘‘बांग्लादेश में भी बहुत अधिक बेहतर हालात नहीं हैं। वहां पत्रकारों को अक्सर पुलिस हिंसा का शिकार होना पड़ता है। मीडिया के दुश्मनों को छूट मिली हेाती है और कभी कभार ही ऐसा होता है कि ऐसे लोगों को सजा मिलती हो।’’ मीडियाकर्मियों के संरक्षण की कोई सरकारी नीति नहीं होने के कारण पाकिस्तान (159) और नेपाल (118) में पत्रकारों के स्वतंत्र रूप से काम करने की स्थिति लगातार बदतर हो रही है। एक जीवंत मीडिया होने के बावजूद पाकिस्तान पत्रकारों के लिहाज से दुनिया का सर्वाधिक खतरनाक देश बना हुआ है।
वर्ल्ड फ्रीडम इंडेक्स में भारत का स्तर 179 देशों की सूची में और गिर गया है। इस सूचकांक में भारत वर्ष 2002 के मुकाबले नौ स्थान नीचे गिरकर 140वें नंबर पर पहुंच गया और चिंतकों का कहना है कि यह ‘‘विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र’’ के हिसाब से शोचनीय हालत है।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बोफोर्स मामले में रिश्वत दिए जाने संबंधी खबरों की पृष्ठभूमि में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तय किया गया कि इस मामले को वह हर संभव कानूनी मंच पर उठाएगी। पार्टी की संपन्न दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आरोप लगाया गया कि इतालवी कारोबारी ओतावियो क्वात्रोच्चि की बोफोर्स रिश्वत मामले में संलिप्तता में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की भूमिका का सीधा संकेत मिलता है। बीते बरस में एक के बाद एक हुए घोटालों के बाद 2011 को कांग्रेस की ओर से लीपापोती करने का वर्ष करार देते हुए बैठक में घोषणा की गई कि भाजपा भ्रष्टाचार के मुद्दों को हरसंभव कानूनी मंच पर उठाएगी और लोगों को इस बारे में जागरूक करेगी। पार्टी के मुताबिक, जनता को कांग्रेस के भ्रष्टाचार के बारे में जागरूक बनाने के लिए रैलियां आयोजित की जाएंगी। ये रैलियां तालुक स्तर पर भी आयोजित होंगी। पार्टी प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा, हम मानते हैं कि जिस तरह रिश्वत दी गई, उसे आयकर अपीली प्राधिकरण ने क्वात्रोच्चि के रूप में पहचान कर स्पष्ट रूप से स्थापित कर दिया है। हम सभी जानते हैं कि क्वात्रोच्चि की तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी तक पहुंच थी। इस प्रकार पूरा मामला सीधे तौर पर सोनिया से जुड़ता है। बैठक में एक राजनीतिक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें कांग्रेस और संप्रग की आलोचना की गई है।यह पूछे जाने पर कि अब तक गांधी परिवार के प्रति अधिक आक्रामक रुख न न रखने वाली भाजपा ने क्या अब कांग्रेस अध्यक्ष को निशाना बनाने का फैसला किया है, सीतारमन ने कहा, आयकर अपीली न्यायाधिकरण एक अर्ध-सरकारी निकाय है, जिसने क्वात्रोच्चि को दोषी पाया है। उसकी तत्कालीन प्रधानमंत्री तक सीधी और स्पष्ट पहुंच रही है। फिर, आप हमसे और क्या उम्मीद रखते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी कह चुके हैं कि उन्होंने दरें बढ़ाने के लिए आवश्यक अनुमति ली थी। उनकी यह स्वीकारोक्ति प्रधानमंत्री कार्यालय की भूमिका बताती है। सीतारमन ने कहा, उन्हें भी इन मंजूरी के बारे में बताना होगा। संयुक्त सचिवों से मंजूरी मिलना पर्याप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन,  आदर्श आवासीय सोसायटी और राष्ट्रमंडल खेल घोटालों को भी उठाया जाएगा।यह पूछने पर कि 2-जी स्पेक्ट्रम आवंटन के मुद्दे की जांच के लिए जेपीसी गठित करने की भाजपा की मांग के क्या ये मायने हैं कि पार्टी संसद के बजट सत्र को भी नहीं चलने देगी, निर्मला ने कहा, जेपीसी की मांग पर हम पुरजोर तरीके से कायम हैं। हमारे रुख में कोई परिवर्तन नहीं आया है। इस सवाल को दोहराने पर कि क्या इस टिप्पणी के ये मायने हैं कि मुख्य विपक्षी दल की बजट सत्र में भी कामकाज नहीं चलने देने की योजना है, प्रवक्ता ने कहा, हमने ऐसा नहीं कहा है। लेकिन हम जेपीसी चाहते हैं। प्रस्ताव में कहा गया है कि जितने दस्तावेजी प्रमाण सामने आते हैं, सरकार उतना ही पर्दा डालने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार करती है और फिर उस पर पर्दा डाल देती है। बोफोर्स मामला सामने आने के बाद 23 वर्ष में हर एक दिन पर्दा डालने की कोशिश की गई। भाजपा प्रवक्ता से कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के बारे में कई सवाल किए गए और पूछा गया कि क्या वह पार्टी की छवि से भी बड़े हैं। गौरतलब है कि येदियुरप्पा पर भूमि घोटाले के आरोप हैं। निर्मला ने कहा, इस मामले में न्यायिक जांच चल रही है। पार्टी भी इस पर गौर कर रही है। हमने पहले ही कहा है कि हम इस पर विचार करेंगे। यह पूछने पर कि भाजपा के मुख्यमंत्रियों, नेताओं और कार्यकर्ताओं के बारे में गडकरी की शनिवार की टिप्पणी क्या येदियुरप्पा के बारे में थी, प्रवक्ता ने कहा कि यह सामान्य संदर्भ था और इसका किसी व्यक्ति विशेष से कोई संबंध नहीं है। गडकरी ने कहा था कि पार्टी के मुख्यमंत्रियों, नेताओं और कार्यकर्ताओं को ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए, जिससे पार्टी की छवि खराब हो।
सारांश: बोफोर्स मामले में रिश्वत दिए जाने संबंधी खबरों की पृष्ठभूमि में भाजपा ने तय किया है कि इस मामले को वह हरसंभव कानूनी मंच पर उठाएगी।
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सरकार ने कहा है कि अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए वह अगले डेढ़ महीने में कई और कदम उठाएगी। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा आज मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा में नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में 0.25 फीसदी कटौती की घोषणा के बाद वित्तमंत्री ने कहा, ‘मुझे पूरा विश्वास है कि अब से लेकर 30 अक्तूबर तक सरकार कई अतिरिक्त नीतिगत उपाय करेगी और साथ ही राजकोषीय मजबूती की योजना का खाका भी बनाएगी। वित्तमंत्री ने कहा कि 30 अक्तूबर को रिजर्व बैंक का जवाब या प्रतिक्रिया वृद्धि को अधिक प्रोत्साहन देने वाली होगी। केंद्रीय बैंक 30 अक्तूबर को दूसरी तिमाही की मौद्रिक नीति समीक्षा पेश करेगा।टिप्पणियां रिजर्व बैंक की आज पेश मध्य तिमाही समीक्षा में सीआरआर में 0.25 फीसदी कटौती की गई है। इससे बैंकों के पास कर्ज और अन्य जरूरतों के लिए 17,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी उपलब्ध होगी, हालांकि, रिजर्व बैंक ने रेपो और रिवर्स रेपो दरों में बदलाव नहीं किया है। वित्तमंत्री ने कहा, सीआरआर में कटौती एक छोटा, लेकिन स्वागतयोग्य कदम है। मैं रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति से निराश नहीं हूं। रिजर्व बैंक की मध्य तिमाही समीक्षा प्रोत्साहन और समर्थन देने वाली है। रिजर्व बैंक और कदम उठाएगा। पिछले महीने वित्तमंत्रालय का प्रभार संभालने के बाद चिदंबरम ने कहा था कि वह अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने तथा निवेशकों का भरोसा बहाल करने के लिए कदम उठाएंगे। रिजर्व बैंक की आज पेश मध्य तिमाही समीक्षा में सीआरआर में 0.25 फीसदी कटौती की गई है। इससे बैंकों के पास कर्ज और अन्य जरूरतों के लिए 17,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी उपलब्ध होगी, हालांकि, रिजर्व बैंक ने रेपो और रिवर्स रेपो दरों में बदलाव नहीं किया है। वित्तमंत्री ने कहा, सीआरआर में कटौती एक छोटा, लेकिन स्वागतयोग्य कदम है। मैं रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति से निराश नहीं हूं। रिजर्व बैंक की मध्य तिमाही समीक्षा प्रोत्साहन और समर्थन देने वाली है। रिजर्व बैंक और कदम उठाएगा। पिछले महीने वित्तमंत्रालय का प्रभार संभालने के बाद चिदंबरम ने कहा था कि वह अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने तथा निवेशकों का भरोसा बहाल करने के लिए कदम उठाएंगे। वित्तमंत्री ने कहा, सीआरआर में कटौती एक छोटा, लेकिन स्वागतयोग्य कदम है। मैं रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति से निराश नहीं हूं। रिजर्व बैंक की मध्य तिमाही समीक्षा प्रोत्साहन और समर्थन देने वाली है। रिजर्व बैंक और कदम उठाएगा। पिछले महीने वित्तमंत्रालय का प्रभार संभालने के बाद चिदंबरम ने कहा था कि वह अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने तथा निवेशकों का भरोसा बहाल करने के लिए कदम उठाएंगे।
