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एक सारांश बनाओ: आर्थिक समीक्षा 2010-11 के अनुसार दुनिया के हालात को देखते हुए भारत में ऊंची महंगाई दर से जल्द निजात मिलने की संभावना फिलहाल नहीं नजर आ रही है। वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी द्वारा संसद में पेश इस विस्तृत रपट में ऊंची मुद्रास्फीति पर चिंता व्यक्त करते हुए समीक्षा में कहा गया है कि यह इस वित्तवर्ष के अंत (मार्च, 2011 की समाप्ति) में सामान्य स्तर से डेढ़ प्रतिशत ऊपर रह सकती है। उल्लेखनीय है कि गुरुवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी संसद में कहा था कि मार्च अंत तक मुद्रास्फीति 7 प्रतिशत रहेगी, जबकि वित्तवर्ष के शुरू में इसके 5.5 प्रतिशत तक रहने का अनुमान लगाया गया था। आर्थिक समीक्षा में कहा गया है, वैश्विक स्तर पर उपभोक्ता वस्तुओं के ऊंचे दाम से घरेलू बाजार में कीमतों पर दबाव बना रहेगा। इसके अलावा कई विकसित देश अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए नकदी की उपलब्धता बढ़ाने में लगे हैं। इसका असर भी घरेलू अर्थव्यवस्था में महंगाई बढ़ने के रूप में सामने आ सकता है। समीक्षा में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भी अपनी ताजा रिपोर्ट में इस तरफ इशारा करते हुए कहा है कि दुनिया के उभरते और विकासशील राष्ट्रों में उपभोक्ता मूल्य से जुडी मुद्रास्फीति ऊंची बनी रहेगी। आईएमएफ ने कहा है कि विकासशील देशों में आपूर्ति की कमी और मांग का जोर बना रहने से बाजार पर दबाव बना रहेगा। समीक्षा में तेल की कीमतों में उछाल का जिक्र करते हुए कहा गया है, अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष ने अक्टूबर, 2010 में पेट्रोलियम मूल्य की औसत दर 79 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान लगाया था। जनवरी में यह अनुमान बढ़ाकर 90 डॉलर कर दिया गया। इसके अलावा गैर-पेट्रोलियम जिंसों के दामों में भी 2011 में 11 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान जताया गया है। उल्लेखनीय है कि भारत में जनवरी में सकल मुद्रास्फीति दर 8.23 प्रतिशत रही है। एक महीना पहले यह 8.43 प्रतिशत रही। खाद्य मुद्रास्फीति में कुछ नरमी का रुख बना है, लेकिन अभी भी यह 11.49 प्रतिशत की ऊंचाई पर है। इससे पहले 25 दिसंबर को समाप्त सप्ताह में खाद्य मुद्रास्फीति 18.32 प्रतिशत तक चढ़ गई थी।
यहाँ एक सारांश है:आर्थिक समीक्षा के अनुसार दुनिया के हालात को देखते हुए भारत में ऊंची महंगाई दर से जल्द निजात मिलने की संभावना फिलहाल नहीं नजर आ रही है।
15
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका ने कहा है कि वह मुंबई हमले के अन्य छह आरोपियों को न्याय के कठघरे में लाने के लिए लगातार प्रयास करता रहेगा, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा के नेता भी शामिल हैं। मुम्बई हमलों के मामले में शिकागो की अदालत द्वारा डेविड हेडली को 35 वर्ष कैद की सजा सुनाए जाने के बाद कार्यवाहक अमेरिकी अटॉर्नी गरी एस शैपिरो ने संवाददाताओं से कहा, वे भगौड़े हैं। अगर हम उन तक कभी पहुंच पाए तो यकीनन उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश करेंगे अथवा जिस देश में गिरफ्तार होंगे वहां से उन्हें अमेरिका प्रत्यर्पित कराने की कोशिश करेंगे ताकि यहां उन पर मुकदमा चलाया जा सके। तहव्वुर राणा और हेडली के अतिरिक्त इस मामले में जिन छह अन्य लोगों के नाम हैं, उनमें इलियास कश्मीरी, अब्दुर रहमान हाशिम सईद उर्फ पाशा, साजिद मीर, अबू काहफा, मजहर इकबाल और मेजर इकबाल शामिल हैं। राणा को पिछले सप्ताह सजा सुनाई गई थी, जबकि हेडली को सजा गुरुवार को ही सुनाई गई है। इन आरोपियों में से एक आरोपी इलियास कश्मीरी के अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे जाने की खबर है, जबकि पांच अन्य के पाकिस्तान में होने की खबरें हैं। शैपिरो ने कहा, कई लोग सोचते हैं कि ये सब बेकार की कोशिशें हैं और अमेरिकी सरकार कभी इन भगोड़ों को पकड़ नहीं पाएगी, लेकिन आप यह सब 15 साल पहले कोलंबिया में मादक पदार्थ माफियाओं के बारे में भी कह सकते थे, 10 साल पहले मेक्सिको के मादक पदार्थ समूहों के सदस्यों के बारे में भी कह सकते थे, लेकिन इन देशों में तेजी से बदलाव आया और हमने वहां के कई दोषियों को अमेरिका प्रत्यार्पित कराया।टिप्पणियां उन्होंने कहा, इसलिए हमें उम्मीद है कि हम उन पर मुकदमा चला सकते हैं। इसके लिए हम उनकी खोज में लगे हैं। एक प्रश्न के जवाब में शैपिरो ने कहा, हमारी जांच से क्या नतीजे निकलेंगे, इसके बारे कोई पूर्व धारणा न बनाते हुए हम जांच में लगे हैं। एफबीआई की ओर से शिकागो अदालत में 21 अप्रैल 2011 को दाखिल आरोप पत्र के अनुसार, साजिद मीर पाकिस्तान का निवासी है और लश्कर-ए-तैयबा से संबंधित है। मीर को हेडली और उन अन्य मुख्य आतंकियों का आका माना जाता है, जिन्हें लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी हमलों के लिए योजना बनाने, तैयारी करने और हमलों को अंजाम देने का निर्देश दिया गया था। मुम्बई हमलों के मामले में शिकागो की अदालत द्वारा डेविड हेडली को 35 वर्ष कैद की सजा सुनाए जाने के बाद कार्यवाहक अमेरिकी अटॉर्नी गरी एस शैपिरो ने संवाददाताओं से कहा, वे भगौड़े हैं। अगर हम उन तक कभी पहुंच पाए तो यकीनन उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश करेंगे अथवा जिस देश में गिरफ्तार होंगे वहां से उन्हें अमेरिका प्रत्यर्पित कराने की कोशिश करेंगे ताकि यहां उन पर मुकदमा चलाया जा सके। तहव्वुर राणा और हेडली के अतिरिक्त इस मामले में जिन छह अन्य लोगों के नाम हैं, उनमें इलियास कश्मीरी, अब्दुर रहमान हाशिम सईद उर्फ पाशा, साजिद मीर, अबू काहफा, मजहर इकबाल और मेजर इकबाल शामिल हैं। राणा को पिछले सप्ताह सजा सुनाई गई थी, जबकि हेडली को सजा गुरुवार को ही सुनाई गई है। इन आरोपियों में से एक आरोपी इलियास कश्मीरी के अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे जाने की खबर है, जबकि पांच अन्य के पाकिस्तान में होने की खबरें हैं। शैपिरो ने कहा, कई लोग सोचते हैं कि ये सब बेकार की कोशिशें हैं और अमेरिकी सरकार कभी इन भगोड़ों को पकड़ नहीं पाएगी, लेकिन आप यह सब 15 साल पहले कोलंबिया में मादक पदार्थ माफियाओं के बारे में भी कह सकते थे, 10 साल पहले मेक्सिको के मादक पदार्थ समूहों के सदस्यों के बारे में भी कह सकते थे, लेकिन इन देशों में तेजी से बदलाव आया और हमने वहां के कई दोषियों को अमेरिका प्रत्यार्पित कराया।टिप्पणियां उन्होंने कहा, इसलिए हमें उम्मीद है कि हम उन पर मुकदमा चला सकते हैं। इसके लिए हम उनकी खोज में लगे हैं। एक प्रश्न के जवाब में शैपिरो ने कहा, हमारी जांच से क्या नतीजे निकलेंगे, इसके बारे कोई पूर्व धारणा न बनाते हुए हम जांच में लगे हैं। एफबीआई की ओर से शिकागो अदालत में 21 अप्रैल 2011 को दाखिल आरोप पत्र के अनुसार, साजिद मीर पाकिस्तान का निवासी है और लश्कर-ए-तैयबा से संबंधित है। मीर को हेडली और उन अन्य मुख्य आतंकियों का आका माना जाता है, जिन्हें लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी हमलों के लिए योजना बनाने, तैयारी करने और हमलों को अंजाम देने का निर्देश दिया गया था। इन आरोपियों में से एक आरोपी इलियास कश्मीरी के अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे जाने की खबर है, जबकि पांच अन्य के पाकिस्तान में होने की खबरें हैं। शैपिरो ने कहा, कई लोग सोचते हैं कि ये सब बेकार की कोशिशें हैं और अमेरिकी सरकार कभी इन भगोड़ों को पकड़ नहीं पाएगी, लेकिन आप यह सब 15 साल पहले कोलंबिया में मादक पदार्थ माफियाओं के बारे में भी कह सकते थे, 10 साल पहले मेक्सिको के मादक पदार्थ समूहों के सदस्यों के बारे में भी कह सकते थे, लेकिन इन देशों में तेजी से बदलाव आया और हमने वहां के कई दोषियों को अमेरिका प्रत्यार्पित कराया।टिप्पणियां उन्होंने कहा, इसलिए हमें उम्मीद है कि हम उन पर मुकदमा चला सकते हैं। इसके लिए हम उनकी खोज में लगे हैं। एक प्रश्न के जवाब में शैपिरो ने कहा, हमारी जांच से क्या नतीजे निकलेंगे, इसके बारे कोई पूर्व धारणा न बनाते हुए हम जांच में लगे हैं। एफबीआई की ओर से शिकागो अदालत में 21 अप्रैल 2011 को दाखिल आरोप पत्र के अनुसार, साजिद मीर पाकिस्तान का निवासी है और लश्कर-ए-तैयबा से संबंधित है। मीर को हेडली और उन अन्य मुख्य आतंकियों का आका माना जाता है, जिन्हें लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी हमलों के लिए योजना बनाने, तैयारी करने और हमलों को अंजाम देने का निर्देश दिया गया था। शैपिरो ने कहा, कई लोग सोचते हैं कि ये सब बेकार की कोशिशें हैं और अमेरिकी सरकार कभी इन भगोड़ों को पकड़ नहीं पाएगी, लेकिन आप यह सब 15 साल पहले कोलंबिया में मादक पदार्थ माफियाओं के बारे में भी कह सकते थे, 10 साल पहले मेक्सिको के मादक पदार्थ समूहों के सदस्यों के बारे में भी कह सकते थे, लेकिन इन देशों में तेजी से बदलाव आया और हमने वहां के कई दोषियों को अमेरिका प्रत्यार्पित कराया।टिप्पणियां उन्होंने कहा, इसलिए हमें उम्मीद है कि हम उन पर मुकदमा चला सकते हैं। इसके लिए हम उनकी खोज में लगे हैं। एक प्रश्न के जवाब में शैपिरो ने कहा, हमारी जांच से क्या नतीजे निकलेंगे, इसके बारे कोई पूर्व धारणा न बनाते हुए हम जांच में लगे हैं। एफबीआई की ओर से शिकागो अदालत में 21 अप्रैल 2011 को दाखिल आरोप पत्र के अनुसार, साजिद मीर पाकिस्तान का निवासी है और लश्कर-ए-तैयबा से संबंधित है। मीर को हेडली और उन अन्य मुख्य आतंकियों का आका माना जाता है, जिन्हें लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी हमलों के लिए योजना बनाने, तैयारी करने और हमलों को अंजाम देने का निर्देश दिया गया था। उन्होंने कहा, इसलिए हमें उम्मीद है कि हम उन पर मुकदमा चला सकते हैं। इसके लिए हम उनकी खोज में लगे हैं। एक प्रश्न के जवाब में शैपिरो ने कहा, हमारी जांच से क्या नतीजे निकलेंगे, इसके बारे कोई पूर्व धारणा न बनाते हुए हम जांच में लगे हैं। एफबीआई की ओर से शिकागो अदालत में 21 अप्रैल 2011 को दाखिल आरोप पत्र के अनुसार, साजिद मीर पाकिस्तान का निवासी है और लश्कर-ए-तैयबा से संबंधित है। मीर को हेडली और उन अन्य मुख्य आतंकियों का आका माना जाता है, जिन्हें लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी हमलों के लिए योजना बनाने, तैयारी करने और हमलों को अंजाम देने का निर्देश दिया गया था। एफबीआई की ओर से शिकागो अदालत में 21 अप्रैल 2011 को दाखिल आरोप पत्र के अनुसार, साजिद मीर पाकिस्तान का निवासी है और लश्कर-ए-तैयबा से संबंधित है। मीर को हेडली और उन अन्य मुख्य आतंकियों का आका माना जाता है, जिन्हें लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी हमलों के लिए योजना बनाने, तैयारी करने और हमलों को अंजाम देने का निर्देश दिया गया था।
यह एक सारांश है: अमेरिका ने कहा है कि वह मुंबई हमले के अन्य छह आरोपियों को न्याय के कठघरे में लाने के लिए लगातार प्रयास करता रहेगा, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा के नेता भी शामिल हैं।
9
['hin']
एक सारांश बनाओ: केंद्र की मोदी सरकार में शामिल शिवसेना के इकलौते मंत्री अरविंद सावंत ने इस्तीफे का ऐलान किया है. ट्विटर पर इस्तीफे के फैसले की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि शिवसेना का पक्ष सच्चाई है. झूठे माहौल के साथ नहीं रहा सकता है. अरविंद सावंत ने कहा कि 11 बजे इस पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. यह फैसला ऐसे में उन्होंने किया है जब महाराष्ट्र में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी की सरकार बनाने की खबरें हैं. अरविंद सावंत के इस्तीफे के ऐलान के साथ ही तय हो गया है कि शिवसेना एनडीए से बाहर हो गई है. शिवसेना और बीजेपी की दोस्ती 30 साल पुरानी थी. माना जा रहा है कि एनसीपी ने महाराष्ट्र में साथ सरकार बनाने के लिए शिवसेना के सामने शर्त रखी थी कि उसे पहले एनडीए से नाता तोड़ना होगा. हालांकि महाराष्ट्र में शिवसेना और एनसीपी को सरकार बनाने के लिए कांग्रेस के भी समर्थन जरूरत पड़ेगी. लेकिन कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि आज 10 बजे मीटिंग होने वाली है और उसमें आलाकमान के निर्देश के मुताबिक फैसला लिया जाएगा. लेकिन उसके साथ ही उन्होंने कहा कि अभी तक का जो फैसला है कि हमें विपक्ष में ही बैठना चाहिए.  शिवसेनेची बाजू सत्याची आहे. अशा खोट्या वातावरणात दिल्लीतील सरकार मध्ये तरी का रहायचे? आणि म्हणूनच मी केंद्रीय मंत्री पदाचा राजीनामा देत आहे. या संदर्भात आज सकाळी ११.०० वा. दिल्ली येथे मी पत्रकार परिषद (Press Conference) घेणार आहे. बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में बीजेपी को 105 सीटों पर जीत मिली थी वहीं शिवसेना 56 सीटें जीतकर दूसरे नंबर की पार्टी बनी थी. महाराष्ट्र में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिला था लेकिन 50-50 फॉर्मूले की वजह से दोनों दलों में मतभेद हो गया.  जिस कारण राज्य सरकार के गठन का मामला अधर में लटक गया. राज्यपाल की तरफ से सबसे बड़े दल को सरकार बनाने का न्योता दिया गया था, जिसके जवाब में बीजेपी ने सरकार बनाने पर अपनी असमर्थता जता दी है.
यहाँ एक सारांश है:बीजेपी-शिवसेना का नाता टूटा अरविंद सावंत का इस्तीफा आज 10 बजे कांग्रेस की बैठक
15
['hin']
एक सारांश बनाओ: ब्रिक्स राष्ट्र प्रमुखों की सेंट पीटर्सबर्ग होने वाली बैठक से पहले गुरुवार को चीन ने विकासशील देशों को विशेष पैकेज की जरूरत को खारिज कर दिया, लेकिन भारत के साथ सहमति जताई कि अमेरिका को मौद्रिक प्रोत्साहन धीमी गति के साथ वापस करना चाहिए। चीन के इस रुख की जानकारी भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस बयान की पृष्ठभूमि में दी गई, जिसमें सिंह ने अमेरिका से मौद्रिक प्रोत्साहन धीमी गति के साथ वापस लिए जाने की अपील की थी, क्योंकि इससे उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। चीन के उप वित्त मंत्री झू गुआंग्याओ ने रूस के इस पश्चिमोत्तर शहर में संवाददाताओं से कहा, "अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सकारात्मक संकेत देखे जा रहे हैं। इसमें धीमे-धीमे तेजी वापस आ रही है और हम इसका स्वागत करते हैं।" झू ने कहा, "लेकिन अमेरिका को निश्चित रूप से इसका दूसरे देशों पर पड़ने वाले असर के बारे में सोचना चाहिए।" उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों की बुनियाद मजबूत है। इसलिए संकट से उबरने के लिए उन्हें बाहरी मदद नहीं चाहिए। लेकिन आंतरिक स्तर पर सुधार किए जाने की जरूरत है। ब्रिक्स देशों में शामिल हैं-ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका। उन्होंने कहा, "अभी ब्रिक्स देशों को विशेष मदद की जरूरत नहीं है, लेकिन आंतरिक संरचनागत सुधार जरूरी है।" मनमोहन सिंह यहां गुरुवार और शुक्रवार को जी20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे हैं। सिंह ने कहा है कि विकसित देशों को ऐसी नीति पर नहीं चलनी चाहिए, जिसका नकारात्मक असर विकासशील देशों पर पड़े और सभी देशों को संयुक्त रूप से रोजगार सृजन और निवेश में वृद्धि पर जोर देना चाहिए। शिखर सम्मेलन से पहले सिंह ने कहा, "सेंट पीट्सबर्ग में मैं विकसित देशों द्वारा पिछले कुछ सालों से अपनाई गई अपारंपरिक नीति को धीमे-धीमे वापस लिए जाने पर जोड़ दूंगा, ताकि विकासशील देशों का विकास अवरुद्ध नहीं हो।" उल्लेखनीय है कि 2008 के बाद से अमेरिकी फेडरल रिजर्व संकट से उबरने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन के रास्ते पर चल रहा है, जिसे अब वह चरणबद्ध तरीके से वापस लेना चाहता है। प्रधानमंत्री सिंह यहां बुधवार को पहुंचे। उन्होंने ब्रिक्स नेताओं से मुलाकात के साथ अपनी गतिविधि शुरू की।टिप्पणियां अधिकारियों के मुताबिक ब्रिक्स देश यहां 100 अरब डॉलर के उस कोष पर भी विचार कर सकते हैं, जिनकी स्थापना पर मार्च में डरबन में सहमति बनी थी और जिससे विकासशील देशों को वित्तीय संकट से निपटने में मदद करने की योजना है। चीन को छोड़ कर कई विकासशील देशों की मुद्रा इस साल डॉलर के मुकाबले अवमूल्यन का शिकार हुई है। भारतीय मुद्रा रुपया में 20 फीसदी गिरावट आई है। चीन के इस रुख की जानकारी भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस बयान की पृष्ठभूमि में दी गई, जिसमें सिंह ने अमेरिका से मौद्रिक प्रोत्साहन धीमी गति के साथ वापस लिए जाने की अपील की थी, क्योंकि इससे उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। चीन के उप वित्त मंत्री झू गुआंग्याओ ने रूस के इस पश्चिमोत्तर शहर में संवाददाताओं से कहा, "अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सकारात्मक संकेत देखे जा रहे हैं। इसमें धीमे-धीमे तेजी वापस आ रही है और हम इसका स्वागत करते हैं।" झू ने कहा, "लेकिन अमेरिका को निश्चित रूप से इसका दूसरे देशों पर पड़ने वाले असर के बारे में सोचना चाहिए।" उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों की बुनियाद मजबूत है। इसलिए संकट से उबरने के लिए उन्हें बाहरी मदद नहीं चाहिए। लेकिन आंतरिक स्तर पर सुधार किए जाने की जरूरत है। ब्रिक्स देशों में शामिल हैं-ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका। उन्होंने कहा, "अभी ब्रिक्स देशों को विशेष मदद की जरूरत नहीं है, लेकिन आंतरिक संरचनागत सुधार जरूरी है।" मनमोहन सिंह यहां गुरुवार और शुक्रवार को जी20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे हैं। सिंह ने कहा है कि विकसित देशों को ऐसी नीति पर नहीं चलनी चाहिए, जिसका नकारात्मक असर विकासशील देशों पर पड़े और सभी देशों को संयुक्त रूप से रोजगार सृजन और निवेश में वृद्धि पर जोर देना चाहिए। शिखर सम्मेलन से पहले सिंह ने कहा, "सेंट पीट्सबर्ग में मैं विकसित देशों द्वारा पिछले कुछ सालों से अपनाई गई अपारंपरिक नीति को धीमे-धीमे वापस लिए जाने पर जोड़ दूंगा, ताकि विकासशील देशों का विकास अवरुद्ध नहीं हो।" उल्लेखनीय है कि 2008 के बाद से अमेरिकी फेडरल रिजर्व संकट से उबरने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन के रास्ते पर चल रहा है, जिसे अब वह चरणबद्ध तरीके से वापस लेना चाहता है। प्रधानमंत्री सिंह यहां बुधवार को पहुंचे। उन्होंने ब्रिक्स नेताओं से मुलाकात के साथ अपनी गतिविधि शुरू की।टिप्पणियां अधिकारियों के मुताबिक ब्रिक्स देश यहां 100 अरब डॉलर के उस कोष पर भी विचार कर सकते हैं, जिनकी स्थापना पर मार्च में डरबन में सहमति बनी थी और जिससे विकासशील देशों को वित्तीय संकट से निपटने में मदद करने की योजना है। चीन को छोड़ कर कई विकासशील देशों की मुद्रा इस साल डॉलर के मुकाबले अवमूल्यन का शिकार हुई है। भारतीय मुद्रा रुपया में 20 फीसदी गिरावट आई है। चीन के उप वित्त मंत्री झू गुआंग्याओ ने रूस के इस पश्चिमोत्तर शहर में संवाददाताओं से कहा, "अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सकारात्मक संकेत देखे जा रहे हैं। इसमें धीमे-धीमे तेजी वापस आ रही है और हम इसका स्वागत करते हैं।" झू ने कहा, "लेकिन अमेरिका को निश्चित रूप से इसका दूसरे देशों पर पड़ने वाले असर के बारे में सोचना चाहिए।" उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों की बुनियाद मजबूत है। इसलिए संकट से उबरने के लिए उन्हें बाहरी मदद नहीं चाहिए। लेकिन आंतरिक स्तर पर सुधार किए जाने की जरूरत है। ब्रिक्स देशों में शामिल हैं-ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका। उन्होंने कहा, "अभी ब्रिक्स देशों को विशेष मदद की जरूरत नहीं है, लेकिन आंतरिक संरचनागत सुधार जरूरी है।" मनमोहन सिंह यहां गुरुवार और शुक्रवार को जी20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे हैं। सिंह ने कहा है कि विकसित देशों को ऐसी नीति पर नहीं चलनी चाहिए, जिसका नकारात्मक असर विकासशील देशों पर पड़े और सभी देशों को संयुक्त रूप से रोजगार सृजन और निवेश में वृद्धि पर जोर देना चाहिए। शिखर सम्मेलन से पहले सिंह ने कहा, "सेंट पीट्सबर्ग में मैं विकसित देशों द्वारा पिछले कुछ सालों से अपनाई गई अपारंपरिक नीति को धीमे-धीमे वापस लिए जाने पर जोड़ दूंगा, ताकि विकासशील देशों का विकास अवरुद्ध नहीं हो।" उल्लेखनीय है कि 2008 के बाद से अमेरिकी फेडरल रिजर्व संकट से उबरने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन के रास्ते पर चल रहा है, जिसे अब वह चरणबद्ध तरीके से वापस लेना चाहता है। प्रधानमंत्री सिंह यहां बुधवार को पहुंचे। उन्होंने ब्रिक्स नेताओं से मुलाकात के साथ अपनी गतिविधि शुरू की।टिप्पणियां अधिकारियों के मुताबिक ब्रिक्स देश यहां 100 अरब डॉलर के उस कोष पर भी विचार कर सकते हैं, जिनकी स्थापना पर मार्च में डरबन में सहमति बनी थी और जिससे विकासशील देशों को वित्तीय संकट से निपटने में मदद करने की योजना है। चीन को छोड़ कर कई विकासशील देशों की मुद्रा इस साल डॉलर के मुकाबले अवमूल्यन का शिकार हुई है। भारतीय मुद्रा रुपया में 20 फीसदी गिरावट आई है। झू ने कहा, "लेकिन अमेरिका को निश्चित रूप से इसका दूसरे देशों पर पड़ने वाले असर के बारे में सोचना चाहिए।" उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों की बुनियाद मजबूत है। इसलिए संकट से उबरने के लिए उन्हें बाहरी मदद नहीं चाहिए। लेकिन आंतरिक स्तर पर सुधार किए जाने की जरूरत है। ब्रिक्स देशों में शामिल हैं-ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका। उन्होंने कहा, "अभी ब्रिक्स देशों को विशेष मदद की जरूरत नहीं है, लेकिन आंतरिक संरचनागत सुधार जरूरी है।" मनमोहन सिंह यहां गुरुवार और शुक्रवार को जी20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे हैं। सिंह ने कहा है कि विकसित देशों को ऐसी नीति पर नहीं चलनी चाहिए, जिसका नकारात्मक असर विकासशील देशों पर पड़े और सभी देशों को संयुक्त रूप से रोजगार सृजन और निवेश में वृद्धि पर जोर देना चाहिए। शिखर सम्मेलन से पहले सिंह ने कहा, "सेंट पीट्सबर्ग में मैं विकसित देशों द्वारा पिछले कुछ सालों से अपनाई गई अपारंपरिक नीति को धीमे-धीमे वापस लिए जाने पर जोड़ दूंगा, ताकि विकासशील देशों का विकास अवरुद्ध नहीं हो।" उल्लेखनीय है कि 2008 के बाद से अमेरिकी फेडरल रिजर्व संकट से उबरने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन के रास्ते पर चल रहा है, जिसे अब वह चरणबद्ध तरीके से वापस लेना चाहता है। प्रधानमंत्री सिंह यहां बुधवार को पहुंचे। उन्होंने ब्रिक्स नेताओं से मुलाकात के साथ अपनी गतिविधि शुरू की।टिप्पणियां अधिकारियों के मुताबिक ब्रिक्स देश यहां 100 अरब डॉलर के उस कोष पर भी विचार कर सकते हैं, जिनकी स्थापना पर मार्च में डरबन में सहमति बनी थी और जिससे विकासशील देशों को वित्तीय संकट से निपटने में मदद करने की योजना है। चीन को छोड़ कर कई विकासशील देशों की मुद्रा इस साल डॉलर के मुकाबले अवमूल्यन का शिकार हुई है। भारतीय मुद्रा रुपया में 20 फीसदी गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों की बुनियाद मजबूत है। इसलिए संकट से उबरने के लिए उन्हें बाहरी मदद नहीं चाहिए। लेकिन आंतरिक स्तर पर सुधार किए जाने की जरूरत है। ब्रिक्स देशों में शामिल हैं-ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका। उन्होंने कहा, "अभी ब्रिक्स देशों को विशेष मदद की जरूरत नहीं है, लेकिन आंतरिक संरचनागत सुधार जरूरी है।" मनमोहन सिंह यहां गुरुवार और शुक्रवार को जी20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे हैं। सिंह ने कहा है कि विकसित देशों को ऐसी नीति पर नहीं चलनी चाहिए, जिसका नकारात्मक असर विकासशील देशों पर पड़े और सभी देशों को संयुक्त रूप से रोजगार सृजन और निवेश में वृद्धि पर जोर देना चाहिए। शिखर सम्मेलन से पहले सिंह ने कहा, "सेंट पीट्सबर्ग में मैं विकसित देशों द्वारा पिछले कुछ सालों से अपनाई गई अपारंपरिक नीति को धीमे-धीमे वापस लिए जाने पर जोड़ दूंगा, ताकि विकासशील देशों का विकास अवरुद्ध नहीं हो।" उल्लेखनीय है कि 2008 के बाद से अमेरिकी फेडरल रिजर्व संकट से उबरने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन के रास्ते पर चल रहा है, जिसे अब वह चरणबद्ध तरीके से वापस लेना चाहता है। प्रधानमंत्री सिंह यहां बुधवार को पहुंचे। उन्होंने ब्रिक्स नेताओं से मुलाकात के साथ अपनी गतिविधि शुरू की।टिप्पणियां अधिकारियों के मुताबिक ब्रिक्स देश यहां 100 अरब डॉलर के उस कोष पर भी विचार कर सकते हैं, जिनकी स्थापना पर मार्च में डरबन में सहमति बनी थी और जिससे विकासशील देशों को वित्तीय संकट से निपटने में मदद करने की योजना है। चीन को छोड़ कर कई विकासशील देशों की मुद्रा इस साल डॉलर के मुकाबले अवमूल्यन का शिकार हुई है। भारतीय मुद्रा रुपया में 20 फीसदी गिरावट आई है। ब्रिक्स देशों में शामिल हैं-ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका। उन्होंने कहा, "अभी ब्रिक्स देशों को विशेष मदद की जरूरत नहीं है, लेकिन आंतरिक संरचनागत सुधार जरूरी है।" मनमोहन सिंह यहां गुरुवार और शुक्रवार को जी20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे हैं। सिंह ने कहा है कि विकसित देशों को ऐसी नीति पर नहीं चलनी चाहिए, जिसका नकारात्मक असर विकासशील देशों पर पड़े और सभी देशों को संयुक्त रूप से रोजगार सृजन और निवेश में वृद्धि पर जोर देना चाहिए। शिखर सम्मेलन से पहले सिंह ने कहा, "सेंट पीट्सबर्ग में मैं विकसित देशों द्वारा पिछले कुछ सालों से अपनाई गई अपारंपरिक नीति को धीमे-धीमे वापस लिए जाने पर जोड़ दूंगा, ताकि विकासशील देशों का विकास अवरुद्ध नहीं हो।" उल्लेखनीय है कि 2008 के बाद से अमेरिकी फेडरल रिजर्व संकट से उबरने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन के रास्ते पर चल रहा है, जिसे अब वह चरणबद्ध तरीके से वापस लेना चाहता है। प्रधानमंत्री सिंह यहां बुधवार को पहुंचे। उन्होंने ब्रिक्स नेताओं से मुलाकात के साथ अपनी गतिविधि शुरू की।टिप्पणियां अधिकारियों के मुताबिक ब्रिक्स देश यहां 100 अरब डॉलर के उस कोष पर भी विचार कर सकते हैं, जिनकी स्थापना पर मार्च में डरबन में सहमति बनी थी और जिससे विकासशील देशों को वित्तीय संकट से निपटने में मदद करने की योजना है। चीन को छोड़ कर कई विकासशील देशों की मुद्रा इस साल डॉलर के मुकाबले अवमूल्यन का शिकार हुई है। भारतीय मुद्रा रुपया में 20 फीसदी गिरावट आई है। उन्होंने कहा, "अभी ब्रिक्स देशों को विशेष मदद की जरूरत नहीं है, लेकिन आंतरिक संरचनागत सुधार जरूरी है।" मनमोहन सिंह यहां गुरुवार और शुक्रवार को जी20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे हैं। सिंह ने कहा है कि विकसित देशों को ऐसी नीति पर नहीं चलनी चाहिए, जिसका नकारात्मक असर विकासशील देशों पर पड़े और सभी देशों को संयुक्त रूप से रोजगार सृजन और निवेश में वृद्धि पर जोर देना चाहिए। शिखर सम्मेलन से पहले सिंह ने कहा, "सेंट पीट्सबर्ग में मैं विकसित देशों द्वारा पिछले कुछ सालों से अपनाई गई अपारंपरिक नीति को धीमे-धीमे वापस लिए जाने पर जोड़ दूंगा, ताकि विकासशील देशों का विकास अवरुद्ध नहीं हो।" उल्लेखनीय है कि 2008 के बाद से अमेरिकी फेडरल रिजर्व संकट से उबरने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन के रास्ते पर चल रहा है, जिसे अब वह चरणबद्ध तरीके से वापस लेना चाहता है। प्रधानमंत्री सिंह यहां बुधवार को पहुंचे। उन्होंने ब्रिक्स नेताओं से मुलाकात के साथ अपनी गतिविधि शुरू की।टिप्पणियां अधिकारियों के मुताबिक ब्रिक्स देश यहां 100 अरब डॉलर के उस कोष पर भी विचार कर सकते हैं, जिनकी स्थापना पर मार्च में डरबन में सहमति बनी थी और जिससे विकासशील देशों को वित्तीय संकट से निपटने में मदद करने की योजना है। चीन को छोड़ कर कई विकासशील देशों की मुद्रा इस साल डॉलर के मुकाबले अवमूल्यन का शिकार हुई है। भारतीय मुद्रा रुपया में 20 फीसदी गिरावट आई है। मनमोहन सिंह यहां गुरुवार और शुक्रवार को जी20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे हैं। सिंह ने कहा है कि विकसित देशों को ऐसी नीति पर नहीं चलनी चाहिए, जिसका नकारात्मक असर विकासशील देशों पर पड़े और सभी देशों को संयुक्त रूप से रोजगार सृजन और निवेश में वृद्धि पर जोर देना चाहिए। शिखर सम्मेलन से पहले सिंह ने कहा, "सेंट पीट्सबर्ग में मैं विकसित देशों द्वारा पिछले कुछ सालों से अपनाई गई अपारंपरिक नीति को धीमे-धीमे वापस लिए जाने पर जोड़ दूंगा, ताकि विकासशील देशों का विकास अवरुद्ध नहीं हो।" उल्लेखनीय है कि 2008 के बाद से अमेरिकी फेडरल रिजर्व संकट से उबरने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन के रास्ते पर चल रहा है, जिसे अब वह चरणबद्ध तरीके से वापस लेना चाहता है। प्रधानमंत्री सिंह यहां बुधवार को पहुंचे। उन्होंने ब्रिक्स नेताओं से मुलाकात के साथ अपनी गतिविधि शुरू की।टिप्पणियां अधिकारियों के मुताबिक ब्रिक्स देश यहां 100 अरब डॉलर के उस कोष पर भी विचार कर सकते हैं, जिनकी स्थापना पर मार्च में डरबन में सहमति बनी थी और जिससे विकासशील देशों को वित्तीय संकट से निपटने में मदद करने की योजना है। चीन को छोड़ कर कई विकासशील देशों की मुद्रा इस साल डॉलर के मुकाबले अवमूल्यन का शिकार हुई है। भारतीय मुद्रा रुपया में 20 फीसदी गिरावट आई है। शिखर सम्मेलन से पहले सिंह ने कहा, "सेंट पीट्सबर्ग में मैं विकसित देशों द्वारा पिछले कुछ सालों से अपनाई गई अपारंपरिक नीति को धीमे-धीमे वापस लिए जाने पर जोड़ दूंगा, ताकि विकासशील देशों का विकास अवरुद्ध नहीं हो।" उल्लेखनीय है कि 2008 के बाद से अमेरिकी फेडरल रिजर्व संकट से उबरने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन के रास्ते पर चल रहा है, जिसे अब वह चरणबद्ध तरीके से वापस लेना चाहता है। प्रधानमंत्री सिंह यहां बुधवार को पहुंचे। उन्होंने ब्रिक्स नेताओं से मुलाकात के साथ अपनी गतिविधि शुरू की।टिप्पणियां अधिकारियों के मुताबिक ब्रिक्स देश यहां 100 अरब डॉलर के उस कोष पर भी विचार कर सकते हैं, जिनकी स्थापना पर मार्च में डरबन में सहमति बनी थी और जिससे विकासशील देशों को वित्तीय संकट से निपटने में मदद करने की योजना है। चीन को छोड़ कर कई विकासशील देशों की मुद्रा इस साल डॉलर के मुकाबले अवमूल्यन का शिकार हुई है। भारतीय मुद्रा रुपया में 20 फीसदी गिरावट आई है। उल्लेखनीय है कि 2008 के बाद से अमेरिकी फेडरल रिजर्व संकट से उबरने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन के रास्ते पर चल रहा है, जिसे अब वह चरणबद्ध तरीके से वापस लेना चाहता है। प्रधानमंत्री सिंह यहां बुधवार को पहुंचे। उन्होंने ब्रिक्स नेताओं से मुलाकात के साथ अपनी गतिविधि शुरू की।टिप्पणियां अधिकारियों के मुताबिक ब्रिक्स देश यहां 100 अरब डॉलर के उस कोष पर भी विचार कर सकते हैं, जिनकी स्थापना पर मार्च में डरबन में सहमति बनी थी और जिससे विकासशील देशों को वित्तीय संकट से निपटने में मदद करने की योजना है। चीन को छोड़ कर कई विकासशील देशों की मुद्रा इस साल डॉलर के मुकाबले अवमूल्यन का शिकार हुई है। भारतीय मुद्रा रुपया में 20 फीसदी गिरावट आई है। प्रधानमंत्री सिंह यहां बुधवार को पहुंचे। उन्होंने ब्रिक्स नेताओं से मुलाकात के साथ अपनी गतिविधि शुरू की।टिप्पणियां अधिकारियों के मुताबिक ब्रिक्स देश यहां 100 अरब डॉलर के उस कोष पर भी विचार कर सकते हैं, जिनकी स्थापना पर मार्च में डरबन में सहमति बनी थी और जिससे विकासशील देशों को वित्तीय संकट से निपटने में मदद करने की योजना है। चीन को छोड़ कर कई विकासशील देशों की मुद्रा इस साल डॉलर के मुकाबले अवमूल्यन का शिकार हुई है। भारतीय मुद्रा रुपया में 20 फीसदी गिरावट आई है। अधिकारियों के मुताबिक ब्रिक्स देश यहां 100 अरब डॉलर के उस कोष पर भी विचार कर सकते हैं, जिनकी स्थापना पर मार्च में डरबन में सहमति बनी थी और जिससे विकासशील देशों को वित्तीय संकट से निपटने में मदद करने की योजना है। चीन को छोड़ कर कई विकासशील देशों की मुद्रा इस साल डॉलर के मुकाबले अवमूल्यन का शिकार हुई है। भारतीय मुद्रा रुपया में 20 फीसदी गिरावट आई है। चीन को छोड़ कर कई विकासशील देशों की मुद्रा इस साल डॉलर के मुकाबले अवमूल्यन का शिकार हुई है। भारतीय मुद्रा रुपया में 20 फीसदी गिरावट आई है।
संक्षिप्त सारांश: ब्रिक्स राष्ट्र प्रमुखों की सेंट पीटर्सबर्ग होने वाली बैठक से पहले गुरुवार को चीन ने विकासशील देशों को विशेष पैकेज की जरूरत को खारिज कर दिया, लेकिन भारत के साथ सहमति जताई कि अमेरिका को मौद्रिक प्रोत्साहन धीमी गति के साथ वापस करना चाहिए।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली पुलिस ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पूर्व विधायक मनोज शौकीन के खिलाफ अपनी ही बहू के साथ कथित रूप से बलात्कार और धमकी देने के लिए मामला दर्ज किया गया है. पुलिस के मुताबिक पीड़िता बहू ने गुरुवार को बताया कि मनोज ने साल 31 दिसंबर 2018 और इसी साल 1 जनवरी की रात को बंदूक की नोंक पर उसके साथ बलात्कार किया और डराया-धमकाया. इसके बाद नांगलोई विधानसभा सीट से दो बार के पूर्व विधायक मनोज शौकीन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि 31 दिसंबर, 2018 को वह अपने पति, भाई और एक चचेरे भाई के साथ अपने मायके से चली आई और मीरा बाग इलाके में अपने ससुराल जा रही थी, लेकिन उसे घर ले जाने के बजाय उसका पति उसे पास के विहार इलाके के एक होटल में ले गया.  एफआईआर के अनुसार "जब हम होटल पहुंचे, तो मेरे कुछ रिश्तेदार पहले से ही नए साल का जश्न मनाने के लिए वहां मौजूद थे. पार्टी के बाद, हम 1 जनवरी को लगभग 12.30 बजे मीरा बाग में अपने ससुराल आ गए. मेरे पति अपने दोस्तों के साथ बाहर चले गए, जबकि मैं सोने चली गई.'' पुलिस ने कहा कि पीड़िता ने इसके बाद आरोप लगाया कि रात लगभग 1.30 बजे उसके ससुर ने उसे दरवाजा खोलने के लिए कहा क्योंकि वे उससे कुछ बात करना चाहते थे. एफआईआर के अनुसार, "कमरे में आते ही उन्होंने मुझे गलत तरीके से छूना शुरू कर दिया। इसके बाद मैंने उन्हें सोने के लिए जाने को कहा क्योंकि वे शराब पिए हुए थे. लेकिन उन्होंने अपनी बंदूक निकाल ली, मुझे थप्पड़ मारा तथा जब मैंने शोर मचाने की कोशिश की तो उन्होंने मेरे भाई को जान से मारने की धमकी दी. इसके बाद उन्होंने मेरे साथ दुष्कर्म किया. शुरुआत में शादी और अपने भाई को बचाने के लिए मैंने खुद को उनके खिलाफ शिकायत करने से रोक लिया." पीड़िता ने यह भी उल्लेख किया कि साकेत कोर्ट में क्राइम अगेंस्ट वीमेन (CAW) सेल में उसके ससुराल वालों के खिलाफ पहले से ही घरेलू हिंसा का मामला दर्ज है, जो उसने दिसंबर 2018 में अपनी शादी के तुरंत बाद दायर किया था.  पीड़िता ने एफआईआर में बताया  "सीएडब्ल्यू सेल में इस साल 7 जुलाई को, मेरी मां और पिता को परेशान किया गया था.  इस संबंध में साकेत पुलिस स्टेशन में एक एफआईआर दर्ज की गई है. बुधवार को मैं घरेलू हिंसा मामले को लेकर और मेरे बयान को रिकॉर्ड करने के लिए सुरक्षा अधिकारी से मुलाकात करने साकेत कोर्ट पहुंची. संबंधित संरक्षण अधिकारी ने मुझे और मेरे परिवार की सुरक्षा का आश्वासन दिया. जिसके बाद मैंने अधिकारी और मेरे माता-पिता को अपनी दलील सुनाई." पुलिस के अनुसार बीजेपी नेता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस आयुक्त (आउटर) सेजू पी. कुरुविला ने कहा, "हमने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और उचित कार्रवाई की जाएगी."
यह एक सारांश है: बीते साल 31 दिसंबर और इस साल 1 जनवरी की मध्यरात्रि का है मामला बहू ने लागाया रेप औ धमकाने का आरोप दिल्ली पुलिस ने किया मामला दर्ज
2
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी सहयोगी इकबाल मिर्ची की बीती रात दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। वह 1993 के मुंबई बम विस्फोटों में आरोपी था। भारत के सर्वाधिक वांछित आतंकवादी दाऊद का दाहिना हाथ माना जाने वाला 63 वर्षीय मिर्ची भारत में मादक पदार्थों की तस्करी के आरोपों का भी सामना कर रहा था। वह उत्तरी पूर्वी लंदन के एसेक्स कस्बे के होर्नचर्च में एक छह बेडरूम के विशाल घर में रह रहा था। विश्व के शीर्ष 50 मादक पदार्थ माफिया में शामिल मोहम्मद इकबाल मेमन उर्फ इकबाल मिर्ची के खिलाफ सीबीआई की अपील पर इंटरपोल ने 1994 में रेड कार्नर नोटिस जारी किया था। अप्रैल 1995 में स्काटलैंड यार्ड के अधिकारियों ने मिर्ची के घर पर छापेमारी की थी और उसे मुंबई बम विस्फोटों के संबंध में आतंकवाद तथा मादक पदार्थों की तस्करी के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था हालांकि मजिस्ट्रेट ने उसे प्रत्यार्पित करने की भारत की अपील को ठुकरा दिया था। मिर्ची के खिलाफ स्काटलैंड यार्ड की जांच 1999 में खत्म हो गयी थी और आपराधिक गतिविधि के कोई सबूत नहीं मिले थे। इसके बाद 2001 में ब्रिटेन के गृहविभाग ने उसे ब्रिटेन में अनिश्चितकाल तक रहने की अनुमति प्रदान कर दी थी। दाउद इब्राहिम का नाम भी संघीय जांच ब्यूरो की विश्व के शीर्ष आतंकवादियों की सूची में शामिल है। स्कॉटलैंड यार्ड की जांच 1999 में समाप्त हुई। मिर्ची के खिलाफ आपराधिक गतिविधि का कोई साक्ष्य नहीं पाया गया और 2001 में ब्रिटिश गृह विभाग ने उसे ब्रिटेन में रहने की अनिश्चितकालीन छूट दी। मिर्ची को मेट्रोपोलिटन पुलिस ने फिर गिरफ्तार किया और उसे 41 वर्षीय एक व्यक्ति को हत्या की धमकी देने के मामले में आरोपित किया।टिप्पणियां सीबीआई ने एक बार फिर उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध किया, लेकिन ब्रिटेन के क्राउन प्रोसेक्युशन सर्विस ने उसके खिलाफ सभी आरोप हटा दिए। ‘मिर्ची ’नाम उसके परिवार के लाल मिर्च पाउडर के भारत में कारोबार से जुड़ा हुआ है। उसने अपने खिलाफ सीबीआई के आरोप हटा लिए जाने की स्थिति में स्वदेश लौटने की इच्छा प्रकट की थी। भारत का सर्वाधिक वांछित अपराधी दाऊद इब्राहिम दुनिया के शीर्ष आतंकवादियों की एफबीआई की सूची में शामिल है। भारत के सर्वाधिक वांछित आतंकवादी दाऊद का दाहिना हाथ माना जाने वाला 63 वर्षीय मिर्ची भारत में मादक पदार्थों की तस्करी के आरोपों का भी सामना कर रहा था। वह उत्तरी पूर्वी लंदन के एसेक्स कस्बे के होर्नचर्च में एक छह बेडरूम के विशाल घर में रह रहा था। विश्व के शीर्ष 50 मादक पदार्थ माफिया में शामिल मोहम्मद इकबाल मेमन उर्फ इकबाल मिर्ची के खिलाफ सीबीआई की अपील पर इंटरपोल ने 1994 में रेड कार्नर नोटिस जारी किया था। अप्रैल 1995 में स्काटलैंड यार्ड के अधिकारियों ने मिर्ची के घर पर छापेमारी की थी और उसे मुंबई बम विस्फोटों के संबंध में आतंकवाद तथा मादक पदार्थों की तस्करी के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था हालांकि मजिस्ट्रेट ने उसे प्रत्यार्पित करने की भारत की अपील को ठुकरा दिया था। मिर्ची के खिलाफ स्काटलैंड यार्ड की जांच 1999 में खत्म हो गयी थी और आपराधिक गतिविधि के कोई सबूत नहीं मिले थे। इसके बाद 2001 में ब्रिटेन के गृहविभाग ने उसे ब्रिटेन में अनिश्चितकाल तक रहने की अनुमति प्रदान कर दी थी। दाउद इब्राहिम का नाम भी संघीय जांच ब्यूरो की विश्व के शीर्ष आतंकवादियों की सूची में शामिल है। स्कॉटलैंड यार्ड की जांच 1999 में समाप्त हुई। मिर्ची के खिलाफ आपराधिक गतिविधि का कोई साक्ष्य नहीं पाया गया और 2001 में ब्रिटिश गृह विभाग ने उसे ब्रिटेन में रहने की अनिश्चितकालीन छूट दी। मिर्ची को मेट्रोपोलिटन पुलिस ने फिर गिरफ्तार किया और उसे 41 वर्षीय एक व्यक्ति को हत्या की धमकी देने के मामले में आरोपित किया।टिप्पणियां सीबीआई ने एक बार फिर उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध किया, लेकिन ब्रिटेन के क्राउन प्रोसेक्युशन सर्विस ने उसके खिलाफ सभी आरोप हटा दिए। ‘मिर्ची ’नाम उसके परिवार के लाल मिर्च पाउडर के भारत में कारोबार से जुड़ा हुआ है। उसने अपने खिलाफ सीबीआई के आरोप हटा लिए जाने की स्थिति में स्वदेश लौटने की इच्छा प्रकट की थी। भारत का सर्वाधिक वांछित अपराधी दाऊद इब्राहिम दुनिया के शीर्ष आतंकवादियों की एफबीआई की सूची में शामिल है। वह उत्तरी पूर्वी लंदन के एसेक्स कस्बे के होर्नचर्च में एक छह बेडरूम के विशाल घर में रह रहा था। विश्व के शीर्ष 50 मादक पदार्थ माफिया में शामिल मोहम्मद इकबाल मेमन उर्फ इकबाल मिर्ची के खिलाफ सीबीआई की अपील पर इंटरपोल ने 1994 में रेड कार्नर नोटिस जारी किया था। अप्रैल 1995 में स्काटलैंड यार्ड के अधिकारियों ने मिर्ची के घर पर छापेमारी की थी और उसे मुंबई बम विस्फोटों के संबंध में आतंकवाद तथा मादक पदार्थों की तस्करी के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था हालांकि मजिस्ट्रेट ने उसे प्रत्यार्पित करने की भारत की अपील को ठुकरा दिया था। मिर्ची के खिलाफ स्काटलैंड यार्ड की जांच 1999 में खत्म हो गयी थी और आपराधिक गतिविधि के कोई सबूत नहीं मिले थे। इसके बाद 2001 में ब्रिटेन के गृहविभाग ने उसे ब्रिटेन में अनिश्चितकाल तक रहने की अनुमति प्रदान कर दी थी। दाउद इब्राहिम का नाम भी संघीय जांच ब्यूरो की विश्व के शीर्ष आतंकवादियों की सूची में शामिल है। स्कॉटलैंड यार्ड की जांच 1999 में समाप्त हुई। मिर्ची के खिलाफ आपराधिक गतिविधि का कोई साक्ष्य नहीं पाया गया और 2001 में ब्रिटिश गृह विभाग ने उसे ब्रिटेन में रहने की अनिश्चितकालीन छूट दी। मिर्ची को मेट्रोपोलिटन पुलिस ने फिर गिरफ्तार किया और उसे 41 वर्षीय एक व्यक्ति को हत्या की धमकी देने के मामले में आरोपित किया।टिप्पणियां सीबीआई ने एक बार फिर उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध किया, लेकिन ब्रिटेन के क्राउन प्रोसेक्युशन सर्विस ने उसके खिलाफ सभी आरोप हटा दिए। ‘मिर्ची ’नाम उसके परिवार के लाल मिर्च पाउडर के भारत में कारोबार से जुड़ा हुआ है। उसने अपने खिलाफ सीबीआई के आरोप हटा लिए जाने की स्थिति में स्वदेश लौटने की इच्छा प्रकट की थी। भारत का सर्वाधिक वांछित अपराधी दाऊद इब्राहिम दुनिया के शीर्ष आतंकवादियों की एफबीआई की सूची में शामिल है। विश्व के शीर्ष 50 मादक पदार्थ माफिया में शामिल मोहम्मद इकबाल मेमन उर्फ इकबाल मिर्ची के खिलाफ सीबीआई की अपील पर इंटरपोल ने 1994 में रेड कार्नर नोटिस जारी किया था। अप्रैल 1995 में स्काटलैंड यार्ड के अधिकारियों ने मिर्ची के घर पर छापेमारी की थी और उसे मुंबई बम विस्फोटों के संबंध में आतंकवाद तथा मादक पदार्थों की तस्करी के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था हालांकि मजिस्ट्रेट ने उसे प्रत्यार्पित करने की भारत की अपील को ठुकरा दिया था। मिर्ची के खिलाफ स्काटलैंड यार्ड की जांच 1999 में खत्म हो गयी थी और आपराधिक गतिविधि के कोई सबूत नहीं मिले थे। इसके बाद 2001 में ब्रिटेन के गृहविभाग ने उसे ब्रिटेन में अनिश्चितकाल तक रहने की अनुमति प्रदान कर दी थी। दाउद इब्राहिम का नाम भी संघीय जांच ब्यूरो की विश्व के शीर्ष आतंकवादियों की सूची में शामिल है। स्कॉटलैंड यार्ड की जांच 1999 में समाप्त हुई। मिर्ची के खिलाफ आपराधिक गतिविधि का कोई साक्ष्य नहीं पाया गया और 2001 में ब्रिटिश गृह विभाग ने उसे ब्रिटेन में रहने की अनिश्चितकालीन छूट दी। मिर्ची को मेट्रोपोलिटन पुलिस ने फिर गिरफ्तार किया और उसे 41 वर्षीय एक व्यक्ति को हत्या की धमकी देने के मामले में आरोपित किया।टिप्पणियां सीबीआई ने एक बार फिर उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध किया, लेकिन ब्रिटेन के क्राउन प्रोसेक्युशन सर्विस ने उसके खिलाफ सभी आरोप हटा दिए। ‘मिर्ची ’नाम उसके परिवार के लाल मिर्च पाउडर के भारत में कारोबार से जुड़ा हुआ है। उसने अपने खिलाफ सीबीआई के आरोप हटा लिए जाने की स्थिति में स्वदेश लौटने की इच्छा प्रकट की थी। भारत का सर्वाधिक वांछित अपराधी दाऊद इब्राहिम दुनिया के शीर्ष आतंकवादियों की एफबीआई की सूची में शामिल है। अप्रैल 1995 में स्काटलैंड यार्ड के अधिकारियों ने मिर्ची के घर पर छापेमारी की थी और उसे मुंबई बम विस्फोटों के संबंध में आतंकवाद तथा मादक पदार्थों की तस्करी के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था हालांकि मजिस्ट्रेट ने उसे प्रत्यार्पित करने की भारत की अपील को ठुकरा दिया था। मिर्ची के खिलाफ स्काटलैंड यार्ड की जांच 1999 में खत्म हो गयी थी और आपराधिक गतिविधि के कोई सबूत नहीं मिले थे। इसके बाद 2001 में ब्रिटेन के गृहविभाग ने उसे ब्रिटेन में अनिश्चितकाल तक रहने की अनुमति प्रदान कर दी थी। दाउद इब्राहिम का नाम भी संघीय जांच ब्यूरो की विश्व के शीर्ष आतंकवादियों की सूची में शामिल है। स्कॉटलैंड यार्ड की जांच 1999 में समाप्त हुई। मिर्ची के खिलाफ आपराधिक गतिविधि का कोई साक्ष्य नहीं पाया गया और 2001 में ब्रिटिश गृह विभाग ने उसे ब्रिटेन में रहने की अनिश्चितकालीन छूट दी। मिर्ची को मेट्रोपोलिटन पुलिस ने फिर गिरफ्तार किया और उसे 41 वर्षीय एक व्यक्ति को हत्या की धमकी देने के मामले में आरोपित किया।टिप्पणियां सीबीआई ने एक बार फिर उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध किया, लेकिन ब्रिटेन के क्राउन प्रोसेक्युशन सर्विस ने उसके खिलाफ सभी आरोप हटा दिए। ‘मिर्ची ’नाम उसके परिवार के लाल मिर्च पाउडर के भारत में कारोबार से जुड़ा हुआ है। उसने अपने खिलाफ सीबीआई के आरोप हटा लिए जाने की स्थिति में स्वदेश लौटने की इच्छा प्रकट की थी। भारत का सर्वाधिक वांछित अपराधी दाऊद इब्राहिम दुनिया के शीर्ष आतंकवादियों की एफबीआई की सूची में शामिल है। मिर्ची के खिलाफ स्काटलैंड यार्ड की जांच 1999 में खत्म हो गयी थी और आपराधिक गतिविधि के कोई सबूत नहीं मिले थे। इसके बाद 2001 में ब्रिटेन के गृहविभाग ने उसे ब्रिटेन में अनिश्चितकाल तक रहने की अनुमति प्रदान कर दी थी। दाउद इब्राहिम का नाम भी संघीय जांच ब्यूरो की विश्व के शीर्ष आतंकवादियों की सूची में शामिल है। स्कॉटलैंड यार्ड की जांच 1999 में समाप्त हुई। मिर्ची के खिलाफ आपराधिक गतिविधि का कोई साक्ष्य नहीं पाया गया और 2001 में ब्रिटिश गृह विभाग ने उसे ब्रिटेन में रहने की अनिश्चितकालीन छूट दी। मिर्ची को मेट्रोपोलिटन पुलिस ने फिर गिरफ्तार किया और उसे 41 वर्षीय एक व्यक्ति को हत्या की धमकी देने के मामले में आरोपित किया।टिप्पणियां सीबीआई ने एक बार फिर उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध किया, लेकिन ब्रिटेन के क्राउन प्रोसेक्युशन सर्विस ने उसके खिलाफ सभी आरोप हटा दिए। ‘मिर्ची ’नाम उसके परिवार के लाल मिर्च पाउडर के भारत में कारोबार से जुड़ा हुआ है। उसने अपने खिलाफ सीबीआई के आरोप हटा लिए जाने की स्थिति में स्वदेश लौटने की इच्छा प्रकट की थी। भारत का सर्वाधिक वांछित अपराधी दाऊद इब्राहिम दुनिया के शीर्ष आतंकवादियों की एफबीआई की सूची में शामिल है। स्कॉटलैंड यार्ड की जांच 1999 में समाप्त हुई। मिर्ची के खिलाफ आपराधिक गतिविधि का कोई साक्ष्य नहीं पाया गया और 2001 में ब्रिटिश गृह विभाग ने उसे ब्रिटेन में रहने की अनिश्चितकालीन छूट दी। मिर्ची को मेट्रोपोलिटन पुलिस ने फिर गिरफ्तार किया और उसे 41 वर्षीय एक व्यक्ति को हत्या की धमकी देने के मामले में आरोपित किया।टिप्पणियां सीबीआई ने एक बार फिर उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध किया, लेकिन ब्रिटेन के क्राउन प्रोसेक्युशन सर्विस ने उसके खिलाफ सभी आरोप हटा दिए। ‘मिर्ची ’नाम उसके परिवार के लाल मिर्च पाउडर के भारत में कारोबार से जुड़ा हुआ है। उसने अपने खिलाफ सीबीआई के आरोप हटा लिए जाने की स्थिति में स्वदेश लौटने की इच्छा प्रकट की थी। भारत का सर्वाधिक वांछित अपराधी दाऊद इब्राहिम दुनिया के शीर्ष आतंकवादियों की एफबीआई की सूची में शामिल है। सीबीआई ने एक बार फिर उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध किया, लेकिन ब्रिटेन के क्राउन प्रोसेक्युशन सर्विस ने उसके खिलाफ सभी आरोप हटा दिए। ‘मिर्ची ’नाम उसके परिवार के लाल मिर्च पाउडर के भारत में कारोबार से जुड़ा हुआ है। उसने अपने खिलाफ सीबीआई के आरोप हटा लिए जाने की स्थिति में स्वदेश लौटने की इच्छा प्रकट की थी। भारत का सर्वाधिक वांछित अपराधी दाऊद इब्राहिम दुनिया के शीर्ष आतंकवादियों की एफबीआई की सूची में शामिल है। ‘मिर्ची ’नाम उसके परिवार के लाल मिर्च पाउडर के भारत में कारोबार से जुड़ा हुआ है। उसने अपने खिलाफ सीबीआई के आरोप हटा लिए जाने की स्थिति में स्वदेश लौटने की इच्छा प्रकट की थी। भारत का सर्वाधिक वांछित अपराधी दाऊद इब्राहिम दुनिया के शीर्ष आतंकवादियों की एफबीआई की सूची में शामिल है।
सारांश: भारत के सर्वाधिक वांछित आतंकवादी दाऊद का दाहिना हाथ माना जाने वाला 63 वर्षीय मिर्ची भारत में मादक पदार्थों की तस्करी के आरोपों का भी सामना कर रहा था।
31
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत द्वारा अफगानिस्तान के माध्यम से पाकिस्तान में उत्पन्न समस्याओं के लिए वित्त पोषण करने संबंधी नए अमेरिकी रक्षा मंत्री चक हैगल के बयान को बेबुनियाद बताते हुए भाजपा ने कहा कि सरकार को हेगल के बयान को बिना शर्त वापस लेने के लिए अमेरिका पर राजनयिक दबाव बनाना चाहिए। भाजपा के प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि हैगल का यह बयान बेतुका और बेबुनियाद है कि भारत ने अफगानिस्तान के माध्यम से पाकिस्तान में उत्पन्न समस्याओं के लिए वित्तपोषण किया है। रूड़ी ने पाकिस्तान को क्लीन चिट दिये जाने के हेगल के बयान पर भी आश्चर्य जताया। पाकिस्तान ने ही अलकायदा प्रमुख ओसामा- बिन-लादेन को शरण दी, जो वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर आतंकवादी हमले में 5000 से अधिक अमेरिकियों के मारे जाने के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने कहा, हेगल के बयान पर प्रतिक्रिया नहीं देने के भारत सरकार के रुख से भाजपा चिंतित है। भाजपा मांग करती है कि भारत सरकार को इस बात के लिए राजनयिक दबाव बनाना चाहिए कि चक हैगल बिना शर्त अपने बयान को वापस लें। पूर्व रिपब्लिकन सीनेट सदस्य ने वर्ष 2011 में ओकलाहोमा की कैमरन यूनिवर्सिटी में भाषण देते हुए कहा था, भारत ने पिछले कुछ समय से हमेशा अफगानिस्तान को युद्ध के दूसरे मोर्चे के रूप में इस्तेमाल किया है और भारत ने वर्षों से सीमा के उस पार पाकिस्तान के लिए समस्याएं उत्पन्न करने के लिहाज से वित्त पोषण किया है। हेगल के इस बयान को ओबामा प्रशासन के रुख से बिल्कुल विपरीत माना जा रहा है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति का प्रशासन हमेशा से अफगानिस्तान में विकास कार्यों के लिए भारत की भूमिका की प्रशंसा करता रहा है तथा अफगानिस्तान में और अधिक भूमिका अदा करने के लिए भारत पर दबाव बनाता आ रहा है।टिप्पणियां भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि हैगल का इस तरह का बयान भारत के लिए ‘बुरी खबर’ है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, भारत के लिए यह गंभीर चिंता की बात है। केवल अमेरिका में भारतीय दूतावास द्वारा इस बयान पर प्रतिक्रिया देना काफी नहीं है। भारत सरकार को इस पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए। सिन्हा ने कहा, अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी के बारे में पहले ही संशय जताया जा चुका है और अब इसी तर्ज पर हैगल का भी बयान सामने आया है। राष्ट्रपति बराक ओबामा किस तरह की टीम तैयार कर रहे हैं। ये लोग पूरी तरह पाकिस्तान समर्थक और भारत विरोधी हैं। रूडी ने कहा, अमेरिकी रक्षा मंत्री उस देश की वकालत कर रहे हैं, जिसने ओसामा का समर्थन किया। यह निदंनीय है। भाजपा के प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि हैगल का यह बयान बेतुका और बेबुनियाद है कि भारत ने अफगानिस्तान के माध्यम से पाकिस्तान में उत्पन्न समस्याओं के लिए वित्तपोषण किया है। रूड़ी ने पाकिस्तान को क्लीन चिट दिये जाने के हेगल के बयान पर भी आश्चर्य जताया। पाकिस्तान ने ही अलकायदा प्रमुख ओसामा- बिन-लादेन को शरण दी, जो वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर आतंकवादी हमले में 5000 से अधिक अमेरिकियों के मारे जाने के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने कहा, हेगल के बयान पर प्रतिक्रिया नहीं देने के भारत सरकार के रुख से भाजपा चिंतित है। भाजपा मांग करती है कि भारत सरकार को इस बात के लिए राजनयिक दबाव बनाना चाहिए कि चक हैगल बिना शर्त अपने बयान को वापस लें। पूर्व रिपब्लिकन सीनेट सदस्य ने वर्ष 2011 में ओकलाहोमा की कैमरन यूनिवर्सिटी में भाषण देते हुए कहा था, भारत ने पिछले कुछ समय से हमेशा अफगानिस्तान को युद्ध के दूसरे मोर्चे के रूप में इस्तेमाल किया है और भारत ने वर्षों से सीमा के उस पार पाकिस्तान के लिए समस्याएं उत्पन्न करने के लिहाज से वित्त पोषण किया है। हेगल के इस बयान को ओबामा प्रशासन के रुख से बिल्कुल विपरीत माना जा रहा है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति का प्रशासन हमेशा से अफगानिस्तान में विकास कार्यों के लिए भारत की भूमिका की प्रशंसा करता रहा है तथा अफगानिस्तान में और अधिक भूमिका अदा करने के लिए भारत पर दबाव बनाता आ रहा है।टिप्पणियां भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि हैगल का इस तरह का बयान भारत के लिए ‘बुरी खबर’ है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, भारत के लिए यह गंभीर चिंता की बात है। केवल अमेरिका में भारतीय दूतावास द्वारा इस बयान पर प्रतिक्रिया देना काफी नहीं है। भारत सरकार को इस पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए। सिन्हा ने कहा, अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी के बारे में पहले ही संशय जताया जा चुका है और अब इसी तर्ज पर हैगल का भी बयान सामने आया है। राष्ट्रपति बराक ओबामा किस तरह की टीम तैयार कर रहे हैं। ये लोग पूरी तरह पाकिस्तान समर्थक और भारत विरोधी हैं। रूडी ने कहा, अमेरिकी रक्षा मंत्री उस देश की वकालत कर रहे हैं, जिसने ओसामा का समर्थन किया। यह निदंनीय है। रूड़ी ने पाकिस्तान को क्लीन चिट दिये जाने के हेगल के बयान पर भी आश्चर्य जताया। पाकिस्तान ने ही अलकायदा प्रमुख ओसामा- बिन-लादेन को शरण दी, जो वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर आतंकवादी हमले में 5000 से अधिक अमेरिकियों के मारे जाने के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने कहा, हेगल के बयान पर प्रतिक्रिया नहीं देने के भारत सरकार के रुख से भाजपा चिंतित है। भाजपा मांग करती है कि भारत सरकार को इस बात के लिए राजनयिक दबाव बनाना चाहिए कि चक हैगल बिना शर्त अपने बयान को वापस लें। पूर्व रिपब्लिकन सीनेट सदस्य ने वर्ष 2011 में ओकलाहोमा की कैमरन यूनिवर्सिटी में भाषण देते हुए कहा था, भारत ने पिछले कुछ समय से हमेशा अफगानिस्तान को युद्ध के दूसरे मोर्चे के रूप में इस्तेमाल किया है और भारत ने वर्षों से सीमा के उस पार पाकिस्तान के लिए समस्याएं उत्पन्न करने के लिहाज से वित्त पोषण किया है। हेगल के इस बयान को ओबामा प्रशासन के रुख से बिल्कुल विपरीत माना जा रहा है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति का प्रशासन हमेशा से अफगानिस्तान में विकास कार्यों के लिए भारत की भूमिका की प्रशंसा करता रहा है तथा अफगानिस्तान में और अधिक भूमिका अदा करने के लिए भारत पर दबाव बनाता आ रहा है।टिप्पणियां भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि हैगल का इस तरह का बयान भारत के लिए ‘बुरी खबर’ है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, भारत के लिए यह गंभीर चिंता की बात है। केवल अमेरिका में भारतीय दूतावास द्वारा इस बयान पर प्रतिक्रिया देना काफी नहीं है। भारत सरकार को इस पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए। सिन्हा ने कहा, अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी के बारे में पहले ही संशय जताया जा चुका है और अब इसी तर्ज पर हैगल का भी बयान सामने आया है। राष्ट्रपति बराक ओबामा किस तरह की टीम तैयार कर रहे हैं। ये लोग पूरी तरह पाकिस्तान समर्थक और भारत विरोधी हैं। रूडी ने कहा, अमेरिकी रक्षा मंत्री उस देश की वकालत कर रहे हैं, जिसने ओसामा का समर्थन किया। यह निदंनीय है। उन्होंने कहा, हेगल के बयान पर प्रतिक्रिया नहीं देने के भारत सरकार के रुख से भाजपा चिंतित है। भाजपा मांग करती है कि भारत सरकार को इस बात के लिए राजनयिक दबाव बनाना चाहिए कि चक हैगल बिना शर्त अपने बयान को वापस लें। पूर्व रिपब्लिकन सीनेट सदस्य ने वर्ष 2011 में ओकलाहोमा की कैमरन यूनिवर्सिटी में भाषण देते हुए कहा था, भारत ने पिछले कुछ समय से हमेशा अफगानिस्तान को युद्ध के दूसरे मोर्चे के रूप में इस्तेमाल किया है और भारत ने वर्षों से सीमा के उस पार पाकिस्तान के लिए समस्याएं उत्पन्न करने के लिहाज से वित्त पोषण किया है। हेगल के इस बयान को ओबामा प्रशासन के रुख से बिल्कुल विपरीत माना जा रहा है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति का प्रशासन हमेशा से अफगानिस्तान में विकास कार्यों के लिए भारत की भूमिका की प्रशंसा करता रहा है तथा अफगानिस्तान में और अधिक भूमिका अदा करने के लिए भारत पर दबाव बनाता आ रहा है।टिप्पणियां भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि हैगल का इस तरह का बयान भारत के लिए ‘बुरी खबर’ है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, भारत के लिए यह गंभीर चिंता की बात है। केवल अमेरिका में भारतीय दूतावास द्वारा इस बयान पर प्रतिक्रिया देना काफी नहीं है। भारत सरकार को इस पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए। सिन्हा ने कहा, अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी के बारे में पहले ही संशय जताया जा चुका है और अब इसी तर्ज पर हैगल का भी बयान सामने आया है। राष्ट्रपति बराक ओबामा किस तरह की टीम तैयार कर रहे हैं। ये लोग पूरी तरह पाकिस्तान समर्थक और भारत विरोधी हैं। रूडी ने कहा, अमेरिकी रक्षा मंत्री उस देश की वकालत कर रहे हैं, जिसने ओसामा का समर्थन किया। यह निदंनीय है। हेगल के इस बयान को ओबामा प्रशासन के रुख से बिल्कुल विपरीत माना जा रहा है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति का प्रशासन हमेशा से अफगानिस्तान में विकास कार्यों के लिए भारत की भूमिका की प्रशंसा करता रहा है तथा अफगानिस्तान में और अधिक भूमिका अदा करने के लिए भारत पर दबाव बनाता आ रहा है।टिप्पणियां भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि हैगल का इस तरह का बयान भारत के लिए ‘बुरी खबर’ है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, भारत के लिए यह गंभीर चिंता की बात है। केवल अमेरिका में भारतीय दूतावास द्वारा इस बयान पर प्रतिक्रिया देना काफी नहीं है। भारत सरकार को इस पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए। सिन्हा ने कहा, अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी के बारे में पहले ही संशय जताया जा चुका है और अब इसी तर्ज पर हैगल का भी बयान सामने आया है। राष्ट्रपति बराक ओबामा किस तरह की टीम तैयार कर रहे हैं। ये लोग पूरी तरह पाकिस्तान समर्थक और भारत विरोधी हैं। रूडी ने कहा, अमेरिकी रक्षा मंत्री उस देश की वकालत कर रहे हैं, जिसने ओसामा का समर्थन किया। यह निदंनीय है। भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि हैगल का इस तरह का बयान भारत के लिए ‘बुरी खबर’ है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, भारत के लिए यह गंभीर चिंता की बात है। केवल अमेरिका में भारतीय दूतावास द्वारा इस बयान पर प्रतिक्रिया देना काफी नहीं है। भारत सरकार को इस पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए। सिन्हा ने कहा, अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी के बारे में पहले ही संशय जताया जा चुका है और अब इसी तर्ज पर हैगल का भी बयान सामने आया है। राष्ट्रपति बराक ओबामा किस तरह की टीम तैयार कर रहे हैं। ये लोग पूरी तरह पाकिस्तान समर्थक और भारत विरोधी हैं। रूडी ने कहा, अमेरिकी रक्षा मंत्री उस देश की वकालत कर रहे हैं, जिसने ओसामा का समर्थन किया। यह निदंनीय है। सिन्हा ने कहा, अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी के बारे में पहले ही संशय जताया जा चुका है और अब इसी तर्ज पर हैगल का भी बयान सामने आया है। राष्ट्रपति बराक ओबामा किस तरह की टीम तैयार कर रहे हैं। ये लोग पूरी तरह पाकिस्तान समर्थक और भारत विरोधी हैं। रूडी ने कहा, अमेरिकी रक्षा मंत्री उस देश की वकालत कर रहे हैं, जिसने ओसामा का समर्थन किया। यह निदंनीय है।
संक्षिप्त पाठ: भाजपा के प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि हैगल का यह बयान बेतुका और बेबुनियाद है कि भारत ने अफगानिस्तान के माध्यम से पाकिस्तान में उत्पन्न समस्याओं के लिए वित्तपोषण किया है।
22
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश के मिसाइल परीक्षण स्थल के नजदीक हरित शौचालय का शुभारंभ करते हुए केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि यदि स्वच्छता की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो अग्नि मिसाइल दागने का कोई फायदा नहीं है। रमेश ने कहा कि सरकार के समक्ष जो सबसे बड़ी समस्याएं हैं उनमें सभी लोगों को शौचालय मुहैया कराना है। उन्होंने कहा, ‘यह अग्नि मिसाइल प्रक्षेपित करने से ज्यादा महत्वपूर्ण है। यदि शौचालय नहीं हैं तो अग्नि का कोई फायदा नहीं है।’ उन्होंने सुझाव दिया कि इन हरित शौचालयों का नाम ‘बापू’ रखा जाए जो महात्मा गांधी को एक श्रद्धाजंलि होगी। उन्होंने देश में स्वच्छता अभियान चलाया था।टिप्पणियां रमेश ने कहा, ‘जैव शौचालय ग्रामीण स्वच्छता को बढ़ावा दे सकता है जो अग्नि मिसाइल ने देश की बाह्य रक्षा के लिए किया है।’ धमरा कस्बा ओडिशा के व्हीलर द्वीप समूह से 15 किलोमीटर दूर है जहां से कुछ महीने पहले अग्नि पांच मिसाइल का परीक्षण किया गया था। उन्होंने रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा मिसाइलों के अलावा आम नागरिकों के लिए विशेषकर ग्रामीणों की खातिर जैव शौचालय बनाने के लिए उसकी प्रशंसा की। रमेश ने कहा कि सरकार के समक्ष जो सबसे बड़ी समस्याएं हैं उनमें सभी लोगों को शौचालय मुहैया कराना है। उन्होंने कहा, ‘यह अग्नि मिसाइल प्रक्षेपित करने से ज्यादा महत्वपूर्ण है। यदि शौचालय नहीं हैं तो अग्नि का कोई फायदा नहीं है।’ उन्होंने सुझाव दिया कि इन हरित शौचालयों का नाम ‘बापू’ रखा जाए जो महात्मा गांधी को एक श्रद्धाजंलि होगी। उन्होंने देश में स्वच्छता अभियान चलाया था।टिप्पणियां रमेश ने कहा, ‘जैव शौचालय ग्रामीण स्वच्छता को बढ़ावा दे सकता है जो अग्नि मिसाइल ने देश की बाह्य रक्षा के लिए किया है।’ धमरा कस्बा ओडिशा के व्हीलर द्वीप समूह से 15 किलोमीटर दूर है जहां से कुछ महीने पहले अग्नि पांच मिसाइल का परीक्षण किया गया था। उन्होंने रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा मिसाइलों के अलावा आम नागरिकों के लिए विशेषकर ग्रामीणों की खातिर जैव शौचालय बनाने के लिए उसकी प्रशंसा की। रमेश ने कहा, ‘जैव शौचालय ग्रामीण स्वच्छता को बढ़ावा दे सकता है जो अग्नि मिसाइल ने देश की बाह्य रक्षा के लिए किया है।’ धमरा कस्बा ओडिशा के व्हीलर द्वीप समूह से 15 किलोमीटर दूर है जहां से कुछ महीने पहले अग्नि पांच मिसाइल का परीक्षण किया गया था। उन्होंने रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा मिसाइलों के अलावा आम नागरिकों के लिए विशेषकर ग्रामीणों की खातिर जैव शौचालय बनाने के लिए उसकी प्रशंसा की। धमरा कस्बा ओडिशा के व्हीलर द्वीप समूह से 15 किलोमीटर दूर है जहां से कुछ महीने पहले अग्नि पांच मिसाइल का परीक्षण किया गया था। उन्होंने रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा मिसाइलों के अलावा आम नागरिकों के लिए विशेषकर ग्रामीणों की खातिर जैव शौचालय बनाने के लिए उसकी प्रशंसा की।
यह एक सारांश है: देश के मिसाइल परीक्षण स्थल के नजदीक हरित शौचालय का शुभारंभ करते हुए केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि यदि स्वच्छता की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो अग्नि मिसाइल दागने का कोई फायदा नहीं है।
9
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नोटबंदी को लेकर हमला तेज करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को लोगों से नोट की बजाय प्रधानमंत्री को 'बदलने' की अपील की और कहा कि केंद्र सरकार के इस फैसले का समर्थन करने वाले देश के खिलाफ हैं. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से नोटबंदी के विरोध को 'राष्ट्र विरोधी' करार दिए जाने का प्रतिवाद करते हुए केजरीवाल ने कहा कि जो लोग नोटबंदी के कदम के समर्थन में हैं वे देश और नागरिकों के खिलाफ हैं. मोदी पर निशाना साधते हुए आप संयोजक ने कहा कि प्रधानमंत्री उस मोबाइल वॉलेट कंपनी के साथ अपने 'संबंधों' को स्पष्ट करें जिसका कारोबार नोटबंदी के बाद 'बढ़ा है.' केजरीवाल ने ट्वीट किया, "नोट नहीं, पीएम बदलो-फडणवीस जी, प्रधानमंत्री के फैसले के बाद से पूरे देश में आग लगी हुई है. इस मुद्दे पर जो प्रधानमंत्री के साथ खड़ा है वो देश और नागरिकों के खिलाफ होगा." उधर, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के नेतृत्व में आप मंगलवार को संसद तक विरोध मार्च निकालेगी और इसमें दिल्ली सरकार के अन्य मंत्री भी हिस्सा लेंगे. टिप्पणियां नरेंद्र मोदी सरकार के नोटबंदी के कदम को 'घोटाला' करार देते हुए आप नेता आशीष खेतान ने आरोप लगाया कि आम जनता पीड़ित है जबकि बड़े उद्योगपतियों के कर्ज माफ किए जा रहे हैं.  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से नोटबंदी के विरोध को 'राष्ट्र विरोधी' करार दिए जाने का प्रतिवाद करते हुए केजरीवाल ने कहा कि जो लोग नोटबंदी के कदम के समर्थन में हैं वे देश और नागरिकों के खिलाफ हैं. मोदी पर निशाना साधते हुए आप संयोजक ने कहा कि प्रधानमंत्री उस मोबाइल वॉलेट कंपनी के साथ अपने 'संबंधों' को स्पष्ट करें जिसका कारोबार नोटबंदी के बाद 'बढ़ा है.' केजरीवाल ने ट्वीट किया, "नोट नहीं, पीएम बदलो-फडणवीस जी, प्रधानमंत्री के फैसले के बाद से पूरे देश में आग लगी हुई है. इस मुद्दे पर जो प्रधानमंत्री के साथ खड़ा है वो देश और नागरिकों के खिलाफ होगा." उधर, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के नेतृत्व में आप मंगलवार को संसद तक विरोध मार्च निकालेगी और इसमें दिल्ली सरकार के अन्य मंत्री भी हिस्सा लेंगे. टिप्पणियां नरेंद्र मोदी सरकार के नोटबंदी के कदम को 'घोटाला' करार देते हुए आप नेता आशीष खेतान ने आरोप लगाया कि आम जनता पीड़ित है जबकि बड़े उद्योगपतियों के कर्ज माफ किए जा रहे हैं.  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मोदी पर निशाना साधते हुए आप संयोजक ने कहा कि प्रधानमंत्री उस मोबाइल वॉलेट कंपनी के साथ अपने 'संबंधों' को स्पष्ट करें जिसका कारोबार नोटबंदी के बाद 'बढ़ा है.' केजरीवाल ने ट्वीट किया, "नोट नहीं, पीएम बदलो-फडणवीस जी, प्रधानमंत्री के फैसले के बाद से पूरे देश में आग लगी हुई है. इस मुद्दे पर जो प्रधानमंत्री के साथ खड़ा है वो देश और नागरिकों के खिलाफ होगा." उधर, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के नेतृत्व में आप मंगलवार को संसद तक विरोध मार्च निकालेगी और इसमें दिल्ली सरकार के अन्य मंत्री भी हिस्सा लेंगे. टिप्पणियां नरेंद्र मोदी सरकार के नोटबंदी के कदम को 'घोटाला' करार देते हुए आप नेता आशीष खेतान ने आरोप लगाया कि आम जनता पीड़ित है जबकि बड़े उद्योगपतियों के कर्ज माफ किए जा रहे हैं.  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस मुद्दे पर जो प्रधानमंत्री के साथ खड़ा है वो देश और नागरिकों के खिलाफ होगा." उधर, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के नेतृत्व में आप मंगलवार को संसद तक विरोध मार्च निकालेगी और इसमें दिल्ली सरकार के अन्य मंत्री भी हिस्सा लेंगे. टिप्पणियां नरेंद्र मोदी सरकार के नोटबंदी के कदम को 'घोटाला' करार देते हुए आप नेता आशीष खेतान ने आरोप लगाया कि आम जनता पीड़ित है जबकि बड़े उद्योगपतियों के कर्ज माफ किए जा रहे हैं.  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नरेंद्र मोदी सरकार के नोटबंदी के कदम को 'घोटाला' करार देते हुए आप नेता आशीष खेतान ने आरोप लगाया कि आम जनता पीड़ित है जबकि बड़े उद्योगपतियों के कर्ज माफ किए जा रहे हैं.  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: केजरीवाल ने कहा केंद्र के फैसले का समर्थन करने वाले देश के खिलाफ महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस से नोटबंदी पर प्रतिवाद किया आम आदमी पार्टी मंगलवार को संसद तक विरोध मार्च निकालेगी
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कार के नजदीक पहुंचते ही घोड़ा न जाने क्यों आपा बैठा और भागने की कोशिश करने लगा. इसी फेर में घोड़ा कार के ऊपर पैर रखकर फांदने की कोशिश करने लगा. तभी उसका पैर लगने से कार के आगे की कांच टूट गई. कांच टूटते ही घोड़े का पैर कार के अंदर चला गया. जयपुर में घोड़ा और कार के हादसे की तस्वीर.टिप्पणियां कांच के चलते घोड़े के पैर में कई जगह जख्म हो गए हैं. उसके चेहरे पर भी खरोंच आ गई है. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घोड़ा के शरीर का आधा से ज्यादा हिस्सा कार के अंदर घुस गया था. इस दृष्य को जिसने भी देखा वह हैरान रह गया.घोड़ा के शरीर का आधा से ज्यादा हिस्सा कार के अंदर घुस गया था.  आसपास के लोगों ने जैसे-तैसे कार का दरवाजा खोला और उसमें बैठे शख्स को बाहर निकाला. इसके बाद काफी मशक्कत से घोड़े को भी कार से बाहर निकाला. लोग ये समझ ही नहीं पा रहे थे कि भला घोड़ा कार के अंदर कैसे चला गया.  कांच के चलते घोड़े के पैर में कई जगह जख्म हो गए हैं. उसके चेहरे पर भी खरोंच आ गई है. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घोड़ा के शरीर का आधा से ज्यादा हिस्सा कार के अंदर घुस गया था. इस दृष्य को जिसने भी देखा वह हैरान रह गया. घोड़ा के शरीर का आधा से ज्यादा हिस्सा कार के अंदर घुस गया था.  आसपास के लोगों ने जैसे-तैसे कार का दरवाजा खोला और उसमें बैठे शख्स को बाहर निकाला. इसके बाद काफी मशक्कत से घोड़े को भी कार से बाहर निकाला. लोग ये समझ ही नहीं पा रहे थे कि भला घोड़ा कार के अंदर कैसे चला गया.  आसपास के लोगों ने जैसे-तैसे कार का दरवाजा खोला और उसमें बैठे शख्स को बाहर निकाला. इसके बाद काफी मशक्कत से घोड़े को भी कार से बाहर निकाला. लोग ये समझ ही नहीं पा रहे थे कि भला घोड़ा कार के अंदर कैसे चला गया.
