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एक सारांश बनाओ: प्रश्‍नपत्र लीक मामले में बिहार राज्‍य कर्मचारी चयन आयोग के अध्‍यक्ष एवं वरिष्‍ठ आईएएस अधिकारी सुधीर कुमार की गिरफ्तारी के बाद रविवार को पटना में राज्य आईएएस एसोसिएशन की आपात बैठक हुई. बैठक में कई फैसले किए गए और एक प्रस्‍ताव भी पारित किया गया. उसके बाद आईएएस अधिकारियों के एक दल ने राज्यपाल से मिलकर और उन्‍हें ज्ञापन सौंपकर गुहार लगाई है कि वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुधीर कुमार के खिलाफ पुलिस जांच पर उनका भरोसा नहीं इसलिए सीबीआई से मामले की जांच कराई जानी चाहिए. बैठक में पारित प्रस्‍ताव के अनुसार किसी भी प्रकार का मौखिक आदेश नहीं लेने का फैसला किया गया, यहां तक कि मुख्‍यमंत्री कार्यालय से भी लिखित में ही आदेश लिए जाएं. प्रस्‍ताव में यह भी कहा गया कि एसोसिएशन के सदस्‍य ना तो कर्मचारी चयन आयोग के अध्‍यक्ष का पद ग्रहण करेंगे और न ही परीक्षा नियंत्रक का या फिर किसी रिक्रूटमेंट बोर्ड के प्रमुख का. यहां तक कि सुधीर कुमार के मामले में उनकी तुरंत रिहाई के लिए जो भी कानूनी खर्च आएगा वह भी एसोसिएशन ही वहन करेगा. और जब तब उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती तब तक वो हाथों पर काली पट्टी भी बांधेंगे. प्रश्‍नपत्र लीक मामले में गिरफ्तार बिहार राज्‍य कर्मचारी चयन आयोग के अध्‍यक्ष सुधीर कुमार फ़िलहाल पटना की फुलवारी जेल में हैं. हाल के दिनों में राज्य पुलिस ने पहली बार किसी वरिष्‍ठ अधिकारी को गिरफ्तार किया है और ये पहली बार है कि राज्य आईएएस एसोसिएशन और मुख्यमंत्री आमने-सामने हैं. राज्यपाल से बैठक के बाद एसोसिएशन के सचिव विवेक सिंह ने कहा कि पुलिस जांच में क्या तथ्य हैं उसके बारे में उन्हें नहीं पता लेकिन राज्य सरकार और पुलिस को सुधीर कुमार के खिलाफ सबूतों पर इतना भरोसा है तब सीबीआई जांच करा ले, दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा. इसके पहले राज्य आईएएस एसोसिएशन की आपात बैठक रविवार को पटना में हुई और उसके बाद राजभवन के सामने आईएएस अधिकारियों ने मानव श्रृंखला बनाई. ये हाल के वर्षों में पहली बार था कि राज्य के आईएएस अधिकारी राज्य सरकार या कहें पुलिस के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे. इसके पहले सुधीर कुमार की गिरफ़्तारी के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की थी और उन्हें दो टूक शब्‍दों में कहा था कि अगर परीक्षा कराने के लिए अधिकारियों को जेल भेजा जायेगा तब आने वाले दिनों में कोई भी अधिकारी परीक्षा कराने से बचना चाहेगा. इससे शायद ही राज्य में कोई नियुक्ति हो पाएगी. जानकारों के अनुसार नीतीश कुमार भी आईएएस अधिकारियों के तेवर देखकर हतप्रभ थे और उन्होंने एक अधिकारी को बाद में काफी उतेजित होने के लिए टोका भी था.टिप्पणियां लेकिन राज्य के आईएएस अफसरों का कहना है कि नीतीश कुमार का अधिकारियों के प्रति दोहरा रवैया होता है. अगर शंका होने पर सुधीर कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया, तो पिछले साल के बहुचर्चित मेधा घोटाले में तत्कालीन शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव धर्मेंद्र सिंह गंगवार के खिलाफ कार्रवाई तो छोड़िए, पटना पुलिस ने पूछताछ करने की हिम्मत तक नहीं जुटाई. जबकि वैशाली के जिलाधिकारी ने फाइल में लिखा है कि गंगवार के आदेश पर ही परीक्षा केंद्र बदला गया. सुधीर कुमार के बचाब में आईएएस अधिकारियों की दलील है कि उनकी छवि साफ-सुथरे अफसर की रही है और उनके खिलाफ बदले की भावना के तहत कार्रवाई की गई है. पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने आरोप लगाया है कि नीतीश कुमार के प्रधान सचिव चंचल कुमार के ससुर को सुधीर कुमार ने पहले जेल भेजा था, उसी का बदला लिया जा रहा है. इसके अलावा पटना पुलिस द्वारा गठित विशेष जांच दल के मुखिया मनु महाराज के समय में पटना में दो हादसे हुए, लेकिन नीतीश कुमार ने कभी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की. इसके अलावा मामले के जांचकर्ता राकेश दुबे के बारे में भी विपक्ष के नेता सुशील मोदी आरोप लगा चुके हैं कि उनकी विवादास्पद पृष्ठभूमि के कारण जब तक बीजेपी सरकार में शामिल थी नीतीश कुमार ने कभी कोई महत्वयूर्ण पद नहीं दिया. हालांकि पटना पुलिस का कहना है कि सुधीर कुमार के खिलाफ कार्रवाई खासकर गिरफ्तारी के पहले पुख्ता सबूत इकट्ठा होने के बाद ही इतना बड़ा कदम उठाया गया है और राज्य आईएएस एसोसिएशन बिना मतलब का तिल का तार बना रहा है. सुधीर ने पूछताछ के दौरान न कभी सहयोग किया, बल्कि परिवार वालो की संलिप्तता के बाद बिना बताए पटना से चले गए. वहीं नीतीश कुमार के करीबी लोग बताते हैं कि उनके शासनकाल में न किसी को बचाया गया है, न किसी को फंसाया गया हैं. लेकिन निश्चित रूप से नीतीश कुमार के 11 वर्षों से अधिक के शासनकाल में ये पूरा घटनाक्रम उनके लिए बड़ा धक्का है. प्रश्‍नपत्र लीक मामले में गिरफ्तार बिहार राज्‍य कर्मचारी चयन आयोग के अध्‍यक्ष सुधीर कुमार फ़िलहाल पटना की फुलवारी जेल में हैं. हाल के दिनों में राज्य पुलिस ने पहली बार किसी वरिष्‍ठ अधिकारी को गिरफ्तार किया है और ये पहली बार है कि राज्य आईएएस एसोसिएशन और मुख्यमंत्री आमने-सामने हैं. राज्यपाल से बैठक के बाद एसोसिएशन के सचिव विवेक सिंह ने कहा कि पुलिस जांच में क्या तथ्य हैं उसके बारे में उन्हें नहीं पता लेकिन राज्य सरकार और पुलिस को सुधीर कुमार के खिलाफ सबूतों पर इतना भरोसा है तब सीबीआई जांच करा ले, दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा. इसके पहले राज्य आईएएस एसोसिएशन की आपात बैठक रविवार को पटना में हुई और उसके बाद राजभवन के सामने आईएएस अधिकारियों ने मानव श्रृंखला बनाई. ये हाल के वर्षों में पहली बार था कि राज्य के आईएएस अधिकारी राज्य सरकार या कहें पुलिस के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे. इसके पहले सुधीर कुमार की गिरफ़्तारी के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की थी और उन्हें दो टूक शब्‍दों में कहा था कि अगर परीक्षा कराने के लिए अधिकारियों को जेल भेजा जायेगा तब आने वाले दिनों में कोई भी अधिकारी परीक्षा कराने से बचना चाहेगा. इससे शायद ही राज्य में कोई नियुक्ति हो पाएगी. जानकारों के अनुसार नीतीश कुमार भी आईएएस अधिकारियों के तेवर देखकर हतप्रभ थे और उन्होंने एक अधिकारी को बाद में काफी उतेजित होने के लिए टोका भी था.टिप्पणियां लेकिन राज्य के आईएएस अफसरों का कहना है कि नीतीश कुमार का अधिकारियों के प्रति दोहरा रवैया होता है. अगर शंका होने पर सुधीर कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया, तो पिछले साल के बहुचर्चित मेधा घोटाले में तत्कालीन शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव धर्मेंद्र सिंह गंगवार के खिलाफ कार्रवाई तो छोड़िए, पटना पुलिस ने पूछताछ करने की हिम्मत तक नहीं जुटाई. जबकि वैशाली के जिलाधिकारी ने फाइल में लिखा है कि गंगवार के आदेश पर ही परीक्षा केंद्र बदला गया. सुधीर कुमार के बचाब में आईएएस अधिकारियों की दलील है कि उनकी छवि साफ-सुथरे अफसर की रही है और उनके खिलाफ बदले की भावना के तहत कार्रवाई की गई है. पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने आरोप लगाया है कि नीतीश कुमार के प्रधान सचिव चंचल कुमार के ससुर को सुधीर कुमार ने पहले जेल भेजा था, उसी का बदला लिया जा रहा है. इसके अलावा पटना पुलिस द्वारा गठित विशेष जांच दल के मुखिया मनु महाराज के समय में पटना में दो हादसे हुए, लेकिन नीतीश कुमार ने कभी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की. इसके अलावा मामले के जांचकर्ता राकेश दुबे के बारे में भी विपक्ष के नेता सुशील मोदी आरोप लगा चुके हैं कि उनकी विवादास्पद पृष्ठभूमि के कारण जब तक बीजेपी सरकार में शामिल थी नीतीश कुमार ने कभी कोई महत्वयूर्ण पद नहीं दिया. हालांकि पटना पुलिस का कहना है कि सुधीर कुमार के खिलाफ कार्रवाई खासकर गिरफ्तारी के पहले पुख्ता सबूत इकट्ठा होने के बाद ही इतना बड़ा कदम उठाया गया है और राज्य आईएएस एसोसिएशन बिना मतलब का तिल का तार बना रहा है. सुधीर ने पूछताछ के दौरान न कभी सहयोग किया, बल्कि परिवार वालो की संलिप्तता के बाद बिना बताए पटना से चले गए. वहीं नीतीश कुमार के करीबी लोग बताते हैं कि उनके शासनकाल में न किसी को बचाया गया है, न किसी को फंसाया गया हैं. लेकिन निश्चित रूप से नीतीश कुमार के 11 वर्षों से अधिक के शासनकाल में ये पूरा घटनाक्रम उनके लिए बड़ा धक्का है. इसके पहले राज्य आईएएस एसोसिएशन की आपात बैठक रविवार को पटना में हुई और उसके बाद राजभवन के सामने आईएएस अधिकारियों ने मानव श्रृंखला बनाई. ये हाल के वर्षों में पहली बार था कि राज्य के आईएएस अधिकारी राज्य सरकार या कहें पुलिस के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे. इसके पहले सुधीर कुमार की गिरफ़्तारी के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की थी और उन्हें दो टूक शब्‍दों में कहा था कि अगर परीक्षा कराने के लिए अधिकारियों को जेल भेजा जायेगा तब आने वाले दिनों में कोई भी अधिकारी परीक्षा कराने से बचना चाहेगा. इससे शायद ही राज्य में कोई नियुक्ति हो पाएगी. जानकारों के अनुसार नीतीश कुमार भी आईएएस अधिकारियों के तेवर देखकर हतप्रभ थे और उन्होंने एक अधिकारी को बाद में काफी उतेजित होने के लिए टोका भी था.टिप्पणियां लेकिन राज्य के आईएएस अफसरों का कहना है कि नीतीश कुमार का अधिकारियों के प्रति दोहरा रवैया होता है. अगर शंका होने पर सुधीर कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया, तो पिछले साल के बहुचर्चित मेधा घोटाले में तत्कालीन शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव धर्मेंद्र सिंह गंगवार के खिलाफ कार्रवाई तो छोड़िए, पटना पुलिस ने पूछताछ करने की हिम्मत तक नहीं जुटाई. जबकि वैशाली के जिलाधिकारी ने फाइल में लिखा है कि गंगवार के आदेश पर ही परीक्षा केंद्र बदला गया. सुधीर कुमार के बचाब में आईएएस अधिकारियों की दलील है कि उनकी छवि साफ-सुथरे अफसर की रही है और उनके खिलाफ बदले की भावना के तहत कार्रवाई की गई है. पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने आरोप लगाया है कि नीतीश कुमार के प्रधान सचिव चंचल कुमार के ससुर को सुधीर कुमार ने पहले जेल भेजा था, उसी का बदला लिया जा रहा है. इसके अलावा पटना पुलिस द्वारा गठित विशेष जांच दल के मुखिया मनु महाराज के समय में पटना में दो हादसे हुए, लेकिन नीतीश कुमार ने कभी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की. इसके अलावा मामले के जांचकर्ता राकेश दुबे के बारे में भी विपक्ष के नेता सुशील मोदी आरोप लगा चुके हैं कि उनकी विवादास्पद पृष्ठभूमि के कारण जब तक बीजेपी सरकार में शामिल थी नीतीश कुमार ने कभी कोई महत्वयूर्ण पद नहीं दिया. हालांकि पटना पुलिस का कहना है कि सुधीर कुमार के खिलाफ कार्रवाई खासकर गिरफ्तारी के पहले पुख्ता सबूत इकट्ठा होने के बाद ही इतना बड़ा कदम उठाया गया है और राज्य आईएएस एसोसिएशन बिना मतलब का तिल का तार बना रहा है. सुधीर ने पूछताछ के दौरान न कभी सहयोग किया, बल्कि परिवार वालो की संलिप्तता के बाद बिना बताए पटना से चले गए. वहीं नीतीश कुमार के करीबी लोग बताते हैं कि उनके शासनकाल में न किसी को बचाया गया है, न किसी को फंसाया गया हैं. लेकिन निश्चित रूप से नीतीश कुमार के 11 वर्षों से अधिक के शासनकाल में ये पूरा घटनाक्रम उनके लिए बड़ा धक्का है. लेकिन राज्य के आईएएस अफसरों का कहना है कि नीतीश कुमार का अधिकारियों के प्रति दोहरा रवैया होता है. अगर शंका होने पर सुधीर कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया, तो पिछले साल के बहुचर्चित मेधा घोटाले में तत्कालीन शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव धर्मेंद्र सिंह गंगवार के खिलाफ कार्रवाई तो छोड़िए, पटना पुलिस ने पूछताछ करने की हिम्मत तक नहीं जुटाई. जबकि वैशाली के जिलाधिकारी ने फाइल में लिखा है कि गंगवार के आदेश पर ही परीक्षा केंद्र बदला गया. सुधीर कुमार के बचाब में आईएएस अधिकारियों की दलील है कि उनकी छवि साफ-सुथरे अफसर की रही है और उनके खिलाफ बदले की भावना के तहत कार्रवाई की गई है. पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने आरोप लगाया है कि नीतीश कुमार के प्रधान सचिव चंचल कुमार के ससुर को सुधीर कुमार ने पहले जेल भेजा था, उसी का बदला लिया जा रहा है. इसके अलावा पटना पुलिस द्वारा गठित विशेष जांच दल के मुखिया मनु महाराज के समय में पटना में दो हादसे हुए, लेकिन नीतीश कुमार ने कभी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की. इसके अलावा मामले के जांचकर्ता राकेश दुबे के बारे में भी विपक्ष के नेता सुशील मोदी आरोप लगा चुके हैं कि उनकी विवादास्पद पृष्ठभूमि के कारण जब तक बीजेपी सरकार में शामिल थी नीतीश कुमार ने कभी कोई महत्वयूर्ण पद नहीं दिया. हालांकि पटना पुलिस का कहना है कि सुधीर कुमार के खिलाफ कार्रवाई खासकर गिरफ्तारी के पहले पुख्ता सबूत इकट्ठा होने के बाद ही इतना बड़ा कदम उठाया गया है और राज्य आईएएस एसोसिएशन बिना मतलब का तिल का तार बना रहा है. सुधीर ने पूछताछ के दौरान न कभी सहयोग किया, बल्कि परिवार वालो की संलिप्तता के बाद बिना बताए पटना से चले गए. वहीं नीतीश कुमार के करीबी लोग बताते हैं कि उनके शासनकाल में न किसी को बचाया गया है, न किसी को फंसाया गया हैं. लेकिन निश्चित रूप से नीतीश कुमार के 11 वर्षों से अधिक के शासनकाल में ये पूरा घटनाक्रम उनके लिए बड़ा धक्का है. हालांकि पटना पुलिस का कहना है कि सुधीर कुमार के खिलाफ कार्रवाई खासकर गिरफ्तारी के पहले पुख्ता सबूत इकट्ठा होने के बाद ही इतना बड़ा कदम उठाया गया है और राज्य आईएएस एसोसिएशन बिना मतलब का तिल का तार बना रहा है. सुधीर ने पूछताछ के दौरान न कभी सहयोग किया, बल्कि परिवार वालो की संलिप्तता के बाद बिना बताए पटना से चले गए. वहीं नीतीश कुमार के करीबी लोग बताते हैं कि उनके शासनकाल में न किसी को बचाया गया है, न किसी को फंसाया गया हैं. लेकिन निश्चित रूप से नीतीश कुमार के 11 वर्षों से अधिक के शासनकाल में ये पूरा घटनाक्रम उनके लिए बड़ा धक्का है.
संक्षिप्त पाठ: किसी भी प्रकार का मौखिक आदेश नहीं लेंगे बिहार के आईएएस अधिकारी 'मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार का अधिकारियों के प्रति दोहरा रवैया होता है' पटना पुलिस का कहना है कि मामले में पुख्ता सबूत के बाद ये कदम उठाया गया
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: श्रीनगर के लालचौक पर गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराने के भाजपा के कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे कर्नाटक के 1800 पार्टी कार्यकर्ता रात ट्रेन में सोते रह गए और महाराष्ट्र पुलिस ने दिल्ली जाने वाली इस ट्रेन को वापस मोड़ दिया। उनकी योजना को पटरी से उतारते हुए महाराष्ट्र प्रशासन ने बेंगलुरू से दिल्ली जाने वाली इस विशेष ट्रेन को देर रात के बाद ही वापस कर दिया। उस वक्त अधिकतर भाजपा कार्यकर्ता नींद में डूबे हुए थे। जब यह ट्रेन रात डेढ़ बजे अहमदनगर के पास दौंड स्टेशन पहुंची तब एक सुनियोजित योजना के तहत उसमें तीन और डिब्बे जोड़ दिए जिनमें महाराष्ट्र पुलिस के 200 जवान सवार थे। उसके बाद ट्रेन को सरोला कसार ले जाया गया जहां रेलवे ने घोषणा की इसे वापस बेंगलुरू ले जाया जा रहा है। ट्रेन में सवार कुछ यात्रियों को संदेह हुआ। दोबारा सोलापुर स्टेशन पर घोषणा सुनने के बाद कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ कुछ गरमागरम बहस हुई लेकिन तबतक काफी विलंब हो गया था। अहमदनगर के पुलिस अधीक्षक कृष्णा प्रकाश ने कहा, यह सच है कि हमने ट्रेन वापस कर दी क्योंकि हमें राज्य के गृह विभाग और रेलवे अधिकारियों का निर्देश था।
यह एक सारांश है: तिरंगा यात्रा में भाग लेने जा रहे कर्नाटक के 1800 पार्टी कार्यकर्ता रात ट्रेन में सोते रह गए और महाराष्ट्र पुलिस ने दिल्ली जाने वाली इस ट्रेन को वापस मोड़ दिया।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम केको पंचकुला सीबीआई अदालत ने 2002 में पत्रकार की हत्या के मामले में दोषी पाया है. डेरा प्रमुख के साथ ही तीन तीन अन्य भी दोषी करार दिए गए हैं. इनकी सजा का ऐलान 17 जनवरी को किया जाएगा. सीबीआई के वकील ने यह जनकारी दी. इससे पहले राम रहीम के खिलाफ आने वाले फैसले के मद्देनजर हरियाणा और पंजाब के कई क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई. हरियाणा में, विशेषकर पंचकूला, सिरसा (डेरा मुख्यालय) और रोहतक जिलों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गए. यहां कानून व्यवस्था से जुड़ी किसी भी स्थिति से निपटने के लिये राज्य सशस्त्र पुलिस की कई कंपनियों, दंगा विरोधी पुलिस और कमांडो बल को तैनात किया गया है. हरियाणा के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) मोहम्मद अकील ने कहा, "हरियाणा में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है."     पुलिस अधिकारी ने कहा कि सभी जिलों की पुलिस को लोगों को गैरजरूरी रूप से जमा होने से रोकने और अतिरिक्त निगरानी रखने के निर्देश दिये गए हैं. उन्होंने कहा कि कई इलाकों में नाकेबंदी भी की गई है. पुलिस ने कहा कि सिरसा में डेरा सच्चा सौदा के मुख्यालय के नजदीक अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. अगस्त 2017 में राम रहीम को सजा सुनाए जाने के दौरान हरियाणा के सिरसा और पंचकूला में हिंसा भड़क गई थी, जिसमें 40 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे. 51 वर्षीय राम रहीम अपनी दो अनुयायियों के बलात्कार के जुर्म में रोहतक की सुनारिया जेल में 20 साल की सजा काट रहा है.
यहाँ एक सारांश है:हरियाणा-पंजाब में सुरक्षा कड़ी पंचकूला में CBI अदालत सुना सकती है फैसला पत्रकार की हत्या का है आरोप
18
['hin']
एक सारांश बनाओ: देश में नए जमाने की तीव्रगामी रेलगाड़ियों का दौर शुरू करने की महत्वाकांक्षी योजना के तहत उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित इज्जतनगर से मुंबई तक का कामयाब सफर तय करने वाली टेल्गो ट्रेन की वतन वापसी की तैयारी शुरू कर दी गयी है. स्पेन की कम्पनी टेल्गो की समूह प्रमुख एलीना ने आज यहां बताया कि पिछले तीन महीने तक सफलतापूर्वक गति परीक्षण से देशभर में सुर्खियां बटोरने वाली टेल्गो ट्रेन अपने वतन वापस जाएगी. हवा से बातें करने वाली इस रेलगाड़ी के परीक्षण के तीनों चरण पूरे होने के बाद टेल्गो के डिब्बे गुरुवार रात दिल्ली से बरेली वापस आ गए. उन्होंने बताया कि इज्जत नगर रेलवे कारखाने में लगभग एक सप्ताह तक टेल्गो कोच के पुर्जे अलग किए जाएंगे. उन्हें यहां से ट्रक से मुंबई बंदरगाह भेजा जाएगा और सितंबर के अंतिम सप्ताह तक स्पेन रवाना हो जाएंगे. एलीना ने बताया कि कोच के बारे में फैसला बोर्ड और रेल मंत्रालय के हाथ में होता है. परीक्षण के दौर पूरे हो चुके हैं. हमें भारत के रेलवे ट्रैक पर काफी अलग-अलग अनुभव हुए. पूरी टीम ने इसका लुत्फ लिया. रेलवे और जनता ने काफी अच्छी प्रतिक्रिया दी. रेलवे के अनुसंधान एवं डिजाइन विभाग (आरडीएसओ) के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक तीन महीने की परीक्षण अवधि पूरी हो गई है. जो भी मानक और इसके परिणाम सामने आए हैं, उनकी रिपोर्ट आरडीएसओ रेलवे बोर्ड को भेजेगा. मालूम हो कि स्पेन की टेल्गो कंपनी के डिब्बे मई में इज्जत नगर कारखाने में लाये गये थे. यहां डिब्बों के सभी पुर्जों को जोड़कर ट्रेन की शक्ल दी गई थी. गत 25 मई को रेलवे बोर्ड के सदस्यों और पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबन्धक ने कोच का निरीक्षण किया था, जिसके बाद इज्जत नगर से भोजीपुरा के बीच के खंड में ट्रेन का पहला गति परीक्षण हुआ था. टिप्पणियां बरेली में गति परीक्षण के बाद ट्रेन को बरेली-मुरादाबाद के ट्रैक पर 90 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से दौड़ाया गया था. जून में मथुरा-पलवल मार्ग पर दिल्ली-मुंबई के हाईस्पीड ट्रैक पर टेल्गो का परीक्षण हुआ था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने बताया कि इज्जत नगर रेलवे कारखाने में लगभग एक सप्ताह तक टेल्गो कोच के पुर्जे अलग किए जाएंगे. उन्हें यहां से ट्रक से मुंबई बंदरगाह भेजा जाएगा और सितंबर के अंतिम सप्ताह तक स्पेन रवाना हो जाएंगे. एलीना ने बताया कि कोच के बारे में फैसला बोर्ड और रेल मंत्रालय के हाथ में होता है. परीक्षण के दौर पूरे हो चुके हैं. हमें भारत के रेलवे ट्रैक पर काफी अलग-अलग अनुभव हुए. पूरी टीम ने इसका लुत्फ लिया. रेलवे और जनता ने काफी अच्छी प्रतिक्रिया दी. रेलवे के अनुसंधान एवं डिजाइन विभाग (आरडीएसओ) के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक तीन महीने की परीक्षण अवधि पूरी हो गई है. जो भी मानक और इसके परिणाम सामने आए हैं, उनकी रिपोर्ट आरडीएसओ रेलवे बोर्ड को भेजेगा. मालूम हो कि स्पेन की टेल्गो कंपनी के डिब्बे मई में इज्जत नगर कारखाने में लाये गये थे. यहां डिब्बों के सभी पुर्जों को जोड़कर ट्रेन की शक्ल दी गई थी. गत 25 मई को रेलवे बोर्ड के सदस्यों और पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबन्धक ने कोच का निरीक्षण किया था, जिसके बाद इज्जत नगर से भोजीपुरा के बीच के खंड में ट्रेन का पहला गति परीक्षण हुआ था. टिप्पणियां बरेली में गति परीक्षण के बाद ट्रेन को बरेली-मुरादाबाद के ट्रैक पर 90 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से दौड़ाया गया था. जून में मथुरा-पलवल मार्ग पर दिल्ली-मुंबई के हाईस्पीड ट्रैक पर टेल्गो का परीक्षण हुआ था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) रेलवे के अनुसंधान एवं डिजाइन विभाग (आरडीएसओ) के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक तीन महीने की परीक्षण अवधि पूरी हो गई है. जो भी मानक और इसके परिणाम सामने आए हैं, उनकी रिपोर्ट आरडीएसओ रेलवे बोर्ड को भेजेगा. मालूम हो कि स्पेन की टेल्गो कंपनी के डिब्बे मई में इज्जत नगर कारखाने में लाये गये थे. यहां डिब्बों के सभी पुर्जों को जोड़कर ट्रेन की शक्ल दी गई थी. गत 25 मई को रेलवे बोर्ड के सदस्यों और पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबन्धक ने कोच का निरीक्षण किया था, जिसके बाद इज्जत नगर से भोजीपुरा के बीच के खंड में ट्रेन का पहला गति परीक्षण हुआ था. टिप्पणियां बरेली में गति परीक्षण के बाद ट्रेन को बरेली-मुरादाबाद के ट्रैक पर 90 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से दौड़ाया गया था. जून में मथुरा-पलवल मार्ग पर दिल्ली-मुंबई के हाईस्पीड ट्रैक पर टेल्गो का परीक्षण हुआ था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बरेली में गति परीक्षण के बाद ट्रेन को बरेली-मुरादाबाद के ट्रैक पर 90 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से दौड़ाया गया था. जून में मथुरा-पलवल मार्ग पर दिल्ली-मुंबई के हाईस्पीड ट्रैक पर टेल्गो का परीक्षण हुआ था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: बरेली से मुंबई तक का सफर पूरा करने के बाद टेल्गो स्पेन लौट रही है टेल्गो के डिब्बे गुरुवार रात दिल्ली से बरेली वापस आ गए स्पेन की टेल्गो कंपनी के डिब्बे मई में इज्जत नगर कारखाने में लाये गये थे
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने अरुणाचल प्रदेश में घटनाक्रमों से शनिवार को बीजेपी का पल्ला झाड़ने की कोशिश की। जहां कांग्रेस ने अपनी सरकार बचाने के लिए इसके नेतृत्व में परिवर्तन कर एक नाटकीय मोड़ लिया। केंद्रीय गृहराज्य मंत्री रिजिजू ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, 'हमारा कांग्रेस के अंदरूनी मामले से कुछ लेना-देना नहीं है।' अरुणाचल प्रदेश में कांग्रेस ने एक नाटकीय मोड़ लेते हुए पेमा खांडू को नया नेता चुनकर मुख्यमंत्री नबाम तुकी को बदल दिया। खांडू ने दो निर्दलियों सहित पार्टी के 45 विधायकों के समर्थन से सरकार बनाने का दावा किया। बगावत कर मुख्यमंत्री बने और फिर सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपदस्थ किए गए खालिको पुल तेजी से बदलते घटनाक्रम में 30 असंतुष्ट विधायकों के साथ पार्टी खेमे में लौट आए। अरुणाचल प्रदेश से सांसद रिजिजू ने कहा, 'अरुणाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री बदलना कांग्रेस का अंदरूनी मामला है, बीजेपी का इससे कोई लेना-देना नहीं है। यह बीजेपी की सरकार नहीं थी। बीजेपी ने केवल सरकार का समर्थन किया। जो कुछ भी हुआ था, वह कांग्रेस नेताओं के बीच टकराव के चलते हुआ।' टिप्पणियां केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह सिर्फ यह चाहते हैं कि अरुणाचल प्रदेश में राजनीतिक स्थिरता आए, क्योंकि यह एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण राज्य है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) केंद्रीय गृहराज्य मंत्री रिजिजू ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, 'हमारा कांग्रेस के अंदरूनी मामले से कुछ लेना-देना नहीं है।' अरुणाचल प्रदेश में कांग्रेस ने एक नाटकीय मोड़ लेते हुए पेमा खांडू को नया नेता चुनकर मुख्यमंत्री नबाम तुकी को बदल दिया। खांडू ने दो निर्दलियों सहित पार्टी के 45 विधायकों के समर्थन से सरकार बनाने का दावा किया। बगावत कर मुख्यमंत्री बने और फिर सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपदस्थ किए गए खालिको पुल तेजी से बदलते घटनाक्रम में 30 असंतुष्ट विधायकों के साथ पार्टी खेमे में लौट आए। अरुणाचल प्रदेश से सांसद रिजिजू ने कहा, 'अरुणाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री बदलना कांग्रेस का अंदरूनी मामला है, बीजेपी का इससे कोई लेना-देना नहीं है। यह बीजेपी की सरकार नहीं थी। बीजेपी ने केवल सरकार का समर्थन किया। जो कुछ भी हुआ था, वह कांग्रेस नेताओं के बीच टकराव के चलते हुआ।' टिप्पणियां केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह सिर्फ यह चाहते हैं कि अरुणाचल प्रदेश में राजनीतिक स्थिरता आए, क्योंकि यह एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण राज्य है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) खांडू ने दो निर्दलियों सहित पार्टी के 45 विधायकों के समर्थन से सरकार बनाने का दावा किया। बगावत कर मुख्यमंत्री बने और फिर सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपदस्थ किए गए खालिको पुल तेजी से बदलते घटनाक्रम में 30 असंतुष्ट विधायकों के साथ पार्टी खेमे में लौट आए। अरुणाचल प्रदेश से सांसद रिजिजू ने कहा, 'अरुणाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री बदलना कांग्रेस का अंदरूनी मामला है, बीजेपी का इससे कोई लेना-देना नहीं है। यह बीजेपी की सरकार नहीं थी। बीजेपी ने केवल सरकार का समर्थन किया। जो कुछ भी हुआ था, वह कांग्रेस नेताओं के बीच टकराव के चलते हुआ।' टिप्पणियां केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह सिर्फ यह चाहते हैं कि अरुणाचल प्रदेश में राजनीतिक स्थिरता आए, क्योंकि यह एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण राज्य है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अरुणाचल प्रदेश से सांसद रिजिजू ने कहा, 'अरुणाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री बदलना कांग्रेस का अंदरूनी मामला है, बीजेपी का इससे कोई लेना-देना नहीं है। यह बीजेपी की सरकार नहीं थी। बीजेपी ने केवल सरकार का समर्थन किया। जो कुछ भी हुआ था, वह कांग्रेस नेताओं के बीच टकराव के चलते हुआ।' टिप्पणियां केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह सिर्फ यह चाहते हैं कि अरुणाचल प्रदेश में राजनीतिक स्थिरता आए, क्योंकि यह एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण राज्य है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह सिर्फ यह चाहते हैं कि अरुणाचल प्रदेश में राजनीतिक स्थिरता आए, क्योंकि यह एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण राज्य है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:कांग्रेस ने पेमा खांडू को नया नेता चुनकर CM नबाम तुकी को बदल दिया खांडू ने 45 विधायकों के समर्थन से सरकार बनाने का दावा किया खालिको पुल 30 असंतुष्ट विधायकों के साथ पार्टी खेमे में लौट आए
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा को घुटने की चोट के कारण अगस्त से कोई टूर्नामेंट नहीं खेल पाने का खामियाजा भुगतना पड़ा और वह डब्ल्यूटीए की ताजा विश्व रैंकिंग में चोटी की 100 स्थान से बाहर हो गईं। सानिया एकल रैंकिंग में 17 पायदान नीचे 104वें स्थान पर फिसल गई हैं। उनके अब 656 रेटिंग अंक हैं। घुटने की चोट के कारण सानिया अमेरिकी ओपन के बाद किसी भी टूर्नामेंट में नहीं खेल पाई। वह वर्ष की इस आखिरी ग्रैंडस्लैम के भी पहले दौर में हारकर बाहर हो गई थी। इसके बाद उन्होंने ग्वांग्झू, टोक्यो और ओसाका ओपन से अपना नाम वापस ले लिया था। पिछले साल भी सानिया 166वें नंबर पर तक खिसक गई थी, लेकिन वह साल के शुरू में अच्छा प्रदर्शन करके शीर्ष 100 में शामिल हो गई थी। युगल में पूरे साल उन्होंने हालांकि अच्छा प्रदर्शन किया, जिसके दम पर वह अब भी युगल रैंकिंग में 5205 रेटिंग अंक लेकर 11वें नंबर पर बरकरार हैं।
यह एक सारांश है: युगल में पूरे साल उन्होंने हालांकि अच्छा प्रदर्शन किया, जिसके दम पर वह अब भी युगल रैंकिंग में 5205 रेटिंग अंक लेकर 11वें नंबर पर बरकरार हैं।
2
['hin']
एक सारांश बनाओ: पणजी में राज्य सचिवालय परिसर में गोवा के मुख्यमंत्री पर्रिकर से मुलाकात के कुछ घंटे बाद उन्होंने यह बयान दिया. बहरहाल, कांग्रेस अध्यक्ष ने यह स्पष्ट नहीं किया कि पर्रिकर के साथ बैठक के दौरान क्या इस मुद्दे पर चर्चा हुई. पर्रिकर आंत संबंधी बीमारी से ग्रस्त हैं. ‘गोवा ऑडियो टेप' को वास्तविक बताने के एक दिन बाद राहुल ने ये आरोप लगाए हैं. कांग्रेस ने इस टेप के जरिए राफेल मुद्दे पर केंद्र सरकार पर हमला किया था. दरअसल, इस टेप में दावा किया गया कि है कि पर्रिकर के पास ‘गोपनीय जानकारी' है. राफेल सौदे में मोदी के खिलाफ आरोपों को दोहराते हुए राहुल ने कहा कि उन्होंने लोगों से 30 हजार करोड़ रुपये छीन कर अपने दोस्त अनिल अंबानी को दे दिए. उन्होंने पूछा, ‘जब एक विमान (राफेल) की कीमत 526 करोड़ रुपये थी तो फिर उसे 1,600 करोड़ रुपये में क्यों खरीदा गया? देश के युवकों, केरल के युवकों को केवल एक जवाब मिलेगा और वह जवाब है...भारत का प्रधानमंत्री भ्रष्ट है.'  सीबीआई प्रमुख (आलोक वर्मा) को सुप्रीम कोर्ट द्वारा बहाल किए जाने के बावजूद उन्हें पद से हटाए जाने पर राहुल ने सवाल उठाया और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने खुद को बचाने के लिए और यह सुनिश्चित करने के लिए ऐसा किया कि राफेल सौदे में उनके खिलाफ कोई जांच नहीं हो. उन्होंने कहा कि फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ने प्रेस से स्पष्ट रूप से यह क्यों कहा कि उन्हें भारत के प्रधानमंत्री ने राफेल अनुबंध अनिल अंबानी को देने को कहा है. राहुल ने कहा कि हजारों युवक जिन्हें एचएएल में मोटी पगार वाली नौकरियां मिलती, उनके हाथ से यह अवसर अब चला गया.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मंगलवार को राहुल ने की थी पर्रिकर से मुलाकात मुलाकात के कुछ घंटों बाद किया यह बयान पीएम मोदी पर भी राहुल ने साधा निशाना
32
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली पुलिस ने गुरमेहर की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है हालांकि अभी यह पता नहीं चला है कि उसे धमकी देने वाले कौन हैं. डीयू की छात्रा गुरमेहर कौर का बयान आते ही उनको सोशल मीडिया पर धमकियां मिलने लगीं. किसी ने रेप करने की धमकी दी तो किसी ने जान से मारने की. सोमवार को गुरमेहर ने दिल्ली महिला आयोग में शिकायत की और बुधवार को दिल्ली पुलिस ने उसी शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया. दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता दीपेंद्र पाठक के मुताबिक 'महिला आयोग की शिकायत आई थी. हमने मामला दर्ज कर लिया और जांच चल रही है.' आईपीसी की जिन धाराओं में केस दर्ज किया गया है उनमें 354 ए यानी महिला के सम्मान को ठेस पहुंचाना, 506 यानी धमकी देना और 67 आईटी एक्ट यानि सोशल साइटों पर किसी के लिए भद्दी टिप्पणी करना या वीडियो डालना शामिल है.टिप्पणियां उधर, छात्र संगठन एबीवीपी ने भी अपनी तरफ से पुलिस को शिकायत देते हुए कहा कि गुलमेहर को धमकी देने वालों पर कार्रवाई हो. एबीवीपी के नेता साकेत बहुगुणा के मुताबिक 'हमारे संगठन से किसी ने भी उनको धमकी नहीं दी है,  जिसने भी दी है उस पर कर्रवाई हो.' पुलिस जल्द ही गुरमेहर का बयान दर्ज करेगी. जानकारों का मानना है कि ऐसे मामलों में जांच के लिए सबसे पहले भद्दे कमेंट करने वाले या वीडियो भेजने वाले की पहचान करनी होती है जो आसान नहीं होता क्योंकि अधिकतर लोग प्रॉक्सी सर्वर या ऐसे आईपी एड्रेस से पोस्ट करते हैं जिसे ट्रेस करना आसान नहीं होता. दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता दीपेंद्र पाठक के मुताबिक 'महिला आयोग की शिकायत आई थी. हमने मामला दर्ज कर लिया और जांच चल रही है.' आईपीसी की जिन धाराओं में केस दर्ज किया गया है उनमें 354 ए यानी महिला के सम्मान को ठेस पहुंचाना, 506 यानी धमकी देना और 67 आईटी एक्ट यानि सोशल साइटों पर किसी के लिए भद्दी टिप्पणी करना या वीडियो डालना शामिल है.टिप्पणियां उधर, छात्र संगठन एबीवीपी ने भी अपनी तरफ से पुलिस को शिकायत देते हुए कहा कि गुलमेहर को धमकी देने वालों पर कार्रवाई हो. एबीवीपी के नेता साकेत बहुगुणा के मुताबिक 'हमारे संगठन से किसी ने भी उनको धमकी नहीं दी है,  जिसने भी दी है उस पर कर्रवाई हो.' पुलिस जल्द ही गुरमेहर का बयान दर्ज करेगी. जानकारों का मानना है कि ऐसे मामलों में जांच के लिए सबसे पहले भद्दे कमेंट करने वाले या वीडियो भेजने वाले की पहचान करनी होती है जो आसान नहीं होता क्योंकि अधिकतर लोग प्रॉक्सी सर्वर या ऐसे आईपी एड्रेस से पोस्ट करते हैं जिसे ट्रेस करना आसान नहीं होता. उधर, छात्र संगठन एबीवीपी ने भी अपनी तरफ से पुलिस को शिकायत देते हुए कहा कि गुलमेहर को धमकी देने वालों पर कार्रवाई हो. एबीवीपी के नेता साकेत बहुगुणा के मुताबिक 'हमारे संगठन से किसी ने भी उनको धमकी नहीं दी है,  जिसने भी दी है उस पर कर्रवाई हो.' पुलिस जल्द ही गुरमेहर का बयान दर्ज करेगी. जानकारों का मानना है कि ऐसे मामलों में जांच के लिए सबसे पहले भद्दे कमेंट करने वाले या वीडियो भेजने वाले की पहचान करनी होती है जो आसान नहीं होता क्योंकि अधिकतर लोग प्रॉक्सी सर्वर या ऐसे आईपी एड्रेस से पोस्ट करते हैं जिसे ट्रेस करना आसान नहीं होता. पुलिस जल्द ही गुरमेहर का बयान दर्ज करेगी. जानकारों का मानना है कि ऐसे मामलों में जांच के लिए सबसे पहले भद्दे कमेंट करने वाले या वीडियो भेजने वाले की पहचान करनी होती है जो आसान नहीं होता क्योंकि अधिकतर लोग प्रॉक्सी सर्वर या ऐसे आईपी एड्रेस से पोस्ट करते हैं जिसे ट्रेस करना आसान नहीं होता.
छात्रा गुरमेहर कौर को सोशल मीडिया पर मिल रहीं धमकियां धमकी देने वालों की अब तक पहचान नहीं हो सकी एबीवीपी ने कहा कि गुलमेहर को धमकी देने वालों पर कार्रवाई हो
6
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: चौंकाने वाले एक कदम के तहत सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल तेजिंदर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी याचिका वापस ले ली, जिसमें सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह के कथित गलत आचरण की सीबीआई जांच की मांग की गई थी।टिप्पणियां न्यायमूर्ति पी सदाशिवम और न्यायमूर्ति जे चेलामेश्वर के समक्ष पेश होते हुए वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने न्यायालय से गुहार लगाई कि याचिका को वापस लेने की इजाजत दी जाए। धवन ने कहा, ‘‘कृपया इस फाइल को बिल्कुल नहीं खोलिए। कृपा कर मुझे याचिका को वापस लेने और उचित मंच पर जाने की इजाजत दी जाए।’’ पीठ ने इसके बाद याचिका को वापस लेने की अनुमति दे दी। तेजिंदर सिंह 25 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट गए थे और रक्षा मंत्री के कार्यालय की कथित जासूसी में सेना प्रमुख की कथित भूमिका की जांच करने और गलत आचरण के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी। सरकार पहले ही जासूसी की खबरों से इनकार कर चुकी है। सेना प्रमुख ने तेजिंदर सिंह पर टाट्रा ट्रकों की खरीद के लिए उन्हें 14 करोड़ रुपये घूस की पेशकश करने का आरोप लगाया था, जिसके बाद तेजिंदर ने यह याचिका दायर की थी। सेना प्रमुख की शिकायत के बाद सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की। सिंह ने जनरल वीके सिंह और सेना के अन्य चार वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ एक सुनवाई अदालत में आपराधिक मानहानि का मुकदमा भी दायर किया है। न्यायमूर्ति पी सदाशिवम और न्यायमूर्ति जे चेलामेश्वर के समक्ष पेश होते हुए वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने न्यायालय से गुहार लगाई कि याचिका को वापस लेने की इजाजत दी जाए। धवन ने कहा, ‘‘कृपया इस फाइल को बिल्कुल नहीं खोलिए। कृपा कर मुझे याचिका को वापस लेने और उचित मंच पर जाने की इजाजत दी जाए।’’ पीठ ने इसके बाद याचिका को वापस लेने की अनुमति दे दी। तेजिंदर सिंह 25 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट गए थे और रक्षा मंत्री के कार्यालय की कथित जासूसी में सेना प्रमुख की कथित भूमिका की जांच करने और गलत आचरण के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी। सरकार पहले ही जासूसी की खबरों से इनकार कर चुकी है। सेना प्रमुख ने तेजिंदर सिंह पर टाट्रा ट्रकों की खरीद के लिए उन्हें 14 करोड़ रुपये घूस की पेशकश करने का आरोप लगाया था, जिसके बाद तेजिंदर ने यह याचिका दायर की थी। सेना प्रमुख की शिकायत के बाद सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की। सिंह ने जनरल वीके सिंह और सेना के अन्य चार वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ एक सुनवाई अदालत में आपराधिक मानहानि का मुकदमा भी दायर किया है। पीठ ने इसके बाद याचिका को वापस लेने की अनुमति दे दी। तेजिंदर सिंह 25 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट गए थे और रक्षा मंत्री के कार्यालय की कथित जासूसी में सेना प्रमुख की कथित भूमिका की जांच करने और गलत आचरण के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी। सरकार पहले ही जासूसी की खबरों से इनकार कर चुकी है। सेना प्रमुख ने तेजिंदर सिंह पर टाट्रा ट्रकों की खरीद के लिए उन्हें 14 करोड़ रुपये घूस की पेशकश करने का आरोप लगाया था, जिसके बाद तेजिंदर ने यह याचिका दायर की थी। सेना प्रमुख की शिकायत के बाद सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की। सिंह ने जनरल वीके सिंह और सेना के अन्य चार वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ एक सुनवाई अदालत में आपराधिक मानहानि का मुकदमा भी दायर किया है।
संक्षिप्त पाठ: सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल तेजिंदर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी याचिका वापस ले ली, जिसमें सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह के कथित गलत आचरण की सीबीआई जांच की मांग की गई थी।
22
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सीएसडीएस के निदेशक संजय कुमार ने कहा, "मेरे मुताबिक यह सोचना सही नहीं है कि राहुल गांधी के इस्तीफा देने से कांग्रेस के भविष्य पर कोई बहुत बड़ा संकट है. यह जरूर है कि यह परंपरा बन गई थी कि गांधी परिवार का ही कोई व्यक्ति अध्यक्ष बनेगा." उन्होंने कहा, "यह मानना भी उचित नहीं है कि अगर परिवार से बाहर कोई अध्यक्ष बनेगा तो पार्टी खत्म हो जाएगी. उनके इस्तीफे से शायद पार्टी को नया स्वरूप मिलने में मदद मिले. उन्हें पार्टी में सक्रिय रहना चाहिए. ऐसा होने से उनके एक लोकप्रिय नेता तौर पर उभरने में मदद मिल सकती है."  राजनीतिक विश्लेषक और दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर सुशीला रमास्वामी ने कहा, "कांग्रेस पर अस्तित्व का खतरा था और उसे गांधी परिवार के नियंत्रण से बाहर निकलना था. यह कहना उचित नहीं होगा कि गांधी परिवार के पार्टी का नेतृत्व नहीं करने से कांग्रेस नहीं चल पाएगी." हालांकि, उन्होंने पार्टी को फिर से खड़ा करने के लिए उठाए गए कदमों को लेकर राहुल गांधी की सराहना की. लोकसभा चुनाव के बाद से अपने इस्तीफे को लेकर एक महीने से बनी असमंजस की स्थिति पर पूर्णविराम लगाते हुए गांधी ने बुधवार को त्यागपत्र की औपचारिक घोषणा कर दी और कहा कि पार्टी के 'भविष्य के विकास' के लिए उन्होंने यह कदम उठाया है. कांग्रेस अध्यक्ष के पद के लिए संभावित उम्मीदवारों में पार्टी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार शिंदे, मल्लिकार्जुन खड़गे, अशोक गहलोत और मोतीलाल वोरा के नाम की चर्चा है लेकिन इस पर सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद ही फैसला हो पाएगा.  पार्टी के एक नेता ने कहा, "स्पष्ट नेतृत्व की गैर मौजूदगी में कांग्रेस अस्तित्व के संकट का सामना कर रही है और ऐसी स्थिति पार्टी के लिए ठीक नहीं है, जिसे कि अगले कुछ महीने बाद तीन राज्यों में विधानसभा चुनावों का सामना करना है." कांग्रेस के एक अन्य नेता ने कहा कि गांधी परिवार के नेतृत्व में ही पार्टी एकजुट रह सकती है और परिवार के बाहर का कोई पार्टी का नेतृत्व करता है तो इससे असहमति बढ़ेगी. चुनावी हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए गांधी ने कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) को यह सुझाव भी दिया कि नया अध्यक्ष चुनने के लिए एक समूह गठित किया जाए क्योंकि उनके लिए यह उपयुक्त नहीं है कि वह इस प्रक्रिया में शामिल हों.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा उनके इस्तीफे से कांग्रेस को होगा नफा या नुकसान? क्या है विशेषज्ञों का राय
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उसके पिता छत्तीसगढ़ में नक्सलियों से लोहा ले रहे हैं, जबकि सोपान खोसला ने अपनी तरह की जीत दर्ज करते हुए सीबीएसई की 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में टॉपर बनकर शानदार सफलता अर्जित की। राज्य में नक्सल विरोधी अभियान में शामिल केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल के एक वरिष्ठ अधिकारी के पुत्र सोपान ने सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में विज्ञान संकाय में 99 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। सोपान भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के कमांडेंट संदीप खोसला के पुत्र हैं। सोपान ने गणित, भौतिकी, रसायन शास्त्र और कम्प्यूटर विज्ञान में 100 प्रतिशत अंक हासिल किए। उन्होंने अंग्रेजी में 95 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। सोपान को 500 अंकों में से 495 अंक प्राप्त हुए। सोपान के पिता राजनंदगांव जिले में नक्सल विरोधी अभियान में 1,000 जवानों की बटालियन का नेतृत्व कर रहे हैं और उसे अकसर अपने पिता से मिले बहुत दिन बीत जाते हैं। संदीप खोसला जिले में स्थित 29वीं बटालियन का नेतृत्व कर रहे हैं।टिप्पणियां सोपान ने कहा, ‘‘मुझे इस तरह के परिणाम की उम्मीद नहीं थी। मैं 97 प्रतिशत की उम्मीद कर रहा था लेकिन इस परिणाम से मैं काफी उत्साहित हूं।’’ उन्हें हालांकि अपने पिता की गैर मौजूदगी खली। ‘‘मुझे तीन-चार महीने में केवल एक बार उनसे मिलने का मौका मिलता है जब वह घर आते हैं। पूरे करियर के दौरान उन्हें जम्मू-कश्मीर और नक्सल हिंसा से प्रभावित इलाकों समेत मुश्किल भरे स्थानों पर तैनात किया गया। जब मैंने उन्हें परिणाम के बारे में बताया तब वह काफी खुश हुए।’’ राज्य में नक्सल विरोधी अभियान में शामिल केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल के एक वरिष्ठ अधिकारी के पुत्र सोपान ने सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में विज्ञान संकाय में 99 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। सोपान भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के कमांडेंट संदीप खोसला के पुत्र हैं। सोपान ने गणित, भौतिकी, रसायन शास्त्र और कम्प्यूटर विज्ञान में 100 प्रतिशत अंक हासिल किए। उन्होंने अंग्रेजी में 95 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। सोपान को 500 अंकों में से 495 अंक प्राप्त हुए। सोपान के पिता राजनंदगांव जिले में नक्सल विरोधी अभियान में 1,000 जवानों की बटालियन का नेतृत्व कर रहे हैं और उसे अकसर अपने पिता से मिले बहुत दिन बीत जाते हैं। संदीप खोसला जिले में स्थित 29वीं बटालियन का नेतृत्व कर रहे हैं।टिप्पणियां सोपान ने कहा, ‘‘मुझे इस तरह के परिणाम की उम्मीद नहीं थी। मैं 97 प्रतिशत की उम्मीद कर रहा था लेकिन इस परिणाम से मैं काफी उत्साहित हूं।’’ उन्हें हालांकि अपने पिता की गैर मौजूदगी खली। ‘‘मुझे तीन-चार महीने में केवल एक बार उनसे मिलने का मौका मिलता है जब वह घर आते हैं। पूरे करियर के दौरान उन्हें जम्मू-कश्मीर और नक्सल हिंसा से प्रभावित इलाकों समेत मुश्किल भरे स्थानों पर तैनात किया गया। जब मैंने उन्हें परिणाम के बारे में बताया तब वह काफी खुश हुए।’’ सोपान भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के कमांडेंट संदीप खोसला के पुत्र हैं। सोपान ने गणित, भौतिकी, रसायन शास्त्र और कम्प्यूटर विज्ञान में 100 प्रतिशत अंक हासिल किए। उन्होंने अंग्रेजी में 95 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। सोपान को 500 अंकों में से 495 अंक प्राप्त हुए। सोपान के पिता राजनंदगांव जिले में नक्सल विरोधी अभियान में 1,000 जवानों की बटालियन का नेतृत्व कर रहे हैं और उसे अकसर अपने पिता से मिले बहुत दिन बीत जाते हैं। संदीप खोसला जिले में स्थित 29वीं बटालियन का नेतृत्व कर रहे हैं।टिप्पणियां सोपान ने कहा, ‘‘मुझे इस तरह के परिणाम की उम्मीद नहीं थी। मैं 97 प्रतिशत की उम्मीद कर रहा था लेकिन इस परिणाम से मैं काफी उत्साहित हूं।’’ उन्हें हालांकि अपने पिता की गैर मौजूदगी खली। ‘‘मुझे तीन-चार महीने में केवल एक बार उनसे मिलने का मौका मिलता है जब वह घर आते हैं। पूरे करियर के दौरान उन्हें जम्मू-कश्मीर और नक्सल हिंसा से प्रभावित इलाकों समेत मुश्किल भरे स्थानों पर तैनात किया गया। जब मैंने उन्हें परिणाम के बारे में बताया तब वह काफी खुश हुए।’’ सोपान को 500 अंकों में से 495 अंक प्राप्त हुए। सोपान के पिता राजनंदगांव जिले में नक्सल विरोधी अभियान में 1,000 जवानों की बटालियन का नेतृत्व कर रहे हैं और उसे अकसर अपने पिता से मिले बहुत दिन बीत जाते हैं। संदीप खोसला जिले में स्थित 29वीं बटालियन का नेतृत्व कर रहे हैं।टिप्पणियां सोपान ने कहा, ‘‘मुझे इस तरह के परिणाम की उम्मीद नहीं थी। मैं 97 प्रतिशत की उम्मीद कर रहा था लेकिन इस परिणाम से मैं काफी उत्साहित हूं।’’ उन्हें हालांकि अपने पिता की गैर मौजूदगी खली। ‘‘मुझे तीन-चार महीने में केवल एक बार उनसे मिलने का मौका मिलता है जब वह घर आते हैं। पूरे करियर के दौरान उन्हें जम्मू-कश्मीर और नक्सल हिंसा से प्रभावित इलाकों समेत मुश्किल भरे स्थानों पर तैनात किया गया। जब मैंने उन्हें परिणाम के बारे में बताया तब वह काफी खुश हुए।’’ सोपान के पिता राजनंदगांव जिले में नक्सल विरोधी अभियान में 1,000 जवानों की बटालियन का नेतृत्व कर रहे हैं और उसे अकसर अपने पिता से मिले बहुत दिन बीत जाते हैं। संदीप खोसला जिले में स्थित 29वीं बटालियन का नेतृत्व कर रहे हैं।टिप्पणियां सोपान ने कहा, ‘‘मुझे इस तरह के परिणाम की उम्मीद नहीं थी। मैं 97 प्रतिशत की उम्मीद कर रहा था लेकिन इस परिणाम से मैं काफी उत्साहित हूं।’’ उन्हें हालांकि अपने पिता की गैर मौजूदगी खली। ‘‘मुझे तीन-चार महीने में केवल एक बार उनसे मिलने का मौका मिलता है जब वह घर आते हैं। पूरे करियर के दौरान उन्हें जम्मू-कश्मीर और नक्सल हिंसा से प्रभावित इलाकों समेत मुश्किल भरे स्थानों पर तैनात किया गया। जब मैंने उन्हें परिणाम के बारे में बताया तब वह काफी खुश हुए।’’ सोपान ने कहा, ‘‘मुझे इस तरह के परिणाम की उम्मीद नहीं थी। मैं 97 प्रतिशत की उम्मीद कर रहा था लेकिन इस परिणाम से मैं काफी उत्साहित हूं।’’ उन्हें हालांकि अपने पिता की गैर मौजूदगी खली। ‘‘मुझे तीन-चार महीने में केवल एक बार उनसे मिलने का मौका मिलता है जब वह घर आते हैं। पूरे करियर के दौरान उन्हें जम्मू-कश्मीर और नक्सल हिंसा से प्रभावित इलाकों समेत मुश्किल भरे स्थानों पर तैनात किया गया। जब मैंने उन्हें परिणाम के बारे में बताया तब वह काफी खुश हुए।’’ उन्हें हालांकि अपने पिता की गैर मौजूदगी खली। ‘‘मुझे तीन-चार महीने में केवल एक बार उनसे मिलने का मौका मिलता है जब वह घर आते हैं। पूरे करियर के दौरान उन्हें जम्मू-कश्मीर और नक्सल हिंसा से प्रभावित इलाकों समेत मुश्किल भरे स्थानों पर तैनात किया गया। जब मैंने उन्हें परिणाम के बारे में बताया तब वह काफी खुश हुए।’’
सारांश: राज्य में नक्सल विरोधी अभियान में शामिल केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल के एक वरिष्ठ अधिकारी के पुत्र सोपान ने सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में विज्ञान संकाय में 99 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।
7
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: विदेशों से कालेधन की वापसी के लिये सरकार एक आकषर्क आममाफी योजना ला सकती है। माना जा रहा है कि केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) बिना हिसाब किताब वाले कालेधन की स्वैच्छिक घोषणा के लिये प्रोत्साहन स्वरुप आम माफी योजना पर गंभीरता से विचार कर रहा है और सरकार को आय की स्वैच्छिक घोषणा योजना लाने का सुझाव दे सकता है। ऐसी ही एक योजना वर्ष 1996 में आई थी। योजना की घोषणा से विदेशों में रखे कालेधन को देश में लाकर उसका उत्पादक कार्यों में इस्तेमाल हो सकेगा। सूत्रों के अनुसार इस मुद्दे ने हाल के दिनों में उस समय जोर पकड़ा जब कई प्रमुख उद्योगपतियों ने वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी से मुलाकात कर बातचीत में इस बात के लिये दबाव डाला था कि विदेशों में रखे बेहिसाब किताब धन को वापस लाने के लिये स्वैच्छिक घोषणा योजना लाई जानी चाहिये। विदेशों में रखा गया धन वापस आने से देश में आधारभूत परियोजनाओं में उसका इस्तेमाल हो सकेगा। इससे पहले कालेधन पर गठित एक विशेषज्ञ समूह ने भी सरकार को इसी तरह का सुझाव दिया था। सरकार को कर सूचना विनिमय संधि और दोहरे कराधान से बचने के समझौते के तहत नई सूचनायें प्राप्त होनी शुरु हुई हैं। इसके अलावा आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन के जरिये सूचनाओं के स्वत: आदान प्रदान का रास्ता भी खुला है। जानकार सूत्रों के अनुसार आम माफी योजना जो तैयार हो रही है उसमें धन के स्रोत के बारे में जानकारी नहीं देनी होगी लेकिन यदि धन आपराधिक गतिविधियों के जरिये हासिल किया गया है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक कारवाई की जायेगी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के अध्यक्ष की अध्यक्षता वाली कालेधन पर गठित समिति माफी योजना के प्रस्ताव पर इस महीने के अंत तक होने वाली बैठक में विचार विमर्श कर सकते हैं। इससे पहले भी कालेधन पर गठित विशेषज्ञ समूह ने विदेशों में रखे धन की स्वैच्छिक वापसी के लिये इस तरह की योजना लाने का सुझाव दिया था। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, यूनान, इटली और पुतर्गाल सहित कई यूरोपीय देशों में कालेधन को वैध बनाने के लिये स्वैच्छिक घोषणा योजना लाई गई। सरकार ने विदेशों में रखे कालेधन का पता लगाने के लिये पिछले दो सालों में कई कदम उठाये हैं। आर्थिक सूचनाओं और बैंकों में रखे धन की जानकारी पाने के लिये 16 देशों के साथ कर सूचनाओं के आदान प्रदान समझौते और 18 देशों के साथ नई दोहरे कराधान से बचने के समझौते किये हैं इसके अलावा इस तरह की 21 देशों के साथ हुई मौजूदा संधि में नये प्रावधान जोड़ने पर फिर से बातचीत की जा रही है।
संक्षिप्त सारांश: माना जा रहा है कि सीबीडीटी बिना हिसाब किताब वाले कालेधन की स्वैच्छिक घोषणा के लिए प्रोत्साहन स्वरुप आम माफी योजना पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: महाराष्ट्र में अब महिलाओं, बच्चों और शारीरिक रूप से विकलांग लोगों को पुलिस थाने नहीं जाना होगा बशर्ते वे मामले में शिकायतकर्ता हों या गवाह। राज्य की पुलिस ने ऐसा हलफनामा बॉम्बे हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के सामने दिया है। महाराष्ट्र पुलिस के इंस्पेक्टर जनरल देवेन भारती ने यह हलफनामा हाई कोर्ट में एएम खानविलकर और एआर जोशी की बेंच को दिया। पुलिस का यह नया सर्कुलर महाराष्ट्र राज्य के सभी पुलिस थानों को भेजा गया है और उसे सख्ती से पालन करने को भी कहा गया है। अपने हलफनामे में महाराष्ट्र पुलिस ने कहा है कि महिलाओं और 15 साल से कम उम्र के बच्चों की शिकायत दर्ज करने या फिर उनकी गवाही दर्ज करने के लिए उन्हें पुलिस थाने नहीं बुलाया जाएगा। एक पुलिस अधिकारी शिकायतकर्ता के घर जाकर उनका बयान दर्ज करेगी। अपने हलफनामे में महाराष्ट्र पुलिस ने कहा है, "सीआरपीसी की धारा 160 के तहत सर्कुलर जारी किया गया है।" दरअसल, महाराष्ट्र पुलिस को यह हलफनामा उस याचिका के जवाब में दिया गया जिसमें आरोप लगे कि एक महिला को पुलिस थाने में देर रात तक बिठाकर रखा गया और उसकी शिकायत भी दर्ज नहीं की गई। याचिकाकर्ता गीतल हलदनकर ने अपने याचिका में आरोप लगाए कि जब उन्होंने दिवा पुलिस थाने में जाकर एक एजेंट के खिलाफ मामला दर्ज करना चाहा तो उन्हें पुलिस थाने में देर रात तक बिठाकर रखा गया।टिप्पणियां गीतल का आरोप है कि दिवा में उसने अपना एक फ्लैट किराये पर दे रखा था लेकिन एजेंट ने फर्जी अग्रीमेंट बनवाकर फ्लैट पर कब्ज़ा करना चाहा और जब गीतल ने मामले की शिकायत पुलिस से करनी चाही तो मामला दर्ज नहीं किया गया। बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र पुलिस को दिवा पुलिस के अधिकारियो पर विभागीय कार्यवाई करने का भी आदेश दिया है। राज्य की पुलिस ने ऐसा हलफनामा बॉम्बे हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के सामने दिया है। महाराष्ट्र पुलिस के इंस्पेक्टर जनरल देवेन भारती ने यह हलफनामा हाई कोर्ट में एएम खानविलकर और एआर जोशी की बेंच को दिया। पुलिस का यह नया सर्कुलर महाराष्ट्र राज्य के सभी पुलिस थानों को भेजा गया है और उसे सख्ती से पालन करने को भी कहा गया है। अपने हलफनामे में महाराष्ट्र पुलिस ने कहा है कि महिलाओं और 15 साल से कम उम्र के बच्चों की शिकायत दर्ज करने या फिर उनकी गवाही दर्ज करने के लिए उन्हें पुलिस थाने नहीं बुलाया जाएगा। एक पुलिस अधिकारी शिकायतकर्ता के घर जाकर उनका बयान दर्ज करेगी। अपने हलफनामे में महाराष्ट्र पुलिस ने कहा है, "सीआरपीसी की धारा 160 के तहत सर्कुलर जारी किया गया है।" दरअसल, महाराष्ट्र पुलिस को यह हलफनामा उस याचिका के जवाब में दिया गया जिसमें आरोप लगे कि एक महिला को पुलिस थाने में देर रात तक बिठाकर रखा गया और उसकी शिकायत भी दर्ज नहीं की गई। याचिकाकर्ता गीतल हलदनकर ने अपने याचिका में आरोप लगाए कि जब उन्होंने दिवा पुलिस थाने में जाकर एक एजेंट के खिलाफ मामला दर्ज करना चाहा तो उन्हें पुलिस थाने में देर रात तक बिठाकर रखा गया।टिप्पणियां गीतल का आरोप है कि दिवा में उसने अपना एक फ्लैट किराये पर दे रखा था लेकिन एजेंट ने फर्जी अग्रीमेंट बनवाकर फ्लैट पर कब्ज़ा करना चाहा और जब गीतल ने मामले की शिकायत पुलिस से करनी चाही तो मामला दर्ज नहीं किया गया। बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र पुलिस को दिवा पुलिस के अधिकारियो पर विभागीय कार्यवाई करने का भी आदेश दिया है। महाराष्ट्र पुलिस के इंस्पेक्टर जनरल देवेन भारती ने यह हलफनामा हाई कोर्ट में एएम खानविलकर और एआर जोशी की बेंच को दिया। पुलिस का यह नया सर्कुलर महाराष्ट्र राज्य के सभी पुलिस थानों को भेजा गया है और उसे सख्ती से पालन करने को भी कहा गया है। अपने हलफनामे में महाराष्ट्र पुलिस ने कहा है कि महिलाओं और 15 साल से कम उम्र के बच्चों की शिकायत दर्ज करने या फिर उनकी गवाही दर्ज करने के लिए उन्हें पुलिस थाने नहीं बुलाया जाएगा। एक पुलिस अधिकारी शिकायतकर्ता के घर जाकर उनका बयान दर्ज करेगी। अपने हलफनामे में महाराष्ट्र पुलिस ने कहा है, "सीआरपीसी की धारा 160 के तहत सर्कुलर जारी किया गया है।" दरअसल, महाराष्ट्र पुलिस को यह हलफनामा उस याचिका के जवाब में दिया गया जिसमें आरोप लगे कि एक महिला को पुलिस थाने में देर रात तक बिठाकर रखा गया और उसकी शिकायत भी दर्ज नहीं की गई। याचिकाकर्ता गीतल हलदनकर ने अपने याचिका में आरोप लगाए कि जब उन्होंने दिवा पुलिस थाने में जाकर एक एजेंट के खिलाफ मामला दर्ज करना चाहा तो उन्हें पुलिस थाने में देर रात तक बिठाकर रखा गया।टिप्पणियां गीतल का आरोप है कि दिवा में उसने अपना एक फ्लैट किराये पर दे रखा था लेकिन एजेंट ने फर्जी अग्रीमेंट बनवाकर फ्लैट पर कब्ज़ा करना चाहा और जब गीतल ने मामले की शिकायत पुलिस से करनी चाही तो मामला दर्ज नहीं किया गया। बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र पुलिस को दिवा पुलिस के अधिकारियो पर विभागीय कार्यवाई करने का भी आदेश दिया है। पुलिस का यह नया सर्कुलर महाराष्ट्र राज्य के सभी पुलिस थानों को भेजा गया है और उसे सख्ती से पालन करने को भी कहा गया है। अपने हलफनामे में महाराष्ट्र पुलिस ने कहा है कि महिलाओं और 15 साल से कम उम्र के बच्चों की शिकायत दर्ज करने या फिर उनकी गवाही दर्ज करने के लिए उन्हें पुलिस थाने नहीं बुलाया जाएगा। एक पुलिस अधिकारी शिकायतकर्ता के घर जाकर उनका बयान दर्ज करेगी। अपने हलफनामे में महाराष्ट्र पुलिस ने कहा है, "सीआरपीसी की धारा 160 के तहत सर्कुलर जारी किया गया है।" दरअसल, महाराष्ट्र पुलिस को यह हलफनामा उस याचिका के जवाब में दिया गया जिसमें आरोप लगे कि एक महिला को पुलिस थाने में देर रात तक बिठाकर रखा गया और उसकी शिकायत भी दर्ज नहीं की गई। याचिकाकर्ता गीतल हलदनकर ने अपने याचिका में आरोप लगाए कि जब उन्होंने दिवा पुलिस थाने में जाकर एक एजेंट के खिलाफ मामला दर्ज करना चाहा तो उन्हें पुलिस थाने में देर रात तक बिठाकर रखा गया।टिप्पणियां गीतल का आरोप है कि दिवा में उसने अपना एक फ्लैट किराये पर दे रखा था लेकिन एजेंट ने फर्जी अग्रीमेंट बनवाकर फ्लैट पर कब्ज़ा करना चाहा और जब गीतल ने मामले की शिकायत पुलिस से करनी चाही तो मामला दर्ज नहीं किया गया। बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र पुलिस को दिवा पुलिस के अधिकारियो पर विभागीय कार्यवाई करने का भी आदेश दिया है। अपने हलफनामे में महाराष्ट्र पुलिस ने कहा है कि महिलाओं और 15 साल से कम उम्र के बच्चों की शिकायत दर्ज करने या फिर उनकी गवाही दर्ज करने के लिए उन्हें पुलिस थाने नहीं बुलाया जाएगा। एक पुलिस अधिकारी शिकायतकर्ता के घर जाकर उनका बयान दर्ज करेगी। अपने हलफनामे में महाराष्ट्र पुलिस ने कहा है, "सीआरपीसी की धारा 160 के तहत सर्कुलर जारी किया गया है।" दरअसल, महाराष्ट्र पुलिस को यह हलफनामा उस याचिका के जवाब में दिया गया जिसमें आरोप लगे कि एक महिला को पुलिस थाने में देर रात तक बिठाकर रखा गया और उसकी शिकायत भी दर्ज नहीं की गई। याचिकाकर्ता गीतल हलदनकर ने अपने याचिका में आरोप लगाए कि जब उन्होंने दिवा पुलिस थाने में जाकर एक एजेंट के खिलाफ मामला दर्ज करना चाहा तो उन्हें पुलिस थाने में देर रात तक बिठाकर रखा गया।टिप्पणियां गीतल का आरोप है कि दिवा में उसने अपना एक फ्लैट किराये पर दे रखा था लेकिन एजेंट ने फर्जी अग्रीमेंट बनवाकर फ्लैट पर कब्ज़ा करना चाहा और जब गीतल ने मामले की शिकायत पुलिस से करनी चाही तो मामला दर्ज नहीं किया गया। बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र पुलिस को दिवा पुलिस के अधिकारियो पर विभागीय कार्यवाई करने का भी आदेश दिया है। एक पुलिस अधिकारी शिकायतकर्ता के घर जाकर उनका बयान दर्ज करेगी। अपने हलफनामे में महाराष्ट्र पुलिस ने कहा है, "सीआरपीसी की धारा 160 के तहत सर्कुलर जारी किया गया है।" दरअसल, महाराष्ट्र पुलिस को यह हलफनामा उस याचिका के जवाब में दिया गया जिसमें आरोप लगे कि एक महिला को पुलिस थाने में देर रात तक बिठाकर रखा गया और उसकी शिकायत भी दर्ज नहीं की गई। याचिकाकर्ता गीतल हलदनकर ने अपने याचिका में आरोप लगाए कि जब उन्होंने दिवा पुलिस थाने में जाकर एक एजेंट के खिलाफ मामला दर्ज करना चाहा तो उन्हें पुलिस थाने में देर रात तक बिठाकर रखा गया।टिप्पणियां गीतल का आरोप है कि दिवा में उसने अपना एक फ्लैट किराये पर दे रखा था लेकिन एजेंट ने फर्जी अग्रीमेंट बनवाकर फ्लैट पर कब्ज़ा करना चाहा और जब गीतल ने मामले की शिकायत पुलिस से करनी चाही तो मामला दर्ज नहीं किया गया। बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र पुलिस को दिवा पुलिस के अधिकारियो पर विभागीय कार्यवाई करने का भी आदेश दिया है। अपने हलफनामे में महाराष्ट्र पुलिस ने कहा है, "सीआरपीसी की धारा 160 के तहत सर्कुलर जारी किया गया है।" दरअसल, महाराष्ट्र पुलिस को यह हलफनामा उस याचिका के जवाब में दिया गया जिसमें आरोप लगे कि एक महिला को पुलिस थाने में देर रात तक बिठाकर रखा गया और उसकी शिकायत भी दर्ज नहीं की गई। याचिकाकर्ता गीतल हलदनकर ने अपने याचिका में आरोप लगाए कि जब उन्होंने दिवा पुलिस थाने में जाकर एक एजेंट के खिलाफ मामला दर्ज करना चाहा तो उन्हें पुलिस थाने में देर रात तक बिठाकर रखा गया।टिप्पणियां गीतल का आरोप है कि दिवा में उसने अपना एक फ्लैट किराये पर दे रखा था लेकिन एजेंट ने फर्जी अग्रीमेंट बनवाकर फ्लैट पर कब्ज़ा करना चाहा और जब गीतल ने मामले की शिकायत पुलिस से करनी चाही तो मामला दर्ज नहीं किया गया। बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र पुलिस को दिवा पुलिस के अधिकारियो पर विभागीय कार्यवाई करने का भी आदेश दिया है। दरअसल, महाराष्ट्र पुलिस को यह हलफनामा उस याचिका के जवाब में दिया गया जिसमें आरोप लगे कि एक महिला को पुलिस थाने में देर रात तक बिठाकर रखा गया और उसकी शिकायत भी दर्ज नहीं की गई। याचिकाकर्ता गीतल हलदनकर ने अपने याचिका में आरोप लगाए कि जब उन्होंने दिवा पुलिस थाने में जाकर एक एजेंट के खिलाफ मामला दर्ज करना चाहा तो उन्हें पुलिस थाने में देर रात तक बिठाकर रखा गया।टिप्पणियां गीतल का आरोप है कि दिवा में उसने अपना एक फ्लैट किराये पर दे रखा था लेकिन एजेंट ने फर्जी अग्रीमेंट बनवाकर फ्लैट पर कब्ज़ा करना चाहा और जब गीतल ने मामले की शिकायत पुलिस से करनी चाही तो मामला दर्ज नहीं किया गया। बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र पुलिस को दिवा पुलिस के अधिकारियो पर विभागीय कार्यवाई करने का भी आदेश दिया है। याचिकाकर्ता गीतल हलदनकर ने अपने याचिका में आरोप लगाए कि जब उन्होंने दिवा पुलिस थाने में जाकर एक एजेंट के खिलाफ मामला दर्ज करना चाहा तो उन्हें पुलिस थाने में देर रात तक बिठाकर रखा गया।टिप्पणियां गीतल का आरोप है कि दिवा में उसने अपना एक फ्लैट किराये पर दे रखा था लेकिन एजेंट ने फर्जी अग्रीमेंट बनवाकर फ्लैट पर कब्ज़ा करना चाहा और जब गीतल ने मामले की शिकायत पुलिस से करनी चाही तो मामला दर्ज नहीं किया गया। बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र पुलिस को दिवा पुलिस के अधिकारियो पर विभागीय कार्यवाई करने का भी आदेश दिया है। गीतल का आरोप है कि दिवा में उसने अपना एक फ्लैट किराये पर दे रखा था लेकिन एजेंट ने फर्जी अग्रीमेंट बनवाकर फ्लैट पर कब्ज़ा करना चाहा और जब गीतल ने मामले की शिकायत पुलिस से करनी चाही तो मामला दर्ज नहीं किया गया। बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र पुलिस को दिवा पुलिस के अधिकारियो पर विभागीय कार्यवाई करने का भी आदेश दिया है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र पुलिस को दिवा पुलिस के अधिकारियो पर विभागीय कार्यवाई करने का भी आदेश दिया है।
संक्षिप्त सारांश: महाराष्ट्र में अब महिलाओं, बच्चों और शारीरिक रूप से विकलांग लोगों को पुलिस थाने नहीं जाना होगा बशर्ते वे मामले में शिकायतकर्ता हों या गवाह।
29
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका के मेरीलैंड प्रांत में सोमवार देर रात को हुई एक रेल दुर्घटना में दो युवा महिलाओं की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पटरी से उतरी रेलगाड़ी ने आसपास के कई वाहनों को कुचल दिया। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक मारी गई दोनों महिलाओं की उम्र 19 साल है। डब्ल्यूबीएएलटीवी के मुताबिक यह दुर्घटना सोमवार मध्यरात्रि में इलिकॉट शहर में हुई। यह स्थान बाल्टिमोर के करीब है।टिप्पणियां कोयला लेकर पूर्व की ओर जा रही एक रेलगाड़ी एक ऐतिहासिक पुल पर पहुंचने के बाद पटरी से उतर गई। इस रेलगाड़ी के डिब्बे दूसरी पटरी पर पहुंच गए, जिसकी चपेट में एक अन्य रेलगाड़ी आ गई। इस रेलगाड़ी में कारें रखी गई थीं। रेलगाड़ी पर रखी गईं 80 कारों में से 21 बुरी तरह नष्ट हो गईं, जबकि रेलगाड़ी के डिब्बों की चपेट में आने के कारण पास के एक पार्किंग के कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक मारी गई दोनों महिलाओं की उम्र 19 साल है। डब्ल्यूबीएएलटीवी के मुताबिक यह दुर्घटना सोमवार मध्यरात्रि में इलिकॉट शहर में हुई। यह स्थान बाल्टिमोर के करीब है।टिप्पणियां कोयला लेकर पूर्व की ओर जा रही एक रेलगाड़ी एक ऐतिहासिक पुल पर पहुंचने के बाद पटरी से उतर गई। इस रेलगाड़ी के डिब्बे दूसरी पटरी पर पहुंच गए, जिसकी चपेट में एक अन्य रेलगाड़ी आ गई। इस रेलगाड़ी में कारें रखी गई थीं। रेलगाड़ी पर रखी गईं 80 कारों में से 21 बुरी तरह नष्ट हो गईं, जबकि रेलगाड़ी के डिब्बों की चपेट में आने के कारण पास के एक पार्किंग के कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। डब्ल्यूबीएएलटीवी के मुताबिक यह दुर्घटना सोमवार मध्यरात्रि में इलिकॉट शहर में हुई। यह स्थान बाल्टिमोर के करीब है।टिप्पणियां कोयला लेकर पूर्व की ओर जा रही एक रेलगाड़ी एक ऐतिहासिक पुल पर पहुंचने के बाद पटरी से उतर गई। इस रेलगाड़ी के डिब्बे दूसरी पटरी पर पहुंच गए, जिसकी चपेट में एक अन्य रेलगाड़ी आ गई। इस रेलगाड़ी में कारें रखी गई थीं। रेलगाड़ी पर रखी गईं 80 कारों में से 21 बुरी तरह नष्ट हो गईं, जबकि रेलगाड़ी के डिब्बों की चपेट में आने के कारण पास के एक पार्किंग के कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। कोयला लेकर पूर्व की ओर जा रही एक रेलगाड़ी एक ऐतिहासिक पुल पर पहुंचने के बाद पटरी से उतर गई। इस रेलगाड़ी के डिब्बे दूसरी पटरी पर पहुंच गए, जिसकी चपेट में एक अन्य रेलगाड़ी आ गई। इस रेलगाड़ी में कारें रखी गई थीं। रेलगाड़ी पर रखी गईं 80 कारों में से 21 बुरी तरह नष्ट हो गईं, जबकि रेलगाड़ी के डिब्बों की चपेट में आने के कारण पास के एक पार्किंग के कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। इस रेलगाड़ी में कारें रखी गई थीं। रेलगाड़ी पर रखी गईं 80 कारों में से 21 बुरी तरह नष्ट हो गईं, जबकि रेलगाड़ी के डिब्बों की चपेट में आने के कारण पास के एक पार्किंग के कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