संक्षिप्त पाठ: वित्तमंत्री ने कहा, मुझे पूरा विश्वास है कि अब से लेकर 30 अक्तूबर तक सरकार कई अतिरिक्त नीतिगत उपाय करेगी और साथ ही राजकोषीय मजबूती की योजना का खाका भी बनाएगी।
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: निर्यातकों द्वारा डॉलर की बिक्री बढ़ाने के मद्देनजर रुपया आज अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में शुरुआती कारोबार में 10 पैसे की तेजी के साथ 59.29 पर आ गया। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर के मुकाबले यूरो में मजबूती और शेयर बाजार के बेहतर रुख के कारण रुपये को समर्थन मिला। रुपया शुक्रवार के कारोबार के दौरान 80 पैसे की उल्लेखनीय तेजी के साथ 59.39 के स्तर पर बंद हुआ था।टिप्पणियां बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स आज के शुरुआती कारोबार में करीब 61 अंक ऊपर था। लगातार तीसरे दिन तेजी की धारणा के साथ खुल कर सेंसेक्स प्रारंभ में 60.88 अंक या 0.31 प्रतिशत चढ कर 19,456.69 तक चला गया था। पिछले दो दिन में सेंसेक्स में 844 अंक सुधर चुका है। नेशनल स्टाक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी भी आज सुबह 14.15 अंक या 0.24 प्रतिशत की तेजी के साथ 5,856.35 पर पहुंच गया था। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर के मुकाबले यूरो में मजबूती और शेयर बाजार के बेहतर रुख के कारण रुपये को समर्थन मिला। रुपया शुक्रवार के कारोबार के दौरान 80 पैसे की उल्लेखनीय तेजी के साथ 59.39 के स्तर पर बंद हुआ था।टिप्पणियां बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स आज के शुरुआती कारोबार में करीब 61 अंक ऊपर था। लगातार तीसरे दिन तेजी की धारणा के साथ खुल कर सेंसेक्स प्रारंभ में 60.88 अंक या 0.31 प्रतिशत चढ कर 19,456.69 तक चला गया था। पिछले दो दिन में सेंसेक्स में 844 अंक सुधर चुका है। नेशनल स्टाक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी भी आज सुबह 14.15 अंक या 0.24 प्रतिशत की तेजी के साथ 5,856.35 पर पहुंच गया था। रुपया शुक्रवार के कारोबार के दौरान 80 पैसे की उल्लेखनीय तेजी के साथ 59.39 के स्तर पर बंद हुआ था।टिप्पणियां बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स आज के शुरुआती कारोबार में करीब 61 अंक ऊपर था। लगातार तीसरे दिन तेजी की धारणा के साथ खुल कर सेंसेक्स प्रारंभ में 60.88 अंक या 0.31 प्रतिशत चढ कर 19,456.69 तक चला गया था। पिछले दो दिन में सेंसेक्स में 844 अंक सुधर चुका है। नेशनल स्टाक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी भी आज सुबह 14.15 अंक या 0.24 प्रतिशत की तेजी के साथ 5,856.35 पर पहुंच गया था। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स आज के शुरुआती कारोबार में करीब 61 अंक ऊपर था। लगातार तीसरे दिन तेजी की धारणा के साथ खुल कर सेंसेक्स प्रारंभ में 60.88 अंक या 0.31 प्रतिशत चढ कर 19,456.69 तक चला गया था। पिछले दो दिन में सेंसेक्स में 844 अंक सुधर चुका है। नेशनल स्टाक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी भी आज सुबह 14.15 अंक या 0.24 प्रतिशत की तेजी के साथ 5,856.35 पर पहुंच गया था। नेशनल स्टाक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी भी आज सुबह 14.15 अंक या 0.24 प्रतिशत की तेजी के साथ 5,856.35 पर पहुंच गया था।
यह एक सारांश है: विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर के मुकाबले यूरो में मजबूती और शेयर बाजार के बेहतर रुख के कारण रुपये को समर्थन मिला।
24
['hin']
एक सारांश बनाओ: पुरी ने कहा, 'मैं पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिल रहा हूं और सभी बेहद उत्साहित हैं.' अमृतसर में पैदा हुए पूर्व नौकरशाह एक सिख लेकिन गैर जाट हैं, जो मतदाताओं से यह कहते हुए अपील कर रहे हैं, 'अगर आप मुझे मौका दें तो मैं केंद्रीय मंत्रिमंडल में आपकी आवाज बन सकता हूं, क्योंकि भाजपा नेतृत्व वाली राजग सरकार एक बार फिर केंद्र में सरकार बनाने वाली है.' हरदीप पुरी एक शहरी सिख हैं और उनकी जड़ें दिल्ली से जुड़ी हैं. उन्हें प्रचार अभियान में अक्सर अपनी राजनयिक पत्नी लक्ष्मी पुरी का पूरा साथ मिल रहा है. अपने बाहरी होने की बात पर वह मतदाताओं से कहते हैं, 'मेरे दादा जी 13 अप्रैल, 1919 को जलियांवाला बाग में थे, जब अंग्रेजों ने गोलियां चलवाई थी. आप लोग कैसे मुझे बाहरी कह सकते हैं? और शहरी विकास मंत्री होने के नाते यह मेरे लिए एक मौका है कि मैं अमृतसर की समस्याओं को हल कर सकूं.' लंबे समय से सिख समुदाय की लंबित मांग रहे करतारपुर कॉरिडोर की स्थापना पर भाजपा के उम्मीदवार ने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि करतारपुर कॉरिडोर दो देशों (भारत और पाकिस्तान) के बीच तनाव के बावजूद आकार लेगा.' गलियारा अमृतसर शहर के सिख तीर्थयात्रियों के लिए पाकिस्तान के ऐतिहासिक गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर तक जाने के लिए आसान मार्ग प्रदान करेगा. करतारपुर पाकिस्तान के पंजाब के नरोवाल जिले के शकरगढ़ में स्थित है. सिख धर्म के संस्थापक, गुरु नानक देव ने अपने जीवन के 18 से अधिक वर्ष वहीं बिताए थे. पिछले नवंबर में, पुरी एक अन्य केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के साथ करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास समारोह में भाग लेने के लिए अटारी-वाघा सीमा से पाकिस्तान गए थे. पुरी ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर अमृतसर के बाहरी इलाके में दलित बहुल मुधाल गांव को अपनाया, जिसका उद्देश्य समुदाय के विश्वास को बहाल करना है. उन्होंने कहा, 'उस समय मुझे जानकारी नहीं थी कि पार्टी मुझे इस पवित्र शहर की सेवा करने का मौका देगी.' पुरी का प्रचार अभियान सुबह आम लोगों के साथ बैडमिंटन खेलने से शुरू होता है, जहां वह लोगों को कहते हैं कि वे यहां के लोगों की आवाज बन सदन में रहेंगे और दुनिया में पगड़ी का गौरव बढ़ाएंगे. वह यह कहकर मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्होंने 2010 में ह्यूस्टन हवाईअड्डे पर सुरक्षा के दौरान पगड़ी की गरिमा के लिए संघर्ष किया था. उस समय वह न्यूयॉर्क में भारत के स्थायी राजदूत के रूप में तैनात थे. अमृतसर सीट का प्रतिनिधित्व क्रिकेट से राजनीति में आए नवजोत सिंह सिद्धू ने 2004 से 2014 तक किया था. उस समय वह भाजपा में थे. सिद्धू फिलहाल पंजाब की कांग्रेस सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं. 2014 के चुनाव में कांग्रेस के अमरिंदर सिंह ने एक लाख से अधिक वोटों से भाजपा उम्मीदवार अरुण जेटली को परास्त किया था. उस समय शिअद-भाजपा की सरकार राज्य में थी. फरवरी 2017 में पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले अमरिंदर ने अमृतसर सीट से इस्तीफा दे दिया और राज्य विधानसभा चुनाव में उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने भारी जीत दर्ज की. इसके बाद अमृतसर सीट के लिए हुए उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार औजला ने भाजपा और आम आदमी पार्टी आप के उम्मीदवारों को परास्त कर 1.97 लाख मतों के अंतर से जीत दर्ज की. पुरी का मौजूदा कांग्रेस सांसद औजला से सीधा मुकाबला है. अमृतसर में कुल 14,68,972 मतदाता हैं, जिनमें 690,313 महिलाएं हैं. यह एक सिख बहुल सीट है, जहां सिख मतदाओं की संख्या 60 प्रतिशत से अधिक है. पंजाब की 13 लोकसभा सीटों के लिए एक ही चरण में में 19 मई को मतदान होना है.
