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एक सारांश बनाओ: दिल्ली उच्च न्यायालय ने उत्पीड़न मामले के एक आरोपी को अग्रिम जमानत देते हुए यहां एक सरकारी स्कूल में 50 पेड़ लगाने को कहा. न्यायमूर्ति सुनील गौड़ ने कहा कि स्कूल के प्रधानाचार्य को सुनिश्चित करना होगा कि पौधारोपण का काम हो और जांच अधिकारी को अदालत में अनुपालन संबंधी रिपोर्ट दायर करनी होगी. आरोपी शख्स ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत दर्ज उत्पीड़न, गलत तरीके से रास्ता रोकने एवं शरारत के आपराधिक मामले में अग्रिम जमानत मांगने के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया था.
इसी मामले में सह-आरोपी को निचली अदालत से जमानत मिल चुकी है इसी को आधार बनाकर उसने अपने लिए भी अग्रिम जमानत मांगी. इस संबंध में पिछले साल कनॉट प्लेस पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. अदालत ने गौर किया कि शख्स ने पूर्वी दिल्ली के चंद्र नगर के एक सरकारी स्कूल के पास दो हफ्ते के भीतर स्वयं 'नीम' के 25 और 'पीपल' के 25 पेड़ लगाने की पेशकश अपने वकील के जरिए अदालत में रखी.
साथ ही अदालत ने यह भी साफ किया कि गिरफ्तारी से पहले मिली जमानत की छूट का गलत फायदा उठाने या सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने पर राज्य के पास इस आदेश को रद्द करने की स्वतंत्रता होगी. अदालत ने कहा कि वह मामले के गुण-दोष पर कुछ नहीं कह रही है. साथ ही उसने 17 दिसंबर, 2018 के अंतरिम आदेश को स्थायी कर दिया जिससे व्यक्ति की गिरफ्तारी पर रोक लगाई गई थी.
(इनपुट-भाषा) | यहाँ एक सारांश है:उत्पीड़न मामले के आरोपी को 50 पेड़ लगाने का आदेश.
एक सरकारी स्कूल में 50 पेड़ लगाने को कहा.
दो हफ्ते के भीतर स्वयं 'नीम' के 25 और 'पीपल' के 25 पेड़ लगाने को कहा. | 15 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: लोनवाबो सोतसोबे की अगुआई में गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में श्रीलंका को 22 रन से हराकर तीन मैचों की शृंखला में 2-0 की निर्णायक बढ़त बना ली।
दक्षिण अफ्रीका ने डेविड मिलर (21 गेंद में 36 रन) और जेपी डुमिनी (23 गेंद में 30 रन) की आक्रामक पारियों की मदद से छह विकेट पर 145 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था।
इसके जवाब में श्रीलंका की टीम सोतसोबे (17 रन पर दो विकेट) की धारदार गेंदबाजी के सामने सात विकेट पर 123 रन ही बना सकी।
मोर्ने मोर्कल ने सोतसोबे का अच्छा साथ निभाते हुए 34 रन देकर दो विकेट हासिल किए। इमरान ताहिर, वेन पार्नेल और डेविड विएसी ने एक-एक विकेट चटकाया।
श्रीलंका की ओर से पूर्व कप्तान कुमार संगकारा ने एक बार फिर सर्वाधिक 39 रन की पारी खेली। तिसारा परेरा ने नाबाद 22, सलामी बल्लेबाज कुशाल परेरा ने 21 जबकि लाहिरू थिरिमाने ने 18 रन का योगदान दिया लेकिन मेजबान टीम का कोई भी बल्लेबाज टिककर नहीं खेल पाया जिससे टीम को हार का सामना करना पड़ा। टिप्पणियां
श्रीलंका के बल्लेबाज लक्ष्य का पीछा करते हुए अंतिम 10 ओवर में सिर्फ चार बाउंड्री (तीन चौके और एक छक्का) लगा पाए जो टीम की हार का अहम कारण रहा।
दक्षिण अफ्रीका ने कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में पहले टी20 मैच में 12 रन से जीत दर्ज की थी। शृंखला का तीसरा और अंतिम टी20 मैच हंबनटोटा में ही छह अगस्त को खेला जाएगा।
दक्षिण अफ्रीका ने डेविड मिलर (21 गेंद में 36 रन) और जेपी डुमिनी (23 गेंद में 30 रन) की आक्रामक पारियों की मदद से छह विकेट पर 145 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था।
इसके जवाब में श्रीलंका की टीम सोतसोबे (17 रन पर दो विकेट) की धारदार गेंदबाजी के सामने सात विकेट पर 123 रन ही बना सकी।
मोर्ने मोर्कल ने सोतसोबे का अच्छा साथ निभाते हुए 34 रन देकर दो विकेट हासिल किए। इमरान ताहिर, वेन पार्नेल और डेविड विएसी ने एक-एक विकेट चटकाया।
श्रीलंका की ओर से पूर्व कप्तान कुमार संगकारा ने एक बार फिर सर्वाधिक 39 रन की पारी खेली। तिसारा परेरा ने नाबाद 22, सलामी बल्लेबाज कुशाल परेरा ने 21 जबकि लाहिरू थिरिमाने ने 18 रन का योगदान दिया लेकिन मेजबान टीम का कोई भी बल्लेबाज टिककर नहीं खेल पाया जिससे टीम को हार का सामना करना पड़ा। टिप्पणियां
श्रीलंका के बल्लेबाज लक्ष्य का पीछा करते हुए अंतिम 10 ओवर में सिर्फ चार बाउंड्री (तीन चौके और एक छक्का) लगा पाए जो टीम की हार का अहम कारण रहा।
दक्षिण अफ्रीका ने कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में पहले टी20 मैच में 12 रन से जीत दर्ज की थी। शृंखला का तीसरा और अंतिम टी20 मैच हंबनटोटा में ही छह अगस्त को खेला जाएगा।
इसके जवाब में श्रीलंका की टीम सोतसोबे (17 रन पर दो विकेट) की धारदार गेंदबाजी के सामने सात विकेट पर 123 रन ही बना सकी।
मोर्ने मोर्कल ने सोतसोबे का अच्छा साथ निभाते हुए 34 रन देकर दो विकेट हासिल किए। इमरान ताहिर, वेन पार्नेल और डेविड विएसी ने एक-एक विकेट चटकाया।
श्रीलंका की ओर से पूर्व कप्तान कुमार संगकारा ने एक बार फिर सर्वाधिक 39 रन की पारी खेली। तिसारा परेरा ने नाबाद 22, सलामी बल्लेबाज कुशाल परेरा ने 21 जबकि लाहिरू थिरिमाने ने 18 रन का योगदान दिया लेकिन मेजबान टीम का कोई भी बल्लेबाज टिककर नहीं खेल पाया जिससे टीम को हार का सामना करना पड़ा। टिप्पणियां
श्रीलंका के बल्लेबाज लक्ष्य का पीछा करते हुए अंतिम 10 ओवर में सिर्फ चार बाउंड्री (तीन चौके और एक छक्का) लगा पाए जो टीम की हार का अहम कारण रहा।
दक्षिण अफ्रीका ने कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में पहले टी20 मैच में 12 रन से जीत दर्ज की थी। शृंखला का तीसरा और अंतिम टी20 मैच हंबनटोटा में ही छह अगस्त को खेला जाएगा।
मोर्ने मोर्कल ने सोतसोबे का अच्छा साथ निभाते हुए 34 रन देकर दो विकेट हासिल किए। इमरान ताहिर, वेन पार्नेल और डेविड विएसी ने एक-एक विकेट चटकाया।
श्रीलंका की ओर से पूर्व कप्तान कुमार संगकारा ने एक बार फिर सर्वाधिक 39 रन की पारी खेली। तिसारा परेरा ने नाबाद 22, सलामी बल्लेबाज कुशाल परेरा ने 21 जबकि लाहिरू थिरिमाने ने 18 रन का योगदान दिया लेकिन मेजबान टीम का कोई भी बल्लेबाज टिककर नहीं खेल पाया जिससे टीम को हार का सामना करना पड़ा। टिप्पणियां
श्रीलंका के बल्लेबाज लक्ष्य का पीछा करते हुए अंतिम 10 ओवर में सिर्फ चार बाउंड्री (तीन चौके और एक छक्का) लगा पाए जो टीम की हार का अहम कारण रहा।
दक्षिण अफ्रीका ने कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में पहले टी20 मैच में 12 रन से जीत दर्ज की थी। शृंखला का तीसरा और अंतिम टी20 मैच हंबनटोटा में ही छह अगस्त को खेला जाएगा।
श्रीलंका की ओर से पूर्व कप्तान कुमार संगकारा ने एक बार फिर सर्वाधिक 39 रन की पारी खेली। तिसारा परेरा ने नाबाद 22, सलामी बल्लेबाज कुशाल परेरा ने 21 जबकि लाहिरू थिरिमाने ने 18 रन का योगदान दिया लेकिन मेजबान टीम का कोई भी बल्लेबाज टिककर नहीं खेल पाया जिससे टीम को हार का सामना करना पड़ा। टिप्पणियां
श्रीलंका के बल्लेबाज लक्ष्य का पीछा करते हुए अंतिम 10 ओवर में सिर्फ चार बाउंड्री (तीन चौके और एक छक्का) लगा पाए जो टीम की हार का अहम कारण रहा।
दक्षिण अफ्रीका ने कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में पहले टी20 मैच में 12 रन से जीत दर्ज की थी। शृंखला का तीसरा और अंतिम टी20 मैच हंबनटोटा में ही छह अगस्त को खेला जाएगा।
श्रीलंका के बल्लेबाज लक्ष्य का पीछा करते हुए अंतिम 10 ओवर में सिर्फ चार बाउंड्री (तीन चौके और एक छक्का) लगा पाए जो टीम की हार का अहम कारण रहा।
दक्षिण अफ्रीका ने कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में पहले टी20 मैच में 12 रन से जीत दर्ज की थी। शृंखला का तीसरा और अंतिम टी20 मैच हंबनटोटा में ही छह अगस्त को खेला जाएगा।
दक्षिण अफ्रीका ने कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में पहले टी20 मैच में 12 रन से जीत दर्ज की थी। शृंखला का तीसरा और अंतिम टी20 मैच हंबनटोटा में ही छह अगस्त को खेला जाएगा। | संक्षिप्त पाठ: लोनवाबो सोतसोबे की अगुआई में गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में श्रीलंका को 22 रन से हराकर तीन मैचों की शृंखला में 2-0 की निर्णायक बढ़त बना ली। | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पश्चिम बंगाल में एक कांग्रेसी मंत्री से दो विभाग वापस लिए जाने पर कांग्रेस ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को गठबंधन धर्म की याद दिलाई है। कांग्रेस ने कहा है कि गठबंधन धर्म इस तरह के एकतरफा फैसलों की इजाजत नहीं देता। साथ ही कांग्रेस ने तृणमूल कांग्रेस के साथ सभी मुद्दों को बातचीत से सुलझाने की बात कही है।
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि जहां तक पश्चिम बंगाल का सवाल है संयम के साथ बातचीत की जरूरत है। सिंघवी ने उम्मीद जताई कि तृणमूल कांग्रेस से जल्द ही संबंध फिर से अच्छे हो जाएंगे। वहीं तीन में से दो विभाग छिने जाने से नाराज पश्चिम बंगाल के मंत्री मनोज चक्रवती ने इस्तीफे की धमकी देते हुए ममता बनर्जी पर तानाशाही से सरकार चलाने का आरोप लगाया।
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि जहां तक पश्चिम बंगाल का सवाल है संयम के साथ बातचीत की जरूरत है। सिंघवी ने उम्मीद जताई कि तृणमूल कांग्रेस से जल्द ही संबंध फिर से अच्छे हो जाएंगे। वहीं तीन में से दो विभाग छिने जाने से नाराज पश्चिम बंगाल के मंत्री मनोज चक्रवती ने इस्तीफे की धमकी देते हुए ममता बनर्जी पर तानाशाही से सरकार चलाने का आरोप लगाया। | पश्चिम बंगाल में एक कांग्रेसी मंत्री से दो विभाग वापस लिए जाने पर कांग्रेस ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को गठबंधन धर्म की याद दिलाई है। | 1 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: योगेंद्र यादव की अगुवाई वाली स्वराज इंडिया ने मंगलवार को आरोप लगाया कि आप सरकार राष्ट्रीय राजधानी में 'फाइनेंस माफिया' की मिलीभगत से 1,85,000 रुपये के नए ऑटो रिक्शा 4,50,000 रुपये की कीमत में बेच रही है.
पार्टी ने इस 'वाहन घोटाले' की सीबीआई से जांच कराने की भी मांग की और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को इस मुद्दे पर पाक साफ बाहर आने को कहा. हालांकि दिल्ली सरकार ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार किया.
पार्टी के प्रवक्ता अनुपम का दावा है, 'यदि एक बेरोजगार व्यक्ति आटो रिक्शा खरीदने का निर्णय करता है तो उससे 4,50,000 रुपये से 4,70,000 रुपये के बीच भुगतान कराया जाता है. जबकि एक नए ऑटो की वास्तविक कीमत 1,85,000 रुपये है'. उन्होंने आरोप लगाया कि 'फाइनेंस माफिया और सरकार' के बीच साठगांठ के तहत एक पुराने आटो को खत्म करने से पहले किसी दूसरे लाइसेंसधारक को हस्तांतरित किया जाता है. इसके बाद परिवहन विभाग स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट का सत्यापन कर अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करता है'.
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का परिवहन विभाग इस ऑटो को खरीदने के लिए इच्छा पत्र जारी करता है. यह संपूर्ण प्रक्रिया उच्चतम न्यायालय के आदेश का उल्लंघन है. टिप्पणियां
उन्होंने दावा किया, 'दिल्ली में लगभग सभी ऑटो फाइनेंस पर बेचे जाते हैं, जहां फाइनेंसर इस 'ऑटो घोटाले' के संयोजक की भूमिका अदा करते हैं. इस साठगांठ में उच्चतम न्यायालय के फैसलों का पूरी तरह से उल्लंघन किया जाता है'.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पार्टी ने इस 'वाहन घोटाले' की सीबीआई से जांच कराने की भी मांग की और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को इस मुद्दे पर पाक साफ बाहर आने को कहा. हालांकि दिल्ली सरकार ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार किया.
पार्टी के प्रवक्ता अनुपम का दावा है, 'यदि एक बेरोजगार व्यक्ति आटो रिक्शा खरीदने का निर्णय करता है तो उससे 4,50,000 रुपये से 4,70,000 रुपये के बीच भुगतान कराया जाता है. जबकि एक नए ऑटो की वास्तविक कीमत 1,85,000 रुपये है'. उन्होंने आरोप लगाया कि 'फाइनेंस माफिया और सरकार' के बीच साठगांठ के तहत एक पुराने आटो को खत्म करने से पहले किसी दूसरे लाइसेंसधारक को हस्तांतरित किया जाता है. इसके बाद परिवहन विभाग स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट का सत्यापन कर अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करता है'.
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का परिवहन विभाग इस ऑटो को खरीदने के लिए इच्छा पत्र जारी करता है. यह संपूर्ण प्रक्रिया उच्चतम न्यायालय के आदेश का उल्लंघन है. टिप्पणियां
उन्होंने दावा किया, 'दिल्ली में लगभग सभी ऑटो फाइनेंस पर बेचे जाते हैं, जहां फाइनेंसर इस 'ऑटो घोटाले' के संयोजक की भूमिका अदा करते हैं. इस साठगांठ में उच्चतम न्यायालय के फैसलों का पूरी तरह से उल्लंघन किया जाता है'.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पार्टी के प्रवक्ता अनुपम का दावा है, 'यदि एक बेरोजगार व्यक्ति आटो रिक्शा खरीदने का निर्णय करता है तो उससे 4,50,000 रुपये से 4,70,000 रुपये के बीच भुगतान कराया जाता है. जबकि एक नए ऑटो की वास्तविक कीमत 1,85,000 रुपये है'. उन्होंने आरोप लगाया कि 'फाइनेंस माफिया और सरकार' के बीच साठगांठ के तहत एक पुराने आटो को खत्म करने से पहले किसी दूसरे लाइसेंसधारक को हस्तांतरित किया जाता है. इसके बाद परिवहन विभाग स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट का सत्यापन कर अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करता है'.
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का परिवहन विभाग इस ऑटो को खरीदने के लिए इच्छा पत्र जारी करता है. यह संपूर्ण प्रक्रिया उच्चतम न्यायालय के आदेश का उल्लंघन है. टिप्पणियां
उन्होंने दावा किया, 'दिल्ली में लगभग सभी ऑटो फाइनेंस पर बेचे जाते हैं, जहां फाइनेंसर इस 'ऑटो घोटाले' के संयोजक की भूमिका अदा करते हैं. इस साठगांठ में उच्चतम न्यायालय के फैसलों का पूरी तरह से उल्लंघन किया जाता है'.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का परिवहन विभाग इस ऑटो को खरीदने के लिए इच्छा पत्र जारी करता है. यह संपूर्ण प्रक्रिया उच्चतम न्यायालय के आदेश का उल्लंघन है. टिप्पणियां
उन्होंने दावा किया, 'दिल्ली में लगभग सभी ऑटो फाइनेंस पर बेचे जाते हैं, जहां फाइनेंसर इस 'ऑटो घोटाले' के संयोजक की भूमिका अदा करते हैं. इस साठगांठ में उच्चतम न्यायालय के फैसलों का पूरी तरह से उल्लंघन किया जाता है'.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने दावा किया, 'दिल्ली में लगभग सभी ऑटो फाइनेंस पर बेचे जाते हैं, जहां फाइनेंसर इस 'ऑटो घोटाले' के संयोजक की भूमिका अदा करते हैं. इस साठगांठ में उच्चतम न्यायालय के फैसलों का पूरी तरह से उल्लंघन किया जाता है'.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आप सरकार 'फाइनेंस माफिया' की मिलीभगत से कर रही यह घोटाला- योगेंद्र यादव
उन्होंने इस 'वाहन घोटाले' की सीबीआई से जांच कराने की भी मांग की.
दिल्ली सरकार ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार किया. | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों में गत सप्ताह 0.5 फीसदी से अधिक की तेजी दर्ज की गई।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स आलोच्य अवधि में 0.52 फीसदी या 91.14 अंकों की तेजी के साथ 17,521.12 पर बंद हुआ। सेंसेक्स पिछले शुक्रवार को 17,429.98 पर बंद हुआ था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी आलोच्य अवधि में 0.7 फीसदी की तेजी के साथ 38.05 पर बंद हुआ। निफ्टी पिछले शुक्रवार को 5,278.90 पर बंद हुआ था।
आलोच्य अवधि में बीएसई के मिडकैप सूचकांक में ढाई फीसदी से अधिक और स्मॉलकैप में 4.00 फीसदी से अधिक की तेजी रही। मिडकैप 160.18 अंकों की तेजी के साथ 6313.90 पर और स्मॉलकैप 278.77 अंकों की तेजी के साथ 6,822.52 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 सेक्टरों में से नौ सेक्टरों में इस सप्ताह तेजी रही। रियल्टी (4.60 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (3.87 फीसदी), बैंकिंग (3.00 फीसदी), धातु (2.01 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (1.64 फीसदी) में इस सप्ताह सर्वाधिक तेजी रही।
बीएसई में इस सप्ताह चार सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (1.91 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.64 फीसदी), तेल एवं गैस (0.19 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.18 फीसदी)।
इस बीच सोमवार को जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश का निर्यात मई में 4.16 फीसदी कम 25.68 अरब डॉलर रहा।
यूरोपीय देशों में मांग कम रहने के कारण निर्यात पर नकारात्मक असर पड़ा। आयात भी इसी अवधि में 7.36 फीसदी कम 41.94 अरब डॉलर रहा, जिसके कारण मासिक व्यापार घाटा 16.26 अरब डॉलर रहा।
केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने गुरुवार को कहा कि जल्द ही आठ फीसदी से अधिक आर्थिक विकास दर की वापसी होगी।
चिदम्बरम ने कहा, "2011-12 एक कठिन साल था, जब विकास दर घटकर 6.7 फीसदी हो गई। हम इस गिरावट के कारणों की पहचान कर रहे हैं और उन कारणों को दूर करने के लिए कई कदम उठाएंगे। मुझे विश्वास है कि 2012-13 में वापसी शुरू होगी और जल्द ही विकास दर आठ फीसदी से अधिक हो जाएगी।" उन्होंने कहा कि भारतीयों में बचत की प्रवृत्ति से विकास को तेजी मिलेगी।
इसके अगले ही दिन योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने शुक्रवार को कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि (2012-17) में नौ फीसदी आर्थिक विकास दर हासिल कर पाना सम्भव नहीं है।
12वीं योजना अवधि में सम्भावित विकास दर के बारे में पूछे जाने पर अहलूवालिया ने कहा, "9 फीसदी विकास दर के बारे में सोचना सम्भव नहीं है। मेरे हिसाब से आठ से 8.5 फीसदी सम्भव है।"टिप्पणियां
योजना आयोग द्वारा स्वीकृत 12वीं योजना अवधि के दृष्टिकोण पत्र में नौ फीसदी औसत वार्षिक विकास दर का लक्ष्य रखा गया है।
अहलूवालिया ने कहा कि वैश्विक आर्थिक स्थिति को देखते हुए आठ फीसदी विकास दर हासिल करना भी कठिन है।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स आलोच्य अवधि में 0.52 फीसदी या 91.14 अंकों की तेजी के साथ 17,521.12 पर बंद हुआ। सेंसेक्स पिछले शुक्रवार को 17,429.98 पर बंद हुआ था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी आलोच्य अवधि में 0.7 फीसदी की तेजी के साथ 38.05 पर बंद हुआ। निफ्टी पिछले शुक्रवार को 5,278.90 पर बंद हुआ था।
आलोच्य अवधि में बीएसई के मिडकैप सूचकांक में ढाई फीसदी से अधिक और स्मॉलकैप में 4.00 फीसदी से अधिक की तेजी रही। मिडकैप 160.18 अंकों की तेजी के साथ 6313.90 पर और स्मॉलकैप 278.77 अंकों की तेजी के साथ 6,822.52 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 सेक्टरों में से नौ सेक्टरों में इस सप्ताह तेजी रही। रियल्टी (4.60 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (3.87 फीसदी), बैंकिंग (3.00 फीसदी), धातु (2.01 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (1.64 फीसदी) में इस सप्ताह सर्वाधिक तेजी रही।
बीएसई में इस सप्ताह चार सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (1.91 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.64 फीसदी), तेल एवं गैस (0.19 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.18 फीसदी)।
इस बीच सोमवार को जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश का निर्यात मई में 4.16 फीसदी कम 25.68 अरब डॉलर रहा।
यूरोपीय देशों में मांग कम रहने के कारण निर्यात पर नकारात्मक असर पड़ा। आयात भी इसी अवधि में 7.36 फीसदी कम 41.94 अरब डॉलर रहा, जिसके कारण मासिक व्यापार घाटा 16.26 अरब डॉलर रहा।
केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने गुरुवार को कहा कि जल्द ही आठ फीसदी से अधिक आर्थिक विकास दर की वापसी होगी।
चिदम्बरम ने कहा, "2011-12 एक कठिन साल था, जब विकास दर घटकर 6.7 फीसदी हो गई। हम इस गिरावट के कारणों की पहचान कर रहे हैं और उन कारणों को दूर करने के लिए कई कदम उठाएंगे। मुझे विश्वास है कि 2012-13 में वापसी शुरू होगी और जल्द ही विकास दर आठ फीसदी से अधिक हो जाएगी।" उन्होंने कहा कि भारतीयों में बचत की प्रवृत्ति से विकास को तेजी मिलेगी।
इसके अगले ही दिन योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने शुक्रवार को कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि (2012-17) में नौ फीसदी आर्थिक विकास दर हासिल कर पाना सम्भव नहीं है।
12वीं योजना अवधि में सम्भावित विकास दर के बारे में पूछे जाने पर अहलूवालिया ने कहा, "9 फीसदी विकास दर के बारे में सोचना सम्भव नहीं है। मेरे हिसाब से आठ से 8.5 फीसदी सम्भव है।"टिप्पणियां
योजना आयोग द्वारा स्वीकृत 12वीं योजना अवधि के दृष्टिकोण पत्र में नौ फीसदी औसत वार्षिक विकास दर का लक्ष्य रखा गया है।
अहलूवालिया ने कहा कि वैश्विक आर्थिक स्थिति को देखते हुए आठ फीसदी विकास दर हासिल करना भी कठिन है।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी आलोच्य अवधि में 0.7 फीसदी की तेजी के साथ 38.05 पर बंद हुआ। निफ्टी पिछले शुक्रवार को 5,278.90 पर बंद हुआ था।
आलोच्य अवधि में बीएसई के मिडकैप सूचकांक में ढाई फीसदी से अधिक और स्मॉलकैप में 4.00 फीसदी से अधिक की तेजी रही। मिडकैप 160.18 अंकों की तेजी के साथ 6313.90 पर और स्मॉलकैप 278.77 अंकों की तेजी के साथ 6,822.52 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 सेक्टरों में से नौ सेक्टरों में इस सप्ताह तेजी रही। रियल्टी (4.60 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (3.87 फीसदी), बैंकिंग (3.00 फीसदी), धातु (2.01 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (1.64 फीसदी) में इस सप्ताह सर्वाधिक तेजी रही।
बीएसई में इस सप्ताह चार सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (1.91 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.64 फीसदी), तेल एवं गैस (0.19 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.18 फीसदी)।
इस बीच सोमवार को जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश का निर्यात मई में 4.16 फीसदी कम 25.68 अरब डॉलर रहा।
यूरोपीय देशों में मांग कम रहने के कारण निर्यात पर नकारात्मक असर पड़ा। आयात भी इसी अवधि में 7.36 फीसदी कम 41.94 अरब डॉलर रहा, जिसके कारण मासिक व्यापार घाटा 16.26 अरब डॉलर रहा।
केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने गुरुवार को कहा कि जल्द ही आठ फीसदी से अधिक आर्थिक विकास दर की वापसी होगी।
चिदम्बरम ने कहा, "2011-12 एक कठिन साल था, जब विकास दर घटकर 6.7 फीसदी हो गई। हम इस गिरावट के कारणों की पहचान कर रहे हैं और उन कारणों को दूर करने के लिए कई कदम उठाएंगे। मुझे विश्वास है कि 2012-13 में वापसी शुरू होगी और जल्द ही विकास दर आठ फीसदी से अधिक हो जाएगी।" उन्होंने कहा कि भारतीयों में बचत की प्रवृत्ति से विकास को तेजी मिलेगी।
इसके अगले ही दिन योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने शुक्रवार को कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि (2012-17) में नौ फीसदी आर्थिक विकास दर हासिल कर पाना सम्भव नहीं है।
12वीं योजना अवधि में सम्भावित विकास दर के बारे में पूछे जाने पर अहलूवालिया ने कहा, "9 फीसदी विकास दर के बारे में सोचना सम्भव नहीं है। मेरे हिसाब से आठ से 8.5 फीसदी सम्भव है।"टिप्पणियां
योजना आयोग द्वारा स्वीकृत 12वीं योजना अवधि के दृष्टिकोण पत्र में नौ फीसदी औसत वार्षिक विकास दर का लक्ष्य रखा गया है।
अहलूवालिया ने कहा कि वैश्विक आर्थिक स्थिति को देखते हुए आठ फीसदी विकास दर हासिल करना भी कठिन है।
आलोच्य अवधि में बीएसई के मिडकैप सूचकांक में ढाई फीसदी से अधिक और स्मॉलकैप में 4.00 फीसदी से अधिक की तेजी रही। मिडकैप 160.18 अंकों की तेजी के साथ 6313.90 पर और स्मॉलकैप 278.77 अंकों की तेजी के साथ 6,822.52 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 सेक्टरों में से नौ सेक्टरों में इस सप्ताह तेजी रही। रियल्टी (4.60 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (3.87 फीसदी), बैंकिंग (3.00 फीसदी), धातु (2.01 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (1.64 फीसदी) में इस सप्ताह सर्वाधिक तेजी रही।
बीएसई में इस सप्ताह चार सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (1.91 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.64 फीसदी), तेल एवं गैस (0.19 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.18 फीसदी)।
इस बीच सोमवार को जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश का निर्यात मई में 4.16 फीसदी कम 25.68 अरब डॉलर रहा।
यूरोपीय देशों में मांग कम रहने के कारण निर्यात पर नकारात्मक असर पड़ा। आयात भी इसी अवधि में 7.36 फीसदी कम 41.94 अरब डॉलर रहा, जिसके कारण मासिक व्यापार घाटा 16.26 अरब डॉलर रहा।
केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने गुरुवार को कहा कि जल्द ही आठ फीसदी से अधिक आर्थिक विकास दर की वापसी होगी।
चिदम्बरम ने कहा, "2011-12 एक कठिन साल था, जब विकास दर घटकर 6.7 फीसदी हो गई। हम इस गिरावट के कारणों की पहचान कर रहे हैं और उन कारणों को दूर करने के लिए कई कदम उठाएंगे। मुझे विश्वास है कि 2012-13 में वापसी शुरू होगी और जल्द ही विकास दर आठ फीसदी से अधिक हो जाएगी।" उन्होंने कहा कि भारतीयों में बचत की प्रवृत्ति से विकास को तेजी मिलेगी।
इसके अगले ही दिन योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने शुक्रवार को कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि (2012-17) में नौ फीसदी आर्थिक विकास दर हासिल कर पाना सम्भव नहीं है।
12वीं योजना अवधि में सम्भावित विकास दर के बारे में पूछे जाने पर अहलूवालिया ने कहा, "9 फीसदी विकास दर के बारे में सोचना सम्भव नहीं है। मेरे हिसाब से आठ से 8.5 फीसदी सम्भव है।"टिप्पणियां
योजना आयोग द्वारा स्वीकृत 12वीं योजना अवधि के दृष्टिकोण पत्र में नौ फीसदी औसत वार्षिक विकास दर का लक्ष्य रखा गया है।
अहलूवालिया ने कहा कि वैश्विक आर्थिक स्थिति को देखते हुए आठ फीसदी विकास दर हासिल करना भी कठिन है।
बीएसई के 13 सेक्टरों में से नौ सेक्टरों में इस सप्ताह तेजी रही। रियल्टी (4.60 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (3.87 फीसदी), बैंकिंग (3.00 फीसदी), धातु (2.01 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (1.64 फीसदी) में इस सप्ताह सर्वाधिक तेजी रही।
बीएसई में इस सप्ताह चार सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (1.91 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.64 फीसदी), तेल एवं गैस (0.19 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.18 फीसदी)।
इस बीच सोमवार को जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश का निर्यात मई में 4.16 फीसदी कम 25.68 अरब डॉलर रहा।
यूरोपीय देशों में मांग कम रहने के कारण निर्यात पर नकारात्मक असर पड़ा। आयात भी इसी अवधि में 7.36 फीसदी कम 41.94 अरब डॉलर रहा, जिसके कारण मासिक व्यापार घाटा 16.26 अरब डॉलर रहा।
केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने गुरुवार को कहा कि जल्द ही आठ फीसदी से अधिक आर्थिक विकास दर की वापसी होगी।
चिदम्बरम ने कहा, "2011-12 एक कठिन साल था, जब विकास दर घटकर 6.7 फीसदी हो गई। हम इस गिरावट के कारणों की पहचान कर रहे हैं और उन कारणों को दूर करने के लिए कई कदम उठाएंगे। मुझे विश्वास है कि 2012-13 में वापसी शुरू होगी और जल्द ही विकास दर आठ फीसदी से अधिक हो जाएगी।" उन्होंने कहा कि भारतीयों में बचत की प्रवृत्ति से विकास को तेजी मिलेगी।
इसके अगले ही दिन योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने शुक्रवार को कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि (2012-17) में नौ फीसदी आर्थिक विकास दर हासिल कर पाना सम्भव नहीं है।
12वीं योजना अवधि में सम्भावित विकास दर के बारे में पूछे जाने पर अहलूवालिया ने कहा, "9 फीसदी विकास दर के बारे में सोचना सम्भव नहीं है। मेरे हिसाब से आठ से 8.5 फीसदी सम्भव है।"टिप्पणियां
योजना आयोग द्वारा स्वीकृत 12वीं योजना अवधि के दृष्टिकोण पत्र में नौ फीसदी औसत वार्षिक विकास दर का लक्ष्य रखा गया है।
अहलूवालिया ने कहा कि वैश्विक आर्थिक स्थिति को देखते हुए आठ फीसदी विकास दर हासिल करना भी कठिन है।
बीएसई में इस सप्ताह चार सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (1.91 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.64 फीसदी), तेल एवं गैस (0.19 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.18 फीसदी)।
इस बीच सोमवार को जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश का निर्यात मई में 4.16 फीसदी कम 25.68 अरब डॉलर रहा।
यूरोपीय देशों में मांग कम रहने के कारण निर्यात पर नकारात्मक असर पड़ा। आयात भी इसी अवधि में 7.36 फीसदी कम 41.94 अरब डॉलर रहा, जिसके कारण मासिक व्यापार घाटा 16.26 अरब डॉलर रहा।
केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने गुरुवार को कहा कि जल्द ही आठ फीसदी से अधिक आर्थिक विकास दर की वापसी होगी।
चिदम्बरम ने कहा, "2011-12 एक कठिन साल था, जब विकास दर घटकर 6.7 फीसदी हो गई। हम इस गिरावट के कारणों की पहचान कर रहे हैं और उन कारणों को दूर करने के लिए कई कदम उठाएंगे। मुझे विश्वास है कि 2012-13 में वापसी शुरू होगी और जल्द ही विकास दर आठ फीसदी से अधिक हो जाएगी।" उन्होंने कहा कि भारतीयों में बचत की प्रवृत्ति से विकास को तेजी मिलेगी।
इसके अगले ही दिन योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने शुक्रवार को कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि (2012-17) में नौ फीसदी आर्थिक विकास दर हासिल कर पाना सम्भव नहीं है।
12वीं योजना अवधि में सम्भावित विकास दर के बारे में पूछे जाने पर अहलूवालिया ने कहा, "9 फीसदी विकास दर के बारे में सोचना सम्भव नहीं है। मेरे हिसाब से आठ से 8.5 फीसदी सम्भव है।"टिप्पणियां
योजना आयोग द्वारा स्वीकृत 12वीं योजना अवधि के दृष्टिकोण पत्र में नौ फीसदी औसत वार्षिक विकास दर का लक्ष्य रखा गया है।
अहलूवालिया ने कहा कि वैश्विक आर्थिक स्थिति को देखते हुए आठ फीसदी विकास दर हासिल करना भी कठिन है।
इस बीच सोमवार को जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश का निर्यात मई में 4.16 फीसदी कम 25.68 अरब डॉलर रहा।
यूरोपीय देशों में मांग कम रहने के कारण निर्यात पर नकारात्मक असर पड़ा। आयात भी इसी अवधि में 7.36 फीसदी कम 41.94 अरब डॉलर रहा, जिसके कारण मासिक व्यापार घाटा 16.26 अरब डॉलर रहा।
केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने गुरुवार को कहा कि जल्द ही आठ फीसदी से अधिक आर्थिक विकास दर की वापसी होगी।
चिदम्बरम ने कहा, "2011-12 एक कठिन साल था, जब विकास दर घटकर 6.7 फीसदी हो गई। हम इस गिरावट के कारणों की पहचान कर रहे हैं और उन कारणों को दूर करने के लिए कई कदम उठाएंगे। मुझे विश्वास है कि 2012-13 में वापसी शुरू होगी और जल्द ही विकास दर आठ फीसदी से अधिक हो जाएगी।" उन्होंने कहा कि भारतीयों में बचत की प्रवृत्ति से विकास को तेजी मिलेगी।
इसके अगले ही दिन योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने शुक्रवार को कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि (2012-17) में नौ फीसदी आर्थिक विकास दर हासिल कर पाना सम्भव नहीं है।
12वीं योजना अवधि में सम्भावित विकास दर के बारे में पूछे जाने पर अहलूवालिया ने कहा, "9 फीसदी विकास दर के बारे में सोचना सम्भव नहीं है। मेरे हिसाब से आठ से 8.5 फीसदी सम्भव है।"टिप्पणियां
योजना आयोग द्वारा स्वीकृत 12वीं योजना अवधि के दृष्टिकोण पत्र में नौ फीसदी औसत वार्षिक विकास दर का लक्ष्य रखा गया है।
अहलूवालिया ने कहा कि वैश्विक आर्थिक स्थिति को देखते हुए आठ फीसदी विकास दर हासिल करना भी कठिन है।
यूरोपीय देशों में मांग कम रहने के कारण निर्यात पर नकारात्मक असर पड़ा। आयात भी इसी अवधि में 7.36 फीसदी कम 41.94 अरब डॉलर रहा, जिसके कारण मासिक व्यापार घाटा 16.26 अरब डॉलर रहा।
केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने गुरुवार को कहा कि जल्द ही आठ फीसदी से अधिक आर्थिक विकास दर की वापसी होगी।
चिदम्बरम ने कहा, "2011-12 एक कठिन साल था, जब विकास दर घटकर 6.7 फीसदी हो गई। हम इस गिरावट के कारणों की पहचान कर रहे हैं और उन कारणों को दूर करने के लिए कई कदम उठाएंगे। मुझे विश्वास है कि 2012-13 में वापसी शुरू होगी और जल्द ही विकास दर आठ फीसदी से अधिक हो जाएगी।" उन्होंने कहा कि भारतीयों में बचत की प्रवृत्ति से विकास को तेजी मिलेगी।
इसके अगले ही दिन योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने शुक्रवार को कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि (2012-17) में नौ फीसदी आर्थिक विकास दर हासिल कर पाना सम्भव नहीं है।
12वीं योजना अवधि में सम्भावित विकास दर के बारे में पूछे जाने पर अहलूवालिया ने कहा, "9 फीसदी विकास दर के बारे में सोचना सम्भव नहीं है। मेरे हिसाब से आठ से 8.5 फीसदी सम्भव है।"टिप्पणियां
योजना आयोग द्वारा स्वीकृत 12वीं योजना अवधि के दृष्टिकोण पत्र में नौ फीसदी औसत वार्षिक विकास दर का लक्ष्य रखा गया है।
अहलूवालिया ने कहा कि वैश्विक आर्थिक स्थिति को देखते हुए आठ फीसदी विकास दर हासिल करना भी कठिन है।
केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने गुरुवार को कहा कि जल्द ही आठ फीसदी से अधिक आर्थिक विकास दर की वापसी होगी।
चिदम्बरम ने कहा, "2011-12 एक कठिन साल था, जब विकास दर घटकर 6.7 फीसदी हो गई। हम इस गिरावट के कारणों की पहचान कर रहे हैं और उन कारणों को दूर करने के लिए कई कदम उठाएंगे। मुझे विश्वास है कि 2012-13 में वापसी शुरू होगी और जल्द ही विकास दर आठ फीसदी से अधिक हो जाएगी।" उन्होंने कहा कि भारतीयों में बचत की प्रवृत्ति से विकास को तेजी मिलेगी।
इसके अगले ही दिन योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने शुक्रवार को कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि (2012-17) में नौ फीसदी आर्थिक विकास दर हासिल कर पाना सम्भव नहीं है।
12वीं योजना अवधि में सम्भावित विकास दर के बारे में पूछे जाने पर अहलूवालिया ने कहा, "9 फीसदी विकास दर के बारे में सोचना सम्भव नहीं है। मेरे हिसाब से आठ से 8.5 फीसदी सम्भव है।"टिप्पणियां
योजना आयोग द्वारा स्वीकृत 12वीं योजना अवधि के दृष्टिकोण पत्र में नौ फीसदी औसत वार्षिक विकास दर का लक्ष्य रखा गया है।
अहलूवालिया ने कहा कि वैश्विक आर्थिक स्थिति को देखते हुए आठ फीसदी विकास दर हासिल करना भी कठिन है।
चिदम्बरम ने कहा, "2011-12 एक कठिन साल था, जब विकास दर घटकर 6.7 फीसदी हो गई। हम इस गिरावट के कारणों की पहचान कर रहे हैं और उन कारणों को दूर करने के लिए कई कदम उठाएंगे। मुझे विश्वास है कि 2012-13 में वापसी शुरू होगी और जल्द ही विकास दर आठ फीसदी से अधिक हो जाएगी।" उन्होंने कहा कि भारतीयों में बचत की प्रवृत्ति से विकास को तेजी मिलेगी।
इसके अगले ही दिन योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने शुक्रवार को कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि (2012-17) में नौ फीसदी आर्थिक विकास दर हासिल कर पाना सम्भव नहीं है।
12वीं योजना अवधि में सम्भावित विकास दर के बारे में पूछे जाने पर अहलूवालिया ने कहा, "9 फीसदी विकास दर के बारे में सोचना सम्भव नहीं है। मेरे हिसाब से आठ से 8.5 फीसदी सम्भव है।"टिप्पणियां
योजना आयोग द्वारा स्वीकृत 12वीं योजना अवधि के दृष्टिकोण पत्र में नौ फीसदी औसत वार्षिक विकास दर का लक्ष्य रखा गया है।
अहलूवालिया ने कहा कि वैश्विक आर्थिक स्थिति को देखते हुए आठ फीसदी विकास दर हासिल करना भी कठिन है।
इसके अगले ही दिन योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने शुक्रवार को कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि (2012-17) में नौ फीसदी आर्थिक विकास दर हासिल कर पाना सम्भव नहीं है।
12वीं योजना अवधि में सम्भावित विकास दर के बारे में पूछे जाने पर अहलूवालिया ने कहा, "9 फीसदी विकास दर के बारे में सोचना सम्भव नहीं है। मेरे हिसाब से आठ से 8.5 फीसदी सम्भव है।"टिप्पणियां
योजना आयोग द्वारा स्वीकृत 12वीं योजना अवधि के दृष्टिकोण पत्र में नौ फीसदी औसत वार्षिक विकास दर का लक्ष्य रखा गया है।
अहलूवालिया ने कहा कि वैश्विक आर्थिक स्थिति को देखते हुए आठ फीसदी विकास दर हासिल करना भी कठिन है।
12वीं योजना अवधि में सम्भावित विकास दर के बारे में पूछे जाने पर अहलूवालिया ने कहा, "9 फीसदी विकास दर के बारे में सोचना सम्भव नहीं है। मेरे हिसाब से आठ से 8.5 फीसदी सम्भव है।"टिप्पणियां
योजना आयोग द्वारा स्वीकृत 12वीं योजना अवधि के दृष्टिकोण पत्र में नौ फीसदी औसत वार्षिक विकास दर का लक्ष्य रखा गया है।
अहलूवालिया ने कहा कि वैश्विक आर्थिक स्थिति को देखते हुए आठ फीसदी विकास दर हासिल करना भी कठिन है।
योजना आयोग द्वारा स्वीकृत 12वीं योजना अवधि के दृष्टिकोण पत्र में नौ फीसदी औसत वार्षिक विकास दर का लक्ष्य रखा गया है।
अहलूवालिया ने कहा कि वैश्विक आर्थिक स्थिति को देखते हुए आठ फीसदी विकास दर हासिल करना भी कठिन है।
अहलूवालिया ने कहा कि वैश्विक आर्थिक स्थिति को देखते हुए आठ फीसदी विकास दर हासिल करना भी कठिन है। | यहाँ एक सारांश है:देश के शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों में गत सप्ताह 0.5 फीसदी से अधिक की तेजी दर्ज की गई। | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए अब केवल एक ही दिन बाकी है और आज रात चुनाव प्रचार थम जाएगा। इसी के साथ ही राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वन्द्वी मिट रोमनी के बीच महीनों से चल रहे वाद-विवाद पर भी रोक लग जाएगी।
पिछले कुछ दिनों से धुआंधार चुनाव प्रचार कर रहे दोनों प्रत्याशियों को चुनाव के लिए अहम समझे जाने वाले कुछ राज्यों में कई बैठकों को संबोधित करना है। ये बैठकें देर रात तक खत्म होंगी।
51 वर्षीय ओबामा और प्रथम महिला मिशेल आधी रात तक अपने गृह नगर शिकागो लौटने वाले हैं। इससे पहले वह विस्कोन्सिन और ओहायो में बैठकों को संबोधित करेंगे। ओबामा का प्रचार अभियान आयोवा के देस मोनेस में खत्म होगा।
मिशेल पहले नॉर्थ कैरोलिना और फ्लोरिडा में बैठकों को संबोधित करेंगी और बाद में अंतिम प्रचार अभियान के तहत वह लोवा के डेस मोनेस में राष्ट्रपति के साथ बैठक को संबोधित करेंगी।
ओबामा के प्रचार अभियान दल का कहना है ‘प्रथम महिला अमेरिकी लोगों को याद दिलाएंगी कि पिछले चार साल में देश ने कितनी प्रगति की है। वह समर्थकों को चुनाव के दिन तक प्रयास करते रहने के लिए प्रोत्साहित करेंगी।
उप-राष्ट्रपति जो बाइडेन वर्जीनिया में रैलियों को संबोधित करेंगे। फ्लोरिडा में सुबह चुनाव रैली को संबोधित करने के बाद रोमनी वर्जीनिया और ओहायो जाएंगे। फिर आधी रात को न्यू हैम्पशायर में उनका अभियान समाप्त होगा।
65 वर्षीय रोमनी के साथ उनकी पत्नी एन रोमनी भी होंगी। उन्होंने अपने पुत्र जोश रोमनी को मिन्नेसोटा में बैठकों को संबोधित करने के लिए भेजा है।
कांग्रेस के पॉल रयान उप राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार हैं। वह पांच राज्यों नेवादा, कोलोराडो, आयोवा, ओहायो और विस्कोन्सिन में बैठकें करेंगे।
कई महीनों से देश में चल रहा चुनाव प्रचार चरम में पहुंच चुका है और घरेलू मुद्दे, खास कर देश की आर्थिक स्थिति से जुड़े मुद्दे परिदृश्य पर वर्चस्व बनाए हुए हैं।
पिछले दो चुनावों में जहां इराक युद्ध और अफगानिस्तान युद्ध का मुद्दा प्रचार अभियान पर छाया रहता था वहीं इस बार एजेंडा में विदेश नीतियों को ज्यादा जगह और महत्व नहीं मिला।
चीन तथा उसकी कथित मुद्रा नीति को लेकर ओबामा और रोमनी ने एक दूसरे पर जम कर निशाना साधा। चीन की कथित मुद्रा नीति से अमेरिका की अर्थव्यवस्था और ओबामा प्रशासन की ईरान, इस्राइल तथा पश्चिम एशिया के संदर्भ में नीतियां प्रभावित हो रही हैं।
बहरहाल, दूसरी प्रेसीडेन्शियल डिबेट में विदेशनीति को अधिक महत्व मिला, जिससे संकेत मिला कि दोनों प्रत्याशियों में कम से कम इस मुद्दे को लेकर ज्यादा मतभेद नहीं हैं। लोकप्रियता संबंधी वोट के मामले में ओबामा और रोमनी लगभग बराबर चल रहे हैं, लेकिन चुनाव के लिए महत्वपूर्ण समझे जाने वाले राज्यों में ओबामा रोमनी से थोड़ा आगे चल रहे हैं। विश्लेषकों के अनुसार, 6 नवंबर को होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों पर यह बढ़त असर डाल सकती है।
‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ की खबर में कहा गया है कि चुनाव अभियान के आखिरी सप्ताह में राष्ट्रपति ओबामा ने निर्वाचक मतों में बढ़त हासिल कर ली। राष्ट्रीय रायशुमारियों में भी लगातार कहा गया है कि लोकप्रियता के मतों में दोनों प्रत्याशी बराबर पर हैं। वॉशिंगटन पोस्ट..एबीसी न्यूज की रायशुमारी में कहा गया है कि ओबामा और रोमनी को संभावित मतदाताओं का 48..48 फीसदी समर्थन मिलने की उम्मीद है।
दोनों ही प्रत्याशी स्वतंत्र मतदाताओं के मामले में भी बराबर चल रहे हैं और प्रत्येक को 46 फीसदी समर्थन मिल रहा है।टिप्पणियां
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव जिस व्यवस्था के तहत होते हैं उसके अनुसार, प्रत्येक राज्य में आबादी के आधार पर निर्वाचक मतों की कुछ तय संख्या होती है।
इस ‘इलेक्टोरल कॉलेज सिस्टम’ के तहत कुल 538 निर्वाचक मत उपलब्ध हैं और जीतने के लिए इनमें से 270 मत हासिल करना जरूरी है।
पिछले कुछ दिनों से धुआंधार चुनाव प्रचार कर रहे दोनों प्रत्याशियों को चुनाव के लिए अहम समझे जाने वाले कुछ राज्यों में कई बैठकों को संबोधित करना है। ये बैठकें देर रात तक खत्म होंगी।
51 वर्षीय ओबामा और प्रथम महिला मिशेल आधी रात तक अपने गृह नगर शिकागो लौटने वाले हैं। इससे पहले वह विस्कोन्सिन और ओहायो में बैठकों को संबोधित करेंगे। ओबामा का प्रचार अभियान आयोवा के देस मोनेस में खत्म होगा।
मिशेल पहले नॉर्थ कैरोलिना और फ्लोरिडा में बैठकों को संबोधित करेंगी और बाद में अंतिम प्रचार अभियान के तहत वह लोवा के डेस मोनेस में राष्ट्रपति के साथ बैठक को संबोधित करेंगी।
ओबामा के प्रचार अभियान दल का कहना है ‘प्रथम महिला अमेरिकी लोगों को याद दिलाएंगी कि पिछले चार साल में देश ने कितनी प्रगति की है। वह समर्थकों को चुनाव के दिन तक प्रयास करते रहने के लिए प्रोत्साहित करेंगी।
उप-राष्ट्रपति जो बाइडेन वर्जीनिया में रैलियों को संबोधित करेंगे। फ्लोरिडा में सुबह चुनाव रैली को संबोधित करने के बाद रोमनी वर्जीनिया और ओहायो जाएंगे। फिर आधी रात को न्यू हैम्पशायर में उनका अभियान समाप्त होगा।
65 वर्षीय रोमनी के साथ उनकी पत्नी एन रोमनी भी होंगी। उन्होंने अपने पुत्र जोश रोमनी को मिन्नेसोटा में बैठकों को संबोधित करने के लिए भेजा है।
कांग्रेस के पॉल रयान उप राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार हैं। वह पांच राज्यों नेवादा, कोलोराडो, आयोवा, ओहायो और विस्कोन्सिन में बैठकें करेंगे।
कई महीनों से देश में चल रहा चुनाव प्रचार चरम में पहुंच चुका है और घरेलू मुद्दे, खास कर देश की आर्थिक स्थिति से जुड़े मुद्दे परिदृश्य पर वर्चस्व बनाए हुए हैं।
पिछले दो चुनावों में जहां इराक युद्ध और अफगानिस्तान युद्ध का मुद्दा प्रचार अभियान पर छाया रहता था वहीं इस बार एजेंडा में विदेश नीतियों को ज्यादा जगह और महत्व नहीं मिला।
चीन तथा उसकी कथित मुद्रा नीति को लेकर ओबामा और रोमनी ने एक दूसरे पर जम कर निशाना साधा। चीन की कथित मुद्रा नीति से अमेरिका की अर्थव्यवस्था और ओबामा प्रशासन की ईरान, इस्राइल तथा पश्चिम एशिया के संदर्भ में नीतियां प्रभावित हो रही हैं।
बहरहाल, दूसरी प्रेसीडेन्शियल डिबेट में विदेशनीति को अधिक महत्व मिला, जिससे संकेत मिला कि दोनों प्रत्याशियों में कम से कम इस मुद्दे को लेकर ज्यादा मतभेद नहीं हैं। लोकप्रियता संबंधी वोट के मामले में ओबामा और रोमनी लगभग बराबर चल रहे हैं, लेकिन चुनाव के लिए महत्वपूर्ण समझे जाने वाले राज्यों में ओबामा रोमनी से थोड़ा आगे चल रहे हैं। विश्लेषकों के अनुसार, 6 नवंबर को होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों पर यह बढ़त असर डाल सकती है।
‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ की खबर में कहा गया है कि चुनाव अभियान के आखिरी सप्ताह में राष्ट्रपति ओबामा ने निर्वाचक मतों में बढ़त हासिल कर ली। राष्ट्रीय रायशुमारियों में भी लगातार कहा गया है कि लोकप्रियता के मतों में दोनों प्रत्याशी बराबर पर हैं। वॉशिंगटन पोस्ट..एबीसी न्यूज की रायशुमारी में कहा गया है कि ओबामा और रोमनी को संभावित मतदाताओं का 48..48 फीसदी समर्थन मिलने की उम्मीद है।
दोनों ही प्रत्याशी स्वतंत्र मतदाताओं के मामले में भी बराबर चल रहे हैं और प्रत्येक को 46 फीसदी समर्थन मिल रहा है।टिप्पणियां
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव जिस व्यवस्था के तहत होते हैं उसके अनुसार, प्रत्येक राज्य में आबादी के आधार पर निर्वाचक मतों की कुछ तय संख्या होती है।
इस ‘इलेक्टोरल कॉलेज सिस्टम’ के तहत कुल 538 निर्वाचक मत उपलब्ध हैं और जीतने के लिए इनमें से 270 मत हासिल करना जरूरी है।
51 वर्षीय ओबामा और प्रथम महिला मिशेल आधी रात तक अपने गृह नगर शिकागो लौटने वाले हैं। इससे पहले वह विस्कोन्सिन और ओहायो में बैठकों को संबोधित करेंगे। ओबामा का प्रचार अभियान आयोवा के देस मोनेस में खत्म होगा।
मिशेल पहले नॉर्थ कैरोलिना और फ्लोरिडा में बैठकों को संबोधित करेंगी और बाद में अंतिम प्रचार अभियान के तहत वह लोवा के डेस मोनेस में राष्ट्रपति के साथ बैठक को संबोधित करेंगी।
ओबामा के प्रचार अभियान दल का कहना है ‘प्रथम महिला अमेरिकी लोगों को याद दिलाएंगी कि पिछले चार साल में देश ने कितनी प्रगति की है। वह समर्थकों को चुनाव के दिन तक प्रयास करते रहने के लिए प्रोत्साहित करेंगी।
उप-राष्ट्रपति जो बाइडेन वर्जीनिया में रैलियों को संबोधित करेंगे। फ्लोरिडा में सुबह चुनाव रैली को संबोधित करने के बाद रोमनी वर्जीनिया और ओहायो जाएंगे। फिर आधी रात को न्यू हैम्पशायर में उनका अभियान समाप्त होगा।
65 वर्षीय रोमनी के साथ उनकी पत्नी एन रोमनी भी होंगी। उन्होंने अपने पुत्र जोश रोमनी को मिन्नेसोटा में बैठकों को संबोधित करने के लिए भेजा है।
कांग्रेस के पॉल रयान उप राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार हैं। वह पांच राज्यों नेवादा, कोलोराडो, आयोवा, ओहायो और विस्कोन्सिन में बैठकें करेंगे।
कई महीनों से देश में चल रहा चुनाव प्रचार चरम में पहुंच चुका है और घरेलू मुद्दे, खास कर देश की आर्थिक स्थिति से जुड़े मुद्दे परिदृश्य पर वर्चस्व बनाए हुए हैं।
पिछले दो चुनावों में जहां इराक युद्ध और अफगानिस्तान युद्ध का मुद्दा प्रचार अभियान पर छाया रहता था वहीं इस बार एजेंडा में विदेश नीतियों को ज्यादा जगह और महत्व नहीं मिला।
चीन तथा उसकी कथित मुद्रा नीति को लेकर ओबामा और रोमनी ने एक दूसरे पर जम कर निशाना साधा। चीन की कथित मुद्रा नीति से अमेरिका की अर्थव्यवस्था और ओबामा प्रशासन की ईरान, इस्राइल तथा पश्चिम एशिया के संदर्भ में नीतियां प्रभावित हो रही हैं।
बहरहाल, दूसरी प्रेसीडेन्शियल डिबेट में विदेशनीति को अधिक महत्व मिला, जिससे संकेत मिला कि दोनों प्रत्याशियों में कम से कम इस मुद्दे को लेकर ज्यादा मतभेद नहीं हैं। लोकप्रियता संबंधी वोट के मामले में ओबामा और रोमनी लगभग बराबर चल रहे हैं, लेकिन चुनाव के लिए महत्वपूर्ण समझे जाने वाले राज्यों में ओबामा रोमनी से थोड़ा आगे चल रहे हैं। विश्लेषकों के अनुसार, 6 नवंबर को होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों पर यह बढ़त असर डाल सकती है।
‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ की खबर में कहा गया है कि चुनाव अभियान के आखिरी सप्ताह में राष्ट्रपति ओबामा ने निर्वाचक मतों में बढ़त हासिल कर ली। राष्ट्रीय रायशुमारियों में भी लगातार कहा गया है कि लोकप्रियता के मतों में दोनों प्रत्याशी बराबर पर हैं। वॉशिंगटन पोस्ट..एबीसी न्यूज की रायशुमारी में कहा गया है कि ओबामा और रोमनी को संभावित मतदाताओं का 48..48 फीसदी समर्थन मिलने की उम्मीद है।
दोनों ही प्रत्याशी स्वतंत्र मतदाताओं के मामले में भी बराबर चल रहे हैं और प्रत्येक को 46 फीसदी समर्थन मिल रहा है।टिप्पणियां
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव जिस व्यवस्था के तहत होते हैं उसके अनुसार, प्रत्येक राज्य में आबादी के आधार पर निर्वाचक मतों की कुछ तय संख्या होती है।
इस ‘इलेक्टोरल कॉलेज सिस्टम’ के तहत कुल 538 निर्वाचक मत उपलब्ध हैं और जीतने के लिए इनमें से 270 मत हासिल करना जरूरी है।
मिशेल पहले नॉर्थ कैरोलिना और फ्लोरिडा में बैठकों को संबोधित करेंगी और बाद में अंतिम प्रचार अभियान के तहत वह लोवा के डेस मोनेस में राष्ट्रपति के साथ बैठक को संबोधित करेंगी।
ओबामा के प्रचार अभियान दल का कहना है ‘प्रथम महिला अमेरिकी लोगों को याद दिलाएंगी कि पिछले चार साल में देश ने कितनी प्रगति की है। वह समर्थकों को चुनाव के दिन तक प्रयास करते रहने के लिए प्रोत्साहित करेंगी।
उप-राष्ट्रपति जो बाइडेन वर्जीनिया में रैलियों को संबोधित करेंगे। फ्लोरिडा में सुबह चुनाव रैली को संबोधित करने के बाद रोमनी वर्जीनिया और ओहायो जाएंगे। फिर आधी रात को न्यू हैम्पशायर में उनका अभियान समाप्त होगा।
65 वर्षीय रोमनी के साथ उनकी पत्नी एन रोमनी भी होंगी। उन्होंने अपने पुत्र जोश रोमनी को मिन्नेसोटा में बैठकों को संबोधित करने के लिए भेजा है।
कांग्रेस के पॉल रयान उप राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार हैं। वह पांच राज्यों नेवादा, कोलोराडो, आयोवा, ओहायो और विस्कोन्सिन में बैठकें करेंगे।
कई महीनों से देश में चल रहा चुनाव प्रचार चरम में पहुंच चुका है और घरेलू मुद्दे, खास कर देश की आर्थिक स्थिति से जुड़े मुद्दे परिदृश्य पर वर्चस्व बनाए हुए हैं।
पिछले दो चुनावों में जहां इराक युद्ध और अफगानिस्तान युद्ध का मुद्दा प्रचार अभियान पर छाया रहता था वहीं इस बार एजेंडा में विदेश नीतियों को ज्यादा जगह और महत्व नहीं मिला।
चीन तथा उसकी कथित मुद्रा नीति को लेकर ओबामा और रोमनी ने एक दूसरे पर जम कर निशाना साधा। चीन की कथित मुद्रा नीति से अमेरिका की अर्थव्यवस्था और ओबामा प्रशासन की ईरान, इस्राइल तथा पश्चिम एशिया के संदर्भ में नीतियां प्रभावित हो रही हैं।
बहरहाल, दूसरी प्रेसीडेन्शियल डिबेट में विदेशनीति को अधिक महत्व मिला, जिससे संकेत मिला कि दोनों प्रत्याशियों में कम से कम इस मुद्दे को लेकर ज्यादा मतभेद नहीं हैं। लोकप्रियता संबंधी वोट के मामले में ओबामा और रोमनी लगभग बराबर चल रहे हैं, लेकिन चुनाव के लिए महत्वपूर्ण समझे जाने वाले राज्यों में ओबामा रोमनी से थोड़ा आगे चल रहे हैं। विश्लेषकों के अनुसार, 6 नवंबर को होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों पर यह बढ़त असर डाल सकती है।
‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ की खबर में कहा गया है कि चुनाव अभियान के आखिरी सप्ताह में राष्ट्रपति ओबामा ने निर्वाचक मतों में बढ़त हासिल कर ली। राष्ट्रीय रायशुमारियों में भी लगातार कहा गया है कि लोकप्रियता के मतों में दोनों प्रत्याशी बराबर पर हैं। वॉशिंगटन पोस्ट..एबीसी न्यूज की रायशुमारी में कहा गया है कि ओबामा और रोमनी को संभावित मतदाताओं का 48..48 फीसदी समर्थन मिलने की उम्मीद है।
दोनों ही प्रत्याशी स्वतंत्र मतदाताओं के मामले में भी बराबर चल रहे हैं और प्रत्येक को 46 फीसदी समर्थन मिल रहा है।टिप्पणियां
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव जिस व्यवस्था के तहत होते हैं उसके अनुसार, प्रत्येक राज्य में आबादी के आधार पर निर्वाचक मतों की कुछ तय संख्या होती है।
इस ‘इलेक्टोरल कॉलेज सिस्टम’ के तहत कुल 538 निर्वाचक मत उपलब्ध हैं और जीतने के लिए इनमें से 270 मत हासिल करना जरूरी है।
ओबामा के प्रचार अभियान दल का कहना है ‘प्रथम महिला अमेरिकी लोगों को याद दिलाएंगी कि पिछले चार साल में देश ने कितनी प्रगति की है। वह समर्थकों को चुनाव के दिन तक प्रयास करते रहने के लिए प्रोत्साहित करेंगी।
उप-राष्ट्रपति जो बाइडेन वर्जीनिया में रैलियों को संबोधित करेंगे। फ्लोरिडा में सुबह चुनाव रैली को संबोधित करने के बाद रोमनी वर्जीनिया और ओहायो जाएंगे। फिर आधी रात को न्यू हैम्पशायर में उनका अभियान समाप्त होगा।
65 वर्षीय रोमनी के साथ उनकी पत्नी एन रोमनी भी होंगी। उन्होंने अपने पुत्र जोश रोमनी को मिन्नेसोटा में बैठकों को संबोधित करने के लिए भेजा है।
कांग्रेस के पॉल रयान उप राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार हैं। वह पांच राज्यों नेवादा, कोलोराडो, आयोवा, ओहायो और विस्कोन्सिन में बैठकें करेंगे।
कई महीनों से देश में चल रहा चुनाव प्रचार चरम में पहुंच चुका है और घरेलू मुद्दे, खास कर देश की आर्थिक स्थिति से जुड़े मुद्दे परिदृश्य पर वर्चस्व बनाए हुए हैं।
पिछले दो चुनावों में जहां इराक युद्ध और अफगानिस्तान युद्ध का मुद्दा प्रचार अभियान पर छाया रहता था वहीं इस बार एजेंडा में विदेश नीतियों को ज्यादा जगह और महत्व नहीं मिला।
चीन तथा उसकी कथित मुद्रा नीति को लेकर ओबामा और रोमनी ने एक दूसरे पर जम कर निशाना साधा। चीन की कथित मुद्रा नीति से अमेरिका की अर्थव्यवस्था और ओबामा प्रशासन की ईरान, इस्राइल तथा पश्चिम एशिया के संदर्भ में नीतियां प्रभावित हो रही हैं।
बहरहाल, दूसरी प्रेसीडेन्शियल डिबेट में विदेशनीति को अधिक महत्व मिला, जिससे संकेत मिला कि दोनों प्रत्याशियों में कम से कम इस मुद्दे को लेकर ज्यादा मतभेद नहीं हैं। लोकप्रियता संबंधी वोट के मामले में ओबामा और रोमनी लगभग बराबर चल रहे हैं, लेकिन चुनाव के लिए महत्वपूर्ण समझे जाने वाले राज्यों में ओबामा रोमनी से थोड़ा आगे चल रहे हैं। विश्लेषकों के अनुसार, 6 नवंबर को होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों पर यह बढ़त असर डाल सकती है।
‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ की खबर में कहा गया है कि चुनाव अभियान के आखिरी सप्ताह में राष्ट्रपति ओबामा ने निर्वाचक मतों में बढ़त हासिल कर ली। राष्ट्रीय रायशुमारियों में भी लगातार कहा गया है कि लोकप्रियता के मतों में दोनों प्रत्याशी बराबर पर हैं। वॉशिंगटन पोस्ट..एबीसी न्यूज की रायशुमारी में कहा गया है कि ओबामा और रोमनी को संभावित मतदाताओं का 48..48 फीसदी समर्थन मिलने की उम्मीद है।
दोनों ही प्रत्याशी स्वतंत्र मतदाताओं के मामले में भी बराबर चल रहे हैं और प्रत्येक को 46 फीसदी समर्थन मिल रहा है।टिप्पणियां
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव जिस व्यवस्था के तहत होते हैं उसके अनुसार, प्रत्येक राज्य में आबादी के आधार पर निर्वाचक मतों की कुछ तय संख्या होती है।
इस ‘इलेक्टोरल कॉलेज सिस्टम’ के तहत कुल 538 निर्वाचक मत उपलब्ध हैं और जीतने के लिए इनमें से 270 मत हासिल करना जरूरी है।
उप-राष्ट्रपति जो बाइडेन वर्जीनिया में रैलियों को संबोधित करेंगे। फ्लोरिडा में सुबह चुनाव रैली को संबोधित करने के बाद रोमनी वर्जीनिया और ओहायो जाएंगे। फिर आधी रात को न्यू हैम्पशायर में उनका अभियान समाप्त होगा।
65 वर्षीय रोमनी के साथ उनकी पत्नी एन रोमनी भी होंगी। उन्होंने अपने पुत्र जोश रोमनी को मिन्नेसोटा में बैठकों को संबोधित करने के लिए भेजा है।
कांग्रेस के पॉल रयान उप राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार हैं। वह पांच राज्यों नेवादा, कोलोराडो, आयोवा, ओहायो और विस्कोन्सिन में बैठकें करेंगे।
कई महीनों से देश में चल रहा चुनाव प्रचार चरम में पहुंच चुका है और घरेलू मुद्दे, खास कर देश की आर्थिक स्थिति से जुड़े मुद्दे परिदृश्य पर वर्चस्व बनाए हुए हैं।
पिछले दो चुनावों में जहां इराक युद्ध और अफगानिस्तान युद्ध का मुद्दा प्रचार अभियान पर छाया रहता था वहीं इस बार एजेंडा में विदेश नीतियों को ज्यादा जगह और महत्व नहीं मिला।
चीन तथा उसकी कथित मुद्रा नीति को लेकर ओबामा और रोमनी ने एक दूसरे पर जम कर निशाना साधा। चीन की कथित मुद्रा नीति से अमेरिका की अर्थव्यवस्था और ओबामा प्रशासन की ईरान, इस्राइल तथा पश्चिम एशिया के संदर्भ में नीतियां प्रभावित हो रही हैं।
बहरहाल, दूसरी प्रेसीडेन्शियल डिबेट में विदेशनीति को अधिक महत्व मिला, जिससे संकेत मिला कि दोनों प्रत्याशियों में कम से कम इस मुद्दे को लेकर ज्यादा मतभेद नहीं हैं। लोकप्रियता संबंधी वोट के मामले में ओबामा और रोमनी लगभग बराबर चल रहे हैं, लेकिन चुनाव के लिए महत्वपूर्ण समझे जाने वाले राज्यों में ओबामा रोमनी से थोड़ा आगे चल रहे हैं। विश्लेषकों के अनुसार, 6 नवंबर को होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों पर यह बढ़त असर डाल सकती है।
‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ की खबर में कहा गया है कि चुनाव अभियान के आखिरी सप्ताह में राष्ट्रपति ओबामा ने निर्वाचक मतों में बढ़त हासिल कर ली। राष्ट्रीय रायशुमारियों में भी लगातार कहा गया है कि लोकप्रियता के मतों में दोनों प्रत्याशी बराबर पर हैं। वॉशिंगटन पोस्ट..एबीसी न्यूज की रायशुमारी में कहा गया है कि ओबामा और रोमनी को संभावित मतदाताओं का 48..48 फीसदी समर्थन मिलने की उम्मीद है।
दोनों ही प्रत्याशी स्वतंत्र मतदाताओं के मामले में भी बराबर चल रहे हैं और प्रत्येक को 46 फीसदी समर्थन मिल रहा है।टिप्पणियां
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव जिस व्यवस्था के तहत होते हैं उसके अनुसार, प्रत्येक राज्य में आबादी के आधार पर निर्वाचक मतों की कुछ तय संख्या होती है।
इस ‘इलेक्टोरल कॉलेज सिस्टम’ के तहत कुल 538 निर्वाचक मत उपलब्ध हैं और जीतने के लिए इनमें से 270 मत हासिल करना जरूरी है।
65 वर्षीय रोमनी के साथ उनकी पत्नी एन रोमनी भी होंगी। उन्होंने अपने पुत्र जोश रोमनी को मिन्नेसोटा में बैठकों को संबोधित करने के लिए भेजा है।
कांग्रेस के पॉल रयान उप राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार हैं। वह पांच राज्यों नेवादा, कोलोराडो, आयोवा, ओहायो और विस्कोन्सिन में बैठकें करेंगे।
कई महीनों से देश में चल रहा चुनाव प्रचार चरम में पहुंच चुका है और घरेलू मुद्दे, खास कर देश की आर्थिक स्थिति से जुड़े मुद्दे परिदृश्य पर वर्चस्व बनाए हुए हैं।
पिछले दो चुनावों में जहां इराक युद्ध और अफगानिस्तान युद्ध का मुद्दा प्रचार अभियान पर छाया रहता था वहीं इस बार एजेंडा में विदेश नीतियों को ज्यादा जगह और महत्व नहीं मिला।
चीन तथा उसकी कथित मुद्रा नीति को लेकर ओबामा और रोमनी ने एक दूसरे पर जम कर निशाना साधा। चीन की कथित मुद्रा नीति से अमेरिका की अर्थव्यवस्था और ओबामा प्रशासन की ईरान, इस्राइल तथा पश्चिम एशिया के संदर्भ में नीतियां प्रभावित हो रही हैं।
बहरहाल, दूसरी प्रेसीडेन्शियल डिबेट में विदेशनीति को अधिक महत्व मिला, जिससे संकेत मिला कि दोनों प्रत्याशियों में कम से कम इस मुद्दे को लेकर ज्यादा मतभेद नहीं हैं। लोकप्रियता संबंधी वोट के मामले में ओबामा और रोमनी लगभग बराबर चल रहे हैं, लेकिन चुनाव के लिए महत्वपूर्ण समझे जाने वाले राज्यों में ओबामा रोमनी से थोड़ा आगे चल रहे हैं। विश्लेषकों के अनुसार, 6 नवंबर को होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों पर यह बढ़त असर डाल सकती है।
‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ की खबर में कहा गया है कि चुनाव अभियान के आखिरी सप्ताह में राष्ट्रपति ओबामा ने निर्वाचक मतों में बढ़त हासिल कर ली। राष्ट्रीय रायशुमारियों में भी लगातार कहा गया है कि लोकप्रियता के मतों में दोनों प्रत्याशी बराबर पर हैं। वॉशिंगटन पोस्ट..एबीसी न्यूज की रायशुमारी में कहा गया है कि ओबामा और रोमनी को संभावित मतदाताओं का 48..48 फीसदी समर्थन मिलने की उम्मीद है।
दोनों ही प्रत्याशी स्वतंत्र मतदाताओं के मामले में भी बराबर चल रहे हैं और प्रत्येक को 46 फीसदी समर्थन मिल रहा है।टिप्पणियां
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव जिस व्यवस्था के तहत होते हैं उसके अनुसार, प्रत्येक राज्य में आबादी के आधार पर निर्वाचक मतों की कुछ तय संख्या होती है।
इस ‘इलेक्टोरल कॉलेज सिस्टम’ के तहत कुल 538 निर्वाचक मत उपलब्ध हैं और जीतने के लिए इनमें से 270 मत हासिल करना जरूरी है।
कांग्रेस के पॉल रयान उप राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार हैं। वह पांच राज्यों नेवादा, कोलोराडो, आयोवा, ओहायो और विस्कोन्सिन में बैठकें करेंगे।
कई महीनों से देश में चल रहा चुनाव प्रचार चरम में पहुंच चुका है और घरेलू मुद्दे, खास कर देश की आर्थिक स्थिति से जुड़े मुद्दे परिदृश्य पर वर्चस्व बनाए हुए हैं।
पिछले दो चुनावों में जहां इराक युद्ध और अफगानिस्तान युद्ध का मुद्दा प्रचार अभियान पर छाया रहता था वहीं इस बार एजेंडा में विदेश नीतियों को ज्यादा जगह और महत्व नहीं मिला।
चीन तथा उसकी कथित मुद्रा नीति को लेकर ओबामा और रोमनी ने एक दूसरे पर जम कर निशाना साधा। चीन की कथित मुद्रा नीति से अमेरिका की अर्थव्यवस्था और ओबामा प्रशासन की ईरान, इस्राइल तथा पश्चिम एशिया के संदर्भ में नीतियां प्रभावित हो रही हैं।
बहरहाल, दूसरी प्रेसीडेन्शियल डिबेट में विदेशनीति को अधिक महत्व मिला, जिससे संकेत मिला कि दोनों प्रत्याशियों में कम से कम इस मुद्दे को लेकर ज्यादा मतभेद नहीं हैं। लोकप्रियता संबंधी वोट के मामले में ओबामा और रोमनी लगभग बराबर चल रहे हैं, लेकिन चुनाव के लिए महत्वपूर्ण समझे जाने वाले राज्यों में ओबामा रोमनी से थोड़ा आगे चल रहे हैं। विश्लेषकों के अनुसार, 6 नवंबर को होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों पर यह बढ़त असर डाल सकती है।
‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ की खबर में कहा गया है कि चुनाव अभियान के आखिरी सप्ताह में राष्ट्रपति ओबामा ने निर्वाचक मतों में बढ़त हासिल कर ली। राष्ट्रीय रायशुमारियों में भी लगातार कहा गया है कि लोकप्रियता के मतों में दोनों प्रत्याशी बराबर पर हैं। वॉशिंगटन पोस्ट..एबीसी न्यूज की रायशुमारी में कहा गया है कि ओबामा और रोमनी को संभावित मतदाताओं का 48..48 फीसदी समर्थन मिलने की उम्मीद है।
दोनों ही प्रत्याशी स्वतंत्र मतदाताओं के मामले में भी बराबर चल रहे हैं और प्रत्येक को 46 फीसदी समर्थन मिल रहा है।टिप्पणियां
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव जिस व्यवस्था के तहत होते हैं उसके अनुसार, प्रत्येक राज्य में आबादी के आधार पर निर्वाचक मतों की कुछ तय संख्या होती है।
इस ‘इलेक्टोरल कॉलेज सिस्टम’ के तहत कुल 538 निर्वाचक मत उपलब्ध हैं और जीतने के लिए इनमें से 270 मत हासिल करना जरूरी है।
कई महीनों से देश में चल रहा चुनाव प्रचार चरम में पहुंच चुका है और घरेलू मुद्दे, खास कर देश की आर्थिक स्थिति से जुड़े मुद्दे परिदृश्य पर वर्चस्व बनाए हुए हैं।
पिछले दो चुनावों में जहां इराक युद्ध और अफगानिस्तान युद्ध का मुद्दा प्रचार अभियान पर छाया रहता था वहीं इस बार एजेंडा में विदेश नीतियों को ज्यादा जगह और महत्व नहीं मिला।
चीन तथा उसकी कथित मुद्रा नीति को लेकर ओबामा और रोमनी ने एक दूसरे पर जम कर निशाना साधा। चीन की कथित मुद्रा नीति से अमेरिका की अर्थव्यवस्था और ओबामा प्रशासन की ईरान, इस्राइल तथा पश्चिम एशिया के संदर्भ में नीतियां प्रभावित हो रही हैं।
बहरहाल, दूसरी प्रेसीडेन्शियल डिबेट में विदेशनीति को अधिक महत्व मिला, जिससे संकेत मिला कि दोनों प्रत्याशियों में कम से कम इस मुद्दे को लेकर ज्यादा मतभेद नहीं हैं। लोकप्रियता संबंधी वोट के मामले में ओबामा और रोमनी लगभग बराबर चल रहे हैं, लेकिन चुनाव के लिए महत्वपूर्ण समझे जाने वाले राज्यों में ओबामा रोमनी से थोड़ा आगे चल रहे हैं। विश्लेषकों के अनुसार, 6 नवंबर को होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों पर यह बढ़त असर डाल सकती है।
‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ की खबर में कहा गया है कि चुनाव अभियान के आखिरी सप्ताह में राष्ट्रपति ओबामा ने निर्वाचक मतों में बढ़त हासिल कर ली। राष्ट्रीय रायशुमारियों में भी लगातार कहा गया है कि लोकप्रियता के मतों में दोनों प्रत्याशी बराबर पर हैं। वॉशिंगटन पोस्ट..एबीसी न्यूज की रायशुमारी में कहा गया है कि ओबामा और रोमनी को संभावित मतदाताओं का 48..48 फीसदी समर्थन मिलने की उम्मीद है।
दोनों ही प्रत्याशी स्वतंत्र मतदाताओं के मामले में भी बराबर चल रहे हैं और प्रत्येक को 46 फीसदी समर्थन मिल रहा है।टिप्पणियां
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव जिस व्यवस्था के तहत होते हैं उसके अनुसार, प्रत्येक राज्य में आबादी के आधार पर निर्वाचक मतों की कुछ तय संख्या होती है।
इस ‘इलेक्टोरल कॉलेज सिस्टम’ के तहत कुल 538 निर्वाचक मत उपलब्ध हैं और जीतने के लिए इनमें से 270 मत हासिल करना जरूरी है।
पिछले दो चुनावों में जहां इराक युद्ध और अफगानिस्तान युद्ध का मुद्दा प्रचार अभियान पर छाया रहता था वहीं इस बार एजेंडा में विदेश नीतियों को ज्यादा जगह और महत्व नहीं मिला।
चीन तथा उसकी कथित मुद्रा नीति को लेकर ओबामा और रोमनी ने एक दूसरे पर जम कर निशाना साधा। चीन की कथित मुद्रा नीति से अमेरिका की अर्थव्यवस्था और ओबामा प्रशासन की ईरान, इस्राइल तथा पश्चिम एशिया के संदर्भ में नीतियां प्रभावित हो रही हैं।
बहरहाल, दूसरी प्रेसीडेन्शियल डिबेट में विदेशनीति को अधिक महत्व मिला, जिससे संकेत मिला कि दोनों प्रत्याशियों में कम से कम इस मुद्दे को लेकर ज्यादा मतभेद नहीं हैं। लोकप्रियता संबंधी वोट के मामले में ओबामा और रोमनी लगभग बराबर चल रहे हैं, लेकिन चुनाव के लिए महत्वपूर्ण समझे जाने वाले राज्यों में ओबामा रोमनी से थोड़ा आगे चल रहे हैं। विश्लेषकों के अनुसार, 6 नवंबर को होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों पर यह बढ़त असर डाल सकती है।
‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ की खबर में कहा गया है कि चुनाव अभियान के आखिरी सप्ताह में राष्ट्रपति ओबामा ने निर्वाचक मतों में बढ़त हासिल कर ली। राष्ट्रीय रायशुमारियों में भी लगातार कहा गया है कि लोकप्रियता के मतों में दोनों प्रत्याशी बराबर पर हैं। वॉशिंगटन पोस्ट..एबीसी न्यूज की रायशुमारी में कहा गया है कि ओबामा और रोमनी को संभावित मतदाताओं का 48..48 फीसदी समर्थन मिलने की उम्मीद है।
दोनों ही प्रत्याशी स्वतंत्र मतदाताओं के मामले में भी बराबर चल रहे हैं और प्रत्येक को 46 फीसदी समर्थन मिल रहा है।टिप्पणियां
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव जिस व्यवस्था के तहत होते हैं उसके अनुसार, प्रत्येक राज्य में आबादी के आधार पर निर्वाचक मतों की कुछ तय संख्या होती है।
इस ‘इलेक्टोरल कॉलेज सिस्टम’ के तहत कुल 538 निर्वाचक मत उपलब्ध हैं और जीतने के लिए इनमें से 270 मत हासिल करना जरूरी है।
चीन तथा उसकी कथित मुद्रा नीति को लेकर ओबामा और रोमनी ने एक दूसरे पर जम कर निशाना साधा। चीन की कथित मुद्रा नीति से अमेरिका की अर्थव्यवस्था और ओबामा प्रशासन की ईरान, इस्राइल तथा पश्चिम एशिया के संदर्भ में नीतियां प्रभावित हो रही हैं।
बहरहाल, दूसरी प्रेसीडेन्शियल डिबेट में विदेशनीति को अधिक महत्व मिला, जिससे संकेत मिला कि दोनों प्रत्याशियों में कम से कम इस मुद्दे को लेकर ज्यादा मतभेद नहीं हैं। लोकप्रियता संबंधी वोट के मामले में ओबामा और रोमनी लगभग बराबर चल रहे हैं, लेकिन चुनाव के लिए महत्वपूर्ण समझे जाने वाले राज्यों में ओबामा रोमनी से थोड़ा आगे चल रहे हैं। विश्लेषकों के अनुसार, 6 नवंबर को होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों पर यह बढ़त असर डाल सकती है।
‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ की खबर में कहा गया है कि चुनाव अभियान के आखिरी सप्ताह में राष्ट्रपति ओबामा ने निर्वाचक मतों में बढ़त हासिल कर ली। राष्ट्रीय रायशुमारियों में भी लगातार कहा गया है कि लोकप्रियता के मतों में दोनों प्रत्याशी बराबर पर हैं। वॉशिंगटन पोस्ट..एबीसी न्यूज की रायशुमारी में कहा गया है कि ओबामा और रोमनी को संभावित मतदाताओं का 48..48 फीसदी समर्थन मिलने की उम्मीद है।
दोनों ही प्रत्याशी स्वतंत्र मतदाताओं के मामले में भी बराबर चल रहे हैं और प्रत्येक को 46 फीसदी समर्थन मिल रहा है।टिप्पणियां
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव जिस व्यवस्था के तहत होते हैं उसके अनुसार, प्रत्येक राज्य में आबादी के आधार पर निर्वाचक मतों की कुछ तय संख्या होती है।
इस ‘इलेक्टोरल कॉलेज सिस्टम’ के तहत कुल 538 निर्वाचक मत उपलब्ध हैं और जीतने के लिए इनमें से 270 मत हासिल करना जरूरी है।
बहरहाल, दूसरी प्रेसीडेन्शियल डिबेट में विदेशनीति को अधिक महत्व मिला, जिससे संकेत मिला कि दोनों प्रत्याशियों में कम से कम इस मुद्दे को लेकर ज्यादा मतभेद नहीं हैं। लोकप्रियता संबंधी वोट के मामले में ओबामा और रोमनी लगभग बराबर चल रहे हैं, लेकिन चुनाव के लिए महत्वपूर्ण समझे जाने वाले राज्यों में ओबामा रोमनी से थोड़ा आगे चल रहे हैं। विश्लेषकों के अनुसार, 6 नवंबर को होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों पर यह बढ़त असर डाल सकती है।
‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ की खबर में कहा गया है कि चुनाव अभियान के आखिरी सप्ताह में राष्ट्रपति ओबामा ने निर्वाचक मतों में बढ़त हासिल कर ली। राष्ट्रीय रायशुमारियों में भी लगातार कहा गया है कि लोकप्रियता के मतों में दोनों प्रत्याशी बराबर पर हैं। वॉशिंगटन पोस्ट..एबीसी न्यूज की रायशुमारी में कहा गया है कि ओबामा और रोमनी को संभावित मतदाताओं का 48..48 फीसदी समर्थन मिलने की उम्मीद है।
दोनों ही प्रत्याशी स्वतंत्र मतदाताओं के मामले में भी बराबर चल रहे हैं और प्रत्येक को 46 फीसदी समर्थन मिल रहा है।टिप्पणियां
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव जिस व्यवस्था के तहत होते हैं उसके अनुसार, प्रत्येक राज्य में आबादी के आधार पर निर्वाचक मतों की कुछ तय संख्या होती है।
इस ‘इलेक्टोरल कॉलेज सिस्टम’ के तहत कुल 538 निर्वाचक मत उपलब्ध हैं और जीतने के लिए इनमें से 270 मत हासिल करना जरूरी है।
‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ की खबर में कहा गया है कि चुनाव अभियान के आखिरी सप्ताह में राष्ट्रपति ओबामा ने निर्वाचक मतों में बढ़त हासिल कर ली। राष्ट्रीय रायशुमारियों में भी लगातार कहा गया है कि लोकप्रियता के मतों में दोनों प्रत्याशी बराबर पर हैं। वॉशिंगटन पोस्ट..एबीसी न्यूज की रायशुमारी में कहा गया है कि ओबामा और रोमनी को संभावित मतदाताओं का 48..48 फीसदी समर्थन मिलने की उम्मीद है।
दोनों ही प्रत्याशी स्वतंत्र मतदाताओं के मामले में भी बराबर चल रहे हैं और प्रत्येक को 46 फीसदी समर्थन मिल रहा है।टिप्पणियां
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव जिस व्यवस्था के तहत होते हैं उसके अनुसार, प्रत्येक राज्य में आबादी के आधार पर निर्वाचक मतों की कुछ तय संख्या होती है।
इस ‘इलेक्टोरल कॉलेज सिस्टम’ के तहत कुल 538 निर्वाचक मत उपलब्ध हैं और जीतने के लिए इनमें से 270 मत हासिल करना जरूरी है।
दोनों ही प्रत्याशी स्वतंत्र मतदाताओं के मामले में भी बराबर चल रहे हैं और प्रत्येक को 46 फीसदी समर्थन मिल रहा है।टिप्पणियां
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव जिस व्यवस्था के तहत होते हैं उसके अनुसार, प्रत्येक राज्य में आबादी के आधार पर निर्वाचक मतों की कुछ तय संख्या होती है।
इस ‘इलेक्टोरल कॉलेज सिस्टम’ के तहत कुल 538 निर्वाचक मत उपलब्ध हैं और जीतने के लिए इनमें से 270 मत हासिल करना जरूरी है।
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव जिस व्यवस्था के तहत होते हैं उसके अनुसार, प्रत्येक राज्य में आबादी के आधार पर निर्वाचक मतों की कुछ तय संख्या होती है।
इस ‘इलेक्टोरल कॉलेज सिस्टम’ के तहत कुल 538 निर्वाचक मत उपलब्ध हैं और जीतने के लिए इनमें से 270 मत हासिल करना जरूरी है।
इस ‘इलेक्टोरल कॉलेज सिस्टम’ के तहत कुल 538 निर्वाचक मत उपलब्ध हैं और जीतने के लिए इनमें से 270 मत हासिल करना जरूरी है। | यह एक सारांश है: अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए अब केवल एक ही दिन बाकी है और आज रात चुनाव प्रचार थम जाएगा। इसी के साथ ही राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वन्द्वी मिट रोमनी के बीच महीनों से चल रहे वाद-विवाद पर भी रोक लग जाएगी। | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर को नवंबर से शुरू होने वाले रणजी ट्रॉफी क्रिकेट टूर्नामेंट की दिल्ली टीम में चुना गया। रणजी ट्रॉफी चयन समिति ने डीडीसीए में बैठक के बाद रणजी ट्रॉफी के लिए 28 सदस्यीय टीम का चयन किया। खिलाड़ी बुधवार को फिरोजशाह कोटला मैदान पर मुख्य कोच मनोज प्रभाकर को रिपोर्ट करेंगे। बैठक में प्रभाकर, अध्यक्ष चेतन चौहान, विवेक राजदान, हरी गिडवानी, विनय लांबा और खेल महासचिव डॉ एसएस सरीन शामिल थे। टीम इस प्रकार है : वीरेंद्र सहवाग (कप्तान), गौतम गंभीर (उप कप्तान), विराट कोहली, शिखर धवन, मिथुन मन्हास, आशीष नेहरा, रजत भाटिया, इशांत शर्मा, पुनीत बिष्ट, चेतन्य नंदा, गौरव छाबड़ा, योगेश नागर, सुमित नारवाल, प्रदीप सांगवान, परविंदर अवाना, सन्नी सेहरावत, राहुल यादव, फरमान अहमद, शावेज खान, जोगिंदर सिंह, अंकुर जुल्का, तुषार पंत, रक्षित पंत, अभिषेक सिंह, कुणाल लाल, अभिषेक शर्मा, उन्मुक्त चंद और मोहित शर्मा। | संक्षिप्त सारांश: भारत के सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर को नवंबर से शुरू होने वाले रणजी ट्रॉफी क्रिकेट टूर्नामेंट की दिल्ली टीम में चुना गया। | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. मिट्टी और जमीन घोटाले को लेकर लगे आरोपों के बाद बीजेपी के नेता सुशील मोदी ने लालू यादव और परिवार पर नए आरोप लगाए हैं. सुशील मोदी ने कथित तौर पर दस्वावेजी सबूत जारी करके एक नई कंपनी को लेकर आरोप लगाया है, जिस पर लालू यादव के परिवार का कब्जा हुआ. कंपनी का मालिकाना हक कात्याल परिवार की आइसबर्ग इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड का था. 2006 में एके इंफोसिस्टम प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी बनाई गई जिसमें कत्याल परिवार के सदस्य निदेशक थे, लेकिन बाद में उनकी जगह पर अब बिहार सरकार में मंत्री तेज प्रताप यादव और अब उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और अन्यों को निदेशक बना दिया गया. अमित कात्याल ने अपने सारे शेयर लालू प्रसाद यादव की पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव के नाम कर दिए. पिछले विधानसभा चुनावों के परिणाम आने के बाद लालू यादव के बेटे कंपनी के निदेशक पद से हट गए और अब उनकी बेटी चंदा और रागिनी यादव इसकी निदेशक हैं. बीजेपी नेता सुशील मोदी का आरोप है कि इससे साफ है यह पूरी तरह से भ्रष्टाचार का मामला है.
इस मामले को लेकर सुशील मोदी ने लालू प्रसाद यादव से कुछ सवाल पूछे हैं. लालू यादव के बेटे और बेटियों को कंपनी में निदेशक क्यों बनाया गया? कत्याल परिवार ने बॉर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का पद क्यों छोड़ा? इसमें लालू के परिवार का केवल 55 हजार का निवेश कैसे है?
सुशील मोदी ने लालू प्रसाद यादव को इस बारे में सारे तथ्य उजागर करने को कहा है. मोदी ने कहा कि अगर लालू यादव ने ऐसा नहीं किया तब वह इसे करेंगे. फिर बता दें कि दोनों भाइयों ने बिहार विधानसभा के नतीजे आने के अगले ही दिन निदेशक का पद छोड़ दिया, लेकिन उनके शेयर अभी भी कंपनी में बरकरार हैं.
सुशील कुमार मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कथित ‘बेनामी संपत्ति घोटाला’ में मुख्यमंत्री के आवासीय पता का गलत इस्तेमाल करने पर राजद लालू प्रसाद के परिवार के खिलाफ कार्रवाई की चुनौती दी है. सुशील ने सोमवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया कि लालू के पुत्र तेज प्रताप और तेजस्वी यादव केवल धोखाधड़ी कर 750 करोड़ रुपये कीमत की जमीन व मॉल के घोटाले में ही संलिप्त नहीं हैं बल्कि चंदा यादव को अपनी कंपनी का डायरेक्टर नियुक्त करते समय मुख्यमंत्री आवास के पते का भी बेजा इस्तेमाल किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि डिलाइट मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में डायरेक्टर के तौर पर चंदा यादव का पता सीएम हाउस, 1 अणे मार्ग, सचिवालय थाना, जीपीओ पटना 800001 दर्ज है.
सुशील कुमार मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कथित ‘बेनामी संपत्ति घोटाला’ में मुख्यमंत्री के आवासीय पता का गलत इस्तेमाल करने पर राजद लालू प्रसाद के परिवार के खिलाफ कार्रवाई की चुनौती दी है. सुशील ने सोमवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया कि लालू के पुत्र तेज प्रताप और तेजस्वी यादव केवल धोखाधड़ी कर 750 करोड़ रुपये कीमत की जमीन व मॉल के घोटाले में ही संलिप्त नहीं हैं बल्कि चंदा यादव को अपनी कंपनी का डायरेक्टर नियुक्त करते समय मुख्यमंत्री आवास के पते का भी बेजा इस्तेमाल किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि डिलाइट मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में डायरेक्टर के तौर पर चंदा यादव का पता सीएम हाउस, 1 अणे मार्ग, सचिवालय थाना, जीपीओ पटना 800001 दर्ज है. | सारांश: लालू यादव के बेटे और बेटियों को कंपनी में निदेशक क्यों बनाया गया?
कत्याल परिवार ने बॉर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का पद क्यों छोड़ा?
