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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय जनता पार्टी द्वारा किराये पर लाए गए लोगों से घर पर प्रदर्शन कराने पर राज्यसभा सदस्य व आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रभारी संजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस की भांति भाजपा भी दिल्ली से समाप्त होने वाली है. दिल्ली में भाजपा के पास चुनाव लड़ने के लिए कोई मुद्दा नहीं बचा है. मुख्यमंत्री पद के लिए भाजपा के नेता आपस में ही लड़ रहे हैं. ऐसे में बेवजह मेरे घर के सामने प्रदर्शन करना इस बात को साबित करता है कि भाजपा दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले ही अपनी हार स्वीकार कर चुकी है. यह बात आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कही. उन्होंने कहा कि जिस तरह से देश के कोने-कोने में भाजपा के द्वारा पूर्वांचलियों को यूपी और बिहार के लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया, जिस तरह से महाराष्ट्र में, गुजरात में यूपी और बिहार के लोगों को पीटा गया, पश्चिम बंगाल से यूपी और बिहार के लोगों को बाहर निकालने के लिए साजिश रची गई, यह भाजपा की पूर्वांचल विरोधी मानसिकता को बेनकाब करता है. उन्होंने कहा कि आज भाजपा पूर्वांचलियों के प्रति झूठा दर्द दिखा रही है और किराए पर लोग लाकर झूठे प्रदर्शन का नाटक कर रही है. उन्होंने कहा कि आज भाजपा के दिल्ली प्रदेश इकाई के लोग मेरे घर के बाहर पूर्वांचलियों के प्रति झूठा दर्द दिखाकर प्रदर्शन कर रहे हैं. परंतु जब इसी दिल्ली की सड़कों पर भाजपा के एक सांसद और उसके गुंडों ने भाजपा के ही पूर्वांचल प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, छठ घाट को तोड़ा, पूर्वांचलियों को दिल्ली में छठ पूजा मनाने से रोका, उस समय भाजपा के इन लोगों का पूर्वांचल के प्रति जो दर्द है, वह कहां चला गया था. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी जी, जो कि खुद पूर्वांचल से आते हैं, उनके मुंह से पूर्वांचलियों के समर्थन में एक शब्द नहीं निकला, उल्टा इस मामले पर मनोज तिवारी लीपापोती करके मामले को दबाने की कोशिश में लगे हुए थे. संजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी को चेतावनी देते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी हमेशा पूर्वांचलियों के साथ खड़ी रही है. पूर्वांचलियों के हक के लिए हमेशा आवाज उठाती रही है, और अगर दिल्ली में किसी भी पूर्वांचली भाई को भाजपा ने नुकसान पहुंचाने की कोशिश की तो आम आदमी पार्टी इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगी. संजय सिंह ने कहा कि यह भाजपा का प्रोटेस्ट नहीं बल्कि एक प्रायोजित तरीके से मेरे घर पर हमला करने की साजिश रची गई थी. उन्होंने यह भी बताया कि भाजपा के इस हमले के खिलाफ उनकी माता जी ने दिल्ली पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है और षड्यंत्रकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाई की मांग की है.
संक्षिप्त सारांश: कहा- दिल्ली में भाजपा के पास चुनाव लड़ने के लिए कोई मुद्दा नहीं बचा मुख्यमंत्री पद के लिए भाजपा के नेता आपस में ही लड़ रहे भाजपा की पूर्वांचल विरोधी मानसिकता बेनकाब
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: फिल्म अभिनेत्री मल्लिका शेरावत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद प्रत्याशी नरेंद्र मोदी को उनके 63वें जन्मदिन पर मंगलवार को एक वीडियो संदेश के जरिए बधाई दी। शेरावत ने यह संदेश ट्विटर पर साझा किया है। अपने संदेश में मल्लिका ने मोदी को 'सबसे योग्य कुंआरा' कहा है। अपने ट्वीट में मल्लिका ने कहा है, "भारत के सबसे योग्य कुंआरे नरेंद्र मोदी को जन्म दिन पर विशेष शुभकामना।" यह वीडियो यूट्यूब पर उपलब्ध है और कई लोगों ने इसे देखा है। कई लोगों ने 'मर्डर' से मशहूर अभिनेत्री को 'प्रचार का भूखा' कहकर इसके लिए उनकी आलोचना की है। वीडियो पर की गई टिप्पणियों में से एक में कहा गया है, "दूसरों का ध्यान खींचने के लिए वह मरी जा रही है।"टिप्पणियां खबरों से ओझल हो चुकी मल्लिका एक रिअलिटी शो 'द बैचलोरेट इंडिया- मेरे खयालों की मल्लिका' में दिखेंगी। शो के प्रचार के लिए उदयपुर में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में मल्लिका ने मोदी को 'सर्वाधिक योग्य कुंआरा' बताया। शो के प्रचार ट्रेलर को जारी करते हुए मल्लिका (36) ने कहा था, "ये नरेंद्र मोदी हैं। वे स्मार्ट, प्रगतिशील और अक्सर मेरी तरह गलत समझ लिए जाते हैं।" अपने ट्वीट में मल्लिका ने कहा है, "भारत के सबसे योग्य कुंआरे नरेंद्र मोदी को जन्म दिन पर विशेष शुभकामना।" यह वीडियो यूट्यूब पर उपलब्ध है और कई लोगों ने इसे देखा है। कई लोगों ने 'मर्डर' से मशहूर अभिनेत्री को 'प्रचार का भूखा' कहकर इसके लिए उनकी आलोचना की है। वीडियो पर की गई टिप्पणियों में से एक में कहा गया है, "दूसरों का ध्यान खींचने के लिए वह मरी जा रही है।"टिप्पणियां खबरों से ओझल हो चुकी मल्लिका एक रिअलिटी शो 'द बैचलोरेट इंडिया- मेरे खयालों की मल्लिका' में दिखेंगी। शो के प्रचार के लिए उदयपुर में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में मल्लिका ने मोदी को 'सर्वाधिक योग्य कुंआरा' बताया। शो के प्रचार ट्रेलर को जारी करते हुए मल्लिका (36) ने कहा था, "ये नरेंद्र मोदी हैं। वे स्मार्ट, प्रगतिशील और अक्सर मेरी तरह गलत समझ लिए जाते हैं।" कई लोगों ने 'मर्डर' से मशहूर अभिनेत्री को 'प्रचार का भूखा' कहकर इसके लिए उनकी आलोचना की है। वीडियो पर की गई टिप्पणियों में से एक में कहा गया है, "दूसरों का ध्यान खींचने के लिए वह मरी जा रही है।"टिप्पणियां खबरों से ओझल हो चुकी मल्लिका एक रिअलिटी शो 'द बैचलोरेट इंडिया- मेरे खयालों की मल्लिका' में दिखेंगी। शो के प्रचार के लिए उदयपुर में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में मल्लिका ने मोदी को 'सर्वाधिक योग्य कुंआरा' बताया। शो के प्रचार ट्रेलर को जारी करते हुए मल्लिका (36) ने कहा था, "ये नरेंद्र मोदी हैं। वे स्मार्ट, प्रगतिशील और अक्सर मेरी तरह गलत समझ लिए जाते हैं।" वीडियो पर की गई टिप्पणियों में से एक में कहा गया है, "दूसरों का ध्यान खींचने के लिए वह मरी जा रही है।"टिप्पणियां खबरों से ओझल हो चुकी मल्लिका एक रिअलिटी शो 'द बैचलोरेट इंडिया- मेरे खयालों की मल्लिका' में दिखेंगी। शो के प्रचार के लिए उदयपुर में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में मल्लिका ने मोदी को 'सर्वाधिक योग्य कुंआरा' बताया। शो के प्रचार ट्रेलर को जारी करते हुए मल्लिका (36) ने कहा था, "ये नरेंद्र मोदी हैं। वे स्मार्ट, प्रगतिशील और अक्सर मेरी तरह गलत समझ लिए जाते हैं।" खबरों से ओझल हो चुकी मल्लिका एक रिअलिटी शो 'द बैचलोरेट इंडिया- मेरे खयालों की मल्लिका' में दिखेंगी। शो के प्रचार के लिए उदयपुर में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में मल्लिका ने मोदी को 'सर्वाधिक योग्य कुंआरा' बताया। शो के प्रचार ट्रेलर को जारी करते हुए मल्लिका (36) ने कहा था, "ये नरेंद्र मोदी हैं। वे स्मार्ट, प्रगतिशील और अक्सर मेरी तरह गलत समझ लिए जाते हैं।" शो के प्रचार ट्रेलर को जारी करते हुए मल्लिका (36) ने कहा था, "ये नरेंद्र मोदी हैं। वे स्मार्ट, प्रगतिशील और अक्सर मेरी तरह गलत समझ लिए जाते हैं।"
सारांश: फिल्म अभिनेत्री मल्लिका शेरावत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद प्रत्याशी नरेंद्र मोदी को उनके 63वें जन्मदिन पर मंगलवार को एक वीडियो संदेश के जरिए बधाई दी।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दक्षिण एशिया नीति घोषित करने के कुछ सप्ताह बाद यह बयान आया है. दक्षिण एशिया नीति में ट्रंप ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी नीति अपनाई है. मैटिस ने कहा कि निश्चित तौर पर एक पड़ोसी के तौर पर भारत की अहम भूमिका है और अगर पाकिस्तान अपनी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों को निभाने का तरीका ढूंढ लेता है तथा देश के भीतर किसी भी तरह की पनाहगाह का खात्मा करता है तो उसे ठोस आर्थिक लाभ हो सकते हैं. रक्षा मंत्री ने कहा कि ट्रंप प्रशासन का मानना है कि जब तक पनाहगाह खत्म नहीं किए जाते तब तक ना केवल अफगानिस्तान बल्कि पाकिस्तान और भारत के आसपास कहीं भी स्थिरता कायम करना काफी मुश्किल होगा. मैटिस सांसदों के इन सवालों का जवाब दे रहे थे कि प्रशासन क्यों मानता है कि पाकिस्तान इस समय अपना रवैया बदलेगा.  समिति के चेयरमैन सीनेटर जॉन मैक्केन ने कहा कि ट्रंप ने कहा है कि वह आतंकवादियों को प्रश्रय देने वाले पाकिस्तान के प्रति अमेरिका का रूख बदलेंगे. ये आतंकवादी अमेरिकी सेवा के सदस्यों और अधिकारियों को निशाना बनाते हैं. रक्षा मंत्री ने कहा कि ट्रंप प्रशासन का मानना है कि जब तक पनाहगाह खत्म नहीं किए जाते तब तक ना केवल अफगानिस्तान बल्कि पाकिस्तान और भारत के आसपास कहीं भी स्थिरता कायम करना काफी मुश्किल होगा. मैटिस सांसदों के इन सवालों का जवाब दे रहे थे कि प्रशासन क्यों मानता है कि पाकिस्तान इस समय अपना रवैया बदलेगा.  समिति के चेयरमैन सीनेटर जॉन मैक्केन ने कहा कि ट्रंप ने कहा है कि वह आतंकवादियों को प्रश्रय देने वाले पाकिस्तान के प्रति अमेरिका का रूख बदलेंगे. ये आतंकवादी अमेरिकी सेवा के सदस्यों और अधिकारियों को निशाना बनाते हैं.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ अमेरिका दौरे पर दोनों देशों के बीच रिश्तों में है खटास आतंकवाद के मुद्दे पर अमेरिका से मिल चुकी है नसीहत
1
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कोहिनूर हीरे को ब्रिटेन से वापस लाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई बंद कर दी है. कोर्ट ने कहा कि हम केंद्र के जवाब से संतुष्ट हैं कि सरकार प्रयास कर रही है  इसलिए इस मामले में कोर्ट को आगे सुनवाई की जरूरत नहीं. - हम ब्रिटेन में होने वाली नीलामी को कैसे रोक सकते हैं या किसी दूसरे देश को ऐसे आदेश कैसे दे सकते हैं. हम हैरान हैं कि किस तरह की याचिकाएं दाखिल की जाती हैं. कोर्ट ने यह कहते हुए याचिका का निपटारा किया. सितंबर 2016 को  केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा है कि कोहिनूर हीरा भारत का है और इसे ईस्ट इंडिया कंपनी ने महाराजा दिलीप सिंह से जब वह नाबालिग थे, तब उनसे धोखे से जब्त कर लिया था.105 कैरेट के कोहिनूर को कभी भी ब्रिटेन की महारानी को बतौर तोहफा नहीं दिया गया. इससे देश के लोगों की भावनाएं जुड़ी हैं. भारत कोहिनूर को ब्रिटेन से वापस लाने के लिए संभावनाएं तलाश रहा है, क्योंकि कानूनी रूप से ये संभव नहीं है. हालांकि भारत और ब्रिटेन दोनों UNESCO संधि से बंधे हुए हैं, लेकिन कोहिनूर के मामले में भारत अंतरराष्‍ट्रीय कोर्ट नहीं जा सकता क्योंकि कोहिनूर को संधि से पहले ही भारत से ले जाया जा चुका था. टिप्पणियां याचिका मे कहा गया है कि कोहिनूर को महाराजा दिलीप सिंह ने ईस्ट इंडिया कंपनी को गिफ्ट नहीं किया था बल्कि उन्हें इसे देने के लिए विवश किया गया था. कोहिनूर से संबंधित पुराने कागजात भी यही बताते हैं कि  केंद्र को इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय फोरम जाना चाहिए और कोहिनूर को वापस लाना चाहिए.   कोहिनूर हीरे को ब्रिटेन से वापस लाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कोहिनूर का मामला गंभीर है, केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर किसी ठोस सुझाव के साथ कोर्ट में आना चाहिए. भारत कोहिनूर को ब्रिटेन से वापस लाने के लिए संभावनाएं तलाश रहा है क्योंकि कानूनी रूप से यह संभव नहीं है. हालांकि भारत और ब्रिटेन दोनों UNESCO संधि से बंधे हुए हैं लेकिन कोहिनूर के मामले में भारत अंतरराष्‍ट्रीय कोर्ट नहीं जा सकता क्योंकि कोहिनूर को संधि से पहले ही भारत से ले जाया जा चुका था. भारत कोहिनूर को ब्रिटेन से वापस लाने के लिए संभावनाएं तलाश रहा है, क्योंकि कानूनी रूप से ये संभव नहीं है. हालांकि भारत और ब्रिटेन दोनों UNESCO संधि से बंधे हुए हैं, लेकिन कोहिनूर के मामले में भारत अंतरराष्‍ट्रीय कोर्ट नहीं जा सकता क्योंकि कोहिनूर को संधि से पहले ही भारत से ले जाया जा चुका था. टिप्पणियां याचिका मे कहा गया है कि कोहिनूर को महाराजा दिलीप सिंह ने ईस्ट इंडिया कंपनी को गिफ्ट नहीं किया था बल्कि उन्हें इसे देने के लिए विवश किया गया था. कोहिनूर से संबंधित पुराने कागजात भी यही बताते हैं कि  केंद्र को इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय फोरम जाना चाहिए और कोहिनूर को वापस लाना चाहिए.   कोहिनूर हीरे को ब्रिटेन से वापस लाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कोहिनूर का मामला गंभीर है, केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर किसी ठोस सुझाव के साथ कोर्ट में आना चाहिए. भारत कोहिनूर को ब्रिटेन से वापस लाने के लिए संभावनाएं तलाश रहा है क्योंकि कानूनी रूप से यह संभव नहीं है. हालांकि भारत और ब्रिटेन दोनों UNESCO संधि से बंधे हुए हैं लेकिन कोहिनूर के मामले में भारत अंतरराष्‍ट्रीय कोर्ट नहीं जा सकता क्योंकि कोहिनूर को संधि से पहले ही भारत से ले जाया जा चुका था. याचिका मे कहा गया है कि कोहिनूर को महाराजा दिलीप सिंह ने ईस्ट इंडिया कंपनी को गिफ्ट नहीं किया था बल्कि उन्हें इसे देने के लिए विवश किया गया था. कोहिनूर से संबंधित पुराने कागजात भी यही बताते हैं कि  केंद्र को इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय फोरम जाना चाहिए और कोहिनूर को वापस लाना चाहिए.   कोहिनूर हीरे को ब्रिटेन से वापस लाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कोहिनूर का मामला गंभीर है, केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर किसी ठोस सुझाव के साथ कोर्ट में आना चाहिए. भारत कोहिनूर को ब्रिटेन से वापस लाने के लिए संभावनाएं तलाश रहा है क्योंकि कानूनी रूप से यह संभव नहीं है. हालांकि भारत और ब्रिटेन दोनों UNESCO संधि से बंधे हुए हैं लेकिन कोहिनूर के मामले में भारत अंतरराष्‍ट्रीय कोर्ट नहीं जा सकता क्योंकि कोहिनूर को संधि से पहले ही भारत से ले जाया जा चुका था. भारत कोहिनूर को ब्रिटेन से वापस लाने के लिए संभावनाएं तलाश रहा है क्योंकि कानूनी रूप से यह संभव नहीं है. हालांकि भारत और ब्रिटेन दोनों UNESCO संधि से बंधे हुए हैं लेकिन कोहिनूर के मामले में भारत अंतरराष्‍ट्रीय कोर्ट नहीं जा सकता क्योंकि कोहिनूर को संधि से पहले ही भारत से ले जाया जा चुका था.
सारांश: हम ब्रिटेन में होने वाली नीलामी को कैसे रोक सकते हैं भारत कोहिनूर को वापस लाने की संभावनाएं तलाश रहा है हैरान हैं किस तरह की याचिकाएं दाखिल की जाती हैं
31
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने कंठ के खिलाफ निचली अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी थी. कंठ की याचिका पर सीबीआई से भी जवाब तलब किया गया था. अमोद कंठ ने उपहार सिनेमा में अतिरिक्त सीटें लगाने की अनुमति मामले में पटियाला हाउस अदालत द्वारा 2010 में उन्हें समन करने के आदेश को चुनौती दी है. 1997 में हुए इस अग्निकांड में 59 दर्शकों की मृत्यु हो गई थी.   इससे पहले, आमोद कंठ ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. राहत नहीं मिलने पर उन्होंने शीर्ष अदालत में याचिका दायर की. कंठ की ओर से न्यायालय में कहा गया था कि हाई कोर्ट ने इस तथ्य पर गौर नहीं किया कि सीबीआई उनके खिलाफ कार्यवाही के लिए स्वीकृति लेने में विफल रही है. अग्निकांड के पीडि़तों के अनुरोध पर ही निचली अदालत ने 12 अगस्त 2010 को अमोद कंठ को सम्मन जारी किया था.   हाई कोर्ट ने पूर्व आईपीएस अधिकारी के इस तर्क को अस्वीकार कर दिया था कि उपहार सिनेमा में अतिरिक्त सीटें लगाने की अनुमति देने के मामले में उनके खिलाफ मुकदमा नहीं चलाया जा सकता क्योंकि जांच एजेंसी ने इसके लिए मंजूरी हासिल नहीं ली है. हाई कोर्ट ने कहा कि अगर वह निचली अदालत में यह सवाल उठायेंगे तो वहीं पर इस मसले पर विचार किया जा सकता है. हाई कोर्ट ने कंठ की इस दलील को भी ठुकरा दिया था कि उन्हें क्लीन चिट देने वाली सीबीआई की मामला बंद करने की रिपोर्ट अस्वीकार करके निचली अदालत ने गलती की है.
संक्षिप्त सारांश: इससे पहले, आमोद कंठ ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था राहत नहीं मिलने पर उन्होंने शीर्ष अदालत में दायर की थी याचिका 1997 में हुए इस अग्निकांड में 59 दर्शकों की मृत्यु हो गई थी
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: समाजवादी पार्टी में अमर सिंह वापस नहीं लिये जाएंगे। पार्टी ने ऐसा बयान जारी कर अमर सिंह की वापसी की अटकलों को ख़त्म कर दिया है।टिप्पणियां इस बयान में यहां तक कहां गया है कि अमर सिंह साजिशी धोखेबाज़़ खुदगर्ज़ और पीठ में छूरा घोपने वाले नेता हैं। इसके अलावा बयान में कहा है कि अमर सिंह अपनी वापसी की अफवाह ऐसे फैला रहे हैं जैसे की समाजवादी पार्टी को उनकी बहुत ज़रूरत है। समाजवादी पार्टी ने यह साफ़ कर दिया है कि अब पार्टी में अमर सिंह को कोई देखना भी पसंद नहीं करता इसलिए अब वह अपने मन से इस वहम को निकाल दें की पार्टी में उनकी वापसी हो सकती है। इस बयान में यहां तक कहां गया है कि अमर सिंह साजिशी धोखेबाज़़ खुदगर्ज़ और पीठ में छूरा घोपने वाले नेता हैं। इसके अलावा बयान में कहा है कि अमर सिंह अपनी वापसी की अफवाह ऐसे फैला रहे हैं जैसे की समाजवादी पार्टी को उनकी बहुत ज़रूरत है। समाजवादी पार्टी ने यह साफ़ कर दिया है कि अब पार्टी में अमर सिंह को कोई देखना भी पसंद नहीं करता इसलिए अब वह अपने मन से इस वहम को निकाल दें की पार्टी में उनकी वापसी हो सकती है। समाजवादी पार्टी ने यह साफ़ कर दिया है कि अब पार्टी में अमर सिंह को कोई देखना भी पसंद नहीं करता इसलिए अब वह अपने मन से इस वहम को निकाल दें की पार्टी में उनकी वापसी हो सकती है।
सारांश: अमर सिंह समाजवादी पार्टी में वापस नहीं लिये जाएंगे। पार्टी ने ऐसा बयान जारी कर अमर सिंह की वापसी की अटकलों को ख़त्म कर दिया है।
33
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट आज दिल्ली के 16 दिसंबर गैंगरेप मामले में दोषियों की अपील पर सुनवाई करेगी. गैंगरेप के चार दोषियों मुकेश, अक्षय, पवन और विनय को साकेत की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी जिस पर हाईकोर्ट में भी मुहर लगा दी गई थी.टिप्पणियां दोषियों की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा पर रोक लगा दी थी. इसके बाद तीन जजों की बेंच को मामले को भेजा गया है और कोर्ट ने केस में मदद के लिए दो अमिक्स क्यूरी नियुक्त किए हैं. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई लंबित है. देशभर को दहला देने वाली इस वारदात के बाद मुख्य आरोपी ड्राइवर राम सिंह ने तिहाड़ जेल में खुदकुशी कर ली थी जबकि नाबालिग अपनी तीन साल की सुधारगृह की सजा पूरी कर चुका है. दोषियों की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा पर रोक लगा दी थी. इसके बाद तीन जजों की बेंच को मामले को भेजा गया है और कोर्ट ने केस में मदद के लिए दो अमिक्स क्यूरी नियुक्त किए हैं. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई लंबित है. देशभर को दहला देने वाली इस वारदात के बाद मुख्य आरोपी ड्राइवर राम सिंह ने तिहाड़ जेल में खुदकुशी कर ली थी जबकि नाबालिग अपनी तीन साल की सुधारगृह की सजा पूरी कर चुका है. देशभर को दहला देने वाली इस वारदात के बाद मुख्य आरोपी ड्राइवर राम सिंह ने तिहाड़ जेल में खुदकुशी कर ली थी जबकि नाबालिग अपनी तीन साल की सुधारगृह की सजा पूरी कर चुका है.
यहाँ एक सारांश है:सुप्रीम कोर्ट में 16 दिसंबर गैंगरेप मामले में दोषियों की अपील पर सुनवाई चार दोषियों मुकेश, अक्षय, पवन और विनय को फांसी की सजा मिली है दोषियों की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा पर रोक लगाई थी
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: देश की सबसे प्रतिष्ठित IAS की नौकरी को कन्नन गोपीनाथ (33) ने छोड़ दिया है क्योंकि जम्मू-कश्मीर के विशेष राज्य का दर्जा खत्मकर लाखों लोगों के 'मूलभूत अधिकार' छीन लिए गए हैं. गोपीनाथ ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा, 'मेरे इस्तीफे से कोई फर्क तो नहीं पड़ेगा लेकिन हर किसी को अंतर्रात्मा को आवाज देना होता है'. आपको बता दें कि गोपीनाथ दादर नगर हवेली में कई मुख्य विभागों में सचिव हैं और उन्होंने घाटा झेल रही एक सरकारी बिजली कंपनी के फायदे में ला दिया था. एनडीटीवी से बातचीत में उन्होंने कहा कि 20 दिनों से जम्मू-कश्मीर में लोगों के 'मूलभूत अधिकार' छीन लिए गए हैं और ऐसा लगता है कि बाकी भारत इसमें पूरी तरह से सहमत है. यह 2019 में भारत में हो रहा है. अनुच्छेद 370 को हटाना कोई मुद्दा नहीं है. लेकिन नागरिकों के अधिकार छीन लेना मुख्य मुद्दा है. वह इसका विरोध करते हैं या स्वागत करता हैं वहां के लोगों पर निर्भर करता है. गोपीनाथ ने कहा कि इस मुद्दे ने उन्हे आहत किया है और यह उनके इस्तीफे के लिए काफी है. 7 साल तक भारतीय प्रशासन सेवा में काम करने के बाद उन्होंने 21 अगस्त को इस्तीफा दे दिया है.   एयर पोर्ट पर पूर्व आईएएस शाह फैसल को हिरासत के लेने के मामले में भी कन्नन गोपीनाथ ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि इस मामले में भी सिविल सोसाइटी ने कुछ नहीं बोला. ऐसा लगता है कि देश के ज्यादातर लोग इन बातों से सहमत हैं. आपको बता दें कि मिजोरम में जब वह कलेक्टर के पद पर तैनात थे उन्होंने पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी पुलेला गोपीचंद को 30 ट्रेनिंग सेंटर खोलने के लिए काफी प्रोत्साहित किया था ताकि वहां के बच्चों को बैडमिंटन की ट्रेनिंग दी जा सके. आपको बता दें कि साल 2018 में केरल में आई बाढ़ के दौरान गोपीनाथ ने अपनी पहचान छिपाकर वहां पर लोगों को मदद की थी. इस पर उन्हें सरकार को जवाब भी देना पड़ा था. आईएएस बनने से पहले गोपीनाथ इंजीनियर थे और वह इस दौरान झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले बच्चों को पढ़ाते भी थे. इसी दौरान उनकी मुलाकात होने वाली पत्नी से हुई जिन्होंने गोपीनाथ को आईएएस बनने के लिए प्रेरित किया.
जम्मू-कश्मीर पर पाबंदियों से दुखी IAS 21 अगस्त को दिया इस्तीफा कहा- अंतरात्मा की आवाज
26
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बहुप्रतीक्षित फिल्म 'धूम 3' में बेहद महत्वपूर्ण किरदार निभाने वाले बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान का कहना है कि वह इस बारे में बिल्कुल नहीं सोच रहे हैं कि इस फिल्म से कितने रिकॉर्ड टूटने वाले हैं। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से चर्चाएं गर्म हैं कि आमिर खान ने 'धूम 3' के जरिये शाहरुख खान की 'चेन्नई एक्सप्रेस' की कमाई के रिकॉर्ड को पछाड़ देने का दावा किया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए आमिर खान ने कहा, "रिकॉर्ड तोड़ने में मेरी कोई दिलचस्पी नहीं... मैं कलाकार हूं और मेरे दर्शकों को मनोरंजन, उन्हें अच्छा समय देने और भावनात्मक रूप से संतुष्ट करने से मुझे ऊंचाई मिलेगी..." उल्लेखनीय है कि आमिर खान की पिछली फिल्म 'तलाश' में उनके अभिनय की तारीफ तो हुई थी, लेकिन फिल्म ज्यादा नहीं चली थी। आमिर खान का मानना है कि बॉक्स ऑफिस की सफलता दर्शकों की संख्या में नहीं, बल्कि उनकी प्रशंसा हासिल करने में है।टिप्पणियां 'धूम 3' में खलनायक का किरदार निभा रहे आमिर खान ने कहा, "मैं अपने दर्शकों का प्यार कमाना चाहता हूं, और हमेशा उनके प्यार का प्यासा हूं... मुझे खुद को चुनौती देना पसंद है... मुझे अपने दर्शकों को आश्चर्यचकित करना अच्छा लगता है..." एक खास नृत्यशैली के प्रशिक्षण के लिए एक महीने के लिए ऑस्ट्रेलिया गए आमिर खान हाल ही में मुंबई लौटे हैं। यशराज फिल्म्स के बैनर तले बनी 'धूम 3' में अभिषेक बच्चन, उदय चोपड़ा और कैटरीना कैफ भी अभिनय कर रहे हैं, और 'धूम 3' 20 दिसंबर को सिनेमाघरों में उतरेगी। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से चर्चाएं गर्म हैं कि आमिर खान ने 'धूम 3' के जरिये शाहरुख खान की 'चेन्नई एक्सप्रेस' की कमाई के रिकॉर्ड को पछाड़ देने का दावा किया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए आमिर खान ने कहा, "रिकॉर्ड तोड़ने में मेरी कोई दिलचस्पी नहीं... मैं कलाकार हूं और मेरे दर्शकों को मनोरंजन, उन्हें अच्छा समय देने और भावनात्मक रूप से संतुष्ट करने से मुझे ऊंचाई मिलेगी..." उल्लेखनीय है कि आमिर खान की पिछली फिल्म 'तलाश' में उनके अभिनय की तारीफ तो हुई थी, लेकिन फिल्म ज्यादा नहीं चली थी। आमिर खान का मानना है कि बॉक्स ऑफिस की सफलता दर्शकों की संख्या में नहीं, बल्कि उनकी प्रशंसा हासिल करने में है।टिप्पणियां 'धूम 3' में खलनायक का किरदार निभा रहे आमिर खान ने कहा, "मैं अपने दर्शकों का प्यार कमाना चाहता हूं, और हमेशा उनके प्यार का प्यासा हूं... मुझे खुद को चुनौती देना पसंद है... मुझे अपने दर्शकों को आश्चर्यचकित करना अच्छा लगता है..." एक खास नृत्यशैली के प्रशिक्षण के लिए एक महीने के लिए ऑस्ट्रेलिया गए आमिर खान हाल ही में मुंबई लौटे हैं। यशराज फिल्म्स के बैनर तले बनी 'धूम 3' में अभिषेक बच्चन, उदय चोपड़ा और कैटरीना कैफ भी अभिनय कर रहे हैं, और 'धूम 3' 20 दिसंबर को सिनेमाघरों में उतरेगी। उल्लेखनीय है कि आमिर खान की पिछली फिल्म 'तलाश' में उनके अभिनय की तारीफ तो हुई थी, लेकिन फिल्म ज्यादा नहीं चली थी। आमिर खान का मानना है कि बॉक्स ऑफिस की सफलता दर्शकों की संख्या में नहीं, बल्कि उनकी प्रशंसा हासिल करने में है।टिप्पणियां 'धूम 3' में खलनायक का किरदार निभा रहे आमिर खान ने कहा, "मैं अपने दर्शकों का प्यार कमाना चाहता हूं, और हमेशा उनके प्यार का प्यासा हूं... मुझे खुद को चुनौती देना पसंद है... मुझे अपने दर्शकों को आश्चर्यचकित करना अच्छा लगता है..." एक खास नृत्यशैली के प्रशिक्षण के लिए एक महीने के लिए ऑस्ट्रेलिया गए आमिर खान हाल ही में मुंबई लौटे हैं। यशराज फिल्म्स के बैनर तले बनी 'धूम 3' में अभिषेक बच्चन, उदय चोपड़ा और कैटरीना कैफ भी अभिनय कर रहे हैं, और 'धूम 3' 20 दिसंबर को सिनेमाघरों में उतरेगी। 'धूम 3' में खलनायक का किरदार निभा रहे आमिर खान ने कहा, "मैं अपने दर्शकों का प्यार कमाना चाहता हूं, और हमेशा उनके प्यार का प्यासा हूं... मुझे खुद को चुनौती देना पसंद है... मुझे अपने दर्शकों को आश्चर्यचकित करना अच्छा लगता है..." एक खास नृत्यशैली के प्रशिक्षण के लिए एक महीने के लिए ऑस्ट्रेलिया गए आमिर खान हाल ही में मुंबई लौटे हैं। यशराज फिल्म्स के बैनर तले बनी 'धूम 3' में अभिषेक बच्चन, उदय चोपड़ा और कैटरीना कैफ भी अभिनय कर रहे हैं, और 'धूम 3' 20 दिसंबर को सिनेमाघरों में उतरेगी। एक खास नृत्यशैली के प्रशिक्षण के लिए एक महीने के लिए ऑस्ट्रेलिया गए आमिर खान हाल ही में मुंबई लौटे हैं। यशराज फिल्म्स के बैनर तले बनी 'धूम 3' में अभिषेक बच्चन, उदय चोपड़ा और कैटरीना कैफ भी अभिनय कर रहे हैं, और 'धूम 3' 20 दिसंबर को सिनेमाघरों में उतरेगी।
सारांश: आमिर खान ने कहा, "रिकॉर्ड तोड़ने में मेरी कोई दिलचस्पी नहीं... मैं कलाकार हूं और मेरे दर्शकों को मनोरंजन, उन्हें अच्छा समय देने और भावनात्मक रूप से संतुष्ट करने से मुझे ऊंचाई मिलेगी..."
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: डेढ़ साल पहले यमुना एक्सप्रेस वे पर दिल्ली विश्वविद्यालय की 22 वर्षीया छात्रा पूजा मिश्रा की संदिग्ध मौत की जांच अब सीबीआई करेगी. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी दी है और तीन महीने में रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए हैं. इससे पहले इस मामले की जांच उत्तर प्रदेश पुलिस ने की थी और इसके बाद जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंपी गई थी. पीड़ित परिवार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपते हुए तीन महीने में जांच रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है. कोर्ट ने कहा कि हम दिल्ली पुलिस की जांच रिपोर्ट पर कोई संदेह नहीं कर रहे हैं लेकिन हमारा मानना है कि सीबीआई के पास जांच के बेहतर संसाधन हैं और साथ ही लोगों को सीबीआई जांच पर विश्वास है. बेंच ने सीबीआई को निष्पक्ष तरीके और बिना प्रभावित हुए जांच का निर्देश दिया है.टिप्पणियां वास्तव में यूपी पुलिस और फिर दिल्ली पुलिस का मानना था कि पूजा की मौत दुर्घटना में हुई थी. लेकिन पीड़ित परिवार का आरोप है कि उसकी हत्या हुई थी. पूजा के शरीर पर कई जख्म थे. लिहाजा उसकी मौत दुर्घटना से नहीं थी बल्कि उसकी हत्या की गई थी. उनका आरोप है कि हत्या में प्रभावशाली लोगों का हाथ है, इसलिए सीबीआई से जांच कराई जाए. पुलिस के मुताबिक एक अगस्त 2015 को पूजा अपने चार दोस्तों के साथ कार से यमुना एक्सप्रेस के रास्ते मथुरा जा रही थी. दुर्घटना में पूजा की मौत हो गई थी जबकि उनके दोस्त जख्मी हो गए थे. पूजा की मां नीलम मिश्रा का आरोप था कि बेटी की हत्या की गई है न कि उसकी मौत दुर्घटना से हुई थी. जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपते हुए तीन महीने में जांच रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है. कोर्ट ने कहा कि हम दिल्ली पुलिस की जांच रिपोर्ट पर कोई संदेह नहीं कर रहे हैं लेकिन हमारा मानना है कि सीबीआई के पास जांच के बेहतर संसाधन हैं और साथ ही लोगों को सीबीआई जांच पर विश्वास है. बेंच ने सीबीआई को निष्पक्ष तरीके और बिना प्रभावित हुए जांच का निर्देश दिया है.टिप्पणियां वास्तव में यूपी पुलिस और फिर दिल्ली पुलिस का मानना था कि पूजा की मौत दुर्घटना में हुई थी. लेकिन पीड़ित परिवार का आरोप है कि उसकी हत्या हुई थी. पूजा के शरीर पर कई जख्म थे. लिहाजा उसकी मौत दुर्घटना से नहीं थी बल्कि उसकी हत्या की गई थी. उनका आरोप है कि हत्या में प्रभावशाली लोगों का हाथ है, इसलिए सीबीआई से जांच कराई जाए. पुलिस के मुताबिक एक अगस्त 2015 को पूजा अपने चार दोस्तों के साथ कार से यमुना एक्सप्रेस के रास्ते मथुरा जा रही थी. दुर्घटना में पूजा की मौत हो गई थी जबकि उनके दोस्त जख्मी हो गए थे. पूजा की मां नीलम मिश्रा का आरोप था कि बेटी की हत्या की गई है न कि उसकी मौत दुर्घटना से हुई थी. वास्तव में यूपी पुलिस और फिर दिल्ली पुलिस का मानना था कि पूजा की मौत दुर्घटना में हुई थी. लेकिन पीड़ित परिवार का आरोप है कि उसकी हत्या हुई थी. पूजा के शरीर पर कई जख्म थे. लिहाजा उसकी मौत दुर्घटना से नहीं थी बल्कि उसकी हत्या की गई थी. उनका आरोप है कि हत्या में प्रभावशाली लोगों का हाथ है, इसलिए सीबीआई से जांच कराई जाए. पुलिस के मुताबिक एक अगस्त 2015 को पूजा अपने चार दोस्तों के साथ कार से यमुना एक्सप्रेस के रास्ते मथुरा जा रही थी. दुर्घटना में पूजा की मौत हो गई थी जबकि उनके दोस्त जख्मी हो गए थे. पूजा की मां नीलम मिश्रा का आरोप था कि बेटी की हत्या की गई है न कि उसकी मौत दुर्घटना से हुई थी. पुलिस के मुताबिक एक अगस्त 2015 को पूजा अपने चार दोस्तों के साथ कार से यमुना एक्सप्रेस के रास्ते मथुरा जा रही थी. दुर्घटना में पूजा की मौत हो गई थी जबकि उनके दोस्त जख्मी हो गए थे. पूजा की मां नीलम मिश्रा का आरोप था कि बेटी की हत्या की गई है न कि उसकी मौत दुर्घटना से हुई थी.
सारांश: डेढ़ साल पहले यमुना एक्सप्रेस वे पर हुई थी पूजा मिश्रा की संदिग्ध मौत पीड़ित परिवार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: श्रीलंका की ऑस्ट्रेलिया पर नौ रन की रोमांचक जीत के साथ ही भारतीय टीम का लगभग ढाई महीने तक चला ऑस्ट्रेलियाई दौरा समाप्त हो गया लेकिन खिलाड़ियों को जल्द ही बांग्लादेश में होने वाले एशिया कप में एक और परीक्षा से गुजरना पड़ेगा। भारत का त्रिकोणीय श्रृंखला में भविष्य ऑस्ट्रेलिया की जीत पर टिका था लेकिन श्रीलंका ने मेलबर्न में मेजबान देश को हराकर फाइनल्स में जगह बना ली। इसका मतलब है कि भारतीय खिलाड़ी अब जल्द ही स्वदेश लौट आएंगे।टिप्पणियां महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली टीम को हालांकि केवल एक सप्ताह के विश्राम का समय मिलेगा क्योंकि उसे इसके बाद एशिया कप खेलने के लिए बांग्लादेश जाना है। एशिया कप 11 मार्च से शुरू होगा और भारत अपना पहला मैच 13 मार्च को श्रीलंका के खिलाफ खेलेगा। इसके बाद वह 16 मार्च को बांग्लादेश और 18 मार्च को अपने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से भिड़ेगा। भारतीय इस टूर्नामेंट में जीत दर्ज करके ऑस्ट्रेलियाई दौरे की कड़वी यादें भुलाना चाहेंगे जहां उन्हें चार टेस्ट मैचों के अलावा त्रिकोणीय श्रृंखला में भी मुंह की खानी पड़ी थी। एशिया कप में फिर से सभी की निगाहें सचिन तेंदुलकर पर टिकी रहेंगी जो पिछले एक साल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक नहीं लगा पाए हैं। तेंदुलकर को शतकों का शतक पूरा करने के लिए केवल एक शतक का इंतजार है। भारत का त्रिकोणीय श्रृंखला में भविष्य ऑस्ट्रेलिया की जीत पर टिका था लेकिन श्रीलंका ने मेलबर्न में मेजबान देश को हराकर फाइनल्स में जगह बना ली। इसका मतलब है कि भारतीय खिलाड़ी अब जल्द ही स्वदेश लौट आएंगे।टिप्पणियां महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली टीम को हालांकि केवल एक सप्ताह के विश्राम का समय मिलेगा क्योंकि उसे इसके बाद एशिया कप खेलने के लिए बांग्लादेश जाना है। एशिया कप 11 मार्च से शुरू होगा और भारत अपना पहला मैच 13 मार्च को श्रीलंका के खिलाफ खेलेगा। इसके बाद वह 16 मार्च को बांग्लादेश और 18 मार्च को अपने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से भिड़ेगा। भारतीय इस टूर्नामेंट में जीत दर्ज करके ऑस्ट्रेलियाई दौरे की कड़वी यादें भुलाना चाहेंगे जहां उन्हें चार टेस्ट मैचों के अलावा त्रिकोणीय श्रृंखला में भी मुंह की खानी पड़ी थी। एशिया कप में फिर से सभी की निगाहें सचिन तेंदुलकर पर टिकी रहेंगी जो पिछले एक साल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक नहीं लगा पाए हैं। तेंदुलकर को शतकों का शतक पूरा करने के लिए केवल एक शतक का इंतजार है। महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली टीम को हालांकि केवल एक सप्ताह के विश्राम का समय मिलेगा क्योंकि उसे इसके बाद एशिया कप खेलने के लिए बांग्लादेश जाना है। एशिया कप 11 मार्च से शुरू होगा और भारत अपना पहला मैच 13 मार्च को श्रीलंका के खिलाफ खेलेगा। इसके बाद वह 16 मार्च को बांग्लादेश और 18 मार्च को अपने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से भिड़ेगा। भारतीय इस टूर्नामेंट में जीत दर्ज करके ऑस्ट्रेलियाई दौरे की कड़वी यादें भुलाना चाहेंगे जहां उन्हें चार टेस्ट मैचों के अलावा त्रिकोणीय श्रृंखला में भी मुंह की खानी पड़ी थी। एशिया कप में फिर से सभी की निगाहें सचिन तेंदुलकर पर टिकी रहेंगी जो पिछले एक साल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक नहीं लगा पाए हैं। तेंदुलकर को शतकों का शतक पूरा करने के लिए केवल एक शतक का इंतजार है। एशिया कप में फिर से सभी की निगाहें सचिन तेंदुलकर पर टिकी रहेंगी जो पिछले एक साल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक नहीं लगा पाए हैं। तेंदुलकर को शतकों का शतक पूरा करने के लिए केवल एक शतक का इंतजार है।
संक्षिप्त पाठ: श्रीलंका की ऑस्ट्रेलिया पर नौ रन की रोमांचक जीत के साथ ही भारतीय टीम का लगभग ढाई महीने तक चला ऑस्ट्रेलियाई दौरा समाप्त हो गया।
13
['hin']
एक सारांश बनाओ: करीना कपूर (Kareena Kapoor) आज बॉलीवुड की दमदार एक्ट्रेस में गिनी जाती हैं. हालांकि, वह इन दिनों फिल्मों में थोड़ा कम नजर आ रही हैं, लेकिन उनका जलवा बॉलीवुड में वैसे ही बरकरार है. वैसे तो करीना कपूर (Kareena Kapoor) ने 2000 में फिल्म 'रिफ्यूजी' से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा था. इस इंडस्ट्री में रहते हुए करीना कपूर को लगभग दो दशक हो चुके हैं. लेकिन हाल ही में करीना कपूर (Kareena Kapoor) ने दावा किया कि वह मरते दम तक एक्टिंग करती रहेंगी. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि उनका जन्म ही एक्टिंग के लिए हुआ है और वह अपने जीवन के अंत तक एक्टिंग करेंगी.  आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक करीना कपूर (Kareena Kapoor) ने अपने एक्टिंग करियर को लेकर कहा, "यह 20 साल काफी अद्भुत रहे हैं. इंडस्ट्री में शानदार लोगों के साथ काम करने का यह सफर भी काफी अच्छा रहा. मैं एक्टिंग के लिए ही पैदा हूई हूं, क्योंकि मुझे लगता है यही मेरा जुनून है और मैं अपने जीवन के अंत तक एक्टिंग करती रहूंगी." बता दें कि करीना कपूर जल्द ही बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर आमिर खान (Aamir Khan) के साथ फिल्म 'लाल सिंह चड्ढा' में नजर आ सकती हैं. इंटरव्यू के दौरान एक्ट्रेस ने इस फिल्म को लेकर भी कई बातें बताईं. करीना कपूर ने कहा, "जब भी मैं उनके साथ काम करती हूं तो यह बिल्कुल सपने के सच होने के जैसा ही लगता है. वे एक सिनेमैटिक जीनियस हैं और एक बार फिर उनके साथ नजर आना किसी सपने के सच होने जैसा ही है." 'लाल सिंह चड्ढा' के अलावा करीना कपूर (Kareena Kapoor) जल्द ही अक्षय कुमार (Akshay Kumar) के साथ फिल्म 'गुड न्यूज' में भी नजर आने वाली हैं. उनकी यह फिल्म 'सरोगेसी' पर आधारित है. इस फिल्म में करीना और अक्षय के अलावा कियारा अडवाणी और दिलजीत दोसांझ भी मुख्य भूमिका में दिखाई देंगे. इसके अलावा करीना कपूर 'अंग्रेजी मीडियम' में भी मुख्य भूमिका निभाएंगी.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: करीना कपूर को इंडस्ट्री में हुए 20 साल एक्टिंग करियर को लेकर कही ये बात 'गुड न्यूज' में आएंगी नजर
32
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अखिल भारतीय सिविल सेवा परीक्षा के शुक्रवार को घोषित नतीजों के मुताबिक केरल की हरिता वी कुमार को पहला स्थान हासिल हुआ है। जब हरिता के दोस्तों ने उन्हें यह खुशखबरी सुनाई तो उन्हें शुरू में बिल्कुल यकीन नहीं हुआ। उन्हें लगा कि उनके दोस्त मजाक कर रहे हैं। बी-टेक डिग्रीधारी हरिता ने कहा, ‘‘मुझे यकीन ही नहीं हुआ कि मैंने पहली रैंक हासिल की है। मेरे दोस्तों ने मुझसे कहा कि मैं टॉपर हूं पर मैंने इसे मानने से इनकार कर दिया। वे मुझे खींचकर इंटरनेट के पास ले गए और नतीजे दिखाए, तब जाकर मुझे उन पर विश्वास हुआ।’’ सिविल सेवा परीक्षा के नतीजों के मुताबिक शीर्ष पांच में केरल के तीन उम्मीदवार हैं जिनमें 27 साल की हरिता के अलावा दूसरी रैंक प्राप्त करने वाले श्रीराम वी और चौथी रैंक हासिल करने वाले एल्बी जॉन वर्गीज हैं। स्तुति चरण को तीसरी रैंक मिली है। हरिता साल 2011 बैच की भारतीय राजस्व सेवा (सीमा शुल्क एवं केंद्रीय उत्पाद) की प्रशिक्षु अधिकारी हैं और अभी फरीदाबाद के राष्ट्रीय सीमा-शुल्क उत्पाद एवं नारकोटिक्स (एनएसीईएन) में प्रशिक्षण हासिल कर रही हैं। केरल में 10वीं की परीक्षा में सातवां स्थान हासिल कर चुकी हरिता ने कहा, ‘‘मैं बहुत खुश हूं। कोई भी पहली रैंक पाने की उम्मीद नहीं रखता। मैं ईश्वर और अपने माता-पिता का शुक्रिया अदा करती हूं। मेरे शिक्षकों एवं दोस्तों को विशेष धन्यवाद।’’ हरिता ने चौथे प्रयास में यह सफलता हासिल की है। उन्हें दूसरे प्रयास में 179वीं और तीसरे प्रयास में 294वीं रैंक मिली थी। उन्होंने कहा, ‘‘मैं पहली बार सफल नहीं हो पायी थी। मुझे दूसरे प्रयास में 179वीं रैंक मिली तो भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) दिया गया। पिछले साल मेरी रैंक गिरकर 294 पर आ गई। हालांकि, मैंने हौसला बनाए रखा और अब मेरा प्रयास फलदायी साबित हुआ है।’’टिप्पणियां इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बावजूद हरिता ने मुख्य परीक्षा में वैकल्पिक विषय के तौर पर अर्थशास्त्र और मलयालम साहित्य चुना था। हरिता ने कहा, ‘‘अर्थशास्त्र के चारों ओर हर किसी की जिंदगी घूमती है। किसी भी समस्या का मूल कारण अर्थशास्त्र में निहित होता है। मलयालम मेरी मातृभाषा है और बचपन से ही मुझे मलयालम काफी पसंद रहा है।’’ ऐसा करीब दो दशक बाद हुआ है कि केरल से किसी ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में पहला स्थान हासिल किया हो। बी-टेक डिग्रीधारी हरिता ने कहा, ‘‘मुझे यकीन ही नहीं हुआ कि मैंने पहली रैंक हासिल की है। मेरे दोस्तों ने मुझसे कहा कि मैं टॉपर हूं पर मैंने इसे मानने से इनकार कर दिया। वे मुझे खींचकर इंटरनेट के पास ले गए और नतीजे दिखाए, तब जाकर मुझे उन पर विश्वास हुआ।’’ सिविल सेवा परीक्षा के नतीजों के मुताबिक शीर्ष पांच में केरल के तीन उम्मीदवार हैं जिनमें 27 साल की हरिता के अलावा दूसरी रैंक प्राप्त करने वाले श्रीराम वी और चौथी रैंक हासिल करने वाले एल्बी जॉन वर्गीज हैं। स्तुति चरण को तीसरी रैंक मिली है। हरिता साल 2011 बैच की भारतीय राजस्व सेवा (सीमा शुल्क एवं केंद्रीय उत्पाद) की प्रशिक्षु अधिकारी हैं और अभी फरीदाबाद के राष्ट्रीय सीमा-शुल्क उत्पाद एवं नारकोटिक्स (एनएसीईएन) में प्रशिक्षण हासिल कर रही हैं। केरल में 10वीं की परीक्षा में सातवां स्थान हासिल कर चुकी हरिता ने कहा, ‘‘मैं बहुत खुश हूं। कोई भी पहली रैंक पाने की उम्मीद नहीं रखता। मैं ईश्वर और अपने माता-पिता का शुक्रिया अदा करती हूं। मेरे शिक्षकों एवं दोस्तों को विशेष धन्यवाद।’’ हरिता ने चौथे प्रयास में यह सफलता हासिल की है। उन्हें दूसरे प्रयास में 179वीं और तीसरे प्रयास में 294वीं रैंक मिली थी। उन्होंने कहा, ‘‘मैं पहली बार सफल नहीं हो पायी थी। मुझे दूसरे प्रयास में 179वीं रैंक मिली तो भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) दिया गया। पिछले साल मेरी रैंक गिरकर 294 पर आ गई। हालांकि, मैंने हौसला बनाए रखा और अब मेरा प्रयास फलदायी साबित हुआ है।’’टिप्पणियां इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बावजूद हरिता ने मुख्य परीक्षा में वैकल्पिक विषय के तौर पर अर्थशास्त्र और मलयालम साहित्य चुना था। हरिता ने कहा, ‘‘अर्थशास्त्र के चारों ओर हर किसी की जिंदगी घूमती है। किसी भी समस्या का मूल कारण अर्थशास्त्र में निहित होता है। मलयालम मेरी मातृभाषा है और बचपन से ही मुझे मलयालम काफी पसंद रहा है।’’ ऐसा करीब दो दशक बाद हुआ है कि केरल से किसी ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में पहला स्थान हासिल किया हो। सिविल सेवा परीक्षा के नतीजों के मुताबिक शीर्ष पांच में केरल के तीन उम्मीदवार हैं जिनमें 27 साल की हरिता के अलावा दूसरी रैंक प्राप्त करने वाले श्रीराम वी और चौथी रैंक हासिल करने वाले एल्बी जॉन वर्गीज हैं। स्तुति चरण को तीसरी रैंक मिली है। हरिता साल 2011 बैच की भारतीय राजस्व सेवा (सीमा शुल्क एवं केंद्रीय उत्पाद) की प्रशिक्षु अधिकारी हैं और अभी फरीदाबाद के राष्ट्रीय सीमा-शुल्क उत्पाद एवं नारकोटिक्स (एनएसीईएन) में प्रशिक्षण हासिल कर रही हैं। केरल में 10वीं की परीक्षा में सातवां स्थान हासिल कर चुकी हरिता ने कहा, ‘‘मैं बहुत खुश हूं। कोई भी पहली रैंक पाने की उम्मीद नहीं रखता। मैं ईश्वर और अपने माता-पिता का शुक्रिया अदा करती हूं। मेरे शिक्षकों एवं दोस्तों को विशेष धन्यवाद।’’ हरिता ने चौथे प्रयास में यह सफलता हासिल की है। उन्हें दूसरे प्रयास में 179वीं और तीसरे प्रयास में 294वीं रैंक मिली थी। उन्होंने कहा, ‘‘मैं पहली बार सफल नहीं हो पायी थी। मुझे दूसरे प्रयास में 179वीं रैंक मिली तो भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) दिया गया। पिछले साल मेरी रैंक गिरकर 294 पर आ गई। हालांकि, मैंने हौसला बनाए रखा और अब मेरा प्रयास फलदायी साबित हुआ है।’’टिप्पणियां इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बावजूद हरिता ने मुख्य परीक्षा में वैकल्पिक विषय के तौर पर अर्थशास्त्र और मलयालम साहित्य चुना था। हरिता ने कहा, ‘‘अर्थशास्त्र के चारों ओर हर किसी की जिंदगी घूमती है। किसी भी समस्या का मूल कारण अर्थशास्त्र में निहित होता है। मलयालम मेरी मातृभाषा है और बचपन से ही मुझे मलयालम काफी पसंद रहा है।’’ ऐसा करीब दो दशक बाद हुआ है कि केरल से किसी ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में पहला स्थान हासिल किया हो। हरिता साल 2011 बैच की भारतीय राजस्व सेवा (सीमा शुल्क एवं केंद्रीय उत्पाद) की प्रशिक्षु अधिकारी हैं और अभी फरीदाबाद के राष्ट्रीय सीमा-शुल्क उत्पाद एवं नारकोटिक्स (एनएसीईएन) में प्रशिक्षण हासिल कर रही हैं। केरल में 10वीं की परीक्षा में सातवां स्थान हासिल कर चुकी हरिता ने कहा, ‘‘मैं बहुत खुश हूं। कोई भी पहली रैंक पाने की उम्मीद नहीं रखता। मैं ईश्वर और अपने माता-पिता का शुक्रिया अदा करती हूं। मेरे शिक्षकों एवं दोस्तों को विशेष धन्यवाद।’’ हरिता ने चौथे प्रयास में यह सफलता हासिल की है। उन्हें दूसरे प्रयास में 179वीं और तीसरे प्रयास में 294वीं रैंक मिली थी। उन्होंने कहा, ‘‘मैं पहली बार सफल नहीं हो पायी थी। मुझे दूसरे प्रयास में 179वीं रैंक मिली तो भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) दिया गया। पिछले साल मेरी रैंक गिरकर 294 पर आ गई। हालांकि, मैंने हौसला बनाए रखा और अब मेरा प्रयास फलदायी साबित हुआ है।’’टिप्पणियां इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बावजूद हरिता ने मुख्य परीक्षा में वैकल्पिक विषय के तौर पर अर्थशास्त्र और मलयालम साहित्य चुना था। हरिता ने कहा, ‘‘अर्थशास्त्र के चारों ओर हर किसी की जिंदगी घूमती है। किसी भी समस्या का मूल कारण अर्थशास्त्र में निहित होता है। मलयालम मेरी मातृभाषा है और बचपन से ही मुझे मलयालम काफी पसंद रहा है।’’ ऐसा करीब दो दशक बाद हुआ है कि केरल से किसी ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में पहला स्थान हासिल किया हो। केरल में 10वीं की परीक्षा में सातवां स्थान हासिल कर चुकी हरिता ने कहा, ‘‘मैं बहुत खुश हूं। कोई भी पहली रैंक पाने की उम्मीद नहीं रखता। मैं ईश्वर और अपने माता-पिता का शुक्रिया अदा करती हूं। मेरे शिक्षकों एवं दोस्तों को विशेष धन्यवाद।’’ हरिता ने चौथे प्रयास में यह सफलता हासिल की है। उन्हें दूसरे प्रयास में 179वीं और तीसरे प्रयास में 294वीं रैंक मिली थी। उन्होंने कहा, ‘‘मैं पहली बार सफल नहीं हो पायी थी। मुझे दूसरे प्रयास में 179वीं रैंक मिली तो भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) दिया गया। पिछले साल मेरी रैंक गिरकर 294 पर आ गई। हालांकि, मैंने हौसला बनाए रखा और अब मेरा प्रयास फलदायी साबित हुआ है।’’टिप्पणियां इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बावजूद हरिता ने मुख्य परीक्षा में वैकल्पिक विषय के तौर पर अर्थशास्त्र और मलयालम साहित्य चुना था। हरिता ने कहा, ‘‘अर्थशास्त्र के चारों ओर हर किसी की जिंदगी घूमती है। किसी भी समस्या का मूल कारण अर्थशास्त्र में निहित होता है। मलयालम मेरी मातृभाषा है और बचपन से ही मुझे मलयालम काफी पसंद रहा है।’’ ऐसा करीब दो दशक बाद हुआ है कि केरल से किसी ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में पहला स्थान हासिल किया हो। हरिता ने चौथे प्रयास में यह सफलता हासिल की है। उन्हें दूसरे प्रयास में 179वीं और तीसरे प्रयास में 294वीं रैंक मिली थी। उन्होंने कहा, ‘‘मैं पहली बार सफल नहीं हो पायी थी। मुझे दूसरे प्रयास में 179वीं रैंक मिली तो भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) दिया गया। पिछले साल मेरी रैंक गिरकर 294 पर आ गई। हालांकि, मैंने हौसला बनाए रखा और अब मेरा प्रयास फलदायी साबित हुआ है।’’टिप्पणियां इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बावजूद हरिता ने मुख्य परीक्षा में वैकल्पिक विषय के तौर पर अर्थशास्त्र और मलयालम साहित्य चुना था। हरिता ने कहा, ‘‘अर्थशास्त्र के चारों ओर हर किसी की जिंदगी घूमती है। किसी भी समस्या का मूल कारण अर्थशास्त्र में निहित होता है। मलयालम मेरी मातृभाषा है और बचपन से ही मुझे मलयालम काफी पसंद रहा है।’’ ऐसा करीब दो दशक बाद हुआ है कि केरल से किसी ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में पहला स्थान हासिल किया हो। उन्होंने कहा, ‘‘मैं पहली बार सफल नहीं हो पायी थी। मुझे दूसरे प्रयास में 179वीं रैंक मिली तो भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) दिया गया। पिछले साल मेरी रैंक गिरकर 294 पर आ गई। हालांकि, मैंने हौसला बनाए रखा और अब मेरा प्रयास फलदायी साबित हुआ है।’’टिप्पणियां इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बावजूद हरिता ने मुख्य परीक्षा में वैकल्पिक विषय के तौर पर अर्थशास्त्र और मलयालम साहित्य चुना था। हरिता ने कहा, ‘‘अर्थशास्त्र के चारों ओर हर किसी की जिंदगी घूमती है। किसी भी समस्या का मूल कारण अर्थशास्त्र में निहित होता है। मलयालम मेरी मातृभाषा है और बचपन से ही मुझे मलयालम काफी पसंद रहा है।’’ ऐसा करीब दो दशक बाद हुआ है कि केरल से किसी ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में पहला स्थान हासिल किया हो। इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बावजूद हरिता ने मुख्य परीक्षा में वैकल्पिक विषय के तौर पर अर्थशास्त्र और मलयालम साहित्य चुना था। हरिता ने कहा, ‘‘अर्थशास्त्र के चारों ओर हर किसी की जिंदगी घूमती है। किसी भी समस्या का मूल कारण अर्थशास्त्र में निहित होता है। मलयालम मेरी मातृभाषा है और बचपन से ही मुझे मलयालम काफी पसंद रहा है।’’ ऐसा करीब दो दशक बाद हुआ है कि केरल से किसी ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में पहला स्थान हासिल किया हो। ऐसा करीब दो दशक बाद हुआ है कि केरल से किसी ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में पहला स्थान हासिल किया हो।
संक्षिप्त पाठ: अखिल भारतीय सिविल सेवा परीक्षा के शुक्रवार को घोषित नतीजों के मुताबिक केरल की हरिता वी कुमार को पहला स्थान हासिल हुआ है। जब हरिता के दोस्तों ने उन्हें यह खुशखबरी सुनाई तो उन्हें शुरू में बिल्कुल यकीन नहीं हुआ। उन्हें लगा कि उनके दोस्त मजाक कर रहे हैं।
22
['hin']
एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में हालात में सुधार के मद्देनजर तीन दिन बाद हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में कर्फ्यू में दो घंटे की ढील दी गई। जिले और आसपास के क्षेत्रों में सांप्रदायिक संघषों में अब तक 38 लोग मारे जा चुके हैं, जबकि अब तक 975 लोग गिरफ्तार किए जा चुके है और पांच अभियुक्तों पर रासुका लगा दी गई है। जिला मजिस्ट्रेट कौशल राज शर्मा ने बताया कि हिंसा की कोई ताजा वारदात सामने नहीं आने के बाद कोतवाली, सिविल लाइन्स और नाई मंडी थाना क्षेत्रों में कफ्र्यू में अपराह्न 3:30 बजे से दो घंटे की ढील दी गई। जिले में दंगे भड़कने के बाद शनिवार को तीनों थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया था।टिप्पणियां गृह सचिव कमल सक्सेना ने लखनऊ में बताया, ‘पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों में कुल 38 लोग मारे गए हैं, जिनमें मुजफ्फरनगर में 32 लोगों की मौत हो गई।’ उन्होंने बताया कि मेरठ से दो लोगों के मारे जाने की खबर है। वहीं हापुड़, बागपत, सहारनपुर तथा शामली में भी एक-एक शख्स की मौत हो गई। इन जिलों में 81 लोग घायल हो गए। पुलिस महानिरीक्षक (अपराध) आशीष गुप्ता ने बताया कि मुजफ्फरनगर और आसपास के इलाकों में हुए दंगों के सिलसिले में अब तक कुल 975 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। वहीं, 7000 लोगों को पाबंद किया गया है और 1720 शस्त्र लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं। जिला मजिस्ट्रेट कौशल राज शर्मा ने बताया कि हिंसा की कोई ताजा वारदात सामने नहीं आने के बाद कोतवाली, सिविल लाइन्स और नाई मंडी थाना क्षेत्रों में कफ्र्यू में अपराह्न 3:30 बजे से दो घंटे की ढील दी गई। जिले में दंगे भड़कने के बाद शनिवार को तीनों थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया था।टिप्पणियां गृह सचिव कमल सक्सेना ने लखनऊ में बताया, ‘पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों में कुल 38 लोग मारे गए हैं, जिनमें मुजफ्फरनगर में 32 लोगों की मौत हो गई।’ उन्होंने बताया कि मेरठ से दो लोगों के मारे जाने की खबर है। वहीं हापुड़, बागपत, सहारनपुर तथा शामली में भी एक-एक शख्स की मौत हो गई। इन जिलों में 81 लोग घायल हो गए। पुलिस महानिरीक्षक (अपराध) आशीष गुप्ता ने बताया कि मुजफ्फरनगर और आसपास के इलाकों में हुए दंगों के सिलसिले में अब तक कुल 975 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। वहीं, 7000 लोगों को पाबंद किया गया है और 1720 शस्त्र लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं। गृह सचिव कमल सक्सेना ने लखनऊ में बताया, ‘पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों में कुल 38 लोग मारे गए हैं, जिनमें मुजफ्फरनगर में 32 लोगों की मौत हो गई।’ उन्होंने बताया कि मेरठ से दो लोगों के मारे जाने की खबर है। वहीं हापुड़, बागपत, सहारनपुर तथा शामली में भी एक-एक शख्स की मौत हो गई। इन जिलों में 81 लोग घायल हो गए। पुलिस महानिरीक्षक (अपराध) आशीष गुप्ता ने बताया कि मुजफ्फरनगर और आसपास के इलाकों में हुए दंगों के सिलसिले में अब तक कुल 975 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। वहीं, 7000 लोगों को पाबंद किया गया है और 1720 शस्त्र लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं। पुलिस महानिरीक्षक (अपराध) आशीष गुप्ता ने बताया कि मुजफ्फरनगर और आसपास के इलाकों में हुए दंगों के सिलसिले में अब तक कुल 975 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। वहीं, 7000 लोगों को पाबंद किया गया है और 1720 शस्त्र लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं।
संक्षिप्त सारांश: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में हालात में सुधार के मद्देनजर तीन दिन बाद हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में कर्फ्यू में दो घंटे की ढील दी गई। जिले और आसपास के क्षेत्रों में सांप्रदायिक संघषों में अब तक 38 लोग मारे जा चुके हैं, जबकि अब तक 975 लोग गिरफ्तार किए जा च
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: राजधानी, दूरंतो और शताब्दी में यात्रा करना आने वाले समय में कुछ महंगा हो सकता है। खाने-पीने (कैटरिंग) की चीजों के दाम में बढ़ोतरी के मद्देनजर इन प्रमुख रेलगाड़ियों का किराया और बढ़ना लगभग तय है। निर्णय प्रक्रिया में शामिल रेल विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, राजधानी, शताब्दी और दूरंतो में खान-पान का शुल्क बढ़ने के बाद इन प्रमुख रेलगाड़ियों के किराए में 15 रुपये से लेकर 20 रुपये तक की बढ़ोतरी होगी।टिप्पणियां अधिकारी ने कहा कि शुल्कों में संशोधन की घोषणा जल्दी होगी और सॉफ्टवेयर अपडेट होते ही इसे लागू किया जाएगा। संशोधन की घोषणा होने पर इन रेलगाड़ियों के किराये में 22 जनवरी के बाद हुई यह दूसरी बढ़ोतरी होगी। पिछले महीने करीब 10 साल बाद मेल और एक्सप्रेस रेलगाड़ियों मं खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ाए गए, लेकिन इसमें राजधानी, शताब्दी और दूरंतो रेलगाड़ियों का कैटरिंग शुल्क नहीं बढ़ा था। उक्त रेलगाड़ियों में यात्रियों को दिए जाने वाले खाने और अल्पाहार का शुल्क टिकट के किराये में शामिल होता है। रेल मंत्रालय ने इन गाड़ियों और एक्सप्रेस रेलगाड़ियों के खाने की सूची और शुल्क में संशोधन पर सुझाव देने के लिए एक समिति का गठन किया था। अधिकारी ने कहा, शुल्क में संशोधिन का फैसला समिति की सिफारिशों की जांच और रेल बोर्ड के सुझाव के आधार पर किया गया है। निर्णय प्रक्रिया में शामिल रेल विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, राजधानी, शताब्दी और दूरंतो में खान-पान का शुल्क बढ़ने के बाद इन प्रमुख रेलगाड़ियों के किराए में 15 रुपये से लेकर 20 रुपये तक की बढ़ोतरी होगी।टिप्पणियां अधिकारी ने कहा कि शुल्कों में संशोधन की घोषणा जल्दी होगी और सॉफ्टवेयर अपडेट होते ही इसे लागू किया जाएगा। संशोधन की घोषणा होने पर इन रेलगाड़ियों के किराये में 22 जनवरी के बाद हुई यह दूसरी बढ़ोतरी होगी। पिछले महीने करीब 10 साल बाद मेल और एक्सप्रेस रेलगाड़ियों मं खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ाए गए, लेकिन इसमें राजधानी, शताब्दी और दूरंतो रेलगाड़ियों का कैटरिंग शुल्क नहीं बढ़ा था। उक्त रेलगाड़ियों में यात्रियों को दिए जाने वाले खाने और अल्पाहार का शुल्क टिकट के किराये में शामिल होता है। रेल मंत्रालय ने इन गाड़ियों और एक्सप्रेस रेलगाड़ियों के खाने की सूची और शुल्क में संशोधन पर सुझाव देने के लिए एक समिति का गठन किया था। अधिकारी ने कहा, शुल्क में संशोधिन का फैसला समिति की सिफारिशों की जांच और रेल बोर्ड के सुझाव के आधार पर किया गया है। अधिकारी ने कहा कि शुल्कों में संशोधन की घोषणा जल्दी होगी और सॉफ्टवेयर अपडेट होते ही इसे लागू किया जाएगा। संशोधन की घोषणा होने पर इन रेलगाड़ियों के किराये में 22 जनवरी के बाद हुई यह दूसरी बढ़ोतरी होगी। पिछले महीने करीब 10 साल बाद मेल और एक्सप्रेस रेलगाड़ियों मं खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ाए गए, लेकिन इसमें राजधानी, शताब्दी और दूरंतो रेलगाड़ियों का कैटरिंग शुल्क नहीं बढ़ा था। उक्त रेलगाड़ियों में यात्रियों को दिए जाने वाले खाने और अल्पाहार का शुल्क टिकट के किराये में शामिल होता है। रेल मंत्रालय ने इन गाड़ियों और एक्सप्रेस रेलगाड़ियों के खाने की सूची और शुल्क में संशोधन पर सुझाव देने के लिए एक समिति का गठन किया था। अधिकारी ने कहा, शुल्क में संशोधिन का फैसला समिति की सिफारिशों की जांच और रेल बोर्ड के सुझाव के आधार पर किया गया है। रेल मंत्रालय ने इन गाड़ियों और एक्सप्रेस रेलगाड़ियों के खाने की सूची और शुल्क में संशोधन पर सुझाव देने के लिए एक समिति का गठन किया था। अधिकारी ने कहा, शुल्क में संशोधिन का फैसला समिति की सिफारिशों की जांच और रेल बोर्ड के सुझाव के आधार पर किया गया है।
सारांश: राजधानी, दूरंतो और शताब्दी में यात्रा करना आने वाले समय में कुछ महंगा हो सकता है। खान-पान का शुल्क बढ़ने के बाद इन प्रमुख रेलगाड़ियों के किराए में 15 रुपये से लेकर 20 रुपये तक की बढ़ोतरी होगी।
7
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लगभग दो साल के अंतराल के बाद द्विपक्षीय वार्ता प्रक्रिया बहाल होने पर भारत और पाकिस्तान के गृह सचिवों ने सोमवार को कहा कि कुछ मुद्दों पर प्रगति हुई है। दोनों पक्षों ने वार्ता को बेहद सकारात्मक बताया। गृह सचिव जी के पिल्लै ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष चौधरी कमर जमां के साथ दो दिवसीय वार्ता के पहले दिन की वार्ता समाप्त होने पर कहा,वार्ताएं बेहद सकारात्मक हैं। कुछ दिशा में प्रगति हुई है, सही दिशा में। 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रहे जमान ने भी कहा कि वार्ताएं बहुत सकारात्मक हैं। उन्होंने कहा, चूंकि अभी हमारे पास वार्ता के लिए एक और दिन है। इसलिए इस समय मैं किसी विषय विशेष पर नहीं जाना चाहता। उन्होंने कहा, लेकिन मैं काफी निश्चितता के साथ आपको बता सकता हूं कि दोनों पक्षों ने बहुत सकारात्मक रवैये का परिचय दिया और मुझे सही में कल की बैठकों को लेकर भी विश्वास है। जमां ने यह भी कहा कि कुछ मुद्दे ऐसे हैं जिन पर अभी चर्चा होनी बाकी है। उन्होंने कहा, हमारे पास अभी भी ऐसे मुद्दे हैं जिन पर हमें अभी चर्चा करनी है। आमतौर पर यह सही दिशा में है और यह परिणाम जनक बैठक रही है। वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों ने कहा कि वार्ताएं ठोस रहीं और कुछ ठोस फैसले लिए गए लेकिन उन्होंने इस बारे में विस्तार से बताने से इनकार कर दिया।
यह एक सारांश है: लगभग दो साल के अंतराल के बाद द्विपक्षीय वार्ता प्रक्रिया बहाल होने पर भारत और पाकिस्तान के गृह सचिवों ने कहा कि कुछ मुद्दों पर प्रगति हुई है।
9
['hin']
एक सारांश बनाओ: इस मामले में गुजरात के सीईओ से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गयी थी. सीईओ की रिपोर्ट के आधार पर आयोग ने इस मामले में चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन से जुडे़ विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जांच के आधार पर शिकायत को सही नहीं पाया. सूत्रों के अनुसार सीईओ की रिपोर्ट में पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के भाषण से आदर्श आचार संहिता अथवा आयोग के दिशानिर्देशों और परामर्श का उल्लंघन होने की पुष्टि नहीं हुयी है. उल्लेखनीय है कि आयोग इससे पहले मोदी के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन की पांच अन्य शिकायतों को गलत बताते हुये उन्हें (मोदी को) क्लीन चिट दे चुका है. इनमें महाराष्ट्र के लातूर और वर्धा में मोदी के भाषणों में सेना के शौर्य का जिक्र करके चुनावी लाभ हासिल करने की शिकायत की गयी थी.  सूत्रों के अनुसार, एक चुनाव आयुक्त ने एक अप्रैल को वर्धा के भाषण को लेकर प्रधानमंत्री को क्लीन चिट के आयोग के फैसले पर असहमति जताई थी. इस भाषण में पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी पर अल्पसंख्यक बहुल वायानाड सीट से चुनाव लड़ने को लेकर निशाना साधा था और उन्होंने नौ अप्रैल को लातूर में पहली बार वोट करने जा रहे युवाओं से बालाकोट हवाई हमले तथा पुलवामा शहीदों के नाम पर वोट की अपील की थी. इन आयुक्त ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को उनके नागपुर में दिये भाषण के मामले में क्लीन चिट देने पर भी असहमति प्रकट की थी.  इस भाषण में अमित शाह  (Amit Shah) ने कथित तौर पर कहा था कि केरल की वायनाड सीट में अल्पसंख्यक, बहुसंख्यक हैं. पाटन में दिये भाषण में मोदी ने कथित तौर पर कहा था कि उन्होंने भारतीय वायुसेना के पायलट अभिनंदन वर्द्धमान की वापसी नहीं होने पर पाकिस्तान को 'परिणाम' भुगतने की चेतावनी दी. वर्द्धमान को पाकिस्तान में बंदी बना लिया था और एक मार्च को उसे रिहा कर दिया गया था. वह पाकिस्तान के लड़ाकू विमान एफ-16 का पीछा कर रहे थे. ये विमान भारतीय सीमा में प्रवेश कर गये थे और उन्होंने सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया था.