सारांश: अमेरिका के मेरीलैंड प्रांत में सोमवार देर रात को हुई एक रेल दुर्घटना में दो युवा महिलाओं की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पटरी से उतरी रेलगाड़ी ने आसपास के कई वाहनों को कुचल दिया।
20
['hin']
एक सारांश बनाओ: राष्ट्रीय राजधानी की एक विशेष अदालत ने कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर का पासपोर्ट जब्त कर लिया और उनके द्वारा अपने खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित न होने की गलत जानकारी देने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को उन पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया. विशेष न्यायाधीश भरत पराशर ने टाइटलर के पासपोर्ट को सीबीआई को सौंपते हुए जांच एजेंसी से कहा कि वह उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करे क्योंकि अपने पासपोर्ट के नवीनीकरण के वक्त उन्होंने पासपोर्ट कार्यालय को झूठी जानकारी दी. पासपोर्ट का नवीनीकरण कराते वक्त टाइटलर ने गलत सूचना में कहा था कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है. टाइटलर के वकील ने हालांकि अदालत से कहा कि यह जान बूझकर की गई गलती नहीं थी. उन्होंने कहा कि गलत सूचना उनके क्लर्क ने दी जिसने फॉर्म पर भूलवश दूसरे बॉक्स में टिक लगा दिया. सीबीआई के अधिकारियों ने अदालत में कहा कि कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन हुआ है, क्योंकि अदालत से अनुमति लिए बिना पासपोर्ट का नवीनीकरण कराया गया. अदालत ने अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि गलत सूचना देने तथा अदालत की मंजूरी के बगैर पासपोर्ट का नवीनीकरण कराने को लेकर टाइटलर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करनी चाहिए, लेकिन उसने इस बारे में कोई आदेश पारित नहीं किया. अदालत टाइटलर की विदेश यात्रा की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी. कांग्रेस नेता ने 25 मई से दो जून के बीच विदेश यात्रा की अनुमति मांगी थी. मामला तत्कालीन गृह राज्य मंत्री अजय माकन की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके लेटरहेड पर कारोबारी अभिषेक शर्मा ने प्रधानमंत्री को एक फर्जी खत लिखा और साल 2009 में बिजनेस वीजा के मानदंडों को आसान करने की मांग की. टाइटलर तथा वर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रयास करने को लेकर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) तथा भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया था.टिप्पणियां सीबीआई ने आरोप लगाया है कि एक चीनी दूरसंचार कंपनी से धोखाधड़ी करने में टाइटलर ने वर्मा के साथ सक्रिय रूप से भागीदारी की. कांग्रेस नेता ने पहले तो कंपनी के अधिकारियों को फर्जी पत्र दिखाया और दावा किया कि इसे माकन ने प्रधानमंत्री को लिखा है.  (इनपुट आईएएनएस से भी) विशेष न्यायाधीश भरत पराशर ने टाइटलर के पासपोर्ट को सीबीआई को सौंपते हुए जांच एजेंसी से कहा कि वह उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करे क्योंकि अपने पासपोर्ट के नवीनीकरण के वक्त उन्होंने पासपोर्ट कार्यालय को झूठी जानकारी दी. पासपोर्ट का नवीनीकरण कराते वक्त टाइटलर ने गलत सूचना में कहा था कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है. टाइटलर के वकील ने हालांकि अदालत से कहा कि यह जान बूझकर की गई गलती नहीं थी. उन्होंने कहा कि गलत सूचना उनके क्लर्क ने दी जिसने फॉर्म पर भूलवश दूसरे बॉक्स में टिक लगा दिया. सीबीआई के अधिकारियों ने अदालत में कहा कि कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन हुआ है, क्योंकि अदालत से अनुमति लिए बिना पासपोर्ट का नवीनीकरण कराया गया. अदालत ने अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि गलत सूचना देने तथा अदालत की मंजूरी के बगैर पासपोर्ट का नवीनीकरण कराने को लेकर टाइटलर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करनी चाहिए, लेकिन उसने इस बारे में कोई आदेश पारित नहीं किया. अदालत टाइटलर की विदेश यात्रा की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी. कांग्रेस नेता ने 25 मई से दो जून के बीच विदेश यात्रा की अनुमति मांगी थी. मामला तत्कालीन गृह राज्य मंत्री अजय माकन की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके लेटरहेड पर कारोबारी अभिषेक शर्मा ने प्रधानमंत्री को एक फर्जी खत लिखा और साल 2009 में बिजनेस वीजा के मानदंडों को आसान करने की मांग की. टाइटलर तथा वर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रयास करने को लेकर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) तथा भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया था.टिप्पणियां सीबीआई ने आरोप लगाया है कि एक चीनी दूरसंचार कंपनी से धोखाधड़ी करने में टाइटलर ने वर्मा के साथ सक्रिय रूप से भागीदारी की. कांग्रेस नेता ने पहले तो कंपनी के अधिकारियों को फर्जी पत्र दिखाया और दावा किया कि इसे माकन ने प्रधानमंत्री को लिखा है.  (इनपुट आईएएनएस से भी) टाइटलर के वकील ने हालांकि अदालत से कहा कि यह जान बूझकर की गई गलती नहीं थी. उन्होंने कहा कि गलत सूचना उनके क्लर्क ने दी जिसने फॉर्म पर भूलवश दूसरे बॉक्स में टिक लगा दिया. सीबीआई के अधिकारियों ने अदालत में कहा कि कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन हुआ है, क्योंकि अदालत से अनुमति लिए बिना पासपोर्ट का नवीनीकरण कराया गया. अदालत ने अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि गलत सूचना देने तथा अदालत की मंजूरी के बगैर पासपोर्ट का नवीनीकरण कराने को लेकर टाइटलर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करनी चाहिए, लेकिन उसने इस बारे में कोई आदेश पारित नहीं किया. अदालत टाइटलर की विदेश यात्रा की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी. कांग्रेस नेता ने 25 मई से दो जून के बीच विदेश यात्रा की अनुमति मांगी थी. मामला तत्कालीन गृह राज्य मंत्री अजय माकन की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके लेटरहेड पर कारोबारी अभिषेक शर्मा ने प्रधानमंत्री को एक फर्जी खत लिखा और साल 2009 में बिजनेस वीजा के मानदंडों को आसान करने की मांग की. टाइटलर तथा वर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रयास करने को लेकर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) तथा भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया था.टिप्पणियां सीबीआई ने आरोप लगाया है कि एक चीनी दूरसंचार कंपनी से धोखाधड़ी करने में टाइटलर ने वर्मा के साथ सक्रिय रूप से भागीदारी की. कांग्रेस नेता ने पहले तो कंपनी के अधिकारियों को फर्जी पत्र दिखाया और दावा किया कि इसे माकन ने प्रधानमंत्री को लिखा है.  (इनपुट आईएएनएस से भी) सीबीआई के अधिकारियों ने अदालत में कहा कि कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन हुआ है, क्योंकि अदालत से अनुमति लिए बिना पासपोर्ट का नवीनीकरण कराया गया. अदालत ने अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि गलत सूचना देने तथा अदालत की मंजूरी के बगैर पासपोर्ट का नवीनीकरण कराने को लेकर टाइटलर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करनी चाहिए, लेकिन उसने इस बारे में कोई आदेश पारित नहीं किया. अदालत टाइटलर की विदेश यात्रा की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी. कांग्रेस नेता ने 25 मई से दो जून के बीच विदेश यात्रा की अनुमति मांगी थी. मामला तत्कालीन गृह राज्य मंत्री अजय माकन की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके लेटरहेड पर कारोबारी अभिषेक शर्मा ने प्रधानमंत्री को एक फर्जी खत लिखा और साल 2009 में बिजनेस वीजा के मानदंडों को आसान करने की मांग की. टाइटलर तथा वर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रयास करने को लेकर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) तथा भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया था.टिप्पणियां सीबीआई ने आरोप लगाया है कि एक चीनी दूरसंचार कंपनी से धोखाधड़ी करने में टाइटलर ने वर्मा के साथ सक्रिय रूप से भागीदारी की. कांग्रेस नेता ने पहले तो कंपनी के अधिकारियों को फर्जी पत्र दिखाया और दावा किया कि इसे माकन ने प्रधानमंत्री को लिखा है.  (इनपुट आईएएनएस से भी) अदालत टाइटलर की विदेश यात्रा की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी. कांग्रेस नेता ने 25 मई से दो जून के बीच विदेश यात्रा की अनुमति मांगी थी. मामला तत्कालीन गृह राज्य मंत्री अजय माकन की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके लेटरहेड पर कारोबारी अभिषेक शर्मा ने प्रधानमंत्री को एक फर्जी खत लिखा और साल 2009 में बिजनेस वीजा के मानदंडों को आसान करने की मांग की. टाइटलर तथा वर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रयास करने को लेकर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) तथा भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया था.टिप्पणियां सीबीआई ने आरोप लगाया है कि एक चीनी दूरसंचार कंपनी से धोखाधड़ी करने में टाइटलर ने वर्मा के साथ सक्रिय रूप से भागीदारी की. कांग्रेस नेता ने पहले तो कंपनी के अधिकारियों को फर्जी पत्र दिखाया और दावा किया कि इसे माकन ने प्रधानमंत्री को लिखा है.  (इनपुट आईएएनएस से भी) मामला तत्कालीन गृह राज्य मंत्री अजय माकन की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके लेटरहेड पर कारोबारी अभिषेक शर्मा ने प्रधानमंत्री को एक फर्जी खत लिखा और साल 2009 में बिजनेस वीजा के मानदंडों को आसान करने की मांग की. टाइटलर तथा वर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रयास करने को लेकर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) तथा भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया था.टिप्पणियां सीबीआई ने आरोप लगाया है कि एक चीनी दूरसंचार कंपनी से धोखाधड़ी करने में टाइटलर ने वर्मा के साथ सक्रिय रूप से भागीदारी की. कांग्रेस नेता ने पहले तो कंपनी के अधिकारियों को फर्जी पत्र दिखाया और दावा किया कि इसे माकन ने प्रधानमंत्री को लिखा है.  (इनपुट आईएएनएस से भी) सीबीआई ने आरोप लगाया है कि एक चीनी दूरसंचार कंपनी से धोखाधड़ी करने में टाइटलर ने वर्मा के साथ सक्रिय रूप से भागीदारी की. कांग्रेस नेता ने पहले तो कंपनी के अधिकारियों को फर्जी पत्र दिखाया और दावा किया कि इसे माकन ने प्रधानमंत्री को लिखा है.  (इनपुट आईएएनएस से भी)  (इनपुट आईएएनएस से भी)
यहाँ एक सारांश है:अदालत से अनुमति लिए बिना पासपोर्ट का नवीनीकरण कराया गया पासपोर्ट के नवीनीकरण समय कहा कि टाइटर पर आपराधिक मामला नहीं है टाइटलर की विदेश यात्रा की मांग वाली याचिका पर अदालत में मामला
15
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उन्होंने कहा कि सुसाइड नोट को जांच के लिए फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेज दिया गया है. सभी छह शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. टिप्पणियां  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि सुसाइड नोट को जांच के लिए फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेज दिया गया है. सभी छह शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. टिप्पणियां  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: खम्मम में एक युवक ने पांच लोगों को नहर में धकेलने के बाद खुदकुशी की पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है प्राथमिक जांच में पारिवारिक विवाद बताई जा रही है हत्या की वजह
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका ने लश्कर-ए-तैयबा के अमेरिका में जन्मे आतंकवादी डेविड हेडली को मुंबई हमले और अन्य आतंकवादी गतिविधियों में उसकी भूमिका के लिए 30 से 35 साल कैद की सजा दिए जाने का अनुरोध किया है। अटार्नी जनरल गैरी एस शप्रियो ने अमेरिका सरकार की स्थिति को बताने वाले 20 पृष्ठ के दस्तावेज में कहा कि सरकार का मानना है कि तथ्यों को ध्यान में रखते हुए हेडली के लिए 30 से 35 साल कैद की सजा ठीक रहेगी। शप्रियो ने कहा, इस बात का कोई सवाल ही नहीं है कि उसका आपराधिक व्यवहार निंदनीय था, लेकिन उसके सहयोग का फैसला भी काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसने सरकार के आतंकवाद से लड़ने के प्रयासों में और सरकार की सिफारिशों में मदद की। अमेरिका सरकार 30 से 35 साल सजा दिए जाने की मांग कर रही है, जो उसके द्वारा तहव्वुर हुसैन राणा के मामले में मांगी गई सजा से बहुत कम है, जिसे संघीय ग्रैंड ज्यूरी ने लश्कर-ए-तैयबा की साजोसामान की मदद और कोपेनहेगन में एक डेनमार्क के समाचार पत्र पर हमले की साजिश रचने का दोषी करार दिया है। पिछले सप्ताह अदालत ने राणा को 14 साल जेल की सजा और बाद में रिहा होने पर पांच साल तक निगरानी में रहने की सजा दी है। अमेरिका सरकार ने कहा, हेडली ने एक भीषण आतंकवादी हमले की योजना बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उसने कहा कि भारत में हेडली के टोह लेने से करीब 164 पुरुष, महिलाएं और बच्चे मारे गए तथा कई लोग घायल हो गए थे। शप्रियो ने कहा, नंवबर 2008 में मुंबई में इतने लोगों के मारे और विनाश के बावजूद हेडली ने दो महीने से कम समय बाद डेनमार्क का दौरा किया ताकि वहां एक और आतंकवादी हमले की योजना बनाने के लिए टोह ली जा सके। शप्रियो ने कहा, हेडली ने न केवल वर्षों तक लश्कर-ए-तैयबा बल्कि अलकायदा के सदस्यों के निर्देशन में काम किया। अमेरिकी अटार्नी ने कहा, इस बात में कोई शक नहीं कि हेडली के बेहद गंभीर अपराध के लिए आजीवन कारावास की सजा उचित रहेगी, लेकिन इस चीज को भी ध्यान में रखना चाहिए कि उसने जांच में काफी सहयोग किया। इस बीच अमेरिका सरकार ने कहा है कि गिरफ्तारी के बाद हेडली ने जो सूचनाएं मुहैया कराई वह सरकार तथा उसके सहयोगियों विशेषकर भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद से निपटने में काफी महत्वपूर्ण रही। शप्रियो ने कहा, हेडली ने व्यक्तियों, ढांचों, तरीकों, क्षमताओं और लश्कर की योजनाओं के विषय में बताया तथा अन्य आतंकवादियों के बारे में आगे की जांच में सक्रिय होकर मदद की। हेडली के सहयोग ने सरकार को कम से कम सात अन्य व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक आरोपों को दाखिल करने में मदद की और उसके बयान ने एक अन्य सह-प्रतिवादी की दोष सिद्धि में मदद की। उन्होंने कहा कि हेडली ने विदेशी अधिकारियों की जांच में सहयोग किया और पूरे सात दिन तक भारतीय अधिकारियों के सवालों का जवाब दिया तथा सरकार को आशा है कि वह भविष्य में मदद करेगा।टिप्पणियां शप्रियो ने कहा कि इसको देखते हुए सरकार अदालत से अनुरोध करेगी कि आजीवन कारावास से कम की सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि 30 से 35 साल की सजा दिया जाना उसके घृणित अपराध की प्रवृत्ति और उसके महत्वपूर्ण सहयोग के बीच एक उचित संतुलन होगा। अटार्नी जनरल गैरी एस शप्रियो ने अमेरिका सरकार की स्थिति को बताने वाले 20 पृष्ठ के दस्तावेज में कहा कि सरकार का मानना है कि तथ्यों को ध्यान में रखते हुए हेडली के लिए 30 से 35 साल कैद की सजा ठीक रहेगी। शप्रियो ने कहा, इस बात का कोई सवाल ही नहीं है कि उसका आपराधिक व्यवहार निंदनीय था, लेकिन उसके सहयोग का फैसला भी काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसने सरकार के आतंकवाद से लड़ने के प्रयासों में और सरकार की सिफारिशों में मदद की। अमेरिका सरकार 30 से 35 साल सजा दिए जाने की मांग कर रही है, जो उसके द्वारा तहव्वुर हुसैन राणा के मामले में मांगी गई सजा से बहुत कम है, जिसे संघीय ग्रैंड ज्यूरी ने लश्कर-ए-तैयबा की साजोसामान की मदद और कोपेनहेगन में एक डेनमार्क के समाचार पत्र पर हमले की साजिश रचने का दोषी करार दिया है। पिछले सप्ताह अदालत ने राणा को 14 साल जेल की सजा और बाद में रिहा होने पर पांच साल तक निगरानी में रहने की सजा दी है। अमेरिका सरकार ने कहा, हेडली ने एक भीषण आतंकवादी हमले की योजना बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उसने कहा कि भारत में हेडली के टोह लेने से करीब 164 पुरुष, महिलाएं और बच्चे मारे गए तथा कई लोग घायल हो गए थे। शप्रियो ने कहा, नंवबर 2008 में मुंबई में इतने लोगों के मारे और विनाश के बावजूद हेडली ने दो महीने से कम समय बाद डेनमार्क का दौरा किया ताकि वहां एक और आतंकवादी हमले की योजना बनाने के लिए टोह ली जा सके। शप्रियो ने कहा, हेडली ने न केवल वर्षों तक लश्कर-ए-तैयबा बल्कि अलकायदा के सदस्यों के निर्देशन में काम किया। अमेरिकी अटार्नी ने कहा, इस बात में कोई शक नहीं कि हेडली के बेहद गंभीर अपराध के लिए आजीवन कारावास की सजा उचित रहेगी, लेकिन इस चीज को भी ध्यान में रखना चाहिए कि उसने जांच में काफी सहयोग किया। इस बीच अमेरिका सरकार ने कहा है कि गिरफ्तारी के बाद हेडली ने जो सूचनाएं मुहैया कराई वह सरकार तथा उसके सहयोगियों विशेषकर भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद से निपटने में काफी महत्वपूर्ण रही। शप्रियो ने कहा, हेडली ने व्यक्तियों, ढांचों, तरीकों, क्षमताओं और लश्कर की योजनाओं के विषय में बताया तथा अन्य आतंकवादियों के बारे में आगे की जांच में सक्रिय होकर मदद की। हेडली के सहयोग ने सरकार को कम से कम सात अन्य व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक आरोपों को दाखिल करने में मदद की और उसके बयान ने एक अन्य सह-प्रतिवादी की दोष सिद्धि में मदद की। उन्होंने कहा कि हेडली ने विदेशी अधिकारियों की जांच में सहयोग किया और पूरे सात दिन तक भारतीय अधिकारियों के सवालों का जवाब दिया तथा सरकार को आशा है कि वह भविष्य में मदद करेगा।टिप्पणियां शप्रियो ने कहा कि इसको देखते हुए सरकार अदालत से अनुरोध करेगी कि आजीवन कारावास से कम की सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि 30 से 35 साल की सजा दिया जाना उसके घृणित अपराध की प्रवृत्ति और उसके महत्वपूर्ण सहयोग के बीच एक उचित संतुलन होगा। शप्रियो ने कहा, इस बात का कोई सवाल ही नहीं है कि उसका आपराधिक व्यवहार निंदनीय था, लेकिन उसके सहयोग का फैसला भी काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसने सरकार के आतंकवाद से लड़ने के प्रयासों में और सरकार की सिफारिशों में मदद की। अमेरिका सरकार 30 से 35 साल सजा दिए जाने की मांग कर रही है, जो उसके द्वारा तहव्वुर हुसैन राणा के मामले में मांगी गई सजा से बहुत कम है, जिसे संघीय ग्रैंड ज्यूरी ने लश्कर-ए-तैयबा की साजोसामान की मदद और कोपेनहेगन में एक डेनमार्क के समाचार पत्र पर हमले की साजिश रचने का दोषी करार दिया है। पिछले सप्ताह अदालत ने राणा को 14 साल जेल की सजा और बाद में रिहा होने पर पांच साल तक निगरानी में रहने की सजा दी है। अमेरिका सरकार ने कहा, हेडली ने एक भीषण आतंकवादी हमले की योजना बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उसने कहा कि भारत में हेडली के टोह लेने से करीब 164 पुरुष, महिलाएं और बच्चे मारे गए तथा कई लोग घायल हो गए थे। शप्रियो ने कहा, नंवबर 2008 में मुंबई में इतने लोगों के मारे और विनाश के बावजूद हेडली ने दो महीने से कम समय बाद डेनमार्क का दौरा किया ताकि वहां एक और आतंकवादी हमले की योजना बनाने के लिए टोह ली जा सके। शप्रियो ने कहा, हेडली ने न केवल वर्षों तक लश्कर-ए-तैयबा बल्कि अलकायदा के सदस्यों के निर्देशन में काम किया। अमेरिकी अटार्नी ने कहा, इस बात में कोई शक नहीं कि हेडली के बेहद गंभीर अपराध के लिए आजीवन कारावास की सजा उचित रहेगी, लेकिन इस चीज को भी ध्यान में रखना चाहिए कि उसने जांच में काफी सहयोग किया। इस बीच अमेरिका सरकार ने कहा है कि गिरफ्तारी के बाद हेडली ने जो सूचनाएं मुहैया कराई वह सरकार तथा उसके सहयोगियों विशेषकर भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद से निपटने में काफी महत्वपूर्ण रही। शप्रियो ने कहा, हेडली ने व्यक्तियों, ढांचों, तरीकों, क्षमताओं और लश्कर की योजनाओं के विषय में बताया तथा अन्य आतंकवादियों के बारे में आगे की जांच में सक्रिय होकर मदद की। हेडली के सहयोग ने सरकार को कम से कम सात अन्य व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक आरोपों को दाखिल करने में मदद की और उसके बयान ने एक अन्य सह-प्रतिवादी की दोष सिद्धि में मदद की। उन्होंने कहा कि हेडली ने विदेशी अधिकारियों की जांच में सहयोग किया और पूरे सात दिन तक भारतीय अधिकारियों के सवालों का जवाब दिया तथा सरकार को आशा है कि वह भविष्य में मदद करेगा।टिप्पणियां शप्रियो ने कहा कि इसको देखते हुए सरकार अदालत से अनुरोध करेगी कि आजीवन कारावास से कम की सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि 30 से 35 साल की सजा दिया जाना उसके घृणित अपराध की प्रवृत्ति और उसके महत्वपूर्ण सहयोग के बीच एक उचित संतुलन होगा। अमेरिका सरकार 30 से 35 साल सजा दिए जाने की मांग कर रही है, जो उसके द्वारा तहव्वुर हुसैन राणा के मामले में मांगी गई सजा से बहुत कम है, जिसे संघीय ग्रैंड ज्यूरी ने लश्कर-ए-तैयबा की साजोसामान की मदद और कोपेनहेगन में एक डेनमार्क के समाचार पत्र पर हमले की साजिश रचने का दोषी करार दिया है। पिछले सप्ताह अदालत ने राणा को 14 साल जेल की सजा और बाद में रिहा होने पर पांच साल तक निगरानी में रहने की सजा दी है। अमेरिका सरकार ने कहा, हेडली ने एक भीषण आतंकवादी हमले की योजना बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उसने कहा कि भारत में हेडली के टोह लेने से करीब 164 पुरुष, महिलाएं और बच्चे मारे गए तथा कई लोग घायल हो गए थे। शप्रियो ने कहा, नंवबर 2008 में मुंबई में इतने लोगों के मारे और विनाश के बावजूद हेडली ने दो महीने से कम समय बाद डेनमार्क का दौरा किया ताकि वहां एक और आतंकवादी हमले की योजना बनाने के लिए टोह ली जा सके। शप्रियो ने कहा, हेडली ने न केवल वर्षों तक लश्कर-ए-तैयबा बल्कि अलकायदा के सदस्यों के निर्देशन में काम किया। अमेरिकी अटार्नी ने कहा, इस बात में कोई शक नहीं कि हेडली के बेहद गंभीर अपराध के लिए आजीवन कारावास की सजा उचित रहेगी, लेकिन इस चीज को भी ध्यान में रखना चाहिए कि उसने जांच में काफी सहयोग किया। इस बीच अमेरिका सरकार ने कहा है कि गिरफ्तारी के बाद हेडली ने जो सूचनाएं मुहैया कराई वह सरकार तथा उसके सहयोगियों विशेषकर भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद से निपटने में काफी महत्वपूर्ण रही। शप्रियो ने कहा, हेडली ने व्यक्तियों, ढांचों, तरीकों, क्षमताओं और लश्कर की योजनाओं के विषय में बताया तथा अन्य आतंकवादियों के बारे में आगे की जांच में सक्रिय होकर मदद की। हेडली के सहयोग ने सरकार को कम से कम सात अन्य व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक आरोपों को दाखिल करने में मदद की और उसके बयान ने एक अन्य सह-प्रतिवादी की दोष सिद्धि में मदद की। उन्होंने कहा कि हेडली ने विदेशी अधिकारियों की जांच में सहयोग किया और पूरे सात दिन तक भारतीय अधिकारियों के सवालों का जवाब दिया तथा सरकार को आशा है कि वह भविष्य में मदद करेगा।टिप्पणियां शप्रियो ने कहा कि इसको देखते हुए सरकार अदालत से अनुरोध करेगी कि आजीवन कारावास से कम की सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि 30 से 35 साल की सजा दिया जाना उसके घृणित अपराध की प्रवृत्ति और उसके महत्वपूर्ण सहयोग के बीच एक उचित संतुलन होगा। पिछले सप्ताह अदालत ने राणा को 14 साल जेल की सजा और बाद में रिहा होने पर पांच साल तक निगरानी में रहने की सजा दी है। अमेरिका सरकार ने कहा, हेडली ने एक भीषण आतंकवादी हमले की योजना बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उसने कहा कि भारत में हेडली के टोह लेने से करीब 164 पुरुष, महिलाएं और बच्चे मारे गए तथा कई लोग घायल हो गए थे। शप्रियो ने कहा, नंवबर 2008 में मुंबई में इतने लोगों के मारे और विनाश के बावजूद हेडली ने दो महीने से कम समय बाद डेनमार्क का दौरा किया ताकि वहां एक और आतंकवादी हमले की योजना बनाने के लिए टोह ली जा सके। शप्रियो ने कहा, हेडली ने न केवल वर्षों तक लश्कर-ए-तैयबा बल्कि अलकायदा के सदस्यों के निर्देशन में काम किया। अमेरिकी अटार्नी ने कहा, इस बात में कोई शक नहीं कि हेडली के बेहद गंभीर अपराध के लिए आजीवन कारावास की सजा उचित रहेगी, लेकिन इस चीज को भी ध्यान में रखना चाहिए कि उसने जांच में काफी सहयोग किया। इस बीच अमेरिका सरकार ने कहा है कि गिरफ्तारी के बाद हेडली ने जो सूचनाएं मुहैया कराई वह सरकार तथा उसके सहयोगियों विशेषकर भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद से निपटने में काफी महत्वपूर्ण रही। शप्रियो ने कहा, हेडली ने व्यक्तियों, ढांचों, तरीकों, क्षमताओं और लश्कर की योजनाओं के विषय में बताया तथा अन्य आतंकवादियों के बारे में आगे की जांच में सक्रिय होकर मदद की। हेडली के सहयोग ने सरकार को कम से कम सात अन्य व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक आरोपों को दाखिल करने में मदद की और उसके बयान ने एक अन्य सह-प्रतिवादी की दोष सिद्धि में मदद की। उन्होंने कहा कि हेडली ने विदेशी अधिकारियों की जांच में सहयोग किया और पूरे सात दिन तक भारतीय अधिकारियों के सवालों का जवाब दिया तथा सरकार को आशा है कि वह भविष्य में मदद करेगा।टिप्पणियां शप्रियो ने कहा कि इसको देखते हुए सरकार अदालत से अनुरोध करेगी कि आजीवन कारावास से कम की सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि 30 से 35 साल की सजा दिया जाना उसके घृणित अपराध की प्रवृत्ति और उसके महत्वपूर्ण सहयोग के बीच एक उचित संतुलन होगा। अमेरिका सरकार ने कहा, हेडली ने एक भीषण आतंकवादी हमले की योजना बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उसने कहा कि भारत में हेडली के टोह लेने से करीब 164 पुरुष, महिलाएं और बच्चे मारे गए तथा कई लोग घायल हो गए थे। शप्रियो ने कहा, नंवबर 2008 में मुंबई में इतने लोगों के मारे और विनाश के बावजूद हेडली ने दो महीने से कम समय बाद डेनमार्क का दौरा किया ताकि वहां एक और आतंकवादी हमले की योजना बनाने के लिए टोह ली जा सके। शप्रियो ने कहा, हेडली ने न केवल वर्षों तक लश्कर-ए-तैयबा बल्कि अलकायदा के सदस्यों के निर्देशन में काम किया। अमेरिकी अटार्नी ने कहा, इस बात में कोई शक नहीं कि हेडली के बेहद गंभीर अपराध के लिए आजीवन कारावास की सजा उचित रहेगी, लेकिन इस चीज को भी ध्यान में रखना चाहिए कि उसने जांच में काफी सहयोग किया। इस बीच अमेरिका सरकार ने कहा है कि गिरफ्तारी के बाद हेडली ने जो सूचनाएं मुहैया कराई वह सरकार तथा उसके सहयोगियों विशेषकर भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद से निपटने में काफी महत्वपूर्ण रही। शप्रियो ने कहा, हेडली ने व्यक्तियों, ढांचों, तरीकों, क्षमताओं और लश्कर की योजनाओं के विषय में बताया तथा अन्य आतंकवादियों के बारे में आगे की जांच में सक्रिय होकर मदद की। हेडली के सहयोग ने सरकार को कम से कम सात अन्य व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक आरोपों को दाखिल करने में मदद की और उसके बयान ने एक अन्य सह-प्रतिवादी की दोष सिद्धि में मदद की। उन्होंने कहा कि हेडली ने विदेशी अधिकारियों की जांच में सहयोग किया और पूरे सात दिन तक भारतीय अधिकारियों के सवालों का जवाब दिया तथा सरकार को आशा है कि वह भविष्य में मदद करेगा।टिप्पणियां शप्रियो ने कहा कि इसको देखते हुए सरकार अदालत से अनुरोध करेगी कि आजीवन कारावास से कम की सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि 30 से 35 साल की सजा दिया जाना उसके घृणित अपराध की प्रवृत्ति और उसके महत्वपूर्ण सहयोग के बीच एक उचित संतुलन होगा। शप्रियो ने कहा, नंवबर 2008 में मुंबई में इतने लोगों के मारे और विनाश के बावजूद हेडली ने दो महीने से कम समय बाद डेनमार्क का दौरा किया ताकि वहां एक और आतंकवादी हमले की योजना बनाने के लिए टोह ली जा सके। शप्रियो ने कहा, हेडली ने न केवल वर्षों तक लश्कर-ए-तैयबा बल्कि अलकायदा के सदस्यों के निर्देशन में काम किया। अमेरिकी अटार्नी ने कहा, इस बात में कोई शक नहीं कि हेडली के बेहद गंभीर अपराध के लिए आजीवन कारावास की सजा उचित रहेगी, लेकिन इस चीज को भी ध्यान में रखना चाहिए कि उसने जांच में काफी सहयोग किया। इस बीच अमेरिका सरकार ने कहा है कि गिरफ्तारी के बाद हेडली ने जो सूचनाएं मुहैया कराई वह सरकार तथा उसके सहयोगियों विशेषकर भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद से निपटने में काफी महत्वपूर्ण रही। शप्रियो ने कहा, हेडली ने व्यक्तियों, ढांचों, तरीकों, क्षमताओं और लश्कर की योजनाओं के विषय में बताया तथा अन्य आतंकवादियों के बारे में आगे की जांच में सक्रिय होकर मदद की। हेडली के सहयोग ने सरकार को कम से कम सात अन्य व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक आरोपों को दाखिल करने में मदद की और उसके बयान ने एक अन्य सह-प्रतिवादी की दोष सिद्धि में मदद की। उन्होंने कहा कि हेडली ने विदेशी अधिकारियों की जांच में सहयोग किया और पूरे सात दिन तक भारतीय अधिकारियों के सवालों का जवाब दिया तथा सरकार को आशा है कि वह भविष्य में मदद करेगा।टिप्पणियां शप्रियो ने कहा कि इसको देखते हुए सरकार अदालत से अनुरोध करेगी कि आजीवन कारावास से कम की सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि 30 से 35 साल की सजा दिया जाना उसके घृणित अपराध की प्रवृत्ति और उसके महत्वपूर्ण सहयोग के बीच एक उचित संतुलन होगा। शप्रियो ने कहा, हेडली ने न केवल वर्षों तक लश्कर-ए-तैयबा बल्कि अलकायदा के सदस्यों के निर्देशन में काम किया। अमेरिकी अटार्नी ने कहा, इस बात में कोई शक नहीं कि हेडली के बेहद गंभीर अपराध के लिए आजीवन कारावास की सजा उचित रहेगी, लेकिन इस चीज को भी ध्यान में रखना चाहिए कि उसने जांच में काफी सहयोग किया। इस बीच अमेरिका सरकार ने कहा है कि गिरफ्तारी के बाद हेडली ने जो सूचनाएं मुहैया कराई वह सरकार तथा उसके सहयोगियों विशेषकर भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद से निपटने में काफी महत्वपूर्ण रही। शप्रियो ने कहा, हेडली ने व्यक्तियों, ढांचों, तरीकों, क्षमताओं और लश्कर की योजनाओं के विषय में बताया तथा अन्य आतंकवादियों के बारे में आगे की जांच में सक्रिय होकर मदद की। हेडली के सहयोग ने सरकार को कम से कम सात अन्य व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक आरोपों को दाखिल करने में मदद की और उसके बयान ने एक अन्य सह-प्रतिवादी की दोष सिद्धि में मदद की। उन्होंने कहा कि हेडली ने विदेशी अधिकारियों की जांच में सहयोग किया और पूरे सात दिन तक भारतीय अधिकारियों के सवालों का जवाब दिया तथा सरकार को आशा है कि वह भविष्य में मदद करेगा।टिप्पणियां शप्रियो ने कहा कि इसको देखते हुए सरकार अदालत से अनुरोध करेगी कि आजीवन कारावास से कम की सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि 30 से 35 साल की सजा दिया जाना उसके घृणित अपराध की प्रवृत्ति और उसके महत्वपूर्ण सहयोग के बीच एक उचित संतुलन होगा। शप्रियो ने कहा, हेडली ने व्यक्तियों, ढांचों, तरीकों, क्षमताओं और लश्कर की योजनाओं के विषय में बताया तथा अन्य आतंकवादियों के बारे में आगे की जांच में सक्रिय होकर मदद की। हेडली के सहयोग ने सरकार को कम से कम सात अन्य व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक आरोपों को दाखिल करने में मदद की और उसके बयान ने एक अन्य सह-प्रतिवादी की दोष सिद्धि में मदद की। उन्होंने कहा कि हेडली ने विदेशी अधिकारियों की जांच में सहयोग किया और पूरे सात दिन तक भारतीय अधिकारियों के सवालों का जवाब दिया तथा सरकार को आशा है कि वह भविष्य में मदद करेगा।टिप्पणियां शप्रियो ने कहा कि इसको देखते हुए सरकार अदालत से अनुरोध करेगी कि आजीवन कारावास से कम की सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि 30 से 35 साल की सजा दिया जाना उसके घृणित अपराध की प्रवृत्ति और उसके महत्वपूर्ण सहयोग के बीच एक उचित संतुलन होगा। शप्रियो ने कहा कि इसको देखते हुए सरकार अदालत से अनुरोध करेगी कि आजीवन कारावास से कम की सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि 30 से 35 साल की सजा दिया जाना उसके घृणित अपराध की प्रवृत्ति और उसके महत्वपूर्ण सहयोग के बीच एक उचित संतुलन होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि 30 से 35 साल की सजा दिया जाना उसके घृणित अपराध की प्रवृत्ति और उसके महत्वपूर्ण सहयोग के बीच एक उचित संतुलन होगा।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अमेरिका ने लश्कर-ए-तैयबा के अमेरिका में जन्मे आतंकवादी डेविड हेडली को मुंबई हमले और अन्य आतंकवादी गतिविधियों में उसकी भूमिका के लिए 30 से 35 साल कैद की सजा दिए जाने का अनुरोध किया है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: विपक्षी पार्टी कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और तृणमूल कांग्रेस ने गुरुवार को लोकसभा में उत्तराखंड से सटी सीमा क्षेत्र में इस माह की शुरुआत में चीनी सैनिकों की घुसपैठ का मुद्दा उठाया। लोकसभा में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया व अन्य ने उठाया। सिंधिया ने कहा कि घुसपैठ की यह घटना चमोली के पास हुई और चीनी सेना भारतीय सीमा में 200 मीटर अंदर तक घुस आई। कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया, "खबरें हैं चीनी सैनिकों ने उस क्षेत्र के स्थानीय राजस्व अधिकारियों से बदसलूकी की।" सिंधिया ने कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। साल 2014 में भी ऐसी घटनाएं उत्तराखंड में सामने आई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि चीनी सैनिकों ने पहले अरुणाचल प्रदेश में भी भारतीय सीमा लांघने की कोशिश की थी। कांग्रेस सदस्य की चिंताओं का समर्थन करते हुए तृणमूल कांग्रेस के नेता सौगत राय ने इस मामले पर गृह मंत्री या रक्षा मंत्री के बयान की मांग की। सपा नेता मुलायम सिंह यादव ने कहा कि भारत सरकार को चीन के इरादों के बारे में अधिक सावधान और सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा, "मैं हमेशा से चीन के बारे में आगाह करता रहा हूं।" उत्तराखंड से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद बी. एस. कोश्यारी ने भी कहा कि मामला 'गंभीर' है। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि इसके लिए केवल केंद्र सरकार को दोषी ठहराना सही नहीं होगा। उन्होंने कहा, "स्थानीय राज्य सरकार की भी इस मामले में जिम्मेदारी है।"टिप्पणियां कोश्यारी ने आगे कहा, चीनी लोग सीमा क्षेत्र में समय-समय पर आते रहते हैं, लेकिन भारतीय सुरक्षा बलों से सामना होने पर लौट जाते हैं। उत्तेजित सदस्यों को जबाव देते हुए संसदीय मामलों के मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि सरकार देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की रक्षा के लिए 'कोई कसर नहीं छोड़ने' को लेकर दृढ़ संकल्प है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सिंधिया ने कहा कि घुसपैठ की यह घटना चमोली के पास हुई और चीनी सेना भारतीय सीमा में 200 मीटर अंदर तक घुस आई। कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया, "खबरें हैं चीनी सैनिकों ने उस क्षेत्र के स्थानीय राजस्व अधिकारियों से बदसलूकी की।" सिंधिया ने कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। साल 2014 में भी ऐसी घटनाएं उत्तराखंड में सामने आई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि चीनी सैनिकों ने पहले अरुणाचल प्रदेश में भी भारतीय सीमा लांघने की कोशिश की थी। कांग्रेस सदस्य की चिंताओं का समर्थन करते हुए तृणमूल कांग्रेस के नेता सौगत राय ने इस मामले पर गृह मंत्री या रक्षा मंत्री के बयान की मांग की। सपा नेता मुलायम सिंह यादव ने कहा कि भारत सरकार को चीन के इरादों के बारे में अधिक सावधान और सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा, "मैं हमेशा से चीन के बारे में आगाह करता रहा हूं।" उत्तराखंड से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद बी. एस. कोश्यारी ने भी कहा कि मामला 'गंभीर' है। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि इसके लिए केवल केंद्र सरकार को दोषी ठहराना सही नहीं होगा। उन्होंने कहा, "स्थानीय राज्य सरकार की भी इस मामले में जिम्मेदारी है।"टिप्पणियां कोश्यारी ने आगे कहा, चीनी लोग सीमा क्षेत्र में समय-समय पर आते रहते हैं, लेकिन भारतीय सुरक्षा बलों से सामना होने पर लौट जाते हैं। उत्तेजित सदस्यों को जबाव देते हुए संसदीय मामलों के मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि सरकार देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की रक्षा के लिए 'कोई कसर नहीं छोड़ने' को लेकर दृढ़ संकल्प है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सिंधिया ने कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। साल 2014 में भी ऐसी घटनाएं उत्तराखंड में सामने आई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि चीनी सैनिकों ने पहले अरुणाचल प्रदेश में भी भारतीय सीमा लांघने की कोशिश की थी। कांग्रेस सदस्य की चिंताओं का समर्थन करते हुए तृणमूल कांग्रेस के नेता सौगत राय ने इस मामले पर गृह मंत्री या रक्षा मंत्री के बयान की मांग की। सपा नेता मुलायम सिंह यादव ने कहा कि भारत सरकार को चीन के इरादों के बारे में अधिक सावधान और सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा, "मैं हमेशा से चीन के बारे में आगाह करता रहा हूं।" उत्तराखंड से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद बी. एस. कोश्यारी ने भी कहा कि मामला 'गंभीर' है। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि इसके लिए केवल केंद्र सरकार को दोषी ठहराना सही नहीं होगा। उन्होंने कहा, "स्थानीय राज्य सरकार की भी इस मामले में जिम्मेदारी है।"टिप्पणियां कोश्यारी ने आगे कहा, चीनी लोग सीमा क्षेत्र में समय-समय पर आते रहते हैं, लेकिन भारतीय सुरक्षा बलों से सामना होने पर लौट जाते हैं। उत्तेजित सदस्यों को जबाव देते हुए संसदीय मामलों के मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि सरकार देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की रक्षा के लिए 'कोई कसर नहीं छोड़ने' को लेकर दृढ़ संकल्प है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कांग्रेस सदस्य की चिंताओं का समर्थन करते हुए तृणमूल कांग्रेस के नेता सौगत राय ने इस मामले पर गृह मंत्री या रक्षा मंत्री के बयान की मांग की। सपा नेता मुलायम सिंह यादव ने कहा कि भारत सरकार को चीन के इरादों के बारे में अधिक सावधान और सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा, "मैं हमेशा से चीन के बारे में आगाह करता रहा हूं।" उत्तराखंड से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद बी. एस. कोश्यारी ने भी कहा कि मामला 'गंभीर' है। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि इसके लिए केवल केंद्र सरकार को दोषी ठहराना सही नहीं होगा। उन्होंने कहा, "स्थानीय राज्य सरकार की भी इस मामले में जिम्मेदारी है।"टिप्पणियां कोश्यारी ने आगे कहा, चीनी लोग सीमा क्षेत्र में समय-समय पर आते रहते हैं, लेकिन भारतीय सुरक्षा बलों से सामना होने पर लौट जाते हैं। उत्तेजित सदस्यों को जबाव देते हुए संसदीय मामलों के मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि सरकार देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की रक्षा के लिए 'कोई कसर नहीं छोड़ने' को लेकर दृढ़ संकल्प है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उत्तराखंड से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद बी. एस. कोश्यारी ने भी कहा कि मामला 'गंभीर' है। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि इसके लिए केवल केंद्र सरकार को दोषी ठहराना सही नहीं होगा। उन्होंने कहा, "स्थानीय राज्य सरकार की भी इस मामले में जिम्मेदारी है।"टिप्पणियां कोश्यारी ने आगे कहा, चीनी लोग सीमा क्षेत्र में समय-समय पर आते रहते हैं, लेकिन भारतीय सुरक्षा बलों से सामना होने पर लौट जाते हैं। उत्तेजित सदस्यों को जबाव देते हुए संसदीय मामलों के मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि सरकार देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की रक्षा के लिए 'कोई कसर नहीं छोड़ने' को लेकर दृढ़ संकल्प है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कोश्यारी ने आगे कहा, चीनी लोग सीमा क्षेत्र में समय-समय पर आते रहते हैं, लेकिन भारतीय सुरक्षा बलों से सामना होने पर लौट जाते हैं। उत्तेजित सदस्यों को जबाव देते हुए संसदीय मामलों के मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि सरकार देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की रक्षा के लिए 'कोई कसर नहीं छोड़ने' को लेकर दृढ़ संकल्प है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: घुसपैठ की यह घटना चमोली के पास हुई चीनी सैनिकों ने स्थानीय राजस्व अधिकारियों से बदसलूकी की पहले भी अरुणाचल में भी भारतीय सीमा लांघने की कोशिश की थी
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में टीम इंडिया के लिए एक अहम उपलब्धि रही उसके तेज गेंदबाजों का सुधरा हुआ प्रदर्शन. खासतौर से तेज गेंदबाज उमेश यादव में गजब का सुधार देखा गया और उन्होंने पूरी सीरीज में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों की नाक में दम कर दिया. तेज गेंदबाजी को खेलने में माहिर डेविड वॉर्नर, स्टीव स्मिथ जैसे बल्लेबाज भी उनकी गेंदों के सामने असहज नजर आए. सीरीज में 17 विकेट ले चुके उमेश यादव ने यह गेंदबाजी भारत के उन विकेटों पर की, जो तेज गेंदबाजी के लिहाज से निर्जीव माने जाते हैं और जिसमें ऑस्ट्रलिया के वर्ल्ड क्लास तेज गेंदबाज भी उतने प्रभावी नहीं रहे. धर्मशाला टेस्ट में भी उमेश का जादू चला और उन्होंने पांच विकेट झटके. दूसरी पारी में तो उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई पारी को तहस-नहस कर दिया. इसमें भुवनेश्वर कुमार ने उनका बखूबी साथ दिया. इस बीच उमएश और भुवी की डेविड वॉर्नर से कहासुनी भी हुई. मैच के तीसरे दिन ऑस्ट्रेलियाई टीम को महज 137 रन पर धराशायी कर देने के बाद टीम इंडिया की तेज गेंदबाज जोड़ी ने एक -दूसरे से गेंदबाजी को लेकर सवाल-जवाब किए... इसमें दोनों ने मैच के दौरान बल्लेबाजों के प्रति अपने गुस्से और रणनीति का खुलासा किया... वास्तव में मैच के तीसरे दिन ऑस्ट्रेलिया की टीम महज 32 रन से ही पीछे थी और माना जा रहा था कि वह टीम इंडिया पर बड़ी बढ़त बना सकती है, लेकिन जैसे ही उसकी पारी शुरू हुई, तो भारत की तेज गेंदबाज जोड़ी ने दोनों कंगारू ओपनरों को सांस लेने तक का मौका नही दिया और उन पर बाउंसरों की बौछार कर दी. वे हर दूसरी गेंद पर उमेश और भुवी के आगे संघर्ष करते दिखे. बीसीसीआई टीवी से बातचीत के दौरान सबसे पहले भुवनेश्वर कुमार ने उमेश से सवाल किए, फिर उमेश के सावलों का जवाब भुवी ने दिया... भुवी : आपने बाउंसर खुंदक (गुस्से) में की थीं या फिर ऐसा किसी योजना के तहत किया? उमेश : योजना भी थी और खुन्नस भी. जब मैं बल्लेबाजी कर रहा था, तो मुझ पर बाउंसर फेंकी गईं. जब मैं वापस गया, तो उस समय मैंने सोचा था कि हमारी बारी भी आएगी और हम भी बाउंसर डाल सकते हैं. भुवी : क्या इसमें मजा आया? उमेश : बहुत मजा आया. जब उनके गेंदबाज पैट कमिन्स ने बाउंसर डाले, तो मैंने सोचा कि हमने पहली पारी में बहुत कम बाउंसर किए हैं, इसलिए हमने दूसरी पारी में ज्यादा से ज्यादा बाउंसर करने की योजना बनाई. भुवी : क्या आप हमें रेनशॉ और वॉर्नर के दो विकटों के बारे में बता सकते हैं? उमेश : जब मैं बाउंसर कर रहा था, तो मुझे रनेशॉ असहज नजर आए और जब मैं बाउंसरों के बीच-बीच लेंथ पर हिट कर रहा था, तो वह चकमा खाते दिखे. उन्हें यह समझ में नहीं आ रहा था कि आगे जाऊं या पीछे हटूं. वॉर्नर सोच रहे थे कि मैं बैक लेंथ पर गेंद डालूंगा, लेकिन मैंने उन्हें इससे पहले काफी गेंदबाजी की हुई थी और मैंने तय किया कि इस बार उन्हें थोड़ा फुल लेंथ पर गेंद करनी होगी और मैंने यही किया. भुवी : क्या आपने वॉर्नर के साथ स्लेजिंग की थी? उमेश : वह बहुत जल्दी ही आउट हो गए, इसलिए मुझे उनके सआथ स्लेज करने का समय ही नहीं मिला. वैसे भी मैं स्लेजिंगल नहीं करता बल्कि एग्रेशन दिखाता हूं. इसके बाद स्विंग के उस्ताद भुवनेश्वर ने उमेश यादव के सवालों के जवाब दिए. भुवी ने भी दूसरी पारी में कंगारुओं को जमकर परेशान किया और बाउंसर फेंकते नजर आए...टिप्पणियां उमेश : वॉर्नर को बाउंसर करने को लेकर आपकी क्या योजना थी? भुवी : जब मैं बैटिंग कर रहा था, तो पैट कमिन्स गेंदबाजी कर रहे थे. उस समय वॉर्नर ने मुझसे पूछा कि ज्यादा तेज है! फिर जब मैंने उन्हें बाउंसर से परेशान किया, तो मैंने उनसे पूछा, 'ये वाला तेज था क्या.' मैंने पहले ही सोच लिया था कि जब मैं वॉर्नर को गेंदबाजी करूंगा, तो उनसे यही सवाल करूंगा. मुझे खुशी इस बात की हुई कि मैंने जैसे को तैसे वाला जवाब दिया. इसमें बहुत मजा आया. उमेश : आपने स्मिथ को जिस गेंद पर आउट किया, उसके पीछे क्या सोच थी? भुवी : वास्तव में उनके बारे में मैंने ज्यादा कुछ ननहीं सोचा था. वह जिस तरह से बैटिंग कर रहे थे, उसमें उन्हें गेंदबाजी करना थोड़ा मुश्किल काम था. ऐसी स्थिति में वह केवल इसी तरीके से आउट हो सकते थे. वास्तव में मैच के तीसरे दिन ऑस्ट्रेलिया की टीम महज 32 रन से ही पीछे थी और माना जा रहा था कि वह टीम इंडिया पर बड़ी बढ़त बना सकती है, लेकिन जैसे ही उसकी पारी शुरू हुई, तो भारत की तेज गेंदबाज जोड़ी ने दोनों कंगारू ओपनरों को सांस लेने तक का मौका नही दिया और उन पर बाउंसरों की बौछार कर दी. वे हर दूसरी गेंद पर उमेश और भुवी के आगे संघर्ष करते दिखे. बीसीसीआई टीवी से बातचीत के दौरान सबसे पहले भुवनेश्वर कुमार ने उमेश से सवाल किए, फिर उमेश के सावलों का जवाब भुवी ने दिया... भुवी : आपने बाउंसर खुंदक (गुस्से) में की थीं या फिर ऐसा किसी योजना के तहत किया? उमेश : योजना भी थी और खुन्नस भी. जब मैं बल्लेबाजी कर रहा था, तो मुझ पर बाउंसर फेंकी गईं. जब मैं वापस गया, तो उस समय मैंने सोचा था कि हमारी बारी भी आएगी और हम भी बाउंसर डाल सकते हैं. भुवी : क्या इसमें मजा आया? उमेश : बहुत मजा आया. जब उनके गेंदबाज पैट कमिन्स ने बाउंसर डाले, तो मैंने सोचा कि हमने पहली पारी में बहुत कम बाउंसर किए हैं, इसलिए हमने दूसरी पारी में ज्यादा से ज्यादा बाउंसर करने की योजना बनाई. भुवी : क्या आप हमें रेनशॉ और वॉर्नर के दो विकटों के बारे में बता सकते हैं? उमेश : जब मैं बाउंसर कर रहा था, तो मुझे रनेशॉ असहज नजर आए और जब मैं बाउंसरों के बीच-बीच लेंथ पर हिट कर रहा था, तो वह चकमा खाते दिखे. उन्हें यह समझ में नहीं आ रहा था कि आगे जाऊं या पीछे हटूं. वॉर्नर सोच रहे थे कि मैं बैक लेंथ पर गेंद डालूंगा, लेकिन मैंने उन्हें इससे पहले काफी गेंदबाजी की हुई थी और मैंने तय किया कि इस बार उन्हें थोड़ा फुल लेंथ पर गेंद करनी होगी और मैंने यही किया. भुवी : क्या आपने वॉर्नर के साथ स्लेजिंग की थी? उमेश : वह बहुत जल्दी ही आउट हो गए, इसलिए मुझे उनके सआथ स्लेज करने का समय ही नहीं मिला. वैसे भी मैं स्लेजिंगल नहीं करता बल्कि एग्रेशन दिखाता हूं. इसके बाद स्विंग के उस्ताद भुवनेश्वर ने उमेश यादव के सवालों के जवाब दिए. भुवी ने भी दूसरी पारी में कंगारुओं को जमकर परेशान किया और बाउंसर फेंकते नजर आए...टिप्पणियां उमेश : वॉर्नर को बाउंसर करने को लेकर आपकी क्या योजना थी? भुवी : जब मैं बैटिंग कर रहा था, तो पैट कमिन्स गेंदबाजी कर रहे थे. उस समय वॉर्नर ने मुझसे पूछा कि ज्यादा तेज है! फिर जब मैंने उन्हें बाउंसर से परेशान किया, तो मैंने उनसे पूछा, 'ये वाला तेज था क्या.' मैंने पहले ही सोच लिया था कि जब मैं वॉर्नर को गेंदबाजी करूंगा, तो उनसे यही सवाल करूंगा. मुझे खुशी इस बात की हुई कि मैंने जैसे को तैसे वाला जवाब दिया. इसमें बहुत मजा आया. उमेश : आपने स्मिथ को जिस गेंद पर आउट किया, उसके पीछे क्या सोच थी? भुवी : वास्तव में उनके बारे में मैंने ज्यादा कुछ ननहीं सोचा था. वह जिस तरह से बैटिंग कर रहे थे, उसमें उन्हें गेंदबाजी करना थोड़ा मुश्किल काम था. ऐसी स्थिति में वह केवल इसी तरीके से आउट हो सकते थे. भुवी : आपने बाउंसर खुंदक (गुस्से) में की थीं या फिर ऐसा किसी योजना के तहत किया? उमेश : योजना भी थी और खुन्नस भी. जब मैं बल्लेबाजी कर रहा था, तो मुझ पर बाउंसर फेंकी गईं. जब मैं वापस गया, तो उस समय मैंने सोचा था कि हमारी बारी भी आएगी और हम भी बाउंसर डाल सकते हैं. भुवी : क्या इसमें मजा आया? उमेश : बहुत मजा आया. जब उनके गेंदबाज पैट कमिन्स ने बाउंसर डाले, तो मैंने सोचा कि हमने पहली पारी में बहुत कम बाउंसर किए हैं, इसलिए हमने दूसरी पारी में ज्यादा से ज्यादा बाउंसर करने की योजना बनाई. भुवी : क्या आप हमें रेनशॉ और वॉर्नर के दो विकटों के बारे में बता सकते हैं? उमेश : जब मैं बाउंसर कर रहा था, तो मुझे रनेशॉ असहज नजर आए और जब मैं बाउंसरों के बीच-बीच लेंथ पर हिट कर रहा था, तो वह चकमा खाते दिखे. उन्हें यह समझ में नहीं आ रहा था कि आगे जाऊं या पीछे हटूं. वॉर्नर सोच रहे थे कि मैं बैक लेंथ पर गेंद डालूंगा, लेकिन मैंने उन्हें इससे पहले काफी गेंदबाजी की हुई थी और मैंने तय किया कि इस बार उन्हें थोड़ा फुल लेंथ पर गेंद करनी होगी और मैंने यही किया. भुवी : क्या आपने वॉर्नर के साथ स्लेजिंग की थी? उमेश : वह बहुत जल्दी ही आउट हो गए, इसलिए मुझे उनके सआथ स्लेज करने का समय ही नहीं मिला. वैसे भी मैं स्लेजिंगल नहीं करता बल्कि एग्रेशन दिखाता हूं. इसके बाद स्विंग के उस्ताद भुवनेश्वर ने उमेश यादव के सवालों के जवाब दिए. भुवी ने भी दूसरी पारी में कंगारुओं को जमकर परेशान किया और बाउंसर फेंकते नजर आए...टिप्पणियां उमेश : वॉर्नर को बाउंसर करने को लेकर आपकी क्या योजना थी? भुवी : जब मैं बैटिंग कर रहा था, तो पैट कमिन्स गेंदबाजी कर रहे थे. उस समय वॉर्नर ने मुझसे पूछा कि ज्यादा तेज है! फिर जब मैंने उन्हें बाउंसर से परेशान किया, तो मैंने उनसे पूछा, 'ये वाला तेज था क्या.' मैंने पहले ही सोच लिया था कि जब मैं वॉर्नर को गेंदबाजी करूंगा, तो उनसे यही सवाल करूंगा. मुझे खुशी इस बात की हुई कि मैंने जैसे को तैसे वाला जवाब दिया. इसमें बहुत मजा आया. उमेश : आपने स्मिथ को जिस गेंद पर आउट किया, उसके पीछे क्या सोच थी? भुवी : वास्तव में उनके बारे में मैंने ज्यादा कुछ ननहीं सोचा था. वह जिस तरह से बैटिंग कर रहे थे, उसमें उन्हें गेंदबाजी करना थोड़ा मुश्किल काम था. ऐसी स्थिति में वह केवल इसी तरीके से आउट हो सकते थे. भुवी : क्या इसमें मजा आया? उमेश : बहुत मजा आया. जब उनके गेंदबाज पैट कमिन्स ने बाउंसर डाले, तो मैंने सोचा कि हमने पहली पारी में बहुत कम बाउंसर किए हैं, इसलिए हमने दूसरी पारी में ज्यादा से ज्यादा बाउंसर करने की योजना बनाई. भुवी : क्या आप हमें रेनशॉ और वॉर्नर के दो विकटों के बारे में बता सकते हैं? उमेश : जब मैं बाउंसर कर रहा था, तो मुझे रनेशॉ असहज नजर आए और जब मैं बाउंसरों के बीच-बीच लेंथ पर हिट कर रहा था, तो वह चकमा खाते दिखे. उन्हें यह समझ में नहीं आ रहा था कि आगे जाऊं या पीछे हटूं. वॉर्नर सोच रहे थे कि मैं बैक लेंथ पर गेंद डालूंगा, लेकिन मैंने उन्हें इससे पहले काफी गेंदबाजी की हुई थी और मैंने तय किया कि इस बार उन्हें थोड़ा फुल लेंथ पर गेंद करनी होगी और मैंने यही किया. भुवी : क्या आपने वॉर्नर के साथ स्लेजिंग की थी? उमेश : वह बहुत जल्दी ही आउट हो गए, इसलिए मुझे उनके सआथ स्लेज करने का समय ही नहीं मिला. वैसे भी मैं स्लेजिंगल नहीं करता बल्कि एग्रेशन दिखाता हूं. इसके बाद स्विंग के उस्ताद भुवनेश्वर ने उमेश यादव के सवालों के जवाब दिए. भुवी ने भी दूसरी पारी में कंगारुओं को जमकर परेशान किया और बाउंसर फेंकते नजर आए...टिप्पणियां उमेश : वॉर्नर को बाउंसर करने को लेकर आपकी क्या योजना थी? भुवी : जब मैं बैटिंग कर रहा था, तो पैट कमिन्स गेंदबाजी कर रहे थे. उस समय वॉर्नर ने मुझसे पूछा कि ज्यादा तेज है! फिर जब मैंने उन्हें बाउंसर से परेशान किया, तो मैंने उनसे पूछा, 'ये वाला तेज था क्या.' मैंने पहले ही सोच लिया था कि जब मैं वॉर्नर को गेंदबाजी करूंगा, तो उनसे यही सवाल करूंगा. मुझे खुशी इस बात की हुई कि मैंने जैसे को तैसे वाला जवाब दिया. इसमें बहुत मजा आया. उमेश : आपने स्मिथ को जिस गेंद पर आउट किया, उसके पीछे क्या सोच थी? भुवी : वास्तव में उनके बारे में मैंने ज्यादा कुछ ननहीं सोचा था. वह जिस तरह से बैटिंग कर रहे थे, उसमें उन्हें गेंदबाजी करना थोड़ा मुश्किल काम था. ऐसी स्थिति में वह केवल इसी तरीके से आउट हो सकते थे. भुवी : क्या आप हमें रेनशॉ और वॉर्नर के दो विकटों के बारे में बता सकते हैं? उमेश : जब मैं बाउंसर कर रहा था, तो मुझे रनेशॉ असहज नजर आए और जब मैं बाउंसरों के बीच-बीच लेंथ पर हिट कर रहा था, तो वह चकमा खाते दिखे. उन्हें यह समझ में नहीं आ रहा था कि आगे जाऊं या पीछे हटूं. वॉर्नर सोच रहे थे कि मैं बैक लेंथ पर गेंद डालूंगा, लेकिन मैंने उन्हें इससे पहले काफी गेंदबाजी की हुई थी और मैंने तय किया कि इस बार उन्हें थोड़ा फुल लेंथ पर गेंद करनी होगी और मैंने यही किया. भुवी : क्या आपने वॉर्नर के साथ स्लेजिंग की थी? उमेश : वह बहुत जल्दी ही आउट हो गए, इसलिए मुझे उनके सआथ स्लेज करने का समय ही नहीं मिला. वैसे भी मैं स्लेजिंगल नहीं करता बल्कि एग्रेशन दिखाता हूं. इसके बाद स्विंग के उस्ताद भुवनेश्वर ने उमेश यादव के सवालों के जवाब दिए. भुवी ने भी दूसरी पारी में कंगारुओं को जमकर परेशान किया और बाउंसर फेंकते नजर आए...टिप्पणियां उमेश : वॉर्नर को बाउंसर करने को लेकर आपकी क्या योजना थी? भुवी : जब मैं बैटिंग कर रहा था, तो पैट कमिन्स गेंदबाजी कर रहे थे. उस समय वॉर्नर ने मुझसे पूछा कि ज्यादा तेज है! फिर जब मैंने उन्हें बाउंसर से परेशान किया, तो मैंने उनसे पूछा, 'ये वाला तेज था क्या.' मैंने पहले ही सोच लिया था कि जब मैं वॉर्नर को गेंदबाजी करूंगा, तो उनसे यही सवाल करूंगा. मुझे खुशी इस बात की हुई कि मैंने जैसे को तैसे वाला जवाब दिया. इसमें बहुत मजा आया. उमेश : आपने स्मिथ को जिस गेंद पर आउट किया, उसके पीछे क्या सोच थी? भुवी : वास्तव में उनके बारे में मैंने ज्यादा कुछ ननहीं सोचा था. वह जिस तरह से बैटिंग कर रहे थे, उसमें उन्हें गेंदबाजी करना थोड़ा मुश्किल काम था. ऐसी स्थिति में वह केवल इसी तरीके से आउट हो सकते थे. भुवी : क्या आपने वॉर्नर के साथ स्लेजिंग की थी? उमेश : वह बहुत जल्दी ही आउट हो गए, इसलिए मुझे उनके सआथ स्लेज करने का समय ही नहीं मिला. वैसे भी मैं स्लेजिंगल नहीं करता बल्कि एग्रेशन दिखाता हूं. इसके बाद स्विंग के उस्ताद भुवनेश्वर ने उमेश यादव के सवालों के जवाब दिए. भुवी ने भी दूसरी पारी में कंगारुओं को जमकर परेशान किया और बाउंसर फेंकते नजर आए...टिप्पणियां उमेश : वॉर्नर को बाउंसर करने को लेकर आपकी क्या योजना थी? भुवी : जब मैं बैटिंग कर रहा था, तो पैट कमिन्स गेंदबाजी कर रहे थे. उस समय वॉर्नर ने मुझसे पूछा कि ज्यादा तेज है! फिर जब मैंने उन्हें बाउंसर से परेशान किया, तो मैंने उनसे पूछा, 'ये वाला तेज था क्या.' मैंने पहले ही सोच लिया था कि जब मैं वॉर्नर को गेंदबाजी करूंगा, तो उनसे यही सवाल करूंगा. मुझे खुशी इस बात की हुई कि मैंने जैसे को तैसे वाला जवाब दिया. इसमें बहुत मजा आया. उमेश : आपने स्मिथ को जिस गेंद पर आउट किया, उसके पीछे क्या सोच थी? भुवी : वास्तव में उनके बारे में मैंने ज्यादा कुछ ननहीं सोचा था. वह जिस तरह से बैटिंग कर रहे थे, उसमें उन्हें गेंदबाजी करना थोड़ा मुश्किल काम था. ऐसी स्थिति में वह केवल इसी तरीके से आउट हो सकते थे. इसके बाद स्विंग के उस्ताद भुवनेश्वर ने उमेश यादव के सवालों के जवाब दिए. भुवी ने भी दूसरी पारी में कंगारुओं को जमकर परेशान किया और बाउंसर फेंकते नजर आए...टिप्पणियां उमेश : वॉर्नर को बाउंसर करने को लेकर आपकी क्या योजना थी? भुवी : जब मैं बैटिंग कर रहा था, तो पैट कमिन्स गेंदबाजी कर रहे थे. उस समय वॉर्नर ने मुझसे पूछा कि ज्यादा तेज है! फिर जब मैंने उन्हें बाउंसर से परेशान किया, तो मैंने उनसे पूछा, 'ये वाला तेज था क्या.' मैंने पहले ही सोच लिया था कि जब मैं वॉर्नर को गेंदबाजी करूंगा, तो उनसे यही सवाल करूंगा. मुझे खुशी इस बात की हुई कि मैंने जैसे को तैसे वाला जवाब दिया. इसमें बहुत मजा आया. उमेश : आपने स्मिथ को जिस गेंद पर आउट किया, उसके पीछे क्या सोच थी? भुवी : वास्तव में उनके बारे में मैंने ज्यादा कुछ ननहीं सोचा था. वह जिस तरह से बैटिंग कर रहे थे, उसमें उन्हें गेंदबाजी करना थोड़ा मुश्किल काम था. ऐसी स्थिति में वह केवल इसी तरीके से आउट हो सकते थे. उमेश : वॉर्नर को बाउंसर करने को लेकर आपकी क्या योजना थी? भुवी : जब मैं बैटिंग कर रहा था, तो पैट कमिन्स गेंदबाजी कर रहे थे. उस समय वॉर्नर ने मुझसे पूछा कि ज्यादा तेज है! फिर जब मैंने उन्हें बाउंसर से परेशान किया, तो मैंने उनसे पूछा, 'ये वाला तेज था क्या.' मैंने पहले ही सोच लिया था कि जब मैं वॉर्नर को गेंदबाजी करूंगा, तो उनसे यही सवाल करूंगा. मुझे खुशी इस बात की हुई कि मैंने जैसे को तैसे वाला जवाब दिया. इसमें बहुत मजा आया. उमेश : आपने स्मिथ को जिस गेंद पर आउट किया, उसके पीछे क्या सोच थी? भुवी : वास्तव में उनके बारे में मैंने ज्यादा कुछ ननहीं सोचा था. वह जिस तरह से बैटिंग कर रहे थे, उसमें उन्हें गेंदबाजी करना थोड़ा मुश्किल काम था. ऐसी स्थिति में वह केवल इसी तरीके से आउट हो सकते थे. उमेश : आपने स्मिथ को जिस गेंद पर आउट किया, उसके पीछे क्या सोच थी? भुवी : वास्तव में उनके बारे में मैंने ज्यादा कुछ ननहीं सोचा था. वह जिस तरह से बैटिंग कर रहे थे, उसमें उन्हें गेंदबाजी करना थोड़ा मुश्किल काम था. ऐसी स्थिति में वह केवल इसी तरीके से आउट हो सकते थे.
सारांश: उमेश यादव ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 17 विकेट लिए भुवनेश्वर कुमार ने भी शानदार गेंदबाजी की टीम इंडिया ने सीरीज पर 2-1 से कब्जा कर लिया
31
['hin']
एक सारांश बनाओ: यूपीए के सहयोगी दलों में मतभेदों के बीच कैबिनेट ने महत्वपूर्ण पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण विधेयक, 2011 में बदलाव पर फैसला टाल दिया है।टिप्पणियां कैबिनेट बैठक के बाद एक मंत्री ने बताया कि विधेयक पर विचार किया गया, लेकिन फैसला टाल दिया गया। सूत्रों ने बताया कि यूपीए के सहयोगियों में तृणमूल कांग्रेस पेंशन और बीमा सुधारों का मुखर विरोध कर रही है। यूपीए में तृणमूल का प्रतिनिधित्व करने वाले रेल मंत्री मुकुल रॉय कैबिनेट बैठक के दौरान इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोले। एजेंडा के मुताबिक कैबिनेट को विधेयक में बदलावों को मंजूरी देनी थी, ताकि अगले महीने से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र के दौरान इसे पारित कराया जा सके। सूत्रों ने बताया कि कैबिनेट को पेंशन फंड ग्राहकों को सुनिश्चित आय देने संबंधी प्रस्ताव पर विचार करना था। इस बारे में बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने सुझाव दिया था। विधेयक को लोकसभा में 24 मार्च, 2011 को पेश किया गया था। विधेयक एक वैधानिक प्राधिकरण के गठन का प्रावधान करता है, ताकि पेंशन फंड में प्रोत्साहन, विकास एवं नियामक कामकाज हो सकें। 2003 से आंतरिक पेंशन फंड नियामक विकास प्राधिकरण काम कर रहा है। इसका गठन सरकारी आदेश के जरिए किया गया था। कैबिनेट बैठक के बाद एक मंत्री ने बताया कि विधेयक पर विचार किया गया, लेकिन फैसला टाल दिया गया। सूत्रों ने बताया कि यूपीए के सहयोगियों में तृणमूल कांग्रेस पेंशन और बीमा सुधारों का मुखर विरोध कर रही है। यूपीए में तृणमूल का प्रतिनिधित्व करने वाले रेल मंत्री मुकुल रॉय कैबिनेट बैठक के दौरान इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोले। एजेंडा के मुताबिक कैबिनेट को विधेयक में बदलावों को मंजूरी देनी थी, ताकि अगले महीने से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र के दौरान इसे पारित कराया जा सके। सूत्रों ने बताया कि कैबिनेट को पेंशन फंड ग्राहकों को सुनिश्चित आय देने संबंधी प्रस्ताव पर विचार करना था। इस बारे में बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने सुझाव दिया था। विधेयक को लोकसभा में 24 मार्च, 2011 को पेश किया गया था। विधेयक एक वैधानिक प्राधिकरण के गठन का प्रावधान करता है, ताकि पेंशन फंड में प्रोत्साहन, विकास एवं नियामक कामकाज हो सकें। 2003 से आंतरिक पेंशन फंड नियामक विकास प्राधिकरण काम कर रहा है। इसका गठन सरकारी आदेश के जरिए किया गया था। एजेंडा के मुताबिक कैबिनेट को विधेयक में बदलावों को मंजूरी देनी थी, ताकि अगले महीने से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र के दौरान इसे पारित कराया जा सके। सूत्रों ने बताया कि कैबिनेट को पेंशन फंड ग्राहकों को सुनिश्चित आय देने संबंधी प्रस्ताव पर विचार करना था। इस बारे में बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने सुझाव दिया था। विधेयक को लोकसभा में 24 मार्च, 2011 को पेश किया गया था। विधेयक एक वैधानिक प्राधिकरण के गठन का प्रावधान करता है, ताकि पेंशन फंड में प्रोत्साहन, विकास एवं नियामक कामकाज हो सकें। 2003 से आंतरिक पेंशन फंड नियामक विकास प्राधिकरण काम कर रहा है। इसका गठन सरकारी आदेश के जरिए किया गया था।
यूपीए के सहयोगी दलों में मतभेदों के बीच कैबिनेट ने महत्वपूर्ण पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण विधेयक, 2011 में बदलाव पर फैसला टाल दिया है।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान और चीन द्वारा परमाणु हथियारों की अपनी क्षमता में वृद्धि की खबरों के बीच सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह ने रविवार को कहा कि परमाणु हथियार युद्ध के लिए नहीं हैं, बल्कि इनका 'रणनीतिक महत्व' है। सेना दिवस पर पाकिस्तान और चीन द्वारा अपने परमाणु शस्त्रागार में वृद्धि से सम्बिंधत प्रश्न के जवाब में सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि उनका (परमाणु हथियारों को) रणनीतिक महत्व है और यहां इसका अंत हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह और उनकी सेना इसे लेकर चिंतित नहीं है कि किसके पास परमाणु हथियार हैं।"टिप्पणियां उन्होंने यह भी साफ किया कि भारत पहले परमाणु हथियारों के इस्तेमाल न करने के अपने सिद्धांत पर कायम है। सिंह का यह बयान परमाणु सुरक्षा सम्मेलन के अधिकारियों की बैठक से एक दिन पहले आया है, जिसमें परमाणु आतंकवाद और परमाणु सामग्री तथा प्रतिष्ठानों से सम्बंधित मुद्दों पर चर्चा होगी। सेना दिवस पर पाकिस्तान और चीन द्वारा अपने परमाणु शस्त्रागार में वृद्धि से सम्बिंधत प्रश्न के जवाब में सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि उनका (परमाणु हथियारों को) रणनीतिक महत्व है और यहां इसका अंत हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह और उनकी सेना इसे लेकर चिंतित नहीं है कि किसके पास परमाणु हथियार हैं।"टिप्पणियां उन्होंने यह भी साफ किया कि भारत पहले परमाणु हथियारों के इस्तेमाल न करने के अपने सिद्धांत पर कायम है। सिंह का यह बयान परमाणु सुरक्षा सम्मेलन के अधिकारियों की बैठक से एक दिन पहले आया है, जिसमें परमाणु आतंकवाद और परमाणु सामग्री तथा प्रतिष्ठानों से सम्बंधित मुद्दों पर चर्चा होगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि भारत पहले परमाणु हथियारों के इस्तेमाल न करने के अपने सिद्धांत पर कायम है। सिंह का यह बयान परमाणु सुरक्षा सम्मेलन के अधिकारियों की बैठक से एक दिन पहले आया है, जिसमें परमाणु आतंकवाद और परमाणु सामग्री तथा प्रतिष्ठानों से सम्बंधित मुद्दों पर चर्चा होगी। सिंह का यह बयान परमाणु सुरक्षा सम्मेलन के अधिकारियों की बैठक से एक दिन पहले आया है, जिसमें परमाणु आतंकवाद और परमाणु सामग्री तथा प्रतिष्ठानों से सम्बंधित मुद्दों पर चर्चा होगी।
पाकिस्तान और चीन द्वारा परमाणु हथियारों की अपनी क्षमता में वृद्धि की खबरों के बीच सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह ने कहा कि परमाणु हथियार युद्ध के लिए नहीं हैं, बल्कि इनका 'रणनीतिक महत्व' है।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: समाजवादी के वरिष्ठ नेता एवं उत्तर प्रदेश एग्रो के अध्यक्ष धनीराम वर्मा का लंबी बीमारी के बाद संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे।टिप्पणियां वर्मा के परिवार में तीन पुत्र एवं एक पुत्री है। वह विधूना और ओरैया विधानसभा क्षेत्रों से पांच बार विधायक रहे थे। वह विधानसभा अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का भी दायित्व निभा चुके थे। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव एवं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने वर्मा के निधन पर शोक प्रकट किया है और उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। वर्मा के परिवार में तीन पुत्र एवं एक पुत्री है। वह विधूना और ओरैया विधानसभा क्षेत्रों से पांच बार विधायक रहे थे। वह विधानसभा अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का भी दायित्व निभा चुके थे। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव एवं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने वर्मा के निधन पर शोक प्रकट किया है और उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव एवं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने वर्मा के निधन पर शोक प्रकट किया है और उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: समाजवादी के वरिष्ठ नेता एवं उत्तर प्रदेश एग्रो के अध्यक्ष धनीराम वर्मा का लंबी बीमारी के बाद संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे।
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दुल्हन मीना ने बताया कि बचपन में ही वह पोलियो की शिकार हो गईं थीं, जिसके चलते उनके दोनों पैर काम नहीं करते हैं. उन्होंने बताया कि पहले तो घर वालों ने सामान्य लड़के से उसकी शादी करानी चाही पर बात नहीं बनी. बाद में कई दिव्यांग लड़के से भी शादी की बात चलाई गई, लेकिन अंजाम तक नहीं पहुंच पाया. पिछले दो-तीन साल से तो उसने मान लिया था कि अब उसकी शादी नहीं होगी.  मां के इलाके बहाने डॉक्टर समीरन से मीना की मुलाकात हुई और दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे. मीना कहती हैं वह खुशनसीब है कि उन्हें जीवन में समीरन जैसा प्यार करने वाला जीवनसाथी मिला. वहीं समीरन का कहना है कि मीना दिल की बहुत ही अच्छी हैं, उसकी सादगी और सच्चाई उसके दिल को छू गई थी, शायद यही वह वजह थी कि उन्होंने मीना को प्रपोज किया था. मां के इलाके बहाने डॉक्टर समीरन से मीना की मुलाकात हुई और दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे. मीना कहती हैं वह खुशनसीब है कि उन्हें जीवन में समीरन जैसा प्यार करने वाला जीवनसाथी मिला. वहीं समीरन का कहना है कि मीना दिल की बहुत ही अच्छी हैं, उसकी सादगी और सच्चाई उसके दिल को छू गई थी, शायद यही वह वजह थी कि उन्होंने मीना को प्रपोज किया था.