सुशील मोदी ने लालू प्रसाद को इस बारे में सारे तथ्य उजागर करने को कहा है | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ मंत्रियों को पार्टी सांसदों से नियमित तौर पर मिल कर सरकार के कामकाज और लोगों में उसके प्रति सोच के बारे में फ़ीडबैक लेने को कहा है। ये ज़िम्मेदारी छह वरिष्ठ मंत्रियों को दी गई है।
मंगलवार को बीजेपी संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी सांसदों से कहा कि छह वरिष्ठ मंत्री उनसे चर्चा करते रहेंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, वित्तमंत्री अरुण जेटली, रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर, शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी सांसदों से मिलेंगे।
मुलाकात का तरीका भी तय कर दिया गया है। वरिष्ठ मंत्री जिस राज्य से हैं उसे छोड़ कर दूसरे राज्यों के सांसदों से उनकी लंच पर तीन से चार घंटे मुलाकात होगी। महत्वपूर्ण बात ये है कि सांसदों से कहा गया कि वो खुल कर अपनी बात वरिष्ठ मंत्रियों से कह सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी का मानना है कि सरकार से जुड़ी हर बात उन तक नहीं पहुंच सकती। इसलिए जरूरी है कि सांसद वरिष्ठ मंत्रियों से चर्चा करें ताकि सरकार की नीतियों, योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में फ़ीडबैक सीधे तौर पर लिया जा सके। टिप्पणियां
बताया गया है कि सांसद भी इन मंत्रियों से सीधे मिल कर अपनी बात कह सकते हैं। एक बीजेपी सांसद के मुताबिक उनसे कहा गया है कि वो 'दिल खोल कर' बात कर सकते हैं। यानी अगर सरकार के बारे में कुछ नकारात्मक बातें सुनने को आती हैं तो उन्हें ये बातें भी वरिष्ठ मंत्रियों से खुल कर बताने को कहा गया है।
ग़ौरतलब है कि बीजेपी सांसद मंत्रियों की ग़ैर-मौजूदगी और उपलब्धता न होने की शिकायत कर चुके हैं। यूपी के एक सांसद ने तो कुछ महीनों पहले संसदीय दल की बैठक में ही ये मुद्दा उठा दिया था।
मंगलवार को बीजेपी संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी सांसदों से कहा कि छह वरिष्ठ मंत्री उनसे चर्चा करते रहेंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, वित्तमंत्री अरुण जेटली, रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर, शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी सांसदों से मिलेंगे।
मुलाकात का तरीका भी तय कर दिया गया है। वरिष्ठ मंत्री जिस राज्य से हैं उसे छोड़ कर दूसरे राज्यों के सांसदों से उनकी लंच पर तीन से चार घंटे मुलाकात होगी। महत्वपूर्ण बात ये है कि सांसदों से कहा गया कि वो खुल कर अपनी बात वरिष्ठ मंत्रियों से कह सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी का मानना है कि सरकार से जुड़ी हर बात उन तक नहीं पहुंच सकती। इसलिए जरूरी है कि सांसद वरिष्ठ मंत्रियों से चर्चा करें ताकि सरकार की नीतियों, योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में फ़ीडबैक सीधे तौर पर लिया जा सके। टिप्पणियां
बताया गया है कि सांसद भी इन मंत्रियों से सीधे मिल कर अपनी बात कह सकते हैं। एक बीजेपी सांसद के मुताबिक उनसे कहा गया है कि वो 'दिल खोल कर' बात कर सकते हैं। यानी अगर सरकार के बारे में कुछ नकारात्मक बातें सुनने को आती हैं तो उन्हें ये बातें भी वरिष्ठ मंत्रियों से खुल कर बताने को कहा गया है।
ग़ौरतलब है कि बीजेपी सांसद मंत्रियों की ग़ैर-मौजूदगी और उपलब्धता न होने की शिकायत कर चुके हैं। यूपी के एक सांसद ने तो कुछ महीनों पहले संसदीय दल की बैठक में ही ये मुद्दा उठा दिया था।
पीएम मोदी ने कहा कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, वित्तमंत्री अरुण जेटली, रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर, शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी सांसदों से मिलेंगे।
मुलाकात का तरीका भी तय कर दिया गया है। वरिष्ठ मंत्री जिस राज्य से हैं उसे छोड़ कर दूसरे राज्यों के सांसदों से उनकी लंच पर तीन से चार घंटे मुलाकात होगी। महत्वपूर्ण बात ये है कि सांसदों से कहा गया कि वो खुल कर अपनी बात वरिष्ठ मंत्रियों से कह सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी का मानना है कि सरकार से जुड़ी हर बात उन तक नहीं पहुंच सकती। इसलिए जरूरी है कि सांसद वरिष्ठ मंत्रियों से चर्चा करें ताकि सरकार की नीतियों, योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में फ़ीडबैक सीधे तौर पर लिया जा सके। टिप्पणियां
बताया गया है कि सांसद भी इन मंत्रियों से सीधे मिल कर अपनी बात कह सकते हैं। एक बीजेपी सांसद के मुताबिक उनसे कहा गया है कि वो 'दिल खोल कर' बात कर सकते हैं। यानी अगर सरकार के बारे में कुछ नकारात्मक बातें सुनने को आती हैं तो उन्हें ये बातें भी वरिष्ठ मंत्रियों से खुल कर बताने को कहा गया है।
ग़ौरतलब है कि बीजेपी सांसद मंत्रियों की ग़ैर-मौजूदगी और उपलब्धता न होने की शिकायत कर चुके हैं। यूपी के एक सांसद ने तो कुछ महीनों पहले संसदीय दल की बैठक में ही ये मुद्दा उठा दिया था।
मुलाकात का तरीका भी तय कर दिया गया है। वरिष्ठ मंत्री जिस राज्य से हैं उसे छोड़ कर दूसरे राज्यों के सांसदों से उनकी लंच पर तीन से चार घंटे मुलाकात होगी। महत्वपूर्ण बात ये है कि सांसदों से कहा गया कि वो खुल कर अपनी बात वरिष्ठ मंत्रियों से कह सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी का मानना है कि सरकार से जुड़ी हर बात उन तक नहीं पहुंच सकती। इसलिए जरूरी है कि सांसद वरिष्ठ मंत्रियों से चर्चा करें ताकि सरकार की नीतियों, योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में फ़ीडबैक सीधे तौर पर लिया जा सके। टिप्पणियां
बताया गया है कि सांसद भी इन मंत्रियों से सीधे मिल कर अपनी बात कह सकते हैं। एक बीजेपी सांसद के मुताबिक उनसे कहा गया है कि वो 'दिल खोल कर' बात कर सकते हैं। यानी अगर सरकार के बारे में कुछ नकारात्मक बातें सुनने को आती हैं तो उन्हें ये बातें भी वरिष्ठ मंत्रियों से खुल कर बताने को कहा गया है।
ग़ौरतलब है कि बीजेपी सांसद मंत्रियों की ग़ैर-मौजूदगी और उपलब्धता न होने की शिकायत कर चुके हैं। यूपी के एक सांसद ने तो कुछ महीनों पहले संसदीय दल की बैठक में ही ये मुद्दा उठा दिया था।
सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी का मानना है कि सरकार से जुड़ी हर बात उन तक नहीं पहुंच सकती। इसलिए जरूरी है कि सांसद वरिष्ठ मंत्रियों से चर्चा करें ताकि सरकार की नीतियों, योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में फ़ीडबैक सीधे तौर पर लिया जा सके। टिप्पणियां
बताया गया है कि सांसद भी इन मंत्रियों से सीधे मिल कर अपनी बात कह सकते हैं। एक बीजेपी सांसद के मुताबिक उनसे कहा गया है कि वो 'दिल खोल कर' बात कर सकते हैं। यानी अगर सरकार के बारे में कुछ नकारात्मक बातें सुनने को आती हैं तो उन्हें ये बातें भी वरिष्ठ मंत्रियों से खुल कर बताने को कहा गया है।
ग़ौरतलब है कि बीजेपी सांसद मंत्रियों की ग़ैर-मौजूदगी और उपलब्धता न होने की शिकायत कर चुके हैं। यूपी के एक सांसद ने तो कुछ महीनों पहले संसदीय दल की बैठक में ही ये मुद्दा उठा दिया था।
बताया गया है कि सांसद भी इन मंत्रियों से सीधे मिल कर अपनी बात कह सकते हैं। एक बीजेपी सांसद के मुताबिक उनसे कहा गया है कि वो 'दिल खोल कर' बात कर सकते हैं। यानी अगर सरकार के बारे में कुछ नकारात्मक बातें सुनने को आती हैं तो उन्हें ये बातें भी वरिष्ठ मंत्रियों से खुल कर बताने को कहा गया है।
ग़ौरतलब है कि बीजेपी सांसद मंत्रियों की ग़ैर-मौजूदगी और उपलब्धता न होने की शिकायत कर चुके हैं। यूपी के एक सांसद ने तो कुछ महीनों पहले संसदीय दल की बैठक में ही ये मुद्दा उठा दिया था।
ग़ौरतलब है कि बीजेपी सांसद मंत्रियों की ग़ैर-मौजूदगी और उपलब्धता न होने की शिकायत कर चुके हैं। यूपी के एक सांसद ने तो कुछ महीनों पहले संसदीय दल की बैठक में ही ये मुद्दा उठा दिया था। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पीएम मोदी का मानना है कि सरकार से जुड़ी हर बात उन तक नहीं पहुंच सकती
सांसद भी मंत्रियों से सीधे मिल कर अपनी बात कह सकते हैं
नकारात्मक बातें सुनने को आती हैं तो ये बातें भी ऊपर तक पहुंचे | 19 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश को हिलाकर रख देने वाली दिल्ली दुष्कर्म की घटना पर यहां की एक त्वरित अदालत ने मंगलवार को अपने फैसले में चार लोगों को 23 वर्ष की प्रशिक्षु फीजियोथेरेपिस्ट के साथ क्रूरतापूर्वक दुष्कर्म करने का दोषी ठहराया। दिल दहला देने वाली इस घटना के करीब नौ माह बाद अदालत का फैसला आया है।
इस घटना से न केवल प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू हुआ, बल्कि भारी जन दबाव के कारण संसद ने दुष्कर्म के खिलाफ कानून को और कठोर किया।
दोषी ठहराए गए लोगों को बुधवार को सजा सुनाई जाएगी, लेकिन इन्हें मौत की सजा दिए जाने की मांग नारीवादी कार्यकर्ताओं से लेकर विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता सुषमा स्वराज तक ने की है।
साकेत स्थित जिला अदालत के एक छोटे से खचाखच भरे कमरे में फैसला सुनाते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश योगेश खन्ना ने चारों को सामूहिक दुष्कर्म, हत्या, पीड़िता के पुरुष मित्र की हत्या के प्रयास, अप्राकृतिक अपराध, सबूत मिटाने, डकैती और अन्य आरापराधिक धाराओं के तहत दोषी ठहराया।
अदालत ने कहा कि तथ्यों से सभी 'असहाय पीड़िता' की 'नृसंश हत्या' के लिए जिम्मेवार ठहरते हैं।
न्यायाधीश ने कहा, "छह लोगों ने एक-एककर उसके साथ दुष्कर्म किया और लोहे की छड़ व हाथ उसके पेट में घुसेड़ा गया। उसके आंतरिक अंग को शरीर से बाहर निकाला गया। यह पहलू पीड़िता को लगे घाव की गंभीरता को दर्शाता है।" उन्होंने कहा कि आंतरिक अंगों को लगे '18 घावों' सहित आरोपियों द्वारा पीड़िता के लगाए गए शारीरिक घाव 'खतरनाक' थे और 'उसकी मौत' के लिए पर्याप्त थे।
पीड़िता के माता-पिता और भाई ने भी इसी तरह की भावना व्यक्त की। पीड़िता की मां ने कहा, "मैं सभी के लिए मौत की सजा चाहती हूं और केवल तभी मुझे शांति मिलेगी।"
चारों आरोपी, मुकेश, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर गिरफ्तार किए जाने के बाद से जेल में बंद हैं। जिस समय अदालत ने अपना फैसला सुनाया वे सभी अदालत में मौजूद थे।
अदालत का फैसला सुनने के बाद विनय शर्मा रोने लगा और मुकेश के माता-पिता भी रोने लगे।
अदालत ने कहा कि पीड़िता के शरीर में दोषियों ने उसे मार डालने की 'नीयत' से रॉड घुसेड़ा।
अदालत ने कहा, "सामूहिक दुष्कर्म के बाद रॉड घुसेड़ने और आंतरिक अंगों को बाहर खींचने को हत्या को अंजाम देने के रूप में ही देखा जा सकता है।"
237 पृष्ठों के अपने फैसले में अदालत ने कहा है कि 'क्रूरतापूर्ण तरीके' से घाव लगाए गए और मौत भी दुर्घटना से नहीं हुई है।
न्यायाधीश खन्ना ने कहा कि दोषियों के कारनामे की प्रकृति यह साबित करता है कि इनमें से कोई भी आवेश में नहीं था बल्कि 'स्पष्ट रूप से यह तथ्य स्थापित करता है इनका कारनामा पूर्वनियोजित था।'
जिस तरीके से राड का इस्तेमाल किया गया और पीड़िता के शरीर पर लगे घाव इस संभावना को बल देते हैं कि आरोपियों ने 'पीड़िता को काबू में करने के लिए' रॉड का इस्तेमाल किया। घाव के कारण क्रूर हमले के 13 दिनों बाद पीड़िता की मौत हो गई।
अदालत ने कहा, "पीड़िता की मौत दोषियों द्वारा लगाए गए घाव के कारण हुई। ऐसे घाव को चिकित्सकों द्वारा खतरनाक, चिकित्सा के लिए अत्यंत खराब और मौत के लिए पर्याप्त करार दिया गया है।"टिप्पणियां
न्यायाधीश ने कहा कि बस में मौजूद शिकायतकर्ता (पीड़िता के पुरुष मित्र) की गवाही मामले में निष्कर्ष तक पहुंचने में 'महत्वपूर्ण' है।
इस मामले के छह आरोपियों में से एक ने दिल्ली की तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली, जबकि एक किशोर आरोपी को 31 दिसंबर को किशोर न्याय बोर्ड ने तीन वर्ष के लिए सुधार गृह भेज दिया। बोर्ड ने माना कि किशोर आरोपी को दुष्कर्म और हत्या में शामिल था।
इस घटना से न केवल प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू हुआ, बल्कि भारी जन दबाव के कारण संसद ने दुष्कर्म के खिलाफ कानून को और कठोर किया।
दोषी ठहराए गए लोगों को बुधवार को सजा सुनाई जाएगी, लेकिन इन्हें मौत की सजा दिए जाने की मांग नारीवादी कार्यकर्ताओं से लेकर विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता सुषमा स्वराज तक ने की है।
साकेत स्थित जिला अदालत के एक छोटे से खचाखच भरे कमरे में फैसला सुनाते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश योगेश खन्ना ने चारों को सामूहिक दुष्कर्म, हत्या, पीड़िता के पुरुष मित्र की हत्या के प्रयास, अप्राकृतिक अपराध, सबूत मिटाने, डकैती और अन्य आरापराधिक धाराओं के तहत दोषी ठहराया।
अदालत ने कहा कि तथ्यों से सभी 'असहाय पीड़िता' की 'नृसंश हत्या' के लिए जिम्मेवार ठहरते हैं।
न्यायाधीश ने कहा, "छह लोगों ने एक-एककर उसके साथ दुष्कर्म किया और लोहे की छड़ व हाथ उसके पेट में घुसेड़ा गया। उसके आंतरिक अंग को शरीर से बाहर निकाला गया। यह पहलू पीड़िता को लगे घाव की गंभीरता को दर्शाता है।" उन्होंने कहा कि आंतरिक अंगों को लगे '18 घावों' सहित आरोपियों द्वारा पीड़िता के लगाए गए शारीरिक घाव 'खतरनाक' थे और 'उसकी मौत' के लिए पर्याप्त थे।
पीड़िता के माता-पिता और भाई ने भी इसी तरह की भावना व्यक्त की। पीड़िता की मां ने कहा, "मैं सभी के लिए मौत की सजा चाहती हूं और केवल तभी मुझे शांति मिलेगी।"
चारों आरोपी, मुकेश, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर गिरफ्तार किए जाने के बाद से जेल में बंद हैं। जिस समय अदालत ने अपना फैसला सुनाया वे सभी अदालत में मौजूद थे।
अदालत का फैसला सुनने के बाद विनय शर्मा रोने लगा और मुकेश के माता-पिता भी रोने लगे।
अदालत ने कहा कि पीड़िता के शरीर में दोषियों ने उसे मार डालने की 'नीयत' से रॉड घुसेड़ा।
अदालत ने कहा, "सामूहिक दुष्कर्म के बाद रॉड घुसेड़ने और आंतरिक अंगों को बाहर खींचने को हत्या को अंजाम देने के रूप में ही देखा जा सकता है।"
237 पृष्ठों के अपने फैसले में अदालत ने कहा है कि 'क्रूरतापूर्ण तरीके' से घाव लगाए गए और मौत भी दुर्घटना से नहीं हुई है।
न्यायाधीश खन्ना ने कहा कि दोषियों के कारनामे की प्रकृति यह साबित करता है कि इनमें से कोई भी आवेश में नहीं था बल्कि 'स्पष्ट रूप से यह तथ्य स्थापित करता है इनका कारनामा पूर्वनियोजित था।'
जिस तरीके से राड का इस्तेमाल किया गया और पीड़िता के शरीर पर लगे घाव इस संभावना को बल देते हैं कि आरोपियों ने 'पीड़िता को काबू में करने के लिए' रॉड का इस्तेमाल किया। घाव के कारण क्रूर हमले के 13 दिनों बाद पीड़िता की मौत हो गई।
अदालत ने कहा, "पीड़िता की मौत दोषियों द्वारा लगाए गए घाव के कारण हुई। ऐसे घाव को चिकित्सकों द्वारा खतरनाक, चिकित्सा के लिए अत्यंत खराब और मौत के लिए पर्याप्त करार दिया गया है।"टिप्पणियां
न्यायाधीश ने कहा कि बस में मौजूद शिकायतकर्ता (पीड़िता के पुरुष मित्र) की गवाही मामले में निष्कर्ष तक पहुंचने में 'महत्वपूर्ण' है।
इस मामले के छह आरोपियों में से एक ने दिल्ली की तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली, जबकि एक किशोर आरोपी को 31 दिसंबर को किशोर न्याय बोर्ड ने तीन वर्ष के लिए सुधार गृह भेज दिया। बोर्ड ने माना कि किशोर आरोपी को दुष्कर्म और हत्या में शामिल था।
दोषी ठहराए गए लोगों को बुधवार को सजा सुनाई जाएगी, लेकिन इन्हें मौत की सजा दिए जाने की मांग नारीवादी कार्यकर्ताओं से लेकर विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता सुषमा स्वराज तक ने की है।
साकेत स्थित जिला अदालत के एक छोटे से खचाखच भरे कमरे में फैसला सुनाते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश योगेश खन्ना ने चारों को सामूहिक दुष्कर्म, हत्या, पीड़िता के पुरुष मित्र की हत्या के प्रयास, अप्राकृतिक अपराध, सबूत मिटाने, डकैती और अन्य आरापराधिक धाराओं के तहत दोषी ठहराया।
अदालत ने कहा कि तथ्यों से सभी 'असहाय पीड़िता' की 'नृसंश हत्या' के लिए जिम्मेवार ठहरते हैं।
न्यायाधीश ने कहा, "छह लोगों ने एक-एककर उसके साथ दुष्कर्म किया और लोहे की छड़ व हाथ उसके पेट में घुसेड़ा गया। उसके आंतरिक अंग को शरीर से बाहर निकाला गया। यह पहलू पीड़िता को लगे घाव की गंभीरता को दर्शाता है।" उन्होंने कहा कि आंतरिक अंगों को लगे '18 घावों' सहित आरोपियों द्वारा पीड़िता के लगाए गए शारीरिक घाव 'खतरनाक' थे और 'उसकी मौत' के लिए पर्याप्त थे।
पीड़िता के माता-पिता और भाई ने भी इसी तरह की भावना व्यक्त की। पीड़िता की मां ने कहा, "मैं सभी के लिए मौत की सजा चाहती हूं और केवल तभी मुझे शांति मिलेगी।"
चारों आरोपी, मुकेश, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर गिरफ्तार किए जाने के बाद से जेल में बंद हैं। जिस समय अदालत ने अपना फैसला सुनाया वे सभी अदालत में मौजूद थे।
अदालत का फैसला सुनने के बाद विनय शर्मा रोने लगा और मुकेश के माता-पिता भी रोने लगे।
अदालत ने कहा कि पीड़िता के शरीर में दोषियों ने उसे मार डालने की 'नीयत' से रॉड घुसेड़ा।
अदालत ने कहा, "सामूहिक दुष्कर्म के बाद रॉड घुसेड़ने और आंतरिक अंगों को बाहर खींचने को हत्या को अंजाम देने के रूप में ही देखा जा सकता है।"
237 पृष्ठों के अपने फैसले में अदालत ने कहा है कि 'क्रूरतापूर्ण तरीके' से घाव लगाए गए और मौत भी दुर्घटना से नहीं हुई है।
न्यायाधीश खन्ना ने कहा कि दोषियों के कारनामे की प्रकृति यह साबित करता है कि इनमें से कोई भी आवेश में नहीं था बल्कि 'स्पष्ट रूप से यह तथ्य स्थापित करता है इनका कारनामा पूर्वनियोजित था।'
जिस तरीके से राड का इस्तेमाल किया गया और पीड़िता के शरीर पर लगे घाव इस संभावना को बल देते हैं कि आरोपियों ने 'पीड़िता को काबू में करने के लिए' रॉड का इस्तेमाल किया। घाव के कारण क्रूर हमले के 13 दिनों बाद पीड़िता की मौत हो गई।
अदालत ने कहा, "पीड़िता की मौत दोषियों द्वारा लगाए गए घाव के कारण हुई। ऐसे घाव को चिकित्सकों द्वारा खतरनाक, चिकित्सा के लिए अत्यंत खराब और मौत के लिए पर्याप्त करार दिया गया है।"टिप्पणियां
न्यायाधीश ने कहा कि बस में मौजूद शिकायतकर्ता (पीड़िता के पुरुष मित्र) की गवाही मामले में निष्कर्ष तक पहुंचने में 'महत्वपूर्ण' है।
इस मामले के छह आरोपियों में से एक ने दिल्ली की तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली, जबकि एक किशोर आरोपी को 31 दिसंबर को किशोर न्याय बोर्ड ने तीन वर्ष के लिए सुधार गृह भेज दिया। बोर्ड ने माना कि किशोर आरोपी को दुष्कर्म और हत्या में शामिल था।
साकेत स्थित जिला अदालत के एक छोटे से खचाखच भरे कमरे में फैसला सुनाते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश योगेश खन्ना ने चारों को सामूहिक दुष्कर्म, हत्या, पीड़िता के पुरुष मित्र की हत्या के प्रयास, अप्राकृतिक अपराध, सबूत मिटाने, डकैती और अन्य आरापराधिक धाराओं के तहत दोषी ठहराया।
अदालत ने कहा कि तथ्यों से सभी 'असहाय पीड़िता' की 'नृसंश हत्या' के लिए जिम्मेवार ठहरते हैं।
न्यायाधीश ने कहा, "छह लोगों ने एक-एककर उसके साथ दुष्कर्म किया और लोहे की छड़ व हाथ उसके पेट में घुसेड़ा गया। उसके आंतरिक अंग को शरीर से बाहर निकाला गया। यह पहलू पीड़िता को लगे घाव की गंभीरता को दर्शाता है।" उन्होंने कहा कि आंतरिक अंगों को लगे '18 घावों' सहित आरोपियों द्वारा पीड़िता के लगाए गए शारीरिक घाव 'खतरनाक' थे और 'उसकी मौत' के लिए पर्याप्त थे।
पीड़िता के माता-पिता और भाई ने भी इसी तरह की भावना व्यक्त की। पीड़िता की मां ने कहा, "मैं सभी के लिए मौत की सजा चाहती हूं और केवल तभी मुझे शांति मिलेगी।"
चारों आरोपी, मुकेश, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर गिरफ्तार किए जाने के बाद से जेल में बंद हैं। जिस समय अदालत ने अपना फैसला सुनाया वे सभी अदालत में मौजूद थे।
अदालत का फैसला सुनने के बाद विनय शर्मा रोने लगा और मुकेश के माता-पिता भी रोने लगे।
अदालत ने कहा कि पीड़िता के शरीर में दोषियों ने उसे मार डालने की 'नीयत' से रॉड घुसेड़ा।
अदालत ने कहा, "सामूहिक दुष्कर्म के बाद रॉड घुसेड़ने और आंतरिक अंगों को बाहर खींचने को हत्या को अंजाम देने के रूप में ही देखा जा सकता है।"
237 पृष्ठों के अपने फैसले में अदालत ने कहा है कि 'क्रूरतापूर्ण तरीके' से घाव लगाए गए और मौत भी दुर्घटना से नहीं हुई है।
न्यायाधीश खन्ना ने कहा कि दोषियों के कारनामे की प्रकृति यह साबित करता है कि इनमें से कोई भी आवेश में नहीं था बल्कि 'स्पष्ट रूप से यह तथ्य स्थापित करता है इनका कारनामा पूर्वनियोजित था।'
जिस तरीके से राड का इस्तेमाल किया गया और पीड़िता के शरीर पर लगे घाव इस संभावना को बल देते हैं कि आरोपियों ने 'पीड़िता को काबू में करने के लिए' रॉड का इस्तेमाल किया। घाव के कारण क्रूर हमले के 13 दिनों बाद पीड़िता की मौत हो गई।
अदालत ने कहा, "पीड़िता की मौत दोषियों द्वारा लगाए गए घाव के कारण हुई। ऐसे घाव को चिकित्सकों द्वारा खतरनाक, चिकित्सा के लिए अत्यंत खराब और मौत के लिए पर्याप्त करार दिया गया है।"टिप्पणियां
न्यायाधीश ने कहा कि बस में मौजूद शिकायतकर्ता (पीड़िता के पुरुष मित्र) की गवाही मामले में निष्कर्ष तक पहुंचने में 'महत्वपूर्ण' है।
इस मामले के छह आरोपियों में से एक ने दिल्ली की तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली, जबकि एक किशोर आरोपी को 31 दिसंबर को किशोर न्याय बोर्ड ने तीन वर्ष के लिए सुधार गृह भेज दिया। बोर्ड ने माना कि किशोर आरोपी को दुष्कर्म और हत्या में शामिल था।
अदालत ने कहा कि तथ्यों से सभी 'असहाय पीड़िता' की 'नृसंश हत्या' के लिए जिम्मेवार ठहरते हैं।
न्यायाधीश ने कहा, "छह लोगों ने एक-एककर उसके साथ दुष्कर्म किया और लोहे की छड़ व हाथ उसके पेट में घुसेड़ा गया। उसके आंतरिक अंग को शरीर से बाहर निकाला गया। यह पहलू पीड़िता को लगे घाव की गंभीरता को दर्शाता है।" उन्होंने कहा कि आंतरिक अंगों को लगे '18 घावों' सहित आरोपियों द्वारा पीड़िता के लगाए गए शारीरिक घाव 'खतरनाक' थे और 'उसकी मौत' के लिए पर्याप्त थे।
पीड़िता के माता-पिता और भाई ने भी इसी तरह की भावना व्यक्त की। पीड़िता की मां ने कहा, "मैं सभी के लिए मौत की सजा चाहती हूं और केवल तभी मुझे शांति मिलेगी।"
चारों आरोपी, मुकेश, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर गिरफ्तार किए जाने के बाद से जेल में बंद हैं। जिस समय अदालत ने अपना फैसला सुनाया वे सभी अदालत में मौजूद थे।
अदालत का फैसला सुनने के बाद विनय शर्मा रोने लगा और मुकेश के माता-पिता भी रोने लगे।
अदालत ने कहा कि पीड़िता के शरीर में दोषियों ने उसे मार डालने की 'नीयत' से रॉड घुसेड़ा।
अदालत ने कहा, "सामूहिक दुष्कर्म के बाद रॉड घुसेड़ने और आंतरिक अंगों को बाहर खींचने को हत्या को अंजाम देने के रूप में ही देखा जा सकता है।"
237 पृष्ठों के अपने फैसले में अदालत ने कहा है कि 'क्रूरतापूर्ण तरीके' से घाव लगाए गए और मौत भी दुर्घटना से नहीं हुई है।
न्यायाधीश खन्ना ने कहा कि दोषियों के कारनामे की प्रकृति यह साबित करता है कि इनमें से कोई भी आवेश में नहीं था बल्कि 'स्पष्ट रूप से यह तथ्य स्थापित करता है इनका कारनामा पूर्वनियोजित था।'
जिस तरीके से राड का इस्तेमाल किया गया और पीड़िता के शरीर पर लगे घाव इस संभावना को बल देते हैं कि आरोपियों ने 'पीड़िता को काबू में करने के लिए' रॉड का इस्तेमाल किया। घाव के कारण क्रूर हमले के 13 दिनों बाद पीड़िता की मौत हो गई।
अदालत ने कहा, "पीड़िता की मौत दोषियों द्वारा लगाए गए घाव के कारण हुई। ऐसे घाव को चिकित्सकों द्वारा खतरनाक, चिकित्सा के लिए अत्यंत खराब और मौत के लिए पर्याप्त करार दिया गया है।"टिप्पणियां
न्यायाधीश ने कहा कि बस में मौजूद शिकायतकर्ता (पीड़िता के पुरुष मित्र) की गवाही मामले में निष्कर्ष तक पहुंचने में 'महत्वपूर्ण' है।
इस मामले के छह आरोपियों में से एक ने दिल्ली की तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली, जबकि एक किशोर आरोपी को 31 दिसंबर को किशोर न्याय बोर्ड ने तीन वर्ष के लिए सुधार गृह भेज दिया। बोर्ड ने माना कि किशोर आरोपी को दुष्कर्म और हत्या में शामिल था।
न्यायाधीश ने कहा, "छह लोगों ने एक-एककर उसके साथ दुष्कर्म किया और लोहे की छड़ व हाथ उसके पेट में घुसेड़ा गया। उसके आंतरिक अंग को शरीर से बाहर निकाला गया। यह पहलू पीड़िता को लगे घाव की गंभीरता को दर्शाता है।" उन्होंने कहा कि आंतरिक अंगों को लगे '18 घावों' सहित आरोपियों द्वारा पीड़िता के लगाए गए शारीरिक घाव 'खतरनाक' थे और 'उसकी मौत' के लिए पर्याप्त थे।
पीड़िता के माता-पिता और भाई ने भी इसी तरह की भावना व्यक्त की। पीड़िता की मां ने कहा, "मैं सभी के लिए मौत की सजा चाहती हूं और केवल तभी मुझे शांति मिलेगी।"
चारों आरोपी, मुकेश, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर गिरफ्तार किए जाने के बाद से जेल में बंद हैं। जिस समय अदालत ने अपना फैसला सुनाया वे सभी अदालत में मौजूद थे।
अदालत का फैसला सुनने के बाद विनय शर्मा रोने लगा और मुकेश के माता-पिता भी रोने लगे।
अदालत ने कहा कि पीड़िता के शरीर में दोषियों ने उसे मार डालने की 'नीयत' से रॉड घुसेड़ा।
अदालत ने कहा, "सामूहिक दुष्कर्म के बाद रॉड घुसेड़ने और आंतरिक अंगों को बाहर खींचने को हत्या को अंजाम देने के रूप में ही देखा जा सकता है।"
237 पृष्ठों के अपने फैसले में अदालत ने कहा है कि 'क्रूरतापूर्ण तरीके' से घाव लगाए गए और मौत भी दुर्घटना से नहीं हुई है।
न्यायाधीश खन्ना ने कहा कि दोषियों के कारनामे की प्रकृति यह साबित करता है कि इनमें से कोई भी आवेश में नहीं था बल्कि 'स्पष्ट रूप से यह तथ्य स्थापित करता है इनका कारनामा पूर्वनियोजित था।'
जिस तरीके से राड का इस्तेमाल किया गया और पीड़िता के शरीर पर लगे घाव इस संभावना को बल देते हैं कि आरोपियों ने 'पीड़िता को काबू में करने के लिए' रॉड का इस्तेमाल किया। घाव के कारण क्रूर हमले के 13 दिनों बाद पीड़िता की मौत हो गई।
अदालत ने कहा, "पीड़िता की मौत दोषियों द्वारा लगाए गए घाव के कारण हुई। ऐसे घाव को चिकित्सकों द्वारा खतरनाक, चिकित्सा के लिए अत्यंत खराब और मौत के लिए पर्याप्त करार दिया गया है।"टिप्पणियां
न्यायाधीश ने कहा कि बस में मौजूद शिकायतकर्ता (पीड़िता के पुरुष मित्र) की गवाही मामले में निष्कर्ष तक पहुंचने में 'महत्वपूर्ण' है।
इस मामले के छह आरोपियों में से एक ने दिल्ली की तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली, जबकि एक किशोर आरोपी को 31 दिसंबर को किशोर न्याय बोर्ड ने तीन वर्ष के लिए सुधार गृह भेज दिया। बोर्ड ने माना कि किशोर आरोपी को दुष्कर्म और हत्या में शामिल था।
पीड़िता के माता-पिता और भाई ने भी इसी तरह की भावना व्यक्त की। पीड़िता की मां ने कहा, "मैं सभी के लिए मौत की सजा चाहती हूं और केवल तभी मुझे शांति मिलेगी।"
चारों आरोपी, मुकेश, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर गिरफ्तार किए जाने के बाद से जेल में बंद हैं। जिस समय अदालत ने अपना फैसला सुनाया वे सभी अदालत में मौजूद थे।
अदालत का फैसला सुनने के बाद विनय शर्मा रोने लगा और मुकेश के माता-पिता भी रोने लगे।
अदालत ने कहा कि पीड़िता के शरीर में दोषियों ने उसे मार डालने की 'नीयत' से रॉड घुसेड़ा।
अदालत ने कहा, "सामूहिक दुष्कर्म के बाद रॉड घुसेड़ने और आंतरिक अंगों को बाहर खींचने को हत्या को अंजाम देने के रूप में ही देखा जा सकता है।"
237 पृष्ठों के अपने फैसले में अदालत ने कहा है कि 'क्रूरतापूर्ण तरीके' से घाव लगाए गए और मौत भी दुर्घटना से नहीं हुई है।
न्यायाधीश खन्ना ने कहा कि दोषियों के कारनामे की प्रकृति यह साबित करता है कि इनमें से कोई भी आवेश में नहीं था बल्कि 'स्पष्ट रूप से यह तथ्य स्थापित करता है इनका कारनामा पूर्वनियोजित था।'
जिस तरीके से राड का इस्तेमाल किया गया और पीड़िता के शरीर पर लगे घाव इस संभावना को बल देते हैं कि आरोपियों ने 'पीड़िता को काबू में करने के लिए' रॉड का इस्तेमाल किया। घाव के कारण क्रूर हमले के 13 दिनों बाद पीड़िता की मौत हो गई।
अदालत ने कहा, "पीड़िता की मौत दोषियों द्वारा लगाए गए घाव के कारण हुई। ऐसे घाव को चिकित्सकों द्वारा खतरनाक, चिकित्सा के लिए अत्यंत खराब और मौत के लिए पर्याप्त करार दिया गया है।"टिप्पणियां
न्यायाधीश ने कहा कि बस में मौजूद शिकायतकर्ता (पीड़िता के पुरुष मित्र) की गवाही मामले में निष्कर्ष तक पहुंचने में 'महत्वपूर्ण' है।
इस मामले के छह आरोपियों में से एक ने दिल्ली की तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली, जबकि एक किशोर आरोपी को 31 दिसंबर को किशोर न्याय बोर्ड ने तीन वर्ष के लिए सुधार गृह भेज दिया। बोर्ड ने माना कि किशोर आरोपी को दुष्कर्म और हत्या में शामिल था।
चारों आरोपी, मुकेश, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर गिरफ्तार किए जाने के बाद से जेल में बंद हैं। जिस समय अदालत ने अपना फैसला सुनाया वे सभी अदालत में मौजूद थे।
अदालत का फैसला सुनने के बाद विनय शर्मा रोने लगा और मुकेश के माता-पिता भी रोने लगे।
अदालत ने कहा कि पीड़िता के शरीर में दोषियों ने उसे मार डालने की 'नीयत' से रॉड घुसेड़ा।
अदालत ने कहा, "सामूहिक दुष्कर्म के बाद रॉड घुसेड़ने और आंतरिक अंगों को बाहर खींचने को हत्या को अंजाम देने के रूप में ही देखा जा सकता है।"
237 पृष्ठों के अपने फैसले में अदालत ने कहा है कि 'क्रूरतापूर्ण तरीके' से घाव लगाए गए और मौत भी दुर्घटना से नहीं हुई है।
न्यायाधीश खन्ना ने कहा कि दोषियों के कारनामे की प्रकृति यह साबित करता है कि इनमें से कोई भी आवेश में नहीं था बल्कि 'स्पष्ट रूप से यह तथ्य स्थापित करता है इनका कारनामा पूर्वनियोजित था।'
जिस तरीके से राड का इस्तेमाल किया गया और पीड़िता के शरीर पर लगे घाव इस संभावना को बल देते हैं कि आरोपियों ने 'पीड़िता को काबू में करने के लिए' रॉड का इस्तेमाल किया। घाव के कारण क्रूर हमले के 13 दिनों बाद पीड़िता की मौत हो गई।
अदालत ने कहा, "पीड़िता की मौत दोषियों द्वारा लगाए गए घाव के कारण हुई। ऐसे घाव को चिकित्सकों द्वारा खतरनाक, चिकित्सा के लिए अत्यंत खराब और मौत के लिए पर्याप्त करार दिया गया है।"टिप्पणियां
न्यायाधीश ने कहा कि बस में मौजूद शिकायतकर्ता (पीड़िता के पुरुष मित्र) की गवाही मामले में निष्कर्ष तक पहुंचने में 'महत्वपूर्ण' है।
इस मामले के छह आरोपियों में से एक ने दिल्ली की तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली, जबकि एक किशोर आरोपी को 31 दिसंबर को किशोर न्याय बोर्ड ने तीन वर्ष के लिए सुधार गृह भेज दिया। बोर्ड ने माना कि किशोर आरोपी को दुष्कर्म और हत्या में शामिल था।
अदालत का फैसला सुनने के बाद विनय शर्मा रोने लगा और मुकेश के माता-पिता भी रोने लगे।
अदालत ने कहा कि पीड़िता के शरीर में दोषियों ने उसे मार डालने की 'नीयत' से रॉड घुसेड़ा।
अदालत ने कहा, "सामूहिक दुष्कर्म के बाद रॉड घुसेड़ने और आंतरिक अंगों को बाहर खींचने को हत्या को अंजाम देने के रूप में ही देखा जा सकता है।"
237 पृष्ठों के अपने फैसले में अदालत ने कहा है कि 'क्रूरतापूर्ण तरीके' से घाव लगाए गए और मौत भी दुर्घटना से नहीं हुई है।
न्यायाधीश खन्ना ने कहा कि दोषियों के कारनामे की प्रकृति यह साबित करता है कि इनमें से कोई भी आवेश में नहीं था बल्कि 'स्पष्ट रूप से यह तथ्य स्थापित करता है इनका कारनामा पूर्वनियोजित था।'
जिस तरीके से राड का इस्तेमाल किया गया और पीड़िता के शरीर पर लगे घाव इस संभावना को बल देते हैं कि आरोपियों ने 'पीड़िता को काबू में करने के लिए' रॉड का इस्तेमाल किया। घाव के कारण क्रूर हमले के 13 दिनों बाद पीड़िता की मौत हो गई।
अदालत ने कहा, "पीड़िता की मौत दोषियों द्वारा लगाए गए घाव के कारण हुई। ऐसे घाव को चिकित्सकों द्वारा खतरनाक, चिकित्सा के लिए अत्यंत खराब और मौत के लिए पर्याप्त करार दिया गया है।"टिप्पणियां
न्यायाधीश ने कहा कि बस में मौजूद शिकायतकर्ता (पीड़िता के पुरुष मित्र) की गवाही मामले में निष्कर्ष तक पहुंचने में 'महत्वपूर्ण' है।
इस मामले के छह आरोपियों में से एक ने दिल्ली की तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली, जबकि एक किशोर आरोपी को 31 दिसंबर को किशोर न्याय बोर्ड ने तीन वर्ष के लिए सुधार गृह भेज दिया। बोर्ड ने माना कि किशोर आरोपी को दुष्कर्म और हत्या में शामिल था।
अदालत ने कहा कि पीड़िता के शरीर में दोषियों ने उसे मार डालने की 'नीयत' से रॉड घुसेड़ा।
अदालत ने कहा, "सामूहिक दुष्कर्म के बाद रॉड घुसेड़ने और आंतरिक अंगों को बाहर खींचने को हत्या को अंजाम देने के रूप में ही देखा जा सकता है।"
237 पृष्ठों के अपने फैसले में अदालत ने कहा है कि 'क्रूरतापूर्ण तरीके' से घाव लगाए गए और मौत भी दुर्घटना से नहीं हुई है।
न्यायाधीश खन्ना ने कहा कि दोषियों के कारनामे की प्रकृति यह साबित करता है कि इनमें से कोई भी आवेश में नहीं था बल्कि 'स्पष्ट रूप से यह तथ्य स्थापित करता है इनका कारनामा पूर्वनियोजित था।'
जिस तरीके से राड का इस्तेमाल किया गया और पीड़िता के शरीर पर लगे घाव इस संभावना को बल देते हैं कि आरोपियों ने 'पीड़िता को काबू में करने के लिए' रॉड का इस्तेमाल किया। घाव के कारण क्रूर हमले के 13 दिनों बाद पीड़िता की मौत हो गई।
अदालत ने कहा, "पीड़िता की मौत दोषियों द्वारा लगाए गए घाव के कारण हुई। ऐसे घाव को चिकित्सकों द्वारा खतरनाक, चिकित्सा के लिए अत्यंत खराब और मौत के लिए पर्याप्त करार दिया गया है।"टिप्पणियां
न्यायाधीश ने कहा कि बस में मौजूद शिकायतकर्ता (पीड़िता के पुरुष मित्र) की गवाही मामले में निष्कर्ष तक पहुंचने में 'महत्वपूर्ण' है।
इस मामले के छह आरोपियों में से एक ने दिल्ली की तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली, जबकि एक किशोर आरोपी को 31 दिसंबर को किशोर न्याय बोर्ड ने तीन वर्ष के लिए सुधार गृह भेज दिया। बोर्ड ने माना कि किशोर आरोपी को दुष्कर्म और हत्या में शामिल था।
अदालत ने कहा, "सामूहिक दुष्कर्म के बाद रॉड घुसेड़ने और आंतरिक अंगों को बाहर खींचने को हत्या को अंजाम देने के रूप में ही देखा जा सकता है।"
237 पृष्ठों के अपने फैसले में अदालत ने कहा है कि 'क्रूरतापूर्ण तरीके' से घाव लगाए गए और मौत भी दुर्घटना से नहीं हुई है।
न्यायाधीश खन्ना ने कहा कि दोषियों के कारनामे की प्रकृति यह साबित करता है कि इनमें से कोई भी आवेश में नहीं था बल्कि 'स्पष्ट रूप से यह तथ्य स्थापित करता है इनका कारनामा पूर्वनियोजित था।'
जिस तरीके से राड का इस्तेमाल किया गया और पीड़िता के शरीर पर लगे घाव इस संभावना को बल देते हैं कि आरोपियों ने 'पीड़िता को काबू में करने के लिए' रॉड का इस्तेमाल किया। घाव के कारण क्रूर हमले के 13 दिनों बाद पीड़िता की मौत हो गई।
अदालत ने कहा, "पीड़िता की मौत दोषियों द्वारा लगाए गए घाव के कारण हुई। ऐसे घाव को चिकित्सकों द्वारा खतरनाक, चिकित्सा के लिए अत्यंत खराब और मौत के लिए पर्याप्त करार दिया गया है।"टिप्पणियां
न्यायाधीश ने कहा कि बस में मौजूद शिकायतकर्ता (पीड़िता के पुरुष मित्र) की गवाही मामले में निष्कर्ष तक पहुंचने में 'महत्वपूर्ण' है।
इस मामले के छह आरोपियों में से एक ने दिल्ली की तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली, जबकि एक किशोर आरोपी को 31 दिसंबर को किशोर न्याय बोर्ड ने तीन वर्ष के लिए सुधार गृह भेज दिया। बोर्ड ने माना कि किशोर आरोपी को दुष्कर्म और हत्या में शामिल था।
237 पृष्ठों के अपने फैसले में अदालत ने कहा है कि 'क्रूरतापूर्ण तरीके' से घाव लगाए गए और मौत भी दुर्घटना से नहीं हुई है।
न्यायाधीश खन्ना ने कहा कि दोषियों के कारनामे की प्रकृति यह साबित करता है कि इनमें से कोई भी आवेश में नहीं था बल्कि 'स्पष्ट रूप से यह तथ्य स्थापित करता है इनका कारनामा पूर्वनियोजित था।'
जिस तरीके से राड का इस्तेमाल किया गया और पीड़िता के शरीर पर लगे घाव इस संभावना को बल देते हैं कि आरोपियों ने 'पीड़िता को काबू में करने के लिए' रॉड का इस्तेमाल किया। घाव के कारण क्रूर हमले के 13 दिनों बाद पीड़िता की मौत हो गई।
अदालत ने कहा, "पीड़िता की मौत दोषियों द्वारा लगाए गए घाव के कारण हुई। ऐसे घाव को चिकित्सकों द्वारा खतरनाक, चिकित्सा के लिए अत्यंत खराब और मौत के लिए पर्याप्त करार दिया गया है।"टिप्पणियां
न्यायाधीश ने कहा कि बस में मौजूद शिकायतकर्ता (पीड़िता के पुरुष मित्र) की गवाही मामले में निष्कर्ष तक पहुंचने में 'महत्वपूर्ण' है।
इस मामले के छह आरोपियों में से एक ने दिल्ली की तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली, जबकि एक किशोर आरोपी को 31 दिसंबर को किशोर न्याय बोर्ड ने तीन वर्ष के लिए सुधार गृह भेज दिया। बोर्ड ने माना कि किशोर आरोपी को दुष्कर्म और हत्या में शामिल था।
न्यायाधीश खन्ना ने कहा कि दोषियों के कारनामे की प्रकृति यह साबित करता है कि इनमें से कोई भी आवेश में नहीं था बल्कि 'स्पष्ट रूप से यह तथ्य स्थापित करता है इनका कारनामा पूर्वनियोजित था।'
जिस तरीके से राड का इस्तेमाल किया गया और पीड़िता के शरीर पर लगे घाव इस संभावना को बल देते हैं कि आरोपियों ने 'पीड़िता को काबू में करने के लिए' रॉड का इस्तेमाल किया। घाव के कारण क्रूर हमले के 13 दिनों बाद पीड़िता की मौत हो गई।
अदालत ने कहा, "पीड़िता की मौत दोषियों द्वारा लगाए गए घाव के कारण हुई। ऐसे घाव को चिकित्सकों द्वारा खतरनाक, चिकित्सा के लिए अत्यंत खराब और मौत के लिए पर्याप्त करार दिया गया है।"टिप्पणियां
न्यायाधीश ने कहा कि बस में मौजूद शिकायतकर्ता (पीड़िता के पुरुष मित्र) की गवाही मामले में निष्कर्ष तक पहुंचने में 'महत्वपूर्ण' है।
इस मामले के छह आरोपियों में से एक ने दिल्ली की तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली, जबकि एक किशोर आरोपी को 31 दिसंबर को किशोर न्याय बोर्ड ने तीन वर्ष के लिए सुधार गृह भेज दिया। बोर्ड ने माना कि किशोर आरोपी को दुष्कर्म और हत्या में शामिल था।
जिस तरीके से राड का इस्तेमाल किया गया और पीड़िता के शरीर पर लगे घाव इस संभावना को बल देते हैं कि आरोपियों ने 'पीड़िता को काबू में करने के लिए' रॉड का इस्तेमाल किया। घाव के कारण क्रूर हमले के 13 दिनों बाद पीड़िता की मौत हो गई।
अदालत ने कहा, "पीड़िता की मौत दोषियों द्वारा लगाए गए घाव के कारण हुई। ऐसे घाव को चिकित्सकों द्वारा खतरनाक, चिकित्सा के लिए अत्यंत खराब और मौत के लिए पर्याप्त करार दिया गया है।"टिप्पणियां
न्यायाधीश ने कहा कि बस में मौजूद शिकायतकर्ता (पीड़िता के पुरुष मित्र) की गवाही मामले में निष्कर्ष तक पहुंचने में 'महत्वपूर्ण' है।
इस मामले के छह आरोपियों में से एक ने दिल्ली की तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली, जबकि एक किशोर आरोपी को 31 दिसंबर को किशोर न्याय बोर्ड ने तीन वर्ष के लिए सुधार गृह भेज दिया। बोर्ड ने माना कि किशोर आरोपी को दुष्कर्म और हत्या में शामिल था।
अदालत ने कहा, "पीड़िता की मौत दोषियों द्वारा लगाए गए घाव के कारण हुई। ऐसे घाव को चिकित्सकों द्वारा खतरनाक, चिकित्सा के लिए अत्यंत खराब और मौत के लिए पर्याप्त करार दिया गया है।"टिप्पणियां
न्यायाधीश ने कहा कि बस में मौजूद शिकायतकर्ता (पीड़िता के पुरुष मित्र) की गवाही मामले में निष्कर्ष तक पहुंचने में 'महत्वपूर्ण' है।
इस मामले के छह आरोपियों में से एक ने दिल्ली की तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली, जबकि एक किशोर आरोपी को 31 दिसंबर को किशोर न्याय बोर्ड ने तीन वर्ष के लिए सुधार गृह भेज दिया। बोर्ड ने माना कि किशोर आरोपी को दुष्कर्म और हत्या में शामिल था।
न्यायाधीश ने कहा कि बस में मौजूद शिकायतकर्ता (पीड़िता के पुरुष मित्र) की गवाही मामले में निष्कर्ष तक पहुंचने में 'महत्वपूर्ण' है।
इस मामले के छह आरोपियों में से एक ने दिल्ली की तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली, जबकि एक किशोर आरोपी को 31 दिसंबर को किशोर न्याय बोर्ड ने तीन वर्ष के लिए सुधार गृह भेज दिया। बोर्ड ने माना कि किशोर आरोपी को दुष्कर्म और हत्या में शामिल था।
इस मामले के छह आरोपियों में से एक ने दिल्ली की तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली, जबकि एक किशोर आरोपी को 31 दिसंबर को किशोर न्याय बोर्ड ने तीन वर्ष के लिए सुधार गृह भेज दिया। बोर्ड ने माना कि किशोर आरोपी को दुष्कर्म और हत्या में शामिल था। | संक्षिप्त पाठ: देश को हिलाकर रख देने वाली दिल्ली दुष्कर्म की घटना पर यहां की एक त्वरित अदालत ने मंगलवार को अपने फैसले में चार लोगों को 23 वर्ष की प्रशिक्षु फीजियोथेरेपिस्ट के साथ क्रूरतापूर्वक दुष्कर्म करने का दोषी ठहराया। | 22 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: 1992 में पंजाब के छोटे से कस्बे में एयरफोर्स की चिठ्ठी का इंतजार कर रहे हैरी यानी शाहिद कपूर के साथ 'मौसम' की शुरुआत होती है। तभी कश्मीर से विस्थापित आयत यानी सोनम कपूर हैरी के कस्बे में पहुंचती है। थोड़ी आंख मिचौली के बाद हैरी आयत को चाहने लगता है जिसका एहसास आयत को भी है। लेकिन बाबरी मस्जिद गिरते ही दोनों प्रेमी बिछड़ जाते हैं और सात साल बाद स्कॉटलैंड में इनकी मुलाकात होती है। हैरी फाइटर पायलट बन चुका है और आयत म्यूज़िशियन। डायरेक्टर पंकज कपूर की 'मौसम' बताती है कि अयोध्या कांड, करगिल वॉर, 9/11 का हमला या गुजरात के दंगों के साथ जब-जब देश दुनिया में राजनीति का मौसम बदलता है तब-तब प्रेमियों की किस्मत पर चोट होती है लेकिन सच्चे प्रेमी दस साल एक-दूसरे का इंतजार करते हैं जो आज की जनरेशन को थोड़ा इमप्रेक्टिकल लग सकता है। फिल्म आगे बढ़ती है। पंजाब के हरे-भरे खेतों में मस्ती करते हैरी और उसके दोस्त, ताजगी भरे म्यूज़िक और गांव वालों के अच्छे कॉमिक मूमेन्ट्स के साथ। सोनम शाहिद की लव स्टोरी में कुछ कमाल के मूमेंट्स हैं। फर्स्ट हाफ ठीक है हालांकि इंटरवेल 1 घंटे 30 मिनट बाद हिट होता है। सेकेंड हाफ में कई शहरों में प्रेमियों के मिलने बिछुड़ने का सिलसिला फिर शुरू होता है जो खत्म होने का नाम नहीं लेता। शाहिद का एयरफोर्स अफेयर भी छोटा-सा है। इक्का दुक्का सीक्वेंस में वो फाइटर प्लेन उड़ाते हैं। बाकी जगह उन्हें पायलट दिखाने के लिए वर्दी पहना दी गई है। क्लाइमैक्स पर अपने हीरो बेटे को ग्लोरिफाय करने लिए पंकज कपूर ने शाहिद से ऐसे कारनामे करवाए जो यकीन से परे तो हैं ही साथ ही आर्ट और कमर्शियल सिनेमा जोड़ने की नाकाम कोशिश भी है। 2 घंटे 50 मिनट लंबी और स्लो फिल्म 'मौसम' ने मुझे थका दिया। कुदरत ने भी साल में तीन मौसम बनाए हैं जो 4− 4 महीने में चले जाते हैं लेकिन पंकज कपूर का एक ही 'मौसम' खत्म होने का नाम नहीं लेता। 'मौसम' के लिए मेरी रेटिंग है 2 स्टार। | संक्षिप्त पाठ: कश्मीर से विस्थापित आयत यानी सोनम कपूर हैरी के कस्बे में पहुंचती है। थोड़ी आंख मिचौली के बाद हैरी आयत को चाहने लगता है। | 22 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के कारण हाल के महीनों में चर्चा में रहा दूरसंचार क्षेत्र रीयल एस्टेट तथा निर्माण के बाद दूसरा सबसे भ्रष्ट क्षेत्र है। वैश्विक सलाहकार कंपनी केपीएमजी के सर्वे में यह बात कही गई है। सर्वे में कॉरपोरेट इंडिया को शामिल करते हुए यह भी कहा गया है कि बड़ी संख्या में कंपनियों का मानना है कि अगर भ्रष्टाचार पर काबू पा लिया जाए, तो हम सालाना 9 फीसद आर्थिक वृद्धि हासिल कर सकते हैं। कारपोरेट क्षेत्र ने यह भी माना है कि निजी क्षेत्र बड़े पैमाने पर रिश्वत और भाई-भतीजावाद के लिये काफी हद तक जिम्मेदार है। सर्वे में देश में परिवहन, नागर विमानन, तेल एवं गैस, उपभोक्ता वस्तुएं, वित्तीय सेवा, वाहन और रसायन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत 100 भारतीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियों को शामिल किया गया। सर्वे में 32 फीसद लोगों ने रीयल एस्टेट और निर्माण क्षेत्र को सबसे भ्रष्ट माना। दूसरे स्थान पर दूरसंचार क्षेत्र रहा। कुल 17 फीसद लोगों ने इसे सर्वाधिक भ्रष्ट क्षेत्र बताया। 2जी घोटाले के कारण दूरसंचार क्षेत्र इन दिनों चर्चा में है। भ्रष्टाचार के मामले में केपीएमजी सर्वे में शिक्षा और गरीबी उन्मूलन जैसे विकास से संबद्ध क्षेत्र तीसरे स्थान पर रहा। कुल 13 फीसद लोगों ने इसे सर्वाधिक भ्रष्ट बताया। सर्वे में दस फीसद लोगों ने बैंकिंग और बीमा क्षेत्र को, जबकि 9 फीसद ने रक्षा क्षेत्र को भ्रष्ट बताया। आईटी, आईटी संबद्ध और बीपीओ सेवा को भ्रष्ट बताने वालों की संख्या 6 फीसद तथा ऊर्जा एवं बिजली क्षेत्र को भ्रष्ट बताने वालों की संख्या 5 फीसद रही। ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल इंडिया की कार्यकारी निदेशक अनुपमा झा ने सर्वे जारी करते हुए कहा, यह सर्वे बताता है कि कंपनियां भ्रष्टाचार का शिकार होने का दावा नहीं कर सकतीं। वे भी इसके लिये जिम्मेदार हैं। सर्वे के मुताबिक 51 फीसद लोगों ने आशंका जतायी है कि भ्रष्टाचार बढ़ने से विदेशी निवेश प्रभावित होगा वहीं 90 फीसद का मानना है कि भ्रष्टाचार से शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव आएगा। इससे निवेशक देश में आने से कतराएंगे। सर्वे में 99 फीसद लोगों का मानना था कि भ्रष्टाचार के कारण व्यापार का समान अवसर घटता है। केपीएमजी इंडिया के कार्यकारी निदेशक :फोरेंसिंक सर्विसेज: रोहित महाजन ने कहा, 68 फीसद लोगों का मानना था कि भ्रष्टाचार के लिये निजी क्षेत्र भी जिम्मेदार है। सर्वे में 84 फीसद कारपोरेट क्षेत्र ने माना कि सरकार भ्रष्टाचार निरोधक नियमों का प्रभावी तरीके से पालन नहीं कर रही है। | बड़ी संख्या में कंपनियों का मानना है कि अगर भ्रष्टाचार पर काबू पा लिया जाए, तो हम सालाना 9 फीसद आर्थिक वृद्धि हासिल कर सकते हैं। | 28 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: निर्यातकों की डॉलर बिकवाली से रुपया आज शुरुआती कारोबार में चार पैसे की बढ़त के साथ 54.43 अंक पर खुला।
कारोबारियों के अनुसार, अमेरिकी करेंसी के मुकाबले यूरो के मजबूत होने से भी रुपये की धारणा पर असर पड़ा।टिप्पणियां
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया गुरुवार को 40 पैसे की गिरावट के साथ एक माह के निम्न स्तर 54.47 पर बंद हुआ था।
इधर, बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 25.83 अंक की गिरावट के साथ 19,299.53 अंक पर खुला।
कारोबारियों के अनुसार, अमेरिकी करेंसी के मुकाबले यूरो के मजबूत होने से भी रुपये की धारणा पर असर पड़ा।टिप्पणियां
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया गुरुवार को 40 पैसे की गिरावट के साथ एक माह के निम्न स्तर 54.47 पर बंद हुआ था।
इधर, बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 25.83 अंक की गिरावट के साथ 19,299.53 अंक पर खुला।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया गुरुवार को 40 पैसे की गिरावट के साथ एक माह के निम्न स्तर 54.47 पर बंद हुआ था।
इधर, बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 25.83 अंक की गिरावट के साथ 19,299.53 अंक पर खुला।
इधर, बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 25.83 अंक की गिरावट के साथ 19,299.53 अंक पर खुला। | संक्षिप्त सारांश: निर्यातकों की डॉलर बिकवाली से रुपया आज शुरुआती कारोबार में चार पैसे की बढ़त के साथ 54.43 अंक पर खुला। | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कर्नाटक विधानसभा में मोबाइल पर अश्लील वीडियो देखने के मामले में मंत्री की कुर्सी गंवाने के बाद लक्ष्मण सावदी ने अपने चुनाव क्षेत्र अठनी की बिजली काटने के आदेश दे डाले। सावदी नहीं चाहते कि उनके विधानसभा क्षेत्र के लोग टीवी चैनलों पर चल रही उनकी खबर देखें। हालांकि देर रात वहां बिजली तो बहाल हो गई, लेकिन इसके बाद केबल ऑपरेटरों ने अपनी लाइट काट दी।
यही नहीं, यह भी खबर है कि उन्होंने अपने चुनाव क्षेत्र में अखबार नहीं आने देने का आदेश भी दिया। कल वहां किसी भी भाषा का कोई अखबार नहीं पहुंचा। इसके अलावा उनके समर्थकों ने शहर में लगे इनके तमाम पोस्टर रातों-रात हटा दिए, क्योंकि उन्हें डर था कि लोग सावदी का अपमान कर सकते हैं।टिप्पणियां
गौरतलब है कि विधानसभा में मोबाइल पर अश्लील वीडियो देखने को लेकर इस्तीफा देने वाले कर्नाटक के तीनों मंत्रियों लक्ष्मण सावदी, सीसी पाटिल और कृष्णा पालेमर पर सदन की कार्यवाही में भाग लेने पर रोक लगा दी गई है। विधानसभा अध्यक्ष केजी बोपैया ने सदन की जांच समिति की रिपोर्ट आने तक यह रोक लगाई है।
समिति को 12 मार्च तक अपनी रिपोर्ट देनी है। साथ ही स्पीकर ने इन तीनों से 13 फरवरी तक इस मामले में सफाई भी मांगी है। इसके बाद तीनों के जवाब प्रस्तावित जांच समिति के सामने रखे जाएंगे। छह सदस्यों वाली जांच समिति में बीजेपी, कांग्रेस और जेडीयू के दो−दो सदस्य होंगे।
यही नहीं, यह भी खबर है कि उन्होंने अपने चुनाव क्षेत्र में अखबार नहीं आने देने का आदेश भी दिया। कल वहां किसी भी भाषा का कोई अखबार नहीं पहुंचा। इसके अलावा उनके समर्थकों ने शहर में लगे इनके तमाम पोस्टर रातों-रात हटा दिए, क्योंकि उन्हें डर था कि लोग सावदी का अपमान कर सकते हैं।टिप्पणियां
गौरतलब है कि विधानसभा में मोबाइल पर अश्लील वीडियो देखने को लेकर इस्तीफा देने वाले कर्नाटक के तीनों मंत्रियों लक्ष्मण सावदी, सीसी पाटिल और कृष्णा पालेमर पर सदन की कार्यवाही में भाग लेने पर रोक लगा दी गई है। विधानसभा अध्यक्ष केजी बोपैया ने सदन की जांच समिति की रिपोर्ट आने तक यह रोक लगाई है।
समिति को 12 मार्च तक अपनी रिपोर्ट देनी है। साथ ही स्पीकर ने इन तीनों से 13 फरवरी तक इस मामले में सफाई भी मांगी है। इसके बाद तीनों के जवाब प्रस्तावित जांच समिति के सामने रखे जाएंगे। छह सदस्यों वाली जांच समिति में बीजेपी, कांग्रेस और जेडीयू के दो−दो सदस्य होंगे।
गौरतलब है कि विधानसभा में मोबाइल पर अश्लील वीडियो देखने को लेकर इस्तीफा देने वाले कर्नाटक के तीनों मंत्रियों लक्ष्मण सावदी, सीसी पाटिल और कृष्णा पालेमर पर सदन की कार्यवाही में भाग लेने पर रोक लगा दी गई है। विधानसभा अध्यक्ष केजी बोपैया ने सदन की जांच समिति की रिपोर्ट आने तक यह रोक लगाई है।
समिति को 12 मार्च तक अपनी रिपोर्ट देनी है। साथ ही स्पीकर ने इन तीनों से 13 फरवरी तक इस मामले में सफाई भी मांगी है। इसके बाद तीनों के जवाब प्रस्तावित जांच समिति के सामने रखे जाएंगे। छह सदस्यों वाली जांच समिति में बीजेपी, कांग्रेस और जेडीयू के दो−दो सदस्य होंगे।
समिति को 12 मार्च तक अपनी रिपोर्ट देनी है। साथ ही स्पीकर ने इन तीनों से 13 फरवरी तक इस मामले में सफाई भी मांगी है। इसके बाद तीनों के जवाब प्रस्तावित जांच समिति के सामने रखे जाएंगे। छह सदस्यों वाली जांच समिति में बीजेपी, कांग्रेस और जेडीयू के दो−दो सदस्य होंगे। | संक्षिप्त सारांश: कर्नाटक विधानसभा में मोबाइल पर अश्लील वीडियो देखने के मामले में मंत्री पद गंवाने के बाद लक्ष्मण सावदी ने अपने चुनाव क्षेत्र की बिजली काटने के आदेश दे डाले। | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दक्षिण अफ्रीका बड़े टूर्नामेंटों में दबाव के आगे घुटने टेकने वाले ‘चोकर्स’ का ठप्पा हटाने के लिए आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी सेमीफाइनल में बुधवार को इंग्लैंड को हराने की हरसंभव कोशिश करेगा।
इंग्लैंड ग्रुप (ए) में शीर्ष पर है और सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका से खेलेगा। इससे पूर्व श्रीलंका ने ऑस्ट्रेलिया को 20 रन से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया।
ग्रुप (ए) में दूसरे स्थान पर रही श्रीलंकाई टीम मौजूदा विश्व चैम्पियन और ग्रुप (बी) की शीर्ष टीम भारत से गुरुवार को कार्डिफ में दूसरा सेमीफाइनल खेलेगी।
दक्षिण अफ्रीका ने बेहतर रनरेट के आधार पर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इससे पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ उसका वष्राबाधित ग्रुप बी का मैच टाई हो गया था।
दक्षिण अफ्रीका ने एकमात्र आईसीसी खिताब 1998 में जीता है जब वह पहली चैम्पियंस ट्रॉफी में चैम्पियन रहा था। उस समय इसे आईसीसी नाकआउट ट्रॉफी कहा जाता था।
इसके बाद से दक्षिण अफ्रीका किसी बड़े टूर्नामेंट में सेमीफाइनल से आगे नहीं पहुंचा है. लेकिन बुधवार को एबी डिविलियर्स की अगुवाई वाली टीम यह कलंक धोना चाहेगी।
टूर्नामेंट के ग्रुप चरण में दक्षिण अफ्रीका को पहले मैच में भारत ने हराया। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने पाकिस्तान पर जीत दर्ज की जबकि वेस्टइंडीज के खिलाफ उसका आखिरी मैच टाई रहा।
आखिरी मैच में तेज गेंदबाज डेल स्टेन की टीम में वापसी से उसका गेंदबाजी आक्रमण मजबूत हुआ है। उसने वेस्टइंडीज के खिलाफ 33 रन देकर दो विकेट चटकाए।
स्टेन के अलावा दक्षिण अफ्रीका के पास मध्यम तेज गेंदबाज रियान मैकलारेन भी है, जिसने पाकिस्तान के खिलाफ चार विकेट लिए थे। क्रिस मौरिस, लोंवाबो सोटसोबे और स्पिनर राबिन पीटरसन भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। बल्लेबाजी में हाशिम अमला का फार्म दक्षिण अफ्रीका के लिए काफी अहम होगा। उन्हें पारी के सूत्रधार की भूमिका निभानी होगी ।
कोलिन इंगराम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 83 गेंद में 73 रन बनाए। डिविलियर्स, फाफ डु प्लेसिस, जेपी डुमिनी और डेविड मिलर भी अपने दम पर मैच का नक्शा बदलने का दम रखते हैं। दूसरी ओर इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को वर्षाबाधित मैच में दस रन से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
अपने घरेलू दर्शकों के सामने इंग्लैंड का मनोबल बढ़ा होगा, जिसे दक्षिण अफ्रीका पर मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल होगी। पिछले दो मैचों में 269 और 293 रन बनाने वाले इंग्लैंड के बल्लेबाज शानदार फार्म में लग रहे हैं।टिप्पणियां
इंग्लैंड के शीषर्क्रम में कप्तान एलेस्टेयर कुक, इयान बेल, जोनाथन ट्राट, जो रूट और रवि बोपारा ने रन बनाए हैं। मेजबान टीम भी यदि बड़ा स्कोर बनाती है तो कोई हैरानी की बात नहीं होगी।
इंग्लैंड के लिए चिंता का सबब उसकी गेंदबाजी है। पाकिस्तान के बाद इंग्लैंड का गेंदबाजी आक्रमण सबसे उम्दा माना जा रहा था, लेकिन श्रीलंका के खिलाफ वे औसत साबित हुए। स्टुअर्ट ब्राड, जेम्स एंडरसन और टिम ब्रेसनन ने विकेट लिए लेकिन काफी रन भी दिए।
इंग्लैंड ग्रुप (ए) में शीर्ष पर है और सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका से खेलेगा। इससे पूर्व श्रीलंका ने ऑस्ट्रेलिया को 20 रन से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया।
ग्रुप (ए) में दूसरे स्थान पर रही श्रीलंकाई टीम मौजूदा विश्व चैम्पियन और ग्रुप (बी) की शीर्ष टीम भारत से गुरुवार को कार्डिफ में दूसरा सेमीफाइनल खेलेगी।
दक्षिण अफ्रीका ने बेहतर रनरेट के आधार पर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इससे पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ उसका वष्राबाधित ग्रुप बी का मैच टाई हो गया था।
दक्षिण अफ्रीका ने एकमात्र आईसीसी खिताब 1998 में जीता है जब वह पहली चैम्पियंस ट्रॉफी में चैम्पियन रहा था। उस समय इसे आईसीसी नाकआउट ट्रॉफी कहा जाता था।
इसके बाद से दक्षिण अफ्रीका किसी बड़े टूर्नामेंट में सेमीफाइनल से आगे नहीं पहुंचा है. लेकिन बुधवार को एबी डिविलियर्स की अगुवाई वाली टीम यह कलंक धोना चाहेगी।
टूर्नामेंट के ग्रुप चरण में दक्षिण अफ्रीका को पहले मैच में भारत ने हराया। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने पाकिस्तान पर जीत दर्ज की जबकि वेस्टइंडीज के खिलाफ उसका आखिरी मैच टाई रहा।
आखिरी मैच में तेज गेंदबाज डेल स्टेन की टीम में वापसी से उसका गेंदबाजी आक्रमण मजबूत हुआ है। उसने वेस्टइंडीज के खिलाफ 33 रन देकर दो विकेट चटकाए।
स्टेन के अलावा दक्षिण अफ्रीका के पास मध्यम तेज गेंदबाज रियान मैकलारेन भी है, जिसने पाकिस्तान के खिलाफ चार विकेट लिए थे। क्रिस मौरिस, लोंवाबो सोटसोबे और स्पिनर राबिन पीटरसन भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। बल्लेबाजी में हाशिम अमला का फार्म दक्षिण अफ्रीका के लिए काफी अहम होगा। उन्हें पारी के सूत्रधार की भूमिका निभानी होगी ।
कोलिन इंगराम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 83 गेंद में 73 रन बनाए। डिविलियर्स, फाफ डु प्लेसिस, जेपी डुमिनी और डेविड मिलर भी अपने दम पर मैच का नक्शा बदलने का दम रखते हैं। दूसरी ओर इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को वर्षाबाधित मैच में दस रन से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
अपने घरेलू दर्शकों के सामने इंग्लैंड का मनोबल बढ़ा होगा, जिसे दक्षिण अफ्रीका पर मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल होगी। पिछले दो मैचों में 269 और 293 रन बनाने वाले इंग्लैंड के बल्लेबाज शानदार फार्म में लग रहे हैं।टिप्पणियां
इंग्लैंड के शीषर्क्रम में कप्तान एलेस्टेयर कुक, इयान बेल, जोनाथन ट्राट, जो रूट और रवि बोपारा ने रन बनाए हैं। मेजबान टीम भी यदि बड़ा स्कोर बनाती है तो कोई हैरानी की बात नहीं होगी।
इंग्लैंड के लिए चिंता का सबब उसकी गेंदबाजी है। पाकिस्तान के बाद इंग्लैंड का गेंदबाजी आक्रमण सबसे उम्दा माना जा रहा था, लेकिन श्रीलंका के खिलाफ वे औसत साबित हुए। स्टुअर्ट ब्राड, जेम्स एंडरसन और टिम ब्रेसनन ने विकेट लिए लेकिन काफी रन भी दिए।
ग्रुप (ए) में दूसरे स्थान पर रही श्रीलंकाई टीम मौजूदा विश्व चैम्पियन और ग्रुप (बी) की शीर्ष टीम भारत से गुरुवार को कार्डिफ में दूसरा सेमीफाइनल खेलेगी।
दक्षिण अफ्रीका ने बेहतर रनरेट के आधार पर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इससे पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ उसका वष्राबाधित ग्रुप बी का मैच टाई हो गया था।
दक्षिण अफ्रीका ने एकमात्र आईसीसी खिताब 1998 में जीता है जब वह पहली चैम्पियंस ट्रॉफी में चैम्पियन रहा था। उस समय इसे आईसीसी नाकआउट ट्रॉफी कहा जाता था।
इसके बाद से दक्षिण अफ्रीका किसी बड़े टूर्नामेंट में सेमीफाइनल से आगे नहीं पहुंचा है. लेकिन बुधवार को एबी डिविलियर्स की अगुवाई वाली टीम यह कलंक धोना चाहेगी।
टूर्नामेंट के ग्रुप चरण में दक्षिण अफ्रीका को पहले मैच में भारत ने हराया। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने पाकिस्तान पर जीत दर्ज की जबकि वेस्टइंडीज के खिलाफ उसका आखिरी मैच टाई रहा।
आखिरी मैच में तेज गेंदबाज डेल स्टेन की टीम में वापसी से उसका गेंदबाजी आक्रमण मजबूत हुआ है। उसने वेस्टइंडीज के खिलाफ 33 रन देकर दो विकेट चटकाए।
स्टेन के अलावा दक्षिण अफ्रीका के पास मध्यम तेज गेंदबाज रियान मैकलारेन भी है, जिसने पाकिस्तान के खिलाफ चार विकेट लिए थे। क्रिस मौरिस, लोंवाबो सोटसोबे और स्पिनर राबिन पीटरसन भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। बल्लेबाजी में हाशिम अमला का फार्म दक्षिण अफ्रीका के लिए काफी अहम होगा। उन्हें पारी के सूत्रधार की भूमिका निभानी होगी ।
कोलिन इंगराम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 83 गेंद में 73 रन बनाए। डिविलियर्स, फाफ डु प्लेसिस, जेपी डुमिनी और डेविड मिलर भी अपने दम पर मैच का नक्शा बदलने का दम रखते हैं। दूसरी ओर इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को वर्षाबाधित मैच में दस रन से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
अपने घरेलू दर्शकों के सामने इंग्लैंड का मनोबल बढ़ा होगा, जिसे दक्षिण अफ्रीका पर मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल होगी। पिछले दो मैचों में 269 और 293 रन बनाने वाले इंग्लैंड के बल्लेबाज शानदार फार्म में लग रहे हैं।टिप्पणियां
इंग्लैंड के शीषर्क्रम में कप्तान एलेस्टेयर कुक, इयान बेल, जोनाथन ट्राट, जो रूट और रवि बोपारा ने रन बनाए हैं। मेजबान टीम भी यदि बड़ा स्कोर बनाती है तो कोई हैरानी की बात नहीं होगी।
इंग्लैंड के लिए चिंता का सबब उसकी गेंदबाजी है। पाकिस्तान के बाद इंग्लैंड का गेंदबाजी आक्रमण सबसे उम्दा माना जा रहा था, लेकिन श्रीलंका के खिलाफ वे औसत साबित हुए। स्टुअर्ट ब्राड, जेम्स एंडरसन और टिम ब्रेसनन ने विकेट लिए लेकिन काफी रन भी दिए।
दक्षिण अफ्रीका ने बेहतर रनरेट के आधार पर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इससे पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ उसका वष्राबाधित ग्रुप बी का मैच टाई हो गया था।
दक्षिण अफ्रीका ने एकमात्र आईसीसी खिताब 1998 में जीता है जब वह पहली चैम्पियंस ट्रॉफी में चैम्पियन रहा था। उस समय इसे आईसीसी नाकआउट ट्रॉफी कहा जाता था।
इसके बाद से दक्षिण अफ्रीका किसी बड़े टूर्नामेंट में सेमीफाइनल से आगे नहीं पहुंचा है. लेकिन बुधवार को एबी डिविलियर्स की अगुवाई वाली टीम यह कलंक धोना चाहेगी।
टूर्नामेंट के ग्रुप चरण में दक्षिण अफ्रीका को पहले मैच में भारत ने हराया। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने पाकिस्तान पर जीत दर्ज की जबकि वेस्टइंडीज के खिलाफ उसका आखिरी मैच टाई रहा।
आखिरी मैच में तेज गेंदबाज डेल स्टेन की टीम में वापसी से उसका गेंदबाजी आक्रमण मजबूत हुआ है। उसने वेस्टइंडीज के खिलाफ 33 रन देकर दो विकेट चटकाए।
स्टेन के अलावा दक्षिण अफ्रीका के पास मध्यम तेज गेंदबाज रियान मैकलारेन भी है, जिसने पाकिस्तान के खिलाफ चार विकेट लिए थे। क्रिस मौरिस, लोंवाबो सोटसोबे और स्पिनर राबिन पीटरसन भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। बल्लेबाजी में हाशिम अमला का फार्म दक्षिण अफ्रीका के लिए काफी अहम होगा। उन्हें पारी के सूत्रधार की भूमिका निभानी होगी ।
कोलिन इंगराम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 83 गेंद में 73 रन बनाए। डिविलियर्स, फाफ डु प्लेसिस, जेपी डुमिनी और डेविड मिलर भी अपने दम पर मैच का नक्शा बदलने का दम रखते हैं। दूसरी ओर इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को वर्षाबाधित मैच में दस रन से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
अपने घरेलू दर्शकों के सामने इंग्लैंड का मनोबल बढ़ा होगा, जिसे दक्षिण अफ्रीका पर मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल होगी। पिछले दो मैचों में 269 और 293 रन बनाने वाले इंग्लैंड के बल्लेबाज शानदार फार्म में लग रहे हैं।टिप्पणियां
इंग्लैंड के शीषर्क्रम में कप्तान एलेस्टेयर कुक, इयान बेल, जोनाथन ट्राट, जो रूट और रवि बोपारा ने रन बनाए हैं। मेजबान टीम भी यदि बड़ा स्कोर बनाती है तो कोई हैरानी की बात नहीं होगी।
इंग्लैंड के लिए चिंता का सबब उसकी गेंदबाजी है। पाकिस्तान के बाद इंग्लैंड का गेंदबाजी आक्रमण सबसे उम्दा माना जा रहा था, लेकिन श्रीलंका के खिलाफ वे औसत साबित हुए। स्टुअर्ट ब्राड, जेम्स एंडरसन और टिम ब्रेसनन ने विकेट लिए लेकिन काफी रन भी दिए।
दक्षिण अफ्रीका ने एकमात्र आईसीसी खिताब 1998 में जीता है जब वह पहली चैम्पियंस ट्रॉफी में चैम्पियन रहा था। उस समय इसे आईसीसी नाकआउट ट्रॉफी कहा जाता था।
इसके बाद से दक्षिण अफ्रीका किसी बड़े टूर्नामेंट में सेमीफाइनल से आगे नहीं पहुंचा है. लेकिन बुधवार को एबी डिविलियर्स की अगुवाई वाली टीम यह कलंक धोना चाहेगी।
टूर्नामेंट के ग्रुप चरण में दक्षिण अफ्रीका को पहले मैच में भारत ने हराया। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने पाकिस्तान पर जीत दर्ज की जबकि वेस्टइंडीज के खिलाफ उसका आखिरी मैच टाई रहा।
आखिरी मैच में तेज गेंदबाज डेल स्टेन की टीम में वापसी से उसका गेंदबाजी आक्रमण मजबूत हुआ है। उसने वेस्टइंडीज के खिलाफ 33 रन देकर दो विकेट चटकाए।
स्टेन के अलावा दक्षिण अफ्रीका के पास मध्यम तेज गेंदबाज रियान मैकलारेन भी है, जिसने पाकिस्तान के खिलाफ चार विकेट लिए थे। क्रिस मौरिस, लोंवाबो सोटसोबे और स्पिनर राबिन पीटरसन भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। बल्लेबाजी में हाशिम अमला का फार्म दक्षिण अफ्रीका के लिए काफी अहम होगा। उन्हें पारी के सूत्रधार की भूमिका निभानी होगी ।
कोलिन इंगराम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 83 गेंद में 73 रन बनाए। डिविलियर्स, फाफ डु प्लेसिस, जेपी डुमिनी और डेविड मिलर भी अपने दम पर मैच का नक्शा बदलने का दम रखते हैं। दूसरी ओर इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को वर्षाबाधित मैच में दस रन से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
अपने घरेलू दर्शकों के सामने इंग्लैंड का मनोबल बढ़ा होगा, जिसे दक्षिण अफ्रीका पर मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल होगी। पिछले दो मैचों में 269 और 293 रन बनाने वाले इंग्लैंड के बल्लेबाज शानदार फार्म में लग रहे हैं।टिप्पणियां
इंग्लैंड के शीषर्क्रम में कप्तान एलेस्टेयर कुक, इयान बेल, जोनाथन ट्राट, जो रूट और रवि बोपारा ने रन बनाए हैं। मेजबान टीम भी यदि बड़ा स्कोर बनाती है तो कोई हैरानी की बात नहीं होगी।
इंग्लैंड के लिए चिंता का सबब उसकी गेंदबाजी है। पाकिस्तान के बाद इंग्लैंड का गेंदबाजी आक्रमण सबसे उम्दा माना जा रहा था, लेकिन श्रीलंका के खिलाफ वे औसत साबित हुए। स्टुअर्ट ब्राड, जेम्स एंडरसन और टिम ब्रेसनन ने विकेट लिए लेकिन काफी रन भी दिए।
इसके बाद से दक्षिण अफ्रीका किसी बड़े टूर्नामेंट में सेमीफाइनल से आगे नहीं पहुंचा है. लेकिन बुधवार को एबी डिविलियर्स की अगुवाई वाली टीम यह कलंक धोना चाहेगी।
टूर्नामेंट के ग्रुप चरण में दक्षिण अफ्रीका को पहले मैच में भारत ने हराया। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने पाकिस्तान पर जीत दर्ज की जबकि वेस्टइंडीज के खिलाफ उसका आखिरी मैच टाई रहा।
आखिरी मैच में तेज गेंदबाज डेल स्टेन की टीम में वापसी से उसका गेंदबाजी आक्रमण मजबूत हुआ है। उसने वेस्टइंडीज के खिलाफ 33 रन देकर दो विकेट चटकाए।
स्टेन के अलावा दक्षिण अफ्रीका के पास मध्यम तेज गेंदबाज रियान मैकलारेन भी है, जिसने पाकिस्तान के खिलाफ चार विकेट लिए थे। क्रिस मौरिस, लोंवाबो सोटसोबे और स्पिनर राबिन पीटरसन भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। बल्लेबाजी में हाशिम अमला का फार्म दक्षिण अफ्रीका के लिए काफी अहम होगा। उन्हें पारी के सूत्रधार की भूमिका निभानी होगी ।
कोलिन इंगराम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 83 गेंद में 73 रन बनाए। डिविलियर्स, फाफ डु प्लेसिस, जेपी डुमिनी और डेविड मिलर भी अपने दम पर मैच का नक्शा बदलने का दम रखते हैं। दूसरी ओर इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को वर्षाबाधित मैच में दस रन से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
अपने घरेलू दर्शकों के सामने इंग्लैंड का मनोबल बढ़ा होगा, जिसे दक्षिण अफ्रीका पर मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल होगी। पिछले दो मैचों में 269 और 293 रन बनाने वाले इंग्लैंड के बल्लेबाज शानदार फार्म में लग रहे हैं।टिप्पणियां
इंग्लैंड के शीषर्क्रम में कप्तान एलेस्टेयर कुक, इयान बेल, जोनाथन ट्राट, जो रूट और रवि बोपारा ने रन बनाए हैं। मेजबान टीम भी यदि बड़ा स्कोर बनाती है तो कोई हैरानी की बात नहीं होगी।
इंग्लैंड के लिए चिंता का सबब उसकी गेंदबाजी है। पाकिस्तान के बाद इंग्लैंड का गेंदबाजी आक्रमण सबसे उम्दा माना जा रहा था, लेकिन श्रीलंका के खिलाफ वे औसत साबित हुए। स्टुअर्ट ब्राड, जेम्स एंडरसन और टिम ब्रेसनन ने विकेट लिए लेकिन काफी रन भी दिए।
टूर्नामेंट के ग्रुप चरण में दक्षिण अफ्रीका को पहले मैच में भारत ने हराया। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने पाकिस्तान पर जीत दर्ज की जबकि वेस्टइंडीज के खिलाफ उसका आखिरी मैच टाई रहा।
आखिरी मैच में तेज गेंदबाज डेल स्टेन की टीम में वापसी से उसका गेंदबाजी आक्रमण मजबूत हुआ है। उसने वेस्टइंडीज के खिलाफ 33 रन देकर दो विकेट चटकाए।
स्टेन के अलावा दक्षिण अफ्रीका के पास मध्यम तेज गेंदबाज रियान मैकलारेन भी है, जिसने पाकिस्तान के खिलाफ चार विकेट लिए थे। क्रिस मौरिस, लोंवाबो सोटसोबे और स्पिनर राबिन पीटरसन भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। बल्लेबाजी में हाशिम अमला का फार्म दक्षिण अफ्रीका के लिए काफी अहम होगा। उन्हें पारी के सूत्रधार की भूमिका निभानी होगी ।
कोलिन इंगराम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 83 गेंद में 73 रन बनाए। डिविलियर्स, फाफ डु प्लेसिस, जेपी डुमिनी और डेविड मिलर भी अपने दम पर मैच का नक्शा बदलने का दम रखते हैं। दूसरी ओर इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को वर्षाबाधित मैच में दस रन से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
अपने घरेलू दर्शकों के सामने इंग्लैंड का मनोबल बढ़ा होगा, जिसे दक्षिण अफ्रीका पर मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल होगी। पिछले दो मैचों में 269 और 293 रन बनाने वाले इंग्लैंड के बल्लेबाज शानदार फार्म में लग रहे हैं।टिप्पणियां
इंग्लैंड के शीषर्क्रम में कप्तान एलेस्टेयर कुक, इयान बेल, जोनाथन ट्राट, जो रूट और रवि बोपारा ने रन बनाए हैं। मेजबान टीम भी यदि बड़ा स्कोर बनाती है तो कोई हैरानी की बात नहीं होगी।
इंग्लैंड के लिए चिंता का सबब उसकी गेंदबाजी है। पाकिस्तान के बाद इंग्लैंड का गेंदबाजी आक्रमण सबसे उम्दा माना जा रहा था, लेकिन श्रीलंका के खिलाफ वे औसत साबित हुए। स्टुअर्ट ब्राड, जेम्स एंडरसन और टिम ब्रेसनन ने विकेट लिए लेकिन काफी रन भी दिए।
आखिरी मैच में तेज गेंदबाज डेल स्टेन की टीम में वापसी से उसका गेंदबाजी आक्रमण मजबूत हुआ है। उसने वेस्टइंडीज के खिलाफ 33 रन देकर दो विकेट चटकाए।
स्टेन के अलावा दक्षिण अफ्रीका के पास मध्यम तेज गेंदबाज रियान मैकलारेन भी है, जिसने पाकिस्तान के खिलाफ चार विकेट लिए थे। क्रिस मौरिस, लोंवाबो सोटसोबे और स्पिनर राबिन पीटरसन भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। बल्लेबाजी में हाशिम अमला का फार्म दक्षिण अफ्रीका के लिए काफी अहम होगा। उन्हें पारी के सूत्रधार की भूमिका निभानी होगी ।
कोलिन इंगराम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 83 गेंद में 73 रन बनाए। डिविलियर्स, फाफ डु प्लेसिस, जेपी डुमिनी और डेविड मिलर भी अपने दम पर मैच का नक्शा बदलने का दम रखते हैं। दूसरी ओर इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को वर्षाबाधित मैच में दस रन से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
अपने घरेलू दर्शकों के सामने इंग्लैंड का मनोबल बढ़ा होगा, जिसे दक्षिण अफ्रीका पर मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल होगी। पिछले दो मैचों में 269 और 293 रन बनाने वाले इंग्लैंड के बल्लेबाज शानदार फार्म में लग रहे हैं।टिप्पणियां
इंग्लैंड के शीषर्क्रम में कप्तान एलेस्टेयर कुक, इयान बेल, जोनाथन ट्राट, जो रूट और रवि बोपारा ने रन बनाए हैं। मेजबान टीम भी यदि बड़ा स्कोर बनाती है तो कोई हैरानी की बात नहीं होगी।
इंग्लैंड के लिए चिंता का सबब उसकी गेंदबाजी है। पाकिस्तान के बाद इंग्लैंड का गेंदबाजी आक्रमण सबसे उम्दा माना जा रहा था, लेकिन श्रीलंका के खिलाफ वे औसत साबित हुए। स्टुअर्ट ब्राड, जेम्स एंडरसन और टिम ब्रेसनन ने विकेट लिए लेकिन काफी रन भी दिए।
कोलिन इंगराम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 83 गेंद में 73 रन बनाए। डिविलियर्स, फाफ डु प्लेसिस, जेपी डुमिनी और डेविड मिलर भी अपने दम पर मैच का नक्शा बदलने का दम रखते हैं। दूसरी ओर इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को वर्षाबाधित मैच में दस रन से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
अपने घरेलू दर्शकों के सामने इंग्लैंड का मनोबल बढ़ा होगा, जिसे दक्षिण अफ्रीका पर मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल होगी। पिछले दो मैचों में 269 और 293 रन बनाने वाले इंग्लैंड के बल्लेबाज शानदार फार्म में लग रहे हैं।टिप्पणियां
इंग्लैंड के शीषर्क्रम में कप्तान एलेस्टेयर कुक, इयान बेल, जोनाथन ट्राट, जो रूट और रवि बोपारा ने रन बनाए हैं। मेजबान टीम भी यदि बड़ा स्कोर बनाती है तो कोई हैरानी की बात नहीं होगी।
इंग्लैंड के लिए चिंता का सबब उसकी गेंदबाजी है। पाकिस्तान के बाद इंग्लैंड का गेंदबाजी आक्रमण सबसे उम्दा माना जा रहा था, लेकिन श्रीलंका के खिलाफ वे औसत साबित हुए। स्टुअर्ट ब्राड, जेम्स एंडरसन और टिम ब्रेसनन ने विकेट लिए लेकिन काफी रन भी दिए।
अपने घरेलू दर्शकों के सामने इंग्लैंड का मनोबल बढ़ा होगा, जिसे दक्षिण अफ्रीका पर मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल होगी। पिछले दो मैचों में 269 और 293 रन बनाने वाले इंग्लैंड के बल्लेबाज शानदार फार्म में लग रहे हैं।टिप्पणियां
इंग्लैंड के शीषर्क्रम में कप्तान एलेस्टेयर कुक, इयान बेल, जोनाथन ट्राट, जो रूट और रवि बोपारा ने रन बनाए हैं। मेजबान टीम भी यदि बड़ा स्कोर बनाती है तो कोई हैरानी की बात नहीं होगी।
इंग्लैंड के लिए चिंता का सबब उसकी गेंदबाजी है। पाकिस्तान के बाद इंग्लैंड का गेंदबाजी आक्रमण सबसे उम्दा माना जा रहा था, लेकिन श्रीलंका के खिलाफ वे औसत साबित हुए। स्टुअर्ट ब्राड, जेम्स एंडरसन और टिम ब्रेसनन ने विकेट लिए लेकिन काफी रन भी दिए।
इंग्लैंड के शीषर्क्रम में कप्तान एलेस्टेयर कुक, इयान बेल, जोनाथन ट्राट, जो रूट और रवि बोपारा ने रन बनाए हैं। मेजबान टीम भी यदि बड़ा स्कोर बनाती है तो कोई हैरानी की बात नहीं होगी।
इंग्लैंड के लिए चिंता का सबब उसकी गेंदबाजी है। पाकिस्तान के बाद इंग्लैंड का गेंदबाजी आक्रमण सबसे उम्दा माना जा रहा था, लेकिन श्रीलंका के खिलाफ वे औसत साबित हुए। स्टुअर्ट ब्राड, जेम्स एंडरसन और टिम ब्रेसनन ने विकेट लिए लेकिन काफी रन भी दिए।
इंग्लैंड के लिए चिंता का सबब उसकी गेंदबाजी है। पाकिस्तान के बाद इंग्लैंड का गेंदबाजी आक्रमण सबसे उम्दा माना जा रहा था, लेकिन श्रीलंका के खिलाफ वे औसत साबित हुए। स्टुअर्ट ब्राड, जेम्स एंडरसन और टिम ब्रेसनन ने विकेट लिए लेकिन काफी रन भी दिए। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इंग्लैंड ग्रुप (ए) में शीर्ष पर है और सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका से खेलेगा। इससे पूर्व श्रीलंका ने ऑस्ट्रेलिया को 20 रन से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। | 11 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: Hariyali Amavasya 2019: आज है सावन की हरियाली अमावस्या, जानें पितृ तर्पण, पूजा विधि और आहार से जुड़ी मान्यताओं के बारे में
हरियाली तीज 2019, 3 अगस्त को है. इस दिन शनिवार है. हरियाली तीज हिंदू धर्म में बेह महत्व रखती है. हरियाली तीज का दिन सुहागनों के लिए बेहद खास माना जाता है. हरियाली तीज (Hariyali Teej 2019) के दिन मां पार्वती और भगवान शिव की पूजा की जाती है. इस दिन लोग तीज के मेसेज (Teej Message), फेसबुक अपडेट और व्हाट्सएप स्टेटस डाल कर एक दूसरे को तीज की शुभकामनाएं देते हैं.
तृतीया तिथि प्रारंभ - 01:36 बजे (3 अगस्त 2019)
तृतीया तिथि समाप्त - 22:05 बजे (3 अगस्त 2019)
यह राजस्थानी मिठाई तीज़ के दिन लोगों में काफी हिट होती है. घेवर स्टील के सांचों में बनाया जाता है, जिन्हें गर्म तेल में डाला जाता है. सांचों में घेवर का मिश्रण डालने के बाद उसमें छोटे-छोटे सुंदर से बुलबुले दिखने लगते हैं. जब घेवर का मिश्रण हल्का-हल्का ब्राउन होने लगे और वह क्रीस्पी हो जाता है, तो उन्हें बाहर निकाल लिया जाता है.
पढ़ें घेवर बनाने की रेसिपी
साल 2019 में नाग पंचमी कब है. तो बता दें कि इस साल नाग पंचमी 5 अगस्त, 2019 (5 August, 2019, Nag Panchami) को होगी. यह तारीख बदल भी सकती है. नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा की जाती है. जोकि इस साल 5 अगस्त के दिन होगी. नाग पंचमी हिंदू धर्म का एक अहम पर्व है. इस दिन औरतें नाग देवता को अपने भाई के रूप में पूजती हैं और मनोकामना पूरी करने के लिए प्रार्थना करती हैं.
Nag Panchami 2019: इस साल नागपंचमी 5 अगस्त, 2019 को पड़ेगी.
पंचमी तिथि : 4 अगस्त को शाम 6.49 बजे शुरू
नागपंचमी का शुभ मुहूर्त : 5 अगस्त के दिन, सुबह 5:49 से 8:28 के बीच
समाप्ति तिथि : 5 अगस्त के दिन दोपहर 3:54 तक
Nag Panchami 2019: कब है नाग पंचमी, मान्यताएं और भोजन से जुड़े रिवाज, पढ़ें सेंवई बनाने की विधि
नाग पंचमी के दिन सेवई और चावल बनाने का रिवाज है. तो चलिए हम आपको बताते हैं सेंवई बनाने की विधि. यहां पढ़ें.
Raksha Bandhan 2019: रक्षाबंधन गुरुवार, 15 अगस्त के दिन पड़ रहा है.