संक्षिप्त सारांश: टेक्सास शहर का घोड़े और कुत्ते का अनोखा वीडियो आया सामने घोड़े की सवारी करता दिखा कुत्ता मुंह में लगाम थामे मंजे हुए घुड़सवार की तरह दिखा कुत्ता
0
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: Mission Mangal Box Office Collection Day 2: बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार (Akshay Kumar) की फिल्म 'मिशन मंगल (Mission Mangal)' ने रिलीज होने के साथ ही लोगों का दिल जीत लिया है. अपने दमदार प्रदर्शन से फिल्म ने दो दिन में ही ताबड़तोड़ कमाई की है. 15 अगस्त के मौके पर रिलीज हुई फिल्म 'मिशन मंगल (Mission Mangal)' ने मुंबई, पश्चिम बंगाल और मैसूर जैसे शहरों में सबसे जबरदस्त परफॉर्मेंस किया है. बॉक्स ऑफिस इंडिया की वेबसाइट के मुताबिक फिल्म 'मिशन मंगल (Mission Mangal)' ने दूसरे दिन 16 से 17 करोड़ रुपए कमाए हैं. ऐसे में फिल्म ने अब तक करीब 45 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया है.  अक्षय कुमार (Akshay Kumar), विद्या बालन और सोनाक्षी सिन्हा स्टारर फिल्म 'मिशन मंगल (Mission Mangal)' वास्तविक घटना पर आधारित है. इस फिल्म के जरिए लोग मंगल ग्रह तक पहुंचने के सफर को बखूबी देख सकते हैं. दर्शकों के अलावा 'मिशन मंगल' ने समीक्षकों से भी खूब तारीफें बटोरी हैं. 'मिशन मंगल' के रिव्यू के अनुसार फिल्म अपने कंटेंट से दर्शकों को बांधे रख सकती है.  बता दें कि फिल्म 'मिशन मंगल (Mission Mangal)' में अक्षय कुमार (Akshay Kumar) ने वैज्ञानिक राकेश धवन का किरदार निभाया है. इस फिल्म के द्वारा अक्षय कुमार ने एक बार फिर अपनी शानदार एक्टिंग से फैंस का दिल जीत लिया है. उनके अलावा मिशन मंगल के बाकी कलाकार भी अपनी-अपनी भूमिका में खूब जमे हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अक्षय कुमार की फिल्म 'मिशन मंगल' ने दूसरे दिन भी मचाया धमाल 'मिशन मंगल' की ओपनिंग ने बनाये रिकॉर्ड 'मिशन मंगल' ने दर्शकों के साथ ही जीता समीक्षकों का दिल
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['hin']
एक सारांश बनाओ: सायना नेहवाल शुक्रवार को विश्व की तीसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी चीन की जिन वांग को 21-17, 22-20 से हराकर चीन में जारी बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड सुपर सीरीज फाइनल्स के ग्रुप-बी में शीर्ष पर पहुंच गईं। सायना गुरुवार को ग्रुप-बी में लगातार दूसरी जीत के साथ ही सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रही थीं। वांग को हराने के बाद सायना का सेमीफाइनल में डेनमार्क की टिने बायून से भिड़ना तय हो गया है। सायना ने शुक्रवार को वांग को 39 मिनट में हराया। दोनोंे खिलाड़ियों के बीच अब तक कुल छह मुकाबले हुए हैं लेकिन सायना केवल दो मुकाबलों में ही वांग को हरा सकी हैं। जहां तक बायून की बात है तो सायना ने उन्हें अब तक सिर्फ एक बार हराया है जबकि बायून तीन बार विजेता रही हैं। अन्य सेमीफाइनल में वांग का सामना अपने ही देश की यिहान वांग से होगा। वांग भी अपने ग्रुप में लगातार दो जीत के बाद सेमीफाइनल में पहुंच गई थीं।
सायना विश्व की तीसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी चीन की जिन वांग को 21-17, 22-20 से हराकर बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड सुपर सीरीज फाइनल्स के ग्रुप-बी में शीर्ष पर पहुंची।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग भारत के खिलाफ चौथे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट के पहले दिन 81 रन बनाते ही टेस्ट क्रिकेट में 13,000 रन पूरे करने वाले दुनिया के तीसरे बल्लेबाज बने।टिप्पणियां पोंटिंग ने इस टेस्ट से पहले 161 मैचों में 52.51 की औसत से 12919 रन बनाए थे, जिसमें 40 शतक और 60 अर्धशतक शामिल थे। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया के इस पूर्व कप्तान से अधिक रन भारत के सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ ने ही बनाए हैं और ये दोनों भी इस मैच में खेल रहे हैं। इस टेस्ट से पहले तेंदुलकर के नाम 187 टेस्ट में 55.71 की औसत से 15,432 रन दर्ज थे, जबकि द्रविड़ ने 163 टेस्ट में 52.62 की औसत से 13,262 रन बनाए हैं। पोंटिंग ने इस टेस्ट से पहले 161 मैचों में 52.51 की औसत से 12919 रन बनाए थे, जिसमें 40 शतक और 60 अर्धशतक शामिल थे। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया के इस पूर्व कप्तान से अधिक रन भारत के सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ ने ही बनाए हैं और ये दोनों भी इस मैच में खेल रहे हैं। इस टेस्ट से पहले तेंदुलकर के नाम 187 टेस्ट में 55.71 की औसत से 15,432 रन दर्ज थे, जबकि द्रविड़ ने 163 टेस्ट में 52.62 की औसत से 13,262 रन बनाए हैं। इस टेस्ट से पहले तेंदुलकर के नाम 187 टेस्ट में 55.71 की औसत से 15,432 रन दर्ज थे, जबकि द्रविड़ ने 163 टेस्ट में 52.62 की औसत से 13,262 रन बनाए हैं।
पोंटिंग भारत के खिलाफ चौथे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट के पहले दिन 81 रन बनाते ही टेस्ट क्रिकेट में 13,000 रन पूरे करने वाले दुनिया के तीसरे बल्लेबाज बन गए।
34
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: श्रीलंका के एक मंत्री द्वारा तमिलों के खिलाफ की गई एक उत्तेजक टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए द्रमुक अध्यक्ष एम करूणानिधि ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से श्रीलंका सरकार के समक्ष यह मामला उठाने की मांग की। करूणानिधि ने कहा कि दुनिया भरके तमिल इसे लेकर चिंतित हैं। प्रधानमंत्री को भेजे गए एक फैक्स संदेश में करूणानिधि ने कहा, ‘‘हमें इस बात की जानकारी मिली है कि श्रीलंका के कैबिनेट मंत्री चंपिका राणावाका ने एक मुल्लीवाईकल (जहां लिट्टे के खिलाफ युद्ध में बड़ी संख्या में तमिल नागरिक कथित तौर पर मारे गए थे) काफी है और किसी को भी ऐसे और सैकड़ों परिणाम की कोशिश नहीं करनी चाहिए।’’ करूणानिधि ने कहा, ‘‘यह टिप्पणी बुहत उत्तेजक है और इसकी निंदा की जानी चाहिए। दुनिया भर के तमिल इससे चिंतित हैं।’’टिप्पणियां करूणानिधि ने लिखा, ‘‘मैं इसलिए आपसे अनुरोध करता हूं कि इस मामले को श्रीलंकाई सरकार के सामने उठाए और श्रीलंकाई सरकार को संयम बरतने और मानवतावाद अपनाने की सलाह दें। संयुक्त राष्ट्र को भी श्रीलंकाई सरकार के इस कठोर रवैये के बारे में अवगत कराया जा सकता है।’’ तमिल राष्ट्रीय गठबंधन के सांसद आर संबंतन ने तमिल अधिकारों को लेकर कहा था कि अगर तमिलों को उनके अधिकारों से वंचित किया गया तो ‘बाहरी आत्मनिर्णय’ के लिए लड़ाई छिड़ सकती है। इसके बाद श्रीलंकाई मंत्री ने कथित तौर पर ये टिप्पणी की? प्रधानमंत्री को भेजे गए एक फैक्स संदेश में करूणानिधि ने कहा, ‘‘हमें इस बात की जानकारी मिली है कि श्रीलंका के कैबिनेट मंत्री चंपिका राणावाका ने एक मुल्लीवाईकल (जहां लिट्टे के खिलाफ युद्ध में बड़ी संख्या में तमिल नागरिक कथित तौर पर मारे गए थे) काफी है और किसी को भी ऐसे और सैकड़ों परिणाम की कोशिश नहीं करनी चाहिए।’’ करूणानिधि ने कहा, ‘‘यह टिप्पणी बुहत उत्तेजक है और इसकी निंदा की जानी चाहिए। दुनिया भर के तमिल इससे चिंतित हैं।’’टिप्पणियां करूणानिधि ने लिखा, ‘‘मैं इसलिए आपसे अनुरोध करता हूं कि इस मामले को श्रीलंकाई सरकार के सामने उठाए और श्रीलंकाई सरकार को संयम बरतने और मानवतावाद अपनाने की सलाह दें। संयुक्त राष्ट्र को भी श्रीलंकाई सरकार के इस कठोर रवैये के बारे में अवगत कराया जा सकता है।’’ तमिल राष्ट्रीय गठबंधन के सांसद आर संबंतन ने तमिल अधिकारों को लेकर कहा था कि अगर तमिलों को उनके अधिकारों से वंचित किया गया तो ‘बाहरी आत्मनिर्णय’ के लिए लड़ाई छिड़ सकती है। इसके बाद श्रीलंकाई मंत्री ने कथित तौर पर ये टिप्पणी की? करूणानिधि ने लिखा, ‘‘मैं इसलिए आपसे अनुरोध करता हूं कि इस मामले को श्रीलंकाई सरकार के सामने उठाए और श्रीलंकाई सरकार को संयम बरतने और मानवतावाद अपनाने की सलाह दें। संयुक्त राष्ट्र को भी श्रीलंकाई सरकार के इस कठोर रवैये के बारे में अवगत कराया जा सकता है।’’ तमिल राष्ट्रीय गठबंधन के सांसद आर संबंतन ने तमिल अधिकारों को लेकर कहा था कि अगर तमिलों को उनके अधिकारों से वंचित किया गया तो ‘बाहरी आत्मनिर्णय’ के लिए लड़ाई छिड़ सकती है। इसके बाद श्रीलंकाई मंत्री ने कथित तौर पर ये टिप्पणी की? तमिल राष्ट्रीय गठबंधन के सांसद आर संबंतन ने तमिल अधिकारों को लेकर कहा था कि अगर तमिलों को उनके अधिकारों से वंचित किया गया तो ‘बाहरी आत्मनिर्णय’ के लिए लड़ाई छिड़ सकती है। इसके बाद श्रीलंकाई मंत्री ने कथित तौर पर ये टिप्पणी की?
सारांश: श्रीलंका के एक मंत्री द्वारा तमिलों के खिलाफ की गई एक उत्तेजक टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए द्रमुक अध्यक्ष एम करूणानिधि ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से श्रीलंका सरकार के समक्ष यह मामला उठाने की मांग की।
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: 2. अभ्यर्थी को विशेष रूप से सामान्य ज्ञान पर ध्यान देना होगा. इस परीक्षा में बैठने के लिए अभ्यर्थी को देश में घट रही तमाम घटनाओं की जानकारी होनी चाहिए. अभ्यर्थी अखबार पढ़ कर खुद को ज्यादा से ज्यादा अपडेट रख सकते हैं. 3. पीसीएस की परीक्षा के पुराने पेपर सॉल्व करें. 4. ज्यादा से ज्याद समय निकाल कर महत्वपूर्ण विषयों को पढ़ें.UGC NET Exam 2018: पेपर के पैटर्न में हुए हैं ये बड़े बदलाव, क्या जानते हैं आप?टिप्पणियां 5. पीसीएस के इटरव्यू के लिए आपको अपने क्षेत्र की भाषा, संसकृति का ज्ञान होना चाहिए.   3. पीसीएस की परीक्षा के पुराने पेपर सॉल्व करें. 4. ज्यादा से ज्याद समय निकाल कर महत्वपूर्ण विषयों को पढ़ें.UGC NET Exam 2018: पेपर के पैटर्न में हुए हैं ये बड़े बदलाव, क्या जानते हैं आप?टिप्पणियां 5. पीसीएस के इटरव्यू के लिए आपको अपने क्षेत्र की भाषा, संसकृति का ज्ञान होना चाहिए.   4. ज्यादा से ज्याद समय निकाल कर महत्वपूर्ण विषयों को पढ़ें.UGC NET Exam 2018: पेपर के पैटर्न में हुए हैं ये बड़े बदलाव, क्या जानते हैं आप?टिप्पणियां 5. पीसीएस के इटरव्यू के लिए आपको अपने क्षेत्र की भाषा, संसकृति का ज्ञान होना चाहिए.   UGC NET Exam 2018: पेपर के पैटर्न में हुए हैं ये बड़े बदलाव, क्या जानते हैं आप?टिप्पणियां 5. पीसीएस के इटरव्यू के लिए आपको अपने क्षेत्र की भाषा, संसकृति का ज्ञान होना चाहिए.   5. पीसीएस के इटरव्यू के लिए आपको अपने क्षेत्र की भाषा, संसकृति का ज्ञान होना चाहिए.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पीसीएस के लिए आज से आवेदन शुरू हो गए हैं. कुल 831 पदों के लिए आवेदन मांगे गए हैं. आवेदन करने की अंतिम तिथि 6 अगस्त है.
25
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: एनआरएचएम घोटाले में वर्ष 2010में हुई मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ वीके आर्या की हत्या के सिलसिले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी के बाद सोमवार को 21 मई तक की न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गये लखनऊ के पूर्व मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ एके शुक्ला की तलाशी में उनके पास सल्फास जैसा पदार्थ मिला है। जिला कारागार के सूत्रों ने बताया है कि अदालत के आदेश पर 21 मई तक की न्यायिक हिरासत में कल शाम जिला कारागार में लाये गये डॉ शुक्ला की तलाशी में उनके पास 10 ग्राम सफेद पाउडर की एक पुडिया मिली है, जो सल्फास हो सकती है। उन्होंने बताया कि अदालत के आदेश पर पुलिस अधिकारी शुक्ला को कल शाम लगभग साढे सात बजे जिला कारागार लाकर उन्हें कारागार अधिकारियों को सौप दिया जिसके बाद कारागार में रखने से पूर्व उनकी तलाशी ली गयी।टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि तलाशी देने में डॉ शुक्ला ने हालांकि आनाकानी की मगर नियमों के तहत उनकी सघन तलाशी ली गयी, जिसके दौरान उनके मोजे में सफेद पाउडर की एक पुड़िया बरामद हुई। जेल अधिकारियों का कहना है कि शुक्ला के पास मिला 10 ग्राम सफेद पाउडर प्रथम दृष्टया सल्फास लगता है। उन्होंने बताया कि शुक्ला को जेल के एक अलग बैरक में 24 घंटे निगरानी के बीच रखा गया है। जिला कारागार के सूत्रों ने बताया है कि अदालत के आदेश पर 21 मई तक की न्यायिक हिरासत में कल शाम जिला कारागार में लाये गये डॉ शुक्ला की तलाशी में उनके पास 10 ग्राम सफेद पाउडर की एक पुडिया मिली है, जो सल्फास हो सकती है। उन्होंने बताया कि अदालत के आदेश पर पुलिस अधिकारी शुक्ला को कल शाम लगभग साढे सात बजे जिला कारागार लाकर उन्हें कारागार अधिकारियों को सौप दिया जिसके बाद कारागार में रखने से पूर्व उनकी तलाशी ली गयी।टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि तलाशी देने में डॉ शुक्ला ने हालांकि आनाकानी की मगर नियमों के तहत उनकी सघन तलाशी ली गयी, जिसके दौरान उनके मोजे में सफेद पाउडर की एक पुड़िया बरामद हुई। जेल अधिकारियों का कहना है कि शुक्ला के पास मिला 10 ग्राम सफेद पाउडर प्रथम दृष्टया सल्फास लगता है। उन्होंने बताया कि शुक्ला को जेल के एक अलग बैरक में 24 घंटे निगरानी के बीच रखा गया है। उन्होंने बताया कि अदालत के आदेश पर पुलिस अधिकारी शुक्ला को कल शाम लगभग साढे सात बजे जिला कारागार लाकर उन्हें कारागार अधिकारियों को सौप दिया जिसके बाद कारागार में रखने से पूर्व उनकी तलाशी ली गयी।टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि तलाशी देने में डॉ शुक्ला ने हालांकि आनाकानी की मगर नियमों के तहत उनकी सघन तलाशी ली गयी, जिसके दौरान उनके मोजे में सफेद पाउडर की एक पुड़िया बरामद हुई। जेल अधिकारियों का कहना है कि शुक्ला के पास मिला 10 ग्राम सफेद पाउडर प्रथम दृष्टया सल्फास लगता है। उन्होंने बताया कि शुक्ला को जेल के एक अलग बैरक में 24 घंटे निगरानी के बीच रखा गया है। सूत्रों ने बताया कि तलाशी देने में डॉ शुक्ला ने हालांकि आनाकानी की मगर नियमों के तहत उनकी सघन तलाशी ली गयी, जिसके दौरान उनके मोजे में सफेद पाउडर की एक पुड़िया बरामद हुई। जेल अधिकारियों का कहना है कि शुक्ला के पास मिला 10 ग्राम सफेद पाउडर प्रथम दृष्टया सल्फास लगता है। उन्होंने बताया कि शुक्ला को जेल के एक अलग बैरक में 24 घंटे निगरानी के बीच रखा गया है। जेल अधिकारियों का कहना है कि शुक्ला के पास मिला 10 ग्राम सफेद पाउडर प्रथम दृष्टया सल्फास लगता है। उन्होंने बताया कि शुक्ला को जेल के एक अलग बैरक में 24 घंटे निगरानी के बीच रखा गया है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एनआरएचएम घोटाले में वर्ष 2010 में हुई डॉ वीके आर्या की हत्या के सिलसिले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी के बाद सोमवार को 21 मई तक की न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गये लखनऊ के पूर्व मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ एके शुक्ला की तलाशी में उनके पास सल्फास जैसा पदार्थ मिला
3
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: 6. मैं मजबूत हूं, महत्वाकांक्षी हूं और जानती हूं मुझे क्या चाहिए. अगर यह मुझे बुरा बनाता है तो ठीक है. -मैडोना 8. अच्छी लड़कियां जन्नत में जाती हैं, और बुरी लड़कियां हर जगह. -मे वेस्ट 10. मुझे लगता है कि पुरुषों की बराबरी करने का दिखावा करने वाली महिलाएं बेवकूफ हैं, वे पुरुषों से कहीं सुपीरियर हैं और हमेशा रही हैं. -विलियम गोल्डिंग 12. हम सबको तक तक सफलता नहीं मिलेगी जबतक हम से आधी अपने बेड़ियों को नहीं तोड़ेंगी.  -मलाला यूसफजई 13. जो जन्म नहीं लेती है,  लेकिन बना दी जाती है, वह औरत है. -सिमोन द बोउवा 14. आलोचना को गंभीरता से लें लेकिन पर्सनली नहीं. -हिलेरी क्लिंटनटिप्पणियां 15. अगर आप सभी नियमों का पालन करती हैं तो आप सारी मस्ती से अछूती रह जाएंगी. -कैथरीन हेपबर्न 13. जो जन्म नहीं लेती है,  लेकिन बना दी जाती है, वह औरत है. -सिमोन द बोउवा 14. आलोचना को गंभीरता से लें लेकिन पर्सनली नहीं. -हिलेरी क्लिंटनटिप्पणियां 15. अगर आप सभी नियमों का पालन करती हैं तो आप सारी मस्ती से अछूती रह जाएंगी. -कैथरीन हेपबर्न 14. आलोचना को गंभीरता से लें लेकिन पर्सनली नहीं. -हिलेरी क्लिंटनटिप्पणियां 15. अगर आप सभी नियमों का पालन करती हैं तो आप सारी मस्ती से अछूती रह जाएंगी. -कैथरीन हेपबर्न 15. अगर आप सभी नियमों का पालन करती हैं तो आप सारी मस्ती से अछूती रह जाएंगी. -कैथरीन हेपबर्न
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गूगल ने बनाया विशेष डूडल हर साल अलग-अलग थीम के आधार पर विशेष कार्यक्रम का होता है आयोजन विश्व भर में महिला शक्ति को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है महिला दिवस
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: देशवासियों की उम्‍मीद पूरी नहीं हो सकीं.... बेहद संघर्षपूर्ण फाइनल मुकाबले में स्‍पेन की कैरोलिना मारिन की जीत के मायने यह है कि हमारी सिंधु को सिल्‍वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा. सिंधु पूरे मैच के दौरान बेहद बहादुरी से 'लड़ीं लेकिन मैच में मारिन उनसे बेहतर साबित हुईं. एक तरह से इस परिणाम को सिंधु की हार के बजाय मारिन की जीत कहना ज्‍यादा दुरुस्त होगा. फाइनल हारने के बावजूद सिंधु ने अपना और देशवासियों को गौरव बढ़ाया. आखिरकार ओलिंपिक जैसे खेलों के महाकुंभ में सिल्‍वर जीतना भी कोई आसान काम नहीं है. बैडमिंटन में साइना नेहवाल की हार के बाद जब भारतीयों की पदक की उम्‍मीदें धुंधुली पड़ने लगी थीं. हर खेल से आशा के बजाय निराशा की ही खबरें आ रही थी, तब दो महिला खिलाड़ि‍यों सिंधु और साक्षी मलिक ने भारतीय हौसले को बुलंद रखा. बैडमिंटन की बात करें तो साइना नेहवाल की हार से हताश हो चुके देश को सिंधु ने अपने शानदार खेल से इस अंदाज में भरोसा दिया कि 'मैं हूं ना.' फाइनल तक के अपने सफर में उन्‍होंने अपने से ऊंची वरीयता की कई खिलाड़ि‍यों को हराया. मेडल्‍स के लिए तरसते इस मुल्‍क को सम्‍मान दिलाने के लिए सिंधु और साक्षी वाकई प्रशंसा की हकदार हैं. बेहतर होगा कि सिंधु के फाइनल हारने का दुख मनाने के बजाय उनके सिल्‍वर जीतने की खुशी मनाई जाए. सिंधु का फाइनल तक पहुंचना इस लिहाज से महत्‍वपूर्ण है कि उन्‍हें ओलिंपिक में नौवीं रैंकिंग मिली थी. सिंधु ने अपने पहले मैच में शानदार जीत दर्ज की थी और हंगरी की लौरा सारोसी को सीधे गेम में 21-8, 21-9 से हराया था. अपना दूसरा ग्रुप मैच जीतने के लिए उन्‍हें एक घंटा 11 मिनट तक कठिन संघर्ष करना पड़ा था. सिंधु ने कनाडा की मिशेल ली को 19-21, 21-15, 21-17 से हराया. टिप्पणियां प्री-क्वार्टरफाइनल में वर्ल्‍ड नंबर आठ चीनी ताइपेइ की यिंग जू ताइ को सीधे गेम में हराया. यह मैच उन्‍होंने सीधे सेटों 21-13, 21-15 में जीता. इसके बाद से सिंधु का प्रदर्शन निखरता ही गया. क्वार्टर फाइनल में वर्ल्ड नंबर दो वांग यिहान को 22-20, 21-19 से हराया था. जबकि सेमीफाइनल में उन्‍होंने वर्ल्ड नंबर 6 जापान की नोजोमी ओकुहारा को सीधे सेटों में हराया था. हर भारतीय खेलप्रेमी उम्‍मीद कर रहा था कि जीत का यह सफर फाइनल में भी बरकरार रहेगा लेकिन मारिन के दमदार खेल के कारण ऐसा नहीं हो सका. दूसरी ओर, लंदन ओलिंपिक की ब्रॉन्‍ज मेडलिस्‍ट साइना नेहवाल रियो में अपेक्षा अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकीं. इसका कारण उनका चोटिल होना रहा. घुटने की चोट से परेशान साइना ने अपने पहले मैच में  मेजबान ब्राजील की लोहानी विन्सेंट को 21-17, 21-17 से हराया था, लेकिन दूसरे मैच में 61वीं वर्ल्ड रैंकिंग वाली यूक्रेन की मारिया यूलितिना से उन्‍हें 18-21, 19-21 से हारना पड़ा. बैडमिंटन में साइना नेहवाल की हार के बाद जब भारतीयों की पदक की उम्‍मीदें धुंधुली पड़ने लगी थीं. हर खेल से आशा के बजाय निराशा की ही खबरें आ रही थी, तब दो महिला खिलाड़ि‍यों सिंधु और साक्षी मलिक ने भारतीय हौसले को बुलंद रखा. बैडमिंटन की बात करें तो साइना नेहवाल की हार से हताश हो चुके देश को सिंधु ने अपने शानदार खेल से इस अंदाज में भरोसा दिया कि 'मैं हूं ना.' फाइनल तक के अपने सफर में उन्‍होंने अपने से ऊंची वरीयता की कई खिलाड़ि‍यों को हराया. मेडल्‍स के लिए तरसते इस मुल्‍क को सम्‍मान दिलाने के लिए सिंधु और साक्षी वाकई प्रशंसा की हकदार हैं. बेहतर होगा कि सिंधु के फाइनल हारने का दुख मनाने के बजाय उनके सिल्‍वर जीतने की खुशी मनाई जाए. सिंधु का फाइनल तक पहुंचना इस लिहाज से महत्‍वपूर्ण है कि उन्‍हें ओलिंपिक में नौवीं रैंकिंग मिली थी. सिंधु ने अपने पहले मैच में शानदार जीत दर्ज की थी और हंगरी की लौरा सारोसी को सीधे गेम में 21-8, 21-9 से हराया था. अपना दूसरा ग्रुप मैच जीतने के लिए उन्‍हें एक घंटा 11 मिनट तक कठिन संघर्ष करना पड़ा था. सिंधु ने कनाडा की मिशेल ली को 19-21, 21-15, 21-17 से हराया. टिप्पणियां प्री-क्वार्टरफाइनल में वर्ल्‍ड नंबर आठ चीनी ताइपेइ की यिंग जू ताइ को सीधे गेम में हराया. यह मैच उन्‍होंने सीधे सेटों 21-13, 21-15 में जीता. इसके बाद से सिंधु का प्रदर्शन निखरता ही गया. क्वार्टर फाइनल में वर्ल्ड नंबर दो वांग यिहान को 22-20, 21-19 से हराया था. जबकि सेमीफाइनल में उन्‍होंने वर्ल्ड नंबर 6 जापान की नोजोमी ओकुहारा को सीधे सेटों में हराया था. हर भारतीय खेलप्रेमी उम्‍मीद कर रहा था कि जीत का यह सफर फाइनल में भी बरकरार रहेगा लेकिन मारिन के दमदार खेल के कारण ऐसा नहीं हो सका. दूसरी ओर, लंदन ओलिंपिक की ब्रॉन्‍ज मेडलिस्‍ट साइना नेहवाल रियो में अपेक्षा अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकीं. इसका कारण उनका चोटिल होना रहा. घुटने की चोट से परेशान साइना ने अपने पहले मैच में  मेजबान ब्राजील की लोहानी विन्सेंट को 21-17, 21-17 से हराया था, लेकिन दूसरे मैच में 61वीं वर्ल्ड रैंकिंग वाली यूक्रेन की मारिया यूलितिना से उन्‍हें 18-21, 19-21 से हारना पड़ा. सिंधु का फाइनल तक पहुंचना इस लिहाज से महत्‍वपूर्ण है कि उन्‍हें ओलिंपिक में नौवीं रैंकिंग मिली थी. सिंधु ने अपने पहले मैच में शानदार जीत दर्ज की थी और हंगरी की लौरा सारोसी को सीधे गेम में 21-8, 21-9 से हराया था. अपना दूसरा ग्रुप मैच जीतने के लिए उन्‍हें एक घंटा 11 मिनट तक कठिन संघर्ष करना पड़ा था. सिंधु ने कनाडा की मिशेल ली को 19-21, 21-15, 21-17 से हराया. टिप्पणियां प्री-क्वार्टरफाइनल में वर्ल्‍ड नंबर आठ चीनी ताइपेइ की यिंग जू ताइ को सीधे गेम में हराया. यह मैच उन्‍होंने सीधे सेटों 21-13, 21-15 में जीता. इसके बाद से सिंधु का प्रदर्शन निखरता ही गया. क्वार्टर फाइनल में वर्ल्ड नंबर दो वांग यिहान को 22-20, 21-19 से हराया था. जबकि सेमीफाइनल में उन्‍होंने वर्ल्ड नंबर 6 जापान की नोजोमी ओकुहारा को सीधे सेटों में हराया था. हर भारतीय खेलप्रेमी उम्‍मीद कर रहा था कि जीत का यह सफर फाइनल में भी बरकरार रहेगा लेकिन मारिन के दमदार खेल के कारण ऐसा नहीं हो सका. दूसरी ओर, लंदन ओलिंपिक की ब्रॉन्‍ज मेडलिस्‍ट साइना नेहवाल रियो में अपेक्षा अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकीं. इसका कारण उनका चोटिल होना रहा. घुटने की चोट से परेशान साइना ने अपने पहले मैच में  मेजबान ब्राजील की लोहानी विन्सेंट को 21-17, 21-17 से हराया था, लेकिन दूसरे मैच में 61वीं वर्ल्ड रैंकिंग वाली यूक्रेन की मारिया यूलितिना से उन्‍हें 18-21, 19-21 से हारना पड़ा. प्री-क्वार्टरफाइनल में वर्ल्‍ड नंबर आठ चीनी ताइपेइ की यिंग जू ताइ को सीधे गेम में हराया. यह मैच उन्‍होंने सीधे सेटों 21-13, 21-15 में जीता. इसके बाद से सिंधु का प्रदर्शन निखरता ही गया. क्वार्टर फाइनल में वर्ल्ड नंबर दो वांग यिहान को 22-20, 21-19 से हराया था. जबकि सेमीफाइनल में उन्‍होंने वर्ल्ड नंबर 6 जापान की नोजोमी ओकुहारा को सीधे सेटों में हराया था. हर भारतीय खेलप्रेमी उम्‍मीद कर रहा था कि जीत का यह सफर फाइनल में भी बरकरार रहेगा लेकिन मारिन के दमदार खेल के कारण ऐसा नहीं हो सका. दूसरी ओर, लंदन ओलिंपिक की ब्रॉन्‍ज मेडलिस्‍ट साइना नेहवाल रियो में अपेक्षा अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकीं. इसका कारण उनका चोटिल होना रहा. घुटने की चोट से परेशान साइना ने अपने पहले मैच में  मेजबान ब्राजील की लोहानी विन्सेंट को 21-17, 21-17 से हराया था, लेकिन दूसरे मैच में 61वीं वर्ल्ड रैंकिंग वाली यूक्रेन की मारिया यूलितिना से उन्‍हें 18-21, 19-21 से हारना पड़ा. दूसरी ओर, लंदन ओलिंपिक की ब्रॉन्‍ज मेडलिस्‍ट साइना नेहवाल रियो में अपेक्षा अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकीं. इसका कारण उनका चोटिल होना रहा. घुटने की चोट से परेशान साइना ने अपने पहले मैच में  मेजबान ब्राजील की लोहानी विन्सेंट को 21-17, 21-17 से हराया था, लेकिन दूसरे मैच में 61वीं वर्ल्ड रैंकिंग वाली यूक्रेन की मारिया यूलितिना से उन्‍हें 18-21, 19-21 से हारना पड़ा.
फाइनल में सिंधु हारी नहीं बल्कि कैरोलिना मारिन जीतीं साइना की हार से हताश देश के लिए जीता सिल्‍वर मेडल अपने से ऊंची वरीयता वाली कई खिलाड़ि‍यों को हराया
1
['hin']
एक सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों में गत सप्ताह मामूली गिरावट रही। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स गत सप्ताह 0.38 फीसदी या 71.77 अंकों की गिरावट के साथ शुक्रवार को 18,683.68 पर बंद हुआ। जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी गत सप्ताह 0.2 फीसदी या 11.45 अंकों की गिरावट के साथ शुक्रवार को 5,686.25 पर बंद हुआ। गत सप्ताह सेंसेक्स में तेजी में रहने वाले प्रमुख शेयरों में रहे सिप्ला (4.34 फीसदी), टाटा मोटर्स (3.93 फीसदी), एचडीएफसी (3.48 फीसदी), आईटीसी (1.71 फीसदी) और विप्रो लिमिटेड (1.55 फीसदी)। गत सप्ताह सेंसेक्स में गिरावट में रहने वाले शेयरों में प्रमुख रहे टाटा पावर (4.98 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (3.74 फीसदी), ओएनजीसी (3.24 फीसदी), एलएंडटी (3.22 फीसदी) और टाटा स्टील (2.75 फीसदी)। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में गत सप्ताह मामूली तेजी रही। मिडकैप सूचकांक गत सप्ताह 0.23 फीसदी या 15.23 अंकों की तेजी के साथ 6,660.68 पर बंद हुआ, जबकि स्मॉलकैप 0.07 फीसदी या 5.27 अंकों की तेजी के साथ 7,069.65 पर बंद हुआ। गत सप्ताह बीएसई के पांच सेक्टरों रियल्टी (5.11 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.79 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.49 फीसदी), वाहन (0.26 फीसदी) और बैंकिंग (0.18 फीसदी) में तेजी रही। गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे पूंजीगत वस्तु (2.21 फीसदी), तेल एवं गैस (2.17 फीसदी), धातु (1.75 फीसदी), बिजली (1.08 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (0.88 फीसदी)। गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में दुनिया की सबसे बड़ी शराब निर्माता कम्पनी डिएजियो ने देश की सबसे बड़ी शराब कम्पनी युनाइटेड स्पिरिट में 53.4 फीसदी बहुमत हिस्सेदारी खरीदने के लिए समझौता हो जाने की घोषणा की। युनाइटेड स्पिरिट के अध्यक्ष विजय माल्या की एक अन्य कम्पनी किंगफिशर एयरलाइंस नकदी की कमी से गुजर रही है। बाजार को अनुमान है कि युनाइटेड स्पिरिट में डिएजियो के निवेश का लाभ किंगफिशर को भी मिल सकता है। डिएजियो ने युनाइटेड स्पिरिट में हिस्सेदारी खरीदने का सौदा 2.1 अरब डॉलर मूल्य में पूरा किया। भारतीय कारोबार जगत ने बुधवार को अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के फिर से राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर खुशी जाहिर की और कहा कि इससे भारत-अमेरिका आर्थिक तथा रणनीतिक सम्बंध मजबूत होगा। फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के अध्यक्ष आर.वी. कनोरिया ने कहा, "ओबामा का ऐतिहासिक दूसरा कार्यकाल नव स्थापित भारत-अमेरिका आर्थिक तथा रणनीतिक सम्बंध के लिए शुभ संकेत है।" ओबामा ने मंगलवार को रिपब्लिकन उम्मीदवार मिट रोमनी को पराजित किया। ओबामा के फिर से राष्ट्रपति चुने जाने से फिक्की ने कहा कि इससे भारत-अमेरिका आर्थिक रिश्ता आगे बढ़ेगा लेकिन भारत के लिए एक मात्र चिंता की बात ओबामा की आउटसोर्सिग चिंता है। कनोरिया ने कहा, "मेरे खयाल से भारत-अमेरिका रणनीतिक और कारोबारी तथा आर्थिक रिश्ता उनके पुनर्निर्वाचन से निश्चित रूप से आगे जारी रहेगा।" चुनाव अभियान में हालांकि ओबामा ने भारत जैसे देशों को नौकरियों की आउटसोर्सिग की आलोचना की थी और कहा था कि अमेरिका को स्थानीय स्तर पर नौकरी का सृजन करने की जरूरत है। कनोरिया ने कहा, "चिंता की एक मात्र बात आउटसोर्सिंग पर उनकी सोच है। मेरा मानना है कि यह गलत धारणा है कि भारत को आउटसोर्सिंग से अमेरिका में नौकरी घटेगी। अनेक अध्ययनों से पता चल चुका है कि ऐसा नहीं होगा।" केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को 4.4 मेगाहट्र्ज से अधिक 2जी स्पेक्ट्रम रखने वाली कम्पनियों के लिए एकमुश्त शुल्क को मंजूरी दे दी। यह शुल्क उतना ही होगा, जितना अगले सप्ताह होने वाली नीलामी में सामने आएगा। बाजार के नए और पुराने खिलाड़ियों के लिए अवसर की समानता प्रस्तुत करने के लिए मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह ने इस शुल्क की सिफारिश की थी। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने कहा कि जीएसएम संचालकों को 4.4 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान करने के लिए कहा जाएगा और इसकी कीमत 12 नवम्बर से शुरू होने वाली नीलामी से निर्धारित होगी। सीडीएमए संचालक परमिट की बची हुई अवधि के लिए 2.5 मेगाहट्र्ज से अतिरिक्त स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान करेंगे। चिदम्बरम ने कहा कि दूरसंचार विभाग सीडीएमए संचालकों के लिए मूल्य निर्धारण का प्रारूप मंत्रिमंडल को प्रस्तुत करेगा, क्योंकि सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने के लिए कोई संचालक मौजूद नहीं है इसलिए नीलामी से मूल्य निर्धारित नहीं हो पाएगा। टाटा टेलीसर्विसेज और विडियोकॉन के स्पेक्ट्रम नीलामी से बाहर हो जाने के बाद अब सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने वाला कोई नहीं बचा। 6.2 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम रखने वाले संचालक जुलाई 2008 से लागू होने वाली कीमत का भुगतान करेंगे। जिन संचालकों के पास अधिकतम 4.4 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम ही है, उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।टिप्पणियां मंत्रिमंडल ने संचालकों को स्पेक्ट्रम साझा करने की अनुमति देने की मंत्रिस्तरीय समिति की सिफारिश को भी मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल ने दूरसंचार क्षेत्र में विलय और अधिग्रहण पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के प्रावधन को भी समाप्त करने का फैसला किया। गत सप्ताह सेंसेक्स में तेजी में रहने वाले प्रमुख शेयरों में रहे सिप्ला (4.34 फीसदी), टाटा मोटर्स (3.93 फीसदी), एचडीएफसी (3.48 फीसदी), आईटीसी (1.71 फीसदी) और विप्रो लिमिटेड (1.55 फीसदी)। गत सप्ताह सेंसेक्स में गिरावट में रहने वाले शेयरों में प्रमुख रहे टाटा पावर (4.98 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (3.74 फीसदी), ओएनजीसी (3.24 फीसदी), एलएंडटी (3.22 फीसदी) और टाटा स्टील (2.75 फीसदी)। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में गत सप्ताह मामूली तेजी रही। मिडकैप सूचकांक गत सप्ताह 0.23 फीसदी या 15.23 अंकों की तेजी के साथ 6,660.68 पर बंद हुआ, जबकि स्मॉलकैप 0.07 फीसदी या 5.27 अंकों की तेजी के साथ 7,069.65 पर बंद हुआ। गत सप्ताह बीएसई के पांच सेक्टरों रियल्टी (5.11 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.79 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.49 फीसदी), वाहन (0.26 फीसदी) और बैंकिंग (0.18 फीसदी) में तेजी रही। गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे पूंजीगत वस्तु (2.21 फीसदी), तेल एवं गैस (2.17 फीसदी), धातु (1.75 फीसदी), बिजली (1.08 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (0.88 फीसदी)। गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में दुनिया की सबसे बड़ी शराब निर्माता कम्पनी डिएजियो ने देश की सबसे बड़ी शराब कम्पनी युनाइटेड स्पिरिट में 53.4 फीसदी बहुमत हिस्सेदारी खरीदने के लिए समझौता हो जाने की घोषणा की। युनाइटेड स्पिरिट के अध्यक्ष विजय माल्या की एक अन्य कम्पनी किंगफिशर एयरलाइंस नकदी की कमी से गुजर रही है। बाजार को अनुमान है कि युनाइटेड स्पिरिट में डिएजियो के निवेश का लाभ किंगफिशर को भी मिल सकता है। डिएजियो ने युनाइटेड स्पिरिट में हिस्सेदारी खरीदने का सौदा 2.1 अरब डॉलर मूल्य में पूरा किया। भारतीय कारोबार जगत ने बुधवार को अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के फिर से राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर खुशी जाहिर की और कहा कि इससे भारत-अमेरिका आर्थिक तथा रणनीतिक सम्बंध मजबूत होगा। फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के अध्यक्ष आर.वी. कनोरिया ने कहा, "ओबामा का ऐतिहासिक दूसरा कार्यकाल नव स्थापित भारत-अमेरिका आर्थिक तथा रणनीतिक सम्बंध के लिए शुभ संकेत है।" ओबामा ने मंगलवार को रिपब्लिकन उम्मीदवार मिट रोमनी को पराजित किया। ओबामा के फिर से राष्ट्रपति चुने जाने से फिक्की ने कहा कि इससे भारत-अमेरिका आर्थिक रिश्ता आगे बढ़ेगा लेकिन भारत के लिए एक मात्र चिंता की बात ओबामा की आउटसोर्सिग चिंता है। कनोरिया ने कहा, "मेरे खयाल से भारत-अमेरिका रणनीतिक और कारोबारी तथा आर्थिक रिश्ता उनके पुनर्निर्वाचन से निश्चित रूप से आगे जारी रहेगा।" चुनाव अभियान में हालांकि ओबामा ने भारत जैसे देशों को नौकरियों की आउटसोर्सिग की आलोचना की थी और कहा था कि अमेरिका को स्थानीय स्तर पर नौकरी का सृजन करने की जरूरत है। कनोरिया ने कहा, "चिंता की एक मात्र बात आउटसोर्सिंग पर उनकी सोच है। मेरा मानना है कि यह गलत धारणा है कि भारत को आउटसोर्सिंग से अमेरिका में नौकरी घटेगी। अनेक अध्ययनों से पता चल चुका है कि ऐसा नहीं होगा।" केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को 4.4 मेगाहट्र्ज से अधिक 2जी स्पेक्ट्रम रखने वाली कम्पनियों के लिए एकमुश्त शुल्क को मंजूरी दे दी। यह शुल्क उतना ही होगा, जितना अगले सप्ताह होने वाली नीलामी में सामने आएगा। बाजार के नए और पुराने खिलाड़ियों के लिए अवसर की समानता प्रस्तुत करने के लिए मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह ने इस शुल्क की सिफारिश की थी। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने कहा कि जीएसएम संचालकों को 4.4 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान करने के लिए कहा जाएगा और इसकी कीमत 12 नवम्बर से शुरू होने वाली नीलामी से निर्धारित होगी। सीडीएमए संचालक परमिट की बची हुई अवधि के लिए 2.5 मेगाहट्र्ज से अतिरिक्त स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान करेंगे। चिदम्बरम ने कहा कि दूरसंचार विभाग सीडीएमए संचालकों के लिए मूल्य निर्धारण का प्रारूप मंत्रिमंडल को प्रस्तुत करेगा, क्योंकि सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने के लिए कोई संचालक मौजूद नहीं है इसलिए नीलामी से मूल्य निर्धारित नहीं हो पाएगा। टाटा टेलीसर्विसेज और विडियोकॉन के स्पेक्ट्रम नीलामी से बाहर हो जाने के बाद अब सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने वाला कोई नहीं बचा। 6.2 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम रखने वाले संचालक जुलाई 2008 से लागू होने वाली कीमत का भुगतान करेंगे। जिन संचालकों के पास अधिकतम 4.4 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम ही है, उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।टिप्पणियां मंत्रिमंडल ने संचालकों को स्पेक्ट्रम साझा करने की अनुमति देने की मंत्रिस्तरीय समिति की सिफारिश को भी मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल ने दूरसंचार क्षेत्र में विलय और अधिग्रहण पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के प्रावधन को भी समाप्त करने का फैसला किया। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में गत सप्ताह मामूली तेजी रही। मिडकैप सूचकांक गत सप्ताह 0.23 फीसदी या 15.23 अंकों की तेजी के साथ 6,660.68 पर बंद हुआ, जबकि स्मॉलकैप 0.07 फीसदी या 5.27 अंकों की तेजी के साथ 7,069.65 पर बंद हुआ। गत सप्ताह बीएसई के पांच सेक्टरों रियल्टी (5.11 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.79 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.49 फीसदी), वाहन (0.26 फीसदी) और बैंकिंग (0.18 फीसदी) में तेजी रही। गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे पूंजीगत वस्तु (2.21 फीसदी), तेल एवं गैस (2.17 फीसदी), धातु (1.75 फीसदी), बिजली (1.08 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (0.88 फीसदी)। गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में दुनिया की सबसे बड़ी शराब निर्माता कम्पनी डिएजियो ने देश की सबसे बड़ी शराब कम्पनी युनाइटेड स्पिरिट में 53.4 फीसदी बहुमत हिस्सेदारी खरीदने के लिए समझौता हो जाने की घोषणा की। युनाइटेड स्पिरिट के अध्यक्ष विजय माल्या की एक अन्य कम्पनी किंगफिशर एयरलाइंस नकदी की कमी से गुजर रही है। बाजार को अनुमान है कि युनाइटेड स्पिरिट में डिएजियो के निवेश का लाभ किंगफिशर को भी मिल सकता है। डिएजियो ने युनाइटेड स्पिरिट में हिस्सेदारी खरीदने का सौदा 2.1 अरब डॉलर मूल्य में पूरा किया। भारतीय कारोबार जगत ने बुधवार को अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के फिर से राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर खुशी जाहिर की और कहा कि इससे भारत-अमेरिका आर्थिक तथा रणनीतिक सम्बंध मजबूत होगा। फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के अध्यक्ष आर.वी. कनोरिया ने कहा, "ओबामा का ऐतिहासिक दूसरा कार्यकाल नव स्थापित भारत-अमेरिका आर्थिक तथा रणनीतिक सम्बंध के लिए शुभ संकेत है।" ओबामा ने मंगलवार को रिपब्लिकन उम्मीदवार मिट रोमनी को पराजित किया। ओबामा के फिर से राष्ट्रपति चुने जाने से फिक्की ने कहा कि इससे भारत-अमेरिका आर्थिक रिश्ता आगे बढ़ेगा लेकिन भारत के लिए एक मात्र चिंता की बात ओबामा की आउटसोर्सिग चिंता है। कनोरिया ने कहा, "मेरे खयाल से भारत-अमेरिका रणनीतिक और कारोबारी तथा आर्थिक रिश्ता उनके पुनर्निर्वाचन से निश्चित रूप से आगे जारी रहेगा।" चुनाव अभियान में हालांकि ओबामा ने भारत जैसे देशों को नौकरियों की आउटसोर्सिग की आलोचना की थी और कहा था कि अमेरिका को स्थानीय स्तर पर नौकरी का सृजन करने की जरूरत है। कनोरिया ने कहा, "चिंता की एक मात्र बात आउटसोर्सिंग पर उनकी सोच है। मेरा मानना है कि यह गलत धारणा है कि भारत को आउटसोर्सिंग से अमेरिका में नौकरी घटेगी। अनेक अध्ययनों से पता चल चुका है कि ऐसा नहीं होगा।" केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को 4.4 मेगाहट्र्ज से अधिक 2जी स्पेक्ट्रम रखने वाली कम्पनियों के लिए एकमुश्त शुल्क को मंजूरी दे दी। यह शुल्क उतना ही होगा, जितना अगले सप्ताह होने वाली नीलामी में सामने आएगा। बाजार के नए और पुराने खिलाड़ियों के लिए अवसर की समानता प्रस्तुत करने के लिए मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह ने इस शुल्क की सिफारिश की थी। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने कहा कि जीएसएम संचालकों को 4.4 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान करने के लिए कहा जाएगा और इसकी कीमत 12 नवम्बर से शुरू होने वाली नीलामी से निर्धारित होगी। सीडीएमए संचालक परमिट की बची हुई अवधि के लिए 2.5 मेगाहट्र्ज से अतिरिक्त स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान करेंगे। चिदम्बरम ने कहा कि दूरसंचार विभाग सीडीएमए संचालकों के लिए मूल्य निर्धारण का प्रारूप मंत्रिमंडल को प्रस्तुत करेगा, क्योंकि सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने के लिए कोई संचालक मौजूद नहीं है इसलिए नीलामी से मूल्य निर्धारित नहीं हो पाएगा। टाटा टेलीसर्विसेज और विडियोकॉन के स्पेक्ट्रम नीलामी से बाहर हो जाने के बाद अब सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने वाला कोई नहीं बचा। 6.2 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम रखने वाले संचालक जुलाई 2008 से लागू होने वाली कीमत का भुगतान करेंगे। जिन संचालकों के पास अधिकतम 4.4 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम ही है, उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।टिप्पणियां मंत्रिमंडल ने संचालकों को स्पेक्ट्रम साझा करने की अनुमति देने की मंत्रिस्तरीय समिति की सिफारिश को भी मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल ने दूरसंचार क्षेत्र में विलय और अधिग्रहण पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के प्रावधन को भी समाप्त करने का फैसला किया। गत सप्ताह बीएसई के पांच सेक्टरों रियल्टी (5.11 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.79 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.49 फीसदी), वाहन (0.26 फीसदी) और बैंकिंग (0.18 फीसदी) में तेजी रही। गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे पूंजीगत वस्तु (2.21 फीसदी), तेल एवं गैस (2.17 फीसदी), धातु (1.75 फीसदी), बिजली (1.08 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (0.88 फीसदी)। गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में दुनिया की सबसे बड़ी शराब निर्माता कम्पनी डिएजियो ने देश की सबसे बड़ी शराब कम्पनी युनाइटेड स्पिरिट में 53.4 फीसदी बहुमत हिस्सेदारी खरीदने के लिए समझौता हो जाने की घोषणा की। युनाइटेड स्पिरिट के अध्यक्ष विजय माल्या की एक अन्य कम्पनी किंगफिशर एयरलाइंस नकदी की कमी से गुजर रही है। बाजार को अनुमान है कि युनाइटेड स्पिरिट में डिएजियो के निवेश का लाभ किंगफिशर को भी मिल सकता है। डिएजियो ने युनाइटेड स्पिरिट में हिस्सेदारी खरीदने का सौदा 2.1 अरब डॉलर मूल्य में पूरा किया। भारतीय कारोबार जगत ने बुधवार को अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के फिर से राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर खुशी जाहिर की और कहा कि इससे भारत-अमेरिका आर्थिक तथा रणनीतिक सम्बंध मजबूत होगा। फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के अध्यक्ष आर.वी. कनोरिया ने कहा, "ओबामा का ऐतिहासिक दूसरा कार्यकाल नव स्थापित भारत-अमेरिका आर्थिक तथा रणनीतिक सम्बंध के लिए शुभ संकेत है।" ओबामा ने मंगलवार को रिपब्लिकन उम्मीदवार मिट रोमनी को पराजित किया। ओबामा के फिर से राष्ट्रपति चुने जाने से फिक्की ने कहा कि इससे भारत-अमेरिका आर्थिक रिश्ता आगे बढ़ेगा लेकिन भारत के लिए एक मात्र चिंता की बात ओबामा की आउटसोर्सिग चिंता है। कनोरिया ने कहा, "मेरे खयाल से भारत-अमेरिका रणनीतिक और कारोबारी तथा आर्थिक रिश्ता उनके पुनर्निर्वाचन से निश्चित रूप से आगे जारी रहेगा।" चुनाव अभियान में हालांकि ओबामा ने भारत जैसे देशों को नौकरियों की आउटसोर्सिग की आलोचना की थी और कहा था कि अमेरिका को स्थानीय स्तर पर नौकरी का सृजन करने की जरूरत है। कनोरिया ने कहा, "चिंता की एक मात्र बात आउटसोर्सिंग पर उनकी सोच है। मेरा मानना है कि यह गलत धारणा है कि भारत को आउटसोर्सिंग से अमेरिका में नौकरी घटेगी। अनेक अध्ययनों से पता चल चुका है कि ऐसा नहीं होगा।" केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को 4.4 मेगाहट्र्ज से अधिक 2जी स्पेक्ट्रम रखने वाली कम्पनियों के लिए एकमुश्त शुल्क को मंजूरी दे दी। यह शुल्क उतना ही होगा, जितना अगले सप्ताह होने वाली नीलामी में सामने आएगा। बाजार के नए और पुराने खिलाड़ियों के लिए अवसर की समानता प्रस्तुत करने के लिए मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह ने इस शुल्क की सिफारिश की थी। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने कहा कि जीएसएम संचालकों को 4.4 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान करने के लिए कहा जाएगा और इसकी कीमत 12 नवम्बर से शुरू होने वाली नीलामी से निर्धारित होगी। सीडीएमए संचालक परमिट की बची हुई अवधि के लिए 2.5 मेगाहट्र्ज से अतिरिक्त स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान करेंगे। चिदम्बरम ने कहा कि दूरसंचार विभाग सीडीएमए संचालकों के लिए मूल्य निर्धारण का प्रारूप मंत्रिमंडल को प्रस्तुत करेगा, क्योंकि सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने के लिए कोई संचालक मौजूद नहीं है इसलिए नीलामी से मूल्य निर्धारित नहीं हो पाएगा। टाटा टेलीसर्विसेज और विडियोकॉन के स्पेक्ट्रम नीलामी से बाहर हो जाने के बाद अब सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने वाला कोई नहीं बचा। 6.2 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम रखने वाले संचालक जुलाई 2008 से लागू होने वाली कीमत का भुगतान करेंगे। जिन संचालकों के पास अधिकतम 4.4 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम ही है, उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।टिप्पणियां मंत्रिमंडल ने संचालकों को स्पेक्ट्रम साझा करने की अनुमति देने की मंत्रिस्तरीय समिति की सिफारिश को भी मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल ने दूरसंचार क्षेत्र में विलय और अधिग्रहण पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के प्रावधन को भी समाप्त करने का फैसला किया। गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में दुनिया की सबसे बड़ी शराब निर्माता कम्पनी डिएजियो ने देश की सबसे बड़ी शराब कम्पनी युनाइटेड स्पिरिट में 53.4 फीसदी बहुमत हिस्सेदारी खरीदने के लिए समझौता हो जाने की घोषणा की। युनाइटेड स्पिरिट के अध्यक्ष विजय माल्या की एक अन्य कम्पनी किंगफिशर एयरलाइंस नकदी की कमी से गुजर रही है। बाजार को अनुमान है कि युनाइटेड स्पिरिट में डिएजियो के निवेश का लाभ किंगफिशर को भी मिल सकता है। डिएजियो ने युनाइटेड स्पिरिट में हिस्सेदारी खरीदने का सौदा 2.1 अरब डॉलर मूल्य में पूरा किया। भारतीय कारोबार जगत ने बुधवार को अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के फिर से राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर खुशी जाहिर की और कहा कि इससे भारत-अमेरिका आर्थिक तथा रणनीतिक सम्बंध मजबूत होगा। फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के अध्यक्ष आर.वी. कनोरिया ने कहा, "ओबामा का ऐतिहासिक दूसरा कार्यकाल नव स्थापित भारत-अमेरिका आर्थिक तथा रणनीतिक सम्बंध के लिए शुभ संकेत है।" ओबामा ने मंगलवार को रिपब्लिकन उम्मीदवार मिट रोमनी को पराजित किया। ओबामा के फिर से राष्ट्रपति चुने जाने से फिक्की ने कहा कि इससे भारत-अमेरिका आर्थिक रिश्ता आगे बढ़ेगा लेकिन भारत के लिए एक मात्र चिंता की बात ओबामा की आउटसोर्सिग चिंता है। कनोरिया ने कहा, "मेरे खयाल से भारत-अमेरिका रणनीतिक और कारोबारी तथा आर्थिक रिश्ता उनके पुनर्निर्वाचन से निश्चित रूप से आगे जारी रहेगा।" चुनाव अभियान में हालांकि ओबामा ने भारत जैसे देशों को नौकरियों की आउटसोर्सिग की आलोचना की थी और कहा था कि अमेरिका को स्थानीय स्तर पर नौकरी का सृजन करने की जरूरत है। कनोरिया ने कहा, "चिंता की एक मात्र बात आउटसोर्सिंग पर उनकी सोच है। मेरा मानना है कि यह गलत धारणा है कि भारत को आउटसोर्सिंग से अमेरिका में नौकरी घटेगी। अनेक अध्ययनों से पता चल चुका है कि ऐसा नहीं होगा।" केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को 4.4 मेगाहट्र्ज से अधिक 2जी स्पेक्ट्रम रखने वाली कम्पनियों के लिए एकमुश्त शुल्क को मंजूरी दे दी। यह शुल्क उतना ही होगा, जितना अगले सप्ताह होने वाली नीलामी में सामने आएगा। बाजार के नए और पुराने खिलाड़ियों के लिए अवसर की समानता प्रस्तुत करने के लिए मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह ने इस शुल्क की सिफारिश की थी। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने कहा कि जीएसएम संचालकों को 4.4 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान करने के लिए कहा जाएगा और इसकी कीमत 12 नवम्बर से शुरू होने वाली नीलामी से निर्धारित होगी। सीडीएमए संचालक परमिट की बची हुई अवधि के लिए 2.5 मेगाहट्र्ज से अतिरिक्त स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान करेंगे। चिदम्बरम ने कहा कि दूरसंचार विभाग सीडीएमए संचालकों के लिए मूल्य निर्धारण का प्रारूप मंत्रिमंडल को प्रस्तुत करेगा, क्योंकि सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने के लिए कोई संचालक मौजूद नहीं है इसलिए नीलामी से मूल्य निर्धारित नहीं हो पाएगा। टाटा टेलीसर्विसेज और विडियोकॉन के स्पेक्ट्रम नीलामी से बाहर हो जाने के बाद अब सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने वाला कोई नहीं बचा। 6.2 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम रखने वाले संचालक जुलाई 2008 से लागू होने वाली कीमत का भुगतान करेंगे। जिन संचालकों के पास अधिकतम 4.4 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम ही है, उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।टिप्पणियां मंत्रिमंडल ने संचालकों को स्पेक्ट्रम साझा करने की अनुमति देने की मंत्रिस्तरीय समिति की सिफारिश को भी मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल ने दूरसंचार क्षेत्र में विलय और अधिग्रहण पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के प्रावधन को भी समाप्त करने का फैसला किया। भारतीय कारोबार जगत ने बुधवार को अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के फिर से राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर खुशी जाहिर की और कहा कि इससे भारत-अमेरिका आर्थिक तथा रणनीतिक सम्बंध मजबूत होगा। फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के अध्यक्ष आर.वी. कनोरिया ने कहा, "ओबामा का ऐतिहासिक दूसरा कार्यकाल नव स्थापित भारत-अमेरिका आर्थिक तथा रणनीतिक सम्बंध के लिए शुभ संकेत है।" ओबामा ने मंगलवार को रिपब्लिकन उम्मीदवार मिट रोमनी को पराजित किया। ओबामा के फिर से राष्ट्रपति चुने जाने से फिक्की ने कहा कि इससे भारत-अमेरिका आर्थिक रिश्ता आगे बढ़ेगा लेकिन भारत के लिए एक मात्र चिंता की बात ओबामा की आउटसोर्सिग चिंता है। कनोरिया ने कहा, "मेरे खयाल से भारत-अमेरिका रणनीतिक और कारोबारी तथा आर्थिक रिश्ता उनके पुनर्निर्वाचन से निश्चित रूप से आगे जारी रहेगा।" चुनाव अभियान में हालांकि ओबामा ने भारत जैसे देशों को नौकरियों की आउटसोर्सिग की आलोचना की थी और कहा था कि अमेरिका को स्थानीय स्तर पर नौकरी का सृजन करने की जरूरत है। कनोरिया ने कहा, "चिंता की एक मात्र बात आउटसोर्सिंग पर उनकी सोच है। मेरा मानना है कि यह गलत धारणा है कि भारत को आउटसोर्सिंग से अमेरिका में नौकरी घटेगी। अनेक अध्ययनों से पता चल चुका है कि ऐसा नहीं होगा।" केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को 4.4 मेगाहट्र्ज से अधिक 2जी स्पेक्ट्रम रखने वाली कम्पनियों के लिए एकमुश्त शुल्क को मंजूरी दे दी। यह शुल्क उतना ही होगा, जितना अगले सप्ताह होने वाली नीलामी में सामने आएगा। बाजार के नए और पुराने खिलाड़ियों के लिए अवसर की समानता प्रस्तुत करने के लिए मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह ने इस शुल्क की सिफारिश की थी। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने कहा कि जीएसएम संचालकों को 4.4 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान करने के लिए कहा जाएगा और इसकी कीमत 12 नवम्बर से शुरू होने वाली नीलामी से निर्धारित होगी। सीडीएमए संचालक परमिट की बची हुई अवधि के लिए 2.5 मेगाहट्र्ज से अतिरिक्त स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान करेंगे। चिदम्बरम ने कहा कि दूरसंचार विभाग सीडीएमए संचालकों के लिए मूल्य निर्धारण का प्रारूप मंत्रिमंडल को प्रस्तुत करेगा, क्योंकि सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने के लिए कोई संचालक मौजूद नहीं है इसलिए नीलामी से मूल्य निर्धारित नहीं हो पाएगा। टाटा टेलीसर्विसेज और विडियोकॉन के स्पेक्ट्रम नीलामी से बाहर हो जाने के बाद अब सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने वाला कोई नहीं बचा। 6.2 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम रखने वाले संचालक जुलाई 2008 से लागू होने वाली कीमत का भुगतान करेंगे। जिन संचालकों के पास अधिकतम 4.4 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम ही है, उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।टिप्पणियां मंत्रिमंडल ने संचालकों को स्पेक्ट्रम साझा करने की अनुमति देने की मंत्रिस्तरीय समिति की सिफारिश को भी मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल ने दूरसंचार क्षेत्र में विलय और अधिग्रहण पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के प्रावधन को भी समाप्त करने का फैसला किया। फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के अध्यक्ष आर.वी. कनोरिया ने कहा, "ओबामा का ऐतिहासिक दूसरा कार्यकाल नव स्थापित भारत-अमेरिका आर्थिक तथा रणनीतिक सम्बंध के लिए शुभ संकेत है।" ओबामा ने मंगलवार को रिपब्लिकन उम्मीदवार मिट रोमनी को पराजित किया। ओबामा के फिर से राष्ट्रपति चुने जाने से फिक्की ने कहा कि इससे भारत-अमेरिका आर्थिक रिश्ता आगे बढ़ेगा लेकिन भारत के लिए एक मात्र चिंता की बात ओबामा की आउटसोर्सिग चिंता है। कनोरिया ने कहा, "मेरे खयाल से भारत-अमेरिका रणनीतिक और कारोबारी तथा आर्थिक रिश्ता उनके पुनर्निर्वाचन से निश्चित रूप से आगे जारी रहेगा।" चुनाव अभियान में हालांकि ओबामा ने भारत जैसे देशों को नौकरियों की आउटसोर्सिग की आलोचना की थी और कहा था कि अमेरिका को स्थानीय स्तर पर नौकरी का सृजन करने की जरूरत है। कनोरिया ने कहा, "चिंता की एक मात्र बात आउटसोर्सिंग पर उनकी सोच है। मेरा मानना है कि यह गलत धारणा है कि भारत को आउटसोर्सिंग से अमेरिका में नौकरी घटेगी। अनेक अध्ययनों से पता चल चुका है कि ऐसा नहीं होगा।" केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को 4.4 मेगाहट्र्ज से अधिक 2जी स्पेक्ट्रम रखने वाली कम्पनियों के लिए एकमुश्त शुल्क को मंजूरी दे दी। यह शुल्क उतना ही होगा, जितना अगले सप्ताह होने वाली नीलामी में सामने आएगा। बाजार के नए और पुराने खिलाड़ियों के लिए अवसर की समानता प्रस्तुत करने के लिए मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह ने इस शुल्क की सिफारिश की थी। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने कहा कि जीएसएम संचालकों को 4.4 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान करने के लिए कहा जाएगा और इसकी कीमत 12 नवम्बर से शुरू होने वाली नीलामी से निर्धारित होगी। सीडीएमए संचालक परमिट की बची हुई अवधि के लिए 2.5 मेगाहट्र्ज से अतिरिक्त स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान करेंगे। चिदम्बरम ने कहा कि दूरसंचार विभाग सीडीएमए संचालकों के लिए मूल्य निर्धारण का प्रारूप मंत्रिमंडल को प्रस्तुत करेगा, क्योंकि सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने के लिए कोई संचालक मौजूद नहीं है इसलिए नीलामी से मूल्य निर्धारित नहीं हो पाएगा। टाटा टेलीसर्विसेज और विडियोकॉन के स्पेक्ट्रम नीलामी से बाहर हो जाने के बाद अब सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने वाला कोई नहीं बचा। 6.2 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम रखने वाले संचालक जुलाई 2008 से लागू होने वाली कीमत का भुगतान करेंगे। जिन संचालकों के पास अधिकतम 4.4 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम ही है, उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।टिप्पणियां मंत्रिमंडल ने संचालकों को स्पेक्ट्रम साझा करने की अनुमति देने की मंत्रिस्तरीय समिति की सिफारिश को भी मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल ने दूरसंचार क्षेत्र में विलय और अधिग्रहण पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के प्रावधन को भी समाप्त करने का फैसला किया। ओबामा ने मंगलवार को रिपब्लिकन उम्मीदवार मिट रोमनी को पराजित किया। ओबामा के फिर से राष्ट्रपति चुने जाने से फिक्की ने कहा कि इससे भारत-अमेरिका आर्थिक रिश्ता आगे बढ़ेगा लेकिन भारत के लिए एक मात्र चिंता की बात ओबामा की आउटसोर्सिग चिंता है। कनोरिया ने कहा, "मेरे खयाल से भारत-अमेरिका रणनीतिक और कारोबारी तथा आर्थिक रिश्ता उनके पुनर्निर्वाचन से निश्चित रूप से आगे जारी रहेगा।" चुनाव अभियान में हालांकि ओबामा ने भारत जैसे देशों को नौकरियों की आउटसोर्सिग की आलोचना की थी और कहा था कि अमेरिका को स्थानीय स्तर पर नौकरी का सृजन करने की जरूरत है। कनोरिया ने कहा, "चिंता की एक मात्र बात आउटसोर्सिंग पर उनकी सोच है। मेरा मानना है कि यह गलत धारणा है कि भारत को आउटसोर्सिंग से अमेरिका में नौकरी घटेगी। अनेक अध्ययनों से पता चल चुका है कि ऐसा नहीं होगा।" केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को 4.4 मेगाहट्र्ज से अधिक 2जी स्पेक्ट्रम रखने वाली कम्पनियों के लिए एकमुश्त शुल्क को मंजूरी दे दी। यह शुल्क उतना ही होगा, जितना अगले सप्ताह होने वाली नीलामी में सामने आएगा। बाजार के नए और पुराने खिलाड़ियों के लिए अवसर की समानता प्रस्तुत करने के लिए मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह ने इस शुल्क की सिफारिश की थी। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने कहा कि जीएसएम संचालकों को 4.4 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान करने के लिए कहा जाएगा और इसकी कीमत 12 नवम्बर से शुरू होने वाली नीलामी से निर्धारित होगी। सीडीएमए संचालक परमिट की बची हुई अवधि के लिए 2.5 मेगाहट्र्ज से अतिरिक्त स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान करेंगे। चिदम्बरम ने कहा कि दूरसंचार विभाग सीडीएमए संचालकों के लिए मूल्य निर्धारण का प्रारूप मंत्रिमंडल को प्रस्तुत करेगा, क्योंकि सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने के लिए कोई संचालक मौजूद नहीं है इसलिए नीलामी से मूल्य निर्धारित नहीं हो पाएगा। टाटा टेलीसर्विसेज और विडियोकॉन के स्पेक्ट्रम नीलामी से बाहर हो जाने के बाद अब सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने वाला कोई नहीं बचा। 6.2 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम रखने वाले संचालक जुलाई 2008 से लागू होने वाली कीमत का भुगतान करेंगे। जिन संचालकों के पास अधिकतम 4.4 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम ही है, उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।टिप्पणियां मंत्रिमंडल ने संचालकों को स्पेक्ट्रम साझा करने की अनुमति देने की मंत्रिस्तरीय समिति की सिफारिश को भी मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल ने दूरसंचार क्षेत्र में विलय और अधिग्रहण पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के प्रावधन को भी समाप्त करने का फैसला किया। ओबामा के फिर से राष्ट्रपति चुने जाने से फिक्की ने कहा कि इससे भारत-अमेरिका आर्थिक रिश्ता आगे बढ़ेगा लेकिन भारत के लिए एक मात्र चिंता की बात ओबामा की आउटसोर्सिग चिंता है। कनोरिया ने कहा, "मेरे खयाल से भारत-अमेरिका रणनीतिक और कारोबारी तथा आर्थिक रिश्ता उनके पुनर्निर्वाचन से निश्चित रूप से आगे जारी रहेगा।" चुनाव अभियान में हालांकि ओबामा ने भारत जैसे देशों को नौकरियों की आउटसोर्सिग की आलोचना की थी और कहा था कि अमेरिका को स्थानीय स्तर पर नौकरी का सृजन करने की जरूरत है। कनोरिया ने कहा, "चिंता की एक मात्र बात आउटसोर्सिंग पर उनकी सोच है। मेरा मानना है कि यह गलत धारणा है कि भारत को आउटसोर्सिंग से अमेरिका में नौकरी घटेगी। अनेक अध्ययनों से पता चल चुका है कि ऐसा नहीं होगा।" केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को 4.4 मेगाहट्र्ज से अधिक 2जी स्पेक्ट्रम रखने वाली कम्पनियों के लिए एकमुश्त शुल्क को मंजूरी दे दी। यह शुल्क उतना ही होगा, जितना अगले सप्ताह होने वाली नीलामी में सामने आएगा। बाजार के नए और पुराने खिलाड़ियों के लिए अवसर की समानता प्रस्तुत करने के लिए मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह ने इस शुल्क की सिफारिश की थी। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने कहा कि जीएसएम संचालकों को 4.4 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान करने के लिए कहा जाएगा और इसकी कीमत 12 नवम्बर से शुरू होने वाली नीलामी से निर्धारित होगी। सीडीएमए संचालक परमिट की बची हुई अवधि के लिए 2.5 मेगाहट्र्ज से अतिरिक्त स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान करेंगे। चिदम्बरम ने कहा कि दूरसंचार विभाग सीडीएमए संचालकों के लिए मूल्य निर्धारण का प्रारूप मंत्रिमंडल को प्रस्तुत करेगा, क्योंकि सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने के लिए कोई संचालक मौजूद नहीं है इसलिए नीलामी से मूल्य निर्धारित नहीं हो पाएगा। टाटा टेलीसर्विसेज और विडियोकॉन के स्पेक्ट्रम नीलामी से बाहर हो जाने के बाद अब सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने वाला कोई नहीं बचा। 6.2 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम रखने वाले संचालक जुलाई 2008 से लागू होने वाली कीमत का भुगतान करेंगे। जिन संचालकों के पास अधिकतम 4.4 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम ही है, उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।टिप्पणियां मंत्रिमंडल ने संचालकों को स्पेक्ट्रम साझा करने की अनुमति देने की मंत्रिस्तरीय समिति की सिफारिश को भी मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल ने दूरसंचार क्षेत्र में विलय और अधिग्रहण पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के प्रावधन को भी समाप्त करने का फैसला किया। कनोरिया ने कहा, "मेरे खयाल से भारत-अमेरिका रणनीतिक और कारोबारी तथा आर्थिक रिश्ता उनके पुनर्निर्वाचन से निश्चित रूप से आगे जारी रहेगा।" चुनाव अभियान में हालांकि ओबामा ने भारत जैसे देशों को नौकरियों की आउटसोर्सिग की आलोचना की थी और कहा था कि अमेरिका को स्थानीय स्तर पर नौकरी का सृजन करने की जरूरत है। कनोरिया ने कहा, "चिंता की एक मात्र बात आउटसोर्सिंग पर उनकी सोच है। मेरा मानना है कि यह गलत धारणा है कि भारत को आउटसोर्सिंग से अमेरिका में नौकरी घटेगी। अनेक अध्ययनों से पता चल चुका है कि ऐसा नहीं होगा।" केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को 4.4 मेगाहट्र्ज से अधिक 2जी स्पेक्ट्रम रखने वाली कम्पनियों के लिए एकमुश्त शुल्क को मंजूरी दे दी। यह शुल्क उतना ही होगा, जितना अगले सप्ताह होने वाली नीलामी में सामने आएगा। बाजार के नए और पुराने खिलाड़ियों के लिए अवसर की समानता प्रस्तुत करने के लिए मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह ने इस शुल्क की सिफारिश की थी। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने कहा कि जीएसएम संचालकों को 4.4 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान करने के लिए कहा जाएगा और इसकी कीमत 12 नवम्बर से शुरू होने वाली नीलामी से निर्धारित होगी। सीडीएमए संचालक परमिट की बची हुई अवधि के लिए 2.5 मेगाहट्र्ज से अतिरिक्त स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान करेंगे। चिदम्बरम ने कहा कि दूरसंचार विभाग सीडीएमए संचालकों के लिए मूल्य निर्धारण का प्रारूप मंत्रिमंडल को प्रस्तुत करेगा, क्योंकि सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने के लिए कोई संचालक मौजूद नहीं है इसलिए नीलामी से मूल्य निर्धारित नहीं हो पाएगा। टाटा टेलीसर्विसेज और विडियोकॉन के स्पेक्ट्रम नीलामी से बाहर हो जाने के बाद अब सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने वाला कोई नहीं बचा। 6.2 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम रखने वाले संचालक जुलाई 2008 से लागू होने वाली कीमत का भुगतान करेंगे। जिन संचालकों के पास अधिकतम 4.4 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम ही है, उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।टिप्पणियां मंत्रिमंडल ने संचालकों को स्पेक्ट्रम साझा करने की अनुमति देने की मंत्रिस्तरीय समिति की सिफारिश को भी मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल ने दूरसंचार क्षेत्र में विलय और अधिग्रहण पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के प्रावधन को भी समाप्त करने का फैसला किया। चुनाव अभियान में हालांकि ओबामा ने भारत जैसे देशों को नौकरियों की आउटसोर्सिग की आलोचना की थी और कहा था कि अमेरिका को स्थानीय स्तर पर नौकरी का सृजन करने की जरूरत है। कनोरिया ने कहा, "चिंता की एक मात्र बात आउटसोर्सिंग पर उनकी सोच है। मेरा मानना है कि यह गलत धारणा है कि भारत को आउटसोर्सिंग से अमेरिका में नौकरी घटेगी। अनेक अध्ययनों से पता चल चुका है कि ऐसा नहीं होगा।" केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को 4.4 मेगाहट्र्ज से अधिक 2जी स्पेक्ट्रम रखने वाली कम्पनियों के लिए एकमुश्त शुल्क को मंजूरी दे दी। यह शुल्क उतना ही होगा, जितना अगले सप्ताह होने वाली नीलामी में सामने आएगा। बाजार के नए और पुराने खिलाड़ियों के लिए अवसर की समानता प्रस्तुत करने के लिए मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह ने इस शुल्क की सिफारिश की थी। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने कहा कि जीएसएम संचालकों को 4.4 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान करने के लिए कहा जाएगा और इसकी कीमत 12 नवम्बर से शुरू होने वाली नीलामी से निर्धारित होगी। सीडीएमए संचालक परमिट की बची हुई अवधि के लिए 2.5 मेगाहट्र्ज से अतिरिक्त स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान करेंगे। चिदम्बरम ने कहा कि दूरसंचार विभाग सीडीएमए संचालकों के लिए मूल्य निर्धारण का प्रारूप मंत्रिमंडल को प्रस्तुत करेगा, क्योंकि सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने के लिए कोई संचालक मौजूद नहीं है इसलिए नीलामी से मूल्य निर्धारित नहीं हो पाएगा। टाटा टेलीसर्विसेज और विडियोकॉन के स्पेक्ट्रम नीलामी से बाहर हो जाने के बाद अब सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने वाला कोई नहीं बचा। 6.2 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम रखने वाले संचालक जुलाई 2008 से लागू होने वाली कीमत का भुगतान करेंगे। जिन संचालकों के पास अधिकतम 4.4 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम ही है, उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।टिप्पणियां मंत्रिमंडल ने संचालकों को स्पेक्ट्रम साझा करने की अनुमति देने की मंत्रिस्तरीय समिति की सिफारिश को भी मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल ने दूरसंचार क्षेत्र में विलय और अधिग्रहण पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के प्रावधन को भी समाप्त करने का फैसला किया। कनोरिया ने कहा, "चिंता की एक मात्र बात आउटसोर्सिंग पर उनकी सोच है। मेरा मानना है कि यह गलत धारणा है कि भारत को आउटसोर्सिंग से अमेरिका में नौकरी घटेगी। अनेक अध्ययनों से पता चल चुका है कि ऐसा नहीं होगा।" केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को 4.4 मेगाहट्र्ज से अधिक 2जी स्पेक्ट्रम रखने वाली कम्पनियों के लिए एकमुश्त शुल्क को मंजूरी दे दी। यह शुल्क उतना ही होगा, जितना अगले सप्ताह होने वाली नीलामी में सामने आएगा। बाजार के नए और पुराने खिलाड़ियों के लिए अवसर की समानता प्रस्तुत करने के लिए मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह ने इस शुल्क की सिफारिश की थी। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने कहा कि जीएसएम संचालकों को 4.4 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान करने के लिए कहा जाएगा और इसकी कीमत 12 नवम्बर से शुरू होने वाली नीलामी से निर्धारित होगी। सीडीएमए संचालक परमिट की बची हुई अवधि के लिए 2.5 मेगाहट्र्ज से अतिरिक्त स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान करेंगे। चिदम्बरम ने कहा कि दूरसंचार विभाग सीडीएमए संचालकों के लिए मूल्य निर्धारण का प्रारूप मंत्रिमंडल को प्रस्तुत करेगा, क्योंकि सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने के लिए कोई संचालक मौजूद नहीं है इसलिए नीलामी से मूल्य निर्धारित नहीं हो पाएगा। टाटा टेलीसर्विसेज और विडियोकॉन के स्पेक्ट्रम नीलामी से बाहर हो जाने के बाद अब सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने वाला कोई नहीं बचा। 6.2 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम रखने वाले संचालक जुलाई 2008 से लागू होने वाली कीमत का भुगतान करेंगे। जिन संचालकों के पास अधिकतम 4.4 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम ही है, उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।टिप्पणियां मंत्रिमंडल ने संचालकों को स्पेक्ट्रम साझा करने की अनुमति देने की मंत्रिस्तरीय समिति की सिफारिश को भी मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल ने दूरसंचार क्षेत्र में विलय और अधिग्रहण पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के प्रावधन को भी समाप्त करने का फैसला किया। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को 4.4 मेगाहट्र्ज से अधिक 2जी स्पेक्ट्रम रखने वाली कम्पनियों के लिए एकमुश्त शुल्क को मंजूरी दे दी। यह शुल्क उतना ही होगा, जितना अगले सप्ताह होने वाली नीलामी में सामने आएगा। बाजार के नए और पुराने खिलाड़ियों के लिए अवसर की समानता प्रस्तुत करने के लिए मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह ने इस शुल्क की सिफारिश की थी। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने कहा कि जीएसएम संचालकों को 4.4 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान करने के लिए कहा जाएगा और इसकी कीमत 12 नवम्बर से शुरू होने वाली नीलामी से निर्धारित होगी। सीडीएमए संचालक परमिट की बची हुई अवधि के लिए 2.5 मेगाहट्र्ज से अतिरिक्त स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान करेंगे। चिदम्बरम ने कहा कि दूरसंचार विभाग सीडीएमए संचालकों के लिए मूल्य निर्धारण का प्रारूप मंत्रिमंडल को प्रस्तुत करेगा, क्योंकि सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने के लिए कोई संचालक मौजूद नहीं है इसलिए नीलामी से मूल्य निर्धारित नहीं हो पाएगा। टाटा टेलीसर्विसेज और विडियोकॉन के स्पेक्ट्रम नीलामी से बाहर हो जाने के बाद अब सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने वाला कोई नहीं बचा। 6.2 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम रखने वाले संचालक जुलाई 2008 से लागू होने वाली कीमत का भुगतान करेंगे। जिन संचालकों के पास अधिकतम 4.4 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम ही है, उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।टिप्पणियां मंत्रिमंडल ने संचालकों को स्पेक्ट्रम साझा करने की अनुमति देने की मंत्रिस्तरीय समिति की सिफारिश को भी मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल ने दूरसंचार क्षेत्र में विलय और अधिग्रहण पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के प्रावधन को भी समाप्त करने का फैसला किया। बाजार के नए और पुराने खिलाड़ियों के लिए अवसर की समानता प्रस्तुत करने के लिए मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह ने इस शुल्क की सिफारिश की थी। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने कहा कि जीएसएम संचालकों को 4.4 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान करने के लिए कहा जाएगा और इसकी कीमत 12 नवम्बर से शुरू होने वाली नीलामी से निर्धारित होगी। सीडीएमए संचालक परमिट की बची हुई अवधि के लिए 2.5 मेगाहट्र्ज से अतिरिक्त स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान करेंगे। चिदम्बरम ने कहा कि दूरसंचार विभाग सीडीएमए संचालकों के लिए मूल्य निर्धारण का प्रारूप मंत्रिमंडल को प्रस्तुत करेगा, क्योंकि सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने के लिए कोई संचालक मौजूद नहीं है इसलिए नीलामी से मूल्य निर्धारित नहीं हो पाएगा। टाटा टेलीसर्विसेज और विडियोकॉन के स्पेक्ट्रम नीलामी से बाहर हो जाने के बाद अब सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने वाला कोई नहीं बचा। 6.2 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम रखने वाले संचालक जुलाई 2008 से लागू होने वाली कीमत का भुगतान करेंगे। जिन संचालकों के पास अधिकतम 4.4 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम ही है, उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।टिप्पणियां मंत्रिमंडल ने संचालकों को स्पेक्ट्रम साझा करने की अनुमति देने की मंत्रिस्तरीय समिति की सिफारिश को भी मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल ने दूरसंचार क्षेत्र में विलय और अधिग्रहण पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के प्रावधन को भी समाप्त करने का फैसला किया। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने कहा कि जीएसएम संचालकों को 4.4 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान करने के लिए कहा जाएगा और इसकी कीमत 12 नवम्बर से शुरू होने वाली नीलामी से निर्धारित होगी। सीडीएमए संचालक परमिट की बची हुई अवधि के लिए 2.5 मेगाहट्र्ज से अतिरिक्त स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान करेंगे। चिदम्बरम ने कहा कि दूरसंचार विभाग सीडीएमए संचालकों के लिए मूल्य निर्धारण का प्रारूप मंत्रिमंडल को प्रस्तुत करेगा, क्योंकि सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने के लिए कोई संचालक मौजूद नहीं है इसलिए नीलामी से मूल्य निर्धारित नहीं हो पाएगा। टाटा टेलीसर्विसेज और विडियोकॉन के स्पेक्ट्रम नीलामी से बाहर हो जाने के बाद अब सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने वाला कोई नहीं बचा। 6.2 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम रखने वाले संचालक जुलाई 2008 से लागू होने वाली कीमत का भुगतान करेंगे। जिन संचालकों के पास अधिकतम 4.4 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम ही है, उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।टिप्पणियां मंत्रिमंडल ने संचालकों को स्पेक्ट्रम साझा करने की अनुमति देने की मंत्रिस्तरीय समिति की सिफारिश को भी मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल ने दूरसंचार क्षेत्र में विलय और अधिग्रहण पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के प्रावधन को भी समाप्त करने का फैसला किया। चिदम्बरम ने कहा कि दूरसंचार विभाग सीडीएमए संचालकों के लिए मूल्य निर्धारण का प्रारूप मंत्रिमंडल को प्रस्तुत करेगा, क्योंकि सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने के लिए कोई संचालक मौजूद नहीं है इसलिए नीलामी से मूल्य निर्धारित नहीं हो पाएगा। टाटा टेलीसर्विसेज और विडियोकॉन के स्पेक्ट्रम नीलामी से बाहर हो जाने के बाद अब सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने वाला कोई नहीं बचा। 6.2 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम रखने वाले संचालक जुलाई 2008 से लागू होने वाली कीमत का भुगतान करेंगे। जिन संचालकों के पास अधिकतम 4.4 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम ही है, उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।टिप्पणियां मंत्रिमंडल ने संचालकों को स्पेक्ट्रम साझा करने की अनुमति देने की मंत्रिस्तरीय समिति की सिफारिश को भी मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल ने दूरसंचार क्षेत्र में विलय और अधिग्रहण पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के प्रावधन को भी समाप्त करने का फैसला किया। टाटा टेलीसर्विसेज और विडियोकॉन के स्पेक्ट्रम नीलामी से बाहर हो जाने के बाद अब सीडीएमए की नीलामी में बोली लगाने वाला कोई नहीं बचा। 6.2 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम रखने वाले संचालक जुलाई 2008 से लागू होने वाली कीमत का भुगतान करेंगे। जिन संचालकों के पास अधिकतम 4.4 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम ही है, उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।टिप्पणियां मंत्रिमंडल ने संचालकों को स्पेक्ट्रम साझा करने की अनुमति देने की मंत्रिस्तरीय समिति की सिफारिश को भी मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल ने दूरसंचार क्षेत्र में विलय और अधिग्रहण पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के प्रावधन को भी समाप्त करने का फैसला किया। 6.2 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम रखने वाले संचालक जुलाई 2008 से लागू होने वाली कीमत का भुगतान करेंगे। जिन संचालकों के पास अधिकतम 4.4 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम ही है, उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।टिप्पणियां मंत्रिमंडल ने संचालकों को स्पेक्ट्रम साझा करने की अनुमति देने की मंत्रिस्तरीय समिति की सिफारिश को भी मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल ने दूरसंचार क्षेत्र में विलय और अधिग्रहण पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के प्रावधन को भी समाप्त करने का फैसला किया। जिन संचालकों के पास अधिकतम 4.4 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम ही है, उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।टिप्पणियां मंत्रिमंडल ने संचालकों को स्पेक्ट्रम साझा करने की अनुमति देने की मंत्रिस्तरीय समिति की सिफारिश को भी मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल ने दूरसंचार क्षेत्र में विलय और अधिग्रहण पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के प्रावधन को भी समाप्त करने का फैसला किया। मंत्रिमंडल ने संचालकों को स्पेक्ट्रम साझा करने की अनुमति देने की मंत्रिस्तरीय समिति की सिफारिश को भी मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल ने दूरसंचार क्षेत्र में विलय और अधिग्रहण पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के प्रावधन को भी समाप्त करने का फैसला किया। मंत्रिमंडल ने दूरसंचार क्षेत्र में विलय और अधिग्रहण पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के प्रावधन को भी समाप्त करने का फैसला किया।
देश के शेयर बाजारों में गत सप्ताह मामूली गिरावट रही। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स गत सप्ताह 0.38 फीसदी या 71.77 अंकों की गिरावट के साथ शुक्रवार को 18,683.68 पर बंद हुआ।
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बॉलीवुड के 'बाजीराव' रणवीर सिंह (Ranveer Singh) अब अपनी अगली फिल्म 'सिंबा' (Simmba) में दमदार पुलिसवाले के किरदार में दिखाई देंगे. यह फिल्म इसी महीने 28 दिसंबर को रिलीज होने जा रही है. रणवीर सिंह और सारा अली खान (Sara Ali Khan) की नई जोड़ी को लेकर लोगों में काफी एक्साइटमेंट है. फिलहाल 'सिंबा' (Simmba) फिल्म का तीसरा सॉन्ग 'आला रे आला' (Aala Re Aala) रिलीज हो चुका है. इससे पहले रीमेक सॉन्ग 'आंख मारे' (Aankh Marey) और रोमांटिक सॉन्ग 'तेरे बिन' (Tere Bin) आया था. दोनों ही गानों को काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला. अब देखना होगा कि इस गाने को लोग कितना पसंद करते हैं.  'आला रे आला' (Aala Re Aala) सॉन्ग में रणवीर सिंह ही अकेले दिखाई दे रहे हैं और वह इसमें कुछ चटपटे अंदाज में नजर आए. रणवीर सिंह ने रेड शर्ट, खाकी पैंट और शेड्स पहन रखा है. पुलिस वाले के रोल में दबंग लुक में दिखे. यह गाना काफी कलरफुल दिख रहा है. इसमें रणवीर सिंह का डांस भी बेहद अतरंगी है. इस गाने को देव नेगी और गोल्डी ने गाया है, जबकि म्यूजिक तनिष्क बागची ने दिया है. वहीं लिरिक्स को शब्बीर अहमद ने लिखे हैं. गाना इतना दमदार है कि रिलीज होने के कुछ घंटे में यूट्यूब पर लाखों व्यूज आ चुके हैं.  बता दें, 'आंख मारे' सॉन्ग को जबरदस्त ढंग से पसंद किया गया था. 'आंख मारे' 'तेरे मेरे सपने' फिल्म का था, और इसे रीक्रिएट किया गया था. इसी तरह 'सिम्बा (Simmba)' का  'तेरे बिन' सॉन्ग भी नुसरत फतेह अली खान का लोकप्रिय सॉन्ग है, जिसने नए रंग में पेश किया गया है. रणवीर सिंह (Ranveer Singh) और सारा अली खान  (Sara Ali Khan) की 'सिम्बा (Simmba)' के 'तेरे बिन' सॉन्ग को स्विटरजलैंड की हसीन वादियों में शूट किया गया है. इस सॉन्ग के लिरिक्स रश्मि विराग ने लिखे हैं. रोहित शेट्टी की एक्शन फिल्म 'सिम्बा (Simmba)'28 दिसंबर को रिलीज हो रही है. वैसे भी रोहित शेट्टी अपनी फिल्मों में दिलचस्प एक्शन के लिए खास पहचान रखते हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 'सिंबा' का आया नया सॉन्ग 'आला रे आला' यूट्यूब पर हिट रणवीर सिंह ने जमकर किया डांस
3
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दूरसंचार सेवाएं देने वाली कंपनी भारती एयरटेल ने एयरटेल नेटवर्क के भीतर कॉल करने और एसएमएस के लिए अपने एडवांटेज और फ्रीडम पैक की प्रीपेड शुल्क दरें 20 प्रतिशत बढ़ाने की घोषणा की है। कंपनी ने कहा कि प्रति मिनट बिलिंग पर आधारित एडवांटेज पैक के ग्राहकों को मोबाइल फोन पर लोकल और एसटीडी कॉल के लिए 50 पैसे के बजाय 60 पैसे प्रति मिनट का भुगतान करना होगा, जबकि लैंडलाइन पर लोकल और एसटीडी कॉल के लिए 90 पैसे का भुगतान करना होगा। इसके अलावा, लोकल एसएमएस के लिए एक रुपये और नेशनल एसएमएस के लिए डेढ़ रुपये का शुल्क लिया जाएगा। कंपनी ने कहा कि मौजूदा ग्राहकों को वाउचर की समाप्ति के बाद नई दरों से शुल्क का भुगतान करना होगा। इसी तरह, प्रति सेकेंड बिलिंग आधारित फ्रीडम पैक के ग्राहकों से मोबाइल पर लोकल एवं एसटीडी कॉल के लिए 1.2 पैसे का शुल्क लिया जाएगा। नए शुल्क ढांचे की घोषणा दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, आंध्र प्रदेश, केरल और मध्य प्रदेश की दूरसंचार सर्किल के लिए की गई है। हालांकि, सामान्य ग्राहकों जिन्होंने एडवांटेज एवं फ्रीडम पैक नहीं लिया है, के लिए शुल्क दरें नहीं बदली गई हैं और उनसे लोकल के लिए एक रुपये और एसटीडी कॉल्स के लिए डेढ़ रुपये की पुरानी दरों से शुल्क लिया जाएगा। एयरटेल के प्रवक्ता ने कहा, दूरसंचार संभवत: अकेला ऐसा उद्योग है, जहां मुद्रास्फीति बढ़ने के बावजूद शुल्क दरों में गिरावट आती रही है, जिससे लगातार मार्जिन घटता रहा है। हालांकि, हमारे पास शुल्क दरें बढ़ाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा।
भारती एयरटेल ने अपने नेटवर्क के भीतर कॉल और एसएमएस के लिए एडवांटेज और फ्रीडम पैक की प्रीपेड शुल्क दरें 20% बढ़ाने की घोषणा की है।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सुरेश रैना के तूफानी अर्द्धशतक की मदद से चेन्नई सुपरकिंग्स ने विषम परिस्थितियों से उबरते हुए आईपीएल के पहले क्वालीफायर में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू को छह विकेट से हराकर फाइनल में जगह बनाई। बेंगलुरू की टीम ने विराट कोहली की नाबाद 70 रन की पारी की मदद से चार विकेट पर 175 रन बनाए जिसके जवाब में चेन्नई सुपरकिंग्स ने रैना की नाबाद 73 रन की पारी की बदौलत दो गेंद शेष रहते चार विकेट पर 177 रन बनाकर मैच जीत लिया। रैना ने 50 गेंद का सामना करते हुए चार चौके और छह छक्के जड़े। रैना ने एस बद्रीनाथ (34) के साथ तीसरे विकेट के लिए 63 जबकि कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (29) के साथ चौथे विकेट के लिए 61 रन की साझेदारी की। उन्होंने एल्बी मोर्कल (नाबाद 28, 10 गेंद में एक चौका और तीन छक्के) के साथ सिर्फ 2.5 ओवर में 40 रन की अटूट साझेदारी करके टीम को जीत दिलाई। चेन्नई की टीम को अंतिम दो ओवर में 33 रन की दरकार थी। मोर्कल ने 19वें ओवर में श्रीनाथ अरविंद पर लगातार दो छक्के जड़े जबकि रैना ने भी उनकी गेंद को छह रन के लिए भेजकर टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया। मोर्कल ने इसके बाद डेनियल विटोरी की गेंद पर छक्का जड़कर टीम को जीत दिलाई। बेंगलुरू की टीम के पास हालांकि अब भी फाइनल में जगह बनाने का मौका है और उसे 27 मई को चेन्नई के चेपक में होने वाले दूसरे क्वालीफायर में कल मुंबई इंडियन्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच होने वाले एलिमिनेटर मैच की विजेता से भिड़ना होगा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई की टीम की शुरुआत काफी खराब रही और उसने सात रन के स्कोर तक ही दोनों सलामी बल्लेबाजों माइक हसी (0) और मुरली विजय (5) के विकेट गंवा दिए। हसी को जहीर खान जबकि विजय को अरविंद ने पगबाधा आउट किया।
संक्षिप्त पाठ: आईपीएल के चौथे सीजन में चेन्नई सुपरकिंग्स तीसरी बार आईपीएल के फाइनल में पहुंची। बैंगलुरू को चेन्नई ने 6 विकेट से हरा दिया।
27
['hin']
एक सारांश बनाओ: 'मिशन शक्ति' को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) का राष्ट्र के नाम संबोधन चुनाव आचार संहिता (Election Commission) के उल्लंघन के दायरे में आएगा या नहीं, इसका फैसला आज हो सकता है. चुनाव आयोग ने दूरदर्शन और आकाशवाणी से प्रसारण की फीड का स्रोत एवं अन्य जानकारियां मांगी हैं. उप चुनाव आयुक्त संदीप सक्सेना ने बताया कि पीएम के संबोधन से आचार संहिता का उल्लंघन हुआ या नहीं, इसकी जांच के लिये आयोग द्वारा गठित समिति सभी पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही है.  संदीप सक्सेना ने कहा कि दूरदर्शन और आकाशवाणी से पीएम के संबोधन के प्रसारण की फीड के स्रोत और अन्य तथ्यों से आयोग को अवगत कराने के लिये कहा गया है. इस पर दूरदर्शन और आकाशवाणी ने इस बारे में अपना पक्ष रख दिया है. सक्सेना ने कहा,‘संबोधन के बाद यह मामला विभिन्न माध्यमों से आयोग के संज्ञान में आया था. इससे चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का पता लगाने के लिये गठित समिति की अब तक दो बैठकें हो चुकी हैं'.   इस मामले में आचार संहिता और कानून के उल्लंघन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच के लिये दूरदर्शन और आकाशवाणी सहित अन्य संबद्ध पक्षकारों से भी तथ्य और जानकारियां मांगी गयी हैं. पीएम मोदी के संबोधन से पहले प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से आयोग को इस मामले में सूचित करने या अनुमति अनुमति मांगने के सवाल पर सक्सेना ने कहा, ‘नहीं, इस बारे में न तो सूचित किया गया, ना ही अनुमति मांगी गयी थी'यह पूछे जाने पर कि जांच पूरी होने में कितना समय लगेगा, सक्सेना ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि जांच जल्द पूरी हो जायेगी, हमारी कोशिश है कि शुक्रवार तक हम जांच पूरी कर किसी निष्कर्ष पर पहुंच सकेंगें.
यहाँ एक सारांश है:चुनाव आयोग ने प्रसारण फीड देने को कहा है पीएम के संबोधन की जांच जारी है समिति का निर्णय आज सामने आ सकता है
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली पुलिस ने दिल्ली उच्च न्यायालय के बाहर बम रखने वाले दो संदिग्धों का स्केच जारी किया है जिसमें कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और 70 से अधिक घायल हो गए। जिन संदिग्धों के स्केच जारी किये गए हैं, समझा जाता है कि उनमें से एक की उम्र 50 वर्ष के आसपास और दूसरे की उम्र 20 वर्ष से अधिक है। ये दोनों स्केच घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के ब्यौरे के आधार पर तैयार किए गए हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, हमने दो संदिग्धों के स्केच जारी किये हैं जो प्रत्यक्षदर्शियों के ब्यौरे के आधार पर तैयार की गई है। दोनों संदिग्धों में छोटे की लम्बाई छह फुट से कम होने का अनुमान व्यक्त किया गया है, उसके बारे समझा जाता है कि उसने बीच से मांग (बाल) निकाल रखी थी। दूसरे व्यक्ति ने संभवत: छोटी दाढ़ी रखी थी। अधिकारियों ने कहा, हम प्रत्यक्षदर्शियों के ब्यौरे के आधार पर तीसरा स्केच भी जारी कर सकते हैं।
यहाँ एक सारांश है:जिन संदिग्धों के स्केच जारी किये गए हैं, समझा जाता है कि उनमें से एक की उम्र 50 वर्ष के आसपास और दूसरे की उम्र 20 वर्ष से अधिक है।
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: राज्यसभा सदस्य अमर सिंह को हालिया कुछ गतिविधियों के बाद खतरे की आशंका के चलते केंद्र सरकार ने केंद्रीय अर्धसैनिक कमांडो वाला 'जेड' श्रेणी का सुरक्षा घेरा प्रदान किया है. यह फैसला उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले समाजवादी पार्टी के आंतरिक कलह की पृष्ठभूमि में किया गया है. अधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार रात इस संबंध में एक आदेश जारी किया और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) से तत्काल प्रभाव से यह जिम्मेदारी संभालने को कहा. केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा दी गई जानकारी का हवाला देते हुए एक अधिकारी ने कहा, 'हालिया गतिविधियों के मद्देनजर (अमर सिंह को) खतरे की आशंका है.' हालांकि एजेंसियों ने खतरे के संबंध में ज्यादा ब्योरा नहीं दिया. सपा नेता मुलायम सिंह यादव के करीबी अमर सिंह के सुरक्षा घेरे में सीआईएसएफ के दो दर्जन सशस्त्र कमांडो की टुकड़ी 'जेड' सुरक्षा घेरे के तहत होगी और उत्तर प्रदेश में उनके दौरों के समय उनके साथ यह सुरक्षा घेरा पूरे वक्त रहेगा. जब वह दिल्ली में होंगे तो दिल्ली पुलिस की छोटी सी टीम उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल सकती है. टिप्पणियां सपा नेता मुलायम सिंह से कुछ दिन तक संबंधों में तनाव रहने के बाद अमर सिंह फिर से उनके करीब आ गए और मई में पार्टी के राज्यसभा सांसद बनाए गए थे. समाजवादी पार्टी के नियंत्रण को लेकर मुलायम और उनके बेटे अखिलेश यादव के बीच गतिरोध के दौरान अमर सिंह फिर से खबरों में आ गए हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार रात इस संबंध में एक आदेश जारी किया और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) से तत्काल प्रभाव से यह जिम्मेदारी संभालने को कहा. केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा दी गई जानकारी का हवाला देते हुए एक अधिकारी ने कहा, 'हालिया गतिविधियों के मद्देनजर (अमर सिंह को) खतरे की आशंका है.' हालांकि एजेंसियों ने खतरे के संबंध में ज्यादा ब्योरा नहीं दिया. सपा नेता मुलायम सिंह यादव के करीबी अमर सिंह के सुरक्षा घेरे में सीआईएसएफ के दो दर्जन सशस्त्र कमांडो की टुकड़ी 'जेड' सुरक्षा घेरे के तहत होगी और उत्तर प्रदेश में उनके दौरों के समय उनके साथ यह सुरक्षा घेरा पूरे वक्त रहेगा. जब वह दिल्ली में होंगे तो दिल्ली पुलिस की छोटी सी टीम उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल सकती है. टिप्पणियां सपा नेता मुलायम सिंह से कुछ दिन तक संबंधों में तनाव रहने के बाद अमर सिंह फिर से उनके करीब आ गए और मई में पार्टी के राज्यसभा सांसद बनाए गए थे. समाजवादी पार्टी के नियंत्रण को लेकर मुलायम और उनके बेटे अखिलेश यादव के बीच गतिरोध के दौरान अमर सिंह फिर से खबरों में आ गए हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा दी गई जानकारी का हवाला देते हुए एक अधिकारी ने कहा, 'हालिया गतिविधियों के मद्देनजर (अमर सिंह को) खतरे की आशंका है.' हालांकि एजेंसियों ने खतरे के संबंध में ज्यादा ब्योरा नहीं दिया. सपा नेता मुलायम सिंह यादव के करीबी अमर सिंह के सुरक्षा घेरे में सीआईएसएफ के दो दर्जन सशस्त्र कमांडो की टुकड़ी 'जेड' सुरक्षा घेरे के तहत होगी और उत्तर प्रदेश में उनके दौरों के समय उनके साथ यह सुरक्षा घेरा पूरे वक्त रहेगा. जब वह दिल्ली में होंगे तो दिल्ली पुलिस की छोटी सी टीम उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल सकती है. टिप्पणियां सपा नेता मुलायम सिंह से कुछ दिन तक संबंधों में तनाव रहने के बाद अमर सिंह फिर से उनके करीब आ गए और मई में पार्टी के राज्यसभा सांसद बनाए गए थे. समाजवादी पार्टी के नियंत्रण को लेकर मुलायम और उनके बेटे अखिलेश यादव के बीच गतिरोध के दौरान अमर सिंह फिर से खबरों में आ गए हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सपा नेता मुलायम सिंह यादव के करीबी अमर सिंह के सुरक्षा घेरे में सीआईएसएफ के दो दर्जन सशस्त्र कमांडो की टुकड़ी 'जेड' सुरक्षा घेरे के तहत होगी और उत्तर प्रदेश में उनके दौरों के समय उनके साथ यह सुरक्षा घेरा पूरे वक्त रहेगा. जब वह दिल्ली में होंगे तो दिल्ली पुलिस की छोटी सी टीम उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल सकती है. टिप्पणियां सपा नेता मुलायम सिंह से कुछ दिन तक संबंधों में तनाव रहने के बाद अमर सिंह फिर से उनके करीब आ गए और मई में पार्टी के राज्यसभा सांसद बनाए गए थे. समाजवादी पार्टी के नियंत्रण को लेकर मुलायम और उनके बेटे अखिलेश यादव के बीच गतिरोध के दौरान अमर सिंह फिर से खबरों में आ गए हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सपा नेता मुलायम सिंह से कुछ दिन तक संबंधों में तनाव रहने के बाद अमर सिंह फिर से उनके करीब आ गए और मई में पार्टी के राज्यसभा सांसद बनाए गए थे. समाजवादी पार्टी के नियंत्रण को लेकर मुलायम और उनके बेटे अखिलेश यादव के बीच गतिरोध के दौरान अमर सिंह फिर से खबरों में आ गए हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: अमर सिंह को खतरा होेने की आशंका के चलते गृह मंत्रालय ने लिया फैसला यूपी में अमर सिंह के सुरक्षा घेरे में CISF के दो दर्जन कमांडो रहेंगे दिल्ली में पुलिस की छोटी टीम उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल सकती है
2
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: डीजीपी सोमेश गोयल ने बताया कि सुरक्षा में करीब एक हजार सुरक्षाकर्मियों के अलावा सादे कपड़े में खुफिया विभाग के लोगों को तैनात किया गया है. कई स्थानों पर शार्प शूटरों को तैनात किया गया है और अंतरराज्यीय सीमा के प्रवेश बिंदुओं पर कड़ी नजर रखी जा रही है. अधिकतर वीवीआईपी जुब्बार-हट्टी हवाई अड्डे पर उतरेंगे और उन्हें अन्नाडेल हेलीपैड हेलीकॉप्टर से ले जाया जाएगा. एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं के लिए एक अलग कॉरीडोर रखा गया है. फिर शपथ ग्रहण स्थल पर उन्हें कार में ले जाया जाएगा, ताकि सामान्य यातायात बाधित नहीं हो. एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं के लिए एक अलग कॉरीडोर रखा गया है.  अधिकतर वीवीआईपी जुब्बार-हट्टी हवाई अड्डे पर उतरेंगे और उन्हें अन्नाडेल हेलीपैड हेलीकॉप्टर से ले जाया जाएगा. एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं के लिए एक अलग कॉरीडोर रखा गया है. फिर शपथ ग्रहण स्थल पर उन्हें कार में ले जाया जाएगा, ताकि सामान्य यातायात बाधित नहीं हो. एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं के लिए एक अलग कॉरीडोर रखा गया है.
शिमला के रिज मैदान में होगा शपथ ग्रहण समारोह सुबह 11 बजे होगा शपथ ग्रहण समारोह राजनाथ सिंह, लालकृष्ण आडवाणी भी रहेंगे मौजूद
6
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कर्नाटक से आने वाले एवं संसदीय मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि येदियुरप्पा इस पद के लिए स्वाभाविक पसंद हैं लेकिन अंतिम निर्णय राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा. उन्होंने कहा कि पार्टी अगली सरकार बनाने का दावा पेश करेगी. कुमारस्वामी सरकार के गिरने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने  कहा, "आखिर में सच्चाई की जीत हुई और कर्नाटक को लोकप्रिय बीजेपी सरकार मिलेगी. सत्ता की भूखी कांग्रेस और जदएस ने सभी अलोकतांत्रिक तरीकों से सत्ता में बने रहने का अपना पूरा प्रयास किया." इससे पहले कर्नाटक में कांग्रेस-जदएस सरकार के विश्वासमत हासिल नहीं कर पाने पर भाजपा प्रवक्ता जीवीएल नरसिंह  राव ने कहा कि "भ्रष्ट, अवैध" गठबंधन सरकार का जाना राज्य के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है.मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी द्वारा पेश किये गये विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 99 जबकि उसके खिलाफ 105 वोट पड़े.
यह एक सारांश है: अमित शाह ने कर्नाटक को लेकर पार्टी नेताओं से मशविरा किया बीएस येदियुरप्पा हो सकते हैं मुख्यमंत्री पद के लिए बीजेपी की पसंद कर्नाटक में मंगलवार को गिर गई गठबंधन की सरकार
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: वीरेंद्र सहवाग को भले ही आक्रामक और निर्भीक बल्लेबाज माना जाता हो, लेकिन पहली गेंद का सामना करते हुए वह भी नर्वस महसूस करते हैं, मगर गेंदबाज के सामने ऐसा जाहिर नहीं होने देते। सहवाग ने कहा, हर बार जब मैं क्रीज पर उतरता हूं और पहली गेंद का सामना करता हूं, तो मैं नर्वस होता हूं। मैं इसे हालांकि कभी नहीं दिखाता, क्योंकि अगर गेंदबाज इसे भांप लेगा, तो वह मुझे दबाव में डालने की कोशिश करेगा। उन्होंने कहा, मुझे गेंदबाज को संदेश देना होता है कि मैं आक्रामकता और विश्वास के साथ उसका सामना करने के लिए यहां मौजूद हूं, फिर चाहे मैं रक्षात्मक शॉट खेलूं या आक्रामक। सहवाग का मानना है कि उनकी मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदबाजों पर दबदबा बनाने में मदद की है। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा, मुझे लगता है कि यह मानसिक मजबूती है। मेरे अंदर आत्मविश्वास और भरोसा है कि मैं किसी भी टीम के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन कर सकता हूं और किसी भी गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ रन बना सकता हूं। सहवाग ने कहा कि उन्होंने बल्लेबाजी के अपने तरीके में कुछ बदलाव किया है और अब वह अपने शॉट खेलने से पहले कुछ समय विकेट पर टिकने की कोशिश करते हैं। सहवाग ने कहा, अब मैं, इसे लेकर कुछ अधिक सतर्क हो गया हूं कि विकेट किस तरह का बर्ताव कर रहा है, गेंद स्विंग कर रही है या नहीं और गेंदबाजी आक्रमण कैसा है। मैं हालात और स्थिति को अच्छी तरह समझने के लिए खुद को थोड़ा अधिक समय देता हूं और इसके बाद अपनी पारी की रणनीति बनाता हूं। सहवाग ने कहा, हालांकि अगर कोई गेंदबाज घसियाली पिच पर हाफ वाली फेंकता है, तो भी मैं उस पर आक्रमण करता हूं और अगर ऑफ साइड के बाहर गेंद शॉर्ट होती है, तो स्क्वायर कट खेलता हूं। उन्होंने कहा, लेकिन अगर कोई गेंदबाज अच्छी लाइन और लेंग्थ के साथ गेंदबाजी करता है, तो मुझे नई गेंद को सम्मान देना पड़ता है। अगर मैं ऐसा करता हूं और सतर्कता के साथ 10 से 12 ओवर खेल लेता हूं, तो समय के साथ गेंद पुरानी हो जाती है और गेंदबाज भी थोड़े थक जाते हैं। इसके बाद मैं उन्हें निशाना बना सकता हूं।टिप्पणियां यह पूछे जाने पर कि सचिन तेंदुलकर और गौतम गंभीर के साथ पारी की शुरुआत करने में क्या अंतर है, सहवाग ने कहा कि जब तेंदुलकर उनके साझेदार होते हैं, तो वह कम दबाव में होते हैं। सहवाग ने कहा, जब मैं तेंदुलकर के साथ बल्लेबाजी करता हूं, तो मेरे ऊपर काफी कम दबाव होता है, क्योंकि विरोधी उन्हें आउट करने पर ध्यान लगाते हैं। गौतम गंभीर के साथ बल्लेबाजी करते हुए गेंदबाज मुझे आउट करने को लेकर अधिक चिंतित रहते हैं, इसलिए मुझे सतर्क होना पड़ता है। वैसे गौतम और मैं काफी अच्छे मित्र हैं और हमारे बीच में काफी अच्छा संवाद है। सहवाग ने कहा, हर बार जब मैं क्रीज पर उतरता हूं और पहली गेंद का सामना करता हूं, तो मैं नर्वस होता हूं। मैं इसे हालांकि कभी नहीं दिखाता, क्योंकि अगर गेंदबाज इसे भांप लेगा, तो वह मुझे दबाव में डालने की कोशिश करेगा। उन्होंने कहा, मुझे गेंदबाज को संदेश देना होता है कि मैं आक्रामकता और विश्वास के साथ उसका सामना करने के लिए यहां मौजूद हूं, फिर चाहे मैं रक्षात्मक शॉट खेलूं या आक्रामक। सहवाग का मानना है कि उनकी मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदबाजों पर दबदबा बनाने में मदद की है। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा, मुझे लगता है कि यह मानसिक मजबूती है। मेरे अंदर आत्मविश्वास और भरोसा है कि मैं किसी भी टीम के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन कर सकता हूं और किसी भी गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ रन बना सकता हूं। सहवाग ने कहा कि उन्होंने बल्लेबाजी के अपने तरीके में कुछ बदलाव किया है और अब वह अपने शॉट खेलने से पहले कुछ समय विकेट पर टिकने की कोशिश करते हैं। सहवाग ने कहा, अब मैं, इसे लेकर कुछ अधिक सतर्क हो गया हूं कि विकेट किस तरह का बर्ताव कर रहा है, गेंद स्विंग कर रही है या नहीं और गेंदबाजी आक्रमण कैसा है। मैं हालात और स्थिति को अच्छी तरह समझने के लिए खुद को थोड़ा अधिक समय देता हूं और इसके बाद अपनी पारी की रणनीति बनाता हूं। सहवाग ने कहा, हालांकि अगर कोई गेंदबाज घसियाली पिच पर हाफ वाली फेंकता है, तो भी मैं उस पर आक्रमण करता हूं और अगर ऑफ साइड के बाहर गेंद शॉर्ट होती है, तो स्क्वायर कट खेलता हूं। उन्होंने कहा, लेकिन अगर कोई गेंदबाज अच्छी लाइन और लेंग्थ के साथ गेंदबाजी करता है, तो मुझे नई गेंद को सम्मान देना पड़ता है। अगर मैं ऐसा करता हूं और सतर्कता के साथ 10 से 12 ओवर खेल लेता हूं, तो समय के साथ गेंद पुरानी हो जाती है और गेंदबाज भी थोड़े थक जाते हैं। इसके बाद मैं उन्हें निशाना बना सकता हूं।टिप्पणियां यह पूछे जाने पर कि सचिन तेंदुलकर और गौतम गंभीर के साथ पारी की शुरुआत करने में क्या अंतर है, सहवाग ने कहा कि जब तेंदुलकर उनके साझेदार होते हैं, तो वह कम दबाव में होते हैं। सहवाग ने कहा, जब मैं तेंदुलकर के साथ बल्लेबाजी करता हूं, तो मेरे ऊपर काफी कम दबाव होता है, क्योंकि विरोधी उन्हें आउट करने पर ध्यान लगाते हैं। गौतम गंभीर के साथ बल्लेबाजी करते हुए गेंदबाज मुझे आउट करने को लेकर अधिक चिंतित रहते हैं, इसलिए मुझे सतर्क होना पड़ता है। वैसे गौतम और मैं काफी अच्छे मित्र हैं और हमारे बीच में काफी अच्छा संवाद है। उन्होंने कहा, मुझे गेंदबाज को संदेश देना होता है कि मैं आक्रामकता और विश्वास के साथ उसका सामना करने के लिए यहां मौजूद हूं, फिर चाहे मैं रक्षात्मक शॉट खेलूं या आक्रामक। सहवाग का मानना है कि उनकी मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदबाजों पर दबदबा बनाने में मदद की है। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा, मुझे लगता है कि यह मानसिक मजबूती है। मेरे अंदर आत्मविश्वास और भरोसा है कि मैं किसी भी टीम के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन कर सकता हूं और किसी भी गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ रन बना सकता हूं। सहवाग ने कहा कि उन्होंने बल्लेबाजी के अपने तरीके में कुछ बदलाव किया है और अब वह अपने शॉट खेलने से पहले कुछ समय विकेट पर टिकने की कोशिश करते हैं। सहवाग ने कहा, अब मैं, इसे लेकर कुछ अधिक सतर्क हो गया हूं कि विकेट किस तरह का बर्ताव कर रहा है, गेंद स्विंग कर रही है या नहीं और गेंदबाजी आक्रमण कैसा है। मैं हालात और स्थिति को अच्छी तरह समझने के लिए खुद को थोड़ा अधिक समय देता हूं और इसके बाद अपनी पारी की रणनीति बनाता हूं। सहवाग ने कहा, हालांकि अगर कोई गेंदबाज घसियाली पिच पर हाफ वाली फेंकता है, तो भी मैं उस पर आक्रमण करता हूं और अगर ऑफ साइड के बाहर गेंद शॉर्ट होती है, तो स्क्वायर कट खेलता हूं। उन्होंने कहा, लेकिन अगर कोई गेंदबाज अच्छी लाइन और लेंग्थ के साथ गेंदबाजी करता है, तो मुझे नई गेंद को सम्मान देना पड़ता है। अगर मैं ऐसा करता हूं और सतर्कता के साथ 10 से 12 ओवर खेल लेता हूं, तो समय के साथ गेंद पुरानी हो जाती है और गेंदबाज भी थोड़े थक जाते हैं। इसके बाद मैं उन्हें निशाना बना सकता हूं।टिप्पणियां यह पूछे जाने पर कि सचिन तेंदुलकर और गौतम गंभीर के साथ पारी की शुरुआत करने में क्या अंतर है, सहवाग ने कहा कि जब तेंदुलकर उनके साझेदार होते हैं, तो वह कम दबाव में होते हैं। सहवाग ने कहा, जब मैं तेंदुलकर के साथ बल्लेबाजी करता हूं, तो मेरे ऊपर काफी कम दबाव होता है, क्योंकि विरोधी उन्हें आउट करने पर ध्यान लगाते हैं। गौतम गंभीर के साथ बल्लेबाजी करते हुए गेंदबाज मुझे आउट करने को लेकर अधिक चिंतित रहते हैं, इसलिए मुझे सतर्क होना पड़ता है। वैसे गौतम और मैं काफी अच्छे मित्र हैं और हमारे बीच में काफी अच्छा संवाद है। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा, मुझे लगता है कि यह मानसिक मजबूती है। मेरे अंदर आत्मविश्वास और भरोसा है कि मैं किसी भी टीम के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन कर सकता हूं और किसी भी गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ रन बना सकता हूं। सहवाग ने कहा कि उन्होंने बल्लेबाजी के अपने तरीके में कुछ बदलाव किया है और अब वह अपने शॉट खेलने से पहले कुछ समय विकेट पर टिकने की कोशिश करते हैं। सहवाग ने कहा, अब मैं, इसे लेकर कुछ अधिक सतर्क हो गया हूं कि विकेट किस तरह का बर्ताव कर रहा है, गेंद स्विंग कर रही है या नहीं और गेंदबाजी आक्रमण कैसा है। मैं हालात और स्थिति को अच्छी तरह समझने के लिए खुद को थोड़ा अधिक समय देता हूं और इसके बाद अपनी पारी की रणनीति बनाता हूं। सहवाग ने कहा, हालांकि अगर कोई गेंदबाज घसियाली पिच पर हाफ वाली फेंकता है, तो भी मैं उस पर आक्रमण करता हूं और अगर ऑफ साइड के बाहर गेंद शॉर्ट होती है, तो स्क्वायर कट खेलता हूं। उन्होंने कहा, लेकिन अगर कोई गेंदबाज अच्छी लाइन और लेंग्थ के साथ गेंदबाजी करता है, तो मुझे नई गेंद को सम्मान देना पड़ता है। अगर मैं ऐसा करता हूं और सतर्कता के साथ 10 से 12 ओवर खेल लेता हूं, तो समय के साथ गेंद पुरानी हो जाती है और गेंदबाज भी थोड़े थक जाते हैं। इसके बाद मैं उन्हें निशाना बना सकता हूं।टिप्पणियां यह पूछे जाने पर कि सचिन तेंदुलकर और गौतम गंभीर के साथ पारी की शुरुआत करने में क्या अंतर है, सहवाग ने कहा कि जब तेंदुलकर उनके साझेदार होते हैं, तो वह कम दबाव में होते हैं। सहवाग ने कहा, जब मैं तेंदुलकर के साथ बल्लेबाजी करता हूं, तो मेरे ऊपर काफी कम दबाव होता है, क्योंकि विरोधी उन्हें आउट करने पर ध्यान लगाते हैं। गौतम गंभीर के साथ बल्लेबाजी करते हुए गेंदबाज मुझे आउट करने को लेकर अधिक चिंतित रहते हैं, इसलिए मुझे सतर्क होना पड़ता है। वैसे गौतम और मैं काफी अच्छे मित्र हैं और हमारे बीच में काफी अच्छा संवाद है। सहवाग ने कहा, अब मैं, इसे लेकर कुछ अधिक सतर्क हो गया हूं कि विकेट किस तरह का बर्ताव कर रहा है, गेंद स्विंग कर रही है या नहीं और गेंदबाजी आक्रमण कैसा है। मैं हालात और स्थिति को अच्छी तरह समझने के लिए खुद को थोड़ा अधिक समय देता हूं और इसके बाद अपनी पारी की रणनीति बनाता हूं। सहवाग ने कहा, हालांकि अगर कोई गेंदबाज घसियाली पिच पर हाफ वाली फेंकता है, तो भी मैं उस पर आक्रमण करता हूं और अगर ऑफ साइड के बाहर गेंद शॉर्ट होती है, तो स्क्वायर कट खेलता हूं। उन्होंने कहा, लेकिन अगर कोई गेंदबाज अच्छी लाइन और लेंग्थ के साथ गेंदबाजी करता है, तो मुझे नई गेंद को सम्मान देना पड़ता है। अगर मैं ऐसा करता हूं और सतर्कता के साथ 10 से 12 ओवर खेल लेता हूं, तो समय के साथ गेंद पुरानी हो जाती है और गेंदबाज भी थोड़े थक जाते हैं। इसके बाद मैं उन्हें निशाना बना सकता हूं।टिप्पणियां यह पूछे जाने पर कि सचिन तेंदुलकर और गौतम गंभीर के साथ पारी की शुरुआत करने में क्या अंतर है, सहवाग ने कहा कि जब तेंदुलकर उनके साझेदार होते हैं, तो वह कम दबाव में होते हैं। सहवाग ने कहा, जब मैं तेंदुलकर के साथ बल्लेबाजी करता हूं, तो मेरे ऊपर काफी कम दबाव होता है, क्योंकि विरोधी उन्हें आउट करने पर ध्यान लगाते हैं। गौतम गंभीर के साथ बल्लेबाजी करते हुए गेंदबाज मुझे आउट करने को लेकर अधिक चिंतित रहते हैं, इसलिए मुझे सतर्क होना पड़ता है। वैसे गौतम और मैं काफी अच्छे मित्र हैं और हमारे बीच में काफी अच्छा संवाद है। सहवाग ने कहा, हालांकि अगर कोई गेंदबाज घसियाली पिच पर हाफ वाली फेंकता है, तो भी मैं उस पर आक्रमण करता हूं और अगर ऑफ साइड के बाहर गेंद शॉर्ट होती है, तो स्क्वायर कट खेलता हूं। उन्होंने कहा, लेकिन अगर कोई गेंदबाज अच्छी लाइन और लेंग्थ के साथ गेंदबाजी करता है, तो मुझे नई गेंद को सम्मान देना पड़ता है। अगर मैं ऐसा करता हूं और सतर्कता के साथ 10 से 12 ओवर खेल लेता हूं, तो समय के साथ गेंद पुरानी हो जाती है और गेंदबाज भी थोड़े थक जाते हैं। इसके बाद मैं उन्हें निशाना बना सकता हूं।टिप्पणियां यह पूछे जाने पर कि सचिन तेंदुलकर और गौतम गंभीर के साथ पारी की शुरुआत करने में क्या अंतर है, सहवाग ने कहा कि जब तेंदुलकर उनके साझेदार होते हैं, तो वह कम दबाव में होते हैं। सहवाग ने कहा, जब मैं तेंदुलकर के साथ बल्लेबाजी करता हूं, तो मेरे ऊपर काफी कम दबाव होता है, क्योंकि विरोधी उन्हें आउट करने पर ध्यान लगाते हैं। गौतम गंभीर के साथ बल्लेबाजी करते हुए गेंदबाज मुझे आउट करने को लेकर अधिक चिंतित रहते हैं, इसलिए मुझे सतर्क होना पड़ता है। वैसे गौतम और मैं काफी अच्छे मित्र हैं और हमारे बीच में काफी अच्छा संवाद है। यह पूछे जाने पर कि सचिन तेंदुलकर और गौतम गंभीर के साथ पारी की शुरुआत करने में क्या अंतर है, सहवाग ने कहा कि जब तेंदुलकर उनके साझेदार होते हैं, तो वह कम दबाव में होते हैं। सहवाग ने कहा, जब मैं तेंदुलकर के साथ बल्लेबाजी करता हूं, तो मेरे ऊपर काफी कम दबाव होता है, क्योंकि विरोधी उन्हें आउट करने पर ध्यान लगाते हैं। गौतम गंभीर के साथ बल्लेबाजी करते हुए गेंदबाज मुझे आउट करने को लेकर अधिक चिंतित रहते हैं, इसलिए मुझे सतर्क होना पड़ता है। वैसे गौतम और मैं काफी अच्छे मित्र हैं और हमारे बीच में काफी अच्छा संवाद है। सहवाग ने कहा, जब मैं तेंदुलकर के साथ बल्लेबाजी करता हूं, तो मेरे ऊपर काफी कम दबाव होता है, क्योंकि विरोधी उन्हें आउट करने पर ध्यान लगाते हैं। गौतम गंभीर के साथ बल्लेबाजी करते हुए गेंदबाज मुझे आउट करने को लेकर अधिक चिंतित रहते हैं, इसलिए मुझे सतर्क होना पड़ता है। वैसे गौतम और मैं काफी अच्छे मित्र हैं और हमारे बीच में काफी अच्छा संवाद है।
वीरेंद्र सहवाग को भले ही आक्रामक और निर्भीक बल्लेबाज माना जाता हो, लेकिन पहली गेंद का सामना करते हुए वह भी नर्वस महसूस करते हैं।
1
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कोलकाता नाइट राइडर्स ने चैम्पियंस लीग टी20 क्रिकेट मैच में डकवर्थ लुईस प्रणाली के आधार पर वारियर्स को 22 रन से हरा दिया। इससे पहले, एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका की वॉरियर्स टीम के 155 रनों के जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी कोलकाता नाइट राइडर्स ने नौ ओवर में एक विकेट के नुकसान पर 83 रन बना लिए। इस बीच बारिश शुरू हो जाने की वजह से मैच रोक दिया गया है। नाइट राइडर्स की ओर जैक्स कालिस 31 और गौतम गम्भीर 33 रन बनाकर नाबाद रहे। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स का पहला विकेट मानविंदर बिसला के रूप में चौथे ओवर में गिरा। बिसला 12 गेंदों में दो चौके और एक छक्के की मदद से 19 रन बनाकर वायने पार्नेल की गेंद पर विकेटकीपर बाउचर को कैच थमा बैठे। इससे पहले टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी वॉरियर्स टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में चार विकेट के नुकसान पर 155 रन बनाए। वॉरियर्स की ओर से कोलिन इंग्रैम ने 61 और जोन-जोन स्मट्स ने 46 रन बनाए। वॉरियर्स टीम का पहला विकेट दूसरे ही ओवर में एश्वेल प्रिंस के रूप में गिरा। प्रिंस चार रन बनाकर जैक्स कैलिस की गेंद पर बोल्ड हो गए। जोन-जोन स्मट्स का विकेट 13वें ओवर में गिरा। लक्ष्मीपति बालाजी की गेंद पर इकबाल अब्दुल्ला ने उनका कैच लपका। स्मट्स ने 43 गेंदों में छह चौके की मदद से 46 रन बनाए।  कोलिन इंग्रैम ने 47 गेंदों में तीन चौके और तीन छक्के लगाए। 61 रन के निजी योग पर ब्रेट ली की गेंद पर वह इकबाल अब्दुल्ला को कैच थमा बैठे। मार्क बाउचर 27 गेंदों में गेंदों में पांच चौके की मदद से 38 रन बनाकर नाबाद रहे। नाइट राइडर्स की ओर से लक्ष्मीपति बालाजी ने दो विकेट झटके जबकि  जैक्स कैलिस और ब्रेट ली को एक-एक सफलता मिली। इससे पहले बारिश की वजह से मैच आधा घंटा विलंब से शुरू होगा।
सारांश: कोलकाता नाइट राइडर्स ने चैम्पियंस लीग टी20 क्रिकेट मैच में डकवर्थ लुईस प्रणाली के आधार पर वारियर्स को 22 रन से हरा दिया।
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) की कोशिशें हालांकि कामयाब होती नहीं दिख रही हैं, क्योंकि शिवपाल ने अपनी 'प्रगतिशील समाजवादी पार्टी' का सपा में विलय से इनकार कर दिया है. शिवपाल पिछले साल सपा से अलग हो गए थे और उन्होंने अपनी अलग पार्टी बना ली थी. उन्होंने कुनबे में फूट के लिए रिश्ते के भाई एवं पार्टी महासचिव राम गोपाल यादव को जिम्मेदार ठहराया था. सूत्रों ने बताया कि लेकिन शिवपाल को उत्तर प्रदेश में होने वाले 12 उपचुनावों में सपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ने से गुरेज नहीं हैं. भाजपा के 9 और सपा, बसपा से एक-एक विधायक लोकसभा चुनाव जीत गए हैं. इससे 11 सीटें खाली हुईं हैं, वहीं हत्या के मामले में भाजपा के एक विधायक को दोषी ठहराए जाने के बाद उसे अयोग्य ठहराए जाने से एक सीट रिक्त हुई है. बताया जा रहा है कि मुलायम ने अखिलेश यादव (Akhilesh yadav) और शिवपाल (Shivpal Yadav) दोनों को समझाया है कि अगर परिवार एक नहीं हुआ तो इसके राजनीतिक परिणाम भुगतने पड़ सकते है.