यह एक सारांश है: पीएम नरेंद्र मोदी को एक और मामले में क्लीन चिट चुनाव आयोग ने दी क्लीन चिट पाटन में दिये गए उनके भाषण को मिली क्लीन चिट
21
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने 23 मई को आने वाले लोकसभा चुनाव के परिणाम को लेकर पीएम मोदी (PM Modi)  पर तंज कसा. राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा कि चुनाव में भाजपा की हार होगी और इस बात से पीएम मोदी (PM Modi) काफी डरे हुए हैं. यही वजह है कि वह विपक्ष का सामना करने में असमर्थ हैं. कांग्रेस अध्यक्ष (Rahul Gandhi) ने कहा कि चार चरणों के मतदान के बाद उनकी पार्टी का आंतरिक आकलन बताता है कि भाजपा लोकसभा चुनाव में हार जाएगी और वह एक डरे हुए प्रधानमंत्री को विपक्ष के हमलों का सामना करने में असमर्थ देख रहे हैं. उन्होंने (Rahul Gandhi) कहा कि आज से पांच साल पहले कहा जाता था कि मोदी (PM Modi) को हराया नहीं जा सकता और वह 10-15 साल शासन करेंगे, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें खत्म कर दिया है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पी चिदंबरम, अहमद पटेल, आनंद शर्मा और रणदीप सुरजेवाला की मौजूदगी में गांधी ने कहा कि जो ढांचा खड़ा है, वो खोखला है. यह 10-15 दिन में ढह जाएगा. उन्होंने दावा किया कि चुनाव की आधी से अधिक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और हमें स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi)  हार रहे हैं. राहुल गांधी ने कहा कि एक अंडर करंट है और भाजपा हार रही है. मुझे भाजपा का कोई रणनीतिक प्रचार नहीं दिखाई देता. मुझे एक डरे हुए प्रधानमंत्री दिखाई दे रहे हैं जो विपक्ष के हमलों का सामना करने में असमर्थ हैं और जो पूरी तरह मान चुके हैं कि वह फंस गये हैं और कामयाब नहीं होने वाले. लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के बहुत अच्छे प्रदर्शन का भरोसा जताते हुए गांधी ने कहा कि भाजपा का प्रचार अभियान डराने वाला है. ‘चौकीदार चोर है' वाले नारे को उच्चतम न्यायालय से जोड़ने के लिए उससे माफी के सवाल पर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने खेद जताया कि अदालत की एक प्रक्रिया थी और उन्होंने उस पर टिप्पणी की थी. हालांकि उन्होंने कहा कि वह राफेल सौदे में भ्रष्टाचार के लिए भाजपा और प्रधानमंत्री के खिलाफ अपने नारे पर कायम हैं. कांग्रेस अध्यक्ष ने एक बार फिर मोदी को रोजगार और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर बहस की चुनौती दी. उन्होंने कहा कि मैं उनसे अनिल अंबानी के घर को छोड़कर कहीं भी बहस कर सकता हूं. गांधी ने आरोप दोहराया कि राफेल सौदे में ‘चौकीदार' ने 30 हजार करोड़ रुपये चुराये. चुनाव के बाद प्रधानमंत्री कौन बनेगा, इस प्रश्न के जवाब में गांधी ने कहा कि जनता तय करेगी. उन्होंने कहा कि मुख्य मुद्दे रोजगार, किसान, प्रधानमंत्री का भ्रष्टाचार और संस्थानों पर हमले हैं. गांधी ने कहा कि देश प्रधानमंत्री से जानना चाहता है. आपने युवाओं से कहा था कि आप एक साल में दो करोड़ नौकरी देंगे और आज बेरोजगारी 45 साल के सर्वोच्च स्तर पर है. कांग्रेस पार्टी के घोषणापत्र का पहला अध्याय रोजगार पर है. हमने सारा ब्योरा दिया है कि हम कैसे नौकरी उपलब्ध कराएंगे, न्याय योजना के क्या फायदे हैं. उन्होंने कहा कि मोदी रोजगार के बारे में एक शब्द भी नहीं बोलते, क्योंकि वह कुछ नहीं कह सकते. उनके पास न कोई योजना है और न कोई रिकार्ड. गांधी ने न्याय योजना पर विस्तार से रोशनी डालते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी ने अर्थव्यवस्था में नोटबंदी की, जबकि न्याय योजना फिर से अर्थव्यवस्था में धन डालेगी. (इनपुट भाषा से)
यह एक सारांश है: राहुल गांधी ने कहा-पीएम विपक्ष के सामने आने से डरते हैं कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि 23 मई को हार रही है बीजेपी चार चरणों के चुनाव के बाद बीजेपी को भारी नुकसान- कांग्रेस
9
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लूप टेलीकॉम ने मुंबई को छोड़ देश के बाकी हिस्सों में अपना कारोबार बंद करने की घोषणा की है। हालांकि, कंपनी ने कहा है कि इस फैसले से उसका मुंबई सर्किल प्रभावित नहीं होगा, जहां उसकी सहायक इकाई लूप मोबाइल सेवाएं दे रही है। उच्चतम न्यायालय द्वारा 2जी मोबाइल सेवाओं के 122 लाइसेंस रद्द करने से फैसले से लूप टेलीकॉम भी प्रभावित हुई है। लूप टेलीकाम के एक प्रवक्ता ने कहा, 'हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। कंपनी अपने ग्राहकों को मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी के जरिये दूसरी नेटवर्क पर जाने संबंधी सलाह का विज्ञापन पहले ही अखबारों में दे चुकी है।' इस फैसले से मुंबई को छोड़कर 13 सर्किलों में कंपनी के 6,000 उपभोक्ता प्रभावित होंगे। मुंबई में लूप मोबाइल सेवाएं दे रही है और वहां उसके ग्राहकों की संख्या 30 लाख से अधिक है। प्रवक्ता ने कहा, ‘इससे हमारा मुंबई परिचालन प्रभावित नहीं होगा। वहां लूप मोबाइल के पास अलग लाइसेंस है। मुंबई में परिचालन जारी रहेगा और वहां के उपभोक्ता प्रभावित नहीं होंगे।’ कंपनी ने अपने कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने संबंधी नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रवक्ता ने कहा, 'हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। सभी कमर्चारियों को अवगत करा दिया गया है। हमें उन्हें औपचारिक नोटिस शीघ्र ही जारी कर देंगे।' कंपनी से सीधे जुड़े कर्मचारियों की संख्या 150 है।टिप्पणियां लूप टेलीकाम के पास 21 सर्किलों में 2जी लाइसेंस है। हालांकि उसने सिर्फ 13 सर्किलों में परिचालन शुरू किया था। दूरसंचार नियामक ट्राई के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी, 2012 के अंत तक कोलकाता में उसके ग्राहकों की संख्या सबसे ज्यादा 2,300 से अधिक है। वहीं ओड़िशा में उसके उपभोक्ताओं की संख्या 965 थी। उच्चतम न्यायालय द्वारा 2जी मोबाइल सेवाओं के 122 लाइसेंस रद्द करने से फैसले से लूप टेलीकॉम भी प्रभावित हुई है। लूप टेलीकाम के एक प्रवक्ता ने कहा, 'हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। कंपनी अपने ग्राहकों को मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी के जरिये दूसरी नेटवर्क पर जाने संबंधी सलाह का विज्ञापन पहले ही अखबारों में दे चुकी है।' इस फैसले से मुंबई को छोड़कर 13 सर्किलों में कंपनी के 6,000 उपभोक्ता प्रभावित होंगे। मुंबई में लूप मोबाइल सेवाएं दे रही है और वहां उसके ग्राहकों की संख्या 30 लाख से अधिक है। प्रवक्ता ने कहा, ‘इससे हमारा मुंबई परिचालन प्रभावित नहीं होगा। वहां लूप मोबाइल के पास अलग लाइसेंस है। मुंबई में परिचालन जारी रहेगा और वहां के उपभोक्ता प्रभावित नहीं होंगे।’ कंपनी ने अपने कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने संबंधी नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रवक्ता ने कहा, 'हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। सभी कमर्चारियों को अवगत करा दिया गया है। हमें उन्हें औपचारिक नोटिस शीघ्र ही जारी कर देंगे।' कंपनी से सीधे जुड़े कर्मचारियों की संख्या 150 है।टिप्पणियां लूप टेलीकाम के पास 21 सर्किलों में 2जी लाइसेंस है। हालांकि उसने सिर्फ 13 सर्किलों में परिचालन शुरू किया था। दूरसंचार नियामक ट्राई के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी, 2012 के अंत तक कोलकाता में उसके ग्राहकों की संख्या सबसे ज्यादा 2,300 से अधिक है। वहीं ओड़िशा में उसके उपभोक्ताओं की संख्या 965 थी। लूप टेलीकाम के एक प्रवक्ता ने कहा, 'हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। कंपनी अपने ग्राहकों को मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी के जरिये दूसरी नेटवर्क पर जाने संबंधी सलाह का विज्ञापन पहले ही अखबारों में दे चुकी है।' इस फैसले से मुंबई को छोड़कर 13 सर्किलों में कंपनी के 6,000 उपभोक्ता प्रभावित होंगे। मुंबई में लूप मोबाइल सेवाएं दे रही है और वहां उसके ग्राहकों की संख्या 30 लाख से अधिक है। प्रवक्ता ने कहा, ‘इससे हमारा मुंबई परिचालन प्रभावित नहीं होगा। वहां लूप मोबाइल के पास अलग लाइसेंस है। मुंबई में परिचालन जारी रहेगा और वहां के उपभोक्ता प्रभावित नहीं होंगे।’ कंपनी ने अपने कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने संबंधी नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रवक्ता ने कहा, 'हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। सभी कमर्चारियों को अवगत करा दिया गया है। हमें उन्हें औपचारिक नोटिस शीघ्र ही जारी कर देंगे।' कंपनी से सीधे जुड़े कर्मचारियों की संख्या 150 है।टिप्पणियां लूप टेलीकाम के पास 21 सर्किलों में 2जी लाइसेंस है। हालांकि उसने सिर्फ 13 सर्किलों में परिचालन शुरू किया था। दूरसंचार नियामक ट्राई के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी, 2012 के अंत तक कोलकाता में उसके ग्राहकों की संख्या सबसे ज्यादा 2,300 से अधिक है। वहीं ओड़िशा में उसके उपभोक्ताओं की संख्या 965 थी। इस फैसले से मुंबई को छोड़कर 13 सर्किलों में कंपनी के 6,000 उपभोक्ता प्रभावित होंगे। मुंबई में लूप मोबाइल सेवाएं दे रही है और वहां उसके ग्राहकों की संख्या 30 लाख से अधिक है। प्रवक्ता ने कहा, ‘इससे हमारा मुंबई परिचालन प्रभावित नहीं होगा। वहां लूप मोबाइल के पास अलग लाइसेंस है। मुंबई में परिचालन जारी रहेगा और वहां के उपभोक्ता प्रभावित नहीं होंगे।’ कंपनी ने अपने कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने संबंधी नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रवक्ता ने कहा, 'हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। सभी कमर्चारियों को अवगत करा दिया गया है। हमें उन्हें औपचारिक नोटिस शीघ्र ही जारी कर देंगे।' कंपनी से सीधे जुड़े कर्मचारियों की संख्या 150 है।टिप्पणियां लूप टेलीकाम के पास 21 सर्किलों में 2जी लाइसेंस है। हालांकि उसने सिर्फ 13 सर्किलों में परिचालन शुरू किया था। दूरसंचार नियामक ट्राई के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी, 2012 के अंत तक कोलकाता में उसके ग्राहकों की संख्या सबसे ज्यादा 2,300 से अधिक है। वहीं ओड़िशा में उसके उपभोक्ताओं की संख्या 965 थी। प्रवक्ता ने कहा, ‘इससे हमारा मुंबई परिचालन प्रभावित नहीं होगा। वहां लूप मोबाइल के पास अलग लाइसेंस है। मुंबई में परिचालन जारी रहेगा और वहां के उपभोक्ता प्रभावित नहीं होंगे।’ कंपनी ने अपने कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने संबंधी नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रवक्ता ने कहा, 'हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। सभी कमर्चारियों को अवगत करा दिया गया है। हमें उन्हें औपचारिक नोटिस शीघ्र ही जारी कर देंगे।' कंपनी से सीधे जुड़े कर्मचारियों की संख्या 150 है।टिप्पणियां लूप टेलीकाम के पास 21 सर्किलों में 2जी लाइसेंस है। हालांकि उसने सिर्फ 13 सर्किलों में परिचालन शुरू किया था। दूरसंचार नियामक ट्राई के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी, 2012 के अंत तक कोलकाता में उसके ग्राहकों की संख्या सबसे ज्यादा 2,300 से अधिक है। वहीं ओड़िशा में उसके उपभोक्ताओं की संख्या 965 थी। कंपनी ने अपने कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने संबंधी नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रवक्ता ने कहा, 'हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। सभी कमर्चारियों को अवगत करा दिया गया है। हमें उन्हें औपचारिक नोटिस शीघ्र ही जारी कर देंगे।' कंपनी से सीधे जुड़े कर्मचारियों की संख्या 150 है।टिप्पणियां लूप टेलीकाम के पास 21 सर्किलों में 2जी लाइसेंस है। हालांकि उसने सिर्फ 13 सर्किलों में परिचालन शुरू किया था। दूरसंचार नियामक ट्राई के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी, 2012 के अंत तक कोलकाता में उसके ग्राहकों की संख्या सबसे ज्यादा 2,300 से अधिक है। वहीं ओड़िशा में उसके उपभोक्ताओं की संख्या 965 थी। प्रवक्ता ने कहा, 'हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। सभी कमर्चारियों को अवगत करा दिया गया है। हमें उन्हें औपचारिक नोटिस शीघ्र ही जारी कर देंगे।' कंपनी से सीधे जुड़े कर्मचारियों की संख्या 150 है।टिप्पणियां लूप टेलीकाम के पास 21 सर्किलों में 2जी लाइसेंस है। हालांकि उसने सिर्फ 13 सर्किलों में परिचालन शुरू किया था। दूरसंचार नियामक ट्राई के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी, 2012 के अंत तक कोलकाता में उसके ग्राहकों की संख्या सबसे ज्यादा 2,300 से अधिक है। वहीं ओड़िशा में उसके उपभोक्ताओं की संख्या 965 थी। लूप टेलीकाम के पास 21 सर्किलों में 2जी लाइसेंस है। हालांकि उसने सिर्फ 13 सर्किलों में परिचालन शुरू किया था। दूरसंचार नियामक ट्राई के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी, 2012 के अंत तक कोलकाता में उसके ग्राहकों की संख्या सबसे ज्यादा 2,300 से अधिक है। वहीं ओड़िशा में उसके उपभोक्ताओं की संख्या 965 थी। दूरसंचार नियामक ट्राई के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी, 2012 के अंत तक कोलकाता में उसके ग्राहकों की संख्या सबसे ज्यादा 2,300 से अधिक है। वहीं ओड़िशा में उसके उपभोक्ताओं की संख्या 965 थी।
संक्षिप्त पाठ: लूप टेलीकॉम ने मुंबई को छोड़ देश के बाकी हिस्सों में अपना कारोबार बंद करने की घोषणा की है। हालांकि, कंपनी ने कहा है कि इस फैसले से उसका मुंबई सर्किल प्रभावित नहीं होगा, जहां उसकी सहायक इकाई लूप मोबाइल सेवाएं दे रही है।
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: संसद के उच्‍च सदन के लिए आज वोटिंग होनी है. अप्रैल में राज्‍यसभा के 62 सदस्‍य सेवानिवृत्‍त हो रहे हैं. इनमें तीन मनोनीत सदस्‍य हैं. राज्‍यसभा की 59 सीटों में से 10 राज्‍यों के 33 उम्‍मीदवारों का निर्विरोध चुनाव संपन्‍न हो चुका है और राज्‍यसभा चुनाव में आज 26 सीटों के लिए चुनाव होना हैं. राज्‍यसभा चुनाव में आज जिन राज्‍यों में चुनाव होने हैं उनमें उत्‍तर-प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, झारखंड,  केरल, छत्‍तीसगढ़ और तेलंगाना शामिल है. आपको बता दें कि केरल में राज्‍यसभा का उपचुनाव होना है. यहां जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के सांसद एमपी वीरेंद्र कुमार के इस्‍तीफे के बाद से जगह खाली हुई थी. 17 राज्‍यों से आने वाले इन सदस्‍यों में सर्वाधिक संख्‍या उत्‍तर प्रदेश से है. यूपी की 10 सीटों पर चुनाव होना है. हालांकि गुजरात में अहमद पटेल की राज्यसभा सीट के लिए जिस तरह कांटे की टक्कर देखी गई, वैसे होने की संभावना नहीं है.
अप्रैल में राज्‍यसभा के 62 सदस्‍य सेवानिवृत्‍त हो रहे हैं राज्‍यसभा के तीन मनोनीत सदस्‍य भी सेवानिवृत्‍त हो रहे हैं 10 राज्‍यों के 33 उम्‍मीदवारों का निर्विरोध चुनाव संपन्‍न हो चुका है
34
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा की फर्जी आईडी रखने के आरोप में मध्य प्रदेश पुलिस ने शुक्रवार को अंसार खान नाम के एक 20 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है. उसके पास से फर्जी पहचान पत्र बरामद किया गया है, जिस पर अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के फर्जी दस्तखत भी हैं. सिर्फ 12वीं तक पढ़ा-लिखा अंसार कहता है कि उसे नासा में स्पेस एंड फूड कार्यक्रम के लिए 1.85 करोड़ रुपये की वार्षिक तनख्वाह पर नियुक्त किया गया था और वह इसी महीने के अंत में अपनी नौकरी शुरू करने वाला था. उसने अपने सम्मान समारोह के लिए कमालपुर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को भी बुलावा भेजा था. हालांकि इसी ने उसकी पोल खोल दी. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शशिकांत शुक्ला को उस वक्त अंसार खान पर शक हुआ जब वह उन्हें न्योता देने के लिए अपने गले में आईडी कार्ड टांग कर आया. उन्होंने देखा कि उस कार्ड पर बराक ओबामा के दस्तखत हैं, तो उन्होंने अपने दफ्तर से इस युवक के दावे की जांच करने को कहा.नासा में नौकरी लगने की खबर पर अंसार खान को उनके स्कूल ने सम्मानित भी किया था जांच के दौरान न सिर्फ अंसार के फ्रॉड का खुलासा हो गया, बल्कि पुलिस को यह भी पता चला कि उसने कई लोगों से यह कहकर रुपये उधार लिए थे कि नासा से सैलरी मिलते ही उन्हें लौटा देगा.टिप्पणियां पुलिस के अनुसार अंसार 14 अगस्त को एक स्थानीय फोटो स्टूडियो में गया, जहां उसने नासा के लोगों और बराक ओबामा के दस्तखत के साथ नासा का पहचान पत्र प्रिंट किया. अंसार के इस फर्जीवाड़े को सच मानकर उसके स्कूल और कई अन्य स्थानीय संगठनों ने उसकी उपलब्धि के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम रखा. एक बार पहले भी अंसार का सम्मान हो चुका है. पुलिस अधिकारी बीएस गौरे ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा, 'अंसार का पहचान पत्र देखने के बाद हमारे पुलिस अधीक्षक को उस पर शक हुआ और हमने जांच शुरू कर दी. फोटो स्टूडियो के मालिक का कहना है कि अंसार अपने अमेरिका जाने की तारीख को बार-बार आगे बढ़ाता रहता था और यहां तक कि उसके पास पासपोर्ट भी नहीं है. उसने विदेश जाने के लिए लोगों से रुपये भी उधार लिए हैं.' सिर्फ 12वीं तक पढ़ा-लिखा अंसार कहता है कि उसे नासा में स्पेस एंड फूड कार्यक्रम के लिए 1.85 करोड़ रुपये की वार्षिक तनख्वाह पर नियुक्त किया गया था और वह इसी महीने के अंत में अपनी नौकरी शुरू करने वाला था. उसने अपने सम्मान समारोह के लिए कमालपुर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को भी बुलावा भेजा था. हालांकि इसी ने उसकी पोल खोल दी. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शशिकांत शुक्ला को उस वक्त अंसार खान पर शक हुआ जब वह उन्हें न्योता देने के लिए अपने गले में आईडी कार्ड टांग कर आया. उन्होंने देखा कि उस कार्ड पर बराक ओबामा के दस्तखत हैं, तो उन्होंने अपने दफ्तर से इस युवक के दावे की जांच करने को कहा.नासा में नौकरी लगने की खबर पर अंसार खान को उनके स्कूल ने सम्मानित भी किया था जांच के दौरान न सिर्फ अंसार के फ्रॉड का खुलासा हो गया, बल्कि पुलिस को यह भी पता चला कि उसने कई लोगों से यह कहकर रुपये उधार लिए थे कि नासा से सैलरी मिलते ही उन्हें लौटा देगा.टिप्पणियां पुलिस के अनुसार अंसार 14 अगस्त को एक स्थानीय फोटो स्टूडियो में गया, जहां उसने नासा के लोगों और बराक ओबामा के दस्तखत के साथ नासा का पहचान पत्र प्रिंट किया. अंसार के इस फर्जीवाड़े को सच मानकर उसके स्कूल और कई अन्य स्थानीय संगठनों ने उसकी उपलब्धि के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम रखा. एक बार पहले भी अंसार का सम्मान हो चुका है. पुलिस अधिकारी बीएस गौरे ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा, 'अंसार का पहचान पत्र देखने के बाद हमारे पुलिस अधीक्षक को उस पर शक हुआ और हमने जांच शुरू कर दी. फोटो स्टूडियो के मालिक का कहना है कि अंसार अपने अमेरिका जाने की तारीख को बार-बार आगे बढ़ाता रहता था और यहां तक कि उसके पास पासपोर्ट भी नहीं है. उसने विदेश जाने के लिए लोगों से रुपये भी उधार लिए हैं.' वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शशिकांत शुक्ला को उस वक्त अंसार खान पर शक हुआ जब वह उन्हें न्योता देने के लिए अपने गले में आईडी कार्ड टांग कर आया. उन्होंने देखा कि उस कार्ड पर बराक ओबामा के दस्तखत हैं, तो उन्होंने अपने दफ्तर से इस युवक के दावे की जांच करने को कहा.नासा में नौकरी लगने की खबर पर अंसार खान को उनके स्कूल ने सम्मानित भी किया था जांच के दौरान न सिर्फ अंसार के फ्रॉड का खुलासा हो गया, बल्कि पुलिस को यह भी पता चला कि उसने कई लोगों से यह कहकर रुपये उधार लिए थे कि नासा से सैलरी मिलते ही उन्हें लौटा देगा.टिप्पणियां पुलिस के अनुसार अंसार 14 अगस्त को एक स्थानीय फोटो स्टूडियो में गया, जहां उसने नासा के लोगों और बराक ओबामा के दस्तखत के साथ नासा का पहचान पत्र प्रिंट किया. अंसार के इस फर्जीवाड़े को सच मानकर उसके स्कूल और कई अन्य स्थानीय संगठनों ने उसकी उपलब्धि के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम रखा. एक बार पहले भी अंसार का सम्मान हो चुका है. पुलिस अधिकारी बीएस गौरे ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा, 'अंसार का पहचान पत्र देखने के बाद हमारे पुलिस अधीक्षक को उस पर शक हुआ और हमने जांच शुरू कर दी. फोटो स्टूडियो के मालिक का कहना है कि अंसार अपने अमेरिका जाने की तारीख को बार-बार आगे बढ़ाता रहता था और यहां तक कि उसके पास पासपोर्ट भी नहीं है. उसने विदेश जाने के लिए लोगों से रुपये भी उधार लिए हैं.' नासा में नौकरी लगने की खबर पर अंसार खान को उनके स्कूल ने सम्मानित भी किया था जांच के दौरान न सिर्फ अंसार के फ्रॉड का खुलासा हो गया, बल्कि पुलिस को यह भी पता चला कि उसने कई लोगों से यह कहकर रुपये उधार लिए थे कि नासा से सैलरी मिलते ही उन्हें लौटा देगा.टिप्पणियां पुलिस के अनुसार अंसार 14 अगस्त को एक स्थानीय फोटो स्टूडियो में गया, जहां उसने नासा के लोगों और बराक ओबामा के दस्तखत के साथ नासा का पहचान पत्र प्रिंट किया. अंसार के इस फर्जीवाड़े को सच मानकर उसके स्कूल और कई अन्य स्थानीय संगठनों ने उसकी उपलब्धि के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम रखा. एक बार पहले भी अंसार का सम्मान हो चुका है. पुलिस अधिकारी बीएस गौरे ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा, 'अंसार का पहचान पत्र देखने के बाद हमारे पुलिस अधीक्षक को उस पर शक हुआ और हमने जांच शुरू कर दी. फोटो स्टूडियो के मालिक का कहना है कि अंसार अपने अमेरिका जाने की तारीख को बार-बार आगे बढ़ाता रहता था और यहां तक कि उसके पास पासपोर्ट भी नहीं है. उसने विदेश जाने के लिए लोगों से रुपये भी उधार लिए हैं.' जांच के दौरान न सिर्फ अंसार के फ्रॉड का खुलासा हो गया, बल्कि पुलिस को यह भी पता चला कि उसने कई लोगों से यह कहकर रुपये उधार लिए थे कि नासा से सैलरी मिलते ही उन्हें लौटा देगा.टिप्पणियां पुलिस के अनुसार अंसार 14 अगस्त को एक स्थानीय फोटो स्टूडियो में गया, जहां उसने नासा के लोगों और बराक ओबामा के दस्तखत के साथ नासा का पहचान पत्र प्रिंट किया. अंसार के इस फर्जीवाड़े को सच मानकर उसके स्कूल और कई अन्य स्थानीय संगठनों ने उसकी उपलब्धि के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम रखा. एक बार पहले भी अंसार का सम्मान हो चुका है. पुलिस अधिकारी बीएस गौरे ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा, 'अंसार का पहचान पत्र देखने के बाद हमारे पुलिस अधीक्षक को उस पर शक हुआ और हमने जांच शुरू कर दी. फोटो स्टूडियो के मालिक का कहना है कि अंसार अपने अमेरिका जाने की तारीख को बार-बार आगे बढ़ाता रहता था और यहां तक कि उसके पास पासपोर्ट भी नहीं है. उसने विदेश जाने के लिए लोगों से रुपये भी उधार लिए हैं.' पुलिस के अनुसार अंसार 14 अगस्त को एक स्थानीय फोटो स्टूडियो में गया, जहां उसने नासा के लोगों और बराक ओबामा के दस्तखत के साथ नासा का पहचान पत्र प्रिंट किया. अंसार के इस फर्जीवाड़े को सच मानकर उसके स्कूल और कई अन्य स्थानीय संगठनों ने उसकी उपलब्धि के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम रखा. एक बार पहले भी अंसार का सम्मान हो चुका है. पुलिस अधिकारी बीएस गौरे ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा, 'अंसार का पहचान पत्र देखने के बाद हमारे पुलिस अधीक्षक को उस पर शक हुआ और हमने जांच शुरू कर दी. फोटो स्टूडियो के मालिक का कहना है कि अंसार अपने अमेरिका जाने की तारीख को बार-बार आगे बढ़ाता रहता था और यहां तक कि उसके पास पासपोर्ट भी नहीं है. उसने विदेश जाने के लिए लोगों से रुपये भी उधार लिए हैं.' पुलिस अधिकारी बीएस गौरे ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा, 'अंसार का पहचान पत्र देखने के बाद हमारे पुलिस अधीक्षक को उस पर शक हुआ और हमने जांच शुरू कर दी. फोटो स्टूडियो के मालिक का कहना है कि अंसार अपने अमेरिका जाने की तारीख को बार-बार आगे बढ़ाता रहता था और यहां तक कि उसके पास पासपोर्ट भी नहीं है. उसने विदेश जाने के लिए लोगों से रुपये भी उधार लिए हैं.'
पहचान पत्र पर अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के फर्जी हस्ताक्षर अंसार ने नासा की नौकरी के नाम पर लोगों के रुपये भी उधार लिए उसके स्कूल और स्थानीय संगठनों ने उसकी उपलब्धि पर एक कार्यक्रम रखा था
28
['hin']
एक सारांश बनाओ: इंग्लिश क्रिकेट टीम के बल्लेबाज इयान बेल 14 अक्टूबर से शुरू हो रही वनडे सीरीज के मद्देनजर भारतीय टीम को हल्के में नहीं ले रहे हैं। बेल का मानना है कि भारतीय टीम को उपमहाद्वीपीय हालात में हराना एक गम्भीर चुनौती है। बेल ने 'स्काई स्पोर्ट्स' से बातचीत के दौरान कहा, इससे कुछ फर्क नहीं पड़ता कि आपने बीती शृंखलाओं में कितना अच्छा खेल दिखाया है। भारत के साथ उसकी पिचों पर खेलना एक अलग चुनौती होती है और इसमें पुराने रिकॉर्ड की कोई अहमियत नहीं रह जाती। उन्होंने कहा कि यह अलग बात है कि पिछली शृंखला में मिली जीत के कारण हम मनोवैज्ञानिक तौर पर आगे हैं, लेकिन इससे बहुत अधिक फर्क नहीं पड़ता है। बीते दो वर्षों में हमने हालांकि इस तरह की कई चुनौतियों को सफलतापूर्वक पार किया है, लेकिन यह चुनौती सचमुच बहुत अहम है। वैसे हमारे पास अच्छा खेलते हुए एक और चुनौती को पार पाने और विश्व की श्रेष्ठ टीम बनने की दिशा में आगे बढ़ने का अच्छा मौका है। इंग्लिश टीम को भारत में पांच वनडे मैच और एक ट्वेंटी-20 मैच खेलना है। इससे पहले इंग्लैंड में खेली गई चार मैचों की टेस्ट शृंखला में इंग्लैंड ने भारत को 4-0 से और पांच मैचों की एकदिवसीय शृंखला में 3-0 से पराजित किया था।
संक्षिप्त पाठ: इंग्लिश क्रिकेट टीम के बल्लेबाज इयान बेल 14 अक्टूबर से शुरू हो रही वनडे सीरीज के मद्देनजर भारतीय टीम को हल्के में नहीं ले रहे हैं।
30
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कल्याण से सटे मुरबाड इलाके में तेंदुए की दहशत ने लोगों की नींद उड़ा दी है. नरभक्षी तेंदुआ अब तक दो लोगों को मौत की नींद सुला चुका है. आलम यह है कि प्रशासन को इलाके में पुलिस और एसआरपीएफ के सैकड़ों जवानों को तैनात करना पड़ा है. कई जगहों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए है. लेकिन दो दिनों की मशक्कत के बाद भी आदमखोर तेंदुआ वन विभाग की पकड़ में नहीं आ सका है. मजबूर होकर उसे गोली मारने का आदेश दे दिया गया है. तेंदुए ने सबसे ज्यादा आतंक कोलेवाड़ी गांव में मचाया है. दोनों मौतें इसी गांव के निवासियों की हुई हैं. तेंदुए ने पहले 65 साल की मीरा बाई वारे को निशाना बनाया. फिर एक दिन बाद जंगल में भेड़ चराने गए चरवाहे बारकु भोईर को मार खाया. गांव की मुर्गियों और दूसरे जानवरों को भी तेंदुआ कई बार निशाना बना चुका है.टिप्पणियां कोलेवाड़ी  कल्याण से करीब 80 किलो मीटर दूर मुरबाड के जगलों में है. यह इलाका वन विभाग के तहत आता है. गांव वालों का आरोप है कि वन विभाग के लोग दूसरे इलाकों में पकड़े गए तेंदुए यहां के जंगल में लाकर छोड़ते हैं. इसके नतीज में आज उनकी जान पर बन आई है. मृतकों के परिवार वालों का आरोप है कि वन विभाग की लापरवाही ही उनके परिजनों की मौत के लिए जिम्मेदार है. नाराज गांव वालों ने वनविभाग की दो गाड़ियों को निशाना बनाया तब जाकर प्रशासन की नींद खुली और तेंदुए को पकड़ने के लिए इलाके में पांच पिंजरे लगाए गए उसकी धरपकड़ की कोशिश भी हुई लेकिन अभी तक तेंदुआ पकड़ में नहीं आया है. सिर्फ सीसीटीवी कैमरे में उसकी तस्वीर कैद हो पाई है. तेंदुए ने सबसे ज्यादा आतंक कोलेवाड़ी गांव में मचाया है. दोनों मौतें इसी गांव के निवासियों की हुई हैं. तेंदुए ने पहले 65 साल की मीरा बाई वारे को निशाना बनाया. फिर एक दिन बाद जंगल में भेड़ चराने गए चरवाहे बारकु भोईर को मार खाया. गांव की मुर्गियों और दूसरे जानवरों को भी तेंदुआ कई बार निशाना बना चुका है.टिप्पणियां कोलेवाड़ी  कल्याण से करीब 80 किलो मीटर दूर मुरबाड के जगलों में है. यह इलाका वन विभाग के तहत आता है. गांव वालों का आरोप है कि वन विभाग के लोग दूसरे इलाकों में पकड़े गए तेंदुए यहां के जंगल में लाकर छोड़ते हैं. इसके नतीज में आज उनकी जान पर बन आई है. मृतकों के परिवार वालों का आरोप है कि वन विभाग की लापरवाही ही उनके परिजनों की मौत के लिए जिम्मेदार है. नाराज गांव वालों ने वनविभाग की दो गाड़ियों को निशाना बनाया तब जाकर प्रशासन की नींद खुली और तेंदुए को पकड़ने के लिए इलाके में पांच पिंजरे लगाए गए उसकी धरपकड़ की कोशिश भी हुई लेकिन अभी तक तेंदुआ पकड़ में नहीं आया है. सिर्फ सीसीटीवी कैमरे में उसकी तस्वीर कैद हो पाई है. कोलेवाड़ी  कल्याण से करीब 80 किलो मीटर दूर मुरबाड के जगलों में है. यह इलाका वन विभाग के तहत आता है. गांव वालों का आरोप है कि वन विभाग के लोग दूसरे इलाकों में पकड़े गए तेंदुए यहां के जंगल में लाकर छोड़ते हैं. इसके नतीज में आज उनकी जान पर बन आई है. मृतकों के परिवार वालों का आरोप है कि वन विभाग की लापरवाही ही उनके परिजनों की मौत के लिए जिम्मेदार है. नाराज गांव वालों ने वनविभाग की दो गाड़ियों को निशाना बनाया तब जाकर प्रशासन की नींद खुली और तेंदुए को पकड़ने के लिए इलाके में पांच पिंजरे लगाए गए उसकी धरपकड़ की कोशिश भी हुई लेकिन अभी तक तेंदुआ पकड़ में नहीं आया है. सिर्फ सीसीटीवी कैमरे में उसकी तस्वीर कैद हो पाई है. नाराज गांव वालों ने वनविभाग की दो गाड़ियों को निशाना बनाया तब जाकर प्रशासन की नींद खुली और तेंदुए को पकड़ने के लिए इलाके में पांच पिंजरे लगाए गए उसकी धरपकड़ की कोशिश भी हुई लेकिन अभी तक तेंदुआ पकड़ में नहीं आया है. सिर्फ सीसीटीवी कैमरे में उसकी तस्वीर कैद हो पाई है.
संक्षिप्त पाठ: तेंदुए ने दो व्यक्तियों की जान ले ली एसआरपीएफ के सैकड़ों जवान तैनात किए गए दो दिन की मशक्कत के बाद भी पकड़ा नहीं जा सका
22
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दुनिया डिजिटल बन चुकी है. ऐप और वेब साइट पर दुनिया की हर समस्या का समाधान है. फिल्म 'रनिंग शादी' भी कुछ ऐसे ही विषय पर है जिसमें राम भरोसे नाम का एक युवा नौकरी से निकाले जाने के बाद एक ऐसी वेबसाइट खोलता है जिसके माध्यम से युवा जोड़े राम भरोसे से संपर्क करते हैं और राम भरोसे उन युवा जोड़ों की घर से भगाकर शादी करवाता है. राम भरोसे की भूमिका में हैं अमित साध और फिल्‍म में घर से इन जोड़ों को भगाने में उनका साथ देती है निम्मी और उनके दोस्त साइबर. निम्मी की भूमिका तापसी पन्‍नू ने निभाई है. यानि ये रनिंग शादी नाम की वेबसाइट ऐसे युवाओं की भगा कर शादी करवाती है जिनके परिवार वाले उनकी शादी के खिलाफ होते हैं. इस फिल्म का विषय काफी दिलचस्प है और फिल्‍म कहीं स्‍लो भी नहीं होती है. फिल्म का दूसरा भाग खास तौर से रोचक है जब कहानी पंजाब से पटना पहुंचती है. किरदार, उनके हाव भाव और लहजे काफी रीयलिस्टिक लगते हैं. फिल्म में कई जगहों पर ह्यूमर का अच्‍छा इस्‍तेमाल किया गया है.  तीनों मुख्य किरदार तापसी पन्नू, अमित साध और अर्श बाजवा का अभिनय अच्छा है. टिप्पणियां इस फिल्म की कमियों की बात करें तो सबसे बड़ी प्रॉब्लम यह है कि फिल्म का विषय जितना आकर्षक है इसकी कहानी उतनी आकर्षक नहीं बन पाई है.  जितने अच्छे से फिल्म की शुरुवात होती है उतने अच्छे से इसका अंत नहीं होता क्योंकि एक समय के बाद हम वही देख रहे होते हैं कि एक लड़की अपने परिवार के डर से एक लड़के के साथ भाग रही है.  इस फिल्म का नाम पहले 'रनिंग शादी डॉट कॉम' था मगर किसी कानूनी उलझन की वजह से फिल्म के नाम से डॉट कॉम हटाना पड़ा. इस वजह से जहां भी डॉट कॉम शब्द आता वहां आवाज़ दबा दी गई है, जो पूरी फिल्‍म में बहुत ही अटपटा लगता है. हालांकि इसमें हम फिल्‍मकार को दोष नहीं दे सकते. एक नए विषय पर बनी फिल्म 'रनिंग शादी' बहुत ज्‍यादा मनोरंजन तो नहीं करती मगर बोर भी नहीं होने देती इसलिए इस फिल्म के लिए मेरी रेटिंग है 2.5 स्टार्स. इस फिल्म का विषय काफी दिलचस्प है और फिल्‍म कहीं स्‍लो भी नहीं होती है. फिल्म का दूसरा भाग खास तौर से रोचक है जब कहानी पंजाब से पटना पहुंचती है. किरदार, उनके हाव भाव और लहजे काफी रीयलिस्टिक लगते हैं. फिल्म में कई जगहों पर ह्यूमर का अच्‍छा इस्‍तेमाल किया गया है.  तीनों मुख्य किरदार तापसी पन्नू, अमित साध और अर्श बाजवा का अभिनय अच्छा है. टिप्पणियां इस फिल्म की कमियों की बात करें तो सबसे बड़ी प्रॉब्लम यह है कि फिल्म का विषय जितना आकर्षक है इसकी कहानी उतनी आकर्षक नहीं बन पाई है.  जितने अच्छे से फिल्म की शुरुवात होती है उतने अच्छे से इसका अंत नहीं होता क्योंकि एक समय के बाद हम वही देख रहे होते हैं कि एक लड़की अपने परिवार के डर से एक लड़के के साथ भाग रही है.  इस फिल्म का नाम पहले 'रनिंग शादी डॉट कॉम' था मगर किसी कानूनी उलझन की वजह से फिल्म के नाम से डॉट कॉम हटाना पड़ा. इस वजह से जहां भी डॉट कॉम शब्द आता वहां आवाज़ दबा दी गई है, जो पूरी फिल्‍म में बहुत ही अटपटा लगता है. हालांकि इसमें हम फिल्‍मकार को दोष नहीं दे सकते. एक नए विषय पर बनी फिल्म 'रनिंग शादी' बहुत ज्‍यादा मनोरंजन तो नहीं करती मगर बोर भी नहीं होने देती इसलिए इस फिल्म के लिए मेरी रेटिंग है 2.5 स्टार्स. इस फिल्म की कमियों की बात करें तो सबसे बड़ी प्रॉब्लम यह है कि फिल्म का विषय जितना आकर्षक है इसकी कहानी उतनी आकर्षक नहीं बन पाई है.  जितने अच्छे से फिल्म की शुरुवात होती है उतने अच्छे से इसका अंत नहीं होता क्योंकि एक समय के बाद हम वही देख रहे होते हैं कि एक लड़की अपने परिवार के डर से एक लड़के के साथ भाग रही है.  इस फिल्म का नाम पहले 'रनिंग शादी डॉट कॉम' था मगर किसी कानूनी उलझन की वजह से फिल्म के नाम से डॉट कॉम हटाना पड़ा. इस वजह से जहां भी डॉट कॉम शब्द आता वहां आवाज़ दबा दी गई है, जो पूरी फिल्‍म में बहुत ही अटपटा लगता है. हालांकि इसमें हम फिल्‍मकार को दोष नहीं दे सकते. एक नए विषय पर बनी फिल्म 'रनिंग शादी' बहुत ज्‍यादा मनोरंजन तो नहीं करती मगर बोर भी नहीं होने देती इसलिए इस फिल्म के लिए मेरी रेटिंग है 2.5 स्टार्स. इस फिल्म का नाम पहले 'रनिंग शादी डॉट कॉम' था मगर किसी कानूनी उलझन की वजह से फिल्म के नाम से डॉट कॉम हटाना पड़ा. इस वजह से जहां भी डॉट कॉम शब्द आता वहां आवाज़ दबा दी गई है, जो पूरी फिल्‍म में बहुत ही अटपटा लगता है. हालांकि इसमें हम फिल्‍मकार को दोष नहीं दे सकते. एक नए विषय पर बनी फिल्म 'रनिंग शादी' बहुत ज्‍यादा मनोरंजन तो नहीं करती मगर बोर भी नहीं होने देती इसलिए इस फिल्म के लिए मेरी रेटिंग है 2.5 स्टार्स.
सारांश: लोगों को घर से भगाकर शादी कराते हैं फिल्‍म में अमित सध और तापसी पन्‍नू फिल्‍म में कई जगह नजर आता है ह्यूमर, लेकिन उतना कमाल नहीं इस फिल्‍म को हमारी तरफ से मिलते हैं 2.5 स्टार्स.
20
['hin']
एक सारांश बनाओ: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में जल्दी ही सचिन तेंदुलकर चौक या सचिन तेंदुलकर मार्ग देखने को मिल सकता है। दिल्ली नगर निगम इस चैम्पियन क्रिकेटर के नाम पर एक चौक या सड़क का नाम रखने पर विचार कर रही है। एक पार्षद ने तो चांदनी चौक का नाम तेंदुलकर चौक रखने का प्रस्ताव रख डाला। मेयर रजनी अब्बी ने आज कहा कि एमसीडील को तेंदुलकर को सम्मानित करने के बारे में कई प्रस्ताव मिले है लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया। उन्होंने कहा, ‘तेंदुलकर के नाम पर चौक या सड़क का नाम रखने की मांग है। एमसीडी की 11 जनवरी को होने वाली बैठक में इस पर गौर किया जा सकता है।’ चांदनी चौक का नाम बदलने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। चांदनी चौक के पाषर्द सुमन कुमार गुप्ता ने चांदनी चौक का नाम तेंदुलकर चौक रखने का प्रस्ताव दिया है। नेलसन मंडेला मार्ग को छोड़कर दिल्ली में किसी सड़क का नाम जीवित व्यक्ति के नाम पर नहीं है। एमसीडी वर्क्‍स कमेटी के अध्यक्ष जगदीश मांगेन ने कहा, ‘दिल्ली को योगदान की बात है तो तेंदुलकर से ज्यादा ई श्रीधरन इसके पात्र हैं।’
यहाँ एक सारांश है:जल्दी ही सचिन तेंदुलकर चौक या सचिन तेंदुलकर मार्ग देखने को मिल सकता है। दिल्ली नगर निगम इस चैम्पियन क्रिकेटर के नाम पर एक चौक या सड़क का नाम रखने पर विचार कर रही है।
15
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर का मानना है कि युवा विराट कोहली भारतीय क्रिकेट का भविष्य हैं और इंग्लैंड के हाथों टेस्ट शृंखला गंवाने के बाद वह मौजूदा कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से कप्तानी हासिल करने के लिए तैयार हैं। इंग्लैंड ने नागपुर में चौथा और अंतिम टेस्ट ड्रॉ कराके 2-1 की जीत के साथ भारत में 28 बरस बाद टेस्ट शृंखला जीती। गावस्कर ने कहा कि समय आ गया है कि चयनकर्ता भविष्य पर ध्यान दें, क्योंकि धोनी शृंखला में लय में नहीं दिखे। पूर्व भारतीय कप्तान गावस्कर ने कहा, इस टेस्ट के चौथे दिन तक मैं कहता रहा कि महेंद्र सिंह धोनी का कोई विकल्प नहीं है, लेकिन विराट के मुश्किल हालात में शतक जड़ने के बाद मुझे लगता है कि उसने अपने बारे में अच्छी चीज खोज ली है। मुझे लगता है कि वह जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार है। गावस्कर ने ‘एनडीटीवी’ से कहा, मुझे लगता है कि इसकी ओर सकारात्मक तरीके से देखा जाना चाहिए क्योंकि यही भविष्य है। इस पूर्व भारतीय कप्तान ने शर्मनाक हार के लिए भारतीय टीम की आलोचना की, लेकिन धोनी को साधारण और आक्रामकता विहीन कप्तानी के लिए विशेष रूप से लताड़ा। उन्होंने कहा, अगर भारत जीतना चाहता था तो उसे रात के स्कोर पर ही पारी घोषित करके जज्बा दिखाना चाहिए था। इंग्लैंड ने शानदार बल्लेबाजी की, लेकिन हमारे गेंदबाज प्रभावहीन थे और हमारे बल्लेबाजों ने वैसा प्रदर्शन नहीं किया, जिसकी उम्मीद थी। यह टीम की विफलता है। वहीं श्रीकांत ने कहा, धोनी की कप्तानी नीरस हो गई है और वह नहीं जान पा रहा है कि जब चीजें हाथ से छूट रही हैं तो क्या करना है। उसे अब से टेस्ट कप्तान नहीं होना चाहिए । अगर मैं चयनकर्ताओं का अध्यक्ष होता तो मैं धोनी को विकेटकीपर और बल्लेबाज के रूप में टीम में चुनता।टिप्पणियां पूर्व भारतीय स्पिनर बिशन सिंह बेदी ने भी धोनी को कप्तानी से हटाने की मांग की। उन्होंने कहा, धोनी को खुद को भाग्यशाली मानना चाहिए कि वह अब भी वहां (कप्तान) है। अगर टाइगर पटौदी या सुनील गावस्कर ने इतने टेस्ट गंवा दिये होते तो वे इतने लंबे समय तक नहीं टिके रहते। बेदी ने कहा, उसने कप्तान बने रहने के लिए ज्यादा कुछ नहीं किया है। उसे विश्वकप जीत के बाद ही हटा देना चाहिए था। उन्होंने पूछा, वह टेस्ट कप्तान नहीं है। आपको ऐसे कप्तान की जरूरत होती है जो अंतिम एकादश में अपने स्थान का दावेदार हो। मुझे बताइये कि उसके 99 रन टीम के किसी काम के थे। बेदी का मानना है कि कोहली को टीम की कमान सौंपनी चाहिए। उन्होंने कहा, आप ऐसा नहीं कह सकते कि हम किसी अन्य खिलाड़ी को कप्तान नहीं बना सकते? मैं विराट कोहली को कप्तान बनाऊंगा। उसके पास तेज क्रिकेटिया दिमाग है। आपको युवाओं पर भरोसा करना होगा। यह युवा खिलाड़ियों का खेल है। हम लम्बे समय से उम्रदराज खिलाड़ियों को ढो रहे हैं। इंग्लैंड ने नागपुर में चौथा और अंतिम टेस्ट ड्रॉ कराके 2-1 की जीत के साथ भारत में 28 बरस बाद टेस्ट शृंखला जीती। गावस्कर ने कहा कि समय आ गया है कि चयनकर्ता भविष्य पर ध्यान दें, क्योंकि धोनी शृंखला में लय में नहीं दिखे। पूर्व भारतीय कप्तान गावस्कर ने कहा, इस टेस्ट के चौथे दिन तक मैं कहता रहा कि महेंद्र सिंह धोनी का कोई विकल्प नहीं है, लेकिन विराट के मुश्किल हालात में शतक जड़ने के बाद मुझे लगता है कि उसने अपने बारे में अच्छी चीज खोज ली है। मुझे लगता है कि वह जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार है। गावस्कर ने ‘एनडीटीवी’ से कहा, मुझे लगता है कि इसकी ओर सकारात्मक तरीके से देखा जाना चाहिए क्योंकि यही भविष्य है। इस पूर्व भारतीय कप्तान ने शर्मनाक हार के लिए भारतीय टीम की आलोचना की, लेकिन धोनी को साधारण और आक्रामकता विहीन कप्तानी के लिए विशेष रूप से लताड़ा। उन्होंने कहा, अगर भारत जीतना चाहता था तो उसे रात के स्कोर पर ही पारी घोषित करके जज्बा दिखाना चाहिए था। इंग्लैंड ने शानदार बल्लेबाजी की, लेकिन हमारे गेंदबाज प्रभावहीन थे और हमारे बल्लेबाजों ने वैसा प्रदर्शन नहीं किया, जिसकी उम्मीद थी। यह टीम की विफलता है। वहीं श्रीकांत ने कहा, धोनी की कप्तानी नीरस हो गई है और वह नहीं जान पा रहा है कि जब चीजें हाथ से छूट रही हैं तो क्या करना है। उसे अब से टेस्ट कप्तान नहीं होना चाहिए । अगर मैं चयनकर्ताओं का अध्यक्ष होता तो मैं धोनी को विकेटकीपर और बल्लेबाज के रूप में टीम में चुनता।टिप्पणियां पूर्व भारतीय स्पिनर बिशन सिंह बेदी ने भी धोनी को कप्तानी से हटाने की मांग की। उन्होंने कहा, धोनी को खुद को भाग्यशाली मानना चाहिए कि वह अब भी वहां (कप्तान) है। अगर टाइगर पटौदी या सुनील गावस्कर ने इतने टेस्ट गंवा दिये होते तो वे इतने लंबे समय तक नहीं टिके रहते। बेदी ने कहा, उसने कप्तान बने रहने के लिए ज्यादा कुछ नहीं किया है। उसे विश्वकप जीत के बाद ही हटा देना चाहिए था। उन्होंने पूछा, वह टेस्ट कप्तान नहीं है। आपको ऐसे कप्तान की जरूरत होती है जो अंतिम एकादश में अपने स्थान का दावेदार हो। मुझे बताइये कि उसके 99 रन टीम के किसी काम के थे। बेदी का मानना है कि कोहली को टीम की कमान सौंपनी चाहिए। उन्होंने कहा, आप ऐसा नहीं कह सकते कि हम किसी अन्य खिलाड़ी को कप्तान नहीं बना सकते? मैं विराट कोहली को कप्तान बनाऊंगा। उसके पास तेज क्रिकेटिया दिमाग है। आपको युवाओं पर भरोसा करना होगा। यह युवा खिलाड़ियों का खेल है। हम लम्बे समय से उम्रदराज खिलाड़ियों को ढो रहे हैं। पूर्व भारतीय कप्तान गावस्कर ने कहा, इस टेस्ट के चौथे दिन तक मैं कहता रहा कि महेंद्र सिंह धोनी का कोई विकल्प नहीं है, लेकिन विराट के मुश्किल हालात में शतक जड़ने के बाद मुझे लगता है कि उसने अपने बारे में अच्छी चीज खोज ली है। मुझे लगता है कि वह जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार है। गावस्कर ने ‘एनडीटीवी’ से कहा, मुझे लगता है कि इसकी ओर सकारात्मक तरीके से देखा जाना चाहिए क्योंकि यही भविष्य है। इस पूर्व भारतीय कप्तान ने शर्मनाक हार के लिए भारतीय टीम की आलोचना की, लेकिन धोनी को साधारण और आक्रामकता विहीन कप्तानी के लिए विशेष रूप से लताड़ा। उन्होंने कहा, अगर भारत जीतना चाहता था तो उसे रात के स्कोर पर ही पारी घोषित करके जज्बा दिखाना चाहिए था। इंग्लैंड ने शानदार बल्लेबाजी की, लेकिन हमारे गेंदबाज प्रभावहीन थे और हमारे बल्लेबाजों ने वैसा प्रदर्शन नहीं किया, जिसकी उम्मीद थी। यह टीम की विफलता है। वहीं श्रीकांत ने कहा, धोनी की कप्तानी नीरस हो गई है और वह नहीं जान पा रहा है कि जब चीजें हाथ से छूट रही हैं तो क्या करना है। उसे अब से टेस्ट कप्तान नहीं होना चाहिए । अगर मैं चयनकर्ताओं का अध्यक्ष होता तो मैं धोनी को विकेटकीपर और बल्लेबाज के रूप में टीम में चुनता।टिप्पणियां पूर्व भारतीय स्पिनर बिशन सिंह बेदी ने भी धोनी को कप्तानी से हटाने की मांग की। उन्होंने कहा, धोनी को खुद को भाग्यशाली मानना चाहिए कि वह अब भी वहां (कप्तान) है। अगर टाइगर पटौदी या सुनील गावस्कर ने इतने टेस्ट गंवा दिये होते तो वे इतने लंबे समय तक नहीं टिके रहते। बेदी ने कहा, उसने कप्तान बने रहने के लिए ज्यादा कुछ नहीं किया है। उसे विश्वकप जीत के बाद ही हटा देना चाहिए था। उन्होंने पूछा, वह टेस्ट कप्तान नहीं है। आपको ऐसे कप्तान की जरूरत होती है जो अंतिम एकादश में अपने स्थान का दावेदार हो। मुझे बताइये कि उसके 99 रन टीम के किसी काम के थे। बेदी का मानना है कि कोहली को टीम की कमान सौंपनी चाहिए। उन्होंने कहा, आप ऐसा नहीं कह सकते कि हम किसी अन्य खिलाड़ी को कप्तान नहीं बना सकते? मैं विराट कोहली को कप्तान बनाऊंगा। उसके पास तेज क्रिकेटिया दिमाग है। आपको युवाओं पर भरोसा करना होगा। यह युवा खिलाड़ियों का खेल है। हम लम्बे समय से उम्रदराज खिलाड़ियों को ढो रहे हैं। गावस्कर ने ‘एनडीटीवी’ से कहा, मुझे लगता है कि इसकी ओर सकारात्मक तरीके से देखा जाना चाहिए क्योंकि यही भविष्य है। इस पूर्व भारतीय कप्तान ने शर्मनाक हार के लिए भारतीय टीम की आलोचना की, लेकिन धोनी को साधारण और आक्रामकता विहीन कप्तानी के लिए विशेष रूप से लताड़ा। उन्होंने कहा, अगर भारत जीतना चाहता था तो उसे रात के स्कोर पर ही पारी घोषित करके जज्बा दिखाना चाहिए था। इंग्लैंड ने शानदार बल्लेबाजी की, लेकिन हमारे गेंदबाज प्रभावहीन थे और हमारे बल्लेबाजों ने वैसा प्रदर्शन नहीं किया, जिसकी उम्मीद थी। यह टीम की विफलता है। वहीं श्रीकांत ने कहा, धोनी की कप्तानी नीरस हो गई है और वह नहीं जान पा रहा है कि जब चीजें हाथ से छूट रही हैं तो क्या करना है। उसे अब से टेस्ट कप्तान नहीं होना चाहिए । अगर मैं चयनकर्ताओं का अध्यक्ष होता तो मैं धोनी को विकेटकीपर और बल्लेबाज के रूप में टीम में चुनता।टिप्पणियां पूर्व भारतीय स्पिनर बिशन सिंह बेदी ने भी धोनी को कप्तानी से हटाने की मांग की। उन्होंने कहा, धोनी को खुद को भाग्यशाली मानना चाहिए कि वह अब भी वहां (कप्तान) है। अगर टाइगर पटौदी या सुनील गावस्कर ने इतने टेस्ट गंवा दिये होते तो वे इतने लंबे समय तक नहीं टिके रहते। बेदी ने कहा, उसने कप्तान बने रहने के लिए ज्यादा कुछ नहीं किया है। उसे विश्वकप जीत के बाद ही हटा देना चाहिए था। उन्होंने पूछा, वह टेस्ट कप्तान नहीं है। आपको ऐसे कप्तान की जरूरत होती है जो अंतिम एकादश में अपने स्थान का दावेदार हो। मुझे बताइये कि उसके 99 रन टीम के किसी काम के थे। बेदी का मानना है कि कोहली को टीम की कमान सौंपनी चाहिए। उन्होंने कहा, आप ऐसा नहीं कह सकते कि हम किसी अन्य खिलाड़ी को कप्तान नहीं बना सकते? मैं विराट कोहली को कप्तान बनाऊंगा। उसके पास तेज क्रिकेटिया दिमाग है। आपको युवाओं पर भरोसा करना होगा। यह युवा खिलाड़ियों का खेल है। हम लम्बे समय से उम्रदराज खिलाड़ियों को ढो रहे हैं। उन्होंने कहा, अगर भारत जीतना चाहता था तो उसे रात के स्कोर पर ही पारी घोषित करके जज्बा दिखाना चाहिए था। इंग्लैंड ने शानदार बल्लेबाजी की, लेकिन हमारे गेंदबाज प्रभावहीन थे और हमारे बल्लेबाजों ने वैसा प्रदर्शन नहीं किया, जिसकी उम्मीद थी। यह टीम की विफलता है। वहीं श्रीकांत ने कहा, धोनी की कप्तानी नीरस हो गई है और वह नहीं जान पा रहा है कि जब चीजें हाथ से छूट रही हैं तो क्या करना है। उसे अब से टेस्ट कप्तान नहीं होना चाहिए । अगर मैं चयनकर्ताओं का अध्यक्ष होता तो मैं धोनी को विकेटकीपर और बल्लेबाज के रूप में टीम में चुनता।टिप्पणियां पूर्व भारतीय स्पिनर बिशन सिंह बेदी ने भी धोनी को कप्तानी से हटाने की मांग की। उन्होंने कहा, धोनी को खुद को भाग्यशाली मानना चाहिए कि वह अब भी वहां (कप्तान) है। अगर टाइगर पटौदी या सुनील गावस्कर ने इतने टेस्ट गंवा दिये होते तो वे इतने लंबे समय तक नहीं टिके रहते। बेदी ने कहा, उसने कप्तान बने रहने के लिए ज्यादा कुछ नहीं किया है। उसे विश्वकप जीत के बाद ही हटा देना चाहिए था। उन्होंने पूछा, वह टेस्ट कप्तान नहीं है। आपको ऐसे कप्तान की जरूरत होती है जो अंतिम एकादश में अपने स्थान का दावेदार हो। मुझे बताइये कि उसके 99 रन टीम के किसी काम के थे। बेदी का मानना है कि कोहली को टीम की कमान सौंपनी चाहिए। उन्होंने कहा, आप ऐसा नहीं कह सकते कि हम किसी अन्य खिलाड़ी को कप्तान नहीं बना सकते? मैं विराट कोहली को कप्तान बनाऊंगा। उसके पास तेज क्रिकेटिया दिमाग है। आपको युवाओं पर भरोसा करना होगा। यह युवा खिलाड़ियों का खेल है। हम लम्बे समय से उम्रदराज खिलाड़ियों को ढो रहे हैं। वहीं श्रीकांत ने कहा, धोनी की कप्तानी नीरस हो गई है और वह नहीं जान पा रहा है कि जब चीजें हाथ से छूट रही हैं तो क्या करना है। उसे अब से टेस्ट कप्तान नहीं होना चाहिए । अगर मैं चयनकर्ताओं का अध्यक्ष होता तो मैं धोनी को विकेटकीपर और बल्लेबाज के रूप में टीम में चुनता।टिप्पणियां पूर्व भारतीय स्पिनर बिशन सिंह बेदी ने भी धोनी को कप्तानी से हटाने की मांग की। उन्होंने कहा, धोनी को खुद को भाग्यशाली मानना चाहिए कि वह अब भी वहां (कप्तान) है। अगर टाइगर पटौदी या सुनील गावस्कर ने इतने टेस्ट गंवा दिये होते तो वे इतने लंबे समय तक नहीं टिके रहते। बेदी ने कहा, उसने कप्तान बने रहने के लिए ज्यादा कुछ नहीं किया है। उसे विश्वकप जीत के बाद ही हटा देना चाहिए था। उन्होंने पूछा, वह टेस्ट कप्तान नहीं है। आपको ऐसे कप्तान की जरूरत होती है जो अंतिम एकादश में अपने स्थान का दावेदार हो। मुझे बताइये कि उसके 99 रन टीम के किसी काम के थे। बेदी का मानना है कि कोहली को टीम की कमान सौंपनी चाहिए। उन्होंने कहा, आप ऐसा नहीं कह सकते कि हम किसी अन्य खिलाड़ी को कप्तान नहीं बना सकते? मैं विराट कोहली को कप्तान बनाऊंगा। उसके पास तेज क्रिकेटिया दिमाग है। आपको युवाओं पर भरोसा करना होगा। यह युवा खिलाड़ियों का खेल है। हम लम्बे समय से उम्रदराज खिलाड़ियों को ढो रहे हैं। पूर्व भारतीय स्पिनर बिशन सिंह बेदी ने भी धोनी को कप्तानी से हटाने की मांग की। उन्होंने कहा, धोनी को खुद को भाग्यशाली मानना चाहिए कि वह अब भी वहां (कप्तान) है। अगर टाइगर पटौदी या सुनील गावस्कर ने इतने टेस्ट गंवा दिये होते तो वे इतने लंबे समय तक नहीं टिके रहते। बेदी ने कहा, उसने कप्तान बने रहने के लिए ज्यादा कुछ नहीं किया है। उसे विश्वकप जीत के बाद ही हटा देना चाहिए था। उन्होंने पूछा, वह टेस्ट कप्तान नहीं है। आपको ऐसे कप्तान की जरूरत होती है जो अंतिम एकादश में अपने स्थान का दावेदार हो। मुझे बताइये कि उसके 99 रन टीम के किसी काम के थे। बेदी का मानना है कि कोहली को टीम की कमान सौंपनी चाहिए। उन्होंने कहा, आप ऐसा नहीं कह सकते कि हम किसी अन्य खिलाड़ी को कप्तान नहीं बना सकते? मैं विराट कोहली को कप्तान बनाऊंगा। उसके पास तेज क्रिकेटिया दिमाग है। आपको युवाओं पर भरोसा करना होगा। यह युवा खिलाड़ियों का खेल है। हम लम्बे समय से उम्रदराज खिलाड़ियों को ढो रहे हैं। उन्होंने कहा, आप ऐसा नहीं कह सकते कि हम किसी अन्य खिलाड़ी को कप्तान नहीं बना सकते? मैं विराट कोहली को कप्तान बनाऊंगा। उसके पास तेज क्रिकेटिया दिमाग है। आपको युवाओं पर भरोसा करना होगा। यह युवा खिलाड़ियों का खेल है। हम लम्बे समय से उम्रदराज खिलाड़ियों को ढो रहे हैं।
महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर का मानना है कि युवा विराट कोहली भारतीय क्रिकेट का भविष्य हैं और इंग्लैंड के हाथों टेस्ट शृंखला गंवाने के बाद वह मौजूदा कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से कप्तानी हासिल करने के लिए तैयार हैं।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: अमेरिका छात्रों के लिए सुरक्षित स्थल है - सुरक्षा चिंता बढ़ने के बाद अमेरिकी प्रशासन कैंपस में यह संदेश देने में जुटा है. पिछले सप्ताह ही अमेरिका के न्यूयॉर्क में कॉर्नेल विश्वविद्यालय में पढ़ने वाला भारतीय मूल का 20 वर्षीय एक छात्र मृत मृत पाया गया था. वह कई दिन से लापता था. आलाप नरसिपुरा नाम का यह छात्र कॉर्नेल्स कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग का वरिष्ठ छात्र था. कॉर्नेल यूनिवर्सिटी पुलिस ने न्यूयॉर्क स्टेट पुलिस, इथाका पुलिस विभाग और इथाका दमकल विभाग के साथ काम कर उसका शव कल फॉल क्रीक से बरामद किया था. हालांकि पुलिस हत्या की आशंका को खारिज कर दिया था लेकिन अमेरिका में रहने वाले भारतीय छात्रों में इस घटना को लेकर बेचैनी जरूर है. टिप्पणियां प्रशासन का कहना है कि कुछ घटनाएं अपवाद हैं और सामान्य नहीं हैं. राज्य शिक्षा विभाग के प्रमुख फ्रेड बोल ने NDTV को बताया कि अमेरिकी कैंपस सुरक्षित हैं. यह हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है. कुछ अपवाद हो सकते हैं लेकिन वे सामान्य घटनाएं नहीं हैं." डैमेज कंट्रोल का प्रयास करते हुए, उन्होंने जो कहा उसका मतलब तो यही है कि अमेरिका में भारतीय छात्रों के स्वागत है.  गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद भारतीयों पर हमलों की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है. विवादास्पद आव्रजन प्रतिबंध के कारण भी भारतीय छात्रों के भविष्य को लेकर चिंताएं जाहिर की गई हैं. कई भारतीय परिवारों का अब कहना है कि वे अपने बच्चों को अमेरिका पढ़ाई के लिए भेजने को लेकर अनिश्चित हैं.    इलिनोइस में भारतीय मूल के संगठन के प्रमुख राजा कृष्णामूर्ति का कहना है कि अमेरिका को अच्छे लोगों की जरूर है. इस पर ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए कि वे कहां से हैं और उन्हें बदलना नहीं चाहिए." उन्होंने कह कि हम अपने देश के लोगों के समर्थन में आगे आते हैं. हमारे दरवाजे उनके लिए हमेशा खुले हैं."  उनके मुताबिक, भारतीय छात्रों को छोटी से छोटी घटनाओं को बताना चाहिए. गौरतलब है कि अमेरिका में डेढ़ लाख से ज्यादा भारतीय छात्र पढ़ते हैं.  प्रशासन का कहना है कि कुछ घटनाएं अपवाद हैं और सामान्य नहीं हैं. राज्य शिक्षा विभाग के प्रमुख फ्रेड बोल ने NDTV को बताया कि अमेरिकी कैंपस सुरक्षित हैं. यह हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है. कुछ अपवाद हो सकते हैं लेकिन वे सामान्य घटनाएं नहीं हैं." डैमेज कंट्रोल का प्रयास करते हुए, उन्होंने जो कहा उसका मतलब तो यही है कि अमेरिका में भारतीय छात्रों के स्वागत है.  गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद भारतीयों पर हमलों की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है. विवादास्पद आव्रजन प्रतिबंध के कारण भी भारतीय छात्रों के भविष्य को लेकर चिंताएं जाहिर की गई हैं. कई भारतीय परिवारों का अब कहना है कि वे अपने बच्चों को अमेरिका पढ़ाई के लिए भेजने को लेकर अनिश्चित हैं.    इलिनोइस में भारतीय मूल के संगठन के प्रमुख राजा कृष्णामूर्ति का कहना है कि अमेरिका को अच्छे लोगों की जरूर है. इस पर ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए कि वे कहां से हैं और उन्हें बदलना नहीं चाहिए." उन्होंने कह कि हम अपने देश के लोगों के समर्थन में आगे आते हैं. हमारे दरवाजे उनके लिए हमेशा खुले हैं."  उनके मुताबिक, भारतीय छात्रों को छोटी से छोटी घटनाओं को बताना चाहिए. गौरतलब है कि अमेरिका में डेढ़ लाख से ज्यादा भारतीय छात्र पढ़ते हैं.  गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद भारतीयों पर हमलों की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है. विवादास्पद आव्रजन प्रतिबंध के कारण भी भारतीय छात्रों के भविष्य को लेकर चिंताएं जाहिर की गई हैं. कई भारतीय परिवारों का अब कहना है कि वे अपने बच्चों को अमेरिका पढ़ाई के लिए भेजने को लेकर अनिश्चित हैं.    इलिनोइस में भारतीय मूल के संगठन के प्रमुख राजा कृष्णामूर्ति का कहना है कि अमेरिका को अच्छे लोगों की जरूर है. इस पर ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए कि वे कहां से हैं और उन्हें बदलना नहीं चाहिए." उन्होंने कह कि हम अपने देश के लोगों के समर्थन में आगे आते हैं. हमारे दरवाजे उनके लिए हमेशा खुले हैं."  उनके मुताबिक, भारतीय छात्रों को छोटी से छोटी घटनाओं को बताना चाहिए. गौरतलब है कि अमेरिका में डेढ़ लाख से ज्यादा भारतीय छात्र पढ़ते हैं.