इस साल रक्षा बंधन का त्यौहार 15 अगस्त, 2019 को है. इस बार यह स्वतंत्रता दिवस 2019 यानी गुरुवार के दिन मनाया जाएगा. राखी का त्यौहार भाई-बहन के बीच के अनूठे प्यार, तकरार, हंसी जैसे यादगार पलों के जश्न का प्रतीक है.
2019 में रक्षाबंधन कब है: 15 अगस्त, गुरुवार.
रक्षा बंधन के दिन राखी बांधने का मुहूर्त - सुबह 05:49 से शाम 6:01
Raksha Bandhan 2019: कब है रक्षा बंधन, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त और फूडी भाई के लिए बेस्ट गिफ्ट आईडिया
जहां भाई पहले बहनों को रूपये या उनकी पसंद की ड्रेस देते थे वहीं अब हर कोई अपनी बहन के लिए कुछ इनोवेटिव गिफ्ट देना चाहता है. इसके लिए हमारा यह आर्टिकल आपकी मदद कर सकता है. अगर आपकी बहन खाने की शौकीन है तो उसे ये गिफ्ट काफी पसंद आएंगे. तो देर किस बात की डालते हैं एक नजर इन शानदार गिफ्ट आइडियाज़ पर जिन्हें देखने के बाद आपकी बहन बेहद ही खुश हो जाएगी. यहां पढ़ें पूरा लेख.
August 2019, Festivals: हरियाली तीज के बाद हरतालिका तीज आती है.
कजरी तीज 2019 अगस्त में 18 तारीख को है. 18 अगस्त के दिन रविवार है. कजरी तीज के मौके पर तीज के गीत गाए जाते हैं. हिन्दू धर्म में तीज पर्व का अपना अगल महत्व है. तीज पति-पत्नी के प्रेम का प्रतीक है. इस दिन सुहागिन अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती है. इतना ही नहीं अविवाहित लड़कियां भी इस दिन व्रत रखती हैं. माना जाता है कि इस दिन व्रत रखने से मनचाहा जीवनसाथी मिलता है. पूरे साल में चार बार तीज आती है. इनमें से एक है हिरयाली तीज जोकि हरियाली तीज 2019 (Hariyali Teej 2019), श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को होती है. हरियाली तीज 2019 इस साल 3 अगस्त को, तो कजरी तीज 18 अगस्त को है.
तृतीया आरम्भ: अगस्त 18, 2019 को 22:50:07 से
तृतीया समाप्त: अगस्त 19, 2019 को 01:15:15 को
Kajari Teej 2019: तीज पर बनने वाले पकवानों की विधि, जानें कब है कजरी तीज, तिथि, व्रत कथा, पूजन विधि और मुहूर्त
दाल बाटी राजस्थान की एक लोकप्रिय डिश है, जिसे चूरमा जोकि एक स्वीट डिश है उसके साथ सर्व किया जाता है. कजरी तीज पर से बड़े शौक से बनाया, खाया व खिलाया जाता है. इसे गेंहू के आटे से तैयार करके घी में फ्राई किया जाता है. पढ़ें दाल बाटी बनाने की विधि.
पूरे देश में भगवान कृष्ण (Krishna) का जन्मदिन बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है. पूरे देश में जन्माष्टमी (Krishna Janmashtami 2019) की धूम रहती है. मथुरा और वृंदावन के मंदिरों में भारी भीड़ उमड़ती है. भगवान कृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ था. इस साल जन्माष्टमी 2019, 24 अगस्त, शनिवार के दिन है.
Janmashtami 2019: इस दिन धनिए की बर्फी बनाई जाती है.
निशिथ पूजा– 00:01 से 00:45
पारण– 05:59, 24 अगस्त, सूर्योदय के बाद
रोहिणी समाप्त- सूर्योदय से पहले
अष्टमी तिथि प्रारंभ– 08:08, 23 अगस्त
अष्टमी तिथि समाप्त – 08:31, 24 अगस्त
जन्माष्टमी (Krishna Janmashtami 2019) पर लोग श्रीकृष्ण के जन्मदिन को मनाते हैं. जन्माष्टमी के दिन कृष्ण भक्त उन्हें प्रसन्न करने के लिए उनके मनपसंद खाद्य पदार्थ बनाते हैं. कृष्ण को माखन चोर (Makhan Chor Krishna) कहा जाता है. उन्हें भोग लगाने के लिए यकीनन आप उनके पसंदीदा चीजें बनाने की तैयारी में होंगे (Janmashtami recipes). जन्माष्टमी के दिन नंद के लाल, बाल गोपाल श्री कृष्ण (Nand lal, Baal Gopal, Shree Krishna) को छप्पन भोग लगाए जाते हैं. क्या आप जानते हैं इस छप्पन भोग के बारे में.
क्या है चरणामृत या पंचामृत, इसका महत्व, कैसे बनाएं चरणामृत, यहां है रेसिपी...
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अब बिना सोचे समझे खाएं अखरोट, नहीं बढ़ता इनसे वज़न
High Blood Pressure: क्या हाई बीपी के मरीज आलू खा सकते हैं? यहां पढ़ें आलू के फायदे और नुकसान
Broccoli Nutrition And Benefits: ब्रोकली के फायदे और 5 बेस्ट ब्रोकली रेसिपी | संक्षिप्त पाठ: साल 2019 के अगस्त महीने में पड़ने वाले त्यौहारों का कैलेंडर.
जानिए कि अगस्त महीनें में कौन-कौन से त्यौहार और पर्व होने वाले हैं.
अगस्त महीने में पड़ने वाले हिन्दू त्यौहार 2019 की तिथि और शुभ मुहूर्त. | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान के न्यायिक आयोग ने कहा है कि अमेरिका में देश के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी का हाथ रहस्यमयी मेमो के पीछे था जिसमें पाकिस्तान को तख्तापलट से बचाने के लिए अमेरिकी सहयोग की मांग की गई थी। आयोग ने कहा कि राजदूत के तौर पर वह देश के प्रति ‘वफादार नहीं’ थे।
सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त आयोग ने अपनी जांच को सार्वजनिक किया है और प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी के नेतृत्व वाले नौ सदस्यीय पीठ ने मंगलवार को सुबह पैनल की रिपोर्ट पर गौर करना शुरू किया।टिप्पणियां
पीठ के समक्ष सील रिपोर्ट पेश होने के बाद प्रधान न्यायाधीश ने अटार्नी जनरल इरफान कादिर से कहा कि वह अनुशंसाओं को पढ़ें। रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिका में राजदूत के तौर पर काम करते हुए हक्कानी पाकिस्तान के प्रति ‘वफादार नहीं’ रहे और और देश के परमाणु हथियारों, सुरक्षा बलों, इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस और संविधान को कमतर आंका।
पैनल ने कहा कि कथित मेमो विश्वसनीय था और हक्कानी के निर्देश पर तैयार किया गया था। इसमें कहा गया कि मेमो के माध्यम से हक्कानी ने अमेरिका से सहयोग मांगा और वह नये राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे का प्रमुख बनना चाहते थे। पैनल ने कहा कि वाशिंगटन में पाकिस्तानी दूतावास द्वारा एक गुप्त कोष से करीब बीस लाख डॉलर के खर्च का हक्कानी ने हिसाब नहीं दिया था।
सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त आयोग ने अपनी जांच को सार्वजनिक किया है और प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी के नेतृत्व वाले नौ सदस्यीय पीठ ने मंगलवार को सुबह पैनल की रिपोर्ट पर गौर करना शुरू किया।टिप्पणियां
पीठ के समक्ष सील रिपोर्ट पेश होने के बाद प्रधान न्यायाधीश ने अटार्नी जनरल इरफान कादिर से कहा कि वह अनुशंसाओं को पढ़ें। रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिका में राजदूत के तौर पर काम करते हुए हक्कानी पाकिस्तान के प्रति ‘वफादार नहीं’ रहे और और देश के परमाणु हथियारों, सुरक्षा बलों, इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस और संविधान को कमतर आंका।
पैनल ने कहा कि कथित मेमो विश्वसनीय था और हक्कानी के निर्देश पर तैयार किया गया था। इसमें कहा गया कि मेमो के माध्यम से हक्कानी ने अमेरिका से सहयोग मांगा और वह नये राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे का प्रमुख बनना चाहते थे। पैनल ने कहा कि वाशिंगटन में पाकिस्तानी दूतावास द्वारा एक गुप्त कोष से करीब बीस लाख डॉलर के खर्च का हक्कानी ने हिसाब नहीं दिया था।
पीठ के समक्ष सील रिपोर्ट पेश होने के बाद प्रधान न्यायाधीश ने अटार्नी जनरल इरफान कादिर से कहा कि वह अनुशंसाओं को पढ़ें। रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिका में राजदूत के तौर पर काम करते हुए हक्कानी पाकिस्तान के प्रति ‘वफादार नहीं’ रहे और और देश के परमाणु हथियारों, सुरक्षा बलों, इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस और संविधान को कमतर आंका।
पैनल ने कहा कि कथित मेमो विश्वसनीय था और हक्कानी के निर्देश पर तैयार किया गया था। इसमें कहा गया कि मेमो के माध्यम से हक्कानी ने अमेरिका से सहयोग मांगा और वह नये राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे का प्रमुख बनना चाहते थे। पैनल ने कहा कि वाशिंगटन में पाकिस्तानी दूतावास द्वारा एक गुप्त कोष से करीब बीस लाख डॉलर के खर्च का हक्कानी ने हिसाब नहीं दिया था।
पैनल ने कहा कि कथित मेमो विश्वसनीय था और हक्कानी के निर्देश पर तैयार किया गया था। इसमें कहा गया कि मेमो के माध्यम से हक्कानी ने अमेरिका से सहयोग मांगा और वह नये राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे का प्रमुख बनना चाहते थे। पैनल ने कहा कि वाशिंगटन में पाकिस्तानी दूतावास द्वारा एक गुप्त कोष से करीब बीस लाख डॉलर के खर्च का हक्कानी ने हिसाब नहीं दिया था। | सारांश: न्यायिक आयोग ने कहा है कि अमेरिका में देश के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी का हाथ रहस्यमयी मेमो के पीछे था जिसमें पाकिस्तान को तख्तापलट से बचाने के लिए अमेरिकी सहयोग की मांग की गई थी। | 7 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: Asus ROG ने चीन के टेंसेंट गेम्स (Tencent Games) के साथ पार्टनरशिप की है ताकि मोबाइल यूज़र्स के लिए नए गेमिंग अनुभव को डेवलप किया जा सके। कंपनी ने हाल ही में इस बात की घोषणा चीन की माइक्रोब्लॉगिंग साइट वीबो पर की है। दोनों कंपनियों के बीच टाइ-अप से इस बात का संकेत मिलता है कि Asus ROG Phone 2 पर काम शुरू हो गया है। असूस रोग फोन 2 पिछले साल लॉन्च हुए Asus ROG Phone का अपग्रेड हो सकता है। Black Shark 2 और Nubia Red Magic 3 से मुकाबले के लिए ROG Phone 2 को इस साल जुलाई में लॉन्च किया जा सकता है।
वीबो पोस्ट से पार्टनरशिप की घोषणा की गई है, साथ ही इस बात का संकेत दिया गया है कि कंपनी Asus ROG Phone 2 को लॉन्च कर सकती है। नया गेमिंग फोन जुलाई में लॉन्च किया जा सकता है। Asus ROG और टेंसेंट गेम्स (Tencent Games) मोबाइल यूज़र्स के लिए नए कंटेंट और गेमिंग अनुभव को बनाने के लिए तैयार हैं।
टेंसेंट गेम्स ऑनलाइन गेम बनाने के लिए लोकप्रिय है, PUBG Mobile भी टेंसेंट गेम्स द्वारा ही उपलब्ध कराई गई है। PUBG मोबाइल ने दिसंबर में 200 मिलियन डाउनलोड का आंकड़ा पार किया और 30 मिलियन से अधिक दैनिक सक्रिय उपयोगकर्ता हासिल किए। Digitimes की हाल ही में सामने आई रिपोर्ट को देखें तो Asus इस साल की तीसरी तिमाही में ROG Phone 2 को लॉन्च कर सकती है।
याद करा दें कि Asus ने पिछले साल जून में स्नैपड्रैगन 845 प्रोसेसर और 3डी वैपर चेंबर कूलिंग के साथ ROG Phone से पर्दा उठाया था। फोन को नवंबर में लॉन्च किया गया था जिसके 8 जीबी रैम + 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 69,999 रुपये है। | यहाँ एक सारांश है:Asus ROG ने की Tencent Games से पार्टनरशिप की घोषणा
Asus ROG Phone 2 को इस साल जुलाई में किया जा सकता है लॉन्च
Asus ROG Phone का अपग्रेड हो सकता है ROG Phone 2 | 17 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दो सरकारी बंगलों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री के पास दो बंगले रहें तो इसमें हर्ज क्या है? एक बंगला रहने के लिए तो दूसरा सरकारी कामकाज के लिए.कोर्ट ने कहा- मुख्यमंत्री के पास बहुत काम होते हैं, बहुत सारे लोग मिलने आते हैं इसके लिए अगर दफ्तर के काम के लिए दूसरा बंगला लिया गया है तो क्या गलत है? इस तरह तो जजों के पास भी दो हिस्से होते हैं एक सचिवालय और एक आवास. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यूपी में चुनाव होने हैं इसलिए मामले की सुनवाई चुनाव के बाद अप्रैल में करेंगे.
दरअसल, लोक प्रहरी संगठन ने सुप्रीम कोर्ट ने जनहित याचिका की थी. याचिका में अखिलेश को पांच कालीदास मार्ग के बंगले के अलावा चार विक्रमादित्य मार्ग पर सरकारी बंगला देने को चुनौती दी गई थी.
इससे पहले नवंबर में लखनऊ हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को बड़ी राहत देते हुए उन्हें दूसरा बंगला आवंटित किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी थी. बेंच ने कहा था कि मुख्यमंत्री द्वारा पहले से आवंटित एक बंगले को कार्यालय के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा रहा है, जहां जाहिर तौर पर बहुत से लोग मिलने आते होंगे. ऐसे में परिवार की निजता का हनन होता होगा. लिहाजा दूसरे बंगले का आवंटन ऐसा विषय नहीं जिसमें कोर्ट हस्तक्षेप करे. टिप्पणियां
याचिका में कहा गया है कि मुख्यमंत्री को 5 कालीदास मार्ग के अलावा 4 विक्रमादित्य मार्ग के बंगले का आवंटन यूपी मिनिस्टर्स (वेतन, भत्ते और प्रकीर्ण उपबंध) अधिनियम- 1981 से परे जाकर किया जाना बताया गया. एसएन शुक्ला ने कोर्ट को तर्क दिया था कि उक्त अधिनियम में इसी साल संशोधन करते हुए यह आवंटन इसलिए भी किया गया है ताकि मुख्यमंत्री के कार्यमुक्त होने के बाद भी बंगला उनके पास बना रहे.
वहीं सरकार का तर्क था कि 1985 से ही प्रदेश में मुख्यमंत्री को दो बंगले आवंटित किए जाने की प्रथा चली आ रही है. याचिका में मुख्यमंत्री को प्रतिवादी संख्या 2 बनाकर 5 कालीदास मार्ग के अलावा एक अन्य बंगला आवंटित करने संबंधी आदेश निरस्त करने की मांग की गई थी.
दरअसल, लोक प्रहरी संगठन ने सुप्रीम कोर्ट ने जनहित याचिका की थी. याचिका में अखिलेश को पांच कालीदास मार्ग के बंगले के अलावा चार विक्रमादित्य मार्ग पर सरकारी बंगला देने को चुनौती दी गई थी.
इससे पहले नवंबर में लखनऊ हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को बड़ी राहत देते हुए उन्हें दूसरा बंगला आवंटित किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी थी. बेंच ने कहा था कि मुख्यमंत्री द्वारा पहले से आवंटित एक बंगले को कार्यालय के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा रहा है, जहां जाहिर तौर पर बहुत से लोग मिलने आते होंगे. ऐसे में परिवार की निजता का हनन होता होगा. लिहाजा दूसरे बंगले का आवंटन ऐसा विषय नहीं जिसमें कोर्ट हस्तक्षेप करे. टिप्पणियां
याचिका में कहा गया है कि मुख्यमंत्री को 5 कालीदास मार्ग के अलावा 4 विक्रमादित्य मार्ग के बंगले का आवंटन यूपी मिनिस्टर्स (वेतन, भत्ते और प्रकीर्ण उपबंध) अधिनियम- 1981 से परे जाकर किया जाना बताया गया. एसएन शुक्ला ने कोर्ट को तर्क दिया था कि उक्त अधिनियम में इसी साल संशोधन करते हुए यह आवंटन इसलिए भी किया गया है ताकि मुख्यमंत्री के कार्यमुक्त होने के बाद भी बंगला उनके पास बना रहे.
वहीं सरकार का तर्क था कि 1985 से ही प्रदेश में मुख्यमंत्री को दो बंगले आवंटित किए जाने की प्रथा चली आ रही है. याचिका में मुख्यमंत्री को प्रतिवादी संख्या 2 बनाकर 5 कालीदास मार्ग के अलावा एक अन्य बंगला आवंटित करने संबंधी आदेश निरस्त करने की मांग की गई थी.
इससे पहले नवंबर में लखनऊ हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को बड़ी राहत देते हुए उन्हें दूसरा बंगला आवंटित किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी थी. बेंच ने कहा था कि मुख्यमंत्री द्वारा पहले से आवंटित एक बंगले को कार्यालय के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा रहा है, जहां जाहिर तौर पर बहुत से लोग मिलने आते होंगे. ऐसे में परिवार की निजता का हनन होता होगा. लिहाजा दूसरे बंगले का आवंटन ऐसा विषय नहीं जिसमें कोर्ट हस्तक्षेप करे. टिप्पणियां
याचिका में कहा गया है कि मुख्यमंत्री को 5 कालीदास मार्ग के अलावा 4 विक्रमादित्य मार्ग के बंगले का आवंटन यूपी मिनिस्टर्स (वेतन, भत्ते और प्रकीर्ण उपबंध) अधिनियम- 1981 से परे जाकर किया जाना बताया गया. एसएन शुक्ला ने कोर्ट को तर्क दिया था कि उक्त अधिनियम में इसी साल संशोधन करते हुए यह आवंटन इसलिए भी किया गया है ताकि मुख्यमंत्री के कार्यमुक्त होने के बाद भी बंगला उनके पास बना रहे.
वहीं सरकार का तर्क था कि 1985 से ही प्रदेश में मुख्यमंत्री को दो बंगले आवंटित किए जाने की प्रथा चली आ रही है. याचिका में मुख्यमंत्री को प्रतिवादी संख्या 2 बनाकर 5 कालीदास मार्ग के अलावा एक अन्य बंगला आवंटित करने संबंधी आदेश निरस्त करने की मांग की गई थी.
याचिका में कहा गया है कि मुख्यमंत्री को 5 कालीदास मार्ग के अलावा 4 विक्रमादित्य मार्ग के बंगले का आवंटन यूपी मिनिस्टर्स (वेतन, भत्ते और प्रकीर्ण उपबंध) अधिनियम- 1981 से परे जाकर किया जाना बताया गया. एसएन शुक्ला ने कोर्ट को तर्क दिया था कि उक्त अधिनियम में इसी साल संशोधन करते हुए यह आवंटन इसलिए भी किया गया है ताकि मुख्यमंत्री के कार्यमुक्त होने के बाद भी बंगला उनके पास बना रहे.
वहीं सरकार का तर्क था कि 1985 से ही प्रदेश में मुख्यमंत्री को दो बंगले आवंटित किए जाने की प्रथा चली आ रही है. याचिका में मुख्यमंत्री को प्रतिवादी संख्या 2 बनाकर 5 कालीदास मार्ग के अलावा एक अन्य बंगला आवंटित करने संबंधी आदेश निरस्त करने की मांग की गई थी.
वहीं सरकार का तर्क था कि 1985 से ही प्रदेश में मुख्यमंत्री को दो बंगले आवंटित किए जाने की प्रथा चली आ रही है. याचिका में मुख्यमंत्री को प्रतिवादी संख्या 2 बनाकर 5 कालीदास मार्ग के अलावा एक अन्य बंगला आवंटित करने संबंधी आदेश निरस्त करने की मांग की गई थी. | संक्षिप्त सारांश: एक बंगला रहने के लिए तो दूसरा सरकारी कामकाज के लिए
यूपी चुनाव के बाद होगी मामले की सुनवाई
लखनऊ हाईकोर्ट से मिल चुकी है अखिलेश को राहत | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बिहार इंटरमीडिएट (BSEB) की परीक्षा में महज 35 फीसदी रिजल्ट होने से नाराज छात्रों ने बुधवार को पटना में प्रदर्शन किया. इंटर काउंसिल के मुख्य कार्यालय के सामने प्रदर्शन के लिए जुटे छात्रों का आरोप है कि रिजल्ट जारी करने में गड़बड़ी हुई है. उन्होंने परीक्षा कॉपियों की दोबारा जांच कराने की मांग की. छात्रों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज किया. जब छात्र भी उग्र होने लगे तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा. पुलिस का कहना है कि जब उन्होंने छात्रों को प्रदर्शन करने के रोका तो वे पत्थरबाजी करने लगे, जिसके जवाब में उनकी ओर से लाठी चार्ज किया गया. बताया जा रहा है कि इंटर काउंसिल कार्यालय, मौर्या लोक और तारा मंडल के आसपास छात्रों के अलावा उनके अभिभावकों की भी भारी भीड़ जुटी थी. पुलिस ने छात्रों के साथ उनके अभिभावकों पर भी लाठीचार्ज किया.
छात्रों के एक समूह ने करगिल चौक से पटना विश्वविद्याल तक भी विरोध मार्च निकाला. छात्र शिक्षामंत्री अशोक चौधरी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विरोध में नारेबाजी कर रहे थे. छात्रों की इतनी भीड़ देखकर भारी संख्या में पुलिस बल सड़कों पर उतार दिए गए. हालांकि पुलिस के आला अधिकारियों की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि स्थिति सामान्य है.
छात्र संगठन आईसा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भी फेल छात्रों के समर्थन में उतरे. छात्र संगठनों ने बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर और बिहार सरकार का पुतला फूंका और सरकार विरोधी नारे लगाये. आक्रोशित छात्र सड़क पर हंगामा किया.
मालूम हो कि इस वर्ष बिहार में 12वीं कक्षा के परिणाम निराशाजनक रहे हैं. इस साल साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स स्ट्रीम में परीक्षा में शामिल हुए कुल 12,40,168 विद्यार्थियों में से केवल 35 प्रतिशत ही पास हुए, यानि 4,37,115 छात्र उत्तीर्ण हुए और बाकी फेल हो गए... 4,37,115 में से केवल 8.34 प्रतिशत यानि 1,03,460 छात्र फर्स्ट डिवीज़न में उत्तीर्ण हुए, जबकि 2,93,260 यानि 23.65 प्रतिशत छात्र सेकेंड डिवीज़न, जबकि 40,395 छात्र थर्ड डिवीज़न से उत्तीर्ण हुए.
विज्ञान संकाय में इस वर्ष जहां 30 प्रतिशत ही परीक्षार्थी सफल हो सके, जबकि पिछले साल 66 फीसदी छात्र पास हुए थे. कला संकाय में 37 प्रतिशत ही परीक्षार्थी सफलता पा सके, जबकि पिछले वर्ष छात्रों का पास प्रतिशत 57 फीसदी था. हालांकि वाणिज्य संकाय में 73.76 प्रतिशत परीक्षार्थी सफल रहे. पिछले वर्ष 80 फीसदी छात्र पास हुए थे.
साइंस स्ट्रीम में परीक्षा में बैठे 6,46,231 छात्रों में से 57,706 यानि 8.93 फीसदी छात्र फर्स्ट डिवीज़न से उत्तीर्ण हुए और रिकॉर्ड 20 प्रतिशत यानि 1,30,800 छात्र सेकेंड डिवीज़न से पास हुए. जबकि 4,49,280 स्टूडेंट्स, लगभग 70 प्रतिशत छात्र पास होने में विफल रहे.
आर्ट्स में 61 प्रतिशत छात्र यानि कुल 3,30,338 फेल हो गए, जबकि 35,975 यानि 6.74 प्रतिशत फर्स्ट डिवीज़न से उत्तीर्ण हुए और 25 फीसदी यानि 1,33,773 छात्र सेकेंड डिवीज़न से पास हुए.टिप्पणियां
कॉमर्स में 25 फीसदी छात्र फेल हो गए.
गौरतलब है कि पिछले वर्ष इंटर टॉपर्स को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया था. इसके बाद इस घोटाले में संलिप्त रहने के आरोप में समिति के तत्कालीन अध्यक्ष और सचिव सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था और बिहार की देशभर में किरकिरी हुई थी.
छात्रों के एक समूह ने करगिल चौक से पटना विश्वविद्याल तक भी विरोध मार्च निकाला. छात्र शिक्षामंत्री अशोक चौधरी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विरोध में नारेबाजी कर रहे थे. छात्रों की इतनी भीड़ देखकर भारी संख्या में पुलिस बल सड़कों पर उतार दिए गए. हालांकि पुलिस के आला अधिकारियों की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि स्थिति सामान्य है.
छात्र संगठन आईसा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भी फेल छात्रों के समर्थन में उतरे. छात्र संगठनों ने बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर और बिहार सरकार का पुतला फूंका और सरकार विरोधी नारे लगाये. आक्रोशित छात्र सड़क पर हंगामा किया.
मालूम हो कि इस वर्ष बिहार में 12वीं कक्षा के परिणाम निराशाजनक रहे हैं. इस साल साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स स्ट्रीम में परीक्षा में शामिल हुए कुल 12,40,168 विद्यार्थियों में से केवल 35 प्रतिशत ही पास हुए, यानि 4,37,115 छात्र उत्तीर्ण हुए और बाकी फेल हो गए... 4,37,115 में से केवल 8.34 प्रतिशत यानि 1,03,460 छात्र फर्स्ट डिवीज़न में उत्तीर्ण हुए, जबकि 2,93,260 यानि 23.65 प्रतिशत छात्र सेकेंड डिवीज़न, जबकि 40,395 छात्र थर्ड डिवीज़न से उत्तीर्ण हुए.
विज्ञान संकाय में इस वर्ष जहां 30 प्रतिशत ही परीक्षार्थी सफल हो सके, जबकि पिछले साल 66 फीसदी छात्र पास हुए थे. कला संकाय में 37 प्रतिशत ही परीक्षार्थी सफलता पा सके, जबकि पिछले वर्ष छात्रों का पास प्रतिशत 57 फीसदी था. हालांकि वाणिज्य संकाय में 73.76 प्रतिशत परीक्षार्थी सफल रहे. पिछले वर्ष 80 फीसदी छात्र पास हुए थे.
साइंस स्ट्रीम में परीक्षा में बैठे 6,46,231 छात्रों में से 57,706 यानि 8.93 फीसदी छात्र फर्स्ट डिवीज़न से उत्तीर्ण हुए और रिकॉर्ड 20 प्रतिशत यानि 1,30,800 छात्र सेकेंड डिवीज़न से पास हुए. जबकि 4,49,280 स्टूडेंट्स, लगभग 70 प्रतिशत छात्र पास होने में विफल रहे.
आर्ट्स में 61 प्रतिशत छात्र यानि कुल 3,30,338 फेल हो गए, जबकि 35,975 यानि 6.74 प्रतिशत फर्स्ट डिवीज़न से उत्तीर्ण हुए और 25 फीसदी यानि 1,33,773 छात्र सेकेंड डिवीज़न से पास हुए.टिप्पणियां
कॉमर्स में 25 फीसदी छात्र फेल हो गए.
गौरतलब है कि पिछले वर्ष इंटर टॉपर्स को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया था. इसके बाद इस घोटाले में संलिप्त रहने के आरोप में समिति के तत्कालीन अध्यक्ष और सचिव सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था और बिहार की देशभर में किरकिरी हुई थी.
छात्र संगठन आईसा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भी फेल छात्रों के समर्थन में उतरे. छात्र संगठनों ने बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर और बिहार सरकार का पुतला फूंका और सरकार विरोधी नारे लगाये. आक्रोशित छात्र सड़क पर हंगामा किया.
मालूम हो कि इस वर्ष बिहार में 12वीं कक्षा के परिणाम निराशाजनक रहे हैं. इस साल साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स स्ट्रीम में परीक्षा में शामिल हुए कुल 12,40,168 विद्यार्थियों में से केवल 35 प्रतिशत ही पास हुए, यानि 4,37,115 छात्र उत्तीर्ण हुए और बाकी फेल हो गए... 4,37,115 में से केवल 8.34 प्रतिशत यानि 1,03,460 छात्र फर्स्ट डिवीज़न में उत्तीर्ण हुए, जबकि 2,93,260 यानि 23.65 प्रतिशत छात्र सेकेंड डिवीज़न, जबकि 40,395 छात्र थर्ड डिवीज़न से उत्तीर्ण हुए.
विज्ञान संकाय में इस वर्ष जहां 30 प्रतिशत ही परीक्षार्थी सफल हो सके, जबकि पिछले साल 66 फीसदी छात्र पास हुए थे. कला संकाय में 37 प्रतिशत ही परीक्षार्थी सफलता पा सके, जबकि पिछले वर्ष छात्रों का पास प्रतिशत 57 फीसदी था. हालांकि वाणिज्य संकाय में 73.76 प्रतिशत परीक्षार्थी सफल रहे. पिछले वर्ष 80 फीसदी छात्र पास हुए थे.
साइंस स्ट्रीम में परीक्षा में बैठे 6,46,231 छात्रों में से 57,706 यानि 8.93 फीसदी छात्र फर्स्ट डिवीज़न से उत्तीर्ण हुए और रिकॉर्ड 20 प्रतिशत यानि 1,30,800 छात्र सेकेंड डिवीज़न से पास हुए. जबकि 4,49,280 स्टूडेंट्स, लगभग 70 प्रतिशत छात्र पास होने में विफल रहे.
आर्ट्स में 61 प्रतिशत छात्र यानि कुल 3,30,338 फेल हो गए, जबकि 35,975 यानि 6.74 प्रतिशत फर्स्ट डिवीज़न से उत्तीर्ण हुए और 25 फीसदी यानि 1,33,773 छात्र सेकेंड डिवीज़न से पास हुए.टिप्पणियां
कॉमर्स में 25 फीसदी छात्र फेल हो गए.
गौरतलब है कि पिछले वर्ष इंटर टॉपर्स को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया था. इसके बाद इस घोटाले में संलिप्त रहने के आरोप में समिति के तत्कालीन अध्यक्ष और सचिव सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था और बिहार की देशभर में किरकिरी हुई थी.
मालूम हो कि इस वर्ष बिहार में 12वीं कक्षा के परिणाम निराशाजनक रहे हैं. इस साल साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स स्ट्रीम में परीक्षा में शामिल हुए कुल 12,40,168 विद्यार्थियों में से केवल 35 प्रतिशत ही पास हुए, यानि 4,37,115 छात्र उत्तीर्ण हुए और बाकी फेल हो गए... 4,37,115 में से केवल 8.34 प्रतिशत यानि 1,03,460 छात्र फर्स्ट डिवीज़न में उत्तीर्ण हुए, जबकि 2,93,260 यानि 23.65 प्रतिशत छात्र सेकेंड डिवीज़न, जबकि 40,395 छात्र थर्ड डिवीज़न से उत्तीर्ण हुए.
विज्ञान संकाय में इस वर्ष जहां 30 प्रतिशत ही परीक्षार्थी सफल हो सके, जबकि पिछले साल 66 फीसदी छात्र पास हुए थे. कला संकाय में 37 प्रतिशत ही परीक्षार्थी सफलता पा सके, जबकि पिछले वर्ष छात्रों का पास प्रतिशत 57 फीसदी था. हालांकि वाणिज्य संकाय में 73.76 प्रतिशत परीक्षार्थी सफल रहे. पिछले वर्ष 80 फीसदी छात्र पास हुए थे.
साइंस स्ट्रीम में परीक्षा में बैठे 6,46,231 छात्रों में से 57,706 यानि 8.93 फीसदी छात्र फर्स्ट डिवीज़न से उत्तीर्ण हुए और रिकॉर्ड 20 प्रतिशत यानि 1,30,800 छात्र सेकेंड डिवीज़न से पास हुए. जबकि 4,49,280 स्टूडेंट्स, लगभग 70 प्रतिशत छात्र पास होने में विफल रहे.
आर्ट्स में 61 प्रतिशत छात्र यानि कुल 3,30,338 फेल हो गए, जबकि 35,975 यानि 6.74 प्रतिशत फर्स्ट डिवीज़न से उत्तीर्ण हुए और 25 फीसदी यानि 1,33,773 छात्र सेकेंड डिवीज़न से पास हुए.टिप्पणियां
कॉमर्स में 25 फीसदी छात्र फेल हो गए.
गौरतलब है कि पिछले वर्ष इंटर टॉपर्स को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया था. इसके बाद इस घोटाले में संलिप्त रहने के आरोप में समिति के तत्कालीन अध्यक्ष और सचिव सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था और बिहार की देशभर में किरकिरी हुई थी.
विज्ञान संकाय में इस वर्ष जहां 30 प्रतिशत ही परीक्षार्थी सफल हो सके, जबकि पिछले साल 66 फीसदी छात्र पास हुए थे. कला संकाय में 37 प्रतिशत ही परीक्षार्थी सफलता पा सके, जबकि पिछले वर्ष छात्रों का पास प्रतिशत 57 फीसदी था. हालांकि वाणिज्य संकाय में 73.76 प्रतिशत परीक्षार्थी सफल रहे. पिछले वर्ष 80 फीसदी छात्र पास हुए थे.
साइंस स्ट्रीम में परीक्षा में बैठे 6,46,231 छात्रों में से 57,706 यानि 8.93 फीसदी छात्र फर्स्ट डिवीज़न से उत्तीर्ण हुए और रिकॉर्ड 20 प्रतिशत यानि 1,30,800 छात्र सेकेंड डिवीज़न से पास हुए. जबकि 4,49,280 स्टूडेंट्स, लगभग 70 प्रतिशत छात्र पास होने में विफल रहे.
आर्ट्स में 61 प्रतिशत छात्र यानि कुल 3,30,338 फेल हो गए, जबकि 35,975 यानि 6.74 प्रतिशत फर्स्ट डिवीज़न से उत्तीर्ण हुए और 25 फीसदी यानि 1,33,773 छात्र सेकेंड डिवीज़न से पास हुए.टिप्पणियां
कॉमर्स में 25 फीसदी छात्र फेल हो गए.
गौरतलब है कि पिछले वर्ष इंटर टॉपर्स को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया था. इसके बाद इस घोटाले में संलिप्त रहने के आरोप में समिति के तत्कालीन अध्यक्ष और सचिव सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था और बिहार की देशभर में किरकिरी हुई थी.
साइंस स्ट्रीम में परीक्षा में बैठे 6,46,231 छात्रों में से 57,706 यानि 8.93 फीसदी छात्र फर्स्ट डिवीज़न से उत्तीर्ण हुए और रिकॉर्ड 20 प्रतिशत यानि 1,30,800 छात्र सेकेंड डिवीज़न से पास हुए. जबकि 4,49,280 स्टूडेंट्स, लगभग 70 प्रतिशत छात्र पास होने में विफल रहे.
आर्ट्स में 61 प्रतिशत छात्र यानि कुल 3,30,338 फेल हो गए, जबकि 35,975 यानि 6.74 प्रतिशत फर्स्ट डिवीज़न से उत्तीर्ण हुए और 25 फीसदी यानि 1,33,773 छात्र सेकेंड डिवीज़न से पास हुए.टिप्पणियां
कॉमर्स में 25 फीसदी छात्र फेल हो गए.
गौरतलब है कि पिछले वर्ष इंटर टॉपर्स को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया था. इसके बाद इस घोटाले में संलिप्त रहने के आरोप में समिति के तत्कालीन अध्यक्ष और सचिव सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था और बिहार की देशभर में किरकिरी हुई थी.
आर्ट्स में 61 प्रतिशत छात्र यानि कुल 3,30,338 फेल हो गए, जबकि 35,975 यानि 6.74 प्रतिशत फर्स्ट डिवीज़न से उत्तीर्ण हुए और 25 फीसदी यानि 1,33,773 छात्र सेकेंड डिवीज़न से पास हुए.टिप्पणियां
कॉमर्स में 25 फीसदी छात्र फेल हो गए.
गौरतलब है कि पिछले वर्ष इंटर टॉपर्स को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया था. इसके बाद इस घोटाले में संलिप्त रहने के आरोप में समिति के तत्कालीन अध्यक्ष और सचिव सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था और बिहार की देशभर में किरकिरी हुई थी.
कॉमर्स में 25 फीसदी छात्र फेल हो गए.
गौरतलब है कि पिछले वर्ष इंटर टॉपर्स को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया था. इसके बाद इस घोटाले में संलिप्त रहने के आरोप में समिति के तत्कालीन अध्यक्ष और सचिव सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था और बिहार की देशभर में किरकिरी हुई थी.
गौरतलब है कि पिछले वर्ष इंटर टॉपर्स को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया था. इसके बाद इस घोटाले में संलिप्त रहने के आरोप में समिति के तत्कालीन अध्यक्ष और सचिव सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था और बिहार की देशभर में किरकिरी हुई थी. | यह एक सारांश है: 12वीं में फेल छात्रों का पटना में प्रदर्शन
पुलिस ने किया लाठीचार्ज, छात्र हुए उग्र
परीक्षा कॉपी की दोबारा जांच की मांग | 24 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अभिनेत्री रवीना टंडन का कहना है कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) को आज के समय के हिसाब से अपने नियमों में बदलाव करने चाहिए. रवीना की फिल्म 'मातृ' को सीबीएफसी ने बैन कर दिया है और फिल्म बोर्ड की रिविजन कमेटी के पास पुनर्विचार के लिए भेजी गई है. पिछले दिनों कुछ दृश्यों पर आपत्ति जताते हुए सेंसर बोर्ड ने फिल्म को प्रमाणपत्र देने से इनकार कर दिया था. रवीना ने पीटीआई से कहा, "सीबीएफसी ऐसे नियमों में बंधा हुआ है जो कई साल पहले बनाए गए थे. अब वक्त आ गया है कि हम प्रोग्रेसिव भारत के बारे में बात करें. इसलिए नियमों में बदलाव की जरूरत है." अभिनेत्री ने कहा कि सीबीएफसी उनकी फिल्म के संदेश से इत्तेफाक रखता है लेकिन नियमों में बंधे होने की वजह से वह फिल्म को प्रमाणपत्र नहीं दे रहा. उन्होंने पीटीआई से कहा, "मातृ में एक महत्वपूर्ण संदेश है, सीबीएफसी चाहती है कि ऐसी फिल्म लोगों को दिखाई जाए पर उनके हाथ बंधे हुए हैं."टिप्पणियां
रवीना ने पीटीआई से आगे कहा, "अगर हमें 'A' सर्टिफिकेट दिया जाना है तो फिल्म में इतने कट क्यों हैं? जैसे कि दर्शकों को समझ ही नहीं आएगा कि हम क्या दिखाना चाहते हैं. समय आ गया है कि हम आज के हिसाब से नियमों में बदलाव करें." फिल्म में रवीना एक ऐसी लड़की की मां की भूमिका निभा रही हैं जिसका बलात्कार हो जाता है. जब कानून उन्हें न्याय नहीं दिलाती तो रवीना का किरदार अपने बेटी के गुनहगारों से बदला लेने की कसम खाता है. रवीना ने कहा, "मैं ऐसी कई फिल्में गिना सकती हूं जिनमें कॉमेडी के लिए अश्लीलता का इस्तेमाल किया गया पर उन पर कोई आपत्ति नहीं हुई. अब जब हम सच्चाई दिखा रहे हैं तो लोग आपत्ति कर रहे हैं, यह चौंकाने वाला है."
रवीना ने यह भी कहा कि सीबीएफसी को फिल्म के दृश्यों पर आपत्ति नहीं है, बल्कि इसकी भाषा पर है. वहीं सीबीएफसी के एक अधिकारी ने बताया कि बोर्ड जल्द ही फिल्म के प्रमाणन पर अपना फैसला सुनाएगा. फिल्म 21 अप्रैल को रिलीज होने वाली है.
रवीना ने पीटीआई से आगे कहा, "अगर हमें 'A' सर्टिफिकेट दिया जाना है तो फिल्म में इतने कट क्यों हैं? जैसे कि दर्शकों को समझ ही नहीं आएगा कि हम क्या दिखाना चाहते हैं. समय आ गया है कि हम आज के हिसाब से नियमों में बदलाव करें." फिल्म में रवीना एक ऐसी लड़की की मां की भूमिका निभा रही हैं जिसका बलात्कार हो जाता है. जब कानून उन्हें न्याय नहीं दिलाती तो रवीना का किरदार अपने बेटी के गुनहगारों से बदला लेने की कसम खाता है. रवीना ने कहा, "मैं ऐसी कई फिल्में गिना सकती हूं जिनमें कॉमेडी के लिए अश्लीलता का इस्तेमाल किया गया पर उन पर कोई आपत्ति नहीं हुई. अब जब हम सच्चाई दिखा रहे हैं तो लोग आपत्ति कर रहे हैं, यह चौंकाने वाला है."
रवीना ने यह भी कहा कि सीबीएफसी को फिल्म के दृश्यों पर आपत्ति नहीं है, बल्कि इसकी भाषा पर है. वहीं सीबीएफसी के एक अधिकारी ने बताया कि बोर्ड जल्द ही फिल्म के प्रमाणन पर अपना फैसला सुनाएगा. फिल्म 21 अप्रैल को रिलीज होने वाली है.
रवीना ने यह भी कहा कि सीबीएफसी को फिल्म के दृश्यों पर आपत्ति नहीं है, बल्कि इसकी भाषा पर है. वहीं सीबीएफसी के एक अधिकारी ने बताया कि बोर्ड जल्द ही फिल्म के प्रमाणन पर अपना फैसला सुनाएगा. फिल्म 21 अप्रैल को रिलीज होने वाली है. | सारांश: सीबीएफसी ने रवीना टंडन की फिल्म को किया है बैन
रवीना ने कहा, 'नियमों में बदलाव की सख्त जरूरत है'
फिल्म 21 अप्रैल को रिलीज होने वाली थी | 31 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया की बिक्री नवंबर में 18.46 प्रतिशत घट गई और कंपनी ने इस दौरान 91,772 वाहन बेचे। बीते साल इसी माह कंपनी ने 1,12,554 वाहनों की बिक्री की थी। नवंबर में घरेलू बाजारों में कंपनी की बिक्री 19.15 प्रतिशत घटकर 82,870 वाहनों की रही, जबकि नवंबर, 2010 में घरेलू बाजार में कंपनी ने 1,02,503 वाहन बेचे थे। इसी तरह, समीक्षाधीन माह में कंपनी का निर्यात 11.43 प्रतिशत घटकर 8,902 कारों का रहा जो नवंबर, 2010 में 10,051 कारों का था। समीक्षाधीन अवधि में कंपनी की मिनी कारों की बिक्री 27.24 प्रतिशत घटकर 38,921 इकाइयों की रही। इनमें मारुति.800, ए.स्टार, आल्टो और वैगन आर शामिल हैं। नवंबर, 2010 में कंपनी ने 53,489 मिनी कारों की बिक्री की थी। कांपैक्ट कारों (एस्टिलो, स्विफ्ट और रिट्ज मॉडल) के खंड में मारुति सुजुकी की बिक्री 3.72 प्रतिशत घटकर 22,159 कारों की रही जो बीते साल की इसी अवधि में 23,014 कारों की थीं | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया की बिक्री नवंबर में 18.46 प्रतिशत घट गई और कंपनी ने इस दौरान 91,772 वाहन बेचे। | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: मुजफ्फरनगर में हुई हिंसा को 'अत्यंत दुखद घटनाक्रम' करार देते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शुक्रवार को लोगों से सांप्रदायिक ताकतों को कड़ी चुनौती देने का आग्रह किया।
यहां राष्ट्रीय सांप्रदायिक सद्भावना सम्मान समारोह में प्रधानमंत्री ने कहा, "एक इंसान के रूप में हमारी पहचान धर्मनिरपेक्ष की है। केवल मुट्ठीभर लोग ही अपने स्वार्थ के लिए हमारे बीच भेदभाव पैदा कर रहे हैं।"
समारोह में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मिजोरम की सामाजिक कार्यकर्ता खामलिना और ओडिशा के मोहम्मद अब्दुल बारी को वर्ष 2011-12 के लिए सांप्रदायिक सद्भावना सम्मान प्रदान किया।
संस्था वर्ग में यह सम्मान दिल्ली के फाउंडेशन फॉर एमिटी एंड नेशनल सोलिडरिटी को दिया गया। उन्होंने कहा, "मैं यह भी मानता हूं कि ऐसी ताकतों का विरोध करना हम में से हर एक का कर्तव्य है।"
प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में हुई हिंसा का जिक्र किया। यहां हिंसा में 40 से ज्यादा लोगों की जान गई और हजारों लोगों को अपना घर-बार छोड़कर शिविरों में शरण लेना पड़ा है।
मनमोहन सिंह ने कहा, "हम आज देश के कुछ हिस्सों में सांप्रदायिक तनाव चरम पर पहुंचने के बीच यहां जुटे हैं। यह अत्यंत दुखद घटनाक्रम है।" उन्होंने कहा, "हाल की घटनाओं के मद्देनजर हम सब का दायित्व है कि समाज में सद्भाव और मैत्री की भावना को बढ़ावा देने की निजी और सामूहिक जिम्मेदारी का प्रदर्शन करें।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपनी विविधताओं के लिए जाना जाता है और इस देश के पास 'सहिष्णुता की अत्यंत गौरवशाली' विरासत भी है। उन्होंने कहा, "भारत एक ऐसा देश है जहां सदियों तक विभिन्न धर्म विकसित हुए और उन्होंने एक दूसरे समृद्ध किया है।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखने का हर संभव प्रयत्न करने में जुटी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता परिषद की बैठक 23 सितंबर को आयोजित की जाएगी जिसमें 'इस बुराई को खत्म करने के उपाय और मार्ग तलाशा जाएगा।'
प्रधानमंत्री ने कहा कि सम्मानित किए गए दोनों व्यक्तियों ने दृष्टांत योग्य काम किए हैं जिस पर हर किसी को गर्व हो सकता है।
इस मौके पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा, "सांप्रदायिकता हमारे समाज से दूर हटती नहीं दिख रही है।" उन्होंने कहा, "ऐसा इसलिए है क्योंकि हम अपने ही इतिहास से सबक क्यों नहीं सीखते, बल्कि बार-बार वही गलती दोहरात रहते हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि सौहार्द और सहिष्णुता भारतीय लोकाचार की बुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा, "यद्यपि सामाजिक शांति और सौहार्द कायम रखना सरकार का काम है, फिर भी इसकी जिम्मेदारी को हर नागरिक के कर्तव्य से पृथक नहीं की जा सकती।"टिप्पणियां
राष्ट्रपति ने कहा कि सौहार्द और सहिष्णुता भारतीय लोकाचार, परंपरा और इतिहास की बुनियाद हैं। उन्होंने कहा, "इसी विरासत के दम पर भारत ने अपने अंक में विभिन्न धर्मो, सुधार आंदोलनों और सदी तक हमारी चेतना को प्रभावित करने वाले पुनर्जागरण को समेटा और अपनाया।"
मुखर्जी ने कहा, "हमारे संविधान ने सभी भारतीयों के बीच सौहार्द और भाईचारे की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए धर्म, भाषा और क्षेत्र या सामुदायिक विविधता को परे रखते हुए हर नागरिक के बुनियादी कर्तव्य को रेखांकित किया है।"
यहां राष्ट्रीय सांप्रदायिक सद्भावना सम्मान समारोह में प्रधानमंत्री ने कहा, "एक इंसान के रूप में हमारी पहचान धर्मनिरपेक्ष की है। केवल मुट्ठीभर लोग ही अपने स्वार्थ के लिए हमारे बीच भेदभाव पैदा कर रहे हैं।"
समारोह में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मिजोरम की सामाजिक कार्यकर्ता खामलिना और ओडिशा के मोहम्मद अब्दुल बारी को वर्ष 2011-12 के लिए सांप्रदायिक सद्भावना सम्मान प्रदान किया।
संस्था वर्ग में यह सम्मान दिल्ली के फाउंडेशन फॉर एमिटी एंड नेशनल सोलिडरिटी को दिया गया। उन्होंने कहा, "मैं यह भी मानता हूं कि ऐसी ताकतों का विरोध करना हम में से हर एक का कर्तव्य है।"
प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में हुई हिंसा का जिक्र किया। यहां हिंसा में 40 से ज्यादा लोगों की जान गई और हजारों लोगों को अपना घर-बार छोड़कर शिविरों में शरण लेना पड़ा है।
मनमोहन सिंह ने कहा, "हम आज देश के कुछ हिस्सों में सांप्रदायिक तनाव चरम पर पहुंचने के बीच यहां जुटे हैं। यह अत्यंत दुखद घटनाक्रम है।" उन्होंने कहा, "हाल की घटनाओं के मद्देनजर हम सब का दायित्व है कि समाज में सद्भाव और मैत्री की भावना को बढ़ावा देने की निजी और सामूहिक जिम्मेदारी का प्रदर्शन करें।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपनी विविधताओं के लिए जाना जाता है और इस देश के पास 'सहिष्णुता की अत्यंत गौरवशाली' विरासत भी है। उन्होंने कहा, "भारत एक ऐसा देश है जहां सदियों तक विभिन्न धर्म विकसित हुए और उन्होंने एक दूसरे समृद्ध किया है।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखने का हर संभव प्रयत्न करने में जुटी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता परिषद की बैठक 23 सितंबर को आयोजित की जाएगी जिसमें 'इस बुराई को खत्म करने के उपाय और मार्ग तलाशा जाएगा।'
प्रधानमंत्री ने कहा कि सम्मानित किए गए दोनों व्यक्तियों ने दृष्टांत योग्य काम किए हैं जिस पर हर किसी को गर्व हो सकता है।
इस मौके पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा, "सांप्रदायिकता हमारे समाज से दूर हटती नहीं दिख रही है।" उन्होंने कहा, "ऐसा इसलिए है क्योंकि हम अपने ही इतिहास से सबक क्यों नहीं सीखते, बल्कि बार-बार वही गलती दोहरात रहते हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि सौहार्द और सहिष्णुता भारतीय लोकाचार की बुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा, "यद्यपि सामाजिक शांति और सौहार्द कायम रखना सरकार का काम है, फिर भी इसकी जिम्मेदारी को हर नागरिक के कर्तव्य से पृथक नहीं की जा सकती।"टिप्पणियां
राष्ट्रपति ने कहा कि सौहार्द और सहिष्णुता भारतीय लोकाचार, परंपरा और इतिहास की बुनियाद हैं। उन्होंने कहा, "इसी विरासत के दम पर भारत ने अपने अंक में विभिन्न धर्मो, सुधार आंदोलनों और सदी तक हमारी चेतना को प्रभावित करने वाले पुनर्जागरण को समेटा और अपनाया।"
मुखर्जी ने कहा, "हमारे संविधान ने सभी भारतीयों के बीच सौहार्द और भाईचारे की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए धर्म, भाषा और क्षेत्र या सामुदायिक विविधता को परे रखते हुए हर नागरिक के बुनियादी कर्तव्य को रेखांकित किया है।"
समारोह में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मिजोरम की सामाजिक कार्यकर्ता खामलिना और ओडिशा के मोहम्मद अब्दुल बारी को वर्ष 2011-12 के लिए सांप्रदायिक सद्भावना सम्मान प्रदान किया।
संस्था वर्ग में यह सम्मान दिल्ली के फाउंडेशन फॉर एमिटी एंड नेशनल सोलिडरिटी को दिया गया। उन्होंने कहा, "मैं यह भी मानता हूं कि ऐसी ताकतों का विरोध करना हम में से हर एक का कर्तव्य है।"
प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में हुई हिंसा का जिक्र किया। यहां हिंसा में 40 से ज्यादा लोगों की जान गई और हजारों लोगों को अपना घर-बार छोड़कर शिविरों में शरण लेना पड़ा है।
मनमोहन सिंह ने कहा, "हम आज देश के कुछ हिस्सों में सांप्रदायिक तनाव चरम पर पहुंचने के बीच यहां जुटे हैं। यह अत्यंत दुखद घटनाक्रम है।" उन्होंने कहा, "हाल की घटनाओं के मद्देनजर हम सब का दायित्व है कि समाज में सद्भाव और मैत्री की भावना को बढ़ावा देने की निजी और सामूहिक जिम्मेदारी का प्रदर्शन करें।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपनी विविधताओं के लिए जाना जाता है और इस देश के पास 'सहिष्णुता की अत्यंत गौरवशाली' विरासत भी है। उन्होंने कहा, "भारत एक ऐसा देश है जहां सदियों तक विभिन्न धर्म विकसित हुए और उन्होंने एक दूसरे समृद्ध किया है।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखने का हर संभव प्रयत्न करने में जुटी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता परिषद की बैठक 23 सितंबर को आयोजित की जाएगी जिसमें 'इस बुराई को खत्म करने के उपाय और मार्ग तलाशा जाएगा।'
प्रधानमंत्री ने कहा कि सम्मानित किए गए दोनों व्यक्तियों ने दृष्टांत योग्य काम किए हैं जिस पर हर किसी को गर्व हो सकता है।
इस मौके पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा, "सांप्रदायिकता हमारे समाज से दूर हटती नहीं दिख रही है।" उन्होंने कहा, "ऐसा इसलिए है क्योंकि हम अपने ही इतिहास से सबक क्यों नहीं सीखते, बल्कि बार-बार वही गलती दोहरात रहते हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि सौहार्द और सहिष्णुता भारतीय लोकाचार की बुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा, "यद्यपि सामाजिक शांति और सौहार्द कायम रखना सरकार का काम है, फिर भी इसकी जिम्मेदारी को हर नागरिक के कर्तव्य से पृथक नहीं की जा सकती।"टिप्पणियां
राष्ट्रपति ने कहा कि सौहार्द और सहिष्णुता भारतीय लोकाचार, परंपरा और इतिहास की बुनियाद हैं। उन्होंने कहा, "इसी विरासत के दम पर भारत ने अपने अंक में विभिन्न धर्मो, सुधार आंदोलनों और सदी तक हमारी चेतना को प्रभावित करने वाले पुनर्जागरण को समेटा और अपनाया।"
मुखर्जी ने कहा, "हमारे संविधान ने सभी भारतीयों के बीच सौहार्द और भाईचारे की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए धर्म, भाषा और क्षेत्र या सामुदायिक विविधता को परे रखते हुए हर नागरिक के बुनियादी कर्तव्य को रेखांकित किया है।"
संस्था वर्ग में यह सम्मान दिल्ली के फाउंडेशन फॉर एमिटी एंड नेशनल सोलिडरिटी को दिया गया। उन्होंने कहा, "मैं यह भी मानता हूं कि ऐसी ताकतों का विरोध करना हम में से हर एक का कर्तव्य है।"
प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में हुई हिंसा का जिक्र किया। यहां हिंसा में 40 से ज्यादा लोगों की जान गई और हजारों लोगों को अपना घर-बार छोड़कर शिविरों में शरण लेना पड़ा है।
मनमोहन सिंह ने कहा, "हम आज देश के कुछ हिस्सों में सांप्रदायिक तनाव चरम पर पहुंचने के बीच यहां जुटे हैं। यह अत्यंत दुखद घटनाक्रम है।" उन्होंने कहा, "हाल की घटनाओं के मद्देनजर हम सब का दायित्व है कि समाज में सद्भाव और मैत्री की भावना को बढ़ावा देने की निजी और सामूहिक जिम्मेदारी का प्रदर्शन करें।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपनी विविधताओं के लिए जाना जाता है और इस देश के पास 'सहिष्णुता की अत्यंत गौरवशाली' विरासत भी है। उन्होंने कहा, "भारत एक ऐसा देश है जहां सदियों तक विभिन्न धर्म विकसित हुए और उन्होंने एक दूसरे समृद्ध किया है।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखने का हर संभव प्रयत्न करने में जुटी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता परिषद की बैठक 23 सितंबर को आयोजित की जाएगी जिसमें 'इस बुराई को खत्म करने के उपाय और मार्ग तलाशा जाएगा।'
प्रधानमंत्री ने कहा कि सम्मानित किए गए दोनों व्यक्तियों ने दृष्टांत योग्य काम किए हैं जिस पर हर किसी को गर्व हो सकता है।
इस मौके पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा, "सांप्रदायिकता हमारे समाज से दूर हटती नहीं दिख रही है।" उन्होंने कहा, "ऐसा इसलिए है क्योंकि हम अपने ही इतिहास से सबक क्यों नहीं सीखते, बल्कि बार-बार वही गलती दोहरात रहते हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि सौहार्द और सहिष्णुता भारतीय लोकाचार की बुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा, "यद्यपि सामाजिक शांति और सौहार्द कायम रखना सरकार का काम है, फिर भी इसकी जिम्मेदारी को हर नागरिक के कर्तव्य से पृथक नहीं की जा सकती।"टिप्पणियां
राष्ट्रपति ने कहा कि सौहार्द और सहिष्णुता भारतीय लोकाचार, परंपरा और इतिहास की बुनियाद हैं। उन्होंने कहा, "इसी विरासत के दम पर भारत ने अपने अंक में विभिन्न धर्मो, सुधार आंदोलनों और सदी तक हमारी चेतना को प्रभावित करने वाले पुनर्जागरण को समेटा और अपनाया।"
मुखर्जी ने कहा, "हमारे संविधान ने सभी भारतीयों के बीच सौहार्द और भाईचारे की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए धर्म, भाषा और क्षेत्र या सामुदायिक विविधता को परे रखते हुए हर नागरिक के बुनियादी कर्तव्य को रेखांकित किया है।"
प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में हुई हिंसा का जिक्र किया। यहां हिंसा में 40 से ज्यादा लोगों की जान गई और हजारों लोगों को अपना घर-बार छोड़कर शिविरों में शरण लेना पड़ा है।
मनमोहन सिंह ने कहा, "हम आज देश के कुछ हिस्सों में सांप्रदायिक तनाव चरम पर पहुंचने के बीच यहां जुटे हैं। यह अत्यंत दुखद घटनाक्रम है।" उन्होंने कहा, "हाल की घटनाओं के मद्देनजर हम सब का दायित्व है कि समाज में सद्भाव और मैत्री की भावना को बढ़ावा देने की निजी और सामूहिक जिम्मेदारी का प्रदर्शन करें।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपनी विविधताओं के लिए जाना जाता है और इस देश के पास 'सहिष्णुता की अत्यंत गौरवशाली' विरासत भी है। उन्होंने कहा, "भारत एक ऐसा देश है जहां सदियों तक विभिन्न धर्म विकसित हुए और उन्होंने एक दूसरे समृद्ध किया है।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखने का हर संभव प्रयत्न करने में जुटी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता परिषद की बैठक 23 सितंबर को आयोजित की जाएगी जिसमें 'इस बुराई को खत्म करने के उपाय और मार्ग तलाशा जाएगा।'
प्रधानमंत्री ने कहा कि सम्मानित किए गए दोनों व्यक्तियों ने दृष्टांत योग्य काम किए हैं जिस पर हर किसी को गर्व हो सकता है।
इस मौके पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा, "सांप्रदायिकता हमारे समाज से दूर हटती नहीं दिख रही है।" उन्होंने कहा, "ऐसा इसलिए है क्योंकि हम अपने ही इतिहास से सबक क्यों नहीं सीखते, बल्कि बार-बार वही गलती दोहरात रहते हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि सौहार्द और सहिष्णुता भारतीय लोकाचार की बुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा, "यद्यपि सामाजिक शांति और सौहार्द कायम रखना सरकार का काम है, फिर भी इसकी जिम्मेदारी को हर नागरिक के कर्तव्य से पृथक नहीं की जा सकती।"टिप्पणियां
राष्ट्रपति ने कहा कि सौहार्द और सहिष्णुता भारतीय लोकाचार, परंपरा और इतिहास की बुनियाद हैं। उन्होंने कहा, "इसी विरासत के दम पर भारत ने अपने अंक में विभिन्न धर्मो, सुधार आंदोलनों और सदी तक हमारी चेतना को प्रभावित करने वाले पुनर्जागरण को समेटा और अपनाया।"
मुखर्जी ने कहा, "हमारे संविधान ने सभी भारतीयों के बीच सौहार्द और भाईचारे की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए धर्म, भाषा और क्षेत्र या सामुदायिक विविधता को परे रखते हुए हर नागरिक के बुनियादी कर्तव्य को रेखांकित किया है।"
मनमोहन सिंह ने कहा, "हम आज देश के कुछ हिस्सों में सांप्रदायिक तनाव चरम पर पहुंचने के बीच यहां जुटे हैं। यह अत्यंत दुखद घटनाक्रम है।" उन्होंने कहा, "हाल की घटनाओं के मद्देनजर हम सब का दायित्व है कि समाज में सद्भाव और मैत्री की भावना को बढ़ावा देने की निजी और सामूहिक जिम्मेदारी का प्रदर्शन करें।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपनी विविधताओं के लिए जाना जाता है और इस देश के पास 'सहिष्णुता की अत्यंत गौरवशाली' विरासत भी है। उन्होंने कहा, "भारत एक ऐसा देश है जहां सदियों तक विभिन्न धर्म विकसित हुए और उन्होंने एक दूसरे समृद्ध किया है।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखने का हर संभव प्रयत्न करने में जुटी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता परिषद की बैठक 23 सितंबर को आयोजित की जाएगी जिसमें 'इस बुराई को खत्म करने के उपाय और मार्ग तलाशा जाएगा।'
प्रधानमंत्री ने कहा कि सम्मानित किए गए दोनों व्यक्तियों ने दृष्टांत योग्य काम किए हैं जिस पर हर किसी को गर्व हो सकता है।
इस मौके पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा, "सांप्रदायिकता हमारे समाज से दूर हटती नहीं दिख रही है।" उन्होंने कहा, "ऐसा इसलिए है क्योंकि हम अपने ही इतिहास से सबक क्यों नहीं सीखते, बल्कि बार-बार वही गलती दोहरात रहते हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि सौहार्द और सहिष्णुता भारतीय लोकाचार की बुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा, "यद्यपि सामाजिक शांति और सौहार्द कायम रखना सरकार का काम है, फिर भी इसकी जिम्मेदारी को हर नागरिक के कर्तव्य से पृथक नहीं की जा सकती।"टिप्पणियां
राष्ट्रपति ने कहा कि सौहार्द और सहिष्णुता भारतीय लोकाचार, परंपरा और इतिहास की बुनियाद हैं। उन्होंने कहा, "इसी विरासत के दम पर भारत ने अपने अंक में विभिन्न धर्मो, सुधार आंदोलनों और सदी तक हमारी चेतना को प्रभावित करने वाले पुनर्जागरण को समेटा और अपनाया।"
मुखर्जी ने कहा, "हमारे संविधान ने सभी भारतीयों के बीच सौहार्द और भाईचारे की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए धर्म, भाषा और क्षेत्र या सामुदायिक विविधता को परे रखते हुए हर नागरिक के बुनियादी कर्तव्य को रेखांकित किया है।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपनी विविधताओं के लिए जाना जाता है और इस देश के पास 'सहिष्णुता की अत्यंत गौरवशाली' विरासत भी है। उन्होंने कहा, "भारत एक ऐसा देश है जहां सदियों तक विभिन्न धर्म विकसित हुए और उन्होंने एक दूसरे समृद्ध किया है।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखने का हर संभव प्रयत्न करने में जुटी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता परिषद की बैठक 23 सितंबर को आयोजित की जाएगी जिसमें 'इस बुराई को खत्म करने के उपाय और मार्ग तलाशा जाएगा।'
प्रधानमंत्री ने कहा कि सम्मानित किए गए दोनों व्यक्तियों ने दृष्टांत योग्य काम किए हैं जिस पर हर किसी को गर्व हो सकता है।
इस मौके पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा, "सांप्रदायिकता हमारे समाज से दूर हटती नहीं दिख रही है।" उन्होंने कहा, "ऐसा इसलिए है क्योंकि हम अपने ही इतिहास से सबक क्यों नहीं सीखते, बल्कि बार-बार वही गलती दोहरात रहते हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि सौहार्द और सहिष्णुता भारतीय लोकाचार की बुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा, "यद्यपि सामाजिक शांति और सौहार्द कायम रखना सरकार का काम है, फिर भी इसकी जिम्मेदारी को हर नागरिक के कर्तव्य से पृथक नहीं की जा सकती।"टिप्पणियां
राष्ट्रपति ने कहा कि सौहार्द और सहिष्णुता भारतीय लोकाचार, परंपरा और इतिहास की बुनियाद हैं। उन्होंने कहा, "इसी विरासत के दम पर भारत ने अपने अंक में विभिन्न धर्मो, सुधार आंदोलनों और सदी तक हमारी चेतना को प्रभावित करने वाले पुनर्जागरण को समेटा और अपनाया।"
मुखर्जी ने कहा, "हमारे संविधान ने सभी भारतीयों के बीच सौहार्द और भाईचारे की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए धर्म, भाषा और क्षेत्र या सामुदायिक विविधता को परे रखते हुए हर नागरिक के बुनियादी कर्तव्य को रेखांकित किया है।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखने का हर संभव प्रयत्न करने में जुटी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता परिषद की बैठक 23 सितंबर को आयोजित की जाएगी जिसमें 'इस बुराई को खत्म करने के उपाय और मार्ग तलाशा जाएगा।'
प्रधानमंत्री ने कहा कि सम्मानित किए गए दोनों व्यक्तियों ने दृष्टांत योग्य काम किए हैं जिस पर हर किसी को गर्व हो सकता है।
इस मौके पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा, "सांप्रदायिकता हमारे समाज से दूर हटती नहीं दिख रही है।" उन्होंने कहा, "ऐसा इसलिए है क्योंकि हम अपने ही इतिहास से सबक क्यों नहीं सीखते, बल्कि बार-बार वही गलती दोहरात रहते हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि सौहार्द और सहिष्णुता भारतीय लोकाचार की बुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा, "यद्यपि सामाजिक शांति और सौहार्द कायम रखना सरकार का काम है, फिर भी इसकी जिम्मेदारी को हर नागरिक के कर्तव्य से पृथक नहीं की जा सकती।"टिप्पणियां
राष्ट्रपति ने कहा कि सौहार्द और सहिष्णुता भारतीय लोकाचार, परंपरा और इतिहास की बुनियाद हैं। उन्होंने कहा, "इसी विरासत के दम पर भारत ने अपने अंक में विभिन्न धर्मो, सुधार आंदोलनों और सदी तक हमारी चेतना को प्रभावित करने वाले पुनर्जागरण को समेटा और अपनाया।"
मुखर्जी ने कहा, "हमारे संविधान ने सभी भारतीयों के बीच सौहार्द और भाईचारे की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए धर्म, भाषा और क्षेत्र या सामुदायिक विविधता को परे रखते हुए हर नागरिक के बुनियादी कर्तव्य को रेखांकित किया है।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि सम्मानित किए गए दोनों व्यक्तियों ने दृष्टांत योग्य काम किए हैं जिस पर हर किसी को गर्व हो सकता है।
इस मौके पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा, "सांप्रदायिकता हमारे समाज से दूर हटती नहीं दिख रही है।" उन्होंने कहा, "ऐसा इसलिए है क्योंकि हम अपने ही इतिहास से सबक क्यों नहीं सीखते, बल्कि बार-बार वही गलती दोहरात रहते हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि सौहार्द और सहिष्णुता भारतीय लोकाचार की बुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा, "यद्यपि सामाजिक शांति और सौहार्द कायम रखना सरकार का काम है, फिर भी इसकी जिम्मेदारी को हर नागरिक के कर्तव्य से पृथक नहीं की जा सकती।"टिप्पणियां
राष्ट्रपति ने कहा कि सौहार्द और सहिष्णुता भारतीय लोकाचार, परंपरा और इतिहास की बुनियाद हैं। उन्होंने कहा, "इसी विरासत के दम पर भारत ने अपने अंक में विभिन्न धर्मो, सुधार आंदोलनों और सदी तक हमारी चेतना को प्रभावित करने वाले पुनर्जागरण को समेटा और अपनाया।"
मुखर्जी ने कहा, "हमारे संविधान ने सभी भारतीयों के बीच सौहार्द और भाईचारे की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए धर्म, भाषा और क्षेत्र या सामुदायिक विविधता को परे रखते हुए हर नागरिक के बुनियादी कर्तव्य को रेखांकित किया है।"
इस मौके पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा, "सांप्रदायिकता हमारे समाज से दूर हटती नहीं दिख रही है।" उन्होंने कहा, "ऐसा इसलिए है क्योंकि हम अपने ही इतिहास से सबक क्यों नहीं सीखते, बल्कि बार-बार वही गलती दोहरात रहते हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि सौहार्द और सहिष्णुता भारतीय लोकाचार की बुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा, "यद्यपि सामाजिक शांति और सौहार्द कायम रखना सरकार का काम है, फिर भी इसकी जिम्मेदारी को हर नागरिक के कर्तव्य से पृथक नहीं की जा सकती।"टिप्पणियां
राष्ट्रपति ने कहा कि सौहार्द और सहिष्णुता भारतीय लोकाचार, परंपरा और इतिहास की बुनियाद हैं। उन्होंने कहा, "इसी विरासत के दम पर भारत ने अपने अंक में विभिन्न धर्मो, सुधार आंदोलनों और सदी तक हमारी चेतना को प्रभावित करने वाले पुनर्जागरण को समेटा और अपनाया।"
मुखर्जी ने कहा, "हमारे संविधान ने सभी भारतीयों के बीच सौहार्द और भाईचारे की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए धर्म, भाषा और क्षेत्र या सामुदायिक विविधता को परे रखते हुए हर नागरिक के बुनियादी कर्तव्य को रेखांकित किया है।"
राष्ट्रपति ने कहा कि सौहार्द और सहिष्णुता भारतीय लोकाचार, परंपरा और इतिहास की बुनियाद हैं। उन्होंने कहा, "इसी विरासत के दम पर भारत ने अपने अंक में विभिन्न धर्मो, सुधार आंदोलनों और सदी तक हमारी चेतना को प्रभावित करने वाले पुनर्जागरण को समेटा और अपनाया।"
मुखर्जी ने कहा, "हमारे संविधान ने सभी भारतीयों के बीच सौहार्द और भाईचारे की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए धर्म, भाषा और क्षेत्र या सामुदायिक विविधता को परे रखते हुए हर नागरिक के बुनियादी कर्तव्य को रेखांकित किया है।"
मुखर्जी ने कहा, "हमारे संविधान ने सभी भारतीयों के बीच सौहार्द और भाईचारे की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए धर्म, भाषा और क्षेत्र या सामुदायिक विविधता को परे रखते हुए हर नागरिक के बुनियादी कर्तव्य को रेखांकित किया है।" | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मुजफ्फरनगर में हुई हिंसा को 'अत्यंत दुखद घटनाक्रम' करार देते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शुक्रवार को लोगों से सांप्रदायिक ताकतों को कड़ी चुनौती देने का आग्रह किया। | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: करीना कपूर और प्रियंका चोपड़ा को पीछे छोड़ते हुए कैटरीना कैफ वर्ष 2012 की मोबाइल फोन पर सबसे ज्यादा डाउनलोड की जाने वाली हस्ती बन गई हैं।
तस्वीरें डाउनलोड करने की श्रेणी में ‘एक था टाइगर’ स्टार कैटरीना लगातार चौथे वर्ष शीर्ष पर रहीं। एयरटेल मोबीट्यूड 2012 के आंकड़ों के अनुसार कैटरीना के अलावा शीर्ष पांच में करीना कपूर, प्रियंका चोपड़ा, अनुष्का शर्मा और विद्या बालन शामिल हैं।
बॉलीवुड स्टार्स के वालपेपर डाउनलोड की श्रेणी में शाहरूख खान नंबर एक पर हैं। उनके बाद सलमान खान, अजय देवगन, अक्षय कुमार और रणबीर कपूर का स्थान है। लगातार तीसरे साल आमिर खान को सूची में जगह नहीं मिली है।
दक्षिण भारत में तस्वीरें डाउनलोड करने का ट्रेंड बॉलीवुड के मुकाबले ज्यादा तेज रहा। टॉलीवुड की अभिनेत्री त्रिशा इस मामले में शीर्ष पर रहीं। बॉलीबुड के शीर्ष पांच अभिनेताओं के कुल डाउनलोड के मुकाबले त्रिशा की तस्वीरें 325 प्रतिशत ज्यादा डाउनलोड की गईं।
लोकप्रिय गीत ‘कोलावेरी डी’ इस वर्ष भी भारतीय मोबाइल इंटरनेट उपयोक्ताओं के बीच पहली पसंद बना रहा। इस सूची में दूसरा स्थान मिला सलमान खान की फिल्म बॉडीगार्ड के गाने ‘तेरी मेरी प्रेम कहानी’ को।टिप्पणियां
एयरटेल वीडियो टॉकीज पर सबसे ज्यादा देखी जाने वाली फिल्म रही दबंग। जबकि एयरटेल ऑडियो टॉकीज पर सिंघम ने बाजी मारी।
एयरटेल ऑडियो टॉकीज पर रमेश सिप्पी की ‘शोले’ उपयोक्ताओं की ऑल टाइम फेवरेट रही। फिल्मों से प्रेरित मोबाइल गेम्स को भी लोगों ने खूब पसंद किया... अग्निपथ, स्पाइडरमैन और एजेंट विनोद गेम्स ने पुराने लोकप्रिय गेम्स टेक्केन और सोलकैलिबर को पीछे छोड़ दिया।
तस्वीरें डाउनलोड करने की श्रेणी में ‘एक था टाइगर’ स्टार कैटरीना लगातार चौथे वर्ष शीर्ष पर रहीं। एयरटेल मोबीट्यूड 2012 के आंकड़ों के अनुसार कैटरीना के अलावा शीर्ष पांच में करीना कपूर, प्रियंका चोपड़ा, अनुष्का शर्मा और विद्या बालन शामिल हैं।
बॉलीवुड स्टार्स के वालपेपर डाउनलोड की श्रेणी में शाहरूख खान नंबर एक पर हैं। उनके बाद सलमान खान, अजय देवगन, अक्षय कुमार और रणबीर कपूर का स्थान है। लगातार तीसरे साल आमिर खान को सूची में जगह नहीं मिली है।
दक्षिण भारत में तस्वीरें डाउनलोड करने का ट्रेंड बॉलीवुड के मुकाबले ज्यादा तेज रहा। टॉलीवुड की अभिनेत्री त्रिशा इस मामले में शीर्ष पर रहीं। बॉलीबुड के शीर्ष पांच अभिनेताओं के कुल डाउनलोड के मुकाबले त्रिशा की तस्वीरें 325 प्रतिशत ज्यादा डाउनलोड की गईं।
लोकप्रिय गीत ‘कोलावेरी डी’ इस वर्ष भी भारतीय मोबाइल इंटरनेट उपयोक्ताओं के बीच पहली पसंद बना रहा। इस सूची में दूसरा स्थान मिला सलमान खान की फिल्म बॉडीगार्ड के गाने ‘तेरी मेरी प्रेम कहानी’ को।टिप्पणियां
एयरटेल वीडियो टॉकीज पर सबसे ज्यादा देखी जाने वाली फिल्म रही दबंग। जबकि एयरटेल ऑडियो टॉकीज पर सिंघम ने बाजी मारी।
एयरटेल ऑडियो टॉकीज पर रमेश सिप्पी की ‘शोले’ उपयोक्ताओं की ऑल टाइम फेवरेट रही। फिल्मों से प्रेरित मोबाइल गेम्स को भी लोगों ने खूब पसंद किया... अग्निपथ, स्पाइडरमैन और एजेंट विनोद गेम्स ने पुराने लोकप्रिय गेम्स टेक्केन और सोलकैलिबर को पीछे छोड़ दिया।
बॉलीवुड स्टार्स के वालपेपर डाउनलोड की श्रेणी में शाहरूख खान नंबर एक पर हैं। उनके बाद सलमान खान, अजय देवगन, अक्षय कुमार और रणबीर कपूर का स्थान है। लगातार तीसरे साल आमिर खान को सूची में जगह नहीं मिली है।
दक्षिण भारत में तस्वीरें डाउनलोड करने का ट्रेंड बॉलीवुड के मुकाबले ज्यादा तेज रहा। टॉलीवुड की अभिनेत्री त्रिशा इस मामले में शीर्ष पर रहीं। बॉलीबुड के शीर्ष पांच अभिनेताओं के कुल डाउनलोड के मुकाबले त्रिशा की तस्वीरें 325 प्रतिशत ज्यादा डाउनलोड की गईं।
लोकप्रिय गीत ‘कोलावेरी डी’ इस वर्ष भी भारतीय मोबाइल इंटरनेट उपयोक्ताओं के बीच पहली पसंद बना रहा। इस सूची में दूसरा स्थान मिला सलमान खान की फिल्म बॉडीगार्ड के गाने ‘तेरी मेरी प्रेम कहानी’ को।टिप्पणियां
एयरटेल वीडियो टॉकीज पर सबसे ज्यादा देखी जाने वाली फिल्म रही दबंग। जबकि एयरटेल ऑडियो टॉकीज पर सिंघम ने बाजी मारी।
एयरटेल ऑडियो टॉकीज पर रमेश सिप्पी की ‘शोले’ उपयोक्ताओं की ऑल टाइम फेवरेट रही। फिल्मों से प्रेरित मोबाइल गेम्स को भी लोगों ने खूब पसंद किया... अग्निपथ, स्पाइडरमैन और एजेंट विनोद गेम्स ने पुराने लोकप्रिय गेम्स टेक्केन और सोलकैलिबर को पीछे छोड़ दिया।
दक्षिण भारत में तस्वीरें डाउनलोड करने का ट्रेंड बॉलीवुड के मुकाबले ज्यादा तेज रहा। टॉलीवुड की अभिनेत्री त्रिशा इस मामले में शीर्ष पर रहीं। बॉलीबुड के शीर्ष पांच अभिनेताओं के कुल डाउनलोड के मुकाबले त्रिशा की तस्वीरें 325 प्रतिशत ज्यादा डाउनलोड की गईं।
लोकप्रिय गीत ‘कोलावेरी डी’ इस वर्ष भी भारतीय मोबाइल इंटरनेट उपयोक्ताओं के बीच पहली पसंद बना रहा। इस सूची में दूसरा स्थान मिला सलमान खान की फिल्म बॉडीगार्ड के गाने ‘तेरी मेरी प्रेम कहानी’ को।टिप्पणियां
एयरटेल वीडियो टॉकीज पर सबसे ज्यादा देखी जाने वाली फिल्म रही दबंग। जबकि एयरटेल ऑडियो टॉकीज पर सिंघम ने बाजी मारी।
एयरटेल ऑडियो टॉकीज पर रमेश सिप्पी की ‘शोले’ उपयोक्ताओं की ऑल टाइम फेवरेट रही। फिल्मों से प्रेरित मोबाइल गेम्स को भी लोगों ने खूब पसंद किया... अग्निपथ, स्पाइडरमैन और एजेंट विनोद गेम्स ने पुराने लोकप्रिय गेम्स टेक्केन और सोलकैलिबर को पीछे छोड़ दिया।
लोकप्रिय गीत ‘कोलावेरी डी’ इस वर्ष भी भारतीय मोबाइल इंटरनेट उपयोक्ताओं के बीच पहली पसंद बना रहा। इस सूची में दूसरा स्थान मिला सलमान खान की फिल्म बॉडीगार्ड के गाने ‘तेरी मेरी प्रेम कहानी’ को।टिप्पणियां
एयरटेल वीडियो टॉकीज पर सबसे ज्यादा देखी जाने वाली फिल्म रही दबंग। जबकि एयरटेल ऑडियो टॉकीज पर सिंघम ने बाजी मारी।
एयरटेल ऑडियो टॉकीज पर रमेश सिप्पी की ‘शोले’ उपयोक्ताओं की ऑल टाइम फेवरेट रही। फिल्मों से प्रेरित मोबाइल गेम्स को भी लोगों ने खूब पसंद किया... अग्निपथ, स्पाइडरमैन और एजेंट विनोद गेम्स ने पुराने लोकप्रिय गेम्स टेक्केन और सोलकैलिबर को पीछे छोड़ दिया।
एयरटेल वीडियो टॉकीज पर सबसे ज्यादा देखी जाने वाली फिल्म रही दबंग। जबकि एयरटेल ऑडियो टॉकीज पर सिंघम ने बाजी मारी।
एयरटेल ऑडियो टॉकीज पर रमेश सिप्पी की ‘शोले’ उपयोक्ताओं की ऑल टाइम फेवरेट रही। फिल्मों से प्रेरित मोबाइल गेम्स को भी लोगों ने खूब पसंद किया... अग्निपथ, स्पाइडरमैन और एजेंट विनोद गेम्स ने पुराने लोकप्रिय गेम्स टेक्केन और सोलकैलिबर को पीछे छोड़ दिया।
एयरटेल ऑडियो टॉकीज पर रमेश सिप्पी की ‘शोले’ उपयोक्ताओं की ऑल टाइम फेवरेट रही। फिल्मों से प्रेरित मोबाइल गेम्स को भी लोगों ने खूब पसंद किया... अग्निपथ, स्पाइडरमैन और एजेंट विनोद गेम्स ने पुराने लोकप्रिय गेम्स टेक्केन और सोलकैलिबर को पीछे छोड़ दिया। | करीना कपूर और प्रियंका चोपड़ा को पीछे छोड़ते हुए कैटरीना कैफ वर्ष 2012 की मोबाइल फोन पर सबसे ज्यादा डाउनलोड की जाने वाली हस्ती बन गई हैं। | 34 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की रविवार की कानपुर के गर्वनमेंट इंटर कालेज मैदान में संयुक्त रैली हुई. सभा को पहले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने संबोधित किया और उनकी सरकार द्वारा कानपुर तथा उत्तर प्रदेश में किए गए विकास कार्यों के बारे में विस्तार से बताया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा उत्तर प्रदेश में सपा-कांग्रेस गठबंधन को 'स्कैम' बताए जाने पर चुटकी लेते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी दोनों ने उन्हें अपने-अपने तरीके से जवाब दिया. दोनों युवा नेताओं ने भाजपा तथा प्रधानमंत्री पर जमकर निशाना साधा.टिप्पणियां
रैली के दौरान जब कांग्रेस उपाध्यक्ष मंच से भाषण दे रहे थे भीड़ ने मोदी मुर्दाबाद के नारे लगाना शुरू कर दिया. इस राहुल ने कहा, "आप उनके लिए मुर्दाबाद न कहें. अपना गुस्सा दिखाने के लिए सपा-कांग्रेस गठबंधन के पक्ष में वोट दें."
यह दूसरा मौका है जब राहुल गांधी की रैली में 'मोदी मुर्दाबाद' के नारे लगे और राहुल ने दखल देते हुए कार्यकर्ताओं से ऐसा न करने की समझाइश दी थी. इससे पहले 19 दिसंबर को जौनपुर में आयोजित 'जन आक्रोश' रैली में भी ऐसा ही कुछ नजारा देखने को मिला था. तब राहुल ने कार्यकर्ताओं से कहा था, "मुर्दाबाद जैसे शब्दों का प्रयोग करना हमारी संस्कृति नहीं है. वे हमारे प्रधानमंत्री हैं. हमारी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता जरूर है लेकिन मैं आप सबसे अनुरोध करता हूं कि उनके खिलाफ ऐसे शब्दों का प्रयोग न करें."
गठबंधन की रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने पूरे भाषण में प्रधानमंत्री मोदी को ही निशाना बनाया. उन्होंने कहा, "मोदी सोचते हैं कि वह देश और दुनिया में इकलौते ऐसे आदमी हैं जो सबकुछ जानते हैं, सच बोलते हैं जबकि भारत की जनता बेवकूफ है, और कुछ नहीं जानती है." उन्होंने कहा, "मोदी ने नोटबंदी करके गरीबों के पेट पर लात मारी है और जनता के बैंकों में जमा पैसे से विजय माल्या समेत अपने उन पचास दोस्तों का भला किया है जिन्होंने बैंकों से लाखों करोड़ रुपयों का कर्ज लिया हुआ था. मोदी जी इन अमीर दोस्तों को ख्याल इस लिये रखते हैं क्योंकि उनके यह अमीर दोस्त उनका चुनावी खर्च उठाते हैं. गरीबों से पैसा लेकर उसे छह महीने तक बैंक में रखा और अपने अमीर दोस्तों का कर्ज माफ कर दिया. लेकिन देश की जनता अब इस नोटबंदी की असलियत जान चुकी है."
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कांग्रेस सपा गठबंधन पर एक शेर भी पढ़ा. "हम दोनों में फर्क है इतना, एक कहता है सपना और दूसरा कहता है ख्वाब" "मैं हिन्दी उर्दू का दोआब, मैं वह आईना हूं जिसमें हैं आप" राहुल ने कहा कि सपा और कांग्रेस का अब गठबंधन हो गया है अब सपा की साईकिल मोटरसाईकिल की तरह चलेगी.
रैली के दौरान जब कांग्रेस उपाध्यक्ष मंच से भाषण दे रहे थे भीड़ ने मोदी मुर्दाबाद के नारे लगाना शुरू कर दिया. इस राहुल ने कहा, "आप उनके लिए मुर्दाबाद न कहें. अपना गुस्सा दिखाने के लिए सपा-कांग्रेस गठबंधन के पक्ष में वोट दें."
यह दूसरा मौका है जब राहुल गांधी की रैली में 'मोदी मुर्दाबाद' के नारे लगे और राहुल ने दखल देते हुए कार्यकर्ताओं से ऐसा न करने की समझाइश दी थी. इससे पहले 19 दिसंबर को जौनपुर में आयोजित 'जन आक्रोश' रैली में भी ऐसा ही कुछ नजारा देखने को मिला था. तब राहुल ने कार्यकर्ताओं से कहा था, "मुर्दाबाद जैसे शब्दों का प्रयोग करना हमारी संस्कृति नहीं है. वे हमारे प्रधानमंत्री हैं. हमारी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता जरूर है लेकिन मैं आप सबसे अनुरोध करता हूं कि उनके खिलाफ ऐसे शब्दों का प्रयोग न करें."
गठबंधन की रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने पूरे भाषण में प्रधानमंत्री मोदी को ही निशाना बनाया. उन्होंने कहा, "मोदी सोचते हैं कि वह देश और दुनिया में इकलौते ऐसे आदमी हैं जो सबकुछ जानते हैं, सच बोलते हैं जबकि भारत की जनता बेवकूफ है, और कुछ नहीं जानती है." उन्होंने कहा, "मोदी ने नोटबंदी करके गरीबों के पेट पर लात मारी है और जनता के बैंकों में जमा पैसे से विजय माल्या समेत अपने उन पचास दोस्तों का भला किया है जिन्होंने बैंकों से लाखों करोड़ रुपयों का कर्ज लिया हुआ था. मोदी जी इन अमीर दोस्तों को ख्याल इस लिये रखते हैं क्योंकि उनके यह अमीर दोस्त उनका चुनावी खर्च उठाते हैं. गरीबों से पैसा लेकर उसे छह महीने तक बैंक में रखा और अपने अमीर दोस्तों का कर्ज माफ कर दिया. लेकिन देश की जनता अब इस नोटबंदी की असलियत जान चुकी है."
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कांग्रेस सपा गठबंधन पर एक शेर भी पढ़ा. "हम दोनों में फर्क है इतना, एक कहता है सपना और दूसरा कहता है ख्वाब" "मैं हिन्दी उर्दू का दोआब, मैं वह आईना हूं जिसमें हैं आप" राहुल ने कहा कि सपा और कांग्रेस का अब गठबंधन हो गया है अब सपा की साईकिल मोटरसाईकिल की तरह चलेगी.