यह एक सारांश है: मुलायम सिंह ने शुरू की परिवार को एकजुट करने की कवायद मुलायम ने अखिलेश और शिवपाल सहित पूरे कुनबे से की मुलाकात विधानसभा चुनाव से पहले सपा को एकजुट करने की कोशिशें
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शुक्रवार को कहा कि सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम की गहन समीक्षा की जरूरत है, ताकि सरकारी कामकाज पर नकरात्मक असर न पड़े तो वहीं विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोप लगाया कि सरकार अधिनियम में छेड़छाड़ कर उसे कमजोर करना चाहती है। सूचना आयुक्तों के छठे वार्षिक सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "आरटीआई अधिनियम प्रभावी रहा है, लेकिन इस बात को लेकर चिंताएं हैं कि इससे ईमानदार और अपने विचारों की पूर्ण अभिव्यक्ति करने वाले लोक सेवक हतोत्साहित हो सकते हैं।" प्रधानमंत्री ने कहा, "आरटीआई अधिनियम की क्षमता और इसकी प्रभावशीलता को स्वीकारने तथा इसकी प्रशंसा करने के बावजूद हमें इसकी गहन समीक्षा करनी चाहिए। कुछ चिंताएं हैं, जिन पर चर्चा करने और उन्हें ईमानदारीपूर्वक दूर करने की आवश्यकता है।" गौरतलब है कि सलमान खुर्शीद और वीरप्पा मोइली सहित प्रधानमंत्री के अन्य मंत्रिमंडलीय सहयोगी आरटीआई की समीक्षा की सिफारिश करते रहे हैं। पिछले महीने 2जी स्पेक्ट्रम मामले में केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम का नाम आरटीआई के कारण ही आया था। वित्त मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजा गया नोट आरटीआई के माध्यम से ही हासिल किया गया था और वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी को इस पर सफाई देनी पड़ी थी। अपने सम्बोधन में मनमोहन सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार उजागर करने वालों की सुरक्षा सम्बंधी कानून से आरटीआई और मजबूत होगा। साथ ही उम्मीद जताई कि अगले कुछ महीनों में यह कानून लागू हो जाएगा। सूचनाओं को सार्वजनिक करने और सरकारी प्राधिकरणों के पास उपलब्ध सीमित समय तथा संसाधानों के बीच संतुलन स्थापित करने की आवश्यकता बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी स्थिति की अपेक्षा नहीं की जाती, जिसमें सरकारी प्रतिष्ठानों के पास ऐसी सूचनाओं के लिए आवेदनों की भरमार हो, जो सार्वजनिक हित में न हो। उन्होंने इस बात पर विचार की आवश्यकता बताई कि किस तरह जनहित में मांगी जाने वाली सूचनाओं और निर्थक जानकारियों के आवेदन से एक साथ निपटा जाए। उन्होंने कहा, "..मैं समझता हूं कि हमें यह याद रखने की आवश्यकता है कि किसी भी विचार को सार्वजनिक जांच और चर्चा में एकतरफा ढंग से लाने पर उसकी विकृत या अधूरी तस्वीर सामने आ सकती है, जो वास्तव में अंतिम निर्णय लेने की प्रक्रिया में अपनाई गई हो। आरटीआई का नकारात्मक असर सरकारी कामकाज पर नहीं होना चाहिए।" उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए सरकार व्यापक कानूनी, कार्यकारी तथा तकनीकी एजेंडे के प्रति प्रतिबद्ध है और आरटीआई इस दिशा में महत्वपूर्ण साधन साबित हो सकता है। उन्होंने कहा, "प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए हम आरटीआई को अधिक प्रभावी बनाना चाहते हैं।" आरटीआई अधिनियम में छूट की धाराओं को लेकर गहन समीक्षा की आवश्यकता बताते हुए प्रधानमंत्री ने सम्मेलन के प्रतिभागियों से ठोस सलाह देने को कहा। उन्होंने कहा कि आरटीआई में निजता सम्बंधी मुद्दों के निपटारे का प्रावधान है, लेकिन कुछ क्षेत्र हैं जिस पर विचार करने की आवश्यकता है। उधर, भाजपा ने आरटीआई की 'गहन समीक्षा' के प्रधानमंत्री के बयान पर उनसे स्पष्टीकरण की मांग की। भाजपा नेता राजीव प्रताप रूड़ी ने कहा, "हमने कभी उम्मीद नहीं की थी कि प्रधानमंत्री स्वयं कहेंगे कि आरटीआई पर पैसा और अधिकारियों का समय बर्बाद हो रहा है। हम समझते हैं कि यह इस बात का बड़ा संकेत है कि आरटीआई अधिनियम को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।" उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इसलिए आरटीआई अधिनियम को कमजोर करना चाहती है, क्योंकि इसके जरिये हुए खुलासों से वह मुश्किल में फंसी है। रूड़ी ने कहा, "हम जानते हैं कि आरटीआई के कारण सरकार पर कई आरोप लगाए जा रहे हैं.. क्या सरकार को इस बात का भय है कि वह अपनी विश्वसनीयता पहले ही खो चुकी है और यदि यह अधिनियम लम्बे समय तक रहता है तो वह कहीं नहीं टिक पाएगी।" उन्होंने कहा, "इस तरह के बयान जारी करने के उद्देश्यों को लेकर सरकार और प्रधानमंत्री को सफाई देनी चाहिए।"
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्रधानमंत्री ने आरटीआई की आलोचनात्मक समीक्षा की बात कही है लेकिन साथ ही उन्होंने साफ किया कि इस कानून को हल्का करने का कोई इरादा नहीं है।
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सत्ता बंटवारे को लेकर महाराष्ट्र में शिवसेना और भाजपा के बीच खींचतान जारी रहने के बीच भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने शनिवार को भरोसा जताया कि राज्य में 10 नवम्बर से पहले नयी सरकार बन जाएगी. शिवसेना ने मुनगंटीवार पर उनके इस बयान को लेकर निशाना साधा था कि विधानसभा चुनाव के बाद वर्तमान में जारी गतिरोध समाप्त नहीं हुआ तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लग सकता है. मुनगंटीवार ने यह भी कहा कि दोनों सहयोगी दलों को जनादेश का सम्मान करना चाहिए. महाराष्ट्र की वर्तमान 13वीं विधानसभा का कार्यकाल नौ नवम्बर को समाप्त हो रहा है. मुनगंटीवार ने चंद्रपुर में कहा कि नयी सरकार का शपथग्रहण छह या सात नवम्बर को होगा. उन्होंने कहा, ‘‘जनादेश का सम्मान करना भाजपा और शिवसेना का कर्तव्य है. मंत्री पद किस तरह से बांटना है यह चर्चा के जरिये तय हो सकता है.''  उन्होंने कहा कि भाजपा वार्ता के लिए तैयार है. मुनगंटीवार शनिवार सुबह शिवसेना के मुखपत्र में प्रकाशित संपादकीय पर प्रतिक्रिया जता रहे थे जिसमें राष्ट्रपति शासन की ‘‘धमकी'' को लेकर उन पर निशाना साधा गया था. उन्होंने कहा कि शिवसेना को नाराज होने की जरुरत नहीं क्योंकि उन्होंने केवल वही कहा जिसका प्रावधान सरकार नहीं होने की दशा में संविधान में है.  उन्होंने कहा, ‘‘यदि बाघ (शिवसेना का प्रतीक चिह्न) गुर्रा रहा है, मैं वन मंत्री हूं और हमें पता है कि बाघ का संरक्षण कैसे करना है. हम बाघ को साथ लेकर चलेंगे.'' सामना में प्रकाशित संपादकीय में मुनगंटीवार पर उनके इस बयान को लेकर निशाना साधा गया था कि यदि सात नवम्बर तक नयी सरकार का गठन नहीं हुआ तो महाराष्ट्र राष्ट्रपति शासन की ओर बढ़ सकता है.  संपादकीय में सवाल किया गया था कि क्या ‘‘राष्ट्रपति आपकी जेब में हैं.'' यद्यपि कुछ घंटे बाद शिवसेना सांसद एवं सामना के कार्यकारी संपादक संजय राउत ने अपना रुख नरम कर लिया. उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘शिवसेना ने (भाजपा के साथ) गठबंधन में विधानसभा चुनाव लड़ा था और हम आखिरी समय तक गठबंधन धर्म का पालन करेंगे.''  राउत राज्यसभा सदस्य एवं कांग्रेस नेता हुसैन दलवई के कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी को लिखे पत्र पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे जिसमें कहा गया था कि यदि शिवसेना अपने बल पर सरकार बनाने का प्रस्ताव पेश करती है तो पार्टी को उसका समर्थन करना चाहिए. इस बीच महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने मुम्बई में प्रदेश भाजपा नेताओं की एक बैठक की अध्यक्षता की. पाटिल ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने सरकार गठन को लेकर वर्तमान के गतिरोध समाप्ति के लिए कोल्हापुर की देवी अम्बाबाई से प्रार्थना की है. उन्होंने कहा, ‘‘हमारा नेतृत्व इस गतिरोध से निपटने में सक्षम है.'' प्रदेश भाजपा के एक अन्य नेता एवं केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे ने कहा कि मुनगंटीवार का राष्ट्रपति शासन के बारे में बयान धमकी के लिए नहीं था.
सारांश: बीजेपी नेता ने बताई सरकार के शपथ ग्रहण की तारीख कहा- 10 नवम्बर से पहले नयी सरकार बन जाएगी कहा- नयी सरकार का शपथग्रहण छह या सात नवम्बर को होगा
33
['hin']
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान के नए चुनाव आयुक्त फखरुद्दीन जी. इब्राहिम, महात्मा गांधी से काफी प्रभावित हैं और वह अपने आचरण में अहिंसा और शांति के उनके उपदेशों का पालन भी करते हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक उनकी पैदाइश भारत के गुजरात राज्य की है और अपने छात्र जीवन में उन्होंने महात्मा गांधी के भाषण भी सुने हैं। 12 फरवरी 1928 को गुजरात के अहमदाबाद में जन्मे इब्राहिम को संसद की मंजूरी के बाद सोमवार को पाकिस्तान का नया मुख्य चुनाव आयुक्त बनाया गया है।टिप्पणियां वर्ष 1950 में पाकिस्तान जाकर बसने वाले इब्राहिम के बारे में समाचार पत्र डॉन ने लिखा है कि उन्होंने गुजरात विद्यापीठ से 1949 में कानून की डिग्री हासिल की है और इस दौरान दर्शन पर आधारित कक्षाएं लेते  वक्त उन्होंने महात्मा गांधी के व्याख्यान भी सुने हैं। यह माना जाता है कि शांति और अहिंसा की वकालत करने वाले इब्राहिम को इसकी प्रेरणा गांधी से ही मिली है। पाकिस्तान में इब्राहिम को एक प्रतिष्ठत न्यायविद माना जाता है। वह सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश होने के अलावा देश के कानून मंत्री और सिध के गवर्नर का पद भी संभाल चुके हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक उनकी पैदाइश भारत के गुजरात राज्य की है और अपने छात्र जीवन में उन्होंने महात्मा गांधी के भाषण भी सुने हैं। 12 फरवरी 1928 को गुजरात के अहमदाबाद में जन्मे इब्राहिम को संसद की मंजूरी के बाद सोमवार को पाकिस्तान का नया मुख्य चुनाव आयुक्त बनाया गया है।टिप्पणियां वर्ष 1950 में पाकिस्तान जाकर बसने वाले इब्राहिम के बारे में समाचार पत्र डॉन ने लिखा है कि उन्होंने गुजरात विद्यापीठ से 1949 में कानून की डिग्री हासिल की है और इस दौरान दर्शन पर आधारित कक्षाएं लेते  वक्त उन्होंने महात्मा गांधी के व्याख्यान भी सुने हैं। यह माना जाता है कि शांति और अहिंसा की वकालत करने वाले इब्राहिम को इसकी प्रेरणा गांधी से ही मिली है। पाकिस्तान में इब्राहिम को एक प्रतिष्ठत न्यायविद माना जाता है। वह सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश होने के अलावा देश के कानून मंत्री और सिध के गवर्नर का पद भी संभाल चुके हैं। 12 फरवरी 1928 को गुजरात के अहमदाबाद में जन्मे इब्राहिम को संसद की मंजूरी के बाद सोमवार को पाकिस्तान का नया मुख्य चुनाव आयुक्त बनाया गया है।टिप्पणियां वर्ष 1950 में पाकिस्तान जाकर बसने वाले इब्राहिम के बारे में समाचार पत्र डॉन ने लिखा है कि उन्होंने गुजरात विद्यापीठ से 1949 में कानून की डिग्री हासिल की है और इस दौरान दर्शन पर आधारित कक्षाएं लेते  वक्त उन्होंने महात्मा गांधी के व्याख्यान भी सुने हैं। यह माना जाता है कि शांति और अहिंसा की वकालत करने वाले इब्राहिम को इसकी प्रेरणा गांधी से ही मिली है। पाकिस्तान में इब्राहिम को एक प्रतिष्ठत न्यायविद माना जाता है। वह सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश होने के अलावा देश के कानून मंत्री और सिध के गवर्नर का पद भी संभाल चुके हैं। वर्ष 1950 में पाकिस्तान जाकर बसने वाले इब्राहिम के बारे में समाचार पत्र डॉन ने लिखा है कि उन्होंने गुजरात विद्यापीठ से 1949 में कानून की डिग्री हासिल की है और इस दौरान दर्शन पर आधारित कक्षाएं लेते  वक्त उन्होंने महात्मा गांधी के व्याख्यान भी सुने हैं। यह माना जाता है कि शांति और अहिंसा की वकालत करने वाले इब्राहिम को इसकी प्रेरणा गांधी से ही मिली है। पाकिस्तान में इब्राहिम को एक प्रतिष्ठत न्यायविद माना जाता है। वह सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश होने के अलावा देश के कानून मंत्री और सिध के गवर्नर का पद भी संभाल चुके हैं। पाकिस्तान में इब्राहिम को एक प्रतिष्ठत न्यायविद माना जाता है। वह सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश होने के अलावा देश के कानून मंत्री और सिध के गवर्नर का पद भी संभाल चुके हैं।
यह एक सारांश है: पाकिस्तान के नए चुनाव आयुक्त फखरुद्दीन जी. इब्राहिम, महात्मा गांधी से काफी प्रभावित हैं और वह अपने आचरण में अहिंसा और शांति के उनके उपदेशों का पालन भी करते हैं।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अगर आप अपनी बाइक से कहीं जा रहे हों और अचानक सामने एक बब्बर शेर आ जाए तो क्या करेंगे. जाहिर सी बात है कि थोड़ी देर के लिए किसी की भी सिट्टी-पिट्टी गुम हो ही जाएगी. लेकिन गुजरात में यह बातें लोगों के लिए आम हो गई हैं. गिर  के जंगल के आसपास रहने वाले लोग रोज ही जंगल के सबसे खूंखार जानवर का सामना करते हैं. इस वीडियो में भी आप देख सकते हैं कि एक मोटर साइकिल सवार कहीं जा रहे हैं और रास्ते में उसे पानी पीते हुए बब्बर शेर मिल जाता है.  उधर, दूसरी ओर भी कोई मोटरसाइकिल सवार आ रहा है वह भी जंगल के राजा के सम्मान में अपनी बाइक रोक देता है. जब शेर पानी पी लेता है तो उसकी नजर उस मोटरसाइकिल सवार पर पड़ती है. एक पल तो मानो ऐसा लगता है कि वह हमला करने वाला है. वह मोटरसाइकिल सवार से आंखें भी मिलाता है. लेकिन फिर कुछ ही सेकेंड में वह सड़क पार करते हुए जंगल के अंदर चला जाता है. ऐसा माना जाता है कि जब तक बब्बर शेर भूखा न हो वह हमला नहीं करता है.टिप्पणियां हालांकि गिर के आसपास रहने वाले लोग इसके आदी हो चुके हैं और यहां के जंगली जानवर भी अब इंसानों के साथ रहना सीख चुके हैं. लेकिन जो भी इन नजारों को पहली बार देखता है वह उसके तो डर के मारे कंपकपी छूट जाती है तभी तो इस वीडियो को अब तक 35 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं और इसको काफी पसंद भी किया जा रहा है.   हालांकि गिर के आसपास रहने वाले लोग इसके आदी हो चुके हैं और यहां के जंगली जानवर भी अब इंसानों के साथ रहना सीख चुके हैं. लेकिन जो भी इन नजारों को पहली बार देखता है वह उसके तो डर के मारे कंपकपी छूट जाती है तभी तो इस वीडियो को अब तक 35 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं और इसको काफी पसंद भी किया जा रहा है.
सारांश: बाइक से जा रहे शख्स सामने आ गया एक बब्बर शेर शेर और उस शख्स के बीच नजरें मिलती हैं उसके बाद थोड़ी देर के लिए लगा कि मानों मौत सामने खड़ी थी
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सारकोजी के छोटे बेटे और उसके दोस्तों ने अपना आपा खोते हुए एक महिला पुलिसकर्मी पर सब्जियां उठाकर फेंक दीं। इस बारे में सारकोजी का कहना है कि बच्चों को अकेला छोड़ने पर इस तरह की आशंका बनी रहती है।टिप्पणियां फ्रांसीसी मीडिया के अनुसार 8 मार्च को 15 वर्षीय लुईस सारकोजी और उसके दोस्तों ने राष्ट्रपति परिसर में ड्यूटी पर तैनात एक अधिकारी पर टमाटर और कागजों का गोला फेंका। एक टीवी पर अनौपचारिक साक्षात्कार में सारकोजी ने इस घटना को और स्पष्ट किया। ‘कैनल प्लस’ से उन्होंने कहा, ‘‘वह (बेटा) गलत हुआ, लेकिन ये गेंदें नहीं थीं...ये सब्जियां थीं।’’ सारकोजी ने कहा कि बढ़ते हुए बच्चे दुनिया में सबसे मुश्किल बात होते हैं और एक बच्चे को दो दोस्तों के साथ अकेला छोड़ देना जोखिमपूर्ण हो जाता है। सारकोजी ने तीन विवाह किए हैं और उनसे तीन बेटे और एक बेटी है। फ्रांसीसी मीडिया के अनुसार 8 मार्च को 15 वर्षीय लुईस सारकोजी और उसके दोस्तों ने राष्ट्रपति परिसर में ड्यूटी पर तैनात एक अधिकारी पर टमाटर और कागजों का गोला फेंका। एक टीवी पर अनौपचारिक साक्षात्कार में सारकोजी ने इस घटना को और स्पष्ट किया। ‘कैनल प्लस’ से उन्होंने कहा, ‘‘वह (बेटा) गलत हुआ, लेकिन ये गेंदें नहीं थीं...ये सब्जियां थीं।’’ सारकोजी ने कहा कि बढ़ते हुए बच्चे दुनिया में सबसे मुश्किल बात होते हैं और एक बच्चे को दो दोस्तों के साथ अकेला छोड़ देना जोखिमपूर्ण हो जाता है। सारकोजी ने तीन विवाह किए हैं और उनसे तीन बेटे और एक बेटी है। सारकोजी ने कहा कि बढ़ते हुए बच्चे दुनिया में सबसे मुश्किल बात होते हैं और एक बच्चे को दो दोस्तों के साथ अकेला छोड़ देना जोखिमपूर्ण हो जाता है। सारकोजी ने तीन विवाह किए हैं और उनसे तीन बेटे और एक बेटी है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सारकोजी के छोटे बेटे और उसके दोस्तों ने अपना आपा खोते हुए एक महिला पुलिसकर्मी पर सब्जियां उठाकर फेंक दीं।
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने शुक्रवार को दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के खिलाफ भ्रष्टाचार रोधी शाखा (एसीबी) में शिकायत दर्ज कराई. मालीवाल ने शीला दीक्षित पर वित्तीय धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप में शिकायत दर्ज कराई है. इस शिकायत में डीसीडब्ल्यू की पूर्व अध्यक्ष बरखा शुक्ला सिंह और किरण वालिया के नाम भी शामिल हैं. मालीवाल ने अपनी शिकायत में कहा कि सिंह और वालिया द्वारा आयोग में वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग के साक्ष्य मिले हैं. मालीवाल ने अपनी शिकायत में दीक्षित का नाम लेते हुए कहा कि अनियमितताएं ने 2007 से 2015 के बीच की हैं, जब वह दिल्ली की मुख्यमंत्री थीं.टिप्पणियां एसीबी द्वारा सिंह की शिकायत पर 19 सितंबर को मालीवाल के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने के बाद उनकी ओर से यह शिकायत दर्ज कराई गई है. सिंह ने एसीबी में दर्ज अपनी शिकायत में मालीवाल पर आम आदमी पार्टी (आप) से जुड़े सहयोगियों को लाभ के पदों पर तैनात करने का आरोप लगाया है. उन्होंने अपनी शिकायत में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी आरोप लगाए हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस शिकायत में डीसीडब्ल्यू की पूर्व अध्यक्ष बरखा शुक्ला सिंह और किरण वालिया के नाम भी शामिल हैं. मालीवाल ने अपनी शिकायत में कहा कि सिंह और वालिया द्वारा आयोग में वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग के साक्ष्य मिले हैं. मालीवाल ने अपनी शिकायत में दीक्षित का नाम लेते हुए कहा कि अनियमितताएं ने 2007 से 2015 के बीच की हैं, जब वह दिल्ली की मुख्यमंत्री थीं.टिप्पणियां एसीबी द्वारा सिंह की शिकायत पर 19 सितंबर को मालीवाल के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने के बाद उनकी ओर से यह शिकायत दर्ज कराई गई है. सिंह ने एसीबी में दर्ज अपनी शिकायत में मालीवाल पर आम आदमी पार्टी (आप) से जुड़े सहयोगियों को लाभ के पदों पर तैनात करने का आरोप लगाया है. उन्होंने अपनी शिकायत में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी आरोप लगाए हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एसीबी द्वारा सिंह की शिकायत पर 19 सितंबर को मालीवाल के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने के बाद उनकी ओर से यह शिकायत दर्ज कराई गई है. सिंह ने एसीबी में दर्ज अपनी शिकायत में मालीवाल पर आम आदमी पार्टी (आप) से जुड़े सहयोगियों को लाभ के पदों पर तैनात करने का आरोप लगाया है. उन्होंने अपनी शिकायत में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी आरोप लगाए हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: शिकायत में पूर्व अध्‍यक्ष बरखा सिंह और किरण वालिया के भी नाम शीला पर सीएम रहते हुए वित्तीय धोखाधड़ी-भ्रष्‍टाचार के हैं आरोप बरखा की शिकायत पर मालीवाल के खिलाफ भी दर्ज हो चुकी शिकायत
13
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: खाद्यमंत्री केवी थॉमस ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा 80,000 करोड़ रुपये के चीनी उद्योग को खुले बाजार में चीनी बेचने की स्वतंत्रता देने के बारे में फैसला अगले 15 दिनों में लिए जाने की संभावना है।टिप्पणियां पिछले वर्ष अक्टूबर में प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) के अध्यक्ष सी रंगराजन की अगुवाई वाले विशेषज्ञ समिति ने दो महत्वपूर्ण नियंत्रणों को तत्काल समाप्त करने की सिफारिश की थी। ये दो महत्वपूर्ण नियंत्रण थे - विनियमित निर्गम प्रणाली और लेवी चीनी दायित्व। इसके अलावा बाकी नियंत्रणों को भी क्रमश: समाप्त करने की सिफारिश की गई थी। थॉमस ने एसोचेम के एक आयोजन में कहा, इस वर्ष हमारे चीनी की स्थिति आरामदेह है। रंगराजन समिति की सिफारिशें विभाग के समक्ष हैं। मेरा मानना है कि अगले 15 दिनों में हम लेवी चीनी, निर्गम प्रणाली और अन्य मसलों के बारे में कोई फैसला करने में सक्षम होंगे। मंत्री ने आश्वस्त किया कि रंगराजन समिति की सिफारिशें बाकी समितियों के सुझावों की तरह गंभीर स्थिति का सामना नहीं करेगी, जिन सिफारिशों को अभी तक लागू नहीं किया जा सका। पिछले वर्ष अक्टूबर में प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) के अध्यक्ष सी रंगराजन की अगुवाई वाले विशेषज्ञ समिति ने दो महत्वपूर्ण नियंत्रणों को तत्काल समाप्त करने की सिफारिश की थी। ये दो महत्वपूर्ण नियंत्रण थे - विनियमित निर्गम प्रणाली और लेवी चीनी दायित्व। इसके अलावा बाकी नियंत्रणों को भी क्रमश: समाप्त करने की सिफारिश की गई थी। थॉमस ने एसोचेम के एक आयोजन में कहा, इस वर्ष हमारे चीनी की स्थिति आरामदेह है। रंगराजन समिति की सिफारिशें विभाग के समक्ष हैं। मेरा मानना है कि अगले 15 दिनों में हम लेवी चीनी, निर्गम प्रणाली और अन्य मसलों के बारे में कोई फैसला करने में सक्षम होंगे। मंत्री ने आश्वस्त किया कि रंगराजन समिति की सिफारिशें बाकी समितियों के सुझावों की तरह गंभीर स्थिति का सामना नहीं करेगी, जिन सिफारिशों को अभी तक लागू नहीं किया जा सका। थॉमस ने एसोचेम के एक आयोजन में कहा, इस वर्ष हमारे चीनी की स्थिति आरामदेह है। रंगराजन समिति की सिफारिशें विभाग के समक्ष हैं। मेरा मानना है कि अगले 15 दिनों में हम लेवी चीनी, निर्गम प्रणाली और अन्य मसलों के बारे में कोई फैसला करने में सक्षम होंगे। मंत्री ने आश्वस्त किया कि रंगराजन समिति की सिफारिशें बाकी समितियों के सुझावों की तरह गंभीर स्थिति का सामना नहीं करेगी, जिन सिफारिशों को अभी तक लागू नहीं किया जा सका।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: खाद्यमंत्री केवी थॉमस ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा 80,000 करोड़ रुपये के चीनी उद्योग को खुले बाजार में चीनी बेचने की स्वतंत्रता देने के बारे में फैसला अगले 15 दिनों में लिए जाने की संभावना है।
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को युद्ध भड़काने वाला व्यक्ति करार दिया. उन्होंने सत्ताधारी बीजेपी पर सेना के सर्जिकल स्ट्राइक पर अपनी पीठ थपथपाने का आरोप लगाया. दिग्विजय सिंह ने एक न्‍यूज चैनल से बातचीत में कहा, "इस तरह के स्ट्राइक पहले भी किए गए हैं. अंतर सिर्फ पीठ थपथपाने की इस हरकत और मीडिया में बयानबाजी का है. पहले ऐसा कभी नहीं हुआ, क्योंकि पहले के प्रधानमंत्री ने सोचा कि बेहतर है कि इन मुद्दों को सुरक्षा बलों के ऊपर छोड़ दिया जाए." कांग्रेस नेता ने कहा, "आज (भाजपा अध्यक्ष) अमित शाह और पार्टी के नीचे के लोग अपनी पीठ थपथपा रहे हैं. मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल युद्ध भड़काने वाले लोग हैं."टिप्पणियां दिग्विजय सिंह की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बयान पर प्रतिक्रिया दी. शिवराज ने सर्जिकल स्ट्राइक के लिए प्रधानमंत्री की प्रशंसा करते हुए कहा कि मोदी का 56 इंच का सीना अब फूलकर 100 इंच का हो गया है. चौहान ने भोपाल में रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा, "मोदी का सीना अब 56 इंच का नहीं, बल्कि 100 इंच का हो गया है." गौरतलब है कि सर्जिकल स्ट्राइक भारतीय सेना के विशेष बलों ने 28-29 सितंबर की रात की थी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दिग्विजय सिंह ने एक न्‍यूज चैनल से बातचीत में कहा, "इस तरह के स्ट्राइक पहले भी किए गए हैं. अंतर सिर्फ पीठ थपथपाने की इस हरकत और मीडिया में बयानबाजी का है. पहले ऐसा कभी नहीं हुआ, क्योंकि पहले के प्रधानमंत्री ने सोचा कि बेहतर है कि इन मुद्दों को सुरक्षा बलों के ऊपर छोड़ दिया जाए." कांग्रेस नेता ने कहा, "आज (भाजपा अध्यक्ष) अमित शाह और पार्टी के नीचे के लोग अपनी पीठ थपथपा रहे हैं. मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल युद्ध भड़काने वाले लोग हैं."टिप्पणियां दिग्विजय सिंह की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बयान पर प्रतिक्रिया दी. शिवराज ने सर्जिकल स्ट्राइक के लिए प्रधानमंत्री की प्रशंसा करते हुए कहा कि मोदी का 56 इंच का सीना अब फूलकर 100 इंच का हो गया है. चौहान ने भोपाल में रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा, "मोदी का सीना अब 56 इंच का नहीं, बल्कि 100 इंच का हो गया है." गौरतलब है कि सर्जिकल स्ट्राइक भारतीय सेना के विशेष बलों ने 28-29 सितंबर की रात की थी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दिग्विजय सिंह की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बयान पर प्रतिक्रिया दी. शिवराज ने सर्जिकल स्ट्राइक के लिए प्रधानमंत्री की प्रशंसा करते हुए कहा कि मोदी का 56 इंच का सीना अब फूलकर 100 इंच का हो गया है. चौहान ने भोपाल में रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा, "मोदी का सीना अब 56 इंच का नहीं, बल्कि 100 इंच का हो गया है." गौरतलब है कि सर्जिकल स्ट्राइक भारतीय सेना के विशेष बलों ने 28-29 सितंबर की रात की थी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: कहा-सेना के सर्जिकल स्‍ट्राइक पर अपनी पीठ थपथपा रही बीजेपी इससे पहले भी ऐसे स्‍ट्राइक किए गए हैं, फर्क सिर्फ बयानबाजी का है पहले के पीएम ने सोचा, बेहतर है इन मुद्दों को सुरक्षा बलों पर छोड़ा जाए
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: इन्फोसिस और टीसीएस सहित सेंसेक्स की छह प्रमुख कंपनियों का बाजार पूंजीकरण पिछले सप्ताह 64,122 करोड़ रुपए गिरा। इन्फोसिस का बाजार मूल्य शुक्रवार को 25,677 करोड़ रुपए घटकर 1,38,004 करोड़ रुपए हो गया। कंपनी ने शुक्रवार को अपने तिमाही नतीजे की घोषणा की और चालू वित्त वर्ष के लिए कमजोर उम्मीदें जताइ’। इन्फोसिस का शेयर 13 अप्रैल को करीब 13 फीसद गिरा और एक ही दिन में कंपनी का बाजार मूल्य 20,000 करोड़ रुपए गिर गया। देश की सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी टीसीएस के बाजार-पूंजीकरण में 21,295 करोड़ रुपए की गिरावट आई। नुकसान दर्ज करने वाली कंपनियों में इन्फोसिस और टीसीएस का योगदान 46,972 करोड़ रुपए का रहा। सरकारी कंपनी ओएनजीसी का बाजार पूंजीकरण 10,738 करोड़ रुपए घटकर 2,23,169 करोड़ रुपए हो गया जबकि भारती एयरटेल का बाजार पूंजीकरण 2,867 करोड़ रुपए घटकर 1,22,451 करोड़ रुपए हो गया। टिप्पणियां इधर कोल इंडिया लिमिटेड का बाजार मूल्य 2,432 करोड़ रुपए घटकर 2,13,335 करोड़ रुपए हो गया जबकि एनटीपीसी का निवल मूल्य 1,113 करोड़ रुपए गिरकर 1,37,204 करोड़ रुपए हो गया। इनके उलट आरआईएल, आईटीसी, एसबीआई और एचडीएफसी बैंक के बाजार पूंजीकरण में बढ़ोतरी दर्ज हुई। इन्फोसिस का बाजार मूल्य शुक्रवार को 25,677 करोड़ रुपए घटकर 1,38,004 करोड़ रुपए हो गया। कंपनी ने शुक्रवार को अपने तिमाही नतीजे की घोषणा की और चालू वित्त वर्ष के लिए कमजोर उम्मीदें जताइ’। इन्फोसिस का शेयर 13 अप्रैल को करीब 13 फीसद गिरा और एक ही दिन में कंपनी का बाजार मूल्य 20,000 करोड़ रुपए गिर गया। देश की सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी टीसीएस के बाजार-पूंजीकरण में 21,295 करोड़ रुपए की गिरावट आई। नुकसान दर्ज करने वाली कंपनियों में इन्फोसिस और टीसीएस का योगदान 46,972 करोड़ रुपए का रहा। सरकारी कंपनी ओएनजीसी का बाजार पूंजीकरण 10,738 करोड़ रुपए घटकर 2,23,169 करोड़ रुपए हो गया जबकि भारती एयरटेल का बाजार पूंजीकरण 2,867 करोड़ रुपए घटकर 1,22,451 करोड़ रुपए हो गया। टिप्पणियां इधर कोल इंडिया लिमिटेड का बाजार मूल्य 2,432 करोड़ रुपए घटकर 2,13,335 करोड़ रुपए हो गया जबकि एनटीपीसी का निवल मूल्य 1,113 करोड़ रुपए गिरकर 1,37,204 करोड़ रुपए हो गया। इनके उलट आरआईएल, आईटीसी, एसबीआई और एचडीएफसी बैंक के बाजार पूंजीकरण में बढ़ोतरी दर्ज हुई। इन्फोसिस का शेयर 13 अप्रैल को करीब 13 फीसद गिरा और एक ही दिन में कंपनी का बाजार मूल्य 20,000 करोड़ रुपए गिर गया। देश की सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी टीसीएस के बाजार-पूंजीकरण में 21,295 करोड़ रुपए की गिरावट आई। नुकसान दर्ज करने वाली कंपनियों में इन्फोसिस और टीसीएस का योगदान 46,972 करोड़ रुपए का रहा। सरकारी कंपनी ओएनजीसी का बाजार पूंजीकरण 10,738 करोड़ रुपए घटकर 2,23,169 करोड़ रुपए हो गया जबकि भारती एयरटेल का बाजार पूंजीकरण 2,867 करोड़ रुपए घटकर 1,22,451 करोड़ रुपए हो गया। टिप्पणियां इधर कोल इंडिया लिमिटेड का बाजार मूल्य 2,432 करोड़ रुपए घटकर 2,13,335 करोड़ रुपए हो गया जबकि एनटीपीसी का निवल मूल्य 1,113 करोड़ रुपए गिरकर 1,37,204 करोड़ रुपए हो गया। इनके उलट आरआईएल, आईटीसी, एसबीआई और एचडीएफसी बैंक के बाजार पूंजीकरण में बढ़ोतरी दर्ज हुई। देश की सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी टीसीएस के बाजार-पूंजीकरण में 21,295 करोड़ रुपए की गिरावट आई। नुकसान दर्ज करने वाली कंपनियों में इन्फोसिस और टीसीएस का योगदान 46,972 करोड़ रुपए का रहा। सरकारी कंपनी ओएनजीसी का बाजार पूंजीकरण 10,738 करोड़ रुपए घटकर 2,23,169 करोड़ रुपए हो गया जबकि भारती एयरटेल का बाजार पूंजीकरण 2,867 करोड़ रुपए घटकर 1,22,451 करोड़ रुपए हो गया। टिप्पणियां इधर कोल इंडिया लिमिटेड का बाजार मूल्य 2,432 करोड़ रुपए घटकर 2,13,335 करोड़ रुपए हो गया जबकि एनटीपीसी का निवल मूल्य 1,113 करोड़ रुपए गिरकर 1,37,204 करोड़ रुपए हो गया। इनके उलट आरआईएल, आईटीसी, एसबीआई और एचडीएफसी बैंक के बाजार पूंजीकरण में बढ़ोतरी दर्ज हुई। सरकारी कंपनी ओएनजीसी का बाजार पूंजीकरण 10,738 करोड़ रुपए घटकर 2,23,169 करोड़ रुपए हो गया जबकि भारती एयरटेल का बाजार पूंजीकरण 2,867 करोड़ रुपए घटकर 1,22,451 करोड़ रुपए हो गया। टिप्पणियां इधर कोल इंडिया लिमिटेड का बाजार मूल्य 2,432 करोड़ रुपए घटकर 2,13,335 करोड़ रुपए हो गया जबकि एनटीपीसी का निवल मूल्य 1,113 करोड़ रुपए गिरकर 1,37,204 करोड़ रुपए हो गया। इनके उलट आरआईएल, आईटीसी, एसबीआई और एचडीएफसी बैंक के बाजार पूंजीकरण में बढ़ोतरी दर्ज हुई। इधर कोल इंडिया लिमिटेड का बाजार मूल्य 2,432 करोड़ रुपए घटकर 2,13,335 करोड़ रुपए हो गया जबकि एनटीपीसी का निवल मूल्य 1,113 करोड़ रुपए गिरकर 1,37,204 करोड़ रुपए हो गया। इनके उलट आरआईएल, आईटीसी, एसबीआई और एचडीएफसी बैंक के बाजार पूंजीकरण में बढ़ोतरी दर्ज हुई। इनके उलट आरआईएल, आईटीसी, एसबीआई और एचडीएफसी बैंक के बाजार पूंजीकरण में बढ़ोतरी दर्ज हुई।
इन्फोसिस और टीसीएस सहित सेंसेक्स की छह प्रमुख कंपनियों का बाजार पूंजीकरण पिछले सप्ताह 64,122 करोड़ रुपए गिरा।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: एयर इंडिया की वरिष्ठ पायलट कैप्टन निवेदिता भसीन बोइंग 787 ड्रीमलाइनर उड़ाने वालीं विश्व की पहली महिला बन गई हैं। एयरलाइन के अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। एयर इंडिया में शामिल होने वाले दूसरे ड्रीमलाइनर विमान (वीटी-एएनडी) को निवेदिता अमेरिका से उड़ाकर बुधवार को दिल्ली पहुंची। निवेदिता बी-787 विमान के लिए प्रशिक्षित विश्व की एकमात्र महिला पायलट हैं। निवेदिता 1984 में इंडियन एयरलाइंस में शामिल हुई थीं। उन्होंने 26 वर्ष की उम्र में 1990 को वाणिज्यिक विमान उड़ाकर विश्व के उड्डयन इतिहास में अपना नाम दर्ज करवाया था।टिप्पणियां एयर इंडिया का पहला ड्रीमलाइनर 8 सितम्बर को दिल्ली पहुंचा था जबकि तीसरा विमान इस महीने के अंत तक पहुंच जाएगा। इसके अलावा इसी श्रेणी के पांच अन्य विमान साल के अंत तक एयरलाइन से जुड़ जाएंगे। एयर इंडिया ने बुधवार को ड्रीमलाइनर की वाणिज्यिक उड़ान दिल्ली से चेन्नई और फिर बेंगलुरू के बीच शुरू कर दी। ड्रीमलाइनर विमान बिना रुके 16 हजार किलोमीटर की उड़ान भर सकता है। एयर इंडिया में शामिल होने वाले दूसरे ड्रीमलाइनर विमान (वीटी-एएनडी) को निवेदिता अमेरिका से उड़ाकर बुधवार को दिल्ली पहुंची। निवेदिता बी-787 विमान के लिए प्रशिक्षित विश्व की एकमात्र महिला पायलट हैं। निवेदिता 1984 में इंडियन एयरलाइंस में शामिल हुई थीं। उन्होंने 26 वर्ष की उम्र में 1990 को वाणिज्यिक विमान उड़ाकर विश्व के उड्डयन इतिहास में अपना नाम दर्ज करवाया था।टिप्पणियां एयर इंडिया का पहला ड्रीमलाइनर 8 सितम्बर को दिल्ली पहुंचा था जबकि तीसरा विमान इस महीने के अंत तक पहुंच जाएगा। इसके अलावा इसी श्रेणी के पांच अन्य विमान साल के अंत तक एयरलाइन से जुड़ जाएंगे। एयर इंडिया ने बुधवार को ड्रीमलाइनर की वाणिज्यिक उड़ान दिल्ली से चेन्नई और फिर बेंगलुरू के बीच शुरू कर दी। ड्रीमलाइनर विमान बिना रुके 16 हजार किलोमीटर की उड़ान भर सकता है। निवेदिता 1984 में इंडियन एयरलाइंस में शामिल हुई थीं। उन्होंने 26 वर्ष की उम्र में 1990 को वाणिज्यिक विमान उड़ाकर विश्व के उड्डयन इतिहास में अपना नाम दर्ज करवाया था।टिप्पणियां एयर इंडिया का पहला ड्रीमलाइनर 8 सितम्बर को दिल्ली पहुंचा था जबकि तीसरा विमान इस महीने के अंत तक पहुंच जाएगा। इसके अलावा इसी श्रेणी के पांच अन्य विमान साल के अंत तक एयरलाइन से जुड़ जाएंगे। एयर इंडिया ने बुधवार को ड्रीमलाइनर की वाणिज्यिक उड़ान दिल्ली से चेन्नई और फिर बेंगलुरू के बीच शुरू कर दी। ड्रीमलाइनर विमान बिना रुके 16 हजार किलोमीटर की उड़ान भर सकता है। एयर इंडिया का पहला ड्रीमलाइनर 8 सितम्बर को दिल्ली पहुंचा था जबकि तीसरा विमान इस महीने के अंत तक पहुंच जाएगा। इसके अलावा इसी श्रेणी के पांच अन्य विमान साल के अंत तक एयरलाइन से जुड़ जाएंगे। एयर इंडिया ने बुधवार को ड्रीमलाइनर की वाणिज्यिक उड़ान दिल्ली से चेन्नई और फिर बेंगलुरू के बीच शुरू कर दी। ड्रीमलाइनर विमान बिना रुके 16 हजार किलोमीटर की उड़ान भर सकता है। एयर इंडिया ने बुधवार को ड्रीमलाइनर की वाणिज्यिक उड़ान दिल्ली से चेन्नई और फिर बेंगलुरू के बीच शुरू कर दी। ड्रीमलाइनर विमान बिना रुके 16 हजार किलोमीटर की उड़ान भर सकता है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एयर इंडिया की वरिष्ठ पायलट कैप्टन निवेदिता भसीन बोइंग 787 ड्रीमलाइनर उड़ाने वालीं विश्व की पहली महिला बन गई हैं। एयरलाइन के अधिकारी ने यह जानकारी दी।
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सीबीएसई पेपर लीक मामले से जुड़े एक केस की सुनवाई आज सुप्रीम कोर्ट ने की. कोर्ट ने सुनवाई के बाद सीबीआई जांच का निर्देश देने से इनकार कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने सीबाआई के 12वीं के इकॉनोमिक्स के पेपर को दोबारा कराने के फैसले में दखल देने से भी इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि ये सीबीएसई को तय करना है, कोर्ट को नहीं. सुप्रीम कोर्ट ने दाखिल सभी याचिकाएं खारिज कर दीं. बता दें कि सीबीएसई पेपर लीक मामले में दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की. दोबारा परीक्षा कराने और SIT जांच को लेकर याचिकाएं दाखिल की गई थीं. जल्द सुनवाई की मांग की गई थी. कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई, जिसमें दोबारा परीक्षा कराने का विरोध करते हुए पुरानी परीक्षा के आधार पर ही रिज़ल्ट घोषित करने की मांग की गई. इस जनहित याचिका को दीपक कंसल ने दायर किया है और पेपर लीक मामले की जांच सीबीआइ से कराए जाने की भी मांग की थी. याचिका में कंसल ने मामले की जांच सीबीआइ को देने के साथ ही तथ्यों और परिस्थितियों की गहराई से जांच करने के लिए स्पेशल हाई पावर कमेटी गठित किए जाने की भी मांग की थी. टिप्पणियां केरल के शहर कोचीन के छात्र रोहन मैथ्यू ने सुप्रीम कोर्ट में मामले को लेकर याचिका दायर की थी. दूसरी अर्जी में केरल में 10 वीं  के स्टूडेंट रोहन ने अपनी अर्जी में कहा कि कोर्ट सीबीएसई के फैसले को रद्द करे और बोर्ड को हो चुकी परीक्षा के आधार पर रिजल्ट घोषित करने का आदेश करें. रोहन ने अपनी अर्जी में कहा है कि परीक्षा दोबारा होना छात्रों के साथ ज्यादती है. रोहन ने अपनी अर्जी में कहा है कि उच्च स्तरीय कमेटी बने, जो पेपर लीक मामले की जांच करे ताकि इसकी सच्चाई सामने आ सके. तीसरी अर्जी वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने दाखिल की है और इस पेपर लीक की सीबीआई से जांच की मांग की थी. साथ की कहा कि 12 वी कक्षा के प्रभावित छात्र को एक-एक लाख रुपये मुआवजा दिया जाए. एक अन्य याचिका दो जुडवा बहनों ने दाखिल की है. 15 वर्षीया अनुसूया थॉमस और गायत्री थॉमस पूर्वी दिल्ली के एक स्कूल की छात्रा हैं और उन्होंने याचिका में सवाल उठाए हैं कि सीबीएसई ने जुलाई में दोबारा परीक्षा कराने का फैसला क्यों लिया. बता दें कि सीबीएसई पेपर लीक मामले में दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की. दोबारा परीक्षा कराने और SIT जांच को लेकर याचिकाएं दाखिल की गई थीं. जल्द सुनवाई की मांग की गई थी. कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई, जिसमें दोबारा परीक्षा कराने का विरोध करते हुए पुरानी परीक्षा के आधार पर ही रिज़ल्ट घोषित करने की मांग की गई. इस जनहित याचिका को दीपक कंसल ने दायर किया है और पेपर लीक मामले की जांच सीबीआइ से कराए जाने की भी मांग की थी. याचिका में कंसल ने मामले की जांच सीबीआइ को देने के साथ ही तथ्यों और परिस्थितियों की गहराई से जांच करने के लिए स्पेशल हाई पावर कमेटी गठित किए जाने की भी मांग की थी. टिप्पणियां केरल के शहर कोचीन के छात्र रोहन मैथ्यू ने सुप्रीम कोर्ट में मामले को लेकर याचिका दायर की थी. दूसरी अर्जी में केरल में 10 वीं  के स्टूडेंट रोहन ने अपनी अर्जी में कहा कि कोर्ट सीबीएसई के फैसले को रद्द करे और बोर्ड को हो चुकी परीक्षा के आधार पर रिजल्ट घोषित करने का आदेश करें. रोहन ने अपनी अर्जी में कहा है कि परीक्षा दोबारा होना छात्रों के साथ ज्यादती है. रोहन ने अपनी अर्जी में कहा है कि उच्च स्तरीय कमेटी बने, जो पेपर लीक मामले की जांच करे ताकि इसकी सच्चाई सामने आ सके. तीसरी अर्जी वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने दाखिल की है और इस पेपर लीक की सीबीआई से जांच की मांग की थी. साथ की कहा कि 12 वी कक्षा के प्रभावित छात्र को एक-एक लाख रुपये मुआवजा दिया जाए. एक अन्य याचिका दो जुडवा बहनों ने दाखिल की है. 15 वर्षीया अनुसूया थॉमस और गायत्री थॉमस पूर्वी दिल्ली के एक स्कूल की छात्रा हैं और उन्होंने याचिका में सवाल उठाए हैं कि सीबीएसई ने जुलाई में दोबारा परीक्षा कराने का फैसला क्यों लिया. केरल के शहर कोचीन के छात्र रोहन मैथ्यू ने सुप्रीम कोर्ट में मामले को लेकर याचिका दायर की थी. दूसरी अर्जी में केरल में 10 वीं  के स्टूडेंट रोहन ने अपनी अर्जी में कहा कि कोर्ट सीबीएसई के फैसले को रद्द करे और बोर्ड को हो चुकी परीक्षा के आधार पर रिजल्ट घोषित करने का आदेश करें. रोहन ने अपनी अर्जी में कहा है कि परीक्षा दोबारा होना छात्रों के साथ ज्यादती है. रोहन ने अपनी अर्जी में कहा है कि उच्च स्तरीय कमेटी बने, जो पेपर लीक मामले की जांच करे ताकि इसकी सच्चाई सामने आ सके. तीसरी अर्जी वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने दाखिल की है और इस पेपर लीक की सीबीआई से जांच की मांग की थी. साथ की कहा कि 12 वी कक्षा के प्रभावित छात्र को एक-एक लाख रुपये मुआवजा दिया जाए. एक अन्य याचिका दो जुडवा बहनों ने दाखिल की है. 15 वर्षीया अनुसूया थॉमस और गायत्री थॉमस पूर्वी दिल्ली के एक स्कूल की छात्रा हैं और उन्होंने याचिका में सवाल उठाए हैं कि सीबीएसई ने जुलाई में दोबारा परीक्षा कराने का फैसला क्यों लिया. रोहन ने अपनी अर्जी में कहा है कि परीक्षा दोबारा होना छात्रों के साथ ज्यादती है. रोहन ने अपनी अर्जी में कहा है कि उच्च स्तरीय कमेटी बने, जो पेपर लीक मामले की जांच करे ताकि इसकी सच्चाई सामने आ सके. तीसरी अर्जी वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने दाखिल की है और इस पेपर लीक की सीबीआई से जांच की मांग की थी. साथ की कहा कि 12 वी कक्षा के प्रभावित छात्र को एक-एक लाख रुपये मुआवजा दिया जाए. एक अन्य याचिका दो जुडवा बहनों ने दाखिल की है. 15 वर्षीया अनुसूया थॉमस और गायत्री थॉमस पूर्वी दिल्ली के एक स्कूल की छात्रा हैं और उन्होंने याचिका में सवाल उठाए हैं कि सीबीएसई ने जुलाई में दोबारा परीक्षा कराने का फैसला क्यों लिया.
सीबीएसई पेपर लीक की खबरें आईं 10वीं की गणित और 12वीं का अर्थशास्त्र का पेपर हुआ लीक अर्थशास्त्र का पेपर दोबारा होगा.
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: टाटा समूह के चेयरमैन रतन टाटा ने छोटी कार नैनो के उज्ज्वल भविष्य को लेकर उम्मीद नहीं छोड़ी है और उनका कहना है कि दुनिया के विकासशील देशों में इस कार की जबरदस्त संभावना है।टिप्पणियां टाटा मोटर्स की वार्षिक रिपोर्ट में रतन टाटा ने नैनो की सफलता को लेकर भारी उम्मीद व्यक्त करते हुए कहा कि न केवल भारत, बल्कि इसी तरह के अन्य वैश्विक बाजारों में एक वाजिब कीमत वाली कार की बिक्री की भारी संभावना है। रतन टाटा ने कहा है कि यद्यपि नैनो शुरुआत में अवसरों का लाभ उठाने में चूक गई पर पूरी दुनिया में ऐसी किफायती कार के लिए बड़ी संभावनाएं हैं। टाटा मोटर्स की वार्षिक रिपोर्ट में रतन टाटा ने नैनो की सफलता को लेकर भारी उम्मीद व्यक्त करते हुए कहा कि न केवल भारत, बल्कि इसी तरह के अन्य वैश्विक बाजारों में एक वाजिब कीमत वाली कार की बिक्री की भारी संभावना है। रतन टाटा ने कहा है कि यद्यपि नैनो शुरुआत में अवसरों का लाभ उठाने में चूक गई पर पूरी दुनिया में ऐसी किफायती कार के लिए बड़ी संभावनाएं हैं। रतन टाटा ने कहा है कि यद्यपि नैनो शुरुआत में अवसरों का लाभ उठाने में चूक गई पर पूरी दुनिया में ऐसी किफायती कार के लिए बड़ी संभावनाएं हैं।
टाटा समूह के चेयरमैन रतन टाटा ने छोटी कार नैनो के उज्ज्वल भविष्य को लेकर उम्मीद नहीं छोड़ी है और उनका कहना है कि दुनिया के विकासशील देशों में इस कार की जबरदस्त संभावना है।
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में फतवों की राजनीति अब नहीं चलेगी, और देश संविधान से चलेगा. मुख्यमंत्री लखनऊ कैंट विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए भाजपा उम्मीदवार सुरेश तिवारी के समर्थन में एक चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा, 'देश फतवों से नहीं संविधान से चलेगा. भाजपा ने तीन तलाक जैसी कुप्रथा को सदैव के लिए प्रतिबंधित कर देश में राजनीति के मौलानाकरण को पूरी समाप्त कर दिया है.' मुख्यमंत्री ने कहा, 'कांग्रेस सहित उनके सहयोगी तथाकथित धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक दलों ने हमेशा राष्ट्र की कीमत पर राजनीति की. राजनीति उनके लिए परिवारवाद, जातिवाद के आधार पर लोगों को बांटकर सत्ता हथियाने का साधन थी.' उन्होंने कहा, 'बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के नाम पर राजनीति करने वाले लोग जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के मुद्दे पर खुद को अलग करते रहे. प्रधानमंत्री मोदी ने डॉ. आंबेडकर, श्याम प्रसाद मुखर्जी की भावना के अनुरूप जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त कर साफ कर दिया कि एक देश में दो निशान-दो विधान नहीं चलेंगे. अनुच्छेद 370 के कारण धरती का स्वर्ग जम्मू-कश्मीर आतंकवाद के नरक में बदल गया था.' योगी ने कहा, 'लखनऊ के लोग 24 अक्टूबर को दीपोत्सव मनाएं. 26 अक्टूबर को अयोध्या में दीपोत्सव होगा और 24 अक्टूबर को मर्यादा पुरुषोत्तम राम के छोटे भाई भगवान लक्ष्मण के नाम पर बसी लक्ष्मणनगरी में भी यह आयोजन कैंट विधानसभा सीट पर भाजपा की होने वाली भारी मतों से जीत के उपलक्ष्य में मनाई जाए.'
संक्षिप्त सारांश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर साधा निशाना मुख्यमंत्री लखनऊ कैंट विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए कर रहे थे प्रचार अनुच्छेद 370 के कारण जम्मू-कश्मीर आतंकवाद के नरक में बदल गया था
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को तेजी रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 95.27 अंकों की तेजी के साथ 16,739.01 पर और निफ्टी 30.20 अंकों की तेजी के साथ 5,048.60 पर बंद हुआ। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 101.27 अंकों की तेजी के साथ 16,745.01 पर खुला। सेंसेक्स ने 16,788.48 के ऊपरी और 16,611.71 के निचले स्तर का छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयरों में तेजी रही। बजाज ऑटो (6.18 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (5.81 फीसदी), जिंदल स्टील (3.35 फीसदी), भेल (3.09 फीसदी) और हीरो मोटोकॉर्प (2.63 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे आईटीसी (3.59 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (2.67 फीसदी), मारुति सुजुकी (2.62 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (1.98 फीसदी) और कोल इंडिया (1.86 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 26.45 अंकों की तेजी के साथ 5,044.85 पर खुला। निफ्टी ने 5,064.15 के ऊपरी और 5,004.30 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 10.08 अंकों की तेजी के साथ 5,680.07 पर और स्मॉलकैप 5.04 अंकों की तेजी के साथ 6,277.27 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से नौ सेक्टरों में तेजी रही। बैंकिंग (3.51 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (2.31 फीसदी), बिजली (1.04 फीसदी), तेल एवं गैस (1.04 फीसदी) और वाहन (0.72 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई में गिरावट वाले चार सेक्टरों में रहे तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (2.01 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.37 फीसदी), धातु (0.32 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.08 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1363 शेयरों में तेजी और 1481 में गिरावट रही, जबकि 112 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 101.27 अंकों की तेजी के साथ 16,745.01 पर खुला। सेंसेक्स ने 16,788.48 के ऊपरी और 16,611.71 के निचले स्तर का छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयरों में तेजी रही। बजाज ऑटो (6.18 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (5.81 फीसदी), जिंदल स्टील (3.35 फीसदी), भेल (3.09 फीसदी) और हीरो मोटोकॉर्प (2.63 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे आईटीसी (3.59 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (2.67 फीसदी), मारुति सुजुकी (2.62 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (1.98 फीसदी) और कोल इंडिया (1.86 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 26.45 अंकों की तेजी के साथ 5,044.85 पर खुला। निफ्टी ने 5,064.15 के ऊपरी और 5,004.30 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 10.08 अंकों की तेजी के साथ 5,680.07 पर और स्मॉलकैप 5.04 अंकों की तेजी के साथ 6,277.27 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से नौ सेक्टरों में तेजी रही। बैंकिंग (3.51 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (2.31 फीसदी), बिजली (1.04 फीसदी), तेल एवं गैस (1.04 फीसदी) और वाहन (0.72 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई में गिरावट वाले चार सेक्टरों में रहे तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (2.01 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.37 फीसदी), धातु (0.32 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.08 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1363 शेयरों में तेजी और 1481 में गिरावट रही, जबकि 112 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयरों में तेजी रही। बजाज ऑटो (6.18 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (5.81 फीसदी), जिंदल स्टील (3.35 फीसदी), भेल (3.09 फीसदी) और हीरो मोटोकॉर्प (2.63 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे आईटीसी (3.59 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (2.67 फीसदी), मारुति सुजुकी (2.62 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (1.98 फीसदी) और कोल इंडिया (1.86 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 26.45 अंकों की तेजी के साथ 5,044.85 पर खुला। निफ्टी ने 5,064.15 के ऊपरी और 5,004.30 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 10.08 अंकों की तेजी के साथ 5,680.07 पर और स्मॉलकैप 5.04 अंकों की तेजी के साथ 6,277.27 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से नौ सेक्टरों में तेजी रही। बैंकिंग (3.51 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (2.31 फीसदी), बिजली (1.04 फीसदी), तेल एवं गैस (1.04 फीसदी) और वाहन (0.72 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई में गिरावट वाले चार सेक्टरों में रहे तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (2.01 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.37 फीसदी), धातु (0.32 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.08 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1363 शेयरों में तेजी और 1481 में गिरावट रही, जबकि 112 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे आईटीसी (3.59 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (2.67 फीसदी), मारुति सुजुकी (2.62 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (1.98 फीसदी) और कोल इंडिया (1.86 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 26.45 अंकों की तेजी के साथ 5,044.85 पर खुला। निफ्टी ने 5,064.15 के ऊपरी और 5,004.30 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 10.08 अंकों की तेजी के साथ 5,680.07 पर और स्मॉलकैप 5.04 अंकों की तेजी के साथ 6,277.27 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से नौ सेक्टरों में तेजी रही। बैंकिंग (3.51 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (2.31 फीसदी), बिजली (1.04 फीसदी), तेल एवं गैस (1.04 फीसदी) और वाहन (0.72 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई में गिरावट वाले चार सेक्टरों में रहे तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (2.01 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.37 फीसदी), धातु (0.32 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.08 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1363 शेयरों में तेजी और 1481 में गिरावट रही, जबकि 112 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 26.45 अंकों की तेजी के साथ 5,044.85 पर खुला। निफ्टी ने 5,064.15 के ऊपरी और 5,004.30 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 10.08 अंकों की तेजी के साथ 5,680.07 पर और स्मॉलकैप 5.04 अंकों की तेजी के साथ 6,277.27 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से नौ सेक्टरों में तेजी रही। बैंकिंग (3.51 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (2.31 फीसदी), बिजली (1.04 फीसदी), तेल एवं गैस (1.04 फीसदी) और वाहन (0.72 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई में गिरावट वाले चार सेक्टरों में रहे तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (2.01 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.37 फीसदी), धातु (0.32 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.08 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1363 शेयरों में तेजी और 1481 में गिरावट रही, जबकि 112 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 10.08 अंकों की तेजी के साथ 5,680.07 पर और स्मॉलकैप 5.04 अंकों की तेजी के साथ 6,277.27 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से नौ सेक्टरों में तेजी रही। बैंकिंग (3.51 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (2.31 फीसदी), बिजली (1.04 फीसदी), तेल एवं गैस (1.04 फीसदी) और वाहन (0.72 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई में गिरावट वाले चार सेक्टरों में रहे तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (2.01 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.37 फीसदी), धातु (0.32 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.08 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1363 शेयरों में तेजी और 1481 में गिरावट रही, जबकि 112 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। बीएसई के 13 में से नौ सेक्टरों में तेजी रही। बैंकिंग (3.51 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (2.31 फीसदी), बिजली (1.04 फीसदी), तेल एवं गैस (1.04 फीसदी) और वाहन (0.72 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई में गिरावट वाले चार सेक्टरों में रहे तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (2.01 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.37 फीसदी), धातु (0.32 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.08 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1363 शेयरों में तेजी और 1481 में गिरावट रही, जबकि 112 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। बीएसई में गिरावट वाले चार सेक्टरों में रहे तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (2.01 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.37 फीसदी), धातु (0.32 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.08 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1363 शेयरों में तेजी और 1481 में गिरावट रही, जबकि 112 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1363 शेयरों में तेजी और 1481 में गिरावट रही, जबकि 112 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
सारांश: प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 95.27 अंकों की तेजी के साथ 16,739.01 पर और निफ्टी 30.20 अंकों की तेजी के साथ 5,048.60 पर बंद हुआ।
7
['hin']
एक सारांश बनाओ: मलिक ने ट्वीट कर लिखा, '30 मई को शपथ ग्रहण समारोह में शरद पवार को V सेक्शन के अंतर्गत न्यौता भेजा गया था जिसमें कई सीनियर मेहमान भी बैठे. उनकी सीट पहली पंक्ति में थी. लेकिन पवार के ऑफिस में किसी ने इस V को वीवीआईपी की जगह V(पांचवां नंबर) समझा.'  प्रधानमंत्री की शपथ विधि समारोह में शरद पवार को पांचवी लाइन का पास देने के मुद्दे पर आई इस सफाई पर कि V का अर्थ पांचवी लाइन न होकर वीआईपी था, शरद पवार ने उस पर आज पिंपरी चिंचवड़ में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मेरे सचिव सेक्रेट्री खुद पता करने गए थे, तब भी उन्हें 5 वीं कतार ही बताई गई थी. जब भी बड़ा कार्यक्रम रहता है तब कहां बैठने की व्यवस्था है, कार कहां से अंदर जा सकती है, पार्क कहां करना है, यह सब पता लगाने सचिव अक्सर जाते हैं.अब बताया जा रहा है कि V का मतलब 5वीं कतार नहीं वीआईपी का V था, तो मुझे अब इस मुद्दे को आगे नहीं बढ़ाना है. पर यह जरूर है कि या तो उनके दफ़्तर की या फिर मेरे दफ़्तर की गलती हो सकती है. पर यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है इसलिए इसे यहीं खत्म कर देना चाहिए. बता दें कि शरद पवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में तय प्रोटोकॉल के अनुरूप सीट नहीं मिलने के कारण शामिल नहीं हुए थे. एनसीपी के प्रवक्ता नवाब मलिक ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा था कि पवार वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता हैं और वह मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि पवार के कार्यालय कर्मियों ने पाया कि पवार को बैठने के लिए जो सीट दी गई है वह प्रोटोकॉल के अनुसार नहीं है. इसलिए वह (शरद पवार) कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए.