यहाँ एक सारांश है:दुल्हन की मां का इलाज करने पहुंचे थे डॉक्टर, तभी हुआ प्यार इस अनोखी शादी में नहीं दिखा कोई तामझाम कोर्ट में इस जोड़े को आर्शीवाद देने वालों का लगा तांता
18
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय अर्थव्यवस्था के समक्ष पुन: फिसल कर उदारीकरण के पूर्व के निम्न वृद्धि दर के दौर में फंसने का खतरा मंडरा रहा है जिसे ‘हिंदू वृद्धि दर’ भी कहा जाता है। वित्तीय सेवा कंपनी मॉर्गन स्टेनले की एक रिपोर्ट में आगाह किया गया है कि यदि कमजोर वृद्धि का यह रख चार-पांच तिमाहियों तक और जारी रहता है, तो अर्थव्यवस्था की रफ्तार घटकर 3.5 से चार प्रतिशत पर आ सकती है।टिप्पणियां मॉर्गन स्टेनले एशिया के मुख्य अर्थशास्त्री चेतन अहया की रिपोर्ट में चेताया गया है कि हाल के मौद्रिक रुख को कड़ा करने के उपायों तथा वैश्विक पूंजी बाजार में अनिश्चितता का मतलब है कि वृद्धि दर अभी कम से कम दो तिमाहियों में निचले स्तर पर रहेगी। ‘‘यदि गिरावट का यह रुख चार-पांच तिमाहियों तक जारी रहता है, तो अर्थव्यस्था और कमजोर होगी और इससे सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 3.5 से 4 फीसद पर आने का जोखिम बनेगा।’’ इसमें यह भी कहा गया है कि दिसंबर, 2012 तथा मार्च, 2013 की तिमाहियों में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर पांच प्रतिशत से कम रही है और इसमें चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं है। वित्तीय सेवा कंपनी मॉर्गन स्टेनले की एक रिपोर्ट में आगाह किया गया है कि यदि कमजोर वृद्धि का यह रख चार-पांच तिमाहियों तक और जारी रहता है, तो अर्थव्यवस्था की रफ्तार घटकर 3.5 से चार प्रतिशत पर आ सकती है।टिप्पणियां मॉर्गन स्टेनले एशिया के मुख्य अर्थशास्त्री चेतन अहया की रिपोर्ट में चेताया गया है कि हाल के मौद्रिक रुख को कड़ा करने के उपायों तथा वैश्विक पूंजी बाजार में अनिश्चितता का मतलब है कि वृद्धि दर अभी कम से कम दो तिमाहियों में निचले स्तर पर रहेगी। ‘‘यदि गिरावट का यह रुख चार-पांच तिमाहियों तक जारी रहता है, तो अर्थव्यस्था और कमजोर होगी और इससे सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 3.5 से 4 फीसद पर आने का जोखिम बनेगा।’’ इसमें यह भी कहा गया है कि दिसंबर, 2012 तथा मार्च, 2013 की तिमाहियों में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर पांच प्रतिशत से कम रही है और इसमें चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं है। मॉर्गन स्टेनले एशिया के मुख्य अर्थशास्त्री चेतन अहया की रिपोर्ट में चेताया गया है कि हाल के मौद्रिक रुख को कड़ा करने के उपायों तथा वैश्विक पूंजी बाजार में अनिश्चितता का मतलब है कि वृद्धि दर अभी कम से कम दो तिमाहियों में निचले स्तर पर रहेगी। ‘‘यदि गिरावट का यह रुख चार-पांच तिमाहियों तक जारी रहता है, तो अर्थव्यस्था और कमजोर होगी और इससे सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 3.5 से 4 फीसद पर आने का जोखिम बनेगा।’’ इसमें यह भी कहा गया है कि दिसंबर, 2012 तथा मार्च, 2013 की तिमाहियों में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर पांच प्रतिशत से कम रही है और इसमें चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं है। इसमें यह भी कहा गया है कि दिसंबर, 2012 तथा मार्च, 2013 की तिमाहियों में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर पांच प्रतिशत से कम रही है और इसमें चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं है।
सारांश: भारतीय अर्थव्यवस्था के समक्ष पुन: फिसल कर उदारीकरण के पूर्व के निम्न वृद्धि दर के दौर में फंसने का खतरा मंडरा रहा है जिसे ‘हिंदू वृद्धि दर’ भी कहा जाता है।
31
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: यूरोपीय संकट का मजबूत और विश्वसनीय समाधान सबके हित में है और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के जरिए वैश्विक समुदाय इस दिशा में प्रयास कर रहा है। यह बात अमेरिकी वित्तमंत्री टिमोथी गेटनर ने कही। गेटनर ने व्हाइट हाउस में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मुझे लगता है कि यूरोप फिलहाल जैसे वित्तीय दबाव में है और उसके मजबूत और विश्वसनीय समाधान में हम सबका हित है। यह सिर्फ अमेरिका की बात नहीं है, न ही सिर्फ यूरोपीयों की। उन्होंने कहा कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था उन वित्तीय दबावों के विवेकपूर्ण हल पर निर्भर करती है। वित्तमंत्री ने कल कहा कि आपने विश्व के सभी देशों को आईएमएफ के जरिए यूरोप की चुनौतियों में महत्वपूर्ण योगदान करते देखा है। इससे स्पष्ट है कि यूरोप की वित्तीय स्थिरता और बेहतर वृद्धि से हम सब संबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि यूरोप भारी दबाव में है और उसे बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे अमेरिका प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि इससे यहां और विश्व भर में भरोसा प्रभावित हो रहा है। सिर्फ यूरोप में ही नहीं।
संक्षिप्त पाठ: यूरोपीय संकट का मजबूत और विश्वसनीय समाधान सबके हित में है और आईएमएफ के जरिए वैश्विक समुदाय इस दिशा में प्रयास कर रहा है।
14
['hin']
एक सारांश बनाओ: जीका वायरस से ग्रस्त अहमदाबाद के बापूनगर इलाके के लोग सरकार से नाराज हैं. लोगों का आरोप है कि सरकार ने जीका के बारे में जानकारी न देकर उनकी जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया है. जीका के संक्रमण के बारे में न तो बताया गया न ही स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए समय पर जरूरी कदम उठाए गए. खुशकिस्मती से जीका का प्रकोप महामारी नहीं बन सका वरना इस इलाके के लोगों को प्रशासन की लापरवाही का भारी खामियाजा भुगतना पड़ता.   निकिता पिछले 20 सालों से बापूनगर के गोललीमडा इलाके में रहती हैं. जब भी बाहर निकलती हैं कचरे की बदबू से मुंह ढंककर चलना पड़ता है. उनका आरोप है कि सरकार ने उनके इलाके में कभी भी सफाई और स्वास्थ्य को लेकर संजीदगी नहीं दिखाई. यह भी आरोप है कि जिस वक्त जीका वायरस सामने आने की बात आई तब भी इस इलाके में सफाई या स्वास्थ्य को लेकर कोई काम नहीं हुआ था. सरकार ने कहा है कि जीका लोगों में भय फैलाता इसलिए लोगों को नहीं बताया लेकिन एहतियात के सभी कदम उठाए गए थे. करीब 1.25 लाख लोगों के ब्लड सेम्पल लिए गए थे और इस पूरे इलाके में मच्छरों के नाश के लिए बड़े पैमाने पर कार्यवाही की गई थी. हालांकि लोगों का आरोप है कि इस इलाके को कभी भी प्रशासन ने महत्व नहीं दिया. पिछले कई महिनों से इस इलाके में गंदगी बरकरार है. मच्छरों की उत्पत्ति के स्त्रोत बिखरे रहते हैं लेकिन प्रशासन कभी सफाई नहीं करता है. कई गलियों के मुंहाने पर कचरे के ढेर पड़े रहते हैं. सरकार रोज-ब-रोज कचरा उठाने का मूलभूत काम भी नहीं करती क्योंकि यह गरीब इलाका है. स्थानीय निवासी नवीन मोरधरा का आरोप है कि यह इलाका गरीब है इसलिए प्रशासन इसकी तरफ नजर नहीं घुमाता. सफाई वगैरह के ज्यादातर काम शहर के पश्चिमी इलाके में होते हैं, जहां शहर के अमीर लोग रहते हैं.टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने पूरे मसले पर म्युनिसिपल कार्पोरेशन को भी अंधेरे में रखा था. इसीलिए यहां के स्थानीय काउंसलर कांग्रेस के जेडी पटेल का भी आरोप है कि जब पता ही नहीं था तो प्रशासन ने सर्वेलेंस कब किया और जांच कब की. उनके मुताबिक इस पूरे इलाके में जीका वायरस के संक्रमण के वक्त भी कोई स्वास्थ्य एहतियात बरती ही नहीं गई. जो भी आंकड़े बता रहे हैं अधिकारियों ने वे टेबल पर बैठकर बनाए हैं. लोगों का कहना है कि सरकार ने यह जानकारी छुपाकर उनके साथ धोखा किया है. लोग खुशकिस्मत रहे कि रोग और फैला नहीं और यह एक महामारी नहीं बन पाया. निकिता पिछले 20 सालों से बापूनगर के गोललीमडा इलाके में रहती हैं. जब भी बाहर निकलती हैं कचरे की बदबू से मुंह ढंककर चलना पड़ता है. उनका आरोप है कि सरकार ने उनके इलाके में कभी भी सफाई और स्वास्थ्य को लेकर संजीदगी नहीं दिखाई. यह भी आरोप है कि जिस वक्त जीका वायरस सामने आने की बात आई तब भी इस इलाके में सफाई या स्वास्थ्य को लेकर कोई काम नहीं हुआ था. सरकार ने कहा है कि जीका लोगों में भय फैलाता इसलिए लोगों को नहीं बताया लेकिन एहतियात के सभी कदम उठाए गए थे. करीब 1.25 लाख लोगों के ब्लड सेम्पल लिए गए थे और इस पूरे इलाके में मच्छरों के नाश के लिए बड़े पैमाने पर कार्यवाही की गई थी. हालांकि लोगों का आरोप है कि इस इलाके को कभी भी प्रशासन ने महत्व नहीं दिया. पिछले कई महिनों से इस इलाके में गंदगी बरकरार है. मच्छरों की उत्पत्ति के स्त्रोत बिखरे रहते हैं लेकिन प्रशासन कभी सफाई नहीं करता है. कई गलियों के मुंहाने पर कचरे के ढेर पड़े रहते हैं. सरकार रोज-ब-रोज कचरा उठाने का मूलभूत काम भी नहीं करती क्योंकि यह गरीब इलाका है. स्थानीय निवासी नवीन मोरधरा का आरोप है कि यह इलाका गरीब है इसलिए प्रशासन इसकी तरफ नजर नहीं घुमाता. सफाई वगैरह के ज्यादातर काम शहर के पश्चिमी इलाके में होते हैं, जहां शहर के अमीर लोग रहते हैं.टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने पूरे मसले पर म्युनिसिपल कार्पोरेशन को भी अंधेरे में रखा था. इसीलिए यहां के स्थानीय काउंसलर कांग्रेस के जेडी पटेल का भी आरोप है कि जब पता ही नहीं था तो प्रशासन ने सर्वेलेंस कब किया और जांच कब की. उनके मुताबिक इस पूरे इलाके में जीका वायरस के संक्रमण के वक्त भी कोई स्वास्थ्य एहतियात बरती ही नहीं गई. जो भी आंकड़े बता रहे हैं अधिकारियों ने वे टेबल पर बैठकर बनाए हैं. लोगों का कहना है कि सरकार ने यह जानकारी छुपाकर उनके साथ धोखा किया है. लोग खुशकिस्मत रहे कि रोग और फैला नहीं और यह एक महामारी नहीं बन पाया. हालांकि लोगों का आरोप है कि इस इलाके को कभी भी प्रशासन ने महत्व नहीं दिया. पिछले कई महिनों से इस इलाके में गंदगी बरकरार है. मच्छरों की उत्पत्ति के स्त्रोत बिखरे रहते हैं लेकिन प्रशासन कभी सफाई नहीं करता है. कई गलियों के मुंहाने पर कचरे के ढेर पड़े रहते हैं. सरकार रोज-ब-रोज कचरा उठाने का मूलभूत काम भी नहीं करती क्योंकि यह गरीब इलाका है. स्थानीय निवासी नवीन मोरधरा का आरोप है कि यह इलाका गरीब है इसलिए प्रशासन इसकी तरफ नजर नहीं घुमाता. सफाई वगैरह के ज्यादातर काम शहर के पश्चिमी इलाके में होते हैं, जहां शहर के अमीर लोग रहते हैं.टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने पूरे मसले पर म्युनिसिपल कार्पोरेशन को भी अंधेरे में रखा था. इसीलिए यहां के स्थानीय काउंसलर कांग्रेस के जेडी पटेल का भी आरोप है कि जब पता ही नहीं था तो प्रशासन ने सर्वेलेंस कब किया और जांच कब की. उनके मुताबिक इस पूरे इलाके में जीका वायरस के संक्रमण के वक्त भी कोई स्वास्थ्य एहतियात बरती ही नहीं गई. जो भी आंकड़े बता रहे हैं अधिकारियों ने वे टेबल पर बैठकर बनाए हैं. लोगों का कहना है कि सरकार ने यह जानकारी छुपाकर उनके साथ धोखा किया है. लोग खुशकिस्मत रहे कि रोग और फैला नहीं और यह एक महामारी नहीं बन पाया. स्थानीय निवासी नवीन मोरधरा का आरोप है कि यह इलाका गरीब है इसलिए प्रशासन इसकी तरफ नजर नहीं घुमाता. सफाई वगैरह के ज्यादातर काम शहर के पश्चिमी इलाके में होते हैं, जहां शहर के अमीर लोग रहते हैं.टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने पूरे मसले पर म्युनिसिपल कार्पोरेशन को भी अंधेरे में रखा था. इसीलिए यहां के स्थानीय काउंसलर कांग्रेस के जेडी पटेल का भी आरोप है कि जब पता ही नहीं था तो प्रशासन ने सर्वेलेंस कब किया और जांच कब की. उनके मुताबिक इस पूरे इलाके में जीका वायरस के संक्रमण के वक्त भी कोई स्वास्थ्य एहतियात बरती ही नहीं गई. जो भी आंकड़े बता रहे हैं अधिकारियों ने वे टेबल पर बैठकर बनाए हैं. लोगों का कहना है कि सरकार ने यह जानकारी छुपाकर उनके साथ धोखा किया है. लोग खुशकिस्मत रहे कि रोग और फैला नहीं और यह एक महामारी नहीं बन पाया. उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने पूरे मसले पर म्युनिसिपल कार्पोरेशन को भी अंधेरे में रखा था. इसीलिए यहां के स्थानीय काउंसलर कांग्रेस के जेडी पटेल का भी आरोप है कि जब पता ही नहीं था तो प्रशासन ने सर्वेलेंस कब किया और जांच कब की. उनके मुताबिक इस पूरे इलाके में जीका वायरस के संक्रमण के वक्त भी कोई स्वास्थ्य एहतियात बरती ही नहीं गई. जो भी आंकड़े बता रहे हैं अधिकारियों ने वे टेबल पर बैठकर बनाए हैं. लोगों का कहना है कि सरकार ने यह जानकारी छुपाकर उनके साथ धोखा किया है. लोग खुशकिस्मत रहे कि रोग और फैला नहीं और यह एक महामारी नहीं बन पाया. लोगों का कहना है कि सरकार ने यह जानकारी छुपाकर उनके साथ धोखा किया है. लोग खुशकिस्मत रहे कि रोग और फैला नहीं और यह एक महामारी नहीं बन पाया.
संक्षिप्त सारांश: सरकार पर इलाके में सफाई और स्वास्थ्य को लेकर संजीदगी नहीं बरतने का आरोप सरकार का कथन- जीका लोगों में भय फैलाता, इसलिए नहीं बताया गया सफाई में अमीर लोगों के इलाके को अहमियत देने का आरोप
8
['hin']
एक सारांश बनाओ: पीएन मिश्रा ने कहा कि हाई कोर्ट ने माना था कि मुस्लिम इस बाबत कोई सबूत नहीं दे पाए कि बाबर ने बनाया था. इस बाबत सबूत नहीं हैं कि 1528 में मस्जिद का निर्माण किया गया और न ही इस बात के सबूत हैं कि इसका निर्माण बाबर ने किया था. पीएन मिश्रा ने कहा कि यह तो स्पष्ट है कि मस्जिद को मंदिर के ऊपर बनाया गया था क्योंकि मंदिर के अवशेष उस जगह से मिले हैं. कुछ लोगों का मानना है कि मंदिर को गिराकर मस्जिद बनी जबकि कुछ लोगों का मानना है कि मंदिर को ध्वस्त करके मस्जिद बनाई गई.   पीएन मिश्रा ने कहा इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यह साबित नहीं हो पाया है कि विवादित जमीन पर मंदिर को तोड़कर मस्जिद का निर्माण बाबर ने कराया था या औरंगजेब ने? मिश्रा ने कहा कि बाबर विवादित जमीन का मालिक नहीं था. ऐसे में मेरा कहना है कि जब कोई सबूत ही नहीं है तो मुस्लिम पक्षकार को विवादित जमीन पर कब्जा या हिस्सेदारी नहीं दी जा सकती. मिश्रा ने कहा कि  बाबर ने मस्जिद का निर्माण नहीं कराया था और न ही वह विवादित जमीन का मालिक था. जब बाबर जमीन का मालिक ही नहीं था तो सुन्नी वक्फ बोर्ड का मामले में दावा ही नहीं बनता. जस्टिस बोबडे ने पीएन मिश्रा से तीन बिंदु स्पष्ट करने के लिए कहा कि वहां पर एक ढांचा था इस बारे में कोई विवाद नहीं है, पर क्या वह ढांचा मस्जिद है या नहीं? बहस यह है. वह ढांचा किसको समर्पित था? पीएन मिश्रा ने कहा कि 1648 में शाहजहां का शासन था और औरंगजेब गुजरात का शासक था. इस पर मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने आपत्ति जताई. राजीव धवन ने कहा अब तक 24 बार मिश्रा संदर्भ से बाहर जाकर किस्से कहानियां सुना चुके हैं. जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि यह अपने तथ्यों को रख रहे हैं, लेकिन उन्होंने मिश्रा से भी कहा कि सिर्फ संदर्भ बताएं. पीएन मिश्रा ने कहा कि सिर्फ कोर्ट मुझे गाइड कर सकता है, मेरे साथी वकील नहीं. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि आप स्वतंत्र हैं अपने तथ्य रखने को, आप आपका पक्ष रखें. मिश्रा ने कहा कि इस बात के सबूत नहीं हैं कि मस्जिद का निर्माण बाबर ने कराया था. जस्टिस बोबड़े ने पूछा इसका मतलब है कि बाबर जमीन का मालिक नहीं था? पीएन मिश्रा ने कहा कि हाईकोर्ट ने बहुमत से माना था कि इस बात के सबूत नहीं हैं कि बाबर जमीन का मालिक था. उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट ने माना था कि मस्जिद का निर्माण मंदिर को नष्ट कर किया गया था. हाई कोर्ट ने माना था कि मस्जिद का निर्माण मंदिर को ध्वस्त कर किया गया था. बाबर के कहने पर मीर बाकी ने निर्माण किया था. जस्टिस चंद्रचूड़ ने पूछा कि इसका मतलब है कि हाईकोर्ट ने बहुमत से यह माना था कि इस बात के सबूत नहीं कि मस्जिद का निर्माण बाबर ने कराया था? मिश्रा ने कहा कि हां, इस बात के सबूत नहीं हैं कि मस्जिद का निर्माण बाबर ने कराया था. पीएन मिश्रा ने मस्जिद बनाने के बारे में बहस की कि इस्लाम में मस्जिद बनाने के क्या कानून हैं. एक मस्जिद उसी जगह पर बनाई जा सकती है जब उसका मालिक मस्जिद बनाने की इजाजत दे. वक़्फ़ को दी गई जमीन मालिक की होनी चहिए. मिश्रा ने कहा कि कुरान में यह नहीं बताया गया कि इस तरह की ज़मीन पर मस्जिद बनाई जा सकती है. मिश्रा ने कहा कि इस्लाम के अनुसार दूसरे के पूजा स्थल को गिराकर या ध्वस्त करके उस  स्थान पर मस्जिद नहीं बनाई जा सकती. ऐसी ज़मीन जिस पर दो लोगों का कब्ज़ा हो और एक मस्जिद बनाने का विरोध करे तो उस जमीन पर भी मस्जिद नहीं बनाई जा सकती. उन्होंने कहा कि किसी दूसरे धर्म स्थल को गिराकर उसका सामान इस्तेमाल करके मस्जिद बनाना मकरूह है.उन्होंने कहा कि यह सत्य है कि किसी दूसरे के धर्म स्थल को जबरदस्ती गिराकर उस पर मस्जिद नहीं बनाई जा सकती, मस्जिद अल्लाह की इबादत के लिए बनाई जाती है. पीएन मिश्रा ने कहा कि विवादित ढांचे को जुमे की नमाज के लिए 2-3 घंटे के लिए ही खोला जाता था. इस्लामिक कानून के अनुसार अगर कहीं मस्जिद में अजान होती है और दो समय की नमाज नहीं होती है तो वह मस्जिद नहीं रह जाती है. जस्टिस बोबडे ने पूछा कि क्या कोई राजा राज्य की संपत्ति से वक्फ बना सकता है या उसे पहले संपत्ति खरीदनी होगी? मिश्रा ने तारखी फिरोज शाही का हवाला देते हुए कहा कि विजित संपत्ति से विजेता पारिश्रमिक के रूप में 1/10 का मालिक है. और अपने पारिश्रमिक में से वह एक वक्फ बना सकता है. मिश्रा ने कहा कि 1860 तक अयोध्या में विवादित ढांचे में मुसलमानों के नमाज पढ़ने का कोई सबूत नहीं है. जस्टिस चंद्रचूड़ ने पूछा कि क्या कोई राजा किसी की संपत्ति को वक्फ कर सकता है?  मिश्रा ने ऐतिहासिक वाकये का हवाला देते हुए बादशाह और मुफ़्ती के बीच हुई बातचीत का जिक्र किया. इसका सार था कि राजा जजिया वसूल सकता है पर किसी की जमीन छीनकर वक्फ नहीं कर सकता. मिश्रा ने इस्लाम के इतिहास में हजरत मोहम्मद और उनके अनुयायियों के बीच खैबर में खरीदी ज़मीन को लेकर हुई बातचीत का ब्यौरा दिया. यानी ज़मीन खरीदकर ही आप मकबरा, मस्जिद या धार्मिक इमारत बना सकते हैं. जबरन धमकाकर, छीनकर या कब्ज़ा कर नहीं. मिश्रा ने कहा कि कोई कितना भी बड़ा राजा या हुक्मरान हो, इस्लाम के नियमों से अलग कुछ स्थापित नहीं कर सकता. कोई राजा कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, यह नहीं कह सकता कि हम चाहते हैं कि अब से हज हमारी सल्तनत में ही हो, ये नहीं हो सकता. मस्जिद में पांचों वक्त के साथ शुक्रवार की सामूहिक नमाज़ और अज़ान हो तभी उसकी मस्जिद के रूप में मान्यता रहती है. दो वक्त की नमाज़ का नागा हो गया तो मस्जिद की मान्यता नहीं होती. जजिया कर के ज़माने में भी तीन-तीन दिन तक जजिया के रूप में मुस्लिम सिपाही या लोग मंदिरों में नमाज़ अदा करते थे लेकिन इससे कभी मंदिर मस्जिद नहीं बना. क्योंकि जजिया के रूप में वह जगह नमाज़ पढ़ने के लिए ली जाती थी. सन 1860 तक जजिया कर लागू रहा. इसके एवज में मुगल और मुस्लिम मंदिरों की इमारत में नमाज़ पढ़ते रहे थे. कोर्ट ने पूछा कि जब मंदिरों की इमारत में नमाज़ हो सकती थी तो क्या मस्जिद की इमारत में पूजा नहीं हो सकती? मिश्रा ने कहा कि हिन्दू सदियों पहले से ही वहां पूजा करते रहे हैं. मुस्लिम तो बाद में जबरन वहां नमाज़ पढ़ने लगे. मामले की सुनवाई शुक्रवार को भी जारी रहेगी.
यहाँ एक सारांश है:इस बाबत सबूत नहीं हैं कि 1528 में मस्जिद का निर्माण किया गया हाई कोर्ट ने माना था कि मस्जिद का निर्माण मंदिर को नष्ट कर किया गया अगर कहीं अजान होती है और दो समय की नमाज नहीं होती तो वह मस्जिद नहीं
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: इन कंपनियों में इन्हीं लोगों के जानकर डायरेक्टर और मैनेजमेंट में दूसरे पदों पर थे. आज इन दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है. इससे पहले गिरफ्तार किए गए आम्रपाली के तीन निदेशक अनिल कुमार शर्मा, शिव प्रिया और अजय कुमार जेल में बंद हैं. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले सप्ताह आम्रपाली मामले में 42,000 से अधिक घर खरीदारों को राहत देते हुए एक बड़ा फैसला सुनाया है. आम्रपाली का रेरा पंजीकरण रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एनबीसीसी से कहा कि वह अधूरे फ्लैट पूरे करे. 6 महीने के भीतर लगभग पूरे हो चुके प्रोजेक्ट्स के घर बनाकर खरीदारों को दिए जाएंगे. इसके लिए NBCC को 8 फीसदी कमीशन मिलेगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रबंध निदेशक और निदेशकों के खिलाफ फेमा के तहत ED मामले की जांच कर, हर तीन महीने में कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल करे. साथ ही कोर्ट ने कहा कि ग्रेटर नोएडा और नोएडा ऑथोरिटी ने इस मामले में लापरवाही की. यह सीरियस फ्रॉड हुआ है, बड़ी रकम इधर से ऊधर हुई है. इस मामले में फेमा का उल्लंघन किया गया और बिल्डर्स की सांठ-गांठ से विदेश में पैसा पहुंचाया गया. कोर्ट ने कहा कि सीए मित्तल भी इस मामले में जिम्मेदार हैं. नोएडा अथॉरिटी और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी भी इस लापरवाही की जिम्मेदार हैं, क्योंकि उन्होंने ढंग से मॉनिटरिंग नहीं की. घर खरीदारों से जमा रकम की हेराफेरी की. फोरेंसिक ऑडिट में भी कई खुलासे हुए. फोरेंसिक ऑडिट में भी घर खरीदारों की खून पसीने की कमाई में घपले की पुष्टि हुई है. फेमा के तहत आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होगी.
संक्षिप्त सारांश: फर्जी कम्पनियां बनाई थीं जिसमें बड़े स्तर पर फंड ट्रांसफर किया आरोपियों के जानकर डायरेक्टर और मैनेजमेंट में दूसरे पदों पर थे आरोपियों को कोर्ट ने पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में स्थित फेडरल रिजर्व इमारत को ध्वस्त करने के लिए एक हजार पाउंड वजन के विस्फोटक का इस्तेमाल करने की योजना बनाने के आरोप में अलकायदा से कथिततौर पर जुड़े एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया गया है। ब्रुकलिन में एक संघीय कार्यालय ने बताया कि 21 वर्षीय काजी मुहम्मद रिजवानुल अहसान नफिस को सुबह मैनहट्टन में गिरफ्तार किया गया। उसे ब्रुकलिन की एक संघीय अदालत में पेश किया गया और जमानत दिए बगैर हिरासत में रखे जाने का आदेश दिया गया। उसने कोई याचिका दायर नहीं की है। एफबीआई (संघीय जांच ब्यूरो) के संयुक्त आतंक निरोधी कार्यबल ने उसे पकड़ने के लिए एक खुफिया अभियान चलाया। उसने जिस विस्फोटक को असली समझा, उसे सरकारी एजेंसियों ने पहले ही निष्क्रिय कर दिया था। नफीस इस साल जनवरी में अमेरिका गया और उसने आतंकी नेटवर्क बनाने के लिए लोगों को नियुक्त करने की कोशिश की। उसने जिन लोगों को नियुक्त करने की कोशिश की, उनमें से एक एफबीआई का एजेंट निकला। उसने कथिततौर पर एक बयान लिखकर इस योजना की जिम्मदारी ली और कहा कि वह अमेरिका को बर्बाद करना चाहता था। अपने बयान में उसने कई उदाहरण ‘हमारे प्यारे शेख ओसामा बिन लादेन’ से दिए। नफीस के खिलाफ बड़े पैमाने पर विध्वंस करने, हथियार इस्तेमाल करने और अलकायदा का समर्थन करने के आरोप लगाए गए हैं। दोषी पाए जाने पर उसे अधिकतम उम्रकैद की सजा हो सकती है। अमेरिका के पूर्वी जिले, न्यूयॉर्क के अटार्नी लौरेटा लिंच ने कहा कि नफीस आतंकी हमले के उद्देश्य से अमेरिका आया था। इस अभियान के तहत नफीस एफबीआई के उस एजेंट के संपर्क में आया, जिसने उसके समक्ष खुद को अलकायदा के एक सूत्र के तौर पर पेश किया। नफीस के आग्रह पर इस एजेंट ने उसे 50 पाउंड कथित विस्फोटक वाले 20 बैग मुहैया कराए। इसके बाद नफीस ने कथिततौर पर इस विस्फोटक सामग्री को इकट्ठा कर हमले के लिए विस्फोटक तैयार किया।टिप्पणियां नफीस ने इस एजेंट को बताया कि यह योजना खुद उसकी है और इसे अंजाम देने के लिए ही वह अमेरिका आया है। उसने सुबह इस एजेंट से मुलाकात की और एक वैन के जरिए न्यूयॉर्क के एक गोदाम की ओर रवाना हुआ। उसने इस वैन को फेडरल रिजर्व इमारत के बाहर लगा दिया और एक होटल में जाकर इसमें विस्फोट करने की कई नाकाम कोशिशें की और इसी दौरान उसे गिरफ्तार किया गया। ब्रुकलिन में एक संघीय कार्यालय ने बताया कि 21 वर्षीय काजी मुहम्मद रिजवानुल अहसान नफिस को सुबह मैनहट्टन में गिरफ्तार किया गया। उसे ब्रुकलिन की एक संघीय अदालत में पेश किया गया और जमानत दिए बगैर हिरासत में रखे जाने का आदेश दिया गया। उसने कोई याचिका दायर नहीं की है। एफबीआई (संघीय जांच ब्यूरो) के संयुक्त आतंक निरोधी कार्यबल ने उसे पकड़ने के लिए एक खुफिया अभियान चलाया। उसने जिस विस्फोटक को असली समझा, उसे सरकारी एजेंसियों ने पहले ही निष्क्रिय कर दिया था। नफीस इस साल जनवरी में अमेरिका गया और उसने आतंकी नेटवर्क बनाने के लिए लोगों को नियुक्त करने की कोशिश की। उसने जिन लोगों को नियुक्त करने की कोशिश की, उनमें से एक एफबीआई का एजेंट निकला। उसने कथिततौर पर एक बयान लिखकर इस योजना की जिम्मदारी ली और कहा कि वह अमेरिका को बर्बाद करना चाहता था। अपने बयान में उसने कई उदाहरण ‘हमारे प्यारे शेख ओसामा बिन लादेन’ से दिए। नफीस के खिलाफ बड़े पैमाने पर विध्वंस करने, हथियार इस्तेमाल करने और अलकायदा का समर्थन करने के आरोप लगाए गए हैं। दोषी पाए जाने पर उसे अधिकतम उम्रकैद की सजा हो सकती है। अमेरिका के पूर्वी जिले, न्यूयॉर्क के अटार्नी लौरेटा लिंच ने कहा कि नफीस आतंकी हमले के उद्देश्य से अमेरिका आया था। इस अभियान के तहत नफीस एफबीआई के उस एजेंट के संपर्क में आया, जिसने उसके समक्ष खुद को अलकायदा के एक सूत्र के तौर पर पेश किया। नफीस के आग्रह पर इस एजेंट ने उसे 50 पाउंड कथित विस्फोटक वाले 20 बैग मुहैया कराए। इसके बाद नफीस ने कथिततौर पर इस विस्फोटक सामग्री को इकट्ठा कर हमले के लिए विस्फोटक तैयार किया।टिप्पणियां नफीस ने इस एजेंट को बताया कि यह योजना खुद उसकी है और इसे अंजाम देने के लिए ही वह अमेरिका आया है। उसने सुबह इस एजेंट से मुलाकात की और एक वैन के जरिए न्यूयॉर्क के एक गोदाम की ओर रवाना हुआ। उसने इस वैन को फेडरल रिजर्व इमारत के बाहर लगा दिया और एक होटल में जाकर इसमें विस्फोट करने की कई नाकाम कोशिशें की और इसी दौरान उसे गिरफ्तार किया गया। एफबीआई (संघीय जांच ब्यूरो) के संयुक्त आतंक निरोधी कार्यबल ने उसे पकड़ने के लिए एक खुफिया अभियान चलाया। उसने जिस विस्फोटक को असली समझा, उसे सरकारी एजेंसियों ने पहले ही निष्क्रिय कर दिया था। नफीस इस साल जनवरी में अमेरिका गया और उसने आतंकी नेटवर्क बनाने के लिए लोगों को नियुक्त करने की कोशिश की। उसने जिन लोगों को नियुक्त करने की कोशिश की, उनमें से एक एफबीआई का एजेंट निकला। उसने कथिततौर पर एक बयान लिखकर इस योजना की जिम्मदारी ली और कहा कि वह अमेरिका को बर्बाद करना चाहता था। अपने बयान में उसने कई उदाहरण ‘हमारे प्यारे शेख ओसामा बिन लादेन’ से दिए। नफीस के खिलाफ बड़े पैमाने पर विध्वंस करने, हथियार इस्तेमाल करने और अलकायदा का समर्थन करने के आरोप लगाए गए हैं। दोषी पाए जाने पर उसे अधिकतम उम्रकैद की सजा हो सकती है। अमेरिका के पूर्वी जिले, न्यूयॉर्क के अटार्नी लौरेटा लिंच ने कहा कि नफीस आतंकी हमले के उद्देश्य से अमेरिका आया था। इस अभियान के तहत नफीस एफबीआई के उस एजेंट के संपर्क में आया, जिसने उसके समक्ष खुद को अलकायदा के एक सूत्र के तौर पर पेश किया। नफीस के आग्रह पर इस एजेंट ने उसे 50 पाउंड कथित विस्फोटक वाले 20 बैग मुहैया कराए। इसके बाद नफीस ने कथिततौर पर इस विस्फोटक सामग्री को इकट्ठा कर हमले के लिए विस्फोटक तैयार किया।टिप्पणियां नफीस ने इस एजेंट को बताया कि यह योजना खुद उसकी है और इसे अंजाम देने के लिए ही वह अमेरिका आया है। उसने सुबह इस एजेंट से मुलाकात की और एक वैन के जरिए न्यूयॉर्क के एक गोदाम की ओर रवाना हुआ। उसने इस वैन को फेडरल रिजर्व इमारत के बाहर लगा दिया और एक होटल में जाकर इसमें विस्फोट करने की कई नाकाम कोशिशें की और इसी दौरान उसे गिरफ्तार किया गया। नफीस इस साल जनवरी में अमेरिका गया और उसने आतंकी नेटवर्क बनाने के लिए लोगों को नियुक्त करने की कोशिश की। उसने जिन लोगों को नियुक्त करने की कोशिश की, उनमें से एक एफबीआई का एजेंट निकला। उसने कथिततौर पर एक बयान लिखकर इस योजना की जिम्मदारी ली और कहा कि वह अमेरिका को बर्बाद करना चाहता था। अपने बयान में उसने कई उदाहरण ‘हमारे प्यारे शेख ओसामा बिन लादेन’ से दिए। नफीस के खिलाफ बड़े पैमाने पर विध्वंस करने, हथियार इस्तेमाल करने और अलकायदा का समर्थन करने के आरोप लगाए गए हैं। दोषी पाए जाने पर उसे अधिकतम उम्रकैद की सजा हो सकती है। अमेरिका के पूर्वी जिले, न्यूयॉर्क के अटार्नी लौरेटा लिंच ने कहा कि नफीस आतंकी हमले के उद्देश्य से अमेरिका आया था। इस अभियान के तहत नफीस एफबीआई के उस एजेंट के संपर्क में आया, जिसने उसके समक्ष खुद को अलकायदा के एक सूत्र के तौर पर पेश किया। नफीस के आग्रह पर इस एजेंट ने उसे 50 पाउंड कथित विस्फोटक वाले 20 बैग मुहैया कराए। इसके बाद नफीस ने कथिततौर पर इस विस्फोटक सामग्री को इकट्ठा कर हमले के लिए विस्फोटक तैयार किया।टिप्पणियां नफीस ने इस एजेंट को बताया कि यह योजना खुद उसकी है और इसे अंजाम देने के लिए ही वह अमेरिका आया है। उसने सुबह इस एजेंट से मुलाकात की और एक वैन के जरिए न्यूयॉर्क के एक गोदाम की ओर रवाना हुआ। उसने इस वैन को फेडरल रिजर्व इमारत के बाहर लगा दिया और एक होटल में जाकर इसमें विस्फोट करने की कई नाकाम कोशिशें की और इसी दौरान उसे गिरफ्तार किया गया। उसने कथिततौर पर एक बयान लिखकर इस योजना की जिम्मदारी ली और कहा कि वह अमेरिका को बर्बाद करना चाहता था। अपने बयान में उसने कई उदाहरण ‘हमारे प्यारे शेख ओसामा बिन लादेन’ से दिए। नफीस के खिलाफ बड़े पैमाने पर विध्वंस करने, हथियार इस्तेमाल करने और अलकायदा का समर्थन करने के आरोप लगाए गए हैं। दोषी पाए जाने पर उसे अधिकतम उम्रकैद की सजा हो सकती है। अमेरिका के पूर्वी जिले, न्यूयॉर्क के अटार्नी लौरेटा लिंच ने कहा कि नफीस आतंकी हमले के उद्देश्य से अमेरिका आया था। इस अभियान के तहत नफीस एफबीआई के उस एजेंट के संपर्क में आया, जिसने उसके समक्ष खुद को अलकायदा के एक सूत्र के तौर पर पेश किया। नफीस के आग्रह पर इस एजेंट ने उसे 50 पाउंड कथित विस्फोटक वाले 20 बैग मुहैया कराए। इसके बाद नफीस ने कथिततौर पर इस विस्फोटक सामग्री को इकट्ठा कर हमले के लिए विस्फोटक तैयार किया।टिप्पणियां नफीस ने इस एजेंट को बताया कि यह योजना खुद उसकी है और इसे अंजाम देने के लिए ही वह अमेरिका आया है। उसने सुबह इस एजेंट से मुलाकात की और एक वैन के जरिए न्यूयॉर्क के एक गोदाम की ओर रवाना हुआ। उसने इस वैन को फेडरल रिजर्व इमारत के बाहर लगा दिया और एक होटल में जाकर इसमें विस्फोट करने की कई नाकाम कोशिशें की और इसी दौरान उसे गिरफ्तार किया गया। नफीस के खिलाफ बड़े पैमाने पर विध्वंस करने, हथियार इस्तेमाल करने और अलकायदा का समर्थन करने के आरोप लगाए गए हैं। दोषी पाए जाने पर उसे अधिकतम उम्रकैद की सजा हो सकती है। अमेरिका के पूर्वी जिले, न्यूयॉर्क के अटार्नी लौरेटा लिंच ने कहा कि नफीस आतंकी हमले के उद्देश्य से अमेरिका आया था। इस अभियान के तहत नफीस एफबीआई के उस एजेंट के संपर्क में आया, जिसने उसके समक्ष खुद को अलकायदा के एक सूत्र के तौर पर पेश किया। नफीस के आग्रह पर इस एजेंट ने उसे 50 पाउंड कथित विस्फोटक वाले 20 बैग मुहैया कराए। इसके बाद नफीस ने कथिततौर पर इस विस्फोटक सामग्री को इकट्ठा कर हमले के लिए विस्फोटक तैयार किया।टिप्पणियां नफीस ने इस एजेंट को बताया कि यह योजना खुद उसकी है और इसे अंजाम देने के लिए ही वह अमेरिका आया है। उसने सुबह इस एजेंट से मुलाकात की और एक वैन के जरिए न्यूयॉर्क के एक गोदाम की ओर रवाना हुआ। उसने इस वैन को फेडरल रिजर्व इमारत के बाहर लगा दिया और एक होटल में जाकर इसमें विस्फोट करने की कई नाकाम कोशिशें की और इसी दौरान उसे गिरफ्तार किया गया। अमेरिका के पूर्वी जिले, न्यूयॉर्क के अटार्नी लौरेटा लिंच ने कहा कि नफीस आतंकी हमले के उद्देश्य से अमेरिका आया था। इस अभियान के तहत नफीस एफबीआई के उस एजेंट के संपर्क में आया, जिसने उसके समक्ष खुद को अलकायदा के एक सूत्र के तौर पर पेश किया। नफीस के आग्रह पर इस एजेंट ने उसे 50 पाउंड कथित विस्फोटक वाले 20 बैग मुहैया कराए। इसके बाद नफीस ने कथिततौर पर इस विस्फोटक सामग्री को इकट्ठा कर हमले के लिए विस्फोटक तैयार किया।टिप्पणियां नफीस ने इस एजेंट को बताया कि यह योजना खुद उसकी है और इसे अंजाम देने के लिए ही वह अमेरिका आया है। उसने सुबह इस एजेंट से मुलाकात की और एक वैन के जरिए न्यूयॉर्क के एक गोदाम की ओर रवाना हुआ। उसने इस वैन को फेडरल रिजर्व इमारत के बाहर लगा दिया और एक होटल में जाकर इसमें विस्फोट करने की कई नाकाम कोशिशें की और इसी दौरान उसे गिरफ्तार किया गया। नफीस ने इस एजेंट को बताया कि यह योजना खुद उसकी है और इसे अंजाम देने के लिए ही वह अमेरिका आया है। उसने सुबह इस एजेंट से मुलाकात की और एक वैन के जरिए न्यूयॉर्क के एक गोदाम की ओर रवाना हुआ। उसने इस वैन को फेडरल रिजर्व इमारत के बाहर लगा दिया और एक होटल में जाकर इसमें विस्फोट करने की कई नाकाम कोशिशें की और इसी दौरान उसे गिरफ्तार किया गया। उसने इस वैन को फेडरल रिजर्व इमारत के बाहर लगा दिया और एक होटल में जाकर इसमें विस्फोट करने की कई नाकाम कोशिशें की और इसी दौरान उसे गिरफ्तार किया गया।
संक्षिप्त पाठ: अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में स्थित फेडरल रिजर्व इमारत को ध्वस्त करने के लिए एक हजार पाउंड वजन के विस्फोटक का इस्तेमाल करने की योजना बनाने के आरोप में अलकायदा से कथिततौर पर जुड़े एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया गया है।
27
['hin']
एक सारांश बनाओ: गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने आज आगाह किया कि 2014 के आम चुनाव से पहले देश में और सांप्रदायिक हिंसा हो सकती है। उन्होंने संकेत दिया कि उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर दंगों के पीछे कुछ राजनीतिक दलों का हाथ हो सकता है। शिन्दे ने एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं को अलग से बताया, जब तक (मुजफ्फरनगर) हिंसा के बारे में मुझे पूरी रिपोर्ट नहीं मिल जाती, मैं राजनीतिक साजिश के बारे में कुछ नहीं कह सकता, लेकिन राजनीतिक दल शामिल हो सकते हैं। गृह मंत्री से सवाल किया गया था कि क्या मुजफ्फरनगर दंगों के पीछे कोई राजनीतिक साजिश थी। मुजफ्फरनगर और आसपास के इलाकों में फैली हिंसा में अब तक 40 लोगों की जान जा चुकी है। शिंदे ने कहा कि केन्द्र सरकार 2014 के आम चुनाव से पहले संभावित सांप्रदायिक हिंसा को लेकर 11 राज्यों को पहले ही आगाह कर चुकी है। इन राज्यों से सतर्क रहने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, हमें इस तरह की और सांप्रदायिक हिंसा देखने को मिल सकती है। हमने 11 राज्यों को अलर्ट किया है। गृहमंत्री ने हालांकि मुजफ्फरनगर दंगों के लिए अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा सरकार को दोषी ठहराने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अब हालात काफी सुधर गए हैं। टिप्पणियां उन्होंने बताया कि अर्धसैनिक बलों की 80 कंपनियां (8000 जवान) उत्तर प्रदेश में तैनात किए गए हैं। सेना भी तैनात की गई है। कर्फ्यू में अब ढील दी गई है। हालात सुधर रहे हैं। मुजफ्फरनगर के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू में ढील दी गई है। कर्फ्यू में ढील के दौरान कड़ी निगरानी की जा रही है। पुलिस और अर्धसैनिक बल ‘अलर्ट’ पर हैं। शिन्दे ने एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं को अलग से बताया, जब तक (मुजफ्फरनगर) हिंसा के बारे में मुझे पूरी रिपोर्ट नहीं मिल जाती, मैं राजनीतिक साजिश के बारे में कुछ नहीं कह सकता, लेकिन राजनीतिक दल शामिल हो सकते हैं। गृह मंत्री से सवाल किया गया था कि क्या मुजफ्फरनगर दंगों के पीछे कोई राजनीतिक साजिश थी। मुजफ्फरनगर और आसपास के इलाकों में फैली हिंसा में अब तक 40 लोगों की जान जा चुकी है। शिंदे ने कहा कि केन्द्र सरकार 2014 के आम चुनाव से पहले संभावित सांप्रदायिक हिंसा को लेकर 11 राज्यों को पहले ही आगाह कर चुकी है। इन राज्यों से सतर्क रहने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, हमें इस तरह की और सांप्रदायिक हिंसा देखने को मिल सकती है। हमने 11 राज्यों को अलर्ट किया है। गृहमंत्री ने हालांकि मुजफ्फरनगर दंगों के लिए अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा सरकार को दोषी ठहराने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अब हालात काफी सुधर गए हैं। टिप्पणियां उन्होंने बताया कि अर्धसैनिक बलों की 80 कंपनियां (8000 जवान) उत्तर प्रदेश में तैनात किए गए हैं। सेना भी तैनात की गई है। कर्फ्यू में अब ढील दी गई है। हालात सुधर रहे हैं। मुजफ्फरनगर के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू में ढील दी गई है। कर्फ्यू में ढील के दौरान कड़ी निगरानी की जा रही है। पुलिस और अर्धसैनिक बल ‘अलर्ट’ पर हैं। मुजफ्फरनगर और आसपास के इलाकों में फैली हिंसा में अब तक 40 लोगों की जान जा चुकी है। शिंदे ने कहा कि केन्द्र सरकार 2014 के आम चुनाव से पहले संभावित सांप्रदायिक हिंसा को लेकर 11 राज्यों को पहले ही आगाह कर चुकी है। इन राज्यों से सतर्क रहने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, हमें इस तरह की और सांप्रदायिक हिंसा देखने को मिल सकती है। हमने 11 राज्यों को अलर्ट किया है। गृहमंत्री ने हालांकि मुजफ्फरनगर दंगों के लिए अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा सरकार को दोषी ठहराने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अब हालात काफी सुधर गए हैं। टिप्पणियां उन्होंने बताया कि अर्धसैनिक बलों की 80 कंपनियां (8000 जवान) उत्तर प्रदेश में तैनात किए गए हैं। सेना भी तैनात की गई है। कर्फ्यू में अब ढील दी गई है। हालात सुधर रहे हैं। मुजफ्फरनगर के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू में ढील दी गई है। कर्फ्यू में ढील के दौरान कड़ी निगरानी की जा रही है। पुलिस और अर्धसैनिक बल ‘अलर्ट’ पर हैं। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, हमें इस तरह की और सांप्रदायिक हिंसा देखने को मिल सकती है। हमने 11 राज्यों को अलर्ट किया है। गृहमंत्री ने हालांकि मुजफ्फरनगर दंगों के लिए अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा सरकार को दोषी ठहराने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अब हालात काफी सुधर गए हैं। टिप्पणियां उन्होंने बताया कि अर्धसैनिक बलों की 80 कंपनियां (8000 जवान) उत्तर प्रदेश में तैनात किए गए हैं। सेना भी तैनात की गई है। कर्फ्यू में अब ढील दी गई है। हालात सुधर रहे हैं। मुजफ्फरनगर के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू में ढील दी गई है। कर्फ्यू में ढील के दौरान कड़ी निगरानी की जा रही है। पुलिस और अर्धसैनिक बल ‘अलर्ट’ पर हैं। उन्होंने बताया कि अर्धसैनिक बलों की 80 कंपनियां (8000 जवान) उत्तर प्रदेश में तैनात किए गए हैं। सेना भी तैनात की गई है। कर्फ्यू में अब ढील दी गई है। हालात सुधर रहे हैं। मुजफ्फरनगर के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू में ढील दी गई है। कर्फ्यू में ढील के दौरान कड़ी निगरानी की जा रही है। पुलिस और अर्धसैनिक बल ‘अलर्ट’ पर हैं। मुजफ्फरनगर के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू में ढील दी गई है। कर्फ्यू में ढील के दौरान कड़ी निगरानी की जा रही है। पुलिस और अर्धसैनिक बल ‘अलर्ट’ पर हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने आज आगाह किया कि 2014 के आम चुनाव से पहले देश में और सांप्रदायिक हिंसा हो सकती है।
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री दोरजी खांडू सुरक्षित हैं और उनका हेलीकॉप्टर आपात स्थिति में भूटान में उतर गया है। खांडू का हेलीकॉप्टर तवांग से उड़ने के बाद से लापता था। मुख्यमंत्री के कार्यालय ने बताया कि खांडू के हेलीकॉप्टर को इंजन में तकनीकी गड़बड़ी आने के बाद तवांग के निकट भूटानी क्षेत्र में आपात स्थिति में उतार लिया गया। कार्यालय ने बताया कि हेलीकॉप्टर में मुख्यमंत्री के साथ उनकी एक महिला रिश्तेदार और उनके सुरक्षा अधिकारी चोड्डक तथा चालक दल के दो सदस्य कैप्टन बब्बर और कैप्टन माणिक सवार थे। उन्होंने बताया कि हेलीकॉप्टर पवनहंस यूरोकाप्टर बी 3 श्रेणी का था। कोलकाता स्थित रक्षा सूत्रों ने बताया कि हेलीकाप्टर दोपोरिजो में उतारा गया। हेलीकाप्टर तवांग से सुबह 9.56 पर उड़ा था और उसे सुबह 11.30 पर ईटानगर उतरना था। उड़ने के 20 मिनट बाद हेलीकॉप्टर का उस समय संपर्क टूट गया, जब वह सेला पास के ऊपर से गुजर रहा था। संपर्क टूटने के बाद से यह आशंका हो गई थी कि कहीं वह दुर्घटनाग्रस्त तो नहीं हो गया। इसके बाद सेना और वायुसेना को सतर्क कर दिया गया और उनके हेलीकॉप्टर सेला पास के पास इस हेलीकॉप्टर की तलाश में जुट गए।कोलकाता में रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता विंग कमांडर महेश उपासने ने कहा कि खराब मौसम होने के बावजूद दो चीता हेलीकॉप्टरों को असम के तेजपुर से हेलीकॉप्टर की तलाश और राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया। वायुसेना को मदद की आग्रह 12.30 बजे मिला और दोनों हेलीकॉप्टर 40 मिनट के भीतर ही उड़ गए। खांडू (56) भारतीय सेना की गुप्तचर शाखा में काम कर चुके हैं। उन्हें गेगांग अपांग की जगह 9 अप्रैल, 2007 को राज्य के पांचवें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ दिलाई गई थी।
यहाँ एक सारांश है:अरुणाचल के सीएम दोरजी खांडू सुरक्षित हैं और उनका हेलीकॉप्टर आपात स्थिति में भूटान में उतर गया है। यह हेलीकॉप्टर तवांग से उड़ने के बाद से लापता था।
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी ने शुक्रवार को सरकार पर आरोप लगाया कि उसने पूर्व नियोजित योजना के तहत राज्यसभा में लोकपाल विधेयक पर चर्चा के दौरान हंगामा खड़ा कराया। येचुरी ने कहा कि सरकार के इस कार्य में तृणमूल कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने उसका साथ दिया। माकपा नेता ने कहा कि गुरुवार रात जारी चर्चा के दौरान सदन की कार्यवाही बाधित करने की सरकार की रणनीति में तृणमूल एवं राजद ने भूमिका निभाई। येचुरी ने कहा, "संघवाद के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस के विरोध में अचानक आई आक्रामकता काफी हैरान करने वाली है क्योंकि दो दिन पहले लोकसभा में उसने इस मुद्दे को लेकर कोई आपत्ति नहीं की थी।" उन्होंने कहा, "कुछ दिनों पहले जब केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस विधेयक को मंजूरी दी गई और जब इसे संसद के समक्ष पेश किया जाना था, उस समय तृणमूल कांग्रेस ने इन आपत्तियों को नहीं उठाया।" येचुरी ने कहा, "सरकार अब कई तरह के बहाने बना रही है। उसका कहना है कि विधेयक में संशोधन के लिए उसे ढेर सारे प्रस्ताव मिले। संसदीय लोकतंत्र में संशोधन पेश करना एक मूलभूत अधिकार है।" उन्होंने कहा, "सदन में हुए इस पूरे नाटक की योजना यह सुनिश्चित करना था कि सरकार कुछ महत्वपूर्ण संशोधनों जिन्हें विधेयक को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लाया गया था, स्वीकार न करे।" राज्यसभा में विधेयक पर मतविभाजन न कराने के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए येचुरी ने कहा, "हम इसके लिए सरकार को पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराते हैं। सरकार क्या चाहती है और वह मतविभाजन से बचना क्यों चाहती है इस पर उसे मर्यादा और साहस पूर्वक अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए थी।"
सारांश: येचुरी ने सरकार पर आरोप लगाया कि उसने पूर्व नियोजित योजना के तहत राज्यसभा में लोकपाल विधेयक पर चर्चा के दौरान हंगामा खड़ा कराया।
33
['hin']
एक सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सरकारी नीतियों पर नकारात्मक टिप्पणियों के लिए उद्योग जगत के दिग्गजों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इन नकारात्मक टिप्पणियों से अनिश्चितता बढ़ी है। हालांकि, प्रधानमंत्री ने यह माना कि गठबंधन की राजनीति के चलते मुद्दों पर आम सहमति बनने में जरूरत से अधिक समय लगता है। सरकार में नीतिगत सुस्ती को लेकर जारी बहस के बीच सिंह ने कहा कि सरकार विकासोन्मुखी आर्थिक माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यहां प्रधानमंत्री की व्यापार एवं उद्योग परिषद की एक बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा, मैं यह स्वीकार करता हूं कि कभी कभी हमारे उद्योगपतियों की ओर से नकारात्मक टिप्पणियां सुनकर थोड़ी निराशा होती है। हमें बताया जाता है कि सरकार की नीतियों से अर्थव्यवस्था में नरमी आ रही है। उन्होंने कहा, इस तरह की टिप्पणियों से अनिश्चितता पैदा होती है और उन लोगों का साहस बढ़ता है जिनको आर्थिक वृद्धि से कोई लेनादेना नहीं है। प्रधानमंत्री ने माना कि यह बैठक मुश्किल परिस्थितियों में हो रही है और बाहरी वातावरण कठिन चुनौतियां पैदा कर रहे हैं।
संक्षिप्त पाठ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने यह माना कि गठबंधन की राजनीति के चलते मुद्दों पर आम सहमति बनने में जरूरत से अधिक समय लगता है।
30
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: तमिलनाडु में जल्‍लीकट्टू पर फिलहाल रोक नहीं लगेगी. सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार के नए एक्ट पर फिलहाल रोक लगाने से इंकार कर दिया है लेकिन कोर्ट नए एक्ट की संवैधानिकता पर सुनवाई करेगा. हालांकि कोर्ट ने जल्‍लीकट्टू को लेकर हुए प्रदर्शनों को लेकर राज्‍य सरकार की खिंचाई की है और कहा है कि कानून के राज में ये नहीं होना चाहिए. सर्वोच्‍च अदालत ने तमिलनाडु सरकार से नए एक्ट पर नोटिस जारी कर 6 हफ्ते में जवाब मांगा है और साथ ही कहा है कि राज्य में कानून व्यवस्था को बनाए रखा जाए. अदालत ने केंद्र सरकार को जनवरी 2016 का नोटिफिकेशन वापस लेने की इजाजत भी दे दी है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और तमिलनाडु सरकार पर बड़े सवाल भी उठाए. कोर्ट ने पूछा, जलीकट्टू को लेकर तमिलनाडू को एक्ट लाने की क्या जरूरत थी? क्या सरकार के पास इसका कोई कानूनी जवाब है? इस मामले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए थे. अगर नया एक्ट लोगों के प्रदशर्न के दबाव में बनाया गया तो कावेरी मुद्दे पर तमिलनाडू सरकार कर्नाटक सरकार का विरोध क्यों कर रही है? अदालत ने पूछा, 'आप कह रहे हैं कि नया कानून लेकर आए हैं लेकिन सड़क पर उतरकर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवेहलना करने के लिए एक्ट लेकर आए? सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु में जल्‍लीकट्टू को लेकर हुए प्रदर्शन पर नाराजगी जताई और कहा, 'राज्य सरकार को कानून व्यवस्था बनाए रखनी चाहिए. हम कानून के हिसाब से चलते हैं और कानून के राज में ऐसी चीजें नहीं हो सकतीं. किसी भी सभ्य समाज में कानून व्यवस्था सबसे प्राथमिक जरूरत होती है. हम इसी बात पर नहीं हैं कि आप एक्ट क्यों लेकर आए, ये जानना भी चाहते हैं कि ऐसा प्रदर्शन क्यों हुआ? इसकी जरूरत क्यों पड़ी?' सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि इस मामले को हाईकोर्ट नहीं भेजा जाएगा. कोर्ट ने कहा, 'सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के पूरे आदेश के आधार को ही खत्म कर दिया है. हम साफ करना चाहते हैं कि मामले को वापस हाईकोर्ट नहीं भेजा जाएगा.' टिप्पणियां तमिलनाडु सरकार की ओर से कहा गया कि जल्‍लीकट्टू को लेकर लोग प्रदर्शन कर रहे थे और कानून व्यवस्था बिगड़ने के हालात थे. अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कोर्ट में कहा कि केंद्र सरकार अपने नोटिफिकेशन को वापस ले रही है. ऐसे में यहां मसला राज्य के एक्ट का है. मामले को हाईकोर्ट भेजा जाना चाहिए. जल्‍लीकट्टू के समर्थन में दलील देते हुए अटॉर्नी जनरल ने कहा कि देश में धार्मिक परंपरा के तौर पर जानवरों को कुर्बान किया जा सकता है तो जल्‍लीकट्टू तो एक खेल है, वो भी कराया जा सकता है. दरअसल तमिलनाडु विधानसभा द्वारा कानून पारित कर जल्‍लीकट्टू को इजाजत दिए जाने के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई की. ये याचिकाएं भारतीय पशु कल्याण बोर्ड सहित अन्य द्वारा दायर की गई हैं. याचिका में कहा गया है कि तमिलनाडु विधानसभा द्वारा जल्लीकट्टू पर कानून पारित करना अदालत के आदेशों का अपमान है. उनका कहना था कि राज्य सरकार को ऐसा कानून पारित नहीं करना चाहिए था. अदालत ने पूछा, 'आप कह रहे हैं कि नया कानून लेकर आए हैं लेकिन सड़क पर उतरकर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवेहलना करने के लिए एक्ट लेकर आए? सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु में जल्‍लीकट्टू को लेकर हुए प्रदर्शन पर नाराजगी जताई और कहा, 'राज्य सरकार को कानून व्यवस्था बनाए रखनी चाहिए. हम कानून के हिसाब से चलते हैं और कानून के राज में ऐसी चीजें नहीं हो सकतीं. किसी भी सभ्य समाज में कानून व्यवस्था सबसे प्राथमिक जरूरत होती है. हम इसी बात पर नहीं हैं कि आप एक्ट क्यों लेकर आए, ये जानना भी चाहते हैं कि ऐसा प्रदर्शन क्यों हुआ? इसकी जरूरत क्यों पड़ी?' सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि इस मामले को हाईकोर्ट नहीं भेजा जाएगा. कोर्ट ने कहा, 'सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के पूरे आदेश के आधार को ही खत्म कर दिया है. हम साफ करना चाहते हैं कि मामले को वापस हाईकोर्ट नहीं भेजा जाएगा.' टिप्पणियां तमिलनाडु सरकार की ओर से कहा गया कि जल्‍लीकट्टू को लेकर लोग प्रदर्शन कर रहे थे और कानून व्यवस्था बिगड़ने के हालात थे. अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कोर्ट में कहा कि केंद्र सरकार अपने नोटिफिकेशन को वापस ले रही है. ऐसे में यहां मसला राज्य के एक्ट का है. मामले को हाईकोर्ट भेजा जाना चाहिए. जल्‍लीकट्टू के समर्थन में दलील देते हुए अटॉर्नी जनरल ने कहा कि देश में धार्मिक परंपरा के तौर पर जानवरों को कुर्बान किया जा सकता है तो जल्‍लीकट्टू तो एक खेल है, वो भी कराया जा सकता है. दरअसल तमिलनाडु विधानसभा द्वारा कानून पारित कर जल्‍लीकट्टू को इजाजत दिए जाने के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई की. ये याचिकाएं भारतीय पशु कल्याण बोर्ड सहित अन्य द्वारा दायर की गई हैं. याचिका में कहा गया है कि तमिलनाडु विधानसभा द्वारा जल्लीकट्टू पर कानून पारित करना अदालत के आदेशों का अपमान है. उनका कहना था कि राज्य सरकार को ऐसा कानून पारित नहीं करना चाहिए था. तमिलनाडु सरकार की ओर से कहा गया कि जल्‍लीकट्टू को लेकर लोग प्रदर्शन कर रहे थे और कानून व्यवस्था बिगड़ने के हालात थे. अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कोर्ट में कहा कि केंद्र सरकार अपने नोटिफिकेशन को वापस ले रही है. ऐसे में यहां मसला राज्य के एक्ट का है. मामले को हाईकोर्ट भेजा जाना चाहिए. जल्‍लीकट्टू के समर्थन में दलील देते हुए अटॉर्नी जनरल ने कहा कि देश में धार्मिक परंपरा के तौर पर जानवरों को कुर्बान किया जा सकता है तो जल्‍लीकट्टू तो एक खेल है, वो भी कराया जा सकता है. दरअसल तमिलनाडु विधानसभा द्वारा कानून पारित कर जल्‍लीकट्टू को इजाजत दिए जाने के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई की. ये याचिकाएं भारतीय पशु कल्याण बोर्ड सहित अन्य द्वारा दायर की गई हैं. याचिका में कहा गया है कि तमिलनाडु विधानसभा द्वारा जल्लीकट्टू पर कानून पारित करना अदालत के आदेशों का अपमान है. उनका कहना था कि राज्य सरकार को ऐसा कानून पारित नहीं करना चाहिए था. दरअसल तमिलनाडु विधानसभा द्वारा कानून पारित कर जल्‍लीकट्टू को इजाजत दिए जाने के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई की. ये याचिकाएं भारतीय पशु कल्याण बोर्ड सहित अन्य द्वारा दायर की गई हैं. याचिका में कहा गया है कि तमिलनाडु विधानसभा द्वारा जल्लीकट्टू पर कानून पारित करना अदालत के आदेशों का अपमान है. उनका कहना था कि राज्य सरकार को ऐसा कानून पारित नहीं करना चाहिए था.
सारांश: तमिलनाडु ने कहा, 'जल्‍लीकट्टू को लेकर कानून व्यवस्था बिगड़ने के हालात थे' अटॉर्नी जनरल ने कहा, 'जल्‍लीकट्टू तो एक खेल है, वो भी कराया जा सकता है' सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि इस मामले को हाईकोर्ट नहीं भेजा जाएगा
20
['hin']
एक सारांश बनाओ: भाजपा ने आज गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 11 अगस्त को यहां संबोधित की जाने वाली जनसभा में आने के इच्छुक लोगों का ऑफलाइन पंजीकरण शुरू कर दिया। राज्य भाजपा इकाई के अध्यक्ष जी कृष्ण रेड्डी ने कहा कि ऑनलाइन पंजीकरण प्रत्येक व्यक्ति से पांच रुपये लेकर एक सप्ताह पहले ही शुरू कर दिया गया था।टिप्पणियां उन्होंने केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी और अन्य नेताओं द्वारा भाजपा के जनसभा में आने के इच्छुक लोगों से पांच रुपये लेने पर की गई जा रही आलोचना पर आपत्ति जताई। रेड्डी ने कहा, पांच रुपये इकट्ठा करने पर बहस चल रही है। नरेंद्र मोदी की बढ़ती लोकप्रियता से कांग्रेसी नेता परेशान हैं। कांग्रेस को यह समझने की जरूरत है कि अल्पदान महात्मा गांधी और लोकनायक जयप्रकाश नारायण के समय भी अक्सर इकट्ठा किया जाता था। हम यह उत्तराखंड के बाढ़ पीड़ितों की मदद और युवाओं को इस सेवा अभियान का हिस्सा बनाने के लिए कर रहे हैं। कांग्रेस नेता शकील अहमद द्वारा कुछ आतंकवादी गुटों के गुजरात दंगों के बाद गठित होने के बयान पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने पूछा कि क्या आतंकवाद वर्ष 2002 के पहले नहीं था? उन्होंने कहा, वर्ष 1993 में जब मुंबई बम विस्फोट हुए तब क्या राज्य और केंद्र में कांग्रेस की सरकार नहीं थी? क्या राजीव गांधी की मौत आतंकवाद था या नहीं ? नरेंद्र मोदी उस समय वहां नहीं थे। आप क्यों लोगों को भ्रमित कर रहे हैं? आप आतंकवाद से निपटने में असफल रहे हैं। राज्य भाजपा इकाई के अध्यक्ष जी कृष्ण रेड्डी ने कहा कि ऑनलाइन पंजीकरण प्रत्येक व्यक्ति से पांच रुपये लेकर एक सप्ताह पहले ही शुरू कर दिया गया था।टिप्पणियां उन्होंने केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी और अन्य नेताओं द्वारा भाजपा के जनसभा में आने के इच्छुक लोगों से पांच रुपये लेने पर की गई जा रही आलोचना पर आपत्ति जताई। रेड्डी ने कहा, पांच रुपये इकट्ठा करने पर बहस चल रही है। नरेंद्र मोदी की बढ़ती लोकप्रियता से कांग्रेसी नेता परेशान हैं। कांग्रेस को यह समझने की जरूरत है कि अल्पदान महात्मा गांधी और लोकनायक जयप्रकाश नारायण के समय भी अक्सर इकट्ठा किया जाता था। हम यह उत्तराखंड के बाढ़ पीड़ितों की मदद और युवाओं को इस सेवा अभियान का हिस्सा बनाने के लिए कर रहे हैं। कांग्रेस नेता शकील अहमद द्वारा कुछ आतंकवादी गुटों के गुजरात दंगों के बाद गठित होने के बयान पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने पूछा कि क्या आतंकवाद वर्ष 2002 के पहले नहीं था? उन्होंने कहा, वर्ष 1993 में जब मुंबई बम विस्फोट हुए तब क्या राज्य और केंद्र में कांग्रेस की सरकार नहीं थी? क्या राजीव गांधी की मौत आतंकवाद था या नहीं ? नरेंद्र मोदी उस समय वहां नहीं थे। आप क्यों लोगों को भ्रमित कर रहे हैं? आप आतंकवाद से निपटने में असफल रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी और अन्य नेताओं द्वारा भाजपा के जनसभा में आने के इच्छुक लोगों से पांच रुपये लेने पर की गई जा रही आलोचना पर आपत्ति जताई। रेड्डी ने कहा, पांच रुपये इकट्ठा करने पर बहस चल रही है। नरेंद्र मोदी की बढ़ती लोकप्रियता से कांग्रेसी नेता परेशान हैं। कांग्रेस को यह समझने की जरूरत है कि अल्पदान महात्मा गांधी और लोकनायक जयप्रकाश नारायण के समय भी अक्सर इकट्ठा किया जाता था। हम यह उत्तराखंड के बाढ़ पीड़ितों की मदद और युवाओं को इस सेवा अभियान का हिस्सा बनाने के लिए कर रहे हैं। कांग्रेस नेता शकील अहमद द्वारा कुछ आतंकवादी गुटों के गुजरात दंगों के बाद गठित होने के बयान पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने पूछा कि क्या आतंकवाद वर्ष 2002 के पहले नहीं था? उन्होंने कहा, वर्ष 1993 में जब मुंबई बम विस्फोट हुए तब क्या राज्य और केंद्र में कांग्रेस की सरकार नहीं थी? क्या राजीव गांधी की मौत आतंकवाद था या नहीं ? नरेंद्र मोदी उस समय वहां नहीं थे। आप क्यों लोगों को भ्रमित कर रहे हैं? आप आतंकवाद से निपटने में असफल रहे हैं। रेड्डी ने कहा, पांच रुपये इकट्ठा करने पर बहस चल रही है। नरेंद्र मोदी की बढ़ती लोकप्रियता से कांग्रेसी नेता परेशान हैं। कांग्रेस को यह समझने की जरूरत है कि अल्पदान महात्मा गांधी और लोकनायक जयप्रकाश नारायण के समय भी अक्सर इकट्ठा किया जाता था। हम यह उत्तराखंड के बाढ़ पीड़ितों की मदद और युवाओं को इस सेवा अभियान का हिस्सा बनाने के लिए कर रहे हैं। कांग्रेस नेता शकील अहमद द्वारा कुछ आतंकवादी गुटों के गुजरात दंगों के बाद गठित होने के बयान पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने पूछा कि क्या आतंकवाद वर्ष 2002 के पहले नहीं था? उन्होंने कहा, वर्ष 1993 में जब मुंबई बम विस्फोट हुए तब क्या राज्य और केंद्र में कांग्रेस की सरकार नहीं थी? क्या राजीव गांधी की मौत आतंकवाद था या नहीं ? नरेंद्र मोदी उस समय वहां नहीं थे। आप क्यों लोगों को भ्रमित कर रहे हैं? आप आतंकवाद से निपटने में असफल रहे हैं।
सारांश: भाजपा ने आज गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 11 अगस्त को यहां संबोधित की जाने वाली जनसभा में आने के इच्छुक लोगों का ऑफलाइन पंजीकरण शुरू कर दिया।
5
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान, अभिनेत्री सना खान के समर्थन में उतर आए हैं। सना एक 15 वर्षीय युवती के तथाकथित अपहरण में नाम आने के बाद से भूमिगत हैं। सलमान अभिनीत 'मेंटल' में सना ने एक भूमिका निभाई है। उन्होंने 'बिग बॉस 6' में भी हिस्सा लिया था, जिसके मेजबान सलमान थे। नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में सना का नाम शुक्रवार को सामने आया। खबरों के मुताबिक, एक लड़की की अपहरण की कोशिश करने का आरोप लगने के बाद से वह फरार घोषित हैं। उस लड़की ने सना के चचेरे भाई नावेद खान के शादी के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था।टिप्पणियां ऐसे में सलमान ने 20 दिनों से सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट से दूर रहने के बाद सना के पक्ष में बोलने के लिए ट्विटर का सहारा लिया। उन्होंन ट्विटर पर पोस्ट किया, "बेचारी सना, दुख हुआ। पहले उसे मशहूर होने दीजिए, उसके बाद कटघरे मे खड़ा करिए और उससे कुछ प्रचार हासिल कीजिए। यह एक समस्या है- कुछ भी छापो चाहे वह गलत ही क्यों न हो।" उन्होंने हालात पर सवाल खड़ा करते हुए कहा, "कोई लड़की आखिर एक 15 वर्षीय लड़की का अपरहरण क्यों करेगी? पैसे के लिए? उसकी शादी कराने के लिए, वह भी एक आबादी वाले इलाके में अपराह्न चार बजे? शिकायतों की जांच करें। कमाल है यार।" सलमान का मानना है कि सना को विवादों में फंसा दिया गया। सलमान अभिनीत 'मेंटल' में सना ने एक भूमिका निभाई है। उन्होंने 'बिग बॉस 6' में भी हिस्सा लिया था, जिसके मेजबान सलमान थे। नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में सना का नाम शुक्रवार को सामने आया। खबरों के मुताबिक, एक लड़की की अपहरण की कोशिश करने का आरोप लगने के बाद से वह फरार घोषित हैं। उस लड़की ने सना के चचेरे भाई नावेद खान के शादी के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था।टिप्पणियां ऐसे में सलमान ने 20 दिनों से सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट से दूर रहने के बाद सना के पक्ष में बोलने के लिए ट्विटर का सहारा लिया। उन्होंन ट्विटर पर पोस्ट किया, "बेचारी सना, दुख हुआ। पहले उसे मशहूर होने दीजिए, उसके बाद कटघरे मे खड़ा करिए और उससे कुछ प्रचार हासिल कीजिए। यह एक समस्या है- कुछ भी छापो चाहे वह गलत ही क्यों न हो।" उन्होंने हालात पर सवाल खड़ा करते हुए कहा, "कोई लड़की आखिर एक 15 वर्षीय लड़की का अपरहरण क्यों करेगी? पैसे के लिए? उसकी शादी कराने के लिए, वह भी एक आबादी वाले इलाके में अपराह्न चार बजे? शिकायतों की जांच करें। कमाल है यार।" सलमान का मानना है कि सना को विवादों में फंसा दिया गया। नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में सना का नाम शुक्रवार को सामने आया। खबरों के मुताबिक, एक लड़की की अपहरण की कोशिश करने का आरोप लगने के बाद से वह फरार घोषित हैं। उस लड़की ने सना के चचेरे भाई नावेद खान के शादी के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था।टिप्पणियां ऐसे में सलमान ने 20 दिनों से सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट से दूर रहने के बाद सना के पक्ष में बोलने के लिए ट्विटर का सहारा लिया। उन्होंन ट्विटर पर पोस्ट किया, "बेचारी सना, दुख हुआ। पहले उसे मशहूर होने दीजिए, उसके बाद कटघरे मे खड़ा करिए और उससे कुछ प्रचार हासिल कीजिए। यह एक समस्या है- कुछ भी छापो चाहे वह गलत ही क्यों न हो।" उन्होंने हालात पर सवाल खड़ा करते हुए कहा, "कोई लड़की आखिर एक 15 वर्षीय लड़की का अपरहरण क्यों करेगी? पैसे के लिए? उसकी शादी कराने के लिए, वह भी एक आबादी वाले इलाके में अपराह्न चार बजे? शिकायतों की जांच करें। कमाल है यार।" सलमान का मानना है कि सना को विवादों में फंसा दिया गया। ऐसे में सलमान ने 20 दिनों से सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट से दूर रहने के बाद सना के पक्ष में बोलने के लिए ट्विटर का सहारा लिया। उन्होंन ट्विटर पर पोस्ट किया, "बेचारी सना, दुख हुआ। पहले उसे मशहूर होने दीजिए, उसके बाद कटघरे मे खड़ा करिए और उससे कुछ प्रचार हासिल कीजिए। यह एक समस्या है- कुछ भी छापो चाहे वह गलत ही क्यों न हो।" उन्होंने हालात पर सवाल खड़ा करते हुए कहा, "कोई लड़की आखिर एक 15 वर्षीय लड़की का अपरहरण क्यों करेगी? पैसे के लिए? उसकी शादी कराने के लिए, वह भी एक आबादी वाले इलाके में अपराह्न चार बजे? शिकायतों की जांच करें। कमाल है यार।" सलमान का मानना है कि सना को विवादों में फंसा दिया गया। सलमान का मानना है कि सना को विवादों में फंसा दिया गया।
यहाँ एक सारांश है:बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान, अभिनेत्री सना खान के समर्थन में उतर आए हैं। सना एक 15 वर्षीय युवती के तथाकथित अपहरण में नाम आने के बाद से भूमिगत हैं।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: व्हाइट हाउस के एक आला अधिकारी ने कहा कि ट्रंप प्रशासन के दौरान अमेरिका के भारत के साथ संबंध और मजबूत होते रहेंगे. दरअसल, डोनाल्‍ड ट्रंप के अमेरिका के राष्‍ट्रपति बनने के बाद से दोनों देशों के बीच रिश्‍तों की मजबूती के प्रयास किए जा रहे हैं. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हाल ही में फोन पर हुई बातचीत के संबंध में किए सवाल पर व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव सीन स्पाइसर ने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'उनके बीच हाल ही में बेहतरीन बातचीत हुई और दोनों देशों के बीच संबंध उत्तरोत्तर मजबूत होते रहेंगे.' बहरहाल, स्पाइसर ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सीटों के विस्तार के सवाल पर कोई जवाब नहीं दिया.टिप्पणियां पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 15 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी सदस्यता के दावे का समर्थन किया था. व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव सीन स्पाइसर ने ने कहा, 'मैं सुरक्षा परिषद की सीटों के संबंध में और कुछ नहीं कहूंगा'. उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा, 'राष्ट्रपति इस बात से काफी खुश हैं कि संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत पद के लिए निकी हेली के नाम को मंजूरी मिली है और वह अपना पहला सप्ताह न्यूयॉर्क में बिता रही हैं. वह हमारा प्रतिनिधित्व करते हुए अच्छा काम करेंगी'. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हाल ही में फोन पर हुई बातचीत के संबंध में किए सवाल पर व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव सीन स्पाइसर ने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'उनके बीच हाल ही में बेहतरीन बातचीत हुई और दोनों देशों के बीच संबंध उत्तरोत्तर मजबूत होते रहेंगे.' बहरहाल, स्पाइसर ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सीटों के विस्तार के सवाल पर कोई जवाब नहीं दिया.टिप्पणियां पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 15 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी सदस्यता के दावे का समर्थन किया था. व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव सीन स्पाइसर ने ने कहा, 'मैं सुरक्षा परिषद की सीटों के संबंध में और कुछ नहीं कहूंगा'. उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा, 'राष्ट्रपति इस बात से काफी खुश हैं कि संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत पद के लिए निकी हेली के नाम को मंजूरी मिली है और वह अपना पहला सप्ताह न्यूयॉर्क में बिता रही हैं. वह हमारा प्रतिनिधित्व करते हुए अच्छा काम करेंगी'. बहरहाल, स्पाइसर ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सीटों के विस्तार के सवाल पर कोई जवाब नहीं दिया.टिप्पणियां पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 15 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी सदस्यता के दावे का समर्थन किया था. व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव सीन स्पाइसर ने ने कहा, 'मैं सुरक्षा परिषद की सीटों के संबंध में और कुछ नहीं कहूंगा'. उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा, 'राष्ट्रपति इस बात से काफी खुश हैं कि संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत पद के लिए निकी हेली के नाम को मंजूरी मिली है और वह अपना पहला सप्ताह न्यूयॉर्क में बिता रही हैं. वह हमारा प्रतिनिधित्व करते हुए अच्छा काम करेंगी'. पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 15 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी सदस्यता के दावे का समर्थन किया था. व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव सीन स्पाइसर ने ने कहा, 'मैं सुरक्षा परिषद की सीटों के संबंध में और कुछ नहीं कहूंगा'. उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा, 'राष्ट्रपति इस बात से काफी खुश हैं कि संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत पद के लिए निकी हेली के नाम को मंजूरी मिली है और वह अपना पहला सप्ताह न्यूयॉर्क में बिता रही हैं. वह हमारा प्रतिनिधित्व करते हुए अच्छा काम करेंगी'. व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव सीन स्पाइसर ने ने कहा, 'मैं सुरक्षा परिषद की सीटों के संबंध में और कुछ नहीं कहूंगा'. उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा, 'राष्ट्रपति इस बात से काफी खुश हैं कि संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत पद के लिए निकी हेली के नाम को मंजूरी मिली है और वह अपना पहला सप्ताह न्यूयॉर्क में बिता रही हैं. वह हमारा प्रतिनिधित्व करते हुए अच्छा काम करेंगी'.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: हाइट हाउस के प्रेस सचिव सीन स्पाइसर ने यह बात कही... दोनों देशों के बीच संबंध उत्तरोत्तर मजबूत होते रहेंगे- सीन स्पाइसर स्पाइसर ने UNSC की सीटों के विस्तार के सवाल पर कोई जवाब नहीं दिया.
25
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र (Maharashtra) की सियासत की तस्वीर रातोंरात बदल गई. यहां बीजेपी (BJP) ने एनसीपी (NCP) के साथ मिलकर सरकार बना ली. इधर सरकार बनाने के लिए तैयार बैठी शिवसेना-कांग्रेस ने इसे अपने साथ किया गया धोखा बताया है.  शिवसेना नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अजित पवार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अजित ने उनकी पीठ में छुरा घोंपा है. संजय ने कहा, '' महाशय! 9 बजे तक हमारे साथ बैठे थे. उसी वक्त हमें उनकी बॉडी लैंग्वेज बदली-बदली लग रही थी. नजर मिलाकर बात नहीं कर रहे थे और फिर अचानक से गायब हो गए. उनका फोन भी स्विच ऑफ हो गया.'' संजय राउत ने कहा कि बीजेपी ने राजभवन का दुरुपयोग किया है और जिस तरह रात के अंधेरे में सरकार बनाई गई है ये पाप है. उन्होंने कहा कि अजित पवार ने महाराष्ट्र की जनता और छत्रपति शिवाजी के मूल्यों का अनादर किया है.  राउत ने कहा कि इस पूरे मामले पर वे एनसीपी प्रमुख शरद पवार के साथ संपर्क में हैं. उन्होंने बताया कि सुबह दो बार उद्धव ठाकरे की शरद पवार से बातचीत भी हो चुकी है. हालांकि शरद पवार ने भी कहा है कि ये पूरी एनसीपी का निर्णय नहीं है ये अजित पवार का व्यक्तिगत का निर्णय है.
संक्षिप्त सारांश: संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी और अजित पावर पर किया हमला सुबह करीब 8 बजे ली देवेंद्र फडणवीस ने सीएम पद की शपथ महाराष्ट्र से हटाया गया राष्ट्रपति शासन
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: Govardhan Puja / Annakut or Annakoot 2019: दीपावली यानी दीवाली (Deepawali or Diwali) के अगले दिन गोवर्द्धन पूजा (Govardhan Puja) की जाती है. इसे अन्नकूट (Annakoot or Annakut) के नाम से भी जाना जाता है. गोवर्दन पूजा के दिन भगवान कृष्‍ण (Sri Krishna), गोवर्द्धन पर्वत और गायों की पूजा का विधान है. इतना ही नहीं, इस दिन 56 या 108 तरह के पकवान बनाकर श्रीकृष्‍ण को उनका भोग लगाया जाता है.  इन पकवानों को 'अन्‍नकूट' (Annakoot or Annakut) कहा जाता है. ऐसी मान्यता है कि ब्रजवासियों की रक्षा के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी दिव्य शक्ति से विशाल गोवर्धन पर्वत को छोटी अंगुली में उठाकर हजारों जीव-जतुंओं और इंसानी जिंदगियों को भगवान इंद्र के कोप से बचाया था. यानी भगवान कृष्‍ण ने देव राज इन्‍द्र के घमंड को चूर-चूर कर गोवर्द्धन पर्वत की पूजा की थी. इस दिन लोग अपने घरों में गाय के गोबर से गोवर्धन बनाते हैं.