अमेरिका में रहने वाले भारतीय छात्रों में बेचैनी बढ़ रही है प्रशासन का कहना है कि कुछ घटनाएं अपवाद हैं और सामान्य नहीं अमेरिका में डेढ़ लाख से ज्यादा भारतीय छात्र पढ़ते हैं
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मुजफ्फरनगर हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार भाजपा विधायक संगीत सोम को मुजफ्फरनगर की एक स्थानीय अदालत ने जमानत देने से इनकार कर दिया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट केपी सिंह ने सोम की जमानत याचिका नामंजूर कर दी। सोम को शनिवार को एक फर्जी वीडियो अपलोड करने में उनकी कथित भूमिका के कारण शनिवार को गिरफ्तार किया गया था। कहा जा रहा है कि उसी वीडियो के कारण मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिक दंगे भड़क उठे।टिप्पणियां सरधना के विधायक सोम फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। एक अन्य भाजपा विधायक सुरेश राणा की जमानत याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होगी। सोम और थाना भवन के विधायक राणा तथा चरथावल के बसपा विधायक नूर सलीम को मुजफ्फरनगर जिले और आसपास के इलाकों में सांप्रदायिक हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। दंगों में 48 लोगों की मौत हुई और हजारों अन्य विस्थापित हुए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट केपी सिंह ने सोम की जमानत याचिका नामंजूर कर दी। सोम को शनिवार को एक फर्जी वीडियो अपलोड करने में उनकी कथित भूमिका के कारण शनिवार को गिरफ्तार किया गया था। कहा जा रहा है कि उसी वीडियो के कारण मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिक दंगे भड़क उठे।टिप्पणियां सरधना के विधायक सोम फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। एक अन्य भाजपा विधायक सुरेश राणा की जमानत याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होगी। सोम और थाना भवन के विधायक राणा तथा चरथावल के बसपा विधायक नूर सलीम को मुजफ्फरनगर जिले और आसपास के इलाकों में सांप्रदायिक हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। दंगों में 48 लोगों की मौत हुई और हजारों अन्य विस्थापित हुए। कहा जा रहा है कि उसी वीडियो के कारण मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिक दंगे भड़क उठे।टिप्पणियां सरधना के विधायक सोम फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। एक अन्य भाजपा विधायक सुरेश राणा की जमानत याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होगी। सोम और थाना भवन के विधायक राणा तथा चरथावल के बसपा विधायक नूर सलीम को मुजफ्फरनगर जिले और आसपास के इलाकों में सांप्रदायिक हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। दंगों में 48 लोगों की मौत हुई और हजारों अन्य विस्थापित हुए। सरधना के विधायक सोम फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। एक अन्य भाजपा विधायक सुरेश राणा की जमानत याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होगी। सोम और थाना भवन के विधायक राणा तथा चरथावल के बसपा विधायक नूर सलीम को मुजफ्फरनगर जिले और आसपास के इलाकों में सांप्रदायिक हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। दंगों में 48 लोगों की मौत हुई और हजारों अन्य विस्थापित हुए। सोम और थाना भवन के विधायक राणा तथा चरथावल के बसपा विधायक नूर सलीम को मुजफ्फरनगर जिले और आसपास के इलाकों में सांप्रदायिक हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। दंगों में 48 लोगों की मौत हुई और हजारों अन्य विस्थापित हुए।
यहाँ एक सारांश है:मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट केपी सिंह ने सोम की जमानत याचिका नामंजूर कर दी। सोम को शनिवार को एक फर्जी वीडियो अपलोड करने में उनकी कथित भूमिका के कारण शनिवार को गिरफ्तार किया गया था।
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: घोटाले से घिरे पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक की 64 वर्षीय जमाकर्ता की पड़ोसी नवी मुंबई में दिल का दौरा पड़ने के कारण मौत हो गयी. उनके परिवार ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. बैंक में 4,355 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आने और आरबीआई द्वारा धन निकासी पर लगाए प्रतिबंधों के बाद कुलदीप कौर विज (64) पीएमसी बैंक की सातवीं जमाकर्ता हैं जिनकी मौत हो गयी है. नवी मुंबई के खारघर इलाके में सेक्टर 10 में रहने वाली कौर की मंगलवार रात को एक अस्पताल में मौत हो गयी. उनके पति वरिंदर सिंह विज (74) ने बताया कि वह बैंक में अपना पैसा फंसे होने को लेकर चिंतित थी और टीवी पर जमाकर्ताओं के प्रदर्शन के बारे में खबरें देखने के बाद थोड़ा तनाव में थीं. उन्होंने बताया कि कौर को अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन इलाज के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. जीटीबी नगर में गुरु तेग बहादुर हाई स्कूल में कोच के तौर पर काम करने वाली विज का पीएमसी बैंक में वेतन का खाता था. उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास स्वास्थ्य बीमा की किश्त चुकाने के लिए पैसे नहीं थे. अभी तक सात जमाकर्ताओं की मौत हो चुकी है. बैंक को और कितनी मौतों की जरूरत है?''
संक्षिप्त पाठ: पीएमसी बैंक की एक और खातेदार की मौत नवी मुंबई में दिल का दौरा पड़ने के कारण मौत बैंक में अपना पैसा फंसे होने को लेकर चिंतित थी महिला
14
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बड़े नोटों को अमान्य करने के निर्णय को दुनिया में सबसे बड़ा अचानक किया गया ‘प्रयोग’ करार देते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि नोटबंदी के पीछे एक घोटाला है जिसकी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराई जानी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री को सदन में आकर नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्ष को सुनना चाहिए. संसद भवन परिसर में नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्षी दलों के धरना प्रदर्शन में हिस्सा लेने के बाद राहुल गांधी ने कहा, ये जो प्रधानमंत्री ने किया है, वह दुनिया का सबसे बड़ा अचानक किया गया वित्तीय प्रयोग है. इसके बारे में उन्होंने किसी ने नहीं पूछा. कहा जा रहा है कि वित्त मंत्री को भी इसकी जानकारी नहीं थी. मुख्य आर्थिक सलाहकार को भी इसकी जानकारी नहीं थी. उन्होंने कहा कि यह कदम वित्त मंत्री से चर्चा करके नहीं उठाया गया है, प्रधानमंत्री ने उठाया है. कांग्रेस उपाध्यक्ष ने मांग की, प्रधानमंत्री देश का प्रतिनिधित्व करते हैं. वह संसद में आएं और नोटबंदी के मुद्दे पर पूरी चर्चा के दौरान बैठें. उन्हें विपक्ष को सुनना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि देश को लगता है कि इस नोटबंदी के पीछे एक घोटाला है. प्रधानमंत्री और भाजपा अध्यक्ष ने अपने लोगों को इसके बारे में पहले बताया. इसकी जेपीसी से जांच कराई जानी चाहिए. कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री के पास 'पॉप कंसर्ट' को संबोधित करने का समय है. वह ऐसे समारोह को संबोधित कर सकते हैं जहां नाच-गाने का कार्यक्रम होता है लेकिन विपक्ष के 200 सांसद एक स्वर से उनसे नोटबंदी पर चर्चा सुनने और जवाब देने की मांग कर रहे हैं.. पर उनके पास संसद में आने का समय नहीं है. राहुल गांधी ने सवाल किया कि वह (मोदी) संसद में क्यों नहीं बोल रहे हैं. प्रधानमंत्री संसद के अंदर आने से क्यों डर रहे हैं. कुछ न कुछ तो कारण जरूर रहा होगा कि प्रधानमंत्री संसद में आने से डर रहे हैं. प्रधानमंत्री बताएं. उन्होंने कहा कि वित्तमंत्री को फैसले की जानकारी नहीं थी, लेकिन भाजपा के संगठन के कुछ लोगों और भाजपा के मित्र उद्योगपतियों को इसकी जानकारी थी.टिप्पणियां इससे पूर्व मंगलवार को भी संसद के दोनों सदनों में नोटबंदी को लेकर हंगामा चलता रहा, जिसकी वजह से सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) संसद भवन परिसर में नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्षी दलों के धरना प्रदर्शन में हिस्सा लेने के बाद राहुल गांधी ने कहा, ये जो प्रधानमंत्री ने किया है, वह दुनिया का सबसे बड़ा अचानक किया गया वित्तीय प्रयोग है. इसके बारे में उन्होंने किसी ने नहीं पूछा. कहा जा रहा है कि वित्त मंत्री को भी इसकी जानकारी नहीं थी. मुख्य आर्थिक सलाहकार को भी इसकी जानकारी नहीं थी. उन्होंने कहा कि यह कदम वित्त मंत्री से चर्चा करके नहीं उठाया गया है, प्रधानमंत्री ने उठाया है. कांग्रेस उपाध्यक्ष ने मांग की, प्रधानमंत्री देश का प्रतिनिधित्व करते हैं. वह संसद में आएं और नोटबंदी के मुद्दे पर पूरी चर्चा के दौरान बैठें. उन्हें विपक्ष को सुनना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि देश को लगता है कि इस नोटबंदी के पीछे एक घोटाला है. प्रधानमंत्री और भाजपा अध्यक्ष ने अपने लोगों को इसके बारे में पहले बताया. इसकी जेपीसी से जांच कराई जानी चाहिए. कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री के पास 'पॉप कंसर्ट' को संबोधित करने का समय है. वह ऐसे समारोह को संबोधित कर सकते हैं जहां नाच-गाने का कार्यक्रम होता है लेकिन विपक्ष के 200 सांसद एक स्वर से उनसे नोटबंदी पर चर्चा सुनने और जवाब देने की मांग कर रहे हैं.. पर उनके पास संसद में आने का समय नहीं है. राहुल गांधी ने सवाल किया कि वह (मोदी) संसद में क्यों नहीं बोल रहे हैं. प्रधानमंत्री संसद के अंदर आने से क्यों डर रहे हैं. कुछ न कुछ तो कारण जरूर रहा होगा कि प्रधानमंत्री संसद में आने से डर रहे हैं. प्रधानमंत्री बताएं. उन्होंने कहा कि वित्तमंत्री को फैसले की जानकारी नहीं थी, लेकिन भाजपा के संगठन के कुछ लोगों और भाजपा के मित्र उद्योगपतियों को इसकी जानकारी थी.टिप्पणियां इससे पूर्व मंगलवार को भी संसद के दोनों सदनों में नोटबंदी को लेकर हंगामा चलता रहा, जिसकी वजह से सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कांग्रेस उपाध्यक्ष ने मांग की, प्रधानमंत्री देश का प्रतिनिधित्व करते हैं. वह संसद में आएं और नोटबंदी के मुद्दे पर पूरी चर्चा के दौरान बैठें. उन्हें विपक्ष को सुनना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि देश को लगता है कि इस नोटबंदी के पीछे एक घोटाला है. प्रधानमंत्री और भाजपा अध्यक्ष ने अपने लोगों को इसके बारे में पहले बताया. इसकी जेपीसी से जांच कराई जानी चाहिए. कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री के पास 'पॉप कंसर्ट' को संबोधित करने का समय है. वह ऐसे समारोह को संबोधित कर सकते हैं जहां नाच-गाने का कार्यक्रम होता है लेकिन विपक्ष के 200 सांसद एक स्वर से उनसे नोटबंदी पर चर्चा सुनने और जवाब देने की मांग कर रहे हैं.. पर उनके पास संसद में आने का समय नहीं है. राहुल गांधी ने सवाल किया कि वह (मोदी) संसद में क्यों नहीं बोल रहे हैं. प्रधानमंत्री संसद के अंदर आने से क्यों डर रहे हैं. कुछ न कुछ तो कारण जरूर रहा होगा कि प्रधानमंत्री संसद में आने से डर रहे हैं. प्रधानमंत्री बताएं. उन्होंने कहा कि वित्तमंत्री को फैसले की जानकारी नहीं थी, लेकिन भाजपा के संगठन के कुछ लोगों और भाजपा के मित्र उद्योगपतियों को इसकी जानकारी थी.टिप्पणियां इससे पूर्व मंगलवार को भी संसद के दोनों सदनों में नोटबंदी को लेकर हंगामा चलता रहा, जिसकी वजह से सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राहुल गांधी ने सवाल किया कि वह (मोदी) संसद में क्यों नहीं बोल रहे हैं. प्रधानमंत्री संसद के अंदर आने से क्यों डर रहे हैं. कुछ न कुछ तो कारण जरूर रहा होगा कि प्रधानमंत्री संसद में आने से डर रहे हैं. प्रधानमंत्री बताएं. उन्होंने कहा कि वित्तमंत्री को फैसले की जानकारी नहीं थी, लेकिन भाजपा के संगठन के कुछ लोगों और भाजपा के मित्र उद्योगपतियों को इसकी जानकारी थी.टिप्पणियां इससे पूर्व मंगलवार को भी संसद के दोनों सदनों में नोटबंदी को लेकर हंगामा चलता रहा, जिसकी वजह से सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि वित्तमंत्री को फैसले की जानकारी नहीं थी, लेकिन भाजपा के संगठन के कुछ लोगों और भाजपा के मित्र उद्योगपतियों को इसकी जानकारी थी.टिप्पणियां इससे पूर्व मंगलवार को भी संसद के दोनों सदनों में नोटबंदी को लेकर हंगामा चलता रहा, जिसकी वजह से सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इससे पूर्व मंगलवार को भी संसद के दोनों सदनों में नोटबंदी को लेकर हंगामा चलता रहा, जिसकी वजह से सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: संसद परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन नोटबंदी पर पीएम मोदी के बयान की मांग सदन की कार्यवाही नहीं हो पा रही है
9
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के विदेशमंत्री एसएम कृष्णा ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक के दौरान भूलवश पुर्तगाल के विदेशमंत्री का बयान पढ़ना शुरू कर दिया। बहरहाल, एक भारतीय अधिकारी द्वारा ध्यान दिलाए जाने के बाद कृष्णा ने इस भूल को सुधार लिया।  संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुरक्षा और विकास पर आयोजित बहस में भारतीय विदेशमंत्री कृष्णा करीब तीन मिनट तक पुर्तगाल के विदेशमंत्री का बयान पढ़ते रहे। लेकिन संयुक्त राष्ट्र में भारत के दूत हरदीप सिंह पुरी ने उनका ध्यान इस तरफ दिलाया, जिसके बाद उन्होंने अपनी गलती सुधार ली। विदेशमंत्री एसएम कृष्णा तीन मिनट तक लगातार पुर्तगाल के विदेश मंत्री लुइस अमाडो का बयान पढ़ते रहे और उन्हें अपनी गलती का एहसास भी नहीं हुआ, क्योंकि बयान का शुरुआती भाग संयुक्त राष्ट्र, विकास और सुरक्षा से संबंधित सामान्य मुद्दों पर केंद्रित था। लेकिन कुछ पंक्तियां अलग भी थीं। इनमें से एक पंक्ति थी, जो कृष्णा ने पढ़ी, पुर्तगाली भाषा बोलने वाले दो देशों, ब्राजील और पुर्तगाल के एक साथ होने के सुखद संयोग को देखते हुए मुझे गहरा संतोष जाहिर करने की इजाजत दीजिए। कृष्णा को इसमें कुछ अटपटा नहीं लगा होगा, क्योंकि हाल ही में ब्राजील ने सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता की थी। पुरी के टोकने से पहले उन्होंने पढ़ा, यूरोपीय संघ भी संयुक्त राष्ट्र के साथ इसी तरीके से जवाब दे रहा है। पुरी ने कृष्णा से, उनकी भूल की ओर ध्यान दिलाने के बाद कहा, आप इसे फिर से शुरू कर सकते हैं। पुर्तगाल के विदेशमंत्री भारत के विदेशमंत्री के बोलने के पहले अपनी बात रख चुके थे। सुरक्षा परिषद में सुधार को लेकर भारत के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कृष्णा दो दिवसीय यात्रा पर यहां आए हैं।
संक्षिप्त सारांश: भारत के विदेशमंत्री एसएम कृष्णा ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक के दौरान भूलवश पुर्तगाल के विदेशमंत्री का बयान पढ़ना शुरू कर दिया।
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) में फिक्सिंग के आरोप झेल रहे बल्लेबाज नासिर जमशेद ने कहा है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप इतने छिछले हैं कि उन्हें पढ़ते वक्त वह अपनी हंसी नहीं रोक सके. जमशेद को पीएसएल में फिक्सिंग के आरोप में ब्रिटेन में बीती फरवरी में गिरफ्तार किया गया था. पाकिस्तान क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (पीसीबी) ने अपनी जांच में पाया था कि जमशेद इस मामले में मुख्य किरदार हैं. लेकिन, चार महीने बाद पीसीबी ने उन पर सिर्फ जांच में सहयोग न करने के आरोप लगाए हैं. पीसीबी ने कहा है कि वह जमशेद को गिरफ्तार करने वाली ब्रिटेन की राष्ट्रीय अपराध एजेंसी (एनसीए) से और सबूत मिलने का इंतजार कर रहा है, इसके बाद जमशेद पर और गंभीर आरोप लगाए जा सकते हैं.  पीसीएल में फिक्सिंग मामले में फंसे एक और खिलाड़ी खालिद लतीफ और जमशेद के कुल आठ वॉहटसऐप वॉयस नोट मीडिया में सामने आए हैं.  वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइंफो ने जमशेद के हवाले से लिखा है, "उनका दावा है कि उनके पास मेरे खिलाफ वॉहट्सऐप वॉयस मैसेज हैं जिसमें मैं कोड वर्ड में स्पॉट फिक्सिंग की बात कर रहा हूं. लेकिन, मैं हकीकत में उन संदेशों में बल्लों को बेचने का जिक्र कर रहा हूं. इसमें किसी तरह की कोड भाषा नहीं है." उन्होंने कहा, "मैं काफी वर्षो से सीए के बल्ले बेचता आ रहा हूं जिसका 10 फीसदी कमीशन मुझे मिलता है. इसमें कोई छुपाने वाली बात नहीं है. ऐसा करने की मेरे पास मंजूरी है. जब मैंने वो कथित सबूत देखे तो मैं काफी जोर से हंसा. वे छिछले और हास्यास्पद हैं." पीसीबी ने हालांकि कहा है कि उसके पास सिर्फ यही एक सबूत नासिर जमशेद के खिलाफ नहीं है. बोर्ड ने कहा है कि उसके पास कुछ खिलाड़ियों के बयान हैं, जो नासिर के खिलाफ जाते हैं. साथ ही एनसीए द्वारा हासिल की गई जानकारी है. उसका कहना है कि अगर एनसीए अपनी जांच में नासिर को क्लीन चिट दे देती है तो भी उसके पास नासिर के खिलाफ काफी सबूत हैं. टिप्पणियां ईएसपीनक्रिकइंफो ने पीसीबी के एक अधिकारी के हवाले से लिखा है, "भ्रष्टाचार मामले की जांच अभी लंबित है. हमने अतिरिक्त भ्रष्टाचार के आरोपों को लगाने का अधिकार अभी तक बचा के रखा है. हम उचित समय पर इसे लगाएंगे."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पीसीएल में फिक्सिंग मामले में फंसे एक और खिलाड़ी खालिद लतीफ और जमशेद के कुल आठ वॉहटसऐप वॉयस नोट मीडिया में सामने आए हैं.  वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइंफो ने जमशेद के हवाले से लिखा है, "उनका दावा है कि उनके पास मेरे खिलाफ वॉहट्सऐप वॉयस मैसेज हैं जिसमें मैं कोड वर्ड में स्पॉट फिक्सिंग की बात कर रहा हूं. लेकिन, मैं हकीकत में उन संदेशों में बल्लों को बेचने का जिक्र कर रहा हूं. इसमें किसी तरह की कोड भाषा नहीं है." उन्होंने कहा, "मैं काफी वर्षो से सीए के बल्ले बेचता आ रहा हूं जिसका 10 फीसदी कमीशन मुझे मिलता है. इसमें कोई छुपाने वाली बात नहीं है. ऐसा करने की मेरे पास मंजूरी है. जब मैंने वो कथित सबूत देखे तो मैं काफी जोर से हंसा. वे छिछले और हास्यास्पद हैं." पीसीबी ने हालांकि कहा है कि उसके पास सिर्फ यही एक सबूत नासिर जमशेद के खिलाफ नहीं है. बोर्ड ने कहा है कि उसके पास कुछ खिलाड़ियों के बयान हैं, जो नासिर के खिलाफ जाते हैं. साथ ही एनसीए द्वारा हासिल की गई जानकारी है. उसका कहना है कि अगर एनसीए अपनी जांच में नासिर को क्लीन चिट दे देती है तो भी उसके पास नासिर के खिलाफ काफी सबूत हैं. टिप्पणियां ईएसपीनक्रिकइंफो ने पीसीबी के एक अधिकारी के हवाले से लिखा है, "भ्रष्टाचार मामले की जांच अभी लंबित है. हमने अतिरिक्त भ्रष्टाचार के आरोपों को लगाने का अधिकार अभी तक बचा के रखा है. हम उचित समय पर इसे लगाएंगे."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइंफो ने जमशेद के हवाले से लिखा है, "उनका दावा है कि उनके पास मेरे खिलाफ वॉहट्सऐप वॉयस मैसेज हैं जिसमें मैं कोड वर्ड में स्पॉट फिक्सिंग की बात कर रहा हूं. लेकिन, मैं हकीकत में उन संदेशों में बल्लों को बेचने का जिक्र कर रहा हूं. इसमें किसी तरह की कोड भाषा नहीं है." उन्होंने कहा, "मैं काफी वर्षो से सीए के बल्ले बेचता आ रहा हूं जिसका 10 फीसदी कमीशन मुझे मिलता है. इसमें कोई छुपाने वाली बात नहीं है. ऐसा करने की मेरे पास मंजूरी है. जब मैंने वो कथित सबूत देखे तो मैं काफी जोर से हंसा. वे छिछले और हास्यास्पद हैं." पीसीबी ने हालांकि कहा है कि उसके पास सिर्फ यही एक सबूत नासिर जमशेद के खिलाफ नहीं है. बोर्ड ने कहा है कि उसके पास कुछ खिलाड़ियों के बयान हैं, जो नासिर के खिलाफ जाते हैं. साथ ही एनसीए द्वारा हासिल की गई जानकारी है. उसका कहना है कि अगर एनसीए अपनी जांच में नासिर को क्लीन चिट दे देती है तो भी उसके पास नासिर के खिलाफ काफी सबूत हैं. टिप्पणियां ईएसपीनक्रिकइंफो ने पीसीबी के एक अधिकारी के हवाले से लिखा है, "भ्रष्टाचार मामले की जांच अभी लंबित है. हमने अतिरिक्त भ्रष्टाचार के आरोपों को लगाने का अधिकार अभी तक बचा के रखा है. हम उचित समय पर इसे लगाएंगे."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, "मैं काफी वर्षो से सीए के बल्ले बेचता आ रहा हूं जिसका 10 फीसदी कमीशन मुझे मिलता है. इसमें कोई छुपाने वाली बात नहीं है. ऐसा करने की मेरे पास मंजूरी है. जब मैंने वो कथित सबूत देखे तो मैं काफी जोर से हंसा. वे छिछले और हास्यास्पद हैं." पीसीबी ने हालांकि कहा है कि उसके पास सिर्फ यही एक सबूत नासिर जमशेद के खिलाफ नहीं है. बोर्ड ने कहा है कि उसके पास कुछ खिलाड़ियों के बयान हैं, जो नासिर के खिलाफ जाते हैं. साथ ही एनसीए द्वारा हासिल की गई जानकारी है. उसका कहना है कि अगर एनसीए अपनी जांच में नासिर को क्लीन चिट दे देती है तो भी उसके पास नासिर के खिलाफ काफी सबूत हैं. टिप्पणियां ईएसपीनक्रिकइंफो ने पीसीबी के एक अधिकारी के हवाले से लिखा है, "भ्रष्टाचार मामले की जांच अभी लंबित है. हमने अतिरिक्त भ्रष्टाचार के आरोपों को लगाने का अधिकार अभी तक बचा के रखा है. हम उचित समय पर इसे लगाएंगे."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पीसीबी ने हालांकि कहा है कि उसके पास सिर्फ यही एक सबूत नासिर जमशेद के खिलाफ नहीं है. बोर्ड ने कहा है कि उसके पास कुछ खिलाड़ियों के बयान हैं, जो नासिर के खिलाफ जाते हैं. साथ ही एनसीए द्वारा हासिल की गई जानकारी है. उसका कहना है कि अगर एनसीए अपनी जांच में नासिर को क्लीन चिट दे देती है तो भी उसके पास नासिर के खिलाफ काफी सबूत हैं. टिप्पणियां ईएसपीनक्रिकइंफो ने पीसीबी के एक अधिकारी के हवाले से लिखा है, "भ्रष्टाचार मामले की जांच अभी लंबित है. हमने अतिरिक्त भ्रष्टाचार के आरोपों को लगाने का अधिकार अभी तक बचा के रखा है. हम उचित समय पर इसे लगाएंगे."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ईएसपीनक्रिकइंफो ने पीसीबी के एक अधिकारी के हवाले से लिखा है, "भ्रष्टाचार मामले की जांच अभी लंबित है. हमने अतिरिक्त भ्रष्टाचार के आरोपों को लगाने का अधिकार अभी तक बचा के रखा है. हम उचित समय पर इसे लगाएंगे."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: पीएसएल में नासिर जमशेद पर लगे फिक्सिंग के आरोप पीसीबी की जांच रिपोर्ट में नासिर जमशेद पाए गए मुख्य आरोपी राष्ट्रीय अपराध एजेंसी से और सबूत मिलने का इंतजार कर रहा है
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['hin']
एक सारांश बनाओ: देश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल और रिसर्च संस्थान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निदेशक पद के लिए अब तक सर्कुलर जारी नहीं किया गया है, जबकि साढ़े तीन महीने पहले ही स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से ये कह दिया गया है कि नए निदेशक के चयन की प्रक्रिया शुरू की जाए. सूत्रों के मुताबिक एम्स के मौजूदा निदेशक इस पद के लिए चयन प्रक्रिया शुरु करने की हरी झंडी नहीं दे रहे. एनडीटीवी इंडिया की ओर से पूछे जाने पर एम्स के डिप्टी डायरेक्टर (एडमिनिस्ट्रेशन) यानी डीडीए वी. श्रीनिवास ने बताया कि इस पद के लिए सर्कुलर जल्दी ही जारी किया जाएगा. एम्स के निदेशक एमसी मिश्रा अगले साल 30 जनवरी को निदेशक पद से रिटायर हो रहे हैं. साढ़े तीन महीने पहले 9 मई को स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से डीडीए वी. श्रीनिवास को भेजी गई चिट्ठी में साफ कहा गया कि इस बारे में -जैसा कि पूर्व में किया गया है - तुरंत सर्कुलर जारी किया जाए.   इस साल 9 मई को स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से एम्स को भेजी गई चिट्ठी एम्स के निदेशक के पद के लिए वर्तमान निदेशक के रिटायर होने के कम से कम 6 महीने पहले चयन प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है, ताकि पद रिक्त होने से दो महीने पहले नामों की सूची कार्मिक मंत्रालय को भेज दी जाए. एनडीटीवी इंडिया के पास कैबिनेट सेक्रेटरी पीके सिन्हा की ओर से पिछले साल दिसंबर में सभी सचिवों लिखी चिट्ठी भी है जो कहती है कि पदों को भरने के काम में देरी नहीं होनी चाहिए. स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से श्रीनिवास को 9 मई को भेजे गए पत्र में इस चिट्ठी को संलग्न करते हुये कहा गया था कि कैबिनेट सेक्रेटरी के आदेश का सख्ती से पालन किया जाए.   पिछले साल दिसंबर में कैबिनेट सचिव की ओर से सभी सचिवों को लिखा गया पत्र एनडीटीवी इंडिया की ओर भेजे गए सवालों के जवाब में एम्स के डीडीए वी. श्रीनिवास ने कहा, 'एम्स के निदेशक के पद को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से हमें एक पत्र मिला है. एम्स जल्दी ही इस बारे में सर्कुलर जारी करेगा.' एम्स के निदेशक के पद पर मिश्रा की नियुक्ति 5 साल या 65 साल की उम्र सीमा तक के लिए की गई थी. मिश्रा अगले साल 30 जनवरी को रिटायर हो रहे हैं. विवादों में रहे एम्स निदेशक के खिलाफ सीबीआई ने अपनी जांच रिपोर्ट में टिप्पणियां करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय से उचित कार्रवाई करने को कहा है. इसके अलावा मिश्रा के हाइकोर्ट में दिए उस हलफनामे को लेकर भी विवाद है, जिसमें उन्होंने भ्रष्टाचार के मामलों में संसदीय समिति की रिपोर्ट की वैधता पर सवाल उठाए थे.टिप्पणियां मंत्रालय और एम्स में सूत्र बताते हैं कि मिश्रा एम्स निदेशक का पद छोड़ना नहीं चाहते और इसलिए निदेशक के पद के चयन प्रक्रिया के लिए निकाले जाने वाले विज्ञापन की फाइल को रोके हुए हैं. हैरानी की बात यह है कि पिछले साढ़े तीन महीने से स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से भेजी गई चिट्ठी पर एम्स की ओर से कोई कदम न उठाए जाने के बावजूद इस मामले में मंत्रालय ने कोई रिमाइंडर एम्स को नहीं भेजा है, बल्कि स्वास्थ्य मंत्रालय इस पर चुप्पी साधे है. वैसे एम्स के डीडीए वी. श्रीनिवास ने इस बारे में सवाल पूछे जाने पर बताया कि 2013 में निदेशक पद के लिए विज्ञापन एम्स के तत्कालीन निदेशक के रिटायरमेंट से 3 महीने पहले ही निकाला गया था. सूत्रों के मुताबिक एम्स के मौजूदा निदेशक इस पद के लिए चयन प्रक्रिया शुरु करने की हरी झंडी नहीं दे रहे. एनडीटीवी इंडिया की ओर से पूछे जाने पर एम्स के डिप्टी डायरेक्टर (एडमिनिस्ट्रेशन) यानी डीडीए वी. श्रीनिवास ने बताया कि इस पद के लिए सर्कुलर जल्दी ही जारी किया जाएगा. एम्स के निदेशक एमसी मिश्रा अगले साल 30 जनवरी को निदेशक पद से रिटायर हो रहे हैं. साढ़े तीन महीने पहले 9 मई को स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से डीडीए वी. श्रीनिवास को भेजी गई चिट्ठी में साफ कहा गया कि इस बारे में -जैसा कि पूर्व में किया गया है - तुरंत सर्कुलर जारी किया जाए.   इस साल 9 मई को स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से एम्स को भेजी गई चिट्ठी एम्स के निदेशक के पद के लिए वर्तमान निदेशक के रिटायर होने के कम से कम 6 महीने पहले चयन प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है, ताकि पद रिक्त होने से दो महीने पहले नामों की सूची कार्मिक मंत्रालय को भेज दी जाए. एनडीटीवी इंडिया के पास कैबिनेट सेक्रेटरी पीके सिन्हा की ओर से पिछले साल दिसंबर में सभी सचिवों लिखी चिट्ठी भी है जो कहती है कि पदों को भरने के काम में देरी नहीं होनी चाहिए. स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से श्रीनिवास को 9 मई को भेजे गए पत्र में इस चिट्ठी को संलग्न करते हुये कहा गया था कि कैबिनेट सेक्रेटरी के आदेश का सख्ती से पालन किया जाए.   पिछले साल दिसंबर में कैबिनेट सचिव की ओर से सभी सचिवों को लिखा गया पत्र एनडीटीवी इंडिया की ओर भेजे गए सवालों के जवाब में एम्स के डीडीए वी. श्रीनिवास ने कहा, 'एम्स के निदेशक के पद को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से हमें एक पत्र मिला है. एम्स जल्दी ही इस बारे में सर्कुलर जारी करेगा.' एम्स के निदेशक के पद पर मिश्रा की नियुक्ति 5 साल या 65 साल की उम्र सीमा तक के लिए की गई थी. मिश्रा अगले साल 30 जनवरी को रिटायर हो रहे हैं. विवादों में रहे एम्स निदेशक के खिलाफ सीबीआई ने अपनी जांच रिपोर्ट में टिप्पणियां करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय से उचित कार्रवाई करने को कहा है. इसके अलावा मिश्रा के हाइकोर्ट में दिए उस हलफनामे को लेकर भी विवाद है, जिसमें उन्होंने भ्रष्टाचार के मामलों में संसदीय समिति की रिपोर्ट की वैधता पर सवाल उठाए थे.टिप्पणियां मंत्रालय और एम्स में सूत्र बताते हैं कि मिश्रा एम्स निदेशक का पद छोड़ना नहीं चाहते और इसलिए निदेशक के पद के चयन प्रक्रिया के लिए निकाले जाने वाले विज्ञापन की फाइल को रोके हुए हैं. हैरानी की बात यह है कि पिछले साढ़े तीन महीने से स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से भेजी गई चिट्ठी पर एम्स की ओर से कोई कदम न उठाए जाने के बावजूद इस मामले में मंत्रालय ने कोई रिमाइंडर एम्स को नहीं भेजा है, बल्कि स्वास्थ्य मंत्रालय इस पर चुप्पी साधे है. वैसे एम्स के डीडीए वी. श्रीनिवास ने इस बारे में सवाल पूछे जाने पर बताया कि 2013 में निदेशक पद के लिए विज्ञापन एम्स के तत्कालीन निदेशक के रिटायरमेंट से 3 महीने पहले ही निकाला गया था. एम्स के निदेशक एमसी मिश्रा अगले साल 30 जनवरी को निदेशक पद से रिटायर हो रहे हैं. साढ़े तीन महीने पहले 9 मई को स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से डीडीए वी. श्रीनिवास को भेजी गई चिट्ठी में साफ कहा गया कि इस बारे में -जैसा कि पूर्व में किया गया है - तुरंत सर्कुलर जारी किया जाए.   इस साल 9 मई को स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से एम्स को भेजी गई चिट्ठी एम्स के निदेशक के पद के लिए वर्तमान निदेशक के रिटायर होने के कम से कम 6 महीने पहले चयन प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है, ताकि पद रिक्त होने से दो महीने पहले नामों की सूची कार्मिक मंत्रालय को भेज दी जाए. एनडीटीवी इंडिया के पास कैबिनेट सेक्रेटरी पीके सिन्हा की ओर से पिछले साल दिसंबर में सभी सचिवों लिखी चिट्ठी भी है जो कहती है कि पदों को भरने के काम में देरी नहीं होनी चाहिए. स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से श्रीनिवास को 9 मई को भेजे गए पत्र में इस चिट्ठी को संलग्न करते हुये कहा गया था कि कैबिनेट सेक्रेटरी के आदेश का सख्ती से पालन किया जाए.   पिछले साल दिसंबर में कैबिनेट सचिव की ओर से सभी सचिवों को लिखा गया पत्र एनडीटीवी इंडिया की ओर भेजे गए सवालों के जवाब में एम्स के डीडीए वी. श्रीनिवास ने कहा, 'एम्स के निदेशक के पद को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से हमें एक पत्र मिला है. एम्स जल्दी ही इस बारे में सर्कुलर जारी करेगा.' एम्स के निदेशक के पद पर मिश्रा की नियुक्ति 5 साल या 65 साल की उम्र सीमा तक के लिए की गई थी. मिश्रा अगले साल 30 जनवरी को रिटायर हो रहे हैं. विवादों में रहे एम्स निदेशक के खिलाफ सीबीआई ने अपनी जांच रिपोर्ट में टिप्पणियां करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय से उचित कार्रवाई करने को कहा है. इसके अलावा मिश्रा के हाइकोर्ट में दिए उस हलफनामे को लेकर भी विवाद है, जिसमें उन्होंने भ्रष्टाचार के मामलों में संसदीय समिति की रिपोर्ट की वैधता पर सवाल उठाए थे.टिप्पणियां मंत्रालय और एम्स में सूत्र बताते हैं कि मिश्रा एम्स निदेशक का पद छोड़ना नहीं चाहते और इसलिए निदेशक के पद के चयन प्रक्रिया के लिए निकाले जाने वाले विज्ञापन की फाइल को रोके हुए हैं. हैरानी की बात यह है कि पिछले साढ़े तीन महीने से स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से भेजी गई चिट्ठी पर एम्स की ओर से कोई कदम न उठाए जाने के बावजूद इस मामले में मंत्रालय ने कोई रिमाइंडर एम्स को नहीं भेजा है, बल्कि स्वास्थ्य मंत्रालय इस पर चुप्पी साधे है. वैसे एम्स के डीडीए वी. श्रीनिवास ने इस बारे में सवाल पूछे जाने पर बताया कि 2013 में निदेशक पद के लिए विज्ञापन एम्स के तत्कालीन निदेशक के रिटायरमेंट से 3 महीने पहले ही निकाला गया था. एम्स के निदेशक के पद के लिए वर्तमान निदेशक के रिटायर होने के कम से कम 6 महीने पहले चयन प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है, ताकि पद रिक्त होने से दो महीने पहले नामों की सूची कार्मिक मंत्रालय को भेज दी जाए. एनडीटीवी इंडिया के पास कैबिनेट सेक्रेटरी पीके सिन्हा की ओर से पिछले साल दिसंबर में सभी सचिवों लिखी चिट्ठी भी है जो कहती है कि पदों को भरने के काम में देरी नहीं होनी चाहिए. स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से श्रीनिवास को 9 मई को भेजे गए पत्र में इस चिट्ठी को संलग्न करते हुये कहा गया था कि कैबिनेट सेक्रेटरी के आदेश का सख्ती से पालन किया जाए.   पिछले साल दिसंबर में कैबिनेट सचिव की ओर से सभी सचिवों को लिखा गया पत्र एनडीटीवी इंडिया की ओर भेजे गए सवालों के जवाब में एम्स के डीडीए वी. श्रीनिवास ने कहा, 'एम्स के निदेशक के पद को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से हमें एक पत्र मिला है. एम्स जल्दी ही इस बारे में सर्कुलर जारी करेगा.' एम्स के निदेशक के पद पर मिश्रा की नियुक्ति 5 साल या 65 साल की उम्र सीमा तक के लिए की गई थी. मिश्रा अगले साल 30 जनवरी को रिटायर हो रहे हैं. विवादों में रहे एम्स निदेशक के खिलाफ सीबीआई ने अपनी जांच रिपोर्ट में टिप्पणियां करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय से उचित कार्रवाई करने को कहा है. इसके अलावा मिश्रा के हाइकोर्ट में दिए उस हलफनामे को लेकर भी विवाद है, जिसमें उन्होंने भ्रष्टाचार के मामलों में संसदीय समिति की रिपोर्ट की वैधता पर सवाल उठाए थे.टिप्पणियां मंत्रालय और एम्स में सूत्र बताते हैं कि मिश्रा एम्स निदेशक का पद छोड़ना नहीं चाहते और इसलिए निदेशक के पद के चयन प्रक्रिया के लिए निकाले जाने वाले विज्ञापन की फाइल को रोके हुए हैं. हैरानी की बात यह है कि पिछले साढ़े तीन महीने से स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से भेजी गई चिट्ठी पर एम्स की ओर से कोई कदम न उठाए जाने के बावजूद इस मामले में मंत्रालय ने कोई रिमाइंडर एम्स को नहीं भेजा है, बल्कि स्वास्थ्य मंत्रालय इस पर चुप्पी साधे है. वैसे एम्स के डीडीए वी. श्रीनिवास ने इस बारे में सवाल पूछे जाने पर बताया कि 2013 में निदेशक पद के लिए विज्ञापन एम्स के तत्कालीन निदेशक के रिटायरमेंट से 3 महीने पहले ही निकाला गया था. एनडीटीवी इंडिया की ओर भेजे गए सवालों के जवाब में एम्स के डीडीए वी. श्रीनिवास ने कहा, 'एम्स के निदेशक के पद को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से हमें एक पत्र मिला है. एम्स जल्दी ही इस बारे में सर्कुलर जारी करेगा.' एम्स के निदेशक के पद पर मिश्रा की नियुक्ति 5 साल या 65 साल की उम्र सीमा तक के लिए की गई थी. मिश्रा अगले साल 30 जनवरी को रिटायर हो रहे हैं. विवादों में रहे एम्स निदेशक के खिलाफ सीबीआई ने अपनी जांच रिपोर्ट में टिप्पणियां करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय से उचित कार्रवाई करने को कहा है. इसके अलावा मिश्रा के हाइकोर्ट में दिए उस हलफनामे को लेकर भी विवाद है, जिसमें उन्होंने भ्रष्टाचार के मामलों में संसदीय समिति की रिपोर्ट की वैधता पर सवाल उठाए थे.टिप्पणियां मंत्रालय और एम्स में सूत्र बताते हैं कि मिश्रा एम्स निदेशक का पद छोड़ना नहीं चाहते और इसलिए निदेशक के पद के चयन प्रक्रिया के लिए निकाले जाने वाले विज्ञापन की फाइल को रोके हुए हैं. हैरानी की बात यह है कि पिछले साढ़े तीन महीने से स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से भेजी गई चिट्ठी पर एम्स की ओर से कोई कदम न उठाए जाने के बावजूद इस मामले में मंत्रालय ने कोई रिमाइंडर एम्स को नहीं भेजा है, बल्कि स्वास्थ्य मंत्रालय इस पर चुप्पी साधे है. वैसे एम्स के डीडीए वी. श्रीनिवास ने इस बारे में सवाल पूछे जाने पर बताया कि 2013 में निदेशक पद के लिए विज्ञापन एम्स के तत्कालीन निदेशक के रिटायरमेंट से 3 महीने पहले ही निकाला गया था. एम्स के निदेशक के पद पर मिश्रा की नियुक्ति 5 साल या 65 साल की उम्र सीमा तक के लिए की गई थी. मिश्रा अगले साल 30 जनवरी को रिटायर हो रहे हैं. विवादों में रहे एम्स निदेशक के खिलाफ सीबीआई ने अपनी जांच रिपोर्ट में टिप्पणियां करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय से उचित कार्रवाई करने को कहा है. इसके अलावा मिश्रा के हाइकोर्ट में दिए उस हलफनामे को लेकर भी विवाद है, जिसमें उन्होंने भ्रष्टाचार के मामलों में संसदीय समिति की रिपोर्ट की वैधता पर सवाल उठाए थे.टिप्पणियां मंत्रालय और एम्स में सूत्र बताते हैं कि मिश्रा एम्स निदेशक का पद छोड़ना नहीं चाहते और इसलिए निदेशक के पद के चयन प्रक्रिया के लिए निकाले जाने वाले विज्ञापन की फाइल को रोके हुए हैं. हैरानी की बात यह है कि पिछले साढ़े तीन महीने से स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से भेजी गई चिट्ठी पर एम्स की ओर से कोई कदम न उठाए जाने के बावजूद इस मामले में मंत्रालय ने कोई रिमाइंडर एम्स को नहीं भेजा है, बल्कि स्वास्थ्य मंत्रालय इस पर चुप्पी साधे है. वैसे एम्स के डीडीए वी. श्रीनिवास ने इस बारे में सवाल पूछे जाने पर बताया कि 2013 में निदेशक पद के लिए विज्ञापन एम्स के तत्कालीन निदेशक के रिटायरमेंट से 3 महीने पहले ही निकाला गया था. मंत्रालय और एम्स में सूत्र बताते हैं कि मिश्रा एम्स निदेशक का पद छोड़ना नहीं चाहते और इसलिए निदेशक के पद के चयन प्रक्रिया के लिए निकाले जाने वाले विज्ञापन की फाइल को रोके हुए हैं. हैरानी की बात यह है कि पिछले साढ़े तीन महीने से स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से भेजी गई चिट्ठी पर एम्स की ओर से कोई कदम न उठाए जाने के बावजूद इस मामले में मंत्रालय ने कोई रिमाइंडर एम्स को नहीं भेजा है, बल्कि स्वास्थ्य मंत्रालय इस पर चुप्पी साधे है. वैसे एम्स के डीडीए वी. श्रीनिवास ने इस बारे में सवाल पूछे जाने पर बताया कि 2013 में निदेशक पद के लिए विज्ञापन एम्स के तत्कालीन निदेशक के रिटायरमेंट से 3 महीने पहले ही निकाला गया था. वैसे एम्स के डीडीए वी. श्रीनिवास ने इस बारे में सवाल पूछे जाने पर बताया कि 2013 में निदेशक पद के लिए विज्ञापन एम्स के तत्कालीन निदेशक के रिटायरमेंट से 3 महीने पहले ही निकाला गया था.