सीट विवाद की वजह से पीएम मोदी के शपथ ग्रहण में शामिल नहीं हुए थे पवार अब राष्ट्रपति भवन ने साफ किया- सीट शेयरिंग को लेकर NCP नेताओं को हुआ भ्रम NCP, 5(V) का मतलब पांचवी पंक्ति समझी, जबकि पवार की सीट पहली पंक्ति में थी
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले सपा और बसपा पर जोरदार हमला बोलते हुए आज कहा कि भाजपा जातिवाद और परिवारवाद की राजनीति नहीं चाहती बल्कि ‘पॉलिटिक्स ऑफ परफॉरमेंस’ चाहती है. अमित शाह ने यहां बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय में ‘यूपी के मन की बात’ कार्यक्रम में युवाओं से सीधा संवाद करते हुए कहा, ‘‘जातिवाद हावी है. ज्यादातर पार्टियां परिवार की पार्टियां बनकर रह गई हैं. वहां बेटा होते ही तय हो जाता है कि पार्टी का अगला नेता कौन होगा. कांग्रेस का अगला अध्यक्ष कौन होगा, यह आप सब बता सकते हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘आप यह कभी नहीं बता सकते कि भाजपा का अगला अध्यक्ष कौन होगा? जातिवाद और परिवारवाद ने राजनीति में जवाबदेही कम की है और काम का महत्व कम कर दिया है. भाजपा चाहती है कि यह देश ‘पॉलिटिक्स आफ परफारमेंस’ की ओर बढे. जो काम करेगा, जनता उसे स्वीकार करेगी और जो नहीं करेगा, जनता उसे निकाल देगी.’’ शाह ने कहा कि जनतंत्र के जिम्मेदार नागरिक के नाते सोचना होगा कि देश कैसा हो. युवाओं को इस बारे में सोचना होगा. लोकतंत्र को जातिवाद से ऊपर उठाना होगा. काले धन पर अमित शाह ने सख्त लहजे में चेताया, ‘‘मोदी सरकार काले धन के मामले में किसी को नहीं बख्शेगी. मैं मानता हूं कि करोड़ों रुपये के काले धन पर सिर्फ भारत के युवाओं का अधिकार है, अन्य किसी का नहीं.’’ उन्होंने कहा कि जब केन्द्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी तो विरोधी दल हाय तौबा मचा रहे थे कि काले धन का क्या करोगे? आपने (मोदी) चुनावी वादा किया था, काला धन खत्म करोगे लेकिन अब तक क्या किया? ‘‘भाजपा सरकार ने पहला कानून क्या बनाया ? काले धन के खिलाफ विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया. पांच सौ और हजार रुपये के नोट बंद किए. अब हाय तौबा मची है कि फैसले को वापस ले लो, क्यूं भई ...’’ टिप्पणियां शाह ने कहा, ‘‘नोटबंदी से विपक्षियों के चेहरे मुरझा गए हैं. कांग्रेस, सपा, बसपा, केजरीवाल, ममता .. फलाने ढिकाने .. सब एक हो गए हैं और सब इकट्ठा बोल रहे हैं.’’ उन्होंने सपा और बसपा की सरकारों के शासनकाल में कानून व्यवस्था की खराब स्थिति, भ्रष्टाचार और अराजकता की चर्चा करते हुए मौजूदा सपा सरकार पर तंज कसा, ‘‘गोमती किनारे सौन्दर्यीकरण करने से उत्तर प्रदेश का विकास नहीं हो सकता. परिवर्तन भाजपा ही कर सकती है.’’ साथ ही प्रधानमंत्री मोदी की ओर से युवाओं का आहवान किया, ‘‘इतिहास युवा बनाता है, परिवर्तन युवा करता है. देश को युवा आगे बढ़ाता है इसलिए युवा उत्तर प्रदेश के चुनाव महोत्सव में जुटें और परिवर्तन कर हम सबका सहयोग करें.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अमित शाह ने यहां बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय में ‘यूपी के मन की बात’ कार्यक्रम में युवाओं से सीधा संवाद करते हुए कहा, ‘‘जातिवाद हावी है. ज्यादातर पार्टियां परिवार की पार्टियां बनकर रह गई हैं. वहां बेटा होते ही तय हो जाता है कि पार्टी का अगला नेता कौन होगा. कांग्रेस का अगला अध्यक्ष कौन होगा, यह आप सब बता सकते हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘आप यह कभी नहीं बता सकते कि भाजपा का अगला अध्यक्ष कौन होगा? जातिवाद और परिवारवाद ने राजनीति में जवाबदेही कम की है और काम का महत्व कम कर दिया है. भाजपा चाहती है कि यह देश ‘पॉलिटिक्स आफ परफारमेंस’ की ओर बढे. जो काम करेगा, जनता उसे स्वीकार करेगी और जो नहीं करेगा, जनता उसे निकाल देगी.’’ शाह ने कहा कि जनतंत्र के जिम्मेदार नागरिक के नाते सोचना होगा कि देश कैसा हो. युवाओं को इस बारे में सोचना होगा. लोकतंत्र को जातिवाद से ऊपर उठाना होगा. काले धन पर अमित शाह ने सख्त लहजे में चेताया, ‘‘मोदी सरकार काले धन के मामले में किसी को नहीं बख्शेगी. मैं मानता हूं कि करोड़ों रुपये के काले धन पर सिर्फ भारत के युवाओं का अधिकार है, अन्य किसी का नहीं.’’ उन्होंने कहा कि जब केन्द्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी तो विरोधी दल हाय तौबा मचा रहे थे कि काले धन का क्या करोगे? आपने (मोदी) चुनावी वादा किया था, काला धन खत्म करोगे लेकिन अब तक क्या किया? ‘‘भाजपा सरकार ने पहला कानून क्या बनाया ? काले धन के खिलाफ विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया. पांच सौ और हजार रुपये के नोट बंद किए. अब हाय तौबा मची है कि फैसले को वापस ले लो, क्यूं भई ...’’ टिप्पणियां शाह ने कहा, ‘‘नोटबंदी से विपक्षियों के चेहरे मुरझा गए हैं. कांग्रेस, सपा, बसपा, केजरीवाल, ममता .. फलाने ढिकाने .. सब एक हो गए हैं और सब इकट्ठा बोल रहे हैं.’’ उन्होंने सपा और बसपा की सरकारों के शासनकाल में कानून व्यवस्था की खराब स्थिति, भ्रष्टाचार और अराजकता की चर्चा करते हुए मौजूदा सपा सरकार पर तंज कसा, ‘‘गोमती किनारे सौन्दर्यीकरण करने से उत्तर प्रदेश का विकास नहीं हो सकता. परिवर्तन भाजपा ही कर सकती है.’’ साथ ही प्रधानमंत्री मोदी की ओर से युवाओं का आहवान किया, ‘‘इतिहास युवा बनाता है, परिवर्तन युवा करता है. देश को युवा आगे बढ़ाता है इसलिए युवा उत्तर प्रदेश के चुनाव महोत्सव में जुटें और परिवर्तन कर हम सबका सहयोग करें.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) काले धन पर अमित शाह ने सख्त लहजे में चेताया, ‘‘मोदी सरकार काले धन के मामले में किसी को नहीं बख्शेगी. मैं मानता हूं कि करोड़ों रुपये के काले धन पर सिर्फ भारत के युवाओं का अधिकार है, अन्य किसी का नहीं.’’ उन्होंने कहा कि जब केन्द्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी तो विरोधी दल हाय तौबा मचा रहे थे कि काले धन का क्या करोगे? आपने (मोदी) चुनावी वादा किया था, काला धन खत्म करोगे लेकिन अब तक क्या किया? ‘‘भाजपा सरकार ने पहला कानून क्या बनाया ? काले धन के खिलाफ विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया. पांच सौ और हजार रुपये के नोट बंद किए. अब हाय तौबा मची है कि फैसले को वापस ले लो, क्यूं भई ...’’ टिप्पणियां शाह ने कहा, ‘‘नोटबंदी से विपक्षियों के चेहरे मुरझा गए हैं. कांग्रेस, सपा, बसपा, केजरीवाल, ममता .. फलाने ढिकाने .. सब एक हो गए हैं और सब इकट्ठा बोल रहे हैं.’’ उन्होंने सपा और बसपा की सरकारों के शासनकाल में कानून व्यवस्था की खराब स्थिति, भ्रष्टाचार और अराजकता की चर्चा करते हुए मौजूदा सपा सरकार पर तंज कसा, ‘‘गोमती किनारे सौन्दर्यीकरण करने से उत्तर प्रदेश का विकास नहीं हो सकता. परिवर्तन भाजपा ही कर सकती है.’’ साथ ही प्रधानमंत्री मोदी की ओर से युवाओं का आहवान किया, ‘‘इतिहास युवा बनाता है, परिवर्तन युवा करता है. देश को युवा आगे बढ़ाता है इसलिए युवा उत्तर प्रदेश के चुनाव महोत्सव में जुटें और परिवर्तन कर हम सबका सहयोग करें.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शाह ने कहा, ‘‘नोटबंदी से विपक्षियों के चेहरे मुरझा गए हैं. कांग्रेस, सपा, बसपा, केजरीवाल, ममता .. फलाने ढिकाने .. सब एक हो गए हैं और सब इकट्ठा बोल रहे हैं.’’ उन्होंने सपा और बसपा की सरकारों के शासनकाल में कानून व्यवस्था की खराब स्थिति, भ्रष्टाचार और अराजकता की चर्चा करते हुए मौजूदा सपा सरकार पर तंज कसा, ‘‘गोमती किनारे सौन्दर्यीकरण करने से उत्तर प्रदेश का विकास नहीं हो सकता. परिवर्तन भाजपा ही कर सकती है.’’ साथ ही प्रधानमंत्री मोदी की ओर से युवाओं का आहवान किया, ‘‘इतिहास युवा बनाता है, परिवर्तन युवा करता है. देश को युवा आगे बढ़ाता है इसलिए युवा उत्तर प्रदेश के चुनाव महोत्सव में जुटें और परिवर्तन कर हम सबका सहयोग करें.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: ‘यूपी के मन की बात’ कार्यक्रम में युवाओं से सीधा संवाद जो काम करेगा, जनता उसे स्वीकार करेगी और जो नहीं करेगा उसे निकाल देगी मोदी सरकार काले धन के मामले में किसी को नहीं बख्शेगी
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कार्टून बनाने कार्टून बनाने के मसले पर एक प्रोफेसर को जेल भेजने के बाद अब तृणमूल के एक सांसद कबीर सुमन ने ही ममता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कबीर सुमन ने एनडीटीवी से खास बातचीत में कहा कि ममता बनर्जी बदल गई हैं। यह वो ममता नहीं हैं जिसे वह जानते थे। सुमन ने कहा कि अगर पार्टी की बात करें तो पार्टी कहां हैं। मैं इस सरकार के खिलाफ बोल रहा हूं। मैं मुख्यमंत्री के खिलाफ बोल रहा हूं लेकिन अभी तक मेरे घर पर हमला नहीं हुआ है। कोई मेरे खिलाफ नहीं बोल रहा है और न ही मेरे विरोध में पोस्टर लगे हैं। अब यह भी तृणमूल कांग्रेस ही है। उनका मानना है कि ममता बनर्जी सच्चाई से भाग रही हैं और जो सीपीएम के साथ हुआ वहीं तृणमूल कांग्रेस के सा हो रहा है। उन्होंने कहा कि ममता वही कर रही हैं जो सीपीएम करती थी। सुमन ने एक गाना भी लिखा है जिसमें ममता बनर्जी के काम−काज पर व्यंग्य किया गया है। तृणमूल सांसद ने कहा कि वह ऐसे गाने लिखते रहेंगे भले ही इसके लिए उन्हें जेल में बंद कर दिया जाए।टिप्पणियां सुमन ने कहा कि अगर पार्टी की बात करें तो पार्टी कहां हैं। मैं इस सरकार के खिलाफ बोल रहा हूं। मैं मुख्यमंत्री के खिलाफ बोल रहा हूं लेकिन अभी तक मेरे घर पर हमला नहीं हुआ है। कोई मेरे खिलाफ नहीं बोल रहा है और न ही मेरे विरोध में पोस्टर लगे हैं। अब यह भी तृणमूल कांग्रेस ही है। उनका मानना है कि ममता बनर्जी सच्चाई से भाग रही हैं और जो सीपीएम के साथ हुआ वहीं तृणमूल कांग्रेस के सा हो रहा है। उन्होंने कहा कि ममता वही कर रही हैं जो सीपीएम करती थी। सुमन ने एक गाना भी लिखा है जिसमें ममता बनर्जी के काम−काज पर व्यंग्य किया गया है। तृणमूल सांसद ने कहा कि वह ऐसे गाने लिखते रहेंगे भले ही इसके लिए उन्हें जेल में बंद कर दिया जाए। सुमन ने कहा कि अगर पार्टी की बात करें तो पार्टी कहां हैं। मैं इस सरकार के खिलाफ बोल रहा हूं। मैं मुख्यमंत्री के खिलाफ बोल रहा हूं लेकिन अभी तक मेरे घर पर हमला नहीं हुआ है। कोई मेरे खिलाफ नहीं बोल रहा है और न ही मेरे विरोध में पोस्टर लगे हैं। अब यह भी तृणमूल कांग्रेस ही है। उनका मानना है कि ममता बनर्जी सच्चाई से भाग रही हैं और जो सीपीएम के साथ हुआ वहीं तृणमूल कांग्रेस के सा हो रहा है। उन्होंने कहा कि ममता वही कर रही हैं जो सीपीएम करती थी। सुमन ने एक गाना भी लिखा है जिसमें ममता बनर्जी के काम−काज पर व्यंग्य किया गया है। तृणमूल सांसद ने कहा कि वह ऐसे गाने लिखते रहेंगे भले ही इसके लिए उन्हें जेल में बंद कर दिया जाए।टिप्पणियां सुमन ने कहा कि अगर पार्टी की बात करें तो पार्टी कहां हैं। मैं इस सरकार के खिलाफ बोल रहा हूं। मैं मुख्यमंत्री के खिलाफ बोल रहा हूं लेकिन अभी तक मेरे घर पर हमला नहीं हुआ है। कोई मेरे खिलाफ नहीं बोल रहा है और न ही मेरे विरोध में पोस्टर लगे हैं। अब यह भी तृणमूल कांग्रेस ही है। उनका मानना है कि ममता बनर्जी सच्चाई से भाग रही हैं और जो सीपीएम के साथ हुआ वहीं तृणमूल कांग्रेस के सा हो रहा है। उन्होंने कहा कि ममता वही कर रही हैं जो सीपीएम करती थी। सुमन ने एक गाना भी लिखा है जिसमें ममता बनर्जी के काम−काज पर व्यंग्य किया गया है। तृणमूल सांसद ने कहा कि वह ऐसे गाने लिखते रहेंगे भले ही इसके लिए उन्हें जेल में बंद कर दिया जाए। उनका मानना है कि ममता बनर्जी सच्चाई से भाग रही हैं और जो सीपीएम के साथ हुआ वहीं तृणमूल कांग्रेस के सा हो रहा है। उन्होंने कहा कि ममता वही कर रही हैं जो सीपीएम करती थी। सुमन ने एक गाना भी लिखा है जिसमें ममता बनर्जी के काम−काज पर व्यंग्य किया गया है। तृणमूल सांसद ने कहा कि वह ऐसे गाने लिखते रहेंगे भले ही इसके लिए उन्हें जेल में बंद कर दिया जाए।टिप्पणियां सुमन ने कहा कि अगर पार्टी की बात करें तो पार्टी कहां हैं। मैं इस सरकार के खिलाफ बोल रहा हूं। मैं मुख्यमंत्री के खिलाफ बोल रहा हूं लेकिन अभी तक मेरे घर पर हमला नहीं हुआ है। कोई मेरे खिलाफ नहीं बोल रहा है और न ही मेरे विरोध में पोस्टर लगे हैं। अब यह भी तृणमूल कांग्रेस ही है। उनका मानना है कि ममता बनर्जी सच्चाई से भाग रही हैं और जो सीपीएम के साथ हुआ वहीं तृणमूल कांग्रेस के सा हो रहा है। उन्होंने कहा कि ममता वही कर रही हैं जो सीपीएम करती थी। सुमन ने एक गाना भी लिखा है जिसमें ममता बनर्जी के काम−काज पर व्यंग्य किया गया है। तृणमूल सांसद ने कहा कि वह ऐसे गाने लिखते रहेंगे भले ही इसके लिए उन्हें जेल में बंद कर दिया जाए। सुमन ने कहा कि अगर पार्टी की बात करें तो पार्टी कहां हैं। मैं इस सरकार के खिलाफ बोल रहा हूं। मैं मुख्यमंत्री के खिलाफ बोल रहा हूं लेकिन अभी तक मेरे घर पर हमला नहीं हुआ है। कोई मेरे खिलाफ नहीं बोल रहा है और न ही मेरे विरोध में पोस्टर लगे हैं। अब यह भी तृणमूल कांग्रेस ही है। उनका मानना है कि ममता बनर्जी सच्चाई से भाग रही हैं और जो सीपीएम के साथ हुआ वहीं तृणमूल कांग्रेस के सा हो रहा है। उन्होंने कहा कि ममता वही कर रही हैं जो सीपीएम करती थी। सुमन ने एक गाना भी लिखा है जिसमें ममता बनर्जी के काम−काज पर व्यंग्य किया गया है। तृणमूल सांसद ने कहा कि वह ऐसे गाने लिखते रहेंगे भले ही इसके लिए उन्हें जेल में बंद कर दिया जाए। उनका मानना है कि ममता बनर्जी सच्चाई से भाग रही हैं और जो सीपीएम के साथ हुआ वहीं तृणमूल कांग्रेस के सा हो रहा है। उन्होंने कहा कि ममता वही कर रही हैं जो सीपीएम करती थी। सुमन ने एक गाना भी लिखा है जिसमें ममता बनर्जी के काम−काज पर व्यंग्य किया गया है। तृणमूल सांसद ने कहा कि वह ऐसे गाने लिखते रहेंगे भले ही इसके लिए उन्हें जेल में बंद कर दिया जाए।
अब तृणमूल के एक सांसद कबीर सुमन ने ही ममता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कबीर सुमन ने एनडीटीवी से खास बातचीत में कहा कि ममता बनर्जी बदल गई हैं। यह वो ममता नहीं हैं जिसे वह जानते थे।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कुलभूषण जाधव के मामले में सोमवार को हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में भारत और पाकिस्तान के बीच जोरदार बहस हुई. भारत ने जाधव की मौत की सजा फौरन स्थगित करने की मांग की, जबकि पाकिस्तान ने भारत पर ‘मिथ्या विचार’ वाली एक अर्जी के जरिए इस वैश्विक संस्था का ‘राजनीतिक मंच’ के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. भारत जाधव के मामले को अंतराष्ट्रीय न्यायालय में ले गया है और पाकिस्तान पर वियना समझौते का उल्लंघन करने तथा लेशमात्र सबूत के बगैर जाधव को दोषी ठहराने के लिए बेतुका मुकदमा चलाने का आरोप लगाया है. दोनों पड़ोसी देशों का 18 साल पहले यहां आमना - सामना हुआ था, जब पाकिस्तान ने अपनी नौसेना के विमान को मार गिराने के मामले में इससे हस्तक्षेप की मांग की थी. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने कहा कि वह अस्थायी उपाय के लिए भारत के अनुरोध पर यथाशीघ्र अपना आदेश जारी करेगा. न्यायालय ने कहा, ‘‘सार्वजनिक बैठक में जिस तारीख को आदेश जारी किया जाएगा, उस बारे में दोनों पक्षों को सूचना दे दी जाएगी.’’ भारत ने जाधव की मौत की सजा को फौरन स्थगित करने की मांग करते हुए आशंका जताई है कि पाकिस्तान आईसीजे में सुनवाई पूरी होने से पहले ही उन्हें फांसी दे सकता है. नौसेना के 46 वर्षीय पूर्व अधिकारी के मामले में आईसीजे के सुनवाई शुरू करने पर भारत ने जोरदार दलील पेश की. जाधव को पिछले साल तीन मार्च को गिरफ्तार किया गया था और पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने जासूसी एवं विध्वंसक गतिविधियों में संलिप्त रहने के आरोप में उन्हें मौत की सजा सुनाई थी. विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव दीपक मित्तल ने अपनी शुरुआती टिप्पणी में आईसीजे से कहा, ‘‘जाधव को उपयुक्त कानूनी सहायता और राजनयिक मदद पाने का अधिकार नहीं दिया गया. फैसला होने से पहले ही उन्हें फांसी दिए जाने का एक फौरी खतरा मंडरा रहा है.’’ भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे मुख्य वकील हरीश साल्वे ने कहा कि ऐसे में जब यह न्यायालय अपील पर सुनवाई कर रहा है, मौत की सजा का क्रियान्वन नहीं किया जा सकता. नहीं तो, यह वियना समझौता का उल्लंघन होगा. भारत की दलील के बाद पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र की सर्वोच्च न्यायिक संस्था में अपनी दलील में कहा कि जाधव पर भारत की अर्जी गैरजरूरी और गलत तरीके से व्याख्या वाली है तथा इसे अवश्य खारिज किया जाना चाहिए. पाकिस्तान विदेश कार्यालय के मोहम्मद फैसल ने भारत की दलील के जवाब में अपनी शुरुआती टिप्पणी में कहा कि नई दिल्ली ने इसे अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के लिए एक उपयुक्त मामले के तौर पर देखा लेकिन हम नरमी से जवाब नहीं देंगे. आईसीजे ने पाकिस्तान को जाधव के कथित इकबालिया बयान वाला वीडियो यहां सार्वजनिक सुनवाई के दौरान चलाने की भी इजाजत नहीं दी. पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील खवर कुरैशी ने कहा कि भारत ने इस अदालत को अपनी इस बात से सहमत करना चाहा कि पाकिस्तान चंद रोज में ही जाधव को फांसी के तख्त पर चढ़ाना चाहता है. उन्होंने कहा कि कमांडर जाधव के पास दया याचिका की प्रक्रिया का अधिकार उपलब्ध है. इस सिलसिले में 150 दिन मुहैया किया जाता है जो यदि 10 अप्रैल 2017 को भी शुरू होता तो यह अगस्त 2017 से आगे चला जाता. अप्रैल की इसी तारीख को जाधव की दोषसिद्धि हुई थी. उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय में रिट याचिका की भी संभावना है और हमें लगता है कि भारत इससे जरूर वाकिफ होगा. इससे पहले साल्वे ने कहा कि पाकिस्तान ने राजनयिक मदद के लिए भारत के 16 अनुरोध को खारिज कर दिया. ‘‘आरोप जितना अधिक गंभीर होगा वियना समझौता का अनुपालन करने की उतनी अधिक जरूरत होगी. जाधव अपने परिवार से किसी तरह के संपर्क के बगैर न्यायिक हिरासत में है.’’ साल्वे ने कहा कि राजनयिक संबंध पर वियना समझौता की धारा 36 का अधिकार पवित्र है. उन्होंने नागरिक एवं राजनीतिक अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय नियम का जिक्र किया जो यह कहता है कि किसी को भी मनमाने ढंग से उसके जीवन से वंचित नहीं किया जाएगा.टिप्पणियां साल्वे ने कहा कि भारत को जाधव के खिलाफ दर्ज आरोपों की प्रति मुहैया नहीं करायी गई है. हम जाधव के लिए उपयुक्त कानूनी प्रतिनिधित्व चाहते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भारत जाधव के मामले को अंतराष्ट्रीय न्यायालय में ले गया है और पाकिस्तान पर वियना समझौते का उल्लंघन करने तथा लेशमात्र सबूत के बगैर जाधव को दोषी ठहराने के लिए बेतुका मुकदमा चलाने का आरोप लगाया है. दोनों पड़ोसी देशों का 18 साल पहले यहां आमना - सामना हुआ था, जब पाकिस्तान ने अपनी नौसेना के विमान को मार गिराने के मामले में इससे हस्तक्षेप की मांग की थी. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने कहा कि वह अस्थायी उपाय के लिए भारत के अनुरोध पर यथाशीघ्र अपना आदेश जारी करेगा. न्यायालय ने कहा, ‘‘सार्वजनिक बैठक में जिस तारीख को आदेश जारी किया जाएगा, उस बारे में दोनों पक्षों को सूचना दे दी जाएगी.’’ भारत ने जाधव की मौत की सजा को फौरन स्थगित करने की मांग करते हुए आशंका जताई है कि पाकिस्तान आईसीजे में सुनवाई पूरी होने से पहले ही उन्हें फांसी दे सकता है. नौसेना के 46 वर्षीय पूर्व अधिकारी के मामले में आईसीजे के सुनवाई शुरू करने पर भारत ने जोरदार दलील पेश की. जाधव को पिछले साल तीन मार्च को गिरफ्तार किया गया था और पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने जासूसी एवं विध्वंसक गतिविधियों में संलिप्त रहने के आरोप में उन्हें मौत की सजा सुनाई थी. विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव दीपक मित्तल ने अपनी शुरुआती टिप्पणी में आईसीजे से कहा, ‘‘जाधव को उपयुक्त कानूनी सहायता और राजनयिक मदद पाने का अधिकार नहीं दिया गया. फैसला होने से पहले ही उन्हें फांसी दिए जाने का एक फौरी खतरा मंडरा रहा है.’’ भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे मुख्य वकील हरीश साल्वे ने कहा कि ऐसे में जब यह न्यायालय अपील पर सुनवाई कर रहा है, मौत की सजा का क्रियान्वन नहीं किया जा सकता. नहीं तो, यह वियना समझौता का उल्लंघन होगा. भारत की दलील के बाद पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र की सर्वोच्च न्यायिक संस्था में अपनी दलील में कहा कि जाधव पर भारत की अर्जी गैरजरूरी और गलत तरीके से व्याख्या वाली है तथा इसे अवश्य खारिज किया जाना चाहिए. पाकिस्तान विदेश कार्यालय के मोहम्मद फैसल ने भारत की दलील के जवाब में अपनी शुरुआती टिप्पणी में कहा कि नई दिल्ली ने इसे अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के लिए एक उपयुक्त मामले के तौर पर देखा लेकिन हम नरमी से जवाब नहीं देंगे. आईसीजे ने पाकिस्तान को जाधव के कथित इकबालिया बयान वाला वीडियो यहां सार्वजनिक सुनवाई के दौरान चलाने की भी इजाजत नहीं दी. पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील खवर कुरैशी ने कहा कि भारत ने इस अदालत को अपनी इस बात से सहमत करना चाहा कि पाकिस्तान चंद रोज में ही जाधव को फांसी के तख्त पर चढ़ाना चाहता है. उन्होंने कहा कि कमांडर जाधव के पास दया याचिका की प्रक्रिया का अधिकार उपलब्ध है. इस सिलसिले में 150 दिन मुहैया किया जाता है जो यदि 10 अप्रैल 2017 को भी शुरू होता तो यह अगस्त 2017 से आगे चला जाता. अप्रैल की इसी तारीख को जाधव की दोषसिद्धि हुई थी. उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय में रिट याचिका की भी संभावना है और हमें लगता है कि भारत इससे जरूर वाकिफ होगा. इससे पहले साल्वे ने कहा कि पाकिस्तान ने राजनयिक मदद के लिए भारत के 16 अनुरोध को खारिज कर दिया. ‘‘आरोप जितना अधिक गंभीर होगा वियना समझौता का अनुपालन करने की उतनी अधिक जरूरत होगी. जाधव अपने परिवार से किसी तरह के संपर्क के बगैर न्यायिक हिरासत में है.’’ साल्वे ने कहा कि राजनयिक संबंध पर वियना समझौता की धारा 36 का अधिकार पवित्र है. उन्होंने नागरिक एवं राजनीतिक अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय नियम का जिक्र किया जो यह कहता है कि किसी को भी मनमाने ढंग से उसके जीवन से वंचित नहीं किया जाएगा.टिप्पणियां साल्वे ने कहा कि भारत को जाधव के खिलाफ दर्ज आरोपों की प्रति मुहैया नहीं करायी गई है. हम जाधव के लिए उपयुक्त कानूनी प्रतिनिधित्व चाहते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दोनों पड़ोसी देशों का 18 साल पहले यहां आमना - सामना हुआ था, जब पाकिस्तान ने अपनी नौसेना के विमान को मार गिराने के मामले में इससे हस्तक्षेप की मांग की थी. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने कहा कि वह अस्थायी उपाय के लिए भारत के अनुरोध पर यथाशीघ्र अपना आदेश जारी करेगा. न्यायालय ने कहा, ‘‘सार्वजनिक बैठक में जिस तारीख को आदेश जारी किया जाएगा, उस बारे में दोनों पक्षों को सूचना दे दी जाएगी.’’ भारत ने जाधव की मौत की सजा को फौरन स्थगित करने की मांग करते हुए आशंका जताई है कि पाकिस्तान आईसीजे में सुनवाई पूरी होने से पहले ही उन्हें फांसी दे सकता है. नौसेना के 46 वर्षीय पूर्व अधिकारी के मामले में आईसीजे के सुनवाई शुरू करने पर भारत ने जोरदार दलील पेश की. जाधव को पिछले साल तीन मार्च को गिरफ्तार किया गया था और पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने जासूसी एवं विध्वंसक गतिविधियों में संलिप्त रहने के आरोप में उन्हें मौत की सजा सुनाई थी. विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव दीपक मित्तल ने अपनी शुरुआती टिप्पणी में आईसीजे से कहा, ‘‘जाधव को उपयुक्त कानूनी सहायता और राजनयिक मदद पाने का अधिकार नहीं दिया गया. फैसला होने से पहले ही उन्हें फांसी दिए जाने का एक फौरी खतरा मंडरा रहा है.’’ भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे मुख्य वकील हरीश साल्वे ने कहा कि ऐसे में जब यह न्यायालय अपील पर सुनवाई कर रहा है, मौत की सजा का क्रियान्वन नहीं किया जा सकता. नहीं तो, यह वियना समझौता का उल्लंघन होगा. भारत की दलील के बाद पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र की सर्वोच्च न्यायिक संस्था में अपनी दलील में कहा कि जाधव पर भारत की अर्जी गैरजरूरी और गलत तरीके से व्याख्या वाली है तथा इसे अवश्य खारिज किया जाना चाहिए. पाकिस्तान विदेश कार्यालय के मोहम्मद फैसल ने भारत की दलील के जवाब में अपनी शुरुआती टिप्पणी में कहा कि नई दिल्ली ने इसे अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के लिए एक उपयुक्त मामले के तौर पर देखा लेकिन हम नरमी से जवाब नहीं देंगे. आईसीजे ने पाकिस्तान को जाधव के कथित इकबालिया बयान वाला वीडियो यहां सार्वजनिक सुनवाई के दौरान चलाने की भी इजाजत नहीं दी. पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील खवर कुरैशी ने कहा कि भारत ने इस अदालत को अपनी इस बात से सहमत करना चाहा कि पाकिस्तान चंद रोज में ही जाधव को फांसी के तख्त पर चढ़ाना चाहता है. उन्होंने कहा कि कमांडर जाधव के पास दया याचिका की प्रक्रिया का अधिकार उपलब्ध है. इस सिलसिले में 150 दिन मुहैया किया जाता है जो यदि 10 अप्रैल 2017 को भी शुरू होता तो यह अगस्त 2017 से आगे चला जाता. अप्रैल की इसी तारीख को जाधव की दोषसिद्धि हुई थी. उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय में रिट याचिका की भी संभावना है और हमें लगता है कि भारत इससे जरूर वाकिफ होगा. इससे पहले साल्वे ने कहा कि पाकिस्तान ने राजनयिक मदद के लिए भारत के 16 अनुरोध को खारिज कर दिया. ‘‘आरोप जितना अधिक गंभीर होगा वियना समझौता का अनुपालन करने की उतनी अधिक जरूरत होगी. जाधव अपने परिवार से किसी तरह के संपर्क के बगैर न्यायिक हिरासत में है.’’ साल्वे ने कहा कि राजनयिक संबंध पर वियना समझौता की धारा 36 का अधिकार पवित्र है. उन्होंने नागरिक एवं राजनीतिक अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय नियम का जिक्र किया जो यह कहता है कि किसी को भी मनमाने ढंग से उसके जीवन से वंचित नहीं किया जाएगा.टिप्पणियां साल्वे ने कहा कि भारत को जाधव के खिलाफ दर्ज आरोपों की प्रति मुहैया नहीं करायी गई है. हम जाधव के लिए उपयुक्त कानूनी प्रतिनिधित्व चाहते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने कहा कि वह अस्थायी उपाय के लिए भारत के अनुरोध पर यथाशीघ्र अपना आदेश जारी करेगा. न्यायालय ने कहा, ‘‘सार्वजनिक बैठक में जिस तारीख को आदेश जारी किया जाएगा, उस बारे में दोनों पक्षों को सूचना दे दी जाएगी.’’ भारत ने जाधव की मौत की सजा को फौरन स्थगित करने की मांग करते हुए आशंका जताई है कि पाकिस्तान आईसीजे में सुनवाई पूरी होने से पहले ही उन्हें फांसी दे सकता है. नौसेना के 46 वर्षीय पूर्व अधिकारी के मामले में आईसीजे के सुनवाई शुरू करने पर भारत ने जोरदार दलील पेश की. जाधव को पिछले साल तीन मार्च को गिरफ्तार किया गया था और पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने जासूसी एवं विध्वंसक गतिविधियों में संलिप्त रहने के आरोप में उन्हें मौत की सजा सुनाई थी. विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव दीपक मित्तल ने अपनी शुरुआती टिप्पणी में आईसीजे से कहा, ‘‘जाधव को उपयुक्त कानूनी सहायता और राजनयिक मदद पाने का अधिकार नहीं दिया गया. फैसला होने से पहले ही उन्हें फांसी दिए जाने का एक फौरी खतरा मंडरा रहा है.’’ भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे मुख्य वकील हरीश साल्वे ने कहा कि ऐसे में जब यह न्यायालय अपील पर सुनवाई कर रहा है, मौत की सजा का क्रियान्वन नहीं किया जा सकता. नहीं तो, यह वियना समझौता का उल्लंघन होगा. भारत की दलील के बाद पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र की सर्वोच्च न्यायिक संस्था में अपनी दलील में कहा कि जाधव पर भारत की अर्जी गैरजरूरी और गलत तरीके से व्याख्या वाली है तथा इसे अवश्य खारिज किया जाना चाहिए. पाकिस्तान विदेश कार्यालय के मोहम्मद फैसल ने भारत की दलील के जवाब में अपनी शुरुआती टिप्पणी में कहा कि नई दिल्ली ने इसे अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के लिए एक उपयुक्त मामले के तौर पर देखा लेकिन हम नरमी से जवाब नहीं देंगे. आईसीजे ने पाकिस्तान को जाधव के कथित इकबालिया बयान वाला वीडियो यहां सार्वजनिक सुनवाई के दौरान चलाने की भी इजाजत नहीं दी. पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील खवर कुरैशी ने कहा कि भारत ने इस अदालत को अपनी इस बात से सहमत करना चाहा कि पाकिस्तान चंद रोज में ही जाधव को फांसी के तख्त पर चढ़ाना चाहता है. उन्होंने कहा कि कमांडर जाधव के पास दया याचिका की प्रक्रिया का अधिकार उपलब्ध है. इस सिलसिले में 150 दिन मुहैया किया जाता है जो यदि 10 अप्रैल 2017 को भी शुरू होता तो यह अगस्त 2017 से आगे चला जाता. अप्रैल की इसी तारीख को जाधव की दोषसिद्धि हुई थी. उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय में रिट याचिका की भी संभावना है और हमें लगता है कि भारत इससे जरूर वाकिफ होगा. इससे पहले साल्वे ने कहा कि पाकिस्तान ने राजनयिक मदद के लिए भारत के 16 अनुरोध को खारिज कर दिया. ‘‘आरोप जितना अधिक गंभीर होगा वियना समझौता का अनुपालन करने की उतनी अधिक जरूरत होगी. जाधव अपने परिवार से किसी तरह के संपर्क के बगैर न्यायिक हिरासत में है.’’ साल्वे ने कहा कि राजनयिक संबंध पर वियना समझौता की धारा 36 का अधिकार पवित्र है. उन्होंने नागरिक एवं राजनीतिक अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय नियम का जिक्र किया जो यह कहता है कि किसी को भी मनमाने ढंग से उसके जीवन से वंचित नहीं किया जाएगा.टिप्पणियां साल्वे ने कहा कि भारत को जाधव के खिलाफ दर्ज आरोपों की प्रति मुहैया नहीं करायी गई है. हम जाधव के लिए उपयुक्त कानूनी प्रतिनिधित्व चाहते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) न्यायालय ने कहा, ‘‘सार्वजनिक बैठक में जिस तारीख को आदेश जारी किया जाएगा, उस बारे में दोनों पक्षों को सूचना दे दी जाएगी.’’ भारत ने जाधव की मौत की सजा को फौरन स्थगित करने की मांग करते हुए आशंका जताई है कि पाकिस्तान आईसीजे में सुनवाई पूरी होने से पहले ही उन्हें फांसी दे सकता है. नौसेना के 46 वर्षीय पूर्व अधिकारी के मामले में आईसीजे के सुनवाई शुरू करने पर भारत ने जोरदार दलील पेश की. जाधव को पिछले साल तीन मार्च को गिरफ्तार किया गया था और पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने जासूसी एवं विध्वंसक गतिविधियों में संलिप्त रहने के आरोप में उन्हें मौत की सजा सुनाई थी. विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव दीपक मित्तल ने अपनी शुरुआती टिप्पणी में आईसीजे से कहा, ‘‘जाधव को उपयुक्त कानूनी सहायता और राजनयिक मदद पाने का अधिकार नहीं दिया गया. फैसला होने से पहले ही उन्हें फांसी दिए जाने का एक फौरी खतरा मंडरा रहा है.’’ भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे मुख्य वकील हरीश साल्वे ने कहा कि ऐसे में जब यह न्यायालय अपील पर सुनवाई कर रहा है, मौत की सजा का क्रियान्वन नहीं किया जा सकता. नहीं तो, यह वियना समझौता का उल्लंघन होगा. भारत की दलील के बाद पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र की सर्वोच्च न्यायिक संस्था में अपनी दलील में कहा कि जाधव पर भारत की अर्जी गैरजरूरी और गलत तरीके से व्याख्या वाली है तथा इसे अवश्य खारिज किया जाना चाहिए. पाकिस्तान विदेश कार्यालय के मोहम्मद फैसल ने भारत की दलील के जवाब में अपनी शुरुआती टिप्पणी में कहा कि नई दिल्ली ने इसे अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के लिए एक उपयुक्त मामले के तौर पर देखा लेकिन हम नरमी से जवाब नहीं देंगे. आईसीजे ने पाकिस्तान को जाधव के कथित इकबालिया बयान वाला वीडियो यहां सार्वजनिक सुनवाई के दौरान चलाने की भी इजाजत नहीं दी. पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील खवर कुरैशी ने कहा कि भारत ने इस अदालत को अपनी इस बात से सहमत करना चाहा कि पाकिस्तान चंद रोज में ही जाधव को फांसी के तख्त पर चढ़ाना चाहता है. उन्होंने कहा कि कमांडर जाधव के पास दया याचिका की प्रक्रिया का अधिकार उपलब्ध है. इस सिलसिले में 150 दिन मुहैया किया जाता है जो यदि 10 अप्रैल 2017 को भी शुरू होता तो यह अगस्त 2017 से आगे चला जाता. अप्रैल की इसी तारीख को जाधव की दोषसिद्धि हुई थी. उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय में रिट याचिका की भी संभावना है और हमें लगता है कि भारत इससे जरूर वाकिफ होगा. इससे पहले साल्वे ने कहा कि पाकिस्तान ने राजनयिक मदद के लिए भारत के 16 अनुरोध को खारिज कर दिया. ‘‘आरोप जितना अधिक गंभीर होगा वियना समझौता का अनुपालन करने की उतनी अधिक जरूरत होगी. जाधव अपने परिवार से किसी तरह के संपर्क के बगैर न्यायिक हिरासत में है.’’ साल्वे ने कहा कि राजनयिक संबंध पर वियना समझौता की धारा 36 का अधिकार पवित्र है. उन्होंने नागरिक एवं राजनीतिक अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय नियम का जिक्र किया जो यह कहता है कि किसी को भी मनमाने ढंग से उसके जीवन से वंचित नहीं किया जाएगा.टिप्पणियां साल्वे ने कहा कि भारत को जाधव के खिलाफ दर्ज आरोपों की प्रति मुहैया नहीं करायी गई है. हम जाधव के लिए उपयुक्त कानूनी प्रतिनिधित्व चाहते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नौसेना के 46 वर्षीय पूर्व अधिकारी के मामले में आईसीजे के सुनवाई शुरू करने पर भारत ने जोरदार दलील पेश की. जाधव को पिछले साल तीन मार्च को गिरफ्तार किया गया था और पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने जासूसी एवं विध्वंसक गतिविधियों में संलिप्त रहने के आरोप में उन्हें मौत की सजा सुनाई थी. विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव दीपक मित्तल ने अपनी शुरुआती टिप्पणी में आईसीजे से कहा, ‘‘जाधव को उपयुक्त कानूनी सहायता और राजनयिक मदद पाने का अधिकार नहीं दिया गया. फैसला होने से पहले ही उन्हें फांसी दिए जाने का एक फौरी खतरा मंडरा रहा है.’’ भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे मुख्य वकील हरीश साल्वे ने कहा कि ऐसे में जब यह न्यायालय अपील पर सुनवाई कर रहा है, मौत की सजा का क्रियान्वन नहीं किया जा सकता. नहीं तो, यह वियना समझौता का उल्लंघन होगा. भारत की दलील के बाद पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र की सर्वोच्च न्यायिक संस्था में अपनी दलील में कहा कि जाधव पर भारत की अर्जी गैरजरूरी और गलत तरीके से व्याख्या वाली है तथा इसे अवश्य खारिज किया जाना चाहिए. पाकिस्तान विदेश कार्यालय के मोहम्मद फैसल ने भारत की दलील के जवाब में अपनी शुरुआती टिप्पणी में कहा कि नई दिल्ली ने इसे अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के लिए एक उपयुक्त मामले के तौर पर देखा लेकिन हम नरमी से जवाब नहीं देंगे. आईसीजे ने पाकिस्तान को जाधव के कथित इकबालिया बयान वाला वीडियो यहां सार्वजनिक सुनवाई के दौरान चलाने की भी इजाजत नहीं दी. पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील खवर कुरैशी ने कहा कि भारत ने इस अदालत को अपनी इस बात से सहमत करना चाहा कि पाकिस्तान चंद रोज में ही जाधव को फांसी के तख्त पर चढ़ाना चाहता है. उन्होंने कहा कि कमांडर जाधव के पास दया याचिका की प्रक्रिया का अधिकार उपलब्ध है. इस सिलसिले में 150 दिन मुहैया किया जाता है जो यदि 10 अप्रैल 2017 को भी शुरू होता तो यह अगस्त 2017 से आगे चला जाता. अप्रैल की इसी तारीख को जाधव की दोषसिद्धि हुई थी. उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय में रिट याचिका की भी संभावना है और हमें लगता है कि भारत इससे जरूर वाकिफ होगा. इससे पहले साल्वे ने कहा कि पाकिस्तान ने राजनयिक मदद के लिए भारत के 16 अनुरोध को खारिज कर दिया. ‘‘आरोप जितना अधिक गंभीर होगा वियना समझौता का अनुपालन करने की उतनी अधिक जरूरत होगी. जाधव अपने परिवार से किसी तरह के संपर्क के बगैर न्यायिक हिरासत में है.’’ साल्वे ने कहा कि राजनयिक संबंध पर वियना समझौता की धारा 36 का अधिकार पवित्र है. उन्होंने नागरिक एवं राजनीतिक अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय नियम का जिक्र किया जो यह कहता है कि किसी को भी मनमाने ढंग से उसके जीवन से वंचित नहीं किया जाएगा.टिप्पणियां साल्वे ने कहा कि भारत को जाधव के खिलाफ दर्ज आरोपों की प्रति मुहैया नहीं करायी गई है. हम जाधव के लिए उपयुक्त कानूनी प्रतिनिधित्व चाहते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव दीपक मित्तल ने अपनी शुरुआती टिप्पणी में आईसीजे से कहा, ‘‘जाधव को उपयुक्त कानूनी सहायता और राजनयिक मदद पाने का अधिकार नहीं दिया गया. फैसला होने से पहले ही उन्हें फांसी दिए जाने का एक फौरी खतरा मंडरा रहा है.’’ भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे मुख्य वकील हरीश साल्वे ने कहा कि ऐसे में जब यह न्यायालय अपील पर सुनवाई कर रहा है, मौत की सजा का क्रियान्वन नहीं किया जा सकता. नहीं तो, यह वियना समझौता का उल्लंघन होगा. भारत की दलील के बाद पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र की सर्वोच्च न्यायिक संस्था में अपनी दलील में कहा कि जाधव पर भारत की अर्जी गैरजरूरी और गलत तरीके से व्याख्या वाली है तथा इसे अवश्य खारिज किया जाना चाहिए. पाकिस्तान विदेश कार्यालय के मोहम्मद फैसल ने भारत की दलील के जवाब में अपनी शुरुआती टिप्पणी में कहा कि नई दिल्ली ने इसे अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के लिए एक उपयुक्त मामले के तौर पर देखा लेकिन हम नरमी से जवाब नहीं देंगे. आईसीजे ने पाकिस्तान को जाधव के कथित इकबालिया बयान वाला वीडियो यहां सार्वजनिक सुनवाई के दौरान चलाने की भी इजाजत नहीं दी. पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील खवर कुरैशी ने कहा कि भारत ने इस अदालत को अपनी इस बात से सहमत करना चाहा कि पाकिस्तान चंद रोज में ही जाधव को फांसी के तख्त पर चढ़ाना चाहता है. उन्होंने कहा कि कमांडर जाधव के पास दया याचिका की प्रक्रिया का अधिकार उपलब्ध है. इस सिलसिले में 150 दिन मुहैया किया जाता है जो यदि 10 अप्रैल 2017 को भी शुरू होता तो यह अगस्त 2017 से आगे चला जाता. अप्रैल की इसी तारीख को जाधव की दोषसिद्धि हुई थी. उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय में रिट याचिका की भी संभावना है और हमें लगता है कि भारत इससे जरूर वाकिफ होगा. इससे पहले साल्वे ने कहा कि पाकिस्तान ने राजनयिक मदद के लिए भारत के 16 अनुरोध को खारिज कर दिया. ‘‘आरोप जितना अधिक गंभीर होगा वियना समझौता का अनुपालन करने की उतनी अधिक जरूरत होगी. जाधव अपने परिवार से किसी तरह के संपर्क के बगैर न्यायिक हिरासत में है.’’ साल्वे ने कहा कि राजनयिक संबंध पर वियना समझौता की धारा 36 का अधिकार पवित्र है. उन्होंने नागरिक एवं राजनीतिक अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय नियम का जिक्र किया जो यह कहता है कि किसी को भी मनमाने ढंग से उसके जीवन से वंचित नहीं किया जाएगा.टिप्पणियां साल्वे ने कहा कि भारत को जाधव के खिलाफ दर्ज आरोपों की प्रति मुहैया नहीं करायी गई है. हम जाधव के लिए उपयुक्त कानूनी प्रतिनिधित्व चाहते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भारत की दलील के बाद पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र की सर्वोच्च न्यायिक संस्था में अपनी दलील में कहा कि जाधव पर भारत की अर्जी गैरजरूरी और गलत तरीके से व्याख्या वाली है तथा इसे अवश्य खारिज किया जाना चाहिए. पाकिस्तान विदेश कार्यालय के मोहम्मद फैसल ने भारत की दलील के जवाब में अपनी शुरुआती टिप्पणी में कहा कि नई दिल्ली ने इसे अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के लिए एक उपयुक्त मामले के तौर पर देखा लेकिन हम नरमी से जवाब नहीं देंगे. आईसीजे ने पाकिस्तान को जाधव के कथित इकबालिया बयान वाला वीडियो यहां सार्वजनिक सुनवाई के दौरान चलाने की भी इजाजत नहीं दी. पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील खवर कुरैशी ने कहा कि भारत ने इस अदालत को अपनी इस बात से सहमत करना चाहा कि पाकिस्तान चंद रोज में ही जाधव को फांसी के तख्त पर चढ़ाना चाहता है. उन्होंने कहा कि कमांडर जाधव के पास दया याचिका की प्रक्रिया का अधिकार उपलब्ध है. इस सिलसिले में 150 दिन मुहैया किया जाता है जो यदि 10 अप्रैल 2017 को भी शुरू होता तो यह अगस्त 2017 से आगे चला जाता. अप्रैल की इसी तारीख को जाधव की दोषसिद्धि हुई थी. उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय में रिट याचिका की भी संभावना है और हमें लगता है कि भारत इससे जरूर वाकिफ होगा. इससे पहले साल्वे ने कहा कि पाकिस्तान ने राजनयिक मदद के लिए भारत के 16 अनुरोध को खारिज कर दिया. ‘‘आरोप जितना अधिक गंभीर होगा वियना समझौता का अनुपालन करने की उतनी अधिक जरूरत होगी. जाधव अपने परिवार से किसी तरह के संपर्क के बगैर न्यायिक हिरासत में है.’’ साल्वे ने कहा कि राजनयिक संबंध पर वियना समझौता की धारा 36 का अधिकार पवित्र है. उन्होंने नागरिक एवं राजनीतिक अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय नियम का जिक्र किया जो यह कहता है कि किसी को भी मनमाने ढंग से उसके जीवन से वंचित नहीं किया जाएगा.टिप्पणियां साल्वे ने कहा कि भारत को जाधव के खिलाफ दर्ज आरोपों की प्रति मुहैया नहीं करायी गई है. हम जाधव के लिए उपयुक्त कानूनी प्रतिनिधित्व चाहते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील खवर कुरैशी ने कहा कि भारत ने इस अदालत को अपनी इस बात से सहमत करना चाहा कि पाकिस्तान चंद रोज में ही जाधव को फांसी के तख्त पर चढ़ाना चाहता है. उन्होंने कहा कि कमांडर जाधव के पास दया याचिका की प्रक्रिया का अधिकार उपलब्ध है. इस सिलसिले में 150 दिन मुहैया किया जाता है जो यदि 10 अप्रैल 2017 को भी शुरू होता तो यह अगस्त 2017 से आगे चला जाता. अप्रैल की इसी तारीख को जाधव की दोषसिद्धि हुई थी. उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय में रिट याचिका की भी संभावना है और हमें लगता है कि भारत इससे जरूर वाकिफ होगा. इससे पहले साल्वे ने कहा कि पाकिस्तान ने राजनयिक मदद के लिए भारत के 16 अनुरोध को खारिज कर दिया. ‘‘आरोप जितना अधिक गंभीर होगा वियना समझौता का अनुपालन करने की उतनी अधिक जरूरत होगी. जाधव अपने परिवार से किसी तरह के संपर्क के बगैर न्यायिक हिरासत में है.’’ साल्वे ने कहा कि राजनयिक संबंध पर वियना समझौता की धारा 36 का अधिकार पवित्र है. उन्होंने नागरिक एवं राजनीतिक अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय नियम का जिक्र किया जो यह कहता है कि किसी को भी मनमाने ढंग से उसके जीवन से वंचित नहीं किया जाएगा.टिप्पणियां साल्वे ने कहा कि भारत को जाधव के खिलाफ दर्ज आरोपों की प्रति मुहैया नहीं करायी गई है. हम जाधव के लिए उपयुक्त कानूनी प्रतिनिधित्व चाहते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि कमांडर जाधव के पास दया याचिका की प्रक्रिया का अधिकार उपलब्ध है. इस सिलसिले में 150 दिन मुहैया किया जाता है जो यदि 10 अप्रैल 2017 को भी शुरू होता तो यह अगस्त 2017 से आगे चला जाता. अप्रैल की इसी तारीख को जाधव की दोषसिद्धि हुई थी. उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय में रिट याचिका की भी संभावना है और हमें लगता है कि भारत इससे जरूर वाकिफ होगा. इससे पहले साल्वे ने कहा कि पाकिस्तान ने राजनयिक मदद के लिए भारत के 16 अनुरोध को खारिज कर दिया. ‘‘आरोप जितना अधिक गंभीर होगा वियना समझौता का अनुपालन करने की उतनी अधिक जरूरत होगी. जाधव अपने परिवार से किसी तरह के संपर्क के बगैर न्यायिक हिरासत में है.’’ साल्वे ने कहा कि राजनयिक संबंध पर वियना समझौता की धारा 36 का अधिकार पवित्र है. उन्होंने नागरिक एवं राजनीतिक अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय नियम का जिक्र किया जो यह कहता है कि किसी को भी मनमाने ढंग से उसके जीवन से वंचित नहीं किया जाएगा.टिप्पणियां साल्वे ने कहा कि भारत को जाधव के खिलाफ दर्ज आरोपों की प्रति मुहैया नहीं करायी गई है. हम जाधव के लिए उपयुक्त कानूनी प्रतिनिधित्व चाहते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इससे पहले साल्वे ने कहा कि पाकिस्तान ने राजनयिक मदद के लिए भारत के 16 अनुरोध को खारिज कर दिया. ‘‘आरोप जितना अधिक गंभीर होगा वियना समझौता का अनुपालन करने की उतनी अधिक जरूरत होगी. जाधव अपने परिवार से किसी तरह के संपर्क के बगैर न्यायिक हिरासत में है.’’ साल्वे ने कहा कि राजनयिक संबंध पर वियना समझौता की धारा 36 का अधिकार पवित्र है. उन्होंने नागरिक एवं राजनीतिक अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय नियम का जिक्र किया जो यह कहता है कि किसी को भी मनमाने ढंग से उसके जीवन से वंचित नहीं किया जाएगा.टिप्पणियां साल्वे ने कहा कि भारत को जाधव के खिलाफ दर्ज आरोपों की प्रति मुहैया नहीं करायी गई है. हम जाधव के लिए उपयुक्त कानूनी प्रतिनिधित्व चाहते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) साल्वे ने कहा कि भारत को जाधव के खिलाफ दर्ज आरोपों की प्रति मुहैया नहीं करायी गई है. हम जाधव के लिए उपयुक्त कानूनी प्रतिनिधित्व चाहते हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: भारत के अनुरोध पर न्‍यायालय यथाशीघ्र अपना आदेश जारी करेगा दोनों पड़ोसी देशों का 18 साल पहले यहां आमना-सामना हुआ था पाकिस्‍तान के वकील ने कहा, जाधव के पास दया याचिका का अधिकार है
9
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पारंपरिक रूप से लोगों को खुद से जोड़ने के साथ साथ अब आधुनिक दौर के अनुसार हाईटेक हो रहा है और अपनी वेबसाइट के माध्यम से अपनी पहुंच को व्यापक करने के अलावा, वह आईटी पेशेवरों तथा शहरों में रहने वालों को भी स्वयं से जोड़ रहा है। संघ 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को शुरू से ही अपनी विचारधारा से जुड़ने और उनमें देश प्रेम और राष्ट्रवाद की भावना भरने के लिये बालभारती और बाल गोकुल कार्यक्रम चला रहा है। विश्वविद्यालय और डिग्री कॉलेजों के युवाओं को संघ के प्रति आकषिर्त करने के लिए भी कार्यक्रम चल रहे हैं। राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के सह सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले के अनुसार वर्तमान माहौल के मद्देनजर अब संघ ‘गुणवत्ता सुधार’ की दिशा में काम कर रहा है। इसी कड़ी में संघ कई बदलाव कर रहा है ताकि युवा पीढ़ी अपनी आधुनिक जिंदगी के सपने के बीच देश के प्रति अपने कर्तव्य को न भूले और संघ के जरिये देश की परंपराओं से जुड़ी रहे। उन्होंने बताया कि इसीलिए संघ ने अपनी वेबसाइट पर ‘ज्वाइन आरएसएस’ नाम से एक कॉलम बनाया है जहां संघ से जुड़ने के इच्छुक लोग जाकर अपना नाम, पता, फोन नंबर और ईमेल दर्ज करा रहे हैं। फिर संघ कार्यालय इन लोगों के बारे में देश भर में फैले स्वयं सेवकों को बताता है जो उनसे संपर्क करते हैं। वर्ष 2015 में ‘ज्वाइन आरएसएस’ के माध्यम से 31 हजार 800 लोगों ने तथा वर्ष 2016 में करीब 47 हजार 200 लोगों ने संघ से जुड़ने की इच्छा जताई जिनमें बड़ी संख्या युवाओं की है। राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के प्रांत प्रचारक वर्ग की वाषिर्क बैठक में शामिल होने कानपुर आए होसबोले के अनुसार, संघ अब आईटी पेशेवरों को भी अपने से जोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आईटी पेशेवर ही देश को एक विकसित राष्ट्र बनायेंगे इसलिये इन्हें देशभक्ति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रवाद की भावना से प्रेरित करना बहुत जरूरी है। होसबोले ने बताया कि इसके लिये आईटी पेशेवरों वाले शहरों में उनके लिये साप्ताहिक कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। बड़े शहरों में फ्लैटो में रहने वाले लोगों के लिये भी संघ के लोग उनकी कॉलोनी के कम्युनिटी हॉल में जाकर साप्ताहिक कार्यक्रम कर रहे हैं जिनमें उन्हें राष्ट्रवाद और सामाजिक समरसता के बारे में बताया जा रहा है।टिप्पणियां संघ द्वारा देश भर में 32 हजार 400 स्थानों पर 50 हजार 700 शाखाएं चलाई जा रही हैं। इसके अलावा 12 हजार 32 साप्ताहिक मिलन और 7233 मासिक मिलन कार्यक्रम भी चलाये जा रहे हैं।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) संघ 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को शुरू से ही अपनी विचारधारा से जुड़ने और उनमें देश प्रेम और राष्ट्रवाद की भावना भरने के लिये बालभारती और बाल गोकुल कार्यक्रम चला रहा है। विश्वविद्यालय और डिग्री कॉलेजों के युवाओं को संघ के प्रति आकषिर्त करने के लिए भी कार्यक्रम चल रहे हैं। राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के सह सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले के अनुसार वर्तमान माहौल के मद्देनजर अब संघ ‘गुणवत्ता सुधार’ की दिशा में काम कर रहा है। इसी कड़ी में संघ कई बदलाव कर रहा है ताकि युवा पीढ़ी अपनी आधुनिक जिंदगी के सपने के बीच देश के प्रति अपने कर्तव्य को न भूले और संघ के जरिये देश की परंपराओं से जुड़ी रहे। उन्होंने बताया कि इसीलिए संघ ने अपनी वेबसाइट पर ‘ज्वाइन आरएसएस’ नाम से एक कॉलम बनाया है जहां संघ से जुड़ने के इच्छुक लोग जाकर अपना नाम, पता, फोन नंबर और ईमेल दर्ज करा रहे हैं। फिर संघ कार्यालय इन लोगों के बारे में देश भर में फैले स्वयं सेवकों को बताता है जो उनसे संपर्क करते हैं। वर्ष 2015 में ‘ज्वाइन आरएसएस’ के माध्यम से 31 हजार 800 लोगों ने तथा वर्ष 2016 में करीब 47 हजार 200 लोगों ने संघ से जुड़ने की इच्छा जताई जिनमें बड़ी संख्या युवाओं की है। राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के प्रांत प्रचारक वर्ग की वाषिर्क बैठक में शामिल होने कानपुर आए होसबोले के अनुसार, संघ अब आईटी पेशेवरों को भी अपने से जोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आईटी पेशेवर ही देश को एक विकसित राष्ट्र बनायेंगे इसलिये इन्हें देशभक्ति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रवाद की भावना से प्रेरित करना बहुत जरूरी है। होसबोले ने बताया कि इसके लिये आईटी पेशेवरों वाले शहरों में उनके लिये साप्ताहिक कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। बड़े शहरों में फ्लैटो में रहने वाले लोगों के लिये भी संघ के लोग उनकी कॉलोनी के कम्युनिटी हॉल में जाकर साप्ताहिक कार्यक्रम कर रहे हैं जिनमें उन्हें राष्ट्रवाद और सामाजिक समरसता के बारे में बताया जा रहा है।टिप्पणियां संघ द्वारा देश भर में 32 हजार 400 स्थानों पर 50 हजार 700 शाखाएं चलाई जा रही हैं। इसके अलावा 12 हजार 32 साप्ताहिक मिलन और 7233 मासिक मिलन कार्यक्रम भी चलाये जा रहे हैं।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के सह सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले के अनुसार वर्तमान माहौल के मद्देनजर अब संघ ‘गुणवत्ता सुधार’ की दिशा में काम कर रहा है। इसी कड़ी में संघ कई बदलाव कर रहा है ताकि युवा पीढ़ी अपनी आधुनिक जिंदगी के सपने के बीच देश के प्रति अपने कर्तव्य को न भूले और संघ के जरिये देश की परंपराओं से जुड़ी रहे। उन्होंने बताया कि इसीलिए संघ ने अपनी वेबसाइट पर ‘ज्वाइन आरएसएस’ नाम से एक कॉलम बनाया है जहां संघ से जुड़ने के इच्छुक लोग जाकर अपना नाम, पता, फोन नंबर और ईमेल दर्ज करा रहे हैं। फिर संघ कार्यालय इन लोगों के बारे में देश भर में फैले स्वयं सेवकों को बताता है जो उनसे संपर्क करते हैं। वर्ष 2015 में ‘ज्वाइन आरएसएस’ के माध्यम से 31 हजार 800 लोगों ने तथा वर्ष 2016 में करीब 47 हजार 200 लोगों ने संघ से जुड़ने की इच्छा जताई जिनमें बड़ी संख्या युवाओं की है। राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के प्रांत प्रचारक वर्ग की वाषिर्क बैठक में शामिल होने कानपुर आए होसबोले के अनुसार, संघ अब आईटी पेशेवरों को भी अपने से जोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आईटी पेशेवर ही देश को एक विकसित राष्ट्र बनायेंगे इसलिये इन्हें देशभक्ति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रवाद की भावना से प्रेरित करना बहुत जरूरी है। होसबोले ने बताया कि इसके लिये आईटी पेशेवरों वाले शहरों में उनके लिये साप्ताहिक कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। बड़े शहरों में फ्लैटो में रहने वाले लोगों के लिये भी संघ के लोग उनकी कॉलोनी के कम्युनिटी हॉल में जाकर साप्ताहिक कार्यक्रम कर रहे हैं जिनमें उन्हें राष्ट्रवाद और सामाजिक समरसता के बारे में बताया जा रहा है।टिप्पणियां संघ द्वारा देश भर में 32 हजार 400 स्थानों पर 50 हजार 700 शाखाएं चलाई जा रही हैं। इसके अलावा 12 हजार 32 साप्ताहिक मिलन और 7233 मासिक मिलन कार्यक्रम भी चलाये जा रहे हैं।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने बताया कि इसीलिए संघ ने अपनी वेबसाइट पर ‘ज्वाइन आरएसएस’ नाम से एक कॉलम बनाया है जहां संघ से जुड़ने के इच्छुक लोग जाकर अपना नाम, पता, फोन नंबर और ईमेल दर्ज करा रहे हैं। फिर संघ कार्यालय इन लोगों के बारे में देश भर में फैले स्वयं सेवकों को बताता है जो उनसे संपर्क करते हैं। वर्ष 2015 में ‘ज्वाइन आरएसएस’ के माध्यम से 31 हजार 800 लोगों ने तथा वर्ष 2016 में करीब 47 हजार 200 लोगों ने संघ से जुड़ने की इच्छा जताई जिनमें बड़ी संख्या युवाओं की है। राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के प्रांत प्रचारक वर्ग की वाषिर्क बैठक में शामिल होने कानपुर आए होसबोले के अनुसार, संघ अब आईटी पेशेवरों को भी अपने से जोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आईटी पेशेवर ही देश को एक विकसित राष्ट्र बनायेंगे इसलिये इन्हें देशभक्ति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रवाद की भावना से प्रेरित करना बहुत जरूरी है। होसबोले ने बताया कि इसके लिये आईटी पेशेवरों वाले शहरों में उनके लिये साप्ताहिक कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। बड़े शहरों में फ्लैटो में रहने वाले लोगों के लिये भी संघ के लोग उनकी कॉलोनी के कम्युनिटी हॉल में जाकर साप्ताहिक कार्यक्रम कर रहे हैं जिनमें उन्हें राष्ट्रवाद और सामाजिक समरसता के बारे में बताया जा रहा है।टिप्पणियां संघ द्वारा देश भर में 32 हजार 400 स्थानों पर 50 हजार 700 शाखाएं चलाई जा रही हैं। इसके अलावा 12 हजार 32 साप्ताहिक मिलन और 7233 मासिक मिलन कार्यक्रम भी चलाये जा रहे हैं।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) वर्ष 2015 में ‘ज्वाइन आरएसएस’ के माध्यम से 31 हजार 800 लोगों ने तथा वर्ष 2016 में करीब 47 हजार 200 लोगों ने संघ से जुड़ने की इच्छा जताई जिनमें बड़ी संख्या युवाओं की है। राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के प्रांत प्रचारक वर्ग की वाषिर्क बैठक में शामिल होने कानपुर आए होसबोले के अनुसार, संघ अब आईटी पेशेवरों को भी अपने से जोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आईटी पेशेवर ही देश को एक विकसित राष्ट्र बनायेंगे इसलिये इन्हें देशभक्ति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रवाद की भावना से प्रेरित करना बहुत जरूरी है। होसबोले ने बताया कि इसके लिये आईटी पेशेवरों वाले शहरों में उनके लिये साप्ताहिक कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। बड़े शहरों में फ्लैटो में रहने वाले लोगों के लिये भी संघ के लोग उनकी कॉलोनी के कम्युनिटी हॉल में जाकर साप्ताहिक कार्यक्रम कर रहे हैं जिनमें उन्हें राष्ट्रवाद और सामाजिक समरसता के बारे में बताया जा रहा है।टिप्पणियां संघ द्वारा देश भर में 32 हजार 400 स्थानों पर 50 हजार 700 शाखाएं चलाई जा रही हैं। इसके अलावा 12 हजार 32 साप्ताहिक मिलन और 7233 मासिक मिलन कार्यक्रम भी चलाये जा रहे हैं।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) होसबोले ने बताया कि इसके लिये आईटी पेशेवरों वाले शहरों में उनके लिये साप्ताहिक कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। बड़े शहरों में फ्लैटो में रहने वाले लोगों के लिये भी संघ के लोग उनकी कॉलोनी के कम्युनिटी हॉल में जाकर साप्ताहिक कार्यक्रम कर रहे हैं जिनमें उन्हें राष्ट्रवाद और सामाजिक समरसता के बारे में बताया जा रहा है।टिप्पणियां संघ द्वारा देश भर में 32 हजार 400 स्थानों पर 50 हजार 700 शाखाएं चलाई जा रही हैं। इसके अलावा 12 हजार 32 साप्ताहिक मिलन और 7233 मासिक मिलन कार्यक्रम भी चलाये जा रहे हैं।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) संघ द्वारा देश भर में 32 हजार 400 स्थानों पर 50 हजार 700 शाखाएं चलाई जा रही हैं। इसके अलावा 12 हजार 32 साप्ताहिक मिलन और 7233 मासिक मिलन कार्यक्रम भी चलाये जा रहे हैं।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: कॉलेजों के युवाओं को संघ के प्रति आकषिर्त करने के लिए कार्यक्रम चल रहे है आईटी पेशेवरों वाले शहरों में उनके लिये साप्ताहिक कार्यक्रम चलाये जा रहे ह वर्तमान माहौल के मद्देनजर संघ ‘गुणवत्ता सुधार’ की दिशा में काम कर रहा है