संक्षिप्त सारांश: दीवाली के बाद गोवर्द्धन पूजा आती है इस दिन गोवर्द्धन पर्वत की पूजा का विधान है साथ ही भगवान कृष्‍ण के लिए अन्ननकूट बनाया जाता है
0
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) की ओर से बिहार के बेगूसराय सीट से लोकसभा चुनाव के उम्मीदवार कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) ने बंगाल हिंसा के दौरान ईश्वचंद विद्यासागर की तोड़ी गई मूर्ति को लेकर अपने फेसबुक अकाउंट पर एक लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखा है. कन्हैया कुमार ने कहना है कि आज हिंदू नहीं बल्कि विज्ञान, लॉजिक और संविधान खतरे में हैं. उन्होंने लिखा, ''आज करोड़ों रुपये खर्च करके यह झूठ फैलाया जा रहा है कि देश में हिंदू ख़तरे में हैं. सच तो यह है कि आज हिंदू नहीं बल्कि विज्ञान, लॉजिक और संविधान ख़तरे में हैं.'' कन्हैया कुमार ने आगे लिखा, ''जिन लोगों ने विद्यासागर की मूर्ति तोड़ी है, उन्होंने असल में पूरे देश में विद्या के खिलाफ अघोषित युद्ध छेड़ रखा है. भाजपा ने पूरे देश में लगभग दो लाख सरकारी स्कूल बंद करा दिए हैं. हरियाणा में 300 से ज़्यादा स्कूलों में विज्ञान की पढ़ाई बंद करा दी गई है. शिक्षा के बजट में लगातार कटौती की जा रही है. इन तमाम कदमों के पीछे एक ही मकसद है और वह है नागरिकों को भीड़ में तब्दील करके एक ऐसी विचारधारा को मज़बूत करना जिसने आज तक लोकतंत्र और इंसानियत पर चोट करने के अलावा और कोई काम नहीं किया है. लोकतंत्र में हिंसा और प्रतिहिंसा की कोई जगह नहीं है. चाहे हिंसा किसी भी तरफ़ से हो, यह समस्या का समाधान नहीं है. जिन्होंने विद्यासागर की मूर्ति तोड़ी है, वे अगर भविष्य में विद्यासागर सेतु को भी तोड़ने की बात कहें तो हमें आश्चर्य नहीं होगा. अंग्रेजों ने फूट डालकर राज करने की नीति अपनाई थी और उनके लिए मुख़बिरी करने वाले लोग आज लोगों को बांटने के साथ उनका ध्यान भटकाने की नीति भी अपना रहे हैं. ध्यान भटकाना तभी आसान होगा जब स्कूल-अस्पताल पर बात नहीं करके श्मशान-कब्रिस्तान को राजनीति के केंद्र में रखा जाएगा. बौद्धिकता के खिलाफ नफरत का माहौल बनाने के लिए विश्वविद्यालयों को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ने वाली भाजपा ने देश का बहुत बड़ा नुकसान किया है. इस नुकसान की भरपाई चुनावी जीत से नहीं, बल्कि आने वाले समय में नागरिकों की सामूहिक कोशिशों से ही की जा सकेगी. हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि नरेंद्र दाभोलकर, गौरी लंकेश, गोविंद पानसरे, कलबुर्गी आदि अज्ञान के अंधेरे को दूर करते हुए ज्ञान के पथ पर शहीद हो गए. उनकी स्मृति का सम्मान करने के लिए हमें अज्ञान को कॉमन सेंस बनाने की साज़िश करने वालों के ख़िलाफ़ एकजुट होकर संघर्ष करना है.''
सारांश: कन्हैया कुमार का फेसबुक पोस्ट बंगाल हिंसा पर लिखा बेगूसराय से हैं उम्मीदवार
20
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भाजपा ने चुनाव आयोग से मांग की कि मुसलमानों को आरक्षण देने संबंधी कांग्रेस नेताओं की ओर से जारी बयानबाजी के मामले में बेनी प्रसाद वर्मा सहित इस संवैधानिक संस्था को चुनौती देने वाले केन्द्रीय मंत्रियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए और उन्हें उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार से रोका जाए।टिप्पणियां इस मुद्दे पर भाजपा प्रतिनिधिमंडल के चुनाव आयोग से मिलने के बाद पार्टी के महासचिव जे पी नड्डा ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘हमने चुनाव आयोग से मिलकर बेनी प्रसाद वर्मा के विरुद्ध अपनी शिकायत दर्ज कराई है। हमने आयोग से कहा है कि उसकी चेतावनी के बावजूद केन्द्रीय मंत्रियों द्वारा मुसलमानों को आरक्षण देने से जुड़ी बयानबाजी करके आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में उनके खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए।’’ पार्टी प्रतिनिधिमंडल में नड्डा के अलावा राजीव प्रताप रूडी और शाहनवाज हुसैन आदि शामिल थे। इस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी से मिल कर अपनी शिकायत दर्ज कराई और उन्हें ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि चुनाव आयोग को आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले केन्द्रीय मंत्रियों की केवल निंदा करने के बजाए उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उसने मांग की ऐसे मंत्रियों को चुनाव प्रचार करने से रोक देना चाहिए। इसमें कहा गया कि पहले सलमान खुर्शीद और अब वर्मा ने चुनाव आयोग को चुनौती दी है। इसमें कहा गया है कि वोट बैंक की राजनीति के तहत केन्द्रीय मंत्री मुसलमानों को आरक्षण देने के मामले की बयानबाजी में ‘रिले दौड़’ जैसा आचरण अपनाए हुए हैं। नड्डा ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की अवमानना करना कांग्रेस पार्टी की आदत-सी बन गई है, जिस पर अंकुश लगाना जरूरी है। इस मुद्दे पर भाजपा प्रतिनिधिमंडल के चुनाव आयोग से मिलने के बाद पार्टी के महासचिव जे पी नड्डा ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘हमने चुनाव आयोग से मिलकर बेनी प्रसाद वर्मा के विरुद्ध अपनी शिकायत दर्ज कराई है। हमने आयोग से कहा है कि उसकी चेतावनी के बावजूद केन्द्रीय मंत्रियों द्वारा मुसलमानों को आरक्षण देने से जुड़ी बयानबाजी करके आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में उनके खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए।’’ पार्टी प्रतिनिधिमंडल में नड्डा के अलावा राजीव प्रताप रूडी और शाहनवाज हुसैन आदि शामिल थे। इस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी से मिल कर अपनी शिकायत दर्ज कराई और उन्हें ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि चुनाव आयोग को आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले केन्द्रीय मंत्रियों की केवल निंदा करने के बजाए उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उसने मांग की ऐसे मंत्रियों को चुनाव प्रचार करने से रोक देना चाहिए। इसमें कहा गया कि पहले सलमान खुर्शीद और अब वर्मा ने चुनाव आयोग को चुनौती दी है। इसमें कहा गया है कि वोट बैंक की राजनीति के तहत केन्द्रीय मंत्री मुसलमानों को आरक्षण देने के मामले की बयानबाजी में ‘रिले दौड़’ जैसा आचरण अपनाए हुए हैं। नड्डा ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की अवमानना करना कांग्रेस पार्टी की आदत-सी बन गई है, जिस पर अंकुश लगाना जरूरी है। ज्ञापन में कहा गया कि चुनाव आयोग को आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले केन्द्रीय मंत्रियों की केवल निंदा करने के बजाए उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उसने मांग की ऐसे मंत्रियों को चुनाव प्रचार करने से रोक देना चाहिए। इसमें कहा गया कि पहले सलमान खुर्शीद और अब वर्मा ने चुनाव आयोग को चुनौती दी है। इसमें कहा गया है कि वोट बैंक की राजनीति के तहत केन्द्रीय मंत्री मुसलमानों को आरक्षण देने के मामले की बयानबाजी में ‘रिले दौड़’ जैसा आचरण अपनाए हुए हैं। नड्डा ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की अवमानना करना कांग्रेस पार्टी की आदत-सी बन गई है, जिस पर अंकुश लगाना जरूरी है।
संक्षिप्त पाठ: भाजपा ने चुनाव आयोग से मांग की कि मुसलमानों को आरक्षण देने संबंधी कांग्रेस नेताओं की ओर से जारी बयानबाजी के मामले को दर्ज किया जाए।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपनी सरकार की उपलब्धियों में सहयोग के लिए अधिकारियों का धन्यवाद देते हुए कहा कि जो अफसर उन्हें अच्छे नतीजे देता है, वह उनका खास हो जाता है. मुख्यमंत्री ने ‘आईएएस-वीक’ के सिलसिले में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि अधिकारियों की लगातार मेहनत की बदौलत राज्य सरकार प्रदेश की जनता के लिए अनेक कल्याणकारी और क्रांतिकारी योजनाएं शुरू कर सकी है. उन्होंने कहा कि वैसे तो अधिकारियों के भी गुट होते हैं और इस बारे में उनसे बेहतर कौन जान सकता है, लेकिन अफसरों ने उन्हें नतीजे दिए हैं और जो अधिकारी परिणाम दे देगा, वह उनका खास बन जाएगा. अखिलेश ने कहा कि अधिकारियों की लगातार मेहनत की वजह से राज्य सरकार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना, नि:शुल्क लैपटॉप वितरण योजना, समाजवादी पेंशन योजना, लोहिया ग्रामीण आवास योजना, कामधेनु डेयरी परियोजना एवं बिजली सुधार आदि की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किए हैं. इन कामों के नतीजे जनता के सामने आने लगे हैं. मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार को खुली हुई, उदार और लोकतांत्रिक सरकार बताते हुए महत्वपूर्ण परियोजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को बधाई दी. टिप्पणियां उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार ने कई विश्वस्तरीय परियोजनाओं को समय से पहले पूरा करके यह साबित कर दिया है कि उचित माहौल मिलने पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी इस प्रकार की परियोजनाओं को जमीन पर उतारने की क्षमता रखते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मुख्यमंत्री ने ‘आईएएस-वीक’ के सिलसिले में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि अधिकारियों की लगातार मेहनत की बदौलत राज्य सरकार प्रदेश की जनता के लिए अनेक कल्याणकारी और क्रांतिकारी योजनाएं शुरू कर सकी है. उन्होंने कहा कि वैसे तो अधिकारियों के भी गुट होते हैं और इस बारे में उनसे बेहतर कौन जान सकता है, लेकिन अफसरों ने उन्हें नतीजे दिए हैं और जो अधिकारी परिणाम दे देगा, वह उनका खास बन जाएगा. अखिलेश ने कहा कि अधिकारियों की लगातार मेहनत की वजह से राज्य सरकार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना, नि:शुल्क लैपटॉप वितरण योजना, समाजवादी पेंशन योजना, लोहिया ग्रामीण आवास योजना, कामधेनु डेयरी परियोजना एवं बिजली सुधार आदि की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किए हैं. इन कामों के नतीजे जनता के सामने आने लगे हैं. मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार को खुली हुई, उदार और लोकतांत्रिक सरकार बताते हुए महत्वपूर्ण परियोजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को बधाई दी. टिप्पणियां उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार ने कई विश्वस्तरीय परियोजनाओं को समय से पहले पूरा करके यह साबित कर दिया है कि उचित माहौल मिलने पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी इस प्रकार की परियोजनाओं को जमीन पर उतारने की क्षमता रखते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि वैसे तो अधिकारियों के भी गुट होते हैं और इस बारे में उनसे बेहतर कौन जान सकता है, लेकिन अफसरों ने उन्हें नतीजे दिए हैं और जो अधिकारी परिणाम दे देगा, वह उनका खास बन जाएगा. अखिलेश ने कहा कि अधिकारियों की लगातार मेहनत की वजह से राज्य सरकार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना, नि:शुल्क लैपटॉप वितरण योजना, समाजवादी पेंशन योजना, लोहिया ग्रामीण आवास योजना, कामधेनु डेयरी परियोजना एवं बिजली सुधार आदि की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किए हैं. इन कामों के नतीजे जनता के सामने आने लगे हैं. मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार को खुली हुई, उदार और लोकतांत्रिक सरकार बताते हुए महत्वपूर्ण परियोजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को बधाई दी. टिप्पणियां उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार ने कई विश्वस्तरीय परियोजनाओं को समय से पहले पूरा करके यह साबित कर दिया है कि उचित माहौल मिलने पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी इस प्रकार की परियोजनाओं को जमीन पर उतारने की क्षमता रखते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अखिलेश ने कहा कि अधिकारियों की लगातार मेहनत की वजह से राज्य सरकार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना, नि:शुल्क लैपटॉप वितरण योजना, समाजवादी पेंशन योजना, लोहिया ग्रामीण आवास योजना, कामधेनु डेयरी परियोजना एवं बिजली सुधार आदि की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किए हैं. इन कामों के नतीजे जनता के सामने आने लगे हैं. मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार को खुली हुई, उदार और लोकतांत्रिक सरकार बताते हुए महत्वपूर्ण परियोजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को बधाई दी. टिप्पणियां उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार ने कई विश्वस्तरीय परियोजनाओं को समय से पहले पूरा करके यह साबित कर दिया है कि उचित माहौल मिलने पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी इस प्रकार की परियोजनाओं को जमीन पर उतारने की क्षमता रखते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार को खुली हुई, उदार और लोकतांत्रिक सरकार बताते हुए महत्वपूर्ण परियोजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को बधाई दी. टिप्पणियां उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार ने कई विश्वस्तरीय परियोजनाओं को समय से पहले पूरा करके यह साबित कर दिया है कि उचित माहौल मिलने पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी इस प्रकार की परियोजनाओं को जमीन पर उतारने की क्षमता रखते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार ने कई विश्वस्तरीय परियोजनाओं को समय से पहले पूरा करके यह साबित कर दिया है कि उचित माहौल मिलने पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी इस प्रकार की परियोजनाओं को जमीन पर उतारने की क्षमता रखते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: 15 से 18 दिसंबर तक यूपी में मनाया जा रहा है आईएएस-वीक आईएएस एसोसिएशन की बैठक को मुख्यमंत्री ने किया संबोधित ईमानदार और काम करने वालों को सीएम ने बताया अपना प्रिय
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: 1984 में सिख विरोधी हिंसा के मामले में कांग्रेसी नेता सज्जन कुमार को द्वारका कोर्ट से राहत मिली है. कोर्ट ने सज्जन कुमार की अग्रिम जमानत याचिका मंजूर कर ली है. इसके लिए कोर्ट ने उन पर तीन शर्तें लगाई हैं. वह एक लाख रुपये का बॉन्ड भरेंगे, दूसरा जांच में सहयोग करेंगे और तीसरा देश छोड़कर नहीं जाएंगे. उन्हें आज शाम 3 बजे एसआईटी के सामने पेश होना है.टिप्पणियां 1984 की सिख विरोधी हिंसा के मामले में कांग्रेसी नेता सज्जन कुमार की अग्रिम जमानत याचिका पर द्वारका कोर्ट ने फैसला सुनाया है. एसआईटी के सामने तीसरे समन में पेश होने से पहले अपनी गिरफ्तारी की आशंका को लेकर सज्जन कुमार ने द्वारका कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की थी. एसआईटी ने कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को एसआईटी ने 2 नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए पहले बुलाया था. वहीं सज्जन कुमार ने कोर्ट में कहा है कि 32 साल बाद उनका नाम लिया गया है और ये राजनीतिक साजिश है. तो वहीं SIT की ओर से कहा गया कि सज्जन कुमार को दो बार पेश होने के लिए समन भेजे गए, लेकिन वे एक बार पेश हुए. सवालों के जवाब में उन्होंने सिर्फ नाम पता बताया. वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, इसलिए हिरासत में लेकर पूछताछ जरूरी है. मंगलवार को कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया था. दरअसल, SIT ने 1 नवंबर 1984 को जनकपुरी में सोहन सिंह और उनके दामाद अवतार सिंह की हत्या और 2 नवंबर 1984 को विकासपुरी में गुरबचन सिंह को जलाने के मामलों की दोबारा जांच शुरू की है। गुरबचन 29 साल तक बिस्तर पर रहे और तीन साल पहले उनकी मौत हुई है. इन मामलों में SIT ने कई गवाहों के बयान भी दर्ज किए हैं. 1984 की सिख विरोधी हिंसा के मामले में कांग्रेसी नेता सज्जन कुमार की अग्रिम जमानत याचिका पर द्वारका कोर्ट ने फैसला सुनाया है. एसआईटी के सामने तीसरे समन में पेश होने से पहले अपनी गिरफ्तारी की आशंका को लेकर सज्जन कुमार ने द्वारका कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की थी. एसआईटी ने कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को एसआईटी ने 2 नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए पहले बुलाया था. वहीं सज्जन कुमार ने कोर्ट में कहा है कि 32 साल बाद उनका नाम लिया गया है और ये राजनीतिक साजिश है. तो वहीं SIT की ओर से कहा गया कि सज्जन कुमार को दो बार पेश होने के लिए समन भेजे गए, लेकिन वे एक बार पेश हुए. सवालों के जवाब में उन्होंने सिर्फ नाम पता बताया. वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, इसलिए हिरासत में लेकर पूछताछ जरूरी है. मंगलवार को कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया था. दरअसल, SIT ने 1 नवंबर 1984 को जनकपुरी में सोहन सिंह और उनके दामाद अवतार सिंह की हत्या और 2 नवंबर 1984 को विकासपुरी में गुरबचन सिंह को जलाने के मामलों की दोबारा जांच शुरू की है। गुरबचन 29 साल तक बिस्तर पर रहे और तीन साल पहले उनकी मौत हुई है. इन मामलों में SIT ने कई गवाहों के बयान भी दर्ज किए हैं. दरअसल, SIT ने 1 नवंबर 1984 को जनकपुरी में सोहन सिंह और उनके दामाद अवतार सिंह की हत्या और 2 नवंबर 1984 को विकासपुरी में गुरबचन सिंह को जलाने के मामलों की दोबारा जांच शुरू की है। गुरबचन 29 साल तक बिस्तर पर रहे और तीन साल पहले उनकी मौत हुई है. इन मामलों में SIT ने कई गवाहों के बयान भी दर्ज किए हैं.
सज्जन कुमार की अग्रिम जमानत मंजूर SIT ने कहा- जांच में सहयोग नहीं कर रहे सवालों के जवाब में नाम पता ही बताया
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['hin']
एक सारांश बनाओ: जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने चेतावनी दी कि भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष इस हद तक विनाशकारी साबित हो सकता है, जिसकी अभी कल्पना नहीं की जा सकती. महबूबा ने कहा, 'अगर तनाव कम करने के लिए तत्काल उपाय नहीं किए गए, तो भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष के कारण राज्य (जम्मू एवं कश्मीर) में भी भीषण विनाश हो सकता है.' मुख्यमंत्री ने कहा, 'नई दिल्ली और इस्लामाबाद, दोनों को सीमा पर जारी स्थिति के खतरनाक परिणामों को देखते हुए बातचीत के रास्ते खोलने चाहिए.' भारत के यह कहने के बाद कि उसने पाकिस्तान के आतंकवादी ठिकानों पर 'सर्जिकल अटैक' किए हैं, महबूबा ने यह बात कही है. महबूबा ने कहा कि राज्य के लोगों की शांति को सबसे ज्यादा खतरा है. पिछले दो दशकों में हिंसा के कारण उन पर कई विपदाएं आई हैं. महबूबा ने कहा, 'जम्मू एवं कश्मीर के लोगों के लिए सीमा पर और राज्य के भीतर शांति का खास महत्व है और मैं उम्मीद करती हूं कि दोनों देशों के राजनीतिक नेतृत्व भी इसे इसी भावना से देखेंगे.' उन्होंने कहा, 'भारत और पाकिस्तान के बीच भाइयों की तरह हमेशा प्रतिद्वंद्विता रही है, लेकिन इस शत्रुता के जारी रहने के परिणाम बदतर होंगे.' महबूबा ने कहा कि बातचीत के अलावा और कोई विकल्प नहीं है, क्योंकि भारत और पाकिस्तान को दो लड़ाइयों के बाद भी अपने विवादों को सुलझाने के लिए बातचीत करनी पड़ी थी. टिप्पणियां महबूबा ने कहा, 'मुझे पूरी उम्मीद है कि क्षेत्र में निराशाजनक माहौल के बीच, मुद्दों को सुलझाने के लिए शांतिपूर्ण उपाय ही सही साबित होंगे और दोनों देशों के राजनीतिक नेतृत्वों को नए संकल्पों के साथ शांति बहाली और सुलह करनी होगी.' उन्होंने कहा, 'द्विपक्षीय तंत्र के जरिये अपनी समस्याओं को हल करना दोनों देशों के हित में होगा.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) महबूबा ने कहा, 'अगर तनाव कम करने के लिए तत्काल उपाय नहीं किए गए, तो भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष के कारण राज्य (जम्मू एवं कश्मीर) में भी भीषण विनाश हो सकता है.' मुख्यमंत्री ने कहा, 'नई दिल्ली और इस्लामाबाद, दोनों को सीमा पर जारी स्थिति के खतरनाक परिणामों को देखते हुए बातचीत के रास्ते खोलने चाहिए.' भारत के यह कहने के बाद कि उसने पाकिस्तान के आतंकवादी ठिकानों पर 'सर्जिकल अटैक' किए हैं, महबूबा ने यह बात कही है. महबूबा ने कहा कि राज्य के लोगों की शांति को सबसे ज्यादा खतरा है. पिछले दो दशकों में हिंसा के कारण उन पर कई विपदाएं आई हैं. महबूबा ने कहा, 'जम्मू एवं कश्मीर के लोगों के लिए सीमा पर और राज्य के भीतर शांति का खास महत्व है और मैं उम्मीद करती हूं कि दोनों देशों के राजनीतिक नेतृत्व भी इसे इसी भावना से देखेंगे.' उन्होंने कहा, 'भारत और पाकिस्तान के बीच भाइयों की तरह हमेशा प्रतिद्वंद्विता रही है, लेकिन इस शत्रुता के जारी रहने के परिणाम बदतर होंगे.' महबूबा ने कहा कि बातचीत के अलावा और कोई विकल्प नहीं है, क्योंकि भारत और पाकिस्तान को दो लड़ाइयों के बाद भी अपने विवादों को सुलझाने के लिए बातचीत करनी पड़ी थी. टिप्पणियां महबूबा ने कहा, 'मुझे पूरी उम्मीद है कि क्षेत्र में निराशाजनक माहौल के बीच, मुद्दों को सुलझाने के लिए शांतिपूर्ण उपाय ही सही साबित होंगे और दोनों देशों के राजनीतिक नेतृत्वों को नए संकल्पों के साथ शांति बहाली और सुलह करनी होगी.' उन्होंने कहा, 'द्विपक्षीय तंत्र के जरिये अपनी समस्याओं को हल करना दोनों देशों के हित में होगा.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मुख्यमंत्री ने कहा, 'नई दिल्ली और इस्लामाबाद, दोनों को सीमा पर जारी स्थिति के खतरनाक परिणामों को देखते हुए बातचीत के रास्ते खोलने चाहिए.' भारत के यह कहने के बाद कि उसने पाकिस्तान के आतंकवादी ठिकानों पर 'सर्जिकल अटैक' किए हैं, महबूबा ने यह बात कही है. महबूबा ने कहा कि राज्य के लोगों की शांति को सबसे ज्यादा खतरा है. पिछले दो दशकों में हिंसा के कारण उन पर कई विपदाएं आई हैं. महबूबा ने कहा, 'जम्मू एवं कश्मीर के लोगों के लिए सीमा पर और राज्य के भीतर शांति का खास महत्व है और मैं उम्मीद करती हूं कि दोनों देशों के राजनीतिक नेतृत्व भी इसे इसी भावना से देखेंगे.' उन्होंने कहा, 'भारत और पाकिस्तान के बीच भाइयों की तरह हमेशा प्रतिद्वंद्विता रही है, लेकिन इस शत्रुता के जारी रहने के परिणाम बदतर होंगे.' महबूबा ने कहा कि बातचीत के अलावा और कोई विकल्प नहीं है, क्योंकि भारत और पाकिस्तान को दो लड़ाइयों के बाद भी अपने विवादों को सुलझाने के लिए बातचीत करनी पड़ी थी. टिप्पणियां महबूबा ने कहा, 'मुझे पूरी उम्मीद है कि क्षेत्र में निराशाजनक माहौल के बीच, मुद्दों को सुलझाने के लिए शांतिपूर्ण उपाय ही सही साबित होंगे और दोनों देशों के राजनीतिक नेतृत्वों को नए संकल्पों के साथ शांति बहाली और सुलह करनी होगी.' उन्होंने कहा, 'द्विपक्षीय तंत्र के जरिये अपनी समस्याओं को हल करना दोनों देशों के हित में होगा.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) महबूबा ने कहा कि राज्य के लोगों की शांति को सबसे ज्यादा खतरा है. पिछले दो दशकों में हिंसा के कारण उन पर कई विपदाएं आई हैं. महबूबा ने कहा, 'जम्मू एवं कश्मीर के लोगों के लिए सीमा पर और राज्य के भीतर शांति का खास महत्व है और मैं उम्मीद करती हूं कि दोनों देशों के राजनीतिक नेतृत्व भी इसे इसी भावना से देखेंगे.' उन्होंने कहा, 'भारत और पाकिस्तान के बीच भाइयों की तरह हमेशा प्रतिद्वंद्विता रही है, लेकिन इस शत्रुता के जारी रहने के परिणाम बदतर होंगे.' महबूबा ने कहा कि बातचीत के अलावा और कोई विकल्प नहीं है, क्योंकि भारत और पाकिस्तान को दो लड़ाइयों के बाद भी अपने विवादों को सुलझाने के लिए बातचीत करनी पड़ी थी. टिप्पणियां महबूबा ने कहा, 'मुझे पूरी उम्मीद है कि क्षेत्र में निराशाजनक माहौल के बीच, मुद्दों को सुलझाने के लिए शांतिपूर्ण उपाय ही सही साबित होंगे और दोनों देशों के राजनीतिक नेतृत्वों को नए संकल्पों के साथ शांति बहाली और सुलह करनी होगी.' उन्होंने कहा, 'द्विपक्षीय तंत्र के जरिये अपनी समस्याओं को हल करना दोनों देशों के हित में होगा.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) महबूबा ने कहा कि बातचीत के अलावा और कोई विकल्प नहीं है, क्योंकि भारत और पाकिस्तान को दो लड़ाइयों के बाद भी अपने विवादों को सुलझाने के लिए बातचीत करनी पड़ी थी. टिप्पणियां महबूबा ने कहा, 'मुझे पूरी उम्मीद है कि क्षेत्र में निराशाजनक माहौल के बीच, मुद्दों को सुलझाने के लिए शांतिपूर्ण उपाय ही सही साबित होंगे और दोनों देशों के राजनीतिक नेतृत्वों को नए संकल्पों के साथ शांति बहाली और सुलह करनी होगी.' उन्होंने कहा, 'द्विपक्षीय तंत्र के जरिये अपनी समस्याओं को हल करना दोनों देशों के हित में होगा.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) महबूबा ने कहा, 'मुझे पूरी उम्मीद है कि क्षेत्र में निराशाजनक माहौल के बीच, मुद्दों को सुलझाने के लिए शांतिपूर्ण उपाय ही सही साबित होंगे और दोनों देशों के राजनीतिक नेतृत्वों को नए संकल्पों के साथ शांति बहाली और सुलह करनी होगी.' उन्होंने कहा, 'द्विपक्षीय तंत्र के जरिये अपनी समस्याओं को हल करना दोनों देशों के हित में होगा.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सीमा पर तनाव कम करने के लिए तत्काल उपाय किए जाने चाहिए : महबूबा मुफ्ती नई दिल्ली और इस्लामाबाद को बातचीत के रास्ते खोलने चाहिए : मुफ्ती 'भारत, पाक को दो लड़ाइयों के बाद भी विवाद सुलझाने को बातचीत करनी पड़ी थी'
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ओडिशा के अंगुल जिले में गति धीबर अपनी पांच साल की बेटी का शव लेकर अस्पताल से बाहर निकले और एक किलोमीटर तक उन्हें ऐसी कोई मदद नहीं मिली जो उन्हें उनके गांव तक छोड़ पाती. बेटी का शव कंधे पर लादे लगातार एक घंटे तक पैदल चलते हुए धीबर को रास्ते में कई लोगों ने देखा, अपने मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड किया और याद किया कालाहांडी के दाना माझी को जो पिछले साल इसी तरह अपनी मदद न मिलने पर पत्नी का शव लेकर लगातार 10 किलोमीटर तक चले थे. बता दें कि ओडिशा में महाप्रायण योजना के तहत मुफ्त शव वाहन सेवा गरीबों को उपलब्ध करवाई जाती है लेकिन ऐसे वाहन ज्यादातर जिला अस्पताल के बाहर मिलते हैं, न कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के बाहर. यह सेवा इसलिए दी जाती है ताकि वे परिवार जो शव वाहन की सुविधा के खर्चे को उठाने में समर्थ नहीं हैं, वह भी अपने परिवार के सदस्य के शव का सम्मानजनक रूप से अंतिम संस्कार कर पाएं. धीबर भी कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर के बाहर अपनी बेटी सुमी को कंधे पर लादे निकले, उन्होंने इस बारे में अधिकारियों को सूचित नहीं किया लेकिन प्रशासन से भी अपनी ओरे से जिम्मेदारी निभाने में चूक हो गई. पल्लाहारा कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर के पास सरकारी योजना के तहत शव वाहन नहीं है और वह जिला अस्पताल से ही गाड़ी मंगवाती है. जिला अधिकारियों का कहना है कि अगर धीबर इंतज़ार कर लेते तो उन्हें शव वाहन जरूर मुहैया करवाया जाता. टिप्पणियां प्रशासन का कहना है कि आमतौर पर स्थानीय वाहनों से ही शव को ले जाया जाता है और उसका पैसा तुरंत ही आदिवासियों को रेड क्रॉस के जरिए दे दिया जाता है. इस मामले में अस्पताल के दो स्टाफ सदस्यों को लापरवाही के चलते हटा दिया गया है जिसमें एक जूनियर मैनेजर और सुरक्षा कर्मचारी है जिन्हें धीबर को शव को बाहर ले जाने से रोकना चाहिए था. वहीं सब डिविज़्नल मेडिकल अधिकारी से भी पूछा गया है कि क्यों न उनके खिलाफ कोई कार्यवाही की जाए. जिला कलेक्टर अनिल कुमार समल ने NDTV से कहा 'हमने ऐसी सुविधा दे रखी है ताकि मृतक के साथ सम्मानजनक तरीके से पेश आया जाए. जहां ऐसा नहीं हुआ है वहां कार्यवाही जरूर की जाएगी.' बता दें कि ओडिशा में महाप्रायण योजना के तहत मुफ्त शव वाहन सेवा गरीबों को उपलब्ध करवाई जाती है लेकिन ऐसे वाहन ज्यादातर जिला अस्पताल के बाहर मिलते हैं, न कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के बाहर. यह सेवा इसलिए दी जाती है ताकि वे परिवार जो शव वाहन की सुविधा के खर्चे को उठाने में समर्थ नहीं हैं, वह भी अपने परिवार के सदस्य के शव का सम्मानजनक रूप से अंतिम संस्कार कर पाएं. धीबर भी कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर के बाहर अपनी बेटी सुमी को कंधे पर लादे निकले, उन्होंने इस बारे में अधिकारियों को सूचित नहीं किया लेकिन प्रशासन से भी अपनी ओरे से जिम्मेदारी निभाने में चूक हो गई. पल्लाहारा कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर के पास सरकारी योजना के तहत शव वाहन नहीं है और वह जिला अस्पताल से ही गाड़ी मंगवाती है. जिला अधिकारियों का कहना है कि अगर धीबर इंतज़ार कर लेते तो उन्हें शव वाहन जरूर मुहैया करवाया जाता. टिप्पणियां प्रशासन का कहना है कि आमतौर पर स्थानीय वाहनों से ही शव को ले जाया जाता है और उसका पैसा तुरंत ही आदिवासियों को रेड क्रॉस के जरिए दे दिया जाता है. इस मामले में अस्पताल के दो स्टाफ सदस्यों को लापरवाही के चलते हटा दिया गया है जिसमें एक जूनियर मैनेजर और सुरक्षा कर्मचारी है जिन्हें धीबर को शव को बाहर ले जाने से रोकना चाहिए था. वहीं सब डिविज़्नल मेडिकल अधिकारी से भी पूछा गया है कि क्यों न उनके खिलाफ कोई कार्यवाही की जाए. जिला कलेक्टर अनिल कुमार समल ने NDTV से कहा 'हमने ऐसी सुविधा दे रखी है ताकि मृतक के साथ सम्मानजनक तरीके से पेश आया जाए. जहां ऐसा नहीं हुआ है वहां कार्यवाही जरूर की जाएगी.' धीबर भी कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर के बाहर अपनी बेटी सुमी को कंधे पर लादे निकले, उन्होंने इस बारे में अधिकारियों को सूचित नहीं किया लेकिन प्रशासन से भी अपनी ओरे से जिम्मेदारी निभाने में चूक हो गई. पल्लाहारा कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर के पास सरकारी योजना के तहत शव वाहन नहीं है और वह जिला अस्पताल से ही गाड़ी मंगवाती है. जिला अधिकारियों का कहना है कि अगर धीबर इंतज़ार कर लेते तो उन्हें शव वाहन जरूर मुहैया करवाया जाता. टिप्पणियां प्रशासन का कहना है कि आमतौर पर स्थानीय वाहनों से ही शव को ले जाया जाता है और उसका पैसा तुरंत ही आदिवासियों को रेड क्रॉस के जरिए दे दिया जाता है. इस मामले में अस्पताल के दो स्टाफ सदस्यों को लापरवाही के चलते हटा दिया गया है जिसमें एक जूनियर मैनेजर और सुरक्षा कर्मचारी है जिन्हें धीबर को शव को बाहर ले जाने से रोकना चाहिए था. वहीं सब डिविज़्नल मेडिकल अधिकारी से भी पूछा गया है कि क्यों न उनके खिलाफ कोई कार्यवाही की जाए. जिला कलेक्टर अनिल कुमार समल ने NDTV से कहा 'हमने ऐसी सुविधा दे रखी है ताकि मृतक के साथ सम्मानजनक तरीके से पेश आया जाए. जहां ऐसा नहीं हुआ है वहां कार्यवाही जरूर की जाएगी.' प्रशासन का कहना है कि आमतौर पर स्थानीय वाहनों से ही शव को ले जाया जाता है और उसका पैसा तुरंत ही आदिवासियों को रेड क्रॉस के जरिए दे दिया जाता है. इस मामले में अस्पताल के दो स्टाफ सदस्यों को लापरवाही के चलते हटा दिया गया है जिसमें एक जूनियर मैनेजर और सुरक्षा कर्मचारी है जिन्हें धीबर को शव को बाहर ले जाने से रोकना चाहिए था. वहीं सब डिविज़्नल मेडिकल अधिकारी से भी पूछा गया है कि क्यों न उनके खिलाफ कोई कार्यवाही की जाए. जिला कलेक्टर अनिल कुमार समल ने NDTV से कहा 'हमने ऐसी सुविधा दे रखी है ताकि मृतक के साथ सम्मानजनक तरीके से पेश आया जाए. जहां ऐसा नहीं हुआ है वहां कार्यवाही जरूर की जाएगी.' जिला कलेक्टर अनिल कुमार समल ने NDTV से कहा 'हमने ऐसी सुविधा दे रखी है ताकि मृतक के साथ सम्मानजनक तरीके से पेश आया जाए. जहां ऐसा नहीं हुआ है वहां कार्यवाही जरूर की जाएगी.'
सारांश: ओडिशा में एक आदिवासी अपनी बेटी के शव को लेकर एक किमी चला गति धीबर को एक किलोमीटर तक कोई वाहन नहीं मिला अस्पताल के जूनियर मैनेजर और सुरक्षा कर्मचारी को हटाया गया
33
['hin']
एक सारांश बनाओ: अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अर्थव्यवस्था की कमजोर तस्वीर पेश करने के साथ चेताया है कि यह स्थिति निकट भविष्य में कुछ समय तक बनी रहेगी। फेडरल रिजर्व ने इसी के मद्देनजर ब्याज दरों को अगले दो साल तक लगभग शून्य के स्तर पर रखने का फैसला किया है। फेडरल रिजर्व की फेडरल ओपन मार्केट कमेटी ने कहा, वर्तमान में चलाए जा रहे आर्थिक पुनरुद्धार के प्रयासों तथा महंगाई को एक निश्चित स्तर पर रखने के लिए कमेटी ने फैसला किया है कि फेडरल कोष की दरें शून्य से 0.25 प्रतिशत के स्तर पर रहेंगी। एफएमओसी ने बयान में कहा, कमेटी ने वर्तमान में अनुमान लगाया है कि आर्थिक स्थितियां, संसाधनों के इस्तेमाल की निचली दर तथा मध्यम अवधि में महंगाई के परिदृश्य की वजह से फेडरल कोष की दरें 2013 के मध्य तक बेहद कम स्तर पर रहेंगी। हालांकि कमेटी का यह फैसला सर्वसम्मति से नहीं लिया जा सका। फेडरल रिजर्व बोर्ड के चेयरमैन बेन एस बर्नान्के और उप प्रमुख विलियम सी डुडले ने पांच अन्य के साथ इसके पक्ष में मतदान किया, जबकि भारतीय अमेरिकी नारायण कोचरलाकोता सहित तीन अन्य ने इस प्रस्ताव के विरोध में वोट किया। साख निर्धारण एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पुअर्स द्वारा अमेरिका की ऋण साख को ट्रिपल ए से घटाकर एएप्लस किए जाने के बाद एफएमओसी ने यह कदम उठाया है। एफएमओसी का कहना है कि आगामी तिमाहियों में आर्थिक वृद्धि की दर उसके द्वारा पूर्व में लगाए गए अनुमान से कम रहेगी। साथ ही बेरोजगारी की दर में गिरावट भी कम होगी।
सारांश: अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अर्थव्यवस्था की कमजोर तस्वीर पेश करने के साथ चेताया है कि यह स्थिति निकट भविष्य में कुछ समय तक बनी रहेगी।
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कुछ समय बाद गुरलाभ सिंह ने भी कुछ जहरीले पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या कर ली थी. एक पुलिस अधिकारी ने बताया, कल, गुरलाभ के दूसरे बेटे देविंदर सिंह ने खुदकुशी कर ली. परिवार के सदस्यों के मुताबिक, उनके परिवार के तीन रिश्तेदारों ने खुदकुशी कर ली है. मामले की जांच की जा रही है.टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कुछ समय बाद गुरलाभ सिंह ने भी कुछ जहरीले पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या कर ली थी. एक पुलिस अधिकारी ने बताया, कल, गुरलाभ के दूसरे बेटे देविंदर सिंह ने खुदकुशी कर ली. परिवार के सदस्यों के मुताबिक, उनके परिवार के तीन रिश्तेदारों ने खुदकुशी कर ली है. मामले की जांच की जा रही है.टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: खुदकुशी करने वाले यह परिवार के तीसरे शख्स हैं किसान के पिता और भाई पहले ही कर चुके हैं खुदकुशी पुलिस मामले की जांच कर रही है
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: जम्मू एवं कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के एक गांव में शुक्रवार को सुरक्षा बलों की कार्रवाई में एक आतंकवादी मारा गया। माना जा रहा है कि वह लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर अबु हंजाल्ला है। 7 सेक्टर राष्ट्रीय रायफल्स के कमांडर ब्रिगेडियर ए. अरुण ने बताया, हमारे खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मारा गया आतंकवादी लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर अबु हंजाल्ला है। लेकिन अभी इसकी पुष्टि होना बाकी है। घटना की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय रायफल्स व जम्मू एवं कश्मीर पुलिस ने खुफिया खबरों के आधार पर गुरुवार को हंदवारा क्षेत्र के डुडीपोरा गांव में कार्रवाई शुरू की थी।टिप्पणियां अरुण ने हंदवारा में संवाददाताओं को बताया, जब वहां छुपे आतंकवादी कमांडर को समर्पण करने को कहा गया, तो उसने गोलीबारी शुरू कर दी। इससे दोनों पक्षों में गोलीबारी शुरू हो गई। हमें घटनास्थल से गोलियों से छलनी एक शव, एक हथियार व दो मैगजीन मिली हैं। उन्होंने कहा, हमें बीते कई दिनों से लश्कर-ए-तैयबा के इस शीर्ष कमांडर की तलाश थी। 7 सेक्टर राष्ट्रीय रायफल्स के कमांडर ब्रिगेडियर ए. अरुण ने बताया, हमारे खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मारा गया आतंकवादी लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर अबु हंजाल्ला है। लेकिन अभी इसकी पुष्टि होना बाकी है। घटना की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय रायफल्स व जम्मू एवं कश्मीर पुलिस ने खुफिया खबरों के आधार पर गुरुवार को हंदवारा क्षेत्र के डुडीपोरा गांव में कार्रवाई शुरू की थी।टिप्पणियां अरुण ने हंदवारा में संवाददाताओं को बताया, जब वहां छुपे आतंकवादी कमांडर को समर्पण करने को कहा गया, तो उसने गोलीबारी शुरू कर दी। इससे दोनों पक्षों में गोलीबारी शुरू हो गई। हमें घटनास्थल से गोलियों से छलनी एक शव, एक हथियार व दो मैगजीन मिली हैं। उन्होंने कहा, हमें बीते कई दिनों से लश्कर-ए-तैयबा के इस शीर्ष कमांडर की तलाश थी। घटना की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय रायफल्स व जम्मू एवं कश्मीर पुलिस ने खुफिया खबरों के आधार पर गुरुवार को हंदवारा क्षेत्र के डुडीपोरा गांव में कार्रवाई शुरू की थी।टिप्पणियां अरुण ने हंदवारा में संवाददाताओं को बताया, जब वहां छुपे आतंकवादी कमांडर को समर्पण करने को कहा गया, तो उसने गोलीबारी शुरू कर दी। इससे दोनों पक्षों में गोलीबारी शुरू हो गई। हमें घटनास्थल से गोलियों से छलनी एक शव, एक हथियार व दो मैगजीन मिली हैं। उन्होंने कहा, हमें बीते कई दिनों से लश्कर-ए-तैयबा के इस शीर्ष कमांडर की तलाश थी। अरुण ने हंदवारा में संवाददाताओं को बताया, जब वहां छुपे आतंकवादी कमांडर को समर्पण करने को कहा गया, तो उसने गोलीबारी शुरू कर दी। इससे दोनों पक्षों में गोलीबारी शुरू हो गई। हमें घटनास्थल से गोलियों से छलनी एक शव, एक हथियार व दो मैगजीन मिली हैं। उन्होंने कहा, हमें बीते कई दिनों से लश्कर-ए-तैयबा के इस शीर्ष कमांडर की तलाश थी। उन्होंने कहा, हमें बीते कई दिनों से लश्कर-ए-तैयबा के इस शीर्ष कमांडर की तलाश थी।
संक्षिप्त पाठ: जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में सेना ने लश्कर के कमांडर हंजुला को एनकाउंटर में मार गिराया है।
27
['hin']
एक सारांश बनाओ: सहारा समूह ने उच्चतम न्यायालय में दावा किया कि उसकी दो कंपनियों द्वारा निवेशकों से एकत्र किए गए 24 हजार करोड़ रुपये लौटाने के लिए समूह के मुखिया सुब्रत राय जिम्मेदार नहीं है। सहारा समूह ने उनके और दो कंपनियों के खिलाफ अवमानना प्रकरण का निबटारा होने तक सुब्रत राय का पासपोर्ट जब्त करने के बारे में सेबी की दलीलों के जवाब में यह दावा किया। न्यायमूर्ति केएस राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति जेएस खेहड़ की खंडपीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी ने कहा कि सहारा की कंपनियां पहले ही रकम लौटा चुकी हैं। शीर्ष अदालत के आदेश के अनुरूप निवेशकों को धन नहीं लौटाने के मामले में अवमानना कार्यवाही का सामना कर रही सहारा की एक कंपनी ने जेठमलानी को अपना वकील कर रखा है।टिप्पणियां जेठमलानी की इस दलील पर न्यायाधीशों ने कहा कि यह तो कंपनी द्वारा पहले दायर किए गए हलफनामे में अपनाए गए दृष्टिकोण से उलटा है। न्यायाधीशों ने कहा, ‘यह सही नहीं है। आपका हलफनामा तो कुछ और कहता है। आपका हलफनामा हमारी ओर देख रहा है।’ जेठमलानी ने न्यायालय से कहा कि हमारी ओर सहानुभूति से देखिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा तथ्यों और परिस्थितियों के आलोक में अवमानना कार्यवाही कहीं नहीं टिकती है और पुनर्भुगतान करने की जिम्मेदारी राय की नहीं है। उन्होंने कहा, ‘मैं इस बात से इनकार नहीं करता हूं कि वह परिवार (सहारा समूह) के भीष्म पितामह हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उनकी जिम्मेदारी है।’ लेकिन, बाजार नियामक सेबी की ओर से दलील दी गई कि सहारा इंडिया रियल इस्टेट कार्प लि और सहारा इंडिया हाउसिंग इंवेस्टमेन्ट कार्प लि द्वारा एकत्र की गई राशि सहारा समूह की अन्य कंपनियों में गई है और ऐसे में राय की समान रूप से जिम्मेदारी बनती है। सेबी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अरविन्द दात्तार ने कहा, ‘राय सेबी के अध्यक्ष से बार-बार मिलने का समय मांग रहे थे और उन्होंने इस मसले पर कई बार सेबी से संवाद किया था। वह अब यह कहकर खुद को अलग नहीं कर सकते हैं कि इन कंपनियों से उनका कोई सरोकार नहीं है। न्यायमूर्ति केएस राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति जेएस खेहड़ की खंडपीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी ने कहा कि सहारा की कंपनियां पहले ही रकम लौटा चुकी हैं। शीर्ष अदालत के आदेश के अनुरूप निवेशकों को धन नहीं लौटाने के मामले में अवमानना कार्यवाही का सामना कर रही सहारा की एक कंपनी ने जेठमलानी को अपना वकील कर रखा है।टिप्पणियां जेठमलानी की इस दलील पर न्यायाधीशों ने कहा कि यह तो कंपनी द्वारा पहले दायर किए गए हलफनामे में अपनाए गए दृष्टिकोण से उलटा है। न्यायाधीशों ने कहा, ‘यह सही नहीं है। आपका हलफनामा तो कुछ और कहता है। आपका हलफनामा हमारी ओर देख रहा है।’ जेठमलानी ने न्यायालय से कहा कि हमारी ओर सहानुभूति से देखिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा तथ्यों और परिस्थितियों के आलोक में अवमानना कार्यवाही कहीं नहीं टिकती है और पुनर्भुगतान करने की जिम्मेदारी राय की नहीं है। उन्होंने कहा, ‘मैं इस बात से इनकार नहीं करता हूं कि वह परिवार (सहारा समूह) के भीष्म पितामह हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उनकी जिम्मेदारी है।’ लेकिन, बाजार नियामक सेबी की ओर से दलील दी गई कि सहारा इंडिया रियल इस्टेट कार्प लि और सहारा इंडिया हाउसिंग इंवेस्टमेन्ट कार्प लि द्वारा एकत्र की गई राशि सहारा समूह की अन्य कंपनियों में गई है और ऐसे में राय की समान रूप से जिम्मेदारी बनती है। सेबी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अरविन्द दात्तार ने कहा, ‘राय सेबी के अध्यक्ष से बार-बार मिलने का समय मांग रहे थे और उन्होंने इस मसले पर कई बार सेबी से संवाद किया था। वह अब यह कहकर खुद को अलग नहीं कर सकते हैं कि इन कंपनियों से उनका कोई सरोकार नहीं है। जेठमलानी की इस दलील पर न्यायाधीशों ने कहा कि यह तो कंपनी द्वारा पहले दायर किए गए हलफनामे में अपनाए गए दृष्टिकोण से उलटा है। न्यायाधीशों ने कहा, ‘यह सही नहीं है। आपका हलफनामा तो कुछ और कहता है। आपका हलफनामा हमारी ओर देख रहा है।’ जेठमलानी ने न्यायालय से कहा कि हमारी ओर सहानुभूति से देखिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा तथ्यों और परिस्थितियों के आलोक में अवमानना कार्यवाही कहीं नहीं टिकती है और पुनर्भुगतान करने की जिम्मेदारी राय की नहीं है। उन्होंने कहा, ‘मैं इस बात से इनकार नहीं करता हूं कि वह परिवार (सहारा समूह) के भीष्म पितामह हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उनकी जिम्मेदारी है।’ लेकिन, बाजार नियामक सेबी की ओर से दलील दी गई कि सहारा इंडिया रियल इस्टेट कार्प लि और सहारा इंडिया हाउसिंग इंवेस्टमेन्ट कार्प लि द्वारा एकत्र की गई राशि सहारा समूह की अन्य कंपनियों में गई है और ऐसे में राय की समान रूप से जिम्मेदारी बनती है। सेबी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अरविन्द दात्तार ने कहा, ‘राय सेबी के अध्यक्ष से बार-बार मिलने का समय मांग रहे थे और उन्होंने इस मसले पर कई बार सेबी से संवाद किया था। वह अब यह कहकर खुद को अलग नहीं कर सकते हैं कि इन कंपनियों से उनका कोई सरोकार नहीं है। सेबी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अरविन्द दात्तार ने कहा, ‘राय सेबी के अध्यक्ष से बार-बार मिलने का समय मांग रहे थे और उन्होंने इस मसले पर कई बार सेबी से संवाद किया था। वह अब यह कहकर खुद को अलग नहीं कर सकते हैं कि इन कंपनियों से उनका कोई सरोकार नहीं है।
यहाँ एक सारांश है:सहारा समूह ने उच्चतम न्यायालय में दावा किया कि उसकी दो कंपनियों द्वारा निवेशकों से एकत्र किए गए 24 हजार करोड़ रुपये लौटाने के लिए समूह के मुखिया सुब्रत राय जिम्मेदार नहीं है।
15
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: विधानसभा चुनावों में स्पष्ट और परिवर्तनकारी नतीजों के दिन लिवाली के अच्छे समर्थन से शेयर बाजारों में तेजी रही तथा बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 195 अंक मजबूत होकर बंद हुआ। सेंसेक्स में बृहस्पतिवार को 249 अंक की बड़ी गिरावट आई थी। इसके विपरीत शुक्रवार को यह 195.49 अंक की बढ़त लेकर 18,531.28 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय दिन के उच्च स्तर 18,724.54 को छू गया था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 58.60 अंक की बढ़त के साथ 5,544.75 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह दिन के उच्च स्तर 5,605 अंक को छू गया था। ब्रोकरों ने कहा कि प. बंगाल में कांग्रेस की सहयोगी तृणमूल कांग्रेस द्वारा राज्य में तीन दशक से भी अधिक समय से सत्तारूढ़ रहे वामदल का सफाया करने से कारोबारी धारणा सुधरी। उन्होंने कहा कि निवेशकों ने हाल की गिरावट के बाद निचले स्तर पर आए दिग्गज शेयरों खासकर एफएमसीजी, मेटल और हेल्थकेयर शेयरों में लिवाली की।
संक्षिप्त पाठ: नतीजों के दिन लिवाली के अच्छे समर्थन से शेयर बाजारों में तेजी रही तथा बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 195 अंक मजबूत होकर बंद हुआ।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: एशिया की दो क्रिकेट महाशक्तियां - भारत और श्रीलंका वर्ल्ड कप पाने के लिए पूरी जान लड़ा देंगी। दोनों टीमें तीसरी बार फाइनल में पहुंची हैं, लेकिन लंका के साथ जो M−factor जुड़ा हुआ है, वह दुनिया की किसी भी टीम को परेशान कर सकता है। मुथैया मुरलीधरन, अजंता मेंडिस, एंजिलो मैथ्यूज, महेला जयवर्धने और लसिथ मलिंगा...वर्ल्ड कप फाइनल में टीम इंडिया को सावधान रहना होगा श्रीलंकाई टीम के M Factor से। यह M Factor 28 साल बाद टीम इंडिया का वर्ल्ड कप जीतने का सपना तोड़ सकता है। वर्ल्ड चैंपियन बनने के लिए धोनी की सेना को श्रीलंकाई M Factor को चकमा देना होगा। दुनिया के बेहतरीन स्पिनरों में शामिल मुथैया मुरलीधरन का ये आखिरी वर्ल्ड कप है और लीग मैचों में उनकी फाइटिंग स्पिरिट देखी जा चुकी है। चोट से परेशान रहने के बावजूद उन्होंने श्रीलंका की ओर से इस वर्ल्ड कप में 15 विकेट झटके हैं। वर्ल्ड कप में अजंता मेंडिस के खाते में सिर्फ 7 विकेट ही है, लेकिन जरूरत के समय वे विकेट झटकने में कामयाब रहे हैं। टीम इंडिया के बल्लेबाजों को स्पिनर की इस जोड़ी से चौकन्ना रहने की खास जरूरत है। वानखेड़े की स्लो पिच पर अगर दोनों दबाव बनाने में कामयाब रहे, तो भारत की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। एंजिलो मैथ्यूज ने टीम में ऑल राउंडर की भूमिका बखूबी निभाई है। हालांकि इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में चोट ने उन्हें परेशान किया, लेकिन उम्मीद है कि फाइनल जैसे बड़े मैच के लिए वह समय पर फिट हो जाएंगे। इस बल्लेबाज को भारतीय पिच पर खेलने का शानदार अनुभव रहा है। टीम इंडिया के गेंदबाजों को फाइनल की जंग जीतने के लिए इस बल्लेबाज़ को जल्दी पैवेलियन भेजना होगा। टीम इंडिया को सबसे ज्यादा खतरा है यार्कर के बादशाह लसिथ मलिंगा के नाम वर्ल्ड कप में चार गेंद पर चार विकेट लेने का रिकॉर्ड भी है। मलिंगा की यार्कर ने फाइनल में कहर ढाया, तो टीम इंडिया की खैर नहीं। धोनी की सेना को 28 साल बाद वर्ल्ड कप जीतना है, तो निश्चित तौर पर M Factor का तोड़ ढूंढना होगा।
संक्षिप्त पाठ: फाइनल में भारत को सावधान रहना होगा श्रीलंका के M Factor से। यह Factor 28 साल बाद भारत का वर्ल्ड कप जीतने का सपना तोड़ सकता है।
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कोलकाता में दो वर्ष पहले वाम दल शासन के दौरान बना एक फ्लाईओवर रविवार को गिर पड़ा। इससे तीन लोग घायल हो गए। यह जानकारी स्थानीय पुलिस ने दी। दुर्घटना के बाद राज्य में दोनों दलों, वामदल तथा सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। रविवार की सुबह इस फ्लाईओवर का 200 मीटर लम्बा हिस्सा नीचे बह रहे नाले में गिर पड़ा, उसी समय एक लॉरी फ्लाईओवर से गुजर रही थी जो फ्लाईओवर के क्षतिग्रस्त हिस्से में फंस गई। सुबह 4.30 बजे दुर्घटना होने के कारण इससे नुकसान काफी कम हुआ। आपदा प्रबंधन कार्यकर्ताओं तथा गोताखोरों ने लॉरी में सवार तीन लोगों को लॉरी से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के अनुसार तीनों व्यक्तियों को गंभीर चोटें आई हैं। इस फ्लाईओवर का उद्घाटन जनवरी 2011 में तत्कालीन वाम दल के मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्या ने किया था। टिप्पणियां राज्य के नगरीय विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा कि फ्लाईओवर के गिरने की जांच की जाएगी तथा यदि इंजीनियर द्वारा निर्माण में किसी तरह की कमी पाई गई तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने वाम दल पर दोषारोपण करते हुए कहा कि भट्टाचार्या द्वारा उद्घाटन कराए जाने की जल्दबाजी में इस फ्लाईओवर का निर्माण करवाया गया था। दुर्घटना के बाद राज्य में दोनों दलों, वामदल तथा सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। रविवार की सुबह इस फ्लाईओवर का 200 मीटर लम्बा हिस्सा नीचे बह रहे नाले में गिर पड़ा, उसी समय एक लॉरी फ्लाईओवर से गुजर रही थी जो फ्लाईओवर के क्षतिग्रस्त हिस्से में फंस गई। सुबह 4.30 बजे दुर्घटना होने के कारण इससे नुकसान काफी कम हुआ। आपदा प्रबंधन कार्यकर्ताओं तथा गोताखोरों ने लॉरी में सवार तीन लोगों को लॉरी से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के अनुसार तीनों व्यक्तियों को गंभीर चोटें आई हैं। इस फ्लाईओवर का उद्घाटन जनवरी 2011 में तत्कालीन वाम दल के मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्या ने किया था। टिप्पणियां राज्य के नगरीय विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा कि फ्लाईओवर के गिरने की जांच की जाएगी तथा यदि इंजीनियर द्वारा निर्माण में किसी तरह की कमी पाई गई तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने वाम दल पर दोषारोपण करते हुए कहा कि भट्टाचार्या द्वारा उद्घाटन कराए जाने की जल्दबाजी में इस फ्लाईओवर का निर्माण करवाया गया था। रविवार की सुबह इस फ्लाईओवर का 200 मीटर लम्बा हिस्सा नीचे बह रहे नाले में गिर पड़ा, उसी समय एक लॉरी फ्लाईओवर से गुजर रही थी जो फ्लाईओवर के क्षतिग्रस्त हिस्से में फंस गई। सुबह 4.30 बजे दुर्घटना होने के कारण इससे नुकसान काफी कम हुआ। आपदा प्रबंधन कार्यकर्ताओं तथा गोताखोरों ने लॉरी में सवार तीन लोगों को लॉरी से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के अनुसार तीनों व्यक्तियों को गंभीर चोटें आई हैं। इस फ्लाईओवर का उद्घाटन जनवरी 2011 में तत्कालीन वाम दल के मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्या ने किया था। टिप्पणियां राज्य के नगरीय विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा कि फ्लाईओवर के गिरने की जांच की जाएगी तथा यदि इंजीनियर द्वारा निर्माण में किसी तरह की कमी पाई गई तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने वाम दल पर दोषारोपण करते हुए कहा कि भट्टाचार्या द्वारा उद्घाटन कराए जाने की जल्दबाजी में इस फ्लाईओवर का निर्माण करवाया गया था। आपदा प्रबंधन कार्यकर्ताओं तथा गोताखोरों ने लॉरी में सवार तीन लोगों को लॉरी से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के अनुसार तीनों व्यक्तियों को गंभीर चोटें आई हैं। इस फ्लाईओवर का उद्घाटन जनवरी 2011 में तत्कालीन वाम दल के मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्या ने किया था। टिप्पणियां राज्य के नगरीय विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा कि फ्लाईओवर के गिरने की जांच की जाएगी तथा यदि इंजीनियर द्वारा निर्माण में किसी तरह की कमी पाई गई तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने वाम दल पर दोषारोपण करते हुए कहा कि भट्टाचार्या द्वारा उद्घाटन कराए जाने की जल्दबाजी में इस फ्लाईओवर का निर्माण करवाया गया था। इस फ्लाईओवर का उद्घाटन जनवरी 2011 में तत्कालीन वाम दल के मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्या ने किया था। टिप्पणियां राज्य के नगरीय विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा कि फ्लाईओवर के गिरने की जांच की जाएगी तथा यदि इंजीनियर द्वारा निर्माण में किसी तरह की कमी पाई गई तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने वाम दल पर दोषारोपण करते हुए कहा कि भट्टाचार्या द्वारा उद्घाटन कराए जाने की जल्दबाजी में इस फ्लाईओवर का निर्माण करवाया गया था। राज्य के नगरीय विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा कि फ्लाईओवर के गिरने की जांच की जाएगी तथा यदि इंजीनियर द्वारा निर्माण में किसी तरह की कमी पाई गई तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने वाम दल पर दोषारोपण करते हुए कहा कि भट्टाचार्या द्वारा उद्घाटन कराए जाने की जल्दबाजी में इस फ्लाईओवर का निर्माण करवाया गया था। उन्होंने वाम दल पर दोषारोपण करते हुए कहा कि भट्टाचार्या द्वारा उद्घाटन कराए जाने की जल्दबाजी में इस फ्लाईओवर का निर्माण करवाया गया था।
कोलकाता में दो वर्ष पहले वाम दल शासन के दौरान बना एक फ्लाईओवर रविवार को गिर पड़ा। इससे तीन लोग घायल हो गए। यह जानकारी स्थानीय पुलिस ने दी।
34
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एक बार फिर अप्रत्यक्ष रूप से बीजेपी पर निशाना साधा है. उद्धव ठाकरे ने कहा कि उनकी पार्टी को हराने वाला अभी पैदा नहीं हुआ है. दरअसल, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने पिछले दिनों गठबंधन न होने की स्थिति में अपने ही सहयोगी दलों को हराने से संबंधित एक टिप्पणी की थी. इसके बाद शिवसेना प्रमुख का यह बयान सामने आया है. उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने कहा कि अगर हनुमानजी की जाति को लेकर किसी अन्य धर्म के व्यक्ति ने टिप्पणी की होती तो उस व्यक्ति के दांत तोड़ देते. आपको बता दें कि शिवसेना को परोक्ष तौर पर चेतावनी देते हुए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने हाल ही में कहा था कि यदि गठबंधन हुआ तो भाजपा अपने सहयोगियों की जीत सुनिश्चित करेगी, लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो पार्टी आगामी लोकसभा चुनावों में अपने पूर्व सहयोगियों को पराजित कर देगी. इस बयान की आलोचना करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा,‘मैंने किसी से ‘पटक देंगे' जैसे शब्द सुने हैं. शिवसेना को हराने वाला अभी पैदा नहीं हुआ है'.
संक्षिप्त पाठ: उद्धव ठाकरे ने अमित शाह पर साधा निशाना कहा- उनकी पार्टी को कोई हराने वाला नहीं है बोले, विश्वास खोने पर आपका हारना तय है
14
['hin']
एक सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों में बुधवार को भी गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 68.16 अंकों की गिरावट के साथ 18,664.88 पर तथा निफ्टी 23.15 अंकों की गिरावट के साथ 5,519.10 पर बंद हुआ। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 25.49 अंकों की तेजी के साथ 18,758.53 पर खुला और 68.16 अंकों या 0.36 फीसदी की गिरावट के साथ 18,664.88 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में सेंसेक्स ने 18,811.46 के ऊपरी और 18,551.35 के निचले स्तर को छुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 7.05 अंकों की तेजी के साथ 5,549.30 पर खुला और 23.15 अंकों या 0.42 फीसदी की गिरावट के साथ 5,519.10 पर बंद हुआ।टिप्पणियां दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 5,561.45 के ऊपरी और 5,486.85 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मालकैप सूचकांकों में तेजी दर्ज की गई। मिडकैप 35.69 अंकों की तेजी के साथ 5,337.47 पर और स्मॉलकैप 64.73 अंकों की तेजी के साथ 5,165.97 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से सात सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (5.04 फीसदी), धातु (3.31 फीसदी), बिजली (2.82 फीसदी), तेल एवं गैस (2.76 फीसदी) और सार्वजनिक कंपनियां (2.40 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 25.49 अंकों की तेजी के साथ 18,758.53 पर खुला और 68.16 अंकों या 0.36 फीसदी की गिरावट के साथ 18,664.88 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में सेंसेक्स ने 18,811.46 के ऊपरी और 18,551.35 के निचले स्तर को छुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 7.05 अंकों की तेजी के साथ 5,549.30 पर खुला और 23.15 अंकों या 0.42 फीसदी की गिरावट के साथ 5,519.10 पर बंद हुआ।टिप्पणियां दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 5,561.45 के ऊपरी और 5,486.85 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मालकैप सूचकांकों में तेजी दर्ज की गई। मिडकैप 35.69 अंकों की तेजी के साथ 5,337.47 पर और स्मॉलकैप 64.73 अंकों की तेजी के साथ 5,165.97 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से सात सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (5.04 फीसदी), धातु (3.31 फीसदी), बिजली (2.82 फीसदी), तेल एवं गैस (2.76 फीसदी) और सार्वजनिक कंपनियां (2.40 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। दिन भर के कारोबार में सेंसेक्स ने 18,811.46 के ऊपरी और 18,551.35 के निचले स्तर को छुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 7.05 अंकों की तेजी के साथ 5,549.30 पर खुला और 23.15 अंकों या 0.42 फीसदी की गिरावट के साथ 5,519.10 पर बंद हुआ।टिप्पणियां दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 5,561.45 के ऊपरी और 5,486.85 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मालकैप सूचकांकों में तेजी दर्ज की गई। मिडकैप 35.69 अंकों की तेजी के साथ 5,337.47 पर और स्मॉलकैप 64.73 अंकों की तेजी के साथ 5,165.97 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से सात सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (5.04 फीसदी), धातु (3.31 फीसदी), बिजली (2.82 फीसदी), तेल एवं गैस (2.76 फीसदी) और सार्वजनिक कंपनियां (2.40 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 5,561.45 के ऊपरी और 5,486.85 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मालकैप सूचकांकों में तेजी दर्ज की गई। मिडकैप 35.69 अंकों की तेजी के साथ 5,337.47 पर और स्मॉलकैप 64.73 अंकों की तेजी के साथ 5,165.97 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से सात सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (5.04 फीसदी), धातु (3.31 फीसदी), बिजली (2.82 फीसदी), तेल एवं गैस (2.76 फीसदी) और सार्वजनिक कंपनियां (2.40 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। बीएसई के 13 में से सात सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (5.04 फीसदी), धातु (3.31 फीसदी), बिजली (2.82 फीसदी), तेल एवं गैस (2.76 फीसदी) और सार्वजनिक कंपनियां (2.40 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: देश के शेयर बाजारों में बुधवार को भी गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 68.16 अंकों की गिरावट के साथ 18,664.88 पर तथा निफ्टी 23.15 अंकों की गिरावट के साथ 5,519.10 पर बंद हुआ।
32
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: Maharashtra Board SSC Result 2019: महाराष्ट्र एसएससी रिजल्ट जल्द जारी किया जाएगा. पिछले साल 8 जून को 10वीं का रिजल्ट (Maharashtra SSC Result 2019) जारी किया गया था. ऐसे में अब किसी भी समय 10वीं का रिजल्ट (MSBSHE SSC Result 2019) जारी किया जा सकता है. हालांकि बोर्ड की ओर से अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है. लेकिन जल्द ही स्टूडेंट्स का इंतजार खत्म होने की उम्मीद है. महाराष्ट्र बोर्ड एसएससी रिजल्ट (Maharashtra Board SSC Result 2019) बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट mahresult.nic.in पर जारी किया जाएगा. स्टूडेंट्स इस वेबसाइट पर जाकर आसानी से अपना रिजल्ट चेक कर पाएंगे. स्टूडेंट्स ऑफिशियल वेबसाइट के अलावा प्राइवेट वेबसाइट्स indiaresults.com और examresults.net से भी अपना रिजल्ट चेक कर पाएंगे. आइये जानते हैं रिजल्ट और कैसे चेक करना है.   -महाराष्ट्र बोर्ड की 10वीं की परीक्षा का रिजल्ट आज नहीं आ रहा है, लेकिन रिजल्ट इस सप्ताह जारी हो सकता है. स्टेप 1: स्टूडेंट्स ऑफिशियल वेबसाइट mahresult.nic.in पर जाएं. स्टेप 2: वेबसाइट के होमपेज पर दिए गए एसएससी रिजल्ट के लिंक पर क्लिक करें. स्टेप 3: अब अपना रोल नंबर सबमिट करें. स्टेप 4: आपका रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा, रिजल्ट को ध्यान से चेक कर लें. स्टेप 5: भविष्य के लिए रिजल्ट का प्रिंट ऑउट ले लें.
संक्षिप्त सारांश: जल्द जारी होगा 10वीं का रिजल्ट. 10वीं की परीक्षा में 17 लाख स्टूडेंट्स शामिल हुए थे. 10वीं की परीक्षा 1 मार्च से 22 मार्च तक आयोजित की थी.