यहाँ एक सारांश है:हरदीप पुरी अमृतसर से बीजेपी उम्मीदवार कांग्रेस के मौजूदा सांसद गुरजीत औजला से भिड़ंत पिछली बार यहां से अरुण जेटली को मिली थी हार
15
['hin']
एक सारांश बनाओ: पुणे पिस्टंस टीम ने इंडियन बैडमिंटन लीग (आईबीएल) के पहले संस्करण के पहले महिला एकल मुकाबले में बुधवार को क्रिश दिल्ली स्मैशर्स टीम ने को हरा दिया। सिरी फोर्ट खेल परिसर में खेले गए इस मैच में पिस्टंस की जूलियन शेंक ने स्मैशर्स की नाचाओन जिंदापोन को 21-15, 21-6 से हराया।टिप्पणियां इससे पहले, स्मैशर्स के साई प्रणीत ने पहले पुरुष एकल मैच में पिस्टंस के तेन मेन नुगेन को 21-16, 21-20 से हराकर 1-0 की बढ़त हासिल की थी। इस मैच के बाद पुरुष युगल, दूसरा पुरुष एकल और फिर मिश्रित युगल मैच खेले जाएंगे। सिरी फोर्ट खेल परिसर में खेले गए इस मैच में पिस्टंस की जूलियन शेंक ने स्मैशर्स की नाचाओन जिंदापोन को 21-15, 21-6 से हराया।टिप्पणियां इससे पहले, स्मैशर्स के साई प्रणीत ने पहले पुरुष एकल मैच में पिस्टंस के तेन मेन नुगेन को 21-16, 21-20 से हराकर 1-0 की बढ़त हासिल की थी। इस मैच के बाद पुरुष युगल, दूसरा पुरुष एकल और फिर मिश्रित युगल मैच खेले जाएंगे। इससे पहले, स्मैशर्स के साई प्रणीत ने पहले पुरुष एकल मैच में पिस्टंस के तेन मेन नुगेन को 21-16, 21-20 से हराकर 1-0 की बढ़त हासिल की थी। इस मैच के बाद पुरुष युगल, दूसरा पुरुष एकल और फिर मिश्रित युगल मैच खेले जाएंगे। इस मैच के बाद पुरुष युगल, दूसरा पुरुष एकल और फिर मिश्रित युगल मैच खेले जाएंगे।
यह एक सारांश है: पुणे पिस्टंस टीम ने इंडियन बैडमिंटन लीग (आईबीएल) के पहले संस्करण के पहले महिला एकल मुकाबले में बुधवार को क्रिश दिल्ली स्मैशर्स टीम ने को हरा दिया।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: किश्तवाड़ की सांप्रदायिक हिंसा पर आलोचना से दुखी जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को कश्मीरी जनता के साथ अलग तरह से पेश आने की वजह बताए जाने की मांग की। कड़ी सुरक्षा के बीच यहां बख्शी स्टेडियम में ध्वजारोहण के बाद उमर ने सांप्रदायिक तनाव को गंभीर रूप न लेने देने के लिए कश्मीरी जनता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, मैं राज्य की जनता को उन शक्तियों को हराने के लिए सलाम करता हूं, जो राज्य में तनाव बढ़ाना और शांति व सद्भावना को नष्ट करना चाहते थे। उमर ने कहा, मुझसे अक्सर पूछा जाता है कि आप (कश्मीरी) क्यों खुद को देश की मुख्यधारा से अलग महसूस करते हैं। मैंने इस सवाल के ऊपर सोचा, लेकिन एक जवाब ढूंढना मुश्किल था। जब मैंने पाया कि कैसे किश्तवाड़ की घटना का इस्तेमाल किया गया, मुझे जवाब मिल गया। उन्होंने कहा, हमारे साथ ऐसा व्यवहार किया जाता है कि जैसे हम मुख्यधारा का हिस्सा न हों। मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि किश्तवाड़ में हिन्दू-मुसलमानों के बीच हुए दंगे की कड़ी निंदा किए जाने की जरूरत है। इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि यह घटना उनके कार्यकाल में होना दुख की बात है। उन्होंने कहा, लेकिन मेरे कार्यकाल में रहते पिछले चार साल में यह पहली सांप्रदायिक घटना है। क्या यह भारत में हुई पहली घटना है? मैं यह नहीं कहना चाहता है कि अन्य राज्यों में ऐसी घटना होने पर किश्तवाड़ की घटना को न्यायोचित ठहराया जा सकता है। अब्दुल्ला ने 2012 और इस साल मार्च महीने तक विभिन्न राज्यों और हाल ही में बिहार में हुई सांप्रदायिक हिंसा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, भगवान के लिए, मुझे बताएं क्या किसी ने संसद में इस मुद्दे को उठाया? क्या कोई भी बड़ा नेता वहां लोगों के साथ एकजुटता दर्शाने के लिए पहुंचा? कितने समाचार पत्रों में इस घटना पर खबरें बनीं? उन्होंने कहा, आप देश के बाकी हिस्से के साथ कश्मीर को पूरी तरह से एकीकृत करने के लिए भारतीय संविधान का अनुच्छेद 370 निकाल देना चाहते हैं, लेकिन आप हमारे साथ अलग व्यवहार करते हैं। उन्होंने कहा, आप जितना भी करेंगे, संविधान की धाराएं बदल देने से एकता नहीं आएगी। यह तभी होगा जब आप अपना रवैया बदलेंगे।टिप्पणियां उन्होंने पाकिस्तानी सैनिकों की तरफ से किए जा रहे युद्ध विराम उल्लंघन के बारे में कहा कि जब तक यह जारी रहेगा दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण बातचीत प्रभावित रहेगी। इस बीच, अलगाववादी नेताओं ने कश्मीर मुद्दे पर वैश्विक ध्यान आकृष्ट करने के लिए घाटी में गुरुवार को बंद का आह्वान किया। कड़ी सुरक्षा के बीच यहां बख्शी स्टेडियम में ध्वजारोहण के बाद उमर ने सांप्रदायिक तनाव को गंभीर रूप न लेने देने के लिए कश्मीरी जनता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, मैं राज्य की जनता को उन शक्तियों को हराने के लिए सलाम करता हूं, जो राज्य में तनाव बढ़ाना और शांति व सद्भावना को नष्ट करना चाहते थे। उमर ने कहा, मुझसे अक्सर पूछा जाता है कि आप (कश्मीरी) क्यों खुद को देश की मुख्यधारा से अलग महसूस करते हैं। मैंने इस सवाल के ऊपर सोचा, लेकिन एक जवाब ढूंढना मुश्किल था। जब मैंने पाया कि कैसे किश्तवाड़ की घटना का इस्तेमाल किया गया, मुझे जवाब मिल गया। उन्होंने कहा, हमारे साथ ऐसा व्यवहार किया जाता है कि जैसे हम मुख्यधारा का हिस्सा न हों। मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि किश्तवाड़ में हिन्दू-मुसलमानों के बीच हुए दंगे की कड़ी निंदा किए जाने की जरूरत है। इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि यह घटना उनके कार्यकाल में होना दुख की बात है। उन्होंने कहा, लेकिन मेरे कार्यकाल में रहते पिछले चार साल में यह पहली सांप्रदायिक घटना है। क्या यह भारत में हुई पहली घटना है? मैं यह नहीं कहना चाहता है कि अन्य राज्यों में ऐसी घटना होने पर किश्तवाड़ की घटना को न्यायोचित ठहराया जा सकता है। अब्दुल्ला ने 2012 और इस साल मार्च महीने तक विभिन्न राज्यों और हाल ही में बिहार में हुई सांप्रदायिक हिंसा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, भगवान के लिए, मुझे बताएं क्या किसी ने संसद में इस मुद्दे को उठाया? क्या कोई भी बड़ा नेता वहां लोगों के साथ एकजुटता दर्शाने के लिए पहुंचा? कितने समाचार पत्रों में इस घटना पर खबरें बनीं? उन्होंने कहा, आप देश के बाकी हिस्से के साथ कश्मीर को पूरी तरह से एकीकृत करने के लिए भारतीय संविधान का अनुच्छेद 370 निकाल देना चाहते हैं, लेकिन आप हमारे साथ अलग व्यवहार करते हैं। उन्होंने कहा, आप जितना भी करेंगे, संविधान की धाराएं बदल देने से एकता नहीं आएगी। यह तभी होगा जब आप अपना रवैया बदलेंगे।टिप्पणियां उन्होंने पाकिस्तानी सैनिकों की तरफ से किए जा रहे युद्ध विराम उल्लंघन के बारे में कहा कि जब तक यह जारी रहेगा दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण बातचीत प्रभावित रहेगी। इस बीच, अलगाववादी नेताओं ने कश्मीर मुद्दे पर वैश्विक ध्यान आकृष्ट करने के लिए घाटी में गुरुवार को बंद का आह्वान किया। उन्होंने कहा, मैं राज्य की जनता को उन शक्तियों को हराने के लिए सलाम करता हूं, जो राज्य में तनाव बढ़ाना और शांति व सद्भावना को नष्ट करना चाहते थे। उमर ने कहा, मुझसे अक्सर पूछा जाता है कि आप (कश्मीरी) क्यों खुद को देश की मुख्यधारा से अलग महसूस करते हैं। मैंने इस सवाल के ऊपर सोचा, लेकिन एक जवाब ढूंढना मुश्किल था। जब मैंने पाया कि कैसे किश्तवाड़ की घटना का इस्तेमाल किया गया, मुझे जवाब मिल गया। उन्होंने कहा, हमारे साथ ऐसा व्यवहार किया जाता है कि जैसे हम मुख्यधारा का हिस्सा न हों। मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि किश्तवाड़ में हिन्दू-मुसलमानों के बीच हुए दंगे की कड़ी निंदा किए जाने की जरूरत है। इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि यह घटना उनके कार्यकाल में होना दुख की बात है। उन्होंने कहा, लेकिन मेरे कार्यकाल में रहते पिछले चार साल में यह पहली सांप्रदायिक घटना है। क्या यह भारत में हुई पहली घटना है? मैं यह नहीं कहना चाहता है कि अन्य राज्यों में ऐसी घटना होने पर किश्तवाड़ की घटना को न्यायोचित ठहराया जा सकता है। अब्दुल्ला ने 2012 और इस साल मार्च महीने तक विभिन्न राज्यों और हाल ही में बिहार में हुई सांप्रदायिक हिंसा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, भगवान के लिए, मुझे बताएं क्या किसी ने संसद में इस मुद्दे को उठाया? क्या कोई भी बड़ा नेता वहां लोगों के साथ एकजुटता दर्शाने के लिए पहुंचा? कितने समाचार पत्रों में इस घटना पर खबरें बनीं? उन्होंने कहा, आप देश के बाकी हिस्से के साथ कश्मीर को पूरी तरह से एकीकृत करने के लिए भारतीय संविधान का अनुच्छेद 370 निकाल देना चाहते हैं, लेकिन आप हमारे साथ अलग व्यवहार करते हैं। उन्होंने कहा, आप जितना भी करेंगे, संविधान की धाराएं बदल देने से एकता नहीं आएगी। यह तभी होगा जब आप अपना रवैया बदलेंगे।