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कांग्रेस सपा गठबंधन पर एक शेर भी पढ़ा. "हम दोनों में फर्क है इतना, एक कहता है सपना और दूसरा कहता है ख्वाब" "मैं हिन्दी उर्दू का दोआब, मैं वह आईना हूं जिसमें हैं आप" राहुल ने कहा कि सपा और कांग्रेस का अब गठबंधन हो गया है अब सपा की साईकिल मोटरसाईकिल की तरह चलेगी. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की रविवार को हुई कानपुर में संयुक्त रैली
दोनों युवा नेताओं ने 'स्कैम' को दी अपने-अपने अंदाज में दी नई परिभाषा
राहुल गांधी ने भी बोला पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कभी ग्राहकों को इंतजार कराने वाली कार नैनो अब ग्राहकों का इंतजार कर रही है। टाटा मोटर्स को नैनो की बिक्री बढ़ाने में मुश्किल आ रही है और इस साल अप्रैल में कंपनी महज 948 नैनो कारें बेच सकी।
टाटा मोटर्स द्वारा बीएसई को उपलब्ध कराई गई सूचना के मुताबिक, भारत में वाहन बाजार में नरमी के बीच इस साल अप्रैल में नैनो की बिक्री में 88 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि बीते साल अप्रैल में कंपनी ने 8,028 नैनो कारें बेची थीं। पिछले महीने कंपनी ने एक भी नैनो कार का निर्यात नहीं किया। हालांकि, कंपनी ने 2011 में श्रीलंका में कार की बिक्री शुरू की थी।टिप्पणियां
सियाम के आंकड़ों के मुताबिक, बीते वित्तवर्ष के दौरान भी नैनो की बिक्री में गिरावट का रख रहा। बीते वित्तवर्ष के दौरान नैनो की बिक्री 27.75 प्रतिशत घटकर 53,848 कारों की रही, जबकि 2011-12 में कंपनी ने 74,527 नैनो कारें बेची थीं। बीते वित्तवर्ष में कंपनी ने महज 166 नैनो कारों का निर्यात किया, जबकि इससे पिछले वित्तवर्ष में नैनो की 3,462 कारों का निर्यात किया गया था। इस तरह से निर्यात में 95.21 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
टाटा मोटर्स के लिए चिंता की बात यह है कि सिर्फ नैनो ही ऐसा मॉडल नहीं है, जिसकी बिक्री घट रही है। इस साल अप्रैल में कंपनी की कुल वाहन बिक्री घटकर 51,160 इकाई रह गई है, जो इससे पिछले साल इसी महीने में 60,086 इकाई थी। घरेलू बाजार में कंपनी की कुल यात्री वाहन बिक्री 48.94 प्रतिशत घटकर 11,570 इकाई पर आ गई, जो अप्रैल, 2012 में 22,658 इकाई थी। हालांकि, इस दौरान वाणिज्यिक वाहन खंड में कंपनी की बिक्री 3.97 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 36,025 इकाई रही, जो पिछले साल इसी महीने में 34,647 इकाई रही थी।
टाटा मोटर्स द्वारा बीएसई को उपलब्ध कराई गई सूचना के मुताबिक, भारत में वाहन बाजार में नरमी के बीच इस साल अप्रैल में नैनो की बिक्री में 88 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि बीते साल अप्रैल में कंपनी ने 8,028 नैनो कारें बेची थीं। पिछले महीने कंपनी ने एक भी नैनो कार का निर्यात नहीं किया। हालांकि, कंपनी ने 2011 में श्रीलंका में कार की बिक्री शुरू की थी।टिप्पणियां
सियाम के आंकड़ों के मुताबिक, बीते वित्तवर्ष के दौरान भी नैनो की बिक्री में गिरावट का रख रहा। बीते वित्तवर्ष के दौरान नैनो की बिक्री 27.75 प्रतिशत घटकर 53,848 कारों की रही, जबकि 2011-12 में कंपनी ने 74,527 नैनो कारें बेची थीं। बीते वित्तवर्ष में कंपनी ने महज 166 नैनो कारों का निर्यात किया, जबकि इससे पिछले वित्तवर्ष में नैनो की 3,462 कारों का निर्यात किया गया था। इस तरह से निर्यात में 95.21 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
टाटा मोटर्स के लिए चिंता की बात यह है कि सिर्फ नैनो ही ऐसा मॉडल नहीं है, जिसकी बिक्री घट रही है। इस साल अप्रैल में कंपनी की कुल वाहन बिक्री घटकर 51,160 इकाई रह गई है, जो इससे पिछले साल इसी महीने में 60,086 इकाई थी। घरेलू बाजार में कंपनी की कुल यात्री वाहन बिक्री 48.94 प्रतिशत घटकर 11,570 इकाई पर आ गई, जो अप्रैल, 2012 में 22,658 इकाई थी। हालांकि, इस दौरान वाणिज्यिक वाहन खंड में कंपनी की बिक्री 3.97 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 36,025 इकाई रही, जो पिछले साल इसी महीने में 34,647 इकाई रही थी।
सियाम के आंकड़ों के मुताबिक, बीते वित्तवर्ष के दौरान भी नैनो की बिक्री में गिरावट का रख रहा। बीते वित्तवर्ष के दौरान नैनो की बिक्री 27.75 प्रतिशत घटकर 53,848 कारों की रही, जबकि 2011-12 में कंपनी ने 74,527 नैनो कारें बेची थीं। बीते वित्तवर्ष में कंपनी ने महज 166 नैनो कारों का निर्यात किया, जबकि इससे पिछले वित्तवर्ष में नैनो की 3,462 कारों का निर्यात किया गया था। इस तरह से निर्यात में 95.21 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
टाटा मोटर्स के लिए चिंता की बात यह है कि सिर्फ नैनो ही ऐसा मॉडल नहीं है, जिसकी बिक्री घट रही है। इस साल अप्रैल में कंपनी की कुल वाहन बिक्री घटकर 51,160 इकाई रह गई है, जो इससे पिछले साल इसी महीने में 60,086 इकाई थी। घरेलू बाजार में कंपनी की कुल यात्री वाहन बिक्री 48.94 प्रतिशत घटकर 11,570 इकाई पर आ गई, जो अप्रैल, 2012 में 22,658 इकाई थी। हालांकि, इस दौरान वाणिज्यिक वाहन खंड में कंपनी की बिक्री 3.97 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 36,025 इकाई रही, जो पिछले साल इसी महीने में 34,647 इकाई रही थी।
टाटा मोटर्स के लिए चिंता की बात यह है कि सिर्फ नैनो ही ऐसा मॉडल नहीं है, जिसकी बिक्री घट रही है। इस साल अप्रैल में कंपनी की कुल वाहन बिक्री घटकर 51,160 इकाई रह गई है, जो इससे पिछले साल इसी महीने में 60,086 इकाई थी। घरेलू बाजार में कंपनी की कुल यात्री वाहन बिक्री 48.94 प्रतिशत घटकर 11,570 इकाई पर आ गई, जो अप्रैल, 2012 में 22,658 इकाई थी। हालांकि, इस दौरान वाणिज्यिक वाहन खंड में कंपनी की बिक्री 3.97 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 36,025 इकाई रही, जो पिछले साल इसी महीने में 34,647 इकाई रही थी। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कभी ग्राहकों को इंतजार कराने वाली नैनो अब ग्राहकों का इंतजार कर रही है। टाटा मोटर्स को नैनो की बिक्री बढ़ाने में मुश्किल आ रही है और इस साल अप्रैल में कंपनी महज 948 नैनो कारें बेच सकी। | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: नया स्मार्टफोन खरीदने का विचार कर रहे हैं लेकिन मार्केट में ढेरों मोबाइल होने की वज़ह से कंफ्यूज़न होना आम बात है। आज हम अपने लेख द्वारा आपको इस विषय में जानकारी मुहैया कराएंगे कि भारतीय मार्केट में ऐसे कौन-कौन से स्मार्टफोन है जो 15,000 रुपये से कम के बजट में 6 जीबी रैम से लैस हैं। भारत में आपको Xiaomi, Oppo के सब-ब्रांड Realme, Asus, Moto और Nokia ब्रांड के ऐसे फोन मिल जाएंगे जो 6 जीबी रैम से लैस तो हैं ही लेकिन साथ ही उनकी कीमत भी 15,000 रुपये से कम है। हम साफ कर दें कि ये केवल 6 जीबी रैम वाले स्मार्टफोन की एक लिस्ट मात्र है, इसमें कहीं भी हम यह नहीं कह रहे हैं कि इसमें से कौन सा स्मार्टफोन बेहतर है। आइए अब आपको 6 जीबी रैम वाले स्मार्टफोन के बारे में जानकारी देते हैं
ट्रांसियन होल्डिंग्स के Infinix ब्रांड ने सोमवार को अपने नए स्मार्टफोन इनफिनिक्स हॉट 7 प्रो स्मार्टफोन को भारत में लॉन्च किया है। Infinix Hot 7 Pro की अहम खासियतों की बात करें तो इनफिनिक्स हॉट 7 प्रो 6 जीबी रैम, 64 जीबी स्टोरेज, दो रियर कैमरे, दो फ्रंट कैमरे और 4000 एमएएच की बैटरी के साथ आता है।
इनफिनिक्स हॉट 7 प्रो की कीमत 9,999 रुपये है। इसकी बिक्री ई-कॉमर्स साइट Flipkart पर होगी। स्पेशल ऑफर के तहत ग्राहक इस हैंडसेट 17-21 जून तक 1,000 रुपये सस्ते में खरीद पाएंगे। ऑफर के दौरान हैंडसेट की कीमत 8,999 रुपये होगी। फोन मिडनाइट ब्लैक और एक्वा ब्लू रंग में उपलब्ध होगा।
Infinix Hot 7 Pro के स्पेसिफिकेशन की बात करें तो यह स्मार्टफोन मेटल यूनीबॉडी डिज़ाइन के साथ आता है। इसमें 6.19 इंच का एचडी+ रिजॉल्यूशन वाला 2.5डी कर्व्ड ग्लास डिस्प्ले है। स्मार्टफोन में मीडियाटेक हीलियो पी22 प्रोसेसर का इस्तेमाल हुआ है। यह 6 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज से लैस है।
कैमरा सेटअप की बात करें इनफिनिक्स हॉट 7 प्रो कुल चार कैमरों से लैस है। फ्रंट और रियर पैनल पर दो-दो कैमरे हैं। Hot 7 Pro में एआई से लैस डुअल रियर कैमरा सेटअप है। प्राइमरी सेंसर 13 मेगापिक्सल का है और सेकेंडरी सेंसर 2 मेगापिक्सल का। यह ऑटो सीन डिटेक्शन और एआई पोर्ट्रेट, एआई एचडीआर, एआई ब्यूटी, एआई बोकेह, नाइट, स्पोर्ट्स, ब्लू स्काई और टेक्स्ट जैसे फीचर के साथ आता है।
फ्रंट पैनल पर 13 मेगापिक्सल और 2 मेगापिक्सल के सेंसर्स जुगलबंदी में काम करेंगे। सेल्फी कैमरा सेटअप एआई पोर्ट्रेट और एआई ब्यूटी मोड जैसे फीचर से लैस है। स्मार्टफोन की बैटरी 4000 एमएएच की है और फोन स्टेंडर्ड कनेक्टिविटी फीचर से लैस है।
Xiaomi ने पिछले साल नवंबर में Redmi Note 6 Pro को भारत में लॉन्च किया था। यह कंपनी के बेहद ही लोकप्रिय Xiaomi Redmi Note 5 Pro का अपग्रेड है। अहम खासियतों की बात करें तो Redmi Note 6 Pro दो सेल्फी कैमरे, दो रियर कैमरे, स्नैपड्रैगन 636 प्रोसेसर और 6 जीबी तक रैम के साथ आता है।
Redmi Note 6 Pro के दो वेरिएंट भारतीय मार्केट में उतारे गए थे। रेडमी नोट 6 प्रो के 4 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट को 13,999 रुपये की कीमत के साथ लॉन्च किया गया था लेकिन अब यह हैंडसेट फ्लिपकार्ट पर 11,999 रुपये तो वहीं, 6 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट को 15,999 रुपये की कीमत के साथ लॉन्च किया गया था लेकिन यह मॉडल अब 13,999 रुपये में मिल रहा है।
Xiaomi Redmi Note 6 Pro के स्पेसिफिकेशन की बात करें तो इस फोन में 6.26 इंच का फुल-एचडी+ आईपीएस एलसीडी फुल स्क्रीन पैनल है। इसका आस्पेक्ट रेशियो 19:9 है और कंपनी 86 प्रतिशत स्क्रीन टू बॉडी रेशियो हासिल करने में कामयाब रही है। स्क्रीन पर प्रोटेक्शन के लिए कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास है। स्मार्टफोन में 14एनएम ऑक्टा-कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 636 प्रोसेसर दिया गया है। ग्राफिक्स के लिए एड्रेनो 509 जीपीयू इंटिग्रेटेड है। इसके साथ 4 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज दी गई है।
अब बात कैमरे की। Xiaomi Redmi Note 6 Pro में पिछले हिस्से पर डुअल कैमरा सेटअप है। प्राइमरी सेंसर 12 मेगापिक्सल का है और सेकेंडरी 5 मेगापिक्सल सेंसर का। रियर कैमरे डुअल पिक्सल ऑटोफोकस, 1.4 माइक्रोन पिक्सल्स और एआई पोर्ट्रेट 2.0 के साथ आते हैं। फ्रंट पैनल पर भी दो कैमरे दिए गए हैं। प्राइमरी सेंसर 20 मेगापिक्सल का है और सेकेंडरी सेंसर 2 मेगापिक्सल का है।
Redmi Note 6 Pro के कनेक्टिविटी फीचर में 4जी वीओएलटीई, वाई-फाई, ब्लूटूथ 5.0, जीपीएस, माइक्रो-यूएसबी पोर्ट और 3.5 एमएम हेडफोन जैक शामिल हैं। एक्सेलेरोमीटर, एंबियंट लाइट सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक कंपास, जायरोस्कोप, आईआर ब्लास्टर, प्रॉक्सिमिटी सेंसर और फिंगरप्रिंट सेंसर इस फोन का हिस्सा हैं। फोन की बैटरी 4000 एमएएच की है और यह क्वालकॉम क्विक चार्ज 3.0 को सपोर्ट करती है। स्मार्टफोन का डाइमेंशन 157.91x76.38x8.26 मिलीमीटर है और वज़न 182 ग्राम।
रियलमी ब्रांड ने पिछले साल सितंबर में Realme 2 Pro स्मार्टफोन को भारत में लॉन्च किया था। अहम खासियतों की बात करें तो Realme 2 Pro (रिव्यू) वाटरड्रॉप डिस्प्ले नॉच, 8 जीबी तक रैम और स्नैपड्रैगन 660 प्रोसेसर के साथ आता है। रियलमी 2 प्रो का 4 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट 10,990 रुपये, 6 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट 12,990 रुपये में बेचा जा रहा है।
Realme 2 Pro के स्पेसिफिकेशन की बात करें तो डुअल-सिम वाले रियलमी 2 प्रो में 6.3 इंच का फुल-एचडी+ (1080x2340 पिक्सल) डिस्प्ले है। स्क्रीन टू बॉडी रेशियो 90.8 प्रतिशत है। आस्पेक्ट रेशियो 19.5:9 है। पिक्सल डेनसिटी 409 पिक्सल प्रति इंच है। हैंडसेट में स्नैपड्रैगन 660 एआईई ऑक्टा-कोर प्रोसेसर का इस्तेमाल हुआ है। ग्राफिक्स के लिए एड्रेनो 512 जीपीयू दिया गया है। रैम और स्टोरेज पर आधारित इस हैंडसेट के तीन वेरिेएंट हैं- 4 जीबी रैम/ 64 जीबी स्टोरेज, 6 जीबी रैम/ 64 जीबी स्टोरेज और 8 जीबी रैम/ 128 जीबी स्टोरेज। ज़रूरत पड़ने पर सभी वेरिेएंट में 256 जीबी तक का माइक्रोएसडी कार्ड इस्तेमाल करना संभव होगा।
अब बात कैमरा सेटअप की। Realme 2 Pro में डुअल रियर कैमरा सेटअप है। प्राइमरी सेंसर 16 मेगापिक्सल का है। यह एफ/1.7 अपर्चर, 6पी लेंस और सोनी आईएमएक्स398 सेंसर से लैस है। इसके साथ जुगलंबदी में मौज़ूद है 2 मेगापिक्सल का सेंसर। यूज़र 30 फ्रेम प्रति सेकेंड की दर से 4K वीडियो रिकॉर्ड कर पाएंगे। फ्रंट पैनल पर एफ/2.0 अपर्चर वाला 16 मेगापिक्सल का सेंसर है। यह एआई ब्यूटी 2.0 से लैस है। पोर्ट्रेट मोड के लिए कैमरा में एआई फीचर दिए गए हैं। फोन फ्रंट और रियर कैमरे के साथ एआर स्टीकर्स को सपोर्ट करता है।
Realme 2 Pro में लाइट एंड डिस्टेंस सेंसर, एक्सेलेरेशन सेंसर, जायरोस्कोप और जियोमैगनेटिक सेंसर दिया गया है। रियलमी 2 प्रो का डाइमेंशन 156.7x74.0x8.5 मिलीमीटर है और इसका वज़न 174 ग्राम। रियलमी 2 प्रो की बैटरी 3500 एमएएच की है। कनेक्टिविटी फीचर में यूएसबी ओटीजी, वाई-फाई 802.11 एसी, ब्लूटूथ, 4जी वीओएलटीई और जीपीएस शामिल हैं।
असूस ब्रांड के इस स्मार्टफोन को पिछले साल दिसंबर में लॉन्च किया गया था। असूस Zenfone Max Pro M2 (रिव्यू) का 3 जीबी रैम/ 32 जीबी इनबिल्ट स्टोरेज वाला वेरिएंट 9,999 रुपये, 4 जीबी रैम/ 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट 11,999 रुपये तो वहीं इसका 6 जीबी रैम/ 64 जीबी इनबिल्ट स्टोरेज वेरिएंट को 13,999 रुपये में लिस्ट किया गया है।
Asus ZenFone Max Pro M2 के स्पेसिफिकेशन की बात करें तो डुअल सिम (नैनो) वाला इस फोन में 6.26 इंच का फुल-एचडी+ (1080x2280 पिक्सल) डिस्प्ले है। यह 19:9 आस्पेक्ट रेशियो और 2.5डी कर्व्ड कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास से लैस है। स्मार्टफोन में क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 660 प्रोसेसर है। रैम के तीन विकल्प हैं- 3 जीबी, 4 जीबी और 6 जीबी रैम।
Asus ZenFone Max Pro M2 में डुअल रियर कैमरा सेटअप है। प्राइमरी सेंसर 12 मेगापिक्सल का है। इसके साथ 5 मेगापिक्सल का सेंसर जुगलबंदी में काम करेगा। रियर कैमरा सेटअप ईआईएस, 4K वीडियो रिकॉर्डिंग सपोर्ट और एलईडी फ्लैश मॉड्यूल से लैस है। ZenFone Max Pro M2 में फ्रंट पैनल पर एफ/2.0 अपर्चर, 1.12 माइक्रॉन पिक्सल्स और एलईडी फ्लैश वाला 13 मेगापिक्सल का सेंसर है।
इनबिल्ट स्टोरेज के दो विकल्प हैं- 32 जीबी या 64 जीबी। स्मार्टफोन के तीनों ही वेरिएंट 2 टीबी तक के माइक्रोएसडी कार्ड को सपोर्ट करेंगे। स्मार्टफोन के कनेक्टिविटी फीचर में डुअल 4जी वीओएलटीई, वाई-फाई 802.11 बी/जी/एन, ब्लूटूथ 5.0, जीपीएस/ ए-जीपीएस, एफएम रेडियो, 3.5 एमएम हेडफोन जैक और माइक्रो-यूएसबी पोर्ट शामिल हैं। एक्सेलेरोमीटर, एंबियंट लाइट सेंसर, डिजिटल कंपास, जायरोस्कोप और प्रॉक्सिमिटी सेंसर इस फोन का हिस्सा हैं। फोन में फिंगरप्रिंट सेंसर पिछले हिस्से पर है। Asus ZenFone Max Pro M2 की बैटरी 5,000 एमएएच की है। इसका डाइमेंशन 157.9x75.5x8.5 मिलीमीटर है और वज़न 175 ग्राम।
असूस ब्रांड के इस फोन को पिछले साल अप्रैल में लॉन्च किया गया था। ZenFone Max Pro M1 का 3 जीबी रैम और 32 जीबी स्टोरेज वेरिएंट 8,499 रुपये, 4 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट 10,499 रुपये तो वहीं इसका 6 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट 12,499 रुपये में बिक्री के लिए उपलब्ध है।
Asus ZenFone Max Pro M1 के स्पेसिफिकेशन की बात करें तो इस फोन में 5.99 इंच का फुल-एचडी+ (1080x2160 पिक्सल) फुल-व्यू आईपीएस डिस्प्ले है। मौज़ूदा चलन की तरह यह हैंडसेट 18:9 आस्पेक्ट रेशियो वाली स्क्रीन से लैस है। मेटल बॉडी वाला यह डुअल सिम स्मार्टफोन 2.5डी कर्व्ड ग्लास पैनल के साथ आता है। हैंडसेट में ऑक्टा-कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 636 प्रोसेसर का इस्तेमाल हुआ है और ग्राफिक्स के लिए एड्रेनो 509 जीपीयू इंटिग्रेटेड है। ZenFone Max Pro M1 के दो वेरिएंट हैं। एक वेरिएंट 3 जीबी रैम और 32 जीबी स्टोरेज के साथ आता है। वहीं, पावरफुल वेरिएंट में 4 जीबी रैम के साथ 64 जीबी स्टोरेज है। ज़रूरत पड़ने पर दोनों ही वेरिएंट में 2 टीबी तक का माइक्रोएसडी कार्ड इस्तेमाल करना संभव है। यह लेटेस्ट एंड्रॉयड 8.1 ओरियो के साथ आता है।
अब बात इस फोन की एक और खासियत की। Asus ZenFone Max Pro M1 में रियर पर दो कैमरे दिए गए हैं। पिछले हिस्से पर प्राइमरी कैमरा 13 मेगापिक्सल का है। यह एफ2.2 अपर्चर और फेज़ डिटेक्शन ऑटो फोकस से लैस है। दूसरा सेंसर 5 मेगापिक्सल का है। यह डेप्थ सेंसर है जिससे बोकेह इफेक्ट हासिल करने में मदद मिलेगी। सेल्फी के दीवानों के लिए एफ/2.0 अपर्चर वाला 8 मेगापिक्सल का सेंसर दिया गया है। हैंडसेट की एक और अहम खासियत बैटरी है। फोन में जान फूंकने का काम करेगी 5000 एमएएच वाली बैटरी। इसके साथ 10 वॉट का चार्जर दिया गया है।
असूस का यह फोन सुरक्षा के लिए फेस अनलॉक और फिंगरप्रिंट सेंसर के साथ आता है। माइक्रो-यूएसबी 2.0, 3.5 एमएम हेडफोन जैक, जीपीएस, वाई-फाई डायरेक्ट और वाई-फाई 802.11 ए/बी/जी/एन कनेक्टिविटी फीचर इस हैंडसेट का हिस्सा हैं। स्मार्टफोन का डाइमेंशन 159x76x8.61 मिलीमीटर है और वज़न 180 ग्राम।
नोकिया 6.1 प्लस को पिछले साल अगस्त में लॉन्च किया गया था। फ्लिपकार्ट पर नोकिया 6.1 प्लस का 6 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट 14,997 रुपये में बिक्री के लिए उपलब्ध है। आमतौर पर Nokia 6.1 Plus के 6 जीबी रैम वेरिएंट की कीमत 15,000 रुपये के आसपास रहती है। अहम खासियतों की बात करें तो यह नोकिया हैंडसेट डिस्प्ले नॉच और दो रियर कैमरे के साथ आता है।
Nokia 6.1 Plus के स्पेसिफिकेशन की बात करें तो डुअल-सिम (नैनो) वाले इस फोन में 5.8 इंच का फुल-एचडी+ (1080x2280 पिक्सल) डिस्प्ले है। यह 2.5डी गोरिल्ला ग्लास 3 के प्रोटेक्शन के साथ आता है। स्मार्टफोन में डिस्प्ले नॉच मौज़ूद है। यह 19:9 आस्पेक्ट रेशियो के साथ आता है। इसमें ऑक्टा-कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 636 प्रोसेसर के साथ 4 जीबी रैम दिए गए हैं।
Nokia 6.1 Plus डुअल रियर कैमरा सेटअप के साथ आता है। प्राइमरी सेंसर 16 मेगापिक्सल का है और दूसरा सेंसर 5 मेगापिक्सल का। फ्रंट पैनल पर 16 मेगापिक्सल का कैमरा है। बेहतर फोटोग्राफी के लिए इसमें एआई फीचर दिए गए हैं। इनबिल्ट स्टोरेज 64 जीबी है और ज़रूरत पड़ने पर माइक्रोएसडी कार्ड इस्तेमाल करना संभव है।
नोकिया 6.1 प्लस के कनेक्टिविटी फीचर में 4जी वीओएलटीई, वाई-फाई 802.11एसी, ब्लूटूथ 5.0, जीपीएस/ ए-जीपीएस, 3.5 एमएम हेडफोन जैक और यूएसबी टाइप-सी पोर्ट शामिल हैं। हैंडसेट में 3060 एमएएच की बैटरी है। यह 18 वॉट के चार्जर के साथ आता है। यह फोन की बैटरी को 30 मिनट में 50 फीसदी चार्ज कर देगा। ऐसा क्विक चार्ज 3.0 के कारण संभव होता है। हैंडसेट का डाइमेंशन 147.2x70.98x7.99 मिलीमीटर है।
अगर आप अपने बजट को थोड़ा बढ़ा सकते हैं तो आपको पिछले साल सितंबर में लॉन्च हुआ Moto G6 Plus स्मार्टफोन भी मिल जाएगा। Moto G6 Plus का 6 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट 16,299 रुपये में फ्लिपकार्ट पर बिक्री के लिए उपलब्ध है।
Moto G6 Plus के स्पेसिफिकेशन की बात करें तो इस फोन में 5.93 इंच का 18:9 आस्पेक्ट रेशियो वाला डिस्प्ले है। इसका रिजॉल्यूशन फुल-एचडी+ (1080x2160 पिक्सल) है। फोन स्टॉक एंड्रॉयड 8.0 ओरियो पर चलेगा। फोन को एंड्रॉयड पाई अपडेट दिए जाने की गारंटी है। यह डुअल-सिम (नैनो-सिम) फोन 2.2 गीगाहर्ट्ज़ ऑक्टा-कोर स्नैपड्रैगन 630 प्रोसेसर और एड्रेनो 508 जीपीयू के साथ आता है। जुगलबंदी के लिए 6 जीबी रैम दिए गए हैं। फोन में डुअल रियर कैमरा सेटअप है। एक सेंसर 12 मेगापिक्सल का है। यह एफ/1.7 अपर्चर वाला है। सेकेंडरी सेंसर 5 मेगापिक्सल का है। इसका अपर्चर एफ/2.2 है। फ्रंट पैनल पर एफ/2.2 अपर्चर वाला 8 मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है। फोन में डुअल-टोन डुअल लेंस एलईडी फ्लैश है। सेल्फी के लिए भी फ्लैश भी दिया गया है।
इनबिल्ट स्टोरेज 64 जीबी है और ज़रूरत पड़ने पर 128 जीबी तक का माइक्रोएसडी कार्ड इस्तेमाल किया जा सकेगा। स्मार्टफोन में कनेक्टिविटी फीचर के लिए 4जी एलटीई, वाई-फाई, ब्लूटूथ 5.0, यूएसबी टाइप-सी, एनएफसी और 3.5 एमएम ऑडियो जैक दिए गए हैं। मोटो जी6 प्लस की बैटरी 3,200 एमएएच की है। यह मोटोरोला के टर्बोपावर एडप्टर को सपोर्ट करती है। इसका डाइमेंशन 159.9x75.5x7.99 मिलीमीटर है और वज़न 165 ग्राम। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 6.3 इंच का फुल-एचडी+ डिस्प्ले है Realme 2 Pro में
Asus ZenFone Max Pro M2 के तीन वेरिएंट हैं
4,000 एमएएच की बैटरी के साथ आता है Infinix Hot 7 Pro | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जबकि एनडीटीवी इंडिया के पास शिक्षा निदेशालय की हफ़्ते भर पहले की चिट्ठी है जिसमें निदेशालय स्कूल से बच्चे को दाखिला देकर दो दिन में रिपोर्ट देने को कह रहा है. एनडीटीवी इंडिया ने शिक्षा निदेशालय से संपर्क की कोशिश की लेकिन कोई अधिकारी नहीं मिला.
जानकार बताते हैं कि शिक्षा विभाग और स्कूलों के बीच पेरेंट्स यूं ही फुटबॉल की तरह इधर से उधर धक्के खाते हैं जिसके चलते बीते साल भी EWS कोटे की 50% सीटें खाली रह गई थीं और इस साल भी हालात अच्छे नहीं. शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले दिल्ली हाई कोर्ट के वकील खगेश झा के मुताबिक 'बीते साल करीब 18 हज़ार सीटें खाली रह गई थीं शिक्षा विभाग के निकम्मेपन के कारण. जबकि कुल सीटें EWS में 38 हज़ार हैं और जिस तरह के हालात बने हुए हैं इस साल आंकड़ा बढ़ सकता है.'
जानकार बताते हैं कि शिक्षा विभाग और स्कूलों के बीच पेरेंट्स यूं ही फुटबॉल की तरह इधर से उधर धक्के खाते हैं जिसके चलते बीते साल भी EWS कोटे की 50% सीटें खाली रह गई थीं और इस साल भी हालात अच्छे नहीं. शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले दिल्ली हाई कोर्ट के वकील खगेश झा के मुताबिक 'बीते साल करीब 18 हज़ार सीटें खाली रह गई थीं शिक्षा विभाग के निकम्मेपन के कारण. जबकि कुल सीटें EWS में 38 हज़ार हैं और जिस तरह के हालात बने हुए हैं इस साल आंकड़ा बढ़ सकता है.' | संक्षिप्त सारांश: NDTV इंडिया ने की पड़ताल को सामने आई हकीकत
गरीब कोटा वालों को निजी स्कूलों में घुसने भी नहीं दिया जा रहा
सरकार औपचारिकता पूरी करके जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही | 23 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: फिल्म का दूसरा सेविंग ग्रेस है इसके गाने और प्रीतम का संगीत... गाने बहुत अच्छे हैं, लेकिन काश, उन्हे कहानी में ढंग से पिरोया गया होता... मसलन, 'बलम पिचकारी...' अचानक शुरू हो जाता है... 'माधुरी का घाघरा...' पहले ही लोगों को पसंद आ चुका है, लेकिन यह भी ज़बरदस्ती ठूंसा हुआ लगता है... वैसे सभी गानों के बोल अच्छे हैं, और सिनेमाटोग्राफी भी...
कुल मिलाकर कहूंगा कि अगर फिल्म में दीपिका पादुकोण और रणबीर कपूर न होते तो इसका भविष्य डांवाडोल हो सकता था... खैर, आप लोग जाइए और फिल्म देखिए... इसमें भले ही आपको कहानी न मिले, लेकिन मनोरंजन ज़रूर मिलेगा... मेरी तरफ से इस फिल्म को 2.5 स्टार...
कुल मिलाकर कहूंगा कि अगर फिल्म में दीपिका पादुकोण और रणबीर कपूर न होते तो इसका भविष्य डांवाडोल हो सकता था... खैर, आप लोग जाइए और फिल्म देखिए... इसमें भले ही आपको कहानी न मिले, लेकिन मनोरंजन ज़रूर मिलेगा... मेरी तरफ से इस फिल्म को 2.5 स्टार... | संक्षिप्त पाठ: अगर फिल्म में दीपिका पादुकोण और रणबीर कपूर न होते तो इसका भविष्य डांवाडोल होता... खैर, फिल्म देखिए, क्योंकि इसमें आपको कहानी भले न मिले, लेकिन मनोरंजन ज़रूर मिलेगा... | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा, ''दीदी, जनता को धोखा आप दो. चिटफंड के नाम पर गरीब जनता के पैसे आप लूटो. भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए धरने पर आप बैठो. और जब पश्चिम बंगाल की जनता आपसे हिसाब मांगे, तो आप मुझे ही गाली देने लगीं, धमकियां देने लगीं.'' उन्होंने कहा कि मैं भाजपा के और पश्चिम बंगाल के उन साथियों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं जिनकी पिछले कुछ दिनों में टीएमसी के गुंडों ने हत्या की है. जो घायल हैं, उनके मैं जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं. लोकतंत्र के लिए आपका ये बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा.
पीएम मोदी ने कहा कि ममता दीदी ने 2 दिन पहले ही ऐलान करके कहा था कि वो इंच-इंच का बदला लेंगी और उन्होंने अपना जो ऐजेंडा घोषित किया था उसके तहत 24 घंटे के भीतर ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जी पर हमला करवा दिया. उनके रोड शो पर हिंसा फैलाकर डराने की कोशिश की गई. उन्होंने कहा कि हिंसा के बाद दीदी आप और आपके दरबारी जो राजनीति कर रहे हैं उसकी पोल university के छात्रों ने ही खोलनी शुरू कर दी है.
पीएम मोदी ने एक पुराने टीवी कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि 4-5 साल पहले टीवी पर एक कार्यक्रम में कोलकाता में बंगाल की बेटियां ममता दीदी से कुछ सवाल कर बैठी थीं तो दीदी भड़क गई. ये टीवी और सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. उनका अहंकार आज नहीं 4-5 साल पहले भी भड़क उठा था. टीवी इंटरव्यू में ममता दीदी माइक पटक कर कॉलेज की 2 बेटियों को अनाप-शनाप गालियां देकर वहां से भाग गई थी. अब फिर से दीदी ने बंगाल की एक बेटी के साथ ऐसा ही गुस्सा दिखाया है. गुस्सा भी ऐसा की बेटी को ही ममता दीदी ने जेल में डाल दिया. दीदी अहंकार में आप क्या-क्या कर रही हैं.
पीएम मोदी ने कहा, ''दीदी, आप तो खुद artist हो, पेंटिंग करती हो. चित्रकार भी हो... सुनते हैं नारदा, शारदा का नाम लेकर आपकी पेंटिग करोड़ों रुपये में बिकती है. मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप मेरा भद्दे से भद्दा, गंदे से गंदा एक चित्र बनाइए और 23 मई के बाद मेरे फिर से प्रधानमंत्री की शपथ होने के बाद आप मेरे निवास स्थान पर आइए और वो भद्दी तस्वीर मुझे भेंट कीजिए. मैं आपकी भेंट को प्यार स्वीकारूंगा और जिंदगी भर उसे अपने पास रखूंगा. मैं आप पर FIR नहीं करूंगा.
पीएम मोदी ने कहा कि दीदी आपकी बौखलाहट और बंगाल का जनसमर्थन देखकर मैं आपसे कह रहा हूं कि अब बंगाल हमें पूर्ण बहुमत से आगे 300 सीटें पार करवा कर रहेगा. बंगाल में भाजपा नेताओं को रैली नहीं करने दी जा रही. वोटरों को वोट नहीं डालने दिया जा रहा. उम्मीदवारों पर हमले किए जा रहे हैं, यहां तक की नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र को भी आपके गुंडों ने नहीं छोड़ा. उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के बाद अपने ही सपूतों पर सवाल उठाने वाली दीदी को सबक सिखाना जरूरी है. देश के हितों के खिलाफ जाकर पाकिस्तान के सुर में सुर मिलाने वाली दीदी को सबक सिखाना जरूरी है. अपने भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि ममता दीदी मत भूलिए कि ये 21वीं सदी का भारत है. अगर पश्चिम बंगाल की जनता आपको सातवें आसमान पर बिठा सकती है तो यही जनता आपको वापस जमीन पर भी गिरा सकती है.
बता दें कि 14 मई को कोलकाता में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो में हुए हिंसा के बाद अमित शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. 15 मई की सुबह बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने एक प्रेस कांफ्रेंस करके रोड शो में हुई हिंसा के लिए तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया. उसके बाद यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल में एक चुनावी रैली को संबोधित किया और फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बसीरहाट में एक जनसभा को संबोधित किया. | संक्षिप्त पाठ: पीएम मोदी का ममता बनर्जी पर हमला
'सत्ता के नशे में लोकतंत्र का गला घोंट रही हैं दीदी'
'गालियों-धमकियों का मुझपर असर नहीं' | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: Election 2019: राष्ट्रीय जनता दल ( राजद) के नेता शिवानंद तिवारी (Shivanand Tivary) ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) पर हमला किया है. उन्होंने (Shivanand Tivary) मंगलवार को कहा कि नीतीश कुमार के लिए बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाना निष्ठा का सवाल नहीं है, यह उनके लिए राजनीतिक नारेबाजी का हिस्सा मात्र है. शिवानंद तिवारी (Shivanand Tivary) ने कहा कि मैं आपको अभी बता देना चाहता हूं कि नीतीश कुमार (Nitish Kumar) बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा का मामला फिर से उठाने वाले हैं. उनके प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार विधानसभा के अगले चुनाव में जद यू इसको मुद्दा बनाने जा रहा है. बहुत दिनों के बाद नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने अपने बस्ते से विशेष राज्य का दर्जा निकाला है. लेकिन नीतीश जी की राजनीति का यह आज़माया हुआ नुस्ख़ा है. लेकिन यह कारगर नुस्ख़ा है, इसपर नीतीश जी को भी यक़ीन नहीं है.
उन्होंने (Shivanand Tivary) कहा कि नीतीश जी के मित्र और देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली साफ-साफ़ कह चुके हैं कि अब किसी भी राज्य को विशेष राज्य की श्रेणी में नहीं रखा जाएगा. यहां तक की 15 वें वित्त आयोग के अध्यक्ष और जद यू के भूत पूर्व सांसद श्री एन के. सिंह भी स्पष्ट कर चुके हैं कि विकास के लिए किसी राज्य को अब विशेष राज्य के दर्जा की ज़रूरत नहीं है. उन्होंने (Shivanand Tivary) कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने को लेकर अगर सच नीतीश कुमार इमानदार होते तो इसके लिए उनके पास सुनहरा मौक़ा था. वह मौक़ा उनको उस समय मिला था जब पलटी मारकर वे महागठबंधन से निकले थे.
उस समय अगर उन्होंने नरेंद्र मोदी जी से हाथ मिलाने का शर्त विशेष राज्य का दर्जा रखा होता तो निश्चित रूप से वह हासिल हो गया होता. लेकिन पलटी मारने के एवज़ में मुख्यमंत्री की अपनी कुर्सी तो उनको याद रही लेकिन विशेष राज्य का दर्जा भूल गए. नीतीश जी के इस अभियान को हम जनता के बीच बेनक़ाब करेंगे. गौरतलब है कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब शिवानंद तिवारी ने नीतीश कुमार पर हमला बोला है. इससे पहले उन्होंने (Shivanand Tivary) कहा कि नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने कभी जिस नरेंद्र मोदी को बिहार आने से रोका था. आज पीएम मोदी के सहारे जनता से वोट मांग रहे हैं. नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के पास अपना काम दिखाकर वोट मांगने के लिए कुछ नहीं बचा है.
शिवानंद तिवारी (Shivanand Tivary) ने कहा कि आज नीतीश कुमार जी अपनी राजनीति को बचाने के लिए उन्हीं के नाम का सहारा ले रहे हैं. यह शोध का विषय होगा कि एक समय देश में नरेंद्र मोदी का वैकल्पिक चेहरा माने जाने वाले नीतीश कुमार (Nitish Kumar) आज उन्हीं के सामने शरणागत कैसे हो गए हैं! उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को उनका अहंकार खा गया है. वह समय रहते अपना आकलन तक नहीं कर पाए. उनके चमचों ने उनकी सोच को खत्म कर दिया है. उन्होंने (Shivanand Tivary) कहा कि नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के पतन की शुरुआत हो गई है. कहां और कैसे इसका अंत होगा यह देखना दिलचस्प होगा.
शिवानंद तिवारी (Shivanand Tivary) ने आगे लिखा था कि उन लड़कियों के साथ जो अमानवीय और क्रुर व्यवहार होता था वह इसके पहले के सीबीआई रिपोर्ट आ चुकी है. ताजा रिपोर्ट में अब ग्यारह लड़कियों की हत्या की बात सामने आई है. इन बेसहारा और भाग्यहीन बच्चियों के साथ सरकारी अनुदान और देखरेख में चलने वाली संस्था में लंबे समय से चल रहे इस अमानुषिक कृत्य की जानकारी सरकार तक कैसे नहीं पहुंची. यह पूर्व में सार्वजनिक हो चुका है कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह का संचालक ब्रजेश ठाकुर नीतीश कुमार का मित्र है. मुख्यमंत्री बनने के बाद उसके बेटे के जन्मदिन का केक काटने नीतीश कुमार (Nitish Kumar) मुजफ्फरपुर गए थे. जिस व्यक्ति का मुख्यमंत्री के साथ ऐसा घनिष्ठ संबंध हो उसके द्वारा संचालित किसी संस्था के विरूद्ध कौन सरकारी पदाधिकारी शिकायत करने का साहस करेगा"?
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी (Shivanand Tivary) ने लिखा था कि अगर सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सख्ती के साथ निगरानी नहीं कर रहा होता तो नीतीश कुमार (Nitish Kumar) अबतक इस मामले का रफादफा कर चुके होते. पहले तो जांच रिपोर्ट के बाद पुलिस में मामला दर्ज नहीं हो रहा था. काफी हो हल्ला के बाद दर्ज भी हुआ तो आरोप के मुताबिक दफाओं मे नहीं. बल्कि ऐसी दफाओं में जिनमें आसानी से जमानत मिल सकती थी. सुप्रीम कोर्ट ने ठीक ही कहा था नीतीश सरकार मुजफ्फरपुर बालिका गृह को इसीलिए पैसा दे रही थी ताकि वहां जो हो रहा था वह जारी रहे. लेकिन नीतीश कुमार के पाप का घड़ा अब भर चुका है. मुजफ्फरपुर बालिका गृह की मृत तथा जीवित लड़कियों की आह खाली नहीं जाएगी." | संक्षिप्त पाठ: 'नीतीश कुमार विशेष राज्य के दर्जे के नाम पर राजनीति कर रहे हैं'
नीतीश कुमार चाहते तो बिहार को मिल जाता विशेष राज्य का दर्जा - शिवानंद
नीतीश कुमार पर पहले भी हमला कर चुके हैं शिवानंद तिवारी | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पिपरौली बाजार की संकरी गलियों में वैसे तो हर वक्त भीड़-भाड़ रहती है, लेकिन रवि किशन शुक्ला (Ravi Kishan Shukla) की पहली झलक मिलते ही वहां हलचल कुछ ज्यादा बढ़ गई. बेहद मशहूर भोजपुरी फिल्म स्टार भगवा रंग का कुर्ता और जींस पहने जैसे ही अपनी एसयूवी से उतरा वहां मौजूद लोगों की भीड़ खुद के बीच उसकी मौजूदगी का सबूत जुटाने के लिए अपने-अपने फोन हवा में लहराने लगी. भीड़ 49 बरस के उस आदमी को अपने कैमरे में कैद कर लेना चाहती थी जो उत्तर प्रदेश के पूर्वांचाल की गोरखपुर (Gorakhpur) सीट से चुनाव लड़ रहा है.
गोरखपुर की जनता 19 मई को मतदान करेगी. इस बार बीजेपी से चुनाव लड़ने और पिछले बार बतौर कांग्रेसी चुनावी मैदान में उतरने पर क्या रवि किशन किसी प्रकार का संज्ञानात्मक मतभेद महसूस कर रहे हैं, तो इस बात के कुछ संकेत जरूर दिखाई दिए. साल 2014 में उन्होंने गोरखपुर से 150 किलोमीटर दूर अपने गृहनगर जौनपुर से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा.
इस बार वह पूर्व केंद्रीय मंत्री और आखिलेश यादव व मायावती के गठबंधन उम्मीदवार रामबुहाल निषाद के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं. 14 महीने पहले सपा-बसपा ने अपनी नई साझेदारी को परखने के लिए गोरखपुर को चुना और उन्हें इसके चौंकाने वाले परिणाम दिखे. उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार को उस संसदीय क्षेत्र से हरा दिया था जिसका प्रतिनिधित्व खुद योगी आदित्यनाथ पिछले पांच सालों से कर रहे थे. वही भगवाधारी योगी जो राजनैतिक रूप से भारत के सबसे महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश के साल 2017 में मुख्यमंत्री बने थे.
गोरखपुर उप-चुनाव में मिली हार आदित्यनाथ के लिए बड़ी विफलता थी. वह इलाके के सबसे प्रभावशाली और ताकतवर गोरखनाथ मंदिर के महंत भी हैं. इस जीत ने दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों मायावती और अखिलेश यादव में जोश भर दिया जो अपनी चिर स्थाई शत्रुता को भुलाकर राज्य में बीजेपी का रास्ता रोकने के लिए साथ आए हैं. तर्क दिया गया कि अगर गोरखपुर जीता जा सकता है तो बीजेपी के अधिकार वाली दूसरी जगहों को भी हासिल किया जा सकता है.
मायावती-अखिलेश के गठजोड़ को बाढ़ के दौरान सांप और नेवले जैसा विनाशकारी गठबंधन करार देने वाले योगी आदित्यनाथ को यह स्वीकार करना पड़ा कि उन्होंने अपने दुश्मनों की संयुक्त ताकत और जनता के मूड को कम करके आंका.
जनता के हाथों मिली इस सजा के बाद वह गोरखपुर की दशा सुधारने के लिए निकल पड़े, जिसमें सड़कों का चौड़ीकरण, नए खाद प्लांट और चीनी मिल की स्थापना शामिल है. प्रधानमंत्री ने पूर्वांचल के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की आधारभूत योजनाओं की शुरुआत के लिए अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के बजाए गोरखपुर को चुना और 75 हजार करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) का ऐलान किया, जिसके तहत छोटे किसानों के खाते में हर साल सीधे 6 हजार रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे.
राजनीतिक विश्लेषक मनोज सिंह विकास की इस बयार से काफी खुश हैं. उनके मुताबिक, "गोरखपुर के चुनावों में विकास ने कभी मुख्य मुद्दे की भूमिका नहीं निभाई. अगर ऐसा होता तो सरकारी अस्पतालों की दुर्दशा या कमजोर पुलों और यातायात के साधनों के अभाव की गूंज यहां के लोगों में सुनाई देती. पिछले चुनावों में जनता ने या तो गोरखनाथ मंदिर को वोट दिया है या जातिवादी समीकरणों के आधार पर जनादेश सुनाया है."
बेहद जटिल जातिवादी संरचना वाले गोरखपुर में 20 लाख वोटर हैं, जिसमें निषाद जाति के सबसे ज्यादा (2.63 लाख वोटर) लोग शामिल हैं. इसके बाद दूसरे नंबर पर दलित (2.6 लाख वोटर) और फिर यादव (2.40 लाख वोटर) हैं. साल 2018 के उप-चुनाव में बड़ी संख्या में इन जातियों के लोगों और मुस्लिम वोटरों ने आखिलेश यादव के उम्मीदवार प्रवीण निषाद को समर्थन दिया था. प्रवीण निषाद स्थानीय संगठन 'निषाद' के नेता भी हैं.
अखिलेश यादव की पार्टी के एक स्थानीय नेता तथाकथित रूप से कहते हैं, "प्रवीण निषाद की जीत के बाद निषाद पार्टी महत्वाकांक्षी हो गई और उसने दो लोकसभा टिकटों की मांग कर डाली जिसे अखिलेश यादव ने खारिज कर दिया." अप्रैल की शुरुआत में निषाद पार्टी ने कहा था कि वो बीजेपी के साथ गठबंधन कर लेगी. बीजेपी में शामिल होने की यह तथाकथित योजना अखिलेश यादव के बागी चाचा शिवपाल यादव ने बनाई थी.
लेकिन बीजेपी जानती थी कि अगर उसने किसी निषाद को अपना उम्मीदवार बनाया तो वह गोरखपुर के करीब 7.5 लाख सवर्ण वोटरों को खो देगी जिनमें सबसे ज्यादा ब्राह्मण शामिल हैं. इसलिए उसने रवि किशन शुक्ला को अपना उम्मीदवार बनाया. ( प्रवीण निषाद पड़ोसी संसदीय सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. )
योगी आदित्यनाथ की हिन्दू युवा वाहिनी के पूर्व वरिष्ठ नेता सुनील सिंह कहते हैं, "रवि किशन को सर्वसम्मति से चुना गया होगा. बीजेपी नेतृत्व ने यह सोचा होगा कि अपने दो कद्दावर नेताओं मुरली मनोहर जोशी और कलराज मिश्र को टिकट न देने के बाद अगर वह किसी ब्राह्मण को उम्मीदवार बनाते हैं तो ब्राह्मण समुदाय संतुष्ट हो जाएगा. एक अभिनेता, एक कमजोर राजनेता और एक बाहरी गोरखपुर में मुख्यमंत्री के लिए किसी भी तरह का खतरा नहीं है." सुनील सिंह 15 साल बाद अपने गुरु आदित्यनाथ से अलग हो गए थे और अब वह उनके खिलाफ प्रचार कर रहे हैं.
हालांकि 49 साल के रवि किशन कहते हैं कि वह यहां लंबे समय तक टिकने के लिए आए हैं, "मैं बिना थके लोगों के लिए काम करने वाले एनटी रामा राव और विनोद खन्ना जैसे गंभीर नेताओं की तरह परिपक्व होना चाहता हूं." साल 2014 में पीएम मोदी के किए वादे को दोहराते हुए उनका कहना है कि उनकी योजना एक भोजपुरी फिल्म स्टूडियो बनाने की है जिससे 1 लाख नौकरियों का सृजन होगा.
गठबंधन उम्मीदवार रामभुआल निषाद ने एनडीटीवी से कहा कि उन्हें इस बात की कोई चिंता नहीं है कि एक स्टार प्रतिद्वंदी के सामने उनकी चमक फीकी पड़ जाएगी. उन्होंने कहा, "मेरे पास सभी जातियों और धर्मों से संबंध रखने वाले समाज के वंचित तबकों का समर्थन है." कुछ निषाद पार्टी के समर्थक कहते हैं कि वह रामभुआल को वोट देंगे क्योंकि प्रवीण निषाद को पार्टी में शामिल करने के बाद भी बीजेपी ने उन्हें उनकी पसंद की सीट गोरखपुर से चुनाव नहीं लड़ने दिया. प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी और गोरखपुर में 2019 के चुनाव को संभाल रहे सुनील ओजा का दावा है कि गैर-बीजेपी पार्टियां जाति और धर्म को सबसे ज्यादा अहमियत दे रही हैं. उनके मुताबिक, "वे इन सभी जातियों के लोगों को नजरअंदाज कर रही हैं जो विकास के लिए वोट देंगी. कल्याणकारी योजनाओं का सबसे ज्यादा फायदा दलित और मुस्लिमों को मिला है."
योगी आदित्यनाथ का घर गोरखपुर हमेशा से वीआईपी इलाका रहा है. इस बार यह पहले से भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि यहीं मायावती-अखिलेश यादव के बेहद अकल्पनीय राजनीतिक गठजोड़ का जन्म हुआ है. इस चुनाव में इसका राजनीतिक वजन बेहद मशहूर हो गया है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गोरखपुर सीट से इस बार रवि किशन बीजेपी के उम्मीदवार हैं
2018 में मिली हार के बाद योगी इस सीट को फिर से पाना चाहते हैं
रवि किशन के खिलाफ गठबंधन उम्मीदवार राम बुहाल निषाद हैं | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत और ऑस्ट्रेलिया (India Vs Australia) के बीच दूसरा वनडे (Ind Vs Aus odi) में विराट कोहली (Virat Kohli) के शतक की बदौलत टीम इंडिया मुकाबला 8 रन से जीत गया. अब तीसरा मुकाबला एमएस धोनी (MS Dhoni) के शहर रांची में है. अगर टीम इंडिया यहां जीत गई तो सीरीज पर कब्जा कर लेगी. दूसरा मुकाबला काफी रोमाचक रहा. आखिरी ओवर में टीम इंडिया ने मैच निकाला और सीरीज में बढ़त बनाई. दूसरे वनडे में कुछ ऐसा हुआ जिसका वीडियो काफी शेयर किया जा रहा है. एमएस धोनी (MS Dhoni) ने इस बार फिर चालाकी दिखाई और माइंड गेम करते हुए मैक्सवेल (Glenn Maxwell) को चलता किया. धोनी (MS Dhoni) ने कुलदीप (Kuldeep Yadav) को विकेट के पीछे कुछ ऐसा किया जिसके बाद उनको विकेट मिल गया.
ऑस्ट्रेलिया के 28 ओवर में 3 विकेट खोकर 132 रन बना चुकी थी. क्रीज पर ग्लेन मैक्सवेल (Glenn Maxwell) और पीटर हैंड्सकॉम्ब (Peter Handscome) क्रीज पर थे. ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 130 गेंद पर 119 रन बनाने थे. मैच ऑस्ट्रेलिया के हाथ में था. कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) 29वां ओवर करने आए थे. धोनी (MS Dhoni) मैक्सवेल (Glenn Maxwell) का गेम समझ चुके थे. जैसे ही कुलदीप (Kuldeep Yadav) गेंदबाजी करने आए तो धोनी (MS Dhoni) ने जोर से चिल्लाकर कहा- 'मारने की कोशिश कर रहा है. ऐसे ही बॉल डालते रह.' अगली ही गेंद पर कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) ने मैक्सवेल को बोल्ड मार दिया. जिसके बाद धोनी (MS Dhoni) ने हाथ दिखाकर ऐसा कहना चाहा कि उन्होंने जैसा कहा था वैसा ही हुआ.
ऑस्ट्रेलिया से पहले बैटिंग का न्योता पाने के बाद भारत ने विराट कोहली (116 रन, 120 गेंद, 10 चौके) के करियर के 40वें शतक से भारत ने 48.2 ओवरों में सभी विकेट खोकर 250 रन बनाए. कोहली के अलावा विजय शंकर (46 रन, 41 गेंद, 5 चौके, 1 छक्का) ने उपयोगी पारी खेली. पैट कमिंस ने चार और एडम जंपा ने दो विकेट चटकाए.जवाब में मिले 251 रनों का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने मारकस स्टोइनिस (52 रन, 65 गेंद, 4 चौके, 1 छक्का) और हैंड्सकॉम्ब (48 रन, 59 गेंद, 4 चौके) के प्रयासों से एक बहुत ही शानदार कोशिश की. निचले क्रम में एलेक्स कैरी (22 रन, 24 गेंद, 2 चौके) ने भी बाकी बल्लेबाजों के प्रयास के स्तर को ऊंचा किया, लेकिन कंगारू बल्लेबाजों पर जसप्रीत बुमराह और विजय शंकर का अंदाज कहीं भारी पड़ा. | यह एक सारांश है: एमएस धोनी ने कुलदीप को कहा- उधर ही गेंद डाल और मिल गया विकेट.
कुलदीप यादव ने ग्लैन मैक्सवेल को बोल्ड किया.
धोनी ने पीछे से आवाज लगाकर कहा था- मारने की कोशिश कर रहा है. | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: राकांपा नेता पीए संगमा ने राष्ट्रपति पद की दौड़ से पीछे हटने की संभावना को खारिज करते हुए कहा कि यदि जरूरी हुआ तो वह एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को ‘निराश नहीं’ करेंगे जिन्होंने उनका समर्थन किया है।
संगमा ने कहा, ‘पीछे हटने की कोई बात ही नहीं है। मैं जयललिता और नवीन पटनायक को निराश नहीं करूंगा जिसका मतलब है कि यदि जरूरी हुआ तो मैं एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ूंगा।’टिप्पणियां
लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष संगमा ने कहा कि उन्होंने कई राजनेताओं से समय मांगा है जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी समेत कई लोग शामिल हैं। इस मुलाकात के दौरान वह आदिवासी को राष्ट्रपति बनाए जाने की मांग को लेकर दबाव डालेंगे। उन्होंने कहा, ‘इस समय दो शक्तिशाली मुख्यमंत्री जयललिता और नवीन पटनायक ने सार्वजनिक रूप से उनकी उम्मीदवारी को अपना समर्थन देने की घोषणा की है।’
इस बीच, संगमा ने सीपीआई नेता डी राजा से मुलाकात कर जुलाई में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए वामदलों का समर्थन मांगा।
संगमा ने कहा, ‘पीछे हटने की कोई बात ही नहीं है। मैं जयललिता और नवीन पटनायक को निराश नहीं करूंगा जिसका मतलब है कि यदि जरूरी हुआ तो मैं एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ूंगा।’टिप्पणियां
लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष संगमा ने कहा कि उन्होंने कई राजनेताओं से समय मांगा है जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी समेत कई लोग शामिल हैं। इस मुलाकात के दौरान वह आदिवासी को राष्ट्रपति बनाए जाने की मांग को लेकर दबाव डालेंगे। उन्होंने कहा, ‘इस समय दो शक्तिशाली मुख्यमंत्री जयललिता और नवीन पटनायक ने सार्वजनिक रूप से उनकी उम्मीदवारी को अपना समर्थन देने की घोषणा की है।’
इस बीच, संगमा ने सीपीआई नेता डी राजा से मुलाकात कर जुलाई में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए वामदलों का समर्थन मांगा।
लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष संगमा ने कहा कि उन्होंने कई राजनेताओं से समय मांगा है जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी समेत कई लोग शामिल हैं। इस मुलाकात के दौरान वह आदिवासी को राष्ट्रपति बनाए जाने की मांग को लेकर दबाव डालेंगे। उन्होंने कहा, ‘इस समय दो शक्तिशाली मुख्यमंत्री जयललिता और नवीन पटनायक ने सार्वजनिक रूप से उनकी उम्मीदवारी को अपना समर्थन देने की घोषणा की है।’
इस बीच, संगमा ने सीपीआई नेता डी राजा से मुलाकात कर जुलाई में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए वामदलों का समर्थन मांगा।
इस बीच, संगमा ने सीपीआई नेता डी राजा से मुलाकात कर जुलाई में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए वामदलों का समर्थन मांगा। | यह एक सारांश है: राकांपा नेता पीए संगमा ने राष्ट्रपति पद की दौड़ से पीछे हटने की संभावना को खारिज करते हुए कहा कि यदि जरूरी हुआ तो वह एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: रिकी पॉन्टिंग के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने के फैसले ने भले ही सचिन तेंदुलकर के संन्यास को लेकर चल रहे मुद्दे में आग में घी का काम किया हो, लेकिन टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर का मानना है कि उनका सीनियर साथी अब भी टीम को काफी कुछ दे सकता है।
गंभीर ने कहा, कोई भी किसी को संन्यास लेने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। प्रत्येक खिलाड़ी को पता है कि संन्यास लेने का सर्वश्रेष्ठ समय कौन सा है। पॉन्टिंग के संन्यास का मतलब यह नहीं है कि सचिन को भी संन्यास लेना होगा। यह व्यक्गित फैसला है। वे दो अलग देशों से संबंध रखते हैं और दो अलग व्यक्ति हैं, इसलिए तुलना करने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता।
आलोचक 39-वर्षीय तेंदुलकर के टीम में स्थान पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि गंभीर ने कहा कि इस सीनियर बल्लेबाज में अब भी भारत के लिए काफी रन बनाने की क्षमता है। उन्होंने कहा, ड्रेसिंग रूम में उनकी मौजूदगी ही देश के लिए बड़ी चीज है। मुझे भरोसा है कि वह इससे उबर जाएंगे। सभी उतार-चढ़ाव से गुजरते हैं। वह अब भी खेलने का आनंद उठाते हैं।
गंभीर ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा, वह भारत के महानतम क्रिकेटर हैं। वह मैदान पर ही नहीं, बल्कि मेंटर के रूप में मैदान के बाहर भी योगदान देते हैं। उनमें अब भी भारत की ओर से काफी रन बनाने की क्षमता है। पर्थ में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे टेस्ट के बाद संन्यास की घोषणा करने वाले पॉन्टिंग को गंभीर ने ऑस्ट्रेलिया का सर्वश्रेष्ठ कप्तान करार दिया।
उन्होंने कहा, वह महान खिलाड़ी हैं। उन्होंने अपनी शर्तों पर क्रिकेट खेला और अब अपनी शर्तों पर संन्यास ले रहे हैं। तीनों प्रारूपों में उनका रिकॉर्ड उनकी क्षमता की गवाही देता है। वह ऑस्ट्रेलिया के सबसे सफलतम कप्तान हैं। गंभीर ने महेंद्र सिंह धोनी का समर्थन किया और कहा कि उनके कप्तान के स्पिन के अनुकूल पिच की मांग करने में कुछ भी गलत नहीं है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, एक कप्तान को वैसा विकेट मिलना चाहिए, जिसकी वह मांग कर रहा है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। मुद्दा बनाने की जगह हम सभी को उनका समर्थन करना चाहिए। अगर उन्हें लगता है कि हम किसी तरह की विकेट पर जीत सकते हैं, तो हमें उनका समर्थन करना चाहिए। गंभीर ने कहा, आखिर वह आपका कप्तान है और वह हमेशा जीत के बारे में सोचेगा। सभी पूर्व कप्तान स्पिन की अनुकूल पिच की मांग करते थे। मुझे लगता है कि मोहम्मद अजहरूद्दीन की कप्तानी के दौरान हम स्पिन की अनुकूल पिच पर खेलते थे और तब किसी ने सवाल नहीं उठाया।
दिल्ली के इस खिलाड़ी ने साथ ही कहा कि उन्हें और टीम के उनके साथियों को हमेशा हार के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। मुंबई टेस्ट में इंग्लैंड के स्पिनरों के प्रदर्शन के बारे में पूछने पर गंभीर ने कहा, उन्होंने काफी अच्छी गेंदबाजी की। स्वान और पनेसर दोनों ने अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम स्पिन से नहीं निपट सकते। उन्होंने कहा, इंग्लैंड कहीं भी जीत सकता है। उनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी विश्व स्तरीय है। लेकिन याद रखिए कि हम दुनिया की नंबर एक टीम थे और ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट मैच जीत चुके हैं।
गंभीर ने कहा, कोई भी किसी को संन्यास लेने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। प्रत्येक खिलाड़ी को पता है कि संन्यास लेने का सर्वश्रेष्ठ समय कौन सा है। पॉन्टिंग के संन्यास का मतलब यह नहीं है कि सचिन को भी संन्यास लेना होगा। यह व्यक्गित फैसला है। वे दो अलग देशों से संबंध रखते हैं और दो अलग व्यक्ति हैं, इसलिए तुलना करने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता।
आलोचक 39-वर्षीय तेंदुलकर के टीम में स्थान पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि गंभीर ने कहा कि इस सीनियर बल्लेबाज में अब भी भारत के लिए काफी रन बनाने की क्षमता है। उन्होंने कहा, ड्रेसिंग रूम में उनकी मौजूदगी ही देश के लिए बड़ी चीज है। मुझे भरोसा है कि वह इससे उबर जाएंगे। सभी उतार-चढ़ाव से गुजरते हैं। वह अब भी खेलने का आनंद उठाते हैं।
गंभीर ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा, वह भारत के महानतम क्रिकेटर हैं। वह मैदान पर ही नहीं, बल्कि मेंटर के रूप में मैदान के बाहर भी योगदान देते हैं। उनमें अब भी भारत की ओर से काफी रन बनाने की क्षमता है। पर्थ में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे टेस्ट के बाद संन्यास की घोषणा करने वाले पॉन्टिंग को गंभीर ने ऑस्ट्रेलिया का सर्वश्रेष्ठ कप्तान करार दिया।
उन्होंने कहा, वह महान खिलाड़ी हैं। उन्होंने अपनी शर्तों पर क्रिकेट खेला और अब अपनी शर्तों पर संन्यास ले रहे हैं। तीनों प्रारूपों में उनका रिकॉर्ड उनकी क्षमता की गवाही देता है। वह ऑस्ट्रेलिया के सबसे सफलतम कप्तान हैं। गंभीर ने महेंद्र सिंह धोनी का समर्थन किया और कहा कि उनके कप्तान के स्पिन के अनुकूल पिच की मांग करने में कुछ भी गलत नहीं है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, एक कप्तान को वैसा विकेट मिलना चाहिए, जिसकी वह मांग कर रहा है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। मुद्दा बनाने की जगह हम सभी को उनका समर्थन करना चाहिए। अगर उन्हें लगता है कि हम किसी तरह की विकेट पर जीत सकते हैं, तो हमें उनका समर्थन करना चाहिए। गंभीर ने कहा, आखिर वह आपका कप्तान है और वह हमेशा जीत के बारे में सोचेगा। सभी पूर्व कप्तान स्पिन की अनुकूल पिच की मांग करते थे। मुझे लगता है कि मोहम्मद अजहरूद्दीन की कप्तानी के दौरान हम स्पिन की अनुकूल पिच पर खेलते थे और तब किसी ने सवाल नहीं उठाया।
दिल्ली के इस खिलाड़ी ने साथ ही कहा कि उन्हें और टीम के उनके साथियों को हमेशा हार के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। मुंबई टेस्ट में इंग्लैंड के स्पिनरों के प्रदर्शन के बारे में पूछने पर गंभीर ने कहा, उन्होंने काफी अच्छी गेंदबाजी की। स्वान और पनेसर दोनों ने अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम स्पिन से नहीं निपट सकते। उन्होंने कहा, इंग्लैंड कहीं भी जीत सकता है। उनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी विश्व स्तरीय है। लेकिन याद रखिए कि हम दुनिया की नंबर एक टीम थे और ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट मैच जीत चुके हैं।
आलोचक 39-वर्षीय तेंदुलकर के टीम में स्थान पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि गंभीर ने कहा कि इस सीनियर बल्लेबाज में अब भी भारत के लिए काफी रन बनाने की क्षमता है। उन्होंने कहा, ड्रेसिंग रूम में उनकी मौजूदगी ही देश के लिए बड़ी चीज है। मुझे भरोसा है कि वह इससे उबर जाएंगे। सभी उतार-चढ़ाव से गुजरते हैं। वह अब भी खेलने का आनंद उठाते हैं।
गंभीर ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा, वह भारत के महानतम क्रिकेटर हैं। वह मैदान पर ही नहीं, बल्कि मेंटर के रूप में मैदान के बाहर भी योगदान देते हैं। उनमें अब भी भारत की ओर से काफी रन बनाने की क्षमता है। पर्थ में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे टेस्ट के बाद संन्यास की घोषणा करने वाले पॉन्टिंग को गंभीर ने ऑस्ट्रेलिया का सर्वश्रेष्ठ कप्तान करार दिया।
उन्होंने कहा, वह महान खिलाड़ी हैं। उन्होंने अपनी शर्तों पर क्रिकेट खेला और अब अपनी शर्तों पर संन्यास ले रहे हैं। तीनों प्रारूपों में उनका रिकॉर्ड उनकी क्षमता की गवाही देता है। वह ऑस्ट्रेलिया के सबसे सफलतम कप्तान हैं। गंभीर ने महेंद्र सिंह धोनी का समर्थन किया और कहा कि उनके कप्तान के स्पिन के अनुकूल पिच की मांग करने में कुछ भी गलत नहीं है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, एक कप्तान को वैसा विकेट मिलना चाहिए, जिसकी वह मांग कर रहा है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। मुद्दा बनाने की जगह हम सभी को उनका समर्थन करना चाहिए। अगर उन्हें लगता है कि हम किसी तरह की विकेट पर जीत सकते हैं, तो हमें उनका समर्थन करना चाहिए। गंभीर ने कहा, आखिर वह आपका कप्तान है और वह हमेशा जीत के बारे में सोचेगा। सभी पूर्व कप्तान स्पिन की अनुकूल पिच की मांग करते थे। मुझे लगता है कि मोहम्मद अजहरूद्दीन की कप्तानी के दौरान हम स्पिन की अनुकूल पिच पर खेलते थे और तब किसी ने सवाल नहीं उठाया।
दिल्ली के इस खिलाड़ी ने साथ ही कहा कि उन्हें और टीम के उनके साथियों को हमेशा हार के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। मुंबई टेस्ट में इंग्लैंड के स्पिनरों के प्रदर्शन के बारे में पूछने पर गंभीर ने कहा, उन्होंने काफी अच्छी गेंदबाजी की। स्वान और पनेसर दोनों ने अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम स्पिन से नहीं निपट सकते। उन्होंने कहा, इंग्लैंड कहीं भी जीत सकता है। उनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी विश्व स्तरीय है। लेकिन याद रखिए कि हम दुनिया की नंबर एक टीम थे और ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट मैच जीत चुके हैं।
गंभीर ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा, वह भारत के महानतम क्रिकेटर हैं। वह मैदान पर ही नहीं, बल्कि मेंटर के रूप में मैदान के बाहर भी योगदान देते हैं। उनमें अब भी भारत की ओर से काफी रन बनाने की क्षमता है। पर्थ में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे टेस्ट के बाद संन्यास की घोषणा करने वाले पॉन्टिंग को गंभीर ने ऑस्ट्रेलिया का सर्वश्रेष्ठ कप्तान करार दिया।
उन्होंने कहा, वह महान खिलाड़ी हैं। उन्होंने अपनी शर्तों पर क्रिकेट खेला और अब अपनी शर्तों पर संन्यास ले रहे हैं। तीनों प्रारूपों में उनका रिकॉर्ड उनकी क्षमता की गवाही देता है। वह ऑस्ट्रेलिया के सबसे सफलतम कप्तान हैं। गंभीर ने महेंद्र सिंह धोनी का समर्थन किया और कहा कि उनके कप्तान के स्पिन के अनुकूल पिच की मांग करने में कुछ भी गलत नहीं है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, एक कप्तान को वैसा विकेट मिलना चाहिए, जिसकी वह मांग कर रहा है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। मुद्दा बनाने की जगह हम सभी को उनका समर्थन करना चाहिए। अगर उन्हें लगता है कि हम किसी तरह की विकेट पर जीत सकते हैं, तो हमें उनका समर्थन करना चाहिए। गंभीर ने कहा, आखिर वह आपका कप्तान है और वह हमेशा जीत के बारे में सोचेगा। सभी पूर्व कप्तान स्पिन की अनुकूल पिच की मांग करते थे। मुझे लगता है कि मोहम्मद अजहरूद्दीन की कप्तानी के दौरान हम स्पिन की अनुकूल पिच पर खेलते थे और तब किसी ने सवाल नहीं उठाया।
दिल्ली के इस खिलाड़ी ने साथ ही कहा कि उन्हें और टीम के उनके साथियों को हमेशा हार के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। मुंबई टेस्ट में इंग्लैंड के स्पिनरों के प्रदर्शन के बारे में पूछने पर गंभीर ने कहा, उन्होंने काफी अच्छी गेंदबाजी की। स्वान और पनेसर दोनों ने अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम स्पिन से नहीं निपट सकते। उन्होंने कहा, इंग्लैंड कहीं भी जीत सकता है। उनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी विश्व स्तरीय है। लेकिन याद रखिए कि हम दुनिया की नंबर एक टीम थे और ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट मैच जीत चुके हैं।
उन्होंने कहा, वह महान खिलाड़ी हैं। उन्होंने अपनी शर्तों पर क्रिकेट खेला और अब अपनी शर्तों पर संन्यास ले रहे हैं। तीनों प्रारूपों में उनका रिकॉर्ड उनकी क्षमता की गवाही देता है। वह ऑस्ट्रेलिया के सबसे सफलतम कप्तान हैं। गंभीर ने महेंद्र सिंह धोनी का समर्थन किया और कहा कि उनके कप्तान के स्पिन के अनुकूल पिच की मांग करने में कुछ भी गलत नहीं है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, एक कप्तान को वैसा विकेट मिलना चाहिए, जिसकी वह मांग कर रहा है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। मुद्दा बनाने की जगह हम सभी को उनका समर्थन करना चाहिए। अगर उन्हें लगता है कि हम किसी तरह की विकेट पर जीत सकते हैं, तो हमें उनका समर्थन करना चाहिए। गंभीर ने कहा, आखिर वह आपका कप्तान है और वह हमेशा जीत के बारे में सोचेगा। सभी पूर्व कप्तान स्पिन की अनुकूल पिच की मांग करते थे। मुझे लगता है कि मोहम्मद अजहरूद्दीन की कप्तानी के दौरान हम स्पिन की अनुकूल पिच पर खेलते थे और तब किसी ने सवाल नहीं उठाया।
दिल्ली के इस खिलाड़ी ने साथ ही कहा कि उन्हें और टीम के उनके साथियों को हमेशा हार के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। मुंबई टेस्ट में इंग्लैंड के स्पिनरों के प्रदर्शन के बारे में पूछने पर गंभीर ने कहा, उन्होंने काफी अच्छी गेंदबाजी की। स्वान और पनेसर दोनों ने अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम स्पिन से नहीं निपट सकते। उन्होंने कहा, इंग्लैंड कहीं भी जीत सकता है। उनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी विश्व स्तरीय है। लेकिन याद रखिए कि हम दुनिया की नंबर एक टीम थे और ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट मैच जीत चुके हैं।
उन्होंने कहा, एक कप्तान को वैसा विकेट मिलना चाहिए, जिसकी वह मांग कर रहा है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। मुद्दा बनाने की जगह हम सभी को उनका समर्थन करना चाहिए। अगर उन्हें लगता है कि हम किसी तरह की विकेट पर जीत सकते हैं, तो हमें उनका समर्थन करना चाहिए। गंभीर ने कहा, आखिर वह आपका कप्तान है और वह हमेशा जीत के बारे में सोचेगा। सभी पूर्व कप्तान स्पिन की अनुकूल पिच की मांग करते थे। मुझे लगता है कि मोहम्मद अजहरूद्दीन की कप्तानी के दौरान हम स्पिन की अनुकूल पिच पर खेलते थे और तब किसी ने सवाल नहीं उठाया।
दिल्ली के इस खिलाड़ी ने साथ ही कहा कि उन्हें और टीम के उनके साथियों को हमेशा हार के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। मुंबई टेस्ट में इंग्लैंड के स्पिनरों के प्रदर्शन के बारे में पूछने पर गंभीर ने कहा, उन्होंने काफी अच्छी गेंदबाजी की। स्वान और पनेसर दोनों ने अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम स्पिन से नहीं निपट सकते। उन्होंने कहा, इंग्लैंड कहीं भी जीत सकता है। उनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी विश्व स्तरीय है। लेकिन याद रखिए कि हम दुनिया की नंबर एक टीम थे और ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट मैच जीत चुके हैं।
दिल्ली के इस खिलाड़ी ने साथ ही कहा कि उन्हें और टीम के उनके साथियों को हमेशा हार के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। मुंबई टेस्ट में इंग्लैंड के स्पिनरों के प्रदर्शन के बारे में पूछने पर गंभीर ने कहा, उन्होंने काफी अच्छी गेंदबाजी की। स्वान और पनेसर दोनों ने अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम स्पिन से नहीं निपट सकते। उन्होंने कहा, इंग्लैंड कहीं भी जीत सकता है। उनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी विश्व स्तरीय है। लेकिन याद रखिए कि हम दुनिया की नंबर एक टीम थे और ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट मैच जीत चुके हैं। | यहाँ एक सारांश है:रिकी पॉन्टिंग के क्रिकेट को अलविदा कहने के फैसले ने भले ही सचिन के संन्यास को लेकर चल रहे मुद्दे में आग में घी का काम किया हो, लेकिन गौतम गंभीर का मानना है कि उनका सीनियर साथी अब भी टीम को काफी कुछ दे सकता है। | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: लिएंडर पेस और महेश भूपति अपनी अपनी जोड़ीदारों के साथ बुधवार को पेरिस में फ्रेंच ओपन टेनिस टूर्नामेंट के मिश्रित युगल के दूसरे दौर में पहुंचने में सफल रहे।टिप्पणियां
पेस और रूस की इलेना वेसनिना की पांचवीं वरीयता प्राप्त जोड़ी ने लूसी हार्डेका और फ्रांटिसेक सेरमाक की चेक गणराज्य की जोड़ी को पहले दौर के मैच में केवल 49 मिनट में 6-1, 6-1 से हराया। मिश्रित युगल के एक अन्य मैच में भूपति और सानिया मिर्जा की जोड़ी को पहले दौर में किसी तरह की परेशानी नहीं हुई।
इस भारतीय जोड़ी ने राकेल कोप्स जोन्स और एरिक बुटोरैक की अमेरिकी जोड़ी को 6-2, 6-4 से पराजित किया।
पेस और रूस की इलेना वेसनिना की पांचवीं वरीयता प्राप्त जोड़ी ने लूसी हार्डेका और फ्रांटिसेक सेरमाक की चेक गणराज्य की जोड़ी को पहले दौर के मैच में केवल 49 मिनट में 6-1, 6-1 से हराया। मिश्रित युगल के एक अन्य मैच में भूपति और सानिया मिर्जा की जोड़ी को पहले दौर में किसी तरह की परेशानी नहीं हुई।
इस भारतीय जोड़ी ने राकेल कोप्स जोन्स और एरिक बुटोरैक की अमेरिकी जोड़ी को 6-2, 6-4 से पराजित किया।
इस भारतीय जोड़ी ने राकेल कोप्स जोन्स और एरिक बुटोरैक की अमेरिकी जोड़ी को 6-2, 6-4 से पराजित किया। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: लिएंडर पेस और महेश भूपति अपनी अपनी जोड़ीदारों के साथ बुधवार को पेरिस में फ्रेंच ओपन टेनिस टूर्नामेंट के मिश्रित युगल के दूसरे दौर में पहुंचने में सफल रहे। | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पुणे वारियर्स के सहायक कोच रॉब वाल्टर्स ने कहा कि एक ही ओवर में युवराज सिंह और ल्यूक राइट के विकेट खोना उनकी टीम के लिए यहां आईपीएल मैच में दिल्ली डेयरडेविल्स के हाथों मिली 15 रन की शिकस्त में टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ।
जीत के करीब से फिर से हारने से पुणे की टीम मुश्किल में फंस गई है और अब उनके लिए सारे मैच करो या मरो के होंगे।टिप्पणियां
वाल्टर्स ने बीती रात मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, युवराज और राइट अच्छा खेल रहे थे। मैच के 18वें ओवर में दोनों का विकेट गंवाना टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ, जिससे टीम को हार का सामना करना पड़ा। यह तब हुआ जब हमने मैच में पकड़ बनाई हुई थी और हम जीत सकते थे। दिल्ली डेयरडेविल्स के हाथों मिली हार के बाद पुणे वारियर्स की टीम अंक तालिका में निचले स्थान पर पहुंच गयी है।
उन्होंने कहा, अब बिलकुल साफ हो गया है कि हमें आगे कड़ी चुनौती देनी होगी। हमें टूर्नामेंट में अब प्रत्येक मैच में जीत दर्ज करनी होगी। आपको विजयी फार्मूला ढूंढने की कोशिश करनी होगी और आपको इसे हासिल करने के लिए कुछ संयोजन आजमाने का प्रयास भी करना होगा। यह पूछने पर कि क्या टीम को रायपुर जैसे नए और अलग मैदान पर अभ्यास के लिए ज्यादा समय की जरूरत थी, जहां पहली बार आईपीएल मैचों की मेजबानी की जा रही है, उन्होंने कहा, हमें यहां अभ्यास का काफी समय मिला। हम तैयारी को दोषी नहीं ठहरा सकते। हालांकि बाउंड्री बड़ी हैं, लेकिन यहां मैदान के हालात अच्छे हैं।
जीत के करीब से फिर से हारने से पुणे की टीम मुश्किल में फंस गई है और अब उनके लिए सारे मैच करो या मरो के होंगे।टिप्पणियां
वाल्टर्स ने बीती रात मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, युवराज और राइट अच्छा खेल रहे थे। मैच के 18वें ओवर में दोनों का विकेट गंवाना टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ, जिससे टीम को हार का सामना करना पड़ा। यह तब हुआ जब हमने मैच में पकड़ बनाई हुई थी और हम जीत सकते थे। दिल्ली डेयरडेविल्स के हाथों मिली हार के बाद पुणे वारियर्स की टीम अंक तालिका में निचले स्थान पर पहुंच गयी है।
उन्होंने कहा, अब बिलकुल साफ हो गया है कि हमें आगे कड़ी चुनौती देनी होगी। हमें टूर्नामेंट में अब प्रत्येक मैच में जीत दर्ज करनी होगी। आपको विजयी फार्मूला ढूंढने की कोशिश करनी होगी और आपको इसे हासिल करने के लिए कुछ संयोजन आजमाने का प्रयास भी करना होगा। यह पूछने पर कि क्या टीम को रायपुर जैसे नए और अलग मैदान पर अभ्यास के लिए ज्यादा समय की जरूरत थी, जहां पहली बार आईपीएल मैचों की मेजबानी की जा रही है, उन्होंने कहा, हमें यहां अभ्यास का काफी समय मिला। हम तैयारी को दोषी नहीं ठहरा सकते। हालांकि बाउंड्री बड़ी हैं, लेकिन यहां मैदान के हालात अच्छे हैं।
वाल्टर्स ने बीती रात मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, युवराज और राइट अच्छा खेल रहे थे। मैच के 18वें ओवर में दोनों का विकेट गंवाना टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ, जिससे टीम को हार का सामना करना पड़ा। यह तब हुआ जब हमने मैच में पकड़ बनाई हुई थी और हम जीत सकते थे। दिल्ली डेयरडेविल्स के हाथों मिली हार के बाद पुणे वारियर्स की टीम अंक तालिका में निचले स्थान पर पहुंच गयी है।
उन्होंने कहा, अब बिलकुल साफ हो गया है कि हमें आगे कड़ी चुनौती देनी होगी। हमें टूर्नामेंट में अब प्रत्येक मैच में जीत दर्ज करनी होगी। आपको विजयी फार्मूला ढूंढने की कोशिश करनी होगी और आपको इसे हासिल करने के लिए कुछ संयोजन आजमाने का प्रयास भी करना होगा। यह पूछने पर कि क्या टीम को रायपुर जैसे नए और अलग मैदान पर अभ्यास के लिए ज्यादा समय की जरूरत थी, जहां पहली बार आईपीएल मैचों की मेजबानी की जा रही है, उन्होंने कहा, हमें यहां अभ्यास का काफी समय मिला। हम तैयारी को दोषी नहीं ठहरा सकते। हालांकि बाउंड्री बड़ी हैं, लेकिन यहां मैदान के हालात अच्छे हैं।
उन्होंने कहा, अब बिलकुल साफ हो गया है कि हमें आगे कड़ी चुनौती देनी होगी। हमें टूर्नामेंट में अब प्रत्येक मैच में जीत दर्ज करनी होगी। आपको विजयी फार्मूला ढूंढने की कोशिश करनी होगी और आपको इसे हासिल करने के लिए कुछ संयोजन आजमाने का प्रयास भी करना होगा। यह पूछने पर कि क्या टीम को रायपुर जैसे नए और अलग मैदान पर अभ्यास के लिए ज्यादा समय की जरूरत थी, जहां पहली बार आईपीएल मैचों की मेजबानी की जा रही है, उन्होंने कहा, हमें यहां अभ्यास का काफी समय मिला। हम तैयारी को दोषी नहीं ठहरा सकते। हालांकि बाउंड्री बड़ी हैं, लेकिन यहां मैदान के हालात अच्छे हैं। | संक्षिप्त सारांश: पुणे वारियर्स के सहायक कोच रॉब वाल्टर्स ने कहा कि एक ही ओवर में युवराज सिंह और ल्यूक राइट के विकेट खोना उनकी टीम के लिए यहां आईपीएल मैच में दिल्ली डेयरडेविल्स के हाथों मिली 15 रन की शिकस्त में टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केरल के एलडीएफ नीत सरकार पर घोटालों एवं भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने कहा कि मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट (माकपा) की विचारधारा और सिद्धांतों में गिरावट आई है। उन्होंने हरिपद में आयोजित चुनाव सभा में कहा कि एलडीएफ के शासनकाल के दौरान माकपा द्वारा सदैव आधुनिकीकरण एवं विकास की ओर अग्रसर होने का विरोध करने के चलते केरल सभी क्षेत्रों में पिछड़ गया है। गौरतलब है कि यहां से केरल प्रदेश समिति के अध्यक्ष रमेश चेन्नीथाला चुनाव लड़ रहे हैं। गांधी ने कहा, पिछले पांच सालों के एलडीएफ शासनकाल के दौरान केरल पीछे रह गया। यह सरकार भ्रष्टाचार में डूबी है। यहां घोटाले पर घोटाले हुए, शराब, भूमि और लॉटरी के माफियाओं को सरकार का संरक्षण प्राप्त है, जो ग्रामीण इलाकों में अपनी सत्ता चला रहे हैं। गांधी ने कहा कि माकपा भी सभी प्रकार के आधुनिकीकरण का विरोध करती रही है। उन्होंने याद दिलाया कि किस तरह से माकपा ट्रैक्टर और कम्प्यूटर के प्रयोग का पूर्व में विरोध कर चुका है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में आर्थिक मंदी के बावजूद भी भारतीय अर्थव्यवस्था मंदी के के जद में नहीं आया, लेकिन केरल को एलडीएफ शासनकाल के दौरान काफी झेलना पड़ा। गांधी ने कहा कि 2004 में सुनामी से प्रभावित क्षेत्रों की एलडीएफ सरकार ने पूरी तरह से उपेक्षा की। आपदा राहत को लेकर केंद्र द्वारा मुहैया कराई गई मदद का भी एलडीएफ सरकार सही तरह से प्रयोग नहीं कर पाई। उन्होंने कहा, क्या एलडीएफ आपकी परवाह कर सकता है? इसका उत्तर आपको ही देना है। | यहाँ एक सारांश है:कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केरल के एलडीएफ नीत सरकार पर घोटालों एवं भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया। | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका के कनेक्टिकट राज्य के प्राथमिक स्कूल में शुक्रवार की गोलीबारी की घटना के बाद राष्ट्रपति बराक ओबामा संवाददाताओं से बात कर रहे थे तो उनकी आंखें छलक आईं और गला रुंध गया। अमेरिकी अधिकारी अभी भी घटना के कारणों को तलाश रहे हैं जिसकी वजह से एक युवक ने 20 बच्चों सहित 28 लोगों को मौत के घाट उतार दिया। अमेरिका में इस घटना को लेकर शोक की लहर है।
पिछले दो दशकों में ढीले बंदूक कानूनों के कारण अमेरिका में 100 से अधिक लोगों की मौत शिक्षण संस्थानों में हो चुकी है। चूंकि बंदूक रखने को मूलभूत अधिकार के तौर पर मान्यता मिलने एवं शस्त्र उद्योग से जुड़ी लॉबी के चलते अमेरिका में बंदूक संस्कृति पर रोक लगाने की कोई हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के मुताबिक दो बेटियों के पिता ओबामा ने व्हाइट हाउस के प्रेस कक्ष में अपनी भावनाओं को छुपाने का प्रयास करते हुए कहा, "मैं जानता हूं कि अमेरिका में ऐसा एक भी अभिभावक नहीं होगा जो मेरी ही तरह इस घटना पर इतना ही दुखी न हो।" उन्होंने कहा, "मारे गए लोगों में ज्यादातर बच्चे हैं, खूबसूरत और पांच से 10 साल उम्र के नन्हे बच्चे। उनके आगे उनका पूरा जीवन था। अभी उनके जीवन में उनके जन्मदिन, पढ़ाई, विवाह और फिर खुद उनके बच्चों का आना बाकी था।"
अधिकारियों का कहना है कि न्यूयार्क सिटी से करीब 100 किलोमीटर दूर कनेक्टिकट के न्यूटाउन में सैंडी हुक एलिमेंट्री स्कूल में हुई गोलीबारी में 20 बच्चों सहित 28 लोग मारे गए।
ओबामा ने कहा, "आज हमारा दिल इन नन्हें बच्चों के माता-पिता, उनके दादा-दादी, बहनों व भाइयों और हमले में मारे गए अन्य लोगों के परिजनों के लिए दुखी है।"
शुक्रवार को हुई गोलीबारी की यह घटना बीते एक सप्ताह में अमेरिका में इस तरह की दूसरी घटना है जबकि इस साल यहां गोलीबारी की कई घटनाएं हुई हैं।
ओबामा ने इस साल अमेरिका में हुई गोलीबारी की अन्य घटनाओं का हवाला देते हुए कहा, "एक देश के रूप में हम इस तरह की घटनाओं से कई बार गुजरे हैं। फिर चाहे वह घटना न्यूटाउन के प्राथमिक स्कूल की हो या ओरेगन के शॉपिंग मॉल की या विस्कॉन्सिन के गुरुद्वारे की या एयुरोरा के फिल्म थियेटर की या फिर शिकागो की एक सड़क की घटना हो।" उन्होंने कहा, "हमें भविष्य में इस तरह की त्रासदियों को रोकने के लिए अर्थपूर्ण कार्रवाई करने के लिए बिना किसी राजनीति के एकजुट होना चाहिए।"
कनेक्टीकट के मेयर डैन मेलॉय ने कहा, "आज यहां शैतान आया था।" भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक भी इस घटना से बेहद आहत हैं।टिप्पणियां
नार्थ अमेरिकन पंजाबी एसोसिएशन (एनएपीए) ने कहा, "हम पीड़ितों एवं उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हैं।"
विस्कोंसिन के एक गुरुद्वारे में पांच अगस्त को गोलीबारी में छह सिखों की मौत हो गई थी।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कनेक्टीकट के मेयर को लिखे पत्र में इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
पिछले दो दशकों में ढीले बंदूक कानूनों के कारण अमेरिका में 100 से अधिक लोगों की मौत शिक्षण संस्थानों में हो चुकी है। चूंकि बंदूक रखने को मूलभूत अधिकार के तौर पर मान्यता मिलने एवं शस्त्र उद्योग से जुड़ी लॉबी के चलते अमेरिका में बंदूक संस्कृति पर रोक लगाने की कोई हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के मुताबिक दो बेटियों के पिता ओबामा ने व्हाइट हाउस के प्रेस कक्ष में अपनी भावनाओं को छुपाने का प्रयास करते हुए कहा, "मैं जानता हूं कि अमेरिका में ऐसा एक भी अभिभावक नहीं होगा जो मेरी ही तरह इस घटना पर इतना ही दुखी न हो।" उन्होंने कहा, "मारे गए लोगों में ज्यादातर बच्चे हैं, खूबसूरत और पांच से 10 साल उम्र के नन्हे बच्चे। उनके आगे उनका पूरा जीवन था। अभी उनके जीवन में उनके जन्मदिन, पढ़ाई, विवाह और फिर खुद उनके बच्चों का आना बाकी था।"
अधिकारियों का कहना है कि न्यूयार्क सिटी से करीब 100 किलोमीटर दूर कनेक्टिकट के न्यूटाउन में सैंडी हुक एलिमेंट्री स्कूल में हुई गोलीबारी में 20 बच्चों सहित 28 लोग मारे गए।
ओबामा ने कहा, "आज हमारा दिल इन नन्हें बच्चों के माता-पिता, उनके दादा-दादी, बहनों व भाइयों और हमले में मारे गए अन्य लोगों के परिजनों के लिए दुखी है।"
शुक्रवार को हुई गोलीबारी की यह घटना बीते एक सप्ताह में अमेरिका में इस तरह की दूसरी घटना है जबकि इस साल यहां गोलीबारी की कई घटनाएं हुई हैं।
ओबामा ने इस साल अमेरिका में हुई गोलीबारी की अन्य घटनाओं का हवाला देते हुए कहा, "एक देश के रूप में हम इस तरह की घटनाओं से कई बार गुजरे हैं। फिर चाहे वह घटना न्यूटाउन के प्राथमिक स्कूल की हो या ओरेगन के शॉपिंग मॉल की या विस्कॉन्सिन के गुरुद्वारे की या एयुरोरा के फिल्म थियेटर की या फिर शिकागो की एक सड़क की घटना हो।" उन्होंने कहा, "हमें भविष्य में इस तरह की त्रासदियों को रोकने के लिए अर्थपूर्ण कार्रवाई करने के लिए बिना किसी राजनीति के एकजुट होना चाहिए।"
कनेक्टीकट के मेयर डैन मेलॉय ने कहा, "आज यहां शैतान आया था।" भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक भी इस घटना से बेहद आहत हैं।टिप्पणियां
नार्थ अमेरिकन पंजाबी एसोसिएशन (एनएपीए) ने कहा, "हम पीड़ितों एवं उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हैं।"
विस्कोंसिन के एक गुरुद्वारे में पांच अगस्त को गोलीबारी में छह सिखों की मौत हो गई थी।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कनेक्टीकट के मेयर को लिखे पत्र में इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के मुताबिक दो बेटियों के पिता ओबामा ने व्हाइट हाउस के प्रेस कक्ष में अपनी भावनाओं को छुपाने का प्रयास करते हुए कहा, "मैं जानता हूं कि अमेरिका में ऐसा एक भी अभिभावक नहीं होगा जो मेरी ही तरह इस घटना पर इतना ही दुखी न हो।" उन्होंने कहा, "मारे गए लोगों में ज्यादातर बच्चे हैं, खूबसूरत और पांच से 10 साल उम्र के नन्हे बच्चे। उनके आगे उनका पूरा जीवन था। अभी उनके जीवन में उनके जन्मदिन, पढ़ाई, विवाह और फिर खुद उनके बच्चों का आना बाकी था।"
अधिकारियों का कहना है कि न्यूयार्क सिटी से करीब 100 किलोमीटर दूर कनेक्टिकट के न्यूटाउन में सैंडी हुक एलिमेंट्री स्कूल में हुई गोलीबारी में 20 बच्चों सहित 28 लोग मारे गए।
ओबामा ने कहा, "आज हमारा दिल इन नन्हें बच्चों के माता-पिता, उनके दादा-दादी, बहनों व भाइयों और हमले में मारे गए अन्य लोगों के परिजनों के लिए दुखी है।"
शुक्रवार को हुई गोलीबारी की यह घटना बीते एक सप्ताह में अमेरिका में इस तरह की दूसरी घटना है जबकि इस साल यहां गोलीबारी की कई घटनाएं हुई हैं।
ओबामा ने इस साल अमेरिका में हुई गोलीबारी की अन्य घटनाओं का हवाला देते हुए कहा, "एक देश के रूप में हम इस तरह की घटनाओं से कई बार गुजरे हैं। फिर चाहे वह घटना न्यूटाउन के प्राथमिक स्कूल की हो या ओरेगन के शॉपिंग मॉल की या विस्कॉन्सिन के गुरुद्वारे की या एयुरोरा के फिल्म थियेटर की या फिर शिकागो की एक सड़क की घटना हो।" उन्होंने कहा, "हमें भविष्य में इस तरह की त्रासदियों को रोकने के लिए अर्थपूर्ण कार्रवाई करने के लिए बिना किसी राजनीति के एकजुट होना चाहिए।"
कनेक्टीकट के मेयर डैन मेलॉय ने कहा, "आज यहां शैतान आया था।" भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक भी इस घटना से बेहद आहत हैं।टिप्पणियां
नार्थ अमेरिकन पंजाबी एसोसिएशन (एनएपीए) ने कहा, "हम पीड़ितों एवं उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हैं।"
विस्कोंसिन के एक गुरुद्वारे में पांच अगस्त को गोलीबारी में छह सिखों की मौत हो गई थी।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कनेक्टीकट के मेयर को लिखे पत्र में इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
ओबामा ने कहा, "आज हमारा दिल इन नन्हें बच्चों के माता-पिता, उनके दादा-दादी, बहनों व भाइयों और हमले में मारे गए अन्य लोगों के परिजनों के लिए दुखी है।"
शुक्रवार को हुई गोलीबारी की यह घटना बीते एक सप्ताह में अमेरिका में इस तरह की दूसरी घटना है जबकि इस साल यहां गोलीबारी की कई घटनाएं हुई हैं।
ओबामा ने इस साल अमेरिका में हुई गोलीबारी की अन्य घटनाओं का हवाला देते हुए कहा, "एक देश के रूप में हम इस तरह की घटनाओं से कई बार गुजरे हैं। फिर चाहे वह घटना न्यूटाउन के प्राथमिक स्कूल की हो या ओरेगन के शॉपिंग मॉल की या विस्कॉन्सिन के गुरुद्वारे की या एयुरोरा के फिल्म थियेटर की या फिर शिकागो की एक सड़क की घटना हो।" उन्होंने कहा, "हमें भविष्य में इस तरह की त्रासदियों को रोकने के लिए अर्थपूर्ण कार्रवाई करने के लिए बिना किसी राजनीति के एकजुट होना चाहिए।"
कनेक्टीकट के मेयर डैन मेलॉय ने कहा, "आज यहां शैतान आया था।" भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक भी इस घटना से बेहद आहत हैं।टिप्पणियां
नार्थ अमेरिकन पंजाबी एसोसिएशन (एनएपीए) ने कहा, "हम पीड़ितों एवं उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हैं।"
विस्कोंसिन के एक गुरुद्वारे में पांच अगस्त को गोलीबारी में छह सिखों की मौत हो गई थी।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कनेक्टीकट के मेयर को लिखे पत्र में इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
शुक्रवार को हुई गोलीबारी की यह घटना बीते एक सप्ताह में अमेरिका में इस तरह की दूसरी घटना है जबकि इस साल यहां गोलीबारी की कई घटनाएं हुई हैं।
ओबामा ने इस साल अमेरिका में हुई गोलीबारी की अन्य घटनाओं का हवाला देते हुए कहा, "एक देश के रूप में हम इस तरह की घटनाओं से कई बार गुजरे हैं। फिर चाहे वह घटना न्यूटाउन के प्राथमिक स्कूल की हो या ओरेगन के शॉपिंग मॉल की या विस्कॉन्सिन के गुरुद्वारे की या एयुरोरा के फिल्म थियेटर की या फिर शिकागो की एक सड़क की घटना हो।" उन्होंने कहा, "हमें भविष्य में इस तरह की त्रासदियों को रोकने के लिए अर्थपूर्ण कार्रवाई करने के लिए बिना किसी राजनीति के एकजुट होना चाहिए।"
कनेक्टीकट के मेयर डैन मेलॉय ने कहा, "आज यहां शैतान आया था।" भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक भी इस घटना से बेहद आहत हैं।टिप्पणियां
नार्थ अमेरिकन पंजाबी एसोसिएशन (एनएपीए) ने कहा, "हम पीड़ितों एवं उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हैं।"
विस्कोंसिन के एक गुरुद्वारे में पांच अगस्त को गोलीबारी में छह सिखों की मौत हो गई थी।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कनेक्टीकट के मेयर को लिखे पत्र में इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
ओबामा ने इस साल अमेरिका में हुई गोलीबारी की अन्य घटनाओं का हवाला देते हुए कहा, "एक देश के रूप में हम इस तरह की घटनाओं से कई बार गुजरे हैं। फिर चाहे वह घटना न्यूटाउन के प्राथमिक स्कूल की हो या ओरेगन के शॉपिंग मॉल की या विस्कॉन्सिन के गुरुद्वारे की या एयुरोरा के फिल्म थियेटर की या फिर शिकागो की एक सड़क की घटना हो।" उन्होंने कहा, "हमें भविष्य में इस तरह की त्रासदियों को रोकने के लिए अर्थपूर्ण कार्रवाई करने के लिए बिना किसी राजनीति के एकजुट होना चाहिए।"
कनेक्टीकट के मेयर डैन मेलॉय ने कहा, "आज यहां शैतान आया था।" भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक भी इस घटना से बेहद आहत हैं।टिप्पणियां
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विस्कोंसिन के एक गुरुद्वारे में पांच अगस्त को गोलीबारी में छह सिखों की मौत हो गई थी।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कनेक्टीकट के मेयर को लिखे पत्र में इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
कनेक्टीकट के मेयर डैन मेलॉय ने कहा, "आज यहां शैतान आया था।" भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक भी इस घटना से बेहद आहत हैं।टिप्पणियां
नार्थ अमेरिकन पंजाबी एसोसिएशन (एनएपीए) ने कहा, "हम पीड़ितों एवं उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हैं।"
विस्कोंसिन के एक गुरुद्वारे में पांच अगस्त को गोलीबारी में छह सिखों की मौत हो गई थी।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कनेक्टीकट के मेयर को लिखे पत्र में इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
नार्थ अमेरिकन पंजाबी एसोसिएशन (एनएपीए) ने कहा, "हम पीड़ितों एवं उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हैं।"
विस्कोंसिन के एक गुरुद्वारे में पांच अगस्त को गोलीबारी में छह सिखों की मौत हो गई थी।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कनेक्टीकट के मेयर को लिखे पत्र में इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कनेक्टीकट के मेयर को लिखे पत्र में इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। | यह एक सारांश है: अमेरिका के कनेक्टिकट राज्य के प्राथमिक स्कूल में शुक्रवार की गोलीबारी की घटना के बाद राष्ट्रपति बराक ओबामा संवाददाताओं से बात कर रहे थे तो उनकी आंखें छलक आईं और गला रुंध गया। | 24 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने शनिवार को कहा कि उनके देश ने अमेरिका से ड्रोन प्रौद्योगिकी साझा करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इससे पाकिस्तानी सेना आतंकवादियों के छुपने के स्थानों पर मार करने में अधिक सक्षम होगी। गिलानी ने पत्रकारों से कहा, "हमने अमेरिका से ड्रोन प्रौद्योगिकी देने की मांग की है ताकि हम स्वयं इन हमलों को जारी रख सकें।" पाकिस्तान में अमेरिकी ड्रोन हमलों के खिलाफ होने वाली आलोचना के एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा, "इन हमलों पर हमारी कुछ शर्तें हैं।" ज्ञात हो कि जब प्रधानमंत्री पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे, उसी समय पश्चिमोत्तर पाकिस्तान के दत्ता खेल इलाके में दो अलग-अलग ड्रोन हमलों में कम से कम सात संदिग्ध आतंकवादी मारे गए। ज्ञात हो कि पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान और विदेश विभाग इन हमलों के खिलाफ पहले भी कड़ी शर्ते लगा चुके हैं, लेकिन स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उल्लेखनीय है कि पायलट रहित अमेरिकी ड्रोन लड़ाकू विमान वर्ष 2004 से अफगानिस्तान सीमा के समीप पाकिस्तान के अशांत कबायली इलाकों में स्थित आतंकवादी संगठन अल कायदा और तालिबान के छुपने के स्थानों को निशाना बनाकर हमले कर रहे हैं। इन हमलों में तालिबान का पूर्व सरगना बैतुल्ला महसूद समेत बड़ी संख्या में आतंकवादी मारे गए हैं। | संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने शनिवार को कहा कि उनके देश ने अमेरिका से ड्रोन प्रौद्योगिकी साझा करने की मांग की है। | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए बिना नाम लिए कांग्रेस पर तंज कसा है. उन्होंने कहा, आपकी ऊंचाई आपको मुबारक हो. आप इतना ऊंचा चले गए हैं कि जमीन दिखनी बंद हो गई है, जड़ों से उखड़ गए हैं.' पीएम मोदी ने कहा कि हमें किसी की लकीर की छोटा करने में अपना वक्त बर्बाद नहीं करते हैं. भाषण के दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी के बयान पर कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि हमने 'फलाने' को जेल क्यों नहीं भेजा, देश में इमरजेंसी नहीं लगी है कि किसी को भी जेल भेज दें. कानून अपने हिसाब से काम करेगा और जिन लोगों को जमानत मिल रही है वह एन्ज्वाए करें. पीएम मोदी ने कहा कि पता है कि 70 सालों से चली आ रही चीजों को बदलने में वक्त लगता है. हमने अपना लक्ष्य नहीं बदला है. हमें आगे बढ़ना है फिर चाहे इन्फ्रास्ट्रक्चर हो या स्पेस. पीएम मोदी ने कहा कि मैं चुनाव को हार या जीत की दृष्टि से नहीं देखता हूं. प्रधानमंत्री ने कहा कि कई दशकों के बाद जनता ने इतना मजबूत बहुमत देकर किसी सरकार को दोबारा सत्ता दी है.