10
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: तमिलनाड़ु पुलिस ने गुरुवार को श्रीलंका सरकार के इस कथित दावे का खंडन कर दिया कि राज्य में लिट्टे के शिविर चल रहे हैं और कहा कि यह दावा बेबुनियाद है और वास्तविकता से परे है। पुलिस महानिदेशक लतिका सरन ने कहा, अमेरिका में बसे वी रूद्रकुमारन, नॉर्वे में मौजूद नेदियावन और विनायगम के कथित प्रशिक्षण शिविर राज्य में नहीं हैं और इस बात के कोई सबूत नहीं हैं कि उन्होंने श्रीलंका में गृह युद्ध छेड़ने और भारतीय नेताओं की हत्या करने के लिये तमिलनाड़ु में अड्डे स्थापित कर लिये हैं। तमिलनाड़ु की पुलिस प्रमुख का यह वक्तव्य उन खबरों के चलते आया है जिनमें श्रीलंका के प्रधानमंत्री डी. एम जयरत्ने के नौ मार्च को संसद में दिये गये वक्तव्य के हवाले से कहा गया है कि तमिलनाड़ु में लिट्टे के तीन गोपनीय प्रशिक्षण शिविर चल रहे हैं। लतिका ने कहा कि राज्य पुलिस की खुफिया इकाई पूरी तरह मुस्तैद है और इस तरह की जानकारी पर सतत नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा, तटीय सुरक्षा समूह सहित राज्य पुलिस तमिलनाड़ु के तटवर्ती क्षेत्रों पर नजर रखे हुए है।
सरन ने कहा, अमेरिका में बसे वी रूद्रकुमारन, नॉर्वे में मौजूद नेदियावन और विनायगम के कथित प्रशिक्षण शिविर राज्य में नहीं हैं।'
28
['hin']
एक सारांश बनाओ: एफडीआई की लड़ाई में भले ही सरकार जीत गई हो, लेकिन यह कोई आसान काम नहीं था। इसके लिए सरकार को मायावती और मुलायम सिंह यादव दोनों को अपने हक में खड़ा करना पड़ा, जो एक दूसरे के धुर विरोधी हैं। और इन सबके पीछे हाथ रहा संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ का। मंत्रिमंडल में फेरबदल के बाद अचानक एक बार फिर कांग्रेस में सबसे आगे की पंक्ति में आए कमलनाथ ने मुलायम सिंह यादव और मायावती से अपने पुराने रिश्तों को भुनाया और वह दो धुर विरोधियों को अपने फायदे के लिए एक जैसी ही लाइन पर लाने में कामयाब रहे। दोनों सदनों में सरकार को मिली इस जीत से न केवल सरकार का मनोबल ऊंचा हुआ है, बल्कि कमलनाथ का कद भी बढ़ा है। गौरतलब है कि रिटेल में एफडीआई के मुद्दे पर राज्यसभा में हुई वोटिंग में विपक्ष का प्रस्ताव गिर गया। प्रस्ताव के पक्ष में 102 और विरोध में 123 वोट गए, जबकि 19 सांसदों ने वोट नहीं दिया। सरकार की इस कामयाबी के पीछे समाजवादी पार्टी के वॉक आउट और बीएसपी के साथ का हाथ रहा। बीएसपी ने सरकार के समर्थन में वोटिंग की। हालांकि वोटिंग से दूर रहने वाले मुलायम सिंह यादव अब भी इसके विरोध में डटे हुए हैं और उन्होंने कहा कि इसको लेकर उनका विरोध जारी रहेगा। संसद के ऊपरी सदन में हुई इस वोटिंग के बाद देश में एफडीआई का रास्ता साफ हो गया है और सरकार अब आर्थिक सुधार से जुड़े उन बिलों को पास कराने की रणनीति बना रही है, जो लंबे समय से अटके पड़े हैं। खबर है कि सरकार सोमवार को लोकसभा में बैंकिंग सुधार बिल को बहस और पास करने के लिए पेश कर सकती है, साथ ही पेंशन और इंश्योरेंस सेक्टर में बड़े सुधार से जुड़े बिल पर भी सरकार आम सहमति बनाकर आगे बढ़ना चाहती है। कमलनाथ ने संवाददाताओं को बताया, निश्चित तौर पर हम आगामी सप्ताहों में संसद में और विधेयक लाने जा रहे हैं और हम सभी राजनीतिक दलों को इन पर राजी करेंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार ने वित्तीय विधेयकों पर बीजेपी से सहयोग मांगा है, उन्होंने कहा, मैंने उनके साथ चर्चा की है। मुझे भरोसा है कि बीजेपी भी हमारा समर्थन करेगी। वे विधेयकों में एक या दो संशोधन चाहते हैं और चर्चा चल रही है। राज्यसभा में एफडीआई मुद्दे पर सरकार की जीत पर वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा, लोकसभा में मतदान के बाद राज्यसभा में मतदान कराने की मांग की शायद जरूरी नहीं थी। यह राज्यसभा का अधिकार है और उन्होंने इसकी मांग की। उन्होंने कहा, हमने दिखा दिया कि हमारे पास स्पष्ट बहुमत है। सरकार ने दिखा दिया है कि दोनों सदनों में हमारा बहुमत है।टिप्पणियां प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री वी. नारायणसामी ने कहा कि खुदरा में एफडीआई एक ऐसा विषय है, जिसे विपक्षी दलों ने बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। सरकार की सुधारवादी नीति को संसद की मंजूरी मिल गई। उधर, विपक्ष का मानना है कि एफडीआई पर लोकसभा और राज्यसभा में मिली जीत का मतलब सरकार को यह नहीं लगाना चाहिए कि वह आर्थिक सुधारों पर उनके साथ है, यानी भले ही एफडीआई का कांटा आसानी से निकल गया हो, लेकिन अभी कई मोर्चे ऐसे हैं, जहां सरकार को विपक्ष से दो-दो हाथ करने हैं। मंत्रिमंडल में फेरबदल के बाद अचानक एक बार फिर कांग्रेस में सबसे आगे की पंक्ति में आए कमलनाथ ने मुलायम सिंह यादव और मायावती से अपने पुराने रिश्तों को भुनाया और वह दो धुर विरोधियों को अपने फायदे के लिए एक जैसी ही लाइन पर लाने में कामयाब रहे। दोनों सदनों में सरकार को मिली इस जीत से न केवल सरकार का मनोबल ऊंचा हुआ है, बल्कि कमलनाथ का कद भी बढ़ा है। गौरतलब है कि रिटेल में एफडीआई के मुद्दे पर राज्यसभा में हुई वोटिंग में विपक्ष का प्रस्ताव गिर गया। प्रस्ताव के पक्ष में 102 और विरोध में 123 वोट गए, जबकि 19 सांसदों ने वोट नहीं दिया। सरकार की इस कामयाबी के पीछे समाजवादी पार्टी के वॉक आउट और बीएसपी के साथ का हाथ रहा। बीएसपी ने सरकार के समर्थन में वोटिंग की। हालांकि वोटिंग से दूर रहने वाले मुलायम सिंह यादव अब भी इसके विरोध में डटे हुए हैं और उन्होंने कहा कि इसको लेकर उनका विरोध जारी रहेगा। संसद के ऊपरी सदन में हुई इस वोटिंग के बाद देश में एफडीआई का रास्ता साफ हो गया है और सरकार अब आर्थिक सुधार से जुड़े उन बिलों को पास कराने की रणनीति बना रही है, जो लंबे समय से अटके पड़े हैं। खबर है कि सरकार सोमवार को लोकसभा में बैंकिंग सुधार बिल को बहस और पास करने के लिए पेश कर सकती है, साथ ही पेंशन और इंश्योरेंस सेक्टर में बड़े सुधार से जुड़े बिल पर भी सरकार आम सहमति बनाकर आगे बढ़ना चाहती है। कमलनाथ ने संवाददाताओं को बताया, निश्चित तौर पर हम आगामी सप्ताहों में संसद में और विधेयक लाने जा रहे हैं और हम सभी राजनीतिक दलों को इन पर राजी करेंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार ने वित्तीय विधेयकों पर बीजेपी से सहयोग मांगा है, उन्होंने कहा, मैंने उनके साथ चर्चा की है। मुझे भरोसा है कि बीजेपी भी हमारा समर्थन करेगी। वे विधेयकों में एक या दो संशोधन चाहते हैं और चर्चा चल रही है। राज्यसभा में एफडीआई मुद्दे पर सरकार की जीत पर वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा, लोकसभा में मतदान के बाद राज्यसभा में मतदान कराने की मांग की शायद जरूरी नहीं थी। यह राज्यसभा का अधिकार है और उन्होंने इसकी मांग की। उन्होंने कहा, हमने दिखा दिया कि हमारे पास स्पष्ट बहुमत है। सरकार ने दिखा दिया है कि दोनों सदनों में हमारा बहुमत है।टिप्पणियां प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री वी. नारायणसामी ने कहा कि खुदरा में एफडीआई एक ऐसा विषय है, जिसे विपक्षी दलों ने बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। सरकार की सुधारवादी नीति को संसद की मंजूरी मिल गई। उधर, विपक्ष का मानना है कि एफडीआई पर लोकसभा और राज्यसभा में मिली जीत का मतलब सरकार को यह नहीं लगाना चाहिए कि वह आर्थिक सुधारों पर उनके साथ है, यानी भले ही एफडीआई का कांटा आसानी से निकल गया हो, लेकिन अभी कई मोर्चे ऐसे हैं, जहां सरकार को विपक्ष से दो-दो हाथ करने हैं। गौरतलब है कि रिटेल में एफडीआई के मुद्दे पर राज्यसभा में हुई वोटिंग में विपक्ष का प्रस्ताव गिर गया। प्रस्ताव के पक्ष में 102 और विरोध में 123 वोट गए, जबकि 19 सांसदों ने वोट नहीं दिया। सरकार की इस कामयाबी के पीछे समाजवादी पार्टी के वॉक आउट और बीएसपी के साथ का हाथ रहा। बीएसपी ने सरकार के समर्थन में वोटिंग की। हालांकि वोटिंग से दूर रहने वाले मुलायम सिंह यादव अब भी इसके विरोध में डटे हुए हैं और उन्होंने कहा कि इसको लेकर उनका विरोध जारी रहेगा। संसद के ऊपरी सदन में हुई इस वोटिंग के बाद देश में एफडीआई का रास्ता साफ हो गया है और सरकार अब आर्थिक सुधार से जुड़े उन बिलों को पास कराने की रणनीति बना रही है, जो लंबे समय से अटके पड़े हैं। खबर है कि सरकार सोमवार को लोकसभा में बैंकिंग सुधार बिल को बहस और पास करने के लिए पेश कर सकती है, साथ ही पेंशन और इंश्योरेंस सेक्टर में बड़े सुधार से जुड़े बिल पर भी सरकार आम सहमति बनाकर आगे बढ़ना चाहती है। कमलनाथ ने संवाददाताओं को बताया, निश्चित तौर पर हम आगामी सप्ताहों में संसद में और विधेयक लाने जा रहे हैं और हम सभी राजनीतिक दलों को इन पर राजी करेंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार ने वित्तीय विधेयकों पर बीजेपी से सहयोग मांगा है, उन्होंने कहा, मैंने उनके साथ चर्चा की है। मुझे भरोसा है कि बीजेपी भी हमारा समर्थन करेगी। वे विधेयकों में एक या दो संशोधन चाहते हैं और चर्चा चल रही है। राज्यसभा में एफडीआई मुद्दे पर सरकार की जीत पर वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा, लोकसभा में मतदान के बाद राज्यसभा में मतदान कराने की मांग की शायद जरूरी नहीं थी। यह राज्यसभा का अधिकार है और उन्होंने इसकी मांग की। उन्होंने कहा, हमने दिखा दिया कि हमारे पास स्पष्ट बहुमत है। सरकार ने दिखा दिया है कि दोनों सदनों में हमारा बहुमत है।टिप्पणियां प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री वी. नारायणसामी ने कहा कि खुदरा में एफडीआई एक ऐसा विषय है, जिसे विपक्षी दलों ने बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। सरकार की सुधारवादी नीति को संसद की मंजूरी मिल गई। उधर, विपक्ष का मानना है कि एफडीआई पर लोकसभा और राज्यसभा में मिली जीत का मतलब सरकार को यह नहीं लगाना चाहिए कि वह आर्थिक सुधारों पर उनके साथ है, यानी भले ही एफडीआई का कांटा आसानी से निकल गया हो, लेकिन अभी कई मोर्चे ऐसे हैं, जहां सरकार को विपक्ष से दो-दो हाथ करने हैं। हालांकि वोटिंग से दूर रहने वाले मुलायम सिंह यादव अब भी इसके विरोध में डटे हुए हैं और उन्होंने कहा कि इसको लेकर उनका विरोध जारी रहेगा। संसद के ऊपरी सदन में हुई इस वोटिंग के बाद देश में एफडीआई का रास्ता साफ हो गया है और सरकार अब आर्थिक सुधार से जुड़े उन बिलों को पास कराने की रणनीति बना रही है, जो लंबे समय से अटके पड़े हैं। खबर है कि सरकार सोमवार को लोकसभा में बैंकिंग सुधार बिल को बहस और पास करने के लिए पेश कर सकती है, साथ ही पेंशन और इंश्योरेंस सेक्टर में बड़े सुधार से जुड़े बिल पर भी सरकार आम सहमति बनाकर आगे बढ़ना चाहती है। कमलनाथ ने संवाददाताओं को बताया, निश्चित तौर पर हम आगामी सप्ताहों में संसद में और विधेयक लाने जा रहे हैं और हम सभी राजनीतिक दलों को इन पर राजी करेंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार ने वित्तीय विधेयकों पर बीजेपी से सहयोग मांगा है, उन्होंने कहा, मैंने उनके साथ चर्चा की है। मुझे भरोसा है कि बीजेपी भी हमारा समर्थन करेगी। वे विधेयकों में एक या दो संशोधन चाहते हैं और चर्चा चल रही है। राज्यसभा में एफडीआई मुद्दे पर सरकार की जीत पर वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा, लोकसभा में मतदान के बाद राज्यसभा में मतदान कराने की मांग की शायद जरूरी नहीं थी। यह राज्यसभा का अधिकार है और उन्होंने इसकी मांग की। उन्होंने कहा, हमने दिखा दिया कि हमारे पास स्पष्ट बहुमत है। सरकार ने दिखा दिया है कि दोनों सदनों में हमारा बहुमत है।टिप्पणियां प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री वी. नारायणसामी ने कहा कि खुदरा में एफडीआई एक ऐसा विषय है, जिसे विपक्षी दलों ने बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। सरकार की सुधारवादी नीति को संसद की मंजूरी मिल गई। उधर, विपक्ष का मानना है कि एफडीआई पर लोकसभा और राज्यसभा में मिली जीत का मतलब सरकार को यह नहीं लगाना चाहिए कि वह आर्थिक सुधारों पर उनके साथ है, यानी भले ही एफडीआई का कांटा आसानी से निकल गया हो, लेकिन अभी कई मोर्चे ऐसे हैं, जहां सरकार को विपक्ष से दो-दो हाथ करने हैं। खबर है कि सरकार सोमवार को लोकसभा में बैंकिंग सुधार बिल को बहस और पास करने के लिए पेश कर सकती है, साथ ही पेंशन और इंश्योरेंस सेक्टर में बड़े सुधार से जुड़े बिल पर भी सरकार आम सहमति बनाकर आगे बढ़ना चाहती है। कमलनाथ ने संवाददाताओं को बताया, निश्चित तौर पर हम आगामी सप्ताहों में संसद में और विधेयक लाने जा रहे हैं और हम सभी राजनीतिक दलों को इन पर राजी करेंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार ने वित्तीय विधेयकों पर बीजेपी से सहयोग मांगा है, उन्होंने कहा, मैंने उनके साथ चर्चा की है। मुझे भरोसा है कि बीजेपी भी हमारा समर्थन करेगी। वे विधेयकों में एक या दो संशोधन चाहते हैं और चर्चा चल रही है। राज्यसभा में एफडीआई मुद्दे पर सरकार की जीत पर वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा, लोकसभा में मतदान के बाद राज्यसभा में मतदान कराने की मांग की शायद जरूरी नहीं थी। यह राज्यसभा का अधिकार है और उन्होंने इसकी मांग की। उन्होंने कहा, हमने दिखा दिया कि हमारे पास स्पष्ट बहुमत है। सरकार ने दिखा दिया है कि दोनों सदनों में हमारा बहुमत है।टिप्पणियां प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री वी. नारायणसामी ने कहा कि खुदरा में एफडीआई एक ऐसा विषय है, जिसे विपक्षी दलों ने बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। सरकार की सुधारवादी नीति को संसद की मंजूरी मिल गई। उधर, विपक्ष का मानना है कि एफडीआई पर लोकसभा और राज्यसभा में मिली जीत का मतलब सरकार को यह नहीं लगाना चाहिए कि वह आर्थिक सुधारों पर उनके साथ है, यानी भले ही एफडीआई का कांटा आसानी से निकल गया हो, लेकिन अभी कई मोर्चे ऐसे हैं, जहां सरकार को विपक्ष से दो-दो हाथ करने हैं। कमलनाथ ने संवाददाताओं को बताया, निश्चित तौर पर हम आगामी सप्ताहों में संसद में और विधेयक लाने जा रहे हैं और हम सभी राजनीतिक दलों को इन पर राजी करेंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार ने वित्तीय विधेयकों पर बीजेपी से सहयोग मांगा है, उन्होंने कहा, मैंने उनके साथ चर्चा की है। मुझे भरोसा है कि बीजेपी भी हमारा समर्थन करेगी। वे विधेयकों में एक या दो संशोधन चाहते हैं और चर्चा चल रही है। राज्यसभा में एफडीआई मुद्दे पर सरकार की जीत पर वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा, लोकसभा में मतदान के बाद राज्यसभा में मतदान कराने की मांग की शायद जरूरी नहीं थी। यह राज्यसभा का अधिकार है और उन्होंने इसकी मांग की। उन्होंने कहा, हमने दिखा दिया कि हमारे पास स्पष्ट बहुमत है। सरकार ने दिखा दिया है कि दोनों सदनों में हमारा बहुमत है।टिप्पणियां प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री वी. नारायणसामी ने कहा कि खुदरा में एफडीआई एक ऐसा विषय है, जिसे विपक्षी दलों ने बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। सरकार की सुधारवादी नीति को संसद की मंजूरी मिल गई। उधर, विपक्ष का मानना है कि एफडीआई पर लोकसभा और राज्यसभा में मिली जीत का मतलब सरकार को यह नहीं लगाना चाहिए कि वह आर्थिक सुधारों पर उनके साथ है, यानी भले ही एफडीआई का कांटा आसानी से निकल गया हो, लेकिन अभी कई मोर्चे ऐसे हैं, जहां सरकार को विपक्ष से दो-दो हाथ करने हैं। राज्यसभा में एफडीआई मुद्दे पर सरकार की जीत पर वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा, लोकसभा में मतदान के बाद राज्यसभा में मतदान कराने की मांग की शायद जरूरी नहीं थी। यह राज्यसभा का अधिकार है और उन्होंने इसकी मांग की। उन्होंने कहा, हमने दिखा दिया कि हमारे पास स्पष्ट बहुमत है। सरकार ने दिखा दिया है कि दोनों सदनों में हमारा बहुमत है।टिप्पणियां प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री वी. नारायणसामी ने कहा कि खुदरा में एफडीआई एक ऐसा विषय है, जिसे विपक्षी दलों ने बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। सरकार की सुधारवादी नीति को संसद की मंजूरी मिल गई। उधर, विपक्ष का मानना है कि एफडीआई पर लोकसभा और राज्यसभा में मिली जीत का मतलब सरकार को यह नहीं लगाना चाहिए कि वह आर्थिक सुधारों पर उनके साथ है, यानी भले ही एफडीआई का कांटा आसानी से निकल गया हो, लेकिन अभी कई मोर्चे ऐसे हैं, जहां सरकार को विपक्ष से दो-दो हाथ करने हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री वी. नारायणसामी ने कहा कि खुदरा में एफडीआई एक ऐसा विषय है, जिसे विपक्षी दलों ने बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। सरकार की सुधारवादी नीति को संसद की मंजूरी मिल गई। उधर, विपक्ष का मानना है कि एफडीआई पर लोकसभा और राज्यसभा में मिली जीत का मतलब सरकार को यह नहीं लगाना चाहिए कि वह आर्थिक सुधारों पर उनके साथ है, यानी भले ही एफडीआई का कांटा आसानी से निकल गया हो, लेकिन अभी कई मोर्चे ऐसे हैं, जहां सरकार को विपक्ष से दो-दो हाथ करने हैं। उधर, विपक्ष का मानना है कि एफडीआई पर लोकसभा और राज्यसभा में मिली जीत का मतलब सरकार को यह नहीं लगाना चाहिए कि वह आर्थिक सुधारों पर उनके साथ है, यानी भले ही एफडीआई का कांटा आसानी से निकल गया हो, लेकिन अभी कई मोर्चे ऐसे हैं, जहां सरकार को विपक्ष से दो-दो हाथ करने हैं।
सारांश: मल्टी-ब्रांड रिटेल में एफडीआई का रास्ता साफ होने के बाद सरकार अब आर्थिक सुधार से जुड़े उन बिलों को पास कराने की रणनीति बना रही है, जो लंबे समय से अटके पड़े हैं।
5
['hin']
एक सारांश बनाओ: जेएनयू के दलित छात्र की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने उसके परिवार और छात्रों के दबाब के बाद आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी -एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. दलित छात्र रजनी कृष का पोस्टमार्टम न कराने पर अड़े उसके परिजनों से मिलने बुधवार की सुबह केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमन पहुंचीं. परिवार की मांग और जेएनयू के छात्रों के विरोध के बीच केंद्रीय मंत्री ने वहीं दिल्ली पुलिस को आदेश दिया कि इस मामले में उन धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जाए जिनकी परिवार वाले मांग कर रहे हैं. जेएनयू में एमफिल के छात्र रजनी कृष का शव सोमवार को मुनीरका के एक मकान में मिला. पुलिस के मुताबिक यह खुदकुशी है. मौत से पहले सोशल मीडिया पर अपने आखिरी पोस्ट में उसने जेएनयू प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाया था. अब पुलिस ने इस मामले में आखिरकार एससी -एसटी एक्ट और आत्महत्या के लिए उकसाने का प्रकरण दर्ज कर लिया है. उसके मोबाइल से मिले सबूतों और फेसबुक वॉल पर लिखी पोस्ट के आधार पर जांच जारी है.टिप्पणियां एफआईआर दर्ज होने के बाद रजनी कृष का परिवार पोस्टमार्टम के लिए तैयार हो गया. पांच डॉक्टरों के पैनल ने रजनी का पोस्टमार्टम किया. सूत्रों के मुताबिक शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला है कि कृष की मौत लटकने, यानी फांसी लगने से हुई. उसके शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं. हालांकि आत्महत्या के क्या कारण हैं, यह जांच में ही साफ हो पाएगा. पोस्टमॉर्टम के बाद कृष के शव को विमान से तमिलनाडु भेज दिया गया. जेएनयू में एमफिल के छात्र रजनी कृष का शव सोमवार को मुनीरका के एक मकान में मिला. पुलिस के मुताबिक यह खुदकुशी है. मौत से पहले सोशल मीडिया पर अपने आखिरी पोस्ट में उसने जेएनयू प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाया था. अब पुलिस ने इस मामले में आखिरकार एससी -एसटी एक्ट और आत्महत्या के लिए उकसाने का प्रकरण दर्ज कर लिया है. उसके मोबाइल से मिले सबूतों और फेसबुक वॉल पर लिखी पोस्ट के आधार पर जांच जारी है.टिप्पणियां एफआईआर दर्ज होने के बाद रजनी कृष का परिवार पोस्टमार्टम के लिए तैयार हो गया. पांच डॉक्टरों के पैनल ने रजनी का पोस्टमार्टम किया. सूत्रों के मुताबिक शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला है कि कृष की मौत लटकने, यानी फांसी लगने से हुई. उसके शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं. हालांकि आत्महत्या के क्या कारण हैं, यह जांच में ही साफ हो पाएगा. पोस्टमॉर्टम के बाद कृष के शव को विमान से तमिलनाडु भेज दिया गया. एफआईआर दर्ज होने के बाद रजनी कृष का परिवार पोस्टमार्टम के लिए तैयार हो गया. पांच डॉक्टरों के पैनल ने रजनी का पोस्टमार्टम किया. सूत्रों के मुताबिक शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला है कि कृष की मौत लटकने, यानी फांसी लगने से हुई. उसके शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं. हालांकि आत्महत्या के क्या कारण हैं, यह जांच में ही साफ हो पाएगा. पोस्टमॉर्टम के बाद कृष के शव को विमान से तमिलनाडु भेज दिया गया. पोस्टमॉर्टम के बाद कृष के शव को विमान से तमिलनाडु भेज दिया गया.
यहाँ एक सारांश है:आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी-एसटी एक्ट में मामला दर्ज रजनी कृष के परिवार से मिलीं केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमन पोस्टमार्टम के बाद शव विमान से तमिलनाडु भेजा गया
15
['hin']
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तानी गायक शफकत अमानत अली का इस महीने की 30 तारीख को बेंगलुरु के एक मॉल में कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा था, लेकिन आज बजरंग दल ने बेंगलुरु पुलिस और इस कार्यक्रम के आयोजकों को पत्र लिखकर इसे रद्द करने की मांग की है. उनका कहना है कि पाकिस्तान आतंकी गतिविधियों प्रायोजित कर रहा है और सेना के जवानों पर उरी में हमला हुआ है, ऐसे में पाकिस्तानी कलाकारों को कार्यक्रम की इजाजत नहीं दी जा सकती. यह कार्यक्रम एफएम रेडियो के एक चैनल की तरफ से आयोजित किया गया था.टिप्पणियां बजरंग दल के कर्नाटक के संयोजक सूर्यनारायण ने बताया कि उनके दल ने साफ कर दिया है कि इस कार्यक्रम पर रोक लगाई जाए. अगर कार्यक्रम हुआ तो उनका दल इसे रोकेगा और ऐसी हालत में अगर क़ानून व्यवस्था बिगड़ती है तो इसके लिए उन्हें ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जाए. जबकि एनडीटीवी ने रेडियो एफएम के अधिकारी श्रीनिवास से इस बारे में जानकारी चाही तो उन्होंने बताया कि उरी में सैनिक कैंप पर हुए हमले के फौरन बाद इस कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया था. श्रीनिवास ने फिलहाल बजरंगदल के किसी भी पत्र से इनकार किया है. जब आयोजकों ने खुद ही कार्यक्रम रद्द कर दिया है तो ऐसे में पुलिस की इसमें अब कोई भूमिका नहीं रह जाती. बजरंग दल के कर्नाटक के संयोजक सूर्यनारायण ने बताया कि उनके दल ने साफ कर दिया है कि इस कार्यक्रम पर रोक लगाई जाए. अगर कार्यक्रम हुआ तो उनका दल इसे रोकेगा और ऐसी हालत में अगर क़ानून व्यवस्था बिगड़ती है तो इसके लिए उन्हें ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जाए. जबकि एनडीटीवी ने रेडियो एफएम के अधिकारी श्रीनिवास से इस बारे में जानकारी चाही तो उन्होंने बताया कि उरी में सैनिक कैंप पर हुए हमले के फौरन बाद इस कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया था. श्रीनिवास ने फिलहाल बजरंगदल के किसी भी पत्र से इनकार किया है. जब आयोजकों ने खुद ही कार्यक्रम रद्द कर दिया है तो ऐसे में पुलिस की इसमें अब कोई भूमिका नहीं रह जाती. जबकि एनडीटीवी ने रेडियो एफएम के अधिकारी श्रीनिवास से इस बारे में जानकारी चाही तो उन्होंने बताया कि उरी में सैनिक कैंप पर हुए हमले के फौरन बाद इस कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया था. श्रीनिवास ने फिलहाल बजरंगदल के किसी भी पत्र से इनकार किया है. जब आयोजकों ने खुद ही कार्यक्रम रद्द कर दिया है तो ऐसे में पुलिस की इसमें अब कोई भूमिका नहीं रह जाती.
संक्षिप्त पाठ: एफएम रेडियो ने किया था कार्यक्रम का आयोजन बजरंग दल ने लिखी थी आयोजकों को चिट्ठी उरी हमले का जिक्र किया गया था
30
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अहमदनगर में एक नाबालिग लड़की से सामूहिक दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले पर भाजपा नीत महाराष्ट्र सरकार की निंदा करते हुए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे ने  कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ गंभीर अपराधों पर नियंत्रण के लिए शरीयत (इस्लामिक) जैसे कानून की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के हाथों और पैरों को काट डालना चाहिए जो नाबालिगों और महिलाओं से बलात्कार और उनकी हत्या करते हैं। जिले के कोपर्डी गांव में 13 जुलाई को तीन लोगों ने 15 वर्षीय एक लड़की के साथ बर्बर तरीके से बलात्कार किया और फिर उसकी हत्या कर दी। राज ठाकरे ने कहा, ‘‘इस तरह की घटनाएं राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था का नतीजा हैं और मौजूदा सरकार खुद को पिछली कांग्रेस-राकांपा नीत सरकार से भी बदतर साबित कर रही है।’’ जिला मुख्यालय से करीब 76 किलोमीटर दूर करजात तहसील स्थित कोपर्डी गांव का दौरा करने के बाद उन्होंने ये बातें कहीं। आज सुबह वहां गए राज ठाकरे ने मृतका के परिजनों से मुलाकात की और उनके प्रति अपनी संवेदना प्रकट की। राज ने कहा, ‘‘महिलाओं और बच्चों के खिलाफ गंभीर अपराधों पर नियंत्रण के लिए शरीयत (इस्लामिक कानून) जैसे कानूनों के निर्माण की तत्काल जरूरत है। समाज विरोधी तत्व आतंक की स्थिति पैदा कर रहे हैं और इसके लिए कानून को सख्त से सख्त बनाने की जरूरत है।’’ राज ठाकरे ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचारों पर रोक) अधिनियम के गलत इस्तेमाल पर नियंत्रण के लिए आवश्यक बदलाव का भी सुझाव दिया। राज ने बाद में जिले के पाथर्डी में अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ भी बैठक की, जिसके बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि ‘‘अब समय आ गया है कि हम निश्चित रूप से उन अपराधियों के हाथों और पैरों को काट डालें जो नाबालिगों और महिलाओं के साथ बलात्कार और उनकी हत्या करते हैं।’’ उन्होंने इस बात पर ध्यान दिलाते हुए कहा, ‘‘हमारी सामान्य कानूनी प्रक्रियाओं में फैसला आने में अनावश्यक रूप से लंबा वक्त लग जाता है और इससे परोक्ष रूप से अपराधियों का हौसला बढ़ता है।’’ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अहमदनगर के पालक मंत्री राम शिंदे ने कल कोपर्डी में सामूहिक दुष्कर्म पीड़ित के परिवार के लोगों से मुलाकात की।टिप्पणियां फडणवीस ने अपनी गहरी संवेदना जाहिर करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और फास्ट ट्रैक अदालत के जरिए कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का आश्वासन दिया।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के हाथों और पैरों को काट डालना चाहिए जो नाबालिगों और महिलाओं से बलात्कार और उनकी हत्या करते हैं। जिले के कोपर्डी गांव में 13 जुलाई को तीन लोगों ने 15 वर्षीय एक लड़की के साथ बर्बर तरीके से बलात्कार किया और फिर उसकी हत्या कर दी। राज ठाकरे ने कहा, ‘‘इस तरह की घटनाएं राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था का नतीजा हैं और मौजूदा सरकार खुद को पिछली कांग्रेस-राकांपा नीत सरकार से भी बदतर साबित कर रही है।’’ जिला मुख्यालय से करीब 76 किलोमीटर दूर करजात तहसील स्थित कोपर्डी गांव का दौरा करने के बाद उन्होंने ये बातें कहीं। आज सुबह वहां गए राज ठाकरे ने मृतका के परिजनों से मुलाकात की और उनके प्रति अपनी संवेदना प्रकट की। राज ने कहा, ‘‘महिलाओं और बच्चों के खिलाफ गंभीर अपराधों पर नियंत्रण के लिए शरीयत (इस्लामिक कानून) जैसे कानूनों के निर्माण की तत्काल जरूरत है। समाज विरोधी तत्व आतंक की स्थिति पैदा कर रहे हैं और इसके लिए कानून को सख्त से सख्त बनाने की जरूरत है।’’ राज ठाकरे ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचारों पर रोक) अधिनियम के गलत इस्तेमाल पर नियंत्रण के लिए आवश्यक बदलाव का भी सुझाव दिया। राज ने बाद में जिले के पाथर्डी में अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ भी बैठक की, जिसके बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि ‘‘अब समय आ गया है कि हम निश्चित रूप से उन अपराधियों के हाथों और पैरों को काट डालें जो नाबालिगों और महिलाओं के साथ बलात्कार और उनकी हत्या करते हैं।’’ उन्होंने इस बात पर ध्यान दिलाते हुए कहा, ‘‘हमारी सामान्य कानूनी प्रक्रियाओं में फैसला आने में अनावश्यक रूप से लंबा वक्त लग जाता है और इससे परोक्ष रूप से अपराधियों का हौसला बढ़ता है।’’ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अहमदनगर के पालक मंत्री राम शिंदे ने कल कोपर्डी में सामूहिक दुष्कर्म पीड़ित के परिवार के लोगों से मुलाकात की।टिप्पणियां फडणवीस ने अपनी गहरी संवेदना जाहिर करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और फास्ट ट्रैक अदालत के जरिए कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का आश्वासन दिया।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राज ठाकरे ने कहा, ‘‘इस तरह की घटनाएं राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था का नतीजा हैं और मौजूदा सरकार खुद को पिछली कांग्रेस-राकांपा नीत सरकार से भी बदतर साबित कर रही है।’’ जिला मुख्यालय से करीब 76 किलोमीटर दूर करजात तहसील स्थित कोपर्डी गांव का दौरा करने के बाद उन्होंने ये बातें कहीं। आज सुबह वहां गए राज ठाकरे ने मृतका के परिजनों से मुलाकात की और उनके प्रति अपनी संवेदना प्रकट की। राज ने कहा, ‘‘महिलाओं और बच्चों के खिलाफ गंभीर अपराधों पर नियंत्रण के लिए शरीयत (इस्लामिक कानून) जैसे कानूनों के निर्माण की तत्काल जरूरत है। समाज विरोधी तत्व आतंक की स्थिति पैदा कर रहे हैं और इसके लिए कानून को सख्त से सख्त बनाने की जरूरत है।’’ राज ठाकरे ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचारों पर रोक) अधिनियम के गलत इस्तेमाल पर नियंत्रण के लिए आवश्यक बदलाव का भी सुझाव दिया। राज ने बाद में जिले के पाथर्डी में अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ भी बैठक की, जिसके बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि ‘‘अब समय आ गया है कि हम निश्चित रूप से उन अपराधियों के हाथों और पैरों को काट डालें जो नाबालिगों और महिलाओं के साथ बलात्कार और उनकी हत्या करते हैं।’’ उन्होंने इस बात पर ध्यान दिलाते हुए कहा, ‘‘हमारी सामान्य कानूनी प्रक्रियाओं में फैसला आने में अनावश्यक रूप से लंबा वक्त लग जाता है और इससे परोक्ष रूप से अपराधियों का हौसला बढ़ता है।’’ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अहमदनगर के पालक मंत्री राम शिंदे ने कल कोपर्डी में सामूहिक दुष्कर्म पीड़ित के परिवार के लोगों से मुलाकात की।टिप्पणियां फडणवीस ने अपनी गहरी संवेदना जाहिर करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और फास्ट ट्रैक अदालत के जरिए कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का आश्वासन दिया।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राज ने कहा, ‘‘महिलाओं और बच्चों के खिलाफ गंभीर अपराधों पर नियंत्रण के लिए शरीयत (इस्लामिक कानून) जैसे कानूनों के निर्माण की तत्काल जरूरत है। समाज विरोधी तत्व आतंक की स्थिति पैदा कर रहे हैं और इसके लिए कानून को सख्त से सख्त बनाने की जरूरत है।’’ राज ठाकरे ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचारों पर रोक) अधिनियम के गलत इस्तेमाल पर नियंत्रण के लिए आवश्यक बदलाव का भी सुझाव दिया। राज ने बाद में जिले के पाथर्डी में अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ भी बैठक की, जिसके बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि ‘‘अब समय आ गया है कि हम निश्चित रूप से उन अपराधियों के हाथों और पैरों को काट डालें जो नाबालिगों और महिलाओं के साथ बलात्कार और उनकी हत्या करते हैं।’’ उन्होंने इस बात पर ध्यान दिलाते हुए कहा, ‘‘हमारी सामान्य कानूनी प्रक्रियाओं में फैसला आने में अनावश्यक रूप से लंबा वक्त लग जाता है और इससे परोक्ष रूप से अपराधियों का हौसला बढ़ता है।’’ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अहमदनगर के पालक मंत्री राम शिंदे ने कल कोपर्डी में सामूहिक दुष्कर्म पीड़ित के परिवार के लोगों से मुलाकात की।टिप्पणियां फडणवीस ने अपनी गहरी संवेदना जाहिर करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और फास्ट ट्रैक अदालत के जरिए कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का आश्वासन दिया।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राज ठाकरे ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचारों पर रोक) अधिनियम के गलत इस्तेमाल पर नियंत्रण के लिए आवश्यक बदलाव का भी सुझाव दिया। राज ने बाद में जिले के पाथर्डी में अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ भी बैठक की, जिसके बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि ‘‘अब समय आ गया है कि हम निश्चित रूप से उन अपराधियों के हाथों और पैरों को काट डालें जो नाबालिगों और महिलाओं के साथ बलात्कार और उनकी हत्या करते हैं।’’ उन्होंने इस बात पर ध्यान दिलाते हुए कहा, ‘‘हमारी सामान्य कानूनी प्रक्रियाओं में फैसला आने में अनावश्यक रूप से लंबा वक्त लग जाता है और इससे परोक्ष रूप से अपराधियों का हौसला बढ़ता है।’’ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अहमदनगर के पालक मंत्री राम शिंदे ने कल कोपर्डी में सामूहिक दुष्कर्म पीड़ित के परिवार के लोगों से मुलाकात की।टिप्पणियां फडणवीस ने अपनी गहरी संवेदना जाहिर करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और फास्ट ट्रैक अदालत के जरिए कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का आश्वासन दिया।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने इस बात पर ध्यान दिलाते हुए कहा, ‘‘हमारी सामान्य कानूनी प्रक्रियाओं में फैसला आने में अनावश्यक रूप से लंबा वक्त लग जाता है और इससे परोक्ष रूप से अपराधियों का हौसला बढ़ता है।’’ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अहमदनगर के पालक मंत्री राम शिंदे ने कल कोपर्डी में सामूहिक दुष्कर्म पीड़ित के परिवार के लोगों से मुलाकात की।टिप्पणियां फडणवीस ने अपनी गहरी संवेदना जाहिर करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और फास्ट ट्रैक अदालत के जरिए कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का आश्वासन दिया।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) फडणवीस ने अपनी गहरी संवेदना जाहिर करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और फास्ट ट्रैक अदालत के जरिए कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का आश्वासन दिया।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
राज ने कहा, ऐसे लोगों के हाथों और पैरों को काट डालना चाहिए इस तरह की घटनाएं राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था का नतीजा हैं समाज विरोधी तत्व आतंक की स्थिति पैदा कर रहे हैं
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['hin']
एक सारांश बनाओ: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने मोदी सरकार पर एक बार फिर निशाना साधा है. प्रियंका गांधी ने बुधवार को कहा कि अब निवेशक भी मोदी सरकार से दूर होने लगे हैं. उन्होंने इसे लेकर दो ट्वीट भी किया है. उन्होंने अपने पहले ट्वीट में लिखा की चकाचौंध दिखा कर रोज 5 ट्रिलियन-5 ट्रिलियन बोलते रहने या मीडिया की हेडलाइन मैनेज करने से आर्थिक सुधार नहीं होता. विदेशों में प्रायोजित इवेंट करने से निवेशक नहीं आते. निवेशकों का भरोसा डगमगा चुका है. आर्थिक निवेश की जमीन दरक गई है. उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि मगर भाजपा सरकार इस सच्चाई को स्वीकर नहीं कर रही है. आर्थिक महाशक्ति बनने की दिशा में मंदी स्पीड ब्रेकर है, इसको सुधारे बिना सब रंग-रोगन बेकार है.   मगर भाजपा सरकार इस सच्चाई को स्वीकार नहीं कर रही। आर्थिक महाशक्ति बनने की दिशा में ये मंदी ‘स्पीड ब्रेकर' है, इसको सुधारे बिना सब रंग-रोगन बेकार है। #मंदीकीमार गौरतलब है कि इससे पहले मंगलवार को उन्होंने (Priyanka Gandhi) कहा था कि भाजपा सरकार सिर्फ अपनी जिम्मेदारी से बचना चाहती है. प्रियंका गांधी ने इसे लेकर एक ट्वीट भी किया था. उन्होंने (Priyanka Gandhi) ट्वीट में लिखा था कि भाजपा सरकार से बस इतना ही कहना है कि आप जो इधर उधर की बात करके कारवां लुट जाने देने की जिम्मेदारी से बचना चाहते हो, यह मुश्किल होगा. लोग देख रहे हैं. एक और कम्पनी पर पड़ी मंदी की मार और लोग होंगे बेरोजगार. प्रियंका गांधी ने अपने ट्वीट के साथ एक खबर की साझा की थी, जिसमें महिंद्रा एंड महिंद्रा के संयंत्र में 17 दिनों तक किसी भी तरह का विनिर्माण नहीं होगा. ऐसे में कई और लोगों की छटनी होने की बात कही गई जा रही थी. बता दें कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर सुस्त अर्थव्यवस्था और बेरोजगारी को लेकर हमला बोला हो. इससे पहले केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार (Santosh Gangwar) के बेरोजगार युवाओं को लेकर दिए गए बयान पर प्रियंका गांधी ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा था कि मंत्रीजी, 5 साल से ज्यादा आपकी सरकार है. नौकरियां पैदा नहीं हुईं. जो नौकरियां थीं वो सरकार द्वारा लाई आर्थिक मंदी के चलते छिन रही हैं. नौजवान रास्ता देख रहे हैं कि सरकार कुछ अच्छा करे. आप उत्तर भारतीयों का अपमान करके बच निकलना चाहते हैं. ये नहीं चलेगा.हालांकि बयान पर फजीहत के बाद संतोष गंगवार ने सफाई दी है. संतोष गंगवार ने कहा, मैंने जो कहा था उसका अलग संदर्भ था. देश में योग्यता (स्किल) की कमी है और सरकार ने इसके लिए कौशल विकास मंत्रालय भी खोला है. इस मंत्रालय का काम नौकरी के हिसाब से बच्चों को शिक्षित करना है. बता दें कि संतोष गंगवार ने शनिवार को बरेली में संवाददाताओं से बातचीत में कहा था, 'देश में रोजगार की कमी नहीं है लेकिन उत्तर भारत में जो रिक्रूटमेंट करने आते हैं, इस बात का सवाल करते हैं कि जिस पद के लिए हम (कर्मचारी) रख रहे हैं उसकी क्वालिटी का व्यक्ति हमें कम मिलता है.' उन्होंने कहा था कि आजकल अखबारों में रोजगार की बात आ रही है. हम इसी मंत्रालय को देखने का काम करते हैं और रोज ही इसी का मंथन करने का काम करते हैं. बात हमारे समझ में आ गई है. रोजगार दफ्तर के अलावा भी हमारा मंत्रालय इसको मॉनिटर कर रहा है.'
मोदी सरकार की वजह से अब निवेशक भी नहीं आ रहे - प्रियंका प्रियंका गांधी ने अपनी जिम्मेदारी से बच रही है सरकार देश में मंदी सरकार की नाकामी - प्रियंका गांधी
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: Vivo Y17 को भारत में लॉन्च कर दिया गया है। वीवो वाई17 (Vivo Y17) की अहम खासियतों की बात करें तो इसमें 6.53 इंच के डिस्प्ले के साथ वाटरड्रॉप नॉच, ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप और ऑक्टा-कोर मीडियाटेक हीलियो पी35 प्रोसेसर है। Vivo Y17 में जान फूंकने के लिए 5,000 एमएएच की बैटरी दी गई है जो डुअल-इंज़न फास्ट चार्जिंग सपोर्ट से लैस है। आइए अब आपको वीवो वाई17 (Vivo Y17) की भारत में कीमत और स्पेसिफिकेशन के बारे में विस्तार से बताते हैं। भारत में वीवो वाई17 की कीमत 17,990 रुपये है। स्मार्टफोन के दो कलर वेरिएंट हैं- मिनरल ब्लू और पर्पल। Vivo ब्रांड का यह फोन फ्लिपकार्ट (Flipkart), अमेज़न (Amazon), पेटीएम (Paytm) और आधिकारिक Vivo ई-स्टोर पर मिलेगा। इसके अलावा ऑथोराइज्ड रिटेल स्टोर पर भी Vivo Y17 को बेचा जाएगा। Vivo Y17 को ऑनलाइन खरीदने वाले ग्राहकों को 1,000 रुपये का अतिरिक्त एक्सचेंज डिस्काउंट और 9 महीने तक की बिना ब्याज वाली ईएमआई की सुविधा मिलेगी। वीवो वाई17 को ऑफलाइन खरीदने पर एसबीआई क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर 5 प्रतिशत कैशबैक, एचडीबी पेपर फाइनेंस के साथ क्रेडिट कार्ड डाउन-पेमेंट पर 5 प्रतिशत कैशबैक, ईएमआई 1,499 रुपये से शुरू और 12 महीने तक की बिना ब्याज वाली ईएमआई की सुविधा है। जियो (Jio) सब्सक्राइबर्स के लिए एक्सक्लूसिव ऑफर है, 4000 रुपये तक के फायदे के साथ 3 टीबी 4जी डेटा मिलेगा। डुअल-सिम वाला वीवो वाई17 (Vivo Y17) एंड्रॉयड पाई पर आधारित फनटच ओएस 9 पर चलता है। इसमें 6.32 इंच एचडी+ (720×1544 पिक्सल) हेलो फुलव्यू डिस्प्ले है, जिसका आस्पेक्ट रेशियो 19.3:9 है। फोन के फ्रंट पैनल पर वाटरड्रॉप नॉच भी है। स्पीड और मल्टीटास्किंग के लिए वीवो ब्रांड के इस लेटेस्ट स्मार्टफोन में 2.3 गीगाहर्ट्ज़ ऑक्टा-कोर मीडियाटेक हीलियो पी35 प्रोसेसर और 4 जीबी रैम है। अब बात Vivo Y17 के कैमरा सेटअप की। फोन में तीन रियर कैमरे हैं, 13 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा है जिसका अपर्चर एफ/2.2 है, 8 मेगापिक्सला का सुपर वाइड एंगल कैमरा है जिसका अपर्चर एफ/2.2 है। इसके अलावा अपर्चर एफ/2.4 वाला 2 मेगापिक्सल का डेप्थ सेंसर दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 20 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है जिसका अपर्चर एफ/2.0 है। Vivo Y17 का 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट उतारा गया है। कनेक्टिविटी के लिए 4 जी, ब्लूटूथ वर्जन 5.0, वाई-फाई (2.4+5.0 गीगाहर्ट्ज़), जीपीएस, एफएम रेडियो और माइक्रो-यूएसबी 2.0 पोर्ट दिया गया है। फोन में जान फूंकने के लिए 5,000 एमएएच की बैटरी दी गई है जो डुअल इंज़न फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आती है। फोन की लंबाई-चौड़ाई 159.43×76.77×8.92 मिलीमीटर और वज़न 190.5 ग्राम है।
संक्षिप्त सारांश: Vivo Y17 में है मीडियाटेक हीलियो पी35 प्रोसेसर 20 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा है वीवो वाई17 में Vivo Y17 में है 4 जीबी रैम, 128 जीबी स्टोरेज
0
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सलमान खान (Salman Khan) ने बिग बॉस (Bigg Boss 13) के वीकेंड का वार में आज ऐसी पोल खोली जिसने रश्मि देसाई (Rashmi Desai) के पांव तले की जमीन खिसका दी. सलमान खान ने अरहान खान (Arhaan Khan) को निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्हें बाहर की बातें अंदर करने का शौक है तो मैं बताता हूं. इस तरह गुस्से में नजर आए सलमान खान ने बताया कि अरहान की शादी हो चुकी है और उनका बच्चा भी है. इस बात को सुनकर रश्मि देसाई के होश उड़ गए.  बिग बॉस 13 (Bigg Boss 13)  में सलमान खान (Salman Khan) की इस बात को सुनकर रश्मि देसाई (Rashmi Desai) रोने लगी और अरहान के चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगीं. अरहान रश्मि को समझाने की कोशिश करने लगी. लेकिन सलमान खान (Salman Khan) ने कहा कि अगर आपने रश्मि को घर के अंदर प्रपोज किया है, इसलिए मैंने बाहर की बात को घर में किया है. सलमान खान ने कहा कि मैं इस बात से गुस्सा हूं कि आपने रश्मि देसाई को सच नहीं बताया है.  सलमान खान (Salman Khan) ने इस तरह अरहान को खूब फटकार लगाई. हालांकि सलमान खान ने घर के अंदर जाकर रश्मि को ढांढस भी बंधाया. यही नहीं, सलमान खान ने अरहान के कर्ज की बात को भी उठाया. इस तरह बिग बॉस (Bigg Boss) हाउस में एक नया हंगामा मच गया है और सलमान खान ने घर के सारे सदस्यों की धज्जियां उड़ा दी हैं. यही नहीं, बिग बॉस में सलमान खान ने घर के सदस्यों की हाथापायी करने के लिए भी खूब खरी-खरी सुनाई.
सारांश: सलमान खान ने खोली अरहान की पोल रश्मि देसाई के उड़ गए होश अरहान की बता दी सारी सच्चाई
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: आम आदमी पार्टी को दिल्ली सरकार से मिला दफ़्तर छिन गया है. उप राज्‍यपाल अनिल बैजल ने आदेश जारी कर इस ऑफिस का आवंटन रद्द कर दिया है. दरअसल, शुंगलू समिति की रिपोर्ट में इस दफ़्तर आवंटन पर सवाल उठाए गए थे और कहा गया था कि क्योंकि ज़मीन दिल्ली सरकार के अधिकार क्षेत्र नहीं, इसलिए वो किसी राजनीतिक दल को दफ़्तर/ज़मीन देने के लिए नीति नही बना सकती. आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'जिस पार्टी के विधानसभा में केवल तीन विधायक हैं उसके पास दफ़्तर है, जिस पार्टी का विधानसभा में एक भी विधायक नहीं, उसका दफ़्तर भी हमारे सामने है और जिस पार्टी की सरकार दिल्ली में उसका कोई दफ़्तर नही होगा! दिल्ली की जनता ये सब 'डर्टी ट्रिक्स' देख रही हैं... चुनाव में इसका जवाब देगी'.टिप्पणियां उल्‍लेखनीय है कि शुंगलू समिति की रिपोर्ट में कहा गया कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने आम आदमी पार्टी को दफ्तर देने के लिए जो प्रक्रिया अपनाई वह अवैध है. दिल्ली सरकार ने दिल्ली में आईटीओ के पास दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर 206, राउज़ एवेन्यू 'आप' को दफ्तर के लिए आवंटित किया है. शुंगलू समिति ने कहा कि दिल्ली सरकार ने इसके लिए पॉलिटिकल पार्टियों को दफ्तर के लिए जमीन देने की बाकायदा नई पॉलिसी बनाई, जिसमें ये भी कहा गया कि जमीन पाने योग्य पार्टियों को 5 साल तक कोई इमारत या बंगला दिया जा सकता है, क्योंकि इतने समय में वह अपनी आवंटित ज़मीन पर दफ़्तर बना सकते हैं. समिति की रिपोर्ट में कहा गया है 'लैंड दिल्ली सरकार का अधिकार क्षेत्र नहीं इसलिए आदेश रद्द होना चाहिए. यह साफ है कि पॉलिटिकल पार्टी को जमीन देने का फैसला इसलिए लिया गया ताकि आम आदमी पार्टी को सरकारी आवास मिल सके.' आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'जिस पार्टी के विधानसभा में केवल तीन विधायक हैं उसके पास दफ़्तर है, जिस पार्टी का विधानसभा में एक भी विधायक नहीं, उसका दफ़्तर भी हमारे सामने है और जिस पार्टी की सरकार दिल्ली में उसका कोई दफ़्तर नही होगा! दिल्ली की जनता ये सब 'डर्टी ट्रिक्स' देख रही हैं... चुनाव में इसका जवाब देगी'.टिप्पणियां उल्‍लेखनीय है कि शुंगलू समिति की रिपोर्ट में कहा गया कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने आम आदमी पार्टी को दफ्तर देने के लिए जो प्रक्रिया अपनाई वह अवैध है. दिल्ली सरकार ने दिल्ली में आईटीओ के पास दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर 206, राउज़ एवेन्यू 'आप' को दफ्तर के लिए आवंटित किया है. शुंगलू समिति ने कहा कि दिल्ली सरकार ने इसके लिए पॉलिटिकल पार्टियों को दफ्तर के लिए जमीन देने की बाकायदा नई पॉलिसी बनाई, जिसमें ये भी कहा गया कि जमीन पाने योग्य पार्टियों को 5 साल तक कोई इमारत या बंगला दिया जा सकता है, क्योंकि इतने समय में वह अपनी आवंटित ज़मीन पर दफ़्तर बना सकते हैं. समिति की रिपोर्ट में कहा गया है 'लैंड दिल्ली सरकार का अधिकार क्षेत्र नहीं इसलिए आदेश रद्द होना चाहिए. यह साफ है कि पॉलिटिकल पार्टी को जमीन देने का फैसला इसलिए लिया गया ताकि आम आदमी पार्टी को सरकारी आवास मिल सके.' उल्‍लेखनीय है कि शुंगलू समिति की रिपोर्ट में कहा गया कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने आम आदमी पार्टी को दफ्तर देने के लिए जो प्रक्रिया अपनाई वह अवैध है. दिल्ली सरकार ने दिल्ली में आईटीओ के पास दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर 206, राउज़ एवेन्यू 'आप' को दफ्तर के लिए आवंटित किया है. शुंगलू समिति ने कहा कि दिल्ली सरकार ने इसके लिए पॉलिटिकल पार्टियों को दफ्तर के लिए जमीन देने की बाकायदा नई पॉलिसी बनाई, जिसमें ये भी कहा गया कि जमीन पाने योग्य पार्टियों को 5 साल तक कोई इमारत या बंगला दिया जा सकता है, क्योंकि इतने समय में वह अपनी आवंटित ज़मीन पर दफ़्तर बना सकते हैं. समिति की रिपोर्ट में कहा गया है 'लैंड दिल्ली सरकार का अधिकार क्षेत्र नहीं इसलिए आदेश रद्द होना चाहिए. यह साफ है कि पॉलिटिकल पार्टी को जमीन देने का फैसला इसलिए लिया गया ताकि आम आदमी पार्टी को सरकारी आवास मिल सके.' समिति की रिपोर्ट में कहा गया है 'लैंड दिल्ली सरकार का अधिकार क्षेत्र नहीं इसलिए आदेश रद्द होना चाहिए. यह साफ है कि पॉलिटिकल पार्टी को जमीन देने का फैसला इसलिए लिया गया ताकि आम आदमी पार्टी को सरकारी आवास मिल सके.'
संक्षिप्त पाठ: दिल्ली की जनता ये सब 'डर्टी ट्रिक्स' देख रही हैं : अनिल बैजल 206, राउज़ एवेन्यू 'आप' को दफ्तर के लिए आवंटित किया गया था. लैंड दिल्ली सरकार का अधिकार क्षेत्र नहीं इसलिए आदेश रद्द हो- शुंगलू समिति
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: हिमाचल प्रदेश में शनिवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी और मुख्यमंत्री का चयन किया जाएगा। यह जानकारी पार्टी ने यहां शुक्रवार को दी। कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, "कांग्रेस विधायक दल की बैठक शनिवार को होगी।" कांग्रेस महासचिव सुधीर शर्मा ने कहा कि बैठक पार्टी मुख्यालय में शाम को होगी, जहां सभी 36 नवनिर्वाचित विधायक उपस्थित होंगे द्विवेदी के अलावा दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव व हिमाचल प्रदेश के प्रभारी बीरेंद्र सिंह भी बैठक में उपस्थित रहेंगे। यद्यपि वीरभद्र सिंह हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस का चेहरा रहे हैं, लेकिन पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री के उम्मीदवार के रूप में नहीं पेश किया था। अगले मुख्यमंत्री को लेकर राजनीतिक गलियारों में कयासबाजियां तेज हो गई हैं। पार्टी के एक नेता ने कहा, "कुछ वरिष्ठ विधायक दिल्ली पहुंच गए हैं और वे वीरभद्र सिंह को मुख्यमंत्री बनाए जाने के खिलाफ हैं।" पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके वीरभद्र ने आईएएनएस से कहा, "मुझे नहीं पता कि कौन किसकी पैरवी कर रहा है। कम से कम मैं तो पैरवी नहीं कर रहा हूं। मैं हमेशा चुनाव के जरिए मुख्यमंत्री बना हूं। इस बार भी नेता का चुनाव पार्टी विधायक करेंगे।"टिप्पणियां पार्टी सूत्रों ने कहा कि 20 से अधिक विधायकों ने वीरभद्र के नेतृत्व में भरोसा जताया है। इसके पहले पार्टी प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने कहा, "हर विधायक मुख्यमंत्री बनने का अधिकार रखता है। वीरभद्र के नेतृत्व में पार्टी ने जीत हासिल की है। कांग्रेस विधायक दल हाईकमांड से चर्चा करके मुख्यमंत्री पर निर्णय लेगा।" कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, "कांग्रेस विधायक दल की बैठक शनिवार को होगी।" कांग्रेस महासचिव सुधीर शर्मा ने कहा कि बैठक पार्टी मुख्यालय में शाम को होगी, जहां सभी 36 नवनिर्वाचित विधायक उपस्थित होंगे द्विवेदी के अलावा दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव व हिमाचल प्रदेश के प्रभारी बीरेंद्र सिंह भी बैठक में उपस्थित रहेंगे। यद्यपि वीरभद्र सिंह हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस का चेहरा रहे हैं, लेकिन पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री के उम्मीदवार के रूप में नहीं पेश किया था। अगले मुख्यमंत्री को लेकर राजनीतिक गलियारों में कयासबाजियां तेज हो गई हैं। पार्टी के एक नेता ने कहा, "कुछ वरिष्ठ विधायक दिल्ली पहुंच गए हैं और वे वीरभद्र सिंह को मुख्यमंत्री बनाए जाने के खिलाफ हैं।" पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके वीरभद्र ने आईएएनएस से कहा, "मुझे नहीं पता कि कौन किसकी पैरवी कर रहा है। कम से कम मैं तो पैरवी नहीं कर रहा हूं। मैं हमेशा चुनाव के जरिए मुख्यमंत्री बना हूं। इस बार भी नेता का चुनाव पार्टी विधायक करेंगे।"टिप्पणियां पार्टी सूत्रों ने कहा कि 20 से अधिक विधायकों ने वीरभद्र के नेतृत्व में भरोसा जताया है। इसके पहले पार्टी प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने कहा, "हर विधायक मुख्यमंत्री बनने का अधिकार रखता है। वीरभद्र के नेतृत्व में पार्टी ने जीत हासिल की है। कांग्रेस विधायक दल हाईकमांड से चर्चा करके मुख्यमंत्री पर निर्णय लेगा।" कांग्रेस महासचिव सुधीर शर्मा ने कहा कि बैठक पार्टी मुख्यालय में शाम को होगी, जहां सभी 36 नवनिर्वाचित विधायक उपस्थित होंगे द्विवेदी के अलावा दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव व हिमाचल प्रदेश के प्रभारी बीरेंद्र सिंह भी बैठक में उपस्थित रहेंगे। यद्यपि वीरभद्र सिंह हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस का चेहरा रहे हैं, लेकिन पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री के उम्मीदवार के रूप में नहीं पेश किया था। अगले मुख्यमंत्री को लेकर राजनीतिक गलियारों में कयासबाजियां तेज हो गई हैं। पार्टी के एक नेता ने कहा, "कुछ वरिष्ठ विधायक दिल्ली पहुंच गए हैं और वे वीरभद्र सिंह को मुख्यमंत्री बनाए जाने के खिलाफ हैं।" पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके वीरभद्र ने आईएएनएस से कहा, "मुझे नहीं पता कि कौन किसकी पैरवी कर रहा है। कम से कम मैं तो पैरवी नहीं कर रहा हूं। मैं हमेशा चुनाव के जरिए मुख्यमंत्री बना हूं। इस बार भी नेता का चुनाव पार्टी विधायक करेंगे।"टिप्पणियां पार्टी सूत्रों ने कहा कि 20 से अधिक विधायकों ने वीरभद्र के नेतृत्व में भरोसा जताया है। इसके पहले पार्टी प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने कहा, "हर विधायक मुख्यमंत्री बनने का अधिकार रखता है। वीरभद्र के नेतृत्व में पार्टी ने जीत हासिल की है। कांग्रेस विधायक दल हाईकमांड से चर्चा करके मुख्यमंत्री पर निर्णय लेगा।" द्विवेदी के अलावा दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव व हिमाचल प्रदेश के प्रभारी बीरेंद्र सिंह भी बैठक में उपस्थित रहेंगे। यद्यपि वीरभद्र सिंह हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस का चेहरा रहे हैं, लेकिन पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री के उम्मीदवार के रूप में नहीं पेश किया था। अगले मुख्यमंत्री को लेकर राजनीतिक गलियारों में कयासबाजियां तेज हो गई हैं। पार्टी के एक नेता ने कहा, "कुछ वरिष्ठ विधायक दिल्ली पहुंच गए हैं और वे वीरभद्र सिंह को मुख्यमंत्री बनाए जाने के खिलाफ हैं।" पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके वीरभद्र ने आईएएनएस से कहा, "मुझे नहीं पता कि कौन किसकी पैरवी कर रहा है। कम से कम मैं तो पैरवी नहीं कर रहा हूं। मैं हमेशा चुनाव के जरिए मुख्यमंत्री बना हूं। इस बार भी नेता का चुनाव पार्टी विधायक करेंगे।"टिप्पणियां पार्टी सूत्रों ने कहा कि 20 से अधिक विधायकों ने वीरभद्र के नेतृत्व में भरोसा जताया है। इसके पहले पार्टी प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने कहा, "हर विधायक मुख्यमंत्री बनने का अधिकार रखता है। वीरभद्र के नेतृत्व में पार्टी ने जीत हासिल की है। कांग्रेस विधायक दल हाईकमांड से चर्चा करके मुख्यमंत्री पर निर्णय लेगा।" यद्यपि वीरभद्र सिंह हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस का चेहरा रहे हैं, लेकिन पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री के उम्मीदवार के रूप में नहीं पेश किया था। अगले मुख्यमंत्री को लेकर राजनीतिक गलियारों में कयासबाजियां तेज हो गई हैं। पार्टी के एक नेता ने कहा, "कुछ वरिष्ठ विधायक दिल्ली पहुंच गए हैं और वे वीरभद्र सिंह को मुख्यमंत्री बनाए जाने के खिलाफ हैं।" पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके वीरभद्र ने आईएएनएस से कहा, "मुझे नहीं पता कि कौन किसकी पैरवी कर रहा है। कम से कम मैं तो पैरवी नहीं कर रहा हूं। मैं हमेशा चुनाव के जरिए मुख्यमंत्री बना हूं। इस बार भी नेता का चुनाव पार्टी विधायक करेंगे।"टिप्पणियां पार्टी सूत्रों ने कहा कि 20 से अधिक विधायकों ने वीरभद्र के नेतृत्व में भरोसा जताया है। इसके पहले पार्टी प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने कहा, "हर विधायक मुख्यमंत्री बनने का अधिकार रखता है। वीरभद्र के नेतृत्व में पार्टी ने जीत हासिल की है। कांग्रेस विधायक दल हाईकमांड से चर्चा करके मुख्यमंत्री पर निर्णय लेगा।" अगले मुख्यमंत्री को लेकर राजनीतिक गलियारों में कयासबाजियां तेज हो गई हैं। पार्टी के एक नेता ने कहा, "कुछ वरिष्ठ विधायक दिल्ली पहुंच गए हैं और वे वीरभद्र सिंह को मुख्यमंत्री बनाए जाने के खिलाफ हैं।" पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके वीरभद्र ने आईएएनएस से कहा, "मुझे नहीं पता कि कौन किसकी पैरवी कर रहा है। कम से कम मैं तो पैरवी नहीं कर रहा हूं। मैं हमेशा चुनाव के जरिए मुख्यमंत्री बना हूं। इस बार भी नेता का चुनाव पार्टी विधायक करेंगे।"टिप्पणियां पार्टी सूत्रों ने कहा कि 20 से अधिक विधायकों ने वीरभद्र के नेतृत्व में भरोसा जताया है। इसके पहले पार्टी प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने कहा, "हर विधायक मुख्यमंत्री बनने का अधिकार रखता है। वीरभद्र के नेतृत्व में पार्टी ने जीत हासिल की है। कांग्रेस विधायक दल हाईकमांड से चर्चा करके मुख्यमंत्री पर निर्णय लेगा।" पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके वीरभद्र ने आईएएनएस से कहा, "मुझे नहीं पता कि कौन किसकी पैरवी कर रहा है। कम से कम मैं तो पैरवी नहीं कर रहा हूं। मैं हमेशा चुनाव के जरिए मुख्यमंत्री बना हूं। इस बार भी नेता का चुनाव पार्टी विधायक करेंगे।"टिप्पणियां पार्टी सूत्रों ने कहा कि 20 से अधिक विधायकों ने वीरभद्र के नेतृत्व में भरोसा जताया है। इसके पहले पार्टी प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने कहा, "हर विधायक मुख्यमंत्री बनने का अधिकार रखता है। वीरभद्र के नेतृत्व में पार्टी ने जीत हासिल की है। कांग्रेस विधायक दल हाईकमांड से चर्चा करके मुख्यमंत्री पर निर्णय लेगा।" पार्टी सूत्रों ने कहा कि 20 से अधिक विधायकों ने वीरभद्र के नेतृत्व में भरोसा जताया है। इसके पहले पार्टी प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने कहा, "हर विधायक मुख्यमंत्री बनने का अधिकार रखता है। वीरभद्र के नेतृत्व में पार्टी ने जीत हासिल की है। कांग्रेस विधायक दल हाईकमांड से चर्चा करके मुख्यमंत्री पर निर्णय लेगा।" इसके पहले पार्टी प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने कहा, "हर विधायक मुख्यमंत्री बनने का अधिकार रखता है। वीरभद्र के नेतृत्व में पार्टी ने जीत हासिल की है। कांग्रेस विधायक दल हाईकमांड से चर्चा करके मुख्यमंत्री पर निर्णय लेगा।"
हिमाचल प्रदेश में शनिवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी और मुख्यमंत्री का चयन किया जाएगा। यह जानकारी पार्टी ने यहां शुक्रवार को दी।
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को घुटने की चोट के कारण 2015 इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) सत्र में नहीं खेलने से हुए नुकसान की भरपाई करते हुए बीसीसीआई ने उन्हें 2.2 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया है। वह ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में हुए विश्व कप में खेले थे। बीसीसीआई डॉट टीवी पर उपलब्ध बीसीसीआई की 25 लाख रुपये से ऊपर के भुगतान की जून 2016 की रिपोर्ट के अनुसार शमी को आईपीएल 2015 सत्र में चोट के कारण नहीं खेलने से हुए नुकसान के एवज में 2,23,12,500 रुपये दिए गए हैं।टिप्पणियां शमी 2015 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में हुए पूरे विश्व कप में खेले थे और दर्द के बावजूद ऑस्ट्रेलिया में इससे पहले हुई टेस्ट सीरीज में भी खेले थे। उन्होंने भारतीय टीम को विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभायी थी। चोट के बावजूद खेलने के फैसले का उन्हें नुकसान हुआ, क्योंकि इसके कारण वह 2015 आईपीएल सत्र में नहीं खेले थे और तब उन्होंने सर्जरी करायी थी। इस वजह से बीसीसीआई ने उत्तर प्रदेश में जन्मे इस तेज गेंदबाज को अब इसका मुआवजा दिया है। विश्व कप में उन्होंने पांच मैचों में 17 विकेट चटकाए थे और टूर्नामेंट के पांचवें सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज रहे थे। जब भारतीय टीम ने इस साल के शुरू में ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था, तब शमी को हैमस्ट्रिंग चोट लग गई थी और वह एशिया कप टी-20 चैम्पियनशिप में भी नहीं खेले थे। अब वह वेस्टइंडीज जाने वाली विराट कोहली की अगुवाई वाली टीम के सदस्य हैं, जो चार टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी। बीसीसीआई डॉट टीवी पर उपलब्ध बीसीसीआई की 25 लाख रुपये से ऊपर के भुगतान की जून 2016 की रिपोर्ट के अनुसार शमी को आईपीएल 2015 सत्र में चोट के कारण नहीं खेलने से हुए नुकसान के एवज में 2,23,12,500 रुपये दिए गए हैं।टिप्पणियां शमी 2015 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में हुए पूरे विश्व कप में खेले थे और दर्द के बावजूद ऑस्ट्रेलिया में इससे पहले हुई टेस्ट सीरीज में भी खेले थे। उन्होंने भारतीय टीम को विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभायी थी। चोट के बावजूद खेलने के फैसले का उन्हें नुकसान हुआ, क्योंकि इसके कारण वह 2015 आईपीएल सत्र में नहीं खेले थे और तब उन्होंने सर्जरी करायी थी। इस वजह से बीसीसीआई ने उत्तर प्रदेश में जन्मे इस तेज गेंदबाज को अब इसका मुआवजा दिया है। विश्व कप में उन्होंने पांच मैचों में 17 विकेट चटकाए थे और टूर्नामेंट के पांचवें सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज रहे थे। जब भारतीय टीम ने इस साल के शुरू में ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था, तब शमी को हैमस्ट्रिंग चोट लग गई थी और वह एशिया कप टी-20 चैम्पियनशिप में भी नहीं खेले थे। अब वह वेस्टइंडीज जाने वाली विराट कोहली की अगुवाई वाली टीम के सदस्य हैं, जो चार टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी। शमी 2015 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में हुए पूरे विश्व कप में खेले थे और दर्द के बावजूद ऑस्ट्रेलिया में इससे पहले हुई टेस्ट सीरीज में भी खेले थे। उन्होंने भारतीय टीम को विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभायी थी। चोट के बावजूद खेलने के फैसले का उन्हें नुकसान हुआ, क्योंकि इसके कारण वह 2015 आईपीएल सत्र में नहीं खेले थे और तब उन्होंने सर्जरी करायी थी। इस वजह से बीसीसीआई ने उत्तर प्रदेश में जन्मे इस तेज गेंदबाज को अब इसका मुआवजा दिया है। विश्व कप में उन्होंने पांच मैचों में 17 विकेट चटकाए थे और टूर्नामेंट के पांचवें सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज रहे थे। जब भारतीय टीम ने इस साल के शुरू में ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था, तब शमी को हैमस्ट्रिंग चोट लग गई थी और वह एशिया कप टी-20 चैम्पियनशिप में भी नहीं खेले थे। अब वह वेस्टइंडीज जाने वाली विराट कोहली की अगुवाई वाली टीम के सदस्य हैं, जो चार टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी। जब भारतीय टीम ने इस साल के शुरू में ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था, तब शमी को हैमस्ट्रिंग चोट लग गई थी और वह एशिया कप टी-20 चैम्पियनशिप में भी नहीं खेले थे। अब वह वेस्टइंडीज जाने वाली विराट कोहली की अगुवाई वाली टीम के सदस्य हैं, जो चार टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी।
सारांश: शमी ने टीम को विश्व कप सेमीफाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभायी थी विश्व कप में शमी ने पांच मैचों में 17 विकेट चटकाए थे चोट के बावजूद खेलने से उन्हें नुकसान हुआ और वह IPL नहीं खेल पाए
5