टिप्पणियां उन्होंने पाकिस्तानी सैनिकों की तरफ से किए जा रहे युद्ध विराम उल्लंघन के बारे में कहा कि जब तक यह जारी रहेगा दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण बातचीत प्रभावित रहेगी। इस बीच, अलगाववादी नेताओं ने कश्मीर मुद्दे पर वैश्विक ध्यान आकृष्ट करने के लिए घाटी में गुरुवार को बंद का आह्वान किया। उमर ने कहा, मुझसे अक्सर पूछा जाता है कि आप (कश्मीरी) क्यों खुद को देश की मुख्यधारा से अलग महसूस करते हैं। मैंने इस सवाल के ऊपर सोचा, लेकिन एक जवाब ढूंढना मुश्किल था। जब मैंने पाया कि कैसे किश्तवाड़ की घटना का इस्तेमाल किया गया, मुझे जवाब मिल गया। उन्होंने कहा, हमारे साथ ऐसा व्यवहार किया जाता है कि जैसे हम मुख्यधारा का हिस्सा न हों। मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि किश्तवाड़ में हिन्दू-मुसलमानों के बीच हुए दंगे की कड़ी निंदा किए जाने की जरूरत है। इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि यह घटना उनके कार्यकाल में होना दुख की बात है। उन्होंने कहा, लेकिन मेरे कार्यकाल में रहते पिछले चार साल में यह पहली सांप्रदायिक घटना है। क्या यह भारत में हुई पहली घटना है? मैं यह नहीं कहना चाहता है कि अन्य राज्यों में ऐसी घटना होने पर किश्तवाड़ की घटना को न्यायोचित ठहराया जा सकता है। अब्दुल्ला ने 2012 और इस साल मार्च महीने तक विभिन्न राज्यों और हाल ही में बिहार में हुई सांप्रदायिक हिंसा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, भगवान के लिए, मुझे बताएं क्या किसी ने संसद में इस मुद्दे को उठाया? क्या कोई भी बड़ा नेता वहां लोगों के साथ एकजुटता दर्शाने के लिए पहुंचा? कितने समाचार पत्रों में इस घटना पर खबरें बनीं? उन्होंने कहा, आप देश के बाकी हिस्से के साथ कश्मीर को पूरी तरह से एकीकृत करने के लिए भारतीय संविधान का अनुच्छेद 370 निकाल देना चाहते हैं, लेकिन आप हमारे साथ अलग व्यवहार करते हैं। उन्होंने कहा, आप जितना भी करेंगे, संविधान की धाराएं बदल देने से एकता नहीं आएगी। यह तभी होगा जब आप अपना रवैया बदलेंगे।टिप्पणियां उन्होंने पाकिस्तानी सैनिकों की तरफ से किए जा रहे युद्ध विराम उल्लंघन के बारे में कहा कि जब तक यह जारी रहेगा दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण बातचीत प्रभावित रहेगी। इस बीच, अलगाववादी नेताओं ने कश्मीर मुद्दे पर वैश्विक ध्यान आकृष्ट करने के लिए घाटी में गुरुवार को बंद का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि किश्तवाड़ में हिन्दू-मुसलमानों के बीच हुए दंगे की कड़ी निंदा किए जाने की जरूरत है। इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि यह घटना उनके कार्यकाल में होना दुख की बात है। उन्होंने कहा, लेकिन मेरे कार्यकाल में रहते पिछले चार साल में यह पहली सांप्रदायिक घटना है। क्या यह भारत में हुई पहली घटना है? मैं यह नहीं कहना चाहता है कि अन्य राज्यों में ऐसी घटना होने पर किश्तवाड़ की घटना को न्यायोचित ठहराया जा सकता है। अब्दुल्ला ने 2012 और इस साल मार्च महीने तक विभिन्न राज्यों और हाल ही में बिहार में हुई सांप्रदायिक हिंसा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, भगवान के लिए, मुझे बताएं क्या किसी ने संसद में इस मुद्दे को उठाया? क्या कोई भी बड़ा नेता वहां लोगों के साथ एकजुटता दर्शाने के लिए पहुंचा? कितने समाचार पत्रों में इस घटना पर खबरें बनीं? उन्होंने कहा, आप देश के बाकी हिस्से के साथ कश्मीर को पूरी तरह से एकीकृत करने के लिए भारतीय संविधान का अनुच्छेद 370 निकाल देना चाहते हैं, लेकिन आप हमारे साथ अलग व्यवहार करते हैं। उन्होंने कहा, आप जितना भी करेंगे, संविधान की धाराएं बदल देने से एकता नहीं आएगी। यह तभी होगा जब आप अपना रवैया बदलेंगे।टिप्पणियां उन्होंने पाकिस्तानी सैनिकों की तरफ से किए जा रहे युद्ध विराम उल्लंघन के बारे में कहा कि जब तक यह जारी रहेगा दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण बातचीत प्रभावित रहेगी। इस बीच, अलगाववादी नेताओं ने कश्मीर मुद्दे पर वैश्विक ध्यान आकृष्ट करने के लिए घाटी में गुरुवार को बंद का आह्वान किया। उन्होंने कहा, लेकिन मेरे कार्यकाल में रहते पिछले चार साल में यह पहली सांप्रदायिक घटना है। क्या यह भारत में हुई पहली घटना है? मैं यह नहीं कहना चाहता है कि अन्य राज्यों में ऐसी घटना होने पर किश्तवाड़ की घटना को न्यायोचित ठहराया जा सकता है। अब्दुल्ला ने 2012 और इस साल मार्च महीने तक विभिन्न राज्यों और हाल ही में बिहार में हुई सांप्रदायिक हिंसा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, भगवान के लिए, मुझे बताएं क्या किसी ने संसद में इस मुद्दे को उठाया? क्या कोई भी बड़ा नेता वहां लोगों के साथ एकजुटता दर्शाने के लिए पहुंचा? कितने समाचार पत्रों में इस घटना पर खबरें बनीं? उन्होंने कहा, आप देश के बाकी हिस्से के साथ कश्मीर को पूरी तरह से एकीकृत करने के लिए भारतीय संविधान का अनुच्छेद 370 निकाल देना चाहते हैं, लेकिन आप हमारे साथ अलग व्यवहार करते हैं। उन्होंने कहा, आप जितना भी करेंगे, संविधान की धाराएं बदल देने से एकता नहीं आएगी। यह तभी होगा जब आप अपना रवैया बदलेंगे।टिप्पणियां उन्होंने पाकिस्तानी सैनिकों की तरफ से किए जा रहे युद्ध विराम उल्लंघन के बारे में कहा कि जब तक यह जारी रहेगा दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण बातचीत प्रभावित रहेगी। इस बीच, अलगाववादी नेताओं ने कश्मीर मुद्दे पर वैश्विक ध्यान आकृष्ट करने के लिए घाटी में गुरुवार को बंद का आह्वान किया। अब्दुल्ला ने 2012 और इस साल मार्च महीने तक विभिन्न राज्यों और हाल ही में बिहार में हुई सांप्रदायिक हिंसा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, भगवान के लिए, मुझे बताएं क्या किसी ने संसद में इस मुद्दे को उठाया? क्या कोई भी बड़ा नेता वहां लोगों के साथ एकजुटता दर्शाने के लिए पहुंचा? कितने समाचार पत्रों में इस घटना पर खबरें बनीं? उन्होंने कहा, आप देश के बाकी हिस्से के साथ कश्मीर को पूरी तरह से एकीकृत करने के लिए भारतीय संविधान का अनुच्छेद 370 निकाल देना चाहते हैं, लेकिन आप हमारे साथ अलग व्यवहार करते हैं। उन्होंने कहा, आप जितना भी करेंगे, संविधान की धाराएं बदल देने से एकता नहीं आएगी। यह तभी होगा जब आप अपना रवैया बदलेंगे।टिप्पणियां उन्होंने पाकिस्तानी सैनिकों की तरफ से किए जा रहे युद्ध विराम उल्लंघन के बारे में कहा कि जब तक यह जारी रहेगा दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण बातचीत प्रभावित रहेगी। इस बीच, अलगाववादी नेताओं ने कश्मीर मुद्दे पर वैश्विक ध्यान आकृष्ट करने के लिए घाटी में गुरुवार को बंद का आह्वान किया। उन्होंने कहा, भगवान के लिए, मुझे बताएं क्या किसी ने संसद में इस मुद्दे को उठाया? क्या कोई भी बड़ा नेता वहां लोगों के साथ एकजुटता दर्शाने के लिए पहुंचा? कितने समाचार पत्रों में इस घटना पर खबरें बनीं? उन्होंने कहा, आप देश के बाकी हिस्से के साथ कश्मीर को पूरी तरह से एकीकृत करने के लिए भारतीय संविधान का अनुच्छेद 370 निकाल देना चाहते हैं, लेकिन आप हमारे साथ अलग व्यवहार करते हैं। उन्होंने कहा, आप जितना भी करेंगे, संविधान की धाराएं बदल देने से एकता नहीं आएगी। यह तभी होगा जब आप अपना रवैया बदलेंगे।टिप्पणियां उन्होंने पाकिस्तानी सैनिकों की तरफ से किए जा रहे युद्ध विराम उल्लंघन के बारे में कहा कि जब तक यह जारी रहेगा दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण बातचीत प्रभावित रहेगी। इस बीच, अलगाववादी नेताओं ने कश्मीर मुद्दे पर वैश्विक ध्यान आकृष्ट करने के लिए घाटी में गुरुवार को बंद का आह्वान किया। उन्होंने कहा, आप देश के बाकी हिस्से के साथ कश्मीर को पूरी तरह से एकीकृत करने के लिए भारतीय संविधान का अनुच्छेद 370 निकाल देना चाहते हैं, लेकिन आप हमारे साथ अलग व्यवहार करते हैं। उन्होंने कहा, आप जितना भी करेंगे, संविधान की धाराएं बदल देने से एकता नहीं आएगी। यह तभी होगा जब आप अपना रवैया बदलेंगे।