यह एक सारांश है: मौजूदा निदेशक एमसी मिश्रा 30 जनवरी को होंगे रिटायर निदेशक पद के लिए अब तक सर्कुलर जारी नहीं अमूमन 6 महीने पहले चयन प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: 2जी घोटाले में घिरे गृहमंत्री पी चिदंबरम का कहना है कि वह पीएम के भारत वापस आने तक चुप रहेंगे। पी चिदंबरम ने एक बयान जारी कर कहा है कि पीएम ने फोन पर उनसे बात की है। उनका कहना है कि वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने न्यूयॉर्क से उनसे बात की। साथ ही उन्होंने कहा कि पीएम को चुप रहने का भरोसा दिया है। गौरतलब है कि वित्त मंत्रालय के इस नोट में ऐसा लगता है कि चिदंबरम की भूमिका को लेकर सवाल खड़ा किया गया है। सूत्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ फोन पर चिदंबरम की बातचीत करीब 20 मिनट चली और माना जाता है कि प्रधानमंत्री ने पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम की ईमानदारी पर पूरा भरोसा जताया और वह यह कहने के लिए भी तैयार हैं। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने न्यूयॉर्क से 27 सितंबर को वापस स्वदेश लौटने तक चिदंबरम को धैर्य रखने की सलाह दी। समझा जाता है कि प्रधानमंत्री ने चिदंबरम से कहा कि यह गोपनीय नोट उन्हें नहीं दिखाया गया। उस समय चिदंबरम केन्द्र में वित्त मंत्री थे। 2-जी स्पेक्ट्रम के आबंटन और मूल्य निर्धारण पर 25 मार्च, 2011 के दस्तावेजों में मोटे तौर पर यह सुझाव दिया गया है कि तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम चाहते तो पहले आओ पहले पाओ की नीति पर स्पेक्ट्रम का आबंटन रोका जा सकता था और मूल्यवान संसाधन की नीलामी कराई जा सकती थी। वित्त मंत्रालय में उप निदेशक पीजीएस राव द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय में संयुक्त सचिव विनी महाजन को लिखा गया यह नोट बुधवार को उच्चतम न्यायालय में पेश किया गया। नोट के साथ संलग्न पत्र में यह भी कहा गया है कि वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने इस नोट को देखा था।
यह एक सारांश है: पी चिदंबरम ने कहा है कि पीएम ने फोन पर उनसे बात की है। उनका कहना है कि वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने न्यूयॉर्क से उनसे बात की।
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संकेत दिया कि यदि अगले साल लोकसभा चुनावों में संप्रग विजयी होती है तो वह राहुल गांधी के लिए रास्ता बनाने को तैयार हैं। सिंह ने कहा, ‘मैंने हमेशा कहा है, जहां तक मेरा सवाल है, राहुल मेरी जगह लेते हैं तो मुझे बहुत खुशी होगी।’ सिंह ने कहा कि उनका हमेशा से मानना रहा है कि संप्रग तीसरी बार जीतेगी और जनता हममें फिर से विश्वास व्यक्त करेगी। उनसे सवाल किया गया था कि यदि संप्रग-3 सत्ता में आई तो क्या वह राहुल गांधी के लिए रास्ता बनाएंगे।टिप्पणियां राहुल गांधी को स्वाभाविक नेता बताते हुए सिंह ने कहा कि राहुल यदि उनकी जगह लेते हैं तो उन्हें खुशी होगी। उन्होंने राष्ट्रपति भवन में अपने मंत्रिपरिषद में शामिल आठ नए लोगों के शपथ लेने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘राहुल गांधी कांग्रेस के स्वाभाविक नेता हैं। मुझे उम्मीद है कि वह संप्रग का नेतृत्व करेंगे। मैं हमेशा से मानता हूं कि राहुल पूरी तरह फिट हैं और उनमें एक नेता के सभी गुण हैं।’ प्रधानमंत्री से जब पूछा गया कि क्या गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी चुनौती होंगे, उन्होंने कहा कि मोदी कोई चुनौती नहीं हैं। भारत की जनता जानती है कि वह क्या हैं। भारत की जनता को यह देखना है कि वह किसके साथ है। सिंह ने कहा, ‘मैंने हमेशा कहा है, जहां तक मेरा सवाल है, राहुल मेरी जगह लेते हैं तो मुझे बहुत खुशी होगी।’ सिंह ने कहा कि उनका हमेशा से मानना रहा है कि संप्रग तीसरी बार जीतेगी और जनता हममें फिर से विश्वास व्यक्त करेगी। उनसे सवाल किया गया था कि यदि संप्रग-3 सत्ता में आई तो क्या वह राहुल गांधी के लिए रास्ता बनाएंगे।टिप्पणियां राहुल गांधी को स्वाभाविक नेता बताते हुए सिंह ने कहा कि राहुल यदि उनकी जगह लेते हैं तो उन्हें खुशी होगी। उन्होंने राष्ट्रपति भवन में अपने मंत्रिपरिषद में शामिल आठ नए लोगों के शपथ लेने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘राहुल गांधी कांग्रेस के स्वाभाविक नेता हैं। मुझे उम्मीद है कि वह संप्रग का नेतृत्व करेंगे। मैं हमेशा से मानता हूं कि राहुल पूरी तरह फिट हैं और उनमें एक नेता के सभी गुण हैं।’ प्रधानमंत्री से जब पूछा गया कि क्या गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी चुनौती होंगे, उन्होंने कहा कि मोदी कोई चुनौती नहीं हैं। भारत की जनता जानती है कि वह क्या हैं। भारत की जनता को यह देखना है कि वह किसके साथ है। उनसे सवाल किया गया था कि यदि संप्रग-3 सत्ता में आई तो क्या वह राहुल गांधी के लिए रास्ता बनाएंगे।टिप्पणियां राहुल गांधी को स्वाभाविक नेता बताते हुए सिंह ने कहा कि राहुल यदि उनकी जगह लेते हैं तो उन्हें खुशी होगी। उन्होंने राष्ट्रपति भवन में अपने मंत्रिपरिषद में शामिल आठ नए लोगों के शपथ लेने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘राहुल गांधी कांग्रेस के स्वाभाविक नेता हैं। मुझे उम्मीद है कि वह संप्रग का नेतृत्व करेंगे। मैं हमेशा से मानता हूं कि राहुल पूरी तरह फिट हैं और उनमें एक नेता के सभी गुण हैं।’ प्रधानमंत्री से जब पूछा गया कि क्या गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी चुनौती होंगे, उन्होंने कहा कि मोदी कोई चुनौती नहीं हैं। भारत की जनता जानती है कि वह क्या हैं। भारत की जनता को यह देखना है कि वह किसके साथ है। राहुल गांधी को स्वाभाविक नेता बताते हुए सिंह ने कहा कि राहुल यदि उनकी जगह लेते हैं तो उन्हें खुशी होगी। उन्होंने राष्ट्रपति भवन में अपने मंत्रिपरिषद में शामिल आठ नए लोगों के शपथ लेने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘राहुल गांधी कांग्रेस के स्वाभाविक नेता हैं। मुझे उम्मीद है कि वह संप्रग का नेतृत्व करेंगे। मैं हमेशा से मानता हूं कि राहुल पूरी तरह फिट हैं और उनमें एक नेता के सभी गुण हैं।’ प्रधानमंत्री से जब पूछा गया कि क्या गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी चुनौती होंगे, उन्होंने कहा कि मोदी कोई चुनौती नहीं हैं। भारत की जनता जानती है कि वह क्या हैं। भारत की जनता को यह देखना है कि वह किसके साथ है। प्रधानमंत्री से जब पूछा गया कि क्या गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी चुनौती होंगे, उन्होंने कहा कि मोदी कोई चुनौती नहीं हैं। भारत की जनता जानती है कि वह क्या हैं। भारत की जनता को यह देखना है कि वह किसके साथ है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संकेत दिया कि यदि अगले साल लोकसभा चुनावों में संप्रग विजयी होती है तो वह राहुल गांधी के लिए रास्ता बनाने को तैयार हैं।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: एयरहोस्टेस गीतिका शर्मा की खुदकुशी के मामले में आरोपी हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा को दिल्ली की एक स्थानीय अदालत ने 4 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत जमानत दे दी है। कांडा ने विधानसभा सत्र में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत की मांग की थी। कांडा पिछले एक साल से अधिक वक्त से जेल में हैं। उनके वकीलों ने दलील दी कि इस मामले में पुलिस की जांच पूरी हो चुकी है और जांच में उनके द्वारा दखल दिए जाने की कोई आशंका निराधार है। कांडा पर उनकी एयरलाइंस कंपनी की पूर्व कर्मचारी गीतिका शर्मा के साथ बलात्कार, खुदकुशी के लिए उकसाने, साजिश रचने और धोखाधड़ी सहित अन्य आरोप दर्ज हैं।टिप्पणियां अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एमसी गुप्ता ने इन 'विशेष परिस्थितियों' पर विचार करते हुए कांडा को यह राहत दी कि उन्हें विधानसभा सत्र में शामिल होने और अपने विधानसभा क्षेत्र सिरसा में विकास कार्य का जायजा लेना है। अदालत ने कांडा को पांच लाख रुपये का निजी मुचलका भरने और समान राशि की दो जमानत देने को कहा। अदालत ने उन पर कई शर्तें भी लगाईं, जिनमें उनका देश छोड़कर नहीं जाना और न्याय से नहीं भागना शामिल है। दरअसल, गोपाल कांडा की एमडीएलआर एयरलाइन्स की कर्मचारी रही 23-वर्षीय गीतिका शर्मा ने पिछले वर्ष अगस्त में उत्तर-पश्चिमी दिल्ली स्थित अपने ही घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। अपने पीछे छोड़े सुसाइड नोट में उसने लिखा था कि वह यह कदम गोपाल कांडा और उसकी सहयोगी अरुणा चड्ढा द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न की वजह से उठा रही है।   इसके बाद गोपाल कांडा की गिरफ्तारी हुई थी, और वह तभी से जेल में हैं। लेकिन इस साल फरवरी में यह मामला फिर चर्चा में आया, जब गीतिका शर्मा की मां अनुराधा शर्मा ने भी आत्महत्या कर ली। उन्होंने भी अपने पीछे छोड़े नोट में अपनी बेटी की आत्महत्या के लिए गोपाल कांडा और अरुणा चड्ढा को ही जिम्मेदार ठहराया। कांडा पिछले एक साल से अधिक वक्त से जेल में हैं। उनके वकीलों ने दलील दी कि इस मामले में पुलिस की जांच पूरी हो चुकी है और जांच में उनके द्वारा दखल दिए जाने की कोई आशंका निराधार है। कांडा पर उनकी एयरलाइंस कंपनी की पूर्व कर्मचारी गीतिका शर्मा के साथ बलात्कार, खुदकुशी के लिए उकसाने, साजिश रचने और धोखाधड़ी सहित अन्य आरोप दर्ज हैं।टिप्पणियां अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एमसी गुप्ता ने इन 'विशेष परिस्थितियों' पर विचार करते हुए कांडा को यह राहत दी कि उन्हें विधानसभा सत्र में शामिल होने और अपने विधानसभा क्षेत्र सिरसा में विकास कार्य का जायजा लेना है। अदालत ने कांडा को पांच लाख रुपये का निजी मुचलका भरने और समान राशि की दो जमानत देने को कहा। अदालत ने उन पर कई शर्तें भी लगाईं, जिनमें उनका देश छोड़कर नहीं जाना और न्याय से नहीं भागना शामिल है। दरअसल, गोपाल कांडा की एमडीएलआर एयरलाइन्स की कर्मचारी रही 23-वर्षीय गीतिका शर्मा ने पिछले वर्ष अगस्त में उत्तर-पश्चिमी दिल्ली स्थित अपने ही घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। अपने पीछे छोड़े सुसाइड नोट में उसने लिखा था कि वह यह कदम गोपाल कांडा और उसकी सहयोगी अरुणा चड्ढा द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न की वजह से उठा रही है।   इसके बाद गोपाल कांडा की गिरफ्तारी हुई थी, और वह तभी से जेल में हैं। लेकिन इस साल फरवरी में यह मामला फिर चर्चा में आया, जब गीतिका शर्मा की मां अनुराधा शर्मा ने भी आत्महत्या कर ली। उन्होंने भी अपने पीछे छोड़े नोट में अपनी बेटी की आत्महत्या के लिए गोपाल कांडा और अरुणा चड्ढा को ही जिम्मेदार ठहराया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एमसी गुप्ता ने इन 'विशेष परिस्थितियों' पर विचार करते हुए कांडा को यह राहत दी कि उन्हें विधानसभा सत्र में शामिल होने और अपने विधानसभा क्षेत्र सिरसा में विकास कार्य का जायजा लेना है। अदालत ने कांडा को पांच लाख रुपये का निजी मुचलका भरने और समान राशि की दो जमानत देने को कहा। अदालत ने उन पर कई शर्तें भी लगाईं, जिनमें उनका देश छोड़कर नहीं जाना और न्याय से नहीं भागना शामिल है। दरअसल, गोपाल कांडा की एमडीएलआर एयरलाइन्स की कर्मचारी रही 23-वर्षीय गीतिका शर्मा ने पिछले वर्ष अगस्त में उत्तर-पश्चिमी दिल्ली स्थित अपने ही घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। अपने पीछे छोड़े सुसाइड नोट में उसने लिखा था कि वह यह कदम गोपाल कांडा और उसकी सहयोगी अरुणा चड्ढा द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न की वजह से उठा रही है।   इसके बाद गोपाल कांडा की गिरफ्तारी हुई थी, और वह तभी से जेल में हैं। लेकिन इस साल फरवरी में यह मामला फिर चर्चा में आया, जब गीतिका शर्मा की मां अनुराधा शर्मा ने भी आत्महत्या कर ली। उन्होंने भी अपने पीछे छोड़े नोट में अपनी बेटी की आत्महत्या के लिए गोपाल कांडा और अरुणा चड्ढा को ही जिम्मेदार ठहराया। दरअसल, गोपाल कांडा की एमडीएलआर एयरलाइन्स की कर्मचारी रही 23-वर्षीय गीतिका शर्मा ने पिछले वर्ष अगस्त में उत्तर-पश्चिमी दिल्ली स्थित अपने ही घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। अपने पीछे छोड़े सुसाइड नोट में उसने लिखा था कि वह यह कदम गोपाल कांडा और उसकी सहयोगी अरुणा चड्ढा द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न की वजह से उठा रही है।   इसके बाद गोपाल कांडा की गिरफ्तारी हुई थी, और वह तभी से जेल में हैं। लेकिन इस साल फरवरी में यह मामला फिर चर्चा में आया, जब गीतिका शर्मा की मां अनुराधा शर्मा ने भी आत्महत्या कर ली। उन्होंने भी अपने पीछे छोड़े नोट में अपनी बेटी की आत्महत्या के लिए गोपाल कांडा और अरुणा चड्ढा को ही जिम्मेदार ठहराया।
यहाँ एक सारांश है:एयरहोस्टेस गीतिका शर्मा की खुदकुशी के मामले में एक साल से अधिक वक्त से जेल में बंद हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा ने विधानसभा सत्र में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत की मांग की थी।
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत में ऋण संकट का जोखिम अन्य विकसित देशों और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में कम है। वित्त मंत्रालय के एक स्थिति पत्र में यह बात कही गई है।टिप्पणियां मंगलवार को जारी इस स्थिति पत्र में कहा गया है, ‘विकसित या उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में ऋण जोखिम के मामले में भारत की स्थिति अच्छी है।’ इसमें कहा गया है कि 2008 के वित्तीय संकट के बाद कई देशों को ऋण के निपटान में दिक्कत आ रही है, वहीं दूसरी ओर भारत ने बड़े ऋण को घरेलू वित्त पोषण से बाजार में किसी तरह की अड़चन डाले बिना निपटा दिया है। भारत सरकार का सामान्य ऋण मार्च, 2011 के अंत तक सकल घरेलू उत्पाद के 66.4 प्रतिशत पर था। वहीं विनियम दरों के आधार पर सरकार का विदेशी ऋण जीडीपी का 3.6 फीसद था। इस तरह कुल ऋण 5.4 प्रतिशत बैठता है। मंगलवार को जारी इस स्थिति पत्र में कहा गया है, ‘विकसित या उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में ऋण जोखिम के मामले में भारत की स्थिति अच्छी है।’ इसमें कहा गया है कि 2008 के वित्तीय संकट के बाद कई देशों को ऋण के निपटान में दिक्कत आ रही है, वहीं दूसरी ओर भारत ने बड़े ऋण को घरेलू वित्त पोषण से बाजार में किसी तरह की अड़चन डाले बिना निपटा दिया है। भारत सरकार का सामान्य ऋण मार्च, 2011 के अंत तक सकल घरेलू उत्पाद के 66.4 प्रतिशत पर था। वहीं विनियम दरों के आधार पर सरकार का विदेशी ऋण जीडीपी का 3.6 फीसद था। इस तरह कुल ऋण 5.4 प्रतिशत बैठता है। भारत सरकार का सामान्य ऋण मार्च, 2011 के अंत तक सकल घरेलू उत्पाद के 66.4 प्रतिशत पर था। वहीं विनियम दरों के आधार पर सरकार का विदेशी ऋण जीडीपी का 3.6 फीसद था। इस तरह कुल ऋण 5.4 प्रतिशत बैठता है।
यह एक सारांश है: भारत में ऋण संकट का जोखिम अन्य विकसित देशों और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में कम है। वित्त मंत्रालय के एक स्थिति पत्र में यह बात कही गई है।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने 2जी घोटाले पर संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष पीसी चाको को उनके पद से हटाने की विपक्ष की मांग को नामंजूर कर दिया।टिप्पणियां स्पीकर ने जेपीसी के सदस्यों को चिट्ठी लिखकर कहा कि नियमों के हिसाब से जेपीसी के प्रमुख चाको को नहीं हटाया जा सकता है। मीरा कुमार ने सदस्यों को आम राय से समस्या का हल निकालने की सलाह दी है। गौरतलब है कि विपक्ष ने आरोप लगाया था कि पीसी चाको निष्पक्ष नहीं हैं। गैर-कांग्रेसी दलों के सांसदों ने गुरुवार को लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार से मिलकर 2-जी पर बनी जेपीसी के चेयरमैन पीसी चाको को हटाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। इसमें बीजेपी, बीजेडी, डीएमके, एआइडीएमके और लेफ्ट के साथ तृणमूल तक के नेता शामिल थे। स्पीकर ने जेपीसी के सदस्यों को चिट्ठी लिखकर कहा कि नियमों के हिसाब से जेपीसी के प्रमुख चाको को नहीं हटाया जा सकता है। मीरा कुमार ने सदस्यों को आम राय से समस्या का हल निकालने की सलाह दी है। गौरतलब है कि विपक्ष ने आरोप लगाया था कि पीसी चाको निष्पक्ष नहीं हैं। गैर-कांग्रेसी दलों के सांसदों ने गुरुवार को लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार से मिलकर 2-जी पर बनी जेपीसी के चेयरमैन पीसी चाको को हटाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। इसमें बीजेपी, बीजेडी, डीएमके, एआइडीएमके और लेफ्ट के साथ तृणमूल तक के नेता शामिल थे। गौरतलब है कि विपक्ष ने आरोप लगाया था कि पीसी चाको निष्पक्ष नहीं हैं। गैर-कांग्रेसी दलों के सांसदों ने गुरुवार को लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार से मिलकर 2-जी पर बनी जेपीसी के चेयरमैन पीसी चाको को हटाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। इसमें बीजेपी, बीजेडी, डीएमके, एआइडीएमके और लेफ्ट के साथ तृणमूल तक के नेता शामिल थे।
यह एक सारांश है: लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने जेपीसी के सदस्यों को चिट्ठी लिखकर कहा कि नियमों के हिसाब से जेपीसी के प्रमुख चाको को नहीं हटाया जा सकता है।
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: करतारपुर कॉरिडोर (Kartarpur corridor) पर एक वीडियो ने भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं. पाकिस्तान की ओर से जारी किए गए म्यूजिक वीडियो में एक पोस्टर दिख रहा है जिस पर "खालिस्तान 2020"  लिखे होने के साथ तीन खालिस्तानी अलगाववादियों की तस्वीर दिखाई दे रही है. उधर पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (Amrinder Singh) ने कहा कि करतारपुर कॉरिडोर के खुलने के पीछे पाकिस्तान का एक गुप्त एजेंडा है और भारत को "सावधान रहना होगा".  वहीं सरकारी सूत्रों ने इसके पीछे पाकिस्तानी सेना के हाथ होने का संकेत दिया है. सूत्रों ने कहा "पाकिस्तान की नागरिक सरकार की तुलना में बड़ी शक्तियां इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा रही हैं." भारत दोहरे रवैये से अवगत है लेकिन वो तीर्थयात्रियों की आस्था को ध्यान में रखते हुए इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा रहा है.  पाकिस्तानी सेना के हाथ का संकेत देते हुए, सरकारी सूत्रों ने कहा, "पाकिस्तान की नागरिक सरकार की तुलना में बड़ी शक्तियां इस परियोजना को आगे बढ़ा रही हैं." भारत द्वंद्व से अवगत है लेकिन तीर्थयात्रियों की आस्था को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना को आगे बढ़ा रहा है.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को भारत की तरफ से करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे.  पाकिस्तान के सूचना और प्रसारण मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी की गई चार मिनट की वीडियो क्लिप में सिख तीर्थयात्रियों को पाकिस्तान के एक गुरुद्वारे का दौरा करते हुए दिखाया गया है. इसकी पृष्ठभूमि में खालिस्तान अलगाववादी भिंडरावाले, शबेग सिंह और अमरीक सिंह खालसा का पोस्टर भी दिखाई दे रहा है. मालूम हो तीनों अलगाववादी जून 1984 में अमृतसर में भारतीय सेना के ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान मारे गए थे. सूत्रों का कहना है "सार्वजनिक रूप से वे (पाकिस्तान) शांति बात करते हैं.  लोग और अल्पसंख्यकों से मेलजोल की बात करते हैं, लेकिन पाकिस्तान जो चाहता है, वो ये है कि खालिस्तान के मुद्दे पर अधिक से अधिक  लाभ उठाना और उस पर 20-20 जनमत संग्रह कराना. "   पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की उस टिप्पणी का हवाला देते हुए जिसमें उन्होंने कहा कि सिख तीर्थयात्रियों को करतारपुर साहिब गुरुद्वारा जाने के लिए पासपोर्ट की आवश्यकता नहीं होगी, सूत्रों ने कहा कि सिख और हिंदू तीर्थयात्रियों के बीच एक खटास पैदा करने की योजना है, जो खालिस्तान पर उसकी योजना को आगे बढ़ाएगी.  सूत्रों ने कहा कि भारत "अच्छे विश्वास" में गलियारे को अपनाने के पाकिस्तान के कदम के बारे में सोच रहा था. सूत्रों ने कहा,  "लेकिन हम सभी तीर्थयात्रियों के बड़े लक्ष्य को देख रहे हैं - जो वहां जाना चाहते हैं" सरकारी सूत्रों ने कहा, "सीमा पार गुरुद्वारों में छिटपुट अलगाववादी गतिविधियों की खबरें आईं हैं." मामले को पाकिस्तान के साथ उठाया गया है. भारत और पाकिस्तान के बीच समझौते में एक क्लॉज है कि किसी भी संकट की स्थिति के मामले में, गलियारे को निलंबित किया जा सकता है. सूत्रों ने कहा, "ऐसे स्थानों पर कड़ी नजर रखी जाएगी." पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने आज वीडियो के बारे में पूछे जाने पर पाकिस्तान के गेम प्लान के बारे में चेतावनी दी है.  77 वर्षीय कांग्रेस नेता ने संवाददाताओं से कहा, "पहले दिन से, मैं पाकिस्तान के छिपे हुए एजेंडे के बारे में चेतावनी दे रहा हूं." उन्होंने कहा,  "एक तरफ, वे (पाकिस्तान) प्यार दिखाते हैं ... लेकिन दूसरी तरफ, वे परेशानी पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं. हमें बहुत सावधान रहना होगा."  इससे पहले भी अमरिंदर सिंह ने चेतावनी दी थी कि इस्लामाबाद राज्य में "सिख आतंकवाद को पुनर्जीवित" करने के लिए करतारपुर गलियारे का दुरुपयोग कर सकता है.  बता दें  पिछले साल पाकिस्तान ने कहा था कि वह भारत के तीर्थयात्रियों के लिए गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर खोल देगा. नियंत्रण रेखा के पार आतंकी लॉन्च पैड्स पर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद यह पवित्र स्थल भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए बंद कर दिया गया था. साथ ही पंजाब के गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक को गुरुद्वारा दरबार साहिब से जोड़ने वाले प्रस्तावित कॉरिडोर के निर्माण का भी निर्णय लिया गया था.  सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव ने 18 साल से अधिक समय रावी नदी के किनारे स्थित गुरुद्वारा करतारपुर में बिताया था. पिछले नवंबर में, उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने पंजाब के गुरदासपुर जिले में करतारपुर गलियारे की आधारशिला रखी थी. सूत्रों ने कहा, "हमने पाकिस्तान के साथ 550 तीर्थयात्रियों की सूची साझा की, जो उस पार जाएंगे." इस सूची में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पंजाब के पूर्व मंत्री सुखबीर सिंह बादल, केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और अन्य सांसदों और विधायकों जैसे वीआईपी शामिल हैं. अमरिंदर सिंह ने कहा, करतारपुर कॉरिडोर के खुलने से पहले हाई अलर्ट पर है. उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद नहीं है कि पाकिस्तान की कॉरिडोर के माध्यम से किसी भी तरह की शरारत करने की हिम्मत होगी, लेकिन पंजाब के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वह एक सीमावर्ती राज्य होने के नाते अलर्ट पर रहे."
संक्षिप्त सारांश: 9 नवंबर को होगा करतारपुर कॉरिडोर का उद्धाटन पाकिस्तान की ओर से जारी म्यूजिक वीडियो में दिखे खालिस्तान समर्थक पोस्टर सूत्रों ने दी पाकिस्तान की मंशा को लेकर चेतावनी
0
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ज्यां द्रेज ने कहा कि राज्य में आधार अनिवार्यता के कारण लाभार्थियों को अधिकारों से वंचित होना पड़ रहा है. ऐसे कई मामले सामने आए हैं. 4 जनवरी 2017 को ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा अधिसूचना जारी की गई कि मनरेगा में आधार अनिवार्य है. अर्थात जिन व्यक्तियों का नाम जॉब कार्ड में है उन सभी को आधार से जोड़ा जाए.8 फरवरी 2017 को खाद्य आपूर्ति मंत्रालय द्वारा अधिसूचना जारी की गई कि जन वितरण प्रणाली से आधार को जोड़ना अनिवार्य है. यानी जिन व्यक्तियों का नाम राशन कार्ड में है उन सभी को आधार से जोड़ा जाए.27 मार्च 2017 को झारखंड सरकार के मुख्य सचिव द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला आपूर्ति अधिकारियों को आदेश दिया गया कि 5 अप्रैल 2017 के बाद ऐसे सभी राशन कार्ड जो आधार से नहीं जुड़े हैं, रद्द कर दिए जाएं.9 अप्रैल 2017 को केंद्रीय ग्रामीण मंत्रालय द्वारा बताया गया कि आधार की वजह से 93 लाख फर्जी जॉब कार्ड रद्द हुए हैं. झारखंड में एक लाख आठ हजार जॉब कार्ड रद्द हुए हैं एवं तीन लाख 30 हजार लाभार्थियों के नाम जॉब कार्ड से हटा दिए गए हैं.5 मई 2017 को सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार रद्द हुए सभी जॉब कार्डों में से केवल 12.6% ही फर्जी या डुप्लीकेट थे. लगभग 60% को ''अन्य कारणों'' से रद्द कर दिया गया था. यह बहुत संभव है कि ये वैसे लोग हैं जिन्होंने आधार नंबर जमा नहीं किया था.22 जुलाई 2017 को सिमडेगा की संतोषी कुमारी के परिवार का राशन कार्ड आधार से नहीं जुड़े होने के कारण रद्द कर दिया गया.अगस्त 2017 में पूर्वी सिंहभूम के बोराम प्रखंड के बीडीओ को लिखा गया, जिसमें इस बात का प्रमाण है कि  आइसीआइसीआई बैंक ने 6000 मनरेगा मजदूरों के खाते बिना उनकी जानकारी के खोले. चूंकि बैंक 30 किलोमीटर दूर है इसलिए निकासी बैंकिंग करसपॉन्डेंट के माध्यम से आधार आधारित माइक्रो एटीएम द्वारा ही की जा सकती है.17 अगस्त 2017 को यूआईडीएआई के सीईओ को भोजन का अधिकार अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं द्वारा पत्र लिखा गया, जिसमें आधार से होने वाली बचत के दावों को चुनौती दी गई एवं झारखंड में आधार आधारित बायोमैट्रिक सत्यापन की वजह से जन वितरण प्रणाली की बुरी स्थति का ब्यौरा प्रस्तुत किया गया.7 सितम्बर 2017 को खाद्य आपूर्ति विभाग झारखंड के सचिव द्वारा यह घोषणा की गई कि 100% आधार सीडिंग का लक्ष्य हासिल कर 11.64 लाख राशन कार्ड रद्द कर दिए गए हैं, जिससे 225 करोड़ रुपये की बचत हुई है.7 सितम्बर 2017 को झारखंड सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा यह घोषणा की गई कि तीन लाख फर्जी पेंशन खातों को सूची से हटा दिया गया है, जिससे 180 करोड़ रुपये की ''बचत'' हुई है.28 सितम्बर 2017 को सिमडेगा के जलडेगा प्रखंड की 11 वर्षीय संतोषी कुमारी की भूख से मौत हो गई, क्योंकि पांच महीनों से उसके परिवार को राशन नहीं मिला था, जो उनका कानूनी अधिकार है.23 अक्टूबर 2017 को देवघर के रूपलाल मरांडी की भूख से मौत हो गई. परिवार को दो महीनों का राशन नहीं मिला था, क्योंकि ई-पॉस मशीन में अंगूठा काम नहीं किया.26 अक्टूबर 2017 को किए गई सर्वेक्षण के माध्यम से किए गए सत्यापन में पता चला कि लातेहार ज़िले के मनिका प्रखंड के बिशुनबांध पंचायत में ऐसे ''फर्जी'' परिवार मिले जो ज़िंदा हैं और राशन पाने के हकदार हैं, लेकिन उनके राशन कार्ड रद्द कर दिए गए हैं.19 नवम्बर 2017 को खूंटी ज़िले से इस बात के प्रमाण मिला कि मनरेगा मज़दूरों की मजदूरी को बिना मज़दूरों की जानकारी के उनके एयरटेल खाते में आधार का इस्तेमाल करते हुए जमा किया जा रहा है.1 दिसम्बर 2017 को गढ़वा ज़िले में प्रेमनी कुंवर की भूख से मौत हो गई, क्योंकि आधार संबंधित समस्याओं के चलते उनको राशन एवं पेंशन नहीं मिल रही थी.1 दिसम्बर 2017 मनरेगा मज़दूरी पर एक शोध से पता चला कि कुछ भुगतान के नमूने में कई भुगतान ''रद्द'' हो गए हैं. नमूने में रद्द हुए भुगतानों की कुल राशि 83 लाख रुपये है. लातेहार ज़िले के मणिका प्रखंड में सर्वेक्षण द्वारा पता चला कि उस एक प्रखंड में ही रद्द हुए भुगतान की राशि छह लाख रुपये है.12 दिसम्बर 2017 को खूंटी ज़िला प्रशासन द्वारा जन वितरण प्रणाली के लाभार्थियों को नोटिस भेजा गया कि ऐसे सभी लोगों के नाम उनके राशन कार्ड से हटा दिए जाएंगे जो अगले 10 दिनों में अपनी आधार संख्या जमा नहीं करते.25 दिसम्बर 2017 को गढ़वा के मझिआंव प्रखंड में इतवारिया देवी की भूख से मौत हो गई क्योंकि आधार सम्बंधित समस्याओं के चलते उनको तीन महीनों का राशन एवं दो महीनों की पेंशन नहीं मिली थी.
सारांश: आधार कार्ड के जंजाल में फंसकर कई जरूरतमंद भूख से मरे झारखंड में रद्द किए गए राशन कार्डों में से मात्र 12% ही गलत थे आधार के बिना राशन और पेंशन बंद, सरकार बचा रही राशि!
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बीजेपी में अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है। बीजेपी नेता महेश जेठमलानी का आरोप है कि अध्यक्ष पद के लिए उन्हें पर्चा नहीं भरने दिया जा रहा है।टिप्पणियां महेश जेठमलानी ने शिकायत की है कि वह अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ना चाहते हैं, लेकिन उन्हें चुनाव नहीं लड़ने दिया जा रहा। उनका कहना है कि कम से कम पर्चा तो भरने देना चाहिए, फॉर्म की जांच तो करनी चाहिए, लेकिन उनका कहना है कि बीजेपी ऐसा नहीं कर रही है। इससे पूर्व जेठमलानी ने पीटीआई को बताया था कि यदि कोई नहीं खड़ा हुआ तो मैं चुनाव लड़ूंगा, बशर्ते मेरी अहर्ता को लेकर कोई मुद्दा आड़े नहीं आया तो। इससे पूर्व दिन में जेठमलानी ने संकेत दिए थे कि वह चुनाव मैदान में उतर सकते हैं, क्योंकि वह नहीं चाहते कि भाजपा के अध्यक्ष का चुनाव बिना मुकाबले के हो जाए। महेश जेठमलानी ने शिकायत की है कि वह अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ना चाहते हैं, लेकिन उन्हें चुनाव नहीं लड़ने दिया जा रहा। उनका कहना है कि कम से कम पर्चा तो भरने देना चाहिए, फॉर्म की जांच तो करनी चाहिए, लेकिन उनका कहना है कि बीजेपी ऐसा नहीं कर रही है। इससे पूर्व जेठमलानी ने पीटीआई को बताया था कि यदि कोई नहीं खड़ा हुआ तो मैं चुनाव लड़ूंगा, बशर्ते मेरी अहर्ता को लेकर कोई मुद्दा आड़े नहीं आया तो। इससे पूर्व दिन में जेठमलानी ने संकेत दिए थे कि वह चुनाव मैदान में उतर सकते हैं, क्योंकि वह नहीं चाहते कि भाजपा के अध्यक्ष का चुनाव बिना मुकाबले के हो जाए। इससे पूर्व जेठमलानी ने पीटीआई को बताया था कि यदि कोई नहीं खड़ा हुआ तो मैं चुनाव लड़ूंगा, बशर्ते मेरी अहर्ता को लेकर कोई मुद्दा आड़े नहीं आया तो। इससे पूर्व दिन में जेठमलानी ने संकेत दिए थे कि वह चुनाव मैदान में उतर सकते हैं, क्योंकि वह नहीं चाहते कि भाजपा के अध्यक्ष का चुनाव बिना मुकाबले के हो जाए।
सारांश: बीजेपी में अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है। बीजेपी नेता महेश जेठमलानी का आरोप है कि अध्यक्ष पद के लिए उन्हें पर्चा नहीं भरने दिया जा रहा है।
33
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सरकारी और गैर सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी ख़बर है। प्रोविडेंट फंड बोर्ड ने ईपीएफ की ब्याज़ दर एक फीसदी बढ़ाकर 9.5 फीसदी करने की सिफारिश की है। हालांकि ये सिफारिश तभी लागू होगा जब वित्त मंत्रालय इसे हरी झंडी दिखा दे। 2010−11 के लिए इस ब्याज़ दर की सिफारिश की गई है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज़ ने प्रोविडेंट फंड पर 2005−06 में साढ़े नौ फ़ीसदी ब्याज़ दर कर दी गई थी जिससे करीब 4.71 करोड़ कर्मचारियों को फ़ायदा पहुंचा था। ट्रस्ट्रीज़ ने इंटरेस्ट सस्पेंस एकाउंट में 1731.57 करोड़ रुपये ज्यादा होने की सूरत में ये कदम उठाया था। हालांकि उस वक्त वित्त मंत्रालय ने ब्याज़ दर बढ़ाने को लेकर सवाल उठाया था। मंत्रालय ने सरप्लस पैसे को लेकर भी सवाल उठाए थे। मंत्रालय ने कहा कि रकम ज्यादा इसलिए दिख रही है क्योंकि सभी कर्मचारियों का एकाउंट अपडेट नहीं किया गया है। वित्त मंत्रालय की राय के ख़िलाफ श्रम मंत्रालय ने 2010−11 के लिए ब्याज़ दर साढ़े नौ फ़ीसदी करने को जायज़ ठहराने की कोशिश की है। श्रम मंत्रालय के मुताबिक 1731.57 करोड़ रुपये वास्तव में ज्यादा हैं। वित्त मंत्रालय ने साढ़े आठ फीसदी ब्याज दर पर ही टैक्स में छूट की बात कही थी। अब जब तक वित्त मंत्रालय की साढ़े नौ फीसदी ब्याज दर पर टैक्स में छूट की अनुमति नहीं मिलती है तबतक मामला अटका रहेगा।
प्रोविडेंट फंड बोर्ड ने ईपीएफ की ब्याज़ दर एक फीसदी बढ़ाकर 9.5 फीसदी करने की सिफारिश की है। 2010−11 के लिए इस ब्याज़ दर की सिफारिश की गई है।
6
['hin']
एक सारांश बनाओ: ग्वालियर में 200 फीट गहरे बोरवेल में फंसे दो साल के बच्चे को 15 घंटों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भी बचाया नहीं जा सका। उस बचाने की कोशिश में लगे बचाव दल को सीसीटीवी कैमरे में बच्चे के पास एक सांप दिखा था।   मृतक बच्चा ग्वालियर के खेरिया गांव का रहने वाला अभय पचौरी है। घटना उस वक्त हुई जब वह अपनी दादी के साथ अपने खेत से वापस आ रहा था, अचानक उसका पैर फिसला और वह बोरवेल में गिर गया। अधिकारियों के मुताबिक बच्चा बोरवेल में 25-30 फीट की गहराई पर फंसा था। बच्चे के नीचे गिरते ही उसकी दादी ने आसपास के लोगों को घटना की सूचना दी, स्थानीय लोगों ने बच्चे को निकालने की कोशिश की, इस बीच पुलिस को सूचना दे दी गई। बच्चे के गिरने की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आए और बॉर्डर सिक्यूरिटी फोर्स (बीएसएफ) के जवानों को रेस्क्यू अभियान की पूरी जिम्मेदारी दी गई।   बचाव दल ने बोरवेल के पास ही दूसरा गड्ढा खोदा और करीब 15 घंटे बाद बच्चे को बाहर निकाला गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।टिप्पणियां इससे पहले मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट के माध्यम से बच्चे के सुरक्षित बाहर निकलने की प्रार्थना की थी। उन्होंने लिखा, "बच्चे को निकालने के लिए बचाव दल द्वारा हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। डॉक्टर मौके पर मौजूद हैं। मैं अभय की लंबी उम्र की प्रार्थना करता हूं।"   बच्चे के नीचे गिरते ही उसकी दादी ने आसपास के लोगों को घटना की सूचना दी, स्थानीय लोगों ने बच्चे को निकालने की कोशिश की, इस बीच पुलिस को सूचना दे दी गई। बच्चे के गिरने की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आए और बॉर्डर सिक्यूरिटी फोर्स (बीएसएफ) के जवानों को रेस्क्यू अभियान की पूरी जिम्मेदारी दी गई।   बचाव दल ने बोरवेल के पास ही दूसरा गड्ढा खोदा और करीब 15 घंटे बाद बच्चे को बाहर निकाला गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।टिप्पणियां इससे पहले मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट के माध्यम से बच्चे के सुरक्षित बाहर निकलने की प्रार्थना की थी। उन्होंने लिखा, "बच्चे को निकालने के लिए बचाव दल द्वारा हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। डॉक्टर मौके पर मौजूद हैं। मैं अभय की लंबी उम्र की प्रार्थना करता हूं।"   इससे पहले मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट के माध्यम से बच्चे के सुरक्षित बाहर निकलने की प्रार्थना की थी। उन्होंने लिखा, "बच्चे को निकालने के लिए बचाव दल द्वारा हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। डॉक्टर मौके पर मौजूद हैं। मैं अभय की लंबी उम्र की प्रार्थना करता हूं।"
संक्षिप्त पाठ: 200 फीट गहरे बोरवेल में गिरा था दो साल का बच्चा। बोरवेल में 25-30 फीट की गहराई पर फंसा था बच्चा। 15 घंटे बाद बाहर निकाला गया बच्चा, डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
30
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सोमालिया की राजधानी मोगादिशू में शुक्रवार दोपहर हुए ग्रेनेड हमले में दो लोगों की मौत हो गई. बेनादीर क्षेत्र के पुलिस आयुक्त बशीर अबशीर गेदी ने बताया कि विस्फोट हेलिवा जिले के सुका-होलाहा में उस वक्त हुआ, जब पुलिसकर्मी और अग्निशमन सेवा के सदस्य क्षेत्र में फैली आग को बुझाने में जुटे थे. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, आग बिजली की एक दुकान में लगी थी और जल्द ही आसपास में फैल गई.   गेदी ने बताया, 'स्थानीय सरकार की पुलिस तथा अग्निशमन सेवा के कर्मचारियों ने आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया, जिसने सुका-होलाहा क्षेत्र में सात दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया था. इसी बीच, अल-शबाब के आतंकवादियों ने घटनास्थल पर बम फेंक दिया, जिसमें दो नागरिकों की जान चली गई'. गेदी ने बताया कि हमले व आग की जांच की जा रही है. फिलहाल किसी ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, पर माना जा रहा है कि इसे अल-शबाब के आतंकवादियों ने अंजाम दिया है, जो सोमालिया में सरकार के खिलाफ इस तरह की गतिविधियों में संलग्न हैं. टिप्पणियां इससे पहले गुरुवार शाम अल-शबाब के आतंकवादियों ने मोगादिशू में एक रेस्तरां पर हमला कर दिया था, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, आग बिजली की एक दुकान में लगी थी और जल्द ही आसपास में फैल गई.   गेदी ने बताया, 'स्थानीय सरकार की पुलिस तथा अग्निशमन सेवा के कर्मचारियों ने आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया, जिसने सुका-होलाहा क्षेत्र में सात दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया था. इसी बीच, अल-शबाब के आतंकवादियों ने घटनास्थल पर बम फेंक दिया, जिसमें दो नागरिकों की जान चली गई'. गेदी ने बताया कि हमले व आग की जांच की जा रही है. फिलहाल किसी ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, पर माना जा रहा है कि इसे अल-शबाब के आतंकवादियों ने अंजाम दिया है, जो सोमालिया में सरकार के खिलाफ इस तरह की गतिविधियों में संलग्न हैं. टिप्पणियां इससे पहले गुरुवार शाम अल-शबाब के आतंकवादियों ने मोगादिशू में एक रेस्तरां पर हमला कर दिया था, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गेदी ने बताया, 'स्थानीय सरकार की पुलिस तथा अग्निशमन सेवा के कर्मचारियों ने आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया, जिसने सुका-होलाहा क्षेत्र में सात दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया था. इसी बीच, अल-शबाब के आतंकवादियों ने घटनास्थल पर बम फेंक दिया, जिसमें दो नागरिकों की जान चली गई'. गेदी ने बताया कि हमले व आग की जांच की जा रही है. फिलहाल किसी ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, पर माना जा रहा है कि इसे अल-शबाब के आतंकवादियों ने अंजाम दिया है, जो सोमालिया में सरकार के खिलाफ इस तरह की गतिविधियों में संलग्न हैं. टिप्पणियां इससे पहले गुरुवार शाम अल-शबाब के आतंकवादियों ने मोगादिशू में एक रेस्तरां पर हमला कर दिया था, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) फिलहाल किसी ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, पर माना जा रहा है कि इसे अल-शबाब के आतंकवादियों ने अंजाम दिया है, जो सोमालिया में सरकार के खिलाफ इस तरह की गतिविधियों में संलग्न हैं. टिप्पणियां इससे पहले गुरुवार शाम अल-शबाब के आतंकवादियों ने मोगादिशू में एक रेस्तरां पर हमला कर दिया था, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इससे पहले गुरुवार शाम अल-शबाब के आतंकवादियों ने मोगादिशू में एक रेस्तरां पर हमला कर दिया था, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विस्फोट हेलिवा जिले के सुका-होलाहा में हुआ. माना जा रहा है कि इसे अल-शबाब के आतंकवादियों ने अंजाम दिया. हमले व आग की जांच की जा रही है.
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अपनी सुरीली धुनों के बल पर दुनियाभर में सफलता के झंडे गाड़ने वाले ऑस्कर पुरस्कार विजेता और 'मद्रास के मोजार्ट' एआर रहमान सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक पर सबसे लोकप्रिय भारतीय फिल्मी सितारे बन गए हैं... लगभग 90 करोड़ लोगों के दिलों पर राज करने वाली वेबसाइट पर एआर रहमान के आधिकारिक पेज को अब तक 88 लाख से अधिक लोगों ने 'लाइक' किया है और करीब 52 हज़ार लोग उनके बारे में चर्चा कर रहे हैं... 'धुनों के जादूगर' ने फेसबुक पर लोकप्रियता के मामले में क्रिकेट की दुनिया के बेताज बादशाह मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर, और बेहद लोकप्रिय अभिनेताओं आमिर खान, सलमान खान, शाहरूख खान, और ऋतिक रोशन जैसी नामचीन हस्तियों को भी बहुत पीछे छोड़ दिया है... रहमान फेसबुक के जरिये दुनियाभर में फैले अपने चाहने वालों से लगातार जुड़े रहते हैं और उन्हें अपनी गतिविधियों से रूबरू कराते रहते हैं... उन्होंने अपने ताजा पोस्ट में सचिन तेंदुलकर के साथ अपनी एक फोटो साझा की है... वैसे प्रशंसकों के मामले में 'रिकॉर्डों के शहंशाह' सचिन दूसरे नंबर पर हैं. जिनके प्रशंसकों की संख्या हाल ही में 60 लाख को पार कर गई है... उस अवसर पर तेंदुलकर ने अपने सभी चाहने वालों को धन्यवाद भी दिया था... इस समय 'लिटिल मास्टर' के फेसबुक पेज पर 63,21,782 प्रशंसक हैं... इस क्रम में बॉलीवुड के 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' आमिर खान तीसरे नंबर पर हैं, जिनके पास 47,98,767 फॉलोअर हैं... अपने पहले टीवी शो 'सत्यमेव जयते' को लेकर चर्चा में चल रहे आमिर अपने फेसबुक पेज पर भी लोगों को समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने का आह्वान करते नजर आते हैं...टिप्पणियां चौथे नंबर पर मौजूद बॉलीवुड के 'दबंग' सलमान खान के पेज पर 43,84,684 प्रशंसक हैं... प्यार से 'चुलबुल पाण्डे' कहे जाने वाले सलमान अपने फेसबुक पेज पर अपनी ताजा तस्वीरें, वीडियो साझा कर प्रशंसकों से जुड़े रहते हैं... इन दिनों वह अपनी आगामी फिल्म 'एक था टाइगर' को लेकर चर्चा में चल रहे हैं... प्रशंसकों के लिहाज़ से कभी नंबर वन रहे बॉलीवुड के किंग खान शाहरुख अब पांचवें नंबर पर पहुंच गए हैं... उनके फेसबुक पेज को अब तक 27,45,613 लोगों ने 'लाइक' किया है... 'धुनों के जादूगर' ने फेसबुक पर लोकप्रियता के मामले में क्रिकेट की दुनिया के बेताज बादशाह मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर, और बेहद लोकप्रिय अभिनेताओं आमिर खान, सलमान खान, शाहरूख खान, और ऋतिक रोशन जैसी नामचीन हस्तियों को भी बहुत पीछे छोड़ दिया है... रहमान फेसबुक के जरिये दुनियाभर में फैले अपने चाहने वालों से लगातार जुड़े रहते हैं और उन्हें अपनी गतिविधियों से रूबरू कराते रहते हैं... उन्होंने अपने ताजा पोस्ट में सचिन तेंदुलकर के साथ अपनी एक फोटो साझा की है... वैसे प्रशंसकों के मामले में 'रिकॉर्डों के शहंशाह' सचिन दूसरे नंबर पर हैं. जिनके प्रशंसकों की संख्या हाल ही में 60 लाख को पार कर गई है... उस अवसर पर तेंदुलकर ने अपने सभी चाहने वालों को धन्यवाद भी दिया था... इस समय 'लिटिल मास्टर' के फेसबुक पेज पर 63,21,782 प्रशंसक हैं... इस क्रम में बॉलीवुड के 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' आमिर खान तीसरे नंबर पर हैं, जिनके पास 47,98,767 फॉलोअर हैं... अपने पहले टीवी शो 'सत्यमेव जयते' को लेकर चर्चा में चल रहे आमिर अपने फेसबुक पेज पर भी लोगों को समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने का आह्वान करते नजर आते हैं...टिप्पणियां चौथे नंबर पर मौजूद बॉलीवुड के 'दबंग' सलमान खान के पेज पर 43,84,684 प्रशंसक हैं... प्यार से 'चुलबुल पाण्डे' कहे जाने वाले सलमान अपने फेसबुक पेज पर अपनी ताजा तस्वीरें, वीडियो साझा कर प्रशंसकों से जुड़े रहते हैं... इन दिनों वह अपनी आगामी फिल्म 'एक था टाइगर' को लेकर चर्चा में चल रहे हैं... प्रशंसकों के लिहाज़ से कभी नंबर वन रहे बॉलीवुड के किंग खान शाहरुख अब पांचवें नंबर पर पहुंच गए हैं... उनके फेसबुक पेज को अब तक 27,45,613 लोगों ने 'लाइक' किया है... रहमान फेसबुक के जरिये दुनियाभर में फैले अपने चाहने वालों से लगातार जुड़े रहते हैं और उन्हें अपनी गतिविधियों से रूबरू कराते रहते हैं... उन्होंने अपने ताजा पोस्ट में सचिन तेंदुलकर के साथ अपनी एक फोटो साझा की है... वैसे प्रशंसकों के मामले में 'रिकॉर्डों के शहंशाह' सचिन दूसरे नंबर पर हैं. जिनके प्रशंसकों की संख्या हाल ही में 60 लाख को पार कर गई है... उस अवसर पर तेंदुलकर ने अपने सभी चाहने वालों को धन्यवाद भी दिया था... इस समय 'लिटिल मास्टर' के फेसबुक पेज पर 63,21,782 प्रशंसक हैं... इस क्रम में बॉलीवुड के 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' आमिर खान तीसरे नंबर पर हैं, जिनके पास 47,98,767 फॉलोअर हैं... अपने पहले टीवी शो 'सत्यमेव जयते' को लेकर चर्चा में चल रहे आमिर अपने फेसबुक पेज पर भी लोगों को समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने का आह्वान करते नजर आते हैं...टिप्पणियां चौथे नंबर पर मौजूद बॉलीवुड के 'दबंग' सलमान खान के पेज पर 43,84,684 प्रशंसक हैं... प्यार से 'चुलबुल पाण्डे' कहे जाने वाले सलमान अपने फेसबुक पेज पर अपनी ताजा तस्वीरें, वीडियो साझा कर प्रशंसकों से जुड़े रहते हैं... इन दिनों वह अपनी आगामी फिल्म 'एक था टाइगर' को लेकर चर्चा में चल रहे हैं... प्रशंसकों के लिहाज़ से कभी नंबर वन रहे बॉलीवुड के किंग खान शाहरुख अब पांचवें नंबर पर पहुंच गए हैं... उनके फेसबुक पेज को अब तक 27,45,613 लोगों ने 'लाइक' किया है... इस क्रम में बॉलीवुड के 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' आमिर खान तीसरे नंबर पर हैं, जिनके पास 47,98,767 फॉलोअर हैं... अपने पहले टीवी शो 'सत्यमेव जयते' को लेकर चर्चा में चल रहे आमिर अपने फेसबुक पेज पर भी लोगों को समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने का आह्वान करते नजर आते हैं...टिप्पणियां चौथे नंबर पर मौजूद बॉलीवुड के 'दबंग' सलमान खान के पेज पर 43,84,684 प्रशंसक हैं... प्यार से 'चुलबुल पाण्डे' कहे जाने वाले सलमान अपने फेसबुक पेज पर अपनी ताजा तस्वीरें, वीडियो साझा कर प्रशंसकों से जुड़े रहते हैं... इन दिनों वह अपनी आगामी फिल्म 'एक था टाइगर' को लेकर चर्चा में चल रहे हैं... प्रशंसकों के लिहाज़ से कभी नंबर वन रहे बॉलीवुड के किंग खान शाहरुख अब पांचवें नंबर पर पहुंच गए हैं... उनके फेसबुक पेज को अब तक 27,45,613 लोगों ने 'लाइक' किया है... चौथे नंबर पर मौजूद बॉलीवुड के 'दबंग' सलमान खान के पेज पर 43,84,684 प्रशंसक हैं... प्यार से 'चुलबुल पाण्डे' कहे जाने वाले सलमान अपने फेसबुक पेज पर अपनी ताजा तस्वीरें, वीडियो साझा कर प्रशंसकों से जुड़े रहते हैं... इन दिनों वह अपनी आगामी फिल्म 'एक था टाइगर' को लेकर चर्चा में चल रहे हैं... प्रशंसकों के लिहाज़ से कभी नंबर वन रहे बॉलीवुड के किंग खान शाहरुख अब पांचवें नंबर पर पहुंच गए हैं... उनके फेसबुक पेज को अब तक 27,45,613 लोगों ने 'लाइक' किया है... प्रशंसकों के लिहाज़ से कभी नंबर वन रहे बॉलीवुड के किंग खान शाहरुख अब पांचवें नंबर पर पहुंच गए हैं... उनके फेसबुक पेज को अब तक 27,45,613 लोगों ने 'लाइक' किया है...
सारांश: 'धुनों के जादूगर' ने फेसबुक पर सचिन तेंदुलकर, आमिर खान, सलमान खान, शाहरूख खान, और ऋतिक रोशन जैसी नामचीन हस्तियों को भी बहुत पीछे छोड़ दिया है...
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पायलट लाइसेंस हासिल करने के मामले में सोमवार को गुजरात के अहमदाबाद से एक और पायलट तथा एक बिचौलिए को गिरफ्तार किया गया। पुलिस उपायुक्त अशोक चांद ने मंगलवार को बताया कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कमर्शियल पायलट लाइसेंस हासिल करने वाले हिरेन नग्गर और एक बिचौलिए एकनाथ पाटिल को सोमवार को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस इस मामले में अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इससे पहले एक अप्रैल को गुड़गांव से निजी विमानन कम्पनी इंडिगो के पायलट अभिषेक कौशिक को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) से लाइसेंस हासिल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने 28 मार्च को इस मामले में तीन पायलटों और एक फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था और उन्हें देश से फरार होने से रोकने के लिए सभी हवाईअड्डों तथा बंदरगाहों को सावधान कर दिया था। पुलिस इन्हें पकड़ने के लिए देशभर में तलाशी अभियान चला रही है।  पुलिस ने तीन पायलटों सैयद हबीब अली, भुपिंदर सिंह और एमडीएलआर एयरलाइंस के स्वर्ण सिंह तलवार तथा फ्लाइंग इंस्पेक्टर डी. असत्कर के खिलाफ सूचना जारी की थी। इससे पहले डीजीसीए के सहायक निदेशक प्रदीप कुमार, दूसरों को फर्जी अंक पत्र बनाने में मदद करने वाले एक पायलट प्रदीप त्यागी और उसके दो सहयोगियों पंकज जैन तथा ललित जैन को 22-25 मार्च को दिल्ली और चेन्नई से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने कहा कि त्यागी ने परमिंदर कौर गुलाटी, मीनाक्षी सहगल, जेके वर्मा, स्वर्ण सिंह तलवार, सैयद हबीब अली और भुपिंदर सिंह को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लाइसेंस हासिल करने में मदद की है।
संक्षिप्त सारांश: फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पायलट लाइसेंस हासिल करने के मामले में अहमदाबाद से एक और पायलट तथा एक बिचौलिए को गिरफ्तार किया गया।
23
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सप्ताह के प्रथम कारोबारी दिन सोमवार को देश के शेयर बाजारों में गिरावट का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स में 110.39 अंकों की यानी 0.64 फीसदी और निफ्टी में 30 अंकों की यानी 0.57 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। सूचना प्रौद्योगिकी सेक्टर में सबसे अधिक गिरावट रही। बम्बई स्टाक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सोमवार को 17,241.98 पर खुला और 110.39 यानी 0.64 फीसदी की गिरावट के साथ 17,301.31 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान इसने 17,282.30 के ऊपरी और 17,079.63 के निचले स्तर को छुआ। नेशनल स्टाक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी सुबह 5,232.35 पर खुला और 30 अंकों यानी 0.57 फीसदी की गिरावट के साथ 5,197.25 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान इसने 5,246.85 के ऊपरी और 5,190.45 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मालकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप में 39.03 अंकों यानी 0.62 फीसदी और स्मालकैप में 41.40 अंकों यानी 0.61 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। बीएसई के 13 सेक्टरों में से 10 सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि तीन सेक्टरों में मामूली तेजी रही। सूचना प्रौद्योगिकी में सबसे अधिक 2.34 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा धातु, रियल्टी, प्रौद्योगिकी और उपभोक्ता वस्तु में एक फीसदी से अधिक की गिरावट रही। बीएसई सेंसेक्स में शामिल गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में टाटा स्टील (3.95 फीसदी), टीसीएस (3.16), जिंदल स्टील (2.69), टाटा मोटर्स (2.63), इन्फोसिस (2.48 फीसदी) शामिल रहे।टिप्पणियां इसी तरह तेजी दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में भारती एयरटेल (3.85 फीसदी), डा. रेड्डीज लैब (1.81), मारुति सुजुकी (1.62), सिप्ला (1.17) और ओएनजीसी (0.77) शामिल रहे। बीएसई में समग्र रूप से गिरावट का रुख रहा और 1661 में गिरावट रही जबकि 1160 में तेजी दर्ज की गई। 112 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। बम्बई स्टाक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सोमवार को 17,241.98 पर खुला और 110.39 यानी 0.64 फीसदी की गिरावट के साथ 17,301.31 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान इसने 17,282.30 के ऊपरी और 17,079.63 के निचले स्तर को छुआ। नेशनल स्टाक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी सुबह 5,232.35 पर खुला और 30 अंकों यानी 0.57 फीसदी की गिरावट के साथ 5,197.25 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान इसने 5,246.85 के ऊपरी और 5,190.45 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मालकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप में 39.03 अंकों यानी 0.62 फीसदी और स्मालकैप में 41.40 अंकों यानी 0.61 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। बीएसई के 13 सेक्टरों में से 10 सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि तीन सेक्टरों में मामूली तेजी रही। सूचना प्रौद्योगिकी में सबसे अधिक 2.34 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा धातु, रियल्टी, प्रौद्योगिकी और उपभोक्ता वस्तु में एक फीसदी से अधिक की गिरावट रही। बीएसई सेंसेक्स में शामिल गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में टाटा स्टील (3.95 फीसदी), टीसीएस (3.16), जिंदल स्टील (2.69), टाटा मोटर्स (2.63), इन्फोसिस (2.48 फीसदी) शामिल रहे।टिप्पणियां इसी तरह तेजी दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में भारती एयरटेल (3.85 फीसदी), डा. रेड्डीज लैब (1.81), मारुति सुजुकी (1.62), सिप्ला (1.17) और ओएनजीसी (0.77) शामिल रहे। बीएसई में समग्र रूप से गिरावट का रुख रहा और 1661 में गिरावट रही जबकि 1160 में तेजी दर्ज की गई। 112 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। नेशनल स्टाक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी सुबह 5,232.35 पर खुला और 30 अंकों यानी 0.57 फीसदी की गिरावट के साथ 5,197.25 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान इसने 5,246.85 के ऊपरी और 5,190.45 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मालकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप में 39.03 अंकों यानी 0.62 फीसदी और स्मालकैप में 41.40 अंकों यानी 0.61 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। बीएसई के 13 सेक्टरों में से 10 सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि तीन सेक्टरों में मामूली तेजी रही। सूचना प्रौद्योगिकी में सबसे अधिक 2.34 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा धातु, रियल्टी, प्रौद्योगिकी और उपभोक्ता वस्तु में एक फीसदी से अधिक की गिरावट रही। बीएसई सेंसेक्स में शामिल गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में टाटा स्टील (3.95 फीसदी), टीसीएस (3.16), जिंदल स्टील (2.69), टाटा मोटर्स (2.63), इन्फोसिस (2.48 फीसदी) शामिल रहे।टिप्पणियां इसी तरह तेजी दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में भारती एयरटेल (3.85 फीसदी), डा. रेड्डीज लैब (1.81), मारुति सुजुकी (1.62), सिप्ला (1.17) और ओएनजीसी (0.77) शामिल रहे। बीएसई में समग्र रूप से गिरावट का रुख रहा और 1661 में गिरावट रही जबकि 1160 में तेजी दर्ज की गई। 112 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मालकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप में 39.03 अंकों यानी 0.62 फीसदी और स्मालकैप में 41.40 अंकों यानी 0.61 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। बीएसई के 13 सेक्टरों में से 10 सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि तीन सेक्टरों में मामूली तेजी रही। सूचना प्रौद्योगिकी में सबसे अधिक 2.34 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा धातु, रियल्टी, प्रौद्योगिकी और उपभोक्ता वस्तु में एक फीसदी से अधिक की गिरावट रही। बीएसई सेंसेक्स में शामिल गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में टाटा स्टील (3.95 फीसदी), टीसीएस (3.16), जिंदल स्टील (2.69), टाटा मोटर्स (2.63), इन्फोसिस (2.48 फीसदी) शामिल रहे।टिप्पणियां इसी तरह तेजी दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में भारती एयरटेल (3.85 फीसदी), डा. रेड्डीज लैब (1.81), मारुति सुजुकी (1.62), सिप्ला (1.17) और ओएनजीसी (0.77) शामिल रहे। बीएसई में समग्र रूप से गिरावट का रुख रहा और 1661 में गिरावट रही जबकि 1160 में तेजी दर्ज की गई। 112 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। बीएसई के 13 सेक्टरों में से 10 सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि तीन सेक्टरों में मामूली तेजी रही। सूचना प्रौद्योगिकी में सबसे अधिक 2.34 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा धातु, रियल्टी, प्रौद्योगिकी और उपभोक्ता वस्तु में एक फीसदी से अधिक की गिरावट रही। बीएसई सेंसेक्स में शामिल गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में टाटा स्टील (3.95 फीसदी), टीसीएस (3.16), जिंदल स्टील (2.69), टाटा मोटर्स (2.63), इन्फोसिस (2.48 फीसदी) शामिल रहे।टिप्पणियां इसी तरह तेजी दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में भारती एयरटेल (3.85 फीसदी), डा. रेड्डीज लैब (1.81), मारुति सुजुकी (1.62), सिप्ला (1.17) और ओएनजीसी (0.77) शामिल रहे। बीएसई में समग्र रूप से गिरावट का रुख रहा और 1661 में गिरावट रही जबकि 1160 में तेजी दर्ज की गई। 112 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। सूचना प्रौद्योगिकी में सबसे अधिक 2.34 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा धातु, रियल्टी, प्रौद्योगिकी और उपभोक्ता वस्तु में एक फीसदी से अधिक की गिरावट रही। बीएसई सेंसेक्स में शामिल गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में टाटा स्टील (3.95 फीसदी), टीसीएस (3.16), जिंदल स्टील (2.69), टाटा मोटर्स (2.63), इन्फोसिस (2.48 फीसदी) शामिल रहे।टिप्पणियां इसी तरह तेजी दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में भारती एयरटेल (3.85 फीसदी), डा. रेड्डीज लैब (1.81), मारुति सुजुकी (1.62), सिप्ला (1.17) और ओएनजीसी (0.77) शामिल रहे। बीएसई में समग्र रूप से गिरावट का रुख रहा और 1661 में गिरावट रही जबकि 1160 में तेजी दर्ज की गई। 112 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। बीएसई सेंसेक्स में शामिल गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में टाटा स्टील (3.95 फीसदी), टीसीएस (3.16), जिंदल स्टील (2.69), टाटा मोटर्स (2.63), इन्फोसिस (2.48 फीसदी) शामिल रहे।टिप्पणियां इसी तरह तेजी दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में भारती एयरटेल (3.85 फीसदी), डा. रेड्डीज लैब (1.81), मारुति सुजुकी (1.62), सिप्ला (1.17) और ओएनजीसी (0.77) शामिल रहे। बीएसई में समग्र रूप से गिरावट का रुख रहा और 1661 में गिरावट रही जबकि 1160 में तेजी दर्ज की गई। 112 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसी तरह तेजी दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में भारती एयरटेल (3.85 फीसदी), डा. रेड्डीज लैब (1.81), मारुति सुजुकी (1.62), सिप्ला (1.17) और ओएनजीसी (0.77) शामिल रहे। बीएसई में समग्र रूप से गिरावट का रुख रहा और 1661 में गिरावट रही जबकि 1160 में तेजी दर्ज की गई। 112 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। बीएसई में समग्र रूप से गिरावट का रुख रहा और 1661 में गिरावट रही जबकि 1160 में तेजी दर्ज की गई। 112 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
सारांश: सेंसेक्स में 110.39 अंकों की यानी 0.64 फीसदी और निफ्टी में 30 अंकों की यानी 0.57 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। सूचना प्रौद्योगिकी सेक्टर में सबसे अधिक गिरावट रही।
20
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार पिछले 12 महीने में करीब 30 प्रतिशत बढ़ा है। ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त जैमिनी भगवती ने कहा कि व्यापारिक गतिविधियां बढ़ाने की अभी भारी गुंजाइश है। गुरुवार को यहां अंतरराष्ट्रीय मीडिया के लिए भारतीय उच्चायोग द्वारा आयोजित एक रात्रि भोज में भगवती ने कहा, भारत और ब्रिटेन के संबंध प्रगाढ़ हैं, चाहे वह लोगों के बीच हों या सरकार या फिर कंपनियों के बीच हों। कंपनियों के सीईओ की यात्राओं सहित हर स्तर पर व्यापक आदान-प्रदान हो रहा है। इस समय, भारत सरकार के विभिन्न विभागों से 25 अधिकारी कैंब्रिज स्थित स्कूल ऑफ बिजनेस में एक सप्ताह के कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं।टिप्पणियां व्यापार से संबंध में भगवती ने कहा, यह लगभग 30 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। पिछले 12 महीनों में यह बढ़ा है एवं अभी और ज्यादा करने की गुंजाइश है। पिछले साल भारत और ब्रिटेन का द्विपक्षीय व्यापार 16 अरब डॉलर को पार कर गया। उल्लेखनीय है कि यूरोपीय संघ में 1,200 से भारतीय कारोबारी हैं, जिसमें से 700 से अधिक अकेले ब्रिटेन में हैं। गुरुवार को यहां अंतरराष्ट्रीय मीडिया के लिए भारतीय उच्चायोग द्वारा आयोजित एक रात्रि भोज में भगवती ने कहा, भारत और ब्रिटेन के संबंध प्रगाढ़ हैं, चाहे वह लोगों के बीच हों या सरकार या फिर कंपनियों के बीच हों। कंपनियों के सीईओ की यात्राओं सहित हर स्तर पर व्यापक आदान-प्रदान हो रहा है। इस समय, भारत सरकार के विभिन्न विभागों से 25 अधिकारी कैंब्रिज स्थित स्कूल ऑफ बिजनेस में एक सप्ताह के कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं।टिप्पणियां व्यापार से संबंध में भगवती ने कहा, यह लगभग 30 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। पिछले 12 महीनों में यह बढ़ा है एवं अभी और ज्यादा करने की गुंजाइश है। पिछले साल भारत और ब्रिटेन का द्विपक्षीय व्यापार 16 अरब डॉलर को पार कर गया। उल्लेखनीय है कि यूरोपीय संघ में 1,200 से भारतीय कारोबारी हैं, जिसमें से 700 से अधिक अकेले ब्रिटेन में हैं। व्यापार से संबंध में भगवती ने कहा, यह लगभग 30 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। पिछले 12 महीनों में यह बढ़ा है एवं अभी और ज्यादा करने की गुंजाइश है। पिछले साल भारत और ब्रिटेन का द्विपक्षीय व्यापार 16 अरब डॉलर को पार कर गया। उल्लेखनीय है कि यूरोपीय संघ में 1,200 से भारतीय कारोबारी हैं, जिसमें से 700 से अधिक अकेले ब्रिटेन में हैं। उल्लेखनीय है कि यूरोपीय संघ में 1,200 से भारतीय कारोबारी हैं, जिसमें से 700 से अधिक अकेले ब्रिटेन में हैं।
संक्षिप्त पाठ: भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार पिछले 12 महीने में करीब 30 प्रतिशत बढ़ा है। ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त जैमिनी भगवती ने कहा कि व्यापारिक गतिविधियां बढ़ाने की अभी भारी गुंजाइश है।
14
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को झांसी से 30 किलोमीटर दूर ग्राम करगुआ खुर्द में पुष्पेन्द्र के परिजनों से मुलाकत की. अखिलेश ने परिवार वालों से कहा कि वह संघर्ष करेंगे और उन्हें न्याय दिलाएंगे. अखिलेश ने इस दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा, 'किसी को भी पुलिस की कहानी पर भरोसा नहीं है. झांसी का पुलिस प्रशासन जो घटनाक्रम बता रहा है, उससे कोई संतुष्ट नहीं है. परिवार को भी उस पर भरोसा नहीं है, क्योंकि यह एनकाउंटर नहीं हत्या है. इसके खिलाफ हम संघर्ष करेंगे और इन्हें न्याय दिलाएंगे.' उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी उनके दु:ख में शामिल है और उनका साथ देगी.  बता दें कि अखिलेश यादव इस बात से बहुत आक्रोशित थे कि पुलिस निर्दोषों की हत्या कर रही है. कानून के रक्षक ही भक्षक बन रहे हैं. जनता के नागरिक अधिकारों पर डाका डाला जा रहा है. उन्होंने कहा कि जिस प्रदेश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री हैं, वहां जनता को न्याय न मिले तो ताज्जुब है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, 'मानवाधिकार आयोग ने सबसे ज्यादा नोटिस उप्र सरकार को दी है. हवालात में मौतें यहीं सबसे ज्यादा हुई हैं. कानून-व्यवस्था ध्वस्त है. मृतक और उसके शोकाकुल परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए उठ रही आवाजों को कहां तक दबाएगी सरकार?' अखिलेश ने कहा, 'हमारी पार्टी की मांग है कि आरोपी एसओ पर 302 का केस दर्ज किया जाए. घटना की हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराई जाए. जिसने हत्या की उसे जेल भेजा जाए. पुलिस दोषी है.' इस बीच, एडीजी (कानून-व्यवस्था) पी.वी. रामशास्त्री ने एक प्रेसवार्ता में कहा, 'पूरे प्रकरण की निष्पक्ष विवेचना हो रही है. डीजीपी मुख्यालय से दो अलग-अलग मुकदमों की जांच की मनिटरिंग की जा रही है. पीड़ित पक्ष के आरोपों को भी विवेचना में शामिल किया गया है. परिवार के किसी अन्य एजेंसी से जांच की मांग किए जाने पर विचार होगा.' उन्होंने कहा कि पुष्पेंद्र यादव पर पांच मुकदमे दर्ज थे.' बता दें कि झांसी पुलिस के अनुसार, शनिवार रात बालू खनन में शामिल पुष्पेंद्र ने कानपुर-झांसी राजमार्ग पर मोंठ के थानाध्यक्ष धर्मेद्र सिंह चौहान पर फायर कर उनकी कार लूट ली थी. हमले में इंस्पेक्टर धर्मेद्र के चेहरे पर फायर बर्न के निशान मिले थे. उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. पुलिस ने उसी रात नाकेबंदी कर पुष्पेंद्र को गुरसरांय थाना इलाके में फरीदा के पास मुठभेड़ में मार गिराया था. उस वक्त पुष्पेंद्र के साथ दो और लोग थे, लेकिन वे फरार हो गए.  इसके अलावा रविवार को पुष्पेंद्र यादव, विपिन, रविंद्र के खिलाफ मोंठ और गुरसरांय थाने में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए, जबकि इससे पहले पुष्पेंद्र पर कोई मामला दर्ज नहीं होने का दावा किया गया था.