पीएम मोदी ने कहा कि लोकसभा चुनाव के नतीजों ने दिखा दिया कि देश की जनता खुद की बजाए देश की भलाई के लिए सोचते हैं, यह सोच तारीफ के काबिल है. पीएम मोदी ने आपातकाल का जिक्र करते हुए फिर कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि आज 25 जून है. 25 जून की तारीख के दिन देश की आत्मा को कुचल दिया गया था. आपातकाल किसने थोपा था. क्या हम उस दिन काले दिन को भूला सकते हैं.
इसके पहले पीएम मोदी ने चर्चा की शुरुआत करते हुए पहली बार सदन में आए डॉ. प्रताप सारंगी जी और आदिवासी समाज से आईं हिना गावित जी का जिक्र करते हुए कहा, जिस प्रकार से विषय को प्रस्तुत किया और जिस बारीकी से बातों को रखा, तो मैं समझता हूं कि मैं कुछ भी न बोलूं तो भी चलेगा. उन्होंने कहा कि ये कोई जीत या हार का प्रश्न नहीं है. ये जीवन की उस आस्था का विषय है, जहां कमिटमेंट क्या होता, डेडिकेशन क्या है, जनता के लिए जीना-जूझना-खपना क्या होता है. और जब पांच साल की अविरत तपस्या का संतोष मिलता है तो वो एक अध्यात्म की अनुभूति करता है. | संक्षिप्त सारांश: राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर कसा तंज
कहा- ऊंचाई आपको मुबारक | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: श्रीलंका क्रिकेट टीम के खिलाफ दो टी-20 मैचों की सीरीज में अपनी तूफानी बल्लेबाजी के दम पर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ग्लेन मैक्सवेल अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की ताजा टी-20 हरफनमौला खिलाड़ियों की रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंच गए हैं. वहीं, श्रीलंका के खिलाफ 2-0 से सीरीज जीतने वाली ऑस्ट्रेलिया टीम को भी टी-20 टीम रैंकिंग में एक स्थान का फायदा हुआ है और वह पांचवें स्थान पर आ गई है.
श्रीलंका के खिलाफ पहले टी-20 मैच में 66 गेंदों में 146 रनों की तूफानी पारी खेलने वाले मैक्सवेल ने पाकिस्तान के शाहिद अफरीदी और बांग्लादेश के शाकिब अल हसन को पछाड़ शीर्ष स्थान हासिल किया है. बल्लेबाजों की रैंकिंग में भी मैक्सेवल को 16 स्थान का फायदा हुआ है और वह तीसरे स्थान पर आ गए हैं. इस सूची में भारत के विराट कोहली शीर्ष पर हैं जबकि दूसरे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया के ही एरॉन फिंच हैं. श्रीलंका के दिनेश चांडिमल को भी चार स्थान का फायदा हुआ है. वह 60वें स्थान पर आ गए हैं.
वहीं श्रीलंका के तिलकरत्ने दिलशान ने टी-20 में 19वें स्थान के साथ क्रिकेट को अलविदा कह दिया. हरफनमौला खिलाड़ियों की रैंकिंग में दिलशान 15वें स्थान पर रहे. गेंदबाजों की रैंकिंग में वह 119वें स्थान के साथ विदा हुए. इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 मैच में जीत दर्ज करने वाली पाकिस्तान टीम के बल्लेबाज शर्जिल खान को भी 28 स्थानों का फायदा हुआ है और वह 37वें पायदान पर पहुंच गए हैं. टिप्पणियां
टी-20 गेंदबाजों की रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया के जेम्स फॉकनर चार स्थानों की छलांग के साथ करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं. श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों में चार विकेट लेने वाले मिशेल स्टार्क शीर्ष 20 में दोबारा जगह बनाने में सफल हुए हैं. वेस्टइंडीज के सैमुअल बद्री गेंदबाजों में शीर्ष पर बने हुए हैं. दक्षिण अफ्रीका के इमरान ताहिर दूसरे स्थान पर हैं. भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन क्रमश: तीसरे और चौथे स्थान पर हैं. टी-20 टीम रैंकिंग में न्यूजीलैंड शीर्ष पर है जबकि भारत को दूसरा स्थान हासिल है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
श्रीलंका के खिलाफ पहले टी-20 मैच में 66 गेंदों में 146 रनों की तूफानी पारी खेलने वाले मैक्सवेल ने पाकिस्तान के शाहिद अफरीदी और बांग्लादेश के शाकिब अल हसन को पछाड़ शीर्ष स्थान हासिल किया है. बल्लेबाजों की रैंकिंग में भी मैक्सेवल को 16 स्थान का फायदा हुआ है और वह तीसरे स्थान पर आ गए हैं. इस सूची में भारत के विराट कोहली शीर्ष पर हैं जबकि दूसरे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया के ही एरॉन फिंच हैं. श्रीलंका के दिनेश चांडिमल को भी चार स्थान का फायदा हुआ है. वह 60वें स्थान पर आ गए हैं.
वहीं श्रीलंका के तिलकरत्ने दिलशान ने टी-20 में 19वें स्थान के साथ क्रिकेट को अलविदा कह दिया. हरफनमौला खिलाड़ियों की रैंकिंग में दिलशान 15वें स्थान पर रहे. गेंदबाजों की रैंकिंग में वह 119वें स्थान के साथ विदा हुए. इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 मैच में जीत दर्ज करने वाली पाकिस्तान टीम के बल्लेबाज शर्जिल खान को भी 28 स्थानों का फायदा हुआ है और वह 37वें पायदान पर पहुंच गए हैं. टिप्पणियां
टी-20 गेंदबाजों की रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया के जेम्स फॉकनर चार स्थानों की छलांग के साथ करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं. श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों में चार विकेट लेने वाले मिशेल स्टार्क शीर्ष 20 में दोबारा जगह बनाने में सफल हुए हैं. वेस्टइंडीज के सैमुअल बद्री गेंदबाजों में शीर्ष पर बने हुए हैं. दक्षिण अफ्रीका के इमरान ताहिर दूसरे स्थान पर हैं. भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन क्रमश: तीसरे और चौथे स्थान पर हैं. टी-20 टीम रैंकिंग में न्यूजीलैंड शीर्ष पर है जबकि भारत को दूसरा स्थान हासिल है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वहीं श्रीलंका के तिलकरत्ने दिलशान ने टी-20 में 19वें स्थान के साथ क्रिकेट को अलविदा कह दिया. हरफनमौला खिलाड़ियों की रैंकिंग में दिलशान 15वें स्थान पर रहे. गेंदबाजों की रैंकिंग में वह 119वें स्थान के साथ विदा हुए. इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 मैच में जीत दर्ज करने वाली पाकिस्तान टीम के बल्लेबाज शर्जिल खान को भी 28 स्थानों का फायदा हुआ है और वह 37वें पायदान पर पहुंच गए हैं. टिप्पणियां
टी-20 गेंदबाजों की रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया के जेम्स फॉकनर चार स्थानों की छलांग के साथ करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं. श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों में चार विकेट लेने वाले मिशेल स्टार्क शीर्ष 20 में दोबारा जगह बनाने में सफल हुए हैं. वेस्टइंडीज के सैमुअल बद्री गेंदबाजों में शीर्ष पर बने हुए हैं. दक्षिण अफ्रीका के इमरान ताहिर दूसरे स्थान पर हैं. भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन क्रमश: तीसरे और चौथे स्थान पर हैं. टी-20 टीम रैंकिंग में न्यूजीलैंड शीर्ष पर है जबकि भारत को दूसरा स्थान हासिल है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
टी-20 गेंदबाजों की रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया के जेम्स फॉकनर चार स्थानों की छलांग के साथ करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं. श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों में चार विकेट लेने वाले मिशेल स्टार्क शीर्ष 20 में दोबारा जगह बनाने में सफल हुए हैं. वेस्टइंडीज के सैमुअल बद्री गेंदबाजों में शीर्ष पर बने हुए हैं. दक्षिण अफ्रीका के इमरान ताहिर दूसरे स्थान पर हैं. भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन क्रमश: तीसरे और चौथे स्थान पर हैं. टी-20 टीम रैंकिंग में न्यूजीलैंड शीर्ष पर है जबकि भारत को दूसरा स्थान हासिल है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: ऑस्ट्रेलिया टीम की टी-20 रैंकिंग में सुधार, पांचवें स्थान पर आई
टी-20 गेंदबाजों की रैंकिंग में वेस्टइंडीज के सैमुअल बद्री शीर्ष पर
तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह तीसरे स्थान पर | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की संपत्ति पिछले साल की तुलना में दोगुना बढ़कर करीब 10.73 करोड़ रुपये हो गई है लेकिन उनके कई मंत्रिमंडलीय सहयोगी उनसे कहीं अधिक अमीर हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय की वेबसाइट पर मंत्रियों की संपत्ति की अद्यतन सूची के अनुसार, अमीर कैबिनेट मंत्रियों में जहां प्रफुल पटेल की संपत्ति 52 करोड़ रुपये की है तो वहीं शरद पवार की संपत्ति 22 करोड़ रुपये की है।
कैबिनेट मंत्रियों की सूची में संपत्ति के नाम पर रक्षा मंत्री एके एंटनी का नाम सबसे नीचे है। उनकी संपत्ति करीब 55 लाख रुपये है।
मनमोहन सिंह ने अपनी रिहायशी संपत्ति, बैंक में जमा राशि और एक मारुति 800 कार को अपनी संपत्ति के तौर पर दर्शाया है।
सिंह के चंडीगढ़ और दिल्ली स्थित दो फ्लैटों की कीमत 7.27 करोड़ रुपये है वहीं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के विभिन्न खातों में उनकी सावधि जमा राशि और निवेशों की राशि करीब 3.46 करोड़ रुपये है। उन्होंने अपनी संपत्ति 10,73,88,730.81 रूपये (करीब 19.73 करोड़ रुपये) की घोषित की है। टिप्पणियां
पिछले साल प्रधानमंत्री ने अपनी कुल संपत्ति 5.11 करोड़ रुपये की घोषित की थी। तब उनके चंडीगढ़ और वसंत कुंज स्थित फ्लैटों की कीमत 1.78 करोड़ रुपये थी और उनके पास 2.75 लाख रुपये मूल्य के 150.80 ग्राम सोने के गहने थे।
प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि सिंह की संपत्ति तो वही है लेकिन सरकार की मंजूरी प्राप्त एक आकलनकर्ता द्वारा किए गए आकलन के अनुसार, उस संपत्ति का मूल्य बढ़ गया है।
प्रधानमंत्री कार्यालय की वेबसाइट पर मंत्रियों की संपत्ति की अद्यतन सूची के अनुसार, अमीर कैबिनेट मंत्रियों में जहां प्रफुल पटेल की संपत्ति 52 करोड़ रुपये की है तो वहीं शरद पवार की संपत्ति 22 करोड़ रुपये की है।
कैबिनेट मंत्रियों की सूची में संपत्ति के नाम पर रक्षा मंत्री एके एंटनी का नाम सबसे नीचे है। उनकी संपत्ति करीब 55 लाख रुपये है।
मनमोहन सिंह ने अपनी रिहायशी संपत्ति, बैंक में जमा राशि और एक मारुति 800 कार को अपनी संपत्ति के तौर पर दर्शाया है।
सिंह के चंडीगढ़ और दिल्ली स्थित दो फ्लैटों की कीमत 7.27 करोड़ रुपये है वहीं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के विभिन्न खातों में उनकी सावधि जमा राशि और निवेशों की राशि करीब 3.46 करोड़ रुपये है। उन्होंने अपनी संपत्ति 10,73,88,730.81 रूपये (करीब 19.73 करोड़ रुपये) की घोषित की है। टिप्पणियां
पिछले साल प्रधानमंत्री ने अपनी कुल संपत्ति 5.11 करोड़ रुपये की घोषित की थी। तब उनके चंडीगढ़ और वसंत कुंज स्थित फ्लैटों की कीमत 1.78 करोड़ रुपये थी और उनके पास 2.75 लाख रुपये मूल्य के 150.80 ग्राम सोने के गहने थे।
प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि सिंह की संपत्ति तो वही है लेकिन सरकार की मंजूरी प्राप्त एक आकलनकर्ता द्वारा किए गए आकलन के अनुसार, उस संपत्ति का मूल्य बढ़ गया है।
कैबिनेट मंत्रियों की सूची में संपत्ति के नाम पर रक्षा मंत्री एके एंटनी का नाम सबसे नीचे है। उनकी संपत्ति करीब 55 लाख रुपये है।
मनमोहन सिंह ने अपनी रिहायशी संपत्ति, बैंक में जमा राशि और एक मारुति 800 कार को अपनी संपत्ति के तौर पर दर्शाया है।
सिंह के चंडीगढ़ और दिल्ली स्थित दो फ्लैटों की कीमत 7.27 करोड़ रुपये है वहीं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के विभिन्न खातों में उनकी सावधि जमा राशि और निवेशों की राशि करीब 3.46 करोड़ रुपये है। उन्होंने अपनी संपत्ति 10,73,88,730.81 रूपये (करीब 19.73 करोड़ रुपये) की घोषित की है। टिप्पणियां
पिछले साल प्रधानमंत्री ने अपनी कुल संपत्ति 5.11 करोड़ रुपये की घोषित की थी। तब उनके चंडीगढ़ और वसंत कुंज स्थित फ्लैटों की कीमत 1.78 करोड़ रुपये थी और उनके पास 2.75 लाख रुपये मूल्य के 150.80 ग्राम सोने के गहने थे।
प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि सिंह की संपत्ति तो वही है लेकिन सरकार की मंजूरी प्राप्त एक आकलनकर्ता द्वारा किए गए आकलन के अनुसार, उस संपत्ति का मूल्य बढ़ गया है।
मनमोहन सिंह ने अपनी रिहायशी संपत्ति, बैंक में जमा राशि और एक मारुति 800 कार को अपनी संपत्ति के तौर पर दर्शाया है।
सिंह के चंडीगढ़ और दिल्ली स्थित दो फ्लैटों की कीमत 7.27 करोड़ रुपये है वहीं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के विभिन्न खातों में उनकी सावधि जमा राशि और निवेशों की राशि करीब 3.46 करोड़ रुपये है। उन्होंने अपनी संपत्ति 10,73,88,730.81 रूपये (करीब 19.73 करोड़ रुपये) की घोषित की है। टिप्पणियां
पिछले साल प्रधानमंत्री ने अपनी कुल संपत्ति 5.11 करोड़ रुपये की घोषित की थी। तब उनके चंडीगढ़ और वसंत कुंज स्थित फ्लैटों की कीमत 1.78 करोड़ रुपये थी और उनके पास 2.75 लाख रुपये मूल्य के 150.80 ग्राम सोने के गहने थे।
प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि सिंह की संपत्ति तो वही है लेकिन सरकार की मंजूरी प्राप्त एक आकलनकर्ता द्वारा किए गए आकलन के अनुसार, उस संपत्ति का मूल्य बढ़ गया है।
सिंह के चंडीगढ़ और दिल्ली स्थित दो फ्लैटों की कीमत 7.27 करोड़ रुपये है वहीं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के विभिन्न खातों में उनकी सावधि जमा राशि और निवेशों की राशि करीब 3.46 करोड़ रुपये है। उन्होंने अपनी संपत्ति 10,73,88,730.81 रूपये (करीब 19.73 करोड़ रुपये) की घोषित की है। टिप्पणियां
पिछले साल प्रधानमंत्री ने अपनी कुल संपत्ति 5.11 करोड़ रुपये की घोषित की थी। तब उनके चंडीगढ़ और वसंत कुंज स्थित फ्लैटों की कीमत 1.78 करोड़ रुपये थी और उनके पास 2.75 लाख रुपये मूल्य के 150.80 ग्राम सोने के गहने थे।
प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि सिंह की संपत्ति तो वही है लेकिन सरकार की मंजूरी प्राप्त एक आकलनकर्ता द्वारा किए गए आकलन के अनुसार, उस संपत्ति का मूल्य बढ़ गया है।
पिछले साल प्रधानमंत्री ने अपनी कुल संपत्ति 5.11 करोड़ रुपये की घोषित की थी। तब उनके चंडीगढ़ और वसंत कुंज स्थित फ्लैटों की कीमत 1.78 करोड़ रुपये थी और उनके पास 2.75 लाख रुपये मूल्य के 150.80 ग्राम सोने के गहने थे।
प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि सिंह की संपत्ति तो वही है लेकिन सरकार की मंजूरी प्राप्त एक आकलनकर्ता द्वारा किए गए आकलन के अनुसार, उस संपत्ति का मूल्य बढ़ गया है।
प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि सिंह की संपत्ति तो वही है लेकिन सरकार की मंजूरी प्राप्त एक आकलनकर्ता द्वारा किए गए आकलन के अनुसार, उस संपत्ति का मूल्य बढ़ गया है। | यह एक सारांश है: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की संपत्ति पिछले साल की तुलना में दोगुना बढ़कर करीब 10.73 करोड़ रुपये हो गई है लेकिन उनके कई मंत्रिमंडलीय सहयोगी उनसे कहीं अधिक अमीर हैं। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: यह पहला मौका है जब न्यायमूर्ति कथावाला अदालत में इतनी देर तक बैठे थे. दो हफ्ते पहले भी हालांकि उन्होंने अपने कक्ष में आधी रात तक मामलों की सुनवाई की थी. एक अन्य वरिष्ठ अधिवक्ता प्रवीण समदानी ने कहा, ‘न्यायमूर्ति कथावाला उस समय भी (सुबह साढ़े तीन बजे) इतने ही ताजादम दिख रहे थे जैसा कि सुबह कार्यालय आने पर कोई लगता है. मेरा मामला सबसे अंत में सुने जाने वाले मामलों में शामिल था. तब भी न्यायाधीश ने बेहद धैर्यपूर्वक हमारी बात सुनी और आदेश पारित किया.’ टिप्पणियां
न्यायमूर्ति कथावाला अक्सर दूसरे न्यायाधीशों के मुकाबले करीब एक घंटा पहले सुबह 10 बजे अदालती कार्यवाही शुरू कर देते हैं और पांच बजे के बाद भी मामलों की सुनवाई करते रहते हैं. उनके स्टाफ के एक सदस्य ने बताया कि देर तक मामले की सुनवाई करने के बावजूद अगले दिन न्यायाधीश सुबह तय समय पर अपने कक्ष में लंबित मामलों को निबटाने के लिये पहुंच गए.
न्यायमूर्ति कथावाला अक्सर दूसरे न्यायाधीशों के मुकाबले करीब एक घंटा पहले सुबह 10 बजे अदालती कार्यवाही शुरू कर देते हैं और पांच बजे के बाद भी मामलों की सुनवाई करते रहते हैं. उनके स्टाफ के एक सदस्य ने बताया कि देर तक मामले की सुनवाई करने के बावजूद अगले दिन न्यायाधीश सुबह तय समय पर अपने कक्ष में लंबित मामलों को निबटाने के लिये पहुंच गए. | यह एक सारांश है: एक न्यायाधीश ने अपनी अदालत में शनिवार सुबह तक सुनवाई की
उन मामलों की सुनवाई की गई जिनमें अत्यावश्यक आधार पर अंतरिम राहत मांगी गई
सुबह साढ़े तीन बजे तक सुनवाई की और याचिकाओं पर आदेश पारित किये | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत और जिम्बाब्वे के बीच चल रही मौजूदा शृंखला के चौथे एक-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच को अफ्रीकी देश में आम चुनाव के कारण एक दिन के लिए टाल दिया गया है।
यह मैच अब बुलावायो के क्वीन्स स्पोर्ट्स क्लब में 31 जुलाई की जगह एक अगस्त को खेला जाएगा।टिप्पणियां
बीसीसीआई ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘भारत और जिंबाब्वे के बीच चौथे एक-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच को जिंबाब्वे में चुनाव के कारण एक दिन के लिए टाल दिया गया है।’’
पहले मैच में बुधवार को जिंबाब्वे को छह विकेट से हराकर भारत पांच मैचों की शृंखला में 1-0 से आगे चल रहा है। दोनों टीमों के बीच दूसरा वन-डे आज यहां खेला जा रहा है।
यह मैच अब बुलावायो के क्वीन्स स्पोर्ट्स क्लब में 31 जुलाई की जगह एक अगस्त को खेला जाएगा।टिप्पणियां
बीसीसीआई ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘भारत और जिंबाब्वे के बीच चौथे एक-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच को जिंबाब्वे में चुनाव के कारण एक दिन के लिए टाल दिया गया है।’’
पहले मैच में बुधवार को जिंबाब्वे को छह विकेट से हराकर भारत पांच मैचों की शृंखला में 1-0 से आगे चल रहा है। दोनों टीमों के बीच दूसरा वन-डे आज यहां खेला जा रहा है।
बीसीसीआई ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘भारत और जिंबाब्वे के बीच चौथे एक-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच को जिंबाब्वे में चुनाव के कारण एक दिन के लिए टाल दिया गया है।’’
पहले मैच में बुधवार को जिंबाब्वे को छह विकेट से हराकर भारत पांच मैचों की शृंखला में 1-0 से आगे चल रहा है। दोनों टीमों के बीच दूसरा वन-डे आज यहां खेला जा रहा है।
पहले मैच में बुधवार को जिंबाब्वे को छह विकेट से हराकर भारत पांच मैचों की शृंखला में 1-0 से आगे चल रहा है। दोनों टीमों के बीच दूसरा वन-डे आज यहां खेला जा रहा है। | संक्षिप्त पाठ: भारत और जिम्बाब्वे के बीच चल रही मौजूदा शृंखला के चौथे एक-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच को अफ्रीकी देश में आम चुनाव के कारण एक दिन के लिए टाल दिया गया है। | 22 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उन्होंने कहा, 'कैप्टन साहब, राहुल जी और प्रियंका जी ने मेरे लिए जो कुछ भी सोचा, मैं उससे खुश हूं और वह मेरे अनुकूल है. मैं राज्य को सही पटरी पर लाने के लिए आया हूं. मैं कोई निजी हित साधने के लिए यहां नहीं आया हूं.' टिप्पणियां
भाजपा के पूर्व सांसद ने कहा कि भगवा दल ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में उनको कुरुक्षेत्र, चंडीगढ़ और पश्चिमी दिल्ली संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने की पेशकश की थी. पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि राज्यसभा की सीट उनके लिए मायने नहीं रखती थी और इसी कारण उनको पार्टी छोड़नी पड़ी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
भाजपा के पूर्व सांसद ने कहा कि भगवा दल ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में उनको कुरुक्षेत्र, चंडीगढ़ और पश्चिमी दिल्ली संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने की पेशकश की थी. पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि राज्यसभा की सीट उनके लिए मायने नहीं रखती थी और इसी कारण उनको पार्टी छोड़नी पड़ी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 'कैप्टन साहब, राहुल जी और प्रियंका जी ने मेरे लिए जो सोचा, उससे खुश हूं'
'मैं कोई निजी हित साधने के लिए नहीं आया हूं'
'राज्य को सही पटरी पर लाने के लिए आया हूं' | 3 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जापान में शुक्रवार को आए नौ रिक्टर तीव्रता के भूकम्प और सुनामी से मरने वाले लोगों की संख्या केवल इस तबाही से सबसे ज्यादा प्रभावित प्रशासकीय क्षेत्र मियागी में ही 10,000 से ज्यादा हो सकती है। रविवार को पुलिस अधिकारियों ने यह बात कही। वहीं अन्य अधिकारियों का कहना है कि फुकुशिमा में संकटग्रस्त दो परमाणु संयंत्रों से कोई तात्कालिक खतरा नहीं है। राष्ट्रीय प्रसारण माध्यम एनएचके के मुताबिक पुलिस प्रमुख ताकेची नाओतो ने कहा कि 'मुझे इस बात में कोई संदेह नहीं' कि मृतकों की संख्या 10,000 से ज्यादा हो सकती है। मियागी और उत्तर पूर्वी जापान के अन्य इलाकों में अब तक 800 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मियागी के मिनामिसनकू कस्बे के 10,000 निवासियों से अब तक कोई सम्पर्क नहीं हुआ है। समाचार एजेंसी क्योडो के मुताबिक इससे पहले पुलिस ने कहा था कि 2000 लोगों की मौत हुई और प्रभावित इलाकों में हजारों लोग लापता हैं। फुकुशिमा के फुताबा कस्बे एक नगरीय निकाय अधिकारी ने कहा कि तटीय इलाके में तीन समुदायों के 90 प्रतिशत मकान सुनामी की लहरों में बह गए हैं। करीब 3,90,000 लोग अपने घरों से विस्थापित हुए हैं इनमें से ज्यादातर लोग 1,400 आपात शिविरों में तब्दील किए गए स्कूल और सामुदायिक केंद्रों में रह रहे हैं। प्रधानमंत्री नओतो कान ने भूकम्प और सुनामी प्रभावित इलाकों में राहत कार्य में लगे सैनिकों की संख्या बढ़ाकर दोगुनी कर दी है। रक्षा मंत्री तोशिमी किताजावा ने कहा कि सड़कें मलबे में दब जाने से बचाव कर्मियों को प्रभावितों तक पहुंचने में संघर्ष करना पड़ रहा है। प्रभावित इलाकों में ट्रकों से पीने के पानी की आपूर्ति की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सुपरबाजारों और पेट्रोल स्टेशनों पर की जा रही आपूर्ति प्राप्त करने के लिए लोगों की भीड़ लग रही है। लोग खाना और ईंधन खरीद रहे हैं। दूसरी ओर टोक्यो से 240 किलोमीटर दूर स्थित फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में रेडियोधर्मी विकिरण वैध सीमा से ऊपर पहुंच गया है। जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव योकियो इनादो ने कहा कि फुकुशिमा परमाणु संयंत्र संख्या एक में प्रशीतक तंत्र (कूलिंग सिस्टम) बंद होने से पैदा हुई स्थिति से निपटने के लिए जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं। इनादो ने रविवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि संयंत्र की इकाइयों में दबाव और तापमान कम करने के लिए रेडियोधर्मी भाप को कुछ मात्रा में बाहर निकालने और इकाइयों में जल आपूर्ति सुनिश्चित करने का काम किया जा रहा है यदि इन उपायों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया तो संयंत्रों को सुरक्षित बना लिया जाएगा। इससे पहले संयंत्र की संचालक टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कम्पनी ने सरकार को संयंत्र संख्या एक की इकाई संख्या तीन में भी आपात स्थिति की सूचना दी थी। इनादो ने कहा कि संयंत्र से बाहर निकाली जाने वाली रेडियोधर्मी भाप मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। इसलिए संयंत्र के आसपास पास के इलाके को खाली करा लिया गया है। उन्होंने कहा कि 10 किलोमीटर के दायरे में अब केवल 114 लोग हैं जबकि 10 से 20 किलोमीटर के दायरे में मौजूद 1,80,000 लोगों को विस्थापित करने का काम रविवार सुबह शुरू कर दिया गया था। इसके अलावा फुकुशिमा के परमाणु संयंत्र संख्या दो के आसपास के तीन किलोमीटर के दायरे को भी खाली करा लिया गया है और 10 से 20 किलोमीटर के दायरे में रह रहे 30,000 से ज्यादा लोगों को विस्थापित करने का काम रविवार सुबह शुरू किया गया। दोनों संयंत्रों के करीब से कुल दो लाख लोगों को विस्थापित किया गया है। शनिवार को संयंत्र संख्या एक में हुए एक विस्फोट में चार लोग घायल हो गए थे। अब तक कम से कम 19 लोग रेडियोधर्मी विकिरण से प्रभावित हुए हैं। | यहाँ एक सारांश है:मियागी क्षेत्र में मिनामिसानरिकू कस्बे के 10,000 निवासियों से अब तक कोई सम्पर्क नहीं हो पाया है। कई अन्य तटीय कस्बे पानी में डूबे हुए हैं। | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश सरकार ने यूपी पावर सेक्टर एम्पलाइज ट्रस्ट और यूपी पावर कारपोरेशन लिमिटेड सीपीएफ ट्रस्ट द्वारा दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड कंपनी में ट्रस्ट की धनराशि निवेश किए जाने के मामले में शनिवार को एक महत्वपूर्ण फैसला किया. प्रमुख सचिव ऊर्जा अरविंद कुमार की ओर से जारी सरकारी आदेश में कहा गया कि यूपी पावर सेक्टर एम्पलाइज ट्रस्ट और यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड सीपीएफ ट्रस्ट द्वारा भारत सरकार की ओर से दिए गए दिशा निर्देशों के विपरीत ट्रस्ट की धनराशि का निवेश किया गया है, जिसके संबंध में एफआईआर दर्ज कराकर दोषियों पर विधिक कार्यवाही की जा रही है.
राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि यूपी पावर सेक्टर एम्पलाइज ट्रस्ट और यूपी पावर कारपोरेशन लिमिटेड सीपीएफ ट्रस्ट के स्तर से दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड कंपनी में निवेश की गई धनराशि समय से वापसी के लिए समस्त विधिक कदम उठाए जाएंगे और धनराशि वापस मिलने पर उसका नियमों के अनुकूल निवेश सुनिश्चित किया जाएगा. इसके साथ ही कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के दौरान अगर कोई दिक्कत आती है और ट्रस्ट देयकों के निर्वहन में खुद को अक्षम पाता है तो सामयिक भुगतान सुनिश्चित करने के लिए वांछित धनराशि प्रथमतः यूपीपीसीएल अपने स्रोतों से देगा.
सरकारी आदेश में कहा गया कि किन्हीं परिस्थितियों में अगर उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड भी ट्रस्ट को धनराशि उपलब्ध कराने में सक्षम नहीं होता तो राज्य सरकार से आवश्यकतानुसार राशि यूपीपीसीएल को ब्याज मुक्त ऋण के रूप में दी जाएगी. इसके अलावा निवेश को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों में उनके द्वारा जमा कराई गई धनराशि की वापसी के संबंध में व्याप्त आशंकाओं एवं रोष को देखते हुए उनके समाधान के लिए शासन ने कुछ फैसले किए. | संक्षिप्त सारांश: दिशा निर्देशों के विपरीत ट्रस्ट की धनराशि का निवेश किया गया है
एफआईआर दर्ज कराकर दोषियों पर विधिक कार्यवाही की जा रही है
धनराशि वापस मिलने पर उसका नियमों के अनुकूल निवेश सुनिश्चित किया जाएगा | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तरी केरल के कन्नूर जिले में धर्मादम के निकट एक नाबालिग लड़की के साथ पिछले दो साल से कथित तौर पर दुष्कर्म करने के आरोप में उसके पिता, भाई और एक चाचा को गिरफ्तार किया गया है।
इस चौंकाने वाली घटना की दो दिन पहले तब जानकारी मिली जब स्थानीय स्कूल की कक्षा आठ की छात्रा (13 वर्ष) स्कूल खत्म होने के बाद अचानक जोर-जोर से रोने लगी और घर जाने से इनकार कर दिया। शिक्षकों ने जब उससे पूछताछ की तो उसने अपनी व्यथा कथा सुनाई। स्कूल प्रशासन ने फौरन ही इस बात की सूचना पुलिस को दी और एक मामला दर्ज किया गया।
मामले की जांच कर रहे इंस्पेक्टर एमवी विनोद कुमार ने बताया कि लड़की के पिता, 15 साल का भाई और एक चाचा को गिरफ्तार कर लिया गया।टिप्पणियां
भाई को किशोर गृह भेज दिया जबकि दो अन्य को एक अदालत में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में रखा गया है। लड़की ने पुलिस को बताया कि जब वह कक्षा छह में थी तभी से तीनों उसका यौन उत्पीड़न कर रहे थे।
विनोद कुमार के मुताबिक, पीड़िता ने पुलिस को यह भी बताया कि उसकी एक बहन ने दो साल पहले आत्महत्या कर ली थी, उसके साथ भी दुष्कर्म हुआ था।
इस चौंकाने वाली घटना की दो दिन पहले तब जानकारी मिली जब स्थानीय स्कूल की कक्षा आठ की छात्रा (13 वर्ष) स्कूल खत्म होने के बाद अचानक जोर-जोर से रोने लगी और घर जाने से इनकार कर दिया। शिक्षकों ने जब उससे पूछताछ की तो उसने अपनी व्यथा कथा सुनाई। स्कूल प्रशासन ने फौरन ही इस बात की सूचना पुलिस को दी और एक मामला दर्ज किया गया।
मामले की जांच कर रहे इंस्पेक्टर एमवी विनोद कुमार ने बताया कि लड़की के पिता, 15 साल का भाई और एक चाचा को गिरफ्तार कर लिया गया।टिप्पणियां
भाई को किशोर गृह भेज दिया जबकि दो अन्य को एक अदालत में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में रखा गया है। लड़की ने पुलिस को बताया कि जब वह कक्षा छह में थी तभी से तीनों उसका यौन उत्पीड़न कर रहे थे।
विनोद कुमार के मुताबिक, पीड़िता ने पुलिस को यह भी बताया कि उसकी एक बहन ने दो साल पहले आत्महत्या कर ली थी, उसके साथ भी दुष्कर्म हुआ था।
मामले की जांच कर रहे इंस्पेक्टर एमवी विनोद कुमार ने बताया कि लड़की के पिता, 15 साल का भाई और एक चाचा को गिरफ्तार कर लिया गया।टिप्पणियां
भाई को किशोर गृह भेज दिया जबकि दो अन्य को एक अदालत में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में रखा गया है। लड़की ने पुलिस को बताया कि जब वह कक्षा छह में थी तभी से तीनों उसका यौन उत्पीड़न कर रहे थे।
विनोद कुमार के मुताबिक, पीड़िता ने पुलिस को यह भी बताया कि उसकी एक बहन ने दो साल पहले आत्महत्या कर ली थी, उसके साथ भी दुष्कर्म हुआ था।
भाई को किशोर गृह भेज दिया जबकि दो अन्य को एक अदालत में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में रखा गया है। लड़की ने पुलिस को बताया कि जब वह कक्षा छह में थी तभी से तीनों उसका यौन उत्पीड़न कर रहे थे।
विनोद कुमार के मुताबिक, पीड़िता ने पुलिस को यह भी बताया कि उसकी एक बहन ने दो साल पहले आत्महत्या कर ली थी, उसके साथ भी दुष्कर्म हुआ था।
विनोद कुमार के मुताबिक, पीड़िता ने पुलिस को यह भी बताया कि उसकी एक बहन ने दो साल पहले आत्महत्या कर ली थी, उसके साथ भी दुष्कर्म हुआ था। | यह एक सारांश है: उत्तरी केरल के कन्नूर जिले में धर्मादम के निकट एक नाबालिग लड़की के साथ पिछले दो साल से कथित तौर पर दुष्कर्म करने के आरोप में उसके पिता, भाई और एक चाचा को गिरफ्तार किया गया है। | 24 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नॉर्वे में बाल शोषण के कथित मामले के तहत गिरफ्तार भारतीय दंपति पर उनके बच्चे के साथ 'निरंतर बुरा बर्ताव' करने का आरोप लगाया गया है। इसके लिए अभियोजन पक्ष ने माता-पिता के लिए कम से कम 15 महीने की कैद की मांग की है।
ओस्लो पुलिस विभाग की ओर से जारी बयान के अनुसार इस दंपति को इस आशंका के चलते हिरासत में ले लिया गया कि वे कार्रवाई से बचने के लिए भारत वापस जा सकते हैं। बचाव पक्ष की अपीलों की सुनवाई पर कार्यवाही चल रही है और इस मामले पर फैसला ओस्लो की जिला अदालत में 3 दिसंबर को सुनाया जाएगा।
पुलिस विभाग ने कहा, इस दंपति पर अपने बच्चे को धमकाने, हिंसा करने और दंड संहिता की धारा 219 के तहत लगातार अन्य गलत बर्तावों के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अभियोजन पक्ष ने मां के लिए 15 माह और पिता के लिए 18 माह की कैद की सजा की मांग की है। इस मामले में फैसला सोमवार यानी 3 दिसंबर को सुनाया जाएगा।
आंध्र प्रदेश के चंद्रशेखर वल्लभानेणि एक सॉफ्टवेयर पेशेवर हैं और उनकी पत्नी अनुपमा भारतीय दूतावास में एक अधिकारी हैं। इन दोनों को ही ओस्लो की पुलिस ने हिरासत में लिया था। हैदराबाद में चंद्रशेखर के भतीजे वी सैलेंदर ने दावा किया कि पुलिस ने चंद्रशेखर को उनके सात साल के बच्चे की शिकायत पर गिरफ्तार किया था। टिप्पणियां
बच्चे ने स्कूल अध्यापकों से शिकायत की थी कि उनके माता-पिता उन्हें उनकी हरकतों की वजह से भारत वापस भेजने की धमकी दे रहे हैं। सैलेंदर ने कहा, बच्चे ने अपने स्कूल की बस में पैंट में ही पेशाब कर दिया था, जिसकी जानकारी उसके पिता को की गई थी। इस पर बच्चे के पिता ने उसे धमकाया कि अगर उसने ऐसा दोबारा किया, तो वह उसे भारत भेज देंगे।
सैलेंदर ने यह भी बताया कि बच्चा स्कूल से खिलौने भी लाता हुआ पाया गया था। अभी कुछ महीने पहले ही एक अन्य भारतीय दंपति और उनके बच्चों का ऐसा मामला सामने आया था। तब तीन वर्षीय अभिज्ञान और चार वर्षीय ऐश्वर्या नामक दो बच्चों को नॉर्वे की बाल कल्याण संस्था ने उनके माता-पिता अनुरूप और सागरिका भट्टाचार्य से 'भावनात्मक अलगाव' होने के आधार पर बीते साल मई माह में अलग कर दिया था।
ओस्लो पुलिस विभाग की ओर से जारी बयान के अनुसार इस दंपति को इस आशंका के चलते हिरासत में ले लिया गया कि वे कार्रवाई से बचने के लिए भारत वापस जा सकते हैं। बचाव पक्ष की अपीलों की सुनवाई पर कार्यवाही चल रही है और इस मामले पर फैसला ओस्लो की जिला अदालत में 3 दिसंबर को सुनाया जाएगा।
पुलिस विभाग ने कहा, इस दंपति पर अपने बच्चे को धमकाने, हिंसा करने और दंड संहिता की धारा 219 के तहत लगातार अन्य गलत बर्तावों के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अभियोजन पक्ष ने मां के लिए 15 माह और पिता के लिए 18 माह की कैद की सजा की मांग की है। इस मामले में फैसला सोमवार यानी 3 दिसंबर को सुनाया जाएगा।
आंध्र प्रदेश के चंद्रशेखर वल्लभानेणि एक सॉफ्टवेयर पेशेवर हैं और उनकी पत्नी अनुपमा भारतीय दूतावास में एक अधिकारी हैं। इन दोनों को ही ओस्लो की पुलिस ने हिरासत में लिया था। हैदराबाद में चंद्रशेखर के भतीजे वी सैलेंदर ने दावा किया कि पुलिस ने चंद्रशेखर को उनके सात साल के बच्चे की शिकायत पर गिरफ्तार किया था। टिप्पणियां
बच्चे ने स्कूल अध्यापकों से शिकायत की थी कि उनके माता-पिता उन्हें उनकी हरकतों की वजह से भारत वापस भेजने की धमकी दे रहे हैं। सैलेंदर ने कहा, बच्चे ने अपने स्कूल की बस में पैंट में ही पेशाब कर दिया था, जिसकी जानकारी उसके पिता को की गई थी। इस पर बच्चे के पिता ने उसे धमकाया कि अगर उसने ऐसा दोबारा किया, तो वह उसे भारत भेज देंगे।
सैलेंदर ने यह भी बताया कि बच्चा स्कूल से खिलौने भी लाता हुआ पाया गया था। अभी कुछ महीने पहले ही एक अन्य भारतीय दंपति और उनके बच्चों का ऐसा मामला सामने आया था। तब तीन वर्षीय अभिज्ञान और चार वर्षीय ऐश्वर्या नामक दो बच्चों को नॉर्वे की बाल कल्याण संस्था ने उनके माता-पिता अनुरूप और सागरिका भट्टाचार्य से 'भावनात्मक अलगाव' होने के आधार पर बीते साल मई माह में अलग कर दिया था।
पुलिस विभाग ने कहा, इस दंपति पर अपने बच्चे को धमकाने, हिंसा करने और दंड संहिता की धारा 219 के तहत लगातार अन्य गलत बर्तावों के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अभियोजन पक्ष ने मां के लिए 15 माह और पिता के लिए 18 माह की कैद की सजा की मांग की है। इस मामले में फैसला सोमवार यानी 3 दिसंबर को सुनाया जाएगा।
आंध्र प्रदेश के चंद्रशेखर वल्लभानेणि एक सॉफ्टवेयर पेशेवर हैं और उनकी पत्नी अनुपमा भारतीय दूतावास में एक अधिकारी हैं। इन दोनों को ही ओस्लो की पुलिस ने हिरासत में लिया था। हैदराबाद में चंद्रशेखर के भतीजे वी सैलेंदर ने दावा किया कि पुलिस ने चंद्रशेखर को उनके सात साल के बच्चे की शिकायत पर गिरफ्तार किया था। टिप्पणियां
बच्चे ने स्कूल अध्यापकों से शिकायत की थी कि उनके माता-पिता उन्हें उनकी हरकतों की वजह से भारत वापस भेजने की धमकी दे रहे हैं। सैलेंदर ने कहा, बच्चे ने अपने स्कूल की बस में पैंट में ही पेशाब कर दिया था, जिसकी जानकारी उसके पिता को की गई थी। इस पर बच्चे के पिता ने उसे धमकाया कि अगर उसने ऐसा दोबारा किया, तो वह उसे भारत भेज देंगे।
सैलेंदर ने यह भी बताया कि बच्चा स्कूल से खिलौने भी लाता हुआ पाया गया था। अभी कुछ महीने पहले ही एक अन्य भारतीय दंपति और उनके बच्चों का ऐसा मामला सामने आया था। तब तीन वर्षीय अभिज्ञान और चार वर्षीय ऐश्वर्या नामक दो बच्चों को नॉर्वे की बाल कल्याण संस्था ने उनके माता-पिता अनुरूप और सागरिका भट्टाचार्य से 'भावनात्मक अलगाव' होने के आधार पर बीते साल मई माह में अलग कर दिया था।
आंध्र प्रदेश के चंद्रशेखर वल्लभानेणि एक सॉफ्टवेयर पेशेवर हैं और उनकी पत्नी अनुपमा भारतीय दूतावास में एक अधिकारी हैं। इन दोनों को ही ओस्लो की पुलिस ने हिरासत में लिया था। हैदराबाद में चंद्रशेखर के भतीजे वी सैलेंदर ने दावा किया कि पुलिस ने चंद्रशेखर को उनके सात साल के बच्चे की शिकायत पर गिरफ्तार किया था। टिप्पणियां
बच्चे ने स्कूल अध्यापकों से शिकायत की थी कि उनके माता-पिता उन्हें उनकी हरकतों की वजह से भारत वापस भेजने की धमकी दे रहे हैं। सैलेंदर ने कहा, बच्चे ने अपने स्कूल की बस में पैंट में ही पेशाब कर दिया था, जिसकी जानकारी उसके पिता को की गई थी। इस पर बच्चे के पिता ने उसे धमकाया कि अगर उसने ऐसा दोबारा किया, तो वह उसे भारत भेज देंगे।
सैलेंदर ने यह भी बताया कि बच्चा स्कूल से खिलौने भी लाता हुआ पाया गया था। अभी कुछ महीने पहले ही एक अन्य भारतीय दंपति और उनके बच्चों का ऐसा मामला सामने आया था। तब तीन वर्षीय अभिज्ञान और चार वर्षीय ऐश्वर्या नामक दो बच्चों को नॉर्वे की बाल कल्याण संस्था ने उनके माता-पिता अनुरूप और सागरिका भट्टाचार्य से 'भावनात्मक अलगाव' होने के आधार पर बीते साल मई माह में अलग कर दिया था।
बच्चे ने स्कूल अध्यापकों से शिकायत की थी कि उनके माता-पिता उन्हें उनकी हरकतों की वजह से भारत वापस भेजने की धमकी दे रहे हैं। सैलेंदर ने कहा, बच्चे ने अपने स्कूल की बस में पैंट में ही पेशाब कर दिया था, जिसकी जानकारी उसके पिता को की गई थी। इस पर बच्चे के पिता ने उसे धमकाया कि अगर उसने ऐसा दोबारा किया, तो वह उसे भारत भेज देंगे।
सैलेंदर ने यह भी बताया कि बच्चा स्कूल से खिलौने भी लाता हुआ पाया गया था। अभी कुछ महीने पहले ही एक अन्य भारतीय दंपति और उनके बच्चों का ऐसा मामला सामने आया था। तब तीन वर्षीय अभिज्ञान और चार वर्षीय ऐश्वर्या नामक दो बच्चों को नॉर्वे की बाल कल्याण संस्था ने उनके माता-पिता अनुरूप और सागरिका भट्टाचार्य से 'भावनात्मक अलगाव' होने के आधार पर बीते साल मई माह में अलग कर दिया था।
सैलेंदर ने यह भी बताया कि बच्चा स्कूल से खिलौने भी लाता हुआ पाया गया था। अभी कुछ महीने पहले ही एक अन्य भारतीय दंपति और उनके बच्चों का ऐसा मामला सामने आया था। तब तीन वर्षीय अभिज्ञान और चार वर्षीय ऐश्वर्या नामक दो बच्चों को नॉर्वे की बाल कल्याण संस्था ने उनके माता-पिता अनुरूप और सागरिका भट्टाचार्य से 'भावनात्मक अलगाव' होने के आधार पर बीते साल मई माह में अलग कर दिया था। | यह एक सारांश है: नॉर्वे में अपने पुत्र को अनुशासित करने का प्रयास करने के लिए पकड़े गए भारतीय दंपति के मामले में अभियोजन पक्ष ने मां के लिए एक वर्ष तीन महीने और पिता के लिए डेढ़ वर्ष सजा का प्रस्ताव किया है। | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पुणे की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने पुलिस को ‘रागिनी एमएमएस’ फिल्म में पृष्ठभूमि में ‘हनुमान चालीस’ के पाठ के साथ अभिनेत्री सन्नी लियोन द्वारा ‘अश्लील डांस’ कर लोगों की धार्मिक भावना को चोट पहुंचाए जाने की शिकायत की जांच का आदेश दिया है.
शिकायकर्ता हेमंत पाटिल ने आरोप लगाया है कि फिल्म में अश्लीलता परोस कर उसकी निर्माता एकता कपूर ने भाकतीय दंड संहिता की धारा 295 ए के प्रावधानों का उल्लंघन किया है और लोगों की धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाई है. पाटिल ने फिल्म रिलीज होने के बाद 2014 में शिकायत दर्ज कराई थी.टिप्पणियां
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जे एस कोकाटे ने आज जारी अपने आदेश में कहा, ‘‘शिकायत एवं दस्तावेजों पर गौर करने के बाद मुझे लगता है कि वर्तमान कार्यवाही में कोई आदेश जारी करने से पहले सीआरपीसी की धारा 202 के तहत इसकी जांच जरूरी है. अतएव पुलिस को सीआरपीसी की धारा 202 के तहत जांच करने एवं निर्धारित अवधि में रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया जाता है.’’ शिकायत में आरोप है कि फिल्म में नृत्य से भगवान हनुमान का कथित रूप से अपमान किया है क्योंकि पृष्ठभूमि में हनुमान चालीसा का पाठ चल रहा है और अभिनेत्री अश्लील नृत्य कर रही है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
शिकायकर्ता हेमंत पाटिल ने आरोप लगाया है कि फिल्म में अश्लीलता परोस कर उसकी निर्माता एकता कपूर ने भाकतीय दंड संहिता की धारा 295 ए के प्रावधानों का उल्लंघन किया है और लोगों की धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाई है. पाटिल ने फिल्म रिलीज होने के बाद 2014 में शिकायत दर्ज कराई थी.टिप्पणियां
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जे एस कोकाटे ने आज जारी अपने आदेश में कहा, ‘‘शिकायत एवं दस्तावेजों पर गौर करने के बाद मुझे लगता है कि वर्तमान कार्यवाही में कोई आदेश जारी करने से पहले सीआरपीसी की धारा 202 के तहत इसकी जांच जरूरी है. अतएव पुलिस को सीआरपीसी की धारा 202 के तहत जांच करने एवं निर्धारित अवधि में रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया जाता है.’’ शिकायत में आरोप है कि फिल्म में नृत्य से भगवान हनुमान का कथित रूप से अपमान किया है क्योंकि पृष्ठभूमि में हनुमान चालीसा का पाठ चल रहा है और अभिनेत्री अश्लील नृत्य कर रही है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जे एस कोकाटे ने आज जारी अपने आदेश में कहा, ‘‘शिकायत एवं दस्तावेजों पर गौर करने के बाद मुझे लगता है कि वर्तमान कार्यवाही में कोई आदेश जारी करने से पहले सीआरपीसी की धारा 202 के तहत इसकी जांच जरूरी है. अतएव पुलिस को सीआरपीसी की धारा 202 के तहत जांच करने एवं निर्धारित अवधि में रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया जाता है.’’ शिकायत में आरोप है कि फिल्म में नृत्य से भगवान हनुमान का कथित रूप से अपमान किया है क्योंकि पृष्ठभूमि में हनुमान चालीसा का पाठ चल रहा है और अभिनेत्री अश्लील नृत्य कर रही है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बैकग्राउंड में हनुमान चालीसा चलाकर अश्लील डांस का है आरोप.
पुणे की अदालत ने पुलिस को दिए दृश्यों की जांच के आदेश.
फिल्म में सनी लिओनी पर फिल्माए गाने को लेकर है विवाद. | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बाजार नियामक सेबी ने प्रवासी भारतीय अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाली वेदांता रिसोर्सेज द्वारा केयर्न इंडिया के अधिग्रहण की मंजूरी दे दी। इस मंजूरी से 9.6 अरब डॉलर के इस सौदे के रास्ते में बड़ी बाधा दूर हो गई। इस सौदे की घोषणा अगस्त 2010 में की गई थी और तब से इसे सरकार और सेबी से मंजूरी का इंतजार था। बहरहाल, सरकार की तरफ से सौदे को अभी मंजूरी नहीं मिली है। ब्रिटेन की ऊर्जा कंपनी केयर्न एनर्जी ने भारत स्थित अपनी अनुषंगी केयर्न इंडिया में बहुलांश हिस्सेदारी वेदांता समूह को बेचने का सौदा किया है। अधिग्रहणकर्ता से सौदे के बारे में कई स्पष्टीकरण मांगे जाने के बाद सेबी ने सौदे के तहत शेयरधारकों के लिए खुली पेशकश की अनिवार्यता पर अपनी राय दी है। किसी भी सूचीबद्ध कंपनी में 15 फीसद या उससे अधिक हिस्सेदारी के अधिग्रहण के मामले में कंपनी को आम जनता से 20 फीसद शेयरों की खरीदारी की खुली पेशकश करना जरूरी है। साथ ही उसके लिए सेबी से मंजूरी हासिल करना भी जरूरी है। केयर्न इंडिया में 51 फीसद तक हिस्सेदारी हासिल करने के सौदे की घोषणा के तुंरत बाद वेदांता समूह ने इस अनिवार्य खुली पेशकश के बारे में सेबी से मंजूरी मांगी थी। वेदांता ने 17 अगस्त को घोषित सार्वजनिक पेशकश में 355 रुपये प्रति शेयर में केयर्न शेयरधारकों से 20 फीसद हिस्सेदारी खरीदने की पेशकश की थी। कुल 13,631 करोड़ रुपये की खुली पेशकश पहले 11 अक्तूबर को खुलनी और 30 अक्तूबर को बंद होनी थी लेकिन मामले में सेबी से मंजूरी मिलने में देरी के कारण इसमें विलम्ब हुआ। कंपनी अब खुली पेशकश के लिये नये सिरे से तिथि की घोषणा करेगी। सौदे को फिलहाल आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति :सीसीईए: की मंजूरी का इंतजार है। पिछले महीने पेट्रोलियम मंत्रालय ने सीसीईए के लिये नोट जारी किया था लेकिन सभी मंत्रालयों से इस बारे में प्रतिक्रिया नहीं मिल पायी है। वित्त, कानून, गृह, पर्यावरण और कंपनी मंत्रालयों से प्रतिक्रिया मिलने के बाद पेट्रोलियम मंत्रालय मामले को सीसीईए के पास ले जाएगा। | यहाँ एक सारांश है:इस सौदे की घोषणा अगस्त 2010 में की गई थी और तब से इसे सरकार और सेबी से मंजूरी का इंतजार था। | 4 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उत्तम कुमार को ट्रेन की बोगी के 'बुरी तरह कुचले जाने' से पहले सिर्फ एक ज़ोरदार धमाके जैसी आवाज़ ही याद है... और फिर जब उसे होश आया, वह पटरी से उतर चुकी इंदौर-पटना एक्सप्रेस के मलबे में उल्टा फंसा हुआ था... रविवार तड़के हुए इस हादसे में अब तक 140 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं...
अपने आंसुओं को रोकने की भरसक कोशिश करते हुए 26-वर्षीय बिज़नेस के छात्र ने बताया कि कैसे उसे ट्रेन डिब्बे को काटकर वहां से निकाला गया, और कैसे उसने निकाले जाने से पहले तीन घंटे से भी ज़्यादा इंतज़ार किया... दरअसल, जिस बोगी में उत्तम कुमार सवार था, वह किसी बोगी से दबकर बुरी तरह कुचली गई थी...
आखिरकार जब बचावकर्मियों ने उत्तम को एम्बुलेंस में चढ़ाया, उसके आसपास सिर्फ लाशें थीं...
उत्तम कुमार ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया, "उन्होंने उस डिब्बे के हिस्सों को काटा, जहां मैं फंसा हुआ था, और मुझे बाहर खींचा... फिर मुझे याद है कि मुझे एम्बुलेंस में चढ़ाया गया, जो पास ही में खड़ी थी... मैं अकेला ज़िन्दा था, और बाकी सब लाशें थीं..."
रविवार तड़के लगभग 3 बजे जब यह ट्रेन पटरी से उतरी, इसमें लगभग 2,000 लोग सवार थे... अब तक धातु काटने के उपकरणों, क्रेनों तथा खोजी कुत्तों की मदद से ट्रेन के मलबे से 143 शव निकाले जा चुके हैं... बचावकर्मियों का कहना है कि बहुत-से शवों की हालत इतनी बिगड़ चुकी है कि उन्हें पहचाना जाना मुश्किल है...
उत्तम का परिवार उसे जल्द ही खोजने में स्थानीय निवासियों की मदद से कामयाब हुआ, क्योंकि उन्हीं लोगों ने उसकी बचाव की पुकार सुनी थी, और उसके घर का फोन नंबर नोट किया था, जिस पर उन्होंने परिवार वालों को सूचना दी...
उत्तम कुमार ने बताया, "लोगों ने मेरी चीखें सुनीं, लेकिन कोई कुछ कर नहीं सकता था, क्योंकि मेरी बोगी दूसरी बोगी के नीचे दबी पड़ी थी... (सो) मैंने अपने घर का टेलीफोन नंबर चीख-चीखकर सभी को बताया..." टिप्पणियां
उत्तम को सिर और पीठ पर चोटें आई हैं, लेकिन उसकी सबसे बड़ी चिंता अपने दादाजी को तलाश करने की है, जो सफर में उसी के साथ बैठे हुए थे...
दोनों तीर्थयात्रा के लिए उज्जैन गए थे, जो मंदिरों के लिए मशहूर है, और अब वे अपने घर पटना लौट रहे थे... उत्तम ने कहा, "मुझे नहीं पता, उनके साथ क्या हुआ... वह मेरे साथ वाली सीट पर थे... लेकिन अब उनका नाम दोनों सूचियों में नहीं है - बचने वालों की और मरने वालों की... किसी को नहीं मालूम, वह कहां हैं..."
अपने आंसुओं को रोकने की भरसक कोशिश करते हुए 26-वर्षीय बिज़नेस के छात्र ने बताया कि कैसे उसे ट्रेन डिब्बे को काटकर वहां से निकाला गया, और कैसे उसने निकाले जाने से पहले तीन घंटे से भी ज़्यादा इंतज़ार किया... दरअसल, जिस बोगी में उत्तम कुमार सवार था, वह किसी बोगी से दबकर बुरी तरह कुचली गई थी...
आखिरकार जब बचावकर्मियों ने उत्तम को एम्बुलेंस में चढ़ाया, उसके आसपास सिर्फ लाशें थीं...
उत्तम कुमार ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया, "उन्होंने उस डिब्बे के हिस्सों को काटा, जहां मैं फंसा हुआ था, और मुझे बाहर खींचा... फिर मुझे याद है कि मुझे एम्बुलेंस में चढ़ाया गया, जो पास ही में खड़ी थी... मैं अकेला ज़िन्दा था, और बाकी सब लाशें थीं..."
रविवार तड़के लगभग 3 बजे जब यह ट्रेन पटरी से उतरी, इसमें लगभग 2,000 लोग सवार थे... अब तक धातु काटने के उपकरणों, क्रेनों तथा खोजी कुत्तों की मदद से ट्रेन के मलबे से 143 शव निकाले जा चुके हैं... बचावकर्मियों का कहना है कि बहुत-से शवों की हालत इतनी बिगड़ चुकी है कि उन्हें पहचाना जाना मुश्किल है...
उत्तम का परिवार उसे जल्द ही खोजने में स्थानीय निवासियों की मदद से कामयाब हुआ, क्योंकि उन्हीं लोगों ने उसकी बचाव की पुकार सुनी थी, और उसके घर का फोन नंबर नोट किया था, जिस पर उन्होंने परिवार वालों को सूचना दी...
उत्तम कुमार ने बताया, "लोगों ने मेरी चीखें सुनीं, लेकिन कोई कुछ कर नहीं सकता था, क्योंकि मेरी बोगी दूसरी बोगी के नीचे दबी पड़ी थी... (सो) मैंने अपने घर का टेलीफोन नंबर चीख-चीखकर सभी को बताया..." टिप्पणियां
उत्तम को सिर और पीठ पर चोटें आई हैं, लेकिन उसकी सबसे बड़ी चिंता अपने दादाजी को तलाश करने की है, जो सफर में उसी के साथ बैठे हुए थे...
दोनों तीर्थयात्रा के लिए उज्जैन गए थे, जो मंदिरों के लिए मशहूर है, और अब वे अपने घर पटना लौट रहे थे... उत्तम ने कहा, "मुझे नहीं पता, उनके साथ क्या हुआ... वह मेरे साथ वाली सीट पर थे... लेकिन अब उनका नाम दोनों सूचियों में नहीं है - बचने वालों की और मरने वालों की... किसी को नहीं मालूम, वह कहां हैं..."
आखिरकार जब बचावकर्मियों ने उत्तम को एम्बुलेंस में चढ़ाया, उसके आसपास सिर्फ लाशें थीं...
उत्तम कुमार ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया, "उन्होंने उस डिब्बे के हिस्सों को काटा, जहां मैं फंसा हुआ था, और मुझे बाहर खींचा... फिर मुझे याद है कि मुझे एम्बुलेंस में चढ़ाया गया, जो पास ही में खड़ी थी... मैं अकेला ज़िन्दा था, और बाकी सब लाशें थीं..."
रविवार तड़के लगभग 3 बजे जब यह ट्रेन पटरी से उतरी, इसमें लगभग 2,000 लोग सवार थे... अब तक धातु काटने के उपकरणों, क्रेनों तथा खोजी कुत्तों की मदद से ट्रेन के मलबे से 143 शव निकाले जा चुके हैं... बचावकर्मियों का कहना है कि बहुत-से शवों की हालत इतनी बिगड़ चुकी है कि उन्हें पहचाना जाना मुश्किल है...
उत्तम का परिवार उसे जल्द ही खोजने में स्थानीय निवासियों की मदद से कामयाब हुआ, क्योंकि उन्हीं लोगों ने उसकी बचाव की पुकार सुनी थी, और उसके घर का फोन नंबर नोट किया था, जिस पर उन्होंने परिवार वालों को सूचना दी...
उत्तम कुमार ने बताया, "लोगों ने मेरी चीखें सुनीं, लेकिन कोई कुछ कर नहीं सकता था, क्योंकि मेरी बोगी दूसरी बोगी के नीचे दबी पड़ी थी... (सो) मैंने अपने घर का टेलीफोन नंबर चीख-चीखकर सभी को बताया..." टिप्पणियां
उत्तम को सिर और पीठ पर चोटें आई हैं, लेकिन उसकी सबसे बड़ी चिंता अपने दादाजी को तलाश करने की है, जो सफर में उसी के साथ बैठे हुए थे...
दोनों तीर्थयात्रा के लिए उज्जैन गए थे, जो मंदिरों के लिए मशहूर है, और अब वे अपने घर पटना लौट रहे थे... उत्तम ने कहा, "मुझे नहीं पता, उनके साथ क्या हुआ... वह मेरे साथ वाली सीट पर थे... लेकिन अब उनका नाम दोनों सूचियों में नहीं है - बचने वालों की और मरने वालों की... किसी को नहीं मालूम, वह कहां हैं..."
उत्तम का परिवार उसे जल्द ही खोजने में स्थानीय निवासियों की मदद से कामयाब हुआ, क्योंकि उन्हीं लोगों ने उसकी बचाव की पुकार सुनी थी, और उसके घर का फोन नंबर नोट किया था, जिस पर उन्होंने परिवार वालों को सूचना दी...
उत्तम कुमार ने बताया, "लोगों ने मेरी चीखें सुनीं, लेकिन कोई कुछ कर नहीं सकता था, क्योंकि मेरी बोगी दूसरी बोगी के नीचे दबी पड़ी थी... (सो) मैंने अपने घर का टेलीफोन नंबर चीख-चीखकर सभी को बताया..." टिप्पणियां
उत्तम को सिर और पीठ पर चोटें आई हैं, लेकिन उसकी सबसे बड़ी चिंता अपने दादाजी को तलाश करने की है, जो सफर में उसी के साथ बैठे हुए थे...
दोनों तीर्थयात्रा के लिए उज्जैन गए थे, जो मंदिरों के लिए मशहूर है, और अब वे अपने घर पटना लौट रहे थे... उत्तम ने कहा, "मुझे नहीं पता, उनके साथ क्या हुआ... वह मेरे साथ वाली सीट पर थे... लेकिन अब उनका नाम दोनों सूचियों में नहीं है - बचने वालों की और मरने वालों की... किसी को नहीं मालूम, वह कहां हैं..."
उत्तम को सिर और पीठ पर चोटें आई हैं, लेकिन उसकी सबसे बड़ी चिंता अपने दादाजी को तलाश करने की है, जो सफर में उसी के साथ बैठे हुए थे...
दोनों तीर्थयात्रा के लिए उज्जैन गए थे, जो मंदिरों के लिए मशहूर है, और अब वे अपने घर पटना लौट रहे थे... उत्तम ने कहा, "मुझे नहीं पता, उनके साथ क्या हुआ... वह मेरे साथ वाली सीट पर थे... लेकिन अब उनका नाम दोनों सूचियों में नहीं है - बचने वालों की और मरने वालों की... किसी को नहीं मालूम, वह कहां हैं..."
दोनों तीर्थयात्रा के लिए उज्जैन गए थे, जो मंदिरों के लिए मशहूर है, और अब वे अपने घर पटना लौट रहे थे... उत्तम ने कहा, "मुझे नहीं पता, उनके साथ क्या हुआ... वह मेरे साथ वाली सीट पर थे... लेकिन अब उनका नाम दोनों सूचियों में नहीं है - बचने वालों की और मरने वालों की... किसी को नहीं मालूम, वह कहां हैं..." | संक्षिप्त सारांश: 26-वर्षीय उत्तम के मुताबिक, ट्रेन की बोगी को काटकर उसे निकाला जा सका
उत्तम ने बताया, निकाले जाने से पहले तीन घंटे से ज़्यादा इंतज़ार करना पड़ा
जब एम्बुलेंस में चढ़ाया गया, वह अकेला ज़िन्दा था, बाकी सब लाशें थीं | 8 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की टीम चेन्नई सुपरकिंग्स ने चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट के तहत सोमवार को किंग्समीड मैदान पर खेले गए ग्रुप-बी के अंतिम लीग मुकाबले में इंग्लैंड की यॉर्कशायर को चार विकेट से पराजित कर दिया।
यॉर्कशायर की ओर से रखे गए 141 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी सुपरकिंग्स ने छह गेंद शेष रहते छह विकेट पर 141 रन बनाए। सुपरकिंग्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही और कुल योग में अभी तीन रन ही जुड़े थे कि सलामी बल्लेबाज फाफ ड्यू प्लेसिस को स्टीवन पैटर्सन ने अजीम रफीक के हाथों कैच करा दिया। ड्यू प्लेसिस एक रन ही बना सके।
मुरली विजय भी 13 रन बनाकर पवेलिय लौट गए। उन्हें ओलिवर हैनन-डेलबॉय की गेंद पर एडम लीथ ने कैच किया। टीम के नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की जगह इस मुकाबले में कप्तानी करने वाले सुरेश रैना के रूप में सुपरकिंग्स ने अपना तीसरा विकेट खोया।
रैना को 31 रन के निजी योग पर डैलबॉय की गेंद पर डेविड मिलर ने कैच किया। एस. बद्रीनाथ 38 गेंदों पर 47 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें इवैन वॉर्डलॉ ने बोल्ड किया। रवींद्र जडेजा के रूप में सुपरकिंग्स का पांचवां विकेट गिरा। जडेजा को पांच रन के निजी योग पर पैटर्सन ने गेरी ब्लांस के हाथों कैच कराया।
धोनी को 31 रन के निजी योग पर वार्डलॉ ने बोल्ड किया। एल्बी मोर्कल (4) और रिद्धिमान साहा (1) नाबाद लौटे। यॉर्कशायर की ओर से डैलबॉय, पैटर्सन और वार्डलॉ ने दो-दो विकेट झटके।
इससे पहले, यॉर्कशायर ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 140 रन बनाए जिसमें ब्लांस के सबसे अधिक 58 रन शामिल थे। सुपरकिंग्स ने टॉस जीतकर यॉर्कशायर को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया।
यॉर्कशायर की ओर से कप्तान एंड्रयू गाले और लीथ ने पारी की शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 35 रनों की साझेदारी की। गाले के रूप में यॉर्कशायर का पहला विकेट गिरा, जिन्हें 23 रन के निजी योग पर तेज गेंदबाज एल्बी मोर्कल ने डग बोलिंगर के हाथों कैच कराया।
गाले के आउट होने के कुछ ही देर बाद लीथ भी पवेलियन लौट गए। उन्हें 11 रन के निजी योग पर बेन हिल्फेनहास की गेंद पर विजय ने कैच किया।
जोय रूट कुछ खास नहीं कर सके और वह छह रन बनाकर आउट हुए। रूट को मोर्कल की गेंद पर विकेट कीपर रिद्धिमान साहा ने विकेट के पीछे कैच किया।टिप्पणियां
मिलर के रूप में यॉर्कशायर का चौथा विकेट गिरा। मिलर को 29 रन के निजी योग पर बोलिंगर की गेंद पर रविवचंद्रन अश्विन ने कैच किया। ब्लांस रन आउट हुए। उन्होंने 38 गेंदों पर एक चौका और पांच छक्के लगाए। डैन हॉडग्सन को एक रन के निजी योग पर बोलिंगर ने ड्यू प्लेसिस के हाथों कैच कराया। आदिल राशिद (4) नाबाद लौटे।
सुपरकिंग्स की ओर से मोर्कल और बोलिंगर ने दो-दो जबकि हिल्फेनहास ने एक विकेट झटका। दोनों टीमें पहले ही सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो चुकी थीं।
यॉर्कशायर की ओर से रखे गए 141 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी सुपरकिंग्स ने छह गेंद शेष रहते छह विकेट पर 141 रन बनाए। सुपरकिंग्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही और कुल योग में अभी तीन रन ही जुड़े थे कि सलामी बल्लेबाज फाफ ड्यू प्लेसिस को स्टीवन पैटर्सन ने अजीम रफीक के हाथों कैच करा दिया। ड्यू प्लेसिस एक रन ही बना सके।
मुरली विजय भी 13 रन बनाकर पवेलिय लौट गए। उन्हें ओलिवर हैनन-डेलबॉय की गेंद पर एडम लीथ ने कैच किया। टीम के नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की जगह इस मुकाबले में कप्तानी करने वाले सुरेश रैना के रूप में सुपरकिंग्स ने अपना तीसरा विकेट खोया।
रैना को 31 रन के निजी योग पर डैलबॉय की गेंद पर डेविड मिलर ने कैच किया। एस. बद्रीनाथ 38 गेंदों पर 47 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें इवैन वॉर्डलॉ ने बोल्ड किया। रवींद्र जडेजा के रूप में सुपरकिंग्स का पांचवां विकेट गिरा। जडेजा को पांच रन के निजी योग पर पैटर्सन ने गेरी ब्लांस के हाथों कैच कराया।
धोनी को 31 रन के निजी योग पर वार्डलॉ ने बोल्ड किया। एल्बी मोर्कल (4) और रिद्धिमान साहा (1) नाबाद लौटे। यॉर्कशायर की ओर से डैलबॉय, पैटर्सन और वार्डलॉ ने दो-दो विकेट झटके।
इससे पहले, यॉर्कशायर ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 140 रन बनाए जिसमें ब्लांस के सबसे अधिक 58 रन शामिल थे। सुपरकिंग्स ने टॉस जीतकर यॉर्कशायर को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया।
यॉर्कशायर की ओर से कप्तान एंड्रयू गाले और लीथ ने पारी की शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 35 रनों की साझेदारी की। गाले के रूप में यॉर्कशायर का पहला विकेट गिरा, जिन्हें 23 रन के निजी योग पर तेज गेंदबाज एल्बी मोर्कल ने डग बोलिंगर के हाथों कैच कराया।
गाले के आउट होने के कुछ ही देर बाद लीथ भी पवेलियन लौट गए। उन्हें 11 रन के निजी योग पर बेन हिल्फेनहास की गेंद पर विजय ने कैच किया।
जोय रूट कुछ खास नहीं कर सके और वह छह रन बनाकर आउट हुए। रूट को मोर्कल की गेंद पर विकेट कीपर रिद्धिमान साहा ने विकेट के पीछे कैच किया।टिप्पणियां
मिलर के रूप में यॉर्कशायर का चौथा विकेट गिरा। मिलर को 29 रन के निजी योग पर बोलिंगर की गेंद पर रविवचंद्रन अश्विन ने कैच किया। ब्लांस रन आउट हुए। उन्होंने 38 गेंदों पर एक चौका और पांच छक्के लगाए। डैन हॉडग्सन को एक रन के निजी योग पर बोलिंगर ने ड्यू प्लेसिस के हाथों कैच कराया। आदिल राशिद (4) नाबाद लौटे।
सुपरकिंग्स की ओर से मोर्कल और बोलिंगर ने दो-दो जबकि हिल्फेनहास ने एक विकेट झटका। दोनों टीमें पहले ही सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो चुकी थीं।
मुरली विजय भी 13 रन बनाकर पवेलिय लौट गए। उन्हें ओलिवर हैनन-डेलबॉय की गेंद पर एडम लीथ ने कैच किया। टीम के नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की जगह इस मुकाबले में कप्तानी करने वाले सुरेश रैना के रूप में सुपरकिंग्स ने अपना तीसरा विकेट खोया।
रैना को 31 रन के निजी योग पर डैलबॉय की गेंद पर डेविड मिलर ने कैच किया। एस. बद्रीनाथ 38 गेंदों पर 47 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें इवैन वॉर्डलॉ ने बोल्ड किया। रवींद्र जडेजा के रूप में सुपरकिंग्स का पांचवां विकेट गिरा। जडेजा को पांच रन के निजी योग पर पैटर्सन ने गेरी ब्लांस के हाथों कैच कराया।
धोनी को 31 रन के निजी योग पर वार्डलॉ ने बोल्ड किया। एल्बी मोर्कल (4) और रिद्धिमान साहा (1) नाबाद लौटे। यॉर्कशायर की ओर से डैलबॉय, पैटर्सन और वार्डलॉ ने दो-दो विकेट झटके।
इससे पहले, यॉर्कशायर ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 140 रन बनाए जिसमें ब्लांस के सबसे अधिक 58 रन शामिल थे। सुपरकिंग्स ने टॉस जीतकर यॉर्कशायर को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया।
यॉर्कशायर की ओर से कप्तान एंड्रयू गाले और लीथ ने पारी की शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 35 रनों की साझेदारी की। गाले के रूप में यॉर्कशायर का पहला विकेट गिरा, जिन्हें 23 रन के निजी योग पर तेज गेंदबाज एल्बी मोर्कल ने डग बोलिंगर के हाथों कैच कराया।
गाले के आउट होने के कुछ ही देर बाद लीथ भी पवेलियन लौट गए। उन्हें 11 रन के निजी योग पर बेन हिल्फेनहास की गेंद पर विजय ने कैच किया।
जोय रूट कुछ खास नहीं कर सके और वह छह रन बनाकर आउट हुए। रूट को मोर्कल की गेंद पर विकेट कीपर रिद्धिमान साहा ने विकेट के पीछे कैच किया।टिप्पणियां
मिलर के रूप में यॉर्कशायर का चौथा विकेट गिरा। मिलर को 29 रन के निजी योग पर बोलिंगर की गेंद पर रविवचंद्रन अश्विन ने कैच किया। ब्लांस रन आउट हुए। उन्होंने 38 गेंदों पर एक चौका और पांच छक्के लगाए। डैन हॉडग्सन को एक रन के निजी योग पर बोलिंगर ने ड्यू प्लेसिस के हाथों कैच कराया। आदिल राशिद (4) नाबाद लौटे।
सुपरकिंग्स की ओर से मोर्कल और बोलिंगर ने दो-दो जबकि हिल्फेनहास ने एक विकेट झटका। दोनों टीमें पहले ही सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो चुकी थीं।
रैना को 31 रन के निजी योग पर डैलबॉय की गेंद पर डेविड मिलर ने कैच किया। एस. बद्रीनाथ 38 गेंदों पर 47 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें इवैन वॉर्डलॉ ने बोल्ड किया। रवींद्र जडेजा के रूप में सुपरकिंग्स का पांचवां विकेट गिरा। जडेजा को पांच रन के निजी योग पर पैटर्सन ने गेरी ब्लांस के हाथों कैच कराया।
धोनी को 31 रन के निजी योग पर वार्डलॉ ने बोल्ड किया। एल्बी मोर्कल (4) और रिद्धिमान साहा (1) नाबाद लौटे। यॉर्कशायर की ओर से डैलबॉय, पैटर्सन और वार्डलॉ ने दो-दो विकेट झटके।
इससे पहले, यॉर्कशायर ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 140 रन बनाए जिसमें ब्लांस के सबसे अधिक 58 रन शामिल थे। सुपरकिंग्स ने टॉस जीतकर यॉर्कशायर को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया।
यॉर्कशायर की ओर से कप्तान एंड्रयू गाले और लीथ ने पारी की शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 35 रनों की साझेदारी की। गाले के रूप में यॉर्कशायर का पहला विकेट गिरा, जिन्हें 23 रन के निजी योग पर तेज गेंदबाज एल्बी मोर्कल ने डग बोलिंगर के हाथों कैच कराया।
गाले के आउट होने के कुछ ही देर बाद लीथ भी पवेलियन लौट गए। उन्हें 11 रन के निजी योग पर बेन हिल्फेनहास की गेंद पर विजय ने कैच किया।
जोय रूट कुछ खास नहीं कर सके और वह छह रन बनाकर आउट हुए। रूट को मोर्कल की गेंद पर विकेट कीपर रिद्धिमान साहा ने विकेट के पीछे कैच किया।टिप्पणियां
मिलर के रूप में यॉर्कशायर का चौथा विकेट गिरा। मिलर को 29 रन के निजी योग पर बोलिंगर की गेंद पर रविवचंद्रन अश्विन ने कैच किया। ब्लांस रन आउट हुए। उन्होंने 38 गेंदों पर एक चौका और पांच छक्के लगाए। डैन हॉडग्सन को एक रन के निजी योग पर बोलिंगर ने ड्यू प्लेसिस के हाथों कैच कराया। आदिल राशिद (4) नाबाद लौटे।
सुपरकिंग्स की ओर से मोर्कल और बोलिंगर ने दो-दो जबकि हिल्फेनहास ने एक विकेट झटका। दोनों टीमें पहले ही सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो चुकी थीं।
धोनी को 31 रन के निजी योग पर वार्डलॉ ने बोल्ड किया। एल्बी मोर्कल (4) और रिद्धिमान साहा (1) नाबाद लौटे। यॉर्कशायर की ओर से डैलबॉय, पैटर्सन और वार्डलॉ ने दो-दो विकेट झटके।
इससे पहले, यॉर्कशायर ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 140 रन बनाए जिसमें ब्लांस के सबसे अधिक 58 रन शामिल थे। सुपरकिंग्स ने टॉस जीतकर यॉर्कशायर को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया।
यॉर्कशायर की ओर से कप्तान एंड्रयू गाले और लीथ ने पारी की शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 35 रनों की साझेदारी की। गाले के रूप में यॉर्कशायर का पहला विकेट गिरा, जिन्हें 23 रन के निजी योग पर तेज गेंदबाज एल्बी मोर्कल ने डग बोलिंगर के हाथों कैच कराया।
गाले के आउट होने के कुछ ही देर बाद लीथ भी पवेलियन लौट गए। उन्हें 11 रन के निजी योग पर बेन हिल्फेनहास की गेंद पर विजय ने कैच किया।
जोय रूट कुछ खास नहीं कर सके और वह छह रन बनाकर आउट हुए। रूट को मोर्कल की गेंद पर विकेट कीपर रिद्धिमान साहा ने विकेट के पीछे कैच किया।टिप्पणियां
मिलर के रूप में यॉर्कशायर का चौथा विकेट गिरा। मिलर को 29 रन के निजी योग पर बोलिंगर की गेंद पर रविवचंद्रन अश्विन ने कैच किया। ब्लांस रन आउट हुए। उन्होंने 38 गेंदों पर एक चौका और पांच छक्के लगाए। डैन हॉडग्सन को एक रन के निजी योग पर बोलिंगर ने ड्यू प्लेसिस के हाथों कैच कराया। आदिल राशिद (4) नाबाद लौटे।
सुपरकिंग्स की ओर से मोर्कल और बोलिंगर ने दो-दो जबकि हिल्फेनहास ने एक विकेट झटका। दोनों टीमें पहले ही सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो चुकी थीं।
इससे पहले, यॉर्कशायर ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 140 रन बनाए जिसमें ब्लांस के सबसे अधिक 58 रन शामिल थे। सुपरकिंग्स ने टॉस जीतकर यॉर्कशायर को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया।
यॉर्कशायर की ओर से कप्तान एंड्रयू गाले और लीथ ने पारी की शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 35 रनों की साझेदारी की। गाले के रूप में यॉर्कशायर का पहला विकेट गिरा, जिन्हें 23 रन के निजी योग पर तेज गेंदबाज एल्बी मोर्कल ने डग बोलिंगर के हाथों कैच कराया।
गाले के आउट होने के कुछ ही देर बाद लीथ भी पवेलियन लौट गए। उन्हें 11 रन के निजी योग पर बेन हिल्फेनहास की गेंद पर विजय ने कैच किया।
जोय रूट कुछ खास नहीं कर सके और वह छह रन बनाकर आउट हुए। रूट को मोर्कल की गेंद पर विकेट कीपर रिद्धिमान साहा ने विकेट के पीछे कैच किया।टिप्पणियां
मिलर के रूप में यॉर्कशायर का चौथा विकेट गिरा। मिलर को 29 रन के निजी योग पर बोलिंगर की गेंद पर रविवचंद्रन अश्विन ने कैच किया। ब्लांस रन आउट हुए। उन्होंने 38 गेंदों पर एक चौका और पांच छक्के लगाए। डैन हॉडग्सन को एक रन के निजी योग पर बोलिंगर ने ड्यू प्लेसिस के हाथों कैच कराया। आदिल राशिद (4) नाबाद लौटे।
सुपरकिंग्स की ओर से मोर्कल और बोलिंगर ने दो-दो जबकि हिल्फेनहास ने एक विकेट झटका। दोनों टीमें पहले ही सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो चुकी थीं।
यॉर्कशायर की ओर से कप्तान एंड्रयू गाले और लीथ ने पारी की शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 35 रनों की साझेदारी की। गाले के रूप में यॉर्कशायर का पहला विकेट गिरा, जिन्हें 23 रन के निजी योग पर तेज गेंदबाज एल्बी मोर्कल ने डग बोलिंगर के हाथों कैच कराया।
गाले के आउट होने के कुछ ही देर बाद लीथ भी पवेलियन लौट गए। उन्हें 11 रन के निजी योग पर बेन हिल्फेनहास की गेंद पर विजय ने कैच किया।
जोय रूट कुछ खास नहीं कर सके और वह छह रन बनाकर आउट हुए। रूट को मोर्कल की गेंद पर विकेट कीपर रिद्धिमान साहा ने विकेट के पीछे कैच किया।टिप्पणियां
मिलर के रूप में यॉर्कशायर का चौथा विकेट गिरा। मिलर को 29 रन के निजी योग पर बोलिंगर की गेंद पर रविवचंद्रन अश्विन ने कैच किया। ब्लांस रन आउट हुए। उन्होंने 38 गेंदों पर एक चौका और पांच छक्के लगाए। डैन हॉडग्सन को एक रन के निजी योग पर बोलिंगर ने ड्यू प्लेसिस के हाथों कैच कराया। आदिल राशिद (4) नाबाद लौटे।
सुपरकिंग्स की ओर से मोर्कल और बोलिंगर ने दो-दो जबकि हिल्फेनहास ने एक विकेट झटका। दोनों टीमें पहले ही सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो चुकी थीं।
गाले के आउट होने के कुछ ही देर बाद लीथ भी पवेलियन लौट गए। उन्हें 11 रन के निजी योग पर बेन हिल्फेनहास की गेंद पर विजय ने कैच किया।
जोय रूट कुछ खास नहीं कर सके और वह छह रन बनाकर आउट हुए। रूट को मोर्कल की गेंद पर विकेट कीपर रिद्धिमान साहा ने विकेट के पीछे कैच किया।टिप्पणियां
मिलर के रूप में यॉर्कशायर का चौथा विकेट गिरा। मिलर को 29 रन के निजी योग पर बोलिंगर की गेंद पर रविवचंद्रन अश्विन ने कैच किया। ब्लांस रन आउट हुए। उन्होंने 38 गेंदों पर एक चौका और पांच छक्के लगाए। डैन हॉडग्सन को एक रन के निजी योग पर बोलिंगर ने ड्यू प्लेसिस के हाथों कैच कराया। आदिल राशिद (4) नाबाद लौटे।
सुपरकिंग्स की ओर से मोर्कल और बोलिंगर ने दो-दो जबकि हिल्फेनहास ने एक विकेट झटका। दोनों टीमें पहले ही सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो चुकी थीं।
जोय रूट कुछ खास नहीं कर सके और वह छह रन बनाकर आउट हुए। रूट को मोर्कल की गेंद पर विकेट कीपर रिद्धिमान साहा ने विकेट के पीछे कैच किया।टिप्पणियां
मिलर के रूप में यॉर्कशायर का चौथा विकेट गिरा। मिलर को 29 रन के निजी योग पर बोलिंगर की गेंद पर रविवचंद्रन अश्विन ने कैच किया। ब्लांस रन आउट हुए। उन्होंने 38 गेंदों पर एक चौका और पांच छक्के लगाए। डैन हॉडग्सन को एक रन के निजी योग पर बोलिंगर ने ड्यू प्लेसिस के हाथों कैच कराया। आदिल राशिद (4) नाबाद लौटे।
सुपरकिंग्स की ओर से मोर्कल और बोलिंगर ने दो-दो जबकि हिल्फेनहास ने एक विकेट झटका। दोनों टीमें पहले ही सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो चुकी थीं।
मिलर के रूप में यॉर्कशायर का चौथा विकेट गिरा। मिलर को 29 रन के निजी योग पर बोलिंगर की गेंद पर रविवचंद्रन अश्विन ने कैच किया। ब्लांस रन आउट हुए। उन्होंने 38 गेंदों पर एक चौका और पांच छक्के लगाए। डैन हॉडग्सन को एक रन के निजी योग पर बोलिंगर ने ड्यू प्लेसिस के हाथों कैच कराया। आदिल राशिद (4) नाबाद लौटे।
सुपरकिंग्स की ओर से मोर्कल और बोलिंगर ने दो-दो जबकि हिल्फेनहास ने एक विकेट झटका। दोनों टीमें पहले ही सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो चुकी थीं।
सुपरकिंग्स की ओर से मोर्कल और बोलिंगर ने दो-दो जबकि हिल्फेनहास ने एक विकेट झटका। दोनों टीमें पहले ही सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो चुकी थीं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की टीम चेन्नई सुपरकिंग्स ने चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट के तहत सोमवार को किंग्समीड मैदान पर खेले गए ग्रुप-बी के अंतिम लीग मुकाबले में इंग्लैंड की यॉर्कशायर को चार विकेट से पराजित कर दिया। | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बाल श्रम पर नये कानून को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मंजूरी दे दी है और अब किसी भी काम के लिए 14 साल से कम उम्र के बच्चे को नियुक्त करने वाले व्यक्ति को दो साल तक की कैद की सजा तथा उस पर 50,000 रुपये का अधिकतम जुर्माना लगेगा.
हालांकि, स्कूल से बाद के समय में अपने परिवार की मदद करने वाले बच्चे को इस कानून के दायरे में नहीं रखा गया है. नया कानून 14 से 18 साल की उम्र के किशोर को खानों और अन्य ज्वलनशील पदार्थ या विस्फोटकों जैसे जोखिम वाले कार्यों में रोजगार पर पाबंदी लगाता है. हालांकि, नया कानून फिल्मों, विज्ञापनों या टीवी उद्योग में बच्चों के काम पर लागू नहीं होता.
अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति ने बाल श्रम (प्रतिबंध एवं नियमन) संशोधन अधिनियम, 2016 को शुक्रवार को अपनी मंजूरी दे दी और कानून अधिसूचित हो गया है. नये कानून के जरिए बाल श्रम (प्रतिबंध एवं नियमन) अधिनियम 1986 में संशोधन किया गया है ताकि किसी काम में बच्चों को नियुक्त करने वाले व्यक्ति पर जुर्माना के अलावा सजा भी बढ़ाई जा सके.
संशोधित कानून सरकार को ऐसे स्थानों पर और जोखिम भरे कार्यों वाले स्थानों पर समय समय पर निरीक्षण करने का अधिकार देता है जहां बच्चों के रोजगार पर पाबंदी है. इस सिलसिले में एक विधेयक को लोकसभा ने 26 जुलाई को पारित किया था जबकि राज्यसभा ने उसे 19 जुलाई को पारित किया.
संशोधित अधिनियम के जरिए इसका उल्लंघन करने वालों के लिए सजा को बढ़ाया गया है. बच्चों को रोजगार देने वालों को अब छह महीने से दो साल की जेल की सजा होगी या 20,000 से लेकर 50,000 रुपये तक का जुर्माना, या दोनों लग सकेगा। पहले तीन महीने से एक साल तक की सजा और 10,000 से 20,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान था.टिप्पणियां
दूसरी बार अपराध में संलिप्त पाए जाने पर नियोक्ता को एक साल से लेकर तीन साल तक की कैद की सजा का प्रावधान किया गया है. कानून के मुताबिक किसी भी बच्चे को किसी भी रोजगार या व्यवसाय में नहीं लगाया जाएगा. हालांकि स्कूल के समय के बाद या अवकाश के दौरान उसे अपने परिवार की मदद करने की छूट दी गई है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हालांकि, स्कूल से बाद के समय में अपने परिवार की मदद करने वाले बच्चे को इस कानून के दायरे में नहीं रखा गया है. नया कानून 14 से 18 साल की उम्र के किशोर को खानों और अन्य ज्वलनशील पदार्थ या विस्फोटकों जैसे जोखिम वाले कार्यों में रोजगार पर पाबंदी लगाता है. हालांकि, नया कानून फिल्मों, विज्ञापनों या टीवी उद्योग में बच्चों के काम पर लागू नहीं होता.
अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति ने बाल श्रम (प्रतिबंध एवं नियमन) संशोधन अधिनियम, 2016 को शुक्रवार को अपनी मंजूरी दे दी और कानून अधिसूचित हो गया है. नये कानून के जरिए बाल श्रम (प्रतिबंध एवं नियमन) अधिनियम 1986 में संशोधन किया गया है ताकि किसी काम में बच्चों को नियुक्त करने वाले व्यक्ति पर जुर्माना के अलावा सजा भी बढ़ाई जा सके.
संशोधित कानून सरकार को ऐसे स्थानों पर और जोखिम भरे कार्यों वाले स्थानों पर समय समय पर निरीक्षण करने का अधिकार देता है जहां बच्चों के रोजगार पर पाबंदी है. इस सिलसिले में एक विधेयक को लोकसभा ने 26 जुलाई को पारित किया था जबकि राज्यसभा ने उसे 19 जुलाई को पारित किया.
संशोधित अधिनियम के जरिए इसका उल्लंघन करने वालों के लिए सजा को बढ़ाया गया है. बच्चों को रोजगार देने वालों को अब छह महीने से दो साल की जेल की सजा होगी या 20,000 से लेकर 50,000 रुपये तक का जुर्माना, या दोनों लग सकेगा। पहले तीन महीने से एक साल तक की सजा और 10,000 से 20,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान था.टिप्पणियां
दूसरी बार अपराध में संलिप्त पाए जाने पर नियोक्ता को एक साल से लेकर तीन साल तक की कैद की सजा का प्रावधान किया गया है. कानून के मुताबिक किसी भी बच्चे को किसी भी रोजगार या व्यवसाय में नहीं लगाया जाएगा. हालांकि स्कूल के समय के बाद या अवकाश के दौरान उसे अपने परिवार की मदद करने की छूट दी गई है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति ने बाल श्रम (प्रतिबंध एवं नियमन) संशोधन अधिनियम, 2016 को शुक्रवार को अपनी मंजूरी दे दी और कानून अधिसूचित हो गया है. नये कानून के जरिए बाल श्रम (प्रतिबंध एवं नियमन) अधिनियम 1986 में संशोधन किया गया है ताकि किसी काम में बच्चों को नियुक्त करने वाले व्यक्ति पर जुर्माना के अलावा सजा भी बढ़ाई जा सके.
संशोधित कानून सरकार को ऐसे स्थानों पर और जोखिम भरे कार्यों वाले स्थानों पर समय समय पर निरीक्षण करने का अधिकार देता है जहां बच्चों के रोजगार पर पाबंदी है. इस सिलसिले में एक विधेयक को लोकसभा ने 26 जुलाई को पारित किया था जबकि राज्यसभा ने उसे 19 जुलाई को पारित किया.
संशोधित अधिनियम के जरिए इसका उल्लंघन करने वालों के लिए सजा को बढ़ाया गया है. बच्चों को रोजगार देने वालों को अब छह महीने से दो साल की जेल की सजा होगी या 20,000 से लेकर 50,000 रुपये तक का जुर्माना, या दोनों लग सकेगा। पहले तीन महीने से एक साल तक की सजा और 10,000 से 20,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान था.टिप्पणियां
दूसरी बार अपराध में संलिप्त पाए जाने पर नियोक्ता को एक साल से लेकर तीन साल तक की कैद की सजा का प्रावधान किया गया है. कानून के मुताबिक किसी भी बच्चे को किसी भी रोजगार या व्यवसाय में नहीं लगाया जाएगा. हालांकि स्कूल के समय के बाद या अवकाश के दौरान उसे अपने परिवार की मदद करने की छूट दी गई है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संशोधित कानून सरकार को ऐसे स्थानों पर और जोखिम भरे कार्यों वाले स्थानों पर समय समय पर निरीक्षण करने का अधिकार देता है जहां बच्चों के रोजगार पर पाबंदी है. इस सिलसिले में एक विधेयक को लोकसभा ने 26 जुलाई को पारित किया था जबकि राज्यसभा ने उसे 19 जुलाई को पारित किया.