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मुंबई के पुलिस कमिश्नर अरूप पटनायक के तबादले को लेकर गृहमंत्री आरआर पाटिल और मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के बीच मतभेद साफ दिख रहे हैं। पाटिल पटनायक का तबादला चाहते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध ली है। पटनायक ने इस मामले में एनडीटीवी इंडिया से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा है कि सरकारी मुलाज़िम हैं, जो भी आदेश आएगा वे उसका पालन करेंगे।टिप्पणियां गौरतलब है कि गृह विभाग ने पटनायक के तबादले का प्रस्ताव सीएम के पास 16 अगस्त को भेजा था। लेकिन खबरें यह भी हैं कि मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण पटनायक को प्रोमोशन देना चाहते हैं। दरअसल, 11 अगस्त की मुंबई हिंसा के बाद कई राजनैतिक दलों की मांग के चलते पटनायक के तबादले का प्रस्ताव आया था। अब महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक में इस पर अहम फैसला आ सकता है। पटनायक ने इस मामले में एनडीटीवी इंडिया से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा है कि सरकारी मुलाज़िम हैं, जो भी आदेश आएगा वे उसका पालन करेंगे।टिप्पणियां गौरतलब है कि गृह विभाग ने पटनायक के तबादले का प्रस्ताव सीएम के पास 16 अगस्त को भेजा था। लेकिन खबरें यह भी हैं कि मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण पटनायक को प्रोमोशन देना चाहते हैं। दरअसल, 11 अगस्त की मुंबई हिंसा के बाद कई राजनैतिक दलों की मांग के चलते पटनायक के तबादले का प्रस्ताव आया था। अब महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक में इस पर अहम फैसला आ सकता है। गौरतलब है कि गृह विभाग ने पटनायक के तबादले का प्रस्ताव सीएम के पास 16 अगस्त को भेजा था। लेकिन खबरें यह भी हैं कि मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण पटनायक को प्रोमोशन देना चाहते हैं। दरअसल, 11 अगस्त की मुंबई हिंसा के बाद कई राजनैतिक दलों की मांग के चलते पटनायक के तबादले का प्रस्ताव आया था। अब महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक में इस पर अहम फैसला आ सकता है। दरअसल, 11 अगस्त की मुंबई हिंसा के बाद कई राजनैतिक दलों की मांग के चलते पटनायक के तबादले का प्रस्ताव आया था। अब महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक में इस पर अहम फैसला आ सकता है।
संक्षिप्त पाठ: पटनायक ने इस मामले में एनडीटीवी इंडिया से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा है कि सरकारी मुलाज़िम हैं, जो भी आदेश आएगा वे उसका पालन करेंगे।
27
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सार्वजनिक क्षेत्र की एनएचपीसी का शेयर भारी बिकवाली दबाव में 30 प्रतिशत तक टूट गया। पनबिजली कंपनी ने कहा कि जहां तक उसकी बुनियादी स्थिति का संबंध है, उसमें कोई बदलाव नहीं आया है, इस बयान से कंपनी के शेयर प्रभावित हुए।टिप्पणियां नेशनल स्टाक एक्सचेंज में एनएचपीसी का शेयर 29.92 प्रतिशत तक टूटकर 18.15 रुपये पर आ गया, जबकि बंबई शेयर बाजार में यह 25.87 प्रतिशत का गोता खाकर 17.90 रुपये पर आ गया। शेयर भाव में तेज गिरावट से एनएचपीसी का बाजार पूंजीकरण 5,597 करोड़ रुपये घटकर 24,109 करोड़ रुपये रह गया। नेशनल स्टाक एक्सचेंज में एनएचपीसी का शेयर 29.92 प्रतिशत तक टूटकर 18.15 रुपये पर आ गया, जबकि बंबई शेयर बाजार में यह 25.87 प्रतिशत का गोता खाकर 17.90 रुपये पर आ गया। शेयर भाव में तेज गिरावट से एनएचपीसी का बाजार पूंजीकरण 5,597 करोड़ रुपये घटकर 24,109 करोड़ रुपये रह गया। शेयर भाव में तेज गिरावट से एनएचपीसी का बाजार पूंजीकरण 5,597 करोड़ रुपये घटकर 24,109 करोड़ रुपये रह गया।
सार्वजनिक क्षेत्र की एनएचपीसी का शेयर भारी बिकवाली दबाव में 30 प्रतिशत तक टूट गया। पनबिजली कंपनी ने कहा कि जहां तक उसकी बुनियादी स्थिति का संबंध है, उसमें कोई बदलाव नहीं आया है, इस बयान से कंपनी के शेयर प्रभावित हुए।
28
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बम्बई उच्च न्यायालय ने आदर्श हाउसिंग सोसायटी घोटाले में संलिप्त सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू न करने पर सोमवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को फटकार लगाई। न्यायमूर्ति पीबी मजमूदार एवं न्यायमूर्ति डीआर धनुका की खंडपीठ ने सीबीआई से पूछा, "जब कई सरकारी अधिकारियों के खिलाफ प्रारम्भिक सबूत हैं, तब आपने सम्बंधित विभागों को इन्हें पद से हटाने के लिए पत्र क्यों नहीं लिखा।" खंडपीठ ने कहा, "दोषी पाए गए प्रत्येक अधिकारी पर कार्रवाई करें।" सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को घोटाले की जांच पर स्थिति रिपोर्ट सौंपी। ज्ञात हो कि दक्षिणी मुम्बई के कोलाबा इलाके में मुख्य भूमि पर स्थित 31 मंजिली इमारत का निर्माण आदर्श सोसायटी ने करवाया है। कारगिल के युद्धवीरों एवं सैनिकों की विधवाओं के लिए बनाई गई इस इमारत के निर्माण से लेकर फ्लैट आवंटन तक में धांधलियों के आरोप हैं। आरोप लगने पर तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण को पद छोड़ना पड़ा था। पिछले हफ्ते जारी अदालत के निर्देश का पालन करते हुए प्रवर्तन निदेशालय के विशेष निदेशक भी अदालत में मौजूद थे। खंडपीठ ने सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग से जानकारी को साझा करने तथा जांच में समन्वय कायम करने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाने को कहा। अदालत ने धन की हेराफेरी मामले में कथित तौर पर संलिप्त आदर्श सोसायटी के कुछ सदस्यों के खिलाफ जांच शुरू नहीं करने पर 28 फरवरी को प्रवर्तन निदेशालय को भी फटकार लगाई थी। एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री (अब केंद्रीय मंत्री) विलासराव देशमुख पर भी फ्लैट आवंटन में नियमों को नजरअंदाज करने का आरोप है। सीबीआई इस मामले में 15 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा चुकी है। जांच एजेंसी ने जांच पूरी करने और आरोपपत्र दाखिल करने के लिए अदालत से दो हफ्ते का समय मांगा है।टिप्पणियां जांच एजेंसी ने गत मंगलवार को महाराष्ट्र के पूर्व कांग्रेस विधायक कन्हैयालाल वी. गिडवाणी, उनके कर परामर्शदाता बेटे और सीबीआई के एक वकील सहित चार लोगों को इसी जांच से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया था। ये सभी आरोपी 16 मार्च तक के लिए सीबीआई की हिरासत में हैं। घोटाला मामले की अगली सुनवाई 22 मार्च को होगी।   न्यायमूर्ति पीबी मजमूदार एवं न्यायमूर्ति डीआर धनुका की खंडपीठ ने सीबीआई से पूछा, "जब कई सरकारी अधिकारियों के खिलाफ प्रारम्भिक सबूत हैं, तब आपने सम्बंधित विभागों को इन्हें पद से हटाने के लिए पत्र क्यों नहीं लिखा।" खंडपीठ ने कहा, "दोषी पाए गए प्रत्येक अधिकारी पर कार्रवाई करें।" सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को घोटाले की जांच पर स्थिति रिपोर्ट सौंपी। ज्ञात हो कि दक्षिणी मुम्बई के कोलाबा इलाके में मुख्य भूमि पर स्थित 31 मंजिली इमारत का निर्माण आदर्श सोसायटी ने करवाया है। कारगिल के युद्धवीरों एवं सैनिकों की विधवाओं के लिए बनाई गई इस इमारत के निर्माण से लेकर फ्लैट आवंटन तक में धांधलियों के आरोप हैं। आरोप लगने पर तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण को पद छोड़ना पड़ा था। पिछले हफ्ते जारी अदालत के निर्देश का पालन करते हुए प्रवर्तन निदेशालय के विशेष निदेशक भी अदालत में मौजूद थे। खंडपीठ ने सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग से जानकारी को साझा करने तथा जांच में समन्वय कायम करने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाने को कहा। अदालत ने धन की हेराफेरी मामले में कथित तौर पर संलिप्त आदर्श सोसायटी के कुछ सदस्यों के खिलाफ जांच शुरू नहीं करने पर 28 फरवरी को प्रवर्तन निदेशालय को भी फटकार लगाई थी। एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री (अब केंद्रीय मंत्री) विलासराव देशमुख पर भी फ्लैट आवंटन में नियमों को नजरअंदाज करने का आरोप है। सीबीआई इस मामले में 15 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा चुकी है। जांच एजेंसी ने जांच पूरी करने और आरोपपत्र दाखिल करने के लिए अदालत से दो हफ्ते का समय मांगा है।टिप्पणियां जांच एजेंसी ने गत मंगलवार को महाराष्ट्र के पूर्व कांग्रेस विधायक कन्हैयालाल वी. गिडवाणी, उनके कर परामर्शदाता बेटे और सीबीआई के एक वकील सहित चार लोगों को इसी जांच से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया था। ये सभी आरोपी 16 मार्च तक के लिए सीबीआई की हिरासत में हैं। घोटाला मामले की अगली सुनवाई 22 मार्च को होगी।   खंडपीठ ने कहा, "दोषी पाए गए प्रत्येक अधिकारी पर कार्रवाई करें।" सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को घोटाले की जांच पर स्थिति रिपोर्ट सौंपी। ज्ञात हो कि दक्षिणी मुम्बई के कोलाबा इलाके में मुख्य भूमि पर स्थित 31 मंजिली इमारत का निर्माण आदर्श सोसायटी ने करवाया है। कारगिल के युद्धवीरों एवं सैनिकों की विधवाओं के लिए बनाई गई इस इमारत के निर्माण से लेकर फ्लैट आवंटन तक में धांधलियों के आरोप हैं। आरोप लगने पर तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण को पद छोड़ना पड़ा था। पिछले हफ्ते जारी अदालत के निर्देश का पालन करते हुए प्रवर्तन निदेशालय के विशेष निदेशक भी अदालत में मौजूद थे। खंडपीठ ने सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग से जानकारी को साझा करने तथा जांच में समन्वय कायम करने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाने को कहा। अदालत ने धन की हेराफेरी मामले में कथित तौर पर संलिप्त आदर्श सोसायटी के कुछ सदस्यों के खिलाफ जांच शुरू नहीं करने पर 28 फरवरी को प्रवर्तन निदेशालय को भी फटकार लगाई थी। एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री (अब केंद्रीय मंत्री) विलासराव देशमुख पर भी फ्लैट आवंटन में नियमों को नजरअंदाज करने का आरोप है। सीबीआई इस मामले में 15 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा चुकी है। जांच एजेंसी ने जांच पूरी करने और आरोपपत्र दाखिल करने के लिए अदालत से दो हफ्ते का समय मांगा है।टिप्पणियां जांच एजेंसी ने गत मंगलवार को महाराष्ट्र के पूर्व कांग्रेस विधायक कन्हैयालाल वी. गिडवाणी, उनके कर परामर्शदाता बेटे और सीबीआई के एक वकील सहित चार लोगों को इसी जांच से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया था। ये सभी आरोपी 16 मार्च तक के लिए सीबीआई की हिरासत में हैं। घोटाला मामले की अगली सुनवाई 22 मार्च को होगी।   सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को घोटाले की जांच पर स्थिति रिपोर्ट सौंपी। ज्ञात हो कि दक्षिणी मुम्बई के कोलाबा इलाके में मुख्य भूमि पर स्थित 31 मंजिली इमारत का निर्माण आदर्श सोसायटी ने करवाया है। कारगिल के युद्धवीरों एवं सैनिकों की विधवाओं के लिए बनाई गई इस इमारत के निर्माण से लेकर फ्लैट आवंटन तक में धांधलियों के आरोप हैं। आरोप लगने पर तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण को पद छोड़ना पड़ा था। पिछले हफ्ते जारी अदालत के निर्देश का पालन करते हुए प्रवर्तन निदेशालय के विशेष निदेशक भी अदालत में मौजूद थे। खंडपीठ ने सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग से जानकारी को साझा करने तथा जांच में समन्वय कायम करने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाने को कहा। अदालत ने धन की हेराफेरी मामले में कथित तौर पर संलिप्त आदर्श सोसायटी के कुछ सदस्यों के खिलाफ जांच शुरू नहीं करने पर 28 फरवरी को प्रवर्तन निदेशालय को भी फटकार लगाई थी। एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री (अब केंद्रीय मंत्री) विलासराव देशमुख पर भी फ्लैट आवंटन में नियमों को नजरअंदाज करने का आरोप है। सीबीआई इस मामले में 15 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा चुकी है। जांच एजेंसी ने जांच पूरी करने और आरोपपत्र दाखिल करने के लिए अदालत से दो हफ्ते का समय मांगा है।टिप्पणियां जांच एजेंसी ने गत मंगलवार को महाराष्ट्र के पूर्व कांग्रेस विधायक कन्हैयालाल वी. गिडवाणी, उनके कर परामर्शदाता बेटे और सीबीआई के एक वकील सहित चार लोगों को इसी जांच से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया था। ये सभी आरोपी 16 मार्च तक के लिए सीबीआई की हिरासत में हैं। घोटाला मामले की अगली सुनवाई 22 मार्च को होगी।   ज्ञात हो कि दक्षिणी मुम्बई के कोलाबा इलाके में मुख्य भूमि पर स्थित 31 मंजिली इमारत का निर्माण आदर्श सोसायटी ने करवाया है। कारगिल के युद्धवीरों एवं सैनिकों की विधवाओं के लिए बनाई गई इस इमारत के निर्माण से लेकर फ्लैट आवंटन तक में धांधलियों के आरोप हैं। आरोप लगने पर तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण को पद छोड़ना पड़ा था। पिछले हफ्ते जारी अदालत के निर्देश का पालन करते हुए प्रवर्तन निदेशालय के विशेष निदेशक भी अदालत में मौजूद थे। खंडपीठ ने सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग से जानकारी को साझा करने तथा जांच में समन्वय कायम करने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाने को कहा। अदालत ने धन की हेराफेरी मामले में कथित तौर पर संलिप्त आदर्श सोसायटी के कुछ सदस्यों के खिलाफ जांच शुरू नहीं करने पर 28 फरवरी को प्रवर्तन निदेशालय को भी फटकार लगाई थी। एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री (अब केंद्रीय मंत्री) विलासराव देशमुख पर भी फ्लैट आवंटन में नियमों को नजरअंदाज करने का आरोप है। सीबीआई इस मामले में 15 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा चुकी है। जांच एजेंसी ने जांच पूरी करने और आरोपपत्र दाखिल करने के लिए अदालत से दो हफ्ते का समय मांगा है।टिप्पणियां जांच एजेंसी ने गत मंगलवार को महाराष्ट्र के पूर्व कांग्रेस विधायक कन्हैयालाल वी. गिडवाणी, उनके कर परामर्शदाता बेटे और सीबीआई के एक वकील सहित चार लोगों को इसी जांच से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया था। ये सभी आरोपी 16 मार्च तक के लिए सीबीआई की हिरासत में हैं। घोटाला मामले की अगली सुनवाई 22 मार्च को होगी।   पिछले हफ्ते जारी अदालत के निर्देश का पालन करते हुए प्रवर्तन निदेशालय के विशेष निदेशक भी अदालत में मौजूद थे। खंडपीठ ने सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग से जानकारी को साझा करने तथा जांच में समन्वय कायम करने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाने को कहा। अदालत ने धन की हेराफेरी मामले में कथित तौर पर संलिप्त आदर्श सोसायटी के कुछ सदस्यों के खिलाफ जांच शुरू नहीं करने पर 28 फरवरी को प्रवर्तन निदेशालय को भी फटकार लगाई थी। एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री (अब केंद्रीय मंत्री) विलासराव देशमुख पर भी फ्लैट आवंटन में नियमों को नजरअंदाज करने का आरोप है। सीबीआई इस मामले में 15 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा चुकी है। जांच एजेंसी ने जांच पूरी करने और आरोपपत्र दाखिल करने के लिए अदालत से दो हफ्ते का समय मांगा है।टिप्पणियां जांच एजेंसी ने गत मंगलवार को महाराष्ट्र के पूर्व कांग्रेस विधायक कन्हैयालाल वी. गिडवाणी, उनके कर परामर्शदाता बेटे और सीबीआई के एक वकील सहित चार लोगों को इसी जांच से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया था। ये सभी आरोपी 16 मार्च तक के लिए सीबीआई की हिरासत में हैं। घोटाला मामले की अगली सुनवाई 22 मार्च को होगी।   खंडपीठ ने सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग से जानकारी को साझा करने तथा जांच में समन्वय कायम करने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाने को कहा। अदालत ने धन की हेराफेरी मामले में कथित तौर पर संलिप्त आदर्श सोसायटी के कुछ सदस्यों के खिलाफ जांच शुरू नहीं करने पर 28 फरवरी को प्रवर्तन निदेशालय को भी फटकार लगाई थी। एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री (अब केंद्रीय मंत्री) विलासराव देशमुख पर भी फ्लैट आवंटन में नियमों को नजरअंदाज करने का आरोप है। सीबीआई इस मामले में 15 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा चुकी है। जांच एजेंसी ने जांच पूरी करने और आरोपपत्र दाखिल करने के लिए अदालत से दो हफ्ते का समय मांगा है।टिप्पणियां जांच एजेंसी ने गत मंगलवार को महाराष्ट्र के पूर्व कांग्रेस विधायक कन्हैयालाल वी. गिडवाणी, उनके कर परामर्शदाता बेटे और सीबीआई के एक वकील सहित चार लोगों को इसी जांच से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया था। ये सभी आरोपी 16 मार्च तक के लिए सीबीआई की हिरासत में हैं। घोटाला मामले की अगली सुनवाई 22 मार्च को होगी।   अदालत ने धन की हेराफेरी मामले में कथित तौर पर संलिप्त आदर्श सोसायटी के कुछ सदस्यों के खिलाफ जांच शुरू नहीं करने पर 28 फरवरी को प्रवर्तन निदेशालय को भी फटकार लगाई थी। एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री (अब केंद्रीय मंत्री) विलासराव देशमुख पर भी फ्लैट आवंटन में नियमों को नजरअंदाज करने का आरोप है। सीबीआई इस मामले में 15 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा चुकी है। जांच एजेंसी ने जांच पूरी करने और आरोपपत्र दाखिल करने के लिए अदालत से दो हफ्ते का समय मांगा है।टिप्पणियां जांच एजेंसी ने गत मंगलवार को महाराष्ट्र के पूर्व कांग्रेस विधायक कन्हैयालाल वी. गिडवाणी, उनके कर परामर्शदाता बेटे और सीबीआई के एक वकील सहित चार लोगों को इसी जांच से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया था। ये सभी आरोपी 16 मार्च तक के लिए सीबीआई की हिरासत में हैं। घोटाला मामले की अगली सुनवाई 22 मार्च को होगी।   एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री (अब केंद्रीय मंत्री) विलासराव देशमुख पर भी फ्लैट आवंटन में नियमों को नजरअंदाज करने का आरोप है। सीबीआई इस मामले में 15 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा चुकी है। जांच एजेंसी ने जांच पूरी करने और आरोपपत्र दाखिल करने के लिए अदालत से दो हफ्ते का समय मांगा है।टिप्पणियां जांच एजेंसी ने गत मंगलवार को महाराष्ट्र के पूर्व कांग्रेस विधायक कन्हैयालाल वी. गिडवाणी, उनके कर परामर्शदाता बेटे और सीबीआई के एक वकील सहित चार लोगों को इसी जांच से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया था। ये सभी आरोपी 16 मार्च तक के लिए सीबीआई की हिरासत में हैं। घोटाला मामले की अगली सुनवाई 22 मार्च को होगी।   जांच एजेंसी ने गत मंगलवार को महाराष्ट्र के पूर्व कांग्रेस विधायक कन्हैयालाल वी. गिडवाणी, उनके कर परामर्शदाता बेटे और सीबीआई के एक वकील सहित चार लोगों को इसी जांच से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया था। ये सभी आरोपी 16 मार्च तक के लिए सीबीआई की हिरासत में हैं। घोटाला मामले की अगली सुनवाई 22 मार्च को होगी।   घोटाला मामले की अगली सुनवाई 22 मार्च को होगी।
बम्बई उच्च न्यायालय ने आदर्श हाउसिंग सोसायटी घोटाले में संलिप्त सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू न करने पर सोमवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को फटकार लगाई।
28
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पिछले साल चीन में संक्रामक रोगों से 18,237 लोगों की मौत हुई है. नेशनल हेल्थ एंड फैमिली प्लानिंग कमीशन द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2016 में चीन में संक्रामक रोगों के 69 लाख से अधिक मामले सामने आए. आंकड़ों के मुताबिक, इनमें एक पेसटिलेंस और 27 कालरा के मामले मिले, जो दोनों ही ए श्रेणी के संक्रामक रोग हैं. इन रोगों से हालांकि किसी की मौत नहीं हुई है.टिप्पणियां इसके अलावा 29 लाख से अधिक मामले बी श्रेणी के संक्रामक रोग थे, जिनसे 17,968 लोगों की मौत हुई. एचआईवी/एड्स, टीबी, रेबीस, हेपेटाइटिस और एच7एन9 एवियन इन्फ्लूएंजा से इस श्रेणी में 98.9 प्रतिशत मौतें हुईं. वहीं, सी श्रेणी के रोग से 39 लाख लोग ग्रसित हुए, जिनमें 269 लोगों की मौत हुई. इस श्रेणी में पैंरों व मुंह के रोग, डायरिया और एन्फ्लूएंजा से 98.5 प्रतिशत लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार रहे. आंकड़ों के मुताबिक, इनमें एक पेसटिलेंस और 27 कालरा के मामले मिले, जो दोनों ही ए श्रेणी के संक्रामक रोग हैं. इन रोगों से हालांकि किसी की मौत नहीं हुई है.टिप्पणियां इसके अलावा 29 लाख से अधिक मामले बी श्रेणी के संक्रामक रोग थे, जिनसे 17,968 लोगों की मौत हुई. एचआईवी/एड्स, टीबी, रेबीस, हेपेटाइटिस और एच7एन9 एवियन इन्फ्लूएंजा से इस श्रेणी में 98.9 प्रतिशत मौतें हुईं. वहीं, सी श्रेणी के रोग से 39 लाख लोग ग्रसित हुए, जिनमें 269 लोगों की मौत हुई. इस श्रेणी में पैंरों व मुंह के रोग, डायरिया और एन्फ्लूएंजा से 98.5 प्रतिशत लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार रहे. इसके अलावा 29 लाख से अधिक मामले बी श्रेणी के संक्रामक रोग थे, जिनसे 17,968 लोगों की मौत हुई. एचआईवी/एड्स, टीबी, रेबीस, हेपेटाइटिस और एच7एन9 एवियन इन्फ्लूएंजा से इस श्रेणी में 98.9 प्रतिशत मौतें हुईं. वहीं, सी श्रेणी के रोग से 39 लाख लोग ग्रसित हुए, जिनमें 269 लोगों की मौत हुई. इस श्रेणी में पैंरों व मुंह के रोग, डायरिया और एन्फ्लूएंजा से 98.5 प्रतिशत लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार रहे. वहीं, सी श्रेणी के रोग से 39 लाख लोग ग्रसित हुए, जिनमें 269 लोगों की मौत हुई. इस श्रेणी में पैंरों व मुंह के रोग, डायरिया और एन्फ्लूएंजा से 98.5 प्रतिशत लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार रहे.
संक्षिप्त सारांश: इनमें एक पेसटिलेंस और 27 कालरा के मामले मिले. इसके अलावा 29 लाख से अधिक मामले बी श्रेणी के संक्रामक रोग थे. सी श्रेणी के रोग से 39 लाख लोग ग्रसित हुए.
23
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नारायण दत्त तिवारी की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने पितृत्व विवाद में एक अदालत द्वारा उन्हें डीएनए परीक्षण कराने के संबंध में दिए गए आदेश को चुनौती दी थी। न्यायमूर्ति विक्रमजीत सेन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल की पीठ ने तिवारी की याचिका को खारिज करते हुए उनपर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। कांग्रेस नेता की याचिका को खारिज करते हुए पीठ ने कहा, अगर आवेदन पर तत्काल आदेश नहीं पारित किया गया तो याचिकाकर्ता (रोहित शेखर) को अपूरणीय क्षति होगी और मुकदमा अपने आप में निष्फल हो सकता है और महत्वपूर्ण साक्ष्य हमेशा के लिए खत्म हो सकते हैं। हाईकोर्ट की एकल पीठ ने दिल्ली के युवक रोहित शेखर की ओर से दायर पितृत्व परीक्षण के संबंध में मुकदमे पर 23 दिसंबर को कहा था कि 85 वर्षीय नेता को डीएनए परीक्षण कराना होगा। शेखर का दावा है कि वह नेता की जैविक संतान है और उसका जन्म तिवारी और उसकी मां उज्ज्वला शर्मा के बीच कथित तौर पर संबंधों से हुआ है। पीठ ने सोमवार को तिवारी की याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। पीठ ने तिवारी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने मांग की थी कि एकल न्यायाधीश के आदेश को फिलहाल निलंबित कर दिया जाए, ताकि मुद्दे का निर्धारण करने के लिए डीएनए परीक्षण के लिए उनके रक्त का नमूना लेने की खातिर मंगलवार को होने वाली प्रस्तावित अदालती कार्यवाही टाली जा सके।तिवारी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जयंत भूषण ने 23 दिसंबर के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की थी। उन्होंने दलील दी थी, कोई अत्यावश्यकता नहीं है, क्योंकि याचिकाकर्ता (रोहित) ने कोई आर्थिक राहत की मांग नहीं की है। याचिका को देखते हुए पीठ ने कहा था, क्या आपके मुवक्किल (तिवारी) यह हलफनामा दायर कर सकते हैं कि वह अगले 10 सालों तक जीवित रहेंगे। भूषण ने यह भी दावा किया था कि अदालत तिवारी को अपना रक्त का नमूना देने के लिए बाध्य नहीं कर सकती और इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के अनेक फैसले हैं।
यहाँ एक सारांश है:हाईकोर्ट ने नारायण दत्त तिवारी की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने डीएनए परीक्षण कराने के संबंध में दिए गए आदेश को चुनौती दी थी।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: रोहन बोपन्ना ने सत्र का अपना पहला खिताब जीता जब उन्होंने कोलिन फ्लेमिंग के साथ मिलकर ऐसाम उल हक कुरैशी और जील जूलियन रोजर को सीधे सेटों में हराकर एटीपी ओपन 13 टेनिस का युगल वर्ग का खिताब अपने नाम किया। भारत और ब्रिटेन की दूसरी वरीय जोड़ी ने 528135 यूरो इनामी हार्ड कोर्ट प्रतियोगिता के फाइनल में शीर्ष वरीय जोड़ी को 6-4, 7-6 से हराया।टिप्पणियां नियमित जोड़ीदार राजीव राम की गैरमौजूदगी में बोपन्ना ने फ्लेमिंग के साथ जोड़ी बनाई थी। दूसरी वरीय जोड़ी ने मैच में अपने सभी चार ब्रेक प्वाइंट बचाए। बोपन्ना का यह आठवां एटीपी युगल खिताब है। बोपन्ना और फ्लेमिंग को इस जीत के लिए कुल 29000 यूरो की इनामी राशि और प्रत्येक को 250 रैंकिंग अंक मिले। भारत और ब्रिटेन की दूसरी वरीय जोड़ी ने 528135 यूरो इनामी हार्ड कोर्ट प्रतियोगिता के फाइनल में शीर्ष वरीय जोड़ी को 6-4, 7-6 से हराया।टिप्पणियां नियमित जोड़ीदार राजीव राम की गैरमौजूदगी में बोपन्ना ने फ्लेमिंग के साथ जोड़ी बनाई थी। दूसरी वरीय जोड़ी ने मैच में अपने सभी चार ब्रेक प्वाइंट बचाए। बोपन्ना का यह आठवां एटीपी युगल खिताब है। बोपन्ना और फ्लेमिंग को इस जीत के लिए कुल 29000 यूरो की इनामी राशि और प्रत्येक को 250 रैंकिंग अंक मिले। नियमित जोड़ीदार राजीव राम की गैरमौजूदगी में बोपन्ना ने फ्लेमिंग के साथ जोड़ी बनाई थी। दूसरी वरीय जोड़ी ने मैच में अपने सभी चार ब्रेक प्वाइंट बचाए। बोपन्ना का यह आठवां एटीपी युगल खिताब है। बोपन्ना और फ्लेमिंग को इस जीत के लिए कुल 29000 यूरो की इनामी राशि और प्रत्येक को 250 रैंकिंग अंक मिले। बोपन्ना और फ्लेमिंग को इस जीत के लिए कुल 29000 यूरो की इनामी राशि और प्रत्येक को 250 रैंकिंग अंक मिले।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: रोहन बोपन्ना ने सत्र का अपना पहला खिताब जीता जब उन्होंने कोलिन फ्लेमिंग के साथ मिलकर ऐसाम उल हक कुरैशी और जील जूलियन रोजर को सीधे सेटों में हराकर एटीपी ओपन 13 टेनिस का युगल वर्ग का खिताब अपने नाम किया।
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कप्तान का मसला एक बार फिर पाकिस्तान के जी का जंजाल बन गया है, क्योंकि कुछ खिलाड़ियों और अधिकारियों ने मौजूदा कप्तान शाहिद अफरीदी के रवैये और बर्ताव पर ऐतराज जताया है। पाकिस्तान क्रिकेट से जुड़े सूत्रों ने बताया कि अफरीदी ने बड़ी मुश्किल से न्यूजीलैंड में वनडे सीरीज के लिए कप्तानी बरकरार रखी है। एक सूत्र ने बताया, उन्हें कप्तान बनाए रखने के लिए काफी बहस हुई। न्यूजीलैंड में टी-20 सीरीज के दौरान उनके रवैये और बर्ताव को लेकर नकारात्मक खबरें मिली थीं। उन्होंने कहा, फिलहाल बोर्ड और टीम प्रबंधन में राय 50-50 है कि अफरीदी को विश्वकप में भी कप्तान रखा जाए या मिसबाह उल हक को जिम्मेदारी दी जाए। उन्होंने कहा कि अफरीदी के मीडियाप्रेमी होने को लेकर भी काफी शिकायतें मिल रही थीं। उन्होंने कहा कि टीम मैनेजर इंतिखाब आलम और कोच वकार यूनुस ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अमीरात में हुई सीरीज के बाद ही पीसीबी अध्यक्ष एजाज बट को बता दिया था कि कुछ खिलाड़ी अफरीदी की कप्तानी में खेलने में सहज महसूस नहीं कर रहे हैं।
पाकिस्तान क्रिकेट से जुड़े सूत्रों ने बताया कि अफरीदी ने बड़ी मुश्किल से न्यूजीलैंड में वनडे सीरीज के लिए कप्तानी बरकरार रखी है।
1
['hin']
एक सारांश बनाओ: लोग दिल थामकर 'दबंग-2’ का इंतजार रहे थे। फिल्म की कहानी पहले भाग से आगे बढ़ती है, जहां चुलबुल पांडे का ट्रांसफर लालगंज से कानपुर हो गया है और वह अपनी पत्नी रज्जो यानी सोनाक्षी सिन्हा, भाई मक्खी यानी अरबाज और उनके पिता बने विनोद खन्ना के साथ कानपुर जाते हैं और यहां से शुरू होती है, रॉबिनहुड पांडे की गरीबों के लिए दरियादिली और गुंडे-बदमाशों के लिए शेरदिली। शुरू के करीब 15 मिनट की फिल्म देखकर लगा कि बॉलीवुड में भी एक रजनीकांत का जन्म हो गया है, यानी सलमान खान, जिन्हें दर्शक किसी भी रूप में पसंद करते हैं और उनके लिए तालियां और सीटियां बजाते हैं, पर यह कहना जरूरी है कि फिल्म सिर्फ और सिर्फ सलमान खान की है। कहानी में कोई नयापन नहीं है। गाने अच्छे हैं, लेकिन कहानी के साथ पिरोए नहीं गए।टिप्पणियां हालांकि जितने अच्छे डायलॉग 'दबंग' के थे, उतने 'दबंग-2' के नहीं हैं। हां, चुलबुल पांडे के किरदार को थोड़ा और तराशा गया है। चुलबुल और उनके पिता बने विनोद के साथ कुछ अच्छे सीन्स और खूबसूरत लम्हे दिखाए गए हैं। यहां तक कि उनके भाई मक्खी के साथ भी उनके कुछ भावनात्मक सीन्स हैं, लेकिन मैं 'दबंग-2' में कुछ बेहतर डायलॉग, बेहतर कहानी की उम्मीद कर रहा था, जो मुझे नहीं मिली। एक्शन सीन्स ने भी मुझे बहुत ज्यादा नहीं लुभाया, लेकिन लोगों को जो भाता है, वह है सिर्फ सलमान खान। बतौर डायरेक्टर अरबाज खान का काम ठीक है। सोनाक्षी के पास करने को कुछ ज्यादा नहीं है, लेकिन जितना है, वह ठीक कहा जा सकता है। कुल मिलाकर ’फुल ऑन’ सलमान की फिल्म है, 'दबंग-2'। सलमान के फैन्स को एंटरटेनमेंट का डोज जरूर मिलेगा, मगर फिल्म के लिए हमारी रेटिंग है, 2.5 स्टार्स। शुरू के करीब 15 मिनट की फिल्म देखकर लगा कि बॉलीवुड में भी एक रजनीकांत का जन्म हो गया है, यानी सलमान खान, जिन्हें दर्शक किसी भी रूप में पसंद करते हैं और उनके लिए तालियां और सीटियां बजाते हैं, पर यह कहना जरूरी है कि फिल्म सिर्फ और सिर्फ सलमान खान की है। कहानी में कोई नयापन नहीं है। गाने अच्छे हैं, लेकिन कहानी के साथ पिरोए नहीं गए।टिप्पणियां हालांकि जितने अच्छे डायलॉग 'दबंग' के थे, उतने 'दबंग-2' के नहीं हैं। हां, चुलबुल पांडे के किरदार को थोड़ा और तराशा गया है। चुलबुल और उनके पिता बने विनोद के साथ कुछ अच्छे सीन्स और खूबसूरत लम्हे दिखाए गए हैं। यहां तक कि उनके भाई मक्खी के साथ भी उनके कुछ भावनात्मक सीन्स हैं, लेकिन मैं 'दबंग-2' में कुछ बेहतर डायलॉग, बेहतर कहानी की उम्मीद कर रहा था, जो मुझे नहीं मिली। एक्शन सीन्स ने भी मुझे बहुत ज्यादा नहीं लुभाया, लेकिन लोगों को जो भाता है, वह है सिर्फ सलमान खान। बतौर डायरेक्टर अरबाज खान का काम ठीक है। सोनाक्षी के पास करने को कुछ ज्यादा नहीं है, लेकिन जितना है, वह ठीक कहा जा सकता है। कुल मिलाकर ’फुल ऑन’ सलमान की फिल्म है, 'दबंग-2'। सलमान के फैन्स को एंटरटेनमेंट का डोज जरूर मिलेगा, मगर फिल्म के लिए हमारी रेटिंग है, 2.5 स्टार्स। हालांकि जितने अच्छे डायलॉग 'दबंग' के थे, उतने 'दबंग-2' के नहीं हैं। हां, चुलबुल पांडे के किरदार को थोड़ा और तराशा गया है। चुलबुल और उनके पिता बने विनोद के साथ कुछ अच्छे सीन्स और खूबसूरत लम्हे दिखाए गए हैं। यहां तक कि उनके भाई मक्खी के साथ भी उनके कुछ भावनात्मक सीन्स हैं, लेकिन मैं 'दबंग-2' में कुछ बेहतर डायलॉग, बेहतर कहानी की उम्मीद कर रहा था, जो मुझे नहीं मिली। एक्शन सीन्स ने भी मुझे बहुत ज्यादा नहीं लुभाया, लेकिन लोगों को जो भाता है, वह है सिर्फ सलमान खान। बतौर डायरेक्टर अरबाज खान का काम ठीक है। सोनाक्षी के पास करने को कुछ ज्यादा नहीं है, लेकिन जितना है, वह ठीक कहा जा सकता है। कुल मिलाकर ’फुल ऑन’ सलमान की फिल्म है, 'दबंग-2'। सलमान के फैन्स को एंटरटेनमेंट का डोज जरूर मिलेगा, मगर फिल्म के लिए हमारी रेटिंग है, 2.5 स्टार्स। एक्शन सीन्स ने भी मुझे बहुत ज्यादा नहीं लुभाया, लेकिन लोगों को जो भाता है, वह है सिर्फ सलमान खान। बतौर डायरेक्टर अरबाज खान का काम ठीक है। सोनाक्षी के पास करने को कुछ ज्यादा नहीं है, लेकिन जितना है, वह ठीक कहा जा सकता है। कुल मिलाकर ’फुल ऑन’ सलमान की फिल्म है, 'दबंग-2'। सलमान के फैन्स को एंटरटेनमेंट का डोज जरूर मिलेगा, मगर फिल्म के लिए हमारी रेटिंग है, 2.5 स्टार्स।
संक्षिप्त पाठ: शुरुआती 15 मिनट की फिल्म देखकर लगा कि बॉलीवुड में भी एक रजनीकांत का जन्म हो गया है, और यह फिल्म सिर्फ और सिर्फ सलमान खान की है...
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने सप्रंग सरकार द्वारा मल्टी ब्रांड रिटेल में एफडीआई की अनुमति देने का समर्थन किया है लेकिन, वह चाहते हैं कि महाराष्ट्र में ऐसे केंद्रों में बाहरी लोगों को नौकरी नहीं दी जाए।टिप्पणियां ठाकरे ने मंगलवार को कहा कि वह एफडीआई खुदरा विक्रेताओं से मराठी युवकों को नौकरी देने के लिए लिखेंगे। बाहरी लोगों को यहां पर नौकरी नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि खुदरा दुकानों में प्रवासी लोगों की नौकरी को राज्य बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा, 'देश के खुदरा क्षेत्रों में एफडीआई आना चाहिए और विचार-विमर्श के बाद मैंने यह निर्णय (समर्थन देने का) लिया है। मैं एफडीआई का पूरा समर्थन करता हूं।' ठाकरे ने मंगलवार को कहा कि वह एफडीआई खुदरा विक्रेताओं से मराठी युवकों को नौकरी देने के लिए लिखेंगे। बाहरी लोगों को यहां पर नौकरी नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि खुदरा दुकानों में प्रवासी लोगों की नौकरी को राज्य बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा, 'देश के खुदरा क्षेत्रों में एफडीआई आना चाहिए और विचार-विमर्श के बाद मैंने यह निर्णय (समर्थन देने का) लिया है। मैं एफडीआई का पूरा समर्थन करता हूं।' उन्होंने कहा, 'देश के खुदरा क्षेत्रों में एफडीआई आना चाहिए और विचार-विमर्श के बाद मैंने यह निर्णय (समर्थन देने का) लिया है। मैं एफडीआई का पूरा समर्थन करता हूं।'
यह एक सारांश है: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने सप्रंग सरकार द्वारा मल्टी ब्रांड रिटेल में एफडीआई की अनुमति देने का समर्थन किया है लेकिन, वह चाहते हैं कि महाराष्ट्र में ऐसे केंद्रों में बाहरी लोगों को नौकरी नहीं दी जाए।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: गत चैम्पियन इंग्लैंड आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप के सुपर सिक्स में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई, जिसने ग्रुप (ए) के मैच में आज वेस्टइंडीज को छह विकेट से हराया। इंग्लैंड ने वेस्टइंडीज को 36.4 ओवर में 101 रन पर आउट कर दिया। इसके बाद 35 ओवर में चार विकेट पर 103 रन बनाकर जीत दर्ज की। उसके तीन मैचों में चार अंक रहे। वेस्टइंडीज को अब अपना भविष्य जानने के लिए मेजबान भारत और श्रीलंका के बीच होने वाले दूसरे मैच के नतीजे का इंतजार करना होगा। इंग्लैंड की शुरुआत धीमी रही और उसने आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए भी छह विकेट गंवा दिए। सलामी बल्लेबाज डेनियेले वाट ने 80 गेंद में छह चौकों की मदद से 40 रन बनाए। उसने एरेन ब्रिंडल के साथ पारी की शुरुआत की, क्योंकि कप्तान चालरेट एडवर्डस अच्छा महसूस नहीं कर रही थीं। स्कोर जब 79 रन था तब इन दोनों के साथ सारा टेलर और लीडिया ग्रीनवे भी पैवेलियन लौट गई थी। हीदर नाइट (18) और जेनिफर गन ( चार) ने हालांकि कोई और विकेट गंवाए बिना लक्ष्य हासिल कर लिया। इससे पहले आनिया श्रुबसोले और एरान ब्रिंडल की बेहतरीन गेंदबाजी के दम पर गत चैम्पियन इंग्लैंड ने वेस्टइंडीज को 101 रन पर आउट कर दिया। पिछले मैच में वेस्टइंडीज ने श्रीलंका को 209 रन से हराया था। एक समय पर वेस्टइंडीज पर अपने न्यूनतम वन-डे स्कोर 41 रन के भीतर सिमटने का खतरा था। बाद में किशोना नाइट (33) और शेन डाली (नाबाद 30) के बीच 114 गेंद में 68 रन की साझेदारी के कारण इसे टाला जा सका। इस साझेदारी के टूटने के बाद वेस्टइंडीज ने आखिरी चार विकेट 12 रन के भीतर गंवा दिए। एरान ब्रिंडल ने 12 गेंद में तीन विकेट लिए। इंग्लैंड की गेंदबाज कैथरीन ब्रंट ने छह रन देकर दो और श्रुबसोले ने 21 रन देकर चार विकेट लिए। श्रुबसोले ने पहले छह ओवर के स्पैल के आठ रन देकर तीन विकेट लिए। वेस्टइंडीज के लिए सिर्फ खब्बू बल्लेबाज किशोना और आठवें नंबर की बल्लेबाज शेन डाली ही दोहरे अंक तक पहुंच सकी। छह बल्लेबाज खाता भी नहीं खोल पाए। वेस्टइंडीज के छह विकेट 31 रन पर गिर चुके थे। सातवें विकेट के लिए किशोना और डाली ने साझेदारी की। श्रीलंका के खिलाफ दो दिन पहले वेस्टइंडीज की जीत की शिल्पकार टेलर खराब शॉट खेलकर आउट हुईं। पिछले मैच में टेलर ने 171 रन बनाए थे, जिसकी बदौलत वेस्टइंडीज ने आठ विकेट पर 368 रन बनाये थे। उनकी सलामी जोड़ीदार नाइट को ब्रंट ने पारी की दूसरी ही गेंद पर आउट कर दिया था। तीसरे नंबर पर आई शेमेइन कैंपबेल (दो) और जूलिना नेरो को श्रुबसोले ने पांचवें ओवर में तीन गेंद के भीतर पैवेलियन भेजा। वेस्टइंडीज का स्कोर इस समय चार विकेट पर 14 रन था।टिप्पणियां इसके बाद किशोना और कप्तान मेरिसा एगुइलेइरा ने 22 गेंद में 13 रन जोड़े। मेरिसा ज्यादा देर टिक नहीं सकी और उनके आउट होने के समय स्कोर पांच विकेट पर 27 रन हो गया। आक्रामक बल्लेबाज डोटिन को ब्रंट ने पैवेलियन भेजा। किशोना को एरेन ब्रिंडल ने ललचाती गेंद पर आगे की ओर आने पर मजबूर किया और विकेटकीपर सारा टेलर ने स्टम्प आउट करने में कोई चूक नहीं की। इंग्लैंड ने वेस्टइंडीज को 36.4 ओवर में 101 रन पर आउट कर दिया। इसके बाद 35 ओवर में चार विकेट पर 103 रन बनाकर जीत दर्ज की। उसके तीन मैचों में चार अंक रहे। वेस्टइंडीज को अब अपना भविष्य जानने के लिए मेजबान भारत और श्रीलंका के बीच होने वाले दूसरे मैच के नतीजे का इंतजार करना होगा। इंग्लैंड की शुरुआत धीमी रही और उसने आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए भी छह विकेट गंवा दिए। सलामी बल्लेबाज डेनियेले वाट ने 80 गेंद में छह चौकों की मदद से 40 रन बनाए। उसने एरेन ब्रिंडल के साथ पारी की शुरुआत की, क्योंकि कप्तान चालरेट एडवर्डस अच्छा महसूस नहीं कर रही थीं। स्कोर जब 79 रन था तब इन दोनों के साथ सारा टेलर और लीडिया ग्रीनवे भी पैवेलियन लौट गई थी। हीदर नाइट (18) और जेनिफर गन ( चार) ने हालांकि कोई और विकेट गंवाए बिना लक्ष्य हासिल कर लिया। इससे पहले आनिया श्रुबसोले और एरान ब्रिंडल की बेहतरीन गेंदबाजी के दम पर गत चैम्पियन इंग्लैंड ने वेस्टइंडीज को 101 रन पर आउट कर दिया। पिछले मैच में वेस्टइंडीज ने श्रीलंका को 209 रन से हराया था। एक समय पर वेस्टइंडीज पर अपने न्यूनतम वन-डे स्कोर 41 रन के भीतर सिमटने का खतरा था। बाद में किशोना नाइट (33) और शेन डाली (नाबाद 30) के बीच 114 गेंद में 68 रन की साझेदारी के कारण इसे टाला जा सका। इस साझेदारी के टूटने के बाद वेस्टइंडीज ने आखिरी चार विकेट 12 रन के भीतर गंवा दिए। एरान ब्रिंडल ने 12 गेंद में तीन विकेट लिए। इंग्लैंड की गेंदबाज कैथरीन ब्रंट ने छह रन देकर दो और श्रुबसोले ने 21 रन देकर चार विकेट लिए। श्रुबसोले ने पहले छह ओवर के स्पैल के आठ रन देकर तीन विकेट लिए। वेस्टइंडीज के लिए सिर्फ खब्बू बल्लेबाज किशोना और आठवें नंबर की बल्लेबाज शेन डाली ही दोहरे अंक तक पहुंच सकी। छह बल्लेबाज खाता भी नहीं खोल पाए। वेस्टइंडीज के छह विकेट 31 रन पर गिर चुके थे। सातवें विकेट के लिए किशोना और डाली ने साझेदारी की। श्रीलंका के खिलाफ दो दिन पहले वेस्टइंडीज की जीत की शिल्पकार टेलर खराब शॉट खेलकर आउट हुईं। पिछले मैच में टेलर ने 171 रन बनाए थे, जिसकी बदौलत वेस्टइंडीज ने आठ विकेट पर 368 रन बनाये थे। उनकी सलामी जोड़ीदार नाइट को ब्रंट ने पारी की दूसरी ही गेंद पर आउट कर दिया था। तीसरे नंबर पर आई शेमेइन कैंपबेल (दो) और जूलिना नेरो को श्रुबसोले ने पांचवें ओवर में तीन गेंद के भीतर पैवेलियन भेजा। वेस्टइंडीज का स्कोर इस समय चार विकेट पर 14 रन था।टिप्पणियां इसके बाद किशोना और कप्तान मेरिसा एगुइलेइरा ने 22 गेंद में 13 रन जोड़े। मेरिसा ज्यादा देर टिक नहीं सकी और उनके आउट होने के समय स्कोर पांच विकेट पर 27 रन हो गया। आक्रामक बल्लेबाज डोटिन को ब्रंट ने पैवेलियन भेजा। किशोना को एरेन ब्रिंडल ने ललचाती गेंद पर आगे की ओर आने पर मजबूर किया और विकेटकीपर सारा टेलर ने स्टम्प आउट करने में कोई चूक नहीं की। वेस्टइंडीज को अब अपना भविष्य जानने के लिए मेजबान भारत और श्रीलंका के बीच होने वाले दूसरे मैच के नतीजे का इंतजार करना होगा। इंग्लैंड की शुरुआत धीमी रही और उसने आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए भी छह विकेट गंवा दिए। सलामी बल्लेबाज डेनियेले वाट ने 80 गेंद में छह चौकों की मदद से 40 रन बनाए। उसने एरेन ब्रिंडल के साथ पारी की शुरुआत की, क्योंकि कप्तान चालरेट एडवर्डस अच्छा महसूस नहीं कर रही थीं। स्कोर जब 79 रन था तब इन दोनों के साथ सारा टेलर और लीडिया ग्रीनवे भी पैवेलियन लौट गई थी। हीदर नाइट (18) और जेनिफर गन ( चार) ने हालांकि कोई और विकेट गंवाए बिना लक्ष्य हासिल कर लिया। इससे पहले आनिया श्रुबसोले और एरान ब्रिंडल की बेहतरीन गेंदबाजी के दम पर गत चैम्पियन इंग्लैंड ने वेस्टइंडीज को 101 रन पर आउट कर दिया। पिछले मैच में वेस्टइंडीज ने श्रीलंका को 209 रन से हराया था। एक समय पर वेस्टइंडीज पर अपने न्यूनतम वन-डे स्कोर 41 रन के भीतर सिमटने का खतरा था। बाद में किशोना नाइट (33) और शेन डाली (नाबाद 30) के बीच 114 गेंद में 68 रन की साझेदारी के कारण इसे टाला जा सका। इस साझेदारी के टूटने के बाद वेस्टइंडीज ने आखिरी चार विकेट 12 रन के भीतर गंवा दिए। एरान ब्रिंडल ने 12 गेंद में तीन विकेट लिए। इंग्लैंड की गेंदबाज कैथरीन ब्रंट ने छह रन देकर दो और श्रुबसोले ने 21 रन देकर चार विकेट लिए। श्रुबसोले ने पहले छह ओवर के स्पैल के आठ रन देकर तीन विकेट लिए। वेस्टइंडीज के लिए सिर्फ खब्बू बल्लेबाज किशोना और आठवें नंबर की बल्लेबाज शेन डाली ही दोहरे अंक तक पहुंच सकी। छह बल्लेबाज खाता भी नहीं खोल पाए। वेस्टइंडीज के छह विकेट 31 रन पर गिर चुके थे। सातवें विकेट के लिए किशोना और डाली ने साझेदारी की। श्रीलंका के खिलाफ दो दिन पहले वेस्टइंडीज की जीत की शिल्पकार टेलर खराब शॉट खेलकर आउट हुईं। पिछले मैच में टेलर ने 171 रन बनाए थे, जिसकी बदौलत वेस्टइंडीज ने आठ विकेट पर 368 रन बनाये थे। उनकी सलामी जोड़ीदार नाइट को ब्रंट ने पारी की दूसरी ही गेंद पर आउट कर दिया था। तीसरे नंबर पर आई शेमेइन कैंपबेल (दो) और जूलिना नेरो को श्रुबसोले ने पांचवें ओवर में तीन गेंद के भीतर पैवेलियन भेजा। वेस्टइंडीज का स्कोर इस समय चार विकेट पर 14 रन था।टिप्पणियां इसके बाद किशोना और कप्तान मेरिसा एगुइलेइरा ने 22 गेंद में 13 रन जोड़े। मेरिसा ज्यादा देर टिक नहीं सकी और उनके आउट होने के समय स्कोर पांच विकेट पर 27 रन हो गया। आक्रामक बल्लेबाज डोटिन को ब्रंट ने पैवेलियन भेजा। किशोना को एरेन ब्रिंडल ने ललचाती गेंद पर आगे की ओर आने पर मजबूर किया और विकेटकीपर सारा टेलर ने स्टम्प आउट करने में कोई चूक नहीं की। इंग्लैंड की शुरुआत धीमी रही और उसने आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए भी छह विकेट गंवा दिए। सलामी बल्लेबाज डेनियेले वाट ने 80 गेंद में छह चौकों की मदद से 40 रन बनाए। उसने एरेन ब्रिंडल के साथ पारी की शुरुआत की, क्योंकि कप्तान चालरेट एडवर्डस अच्छा महसूस नहीं कर रही थीं। स्कोर जब 79 रन था तब इन दोनों के साथ सारा टेलर और लीडिया ग्रीनवे भी पैवेलियन लौट गई थी। हीदर नाइट (18) और जेनिफर गन ( चार) ने हालांकि कोई और विकेट गंवाए बिना लक्ष्य हासिल कर लिया। इससे पहले आनिया श्रुबसोले और एरान ब्रिंडल की बेहतरीन गेंदबाजी के दम पर गत चैम्पियन इंग्लैंड ने वेस्टइंडीज को 101 रन पर आउट कर दिया। पिछले मैच में वेस्टइंडीज ने श्रीलंका को 209 रन से हराया था। एक समय पर वेस्टइंडीज पर अपने न्यूनतम वन-डे स्कोर 41 रन के भीतर सिमटने का खतरा था। बाद में किशोना नाइट (33) और शेन डाली (नाबाद 30) के बीच 114 गेंद में 68 रन की साझेदारी के कारण इसे टाला जा सका। इस साझेदारी के टूटने के बाद वेस्टइंडीज ने आखिरी चार विकेट 12 रन के भीतर गंवा दिए। एरान ब्रिंडल ने 12 गेंद में तीन विकेट लिए। इंग्लैंड की गेंदबाज कैथरीन ब्रंट ने छह रन देकर दो और श्रुबसोले ने 21 रन देकर चार विकेट लिए। श्रुबसोले ने पहले छह ओवर के स्पैल के आठ रन देकर तीन विकेट लिए। वेस्टइंडीज के लिए सिर्फ खब्बू बल्लेबाज किशोना और आठवें नंबर की बल्लेबाज शेन डाली ही दोहरे अंक तक पहुंच सकी। छह बल्लेबाज खाता भी नहीं खोल पाए। वेस्टइंडीज के छह विकेट 31 रन पर गिर चुके थे। सातवें विकेट के लिए किशोना और डाली ने साझेदारी की। श्रीलंका के खिलाफ दो दिन पहले वेस्टइंडीज की जीत की शिल्पकार टेलर खराब शॉट खेलकर आउट हुईं। पिछले मैच में टेलर ने 171 रन बनाए थे, जिसकी बदौलत वेस्टइंडीज ने आठ विकेट पर 368 रन बनाये थे। उनकी सलामी जोड़ीदार नाइट को ब्रंट ने पारी की दूसरी ही गेंद पर आउट कर दिया था। तीसरे नंबर पर आई शेमेइन कैंपबेल (दो) और जूलिना नेरो को श्रुबसोले ने पांचवें ओवर में तीन गेंद के भीतर पैवेलियन भेजा। वेस्टइंडीज का स्कोर इस समय चार विकेट पर 14 रन था।टिप्पणियां इसके बाद किशोना और कप्तान मेरिसा एगुइलेइरा ने 22 गेंद में 13 रन जोड़े। मेरिसा ज्यादा देर टिक नहीं सकी और उनके आउट होने के समय स्कोर पांच विकेट पर 27 रन हो गया। आक्रामक बल्लेबाज डोटिन को ब्रंट ने पैवेलियन भेजा। किशोना को एरेन ब्रिंडल ने ललचाती गेंद पर आगे की ओर आने पर मजबूर किया और विकेटकीपर सारा टेलर ने स्टम्प आउट करने में कोई चूक नहीं की। स्कोर जब 79 रन था तब इन दोनों के साथ सारा टेलर और लीडिया ग्रीनवे भी पैवेलियन लौट गई थी। हीदर नाइट (18) और जेनिफर गन ( चार) ने हालांकि कोई और विकेट गंवाए बिना लक्ष्य हासिल कर लिया। इससे पहले आनिया श्रुबसोले और एरान ब्रिंडल की बेहतरीन गेंदबाजी के दम पर गत चैम्पियन इंग्लैंड ने वेस्टइंडीज को 101 रन पर आउट कर दिया। पिछले मैच में वेस्टइंडीज ने श्रीलंका को 209 रन से हराया था। एक समय पर वेस्टइंडीज पर अपने न्यूनतम वन-डे स्कोर 41 रन के भीतर सिमटने का खतरा था। बाद में किशोना नाइट (33) और शेन डाली (नाबाद 30) के बीच 114 गेंद में 68 रन की साझेदारी के कारण इसे टाला जा सका। इस साझेदारी के टूटने के बाद वेस्टइंडीज ने आखिरी चार विकेट 12 रन के भीतर गंवा दिए। एरान ब्रिंडल ने 12 गेंद में तीन विकेट लिए। इंग्लैंड की गेंदबाज कैथरीन ब्रंट ने छह रन देकर दो और श्रुबसोले ने 21 रन देकर चार विकेट लिए। श्रुबसोले ने पहले छह ओवर के स्पैल के आठ रन देकर तीन विकेट लिए। वेस्टइंडीज के लिए सिर्फ खब्बू बल्लेबाज किशोना और आठवें नंबर की बल्लेबाज शेन डाली ही दोहरे अंक तक पहुंच सकी। छह बल्लेबाज खाता भी नहीं खोल पाए। वेस्टइंडीज के छह विकेट 31 रन पर गिर चुके थे। सातवें विकेट के लिए किशोना और डाली ने साझेदारी की। श्रीलंका के खिलाफ दो दिन पहले वेस्टइंडीज की जीत की शिल्पकार टेलर खराब शॉट खेलकर आउट हुईं। पिछले मैच में टेलर ने 171 रन बनाए थे, जिसकी बदौलत वेस्टइंडीज ने आठ विकेट पर 368 रन बनाये थे। उनकी सलामी जोड़ीदार नाइट को ब्रंट ने पारी की दूसरी ही गेंद पर आउट कर दिया था। तीसरे नंबर पर आई शेमेइन कैंपबेल (दो) और जूलिना नेरो को श्रुबसोले ने पांचवें ओवर में तीन गेंद के भीतर पैवेलियन भेजा। वेस्टइंडीज का स्कोर इस समय चार विकेट पर 14 रन था।टिप्पणियां इसके बाद किशोना और कप्तान मेरिसा एगुइलेइरा ने 22 गेंद में 13 रन जोड़े। मेरिसा ज्यादा देर टिक नहीं सकी और उनके आउट होने के समय स्कोर पांच विकेट पर 27 रन हो गया। आक्रामक बल्लेबाज डोटिन को ब्रंट ने पैवेलियन भेजा। किशोना को एरेन ब्रिंडल ने ललचाती गेंद पर आगे की ओर आने पर मजबूर किया और विकेटकीपर सारा टेलर ने स्टम्प आउट करने में कोई चूक नहीं की। इससे पहले आनिया श्रुबसोले और एरान ब्रिंडल की बेहतरीन गेंदबाजी के दम पर गत चैम्पियन इंग्लैंड ने वेस्टइंडीज को 101 रन पर आउट कर दिया। पिछले मैच में वेस्टइंडीज ने श्रीलंका को 209 रन से हराया था। एक समय पर वेस्टइंडीज पर अपने न्यूनतम वन-डे स्कोर 41 रन के भीतर सिमटने का खतरा था। बाद में किशोना नाइट (33) और शेन डाली (नाबाद 30) के बीच 114 गेंद में 68 रन की साझेदारी के कारण इसे टाला जा सका। इस साझेदारी के टूटने के बाद वेस्टइंडीज ने आखिरी चार विकेट 12 रन के भीतर गंवा दिए। एरान ब्रिंडल ने 12 गेंद में तीन विकेट लिए। इंग्लैंड की गेंदबाज कैथरीन ब्रंट ने छह रन देकर दो और श्रुबसोले ने 21 रन देकर चार विकेट लिए। श्रुबसोले ने पहले छह ओवर के स्पैल के आठ रन देकर तीन विकेट लिए। वेस्टइंडीज के लिए सिर्फ खब्बू बल्लेबाज किशोना और आठवें नंबर की बल्लेबाज शेन डाली ही दोहरे अंक तक पहुंच सकी। छह बल्लेबाज खाता भी नहीं खोल पाए। वेस्टइंडीज के छह विकेट 31 रन पर गिर चुके थे। सातवें विकेट के लिए किशोना और डाली ने साझेदारी की। श्रीलंका के खिलाफ दो दिन पहले वेस्टइंडीज की जीत की शिल्पकार टेलर खराब शॉट खेलकर आउट हुईं। पिछले मैच में टेलर ने 171 रन बनाए थे, जिसकी बदौलत वेस्टइंडीज ने आठ विकेट पर 368 रन बनाये थे। उनकी सलामी जोड़ीदार नाइट को ब्रंट ने पारी की दूसरी ही गेंद पर आउट कर दिया था। तीसरे नंबर पर आई शेमेइन कैंपबेल (दो) और जूलिना नेरो को श्रुबसोले ने पांचवें ओवर में तीन गेंद के भीतर पैवेलियन भेजा। वेस्टइंडीज का स्कोर इस समय चार विकेट पर 14 रन था।टिप्पणियां इसके बाद किशोना और कप्तान मेरिसा एगुइलेइरा ने 22 गेंद में 13 रन जोड़े। मेरिसा ज्यादा देर टिक नहीं सकी और उनके आउट होने के समय स्कोर पांच विकेट पर 27 रन हो गया। आक्रामक बल्लेबाज डोटिन को ब्रंट ने पैवेलियन भेजा। किशोना को एरेन ब्रिंडल ने ललचाती गेंद पर आगे की ओर आने पर मजबूर किया और विकेटकीपर सारा टेलर ने स्टम्प आउट करने में कोई चूक नहीं की। एक समय पर वेस्टइंडीज पर अपने न्यूनतम वन-डे स्कोर 41 रन के भीतर सिमटने का खतरा था। बाद में किशोना नाइट (33) और शेन डाली (नाबाद 30) के बीच 114 गेंद में 68 रन की साझेदारी के कारण इसे टाला जा सका। इस साझेदारी के टूटने के बाद वेस्टइंडीज ने आखिरी चार विकेट 12 रन के भीतर गंवा दिए। एरान ब्रिंडल ने 12 गेंद में तीन विकेट लिए। इंग्लैंड की गेंदबाज कैथरीन ब्रंट ने छह रन देकर दो और श्रुबसोले ने 21 रन देकर चार विकेट लिए। श्रुबसोले ने पहले छह ओवर के स्पैल के आठ रन देकर तीन विकेट लिए। वेस्टइंडीज के लिए सिर्फ खब्बू बल्लेबाज किशोना और आठवें नंबर की बल्लेबाज शेन डाली ही दोहरे अंक तक पहुंच सकी। छह बल्लेबाज खाता भी नहीं खोल पाए। वेस्टइंडीज के छह विकेट 31 रन पर गिर चुके थे। सातवें विकेट के लिए किशोना और डाली ने साझेदारी की। श्रीलंका के खिलाफ दो दिन पहले वेस्टइंडीज की जीत की शिल्पकार टेलर खराब शॉट खेलकर आउट हुईं। पिछले मैच में टेलर ने 171 रन बनाए थे, जिसकी बदौलत वेस्टइंडीज ने आठ विकेट पर 368 रन बनाये थे। उनकी सलामी जोड़ीदार नाइट को ब्रंट ने पारी की दूसरी ही गेंद पर आउट कर दिया था। तीसरे नंबर पर आई शेमेइन कैंपबेल (दो) और जूलिना नेरो को श्रुबसोले ने पांचवें ओवर में तीन गेंद के भीतर पैवेलियन भेजा। वेस्टइंडीज का स्कोर इस समय चार विकेट पर 14 रन था।टिप्पणियां इसके बाद किशोना और कप्तान मेरिसा एगुइलेइरा ने 22 गेंद में 13 रन जोड़े। मेरिसा ज्यादा देर टिक नहीं सकी और उनके आउट होने के समय स्कोर पांच विकेट पर 27 रन हो गया। आक्रामक बल्लेबाज डोटिन को ब्रंट ने पैवेलियन भेजा। किशोना को एरेन ब्रिंडल ने ललचाती गेंद पर आगे की ओर आने पर मजबूर किया और विकेटकीपर सारा टेलर ने स्टम्प आउट करने में कोई चूक नहीं की। श्रुबसोले ने पहले छह ओवर के स्पैल के आठ रन देकर तीन विकेट लिए। वेस्टइंडीज के लिए सिर्फ खब्बू बल्लेबाज किशोना और आठवें नंबर की बल्लेबाज शेन डाली ही दोहरे अंक तक पहुंच सकी। छह बल्लेबाज खाता भी नहीं खोल पाए। वेस्टइंडीज के छह विकेट 31 रन पर गिर चुके थे। सातवें विकेट के लिए किशोना और डाली ने साझेदारी की। श्रीलंका के खिलाफ दो दिन पहले वेस्टइंडीज की जीत की शिल्पकार टेलर खराब शॉट खेलकर आउट हुईं। पिछले मैच में टेलर ने 171 रन बनाए थे, जिसकी बदौलत वेस्टइंडीज ने आठ विकेट पर 368 रन बनाये थे। उनकी सलामी जोड़ीदार नाइट को ब्रंट ने पारी की दूसरी ही गेंद पर आउट कर दिया था। तीसरे नंबर पर आई शेमेइन कैंपबेल (दो) और जूलिना नेरो को श्रुबसोले ने पांचवें ओवर में तीन गेंद के भीतर पैवेलियन भेजा। वेस्टइंडीज का स्कोर इस समय चार विकेट पर 14 रन था।टिप्पणियां इसके बाद किशोना और कप्तान मेरिसा एगुइलेइरा ने 22 गेंद में 13 रन जोड़े। मेरिसा ज्यादा देर टिक नहीं सकी और उनके आउट होने के समय स्कोर पांच विकेट पर 27 रन हो गया। आक्रामक बल्लेबाज डोटिन को ब्रंट ने पैवेलियन भेजा। किशोना को एरेन ब्रिंडल ने ललचाती गेंद पर आगे की ओर आने पर मजबूर किया और विकेटकीपर सारा टेलर ने स्टम्प आउट करने में कोई चूक नहीं की। वेस्टइंडीज के छह विकेट 31 रन पर गिर चुके थे। सातवें विकेट के लिए किशोना और डाली ने साझेदारी की। श्रीलंका के खिलाफ दो दिन पहले वेस्टइंडीज की जीत की शिल्पकार टेलर खराब शॉट खेलकर आउट हुईं। पिछले मैच में टेलर ने 171 रन बनाए थे, जिसकी बदौलत वेस्टइंडीज ने आठ विकेट पर 368 रन बनाये थे। उनकी सलामी जोड़ीदार नाइट को ब्रंट ने पारी की दूसरी ही गेंद पर आउट कर दिया था। तीसरे नंबर पर आई शेमेइन कैंपबेल (दो) और जूलिना नेरो को श्रुबसोले ने पांचवें ओवर में तीन गेंद के भीतर पैवेलियन भेजा। वेस्टइंडीज का स्कोर इस समय चार विकेट पर 14 रन था।टिप्पणियां इसके बाद किशोना और कप्तान मेरिसा एगुइलेइरा ने 22 गेंद में 13 रन जोड़े। मेरिसा ज्यादा देर टिक नहीं सकी और उनके आउट होने के समय स्कोर पांच विकेट पर 27 रन हो गया। आक्रामक बल्लेबाज डोटिन को ब्रंट ने पैवेलियन भेजा। किशोना को एरेन ब्रिंडल ने ललचाती गेंद पर आगे की ओर आने पर मजबूर किया और विकेटकीपर सारा टेलर ने स्टम्प आउट करने में कोई चूक नहीं की। पिछले मैच में टेलर ने 171 रन बनाए थे, जिसकी बदौलत वेस्टइंडीज ने आठ विकेट पर 368 रन बनाये थे। उनकी सलामी जोड़ीदार नाइट को ब्रंट ने पारी की दूसरी ही गेंद पर आउट कर दिया था। तीसरे नंबर पर आई शेमेइन कैंपबेल (दो) और जूलिना नेरो को श्रुबसोले ने पांचवें ओवर में तीन गेंद के भीतर पैवेलियन भेजा। वेस्टइंडीज का स्कोर इस समय चार विकेट पर 14 रन था।टिप्पणियां इसके बाद किशोना और कप्तान मेरिसा एगुइलेइरा ने 22 गेंद में 13 रन जोड़े। मेरिसा ज्यादा देर टिक नहीं सकी और उनके आउट होने के समय स्कोर पांच विकेट पर 27 रन हो गया। आक्रामक बल्लेबाज डोटिन को ब्रंट ने पैवेलियन भेजा। किशोना को एरेन ब्रिंडल ने ललचाती गेंद पर आगे की ओर आने पर मजबूर किया और विकेटकीपर सारा टेलर ने स्टम्प आउट करने में कोई चूक नहीं की। उनकी सलामी जोड़ीदार नाइट को ब्रंट ने पारी की दूसरी ही गेंद पर आउट कर दिया था। तीसरे नंबर पर आई शेमेइन कैंपबेल (दो) और जूलिना नेरो को श्रुबसोले ने पांचवें ओवर में तीन गेंद के भीतर पैवेलियन भेजा। वेस्टइंडीज का स्कोर इस समय चार विकेट पर 14 रन था।टिप्पणियां इसके बाद किशोना और कप्तान मेरिसा एगुइलेइरा ने 22 गेंद में 13 रन जोड़े। मेरिसा ज्यादा देर टिक नहीं सकी और उनके आउट होने के समय स्कोर पांच विकेट पर 27 रन हो गया। आक्रामक बल्लेबाज डोटिन को ब्रंट ने पैवेलियन भेजा। किशोना को एरेन ब्रिंडल ने ललचाती गेंद पर आगे की ओर आने पर मजबूर किया और विकेटकीपर सारा टेलर ने स्टम्प आउट करने में कोई चूक नहीं की। इसके बाद किशोना और कप्तान मेरिसा एगुइलेइरा ने 22 गेंद में 13 रन जोड़े। मेरिसा ज्यादा देर टिक नहीं सकी और उनके आउट होने के समय स्कोर पांच विकेट पर 27 रन हो गया। आक्रामक बल्लेबाज डोटिन को ब्रंट ने पैवेलियन भेजा। किशोना को एरेन ब्रिंडल ने ललचाती गेंद पर आगे की ओर आने पर मजबूर किया और विकेटकीपर सारा टेलर ने स्टम्प आउट करने में कोई चूक नहीं की। आक्रामक बल्लेबाज डोटिन को ब्रंट ने पैवेलियन भेजा। किशोना को एरेन ब्रिंडल ने ललचाती गेंद पर आगे की ओर आने पर मजबूर किया और विकेटकीपर सारा टेलर ने स्टम्प आउट करने में कोई चूक नहीं की।
संक्षिप्त सारांश: इंग्लैंड ने वेस्टइंडीज को 36.4 ओवर में 101 रन पर आउट कर दिया। इसके बाद 35 ओवर में चार विकेट पर 103 रन बनाकर जीत दर्ज की। उसके तीन मैचों में चार अंक रहे।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: लेकिन हार्दिक पटेल ने आरोप लगाया कि बुधवार को भाजपा के राष्ट्रीय प्रमुख अमित शाह अहमदाबाद आ रहे हैं तो उससे पहले उन्हें गिरफ्तार करने की ये भाजपा की चाल है. हालांकि उन्होंने कहा कि वो अहिंसक आंदोलन चला रहे हैं लेकिन फिर भी उन्हें परेशान किया जा रहा है. जब उनके लोग कोई एफआईआर करते हैं तो किसी कि गिरफ्तारी नहीं होती लेकिन जब भाजपा के लोग आंदोलनकारीयों के खिलाफ पुलिस में शिकायत करते हैं तो तुरंत कार्रवाई की जाती है. साथ में उन्होंने ये भी कहा कि ये बात अब स्पष्ट हो गई है कि राज्य में चुनाव नजदीक हैं, इस वजह से आंदोलन से जुडे लोगों पर गलत केस लगाकर उनको या जेल में डाल देना या मुकद्दमे लगा देना तीन चार दिन के लिए जेल में रखकर जमानत देना जैसी कार्रवाई की जा रही है ताकि उन्हें परेशान करके उलझाये रखा जा सके. महत्वपूर्ण बात यह है कि गुजरात में उत्तर प्रदेश में भाजपा की जीत के चलते जल्द चुनावों की संभावना जताई जा रही है. ऐसे में पाटीदार आंदोलन दोबारा से गर्मा रहा है. इसका चुनावों की तैयारी पर कोई असर पड़ता है या नहीं, ये तो वक्त आने पर ही पता चल पाएगा. साथ में उन्होंने ये भी कहा कि ये बात अब स्पष्ट हो गई है कि राज्य में चुनाव नजदीक हैं, इस वजह से आंदोलन से जुडे लोगों पर गलत केस लगाकर उनको या जेल में डाल देना या मुकद्दमे लगा देना तीन चार दिन के लिए जेल में रखकर जमानत देना जैसी कार्रवाई की जा रही है ताकि उन्हें परेशान करके उलझाये रखा जा सके. महत्वपूर्ण बात यह है कि गुजरात में उत्तर प्रदेश में भाजपा की जीत के चलते जल्द चुनावों की संभावना जताई जा रही है. ऐसे में पाटीदार आंदोलन दोबारा से गर्मा रहा है. इसका चुनावों की तैयारी पर कोई असर पड़ता है या नहीं, ये तो वक्त आने पर ही पता चल पाएगा.