टिप्पणियां उन्होंने पाकिस्तानी सैनिकों की तरफ से किए जा रहे युद्ध विराम उल्लंघन के बारे में कहा कि जब तक यह जारी रहेगा दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण बातचीत प्रभावित रहेगी। इस बीच, अलगाववादी नेताओं ने कश्मीर मुद्दे पर वैश्विक ध्यान आकृष्ट करने के लिए घाटी में गुरुवार को बंद का आह्वान किया। उन्होंने कहा, आप जितना भी करेंगे, संविधान की धाराएं बदल देने से एकता नहीं आएगी। यह तभी होगा जब आप अपना रवैया बदलेंगे।टिप्पणियां उन्होंने पाकिस्तानी सैनिकों की तरफ से किए जा रहे युद्ध विराम उल्लंघन के बारे में कहा कि जब तक यह जारी रहेगा दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण बातचीत प्रभावित रहेगी। इस बीच, अलगाववादी नेताओं ने कश्मीर मुद्दे पर वैश्विक ध्यान आकृष्ट करने के लिए घाटी में गुरुवार को बंद का आह्वान किया। उन्होंने पाकिस्तानी सैनिकों की तरफ से किए जा रहे युद्ध विराम उल्लंघन के बारे में कहा कि जब तक यह जारी रहेगा दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण बातचीत प्रभावित रहेगी। इस बीच, अलगाववादी नेताओं ने कश्मीर मुद्दे पर वैश्विक ध्यान आकृष्ट करने के लिए घाटी में गुरुवार को बंद का आह्वान किया। इस बीच, अलगाववादी नेताओं ने कश्मीर मुद्दे पर वैश्विक ध्यान आकृष्ट करने के लिए घाटी में गुरुवार को बंद का आह्वान किया।
यह एक सारांश है: किश्तवाड़ की सांप्रदायिक हिंसा पर आलोचना से दुखी जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को कश्मीरी जनता के साथ अलग तरह से पेश आने की वजह बताए जाने की मांग की।
2
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और कानून मंत्री बाबर अवान सहित 298 सांसदों एवं प्रांतीय विधायकों की योग्यता पर संदेह प्रकट किया है। इन जनप्रतिनिधियों ने कई बार कहे जाने के बावजूद स्नातक डिग्री के सत्यापन के लिए जरूरी दस्तावेज जमा नहीं कराए। सूची में शामिल सीनेट अथवा उपरी सदन के 21 सदस्यों में अवान, पीएमएल क्यू प्रमुख चौधरी सुजात हुसैन, सीनेट में विपक्ष के नेता वसीम साजद और पीएमएल एन नेता इशाक दर शामिल हैं। इसके अलावा नेशनल असेम्बली अथवा निचले सदन के 112 सदस्य हैं। इसमें विदेश मंत्री कुरैशी सूचना मंत्री कमर जमान कैरा कश्मीर मामलों के मंत्री मंजूर वट्टू शामिल हैं। विपक्ष के प्रमुख सांसदों में नेशनल असेम्बली में विपक्ष के नेता चौधरी निसार अली खान पंजाब के पूर्व मुख्य मंत्री चौधरी परवेज इलाही तथा पीएमएल-एन नेता जावेद हाशमी शामिल हैं। सूची में पंजाब असेम्बली के 102 विधायक खबर पख्तूनख्वा असेम्बली के 43 और सिंध तथा बलूचिस्तान असेम्बलियां में प्रत्येक के दस विधायक शामिल हैं। चुनाव आयोग ने सीनेट के अध्यक्ष तथा नेशनल तथा प्रांतीय असेम्बलियों के अध्यक्षों को लिखा था कि वे जनप्रतिनिधियों से कहें कि यथाशीघ्र उच्च शिक्षा आयोग को दस्तावेज सुलभ करायें।
संक्षिप्त पाठ: विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और कानून मंत्री बाबर अवान सहित 298 सांसदों एवं प्रांतीय विधायकों की योग्यता पर संदेह प्रकट किया है।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय मूल की कनाडाई पोर्न अभिनेत्री सनी लियोन को उम्मीद है कि वह अपनी फिल्म 'जिस्म 2' में बिपाशा के समकक्ष दिख सकेंगी। लियोन को उम्मीद है कि वह पूर्व में अभिनेत्री बिपाशा बसु द्वारा 'जिस्म' के जरिए गढ़े गए मानक को छू सकेंगी। 30 वर्षीय लियोन ने एक साक्षात्कार में कहा, "मैंने बिपाशा को देखा है। वह पहली फिल्म में बहुत आकर्षक व अद्भुत दिखी हैं। मैं उम्मीद करती हूं कि मैं उनके द्वारा स्थापित मानक को छू सकूं और 'जिस्म 2' से उन्हें शर्मिदा न करूं।" उन्होंने कहा, "मैं अच्छा काम करना चाहती हूं और उम्मीद करती हूं कि हर किसी को यह फिल्म पसंद आए।"टिप्पणियां सनी ने रिएलिटी शो 'बिग बॉस 5' में हिस्सा लिया था। इसी शो के दौरान फिल्मकार महेश भट्ट ने उन्हें 'जिस्म 2' में अभिनय का अवसर देने का निर्णय लिया था। अब सनी को फिल्म की शूटिंग का इंतजार है। साल 2003 में आई 'जिस्म' के कुछ दृश्यों के लिए चर्चा में रहीं बिपाशा को उम्मीद है कि फिल्म के अगले भाग में सनी अच्छा काम करेंगी। बिपाशा ने कहा, "मैं उन्हें नहीं जानती, लेकिन महेश भट्ट साहब उसी को फिल्म में लेते हैं, जो भूमिका में जंचे। इसलिए मैं इसे लेकर सुनिश्चित हूं कि वह अच्छा काम करेंगी।" 'जिस्म 2' में रणदीप हुड्डा व अरुणोदय सिंह भी नजर आएंगे। 30 वर्षीय लियोन ने एक साक्षात्कार में कहा, "मैंने बिपाशा को देखा है। वह पहली फिल्म में बहुत आकर्षक व अद्भुत दिखी हैं। मैं उम्मीद करती हूं कि मैं उनके द्वारा स्थापित मानक को छू सकूं और 'जिस्म 2' से उन्हें शर्मिदा न करूं।" उन्होंने कहा, "मैं अच्छा काम करना चाहती हूं और उम्मीद करती हूं कि हर किसी को यह फिल्म पसंद आए।"टिप्पणियां सनी ने रिएलिटी शो 'बिग बॉस 5' में हिस्सा लिया था। इसी शो के दौरान फिल्मकार महेश भट्ट ने उन्हें 'जिस्म 2' में अभिनय का अवसर देने का निर्णय लिया था। अब सनी को फिल्म की शूटिंग का इंतजार है। साल 2003 में आई 'जिस्म' के कुछ दृश्यों के लिए चर्चा में रहीं बिपाशा को उम्मीद है कि फिल्म के अगले भाग में सनी अच्छा काम करेंगी। बिपाशा ने कहा, "मैं उन्हें नहीं जानती, लेकिन महेश भट्ट साहब उसी को फिल्म में लेते हैं, जो भूमिका में जंचे। इसलिए मैं इसे लेकर सुनिश्चित हूं कि वह अच्छा काम करेंगी।" 'जिस्म 2' में रणदीप हुड्डा व अरुणोदय सिंह भी नजर आएंगे। सनी ने रिएलिटी शो 'बिग बॉस 5' में हिस्सा लिया था। इसी शो के दौरान फिल्मकार महेश भट्ट ने उन्हें 'जिस्म 2' में अभिनय का अवसर देने का निर्णय लिया था। अब सनी को फिल्म की शूटिंग का इंतजार है। साल 2003 में आई 'जिस्म' के कुछ दृश्यों के लिए चर्चा में रहीं बिपाशा को उम्मीद है कि फिल्म के अगले भाग में सनी अच्छा काम करेंगी। बिपाशा ने कहा, "मैं उन्हें नहीं जानती, लेकिन महेश भट्ट साहब उसी को फिल्म में लेते हैं, जो भूमिका में जंचे। इसलिए मैं इसे लेकर सुनिश्चित हूं कि वह अच्छा काम करेंगी।" 'जिस्म 2' में रणदीप हुड्डा व अरुणोदय सिंह भी नजर आएंगे। साल 2003 में आई 'जिस्म' के कुछ दृश्यों के लिए चर्चा में रहीं बिपाशा को उम्मीद है कि फिल्म के अगले भाग में सनी अच्छा काम करेंगी। बिपाशा ने कहा, "मैं उन्हें नहीं जानती, लेकिन महेश भट्ट साहब उसी को फिल्म में लेते हैं, जो भूमिका में जंचे। इसलिए मैं इसे लेकर सुनिश्चित हूं कि वह अच्छा काम करेंगी।" 'जिस्म 2' में रणदीप हुड्डा व अरुणोदय सिंह भी नजर आएंगे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारतीय मूल की कनाडाई पोर्न अभिनेत्री सनी लियोन को उम्मीद है कि वह अपनी फिल्म 'जिस्म 2' में बिपाशा के समकक्ष दिख सकेंगी।
25
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जम्मू एवं कश्मीर के अनंतनाग में आतंकवादियों के साथ मंगलवार सुबह से जारी मुठभेड़ में एक जवान शहीद हो गया है, और दो आतंकवादियों को भी ढेर कर दिया गया है. ये दोनों आतंकवादी गुट जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हैं. इनमें से एक आतंकवादी की पहचान सज्जाद अहमद भट के रूप में हुई है, जो 14 फरवरी को पुलवामा में CRPF के काफिले पर हुए आत्मघाती हमले में इस्तेमाल हुई कार का मालिक था. दूसरे आतंकवादी का नाम तौसीफ है, और वह सज्जाद का हैंडलर था. आतंकवादियों के इलाके में छिपे होने की खुफिया जानकारी के आधार पर सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान शुरू किया था, जो जल्द ही मुठभेड़ में तब्दील हो गया, जब आतंकियों ने बलों पर गोलियां दागना शुरू कर दिया. बताया गया है कि मुठभेड़ अब भी जारी है. गौरतलब है कि सोमवार को आतंकवादियों ने पुलवामा में सेना के एक वाहन को IED के ज़रिये निशाना बनाया था, जहां इसी साल फरवरी में भी जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती आतंकवादी ने CRPF के कॉनवॉय को निशाना बनाया था, जिसमें 40 से ज़्यादा जवान शहीद हो गए थे. सोमवार को हुए हमले में छह जवान तथा दो नागरिक ज़ख्मी हुए थे. इसके अलावा सोमवार को ही अनंतनाग में ही आतंकवादियों से हुई एक मुठभेड़ में सेना का एक मेजर शहीद हो गया था, और तीन जवान ज़ख्मी हुए थे. केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह तथा सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत मुठभेड़ में शहीद हुए मेजर केतन शर्मा को मंगलवार को श्रद्धांजलि देंगे.