यहाँ एक सारांश है:ग्राम करगुआ खुर्द में पुष्पेन्द्र के परिजनों से मुलाकत की अखिलेश ने कहा, 'किसी को भी पुलिस की कहानी पर भरोसा नहीं है उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी उनके दु:ख में शामिल है और उनका साथ देगी
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: घटाएं बैली फैट, कम करें वजन, पढ़ें हाई प्रोटीन व फाइबर से भरपूर रेसिपी 7 दिनों में वजन कैसे घटाएं, यहां है वेट लॉस के लिए डाइट प्लान 1. वजन कम करने के लिए आप अपने आहार में क्विनोआ को शामिल कर सकते हैं. क्विनोआ एक सुपरफूड है जो स्वास्थ्य-लाभकारी और वजन घटाने के अनुकूल गुणों से परिपूर्ण है. क्विनोआ को एक संपूर्ण प्रोटीन माना जाता है, क्योंकि इसमें सभी आवश्यक अमीनो एसिड होते हैं. यह विशेष रूप से लाइसिन में उच्च है, जो ऊतक विकास और मरम्मत के लिए महत्वपूर्ण है. जब आप ज़ुकोची, शिमला मिर्च, हरी प्याज, पीली मिर्च, जैतून और बीन्स जैसी स्वस्थ सब्जियों के साथ क्विनोआ को जोड़ते हैं, तो डिश का पोषण मूल्य एक महत्व बढ़ जाता है. ये सभी सब्जियां फाइबर से भरपूर होती हैं. ज़ुकोचिनी, क्विनोआ के साथ अच्छी तरह से पूरक है, क्योंकि यह चयापचय संतुलन बनाए रखने में मदद करता है, जो प्रभावी वजन घटाने के लिए जरूरी है. बस 2 हफ्ते में घटाएं 12 इंच, जानें क्या है फैट फ्लश डाइट! कोलेस्ट्रॉल लेवल कम करना है तो इन 3 चीजों से रहें दूर चाहते हैं पेट की चर्बी को कम करना? तो करें ये आसान उपाय... Weight Loss Tips: वजन कम करने और मोटापा घटाने के लिए आहार में शामिल करें अनाज 2.जब बात वजन कम करने की हो तो आहार में ऐसा खाना शामिल करना जरूरी होता है जो ब्लड शुगर लेवल को स्थिर रखने में मदद कर सके. जब भूख को संतुष्ट करने की तो इसके लिए आप अपनाएं हेल्दी कार्बोहाइड्रेट और फाइबर से भरपूर आहार लें. और इसके लिए सबसे अच्छा होता है होलग्रेन यानी अनाज. अनाज पोषण से भरपूर होता है. किसी भी अनाज के तीन हिस्से होते हैं. ब्रेन, ग्रेम और एंडोस्पर्म. अनाज इसलिए अच्छा है क्योंकि इसमें पोषण भरपूर मात्रा में होता है. Best Foods For Weight Loss: वजन कम करने के लिए करें डाइट में ये बदलाव  Weight Loss: सौंफ के फायदे, वजन होगा कम और घटेगा बैली फैट Weight Loss Tips:  वजन कम करने के लिए करें डाइट में ये बदलाव  4. हरी सब्जियों में शामिल बीन्स एक ऐसा खाद्य पदार्थ है जो आपका वज़न कम करने में आपकी मदद करता है. बीन्स में जहां एक ओर कैलोरी की मात्रा कम होती है वहीं इसमें आयरन और फाइबर भरपूर मात्रा में मौजूद होता है. ये ऐसा फूड है जो फैट फ्री है. ऐसे में ये आपके वज़न को कम करने में कारगर साबित होता है. 5. वजन कम करने के लिए कम खाएं चीनी. जी हां, वजन कम करने के अपने टारगेट में आपको एक काम ऐसा करना होगा जो आपके दिल को दुखा सकता है. भले ही आपको चीनी या मीठा कितना ही पसंद हो यह कम करना होगा. वजन कम करने के लिए अपनी डाइट से मीठा ही नहीं स्टार्च और कार्बस भी कम करने होंगे. जब आप अपने आहार से इन्हें कम कर देंगे तो आप कम कैलोरी खाएंगे और शरीर पहले से मौजूद कैलोरी को बर्न करना शुरू कर देगा. इतना ही नहीं शुगर कम करने से आपके शरीर का इंसुलिन भी नियंत्रित रहेगा और आपकी किडनी शरीर से अतिरिक्त सोडियम और पानी को निकाल बाहर करेगी. तो आज ही बस ये छोटे-छोटे 5 बदलाव करें और हमें बताएं अपना अनुभव.   Summer Weight Loss: गर्मियों में वजन कम कैसे करें? बस डाइट में शामिल करें ये 4 चीजें... Roti Vs Rice: रोटी या चावल? क्‍या है सेहत के लिए बेहतर और क्यों... Best Foods For Weight Loss: वजन कम करने के लिए करें डाइट में ये बदलाव Calories In Mango Shake: जानिए आपको क्यों पीना चाहिए और क्यों नहीं... Calories In Lemon: नींबू क्यों है सेहत के लिए अच्छा, क्या हैं इसकी खूबियां Calories In Pomegranate: अनार का कैलोरी कांउट, क्या हैं इसके फायदे Calories In Fruits: गर्मियां अपने साथ लाती हैं फलों की सौगात, क्या-क्या होता है इनसे लाभ
यहाँ एक सारांश है:ये उपाय वज़न को कम करने में कारगर साबित हो सकते हैं. वजन कम करने के लिए कम खाएं चीनी. वजन कम करने के लिए आप अपने आहार में क्विनोआ को शामिल कर सकते हैं
12
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में मंगलवार को एक बार फिर प्रदूषण का स्तर गंभीर स्थिति में आ चुका है. इसी मसले पर बसपा (BSP) प्रमुख मायावती (Mayawati) ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट किया. उन्होंने इसपर तुरन्त प्रभावी ध्यान देने के लिए अनुरोध किया और साथ ही ठोस नीति व कार्यक्रम बनाकर इसको सख्ती से लागू करने के लिए सुझाव भी दिया. मायावती ने अपने ट्वीट में लिखा, ''प्रदूषण देश की राजधानी दिल्ली की ही भयावह समस्या नहीं है बल्कि पूरा देश व खासकर यूपी जैसे विशाल जनसंख्या वाले प्रदेश के ज्यादातर शहर इस भयानक समस्या से पीड़ित हैं. इसके मूल कारणों को समझकर इसपर समुचित ध्यान देना अब बहुत ही जरूरी है. सरकार इसपर तुरन्त प्रभावी ध्यान दे तो बेहतर है.'' उन्होंने आगे कहा, ''वैसे तो सरकारी लापरवाही आदि के कारण प्रदूषण व्यापक जनसमस्या का रूप ले चुका है तथा लोग इसके खिलाफ सड़कों पर उतरने को मजबूर हो रहे हैं. इसलिए प्रदूषण पर संसद में चर्चा के बाद इसपर ठोस नीति व कार्यक्रम बनाकर इसको सख्ती से लागू करने की जरूरत है जो जनहित का सबसे बड़ा एक काम होगा.'' बता दें कि दिल्ली एनसीआर में आज भी हवा की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है. शहर की हवा में लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है. लोग स्वच्छ हवा के लिए तरस गए हैं. भले ही ऑड ईवन स्कीम को लेकर कई दावे किए जा रहे हों लेकिन स्थिति में बहुत सुधार नहीं दिख रहा है. शुक्रवार को प्रदूषण को लेकर नगर विकास मंत्रालय की संसदीय समिति की बैठक में किसी को आने की फुर्सत ही नहीं मिली, जिसके कारण बैठक रद्द करनी पड़ी. शुक्रवार को दिल्ली के द्वारका इलाके में हवा की गुणवत्ता का स्तर 900 के भी पार पहुंच गया था. प्रदूषण को लेकर नगर विकास मंत्रालय ने बैठक बुलाई थी. लेकिन इस बैठक को कुछ मिनटों में ही खत्म करना पड़ा. बैठक में न सांसद पहुंचे और न ही अधिकारी. 29 में से सिर्फ 5 सांसद ही बैठक में पहुंचे. बैठक में विशेष तौर पर बुलाए गए पर्यावरण सचिव और वन सचिव भी नहीं पहुंचे. दिल्ली नगर निगम के तीनों अधिकारी भी वहां नहीं पहुंचे. कमेटी के प्रमुख सांसद जगदंबिका पाल ने नाराज होकर कहा कि वो लोकसभा अध्यक्ष से इस बात की शिकायत करेंगे.
यहाँ एक सारांश है:प्रदूषण मसले पर मायावती ने किया ट्वीट कहा- समुचित ध्यान देना अब बहुत ही जरूरी 'लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर'
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: साल 2019 का पहला चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse 2019)  आज (21 जनवरी) लगेगा. यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा. इस दिन निकलने वाले चंद्रमा को सुपर ब्लड मून का नाम दिया जाता है. क्योंकि इस दिन ग्रहण के दौरान चंद्रमा का रंग लाल हो जाता है. बताया जाता है कि इस अवधि के दौरान चंद्रमा धरती के काफी नजदीक होता है. यह ग्रहण कुल 3 घंटे 30 मिनट का होगा. हालांकि, यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. भारतीय समयानुसार ये ग्रहण 21 जनवरी को सुबह 10:41 बजे शुरू होगा. यह साल का पहला व आखिरी पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा. इसके बाद पूर्ण चंद्र ग्रहण 29 मई 2021 में लगेगा. इसलिए भी ग्रहण का महत्व बढ़ गया है. आज होने वाले ग्रहण को अनोखा चंद्र ग्रहण भी कहा जा रहा है, इस दौरान चांद की रोशनी 30 प्रतिशत ज्यादा तेज हो जाएगी और 15 प्रतिशत बड़ा चंद्रमा दिखाई देता है. कहते हैं वायुमंडल में जितना अधिक प्रदूषण होता है चांद भी उतना ही लाल चमकता है. नेशनल ज्योग्राफिक की रिपोर्ट के अनुसार, पूरे पश्चिमी गोलार्ध में लोग ग्रहण के सभी या कुछ भाग को देख सकेंगे. उत्तरी अमेरिका, सेंट्रल अमेरिका और दक्षिणी अमेरिका के लोग सुपर वुल्फ रेड मून (Super Blood Wolf Moon Lunar Eclipse) के सभी चरणों को अच्छे से देख पाएंगे. ऑस्ट्रेलिया और एशिया में ये नजारा देखने को नहीं मिलेगा. इससे पहले जनवरी के पहले हफ्ते में हुआ सोलर इक्लिप्स भी भारत में देखने को नहीं मिला था.
यह एक सारांश है: आज है चंद्रग्रहण सुबह 10 बजकर 11 मिनट पर शुरू भारत में नहीं दिखेगा
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार डीजल और रसोई गैस के दाम बढ़ाने का फैसला जल्द से जल्द करना चाहती है। इसके साथ ही सालभर में परिवारों को दिए जाने वाले सस्ते सिलेंडर की संख्या बढ़ाने का फैसला भी जल्द किया जाएगा। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री वीरप्पा मोइली ने यह जानकारी दी। केन्द्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार पेट्रोलियम पदार्थों की बिक्री पर होने वाले अनुमानित 1,60,000 करोड़ रुपये के नुकसान में कमी लाने के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही है। इसमें डीजल और रसोई गैस के दाम बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है।टिप्पणियां मोइली से ईंधन के दाम बढ़ाने के बारे में जब पूछा गया तो उनका जवाब था ‘जितनी जल्दी संभव हो सकेगा उतनी जल्दी निर्णय किया जाएगा।’ हालांकि, उन्होंने इन सवालों का कोई जवाब नहीं दिया कि उनके मंत्रालय ने क्या प्रस्ताव किया है और यह फैसला कब और किस स्तर पर लिया जाएगा। मोइली ने कहा ‘जब भी फैसला होगा, आपको सबसे पहले जानकारी मिलेगी।’ पेट्रोलियम मंत्रालय ने राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति को जो प्रस्ताव भेजा है वह प्रस्ताव विजय केलकर समिति की सिफारिशों के अनुरूप है। केलकर समिति का गठन वित्त मंत्रालय ने राजकोषीय मजबूती के लिए किया था। केन्द्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार पेट्रोलियम पदार्थों की बिक्री पर होने वाले अनुमानित 1,60,000 करोड़ रुपये के नुकसान में कमी लाने के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही है। इसमें डीजल और रसोई गैस के दाम बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है।टिप्पणियां मोइली से ईंधन के दाम बढ़ाने के बारे में जब पूछा गया तो उनका जवाब था ‘जितनी जल्दी संभव हो सकेगा उतनी जल्दी निर्णय किया जाएगा।’ हालांकि, उन्होंने इन सवालों का कोई जवाब नहीं दिया कि उनके मंत्रालय ने क्या प्रस्ताव किया है और यह फैसला कब और किस स्तर पर लिया जाएगा। मोइली ने कहा ‘जब भी फैसला होगा, आपको सबसे पहले जानकारी मिलेगी।’ पेट्रोलियम मंत्रालय ने राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति को जो प्रस्ताव भेजा है वह प्रस्ताव विजय केलकर समिति की सिफारिशों के अनुरूप है। केलकर समिति का गठन वित्त मंत्रालय ने राजकोषीय मजबूती के लिए किया था। मोइली से ईंधन के दाम बढ़ाने के बारे में जब पूछा गया तो उनका जवाब था ‘जितनी जल्दी संभव हो सकेगा उतनी जल्दी निर्णय किया जाएगा।’ हालांकि, उन्होंने इन सवालों का कोई जवाब नहीं दिया कि उनके मंत्रालय ने क्या प्रस्ताव किया है और यह फैसला कब और किस स्तर पर लिया जाएगा। मोइली ने कहा ‘जब भी फैसला होगा, आपको सबसे पहले जानकारी मिलेगी।’ पेट्रोलियम मंत्रालय ने राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति को जो प्रस्ताव भेजा है वह प्रस्ताव विजय केलकर समिति की सिफारिशों के अनुरूप है। केलकर समिति का गठन वित्त मंत्रालय ने राजकोषीय मजबूती के लिए किया था। मोइली ने कहा ‘जब भी फैसला होगा, आपको सबसे पहले जानकारी मिलेगी।’ पेट्रोलियम मंत्रालय ने राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति को जो प्रस्ताव भेजा है वह प्रस्ताव विजय केलकर समिति की सिफारिशों के अनुरूप है। केलकर समिति का गठन वित्त मंत्रालय ने राजकोषीय मजबूती के लिए किया था।
सरकार डीजल और रसोई गैस के दाम बढ़ाने का फैसला जल्द से जल्द करना चाहती है। इसके साथ ही सालभर में परिवारों को दिए जाने वाले सस्ते सिलेंडर की संख्या बढ़ाने का फैसला भी जल्द किया जाएगा।
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पत्र के अनुसार पार्टी में उनकी प्रासंगिकता को बनाकर नहीं रखते हुए, उन्हें सक्रिय राजनीति से दूर होने पर मजबूर किया गया. वह 35 साल तक ओडिशा विधानसभा के सदस्य रहे और सात बार कैबिनेट मंत्री भी रहे. राउत को बलिकुड़ा-रसम विधानसभा क्षेत्र से 2019 के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था. वर्ष 2019 में उन्होंने पहली बार भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था. बीजापुर उपचुनाव से पहले भाजपा छोड़ने वाले पूर्व विधायक अशोक कुमार पाणिग्रही के बाद राउत दूसरे नेता हैं. पारादीप के पूर्व विधायक राउत ने पत्र में उल्लेख किया कि तत्कालीन सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाने के कारण सितंबर 2018 में उन्हें बीजद से निष्कासित कर दिया गया था. राउत ने कहा कि बीजापुर उपचुनाव के लिए 40 स्टार प्रचारकों में उनका नाम शामिल नहीं किया गया. राउत ने इस बात पर निराशा जताई कि भाजपा ने उनके अनुभव का उपयोग नहीं किया. नेता ने कहा कि वह दिवंगत बीजू पटनायक की विचारधारा को ध्यान में रखते हुए जनता के लिए काम करना चाहते हैं. इसलिए, वह भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं. राउत ने कहा, 'मुझे पार्टी और उसके नेताओं से कोई शिकायत नहीं है.'
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: BJP के वरिष्ठ नेता दामोदर राउत ने छोड़ी पार्टी 21 अक्टूबर को बीजापुर में होना है उपचुनाव राज्य इकाई के अध्यक्ष बीके पांडा को सौंपा इस्तीफा
11
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत बुधवार को जारी टीमों की आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में एक पायदान के फायदे से पाकिस्तान को हटाकर चौथे स्थान पर पहुंच गया जबकि अनुभवी सचिन तेंदुलकर तीन स्थान के लाभ से बल्लेबाजों की सूची में 17वें नंबर हासिल करने में सफल रहे। गेंदबाजों में ऑफ स्पिनर आर अश्विन को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में 198 रन में 12 विकेट के प्रदर्शन से करियर की सर्वश्रेष्ठ 11वीं रैंकिंग पर पहुंच गए। भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को चेन्नई में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट में पहली बार दोहरा शतक बनाने का काफी फायदा हुआ, जिससे वह 15वें से 21वें स्थान पर पहुंच गए। चेन्नई टेस्ट में दूसरे शतकवीर विराट कोहली को 10 पायदान का लाभ हुआ और वह भी सूची में अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ 25वें नंबर पर हैं। दक्षिण अफ्रीका ने सेंचुरियन में तीसरे और अंतिम टेस्ट में पाकिस्तान पर मिली शानदार जीत से टेस्ट रैंकिंग में अपना शीर्ष स्थान मजबूत कर लिया है। टिप्पणियां गेंदबाजों की शीर्ष 10 सूची में कोई बदलाव नहीं हुआ है जिसमें दक्षिण अफ्रीका के डेल स्टेन पहले स्थान पर हैं और उनके साथी वर्नोन फिलैंडर उनके बाद बने हुए हैं। टेस्ट बल्लेबाजों की सूची में हाशिम अमला शीर्ष पर काबिज हैं, जिसके बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइक क्लार्क शामिल हैं। गेंदबाजों में ऑफ स्पिनर आर अश्विन को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में 198 रन में 12 विकेट के प्रदर्शन से करियर की सर्वश्रेष्ठ 11वीं रैंकिंग पर पहुंच गए। भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को चेन्नई में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट में पहली बार दोहरा शतक बनाने का काफी फायदा हुआ, जिससे वह 15वें से 21वें स्थान पर पहुंच गए। चेन्नई टेस्ट में दूसरे शतकवीर विराट कोहली को 10 पायदान का लाभ हुआ और वह भी सूची में अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ 25वें नंबर पर हैं। दक्षिण अफ्रीका ने सेंचुरियन में तीसरे और अंतिम टेस्ट में पाकिस्तान पर मिली शानदार जीत से टेस्ट रैंकिंग में अपना शीर्ष स्थान मजबूत कर लिया है। टिप्पणियां गेंदबाजों की शीर्ष 10 सूची में कोई बदलाव नहीं हुआ है जिसमें दक्षिण अफ्रीका के डेल स्टेन पहले स्थान पर हैं और उनके साथी वर्नोन फिलैंडर उनके बाद बने हुए हैं। टेस्ट बल्लेबाजों की सूची में हाशिम अमला शीर्ष पर काबिज हैं, जिसके बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइक क्लार्क शामिल हैं। भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को चेन्नई में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट में पहली बार दोहरा शतक बनाने का काफी फायदा हुआ, जिससे वह 15वें से 21वें स्थान पर पहुंच गए। चेन्नई टेस्ट में दूसरे शतकवीर विराट कोहली को 10 पायदान का लाभ हुआ और वह भी सूची में अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ 25वें नंबर पर हैं। दक्षिण अफ्रीका ने सेंचुरियन में तीसरे और अंतिम टेस्ट में पाकिस्तान पर मिली शानदार जीत से टेस्ट रैंकिंग में अपना शीर्ष स्थान मजबूत कर लिया है। टिप्पणियां गेंदबाजों की शीर्ष 10 सूची में कोई बदलाव नहीं हुआ है जिसमें दक्षिण अफ्रीका के डेल स्टेन पहले स्थान पर हैं और उनके साथी वर्नोन फिलैंडर उनके बाद बने हुए हैं। टेस्ट बल्लेबाजों की सूची में हाशिम अमला शीर्ष पर काबिज हैं, जिसके बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइक क्लार्क शामिल हैं। चेन्नई टेस्ट में दूसरे शतकवीर विराट कोहली को 10 पायदान का लाभ हुआ और वह भी सूची में अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ 25वें नंबर पर हैं। दक्षिण अफ्रीका ने सेंचुरियन में तीसरे और अंतिम टेस्ट में पाकिस्तान पर मिली शानदार जीत से टेस्ट रैंकिंग में अपना शीर्ष स्थान मजबूत कर लिया है। टिप्पणियां गेंदबाजों की शीर्ष 10 सूची में कोई बदलाव नहीं हुआ है जिसमें दक्षिण अफ्रीका के डेल स्टेन पहले स्थान पर हैं और उनके साथी वर्नोन फिलैंडर उनके बाद बने हुए हैं। टेस्ट बल्लेबाजों की सूची में हाशिम अमला शीर्ष पर काबिज हैं, जिसके बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइक क्लार्क शामिल हैं। दक्षिण अफ्रीका ने सेंचुरियन में तीसरे और अंतिम टेस्ट में पाकिस्तान पर मिली शानदार जीत से टेस्ट रैंकिंग में अपना शीर्ष स्थान मजबूत कर लिया है। टिप्पणियां गेंदबाजों की शीर्ष 10 सूची में कोई बदलाव नहीं हुआ है जिसमें दक्षिण अफ्रीका के डेल स्टेन पहले स्थान पर हैं और उनके साथी वर्नोन फिलैंडर उनके बाद बने हुए हैं। टेस्ट बल्लेबाजों की सूची में हाशिम अमला शीर्ष पर काबिज हैं, जिसके बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइक क्लार्क शामिल हैं। गेंदबाजों की शीर्ष 10 सूची में कोई बदलाव नहीं हुआ है जिसमें दक्षिण अफ्रीका के डेल स्टेन पहले स्थान पर हैं और उनके साथी वर्नोन फिलैंडर उनके बाद बने हुए हैं। टेस्ट बल्लेबाजों की सूची में हाशिम अमला शीर्ष पर काबिज हैं, जिसके बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइक क्लार्क शामिल हैं। टेस्ट बल्लेबाजों की सूची में हाशिम अमला शीर्ष पर काबिज हैं, जिसके बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइक क्लार्क शामिल हैं।
यह एक सारांश है: गेंदबाजों में ऑफ स्पिनर आर अश्विन को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में 198 रन में 12 विकेट के प्रदर्शन से करियर की सर्वश्रेष्ठ 11वीं रैंकिंग पर पहुंच गए।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार ने राजनीतिक दलों को सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम से बाहर रखने के लिए इसमें संशोधन को मंजूरी देने के केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले का शुक्रवार को बचाव किया और कहा कि यदि इस मामले में केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) का आदेश लागू होता है तो कोई भी राजनीतिक दल काम नहीं कर पाएगा। लेकिन कार्यकर्ताओं ने सरकार के इस कदम की कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि इससे पारदर्शिता एवं जवाबदेही का क्षरण होगा, जिससे अंतत: लोकतंत्र का नुकसान होगा। सीआईसी ने तीन जून को छह राष्ट्रीय दलों को आरटीआई अधिनियम के दायरे में लाने का आदेश दिया था। लेकिन केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को इसमें संशोधन को मंजूरी दे दी। संशोधित अधिनियम में राजनीतिक दल इसके दायरे से बाहर हो जाएंगे। आरटीआई अधिनियम में संशोधन का यह प्रस्ताव संसद के मानसून सत्र में पेश किया जा सकता है, जो पांच अगस्त से शुरू हो रहा है। केंद्र सरकार के इस फैसले का बचाव करते हुए केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा, "सरकार सीआईसी का सम्मान करती है, लेकिन इसके आदेश को लेकर चिंतित थी। यह आदेश राजनीतिक व्यवस्था पर हमला करता है। लोग राजनीतिक दलों से सभी तरह की जानकारी ले सकते हैं। दुनिया में कहीं भी ऐसा नहीं होता। सभी राजनीतिक दल सीआईसी के आदेश के खिलाफ हैं। यदि इसे लागू किया जाता है तो राजनीतिक दल काम नहीं कर पाएंगे।" उन्होंने कहा कि सरकार के पास दो रास्ते रह गए थे, एक तो वह सीआईसी के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर करे। लेकिन इसमें बहुत समय लगता। इसलिए आरटीआई अधिनियम में संशोधन का दूसरा रास्ता चुना गया, जो जल्दी हो सकता है। जल्दबाजी इसलिए है, क्योंकि सीआईसी का आदेश प्रक्रिया से संबंधित है। हम इस मुद्दे पर जल्द प्रस्ताव चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा, "इस तरह की आम धारणा है कि राजनीतिक पार्टियां जवाबदेह नहीं होती हैं। हमें जनता निर्वाचित करती है। हमें जो भी अनुदान मिलता है, उसका खुलासा हमें निर्वाचन आयोग के समक्ष करना होता है। यदि राजनीतिक दलों को मिलने वाला अनुदान अस्पष्ट होता तो यह संभव नहीं हो पाता।" सिब्बल ने कहा कि राजनीतिक दलों को 20,000 रुपये से अधिक का जो भी अनुदान मिलता है, उसके बारे में आयकर विभाग के समक्ष घोषणा करनी पड़ती है। यह सार्वजनिक भी किया जा सकता है। यदि राजनीतिक दल गोपनीयता के साथ काम करते तो यह संभव नहीं हो पाता। उन्होंने कहा, "हम निर्वाचन आयोग को संपत्ति एवं ऋणों तथा अपने खर्च का ब्यौरा देते हैं। इसमें पूरी तरह पारदर्शिता रहती है। राजनीतिक दल न तो कंपनियां हैं और न ही न्यास। ये लोगों के स्वैच्छिक संघ होते हैं।" सिब्बल ने कहा, "राजनीतिक दलों की नियुक्ति नहीं होती। हम चुनावी प्रक्रिया के तहत लोगों के पास जाते हैं। सरकारी कर्मचारियों से अलग हमारा निर्वाचन होता है। यह मूल अंतर है।"टिप्पणियां कार्यकर्ताओं ने हालांकि सरकार के इस कदम की आलोचना की है। कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव (सीएचआरआई) के वेंकटेश नायक ने कहा, "सरकार ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए सीआईसी के आदेश को निरस्त कर दिया। वे पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने में एक बार फिर विफल रहे, जिसका वादा वे अपनी हर घोषणा-पत्र में करते हैं।" आरटीआई कार्यकर्ता शैलेश गांधी ने कहा, "यह एक घटिया निर्णय है। यह निश्चित तौर पर लोकतंत्र का क्षरण है। उन्हें कम से कम लोगों के साथ संवाद करना चाहिए, क्योंकि यह उनके मौलिक अधिकारों से जुड़ा मामला है।" सीआईसी ने तीन जून को छह राष्ट्रीय दलों को आरटीआई अधिनियम के दायरे में लाने का आदेश दिया था। लेकिन केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को इसमें संशोधन को मंजूरी दे दी। संशोधित अधिनियम में राजनीतिक दल इसके दायरे से बाहर हो जाएंगे। आरटीआई अधिनियम में संशोधन का यह प्रस्ताव संसद के मानसून सत्र में पेश किया जा सकता है, जो पांच अगस्त से शुरू हो रहा है। केंद्र सरकार के इस फैसले का बचाव करते हुए केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा, "सरकार सीआईसी का सम्मान करती है, लेकिन इसके आदेश को लेकर चिंतित थी। यह आदेश राजनीतिक व्यवस्था पर हमला करता है। लोग राजनीतिक दलों से सभी तरह की जानकारी ले सकते हैं। दुनिया में कहीं भी ऐसा नहीं होता। सभी राजनीतिक दल सीआईसी के आदेश के खिलाफ हैं। यदि इसे लागू किया जाता है तो राजनीतिक दल काम नहीं कर पाएंगे।" उन्होंने कहा कि सरकार के पास दो रास्ते रह गए थे, एक तो वह सीआईसी के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर करे। लेकिन इसमें बहुत समय लगता। इसलिए आरटीआई अधिनियम में संशोधन का दूसरा रास्ता चुना गया, जो जल्दी हो सकता है। जल्दबाजी इसलिए है, क्योंकि सीआईसी का आदेश प्रक्रिया से संबंधित है। हम इस मुद्दे पर जल्द प्रस्ताव चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा, "इस तरह की आम धारणा है कि राजनीतिक पार्टियां जवाबदेह नहीं होती हैं। हमें जनता निर्वाचित करती है। हमें जो भी अनुदान मिलता है, उसका खुलासा हमें निर्वाचन आयोग के समक्ष करना होता है। यदि राजनीतिक दलों को मिलने वाला अनुदान अस्पष्ट होता तो यह संभव नहीं हो पाता।" सिब्बल ने कहा कि राजनीतिक दलों को 20,000 रुपये से अधिक का जो भी अनुदान मिलता है, उसके बारे में आयकर विभाग के समक्ष घोषणा करनी पड़ती है। यह सार्वजनिक भी किया जा सकता है। यदि राजनीतिक दल गोपनीयता के साथ काम करते तो यह संभव नहीं हो पाता। उन्होंने कहा, "हम निर्वाचन आयोग को संपत्ति एवं ऋणों तथा अपने खर्च का ब्यौरा देते हैं। इसमें पूरी तरह पारदर्शिता रहती है। राजनीतिक दल न तो कंपनियां हैं और न ही न्यास। ये लोगों के स्वैच्छिक संघ होते हैं।" सिब्बल ने कहा, "राजनीतिक दलों की नियुक्ति नहीं होती। हम चुनावी प्रक्रिया के तहत लोगों के पास जाते हैं। सरकारी कर्मचारियों से अलग हमारा निर्वाचन होता है। यह मूल अंतर है।"टिप्पणियां कार्यकर्ताओं ने हालांकि सरकार के इस कदम की आलोचना की है। कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव (सीएचआरआई) के वेंकटेश नायक ने कहा, "सरकार ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए सीआईसी के आदेश को निरस्त कर दिया। वे पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने में एक बार फिर विफल रहे, जिसका वादा वे अपनी हर घोषणा-पत्र में करते हैं।" आरटीआई कार्यकर्ता शैलेश गांधी ने कहा, "यह एक घटिया निर्णय है। यह निश्चित तौर पर लोकतंत्र का क्षरण है। उन्हें कम से कम लोगों के साथ संवाद करना चाहिए, क्योंकि यह उनके मौलिक अधिकारों से जुड़ा मामला है।" केंद्र सरकार के इस फैसले का बचाव करते हुए केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा, "सरकार सीआईसी का सम्मान करती है, लेकिन इसके आदेश को लेकर चिंतित थी। यह आदेश राजनीतिक व्यवस्था पर हमला करता है। लोग राजनीतिक दलों से सभी तरह की जानकारी ले सकते हैं। दुनिया में कहीं भी ऐसा नहीं होता। सभी राजनीतिक दल सीआईसी के आदेश के खिलाफ हैं। यदि इसे लागू किया जाता है तो राजनीतिक दल काम नहीं कर पाएंगे।" उन्होंने कहा कि सरकार के पास दो रास्ते रह गए थे, एक तो वह सीआईसी के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर करे। लेकिन इसमें बहुत समय लगता। इसलिए आरटीआई अधिनियम में संशोधन का दूसरा रास्ता चुना गया, जो जल्दी हो सकता है। जल्दबाजी इसलिए है, क्योंकि सीआईसी का आदेश प्रक्रिया से संबंधित है। हम इस मुद्दे पर जल्द प्रस्ताव चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा, "इस तरह की आम धारणा है कि राजनीतिक पार्टियां जवाबदेह नहीं होती हैं। हमें जनता निर्वाचित करती है। हमें जो भी अनुदान मिलता है, उसका खुलासा हमें निर्वाचन आयोग के समक्ष करना होता है। यदि राजनीतिक दलों को मिलने वाला अनुदान अस्पष्ट होता तो यह संभव नहीं हो पाता।" सिब्बल ने कहा कि राजनीतिक दलों को 20,000 रुपये से अधिक का जो भी अनुदान मिलता है, उसके बारे में आयकर विभाग के समक्ष घोषणा करनी पड़ती है। यह सार्वजनिक भी किया जा सकता है। यदि राजनीतिक दल गोपनीयता के साथ काम करते तो यह संभव नहीं हो पाता। उन्होंने कहा, "हम निर्वाचन आयोग को संपत्ति एवं ऋणों तथा अपने खर्च का ब्यौरा देते हैं। इसमें पूरी तरह पारदर्शिता रहती है। राजनीतिक दल न तो कंपनियां हैं और न ही न्यास। ये लोगों के स्वैच्छिक संघ होते हैं।" सिब्बल ने कहा, "राजनीतिक दलों की नियुक्ति नहीं होती। हम चुनावी प्रक्रिया के तहत लोगों के पास जाते हैं। सरकारी कर्मचारियों से अलग हमारा निर्वाचन होता है। यह मूल अंतर है।"टिप्पणियां कार्यकर्ताओं ने हालांकि सरकार के इस कदम की आलोचना की है। कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव (सीएचआरआई) के वेंकटेश नायक ने कहा, "सरकार ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए सीआईसी के आदेश को निरस्त कर दिया। वे पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने में एक बार फिर विफल रहे, जिसका वादा वे अपनी हर घोषणा-पत्र में करते हैं।" आरटीआई कार्यकर्ता शैलेश गांधी ने कहा, "यह एक घटिया निर्णय है। यह निश्चित तौर पर लोकतंत्र का क्षरण है। उन्हें कम से कम लोगों के साथ संवाद करना चाहिए, क्योंकि यह उनके मौलिक अधिकारों से जुड़ा मामला है।" सिब्बल ने कहा कि राजनीतिक दलों को 20,000 रुपये से अधिक का जो भी अनुदान मिलता है, उसके बारे में आयकर विभाग के समक्ष घोषणा करनी पड़ती है। यह सार्वजनिक भी किया जा सकता है। यदि राजनीतिक दल गोपनीयता के साथ काम करते तो यह संभव नहीं हो पाता। उन्होंने कहा, "हम निर्वाचन आयोग को संपत्ति एवं ऋणों तथा अपने खर्च का ब्यौरा देते हैं। इसमें पूरी तरह पारदर्शिता रहती है। राजनीतिक दल न तो कंपनियां हैं और न ही न्यास। ये लोगों के स्वैच्छिक संघ होते हैं।" सिब्बल ने कहा, "राजनीतिक दलों की नियुक्ति नहीं होती। हम चुनावी प्रक्रिया के तहत लोगों के पास जाते हैं। सरकारी कर्मचारियों से अलग हमारा निर्वाचन होता है। यह मूल अंतर है।"टिप्पणियां कार्यकर्ताओं ने हालांकि सरकार के इस कदम की आलोचना की है। कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव (सीएचआरआई) के वेंकटेश नायक ने कहा, "सरकार ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए सीआईसी के आदेश को निरस्त कर दिया। वे पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने में एक बार फिर विफल रहे, जिसका वादा वे अपनी हर घोषणा-पत्र में करते हैं।" आरटीआई कार्यकर्ता शैलेश गांधी ने कहा, "यह एक घटिया निर्णय है। यह निश्चित तौर पर लोकतंत्र का क्षरण है। उन्हें कम से कम लोगों के साथ संवाद करना चाहिए, क्योंकि यह उनके मौलिक अधिकारों से जुड़ा मामला है।" यदि राजनीतिक दल गोपनीयता के साथ काम करते तो यह संभव नहीं हो पाता। उन्होंने कहा, "हम निर्वाचन आयोग को संपत्ति एवं ऋणों तथा अपने खर्च का ब्यौरा देते हैं। इसमें पूरी तरह पारदर्शिता रहती है। राजनीतिक दल न तो कंपनियां हैं और न ही न्यास। ये लोगों के स्वैच्छिक संघ होते हैं।" सिब्बल ने कहा, "राजनीतिक दलों की नियुक्ति नहीं होती। हम चुनावी प्रक्रिया के तहत लोगों के पास जाते हैं। सरकारी कर्मचारियों से अलग हमारा निर्वाचन होता है। यह मूल अंतर है।"टिप्पणियां कार्यकर्ताओं ने हालांकि सरकार के इस कदम की आलोचना की है। कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव (सीएचआरआई) के वेंकटेश नायक ने कहा, "सरकार ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए सीआईसी के आदेश को निरस्त कर दिया। वे पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने में एक बार फिर विफल रहे, जिसका वादा वे अपनी हर घोषणा-पत्र में करते हैं।" आरटीआई कार्यकर्ता शैलेश गांधी ने कहा, "यह एक घटिया निर्णय है। यह निश्चित तौर पर लोकतंत्र का क्षरण है। उन्हें कम से कम लोगों के साथ संवाद करना चाहिए, क्योंकि यह उनके मौलिक अधिकारों से जुड़ा मामला है।" सिब्बल ने कहा, "राजनीतिक दलों की नियुक्ति नहीं होती। हम चुनावी प्रक्रिया के तहत लोगों के पास जाते हैं। सरकारी कर्मचारियों से अलग हमारा निर्वाचन होता है। यह मूल अंतर है।"टिप्पणियां कार्यकर्ताओं ने हालांकि सरकार के इस कदम की आलोचना की है। कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव (सीएचआरआई) के वेंकटेश नायक ने कहा, "सरकार ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए सीआईसी के आदेश को निरस्त कर दिया। वे पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने में एक बार फिर विफल रहे, जिसका वादा वे अपनी हर घोषणा-पत्र में करते हैं।" आरटीआई कार्यकर्ता शैलेश गांधी ने कहा, "यह एक घटिया निर्णय है। यह निश्चित तौर पर लोकतंत्र का क्षरण है। उन्हें कम से कम लोगों के साथ संवाद करना चाहिए, क्योंकि यह उनके मौलिक अधिकारों से जुड़ा मामला है।" कार्यकर्ताओं ने हालांकि सरकार के इस कदम की आलोचना की है। कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव (सीएचआरआई) के वेंकटेश नायक ने कहा, "सरकार ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए सीआईसी के आदेश को निरस्त कर दिया। वे पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने में एक बार फिर विफल रहे, जिसका वादा वे अपनी हर घोषणा-पत्र में करते हैं।" आरटीआई कार्यकर्ता शैलेश गांधी ने कहा, "यह एक घटिया निर्णय है। यह निश्चित तौर पर लोकतंत्र का क्षरण है। उन्हें कम से कम लोगों के साथ संवाद करना चाहिए, क्योंकि यह उनके मौलिक अधिकारों से जुड़ा मामला है।" आरटीआई कार्यकर्ता शैलेश गांधी ने कहा, "यह एक घटिया निर्णय है। यह निश्चित तौर पर लोकतंत्र का क्षरण है। उन्हें कम से कम लोगों के साथ संवाद करना चाहिए, क्योंकि यह उनके मौलिक अधिकारों से जुड़ा मामला है।"
सारांश: सरकार ने राजनीतिक दलों को सूचना के अधिकार अधिनियम से बाहर रखने के लिए इसमें संशोधन को मंजूरी देने के केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले का शुक्रवार को बचाव किया और कहा कि यदि इस मामले में केंद्रीय सूचना आयोग का आदेश लागू होता है तो कोई भी राजनीतिक दल काम नहीं क
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केन्‍द्रीय चुनाव आयोग आज कर्नाटक विधानसभा चुनावों की तारीख का ऐलान कर सकता है. इसको लेकर सुबह 11 बजे चुनाव आयोग एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर रहा है. कर्नाटक चुनाव को लेकर सभी पार्टियों ने पहले ही कमर कस ली है. कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी लगातार कर्नाटक के दौरे पर हैं, वहीं भाजपा की ओर से अमित शाह कर्नाटक पर नजरें जमाए हुए हैं. मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त ओपी रावत ने पिछले महीने एनडीटीवी से बातचीत के दौरान कहा था कि कर्नाटक में मौजूद कांग्रेस की सिद्धारमैया सरकार का कार्यकाल 28 मई को पूरा हो रहा है. टिप्पणियां बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह कर्नाटक के दौरे पर हैं. सोमवार को उन्‍होंने यहां शिद्धगंगा मठ में 110 वर्षीय लिंगायत संत, शिवकुमार स्वामी से मुलाकात की और अप्रैल-मई में होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव में पार्टी की सफलता के लिए उनका आशीर्वाद लिया. शाह ने यहां पत्रकारों से कहा, "जब मैंने श्रद्धेय स्वामीजी से मुलाकात की, तो मुझे ऐसा लगा कि मैं भगवान के दर्शन कर रहा हूं. मैंने राज्य विधानसभा चुनाव में पार्टी की सफलता के लिए उनसे आशीर्वाद मांगा." शाह ने इस बात पर भी खुशी जताई कि प्रसिद्ध लिंगायत मठ पूरे राज्य में 125 शैक्षणिक संस्थान चला रहा है और लोगों की भलाई से जुड़े कई काम कर रहा है. आपको बता दें कि कर्नाटक में 225 सदस्‍यों की विधानसभा है लेकिन सिर्फ 224 सीटों के लिए चुनाव होता है क्‍योंकि एक सीट पर एंग्लो-इंडियन समुदाय से सदस्य मनोनित किया जाता है. विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए तमाम दल अभी से जुट गए हैं. सीएम सिद्धारमैया कांग्रेस का किला बचाने में जुटी है तो वहीं बीजेपी ने बी.एस.येदुरप्पा को सीएम उम्‍मीदवार बनाया है.  मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त ओपी रावत ने पिछले महीने एनडीटीवी से बातचीत के दौरान कहा था कि कर्नाटक में मौजूद कांग्रेस की सिद्धारमैया सरकार का कार्यकाल 28 मई को पूरा हो रहा है. टिप्पणियां बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह कर्नाटक के दौरे पर हैं. सोमवार को उन्‍होंने यहां शिद्धगंगा मठ में 110 वर्षीय लिंगायत संत, शिवकुमार स्वामी से मुलाकात की और अप्रैल-मई में होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव में पार्टी की सफलता के लिए उनका आशीर्वाद लिया. शाह ने यहां पत्रकारों से कहा, "जब मैंने श्रद्धेय स्वामीजी से मुलाकात की, तो मुझे ऐसा लगा कि मैं भगवान के दर्शन कर रहा हूं. मैंने राज्य विधानसभा चुनाव में पार्टी की सफलता के लिए उनसे आशीर्वाद मांगा." शाह ने इस बात पर भी खुशी जताई कि प्रसिद्ध लिंगायत मठ पूरे राज्य में 125 शैक्षणिक संस्थान चला रहा है और लोगों की भलाई से जुड़े कई काम कर रहा है. आपको बता दें कि कर्नाटक में 225 सदस्‍यों की विधानसभा है लेकिन सिर्फ 224 सीटों के लिए चुनाव होता है क्‍योंकि एक सीट पर एंग्लो-इंडियन समुदाय से सदस्य मनोनित किया जाता है. विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए तमाम दल अभी से जुट गए हैं. सीएम सिद्धारमैया कांग्रेस का किला बचाने में जुटी है तो वहीं बीजेपी ने बी.एस.येदुरप्पा को सीएम उम्‍मीदवार बनाया है.  बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह कर्नाटक के दौरे पर हैं. सोमवार को उन्‍होंने यहां शिद्धगंगा मठ में 110 वर्षीय लिंगायत संत, शिवकुमार स्वामी से मुलाकात की और अप्रैल-मई में होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव में पार्टी की सफलता के लिए उनका आशीर्वाद लिया. शाह ने यहां पत्रकारों से कहा, "जब मैंने श्रद्धेय स्वामीजी से मुलाकात की, तो मुझे ऐसा लगा कि मैं भगवान के दर्शन कर रहा हूं. मैंने राज्य विधानसभा चुनाव में पार्टी की सफलता के लिए उनसे आशीर्वाद मांगा." शाह ने इस बात पर भी खुशी जताई कि प्रसिद्ध लिंगायत मठ पूरे राज्य में 125 शैक्षणिक संस्थान चला रहा है और लोगों की भलाई से जुड़े कई काम कर रहा है. आपको बता दें कि कर्नाटक में 225 सदस्‍यों की विधानसभा है लेकिन सिर्फ 224 सीटों के लिए चुनाव होता है क्‍योंकि एक सीट पर एंग्लो-इंडियन समुदाय से सदस्य मनोनित किया जाता है. विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए तमाम दल अभी से जुट गए हैं. सीएम सिद्धारमैया कांग्रेस का किला बचाने में जुटी है तो वहीं बीजेपी ने बी.एस.येदुरप्पा को सीएम उम्‍मीदवार बनाया है.  आपको बता दें कि कर्नाटक में 225 सदस्‍यों की विधानसभा है लेकिन सिर्फ 224 सीटों के लिए चुनाव होता है क्‍योंकि एक सीट पर एंग्लो-इंडियन समुदाय से सदस्य मनोनित किया जाता है. विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए तमाम दल अभी से जुट गए हैं. सीएम सिद्धारमैया कांग्रेस का किला बचाने में जुटी है तो वहीं बीजेपी ने बी.एस.येदुरप्पा को सीएम उम्‍मीदवार बनाया है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सिद्धारमैया सरकार का कार्यकाल 28 मई को पूरा हो रहा है. कर्नाटक में 225 सदस्‍यों की विधानसभा है बीजेपी ने बी.एस.येदुरप्पा को सीएम उम्‍मीदवार बनाया है.
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['hin']
एक सारांश बनाओ: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कार्टून बनाने वाले जादवपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने रविवार को कहा कि कार्टून लोकतंत्र का अभिन्न हिस्सा हैं।टिप्पणियां त्रिवेदी ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इससे से किसी को कोई आपत्ति होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी की छवि उसके समर्थकों और उसकी आलोचना करने वालों की वजह से बनती है। रेल बजट में रेल किराया बढ़ाने को लेकर उठे विवाद के बाद इस्तीफा देने वाले त्रिवेदी ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि कार्टून स्वस्थ लोकतंत्र का अभिन्न हिस्सा हैं ।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कार्टून आपकी छवि को खराब नहीं कर सकते हैं । लोग आपकी छवि बनाते हैं और वही इसे नष्ट कर देते हैं ।’’ त्रिवेदी आज अपने पैतृक शहर आए हुए थे। त्रिवेदी ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इससे से किसी को कोई आपत्ति होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी की छवि उसके समर्थकों और उसकी आलोचना करने वालों की वजह से बनती है। रेल बजट में रेल किराया बढ़ाने को लेकर उठे विवाद के बाद इस्तीफा देने वाले त्रिवेदी ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि कार्टून स्वस्थ लोकतंत्र का अभिन्न हिस्सा हैं ।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कार्टून आपकी छवि को खराब नहीं कर सकते हैं । लोग आपकी छवि बनाते हैं और वही इसे नष्ट कर देते हैं ।’’ त्रिवेदी आज अपने पैतृक शहर आए हुए थे। रेल बजट में रेल किराया बढ़ाने को लेकर उठे विवाद के बाद इस्तीफा देने वाले त्रिवेदी ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि कार्टून स्वस्थ लोकतंत्र का अभिन्न हिस्सा हैं ।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कार्टून आपकी छवि को खराब नहीं कर सकते हैं । लोग आपकी छवि बनाते हैं और वही इसे नष्ट कर देते हैं ।’’ त्रिवेदी आज अपने पैतृक शहर आए हुए थे।
ममता बनर्जी का कार्टून बनाने वाले जादवपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने आज कहा कि कार्टून लोकतंत्र का अभिन्न हिस्सा हैं।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम ने ब्राबोर्न स्टेडियम में सोमवार को खेले गए महिला विश्व कप (50 ओवर) के सुपर-6 मुकाबले में न्यूजीलैंड को 48 रनों से हरा दिया। कैरेबियाई टीम अब फाइनल में पहुंचने से एक कदम दूर है। वेस्टइंडीज द्वारा दिए गए 208 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की पूरी टीम 44.3 ओवर में 159 रन पर ढेर हो गई। इस हार ने फाइनल में स्थान बनाने के कीवी टीम के दावे को कमजोर किया है। अब उसके खाते में सिर्फ एक सुपर-6 मैच बचा है, जो मौजूदा चैम्पियन इंग्लैंड के साथ होना है। कीवी टीम को यह मैच जीतने के साथ-साथ बुधवार को होने वाले सुपर-6 दौर के अन्य मुकाबलों के नतीजों पर भी आश्रित रहना होगा। आंकड़े उसके पक्ष में रहे और वह इंग्लैंड को हराने का दुरूह काम सफलतापूर्वक करने में सफल रही तो फिर वह फाइनल में पहुंच सकती है। बहरहाल, न्यूजीलैंड की ओर से विकेटकीपर रासेल प्रीस्ट ने सर्वाधिक 36 रन बनाए। सलामी बल्लेबाज सूजी बेट्स ने 30 रनों का योगदान दिया। न्यूजीलैंड की शुरूआत अच्छी नहीं रही। दूसरे ओवर की दूसरी गेंद पर सलामी बल्लेबाज फ्रांसिस मैके मात्र चार रन के व्यक्तिगत स्कोर पर ट्रेमायने स्मार्ट की गेंद पर पगबाधा हो गईं। सलामी बल्लेबाज बेट्स तथा विकेटकीपर प्रीस्ट के अलावा न्यूजीलैंड की कोई भी बल्लेबाज टिक कर नहीं खेल सकीं। बेट्स ने अपनी 44 गेंदों की पारी में तीन चौके जबकि प्रीस्ट ने 65 गेंद का सामना करते हुए चार चौके जड़े। वेस्टइंडीज टीम की ओर से स्मार्ट ने तीन विकेट झटके जबकि स्टेफेनी टेलर तथा देआंद्रा डॉटिन ने दो-दो विकेट हासिल किए।   इससे पहले, टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी करते हुए कीवी महिलाओं ने वेस्टइंडीज को 50 ओवरों में नौ विकेट पर 207 रनों पर सीमित कर दिया। न्यूजीलैंड की ओर से मोर्ना नील्सन ने 27 रन देकर सबसे अधिक तीन विकेट लिए। वेस्टइंडीज की ओर से स्टेफेनी टेलर ने सबसे अधिक 49 रन बनाए जबकि शैनेल डेले ने 37 रनों का योगदान दिया। अनीसा मोहम्मद 31 रन बनाकर नाबाद लौटीं।टिप्पणियां टेलर ने अपनी 53 गेंदों की पारी में सात चौके लगाए। डेले ने 64 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके लगाए। अनीसा ने 32 गेंदों पर चार चौके जड़े। इसके अलावा डॉटिन ने 27 रन जोड़े। डॉटिन ने 21 गेंदों की तेज पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। कीवी टीम की ओर से सूजी बेट्स और सियान रुक ने भी दो-दो सफलता हासिल की। वेस्टइंडीज द्वारा दिए गए 208 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की पूरी टीम 44.3 ओवर में 159 रन पर ढेर हो गई। इस हार ने फाइनल में स्थान बनाने के कीवी टीम के दावे को कमजोर किया है। अब उसके खाते में सिर्फ एक सुपर-6 मैच बचा है, जो मौजूदा चैम्पियन इंग्लैंड के साथ होना है। कीवी टीम को यह मैच जीतने के साथ-साथ बुधवार को होने वाले सुपर-6 दौर के अन्य मुकाबलों के नतीजों पर भी आश्रित रहना होगा। आंकड़े उसके पक्ष में रहे और वह इंग्लैंड को हराने का दुरूह काम सफलतापूर्वक करने में सफल रही तो फिर वह फाइनल में पहुंच सकती है। बहरहाल, न्यूजीलैंड की ओर से विकेटकीपर रासेल प्रीस्ट ने सर्वाधिक 36 रन बनाए। सलामी बल्लेबाज सूजी बेट्स ने 30 रनों का योगदान दिया। न्यूजीलैंड की शुरूआत अच्छी नहीं रही। दूसरे ओवर की दूसरी गेंद पर सलामी बल्लेबाज फ्रांसिस मैके मात्र चार रन के व्यक्तिगत स्कोर पर ट्रेमायने स्मार्ट की गेंद पर पगबाधा हो गईं। सलामी बल्लेबाज बेट्स तथा विकेटकीपर प्रीस्ट के अलावा न्यूजीलैंड की कोई भी बल्लेबाज टिक कर नहीं खेल सकीं। बेट्स ने अपनी 44 गेंदों की पारी में तीन चौके जबकि प्रीस्ट ने 65 गेंद का सामना करते हुए चार चौके जड़े। वेस्टइंडीज टीम की ओर से स्मार्ट ने तीन विकेट झटके जबकि स्टेफेनी टेलर तथा देआंद्रा डॉटिन ने दो-दो विकेट हासिल किए।   इससे पहले, टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी करते हुए कीवी महिलाओं ने वेस्टइंडीज को 50 ओवरों में नौ विकेट पर 207 रनों पर सीमित कर दिया। न्यूजीलैंड की ओर से मोर्ना नील्सन ने 27 रन देकर सबसे अधिक तीन विकेट लिए। वेस्टइंडीज की ओर से स्टेफेनी टेलर ने सबसे अधिक 49 रन बनाए जबकि शैनेल डेले ने 37 रनों का योगदान दिया। अनीसा मोहम्मद 31 रन बनाकर नाबाद लौटीं।टिप्पणियां टेलर ने अपनी 53 गेंदों की पारी में सात चौके लगाए। डेले ने 64 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके लगाए। अनीसा ने 32 गेंदों पर चार चौके जड़े। इसके अलावा डॉटिन ने 27 रन जोड़े। डॉटिन ने 21 गेंदों की तेज पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। कीवी टीम की ओर से सूजी बेट्स और सियान रुक ने भी दो-दो सफलता हासिल की। कीवी टीम को यह मैच जीतने के साथ-साथ बुधवार को होने वाले सुपर-6 दौर के अन्य मुकाबलों के नतीजों पर भी आश्रित रहना होगा। आंकड़े उसके पक्ष में रहे और वह इंग्लैंड को हराने का दुरूह काम सफलतापूर्वक करने में सफल रही तो फिर वह फाइनल में पहुंच सकती है। बहरहाल, न्यूजीलैंड की ओर से विकेटकीपर रासेल प्रीस्ट ने सर्वाधिक 36 रन बनाए। सलामी बल्लेबाज सूजी बेट्स ने 30 रनों का योगदान दिया। न्यूजीलैंड की शुरूआत अच्छी नहीं रही। दूसरे ओवर की दूसरी गेंद पर सलामी बल्लेबाज फ्रांसिस मैके मात्र चार रन के व्यक्तिगत स्कोर पर ट्रेमायने स्मार्ट की गेंद पर पगबाधा हो गईं। सलामी बल्लेबाज बेट्स तथा विकेटकीपर प्रीस्ट के अलावा न्यूजीलैंड की कोई भी बल्लेबाज टिक कर नहीं खेल सकीं। बेट्स ने अपनी 44 गेंदों की पारी में तीन चौके जबकि प्रीस्ट ने 65 गेंद का सामना करते हुए चार चौके जड़े। वेस्टइंडीज टीम की ओर से स्मार्ट ने तीन विकेट झटके जबकि स्टेफेनी टेलर तथा देआंद्रा डॉटिन ने दो-दो विकेट हासिल किए।   इससे पहले, टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी करते हुए कीवी महिलाओं ने वेस्टइंडीज को 50 ओवरों में नौ विकेट पर 207 रनों पर सीमित कर दिया। न्यूजीलैंड की ओर से मोर्ना नील्सन ने 27 रन देकर सबसे अधिक तीन विकेट लिए। वेस्टइंडीज की ओर से स्टेफेनी टेलर ने सबसे अधिक 49 रन बनाए जबकि शैनेल डेले ने 37 रनों का योगदान दिया। अनीसा मोहम्मद 31 रन बनाकर नाबाद लौटीं।टिप्पणियां टेलर ने अपनी 53 गेंदों की पारी में सात चौके लगाए। डेले ने 64 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके लगाए। अनीसा ने 32 गेंदों पर चार चौके जड़े। इसके अलावा डॉटिन ने 27 रन जोड़े। डॉटिन ने 21 गेंदों की तेज पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। कीवी टीम की ओर से सूजी बेट्स और सियान रुक ने भी दो-दो सफलता हासिल की। बहरहाल, न्यूजीलैंड की ओर से विकेटकीपर रासेल प्रीस्ट ने सर्वाधिक 36 रन बनाए। सलामी बल्लेबाज सूजी बेट्स ने 30 रनों का योगदान दिया। न्यूजीलैंड की शुरूआत अच्छी नहीं रही। दूसरे ओवर की दूसरी गेंद पर सलामी बल्लेबाज फ्रांसिस मैके मात्र चार रन के व्यक्तिगत स्कोर पर ट्रेमायने स्मार्ट की गेंद पर पगबाधा हो गईं। सलामी बल्लेबाज बेट्स तथा विकेटकीपर प्रीस्ट के अलावा न्यूजीलैंड की कोई भी बल्लेबाज टिक कर नहीं खेल सकीं। बेट्स ने अपनी 44 गेंदों की पारी में तीन चौके जबकि प्रीस्ट ने 65 गेंद का सामना करते हुए चार चौके जड़े। वेस्टइंडीज टीम की ओर से स्मार्ट ने तीन विकेट झटके जबकि स्टेफेनी टेलर तथा देआंद्रा डॉटिन ने दो-दो विकेट हासिल किए।   इससे पहले, टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी करते हुए कीवी महिलाओं ने वेस्टइंडीज को 50 ओवरों में नौ विकेट पर 207 रनों पर सीमित कर दिया। न्यूजीलैंड की ओर से मोर्ना नील्सन ने 27 रन देकर सबसे अधिक तीन विकेट लिए। वेस्टइंडीज की ओर से स्टेफेनी टेलर ने सबसे अधिक 49 रन बनाए जबकि शैनेल डेले ने 37 रनों का योगदान दिया। अनीसा मोहम्मद 31 रन बनाकर नाबाद लौटीं।टिप्पणियां टेलर ने अपनी 53 गेंदों की पारी में सात चौके लगाए। डेले ने 64 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके लगाए। अनीसा ने 32 गेंदों पर चार चौके जड़े। इसके अलावा डॉटिन ने 27 रन जोड़े। डॉटिन ने 21 गेंदों की तेज पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। कीवी टीम की ओर से सूजी बेट्स और सियान रुक ने भी दो-दो सफलता हासिल की। न्यूजीलैंड की शुरूआत अच्छी नहीं रही। दूसरे ओवर की दूसरी गेंद पर सलामी बल्लेबाज फ्रांसिस मैके मात्र चार रन के व्यक्तिगत स्कोर पर ट्रेमायने स्मार्ट की गेंद पर पगबाधा हो गईं। सलामी बल्लेबाज बेट्स तथा विकेटकीपर प्रीस्ट के अलावा न्यूजीलैंड की कोई भी बल्लेबाज टिक कर नहीं खेल सकीं। बेट्स ने अपनी 44 गेंदों की पारी में तीन चौके जबकि प्रीस्ट ने 65 गेंद का सामना करते हुए चार चौके जड़े। वेस्टइंडीज टीम की ओर से स्मार्ट ने तीन विकेट झटके जबकि स्टेफेनी टेलर तथा देआंद्रा डॉटिन ने दो-दो विकेट हासिल किए।   इससे पहले, टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी करते हुए कीवी महिलाओं ने वेस्टइंडीज को 50 ओवरों में नौ विकेट पर 207 रनों पर सीमित कर दिया। न्यूजीलैंड की ओर से मोर्ना नील्सन ने 27 रन देकर सबसे अधिक तीन विकेट लिए। वेस्टइंडीज की ओर से स्टेफेनी टेलर ने सबसे अधिक 49 रन बनाए जबकि शैनेल डेले ने 37 रनों का योगदान दिया। अनीसा मोहम्मद 31 रन बनाकर नाबाद लौटीं।टिप्पणियां टेलर ने अपनी 53 गेंदों की पारी में सात चौके लगाए। डेले ने 64 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके लगाए। अनीसा ने 32 गेंदों पर चार चौके जड़े। इसके अलावा डॉटिन ने 27 रन जोड़े। डॉटिन ने 21 गेंदों की तेज पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। कीवी टीम की ओर से सूजी बेट्स और सियान रुक ने भी दो-दो सफलता हासिल की। सलामी बल्लेबाज बेट्स तथा विकेटकीपर प्रीस्ट के अलावा न्यूजीलैंड की कोई भी बल्लेबाज टिक कर नहीं खेल सकीं। बेट्स ने अपनी 44 गेंदों की पारी में तीन चौके जबकि प्रीस्ट ने 65 गेंद का सामना करते हुए चार चौके जड़े। वेस्टइंडीज टीम की ओर से स्मार्ट ने तीन विकेट झटके जबकि स्टेफेनी टेलर तथा देआंद्रा डॉटिन ने दो-दो विकेट हासिल किए।   इससे पहले, टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी करते हुए कीवी महिलाओं ने वेस्टइंडीज को 50 ओवरों में नौ विकेट पर 207 रनों पर सीमित कर दिया। न्यूजीलैंड की ओर से मोर्ना नील्सन ने 27 रन देकर सबसे अधिक तीन विकेट लिए। वेस्टइंडीज की ओर से स्टेफेनी टेलर ने सबसे अधिक 49 रन बनाए जबकि शैनेल डेले ने 37 रनों का योगदान दिया। अनीसा मोहम्मद 31 रन बनाकर नाबाद लौटीं।टिप्पणियां टेलर ने अपनी 53 गेंदों की पारी में सात चौके लगाए। डेले ने 64 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके लगाए। अनीसा ने 32 गेंदों पर चार चौके जड़े। इसके अलावा डॉटिन ने 27 रन जोड़े। डॉटिन ने 21 गेंदों की तेज पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। कीवी टीम की ओर से सूजी बेट्स और सियान रुक ने भी दो-दो सफलता हासिल की। बेट्स ने अपनी 44 गेंदों की पारी में तीन चौके जबकि प्रीस्ट ने 65 गेंद का सामना करते हुए चार चौके जड़े। वेस्टइंडीज टीम की ओर से स्मार्ट ने तीन विकेट झटके जबकि स्टेफेनी टेलर तथा देआंद्रा डॉटिन ने दो-दो विकेट हासिल किए।   इससे पहले, टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी करते हुए कीवी महिलाओं ने वेस्टइंडीज को 50 ओवरों में नौ विकेट पर 207 रनों पर सीमित कर दिया। न्यूजीलैंड की ओर से मोर्ना नील्सन ने 27 रन देकर सबसे अधिक तीन विकेट लिए। वेस्टइंडीज की ओर से स्टेफेनी टेलर ने सबसे अधिक 49 रन बनाए जबकि शैनेल डेले ने 37 रनों का योगदान दिया। अनीसा मोहम्मद 31 रन बनाकर नाबाद लौटीं।टिप्पणियां टेलर ने अपनी 53 गेंदों की पारी में सात चौके लगाए। डेले ने 64 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके लगाए। अनीसा ने 32 गेंदों पर चार चौके जड़े। इसके अलावा डॉटिन ने 27 रन जोड़े। डॉटिन ने 21 गेंदों की तेज पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। कीवी टीम की ओर से सूजी बेट्स और सियान रुक ने भी दो-दो सफलता हासिल की। वेस्टइंडीज टीम की ओर से स्मार्ट ने तीन विकेट झटके जबकि स्टेफेनी टेलर तथा देआंद्रा डॉटिन ने दो-दो विकेट हासिल किए।   इससे पहले, टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी करते हुए कीवी महिलाओं ने वेस्टइंडीज को 50 ओवरों में नौ विकेट पर 207 रनों पर सीमित कर दिया। न्यूजीलैंड की ओर से मोर्ना नील्सन ने 27 रन देकर सबसे अधिक तीन विकेट लिए। वेस्टइंडीज की ओर से स्टेफेनी टेलर ने सबसे अधिक 49 रन बनाए जबकि शैनेल डेले ने 37 रनों का योगदान दिया। अनीसा मोहम्मद 31 रन बनाकर नाबाद लौटीं।टिप्पणियां टेलर ने अपनी 53 गेंदों की पारी में सात चौके लगाए। डेले ने 64 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके लगाए। अनीसा ने 32 गेंदों पर चार चौके जड़े। इसके अलावा डॉटिन ने 27 रन जोड़े। डॉटिन ने 21 गेंदों की तेज पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। कीवी टीम की ओर से सूजी बेट्स और सियान रुक ने भी दो-दो सफलता हासिल की। वेस्टइंडीज की ओर से स्टेफेनी टेलर ने सबसे अधिक 49 रन बनाए जबकि शैनेल डेले ने 37 रनों का योगदान दिया। अनीसा मोहम्मद 31 रन बनाकर नाबाद लौटीं।टिप्पणियां टेलर ने अपनी 53 गेंदों की पारी में सात चौके लगाए। डेले ने 64 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके लगाए। अनीसा ने 32 गेंदों पर चार चौके जड़े। इसके अलावा डॉटिन ने 27 रन जोड़े। डॉटिन ने 21 गेंदों की तेज पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। कीवी टीम की ओर से सूजी बेट्स और सियान रुक ने भी दो-दो सफलता हासिल की। टेलर ने अपनी 53 गेंदों की पारी में सात चौके लगाए। डेले ने 64 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके लगाए। अनीसा ने 32 गेंदों पर चार चौके जड़े। इसके अलावा डॉटिन ने 27 रन जोड़े। डॉटिन ने 21 गेंदों की तेज पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। कीवी टीम की ओर से सूजी बेट्स और सियान रुक ने भी दो-दो सफलता हासिल की। इसके अलावा डॉटिन ने 27 रन जोड़े। डॉटिन ने 21 गेंदों की तेज पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। कीवी टीम की ओर से सूजी बेट्स और सियान रुक ने भी दो-दो सफलता हासिल की।
यहाँ एक सारांश है:वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम ने ब्राबोर्न स्टेडियम में सोमवार को खेले गए महिला विश्व कप (50 ओवर) के सुपर-6 मुकाबले में न्यूजीलैंड को 48 रनों से हरा दिया। कैरेबियाई टीम अब फाइनल में पहुंचने से एक कदम दूर है।
4
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार के भागलपुर जिले में एकचारी थाना अंतर्गत टपुआ दियारा गांव में एक भीषण अग्नि दुर्घटना में एक ही परिवार के तीन बच्चों सहित चार लोगों की झुलसकर मौत हो गई। कहलगांव के अनुमंडल पदाधिकारी डॉ संजय कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि टपुआ दियारा गांव में विलासी मंडल उर्फ बिल्टु मंडल के घर में बुधवार देर रात दीपक गिरने से लगी आग के कारण एक ही कमरे में सोये उसकी पत्नी और तीन बच्चों की झुलसकर मौत हो गई। मृतकों की पहचान संजू देवी (35), शिव कुमार उर्फ बेलू (4), अंजनी कुमारी (5) और रितू कुमारी (3) के रुप में हुई है। उन्होंने कहा कि राहत बचाव दल को सुबह घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया। हवा तेज होने के कारण घर में आग बहुत तेजी से फैली और सोए हुए तीनों बच्चे और उनकी मां की झुलसकर मौत हो गई। परिवार का मुखिया विलासी मंडल अभी जेल में बंद है। बाहर सोये रहने के कारण विलासी की बूढ़ी मां झालो देवी और पुत्री डॉली (7) बाल-बाल बच गई। बाद में हुई तेज बारिश के कारण आग बुझ गई और पास-पड़ोस के घर बच गए।
यह एक सारांश है: भागलपुर के एकचारी थाना के टपुआ दियारा गांव में भीषण अग्नि हादसे में एक ही परिवार के तीन बच्चों सहित चार लोगों की झुलसकर मौत हो गई।
9
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जूनियर स्‍तर पर वडोदरा की ओर से नेशनल क्रिकेट में चमक दिखाने के बाद इरफान को 17 वर्ष की उम्र में पाकिस्‍तान में होने वाली एशियन अंडर-19 यूथ वनडे चैंपियनशिप के लिए चुना गया जहां उन्‍होंने चमत्‍कारी प्रदर्शन करते हुए बांग्‍लादेश के खिलाफ महज 16 रन देकर 9 विकेट लिए और बाद में टूर्नामेंट में भारत को चैंपियन भी बनाया.जूनियर स्‍तर के इस प्रदर्शन ने इरफान के लिए इंडियन सीनियर टीम में प्रवेश की राह बनाई. 12 दिसंबर 2003 को एडिलेड में ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ उन्‍होंने टेस्‍ट करियर का आगाज किया. इरफान ने जल्‍द ही खुद को टीम के ऐसे खिलाड़ी के रूप में स्‍थापित कर लिया जो बैटिंग और गेंदबाजी, दोनों में कुशल होने के कारण इसे संतुलन प्रदान करता है. शुरुआती टेस्‍ट सीरीज में ही शानदार प्रदर्शन के बाद उन्‍हें वनडे टीम में स्‍थान मिल गया. 9 जनवरी 2004 को ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ ही उन्‍होंने वनडे करियर शुरू किया. गेंदबाजी में इरफान की गति तो बहुत अधिक नहीं है लेकिन वे इसे विकेट के दोनों ओर स्विंग कराने में माहिर हैं. वर्ष 2004 में भारतीय टीम ने जब सौरव गांगुली की कप्‍तानी में पाकिस्‍तान का दौरा किया तो टेस्‍ट और वनडे सीरीज जीत में इरफान का महत्‍वपूर्ण योगदान रहा. वर्ष 2007 में टी20 वर्ल्‍डकप और ऑस्‍ट्रेलिया में त्रिकोणीय सीरीज जीतने वाली भारतीय टीम के इरफान सदस्‍य रह चुके हैं. उन्‍होंने अब तक 29 टेस्‍ट में 32.26 के औसत से 100 विकेट लिए हैं. सात बार वे पारी में पांच या इससे अधिक और दो बार मैच में 10 विकेट ले चुके हैं. बल्‍ले से भी अच्‍छा योगदान देते हुए वे 31.57 के औसत से 1105 रन बना चुके हैं जिसमें एक शतक शामिल हैं. 120 वनडे मैचों में उन्‍होंने 29.72 के औसत से 173 विकेट लेने के अलावा 23.39 के औसत से 1544 रन भी बनाए हैं. इरफान ने अपना आखिरी वनडे अगस्‍त 2012 में श्रीलंका के खिलाफ खेला था. उम्‍मीद है कि वे अपनी मेहनत की बदौलत टीम इंडिया में फिर से स्‍थान बनाते हुए जीत में भी योगदान देने में सफल रहेंगे... गेंदबाजी में इरफान की गति तो बहुत अधिक नहीं है लेकिन वे इसे विकेट के दोनों ओर स्विंग कराने में माहिर हैं. वर्ष 2004 में भारतीय टीम ने जब सौरव गांगुली की कप्‍तानी में पाकिस्‍तान का दौरा किया तो टेस्‍ट और वनडे सीरीज जीत में इरफान का महत्‍वपूर्ण योगदान रहा. वर्ष 2007 में टी20 वर्ल्‍डकप और ऑस्‍ट्रेलिया में त्रिकोणीय सीरीज जीतने वाली भारतीय टीम के इरफान सदस्‍य रह चुके हैं. उन्‍होंने अब तक 29 टेस्‍ट में 32.26 के औसत से 100 विकेट लिए हैं. सात बार वे पारी में पांच या इससे अधिक और दो बार मैच में 10 विकेट ले चुके हैं. बल्‍ले से भी अच्‍छा योगदान देते हुए वे 31.57 के औसत से 1105 रन बना चुके हैं जिसमें एक शतक शामिल हैं. 120 वनडे मैचों में उन्‍होंने 29.72 के औसत से 173 विकेट लेने के अलावा 23.39 के औसत से 1544 रन भी बनाए हैं. इरफान ने अपना आखिरी वनडे अगस्‍त 2012 में श्रीलंका के खिलाफ खेला था. उम्‍मीद है कि वे अपनी मेहनत की बदौलत टीम इंडिया में फिर से स्‍थान बनाते हुए जीत में भी योगदान देने में सफल रहेंगे...