यहाँ एक सारांश है:राजद्रोह मामले में हर सोमवार क्राइम ब्रांच में हाजरी लगाना अनिवार्य पुलिस ने कहा कि जांच अधिकारी व्यस्त, इसलिए गिरफ्तार नहीं हुई जांच अधिकारी के वापस लौटने पर उनसे पूछताछ करके उन्हें गिरफ्तार किया जाए
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: गिरफ्तार हुए 32 लोगों में कॉल सेंटर के मैनेजर और सुपरवाइजर जसजोत, सरबजोत सिंह और सागर जैन भी शामिल हैं. जबकि कॉल सेंटर के मालिक पंकज,बनी,राजा,नवीन और सुशील की तलाश जारी है. पुलिस के मुताबिक ये लोग कॉल सेंटर से कनाडा के नागरिकों को वीओआईपी कॉल करते थे. उनको बताते थे कि आपके सोशल इंश्योरेंस नम्बर के जरिए कोई आतंक से जुड़ा मामला आया है या कोई गलत काम हुआ है. अगर इस मामला को रफा दफा करना है तो उनके बिटकॉइन वॉलेट में रकम डालती होगी. इसके बाद वे लोगों से हज़ारों डॉलर ठग लेते थे. इस छापेमारी में दूरसंचार विभाग की टीम भी शामिल हुई क्योंकि इन लोगों ने बिना लाइसेंस के अंतरराष्ट्रीय कॉलिंग के जरिए सरकार को 300 करोड़ से ज्यादा का चूना लगाया है. जबकि कनाडा के नागरिकों को भी यह लोग कई सौ करोड़ का चूना लगा चुके हैं. पुलिस ने कॉल सेंटर से 55 कम्प्यूटर, 35 मोबाइल और ठगी करने की स्क्रिप्ट बरामद की है. इनके बिटक्वाइन एकॉउंट और बाकी बैंक एकाउंटों की भी जांच चल रही है.
यह एक सारांश है: कॉल सेंटर से कनाडा के नागरिकों को वीओआईपी कॉल करते थे लोगों को बताते थे कि आपका सोशल इंश्योरेंस नम्बर आतंक से जुड़ा है कनाडा के लोगों से हज़ारों डॉलर बिटकॉइन वॉलेट में ले लेते थे
2
['hin']
एक सारांश बनाओ: मामल्लापुरम समुद्र तट पर प्लॉगिंग के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के हाथ में नजर आई छड़ीनुमा चीज को लेकर लोगों की जिज्ञासा को खत्म करते हुए रविवार को उन्होंने बताया कि वह एक्यूप्रेशर रोलर था जिसका वह अक्सर इस्तेमाल करते हैं. पीएम मोदी (PM Narendra Modi) चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ दो दिवसीय अनौपचारिक शिखर वार्ता के लिए तटीय नगर में मौजूद थे. शनिवार को वार्ता के दूसरे दिन प्रधानमंत्री को उनकी सुबह की सैर के दौरान समुद्र तट से प्लास्टिक एवं अन्य तरह का कूड़ा बीनते देखा गया था.  पीएम मोदी (PM Narendra Modi) ने ट्वीट किया, “कल से आप में से कई लोग पूछ रहे हैं कि- मामल्लापुरम में समुद्र तट पर प्लॉगिंग के वक्त मेरे हाथ में क्या था. वह एक एक्यूप्रेशर रोलर था जिसका मैं अक्सर इस्तेमाल करता हूं.  मुझे यह बहुत मददगार लगता है.” उन्होंने उस एक्यूप्रेशर रोलर की तस्वीरें भी पोस्ट की जो वह समुद्र तट पर लिए खड़े थे. मोदी ने शनिवार को समुद्र तट पर प्लॉगिंग का अपना तीन मिनट का एक वीडियो जारी किया जिसमें वह कूड़ा उठाते और लोगों से सार्वजनिक स्थानों को साफ एवं स्वच्छ रखने की अपील कर रहे हैं.  ‘प्लॉगिंग' का मतलब जॉगिंग करते या दौड़ते वक्त प्लास्टिक की उपयोग की हुई बोतल जैसा कूड़ा-कचरा उठाना होता है. इस साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने देश को एकल प्रयोग प्लास्टिक से मुक्त बनाने के अभियान की घोषणा की थी.
सारांश: बीच पर सफाई करते समय पीएम मोदी के हाथ में था एक्यूप्रेशर रोलर पीएम मोदी ने कहा- मुझे यह बहुत मददगार लगता है पीएम मोदी ने बीच पर कूड़ा भी साफ किया था
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह द्वारा दिल्ली के बटला हाउस में हुई मुठभेड को फर्जी करार दिये जाने के बयान को सिरे से खारिज करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने गुरुवार को कहा कि वह असल मुठभेड थी और इस मामले को फिर से खोलने की कोई गुंजाइश नहीं है। चिदंबरम ने इस बारे में संवाददाताओं द्वारा सवाल करने पर कहा कि शुरूआत से ही दिग्विजय सिंह का यही नजरिया रहा है। ‘मैं उनके नजरिये का सम्मान करता हूं लेकिन हमारा निष्कर्ष यही है कि यह असली मुठभेड थी।’ उन्होंने कहा, ‘हर अधिकारी इस बात से सहमत था कि यह असल मुठभेड थी।’ गृह मंत्री ने कहा कि नजरियों में मतभेद हो सकता है लेकिन इस मामले को फिर से खोलने की कोई गुंजाइश नहीं है।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि बटला हाउस मुठभेड मसले पर आजमगढ में राहुल गांधी को विरोध का सामना करना पड़ा। उनकी मौजूदगी में दिग्विजय कह गये कि मुठभेड फर्जी थी। उन्होंने कहा कि उनका हमेशा से मानना रहा है कि वह मुठभेड फर्जी थी और उन्होंने सरकार तथा गृह मंत्रालय से मामले की जांच कराने की दिशा में कोशिश की लेकिन नाकाम रहे। भाजपा ने इस विषय पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सरकार के अलग अलग मत को दो मुंही राजनीति करार देते हुए मांग की है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी इस बारे में अपनी चुप्पी तोड़ें और स्पष्टीकरण दें कि दिग्विजय सही हैं या चिदंबरम। चिदंबरम ने इस बारे में संवाददाताओं द्वारा सवाल करने पर कहा कि शुरूआत से ही दिग्विजय सिंह का यही नजरिया रहा है। ‘मैं उनके नजरिये का सम्मान करता हूं लेकिन हमारा निष्कर्ष यही है कि यह असली मुठभेड थी।’ उन्होंने कहा, ‘हर अधिकारी इस बात से सहमत था कि यह असल मुठभेड थी।’ गृह मंत्री ने कहा कि नजरियों में मतभेद हो सकता है लेकिन इस मामले को फिर से खोलने की कोई गुंजाइश नहीं है।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि बटला हाउस मुठभेड मसले पर आजमगढ में राहुल गांधी को विरोध का सामना करना पड़ा। उनकी मौजूदगी में दिग्विजय कह गये कि मुठभेड फर्जी थी। उन्होंने कहा कि उनका हमेशा से मानना रहा है कि वह मुठभेड फर्जी थी और उन्होंने सरकार तथा गृह मंत्रालय से मामले की जांच कराने की दिशा में कोशिश की लेकिन नाकाम रहे। भाजपा ने इस विषय पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सरकार के अलग अलग मत को दो मुंही राजनीति करार देते हुए मांग की है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी इस बारे में अपनी चुप्पी तोड़ें और स्पष्टीकरण दें कि दिग्विजय सही हैं या चिदंबरम। उन्होंने कहा, ‘हर अधिकारी इस बात से सहमत था कि यह असल मुठभेड थी।’ गृह मंत्री ने कहा कि नजरियों में मतभेद हो सकता है लेकिन इस मामले को फिर से खोलने की कोई गुंजाइश नहीं है।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि बटला हाउस मुठभेड मसले पर आजमगढ में राहुल गांधी को विरोध का सामना करना पड़ा। उनकी मौजूदगी में दिग्विजय कह गये कि मुठभेड फर्जी थी। उन्होंने कहा कि उनका हमेशा से मानना रहा है कि वह मुठभेड फर्जी थी और उन्होंने सरकार तथा गृह मंत्रालय से मामले की जांच कराने की दिशा में कोशिश की लेकिन नाकाम रहे। भाजपा ने इस विषय पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सरकार के अलग अलग मत को दो मुंही राजनीति करार देते हुए मांग की है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी इस बारे में अपनी चुप्पी तोड़ें और स्पष्टीकरण दें कि दिग्विजय सही हैं या चिदंबरम। उल्लेखनीय है कि बटला हाउस मुठभेड मसले पर आजमगढ में राहुल गांधी को विरोध का सामना करना पड़ा। उनकी मौजूदगी में दिग्विजय कह गये कि मुठभेड फर्जी थी। उन्होंने कहा कि उनका हमेशा से मानना रहा है कि वह मुठभेड फर्जी थी और उन्होंने सरकार तथा गृह मंत्रालय से मामले की जांच कराने की दिशा में कोशिश की लेकिन नाकाम रहे। भाजपा ने इस विषय पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सरकार के अलग अलग मत को दो मुंही राजनीति करार देते हुए मांग की है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी इस बारे में अपनी चुप्पी तोड़ें और स्पष्टीकरण दें कि दिग्विजय सही हैं या चिदंबरम। भाजपा ने इस विषय पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सरकार के अलग अलग मत को दो मुंही राजनीति करार देते हुए मांग की है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी इस बारे में अपनी चुप्पी तोड़ें और स्पष्टीकरण दें कि दिग्विजय सही हैं या चिदंबरम।
संक्षिप्त सारांश: केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम ने बाटला हाउस मामला दोबारा खोलने की कांग्रेस पार्टी के महासचिव दिग्विजय सिंह की मांग को खारिज करते हुए कहा कि इसकी ज़रूरत नहीं है।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वोडाफोन इंडिया ने सोमवार को कहा कि बुधवार (24 अगस्त से) देश के 4,500 से अधिक चुनिंदा वोडाफोन स्टोर और वोडफोन मिनी स्टोर में नए कनेक्शन के लिए आने वाले उपभोक्ता तुरन्त वोडाफोन सुपरनेटज्ड पर बात करते हुए बाहर निकल सकेंगे.टिप्पणियां प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों कनेक्शनों के लिए उनके पास केवल अपना आधार नम्बर होना चाहिए. वोडाफोन इंडिया के निदेशक (कॉमर्शियल) संदीप कटारिया ने कहा, "अब से हमारे स्टोर्स में नए कनेक्शन के लिए आने वाले उपभोक्ता कुछ ही मिनटों में इस नए कनेक्शन पर बात करना शुरू कर सकेंगे. हमने आधार आधारित ई-केवायसी समाधान उपलब्ध कराने तथा दो सर्कलों में इसका परीक्षण करने के लिए दूरसंचार विभाग के साथ साझेदारी की है. बुधवार से हम इसे देश भर में शुरू करने जा रहे हैं." उन्होंने कहा कि वोडाफोन ने एक विशेष ऐप का विकास किया है, जिसके जरिए रीटेलर ई-केवायसी का इस्तेमाल कर तुरन्त नए कनेक्शन को एक्टिवेट कर सकेंगे. प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों कनेक्शनों के लिए उनके पास केवल अपना आधार नम्बर होना चाहिए. वोडाफोन इंडिया के निदेशक (कॉमर्शियल) संदीप कटारिया ने कहा, "अब से हमारे स्टोर्स में नए कनेक्शन के लिए आने वाले उपभोक्ता कुछ ही मिनटों में इस नए कनेक्शन पर बात करना शुरू कर सकेंगे. हमने आधार आधारित ई-केवायसी समाधान उपलब्ध कराने तथा दो सर्कलों में इसका परीक्षण करने के लिए दूरसंचार विभाग के साथ साझेदारी की है. बुधवार से हम इसे देश भर में शुरू करने जा रहे हैं." उन्होंने कहा कि वोडाफोन ने एक विशेष ऐप का विकास किया है, जिसके जरिए रीटेलर ई-केवायसी का इस्तेमाल कर तुरन्त नए कनेक्शन को एक्टिवेट कर सकेंगे. उन्होंने कहा कि वोडाफोन ने एक विशेष ऐप का विकास किया है, जिसके जरिए रीटेलर ई-केवायसी का इस्तेमाल कर तुरन्त नए कनेक्शन को एक्टिवेट कर सकेंगे.
यह एक सारांश है: तत्काल चालू होंगे कनेक्शन इसके लिए आपके पास अपना आधार नम्बर होना चाहिए प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों कनेक्शनों के लिए लागू
9
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कावेरी का पानी तमिलनाडु को देना बंद करने के कर्नाटक के फैसले पर तमिलनाडु सरकार ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कर्नाटक के खिलाफ अदालत की अवमानना का मुकदमा दायर करने का निर्णय लिया है। वहीं विपक्षी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) ने प्रधानमंत्री से कहा है कि वह कर्नाटक की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार को बर्खास्त करने का फैसला लें। तमिलनाडु की ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) सरकार ने मंगलवार को कहा कि कर्नाटक ने यदि कावेरी के पानी की आपूर्ति रोकी तो वह सर्वोच्च न्यायालय में उसके खिलाफ अदालत की अवमानना का मुकदमा दायर करेगी। यह फैसला मुख्यमंत्री जे. जयललिता की अध्यक्षता में स्थिति की समीक्षा के लिए बुलाई बैठक में लिया गया।    इस बीच, डीएमके अध्यक्ष एम. करुणानिधि ने यहां जारी एक बयान में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से आग्रह किया कि वह संविधान की धारा 356 का उपयोग करते हुए कर्नाटक में राष्ट्रपति शासन लागू करने पर विचार करें। उन्होंने कर्नाटक से कावेरी का पानी तमिलनाडु को जारी करना बंद करने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखने पर विदेश मंत्री एसएम कृष्णा की आलोचना की। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि ने मंगलवार को कहा, "जो व्यक्ति केंद्रीय मंत्रालय में हो, उसे दो राज्यों के मामले में निष्पक्ष रहना चाहिए। राजनीतिक कारणों से संकीर्णतापूर्ण कार्य करना गलत है।"टिप्पणियां कावेरी नदी प्राधिकरण (सीआरए) के अध्यक्ष के रूप में मनमोहन सिंह के 19 सितम्बर के आदेश कि कर्नाटक कावेरी का 9,000 क्यूसेक पानी रोजाना तमिलनाडु को जारी करे, का हवाला देते हुए करुणानिधि ने कहा कि कृष्णा का प्रधानमंत्री को यह अनुरोध करते हुए पत्र लिखना गलत था कि पानी जारी किया जाना रोक दिया जाए। कृष्णा ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री से अनुरोध किया था कि कर्नाटक के बांधों से पानी जारी करना बंद करने की संभावनाओं का पता लगाया जाए। उन्होंने लिखा, "मैं ईमानदारी से महसूस करता हूं कि स्थिति पर आपका ध्यान तुरंत आकृष्ट करने की जरूरत है, ताकि स्थिति को और बिगड़ने से रोका जाए, क्योंकि कर्नाटक के लोगों के मन में यह धारणा पहले से बनी हुई है कि आने वाले महीनों में उन्हें भारी जलसंकट का सामना करना पड़ सकता है।" तमिलनाडु की ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) सरकार ने मंगलवार को कहा कि कर्नाटक ने यदि कावेरी के पानी की आपूर्ति रोकी तो वह सर्वोच्च न्यायालय में उसके खिलाफ अदालत की अवमानना का मुकदमा दायर करेगी। यह फैसला मुख्यमंत्री जे. जयललिता की अध्यक्षता में स्थिति की समीक्षा के लिए बुलाई बैठक में लिया गया।    इस बीच, डीएमके अध्यक्ष एम. करुणानिधि ने यहां जारी एक बयान में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से आग्रह किया कि वह संविधान की धारा 356 का उपयोग करते हुए कर्नाटक में राष्ट्रपति शासन लागू करने पर विचार करें। उन्होंने कर्नाटक से कावेरी का पानी तमिलनाडु को जारी करना बंद करने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखने पर विदेश मंत्री एसएम कृष्णा की आलोचना की। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि ने मंगलवार को कहा, "जो व्यक्ति केंद्रीय मंत्रालय में हो, उसे दो राज्यों के मामले में निष्पक्ष रहना चाहिए। राजनीतिक कारणों से संकीर्णतापूर्ण कार्य करना गलत है।"टिप्पणियां कावेरी नदी प्राधिकरण (सीआरए) के अध्यक्ष के रूप में मनमोहन सिंह के 19 सितम्बर के आदेश कि कर्नाटक कावेरी का 9,000 क्यूसेक पानी रोजाना तमिलनाडु को जारी करे, का हवाला देते हुए करुणानिधि ने कहा कि कृष्णा का प्रधानमंत्री को यह अनुरोध करते हुए पत्र लिखना गलत था कि पानी जारी किया जाना रोक दिया जाए। कृष्णा ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री से अनुरोध किया था कि कर्नाटक के बांधों से पानी जारी करना बंद करने की संभावनाओं का पता लगाया जाए। उन्होंने लिखा, "मैं ईमानदारी से महसूस करता हूं कि स्थिति पर आपका ध्यान तुरंत आकृष्ट करने की जरूरत है, ताकि स्थिति को और बिगड़ने से रोका जाए, क्योंकि कर्नाटक के लोगों के मन में यह धारणा पहले से बनी हुई है कि आने वाले महीनों में उन्हें भारी जलसंकट का सामना करना पड़ सकता है।" यह फैसला मुख्यमंत्री जे. जयललिता की अध्यक्षता में स्थिति की समीक्षा के लिए बुलाई बैठक में लिया गया।    इस बीच, डीएमके अध्यक्ष एम. करुणानिधि ने यहां जारी एक बयान में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से आग्रह किया कि वह संविधान की धारा 356 का उपयोग करते हुए कर्नाटक में राष्ट्रपति शासन लागू करने पर विचार करें। उन्होंने कर्नाटक से कावेरी का पानी तमिलनाडु को जारी करना बंद करने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखने पर विदेश मंत्री एसएम कृष्णा की आलोचना की। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि ने मंगलवार को कहा, "जो व्यक्ति केंद्रीय मंत्रालय में हो, उसे दो राज्यों के मामले में निष्पक्ष रहना चाहिए। राजनीतिक कारणों से संकीर्णतापूर्ण कार्य करना गलत है।"टिप्पणियां कावेरी नदी प्राधिकरण (सीआरए) के अध्यक्ष के रूप में मनमोहन सिंह के 19 सितम्बर के आदेश कि कर्नाटक कावेरी का 9,000 क्यूसेक पानी रोजाना तमिलनाडु को जारी करे, का हवाला देते हुए करुणानिधि ने कहा कि कृष्णा का प्रधानमंत्री को यह अनुरोध करते हुए पत्र लिखना गलत था कि पानी जारी किया जाना रोक दिया जाए। कृष्णा ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री से अनुरोध किया था कि कर्नाटक के बांधों से पानी जारी करना बंद करने की संभावनाओं का पता लगाया जाए। उन्होंने लिखा, "मैं ईमानदारी से महसूस करता हूं कि स्थिति पर आपका ध्यान तुरंत आकृष्ट करने की जरूरत है, ताकि स्थिति को और बिगड़ने से रोका जाए, क्योंकि कर्नाटक के लोगों के मन में यह धारणा पहले से बनी हुई है कि आने वाले महीनों में उन्हें भारी जलसंकट का सामना करना पड़ सकता है।" इस बीच, डीएमके अध्यक्ष एम. करुणानिधि ने यहां जारी एक बयान में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से आग्रह किया कि वह संविधान की धारा 356 का उपयोग करते हुए कर्नाटक में राष्ट्रपति शासन लागू करने पर विचार करें। उन्होंने कर्नाटक से कावेरी का पानी तमिलनाडु को जारी करना बंद करने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखने पर विदेश मंत्री एसएम कृष्णा की आलोचना की। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि ने मंगलवार को कहा, "जो व्यक्ति केंद्रीय मंत्रालय में हो, उसे दो राज्यों के मामले में निष्पक्ष रहना चाहिए। राजनीतिक कारणों से संकीर्णतापूर्ण कार्य करना गलत है।"टिप्पणियां कावेरी नदी प्राधिकरण (सीआरए) के अध्यक्ष के रूप में मनमोहन सिंह के 19 सितम्बर के आदेश कि कर्नाटक कावेरी का 9,000 क्यूसेक पानी रोजाना तमिलनाडु को जारी करे, का हवाला देते हुए करुणानिधि ने कहा कि कृष्णा का प्रधानमंत्री को यह अनुरोध करते हुए पत्र लिखना गलत था कि पानी जारी किया जाना रोक दिया जाए। कृष्णा ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री से अनुरोध किया था कि कर्नाटक के बांधों से पानी जारी करना बंद करने की संभावनाओं का पता लगाया जाए। उन्होंने लिखा, "मैं ईमानदारी से महसूस करता हूं कि स्थिति पर आपका ध्यान तुरंत आकृष्ट करने की जरूरत है, ताकि स्थिति को और बिगड़ने से रोका जाए, क्योंकि कर्नाटक के लोगों के मन में यह धारणा पहले से बनी हुई है कि आने वाले महीनों में उन्हें भारी जलसंकट का सामना करना पड़ सकता है।" तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि ने मंगलवार को कहा, "जो व्यक्ति केंद्रीय मंत्रालय में हो, उसे दो राज्यों के मामले में निष्पक्ष रहना चाहिए। राजनीतिक कारणों से संकीर्णतापूर्ण कार्य करना गलत है।"टिप्पणियां कावेरी नदी प्राधिकरण (सीआरए) के अध्यक्ष के रूप में मनमोहन सिंह के 19 सितम्बर के आदेश कि कर्नाटक कावेरी का 9,000 क्यूसेक पानी रोजाना तमिलनाडु को जारी करे, का हवाला देते हुए करुणानिधि ने कहा कि कृष्णा का प्रधानमंत्री को यह अनुरोध करते हुए पत्र लिखना गलत था कि पानी जारी किया जाना रोक दिया जाए। कृष्णा ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री से अनुरोध किया था कि कर्नाटक के बांधों से पानी जारी करना बंद करने की संभावनाओं का पता लगाया जाए। उन्होंने लिखा, "मैं ईमानदारी से महसूस करता हूं कि स्थिति पर आपका ध्यान तुरंत आकृष्ट करने की जरूरत है, ताकि स्थिति को और बिगड़ने से रोका जाए, क्योंकि कर्नाटक के लोगों के मन में यह धारणा पहले से बनी हुई है कि आने वाले महीनों में उन्हें भारी जलसंकट का सामना करना पड़ सकता है।" कावेरी नदी प्राधिकरण (सीआरए) के अध्यक्ष के रूप में मनमोहन सिंह के 19 सितम्बर के आदेश कि कर्नाटक कावेरी का 9,000 क्यूसेक पानी रोजाना तमिलनाडु को जारी करे, का हवाला देते हुए करुणानिधि ने कहा कि कृष्णा का प्रधानमंत्री को यह अनुरोध करते हुए पत्र लिखना गलत था कि पानी जारी किया जाना रोक दिया जाए। कृष्णा ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री से अनुरोध किया था कि कर्नाटक के बांधों से पानी जारी करना बंद करने की संभावनाओं का पता लगाया जाए। उन्होंने लिखा, "मैं ईमानदारी से महसूस करता हूं कि स्थिति पर आपका ध्यान तुरंत आकृष्ट करने की जरूरत है, ताकि स्थिति को और बिगड़ने से रोका जाए, क्योंकि कर्नाटक के लोगों के मन में यह धारणा पहले से बनी हुई है कि आने वाले महीनों में उन्हें भारी जलसंकट का सामना करना पड़ सकता है।" कृष्णा ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री से अनुरोध किया था कि कर्नाटक के बांधों से पानी जारी करना बंद करने की संभावनाओं का पता लगाया जाए। उन्होंने लिखा, "मैं ईमानदारी से महसूस करता हूं कि स्थिति पर आपका ध्यान तुरंत आकृष्ट करने की जरूरत है, ताकि स्थिति को और बिगड़ने से रोका जाए, क्योंकि कर्नाटक के लोगों के मन में यह धारणा पहले से बनी हुई है कि आने वाले महीनों में उन्हें भारी जलसंकट का सामना करना पड़ सकता है।"
यह एक सारांश है: कावेरी का पानी तमिलनाडु को देना बंद करने के कर्नाटक के फैसले पर तमिलनाडु सरकार ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कर्नाटक के खिलाफ अदालत की अवमानना का मुकदमा दायर करने का निर्णय लिया है।
16
['hin']
एक सारांश बनाओ: लेकिन थोड़ी देर में जब उसी गाड़ी में बैठे सत्येंद्र जैन वापस आये तो पता चला सत्येंद्र जैन मंदिर गए थे. दरअसल सत्येंद्र जैन के सिविल लाइन्स के सरकारी आवास से कुछ ही दूरी पर दिगंबर जैन मंदिर है जहां सत्येंद्र जैन रोज़ सुबह काम पर निकलने से पहले नियमित रूप से जाते हैं. लेकिन बुधवार को मंदिर जाने से पहले ही सीबीआई आ गई. लेकिन जब आज भी सत्येंद्र जैन ने सीबीआई से मंदिर जाने को कहा तो सीबीआई ने अपने साथ ले जाकर मंदिर के दर्शन कराए. ये अहम बात इसलिए है क्योंकि सीबीआई रेड के दौरान आमतौर पर देखा जाता है कि जिसके यहां रेड हो रही है वो अपने घर या दफ़्तर में नजरबंद से हो जाता है बाहर नहीं निकल सकता ऐसे में दिल्ली के PWD और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन सीबीआई रेड के दौरान मंदिर जाने वाले शायद पहले शख्स बन गए हैं. ये अहम बात इसलिए है क्योंकि सीबीआई रेड के दौरान आमतौर पर देखा जाता है कि जिसके यहां रेड हो रही है वो अपने घर या दफ़्तर में नजरबंद से हो जाता है बाहर नहीं निकल सकता ऐसे में दिल्ली के PWD और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन सीबीआई रेड के दौरान मंदिर जाने वाले शायद पहले शख्स बन गए हैं.
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के घर पड़ी रेड. बुधवार सुबह 7 बजकर 40 मिनट पर सीबीआई ने रेड पड़ी. सीबीआई ने रेड कर दी,छानबीन की और पूछताछ की.
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली सरकार ने एक होटल व्यवसायी के खिलाफ मामले को आगे नहीं बढ़ाने के पूर्व के निर्णय को वापस ले लिया है। गृह मंत्री चिदंबरम को इस होटल व्यवसायी का पूर्व वकील बताया जा रहा है। मीडिया में ऐसी खबरें आई हैं कि दिल्ली के एक होटल व्यवसायी के खिलाफ दायर तीन एफआईआर वापस लेने में उनकी कथित भूमिका थी। इस विवाद के आलोक में दिल्ली के उपराज्यपाल तेजेन्द्र खन्ना ने होटल व्यवसायी के खिलाफ मामले को आगे नहीं बढ़ाने के निर्णय को वापस ले लिया। दिल्ली सरकार की विज्ञप्ति के मुताबिक, अभियोजन विभाग के निदेशक की सिफारिशों के आलोक में गृह विभाग ने उपराज्यपाल के पास इस मामले को फिर भेजा जिसमें यह सिफारिश की गई थी कि उपरोक्त मामले में मुकदमा आगे नहीं बढ़ाने पर जोर नहीं दिया जाए और इस मामले की सुनवाई उसके गुण दोष के आधार पर होनी चाहिए। सरकार ने कहा, उपराज्यपाल ने 15 दिसंबर 2011 को इन सिफारिशों को मंजूर कर लिया।
संक्षिप्त पाठ: दिल्ली सरकार ने एक होटल व्यवसायी के खिलाफ मामले को आगे नहीं बढ़ाने के पूर्व के निर्णय को वापस ले लिया है। गृह मंत्री चिदंबरम को इस होटल व्यवसायी का पूर्व वकील बताया जा रहा है।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: इससे पहले दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस पार्टी की वरिष्ठ नेता शीला दीक्षित ने हार के लिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा क्योंकि दिल्ली में कांग्रेस का नेतृत्व उन्हीं के हाथों में था इसलिए हार के लिए भी वही जिम्मेदार हैं. कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर शीला दीक्षित का कहना है कि पार्टी में नाराज लोगों को मनाया जाता है और जिसके हाथ में कमान है उसे ही ये काम करना पड़ता है, लेकिन हमारे यहां इसके ठीक उल्टा हुआ है.  कांग्रेस की वरिष्‍ठ नेता और दिल्‍ली में लगातार तीन बार मुख्‍यमंत्री रहने वाली शीला दीक्षित ने एमसीडी चुनावों में कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी को सलाह देते हुए कहा है,''यह जनता का जनादेश है, इसे सम्‍मान के साथ स्‍वीकार किया जाना चाहिए.'' कांग्रेस एमसीडी चुनावों में तीसरे पायदान पर रही. बीजेपी ने दो तिहाई बहुमत के साथ जीत हासिल की है. अरविंद केजरीवाल की आप दूसरे स्‍थान पर रही.टिप्पणियां शीला दीक्षित से जब कांग्रेस की हार के बारे में पूछा गया तो उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस ने दरअसल आक्रामक प्रचार नहीं किया. इस वजह से कांग्रेस पिछड़ गई. कांग्रेस के किसी भी कद्दावर या बड़े नेता ने 270 वार्डों में प्रचार नहीं किया. जब उनसे पूछा गया कि आपने प्रचार क्‍यों नहीं किया तो शीला दीक्षित ने कहा, '''मैंने इसलिए प्रचार नहीं किया क्‍योंकि पार्टी ने इसके लिए मुझे आमंत्रित नहीं किया. मैं अपने आप से तो ऐसा नहीं कर सकती थी.' उल्‍लेखनीय है कि एमसीडी चुनावों से पहले कांग्रेस को काफी नुकसान पड़ा. पार्टी के वरिष्‍ठ नेताओं अरविंदर लवली और बरखा शुक्‍ला सिंह ने ऐन चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया. वरिष्‍ठ नेता एके वालिया की नाराजगी का भी पार्टी को सामना करना पड़ा. दिल्‍ली कांग्रेस अध्‍यक्ष अजय माकन के नेतृत्‍व में कांग्रेस ने चुनाव लड़ा. इन सब पर बोलते हुए शीला दीक्षित ने कहा, ''जब भी हम हारते हैं तो कुछ न कुछ सीखते ही हैं.''   कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर शीला दीक्षित का कहना है कि पार्टी में नाराज लोगों को मनाया जाता है और जिसके हाथ में कमान है उसे ही ये काम करना पड़ता है, लेकिन हमारे यहां इसके ठीक उल्टा हुआ है.  कांग्रेस की वरिष्‍ठ नेता और दिल्‍ली में लगातार तीन बार मुख्‍यमंत्री रहने वाली शीला दीक्षित ने एमसीडी चुनावों में कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी को सलाह देते हुए कहा है,''यह जनता का जनादेश है, इसे सम्‍मान के साथ स्‍वीकार किया जाना चाहिए.'' कांग्रेस एमसीडी चुनावों में तीसरे पायदान पर रही. बीजेपी ने दो तिहाई बहुमत के साथ जीत हासिल की है. अरविंद केजरीवाल की आप दूसरे स्‍थान पर रही.टिप्पणियां शीला दीक्षित से जब कांग्रेस की हार के बारे में पूछा गया तो उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस ने दरअसल आक्रामक प्रचार नहीं किया. इस वजह से कांग्रेस पिछड़ गई. कांग्रेस के किसी भी कद्दावर या बड़े नेता ने 270 वार्डों में प्रचार नहीं किया. जब उनसे पूछा गया कि आपने प्रचार क्‍यों नहीं किया तो शीला दीक्षित ने कहा, '''मैंने इसलिए प्रचार नहीं किया क्‍योंकि पार्टी ने इसके लिए मुझे आमंत्रित नहीं किया. मैं अपने आप से तो ऐसा नहीं कर सकती थी.' उल्‍लेखनीय है कि एमसीडी चुनावों से पहले कांग्रेस को काफी नुकसान पड़ा. पार्टी के वरिष्‍ठ नेताओं अरविंदर लवली और बरखा शुक्‍ला सिंह ने ऐन चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया. वरिष्‍ठ नेता एके वालिया की नाराजगी का भी पार्टी को सामना करना पड़ा. दिल्‍ली कांग्रेस अध्‍यक्ष अजय माकन के नेतृत्‍व में कांग्रेस ने चुनाव लड़ा. इन सब पर बोलते हुए शीला दीक्षित ने कहा, ''जब भी हम हारते हैं तो कुछ न कुछ सीखते ही हैं.''   कांग्रेस की वरिष्‍ठ नेता और दिल्‍ली में लगातार तीन बार मुख्‍यमंत्री रहने वाली शीला दीक्षित ने एमसीडी चुनावों में कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी को सलाह देते हुए कहा है,''यह जनता का जनादेश है, इसे सम्‍मान के साथ स्‍वीकार किया जाना चाहिए.'' कांग्रेस एमसीडी चुनावों में तीसरे पायदान पर रही. बीजेपी ने दो तिहाई बहुमत के साथ जीत हासिल की है. अरविंद केजरीवाल की आप दूसरे स्‍थान पर रही.टिप्पणियां शीला दीक्षित से जब कांग्रेस की हार के बारे में पूछा गया तो उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस ने दरअसल आक्रामक प्रचार नहीं किया. इस वजह से कांग्रेस पिछड़ गई. कांग्रेस के किसी भी कद्दावर या बड़े नेता ने 270 वार्डों में प्रचार नहीं किया. जब उनसे पूछा गया कि आपने प्रचार क्‍यों नहीं किया तो शीला दीक्षित ने कहा, '''मैंने इसलिए प्रचार नहीं किया क्‍योंकि पार्टी ने इसके लिए मुझे आमंत्रित नहीं किया. मैं अपने आप से तो ऐसा नहीं कर सकती थी.' उल्‍लेखनीय है कि एमसीडी चुनावों से पहले कांग्रेस को काफी नुकसान पड़ा. पार्टी के वरिष्‍ठ नेताओं अरविंदर लवली और बरखा शुक्‍ला सिंह ने ऐन चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया. वरिष्‍ठ नेता एके वालिया की नाराजगी का भी पार्टी को सामना करना पड़ा. दिल्‍ली कांग्रेस अध्‍यक्ष अजय माकन के नेतृत्‍व में कांग्रेस ने चुनाव लड़ा. इन सब पर बोलते हुए शीला दीक्षित ने कहा, ''जब भी हम हारते हैं तो कुछ न कुछ सीखते ही हैं.''   शीला दीक्षित से जब कांग्रेस की हार के बारे में पूछा गया तो उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस ने दरअसल आक्रामक प्रचार नहीं किया. इस वजह से कांग्रेस पिछड़ गई. कांग्रेस के किसी भी कद्दावर या बड़े नेता ने 270 वार्डों में प्रचार नहीं किया. जब उनसे पूछा गया कि आपने प्रचार क्‍यों नहीं किया तो शीला दीक्षित ने कहा, '''मैंने इसलिए प्रचार नहीं किया क्‍योंकि पार्टी ने इसके लिए मुझे आमंत्रित नहीं किया. मैं अपने आप से तो ऐसा नहीं कर सकती थी.' उल्‍लेखनीय है कि एमसीडी चुनावों से पहले कांग्रेस को काफी नुकसान पड़ा. पार्टी के वरिष्‍ठ नेताओं अरविंदर लवली और बरखा शुक्‍ला सिंह ने ऐन चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया. वरिष्‍ठ नेता एके वालिया की नाराजगी का भी पार्टी को सामना करना पड़ा. दिल्‍ली कांग्रेस अध्‍यक्ष अजय माकन के नेतृत्‍व में कांग्रेस ने चुनाव लड़ा. इन सब पर बोलते हुए शीला दीक्षित ने कहा, ''जब भी हम हारते हैं तो कुछ न कुछ सीखते ही हैं.''   उल्‍लेखनीय है कि एमसीडी चुनावों से पहले कांग्रेस को काफी नुकसान पड़ा. पार्टी के वरिष्‍ठ नेताओं अरविंदर लवली और बरखा शुक्‍ला सिंह ने ऐन चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया. वरिष्‍ठ नेता एके वालिया की नाराजगी का भी पार्टी को सामना करना पड़ा. दिल्‍ली कांग्रेस अध्‍यक्ष अजय माकन के नेतृत्‍व में कांग्रेस ने चुनाव लड़ा. इन सब पर बोलते हुए शीला दीक्षित ने कहा, ''जब भी हम हारते हैं तो कुछ न कुछ सीखते ही हैं.''
सारांश: दिल्ली नगर निगम चुनाव में तीसरे नंबर पर रही कांग्रेस अजय माकन ने ली कांग्रेस के हार की जिम्मेदारी अजय माकन ने प्रदेश अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा
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['hin']
एक सारांश बनाओ: A post shared by Neha Kakkar (@nehakakkar) on Aug 21, 2019 at 10:01pm PDT नेहा कक्कड़  (Neha Kakkar) ने इस वीडियो को शेयर करने के बाद एक कैप्शन भी लिखा है. उन्होंने लिखा, 'इतनी सी हंसी इतनी सी खुशी'. नेहा कक्कड़ का यह वीडियो उनके द्वारा जज किए गए शो का है. इस वीडियो में उनके अलग-अलग एक्सप्रेशंस देखने को मिल रहा है. लोगों को उनका यह अंदाज काफी पसंद आ रहा है. नेहा कक्कड़ वैसे भी अपने इंस्टाग्राम पर काफी एक्टिव रहती हैं और अकसर उनके वीडियो वायरल होते रहते हैं.  नेहा कक्कड़ (Neha Kakkar) दिल्ली की रहने वाली हैं और बचपन से सिंगिंग कर रही हैं. 30 वर्षीया नेहा कक्कड़ ने सिंगिंग रियलिटी शो इंडियन आइडल में 2006 में हिस्सा लिया था और वे इस शो की जज भी कर चुकी हैं. कुछ दिन पहले ही नेहा कक्कड़ ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर बॉयफ्रेंड हिमांश कोहली से ब्रेकअप की खबर दी थी, और वे कई मौकों पर काफी इमोशनल भी होती नजर आई थीं. लेकिन अब वे अपने करियर पर फिर से तेज रफ्तार से दौड़ रही हैं.
नेहा कक्कड़ का वीडियो वायरल वीडियो में दिखाए गजब के एक्सप्रेशंस फैंस को खूब पसंद आ रहा है वीडियो
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['hin']
एक सारांश बनाओ: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने आज कहा कि अमेरिका ने अपने अंतरिक्ष अन्वेषण की नई राहें खोलने के प्रयास के तहत वर्ष 2030 के दशक तक मंगल ग्रह पर मानवों को भेजने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है. ओबामा ने सीएनएन से कहा, 'हमने अंतरिक्ष में अमेरिका की कहानी के अगले अध्याय के लिए महत्वपूर्ण स्पष्ट लक्ष्य तय किया है. वर्ष 2030 के दशक तक मंगल ग्रह पर मानव को भेजा जायेगा और उनकी पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी करना, इसका अंतिम लक्ष्य बढ़े हुए समय में वहां एक दिन के लिए ठहरना है'. उन्होंने अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्य की योजना बताते हुए कहा कि मंगल पर जाने के लिए सरकार और निजी अन्वेषकों के बीच निरंतर सहयोग की जरूरत होगी और हम अपनी राह के लिए पूरी तरह तैयार हैं. अगले दो वर्ष में निजी कंपनियां पहली बार अंतरिक्षयात्रियों को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केन्द्र पर भेजेंगी. ओबामा ने इसी सप्ताह अमेरिका के प्रमुख वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, अन्वेषकों और छात्रों को पिट्सबर्ग में एक बैठक बुलाई है ताकि प्रगति और आगे की रणनीति पर काम करने के तरीकों पर बात हो सके. पांच साल पहले अमेरिकी कंपनियों को वैश्विक व्यावसायिक प्रक्षेपण बाजार से बाहर कर दिया गया था. आज वे इसमें से एक तिहाई की मालिक हैं. उन्होंने कहा कि करीब सभी 50 राज्यों की एक हजार से अधिक कंपनियां निजी अंतरिक्ष पहलों पर काम कर रही हैं.टिप्पणियां ओबामा ने कहा कि अगला कदम पृथ्वी की कक्षा से बाहर पहुंचना है. मैं यह घोषणा करते हुए उत्साहित हूं कि हम ऐसा नया पर्यावास बनाने के लिए अपने कारोबारी साथियों के साथ काम कर रहे हैं जो अंतरिक्ष की गहराइयों में दीर्घावधि मिशनों पर अंतरिक्षयात्रियों को भेज सकें. ये मिशन हमें सिखाएंगे कि कैसे मानव पृथ्वी से बहुत दूर भी जी सकते हैं, जिसकी हमें मंगल की लंबी यात्रा के लिए जरूरत होगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ओबामा ने सीएनएन से कहा, 'हमने अंतरिक्ष में अमेरिका की कहानी के अगले अध्याय के लिए महत्वपूर्ण स्पष्ट लक्ष्य तय किया है. वर्ष 2030 के दशक तक मंगल ग्रह पर मानव को भेजा जायेगा और उनकी पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी करना, इसका अंतिम लक्ष्य बढ़े हुए समय में वहां एक दिन के लिए ठहरना है'. उन्होंने अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्य की योजना बताते हुए कहा कि मंगल पर जाने के लिए सरकार और निजी अन्वेषकों के बीच निरंतर सहयोग की जरूरत होगी और हम अपनी राह के लिए पूरी तरह तैयार हैं. अगले दो वर्ष में निजी कंपनियां पहली बार अंतरिक्षयात्रियों को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केन्द्र पर भेजेंगी. ओबामा ने इसी सप्ताह अमेरिका के प्रमुख वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, अन्वेषकों और छात्रों को पिट्सबर्ग में एक बैठक बुलाई है ताकि प्रगति और आगे की रणनीति पर काम करने के तरीकों पर बात हो सके. पांच साल पहले अमेरिकी कंपनियों को वैश्विक व्यावसायिक प्रक्षेपण बाजार से बाहर कर दिया गया था. आज वे इसमें से एक तिहाई की मालिक हैं. उन्होंने कहा कि करीब सभी 50 राज्यों की एक हजार से अधिक कंपनियां निजी अंतरिक्ष पहलों पर काम कर रही हैं.टिप्पणियां ओबामा ने कहा कि अगला कदम पृथ्वी की कक्षा से बाहर पहुंचना है. मैं यह घोषणा करते हुए उत्साहित हूं कि हम ऐसा नया पर्यावास बनाने के लिए अपने कारोबारी साथियों के साथ काम कर रहे हैं जो अंतरिक्ष की गहराइयों में दीर्घावधि मिशनों पर अंतरिक्षयात्रियों को भेज सकें. ये मिशन हमें सिखाएंगे कि कैसे मानव पृथ्वी से बहुत दूर भी जी सकते हैं, जिसकी हमें मंगल की लंबी यात्रा के लिए जरूरत होगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ओबामा ने इसी सप्ताह अमेरिका के प्रमुख वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, अन्वेषकों और छात्रों को पिट्सबर्ग में एक बैठक बुलाई है ताकि प्रगति और आगे की रणनीति पर काम करने के तरीकों पर बात हो सके. पांच साल पहले अमेरिकी कंपनियों को वैश्विक व्यावसायिक प्रक्षेपण बाजार से बाहर कर दिया गया था. आज वे इसमें से एक तिहाई की मालिक हैं. उन्होंने कहा कि करीब सभी 50 राज्यों की एक हजार से अधिक कंपनियां निजी अंतरिक्ष पहलों पर काम कर रही हैं.टिप्पणियां ओबामा ने कहा कि अगला कदम पृथ्वी की कक्षा से बाहर पहुंचना है. मैं यह घोषणा करते हुए उत्साहित हूं कि हम ऐसा नया पर्यावास बनाने के लिए अपने कारोबारी साथियों के साथ काम कर रहे हैं जो अंतरिक्ष की गहराइयों में दीर्घावधि मिशनों पर अंतरिक्षयात्रियों को भेज सकें. ये मिशन हमें सिखाएंगे कि कैसे मानव पृथ्वी से बहुत दूर भी जी सकते हैं, जिसकी हमें मंगल की लंबी यात्रा के लिए जरूरत होगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पांच साल पहले अमेरिकी कंपनियों को वैश्विक व्यावसायिक प्रक्षेपण बाजार से बाहर कर दिया गया था. आज वे इसमें से एक तिहाई की मालिक हैं. उन्होंने कहा कि करीब सभी 50 राज्यों की एक हजार से अधिक कंपनियां निजी अंतरिक्ष पहलों पर काम कर रही हैं.टिप्पणियां ओबामा ने कहा कि अगला कदम पृथ्वी की कक्षा से बाहर पहुंचना है. मैं यह घोषणा करते हुए उत्साहित हूं कि हम ऐसा नया पर्यावास बनाने के लिए अपने कारोबारी साथियों के साथ काम कर रहे हैं जो अंतरिक्ष की गहराइयों में दीर्घावधि मिशनों पर अंतरिक्षयात्रियों को भेज सकें. ये मिशन हमें सिखाएंगे कि कैसे मानव पृथ्वी से बहुत दूर भी जी सकते हैं, जिसकी हमें मंगल की लंबी यात्रा के लिए जरूरत होगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि करीब सभी 50 राज्यों की एक हजार से अधिक कंपनियां निजी अंतरिक्ष पहलों पर काम कर रही हैं.टिप्पणियां ओबामा ने कहा कि अगला कदम पृथ्वी की कक्षा से बाहर पहुंचना है. मैं यह घोषणा करते हुए उत्साहित हूं कि हम ऐसा नया पर्यावास बनाने के लिए अपने कारोबारी साथियों के साथ काम कर रहे हैं जो अंतरिक्ष की गहराइयों में दीर्घावधि मिशनों पर अंतरिक्षयात्रियों को भेज सकें. ये मिशन हमें सिखाएंगे कि कैसे मानव पृथ्वी से बहुत दूर भी जी सकते हैं, जिसकी हमें मंगल की लंबी यात्रा के लिए जरूरत होगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ओबामा ने कहा कि अगला कदम पृथ्वी की कक्षा से बाहर पहुंचना है. मैं यह घोषणा करते हुए उत्साहित हूं कि हम ऐसा नया पर्यावास बनाने के लिए अपने कारोबारी साथियों के साथ काम कर रहे हैं जो अंतरिक्ष की गहराइयों में दीर्घावधि मिशनों पर अंतरिक्षयात्रियों को भेज सकें. ये मिशन हमें सिखाएंगे कि कैसे मानव पृथ्वी से बहुत दूर भी जी सकते हैं, जिसकी हमें मंगल की लंबी यात्रा के लिए जरूरत होगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: मंगल पर जाने के लिए सरकार, निजी अन्वेषकों के बीच सहयोग की जरूरत- ओबामा अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने कहा, हम अपनी राह के लिए पूरी तरह तैयार हैं. ओबामा ने कहा कि अगला कदम पृथ्वी की कक्षा से बाहर पहुंचना है.