संशोधित अधिनियम के जरिए इसका उल्लंघन करने वालों के लिए सजा को बढ़ाया गया है. बच्चों को रोजगार देने वालों को अब छह महीने से दो साल की जेल की सजा होगी या 20,000 से लेकर 50,000 रुपये तक का जुर्माना, या दोनों लग सकेगा। पहले तीन महीने से एक साल तक की सजा और 10,000 से 20,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान था.टिप्पणियां
दूसरी बार अपराध में संलिप्त पाए जाने पर नियोक्ता को एक साल से लेकर तीन साल तक की कैद की सजा का प्रावधान किया गया है. कानून के मुताबिक किसी भी बच्चे को किसी भी रोजगार या व्यवसाय में नहीं लगाया जाएगा. हालांकि स्कूल के समय के बाद या अवकाश के दौरान उसे अपने परिवार की मदद करने की छूट दी गई है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संशोधित अधिनियम के जरिए इसका उल्लंघन करने वालों के लिए सजा को बढ़ाया गया है. बच्चों को रोजगार देने वालों को अब छह महीने से दो साल की जेल की सजा होगी या 20,000 से लेकर 50,000 रुपये तक का जुर्माना, या दोनों लग सकेगा। पहले तीन महीने से एक साल तक की सजा और 10,000 से 20,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान था.टिप्पणियां
दूसरी बार अपराध में संलिप्त पाए जाने पर नियोक्ता को एक साल से लेकर तीन साल तक की कैद की सजा का प्रावधान किया गया है. कानून के मुताबिक किसी भी बच्चे को किसी भी रोजगार या व्यवसाय में नहीं लगाया जाएगा. हालांकि स्कूल के समय के बाद या अवकाश के दौरान उसे अपने परिवार की मदद करने की छूट दी गई है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दूसरी बार अपराध में संलिप्त पाए जाने पर नियोक्ता को एक साल से लेकर तीन साल तक की कैद की सजा का प्रावधान किया गया है. कानून के मुताबिक किसी भी बच्चे को किसी भी रोजगार या व्यवसाय में नहीं लगाया जाएगा. हालांकि स्कूल के समय के बाद या अवकाश के दौरान उसे अपने परिवार की मदद करने की छूट दी गई है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह फिल्मों, विज्ञापनों, टीवी उद्योग में बच्चों के काम पर लागू नहीं होता
नये कानून के जरिए बाल श्रम अधिनियम 1986 में संशोधन किया गया है
संशोधित अधिनियम के जरिए इसका उल्लंघन करने वालों के लिए सजा को बढ़ाया गया | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने उधारी दरों में पौना प्रतिशत की बढ़ोतरी करने की घोषणा की जिससे बैंक के नए और मौजूदा ग्राहकों के लिए आवास, वाहन और अन्य ऋण लेना महंगा हो जाएगा। हालांकि, जमाकर्ताओं को कुछ राहत देते हुए भारतीय स्टेट बैंक ने अल्पकालिक सावधि जमाओं की ब्याज दरें सवा दो प्रतिशत तक बढ़ा दी हैं। एसबीआई ने आधार दर पौना प्रतिशत बढ़ाकर 9.25 प्रतिशत कर दी। नई दर 12 मई से प्रभावी होगी। इससे एक सप्ताह पहले, रिजर्व बैंक ने रेपो और रिवर्स रेपो की दरें आधा आधा प्रतिशत बढ़ा दी थी। एसबीआई ने अपनी बेंचमार्क प्रधान उधारी दर (बीपीएलआर) भी पौना प्रतिशत बढ़ा दी है जिससे बैंक के मौजूदा ग्राहकों को भी ऋणों पर अधिक ब्याज देना होगा। इस वृद्धि के साथ बैंक का बीपीएलआर बढ़कर 14 प्रतिशत हो गया। रिजर्व बैंक द्वारा 3 मई को वार्षिक मौद्रिक नीति में रेपो और रिवर्स रेपो बढ़ाए जाने के बाद से ही कई बैंक ब्याज दरें बढ़ाने में लग गए हैं। पिछले एक सप्ताह में पंजाब नेशनल बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, ओरिएंटल बैंक और कारपोरेशन बैंक समेत आधा दर्जन से अधिक बैंकों ने अपनी ब्याज दरें बढ़ाई हैं। ज्यादातर बैंकों ने उधारी दर में आधा प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। हालांकि, एसबीआई ने अधिक आक्रामक रुख अपनाते हुए उधारी दरों में पौना प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है। रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति की समीक्षा में बचत खातों पर ब्याज दर 3.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत कर दी थी। | संक्षिप्त पाठ: हालांकि, जमाकर्ताओं को कुछ राहत देते हुए भारतीय स्टेट बैंक ने अल्पकालिक सावधि जमाओं की ब्याज दरें सवा दो प्रतिशत तक बढ़ा दी हैं। | 27 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: जबर्दस्त चक्रवाती तूफान ‘ठाणे’ के शुक्रवार को तमिलनाडु तट पहुंचने पर यहां भारी वष्रा होने के साथ ही 140 किलोमीटर की रफ्तार से आंधी चली जिससे कम से कम 33 लोगों की मौत हो गई और भारी तबाही हुई।
तूफान से कुड्डलोर एवं संघ शासित प्रदेश पुडुचेरी में चक्रवाती तूफान से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया।
हालांकि चक्रवात ‘ठाणे’ दक्षिणी आंध्रप्रद्रेश तट से बिना कोई नुकसान पहुंचाये ही गुजर गया। पिछले दो दिनों से इस चक्रवात के कारण लोग डर के साये में जी रहे थे। इस तूफान के चलते दोनों राज्य हाई अलर्ट पर थे।
अधिकारियों ने बताया कि चेन्नई से करीब 170 किलोमीटर दूर कुड्डलोर में तूफान ने काफी तबाही मचाई। तूफान के कारण यहां 21 लोगों की मौत हो गयी, पुडुचेरी में सात, विल्लुपुरम और तिरुवल्लूर में क्रमश: दो.दो व्यक्तियों और चेन्नई में एक व्यक्ति की मौत हो गई।
मौतें अधिकतर वष्राजनित घटनाओं में हुई। इसके अलावा घरों के ढहने एवं बिजली का करंट लगने की भी घटनाएं सामने आई हैं। | संक्षिप्त पाठ: काफी तेज गति का चक्रवातीय तूफान ‘ठाणे’ शुक्रवार को तमिलनाडु तट को पार कर गया। इससे अब तक 33 लोगों की मृत्यु हो गई। | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: एक 31-वर्षीय अमेरिकी ने कथित रूप से अपनी पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी और उसके बाद फेसबुक पर शव की रोंगटे खड़े कर देने वाली तस्वीरें डालकर अपने अपराध को कबूल कर लिया और साथ ही पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया।
मियामी निवासी डेरेके मेदिना के फेसबुक अकाउंट पर डाले गए संदेश में उसने अपनी पत्नी जेनिफर अलफांसो की हत्या की बात स्वीकार की। मेदिना ने अपनी पत्नी की जो तस्वीर फेसबुक पर डाली है, उसमें वह रसोईघर में पड़ी हुई है और उसके बाजू तथा चेहरे पर खून लगा है। उसका कैप्शन मेदिना ने लिखा है, "रेस्ट इन पीस जेनिफर"।
इस घटना के संबंध में मेदिना ने अपने गुनाह को यह कहते हुए सही ठहराया है कि उसकी पत्नी उसे पीटती थी। 'द मियामी न्यू टाइम्स' ने यह रिपोर्ट दी है। उसने लिखा है, मैं अपनी पत्नी की हत्या के लिए जेल जाऊंगा या मौत की सजा पाऊंगा। फेसबुक के सभी दोस्तों को प्यार। मुझे आप सभी की याद आएगी और आप मुझे खबरों में देखेंगे। मेरी पत्नी मेरी पिटाई करती थी और मैं इसे और बर्दाश्त नहीं कर सकता था, इसलिए मैंने यह किया। उम्मीद है कि आप इसे समझेंगे।
पुलिस ने बताया, मेदिना ने इसके बाद खुद कैमरे के समक्ष कहा कि उसने एक घरेलू विवाद के दौरा जेनिफर को गोली मारी। पुलिस अधिकारी इसके बाद दक्षिणी मियामी स्थित उसके घर गए और वहां से महिला का शव तथा एक 10-वर्षीय बच्ची को बरामद किया, जो सुरक्षित थी। टिप्पणियां
मेदिना पेशे से एक अभिनेता है और उसने परेशानियों से घिरे लोगों की खुद से मदद करने में सहायता करने के लिए कई पुस्तकें भी लिखी हैं, जिनमें 'हाउ आई सेव्ड समवन्स लाइफ' और 'मैरिज एंड फैमिली प्रोब्लम्स थ्रू कम्युनिकेशन' आदि शामिल हैं।
मेदिना के पिता डेरेक मेदिना ने बताया कि उनका बेटा उनके पास आया था और अपनी पत्नी की हत्या करने की बात कबूल की थी, क्योंकि उसकी पत्नी कथित रूप से उसे चाकू दिखाकर धमका रही थी। उसके पिता उसे पुलिस स्टेशन ले गए और वहां उसने पुलिस के सामने समर्पण कर दिया। उन्होंने बताया कि जिस 10 साल की बच्ची को अपार्टमेंट से बचाया गया, वह जेनिफर की उसके पिछले पति से पैदा हुई बेटी थी।
मियामी निवासी डेरेके मेदिना के फेसबुक अकाउंट पर डाले गए संदेश में उसने अपनी पत्नी जेनिफर अलफांसो की हत्या की बात स्वीकार की। मेदिना ने अपनी पत्नी की जो तस्वीर फेसबुक पर डाली है, उसमें वह रसोईघर में पड़ी हुई है और उसके बाजू तथा चेहरे पर खून लगा है। उसका कैप्शन मेदिना ने लिखा है, "रेस्ट इन पीस जेनिफर"।
इस घटना के संबंध में मेदिना ने अपने गुनाह को यह कहते हुए सही ठहराया है कि उसकी पत्नी उसे पीटती थी। 'द मियामी न्यू टाइम्स' ने यह रिपोर्ट दी है। उसने लिखा है, मैं अपनी पत्नी की हत्या के लिए जेल जाऊंगा या मौत की सजा पाऊंगा। फेसबुक के सभी दोस्तों को प्यार। मुझे आप सभी की याद आएगी और आप मुझे खबरों में देखेंगे। मेरी पत्नी मेरी पिटाई करती थी और मैं इसे और बर्दाश्त नहीं कर सकता था, इसलिए मैंने यह किया। उम्मीद है कि आप इसे समझेंगे।
पुलिस ने बताया, मेदिना ने इसके बाद खुद कैमरे के समक्ष कहा कि उसने एक घरेलू विवाद के दौरा जेनिफर को गोली मारी। पुलिस अधिकारी इसके बाद दक्षिणी मियामी स्थित उसके घर गए और वहां से महिला का शव तथा एक 10-वर्षीय बच्ची को बरामद किया, जो सुरक्षित थी। टिप्पणियां
मेदिना पेशे से एक अभिनेता है और उसने परेशानियों से घिरे लोगों की खुद से मदद करने में सहायता करने के लिए कई पुस्तकें भी लिखी हैं, जिनमें 'हाउ आई सेव्ड समवन्स लाइफ' और 'मैरिज एंड फैमिली प्रोब्लम्स थ्रू कम्युनिकेशन' आदि शामिल हैं।
मेदिना के पिता डेरेक मेदिना ने बताया कि उनका बेटा उनके पास आया था और अपनी पत्नी की हत्या करने की बात कबूल की थी, क्योंकि उसकी पत्नी कथित रूप से उसे चाकू दिखाकर धमका रही थी। उसके पिता उसे पुलिस स्टेशन ले गए और वहां उसने पुलिस के सामने समर्पण कर दिया। उन्होंने बताया कि जिस 10 साल की बच्ची को अपार्टमेंट से बचाया गया, वह जेनिफर की उसके पिछले पति से पैदा हुई बेटी थी।
इस घटना के संबंध में मेदिना ने अपने गुनाह को यह कहते हुए सही ठहराया है कि उसकी पत्नी उसे पीटती थी। 'द मियामी न्यू टाइम्स' ने यह रिपोर्ट दी है। उसने लिखा है, मैं अपनी पत्नी की हत्या के लिए जेल जाऊंगा या मौत की सजा पाऊंगा। फेसबुक के सभी दोस्तों को प्यार। मुझे आप सभी की याद आएगी और आप मुझे खबरों में देखेंगे। मेरी पत्नी मेरी पिटाई करती थी और मैं इसे और बर्दाश्त नहीं कर सकता था, इसलिए मैंने यह किया। उम्मीद है कि आप इसे समझेंगे।
पुलिस ने बताया, मेदिना ने इसके बाद खुद कैमरे के समक्ष कहा कि उसने एक घरेलू विवाद के दौरा जेनिफर को गोली मारी। पुलिस अधिकारी इसके बाद दक्षिणी मियामी स्थित उसके घर गए और वहां से महिला का शव तथा एक 10-वर्षीय बच्ची को बरामद किया, जो सुरक्षित थी। टिप्पणियां
मेदिना पेशे से एक अभिनेता है और उसने परेशानियों से घिरे लोगों की खुद से मदद करने में सहायता करने के लिए कई पुस्तकें भी लिखी हैं, जिनमें 'हाउ आई सेव्ड समवन्स लाइफ' और 'मैरिज एंड फैमिली प्रोब्लम्स थ्रू कम्युनिकेशन' आदि शामिल हैं।
मेदिना के पिता डेरेक मेदिना ने बताया कि उनका बेटा उनके पास आया था और अपनी पत्नी की हत्या करने की बात कबूल की थी, क्योंकि उसकी पत्नी कथित रूप से उसे चाकू दिखाकर धमका रही थी। उसके पिता उसे पुलिस स्टेशन ले गए और वहां उसने पुलिस के सामने समर्पण कर दिया। उन्होंने बताया कि जिस 10 साल की बच्ची को अपार्टमेंट से बचाया गया, वह जेनिफर की उसके पिछले पति से पैदा हुई बेटी थी।
पुलिस ने बताया, मेदिना ने इसके बाद खुद कैमरे के समक्ष कहा कि उसने एक घरेलू विवाद के दौरा जेनिफर को गोली मारी। पुलिस अधिकारी इसके बाद दक्षिणी मियामी स्थित उसके घर गए और वहां से महिला का शव तथा एक 10-वर्षीय बच्ची को बरामद किया, जो सुरक्षित थी। टिप्पणियां
मेदिना पेशे से एक अभिनेता है और उसने परेशानियों से घिरे लोगों की खुद से मदद करने में सहायता करने के लिए कई पुस्तकें भी लिखी हैं, जिनमें 'हाउ आई सेव्ड समवन्स लाइफ' और 'मैरिज एंड फैमिली प्रोब्लम्स थ्रू कम्युनिकेशन' आदि शामिल हैं।
मेदिना के पिता डेरेक मेदिना ने बताया कि उनका बेटा उनके पास आया था और अपनी पत्नी की हत्या करने की बात कबूल की थी, क्योंकि उसकी पत्नी कथित रूप से उसे चाकू दिखाकर धमका रही थी। उसके पिता उसे पुलिस स्टेशन ले गए और वहां उसने पुलिस के सामने समर्पण कर दिया। उन्होंने बताया कि जिस 10 साल की बच्ची को अपार्टमेंट से बचाया गया, वह जेनिफर की उसके पिछले पति से पैदा हुई बेटी थी।
मेदिना पेशे से एक अभिनेता है और उसने परेशानियों से घिरे लोगों की खुद से मदद करने में सहायता करने के लिए कई पुस्तकें भी लिखी हैं, जिनमें 'हाउ आई सेव्ड समवन्स लाइफ' और 'मैरिज एंड फैमिली प्रोब्लम्स थ्रू कम्युनिकेशन' आदि शामिल हैं।
मेदिना के पिता डेरेक मेदिना ने बताया कि उनका बेटा उनके पास आया था और अपनी पत्नी की हत्या करने की बात कबूल की थी, क्योंकि उसकी पत्नी कथित रूप से उसे चाकू दिखाकर धमका रही थी। उसके पिता उसे पुलिस स्टेशन ले गए और वहां उसने पुलिस के सामने समर्पण कर दिया। उन्होंने बताया कि जिस 10 साल की बच्ची को अपार्टमेंट से बचाया गया, वह जेनिफर की उसके पिछले पति से पैदा हुई बेटी थी।
मेदिना के पिता डेरेक मेदिना ने बताया कि उनका बेटा उनके पास आया था और अपनी पत्नी की हत्या करने की बात कबूल की थी, क्योंकि उसकी पत्नी कथित रूप से उसे चाकू दिखाकर धमका रही थी। उसके पिता उसे पुलिस स्टेशन ले गए और वहां उसने पुलिस के सामने समर्पण कर दिया। उन्होंने बताया कि जिस 10 साल की बच्ची को अपार्टमेंट से बचाया गया, वह जेनिफर की उसके पिछले पति से पैदा हुई बेटी थी। | संक्षिप्त सारांश: एक 31-वर्षीय अमेरिकी ने कथित रूप से अपनी पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी और उसके बाद फेसबुक पर शव की रोंगटे खड़े कर देने वाली तस्वीरें डालकर अपने अपराध को कबूल कर लिया और साथ ही पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: इंफोसिस के संस्थापकों और प्रबंधकों के बीच तनाव की खबरों के बीच कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विशाल सिक्का ने कर्मचारियों से अपील की है कि वे ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें जो कंपनी के संचालन, ईमानदारी तथा मूल्यों पर सवाल उठाती हों. सिक्का ने कर्मचारियों को भेजे आंतरिक मेल में कहा, 'हमें अपना ध्यान रणनीतियों के क्रियान्वयन पर रखना चाहिए. मीडिया की अटकलों पर ध्यान न दें, जो अफवाह फैलाने के लिए हैं या पुरानी अफवाहों पर आधारित हैं या जो अनजान चीजों, वीजा आदि के बारे में की जा रही है.' सिक्का ने कहा कि हमारी गहरी प्रतिबद्धता और समर्थन को लेकर कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता.
इस तरह की खबरें आ रही हैं कि सीईओ और संस्थापकों के बीच कई मुद्दों मसलन सिक्का को दी गई वेतन वृद्धि तथा दो पूर्व वरिष्ठ कार्यकारियों को कंपनी से हटने के पैकेज पर विवाद है.
उधर, इंफोसिस के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी टी.वी. मोहनदास पई का कहना है कि कंपनी के मौजूदा प्रबंधन का ध्यान शेयरधारकों के निवेश का मूल्य बढ़ाने पर कम है. हालांकि उन्होंने कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विशाल सिक्का के नेतृत्व पर भरोसा भी जताया है.
कंपनी के प्रवर्तकों और प्रबंधकों के बीच तनाव की चर्चाओं के बीच पई ने कहा कि इस समय कंपनी को एक 'मजबूत चेयरमैन' की जरूरत है. कंपनी के निदेशक मंडल में 2000 से 2011 तक सदस्य रहे पई ने कहा कि एन.आर. नारायण मूर्ति की ओर से भी एक 'गलती' हुई क्योंकि उन्होंने कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर केवल कंपनी के संस्थापकों को रखने पर ध्यान दिया जिसकी वजह से कई अच्छे लोग कंपनी छोड़कर चले गए.टिप्पणियां
कंपनी में 17 वर्ष व्यतीत करने वाले पई ने कहा, 'मैं बहुत दुखी हूं. हमने इस अच्छी कंपनी को बनाने में अपने जीवन का बहुत बड़ा हिस्सा बिता दिया, लेकिन जो हुआ है, उससे मैं दुखी हूं.' कंपनी के वर्तमान चेयरमैन आर. सेशासयी का नाम लिए बगैर पई ने कहा, 'जब आपके पास एक मजबूत सीईओ होता है तो संतुलन के लिए आपको एक मजबूत चेयरमैन की जरूरत होती है ताकि दोनों लोग साथ काम कर सकें.' उल्लेखनीय है कि कंपनी ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी सिक्का का वेतन बढ़ाने और दो पूर्व कर्मचारियों के विदाई पैकेज पर उठ रहे सवालों को बुधवार को खारिज करते हुए उन्हें सही बताया. कंपनी ने कहा, 'ये फैसले कंपनी के व्यापक हित में किए गए हैं.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस तरह की खबरें आ रही हैं कि सीईओ और संस्थापकों के बीच कई मुद्दों मसलन सिक्का को दी गई वेतन वृद्धि तथा दो पूर्व वरिष्ठ कार्यकारियों को कंपनी से हटने के पैकेज पर विवाद है.
उधर, इंफोसिस के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी टी.वी. मोहनदास पई का कहना है कि कंपनी के मौजूदा प्रबंधन का ध्यान शेयरधारकों के निवेश का मूल्य बढ़ाने पर कम है. हालांकि उन्होंने कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विशाल सिक्का के नेतृत्व पर भरोसा भी जताया है.
कंपनी के प्रवर्तकों और प्रबंधकों के बीच तनाव की चर्चाओं के बीच पई ने कहा कि इस समय कंपनी को एक 'मजबूत चेयरमैन' की जरूरत है. कंपनी के निदेशक मंडल में 2000 से 2011 तक सदस्य रहे पई ने कहा कि एन.आर. नारायण मूर्ति की ओर से भी एक 'गलती' हुई क्योंकि उन्होंने कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर केवल कंपनी के संस्थापकों को रखने पर ध्यान दिया जिसकी वजह से कई अच्छे लोग कंपनी छोड़कर चले गए.टिप्पणियां
कंपनी में 17 वर्ष व्यतीत करने वाले पई ने कहा, 'मैं बहुत दुखी हूं. हमने इस अच्छी कंपनी को बनाने में अपने जीवन का बहुत बड़ा हिस्सा बिता दिया, लेकिन जो हुआ है, उससे मैं दुखी हूं.' कंपनी के वर्तमान चेयरमैन आर. सेशासयी का नाम लिए बगैर पई ने कहा, 'जब आपके पास एक मजबूत सीईओ होता है तो संतुलन के लिए आपको एक मजबूत चेयरमैन की जरूरत होती है ताकि दोनों लोग साथ काम कर सकें.' उल्लेखनीय है कि कंपनी ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी सिक्का का वेतन बढ़ाने और दो पूर्व कर्मचारियों के विदाई पैकेज पर उठ रहे सवालों को बुधवार को खारिज करते हुए उन्हें सही बताया. कंपनी ने कहा, 'ये फैसले कंपनी के व्यापक हित में किए गए हैं.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उधर, इंफोसिस के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी टी.वी. मोहनदास पई का कहना है कि कंपनी के मौजूदा प्रबंधन का ध्यान शेयरधारकों के निवेश का मूल्य बढ़ाने पर कम है. हालांकि उन्होंने कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विशाल सिक्का के नेतृत्व पर भरोसा भी जताया है.
कंपनी के प्रवर्तकों और प्रबंधकों के बीच तनाव की चर्चाओं के बीच पई ने कहा कि इस समय कंपनी को एक 'मजबूत चेयरमैन' की जरूरत है. कंपनी के निदेशक मंडल में 2000 से 2011 तक सदस्य रहे पई ने कहा कि एन.आर. नारायण मूर्ति की ओर से भी एक 'गलती' हुई क्योंकि उन्होंने कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर केवल कंपनी के संस्थापकों को रखने पर ध्यान दिया जिसकी वजह से कई अच्छे लोग कंपनी छोड़कर चले गए.टिप्पणियां
कंपनी में 17 वर्ष व्यतीत करने वाले पई ने कहा, 'मैं बहुत दुखी हूं. हमने इस अच्छी कंपनी को बनाने में अपने जीवन का बहुत बड़ा हिस्सा बिता दिया, लेकिन जो हुआ है, उससे मैं दुखी हूं.' कंपनी के वर्तमान चेयरमैन आर. सेशासयी का नाम लिए बगैर पई ने कहा, 'जब आपके पास एक मजबूत सीईओ होता है तो संतुलन के लिए आपको एक मजबूत चेयरमैन की जरूरत होती है ताकि दोनों लोग साथ काम कर सकें.' उल्लेखनीय है कि कंपनी ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी सिक्का का वेतन बढ़ाने और दो पूर्व कर्मचारियों के विदाई पैकेज पर उठ रहे सवालों को बुधवार को खारिज करते हुए उन्हें सही बताया. कंपनी ने कहा, 'ये फैसले कंपनी के व्यापक हित में किए गए हैं.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कंपनी के प्रवर्तकों और प्रबंधकों के बीच तनाव की चर्चाओं के बीच पई ने कहा कि इस समय कंपनी को एक 'मजबूत चेयरमैन' की जरूरत है. कंपनी के निदेशक मंडल में 2000 से 2011 तक सदस्य रहे पई ने कहा कि एन.आर. नारायण मूर्ति की ओर से भी एक 'गलती' हुई क्योंकि उन्होंने कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर केवल कंपनी के संस्थापकों को रखने पर ध्यान दिया जिसकी वजह से कई अच्छे लोग कंपनी छोड़कर चले गए.टिप्पणियां
कंपनी में 17 वर्ष व्यतीत करने वाले पई ने कहा, 'मैं बहुत दुखी हूं. हमने इस अच्छी कंपनी को बनाने में अपने जीवन का बहुत बड़ा हिस्सा बिता दिया, लेकिन जो हुआ है, उससे मैं दुखी हूं.' कंपनी के वर्तमान चेयरमैन आर. सेशासयी का नाम लिए बगैर पई ने कहा, 'जब आपके पास एक मजबूत सीईओ होता है तो संतुलन के लिए आपको एक मजबूत चेयरमैन की जरूरत होती है ताकि दोनों लोग साथ काम कर सकें.' उल्लेखनीय है कि कंपनी ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी सिक्का का वेतन बढ़ाने और दो पूर्व कर्मचारियों के विदाई पैकेज पर उठ रहे सवालों को बुधवार को खारिज करते हुए उन्हें सही बताया. कंपनी ने कहा, 'ये फैसले कंपनी के व्यापक हित में किए गए हैं.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कंपनी में 17 वर्ष व्यतीत करने वाले पई ने कहा, 'मैं बहुत दुखी हूं. हमने इस अच्छी कंपनी को बनाने में अपने जीवन का बहुत बड़ा हिस्सा बिता दिया, लेकिन जो हुआ है, उससे मैं दुखी हूं.' कंपनी के वर्तमान चेयरमैन आर. सेशासयी का नाम लिए बगैर पई ने कहा, 'जब आपके पास एक मजबूत सीईओ होता है तो संतुलन के लिए आपको एक मजबूत चेयरमैन की जरूरत होती है ताकि दोनों लोग साथ काम कर सकें.' उल्लेखनीय है कि कंपनी ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी सिक्का का वेतन बढ़ाने और दो पूर्व कर्मचारियों के विदाई पैकेज पर उठ रहे सवालों को बुधवार को खारिज करते हुए उन्हें सही बताया. कंपनी ने कहा, 'ये फैसले कंपनी के व्यापक हित में किए गए हैं.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इंफोसिस के प्रवर्तकों और प्रबंधकों के बीच तनाव की चर्चाएं हैं
सिक्का ने कर्मचारियों से मीडिया की अटकलों पर ध्यान न देने को कहा
कंपनी को मजबूत चेयरमैन की जरूरत : इंफोसिस के पूर्व सीएफओ मोहनदास पई | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पेट में भयानक दर्द से तड़प रहे एक मरीज की यहां एक अस्पताल में रोबोट के जरिए सफल सर्जरी की गई. इस मरीज की बीमारी बीमारी दुर्लभ किस्म की थी, लेकिन इस सर्जरी के बाद मरीज को दर्द से राहत मिल गई. यह दुर्लभ बीमारी 100,000 लोगों में से किसी एक में पाई जाती है. इसे 'सिलिएक आर्टरी कंप्रेशन सिंड्रोम' कहते हैं. इसकी पहचान सिलिएक धमनी के पेट में दबने से पैदा होने वाले दर्द से होती है. मौजूदा समय में शल्य चिकित्सा ही इसका एक मात्र विकल्प है. इसमें उस लिगामेंट को निकाल दिया जाता है, जो दवाब का कारण होता है. हालांकि सिलिएक धमनी तक पारंपरिक शल्य चिकित्सा से पहुंचना आसान नहीं है, क्योंकि यह डायफ्राम के नीचे स्थित होती है.
स्टर्लिग अस्पताल के गैस्ट्रो इंटेस्टाइनल शल्य चिकित्सक अपूर्व व्यास ने एक बयान में शुक्रवार को कहा, "चार हाथ वाले शल्य चिकित्सा रोबोट के इस्तेमाल से मैं सिलिएक धमनी
के मूल तक पहुंचने में सक्षम रहा, जहां मानव की उंगलियां नहीं पहुंच सकतीं."
व्यास ने कहा, "मैं मरीज के स्वास्थ्य लाभ को देखकर खुश हूं. वह शल्य चिकित्सा के बाद तीसरे दिन घर चला गया."
सिलिएक धमनी में दबाव को पाचन तंत्र के दिल के दौरे जैसे हालात से तुलना की जाती है.टिप्पणियां
इसमें मरीज जैसे ही खाना शुरू करता है, उसे बहुत तेज दर्द होता है. वह शरीर की जरूरत के मुताबिक नहीं खा पाता है.
इस मामले को इस महीने के शुरू में चेन्नई में अमेरिका के गैर लाभकारी वाट्टीकुटी फाउंडेशन के द्विवार्षिक रोबोटिक शल्य चिकित्सा परिषद की बैठक में प्रस्तुत किया गया था.
स्टर्लिग अस्पताल के गैस्ट्रो इंटेस्टाइनल शल्य चिकित्सक अपूर्व व्यास ने एक बयान में शुक्रवार को कहा, "चार हाथ वाले शल्य चिकित्सा रोबोट के इस्तेमाल से मैं सिलिएक धमनी
के मूल तक पहुंचने में सक्षम रहा, जहां मानव की उंगलियां नहीं पहुंच सकतीं."
व्यास ने कहा, "मैं मरीज के स्वास्थ्य लाभ को देखकर खुश हूं. वह शल्य चिकित्सा के बाद तीसरे दिन घर चला गया."
सिलिएक धमनी में दबाव को पाचन तंत्र के दिल के दौरे जैसे हालात से तुलना की जाती है.टिप्पणियां
इसमें मरीज जैसे ही खाना शुरू करता है, उसे बहुत तेज दर्द होता है. वह शरीर की जरूरत के मुताबिक नहीं खा पाता है.
इस मामले को इस महीने के शुरू में चेन्नई में अमेरिका के गैर लाभकारी वाट्टीकुटी फाउंडेशन के द्विवार्षिक रोबोटिक शल्य चिकित्सा परिषद की बैठक में प्रस्तुत किया गया था.
व्यास ने कहा, "मैं मरीज के स्वास्थ्य लाभ को देखकर खुश हूं. वह शल्य चिकित्सा के बाद तीसरे दिन घर चला गया."
सिलिएक धमनी में दबाव को पाचन तंत्र के दिल के दौरे जैसे हालात से तुलना की जाती है.टिप्पणियां
इसमें मरीज जैसे ही खाना शुरू करता है, उसे बहुत तेज दर्द होता है. वह शरीर की जरूरत के मुताबिक नहीं खा पाता है.
इस मामले को इस महीने के शुरू में चेन्नई में अमेरिका के गैर लाभकारी वाट्टीकुटी फाउंडेशन के द्विवार्षिक रोबोटिक शल्य चिकित्सा परिषद की बैठक में प्रस्तुत किया गया था.
सिलिएक धमनी में दबाव को पाचन तंत्र के दिल के दौरे जैसे हालात से तुलना की जाती है.टिप्पणियां
इसमें मरीज जैसे ही खाना शुरू करता है, उसे बहुत तेज दर्द होता है. वह शरीर की जरूरत के मुताबिक नहीं खा पाता है.
इस मामले को इस महीने के शुरू में चेन्नई में अमेरिका के गैर लाभकारी वाट्टीकुटी फाउंडेशन के द्विवार्षिक रोबोटिक शल्य चिकित्सा परिषद की बैठक में प्रस्तुत किया गया था.
इसमें मरीज जैसे ही खाना शुरू करता है, उसे बहुत तेज दर्द होता है. वह शरीर की जरूरत के मुताबिक नहीं खा पाता है.
इस मामले को इस महीने के शुरू में चेन्नई में अमेरिका के गैर लाभकारी वाट्टीकुटी फाउंडेशन के द्विवार्षिक रोबोटिक शल्य चिकित्सा परिषद की बैठक में प्रस्तुत किया गया था.
इस मामले को इस महीने के शुरू में चेन्नई में अमेरिका के गैर लाभकारी वाट्टीकुटी फाउंडेशन के द्विवार्षिक रोबोटिक शल्य चिकित्सा परिषद की बैठक में प्रस्तुत किया गया था. | यह एक सारांश है: गुजरात के एक अस्पताल में रोबोट ने की सर्जरी
मरीज को नहीं होने दिया दर्द, सब है इस सर्जरी से हैरान
मरीज को था 'सिलिएक आर्टरी कंप्रेशन सिंड्रोम' | 24 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में बुधवार को शुरुआती कारोबार में गिरावट का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 23.64 और निफ्टी 2.45 अंक बढ़कर खुला लेकिन जल्दी ही दोनों सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 23.64 अंक बढ़कर 18,558.33 अंक पर खुला। शुरुआती 20 मिनट के कारोबार में सेंसेक्स 126 अंक लुढ़ककर 18,408.01 अंक पर पहुंच गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला सूचकांक निफ्टी 2.45 अंक बढ़कर 5,567.70 अंक पर खुला लेकिन शुरुआती 20 मिनट के कारोबार में यह 33 अंक गिरकर 5,531 अंक के स्तर पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में बीएसई में ऑटोमोबाइल्स, सूचना प्रौद्योगिकी और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के सूचकांकों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। पूंजीगत वस्तुएं और बिजली क्षेत्र के सूचकांकों में बढ़त का रुख रहा। | सारांश: प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 23.64 और निफ्टी 2.45 अंक बढ़कर खुला लेकिन जल्दी ही दोनों सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई। | 31 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने इस बार के लोकसभा चुनावों के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के इस्तेमाल में गड़बड़ी का आरोप लगाने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान इंदौर लोकसभा क्षेत्र के भाजपा सांसद शंकर लालवानी को सोमवार को नोटिस जारी किया. लालवानी तीन महीने पहले संपन्न चुनावों के दौरान देशभर में सबसे ज्यादा वोट पाकर संसद के निचले सदन पहुंचे हैं. उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ की न्यायमूर्ति वंदना कसरेकर ने इंदौर क्षेत्र में पराजित कांग्रेस उम्मीदवार पंकज संघवी की ओर से दायर याचिका पर लालवानी से पांच हफ्ते में जवाब मांगा.
वर्ष 1951 के जन प्रतिनिधित्व कानून के तहत दायर याचिका में लोकसभा सांसद के रूप में लालवानी के निर्वाचन को चुनौती देते हुए इसे शून्य घोषित करने की गुहार की गयी है. संघवी के वकील अभिनव धनोदकर ने बताया, ‘मेरे मुवक्किल ने अपनी याचिका में इंदौर क्षेत्र में मई में संपन्न लोकसभा चुनावों में ईवीएम के इस्तेमाल में गड़बड़ी का आरोप लगाया है.'
धनोदकर ने बताया, "याचिका में कहा गया है कि मतदान और मतगणना के वक्त ईवीएम के इस्तेमाल को लेकर निर्वाचन आयोग की तय प्रक्रिया तथा नियम-कायदों का पालन नहीं किया गया जिसका चुनावों में लालवानी को अनुचित फायदा मिला."
सांसद की दौड़ में पहली बार शामिल होने के बावजूद लालवानी ने भाजपा उम्मीदवार के तौर पर इंदौर क्षेत्र में 10 लाख 68 हजार 569 मत हासिल कर विजय हासिल किया और इस सीट पर अपनी पार्टी का 30 साल पुराना कब्जा बरकरार रखा था. उन्होंने अपने नजदीकी प्रतिद्वन्द्वी कांग्रेस प्रत्याशी पंकज संघवी को पांच लाख 47 हजार 754 वोटों के विशाल मतों के अंतर से हराया था. लोकसभा निर्वाचन को चुनौती देने वाले अन्य मुकदमे में उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ के न्यायमूर्ति सुनील कुमार अवस्थी ने पड़ोसी उज्जैन क्षेत्र के भाजपा सांसद अनिल फिरोजिया को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया.
यह नोटिस पराजित कांग्रेस उम्मीदवार बाबूलाल मालवीय की ओर से दायर उस याचिका पर जारी किया गया जिसमें फिरोजिया की चुनावी जीत को ईवीएम के इस्तेमाल में गड़बड़ी के आरोपों के आधार पर चुनौती दी गयी है. उज्जैन क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार अनिल फिरोजिया को सात लाख 91 हजार 663 वोट मिले थे. इनकी बदौलत उन्होंने अपने नजदीकी प्रतिद्वन्द्वी कांग्रेस प्रत्याशी बाबूलाल मालवीय को तीन लाख 65 हजार 637 वोटों के बड़े अंतर से पटखनी दी थी. मालवीय को चार लाख 26 हजार 26 वोटों से सब्र करना पड़ा था. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: लोकसभा चुनाव में मिले थे सबसे ज्यादा वोट
कोर्ट ने उनके खिलाफ जारी की नोटिस
ईवीएम के इस्तेमाल में गड़बड़ी का आरोप | 19 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को गिरावट का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 119.69 अंकों की गिरावट के साथ 18,938.46 पर और निफ्टी 40.65 अंकों की गिरावट के साथ 5,746.95 पर बंद हुआ।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 57.74 अंकों की तेजी के साथ 19,115.89 पर खुला और 119.69 अंकों या 0.63 फीसदी गिरावट के साथ 18,938.46 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,137.29 के ऊपरी और 18,757.34 के निचले स्तर को छुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 27.40 अंकों की तेजी के साथ 5,815.00 पर खुला और 40.65 अंकों या 0.70 फीसदी गिरावट के साथ 5,746.95 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,815.35 के ऊपरी और 4,888.20 के निचले स्तर को छुआ।टिप्पणियां
बीएसई की मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट देखी गई। मिडकैप सूचकांक 53.12 अंकों की गिरावट के साथ 6,678.77 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 65.16 अंकों की गिरावट के साथ 7145.71 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 7 सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.66 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.61 फीसदी), वाहन (0.55 फीसदी), पूंजीगत वस्तुएं (0.43 फीसदी) और तेल एवं गैस (0.41 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 57.74 अंकों की तेजी के साथ 19,115.89 पर खुला और 119.69 अंकों या 0.63 फीसदी गिरावट के साथ 18,938.46 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,137.29 के ऊपरी और 18,757.34 के निचले स्तर को छुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 27.40 अंकों की तेजी के साथ 5,815.00 पर खुला और 40.65 अंकों या 0.70 फीसदी गिरावट के साथ 5,746.95 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,815.35 के ऊपरी और 4,888.20 के निचले स्तर को छुआ।टिप्पणियां
बीएसई की मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट देखी गई। मिडकैप सूचकांक 53.12 अंकों की गिरावट के साथ 6,678.77 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 65.16 अंकों की गिरावट के साथ 7145.71 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 7 सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.66 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.61 फीसदी), वाहन (0.55 फीसदी), पूंजीगत वस्तुएं (0.43 फीसदी) और तेल एवं गैस (0.41 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 27.40 अंकों की तेजी के साथ 5,815.00 पर खुला और 40.65 अंकों या 0.70 फीसदी गिरावट के साथ 5,746.95 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,815.35 के ऊपरी और 4,888.20 के निचले स्तर को छुआ।टिप्पणियां
बीएसई की मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट देखी गई। मिडकैप सूचकांक 53.12 अंकों की गिरावट के साथ 6,678.77 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 65.16 अंकों की गिरावट के साथ 7145.71 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 7 सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.66 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.61 फीसदी), वाहन (0.55 फीसदी), पूंजीगत वस्तुएं (0.43 फीसदी) और तेल एवं गैस (0.41 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
बीएसई की मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट देखी गई। मिडकैप सूचकांक 53.12 अंकों की गिरावट के साथ 6,678.77 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 65.16 अंकों की गिरावट के साथ 7145.71 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 7 सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.66 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.61 फीसदी), वाहन (0.55 फीसदी), पूंजीगत वस्तुएं (0.43 फीसदी) और तेल एवं गैस (0.41 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
बीएसई के 13 में से 7 सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.66 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.61 फीसदी), वाहन (0.55 फीसदी), पूंजीगत वस्तुएं (0.43 फीसदी) और तेल एवं गैस (0.41 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। | यह एक सारांश है: देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को गिरावट का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 119.69 अंकों की गिरावट के साथ 18,938.46 पर और निफ्टी 40.65 अंकों की गिरावट के साथ 5,746.95 पर बंद हुआ। | 16 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: विदेश मामलों पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के सलाहकार सरताज अज़ीज़ ने रविवार को अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी से मुलाकात की और अफगानिस्तान में शांति तथा स्थिरता लाने के तरीकों पर चर्चा की.
शनिवार शाम को अमृतसर पहुंचे नेताओं के बीच यह मुलाकात यहां जारी 'हार्ट ऑफ एशिया' सम्मेलन से इतर हुई. युद्ध से जर्जर देश की शांति प्रक्रिया में इस्लामाबाद के कम सहयोगी रवैये पर अफगानिस्तान द्वारा नाराज़गी जताए जाने की पृष्ठभूमि में यह द्विपक्षीय वार्ता की गई.
पाकिस्तानी सरज़मीन से गतिविधियां चला रहे आतंकवादी समूहों द्वारा अफगानिस्तान में किए जाने वाले आतंकी हमले नहीं रोकने को लेकर भी अफगान सरकार इस्लामाबाद की आलोचना करती रही है. पाकिस्तानी सूत्रों ने कहा, "उन्होंने अफगानिस्तान में शांति, विकास और स्थिरता की संभावनाओं पर चर्चा की..."टिप्पणियां
सम्मेलन से पहले, अफगानिस्तान ने पाकिस्तानी धरती से उत्पन्न आतंकवाद को क्षेत्रीय शांति तथा स्थिरता के लिए 'सबसे बड़ा खतरा' बताया था और प्रभावी तौर पर आतंकवाद से निपटने के लिए हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन में क्षेत्रीय आतंकवाद-निरोधी रूपरेखा पारित करने पर जोर दिया था.
हार्ट ऑफ एशिया - इस्तांबूल प्रक्रिया 2011 में शुरू हुई और इसमें शामिल होने वाले देश हैं - पाकिस्तान, अफगानिस्तान, अज़रबैजान, चीन, भारत, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, सऊदी अरब, ताजिकिस्तान, तुर्की, तुर्कमेनिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात. इसका गठन अफगानिस्तान और उसके पड़ोसी देशों के बीच रक्षा, राजनैतिक और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए किया गया.
शनिवार शाम को अमृतसर पहुंचे नेताओं के बीच यह मुलाकात यहां जारी 'हार्ट ऑफ एशिया' सम्मेलन से इतर हुई. युद्ध से जर्जर देश की शांति प्रक्रिया में इस्लामाबाद के कम सहयोगी रवैये पर अफगानिस्तान द्वारा नाराज़गी जताए जाने की पृष्ठभूमि में यह द्विपक्षीय वार्ता की गई.
पाकिस्तानी सरज़मीन से गतिविधियां चला रहे आतंकवादी समूहों द्वारा अफगानिस्तान में किए जाने वाले आतंकी हमले नहीं रोकने को लेकर भी अफगान सरकार इस्लामाबाद की आलोचना करती रही है. पाकिस्तानी सूत्रों ने कहा, "उन्होंने अफगानिस्तान में शांति, विकास और स्थिरता की संभावनाओं पर चर्चा की..."टिप्पणियां
सम्मेलन से पहले, अफगानिस्तान ने पाकिस्तानी धरती से उत्पन्न आतंकवाद को क्षेत्रीय शांति तथा स्थिरता के लिए 'सबसे बड़ा खतरा' बताया था और प्रभावी तौर पर आतंकवाद से निपटने के लिए हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन में क्षेत्रीय आतंकवाद-निरोधी रूपरेखा पारित करने पर जोर दिया था.
हार्ट ऑफ एशिया - इस्तांबूल प्रक्रिया 2011 में शुरू हुई और इसमें शामिल होने वाले देश हैं - पाकिस्तान, अफगानिस्तान, अज़रबैजान, चीन, भारत, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, सऊदी अरब, ताजिकिस्तान, तुर्की, तुर्कमेनिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात. इसका गठन अफगानिस्तान और उसके पड़ोसी देशों के बीच रक्षा, राजनैतिक और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए किया गया.
पाकिस्तानी सरज़मीन से गतिविधियां चला रहे आतंकवादी समूहों द्वारा अफगानिस्तान में किए जाने वाले आतंकी हमले नहीं रोकने को लेकर भी अफगान सरकार इस्लामाबाद की आलोचना करती रही है. पाकिस्तानी सूत्रों ने कहा, "उन्होंने अफगानिस्तान में शांति, विकास और स्थिरता की संभावनाओं पर चर्चा की..."टिप्पणियां
सम्मेलन से पहले, अफगानिस्तान ने पाकिस्तानी धरती से उत्पन्न आतंकवाद को क्षेत्रीय शांति तथा स्थिरता के लिए 'सबसे बड़ा खतरा' बताया था और प्रभावी तौर पर आतंकवाद से निपटने के लिए हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन में क्षेत्रीय आतंकवाद-निरोधी रूपरेखा पारित करने पर जोर दिया था.
हार्ट ऑफ एशिया - इस्तांबूल प्रक्रिया 2011 में शुरू हुई और इसमें शामिल होने वाले देश हैं - पाकिस्तान, अफगानिस्तान, अज़रबैजान, चीन, भारत, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, सऊदी अरब, ताजिकिस्तान, तुर्की, तुर्कमेनिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात. इसका गठन अफगानिस्तान और उसके पड़ोसी देशों के बीच रक्षा, राजनैतिक और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए किया गया.
सम्मेलन से पहले, अफगानिस्तान ने पाकिस्तानी धरती से उत्पन्न आतंकवाद को क्षेत्रीय शांति तथा स्थिरता के लिए 'सबसे बड़ा खतरा' बताया था और प्रभावी तौर पर आतंकवाद से निपटने के लिए हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन में क्षेत्रीय आतंकवाद-निरोधी रूपरेखा पारित करने पर जोर दिया था.
हार्ट ऑफ एशिया - इस्तांबूल प्रक्रिया 2011 में शुरू हुई और इसमें शामिल होने वाले देश हैं - पाकिस्तान, अफगानिस्तान, अज़रबैजान, चीन, भारत, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, सऊदी अरब, ताजिकिस्तान, तुर्की, तुर्कमेनिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात. इसका गठन अफगानिस्तान और उसके पड़ोसी देशों के बीच रक्षा, राजनैतिक और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए किया गया.
हार्ट ऑफ एशिया - इस्तांबूल प्रक्रिया 2011 में शुरू हुई और इसमें शामिल होने वाले देश हैं - पाकिस्तान, अफगानिस्तान, अज़रबैजान, चीन, भारत, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, सऊदी अरब, ताजिकिस्तान, तुर्की, तुर्कमेनिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात. इसका गठन अफगानिस्तान और उसके पड़ोसी देशों के बीच रक्षा, राजनैतिक और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए किया गया. | यहाँ एक सारांश है:सरताज अज़ीज़ व अशरफ गनी की मुलाकात 'हार्ट ऑफ एशिया' सम्मेलन से इतर हुई
अफगान में शांति में पाक के कम सहयोग पर नाराज़गी के बाद वार्ता की गई
सूत्रों ने कहा, अफगानिस्तान में शांति व स्थिरता की संभावनाओं पर चर्चा हुई | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: रोम मास्टर्स टेनिस टूर्नामेंट में छठी वरीयता प्राप्त सानिया मिर्जा तथा बेथानी माटेक सैंड्स की जोड़ी दूसरे दौर में पहुंच गई।
सानिया-बेथानी की भारतीय अमेरिकी जोड़ी ने शूको आयोमा तथा लीगा डेकमेइजेरे की जोड़ी को रोम मास्टर्स के पहले दौर में मंगलवार को सीधे सेटों में 6-1, 6-3 से हरा दिया। यह मैच 58 मिनट चला।टिप्पणियां
सानिया बेथानी ने अपने प्रतिद्वंद्वी की सर्विस को मैच में पांच बार तोड़ा। दूसरे दौर में उनका मुकाबला फ्रैंसेस्का सीआवोन एवं समांथा स्टोसुर की गैर वरीय जोड़ी से होगा।
भारत के पुरुष टेनिस स्टार लिएंडर पेस भी ऑस्ट्रिया के जुर्गेन मेल्जर के साथ अपना पुरुष युगल मुकाबला सैंटियागो गोंजालेज तथा स्कॉट लिप्सकी की मेक्सिकन-अमेकिन जोड़ी के खिलाफ खेलेंगे।
सानिया-बेथानी की भारतीय अमेरिकी जोड़ी ने शूको आयोमा तथा लीगा डेकमेइजेरे की जोड़ी को रोम मास्टर्स के पहले दौर में मंगलवार को सीधे सेटों में 6-1, 6-3 से हरा दिया। यह मैच 58 मिनट चला।टिप्पणियां
सानिया बेथानी ने अपने प्रतिद्वंद्वी की सर्विस को मैच में पांच बार तोड़ा। दूसरे दौर में उनका मुकाबला फ्रैंसेस्का सीआवोन एवं समांथा स्टोसुर की गैर वरीय जोड़ी से होगा।
भारत के पुरुष टेनिस स्टार लिएंडर पेस भी ऑस्ट्रिया के जुर्गेन मेल्जर के साथ अपना पुरुष युगल मुकाबला सैंटियागो गोंजालेज तथा स्कॉट लिप्सकी की मेक्सिकन-अमेकिन जोड़ी के खिलाफ खेलेंगे।
सानिया बेथानी ने अपने प्रतिद्वंद्वी की सर्विस को मैच में पांच बार तोड़ा। दूसरे दौर में उनका मुकाबला फ्रैंसेस्का सीआवोन एवं समांथा स्टोसुर की गैर वरीय जोड़ी से होगा।
भारत के पुरुष टेनिस स्टार लिएंडर पेस भी ऑस्ट्रिया के जुर्गेन मेल्जर के साथ अपना पुरुष युगल मुकाबला सैंटियागो गोंजालेज तथा स्कॉट लिप्सकी की मेक्सिकन-अमेकिन जोड़ी के खिलाफ खेलेंगे।
भारत के पुरुष टेनिस स्टार लिएंडर पेस भी ऑस्ट्रिया के जुर्गेन मेल्जर के साथ अपना पुरुष युगल मुकाबला सैंटियागो गोंजालेज तथा स्कॉट लिप्सकी की मेक्सिकन-अमेकिन जोड़ी के खिलाफ खेलेंगे। | सारांश: सानिया-बेथानी की भारतीय अमेरिकी जोड़ी ने शूको आयोमा तथा लीगा डेकमेइजेरे की जोड़ी को रोम मास्टर्स के पहले दौर में मंगलवार को सीधे सेटों में 6-1, 6-3 से हरा दिया। यह मैच 58 मिनट चला। | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रेलवे की रूपरेखा के लिये करीब 400 रेल कर्मचारियों से व्यक्तिगत तौर पर और करीब 20,000 कर्मचारियों से वीडियो कांफ्रेन्सिंग के जरिये बातचीत करेंगे.
इसका मकसद तेजी से बदलते परिदृश्य में जरूरतों को पूरा करने के लिये रेलवे को तैयार करने के इरादे से नये विचारों के साथ खाका तैयार करना है. रेलवे में इस तरह के पहले कार्यक्रम में मोदी 25 से 27 नवंबर को होने वाले रेल विकास शिविर में शामिल होंगे और कर्मचारियों के साथ गहन विचार-विमर्श करेंगे.
विचार सृजन सम्मेलन से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘इस बैठक का मकसद संगठन के भीतर से अनूठे और व्यवहारिक विचार सृजित करना है जो रेलवे को वाणिज्यिक एवं सामाजिक उद्देश्य पूरा करने में मदद करेगा और यह वैश्विक स्तर का संगठन बनेगा.’ उसने कहा कि ये विचार रेलवे के लिये रूपरेखा का आधार बनेंगे और प्रधानमंत्री स्वयं इसकी निगरानी करेंगे.
रेलवे ने तीन दिन तक चलने वाले कार्यक्रम के लिये आठ विचारों को छांटा है. इसमें यात्रियों के लिये प्रत्येक रेल यात्रा को सुखद अनुभव बनाना और रेलवे को तरजीही माल ढुलाई का जरिया सुनिश्चित करने के उपाय शामिल हैं. चूंकि माल ढुलाई और यात्री सेवा से कमाई उत्साहजनक नहीं है, ऐसे में रेलवे बड़े पैमाने पर किराया के अलावा अन्य स्रोत से राजस्व जुटाने पर जोर दे रहा है.
अधिकारी ने कहा कि किराया के अलावा अन्य बातों पर भी सम्मेलन में गौर किया जाएगा. इसका मकसद विज्ञापन और रीयल एस्टेट विकास के जरिये किराया के अलावा अन्य स्रोतों से कमाई में उल्लेखनीय सुधार लाना है. इसके अलावा आधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग कर दुर्घटनामुक्त तथा रेल ढांचागत सुविधा का आधुनिकीकरण भी सम्मेलन के विषय में शामिल होंगे.टिप्पणियां
रेलवे के सभी क्षेत्र एवं संभाग को प्रधानमंत्री के साथ तीन दिवसीय परिचर्चा के लिये तैयार रहने को कहा गया है. महाप्रबंधक की अगुवाई में प्रत्येक क्षेत्र (जोन) रेल विकास शिविर के लिये 10 से 15 नये अनूठे विचार तैयार करेंगे और उन्हें प्रस्तुत करेंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसका मकसद तेजी से बदलते परिदृश्य में जरूरतों को पूरा करने के लिये रेलवे को तैयार करने के इरादे से नये विचारों के साथ खाका तैयार करना है. रेलवे में इस तरह के पहले कार्यक्रम में मोदी 25 से 27 नवंबर को होने वाले रेल विकास शिविर में शामिल होंगे और कर्मचारियों के साथ गहन विचार-विमर्श करेंगे.
विचार सृजन सम्मेलन से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘इस बैठक का मकसद संगठन के भीतर से अनूठे और व्यवहारिक विचार सृजित करना है जो रेलवे को वाणिज्यिक एवं सामाजिक उद्देश्य पूरा करने में मदद करेगा और यह वैश्विक स्तर का संगठन बनेगा.’ उसने कहा कि ये विचार रेलवे के लिये रूपरेखा का आधार बनेंगे और प्रधानमंत्री स्वयं इसकी निगरानी करेंगे.
रेलवे ने तीन दिन तक चलने वाले कार्यक्रम के लिये आठ विचारों को छांटा है. इसमें यात्रियों के लिये प्रत्येक रेल यात्रा को सुखद अनुभव बनाना और रेलवे को तरजीही माल ढुलाई का जरिया सुनिश्चित करने के उपाय शामिल हैं. चूंकि माल ढुलाई और यात्री सेवा से कमाई उत्साहजनक नहीं है, ऐसे में रेलवे बड़े पैमाने पर किराया के अलावा अन्य स्रोत से राजस्व जुटाने पर जोर दे रहा है.
अधिकारी ने कहा कि किराया के अलावा अन्य बातों पर भी सम्मेलन में गौर किया जाएगा. इसका मकसद विज्ञापन और रीयल एस्टेट विकास के जरिये किराया के अलावा अन्य स्रोतों से कमाई में उल्लेखनीय सुधार लाना है. इसके अलावा आधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग कर दुर्घटनामुक्त तथा रेल ढांचागत सुविधा का आधुनिकीकरण भी सम्मेलन के विषय में शामिल होंगे.टिप्पणियां
रेलवे के सभी क्षेत्र एवं संभाग को प्रधानमंत्री के साथ तीन दिवसीय परिचर्चा के लिये तैयार रहने को कहा गया है. महाप्रबंधक की अगुवाई में प्रत्येक क्षेत्र (जोन) रेल विकास शिविर के लिये 10 से 15 नये अनूठे विचार तैयार करेंगे और उन्हें प्रस्तुत करेंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विचार सृजन सम्मेलन से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘इस बैठक का मकसद संगठन के भीतर से अनूठे और व्यवहारिक विचार सृजित करना है जो रेलवे को वाणिज्यिक एवं सामाजिक उद्देश्य पूरा करने में मदद करेगा और यह वैश्विक स्तर का संगठन बनेगा.’ उसने कहा कि ये विचार रेलवे के लिये रूपरेखा का आधार बनेंगे और प्रधानमंत्री स्वयं इसकी निगरानी करेंगे.
रेलवे ने तीन दिन तक चलने वाले कार्यक्रम के लिये आठ विचारों को छांटा है. इसमें यात्रियों के लिये प्रत्येक रेल यात्रा को सुखद अनुभव बनाना और रेलवे को तरजीही माल ढुलाई का जरिया सुनिश्चित करने के उपाय शामिल हैं. चूंकि माल ढुलाई और यात्री सेवा से कमाई उत्साहजनक नहीं है, ऐसे में रेलवे बड़े पैमाने पर किराया के अलावा अन्य स्रोत से राजस्व जुटाने पर जोर दे रहा है.
अधिकारी ने कहा कि किराया के अलावा अन्य बातों पर भी सम्मेलन में गौर किया जाएगा. इसका मकसद विज्ञापन और रीयल एस्टेट विकास के जरिये किराया के अलावा अन्य स्रोतों से कमाई में उल्लेखनीय सुधार लाना है. इसके अलावा आधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग कर दुर्घटनामुक्त तथा रेल ढांचागत सुविधा का आधुनिकीकरण भी सम्मेलन के विषय में शामिल होंगे.टिप्पणियां
रेलवे के सभी क्षेत्र एवं संभाग को प्रधानमंत्री के साथ तीन दिवसीय परिचर्चा के लिये तैयार रहने को कहा गया है. महाप्रबंधक की अगुवाई में प्रत्येक क्षेत्र (जोन) रेल विकास शिविर के लिये 10 से 15 नये अनूठे विचार तैयार करेंगे और उन्हें प्रस्तुत करेंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रेलवे ने तीन दिन तक चलने वाले कार्यक्रम के लिये आठ विचारों को छांटा है. इसमें यात्रियों के लिये प्रत्येक रेल यात्रा को सुखद अनुभव बनाना और रेलवे को तरजीही माल ढुलाई का जरिया सुनिश्चित करने के उपाय शामिल हैं. चूंकि माल ढुलाई और यात्री सेवा से कमाई उत्साहजनक नहीं है, ऐसे में रेलवे बड़े पैमाने पर किराया के अलावा अन्य स्रोत से राजस्व जुटाने पर जोर दे रहा है.
अधिकारी ने कहा कि किराया के अलावा अन्य बातों पर भी सम्मेलन में गौर किया जाएगा. इसका मकसद विज्ञापन और रीयल एस्टेट विकास के जरिये किराया के अलावा अन्य स्रोतों से कमाई में उल्लेखनीय सुधार लाना है. इसके अलावा आधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग कर दुर्घटनामुक्त तथा रेल ढांचागत सुविधा का आधुनिकीकरण भी सम्मेलन के विषय में शामिल होंगे.टिप्पणियां
रेलवे के सभी क्षेत्र एवं संभाग को प्रधानमंत्री के साथ तीन दिवसीय परिचर्चा के लिये तैयार रहने को कहा गया है. महाप्रबंधक की अगुवाई में प्रत्येक क्षेत्र (जोन) रेल विकास शिविर के लिये 10 से 15 नये अनूठे विचार तैयार करेंगे और उन्हें प्रस्तुत करेंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अधिकारी ने कहा कि किराया के अलावा अन्य बातों पर भी सम्मेलन में गौर किया जाएगा. इसका मकसद विज्ञापन और रीयल एस्टेट विकास के जरिये किराया के अलावा अन्य स्रोतों से कमाई में उल्लेखनीय सुधार लाना है. इसके अलावा आधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग कर दुर्घटनामुक्त तथा रेल ढांचागत सुविधा का आधुनिकीकरण भी सम्मेलन के विषय में शामिल होंगे.टिप्पणियां
रेलवे के सभी क्षेत्र एवं संभाग को प्रधानमंत्री के साथ तीन दिवसीय परिचर्चा के लिये तैयार रहने को कहा गया है. महाप्रबंधक की अगुवाई में प्रत्येक क्षेत्र (जोन) रेल विकास शिविर के लिये 10 से 15 नये अनूठे विचार तैयार करेंगे और उन्हें प्रस्तुत करेंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रेलवे के सभी क्षेत्र एवं संभाग को प्रधानमंत्री के साथ तीन दिवसीय परिचर्चा के लिये तैयार रहने को कहा गया है. महाप्रबंधक की अगुवाई में प्रत्येक क्षेत्र (जोन) रेल विकास शिविर के लिये 10 से 15 नये अनूठे विचार तैयार करेंगे और उन्हें प्रस्तुत करेंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: पीएम मोदी 25 से 27 नवंबर को होने वाले रेल विकास शिविर में शामिल होंगे
रेलवे ने तीन दिन तक चलने वाले कार्यक्रम के लिये आठ विचारों को छांटा है
रेलवे किराये के अलावा अन्य स्रोत से राजस्व जुटाने पर जोर दे रहा है | 10 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राजद के विवादास्पद नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन द्वारा सीवान जिला जेल से पुलिस की कार्यशैली के बारे में पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद से फोन पर शिकायत करने का कथित ऑडियो बाहर आने के बाद शनिवार को बिहार में राजनीति गरमा गई. विपक्षी दल भाजपा ने इस पूरे घटनाक्रम के दौरान लालू के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने, चारा घोटाला मामले में उन्हें मिली सशर्त जमानत के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील दायर करने की मांग करते हुए इस संबंध में राज्यपाल रामनाथ कोविंद को एक ज्ञापन सौंपा.
एक निजी टीवी समाचार चैनल ने लालू प्रसाद की मोहम्मद शहाबुद्दीन के साथ फोन पर हुई कथित बातचीत का आज ऑडियो टेप जारी किया, जिसमें शहाबुद्दीन रामनवमी के अवसर पर सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं किए जाने को लेकर सीवान के पुलिस अधीक्षक के खिलाफ लालू से शिकायत कर रहे हैं. शहाबुद्दीन को लालू से कथित रूप से यह कहते हुए सुना गया कि एसपी 'खत्तम' है और सीवान में उक्त अवसर पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण कुछ स्थानों पर हिंसा की घटना हुई. इस कथित ऑडियो टेप में राजद प्रमुख को कहां हिंसा हुई है यह पूछते हुए तथा अपने सहयोगी से सीवान के पुलिस अधीक्षक को फोन लगाने को कहते हुए सुना जा सकता है.
इससे पूर्व राजद के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद जगदानंद सिंह ने पटना शहर के दस सकुर्लर रोड स्थित लालू की पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास से निकलने के दौरान पत्रकारों से बातचीत की और कहा, "शहाबुद्दीन पार्टी के सदस्य हैं और उनसे बातचीत करना कोई अपराध नहीं है." जदयू प्रवक्ता उपेन्द्र प्रसाद हालांकि इस मामले में कोई प्रतिक्रिया देने से बचते नजर आए. प्रसाद ने स्वयं अपना उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी राजनेता को पता नहीं है कि कोई किस मकसद से फोन कर रहा है, तो वह फोन उठा ही लेंगे. शहाबुद्दीन करीब 40 आपराधिक मामलों में नामजद जिसमें हाल में राजदेव रंजन नामक एक पत्रकार की हत्या भी शामिल है. शहाबुद्दीन उच्चतम न्यायालय के निर्देश में वर्तमान में दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद है. टिप्पणियां
भाजपा ने इस मुद्दे को जोरशोर से उछाला है. भाजपा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कहा कि वह अपनी चुप्पी तोड़कर अपने सहयोगी लालू प्रसाद की जेल में बंद गैंगस्टर मोहम्मद शाहबुद्दीन से कथित टेलीफोन पर बातचीत को लेकर लालू के खिलाफ कार्रवाई करें. केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद पर हत्या के दोषी और 30 से ज्यादा गंभीर मामलों के आरोपी एक शख्स के साथ बेशर्मी से मेलजोल रखकर कानून तोड़ने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम संवैधानिक अनौचित्य का मामला है.
उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "नीतीश कुमार जी, अपराध हुआ है . क्या आप अपने सहयोगी लालू प्रसाद के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने जा रहे हैं?" बिहार भाजपा के अध्यक्ष नित्यानंद राय ने नीतीश के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि लालू-शाहबुद्दीन की बातचीत वाली खबर ने बिहार में अपराधियों और सरकार की सांठगांठ को उजागर कर दिया है. रविशंकर प्रसाद ने इस मौके पर सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ एकता प्रदर्शित करने की कोशिशों पर विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा.
एक निजी टीवी समाचार चैनल ने लालू प्रसाद की मोहम्मद शहाबुद्दीन के साथ फोन पर हुई कथित बातचीत का आज ऑडियो टेप जारी किया, जिसमें शहाबुद्दीन रामनवमी के अवसर पर सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं किए जाने को लेकर सीवान के पुलिस अधीक्षक के खिलाफ लालू से शिकायत कर रहे हैं. शहाबुद्दीन को लालू से कथित रूप से यह कहते हुए सुना गया कि एसपी 'खत्तम' है और सीवान में उक्त अवसर पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण कुछ स्थानों पर हिंसा की घटना हुई. इस कथित ऑडियो टेप में राजद प्रमुख को कहां हिंसा हुई है यह पूछते हुए तथा अपने सहयोगी से सीवान के पुलिस अधीक्षक को फोन लगाने को कहते हुए सुना जा सकता है.
इससे पूर्व राजद के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद जगदानंद सिंह ने पटना शहर के दस सकुर्लर रोड स्थित लालू की पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास से निकलने के दौरान पत्रकारों से बातचीत की और कहा, "शहाबुद्दीन पार्टी के सदस्य हैं और उनसे बातचीत करना कोई अपराध नहीं है." जदयू प्रवक्ता उपेन्द्र प्रसाद हालांकि इस मामले में कोई प्रतिक्रिया देने से बचते नजर आए. प्रसाद ने स्वयं अपना उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी राजनेता को पता नहीं है कि कोई किस मकसद से फोन कर रहा है, तो वह फोन उठा ही लेंगे. शहाबुद्दीन करीब 40 आपराधिक मामलों में नामजद जिसमें हाल में राजदेव रंजन नामक एक पत्रकार की हत्या भी शामिल है. शहाबुद्दीन उच्चतम न्यायालय के निर्देश में वर्तमान में दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद है. टिप्पणियां
भाजपा ने इस मुद्दे को जोरशोर से उछाला है. भाजपा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कहा कि वह अपनी चुप्पी तोड़कर अपने सहयोगी लालू प्रसाद की जेल में बंद गैंगस्टर मोहम्मद शाहबुद्दीन से कथित टेलीफोन पर बातचीत को लेकर लालू के खिलाफ कार्रवाई करें. केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद पर हत्या के दोषी और 30 से ज्यादा गंभीर मामलों के आरोपी एक शख्स के साथ बेशर्मी से मेलजोल रखकर कानून तोड़ने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम संवैधानिक अनौचित्य का मामला है.
उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "नीतीश कुमार जी, अपराध हुआ है . क्या आप अपने सहयोगी लालू प्रसाद के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने जा रहे हैं?" बिहार भाजपा के अध्यक्ष नित्यानंद राय ने नीतीश के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि लालू-शाहबुद्दीन की बातचीत वाली खबर ने बिहार में अपराधियों और सरकार की सांठगांठ को उजागर कर दिया है. रविशंकर प्रसाद ने इस मौके पर सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ एकता प्रदर्शित करने की कोशिशों पर विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा.
इससे पूर्व राजद के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद जगदानंद सिंह ने पटना शहर के दस सकुर्लर रोड स्थित लालू की पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास से निकलने के दौरान पत्रकारों से बातचीत की और कहा, "शहाबुद्दीन पार्टी के सदस्य हैं और उनसे बातचीत करना कोई अपराध नहीं है." जदयू प्रवक्ता उपेन्द्र प्रसाद हालांकि इस मामले में कोई प्रतिक्रिया देने से बचते नजर आए. प्रसाद ने स्वयं अपना उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी राजनेता को पता नहीं है कि कोई किस मकसद से फोन कर रहा है, तो वह फोन उठा ही लेंगे. शहाबुद्दीन करीब 40 आपराधिक मामलों में नामजद जिसमें हाल में राजदेव रंजन नामक एक पत्रकार की हत्या भी शामिल है. शहाबुद्दीन उच्चतम न्यायालय के निर्देश में वर्तमान में दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद है. टिप्पणियां
भाजपा ने इस मुद्दे को जोरशोर से उछाला है. भाजपा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कहा कि वह अपनी चुप्पी तोड़कर अपने सहयोगी लालू प्रसाद की जेल में बंद गैंगस्टर मोहम्मद शाहबुद्दीन से कथित टेलीफोन पर बातचीत को लेकर लालू के खिलाफ कार्रवाई करें. केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद पर हत्या के दोषी और 30 से ज्यादा गंभीर मामलों के आरोपी एक शख्स के साथ बेशर्मी से मेलजोल रखकर कानून तोड़ने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम संवैधानिक अनौचित्य का मामला है.
उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "नीतीश कुमार जी, अपराध हुआ है . क्या आप अपने सहयोगी लालू प्रसाद के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने जा रहे हैं?" बिहार भाजपा के अध्यक्ष नित्यानंद राय ने नीतीश के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि लालू-शाहबुद्दीन की बातचीत वाली खबर ने बिहार में अपराधियों और सरकार की सांठगांठ को उजागर कर दिया है. रविशंकर प्रसाद ने इस मौके पर सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ एकता प्रदर्शित करने की कोशिशों पर विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा.
भाजपा ने इस मुद्दे को जोरशोर से उछाला है. भाजपा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कहा कि वह अपनी चुप्पी तोड़कर अपने सहयोगी लालू प्रसाद की जेल में बंद गैंगस्टर मोहम्मद शाहबुद्दीन से कथित टेलीफोन पर बातचीत को लेकर लालू के खिलाफ कार्रवाई करें. केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद पर हत्या के दोषी और 30 से ज्यादा गंभीर मामलों के आरोपी एक शख्स के साथ बेशर्मी से मेलजोल रखकर कानून तोड़ने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम संवैधानिक अनौचित्य का मामला है.
उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "नीतीश कुमार जी, अपराध हुआ है . क्या आप अपने सहयोगी लालू प्रसाद के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने जा रहे हैं?" बिहार भाजपा के अध्यक्ष नित्यानंद राय ने नीतीश के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि लालू-शाहबुद्दीन की बातचीत वाली खबर ने बिहार में अपराधियों और सरकार की सांठगांठ को उजागर कर दिया है. रविशंकर प्रसाद ने इस मौके पर सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ एकता प्रदर्शित करने की कोशिशों पर विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा.
उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "नीतीश कुमार जी, अपराध हुआ है . क्या आप अपने सहयोगी लालू प्रसाद के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने जा रहे हैं?" बिहार भाजपा के अध्यक्ष नित्यानंद राय ने नीतीश के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि लालू-शाहबुद्दीन की बातचीत वाली खबर ने बिहार में अपराधियों और सरकार की सांठगांठ को उजागर कर दिया है. रविशंकर प्रसाद ने इस मौके पर सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ एकता प्रदर्शित करने की कोशिशों पर विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा. | सारांश: BJP ने मांगा नीतीश का इस्तीफा, राज्यपाल रामनाथ कोविंद को ज्ञापन सौंपा
एक निजी टीवी समाचार चैनल ने कथित बातचीत का ऑडियो टेप जारी किया
शहाबुद्दीन सीवान के पुलिस अधीक्षक के खिलाफ लालू से शिकायत कर रहे हैं | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सोशलाइट किम कार्डेशियन हमेशा अपनी त्वचा की खास देखभाल करना चाहती हैं, और जब वह बिना मेकअप उतारे सो जाती हैं, तो उन्हें खुद से नफरत होने लगती है।टिप्पणियां
31-वर्षीय किम के मुताबिक वह अपनी त्वचा का खास ख्याल रखने की कोशिश करती हैं, लेकिन उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वह कभी-कभी बिस्तर पर सोने के लिए जाने से पहले मेकअप उतारना भूल जाती हैं।
वेबसाइट कॉन्टेक्टम्यूज़िक.कॉम के मुताबिक किम ने कहा, "मैं दो दिन पहले मेकअप में ही सो गई थी। मेरी त्वचा अच्छी थी और फिर मैं मेकअप लगाकर सो गई। मैं अगले दिन सुबह उठी तो मुझे लगा कि मैंने ऐसा क्यों किया। मैं जब भी ऐसा करती हूं, मुझे खुद से नफरत होने लगती है।"
31-वर्षीय किम के मुताबिक वह अपनी त्वचा का खास ख्याल रखने की कोशिश करती हैं, लेकिन उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वह कभी-कभी बिस्तर पर सोने के लिए जाने से पहले मेकअप उतारना भूल जाती हैं।
वेबसाइट कॉन्टेक्टम्यूज़िक.कॉम के मुताबिक किम ने कहा, "मैं दो दिन पहले मेकअप में ही सो गई थी। मेरी त्वचा अच्छी थी और फिर मैं मेकअप लगाकर सो गई। मैं अगले दिन सुबह उठी तो मुझे लगा कि मैंने ऐसा क्यों किया। मैं जब भी ऐसा करती हूं, मुझे खुद से नफरत होने लगती है।"
वेबसाइट कॉन्टेक्टम्यूज़िक.कॉम के मुताबिक किम ने कहा, "मैं दो दिन पहले मेकअप में ही सो गई थी। मेरी त्वचा अच्छी थी और फिर मैं मेकअप लगाकर सो गई। मैं अगले दिन सुबह उठी तो मुझे लगा कि मैंने ऐसा क्यों किया। मैं जब भी ऐसा करती हूं, मुझे खुद से नफरत होने लगती है।" | सोशलाइट किम कार्डेशियन के मुताबिक वह त्वचा की खास देखभाल चाहती हैं, और जब वह बिना मेकअप उतारे सो जाती हैं, तो उन्हें खुद से नफरत होने लगती है। | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: क्रिकेट विश्व कप में भारत को खिताबी जीत दिलाने के बाद भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी मैच के बाद अपने चिर-परिचित अंदाज में दिखे, लेकिन वह कई बार उन सवालों को ही भूल गए, जो उनसे पत्रकारों ने पूछे। वानखेड़े स्टेडियम में भावुकता से भरे लैप ऑफ ऑनर और जश्न के बाद धोनी इंतजार कर रहे पत्रकारों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच प्रेस कॉन्फ्रेन्स रूम में पहुंचे, लेकिन जब कॉन्फ्रेन्स शुरू हुई, तो साफ तौर पर यह लगने लगा कि इस यादगार क्षण ने कैप्टन कूल पर भी असर डाला है, क्योंकि वह लगातार सवाल भूल रहे थे। एक पत्रकार ने दो हिस्सों वाला लंबा सवाल पूछा तो धोनी ने कहा, मुझे माफी कीजिए, मैं सवाल का पहला हिस्सा भूल गया और इसके बाद धोनी खुद भी हंसने लगे। लंबी प्रेस कॉन्फ्रेन्स के दौरान ऐसा एक नहीं, बल्कि तीन या चार बार हुआ। एक मौके पर तो धोनी और मैन ऑफ द टूर्नामेंट युवराज सिंह दोनों ही भूल गए कि उनसे क्या सवाल पूछा गया है और दोनों एक-दूसरे का चेहरा देखने लगे। धोनी ने कहा, मुझे माफ कीजिए, मैं सवालों को याद नहीं रख पा रहा हूं। मैंने अब तक पीना भी शुरू नहीं किया है। | संक्षिप्त पाठ: विश्व कप में भारत को खिताबी जीत दिलाने के बाद भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी मैच के बाद अपने चिर-परिचित अंदाज में दिखे, लेकिन वह कई बार उन सवालों को ही भूल गए, जो उनसे पत्रकारों ने पूछे। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: नीतिगत दरों में और कटौती की उम्मीद पर पानी फेरते हुए रिजर्व बैंक ने गुरुवार को कहा कि मुद्रास्फीति बढ़ने का जोखिम बना हुआ है और चालू खाते के घाटे को नियंत्रित करना उसकी प्राथमिकता होगी।
रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव ने कहा, ‘‘वृद्धि दर काफी नरम पड़ चुकी है, मुद्रास्फीति शीर्ष पर पहुंचने के बाद नीचे है, लेकिन इसके फिर बढ़ने का जोखिम बना हुआ है। वहीं, भुगतान संतुलन का दबाव है और निवेश को भी बढ़ाना है।’’ सुब्बाराव ने कहा कि मुद्रास्फीति ‘अब भी ऊंची’ है और भारत में वृद्धि दर भले ही घट रही हो, मुद्रास्फीति नहीं घट रही है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक कीमतें खासकर जिंसों के दाम पिछले कुछ महीनों में निश्चित तौर पर नरम हुए हैं, लेकिन कीमतों में नरमी को हम हल्के में नहीं ले सकते।’’ जहां थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति अप्रैल में घटकर तीन साल के निचले स्तर 4.89 प्रतिशत पर आ गई, खुदरा मुद्रास्फीति 9.39 प्रतिशत की उंचाई पर बनी रही। सुब्बाराव ने कहा कि चालू खातें के उंचे घाटे की वजह से रुपया कमजोर हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक 17 जून को मध्य.तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा करेगा। अपनी पिछली समीक्षा में रिजर्व बैंक ने नीतिगत ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती की थी।
रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव ने कहा, ‘‘वृद्धि दर काफी नरम पड़ चुकी है, मुद्रास्फीति शीर्ष पर पहुंचने के बाद नीचे है, लेकिन इसके फिर बढ़ने का जोखिम बना हुआ है। वहीं, भुगतान संतुलन का दबाव है और निवेश को भी बढ़ाना है।’’ सुब्बाराव ने कहा कि मुद्रास्फीति ‘अब भी ऊंची’ है और भारत में वृद्धि दर भले ही घट रही हो, मुद्रास्फीति नहीं घट रही है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक कीमतें खासकर जिंसों के दाम पिछले कुछ महीनों में निश्चित तौर पर नरम हुए हैं, लेकिन कीमतों में नरमी को हम हल्के में नहीं ले सकते।’’ जहां थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति अप्रैल में घटकर तीन साल के निचले स्तर 4.89 प्रतिशत पर आ गई, खुदरा मुद्रास्फीति 9.39 प्रतिशत की उंचाई पर बनी रही। सुब्बाराव ने कहा कि चालू खातें के उंचे घाटे की वजह से रुपया कमजोर हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक 17 जून को मध्य.तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा करेगा। अपनी पिछली समीक्षा में रिजर्व बैंक ने नीतिगत ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती की थी।
उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक कीमतें खासकर जिंसों के दाम पिछले कुछ महीनों में निश्चित तौर पर नरम हुए हैं, लेकिन कीमतों में नरमी को हम हल्के में नहीं ले सकते।’’ जहां थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति अप्रैल में घटकर तीन साल के निचले स्तर 4.89 प्रतिशत पर आ गई, खुदरा मुद्रास्फीति 9.39 प्रतिशत की उंचाई पर बनी रही। सुब्बाराव ने कहा कि चालू खातें के उंचे घाटे की वजह से रुपया कमजोर हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक 17 जून को मध्य.तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा करेगा। अपनी पिछली समीक्षा में रिजर्व बैंक ने नीतिगत ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती की थी।
उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक 17 जून को मध्य.तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा करेगा। अपनी पिछली समीक्षा में रिजर्व बैंक ने नीतिगत ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती की थी। | सारांश: रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव ने कहा, ‘‘वृद्धि दर काफी नरम पड़ चुकी है, मुद्रास्फीति शीर्ष पर पहुंचने के बाद नीचे है, लेकिन इसके फिर बढ़ने का जोखिम बना हुआ है। वहीं, भुगतान संतुलन का दबाव है और निवेश को भी बढ़ाना है।’’ | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पूर्वी दिल्ली की एक बेकरी में गुरुवार को विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई और चार घायल हो गए. यह घटना खुरेजी खास क्षेत्र में हुई.
अग्निशमन अधिकारी ने बताया, 'तीन मंजिली बेकरी के ओवन में सुबह 5.15 बजे विस्फोट होने की खबर मिली. उस समय बेकरी में 20 से अधिक मजदूर काम कर रहे थे.'
अधिकारी ने बताया कि आग बुझाने के लिए अग्निशमन विभाग की पांच गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंची. पुलिस के मुताबिक, यह विस्फोट इमारत की पहली मंजिल में हुआ, जहां ओवन रखा हुआ था.टिप्पणियां
पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस हादसे में तीन कर्मचारियों राहुल, साजिद और दिलशाद की मौत हो गई, जबकि दो लोगों की स्थिति गंभीर बनी हुई है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अग्निशमन अधिकारी ने बताया, 'तीन मंजिली बेकरी के ओवन में सुबह 5.15 बजे विस्फोट होने की खबर मिली. उस समय बेकरी में 20 से अधिक मजदूर काम कर रहे थे.'
अधिकारी ने बताया कि आग बुझाने के लिए अग्निशमन विभाग की पांच गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंची. पुलिस के मुताबिक, यह विस्फोट इमारत की पहली मंजिल में हुआ, जहां ओवन रखा हुआ था.टिप्पणियां
पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस हादसे में तीन कर्मचारियों राहुल, साजिद और दिलशाद की मौत हो गई, जबकि दो लोगों की स्थिति गंभीर बनी हुई है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अधिकारी ने बताया कि आग बुझाने के लिए अग्निशमन विभाग की पांच गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंची. पुलिस के मुताबिक, यह विस्फोट इमारत की पहली मंजिल में हुआ, जहां ओवन रखा हुआ था.टिप्पणियां
पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस हादसे में तीन कर्मचारियों राहुल, साजिद और दिलशाद की मौत हो गई, जबकि दो लोगों की स्थिति गंभीर बनी हुई है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस हादसे में तीन कर्मचारियों राहुल, साजिद और दिलशाद की मौत हो गई, जबकि दो लोगों की स्थिति गंभीर बनी हुई है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:तीन मंजिली बेकरी के ओवन में सुबह 5.15 बजे विस्फोट हुआ.
धमाके के वक्त बेकरी में 20 से अधिक मजदूर काम कर रहे थे.
हादसे में तीन कर्मचारियों राहुल, साजिद और दिलशाद की मौत हो गई. | 4 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार से हटने की घोषणा करने वाली द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और कांग्रेस के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। दोनों पक्ष गतिरोध को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ने को तैयार नहीं हैं। दोनों दलों में उच्चपदस्थ सूत्रों ने बताया कि वे किसी भी तरह से झुकने को तैयार नहीं है। शनिवार रात डीएमके ने सरकार से हटने का फैसला किया था। डीएमके ने कहा कि उसके मंत्री सोमवार को अपना इस्तीफा सौंप देंगे। पार्टी के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद टीआर बालू ने पार्टी मुख्यालय में बताया, हमारे मंत्री सोमवार को दिल्ली जाकर अपना इस्तीफा सौंप देंगे। केंद्रीय मंत्रिमंडल में पार्टी के एमके अलागिरी और दयानिधि मारन समेत छह सदस्य हैं। बालू ने कहा कि पार्टी ने जब से मंत्रिमंडल से हटने के फैसले की घोषणा की है, तब से कांग्रेस के किसी सदस्य ने उनसे संपर्क नहीं साधा है। तमिलनाडु विधानसभा के लिए 13 अप्रैल को होने वाले चुनाव में कांग्रेस 63 सीटों की मांग पर अड़ी हुई थी। इससे नाराज डीएमके ने शनिवार को मंत्रिमंडल से समर्थन वापस लेने की घोषणा कर दी थी। डीएमके का कहना था कि कांग्रेस नहीं चाहती कि उनकी पार्टी गठबंधन में बनी रहे। | केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार से हटने की घोषणा करने वाली द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और कांग्रेस के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत और न्यूज़ीलैण्ड के बीच गुरुवार से शुरू होने जा रही सीरीज़ का पहला टेस्ट मैच हैदराबाद में खेला जाएगा, और पिछले 16 साल में यह पहला मौका होगा, जब टीम इंडिया से राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण, दोनों ही नदारद होंगे... वीवीएस 'वेरी वेरी स्पेशल' लक्ष्मण के संन्यास ले लेने के बाद दोटेस्ट मैचों की शृंखला के हैदराबाद में होने वाले इस पहले मैच के प्रति दर्शकों का उत्साह भी बेहद कम रह गया है... हैदराबाद क्रिकेट संघ के अधिकारियों के मुताबिक लोकल हीरो लक्ष्मण के टीम में न होने से टिकटों की बिक्री पर भी खासा असर पड़ा है...
बहरहाल, सीरीज़ के पहले टेस्ट मैच में दोनों ही टीमों की कोशिश नई शुरुआत करने की है... वन−डे इंटरनेशनल क्रिकेट में भले ही टीम इंडिया फॉर्म में हो, लेकिन टेस्ट फॉरमैट में महेंद्र सिंह धोनी की अगुआई वाली इस टीम को खोई हुई साख वापस पाने के लिए एड़ी-चोटी का ज़ोर लगाना होगा... इस बार मुकाबला भले ही न्यूज़ीलैण्ड से है, लेकिन टीम इंडिया को इंग्लैण्ड और ऑस्ट्रेलिया के हाथों मिली हार को भुलाकर आगे बढ़ना होगा और जीत से शुरुआत करनी होगी, ताकि मनोबल ऊंचा बना रहे... वहीं, मेहमान न्यूज़ीलैण्ड की टीम भी वेस्ट इंडीज़ के हाथों मिली करारी हार को भुलाकर भारत में नई शुरुआत करना चाहेगी...
वैसे अगर पिछले 10 टेस्ट मैचों की बात करें तो दोनों टीमों को अपनी फॉर्म में काफी सुधार करना होगा... भारत ने अपने पिछले 10 टेस्ट मैचों में से सिर्फ दो जीते हैं, जबकि एक को ड्रॉ करने में कामयाब रही टीम इंडिया को सात मैचों में शिकस्त का सामना करना पड़ा, जबकि न्यूज़ीलैण्ड ने अपने पिछले 10 मुकाबलों में से चार मैच हारे हैं, तीन में जीत हासिल की है, और तीन ही ड्रॉ रहे हैं...
आने वाले दिनों में भारत को अपने अगले 10 टेस्ट मैच अपनी ही ज़मीन पर खेलने हैं और इतिहास गवाह है कि भारत को भारत में हराना आसान काम नहीं... भारत में न्यूज़ीलैण्ड के पिछले रिकॉर्ड को देखें तो पिछले 24 सालों से कीवी टीम भारत में कोई टेस्ट नहीं जीत सकी है...
दोनों टीमों के मौजूदा फॉर्म पर नज़र डालें तो कीवी टीम में अनुभवी बल्लेबाज़ों की कमी है... ब्रैंडन मैक्कुलम, रॉस टेलर और मार्टिन गुप्टिल को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज़ भारतीय पिचों पर टिकने का माद्दा नहीं रखता... उधर, भारत के स्पिनिंग ट्रैक पर डेनियल वेट्टोरी की गैरमौजूदगी में न्यूज़ीलैण्ड की गेंदबाज़ी भी कमज़ोर साबित हो सकती है...टिप्पणियां
वैसे रॉस टेलर की टीम के मुकाबले टीम इंडिया ज़्यादा मज़बूत नज़र आ रही है... राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण के न होने से टीम का मिडिल ऑर्डर कुछ कमज़ोर ज़रूर हुआ है, लेकिन फैन्स को भरोसा है कि महेंद्र सिंह धोनी की टीम इस चुनौती से ज़रूर पार पा लेगी... गेंदबाज़ी में फिलहाल टीम इंडिया के लिए ज़्यादा चिंताजनक कुछ नहीं है, क्योंकि ज़हीर खान और इशांत शर्मा पूरी तरह फिट होकर वापसी कर रहे हैं... ऐसे में हैदराबाद की विकेट पर इन दोनों से कमाल की उम्मीद की जा सकती है...
वैसे हैदराबाद के राजीव गांधी स्टेडियम के पिच क्यूरेटर के मुताबिक पहले टेस्ट मैच में पिच से तेज़ और स्पिन, दोनों तरह के गेंदबाज़ों को मदद मिलेगी और मैच का नतीजा ज़रूर निकलेगा...
बहरहाल, सीरीज़ के पहले टेस्ट मैच में दोनों ही टीमों की कोशिश नई शुरुआत करने की है... वन−डे इंटरनेशनल क्रिकेट में भले ही टीम इंडिया फॉर्म में हो, लेकिन टेस्ट फॉरमैट में महेंद्र सिंह धोनी की अगुआई वाली इस टीम को खोई हुई साख वापस पाने के लिए एड़ी-चोटी का ज़ोर लगाना होगा... इस बार मुकाबला भले ही न्यूज़ीलैण्ड से है, लेकिन टीम इंडिया को इंग्लैण्ड और ऑस्ट्रेलिया के हाथों मिली हार को भुलाकर आगे बढ़ना होगा और जीत से शुरुआत करनी होगी, ताकि मनोबल ऊंचा बना रहे... वहीं, मेहमान न्यूज़ीलैण्ड की टीम भी वेस्ट इंडीज़ के हाथों मिली करारी हार को भुलाकर भारत में नई शुरुआत करना चाहेगी...
वैसे अगर पिछले 10 टेस्ट मैचों की बात करें तो दोनों टीमों को अपनी फॉर्म में काफी सुधार करना होगा... भारत ने अपने पिछले 10 टेस्ट मैचों में से सिर्फ दो जीते हैं, जबकि एक को ड्रॉ करने में कामयाब रही टीम इंडिया को सात मैचों में शिकस्त का सामना करना पड़ा, जबकि न्यूज़ीलैण्ड ने अपने पिछले 10 मुकाबलों में से चार मैच हारे हैं, तीन में जीत हासिल की है, और तीन ही ड्रॉ रहे हैं...
आने वाले दिनों में भारत को अपने अगले 10 टेस्ट मैच अपनी ही ज़मीन पर खेलने हैं और इतिहास गवाह है कि भारत को भारत में हराना आसान काम नहीं... भारत में न्यूज़ीलैण्ड के पिछले रिकॉर्ड को देखें तो पिछले 24 सालों से कीवी टीम भारत में कोई टेस्ट नहीं जीत सकी है...
दोनों टीमों के मौजूदा फॉर्म पर नज़र डालें तो कीवी टीम में अनुभवी बल्लेबाज़ों की कमी है... ब्रैंडन मैक्कुलम, रॉस टेलर और मार्टिन गुप्टिल को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज़ भारतीय पिचों पर टिकने का माद्दा नहीं रखता... उधर, भारत के स्पिनिंग ट्रैक पर डेनियल वेट्टोरी की गैरमौजूदगी में न्यूज़ीलैण्ड की गेंदबाज़ी भी कमज़ोर साबित हो सकती है...टिप्पणियां
वैसे रॉस टेलर की टीम के मुकाबले टीम इंडिया ज़्यादा मज़बूत नज़र आ रही है... राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण के न होने से टीम का मिडिल ऑर्डर कुछ कमज़ोर ज़रूर हुआ है, लेकिन फैन्स को भरोसा है कि महेंद्र सिंह धोनी की टीम इस चुनौती से ज़रूर पार पा लेगी... गेंदबाज़ी में फिलहाल टीम इंडिया के लिए ज़्यादा चिंताजनक कुछ नहीं है, क्योंकि ज़हीर खान और इशांत शर्मा पूरी तरह फिट होकर वापसी कर रहे हैं... ऐसे में हैदराबाद की विकेट पर इन दोनों से कमाल की उम्मीद की जा सकती है...
वैसे हैदराबाद के राजीव गांधी स्टेडियम के पिच क्यूरेटर के मुताबिक पहले टेस्ट मैच में पिच से तेज़ और स्पिन, दोनों तरह के गेंदबाज़ों को मदद मिलेगी और मैच का नतीजा ज़रूर निकलेगा...
वैसे अगर पिछले 10 टेस्ट मैचों की बात करें तो दोनों टीमों को अपनी फॉर्म में काफी सुधार करना होगा... भारत ने अपने पिछले 10 टेस्ट मैचों में से सिर्फ दो जीते हैं, जबकि एक को ड्रॉ करने में कामयाब रही टीम इंडिया को सात मैचों में शिकस्त का सामना करना पड़ा, जबकि न्यूज़ीलैण्ड ने अपने पिछले 10 मुकाबलों में से चार मैच हारे हैं, तीन में जीत हासिल की है, और तीन ही ड्रॉ रहे हैं...
आने वाले दिनों में भारत को अपने अगले 10 टेस्ट मैच अपनी ही ज़मीन पर खेलने हैं और इतिहास गवाह है कि भारत को भारत में हराना आसान काम नहीं... भारत में न्यूज़ीलैण्ड के पिछले रिकॉर्ड को देखें तो पिछले 24 सालों से कीवी टीम भारत में कोई टेस्ट नहीं जीत सकी है...
दोनों टीमों के मौजूदा फॉर्म पर नज़र डालें तो कीवी टीम में अनुभवी बल्लेबाज़ों की कमी है... ब्रैंडन मैक्कुलम, रॉस टेलर और मार्टिन गुप्टिल को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज़ भारतीय पिचों पर टिकने का माद्दा नहीं रखता... उधर, भारत के स्पिनिंग ट्रैक पर डेनियल वेट्टोरी की गैरमौजूदगी में न्यूज़ीलैण्ड की गेंदबाज़ी भी कमज़ोर साबित हो सकती है...टिप्पणियां
वैसे रॉस टेलर की टीम के मुकाबले टीम इंडिया ज़्यादा मज़बूत नज़र आ रही है... राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण के न होने से टीम का मिडिल ऑर्डर कुछ कमज़ोर ज़रूर हुआ है, लेकिन फैन्स को भरोसा है कि महेंद्र सिंह धोनी की टीम इस चुनौती से ज़रूर पार पा लेगी... गेंदबाज़ी में फिलहाल टीम इंडिया के लिए ज़्यादा चिंताजनक कुछ नहीं है, क्योंकि ज़हीर खान और इशांत शर्मा पूरी तरह फिट होकर वापसी कर रहे हैं... ऐसे में हैदराबाद की विकेट पर इन दोनों से कमाल की उम्मीद की जा सकती है...