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एक समय कपिल के स्‍तर के हरफनमौला माने जा रहे थे इरफान टी20 वर्ल्‍डकप विजेता टीम इंडिया के सदस्‍य रहे हैं 'जूनियर पठान' गेंद को दोनों ओर स्विंग कराते हैं, अच्‍छी बैटिंग भी कर लेते हैं
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मध्य प्रदेश के इंदौर में मंगलवार को दो गुटों के बीच झड़प हो गई। पथराव हुआ, गोलियां चलीं और पुलिस को भी बल प्रयोग कर हवा में गोली चलाना पड़ी। हालात पर काबू पाने के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया है। सांप्रदायिक हिंसा में 12 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। जानकारी के अनुसार, चंदन नगर थाना क्षेत्र के अंबार नगर में एक विवाद सांप्रदायिक हिंसा में बदल गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जमकर पथराव किया। इतना ही नहीं, गोलियां तक चलाई गईं। मौके पर पहुंची पुलिस ने उपद्रवियों को रोकने की कोशिश की तो उस पर भी पथराव किया गया। जिलाधिकारी आकाश त्रिपाठी के अनुसार, पुलिस ने उपद्रवियों को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया और 400 राउंड आंसूगैस के गोले भी छोड़े। पुलिस ने हवा में गोलियां भी चलाई है। अब हालात काबू में है, पुलिस की टुकड़ियां गश्त कर रही हैं। उपद्रवियों के पथराव में पुलिस अधिकारी सहित कई जवान भी घायल हुए हैं। वहीं दो गुटों के बीच हुई गोलीबारी में भी पांच से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। पुलिस उपद्रवियों पर नजर रखे हुए है और हालात न बिगड़ें इसके पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बताया गया है कि बीते दो दिनों से दोनों समुदाय में तनाव चल रहा था, इसके चलते पुलिस बल की तैनाती करने के साथ गश्त बढ़ा दी गई थी, मगर मंगलवार को तनाव संघर्ष में बदल गया। पुलिस ने पहले निषेधाज्ञा 144 लागू की। पुलिस नियंत्रण कक्ष के मुताबिक अब कर्फ्यू लगा दिया गया है।टिप्पणियां राज्य के उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आम लोगों से शांति व सद्भाव बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि प्रशासन की ओर से कहां चूक हुई है, इसकी समीक्षा की जाएगी। चंदन नगर क्षेत्र में पुलिस जवानों के साथ रैपिड एक्शन फोर्स की टुकड़ियां गश्त कर रही हैं। सड़क पर हर तरफ पत्थर बिखरे हुए हैं। पुलिस हर किसी को समझा-बुझाकर शांत करने की कोशिश कर रही है। जानकारी के अनुसार, चंदन नगर थाना क्षेत्र के अंबार नगर में एक विवाद सांप्रदायिक हिंसा में बदल गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जमकर पथराव किया। इतना ही नहीं, गोलियां तक चलाई गईं। मौके पर पहुंची पुलिस ने उपद्रवियों को रोकने की कोशिश की तो उस पर भी पथराव किया गया। जिलाधिकारी आकाश त्रिपाठी के अनुसार, पुलिस ने उपद्रवियों को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया और 400 राउंड आंसूगैस के गोले भी छोड़े। पुलिस ने हवा में गोलियां भी चलाई है। अब हालात काबू में है, पुलिस की टुकड़ियां गश्त कर रही हैं। उपद्रवियों के पथराव में पुलिस अधिकारी सहित कई जवान भी घायल हुए हैं। वहीं दो गुटों के बीच हुई गोलीबारी में भी पांच से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। पुलिस उपद्रवियों पर नजर रखे हुए है और हालात न बिगड़ें इसके पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बताया गया है कि बीते दो दिनों से दोनों समुदाय में तनाव चल रहा था, इसके चलते पुलिस बल की तैनाती करने के साथ गश्त बढ़ा दी गई थी, मगर मंगलवार को तनाव संघर्ष में बदल गया। पुलिस ने पहले निषेधाज्ञा 144 लागू की। पुलिस नियंत्रण कक्ष के मुताबिक अब कर्फ्यू लगा दिया गया है।टिप्पणियां राज्य के उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आम लोगों से शांति व सद्भाव बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि प्रशासन की ओर से कहां चूक हुई है, इसकी समीक्षा की जाएगी। चंदन नगर क्षेत्र में पुलिस जवानों के साथ रैपिड एक्शन फोर्स की टुकड़ियां गश्त कर रही हैं। सड़क पर हर तरफ पत्थर बिखरे हुए हैं। पुलिस हर किसी को समझा-बुझाकर शांत करने की कोशिश कर रही है। जिलाधिकारी आकाश त्रिपाठी के अनुसार, पुलिस ने उपद्रवियों को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया और 400 राउंड आंसूगैस के गोले भी छोड़े। पुलिस ने हवा में गोलियां भी चलाई है। अब हालात काबू में है, पुलिस की टुकड़ियां गश्त कर रही हैं। उपद्रवियों के पथराव में पुलिस अधिकारी सहित कई जवान भी घायल हुए हैं। वहीं दो गुटों के बीच हुई गोलीबारी में भी पांच से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। पुलिस उपद्रवियों पर नजर रखे हुए है और हालात न बिगड़ें इसके पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बताया गया है कि बीते दो दिनों से दोनों समुदाय में तनाव चल रहा था, इसके चलते पुलिस बल की तैनाती करने के साथ गश्त बढ़ा दी गई थी, मगर मंगलवार को तनाव संघर्ष में बदल गया। पुलिस ने पहले निषेधाज्ञा 144 लागू की। पुलिस नियंत्रण कक्ष के मुताबिक अब कर्फ्यू लगा दिया गया है।टिप्पणियां राज्य के उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आम लोगों से शांति व सद्भाव बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि प्रशासन की ओर से कहां चूक हुई है, इसकी समीक्षा की जाएगी। चंदन नगर क्षेत्र में पुलिस जवानों के साथ रैपिड एक्शन फोर्स की टुकड़ियां गश्त कर रही हैं। सड़क पर हर तरफ पत्थर बिखरे हुए हैं। पुलिस हर किसी को समझा-बुझाकर शांत करने की कोशिश कर रही है। उपद्रवियों के पथराव में पुलिस अधिकारी सहित कई जवान भी घायल हुए हैं। वहीं दो गुटों के बीच हुई गोलीबारी में भी पांच से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। पुलिस उपद्रवियों पर नजर रखे हुए है और हालात न बिगड़ें इसके पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बताया गया है कि बीते दो दिनों से दोनों समुदाय में तनाव चल रहा था, इसके चलते पुलिस बल की तैनाती करने के साथ गश्त बढ़ा दी गई थी, मगर मंगलवार को तनाव संघर्ष में बदल गया। पुलिस ने पहले निषेधाज्ञा 144 लागू की। पुलिस नियंत्रण कक्ष के मुताबिक अब कर्फ्यू लगा दिया गया है।टिप्पणियां राज्य के उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आम लोगों से शांति व सद्भाव बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि प्रशासन की ओर से कहां चूक हुई है, इसकी समीक्षा की जाएगी। चंदन नगर क्षेत्र में पुलिस जवानों के साथ रैपिड एक्शन फोर्स की टुकड़ियां गश्त कर रही हैं। सड़क पर हर तरफ पत्थर बिखरे हुए हैं। पुलिस हर किसी को समझा-बुझाकर शांत करने की कोशिश कर रही है। बताया गया है कि बीते दो दिनों से दोनों समुदाय में तनाव चल रहा था, इसके चलते पुलिस बल की तैनाती करने के साथ गश्त बढ़ा दी गई थी, मगर मंगलवार को तनाव संघर्ष में बदल गया। पुलिस ने पहले निषेधाज्ञा 144 लागू की। पुलिस नियंत्रण कक्ष के मुताबिक अब कर्फ्यू लगा दिया गया है।टिप्पणियां राज्य के उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आम लोगों से शांति व सद्भाव बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि प्रशासन की ओर से कहां चूक हुई है, इसकी समीक्षा की जाएगी। चंदन नगर क्षेत्र में पुलिस जवानों के साथ रैपिड एक्शन फोर्स की टुकड़ियां गश्त कर रही हैं। सड़क पर हर तरफ पत्थर बिखरे हुए हैं। पुलिस हर किसी को समझा-बुझाकर शांत करने की कोशिश कर रही है। राज्य के उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आम लोगों से शांति व सद्भाव बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि प्रशासन की ओर से कहां चूक हुई है, इसकी समीक्षा की जाएगी। चंदन नगर क्षेत्र में पुलिस जवानों के साथ रैपिड एक्शन फोर्स की टुकड़ियां गश्त कर रही हैं। सड़क पर हर तरफ पत्थर बिखरे हुए हैं। पुलिस हर किसी को समझा-बुझाकर शांत करने की कोशिश कर रही है। चंदन नगर क्षेत्र में पुलिस जवानों के साथ रैपिड एक्शन फोर्स की टुकड़ियां गश्त कर रही हैं। सड़क पर हर तरफ पत्थर बिखरे हुए हैं। पुलिस हर किसी को समझा-बुझाकर शांत करने की कोशिश कर रही है।
संक्षिप्त सारांश: मध्य प्रदेश के इंदौर में मंगलवार को दो गुटों के बीच झड़प हो गई। पथराव हुआ, गोलियां चलीं और पुलिस को भी बल प्रयोग कर हवा में गोली चलाना पड़ी। हालात पर काबू पाने के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया है। सांप्रदायिक हिंसा में 12 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राज्यसभा से इस्तीफा देने वाले बीजेपी नेता नवजोत सिंह सिद्धू को आम आदमी पार्टी सीएम उम्मीदवार घोषित नहीं करेगी और न ही वह विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। सूत्रों के हवाले से खबर है कि सिद्धू आम आदमी पार्टी के पंजाब में प्रचार की कमान संभालेंगे।टिप्पणियां सम्भावना है कि आप बिना मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित किए चुनाव में जाए और जीतने के बाद तय करे कि कौन सीएम होगा। लेकिन सिद्धू परिवार में से उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू चुनाव लड़ेंगी। सिद्धू और उनकी पत्नी जल्द ही औपचारिक रूप से आम आदमी पार्टी में शामिल होंगे। मंगलवार को ही उनकी पत्नी नवजोत कौर मीडिया के सामने आईं और बताया कि उन्होंने अभी बीजेपी नहीं छोड़ी है, लेकिन उनके पति का राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफ़ा देने का मतलब है कि उन्होंने बीजेपी छोड़ दी है। सम्भावना है कि आप बिना मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित किए चुनाव में जाए और जीतने के बाद तय करे कि कौन सीएम होगा। लेकिन सिद्धू परिवार में से उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू चुनाव लड़ेंगी। सिद्धू और उनकी पत्नी जल्द ही औपचारिक रूप से आम आदमी पार्टी में शामिल होंगे। मंगलवार को ही उनकी पत्नी नवजोत कौर मीडिया के सामने आईं और बताया कि उन्होंने अभी बीजेपी नहीं छोड़ी है, लेकिन उनके पति का राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफ़ा देने का मतलब है कि उन्होंने बीजेपी छोड़ दी है। सिद्धू और उनकी पत्नी जल्द ही औपचारिक रूप से आम आदमी पार्टी में शामिल होंगे। मंगलवार को ही उनकी पत्नी नवजोत कौर मीडिया के सामने आईं और बताया कि उन्होंने अभी बीजेपी नहीं छोड़ी है, लेकिन उनके पति का राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफ़ा देने का मतलब है कि उन्होंने बीजेपी छोड़ दी है।
यह एक सारांश है: सोमवार को ही सिद्धू ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था केजरीवाल ने सिद्धू की तारीफ करते हुए उन्हें साहसी बताया था पत्नि ने कहा, राज्यसभा से इस्तीफा मतलब बीजेपी छोड़ चुके हैं सिद्धू
24
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल की कंपनी से कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये की जबरन वसूली की कोशिश करने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने ‘जी’ समूह के अध्यक्ष सुभाष चंद्रा, ‘जी न्यूज’ के संपादक सुधीर चौधरी और ‘जी बिजनेस’ के संपादक समीर आहलूवालिया के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया। अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, चंद्रा, चौधरी और आहलूवालिया के खिलाफ आईपीसी की धारा 384 (जबरन वसूली), 120 बी (आपराधिक साजिश) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत आरोप-पत्र दायर किया गया है।टिप्पणियां मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अमित बंसल की अदालत में आरोप-पत्र दायर किया गया। चौधरी और आहलूवालिया पहले इस मामले में गिरफ्तार किए गए थे पर फिलहाल वे जमानत पर रिहा हैं। जिंदल की कंपनी ने उनके खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। चंद्रा के पुत्र और ‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ के प्रबंध निदेशक पुनीत गोयनका के बाबत पुलिस ने कहा कि उसे अब तक उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है पर मामले की जांच जारी है। अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, चंद्रा, चौधरी और आहलूवालिया के खिलाफ आईपीसी की धारा 384 (जबरन वसूली), 120 बी (आपराधिक साजिश) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत आरोप-पत्र दायर किया गया है।टिप्पणियां मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अमित बंसल की अदालत में आरोप-पत्र दायर किया गया। चौधरी और आहलूवालिया पहले इस मामले में गिरफ्तार किए गए थे पर फिलहाल वे जमानत पर रिहा हैं। जिंदल की कंपनी ने उनके खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। चंद्रा के पुत्र और ‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ के प्रबंध निदेशक पुनीत गोयनका के बाबत पुलिस ने कहा कि उसे अब तक उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है पर मामले की जांच जारी है। मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अमित बंसल की अदालत में आरोप-पत्र दायर किया गया। चौधरी और आहलूवालिया पहले इस मामले में गिरफ्तार किए गए थे पर फिलहाल वे जमानत पर रिहा हैं। जिंदल की कंपनी ने उनके खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। चंद्रा के पुत्र और ‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ के प्रबंध निदेशक पुनीत गोयनका के बाबत पुलिस ने कहा कि उसे अब तक उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है पर मामले की जांच जारी है। चंद्रा के पुत्र और ‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ के प्रबंध निदेशक पुनीत गोयनका के बाबत पुलिस ने कहा कि उसे अब तक उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है पर मामले की जांच जारी है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल की कंपनी से कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये की जबरन वसूली की कोशिश करने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने ‘जी’ समूह के अध्यक्ष सुभाष चंद्रा, ‘जी न्यूज’ के संपादक सुधीर चौधरी और ‘जी बिजनेस’ के संपादक समीर आहलूवालिया के खिलाफ आरोप-पत्र दायर
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: इंडोनेशिया ओपन में ऐतिहासिक जीत हासिल करने के बाद अब भारतीय के अग्रणी बैडमिंटन खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत की नजर ऑस्ट्रेलिया ओपन सुपर सीरीज खिताब पर कब्जा जमाना होगा. ऑस्ट्रेलिया ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट की शुरुआत मंगलवार से हो रही है और इसका समापन 25 जून को होगा. इस टूर्नामेंट में जहां एक ओर श्रीकांत एक बार फिर खिताबी जीत दर्ज करने के मकसद से उतरेंगे, वहीं महिला एकल वर्ग में मौजूदा विजेता साइना नेहवाल अपना खिताब बचाने उतरेंगी. इंडोनेशिया ओपन में उलटफेर करने वाले श्रीकांत के अलावा पुरुष एकल वर्ग में एचएस प्रणय, बीसाई प्रणीत, अजय जयराम भी भारतीय चुनौती पेश करने उतरेंगे. श्रीकांत ने इंडोनेशिया ओपन के दूसरे दौर में नौंवीं विश्व वरीयता प्राप्त डेनमार्क के जान ओ जोर्गेसेन और सेमीफाइनल में शीर्ष वरीयता प्राप्त दक्षिण कोरिया के सोन वान हो को पछाड़ कर खिताब हासिल किया था. इसके अलावा, इसी टूर्नामेंट में तीसरी विश्व वरीयता प्राप्त ली चोंग वेई और आठवीं विश्व वरीयता प्राप्त चेन लोंग को हराकर बड़ा उलटफेर करते हुए सेमीफाइनल तक का रास्ता तय करने वाले प्रणय भी आस्ट्रेलिया ओपन में प्रबल दावेदारी पेश करेंगे. इंडोनेशिया ओपन में हालांकि साइना और पीवी सिधु का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था. इस निराशा से उबरते हुए ये दोनों खिलाड़ी एक बार फिर अपनी किस्मत आजमाने इस टूर्नामेंट में उतरेंगी. पुरुष युगल वर्ग में फ्रांसिस एल्विन-कोना तरुण, सात्विकसेराज रंकीरेड्डी-चिराग शेट्टी और मनु अत्री-बी. सुमित रेड्डी की जोड़ियां भारतीय चुनौती पेश करेंगी. वहीं, महिला युगल वर्ग में एन.सिक्की रेड्डी-अश्विनी पोनप्पा की एकमात्र जोड़ी प्रतिस्पर्धा करेगी. इसके अलावा, मिश्रित युगल वर्ग में सात्विकसेराज रंकीरेड्डी और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी भारतीय चुनौती पेश करेगी। टिप्पणियां ऑस्ट्रेलिया ओपन सुपर सीरीज क्वालीफायर की बात की जाए तो मंगलवार को पुरुष एकल वर्ग में भारतीय खिलाड़ी पारुपल्ली कश्यप, श्रेयांस जयसवाल और सिरिल वर्मा तथा महिला एकल वर्ग में गद्दे रुत्विक शिवानी और सिरिल वर्मा में अपनी किस्मत आजमाने उतरेंगी. पुरुष एकल वर्ग, मिश्रित युगल वर्ग, महिला युगल वर्ग और पुरुष युगल वर्ग में किसी भी भारतीय खिलाड़ी ने खिताबी जीत हासिल नहीं की है, वहीं महिला एकल वर्ग में अनुभवी बैडमिंटन खिलाड़ी साइना ने दो बार 2014 और 2016 में इस खिताब को अपने नाम किया. इस टूर्नामेंट में दूसरी विश्व वरीयता प्राप्त और रियो ओलम्पिक चैम्पियन स्पेनिश खिलाड़ी कैरोलिना मारिन भी महिला एकल वर्ग में प्रबल दावेदारी पेश करेंगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इंडोनेशिया ओपन में हालांकि साइना और पीवी सिधु का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था. इस निराशा से उबरते हुए ये दोनों खिलाड़ी एक बार फिर अपनी किस्मत आजमाने इस टूर्नामेंट में उतरेंगी. पुरुष युगल वर्ग में फ्रांसिस एल्विन-कोना तरुण, सात्विकसेराज रंकीरेड्डी-चिराग शेट्टी और मनु अत्री-बी. सुमित रेड्डी की जोड़ियां भारतीय चुनौती पेश करेंगी. वहीं, महिला युगल वर्ग में एन.सिक्की रेड्डी-अश्विनी पोनप्पा की एकमात्र जोड़ी प्रतिस्पर्धा करेगी. इसके अलावा, मिश्रित युगल वर्ग में सात्विकसेराज रंकीरेड्डी और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी भारतीय चुनौती पेश करेगी। टिप्पणियां ऑस्ट्रेलिया ओपन सुपर सीरीज क्वालीफायर की बात की जाए तो मंगलवार को पुरुष एकल वर्ग में भारतीय खिलाड़ी पारुपल्ली कश्यप, श्रेयांस जयसवाल और सिरिल वर्मा तथा महिला एकल वर्ग में गद्दे रुत्विक शिवानी और सिरिल वर्मा में अपनी किस्मत आजमाने उतरेंगी. पुरुष एकल वर्ग, मिश्रित युगल वर्ग, महिला युगल वर्ग और पुरुष युगल वर्ग में किसी भी भारतीय खिलाड़ी ने खिताबी जीत हासिल नहीं की है, वहीं महिला एकल वर्ग में अनुभवी बैडमिंटन खिलाड़ी साइना ने दो बार 2014 और 2016 में इस खिताब को अपने नाम किया. इस टूर्नामेंट में दूसरी विश्व वरीयता प्राप्त और रियो ओलम्पिक चैम्पियन स्पेनिश खिलाड़ी कैरोलिना मारिन भी महिला एकल वर्ग में प्रबल दावेदारी पेश करेंगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ऑस्ट्रेलिया ओपन सुपर सीरीज क्वालीफायर की बात की जाए तो मंगलवार को पुरुष एकल वर्ग में भारतीय खिलाड़ी पारुपल्ली कश्यप, श्रेयांस जयसवाल और सिरिल वर्मा तथा महिला एकल वर्ग में गद्दे रुत्विक शिवानी और सिरिल वर्मा में अपनी किस्मत आजमाने उतरेंगी. पुरुष एकल वर्ग, मिश्रित युगल वर्ग, महिला युगल वर्ग और पुरुष युगल वर्ग में किसी भी भारतीय खिलाड़ी ने खिताबी जीत हासिल नहीं की है, वहीं महिला एकल वर्ग में अनुभवी बैडमिंटन खिलाड़ी साइना ने दो बार 2014 और 2016 में इस खिताब को अपने नाम किया. इस टूर्नामेंट में दूसरी विश्व वरीयता प्राप्त और रियो ओलम्पिक चैम्पियन स्पेनिश खिलाड़ी कैरोलिना मारिन भी महिला एकल वर्ग में प्रबल दावेदारी पेश करेंगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:मंगलवार से प्रारंभ होगा यह बैडमिंटन टूर्नामेंट खिताब बचाने के लिए उतरेंगी साइना नेहवाल श्रीकांत के अलावा प्रणय, प्रणीत भी टूर्नामेंट में खेलेंगे
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: फिनलैंड की मोबाइल निर्माता कंपनी नोकिया ने नए मेटल डिजाइन और अधिक सक्षम कैमरे वाला नया स्मार्टफोन लुमिया 925 पेश किया। कंपनी ने अपना नया स्मार्टफोन पेश किया और घोषणा की कि जून अंत तक करीब 400 पौंड के इस स्मार्टफोन की बिक्री शुरू कर देगी।टिप्पणियां भारत में लुमिया 925 पेश करने के सवाल पर नोकिया स्मार्टफोन डिवाइस के कार्यकारी उपाध्यक्ष जो हालरे ने कहा, हम जल्द ही इसके बारे में घोषणा करेंगें। उन्होंने कहा, भारत हमारे लिए एक प्रमुख बाजार है। लुमिया उत्पाद विपणन प्रमुख वेसा जुटिला ने बताया कि लुमिया 925 और 928 कंपनी के ‘प्रमुख उत्पाद’ हैं। उन्होंने कहा, भारत हमारे लिए एक बड़ा बाजार बन गया है और हम इसे प्राथमिकता में रखते हैं। कंपनी ने अपना नया स्मार्टफोन पेश किया और घोषणा की कि जून अंत तक करीब 400 पौंड के इस स्मार्टफोन की बिक्री शुरू कर देगी।टिप्पणियां भारत में लुमिया 925 पेश करने के सवाल पर नोकिया स्मार्टफोन डिवाइस के कार्यकारी उपाध्यक्ष जो हालरे ने कहा, हम जल्द ही इसके बारे में घोषणा करेंगें। उन्होंने कहा, भारत हमारे लिए एक प्रमुख बाजार है। लुमिया उत्पाद विपणन प्रमुख वेसा जुटिला ने बताया कि लुमिया 925 और 928 कंपनी के ‘प्रमुख उत्पाद’ हैं। उन्होंने कहा, भारत हमारे लिए एक बड़ा बाजार बन गया है और हम इसे प्राथमिकता में रखते हैं। भारत में लुमिया 925 पेश करने के सवाल पर नोकिया स्मार्टफोन डिवाइस के कार्यकारी उपाध्यक्ष जो हालरे ने कहा, हम जल्द ही इसके बारे में घोषणा करेंगें। उन्होंने कहा, भारत हमारे लिए एक प्रमुख बाजार है। लुमिया उत्पाद विपणन प्रमुख वेसा जुटिला ने बताया कि लुमिया 925 और 928 कंपनी के ‘प्रमुख उत्पाद’ हैं। उन्होंने कहा, भारत हमारे लिए एक बड़ा बाजार बन गया है और हम इसे प्राथमिकता में रखते हैं। उन्होंने कहा, भारत हमारे लिए एक बड़ा बाजार बन गया है और हम इसे प्राथमिकता में रखते हैं।
कंपनी ने अपना नया स्मार्टफोन पेश किया और घोषणा की कि जून अंत तक करीब 400 पौंड के इस स्मार्टफोन की बिक्री शुरू कर देगी।
34
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हिंदी कविता की प्रसिद्ध कविताओं में से एक इस कविता के रचयिता कुमार विश्वास (Kumar Vishwas) आज 48 साल के हो गए हैं. कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है! मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है!! मैं तुझसे दूर कैसा हूं, तू मुझसे दूर कैसी है! ये तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है!! यह कविता किसने नहीं सुनी? 10 फरवरी 1970 को जन्मे कुमार विश्वास सिर्फ अपनी कविताओं के लिए नहीं बल्कि कुछ समय से राजनीति में उथल-पुथल के लिए भी चर्चा में रहे. साल 1994 में राजस्थान के एक कॉलेज में व्याख्याता (लेक्चरर) के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने वाले कुमार विश्वास हिंदी कविता मंच के सबसे व्यस्ततम कवियों में से एक हैं. उन्होंने कई कवि सम्मेलनों की शोभा बढ़ाई है और पत्रिकाओं के लिए वह भी लिखते हैं.  कुमार विश्वास (Kumar Vishwas) मंचीय कवि होने के साथ-साथ विश्वास हिंदी सिनेमा के गीतकार भी हैं और आदित्य दत्त की फिल्म 'चाय गरम' में उन्होंने अभिनय भी किया है. कुमार विश्वास का जन्म 10 फरवरी, 1970 को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जनपद के पिलखुआ में हुआ था. इनके पिता का नाम डॉ. चंद्रपाल शर्मा हैं, जो आरएसएस डिग्री कॉलेज में प्राध्यापक थे और मां का नाम रमा शर्मा है. वह अपने चार भाइयों में सबसे छोटे हैं.  विश्वास की प्रारंभिक शिक्षा पिलखुआ के लाला गंगा सहाय विद्यालय में हुई. उन्होंने राजपुताना रेजिमेंट इंटर कॉलेज से 12वीं पास की है. इनके पिता चाहते थे कि कुमार इंजीनियर बनें, लेकिन इनका इंजीनियरिंग की पढ़ाई में मन नहीं लगता था. वह कुछ अलग करना चाहते थे, इसलिए उन्होंने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी और हिंदी साहित्य में 'स्वर्ण पदक ' के साथ स्नातक की डिग्री हासिल की. एमए करने के बाद उन्होंने 'कौरवी लोकगीतों में लोकचेतना' विषय पर पीएचडी प्राप्त की. उनके इस शोधकार्य को वर्ष 2001 में पुरस्कृत भी किया गया.    शुरुआती दिनों में जब कुमार विश्वास कवि सम्मेलनों से देर से लौटते थे, तो पैसे बचाने के लिए ट्रक में लिफ्ट लिया करते थे. अगस्त, 2011 में कुमार 'जनलोकपाल आंदोलन' के लिए गठित टीम अन्ना के लिए सक्रिय सदस्य रहे हैं. कुमार 26 जनवरी, 2012 को गठित टीम 'आम आदमी पार्टी' के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हैं. कुमार विश्वास ने वर्ष 2014 में अमेठी से राहुल गांधी और स्मृति ईरानी के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ा था, जिसमें बाजी नहीं मार पाए.  कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है ! मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है !! मैं तुझसे दूर कैसा हूँ , तू मुझसे दूर कैसी है ! ये तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है !! मोहब्बत एक अहसासों की पावन सी कहानी है ! कभी कबिरा दीवाना था कभी मीरा दीवानी है !! यहाँ सब लोग कहते हैं, मेरी आंखों में आँसू हैं ! जो तू समझे तो मोती है, जो ना समझे तो पानी है !! समंदर पीर का अन्दर है, लेकिन रो नही सकता ! यह आँसू प्यार का मोती है, इसको खो नही सकता !! मेरी चाहत को दुल्हन तू बना लेना, मगर सुन ले ! जो मेरा हो नही पाया, वो तेरा हो नही सकता !! भ्रमर कोई कुमुदुनी पर मचल बैठा तो हंगामा! हमारे दिल में कोई ख्वाब पल बैठा तो हंगामा!! अभी तक डूब कर सुनते थे सब किस्सा मोहब्बत का! मैं किस्से को हकीक़त में बदल बैठा तो हंगामा!! उनकी ख़ैरो-ख़बर नहीं मिलती हमको ही ख़ासकर नहीं मिलती शायरी को नज़र नहीं मिलती मुझको तू ही अगर नहीं मिलती रूह में, दिल में, जिस्म में दुनिया ढूंढता हूँ मगर नहीं मिलती लोग कहते हैं रूह बिकती है मैं जहाँ हूँ उधर नहीं मिलती खुद को आसान कर रही हो ना हम पे एहसान कर रही हो ना ज़िन्दगी हसरतों की मय्यत है फिर भी अरमान कर रही हो ना नींद, सपने, सुकून, उम्मीदें कितना नुक्सान कर रही हो ना हम ने समझा है प्यार, पर तुम तो  जान-पहचान कर रही हो ना
संक्षिप्त पाठ: कुमार विश्वास आज 48 साल के हो गए अपने कविताओं के लिए मशहूर राजनीति में भी आजमाएं थे हाथ
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बॉलीवुड में कई दशकों तक जलवे बिखेरती रहीं अभिनेत्री हेमा मालिनी का मानना है कि उम्र में खुद से बड़े और ज़्यादा प्रसिद्ध अभिनेता के साथ काम करने से अभिनय के क्षेत्र में सफलता मिलती है। फिल्म 'रब ने बना दी जोड़ी' और 'ओम शान्ति ओम' में शाहरुख खान के साथ काम करने वाली अभिनेत्रियों क्रमशः अनुष्का शर्मा और दीपिका पादुकोन के अलावा सलमान खान के साथ फिल्म 'दबंग' में काम करने वाली सोनाक्षी सिन्हा ने भी इसी तरह सफलता हासिल की है। एक आभूषण की दुकान का उद्घाटन करते वक्त 64-वर्षीय 'ड्रीमगर्ल' हेमा मालिनी ने कहा, "अभिनेत्रियां अपने से बड़े अभिनेताओं के साथ काम करती हैं, क्योंकि वे वहुत प्रसिद्ध हैं। उम्र में बड़े अभिनेताओं के साथ काम करने से आपके जीवन में उछाल आता है। इसके विपरीत यदि आप नए अभिनेता के साथ काम करते हैं, तब आपको सफलता पाने में बहुत समय लग सकता है, इसलिए अभिनेत्रियों के लिए तेजी से सफल होने का यह एक रास्ता है।"टिप्पणियां इस मामले में खुद का उदाहरण देते हुए हेमा मालिनी ने कहा, "जब मैंने फिल्मोद्योग में कदम रखा था, उस समय मैंने अपनी पहली फिल्म वर्ष 1968 में बनी 'सपनों का सौदागर' अभिनेता राज कपूर साहब के साथ की थी। राज कपूर बहुत प्रसिद्ध अभिनेता थे और उम्र में भी वह मुझसे बहुत बड़े थे।" इस अवसर पर बातचीत में हेमा ने आश्वस्त स्वर में कहा कि देओल परिवार की जल्द ही आने वाली फिल्म 'यमला पगला दीवाना 2' भी पहले संस्करण की तरह सफल होगी। गौरतलब है कि वर्ष 2011 में बनी सफल फिल्म 'यमला पगला दीवाना' का अगला संस्करण 7 जून को प्रदर्शित होने जा रहा है। इस फिल्म में हेमा मालिनी के पति धर्मेन्द्र के अलावा उनके दोनों पुत्र सनी और बॉबी देओल मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म 'रब ने बना दी जोड़ी' और 'ओम शान्ति ओम' में शाहरुख खान के साथ काम करने वाली अभिनेत्रियों क्रमशः अनुष्का शर्मा और दीपिका पादुकोन के अलावा सलमान खान के साथ फिल्म 'दबंग' में काम करने वाली सोनाक्षी सिन्हा ने भी इसी तरह सफलता हासिल की है। एक आभूषण की दुकान का उद्घाटन करते वक्त 64-वर्षीय 'ड्रीमगर्ल' हेमा मालिनी ने कहा, "अभिनेत्रियां अपने से बड़े अभिनेताओं के साथ काम करती हैं, क्योंकि वे वहुत प्रसिद्ध हैं। उम्र में बड़े अभिनेताओं के साथ काम करने से आपके जीवन में उछाल आता है। इसके विपरीत यदि आप नए अभिनेता के साथ काम करते हैं, तब आपको सफलता पाने में बहुत समय लग सकता है, इसलिए अभिनेत्रियों के लिए तेजी से सफल होने का यह एक रास्ता है।"टिप्पणियां इस मामले में खुद का उदाहरण देते हुए हेमा मालिनी ने कहा, "जब मैंने फिल्मोद्योग में कदम रखा था, उस समय मैंने अपनी पहली फिल्म वर्ष 1968 में बनी 'सपनों का सौदागर' अभिनेता राज कपूर साहब के साथ की थी। राज कपूर बहुत प्रसिद्ध अभिनेता थे और उम्र में भी वह मुझसे बहुत बड़े थे।" इस अवसर पर बातचीत में हेमा ने आश्वस्त स्वर में कहा कि देओल परिवार की जल्द ही आने वाली फिल्म 'यमला पगला दीवाना 2' भी पहले संस्करण की तरह सफल होगी। गौरतलब है कि वर्ष 2011 में बनी सफल फिल्म 'यमला पगला दीवाना' का अगला संस्करण 7 जून को प्रदर्शित होने जा रहा है। इस फिल्म में हेमा मालिनी के पति धर्मेन्द्र के अलावा उनके दोनों पुत्र सनी और बॉबी देओल मुख्य भूमिकाओं में हैं। एक आभूषण की दुकान का उद्घाटन करते वक्त 64-वर्षीय 'ड्रीमगर्ल' हेमा मालिनी ने कहा, "अभिनेत्रियां अपने से बड़े अभिनेताओं के साथ काम करती हैं, क्योंकि वे वहुत प्रसिद्ध हैं। उम्र में बड़े अभिनेताओं के साथ काम करने से आपके जीवन में उछाल आता है। इसके विपरीत यदि आप नए अभिनेता के साथ काम करते हैं, तब आपको सफलता पाने में बहुत समय लग सकता है, इसलिए अभिनेत्रियों के लिए तेजी से सफल होने का यह एक रास्ता है।"टिप्पणियां इस मामले में खुद का उदाहरण देते हुए हेमा मालिनी ने कहा, "जब मैंने फिल्मोद्योग में कदम रखा था, उस समय मैंने अपनी पहली फिल्म वर्ष 1968 में बनी 'सपनों का सौदागर' अभिनेता राज कपूर साहब के साथ की थी। राज कपूर बहुत प्रसिद्ध अभिनेता थे और उम्र में भी वह मुझसे बहुत बड़े थे।" इस अवसर पर बातचीत में हेमा ने आश्वस्त स्वर में कहा कि देओल परिवार की जल्द ही आने वाली फिल्म 'यमला पगला दीवाना 2' भी पहले संस्करण की तरह सफल होगी। गौरतलब है कि वर्ष 2011 में बनी सफल फिल्म 'यमला पगला दीवाना' का अगला संस्करण 7 जून को प्रदर्शित होने जा रहा है। इस फिल्म में हेमा मालिनी के पति धर्मेन्द्र के अलावा उनके दोनों पुत्र सनी और बॉबी देओल मुख्य भूमिकाओं में हैं। इस मामले में खुद का उदाहरण देते हुए हेमा मालिनी ने कहा, "जब मैंने फिल्मोद्योग में कदम रखा था, उस समय मैंने अपनी पहली फिल्म वर्ष 1968 में बनी 'सपनों का सौदागर' अभिनेता राज कपूर साहब के साथ की थी। राज कपूर बहुत प्रसिद्ध अभिनेता थे और उम्र में भी वह मुझसे बहुत बड़े थे।" इस अवसर पर बातचीत में हेमा ने आश्वस्त स्वर में कहा कि देओल परिवार की जल्द ही आने वाली फिल्म 'यमला पगला दीवाना 2' भी पहले संस्करण की तरह सफल होगी। गौरतलब है कि वर्ष 2011 में बनी सफल फिल्म 'यमला पगला दीवाना' का अगला संस्करण 7 जून को प्रदर्शित होने जा रहा है। इस फिल्म में हेमा मालिनी के पति धर्मेन्द्र के अलावा उनके दोनों पुत्र सनी और बॉबी देओल मुख्य भूमिकाओं में हैं। इस अवसर पर बातचीत में हेमा ने आश्वस्त स्वर में कहा कि देओल परिवार की जल्द ही आने वाली फिल्म 'यमला पगला दीवाना 2' भी पहले संस्करण की तरह सफल होगी। गौरतलब है कि वर्ष 2011 में बनी सफल फिल्म 'यमला पगला दीवाना' का अगला संस्करण 7 जून को प्रदर्शित होने जा रहा है। इस फिल्म में हेमा मालिनी के पति धर्मेन्द्र के अलावा उनके दोनों पुत्र सनी और बॉबी देओल मुख्य भूमिकाओं में हैं।
संक्षिप्त पाठ: खुद का उदाहरण देते हुए हेमा मालिनी ने कहा, "मैंने अपनी पहली फिल्म 'सपनों का सौदागर' राज कपूर साहब के साथ की थी, जो बहुत प्रसिद्ध अभिनेता थे और उम्र में भी मुझसे बहुत बड़े थे।"
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: रामदेव के आंदोलन पर अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है कि हम रामदेव के आंदोलन और उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों का समर्थन करते हैं और जनता से अपील करते हैं कि वो उनका समर्थन करे। अपना समर्थन देने के साथ-साथ केजरीवाल ने रामदेव को सावधान किया है कि वे राजनीतिक पार्टियों से सतर्क रहें। केजरीवाल ने उन्हें मंच पर पहुंचे राजनैतिक पार्टियों से भी सतर्क रहने को कहा है। उन्होंने लिखा है कि रामदेव उन राजनीतिक पार्टियों से सतर्क रहें जिन्होंने उन्हें समर्थन देने की बात कही है। उनका समर्थन महज़ एक अवसरवादिता है। अपना समर्थन देने के साथ-साथ केजरीवाल ने रामदेव को सावधान किया है कि वे राजनीतिक पार्टियों से सतर्क रहें। केजरीवाल ने उन्हें मंच पर पहुंचे राजनैतिक पार्टियों से भी सतर्क रहने को कहा है। उन्होंने लिखा है कि रामदेव उन राजनीतिक पार्टियों से सतर्क रहें जिन्होंने उन्हें समर्थन देने की बात कही है। उनका समर्थन महज़ एक अवसरवादिता है।
संक्षिप्त सारांश: रामदेव के आंदोलन पर अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है कि हम रामदेव के आंदोलन और उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों का समर्थन करते हैं और जनता से अपील करते हैं कि वो उनका समर्थन करे।
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: माफिया से नेता बने मोहम्मद शहाबुद्दीन के जमानत पर रिहा होने की पृष्ठभूमि में बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को कहा कि संशोधित शराब कानून दो अक्टूबर से लागू होगा जिसमें घर से शराब मिलने पर परिवार के वयस्क सदस्यों की गिरफ्तारी और समुदाय पर जुर्माना जैसे कड़े प्रावधान हैं. जदयू की युवा शाखा की एक रैली को रवाना करने के बाद कुमार ने कहा, "मृत्युदंड के बावजूद हत्या होती है. राज्य सरकार आपराधिक मानसिकता वाले लोगों के साथ कड़ाई और कानून के मुताबिक निपटती है." राज्य में शराबबंदी लागू करने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने शराब पर प्रतिबंध का विरोध करने वालों को गरीबों के यहां जाकर देखने और उनकी जिंदगी में शराबंदी से आए सकारात्मक असर का अध्ययन करने को कहा.टिप्पणियां उन्होंने आगे कहा कि अपराध की घटनाओं के कारण कानून कभी नाकाम नहीं होता और अपराधियों के खिलाफ उचित कदम उठाया जाएगा. उन्होंने कहा, "अपराध की घटनाओं के कारण क्या कानून नाकाम हुआ है? कानून कभी नाकाम नहीं होता. कानून के प्रावधानों के तहत अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है." (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जदयू की युवा शाखा की एक रैली को रवाना करने के बाद कुमार ने कहा, "मृत्युदंड के बावजूद हत्या होती है. राज्य सरकार आपराधिक मानसिकता वाले लोगों के साथ कड़ाई और कानून के मुताबिक निपटती है." राज्य में शराबबंदी लागू करने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने शराब पर प्रतिबंध का विरोध करने वालों को गरीबों के यहां जाकर देखने और उनकी जिंदगी में शराबंदी से आए सकारात्मक असर का अध्ययन करने को कहा.टिप्पणियां उन्होंने आगे कहा कि अपराध की घटनाओं के कारण कानून कभी नाकाम नहीं होता और अपराधियों के खिलाफ उचित कदम उठाया जाएगा. उन्होंने कहा, "अपराध की घटनाओं के कारण क्या कानून नाकाम हुआ है? कानून कभी नाकाम नहीं होता. कानून के प्रावधानों के तहत अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है." (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने आगे कहा कि अपराध की घटनाओं के कारण कानून कभी नाकाम नहीं होता और अपराधियों के खिलाफ उचित कदम उठाया जाएगा. उन्होंने कहा, "अपराध की घटनाओं के कारण क्या कानून नाकाम हुआ है? कानून कभी नाकाम नहीं होता. कानून के प्रावधानों के तहत अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है." (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: संशोधित शराब कानून दो अक्तूबर से लागू होगा घर से शराब मिलने पर परिवार के वयस्क सदस्यों की होगी गिरफ्तारी समुदाय पर जुर्माना जैसे कड़े प्रावधान
7
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कैबिनेट ने केंद्र की ओबीसी लिस्ट में 15 नई जातियों को शामिल करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है. पिछड़ा जाति आयोग की सिफ़ारिशों के आधार पर कैबिनेट ने ये फैसला किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में ये फैसला लिया गया. कैबिनेट ने असम, बिहार, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड के संदर्भ में इन 15 नई जातियों को शामिल किया है. इनमें से उत्तराखंड में अगले साल के शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. एनडीए सरकार के कार्यकाल के दौरान ये दूसरा मौका है जब कैबिनेट ने केंद्र की ओबीसी लिस्ट में नई जातियों को शामिल करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी है. पिछड़ा जाति आयोग के सदस्य शकीलउज़्जमां अंसारी ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि आयोग की तरफ से केंद्र की ओबीसी लिस्ट में करीब 50 के आसपास नई जातियों को शामिल करने की सिफारिश की गई है जिसमें से 15 को कैबिनेट ने बुधवार को स्वीकार किया है.टिप्पणियां दरअसल केंद्र की ओबीसी लिस्ट में कुल 28 बदलाव के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. हालांकि नई जातियों की सूची सरकार ने अभी तक सार्वजनिक नहीं की है. कैबिनेट के फैसले के नोटिफिकेशन के साथ ही केंद्र की ओबीसी लिस्ट में शामिल इन नई जातियों को शैक्षणिक संस्थाओं और सरकारी नौकरियों में आरक्षण की सुविधा मिलने लगेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में ये फैसला लिया गया. कैबिनेट ने असम, बिहार, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड के संदर्भ में इन 15 नई जातियों को शामिल किया है. इनमें से उत्तराखंड में अगले साल के शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. एनडीए सरकार के कार्यकाल के दौरान ये दूसरा मौका है जब कैबिनेट ने केंद्र की ओबीसी लिस्ट में नई जातियों को शामिल करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी है. पिछड़ा जाति आयोग के सदस्य शकीलउज़्जमां अंसारी ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि आयोग की तरफ से केंद्र की ओबीसी लिस्ट में करीब 50 के आसपास नई जातियों को शामिल करने की सिफारिश की गई है जिसमें से 15 को कैबिनेट ने बुधवार को स्वीकार किया है.टिप्पणियां दरअसल केंद्र की ओबीसी लिस्ट में कुल 28 बदलाव के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. हालांकि नई जातियों की सूची सरकार ने अभी तक सार्वजनिक नहीं की है. कैबिनेट के फैसले के नोटिफिकेशन के साथ ही केंद्र की ओबीसी लिस्ट में शामिल इन नई जातियों को शैक्षणिक संस्थाओं और सरकारी नौकरियों में आरक्षण की सुविधा मिलने लगेगी. एनडीए सरकार के कार्यकाल के दौरान ये दूसरा मौका है जब कैबिनेट ने केंद्र की ओबीसी लिस्ट में नई जातियों को शामिल करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी है. पिछड़ा जाति आयोग के सदस्य शकीलउज़्जमां अंसारी ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि आयोग की तरफ से केंद्र की ओबीसी लिस्ट में करीब 50 के आसपास नई जातियों को शामिल करने की सिफारिश की गई है जिसमें से 15 को कैबिनेट ने बुधवार को स्वीकार किया है.टिप्पणियां दरअसल केंद्र की ओबीसी लिस्ट में कुल 28 बदलाव के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. हालांकि नई जातियों की सूची सरकार ने अभी तक सार्वजनिक नहीं की है. कैबिनेट के फैसले के नोटिफिकेशन के साथ ही केंद्र की ओबीसी लिस्ट में शामिल इन नई जातियों को शैक्षणिक संस्थाओं और सरकारी नौकरियों में आरक्षण की सुविधा मिलने लगेगी. दरअसल केंद्र की ओबीसी लिस्ट में कुल 28 बदलाव के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. हालांकि नई जातियों की सूची सरकार ने अभी तक सार्वजनिक नहीं की है. कैबिनेट के फैसले के नोटिफिकेशन के साथ ही केंद्र की ओबीसी लिस्ट में शामिल इन नई जातियों को शैक्षणिक संस्थाओं और सरकारी नौकरियों में आरक्षण की सुविधा मिलने लगेगी. कैबिनेट के फैसले के नोटिफिकेशन के साथ ही केंद्र की ओबीसी लिस्ट में शामिल इन नई जातियों को शैक्षणिक संस्थाओं और सरकारी नौकरियों में आरक्षण की सुविधा मिलने लगेगी.