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा ने दी खाद्य सुरक्षा विधेयक को मंजूरी दे दी है। विधेयक को राज्यसभा की मंजूरी मिलने के बाद भारत दुनिया के उन चुनिन्दा देशों में शामिल हो जाएगा, जो अपनी अधिकांश आबादी को खाद्यान्न की गारंटी देते हैं। इधर, सीने में दर्द की शिकायत होने पर यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी को एम्स में दाखिल कराया गया जहां उनकी तबीयत  में सुधार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें दवाई के रिएक्शन की वजह से सीने में दर्द की दिक्कत हुई थी। 11,30,000 करोड रुपये के सरकारी समर्थन से खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम दुनिया का सबसे बडा कार्यक्रम होगा। इसके लिए 6.2 करोड़ टन खाद्यान्न की आवश्यकता होगी। यह विधेयक प्रति व्यक्ति प्रति माह पांच किलो चावल, गेहूं और मोटा अनाज क्रमश: 3, 2 और 1 रुपये प्रति किलो के तयशुदा मूल्य पर गारंटी करेगा। अंत्योदय अन्न योजना के तहत कवर लगभग 2.43 करोड़ अत्यंत गरीब परिवारों को हालांकि 35 किलो खाद्यान्न प्रति परिवार प्रति माह मिलेगा। कुछ राज्यों में इस तरह के उपाय बेहतर होने के बारे में सदस्यों द्वारा व्यक्त राय पर थामस ने कहा कि तमिलनाडु, केरल आदर्श हैं। हर राज्य आदर्श है लेकिन हम उसे स्वीकार नहीं कर सकते। छत्तीसगढ़ में एक विशेष व्यवस्था काम कर सकती है लेकिन कोई जरूरी नहीं कि वही व्यवस्था तमिलनाडु और अन्य राज्यों में भी काम करे। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि खाद्य सुरक्षा कानून लागू होने के बाद भी उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) मिलना जारी रहेगा। विधेयक पर चर्चा के दौरान व्यक्त आशंकाओं को दूर करते हुए थामस ने कहा कि एमएसपी बंद नहीं किया जाएगा... मंडियों में जो भी अनाज आएगा, उसकी खरीद की जाएगी। थामस ने कहा कि भंडारण क्षमता 5.50 करोड़ टन से बढ़कर 7.5 करोड टन हो गई जो 2014 15 तक 8.5 करोड़ टन हो जाएगी। उन्होंने स्वीकार किया कि देश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) कमजोर है लेकिन इसे सुधारने के लिए पिछले कुछ सालों के दौरान कदम उठाए गए हैं। थामस ने कहा कि फर्जी राशन कार्ड और लीकेज की समस्या से निपटा जा रहा है और पिछले चार साल में राशन कार्डों की संख्या 22 करोड़ से घटकर 16 करोड़ रह गई है। इससे पहले, विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए भाजपा के मुरली मनोहर जोशी ने इस विधेयक को वोट सुरक्षा विधेयक’ करार देते हुए कहा कि सरकार एक योजना के तहत कमी’ पैदा कर रही है ताकि लोगों को गरीब और भूखा बनाये रख कर उनका एकमात्र हमदर्द बनने का दावा कर सके। जोशी ने कहा कि 2009 में राष्ट्रपति के अभिभाषण में कहा गया था कि सभी को अनाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार कानून बनाएगी लेकिन सत्ता में आने के साढ़े चार साल बाद सरकार एक आधा अधूरा विधेयक लाई है और ऐसे समय में लाई है जब उसके सत्ता से जाने का समय आ गया है। नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने कहा कि सरकार अगर विपक्ष के संशोधनो को स्वीकार कर लेती तो यह विधेयक और अच्छा होता लेकिन विपक्ष के संशोधनों को स्वीकार नहीं करने के बावजूद वह इस ‘आधे अधूरे’ विधेयक का समर्थन करती हैं और उस दिन की प्रतीक्षा करेंगे जब भाजपा के सत्ता में लौटने पर इसमें और सुधार किया जाएगा। खाद्य सुरक्षा विधेयक पर मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाने की मांग करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने कहा कि मुख्यमंत्रियों के साथ विचार-विमर्श होने तक इस विधेयक को टाल दिया जाए क्योंकि इससे राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। जद (यू) के शरद यादव ने इस विधेयक को एक साहसी कदम बताया लेकिन साथ ही कहा कि गरीबी हटाने के लिए समय समय पर किए गए उपायों का बहुत नतीजा नहीं निकला है क्योंकि हमारा ढांचा ऐसा है कि योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंच ही नहीं पाता। बसपा के दारा सिंह चौहान ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि अगर इस विधेयक के प्रावधानों का लाभ ईमानदारी से गरीबों तक पहुंच जाए तो यह इस विधेयक की बहुत बड़ी सार्थकता होगी। उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की खामियों को दूर किए जाने के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता बताई। तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार किसी योजना को लेकर नीतियां बदलती आई है। सर्वशिक्षा अभियान का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 2001-02 में केन्द्र की हिस्सेदारी 85 प्रतिशत और राज्यों की 15 प्रतिशत थी जो इस समय क्रमश: 65 और 35 फीसदी हो गई है। द्रमुक के टीआर बालू ने कहा कि इस विधेयक को लेकर सरकार ने कई वायदे किए थे लेकिन वह अभी भी संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हमने हाल ही में देश की आजादी की 67वीं वर्षगांठ मनाई लेकिन अब तक हम गरीबी को दूर करने में विफल रहे हैं। माकपा के ए संपत ने कहा कि वाजिब कीमत पर खाद्यान्न हासिल करना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत केवल चावल और गेहूं ही नहीं बल्कि दाल, चीनी और खाद्य तेल का वितरण भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब जबकि आगामी लोकसभा चुनाव करीब हैं, सरकार इस विधेयक को जल्दबाजी में पारित कराना चाहती है।टिप्पणियां बीजद के भृतहरि महताब ने कहा कि देश में गरीबी और भूख की समस्या पहले जैसी ही है। करीब 42 करोड़ जनता हर रात खाली पेट सोती है। उन्होंने अनाज वितरण में प्रति व्यक्ति व्यवस्था को हटाकर प्रति परिवार व्यवस्था को लागू करने की मांग की। शिवसेना के अनंत गीते ने कहा कि योजना के तहत देश की 80 प्रतिशत आबादी को कवर किया जाएगा जिसका मतलब है कि 80 करोड़ लोग भूख से जूझ रहे हैं। इनमें से भी 50 करोड़ लोग रोज आधे पेट ही सोते हैं। इधर, सीने में दर्द की शिकायत होने पर यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी को एम्स में दाखिल कराया गया जहां उनकी तबीयत  में सुधार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें दवाई के रिएक्शन की वजह से सीने में दर्द की दिक्कत हुई थी। 11,30,000 करोड रुपये के सरकारी समर्थन से खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम दुनिया का सबसे बडा कार्यक्रम होगा। इसके लिए 6.2 करोड़ टन खाद्यान्न की आवश्यकता होगी। यह विधेयक प्रति व्यक्ति प्रति माह पांच किलो चावल, गेहूं और मोटा अनाज क्रमश: 3, 2 और 1 रुपये प्रति किलो के तयशुदा मूल्य पर गारंटी करेगा। अंत्योदय अन्न योजना के तहत कवर लगभग 2.43 करोड़ अत्यंत गरीब परिवारों को हालांकि 35 किलो खाद्यान्न प्रति परिवार प्रति माह मिलेगा। कुछ राज्यों में इस तरह के उपाय बेहतर होने के बारे में सदस्यों द्वारा व्यक्त राय पर थामस ने कहा कि तमिलनाडु, केरल आदर्श हैं। हर राज्य आदर्श है लेकिन हम उसे स्वीकार नहीं कर सकते। छत्तीसगढ़ में एक विशेष व्यवस्था काम कर सकती है लेकिन कोई जरूरी नहीं कि वही व्यवस्था तमिलनाडु और अन्य राज्यों में भी काम करे। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि खाद्य सुरक्षा कानून लागू होने के बाद भी उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) मिलना जारी रहेगा। विधेयक पर चर्चा के दौरान व्यक्त आशंकाओं को दूर करते हुए थामस ने कहा कि एमएसपी बंद नहीं किया जाएगा... मंडियों में जो भी अनाज आएगा, उसकी खरीद की जाएगी। थामस ने कहा कि भंडारण क्षमता 5.50 करोड़ टन से बढ़कर 7.5 करोड टन हो गई जो 2014 15 तक 8.5 करोड़ टन हो जाएगी। उन्होंने स्वीकार किया कि देश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) कमजोर है लेकिन इसे सुधारने के लिए पिछले कुछ सालों के दौरान कदम उठाए गए हैं। थामस ने कहा कि फर्जी राशन कार्ड और लीकेज की समस्या से निपटा जा रहा है और पिछले चार साल में राशन कार्डों की संख्या 22 करोड़ से घटकर 16 करोड़ रह गई है। इससे पहले, विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए भाजपा के मुरली मनोहर जोशी ने इस विधेयक को वोट सुरक्षा विधेयक’ करार देते हुए कहा कि सरकार एक योजना के तहत कमी’ पैदा कर रही है ताकि लोगों को गरीब और भूखा बनाये रख कर उनका एकमात्र हमदर्द बनने का दावा कर सके। जोशी ने कहा कि 2009 में राष्ट्रपति के अभिभाषण में कहा गया था कि सभी को अनाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार कानून बनाएगी लेकिन सत्ता में आने के साढ़े चार साल बाद सरकार एक आधा अधूरा विधेयक लाई है और ऐसे समय में लाई है जब उसके सत्ता से जाने का समय आ गया है। नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने कहा कि सरकार अगर विपक्ष के संशोधनो को स्वीकार कर लेती तो यह विधेयक और अच्छा होता लेकिन विपक्ष के संशोधनों को स्वीकार नहीं करने के बावजूद वह इस ‘आधे अधूरे’ विधेयक का समर्थन करती हैं और उस दिन की प्रतीक्षा करेंगे जब भाजपा के सत्ता में लौटने पर इसमें और सुधार किया जाएगा। खाद्य सुरक्षा विधेयक पर मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाने की मांग करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने कहा कि मुख्यमंत्रियों के साथ विचार-विमर्श होने तक इस विधेयक को टाल दिया जाए क्योंकि इससे राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। जद (यू) के शरद यादव ने इस विधेयक को एक साहसी कदम बताया लेकिन साथ ही कहा कि गरीबी हटाने के लिए समय समय पर किए गए उपायों का बहुत नतीजा नहीं निकला है क्योंकि हमारा ढांचा ऐसा है कि योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंच ही नहीं पाता। बसपा के दारा सिंह चौहान ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि अगर इस विधेयक के प्रावधानों का लाभ ईमानदारी से गरीबों तक पहुंच जाए तो यह इस विधेयक की बहुत बड़ी सार्थकता होगी। उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की खामियों को दूर किए जाने के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता बताई। तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार किसी योजना को लेकर नीतियां बदलती आई है। सर्वशिक्षा अभियान का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 2001-02 में केन्द्र की हिस्सेदारी 85 प्रतिशत और राज्यों की 15 प्रतिशत थी जो इस समय क्रमश: 65 और 35 फीसदी हो गई है। द्रमुक के टीआर बालू ने कहा कि इस विधेयक को लेकर सरकार ने कई वायदे किए थे लेकिन वह अभी भी संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हमने हाल ही में देश की आजादी की 67वीं वर्षगांठ मनाई लेकिन अब तक हम गरीबी को दूर करने में विफल रहे हैं। माकपा के ए संपत ने कहा कि वाजिब कीमत पर खाद्यान्न हासिल करना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत केवल चावल और गेहूं ही नहीं बल्कि दाल, चीनी और खाद्य तेल का वितरण भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब जबकि आगामी लोकसभा चुनाव करीब हैं, सरकार इस विधेयक को जल्दबाजी में पारित कराना चाहती है।टिप्पणियां बीजद के भृतहरि महताब ने कहा कि देश में गरीबी और भूख की समस्या पहले जैसी ही है। करीब 42 करोड़ जनता हर रात खाली पेट सोती है। उन्होंने अनाज वितरण में प्रति व्यक्ति व्यवस्था को हटाकर प्रति परिवार व्यवस्था को लागू करने की मांग की। शिवसेना के अनंत गीते ने कहा कि योजना के तहत देश की 80 प्रतिशत आबादी को कवर किया जाएगा जिसका मतलब है कि 80 करोड़ लोग भूख से जूझ रहे हैं। इनमें से भी 50 करोड़ लोग रोज आधे पेट ही सोते हैं। 11,30,000 करोड रुपये के सरकारी समर्थन से खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम दुनिया का सबसे बडा कार्यक्रम होगा। इसके लिए 6.2 करोड़ टन खाद्यान्न की आवश्यकता होगी। यह विधेयक प्रति व्यक्ति प्रति माह पांच किलो चावल, गेहूं और मोटा अनाज क्रमश: 3, 2 और 1 रुपये प्रति किलो के तयशुदा मूल्य पर गारंटी करेगा। अंत्योदय अन्न योजना के तहत कवर लगभग 2.43 करोड़ अत्यंत गरीब परिवारों को हालांकि 35 किलो खाद्यान्न प्रति परिवार प्रति माह मिलेगा। कुछ राज्यों में इस तरह के उपाय बेहतर होने के बारे में सदस्यों द्वारा व्यक्त राय पर थामस ने कहा कि तमिलनाडु, केरल आदर्श हैं। हर राज्य आदर्श है लेकिन हम उसे स्वीकार नहीं कर सकते। छत्तीसगढ़ में एक विशेष व्यवस्था काम कर सकती है लेकिन कोई जरूरी नहीं कि वही व्यवस्था तमिलनाडु और अन्य राज्यों में भी काम करे। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि खाद्य सुरक्षा कानून लागू होने के बाद भी उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) मिलना जारी रहेगा। विधेयक पर चर्चा के दौरान व्यक्त आशंकाओं को दूर करते हुए थामस ने कहा कि एमएसपी बंद नहीं किया जाएगा... मंडियों में जो भी अनाज आएगा, उसकी खरीद की जाएगी। थामस ने कहा कि भंडारण क्षमता 5.50 करोड़ टन से बढ़कर 7.5 करोड टन हो गई जो 2014 15 तक 8.5 करोड़ टन हो जाएगी। उन्होंने स्वीकार किया कि देश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) कमजोर है लेकिन इसे सुधारने के लिए पिछले कुछ सालों के दौरान कदम उठाए गए हैं। थामस ने कहा कि फर्जी राशन कार्ड और लीकेज की समस्या से निपटा जा रहा है और पिछले चार साल में राशन कार्डों की संख्या 22 करोड़ से घटकर 16 करोड़ रह गई है। इससे पहले, विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए भाजपा के मुरली मनोहर जोशी ने इस विधेयक को वोट सुरक्षा विधेयक’ करार देते हुए कहा कि सरकार एक योजना के तहत कमी’ पैदा कर रही है ताकि लोगों को गरीब और भूखा बनाये रख कर उनका एकमात्र हमदर्द बनने का दावा कर सके। जोशी ने कहा कि 2009 में राष्ट्रपति के अभिभाषण में कहा गया था कि सभी को अनाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार कानून बनाएगी लेकिन सत्ता में आने के साढ़े चार साल बाद सरकार एक आधा अधूरा विधेयक लाई है और ऐसे समय में लाई है जब उसके सत्ता से जाने का समय आ गया है। नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने कहा कि सरकार अगर विपक्ष के संशोधनो को स्वीकार कर लेती तो यह विधेयक और अच्छा होता लेकिन विपक्ष के संशोधनों को स्वीकार नहीं करने के बावजूद वह इस ‘आधे अधूरे’ विधेयक का समर्थन करती हैं और उस दिन की प्रतीक्षा करेंगे जब भाजपा के सत्ता में लौटने पर इसमें और सुधार किया जाएगा। खाद्य सुरक्षा विधेयक पर मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाने की मांग करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने कहा कि मुख्यमंत्रियों के साथ विचार-विमर्श होने तक इस विधेयक को टाल दिया जाए क्योंकि इससे राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। जद (यू) के शरद यादव ने इस विधेयक को एक साहसी कदम बताया लेकिन साथ ही कहा कि गरीबी हटाने के लिए समय समय पर किए गए उपायों का बहुत नतीजा नहीं निकला है क्योंकि हमारा ढांचा ऐसा है कि योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंच ही नहीं पाता। बसपा के दारा सिंह चौहान ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि अगर इस विधेयक के प्रावधानों का लाभ ईमानदारी से गरीबों तक पहुंच जाए तो यह इस विधेयक की बहुत बड़ी सार्थकता होगी। उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की खामियों को दूर किए जाने के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता बताई। तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार किसी योजना को लेकर नीतियां बदलती आई है। सर्वशिक्षा अभियान का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 2001-02 में केन्द्र की हिस्सेदारी 85 प्रतिशत और राज्यों की 15 प्रतिशत थी जो इस समय क्रमश: 65 और 35 फीसदी हो गई है। द्रमुक के टीआर बालू ने कहा कि इस विधेयक को लेकर सरकार ने कई वायदे किए थे लेकिन वह अभी भी संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हमने हाल ही में देश की आजादी की 67वीं वर्षगांठ मनाई लेकिन अब तक हम गरीबी को दूर करने में विफल रहे हैं। माकपा के ए संपत ने कहा कि वाजिब कीमत पर खाद्यान्न हासिल करना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत केवल चावल और गेहूं ही नहीं बल्कि दाल, चीनी और खाद्य तेल का वितरण भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब जबकि आगामी लोकसभा चुनाव करीब हैं, सरकार इस विधेयक को जल्दबाजी में पारित कराना चाहती है।टिप्पणियां बीजद के भृतहरि महताब ने कहा कि देश में गरीबी और भूख की समस्या पहले जैसी ही है। करीब 42 करोड़ जनता हर रात खाली पेट सोती है। उन्होंने अनाज वितरण में प्रति व्यक्ति व्यवस्था को हटाकर प्रति परिवार व्यवस्था को लागू करने की मांग की। शिवसेना के अनंत गीते ने कहा कि योजना के तहत देश की 80 प्रतिशत आबादी को कवर किया जाएगा जिसका मतलब है कि 80 करोड़ लोग भूख से जूझ रहे हैं। इनमें से भी 50 करोड़ लोग रोज आधे पेट ही सोते हैं। कुछ राज्यों में इस तरह के उपाय बेहतर होने के बारे में सदस्यों द्वारा व्यक्त राय पर थामस ने कहा कि तमिलनाडु, केरल आदर्श हैं। हर राज्य आदर्श है लेकिन हम उसे स्वीकार नहीं कर सकते। छत्तीसगढ़ में एक विशेष व्यवस्था काम कर सकती है लेकिन कोई जरूरी नहीं कि वही व्यवस्था तमिलनाडु और अन्य राज्यों में भी काम करे। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि खाद्य सुरक्षा कानून लागू होने के बाद भी उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) मिलना जारी रहेगा। विधेयक पर चर्चा के दौरान व्यक्त आशंकाओं को दूर करते हुए थामस ने कहा कि एमएसपी बंद नहीं किया जाएगा... मंडियों में जो भी अनाज आएगा, उसकी खरीद की जाएगी। थामस ने कहा कि भंडारण क्षमता 5.50 करोड़ टन से बढ़कर 7.5 करोड टन हो गई जो 2014 15 तक 8.5 करोड़ टन हो जाएगी। उन्होंने स्वीकार किया कि देश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) कमजोर है लेकिन इसे सुधारने के लिए पिछले कुछ सालों के दौरान कदम उठाए गए हैं। थामस ने कहा कि फर्जी राशन कार्ड और लीकेज की समस्या से निपटा जा रहा है और पिछले चार साल में राशन कार्डों की संख्या 22 करोड़ से घटकर 16 करोड़ रह गई है। इससे पहले, विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए भाजपा के मुरली मनोहर जोशी ने इस विधेयक को वोट सुरक्षा विधेयक’ करार देते हुए कहा कि सरकार एक योजना के तहत कमी’ पैदा कर रही है ताकि लोगों को गरीब और भूखा बनाये रख कर उनका एकमात्र हमदर्द बनने का दावा कर सके। जोशी ने कहा कि 2009 में राष्ट्रपति के अभिभाषण में कहा गया था कि सभी को अनाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार कानून बनाएगी लेकिन सत्ता में आने के साढ़े चार साल बाद सरकार एक आधा अधूरा विधेयक लाई है और ऐसे समय में लाई है जब उसके सत्ता से जाने का समय आ गया है। नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने कहा कि सरकार अगर विपक्ष के संशोधनो को स्वीकार कर लेती तो यह विधेयक और अच्छा होता लेकिन विपक्ष के संशोधनों को स्वीकार नहीं करने के बावजूद वह इस ‘आधे अधूरे’ विधेयक का समर्थन करती हैं और उस दिन की प्रतीक्षा करेंगे जब भाजपा के सत्ता में लौटने पर इसमें और सुधार किया जाएगा। खाद्य सुरक्षा विधेयक पर मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाने की मांग करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने कहा कि मुख्यमंत्रियों के साथ विचार-विमर्श होने तक इस विधेयक को टाल दिया जाए क्योंकि इससे राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। जद (यू) के शरद यादव ने इस विधेयक को एक साहसी कदम बताया लेकिन साथ ही कहा कि गरीबी हटाने के लिए समय समय पर किए गए उपायों का बहुत नतीजा नहीं निकला है क्योंकि हमारा ढांचा ऐसा है कि योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंच ही नहीं पाता। बसपा के दारा सिंह चौहान ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि अगर इस विधेयक के प्रावधानों का लाभ ईमानदारी से गरीबों तक पहुंच जाए तो यह इस विधेयक की बहुत बड़ी सार्थकता होगी। उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की खामियों को दूर किए जाने के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता बताई। तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार किसी योजना को लेकर नीतियां बदलती आई है। सर्वशिक्षा अभियान का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 2001-02 में केन्द्र की हिस्सेदारी 85 प्रतिशत और राज्यों की 15 प्रतिशत थी जो इस समय क्रमश: 65 और 35 फीसदी हो गई है। द्रमुक के टीआर बालू ने कहा कि इस विधेयक को लेकर सरकार ने कई वायदे किए थे लेकिन वह अभी भी संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हमने हाल ही में देश की आजादी की 67वीं वर्षगांठ मनाई लेकिन अब तक हम गरीबी को दूर करने में विफल रहे हैं। माकपा के ए संपत ने कहा कि वाजिब कीमत पर खाद्यान्न हासिल करना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत केवल चावल और गेहूं ही नहीं बल्कि दाल, चीनी और खाद्य तेल का वितरण भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब जबकि आगामी लोकसभा चुनाव करीब हैं, सरकार इस विधेयक को जल्दबाजी में पारित कराना चाहती है।टिप्पणियां बीजद के भृतहरि महताब ने कहा कि देश में गरीबी और भूख की समस्या पहले जैसी ही है। करीब 42 करोड़ जनता हर रात खाली पेट सोती है। उन्होंने अनाज वितरण में प्रति व्यक्ति व्यवस्था को हटाकर प्रति परिवार व्यवस्था को लागू करने की मांग की। शिवसेना के अनंत गीते ने कहा कि योजना के तहत देश की 80 प्रतिशत आबादी को कवर किया जाएगा जिसका मतलब है कि 80 करोड़ लोग भूख से जूझ रहे हैं। इनमें से भी 50 करोड़ लोग रोज आधे पेट ही सोते हैं। छत्तीसगढ़ में एक विशेष व्यवस्था काम कर सकती है लेकिन कोई जरूरी नहीं कि वही व्यवस्था तमिलनाडु और अन्य राज्यों में भी काम करे। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि खाद्य सुरक्षा कानून लागू होने के बाद भी उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) मिलना जारी रहेगा। विधेयक पर चर्चा के दौरान व्यक्त आशंकाओं को दूर करते हुए थामस ने कहा कि एमएसपी बंद नहीं किया जाएगा... मंडियों में जो भी अनाज आएगा, उसकी खरीद की जाएगी। थामस ने कहा कि भंडारण क्षमता 5.50 करोड़ टन से बढ़कर 7.5 करोड टन हो गई जो 2014 15 तक 8.5 करोड़ टन हो जाएगी। उन्होंने स्वीकार किया कि देश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) कमजोर है लेकिन इसे सुधारने के लिए पिछले कुछ सालों के दौरान कदम उठाए गए हैं। थामस ने कहा कि फर्जी राशन कार्ड और लीकेज की समस्या से निपटा जा रहा है और पिछले चार साल में राशन कार्डों की संख्या 22 करोड़ से घटकर 16 करोड़ रह गई है। इससे पहले, विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए भाजपा के मुरली मनोहर जोशी ने इस विधेयक को वोट सुरक्षा विधेयक’ करार देते हुए कहा कि सरकार एक योजना के तहत कमी’ पैदा कर रही है ताकि लोगों को गरीब और भूखा बनाये रख कर उनका एकमात्र हमदर्द बनने का दावा कर सके। जोशी ने कहा कि 2009 में राष्ट्रपति के अभिभाषण में कहा गया था कि सभी को अनाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार कानून बनाएगी लेकिन सत्ता में आने के साढ़े चार साल बाद सरकार एक आधा अधूरा विधेयक लाई है और ऐसे समय में लाई है जब उसके सत्ता से जाने का समय आ गया है। नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने कहा कि सरकार अगर विपक्ष के संशोधनो को स्वीकार कर लेती तो यह विधेयक और अच्छा होता लेकिन विपक्ष के संशोधनों को स्वीकार नहीं करने के बावजूद वह इस ‘आधे अधूरे’ विधेयक का समर्थन करती हैं और उस दिन की प्रतीक्षा करेंगे जब भाजपा के सत्ता में लौटने पर इसमें और सुधार किया जाएगा। खाद्य सुरक्षा विधेयक पर मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाने की मांग करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने कहा कि मुख्यमंत्रियों के साथ विचार-विमर्श होने तक इस विधेयक को टाल दिया जाए क्योंकि इससे राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। जद (यू) के शरद यादव ने इस विधेयक को एक साहसी कदम बताया लेकिन साथ ही कहा कि गरीबी हटाने के लिए समय समय पर किए गए उपायों का बहुत नतीजा नहीं निकला है क्योंकि हमारा ढांचा ऐसा है कि योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंच ही नहीं पाता। बसपा के दारा सिंह चौहान ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि अगर इस विधेयक के प्रावधानों का लाभ ईमानदारी से गरीबों तक पहुंच जाए तो यह इस विधेयक की बहुत बड़ी सार्थकता होगी। उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की खामियों को दूर किए जाने के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता बताई। तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार किसी योजना को लेकर नीतियां बदलती आई है। सर्वशिक्षा अभियान का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 2001-02 में केन्द्र की हिस्सेदारी 85 प्रतिशत और राज्यों की 15 प्रतिशत थी जो इस समय क्रमश: 65 और 35 फीसदी हो गई है। द्रमुक के टीआर बालू ने कहा कि इस विधेयक को लेकर सरकार ने कई वायदे किए थे लेकिन वह अभी भी संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हमने हाल ही में देश की आजादी की 67वीं वर्षगांठ मनाई लेकिन अब तक हम गरीबी को दूर करने में विफल रहे हैं। माकपा के ए संपत ने कहा कि वाजिब कीमत पर खाद्यान्न हासिल करना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत केवल चावल और गेहूं ही नहीं बल्कि दाल, चीनी और खाद्य तेल का वितरण भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब जबकि आगामी लोकसभा चुनाव करीब हैं, सरकार इस विधेयक को जल्दबाजी में पारित कराना चाहती है।टिप्पणियां बीजद के भृतहरि महताब ने कहा कि देश में गरीबी और भूख की समस्या पहले जैसी ही है। करीब 42 करोड़ जनता हर रात खाली पेट सोती है। उन्होंने अनाज वितरण में प्रति व्यक्ति व्यवस्था को हटाकर प्रति परिवार व्यवस्था को लागू करने की मांग की। शिवसेना के अनंत गीते ने कहा कि योजना के तहत देश की 80 प्रतिशत आबादी को कवर किया जाएगा जिसका मतलब है कि 80 करोड़ लोग भूख से जूझ रहे हैं। इनमें से भी 50 करोड़ लोग रोज आधे पेट ही सोते हैं। विधेयक पर चर्चा के दौरान व्यक्त आशंकाओं को दूर करते हुए थामस ने कहा कि एमएसपी बंद नहीं किया जाएगा... मंडियों में जो भी अनाज आएगा, उसकी खरीद की जाएगी। थामस ने कहा कि भंडारण क्षमता 5.50 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विपक्ष के संशोधनों को स्वीकार नहीं करने के बावजूद वह इस ‘आधे अधूरे’ विधेयक का समर्थन करती हैं और उस दिन की प्रतीक्षा करेंगे जब भाजपा के सत्ता में लौटने पर इसमें और सुधार किया जाएगा। खाद्य सुरक्षा विधेयक पर मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाने की मांग करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने कहा कि मुख्यमंत्रियों के साथ विचार-विमर्श होने तक इस विधेयक को टाल दिया जाए क्योंकि इससे राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। जद (यू) के शरद यादव ने इस विधेयक को एक साहसी कदम बताया लेकिन साथ ही कहा कि गरीबी हटाने के लिए समय समय पर किए गए उपायों का बहुत नतीजा नहीं निकला है क्योंकि हमारा ढांचा ऐसा है कि योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंच ही नहीं पाता। बसपा के दारा सिंह चौहान ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि अगर इस विधेयक के प्रावधानों का लाभ ईमानदारी से गरीबों तक पहुंच जाए तो यह इस विधेयक की बहुत बड़ी सार्थकता होगी। उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की खामियों को दूर किए जाने के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता बताई। तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार किसी योजना को लेकर नीतियां बदलती आई है। सर्वशिक्षा अभियान का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 2001-02 में केन्द्र की हिस्सेदारी 85 प्रतिशत और राज्यों की 15 प्रतिशत थी जो इस समय क्रमश: 65 और 35 फीसदी हो गई है। द्रमुक के टीआर बालू ने कहा कि इस विधेयक को लेकर सरकार ने कई वायदे किए थे लेकिन वह अभी भी संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हमने हाल ही में देश की आजादी की 67वीं वर्षगांठ मनाई लेकिन अब तक हम गरीबी को दूर करने में विफल रहे हैं। माकपा के ए संपत ने कहा कि वाजिब कीमत पर खाद्यान्न हासिल करना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत केवल चावल और गेहूं ही नहीं बल्कि दाल, चीनी और खाद्य तेल का वितरण भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब जबकि आगामी लोकसभा चुनाव करीब हैं, सरकार इस विधेयक को जल्दबाजी में पारित कराना चाहती है।टिप्पणियां बीजद के भृतहरि महताब ने कहा कि देश में गरीबी और भूख की समस्या पहले जैसी ही है। करीब 42 करोड़ जनता हर रात खाली पेट सोती है। उन्होंने अनाज वितरण में प्रति व्यक्ति व्यवस्था को हटाकर प्रति परिवार व्यवस्था को लागू करने की मांग की। शिवसेना के अनंत गीते ने कहा कि योजना के तहत देश की 80 प्रतिशत आबादी को कवर किया जाएगा जिसका मतलब है कि 80 करोड़ लोग भूख से जूझ रहे हैं। इनमें से भी 50 करोड़ लोग रोज आधे पेट ही सोते हैं। थामस ने कहा कि भंडारण क्षमता 5.50 करोड़ टन से बढ़कर 7.5 करोड टन हो गई जो 2014 15 तक 8.5 करोड़ टन हो जाएगी। उन्होंने स्वीकार किया कि देश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) कमजोर है लेकिन इसे सुधारने के लिए पिछले कुछ सालों के दौरान कदम उठाए गए हैं। थामस ने कहा कि फर्जी राशन कार्ड और लीकेज की समस्या से निपटा जा रहा है और पिछले चार साल में राशन कार्डों की संख्या 22 करोड़ से घटकर 16 करोड़ रह गई है। इससे पहले, विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए भाजपा के मुरली मनोहर जोशी ने इस विधेयक को वोट सुरक्षा विधेयक’ करार देते हुए कहा कि सरकार एक योजना के तहत कमी’ पैदा कर रही है ताकि लोगों को गरीब और भूखा बनाये रख कर उनका एकमात्र हमदर्द बनने का दावा कर सके। जोशी ने कहा कि 2009 में राष्ट्रपति के अभिभाषण में कहा गया था कि सभी को अनाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार कानून बनाएगी लेकिन सत्ता में आने के साढ़े चार साल बाद सरकार एक आधा अधूरा विधेयक लाई है और ऐसे समय में लाई है जब उसके सत्ता से जाने का समय आ गया है। नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने कहा कि सरकार अगर विपक्ष के संशोधनो को स्वीकार कर लेती तो यह विधेयक और अच्छा होता लेकिन विपक्ष के संशोधनों को स्वीकार नहीं करने के बावजूद वह इस ‘आधे अधूरे’ विधेयक का समर्थन करती हैं और उस दिन की प्रतीक्षा करेंगे जब भाजपा के सत्ता में लौटने पर इसमें और सुधार किया जाएगा। खाद्य सुरक्षा विधेयक पर मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाने की मांग करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने कहा कि मुख्यमंत्रियों के साथ विचार-विमर्श होने तक इस विधेयक को टाल दिया जाए क्योंकि इससे राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। जद (यू) के शरद यादव ने इस विधेयक को एक साहसी कदम बताया लेकिन साथ ही कहा कि गरीबी हटाने के लिए समय समय पर किए गए उपायों का बहुत नतीजा नहीं निकला है क्योंकि हमारा ढांचा ऐसा है कि योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंच ही नहीं पाता। बसपा के दारा सिंह चौहान ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि अगर इस विधेयक के प्रावधानों का लाभ ईमानदारी से गरीबों तक पहुंच जाए तो यह इस विधेयक की बहुत बड़ी सार्थकता होगी। उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की खामियों को दूर किए जाने के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता बताई। तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार किसी योजना को लेकर नीतियां बदलती आई है। सर्वशिक्षा अभियान का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 2001-02 में केन्द्र की हिस्सेदारी 85 प्रतिशत और राज्यों की 15 प्रतिशत थी जो इस समय क्रमश: 65 और 35 फीसदी हो गई है। द्रमुक के टीआर बालू ने कहा कि इस विधेयक को लेकर सरकार ने कई वायदे किए थे लेकिन वह अभी भी संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हमने हाल ही में देश की आजादी की 67वीं वर्षगांठ मनाई लेकिन अब तक हम गरीबी को दूर करने में विफल रहे हैं। माकपा के ए संपत ने कहा कि वाजिब कीमत पर खाद्यान्न हासिल करना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत केवल चावल और गेहूं ही नहीं बल्कि दाल, चीनी और खाद्य तेल का वितरण भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब जबकि आगामी लोकसभा चुनाव करीब हैं, सरकार इस विधेयक को जल्दबाजी में पारित कराना चाहती है।टिप्पणियां बीजद के भृतहरि महताब ने कहा कि देश में गरीबी और भूख की समस्या पहले जैसी ही है। करीब 42 करोड़ जनता हर रात खाली पेट सोती है। उन्होंने अनाज वितरण में प्रति व्यक्ति व्यवस्था को हटाकर प्रति परिवार व्यवस्था को लागू करने की मांग की। शिवसेना के अनंत गीते ने कहा कि योजना के तहत देश की 80 प्रतिशत आबादी को कवर किया जाएगा जिसका मतलब है कि 80 करोड़ लोग भूख से जूझ रहे हैं। इनमें से भी 50 करोड़ लोग रोज आधे पेट ही सोते हैं। थामस ने कहा कि फर्जी राशन कार्ड और लीकेज की समस्या से निपटा जा रहा है और पिछले चार साल में राशन कार्डों की संख्या 22 करोड़ से घटकर 16 करोड़ रह गई है। इससे पहले, विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए भाजपा के मुरली मनोहर जोशी ने इस विधेयक को वोट सुरक्षा विधेयक’ करार देते हुए कहा कि सरकार एक योजना के तहत कमी’ पैदा कर रही है ताकि लोगों को गरीब और भूखा बनाये रख कर उनका एकमात्र हमदर्द बनने का दावा कर सके। जोशी ने कहा कि 2009 में राष्ट्रपति के अभिभाषण में कहा गया था कि सभी को अनाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार कानून बनाएगी लेकिन सत्ता में आने के साढ़े चार साल बाद सरकार एक आधा अधूरा विधेयक लाई है और ऐसे समय में लाई है जब उसके सत्ता से जाने का समय आ गया है। नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने कहा कि सरकार अगर विपक्ष के संशोधनो को स्वीकार कर लेती तो यह विधेयक और अच्छा होता लेकिन विपक्ष के संशोधनों को स्वीकार नहीं करने के बावजूद वह इस ‘आधे अधूरे’ विधेयक का समर्थन करती हैं और उस दिन की प्रतीक्षा करेंगे जब भाजपा के सत्ता में लौटने पर इसमें और सुधार किया जाएगा। खाद्य सुरक्षा विधेयक पर मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाने की मांग करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने कहा कि मुख्यमंत्रियों के साथ विचार-विमर्श होने तक इस विधेयक को टाल दिया जाए क्योंकि इससे राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। जद (यू) के शरद यादव ने इस विधेयक को एक साहसी कदम बताया लेकिन साथ ही कहा कि गरीबी हटाने के लिए समय समय पर किए गए उपायों का बहुत नतीजा नहीं निकला है क्योंकि हमारा ढांचा ऐसा है कि योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंच ही नहीं पाता। बसपा के दारा सिंह चौहान ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि अगर इस विधेयक के प्रावधानों का लाभ ईमानदारी से गरीबों तक पहुंच जाए तो यह इस विधेयक की बहुत बड़ी सार्थकता होगी। उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की खामियों को दूर किए जाने के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता बताई। तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार किसी योजना को लेकर नीतियां बदलती आई है। सर्वशिक्षा अभियान का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 2001-02 में केन्द्र की हिस्सेदारी 85 प्रतिशत और राज्यों की 15 प्रतिशत थी जो इस समय क्रमश: 65 और 35 फीसदी हो गई है। द्रमुक के टीआर बालू ने कहा कि इस विधेयक को लेकर सरकार ने कई वायदे किए थे लेकिन वह अभी भी संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हमने हाल ही में देश की आजादी की 67वीं वर्षगांठ मनाई लेकिन अब तक हम गरीबी को दूर करने में विफल रहे हैं। माकपा के ए संपत ने कहा कि वाजिब कीमत पर खाद्यान्न हासिल करना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत केवल चावल और गेहूं ही नहीं बल्कि दाल, चीनी और खाद्य तेल का वितरण भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब जबकि आगामी लोकसभा चुनाव करीब हैं, सरकार इस विधेयक को जल्दबाजी में पारित कराना चाहती है।टिप्पणियां बीजद के भृतहरि महताब ने कहा कि देश में गरीबी और भूख की समस्या पहले जैसी ही है। करीब 42 करोड़ जनता हर रात खाली पेट सोती है। उन्होंने अनाज वितरण में प्रति व्यक्ति व्यवस्था को हटाकर प्रति परिवार व्यवस्था को लागू करने की मांग की। शिवसेना के अनंत गीते ने कहा कि योजना के तहत देश की 80 प्रतिशत आबादी को कवर किया जाएगा जिसका मतलब है कि 80 करोड़ लोग भूख से जूझ रहे हैं। इनमें से भी 50 करोड़ लोग रोज आधे पेट ही सोते हैं। इससे पहले, विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए भाजपा के मुरली मनोहर जोशी ने इस विधेयक को वोट सुरक्षा विधेयक’ करार देते हुए कहा कि सरकार एक योजना के तहत कमी’ पैदा कर रही है ताकि लोगों को गरीब और भूखा बनाये रख कर उनका एकमात्र हमदर्द बनने का दावा कर सके। जोशी ने कहा कि 2009 में राष्ट्रपति के अभिभाषण में कहा गया था कि सभी को अनाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार कानून बनाएगी लेकिन सत्ता में आने के साढ़े चार साल बाद सरकार एक आधा अधूरा विधेयक लाई है और ऐसे समय में लाई है जब उसके सत्ता से जाने का समय आ गया है। नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने कहा कि सरकार अगर विपक्ष के संशोधनो को स्वीकार कर लेती तो यह विधेयक और अच्छा होता लेकिन विपक्ष के संशोधनों को स्वीकार नहीं करने के बावजूद वह इस ‘आधे अधूरे’ विधेयक का समर्थन करती हैं और उस दिन की प्रतीक्षा करेंगे जब भाजपा के सत्ता में लौटने पर इसमें और सुधार किया जाएगा। खाद्य सुरक्षा विधेयक पर मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाने की मांग करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने कहा कि मुख्यमंत्रियों के साथ विचार-विमर्श होने तक इस विधेयक को टाल दिया जाए क्योंकि इससे राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। जद (यू) के शरद यादव ने इस विधेयक को एक साहसी कदम बताया लेकिन साथ ही कहा कि गरीबी हटाने के लिए समय समय पर किए गए उपायों का बहुत नतीजा नहीं निकला है क्योंकि हमारा ढांचा ऐसा है कि योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंच ही नहीं पाता। बसपा के दारा सिंह चौहान ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि अगर इस विधेयक के प्रावधानों का लाभ ईमानदारी से गरीबों तक पहुंच जाए तो यह इस विधेयक की बहुत बड़ी सार्थकता होगी। उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की खामियों को दूर किए जाने के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता बताई। तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार किसी योजना को लेकर नीतियां बदलती आई है। सर्वशिक्षा अभियान का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 2001-02 में केन्द्र की हिस्सेदारी 85 प्रतिशत और राज्यों की 15 प्रतिशत थी जो इस समय क्रमश: 65 और 35 फीसदी हो गई है। द्रमुक के टीआर बालू ने कहा कि इस विधेयक को लेकर सरकार ने कई वायदे किए थे लेकिन वह अभी भी संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हमने हाल ही में देश की आजादी की 67वीं वर्षगांठ मनाई लेकिन अब तक हम गरीबी को दूर करने में विफल रहे हैं। माकपा के ए संपत ने कहा कि वाजिब कीमत पर खाद्यान्न हासिल करना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत केवल चावल और गेहूं ही नहीं बल्कि दाल, चीनी और खाद्य तेल का वितरण भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब जबकि आगामी लोकसभा चुनाव करीब हैं, सरकार इस विधेयक को जल्दबाजी में पारित कराना चाहती है।टिप्पणियां बीजद के भृतहरि महताब ने कहा कि देश में गरीबी और भूख की समस्या पहले जैसी ही है। करीब 42 करोड़ जनता हर रात खाली पेट सोती है। उन्होंने अनाज वितरण में प्रति व्यक्ति व्यवस्था को हटाकर प्रति परिवार व्यवस्था को लागू करने की मांग की। शिवसेना के अनंत गीते ने कहा कि योजना के तहत देश की 80 प्रतिशत आबादी को कवर किया जाएगा जिसका मतलब है कि 80 करोड़ लोग भूख से जूझ रहे हैं। इनमें से भी 50 करोड़ लोग रोज आधे पेट ही सोते हैं। नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने कहा कि सरकार अगर विपक्ष के संशोधनो को स्वीकार कर लेती तो यह विधेयक और अच्छा होता लेकिन विपक्ष के संशोधनों को स्वीकार नहीं करने के बावजूद वह इस ‘आधे अधूरे’ विधेयक का समर्थन करती हैं और उस दिन की प्रतीक्षा करेंगे जब भाजपा के सत्ता में लौटने पर इसमें और सुधार किया जाएगा। खाद्य सुरक्षा विधेयक पर मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाने की मांग करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने कहा कि मुख्यमंत्रियों के साथ विचार-विमर्श होने तक इस विधेयक को टाल दिया जाए क्योंकि इससे राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। जद (यू) के शरद यादव ने इस विधेयक को एक साहसी कदम बताया लेकिन साथ ही कहा कि गरीबी हटाने के लिए समय समय पर किए गए उपायों का बहुत नतीजा नहीं निकला है क्योंकि हमारा ढांचा ऐसा है कि योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंच ही नहीं पाता। बसपा के दारा सिंह चौहान ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि अगर इस विधेयक के प्रावधानों का लाभ ईमानदारी से गरीबों तक पहुंच जाए तो यह इस विधेयक की बहुत बड़ी सार्थकता होगी। उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की खामियों को दूर किए जाने के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता बताई। तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार किसी योजना को लेकर नीतियां बदलती आई है। सर्वशिक्षा अभियान का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 2001-02 में केन्द्र की हिस्सेदारी 85 प्रतिशत और राज्यों की 15 प्रतिशत थी जो इस समय क्रमश: 65 और 35 फीसदी हो गई है। द्रमुक के टीआर बालू ने कहा कि इस विधेयक को लेकर सरकार ने कई वायदे किए थे लेकिन वह अभी भी संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हमने हाल ही में देश की आजादी की 67वीं वर्षगांठ मनाई लेकिन अब तक हम गरीबी को दूर करने में विफल रहे हैं। माकपा के ए संपत ने कहा कि वाजिब कीमत पर खाद्यान्न हासिल करना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत केवल चावल और गेहूं ही नहीं बल्कि दाल, चीनी और खाद्य तेल का वितरण भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब जबकि आगामी लोकसभा चुनाव करीब हैं, सरकार इस विधेयक को जल्दबाजी में पारित कराना चाहती है।टिप्पणियां बीजद के भृतहरि महताब ने कहा कि देश में गरीबी और भूख की समस्या पहले जैसी ही है। करीब 42 करोड़ जनता हर रात खाली पेट सोती है। उन्होंने अनाज वितरण में प्रति व्यक्ति व्यवस्था को हटाकर प्रति परिवार व्यवस्था को लागू करने की मांग की। शिवसेना के अनंत गीते ने कहा कि योजना के तहत देश की 80 प्रतिशत आबादी को कवर किया जाएगा जिसका मतलब है कि 80 करोड़ लोग भूख से जूझ रहे हैं। इनमें से भी 50 करोड़ लोग रोज आधे पेट ही सोते हैं। खाद्य सुरक्षा विधेयक पर मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाने की मांग करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने कहा कि मुख्यमंत्रियों के साथ विचार-विमर्श होने तक इस विधेयक को टाल दिया जाए क्योंकि इससे राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। जद (यू) के शरद यादव ने इस विधेयक को एक साहसी कदम बताया लेकिन साथ ही कहा कि गरीबी हटाने के लिए समय समय पर किए गए उपायों का बहुत नतीजा नहीं निकला है क्योंकि हमारा ढांचा ऐसा है कि योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंच ही नहीं पाता। बसपा के दारा सिंह चौहान ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि अगर इस विधेयक के प्रावधानों का लाभ ईमानदारी से गरीबों तक पहुंच जाए तो यह इस विधेयक की बहुत बड़ी सार्थकता होगी। उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की खामियों को दूर किए जाने के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता बताई। तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार किसी योजना को लेकर नीतियां बदलती आई है। सर्वशिक्षा अभियान का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 2001-02 में केन्द्र की हिस्सेदारी 85 प्रतिशत और राज्यों की 15 प्रतिशत थी जो इस समय क्रमश: 65 और 35 फीसदी हो गई है। द्रमुक के टीआर बालू ने कहा कि इस विधेयक को लेकर सरकार ने कई वायदे किए थे लेकिन वह अभी भी संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हमने हाल ही में देश की आजादी की 67वीं वर्षगांठ मनाई लेकिन अब तक हम गरीबी को दूर करने में विफल रहे हैं। माकपा के ए संपत ने कहा कि वाजिब कीमत पर खाद्यान्न हासिल करना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत केवल चावल और गेहूं ही नहीं बल्कि दाल, चीनी और खाद्य तेल का वितरण भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब जबकि आगामी लोकसभा चुनाव करीब हैं, सरकार इस विधेयक को जल्दबाजी में पारित कराना चाहती है।टिप्पणियां बीजद के भृतहरि महताब ने कहा कि देश में गरीबी और भूख की समस्या पहले जैसी ही है। करीब 42 करोड़ जनता हर रात खाली पेट सोती है। उन्होंने अनाज वितरण में प्रति व्यक्ति व्यवस्था को हटाकर प्रति परिवार व्यवस्था को लागू करने की मांग की। शिवसेना के अनंत गीते ने कहा कि योजना के तहत देश की 80 प्रतिशत आबादी को कवर किया जाएगा जिसका मतलब है कि 80 करोड़ लोग भूख से जूझ रहे हैं। इनमें से भी 50 करोड़ लोग रोज आधे पेट ही सोते हैं। जद (यू) के शरद यादव ने इस विधेयक को एक साहसी कदम बताया लेकिन साथ ही कहा कि गरीबी हटाने के लिए समय समय पर किए गए उपायों का बहुत नतीजा नहीं निकला है क्योंकि हमारा ढांचा ऐसा है कि योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंच ही नहीं पाता। बसपा के दारा सिंह चौहान ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि अगर इस विधेयक के प्रावधानों का लाभ ईमानदारी से गरीबों तक पहुंच जाए तो यह इस विधेयक की बहुत बड़ी सार्थकता होगी। उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की खामियों को दूर किए जाने के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता बताई। तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार किसी योजना को लेकर नीतियां बदलती आई है। सर्वशिक्षा अभियान का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 2001-02 में केन्द्र की हिस्सेदारी 85 प्रतिशत और राज्यों की 15 प्रतिशत थी जो इस समय क्रमश: 65 और 35 फीसदी हो गई है। द्रमुक के टीआर बालू ने कहा कि इस विधेयक को लेकर सरकार ने कई वायदे किए थे लेकिन वह अभी भी संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हमने हाल ही में देश की आजादी की 67वीं वर्षगांठ मनाई लेकिन अब तक हम गरीबी को दूर करने में विफल रहे हैं। माकपा के ए संपत ने कहा कि वाजिब कीमत पर खाद्यान्न हासिल करना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत केवल चावल और गेहूं ही नहीं बल्कि दाल, चीनी और खाद्य तेल का वितरण भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब जबकि आगामी लोकसभा चुनाव करीब हैं, सरकार इस विधेयक को जल्दबाजी में पारित कराना चाहती है।टिप्पणियां बीजद के भृतहरि महताब ने कहा कि देश में गरीबी और भूख की समस्या पहले जैसी ही है। करीब 42 करोड़ जनता हर रात खाली पेट सोती है। उन्होंने अनाज वितरण में प्रति व्यक्ति व्यवस्था को हटाकर प्रति परिवार व्यवस्था को लागू करने की मांग की। शिवसेना के अनंत गीते ने कहा कि योजना के तहत देश की 80 प्रतिशत आबादी को कवर किया जाएगा जिसका मतलब है कि 80 करोड़ लोग भूख से जूझ रहे हैं। इनमें से भी 50 करोड़ लोग रोज आधे पेट ही सोते हैं। बसपा के दारा सिंह चौहान ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि अगर इस विधेयक के प्रावधानों का लाभ ईमानदारी से गरीबों तक पहुंच जाए तो यह इस विधेयक की बहुत बड़ी सार्थकता होगी। उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की खामियों को दूर किए जाने के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता बताई। तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार किसी योजना को लेकर नीतियां बदलती आई है। सर्वशिक्षा अभियान का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 2001-02 में केन्द्र की हिस्सेदारी 85 प्रतिशत और राज्यों की 15 प्रतिशत थी जो इस समय क्रमश: 65 और 35 फीसदी हो गई है। द्रमुक के टीआर बालू ने कहा कि इस विधेयक को लेकर सरकार ने कई वायदे किए थे लेकिन वह अभी भी संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हमने हाल ही में देश की आजादी की 67वीं वर्षगांठ मनाई लेकिन अब तक हम गरीबी को दूर करने में विफल रहे हैं। माकपा के ए संपत ने कहा कि वाजिब कीमत पर खाद्यान्न हासिल करना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत केवल चावल और गेहूं ही नहीं बल्कि दाल, चीनी और खाद्य तेल का वितरण भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब जबकि आगामी लोकसभा चुनाव करीब हैं, सरकार इस विधेयक को जल्दबाजी में पारित कराना चाहती है।टिप्पणियां बीजद के भृतहरि महताब ने कहा कि देश में गरीबी और भूख की समस्या पहले जैसी ही है। करीब 42 करोड़ जनता हर रात खाली पेट सोती है। उन्होंने अनाज वितरण में प्रति व्यक्ति व्यवस्था को हटाकर प्रति परिवार व्यवस्था को लागू करने की मांग की। शिवसेना के अनंत गीते ने कहा कि योजना के तहत देश की 80 प्रतिशत आबादी को कवर किया जाएगा जिसका मतलब है कि 80 करोड़ लोग भूख से जूझ रहे हैं। इनमें से भी 50 करोड़ लोग रोज आधे पेट ही सोते हैं। तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार किसी योजना को लेकर नीतियां बदलती आई है। सर्वशिक्षा अभियान का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 2001-02 में केन्द्र की हिस्सेदारी 85 प्रतिशत और राज्यों की 15 प्रतिशत थी जो इस समय क्रमश: 65 और 35 फीसदी हो गई है। द्रमुक के टीआर बालू ने कहा कि इस विधेयक को लेकर सरकार ने कई वायदे किए थे लेकिन वह अभी भी संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हमने हाल ही में देश की आजादी की 67वीं वर्षगांठ मनाई लेकिन अब तक हम गरीबी को दूर करने में विफल रहे हैं। माकपा के ए संपत ने कहा कि वाजिब कीमत पर खाद्यान्न हासिल करना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत केवल चावल और गेहूं ही नहीं बल्कि दाल, चीनी और खाद्य तेल का वितरण भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब जबकि आगामी लोकसभा चुनाव करीब हैं, सरकार इस विधेयक को जल्दबाजी में पारित कराना चाहती है।टिप्पणियां बीजद के भृतहरि महताब ने कहा कि देश में गरीबी और भूख की समस्या पहले जैसी ही है। करीब 42 करोड़ जनता हर रात खाली पेट सोती है। उन्होंने अनाज वितरण में प्रति व्यक्ति व्यवस्था को हटाकर प्रति परिवार व्यवस्था को लागू करने की मांग की। शिवसेना के अनंत गीते ने कहा कि योजना के तहत देश की 80 प्रतिशत आबादी को कवर किया जाएगा जिसका मतलब है कि 80 करोड़ लोग भूख से जूझ रहे हैं। इनमें से भी 50 करोड़ लोग रोज आधे पेट ही सोते हैं। माकपा के ए संपत ने कहा कि वाजिब कीमत पर खाद्यान्न हासिल करना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत केवल चावल और गेहूं ही नहीं बल्कि दाल, चीनी और खाद्य तेल का वितरण भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब जबकि आगामी लोकसभा चुनाव करीब हैं, सरकार इस विधेयक को जल्दबाजी में पारित कराना चाहती है।टिप्पणियां बीजद के भृतहरि महताब ने कहा कि देश में गरीबी और भूख की समस्या पहले जैसी ही है। करीब 42 करोड़ जनता हर रात खाली पेट सोती है। उन्होंने अनाज वितरण में प्रति व्यक्ति व्यवस्था को हटाकर प्रति परिवार व्यवस्था को लागू करने की मांग की। शिवसेना के अनंत गीते ने कहा कि योजना के तहत देश की 80 प्रतिशत आबादी को कवर किया जाएगा जिसका मतलब है कि 80 करोड़ लोग भूख से जूझ रहे हैं। इनमें से भी 50 करोड़ लोग रोज आधे पेट ही सोते हैं। बीजद के भृतहरि महताब ने कहा कि देश में गरीबी और भूख की समस्या पहले जैसी ही है। करीब 42 करोड़ जनता हर रात खाली पेट सोती है। उन्होंने अनाज वितरण में प्रति व्यक्ति व्यवस्था को हटाकर प्रति परिवार व्यवस्था को लागू करने की मांग की। शिवसेना के अनंत गीते ने कहा कि योजना के तहत देश की 80 प्रतिशत आबादी को कवर किया जाएगा जिसका मतलब है कि 80 करोड़ लोग भूख से जूझ रहे हैं। इनमें से भी 50 करोड़ लोग रोज आधे पेट ही सोते हैं। शिवसेना के अनंत गीते ने कहा कि योजना के तहत देश की 80 प्रतिशत आबादी को कवर किया जाएगा जिसका मतलब है कि 80 करोड़ लोग भूख से जूझ रहे हैं। इनमें से भी 50 करोड़ लोग रोज आधे पेट ही सोते हैं।
संक्षिप्त पाठ: लोकसभा ने दी खाद्य सुरक्षा विधेयक को मंजूरी दे दी है। विधेयक को राज्यसभा की मंजूरी मिलने के बाद भारत दुनिया के उन चुनिन्दा देशों में शामिल हो जाएगा, जो अपनी अधिकांश आबादी को खाद्यान्न की गारंटी देते हैं।
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: रविवार को दिन था, ईस्टर संडे और इस परिवार की नींद खुली एक ऐसे मेहमान के साथ जिसकी उन्होंने उम्मीद भी नहीं की थी. मामला अमेरिका के साउथ कैरोलीना का है जहां पोल्सटन परिवार अपने घर में आराम फरमा रहा था. सुबह सुबह उन्हें एक आवाज़ आई, उन्हें लगा कि घर में चोर घुस आया है लेकिन बाहर जाकर देखा तो सामने घड़ियाल था. स्टीव पोल्सटन ने बताया 'मुझे लगा मेरी बेटी है, मेरी बेटी जो कि ऊपर छत पर थी, उसे लगा कि मेरी पत्नी है. लेकिन उन दोनों में से कोई भी नहीं था. ये तो एक 9 फुट का घड़ियाल था जो हमारे पोर्च पर था.' wsbtv.com के मुताबिक इस विशाल घड़ियाल ने 15 फुट की सीढ़ियां पार की, स्क्रीन को तोड़ा और फिर परिवार के दूसरे माले क पोर्च पर पहुंच गया. वक्त गुजरने के साथ यह घड़ियाल और आक्रामक होता गया और जाने को तैयार ही नहीं था. फिर परिवार ने एक रेंगनेवाले जीवों (रेपटाइल) के एक्सपर्ट को बुलाया जिसने बताया कि यह घड़ियाल 60 साल का हो चुका है.टिप्पणियां मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जब घंटों बाद भी यह जानवर हिलने को तैयार नहीं हुआ तो वन्यजीव एक्सपर्ट को उसे बेहोश करना पड़ा. जानकारों के मुताबिक घड़ियाल इन्हीं दिनों अपने हायबरनेशन की अवस्था से बाहर आते हैं और वह गरम इलाकों की तलाश में रहते हैं. wsbtv.com के मुताबिक इस विशाल घड़ियाल ने 15 फुट की सीढ़ियां पार की, स्क्रीन को तोड़ा और फिर परिवार के दूसरे माले क पोर्च पर पहुंच गया. वक्त गुजरने के साथ यह घड़ियाल और आक्रामक होता गया और जाने को तैयार ही नहीं था. फिर परिवार ने एक रेंगनेवाले जीवों (रेपटाइल) के एक्सपर्ट को बुलाया जिसने बताया कि यह घड़ियाल 60 साल का हो चुका है.टिप्पणियां मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जब घंटों बाद भी यह जानवर हिलने को तैयार नहीं हुआ तो वन्यजीव एक्सपर्ट को उसे बेहोश करना पड़ा. जानकारों के मुताबिक घड़ियाल इन्हीं दिनों अपने हायबरनेशन की अवस्था से बाहर आते हैं और वह गरम इलाकों की तलाश में रहते हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जब घंटों बाद भी यह जानवर हिलने को तैयार नहीं हुआ तो वन्यजीव एक्सपर्ट को उसे बेहोश करना पड़ा. जानकारों के मुताबिक घड़ियाल इन्हीं दिनों अपने हायबरनेशन की अवस्था से बाहर आते हैं और वह गरम इलाकों की तलाश में रहते हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जब घंटों बाद भी यह जानवर हिलने को तैयार नहीं हुआ तो वन्यजीव एक्सपर्ट को उसे बेहोश करना पड़ा. जानकारों के मुताबिक घड़ियाल इन्हीं दिनों अपने हायबरनेशन की अवस्था से बाहर आते हैं और वह गरम इलाकों की तलाश में रहते हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 9 फुट का घड़ियाल अमेरिका के एक घर में दिखाई दिया ईस्टर संडे के दिन इस घड़ियाल ने इनके घऱ पर धावा बोला घंटों कोशिश के बाद भी घड़ियाल हिलने को तैयार नहीं था
11
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: श्रीनगर एयरपोर्ट पर सेना के एक जवान को गिरफ्तार में लिया गया है. दरअसल, चेकिंग के दौरान उसके सामान से दो ग्रेनेड मिले थे. जवान की पहचान गोपाल मुखिया के तौर पर हुई है. वह 17 JAK राइफल्स का जवान है और LOC के नजदीक उरी सेक्टर में तैनात था. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, ये दिल्ली के लिए फ्लाइट लेने जा रहा था तो उसके बैग से चेकिंग के दौरान दो ग्रेनेड मिले. इसके बाद जवान को गिरफ्तार कर लिया गया है. उसका कहना है कि उसके अफसर ने ही ये ग्रेनेड दिए, लेकिन पुलिस को उसके बयान पर यकीन नहीं है. इस मामले को लेकर पुलिस जांच कर रही है कि कहीं यह बड़ी साजिश का हिस्सा तो नहीं. श्रीनगर एयरपोर्ट पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त रहते हैं. यह कई दौर की चेकिंग होती है. जवान ने एयरपोर्ट पर एंट्री कर ली क्योंकि प्रवेश के दौरान जवानों की चेकिंग नहीं होती.  सूत्रों के मुताबिक- पुलिस ये जांच कर रही है कि आखिर जवान के पास ग्रेनेड कहां से आए. पुलिस ने बताया है कि गोपाल मुखिया दार्जिंलिंग से हैं. जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी एसपी वैद्य ने एनडीटीवी को बताया कि इस जवान को हिरासत में लेकर पूछताछ की जारी है. उसका कहना है किसी अफसर के कहने पर ये ग्रेनेड लेकर जा रहा था. इस पूरे मामले की जांच कर रही है. सेना के दिल्ली स्थित हेडक्वार्टर ने इस बारे में अभी कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया. बस इतना ही कहा कि जवान पुलिस की हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है. वहीं बड़ा सवाल यह है कि कैसे जवान दो लाइव ग्रेनेड लेकर अपनी पलटन से घर के लिए निकल जाता है और पलटन को खबर तक नहीं लगती, क्योंकि पलटन में गोला-बारूद का हिसाब रखा जाता है. टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जम्मू-कश्मीर के दौर पर थे. उन्होंने यहां देश की सबसे लंबी सुरंग का उद्घाटन किया जो हर मौसम में कश्मीर घाटी को जम्मू से जोड़े रखेगी और 31 किलोमीटर की दूरी कम करेगी. इस सबसे लंबी सुरंग में 124 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं इस टनल की लंबाई 9.2 किलोमीटर है. पीएम के कार्यक्रम के कुछ घंटों बाद ही जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के नौहट्टा में पुलिस और CRPF पर आतंकी हमला हुआ था. हमले में एक पुलिसकर्मी की जान चली गई जबकि 18 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए. सभी घायलों को श्रीनगर के SMHS अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा कहा है कि आतंकी ने थाने पर हैंड ग्रेनेड फेंके और कुछ देर तक गोलीबारी की. वहीं खबर ये भी हैं कि हमले के बाद आतंकी भागने में कामयाब रहा. उसका कहना है कि उसके अफसर ने ही ये ग्रेनेड दिए, लेकिन पुलिस को उसके बयान पर यकीन नहीं है. इस मामले को लेकर पुलिस जांच कर रही है कि कहीं यह बड़ी साजिश का हिस्सा तो नहीं. श्रीनगर एयरपोर्ट पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त रहते हैं. यह कई दौर की चेकिंग होती है. जवान ने एयरपोर्ट पर एंट्री कर ली क्योंकि प्रवेश के दौरान जवानों की चेकिंग नहीं होती.  सूत्रों के मुताबिक- पुलिस ये जांच कर रही है कि आखिर जवान के पास ग्रेनेड कहां से आए. पुलिस ने बताया है कि गोपाल मुखिया दार्जिंलिंग से हैं. जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी एसपी वैद्य ने एनडीटीवी को बताया कि इस जवान को हिरासत में लेकर पूछताछ की जारी है. उसका कहना है किसी अफसर के कहने पर ये ग्रेनेड लेकर जा रहा था. इस पूरे मामले की जांच कर रही है. सेना के दिल्ली स्थित हेडक्वार्टर ने इस बारे में अभी कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया. बस इतना ही कहा कि जवान पुलिस की हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है. वहीं बड़ा सवाल यह है कि कैसे जवान दो लाइव ग्रेनेड लेकर अपनी पलटन से घर के लिए निकल जाता है और पलटन को खबर तक नहीं लगती, क्योंकि पलटन में गोला-बारूद का हिसाब रखा जाता है. टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जम्मू-कश्मीर के दौर पर थे. उन्होंने यहां देश की सबसे लंबी सुरंग का उद्घाटन किया जो हर मौसम में कश्मीर घाटी को जम्मू से जोड़े रखेगी और 31 किलोमीटर की दूरी कम करेगी. इस सबसे लंबी सुरंग में 124 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं इस टनल की लंबाई 9.2 किलोमीटर है. पीएम के कार्यक्रम के कुछ घंटों बाद ही जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के नौहट्टा में पुलिस और CRPF पर आतंकी हमला हुआ था. हमले में एक पुलिसकर्मी की जान चली गई जबकि 18 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए. सभी घायलों को श्रीनगर के SMHS अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा कहा है कि आतंकी ने थाने पर हैंड ग्रेनेड फेंके और कुछ देर तक गोलीबारी की. वहीं खबर ये भी हैं कि हमले के बाद आतंकी भागने में कामयाब रहा. जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी एसपी वैद्य ने एनडीटीवी को बताया कि इस जवान को हिरासत में लेकर पूछताछ की जारी है. उसका कहना है किसी अफसर के कहने पर ये ग्रेनेड लेकर जा रहा था. इस पूरे मामले की जांच कर रही है. सेना के दिल्ली स्थित हेडक्वार्टर ने इस बारे में अभी कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया. बस इतना ही कहा कि जवान पुलिस की हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है. वहीं बड़ा सवाल यह है कि कैसे जवान दो लाइव ग्रेनेड लेकर अपनी पलटन से घर के लिए निकल जाता है और पलटन को खबर तक नहीं लगती, क्योंकि पलटन में गोला-बारूद का हिसाब रखा जाता है. टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जम्मू-कश्मीर के दौर पर थे. उन्होंने यहां देश की सबसे लंबी सुरंग का उद्घाटन किया जो हर मौसम में कश्मीर घाटी को जम्मू से जोड़े रखेगी और 31 किलोमीटर की दूरी कम करेगी. इस सबसे लंबी सुरंग में 124 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं इस टनल की लंबाई 9.2 किलोमीटर है. पीएम के कार्यक्रम के कुछ घंटों बाद ही जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के नौहट्टा में पुलिस और CRPF पर आतंकी हमला हुआ था. हमले में एक पुलिसकर्मी की जान चली गई जबकि 18 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए. सभी घायलों को श्रीनगर के SMHS अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा कहा है कि आतंकी ने थाने पर हैंड ग्रेनेड फेंके और कुछ देर तक गोलीबारी की. वहीं खबर ये भी हैं कि हमले के बाद आतंकी भागने में कामयाब रहा. उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जम्मू-कश्मीर के दौर पर थे. उन्होंने यहां देश की सबसे लंबी सुरंग का उद्घाटन किया जो हर मौसम में कश्मीर घाटी को जम्मू से जोड़े रखेगी और 31 किलोमीटर की दूरी कम करेगी. इस सबसे लंबी सुरंग में 124 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं इस टनल की लंबाई 9.2 किलोमीटर है. पीएम के कार्यक्रम के कुछ घंटों बाद ही जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के नौहट्टा में पुलिस और CRPF पर आतंकी हमला हुआ था. हमले में एक पुलिसकर्मी की जान चली गई जबकि 18 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए. सभी घायलों को श्रीनगर के SMHS अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा कहा है कि आतंकी ने थाने पर हैंड ग्रेनेड फेंके और कुछ देर तक गोलीबारी की. वहीं खबर ये भी हैं कि हमले के बाद आतंकी भागने में कामयाब रहा. पीएम के कार्यक्रम के कुछ घंटों बाद ही जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के नौहट्टा में पुलिस और CRPF पर आतंकी हमला हुआ था. हमले में एक पुलिसकर्मी की जान चली गई जबकि 18 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए. सभी घायलों को श्रीनगर के SMHS अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा कहा है कि आतंकी ने थाने पर हैंड ग्रेनेड फेंके और कुछ देर तक गोलीबारी की. वहीं खबर ये भी हैं कि हमले के बाद आतंकी भागने में कामयाब रहा.
यह एक सारांश है: जवान के पास मिले हैं दो जिंदा जवान विमान से वह दिल्ली आने वाला था पुलिस ने जवान को गिरफ्तार कर लिया है, जांच जारी है
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मुंबई निकाय चुनाव की दौड़ में शिवसेना ने अपनी सहयोगी भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा विकास विजन की बातें अपने तक सीमित रखे और दूसरों को उपदेश न दे. शिवसेना ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उस हालिया टिप्पणी को लेकर भाजपा को निशाने पर लिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव के लिए गठबंधन तभी होगा, जब विकास को लेकर भाजपा का विजन शिवसेना को स्वीकार्य होगा. इस बयान के बाद मुख्यमंत्री पर पलटवार करते हुए शिवसेना ने कहा कि कानून एवं व्यवस्था, भ्रष्टाचार और नोटबंदी के मामलों में भाजपा का विजन विफल रहा है. शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में छपे एक संपादकीय में कहा गया, 'कम से कम छत्रपति शिवाजी और शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के महाराष्ट्र को ऐसे किसी विजन की जरूरत नहीं है. केंद्र के नोटबंदी के विजन ने वित्तीय अराजकता पैदा कर दी है और करोड़ों लोगों को बेरोजगार कर दिया है. कोई सरकार के सामने सवाल उठा रहा है तो उसे राष्ट्र-विरोधी करार दे दिया जा रहा है.' शिवसेना ने कहा कि पिछले सप्ताह नागपुर में मीडिया के साथ एक अनौपचारिक बातचीत में फडणवीस ने कहा था कि शिवसेना के साथ गठबंधन तभी होगा, जब वह भाजपा के विकास विजन को स्वीकार करेगी. यदि यह बातचीत अनौपचारिक थी तो फिर इसका इतना अधिक प्रचार कैसे हो गया? बड़े-बड़े विजन की शेखी बघारकर काम करने के भाजपा के तरीके से वाकिफ होने के कारण, शिवसेना को इस मुद्दे पर किसी स्पष्टीकरण की जरूरत नहीं है. मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी 'मुंबई-नागपुर एक्सप्रेस वे परियोजना' पर निशाना साधते हुए शिवसेना ने कहा कि भाजपा का विजन यह हो सकता है कि इस बड़ी योजना के चलते महामार्ग के आसपास के क्षेत्र समृद्ध बनेंगे और जमीन की कीमतें बढ़ेंगी. शिवसेना ने आरोप लगाया कि इस विजन के परिणामस्वरूप सत्ताधारी दल के करीबी अधिकारियों ने महामार्ग के आसपास की जमीन को लूट लिया है. शिवसेना ने कहा, 'ऐसा कहा जा रहा था कि नोटबंदी के बाद आतंकवाद खत्म हो जाएगा, हम रोजाना देख रहे हैं कि इस विजन का क्या हाल हो रहा है.'टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शिवसेना ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उस हालिया टिप्पणी को लेकर भाजपा को निशाने पर लिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव के लिए गठबंधन तभी होगा, जब विकास को लेकर भाजपा का विजन शिवसेना को स्वीकार्य होगा. इस बयान के बाद मुख्यमंत्री पर पलटवार करते हुए शिवसेना ने कहा कि कानून एवं व्यवस्था, भ्रष्टाचार और नोटबंदी के मामलों में भाजपा का विजन विफल रहा है. शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में छपे एक संपादकीय में कहा गया, 'कम से कम छत्रपति शिवाजी और शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के महाराष्ट्र को ऐसे किसी विजन की जरूरत नहीं है. केंद्र के नोटबंदी के विजन ने वित्तीय अराजकता पैदा कर दी है और करोड़ों लोगों को बेरोजगार कर दिया है. कोई सरकार के सामने सवाल उठा रहा है तो उसे राष्ट्र-विरोधी करार दे दिया जा रहा है.' शिवसेना ने कहा कि पिछले सप्ताह नागपुर में मीडिया के साथ एक अनौपचारिक बातचीत में फडणवीस ने कहा था कि शिवसेना के साथ गठबंधन तभी होगा, जब वह भाजपा के विकास विजन को स्वीकार करेगी. यदि यह बातचीत अनौपचारिक थी तो फिर इसका इतना अधिक प्रचार कैसे हो गया? बड़े-बड़े विजन की शेखी बघारकर काम करने के भाजपा के तरीके से वाकिफ होने के कारण, शिवसेना को इस मुद्दे पर किसी स्पष्टीकरण की जरूरत नहीं है. मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी 'मुंबई-नागपुर एक्सप्रेस वे परियोजना' पर निशाना साधते हुए शिवसेना ने कहा कि भाजपा का विजन यह हो सकता है कि इस बड़ी योजना के चलते महामार्ग के आसपास के क्षेत्र समृद्ध बनेंगे और जमीन की कीमतें बढ़ेंगी. शिवसेना ने आरोप लगाया कि इस विजन के परिणामस्वरूप सत्ताधारी दल के करीबी अधिकारियों ने महामार्ग के आसपास की जमीन को लूट लिया है. शिवसेना ने कहा, 'ऐसा कहा जा रहा था कि नोटबंदी के बाद आतंकवाद खत्म हो जाएगा, हम रोजाना देख रहे हैं कि इस विजन का क्या हाल हो रहा है.'टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस बयान के बाद मुख्यमंत्री पर पलटवार करते हुए शिवसेना ने कहा कि कानून एवं व्यवस्था, भ्रष्टाचार और नोटबंदी के मामलों में भाजपा का विजन विफल रहा है. शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में छपे एक संपादकीय में कहा गया, 'कम से कम छत्रपति शिवाजी और शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के महाराष्ट्र को ऐसे किसी विजन की जरूरत नहीं है. केंद्र के नोटबंदी के विजन ने वित्तीय अराजकता पैदा कर दी है और करोड़ों लोगों को बेरोजगार कर दिया है. कोई सरकार के सामने सवाल उठा रहा है तो उसे राष्ट्र-विरोधी करार दे दिया जा रहा है.' शिवसेना ने कहा कि पिछले सप्ताह नागपुर में मीडिया के साथ एक अनौपचारिक बातचीत में फडणवीस ने कहा था कि शिवसेना के साथ गठबंधन तभी होगा, जब वह भाजपा के विकास विजन को स्वीकार करेगी. यदि यह बातचीत अनौपचारिक थी तो फिर इसका इतना अधिक प्रचार कैसे हो गया? बड़े-बड़े विजन की शेखी बघारकर काम करने के भाजपा के तरीके से वाकिफ होने के कारण, शिवसेना को इस मुद्दे पर किसी स्पष्टीकरण की जरूरत नहीं है. मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी 'मुंबई-नागपुर एक्सप्रेस वे परियोजना' पर निशाना साधते हुए शिवसेना ने कहा कि भाजपा का विजन यह हो सकता है कि इस बड़ी योजना के चलते महामार्ग के आसपास के क्षेत्र समृद्ध बनेंगे और जमीन की कीमतें बढ़ेंगी. शिवसेना ने आरोप लगाया कि इस विजन के परिणामस्वरूप सत्ताधारी दल के करीबी अधिकारियों ने महामार्ग के आसपास की जमीन को लूट लिया है. शिवसेना ने कहा, 'ऐसा कहा जा रहा था कि नोटबंदी के बाद आतंकवाद खत्म हो जाएगा, हम रोजाना देख रहे हैं कि इस विजन का क्या हाल हो रहा है.'टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शिवसेना ने कहा कि पिछले सप्ताह नागपुर में मीडिया के साथ एक अनौपचारिक बातचीत में फडणवीस ने कहा था कि शिवसेना के साथ गठबंधन तभी होगा, जब वह भाजपा के विकास विजन को स्वीकार करेगी. यदि यह बातचीत अनौपचारिक थी तो फिर इसका इतना अधिक प्रचार कैसे हो गया? बड़े-बड़े विजन की शेखी बघारकर काम करने के भाजपा के तरीके से वाकिफ होने के कारण, शिवसेना को इस मुद्दे पर किसी स्पष्टीकरण की जरूरत नहीं है. मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी 'मुंबई-नागपुर एक्सप्रेस वे परियोजना' पर निशाना साधते हुए शिवसेना ने कहा कि भाजपा का विजन यह हो सकता है कि इस बड़ी योजना के चलते महामार्ग के आसपास के क्षेत्र समृद्ध बनेंगे और जमीन की कीमतें बढ़ेंगी. शिवसेना ने आरोप लगाया कि इस विजन के परिणामस्वरूप सत्ताधारी दल के करीबी अधिकारियों ने महामार्ग के आसपास की जमीन को लूट लिया है. शिवसेना ने कहा, 'ऐसा कहा जा रहा था कि नोटबंदी के बाद आतंकवाद खत्म हो जाएगा, हम रोजाना देख रहे हैं कि इस विजन का क्या हाल हो रहा है.'टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी 'मुंबई-नागपुर एक्सप्रेस वे परियोजना' पर निशाना साधते हुए शिवसेना ने कहा कि भाजपा का विजन यह हो सकता है कि इस बड़ी योजना के चलते महामार्ग के आसपास के क्षेत्र समृद्ध बनेंगे और जमीन की कीमतें बढ़ेंगी. शिवसेना ने आरोप लगाया कि इस विजन के परिणामस्वरूप सत्ताधारी दल के करीबी अधिकारियों ने महामार्ग के आसपास की जमीन को लूट लिया है. शिवसेना ने कहा, 'ऐसा कहा जा रहा था कि नोटबंदी के बाद आतंकवाद खत्म हो जाएगा, हम रोजाना देख रहे हैं कि इस विजन का क्या हाल हो रहा है.'टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शिवसेना ने आरोप लगाया कि इस विजन के परिणामस्वरूप सत्ताधारी दल के करीबी अधिकारियों ने महामार्ग के आसपास की जमीन को लूट लिया है. शिवसेना ने कहा, 'ऐसा कहा जा रहा था कि नोटबंदी के बाद आतंकवाद खत्म हो जाएगा, हम रोजाना देख रहे हैं कि इस विजन का क्या हाल हो रहा है.'टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: मुख्यमंत्री ने पालिका चुनावों में विजन के मिलने पर ही गठबंधन की बात कही 'सामना' में संपादकीय के द्वारा शिवसेना ने किया भाजपा पर पलटवार शिवसेना का आरोप, भाजपा ने मचा रखी हैं जमीन की लूटखसोट
9
['hin']
एक सारांश बनाओ: वित्तवर्ष 2011-12 में देश का निर्यात कारोबार एक साल पहले के मुकाबले 21 प्रतिशत बढ़कर 300 अरब डॉलर के पार निकलकर 303.7 अरब डॉलर तक पहुंच गया। हालांकि, आयात कारोबार में इससे भी ज्यादा 32.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 488.6 अरब डॉलर हो गया। इसके साथ ही व्यापार घाटा बढ़कर 184.9 अरब डॉलर हो गया। वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर ने बताया कि व्यापार घाटे का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है और यह गंभीर चिंता का विषय है। खुल्लर ने यह भी कहा कि सोना आयात बढ़ने की वजह से आयात आंकड़ा बढ़ रहा है। बजट में सोने के आयात पर शुल्क बढ़ाए जाने से चालू वित्तवर्ष (2012-13) में सोने का आयात कम होने की उम्मीद है। वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर ने बताया कि व्यापार घाटे का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है और यह गंभीर चिंता का विषय है। खुल्लर ने यह भी कहा कि सोना आयात बढ़ने की वजह से आयात आंकड़ा बढ़ रहा है। बजट में सोने के आयात पर शुल्क बढ़ाए जाने से चालू वित्तवर्ष (2012-13) में सोने का आयात कम होने की उम्मीद है।
यहाँ एक सारांश है:वित्तवर्ष 2011-12 में देश का निर्यात कारोबार एक साल पहले के मुकाबले 21 प्रतिशत बढ़कर 300 अरब डॉलर के पार निकलकर 303.7 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पूर्व तेज गेंदबाज शेन बॉन्ड को न्यूजीलैंड का गेंदबाजी कोच नियुक्त किया गया। न्यूजीलैंड को इस सत्र में दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और श्रीलंका से सीरीज खेलनी हैं, जिसके कारण बॉन्ड की नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।टिप्पणियां बॉन्ड ने कहा कि वह 2010 से ही यह भूमिका निभाना चाहते थे, तब लगातार चोटों से जूझने के कारण उन्हें संन्यास लेने के लिए मजबूर होना पड़ा था। इस 37-वर्षीय गेंदबाज ने नौ साल में केवल 18 टेस्ट मैच खेले। उन्होंने कहा, मैंने जब से खेलना बंद किया, तब से मैं यह भूमिका निभाना चाहता था। न्यूजीलैंड की तरफ से खेलने के अनुभव से मेरी उम्मीदें बढ़ गई हैं। बॉन्ड इस महीने के आखिर में न्यूजीलैंड की टीम के साथ श्रीलंका का दौरा करेंगे। वह दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर जाएंगे। न्यूजीलैंड को फरवरी में इंग्लैंड की मेजबानी करनी है। न्यूजीलैंड क्रिकेट के निदेशक जॉन बुकानन ने कहा, न्यूजीलैंड की टीम को आगे महत्वपूर्ण शृंखलाएं खेलनी हैं और हमें खुशी है कि शेन हमारे अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजी आक्रमण को निखारने के लिए हमसे जुड़ गया है। आधुनिक खेल का उनका ज्ञान टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। बॉन्ड ने कहा कि वह 2010 से ही यह भूमिका निभाना चाहते थे, तब लगातार चोटों से जूझने के कारण उन्हें संन्यास लेने के लिए मजबूर होना पड़ा था। इस 37-वर्षीय गेंदबाज ने नौ साल में केवल 18 टेस्ट मैच खेले। उन्होंने कहा, मैंने जब से खेलना बंद किया, तब से मैं यह भूमिका निभाना चाहता था। न्यूजीलैंड की तरफ से खेलने के अनुभव से मेरी उम्मीदें बढ़ गई हैं। बॉन्ड इस महीने के आखिर में न्यूजीलैंड की टीम के साथ श्रीलंका का दौरा करेंगे। वह दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर जाएंगे। न्यूजीलैंड को फरवरी में इंग्लैंड की मेजबानी करनी है। न्यूजीलैंड क्रिकेट के निदेशक जॉन बुकानन ने कहा, न्यूजीलैंड की टीम को आगे महत्वपूर्ण शृंखलाएं खेलनी हैं और हमें खुशी है कि शेन हमारे अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजी आक्रमण को निखारने के लिए हमसे जुड़ गया है। आधुनिक खेल का उनका ज्ञान टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। बॉन्ड इस महीने के आखिर में न्यूजीलैंड की टीम के साथ श्रीलंका का दौरा करेंगे। वह दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर जाएंगे। न्यूजीलैंड को फरवरी में इंग्लैंड की मेजबानी करनी है। न्यूजीलैंड क्रिकेट के निदेशक जॉन बुकानन ने कहा, न्यूजीलैंड की टीम को आगे महत्वपूर्ण शृंखलाएं खेलनी हैं और हमें खुशी है कि शेन हमारे अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजी आक्रमण को निखारने के लिए हमसे जुड़ गया है। आधुनिक खेल का उनका ज्ञान टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
संक्षिप्त पाठ: पूर्व तेज गेंदबाज शेन बॉन्ड को न्यूजीलैंड का गेंदबाजी कोच नियुक्त किया गया। न्यूजीलैंड को इस सत्र में दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और श्रीलंका से सीरीज खेलनी हैं, जिसके कारण बॉन्ड की नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
13
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के लिए बृहस्पतिवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे. मोदी लोकसभा चुनाव में दोबारा जीतने के बाद पहले बहुपक्षीय सम्मेलन में भाग ले रहे है. मोदी ने बिश्केक की अपनी दो दिवसीय यात्रा से पहले एक बयान में कहा कि उनकी एससीओ शिखर सम्मेलन के इतर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग समेत कई नेताओं से मिलने की योजना है. पीएम मोदी का विमान ओमान, ईरान और कई मध्य एशियाई देशों से होते हुए किर्गिज गणराज्य की राजधानी पहुंचा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दौरान पर जाने से पहले बुधवार को कहा कि किर्गिज गणराज्य में हो रहे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की शिखर बैठक में वैश्विक सुरक्षा स्थिति और आर्थिक सहयोग पर मुख्य जोर रहेगा. उन्होंने यह भी कहा कि इस मध्य एशियाई देश की उनकी यात्रा एससीओ के सदस्य देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करेगी. बिश्केक की 13-14 जून की अपनी यात्रा से पहले मोदी ने एक बयान में कहा कि एससीओ सम्मेलन से इतर उनकी योजना कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक करने की भी है. उन्होंने कहा, ‘‘क्षेत्र में बहुपक्षीय, राजनीतिक, सुरक्षा, आर्थिक और लोगों से लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने में हम एससीओ को विशेष महत्व देते हैं. भारत ने दो साल पहले एससीओ का पूर्ण सदस्य बनने के बाद इसके विभिन्न वार्ता तंत्रों में सक्रियता से भाग लिया है.'' मोदी ने कहा कि भारत ने किर्गिज गणराज्य की अध्यक्षता को पूरा सहयोग दिया है. उल्लेखनीय है कि विदेश मंत्रालय ने पिछले हफ्ते कहा था कि एससीओ सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पाकिस्तानी समकक्ष इमरान खान के बीच कोई द्विपक्षीय बैठक होने की योजना नहीं है. मोदी ने कहा, ‘‘एससीओ सम्मेलन संपन्न होने के बाद, किर्गिज गणराज्य के राष्ट्रपति के आमंत्रण पर मैं 14 जून 2019 को वहां की आधिकारिक द्विपक्षीय यात्रा पर भी होऊंगा.'