वैसे हैदराबाद के राजीव गांधी स्टेडियम के पिच क्यूरेटर के मुताबिक पहले टेस्ट मैच में पिच से तेज़ और स्पिन, दोनों तरह के गेंदबाज़ों को मदद मिलेगी और मैच का नतीजा ज़रूर निकलेगा...
आने वाले दिनों में भारत को अपने अगले 10 टेस्ट मैच अपनी ही ज़मीन पर खेलने हैं और इतिहास गवाह है कि भारत को भारत में हराना आसान काम नहीं... भारत में न्यूज़ीलैण्ड के पिछले रिकॉर्ड को देखें तो पिछले 24 सालों से कीवी टीम भारत में कोई टेस्ट नहीं जीत सकी है...
दोनों टीमों के मौजूदा फॉर्म पर नज़र डालें तो कीवी टीम में अनुभवी बल्लेबाज़ों की कमी है... ब्रैंडन मैक्कुलम, रॉस टेलर और मार्टिन गुप्टिल को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज़ भारतीय पिचों पर टिकने का माद्दा नहीं रखता... उधर, भारत के स्पिनिंग ट्रैक पर डेनियल वेट्टोरी की गैरमौजूदगी में न्यूज़ीलैण्ड की गेंदबाज़ी भी कमज़ोर साबित हो सकती है...टिप्पणियां
वैसे रॉस टेलर की टीम के मुकाबले टीम इंडिया ज़्यादा मज़बूत नज़र आ रही है... राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण के न होने से टीम का मिडिल ऑर्डर कुछ कमज़ोर ज़रूर हुआ है, लेकिन फैन्स को भरोसा है कि महेंद्र सिंह धोनी की टीम इस चुनौती से ज़रूर पार पा लेगी... गेंदबाज़ी में फिलहाल टीम इंडिया के लिए ज़्यादा चिंताजनक कुछ नहीं है, क्योंकि ज़हीर खान और इशांत शर्मा पूरी तरह फिट होकर वापसी कर रहे हैं... ऐसे में हैदराबाद की विकेट पर इन दोनों से कमाल की उम्मीद की जा सकती है...
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दोनों टीमों के मौजूदा फॉर्म पर नज़र डालें तो कीवी टीम में अनुभवी बल्लेबाज़ों की कमी है... ब्रैंडन मैक्कुलम, रॉस टेलर और मार्टिन गुप्टिल को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज़ भारतीय पिचों पर टिकने का माद्दा नहीं रखता... उधर, भारत के स्पिनिंग ट्रैक पर डेनियल वेट्टोरी की गैरमौजूदगी में न्यूज़ीलैण्ड की गेंदबाज़ी भी कमज़ोर साबित हो सकती है...टिप्पणियां
वैसे रॉस टेलर की टीम के मुकाबले टीम इंडिया ज़्यादा मज़बूत नज़र आ रही है... राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण के न होने से टीम का मिडिल ऑर्डर कुछ कमज़ोर ज़रूर हुआ है, लेकिन फैन्स को भरोसा है कि महेंद्र सिंह धोनी की टीम इस चुनौती से ज़रूर पार पा लेगी... गेंदबाज़ी में फिलहाल टीम इंडिया के लिए ज़्यादा चिंताजनक कुछ नहीं है, क्योंकि ज़हीर खान और इशांत शर्मा पूरी तरह फिट होकर वापसी कर रहे हैं... ऐसे में हैदराबाद की विकेट पर इन दोनों से कमाल की उम्मीद की जा सकती है...
वैसे हैदराबाद के राजीव गांधी स्टेडियम के पिच क्यूरेटर के मुताबिक पहले टेस्ट मैच में पिच से तेज़ और स्पिन, दोनों तरह के गेंदबाज़ों को मदद मिलेगी और मैच का नतीजा ज़रूर निकलेगा...
वैसे रॉस टेलर की टीम के मुकाबले टीम इंडिया ज़्यादा मज़बूत नज़र आ रही है... राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण के न होने से टीम का मिडिल ऑर्डर कुछ कमज़ोर ज़रूर हुआ है, लेकिन फैन्स को भरोसा है कि महेंद्र सिंह धोनी की टीम इस चुनौती से ज़रूर पार पा लेगी... गेंदबाज़ी में फिलहाल टीम इंडिया के लिए ज़्यादा चिंताजनक कुछ नहीं है, क्योंकि ज़हीर खान और इशांत शर्मा पूरी तरह फिट होकर वापसी कर रहे हैं... ऐसे में हैदराबाद की विकेट पर इन दोनों से कमाल की उम्मीद की जा सकती है...
वैसे हैदराबाद के राजीव गांधी स्टेडियम के पिच क्यूरेटर के मुताबिक पहले टेस्ट मैच में पिच से तेज़ और स्पिन, दोनों तरह के गेंदबाज़ों को मदद मिलेगी और मैच का नतीजा ज़रूर निकलेगा...
वैसे हैदराबाद के राजीव गांधी स्टेडियम के पिच क्यूरेटर के मुताबिक पहले टेस्ट मैच में पिच से तेज़ और स्पिन, दोनों तरह के गेंदबाज़ों को मदद मिलेगी और मैच का नतीजा ज़रूर निकलेगा... | सारांश: भारत और न्यूज़ीलैण्ड के बीच गुरुवार से सीरीज़ का पहला टेस्ट हैदराबाद में खेला जाएगा, और पिछले 16 साल में यह पहला मौका होगा, जब टीम इंडिया में द्रविड़ और लक्ष्मण, दोनों ही नहीं होंगे... | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका के खराब आर्थिक हालात का असर सोमवार को भी एशियाई बाज़ारों पर दिखा। भारतीय शेयर बाज़ार तो लगभग दो फीसदी की गिरावट के साथ खुले ही, जापान, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैण्ड, सिंगापुर, ताइवान और दक्षिण कोरियाई शेयर बाज़ारों में भी गिरावट का रुख रहा। दिन के आरंभ में भारी गिरावट के बाद सेंसेक्स में दोपहर तक कुछ सुधार देखा गया और सेंसेक्स 17 हजार से नीचे 16,769 तक लुढकने के बाद फिर 17,106 पर कारोबार करने लगा। लेकिन शाम को बंद होने से पहले फिर बाजार में गिरावट देखने को मिली और सेंसेक्स 315 अंकों की गिरावट के साथ 16,990 पर बंद हुआ। इससे पहले देश के शेयर बाजारों में सप्ताह के पहले कारोबारी दिवस शुरुआती कारोबार में तेज गिरावट का रुख देखा गया। प्रमुख सूचकांक सेन्सेक्स 398.30 अंक गिरकर 16907.57 पर, और निफ्टी 127.40 अंक गिरकर 5083.85 पर खुला। सुबह करीब 9.25 बजे बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का संवेदी सूचकांक 433.73 अंकों की गिरावट के साथ 16872.14 पर था, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी सूचकांक 127.25 अंकों की गिरावट के साथ 5084.00 पर कारोबार कर रहा था। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट का रुख था। जापान का निक्केई सोमवार को खुलते ही एक फीसदी नीचे गिरा। ऑस्ट्रेलियाई बाजार में दो फीसदी की, और न्यूज़ीलैण्ड के बाज़ार में तीन फीसदी की गिरावट देखी जा रही है। उधर, सिंगापुर, ताइवान और दक्षिण कोरिया के बाज़ारों में भी गिरावट का सिलसिला बरकरार है। दरअसल, अमेरिका की क्रेडिट रेटिंग घटने के बाद फिलहाल दुनियाभर के बाज़ारों में बिकवाली का दौर जारी है, जिससे निवेशक भी मायूस हैं। जानकारों का मानना है कि फिलहाल इसके सुधरने के संकेत नहीं दिखाई दे रहे हैं। | संक्षिप्त सारांश: अमेरिकी बाजार का असर एशियाई बाजार पर देखने को मिला और सेंसेक्स में दिन पर गोता लगाता रहा और शाम को 17 हजार के नीचे बंद हुआ। | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: तेज गेंदबाज एस श्रीसंत से मिले दो करारे झटकों से कुछ देर के लिए दहशत में आए द. अफ्रीका ने जाक कैलिस की संयतभरी पारी से भारत को तीसरे और अंतिम टेस्ट क्रिकेट मैच के बारिश से प्रभावित पहले दिन टॉस जीतने का खास फायदा नहीं उठाने दिया। श्रीसंत ने हाशिम अमला (59) और एबी डिविलियर्स (26) के खतरनाक इरादों को मूर्तरूप नहीं लेने दिया लेकिन अनुभवी कैलिस ने एक छोर संभाले रखा। वह अब भी 81 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए हैं जिससे दक्षिण अफ्रीका ने पहले दिन का खेल समाप्त होने तक चार विकेट पर 232 रन बनाए हैं। कैलिस के साथ दूसरे छोर पर एशवेल प्रिंस 28 रन बनाकर खेल रहे हैं। भारत की तरफ से श्रीसंत ने 70 रन देकर दो जबकि जहीर खान और इशांत शर्मा ने एक-एक विकेट लिया है। भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का सिक्के ने लंबे समय बाद साथ दिया और वह नए साल में टॉस जीतने में सफल रहे। इससे पहले पिछले 14 मैच में केवल एक बार टॉस जीतने वाले धोनी ने द. अफ्रीका को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया क्योंकि आसमान बादलों से घिरा था और वह चाहते थे कि उनके गेंदबाज इसका पूरा फायदा उठाएं। पहले सत्र में केवल नौ ओवर का खेल हो पाया जिससे गेंदबाज टास का खास फायदा नहीं उठा पाए। दूसरे सत्र में भी बारिश ने व्यवधान डाला और इस तरह से पहले दो सत्र में 37 ओवर का खेल ही हुआ। शाम को धूप खिली होने के कारण तीसरे सत्र में 37 ओवर करके इसकी भरपाई की गई लेकिन तब तक पिच से नमी गायब हो गई थी और बल्लेबाजी करने में सुबह की तरह मुश्किल नहीं आ रही थी। | श्रीसंत ने अमला (59) और डिविलियर्स (26) के खतरनाक इरादों को मूर्तरूप नहीं लेने दिया लेकिन अनुभवी कैलिस ने एक छोर संभाले रखा। | 6 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस ने पवन कुमार बंसल और अश्विनी कुमार को केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाए जाने को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी का ‘संयुक्त फैसला’ बताते हुए रविवार को इन रिपोर्टों को खारिज किया कि पार्टी अध्यक्ष के जोर देने पर यह कार्रवाई की गई है।
पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने कहा, ‘‘मीडिया के एक हिस्से में यह समाचार आया है कि कांग्रेस अध्यक्ष के जोर देने पर केंद्रीय मंत्रिमंडल से दो मंत्रियों के इस्तीफे हुए। यह सच नहीं है। वास्तविक स्थिति यह है कि यह प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष का संयुक्त निर्णय था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सचाई यह है कि यह कांग्रेस अध्यक्ष और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का संयुक्त फैसला था।’’ कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख द्विवेदी का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कुछ ऐसी खबरें आयी थीं जिनसे लग रहा था कि कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा बंसल और कुमार के पदों पर बने रहने पर नाराजगी जाहिर किए जाने के बाद शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने अपने करीबी समझे जाने वाले दोनों कैबिनेट मंत्रियों बंसल और कुमार को इस्तीफा देने को कहा।
इन खबरों को लेकर प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा था, ‘‘क्या प्रधानमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल के बारे में फैसला करने का भी अधिकार त्याग दिया है? दो मंत्रियों को हटाए जाने के संबंध में आज की खबरें सामान्य तौर पर इस बात पर जोर दे रही हैं कि यह सोनिया जी हैं जिन्होंने ‘‘पीएम के दो आदमियों’’ को हटाया है।’’
आडवाणी ने अपने ब्लॉग पर लिखा, ‘‘आत्मसम्मान का तकाजा है कि प्रधानमंत्री समय पूर्व आम चुनाव का आदेश दें।’’
रिपोर्टों में कहा गया था कि सोनिया गांधी की प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ मुलाकात हुई और समझा जाता है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने रेलमंत्री बंसल और विधि मंत्री कुमार के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने को लेकर जनता के बीच बन रही अवधारणा पर पार्टी की असहजता जाहिर की।टिप्पणियां
बंसल ने कथित रूप से रेलवे बोर्ड में पदोन्नतियों के लिए 90 लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार करने के मामले में पिछले सप्ताह अपने भांजे विजय सिंगला की गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया था। दूसरी ओर कुमार ने कोल ब्लाक आवंटन घोटाले में सीबीआई की रिपोर्ट में हस्तक्षेप से पैदा हुए विवाद को लेकर पद छोड़ा।
इस मुद्दे को लेकर संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण का पूरा समय व्यर्थ चला गया। इस दौरान विपक्ष प्रधानमंत्री के इस्तीफे तथा विधि मंत्री को हटाने की मांग पर अड़ा रहा।
पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने कहा, ‘‘मीडिया के एक हिस्से में यह समाचार आया है कि कांग्रेस अध्यक्ष के जोर देने पर केंद्रीय मंत्रिमंडल से दो मंत्रियों के इस्तीफे हुए। यह सच नहीं है। वास्तविक स्थिति यह है कि यह प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष का संयुक्त निर्णय था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सचाई यह है कि यह कांग्रेस अध्यक्ष और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का संयुक्त फैसला था।’’ कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख द्विवेदी का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कुछ ऐसी खबरें आयी थीं जिनसे लग रहा था कि कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा बंसल और कुमार के पदों पर बने रहने पर नाराजगी जाहिर किए जाने के बाद शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने अपने करीबी समझे जाने वाले दोनों कैबिनेट मंत्रियों बंसल और कुमार को इस्तीफा देने को कहा।
इन खबरों को लेकर प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा था, ‘‘क्या प्रधानमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल के बारे में फैसला करने का भी अधिकार त्याग दिया है? दो मंत्रियों को हटाए जाने के संबंध में आज की खबरें सामान्य तौर पर इस बात पर जोर दे रही हैं कि यह सोनिया जी हैं जिन्होंने ‘‘पीएम के दो आदमियों’’ को हटाया है।’’
आडवाणी ने अपने ब्लॉग पर लिखा, ‘‘आत्मसम्मान का तकाजा है कि प्रधानमंत्री समय पूर्व आम चुनाव का आदेश दें।’’
रिपोर्टों में कहा गया था कि सोनिया गांधी की प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ मुलाकात हुई और समझा जाता है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने रेलमंत्री बंसल और विधि मंत्री कुमार के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने को लेकर जनता के बीच बन रही अवधारणा पर पार्टी की असहजता जाहिर की।टिप्पणियां
बंसल ने कथित रूप से रेलवे बोर्ड में पदोन्नतियों के लिए 90 लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार करने के मामले में पिछले सप्ताह अपने भांजे विजय सिंगला की गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया था। दूसरी ओर कुमार ने कोल ब्लाक आवंटन घोटाले में सीबीआई की रिपोर्ट में हस्तक्षेप से पैदा हुए विवाद को लेकर पद छोड़ा।
इस मुद्दे को लेकर संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण का पूरा समय व्यर्थ चला गया। इस दौरान विपक्ष प्रधानमंत्री के इस्तीफे तथा विधि मंत्री को हटाने की मांग पर अड़ा रहा।
उन्होंने कहा, ‘‘सचाई यह है कि यह कांग्रेस अध्यक्ष और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का संयुक्त फैसला था।’’ कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख द्विवेदी का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कुछ ऐसी खबरें आयी थीं जिनसे लग रहा था कि कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा बंसल और कुमार के पदों पर बने रहने पर नाराजगी जाहिर किए जाने के बाद शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने अपने करीबी समझे जाने वाले दोनों कैबिनेट मंत्रियों बंसल और कुमार को इस्तीफा देने को कहा।
इन खबरों को लेकर प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा था, ‘‘क्या प्रधानमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल के बारे में फैसला करने का भी अधिकार त्याग दिया है? दो मंत्रियों को हटाए जाने के संबंध में आज की खबरें सामान्य तौर पर इस बात पर जोर दे रही हैं कि यह सोनिया जी हैं जिन्होंने ‘‘पीएम के दो आदमियों’’ को हटाया है।’’
आडवाणी ने अपने ब्लॉग पर लिखा, ‘‘आत्मसम्मान का तकाजा है कि प्रधानमंत्री समय पूर्व आम चुनाव का आदेश दें।’’
रिपोर्टों में कहा गया था कि सोनिया गांधी की प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ मुलाकात हुई और समझा जाता है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने रेलमंत्री बंसल और विधि मंत्री कुमार के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने को लेकर जनता के बीच बन रही अवधारणा पर पार्टी की असहजता जाहिर की।टिप्पणियां
बंसल ने कथित रूप से रेलवे बोर्ड में पदोन्नतियों के लिए 90 लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार करने के मामले में पिछले सप्ताह अपने भांजे विजय सिंगला की गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया था। दूसरी ओर कुमार ने कोल ब्लाक आवंटन घोटाले में सीबीआई की रिपोर्ट में हस्तक्षेप से पैदा हुए विवाद को लेकर पद छोड़ा।
इस मुद्दे को लेकर संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण का पूरा समय व्यर्थ चला गया। इस दौरान विपक्ष प्रधानमंत्री के इस्तीफे तथा विधि मंत्री को हटाने की मांग पर अड़ा रहा।
इन खबरों को लेकर प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा था, ‘‘क्या प्रधानमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल के बारे में फैसला करने का भी अधिकार त्याग दिया है? दो मंत्रियों को हटाए जाने के संबंध में आज की खबरें सामान्य तौर पर इस बात पर जोर दे रही हैं कि यह सोनिया जी हैं जिन्होंने ‘‘पीएम के दो आदमियों’’ को हटाया है।’’
आडवाणी ने अपने ब्लॉग पर लिखा, ‘‘आत्मसम्मान का तकाजा है कि प्रधानमंत्री समय पूर्व आम चुनाव का आदेश दें।’’
रिपोर्टों में कहा गया था कि सोनिया गांधी की प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ मुलाकात हुई और समझा जाता है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने रेलमंत्री बंसल और विधि मंत्री कुमार के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने को लेकर जनता के बीच बन रही अवधारणा पर पार्टी की असहजता जाहिर की।टिप्पणियां
बंसल ने कथित रूप से रेलवे बोर्ड में पदोन्नतियों के लिए 90 लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार करने के मामले में पिछले सप्ताह अपने भांजे विजय सिंगला की गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया था। दूसरी ओर कुमार ने कोल ब्लाक आवंटन घोटाले में सीबीआई की रिपोर्ट में हस्तक्षेप से पैदा हुए विवाद को लेकर पद छोड़ा।
इस मुद्दे को लेकर संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण का पूरा समय व्यर्थ चला गया। इस दौरान विपक्ष प्रधानमंत्री के इस्तीफे तथा विधि मंत्री को हटाने की मांग पर अड़ा रहा।
आडवाणी ने अपने ब्लॉग पर लिखा, ‘‘आत्मसम्मान का तकाजा है कि प्रधानमंत्री समय पूर्व आम चुनाव का आदेश दें।’’
रिपोर्टों में कहा गया था कि सोनिया गांधी की प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ मुलाकात हुई और समझा जाता है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने रेलमंत्री बंसल और विधि मंत्री कुमार के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने को लेकर जनता के बीच बन रही अवधारणा पर पार्टी की असहजता जाहिर की।टिप्पणियां
बंसल ने कथित रूप से रेलवे बोर्ड में पदोन्नतियों के लिए 90 लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार करने के मामले में पिछले सप्ताह अपने भांजे विजय सिंगला की गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया था। दूसरी ओर कुमार ने कोल ब्लाक आवंटन घोटाले में सीबीआई की रिपोर्ट में हस्तक्षेप से पैदा हुए विवाद को लेकर पद छोड़ा।
इस मुद्दे को लेकर संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण का पूरा समय व्यर्थ चला गया। इस दौरान विपक्ष प्रधानमंत्री के इस्तीफे तथा विधि मंत्री को हटाने की मांग पर अड़ा रहा।
रिपोर्टों में कहा गया था कि सोनिया गांधी की प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ मुलाकात हुई और समझा जाता है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने रेलमंत्री बंसल और विधि मंत्री कुमार के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने को लेकर जनता के बीच बन रही अवधारणा पर पार्टी की असहजता जाहिर की।टिप्पणियां
बंसल ने कथित रूप से रेलवे बोर्ड में पदोन्नतियों के लिए 90 लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार करने के मामले में पिछले सप्ताह अपने भांजे विजय सिंगला की गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया था। दूसरी ओर कुमार ने कोल ब्लाक आवंटन घोटाले में सीबीआई की रिपोर्ट में हस्तक्षेप से पैदा हुए विवाद को लेकर पद छोड़ा।
इस मुद्दे को लेकर संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण का पूरा समय व्यर्थ चला गया। इस दौरान विपक्ष प्रधानमंत्री के इस्तीफे तथा विधि मंत्री को हटाने की मांग पर अड़ा रहा।
बंसल ने कथित रूप से रेलवे बोर्ड में पदोन्नतियों के लिए 90 लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार करने के मामले में पिछले सप्ताह अपने भांजे विजय सिंगला की गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया था। दूसरी ओर कुमार ने कोल ब्लाक आवंटन घोटाले में सीबीआई की रिपोर्ट में हस्तक्षेप से पैदा हुए विवाद को लेकर पद छोड़ा।
इस मुद्दे को लेकर संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण का पूरा समय व्यर्थ चला गया। इस दौरान विपक्ष प्रधानमंत्री के इस्तीफे तथा विधि मंत्री को हटाने की मांग पर अड़ा रहा।
इस मुद्दे को लेकर संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण का पूरा समय व्यर्थ चला गया। इस दौरान विपक्ष प्रधानमंत्री के इस्तीफे तथा विधि मंत्री को हटाने की मांग पर अड़ा रहा। | कांग्रेस ने पवन कुमार बंसल और अश्विनी कुमार को केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाए जाने को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी का ‘संयुक्त फैसला’ बताते हुए इन रिपोर्टों को खारिज किया कि पार्टी अध्यक्ष के जोर देने पर यह कार्रवाई की गई है। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उन्होंने कहा कि 'प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 1.25 लाख किलोमीटर सड़क बनाने का फ़ैसला लिया गया है. हम गांवों को मज़बूत करने का प्रयास कर रहे हैं. वित्तीय फ्राड से लोगों को बचाने का प्रावधान किया गया है. हमने लेबर रिफ़ार्म्स किए हैं जिससे 50 करोड़ कामगारों को लाभ मिलेगा. किसानों के लिए 14 सूत्रीय कार्यक्रम बनाया है.'
जेपी नड्डा ने कहा कि 'छोटे दुकानदारों को हमने पेंशन देने का फैसला किया है. इसमें तीन करोड़ दुकानदारों को फायदा मिलेगा. महिलाओं को ओवर ड्राफ़्ट लोन देने का फैसला किया है. शहीद जवानों के परिवारों के लिए छात्रवृत्ति को हमने पैरामिलेट्री और पुलिस तक बढ़ाया है.' बीजेपी नेता ने कहा कि 'हम UAPA एक्ट लेकर आए हैं जो आतंकवाद से लड़ने में कारगर साबित होगा. भारत सरकार नें 27 IRS अधिकारियों को रिटायर किया है. इससे सरकार का भ्रष्टाचार के प्रति ज़ीरो टॉलेरेंस दिखता है.'
उन्होंने कहा कि संसद में रात 10 बजे तक काम होता है. राज्यसभा में भी बिल पास हो रहे हैं. इन्फ्रास्ट्रक्चर पर पांच लाख करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा. नड्डा ने कहा कि 'POCSO एक्ट से भारत सरकार का बच्चों के लिए कमिटमेंट दिखता है. हम 50 दिनों में यह महसूस कर सकते हैं कि यह सरकार काम कर रही है. हम अपने किए सारे वादे पूरे करेंगे.'
नड्डा ने कहा कि 100 दिनों के कामकाज का ब्योरा देने की प्रथा है पर हम पहली बार 50 दिनों का ब्योरा दे रहे हैं. | कहा- सबको घर, सबको गैस देने का फैसला सबसे महत्वपूर्ण
सन 2024 तक सभी ग्रामीण क्षेत्रों के घरों को नल का जल देंगे
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से 1.25 लाख किलोमीटर सड़क बनेगी | 1 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हालांकि मोदी के इस फैसले को अलग-अलग प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं. आरबीआई के पूर्व मुख्य अर्थशास्त्री नरेंद्र जाधव कहते हैं - इस तरह के हंगामे के लिए कभी कोई तैयार नहीं रहता - लेकिन यह रचनात्मक हंगामा है. जाधव फिलहाल राज्यसभा में बीजेपी के सांसद हैं.
8 नवंबर को पीएम मोदी के नोटबंदी के फैसले के तुरंत बाद अधिया ने ट्वीट किया था - कालेधन पर लगाम कसने के लिए यह सरकार का सबसे बड़ा और बोल्ड कदम है. गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव 2014 के दौरान मोदी ने अपने अभियान में काले धन को देश में वापस लाने का वादा किया था. पीएम के एक करीबी सहयोगी ने बताया कि पिछले एक साल से ज्यादा समय से पीएम मोदी, वित्त मंत्रालय के अधिकारियों, रिजर्व बैंक और विचारकों से इस पर शोध करने को कह रहे थे कि किस तरह काले धन के खिलाफ लड़ाई को आगे बढ़ाया जाए.
उन्होंने जिन सवालों के जवाब मांगे उनमें से कुछ ऐसे थे - भारत कितनी जल्दी नए नोट छाप सकता है. उनका वितरण कैसे किया जाएगा, क्या नई जमा राशि से राष्ट्रीय बैंकों को फायदा होगा और नोटबंदी से आखिर किसको फायदा होगा? इन सभी विषयों को अलग-अलग रखा गया ताकि किसी को शक न हो कि नोटबंदी या नए नोटों को लाने जैसी कोई योजना बनाई जा रही है.
इस अभियान से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं, 'हम सारे पत्ते नहीं खोलना चाहते थे. अगर किसी को जरा सी भी भनक लग जाती तो सारी मेहनत बेकार हो जाती.' अधिया की अगुवाई में रिसर्चरों की टीम ने एक अनुमानित अभ्यास भी किया जिसमें इस फैसले के प्रभाव का अनुमान लगाया गया. इस टीम में डाटा और वित्त आकलन करने वाले युवा शामिल थे, इनमें से कुछ वह थे जो पीएम मोदी का सोशल मीडिया एकाउंट और वह स्मार्टफोन ऐप संभालते हैं जिससे पीएम जनता की राय मांगते हैं. हालांकि इस बड़ी योजना और तैयारियों के बावजूद पीएम मोदी और अधिया जानते थे कि जरूरी नहीं कि हर अंदाजा सही हो और इसलिए उन्हें संभलकर चलने की जरूरत है.
तमाम तैयारियों के बावजूद ऐलान के बाद जनता को असुविधा तो हो रही है और एटीएम के बाहर लाइनें एक महीने बाद भी खत्म नहीं हुई हैं. वैसे भी यह जाहिर बात है कि अगर सब कुछ ठीक भी रहता तो भारत में बैंकनोट छापने वाली चार प्रेस को 500 और 2000 के नए नोट छापकर उन्हें वितरण प्रणाली में लाने में कम से कम तीन महीने तो लगने ही थे.
हालांकि गोपनीयता रखने के इस मिशन में कुछ खामियां रह गईं. अप्रैल में ही भारतीय स्टेट बैंक के विश्लेषकों ने कहा था कि बड़े नोटों को बंद किया जा सकता है. भारतीय रिजर्व बैंक ने भी मई में कहा था कि वह नए मूल्यों के नोट जल्दी ही लाने वाला है और अगस्त में इसकी पुष्टि हो गई जब बैंक ने घोषणा की कि उसने 2000 के नए नोट की डिजाइन पर मुहर लगा दी है. प्रिटिंग प्रेस ने अपना काम शुरू ही किया था कि अक्टूबर के आखिरी दिनों में मीडिया ने इससे जुड़ी खबरें भी छापनी शुरू कर दी थीं.टिप्पणियां
इस मामले में जानकारी रखने वाले एक और शख्स ने नाम न बताए जाने की शर्त पर कहा 'योजना तो 18 नवंबर की थी लेकिन ऐसा साफ लगने लगा था कि यह खबर पहले ही लीक हो जाएगी.' वित्त मंत्रालय में भी कुछ अधिकारियों ने इस मामले पर चर्चा के दौरान बड़े नोटों को बंद करने के इरादे पर शंका जताई थी. अधिया को इस योजना का अहम हिस्सा बनाए जाने की बात जानकर कुछ अधिकारी अब नाराज भी हैं.
कहा तो यह भी जा रहा है कि वक्त पर नए नोटों का बाजार में नहीं आना योजना को असफल बनाता है. कुछ और आलोचक यह भी कह रहे हैं कि अधिया की टीम ने बाहर वालों की सलाह पर ध्यान न देकर सबसे बड़ी गलती की है.
रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय में काम कर चुके एक पूर्व उच्च अधिकारी के शब्दों में कहें तो 'इन लोगों को पता ही नहीं है कि बाहरी दुनिया में क्या हो रहा है.'
8 नवंबर को पीएम मोदी के नोटबंदी के फैसले के तुरंत बाद अधिया ने ट्वीट किया था - कालेधन पर लगाम कसने के लिए यह सरकार का सबसे बड़ा और बोल्ड कदम है. गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव 2014 के दौरान मोदी ने अपने अभियान में काले धन को देश में वापस लाने का वादा किया था. पीएम के एक करीबी सहयोगी ने बताया कि पिछले एक साल से ज्यादा समय से पीएम मोदी, वित्त मंत्रालय के अधिकारियों, रिजर्व बैंक और विचारकों से इस पर शोध करने को कह रहे थे कि किस तरह काले धन के खिलाफ लड़ाई को आगे बढ़ाया जाए.
उन्होंने जिन सवालों के जवाब मांगे उनमें से कुछ ऐसे थे - भारत कितनी जल्दी नए नोट छाप सकता है. उनका वितरण कैसे किया जाएगा, क्या नई जमा राशि से राष्ट्रीय बैंकों को फायदा होगा और नोटबंदी से आखिर किसको फायदा होगा? इन सभी विषयों को अलग-अलग रखा गया ताकि किसी को शक न हो कि नोटबंदी या नए नोटों को लाने जैसी कोई योजना बनाई जा रही है.
इस अभियान से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं, 'हम सारे पत्ते नहीं खोलना चाहते थे. अगर किसी को जरा सी भी भनक लग जाती तो सारी मेहनत बेकार हो जाती.' अधिया की अगुवाई में रिसर्चरों की टीम ने एक अनुमानित अभ्यास भी किया जिसमें इस फैसले के प्रभाव का अनुमान लगाया गया. इस टीम में डाटा और वित्त आकलन करने वाले युवा शामिल थे, इनमें से कुछ वह थे जो पीएम मोदी का सोशल मीडिया एकाउंट और वह स्मार्टफोन ऐप संभालते हैं जिससे पीएम जनता की राय मांगते हैं. हालांकि इस बड़ी योजना और तैयारियों के बावजूद पीएम मोदी और अधिया जानते थे कि जरूरी नहीं कि हर अंदाजा सही हो और इसलिए उन्हें संभलकर चलने की जरूरत है.
तमाम तैयारियों के बावजूद ऐलान के बाद जनता को असुविधा तो हो रही है और एटीएम के बाहर लाइनें एक महीने बाद भी खत्म नहीं हुई हैं. वैसे भी यह जाहिर बात है कि अगर सब कुछ ठीक भी रहता तो भारत में बैंकनोट छापने वाली चार प्रेस को 500 और 2000 के नए नोट छापकर उन्हें वितरण प्रणाली में लाने में कम से कम तीन महीने तो लगने ही थे.
हालांकि गोपनीयता रखने के इस मिशन में कुछ खामियां रह गईं. अप्रैल में ही भारतीय स्टेट बैंक के विश्लेषकों ने कहा था कि बड़े नोटों को बंद किया जा सकता है. भारतीय रिजर्व बैंक ने भी मई में कहा था कि वह नए मूल्यों के नोट जल्दी ही लाने वाला है और अगस्त में इसकी पुष्टि हो गई जब बैंक ने घोषणा की कि उसने 2000 के नए नोट की डिजाइन पर मुहर लगा दी है. प्रिटिंग प्रेस ने अपना काम शुरू ही किया था कि अक्टूबर के आखिरी दिनों में मीडिया ने इससे जुड़ी खबरें भी छापनी शुरू कर दी थीं.टिप्पणियां
इस मामले में जानकारी रखने वाले एक और शख्स ने नाम न बताए जाने की शर्त पर कहा 'योजना तो 18 नवंबर की थी लेकिन ऐसा साफ लगने लगा था कि यह खबर पहले ही लीक हो जाएगी.' वित्त मंत्रालय में भी कुछ अधिकारियों ने इस मामले पर चर्चा के दौरान बड़े नोटों को बंद करने के इरादे पर शंका जताई थी. अधिया को इस योजना का अहम हिस्सा बनाए जाने की बात जानकर कुछ अधिकारी अब नाराज भी हैं.
कहा तो यह भी जा रहा है कि वक्त पर नए नोटों का बाजार में नहीं आना योजना को असफल बनाता है. कुछ और आलोचक यह भी कह रहे हैं कि अधिया की टीम ने बाहर वालों की सलाह पर ध्यान न देकर सबसे बड़ी गलती की है.
रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय में काम कर चुके एक पूर्व उच्च अधिकारी के शब्दों में कहें तो 'इन लोगों को पता ही नहीं है कि बाहरी दुनिया में क्या हो रहा है.'
उन्होंने जिन सवालों के जवाब मांगे उनमें से कुछ ऐसे थे - भारत कितनी जल्दी नए नोट छाप सकता है. उनका वितरण कैसे किया जाएगा, क्या नई जमा राशि से राष्ट्रीय बैंकों को फायदा होगा और नोटबंदी से आखिर किसको फायदा होगा? इन सभी विषयों को अलग-अलग रखा गया ताकि किसी को शक न हो कि नोटबंदी या नए नोटों को लाने जैसी कोई योजना बनाई जा रही है.
इस अभियान से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं, 'हम सारे पत्ते नहीं खोलना चाहते थे. अगर किसी को जरा सी भी भनक लग जाती तो सारी मेहनत बेकार हो जाती.' अधिया की अगुवाई में रिसर्चरों की टीम ने एक अनुमानित अभ्यास भी किया जिसमें इस फैसले के प्रभाव का अनुमान लगाया गया. इस टीम में डाटा और वित्त आकलन करने वाले युवा शामिल थे, इनमें से कुछ वह थे जो पीएम मोदी का सोशल मीडिया एकाउंट और वह स्मार्टफोन ऐप संभालते हैं जिससे पीएम जनता की राय मांगते हैं. हालांकि इस बड़ी योजना और तैयारियों के बावजूद पीएम मोदी और अधिया जानते थे कि जरूरी नहीं कि हर अंदाजा सही हो और इसलिए उन्हें संभलकर चलने की जरूरत है.
तमाम तैयारियों के बावजूद ऐलान के बाद जनता को असुविधा तो हो रही है और एटीएम के बाहर लाइनें एक महीने बाद भी खत्म नहीं हुई हैं. वैसे भी यह जाहिर बात है कि अगर सब कुछ ठीक भी रहता तो भारत में बैंकनोट छापने वाली चार प्रेस को 500 और 2000 के नए नोट छापकर उन्हें वितरण प्रणाली में लाने में कम से कम तीन महीने तो लगने ही थे.
हालांकि गोपनीयता रखने के इस मिशन में कुछ खामियां रह गईं. अप्रैल में ही भारतीय स्टेट बैंक के विश्लेषकों ने कहा था कि बड़े नोटों को बंद किया जा सकता है. भारतीय रिजर्व बैंक ने भी मई में कहा था कि वह नए मूल्यों के नोट जल्दी ही लाने वाला है और अगस्त में इसकी पुष्टि हो गई जब बैंक ने घोषणा की कि उसने 2000 के नए नोट की डिजाइन पर मुहर लगा दी है. प्रिटिंग प्रेस ने अपना काम शुरू ही किया था कि अक्टूबर के आखिरी दिनों में मीडिया ने इससे जुड़ी खबरें भी छापनी शुरू कर दी थीं.टिप्पणियां
इस मामले में जानकारी रखने वाले एक और शख्स ने नाम न बताए जाने की शर्त पर कहा 'योजना तो 18 नवंबर की थी लेकिन ऐसा साफ लगने लगा था कि यह खबर पहले ही लीक हो जाएगी.' वित्त मंत्रालय में भी कुछ अधिकारियों ने इस मामले पर चर्चा के दौरान बड़े नोटों को बंद करने के इरादे पर शंका जताई थी. अधिया को इस योजना का अहम हिस्सा बनाए जाने की बात जानकर कुछ अधिकारी अब नाराज भी हैं.
कहा तो यह भी जा रहा है कि वक्त पर नए नोटों का बाजार में नहीं आना योजना को असफल बनाता है. कुछ और आलोचक यह भी कह रहे हैं कि अधिया की टीम ने बाहर वालों की सलाह पर ध्यान न देकर सबसे बड़ी गलती की है.
रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय में काम कर चुके एक पूर्व उच्च अधिकारी के शब्दों में कहें तो 'इन लोगों को पता ही नहीं है कि बाहरी दुनिया में क्या हो रहा है.'
इस अभियान से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं, 'हम सारे पत्ते नहीं खोलना चाहते थे. अगर किसी को जरा सी भी भनक लग जाती तो सारी मेहनत बेकार हो जाती.' अधिया की अगुवाई में रिसर्चरों की टीम ने एक अनुमानित अभ्यास भी किया जिसमें इस फैसले के प्रभाव का अनुमान लगाया गया. इस टीम में डाटा और वित्त आकलन करने वाले युवा शामिल थे, इनमें से कुछ वह थे जो पीएम मोदी का सोशल मीडिया एकाउंट और वह स्मार्टफोन ऐप संभालते हैं जिससे पीएम जनता की राय मांगते हैं. हालांकि इस बड़ी योजना और तैयारियों के बावजूद पीएम मोदी और अधिया जानते थे कि जरूरी नहीं कि हर अंदाजा सही हो और इसलिए उन्हें संभलकर चलने की जरूरत है.
तमाम तैयारियों के बावजूद ऐलान के बाद जनता को असुविधा तो हो रही है और एटीएम के बाहर लाइनें एक महीने बाद भी खत्म नहीं हुई हैं. वैसे भी यह जाहिर बात है कि अगर सब कुछ ठीक भी रहता तो भारत में बैंकनोट छापने वाली चार प्रेस को 500 और 2000 के नए नोट छापकर उन्हें वितरण प्रणाली में लाने में कम से कम तीन महीने तो लगने ही थे.
हालांकि गोपनीयता रखने के इस मिशन में कुछ खामियां रह गईं. अप्रैल में ही भारतीय स्टेट बैंक के विश्लेषकों ने कहा था कि बड़े नोटों को बंद किया जा सकता है. भारतीय रिजर्व बैंक ने भी मई में कहा था कि वह नए मूल्यों के नोट जल्दी ही लाने वाला है और अगस्त में इसकी पुष्टि हो गई जब बैंक ने घोषणा की कि उसने 2000 के नए नोट की डिजाइन पर मुहर लगा दी है. प्रिटिंग प्रेस ने अपना काम शुरू ही किया था कि अक्टूबर के आखिरी दिनों में मीडिया ने इससे जुड़ी खबरें भी छापनी शुरू कर दी थीं.टिप्पणियां
इस मामले में जानकारी रखने वाले एक और शख्स ने नाम न बताए जाने की शर्त पर कहा 'योजना तो 18 नवंबर की थी लेकिन ऐसा साफ लगने लगा था कि यह खबर पहले ही लीक हो जाएगी.' वित्त मंत्रालय में भी कुछ अधिकारियों ने इस मामले पर चर्चा के दौरान बड़े नोटों को बंद करने के इरादे पर शंका जताई थी. अधिया को इस योजना का अहम हिस्सा बनाए जाने की बात जानकर कुछ अधिकारी अब नाराज भी हैं.
कहा तो यह भी जा रहा है कि वक्त पर नए नोटों का बाजार में नहीं आना योजना को असफल बनाता है. कुछ और आलोचक यह भी कह रहे हैं कि अधिया की टीम ने बाहर वालों की सलाह पर ध्यान न देकर सबसे बड़ी गलती की है.
रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय में काम कर चुके एक पूर्व उच्च अधिकारी के शब्दों में कहें तो 'इन लोगों को पता ही नहीं है कि बाहरी दुनिया में क्या हो रहा है.'
तमाम तैयारियों के बावजूद ऐलान के बाद जनता को असुविधा तो हो रही है और एटीएम के बाहर लाइनें एक महीने बाद भी खत्म नहीं हुई हैं. वैसे भी यह जाहिर बात है कि अगर सब कुछ ठीक भी रहता तो भारत में बैंकनोट छापने वाली चार प्रेस को 500 और 2000 के नए नोट छापकर उन्हें वितरण प्रणाली में लाने में कम से कम तीन महीने तो लगने ही थे.
हालांकि गोपनीयता रखने के इस मिशन में कुछ खामियां रह गईं. अप्रैल में ही भारतीय स्टेट बैंक के विश्लेषकों ने कहा था कि बड़े नोटों को बंद किया जा सकता है. भारतीय रिजर्व बैंक ने भी मई में कहा था कि वह नए मूल्यों के नोट जल्दी ही लाने वाला है और अगस्त में इसकी पुष्टि हो गई जब बैंक ने घोषणा की कि उसने 2000 के नए नोट की डिजाइन पर मुहर लगा दी है. प्रिटिंग प्रेस ने अपना काम शुरू ही किया था कि अक्टूबर के आखिरी दिनों में मीडिया ने इससे जुड़ी खबरें भी छापनी शुरू कर दी थीं.टिप्पणियां
इस मामले में जानकारी रखने वाले एक और शख्स ने नाम न बताए जाने की शर्त पर कहा 'योजना तो 18 नवंबर की थी लेकिन ऐसा साफ लगने लगा था कि यह खबर पहले ही लीक हो जाएगी.' वित्त मंत्रालय में भी कुछ अधिकारियों ने इस मामले पर चर्चा के दौरान बड़े नोटों को बंद करने के इरादे पर शंका जताई थी. अधिया को इस योजना का अहम हिस्सा बनाए जाने की बात जानकर कुछ अधिकारी अब नाराज भी हैं.
कहा तो यह भी जा रहा है कि वक्त पर नए नोटों का बाजार में नहीं आना योजना को असफल बनाता है. कुछ और आलोचक यह भी कह रहे हैं कि अधिया की टीम ने बाहर वालों की सलाह पर ध्यान न देकर सबसे बड़ी गलती की है.
रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय में काम कर चुके एक पूर्व उच्च अधिकारी के शब्दों में कहें तो 'इन लोगों को पता ही नहीं है कि बाहरी दुनिया में क्या हो रहा है.'
हालांकि गोपनीयता रखने के इस मिशन में कुछ खामियां रह गईं. अप्रैल में ही भारतीय स्टेट बैंक के विश्लेषकों ने कहा था कि बड़े नोटों को बंद किया जा सकता है. भारतीय रिजर्व बैंक ने भी मई में कहा था कि वह नए मूल्यों के नोट जल्दी ही लाने वाला है और अगस्त में इसकी पुष्टि हो गई जब बैंक ने घोषणा की कि उसने 2000 के नए नोट की डिजाइन पर मुहर लगा दी है. प्रिटिंग प्रेस ने अपना काम शुरू ही किया था कि अक्टूबर के आखिरी दिनों में मीडिया ने इससे जुड़ी खबरें भी छापनी शुरू कर दी थीं.टिप्पणियां
इस मामले में जानकारी रखने वाले एक और शख्स ने नाम न बताए जाने की शर्त पर कहा 'योजना तो 18 नवंबर की थी लेकिन ऐसा साफ लगने लगा था कि यह खबर पहले ही लीक हो जाएगी.' वित्त मंत्रालय में भी कुछ अधिकारियों ने इस मामले पर चर्चा के दौरान बड़े नोटों को बंद करने के इरादे पर शंका जताई थी. अधिया को इस योजना का अहम हिस्सा बनाए जाने की बात जानकर कुछ अधिकारी अब नाराज भी हैं.
कहा तो यह भी जा रहा है कि वक्त पर नए नोटों का बाजार में नहीं आना योजना को असफल बनाता है. कुछ और आलोचक यह भी कह रहे हैं कि अधिया की टीम ने बाहर वालों की सलाह पर ध्यान न देकर सबसे बड़ी गलती की है.
रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय में काम कर चुके एक पूर्व उच्च अधिकारी के शब्दों में कहें तो 'इन लोगों को पता ही नहीं है कि बाहरी दुनिया में क्या हो रहा है.'
इस मामले में जानकारी रखने वाले एक और शख्स ने नाम न बताए जाने की शर्त पर कहा 'योजना तो 18 नवंबर की थी लेकिन ऐसा साफ लगने लगा था कि यह खबर पहले ही लीक हो जाएगी.' वित्त मंत्रालय में भी कुछ अधिकारियों ने इस मामले पर चर्चा के दौरान बड़े नोटों को बंद करने के इरादे पर शंका जताई थी. अधिया को इस योजना का अहम हिस्सा बनाए जाने की बात जानकर कुछ अधिकारी अब नाराज भी हैं.
कहा तो यह भी जा रहा है कि वक्त पर नए नोटों का बाजार में नहीं आना योजना को असफल बनाता है. कुछ और आलोचक यह भी कह रहे हैं कि अधिया की टीम ने बाहर वालों की सलाह पर ध्यान न देकर सबसे बड़ी गलती की है.
रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय में काम कर चुके एक पूर्व उच्च अधिकारी के शब्दों में कहें तो 'इन लोगों को पता ही नहीं है कि बाहरी दुनिया में क्या हो रहा है.'
कहा तो यह भी जा रहा है कि वक्त पर नए नोटों का बाजार में नहीं आना योजना को असफल बनाता है. कुछ और आलोचक यह भी कह रहे हैं कि अधिया की टीम ने बाहर वालों की सलाह पर ध्यान न देकर सबसे बड़ी गलती की है.
रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय में काम कर चुके एक पूर्व उच्च अधिकारी के शब्दों में कहें तो 'इन लोगों को पता ही नहीं है कि बाहरी दुनिया में क्या हो रहा है.' | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: हंसमुख अधिया वित्त मंत्रालय में राजस्व सचिव हैं
मोदी जब गुजरात के सीएम थे तब हंसमुख प्रधान सचिव थे
अधिया, नोटबंदी योजना की टीम का नेतृ्त्व कर रहे थे | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों में तेजी को ‘परेशान करने वाला’ बताया है। साथ में वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि घरेलू अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभावों के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।टिप्पणियां
मुखर्जी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कच्चे तेल की कीमतों में तेजी परेशान करने वाली है पर अभी यह कहना जल्दबाजी होगा कि इससे किस क्षेत्र पर क्या असर पड़ेगा।’’ उल्लेखनीय है कि ईरान के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम की वजह से पश्चिम के देशों के साथ उसके तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें फिर तेजी से बढ़ रही हैं। कच्चा तेल फिर 125 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर निकल गया है।
इस बीच, पेट्रोलियम मंत्री एस जयपाल रेड्डी ने कहा है कि भारत पर ईरान से कच्चे तेल खरीदने को लेकर किसी तरह का बाहरी दबाव नहीं है और इस मामले में सिर्फ संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को लागू किया जाएगा। अमेरिका और यूरोपीय देशों के ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों को खारिज करते हुए रेड्डी ने कहा, ‘‘हम सिर्फ संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों का सम्मान करते हैं। किसी और प्रतिबंध को हम नहीं मानेंगे।’’
मुखर्जी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कच्चे तेल की कीमतों में तेजी परेशान करने वाली है पर अभी यह कहना जल्दबाजी होगा कि इससे किस क्षेत्र पर क्या असर पड़ेगा।’’ उल्लेखनीय है कि ईरान के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम की वजह से पश्चिम के देशों के साथ उसके तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें फिर तेजी से बढ़ रही हैं। कच्चा तेल फिर 125 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर निकल गया है।
इस बीच, पेट्रोलियम मंत्री एस जयपाल रेड्डी ने कहा है कि भारत पर ईरान से कच्चे तेल खरीदने को लेकर किसी तरह का बाहरी दबाव नहीं है और इस मामले में सिर्फ संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को लागू किया जाएगा। अमेरिका और यूरोपीय देशों के ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों को खारिज करते हुए रेड्डी ने कहा, ‘‘हम सिर्फ संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों का सम्मान करते हैं। किसी और प्रतिबंध को हम नहीं मानेंगे।’’
इस बीच, पेट्रोलियम मंत्री एस जयपाल रेड्डी ने कहा है कि भारत पर ईरान से कच्चे तेल खरीदने को लेकर किसी तरह का बाहरी दबाव नहीं है और इस मामले में सिर्फ संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को लागू किया जाएगा। अमेरिका और यूरोपीय देशों के ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों को खारिज करते हुए रेड्डी ने कहा, ‘‘हम सिर्फ संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों का सम्मान करते हैं। किसी और प्रतिबंध को हम नहीं मानेंगे।’’ | संक्षिप्त पाठ: वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों में तेजी को ‘परेशान करने वाला’ बताया है। | 27 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान ने कहा कि विदेशी बैंकों में जमा काले धन की वापसी और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बाबा रामदेव की प्रस्तावित भूख हड़ताल राजनीति से प्रेरित है और वह इस आंदोलन का समर्थन नहीं करेंगे। खान अपनी अगली फिल्म रा-वन के ट्रेलर के रिलीज होने के मौके पर संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा, कोई सपोर्ट नहीं करूंगा... उनका एजेंडा है... जैसे ही कोई नेता हो जाता है, वह यह सब करने लगता है। उन्होंने कहा, जो जिसका काम हो, उसको वह करना चाहिए... अगर कोई नेता बनकर करना चाहता है तो यह कोई मुद्दा उठाने का उचित तरीका नहीं है। अगर कोई राजनेता बनने का प्रयास कर रहा है तो यह उचित तरीका नहीं है। 2जी घोटाले और संबंधित मुद्दों की पृष्ठभूमि में खान ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में भ्रष्टाचार की मौजूदा घटनाओं से उन्हें दुख हुआ है। यह पूछे जाने पर कि क्या वह राजनेता बनना चाहते हैं, खान ने इससे इनकार किया और कहा, आप क्यों सोचते हैं कि मैं राजनीति में शामिल हो रहा हूं। आप यह क्यों नहीं कल्पना करते कि कोई नेता फिल्म उद्योग में शामिल हो रहा है? उन्होंने कहा, मैं एक स्वार्थी व्यक्ति हूं जो बॉलीवुड और आम लोगों के बीच अपने प्रशंसकों से बड़े पैमाने पर सराहना पाना चाहता है। उन्होंने कहा कि वह राजनीति नहीं समझते। | संक्षिप्त पाठ: शाहरुख ने कहा कि काले धन और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बाबा रामदेव की प्रस्तावित भूख हड़ताल राजनीति से प्रेरित है। | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अभिनेता और फिल्म निर्माता जॉन अब्राहम बेहिचक होकर कहते हैं कि उनके लिए फिल्म की व्यावसायिक सफलता से ज्यादा महत्वपूर्ण समीक्षकों की प्रशंसा है। उन्होंने कहा कि वह अलग-अलग विषयों पर फिल्में बनाना चाहते हैं, जिनको बाद तक याद रखा जाए।
जॉन ने फिल्म 'विक्की डोनर' से फिल्म निर्माण के क्षेत्र में कदम रखा था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रहने के साथ-साथ समीक्षकों द्वारा भी बेहद सराही गई थी और इसने राष्ट्रीय पुरस्कार भी जीता था। जॉन के निर्माण में बनी अगली फिल्म 'मद्रास कैफे' भी प्रदर्शन के लिए तैयार है।
जॉन ने बताया, "फिल्म निर्माता होने के नाते मैं फिल्मों की व्यावसायिक सफलता का ज्यादा कायल नहीं हूं। मेरे लिए समीक्षकों की सराहना महत्व रखती है। 'विक्की डोनर' और 'मद्रास कैफे' दोनों बिल्कुल अलग तरह की फिल्में हैं। मैं एक निर्माता के रूप में अलग-अलग तरह की और अच्छी फिल्में बनाना चाहता हूं, जिनकी डीवीडी आप सहेज कर रखना चाहेंगे।"टिप्पणियां
जॉन ने 'मद्रास कैफे' में मुख्य भूमिका भी निभाई है। उन्होंने कहा कि फिल्म सामान्य बजट के अन्दर बनी है, लेकिन देखने से 50 करोड़ के भारी-भरकम बजट वाली लगती है।
सुजीत सरकार निर्देशित 'मद्रास कैफे' 23 अगस्त को सिनेमाघरों में आ रही है। जॉन इस समय सह-कलाकार नरगिस फाकरी के साथ फिल्म के प्रचार में व्यस्त हैं।
जॉन ने फिल्म 'विक्की डोनर' से फिल्म निर्माण के क्षेत्र में कदम रखा था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रहने के साथ-साथ समीक्षकों द्वारा भी बेहद सराही गई थी और इसने राष्ट्रीय पुरस्कार भी जीता था। जॉन के निर्माण में बनी अगली फिल्म 'मद्रास कैफे' भी प्रदर्शन के लिए तैयार है।
जॉन ने बताया, "फिल्म निर्माता होने के नाते मैं फिल्मों की व्यावसायिक सफलता का ज्यादा कायल नहीं हूं। मेरे लिए समीक्षकों की सराहना महत्व रखती है। 'विक्की डोनर' और 'मद्रास कैफे' दोनों बिल्कुल अलग तरह की फिल्में हैं। मैं एक निर्माता के रूप में अलग-अलग तरह की और अच्छी फिल्में बनाना चाहता हूं, जिनकी डीवीडी आप सहेज कर रखना चाहेंगे।"टिप्पणियां
जॉन ने 'मद्रास कैफे' में मुख्य भूमिका भी निभाई है। उन्होंने कहा कि फिल्म सामान्य बजट के अन्दर बनी है, लेकिन देखने से 50 करोड़ के भारी-भरकम बजट वाली लगती है।
सुजीत सरकार निर्देशित 'मद्रास कैफे' 23 अगस्त को सिनेमाघरों में आ रही है। जॉन इस समय सह-कलाकार नरगिस फाकरी के साथ फिल्म के प्रचार में व्यस्त हैं।
जॉन ने बताया, "फिल्म निर्माता होने के नाते मैं फिल्मों की व्यावसायिक सफलता का ज्यादा कायल नहीं हूं। मेरे लिए समीक्षकों की सराहना महत्व रखती है। 'विक्की डोनर' और 'मद्रास कैफे' दोनों बिल्कुल अलग तरह की फिल्में हैं। मैं एक निर्माता के रूप में अलग-अलग तरह की और अच्छी फिल्में बनाना चाहता हूं, जिनकी डीवीडी आप सहेज कर रखना चाहेंगे।"टिप्पणियां
जॉन ने 'मद्रास कैफे' में मुख्य भूमिका भी निभाई है। उन्होंने कहा कि फिल्म सामान्य बजट के अन्दर बनी है, लेकिन देखने से 50 करोड़ के भारी-भरकम बजट वाली लगती है।
सुजीत सरकार निर्देशित 'मद्रास कैफे' 23 अगस्त को सिनेमाघरों में आ रही है। जॉन इस समय सह-कलाकार नरगिस फाकरी के साथ फिल्म के प्रचार में व्यस्त हैं।
जॉन ने 'मद्रास कैफे' में मुख्य भूमिका भी निभाई है। उन्होंने कहा कि फिल्म सामान्य बजट के अन्दर बनी है, लेकिन देखने से 50 करोड़ के भारी-भरकम बजट वाली लगती है।
सुजीत सरकार निर्देशित 'मद्रास कैफे' 23 अगस्त को सिनेमाघरों में आ रही है। जॉन इस समय सह-कलाकार नरगिस फाकरी के साथ फिल्म के प्रचार में व्यस्त हैं।
सुजीत सरकार निर्देशित 'मद्रास कैफे' 23 अगस्त को सिनेमाघरों में आ रही है। जॉन इस समय सह-कलाकार नरगिस फाकरी के साथ फिल्म के प्रचार में व्यस्त हैं। | सारांश: अभिनेता और फिल्म निर्माता जॉन अब्राहम बेहिचक होकर कहते हैं कि उनके लिए फिल्म की व्यावसायिक सफलता से ज्यादा महत्वपूर्ण समीक्षकों की प्रशंसा है। उन्होंने कहा कि वह अलग-अलग विषयों पर फिल्में बनाना चाहते हैं, जिनको बाद तक याद रखा जाए। | 7 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हम भारतीयों के लिए यह खुशी की बात है. जयपुर के प्रतिष्ठित होटल ताज रामबाग पैलेस को दुनिया के शीर्ष 10 धरोहर होटलों में शामिल किया गया है.टिप्पणियां
ब्रिटेन की प्रतिष्ठित ट्रैवल पब्लिकेशन, ‘ट्रैवल वीकली’ ने इस सप्ताह बुधवार को इसकी घोषणा की है. विश्व के शीर्ष 10 धरोहर वाले होटलों की इस रैंकिग में रामबाग पैलेस को छठा स्थान दिया गया है. इस सूची में शामिल होने वाला यह भारत का एकमात्र हेरिटेज होटल है.
रामबाग पैलेस होटल के महाप्रबंधक मनीष गुप्ता ने बताया कि यह रैंकिंग उनके होटल द्वारा प्रदान की जा रही शीर्ष लक्जरी और सेवाओं के प्रति विश्वास जताती है. इससे पूर्व रामबाग पैलेस को वर्ष 2009 में कान्डे नास्ट ट्रैवल रीडर्स अवॉर्डस द्वारा दुनिया का सर्वश्रेष्ठ होटल घोषित किया जा चुका है.
ब्रिटेन की प्रतिष्ठित ट्रैवल पब्लिकेशन, ‘ट्रैवल वीकली’ ने इस सप्ताह बुधवार को इसकी घोषणा की है. विश्व के शीर्ष 10 धरोहर वाले होटलों की इस रैंकिग में रामबाग पैलेस को छठा स्थान दिया गया है. इस सूची में शामिल होने वाला यह भारत का एकमात्र हेरिटेज होटल है.
रामबाग पैलेस होटल के महाप्रबंधक मनीष गुप्ता ने बताया कि यह रैंकिंग उनके होटल द्वारा प्रदान की जा रही शीर्ष लक्जरी और सेवाओं के प्रति विश्वास जताती है. इससे पूर्व रामबाग पैलेस को वर्ष 2009 में कान्डे नास्ट ट्रैवल रीडर्स अवॉर्डस द्वारा दुनिया का सर्वश्रेष्ठ होटल घोषित किया जा चुका है.
रामबाग पैलेस होटल के महाप्रबंधक मनीष गुप्ता ने बताया कि यह रैंकिंग उनके होटल द्वारा प्रदान की जा रही शीर्ष लक्जरी और सेवाओं के प्रति विश्वास जताती है. इससे पूर्व रामबाग पैलेस को वर्ष 2009 में कान्डे नास्ट ट्रैवल रीडर्स अवॉर्डस द्वारा दुनिया का सर्वश्रेष्ठ होटल घोषित किया जा चुका है. | संक्षिप्त पाठ: जयपुर का होटल ताज रामबाग पैलेस हैरिटेज होटल लिस्ट में टॉप 10 में
रामबाग पैलेस को छठा स्थान दिया गया है
सूची में शामिल होने वाला यह भारत का एकमात्र हेरिटेज होटल है | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गोरखपुर दौरे के दो दिन पहले कैबिनेट ने वहां नया अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री शुक्रवार को वहां एक जनसभा को संबोधित करने वाले हैं। बुधवार को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में ये फैसला लिया गया। नए एम्स का गठन प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत किया जाएगा। सरकार का अनुमान है कि इस पर कुल 1011 करोड़ रुपये खर्च होंगे।टिप्पणियां
इस नए एम्स में 750 बेड वाले अस्पताल का निर्माण किया जाएगा। इसके निर्माण से पूर्व उत्तर प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थय सुविधाएं मुहैया हो सकेंगी।
एक आधिकारिक वक्तव्य में कहा गया कि नए एम्स की स्थापना आबादी को सुपर स्पेशिएलिटी स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने के उद्देश्य को पूरा करेगी। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों का बड़ा पूल तैयार होगा, जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत तैयार की जा रही प्राथमिक और द्वितीयक स्तर की सुविधाओं के लिए उपलब्ध हो सकते हैं।
इस नए एम्स में 750 बेड वाले अस्पताल का निर्माण किया जाएगा। इसके निर्माण से पूर्व उत्तर प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थय सुविधाएं मुहैया हो सकेंगी।
एक आधिकारिक वक्तव्य में कहा गया कि नए एम्स की स्थापना आबादी को सुपर स्पेशिएलिटी स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने के उद्देश्य को पूरा करेगी। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों का बड़ा पूल तैयार होगा, जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत तैयार की जा रही प्राथमिक और द्वितीयक स्तर की सुविधाओं के लिए उपलब्ध हो सकते हैं।
एक आधिकारिक वक्तव्य में कहा गया कि नए एम्स की स्थापना आबादी को सुपर स्पेशिएलिटी स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने के उद्देश्य को पूरा करेगी। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों का बड़ा पूल तैयार होगा, जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत तैयार की जा रही प्राथमिक और द्वितीयक स्तर की सुविधाओं के लिए उपलब्ध हो सकते हैं। | यह एक सारांश है: नए एम्स का गठन प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत किया जाएगा
750 बेड वाले अस्पताल के निर्माण पर 1011 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान
पीएम नरेंद्र मोदी शुक्रवार को गोरखपुर में एक जनसभा को संबोधित करेंगे | 24 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: ग्रेटर नोएडा के देवला गांव में निर्माणाधीन मकान के सेप्टिक टैंक में नौ साल की मासूम बच्ची की गिरने से मौत हो गई. परिवार वालों का कहना है कि बच्ची शुक्रवार को खेलते हुए गायब हो गई. परिजन बच्ची को खोजते रहे पर वह नहीं मिली. बाद में निर्माणाधीन मकान के सेप्टिक टैंक में बच्ची का शव मिला. सूचना पर मौके पर पहुंची सूरजपुर थाने की पुलिस ने बच्ची को गटर के टैंक से निकाला. शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. बच्ची की मौत के बाद घर में कोहराम मचा हुआ है.
ग्रेटर नोएडा के देवला गांव में निर्माणाधीन भवन में बना सेप्टिक टैंक 9 वर्षीय मासूम रंजना के लिए मौत का कुंआ बन गया. परिजनों का कहना है कि सुबह 5 बजे के करीब रंजना घर के बाहर ही खेल रही थी. उसके बाद वह गायब हो गई. उसके परिवार वालों ने उसकी खूब तलाश की, लेकिन वह नहीं मिली. परिवार वालों ने सेप्टिक टैंक में उसको तलाशा लेकिन रंजाना नहीं मिली. लेकिन जब दोबारा परिवार वाले बच्ची को तलाशते हुए सेप्टिक टैंक के पास पहुंचे, तो टैंक बंद था. उसको खोलने पर बच्ची का शव पानी में तैरता दिखाई दिया.
इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई. परिवार वाले बच्ची की हत्या की आशंका जता रहे हैं. उनका कहना है कि यदि बच्ची खेलते हुए गटर में गिरती तो आवाज जरूर लगाती, कुछ हलचल भी होती. लेकिन जब पहले परिवार वाले देखने गए तब गटर में कुछ भी नहीं था दोबारा देखने पर बच्ची का शव मिला. बच्ची के शरीर पर कोई चोट के निशान भी नहीं हैं. यही कारण है कि परिवार वाले हत्या की आशंका जता रहे हैं.
पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि पुलिस ने बच्ची का शव सेप्टिक टैंक से बरामद किया और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव के पोस्टमार्टम के बाद ही पता चल पाएगा की मृत्यु कैसे हुई है. पुलिस उसके परिवार को आश्वासन दिया है कि सारे मामले में दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी. | संक्षिप्त पाठ: ग्रेटर नोएडा के देवला गांव में हुई घटना
निर्माणाधीन मकान के टैंक में मिला शव
पहले टैंक में कुछ नहीं था, बाद में शव मिला | 30 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सीरिया में सरकारी बलों और विद्रोहियों के बीच जारी संघर्ष में मंगलवार को कम से कम 63 लोग मारे गए हैं। इसमें 41 लोग दमिश्क में मारे गए हैं।
अलजजीरा के अनुसार, एक मानवाधिकार संगठन ने कहा है कि सीरियाई सेना के टैंकों ने दक्षिणी दमिश्क में एक शरणार्थी शिविर पर और पास के दो जिलों में भारी गोलाबारी की। युद्धक विमानों ने विद्रोहियों के कब्जे वाले एक पश्चिमोत्तर कस्बे पर बमबारी की।
ब्रिटेन स्थित सीरियन आब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने कहा है कि यरमौक में स्थित फिलिस्तीनी शिविर में और पास के तादामून और अस्साली जिलों में बुधवार सुबह टैंक तैनात किए गए।
यरमौक और तादामून, दोनों जिलों में मंगलवार देर शाम सेना और विद्रोहियों के बीच संघर्ष हुए थे।
मंगलवार को भीषण संघर्ष और सेना की गोलाबारी में दमिश्क और आसपास के इलाकों में 41 लोग मारे गए थे, जिसमें अधिकांश नागरिक थे। दूसरी ओर युद्धक विमानों ने तुर्की से लगे एक कस्बे पर बमबारी की।
सीरिया के सरकारी टेलीविजन ने मंगलवार को कहा, "सेना की कई इकाइयां दमिश्क से लगे तादामून में स्थित ओटमान मस्जिद के पास हथियारबंद आतंकवादी समूहों से संघर्ष कर रही हैं।"
इस बीच राजधानी दमिश्क के पश्चिम में ऐन अल-फिजह कस्बे में एक कार बम विस्फोट में कई व्यक्ति घायल हो गए और काफी सामान क्षतिग्रस्त हो गया।
दमिश्क के पूर्व में पूर्वी घुता इलाके में विद्रोहियों द्वारा एक सार्वजनिक इमारत पर हमला करने के बाद वहां हुए संघर्ष में कम से कम 10 सैनिक शहीद हो गए और एक विद्रोही भी मारा गया।टिप्पणियां
ऑब्जर्वेटरी ने कहा है कि सेना ने हरासता, जाबादनी, और इर्बिन सहित राजधानी के पूर्वी कस्बों में टैंकों से गोलाबारी की। इसमें कम से कम सात नागरिक मारे गए, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
सबसे खतरनाक अलेप्पो जिले में गिने-चुने नागरिक ही बचे रह गए हैं। जो बचे रह गए हैं, उन्हें हर रोज अपनी जान बचाने के लिए भागते रहना पड़ता है।
अलजजीरा के अनुसार, एक मानवाधिकार संगठन ने कहा है कि सीरियाई सेना के टैंकों ने दक्षिणी दमिश्क में एक शरणार्थी शिविर पर और पास के दो जिलों में भारी गोलाबारी की। युद्धक विमानों ने विद्रोहियों के कब्जे वाले एक पश्चिमोत्तर कस्बे पर बमबारी की।
ब्रिटेन स्थित सीरियन आब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने कहा है कि यरमौक में स्थित फिलिस्तीनी शिविर में और पास के तादामून और अस्साली जिलों में बुधवार सुबह टैंक तैनात किए गए।
यरमौक और तादामून, दोनों जिलों में मंगलवार देर शाम सेना और विद्रोहियों के बीच संघर्ष हुए थे।
मंगलवार को भीषण संघर्ष और सेना की गोलाबारी में दमिश्क और आसपास के इलाकों में 41 लोग मारे गए थे, जिसमें अधिकांश नागरिक थे। दूसरी ओर युद्धक विमानों ने तुर्की से लगे एक कस्बे पर बमबारी की।
सीरिया के सरकारी टेलीविजन ने मंगलवार को कहा, "सेना की कई इकाइयां दमिश्क से लगे तादामून में स्थित ओटमान मस्जिद के पास हथियारबंद आतंकवादी समूहों से संघर्ष कर रही हैं।"
इस बीच राजधानी दमिश्क के पश्चिम में ऐन अल-फिजह कस्बे में एक कार बम विस्फोट में कई व्यक्ति घायल हो गए और काफी सामान क्षतिग्रस्त हो गया।
दमिश्क के पूर्व में पूर्वी घुता इलाके में विद्रोहियों द्वारा एक सार्वजनिक इमारत पर हमला करने के बाद वहां हुए संघर्ष में कम से कम 10 सैनिक शहीद हो गए और एक विद्रोही भी मारा गया।टिप्पणियां
ऑब्जर्वेटरी ने कहा है कि सेना ने हरासता, जाबादनी, और इर्बिन सहित राजधानी के पूर्वी कस्बों में टैंकों से गोलाबारी की। इसमें कम से कम सात नागरिक मारे गए, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
सबसे खतरनाक अलेप्पो जिले में गिने-चुने नागरिक ही बचे रह गए हैं। जो बचे रह गए हैं, उन्हें हर रोज अपनी जान बचाने के लिए भागते रहना पड़ता है।
ब्रिटेन स्थित सीरियन आब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने कहा है कि यरमौक में स्थित फिलिस्तीनी शिविर में और पास के तादामून और अस्साली जिलों में बुधवार सुबह टैंक तैनात किए गए।
यरमौक और तादामून, दोनों जिलों में मंगलवार देर शाम सेना और विद्रोहियों के बीच संघर्ष हुए थे।
मंगलवार को भीषण संघर्ष और सेना की गोलाबारी में दमिश्क और आसपास के इलाकों में 41 लोग मारे गए थे, जिसमें अधिकांश नागरिक थे। दूसरी ओर युद्धक विमानों ने तुर्की से लगे एक कस्बे पर बमबारी की।
सीरिया के सरकारी टेलीविजन ने मंगलवार को कहा, "सेना की कई इकाइयां दमिश्क से लगे तादामून में स्थित ओटमान मस्जिद के पास हथियारबंद आतंकवादी समूहों से संघर्ष कर रही हैं।"
इस बीच राजधानी दमिश्क के पश्चिम में ऐन अल-फिजह कस्बे में एक कार बम विस्फोट में कई व्यक्ति घायल हो गए और काफी सामान क्षतिग्रस्त हो गया।
दमिश्क के पूर्व में पूर्वी घुता इलाके में विद्रोहियों द्वारा एक सार्वजनिक इमारत पर हमला करने के बाद वहां हुए संघर्ष में कम से कम 10 सैनिक शहीद हो गए और एक विद्रोही भी मारा गया।टिप्पणियां
ऑब्जर्वेटरी ने कहा है कि सेना ने हरासता, जाबादनी, और इर्बिन सहित राजधानी के पूर्वी कस्बों में टैंकों से गोलाबारी की। इसमें कम से कम सात नागरिक मारे गए, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
सबसे खतरनाक अलेप्पो जिले में गिने-चुने नागरिक ही बचे रह गए हैं। जो बचे रह गए हैं, उन्हें हर रोज अपनी जान बचाने के लिए भागते रहना पड़ता है।
यरमौक और तादामून, दोनों जिलों में मंगलवार देर शाम सेना और विद्रोहियों के बीच संघर्ष हुए थे।
मंगलवार को भीषण संघर्ष और सेना की गोलाबारी में दमिश्क और आसपास के इलाकों में 41 लोग मारे गए थे, जिसमें अधिकांश नागरिक थे। दूसरी ओर युद्धक विमानों ने तुर्की से लगे एक कस्बे पर बमबारी की।
सीरिया के सरकारी टेलीविजन ने मंगलवार को कहा, "सेना की कई इकाइयां दमिश्क से लगे तादामून में स्थित ओटमान मस्जिद के पास हथियारबंद आतंकवादी समूहों से संघर्ष कर रही हैं।"
इस बीच राजधानी दमिश्क के पश्चिम में ऐन अल-फिजह कस्बे में एक कार बम विस्फोट में कई व्यक्ति घायल हो गए और काफी सामान क्षतिग्रस्त हो गया।
दमिश्क के पूर्व में पूर्वी घुता इलाके में विद्रोहियों द्वारा एक सार्वजनिक इमारत पर हमला करने के बाद वहां हुए संघर्ष में कम से कम 10 सैनिक शहीद हो गए और एक विद्रोही भी मारा गया।टिप्पणियां
ऑब्जर्वेटरी ने कहा है कि सेना ने हरासता, जाबादनी, और इर्बिन सहित राजधानी के पूर्वी कस्बों में टैंकों से गोलाबारी की। इसमें कम से कम सात नागरिक मारे गए, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
सबसे खतरनाक अलेप्पो जिले में गिने-चुने नागरिक ही बचे रह गए हैं। जो बचे रह गए हैं, उन्हें हर रोज अपनी जान बचाने के लिए भागते रहना पड़ता है।
मंगलवार को भीषण संघर्ष और सेना की गोलाबारी में दमिश्क और आसपास के इलाकों में 41 लोग मारे गए थे, जिसमें अधिकांश नागरिक थे। दूसरी ओर युद्धक विमानों ने तुर्की से लगे एक कस्बे पर बमबारी की।
सीरिया के सरकारी टेलीविजन ने मंगलवार को कहा, "सेना की कई इकाइयां दमिश्क से लगे तादामून में स्थित ओटमान मस्जिद के पास हथियारबंद आतंकवादी समूहों से संघर्ष कर रही हैं।"
इस बीच राजधानी दमिश्क के पश्चिम में ऐन अल-फिजह कस्बे में एक कार बम विस्फोट में कई व्यक्ति घायल हो गए और काफी सामान क्षतिग्रस्त हो गया।
दमिश्क के पूर्व में पूर्वी घुता इलाके में विद्रोहियों द्वारा एक सार्वजनिक इमारत पर हमला करने के बाद वहां हुए संघर्ष में कम से कम 10 सैनिक शहीद हो गए और एक विद्रोही भी मारा गया।टिप्पणियां
ऑब्जर्वेटरी ने कहा है कि सेना ने हरासता, जाबादनी, और इर्बिन सहित राजधानी के पूर्वी कस्बों में टैंकों से गोलाबारी की। इसमें कम से कम सात नागरिक मारे गए, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
सबसे खतरनाक अलेप्पो जिले में गिने-चुने नागरिक ही बचे रह गए हैं। जो बचे रह गए हैं, उन्हें हर रोज अपनी जान बचाने के लिए भागते रहना पड़ता है।
सीरिया के सरकारी टेलीविजन ने मंगलवार को कहा, "सेना की कई इकाइयां दमिश्क से लगे तादामून में स्थित ओटमान मस्जिद के पास हथियारबंद आतंकवादी समूहों से संघर्ष कर रही हैं।"
इस बीच राजधानी दमिश्क के पश्चिम में ऐन अल-फिजह कस्बे में एक कार बम विस्फोट में कई व्यक्ति घायल हो गए और काफी सामान क्षतिग्रस्त हो गया।
दमिश्क के पूर्व में पूर्वी घुता इलाके में विद्रोहियों द्वारा एक सार्वजनिक इमारत पर हमला करने के बाद वहां हुए संघर्ष में कम से कम 10 सैनिक शहीद हो गए और एक विद्रोही भी मारा गया।टिप्पणियां
ऑब्जर्वेटरी ने कहा है कि सेना ने हरासता, जाबादनी, और इर्बिन सहित राजधानी के पूर्वी कस्बों में टैंकों से गोलाबारी की। इसमें कम से कम सात नागरिक मारे गए, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
सबसे खतरनाक अलेप्पो जिले में गिने-चुने नागरिक ही बचे रह गए हैं। जो बचे रह गए हैं, उन्हें हर रोज अपनी जान बचाने के लिए भागते रहना पड़ता है।
इस बीच राजधानी दमिश्क के पश्चिम में ऐन अल-फिजह कस्बे में एक कार बम विस्फोट में कई व्यक्ति घायल हो गए और काफी सामान क्षतिग्रस्त हो गया।
दमिश्क के पूर्व में पूर्वी घुता इलाके में विद्रोहियों द्वारा एक सार्वजनिक इमारत पर हमला करने के बाद वहां हुए संघर्ष में कम से कम 10 सैनिक शहीद हो गए और एक विद्रोही भी मारा गया।टिप्पणियां
ऑब्जर्वेटरी ने कहा है कि सेना ने हरासता, जाबादनी, और इर्बिन सहित राजधानी के पूर्वी कस्बों में टैंकों से गोलाबारी की। इसमें कम से कम सात नागरिक मारे गए, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
सबसे खतरनाक अलेप्पो जिले में गिने-चुने नागरिक ही बचे रह गए हैं। जो बचे रह गए हैं, उन्हें हर रोज अपनी जान बचाने के लिए भागते रहना पड़ता है।
दमिश्क के पूर्व में पूर्वी घुता इलाके में विद्रोहियों द्वारा एक सार्वजनिक इमारत पर हमला करने के बाद वहां हुए संघर्ष में कम से कम 10 सैनिक शहीद हो गए और एक विद्रोही भी मारा गया।टिप्पणियां
ऑब्जर्वेटरी ने कहा है कि सेना ने हरासता, जाबादनी, और इर्बिन सहित राजधानी के पूर्वी कस्बों में टैंकों से गोलाबारी की। इसमें कम से कम सात नागरिक मारे गए, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
सबसे खतरनाक अलेप्पो जिले में गिने-चुने नागरिक ही बचे रह गए हैं। जो बचे रह गए हैं, उन्हें हर रोज अपनी जान बचाने के लिए भागते रहना पड़ता है।
ऑब्जर्वेटरी ने कहा है कि सेना ने हरासता, जाबादनी, और इर्बिन सहित राजधानी के पूर्वी कस्बों में टैंकों से गोलाबारी की। इसमें कम से कम सात नागरिक मारे गए, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
सबसे खतरनाक अलेप्पो जिले में गिने-चुने नागरिक ही बचे रह गए हैं। जो बचे रह गए हैं, उन्हें हर रोज अपनी जान बचाने के लिए भागते रहना पड़ता है।
सबसे खतरनाक अलेप्पो जिले में गिने-चुने नागरिक ही बचे रह गए हैं। जो बचे रह गए हैं, उन्हें हर रोज अपनी जान बचाने के लिए भागते रहना पड़ता है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सीरिया में सरकारी बलों और विद्रोहियों के बीच जारी संघर्ष में मंगलवार को कम से कम 63 लोग मारे गए हैं। इसमें 41 लोग दमिश्क में मारे गए हैं। | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: इस हफ्ते की बड़ी रिलीज़ है 'ओह माय गॉड'...यह फ़िल्म मशहूर गुजराती नाटक 'कुंजी विरुद्ध कुंजी' पर आधारित है, जिसे बाद में 'किशन Vs कन्हैया' के नाम से हिन्दी में भी बनाया गया था। इस नाटक के देश-विदेश में सैकड़ों शो हो चुके हैं और अब यह कहानी आई है बड़े पर्दे पर।
इसमें कुंजी भाई बने परेश रावल की भगवान की मूर्तियों की दुकान है, लेकिन वह खुद नास्तिक हैं। एक दिन भूकंप आने से उनकी दुकान तहस-नहस हो जाती है और उन्हें लाखों का घाटा होता है। बीमा कंपनी इसे 'एक्ट ऑफ़ गॉड' कहकर टाल देती है और कुंजी भाई निकल पड़ते हैं भगवान के खिलाफ़ केस करने के लिए।
आगे क्या होगा, यह तो आप फ़िल्म देखकर ही पता लगा पाएंगे, लेकिन मैं आपको बता दूं कि फ़िल्म की कहानी शायद बहुत से लोगों के दिमाग खोल देगी। अंधविश्वासों को सच का आइना दिखाएगी और शायद आप भगवान को मंदिर में नहीं, बल्कि मन के अंदर ढूंढ़ना शुरू कर दें।
परेश रावल एक अच्छे एक्टर हैं और उन्होंने इस फ़िल्म में भी निराश नहीं किया। अक्षय कुमार कृष्ण के क़िरदार में हैं, जिनके पास करने को बहुत कुछ नहीं था, पर भगवान कृष्ण के क़िरदार में एकदम फ़िट हैं। उनकी कद-काठी, मुस्कुराहट उनका काम पूरा कर देती है।
मुझे लगा कि फ़िल्म में कहानी को ही हीरो रखा गया है, इसलिए ज्यादा टेक्निकल मदद नहीं ली गई, लेकिन यहां यह कहना मैं ज़रूरी समझूंगा कि फ़िल्म की अपनी एक भाषा होती है और अगर उसका सही इस्तेमाल होता, तो बहुत सारे सीन और दमदार होकर निकलते और दर्शकों पर एक अलग ही प्रभाव छोड़ते।टिप्पणियां
यहां, मैं मिथुन चक्रवर्ती की तारीफ़ करना चाहूंगा, जो बहुत दिनों बाद एक अलग ही किरदार में नजर आए। फ़िल्म में मिथुन ने स्वामी लीलाधर की भूमिका बखूबी निभाई है।
...तो हर वह इंसान जो धर्म को मानता है या नहीं मानता, उसे एक बार यह फ़िल्म ज़रूर देखनी चाहिए। शायद उसे अपने मतलब का कुछ इस फ़िल्म में ज़रूर मिल जाए...मेरी तरफ़ से इस फ़िल्म को 3.5 स्टार...
इसमें कुंजी भाई बने परेश रावल की भगवान की मूर्तियों की दुकान है, लेकिन वह खुद नास्तिक हैं। एक दिन भूकंप आने से उनकी दुकान तहस-नहस हो जाती है और उन्हें लाखों का घाटा होता है। बीमा कंपनी इसे 'एक्ट ऑफ़ गॉड' कहकर टाल देती है और कुंजी भाई निकल पड़ते हैं भगवान के खिलाफ़ केस करने के लिए।
आगे क्या होगा, यह तो आप फ़िल्म देखकर ही पता लगा पाएंगे, लेकिन मैं आपको बता दूं कि फ़िल्म की कहानी शायद बहुत से लोगों के दिमाग खोल देगी। अंधविश्वासों को सच का आइना दिखाएगी और शायद आप भगवान को मंदिर में नहीं, बल्कि मन के अंदर ढूंढ़ना शुरू कर दें।
परेश रावल एक अच्छे एक्टर हैं और उन्होंने इस फ़िल्म में भी निराश नहीं किया। अक्षय कुमार कृष्ण के क़िरदार में हैं, जिनके पास करने को बहुत कुछ नहीं था, पर भगवान कृष्ण के क़िरदार में एकदम फ़िट हैं। उनकी कद-काठी, मुस्कुराहट उनका काम पूरा कर देती है।
मुझे लगा कि फ़िल्म में कहानी को ही हीरो रखा गया है, इसलिए ज्यादा टेक्निकल मदद नहीं ली गई, लेकिन यहां यह कहना मैं ज़रूरी समझूंगा कि फ़िल्म की अपनी एक भाषा होती है और अगर उसका सही इस्तेमाल होता, तो बहुत सारे सीन और दमदार होकर निकलते और दर्शकों पर एक अलग ही प्रभाव छोड़ते।टिप्पणियां
यहां, मैं मिथुन चक्रवर्ती की तारीफ़ करना चाहूंगा, जो बहुत दिनों बाद एक अलग ही किरदार में नजर आए। फ़िल्म में मिथुन ने स्वामी लीलाधर की भूमिका बखूबी निभाई है।
...तो हर वह इंसान जो धर्म को मानता है या नहीं मानता, उसे एक बार यह फ़िल्म ज़रूर देखनी चाहिए। शायद उसे अपने मतलब का कुछ इस फ़िल्म में ज़रूर मिल जाए...मेरी तरफ़ से इस फ़िल्म को 3.5 स्टार...
आगे क्या होगा, यह तो आप फ़िल्म देखकर ही पता लगा पाएंगे, लेकिन मैं आपको बता दूं कि फ़िल्म की कहानी शायद बहुत से लोगों के दिमाग खोल देगी। अंधविश्वासों को सच का आइना दिखाएगी और शायद आप भगवान को मंदिर में नहीं, बल्कि मन के अंदर ढूंढ़ना शुरू कर दें।
परेश रावल एक अच्छे एक्टर हैं और उन्होंने इस फ़िल्म में भी निराश नहीं किया। अक्षय कुमार कृष्ण के क़िरदार में हैं, जिनके पास करने को बहुत कुछ नहीं था, पर भगवान कृष्ण के क़िरदार में एकदम फ़िट हैं। उनकी कद-काठी, मुस्कुराहट उनका काम पूरा कर देती है।
मुझे लगा कि फ़िल्म में कहानी को ही हीरो रखा गया है, इसलिए ज्यादा टेक्निकल मदद नहीं ली गई, लेकिन यहां यह कहना मैं ज़रूरी समझूंगा कि फ़िल्म की अपनी एक भाषा होती है और अगर उसका सही इस्तेमाल होता, तो बहुत सारे सीन और दमदार होकर निकलते और दर्शकों पर एक अलग ही प्रभाव छोड़ते।टिप्पणियां
यहां, मैं मिथुन चक्रवर्ती की तारीफ़ करना चाहूंगा, जो बहुत दिनों बाद एक अलग ही किरदार में नजर आए। फ़िल्म में मिथुन ने स्वामी लीलाधर की भूमिका बखूबी निभाई है।
...तो हर वह इंसान जो धर्म को मानता है या नहीं मानता, उसे एक बार यह फ़िल्म ज़रूर देखनी चाहिए। शायद उसे अपने मतलब का कुछ इस फ़िल्म में ज़रूर मिल जाए...मेरी तरफ़ से इस फ़िल्म को 3.5 स्टार...
परेश रावल एक अच्छे एक्टर हैं और उन्होंने इस फ़िल्म में भी निराश नहीं किया। अक्षय कुमार कृष्ण के क़िरदार में हैं, जिनके पास करने को बहुत कुछ नहीं था, पर भगवान कृष्ण के क़िरदार में एकदम फ़िट हैं। उनकी कद-काठी, मुस्कुराहट उनका काम पूरा कर देती है।
मुझे लगा कि फ़िल्म में कहानी को ही हीरो रखा गया है, इसलिए ज्यादा टेक्निकल मदद नहीं ली गई, लेकिन यहां यह कहना मैं ज़रूरी समझूंगा कि फ़िल्म की अपनी एक भाषा होती है और अगर उसका सही इस्तेमाल होता, तो बहुत सारे सीन और दमदार होकर निकलते और दर्शकों पर एक अलग ही प्रभाव छोड़ते।टिप्पणियां
यहां, मैं मिथुन चक्रवर्ती की तारीफ़ करना चाहूंगा, जो बहुत दिनों बाद एक अलग ही किरदार में नजर आए। फ़िल्म में मिथुन ने स्वामी लीलाधर की भूमिका बखूबी निभाई है।
...तो हर वह इंसान जो धर्म को मानता है या नहीं मानता, उसे एक बार यह फ़िल्म ज़रूर देखनी चाहिए। शायद उसे अपने मतलब का कुछ इस फ़िल्म में ज़रूर मिल जाए...मेरी तरफ़ से इस फ़िल्म को 3.5 स्टार...
मुझे लगा कि फ़िल्म में कहानी को ही हीरो रखा गया है, इसलिए ज्यादा टेक्निकल मदद नहीं ली गई, लेकिन यहां यह कहना मैं ज़रूरी समझूंगा कि फ़िल्म की अपनी एक भाषा होती है और अगर उसका सही इस्तेमाल होता, तो बहुत सारे सीन और दमदार होकर निकलते और दर्शकों पर एक अलग ही प्रभाव छोड़ते।टिप्पणियां
यहां, मैं मिथुन चक्रवर्ती की तारीफ़ करना चाहूंगा, जो बहुत दिनों बाद एक अलग ही किरदार में नजर आए। फ़िल्म में मिथुन ने स्वामी लीलाधर की भूमिका बखूबी निभाई है।
...तो हर वह इंसान जो धर्म को मानता है या नहीं मानता, उसे एक बार यह फ़िल्म ज़रूर देखनी चाहिए। शायद उसे अपने मतलब का कुछ इस फ़िल्म में ज़रूर मिल जाए...मेरी तरफ़ से इस फ़िल्म को 3.5 स्टार...
यहां, मैं मिथुन चक्रवर्ती की तारीफ़ करना चाहूंगा, जो बहुत दिनों बाद एक अलग ही किरदार में नजर आए। फ़िल्म में मिथुन ने स्वामी लीलाधर की भूमिका बखूबी निभाई है।
...तो हर वह इंसान जो धर्म को मानता है या नहीं मानता, उसे एक बार यह फ़िल्म ज़रूर देखनी चाहिए। शायद उसे अपने मतलब का कुछ इस फ़िल्म में ज़रूर मिल जाए...मेरी तरफ़ से इस फ़िल्म को 3.5 स्टार...
...तो हर वह इंसान जो धर्म को मानता है या नहीं मानता, उसे एक बार यह फ़िल्म ज़रूर देखनी चाहिए। शायद उसे अपने मतलब का कुछ इस फ़िल्म में ज़रूर मिल जाए...मेरी तरफ़ से इस फ़िल्म को 3.5 स्टार... | संक्षिप्त पाठ: हर वह इंसान जो धर्म को मानता है या नहीं मानता, उसे एक बार यह फ़िल्म ज़रूर देखनी चाहिए। शायद उसे अपने मतलब का कुछ इस फ़िल्म में ज़रूर मिल जाए... | 27 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि लोकपाल के लिए सेलेक्ट कमेटी के लिए प्रख्यात हस्ती को चुनने की प्रक्रिया चल रही है जिसमें वक्त लगेगा. एक मार्च को पीएम, सीजेआई और लोकसभा स्पीकर की मीटिंग हुई लेकिन लोकसभा में बड़ी पार्टी के नेता ने मल्लिकार्जुन खड़गे ने मीटिंग में भाग लेने से इनकार कर दिया.
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि प्रख्यात हस्ती को चुनने में कितना वक्त लगेगा. एजी ने कहा कि जल्द से जल्द इसकी संभावना है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को 17 अप्रैल तक का वक्त दिया है.
लोकपाल की नियुक्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई. इससे पहले कांग्रेसी नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने बैठक में भाग लेने से इनकार कर दिया था. पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि लोकपाल की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है. एजी ने कोर्ट को बताया कि एक मार्च को पीएम, सीजेआई, लोकसभा स्पीकर और एलओपी की नियुक्ति को लेकर बैठक है, जिसमें पैनल के लिए विशिष्ट हस्ती को तय किया जाएगा. फिलहाल कोई एलओपी नहीं है, इसलिए विपक्ष में सबसे बड़ी पार्टी के नेता को बुलाया गया है. टिप्पणियां
दरअसल कॉमन कॉज संगठन ने अवमानना याचिका दाखिल की है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद लोकपाल की नियुक्ति नहीं की गई है.
27 अप्रैल 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने लोकपाल की नियुक्ति का मामले में फैसला सुनाते हुए कहा था कि लोकपाल एक्ट पर बिना संशोधन के ही काम किया जा सकता है. केंद्र के पास इसका कोई जस्टिफिकेशन नहीं है कि इतने वक्त तक लोकपाल की नियुक्ति को सस्पेंशन में क्यों रखा गया. लोकपाल की नियुक्ति बिना नेता विपक्ष के भी हो सकती है.
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि प्रख्यात हस्ती को चुनने में कितना वक्त लगेगा. एजी ने कहा कि जल्द से जल्द इसकी संभावना है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को 17 अप्रैल तक का वक्त दिया है.
लोकपाल की नियुक्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई. इससे पहले कांग्रेसी नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने बैठक में भाग लेने से इनकार कर दिया था. पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि लोकपाल की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है. एजी ने कोर्ट को बताया कि एक मार्च को पीएम, सीजेआई, लोकसभा स्पीकर और एलओपी की नियुक्ति को लेकर बैठक है, जिसमें पैनल के लिए विशिष्ट हस्ती को तय किया जाएगा. फिलहाल कोई एलओपी नहीं है, इसलिए विपक्ष में सबसे बड़ी पार्टी के नेता को बुलाया गया है. टिप्पणियां
दरअसल कॉमन कॉज संगठन ने अवमानना याचिका दाखिल की है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद लोकपाल की नियुक्ति नहीं की गई है.
27 अप्रैल 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने लोकपाल की नियुक्ति का मामले में फैसला सुनाते हुए कहा था कि लोकपाल एक्ट पर बिना संशोधन के ही काम किया जा सकता है. केंद्र के पास इसका कोई जस्टिफिकेशन नहीं है कि इतने वक्त तक लोकपाल की नियुक्ति को सस्पेंशन में क्यों रखा गया. लोकपाल की नियुक्ति बिना नेता विपक्ष के भी हो सकती है.
लोकपाल की नियुक्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई. इससे पहले कांग्रेसी नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने बैठक में भाग लेने से इनकार कर दिया था. पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि लोकपाल की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है. एजी ने कोर्ट को बताया कि एक मार्च को पीएम, सीजेआई, लोकसभा स्पीकर और एलओपी की नियुक्ति को लेकर बैठक है, जिसमें पैनल के लिए विशिष्ट हस्ती को तय किया जाएगा. फिलहाल कोई एलओपी नहीं है, इसलिए विपक्ष में सबसे बड़ी पार्टी के नेता को बुलाया गया है. टिप्पणियां
दरअसल कॉमन कॉज संगठन ने अवमानना याचिका दाखिल की है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद लोकपाल की नियुक्ति नहीं की गई है.
27 अप्रैल 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने लोकपाल की नियुक्ति का मामले में फैसला सुनाते हुए कहा था कि लोकपाल एक्ट पर बिना संशोधन के ही काम किया जा सकता है. केंद्र के पास इसका कोई जस्टिफिकेशन नहीं है कि इतने वक्त तक लोकपाल की नियुक्ति को सस्पेंशन में क्यों रखा गया. लोकपाल की नियुक्ति बिना नेता विपक्ष के भी हो सकती है.
दरअसल कॉमन कॉज संगठन ने अवमानना याचिका दाखिल की है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद लोकपाल की नियुक्ति नहीं की गई है.
27 अप्रैल 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने लोकपाल की नियुक्ति का मामले में फैसला सुनाते हुए कहा था कि लोकपाल एक्ट पर बिना संशोधन के ही काम किया जा सकता है. केंद्र के पास इसका कोई जस्टिफिकेशन नहीं है कि इतने वक्त तक लोकपाल की नियुक्ति को सस्पेंशन में क्यों रखा गया. लोकपाल की नियुक्ति बिना नेता विपक्ष के भी हो सकती है.