पिछड़ा जाति आयोग ने इसकी सिफारिश की थी एनडीए सरकार के कार्यकाल के दौरान ऐसा दूसरी बार हुआ पीएम मोदी की अध्‍यक्षता में कैबिनेट ने लिया फैसला
28
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि केरल में दो भारतीय मछुआरों की हत्या के मामले में इटली के दो नौसैनिकों के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा जांच की जाएगी। हालांकि इटली ने इसे लेकर आपत्ति जताई थी और कहा था कि यह मामला एनआईए के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। कोर्ट ने कहा है कि यह तय करना सरकार का काम है कि वह किस जांच एजेंसी से जांच करवाती है। अदालत इस मामले में दखल नहीं देगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि भारतीय मछुआरों की हत्या के आरोपी दो इतालवी मरीनों के खिलाफ विशेष अदालत रोजाना आधार पर सुनवाई करे। इटली ने अपने दो नौसैनिकों के खिलाफ दर्ज मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी की जांच के अधिकार पर सवाल उठाया था। इटली की इस दलील को सरकार ने ठुकराते हुए सुनवाई की पिछली तारीख पर न्यायालय को भरोसा दिलाया था कि यह जांच 60 दिन के भीतर पूरी हो जाएगी। इटली और उसके दोनों सैनिकों ने दलील दी थी कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी को जांच का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि उनके खिलाफ एनआईए कानून के तहत आरोप दर्ज नहीं किए गए हैं।टिप्पणियां इन नौसैनिकों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने दलील दी थी कि एनआईए सिर्फ उन्हीं मामलों की जांच कर सकता है, जिनमें 'सप्रेशन ऑफ अनलॉफुल एक्ट्स अगेन्स्ट सेफटी ऑफ मैरीटाइम नेवीगेशन एंड फिक्सड प्लेटफार्मस ऑन कांटीनेन्टल शेल्फ एक्ट 2002 के तहत आरोप दर्ज होने पर ही जांच कर सकती है। उनका कहना था कि शीर्ष अदालत के फैसले के आलोक में अब ऐसा नहीं हो सकता है। अटॉर्नी जनरल गुलाम वाहनवती ने इस दलील पर आपत्ति करते हुए कहा था कि एनआईए इस मामले की जांच कर सकती है और उन्होंने 60 दिन के भीतर जांच पूरी करने का आदेश दिया था। ये दोनों नौसैनिक मैसीमिलिआनो लातोरे और साल्वातोरे गिरोने इटली के जहाज 'एंरिका लेक्सी' पर सवार थे. जब उन्होंने पिछले साल 15 फरवरी को केरल तट से दूर दो भारतीय मछुआरों को कथित रूप से गोली मार दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि भारतीय मछुआरों की हत्या के आरोपी दो इतालवी मरीनों के खिलाफ विशेष अदालत रोजाना आधार पर सुनवाई करे। इटली ने अपने दो नौसैनिकों के खिलाफ दर्ज मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी की जांच के अधिकार पर सवाल उठाया था। इटली की इस दलील को सरकार ने ठुकराते हुए सुनवाई की पिछली तारीख पर न्यायालय को भरोसा दिलाया था कि यह जांच 60 दिन के भीतर पूरी हो जाएगी। इटली और उसके दोनों सैनिकों ने दलील दी थी कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी को जांच का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि उनके खिलाफ एनआईए कानून के तहत आरोप दर्ज नहीं किए गए हैं।टिप्पणियां इन नौसैनिकों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने दलील दी थी कि एनआईए सिर्फ उन्हीं मामलों की जांच कर सकता है, जिनमें 'सप्रेशन ऑफ अनलॉफुल एक्ट्स अगेन्स्ट सेफटी ऑफ मैरीटाइम नेवीगेशन एंड फिक्सड प्लेटफार्मस ऑन कांटीनेन्टल शेल्फ एक्ट 2002 के तहत आरोप दर्ज होने पर ही जांच कर सकती है। उनका कहना था कि शीर्ष अदालत के फैसले के आलोक में अब ऐसा नहीं हो सकता है। अटॉर्नी जनरल गुलाम वाहनवती ने इस दलील पर आपत्ति करते हुए कहा था कि एनआईए इस मामले की जांच कर सकती है और उन्होंने 60 दिन के भीतर जांच पूरी करने का आदेश दिया था। ये दोनों नौसैनिक मैसीमिलिआनो लातोरे और साल्वातोरे गिरोने इटली के जहाज 'एंरिका लेक्सी' पर सवार थे. जब उन्होंने पिछले साल 15 फरवरी को केरल तट से दूर दो भारतीय मछुआरों को कथित रूप से गोली मार दी थी। इटली ने अपने दो नौसैनिकों के खिलाफ दर्ज मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी की जांच के अधिकार पर सवाल उठाया था। इटली की इस दलील को सरकार ने ठुकराते हुए सुनवाई की पिछली तारीख पर न्यायालय को भरोसा दिलाया था कि यह जांच 60 दिन के भीतर पूरी हो जाएगी। इटली और उसके दोनों सैनिकों ने दलील दी थी कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी को जांच का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि उनके खिलाफ एनआईए कानून के तहत आरोप दर्ज नहीं किए गए हैं।टिप्पणियां इन नौसैनिकों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने दलील दी थी कि एनआईए सिर्फ उन्हीं मामलों की जांच कर सकता है, जिनमें 'सप्रेशन ऑफ अनलॉफुल एक्ट्स अगेन्स्ट सेफटी ऑफ मैरीटाइम नेवीगेशन एंड फिक्सड प्लेटफार्मस ऑन कांटीनेन्टल शेल्फ एक्ट 2002 के तहत आरोप दर्ज होने पर ही जांच कर सकती है। उनका कहना था कि शीर्ष अदालत के फैसले के आलोक में अब ऐसा नहीं हो सकता है। अटॉर्नी जनरल गुलाम वाहनवती ने इस दलील पर आपत्ति करते हुए कहा था कि एनआईए इस मामले की जांच कर सकती है और उन्होंने 60 दिन के भीतर जांच पूरी करने का आदेश दिया था। ये दोनों नौसैनिक मैसीमिलिआनो लातोरे और साल्वातोरे गिरोने इटली के जहाज 'एंरिका लेक्सी' पर सवार थे. जब उन्होंने पिछले साल 15 फरवरी को केरल तट से दूर दो भारतीय मछुआरों को कथित रूप से गोली मार दी थी। इन नौसैनिकों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने दलील दी थी कि एनआईए सिर्फ उन्हीं मामलों की जांच कर सकता है, जिनमें 'सप्रेशन ऑफ अनलॉफुल एक्ट्स अगेन्स्ट सेफटी ऑफ मैरीटाइम नेवीगेशन एंड फिक्सड प्लेटफार्मस ऑन कांटीनेन्टल शेल्फ एक्ट 2002 के तहत आरोप दर्ज होने पर ही जांच कर सकती है। उनका कहना था कि शीर्ष अदालत के फैसले के आलोक में अब ऐसा नहीं हो सकता है। अटॉर्नी जनरल गुलाम वाहनवती ने इस दलील पर आपत्ति करते हुए कहा था कि एनआईए इस मामले की जांच कर सकती है और उन्होंने 60 दिन के भीतर जांच पूरी करने का आदेश दिया था। ये दोनों नौसैनिक मैसीमिलिआनो लातोरे और साल्वातोरे गिरोने इटली के जहाज 'एंरिका लेक्सी' पर सवार थे. जब उन्होंने पिछले साल 15 फरवरी को केरल तट से दूर दो भारतीय मछुआरों को कथित रूप से गोली मार दी थी। अटॉर्नी जनरल गुलाम वाहनवती ने इस दलील पर आपत्ति करते हुए कहा था कि एनआईए इस मामले की जांच कर सकती है और उन्होंने 60 दिन के भीतर जांच पूरी करने का आदेश दिया था। ये दोनों नौसैनिक मैसीमिलिआनो लातोरे और साल्वातोरे गिरोने इटली के जहाज 'एंरिका लेक्सी' पर सवार थे. जब उन्होंने पिछले साल 15 फरवरी को केरल तट से दूर दो भारतीय मछुआरों को कथित रूप से गोली मार दी थी।
यह एक सारांश है: सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि केरल में दो भारतीय मछुआरों की हत्या के मामले में इटली के दो नौसैनिकों के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा जांच की जाएगी।
9
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा कि सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में किसी भी व्यक्ति को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की पूर्व अनुमति के बिना गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए। वेबसाइटों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी पर पूरी तरह रोक लगाने का आदेश जारी करने से इनकार करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि राज्य सरकारों को केंद्र के 9 जनवरी के परामर्श का सख्ती से पालन करना चाहिए, जिसमें कहा गया है कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की अनुमति के बिना किसी को गिरफ्तार नहीं करना चाहिए।टिप्पणियां न्यायमूर्ति बीएस चौहान और न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की पीठ ने कहा, हम राज्य सरकारों को निर्देश देते हैं कि किसी भी गिरफ्तारी से पहले दिशानिर्देशों (केंद्र द्वारा जारी) का पालन सुनिश्चित करें। पीठ ने कहा कि अदालत इस तरह के मामलों में गिरफ्तारियों पर पाबंदी का आदेश जारी नहीं कर सकती क्योंकि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66ए (आपत्तिजनक टिप्पणियों से संबंधित) के लागू होने पर शीर्ष अदालत ने रोक नहीं लगाई है, जो इसकी संवैधानिक वैधता की पड़ताल कर रही है। फेसबुक पर टिप्पणियां करने या टिप्पणियों को ‘लाइक’ करने के मामले में लोगों की गिरफ्तारी को लेकर जनता की नाराजगी के मद्देनजर केंद्र सरकार ने 9 जनवरी को सभी राज्यों को परामर्श जारी कर कहा था कि इस तरह के मामलों में बिना किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की मंजूरी के किसी को गिरफ्तार नहीं किया जाए। वेबसाइटों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी पर पूरी तरह रोक लगाने का आदेश जारी करने से इनकार करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि राज्य सरकारों को केंद्र के 9 जनवरी के परामर्श का सख्ती से पालन करना चाहिए, जिसमें कहा गया है कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की अनुमति के बिना किसी को गिरफ्तार नहीं करना चाहिए।टिप्पणियां न्यायमूर्ति बीएस चौहान और न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की पीठ ने कहा, हम राज्य सरकारों को निर्देश देते हैं कि किसी भी गिरफ्तारी से पहले दिशानिर्देशों (केंद्र द्वारा जारी) का पालन सुनिश्चित करें। पीठ ने कहा कि अदालत इस तरह के मामलों में गिरफ्तारियों पर पाबंदी का आदेश जारी नहीं कर सकती क्योंकि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66ए (आपत्तिजनक टिप्पणियों से संबंधित) के लागू होने पर शीर्ष अदालत ने रोक नहीं लगाई है, जो इसकी संवैधानिक वैधता की पड़ताल कर रही है। फेसबुक पर टिप्पणियां करने या टिप्पणियों को ‘लाइक’ करने के मामले में लोगों की गिरफ्तारी को लेकर जनता की नाराजगी के मद्देनजर केंद्र सरकार ने 9 जनवरी को सभी राज्यों को परामर्श जारी कर कहा था कि इस तरह के मामलों में बिना किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की मंजूरी के किसी को गिरफ्तार नहीं किया जाए। न्यायमूर्ति बीएस चौहान और न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की पीठ ने कहा, हम राज्य सरकारों को निर्देश देते हैं कि किसी भी गिरफ्तारी से पहले दिशानिर्देशों (केंद्र द्वारा जारी) का पालन सुनिश्चित करें। पीठ ने कहा कि अदालत इस तरह के मामलों में गिरफ्तारियों पर पाबंदी का आदेश जारी नहीं कर सकती क्योंकि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66ए (आपत्तिजनक टिप्पणियों से संबंधित) के लागू होने पर शीर्ष अदालत ने रोक नहीं लगाई है, जो इसकी संवैधानिक वैधता की पड़ताल कर रही है। फेसबुक पर टिप्पणियां करने या टिप्पणियों को ‘लाइक’ करने के मामले में लोगों की गिरफ्तारी को लेकर जनता की नाराजगी के मद्देनजर केंद्र सरकार ने 9 जनवरी को सभी राज्यों को परामर्श जारी कर कहा था कि इस तरह के मामलों में बिना किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की मंजूरी के किसी को गिरफ्तार नहीं किया जाए। फेसबुक पर टिप्पणियां करने या टिप्पणियों को ‘लाइक’ करने के मामले में लोगों की गिरफ्तारी को लेकर जनता की नाराजगी के मद्देनजर केंद्र सरकार ने 9 जनवरी को सभी राज्यों को परामर्श जारी कर कहा था कि इस तरह के मामलों में बिना किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की मंजूरी के किसी को गिरफ्तार नहीं किया जाए।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: शीर्ष अदालत ने कहा कि राज्य सरकारों को केंद्र के 9 जनवरी के परामर्श का सख्ती से पालन करना चाहिए, जिसमें कहा गया है कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की अनुमति के बिना किसी को गिरफ्तार नहीं करना चाहिए।
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) मामलों के विशेषज्ञ माने जाने वाले जनरल कमर जावेद बाजवा ने मंगलवार को पाकिस्तान के नए सैन्य प्रमुख का पदभार संभाल लिया और नियंत्रण रेखा पर तनावपूर्ण हालात को जल्द ही सुधारने का वादा किया. उन्होंने जनरल राहील शरीफ की जगह ली है. जनरल राहील शरीफ ने रावलपिंडी में जनरल मुख्यालय (जीएचक्यू) के नजदीक स्थित आर्मी हॉकी स्टेडियम में आयोजित एक समारोह में सेना की कमान 57-वर्षीय बाजवा को सौंपी. सैन्यकर्मियों की संख्या के मामले में पाकिस्तान की सेना दुनिया की छठी सबसे बड़ी सेना है. प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने शनिवार को बाजवा को चार सितारा जनरल के तौर पर पदोन्नत कर सैन्य प्रमुख नियुक्त किया था. राहील ने जनवरी में घोषणा की थी कि वह सेवा विस्तार नहीं लेंगे और निर्धारित तारीख को सेवानिवृत्त हो जाएंगे. ऐसी अटकलें थी कि पीएमएल-एन की सरकार अंतिम समय में उन्हें सेवा विस्तार दे देगी और इसके पीछे यह तर्क दिया जाएगा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में देश को उनकी जरूरत है. पाकिस्तान में सैन्य प्रमुख काफी शक्तिशाली होता है. राहील से सीओएएस का प्रभार लेने के बाद बाजवा ने संवाददाताओं से बात की. 'जियो न्यूज' ने उनके हवाले से बताया, 'नियंत्रण रेखा पर स्थिति बेहतर होगी.' बाजवा ने सैनिकों का मनोबल ऊंचा रखने के लिए मीडिया से भूमिका निभाने में सहयोग मांगा है. उन्होंने कहा कि उनके कंधों पर भारी जिम्मेदारी है. बाजवा ने इस छावनी शहर में सेना की कमान संभाली जहां निवर्तमान सैन्य प्रमुख राहील ने एक समारोह में उन्हें कमान सौंपी. नियंत्रण रेखा पर बढ़ते तनाव और दोनों ओर से भारी गोलीबारी के बीच उनकी नियुक्ति हुई है.टिप्पणियां विशेषज्ञों का मानना है कि नियंत्रण रेखा पर हालात में सुधार होने संबंधी बाजवा की घोषणा भारत के प्रति संबंध सुधारने का रुख हो सकता है. हालांकि, जनरल राहील सेना प्रमुख के तौर पर अपने आखिरी भाषण में स्थिति का हल तलाशते नहीं नजर आए, क्योंकि उन्होंने भारत को कश्मीर के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार करने के प्रति आगाह किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जनरल राहील शरीफ ने रावलपिंडी में जनरल मुख्यालय (जीएचक्यू) के नजदीक स्थित आर्मी हॉकी स्टेडियम में आयोजित एक समारोह में सेना की कमान 57-वर्षीय बाजवा को सौंपी. सैन्यकर्मियों की संख्या के मामले में पाकिस्तान की सेना दुनिया की छठी सबसे बड़ी सेना है. प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने शनिवार को बाजवा को चार सितारा जनरल के तौर पर पदोन्नत कर सैन्य प्रमुख नियुक्त किया था. राहील ने जनवरी में घोषणा की थी कि वह सेवा विस्तार नहीं लेंगे और निर्धारित तारीख को सेवानिवृत्त हो जाएंगे. ऐसी अटकलें थी कि पीएमएल-एन की सरकार अंतिम समय में उन्हें सेवा विस्तार दे देगी और इसके पीछे यह तर्क दिया जाएगा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में देश को उनकी जरूरत है. पाकिस्तान में सैन्य प्रमुख काफी शक्तिशाली होता है. राहील से सीओएएस का प्रभार लेने के बाद बाजवा ने संवाददाताओं से बात की. 'जियो न्यूज' ने उनके हवाले से बताया, 'नियंत्रण रेखा पर स्थिति बेहतर होगी.' बाजवा ने सैनिकों का मनोबल ऊंचा रखने के लिए मीडिया से भूमिका निभाने में सहयोग मांगा है. उन्होंने कहा कि उनके कंधों पर भारी जिम्मेदारी है. बाजवा ने इस छावनी शहर में सेना की कमान संभाली जहां निवर्तमान सैन्य प्रमुख राहील ने एक समारोह में उन्हें कमान सौंपी. नियंत्रण रेखा पर बढ़ते तनाव और दोनों ओर से भारी गोलीबारी के बीच उनकी नियुक्ति हुई है.टिप्पणियां विशेषज्ञों का मानना है कि नियंत्रण रेखा पर हालात में सुधार होने संबंधी बाजवा की घोषणा भारत के प्रति संबंध सुधारने का रुख हो सकता है. हालांकि, जनरल राहील सेना प्रमुख के तौर पर अपने आखिरी भाषण में स्थिति का हल तलाशते नहीं नजर आए, क्योंकि उन्होंने भारत को कश्मीर के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार करने के प्रति आगाह किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राहील ने जनवरी में घोषणा की थी कि वह सेवा विस्तार नहीं लेंगे और निर्धारित तारीख को सेवानिवृत्त हो जाएंगे. ऐसी अटकलें थी कि पीएमएल-एन की सरकार अंतिम समय में उन्हें सेवा विस्तार दे देगी और इसके पीछे यह तर्क दिया जाएगा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में देश को उनकी जरूरत है. पाकिस्तान में सैन्य प्रमुख काफी शक्तिशाली होता है. राहील से सीओएएस का प्रभार लेने के बाद बाजवा ने संवाददाताओं से बात की. 'जियो न्यूज' ने उनके हवाले से बताया, 'नियंत्रण रेखा पर स्थिति बेहतर होगी.' बाजवा ने सैनिकों का मनोबल ऊंचा रखने के लिए मीडिया से भूमिका निभाने में सहयोग मांगा है. उन्होंने कहा कि उनके कंधों पर भारी जिम्मेदारी है. बाजवा ने इस छावनी शहर में सेना की कमान संभाली जहां निवर्तमान सैन्य प्रमुख राहील ने एक समारोह में उन्हें कमान सौंपी. नियंत्रण रेखा पर बढ़ते तनाव और दोनों ओर से भारी गोलीबारी के बीच उनकी नियुक्ति हुई है.टिप्पणियां विशेषज्ञों का मानना है कि नियंत्रण रेखा पर हालात में सुधार होने संबंधी बाजवा की घोषणा भारत के प्रति संबंध सुधारने का रुख हो सकता है. हालांकि, जनरल राहील सेना प्रमुख के तौर पर अपने आखिरी भाषण में स्थिति का हल तलाशते नहीं नजर आए, क्योंकि उन्होंने भारत को कश्मीर के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार करने के प्रति आगाह किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) 'जियो न्यूज' ने उनके हवाले से बताया, 'नियंत्रण रेखा पर स्थिति बेहतर होगी.' बाजवा ने सैनिकों का मनोबल ऊंचा रखने के लिए मीडिया से भूमिका निभाने में सहयोग मांगा है. उन्होंने कहा कि उनके कंधों पर भारी जिम्मेदारी है. बाजवा ने इस छावनी शहर में सेना की कमान संभाली जहां निवर्तमान सैन्य प्रमुख राहील ने एक समारोह में उन्हें कमान सौंपी. नियंत्रण रेखा पर बढ़ते तनाव और दोनों ओर से भारी गोलीबारी के बीच उनकी नियुक्ति हुई है.टिप्पणियां विशेषज्ञों का मानना है कि नियंत्रण रेखा पर हालात में सुधार होने संबंधी बाजवा की घोषणा भारत के प्रति संबंध सुधारने का रुख हो सकता है. हालांकि, जनरल राहील सेना प्रमुख के तौर पर अपने आखिरी भाषण में स्थिति का हल तलाशते नहीं नजर आए, क्योंकि उन्होंने भारत को कश्मीर के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार करने के प्रति आगाह किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बाजवा ने इस छावनी शहर में सेना की कमान संभाली जहां निवर्तमान सैन्य प्रमुख राहील ने एक समारोह में उन्हें कमान सौंपी. नियंत्रण रेखा पर बढ़ते तनाव और दोनों ओर से भारी गोलीबारी के बीच उनकी नियुक्ति हुई है.टिप्पणियां विशेषज्ञों का मानना है कि नियंत्रण रेखा पर हालात में सुधार होने संबंधी बाजवा की घोषणा भारत के प्रति संबंध सुधारने का रुख हो सकता है. हालांकि, जनरल राहील सेना प्रमुख के तौर पर अपने आखिरी भाषण में स्थिति का हल तलाशते नहीं नजर आए, क्योंकि उन्होंने भारत को कश्मीर के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार करने के प्रति आगाह किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) विशेषज्ञों का मानना है कि नियंत्रण रेखा पर हालात में सुधार होने संबंधी बाजवा की घोषणा भारत के प्रति संबंध सुधारने का रुख हो सकता है. हालांकि, जनरल राहील सेना प्रमुख के तौर पर अपने आखिरी भाषण में स्थिति का हल तलाशते नहीं नजर आए, क्योंकि उन्होंने भारत को कश्मीर के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार करने के प्रति आगाह किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:कमर जावेद बाजवा ने जनरल राहील शरीफ की जगह ली LoC पर तनाव और दोनों ओर से भारी गोलीबारी के बीच उनकी नियुक्ति हुई है सैनिकों का मनोबल ऊंचा रखने में मीडिया सहयोग करे : बाजवा
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कंपनी कार्यमंत्रालय ने कंपनियों से कहा है कि यदि उनके पंजीकृत कार्यालय के पते में किसी तरह की गलती है तो वे उसे आगामी जून तक दूर कर लें। ऐसा न करने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।टिप्पणियां मंत्रालय ने कहा है कि फर्जी या भ्रामक पते देकर कंपनी पंजीकृत कराने की घटानाओं को देखते हुए यह निर्देश जारी किया है। मंत्रालय ने 21 दिसंबर को जारी परिपत्र में कहा है कि कंपनियां अपने पते में किसी भी 'गड़बड़ी' को 180 दिनों में दूर कर लें। कंपनियों से कहा गया है कि वे किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से बचने के लिए इस दिशा में सतर्क रहें। मंत्रालय ने कहा है कि फर्जी या भ्रामक पते देकर कंपनी पंजीकृत कराने की घटानाओं को देखते हुए यह निर्देश जारी किया है। मंत्रालय ने 21 दिसंबर को जारी परिपत्र में कहा है कि कंपनियां अपने पते में किसी भी 'गड़बड़ी' को 180 दिनों में दूर कर लें। कंपनियों से कहा गया है कि वे किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से बचने के लिए इस दिशा में सतर्क रहें। कंपनियों से कहा गया है कि वे किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से बचने के लिए इस दिशा में सतर्क रहें।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कंपनी कार्यमंत्रालय ने कंपनियों से कहा है कि यदि उनके पंजीकृत कार्यालय के पते में किसी तरह की गलती है तो वे उसे आगामी जून तक दूर कर लें। ऐसा न करने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
25
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: Foods To Reduce Heartburn: 5 फूड्स जो पेट की जलन को कर सकते हैं बेअसर Benefits Of Black Coffee: ब्लैक कॉफी को रूटीन में करें शामिल, लीवर की परेशानी होगी दूर... पेट की गैस या एसिडीटी से बचने के लिए ऐसे खाने से दूर रहें जो एसिडीटी का कारण बन सकता हो. इसके अलावा खाना चबाकर खाएं. खाने के बीच में या बाद में पानी न पिएं. बहुत देर तक खाली पेट न रहें.  एक गिलास गर्म पानी, दूर करेगा कई परेशानी... गर्म पानी पीने के 10 फायदे High Uric Acid Level: कैसे कम करें यूरिक एसिड का स्तर? 4 चीजें जो नेचुरली कम करेंगी यूरिक एसिड लेवल 1. पेट की गैस से तुरंत राहत दिला सकता है नींबू. जी हां, अगर आप एसिडीटी से परेशान हैं तो नींबू आपके लिए अच्छा साबित हो सकता है. नींबू का जूस पाचन को बेहतर करता है और गैस की समस्या को दूर करने में मदद करता है. जो जब भी आप खाने के बाद पानी लें उसमें नींबू का रस डाल लें. 2. गैस को दूर करने के आसान से उपाय के तौर पर काम करेगी अजवाइज. आप एक चम्मच अजवाइन और जरा सा काला नमक खाने के बाद चबाकर खा लें. इससे पेट में गैस नहीं बनेगी.  3. एसिडीटी से बचने के लिए करें योग. अगर आप उन लोगों में से हैं जिन्हें बहुत जल्दी गैस या एसिडीटी की समस्या हो जाती है तो आप योग या एक्सरसाइज करने की आदत डालें. आप सैर करने के लिए भी समय निकालें.  Acidity Problem: एसिडिटी से छुटकारा पाने के लिए अजवाइन और जीरे से बनी इस चाय को जरूर आजमाएं 4. सोंठ का पाउडर और हरड को बराबर-बराबर मात्रा में मिला लें. इसमें जरा सा सेंधा नमक डालें और पानी के साथ लें. इसे खाने से गैस नहीं बनती. 5. एसिडीटी से बचने के लिए खूब पानी पिएं. अगर आप त्योहारों के सीजन में लोगों के घर जा रहे हैं. रिश्तेदारों से मिलने में उनके कहने पर कुछ बाहर का या मसालेदार खाना पड़ रहा है, तो एसिडीटी की समस्या होना लाजमी है. इससे बचने के लिए आप दिन में खूब पानी लें. एक दिन में 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं. यह गैस की समस्या नहीं होने देगा. 6. गैस से तुरंत राहत पाने के लिए अदरक और नींबू का रस मिलाकर लें.  पेट से जुड़ी हर समस्या को दूर करेंगी रसोई में मौजूद ये जादुई चीजें... और खबरों के लिए क्लिक करें. यूरिक एसिड में क्या खाना चाहिए? यूरिक एसिड कम करेंगे यह 4 फूड प्रोटीन पाउडर के होते हैं साइड इफेक्ट, कम हो सकती है उम्र! सप्लिमेंट से नहीं हाई प्रोटीन आहार लें Stomach Disorders, Pain And Gas: पेट में गैस, जलन या डाइजेशन से जुड़ी हर परेशानी का इलाज हैं ये 7 चीजें... Home Remedies For Acidity: पेट की गैस और एसिडीटी को दूर करेंगे ये 12 घरेलू नुस्खे, दर्द को कम करें...
सारांश: पेट की गैस से तुरंत राहत दिला सकता है नींबू. गैस से बचने के लिए ऐसे खाने से दूर रहें जो एसिडीटी का कारण बन सकता हो. एसिडीटी से बचने के लिए करें योग.
31
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद ने 9 मई को अपने बीजिंग दौरे से पहले घुसपैठ के मुद्दे का समाधान निकाल लिए जाने की उम्मीद जताते हुए कहा है कि भारत कमजोर नहीं है। अफगानिस्तान पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेने कजाकिस्तान पहुंचे खुर्शीद ने गुरुवार को कहा, ‘‘हम डरे हुए नहीं हैं। भारत कमजोर नहीं है।’’ उनसे सवाल किया गया था कि क्या भारत अपने पड़ोसी चीन से डरा हुआ है? उन्होंने कहा, ‘‘मैं प्रेस से अपील करना चाहता हूं, यह दोनों पक्षों की ओर से शांति में किए गए निवेश के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।’’ विदेशमंत्री ने कहा कि लद्दाख क्षेत्र में हुई घुसपैठ को लेकर भारत ने चीन के नेतृत्व को दिल्ली में उनके राजदूत और दोनों देशों के सैन्य नेतृत्व के बीच हुई दो दौर की बातचीत के जरिए अपनी चिंताओं से अवगत करा दिया है। उन्होंने कहा ‘‘इस मुद्दे ने हमें संतोष का कोई भाव नहीं दिया है।’’ शब्दों को लेकर सावधानी बरतते हुए खुर्शीद ने कहा, ‘‘मेरे हिसाब से महत्वपूर्ण बात यह है कि दोनों पक्षों को यह जानना चाहिए कि इसे (घुसपैठ) को इकलौती घटना रहने देना है। इसे व्यापक रूप नहीं लेना चाहिए।’’ खुर्शीद ने कहा कि ‘मेहनत से और सावधानी से’ सीमा मुद्दों के समाधान के लिए एक व्यवस्था बनाई है। उन्होंने कहा, ‘‘हमनें इस दिशा में बहुत सावधानी से काम किया है। हमें संतोष है कि यह अच्छा, स्थायी और हमारे लिए सर्वश्रेष्ठ बात है। सिर्फ यही बात नहीं होनी चाहिए। मेरा नहीं मानना है कि हमें जल्दबाजी में होना चाहिए, मूल्य और उन आकांक्षाओं को खारिज करना चाहिए जो इस व्यवस्था से सामने आई हैं।’’टिप्पणियां चीन के सैनिक लद्दाख क्षेत्र में 10 किलोमीटर अंदर तक घुस आए हैं और उन्होंने तंबू डालकर चौकी भी बना ली है। चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा के दूसरी ओर किसी तरह की घुसपैठ से इनकार किया है। मौजूदा व्यवस्था के जरिए बातचीत पर जोर देते हुए खुर्शीद ने कहा, ‘‘यह कोई ऐसा मुद्दा नहीं था कि जिसके लिए विदेशमंत्री को बीजिंग जाना पड़े।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे बीच सामान्य संपर्क बना हुआ है। मेरे चीन जाने से पहले ही चीजें हल हो सकती हैं।’’ अफगानिस्तान पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेने कजाकिस्तान पहुंचे खुर्शीद ने गुरुवार को कहा, ‘‘हम डरे हुए नहीं हैं। भारत कमजोर नहीं है।’’ उनसे सवाल किया गया था कि क्या भारत अपने पड़ोसी चीन से डरा हुआ है? उन्होंने कहा, ‘‘मैं प्रेस से अपील करना चाहता हूं, यह दोनों पक्षों की ओर से शांति में किए गए निवेश के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।’’ विदेशमंत्री ने कहा कि लद्दाख क्षेत्र में हुई घुसपैठ को लेकर भारत ने चीन के नेतृत्व को दिल्ली में उनके राजदूत और दोनों देशों के सैन्य नेतृत्व के बीच हुई दो दौर की बातचीत के जरिए अपनी चिंताओं से अवगत करा दिया है। उन्होंने कहा ‘‘इस मुद्दे ने हमें संतोष का कोई भाव नहीं दिया है।’’ शब्दों को लेकर सावधानी बरतते हुए खुर्शीद ने कहा, ‘‘मेरे हिसाब से महत्वपूर्ण बात यह है कि दोनों पक्षों को यह जानना चाहिए कि इसे (घुसपैठ) को इकलौती घटना रहने देना है। इसे व्यापक रूप नहीं लेना चाहिए।’’ खुर्शीद ने कहा कि ‘मेहनत से और सावधानी से’ सीमा मुद्दों के समाधान के लिए एक व्यवस्था बनाई है। उन्होंने कहा, ‘‘हमनें इस दिशा में बहुत सावधानी से काम किया है। हमें संतोष है कि यह अच्छा, स्थायी और हमारे लिए सर्वश्रेष्ठ बात है। सिर्फ यही बात नहीं होनी चाहिए। मेरा नहीं मानना है कि हमें जल्दबाजी में होना चाहिए, मूल्य और उन आकांक्षाओं को खारिज करना चाहिए जो इस व्यवस्था से सामने आई हैं।’’टिप्पणियां चीन के सैनिक लद्दाख क्षेत्र में 10 किलोमीटर अंदर तक घुस आए हैं और उन्होंने तंबू डालकर चौकी भी बना ली है। चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा के दूसरी ओर किसी तरह की घुसपैठ से इनकार किया है। मौजूदा व्यवस्था के जरिए बातचीत पर जोर देते हुए खुर्शीद ने कहा, ‘‘यह कोई ऐसा मुद्दा नहीं था कि जिसके लिए विदेशमंत्री को बीजिंग जाना पड़े।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे बीच सामान्य संपर्क बना हुआ है। मेरे चीन जाने से पहले ही चीजें हल हो सकती हैं।’’ विदेशमंत्री ने कहा कि लद्दाख क्षेत्र में हुई घुसपैठ को लेकर भारत ने चीन के नेतृत्व को दिल्ली में उनके राजदूत और दोनों देशों के सैन्य नेतृत्व के बीच हुई दो दौर की बातचीत के जरिए अपनी चिंताओं से अवगत करा दिया है। उन्होंने कहा ‘‘इस मुद्दे ने हमें संतोष का कोई भाव नहीं दिया है।’’ शब्दों को लेकर सावधानी बरतते हुए खुर्शीद ने कहा, ‘‘मेरे हिसाब से महत्वपूर्ण बात यह है कि दोनों पक्षों को यह जानना चाहिए कि इसे (घुसपैठ) को इकलौती घटना रहने देना है। इसे व्यापक रूप नहीं लेना चाहिए।’’ खुर्शीद ने कहा कि ‘मेहनत से और सावधानी से’ सीमा मुद्दों के समाधान के लिए एक व्यवस्था बनाई है। उन्होंने कहा, ‘‘हमनें इस दिशा में बहुत सावधानी से काम किया है। हमें संतोष है कि यह अच्छा, स्थायी और हमारे लिए सर्वश्रेष्ठ बात है। सिर्फ यही बात नहीं होनी चाहिए। मेरा नहीं मानना है कि हमें जल्दबाजी में होना चाहिए, मूल्य और उन आकांक्षाओं को खारिज करना चाहिए जो इस व्यवस्था से सामने आई हैं।’’टिप्पणियां चीन के सैनिक लद्दाख क्षेत्र में 10 किलोमीटर अंदर तक घुस आए हैं और उन्होंने तंबू डालकर चौकी भी बना ली है। चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा के दूसरी ओर किसी तरह की घुसपैठ से इनकार किया है। मौजूदा व्यवस्था के जरिए बातचीत पर जोर देते हुए खुर्शीद ने कहा, ‘‘यह कोई ऐसा मुद्दा नहीं था कि जिसके लिए विदेशमंत्री को बीजिंग जाना पड़े।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे बीच सामान्य संपर्क बना हुआ है। मेरे चीन जाने से पहले ही चीजें हल हो सकती हैं।’’ उन्होंने कहा ‘‘इस मुद्दे ने हमें संतोष का कोई भाव नहीं दिया है।’’ शब्दों को लेकर सावधानी बरतते हुए खुर्शीद ने कहा, ‘‘मेरे हिसाब से महत्वपूर्ण बात यह है कि दोनों पक्षों को यह जानना चाहिए कि इसे (घुसपैठ) को इकलौती घटना रहने देना है। इसे व्यापक रूप नहीं लेना चाहिए।’’ खुर्शीद ने कहा कि ‘मेहनत से और सावधानी से’ सीमा मुद्दों के समाधान के लिए एक व्यवस्था बनाई है। उन्होंने कहा, ‘‘हमनें इस दिशा में बहुत सावधानी से काम किया है। हमें संतोष है कि यह अच्छा, स्थायी और हमारे लिए सर्वश्रेष्ठ बात है। सिर्फ यही बात नहीं होनी चाहिए। मेरा नहीं मानना है कि हमें जल्दबाजी में होना चाहिए, मूल्य और उन आकांक्षाओं को खारिज करना चाहिए जो इस व्यवस्था से सामने आई हैं।’’टिप्पणियां चीन के सैनिक लद्दाख क्षेत्र में 10 किलोमीटर अंदर तक घुस आए हैं और उन्होंने तंबू डालकर चौकी भी बना ली है। चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा के दूसरी ओर किसी तरह की घुसपैठ से इनकार किया है। मौजूदा व्यवस्था के जरिए बातचीत पर जोर देते हुए खुर्शीद ने कहा, ‘‘यह कोई ऐसा मुद्दा नहीं था कि जिसके लिए विदेशमंत्री को बीजिंग जाना पड़े।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे बीच सामान्य संपर्क बना हुआ है। मेरे चीन जाने से पहले ही चीजें हल हो सकती हैं।’’ खुर्शीद ने कहा कि ‘मेहनत से और सावधानी से’ सीमा मुद्दों के समाधान के लिए एक व्यवस्था बनाई है। उन्होंने कहा, ‘‘हमनें इस दिशा में बहुत सावधानी से काम किया है। हमें संतोष है कि यह अच्छा, स्थायी और हमारे लिए सर्वश्रेष्ठ बात है। सिर्फ यही बात नहीं होनी चाहिए। मेरा नहीं मानना है कि हमें जल्दबाजी में होना चाहिए, मूल्य और उन आकांक्षाओं को खारिज करना चाहिए जो इस व्यवस्था से सामने आई हैं।’’टिप्पणियां चीन के सैनिक लद्दाख क्षेत्र में 10 किलोमीटर अंदर तक घुस आए हैं और उन्होंने तंबू डालकर चौकी भी बना ली है। चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा के दूसरी ओर किसी तरह की घुसपैठ से इनकार किया है। मौजूदा व्यवस्था के जरिए बातचीत पर जोर देते हुए खुर्शीद ने कहा, ‘‘यह कोई ऐसा मुद्दा नहीं था कि जिसके लिए विदेशमंत्री को बीजिंग जाना पड़े।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे बीच सामान्य संपर्क बना हुआ है। मेरे चीन जाने से पहले ही चीजें हल हो सकती हैं।’’ चीन के सैनिक लद्दाख क्षेत्र में 10 किलोमीटर अंदर तक घुस आए हैं और उन्होंने तंबू डालकर चौकी भी बना ली है। चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा के दूसरी ओर किसी तरह की घुसपैठ से इनकार किया है। मौजूदा व्यवस्था के जरिए बातचीत पर जोर देते हुए खुर्शीद ने कहा, ‘‘यह कोई ऐसा मुद्दा नहीं था कि जिसके लिए विदेशमंत्री को बीजिंग जाना पड़े।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे बीच सामान्य संपर्क बना हुआ है। मेरे चीन जाने से पहले ही चीजें हल हो सकती हैं।’’ मौजूदा व्यवस्था के जरिए बातचीत पर जोर देते हुए खुर्शीद ने कहा, ‘‘यह कोई ऐसा मुद्दा नहीं था कि जिसके लिए विदेशमंत्री को बीजिंग जाना पड़े।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे बीच सामान्य संपर्क बना हुआ है। मेरे चीन जाने से पहले ही चीजें हल हो सकती हैं।’’
संक्षिप्त सारांश: विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद ने 9 मई को अपने बीजिंग दौरे से पहले घुसपैठ के मुद्दे का समाधान निकाल लिए जाने की उम्मीद जताते हुए कहा है कि भारत कमजोर नहीं है।
23
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारतीय कैदी सरबजीत सिंह की पाकिस्तान में मौत, 1984 के सिख विरोधी दंगे की एसआईटी से जांच कराने की मांग, चीनी घुसपैठ के मुद्दे पर भारी हंगामे के कारण आज लोकसभा की कार्यवाही स्थगित हो गई।टिप्पणियां उधर, अलग-अलग मुद्दों पर विभिन्न दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण आज राज्यसभा की कार्यवाही भी स्थगित हो गई। गौरतलब है कि पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में बर्बर हमले के बाद अस्पताल में करीब एक सप्ताह तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते हुए भारतीय कैदी सरबजीत सिंह ने बुधवार देर रात 12:45 बजे अंतिम सांस ली। सरबजीत का लाहौर के जिन्ना अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उनकी मौत कड़ी सुरक्षा वाली जेल में कैदियों द्वारा बर्बर हमला किए जाने के बाद पिछले छह दिनों तक गहरे कोमा में रहने के बाद हुई। उधर, अलग-अलग मुद्दों पर विभिन्न दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण आज राज्यसभा की कार्यवाही भी स्थगित हो गई। गौरतलब है कि पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में बर्बर हमले के बाद अस्पताल में करीब एक सप्ताह तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते हुए भारतीय कैदी सरबजीत सिंह ने बुधवार देर रात 12:45 बजे अंतिम सांस ली। सरबजीत का लाहौर के जिन्ना अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उनकी मौत कड़ी सुरक्षा वाली जेल में कैदियों द्वारा बर्बर हमला किए जाने के बाद पिछले छह दिनों तक गहरे कोमा में रहने के बाद हुई। गौरतलब है कि पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में बर्बर हमले के बाद अस्पताल में करीब एक सप्ताह तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते हुए भारतीय कैदी सरबजीत सिंह ने बुधवार देर रात 12:45 बजे अंतिम सांस ली। सरबजीत का लाहौर के जिन्ना अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उनकी मौत कड़ी सुरक्षा वाली जेल में कैदियों द्वारा बर्बर हमला किए जाने के बाद पिछले छह दिनों तक गहरे कोमा में रहने के बाद हुई।
यह एक सारांश है: भारतीय कैदी सरबजीत सिंह की पाकिस्तान में मौत, 1984 के सिख विरोधी दंगे की एसआईटी से जांच कराने की मांग, चीनी घुसपैठ के मुद्दे पर भारी हंगामे के कारण आज लोकसभा की कार्यवाही स्थगित हो गई।
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: जोहान बोथा के ऑलराउंड प्रदर्शन से राजस्थान रॉयल्स ने सात विकेट से जीत दर्ज करके आईपीएल में मुंबई इंडियन्स का विजय रथ रोक दिया। बोथा को गेंदबाजी के कारण द. अफ्रीका और राजस्थान रॉयल्स की टीम में जगह मिली हुई है लेकिन वार्न ने उनकी बल्लेबाजी हुनर का भी पूरा उपयोग किया है। बोथा अपने कप्तान के विश्वास पर पूरी तरह खरे भी उतरे। उन्होंने पहले दो ओवर में छह रन देकर तीन विकेट लेकर मुंबई को आठ विकेट पर 94 रन पर रोकने में अहम भूमिका निभाई और बाद में बल्लेबाजी के लिए मुश्किल सवाई मानसिंह स्टेडियम की पिच पर 39 गेंद पर 44 रन की सधी हुई पारी खेली। रॉयल्स ने 18.1 गेंद पर तीन विकेट पर 95 रन बनाकर अपनी चौथी जीत दर्ज की। मुंबई की यह तीन जीत के बाद पहली हार है। वह सात मैच में दस अंक लेकर अब भी शीर्ष पर बना हुआ है जबकि रॉयल्स के आठ मैच में नौ अंक हो गए हैं और वह फिर से दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। मुंबई की हार के लिए बल्लेबाज जिम्मेदार रहे जिससे उसने आईपीएल में अपना न्यूनतम स्कोर बनाया। बल्लेबाजी का न्यौता पाने वाली सचिन तेंदुलकर की टीम के पांच बल्लेबाज दोहरे अंक में पहुंचे लेकिन कोई भी 20 रन की संख्या भी नहीं छू पाया। दूसरी तरफ, शेन वार्न की अगुवाई में रॉयल्स के गेंदबाजों विशेषकर स्पिनरों ने कसा हुआ प्रदर्शन किया। बोथा के अलावा बायें हाथ के स्पिनर अशोक मनेरिया ने 20 रन देकर दो विकेट चटकाए। स्वयं वार्न ने चार ओवर में 13 रन दिए और एक विकेट हासिल किया। मध्यम गति के गेंदबाज अमित सिंह ने भी चार ओवर में 14 रन देकर दो विकेट निकाले।
सारांश: जोहान बोथा के ऑलराउंड प्रदर्शन से राजस्थान रॉयल्स ने सात विकेट से जीत दर्ज करके आईपीएल में मुंबई इंडियन्स का विजय रथ रोक दिया।
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के बहराइच के जंगल में बंदरों के साथ मिली मंदबुद्धी बच्ची को मीडिया में 'मोगली' बताया गया था, लेकिन अब पड़ोसी राज्य बिहार में एक सच्ची घटना सामने आई है. यहां के कटिहार जिले की एक सात साल के बच्चे को पशु-पक्षियों से इतना प्यार है कि लोग उसे मोगली कहते हैं. इस बच्चे के साथ न केवल पशु-पक्षी बातें करते हैं, बल्कि वे अपनी भावनाओं को भी बांटते हैं. भोला नाम का यह बच्चा सोमवार को एक कोयल को बचाने के लिए विशालकाय पेड़ की ऊपरी टहनी पर चढ़ गया. बताया जा रहा है कि वह बच्चा पेड़ पर करीब 50 फीट की ऊंचाई पर चढ़ गया था. लोगों ने जब उसे पेड़ के उस हिस्से पर चढ़ा हुआ देखा तो उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा था.टिप्पणियां मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भोला के नीचे आने पर लोगों ने पूछा की वह ऊपर क्यों गया था तो उसने बताया कि उसने देखा कि एक कोयल का बच्चा उड़ना सिख रहा था, तभी उसके पंख पत्तों के बीच में फंस गए थे. काफी देर कोशिश करने के बाद भी कोयल का बच्चा वहां से निकल नहीं पा रहा था. इसके बाद उसने उस कोयल को बचाने के लिए पेड़ पर चढ़ गया. कटिहार जिले के फलका के रहने वाले भोला के इस कारनामे की इलाके में काफी चर्चा हो रही है. लोग उसे मोगली कहकर पुकारने लगे हैं. गांव के लोगों का कहना है कि भोला को बचपन से ही पशु-पक्षियों से प्यार है. वह पक्षियों जैसी आवाजें भी निकालता है. उसके एक इशारे पर पक्षियां छत पर एकत्र हो जाती हैं. कटिहार के सीओ जगन्नाथ चौधरी ने भी भोला नाम के इस बच्चे के कारनामे की पुष्टि की है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भोला के नीचे आने पर लोगों ने पूछा की वह ऊपर क्यों गया था तो उसने बताया कि उसने देखा कि एक कोयल का बच्चा उड़ना सिख रहा था, तभी उसके पंख पत्तों के बीच में फंस गए थे. काफी देर कोशिश करने के बाद भी कोयल का बच्चा वहां से निकल नहीं पा रहा था. इसके बाद उसने उस कोयल को बचाने के लिए पेड़ पर चढ़ गया. कटिहार जिले के फलका के रहने वाले भोला के इस कारनामे की इलाके में काफी चर्चा हो रही है. लोग उसे मोगली कहकर पुकारने लगे हैं. गांव के लोगों का कहना है कि भोला को बचपन से ही पशु-पक्षियों से प्यार है. वह पक्षियों जैसी आवाजें भी निकालता है. उसके एक इशारे पर पक्षियां छत पर एकत्र हो जाती हैं. कटिहार के सीओ जगन्नाथ चौधरी ने भी भोला नाम के इस बच्चे के कारनामे की पुष्टि की है. कटिहार जिले के फलका के रहने वाले भोला के इस कारनामे की इलाके में काफी चर्चा हो रही है. लोग उसे मोगली कहकर पुकारने लगे हैं. गांव के लोगों का कहना है कि भोला को बचपन से ही पशु-पक्षियों से प्यार है. वह पक्षियों जैसी आवाजें भी निकालता है. उसके एक इशारे पर पक्षियां छत पर एकत्र हो जाती हैं. कटिहार के सीओ जगन्नाथ चौधरी ने भी भोला नाम के इस बच्चे के कारनामे की पुष्टि की है.
सारांश: बिहार के कटिहार में 7 साल के बच्चे भोला को है पशु-पक्षियों से प्रेम कोयल को बचाने के लिए 50 फीट ऊंचे पेड़ पर चड़ा इलाके के लोग कहते हैं उसे मोगली
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: युक्रेन में ठंड के कारण इस महीने अब तक कुल 37 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से 19 लोग तो सोमवार को ही मारे गए। मरने वालों में ज्यादातर बेघर लोग थे। सिन्हुआ के मुताबिक, देश में तापमान शून्य से 15 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है।टिप्पणियां स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि मरने वालों में ज्यादातर बेघर लोग थे, जिनकी सड़कों पर ठंड में जमने से मौत हो गई। आने वाले दिनों में देश में रात का तापमान शून्य से 28 डिग्री सेल्सियस नीचे चले जाने का अनुमान व्यक्त किया गया है। सिन्हुआ के मुताबिक, देश में तापमान शून्य से 15 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है।टिप्पणियां स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि मरने वालों में ज्यादातर बेघर लोग थे, जिनकी सड़कों पर ठंड में जमने से मौत हो गई। आने वाले दिनों में देश में रात का तापमान शून्य से 28 डिग्री सेल्सियस नीचे चले जाने का अनुमान व्यक्त किया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि मरने वालों में ज्यादातर बेघर लोग थे, जिनकी सड़कों पर ठंड में जमने से मौत हो गई। आने वाले दिनों में देश में रात का तापमान शून्य से 28 डिग्री सेल्सियस नीचे चले जाने का अनुमान व्यक्त किया गया है। आने वाले दिनों में देश में रात का तापमान शून्य से 28 डिग्री सेल्सियस नीचे चले जाने का अनुमान व्यक्त किया गया है।
सारांश: युक्रेन में ठंड के कारण इस महीने अब तक कुल 37 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से 19 लोग तो सोमवार को ही मारे गए। मरने वालों में ज्यादातर बेघर लोग थे।
33
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी गोपनीय दस्तावेजों का खुलासा कर पूरे विश्व में तहलका मचाने वाली वेबसाइट विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे के खिलाफ चल रही मुसीबतें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। इस बार उनके ही एक पूर्व सहयोगी ने असांजे के बारे में कई तरह की बातों का खुलासा किया है। डेनियल डोमशिट बर्ग नामक इस व्यक्ति ने इनसाइड विकीलीक्स नाम से एक किताब लिखी है, जिसमें विकीलीक्स और असांजे के बारे में कई तरह की जानकारियों का खुलासा किया गया है। यह किताब विश्व भर के 16 देशों में प्रकाशित होगी। किताब में एक तरफ जहां असांजे को सत्ता के नशे में चूर कहा गया है और उन पर आरोप लगाया गया है कि वह सच्चाइयों का जल्द से जल्द खुलासा करने की चाहत रखते हैं, वहीं दूसरी तरफ कहा गया है कि अव्यवस्थित विकीलीक्स अपने सूत्रों को बचाने में कामयाब नहीं हो सकती है। गौरतलब है कि बर्ग और उनके कुछ साथियों ने पिछले साल सितंबर महीने में यह कहते हुए विकीलीक्स को छोड़ दिया था कि असांजे निरंकुश हो गए हैं और विकीलीक्स ज्यादा से ज्यादा रहस्यात्मक बनती जा रही है। बर्ग ने इसी हफ्ते जर्मन पत्रिका 'स्टर्न' को दिए अपने साक्षात्कार में कहा था कि विकीलीक्स पर हमला करना बहुत आसान काम है। इसके अलावा उन्होंने असांजे को बुद्धिमान के साथ-साथ अहंकारी और स्वेच्छाचारी भी बताया था।
संक्षिप्त पाठ: पूरे विश्व में तहलका मचाने वाली वेबसाइट विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे के खिलाफ चल रही मुसीबतें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं।
22
['hin']
एक सारांश बनाओ: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अमेरिकी बच्चों से विज्ञान, गणित और प्रौद्योगिकी की पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। ओबामा का मानना है कि अमेरिका, इस क्षेत्र में चीन और भारत से पिछड़ता जा रहा है। मुश्किलों से घिरे अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने स्वयं को 'आम अमेरिकी नागरिकों से जोड़ने' के लिए बस के जरिये मिडवेस्टर्न की तीन दिनों की यात्रा मंगलवार को शुरू की थी। ओबामा गुरुवार को अपने गृह राज्य इलिनोई पहुंचे। उन्होंने कहा,मैं गारंटी देता हूं, यदि आप कुशल इंजीनियर हैं, यदि कुशल कम्प्यूटर विशेषज्ञ हैं, यदि आप गणित या प्रौद्योगिकी में कुशल हैं, तो आज की अर्थव्यवस्था में आप रोजगारयुक्त हैं। तीन दिवसीय बस यात्रा के खत्म होने पर ओबामा ने एटकिंसन के टाउनहाल में छात्रों के समूह से कहा, हम इस क्षेत्र में तुलनात्मक रूप से लाभ की स्थिति में हैं। लेकिन चीन और भारत से हम तेजी से पिछड़ते जा रहे हैं, क्योंकि वहां के बच्चे इन विषयों को ही पढ़ रहे हैं। ओबामा ने ऊर्जा संकट के लिए भारत और चीन जैसी उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि चीन और भारत में खाद्यान्न की बढ़ती मांग के कारण जींसों की कीमतों में उछाल आ रहा है और यह हमारे लिए महत्वपूर्ण है। ओबामा ने कहा कि इससे जैव ईंधन बनाने के लिए सामग्री उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इससे पहले ओबामा ने मंगलवार को अपनी यात्रा की शुरुआत करते हुए देश की दलगत राजनीति की आलोचना करते हुए सांसदों से आर्थिक विकास को प्राथमिकता देने का आह्वान किया था। ओबामा ने आयोवा में डेकोराह के एक भवन में आयोजित बैठक में कहा था कि अर्थव्यवस्था मजबूत करने, रोजगार बढ़ाने और देश के घाटे को नियंत्रित करने के लिए वह एक विस्तृत योजना जारी करेंगे। इसके पहले, मिनेसोटा में ओबामा ने देश की ऋणग्रस्तता के लिए मध्यपूर्व के देशों की अर्थव्यवस्थाओं के डवांडोल होने, यूरोप में कर्ज की समस्या और जापान में आए भूकम्प एवं सुनामी को जिम्मेदार ठहराया।
संक्षिप्त पाठ: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अमेरिकी बच्चों से विज्ञान, गणित और प्रौद्योगिकी की पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।
30
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: तीस हजारी अदालत के आदेश के अनुपालन में दिल्ली पुलिस मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी कर रही है। उन पर सरकारी पैसे के दुरुपयोग का आरोप है। वहीं, दिल्ली सरकार ने कोर्ट के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने का मन बना लिया है। पांच साल पहले का खर्चा दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की मुसीबत बन गया है। उन पर सरकारी पैसे से पार्टी के पोस्टर और विज्ञापन छपवाने का आरोप है। 2008 के विधानसभा चुनावों में सरकारी पैसे के इस दुरुपयोग पर दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। यह मामला इस साल मई में सामने आया जब दिल्ली के लोकायुक्त ने बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता की शिकायत पर जांच की। तब यह बात सामने आई कि 2008 के विधानसभा चुनावों में शीला दीक्षित ने 22 करोड़ रुपये विज्ञापनों पर खर्च किए।टिप्पणियां जांच में पाया गया कि 22 करोड़ में से 11 करोड़ रुपये सरकार के खर्च हुए। लोकायुक्त ने कहा कि यह 11 करोड़ सरकार को लौटाए जाएं। जब शीला दीक्षित ने सरकारी पैसे जमा नहीं कराए तो विजेंद्र गुप्ता अदालत चले गए। शीला दीक्षित के लिए यग छोटा सा मामला एक बड़ी मुसीबत बन सकता है। पांच साल पहले का खर्चा दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की मुसीबत बन गया है। उन पर सरकारी पैसे से पार्टी के पोस्टर और विज्ञापन छपवाने का आरोप है। 2008 के विधानसभा चुनावों में सरकारी पैसे के इस दुरुपयोग पर दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। यह मामला इस साल मई में सामने आया जब दिल्ली के लोकायुक्त ने बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता की शिकायत पर जांच की। तब यह बात सामने आई कि 2008 के विधानसभा चुनावों में शीला दीक्षित ने 22 करोड़ रुपये विज्ञापनों पर खर्च किए।टिप्पणियां जांच में पाया गया कि 22 करोड़ में से 11 करोड़ रुपये सरकार के खर्च हुए। लोकायुक्त ने कहा कि यह 11 करोड़ सरकार को लौटाए जाएं। जब शीला दीक्षित ने सरकारी पैसे जमा नहीं कराए तो विजेंद्र गुप्ता अदालत चले गए। शीला दीक्षित के लिए यग छोटा सा मामला एक बड़ी मुसीबत बन सकता है। 2008 के विधानसभा चुनावों में सरकारी पैसे के इस दुरुपयोग पर दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। यह मामला इस साल मई में सामने आया जब दिल्ली के लोकायुक्त ने बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता की शिकायत पर जांच की। तब यह बात सामने आई कि 2008 के विधानसभा चुनावों में शीला दीक्षित ने 22 करोड़ रुपये विज्ञापनों पर खर्च किए।टिप्पणियां जांच में पाया गया कि 22 करोड़ में से 11 करोड़ रुपये सरकार के खर्च हुए। लोकायुक्त ने कहा कि यह 11 करोड़ सरकार को लौटाए जाएं। जब शीला दीक्षित ने सरकारी पैसे जमा नहीं कराए तो विजेंद्र गुप्ता अदालत चले गए। शीला दीक्षित के लिए यग छोटा सा मामला एक बड़ी मुसीबत बन सकता है। यह मामला इस साल मई में सामने आया जब दिल्ली के लोकायुक्त ने बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता की शिकायत पर जांच की। तब यह बात सामने आई कि 2008 के विधानसभा चुनावों में शीला दीक्षित ने 22 करोड़ रुपये विज्ञापनों पर खर्च किए।टिप्पणियां जांच में पाया गया कि 22 करोड़ में से 11 करोड़ रुपये सरकार के खर्च हुए। लोकायुक्त ने कहा कि यह 11 करोड़ सरकार को लौटाए जाएं। जब शीला दीक्षित ने सरकारी पैसे जमा नहीं कराए तो विजेंद्र गुप्ता अदालत चले गए। शीला दीक्षित के लिए यग छोटा सा मामला एक बड़ी मुसीबत बन सकता है। जांच में पाया गया कि 22 करोड़ में से 11 करोड़ रुपये सरकार के खर्च हुए। लोकायुक्त ने कहा कि यह 11 करोड़ सरकार को लौटाए जाएं। जब शीला दीक्षित ने सरकारी पैसे जमा नहीं कराए तो विजेंद्र गुप्ता अदालत चले गए। शीला दीक्षित के लिए यग छोटा सा मामला एक बड़ी मुसीबत बन सकता है। जब शीला दीक्षित ने सरकारी पैसे जमा नहीं कराए तो विजेंद्र गुप्ता अदालत चले गए। शीला दीक्षित के लिए यग छोटा सा मामला एक बड़ी मुसीबत बन सकता है।
यहाँ एक सारांश है:तीस हजारी अदालत के आदेश के अनुपालन में दिल्ली पुलिस मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी कर रही है। उन पर सरकारी पैसे के दुरुपयोग का आरोप है। वहीं, दिल्ली सरकार ने कोर्ट के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने का मन बना लिया है।
17
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जिस तरह आसमान में मौजूद सितारे बेहद ऊंचाई पर रहते हैं, उसी तरह हमारे बॉलीवुड के सितारों के मेहनतानों की ऊंचाइयां भी देखने लायक है, परन्तु सवाल सिर्फ इतना खड़ा होता है कि गगनचुम्बी मेहनतानों के इन दावों में कितनी सच्चाई है। बॉलीवुड में ताजातरीन चर्चाओं में मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान के भांजे इमरान खान का नाम जोर-शोर से लिया जा रहा है, और बताया जाता है कि इमरान ने 'वन्स अपॉन अ टाइम इन मुम्बई' के सीक्वेल में काम करने के लिए 11 करोड़ रुपये का मेहनताना मांगा था, जो मान लिया गया। इमरान इस फिल्म में एक गैंगस्टर की भूमिका में हैं, और सोनाक्षी सिन्हा उनकी हीरोइन बताई जा रही हैं। 'जाने तू या जाने न' जैसी हिट फिल्म से बॉलीवुड में एन्ट्री करने वाले इमरान ने हालांकि कुछ फ्लॉप फिल्में भी दी थीं, लेकिन 'डेल्ही बैली' के हिट हो जाने के बाद उनका ग्राफ फिर आसमान की ऊंचाई छूने लगा। इमरान जैसे कदरन नए हीरो द्वारा 11 करोड़ रुपये का मेहनताना मांगा जाना बेहद हैरान ज़रूर करता है, लेकिन अगर खान सुपरस्टारों के मेहनताने से इसकी तुलना की जाए, तो यह कहीं नहीं ठहरते। सूत्रों के मुताबिक तीनों खान सुपरस्टार आमिर, सलमान और शाहरुख अपनी हर फिल्म के लिए अब 25 करोड़ रुपये से भी ज़्यादा वसूल करते हैं। यही नहीं, इसके अलावा इन तीनों के बारे में कहा जाता है कि ये फिल्म के मुनाफे में भी 30 से 50 प्रतिशत के हिस्सेदार होते हैं। जहां एक तरफ 'वॉन्टेड', 'दबंग', 'रेडी' और 'बॉडीगार्ड' जैसी सुपरहिट फिल्मों के बाद सलमान की फीस 30 करोड़ बताई जाती है, वहीं, 'तारे ज़मीन पर', 'गजनी' और 'थ्री इडियट्स' जैसी मेगाहिट फिल्में देने वाले आमिर का मेहनताना इतना ज़्यादा बढ़ चुका है कि वह मुंहमांगी कीमत मांगकर निर्माताओं को शर्मिन्दा करने की जगह खुद ही फिल्म के सह-निर्माता, यानि को-प्रोड्यूसर बन जाते हैं। ऐसा ही आमिर ने अपनी अगली फिल्म 'तलाश' में किया है। इन दोनों के अलावा, चूंकि शाहरुख खान की 'रा.वन' ने भी अपना पैसा तो वसूल कर ही लिया था, सो, यश चोपड़ा जैसे धुरंधर निर्माता की अगली फिल्म से रोमांटिक हीरो के रूप में वापसी कर रहे 'किंग ऑफ रोमांस' शाहरुख भी अपनी जबर्दस्त डिमांड बनाए रखने में कामयाब रहे हैं।टिप्पणियां वैसे आज हमारी इंडस्ट्री में खान ही नहीं, दो और भी सुपरस्टार हैं, जो खुद को बॉक्स ऑफिस पर बेहद भरोसेमंद खिलाड़ी साबित करते रहे हैं, और आसमान-छूता मेहनताना हासिल कर रहे हैं। इनमें पहले नंबर पर हैं, 'खिलाड़ी कुमार' यानि अक्षय कुमार, जिनके मूंछों पर ताव देने के स्टाइल और शानदार एक्शन ने 'राउडी राठौड़' की कमाई को 100 करोड़ के आंकड़े के पार पहुंचा दिया। अक्षय हाल ही में इससे पहले 'हाउसफुल - 2' जैसी हिट फिल्म भी दे चुके हैं, इसलिए अब चर्चा है कि उन्होंने अपनी अगली फिल्म 'वन्स अपॉन अ टाइम इन मुम्बई' के सीक्वेल में काम करने के लिए 27 करोड़ की फीस वसूल की है। यही नहीं, 'खिलाड़ी कुमार' काफी लम्बे समय से फिल्मों के मुनाफे में हिस्सेदारी करते हुए फिल्मों का निर्माण भी करते आ रहे हैं, जिसकी हालिया मिसालों में 'खट्टा मीठा', 'एक्शन रीप्ले' और 'राउडी राठौड़' शामिल हैं। दूसरी ओर, कुछ ऐसी ही स्थिति अजय देवगन की भी है, जो न सिर्फ को-प्रोड्यूसर के रूप में 'बोल बच्चन' और 'सन ऑफ सरदार' जैसी फिल्मों के मुनाफे में हिस्सेदारी ले रहे हैं, बल्कि सूत्रों के मुताबिक ब्लॉकबस्टर फिल्म 'सिंघम' के बाद उन्होंने अपना मेहनताना भी बढ़ाकर 18 करोड़ रुपये कर दिया है। चर्चा गर्म है कि अजय ने मेहनताने के तौर पर यह लम्बी-चौड़ी रकम निर्माता वाशु भगनानी की अगली फिल्म के लिए मांगी है, जो जितेन्द्र-श्रीदेवी की हिट फिल्म 'हिम्मतवाला' का रीमेक होगी। बॉलीवुड में ताजातरीन चर्चाओं में मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान के भांजे इमरान खान का नाम जोर-शोर से लिया जा रहा है, और बताया जाता है कि इमरान ने 'वन्स अपॉन अ टाइम इन मुम्बई' के सीक्वेल में काम करने के लिए 11 करोड़ रुपये का मेहनताना मांगा था, जो मान लिया गया। इमरान इस फिल्म में एक गैंगस्टर की भूमिका में हैं, और सोनाक्षी सिन्हा उनकी हीरोइन बताई जा रही हैं। 'जाने तू या जाने न' जैसी हिट फिल्म से बॉलीवुड में एन्ट्री करने वाले इमरान ने हालांकि कुछ फ्लॉप फिल्में भी दी थीं, लेकिन 'डेल्ही बैली' के हिट हो जाने के बाद उनका ग्राफ फिर आसमान की ऊंचाई छूने लगा। इमरान जैसे कदरन नए हीरो द्वारा 11 करोड़ रुपये का मेहनताना मांगा जाना बेहद हैरान ज़रूर करता है, लेकिन अगर खान सुपरस्टारों के मेहनताने से इसकी तुलना की जाए, तो यह कहीं नहीं ठहरते। सूत्रों के मुताबिक तीनों खान सुपरस्टार आमिर, सलमान और शाहरुख अपनी हर फिल्म के लिए अब 25 करोड़ रुपये से भी ज़्यादा वसूल करते हैं। यही नहीं, इसके अलावा इन तीनों के बारे में कहा जाता है कि ये फिल्म के मुनाफे में भी 30 से 50 प्रतिशत के हिस्सेदार होते हैं। जहां एक तरफ 'वॉन्टेड', 'दबंग', 'रेडी' और 'बॉडीगार्ड' जैसी सुपरहिट फिल्मों के बाद सलमान की फीस 30 करोड़ बताई जाती है, वहीं, 'तारे ज़मीन पर', 'गजनी' और 'थ्री इडियट्स' जैसी मेगाहिट फिल्में देने वाले आमिर का मेहनताना इतना ज़्यादा बढ़ चुका है कि वह मुंहमांगी कीमत मांगकर निर्माताओं को शर्मिन्दा करने की जगह खुद ही फिल्म के सह-निर्माता, यानि को-प्रोड्यूसर बन जाते हैं। ऐसा ही आमिर ने अपनी अगली फिल्म 'तलाश' में किया है। इन दोनों के अलावा, चूंकि शाहरुख खान की 'रा.वन' ने भी अपना पैसा तो वसूल कर ही लिया था, सो, यश चोपड़ा जैसे धुरंधर निर्माता की अगली फिल्म से रोमांटिक हीरो के रूप में वापसी कर रहे 'किंग ऑफ रोमांस' शाहरुख भी अपनी जबर्दस्त डिमांड बनाए रखने में कामयाब रहे हैं।टिप्पणियां वैसे आज हमारी इंडस्ट्री में खान ही नहीं, दो और भी सुपरस्टार हैं, जो खुद को बॉक्स ऑफिस पर बेहद भरोसेमंद खिलाड़ी साबित करते रहे हैं, और आसमान-छूता मेहनताना हासिल कर रहे हैं। इनमें पहले नंबर पर हैं, 'खिलाड़ी कुमार' यानि अक्षय कुमार, जिनके मूंछों पर ताव देने के स्टाइल और शानदार एक्शन ने 'राउडी राठौड़' की कमाई को 100 करोड़ के आंकड़े के पार पहुंचा दिया। अक्षय हाल ही में इससे पहले 'हाउसफुल - 2' जैसी हिट फिल्म भी दे चुके हैं, इसलिए अब चर्चा है कि उन्होंने अपनी अगली फिल्म 'वन्स अपॉन अ टाइम इन मुम्बई' के सीक्वेल में काम करने के लिए 27 करोड़ की फीस वसूल की है। यही नहीं, 'खिलाड़ी कुमार' काफी लम्बे समय से फिल्मों के मुनाफे में हिस्सेदारी करते हुए फिल्मों का निर्माण भी करते आ रहे हैं, जिसकी हालिया मिसालों में 'खट्टा मीठा', 'एक्शन रीप्ले' और 'राउडी राठौड़' शामिल हैं। दूसरी ओर, कुछ ऐसी ही स्थिति अजय देवगन की भी है, जो न सिर्फ को-प्रोड्यूसर के रूप में 'बोल बच्चन' और 'सन ऑफ सरदार' जैसी फिल्मों के मुनाफे में हिस्सेदारी ले रहे हैं, बल्कि सूत्रों के मुताबिक ब्लॉकबस्टर फिल्म 'सिंघम' के बाद उन्होंने अपना मेहनताना भी बढ़ाकर 18 करोड़ रुपये कर दिया है। चर्चा गर्म है कि अजय ने मेहनताने के तौर पर यह लम्बी-चौड़ी रकम निर्माता वाशु भगनानी की अगली फिल्म के लिए मांगी है, जो जितेन्द्र-श्रीदेवी की हिट फिल्म 'हिम्मतवाला' का रीमेक होगी। इमरान जैसे कदरन नए हीरो द्वारा 11 करोड़ रुपये का मेहनताना मांगा जाना बेहद हैरान ज़रूर करता है, लेकिन अगर खान सुपरस्टारों के मेहनताने से इसकी तुलना की जाए, तो यह कहीं नहीं ठहरते। सूत्रों के मुताबिक तीनों खान सुपरस्टार आमिर, सलमान और शाहरुख अपनी हर फिल्म के लिए अब 25 करोड़ रुपये से भी ज़्यादा वसूल करते हैं। यही नहीं, इसके अलावा इन तीनों के बारे में कहा जाता है कि ये फिल्म के मुनाफे में भी 30 से 50 प्रतिशत के हिस्सेदार होते हैं। जहां एक तरफ 'वॉन्टेड', 'दबंग', 'रेडी' और 'बॉडीगार्ड' जैसी सुपरहिट फिल्मों के बाद सलमान की फीस 30 करोड़ बताई जाती है, वहीं, 'तारे ज़मीन पर', 'गजनी' और 'थ्री इडियट्स' जैसी मेगाहिट फिल्में देने वाले आमिर का मेहनताना इतना ज़्यादा बढ़ चुका है कि वह मुंहमांगी कीमत मांगकर निर्माताओं को शर्मिन्दा करने की जगह खुद ही फिल्म के सह-निर्माता, यानि को-प्रोड्यूसर बन जाते हैं। ऐसा ही आमिर ने अपनी अगली फिल्म 'तलाश' में किया है। इन दोनों के अलावा, चूंकि शाहरुख खान की 'रा.वन' ने भी अपना पैसा तो वसूल कर ही लिया था, सो, यश चोपड़ा जैसे धुरंधर निर्माता की अगली फिल्म से रोमांटिक हीरो के रूप में वापसी कर रहे 'किंग ऑफ रोमांस' शाहरुख भी अपनी जबर्दस्त डिमांड बनाए रखने में कामयाब रहे हैं।टिप्पणियां वैसे आज हमारी इंडस्ट्री में खान ही नहीं, दो और भी सुपरस्टार हैं, जो खुद को बॉक्स ऑफिस पर बेहद भरोसेमंद खिलाड़ी साबित करते रहे हैं, और आसमान-छूता मेहनताना हासिल कर रहे हैं। इनमें पहले नंबर पर हैं, 'खिलाड़ी कुमार' यानि अक्षय कुमार, जिनके मूंछों पर ताव देने के स्टाइल और शानदार एक्शन ने 'राउडी राठौड़' की कमाई को 100 करोड़ के आंकड़े के पार पहुंचा दिया। अक्षय हाल ही में इससे पहले 'हाउसफुल - 2' जैसी हिट फिल्म भी दे चुके हैं, इसलिए अब चर्चा है कि उन्होंने अपनी अगली फिल्म 'वन्स अपॉन अ टाइम इन मुम्बई' के सीक्वेल में काम करने के लिए 27 करोड़ की फीस वसूल की है। यही नहीं, 'खिलाड़ी कुमार' काफी लम्बे समय से फिल्मों के मुनाफे में हिस्सेदारी करते हुए फिल्मों का निर्माण भी करते आ रहे हैं, जिसकी हालिया मिसालों में 'खट्टा मीठा', 'एक्शन रीप्ले' और 'राउडी राठौड़' शामिल हैं। दूसरी ओर, कुछ ऐसी ही स्थिति अजय देवगन की भी है, जो न सिर्फ को-प्रोड्यूसर के रूप में 'बोल बच्चन' और 'सन ऑफ सरदार' जैसी फिल्मों के मुनाफे में हिस्सेदारी ले रहे हैं, बल्कि सूत्रों के मुताबिक ब्लॉकबस्टर फिल्म 'सिंघम' के बाद उन्होंने अपना मेहनताना भी बढ़ाकर 18 करोड़ रुपये कर दिया है। चर्चा गर्म है कि अजय ने मेहनताने के तौर पर यह लम्बी-चौड़ी रकम निर्माता वाशु भगनानी की अगली फिल्म के लिए मांगी है, जो जितेन्द्र-श्रीदेवी की हिट फिल्म 'हिम्मतवाला' का रीमेक होगी। जहां एक तरफ 'वॉन्टेड', 'दबंग', 'रेडी' और 'बॉडीगार्ड' जैसी सुपरहिट फिल्मों के बाद सलमान की फीस 30 करोड़ बताई जाती है, वहीं, 'तारे ज़मीन पर', 'गजनी' और 'थ्री इडियट्स' जैसी मेगाहिट फिल्में देने वाले आमिर का मेहनताना इतना ज़्यादा बढ़ चुका है कि वह मुंहमांगी कीमत मांगकर निर्माताओं को शर्मिन्दा करने की जगह खुद ही फिल्म के सह-निर्माता, यानि को-प्रोड्यूसर बन जाते हैं। ऐसा ही आमिर ने अपनी अगली फिल्म 'तलाश' में किया है। इन दोनों के अलावा, चूंकि शाहरुख खान की 'रा.वन' ने भी अपना पैसा तो वसूल कर ही लिया था, सो, यश चोपड़ा जैसे धुरंधर निर्माता की अगली फिल्म से रोमांटिक हीरो के रूप में वापसी कर रहे 'किंग ऑफ रोमांस' शाहरुख भी अपनी जबर्दस्त डिमांड बनाए रखने में कामयाब रहे हैं।टिप्पणियां वैसे आज हमारी इंडस्ट्री में खान ही नहीं, दो और भी सुपरस्टार हैं, जो खुद को बॉक्स ऑफिस पर बेहद भरोसेमंद खिलाड़ी साबित करते रहे हैं, और आसमान-छूता मेहनताना हासिल कर रहे हैं। इनमें पहले नंबर पर हैं, 'खिलाड़ी कुमार' यानि अक्षय कुमार, जिनके मूंछों पर ताव देने के स्टाइल और शानदार एक्शन ने 'राउडी राठौड़' की कमाई को 100 करोड़ के आंकड़े के पार पहुंचा दिया। अक्षय हाल ही में इससे पहले 'हाउसफुल - 2' जैसी हिट फिल्म भी दे चुके हैं, इसलिए अब चर्चा है कि उन्होंने अपनी अगली फिल्म 'वन्स अपॉन अ टाइम इन मुम्बई' के सीक्वेल में काम करने के लिए 27 करोड़ की फीस वसूल की है। यही नहीं, 'खिलाड़ी कुमार' काफी लम्बे समय से फिल्मों के मुनाफे में हिस्सेदारी करते हुए फिल्मों का निर्माण भी करते आ रहे हैं, जिसकी हालिया मिसालों में 'खट्टा मीठा', 'एक्शन रीप्ले' और 'राउडी राठौड़' शामिल हैं। दूसरी ओर, कुछ ऐसी ही स्थिति अजय देवगन की भी है, जो न सिर्फ को-प्रोड्यूसर के रूप में 'बोल बच्चन' और 'सन ऑफ सरदार' जैसी फिल्मों के मुनाफे में हिस्सेदारी ले रहे हैं, बल्कि सूत्रों के मुताबिक ब्लॉकबस्टर फिल्म 'सिंघम' के बाद उन्होंने अपना मेहनताना भी बढ़ाकर 18 करोड़ रुपये कर दिया है। चर्चा गर्म है कि अजय ने मेहनताने के तौर पर यह लम्बी-चौड़ी रकम निर्माता वाशु भगनानी की अगली फिल्म के लिए मांगी है, जो जितेन्द्र-श्रीदेवी की हिट फिल्म 'हिम्मतवाला' का रीमेक होगी। वैसे आज हमारी इंडस्ट्री में खान ही नहीं, दो और भी सुपरस्टार हैं, जो खुद को बॉक्स ऑफिस पर बेहद भरोसेमंद खिलाड़ी साबित करते रहे हैं, और आसमान-छूता मेहनताना हासिल कर रहे हैं। इनमें पहले नंबर पर हैं, 'खिलाड़ी कुमार' यानि अक्षय कुमार, जिनके मूंछों पर ताव देने के स्टाइल और शानदार एक्शन ने 'राउडी राठौड़' की कमाई को 100 करोड़ के आंकड़े के पार पहुंचा दिया। अक्षय हाल ही में इससे पहले 'हाउसफुल - 2' जैसी हिट फिल्म भी दे चुके हैं, इसलिए अब चर्चा है कि उन्होंने अपनी अगली फिल्म 'वन्स अपॉन अ टाइम इन मुम्बई' के सीक्वेल में काम करने के लिए 27 करोड़ की फीस वसूल की है। यही नहीं, 'खिलाड़ी कुमार' काफी लम्बे समय से फिल्मों के मुनाफे में हिस्सेदारी करते हुए फिल्मों का निर्माण भी करते आ रहे हैं, जिसकी हालिया मिसालों में 'खट्टा मीठा', 'एक्शन रीप्ले' और 'राउडी राठौड़' शामिल हैं। दूसरी ओर, कुछ ऐसी ही स्थिति अजय देवगन की भी है, जो न सिर्फ को-प्रोड्यूसर के रूप में 'बोल बच्चन' और 'सन ऑफ सरदार' जैसी फिल्मों के मुनाफे में हिस्सेदारी ले रहे हैं, बल्कि सूत्रों के मुताबिक ब्लॉकबस्टर फिल्म 'सिंघम' के बाद उन्होंने अपना मेहनताना भी बढ़ाकर 18 करोड़ रुपये कर दिया है। चर्चा गर्म है कि अजय ने मेहनताने के तौर पर यह लम्बी-चौड़ी रकम निर्माता वाशु भगनानी की अगली फिल्म के लिए मांगी है, जो जितेन्द्र-श्रीदेवी की हिट फिल्म 'हिम्मतवाला' का रीमेक होगी। दूसरी ओर, कुछ ऐसी ही स्थिति अजय देवगन की भी है, जो न सिर्फ को-प्रोड्यूसर के रूप में 'बोल बच्चन' और 'सन ऑफ सरदार' जैसी फिल्मों के मुनाफे में हिस्सेदारी ले रहे हैं, बल्कि सूत्रों के मुताबिक ब्लॉकबस्टर फिल्म 'सिंघम' के बाद उन्होंने अपना मेहनताना भी बढ़ाकर 18 करोड़ रुपये कर दिया है। चर्चा गर्म है कि अजय ने मेहनताने के तौर पर यह लम्बी-चौड़ी रकम निर्माता वाशु भगनानी की अगली फिल्म के लिए मांगी है, जो जितेन्द्र-श्रीदेवी की हिट फिल्म 'हिम्मतवाला' का रीमेक होगी।
यह एक सारांश है: इमरान जैसे कदरन नए हीरो को 11 करोड़ रुपये का मेहनताना मिलना हैरान करता है, लेकिन अगर खान सुपरस्टारों के 25-30 करोड़ से तुलना की जाए, तो यह कहीं नहीं ठहरता...