यह एक सारांश है: कश्मीर के अनंतनाग में आतंकवादी और सुरक्षाबलों में मुठभेड़ एक जवान शहीद, दो आतंकी भी ढेर हो सकते हैं जैश-ए-मोहम्मद के सदस्य
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: देश की सुरक्षा से जुड़े सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी आजकल योगा की प्रैक्टिस कर रहे हैं. फ़िट रहने के लिए नहीं बल्कि डीजीपी कॉन्फ़्रेंस में करने के लिए. आईबी द्वारा आयोजित ये कॉन्फ़्रेंस इस साल हैदराबाद में नैशनल पुलिस अकादमी में 25-27 नवंबर के बीच हो रही है लेकिन इस साल कुछ आसनों में बदलाव है. पिछले साल जहां सबने मिलकर सूर्या नमस्कार और चक्रासन किया था इस साल ज़ोर शव आसान और बाल आसान पर है. इसके पीछे सीधा-सीधा तर्क ये है कि प्रधानमंत्री इस साल इस बैठक में सिर्फ़ एक दिन हिस्सा लेंगे यानी नवंबर 25 शाम हैदराबाद पहुंचेंगे और दूसरी दोपहर यानी 26 नवंबर को वहां से रवाना हो जाएंगे. यानी तीन दिन चलने वाली कॉन्फ़्रेंस में एक दिन ही वो योग में हिस्सा लेंगे. इस बात को लेकर सभी अफ़सरों में काफ़ी उत्साह है. पिछले साल ये कॉन्फ़्रेंस ढोर्डो (भुज) में हुई थी और प्रधानमंत्री ने दो दिन ख़ुद सुबह छह बजे  उठकर ख़ुद तो योग किया था. साथ ही पूरे देश के सभी अफ़सरों को दंडवत नमस्कार करवाए थे. लेकिन इस बार ख़ुद प्रधानमंत्री का पक्का नहीं है कि वो योगा सेशन में हिस्सा लेंगे या नहीं इसीलिए सभी अफ़सर इस साल ज़्यादा फ़ोकस  शव आसान और बाल आसान की प्रैक्टिस पर कर रहे हैं. टिप्पणियां "मैं शव आसान बहुत अच्छा करता हूँ," एक वरिष्ठ अधिकारी ने एनडीटीवी से मुस्कुराते हुए कहा तो एक पुलिस अफ़सर के मुताबिक़ ऐसे योग सत्र  में सिर्फ़ सांस लेने की क्रियाओं पर फ़ोकस होना चाहिए. आख़िर पुलिस अफ़सर तनावभरी ज़िंदगी जो जीते है.  अनुलोम-विलोम जैसे है कपालभाति जैसे योग आसनों पर फ़ोकस होना चाहिए. "मुझे ख़ुद अनुलोम-विलोम करना पसंद है क्यूंकि उससे पूरा शरीर तंदुरस्त रहता है," उनका तर्क है. वैसे प्रधानमंत्री कार्यालय का कहना है की प्रधानमंत्री इस साल एक दिन ही इस बैठक में इसीलिए हिस्सा ले रहे हैं क्योंकि देश में जो नोटबंदी को लेकर हल्ला मच रहा है उस पर वो ज़्यादा ध्यान दे रहे है. इसके पीछे सीधा-सीधा तर्क ये है कि प्रधानमंत्री इस साल इस बैठक में सिर्फ़ एक दिन हिस्सा लेंगे यानी नवंबर 25 शाम हैदराबाद पहुंचेंगे और दूसरी दोपहर यानी 26 नवंबर को वहां से रवाना हो जाएंगे. यानी तीन दिन चलने वाली कॉन्फ़्रेंस में एक दिन ही वो योग में हिस्सा लेंगे. इस बात को लेकर सभी अफ़सरों में काफ़ी उत्साह है. पिछले साल ये कॉन्फ़्रेंस ढोर्डो (भुज) में हुई थी और प्रधानमंत्री ने दो दिन ख़ुद सुबह छह बजे  उठकर ख़ुद तो योग किया था. साथ ही पूरे देश के सभी अफ़सरों को दंडवत नमस्कार करवाए थे. लेकिन इस बार ख़ुद प्रधानमंत्री का पक्का नहीं है कि वो योगा सेशन में हिस्सा लेंगे या नहीं इसीलिए सभी अफ़सर इस साल ज़्यादा फ़ोकस  शव आसान और बाल आसान की प्रैक्टिस पर कर रहे हैं. टिप्पणियां "मैं शव आसान बहुत अच्छा करता हूँ," एक वरिष्ठ अधिकारी ने एनडीटीवी से मुस्कुराते हुए कहा तो एक पुलिस अफ़सर के मुताबिक़ ऐसे योग सत्र  में सिर्फ़ सांस लेने की क्रियाओं पर फ़ोकस होना चाहिए. आख़िर पुलिस अफ़सर तनावभरी ज़िंदगी जो जीते है.  अनुलोम-विलोम जैसे है कपालभाति जैसे योग आसनों पर फ़ोकस होना चाहिए. "मुझे ख़ुद अनुलोम-विलोम करना पसंद है क्यूंकि उससे पूरा शरीर तंदुरस्त रहता है," उनका तर्क है. वैसे प्रधानमंत्री कार्यालय का कहना है की प्रधानमंत्री इस साल एक दिन ही इस बैठक में इसीलिए हिस्सा ले रहे हैं क्योंकि देश में जो नोटबंदी को लेकर हल्ला मच रहा है उस पर वो ज़्यादा ध्यान दे रहे है. पिछले साल ये कॉन्फ़्रेंस ढोर्डो (भुज) में हुई थी और प्रधानमंत्री ने दो दिन ख़ुद सुबह छह बजे  उठकर ख़ुद तो योग किया था. साथ ही पूरे देश के सभी अफ़सरों को दंडवत नमस्कार करवाए थे. लेकिन इस बार ख़ुद प्रधानमंत्री का पक्का नहीं है कि वो योगा सेशन में हिस्सा लेंगे या नहीं इसीलिए सभी अफ़सर इस साल ज़्यादा फ़ोकस  शव आसान और बाल आसान की प्रैक्टिस पर कर रहे हैं. टिप्पणियां "मैं शव आसान बहुत अच्छा करता हूँ," एक वरिष्ठ अधिकारी ने एनडीटीवी से मुस्कुराते हुए कहा तो एक पुलिस अफ़सर के मुताबिक़ ऐसे योग सत्र  में सिर्फ़ सांस लेने की क्रियाओं पर फ़ोकस होना चाहिए. आख़िर पुलिस अफ़सर तनावभरी ज़िंदगी जो जीते है.  अनुलोम-विलोम जैसे है कपालभाति जैसे योग आसनों पर फ़ोकस होना चाहिए. "मुझे ख़ुद अनुलोम-विलोम करना पसंद है क्यूंकि उससे पूरा शरीर तंदुरस्त रहता है," उनका तर्क है. वैसे प्रधानमंत्री कार्यालय का कहना है की प्रधानमंत्री इस साल एक दिन ही इस बैठक में इसीलिए हिस्सा ले रहे हैं क्योंकि देश में जो नोटबंदी को लेकर हल्ला मच रहा है उस पर वो ज़्यादा ध्यान दे रहे है. "मैं शव आसान बहुत अच्छा करता हूँ," एक वरिष्ठ अधिकारी ने एनडीटीवी से मुस्कुराते हुए कहा तो एक पुलिस अफ़सर के मुताबिक़ ऐसे योग सत्र  में सिर्फ़ सांस लेने की क्रियाओं पर फ़ोकस होना चाहिए. आख़िर पुलिस अफ़सर तनावभरी ज़िंदगी जो जीते है.  अनुलोम-विलोम जैसे है कपालभाति जैसे योग आसनों पर फ़ोकस होना चाहिए. "मुझे ख़ुद अनुलोम-विलोम करना पसंद है क्यूंकि उससे पूरा शरीर तंदुरस्त रहता है," उनका तर्क है. वैसे प्रधानमंत्री कार्यालय का कहना है की प्रधानमंत्री इस साल एक दिन ही इस बैठक में इसीलिए हिस्सा ले रहे हैं क्योंकि देश में जो नोटबंदी को लेकर हल्ला मच रहा है उस पर वो ज़्यादा ध्यान दे रहे है. वैसे प्रधानमंत्री कार्यालय का कहना है की प्रधानमंत्री इस साल एक दिन ही इस बैठक में इसीलिए हिस्सा ले रहे हैं क्योंकि देश में जो नोटबंदी को लेकर हल्ला मच रहा है उस पर वो ज़्यादा ध्यान दे रहे है.
संक्षिप्त पाठ: डीजीपी कॉन्फ़्रेंस हैदराबाद में नेशनल पुलिस अकादमी में 25-27 नवंबर को होगी तीन दिन चलने वाली कॉन्फ़्रेंस में एक दिन योग में हिस्सा लेंगे पीएम अधिकारियों का फ़ोकस शव आसान और बाल आसान पर
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मेक्सिको में एक बस दुर्घटना में कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई है। यह हादसा बस के पलट कर गहरे खड्ड में गिरने से हुआ। इस घटना में 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी है।टिप्पणियां बस गुएर्रेरो राज्य में रविवार को डेड़ बजे के आसपास बस चालक के संतुलन खो देने की वजह दो सौ मीटर गहरे खड्ड में जा गिरी। सिन्हुआ के मुताबिक राज्य के नागरिक रक्षा सचिव कोंस्टांटियानो गोंजालेज वारगास ने बताया कि पीड़ितों का संबंध राजनीतिक पार्टियों से है जो एक रैली  में जा रहे थे। बस गुएर्रेरो राज्य में रविवार को डेड़ बजे के आसपास बस चालक के संतुलन खो देने की वजह दो सौ मीटर गहरे खड्ड में जा गिरी। सिन्हुआ के मुताबिक राज्य के नागरिक रक्षा सचिव कोंस्टांटियानो गोंजालेज वारगास ने बताया कि पीड़ितों का संबंध राजनीतिक पार्टियों से है जो एक रैली  में जा रहे थे। सिन्हुआ के मुताबिक राज्य के नागरिक रक्षा सचिव कोंस्टांटियानो गोंजालेज वारगास ने बताया कि पीड़ितों का संबंध राजनीतिक पार्टियों से है जो एक रैली  में जा रहे थे।
सारांश: मेक्सिको में एक बस दुर्घटना में कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई है। यह हादसा बस के पलट कर गहरे खड्ड में गिरने से हुआ।
33
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आम आदमी पार्टी नेता संजय सिंह और दुर्गेश पाठक ने आप विधायक देविंदर सेहरावत पर चंडीगढ़ की अदालत में आपराधिक मानहानि का केस कर दिया है. आप विधायक देविन्दर सेहरावत ने इन दोनों नेताओं पर टिकट के बदले महिलाओं का शोषण करने का आरोप लगाया था. उल्लेखनीय है कि पार्टी विधायक सेहरावत ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर पार्टी के वरिष्ठ नेता आशुतोष के रुख की भी आलोचना की थी और आरोप लगाया था कि एक 'चौकड़ी' है, जो पार्टी को नुकसान पहुंचा रही है. दिल्ली की बिजवासन सीट से विधायक देवेंद्र सहरावत ने खत में कहा कि हालात छवि खराब करने वाले बन रहे हैं और खराब तत्वों को हटाने के लिए कार्रवाई किए जाने की ज़रूरत है. गौरतलब है कि यह वही देवेंद्र सहरावत हैं, जिन्होंने आम आदमी पार्टी से प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव को निकाले जाने के तरीके के खिलाफ भी आवाज़ उठाई थी. देवेंद्र सहरावत ने कहा कि संदीप कुमार के आचरण को लेकर आशुतोष ने जो तर्क दिए हैं, वे स्वीकार्य मूल्यों के अनुरूप नहीं हैं. संदीप कुमार को शनिवार रात बलात्कार और अन्य आरोपों में गिरफ्तार किया गया था. इससे कुछ घंटे पहले एक महिला ने उनके खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत दर्ज करवाई थी और बाद में संदीप कुमार ने पुलिस के सामने समर्पण कर दिया था. यह महिला कुछ दिन पहले सामने आई संदीप कुमार की विवादास्पद सीडी में उनके साथ दिखाई दी थी. वैसे, मंत्रिपद से हटाए जाने के बाद संदीप कुमार को पार्टी से भी निलंबित कर दिया गया है. सहरावत ने 'आप' की दिल्ली इकाई के संयोजक दिलीप पांडेय पर भी निशाना साधते हुए उनके आचरण पर सवाल उठाए थे और कहा था कि पंजाब से परेशान करने वाली खबरें आ रहीं हैं. पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल को लिखे पत्र में विधायक ने कहा, "मैंने पंजाब में टिकट देने या उसके वादे के एवज़ में महिलाओं के शोषण की परेशान करने वाली खबरें देखी हैं... मैं धरातल पर स्थिति का पता लगाने के लिए चंडीगढ़ में लोगों से मिल रहा हूं..." सहरावत ने कहा, "दिलीप पांडेय दिल्ली में ऐसा ही कर रहे हैं..." उन्होंने आरोप लगाया कि एक 'चौकड़ी' पार्टी को नुकसान पहुंचा रही है. जब सहरावत से पूछा गया कि वह किसकी ओर इशारा कर रहे हैं, तो उन्होंने आशुतोष, पार्टी की पंजाब इकाई के प्रभारी संजय सिंह और दिलीप पांडेय का नाम साफ-साफ लिया.