सारांश: किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से करेंगे मुलाकात दो दिन के दौरे पर पीएम मोदी
20
['hin']
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान के साथ 1,000 मेगावाट क्षमता वाले परमाणु विद्युत संयंत्र का निर्माण करने के समझौते की अप्रत्यक्ष तौर पर पुष्टि करते हुए चीन ने इस सौदे का बचाव किया और कहा कि यह आईएईए के निर्देशों का पालन करता है। उसने समझौते में एनएसजी के नियमों का उल्लंघन करने के आरोपों को खारिज किया। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता होंग लेई ने कहा, ‘चीन ने संबंधित रिपोर्ट का अध्ययन किया है।’ वह वाशिंगटन की रिपोर्ट पर किए गए सवालों का जवाब दे रहे थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने पाकिस्तान के साथ पंजाब प्रांत के चश्मा में विद्युत संयंत्र लगाने का यह समझौता गोपनीय तरीके से किया है। समझौते के दौरान परमाणु प्रसरण और व्यापार संबंधी मामलों का नियमन करने वाले 46 सदस्यीय परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) के नियमों का उल्लंघन किए जाने के आरोपों पर होंग ने कहा, ‘मैं यह बताना चाहता हूं कि चीन और पाकिस्तान के बीच इस सहयोग से एनएसजी के नियमों का उल्लंघन नहीं होता है।’ उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में चीन और पाकिस्तान के बीच असैन्य परमाणु सहयोग रहा है। होंग ने कहा कि सभी सहयोग शांतिपूर्ण उपयोग के लिए हैं और यह सभी अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करता है और आईएईए के सुरक्षा नियमों का पालन करता है। टिप्पणियां वाशिंगटन में दो दिन पहले आई खबरों में कहा गया था कि चीन ने हाल ही में चश्मा में नई विद्युत परियोजना बनाने का समझौता किया है। चीन ने अभी तक पाकिस्तान को चश्मा में चार विद्युत संयंत्र बनाने में मदद की है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता होंग लेई ने कहा, ‘चीन ने संबंधित रिपोर्ट का अध्ययन किया है।’ वह वाशिंगटन की रिपोर्ट पर किए गए सवालों का जवाब दे रहे थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने पाकिस्तान के साथ पंजाब प्रांत के चश्मा में विद्युत संयंत्र लगाने का यह समझौता गोपनीय तरीके से किया है। समझौते के दौरान परमाणु प्रसरण और व्यापार संबंधी मामलों का नियमन करने वाले 46 सदस्यीय परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) के नियमों का उल्लंघन किए जाने के आरोपों पर होंग ने कहा, ‘मैं यह बताना चाहता हूं कि चीन और पाकिस्तान के बीच इस सहयोग से एनएसजी के नियमों का उल्लंघन नहीं होता है।’ उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में चीन और पाकिस्तान के बीच असैन्य परमाणु सहयोग रहा है। होंग ने कहा कि सभी सहयोग शांतिपूर्ण उपयोग के लिए हैं और यह सभी अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करता है और आईएईए के सुरक्षा नियमों का पालन करता है। टिप्पणियां वाशिंगटन में दो दिन पहले आई खबरों में कहा गया था कि चीन ने हाल ही में चश्मा में नई विद्युत परियोजना बनाने का समझौता किया है। चीन ने अभी तक पाकिस्तान को चश्मा में चार विद्युत संयंत्र बनाने में मदद की है। समझौते के दौरान परमाणु प्रसरण और व्यापार संबंधी मामलों का नियमन करने वाले 46 सदस्यीय परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) के नियमों का उल्लंघन किए जाने के आरोपों पर होंग ने कहा, ‘मैं यह बताना चाहता हूं कि चीन और पाकिस्तान के बीच इस सहयोग से एनएसजी के नियमों का उल्लंघन नहीं होता है।’ उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में चीन और पाकिस्तान के बीच असैन्य परमाणु सहयोग रहा है। होंग ने कहा कि सभी सहयोग शांतिपूर्ण उपयोग के लिए हैं और यह सभी अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करता है और आईएईए के सुरक्षा नियमों का पालन करता है। टिप्पणियां वाशिंगटन में दो दिन पहले आई खबरों में कहा गया था कि चीन ने हाल ही में चश्मा में नई विद्युत परियोजना बनाने का समझौता किया है। चीन ने अभी तक पाकिस्तान को चश्मा में चार विद्युत संयंत्र बनाने में मदद की है। होंग ने कहा कि सभी सहयोग शांतिपूर्ण उपयोग के लिए हैं और यह सभी अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करता है और आईएईए के सुरक्षा नियमों का पालन करता है। टिप्पणियां वाशिंगटन में दो दिन पहले आई खबरों में कहा गया था कि चीन ने हाल ही में चश्मा में नई विद्युत परियोजना बनाने का समझौता किया है। चीन ने अभी तक पाकिस्तान को चश्मा में चार विद्युत संयंत्र बनाने में मदद की है। वाशिंगटन में दो दिन पहले आई खबरों में कहा गया था कि चीन ने हाल ही में चश्मा में नई विद्युत परियोजना बनाने का समझौता किया है। चीन ने अभी तक पाकिस्तान को चश्मा में चार विद्युत संयंत्र बनाने में मदद की है। चीन ने अभी तक पाकिस्तान को चश्मा में चार विद्युत संयंत्र बनाने में मदद की है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तान के साथ 1,000 मेगावाट क्षमता वाले परमाणु विद्युत संयंत्र का निर्माण करने के समझौते की अप्रत्यक्ष तौर पर पुष्टि करते हुए चीन ने इस सौदे का बचाव किया और कहा कि यह आईएईए के निर्देशों का पालन करता है।
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: हाल ही में दुनिया भर में लोगों को दीवाना बना चुके पॉप सिंगर जस्टिन बीबर मुंबई में कॉन्सर्ट कर यहां के लोगों के भी दिलों में जगह बना ली थी. महज 23 साल के इस पॉप स्टार को लाइव सुनने के लिए लोगों ने 75 हजार रुपए के टिकट खरीदे. मीडिया से लेकर सोशल मीडिया में यह जस्टिन बीबर छाए हुए हैं. ऐसे में एक भारतीय बच्चे का वीडियो भी वायरल हो रहा है. दरअसल, यह बच्चा जस्टिन बीबर की आवाज में गाने गाता है. जस्टिन बीबर के चलते इस बच्चे का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. नेहा गुप्ता की प्रोफाइल ये यूट्यूब पर अपलोड किए गए इस वीडियो को अब तक 23 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है. यूट्यूब पर नेहा गुप्ता की ओर से भारत के इस जस्टिन बीबर के बारे में दी गई जानकारी पर गौर करें तो यह भावुक करने वाली है. जस्टिन बीबर की सालाना कमाई 362 करोड़ रुपए से भी ज्यादा है, लेकिन भारत के जस्टिन बीबर के नाम से सोशल मीडिया पर छा रहा यह बच्चा अनाथ है. कृष नाम का यह 11 साल वर्षीय बच्चा दिल्ली के एक अनाथालय में रहता है. यह बच्चा अंग्रेजी नहीं बोल पाता है, पर जस्टिन बीबर के गाने उन्हीं की तरह गाता है. यूट्यूब पर नेहा गुप्ता की ओर से भारत के इस जस्टिन बीबर के बारे में दी गई जानकारी पर गौर करें तो यह भावुक करने वाली है. जस्टिन बीबर की सालाना कमाई 362 करोड़ रुपए से भी ज्यादा है, लेकिन भारत के जस्टिन बीबर के नाम से सोशल मीडिया पर छा रहा यह बच्चा अनाथ है. कृष नाम का यह 11 साल वर्षीय बच्चा दिल्ली के एक अनाथालय में रहता है. यह बच्चा अंग्रेजी नहीं बोल पाता है, पर जस्टिन बीबर के गाने उन्हीं की तरह गाता है.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है इस शख्स का वीडियो यह शख्स किसी भारतीय भाषा में गा रहा है गाना इसके झूमने का अंदाज है निराला, देखकर थिरकने लगेंगे पांव
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने जिन दो समाचार पत्रों- 'सामना' (मराठी) और 'दोपहर का सामना' (हिन्दी) की शुरुआत की थी, वे रविवार को काले रंग के कवर पृष्ठों के साथ प्रकाशित हुए। ठाकरे ने 23 जनवरी, 1988 को 'सामना' शुरू किया था। वह इसके संस्थापक और सम्पादक भी थे। इसके रोजमर्रे के काम का निर्धारण हालांकि कुछ चुनिंदा व विश्वसीय कार्यकारी सम्पादक करते थे। इसके दो मुख्य कवर पृष्ठ रविवार को काले रंग में प्रकाशित हुए। इसके शुरू होने के बाद ऐसा पहली बार हुआ है। समाचार पत्र के जैकेट कवर में बाल ठाकरे की बड़ी सी मुस्कराती तस्वीर है, जिस पर मराठी में लिखा है 'हमारे बॉस चले गए।' इसके नीचे मराठी में एक कविता भी लिखी है। समाचार पत्र के मुख्य कवर पर शीर्षक लिखा है, 'ईश्वरीय अवतार स्वर्ग चला गया' और 'बालासाहब के नाम से मशहूर तूफानी बादल शांत हो गया।' समाचार पत्र 'दोपहर का सामना' आम तौर पर रविवार को बंद रहता है। लेकिन ठाकरे को श्रद्धांजलि देने के लिए इसका विशेष संस्करण निकाला गया। इसका कवर पृष्ठ भी काले रंग से रंगा है। अंदर ठाकरे को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा गया है, 'हिन्दुओं के महादेव का महाप्रायाण।' इसमें एक छोटी सी कविता भी लिखी गई है, 'जो उठे राम/जो उठे कृष्ण/भारत की मिट्टी रोती है/क्या हुआ हमारे साहब को/ये मूर्ति न जिंदा होती है।' ठाकरे ने इस समाचार पत्र की शुरुआत महाराष्ट्र में रह रहे उत्तर भारत के लोगों और नई दिल्ली तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए 23 फरवरी, 1993 में की थी।टिप्पणियां 'दोपहर का सामना' के कार्यकारी सम्पादक प्रेम शुक्ला ने कहा कि देश के मीडिया इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब दो दैनिक समाचार-पत्रों के कवर पृष्ठ काले रंग में प्रकाशित हुए। दोनों समाचार पत्रों में सम्पादक के नाम के आगे रविवार को भी ठाकरे का नाम ही लिखा हुआ था। ठाकरे ने 23 जनवरी, 1988 को 'सामना' शुरू किया था। वह इसके संस्थापक और सम्पादक भी थे। इसके रोजमर्रे के काम का निर्धारण हालांकि कुछ चुनिंदा व विश्वसीय कार्यकारी सम्पादक करते थे। इसके दो मुख्य कवर पृष्ठ रविवार को काले रंग में प्रकाशित हुए। इसके शुरू होने के बाद ऐसा पहली बार हुआ है। समाचार पत्र के जैकेट कवर में बाल ठाकरे की बड़ी सी मुस्कराती तस्वीर है, जिस पर मराठी में लिखा है 'हमारे बॉस चले गए।' इसके नीचे मराठी में एक कविता भी लिखी है। समाचार पत्र के मुख्य कवर पर शीर्षक लिखा है, 'ईश्वरीय अवतार स्वर्ग चला गया' और 'बालासाहब के नाम से मशहूर तूफानी बादल शांत हो गया।' समाचार पत्र 'दोपहर का सामना' आम तौर पर रविवार को बंद रहता है। लेकिन ठाकरे को श्रद्धांजलि देने के लिए इसका विशेष संस्करण निकाला गया। इसका कवर पृष्ठ भी काले रंग से रंगा है। अंदर ठाकरे को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा गया है, 'हिन्दुओं के महादेव का महाप्रायाण।' इसमें एक छोटी सी कविता भी लिखी गई है, 'जो उठे राम/जो उठे कृष्ण/भारत की मिट्टी रोती है/क्या हुआ हमारे साहब को/ये मूर्ति न जिंदा होती है।' ठाकरे ने इस समाचार पत्र की शुरुआत महाराष्ट्र में रह रहे उत्तर भारत के लोगों और नई दिल्ली तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए 23 फरवरी, 1993 में की थी।टिप्पणियां 'दोपहर का सामना' के कार्यकारी सम्पादक प्रेम शुक्ला ने कहा कि देश के मीडिया इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब दो दैनिक समाचार-पत्रों के कवर पृष्ठ काले रंग में प्रकाशित हुए। दोनों समाचार पत्रों में सम्पादक के नाम के आगे रविवार को भी ठाकरे का नाम ही लिखा हुआ था। इसके दो मुख्य कवर पृष्ठ रविवार को काले रंग में प्रकाशित हुए। इसके शुरू होने के बाद ऐसा पहली बार हुआ है। समाचार पत्र के जैकेट कवर में बाल ठाकरे की बड़ी सी मुस्कराती तस्वीर है, जिस पर मराठी में लिखा है 'हमारे बॉस चले गए।' इसके नीचे मराठी में एक कविता भी लिखी है। समाचार पत्र के मुख्य कवर पर शीर्षक लिखा है, 'ईश्वरीय अवतार स्वर्ग चला गया' और 'बालासाहब के नाम से मशहूर तूफानी बादल शांत हो गया।' समाचार पत्र 'दोपहर का सामना' आम तौर पर रविवार को बंद रहता है। लेकिन ठाकरे को श्रद्धांजलि देने के लिए इसका विशेष संस्करण निकाला गया। इसका कवर पृष्ठ भी काले रंग से रंगा है। अंदर ठाकरे को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा गया है, 'हिन्दुओं के महादेव का महाप्रायाण।' इसमें एक छोटी सी कविता भी लिखी गई है, 'जो उठे राम/जो उठे कृष्ण/भारत की मिट्टी रोती है/क्या हुआ हमारे साहब को/ये मूर्ति न जिंदा होती है।' ठाकरे ने इस समाचार पत्र की शुरुआत महाराष्ट्र में रह रहे उत्तर भारत के लोगों और नई दिल्ली तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए 23 फरवरी, 1993 में की थी।टिप्पणियां 'दोपहर का सामना' के कार्यकारी सम्पादक प्रेम शुक्ला ने कहा कि देश के मीडिया इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब दो दैनिक समाचार-पत्रों के कवर पृष्ठ काले रंग में प्रकाशित हुए। दोनों समाचार पत्रों में सम्पादक के नाम के आगे रविवार को भी ठाकरे का नाम ही लिखा हुआ था। समाचार पत्र के मुख्य कवर पर शीर्षक लिखा है, 'ईश्वरीय अवतार स्वर्ग चला गया' और 'बालासाहब के नाम से मशहूर तूफानी बादल शांत हो गया।' समाचार पत्र 'दोपहर का सामना' आम तौर पर रविवार को बंद रहता है। लेकिन ठाकरे को श्रद्धांजलि देने के लिए इसका विशेष संस्करण निकाला गया। इसका कवर पृष्ठ भी काले रंग से रंगा है। अंदर ठाकरे को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा गया है, 'हिन्दुओं के महादेव का महाप्रायाण।' इसमें एक छोटी सी कविता भी लिखी गई है, 'जो उठे राम/जो उठे कृष्ण/भारत की मिट्टी रोती है/क्या हुआ हमारे साहब को/ये मूर्ति न जिंदा होती है।' ठाकरे ने इस समाचार पत्र की शुरुआत महाराष्ट्र में रह रहे उत्तर भारत के लोगों और नई दिल्ली तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए 23 फरवरी, 1993 में की थी।टिप्पणियां 'दोपहर का सामना' के कार्यकारी सम्पादक प्रेम शुक्ला ने कहा कि देश के मीडिया इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब दो दैनिक समाचार-पत्रों के कवर पृष्ठ काले रंग में प्रकाशित हुए। दोनों समाचार पत्रों में सम्पादक के नाम के आगे रविवार को भी ठाकरे का नाम ही लिखा हुआ था। समाचार पत्र 'दोपहर का सामना' आम तौर पर रविवार को बंद रहता है। लेकिन ठाकरे को श्रद्धांजलि देने के लिए इसका विशेष संस्करण निकाला गया। इसका कवर पृष्ठ भी काले रंग से रंगा है। अंदर ठाकरे को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा गया है, 'हिन्दुओं के महादेव का महाप्रायाण।' इसमें एक छोटी सी कविता भी लिखी गई है, 'जो उठे राम/जो उठे कृष्ण/भारत की मिट्टी रोती है/क्या हुआ हमारे साहब को/ये मूर्ति न जिंदा होती है।' ठाकरे ने इस समाचार पत्र की शुरुआत महाराष्ट्र में रह रहे उत्तर भारत के लोगों और नई दिल्ली तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए 23 फरवरी, 1993 में की थी।टिप्पणियां 'दोपहर का सामना' के कार्यकारी सम्पादक प्रेम शुक्ला ने कहा कि देश के मीडिया इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब दो दैनिक समाचार-पत्रों के कवर पृष्ठ काले रंग में प्रकाशित हुए। दोनों समाचार पत्रों में सम्पादक के नाम के आगे रविवार को भी ठाकरे का नाम ही लिखा हुआ था। इसमें एक छोटी सी कविता भी लिखी गई है, 'जो उठे राम/जो उठे कृष्ण/भारत की मिट्टी रोती है/क्या हुआ हमारे साहब को/ये मूर्ति न जिंदा होती है।' ठाकरे ने इस समाचार पत्र की शुरुआत महाराष्ट्र में रह रहे उत्तर भारत के लोगों और नई दिल्ली तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए 23 फरवरी, 1993 में की थी।टिप्पणियां 'दोपहर का सामना' के कार्यकारी सम्पादक प्रेम शुक्ला ने कहा कि देश के मीडिया इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब दो दैनिक समाचार-पत्रों के कवर पृष्ठ काले रंग में प्रकाशित हुए। दोनों समाचार पत्रों में सम्पादक के नाम के आगे रविवार को भी ठाकरे का नाम ही लिखा हुआ था। ठाकरे ने इस समाचार पत्र की शुरुआत महाराष्ट्र में रह रहे उत्तर भारत के लोगों और नई दिल्ली तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए 23 फरवरी, 1993 में की थी।टिप्पणियां 'दोपहर का सामना' के कार्यकारी सम्पादक प्रेम शुक्ला ने कहा कि देश के मीडिया इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब दो दैनिक समाचार-पत्रों के कवर पृष्ठ काले रंग में प्रकाशित हुए। दोनों समाचार पत्रों में सम्पादक के नाम के आगे रविवार को भी ठाकरे का नाम ही लिखा हुआ था। 'दोपहर का सामना' के कार्यकारी सम्पादक प्रेम शुक्ला ने कहा कि देश के मीडिया इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब दो दैनिक समाचार-पत्रों के कवर पृष्ठ काले रंग में प्रकाशित हुए। दोनों समाचार पत्रों में सम्पादक के नाम के आगे रविवार को भी ठाकरे का नाम ही लिखा हुआ था। दोनों समाचार पत्रों में सम्पादक के नाम के आगे रविवार को भी ठाकरे का नाम ही लिखा हुआ था।
शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने जिन दो समाचार पत्रों- 'सामना' (मराठी) और 'दोपहर का सामना' (हिन्दी) की शुरुआत की थी, वे रविवार को काले रंग के कवर पृष्ठों के साथ प्रकाशित हुए।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत में पाकिस्तानी कलाकारों पर प्रतिबंध के मुद्दे पर जारी बहस के बीच रिलायंस इंड्रस्टी के अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने कहा कि पहले देश की बात होनी चाहिए न कि कला और संस्कृति की. अंबानी ने कहा, ‘‘मैं निश्चित रूप से एक बात को लेकर स्पष्ट हूं कि मेरे लिए देश पहले है. मैं एक बौद्धिक व्यक्ति नहीं हूं, ऐसे में, मैं इन चीजों को नहीं समझता हूं, लेकिन निसंदेह सभी भारतीयों की तरह मेरे लिए भारत पहले है.’’ वरिष्ठ पत्रकार शेखर गुप्ता और बरखा दत्त के स्वामित्व वाले डिजिटल मीडिया संगठन ‘‘द प्रिंट’’ द्वारा आयोजित कार्यक्रम ‘ऑफ द कफ’ में पाकिस्तानी अभिनेताओं और अन्य कलाकारों के बारे में दर्शकों की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में अंबानी ने यह बात कही.टिप्पणियां यह पूछे जाने पर कि क्या वह राजनीति में शामिल होंगे, अंबानी ने इसका उत्तर ‘‘नहीं’’ में दिया और कहा, ‘‘ मैं राजनीति के लिए नहीं बना हूं.’’ (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अंबानी ने कहा, ‘‘मैं निश्चित रूप से एक बात को लेकर स्पष्ट हूं कि मेरे लिए देश पहले है. मैं एक बौद्धिक व्यक्ति नहीं हूं, ऐसे में, मैं इन चीजों को नहीं समझता हूं, लेकिन निसंदेह सभी भारतीयों की तरह मेरे लिए भारत पहले है.’’ वरिष्ठ पत्रकार शेखर गुप्ता और बरखा दत्त के स्वामित्व वाले डिजिटल मीडिया संगठन ‘‘द प्रिंट’’ द्वारा आयोजित कार्यक्रम ‘ऑफ द कफ’ में पाकिस्तानी अभिनेताओं और अन्य कलाकारों के बारे में दर्शकों की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में अंबानी ने यह बात कही.टिप्पणियां यह पूछे जाने पर कि क्या वह राजनीति में शामिल होंगे, अंबानी ने इसका उत्तर ‘‘नहीं’’ में दिया और कहा, ‘‘ मैं राजनीति के लिए नहीं बना हूं.’’ (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) वरिष्ठ पत्रकार शेखर गुप्ता और बरखा दत्त के स्वामित्व वाले डिजिटल मीडिया संगठन ‘‘द प्रिंट’’ द्वारा आयोजित कार्यक्रम ‘ऑफ द कफ’ में पाकिस्तानी अभिनेताओं और अन्य कलाकारों के बारे में दर्शकों की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में अंबानी ने यह बात कही.टिप्पणियां यह पूछे जाने पर कि क्या वह राजनीति में शामिल होंगे, अंबानी ने इसका उत्तर ‘‘नहीं’’ में दिया और कहा, ‘‘ मैं राजनीति के लिए नहीं बना हूं.’’ (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) यह पूछे जाने पर कि क्या वह राजनीति में शामिल होंगे, अंबानी ने इसका उत्तर ‘‘नहीं’’ में दिया और कहा, ‘‘ मैं राजनीति के लिए नहीं बना हूं.’’ (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अंबानी ने कहा कि पहले देश की बात होनी चाहिए न कि कला और संस्कृति की निश्चित रूप से एक बात को लेकर स्पष्ट हूं कि मेरे लिए देश पहले है अंबानी ने कहा, मैं राजनीति के लिए नहीं बना हूं
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के पूर्व उम्मीदवार जॉन मैक्के न ने कहा है कि पाकिस्तान के हक्कानी नेटवर्क से सम्बंध तोड़ने में कश्मीर विवाद कोई बहाना नहीं है। हक्कानी नेटवर्क हाल ही में अफगानिस्तान में हुए आतंकवादी हमलों के लिए जिम्मेदार है। कारनेगी इंस्टीट्यूट में 'फ्यूचर ऑफ अफगानिस्तान' विषय पर बोलते हुए मैक्के न ने कहा, "पाकिस्तान को वहां खुलेआम आतंकवादी घटनाओं को अंजाम दे रहे आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने में कश्मीर विवाद के मुद्दे का बहाना नहीं बनाना चाहिए।" मैक्के न ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलीजेंस के हक्कानी नेटवर्क के साथ नजदीकी सम्बंधों को निंदनीय बताते हुए कहा, "पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व के साथ मेरी सहानुभूति है लेकिन मैं हक्कानी के साथ आईएसआई के लगातार सहयोग से निराश हूं।" आईएसआई के हक्कानी नेटवर्क के साथ लगातार रिश्ते बने रहना बहुत हताशाजनक है जबकि पाकिस्तानी सैन्य प्रमुख जनरल अश्फाक परवेज कयानी ही आईएसआई प्रमुख की नियुक्ति के लिए जिम्मेदार हैं। कयानी के हाल ही में भारत पर दिए गए एक बयान के विषय में पूछे जाने पर मैक्के न ने कहा कि उन्होंने इसकी सराहना की है लेकिन तथ्य यही है कि पाकिस्तानी सेना के सबसे अच्छे जवान व उपकरण उसकी भारत के साथ लगी सीमा पर तैनात हैं न कि अफगानिस्तान से लगी सीमा पर।टिप्पणियां मैक्के न ने ओबामा प्रशासन की तालिबान के साथ सुलह की नीति व अफगानिस्तान से सेनाएं हटाने के लिए 2014 तक की समय सीमा निर्धारित करने के लिए उसकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि तालिबान तब तक शांति की दिशा में काम नहीं करेगा, जब तक कि उसे यह एहसास रहेगा कि अमेरिका अफगानिस्तान छोड़कर जा रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की अफगानिस्तान के साथ रणनीतिक साझेदारी होनी चाहिए। मैक्के न ने कहा कि तालिबान को समर्थन जारी रखने से पाकिस्तान खुद और अलग-थलग व कम सुरक्षित महसूस करेगा। कारनेगी इंस्टीट्यूट में 'फ्यूचर ऑफ अफगानिस्तान' विषय पर बोलते हुए मैक्के न ने कहा, "पाकिस्तान को वहां खुलेआम आतंकवादी घटनाओं को अंजाम दे रहे आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने में कश्मीर विवाद के मुद्दे का बहाना नहीं बनाना चाहिए।" मैक्के न ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलीजेंस के हक्कानी नेटवर्क के साथ नजदीकी सम्बंधों को निंदनीय बताते हुए कहा, "पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व के साथ मेरी सहानुभूति है लेकिन मैं हक्कानी के साथ आईएसआई के लगातार सहयोग से निराश हूं।" आईएसआई के हक्कानी नेटवर्क के साथ लगातार रिश्ते बने रहना बहुत हताशाजनक है जबकि पाकिस्तानी सैन्य प्रमुख जनरल अश्फाक परवेज कयानी ही आईएसआई प्रमुख की नियुक्ति के लिए जिम्मेदार हैं। कयानी के हाल ही में भारत पर दिए गए एक बयान के विषय में पूछे जाने पर मैक्के न ने कहा कि उन्होंने इसकी सराहना की है लेकिन तथ्य यही है कि पाकिस्तानी सेना के सबसे अच्छे जवान व उपकरण उसकी भारत के साथ लगी सीमा पर तैनात हैं न कि अफगानिस्तान से लगी सीमा पर।टिप्पणियां मैक्के न ने ओबामा प्रशासन की तालिबान के साथ सुलह की नीति व अफगानिस्तान से सेनाएं हटाने के लिए 2014 तक की समय सीमा निर्धारित करने के लिए उसकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि तालिबान तब तक शांति की दिशा में काम नहीं करेगा, जब तक कि उसे यह एहसास रहेगा कि अमेरिका अफगानिस्तान छोड़कर जा रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की अफगानिस्तान के साथ रणनीतिक साझेदारी होनी चाहिए। मैक्के न ने कहा कि तालिबान को समर्थन जारी रखने से पाकिस्तान खुद और अलग-थलग व कम सुरक्षित महसूस करेगा। मैक्के न ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलीजेंस के हक्कानी नेटवर्क के साथ नजदीकी सम्बंधों को निंदनीय बताते हुए कहा, "पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व के साथ मेरी सहानुभूति है लेकिन मैं हक्कानी के साथ आईएसआई के लगातार सहयोग से निराश हूं।" आईएसआई के हक्कानी नेटवर्क के साथ लगातार रिश्ते बने रहना बहुत हताशाजनक है जबकि पाकिस्तानी सैन्य प्रमुख जनरल अश्फाक परवेज कयानी ही आईएसआई प्रमुख की नियुक्ति के लिए जिम्मेदार हैं। कयानी के हाल ही में भारत पर दिए गए एक बयान के विषय में पूछे जाने पर मैक्के न ने कहा कि उन्होंने इसकी सराहना की है लेकिन तथ्य यही है कि पाकिस्तानी सेना के सबसे अच्छे जवान व उपकरण उसकी भारत के साथ लगी सीमा पर तैनात हैं न कि अफगानिस्तान से लगी सीमा पर।टिप्पणियां मैक्के न ने ओबामा प्रशासन की तालिबान के साथ सुलह की नीति व अफगानिस्तान से सेनाएं हटाने के लिए 2014 तक की समय सीमा निर्धारित करने के लिए उसकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि तालिबान तब तक शांति की दिशा में काम नहीं करेगा, जब तक कि उसे यह एहसास रहेगा कि अमेरिका अफगानिस्तान छोड़कर जा रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की अफगानिस्तान के साथ रणनीतिक साझेदारी होनी चाहिए। मैक्के न ने कहा कि तालिबान को समर्थन जारी रखने से पाकिस्तान खुद और अलग-थलग व कम सुरक्षित महसूस करेगा। आईएसआई के हक्कानी नेटवर्क के साथ लगातार रिश्ते बने रहना बहुत हताशाजनक है जबकि पाकिस्तानी सैन्य प्रमुख जनरल अश्फाक परवेज कयानी ही आईएसआई प्रमुख की नियुक्ति के लिए जिम्मेदार हैं। कयानी के हाल ही में भारत पर दिए गए एक बयान के विषय में पूछे जाने पर मैक्के न ने कहा कि उन्होंने इसकी सराहना की है लेकिन तथ्य यही है कि पाकिस्तानी सेना के सबसे अच्छे जवान व उपकरण उसकी भारत के साथ लगी सीमा पर तैनात हैं न कि अफगानिस्तान से लगी सीमा पर।टिप्पणियां मैक्के न ने ओबामा प्रशासन की तालिबान के साथ सुलह की नीति व अफगानिस्तान से सेनाएं हटाने के लिए 2014 तक की समय सीमा निर्धारित करने के लिए उसकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि तालिबान तब तक शांति की दिशा में काम नहीं करेगा, जब तक कि उसे यह एहसास रहेगा कि अमेरिका अफगानिस्तान छोड़कर जा रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की अफगानिस्तान के साथ रणनीतिक साझेदारी होनी चाहिए। मैक्के न ने कहा कि तालिबान को समर्थन जारी रखने से पाकिस्तान खुद और अलग-थलग व कम सुरक्षित महसूस करेगा। कयानी के हाल ही में भारत पर दिए गए एक बयान के विषय में पूछे जाने पर मैक्के न ने कहा कि उन्होंने इसकी सराहना की है लेकिन तथ्य यही है कि पाकिस्तानी सेना के सबसे अच्छे जवान व उपकरण उसकी भारत के साथ लगी सीमा पर तैनात हैं न कि अफगानिस्तान से लगी सीमा पर।टिप्पणियां मैक्के न ने ओबामा प्रशासन की तालिबान के साथ सुलह की नीति व अफगानिस्तान से सेनाएं हटाने के लिए 2014 तक की समय सीमा निर्धारित करने के लिए उसकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि तालिबान तब तक शांति की दिशा में काम नहीं करेगा, जब तक कि उसे यह एहसास रहेगा कि अमेरिका अफगानिस्तान छोड़कर जा रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की अफगानिस्तान के साथ रणनीतिक साझेदारी होनी चाहिए। मैक्के न ने कहा कि तालिबान को समर्थन जारी रखने से पाकिस्तान खुद और अलग-थलग व कम सुरक्षित महसूस करेगा। मैक्के न ने ओबामा प्रशासन की तालिबान के साथ सुलह की नीति व अफगानिस्तान से सेनाएं हटाने के लिए 2014 तक की समय सीमा निर्धारित करने के लिए उसकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि तालिबान तब तक शांति की दिशा में काम नहीं करेगा, जब तक कि उसे यह एहसास रहेगा कि अमेरिका अफगानिस्तान छोड़कर जा रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की अफगानिस्तान के साथ रणनीतिक साझेदारी होनी चाहिए। मैक्के न ने कहा कि तालिबान को समर्थन जारी रखने से पाकिस्तान खुद और अलग-थलग व कम सुरक्षित महसूस करेगा। मैक्के न ने कहा कि तालिबान को समर्थन जारी रखने से पाकिस्तान खुद और अलग-थलग व कम सुरक्षित महसूस करेगा।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के पूर्व उम्मीदवार जॉन मैक्के न ने कहा है कि पाकिस्तान के हक्कानी नेटवर्क से सम्बंध तोड़ने में कश्मीर विवाद कोई बहाना नहीं है।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: पेट्रोलियम मंत्री एस जयपाल रेड्डी ने मंगलवार को कहा कि सरकार रिलायंस इंडस्ट्रीज को उसके केजी-डी6 गैस क्षेत्र में लागत वसूली में कटौती को लेकर नोटिस भेज सकती है क्योंकि कंपनी ने योजना के विपरीत अभी कुछ ही कुओं की खुदाई की है। रेड्डी ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘मुझे लगता है कि हम नोटिस भेज सकते हैं लेकिन जब तक कानून मंत्रालय से इस बारे में राय नहीं ले लेते, इस बारे में स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कह सकते।’टिप्पणियां पेट्रोलियम मंत्रालय तथा उसकी तकनीकी इकाई हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय (डीजीएच) ने आरोप लगाया है कि केजी-डी6 क्षेत्र से उत्पादन में कमी का कारण योजना के विपरीत सीमित संख्या में कुओं की खुदाई करना है। इस क्षेत्र से उत्पादन फिलहाल 7.039 करोड़ घन मीटर गैस प्रतिदिन की बजाए 3.45 करोड़ घन मीटर प्रतिदिन हो रहा है जबकि इसे अप्रैल में 8 करोड़ घन मीटर प्रतिदिन करने की योजना थी। डीजीएच चाहता है कि केजी-डी6 क्षेत्र में अबतक किए गए 5.7 अरब डॉलर के कुल व्यय में 1.235 अरब डॉलर को मंजूरी नहीं दी जानी चाहिये क्योंकि रिलायंस ने अब तक केवल 18 कुओं की खुदाई की है जबकि योजना के मुताबिक ब्लाक में 31 कुओं की खुदाई की जानी थी। रेड्डी ने कहा, ‘हम नोटिस भेजने के बारे में कानूनी सलाहकारों से राय ले रहे हैं..।’ पेट्रोलियम मंत्रालय तथा उसकी तकनीकी इकाई हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय (डीजीएच) ने आरोप लगाया है कि केजी-डी6 क्षेत्र से उत्पादन में कमी का कारण योजना के विपरीत सीमित संख्या में कुओं की खुदाई करना है। इस क्षेत्र से उत्पादन फिलहाल 7.039 करोड़ घन मीटर गैस प्रतिदिन की बजाए 3.45 करोड़ घन मीटर प्रतिदिन हो रहा है जबकि इसे अप्रैल में 8 करोड़ घन मीटर प्रतिदिन करने की योजना थी। डीजीएच चाहता है कि केजी-डी6 क्षेत्र में अबतक किए गए 5.7 अरब डॉलर के कुल व्यय में 1.235 अरब डॉलर को मंजूरी नहीं दी जानी चाहिये क्योंकि रिलायंस ने अब तक केवल 18 कुओं की खुदाई की है जबकि योजना के मुताबिक ब्लाक में 31 कुओं की खुदाई की जानी थी। रेड्डी ने कहा, ‘हम नोटिस भेजने के बारे में कानूनी सलाहकारों से राय ले रहे हैं..।’ डीजीएच चाहता है कि केजी-डी6 क्षेत्र में अबतक किए गए 5.7 अरब डॉलर के कुल व्यय में 1.235 अरब डॉलर को मंजूरी नहीं दी जानी चाहिये क्योंकि रिलायंस ने अब तक केवल 18 कुओं की खुदाई की है जबकि योजना के मुताबिक ब्लाक में 31 कुओं की खुदाई की जानी थी। रेड्डी ने कहा, ‘हम नोटिस भेजने के बारे में कानूनी सलाहकारों से राय ले रहे हैं..।’
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: रेड्डी ने कहा कि सरकार रिलायंस इंडस्ट्रीज को उसके केजी-डी6 गैस क्षेत्र में लागत वसूली में कटौती को लेकर नोटिस भेज सकती है क्योंकि कंपनी ने योजना के विपरीत अभी कुछ ही कुओं की खुदाई की है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पत्रकार पूजा तिवारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने अपनी जांच पूरी कर ली है और 260 पृष्ठ का आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। स प्रवक्ता के अनुसार पत्रकार पूजा तिवारी मामले में एसआईटी ने अपनी जांच पूरी कर ली है और जांच के बाद आरोपपत्र में पुलिस ने अमित को पूजा को आत्महत्या करने के लिए उकसाने का आरोप लगाया है।टिप्पणियां प्रवक्ता ने बताया कि एसआईटी की टीम ने अपनी जांच में अंतिम समय की कॉल रिकॉर्डिंग, पूजा के दोस्तों से हुई बातचीत, मौका ए वारदात से एकत्र तथ्यों और फोरेंसिक विशेषज्ञ की राय को शामिल किया है। इसमें पुलिस ने आरोपी डॉक्टर दंपति के खिलाफ कोई सबूत न मिलने की बात कही है। सहायक पुलिस आयुक्त आस्था मोदी के मुताबिक़ पुलिस की जांच अभी जारी है और सभी तथ्यों को परखा जा रहा है।गौरतलब है कि 2 मई को पत्रकार पूजा तिवारी ने सेक्टर-46 के सद्भावना अपार्टमेंट से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। जिस समय पूजा ने आत्महत्या की उस समय उसके साथ उनकी दोस्त आमरीन और हरियाणा पुलिस के इन्स्पेक्टर अमित मौजूद थे।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) स प्रवक्ता के अनुसार पत्रकार पूजा तिवारी मामले में एसआईटी ने अपनी जांच पूरी कर ली है और जांच के बाद आरोपपत्र में पुलिस ने अमित को पूजा को आत्महत्या करने के लिए उकसाने का आरोप लगाया है।टिप्पणियां प्रवक्ता ने बताया कि एसआईटी की टीम ने अपनी जांच में अंतिम समय की कॉल रिकॉर्डिंग, पूजा के दोस्तों से हुई बातचीत, मौका ए वारदात से एकत्र तथ्यों और फोरेंसिक विशेषज्ञ की राय को शामिल किया है। इसमें पुलिस ने आरोपी डॉक्टर दंपति के खिलाफ कोई सबूत न मिलने की बात कही है। सहायक पुलिस आयुक्त आस्था मोदी के मुताबिक़ पुलिस की जांच अभी जारी है और सभी तथ्यों को परखा जा रहा है।गौरतलब है कि 2 मई को पत्रकार पूजा तिवारी ने सेक्टर-46 के सद्भावना अपार्टमेंट से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। जिस समय पूजा ने आत्महत्या की उस समय उसके साथ उनकी दोस्त आमरीन और हरियाणा पुलिस के इन्स्पेक्टर अमित मौजूद थे।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) प्रवक्ता ने बताया कि एसआईटी की टीम ने अपनी जांच में अंतिम समय की कॉल रिकॉर्डिंग, पूजा के दोस्तों से हुई बातचीत, मौका ए वारदात से एकत्र तथ्यों और फोरेंसिक विशेषज्ञ की राय को शामिल किया है। इसमें पुलिस ने आरोपी डॉक्टर दंपति के खिलाफ कोई सबूत न मिलने की बात कही है। सहायक पुलिस आयुक्त आस्था मोदी के मुताबिक़ पुलिस की जांच अभी जारी है और सभी तथ्यों को परखा जा रहा है। गौरतलब है कि 2 मई को पत्रकार पूजा तिवारी ने सेक्टर-46 के सद्भावना अपार्टमेंट से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। जिस समय पूजा ने आत्महत्या की उस समय उसके साथ उनकी दोस्त आमरीन और हरियाणा पुलिस के इन्स्पेक्टर अमित मौजूद थे। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एसआईटी ने अपनी जांच पूरी कर ली है आरोपपत्र में आत्महत्या करने के लिए उकसाने का आरोप 2 मई को पूजा ने सद्भावना अपार्टमेंट से कूदकर खुदकुशी की थी
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ऐसे समय जब वैश्विक आर्थिक संकट के लिये वित्तीय क्षेत्र पर दोष मढ़ा जा रहा है, रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर वाईवी रेड्डी ने कहा है कि कुछ वित्तीय संस्थान और बैंक तो रिजर्व बैंक से भी ज्यादा शक्तिशाली हैं। रेड्डी ने इस मौके पर प्रमुख रेटिंग एजेंसियों के मुद्दे को भी उठाया जो कि बाजार पर गहरा प्रभाव रखती हैं, उन्होंने कहा कि कुछ बड़े अंतरराष्ट्रीय बैंकों का कई देशों की राजनीतिक अर्थव्यवस्था बड़ा दबदबा है। रेड्डी ने कहा ‘‘कई बार देखा गया है कि वे (अंतरराष्ट्रीय बैंक) किसी एक देश में ऐसे अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय लेनदेन के सौदों में शामिल होते हैं जिनकी वैधता पर संदेह होता है, पर वे ऐसा संबंधित दोनों देशों हमेशा एक जैसा व्यवहार नहीं करते हैं।’’ रेड्डी रविवार को स्विटजरलैंड के बेसल में पेर जैकॉब्सन फाउंडेशन व्यखान-2012 दे रहे थे। उन्होंने कहा ‘‘अंतरराष्ट्रीय बैंकों के पास कर अपवंचना से जुड़े कारोबार को करने के लिये मौके और प्रोत्साहन दोनों ही होते हैं। ऐसे संचालनों के जरिये अंतरराष्ट्रीय बैंकों को कई देशों में आर्थिक राजनीति में उल्लेखनीय प्रभाव हासिल होता है।’’ रिजर्व बैंक के पूर्व प्रमुख ने कहा ‘‘मौजूदा वैश्विक वित्तीय बाजार परिवेश में कुछ बड़े वैश्विक वित्तीय समूह काफी व्यापक और शायद कुछ केन्द्रीय बैंकों से भी ज्यादा शक्तिशाली हो गये हैं।’’ नीति के मोर्चे पर रेड्डी ने कहा ‘‘उपलब्ध सबूतों से यह पता चलता है कि कई प्रभावित देशों में वित्तीय क्षेत्र से राजनीतिक गतिविधियों के लिये योगदान हाल के वषोर्ं में काफी तेजी से बढ़ा है।’’ इस लिहाज से यह देखा गया है कि कई बड़े व्यापक आधार वाले वित्तीय संस्थान ऐसी स्थिति में हैं कि वह न केवल राजनीतिक स्तर पर संचालन व्यवस्था में अपना प्रभाव रखते हैं बल्कि कापरेरेट संचालन व्यवस्था में भी प्रभाव रखते हैं।टिप्पणियां रेड्डी ने अपने संबोध में किसी देश का नाम तो नहीं लिया लेकिन उनका निशाना ज्यादातर पश्चिम देशों के बैंकों पर था। आमतौर पर रेटिंग एजेंसियों और लेखा कंपनियों की भूमिका को लेकर भारत में कई मंचों पर अलोचना होती रही है। रेड्डी ने किसी भी बैंक अथवा वित्तीय संस्थान का नाम लिये बिना कहा ‘‘कुछ जानी मानी रेटिंग एजेंसियों और लेखा कंपनियों और कुछ प्रमुख व्यावसायिक समाचार एजेंसियों के बीच जानकारी का आदान प्रदान होता रहता है। इससे उनका बाजार पर एक तरह से प्रभाव बना रहता है। सीधी बात करने की ख्याति रखने वाले रेड्डी ने कहा कि ‘‘मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में केन्द्रीय बैंकों का हित जुड़ा है बल्कि बल्कि इसमें उसकी एक विधिसम्मत भूमिका भी है जो उसे निभानी है।’’ उन्होंने कहा ‘‘इससे लगता है कि दुनिया की विकसित अर्थव्यवस्थाओं में वित्तीय क्षेत्र और विशेषकर बैंकिंग क्षेत्र के प्रति विश्वास घटा है।’’ रेड्डी ने इस मौके पर प्रमुख रेटिंग एजेंसियों के मुद्दे को भी उठाया जो कि बाजार पर गहरा प्रभाव रखती हैं, उन्होंने कहा कि कुछ बड़े अंतरराष्ट्रीय बैंकों का कई देशों की राजनीतिक अर्थव्यवस्था बड़ा दबदबा है। रेड्डी ने कहा ‘‘कई बार देखा गया है कि वे (अंतरराष्ट्रीय बैंक) किसी एक देश में ऐसे अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय लेनदेन के सौदों में शामिल होते हैं जिनकी वैधता पर संदेह होता है, पर वे ऐसा संबंधित दोनों देशों हमेशा एक जैसा व्यवहार नहीं करते हैं।’’ रेड्डी रविवार को स्विटजरलैंड के बेसल में पेर जैकॉब्सन फाउंडेशन व्यखान-2012 दे रहे थे। उन्होंने कहा ‘‘अंतरराष्ट्रीय बैंकों के पास कर अपवंचना से जुड़े कारोबार को करने के लिये मौके और प्रोत्साहन दोनों ही होते हैं। ऐसे संचालनों के जरिये अंतरराष्ट्रीय बैंकों को कई देशों में आर्थिक राजनीति में उल्लेखनीय प्रभाव हासिल होता है।’’ रिजर्व बैंक के पूर्व प्रमुख ने कहा ‘‘मौजूदा वैश्विक वित्तीय बाजार परिवेश में कुछ बड़े वैश्विक वित्तीय समूह काफी व्यापक और शायद कुछ केन्द्रीय बैंकों से भी ज्यादा शक्तिशाली हो गये हैं।’’ नीति के मोर्चे पर रेड्डी ने कहा ‘‘उपलब्ध सबूतों से यह पता चलता है कि कई प्रभावित देशों में वित्तीय क्षेत्र से राजनीतिक गतिविधियों के लिये योगदान हाल के वषोर्ं में काफी तेजी से बढ़ा है।’’ इस लिहाज से यह देखा गया है कि कई बड़े व्यापक आधार वाले वित्तीय संस्थान ऐसी स्थिति में हैं कि वह न केवल राजनीतिक स्तर पर संचालन व्यवस्था में अपना प्रभाव रखते हैं बल्कि कापरेरेट संचालन व्यवस्था में भी प्रभाव रखते हैं।टिप्पणियां रेड्डी ने अपने संबोध में किसी देश का नाम तो नहीं लिया लेकिन उनका निशाना ज्यादातर पश्चिम देशों के बैंकों पर था। आमतौर पर रेटिंग एजेंसियों और लेखा कंपनियों की भूमिका को लेकर भारत में कई मंचों पर अलोचना होती रही है। रेड्डी ने किसी भी बैंक अथवा वित्तीय संस्थान का नाम लिये बिना कहा ‘‘कुछ जानी मानी रेटिंग एजेंसियों और लेखा कंपनियों और कुछ प्रमुख व्यावसायिक समाचार एजेंसियों के बीच जानकारी का आदान प्रदान होता रहता है। इससे उनका बाजार पर एक तरह से प्रभाव बना रहता है। सीधी बात करने की ख्याति रखने वाले रेड्डी ने कहा कि ‘‘मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में केन्द्रीय बैंकों का हित जुड़ा है बल्कि बल्कि इसमें उसकी एक विधिसम्मत भूमिका भी है जो उसे निभानी है।’’ उन्होंने कहा ‘‘इससे लगता है कि दुनिया की विकसित अर्थव्यवस्थाओं में वित्तीय क्षेत्र और विशेषकर बैंकिंग क्षेत्र के प्रति विश्वास घटा है।’’ रेड्डी ने कहा ‘‘कई बार देखा गया है कि वे (अंतरराष्ट्रीय बैंक) किसी एक देश में ऐसे अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय लेनदेन के सौदों में शामिल होते हैं जिनकी वैधता पर संदेह होता है, पर वे ऐसा संबंधित दोनों देशों हमेशा एक जैसा व्यवहार नहीं करते हैं।’’ रेड्डी रविवार को स्विटजरलैंड के बेसल में पेर जैकॉब्सन फाउंडेशन व्यखान-2012 दे रहे थे। उन्होंने कहा ‘‘अंतरराष्ट्रीय बैंकों के पास कर अपवंचना से जुड़े कारोबार को करने के लिये मौके और प्रोत्साहन दोनों ही होते हैं। ऐसे संचालनों के जरिये अंतरराष्ट्रीय बैंकों को कई देशों में आर्थिक राजनीति में उल्लेखनीय प्रभाव हासिल होता है।’’ रिजर्व बैंक के पूर्व प्रमुख ने कहा ‘‘मौजूदा वैश्विक वित्तीय बाजार परिवेश में कुछ बड़े वैश्विक वित्तीय समूह काफी व्यापक और शायद कुछ केन्द्रीय बैंकों से भी ज्यादा शक्तिशाली हो गये हैं।’’ नीति के मोर्चे पर रेड्डी ने कहा ‘‘उपलब्ध सबूतों से यह पता चलता है कि कई प्रभावित देशों में वित्तीय क्षेत्र से राजनीतिक गतिविधियों के लिये योगदान हाल के वषोर्ं में काफी तेजी से बढ़ा है।’’ इस लिहाज से यह देखा गया है कि कई बड़े व्यापक आधार वाले वित्तीय संस्थान ऐसी स्थिति में हैं कि वह न केवल राजनीतिक स्तर पर संचालन व्यवस्था में अपना प्रभाव रखते हैं बल्कि कापरेरेट संचालन व्यवस्था में भी प्रभाव रखते हैं।टिप्पणियां रेड्डी ने अपने संबोध में किसी देश का नाम तो नहीं लिया लेकिन उनका निशाना ज्यादातर पश्चिम देशों के बैंकों पर था। आमतौर पर रेटिंग एजेंसियों और लेखा कंपनियों की भूमिका को लेकर भारत में कई मंचों पर अलोचना होती रही है। रेड्डी ने किसी भी बैंक अथवा वित्तीय संस्थान का नाम लिये बिना कहा ‘‘कुछ जानी मानी रेटिंग एजेंसियों और लेखा कंपनियों और कुछ प्रमुख व्यावसायिक समाचार एजेंसियों के बीच जानकारी का आदान प्रदान होता रहता है। इससे उनका बाजार पर एक तरह से प्रभाव बना रहता है। सीधी बात करने की ख्याति रखने वाले रेड्डी ने कहा कि ‘‘मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में केन्द्रीय बैंकों का हित जुड़ा है बल्कि बल्कि इसमें उसकी एक विधिसम्मत भूमिका भी है जो उसे निभानी है।’’ उन्होंने कहा ‘‘इससे लगता है कि दुनिया की विकसित अर्थव्यवस्थाओं में वित्तीय क्षेत्र और विशेषकर बैंकिंग क्षेत्र के प्रति विश्वास घटा है।’’ उन्होंने कहा ‘‘अंतरराष्ट्रीय बैंकों के पास कर अपवंचना से जुड़े कारोबार को करने के लिये मौके और प्रोत्साहन दोनों ही होते हैं। ऐसे संचालनों के जरिये अंतरराष्ट्रीय बैंकों को कई देशों में आर्थिक राजनीति में उल्लेखनीय प्रभाव हासिल होता है।’’ रिजर्व बैंक के पूर्व प्रमुख ने कहा ‘‘मौजूदा वैश्विक वित्तीय बाजार परिवेश में कुछ बड़े वैश्विक वित्तीय समूह काफी व्यापक और शायद कुछ केन्द्रीय बैंकों से भी ज्यादा शक्तिशाली हो गये हैं।’’ नीति के मोर्चे पर रेड्डी ने कहा ‘‘उपलब्ध सबूतों से यह पता चलता है कि कई प्रभावित देशों में वित्तीय क्षेत्र से राजनीतिक गतिविधियों के लिये योगदान हाल के वषोर्ं में काफी तेजी से बढ़ा है।’’ इस लिहाज से यह देखा गया है कि कई बड़े व्यापक आधार वाले वित्तीय संस्थान ऐसी स्थिति में हैं कि वह न केवल राजनीतिक स्तर पर संचालन व्यवस्था में अपना प्रभाव रखते हैं बल्कि कापरेरेट संचालन व्यवस्था में भी प्रभाव रखते हैं।टिप्पणियां रेड्डी ने अपने संबोध में किसी देश का नाम तो नहीं लिया लेकिन उनका निशाना ज्यादातर पश्चिम देशों के बैंकों पर था। आमतौर पर रेटिंग एजेंसियों और लेखा कंपनियों की भूमिका को लेकर भारत में कई मंचों पर अलोचना होती रही है। रेड्डी ने किसी भी बैंक अथवा वित्तीय संस्थान का नाम लिये बिना कहा ‘‘कुछ जानी मानी रेटिंग एजेंसियों और लेखा कंपनियों और कुछ प्रमुख व्यावसायिक समाचार एजेंसियों के बीच जानकारी का आदान प्रदान होता रहता है। इससे उनका बाजार पर एक तरह से प्रभाव बना रहता है। सीधी बात करने की ख्याति रखने वाले रेड्डी ने कहा कि ‘‘मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में केन्द्रीय बैंकों का हित जुड़ा है बल्कि बल्कि इसमें उसकी एक विधिसम्मत भूमिका भी है जो उसे निभानी है।’’ उन्होंने कहा ‘‘इससे लगता है कि दुनिया की विकसित अर्थव्यवस्थाओं में वित्तीय क्षेत्र और विशेषकर बैंकिंग क्षेत्र के प्रति विश्वास घटा है।’’ रिजर्व बैंक के पूर्व प्रमुख ने कहा ‘‘मौजूदा वैश्विक वित्तीय बाजार परिवेश में कुछ बड़े वैश्विक वित्तीय समूह काफी व्यापक और शायद कुछ केन्द्रीय बैंकों से भी ज्यादा शक्तिशाली हो गये हैं।’’ नीति के मोर्चे पर रेड्डी ने कहा ‘‘उपलब्ध सबूतों से यह पता चलता है कि कई प्रभावित देशों में वित्तीय क्षेत्र से राजनीतिक गतिविधियों के लिये योगदान हाल के वषोर्ं में काफी तेजी से बढ़ा है।’’ इस लिहाज से यह देखा गया है कि कई बड़े व्यापक आधार वाले वित्तीय संस्थान ऐसी स्थिति में हैं कि वह न केवल राजनीतिक स्तर पर संचालन व्यवस्था में अपना प्रभाव रखते हैं बल्कि कापरेरेट संचालन व्यवस्था में भी प्रभाव रखते हैं।टिप्पणियां रेड्डी ने अपने संबोध में किसी देश का नाम तो नहीं लिया लेकिन उनका निशाना ज्यादातर पश्चिम देशों के बैंकों पर था। आमतौर पर रेटिंग एजेंसियों और लेखा कंपनियों की भूमिका को लेकर भारत में कई मंचों पर अलोचना होती रही है। रेड्डी ने किसी भी बैंक अथवा वित्तीय संस्थान का नाम लिये बिना कहा ‘‘कुछ जानी मानी रेटिंग एजेंसियों और लेखा कंपनियों और कुछ प्रमुख व्यावसायिक समाचार एजेंसियों के बीच जानकारी का आदान प्रदान होता रहता है। इससे उनका बाजार पर एक तरह से प्रभाव बना रहता है। सीधी बात करने की ख्याति रखने वाले रेड्डी ने कहा कि ‘‘मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में केन्द्रीय बैंकों का हित जुड़ा है बल्कि बल्कि इसमें उसकी एक विधिसम्मत भूमिका भी है जो उसे निभानी है।’’ उन्होंने कहा ‘‘इससे लगता है कि दुनिया की विकसित अर्थव्यवस्थाओं में वित्तीय क्षेत्र और विशेषकर बैंकिंग क्षेत्र के प्रति विश्वास घटा है।’’ नीति के मोर्चे पर रेड्डी ने कहा ‘‘उपलब्ध सबूतों से यह पता चलता है कि कई प्रभावित देशों में वित्तीय क्षेत्र से राजनीतिक गतिविधियों के लिये योगदान हाल के वषोर्ं में काफी तेजी से बढ़ा है।’’ इस लिहाज से यह देखा गया है कि कई बड़े व्यापक आधार वाले वित्तीय संस्थान ऐसी स्थिति में हैं कि वह न केवल राजनीतिक स्तर पर संचालन व्यवस्था में अपना प्रभाव रखते हैं बल्कि कापरेरेट संचालन व्यवस्था में भी प्रभाव रखते हैं।टिप्पणियां रेड्डी ने अपने संबोध में किसी देश का नाम तो नहीं लिया लेकिन उनका निशाना ज्यादातर पश्चिम देशों के बैंकों पर था। आमतौर पर रेटिंग एजेंसियों और लेखा कंपनियों की भूमिका को लेकर भारत में कई मंचों पर अलोचना होती रही है। रेड्डी ने किसी भी बैंक अथवा वित्तीय संस्थान का नाम लिये बिना कहा ‘‘कुछ जानी मानी रेटिंग एजेंसियों और लेखा कंपनियों और कुछ प्रमुख व्यावसायिक समाचार एजेंसियों के बीच जानकारी का आदान प्रदान होता रहता है। इससे उनका बाजार पर एक तरह से प्रभाव बना रहता है। सीधी बात करने की ख्याति रखने वाले रेड्डी ने कहा कि ‘‘मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में केन्द्रीय बैंकों का हित जुड़ा है बल्कि बल्कि इसमें उसकी एक विधिसम्मत भूमिका भी है जो उसे निभानी है।’’ उन्होंने कहा ‘‘इससे लगता है कि दुनिया की विकसित अर्थव्यवस्थाओं में वित्तीय क्षेत्र और विशेषकर बैंकिंग क्षेत्र के प्रति विश्वास घटा है।’’ रेड्डी ने अपने संबोध में किसी देश का नाम तो नहीं लिया लेकिन उनका निशाना ज्यादातर पश्चिम देशों के बैंकों पर था। आमतौर पर रेटिंग एजेंसियों और लेखा कंपनियों की भूमिका को लेकर भारत में कई मंचों पर अलोचना होती रही है। रेड्डी ने किसी भी बैंक अथवा वित्तीय संस्थान का नाम लिये बिना कहा ‘‘कुछ जानी मानी रेटिंग एजेंसियों और लेखा कंपनियों और कुछ प्रमुख व्यावसायिक समाचार एजेंसियों के बीच जानकारी का आदान प्रदान होता रहता है। इससे उनका बाजार पर एक तरह से प्रभाव बना रहता है। सीधी बात करने की ख्याति रखने वाले रेड्डी ने कहा कि ‘‘मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में केन्द्रीय बैंकों का हित जुड़ा है बल्कि बल्कि इसमें उसकी एक विधिसम्मत भूमिका भी है जो उसे निभानी है।’’ उन्होंने कहा ‘‘इससे लगता है कि दुनिया की विकसित अर्थव्यवस्थाओं में वित्तीय क्षेत्र और विशेषकर बैंकिंग क्षेत्र के प्रति विश्वास घटा है।’’ रेड्डी ने किसी भी बैंक अथवा वित्तीय संस्थान का नाम लिये बिना कहा ‘‘कुछ जानी मानी रेटिंग एजेंसियों और लेखा कंपनियों और कुछ प्रमुख व्यावसायिक समाचार एजेंसियों के बीच जानकारी का आदान प्रदान होता रहता है। इससे उनका बाजार पर एक तरह से प्रभाव बना रहता है। सीधी बात करने की ख्याति रखने वाले रेड्डी ने कहा कि ‘‘मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में केन्द्रीय बैंकों का हित जुड़ा है बल्कि बल्कि इसमें उसकी एक विधिसम्मत भूमिका भी है जो उसे निभानी है।’’ उन्होंने कहा ‘‘इससे लगता है कि दुनिया की विकसित अर्थव्यवस्थाओं में वित्तीय क्षेत्र और विशेषकर बैंकिंग क्षेत्र के प्रति विश्वास घटा है।’’
रेड्डी ने इस मौके पर प्रमुख रेटिंग एजेंसियों के मुद्दे को भी उठाया जो कि बाजार पर गहरा प्रभाव रखती हैं, उन्होंने कहा कि कुछ बड़े अंतरराष्ट्रीय बैंकों का कई देशों की राजनीतिक अर्थव्यवस्था बड़ा दबदबा है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने विजय माल्या से जुड़े लोन डिफॉल्ट मामले में आईडीबीआई बैंक और किंगफिशर एयरलाइंस के आठ पूर्व अफसरों को गिरफ्तार कर लिया, जिसमें आईडीबीआई बैंक के पूर्व सीएमडी योगेश अग्रवाल भी शामिल हैं. सीबीआई ने इस मामले में चार्जशीट दायर कर दी है. भगोड़ा घोषित हो चुके शराब कारोबारी माल्या के खिलाफ भी चार्जशीट फाइल की गई है. आखिर किंगफिशर को 1000 करोड़ रुपये का लोन मंजूर करने में आईडीबीआई बैंक के पूर्व प्रमुख की क्या भूमिका थी और कैसे नियमों का उल्लंघन किया गया? सीबीआई सूत्रों का दावा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दिशानिर्देशों की अनदेखी की गई और किंगफिशर की खस्ता माली हालत और कमजोर क्रेडिट रेटिंग के बावजूद माल्या को तीन हिस्सों में लोन मंजूर किया गया. सीबीआई के सूत्रों अनुसार, किंगफिशर ने 1 अक्टूबर, 2009 को 750 करोड़ रुपये के कॉरपोरेट लोन के लिए आईडीबीआई को आवेदन दिया. इस आवदेन के लंबित रहने के दौरान ही माल्या ने 150 करोड़ रुपये के शॉर्ट टर्म (कम अवधि) लोन की मांग को लेकर 6 अक्टूबर को तत्कालीन आईडीबीआई प्रमुख योगेश अग्रवाल से मुलाकात की. अगले ही दिन किंगफिशर ने आधिकारिक रूप से इस लोन के लिए आवदेन दिया और तत्काल यह मंजूर हो गया. 4, नवंबर को एक बार फिर किंगफिशर ने एक अन्य शॉर्ट टर्म लोन के लिए आईडीबीआई को आवेदन दिया, जो कि फिर उसी दिन मंजूर हो गया. किंगफिशर के चीफ फाइनेंसियल ऑफिसर (सीएफओ) रघुनाथन ने माल्या और अग्रवाल की मीटिंग का जिक्र करते हुए आईडीबाई को खत लिखा, जिससे यह लोन उसी दिन पास हो गया. किंगफिशर के कॉरपोरेट लोन के आवेदन पर आईडीबीआई की क्रेडिट कमिटी उसी महीने बैठक करने वाली थी. इसके लिए किंगफिशर को अपने शेयरों को गिरवी रखना था, जो लोन के लिए एक अनिवार्य शर्त थी. लेकिन सीबीआई ने बताया कि 10 नवंबर को माल्या ने किंगफिशर सीएफओ रघुनाथन को मेल करके कहा कि शेयरों को गिरवी रखने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उन्होंने खुद आईडीबीआई के सीएमडी से चर्चा कर ली है. महीने की 24 तारीख को आईडीबीआई क्रेडिट कमिटी की इस बाबत बैठक हुई और योगेश अग्रवाल ने कथित रूप से माल्या की शर्तों को स्वीकार करते हुए ब्योरे को मंजूरी दे दी. सीबीआई सूत्रों का यह भी दावा है कि लोन के एक हिस्से के रूप में प्राप्त 263 करोड़ रुपये को देश से बाहर भेज दिया गया और इसका इस्तेमाल किंगफिशर के पुराने कर्ज को चुकाने के लिए किया गया. लगातार कोशिशों के बावजूद आईडीबीआई के गिरफ्तार पूर्व कर्मचारियों के वकीलों ने इन आरोपों पर टिप्पणी करने के NDTV के आग्रह  पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.टिप्पणियां विभिन्न बैंकों के 9000 करोड़ रुपये के लोन डिफॉल्ट मामले में कई जांच शुरू होने के बाद विजय माल्या पिछले साल अप्रैल में देश से बाहर चले गए थे. अपने खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद माल्या पूछताछ के लिए न तो सीबीआई के सामने और न ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश हुए. फिलहाल ब्रिटेन में रह रहे माल्या ने ट्वीट कर कहा है, 'अब तक, इस मिनट तक अदालत में चली सुनवाई के बाद इस बारे में कि किंगफिशर एयरलाइंस पर बैंकों का कितना कर्ज है और मुझ पर व्यक्तिगत तौर पर कितना कर्ज है इस बारे में अंतिम तौर पर कुछ भी तय नहीं हुआ है.' माल्या ने लगातार जारी ट्वीट में हाल के घटनाक्रमों को लेकर मीडिया कवरेज पर भी चिंता जताई और कहा कि जब तक उन्हें किसी अदालत से दोषी नहीं ठहराया जाता, तब तक वह बेगुनाह हैं.' सीबीआई सूत्रों का दावा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दिशानिर्देशों की अनदेखी की गई और किंगफिशर की खस्ता माली हालत और कमजोर क्रेडिट रेटिंग के बावजूद माल्या को तीन हिस्सों में लोन मंजूर किया गया. सीबीआई के सूत्रों अनुसार, किंगफिशर ने 1 अक्टूबर, 2009 को 750 करोड़ रुपये के कॉरपोरेट लोन के लिए आईडीबीआई को आवेदन दिया. इस आवदेन के लंबित रहने के दौरान ही माल्या ने 150 करोड़ रुपये के शॉर्ट टर्म (कम अवधि) लोन की मांग को लेकर 6 अक्टूबर को तत्कालीन आईडीबीआई प्रमुख योगेश अग्रवाल से मुलाकात की. अगले ही दिन किंगफिशर ने आधिकारिक रूप से इस लोन के लिए आवदेन दिया और तत्काल यह मंजूर हो गया. 4, नवंबर को एक बार फिर किंगफिशर ने एक अन्य शॉर्ट टर्म लोन के लिए आईडीबीआई को आवेदन दिया, जो कि फिर उसी दिन मंजूर हो गया. किंगफिशर के चीफ फाइनेंसियल ऑफिसर (सीएफओ) रघुनाथन ने माल्या और अग्रवाल की मीटिंग का जिक्र करते हुए आईडीबाई को खत लिखा, जिससे यह लोन उसी दिन पास हो गया. किंगफिशर के कॉरपोरेट लोन के आवेदन पर आईडीबीआई की क्रेडिट कमिटी उसी महीने बैठक करने वाली थी. इसके लिए किंगफिशर को अपने शेयरों को गिरवी रखना था, जो लोन के लिए एक अनिवार्य शर्त थी. लेकिन सीबीआई ने बताया कि 10 नवंबर को माल्या ने किंगफिशर सीएफओ रघुनाथन को मेल करके कहा कि शेयरों को गिरवी रखने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उन्होंने खुद आईडीबीआई के सीएमडी से चर्चा कर ली है. महीने की 24 तारीख को आईडीबीआई क्रेडिट कमिटी की इस बाबत बैठक हुई और योगेश अग्रवाल ने कथित रूप से माल्या की शर्तों को स्वीकार करते हुए ब्योरे को मंजूरी दे दी. सीबीआई सूत्रों का यह भी दावा है कि लोन के एक हिस्से के रूप में प्राप्त 263 करोड़ रुपये को देश से बाहर भेज दिया गया और इसका इस्तेमाल किंगफिशर के पुराने कर्ज को चुकाने के लिए किया गया. लगातार कोशिशों के बावजूद आईडीबीआई के गिरफ्तार पूर्व कर्मचारियों के वकीलों ने इन आरोपों पर टिप्पणी करने के NDTV के आग्रह  पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.टिप्पणियां विभिन्न बैंकों के 9000 करोड़ रुपये के लोन डिफॉल्ट मामले में कई जांच शुरू होने के बाद विजय माल्या पिछले साल अप्रैल में देश से बाहर चले गए थे. अपने खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद माल्या पूछताछ के लिए न तो सीबीआई के सामने और न ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश हुए. फिलहाल ब्रिटेन में रह रहे माल्या ने ट्वीट कर कहा है, 'अब तक, इस मिनट तक अदालत में चली सुनवाई के बाद इस बारे में कि किंगफिशर एयरलाइंस पर बैंकों का कितना कर्ज है और मुझ पर व्यक्तिगत तौर पर कितना कर्ज है इस बारे में अंतिम तौर पर कुछ भी तय नहीं हुआ है.' माल्या ने लगातार जारी ट्वीट में हाल के घटनाक्रमों को लेकर मीडिया कवरेज पर भी चिंता जताई और कहा कि जब तक उन्हें किसी अदालत से दोषी नहीं ठहराया जाता, तब तक वह बेगुनाह हैं.' सीबीआई के सूत्रों अनुसार, किंगफिशर ने 1 अक्टूबर, 2009 को 750 करोड़ रुपये के कॉरपोरेट लोन के लिए आईडीबीआई को आवेदन दिया. इस आवदेन के लंबित रहने के दौरान ही माल्या ने 150 करोड़ रुपये के शॉर्ट टर्म (कम अवधि) लोन की मांग को लेकर 6 अक्टूबर को तत्कालीन आईडीबीआई प्रमुख योगेश अग्रवाल से मुलाकात की. अगले ही दिन किंगफिशर ने आधिकारिक रूप से इस लोन के लिए आवदेन दिया और तत्काल यह मंजूर हो गया. 4, नवंबर को एक बार फिर किंगफिशर ने एक अन्य शॉर्ट टर्म लोन के लिए आईडीबीआई को आवेदन दिया, जो कि फिर उसी दिन मंजूर हो गया. किंगफिशर के चीफ फाइनेंसियल ऑफिसर (सीएफओ) रघुनाथन ने माल्या और अग्रवाल की मीटिंग का जिक्र करते हुए आईडीबाई को खत लिखा, जिससे यह लोन उसी दिन पास हो गया. किंगफिशर के कॉरपोरेट लोन के आवेदन पर आईडीबीआई की क्रेडिट कमिटी उसी महीने बैठक करने वाली थी. इसके लिए किंगफिशर को अपने शेयरों को गिरवी रखना था, जो लोन के लिए एक अनिवार्य शर्त थी. लेकिन सीबीआई ने बताया कि 10 नवंबर को माल्या ने किंगफिशर सीएफओ रघुनाथन को मेल करके कहा कि शेयरों को गिरवी रखने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उन्होंने खुद आईडीबीआई के सीएमडी से चर्चा कर ली है. महीने की 24 तारीख को आईडीबीआई क्रेडिट कमिटी की इस बाबत बैठक हुई और योगेश अग्रवाल ने कथित रूप से माल्या की शर्तों को स्वीकार करते हुए ब्योरे को मंजूरी दे दी. सीबीआई सूत्रों का यह भी दावा है कि लोन के एक हिस्से के रूप में प्राप्त 263 करोड़ रुपये को देश से बाहर भेज दिया गया और इसका इस्तेमाल किंगफिशर के पुराने कर्ज को चुकाने के लिए किया गया. लगातार कोशिशों के बावजूद आईडीबीआई के गिरफ्तार पूर्व कर्मचारियों के वकीलों ने इन आरोपों पर टिप्पणी करने के NDTV के आग्रह  पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.टिप्पणियां विभिन्न बैंकों के 9000 करोड़ रुपये के लोन डिफॉल्ट मामले में कई जांच शुरू होने के बाद विजय माल्या पिछले साल अप्रैल में देश से बाहर चले गए थे. अपने खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद माल्या पूछताछ के लिए न तो सीबीआई के सामने और न ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश हुए. फिलहाल ब्रिटेन में रह रहे माल्या ने ट्वीट कर कहा है, 'अब तक, इस मिनट तक अदालत में चली सुनवाई के बाद इस बारे में कि किंगफिशर एयरलाइंस पर बैंकों का कितना कर्ज है और मुझ पर व्यक्तिगत तौर पर कितना कर्ज है इस बारे में अंतिम तौर पर कुछ भी तय नहीं हुआ है.' माल्या ने लगातार जारी ट्वीट में हाल के घटनाक्रमों को लेकर मीडिया कवरेज पर भी चिंता जताई और कहा कि जब तक उन्हें किसी अदालत से दोषी नहीं ठहराया जाता, तब तक वह बेगुनाह हैं.' 4, नवंबर को एक बार फिर किंगफिशर ने एक अन्य शॉर्ट टर्म लोन के लिए आईडीबीआई को आवेदन दिया, जो कि फिर उसी दिन मंजूर हो गया. किंगफिशर के चीफ फाइनेंसियल ऑफिसर (सीएफओ) रघुनाथन ने माल्या और अग्रवाल की मीटिंग का जिक्र करते हुए आईडीबाई को खत लिखा, जिससे यह लोन उसी दिन पास हो गया. किंगफिशर के कॉरपोरेट लोन के आवेदन पर आईडीबीआई की क्रेडिट कमिटी उसी महीने बैठक करने वाली थी. इसके लिए किंगफिशर को अपने शेयरों को गिरवी रखना था, जो लोन के लिए एक अनिवार्य शर्त थी. लेकिन सीबीआई ने बताया कि 10 नवंबर को माल्या ने किंगफिशर सीएफओ रघुनाथन को मेल करके कहा कि शेयरों को गिरवी रखने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उन्होंने खुद आईडीबीआई के सीएमडी से चर्चा कर ली है. महीने की 24 तारीख को आईडीबीआई क्रेडिट कमिटी की इस बाबत बैठक हुई और योगेश अग्रवाल ने कथित रूप से माल्या की शर्तों को स्वीकार करते हुए ब्योरे को मंजूरी दे दी. सीबीआई सूत्रों का यह भी दावा है कि लोन के एक हिस्से के रूप में प्राप्त 263 करोड़ रुपये को देश से बाहर भेज दिया गया और इसका इस्तेमाल किंगफिशर के पुराने कर्ज को चुकाने के लिए किया गया. लगातार कोशिशों के बावजूद आईडीबीआई के गिरफ्तार पूर्व कर्मचारियों के वकीलों ने इन आरोपों पर टिप्पणी करने के NDTV के आग्रह  पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.टिप्पणियां विभिन्न बैंकों के 9000 करोड़ रुपये के लोन डिफॉल्ट मामले में कई जांच शुरू होने के बाद विजय माल्या पिछले साल अप्रैल में देश से बाहर चले गए थे. अपने खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद माल्या पूछताछ के लिए न तो सीबीआई के सामने और न ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश हुए. फिलहाल ब्रिटेन में रह रहे माल्या ने ट्वीट कर कहा है, 'अब तक, इस मिनट तक अदालत में चली सुनवाई के बाद इस बारे में कि किंगफिशर एयरलाइंस पर बैंकों का कितना कर्ज है और मुझ पर व्यक्तिगत तौर पर कितना कर्ज है इस बारे में अंतिम तौर पर कुछ भी तय नहीं हुआ है.' माल्या ने लगातार जारी ट्वीट में हाल के घटनाक्रमों को लेकर मीडिया कवरेज पर भी चिंता जताई और कहा कि जब तक उन्हें किसी अदालत से दोषी नहीं ठहराया जाता, तब तक वह बेगुनाह हैं.' किंगफिशर के कॉरपोरेट लोन के आवेदन पर आईडीबीआई की क्रेडिट कमिटी उसी महीने बैठक करने वाली थी. इसके लिए किंगफिशर को अपने शेयरों को गिरवी रखना था, जो लोन के लिए एक अनिवार्य शर्त थी. लेकिन सीबीआई ने बताया कि 10 नवंबर को माल्या ने किंगफिशर सीएफओ रघुनाथन को मेल करके कहा कि शेयरों को गिरवी रखने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उन्होंने खुद आईडीबीआई के सीएमडी से चर्चा कर ली है. महीने की 24 तारीख को आईडीबीआई क्रेडिट कमिटी की इस बाबत बैठक हुई और योगेश अग्रवाल ने कथित रूप से माल्या की शर्तों को स्वीकार करते हुए ब्योरे को मंजूरी दे दी. सीबीआई सूत्रों का यह भी दावा है कि लोन के एक हिस्से के रूप में प्राप्त 263 करोड़ रुपये को देश से बाहर भेज दिया गया और इसका इस्तेमाल किंगफिशर के पुराने कर्ज को चुकाने के लिए किया गया. लगातार कोशिशों के बावजूद आईडीबीआई के गिरफ्तार पूर्व कर्मचारियों के वकीलों ने इन आरोपों पर टिप्पणी करने के NDTV के आग्रह  पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.टिप्पणियां विभिन्न बैंकों के 9000 करोड़ रुपये के लोन डिफॉल्ट मामले में कई जांच शुरू होने के बाद विजय माल्या पिछले साल अप्रैल में देश से बाहर चले गए थे. अपने खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद माल्या पूछताछ के लिए न तो सीबीआई के सामने और न ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश हुए. फिलहाल ब्रिटेन में रह रहे माल्या ने ट्वीट कर कहा है, 'अब तक, इस मिनट तक अदालत में चली सुनवाई के बाद इस बारे में कि किंगफिशर एयरलाइंस पर बैंकों का कितना कर्ज है और मुझ पर व्यक्तिगत तौर पर कितना कर्ज है इस बारे में अंतिम तौर पर कुछ भी तय नहीं हुआ है.' माल्या ने लगातार जारी ट्वीट में हाल के घटनाक्रमों को लेकर मीडिया कवरेज पर भी चिंता जताई और कहा कि जब तक उन्हें किसी अदालत से दोषी नहीं ठहराया जाता, तब तक वह बेगुनाह हैं.' सीबीआई सूत्रों का यह भी दावा है कि लोन के एक हिस्से के रूप में प्राप्त 263 करोड़ रुपये को देश से बाहर भेज दिया गया और इसका इस्तेमाल किंगफिशर के पुराने कर्ज को चुकाने के लिए किया गया. लगातार कोशिशों के बावजूद आईडीबीआई के गिरफ्तार पूर्व कर्मचारियों के वकीलों ने इन आरोपों पर टिप्पणी करने के NDTV के आग्रह  पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.टिप्पणियां विभिन्न बैंकों के 9000 करोड़ रुपये के लोन डिफॉल्ट मामले में कई जांच शुरू होने के बाद विजय माल्या पिछले साल अप्रैल में देश से बाहर चले गए थे. अपने खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद माल्या पूछताछ के लिए न तो सीबीआई के सामने और न ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश हुए. फिलहाल ब्रिटेन में रह रहे माल्या ने ट्वीट कर कहा है, 'अब तक, इस मिनट तक अदालत में चली सुनवाई के बाद इस बारे में कि किंगफिशर एयरलाइंस पर बैंकों का कितना कर्ज है और मुझ पर व्यक्तिगत तौर पर कितना कर्ज है इस बारे में अंतिम तौर पर कुछ भी तय नहीं हुआ है.' माल्या ने लगातार जारी ट्वीट में हाल के घटनाक्रमों को लेकर मीडिया कवरेज पर भी चिंता जताई और कहा कि जब तक उन्हें किसी अदालत से दोषी नहीं ठहराया जाता, तब तक वह बेगुनाह हैं.' विभिन्न बैंकों के 9000 करोड़ रुपये के लोन डिफॉल्ट मामले में कई जांच शुरू होने के बाद विजय माल्या पिछले साल अप्रैल में देश से बाहर चले गए थे. अपने खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद माल्या पूछताछ के लिए न तो सीबीआई के सामने और न ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश हुए. फिलहाल ब्रिटेन में रह रहे माल्या ने ट्वीट कर कहा है, 'अब तक, इस मिनट तक अदालत में चली सुनवाई के बाद इस बारे में कि किंगफिशर एयरलाइंस पर बैंकों का कितना कर्ज है और मुझ पर व्यक्तिगत तौर पर कितना कर्ज है इस बारे में अंतिम तौर पर कुछ भी तय नहीं हुआ है.' माल्या ने लगातार जारी ट्वीट में हाल के घटनाक्रमों को लेकर मीडिया कवरेज पर भी चिंता जताई और कहा कि जब तक उन्हें किसी अदालत से दोषी नहीं ठहराया जाता, तब तक वह बेगुनाह हैं.' फिलहाल ब्रिटेन में रह रहे माल्या ने ट्वीट कर कहा है, 'अब तक, इस मिनट तक अदालत में चली सुनवाई के बाद इस बारे में कि किंगफिशर एयरलाइंस पर बैंकों का कितना कर्ज है और मुझ पर व्यक्तिगत तौर पर कितना कर्ज है इस बारे में अंतिम तौर पर कुछ भी तय नहीं हुआ है.' माल्या ने लगातार जारी ट्वीट में हाल के घटनाक्रमों को लेकर मीडिया कवरेज पर भी चिंता जताई और कहा कि जब तक उन्हें किसी अदालत से दोषी नहीं ठहराया जाता, तब तक वह बेगुनाह हैं.'
'किंगफिशर एयरलाइंस को लोन देने में RBI के दिशानिर्देशों की अनदेखी की गई' 'शॉर्ट टर्म लोन के आवेदन को एक दिन में ही मिल गई मंजूरी' 'लोन के एक हिस्से के रूप में प्राप्त 263 करोड़ देश से बाहर भेज दिए गए'
1
['hin']
एक सारांश बनाओ: पूर्वोत्तर के राज्‍य मणिपुर में 56 साल के एन बीरेन सिंह के मुख्‍यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही पहली बार बीजेपी की सरकार बन गई है. मजे की बात यह है कि बीरेन कांग्रेस के नेतृत्‍व वाली सरकार में मंत्री पद संभाल चुके हैं. पिछले साल अक्‍टूबर में ही वे कांग्रेस से इस्‍तीफा देकर बीजेपी से जुड़े थे. बीरेन ने फुटबॉल के मैदान से सियासत के मैदान तक का सफर तय किया है. वे राष्‍ट्रीय स्‍तर के फुटबॉलर रह चुके हैं. बाद में उन्‍होंने पत्रकारिता को  करियर बनाया.टिप्पणियां 2002 में उन्‍होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत क्षेत्रीय पार्टी, डेमोक्रेटिक पीपुल्‍स पार्टी से जुड़कर की. वे राज्‍य की हेनगांग विधानसभा सीट से विधायक चुने गए. वर्ष 2004 के विधानसभा चुनाव से पहले इस पार्टी का विलय कांग्रेस पार्टी में हो गया. वर्ष 2007 और 2012 में हुए चुनाव में भी वे अपनी सीट बरकरार रखने में सफल रहे. बीरेन मंत्री के रूप में राज्‍य के कई विभागों का कार्यभार संभाल चुके हैं. बीरेन एक समय मणिपुर के निवर्तमान मुख्यमंत्री इबोबी सिंह के खास सहयोगी थे. वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भी बीरेन हेंनगांग सीट से चुनाव जीते हैं. उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के पांगीजम सरतचंद्र सिंह को शिकस्‍त दी है. 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा में कांग्रेस ने 28 और भाजपा ने 21 सीटें जीती हैं. दोनों बहुमत से दूर रहे. लेकिन अन्य छोटे दलों, एक निर्दलीय और कांग्रेस के एक विधायक के समर्थन से भाजपा ने 32 विधायकों का समर्थन जुटा लिया है, जो सरकार गठन के लिए पर्याप्त है. इससे पहले बीजेपी विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद बीरेन ने कहा, 'मैं पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी नेतृत्‍व को धन्‍यवाद देता हूं. मैंने कांग्रेस सरकार के कुशासन का विरोध करते हुए इस पार्टी को छोड़ा था. मैं आश्‍वस्‍त करता हूं कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में राज्‍य में हमारी सरकार अच्‍छा शासन देगी.' 2002 में उन्‍होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत क्षेत्रीय पार्टी, डेमोक्रेटिक पीपुल्‍स पार्टी से जुड़कर की. वे राज्‍य की हेनगांग विधानसभा सीट से विधायक चुने गए. वर्ष 2004 के विधानसभा चुनाव से पहले इस पार्टी का विलय कांग्रेस पार्टी में हो गया. वर्ष 2007 और 2012 में हुए चुनाव में भी वे अपनी सीट बरकरार रखने में सफल रहे. बीरेन मंत्री के रूप में राज्‍य के कई विभागों का कार्यभार संभाल चुके हैं. बीरेन एक समय मणिपुर के निवर्तमान मुख्यमंत्री इबोबी सिंह के खास सहयोगी थे. वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भी बीरेन हेंनगांग सीट से चुनाव जीते हैं. उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के पांगीजम सरतचंद्र सिंह को शिकस्‍त दी है. 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा में कांग्रेस ने 28 और भाजपा ने 21 सीटें जीती हैं. दोनों बहुमत से दूर रहे. लेकिन अन्य छोटे दलों, एक निर्दलीय और कांग्रेस के एक विधायक के समर्थन से भाजपा ने 32 विधायकों का समर्थन जुटा लिया है, जो सरकार गठन के लिए पर्याप्त है. इससे पहले बीजेपी विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद बीरेन ने कहा, 'मैं पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी नेतृत्‍व को धन्‍यवाद देता हूं. मैंने कांग्रेस सरकार के कुशासन का विरोध करते हुए इस पार्टी को छोड़ा था. मैं आश्‍वस्‍त करता हूं कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में राज्‍य में हमारी सरकार अच्‍छा शासन देगी.' वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भी बीरेन हेंनगांग सीट से चुनाव जीते हैं. उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के पांगीजम सरतचंद्र सिंह को शिकस्‍त दी है. 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा में कांग्रेस ने 28 और भाजपा ने 21 सीटें जीती हैं. दोनों बहुमत से दूर रहे. लेकिन अन्य छोटे दलों, एक निर्दलीय और कांग्रेस के एक विधायक के समर्थन से भाजपा ने 32 विधायकों का समर्थन जुटा लिया है, जो सरकार गठन के लिए पर्याप्त है. इससे पहले बीजेपी विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद बीरेन ने कहा, 'मैं पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी नेतृत्‍व को धन्‍यवाद देता हूं. मैंने कांग्रेस सरकार के कुशासन का विरोध करते हुए इस पार्टी को छोड़ा था. मैं आश्‍वस्‍त करता हूं कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में राज्‍य में हमारी सरकार अच्‍छा शासन देगी.'