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पटना एम्स प्रबंधन की ओर से मुकदमा दर्ज होने के बाद जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने कहा कि ये डॉक्टर या एम्स प्रबंधन ने नहीं बल्कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के इशारे पर मामला दर्ज कराया गया हैं. लेकिन कन्हैया ने कहा कि अगर सरकार और अस्पताल प्रबंधन चाहे तो मामले की जांच सीबीआई या न्यायिक जांच करा सकती है. क्योंकि राज्य और केंद्र में भाजपा की सरकार हैं । टिप्पणियां कन्हैया ने  एनडीटीवी ख़बर से बातचीत करते हुए कहा कि भाजपा नेताओं पर अस्पताल के वार्ड में प्रवेश को लेकर एक बहस को तूल दिए जाने पर कहना था कि मेरे साथ पांच सुरक्षाकर्मी थे उनके साथ पूछताछ कर ले और दूध का दूध पानी का पानी हो जायेगा.देखिए कैसे भाजपा के उप मुख्य मंत्री सुशील मोदी इस मामले पर ट्वीट कर रहे थे लेकिन मोदी को बिहार का एक इन्स्पेक्टर अपने काम पर अपराधियों के साथ मुक़ाबला करते हुए शहीद हुआ आपने कोई संवेदना संदेश या ट्वीट देखा. देखिए डॉक्टर भगवान के रूप होते हैं उनसे मेरा आग्रह हैं कि वो राजनीतिक मोहरा ना बने इससे पहले इन्होंने दिल्ली में वकीलों को मेरे ख़िलाफ़ ऐसे भड़काया. वैसे ही एक स्वायत्त संस्थान एम्स में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री का अति सक्रियता केंद्रीय नेतृत्व के इशारे पर था.  कन्हैया फ़िलहाल बेगुसराय में पार्टी के कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं और उनका कहना हैं कि उस दिन बहस ज़रूर हुई थी लेकिन किसी के साथ हाथापाई या गाली गलोज जैसी कोई बात नहीं हुई लेकिन संस्थान के लोगों पर इस प्राथमिकी के लिए दबाव डाला गया . कन्हैया ने कहा कि दिल्ली में मेरे ख़िलाफ़ सब तरह की तिकड़म के बावजूद मुंह की खानी पड़ी और अब यहां चुनाव के मद्देनजर  ये साज़िश रची गयी हैं देखिएगा यहां भी कैसे इन्हें पराजय का मुंह देखना पड़ेगा.  कन्हैया ने  एनडीटीवी ख़बर से बातचीत करते हुए कहा कि भाजपा नेताओं पर अस्पताल के वार्ड में प्रवेश को लेकर एक बहस को तूल दिए जाने पर कहना था कि मेरे साथ पांच सुरक्षाकर्मी थे उनके साथ पूछताछ कर ले और दूध का दूध पानी का पानी हो जायेगा.देखिए कैसे भाजपा के उप मुख्य मंत्री सुशील मोदी इस मामले पर ट्वीट कर रहे थे लेकिन मोदी को बिहार का एक इन्स्पेक्टर अपने काम पर अपराधियों के साथ मुक़ाबला करते हुए शहीद हुआ आपने कोई संवेदना संदेश या ट्वीट देखा. देखिए डॉक्टर भगवान के रूप होते हैं उनसे मेरा आग्रह हैं कि वो राजनीतिक मोहरा ना बने इससे पहले इन्होंने दिल्ली में वकीलों को मेरे ख़िलाफ़ ऐसे भड़काया. वैसे ही एक स्वायत्त संस्थान एम्स में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री का अति सक्रियता केंद्रीय नेतृत्व के इशारे पर था.  कन्हैया फ़िलहाल बेगुसराय में पार्टी के कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं और उनका कहना हैं कि उस दिन बहस ज़रूर हुई थी लेकिन किसी के साथ हाथापाई या गाली गलोज जैसी कोई बात नहीं हुई लेकिन संस्थान के लोगों पर इस प्राथमिकी के लिए दबाव डाला गया . कन्हैया ने कहा कि दिल्ली में मेरे ख़िलाफ़ सब तरह की तिकड़म के बावजूद मुंह की खानी पड़ी और अब यहां चुनाव के मद्देनजर  ये साज़िश रची गयी हैं देखिएगा यहां भी कैसे इन्हें पराजय का मुंह देखना पड़ेगा.  कन्हैया फ़िलहाल बेगुसराय में पार्टी के कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं और उनका कहना हैं कि उस दिन बहस ज़रूर हुई थी लेकिन किसी के साथ हाथापाई या गाली गलोज जैसी कोई बात नहीं हुई लेकिन संस्थान के लोगों पर इस प्राथमिकी के लिए दबाव डाला गया . कन्हैया ने कहा कि दिल्ली में मेरे ख़िलाफ़ सब तरह की तिकड़म के बावजूद मुंह की खानी पड़ी और अब यहां चुनाव के मद्देनजर  ये साज़िश रची गयी हैं देखिएगा यहां भी कैसे इन्हें पराजय का मुंह देखना पड़ेगा.
संक्षिप्त पाठ: कन्हैया कुमार का बीजेपी पर हमला कन्हैया कुमार ने कहा-दिल्ली में वकीलों ने तो पटना में डॉक्टरों को भड़काया कन्हैया ने कहा- बीजेपी नेतृत्व के इशारे पर हुआ मुकदमा
22
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सेवानिवृत्त पाकिस्तानी पुलिस अधिकारी राव अनवर अहमद खान (Rao Anwar Ahmed Khan) को मानवाधिकार के गंभीर उल्लंघन के मामले में अमेरिका (USA) ने ब्लैक लिस्ट किया है. अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने यह जानकारी दी है. पाकिस्तान (Pakistan) के सिंध प्रांत के मलिर जिले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के रूप में अपनी सेवा दे चुके इनकाउंटर स्पेश्लिस्ट पर न्याय के नाम पर हत्याएं करने का आरोप है. वित्त मंत्रालय ने कहा, ‘‘मलिर में एसएसपी के तौर पर अपने कार्यकाल में अनवर लगातार फर्जी पुलिस मुठभेड़ों को अंजाम देने के लिए जिम्मेदार है, जिनमें कई लोग मारे गए.'' उन पर वसूली, भूमि-अधिग्रहण, मादक पदार्थ की तस्करी और हत्या का भी आरोप है. मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘अनवर ने पाकिस्‍तान में 190 से अधिक मुठभेड़ों को अंजाम दिया, जिसमें 400 से अधिक लोग मारे गए थे. इनमें से अधिकतर न्याय के नाम पर की गई हत्याएं थी.'' यह भी पढ़ें-मुश्किल में आतंक का सरगना हाफिज सईद, पाकिस्तान की कोर्ट ने टेरर फंडिंग के आरोप तय किए अधिकारी ने कहा, ‘‘अनवर पुलिस और अपराधी व ठगों के नेटवर्क का भी प्रमुख था जो वसूली, भमि-अधिग्रहण, मादक पदार्थ की तस्करी और हत्या करने जैसे अपराधों में शामिल था.'' अमेरिका के इस कदम का पाकिस्तान ने स्वागत किया है. ‘वॉइस ऑफ कराची' के प्रमुख नदीम नुसरत ने अमेरिकी वित्त मंत्रालय के फैसले का स्वागत किया और कहा कि वैश्विक स्तर पर मानवाधिकार की रक्षा करने की दिशा में यह ऐतिहासिक कदम है. नुसरत ने कहा, ‘‘वॉइस ऑफ कराची' की अपनी टीम और शहरी सिंध में रहने वाले चार करोड़ लोगों की ओर से मैं विश्वस्तर पर मानवाधिकार के हनन करने में शामिल राव अनवर और अन्य के खिलाफ अमेरिकी वित्त मंत्रालय के कदम का स्वागत करता हूं.''
सारांश: सेवानिवृत्त पाकिस्तानी पुलिस अधिकारी हैं राव अनवर अहमद खान मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप हैं 400 से अधिक लोगों की हत्याओं का आरोप है
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: लोकप्रिय सोशल नेटवर्किंग साइट ‘फेसबुक’ ने अपने उपभोक्ताओं के लिए नई सुविधा ‘ग्राफ सर्च’ पेश की है जिसकी मदद से उन्हें साइट पर लोगों, फोटो या खास स्थलों से जुड़ी सामग्री खोजने में आसानी होगी। ‘ग्राफ सर्च’ का उपयोग ‘मेरे मित्रों के फोटो’ या ‘मेरे मां द्वारा डाले गए मेरे मित्रों के 1990 से पहले के फोटो’ जैसी सामग्री खोजने में किया जा सकेगा। इस सेवा का अभी विकास किया जा रहा है और अभी केवल कुछ सैकड़ों लोगों ने मंगलवार को इस सेवा का उपयोग किया। कुछ समय बाद यह सेवा संभवत: सभी उपभोक्ताओं तक पहुंचेगी। अगर यह सेवा सफल रही तो यह चिरप्रतिद्वंद्वी गूगल की येल्प और वीडियो स्ट्रीमिंग साइट ‘नेटफिक्स’ जैसी रेटिंग्स सेवाओं को चुनौती देगी।टिप्पणियां फेसबुक के संस्थापक और सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कैलीफोर्निया में मेंलो पार्क में कंपनी के नए मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ‘ग्राफ सर्च’ सेवा गूगल की वेब सर्च सेवाओं से अलग अनुभव देगी। नई सेवा में शुरुआत में चार बिन्दुओं ‘लोग, स्थल, फोटो और रुचि’ के अनुसार सामग्री की खोज की जाएगी। यह खोज सोशल नेटवर्क पर खोजकर्ता से जुड़े लोगों की सामग्री में से होगी। ‘ग्राफ सर्च’ का उपयोग ‘मेरे मित्रों के फोटो’ या ‘मेरे मां द्वारा डाले गए मेरे मित्रों के 1990 से पहले के फोटो’ जैसी सामग्री खोजने में किया जा सकेगा। इस सेवा का अभी विकास किया जा रहा है और अभी केवल कुछ सैकड़ों लोगों ने मंगलवार को इस सेवा का उपयोग किया। कुछ समय बाद यह सेवा संभवत: सभी उपभोक्ताओं तक पहुंचेगी। अगर यह सेवा सफल रही तो यह चिरप्रतिद्वंद्वी गूगल की येल्प और वीडियो स्ट्रीमिंग साइट ‘नेटफिक्स’ जैसी रेटिंग्स सेवाओं को चुनौती देगी।टिप्पणियां फेसबुक के संस्थापक और सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कैलीफोर्निया में मेंलो पार्क में कंपनी के नए मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ‘ग्राफ सर्च’ सेवा गूगल की वेब सर्च सेवाओं से अलग अनुभव देगी। नई सेवा में शुरुआत में चार बिन्दुओं ‘लोग, स्थल, फोटो और रुचि’ के अनुसार सामग्री की खोज की जाएगी। यह खोज सोशल नेटवर्क पर खोजकर्ता से जुड़े लोगों की सामग्री में से होगी। इस सेवा का अभी विकास किया जा रहा है और अभी केवल कुछ सैकड़ों लोगों ने मंगलवार को इस सेवा का उपयोग किया। कुछ समय बाद यह सेवा संभवत: सभी उपभोक्ताओं तक पहुंचेगी। अगर यह सेवा सफल रही तो यह चिरप्रतिद्वंद्वी गूगल की येल्प और वीडियो स्ट्रीमिंग साइट ‘नेटफिक्स’ जैसी रेटिंग्स सेवाओं को चुनौती देगी।टिप्पणियां फेसबुक के संस्थापक और सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कैलीफोर्निया में मेंलो पार्क में कंपनी के नए मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ‘ग्राफ सर्च’ सेवा गूगल की वेब सर्च सेवाओं से अलग अनुभव देगी। नई सेवा में शुरुआत में चार बिन्दुओं ‘लोग, स्थल, फोटो और रुचि’ के अनुसार सामग्री की खोज की जाएगी। यह खोज सोशल नेटवर्क पर खोजकर्ता से जुड़े लोगों की सामग्री में से होगी। अगर यह सेवा सफल रही तो यह चिरप्रतिद्वंद्वी गूगल की येल्प और वीडियो स्ट्रीमिंग साइट ‘नेटफिक्स’ जैसी रेटिंग्स सेवाओं को चुनौती देगी।टिप्पणियां फेसबुक के संस्थापक और सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कैलीफोर्निया में मेंलो पार्क में कंपनी के नए मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ‘ग्राफ सर्च’ सेवा गूगल की वेब सर्च सेवाओं से अलग अनुभव देगी। नई सेवा में शुरुआत में चार बिन्दुओं ‘लोग, स्थल, फोटो और रुचि’ के अनुसार सामग्री की खोज की जाएगी। यह खोज सोशल नेटवर्क पर खोजकर्ता से जुड़े लोगों की सामग्री में से होगी। फेसबुक के संस्थापक और सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कैलीफोर्निया में मेंलो पार्क में कंपनी के नए मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ‘ग्राफ सर्च’ सेवा गूगल की वेब सर्च सेवाओं से अलग अनुभव देगी। नई सेवा में शुरुआत में चार बिन्दुओं ‘लोग, स्थल, फोटो और रुचि’ के अनुसार सामग्री की खोज की जाएगी। यह खोज सोशल नेटवर्क पर खोजकर्ता से जुड़े लोगों की सामग्री में से होगी। नई सेवा में शुरुआत में चार बिन्दुओं ‘लोग, स्थल, फोटो और रुचि’ के अनुसार सामग्री की खोज की जाएगी। यह खोज सोशल नेटवर्क पर खोजकर्ता से जुड़े लोगों की सामग्री में से होगी।
यहाँ एक सारांश है:लोकप्रिय सोशल नेटवर्किंग साइट ‘फेसबुक’ ने अपने उपभोक्ताओं के लिए नई सुविधा ‘ग्राफ सर्च’ पेश की है जिसकी मदद से उन्हें साइट पर लोगों, फोटो या खास स्थलों से जुड़ी सामग्री खोजने में आसानी होगी।
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: राजस्थान की जेल के परिसरों के पांच सौ मीटर के दायरे से फिलहाल मोबाइल टावर नहीं हटेंगे. 8 जून तक सारे मोबाइल टावर हटाने के राज्य सरकार के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है. सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को नोटिस जारी कर चार हफ्तों में जवाब मांगा है. राजस्थान सरकार ने हाईकोर्ट में कहा था कि 8 जून तक ऐसे सभी टावर हटाए जाएंगे. सेल्यूलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने अपनी अर्जी में राज्य सरकार को इन टावरों को सील नहीं करने और 9 मई के आदेश के तहत कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया था. एसोसिएशन ने अपनी अर्जी में कहा है कि राज्य में जेल परिसरों के पांच सौ मीटर के दायरे में सेल्यूलर ऑपरेटरों के 400 बेस ट्रांसीवर स्टेशन (बीटीएस) हैं, जिनमें बेस स्टेशन नियंत्रक साइट भी शामिल है और ये टावर करीब 80 लाख उपभोक्ताओं को सेवा प्रदान कर रहे हैं. यदि इन टावरों को हटाया गया तो इससे सेवा की गुणवत्ता खराब हो जाएगी. याचिका में यह भी कहा गया है कि राजस्थान हाईकोर्ट के 27 नवंबर, 2012 के फैसले के खिलाफ अपील शीर्ष अदालत में लंबित है. हाईकोर्ट ने अस्पतालों और स्कूलों से दो महीने के भीतर तथा जेल परिसरों के पांच मीटर के दायरे से इन टावरों को छह महीने के भीतर हटाने का निर्देश दिया था. टिप्पणियां एसोसिएशन का दावा है कि जेल परिसरों के पांच सौ मीटर के दायरे से इन टावरों को हटाने संबंधी राज्य सरकार के 31 अगस्त, 2012 के नीतिगत फैसले के स्थान पर राज्य सरकार ने इस साल 6 फरवरी को एक नया निर्णय लिया और इस तरह इस समय वहां ऐसा कोई प्रतिबंध नहीं रह गया है. अर्जी में यह भी तर्क दिया है कि राज्य सरकार ने 9 मई को जो आदेश दिया वह आदेश उच्च न्यायालय के 6 अप्रैल के आदेश के तहत दिया है, जो सरकार की 31 अगस्त 2012 की नीति पर आधारित था और ये नई नीति के आने से हट चुका है. याचिका में यह भी कहा गया है कि राजस्थान हाईकोर्ट के 27 नवंबर, 2012 के फैसले के खिलाफ अपील शीर्ष अदालत में लंबित है. हाईकोर्ट ने अस्पतालों और स्कूलों से दो महीने के भीतर तथा जेल परिसरों के पांच मीटर के दायरे से इन टावरों को छह महीने के भीतर हटाने का निर्देश दिया था. टिप्पणियां एसोसिएशन का दावा है कि जेल परिसरों के पांच सौ मीटर के दायरे से इन टावरों को हटाने संबंधी राज्य सरकार के 31 अगस्त, 2012 के नीतिगत फैसले के स्थान पर राज्य सरकार ने इस साल 6 फरवरी को एक नया निर्णय लिया और इस तरह इस समय वहां ऐसा कोई प्रतिबंध नहीं रह गया है. अर्जी में यह भी तर्क दिया है कि राज्य सरकार ने 9 मई को जो आदेश दिया वह आदेश उच्च न्यायालय के 6 अप्रैल के आदेश के तहत दिया है, जो सरकार की 31 अगस्त 2012 की नीति पर आधारित था और ये नई नीति के आने से हट चुका है. एसोसिएशन का दावा है कि जेल परिसरों के पांच सौ मीटर के दायरे से इन टावरों को हटाने संबंधी राज्य सरकार के 31 अगस्त, 2012 के नीतिगत फैसले के स्थान पर राज्य सरकार ने इस साल 6 फरवरी को एक नया निर्णय लिया और इस तरह इस समय वहां ऐसा कोई प्रतिबंध नहीं रह गया है. अर्जी में यह भी तर्क दिया है कि राज्य सरकार ने 9 मई को जो आदेश दिया वह आदेश उच्च न्यायालय के 6 अप्रैल के आदेश के तहत दिया है, जो सरकार की 31 अगस्त 2012 की नीति पर आधारित था और ये नई नीति के आने से हट चुका है. अर्जी में यह भी तर्क दिया है कि राज्य सरकार ने 9 मई को जो आदेश दिया वह आदेश उच्च न्यायालय के 6 अप्रैल के आदेश के तहत दिया है, जो सरकार की 31 अगस्त 2012 की नीति पर आधारित था और ये नई नीति के आने से हट चुका है.
सारांश: 8 जून तक मोबाइल टावर हटाने पर रोक राजस्थान सरकार से मांगा है जवाब 80 लाख उपभोक्ताओं के प्रभावित होने की बात
7
['hin']
एक सारांश बनाओ: मनमोहन मंत्रिमंडल में रविवार को ही किए गए फेरबदल के बाद एक बार फिर छोटा-सा फेरबदल किया गया है, जो कुछ सवाल भी खड़े कर रहा है। वैसे यह फेरबदल इसलिए करना पड़ा, क्योंकि राजस्थान कोटे से मंत्री बनाए गए लालचंद कटारिया के महकमे को लेकर विवाद उठ खड़ा हुआ था। अब उन्हें रक्षा राज्यमंत्री के स्थान पर ग्रामीण विकास राज्यमंत्री बना दिया गया है। वैसे, इस मिनी फेरबदल में जितिन प्रसाद, मिलिंद देवड़ा और पी लक्ष्मी के विभागों में भी बदलाव किया गया है। दरअसल, मामला यह था कि रविवार को लालचंद कटारिया के साथ-साथ भंवर जितेंद्र सिंह को भी रक्षा राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया था, लेकिन इस दौरान इस बात को नज़रअंदाज़ कर दिया गया कि दोनों राज्यमंत्री राजस्थान से ही हैं। इस स्थिति से बचने के लिए अब प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने लालचंद कटारिया का महकमा बदलकर उन्हें ग्रामीण विकास मंत्रालय में राज्यमंत्री बना दिया है। सूत्रों के अनुसार, रक्षामंत्री एके एंटनी को भी कटारिया के नाम पर ऐतराज़ था, लेकिन मंत्रिमंडल में फेरबदल किए जाने के मात्र तीन बाद यह फेरबदल किया जाना नए सवाल भी खड़े कर रहा है।टिप्पणियां हालांकि इस मुद्दे पर एनडीटीवी इंडिया से बातचीत में लालचंद कटारिया ने साफ कहा, "यह छोटी-सी त्रुटि था, जिसे ठीक कर लिया गया है... जितेंद्र सिंह मुझसे सीनियर भी हैं, सो, मुझे नहीं लगता, कोई विवाद था... वैसे भी मैं तो ग्रामीण परिवेश का ही हूं, और मैं खुश हूं कि मुझे गांव में काम करने का मौका मिलेगा..." लालचंद कटारिया के अलावा मिनी फेरबदल में जितिन प्रसाद से भी रक्षा प्रभार ले लिया गया है, और अब वह सिर्फ मानव संसाधन राज्यमंत्री होंगे। उधर, रविवार को टेलीकॉम राज्यमंत्री बनाए गए मिलिंद देवड़ा को जहाजरानी मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जबकि रविवार को कपड़ा राज्यमंत्री बनाई गईं पानाबाका लक्ष्मी अब पेट्रोलियम मंत्रालय में राज्यमंत्री के रूप में कामकाज संभालेंगी। दरअसल, मामला यह था कि रविवार को लालचंद कटारिया के साथ-साथ भंवर जितेंद्र सिंह को भी रक्षा राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया था, लेकिन इस दौरान इस बात को नज़रअंदाज़ कर दिया गया कि दोनों राज्यमंत्री राजस्थान से ही हैं। इस स्थिति से बचने के लिए अब प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने लालचंद कटारिया का महकमा बदलकर उन्हें ग्रामीण विकास मंत्रालय में राज्यमंत्री बना दिया है। सूत्रों के अनुसार, रक्षामंत्री एके एंटनी को भी कटारिया के नाम पर ऐतराज़ था, लेकिन मंत्रिमंडल में फेरबदल किए जाने के मात्र तीन बाद यह फेरबदल किया जाना नए सवाल भी खड़े कर रहा है।टिप्पणियां हालांकि इस मुद्दे पर एनडीटीवी इंडिया से बातचीत में लालचंद कटारिया ने साफ कहा, "यह छोटी-सी त्रुटि था, जिसे ठीक कर लिया गया है... जितेंद्र सिंह मुझसे सीनियर भी हैं, सो, मुझे नहीं लगता, कोई विवाद था... वैसे भी मैं तो ग्रामीण परिवेश का ही हूं, और मैं खुश हूं कि मुझे गांव में काम करने का मौका मिलेगा..." लालचंद कटारिया के अलावा मिनी फेरबदल में जितिन प्रसाद से भी रक्षा प्रभार ले लिया गया है, और अब वह सिर्फ मानव संसाधन राज्यमंत्री होंगे। उधर, रविवार को टेलीकॉम राज्यमंत्री बनाए गए मिलिंद देवड़ा को जहाजरानी मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जबकि रविवार को कपड़ा राज्यमंत्री बनाई गईं पानाबाका लक्ष्मी अब पेट्रोलियम मंत्रालय में राज्यमंत्री के रूप में कामकाज संभालेंगी। हालांकि इस मुद्दे पर एनडीटीवी इंडिया से बातचीत में लालचंद कटारिया ने साफ कहा, "यह छोटी-सी त्रुटि था, जिसे ठीक कर लिया गया है... जितेंद्र सिंह मुझसे सीनियर भी हैं, सो, मुझे नहीं लगता, कोई विवाद था... वैसे भी मैं तो ग्रामीण परिवेश का ही हूं, और मैं खुश हूं कि मुझे गांव में काम करने का मौका मिलेगा..." लालचंद कटारिया के अलावा मिनी फेरबदल में जितिन प्रसाद से भी रक्षा प्रभार ले लिया गया है, और अब वह सिर्फ मानव संसाधन राज्यमंत्री होंगे। उधर, रविवार को टेलीकॉम राज्यमंत्री बनाए गए मिलिंद देवड़ा को जहाजरानी मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जबकि रविवार को कपड़ा राज्यमंत्री बनाई गईं पानाबाका लक्ष्मी अब पेट्रोलियम मंत्रालय में राज्यमंत्री के रूप में कामकाज संभालेंगी। लालचंद कटारिया के अलावा मिनी फेरबदल में जितिन प्रसाद से भी रक्षा प्रभार ले लिया गया है, और अब वह सिर्फ मानव संसाधन राज्यमंत्री होंगे। उधर, रविवार को टेलीकॉम राज्यमंत्री बनाए गए मिलिंद देवड़ा को जहाजरानी मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जबकि रविवार को कपड़ा राज्यमंत्री बनाई गईं पानाबाका लक्ष्मी अब पेट्रोलियम मंत्रालय में राज्यमंत्री के रूप में कामकाज संभालेंगी।
लालचंद कटारिया को रक्षा राज्यमंत्री के स्थान पर ग्रामीण विकास राज्यमंत्री बना दिया गया है। जितिन प्रसाद, मिलिंद देवड़ा और पी लक्ष्मी के विभागों में भी बदलाव किया गया है।
26
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जम्मू एवं कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के निकट पाकिस्तानी सैनिकों के हमले में शहीद हुए लांस नायक हेमराज के परिजनों से मिलने बुधवार को सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह उत्तर प्रदेश के मथुरा पहुंचे। उन्होंने कहा कि हेमराज के परिवार का पूरा ख्याल रखा जाएगा और उन्हें पूरा हक दिलाया जाएगा। पत्नी सुरजीत कौर के साथ मथुरा जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर हेमराज के गांव-शेरनगर पहुंचे सेनाध्यक्ष जनरल सिंह ने कहा, मैं हेमराज के परिवार को बताने आया हूं कि वह हमारे परिवार का हिस्सा हैं। सेना और पूरा देश उनके सपूत की कुर्बानी की कद्र करता है और हमेशा करता रहेगा। जनरल सिंह ने कहा, मेरा पूरा आश्वासन है कि शहीद हेमराज के परिवार की ओर से जो भी मांग होगी, उसे सेना पूरा करेगी। परिजनों को उनका पूरा हक दिलाया जाएगा। सेना प्रमुख करीब 20 मिनट तक वहां रुके। उन्होंने कहा कि परिजनों की कुछ मांगों और गांव के विकास को लेकर वह केंद्र तथा राज्य सरकार से बातचीत करेंगे। परिजनों ने गांव में हेमराज की मूर्ति स्थापित करने की मांग भी की है। साथ ही वे पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने की मांग कर रहे हैं। इस बारे में पूछे जाने पर सेनाध्यक्ष ने कहा कि सेना अपना काम कर रही है।टिप्पणियां जनरल सिंह ने पाकिस्तान के इस दावे से इंकार किया कि भारतीय सेना के हमले में उसके एक सैनिक की मौत हो गई। सेना प्रमुख ने कहा कि यदि पाकिस्तान का कोई सैनिक मारा भी गया होगा तो वह जवाबी कार्रवाई में मारा गया होगा। भारतीय सैनिक एलओसी पार नहीं करते। उन्होंने पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार के उस बयान पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत-पाकिस्तान के रिश्ते दो दशक पीछे चले गए हैं। सेना प्रमुख ने कहा, मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। पत्नी सुरजीत कौर के साथ मथुरा जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर हेमराज के गांव-शेरनगर पहुंचे सेनाध्यक्ष जनरल सिंह ने कहा, मैं हेमराज के परिवार को बताने आया हूं कि वह हमारे परिवार का हिस्सा हैं। सेना और पूरा देश उनके सपूत की कुर्बानी की कद्र करता है और हमेशा करता रहेगा। जनरल सिंह ने कहा, मेरा पूरा आश्वासन है कि शहीद हेमराज के परिवार की ओर से जो भी मांग होगी, उसे सेना पूरा करेगी। परिजनों को उनका पूरा हक दिलाया जाएगा। सेना प्रमुख करीब 20 मिनट तक वहां रुके। उन्होंने कहा कि परिजनों की कुछ मांगों और गांव के विकास को लेकर वह केंद्र तथा राज्य सरकार से बातचीत करेंगे। परिजनों ने गांव में हेमराज की मूर्ति स्थापित करने की मांग भी की है। साथ ही वे पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने की मांग कर रहे हैं। इस बारे में पूछे जाने पर सेनाध्यक्ष ने कहा कि सेना अपना काम कर रही है।टिप्पणियां जनरल सिंह ने पाकिस्तान के इस दावे से इंकार किया कि भारतीय सेना के हमले में उसके एक सैनिक की मौत हो गई। सेना प्रमुख ने कहा कि यदि पाकिस्तान का कोई सैनिक मारा भी गया होगा तो वह जवाबी कार्रवाई में मारा गया होगा। भारतीय सैनिक एलओसी पार नहीं करते। उन्होंने पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार के उस बयान पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत-पाकिस्तान के रिश्ते दो दशक पीछे चले गए हैं। सेना प्रमुख ने कहा, मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। जनरल सिंह ने कहा, मेरा पूरा आश्वासन है कि शहीद हेमराज के परिवार की ओर से जो भी मांग होगी, उसे सेना पूरा करेगी। परिजनों को उनका पूरा हक दिलाया जाएगा। सेना प्रमुख करीब 20 मिनट तक वहां रुके। उन्होंने कहा कि परिजनों की कुछ मांगों और गांव के विकास को लेकर वह केंद्र तथा राज्य सरकार से बातचीत करेंगे। परिजनों ने गांव में हेमराज की मूर्ति स्थापित करने की मांग भी की है। साथ ही वे पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने की मांग कर रहे हैं। इस बारे में पूछे जाने पर सेनाध्यक्ष ने कहा कि सेना अपना काम कर रही है।टिप्पणियां जनरल सिंह ने पाकिस्तान के इस दावे से इंकार किया कि भारतीय सेना के हमले में उसके एक सैनिक की मौत हो गई। सेना प्रमुख ने कहा कि यदि पाकिस्तान का कोई सैनिक मारा भी गया होगा तो वह जवाबी कार्रवाई में मारा गया होगा। भारतीय सैनिक एलओसी पार नहीं करते। उन्होंने पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार के उस बयान पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत-पाकिस्तान के रिश्ते दो दशक पीछे चले गए हैं। सेना प्रमुख ने कहा, मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। सेना प्रमुख करीब 20 मिनट तक वहां रुके। उन्होंने कहा कि परिजनों की कुछ मांगों और गांव के विकास को लेकर वह केंद्र तथा राज्य सरकार से बातचीत करेंगे। परिजनों ने गांव में हेमराज की मूर्ति स्थापित करने की मांग भी की है। साथ ही वे पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने की मांग कर रहे हैं। इस बारे में पूछे जाने पर सेनाध्यक्ष ने कहा कि सेना अपना काम कर रही है।टिप्पणियां जनरल सिंह ने पाकिस्तान के इस दावे से इंकार किया कि भारतीय सेना के हमले में उसके एक सैनिक की मौत हो गई। सेना प्रमुख ने कहा कि यदि पाकिस्तान का कोई सैनिक मारा भी गया होगा तो वह जवाबी कार्रवाई में मारा गया होगा। भारतीय सैनिक एलओसी पार नहीं करते। उन्होंने पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार के उस बयान पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत-पाकिस्तान के रिश्ते दो दशक पीछे चले गए हैं। सेना प्रमुख ने कहा, मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। परिजनों ने गांव में हेमराज की मूर्ति स्थापित करने की मांग भी की है। साथ ही वे पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने की मांग कर रहे हैं। इस बारे में पूछे जाने पर सेनाध्यक्ष ने कहा कि सेना अपना काम कर रही है।टिप्पणियां जनरल सिंह ने पाकिस्तान के इस दावे से इंकार किया कि भारतीय सेना के हमले में उसके एक सैनिक की मौत हो गई। सेना प्रमुख ने कहा कि यदि पाकिस्तान का कोई सैनिक मारा भी गया होगा तो वह जवाबी कार्रवाई में मारा गया होगा। भारतीय सैनिक एलओसी पार नहीं करते। उन्होंने पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार के उस बयान पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत-पाकिस्तान के रिश्ते दो दशक पीछे चले गए हैं। सेना प्रमुख ने कहा, मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। जनरल सिंह ने पाकिस्तान के इस दावे से इंकार किया कि भारतीय सेना के हमले में उसके एक सैनिक की मौत हो गई। सेना प्रमुख ने कहा कि यदि पाकिस्तान का कोई सैनिक मारा भी गया होगा तो वह जवाबी कार्रवाई में मारा गया होगा। भारतीय सैनिक एलओसी पार नहीं करते। उन्होंने पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार के उस बयान पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत-पाकिस्तान के रिश्ते दो दशक पीछे चले गए हैं। सेना प्रमुख ने कहा, मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। उन्होंने पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार के उस बयान पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत-पाकिस्तान के रिश्ते दो दशक पीछे चले गए हैं। सेना प्रमुख ने कहा, मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है।
यहाँ एक सारांश है:जनरल सिंह ने कहा, मेरा पूरा आश्वासन है कि शहीद हेमराज के परिवार की ओर से जो भी मांग होगी, उसे सेना पूरा करेगी। परिजनों को उनका पूरा हक दिलाया जाएगा।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: छत्तीसगढ़ सरकार (Chhattisgarh Government) ने शराबबंदी को लेकर पूर्व सरकार के अध्ययन दल की रिपोर्ट को खारिज कर नया अध्ययन दल गठित करने का फैसला किया है. राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति व परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर ने मंगलवार को बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ( CM Bhupesh Baghel) की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. अकबर ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने शराबबंदी के बारे में वाणिज्यिक-कर (आबकारी) विभाग के तत्कालीन 11 सदस्यीय अध्ययन दल की रिपोर्ट को अव्यवहारिक मानते हुए खारिज करने और नया अध्ययन दल गठित करने का निर्णय लिया है. मंत्री ने बताया कि नवीन अध्ययन दल के द्वारा राज्य सरकार को दो माह के भीतर अपनी रिपोर्ट दी जाएगी. अकबर ने बताया कि पूर्व सरकार ने 11 सदस्यीय अध्ययन दल का गठन किया था. इस दल में सांसद, विधायक, आबकारी विभाग के अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता थे. दल ने अलग अलग राज्यों का दौरा किया था. उन्होंने बताया कि अध्ययन दल ने अनुशंसा की थी कि छत्तीसगढ़ राज्य की सीमाएं मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड, महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा और आंध्रप्रदेश से जुड़ती है. इन सभी राज्यों में शराबबंदी लागू नहीं है. इसलिए राज्य में अदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के रीति रिवाज व पड़ोसी राज्यों की स्थिति को ध्यान में रखकर ही आबकारी नीति का निर्धारण किया जाना चाहिए. समिति ने अनुशंसा में कहा है कि विभिन्न राज्यों की आबकारी नीति के अध्ययन के बाद समिति इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि किसी भी राज्य की नीति का पूर्णत: अंगीकृत किया जाना उचित नहीं है. क्योंकि छत्तीसगढ़ राज्य की भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियां भिन्न है. इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य में शराब की खपत को क्रमश: कम करना उचित होगा. समिति ने अनुशंसा की है कि मादक पदार्थों की लत से निजात के लिए पुनर्वास केंद्रों की स्थापना पर विचार किया जाना चाहिए. समिति ने राज्य में स्वास्थ्यगत दृष्टि से देशी मदिरा के विक्रय को धीरे धीरे समाप्त करने और विदेशी मदिरा के उत्पादन और उपलब्धता को बढ़ावा देने की अनुशंसा की है. मंत्री अकबर ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने शराब बंदी के बारे में वाणिज्यिक-कर (आबकारी) विभाग के अध्ययन दल की इस रिपोर्ट को अव्यवहारिक माना है. इस संबंध में अब नया अध्ययन दल गठित किया जाएगा. सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी ने चुनाव से पहले अपने घोषणा पत्र में कहा था कांग्रेस सरकार द्वारा राज्य में शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा. वहीं, बस्तर और सरगुजा जैसे अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा को शराबबंदी का अधिकार होगा. (इनपुट भाषा से)
कैबिनेट ने कई अन्य फैसले भी लिए नए नियम जल्द हो सकते हैं लागू सीएम ने की सभी अधिकारियों के साथ बैठक
34
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ट्रंप और उनकी पत्नी ने पीड़ितों के परिजन को सांत्वना दी. ट्रंप ने कहा, 'रविवार को हुई इस भीषण गोलीबारी की घटना से अमेरिका दुखी है. अमेरिका वास्तव में शोकग्रस्त है.' राष्ट्रपति देर शाम व्हाइट हाउस लौटे. उन्होंने अस्पताल में घायलों से भी मुलाकात की. ट्रंप ने चार्ल्सटन हर्टफील्ड का भी जिक्र किया जो गोलीबारी में मारे गए थे. हर्टफील्ड एक पुलिस अधिकारी थे लेकिन घटना के दौरान वह ड्यूटी पर नहीं थे. बहरहाल, ट्रंप यहां बंदूक नियंत्रण कानूनों पर बात करने से बचते दिखे. उन्होंने कहा, 'हम इस बारे में आज बात नहीं करेंगे.' ट्रंप ने चार्ल्सटन हर्टफील्ड का भी जिक्र किया जो गोलीबारी में मारे गए थे. हर्टफील्ड एक पुलिस अधिकारी थे लेकिन घटना के दौरान वह ड्यूटी पर नहीं थे. बहरहाल, ट्रंप यहां बंदूक नियंत्रण कानूनों पर बात करने से बचते दिखे. उन्होंने कहा, 'हम इस बारे में आज बात नहीं करेंगे.'
यह एक सारांश है: लास वेगास पहुंचे थे अमेरिका के राष्ट्रपति घायलों से की है मुलाकात कहा- पूरा अमेरिका इस घटना से दुखी
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मजबूत वैश्विक रुख के बीच स्टॉकिस्टों की लगातार लिवाली के चलते दिल्ली सर्राफा बाजार में सोमवार को चांदी के भाव 46930 रुपये प्रति किलो की रिकॉर्ड ऊंचाई को छू गए। स्थानीय लिवाली के चलते सोने में भी तेजी जारी रही। विदेशों में चांदी के भाव 30 साल के उच्चतम स्तर 31.00 डॉलर प्रति औंस हो गए। इसका असर घरेलू बाजार पर पड़ा। औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं की भारी लिवाली के चलते चांदी की कीमतों में उछाल आया घरेलू बाजार में चांदी तैयार के भाव 180 रुपये की तेजी के साथ 46930 रुपये और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 170 रुपये चढ़कर 46,450 रुपये किलो की नई ऊंचाई पर बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव 300 रुपये चढ़कर 50,500-50,600 रुपये प्रति सैकड़ा की रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए। सोना 99.9 शुद्ध और 99.5 शुद्ध के भाव 20 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 20,980 रुपये और 20,860 रुपये प्रति 10 ग्राम बंद हुए। गिन्नी के भाव पूर्वस्तर 16,900 रुपये प्रति 8 ग्राम अपरिवर्तित बंद हुए।
यहाँ एक सारांश है:स्टॉकिस्टों की लगातार लिवाली के चलते दिल्ली सर्राफा बाजार में सोमवार को चांदी के भाव 46930 रुपये प्रति किलो की रिकॉर्ड ऊंचाई को छू गए।
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आतंकवाद से निपटने के मुद्दे पर अमेरिका पाकिस्तान के साथ मिलकर काम कर रहा है तथा इस सहयोग से अच्छे परिणाम हासिल करने और क्षेत्र में स्थिरता लाने में मदद मिलेगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मार्क टोनर ने कहा, आतंकवाद से निपटने के मुद्दे पर हम पाकिस्तान के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। यहां तक कि पाकिस्तान के साथ हमारे सहयोग से क्षेत्र में स्थिरता लाने में मदद मिलेगी। मुंबई आतंकी हमले से जुड़े लोगों के खिलाफ पाकिस्तान की कार्रवाई के बारे में एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जांच चल रही है और अमेरिका दोनों सरकारों के साथ मिलकर काम करता रहेगा। टोनर ने कहा, यह कोई ऐसा खेल नहीं है जिसका परिणाम शून्य हो। हमारा पाकिस्तान के साथ बेहद नजदीकी सहयोग है। इसका दायरा बहुत विस्तृत है मगर आतंकवाद से निपटने के क्षेत्र में निश्चित रूप से यह दोनों देशों की आंतरिक सुरक्षा हितों और दीर्घकालिक हितों के लिए सहयोग जरूरी है। उन्होंने कहा, इस तरह के मुद्दों पर हम अक्सर उनसे (पाकिस्तान) संपर्क करते हैं। किसी भी आतंकवादी समूह के लिए सुरक्षित ठिकाना न बनने पाए इसके लिए उनके साथ हम इस सहयोग को जारी रखेंगे। उन्होंने हालांकि कहा कि यह संबंध हमेशा इतना आसान नहीं थे। टोनर ने कहा, चूंकि यह अमेरिका और पाकिस्तान दोनों के हित में थे इसलिए हमने इन्हें बनाए रखा।
संक्षिप्त सारांश: आतंकवाद से निपटने के मुद्दे पर पाकिस्तान के साथ मिलकर काम कर रहा है अमेरिका तथा इस सहयोग से अच्छे परिणाम आएंगे।
23
['hin']
एक सारांश बनाओ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने केंद्र सरकार पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि केंद्र ने जातिगत एवं राजनीतिक विद्वेष की वजह से राज्य के विकास के लिए धन नहीं दिया।टिप्पणियां अंतिम दौर के मतदान से पहले लखीमपुर खीरी में एक चुनावी जनसभा को सम्बोधित करते हुए मायावती ने कहा, "केंद्र सरकार ने बसपा सरकार के साथ जातिगत और राजनीतिक विद्वेष के चलते केंद्रीय कोटे का धन नहीं दिया।" मायावती ने जोर देकर कहा कि केंद्र के सौतेले व्यवहार के बावजूद सरकार ने अपने सीमित संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए सूबे का विकास किया। बसपा की सरकार ने किसानों के हितों का हर स्तर पर पूरा ख्याल रखा है। खासतौर से गन्ना किसानों के लिए काफी अच्छे कदम उठाए गए। गन्ना किसानों के बकायों का भुगतान स्वयं किया। मायावती ने कहा कि किसानों की हितैषी होने का दावा करने वाली केंद्र सरकार ने किसानों के साथ केवल धोखा किया है। बसपा के कार्यकाल में बिजली बिल भी माफ किए गए। प्रदेश के किसानों की बेहतरी के लिए नई भूमि अधिग्रहण नीति लागू की गई। उन्होंने कहा कि सर्व समाज के नारे पर चलते हुए राज्य की सरकार ने पांच वर्षो के भीतर लगभग एक करोड़ लोगों को रोजगार मुहैया कराया। बिजली के क्षेत्र में भी बसपा की सरकार ने महत्वपूर्ण काम किए हैं। कुछ ही वर्षों के भीतर जनता को 24 घंटे बिजली मिलेगी। अंतिम दौर के मतदान से पहले लखीमपुर खीरी में एक चुनावी जनसभा को सम्बोधित करते हुए मायावती ने कहा, "केंद्र सरकार ने बसपा सरकार के साथ जातिगत और राजनीतिक विद्वेष के चलते केंद्रीय कोटे का धन नहीं दिया।" मायावती ने जोर देकर कहा कि केंद्र के सौतेले व्यवहार के बावजूद सरकार ने अपने सीमित संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए सूबे का विकास किया। बसपा की सरकार ने किसानों के हितों का हर स्तर पर पूरा ख्याल रखा है। खासतौर से गन्ना किसानों के लिए काफी अच्छे कदम उठाए गए। गन्ना किसानों के बकायों का भुगतान स्वयं किया। मायावती ने कहा कि किसानों की हितैषी होने का दावा करने वाली केंद्र सरकार ने किसानों के साथ केवल धोखा किया है। बसपा के कार्यकाल में बिजली बिल भी माफ किए गए। प्रदेश के किसानों की बेहतरी के लिए नई भूमि अधिग्रहण नीति लागू की गई। उन्होंने कहा कि सर्व समाज के नारे पर चलते हुए राज्य की सरकार ने पांच वर्षो के भीतर लगभग एक करोड़ लोगों को रोजगार मुहैया कराया। बिजली के क्षेत्र में भी बसपा की सरकार ने महत्वपूर्ण काम किए हैं। कुछ ही वर्षों के भीतर जनता को 24 घंटे बिजली मिलेगी। मायावती ने जोर देकर कहा कि केंद्र के सौतेले व्यवहार के बावजूद सरकार ने अपने सीमित संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए सूबे का विकास किया। बसपा की सरकार ने किसानों के हितों का हर स्तर पर पूरा ख्याल रखा है। खासतौर से गन्ना किसानों के लिए काफी अच्छे कदम उठाए गए। गन्ना किसानों के बकायों का भुगतान स्वयं किया। मायावती ने कहा कि किसानों की हितैषी होने का दावा करने वाली केंद्र सरकार ने किसानों के साथ केवल धोखा किया है। बसपा के कार्यकाल में बिजली बिल भी माफ किए गए। प्रदेश के किसानों की बेहतरी के लिए नई भूमि अधिग्रहण नीति लागू की गई। उन्होंने कहा कि सर्व समाज के नारे पर चलते हुए राज्य की सरकार ने पांच वर्षो के भीतर लगभग एक करोड़ लोगों को रोजगार मुहैया कराया। बिजली के क्षेत्र में भी बसपा की सरकार ने महत्वपूर्ण काम किए हैं। कुछ ही वर्षों के भीतर जनता को 24 घंटे बिजली मिलेगी।
यह एक सारांश है: यूपी के शाहजहांपुर में मायावती ने बीजेपी पर निशाना साधा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर वह चाहते हैं कि बीजेपी के उम्मीदवार हारें तो बीएसपी को वोट देना जरूरी है।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा के पास सेना ने उग्रवादियों के एक समूह की घुसपैठ की कोशिश को विफल कर दिया और एक पाकिस्तानी गाइड को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने आज बताया कि जिले के बालाकोट सेक्टर में कांगड़ा गली इलाके में नियंत्रण रेखा के आसपास शनिवार रात गश्त कर रहे सैनिकों ने करीब साढ़े नौ बजे उग्रवादियों की हलचल महसूस की। अधिकारियों ने बताया कि सीमा पर डटे जवानों ने उन्हें ललकारा और बाद में गोली चलाई। सीमापार से भी गोलियां चलाई गयीं और करीब एक घंटे तक गोलीबारी जारी रही। बाद में जवानों ने एक पाकिस्तानी गाइड को पकड़ लिया जिसकी पहचान पाक अधिकृत कश्मीर :पीओके: में केराले माजन गांव के रहने वाले 50 वर्षीय मोहम्मद सगीर के तौर पर की गई है। उग्रवादी पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की तरफ भाग गए। इलाके में शनिवार की सुबह बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू किया गया और पाकिस्तानी गाइड से पूछताछ की जा रही है।
पुंछ सेना ने उग्रवादियों के एक समूह की घुसपैठ की कोशिश को विफल कर दिया और एक पाकिस्तानी गाइड को गिरफ्तार कर लिया।
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रुपये की कीमत में गिरावट को रोकने के लिए गुरुवार को निर्यातकों को निर्देश दिया कि वे अपनी कुल विदेशी पूंजी के आधे हिस्से को रुपये में तब्दील करें। रुपया बुधवार को डॉलर के मुकाबले रिकार्ड 53.83 पर बंद हुआ था। आरबीआई ने एक परिपत्र में कहा, "एक्सचेंज अर्नर्स फॉरेन करेंसी (ईईएफसी) खाते में जमा राशि के 50 फीसदी को तत्काल रुपये में तब्दील किया जाए और खाताधारकों के निर्देशों के मुताबिक उसे रुपये खाते में जमा किया जाए।" इस प्रक्रिया को दो सप्ताहों में पूरा किया जाना है।टिप्पणियां एक अनुमान के मुताबिक इस कदम से करीब तीन अरब डॉलर मूल्य की विदेशी मुद्राओं खासकर डॉलर को रुपये में बदला जाएगा। आरबीआई के हस्तक्षेप के बाद रुपये में गुरुवार को प्रति डॉलर 52.95 तक की मजबूती देखने को मिली। रुपया बुधवार को डॉलर के मुकाबले रिकार्ड 53.83 पर बंद हुआ था, जो इससे पहले पिछले साल 14 दिसम्बर को प्रति डॉलर 53.72 स्तर पर बंद हुआ था। आरबीआई ने एक परिपत्र में कहा, "एक्सचेंज अर्नर्स फॉरेन करेंसी (ईईएफसी) खाते में जमा राशि के 50 फीसदी को तत्काल रुपये में तब्दील किया जाए और खाताधारकों के निर्देशों के मुताबिक उसे रुपये खाते में जमा किया जाए।" इस प्रक्रिया को दो सप्ताहों में पूरा किया जाना है।टिप्पणियां एक अनुमान के मुताबिक इस कदम से करीब तीन अरब डॉलर मूल्य की विदेशी मुद्राओं खासकर डॉलर को रुपये में बदला जाएगा। आरबीआई के हस्तक्षेप के बाद रुपये में गुरुवार को प्रति डॉलर 52.95 तक की मजबूती देखने को मिली। रुपया बुधवार को डॉलर के मुकाबले रिकार्ड 53.83 पर बंद हुआ था, जो इससे पहले पिछले साल 14 दिसम्बर को प्रति डॉलर 53.72 स्तर पर बंद हुआ था। एक अनुमान के मुताबिक इस कदम से करीब तीन अरब डॉलर मूल्य की विदेशी मुद्राओं खासकर डॉलर को रुपये में बदला जाएगा। आरबीआई के हस्तक्षेप के बाद रुपये में गुरुवार को प्रति डॉलर 52.95 तक की मजबूती देखने को मिली। रुपया बुधवार को डॉलर के मुकाबले रिकार्ड 53.83 पर बंद हुआ था, जो इससे पहले पिछले साल 14 दिसम्बर को प्रति डॉलर 53.72 स्तर पर बंद हुआ था। रुपया बुधवार को डॉलर के मुकाबले रिकार्ड 53.83 पर बंद हुआ था, जो इससे पहले पिछले साल 14 दिसम्बर को प्रति डॉलर 53.72 स्तर पर बंद हुआ था।
संक्षिप्त पाठ: आरबीआई ने रुपये की कीमत में गिरावट को रोकने के लिए गुरुवार को निर्यातकों को निर्देश दिया कि वे अपनी कुल विदेशी पूंजी के आधे हिस्से को रुपये में तब्दील करें।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: चार भारतीय मुक्केबाजों ने गुईयांग में तीसरे चाइना ओपन मुक्केबाजी टूर्नामेंट में अपने वर्गों के सेमीफाइनल में पहुंचकर कांस्य पदक पक्के किए। सुनील कुमार (52 किग्रा), अजय कुमार (56 किग्रा), जयदीप (75 किग्रा) और मनजीत सिंह (91 किग्रा से अधिक) ने नए ‘टेन-प्वाइंट मस्ट स्कोरिंग सिस्टम’ के अंतर्गत अंतिम चार में जगह बना ली। क्वार्टरफाइनल में भारतीय रेलवे के सुनील ने रूस के आर्टेम मिराजाएव को पराजित किया, अब उनकी भिड़ंत स्थानीय मुक्केबाज चांग यंग से होगी। उन्नीस वर्षीय अजय अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेल रहे हैं, उन्होंने फिलीपींस के मुक्केबाज निको मागलिक्यिान को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई, जहां उनका सामना चीन के यू लुनहाई से होगा।टिप्पणियां मिडिलवेट मुक्केबाज जयदीप ने कजाखस्तान के मुक्केबाज चिंगिज वर्दीबेकोव को मात देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। लेकिन भारतीय दल को महिला वर्ग में करारा झटका लगा। पिंकी जांगड़ा (51 किग्रा), प्रीति बेनीवाल (60 किग्रा) और नीतू चाहल (75 किग्रा) क्वार्टरफाइनल से आगे बढ़ने में असफल रहीं। पिंकी को चीन की जु शिकी से, प्रीति को न्यूजीलैंड की एलेक्सिस प्रिचार्ड से और नीतू को न्यूजीलैंड की मागन आलिला माका से हार का मुंह देखना पड़ा। सुनील कुमार (52 किग्रा), अजय कुमार (56 किग्रा), जयदीप (75 किग्रा) और मनजीत सिंह (91 किग्रा से अधिक) ने नए ‘टेन-प्वाइंट मस्ट स्कोरिंग सिस्टम’ के अंतर्गत अंतिम चार में जगह बना ली। क्वार्टरफाइनल में भारतीय रेलवे के सुनील ने रूस के आर्टेम मिराजाएव को पराजित किया, अब उनकी भिड़ंत स्थानीय मुक्केबाज चांग यंग से होगी। उन्नीस वर्षीय अजय अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेल रहे हैं, उन्होंने फिलीपींस के मुक्केबाज निको मागलिक्यिान को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई, जहां उनका सामना चीन के यू लुनहाई से होगा।टिप्पणियां मिडिलवेट मुक्केबाज जयदीप ने कजाखस्तान के मुक्केबाज चिंगिज वर्दीबेकोव को मात देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। लेकिन भारतीय दल को महिला वर्ग में करारा झटका लगा। पिंकी जांगड़ा (51 किग्रा), प्रीति बेनीवाल (60 किग्रा) और नीतू चाहल (75 किग्रा) क्वार्टरफाइनल से आगे बढ़ने में असफल रहीं। पिंकी को चीन की जु शिकी से, प्रीति को न्यूजीलैंड की एलेक्सिस प्रिचार्ड से और नीतू को न्यूजीलैंड की मागन आलिला माका से हार का मुंह देखना पड़ा। क्वार्टरफाइनल में भारतीय रेलवे के सुनील ने रूस के आर्टेम मिराजाएव को पराजित किया, अब उनकी भिड़ंत स्थानीय मुक्केबाज चांग यंग से होगी। उन्नीस वर्षीय अजय अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेल रहे हैं, उन्होंने फिलीपींस के मुक्केबाज निको मागलिक्यिान को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई, जहां उनका सामना चीन के यू लुनहाई से होगा।टिप्पणियां मिडिलवेट मुक्केबाज जयदीप ने कजाखस्तान के मुक्केबाज चिंगिज वर्दीबेकोव को मात देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। लेकिन भारतीय दल को महिला वर्ग में करारा झटका लगा। पिंकी जांगड़ा (51 किग्रा), प्रीति बेनीवाल (60 किग्रा) और नीतू चाहल (75 किग्रा) क्वार्टरफाइनल से आगे बढ़ने में असफल रहीं। पिंकी को चीन की जु शिकी से, प्रीति को न्यूजीलैंड की एलेक्सिस प्रिचार्ड से और नीतू को न्यूजीलैंड की मागन आलिला माका से हार का मुंह देखना पड़ा। उन्नीस वर्षीय अजय अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेल रहे हैं, उन्होंने फिलीपींस के मुक्केबाज निको मागलिक्यिान को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई, जहां उनका सामना चीन के यू लुनहाई से होगा।टिप्पणियां मिडिलवेट मुक्केबाज जयदीप ने कजाखस्तान के मुक्केबाज चिंगिज वर्दीबेकोव को मात देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। लेकिन भारतीय दल को महिला वर्ग में करारा झटका लगा। पिंकी जांगड़ा (51 किग्रा), प्रीति बेनीवाल (60 किग्रा) और नीतू चाहल (75 किग्रा) क्वार्टरफाइनल से आगे बढ़ने में असफल रहीं। पिंकी को चीन की जु शिकी से, प्रीति को न्यूजीलैंड की एलेक्सिस प्रिचार्ड से और नीतू को न्यूजीलैंड की मागन आलिला माका से हार का मुंह देखना पड़ा। मिडिलवेट मुक्केबाज जयदीप ने कजाखस्तान के मुक्केबाज चिंगिज वर्दीबेकोव को मात देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। लेकिन भारतीय दल को महिला वर्ग में करारा झटका लगा। पिंकी जांगड़ा (51 किग्रा), प्रीति बेनीवाल (60 किग्रा) और नीतू चाहल (75 किग्रा) क्वार्टरफाइनल से आगे बढ़ने में असफल रहीं। पिंकी को चीन की जु शिकी से, प्रीति को न्यूजीलैंड की एलेक्सिस प्रिचार्ड से और नीतू को न्यूजीलैंड की मागन आलिला माका से हार का मुंह देखना पड़ा। पिंकी को चीन की जु शिकी से, प्रीति को न्यूजीलैंड की एलेक्सिस प्रिचार्ड से और नीतू को न्यूजीलैंड की मागन आलिला माका से हार का मुंह देखना पड़ा।
संक्षिप्त सारांश: चार भारतीय मुक्केबाजों ने गुईयांग में तीसरे चाइना ओपन मुक्केबाजी टूर्नामेंट में अपने वर्गों के सेमीफाइनल में पहुंचकर कांस्य पदक पक्के किए।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश में मायावती शासन में हुए राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) घोटाले के आरोपी डॉ वाईएस सचान की संदिग्ध हालात में हुई मौत के मामले में मंगलवार को उनकी पत्नी मालती सचान ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) पर राजनीतिक दबाव में दोषियों को बचाने का आरोप लगाया। सहायक चिकित्साधिकारी डॉ सचान की लखनऊ के जिला कारागार के निर्माणाधीन शौचालय में मृत पाए गए थे। इस मामले में सीबीआई ने क्लोजर रिपार्ट 28 सितम्बर को विशेष न्यायिक दंडाधिकारी (सीबीआई) की अदालत में दाखिल की थी। अदालत ने मालती सचान को आपत्ति दर्ज कराने के लिए 16 अक्टूबर तक का समय दिया था। मालती के वकील वीके शाही ने मंगलवार को विशेष न्यायिक दंडाधिकारी नीलकांतमणि त्रिपाठी की अदालत में अर्जी दाखिल कर आपत्ति दर्ज कराई, जिसमें सीबीआई पर राजनीतिक दबाव में आकर दोषियों को बचाने का आरोप लगाया।   शाही ने बताया कि मालती की ओर से दाखिल की गई अर्जी में यह आरोप लगाया गया है कि सीबीआई की जांच दोषपूर्ण एवं पक्षपातपूर्ण है। इसमें वास्तविक दोषी एवं रसूखदार लोगों को बचाने के दबाव में की गई है।टिप्पणियां उन्होंने बताया कि उन्हें सीबीआई की अंतिम रिपोर्ट तथा इससे सम्बंधित अन्य दस्तावेज उन्हें मुहैया नहीं कराए गए, लिहाजा उन्हें यह पता नहीं है कि सीबीआई ने आखिर किन बिंदुओं पर डॉ सचान की संदिग्ध हालात में मौत के मामले की जांच की थी। अदालत ने सीबीआई को समय देते हुए अगली सुनवाई की तारीख 2 नवम्बर तय कर दी। उल्लेखनीय है कि एनएचआरएम घोटाले में लखनऊ की जिला जेल में बंद सचान की पिछले साल जून में संदिग्ध परिस्थतियों में मौत हो गई थी। सहायक चिकित्साधिकारी डॉ सचान की लखनऊ के जिला कारागार के निर्माणाधीन शौचालय में मृत पाए गए थे। इस मामले में सीबीआई ने क्लोजर रिपार्ट 28 सितम्बर को विशेष न्यायिक दंडाधिकारी (सीबीआई) की अदालत में दाखिल की थी। अदालत ने मालती सचान को आपत्ति दर्ज कराने के लिए 16 अक्टूबर तक का समय दिया था। मालती के वकील वीके शाही ने मंगलवार को विशेष न्यायिक दंडाधिकारी नीलकांतमणि त्रिपाठी की अदालत में अर्जी दाखिल कर आपत्ति दर्ज कराई, जिसमें सीबीआई पर राजनीतिक दबाव में आकर दोषियों को बचाने का आरोप लगाया।   शाही ने बताया कि मालती की ओर से दाखिल की गई अर्जी में यह आरोप लगाया गया है कि सीबीआई की जांच दोषपूर्ण एवं पक्षपातपूर्ण है। इसमें वास्तविक दोषी एवं रसूखदार लोगों को बचाने के दबाव में की गई है।टिप्पणियां उन्होंने बताया कि उन्हें सीबीआई की अंतिम रिपोर्ट तथा इससे सम्बंधित अन्य दस्तावेज उन्हें मुहैया नहीं कराए गए, लिहाजा उन्हें यह पता नहीं है कि सीबीआई ने आखिर किन बिंदुओं पर डॉ सचान की संदिग्ध हालात में मौत के मामले की जांच की थी। अदालत ने सीबीआई को समय देते हुए अगली सुनवाई की तारीख 2 नवम्बर तय कर दी। उल्लेखनीय है कि एनएचआरएम घोटाले में लखनऊ की जिला जेल में बंद सचान की पिछले साल जून में संदिग्ध परिस्थतियों में मौत हो गई थी। मालती के वकील वीके शाही ने मंगलवार को विशेष न्यायिक दंडाधिकारी नीलकांतमणि त्रिपाठी की अदालत में अर्जी दाखिल कर आपत्ति दर्ज कराई, जिसमें सीबीआई पर राजनीतिक दबाव में आकर दोषियों को बचाने का आरोप लगाया।   शाही ने बताया कि मालती की ओर से दाखिल की गई अर्जी में यह आरोप लगाया गया है कि सीबीआई की जांच दोषपूर्ण एवं पक्षपातपूर्ण है। इसमें वास्तविक दोषी एवं रसूखदार लोगों को बचाने के दबाव में की गई है।टिप्पणियां उन्होंने बताया कि उन्हें सीबीआई की अंतिम रिपोर्ट तथा इससे सम्बंधित अन्य दस्तावेज उन्हें मुहैया नहीं कराए गए, लिहाजा उन्हें यह पता नहीं है कि सीबीआई ने आखिर किन बिंदुओं पर डॉ सचान की संदिग्ध हालात में मौत के मामले की जांच की थी। अदालत ने सीबीआई को समय देते हुए अगली सुनवाई की तारीख 2 नवम्बर तय कर दी। उल्लेखनीय है कि एनएचआरएम घोटाले में लखनऊ की जिला जेल में बंद सचान की पिछले साल जून में संदिग्ध परिस्थतियों में मौत हो गई थी। उन्होंने बताया कि उन्हें सीबीआई की अंतिम रिपोर्ट तथा इससे सम्बंधित अन्य दस्तावेज उन्हें मुहैया नहीं कराए गए, लिहाजा उन्हें यह पता नहीं है कि सीबीआई ने आखिर किन बिंदुओं पर डॉ सचान की संदिग्ध हालात में मौत के मामले की जांच की थी। अदालत ने सीबीआई को समय देते हुए अगली सुनवाई की तारीख 2 नवम्बर तय कर दी। उल्लेखनीय है कि एनएचआरएम घोटाले में लखनऊ की जिला जेल में बंद सचान की पिछले साल जून में संदिग्ध परिस्थतियों में मौत हो गई थी। उल्लेखनीय है कि एनएचआरएम घोटाले में लखनऊ की जिला जेल में बंद सचान की पिछले साल जून में संदिग्ध परिस्थतियों में मौत हो गई थी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: उत्तर प्रदेश में मायावती शासन में हुए एनआरएचएम घोटाले के आरोपी डॉ वाईएस सचान की संदिग्ध हालात में हुई मौत के मामले में उनकी पत्नी मालती सचान ने सीबीआई पर राजनीतिक दबाव में दोषियों को बचाने का आरोप लगाया।
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['hin']