टिप्पणियां वहीं, संजय सिंह ने आप विधायक देविंदर सेहरावत को चुनौती दी थी और कहा था 'अपने निराधार और बेबुनियाद आरोपों के समर्थन में अगर सेहरावत सुबूत पेश कर दें तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा.' संजय सिंह ने कहा 'आम आदमी पार्टी ने देविंदर सेहरावत को तीन बार 2013, 2014, 2015 में टिकट दिया. वे बताएं कि पार्टी ने उनसे टिकट के बदले क्या लिया? दरअसल यह एक षड्यंत्र है बीजेपी और अकाली दल का, क्योंकि हम पंजाब में 100 से ज्यादा सीटें जीत रहे हैं.' उल्लेखनीय है कि पार्टी विधायक सेहरावत ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर पार्टी के वरिष्ठ नेता आशुतोष के रुख की भी आलोचना की थी और आरोप लगाया था कि एक 'चौकड़ी' है, जो पार्टी को नुकसान पहुंचा रही है. दिल्ली की बिजवासन सीट से विधायक देवेंद्र सहरावत ने खत में कहा कि हालात छवि खराब करने वाले बन रहे हैं और खराब तत्वों को हटाने के लिए कार्रवाई किए जाने की ज़रूरत है. गौरतलब है कि यह वही देवेंद्र सहरावत हैं, जिन्होंने आम आदमी पार्टी से प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव को निकाले जाने के तरीके के खिलाफ भी आवाज़ उठाई थी. देवेंद्र सहरावत ने कहा कि संदीप कुमार के आचरण को लेकर आशुतोष ने जो तर्क दिए हैं, वे स्वीकार्य मूल्यों के अनुरूप नहीं हैं. संदीप कुमार को शनिवार रात बलात्कार और अन्य आरोपों में गिरफ्तार किया गया था. इससे कुछ घंटे पहले एक महिला ने उनके खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत दर्ज करवाई थी और बाद में संदीप कुमार ने पुलिस के सामने समर्पण कर दिया था. यह महिला कुछ दिन पहले सामने आई संदीप कुमार की विवादास्पद सीडी में उनके साथ दिखाई दी थी. वैसे, मंत्रिपद से हटाए जाने के बाद संदीप कुमार को पार्टी से भी निलंबित कर दिया गया है. सहरावत ने 'आप' की दिल्ली इकाई के संयोजक दिलीप पांडेय पर भी निशाना साधते हुए उनके आचरण पर सवाल उठाए थे और कहा था कि पंजाब से परेशान करने वाली खबरें आ रहीं हैं. पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल को लिखे पत्र में विधायक ने कहा, "मैंने पंजाब में टिकट देने या उसके वादे के एवज़ में महिलाओं के शोषण की परेशान करने वाली खबरें देखी हैं... मैं धरातल पर स्थिति का पता लगाने के लिए चंडीगढ़ में लोगों से मिल रहा हूं..." सहरावत ने कहा, "दिलीप पांडेय दिल्ली में ऐसा ही कर रहे हैं..." उन्होंने आरोप लगाया कि एक 'चौकड़ी' पार्टी को नुकसान पहुंचा रही है. जब सहरावत से पूछा गया कि वह किसकी ओर इशारा कर रहे हैं, तो उन्होंने आशुतोष, पार्टी की पंजाब इकाई के प्रभारी संजय सिंह और दिलीप पांडेय का नाम साफ-साफ लिया.टिप्पणियां वहीं, संजय सिंह ने आप विधायक देविंदर सेहरावत को चुनौती दी थी और कहा था 'अपने निराधार और बेबुनियाद आरोपों के समर्थन में अगर सेहरावत सुबूत पेश कर दें तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा.' संजय सिंह ने कहा 'आम आदमी पार्टी ने देविंदर सेहरावत को तीन बार 2013, 2014, 2015 में टिकट दिया. वे बताएं कि पार्टी ने उनसे टिकट के बदले क्या लिया? दरअसल यह एक षड्यंत्र है बीजेपी और अकाली दल का, क्योंकि हम पंजाब में 100 से ज्यादा सीटें जीत रहे हैं.' दिल्ली की बिजवासन सीट से विधायक देवेंद्र सहरावत ने खत में कहा कि हालात छवि खराब करने वाले बन रहे हैं और खराब तत्वों को हटाने के लिए कार्रवाई किए जाने की ज़रूरत है. गौरतलब है कि यह वही देवेंद्र सहरावत हैं, जिन्होंने आम आदमी पार्टी से प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव को निकाले जाने के तरीके के खिलाफ भी आवाज़ उठाई थी. देवेंद्र सहरावत ने कहा कि संदीप कुमार के आचरण को लेकर आशुतोष ने जो तर्क दिए हैं, वे स्वीकार्य मूल्यों के अनुरूप नहीं हैं. संदीप कुमार को शनिवार रात बलात्कार और अन्य आरोपों में गिरफ्तार किया गया था. इससे कुछ घंटे पहले एक महिला ने उनके खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत दर्ज करवाई थी और बाद में संदीप कुमार ने पुलिस के सामने समर्पण कर दिया था. यह महिला कुछ दिन पहले सामने आई संदीप कुमार की विवादास्पद सीडी में उनके साथ दिखाई दी थी. वैसे, मंत्रिपद से हटाए जाने के बाद संदीप कुमार को पार्टी से भी निलंबित कर दिया गया है. सहरावत ने 'आप' की दिल्ली इकाई के संयोजक दिलीप पांडेय पर भी निशाना साधते हुए उनके आचरण पर सवाल उठाए थे और कहा था कि पंजाब से परेशान करने वाली खबरें आ रहीं हैं. पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल को लिखे पत्र में विधायक ने कहा, "मैंने पंजाब में टिकट देने या उसके वादे के एवज़ में महिलाओं के शोषण की परेशान करने वाली खबरें देखी हैं... मैं धरातल पर स्थिति का पता लगाने के लिए चंडीगढ़ में लोगों से मिल रहा हूं..." सहरावत ने कहा, "दिलीप पांडेय दिल्ली में ऐसा ही कर रहे हैं..." उन्होंने आरोप लगाया कि एक 'चौकड़ी' पार्टी को नुकसान पहुंचा रही है. जब सहरावत से पूछा गया कि वह किसकी ओर इशारा कर रहे हैं, तो उन्होंने आशुतोष, पार्टी की पंजाब इकाई के प्रभारी संजय सिंह और दिलीप पांडेय का नाम साफ-साफ लिया.टिप्पणियां वहीं, संजय सिंह ने आप विधायक देविंदर सेहरावत को चुनौती दी थी और कहा था 'अपने निराधार और बेबुनियाद आरोपों के समर्थन में अगर सेहरावत सुबूत पेश कर दें तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा.' संजय सिंह ने कहा 'आम आदमी पार्टी ने देविंदर सेहरावत को तीन बार 2013, 2014, 2015 में टिकट दिया. वे बताएं कि पार्टी ने उनसे टिकट के बदले क्या लिया? दरअसल यह एक षड्यंत्र है बीजेपी और अकाली दल का, क्योंकि हम पंजाब में 100 से ज्यादा सीटें जीत रहे हैं.' देवेंद्र सहरावत ने कहा कि संदीप कुमार के आचरण को लेकर आशुतोष ने जो तर्क दिए हैं, वे स्वीकार्य मूल्यों के अनुरूप नहीं हैं. संदीप कुमार को शनिवार रात बलात्कार और अन्य आरोपों में गिरफ्तार किया गया था. इससे कुछ घंटे पहले एक महिला ने उनके खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत दर्ज करवाई थी और बाद में संदीप कुमार ने पुलिस के सामने समर्पण कर दिया था. यह महिला कुछ दिन पहले सामने आई संदीप कुमार की विवादास्पद सीडी में उनके साथ दिखाई दी थी. वैसे, मंत्रिपद से हटाए जाने के बाद संदीप कुमार को पार्टी से भी निलंबित कर दिया गया है. सहरावत ने 'आप' की दिल्ली इकाई के संयोजक दिलीप पांडेय पर भी निशाना साधते हुए उनके आचरण पर सवाल उठाए थे और कहा था कि पंजाब से परेशान करने वाली खबरें आ रहीं हैं. पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल को लिखे पत्र में विधायक ने कहा, "मैंने पंजाब में टिकट देने या उसके वादे के एवज़ में महिलाओं के शोषण की परेशान करने वाली खबरें देखी हैं... मैं धरातल पर स्थिति का पता लगाने के लिए चंडीगढ़ में लोगों से मिल रहा हूं..." सहरावत ने कहा, "दिलीप पांडेय दिल्ली में ऐसा ही कर रहे हैं..." उन्होंने आरोप लगाया कि एक 'चौकड़ी' पार्टी को नुकसान पहुंचा रही है. जब सहरावत से पूछा गया कि वह किसकी ओर इशारा कर रहे हैं, तो उन्होंने आशुतोष, पार्टी की पंजाब इकाई के प्रभारी संजय सिंह और दिलीप पांडेय का नाम साफ-साफ लिया.