सारांश: बुधवार को राज्‍य के मुख्‍यमंत्री पद की ली शपथ राष्‍ट्रीय स्‍तर के फुटबॉलर रह चुके हैं बीरेन सिंह पहली बार मणिपुर में बन रही है बीजेपी सरकार
5
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: समाचार पत्र ने कहा कि जनरल बाजवा ने पनामा पेपर मामले में सेना की कथित भूमिका संबंधी सभी अफवाहों को ‘बेबुनियाद’ बताते हुए इसे खारिज किया और सांसदों से कहा कि वह लोकतंत्र के बड़े समर्थक हैं और संसद की सर्वोच्चता में विश्वास करते हैं. समाचार पत्र के अनुसार, सेना प्रमुख के हवाले से एक सांसद ने कहा पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अपदस्थ करने में सेना की कोई भूमिका नहीं है और उनके लिए, मौजूदा प्रधानमंत्री भी पिछले वाले जितने ही अच्छे हैं. 70 वर्ष पहले आजाद हुए देश पर शक्तिशाली सेना ने अधिकतर समय राज किया है. ऐसा माना जाता है कि पाकिस्तान के रणनीतिक निणर्यों में इसका काफी प्रभाव रहता है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: नवाज शरीफ के अपदस्थ होने के पीछे सेना का हाथ नहीं हम लोकतंत्र के बड़े समर्थक : सेना प्रमुख संसद की सर्वोच्चता में यकीन करते हैं
31
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को जेईई (एडवांस) के तहत परीक्षा के संबंध में अब आगे आईआईटी काउंसलिंग व दाखिले पर रोक लगाने का आदेश दिया है. अदालत ने कहा कि आईआईटी जेईई-एडवांस की सीटों के लिए कोई काउंसलिंग या दाखिला अगले आदेश तक नहीं होगा. मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी. अदालत का यह आदेश दो अभ्यर्थियों की याचिका पर आया है, जिसमें दो प्रश्नों में गलतियों के लिए सभी उम्मीदवारों को सात अंक दिए गए हैं. इसमें एक प्रश्न रसायन विज्ञान का है व दूसरा गणित का है. ये गलतियां हिंदा संस्करण के प्रश्नपत्र में हुई हैं. इसमें रसायन विज्ञान के प्रश्न के लिए तीन अंक और गणित के प्रश्न के लिए चार अंक निर्धारित हैं. मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा व न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर की पीठ ने यह भी आदेश दिया कि अब से कोई उच्च न्यायालय जेईई-आईआईटी (एडवांस) संबंधी किसी याचिका पर विचार नहीं करेगा. अदालत ने आगे उच्च न्यायालयों के रजिस्ट्रार जनरल से शनिवार तक उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित जेईई-आईआईटी (एडवांस) से जुड़ी याचिकाओं की संख्या व मामलों की प्रकृति की सूचना देने का निर्देश दिया है. अनुच्छेद 14 (कानून के समक्ष समानता) के तहत सात अंकों को लेकर कई आवेदनों को देखते हुए पीठ ने संकेत दिया कि वह पुन: मूल्यांकन का विकल्प चुन सकता है. अदालत ने यह भी संकेत दिया कि जिन छात्रों ने इन दो सवालों को हल नहीं किया है, उन्हें बाहर रखा जा सकता है, लेकिन जिन्होंने इसे या गलत हल किया है, उन्हें यह अंक मिलेंगे. केंद्र सरकार की तरफ से पेश होते हुए अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल ने पीठ से कहा कि समस्या को हल किया जाना चाहिए और हिंदी प्रश्नपत्रों में यह पहचान कर पाना मुश्किल है कि किसने उत्तर दिए हैं. उन्होंने पीठ को बताया कि अब तक 33,000 छात्रों की काउंसलिंग हो चुकी है और उन्हें प्रवेश दिया जा चुका है. कुल 36,000 सीटें हैं. वेणुगोपाल ने अदालत से कहा कि अदालत के समक्ष मौजूद दो याचिकाकर्ताओं में से एक ने पहले ही आईआईटी-बांबे में दाखिला ले लिया है. अदालत से कहा गया कि एक याचिकाकर्ता ने कुल 366 में से 185 अंक हासिल किए हैं और दूसरा याचिकाकर्ता पहले ही आईआईटी बांबे में दाखिला ले चुका है. याचिकाकर्ता उम्मीदवारों के तरफ से पेश होते हुए वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने कहा कि अतिरिक्त अंक किसी को भी नहीं दिए जा सकते, जिन्होंने दोनों सवालों के उत्तर नहीं दिए. उन्होंने कहा कि हजारों छात्र ऐसे हैं जिन्होंने बराबर अंक मेरिट लिस्ट में हासिल किए हैं. आईआईटी-जेईई एडवांस में करीब 2.35 लाख छात्रों ने परीक्षा में भाग लिया. आईआईटी जेईई-एडवांस में प्रश्नपत्रों के दस सेट होते हैं, इसमें एक ही प्रश्न होते हैं, लेकिन इनका क्रम अलग-अलग होता है. सर्वोच्च न्यायालय ने बीते शुक्रवार को केंद्र से आईआईटी-संयुक्त प्रवेश परीक्षा (आईआईटी-जेईई) के एडवांस कोर्स में सभी उम्मीदवारों को अतिरिक्त सात अंक दिए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर जवाब मांगा था. हालांकि, अवकाश पीठ ने काउंसलिंग में दखल देने से इनकार कर दिया था.टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अदालत का यह आदेश दो अभ्यर्थियों की याचिका पर आया है, जिसमें दो प्रश्नों में गलतियों के लिए सभी उम्मीदवारों को सात अंक दिए गए हैं. इसमें एक प्रश्न रसायन विज्ञान का है व दूसरा गणित का है. ये गलतियां हिंदा संस्करण के प्रश्नपत्र में हुई हैं. इसमें रसायन विज्ञान के प्रश्न के लिए तीन अंक और गणित के प्रश्न के लिए चार अंक निर्धारित हैं. मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा व न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर की पीठ ने यह भी आदेश दिया कि अब से कोई उच्च न्यायालय जेईई-आईआईटी (एडवांस) संबंधी किसी याचिका पर विचार नहीं करेगा. अदालत ने आगे उच्च न्यायालयों के रजिस्ट्रार जनरल से शनिवार तक उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित जेईई-आईआईटी (एडवांस) से जुड़ी याचिकाओं की संख्या व मामलों की प्रकृति की सूचना देने का निर्देश दिया है. अनुच्छेद 14 (कानून के समक्ष समानता) के तहत सात अंकों को लेकर कई आवेदनों को देखते हुए पीठ ने संकेत दिया कि वह पुन: मूल्यांकन का विकल्प चुन सकता है. अदालत ने यह भी संकेत दिया कि जिन छात्रों ने इन दो सवालों को हल नहीं किया है, उन्हें बाहर रखा जा सकता है, लेकिन जिन्होंने इसे या गलत हल किया है, उन्हें यह अंक मिलेंगे. केंद्र सरकार की तरफ से पेश होते हुए अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल ने पीठ से कहा कि समस्या को हल किया जाना चाहिए और हिंदी प्रश्नपत्रों में यह पहचान कर पाना मुश्किल है कि किसने उत्तर दिए हैं. उन्होंने पीठ को बताया कि अब तक 33,000 छात्रों की काउंसलिंग हो चुकी है और उन्हें प्रवेश दिया जा चुका है. कुल 36,000 सीटें हैं. वेणुगोपाल ने अदालत से कहा कि अदालत के समक्ष मौजूद दो याचिकाकर्ताओं में से एक ने पहले ही आईआईटी-बांबे में दाखिला ले लिया है. अदालत से कहा गया कि एक याचिकाकर्ता ने कुल 366 में से 185 अंक हासिल किए हैं और दूसरा याचिकाकर्ता पहले ही आईआईटी बांबे में दाखिला ले चुका है. याचिकाकर्ता उम्मीदवारों के तरफ से पेश होते हुए वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने कहा कि अतिरिक्त अंक किसी को भी नहीं दिए जा सकते, जिन्होंने दोनों सवालों के उत्तर नहीं दिए. उन्होंने कहा कि हजारों छात्र ऐसे हैं जिन्होंने बराबर अंक मेरिट लिस्ट में हासिल किए हैं. आईआईटी-जेईई एडवांस में करीब 2.35 लाख छात्रों ने परीक्षा में भाग लिया. आईआईटी जेईई-एडवांस में प्रश्नपत्रों के दस सेट होते हैं, इसमें एक ही प्रश्न होते हैं, लेकिन इनका क्रम अलग-अलग होता है. सर्वोच्च न्यायालय ने बीते शुक्रवार को केंद्र से आईआईटी-संयुक्त प्रवेश परीक्षा (आईआईटी-जेईई) के एडवांस कोर्स में सभी उम्मीदवारों को अतिरिक्त सात अंक दिए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर जवाब मांगा था. हालांकि, अवकाश पीठ ने काउंसलिंग में दखल देने से इनकार कर दिया था.टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा व न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर की पीठ ने यह भी आदेश दिया कि अब से कोई उच्च न्यायालय जेईई-आईआईटी (एडवांस) संबंधी किसी याचिका पर विचार नहीं करेगा. अदालत ने आगे उच्च न्यायालयों के रजिस्ट्रार जनरल से शनिवार तक उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित जेईई-आईआईटी (एडवांस) से जुड़ी याचिकाओं की संख्या व मामलों की प्रकृति की सूचना देने का निर्देश दिया है. अनुच्छेद 14 (कानून के समक्ष समानता) के तहत सात अंकों को लेकर कई आवेदनों को देखते हुए पीठ ने संकेत दिया कि वह पुन: मूल्यांकन का विकल्प चुन सकता है. अदालत ने यह भी संकेत दिया कि जिन छात्रों ने इन दो सवालों को हल नहीं किया है, उन्हें बाहर रखा जा सकता है, लेकिन जिन्होंने इसे या गलत हल किया है, उन्हें यह अंक मिलेंगे. केंद्र सरकार की तरफ से पेश होते हुए अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल ने पीठ से कहा कि समस्या को हल किया जाना चाहिए और हिंदी प्रश्नपत्रों में यह पहचान कर पाना मुश्किल है कि किसने उत्तर दिए हैं. उन्होंने पीठ को बताया कि अब तक 33,000 छात्रों की काउंसलिंग हो चुकी है और उन्हें प्रवेश दिया जा चुका है. कुल 36,000 सीटें हैं. वेणुगोपाल ने अदालत से कहा कि अदालत के समक्ष मौजूद दो याचिकाकर्ताओं में से एक ने पहले ही आईआईटी-बांबे में दाखिला ले लिया है. अदालत से कहा गया कि एक याचिकाकर्ता ने कुल 366 में से 185 अंक हासिल किए हैं और दूसरा याचिकाकर्ता पहले ही आईआईटी बांबे में दाखिला ले चुका है. याचिकाकर्ता उम्मीदवारों के तरफ से पेश होते हुए वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने कहा कि अतिरिक्त अंक किसी को भी नहीं दिए जा सकते, जिन्होंने दोनों सवालों के उत्तर नहीं दिए. उन्होंने कहा कि हजारों छात्र ऐसे हैं जिन्होंने बराबर अंक मेरिट लिस्ट में हासिल किए हैं. आईआईटी-जेईई एडवांस में करीब 2.35 लाख छात्रों ने परीक्षा में भाग लिया. आईआईटी जेईई-एडवांस में प्रश्नपत्रों के दस सेट होते हैं, इसमें एक ही प्रश्न होते हैं, लेकिन इनका क्रम अलग-अलग होता है. सर्वोच्च न्यायालय ने बीते शुक्रवार को केंद्र से आईआईटी-संयुक्त प्रवेश परीक्षा (आईआईटी-जेईई) के एडवांस कोर्स में सभी उम्मीदवारों को अतिरिक्त सात अंक दिए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर जवाब मांगा था. हालांकि, अवकाश पीठ ने काउंसलिंग में दखल देने से इनकार कर दिया था.टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अदालत ने आगे उच्च न्यायालयों के रजिस्ट्रार जनरल से शनिवार तक उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित जेईई-आईआईटी (एडवांस) से जुड़ी याचिकाओं की संख्या व मामलों की प्रकृति की सूचना देने का निर्देश दिया है. अनुच्छेद 14 (कानून के समक्ष समानता) के तहत सात अंकों को लेकर कई आवेदनों को देखते हुए पीठ ने संकेत दिया कि वह पुन: मूल्यांकन का विकल्प चुन सकता है. अदालत ने यह भी संकेत दिया कि जिन छात्रों ने इन दो सवालों को हल नहीं किया है, उन्हें बाहर रखा जा सकता है, लेकिन जिन्होंने इसे या गलत हल किया है, उन्हें यह अंक मिलेंगे. केंद्र सरकार की तरफ से पेश होते हुए अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल ने पीठ से कहा कि समस्या को हल किया जाना चाहिए और हिंदी प्रश्नपत्रों में यह पहचान कर पाना मुश्किल है कि किसने उत्तर दिए हैं. उन्होंने पीठ को बताया कि अब तक 33,000 छात्रों की काउंसलिंग हो चुकी है और उन्हें प्रवेश दिया जा चुका है. कुल 36,000 सीटें हैं. वेणुगोपाल ने अदालत से कहा कि अदालत के समक्ष मौजूद दो याचिकाकर्ताओं में से एक ने पहले ही आईआईटी-बांबे में दाखिला ले लिया है. अदालत से कहा गया कि एक याचिकाकर्ता ने कुल 366 में से 185 अंक हासिल किए हैं और दूसरा याचिकाकर्ता पहले ही आईआईटी बांबे में दाखिला ले चुका है. याचिकाकर्ता उम्मीदवारों के तरफ से पेश होते हुए वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने कहा कि अतिरिक्त अंक किसी को भी नहीं दिए जा सकते, जिन्होंने दोनों सवालों के उत्तर नहीं दिए. उन्होंने कहा कि हजारों छात्र ऐसे हैं जिन्होंने बराबर अंक मेरिट लिस्ट में हासिल किए हैं. आईआईटी-जेईई एडवांस में करीब 2.35 लाख छात्रों ने परीक्षा में भाग लिया. आईआईटी जेईई-एडवांस में प्रश्नपत्रों के दस सेट होते हैं, इसमें एक ही प्रश्न होते हैं, लेकिन इनका क्रम अलग-अलग होता है. सर्वोच्च न्यायालय ने बीते शुक्रवार को केंद्र से आईआईटी-संयुक्त प्रवेश परीक्षा (आईआईटी-जेईई) के एडवांस कोर्स में सभी उम्मीदवारों को अतिरिक्त सात अंक दिए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर जवाब मांगा था. हालांकि, अवकाश पीठ ने काउंसलिंग में दखल देने से इनकार कर दिया था.टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अनुच्छेद 14 (कानून के समक्ष समानता) के तहत सात अंकों को लेकर कई आवेदनों को देखते हुए पीठ ने संकेत दिया कि वह पुन: मूल्यांकन का विकल्प चुन सकता है. अदालत ने यह भी संकेत दिया कि जिन छात्रों ने इन दो सवालों को हल नहीं किया है, उन्हें बाहर रखा जा सकता है, लेकिन जिन्होंने इसे या गलत हल किया है, उन्हें यह अंक मिलेंगे. केंद्र सरकार की तरफ से पेश होते हुए अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल ने पीठ से कहा कि समस्या को हल किया जाना चाहिए और हिंदी प्रश्नपत्रों में यह पहचान कर पाना मुश्किल है कि किसने उत्तर दिए हैं. उन्होंने पीठ को बताया कि अब तक 33,000 छात्रों की काउंसलिंग हो चुकी है और उन्हें प्रवेश दिया जा चुका है. कुल 36,000 सीटें हैं. वेणुगोपाल ने अदालत से कहा कि अदालत के समक्ष मौजूद दो याचिकाकर्ताओं में से एक ने पहले ही आईआईटी-बांबे में दाखिला ले लिया है. अदालत से कहा गया कि एक याचिकाकर्ता ने कुल 366 में से 185 अंक हासिल किए हैं और दूसरा याचिकाकर्ता पहले ही आईआईटी बांबे में दाखिला ले चुका है. याचिकाकर्ता उम्मीदवारों के तरफ से पेश होते हुए वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने कहा कि अतिरिक्त अंक किसी को भी नहीं दिए जा सकते, जिन्होंने दोनों सवालों के उत्तर नहीं दिए. उन्होंने कहा कि हजारों छात्र ऐसे हैं जिन्होंने बराबर अंक मेरिट लिस्ट में हासिल किए हैं. आईआईटी-जेईई एडवांस में करीब 2.35 लाख छात्रों ने परीक्षा में भाग लिया. आईआईटी जेईई-एडवांस में प्रश्नपत्रों के दस सेट होते हैं, इसमें एक ही प्रश्न होते हैं, लेकिन इनका क्रम अलग-अलग होता है. सर्वोच्च न्यायालय ने बीते शुक्रवार को केंद्र से आईआईटी-संयुक्त प्रवेश परीक्षा (आईआईटी-जेईई) के एडवांस कोर्स में सभी उम्मीदवारों को अतिरिक्त सात अंक दिए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर जवाब मांगा था. हालांकि, अवकाश पीठ ने काउंसलिंग में दखल देने से इनकार कर दिया था.टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) केंद्र सरकार की तरफ से पेश होते हुए अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल ने पीठ से कहा कि समस्या को हल किया जाना चाहिए और हिंदी प्रश्नपत्रों में यह पहचान कर पाना मुश्किल है कि किसने उत्तर दिए हैं. उन्होंने पीठ को बताया कि अब तक 33,000 छात्रों की काउंसलिंग हो चुकी है और उन्हें प्रवेश दिया जा चुका है. कुल 36,000 सीटें हैं. वेणुगोपाल ने अदालत से कहा कि अदालत के समक्ष मौजूद दो याचिकाकर्ताओं में से एक ने पहले ही आईआईटी-बांबे में दाखिला ले लिया है. अदालत से कहा गया कि एक याचिकाकर्ता ने कुल 366 में से 185 अंक हासिल किए हैं और दूसरा याचिकाकर्ता पहले ही आईआईटी बांबे में दाखिला ले चुका है. याचिकाकर्ता उम्मीदवारों के तरफ से पेश होते हुए वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने कहा कि अतिरिक्त अंक किसी को भी नहीं दिए जा सकते, जिन्होंने दोनों सवालों के उत्तर नहीं दिए. उन्होंने कहा कि हजारों छात्र ऐसे हैं जिन्होंने बराबर अंक मेरिट लिस्ट में हासिल किए हैं. आईआईटी-जेईई एडवांस में करीब 2.35 लाख छात्रों ने परीक्षा में भाग लिया. आईआईटी जेईई-एडवांस में प्रश्नपत्रों के दस सेट होते हैं, इसमें एक ही प्रश्न होते हैं, लेकिन इनका क्रम अलग-अलग होता है. सर्वोच्च न्यायालय ने बीते शुक्रवार को केंद्र से आईआईटी-संयुक्त प्रवेश परीक्षा (आईआईटी-जेईई) के एडवांस कोर्स में सभी उम्मीदवारों को अतिरिक्त सात अंक दिए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर जवाब मांगा था. हालांकि, अवकाश पीठ ने काउंसलिंग में दखल देने से इनकार कर दिया था.टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) वेणुगोपाल ने अदालत से कहा कि अदालत के समक्ष मौजूद दो याचिकाकर्ताओं में से एक ने पहले ही आईआईटी-बांबे में दाखिला ले लिया है. अदालत से कहा गया कि एक याचिकाकर्ता ने कुल 366 में से 185 अंक हासिल किए हैं और दूसरा याचिकाकर्ता पहले ही आईआईटी बांबे में दाखिला ले चुका है. याचिकाकर्ता उम्मीदवारों के तरफ से पेश होते हुए वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने कहा कि अतिरिक्त अंक किसी को भी नहीं दिए जा सकते, जिन्होंने दोनों सवालों के उत्तर नहीं दिए. उन्होंने कहा कि हजारों छात्र ऐसे हैं जिन्होंने बराबर अंक मेरिट लिस्ट में हासिल किए हैं. आईआईटी-जेईई एडवांस में करीब 2.35 लाख छात्रों ने परीक्षा में भाग लिया. आईआईटी जेईई-एडवांस में प्रश्नपत्रों के दस सेट होते हैं, इसमें एक ही प्रश्न होते हैं, लेकिन इनका क्रम अलग-अलग होता है. सर्वोच्च न्यायालय ने बीते शुक्रवार को केंद्र से आईआईटी-संयुक्त प्रवेश परीक्षा (आईआईटी-जेईई) के एडवांस कोर्स में सभी उम्मीदवारों को अतिरिक्त सात अंक दिए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर जवाब मांगा था. हालांकि, अवकाश पीठ ने काउंसलिंग में दखल देने से इनकार कर दिया था.टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) याचिकाकर्ता उम्मीदवारों के तरफ से पेश होते हुए वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने कहा कि अतिरिक्त अंक किसी को भी नहीं दिए जा सकते, जिन्होंने दोनों सवालों के उत्तर नहीं दिए. उन्होंने कहा कि हजारों छात्र ऐसे हैं जिन्होंने बराबर अंक मेरिट लिस्ट में हासिल किए हैं. आईआईटी-जेईई एडवांस में करीब 2.35 लाख छात्रों ने परीक्षा में भाग लिया. आईआईटी जेईई-एडवांस में प्रश्नपत्रों के दस सेट होते हैं, इसमें एक ही प्रश्न होते हैं, लेकिन इनका क्रम अलग-अलग होता है. सर्वोच्च न्यायालय ने बीते शुक्रवार को केंद्र से आईआईटी-संयुक्त प्रवेश परीक्षा (आईआईटी-जेईई) के एडवांस कोर्स में सभी उम्मीदवारों को अतिरिक्त सात अंक दिए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर जवाब मांगा था. हालांकि, अवकाश पीठ ने काउंसलिंग में दखल देने से इनकार कर दिया था.टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि हजारों छात्र ऐसे हैं जिन्होंने बराबर अंक मेरिट लिस्ट में हासिल किए हैं. आईआईटी-जेईई एडवांस में करीब 2.35 लाख छात्रों ने परीक्षा में भाग लिया. आईआईटी जेईई-एडवांस में प्रश्नपत्रों के दस सेट होते हैं, इसमें एक ही प्रश्न होते हैं, लेकिन इनका क्रम अलग-अलग होता है. सर्वोच्च न्यायालय ने बीते शुक्रवार को केंद्र से आईआईटी-संयुक्त प्रवेश परीक्षा (आईआईटी-जेईई) के एडवांस कोर्स में सभी उम्मीदवारों को अतिरिक्त सात अंक दिए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर जवाब मांगा था. हालांकि, अवकाश पीठ ने काउंसलिंग में दखल देने से इनकार कर दिया था.टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सर्वोच्च न्यायालय ने बीते शुक्रवार को केंद्र से आईआईटी-संयुक्त प्रवेश परीक्षा (आईआईटी-जेईई) के एडवांस कोर्स में सभी उम्मीदवारों को अतिरिक्त सात अंक दिए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर जवाब मांगा था. हालांकि, अवकाश पीठ ने काउंसलिंग में दखल देने से इनकार कर दिया था.टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
IIT-JEE एडवांस में करीब 2.35 लाख छात्रों ने परीक्षा में भाग लिया दो प्रश्नों में गलतियों के लिए सभी उम्मीदवारों को सात अंक दिए गए 33,000 छात्रों की काउंसलिंग हो चुकी है और कुल 36,000 सीटें हैं
6
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: Commando 3 Box Office Collection Day 6: बॉलीवुड एक्टर विद्युत जामवाल (Vidyut Jammwal) और एक्ट्रेस अदा शर्मा (Adah Sharma) की फिल्म 'कमांडो 3 (Commando 3)' को रिलीज हुए अब छह दिन बीत चुके हैं. खास बात तो यह है कि फिल्म रिलीज के ही दिन से लगातार बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है. एक्शन सीक्वेंस और देशभक्ति की कहानी से भरपूर फिल्म दर्शकों को भी खूब पसंद आ रही है. 'कमांडो 3' के ओपनिंग के हिसाब से फिल्म ने छठे दिन भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया. फिल्म के शुरुआती आंकड़ों को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा सकता है कि 'कमांडो 3 (Commando 3 Box Office Collection)' ने बीते बुधवार को 1.5 से 2 करोड़ रुपये की कमाई की है. विद्युत जामवाल (Vidyut Jammwal) और अदा शर्मा (Adah Sharma) की फिल्म 'कमांडो 3 (Commando 3)' ने छह दिनों में दमदार कोशिश जारी रखते हुए 26 करोड़ रुपये तक कलेक्शन कर सकती है. हालांकि, इसके आधिकारिक आंकड़ें अभी मिलने बाकी हैं. बीते शुक्रवार रिलीज हुई कमांडो ने पहले दिन 4.74 करोड़, दूसरे दिन 5.64 करोड़, तीसरे दिन 7.95 करोड़, चौथे दिन 3.42 करोड़ और पांचवें दिन 3.02 करोड़ रुपये की कमाई की. कमाई से इतर फिल्म की बात करें तो इस बार 'कमांडो 3' में अदा शर्मा और विद्युत जामवाल के साथ-साथ एक्ट्रेस अंगिरा धर (Angira Dhar) भी मुख्य भूमिका निभाती नजर आ रही हैं. अगर फिल्म कमांडो 3 की कहानी की बात करें, तो यह फिल्म विद्युत जामवाल (Vidyut Jammwal) यानी कमांडो 'करण सिंह डोगरा' के इर्द गिर्द घूमती है. फिल्म में करण लंदन में एक अंजान शख्स को ढूंढ रहे हैं, जो भारत पर आतंकवादी हमला करके, भारत को दहलाने की कोशिश करना चाहता है. करण के इस मिशन पर उन्हें अदा शर्मा (Adah Sharma) और अंगिरा धर (Angira Dhar) का साथ मिलता है. यह तीनों मिलकर शख्स के मनसूबों को नाकामयाब करने में सफल हो जाते हैं. फिल्म की कहानी अच्छी है, साथ ही इसमें एक्शन सीक्वेंस भी काफी कमाल के हैं.
यह एक सारांश है: विद्युत जामवाल की फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल देशभक्ति की कहानी और एक्शन से भरपूर है फिल्म दर्शकों को खूब पसंद आ रही है 'कमांडो 3'
16
['hin']
एक सारांश बनाओ: याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि 19 मार्च से 31 मार्च के बीच जम्मू एवं कश्मीर पुलिस ने उसके साथ शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताडि़त किया. पुलिस ने मारा-पीटा और उनके गलत बयान लिए गए, जिनका सच्चाई से कोई वास्ता नहीं है. याचिका में तीनों गवाहों ने कहा कि पुलिस द्वारा प्रताडि़त करने केबावजूद उन्होंने मजिस्ट्रेट के समक्ष सच बयान दिया है. मजिस्ट्रेट केसमक्ष बयान देने बाद पुलिस की ओर से उन्हें लगातार समन भेजे जा रहे हैं. उनका कहना है कि वह पुलिस जांच में हर वक्त सहयोग को तैयार हैं लेकिन उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए. उन्होंने आग्रह किया है कि पुलिस के समक्ष वे जो भी बयान दें उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग हो.  सात मई को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले कठुआ से पठानकोट ट्रांसफर कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले का ट्रायल रोजाना होगा और बंद कमरे में सुनवाई होगी.   सात मई को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले कठुआ से पठानकोट ट्रांसफर कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले का ट्रायल रोजाना होगा और बंद कमरे में सुनवाई होगी.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जम्मू-कश्मीर सरकार सीलबंद लिफाफे में दाखिल करेे स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई गुरुवार यानी कल को होगी जम्मू कश्मीर सरकार ने कोर्ट से जवाब देने के लिए 24 घंटे का वक्त मांगा था
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अन्नाद्रमुक की जीत की यह कहते हुए प्रशंसा की है कि पार्टी की जीत भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में राष्ट्रीय राजनीति को भी प्रभावित करेगी। मोदी ने तमिलनाडु के लोगों को बधाई देते हुए कहा, इस बड़ी जीत की अपनी अहमियत है और यह तमिलनाडु तक सीमित नहीं है। यह पूछे जाने पर कि क्या आपको विश्वास है कि अन्नाद्रमुक प्रमुख जयललिता आने वाले सालों में तमिलनाडु को गुजरात जैसा विकसित प्रदेश बना देंगी, मोदी ने कहा, मैंने तमिलनाडु के प्रति उनका समर्पण और प्रदेश के विकास के लिए उनकी प्रतिबद्धता देखी है। इसलिए मुझे विश्वास है कि वह प्रदेश के विकास में बड़ा योगदान देंगी। मोदी यहां जया सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए आए हैं। उन्होंने कहा कि वह अभिनेता रजनीकांत से भी मुलाकात करेंगे। रजनीकांत श्वसन संबंधी संक्रमण और पेट की समस्या के कारण अस्पताल में भर्ती हैं।
सारांश: मोदी ने अन्नाद्रमुक की जीत की यह कहते हुए प्रशंसा की है कि पार्टी की जीत भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में राष्ट्रीय राजनीति को भी प्रभावित करेगी।
7
['hin']
एक सारांश बनाओ: आंध्र प्रदेश के तेलंगाना क्षेत्र में पृथक राज्य की मांग के समर्थन में जारी रेल रोको आंदोलन, ऑटो रिक्शा और राज्य सरकार के स्वामित्व वाले सड़क परिवहन निगम के कर्मचारियों के हड़ताल के कारण परिवहन सेवाएं चरमरा गई हैं। इस पूरे क्षेत्र और कई शहरों में यात्रियों को परेशानी हो रही है। तेलंगाना समर्थक आंदोलनकारियों का रेल रोको आंदोलन रविवार को दूसरे दिन भी जारी रहा, जबकि राज्य सरकार के स्वामित्व वाले सड़क परिवहन निगम (आरटीसी) के कर्मचारियों की हड़ताल सातवें दिन में प्रवेश कर गई है। हैदराबाद और क्षेत्र के अन्य नौ जिलों के रेलवे स्टेशनों पर सन्नाटा पसरा है, क्योंकि रेलवे ने सभी रेलगाड़ियां रद्द कर दी हैं। पृथक तेलंगाना की मांग कर रहे प्रदर्शनकारी रविवार सुबह फिर पटरियों पर जमा हो गए। लगभग सभी स्टेशनों पर प्रदर्शनकारी पटरियों पर जमे हुए हैं और वे वहां खेलों तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं। नालगोंडा जैसे कुछ स्थानों में तो तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के कार्यकर्ताओं ने रात भी पटरियों पर ही बिताई और वहीं सुबह नहाकर नाश्ता किया। हैदराबाद और तेलंगाना का बाकी हिस्सा तटीय आंध्र और रायलसीमा क्षेत्रों से कट गया है, क्योंकि रेल गाड़ियों और बसों का परिचालन रद्द कर दिया गया है। रेलगाड़ियों और बसों के रद्द किए जाने के कारण विजयवाड़ा, गंटूर, विशाखापत्तनम और तिरुपति जैसे शहरों में हजारों की संख्या में यात्री फंस गए हैं। आंदोलन की अगुवाई कर रही तेलंगाना संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) ने सम्भवत: रेल रोको आंदोलन को 27 सितम्बर तक के लिए बढ़ा दिया है। लेकिन जेएसी के नेताओं ने कहा है कि उन्होंने अभी तक इस बारे में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। दक्षिण मध्य रेलवे ने शनिवार और रविवार के लिए 72 से अधिक एक्सप्रेस गाड़ियों और 264 पैसेंजर गाड़ियों को रद्द कर दिया है। 5,00,000 से अधिक ऑटो रिक्शा भी सड़कों पर नहीं उतरे हैं और सड़क परिवहन निगम की 10,000 से अधिक बसें लगातार सातवें दिन सड़कों पर नहीं उतरीं हैं।
संक्षिप्त पाठ: पृथक तेलंगाना की मांग के समर्थन में रेल रोको आंदोलन, ऑटो रिक्शा और सड़क परिवहन के कर्मचारियों के हड़ताल के कारण परिवहन सेवाएं चरमरा गई हैं।
30
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पश्चिम दिल्ली के पंजाबी बाग इलाके में एक ट्रक ने दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल को कुचल दिया जब उन्होंने एक पिकेट पर एक वाहन को रोकने का प्रयास किया।टिप्पणियां पुलिस ने रविवार को बताया कि घटना रात में उस वक्त हुई जब सीमेंट से भरा ट्रक तेज गति से पंजाबी बाग इलाके से गुजर रहा था। पुलिस ने बताया कि जब पिकेट कांस्टेबल आर्य भूषण ने ट्रक को रुकने को कहा, लेकिन ट्रक ने रुकने की बजाय उसे कुचल दिया। भूषण को महाराजा अग्रसेन अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने रविवार को बताया कि घटना रात में उस वक्त हुई जब सीमेंट से भरा ट्रक तेज गति से पंजाबी बाग इलाके से गुजर रहा था। पुलिस ने बताया कि जब पिकेट कांस्टेबल आर्य भूषण ने ट्रक को रुकने को कहा, लेकिन ट्रक ने रुकने की बजाय उसे कुचल दिया। भूषण को महाराजा अग्रसेन अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि जब पिकेट कांस्टेबल आर्य भूषण ने ट्रक को रुकने को कहा, लेकिन ट्रक ने रुकने की बजाय उसे कुचल दिया। भूषण को महाराजा अग्रसेन अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
पश्चिम दिल्ली के पंजाबी बाग इलाके में एक ट्रक ने दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल को कुचल दिया जब उन्होंने एक पिकेट पर एक वाहन को रोकने का प्रयास किया।
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मालदीव की सरकार ने कहा है कि भारतीय उच्चायोग में शरण लिए पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद को फिलहाल गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने एनडीटीवी से कहा कि नशीद की गिरफ्तारी के वारंट की मियाद बुधवार को खत्म हो गई, जब उन्होंने भारतीय उच्चायोग में शरण ले ली और उन्हें कोर्ट में पेश नहीं जाया सका। प्रवक्ता ने कहा कि नशीद फिलहाल आजाद हैं और कोर्ट सुनवाई की अगली तारीख तय करेगी। नशीद को पिछले साल फरवरी में सत्ता से हटा दिया गया था, जिसे नशीद ने पूर्व शासक मौमून अब्दुल गयूम द्वारा रची गई तख्तापलट की कार्रवाई बताया था। नशीद पर साल 2008 में हुए पहले स्वतंत्र चुनाव में जीत हासिल कर सत्ता में आने के बाद अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है। प्रवक्ता ने कहा कि नशीद फिलहाल आजाद हैं और कोर्ट सुनवाई की अगली तारीख तय करेगी। नशीद को पिछले साल फरवरी में सत्ता से हटा दिया गया था, जिसे नशीद ने पूर्व शासक मौमून अब्दुल गयूम द्वारा रची गई तख्तापलट की कार्रवाई बताया था। नशीद पर साल 2008 में हुए पहले स्वतंत्र चुनाव में जीत हासिल कर सत्ता में आने के बाद अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है।
संक्षिप्त पाठ: मालदीव की सरकार ने कहा है कि भारतीय उच्चायोग में शरण लिए पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद को फिलहाल गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने एनडीटीवी से कहा कि नशीद की गिरफ्तारी के वारंट की मियाद बुधवार को खत्म हो गई और उन्हें कोर्ट में पेश नहीं ज
13
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: विदेशों में तेजी के बीच मौजूदा शादी-विवाह सीजन के मद्देनजर स्टॉकिस्टों और आभूषण निर्माताओं की लिवाली के चलते दिल्ली सर्राफा बाजार में शनिवार को सोने-चांदी की कीमतों में उछाल आया। चांदी के भाव 1600 रुपये चढ़कर 43,300 रुपये किलो और सोने के भाव 360 रुपये की तेजी के साथ 20,320 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गए। घरेलू बाजार का रुख तय करने वाले विदेशी बाजारों में सोने के भाव 23.50 डॉलर चढ़कर 1338.40 डॉलर प्रति औंस हो गए। स्थानीय बाजार में सोना 99.9 शुद्ध और 99.5 शुद्ध के भाव 360 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 20,320 रुपये और 20,200 रुपये प्रति 10 ग्राम बंद हुए। गिन्नी के भाव 50 रुपये चढ़कर 16,750 रुपये प्रति आठ ग्राम बंद हुए। चांदी तैयार के भाव 1600 रुपये चढ़कर 43,300 रुपये और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 1510 रुपये की तेजी के साथ 43,000 रुपये किलो बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव 500 रुपये की तेजी के साथ 48,500-48,600 रुपये प्रति सैकड़ा बंद हुए।
यहाँ एक सारांश है:स्टॉकिस्टों और आभूषण निर्माताओं की लिवाली के चलते दिल्ली सर्राफा बाजार में शनिवार को सोने-चांदी की कीमतों में उछाल आया।
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि अगर वे सरकार या उसकी नीतियों की खुलेआम आलोचना करते हुए पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. भारतीय राजस्व सेवा (सीमाकर एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क) के अधिकारियों और अखिल भारतीय केंद्रीय उत्पाद शुल्क राजपत्रित कार्यकारी अधिकारी संघ सहित अन्य के गुड्स एंड सर्विस टैक्स नेटवर्क (जीएसटीएन) में बदलाव का सुझाव देने के बाद यह रुख सामने आया है. जीएसटीएन एक निजी कंपनी है, जिसे वस्तु एवं सेवा कर और राजस्व सचिव के नेतृत्व वाली जीएसटी परिषद सचिवालय की संरचना के लिए सूचना प्रौद्योगिकी बुनियादी ढांचा के निर्माण का जिम्मा सौंपा गया है.टिप्पणियां वित्त मंत्रालय की ओर से हाल में जारी एक निर्देश में कहा गया है, 'हाल में ऐसा देखा गया है कि कुछ संघों या महासंघों ने सरकार और उसकी नीतियों के प्रतिकूल टिप्पणियां की हैं. सभी संघ या महासंघ यह ध्यान दें कि अगर कोई भी सरकार और उसकी नीतियों की आलोचना में शामिल रहता है तो उनके खिलाफ उचित कार्रवाई (अनुशासनात्मक कार्रवाई) की जाएगी.' इसमें सेवा नियमों का हवाला दिया गया है, जिसके मुताबिक किसी भी सरकारी सेवक पर सरकार की किसी नीति या कार्रवाई की प्रतिकूल आलोचना करने पर प्रतिबंध है. मौजूदा नियमों का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्रालय ने कहा कि इन सेवा संघों का प्राथमिक लक्ष्य इसके सदस्यों की आम सेवा हितों को बढ़ावा देना है. मंत्रालय ने सभी प्रमुख आयुक्तों और संबंधित महानिदेशकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि सिर्फ मान्य कर्मचारी संघों को उल्लिखित नियमों का लाभ मिले. भारतीय राजस्व सेवा (सीमाकर एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क) के अधिकारियों और अखिल भारतीय केंद्रीय उत्पाद शुल्क राजपत्रित कार्यकारी अधिकारी संघ सहित अन्य के गुड्स एंड सर्विस टैक्स नेटवर्क (जीएसटीएन) में बदलाव का सुझाव देने के बाद यह रुख सामने आया है. जीएसटीएन एक निजी कंपनी है, जिसे वस्तु एवं सेवा कर और राजस्व सचिव के नेतृत्व वाली जीएसटी परिषद सचिवालय की संरचना के लिए सूचना प्रौद्योगिकी बुनियादी ढांचा के निर्माण का जिम्मा सौंपा गया है.टिप्पणियां वित्त मंत्रालय की ओर से हाल में जारी एक निर्देश में कहा गया है, 'हाल में ऐसा देखा गया है कि कुछ संघों या महासंघों ने सरकार और उसकी नीतियों के प्रतिकूल टिप्पणियां की हैं. सभी संघ या महासंघ यह ध्यान दें कि अगर कोई भी सरकार और उसकी नीतियों की आलोचना में शामिल रहता है तो उनके खिलाफ उचित कार्रवाई (अनुशासनात्मक कार्रवाई) की जाएगी.' इसमें सेवा नियमों का हवाला दिया गया है, जिसके मुताबिक किसी भी सरकारी सेवक पर सरकार की किसी नीति या कार्रवाई की प्रतिकूल आलोचना करने पर प्रतिबंध है. मौजूदा नियमों का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्रालय ने कहा कि इन सेवा संघों का प्राथमिक लक्ष्य इसके सदस्यों की आम सेवा हितों को बढ़ावा देना है. मंत्रालय ने सभी प्रमुख आयुक्तों और संबंधित महानिदेशकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि सिर्फ मान्य कर्मचारी संघों को उल्लिखित नियमों का लाभ मिले. जीएसटीएन एक निजी कंपनी है, जिसे वस्तु एवं सेवा कर और राजस्व सचिव के नेतृत्व वाली जीएसटी परिषद सचिवालय की संरचना के लिए सूचना प्रौद्योगिकी बुनियादी ढांचा के निर्माण का जिम्मा सौंपा गया है.टिप्पणियां वित्त मंत्रालय की ओर से हाल में जारी एक निर्देश में कहा गया है, 'हाल में ऐसा देखा गया है कि कुछ संघों या महासंघों ने सरकार और उसकी नीतियों के प्रतिकूल टिप्पणियां की हैं. सभी संघ या महासंघ यह ध्यान दें कि अगर कोई भी सरकार और उसकी नीतियों की आलोचना में शामिल रहता है तो उनके खिलाफ उचित कार्रवाई (अनुशासनात्मक कार्रवाई) की जाएगी.' इसमें सेवा नियमों का हवाला दिया गया है, जिसके मुताबिक किसी भी सरकारी सेवक पर सरकार की किसी नीति या कार्रवाई की प्रतिकूल आलोचना करने पर प्रतिबंध है. मौजूदा नियमों का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्रालय ने कहा कि इन सेवा संघों का प्राथमिक लक्ष्य इसके सदस्यों की आम सेवा हितों को बढ़ावा देना है. मंत्रालय ने सभी प्रमुख आयुक्तों और संबंधित महानिदेशकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि सिर्फ मान्य कर्मचारी संघों को उल्लिखित नियमों का लाभ मिले. वित्त मंत्रालय की ओर से हाल में जारी एक निर्देश में कहा गया है, 'हाल में ऐसा देखा गया है कि कुछ संघों या महासंघों ने सरकार और उसकी नीतियों के प्रतिकूल टिप्पणियां की हैं. सभी संघ या महासंघ यह ध्यान दें कि अगर कोई भी सरकार और उसकी नीतियों की आलोचना में शामिल रहता है तो उनके खिलाफ उचित कार्रवाई (अनुशासनात्मक कार्रवाई) की जाएगी.' इसमें सेवा नियमों का हवाला दिया गया है, जिसके मुताबिक किसी भी सरकारी सेवक पर सरकार की किसी नीति या कार्रवाई की प्रतिकूल आलोचना करने पर प्रतिबंध है. मौजूदा नियमों का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्रालय ने कहा कि इन सेवा संघों का प्राथमिक लक्ष्य इसके सदस्यों की आम सेवा हितों को बढ़ावा देना है. मंत्रालय ने सभी प्रमुख आयुक्तों और संबंधित महानिदेशकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि सिर्फ मान्य कर्मचारी संघों को उल्लिखित नियमों का लाभ मिले. मौजूदा नियमों का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्रालय ने कहा कि इन सेवा संघों का प्राथमिक लक्ष्य इसके सदस्यों की आम सेवा हितों को बढ़ावा देना है. मंत्रालय ने सभी प्रमुख आयुक्तों और संबंधित महानिदेशकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि सिर्फ मान्य कर्मचारी संघों को उल्लिखित नियमों का लाभ मिले.
यह एक सारांश है: सरकार या उसकी नीतियों की आलोचना को लेकर केंद्र ने चेतावनी दी है जीएसटीएन में बदलाव का सुझाव देने के बाद यह रूख सामने आया है सरकार ने कहा है- अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी यदि आलोचना की
9
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ब्रिटेन के तख्त के दावेदार और सबसे लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे प्रिंस चार्ल्स ने पहली बार अपने बेकरारी का इजहार करते हुए कहा है कि अब उनसे सब्र नहीं हो रहा है और वक्त बीता जा रहा है। इससे लगता है कि वह अब महाराज बनने के लिए और अधिक इंतजार करना नहीं चाहते।टिप्पणियां 64-वर्षीय प्रिंस चार्ल्स ने संकेत दिया कि वह पहले ही जिंदगी के 60 साल बिता चुके हैं और उन्हें डर है कि महाराज के रूप में उनका कार्यकाल बहुत छोटा होगा। डम्फ्राइज हाउस के दौरे के दौरान प्रिंस चार्ल्स ने लोगों के साथ बातचीत के दौरान इस संबंध में सवाल किए जाने पर मजाकिया लहजे में कहा, बेसब्र? मैं? क्या कह सकता हूं। हां, निश्चित बात है कि मैं बेसब्र हूं। उन्होंने कहा, जल्द ही मेरा समय समाप्त हो जाएगा। वर्ष 2008 में वह ब्रिटेन के इतिहास में तख्त के लिए सबसे अधिक समय तक इंतजार करने वाले प्रिंस बन गए थे। उनके परिवार में लोग दीर्घायु रहे हैं। महारानी इस समय 86 साल की हैं और उनकी सेहत आज भी काफी अच्छी है, जबकि महारानी एलिजाबेथ और क्वीन मदर का 101 साल की उम्र में निधन हुआ। 64-वर्षीय प्रिंस चार्ल्स ने संकेत दिया कि वह पहले ही जिंदगी के 60 साल बिता चुके हैं और उन्हें डर है कि महाराज के रूप में उनका कार्यकाल बहुत छोटा होगा। डम्फ्राइज हाउस के दौरे के दौरान प्रिंस चार्ल्स ने लोगों के साथ बातचीत के दौरान इस संबंध में सवाल किए जाने पर मजाकिया लहजे में कहा, बेसब्र? मैं? क्या कह सकता हूं। हां, निश्चित बात है कि मैं बेसब्र हूं। उन्होंने कहा, जल्द ही मेरा समय समाप्त हो जाएगा। वर्ष 2008 में वह ब्रिटेन के इतिहास में तख्त के लिए सबसे अधिक समय तक इंतजार करने वाले प्रिंस बन गए थे। उनके परिवार में लोग दीर्घायु रहे हैं। महारानी इस समय 86 साल की हैं और उनकी सेहत आज भी काफी अच्छी है, जबकि महारानी एलिजाबेथ और क्वीन मदर का 101 साल की उम्र में निधन हुआ। उन्होंने कहा, जल्द ही मेरा समय समाप्त हो जाएगा। वर्ष 2008 में वह ब्रिटेन के इतिहास में तख्त के लिए सबसे अधिक समय तक इंतजार करने वाले प्रिंस बन गए थे। उनके परिवार में लोग दीर्घायु रहे हैं। महारानी इस समय 86 साल की हैं और उनकी सेहत आज भी काफी अच्छी है, जबकि महारानी एलिजाबेथ और क्वीन मदर का 101 साल की उम्र में निधन हुआ।
सारांश: ब्रिटेन के तख्त के दावेदार और सबसे लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे प्रिंस चार्ल्स ने पहली बार अपने बेकरारी का इजहार करते हुए कहा है कि अब उनसे सब्र नहीं हो रहा है और वक्त बीता जा रहा है।
31
['hin']
एक सारांश बनाओ: यूपी चुनाव में सभी उम्मीदवार अपनी सभाओँ में भीड़ खींचने के लिए कुछ ना कुछ अनोखा करने की कोशिश में हैं। कौशाम्बी में बीजेपी की एक सभा में कुछ ऐसी ही कोशिश के चक्कर में बखेड़ा हो गया। दरअसल कलराज मिश्रा की सभा में जान  डालने के लिए हनुमान जी को बुलाया गया। लेकिन कलयुग के हनुमान जी भीड़ के बीच फंसकर बेहोश हो गए। पहले तो यह जनाब मंच पर अपना करतब दिखाते रहे लेकिन कलराज मिश्रा के पहुंचने के बाद जब ये लोगों के बीच पहुंचे तो सभा में लोग इनसे हाथ मिलाने के लिए उतावले हो गए, लेकिन इस आपाधापी में जब वो दोबारा मंच की तरफ बढ़े तो गश खाकर गिर पड़े। बेहोश हुए हनुमान जी को होश में लाने के लिए बीजेपी कार्यकर्ताओं को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पहले तो यह जनाब मंच पर अपना करतब दिखाते रहे लेकिन कलराज मिश्रा के पहुंचने के बाद जब ये लोगों के बीच पहुंचे तो सभा में लोग इनसे हाथ मिलाने के लिए उतावले हो गए, लेकिन इस आपाधापी में जब वो दोबारा मंच की तरफ बढ़े तो गश खाकर गिर पड़े। बेहोश हुए हनुमान जी को होश में लाने के लिए बीजेपी कार्यकर्ताओं को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: यूपी चुनाव में सभी उम्मीदवार अपनी सभाओँ में भीड़ खींचने के लिए कुछ ना कुछ अनोखा करने की कोशिश में हैं। कौशाम्बी में बीजेपी की एक सभा में कुछ ऐसी ही कोशिश के चक्कर में बखेड़ा हो गया।
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के लिए हुए चुनाव में शिरोमणि अकाली (बादल ) ने तमाम कयासों से उलट शानदार प्रदर्शन बरकरार रखा. उसने कुल 46 वार्डों के लिए हुए चुनाव में 35 सीटें जीत लीं. कांग्रेस समर्थित शिरोमणि अकाली दल (दिल्ली) ने अपने खराब प्रदर्शन का रिकॉर्ड बरकरार रखते हुए केवल 7 सीटें जीतीं. चर्चा में रही आम आदमी पार्टी द्वारा समर्थित मानी जाने वाली पार्टी 'पंथक सेवा दल' इस चुनाव में कोई प्रभाव छोड़ने में नाकाम रही. उसको एक भी सीट नहीं मिली. इस दल के संयोजक आम आदमी पार्टी के कालकाजी के विधायक अवतार सिंह कालकाजी हैं. चार साल पहले हुए चुनाव में भी अकाली दल (बादल) ने 35 सीटें जीती थीं जबकि कांग्रेस समर्थित अकाली दल (दिल्ली) ने 7 सीटें जीती थीं. पंथक सेवा दल पहली बार चुनाव में उतरा था.टिप्पणियां सवाल उठना लाज़मी है कि क्या जो दिल्ली के सिखों का मूड है वही सिख बहुल पंजाब का भी मूड है? शिरोमणि अकाली दल (बादल) के प्रधान मंजीत सिंह जीके के मुताबिक 'पंजाब के समीकरण अलग हैं, पंजाब के मसले अलग हैं, लेकिन एक समीकरण जरूर सामने आ गया. अकाली दल को धर्म की पार्टी कहा जाता है. अकाली दल के जीतने का मतलब है कि आज भी पंथिक वोट अकाली दल के साथ हैं.' दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति दिल्ली में गुरुद्वारा, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल के प्रबंधन का कामकाज देखती है इसलिए इसको दिल्ली में सिख समाज की दूसरी सबसे बड़ी धार्मिक संस्था माना जाता है. इन चुनावों में कुल वोटर करीब 3 लाख 80 हजार थे जबकि 45% मतदाता ही वोट डालने पहुंचे थे. चर्चा में रही आम आदमी पार्टी द्वारा समर्थित मानी जाने वाली पार्टी 'पंथक सेवा दल' इस चुनाव में कोई प्रभाव छोड़ने में नाकाम रही. उसको एक भी सीट नहीं मिली. इस दल के संयोजक आम आदमी पार्टी के कालकाजी के विधायक अवतार सिंह कालकाजी हैं. चार साल पहले हुए चुनाव में भी अकाली दल (बादल) ने 35 सीटें जीती थीं जबकि कांग्रेस समर्थित अकाली दल (दिल्ली) ने 7 सीटें जीती थीं. पंथक सेवा दल पहली बार चुनाव में उतरा था.टिप्पणियां सवाल उठना लाज़मी है कि क्या जो दिल्ली के सिखों का मूड है वही सिख बहुल पंजाब का भी मूड है? शिरोमणि अकाली दल (बादल) के प्रधान मंजीत सिंह जीके के मुताबिक 'पंजाब के समीकरण अलग हैं, पंजाब के मसले अलग हैं, लेकिन एक समीकरण जरूर सामने आ गया. अकाली दल को धर्म की पार्टी कहा जाता है. अकाली दल के जीतने का मतलब है कि आज भी पंथिक वोट अकाली दल के साथ हैं.' दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति दिल्ली में गुरुद्वारा, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल के प्रबंधन का कामकाज देखती है इसलिए इसको दिल्ली में सिख समाज की दूसरी सबसे बड़ी धार्मिक संस्था माना जाता है. इन चुनावों में कुल वोटर करीब 3 लाख 80 हजार थे जबकि 45% मतदाता ही वोट डालने पहुंचे थे. चार साल पहले हुए चुनाव में भी अकाली दल (बादल) ने 35 सीटें जीती थीं जबकि कांग्रेस समर्थित अकाली दल (दिल्ली) ने 7 सीटें जीती थीं. पंथक सेवा दल पहली बार चुनाव में उतरा था.टिप्पणियां सवाल उठना लाज़मी है कि क्या जो दिल्ली के सिखों का मूड है वही सिख बहुल पंजाब का भी मूड है? शिरोमणि अकाली दल (बादल) के प्रधान मंजीत सिंह जीके के मुताबिक 'पंजाब के समीकरण अलग हैं, पंजाब के मसले अलग हैं, लेकिन एक समीकरण जरूर सामने आ गया. अकाली दल को धर्म की पार्टी कहा जाता है. अकाली दल के जीतने का मतलब है कि आज भी पंथिक वोट अकाली दल के साथ हैं.' दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति दिल्ली में गुरुद्वारा, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल के प्रबंधन का कामकाज देखती है इसलिए इसको दिल्ली में सिख समाज की दूसरी सबसे बड़ी धार्मिक संस्था माना जाता है. इन चुनावों में कुल वोटर करीब 3 लाख 80 हजार थे जबकि 45% मतदाता ही वोट डालने पहुंचे थे. सवाल उठना लाज़मी है कि क्या जो दिल्ली के सिखों का मूड है वही सिख बहुल पंजाब का भी मूड है? शिरोमणि अकाली दल (बादल) के प्रधान मंजीत सिंह जीके के मुताबिक 'पंजाब के समीकरण अलग हैं, पंजाब के मसले अलग हैं, लेकिन एक समीकरण जरूर सामने आ गया. अकाली दल को धर्म की पार्टी कहा जाता है. अकाली दल के जीतने का मतलब है कि आज भी पंथिक वोट अकाली दल के साथ हैं.' दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति दिल्ली में गुरुद्वारा, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल के प्रबंधन का कामकाज देखती है इसलिए इसको दिल्ली में सिख समाज की दूसरी सबसे बड़ी धार्मिक संस्था माना जाता है. इन चुनावों में कुल वोटर करीब 3 लाख 80 हजार थे जबकि 45% मतदाता ही वोट डालने पहुंचे थे. दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति दिल्ली में गुरुद्वारा, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल के प्रबंधन का कामकाज देखती है इसलिए इसको दिल्ली में सिख समाज की दूसरी सबसे बड़ी धार्मिक संस्था माना जाता है. इन चुनावों में कुल वोटर करीब 3 लाख 80 हजार थे जबकि 45% मतदाता ही वोट डालने पहुंचे थे.
यह एक सारांश है: शिरोमणि अकाली (बादल ) ने जीतीं 46 में से 35 सीटें कांग्रेस समर्थित शिरोमणि अकाली दल (दिल्ली) ने जीतीं 7 सीटें आप द्वारा समर्थित माने जाने वाले 'पंथक सेवा दल' पूरी तरह असफल
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति चुनाव पर संकट के समाधान के लिए गुरुवार को केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी सहित अपनी पार्टी के अन्य नेताओं व द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के टीआर बालू से मुलाकात की। तृणमूल कांग्रेस व समाजवादी पार्टी (सपा) द्वारा कांग्रेस की राष्ट्रपति पद के लिए पसंद को लगभग अस्वीकार कर दिए जाने के एक दिन बाद सोनिया ने अपने 10, जनपथ आवास पर प्रणब, केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदम्बरम, रक्षा मंत्री एके एंटनी व बालू से मुलाकात की। बालू ने संवाददाताओं को बताया, "मैंने सोनिया को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की अपनी पसंद बताई। मैं अभी और कुछ खुलासा नहीं कर सकता। सोनिया की ओर से एक-दो दिन में नाम की घोषणा की जाएगी।"टिप्पणियां पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख मुलायम सिंह यादव द्वारा प्रणब और हामिद अंसारी को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने की सोनिया की पसंद को लगभग अस्वीकार कर दिए जाने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात हुई। ममता व मुलायम ने राष्ट्रपति पद के अपने उम्मीदवार के रूप में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी का नाम सुझाया है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि इस संकट से उबरने का रास्ता निकालने के लिए गुरुवार शाम कांग्रेस कोर समूह की बैठक हो सकती है। तृणमूल कांग्रेस व समाजवादी पार्टी (सपा) द्वारा कांग्रेस की राष्ट्रपति पद के लिए पसंद को लगभग अस्वीकार कर दिए जाने के एक दिन बाद सोनिया ने अपने 10, जनपथ आवास पर प्रणब, केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदम्बरम, रक्षा मंत्री एके एंटनी व बालू से मुलाकात की। बालू ने संवाददाताओं को बताया, "मैंने सोनिया को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की अपनी पसंद बताई। मैं अभी और कुछ खुलासा नहीं कर सकता। सोनिया की ओर से एक-दो दिन में नाम की घोषणा की जाएगी।"टिप्पणियां पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख मुलायम सिंह यादव द्वारा प्रणब और हामिद अंसारी को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने की सोनिया की पसंद को लगभग अस्वीकार कर दिए जाने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात हुई। ममता व मुलायम ने राष्ट्रपति पद के अपने उम्मीदवार के रूप में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी का नाम सुझाया है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि इस संकट से उबरने का रास्ता निकालने के लिए गुरुवार शाम कांग्रेस कोर समूह की बैठक हो सकती है। बालू ने संवाददाताओं को बताया, "मैंने सोनिया को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की अपनी पसंद बताई। मैं अभी और कुछ खुलासा नहीं कर सकता। सोनिया की ओर से एक-दो दिन में नाम की घोषणा की जाएगी।"टिप्पणियां पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख मुलायम सिंह यादव द्वारा प्रणब और हामिद अंसारी को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने की सोनिया की पसंद को लगभग अस्वीकार कर दिए जाने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात हुई। ममता व मुलायम ने राष्ट्रपति पद के अपने उम्मीदवार के रूप में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी का नाम सुझाया है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि इस संकट से उबरने का रास्ता निकालने के लिए गुरुवार शाम कांग्रेस कोर समूह की बैठक हो सकती है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख मुलायम सिंह यादव द्वारा प्रणब और हामिद अंसारी को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने की सोनिया की पसंद को लगभग अस्वीकार कर दिए जाने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात हुई। ममता व मुलायम ने राष्ट्रपति पद के अपने उम्मीदवार के रूप में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी का नाम सुझाया है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि इस संकट से उबरने का रास्ता निकालने के लिए गुरुवार शाम कांग्रेस कोर समूह की बैठक हो सकती है। ममता व मुलायम ने राष्ट्रपति पद के अपने उम्मीदवार के रूप में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी का नाम सुझाया है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि इस संकट से उबरने का रास्ता निकालने के लिए गुरुवार शाम कांग्रेस कोर समूह की बैठक हो सकती है।
संक्षिप्त पाठ: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति चुनाव पर संकट के समाधान के लिए केंद्रीय वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी सहित अपनी पार्टी के अन्य नेताओं व डीएमके के टीआर बालू से मुलाकात की।
27
['hin']
एक सारांश बनाओ: कांग्रेस नेता और केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि नरेंद्र मोदी को बीजेपी संसदीय बोर्ड में शामिल करने से साफ हो जाता है कि पार्टी किस कदर दबाव में है और मोदी का बीजेपी में दबदबा कितना बढ़ रहा है।टिप्पणियां सिब्बल ने कहा कि मोदी बीजेपी की बागडोर अपने हाथों में लेना चाह रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी के सामने असली चुनौती खुद नरेंद्र मोदी ही हैं। सिब्बल ने कहा कि बीजेपी ने अपने वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा की उपेक्षा की है और उन्हें किनारे कर दिया है। राजनाथ सिंह की नई टीम में अमित शाह को बीजेपी महासचिव बनाए जाने के बारे में सिब्बल ने कहा कि अमित शाह पर गंभीर आरोप हैं और उन्हें सिर्फ मोदी के दबाव के चलते ही महासचिव बनाया गया है। सिब्बल ने कहा कि मोदी बीजेपी की बागडोर अपने हाथों में लेना चाह रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी के सामने असली चुनौती खुद नरेंद्र मोदी ही हैं। सिब्बल ने कहा कि बीजेपी ने अपने वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा की उपेक्षा की है और उन्हें किनारे कर दिया है। राजनाथ सिंह की नई टीम में अमित शाह को बीजेपी महासचिव बनाए जाने के बारे में सिब्बल ने कहा कि अमित शाह पर गंभीर आरोप हैं और उन्हें सिर्फ मोदी के दबाव के चलते ही महासचिव बनाया गया है। सिब्बल ने कहा कि बीजेपी ने अपने वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा की उपेक्षा की है और उन्हें किनारे कर दिया है। राजनाथ सिंह की नई टीम में अमित शाह को बीजेपी महासचिव बनाए जाने के बारे में सिब्बल ने कहा कि अमित शाह पर गंभीर आरोप हैं और उन्हें सिर्फ मोदी के दबाव के चलते ही महासचिव बनाया गया है।
यह एक सारांश है: कांग्रेस नेता और केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि नरेंद्र मोदी को बीजेपी संसदीय बोर्ड में शामिल करने से साफ हो जाता है कि पार्टी किस कदर दबाव में है और मोदी का बीजेपी में दबदबा कितना बढ़ रहा है।
21
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार के बगहा में सोमवार को पुलिस और नागरिकों के बीच हुई झड़प में पुलिस द्वारा चलाई गई गोली में पांच ग्रामीणों की मौत हो गई जबकि नौ पुलिसकर्मी सहित करीब 20 लोग घायल बताए जा रहे हैं। इनमें आठ से ज्यादा लोगों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। इधर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।   राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) एसके भारद्वाज ने बताया कि दरदरी गांव के रहने वाला युवक चंद्रेश्वर पिछले नौ जून से लापता है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस इसकी खोज नहीं कर रही है। इसी दौरान पुलिस कटहरवा गांव में चंद्रेश्वर मामले की जांच करने गई थी कि आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस को घेर लिया और पुलिस पर पत्थरबाजी प्रारंभ करने लगी।टिप्पणियां पुलिस ने पहले हल्का बल प्रयोग किया परंतु ग्रामीण पीछे हटने को तैयार नहीं थे। उन्होंने बताया कि भीड़ हिंसक रूप लेने लगे थी। विवश होकर पुलिस को आत्मरक्षार्थ गोली चलानी पड़ी। इस गोलीबारी पांच ग्रामीणों की मौत हो गई जबकि सात पुलिसकर्मी सहित करीब 20 लोग घायल हैं। घटनास्थल पर भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। क्षेत्र में तनाव व्याप्त है परंतु स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। अपुष्ट खबरों के मुताबिक मृतकों की संख्या सात बताई जा रही है। इधर, मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले में अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) एसके भारद्वाज और कारा (जेल) महानिरीक्षक आनंद किशोर को जांच के आदेश दिए हैं तथा 24 घंटे के भीतर पूरी स्थिति की जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) एसके भारद्वाज ने बताया कि दरदरी गांव के रहने वाला युवक चंद्रेश्वर पिछले नौ जून से लापता है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस इसकी खोज नहीं कर रही है। इसी दौरान पुलिस कटहरवा गांव में चंद्रेश्वर मामले की जांच करने गई थी कि आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस को घेर लिया और पुलिस पर पत्थरबाजी प्रारंभ करने लगी।टिप्पणियां पुलिस ने पहले हल्का बल प्रयोग किया परंतु ग्रामीण पीछे हटने को तैयार नहीं थे। उन्होंने बताया कि भीड़ हिंसक रूप लेने लगे थी। विवश होकर पुलिस को आत्मरक्षार्थ गोली चलानी पड़ी। इस गोलीबारी पांच ग्रामीणों की मौत हो गई जबकि सात पुलिसकर्मी सहित करीब 20 लोग घायल हैं। घटनास्थल पर भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। क्षेत्र में तनाव व्याप्त है परंतु स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। अपुष्ट खबरों के मुताबिक मृतकों की संख्या सात बताई जा रही है। इधर, मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले में अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) एसके भारद्वाज और कारा (जेल) महानिरीक्षक आनंद किशोर को जांच के आदेश दिए हैं तथा 24 घंटे के भीतर पूरी स्थिति की जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। पुलिस ने पहले हल्का बल प्रयोग किया परंतु ग्रामीण पीछे हटने को तैयार नहीं थे। उन्होंने बताया कि भीड़ हिंसक रूप लेने लगे थी। विवश होकर पुलिस को आत्मरक्षार्थ गोली चलानी पड़ी। इस गोलीबारी पांच ग्रामीणों की मौत हो गई जबकि सात पुलिसकर्मी सहित करीब 20 लोग घायल हैं। घटनास्थल पर भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। क्षेत्र में तनाव व्याप्त है परंतु स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। अपुष्ट खबरों के मुताबिक मृतकों की संख्या सात बताई जा रही है। इधर, मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले में अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) एसके भारद्वाज और कारा (जेल) महानिरीक्षक आनंद किशोर को जांच के आदेश दिए हैं तथा 24 घंटे के भीतर पूरी स्थिति की जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। इधर, मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले में अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) एसके भारद्वाज और कारा (जेल) महानिरीक्षक आनंद किशोर को जांच के आदेश दिए हैं तथा 24 घंटे के भीतर पूरी स्थिति की जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
संक्षिप्त सारांश: बिहार के बगहा में सोमवार को पुलिस और नागरिकों के बीच हुई झड़प में पुलिस द्वारा चलाई गई गोली में पांच ग्रामीणों की मौत हो गई जबकि नौ पुलिसकर्मी सहित करीब 20 लोग घायल बताए जा रहे हैं।
10
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को समाप्त हुए कारोबारी सप्ताह में तेजी का रुख रहा। प्रमुख सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी में इस सप्ताह लगभग 1.4 फीसदी तेजी रही। शेयर बाजारों पर इस सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक की मध्य तिमाही समीक्षा में सोमवार को दरों में कटौती की सम्भावना का सकारात्मक असर देखा गया। इस सप्ताह बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 230.96 अंकों या 1.38 फीसदी की तेजी बनाकर शुक्रवार को 16,949.83 पर बंद हुआ। इससे पिछले शुक्रवार को सेंसेक्स 16,718.87 पर बंद हुआ था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी इस सप्ताह 70.70 अंकों या 1.39 फीसदी की तेजी के साथ शुक्रवार को 5,139.05 पर बंद हुआ। इससे पिछले शुक्रवार को निफ्टी 5,068.35 पर बंद हुआ था। आलोच्य सप्ताह में बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों का रुख मिला जुला रहा। मिडकैप जहां 0.50 फीसदी या 29.71 अंकों की गिरावट के साथ शुक्रवार को 5,958.50 पर बंद हुआ, वहीं स्मॉलकैप 0.40 फीसदी या 25.30 अंकों की तेजी के साथ 6,326.14 पर बंद हुआ। आलोच्य सप्ताह में बीएसई के 13 में से नौ सेक्टरों में तेजी रही। तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (3.38 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (2.64 फीसदी), प्रौद्योगिकी (2.31 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.49 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (1.09 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई के तीन सेक्टरों रियल्टी (1.70 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.83 फीसदी) और बिजली (0.70 फीसदी) में इस सप्ताह गिरावट रही। रिजर्व बैंक 18 जून को मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा जारी करेगा और आलोच्य अवधि में सामने आए कमजोर आर्थिक संकेतकों के कारण बाजार में कयास लगाए जा रहे हैं कि नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) और रेपो दर में कटौती हो सकती है। इस सप्ताह सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्च र्स (सियाम) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक घरेलू बाजार में कारों की बिक्री मई महीने में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 2.78 फीसदी अधिक रही, जो पिछले सात महीने में सबसे कम वृद्धि दर है। अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने सोमवार को भारत को चेतावनी दी कि विकास दर घटने, आर्थिक नीति निर्माण में राजनीतिक अवरोध तथा अन्य कारणों से वह इसकी निवेश ग्रेड रेटिंग घटा सकती है।टिप्पणियां एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट (क्या भारत ब्रिक देशों में गिरावट वाला पहला देश होगा) में कहा कि आर्थिक झटकों के प्रति सरकार की प्रतिक्रिया से ही तय होगा कि क्या देश अपनी रेटिंग बरकरार रख पाएगा या ब्रिक देशों में अपनी रेटिंग गंवाने वाला पहला देश होगा। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़े के मुताबिक देश के औद्योगिक उत्पादन में अप्रैल माह में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 0.1 फीसदी की मामूली वृद्धि रही। आंकड़े के मुताबिक कारोबारी साल 2011-12 के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर 2.8 फीसदी रही, जो इससे पिछले वर्ष 8.2 फीसदी थी। शेयर बाजारों पर इस सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक की मध्य तिमाही समीक्षा में सोमवार को दरों में कटौती की सम्भावना का सकारात्मक असर देखा गया। इस सप्ताह बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 230.96 अंकों या 1.38 फीसदी की तेजी बनाकर शुक्रवार को 16,949.83 पर बंद हुआ। इससे पिछले शुक्रवार को सेंसेक्स 16,718.87 पर बंद हुआ था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी इस सप्ताह 70.70 अंकों या 1.39 फीसदी की तेजी के साथ शुक्रवार को 5,139.05 पर बंद हुआ। इससे पिछले शुक्रवार को निफ्टी 5,068.35 पर बंद हुआ था। आलोच्य सप्ताह में बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों का रुख मिला जुला रहा। मिडकैप जहां 0.50 फीसदी या 29.71 अंकों की गिरावट के साथ शुक्रवार को 5,958.50 पर बंद हुआ, वहीं स्मॉलकैप 0.40 फीसदी या 25.30 अंकों की तेजी के साथ 6,326.14 पर बंद हुआ। आलोच्य सप्ताह में बीएसई के 13 में से नौ सेक्टरों में तेजी रही। तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (3.38 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (2.64 फीसदी), प्रौद्योगिकी (2.31 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.49 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (1.09 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई के तीन सेक्टरों रियल्टी (1.70 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.83 फीसदी) और बिजली (0.70 फीसदी) में इस सप्ताह गिरावट रही। रिजर्व बैंक 18 जून को मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा जारी करेगा और आलोच्य अवधि में सामने आए कमजोर आर्थिक संकेतकों के कारण बाजार में कयास लगाए जा रहे हैं कि नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) और रेपो दर में कटौती हो सकती है। इस सप्ताह सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्च र्स (सियाम) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक घरेलू बाजार में कारों की बिक्री मई महीने में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 2.78 फीसदी अधिक रही, जो पिछले सात महीने में सबसे कम वृद्धि दर है। अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने सोमवार को भारत को चेतावनी दी कि विकास दर घटने, आर्थिक नीति निर्माण में राजनीतिक अवरोध तथा अन्य कारणों से वह इसकी निवेश ग्रेड रेटिंग घटा सकती है।टिप्पणियां एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट (क्या भारत ब्रिक देशों में गिरावट वाला पहला देश होगा) में कहा कि आर्थिक झटकों के प्रति सरकार की प्रतिक्रिया से ही तय होगा कि क्या देश अपनी रेटिंग बरकरार रख पाएगा या ब्रिक देशों में अपनी रेटिंग गंवाने वाला पहला देश होगा। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़े के मुताबिक देश के औद्योगिक उत्पादन में अप्रैल माह में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 0.1 फीसदी की मामूली वृद्धि रही। आंकड़े के मुताबिक कारोबारी साल 2011-12 के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर 2.8 फीसदी रही, जो इससे पिछले वर्ष 8.2 फीसदी थी। इस सप्ताह बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 230.96 अंकों या 1.38 फीसदी की तेजी बनाकर शुक्रवार को 16,949.83 पर बंद हुआ। इससे पिछले शुक्रवार को सेंसेक्स 16,718.87 पर बंद हुआ था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी इस सप्ताह 70.70 अंकों या 1.39 फीसदी की तेजी के साथ शुक्रवार को 5,139.05 पर बंद हुआ। इससे पिछले शुक्रवार को निफ्टी 5,068.35 पर बंद हुआ था। आलोच्य सप्ताह में बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों का रुख मिला जुला रहा। मिडकैप जहां 0.50 फीसदी या 29.71 अंकों की गिरावट के साथ शुक्रवार को 5,958.50 पर बंद हुआ, वहीं स्मॉलकैप 0.40 फीसदी या 25.30 अंकों की तेजी के साथ 6,326.14 पर बंद हुआ। आलोच्य सप्ताह में बीएसई के 13 में से नौ सेक्टरों में तेजी रही। तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (3.38 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (2.64 फीसदी), प्रौद्योगिकी (2.31 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.49 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (1.09 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई के तीन सेक्टरों रियल्टी (1.70 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.83 फीसदी) और बिजली (0.70 फीसदी) में इस सप्ताह गिरावट रही। रिजर्व बैंक 18 जून को मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा जारी करेगा और आलोच्य अवधि में सामने आए कमजोर आर्थिक संकेतकों के कारण बाजार में कयास लगाए जा रहे हैं कि नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) और रेपो दर में कटौती हो सकती है। इस सप्ताह सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्च र्स (सियाम) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक घरेलू बाजार में कारों की बिक्री मई महीने में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 2.78 फीसदी अधिक रही, जो पिछले सात महीने में सबसे कम वृद्धि दर है। अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने सोमवार को भारत को चेतावनी दी कि विकास दर घटने, आर्थिक नीति निर्माण में राजनीतिक अवरोध तथा अन्य कारणों से वह इसकी निवेश ग्रेड रेटिंग घटा सकती है।टिप्पणियां एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट (क्या भारत ब्रिक देशों में गिरावट वाला पहला देश होगा) में कहा कि आर्थिक झटकों के प्रति सरकार की प्रतिक्रिया से ही तय होगा कि क्या देश अपनी रेटिंग बरकरार रख पाएगा या ब्रिक देशों में अपनी रेटिंग गंवाने वाला पहला देश होगा। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़े के मुताबिक देश के औद्योगिक उत्पादन में अप्रैल माह में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 0.1 फीसदी की मामूली वृद्धि रही। आंकड़े के मुताबिक कारोबारी साल 2011-12 के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर 2.8 फीसदी रही, जो इससे पिछले वर्ष 8.2 फीसदी थी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी इस सप्ताह 70.70 अंकों या 1.39 फीसदी की तेजी के साथ शुक्रवार को 5,139.05 पर बंद हुआ। इससे पिछले शुक्रवार को निफ्टी 5,068.35 पर बंद हुआ था। आलोच्य सप्ताह में बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों का रुख मिला जुला रहा। मिडकैप जहां 0.50 फीसदी या 29.71 अंकों की गिरावट के साथ शुक्रवार को 5,958.50 पर बंद हुआ, वहीं स्मॉलकैप 0.40 फीसदी या 25.30 अंकों की तेजी के साथ 6,326.14 पर बंद हुआ। आलोच्य सप्ताह में बीएसई के 13 में से नौ सेक्टरों में तेजी रही। तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (3.38 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (2.64 फीसदी), प्रौद्योगिकी (2.31 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.49 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (1.09 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई के तीन सेक्टरों रियल्टी (1.70 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.83 फीसदी) और बिजली (0.70 फीसदी) में इस सप्ताह गिरावट रही। रिजर्व बैंक 18 जून को मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा जारी करेगा और आलोच्य अवधि में सामने आए कमजोर आर्थिक संकेतकों के कारण बाजार में कयास लगाए जा रहे हैं कि नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) और रेपो दर में कटौती हो सकती है। इस सप्ताह सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्च र्स (सियाम) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक घरेलू बाजार में कारों की बिक्री मई महीने में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 2.78 फीसदी अधिक रही, जो पिछले सात महीने में सबसे कम वृद्धि दर है। अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने सोमवार को भारत को चेतावनी दी कि विकास दर घटने, आर्थिक नीति निर्माण में राजनीतिक अवरोध तथा अन्य कारणों से वह इसकी निवेश ग्रेड रेटिंग घटा सकती है।टिप्पणियां एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट (क्या भारत ब्रिक देशों में गिरावट वाला पहला देश होगा) में कहा कि आर्थिक झटकों के प्रति सरकार की प्रतिक्रिया से ही तय होगा कि क्या देश अपनी रेटिंग बरकरार रख पाएगा या ब्रिक देशों में अपनी रेटिंग गंवाने वाला पहला देश होगा। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़े के मुताबिक देश के औद्योगिक उत्पादन में अप्रैल माह में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 0.1 फीसदी की मामूली वृद्धि रही। आंकड़े के मुताबिक कारोबारी साल 2011-12 के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर 2.8 फीसदी रही, जो इससे पिछले वर्ष 8.2 फीसदी थी। आलोच्य सप्ताह में बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों का रुख मिला जुला रहा। मिडकैप जहां 0.50 फीसदी या 29.71 अंकों की गिरावट के साथ शुक्रवार को 5,958.50 पर बंद हुआ, वहीं स्मॉलकैप 0.40 फीसदी या 25.30 अंकों की तेजी के साथ 6,326.14 पर बंद हुआ। आलोच्य सप्ताह में बीएसई के 13 में से नौ सेक्टरों में तेजी रही। तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (3.38 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (2.64 फीसदी), प्रौद्योगिकी (2.31 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.49 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (1.09 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई के तीन सेक्टरों रियल्टी (1.70 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.83 फीसदी) और बिजली (0.70 फीसदी) में इस सप्ताह गिरावट रही। रिजर्व बैंक 18 जून को मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा जारी करेगा और आलोच्य अवधि में सामने आए कमजोर आर्थिक संकेतकों के कारण बाजार में कयास लगाए जा रहे हैं कि नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) और रेपो दर में कटौती हो सकती है। इस सप्ताह सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्च र्स (सियाम) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक घरेलू बाजार में कारों की बिक्री मई महीने में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 2.78 फीसदी अधिक रही, जो पिछले सात महीने में सबसे कम वृद्धि दर है। अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने सोमवार को भारत को चेतावनी दी कि विकास दर घटने, आर्थिक नीति निर्माण में राजनीतिक अवरोध तथा अन्य कारणों से वह इसकी निवेश ग्रेड रेटिंग घटा सकती है।टिप्पणियां एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट (क्या भारत ब्रिक देशों में गिरावट वाला पहला देश होगा) में कहा कि आर्थिक झटकों के प्रति सरकार की प्रतिक्रिया से ही तय होगा कि क्या देश अपनी रेटिंग बरकरार रख पाएगा या ब्रिक देशों में अपनी रेटिंग गंवाने वाला पहला देश होगा। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़े के मुताबिक देश के औद्योगिक उत्पादन में अप्रैल माह में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 0.1 फीसदी की मामूली वृद्धि रही। आंकड़े के मुताबिक कारोबारी साल 2011-12 के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर 2.8 फीसदी रही, जो इससे पिछले वर्ष 8.2 फीसदी थी। आलोच्य सप्ताह में बीएसई के 13 में से नौ सेक्टरों में तेजी रही। तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (3.38 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (2.64 फीसदी), प्रौद्योगिकी (2.31 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.49 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (1.09 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई के तीन सेक्टरों रियल्टी (1.70 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.83 फीसदी) और बिजली (0.70 फीसदी) में इस सप्ताह गिरावट रही। रिजर्व बैंक 18 जून को मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा जारी करेगा और आलोच्य अवधि में सामने आए कमजोर आर्थिक संकेतकों के कारण बाजार में कयास लगाए जा रहे हैं कि नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) और रेपो दर में कटौती हो सकती है। इस सप्ताह सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्च र्स (सियाम) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक घरेलू बाजार में कारों की बिक्री मई महीने में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 2.78 फीसदी अधिक रही, जो पिछले सात महीने में सबसे कम वृद्धि दर है। अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने सोमवार को भारत को चेतावनी दी कि विकास दर घटने, आर्थिक नीति निर्माण में राजनीतिक अवरोध तथा अन्य कारणों से वह इसकी निवेश ग्रेड रेटिंग घटा सकती है।टिप्पणियां एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट (क्या भारत ब्रिक देशों में गिरावट वाला पहला देश होगा) में कहा कि आर्थिक झटकों के प्रति सरकार की प्रतिक्रिया से ही तय होगा कि क्या देश अपनी रेटिंग बरकरार रख पाएगा या ब्रिक देशों में अपनी रेटिंग गंवाने वाला पहला देश होगा। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़े के मुताबिक देश के औद्योगिक उत्पादन में अप्रैल माह में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 0.1 फीसदी की मामूली वृद्धि रही। आंकड़े के मुताबिक कारोबारी साल 2011-12 के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर 2.8 फीसदी रही, जो इससे पिछले वर्ष 8.2 फीसदी थी। बीएसई के तीन सेक्टरों रियल्टी (1.70 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.83 फीसदी) और बिजली (0.70 फीसदी) में इस सप्ताह गिरावट रही। रिजर्व बैंक 18 जून को मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा जारी करेगा और आलोच्य अवधि में सामने आए कमजोर आर्थिक संकेतकों के कारण बाजार में कयास लगाए जा रहे हैं कि नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) और रेपो दर में कटौती हो सकती है। इस सप्ताह सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्च र्स (सियाम) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक घरेलू बाजार में कारों की बिक्री मई महीने में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 2.78 फीसदी अधिक रही, जो पिछले सात महीने में सबसे कम वृद्धि दर है। अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने सोमवार को भारत को चेतावनी दी कि विकास दर घटने, आर्थिक नीति निर्माण में राजनीतिक अवरोध तथा अन्य कारणों से वह इसकी निवेश ग्रेड रेटिंग घटा सकती है।टिप्पणियां एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट (क्या भारत ब्रिक देशों में गिरावट वाला पहला देश होगा) में कहा कि आर्थिक झटकों के प्रति सरकार की प्रतिक्रिया से ही तय होगा कि क्या देश अपनी रेटिंग बरकरार रख पाएगा या ब्रिक देशों में अपनी रेटिंग गंवाने वाला पहला देश होगा। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़े के मुताबिक देश के औद्योगिक उत्पादन में अप्रैल माह में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 0.1 फीसदी की मामूली वृद्धि रही। आंकड़े के मुताबिक कारोबारी साल 2011-12 के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर 2.8 फीसदी रही, जो इससे पिछले वर्ष 8.2 फीसदी थी। रिजर्व बैंक 18 जून को मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा जारी करेगा और आलोच्य अवधि में सामने आए कमजोर आर्थिक संकेतकों के कारण बाजार में कयास लगाए जा रहे हैं कि नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) और रेपो दर में कटौती हो सकती है। इस सप्ताह सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्च र्स (सियाम) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक घरेलू बाजार में कारों की बिक्री मई महीने में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 2.78 फीसदी अधिक रही, जो पिछले सात महीने में सबसे कम वृद्धि दर है। अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने सोमवार को भारत को चेतावनी दी कि विकास दर घटने, आर्थिक नीति निर्माण में राजनीतिक अवरोध तथा अन्य कारणों से वह इसकी निवेश ग्रेड रेटिंग घटा सकती है।टिप्पणियां एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट (क्या भारत ब्रिक देशों में गिरावट वाला पहला देश होगा) में कहा कि आर्थिक झटकों के प्रति सरकार की प्रतिक्रिया से ही तय होगा कि क्या देश अपनी रेटिंग बरकरार रख पाएगा या ब्रिक देशों में अपनी रेटिंग गंवाने वाला पहला देश होगा। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़े के मुताबिक देश के औद्योगिक उत्पादन में अप्रैल माह में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 0.1 फीसदी की मामूली वृद्धि रही। आंकड़े के मुताबिक कारोबारी साल 2011-12 के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर 2.8 फीसदी रही, जो इससे पिछले वर्ष 8.2 फीसदी थी। इस सप्ताह सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्च र्स (सियाम) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक घरेलू बाजार में कारों की बिक्री मई महीने में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 2.78 फीसदी अधिक रही, जो पिछले सात महीने में सबसे कम वृद्धि दर है। अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने सोमवार को भारत को चेतावनी दी कि विकास दर घटने, आर्थिक नीति निर्माण में राजनीतिक अवरोध तथा अन्य कारणों से वह इसकी निवेश ग्रेड रेटिंग घटा सकती है।टिप्पणियां एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट (क्या भारत ब्रिक देशों में गिरावट वाला पहला देश होगा) में कहा कि आर्थिक झटकों के प्रति सरकार की प्रतिक्रिया से ही तय होगा कि क्या देश अपनी रेटिंग बरकरार रख पाएगा या ब्रिक देशों में अपनी रेटिंग गंवाने वाला पहला देश होगा। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़े के मुताबिक देश के औद्योगिक उत्पादन में अप्रैल माह में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 0.1 फीसदी की मामूली वृद्धि रही। आंकड़े के मुताबिक कारोबारी साल 2011-12 के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर 2.8 फीसदी रही, जो इससे पिछले वर्ष 8.2 फीसदी थी। अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने सोमवार को भारत को चेतावनी दी कि विकास दर घटने, आर्थिक नीति निर्माण में राजनीतिक अवरोध तथा अन्य कारणों से वह इसकी निवेश ग्रेड रेटिंग घटा सकती है।टिप्पणियां एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट (क्या भारत ब्रिक देशों में गिरावट वाला पहला देश होगा) में कहा कि आर्थिक झटकों के प्रति सरकार की प्रतिक्रिया से ही तय होगा कि क्या देश अपनी रेटिंग बरकरार रख पाएगा या ब्रिक देशों में अपनी रेटिंग गंवाने वाला पहला देश होगा। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़े के मुताबिक देश के औद्योगिक उत्पादन में अप्रैल माह में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 0.1 फीसदी की मामूली वृद्धि रही। आंकड़े के मुताबिक कारोबारी साल 2011-12 के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर 2.8 फीसदी रही, जो इससे पिछले वर्ष 8.2 फीसदी थी। एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट (क्या भारत ब्रिक देशों में गिरावट वाला पहला देश होगा) में कहा कि आर्थिक झटकों के प्रति सरकार की प्रतिक्रिया से ही तय होगा कि क्या देश अपनी रेटिंग बरकरार रख पाएगा या ब्रिक देशों में अपनी रेटिंग गंवाने वाला पहला देश होगा। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़े के मुताबिक देश के औद्योगिक उत्पादन में अप्रैल माह में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 0.1 फीसदी की मामूली वृद्धि रही। आंकड़े के मुताबिक कारोबारी साल 2011-12 के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर 2.8 फीसदी रही, जो इससे पिछले वर्ष 8.2 फीसदी थी। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़े के मुताबिक देश के औद्योगिक उत्पादन में अप्रैल माह में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 0.1 फीसदी की मामूली वृद्धि रही। आंकड़े के मुताबिक कारोबारी साल 2011-12 के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर 2.8 फीसदी रही, जो इससे पिछले वर्ष 8.2 फीसदी थी।
सारांश: देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को समाप्त हुए कारोबारी सप्ताह में तेजी का रुख रहा। प्रमुख सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी में इस सप्ताह लगभग 1.4 फीसदी तेजी रही।
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