27 अप्रैल 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने लोकपाल की नियुक्ति का मामले में फैसला सुनाते हुए कहा था कि लोकपाल एक्ट पर बिना संशोधन के ही काम किया जा सकता है. केंद्र के पास इसका कोई जस्टिफिकेशन नहीं है कि इतने वक्त तक लोकपाल की नियुक्ति को सस्पेंशन में क्यों रखा गया. लोकपाल की नियुक्ति बिना नेता विपक्ष के भी हो सकती है. | संक्षिप्त पाठ: कोर्ट में दायर है जनहित याचिका
लोकपाल की नियुक्ति को लेकर चल रही है सुनवाई
सरकार ने कोर्ट में पेश की अपनी दलीलें. | 30 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और बसपा प्रमुख मायावती सहित सभी दलों के नेताओं ने आज राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी और आसन के प्रति पूर्ण सम्मान और आस्था प्रकट की तथा सदन चलाने में सहयोग देने का आश्वासन दिया।
मायावती ने उम्मीद जताई कि आसन अनुसूचित जाति जनजाति के लोगों को सरकारी नौकरियों में पदोन्नति में आरक्षण के प्रावधान वाले विधेयक को पारित करवाने के लिए रास्ता निकालेगा।
बसपा प्रमुख ने सदन के बार-बार बाधित होने के लिए मंगलवार को अंसारी की कड़ी आलोचना की थी।
मायावती ने आज प्रश्नकाल खत्म होने के बाद कहा, मैं आपका पूरा सम्मान करती हूं। मैं आसन का भी सम्मान करती हूं ... मुझे इस बात का पूरा भरोसा है कि आसन जरूर ऐसा कोई रास्ता निकालेगा जिससे लोगों की आवाज सुनी जा सके। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री और सरकार सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जाति-जनजातिकर्मियों को पदोन्नति में आरक्षण संबंधी विधेयक को पारित करने में आ रही अड़चनों को दूर करने का रास्ता निकालेंगे और उन लोगों से बात करेंगे जो इसके लिए अड़चनें खड़ी कर रहे हैं।
बसपा नेता ने कहा कि ऐसे रास्ते निकाले जाने चाहिए, जिससे कि सदन सुचारू रूप से चल सके और कार्यवाही को चलाने में आसन को दिक्कत नहीं हो। उन्होंने विपक्ष के नेता अरुण जेटली तथा अन्य दलों के नेताओं से अनुरोध किया कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर विधेयक को पारित करवाने में सहयोग दें।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि हम अंसारी का पूरा सम्मान और उन पर पूरा भरोसा करते हैं। मनमोहन ने कहा, सदन के सभापति के प्रति सम्मान सदन की गरिमा को बरकरार रखने के प्रति व्यक्त किया गया सम्मान है। हम सदन के सभी वर्गों के साथ मिलकर इस बात को सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि आसन को पूरा सम्मान और सहयोग मिल सके, जिसके आप और यह सम्मानित आसन हकदार हैं। उन्होंने कहा, हमें वे तरीके और रास्ते निकालने होंगे जिससे सदन का काम बाधाओं के बिना सुचारू रूप से चलाया जा सके। उन्होंने कहा कि इसके लिए वह सरकार की ओर से पूर्ण आश्वासन देते हैं।
विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने भी अंसारी और आसन के प्रति पूर्ण सम्मान और आस्था जताते हुए कहा, हमने आज भारत के संसदीय लोकतंत्र की मजबूती को देखा। हम सभी मानते हैं कि आसन की गरिमा और विश्वसनीयता सदन की गरिमा के समान है और इससे पता चलता है कि भारत के लोकतंत्र में जन आस्था है। उन्होंने अंसारी को आश्वासन दिया कि यह सदन व्यक्ति के रूप में और जिस पद पर आप बैठे हैं उस आसन की गरिमा के रूप में आपके सम्मान को बरकरार रखने के लिए एक स्वर में बोलेगा।
जेटली ने कहा कि विरोधाभासों को हल करना ही भारतीय संसदीय लोकतंत्र की मजबूती है। उन्होंने कहा कि वह इस बात को लेकर निश्चिंत हैं कि हम इन विरोधाभासों को साध लेंगे। माकपा नेता सीताराम येचुरी ने भी विपक्ष के नेता की बात से सहमति जताई।टिप्पणियां
इसके बाद अंसारी ने प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता, बसपा प्रमुख मायावती और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं तथा सदस्यों का उनकी और आसन के प्रति व्यक्त की गई भावनाओं को लेकर आभार व्यक्त किया।
गौरतलब है कि मायावती ने मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान ही सदन की कार्यवाही बाधित होने के लिए आसन को जिम्मदार ठहराते हुए अंसारी के खिलाफ तीखी टिप्पणी की थी।
मायावती ने उम्मीद जताई कि आसन अनुसूचित जाति जनजाति के लोगों को सरकारी नौकरियों में पदोन्नति में आरक्षण के प्रावधान वाले विधेयक को पारित करवाने के लिए रास्ता निकालेगा।
बसपा प्रमुख ने सदन के बार-बार बाधित होने के लिए मंगलवार को अंसारी की कड़ी आलोचना की थी।
मायावती ने आज प्रश्नकाल खत्म होने के बाद कहा, मैं आपका पूरा सम्मान करती हूं। मैं आसन का भी सम्मान करती हूं ... मुझे इस बात का पूरा भरोसा है कि आसन जरूर ऐसा कोई रास्ता निकालेगा जिससे लोगों की आवाज सुनी जा सके। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री और सरकार सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जाति-जनजातिकर्मियों को पदोन्नति में आरक्षण संबंधी विधेयक को पारित करने में आ रही अड़चनों को दूर करने का रास्ता निकालेंगे और उन लोगों से बात करेंगे जो इसके लिए अड़चनें खड़ी कर रहे हैं।
बसपा नेता ने कहा कि ऐसे रास्ते निकाले जाने चाहिए, जिससे कि सदन सुचारू रूप से चल सके और कार्यवाही को चलाने में आसन को दिक्कत नहीं हो। उन्होंने विपक्ष के नेता अरुण जेटली तथा अन्य दलों के नेताओं से अनुरोध किया कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर विधेयक को पारित करवाने में सहयोग दें।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि हम अंसारी का पूरा सम्मान और उन पर पूरा भरोसा करते हैं। मनमोहन ने कहा, सदन के सभापति के प्रति सम्मान सदन की गरिमा को बरकरार रखने के प्रति व्यक्त किया गया सम्मान है। हम सदन के सभी वर्गों के साथ मिलकर इस बात को सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि आसन को पूरा सम्मान और सहयोग मिल सके, जिसके आप और यह सम्मानित आसन हकदार हैं। उन्होंने कहा, हमें वे तरीके और रास्ते निकालने होंगे जिससे सदन का काम बाधाओं के बिना सुचारू रूप से चलाया जा सके। उन्होंने कहा कि इसके लिए वह सरकार की ओर से पूर्ण आश्वासन देते हैं।
विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने भी अंसारी और आसन के प्रति पूर्ण सम्मान और आस्था जताते हुए कहा, हमने आज भारत के संसदीय लोकतंत्र की मजबूती को देखा। हम सभी मानते हैं कि आसन की गरिमा और विश्वसनीयता सदन की गरिमा के समान है और इससे पता चलता है कि भारत के लोकतंत्र में जन आस्था है। उन्होंने अंसारी को आश्वासन दिया कि यह सदन व्यक्ति के रूप में और जिस पद पर आप बैठे हैं उस आसन की गरिमा के रूप में आपके सम्मान को बरकरार रखने के लिए एक स्वर में बोलेगा।
जेटली ने कहा कि विरोधाभासों को हल करना ही भारतीय संसदीय लोकतंत्र की मजबूती है। उन्होंने कहा कि वह इस बात को लेकर निश्चिंत हैं कि हम इन विरोधाभासों को साध लेंगे। माकपा नेता सीताराम येचुरी ने भी विपक्ष के नेता की बात से सहमति जताई।टिप्पणियां
इसके बाद अंसारी ने प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता, बसपा प्रमुख मायावती और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं तथा सदस्यों का उनकी और आसन के प्रति व्यक्त की गई भावनाओं को लेकर आभार व्यक्त किया।
गौरतलब है कि मायावती ने मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान ही सदन की कार्यवाही बाधित होने के लिए आसन को जिम्मदार ठहराते हुए अंसारी के खिलाफ तीखी टिप्पणी की थी।
बसपा प्रमुख ने सदन के बार-बार बाधित होने के लिए मंगलवार को अंसारी की कड़ी आलोचना की थी।
मायावती ने आज प्रश्नकाल खत्म होने के बाद कहा, मैं आपका पूरा सम्मान करती हूं। मैं आसन का भी सम्मान करती हूं ... मुझे इस बात का पूरा भरोसा है कि आसन जरूर ऐसा कोई रास्ता निकालेगा जिससे लोगों की आवाज सुनी जा सके। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री और सरकार सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जाति-जनजातिकर्मियों को पदोन्नति में आरक्षण संबंधी विधेयक को पारित करने में आ रही अड़चनों को दूर करने का रास्ता निकालेंगे और उन लोगों से बात करेंगे जो इसके लिए अड़चनें खड़ी कर रहे हैं।
बसपा नेता ने कहा कि ऐसे रास्ते निकाले जाने चाहिए, जिससे कि सदन सुचारू रूप से चल सके और कार्यवाही को चलाने में आसन को दिक्कत नहीं हो। उन्होंने विपक्ष के नेता अरुण जेटली तथा अन्य दलों के नेताओं से अनुरोध किया कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर विधेयक को पारित करवाने में सहयोग दें।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि हम अंसारी का पूरा सम्मान और उन पर पूरा भरोसा करते हैं। मनमोहन ने कहा, सदन के सभापति के प्रति सम्मान सदन की गरिमा को बरकरार रखने के प्रति व्यक्त किया गया सम्मान है। हम सदन के सभी वर्गों के साथ मिलकर इस बात को सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि आसन को पूरा सम्मान और सहयोग मिल सके, जिसके आप और यह सम्मानित आसन हकदार हैं। उन्होंने कहा, हमें वे तरीके और रास्ते निकालने होंगे जिससे सदन का काम बाधाओं के बिना सुचारू रूप से चलाया जा सके। उन्होंने कहा कि इसके लिए वह सरकार की ओर से पूर्ण आश्वासन देते हैं।
विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने भी अंसारी और आसन के प्रति पूर्ण सम्मान और आस्था जताते हुए कहा, हमने आज भारत के संसदीय लोकतंत्र की मजबूती को देखा। हम सभी मानते हैं कि आसन की गरिमा और विश्वसनीयता सदन की गरिमा के समान है और इससे पता चलता है कि भारत के लोकतंत्र में जन आस्था है। उन्होंने अंसारी को आश्वासन दिया कि यह सदन व्यक्ति के रूप में और जिस पद पर आप बैठे हैं उस आसन की गरिमा के रूप में आपके सम्मान को बरकरार रखने के लिए एक स्वर में बोलेगा।
जेटली ने कहा कि विरोधाभासों को हल करना ही भारतीय संसदीय लोकतंत्र की मजबूती है। उन्होंने कहा कि वह इस बात को लेकर निश्चिंत हैं कि हम इन विरोधाभासों को साध लेंगे। माकपा नेता सीताराम येचुरी ने भी विपक्ष के नेता की बात से सहमति जताई।टिप्पणियां
इसके बाद अंसारी ने प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता, बसपा प्रमुख मायावती और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं तथा सदस्यों का उनकी और आसन के प्रति व्यक्त की गई भावनाओं को लेकर आभार व्यक्त किया।
गौरतलब है कि मायावती ने मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान ही सदन की कार्यवाही बाधित होने के लिए आसन को जिम्मदार ठहराते हुए अंसारी के खिलाफ तीखी टिप्पणी की थी।
मायावती ने आज प्रश्नकाल खत्म होने के बाद कहा, मैं आपका पूरा सम्मान करती हूं। मैं आसन का भी सम्मान करती हूं ... मुझे इस बात का पूरा भरोसा है कि आसन जरूर ऐसा कोई रास्ता निकालेगा जिससे लोगों की आवाज सुनी जा सके। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री और सरकार सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जाति-जनजातिकर्मियों को पदोन्नति में आरक्षण संबंधी विधेयक को पारित करने में आ रही अड़चनों को दूर करने का रास्ता निकालेंगे और उन लोगों से बात करेंगे जो इसके लिए अड़चनें खड़ी कर रहे हैं।
बसपा नेता ने कहा कि ऐसे रास्ते निकाले जाने चाहिए, जिससे कि सदन सुचारू रूप से चल सके और कार्यवाही को चलाने में आसन को दिक्कत नहीं हो। उन्होंने विपक्ष के नेता अरुण जेटली तथा अन्य दलों के नेताओं से अनुरोध किया कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर विधेयक को पारित करवाने में सहयोग दें।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि हम अंसारी का पूरा सम्मान और उन पर पूरा भरोसा करते हैं। मनमोहन ने कहा, सदन के सभापति के प्रति सम्मान सदन की गरिमा को बरकरार रखने के प्रति व्यक्त किया गया सम्मान है। हम सदन के सभी वर्गों के साथ मिलकर इस बात को सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि आसन को पूरा सम्मान और सहयोग मिल सके, जिसके आप और यह सम्मानित आसन हकदार हैं। उन्होंने कहा, हमें वे तरीके और रास्ते निकालने होंगे जिससे सदन का काम बाधाओं के बिना सुचारू रूप से चलाया जा सके। उन्होंने कहा कि इसके लिए वह सरकार की ओर से पूर्ण आश्वासन देते हैं।
विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने भी अंसारी और आसन के प्रति पूर्ण सम्मान और आस्था जताते हुए कहा, हमने आज भारत के संसदीय लोकतंत्र की मजबूती को देखा। हम सभी मानते हैं कि आसन की गरिमा और विश्वसनीयता सदन की गरिमा के समान है और इससे पता चलता है कि भारत के लोकतंत्र में जन आस्था है। उन्होंने अंसारी को आश्वासन दिया कि यह सदन व्यक्ति के रूप में और जिस पद पर आप बैठे हैं उस आसन की गरिमा के रूप में आपके सम्मान को बरकरार रखने के लिए एक स्वर में बोलेगा।
जेटली ने कहा कि विरोधाभासों को हल करना ही भारतीय संसदीय लोकतंत्र की मजबूती है। उन्होंने कहा कि वह इस बात को लेकर निश्चिंत हैं कि हम इन विरोधाभासों को साध लेंगे। माकपा नेता सीताराम येचुरी ने भी विपक्ष के नेता की बात से सहमति जताई।टिप्पणियां
इसके बाद अंसारी ने प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता, बसपा प्रमुख मायावती और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं तथा सदस्यों का उनकी और आसन के प्रति व्यक्त की गई भावनाओं को लेकर आभार व्यक्त किया।
गौरतलब है कि मायावती ने मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान ही सदन की कार्यवाही बाधित होने के लिए आसन को जिम्मदार ठहराते हुए अंसारी के खिलाफ तीखी टिप्पणी की थी।
बसपा नेता ने कहा कि ऐसे रास्ते निकाले जाने चाहिए, जिससे कि सदन सुचारू रूप से चल सके और कार्यवाही को चलाने में आसन को दिक्कत नहीं हो। उन्होंने विपक्ष के नेता अरुण जेटली तथा अन्य दलों के नेताओं से अनुरोध किया कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर विधेयक को पारित करवाने में सहयोग दें।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि हम अंसारी का पूरा सम्मान और उन पर पूरा भरोसा करते हैं। मनमोहन ने कहा, सदन के सभापति के प्रति सम्मान सदन की गरिमा को बरकरार रखने के प्रति व्यक्त किया गया सम्मान है। हम सदन के सभी वर्गों के साथ मिलकर इस बात को सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि आसन को पूरा सम्मान और सहयोग मिल सके, जिसके आप और यह सम्मानित आसन हकदार हैं। उन्होंने कहा, हमें वे तरीके और रास्ते निकालने होंगे जिससे सदन का काम बाधाओं के बिना सुचारू रूप से चलाया जा सके। उन्होंने कहा कि इसके लिए वह सरकार की ओर से पूर्ण आश्वासन देते हैं।
विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने भी अंसारी और आसन के प्रति पूर्ण सम्मान और आस्था जताते हुए कहा, हमने आज भारत के संसदीय लोकतंत्र की मजबूती को देखा। हम सभी मानते हैं कि आसन की गरिमा और विश्वसनीयता सदन की गरिमा के समान है और इससे पता चलता है कि भारत के लोकतंत्र में जन आस्था है। उन्होंने अंसारी को आश्वासन दिया कि यह सदन व्यक्ति के रूप में और जिस पद पर आप बैठे हैं उस आसन की गरिमा के रूप में आपके सम्मान को बरकरार रखने के लिए एक स्वर में बोलेगा।
जेटली ने कहा कि विरोधाभासों को हल करना ही भारतीय संसदीय लोकतंत्र की मजबूती है। उन्होंने कहा कि वह इस बात को लेकर निश्चिंत हैं कि हम इन विरोधाभासों को साध लेंगे। माकपा नेता सीताराम येचुरी ने भी विपक्ष के नेता की बात से सहमति जताई।टिप्पणियां
इसके बाद अंसारी ने प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता, बसपा प्रमुख मायावती और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं तथा सदस्यों का उनकी और आसन के प्रति व्यक्त की गई भावनाओं को लेकर आभार व्यक्त किया।
गौरतलब है कि मायावती ने मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान ही सदन की कार्यवाही बाधित होने के लिए आसन को जिम्मदार ठहराते हुए अंसारी के खिलाफ तीखी टिप्पणी की थी।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि हम अंसारी का पूरा सम्मान और उन पर पूरा भरोसा करते हैं। मनमोहन ने कहा, सदन के सभापति के प्रति सम्मान सदन की गरिमा को बरकरार रखने के प्रति व्यक्त किया गया सम्मान है। हम सदन के सभी वर्गों के साथ मिलकर इस बात को सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि आसन को पूरा सम्मान और सहयोग मिल सके, जिसके आप और यह सम्मानित आसन हकदार हैं। उन्होंने कहा, हमें वे तरीके और रास्ते निकालने होंगे जिससे सदन का काम बाधाओं के बिना सुचारू रूप से चलाया जा सके। उन्होंने कहा कि इसके लिए वह सरकार की ओर से पूर्ण आश्वासन देते हैं।
विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने भी अंसारी और आसन के प्रति पूर्ण सम्मान और आस्था जताते हुए कहा, हमने आज भारत के संसदीय लोकतंत्र की मजबूती को देखा। हम सभी मानते हैं कि आसन की गरिमा और विश्वसनीयता सदन की गरिमा के समान है और इससे पता चलता है कि भारत के लोकतंत्र में जन आस्था है। उन्होंने अंसारी को आश्वासन दिया कि यह सदन व्यक्ति के रूप में और जिस पद पर आप बैठे हैं उस आसन की गरिमा के रूप में आपके सम्मान को बरकरार रखने के लिए एक स्वर में बोलेगा।
जेटली ने कहा कि विरोधाभासों को हल करना ही भारतीय संसदीय लोकतंत्र की मजबूती है। उन्होंने कहा कि वह इस बात को लेकर निश्चिंत हैं कि हम इन विरोधाभासों को साध लेंगे। माकपा नेता सीताराम येचुरी ने भी विपक्ष के नेता की बात से सहमति जताई।टिप्पणियां
इसके बाद अंसारी ने प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता, बसपा प्रमुख मायावती और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं तथा सदस्यों का उनकी और आसन के प्रति व्यक्त की गई भावनाओं को लेकर आभार व्यक्त किया।
गौरतलब है कि मायावती ने मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान ही सदन की कार्यवाही बाधित होने के लिए आसन को जिम्मदार ठहराते हुए अंसारी के खिलाफ तीखी टिप्पणी की थी।
विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने भी अंसारी और आसन के प्रति पूर्ण सम्मान और आस्था जताते हुए कहा, हमने आज भारत के संसदीय लोकतंत्र की मजबूती को देखा। हम सभी मानते हैं कि आसन की गरिमा और विश्वसनीयता सदन की गरिमा के समान है और इससे पता चलता है कि भारत के लोकतंत्र में जन आस्था है। उन्होंने अंसारी को आश्वासन दिया कि यह सदन व्यक्ति के रूप में और जिस पद पर आप बैठे हैं उस आसन की गरिमा के रूप में आपके सम्मान को बरकरार रखने के लिए एक स्वर में बोलेगा।
जेटली ने कहा कि विरोधाभासों को हल करना ही भारतीय संसदीय लोकतंत्र की मजबूती है। उन्होंने कहा कि वह इस बात को लेकर निश्चिंत हैं कि हम इन विरोधाभासों को साध लेंगे। माकपा नेता सीताराम येचुरी ने भी विपक्ष के नेता की बात से सहमति जताई।टिप्पणियां
इसके बाद अंसारी ने प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता, बसपा प्रमुख मायावती और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं तथा सदस्यों का उनकी और आसन के प्रति व्यक्त की गई भावनाओं को लेकर आभार व्यक्त किया।
गौरतलब है कि मायावती ने मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान ही सदन की कार्यवाही बाधित होने के लिए आसन को जिम्मदार ठहराते हुए अंसारी के खिलाफ तीखी टिप्पणी की थी।
जेटली ने कहा कि विरोधाभासों को हल करना ही भारतीय संसदीय लोकतंत्र की मजबूती है। उन्होंने कहा कि वह इस बात को लेकर निश्चिंत हैं कि हम इन विरोधाभासों को साध लेंगे। माकपा नेता सीताराम येचुरी ने भी विपक्ष के नेता की बात से सहमति जताई।टिप्पणियां
इसके बाद अंसारी ने प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता, बसपा प्रमुख मायावती और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं तथा सदस्यों का उनकी और आसन के प्रति व्यक्त की गई भावनाओं को लेकर आभार व्यक्त किया।
गौरतलब है कि मायावती ने मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान ही सदन की कार्यवाही बाधित होने के लिए आसन को जिम्मदार ठहराते हुए अंसारी के खिलाफ तीखी टिप्पणी की थी।
इसके बाद अंसारी ने प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता, बसपा प्रमुख मायावती और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं तथा सदस्यों का उनकी और आसन के प्रति व्यक्त की गई भावनाओं को लेकर आभार व्यक्त किया।
गौरतलब है कि मायावती ने मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान ही सदन की कार्यवाही बाधित होने के लिए आसन को जिम्मदार ठहराते हुए अंसारी के खिलाफ तीखी टिप्पणी की थी।
गौरतलब है कि मायावती ने मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान ही सदन की कार्यवाही बाधित होने के लिए आसन को जिम्मदार ठहराते हुए अंसारी के खिलाफ तीखी टिप्पणी की थी। | सारांश: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और बसपा प्रमुख मायावती सहित सभी दलों के नेताओं ने आज राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी और आसन के प्रति पूर्ण सम्मान और आस्था प्रकट की तथा सदन चलाने में सहयोग देने का आश्वासन दिया। | 31 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राम मंदिर-बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट के जल्द फैसला सुनाने से इनकार करने के बीच लखनऊ की सड़कों पर मुस्लिम नेताओं के सौजन्य से अयोध्या में राम मंदिर बनाने के समर्थन में पोस्टर लगाए गए हैं. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री निवास 5 कालीदास मार्ग और विधानसभा के आसपास की सड़कों पर ऐसे पोस्टर काफी संख्या में देखे जा रहे हैं. इस मामले में बीजेपी की ओर से कोई बयान नहीं आया है. बताया जा रहा है कि ये पोस्टर श्री राम मंदिर निर्माण मुस्लिम कार सेवक मंच के अध्यक्ष आजम खान का हाथ था. हालांकि पोस्टर में सौजन्य पुणे के धार्मिक नेता मौलाना डॉक्टर शबीह एहसान काजमी का नाम है. इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में एहसान काजमी ने कहा कि उन्हें ऐसे किसी पोस्टर के बारे में कोई जानकारी नहीं है. साथ ही उन्होंने कहा कि उनसे ऐसे किसी पोस्टर लगाने के बारे में नहीं पूछा गया है.
इस पोस्टर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी हैं. पोस्टर्स पर लिखा गया है, 'हो जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण, मुस्लिमों का यह अरमान।' वहीं दूसरे पोस्टर पर लिखा गया है, 'देश के मुसलमानों का यही मान, श्रीराम मंदिर का हो वहीं निर्माण।' पूरे लखनऊ में ऐसे करीब 10 बैनर लगाए गए हैं. इन पोस्टरों में में भगवान राम और मंदिर की भी तस्वीर है. पोस्टरों पर छह ऐसे लोगों के नाम और तस्वीर थी जो मुस्लिम समुदाय के जाने-माने लोग थे. इन्हीं नामों में से मौलाना काजमी का भी नाम था.
आजम खान ने इस आरोप पर कहा, 'मैंने जो पोस्टर छपवाए थे उसमें सिर्फ मेरी तस्वीर है. अगर किसी पोस्टर पर मौलाना की तस्वीर छपी है तो इसकी जानकारी मुझे नहीं है क्योंकि मैंने ऐसा कोई पोस्टर नहीं छपवाया.'टिप्पणियां
बताया जा रहा है कि अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए कुछ मुसलमानों ने एक संस्था भी बनाई है, जिसका नाम श्री राम मंदिर निर्माण मुस्लिम कार सेवक मंच रखा गया है. उनकी मांग है कि सीएम योगी आदित्यनाथ की पहल पर जल्द ही अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जाए.
एहसान काजमी पुणे के गुरुवार पेठा इलाके में स्थित रेजा ट्रस्ट से जुड़े धार्मिक नेता हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह के पोस्टर लगाने के बीचे शरारती तत्वों का हाथ है. वे इसके जरिए अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के प्रति वे मेरा समर्थन दिखाने की साजिश कर रहे हैं. एहसान काजमी ने कहा, 'मैंने राम मंदिर को लेकर कभी भी कोई कमेंट नहीं किया है. यह कोर्ट में मामला है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला होगा वह मान्य होगा.' मौलाना काजमी ने कहा कि उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस कमिश्नर से की है.
इस पोस्टर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी हैं. पोस्टर्स पर लिखा गया है, 'हो जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण, मुस्लिमों का यह अरमान।' वहीं दूसरे पोस्टर पर लिखा गया है, 'देश के मुसलमानों का यही मान, श्रीराम मंदिर का हो वहीं निर्माण।' पूरे लखनऊ में ऐसे करीब 10 बैनर लगाए गए हैं. इन पोस्टरों में में भगवान राम और मंदिर की भी तस्वीर है. पोस्टरों पर छह ऐसे लोगों के नाम और तस्वीर थी जो मुस्लिम समुदाय के जाने-माने लोग थे. इन्हीं नामों में से मौलाना काजमी का भी नाम था.
आजम खान ने इस आरोप पर कहा, 'मैंने जो पोस्टर छपवाए थे उसमें सिर्फ मेरी तस्वीर है. अगर किसी पोस्टर पर मौलाना की तस्वीर छपी है तो इसकी जानकारी मुझे नहीं है क्योंकि मैंने ऐसा कोई पोस्टर नहीं छपवाया.'टिप्पणियां
बताया जा रहा है कि अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए कुछ मुसलमानों ने एक संस्था भी बनाई है, जिसका नाम श्री राम मंदिर निर्माण मुस्लिम कार सेवक मंच रखा गया है. उनकी मांग है कि सीएम योगी आदित्यनाथ की पहल पर जल्द ही अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जाए.
एहसान काजमी पुणे के गुरुवार पेठा इलाके में स्थित रेजा ट्रस्ट से जुड़े धार्मिक नेता हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह के पोस्टर लगाने के बीचे शरारती तत्वों का हाथ है. वे इसके जरिए अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के प्रति वे मेरा समर्थन दिखाने की साजिश कर रहे हैं. एहसान काजमी ने कहा, 'मैंने राम मंदिर को लेकर कभी भी कोई कमेंट नहीं किया है. यह कोर्ट में मामला है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला होगा वह मान्य होगा.' मौलाना काजमी ने कहा कि उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस कमिश्नर से की है.
आजम खान ने इस आरोप पर कहा, 'मैंने जो पोस्टर छपवाए थे उसमें सिर्फ मेरी तस्वीर है. अगर किसी पोस्टर पर मौलाना की तस्वीर छपी है तो इसकी जानकारी मुझे नहीं है क्योंकि मैंने ऐसा कोई पोस्टर नहीं छपवाया.'टिप्पणियां
बताया जा रहा है कि अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए कुछ मुसलमानों ने एक संस्था भी बनाई है, जिसका नाम श्री राम मंदिर निर्माण मुस्लिम कार सेवक मंच रखा गया है. उनकी मांग है कि सीएम योगी आदित्यनाथ की पहल पर जल्द ही अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जाए.
एहसान काजमी पुणे के गुरुवार पेठा इलाके में स्थित रेजा ट्रस्ट से जुड़े धार्मिक नेता हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह के पोस्टर लगाने के बीचे शरारती तत्वों का हाथ है. वे इसके जरिए अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के प्रति वे मेरा समर्थन दिखाने की साजिश कर रहे हैं. एहसान काजमी ने कहा, 'मैंने राम मंदिर को लेकर कभी भी कोई कमेंट नहीं किया है. यह कोर्ट में मामला है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला होगा वह मान्य होगा.' मौलाना काजमी ने कहा कि उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस कमिश्नर से की है.
बताया जा रहा है कि अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए कुछ मुसलमानों ने एक संस्था भी बनाई है, जिसका नाम श्री राम मंदिर निर्माण मुस्लिम कार सेवक मंच रखा गया है. उनकी मांग है कि सीएम योगी आदित्यनाथ की पहल पर जल्द ही अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जाए.
एहसान काजमी पुणे के गुरुवार पेठा इलाके में स्थित रेजा ट्रस्ट से जुड़े धार्मिक नेता हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह के पोस्टर लगाने के बीचे शरारती तत्वों का हाथ है. वे इसके जरिए अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के प्रति वे मेरा समर्थन दिखाने की साजिश कर रहे हैं. एहसान काजमी ने कहा, 'मैंने राम मंदिर को लेकर कभी भी कोई कमेंट नहीं किया है. यह कोर्ट में मामला है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला होगा वह मान्य होगा.' मौलाना काजमी ने कहा कि उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस कमिश्नर से की है.
एहसान काजमी पुणे के गुरुवार पेठा इलाके में स्थित रेजा ट्रस्ट से जुड़े धार्मिक नेता हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह के पोस्टर लगाने के बीचे शरारती तत्वों का हाथ है. वे इसके जरिए अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के प्रति वे मेरा समर्थन दिखाने की साजिश कर रहे हैं. एहसान काजमी ने कहा, 'मैंने राम मंदिर को लेकर कभी भी कोई कमेंट नहीं किया है. यह कोर्ट में मामला है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला होगा वह मान्य होगा.' मौलाना काजमी ने कहा कि उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस कमिश्नर से की है. | सारांश: अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर मुस्लिम संगठनों के पोस्टर
पोस्टर में पुणे के मुस्लिम धर्म गुरु का बयान, बिना पूछे हुआ ये सब
पोस्टर में पीएम मोदी, सीएम योगी और भगवान राम और मंदिर की भी तस्वीर | 20 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर जर्बदस्त हमला करते हुए मंगलवार को बनर्जी ने कहा था, ‘अमित शाह खुद को क्या समझते हैं? क्या वह सब से ऊपर हैं? क्या वह भगवान हैं कि उनका कोई विरोध नहीं कर सकता?' बंगाल पुर्नजागरण काल की अहम शख्सियत और 19वीं सदी के समाज सुधारक ईश्वरचंद्र विद्यासागर के नाम पर बने कॉलेज में कथित भाजपा कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की तथा उनकी आवक्ष प्रतिमा को तोड़ दिया था. माकपा ने भी घटना पर विरोध जताते हुए एक रैली का आह्वन किया है. शहर के बुद्धिजीवी बुधवार की शाम को कॉलेज से विरोध मार्च निकालेंगे.
वहीं दूसरी ओर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा के लिए राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए बुधवार को आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ‘मूक दर्शक' बना हुआ है. शाह ने यह भी कहा कि मंगलवार को जब कोलकाता में उनके काफिले पर कथित हमला किया गया तब वह सीआरपीएफ की सुरक्षा के बिना, सकुशल बच कर नहीं निकल पाते. | संक्षिप्त पाठ: बंगाल में कल रात 10 बजे से प्रचार पर रोक
सभी 9 लोकसभा क्षेत्रों में प्रचार कल रात से बंद
पहली बार धारा 324 का इस्तेमाल किया गया है | 14 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: असम में ब्रह्मपुत्र नदी में एक नौका के पलटने से बच्चों और महिलाओं सहित 103 लोगों की मौत हो गई तथा 100 से अधिक लापता हैं। हादसे की शिकार हुई इस नौका में 300 से अधिक लोग सवार थे जो बीच नदी में तूफान में घिर गई।टिप्पणियां
राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) के प्रमुख आलोक झा ने बताया कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और एनडीआरएफ ने बच्चों और महिलाओं सहित 103 लोगों के शव बरामद कर लिए हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने असम हुए इस हादसे पर दुख व्यक्त किया। पार्टी ने एक बयान में कहा कि सोनिया ने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और अधिकारियों से घायलों को मदद एवं राहत उपलब्ध कराने को कहा है।
राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) के प्रमुख आलोक झा ने बताया कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और एनडीआरएफ ने बच्चों और महिलाओं सहित 103 लोगों के शव बरामद कर लिए हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने असम हुए इस हादसे पर दुख व्यक्त किया। पार्टी ने एक बयान में कहा कि सोनिया ने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और अधिकारियों से घायलों को मदद एवं राहत उपलब्ध कराने को कहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने असम हुए इस हादसे पर दुख व्यक्त किया। पार्टी ने एक बयान में कहा कि सोनिया ने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और अधिकारियों से घायलों को मदद एवं राहत उपलब्ध कराने को कहा है। | यह एक सारांश है: असम में ब्रह्मपुत्र नदी में एक नौका के पलटने से बच्चों और महिलाओं सहित 103 लोगों की मौत हो गई तथा 100 से अधिक लापता हैं। | 9 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ग्लोबल रैंकिंग 2020 (World University Rankings 2020) की टॉप 300 की लिस्ट में भारत की एक भी यूनिवर्सिटी शामिल नहीं है. 2012 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब भारत की कोई भी यूनिवर्सिटी इस लिस्ट में जगह नहीं बना पाई है. हालांकि ओवरऑल रैंकिंग (Global University Rankings 2020) में पिछले साल के मुकाबले भारतीय यूनिवर्सिटी की संख्या इस बार ज्यादा है. 2018 में जहां 49 संस्थानों ने इस सूची में स्थान मिला था, वहीं इस बार 56 संस्थानों को स्थान मिला है. भारत के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) बैंगलोर ने टॉप 350 में जगह बनाई है. दूसरी ओर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रोपड़ भी इस बार टॉप 350 रैंकिंग में पहुंच गया है.
आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi), आईआईटी खड़गपुर और जामिया मिल्लिया समेत कुछ की रैंकिंग में सुधार हुआ है. टाइम्स हायर एजुकेशन (टीएचई) की वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2020 में इस साल टॉप 500 यूनिवर्सिटी में भारत की छह यूनिवर्सिटियों को जगह मिली है. वहीं, ग्लोबल रैंकिंग 2020 में चीन की यूनिवर्सिटी ने इस बार अच्छा स्थान प्राप्त किया है. चीन की Tsinghua यूनिवर्सिटी को ग्लोबल रैंकिंग में 23वें स्थान और Peking को 24वें स्थान पर पहुंच गई है. | यह एक सारांश है: वर्ल्ड रैंकिंग की टॉप 300 लिस्ट में भारत की एक भी यूनिवर्सिटी नहीं है.
ओवर ऑल रैंकिंग में इस बार 56 संस्थानों को स्थान मिला है.
यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड फिर से टॉप पर है. | 16 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: शिवसेना ने कहा, “(महबूबा) मुफ्ती ने कहा था कि अनुच्छेद 35ए को छूने वाले हाथ जला दिए जाने चाहिए और कश्मीरियों को बलिदान के लिए तैयार रहना चाहिए. “देश के गृह मंत्री को उकसावे एवं विद्रोह की ऐसी भाषा को बर्दाश्त नहीं करना चाहिए. यह आतंकवाद की भाषा है. उन्हें (मुफ्ती को)नये यूएपीए के तहत जेल भेज दिया जाना चाहिए..अगर ऐसा नहीं हुआ तो कश्मीर में दंगे कराने की उनकी साजिश कामयाब हो जाएगी.”
गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) कानून (यूएपीए) में किए गए नये सुधार केंद्र सरकार को किसी व्यक्ति को आतंकवादी घोषित करने और उनकी संपत्ति जब्त करने का अधिकार देती है. इस संशोधन को संसद में दो अगस्त को स्वीकृति मिली थी. संपादकीय में कहा गया, “अमरनाथ यात्रा को बीच में ही रोक देने की आलोचना हो सकती है लेकिन कई बार चार आगे कदम बढ़ने के लिए आपको एक कदम पीछे लेना पड़ता है.''
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बढ़ाए जाने के विषय पर शिवसेना ने कहा, ‘‘केंद्र सरकार ने कश्मीर में जिस तरीके से सशस्त्र बलों की तैनाती की है और अगर वे आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने की मंशा रखते हैं तो लोगों को बातचीत के जरिए कश्मीर मुद्दा सुलझाए जाने की उम्मीद छोड़ देनी चाहिए. सरकार को बेशक अपनी योजना पर आगे बढ़ना चाहिए.” | यहाँ एक सारांश है:शिवसेना ने कहा कि महबूबा मुफ्ती 35ए पर आतंकवाद की भाषा बोल रही हैं.
उनके ऊपर संशोधित आतंकवाद निरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए.
महबूबा ने कहा था कि अनुच्छेद 35ए को छूने वाले हाथ जला दिए जाने चाहिए. | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुरुवार को कहा कि फ्रांस भारत का सबसे कीमती रणनीतिक साझीदार है और उसने संकट की घड़ी में 'जोरदार और दृढ़ समर्थन' दिया है।
फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसवा ओलांद के साथ यहां मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत फ्रांस को एक अत्यंत कीमती रणनीतिक साझीदार की तरह सम्मान देता है जिसने अत्यंत संकट की घड़ी में हमें मजबूत और दृढ़ समर्थन प्रदान किया है।" उन्होंने कहा, "हमने महाराष्ट्र में जैतापुर नाभिकीय ऊर्जा परियोजना की प्रगति की समीक्षा की है और इसके शीघ्र लागू होने पर अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।"
प्रधानमंत्री कार्यालय ने प्रधानमंत्री के हवाले से ट्वीट किया है, "हमने रक्षा क्षेत्र में सहयोग पर संतुष्टि जाहिर की है। इस क्षेत्र में सहयोग नई ऊंचाइयों को छूने की ओर अग्रसर है।"टिप्पणियां
मनमोहन सिंह ने कहा कि भारत और फ्रांस दोनों ने आतंकवाद से मुकाबले और खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान की दिशा में अपना सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा है, "हम भारत के साथ आर्थिक संबंधों के लिए फ्रांस के विशेष प्रतिनिधि की नियुक्ति का स्वागत करते हैं।"
पिछले साल फ्रांस के राष्ट्रपति पद पर काबिज होने वाले ओलांद यहां गुरुवार को पहुंचे। एशिया की यह उनकी पहली द्विपक्षीय सरकारी यात्रा है।
फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसवा ओलांद के साथ यहां मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत फ्रांस को एक अत्यंत कीमती रणनीतिक साझीदार की तरह सम्मान देता है जिसने अत्यंत संकट की घड़ी में हमें मजबूत और दृढ़ समर्थन प्रदान किया है।" उन्होंने कहा, "हमने महाराष्ट्र में जैतापुर नाभिकीय ऊर्जा परियोजना की प्रगति की समीक्षा की है और इसके शीघ्र लागू होने पर अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।"
प्रधानमंत्री कार्यालय ने प्रधानमंत्री के हवाले से ट्वीट किया है, "हमने रक्षा क्षेत्र में सहयोग पर संतुष्टि जाहिर की है। इस क्षेत्र में सहयोग नई ऊंचाइयों को छूने की ओर अग्रसर है।"टिप्पणियां
मनमोहन सिंह ने कहा कि भारत और फ्रांस दोनों ने आतंकवाद से मुकाबले और खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान की दिशा में अपना सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा है, "हम भारत के साथ आर्थिक संबंधों के लिए फ्रांस के विशेष प्रतिनिधि की नियुक्ति का स्वागत करते हैं।"
पिछले साल फ्रांस के राष्ट्रपति पद पर काबिज होने वाले ओलांद यहां गुरुवार को पहुंचे। एशिया की यह उनकी पहली द्विपक्षीय सरकारी यात्रा है।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने प्रधानमंत्री के हवाले से ट्वीट किया है, "हमने रक्षा क्षेत्र में सहयोग पर संतुष्टि जाहिर की है। इस क्षेत्र में सहयोग नई ऊंचाइयों को छूने की ओर अग्रसर है।"टिप्पणियां
मनमोहन सिंह ने कहा कि भारत और फ्रांस दोनों ने आतंकवाद से मुकाबले और खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान की दिशा में अपना सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा है, "हम भारत के साथ आर्थिक संबंधों के लिए फ्रांस के विशेष प्रतिनिधि की नियुक्ति का स्वागत करते हैं।"
पिछले साल फ्रांस के राष्ट्रपति पद पर काबिज होने वाले ओलांद यहां गुरुवार को पहुंचे। एशिया की यह उनकी पहली द्विपक्षीय सरकारी यात्रा है।
मनमोहन सिंह ने कहा कि भारत और फ्रांस दोनों ने आतंकवाद से मुकाबले और खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान की दिशा में अपना सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा है, "हम भारत के साथ आर्थिक संबंधों के लिए फ्रांस के विशेष प्रतिनिधि की नियुक्ति का स्वागत करते हैं।"
पिछले साल फ्रांस के राष्ट्रपति पद पर काबिज होने वाले ओलांद यहां गुरुवार को पहुंचे। एशिया की यह उनकी पहली द्विपक्षीय सरकारी यात्रा है।
पिछले साल फ्रांस के राष्ट्रपति पद पर काबिज होने वाले ओलांद यहां गुरुवार को पहुंचे। एशिया की यह उनकी पहली द्विपक्षीय सरकारी यात्रा है। | यह एक सारांश है: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुरुवार को कहा कि फ्रांस भारत का सबसे कीमती रणनीतिक साझीदार है और उसने संकट की घड़ी में 'जोरदार और दृढ़ समर्थन' दिया है। | 24 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: चीन ने तेज रफ्तार और ऊंची लागत को लेकर विवाद के बीच अपनी महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन का सोमवार को परीक्षण किया। उसने बीजिंग और शांघाई के बीच सफर तय किया। परीक्षण के तहत बीजिंग से रेल 1318 किलोमीटर की दूरी के लिए रवाना हुई। उसमें सरकारी अधिकारी रेल मार्ग बनाने वाली कम्पनी के अधिकारी और पत्रकार थे। उसने आम रेलगाडी के मुकाबले आधे समय में, करीब पांच घंटे में सफर तय किया। ट्रेन औपचारिक तौर पर सत्तारूढ कम्युनिस्ट पार्टी आफ चायना की 90 वीं सालगिरह से एक दिन पहले 30 जून से परिचालन शुरू करेगी। इससे चीन दुनिया की उच्च प्रौद्योगिकी वाली परिवहन प्रणाली वाले देशों की पांत में आ जाएगा। बीजिंग-शांघाई मार्ग सात प्रांतों से गुजरेगा जिसमें देश के सर्वाधिक आबादी और आर्थिक तौर पर विकसित इलाके शामिल हैं। रेलवे मंत्रालय ने बताया कि बुलेट ट्रेनें प्रतिदिन 300 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से 63 फेरे और 250 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से 27 फेरे लेंगी। इस मार्ग के निर्माण पर साढे बत्तीस अरब डॉलर की लागत आई है। | संक्षिप्त पाठ: चीन ने तेज रफ्तार और ऊंची लागत को लेकर विवाद के बीच अपनी महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन का सोमवार को परीक्षण किया। | 14 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बांग्लादेश में लगातार दूसरी बार एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया जाएगा, क्योंकि 2014 में होने वाले टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए हामी भरने वाला भारत व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के कारण इसके आयोजन से पीछे हट गया है।
बांग्लादेश ने 2012 में भी इस टूर्नामेंट का आयोजन किया था। इस टूर्नामेंट की संभावित तारीख 24 फरवरी से 8 मार्च होगी। ‘ईएसपीएन क्रिकइंफो’ की रिपोर्ट के मुताबिक 8 अप्रैल को कुआलालंपुर में एशियाई क्रिकेट परिषद :एसीसी: की बोर्ड बैठक में यह फैसला किया गया। बताया गया है कि भारत ने एसीसी के अन्य सदस्यों को सूचित किया है कि वह अगले साल फरवरी-मार्च में होने वाले न्यूजीलैंड दौरे के कार्यक्रम को अंतिम रूप देने का प्रयास कर रहा है।टिप्पणियां
बांग्लादेश हालांकि टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए इसी समय होने वाली त्रिकोणीय शृंखला को स्थगित करने के लिए राजी हो गया है, जिसकी अन्य टीमें श्रीलंका और पाकिस्तान हैं।
संभावना है कि टूर्नामेंट की तारीखों में फिर बदलाव हो, क्योंकि बीसीसीआई न्यूजीलैंड को दौरे में कटौती करके इसे दो टेस्ट, दो वनडे और दो टी20 मैचों का करने के लिए मनाने का प्रयास कर रहा है, जिससे कि भारत एशिया कप में हिस्सा ले सके। आईसीसी के भविष्य दौरा कार्यक्रम के तहत भारत को न्यूजीलैंड दौरे पर तीन टेस्ट, पांच वनडे और एक टी-20 मैच खेलना है।
बांग्लादेश ने 2012 में भी इस टूर्नामेंट का आयोजन किया था। इस टूर्नामेंट की संभावित तारीख 24 फरवरी से 8 मार्च होगी। ‘ईएसपीएन क्रिकइंफो’ की रिपोर्ट के मुताबिक 8 अप्रैल को कुआलालंपुर में एशियाई क्रिकेट परिषद :एसीसी: की बोर्ड बैठक में यह फैसला किया गया। बताया गया है कि भारत ने एसीसी के अन्य सदस्यों को सूचित किया है कि वह अगले साल फरवरी-मार्च में होने वाले न्यूजीलैंड दौरे के कार्यक्रम को अंतिम रूप देने का प्रयास कर रहा है।टिप्पणियां
बांग्लादेश हालांकि टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए इसी समय होने वाली त्रिकोणीय शृंखला को स्थगित करने के लिए राजी हो गया है, जिसकी अन्य टीमें श्रीलंका और पाकिस्तान हैं।
संभावना है कि टूर्नामेंट की तारीखों में फिर बदलाव हो, क्योंकि बीसीसीआई न्यूजीलैंड को दौरे में कटौती करके इसे दो टेस्ट, दो वनडे और दो टी20 मैचों का करने के लिए मनाने का प्रयास कर रहा है, जिससे कि भारत एशिया कप में हिस्सा ले सके। आईसीसी के भविष्य दौरा कार्यक्रम के तहत भारत को न्यूजीलैंड दौरे पर तीन टेस्ट, पांच वनडे और एक टी-20 मैच खेलना है।
बांग्लादेश हालांकि टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए इसी समय होने वाली त्रिकोणीय शृंखला को स्थगित करने के लिए राजी हो गया है, जिसकी अन्य टीमें श्रीलंका और पाकिस्तान हैं।
संभावना है कि टूर्नामेंट की तारीखों में फिर बदलाव हो, क्योंकि बीसीसीआई न्यूजीलैंड को दौरे में कटौती करके इसे दो टेस्ट, दो वनडे और दो टी20 मैचों का करने के लिए मनाने का प्रयास कर रहा है, जिससे कि भारत एशिया कप में हिस्सा ले सके। आईसीसी के भविष्य दौरा कार्यक्रम के तहत भारत को न्यूजीलैंड दौरे पर तीन टेस्ट, पांच वनडे और एक टी-20 मैच खेलना है।
संभावना है कि टूर्नामेंट की तारीखों में फिर बदलाव हो, क्योंकि बीसीसीआई न्यूजीलैंड को दौरे में कटौती करके इसे दो टेस्ट, दो वनडे और दो टी20 मैचों का करने के लिए मनाने का प्रयास कर रहा है, जिससे कि भारत एशिया कप में हिस्सा ले सके। आईसीसी के भविष्य दौरा कार्यक्रम के तहत भारत को न्यूजीलैंड दौरे पर तीन टेस्ट, पांच वनडे और एक टी-20 मैच खेलना है। | सारांश: बांग्लादेश में लगातार दूसरी बार एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया जाएगा, क्योंकि 2014 में होने वाले टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए हामी भरने वाला भारत व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के कारण इसके आयोजन से पीछे हट गया है। | 31 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हरियाणा के रोहतक जिले में एक युवती के एक युवक के साथ भाग जाने के कारण दोनों की सम्मान के नाम पर हत्या कर दिए जाने के एक दिन बाद पुलिस ने गुरुवार को युवती के अभिभावकों एवं एक रिश्तेदार को गिरफ्तार कर लिया। युवती के भाई सहित उसकी हत्या के अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
सम्मान के नाम पर हत्या करने के आरोपी युवती के पिता नरेंदर उर्फ बिल्लू, मां रीता और एक रिश्तेदार रविंदर को गुरुवार को स्थानीय अदालत में पेश किया गया। अदालत ने नरेंदर और रविंदर को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया, जबकि युवती की मां रीता को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
धर्मेंद्र (22) और निधि (20) के शव बुधवार को बरामद हुए थे। दोनों की सम्मान के नाम पर हत्या कर दी गई थी। धर्मेंद्र का सिर रहित शव बुधवार शाम चंडीगढ़ से 250 किलोमीटर दूर स्थित कलानौर के पास गर्नावथी गांव में उसके घर के बाहर मिला था जबकि परिजनों ने गुपचुप तरीके से युवती का अंतिम संस्कार कर दिया था।
पुलिस ने धर्मेंद्र का शव तो अपने कब्जे में ले लिया लेकिन युवती का शव जलने के बाद बचे अवशेष ही बरामद कर सकी है।
रोहतक पुलिस प्रमुख राजेश दुग्गल ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि आरोपियों ने पूछताछ के दौरान अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
दुग्गल ने बताया, "धर्मेंद्र का शव अंत्य परीक्षण के बाद आज (गुरुवार) उसके परिजनों को सौंप दिया गया। युवती के भाई सन्नी, उसके मित्र राजेश और कार चालक महेश उर्फ छिप्पी सहित अन्य आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।"
मामले की विस्तृत जांच के अलावा इस अपराध में अन्य लोगों की संलिप्तता का पता लगाने के लिए पुलिस उपाधीक्षक अनिल कुमार के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस दल गठित किया गया है।
दुग्गल ने आगे बताया, "जिस कार में युवक एवं युवती को गर्नावथी गांव वापस लाया गया तथा अपराध में इस्तेमाल हथियार की भी तलाश की जा रही है।"
इस बीच किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए गांव में पुलिस की तैनाती कर दी गई है। गांववासियों ने हालांकि पुलिस को बुधवार को घटी घटना के संबंध में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। यहां तक कि उन्होंने पत्रकारों को भी कुछ नहीं बताया। पुलिस को युवती के परिवार के सात अन्य सदस्यों पर भी अपराध में शामिल होने का संदेह है।
पुलिस को संदेह है कि युवती के परिवार ने प्रेमी जोड़े को दिल्ली से लौट आने को कहा था। परिवार को युवती का प्रेम संबंध रखना गंवारा नहीं था और इसलिए युवती मंगलवार को युवक संग भाग गई थी।टिप्पणियां
पीड़ितों की अपने गांव से 10 किलोमीटर दूर स्थित रोहतक में एक संस्थान में पढ़ाई के दौरान दोस्ती हुई थी।
इस क्षेत्र की खाप पंचायतें एक ही गांव और गोत्र में होने वाले विवाहों को स्वीकार नहीं करती हैं।
सम्मान के नाम पर हत्या करने के आरोपी युवती के पिता नरेंदर उर्फ बिल्लू, मां रीता और एक रिश्तेदार रविंदर को गुरुवार को स्थानीय अदालत में पेश किया गया। अदालत ने नरेंदर और रविंदर को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया, जबकि युवती की मां रीता को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
धर्मेंद्र (22) और निधि (20) के शव बुधवार को बरामद हुए थे। दोनों की सम्मान के नाम पर हत्या कर दी गई थी। धर्मेंद्र का सिर रहित शव बुधवार शाम चंडीगढ़ से 250 किलोमीटर दूर स्थित कलानौर के पास गर्नावथी गांव में उसके घर के बाहर मिला था जबकि परिजनों ने गुपचुप तरीके से युवती का अंतिम संस्कार कर दिया था।
पुलिस ने धर्मेंद्र का शव तो अपने कब्जे में ले लिया लेकिन युवती का शव जलने के बाद बचे अवशेष ही बरामद कर सकी है।
रोहतक पुलिस प्रमुख राजेश दुग्गल ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि आरोपियों ने पूछताछ के दौरान अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
दुग्गल ने बताया, "धर्मेंद्र का शव अंत्य परीक्षण के बाद आज (गुरुवार) उसके परिजनों को सौंप दिया गया। युवती के भाई सन्नी, उसके मित्र राजेश और कार चालक महेश उर्फ छिप्पी सहित अन्य आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।"
मामले की विस्तृत जांच के अलावा इस अपराध में अन्य लोगों की संलिप्तता का पता लगाने के लिए पुलिस उपाधीक्षक अनिल कुमार के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस दल गठित किया गया है।
दुग्गल ने आगे बताया, "जिस कार में युवक एवं युवती को गर्नावथी गांव वापस लाया गया तथा अपराध में इस्तेमाल हथियार की भी तलाश की जा रही है।"
इस बीच किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए गांव में पुलिस की तैनाती कर दी गई है। गांववासियों ने हालांकि पुलिस को बुधवार को घटी घटना के संबंध में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। यहां तक कि उन्होंने पत्रकारों को भी कुछ नहीं बताया। पुलिस को युवती के परिवार के सात अन्य सदस्यों पर भी अपराध में शामिल होने का संदेह है।
पुलिस को संदेह है कि युवती के परिवार ने प्रेमी जोड़े को दिल्ली से लौट आने को कहा था। परिवार को युवती का प्रेम संबंध रखना गंवारा नहीं था और इसलिए युवती मंगलवार को युवक संग भाग गई थी।टिप्पणियां
पीड़ितों की अपने गांव से 10 किलोमीटर दूर स्थित रोहतक में एक संस्थान में पढ़ाई के दौरान दोस्ती हुई थी।
इस क्षेत्र की खाप पंचायतें एक ही गांव और गोत्र में होने वाले विवाहों को स्वीकार नहीं करती हैं।
धर्मेंद्र (22) और निधि (20) के शव बुधवार को बरामद हुए थे। दोनों की सम्मान के नाम पर हत्या कर दी गई थी। धर्मेंद्र का सिर रहित शव बुधवार शाम चंडीगढ़ से 250 किलोमीटर दूर स्थित कलानौर के पास गर्नावथी गांव में उसके घर के बाहर मिला था जबकि परिजनों ने गुपचुप तरीके से युवती का अंतिम संस्कार कर दिया था।
पुलिस ने धर्मेंद्र का शव तो अपने कब्जे में ले लिया लेकिन युवती का शव जलने के बाद बचे अवशेष ही बरामद कर सकी है।
रोहतक पुलिस प्रमुख राजेश दुग्गल ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि आरोपियों ने पूछताछ के दौरान अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
दुग्गल ने बताया, "धर्मेंद्र का शव अंत्य परीक्षण के बाद आज (गुरुवार) उसके परिजनों को सौंप दिया गया। युवती के भाई सन्नी, उसके मित्र राजेश और कार चालक महेश उर्फ छिप्पी सहित अन्य आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।"
मामले की विस्तृत जांच के अलावा इस अपराध में अन्य लोगों की संलिप्तता का पता लगाने के लिए पुलिस उपाधीक्षक अनिल कुमार के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस दल गठित किया गया है।
दुग्गल ने आगे बताया, "जिस कार में युवक एवं युवती को गर्नावथी गांव वापस लाया गया तथा अपराध में इस्तेमाल हथियार की भी तलाश की जा रही है।"
इस बीच किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए गांव में पुलिस की तैनाती कर दी गई है। गांववासियों ने हालांकि पुलिस को बुधवार को घटी घटना के संबंध में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। यहां तक कि उन्होंने पत्रकारों को भी कुछ नहीं बताया। पुलिस को युवती के परिवार के सात अन्य सदस्यों पर भी अपराध में शामिल होने का संदेह है।
पुलिस को संदेह है कि युवती के परिवार ने प्रेमी जोड़े को दिल्ली से लौट आने को कहा था। परिवार को युवती का प्रेम संबंध रखना गंवारा नहीं था और इसलिए युवती मंगलवार को युवक संग भाग गई थी।टिप्पणियां
पीड़ितों की अपने गांव से 10 किलोमीटर दूर स्थित रोहतक में एक संस्थान में पढ़ाई के दौरान दोस्ती हुई थी।
इस क्षेत्र की खाप पंचायतें एक ही गांव और गोत्र में होने वाले विवाहों को स्वीकार नहीं करती हैं।
पुलिस ने धर्मेंद्र का शव तो अपने कब्जे में ले लिया लेकिन युवती का शव जलने के बाद बचे अवशेष ही बरामद कर सकी है।
रोहतक पुलिस प्रमुख राजेश दुग्गल ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि आरोपियों ने पूछताछ के दौरान अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
दुग्गल ने बताया, "धर्मेंद्र का शव अंत्य परीक्षण के बाद आज (गुरुवार) उसके परिजनों को सौंप दिया गया। युवती के भाई सन्नी, उसके मित्र राजेश और कार चालक महेश उर्फ छिप्पी सहित अन्य आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।"
मामले की विस्तृत जांच के अलावा इस अपराध में अन्य लोगों की संलिप्तता का पता लगाने के लिए पुलिस उपाधीक्षक अनिल कुमार के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस दल गठित किया गया है।
दुग्गल ने आगे बताया, "जिस कार में युवक एवं युवती को गर्नावथी गांव वापस लाया गया तथा अपराध में इस्तेमाल हथियार की भी तलाश की जा रही है।"
इस बीच किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए गांव में पुलिस की तैनाती कर दी गई है। गांववासियों ने हालांकि पुलिस को बुधवार को घटी घटना के संबंध में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। यहां तक कि उन्होंने पत्रकारों को भी कुछ नहीं बताया। पुलिस को युवती के परिवार के सात अन्य सदस्यों पर भी अपराध में शामिल होने का संदेह है।
पुलिस को संदेह है कि युवती के परिवार ने प्रेमी जोड़े को दिल्ली से लौट आने को कहा था। परिवार को युवती का प्रेम संबंध रखना गंवारा नहीं था और इसलिए युवती मंगलवार को युवक संग भाग गई थी।टिप्पणियां
पीड़ितों की अपने गांव से 10 किलोमीटर दूर स्थित रोहतक में एक संस्थान में पढ़ाई के दौरान दोस्ती हुई थी।
इस क्षेत्र की खाप पंचायतें एक ही गांव और गोत्र में होने वाले विवाहों को स्वीकार नहीं करती हैं।
रोहतक पुलिस प्रमुख राजेश दुग्गल ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि आरोपियों ने पूछताछ के दौरान अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
दुग्गल ने बताया, "धर्मेंद्र का शव अंत्य परीक्षण के बाद आज (गुरुवार) उसके परिजनों को सौंप दिया गया। युवती के भाई सन्नी, उसके मित्र राजेश और कार चालक महेश उर्फ छिप्पी सहित अन्य आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।"
मामले की विस्तृत जांच के अलावा इस अपराध में अन्य लोगों की संलिप्तता का पता लगाने के लिए पुलिस उपाधीक्षक अनिल कुमार के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस दल गठित किया गया है।
दुग्गल ने आगे बताया, "जिस कार में युवक एवं युवती को गर्नावथी गांव वापस लाया गया तथा अपराध में इस्तेमाल हथियार की भी तलाश की जा रही है।"
इस बीच किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए गांव में पुलिस की तैनाती कर दी गई है। गांववासियों ने हालांकि पुलिस को बुधवार को घटी घटना के संबंध में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। यहां तक कि उन्होंने पत्रकारों को भी कुछ नहीं बताया। पुलिस को युवती के परिवार के सात अन्य सदस्यों पर भी अपराध में शामिल होने का संदेह है।
पुलिस को संदेह है कि युवती के परिवार ने प्रेमी जोड़े को दिल्ली से लौट आने को कहा था। परिवार को युवती का प्रेम संबंध रखना गंवारा नहीं था और इसलिए युवती मंगलवार को युवक संग भाग गई थी।टिप्पणियां
पीड़ितों की अपने गांव से 10 किलोमीटर दूर स्थित रोहतक में एक संस्थान में पढ़ाई के दौरान दोस्ती हुई थी।
इस क्षेत्र की खाप पंचायतें एक ही गांव और गोत्र में होने वाले विवाहों को स्वीकार नहीं करती हैं।
दुग्गल ने बताया, "धर्मेंद्र का शव अंत्य परीक्षण के बाद आज (गुरुवार) उसके परिजनों को सौंप दिया गया। युवती के भाई सन्नी, उसके मित्र राजेश और कार चालक महेश उर्फ छिप्पी सहित अन्य आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।"
मामले की विस्तृत जांच के अलावा इस अपराध में अन्य लोगों की संलिप्तता का पता लगाने के लिए पुलिस उपाधीक्षक अनिल कुमार के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस दल गठित किया गया है।
दुग्गल ने आगे बताया, "जिस कार में युवक एवं युवती को गर्नावथी गांव वापस लाया गया तथा अपराध में इस्तेमाल हथियार की भी तलाश की जा रही है।"
इस बीच किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए गांव में पुलिस की तैनाती कर दी गई है। गांववासियों ने हालांकि पुलिस को बुधवार को घटी घटना के संबंध में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। यहां तक कि उन्होंने पत्रकारों को भी कुछ नहीं बताया। पुलिस को युवती के परिवार के सात अन्य सदस्यों पर भी अपराध में शामिल होने का संदेह है।
पुलिस को संदेह है कि युवती के परिवार ने प्रेमी जोड़े को दिल्ली से लौट आने को कहा था। परिवार को युवती का प्रेम संबंध रखना गंवारा नहीं था और इसलिए युवती मंगलवार को युवक संग भाग गई थी।टिप्पणियां
पीड़ितों की अपने गांव से 10 किलोमीटर दूर स्थित रोहतक में एक संस्थान में पढ़ाई के दौरान दोस्ती हुई थी।
इस क्षेत्र की खाप पंचायतें एक ही गांव और गोत्र में होने वाले विवाहों को स्वीकार नहीं करती हैं।
मामले की विस्तृत जांच के अलावा इस अपराध में अन्य लोगों की संलिप्तता का पता लगाने के लिए पुलिस उपाधीक्षक अनिल कुमार के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस दल गठित किया गया है।
दुग्गल ने आगे बताया, "जिस कार में युवक एवं युवती को गर्नावथी गांव वापस लाया गया तथा अपराध में इस्तेमाल हथियार की भी तलाश की जा रही है।"
इस बीच किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए गांव में पुलिस की तैनाती कर दी गई है। गांववासियों ने हालांकि पुलिस को बुधवार को घटी घटना के संबंध में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। यहां तक कि उन्होंने पत्रकारों को भी कुछ नहीं बताया। पुलिस को युवती के परिवार के सात अन्य सदस्यों पर भी अपराध में शामिल होने का संदेह है।
पुलिस को संदेह है कि युवती के परिवार ने प्रेमी जोड़े को दिल्ली से लौट आने को कहा था। परिवार को युवती का प्रेम संबंध रखना गंवारा नहीं था और इसलिए युवती मंगलवार को युवक संग भाग गई थी।टिप्पणियां
पीड़ितों की अपने गांव से 10 किलोमीटर दूर स्थित रोहतक में एक संस्थान में पढ़ाई के दौरान दोस्ती हुई थी।
इस क्षेत्र की खाप पंचायतें एक ही गांव और गोत्र में होने वाले विवाहों को स्वीकार नहीं करती हैं।
दुग्गल ने आगे बताया, "जिस कार में युवक एवं युवती को गर्नावथी गांव वापस लाया गया तथा अपराध में इस्तेमाल हथियार की भी तलाश की जा रही है।"
इस बीच किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए गांव में पुलिस की तैनाती कर दी गई है। गांववासियों ने हालांकि पुलिस को बुधवार को घटी घटना के संबंध में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। यहां तक कि उन्होंने पत्रकारों को भी कुछ नहीं बताया। पुलिस को युवती के परिवार के सात अन्य सदस्यों पर भी अपराध में शामिल होने का संदेह है।
पुलिस को संदेह है कि युवती के परिवार ने प्रेमी जोड़े को दिल्ली से लौट आने को कहा था। परिवार को युवती का प्रेम संबंध रखना गंवारा नहीं था और इसलिए युवती मंगलवार को युवक संग भाग गई थी।टिप्पणियां
पीड़ितों की अपने गांव से 10 किलोमीटर दूर स्थित रोहतक में एक संस्थान में पढ़ाई के दौरान दोस्ती हुई थी।
इस क्षेत्र की खाप पंचायतें एक ही गांव और गोत्र में होने वाले विवाहों को स्वीकार नहीं करती हैं।
इस बीच किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए गांव में पुलिस की तैनाती कर दी गई है। गांववासियों ने हालांकि पुलिस को बुधवार को घटी घटना के संबंध में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। यहां तक कि उन्होंने पत्रकारों को भी कुछ नहीं बताया। पुलिस को युवती के परिवार के सात अन्य सदस्यों पर भी अपराध में शामिल होने का संदेह है।
पुलिस को संदेह है कि युवती के परिवार ने प्रेमी जोड़े को दिल्ली से लौट आने को कहा था। परिवार को युवती का प्रेम संबंध रखना गंवारा नहीं था और इसलिए युवती मंगलवार को युवक संग भाग गई थी।टिप्पणियां
पीड़ितों की अपने गांव से 10 किलोमीटर दूर स्थित रोहतक में एक संस्थान में पढ़ाई के दौरान दोस्ती हुई थी।
इस क्षेत्र की खाप पंचायतें एक ही गांव और गोत्र में होने वाले विवाहों को स्वीकार नहीं करती हैं।
पुलिस को संदेह है कि युवती के परिवार ने प्रेमी जोड़े को दिल्ली से लौट आने को कहा था। परिवार को युवती का प्रेम संबंध रखना गंवारा नहीं था और इसलिए युवती मंगलवार को युवक संग भाग गई थी।टिप्पणियां
पीड़ितों की अपने गांव से 10 किलोमीटर दूर स्थित रोहतक में एक संस्थान में पढ़ाई के दौरान दोस्ती हुई थी।
इस क्षेत्र की खाप पंचायतें एक ही गांव और गोत्र में होने वाले विवाहों को स्वीकार नहीं करती हैं।
पीड़ितों की अपने गांव से 10 किलोमीटर दूर स्थित रोहतक में एक संस्थान में पढ़ाई के दौरान दोस्ती हुई थी।
इस क्षेत्र की खाप पंचायतें एक ही गांव और गोत्र में होने वाले विवाहों को स्वीकार नहीं करती हैं।
इस क्षेत्र की खाप पंचायतें एक ही गांव और गोत्र में होने वाले विवाहों को स्वीकार नहीं करती हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: हरियाणा के रोहतक जिले में एक युवती के एक युवक के साथ भाग जाने के कारण दोनों की सम्मान के नाम पर हत्या कर दिए जाने के एक दिन बाद पुलिस ने गुरुवार को युवती के अभिभावकों एवं एक रिश्तेदार को गिरफ्तार कर लिया। | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मोदी सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण 2016-17 पेश किया. सर्वे में देश के हर नागरिकों को हर महीने एक तयशुदा आमदनी सुनिश्चित करने के लिए यूनिवर्सल बेसिक इनकम स्कीम लागू करने की सिफारिश की गई है. सरकार का मानना है कि इससे गरीबी हटाने में मदद मिलेगी. नीति आयोग का जहां कहना है कि देश के पास गरीबों की आमदनी बढ़ाने की परियोजना चलाने के लिए जरूरी वित्तीय संसाधन नहीं हैं. वहीं, सरकार के वित्त वर्ष 2016-17 के आर्थिक सर्वेक्षण में गरीबी हटाने के लिए चलाई जा रही विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं की जगह पर एक सार्वभौमिक बुनियादी आय (यूनिवर्सल बेसिक इनकम) योजना चलाने की वकालत की गई है. सर्वे में कहा गया है कि इस योजना से सभी तरह की सब्सिडी को खत्म किया जा सकता है.
देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविन्द सुब्रह्मण्यम द्वारा लिखित आर्थिक सर्वेक्षण को सरकार ने संसद के बजट सत्र के पहले दिन मंगलवार को सदन में पेश किया, जिसमें गरीबी रेखा के नीचे रहनेवाले भारतीयों को उचित बुनियादी आय मुहैया कराने की योजना चलाने पर जोर दिया गया है, जो कि एक सर्वेक्षण पर आधारित है. इसमें कहा गया है कि जिन जिलों में गरीबी अधिक है, वहां राज्य के पास उन्हें मदद देने के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन नहीं हैं. सर्वेक्षण में कहा गया है कि गरीबों की प्रभावी तरीके से मदद के लिए जरूरी है कि उन्हें सीधी वित्तीय सहायता मुहैया कराई जाए, जो यूबीआई के माध्यम से दी जाए.
यूबीआई योजना जो इससे पहले किसी देश में लागू नहीं की गई है, के बारे में पहले सुब्रह्मण्यम ने कहा कि इसके तहत सरकार द्वारा गरीबी हटाने के लिए चलाई जा रही 1000 से ज्यादा योजनाओं को बंद कर सभी नागरिकों को बिना शर्त 10,000 रुपये से 15,000 रुपये नकदी दी जा सकती है.
आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि यूबीआई के सफल बनाने के लिए दो और चीजों की जरूरत है. एक तो प्रभावी जेएएम (जन धन, आधार और मोबाइल) प्रणाली, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि नकदी का हस्तांतरण सीधे लाभार्थी के खाते में हो और दूसरा इस कार्यक्रम की लागत साझा करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार में सहमति होनी चाहिए.
इस दौरान नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविन्द पनगढ़िया ने हाल के एक साक्षात्कार में कहा है कि भारत में गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों के लिए यूबीआई लागू करने के लिए जरूरी वित्तीय संसाधन का अभाव है.टिप्पणियां
पनगढ़िया ने इस महीने की शुरुआत में एक अंग्रेजी डेली को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "आय का वर्तमान स्तर और स्वास्थ्य, शिक्षा, अवसंरचना और रक्षा क्षेत्र में हमारी निवेश की जरूरत को देखते हुए हमारे पास 130 करोड़ भारतीय लोगों को उचित बुनियादी आय मुहैया कराने के लिए जरूरी वित्तीय संसाधन नहीं हैं."
शहरी गरीबी रेखा पर तेंदुलकर समिति ने 2011-12 की कीमतों के आधार पर इसे प्रति व्यक्ति 1,000 रुपये प्रति माह रखी है. इससे कम आय वालों को गरीबी रेखा से नीचे रखा गया है.
देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविन्द सुब्रह्मण्यम द्वारा लिखित आर्थिक सर्वेक्षण को सरकार ने संसद के बजट सत्र के पहले दिन मंगलवार को सदन में पेश किया, जिसमें गरीबी रेखा के नीचे रहनेवाले भारतीयों को उचित बुनियादी आय मुहैया कराने की योजना चलाने पर जोर दिया गया है, जो कि एक सर्वेक्षण पर आधारित है. इसमें कहा गया है कि जिन जिलों में गरीबी अधिक है, वहां राज्य के पास उन्हें मदद देने के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन नहीं हैं. सर्वेक्षण में कहा गया है कि गरीबों की प्रभावी तरीके से मदद के लिए जरूरी है कि उन्हें सीधी वित्तीय सहायता मुहैया कराई जाए, जो यूबीआई के माध्यम से दी जाए.
यूबीआई योजना जो इससे पहले किसी देश में लागू नहीं की गई है, के बारे में पहले सुब्रह्मण्यम ने कहा कि इसके तहत सरकार द्वारा गरीबी हटाने के लिए चलाई जा रही 1000 से ज्यादा योजनाओं को बंद कर सभी नागरिकों को बिना शर्त 10,000 रुपये से 15,000 रुपये नकदी दी जा सकती है.
आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि यूबीआई के सफल बनाने के लिए दो और चीजों की जरूरत है. एक तो प्रभावी जेएएम (जन धन, आधार और मोबाइल) प्रणाली, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि नकदी का हस्तांतरण सीधे लाभार्थी के खाते में हो और दूसरा इस कार्यक्रम की लागत साझा करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार में सहमति होनी चाहिए.
इस दौरान नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविन्द पनगढ़िया ने हाल के एक साक्षात्कार में कहा है कि भारत में गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों के लिए यूबीआई लागू करने के लिए जरूरी वित्तीय संसाधन का अभाव है.टिप्पणियां
पनगढ़िया ने इस महीने की शुरुआत में एक अंग्रेजी डेली को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "आय का वर्तमान स्तर और स्वास्थ्य, शिक्षा, अवसंरचना और रक्षा क्षेत्र में हमारी निवेश की जरूरत को देखते हुए हमारे पास 130 करोड़ भारतीय लोगों को उचित बुनियादी आय मुहैया कराने के लिए जरूरी वित्तीय संसाधन नहीं हैं."
शहरी गरीबी रेखा पर तेंदुलकर समिति ने 2011-12 की कीमतों के आधार पर इसे प्रति व्यक्ति 1,000 रुपये प्रति माह रखी है. इससे कम आय वालों को गरीबी रेखा से नीचे रखा गया है.
यूबीआई योजना जो इससे पहले किसी देश में लागू नहीं की गई है, के बारे में पहले सुब्रह्मण्यम ने कहा कि इसके तहत सरकार द्वारा गरीबी हटाने के लिए चलाई जा रही 1000 से ज्यादा योजनाओं को बंद कर सभी नागरिकों को बिना शर्त 10,000 रुपये से 15,000 रुपये नकदी दी जा सकती है.
आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि यूबीआई के सफल बनाने के लिए दो और चीजों की जरूरत है. एक तो प्रभावी जेएएम (जन धन, आधार और मोबाइल) प्रणाली, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि नकदी का हस्तांतरण सीधे लाभार्थी के खाते में हो और दूसरा इस कार्यक्रम की लागत साझा करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार में सहमति होनी चाहिए.
इस दौरान नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविन्द पनगढ़िया ने हाल के एक साक्षात्कार में कहा है कि भारत में गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों के लिए यूबीआई लागू करने के लिए जरूरी वित्तीय संसाधन का अभाव है.टिप्पणियां
पनगढ़िया ने इस महीने की शुरुआत में एक अंग्रेजी डेली को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "आय का वर्तमान स्तर और स्वास्थ्य, शिक्षा, अवसंरचना और रक्षा क्षेत्र में हमारी निवेश की जरूरत को देखते हुए हमारे पास 130 करोड़ भारतीय लोगों को उचित बुनियादी आय मुहैया कराने के लिए जरूरी वित्तीय संसाधन नहीं हैं."
शहरी गरीबी रेखा पर तेंदुलकर समिति ने 2011-12 की कीमतों के आधार पर इसे प्रति व्यक्ति 1,000 रुपये प्रति माह रखी है. इससे कम आय वालों को गरीबी रेखा से नीचे रखा गया है.
आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि यूबीआई के सफल बनाने के लिए दो और चीजों की जरूरत है. एक तो प्रभावी जेएएम (जन धन, आधार और मोबाइल) प्रणाली, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि नकदी का हस्तांतरण सीधे लाभार्थी के खाते में हो और दूसरा इस कार्यक्रम की लागत साझा करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार में सहमति होनी चाहिए.
इस दौरान नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविन्द पनगढ़िया ने हाल के एक साक्षात्कार में कहा है कि भारत में गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों के लिए यूबीआई लागू करने के लिए जरूरी वित्तीय संसाधन का अभाव है.टिप्पणियां
पनगढ़िया ने इस महीने की शुरुआत में एक अंग्रेजी डेली को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "आय का वर्तमान स्तर और स्वास्थ्य, शिक्षा, अवसंरचना और रक्षा क्षेत्र में हमारी निवेश की जरूरत को देखते हुए हमारे पास 130 करोड़ भारतीय लोगों को उचित बुनियादी आय मुहैया कराने के लिए जरूरी वित्तीय संसाधन नहीं हैं."
शहरी गरीबी रेखा पर तेंदुलकर समिति ने 2011-12 की कीमतों के आधार पर इसे प्रति व्यक्ति 1,000 रुपये प्रति माह रखी है. इससे कम आय वालों को गरीबी रेखा से नीचे रखा गया है.
इस दौरान नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविन्द पनगढ़िया ने हाल के एक साक्षात्कार में कहा है कि भारत में गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों के लिए यूबीआई लागू करने के लिए जरूरी वित्तीय संसाधन का अभाव है.टिप्पणियां
पनगढ़िया ने इस महीने की शुरुआत में एक अंग्रेजी डेली को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "आय का वर्तमान स्तर और स्वास्थ्य, शिक्षा, अवसंरचना और रक्षा क्षेत्र में हमारी निवेश की जरूरत को देखते हुए हमारे पास 130 करोड़ भारतीय लोगों को उचित बुनियादी आय मुहैया कराने के लिए जरूरी वित्तीय संसाधन नहीं हैं."
शहरी गरीबी रेखा पर तेंदुलकर समिति ने 2011-12 की कीमतों के आधार पर इसे प्रति व्यक्ति 1,000 रुपये प्रति माह रखी है. इससे कम आय वालों को गरीबी रेखा से नीचे रखा गया है.
पनगढ़िया ने इस महीने की शुरुआत में एक अंग्रेजी डेली को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "आय का वर्तमान स्तर और स्वास्थ्य, शिक्षा, अवसंरचना और रक्षा क्षेत्र में हमारी निवेश की जरूरत को देखते हुए हमारे पास 130 करोड़ भारतीय लोगों को उचित बुनियादी आय मुहैया कराने के लिए जरूरी वित्तीय संसाधन नहीं हैं."
शहरी गरीबी रेखा पर तेंदुलकर समिति ने 2011-12 की कीमतों के आधार पर इसे प्रति व्यक्ति 1,000 रुपये प्रति माह रखी है. इससे कम आय वालों को गरीबी रेखा से नीचे रखा गया है.
शहरी गरीबी रेखा पर तेंदुलकर समिति ने 2011-12 की कीमतों के आधार पर इसे प्रति व्यक्ति 1,000 रुपये प्रति माह रखी है. इससे कम आय वालों को गरीबी रेखा से नीचे रखा गया है. | यह एक सारांश है: आर्थिक सर्वे को सरकार ने संसद के बजट सत्र के पहले पेश किया
गरीबी हटाने के लिए 1000 से ज्यादा योजनाओं को बंद किया जा सकता है
गरीबों को सीधी वित्तीय सहायता यूबीआई के माध्यम से दी जा सकती है | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली में बीजेपी के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ रहे पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर सालाना कमाई के मामले में सबसे अमीर उम्मीदवार हैं. नामांकन के दौरान लगाए गए हलफनामे से इसका पता चलता है. क्रिकेट के ग्राउंड से पहली बार राजनीति के मैदान में उतरे गौतम गंभीर की सालाना कमाई 12 करोड़ रुपये से अधिक है. पूर्वी दिल्ली से बीजेपी उम्मीदवार गौतम गंभीर के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने आतिशी मार्लेना को चुनाव मैदान में उतारा है. गंभीर ने 2017-18 में भरे गए इनकम टैक्स रिटर्न मुताबिक अपनी वार्षिक कमाई 12.4 करोड़ रुपये दिखाई है.वहीं दिल्ली उत्तर-पश्चिम सीट से बीजेपी के घोषित उम्मीदवार हंसराज हंस करीब 9.28 लाख रुपये सालाना कमाते हैं. यह विवरण 2017-18 में भरे आइटी रिटर्न के अनुसार है.
दक्षिण दिल्ली से कांग्रेस उम्मीदवार विजेंद्र सिंह ने 45 लाख रुपये सालाना की कमाई घोषित की है. उन्होंने हलफनामे में अपनी चल और अचल संपत्ति क्रमशः 3.57 करोड़ और 5.05 करोड़ रुपये दिखाई है. दक्षिण दिल्ली से बीजेपी से दोबारा चुनाव लड़ रहे रमेश बिधूड़ी के पास 18 करोड़ की संपत्ति है. हलफनामे से पता चलता है कि 2014 के मुकाबले उनकी पांच साल में करीब 3.5 करोड़ संपत्ति बढ़ी है. बिधूरी ने पत्नी और आश्रितों की भी संपत्ति घोषित की है.
वहीं कांग्रेस से उत्तर-पूर्व सीट पर चुनाव लड़ रहीं दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने 4.92 करोड़ रुपये की संपत्ति की जानकारी दी है. 2017-18 के आइटी रिटर्न्स के मुताबिक शीला दीक्षित की करीब 15 लाख रुपये सालाना कमाई पर टैक्स भरतीं हैं. हलफनामे से पता चलता है कि शीला दीक्षित के पास निजामुद्दीन में एक अपार्टमेंट है, जिसकी बाजार में कीमत करीब 1.88 करोड़ है. नई दिल्ली से कांग्रेस उम्मीदवार अजय माकन ने 26.38 लाख रुपये की वार्षिक आय की जानकारी दी है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पूर्वी दिल्ली सीट से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं गौतम गंभीर
सालाना कमाई के मामले में दिल्ली के उम्मीदवारों में अमीर हैं गौतम गंभीर
12 करोड़ से ज्यादा हर साल कमाते हैं गौतम गंभीर | 11 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश में अपनी किसान यात्रा के चौथे दिन राहुल गांधी आज अयोध्या में हैं. यहां उन्होंने सबसे पहले प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना की. इसके बाद राहुल ने मंदिर के महंत ज्ञानदास से मुलाकात की.
महंत ज्ञानदास ने NDTV से कहा कि 'कांग्रेस नेता राहुल यहां करीब 15-20 मिनट तक रहे'. उन्होंने यह भी साफ किया कि राम मंदिर को लेकर राहुल से कोई बातचीत नहीं हुई. उन्होंने अपने और पार्टी के कल्याण के लिए आशीर्वाद मांगा'. उन्होंने बताया कि 'हनुमानगढ़ी मंदिर नवाब आसिफुद्दौला ने बनवाया था. यह अयोध्या में राम जन्मभूमि के बाद दूसरी सबसे महत्वपूर्ण जगह है. नवाबों ने अपनी जागीरें दान की, ताकि मंदिरों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आए'. राहुल 76 सीढ़ियां चढ़कर मंदिर गए.
गौर करने वाली बात यह है कि वर्ष 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद गांधी परिवार के किसी सदस्य का अयोध्या का यह पहला दौरा है. दरअसल, अगले साल की शुरुआत में राज्य में चुनाव होने जा रहे हैं. राहुल के यहां से एक किमी दूर विवादित रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद स्थल पर स्थित राम मंदिर जाने पर अभी तस्वीर साफ नहीं है.
उनकी मंदिर यात्रा प्रतीकात्मक निहितार्थ रखती है. 26 साल पहले उनके पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने अयोध्या की यात्रा के दौरान हनुमानगढ़ी मंदिर जाने की योजना बनाई थी, लेकिन समय के अभाव के चलते वे नहीं जा सके. उसके अगले साल 21 मई, 1991 को उनकी हत्या हो गई. राहुल गांधी तब 20 साल के थे.
कुछ राजनीतिक विश्लेषक इस अयोध्या यात्रा को कांग्रेस के नरम हिंदुत्व एजेंडे के रूप में देख रहे हैं. चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की सलाह पर कांग्रेस पहले ही यूपी में ब्राह्मण केंद्रित चुनावी अभियान चला रही है. प्रशांत किशोर ने राहुल गांधी की एक माह की यात्रा की पूरी रुपरेखा तैयार की है.टिप्पणियां
गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की पिछले महीने वाराणसी की यात्रा बीच में ही बाधित हो गई थी. काशी विश्वनाथ मंदिर जाने से पहले ही वह बीमार हो गई थीं और उन्हें वापस लौटना पड़ा था. सोनिया गांधी 1992 के बाद से अयोध्या नहीं गई हैं हालांकि चुनाव अभियान के सिलसिले में वह फैजाबाद जा चुकी हैं. राहुल गांधी भी शुक्रवार को फैजाबाद जाएंगे और वहां रोडशो करेंगे. अंबेडकर नगर में उनके किचौचा शरीफ दरगाह जाने का भी कार्यक्रम है.
उल्लेखनीय है कि प्रशांत किशोर का आकलन है कि कांग्रेस को यूपी में प्रभाव बढ़ाने के लिए अपने पुराने वोटबैंक मुस्लिम, ब्राह्मण और ओबीसी तबके के कुछ हिस्सों का समर्थन हासिल करना होगा. कांग्रेस इस राज्य की सत्ता से 27 साल से बाहर है और इस बार यूपी में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए गंभीर प्रयास करती दिख रही है.
महंत ज्ञानदास ने NDTV से कहा कि 'कांग्रेस नेता राहुल यहां करीब 15-20 मिनट तक रहे'. उन्होंने यह भी साफ किया कि राम मंदिर को लेकर राहुल से कोई बातचीत नहीं हुई. उन्होंने अपने और पार्टी के कल्याण के लिए आशीर्वाद मांगा'. उन्होंने बताया कि 'हनुमानगढ़ी मंदिर नवाब आसिफुद्दौला ने बनवाया था. यह अयोध्या में राम जन्मभूमि के बाद दूसरी सबसे महत्वपूर्ण जगह है. नवाबों ने अपनी जागीरें दान की, ताकि मंदिरों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आए'. राहुल 76 सीढ़ियां चढ़कर मंदिर गए.
गौर करने वाली बात यह है कि वर्ष 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद गांधी परिवार के किसी सदस्य का अयोध्या का यह पहला दौरा है. दरअसल, अगले साल की शुरुआत में राज्य में चुनाव होने जा रहे हैं. राहुल के यहां से एक किमी दूर विवादित रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद स्थल पर स्थित राम मंदिर जाने पर अभी तस्वीर साफ नहीं है.
उनकी मंदिर यात्रा प्रतीकात्मक निहितार्थ रखती है. 26 साल पहले उनके पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने अयोध्या की यात्रा के दौरान हनुमानगढ़ी मंदिर जाने की योजना बनाई थी, लेकिन समय के अभाव के चलते वे नहीं जा सके. उसके अगले साल 21 मई, 1991 को उनकी हत्या हो गई. राहुल गांधी तब 20 साल के थे.
कुछ राजनीतिक विश्लेषक इस अयोध्या यात्रा को कांग्रेस के नरम हिंदुत्व एजेंडे के रूप में देख रहे हैं. चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की सलाह पर कांग्रेस पहले ही यूपी में ब्राह्मण केंद्रित चुनावी अभियान चला रही है. प्रशांत किशोर ने राहुल गांधी की एक माह की यात्रा की पूरी रुपरेखा तैयार की है.टिप्पणियां
गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की पिछले महीने वाराणसी की यात्रा बीच में ही बाधित हो गई थी. काशी विश्वनाथ मंदिर जाने से पहले ही वह बीमार हो गई थीं और उन्हें वापस लौटना पड़ा था. सोनिया गांधी 1992 के बाद से अयोध्या नहीं गई हैं हालांकि चुनाव अभियान के सिलसिले में वह फैजाबाद जा चुकी हैं. राहुल गांधी भी शुक्रवार को फैजाबाद जाएंगे और वहां रोडशो करेंगे. अंबेडकर नगर में उनके किचौचा शरीफ दरगाह जाने का भी कार्यक्रम है.
उल्लेखनीय है कि प्रशांत किशोर का आकलन है कि कांग्रेस को यूपी में प्रभाव बढ़ाने के लिए अपने पुराने वोटबैंक मुस्लिम, ब्राह्मण और ओबीसी तबके के कुछ हिस्सों का समर्थन हासिल करना होगा. कांग्रेस इस राज्य की सत्ता से 27 साल से बाहर है और इस बार यूपी में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए गंभीर प्रयास करती दिख रही है.
गौर करने वाली बात यह है कि वर्ष 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद गांधी परिवार के किसी सदस्य का अयोध्या का यह पहला दौरा है. दरअसल, अगले साल की शुरुआत में राज्य में चुनाव होने जा रहे हैं. राहुल के यहां से एक किमी दूर विवादित रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद स्थल पर स्थित राम मंदिर जाने पर अभी तस्वीर साफ नहीं है.
उनकी मंदिर यात्रा प्रतीकात्मक निहितार्थ रखती है. 26 साल पहले उनके पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने अयोध्या की यात्रा के दौरान हनुमानगढ़ी मंदिर जाने की योजना बनाई थी, लेकिन समय के अभाव के चलते वे नहीं जा सके. उसके अगले साल 21 मई, 1991 को उनकी हत्या हो गई. राहुल गांधी तब 20 साल के थे.
कुछ राजनीतिक विश्लेषक इस अयोध्या यात्रा को कांग्रेस के नरम हिंदुत्व एजेंडे के रूप में देख रहे हैं. चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की सलाह पर कांग्रेस पहले ही यूपी में ब्राह्मण केंद्रित चुनावी अभियान चला रही है. प्रशांत किशोर ने राहुल गांधी की एक माह की यात्रा की पूरी रुपरेखा तैयार की है.टिप्पणियां
गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की पिछले महीने वाराणसी की यात्रा बीच में ही बाधित हो गई थी. काशी विश्वनाथ मंदिर जाने से पहले ही वह बीमार हो गई थीं और उन्हें वापस लौटना पड़ा था. सोनिया गांधी 1992 के बाद से अयोध्या नहीं गई हैं हालांकि चुनाव अभियान के सिलसिले में वह फैजाबाद जा चुकी हैं. राहुल गांधी भी शुक्रवार को फैजाबाद जाएंगे और वहां रोडशो करेंगे. अंबेडकर नगर में उनके किचौचा शरीफ दरगाह जाने का भी कार्यक्रम है.
उल्लेखनीय है कि प्रशांत किशोर का आकलन है कि कांग्रेस को यूपी में प्रभाव बढ़ाने के लिए अपने पुराने वोटबैंक मुस्लिम, ब्राह्मण और ओबीसी तबके के कुछ हिस्सों का समर्थन हासिल करना होगा. कांग्रेस इस राज्य की सत्ता से 27 साल से बाहर है और इस बार यूपी में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए गंभीर प्रयास करती दिख रही है.
कुछ राजनीतिक विश्लेषक इस अयोध्या यात्रा को कांग्रेस के नरम हिंदुत्व एजेंडे के रूप में देख रहे हैं. चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की सलाह पर कांग्रेस पहले ही यूपी में ब्राह्मण केंद्रित चुनावी अभियान चला रही है. प्रशांत किशोर ने राहुल गांधी की एक माह की यात्रा की पूरी रुपरेखा तैयार की है.टिप्पणियां
गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की पिछले महीने वाराणसी की यात्रा बीच में ही बाधित हो गई थी. काशी विश्वनाथ मंदिर जाने से पहले ही वह बीमार हो गई थीं और उन्हें वापस लौटना पड़ा था. सोनिया गांधी 1992 के बाद से अयोध्या नहीं गई हैं हालांकि चुनाव अभियान के सिलसिले में वह फैजाबाद जा चुकी हैं. राहुल गांधी भी शुक्रवार को फैजाबाद जाएंगे और वहां रोडशो करेंगे. अंबेडकर नगर में उनके किचौचा शरीफ दरगाह जाने का भी कार्यक्रम है.
उल्लेखनीय है कि प्रशांत किशोर का आकलन है कि कांग्रेस को यूपी में प्रभाव बढ़ाने के लिए अपने पुराने वोटबैंक मुस्लिम, ब्राह्मण और ओबीसी तबके के कुछ हिस्सों का समर्थन हासिल करना होगा. कांग्रेस इस राज्य की सत्ता से 27 साल से बाहर है और इस बार यूपी में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए गंभीर प्रयास करती दिख रही है.
गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की पिछले महीने वाराणसी की यात्रा बीच में ही बाधित हो गई थी. काशी विश्वनाथ मंदिर जाने से पहले ही वह बीमार हो गई थीं और उन्हें वापस लौटना पड़ा था. सोनिया गांधी 1992 के बाद से अयोध्या नहीं गई हैं हालांकि चुनाव अभियान के सिलसिले में वह फैजाबाद जा चुकी हैं. राहुल गांधी भी शुक्रवार को फैजाबाद जाएंगे और वहां रोडशो करेंगे. अंबेडकर नगर में उनके किचौचा शरीफ दरगाह जाने का भी कार्यक्रम है.
उल्लेखनीय है कि प्रशांत किशोर का आकलन है कि कांग्रेस को यूपी में प्रभाव बढ़ाने के लिए अपने पुराने वोटबैंक मुस्लिम, ब्राह्मण और ओबीसी तबके के कुछ हिस्सों का समर्थन हासिल करना होगा. कांग्रेस इस राज्य की सत्ता से 27 साल से बाहर है और इस बार यूपी में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए गंभीर प्रयास करती दिख रही है.
उल्लेखनीय है कि प्रशांत किशोर का आकलन है कि कांग्रेस को यूपी में प्रभाव बढ़ाने के लिए अपने पुराने वोटबैंक मुस्लिम, ब्राह्मण और ओबीसी तबके के कुछ हिस्सों का समर्थन हासिल करना होगा. कांग्रेस इस राज्य की सत्ता से 27 साल से बाहर है और इस बार यूपी में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए गंभीर प्रयास करती दिख रही है. | यहाँ एक सारांश है:अयोध्या पहुंच राहुल ने सबसे पहले हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा की.
बाबरी विध्वंस के 26 साल बाद गांधी परिवार के किसी सदस्य का यह पहला दौरा.
अगले साल की शुरुआत में राज्य में चुनाव होने जा रहे हैं. | 15 | ['hin'] |
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