टिप्पणियां वहीं, संजय सिंह ने आप विधायक देविंदर सेहरावत को चुनौती दी थी और कहा था 'अपने निराधार और बेबुनियाद आरोपों के समर्थन में अगर सेहरावत सुबूत पेश कर दें तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा.' संजय सिंह ने कहा 'आम आदमी पार्टी ने देविंदर सेहरावत को तीन बार 2013, 2014, 2015 में टिकट दिया. वे बताएं कि पार्टी ने उनसे टिकट के बदले क्या लिया? दरअसल यह एक षड्यंत्र है बीजेपी और अकाली दल का, क्योंकि हम पंजाब में 100 से ज्यादा सीटें जीत रहे हैं.' सहरावत ने 'आप' की दिल्ली इकाई के संयोजक दिलीप पांडेय पर भी निशाना साधते हुए उनके आचरण पर सवाल उठाए थे और कहा था कि पंजाब से परेशान करने वाली खबरें आ रहीं हैं. पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल को लिखे पत्र में विधायक ने कहा, "मैंने पंजाब में टिकट देने या उसके वादे के एवज़ में महिलाओं के शोषण की परेशान करने वाली खबरें देखी हैं... मैं धरातल पर स्थिति का पता लगाने के लिए चंडीगढ़ में लोगों से मिल रहा हूं..." सहरावत ने कहा, "दिलीप पांडेय दिल्ली में ऐसा ही कर रहे हैं..." उन्होंने आरोप लगाया कि एक 'चौकड़ी' पार्टी को नुकसान पहुंचा रही है. जब सहरावत से पूछा गया कि वह किसकी ओर इशारा कर रहे हैं, तो उन्होंने आशुतोष, पार्टी की पंजाब इकाई के प्रभारी संजय सिंह और दिलीप पांडेय का नाम साफ-साफ लिया.टिप्पणियां वहीं, संजय सिंह ने आप विधायक देविंदर सेहरावत को चुनौती दी थी और कहा था 'अपने निराधार और बेबुनियाद आरोपों के समर्थन में अगर सेहरावत सुबूत पेश कर दें तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा.' संजय सिंह ने कहा 'आम आदमी पार्टी ने देविंदर सेहरावत को तीन बार 2013, 2014, 2015 में टिकट दिया. वे बताएं कि पार्टी ने उनसे टिकट के बदले क्या लिया? दरअसल यह एक षड्यंत्र है बीजेपी और अकाली दल का, क्योंकि हम पंजाब में 100 से ज्यादा सीटें जीत रहे हैं.' पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल को लिखे पत्र में विधायक ने कहा, "मैंने पंजाब में टिकट देने या उसके वादे के एवज़ में महिलाओं के शोषण की परेशान करने वाली खबरें देखी हैं... मैं धरातल पर स्थिति का पता लगाने के लिए चंडीगढ़ में लोगों से मिल रहा हूं..." सहरावत ने कहा, "दिलीप पांडेय दिल्ली में ऐसा ही कर रहे हैं..." उन्होंने आरोप लगाया कि एक 'चौकड़ी' पार्टी को नुकसान पहुंचा रही है. जब सहरावत से पूछा गया कि वह किसकी ओर इशारा कर रहे हैं, तो उन्होंने आशुतोष, पार्टी की पंजाब इकाई के प्रभारी संजय सिंह और दिलीप पांडेय का नाम साफ-साफ लिया.टिप्पणियां वहीं, संजय सिंह ने आप विधायक देविंदर सेहरावत को चुनौती दी थी और कहा था 'अपने निराधार और बेबुनियाद आरोपों के समर्थन में अगर सेहरावत सुबूत पेश कर दें तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा.' संजय सिंह ने कहा 'आम आदमी पार्टी ने देविंदर सेहरावत को तीन बार 2013, 2014, 2015 में टिकट दिया. वे बताएं कि पार्टी ने उनसे टिकट के बदले क्या लिया? दरअसल यह एक षड्यंत्र है बीजेपी और अकाली दल का, क्योंकि हम पंजाब में 100 से ज्यादा सीटें जीत रहे हैं.' वहीं, संजय सिंह ने आप विधायक देविंदर सेहरावत को चुनौती दी थी और कहा था 'अपने निराधार और बेबुनियाद आरोपों के समर्थन में अगर सेहरावत सुबूत पेश कर दें तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा.' संजय सिंह ने कहा 'आम आदमी पार्टी ने देविंदर सेहरावत को तीन बार 2013, 2014, 2015 में टिकट दिया. वे बताएं कि पार्टी ने उनसे टिकट के बदले क्या लिया? दरअसल यह एक षड्यंत्र है बीजेपी और अकाली दल का, क्योंकि हम पंजाब में 100 से ज्यादा सीटें जीत रहे हैं.' संजय सिंह ने कहा 'आम आदमी पार्टी ने देविंदर सेहरावत को तीन बार 2013, 2014, 2015 में टिकट दिया. वे बताएं कि पार्टी ने उनसे टिकट के बदले क्या लिया? दरअसल यह एक षड्यंत्र है बीजेपी और अकाली दल का, क्योंकि हम पंजाब में 100 से ज्यादा सीटें जीत रहे हैं.'
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: देविंदर सेहरावत पर आपराधिक मानहानि का केस दर्ज करवाया सेहरावत ने महिलाओं के शोषण का आरोप लगाया सेहरावत ने आशुतोष के रुख की भी आलोचना की थी
19
['hin']
एक सारांश बनाओ: उत्तर कोरिया ने ब्रिटेन को आगाह किया है कि बढ़ते मौजूदा तनाव के संदर्भ में किसी तरह का टकराव पैदा होने पर 10 अप्रैल के बाद वह विदेशी दूतावासों को सुरक्षा नहीं दे पाएगा।टिप्पणियां ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय की एक प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि प्योंगयोंग ने लंदन को बता दिया है कि 10 अप्रैल के बाद उनकी सरकार दूतावासों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की सुरक्षा का आश्वासन नहीं दे सकती है। उत्तर कोरिया ने दो मध्यम दूरी के प्रक्षेपास्त्र अपने पूर्वी तट पर तैनात किए हैं। ब्रिटेन और रूस सहित कई देशों को प्योंगयोंग स्थित उनके दूतावास की सुरक्षा को लेकर एक पत्र मिला है। ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय की एक प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि प्योंगयोंग ने लंदन को बता दिया है कि 10 अप्रैल के बाद उनकी सरकार दूतावासों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की सुरक्षा का आश्वासन नहीं दे सकती है। उत्तर कोरिया ने दो मध्यम दूरी के प्रक्षेपास्त्र अपने पूर्वी तट पर तैनात किए हैं। ब्रिटेन और रूस सहित कई देशों को प्योंगयोंग स्थित उनके दूतावास की सुरक्षा को लेकर एक पत्र मिला है। उत्तर कोरिया ने दो मध्यम दूरी के प्रक्षेपास्त्र अपने पूर्वी तट पर तैनात किए हैं। ब्रिटेन और रूस सहित कई देशों को प्योंगयोंग स्थित उनके दूतावास की सुरक्षा को लेकर एक पत्र मिला है।
यह एक सारांश है: उत्तर कोरिया ने ब्रिटेन को आगाह किया है कि बढ़ते मौजूदा तनाव के संदर्भ में किसी तरह का टकराव पैदा होने पर 10 अप्रैल के बाद वह विदेशी दूतावासों को सुरक्षा नहीं दे पाएगा।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ब्रिटेन की कंपनी वोडाफोन ने अपनी संयुक्त उद्यम वोडाफोन-एस्सार में 22 फीसद हिस्सेदारी खरीदने के लिए एस्सार को पहली किस्त के रूप में 1.9 अरब अमेरिकी डॉलर का बुधवार को भुगतान किया। यह हिस्सेदारी रूइया के नेतृत्व वाली एस्सार की विदेशी इकाइयों के पास है। वोडाफोन-एस्सार में रूइया के नेतृत्व वाली एस्सार की विदेशी इकाइयों के पास 22.03 फीसद हिस्सेदारी है जिसका मूल्य 3.8 अरब डॉलर आंका गया है। वोडाफोन के प्रवक्ता ने कहा कि हमने एस्सार को पहली किस्त के रूप में 1.9 अरब डॉलर की राशि दी है। एस्सार की संयुक्त उद्यम में 33 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसमें 22.03 प्रतिशत हिस्सेदारी कंपनी की विदेशी इकाइयों के पास है जबकि शेष 10.97 प्रतिशत हिस्सेदारी समूह की भारतीय कंपनियों के पास है जिसका मूल्य 1.2 अरब अमेरिकी डॉलर है। सूत्रों के अनुसार वोडाफोन को अब 1.9 अरब डॉलर एस्सार को दे दिए हैं और शेष 1.9 अरब डॉलर नवंबर में दिए जाएंगे। एस्सार ने शेष 10.97 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के मामले में रिजर्व बैंक से संपर्क किया है। इस बारे में संपर्क किए जाने पर एस्सार के प्रवक्ता ने कुछ भी कहने से मना कर दिया। मार्च महीने में वोडाफोन ने कहा था कि वह एस्सार की पूरी 33 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए विकल्प का उपयोग करेगी। इस हिस्सेदारी का मूल्य 5 अरब डॉलर है। सौदा पूरा होने के बाद एस्सार पूरी तरह संयुक्त उद्यम से निकल जाएगी।
संक्षिप्त सारांश: वोडाफोन-एस्सार में 22 फीसद हिस्सेदारी खरीदने के लिए एस्सार को पहली किस्त के रूप में 1.9 अरब अमेरिकी डॉलर का भुगतान किया।
0
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अगर आप भी रात में अपना फोन चार्जिंग पर लगाकर सोते हैं तो यह खबर आपके लिए ही है. फोन चार्जिंग पर लगाकर तकिए के नीचे या फिर बिस्तर के करीब रखना कितना खतरनाक हो सकता है यह कजाकिस्तान की एक 14 वर्षीय लड़की के साथ हुए हादसे से जाना जा सकता है. दरअसल, कजाकिस्तान के बास्टोब गांव में रहने वाली अलुआ एसेटकी अबज़ेलबेक नाम की एक स्कूली छात्रा रात को अपना फोन चार्जिंग पर लगाकर सो गई. सोने से पहले उसने फोन को बिस्तर के पास रख लिया था ताकि उसमें चल रहे गाने सुन सके, लेकिन सुबह होने से कुछ देर पहले ही फोन की बैट्री फट गई, जिसके चलते उसकी मौत हो गई.  अलुआ की मौत के बाद उसके सबसे करीबी दोस्त 15 साल के अयाज़ान दोलशेवा ने उसे याद करते हुए फेसबुक पर एक भावुक पोस्ट में लिखा, 'मैं अभी भी इस पर विश्वास नहीं कर सकता.' उसने लिखा, 'तुम सबसे अच्छी थी. हम बचपन से एक साथ थे. अब तुम्हारे बिना जीना मेरे लिए बहुत कठिन होगा. मुझे तुम्हारी बहुत याद आ रही है. तुमने मुझे हमेशा के लिए छोड़ दिया है.'
सारांश: रात को चार्जिंग पर फोन लगाकर सो गई थी लड़की पूरी रात चार्जिंग पर लगा फोन सुबह के वक्त फट गया फोन के फटने से लड़की के दिमाग में गंभीर चोटें आई
31
['hin']