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: 'जिस्म-2' में अपनी खूबसूरती का जलवा दिखाने के बाद पोर्न स्टार से अभिनेत्री बनीं सन्नी लियोन को पारिवारिक फिल्मों की तलाश है। सन्नी ने कहा है कि उनकी अगली फिल्म कोई पारिवारिक ड्रामा ही होगी। सन्नी ने कहा, 'हां, मुझे पारिवारिक फिल्मों की तलाश है। मैं परिवार पर आधारित फिल्में करना चाहती हूं। अगर सबकुछ ठीक रहा तो मेरी अगली फिल्म इसी तरह की होगी।'टिप्पणियां 'कई निर्देशकों ने इसी तरह की भूमिकाओं के साथ मुझसे सम्पर्क किया है। बातचीत जारी है लेकिन मैं इससे अधिक जानकारी नहीं दे सकती।' 'जिस्म-2' के बाद सन्नी की अगली फिल्म 'रागिनी एमएमएस-2' है, जो वर्ष 2011 में प्रदर्शित फिल्म 'रागिनी एमएमएस' का अगला संस्करण है। ऐसा कहा जा रहा है कि पहले संस्करण की तरह यह फिल्म भी सच्ची घटना पर आधारित है। सन्नी ने कहा, 'हां, मुझे पारिवारिक फिल्मों की तलाश है। मैं परिवार पर आधारित फिल्में करना चाहती हूं। अगर सबकुछ ठीक रहा तो मेरी अगली फिल्म इसी तरह की होगी।'टिप्पणियां 'कई निर्देशकों ने इसी तरह की भूमिकाओं के साथ मुझसे सम्पर्क किया है। बातचीत जारी है लेकिन मैं इससे अधिक जानकारी नहीं दे सकती।' 'जिस्म-2' के बाद सन्नी की अगली फिल्म 'रागिनी एमएमएस-2' है, जो वर्ष 2011 में प्रदर्शित फिल्म 'रागिनी एमएमएस' का अगला संस्करण है। ऐसा कहा जा रहा है कि पहले संस्करण की तरह यह फिल्म भी सच्ची घटना पर आधारित है। 'कई निर्देशकों ने इसी तरह की भूमिकाओं के साथ मुझसे सम्पर्क किया है। बातचीत जारी है लेकिन मैं इससे अधिक जानकारी नहीं दे सकती।' 'जिस्म-2' के बाद सन्नी की अगली फिल्म 'रागिनी एमएमएस-2' है, जो वर्ष 2011 में प्रदर्शित फिल्म 'रागिनी एमएमएस' का अगला संस्करण है। ऐसा कहा जा रहा है कि पहले संस्करण की तरह यह फिल्म भी सच्ची घटना पर आधारित है। 'जिस्म-2' के बाद सन्नी की अगली फिल्म 'रागिनी एमएमएस-2' है, जो वर्ष 2011 में प्रदर्शित फिल्म 'रागिनी एमएमएस' का अगला संस्करण है। ऐसा कहा जा रहा है कि पहले संस्करण की तरह यह फिल्म भी सच्ची घटना पर आधारित है।
'जिस्म-2' में अपनी खूबसूरती का जलवा दिखाने के बाद पोर्न स्टार से अभिनेत्री बनीं सन्नी लियोन को पारिवारिक फिल्मों की तलाश है। सन्नी ने कहा है कि उनकी अगली फिल्म कोई पारिवारिक ड्रामा ही होगी।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कोलकाता नाइट राइडर्स टीम के कप्तान गौतम गंभीर ने बुधवार को कहा कि वह नहीं चाहते कि उनकी टीम के लिए दिल्ली डेयरडेविल्स की ही तरह 'करो या मरो' की स्थिति उत्पन्न हो। गम्भीर ने कहा कि किसी भी मैच को जीतने के लिए टीम के सभी खिलाड़ियों का अच्छा प्रदर्शन जरूरी है। अच्छा खेलने वाली टीम ही जीतती है। गम्भीर के मुताबिक फिलहाल टूर्नामेंट में कोलकाता की स्थिति दिल्ली से बेहतर है। दिल्ली के खिलाफ होने वाले मैच के पहले गंभीर ने कहा, "युसूफ पठान के खराब फार्म को लेकर हम चिंतित नहीं है। ऐसे खिलाड़ी कभी भी मैच का रुख पलट सकते हैं।"टिप्पणियां दिल्ली के मैच के पहले चेन्नई से हार के संबंध में उन्होंने कहा कि चेन्नई के खिलाफ मैच जीतना जरूरी था किन्तु ऐसा नहीं हो सका। गम्भीर बोले, "हमारे लिए प्ले आफ की उम्मीदें बरकरार है। हमें दो जीत की और जरूरत है। टीम का पूरा प्रयास होगा कि दिल्ली के खिलाफ किसी भी स्थिति में जीते क्योंकि वह नहीं चाहते कि कि दिल्ली जैसी करो या मरो की स्थिति आए।" गम्भीर ने कहा कि किसी भी मैच को जीतने के लिए टीम के सभी खिलाड़ियों का अच्छा प्रदर्शन जरूरी है। अच्छा खेलने वाली टीम ही जीतती है। गम्भीर के मुताबिक फिलहाल टूर्नामेंट में कोलकाता की स्थिति दिल्ली से बेहतर है। दिल्ली के खिलाफ होने वाले मैच के पहले गंभीर ने कहा, "युसूफ पठान के खराब फार्म को लेकर हम चिंतित नहीं है। ऐसे खिलाड़ी कभी भी मैच का रुख पलट सकते हैं।"टिप्पणियां दिल्ली के मैच के पहले चेन्नई से हार के संबंध में उन्होंने कहा कि चेन्नई के खिलाफ मैच जीतना जरूरी था किन्तु ऐसा नहीं हो सका। गम्भीर बोले, "हमारे लिए प्ले आफ की उम्मीदें बरकरार है। हमें दो जीत की और जरूरत है। टीम का पूरा प्रयास होगा कि दिल्ली के खिलाफ किसी भी स्थिति में जीते क्योंकि वह नहीं चाहते कि कि दिल्ली जैसी करो या मरो की स्थिति आए।" दिल्ली के खिलाफ होने वाले मैच के पहले गंभीर ने कहा, "युसूफ पठान के खराब फार्म को लेकर हम चिंतित नहीं है। ऐसे खिलाड़ी कभी भी मैच का रुख पलट सकते हैं।"टिप्पणियां दिल्ली के मैच के पहले चेन्नई से हार के संबंध में उन्होंने कहा कि चेन्नई के खिलाफ मैच जीतना जरूरी था किन्तु ऐसा नहीं हो सका। गम्भीर बोले, "हमारे लिए प्ले आफ की उम्मीदें बरकरार है। हमें दो जीत की और जरूरत है। टीम का पूरा प्रयास होगा कि दिल्ली के खिलाफ किसी भी स्थिति में जीते क्योंकि वह नहीं चाहते कि कि दिल्ली जैसी करो या मरो की स्थिति आए।" दिल्ली के मैच के पहले चेन्नई से हार के संबंध में उन्होंने कहा कि चेन्नई के खिलाफ मैच जीतना जरूरी था किन्तु ऐसा नहीं हो सका। गम्भीर बोले, "हमारे लिए प्ले आफ की उम्मीदें बरकरार है। हमें दो जीत की और जरूरत है। टीम का पूरा प्रयास होगा कि दिल्ली के खिलाफ किसी भी स्थिति में जीते क्योंकि वह नहीं चाहते कि कि दिल्ली जैसी करो या मरो की स्थिति आए।" गम्भीर बोले, "हमारे लिए प्ले आफ की उम्मीदें बरकरार है। हमें दो जीत की और जरूरत है। टीम का पूरा प्रयास होगा कि दिल्ली के खिलाफ किसी भी स्थिति में जीते क्योंकि वह नहीं चाहते कि कि दिल्ली जैसी करो या मरो की स्थिति आए।"
संक्षिप्त पाठ: कोलकाता नाइट राइडर्स टीम के कप्तान गौतम गंभीर ने बुधवार को कहा कि वह नहीं चाहते कि उनकी टीम के लिए दिल्ली डेयरडेविल्स की ही तरह 'करो या मरो' की स्थिति उत्पन्न हो।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: फंसे हुए कर्जो की समस्या से परेशान सरकार ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) शीर्ष बकाएदारों की सूची तैयार करने के अंतिम चरण में है, जिनको कर्ज नहीं चुकाने पर दिवालिया घोषित किया जाएगा. केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने सरकारी बैंकों के प्रमुखों के साथ गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (फंसे हुए कर्जे) के मामले की समीक्षा बैठक के बाद कहा कि आरबीआई जल्द ही इस संबंध में बकाएदारों की सूची जारी करेगा, जिन पर दिवालियापन प्रक्रिया (आईबीसी) के तहत कार्रवाई की जाएगी. आरबीआई ने एनपीए से निपटने के लिए एक समिति गठित की है.  उन्होंने कहा कि आईबीसी के तहत 81 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 18 मामले वित्तीय लेनदारों के हैं. इन्हें नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) को भेज दिया गया है. ज्यादा फंसे हुए कर्ज (एनपीए) या तो बैंकों के समूह द्वारा या फिर एकाधिक बैंकिंग व्यवस्था द्वारा दिए गए हैं. इसलिए इन फंसे हुए कर्जों का मामला तेजी से हल करने की जरूरत है.टिप्पणियां बैठक में मौजूद एस. एस. मुद्रा ने कहा कि आरबीआई विभिन्न बैंकों से उनके शीर्ष ऋण डिफाल्टरों की जानकारी ले रही है.  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने सरकारी बैंकों के प्रमुखों के साथ गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (फंसे हुए कर्जे) के मामले की समीक्षा बैठक के बाद कहा कि आरबीआई जल्द ही इस संबंध में बकाएदारों की सूची जारी करेगा, जिन पर दिवालियापन प्रक्रिया (आईबीसी) के तहत कार्रवाई की जाएगी. आरबीआई ने एनपीए से निपटने के लिए एक समिति गठित की है.  उन्होंने कहा कि आईबीसी के तहत 81 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 18 मामले वित्तीय लेनदारों के हैं. इन्हें नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) को भेज दिया गया है. ज्यादा फंसे हुए कर्ज (एनपीए) या तो बैंकों के समूह द्वारा या फिर एकाधिक बैंकिंग व्यवस्था द्वारा दिए गए हैं. इसलिए इन फंसे हुए कर्जों का मामला तेजी से हल करने की जरूरत है.टिप्पणियां बैठक में मौजूद एस. एस. मुद्रा ने कहा कि आरबीआई विभिन्न बैंकों से उनके शीर्ष ऋण डिफाल्टरों की जानकारी ले रही है.  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि आईबीसी के तहत 81 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 18 मामले वित्तीय लेनदारों के हैं. इन्हें नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) को भेज दिया गया है. ज्यादा फंसे हुए कर्ज (एनपीए) या तो बैंकों के समूह द्वारा या फिर एकाधिक बैंकिंग व्यवस्था द्वारा दिए गए हैं. इसलिए इन फंसे हुए कर्जों का मामला तेजी से हल करने की जरूरत है.टिप्पणियां बैठक में मौजूद एस. एस. मुद्रा ने कहा कि आरबीआई विभिन्न बैंकों से उनके शीर्ष ऋण डिफाल्टरों की जानकारी ले रही है.  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बैठक में मौजूद एस. एस. मुद्रा ने कहा कि आरबीआई विभिन्न बैंकों से उनके शीर्ष ऋण डिफाल्टरों की जानकारी ले रही है.  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: आरबीआई जल्द ही बड़े बकाएदारों की सूची जारी करेगा बड़े बकाएदारों पर दिवालियापन प्रक्रिया के तहत होगी कार्रवाई आरबीआई ने एनपीए से निपटने के लिए एक समिति गठित की है
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मुंबई में बिहार शताब्दी उत्सव समारोह से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियां पूरी हो गई हैं। इस समारोह में भाग लेने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार शाम को मुंबई जाएंगे। समारोह की तैयारी में पिछले कई दिनों से लगे विधान पार्षद और समारोह के संयोजक देवेश चंद्र ठाकुर ने बताया कि आयोजन पूरी तरह सांस्कृतिक होगा। समारोह का मुख्य उद्देश्य मुंबई में रहने वाले बिहारियों में बिहारीपन का भाव जगाना तथा उन्हें राज्य की विकास यात्रा में सहभागी बनाने के लिए प्रेरित करना है। ठाकुर ने बताया कि महाराष्ट्र गान और बिहारी गीत के बाद मुख्यमंत्री कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन करेंगे।टिप्पणियां इस समारोह में भोजपुरी कलाकार मनोज तिवारी, प्रसिद्घ गायक उदित नारायण सहित हिन्दी और भोजपुरी सिनेमा के कई कलाकार शामिल होंगे। कार्यक्रम में 18 ऐसे बिहारियों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने मुंबई में रहकर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। कार्यक्रम में सिख, जैन और बौद्घ समुदाय से जुड़े संगठनों और शिक्षक संस्थानों की ओर से मुख्यमंत्री को भी सम्मानित किया जाएगा। ठाकुर ने कहा कि मुंबई स्थित सोमैया मैदान में 15 अप्रैल को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में शानदार पंडाल बनाया गया है, तथा 10 हजार से ज्यादा कुर्सियां लगाई गई हैं। समारोह का मुख्य उद्देश्य मुंबई में रहने वाले बिहारियों में बिहारीपन का भाव जगाना तथा उन्हें राज्य की विकास यात्रा में सहभागी बनाने के लिए प्रेरित करना है। ठाकुर ने बताया कि महाराष्ट्र गान और बिहारी गीत के बाद मुख्यमंत्री कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन करेंगे।टिप्पणियां इस समारोह में भोजपुरी कलाकार मनोज तिवारी, प्रसिद्घ गायक उदित नारायण सहित हिन्दी और भोजपुरी सिनेमा के कई कलाकार शामिल होंगे। कार्यक्रम में 18 ऐसे बिहारियों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने मुंबई में रहकर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। कार्यक्रम में सिख, जैन और बौद्घ समुदाय से जुड़े संगठनों और शिक्षक संस्थानों की ओर से मुख्यमंत्री को भी सम्मानित किया जाएगा। ठाकुर ने कहा कि मुंबई स्थित सोमैया मैदान में 15 अप्रैल को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में शानदार पंडाल बनाया गया है, तथा 10 हजार से ज्यादा कुर्सियां लगाई गई हैं। इस समारोह में भोजपुरी कलाकार मनोज तिवारी, प्रसिद्घ गायक उदित नारायण सहित हिन्दी और भोजपुरी सिनेमा के कई कलाकार शामिल होंगे। कार्यक्रम में 18 ऐसे बिहारियों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने मुंबई में रहकर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। कार्यक्रम में सिख, जैन और बौद्घ समुदाय से जुड़े संगठनों और शिक्षक संस्थानों की ओर से मुख्यमंत्री को भी सम्मानित किया जाएगा। ठाकुर ने कहा कि मुंबई स्थित सोमैया मैदान में 15 अप्रैल को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में शानदार पंडाल बनाया गया है, तथा 10 हजार से ज्यादा कुर्सियां लगाई गई हैं। ठाकुर ने कहा कि मुंबई स्थित सोमैया मैदान में 15 अप्रैल को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में शानदार पंडाल बनाया गया है, तथा 10 हजार से ज्यादा कुर्सियां लगाई गई हैं।
मुंबई में बिहार शताब्दी उत्सव समारोह से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियां पूरी हो गई हैं। इस समारोह में भाग लेने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुंबई जाएंगे।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रख्यात अभिनेता प्राण का शनिवार को उनके परिवार और हिन्दी सिनेमा जगत की कुछ हस्तियों की मौजूदगी में शिवाजी पार्क स्थित विद्युत शवदाह गृह में अंतिम संस्कार कर दिया गया। भारी बारिश व ट्रैफिक के बीच शनिवार सुबह उनका शव दादर पश्चिम स्थित शवदाह गृह ले जाया गया। अंतिम संस्कार स्थल पर भारी सुरक्षा-व्यवस्था थी। दोपहर 12.30 बजे सम्पन्न हुए अंतिम संस्कार में हिंदी फिल्मोद्योग की कुछ चुनिंदा हस्तियां मौजूद थीं। प्राण की अंतिम यात्रा में शामिल होने वाली हस्तियों में अमिताभ बच्चन, गुलजार, करण जौहर, शक्ति कपूर, शत्रुघ्न सिन्हा, अनुपम खेर, डैनी डेनजोंगपा, राज बब्बर और सलीम खान शामिल थे। सुबह फूलों से सजी एम्बुलेंस प्राण के पार्थिव शरीर को लेकर उपनगर बांद्रा में स्थित निजी अस्पताल से शिवाजी पार्क के लिए रवाना हुई। प्राण का शुक्रवार रात नौ बजे के करीब 93-वर्षीय प्राण ने अंतिम सांस ली। हिन्दी सिनेमा में खलनायक और चरित्र अभिनेता के रूप में यादगार भूमिकाएं निभाने वाले प्राण को इसी वर्ष अप्रैल में हिन्दी सिनेमा के सर्वश्रेष्ठ सम्मान दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से नवाजा गया था। वह पिछले एक महीने से लीलावती अस्पताल में भर्ती थे। उनकी पु़त्री पिंकी ने बताया, वह स्वस्थ नहीं रह रहे थे, बहुत कमजोर हो गए थे। उनका स्वास्थ्य लगातार गिर रहा था। प्राण ने 350 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। 'कश्मीर की कली', 'खानदान', 'औरत', 'बड़ी बहन', 'जिस देश में गंगा बहती है', 'हाफ टिकट', 'उपकार', 'पूरब और पश्चिम' और 'डॉन' जैसी फिल्मों में प्राण ने अपनी भूमिका से लोगों के मन पर एक अमिट छाप छोड़ी। 12 फरवरी, 1920 को पुरानी दिल्ली में जन्मे प्राण की शिक्षा कपूरथला, उन्नाव, मेरठ, देहरादून और रामपुर आदि जगहों पर हुई। प्राण के पिता लाला केवल कृष्णन सिकंद सरकार नौकरी में थे। शुरुआती दिनों में प्राण फोटोग्राफर बनना चाहते थे, लेकिन भाग्य ने उनके लिए कुछ और ही तय कर रखा था। एक फिल्म निर्माता के साथ अचानक हुई मुलाकात के बाद उन्हें वर्ष 1940 में पहली फिल्म 'यमला जट' में ब्रेक मिला। वहां से प्राण ने बतौर अभिनेता कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उसके बाद उन्होंने 'चौधरी' (1941), 'खानदान' (1942), 'कैसे कहूं' (1945) और 'बदनामी' (1946) आदि फिल्मों में काम किया। विभाजन के बाद प्राण अपनी पत्नी शुक्ला, पुत्रों अरविन्द और सुनील के साथ मुंबई वापस आ गए, लेकिन उनके लिए यह समय आसान नहीं रहा। उन्हें काम पाने में तमाम मुश्किलें आईं। प्राण ने तो आशा ही छोड़ दी थी, तभी सादत हसन मंटो ने देव आनंद स्टारर 'जिद्दी' (1948) में उन्हें एक रोल दिया, जो उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट सिद्ध हुआ।टिप्पणियां वर्ष 1969 से 1982 तक प्राण हिन्दी सिनेमा में लगभग हर अभिनेता के खिलाफ खलनायक की भूमिका में रहे। 'मधुमति', 'जिस देश में गंगा बहती है', 'राम और श्याम' और 'देवदास' जैसी फिल्मों के लिए प्राण को अभिनेताओं के बराबर धन और सम्मान मिला। विलेन की भूमिका निभाते-निभाते एक ऐसा वक्त आया, जब लोगों ने अपने बच्चों का नाम प्राण रखना छोड़ दिया। लोग उनके नाम से नफरत करने लगे। उसी दौरान 'उपकार' फिल्म में भूमिका निभाकर प्राण हर दिल अजीज बन गए। उनकी इस भूमिका ने लोगों की आंखों में आंसू ला दिए और वे रातों-रात विलेन से चरित्र अभिनेता बन गए। इसके बाद प्राण 'जंजीर' में अमिताभ बच्चन के साथ शेर खान और गुलजार की फिल्म 'परिचय' में एक अनुशासन प्रिय लेकिन नरमदिल वाले दादा की भूमिका में नजर आए। भारी बारिश व ट्रैफिक के बीच शनिवार सुबह उनका शव दादर पश्चिम स्थित शवदाह गृह ले जाया गया। अंतिम संस्कार स्थल पर भारी सुरक्षा-व्यवस्था थी। दोपहर 12.30 बजे सम्पन्न हुए अंतिम संस्कार में हिंदी फिल्मोद्योग की कुछ चुनिंदा हस्तियां मौजूद थीं। प्राण की अंतिम यात्रा में शामिल होने वाली हस्तियों में अमिताभ बच्चन, गुलजार, करण जौहर, शक्ति कपूर, शत्रुघ्न सिन्हा, अनुपम खेर, डैनी डेनजोंगपा, राज बब्बर और सलीम खान शामिल थे। सुबह फूलों से सजी एम्बुलेंस प्राण के पार्थिव शरीर को लेकर उपनगर बांद्रा में स्थित निजी अस्पताल से शिवाजी पार्क के लिए रवाना हुई। प्राण का शुक्रवार रात नौ बजे के करीब 93-वर्षीय प्राण ने अंतिम सांस ली। हिन्दी सिनेमा में खलनायक और चरित्र अभिनेता के रूप में यादगार भूमिकाएं निभाने वाले प्राण को इसी वर्ष अप्रैल में हिन्दी सिनेमा के सर्वश्रेष्ठ सम्मान दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से नवाजा गया था। वह पिछले एक महीने से लीलावती अस्पताल में भर्ती थे। उनकी पु़त्री पिंकी ने बताया, वह स्वस्थ नहीं रह रहे थे, बहुत कमजोर हो गए थे। उनका स्वास्थ्य लगातार गिर रहा था। प्राण ने 350 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। 'कश्मीर की कली', 'खानदान', 'औरत', 'बड़ी बहन', 'जिस देश में गंगा बहती है', 'हाफ टिकट', 'उपकार', 'पूरब और पश्चिम' और 'डॉन' जैसी फिल्मों में प्राण ने अपनी भूमिका से लोगों के मन पर एक अमिट छाप छोड़ी। 12 फरवरी, 1920 को पुरानी दिल्ली में जन्मे प्राण की शिक्षा कपूरथला, उन्नाव, मेरठ, देहरादून और रामपुर आदि जगहों पर हुई। प्राण के पिता लाला केवल कृष्णन सिकंद सरकार नौकरी में थे। शुरुआती दिनों में प्राण फोटोग्राफर बनना चाहते थे, लेकिन भाग्य ने उनके लिए कुछ और ही तय कर रखा था। एक फिल्म निर्माता के साथ अचानक हुई मुलाकात के बाद उन्हें वर्ष 1940 में पहली फिल्म 'यमला जट' में ब्रेक मिला। वहां से प्राण ने बतौर अभिनेता कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उसके बाद उन्होंने 'चौधरी' (1941), 'खानदान' (1942), 'कैसे कहूं' (1945) और 'बदनामी' (1946) आदि फिल्मों में काम किया। विभाजन के बाद प्राण अपनी पत्नी शुक्ला, पुत्रों अरविन्द और सुनील के साथ मुंबई वापस आ गए, लेकिन उनके लिए यह समय आसान नहीं रहा। उन्हें काम पाने में तमाम मुश्किलें आईं। प्राण ने तो आशा ही छोड़ दी थी, तभी सादत हसन मंटो ने देव आनंद स्टारर 'जिद्दी' (1948) में उन्हें एक रोल दिया, जो उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट सिद्ध हुआ।टिप्पणियां वर्ष 1969 से 1982 तक प्राण हिन्दी सिनेमा में लगभग हर अभिनेता के खिलाफ खलनायक की भूमिका में रहे। 'मधुमति', 'जिस देश में गंगा बहती है', 'राम और श्याम' और 'देवदास' जैसी फिल्मों के लिए प्राण को अभिनेताओं के बराबर धन और सम्मान मिला। विलेन की भूमिका निभाते-निभाते एक ऐसा वक्त आया, जब लोगों ने अपने बच्चों का नाम प्राण रखना छोड़ दिया। लोग उनके नाम से नफरत करने लगे। उसी दौरान 'उपकार' फिल्म में भूमिका निभाकर प्राण हर दिल अजीज बन गए। उनकी इस भूमिका ने लोगों की आंखों में आंसू ला दिए और वे रातों-रात विलेन से चरित्र अभिनेता बन गए। इसके बाद प्राण 'जंजीर' में अमिताभ बच्चन के साथ शेर खान और गुलजार की फिल्म 'परिचय' में एक अनुशासन प्रिय लेकिन नरमदिल वाले दादा की भूमिका में नजर आए। प्राण का शुक्रवार रात नौ बजे के करीब 93-वर्षीय प्राण ने अंतिम सांस ली। हिन्दी सिनेमा में खलनायक और चरित्र अभिनेता के रूप में यादगार भूमिकाएं निभाने वाले प्राण को इसी वर्ष अप्रैल में हिन्दी सिनेमा के सर्वश्रेष्ठ सम्मान दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से नवाजा गया था। वह पिछले एक महीने से लीलावती अस्पताल में भर्ती थे। उनकी पु़त्री पिंकी ने बताया, वह स्वस्थ नहीं रह रहे थे, बहुत कमजोर हो गए थे। उनका स्वास्थ्य लगातार गिर रहा था। प्राण ने 350 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। 'कश्मीर की कली', 'खानदान', 'औरत', 'बड़ी बहन', 'जिस देश में गंगा बहती है', 'हाफ टिकट', 'उपकार', 'पूरब और पश्चिम' और 'डॉन' जैसी फिल्मों में प्राण ने अपनी भूमिका से लोगों के मन पर एक अमिट छाप छोड़ी। 12 फरवरी, 1920 को पुरानी दिल्ली में जन्मे प्राण की शिक्षा कपूरथला, उन्नाव, मेरठ, देहरादून और रामपुर आदि जगहों पर हुई। प्राण के पिता लाला केवल कृष्णन सिकंद सरकार नौकरी में थे। शुरुआती दिनों में प्राण फोटोग्राफर बनना चाहते थे, लेकिन भाग्य ने उनके लिए कुछ और ही तय कर रखा था। एक फिल्म निर्माता के साथ अचानक हुई मुलाकात के बाद उन्हें वर्ष 1940 में पहली फिल्म 'यमला जट' में ब्रेक मिला। वहां से प्राण ने बतौर अभिनेता कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उसके बाद उन्होंने 'चौधरी' (1941), 'खानदान' (1942), 'कैसे कहूं' (1945) और 'बदनामी' (1946) आदि फिल्मों में काम किया। विभाजन के बाद प्राण अपनी पत्नी शुक्ला, पुत्रों अरविन्द और सुनील के साथ मुंबई वापस आ गए, लेकिन उनके लिए यह समय आसान नहीं रहा। उन्हें काम पाने में तमाम मुश्किलें आईं। प्राण ने तो आशा ही छोड़ दी थी, तभी सादत हसन मंटो ने देव आनंद स्टारर 'जिद्दी' (1948) में उन्हें एक रोल दिया, जो उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट सिद्ध हुआ।टिप्पणियां वर्ष 1969 से 1982 तक प्राण हिन्दी सिनेमा में लगभग हर अभिनेता के खिलाफ खलनायक की भूमिका में रहे। 'मधुमति', 'जिस देश में गंगा बहती है', 'राम और श्याम' और 'देवदास' जैसी फिल्मों के लिए प्राण को अभिनेताओं के बराबर धन और सम्मान मिला। विलेन की भूमिका निभाते-निभाते एक ऐसा वक्त आया, जब लोगों ने अपने बच्चों का नाम प्राण रखना छोड़ दिया। लोग उनके नाम से नफरत करने लगे। उसी दौरान 'उपकार' फिल्म में भूमिका निभाकर प्राण हर दिल अजीज बन गए। उनकी इस भूमिका ने लोगों की आंखों में आंसू ला दिए और वे रातों-रात विलेन से चरित्र अभिनेता बन गए। इसके बाद प्राण 'जंजीर' में अमिताभ बच्चन के साथ शेर खान और गुलजार की फिल्म 'परिचय' में एक अनुशासन प्रिय लेकिन नरमदिल वाले दादा की भूमिका में नजर आए। प्राण ने 350 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। 'कश्मीर की कली', 'खानदान', 'औरत', 'बड़ी बहन', 'जिस देश में गंगा बहती है', 'हाफ टिकट', 'उपकार', 'पूरब और पश्चिम' और 'डॉन' जैसी फिल्मों में प्राण ने अपनी भूमिका से लोगों के मन पर एक अमिट छाप छोड़ी। 12 फरवरी, 1920 को पुरानी दिल्ली में जन्मे प्राण की शिक्षा कपूरथला, उन्नाव, मेरठ, देहरादून और रामपुर आदि जगहों पर हुई। प्राण के पिता लाला केवल कृष्णन सिकंद सरकार नौकरी में थे। शुरुआती दिनों में प्राण फोटोग्राफर बनना चाहते थे, लेकिन भाग्य ने उनके लिए कुछ और ही तय कर रखा था। एक फिल्म निर्माता के साथ अचानक हुई मुलाकात के बाद उन्हें वर्ष 1940 में पहली फिल्म 'यमला जट' में ब्रेक मिला। वहां से प्राण ने बतौर अभिनेता कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उसके बाद उन्होंने 'चौधरी' (1941), 'खानदान' (1942), 'कैसे कहूं' (1945) और 'बदनामी' (1946) आदि फिल्मों में काम किया। विभाजन के बाद प्राण अपनी पत्नी शुक्ला, पुत्रों अरविन्द और सुनील के साथ मुंबई वापस आ गए, लेकिन उनके लिए यह समय आसान नहीं रहा। उन्हें काम पाने में तमाम मुश्किलें आईं। प्राण ने तो आशा ही छोड़ दी थी, तभी सादत हसन मंटो ने देव आनंद स्टारर 'जिद्दी' (1948) में उन्हें एक रोल दिया, जो उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट सिद्ध हुआ।टिप्पणियां वर्ष 1969 से 1982 तक प्राण हिन्दी सिनेमा में लगभग हर अभिनेता के खिलाफ खलनायक की भूमिका में रहे। 'मधुमति', 'जिस देश में गंगा बहती है', 'राम और श्याम' और 'देवदास' जैसी फिल्मों के लिए प्राण को अभिनेताओं के बराबर धन और सम्मान मिला। विलेन की भूमिका निभाते-निभाते एक ऐसा वक्त आया, जब लोगों ने अपने बच्चों का नाम प्राण रखना छोड़ दिया। लोग उनके नाम से नफरत करने लगे। उसी दौरान 'उपकार' फिल्म में भूमिका निभाकर प्राण हर दिल अजीज बन गए। उनकी इस भूमिका ने लोगों की आंखों में आंसू ला दिए और वे रातों-रात विलेन से चरित्र अभिनेता बन गए। इसके बाद प्राण 'जंजीर' में अमिताभ बच्चन के साथ शेर खान और गुलजार की फिल्म 'परिचय' में एक अनुशासन प्रिय लेकिन नरमदिल वाले दादा की भूमिका में नजर आए। प्राण के पिता लाला केवल कृष्णन सिकंद सरकार नौकरी में थे। शुरुआती दिनों में प्राण फोटोग्राफर बनना चाहते थे, लेकिन भाग्य ने उनके लिए कुछ और ही तय कर रखा था। एक फिल्म निर्माता के साथ अचानक हुई मुलाकात के बाद उन्हें वर्ष 1940 में पहली फिल्म 'यमला जट' में ब्रेक मिला। वहां से प्राण ने बतौर अभिनेता कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उसके बाद उन्होंने 'चौधरी' (1941), 'खानदान' (1942), 'कैसे कहूं' (1945) और 'बदनामी' (1946) आदि फिल्मों में काम किया। विभाजन के बाद प्राण अपनी पत्नी शुक्ला, पुत्रों अरविन्द और सुनील के साथ मुंबई वापस आ गए, लेकिन उनके लिए यह समय आसान नहीं रहा। उन्हें काम पाने में तमाम मुश्किलें आईं। प्राण ने तो आशा ही छोड़ दी थी, तभी सादत हसन मंटो ने देव आनंद स्टारर 'जिद्दी' (1948) में उन्हें एक रोल दिया, जो उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट सिद्ध हुआ।टिप्पणियां वर्ष 1969 से 1982 तक प्राण हिन्दी सिनेमा में लगभग हर अभिनेता के खिलाफ खलनायक की भूमिका में रहे। 'मधुमति', 'जिस देश में गंगा बहती है', 'राम और श्याम' और 'देवदास' जैसी फिल्मों के लिए प्राण को अभिनेताओं के बराबर धन और सम्मान मिला। विलेन की भूमिका निभाते-निभाते एक ऐसा वक्त आया, जब लोगों ने अपने बच्चों का नाम प्राण रखना छोड़ दिया। लोग उनके नाम से नफरत करने लगे। उसी दौरान 'उपकार' फिल्म में भूमिका निभाकर प्राण हर दिल अजीज बन गए। उनकी इस भूमिका ने लोगों की आंखों में आंसू ला दिए और वे रातों-रात विलेन से चरित्र अभिनेता बन गए। इसके बाद प्राण 'जंजीर' में अमिताभ बच्चन के साथ शेर खान और गुलजार की फिल्म 'परिचय' में एक अनुशासन प्रिय लेकिन नरमदिल वाले दादा की भूमिका में नजर आए। विभाजन के बाद प्राण अपनी पत्नी शुक्ला, पुत्रों अरविन्द और सुनील के साथ मुंबई वापस आ गए, लेकिन उनके लिए यह समय आसान नहीं रहा। उन्हें काम पाने में तमाम मुश्किलें आईं। प्राण ने तो आशा ही छोड़ दी थी, तभी सादत हसन मंटो ने देव आनंद स्टारर 'जिद्दी' (1948) में उन्हें एक रोल दिया, जो उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट सिद्ध हुआ।टिप्पणियां वर्ष 1969 से 1982 तक प्राण हिन्दी सिनेमा में लगभग हर अभिनेता के खिलाफ खलनायक की भूमिका में रहे। 'मधुमति', 'जिस देश में गंगा बहती है', 'राम और श्याम' और 'देवदास' जैसी फिल्मों के लिए प्राण को अभिनेताओं के बराबर धन और सम्मान मिला। विलेन की भूमिका निभाते-निभाते एक ऐसा वक्त आया, जब लोगों ने अपने बच्चों का नाम प्राण रखना छोड़ दिया। लोग उनके नाम से नफरत करने लगे। उसी दौरान 'उपकार' फिल्म में भूमिका निभाकर प्राण हर दिल अजीज बन गए। उनकी इस भूमिका ने लोगों की आंखों में आंसू ला दिए और वे रातों-रात विलेन से चरित्र अभिनेता बन गए। इसके बाद प्राण 'जंजीर' में अमिताभ बच्चन के साथ शेर खान और गुलजार की फिल्म 'परिचय' में एक अनुशासन प्रिय लेकिन नरमदिल वाले दादा की भूमिका में नजर आए। वर्ष 1969 से 1982 तक प्राण हिन्दी सिनेमा में लगभग हर अभिनेता के खिलाफ खलनायक की भूमिका में रहे। 'मधुमति', 'जिस देश में गंगा बहती है', 'राम और श्याम' और 'देवदास' जैसी फिल्मों के लिए प्राण को अभिनेताओं के बराबर धन और सम्मान मिला। विलेन की भूमिका निभाते-निभाते एक ऐसा वक्त आया, जब लोगों ने अपने बच्चों का नाम प्राण रखना छोड़ दिया। लोग उनके नाम से नफरत करने लगे। उसी दौरान 'उपकार' फिल्म में भूमिका निभाकर प्राण हर दिल अजीज बन गए। उनकी इस भूमिका ने लोगों की आंखों में आंसू ला दिए और वे रातों-रात विलेन से चरित्र अभिनेता बन गए। इसके बाद प्राण 'जंजीर' में अमिताभ बच्चन के साथ शेर खान और गुलजार की फिल्म 'परिचय' में एक अनुशासन प्रिय लेकिन नरमदिल वाले दादा की भूमिका में नजर आए। विलेन की भूमिका निभाते-निभाते एक ऐसा वक्त आया, जब लोगों ने अपने बच्चों का नाम प्राण रखना छोड़ दिया। लोग उनके नाम से नफरत करने लगे। उसी दौरान 'उपकार' फिल्म में भूमिका निभाकर प्राण हर दिल अजीज बन गए। उनकी इस भूमिका ने लोगों की आंखों में आंसू ला दिए और वे रातों-रात विलेन से चरित्र अभिनेता बन गए। इसके बाद प्राण 'जंजीर' में अमिताभ बच्चन के साथ शेर खान और गुलजार की फिल्म 'परिचय' में एक अनुशासन प्रिय लेकिन नरमदिल वाले दादा की भूमिका में नजर आए।
प्राण का शनिवार को उनके परिवार और हिन्दी सिनेमा जगत की हस्तियों की मौजूदगी में शिवाजी पार्क स्थित विद्युत शवदाह गृह में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी शेन वॉटसन का कहना है कि चेन्नई टेस्ट के दौरान वह गेंदबाजी करना चाहते थे, लेकिन फिटनेस को लेकर उनकी यह इच्छा मन में ही रह गई। वॉटसन ने चार मैचों की इस सीरीज के दौरान गेंदबाजी करने की अपनी सम्भावनाओं के बारे में बातचीत के दौरान कहा कि अपनी फिटनेस और फोर्म को लेकर उन्हें अपनी पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार ही चलना होगा। बीते कुछ वर्षों में टेस्ट मैचों में वॉटसन काफी बार साझेदारी तोड़ने में सफल रहे हैं, लेकिन निराशा की बात यह है कि वह थोड़े-थोड़े दिनों में चोटिल होते रहे। उन्हें आखिरी चोट बाएं पैर की पिंडली में लगी थी, जिसकी वजह से उन्हें जनवरी में श्रीलंका के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच और एक-दिवसीय सीरीज में मैदान से बाहर बैठना पड़ा था। इसी बात ने उन्हें भारत दौरे पर गेंदबाजी से दूर रहने और बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया। जिस वक्त भारतीय बल्लेबाज साझेदारी कर रहे थे, तो वॉटसन के मन में बार-बार गेंदबाजी करने का विचार कुलबुला रहा था। वॉटसन ने कहा कि इस अनुभव ने इस बात की पुष्टि कर दी कि गेंदबाजी को त्यागना स्थायी कदम नहीं हो सकता।टिप्पणियां उन्होंने कहा, "वह ऐसा समय था, जिसने इस बात की पुष्टि कर दी कि मैं गेंदबाजी करना चाहता हूं। अगर उस वक्त मैंने इस दौरे पर गेंदबाजी नहीं करने का फैसला नहीं लिया होता, तो मैच के दौरान महत्वपूर्ण समय पर मैं अपनी टीम के लिए कुछ कर सकता था। पिछले महीने से जब से मैंने वापसी की है, तब से यह पहला मौका था, जब मुझे गेंदबाजी करने की इच्छा हो रही थी।" वॉटसन के 39 टेस्ट मैचों में 62 और 157 एकदिवसीय मैचों में 155 विकेट हासिल किए हैं। वॉटसन ने चार मैचों की इस सीरीज के दौरान गेंदबाजी करने की अपनी सम्भावनाओं के बारे में बातचीत के दौरान कहा कि अपनी फिटनेस और फोर्म को लेकर उन्हें अपनी पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार ही चलना होगा। बीते कुछ वर्षों में टेस्ट मैचों में वॉटसन काफी बार साझेदारी तोड़ने में सफल रहे हैं, लेकिन निराशा की बात यह है कि वह थोड़े-थोड़े दिनों में चोटिल होते रहे। उन्हें आखिरी चोट बाएं पैर की पिंडली में लगी थी, जिसकी वजह से उन्हें जनवरी में श्रीलंका के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच और एक-दिवसीय सीरीज में मैदान से बाहर बैठना पड़ा था। इसी बात ने उन्हें भारत दौरे पर गेंदबाजी से दूर रहने और बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया। जिस वक्त भारतीय बल्लेबाज साझेदारी कर रहे थे, तो वॉटसन के मन में बार-बार गेंदबाजी करने का विचार कुलबुला रहा था। वॉटसन ने कहा कि इस अनुभव ने इस बात की पुष्टि कर दी कि गेंदबाजी को त्यागना स्थायी कदम नहीं हो सकता।टिप्पणियां उन्होंने कहा, "वह ऐसा समय था, जिसने इस बात की पुष्टि कर दी कि मैं गेंदबाजी करना चाहता हूं। अगर उस वक्त मैंने इस दौरे पर गेंदबाजी नहीं करने का फैसला नहीं लिया होता, तो मैच के दौरान महत्वपूर्ण समय पर मैं अपनी टीम के लिए कुछ कर सकता था। पिछले महीने से जब से मैंने वापसी की है, तब से यह पहला मौका था, जब मुझे गेंदबाजी करने की इच्छा हो रही थी।" वॉटसन के 39 टेस्ट मैचों में 62 और 157 एकदिवसीय मैचों में 155 विकेट हासिल किए हैं। बीते कुछ वर्षों में टेस्ट मैचों में वॉटसन काफी बार साझेदारी तोड़ने में सफल रहे हैं, लेकिन निराशा की बात यह है कि वह थोड़े-थोड़े दिनों में चोटिल होते रहे। उन्हें आखिरी चोट बाएं पैर की पिंडली में लगी थी, जिसकी वजह से उन्हें जनवरी में श्रीलंका के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच और एक-दिवसीय सीरीज में मैदान से बाहर बैठना पड़ा था। इसी बात ने उन्हें भारत दौरे पर गेंदबाजी से दूर रहने और बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया। जिस वक्त भारतीय बल्लेबाज साझेदारी कर रहे थे, तो वॉटसन के मन में बार-बार गेंदबाजी करने का विचार कुलबुला रहा था। वॉटसन ने कहा कि इस अनुभव ने इस बात की पुष्टि कर दी कि गेंदबाजी को त्यागना स्थायी कदम नहीं हो सकता।टिप्पणियां उन्होंने कहा, "वह ऐसा समय था, जिसने इस बात की पुष्टि कर दी कि मैं गेंदबाजी करना चाहता हूं। अगर उस वक्त मैंने इस दौरे पर गेंदबाजी नहीं करने का फैसला नहीं लिया होता, तो मैच के दौरान महत्वपूर्ण समय पर मैं अपनी टीम के लिए कुछ कर सकता था। पिछले महीने से जब से मैंने वापसी की है, तब से यह पहला मौका था, जब मुझे गेंदबाजी करने की इच्छा हो रही थी।" वॉटसन के 39 टेस्ट मैचों में 62 और 157 एकदिवसीय मैचों में 155 विकेट हासिल किए हैं। इसी बात ने उन्हें भारत दौरे पर गेंदबाजी से दूर रहने और बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया। जिस वक्त भारतीय बल्लेबाज साझेदारी कर रहे थे, तो वॉटसन के मन में बार-बार गेंदबाजी करने का विचार कुलबुला रहा था। वॉटसन ने कहा कि इस अनुभव ने इस बात की पुष्टि कर दी कि गेंदबाजी को त्यागना स्थायी कदम नहीं हो सकता।टिप्पणियां उन्होंने कहा, "वह ऐसा समय था, जिसने इस बात की पुष्टि कर दी कि मैं गेंदबाजी करना चाहता हूं। अगर उस वक्त मैंने इस दौरे पर गेंदबाजी नहीं करने का फैसला नहीं लिया होता, तो मैच के दौरान महत्वपूर्ण समय पर मैं अपनी टीम के लिए कुछ कर सकता था। पिछले महीने से जब से मैंने वापसी की है, तब से यह पहला मौका था, जब मुझे गेंदबाजी करने की इच्छा हो रही थी।" वॉटसन के 39 टेस्ट मैचों में 62 और 157 एकदिवसीय मैचों में 155 विकेट हासिल किए हैं। वॉटसन ने कहा कि इस अनुभव ने इस बात की पुष्टि कर दी कि गेंदबाजी को त्यागना स्थायी कदम नहीं हो सकता।टिप्पणियां उन्होंने कहा, "वह ऐसा समय था, जिसने इस बात की पुष्टि कर दी कि मैं गेंदबाजी करना चाहता हूं। अगर उस वक्त मैंने इस दौरे पर गेंदबाजी नहीं करने का फैसला नहीं लिया होता, तो मैच के दौरान महत्वपूर्ण समय पर मैं अपनी टीम के लिए कुछ कर सकता था। पिछले महीने से जब से मैंने वापसी की है, तब से यह पहला मौका था, जब मुझे गेंदबाजी करने की इच्छा हो रही थी।" वॉटसन के 39 टेस्ट मैचों में 62 और 157 एकदिवसीय मैचों में 155 विकेट हासिल किए हैं। उन्होंने कहा, "वह ऐसा समय था, जिसने इस बात की पुष्टि कर दी कि मैं गेंदबाजी करना चाहता हूं। अगर उस वक्त मैंने इस दौरे पर गेंदबाजी नहीं करने का फैसला नहीं लिया होता, तो मैच के दौरान महत्वपूर्ण समय पर मैं अपनी टीम के लिए कुछ कर सकता था। पिछले महीने से जब से मैंने वापसी की है, तब से यह पहला मौका था, जब मुझे गेंदबाजी करने की इच्छा हो रही थी।" वॉटसन के 39 टेस्ट मैचों में 62 और 157 एकदिवसीय मैचों में 155 विकेट हासिल किए हैं। वॉटसन के 39 टेस्ट मैचों में 62 और 157 एकदिवसीय मैचों में 155 विकेट हासिल किए हैं।
संक्षिप्त पाठ: ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी शेन वॉटसन का कहना है कि चेन्नई टेस्ट के दौरान वह गेंदबाजी करना चाहते थे, लेकिन फिटनेस को लेकर उनकी यह इच्छा मन में ही रह गई।
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा अपने दूसरे कार्यकाल में भी अमेरिकी विदेश नीति के पुर्नसतुलन में भारत, चीन और ब्राजील जैसी उभर रही शक्तियों के साथ सम्बंधों को प्राथमिकता देंगे। ओबामा के प्रेस सचिव जे कार्ने ने राष्ट्रपति के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार टॉम डोनिलॉन के हवाले से सोमवार को संवाददाताओं को ओबामा के उस दृष्टिकोण के बारे में बताया, जिसे उन्होंने जनवरी 2009 में पद संभालने के बाद अपनाया था। कार्ने ने कहा यह किसी दूसरे कार्यकाल से सम्बंधित नहीं है। कार्ने ने कहा, "विदेश नीति में अमेरिकी प्राथमिकताओं के पुनर्संतुलन के लिए ओबामा ने भारत, चीन व ब्राजील जैसे देशों के अभ्युदय को इस तरीके से संज्ञान में लिया, जिस रणनीतिक रूप से हम दुनिया को देखते हैं, न कि एक या दो क्षेत्रों को।" कार्ने ने कहा, "अधिक व्यापक तौर पर मैं यह भी सोचता हूं कि उन्होंने दुनिया में अमेरिका के नेतृत्व को फिर से स्थापित करने का निश्चय किया है और वह महसूस करते हैं कि इस सम्बंध में काफी प्रगति की जा चुकी है।" अपने दो वर्ष से अधिक के कार्यकाल के दौरान ओबामा ने तमाम चुनौतियों से निपटने के लिए कई सारे कदम उठाए हैं। सैद्धांतिक रूप से आर्थिक चुनौती के लिए, लेकिन हमारी विदेश नीति के पुर्नसतुलन और दुनिया में अमेरिका के नेतृत्व की फिर से स्थापना के लिए भी। कार्ने ने कहा, "और इस तरह तमाम सारे काम करने हैं, और सबसे महत्वपूर्ण है आर्थिक वृद्धि, रोजगार सृजन व हमारे देश के उन क्षेत्रों में लगातार निवेश, जो हमें 21 सदी में प्रतिस्पर्धा करने में और भविष्य को अपनी मुट्ठी में करने में मदद करेंगे। यही उनका सिद्धांत है, शीर्ष प्राथमिकता है।" व्हाइट हाउस के प्रवक्ता से ओबामा के दूसरे कार्यकाल की प्राथमिकताओं के बारे में तब पूछा गया है, जब राष्ट्रपति ने बराकओबामा डॉट कॉम पर एक छोटे-से वीडियो के साथ अपने पुनर्निर्वाचन की मुहिम शुरू की है। ओबामा ने नवम्बर 2012 के चुनाव के लिए सोमवार को संघीय निर्वाचन आयोग में आधिकारिक रूप से नामांकन दाखिल करने से पहले अपने समर्थकों को एक ई-मेल भी भेजा है। ओबामा ने अपने ई-मेल संदेश में कहा है, "हम इस बात को हमेशा से जानते हैं कि स्थायी बदलाव तत्काल या आसानी से नहीं आएगा। ऐसा कभी नहीं होता। लेकिन जिस तरह से मेरा प्रशासन और देश की जनता हमारे द्वारा की गई प्रगति के संरक्षण के लिए संघर्ष करती है, उस लिहाज से हमें 2012 के लिए अभी से तैयारी शुरू कर देने की आवश्यकता है।"
सारांश: ओबामा अपने दूसरे कार्यकाल में भी विदेश नीति के पुनर्संतुलन में भारत, चीन और ब्राजील जैसी उभर रही शक्तियों के साथ सम्बंधों को प्राथमिकता देंगे।
7
['hin']
एक सारांश बनाओ: लिएंडर पेस और रूस की उनकी जोड़ीदार एलेना वेसनिना ने बुधवार को लंदन में सीधे सेटों में जीत दर्ज करके विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट के मिश्रित युगल के तीसरे दौर में जगह बनाई। पेस और वेसनिना की चौथी वरीयता प्राप्त जोड़ी ने ऑस्ट्रेलिया के एशले फिशर और जर्मनी की मोना बाथ्रेल की गैरवरीय जोड़ी को 6-3, 6-3 से हराया। भारतीय और रूसी खिलाड़ी की जोड़ी का अगला मुकाबला बेलारूस के मैक्स मिर्नयी और विक्टोरिया अजारेंका की जोड़ी से होगा। उन्होंने फाब्लो फोगनिनी और सारा इरानी की इतालवी जोड़ी को 6-3, 6-2 से पराजित किया। पेस और वेसनिना शुरू से ही अपनी प्रतिद्वंद्वी पर हावी गये। पहले सेट में उन्हें छह बार ब्रेक प्वाइंट का मौका मिला जिसमें से तीन बार उन्हें सफलता भी मिली।टिप्पणियां इस बीच हालांकि उन्होंने एक बार अपनी सर्विस भी गंवायी और केवल 29 मिनट में पहला सेट अपने नाम किया। दूसरे सेट में पेस-वेसनिना ने एक बार अपनी प्रतिद्वंद्वी टीम की सर्विस तोड़ी। पेस पुरुष युगल में कल बाहर हो गये थे जबकि ओलिंपिक में जोड़ी बनाने के लिये जिद पर अड़े रहने वाले महेश भूपति और रोहन बोपन्ना की भी युगल से छुट्टी हो गयी है। भूपति और सानिया मिर्जा मिश्रित युगल में भी हार गये हैं लेकिन बोपन्ना और चीन की झी झेंग की दसवीं वरीय जोड़ी वाकओवर मिलने के कारण तीसरे दौर में पहुंच चुकी है। बोपन्ना और झेंग का मुकाबला डेनियला ब्रासेली और राबर्टा विन्सी की छठी वरीयता प्राप्त इतालवी जोड़ी से होगा। पेस और वेसनिना की चौथी वरीयता प्राप्त जोड़ी ने ऑस्ट्रेलिया के एशले फिशर और जर्मनी की मोना बाथ्रेल की गैरवरीय जोड़ी को 6-3, 6-3 से हराया। भारतीय और रूसी खिलाड़ी की जोड़ी का अगला मुकाबला बेलारूस के मैक्स मिर्नयी और विक्टोरिया अजारेंका की जोड़ी से होगा। उन्होंने फाब्लो फोगनिनी और सारा इरानी की इतालवी जोड़ी को 6-3, 6-2 से पराजित किया। पेस और वेसनिना शुरू से ही अपनी प्रतिद्वंद्वी पर हावी गये। पहले सेट में उन्हें छह बार ब्रेक प्वाइंट का मौका मिला जिसमें से तीन बार उन्हें सफलता भी मिली।टिप्पणियां इस बीच हालांकि उन्होंने एक बार अपनी सर्विस भी गंवायी और केवल 29 मिनट में पहला सेट अपने नाम किया। दूसरे सेट में पेस-वेसनिना ने एक बार अपनी प्रतिद्वंद्वी टीम की सर्विस तोड़ी। पेस पुरुष युगल में कल बाहर हो गये थे जबकि ओलिंपिक में जोड़ी बनाने के लिये जिद पर अड़े रहने वाले महेश भूपति और रोहन बोपन्ना की भी युगल से छुट्टी हो गयी है। भूपति और सानिया मिर्जा मिश्रित युगल में भी हार गये हैं लेकिन बोपन्ना और चीन की झी झेंग की दसवीं वरीय जोड़ी वाकओवर मिलने के कारण तीसरे दौर में पहुंच चुकी है। बोपन्ना और झेंग का मुकाबला डेनियला ब्रासेली और राबर्टा विन्सी की छठी वरीयता प्राप्त इतालवी जोड़ी से होगा। उन्होंने फाब्लो फोगनिनी और सारा इरानी की इतालवी जोड़ी को 6-3, 6-2 से पराजित किया। पेस और वेसनिना शुरू से ही अपनी प्रतिद्वंद्वी पर हावी गये। पहले सेट में उन्हें छह बार ब्रेक प्वाइंट का मौका मिला जिसमें से तीन बार उन्हें सफलता भी मिली।टिप्पणियां इस बीच हालांकि उन्होंने एक बार अपनी सर्विस भी गंवायी और केवल 29 मिनट में पहला सेट अपने नाम किया। दूसरे सेट में पेस-वेसनिना ने एक बार अपनी प्रतिद्वंद्वी टीम की सर्विस तोड़ी। पेस पुरुष युगल में कल बाहर हो गये थे जबकि ओलिंपिक में जोड़ी बनाने के लिये जिद पर अड़े रहने वाले महेश भूपति और रोहन बोपन्ना की भी युगल से छुट्टी हो गयी है। भूपति और सानिया मिर्जा मिश्रित युगल में भी हार गये हैं लेकिन बोपन्ना और चीन की झी झेंग की दसवीं वरीय जोड़ी वाकओवर मिलने के कारण तीसरे दौर में पहुंच चुकी है। बोपन्ना और झेंग का मुकाबला डेनियला ब्रासेली और राबर्टा विन्सी की छठी वरीयता प्राप्त इतालवी जोड़ी से होगा। इस बीच हालांकि उन्होंने एक बार अपनी सर्विस भी गंवायी और केवल 29 मिनट में पहला सेट अपने नाम किया। दूसरे सेट में पेस-वेसनिना ने एक बार अपनी प्रतिद्वंद्वी टीम की सर्विस तोड़ी। पेस पुरुष युगल में कल बाहर हो गये थे जबकि ओलिंपिक में जोड़ी बनाने के लिये जिद पर अड़े रहने वाले महेश भूपति और रोहन बोपन्ना की भी युगल से छुट्टी हो गयी है। भूपति और सानिया मिर्जा मिश्रित युगल में भी हार गये हैं लेकिन बोपन्ना और चीन की झी झेंग की दसवीं वरीय जोड़ी वाकओवर मिलने के कारण तीसरे दौर में पहुंच चुकी है। बोपन्ना और झेंग का मुकाबला डेनियला ब्रासेली और राबर्टा विन्सी की छठी वरीयता प्राप्त इतालवी जोड़ी से होगा। भूपति और सानिया मिर्जा मिश्रित युगल में भी हार गये हैं लेकिन बोपन्ना और चीन की झी झेंग की दसवीं वरीय जोड़ी वाकओवर मिलने के कारण तीसरे दौर में पहुंच चुकी है। बोपन्ना और झेंग का मुकाबला डेनियला ब्रासेली और राबर्टा विन्सी की छठी वरीयता प्राप्त इतालवी जोड़ी से होगा।
संक्षिप्त सारांश: लिएंडर पेस और रूस की उनकी जोड़ीदार एलेना वेसनिना ने बुधवार को लंदन में सीधे सेटों में जीत दर्ज करके विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट के मिश्रित युगल के तीसरे दौर में जगह बनाई।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: हिलेरी क्लिंटन और डोनाल्ड ट्रंप ने कांटे की टक्कर वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में मतदाताओं को रिझाने की आज आखिरी कोशिश की. इस चुनाव में डेमोक्रेट उम्मीदवार हिलेरी का ईमेल कांड और उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंदी पर यौन उत्पीड़न के आरोप जैसे विवाद भी साथ-साथ चल रहे हैं. अमेरिकी इतिहास में सर्वाधिक तीखे और विभाजनकारी अमेरिकी चुनाव के लिए उलटी गिनती शुरू होने के साथ ही हिलेरी (69) और उनकी पार्टी से उप राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार टिम केन के प्रचार अभियान को इन खबरों से मजबूती मिली है कि एफबीआई ने पूर्व विदेश मंत्री के निजी सर्वर की समीक्षा में कोई नया संकटकारी ईमेल नहीं पाया है और वह आपराधिक आरोपों का सामना नहीं करेंगी. एफबीआई के निदेशक जेम्स बी कोमे ने अमेरिकी कांग्रेस के नेताओं को एक पत्र में कहा, ‘‘हमारी समीक्षा के आधार पर हमने अपने उन निष्कर्षों में कोई बदलाव नहीं किया है जो हमने हिलेरी के संबंध में जुलाई में व्यक्त किए थे.’’ अमेरिका की प्रथम महिला राष्ट्रपति बनना चाह रही हिलेरी को इस ताजा घटनाक्रम से राहत मिली है. वह अपना प्रचार अभियान स्थानीय समय के मुताबिक मध्यरात्रि में उत्तर कैरोलिना के चुनाव मैदान में एक रैली के साथ खत्म करेंगी. वहीं, ट्रंप अपना प्रचार मिशिगन के ग्रांड रेपिड्स में खत्म करेंगे. इस राज्य से वह आश्चर्यजनक नतीजे की उम्मीद कर रहे हैं. ट्रंप ने कल होने वाले चुनाव को अमेरिकी पहचान को बदनाम करने वाली विदेशी ताकतों को पछाड़ने का आखिरी मौका के तौर पर देख रहे हैं जबकि हिलेरी ने कहा है कि महिलाओं और अल्पसंख्यकों के लिए समानता का देश की लंबी यात्रा खतरे में है. ट्रंप ने वर्जीनिया में वाशिंगटन डीसी के एक उपनगर लीसबर्ग में उत्साहित समर्थकों से कहा, ''हम जीतने जा रहे हैं. हमें सर्वकालिक सबसे बड़ी जीत मिलने जा रही है.’’ उन्होंने लोवा, कोलारैडो, मिनीपोलिस,मिशिगन और पेनसीलवानिया में भी रैलियों को संबोधित किया. हिलेरी ने मैनचेस्टर में लोगों से कहा कि चुनाव हिसाब करने का क्षण है. उन्होंने कहा, ‘‘विभाजन और एकजुटता के बीच हमें मत पत्र में सचमुच में यह चुनना है कि अपने बच्चों और उनके बच्चों के लिए हम किस तरह का देश चाहते हैं.टिप्पणियां एनबीसी न्यूज और द वाल स्ट्रीट जर्नल द्वारा कल प्रकाशित एक सर्वेक्षण में हिलेरी को ट्रंप से चार फीसदी अंक से आगे दिखाया गया था. वेबसाइट फायव थर्टी ऐट ने बताया है कि हिलेरी के जीतने की 65 फीसदी संभावना है. किसी उम्मीदवार को जीत हासिल करने के लिए कम से कम 270 निर्वाचकमंडल वोटों की जरूरत होगी. हिलेरी को 291. 9 जबकि ट्रंप को 245. 3 मिलने की उम्मीद है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अमेरिकी इतिहास में सर्वाधिक तीखे और विभाजनकारी अमेरिकी चुनाव के लिए उलटी गिनती शुरू होने के साथ ही हिलेरी (69) और उनकी पार्टी से उप राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार टिम केन के प्रचार अभियान को इन खबरों से मजबूती मिली है कि एफबीआई ने पूर्व विदेश मंत्री के निजी सर्वर की समीक्षा में कोई नया संकटकारी ईमेल नहीं पाया है और वह आपराधिक आरोपों का सामना नहीं करेंगी. एफबीआई के निदेशक जेम्स बी कोमे ने अमेरिकी कांग्रेस के नेताओं को एक पत्र में कहा, ‘‘हमारी समीक्षा के आधार पर हमने अपने उन निष्कर्षों में कोई बदलाव नहीं किया है जो हमने हिलेरी के संबंध में जुलाई में व्यक्त किए थे.’’ अमेरिका की प्रथम महिला राष्ट्रपति बनना चाह रही हिलेरी को इस ताजा घटनाक्रम से राहत मिली है. वह अपना प्रचार अभियान स्थानीय समय के मुताबिक मध्यरात्रि में उत्तर कैरोलिना के चुनाव मैदान में एक रैली के साथ खत्म करेंगी. वहीं, ट्रंप अपना प्रचार मिशिगन के ग्रांड रेपिड्स में खत्म करेंगे. इस राज्य से वह आश्चर्यजनक नतीजे की उम्मीद कर रहे हैं. ट्रंप ने कल होने वाले चुनाव को अमेरिकी पहचान को बदनाम करने वाली विदेशी ताकतों को पछाड़ने का आखिरी मौका के तौर पर देख रहे हैं जबकि हिलेरी ने कहा है कि महिलाओं और अल्पसंख्यकों के लिए समानता का देश की लंबी यात्रा खतरे में है. ट्रंप ने वर्जीनिया में वाशिंगटन डीसी के एक उपनगर लीसबर्ग में उत्साहित समर्थकों से कहा, ''हम जीतने जा रहे हैं. हमें सर्वकालिक सबसे बड़ी जीत मिलने जा रही है.’’ उन्होंने लोवा, कोलारैडो, मिनीपोलिस,मिशिगन और पेनसीलवानिया में भी रैलियों को संबोधित किया. हिलेरी ने मैनचेस्टर में लोगों से कहा कि चुनाव हिसाब करने का क्षण है. उन्होंने कहा, ‘‘विभाजन और एकजुटता के बीच हमें मत पत्र में सचमुच में यह चुनना है कि अपने बच्चों और उनके बच्चों के लिए हम किस तरह का देश चाहते हैं.टिप्पणियां एनबीसी न्यूज और द वाल स्ट्रीट जर्नल द्वारा कल प्रकाशित एक सर्वेक्षण में हिलेरी को ट्रंप से चार फीसदी अंक से आगे दिखाया गया था. वेबसाइट फायव थर्टी ऐट ने बताया है कि हिलेरी के जीतने की 65 फीसदी संभावना है. किसी उम्मीदवार को जीत हासिल करने के लिए कम से कम 270 निर्वाचकमंडल वोटों की जरूरत होगी. हिलेरी को 291. 9 जबकि ट्रंप को 245. 3 मिलने की उम्मीद है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एफबीआई के निदेशक जेम्स बी कोमे ने अमेरिकी कांग्रेस के नेताओं को एक पत्र में कहा, ‘‘हमारी समीक्षा के आधार पर हमने अपने उन निष्कर्षों में कोई बदलाव नहीं किया है जो हमने हिलेरी के संबंध में जुलाई में व्यक्त किए थे.’’ अमेरिका की प्रथम महिला राष्ट्रपति बनना चाह रही हिलेरी को इस ताजा घटनाक्रम से राहत मिली है. वह अपना प्रचार अभियान स्थानीय समय के मुताबिक मध्यरात्रि में उत्तर कैरोलिना के चुनाव मैदान में एक रैली के साथ खत्म करेंगी. वहीं, ट्रंप अपना प्रचार मिशिगन के ग्रांड रेपिड्स में खत्म करेंगे. इस राज्य से वह आश्चर्यजनक नतीजे की उम्मीद कर रहे हैं. ट्रंप ने कल होने वाले चुनाव को अमेरिकी पहचान को बदनाम करने वाली विदेशी ताकतों को पछाड़ने का आखिरी मौका के तौर पर देख रहे हैं जबकि हिलेरी ने कहा है कि महिलाओं और अल्पसंख्यकों के लिए समानता का देश की लंबी यात्रा खतरे में है. ट्रंप ने वर्जीनिया में वाशिंगटन डीसी के एक उपनगर लीसबर्ग में उत्साहित समर्थकों से कहा, ''हम जीतने जा रहे हैं. हमें सर्वकालिक सबसे बड़ी जीत मिलने जा रही है.’’ उन्होंने लोवा, कोलारैडो, मिनीपोलिस,मिशिगन और पेनसीलवानिया में भी रैलियों को संबोधित किया. हिलेरी ने मैनचेस्टर में लोगों से कहा कि चुनाव हिसाब करने का क्षण है. उन्होंने कहा, ‘‘विभाजन और एकजुटता के बीच हमें मत पत्र में सचमुच में यह चुनना है कि अपने बच्चों और उनके बच्चों के लिए हम किस तरह का देश चाहते हैं.टिप्पणियां एनबीसी न्यूज और द वाल स्ट्रीट जर्नल द्वारा कल प्रकाशित एक सर्वेक्षण में हिलेरी को ट्रंप से चार फीसदी अंक से आगे दिखाया गया था. वेबसाइट फायव थर्टी ऐट ने बताया है कि हिलेरी के जीतने की 65 फीसदी संभावना है. किसी उम्मीदवार को जीत हासिल करने के लिए कम से कम 270 निर्वाचकमंडल वोटों की जरूरत होगी. हिलेरी को 291. 9 जबकि ट्रंप को 245. 3 मिलने की उम्मीद है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) वहीं, ट्रंप अपना प्रचार मिशिगन के ग्रांड रेपिड्स में खत्म करेंगे. इस राज्य से वह आश्चर्यजनक नतीजे की उम्मीद कर रहे हैं. ट्रंप ने कल होने वाले चुनाव को अमेरिकी पहचान को बदनाम करने वाली विदेशी ताकतों को पछाड़ने का आखिरी मौका के तौर पर देख रहे हैं जबकि हिलेरी ने कहा है कि महिलाओं और अल्पसंख्यकों के लिए समानता का देश की लंबी यात्रा खतरे में है. ट्रंप ने वर्जीनिया में वाशिंगटन डीसी के एक उपनगर लीसबर्ग में उत्साहित समर्थकों से कहा, ''हम जीतने जा रहे हैं. हमें सर्वकालिक सबसे बड़ी जीत मिलने जा रही है.’’ उन्होंने लोवा, कोलारैडो, मिनीपोलिस,मिशिगन और पेनसीलवानिया में भी रैलियों को संबोधित किया. हिलेरी ने मैनचेस्टर में लोगों से कहा कि चुनाव हिसाब करने का क्षण है. उन्होंने कहा, ‘‘विभाजन और एकजुटता के बीच हमें मत पत्र में सचमुच में यह चुनना है कि अपने बच्चों और उनके बच्चों के लिए हम किस तरह का देश चाहते हैं.टिप्पणियां एनबीसी न्यूज और द वाल स्ट्रीट जर्नल द्वारा कल प्रकाशित एक सर्वेक्षण में हिलेरी को ट्रंप से चार फीसदी अंक से आगे दिखाया गया था. वेबसाइट फायव थर्टी ऐट ने बताया है कि हिलेरी के जीतने की 65 फीसदी संभावना है. किसी उम्मीदवार को जीत हासिल करने के लिए कम से कम 270 निर्वाचकमंडल वोटों की जरूरत होगी. हिलेरी को 291. 9 जबकि ट्रंप को 245. 3 मिलने की उम्मीद है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ट्रंप ने वर्जीनिया में वाशिंगटन डीसी के एक उपनगर लीसबर्ग में उत्साहित समर्थकों से कहा, ''हम जीतने जा रहे हैं. हमें सर्वकालिक सबसे बड़ी जीत मिलने जा रही है.’’ उन्होंने लोवा, कोलारैडो, मिनीपोलिस,मिशिगन और पेनसीलवानिया में भी रैलियों को संबोधित किया. हिलेरी ने मैनचेस्टर में लोगों से कहा कि चुनाव हिसाब करने का क्षण है. उन्होंने कहा, ‘‘विभाजन और एकजुटता के बीच हमें मत पत्र में सचमुच में यह चुनना है कि अपने बच्चों और उनके बच्चों के लिए हम किस तरह का देश चाहते हैं.टिप्पणियां एनबीसी न्यूज और द वाल स्ट्रीट जर्नल द्वारा कल प्रकाशित एक सर्वेक्षण में हिलेरी को ट्रंप से चार फीसदी अंक से आगे दिखाया गया था. वेबसाइट फायव थर्टी ऐट ने बताया है कि हिलेरी के जीतने की 65 फीसदी संभावना है. किसी उम्मीदवार को जीत हासिल करने के लिए कम से कम 270 निर्वाचकमंडल वोटों की जरूरत होगी. हिलेरी को 291. 9 जबकि ट्रंप को 245. 3 मिलने की उम्मीद है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हिलेरी ने मैनचेस्टर में लोगों से कहा कि चुनाव हिसाब करने का क्षण है. उन्होंने कहा, ‘‘विभाजन और एकजुटता के बीच हमें मत पत्र में सचमुच में यह चुनना है कि अपने बच्चों और उनके बच्चों के लिए हम किस तरह का देश चाहते हैं.टिप्पणियां एनबीसी न्यूज और द वाल स्ट्रीट जर्नल द्वारा कल प्रकाशित एक सर्वेक्षण में हिलेरी को ट्रंप से चार फीसदी अंक से आगे दिखाया गया था. वेबसाइट फायव थर्टी ऐट ने बताया है कि हिलेरी के जीतने की 65 फीसदी संभावना है. किसी उम्मीदवार को जीत हासिल करने के लिए कम से कम 270 निर्वाचकमंडल वोटों की जरूरत होगी. हिलेरी को 291. 9 जबकि ट्रंप को 245. 3 मिलने की उम्मीद है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एनबीसी न्यूज और द वाल स्ट्रीट जर्नल द्वारा कल प्रकाशित एक सर्वेक्षण में हिलेरी को ट्रंप से चार फीसदी अंक से आगे दिखाया गया था. वेबसाइट फायव थर्टी ऐट ने बताया है कि हिलेरी के जीतने की 65 फीसदी संभावना है. किसी उम्मीदवार को जीत हासिल करने के लिए कम से कम 270 निर्वाचकमंडल वोटों की जरूरत होगी. हिलेरी को 291. 9 जबकि ट्रंप को 245. 3 मिलने की उम्मीद है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: हिलेरी का ईमेल कांड और ट्रंप पर यौन उत्पीड़न के आरोप हिलेरी उत्तर कैरोलिना में एक रैली के साथ खत्म करेंगी प्रचार ट्रंप अपना प्रचार मिशिगन के ग्रांड रेपिड्स में खत्म करेंगे
27
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हेग स्थित अंतरराष्‍ट्रीय अदालत (आईसीजे) ने भारत से कुलभूषण जाधव मामले में 13 सितंबर तक दलीलें पूरी करने को कहा है. विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी और पाकिस्तान के इस दावे को खारिज कर दिया कि मामले में और अधिक वक्त मांगने के उनके अनुरोध को नामंजूर कर दिया गया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने बताया कि अदालत ने पाकिस्तान से कहा है कि वह अपनी दलील 13 दिसंबर तक पूरी कर ले. जब बागले से पाकिस्तान के इस दावे के बारे में पूछा गया कि भारत के और अधिक वक्त देने के अनुरोध को आईसीजे ने खारिज कर दिया है, तो उन्होंने कहा कि यह सच नहीं है, क्योंकि भारत ने चार महीने मांगे थे और अदालत द्वारा सितंबर की समयसीमा तय किए जाने साथ उसे यह समय मिल गया है. इससे पहले पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल अश्तर औसफ अली के हवाले से डॉन न्यूज ने कहा कि भारत ने आईसीजे से कहा था कि उसे जाधव मामले में दलीलें देने के लिए दिसंबर तक का वक्त दिया जाए, हालांकि अदालत ने उनके अनुरोध को खारिज कर दिया है. बागले ने कहा, 'भारत ने यह रुख अपनाया था कि मामला किसी के जीवन और मृत्यु का है, लेकिन पाकिस्तान ने कहा था कि आईसीजे अपील करने के लिए अदालत नहीं है. आईसीजे से इस बारे में परिणाम आने की अपेक्षा है कि जाधव को काउंसल संपर्क मिल सकता है या नहीं, जिसके लिए जवाब दाखिल करने के लिहाज से दो से तीन महीने की अवधि काफी है'. उन्होंने कहा कि आईसीजे के पीठासीन अधिकारी रॉनी अब्राहम की दोनों देशों के प्रतिनिधियों के साथ आठ जून को हुई बैठकों में समयसीमा तय की गई थी. जब बागले से पूछा गया कि क्या दोनों देशों की दलीलें पूरी होने के बाद मामले में सुनवाई शुरू होगी तो उन्होंने कहा कि अदालत तय करेगी कि उसे और अधिक दलीलों की जरूरत है या नहीं और फिर आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगी. मामले की गत 18 मई को सुनवाई के दौरान आईसीजे की 10 सदस्यीय पीठ ने पाकिस्तान को जाधव को फांसी देने से रोक दिया था. 46 वर्षीय जाधव भारतीय नौसेना के सेवानिवृत अधिकारी हैं, जिन्हें पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने पाकिस्तान में जासूसी एवं आतंकवादी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के मामले में मौत की सजा सुनाई थी. मौत की सजा के खिलाफ भारत आठ मई को आईसीजे पहुंचा और जाधव के खिलाफ आरोपों को मनगढ़ंत और उनकी सुनवाई को हास्यास्पद करार दिया था.टिप्पणियां (इनपुट भाषा से)(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी और पाकिस्तान के इस दावे को खारिज कर दिया कि मामले में और अधिक वक्त मांगने के उनके अनुरोध को नामंजूर कर दिया गया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने बताया कि अदालत ने पाकिस्तान से कहा है कि वह अपनी दलील 13 दिसंबर तक पूरी कर ले. जब बागले से पाकिस्तान के इस दावे के बारे में पूछा गया कि भारत के और अधिक वक्त देने के अनुरोध को आईसीजे ने खारिज कर दिया है, तो उन्होंने कहा कि यह सच नहीं है, क्योंकि भारत ने चार महीने मांगे थे और अदालत द्वारा सितंबर की समयसीमा तय किए जाने साथ उसे यह समय मिल गया है. इससे पहले पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल अश्तर औसफ अली के हवाले से डॉन न्यूज ने कहा कि भारत ने आईसीजे से कहा था कि उसे जाधव मामले में दलीलें देने के लिए दिसंबर तक का वक्त दिया जाए, हालांकि अदालत ने उनके अनुरोध को खारिज कर दिया है. बागले ने कहा, 'भारत ने यह रुख अपनाया था कि मामला किसी के जीवन और मृत्यु का है, लेकिन पाकिस्तान ने कहा था कि आईसीजे अपील करने के लिए अदालत नहीं है. आईसीजे से इस बारे में परिणाम आने की अपेक्षा है कि जाधव को काउंसल संपर्क मिल सकता है या नहीं, जिसके लिए जवाब दाखिल करने के लिहाज से दो से तीन महीने की अवधि काफी है'. उन्होंने कहा कि आईसीजे के पीठासीन अधिकारी रॉनी अब्राहम की दोनों देशों के प्रतिनिधियों के साथ आठ जून को हुई बैठकों में समयसीमा तय की गई थी. जब बागले से पूछा गया कि क्या दोनों देशों की दलीलें पूरी होने के बाद मामले में सुनवाई शुरू होगी तो उन्होंने कहा कि अदालत तय करेगी कि उसे और अधिक दलीलों की जरूरत है या नहीं और फिर आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगी. मामले की गत 18 मई को सुनवाई के दौरान आईसीजे की 10 सदस्यीय पीठ ने पाकिस्तान को जाधव को फांसी देने से रोक दिया था. 46 वर्षीय जाधव भारतीय नौसेना के सेवानिवृत अधिकारी हैं, जिन्हें पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने पाकिस्तान में जासूसी एवं आतंकवादी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के मामले में मौत की सजा सुनाई थी. मौत की सजा के खिलाफ भारत आठ मई को आईसीजे पहुंचा और जाधव के खिलाफ आरोपों को मनगढ़ंत और उनकी सुनवाई को हास्यास्पद करार दिया था.टिप्पणियां (इनपुट भाषा से)(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने बताया कि अदालत ने पाकिस्तान से कहा है कि वह अपनी दलील 13 दिसंबर तक पूरी कर ले. जब बागले से पाकिस्तान के इस दावे के बारे में पूछा गया कि भारत के और अधिक वक्त देने के अनुरोध को आईसीजे ने खारिज कर दिया है, तो उन्होंने कहा कि यह सच नहीं है, क्योंकि भारत ने चार महीने मांगे थे और अदालत द्वारा सितंबर की समयसीमा तय किए जाने साथ उसे यह समय मिल गया है. इससे पहले पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल अश्तर औसफ अली के हवाले से डॉन न्यूज ने कहा कि भारत ने आईसीजे से कहा था कि उसे जाधव मामले में दलीलें देने के लिए दिसंबर तक का वक्त दिया जाए, हालांकि अदालत ने उनके अनुरोध को खारिज कर दिया है. बागले ने कहा, 'भारत ने यह रुख अपनाया था कि मामला किसी के जीवन और मृत्यु का है, लेकिन पाकिस्तान ने कहा था कि आईसीजे अपील करने के लिए अदालत नहीं है. आईसीजे से इस बारे में परिणाम आने की अपेक्षा है कि जाधव को काउंसल संपर्क मिल सकता है या नहीं, जिसके लिए जवाब दाखिल करने के लिहाज से दो से तीन महीने की अवधि काफी है'. उन्होंने कहा कि आईसीजे के पीठासीन अधिकारी रॉनी अब्राहम की दोनों देशों के प्रतिनिधियों के साथ आठ जून को हुई बैठकों में समयसीमा तय की गई थी. जब बागले से पूछा गया कि क्या दोनों देशों की दलीलें पूरी होने के बाद मामले में सुनवाई शुरू होगी तो उन्होंने कहा कि अदालत तय करेगी कि उसे और अधिक दलीलों की जरूरत है या नहीं और फिर आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगी. मामले की गत 18 मई को सुनवाई के दौरान आईसीजे की 10 सदस्यीय पीठ ने पाकिस्तान को जाधव को फांसी देने से रोक दिया था. 46 वर्षीय जाधव भारतीय नौसेना के सेवानिवृत अधिकारी हैं, जिन्हें पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने पाकिस्तान में जासूसी एवं आतंकवादी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के मामले में मौत की सजा सुनाई थी. मौत की सजा के खिलाफ भारत आठ मई को आईसीजे पहुंचा और जाधव के खिलाफ आरोपों को मनगढ़ंत और उनकी सुनवाई को हास्यास्पद करार दिया था.टिप्पणियां (इनपुट भाषा से)(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जब बागले से पाकिस्तान के इस दावे के बारे में पूछा गया कि भारत के और अधिक वक्त देने के अनुरोध को आईसीजे ने खारिज कर दिया है, तो उन्होंने कहा कि यह सच नहीं है, क्योंकि भारत ने चार महीने मांगे थे और अदालत द्वारा सितंबर की समयसीमा तय किए जाने साथ उसे यह समय मिल गया है. इससे पहले पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल अश्तर औसफ अली के हवाले से डॉन न्यूज ने कहा कि भारत ने आईसीजे से कहा था कि उसे जाधव मामले में दलीलें देने के लिए दिसंबर तक का वक्त दिया जाए, हालांकि अदालत ने उनके अनुरोध को खारिज कर दिया है. बागले ने कहा, 'भारत ने यह रुख अपनाया था कि मामला किसी के जीवन और मृत्यु का है, लेकिन पाकिस्तान ने कहा था कि आईसीजे अपील करने के लिए अदालत नहीं है. आईसीजे से इस बारे में परिणाम आने की अपेक्षा है कि जाधव को काउंसल संपर्क मिल सकता है या नहीं, जिसके लिए जवाब दाखिल करने के लिहाज से दो से तीन महीने की अवधि काफी है'. उन्होंने कहा कि आईसीजे के पीठासीन अधिकारी रॉनी अब्राहम की दोनों देशों के प्रतिनिधियों के साथ आठ जून को हुई बैठकों में समयसीमा तय की गई थी. जब बागले से पूछा गया कि क्या दोनों देशों की दलीलें पूरी होने के बाद मामले में सुनवाई शुरू होगी तो उन्होंने कहा कि अदालत तय करेगी कि उसे और अधिक दलीलों की जरूरत है या नहीं और फिर आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगी. मामले की गत 18 मई को सुनवाई के दौरान आईसीजे की 10 सदस्यीय पीठ ने पाकिस्तान को जाधव को फांसी देने से रोक दिया था. 46 वर्षीय जाधव भारतीय नौसेना के सेवानिवृत अधिकारी हैं, जिन्हें पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने पाकिस्तान में जासूसी एवं आतंकवादी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के मामले में मौत की सजा सुनाई थी. मौत की सजा के खिलाफ भारत आठ मई को आईसीजे पहुंचा और जाधव के खिलाफ आरोपों को मनगढ़ंत और उनकी सुनवाई को हास्यास्पद करार दिया था.टिप्पणियां (इनपुट भाषा से)(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बागले ने कहा, 'भारत ने यह रुख अपनाया था कि मामला किसी के जीवन और मृत्यु का है, लेकिन पाकिस्तान ने कहा था कि आईसीजे अपील करने के लिए अदालत नहीं है. आईसीजे से इस बारे में परिणाम आने की अपेक्षा है कि जाधव को काउंसल संपर्क मिल सकता है या नहीं, जिसके लिए जवाब दाखिल करने के लिहाज से दो से तीन महीने की अवधि काफी है'. उन्होंने कहा कि आईसीजे के पीठासीन अधिकारी रॉनी अब्राहम की दोनों देशों के प्रतिनिधियों के साथ आठ जून को हुई बैठकों में समयसीमा तय की गई थी. जब बागले से पूछा गया कि क्या दोनों देशों की दलीलें पूरी होने के बाद मामले में सुनवाई शुरू होगी तो उन्होंने कहा कि अदालत तय करेगी कि उसे और अधिक दलीलों की जरूरत है या नहीं और फिर आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगी. मामले की गत 18 मई को सुनवाई के दौरान आईसीजे की 10 सदस्यीय पीठ ने पाकिस्तान को जाधव को फांसी देने से रोक दिया था. 46 वर्षीय जाधव भारतीय नौसेना के सेवानिवृत अधिकारी हैं, जिन्हें पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने पाकिस्तान में जासूसी एवं आतंकवादी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के मामले में मौत की सजा सुनाई थी. मौत की सजा के खिलाफ भारत आठ मई को आईसीजे पहुंचा और जाधव के खिलाफ आरोपों को मनगढ़ंत और उनकी सुनवाई को हास्यास्पद करार दिया था.टिप्पणियां (इनपुट भाषा से)(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जब बागले से पूछा गया कि क्या दोनों देशों की दलीलें पूरी होने के बाद मामले में सुनवाई शुरू होगी तो उन्होंने कहा कि अदालत तय करेगी कि उसे और अधिक दलीलों की जरूरत है या नहीं और फिर आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगी. मामले की गत 18 मई को सुनवाई के दौरान आईसीजे की 10 सदस्यीय पीठ ने पाकिस्तान को जाधव को फांसी देने से रोक दिया था. 46 वर्षीय जाधव भारतीय नौसेना के सेवानिवृत अधिकारी हैं, जिन्हें पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने पाकिस्तान में जासूसी एवं आतंकवादी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के मामले में मौत की सजा सुनाई थी. मौत की सजा के खिलाफ भारत आठ मई को आईसीजे पहुंचा और जाधव के खिलाफ आरोपों को मनगढ़ंत और उनकी सुनवाई को हास्यास्पद करार दिया था.टिप्पणियां (इनपुट भाषा से)(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मामले की गत 18 मई को सुनवाई के दौरान आईसीजे की 10 सदस्यीय पीठ ने पाकिस्तान को जाधव को फांसी देने से रोक दिया था. 46 वर्षीय जाधव भारतीय नौसेना के सेवानिवृत अधिकारी हैं, जिन्हें पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने पाकिस्तान में जासूसी एवं आतंकवादी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के मामले में मौत की सजा सुनाई थी. मौत की सजा के खिलाफ भारत आठ मई को आईसीजे पहुंचा और जाधव के खिलाफ आरोपों को मनगढ़ंत और उनकी सुनवाई को हास्यास्पद करार दिया था.टिप्पणियां (इनपुट भाषा से)(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मौत की सजा के खिलाफ भारत आठ मई को आईसीजे पहुंचा और जाधव के खिलाफ आरोपों को मनगढ़ंत और उनकी सुनवाई को हास्यास्पद करार दिया था.टिप्पणियां (इनपुट भाषा से)(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इनपुट भाषा से)(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ICJ ने भारत से 13 सितंबर तक दलीलें पूरी करने को कहा है. पाकिस्तान से कहा गया है कि वह अपनी दलील 13 दिसंबर तक पूरी कर ले- बागले ICJ तय करेगी कि उसे और अधिक दलीलों की जरूरत है या नहीं- गोपाल बागले
19
['hin']
एक सारांश बनाओ: यह भी पढ़ें: तेजस्वी ने साधा CM नीतीश पर निशाना, कहा- चाचा जी अपनी जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल कर दगा देते हैं तेजस्वी यादव ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा कि "आदरणीय चच्चा (चाचा) जी, आज बच्चा को 'बाल दिवस' पर आशीर्वाद ना सही, लेकिन शुभकामनाएं तो दे देते. आपने पांच दिन पहले इस बच्चे को जन्मदिवस की शुभकामनाएं भी नहीं भेजी. बच्चा कहते हो, तो बड़ों जैसा सलूक भी करो." राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद के पुत्र तेजस्वी ने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा कि "बच्चा कितना भी बड़ा क्यों ना हो जाए वह मां-बाप और अभिभावकों के लिए सदा बच्चा ही रहता है. नीतीश चाचा सही तो कह रहे हैं कि तेजस्वी अभी बच्चा है." एक अन्य ट्वीट में तेजस्वी ने नीतीश पर निशाना साधते हुए लिखा, "नीतीश जी आप आदरणीय हैं इसलिए पलटकर मैं आपको 'बूढ़ा' तो नहीं कहूंगा, लेकिन चाचा आपके द्वारा जनादेश की ठगी करने के बाद अगले दिन विधानसभा में इस बच्चे के सामने आपका मुंह लटका हुआ था. उस दिन इस बच्चे द्वारा पूछे गए एक भी सवाल का जवाब आपने अभी तक नहीं दिया है."
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ट्वीट के जरिए की घेराबंदी तेजस्वी ने कहा नीतीश को देना चाहिए आर्शीवाद सोमवार को ही नीतीश ने तेजस्वी को कहा था बच्चा
32
['hin']
एक सारांश बनाओ: ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली पहली अफ्रीकी महिला पहलवान होने का गौरव हासिल करने वाली ट्यूनीशिया की मारवा अमरी ने कहा कि रियो में उनका सामना साक्षी मलिक से नहीं हो पाया लेकिन वह प्रो कुश्ती लीग में इस भारतीय पहलवान को हराकर खुद को बेहतर साबित करने की कोशिश करेंगी. दोनों ही पहलवानों को रियो ओलंपिक में कांस्य पदक मिले थे.टिप्पणियां मारवा ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘उन्होंने साक्षी की कई कुश्तियों की वीडियो देखी हैं और वह उनके सकारात्मक और नकारात्मक पक्षों से भली भांति वाकिफ हैं.’ उन्होंने कहा कि उनके वीडियो देखकर उन्हें साक्षी की कुश्ती को बारीकी से देखने का मौका मिला है और इसके लिए उन्होंने अभी से तैयारी शुरू कर दी है. वहीं साक्षी मलिक भी इन दिनों रोहतक में कड़े अभ्‍यास में जुटी हैं.मारवा रविवार को चरखी दादरी में गीता फोगट की शादी में बतौर मेहमान शामिल होंगी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मारवा ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘उन्होंने साक्षी की कई कुश्तियों की वीडियो देखी हैं और वह उनके सकारात्मक और नकारात्मक पक्षों से भली भांति वाकिफ हैं.’ उन्होंने कहा कि उनके वीडियो देखकर उन्हें साक्षी की कुश्ती को बारीकी से देखने का मौका मिला है और इसके लिए उन्होंने अभी से तैयारी शुरू कर दी है. वहीं साक्षी मलिक भी इन दिनों रोहतक में कड़े अभ्‍यास में जुटी हैं.मारवा रविवार को चरखी दादरी में गीता फोगट की शादी में बतौर मेहमान शामिल होंगी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: कहा-साक्षी के पॉजिटिव और निगेटिव पक्षों से वाकिफ हूं साक्षी और मारवा, दोनों को रियो ओलिंपिक में मिला था कांस्‍य गीता फोगट के शादी के समारोह में भी शामिल होंगी मारवा
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय महिला तीरंदाजी टीम लॉर्ड्स क्रिकेट मैदान पर डेनमार्क के हाथों 210-211 से हारकर बाहर हो गई। चेकरोचुलो स्वुरो खराब स्कोर के कारण भारत को यह पराजय झेलनी पड़ी। भारतीयों ने हार के बाद शिकायत की कि विपरीत दिशा में बहती हवा से उन्हें दिक्कत हुई। अब सभी की नजरें दीपिका कुमारी पर होगी जो सोमवार को व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत की पदक उम्मीद बनकर उतरेंगी। टीम मैनेजर परेश नाथ मुखर्जी ने स्वीकार किया कि स्वुरो का खराब फार्म एक कारण था। मुखर्जी ने पत्रकारों से कहा,‘वह पूरी तरह से खराब फार्म में थी और अच्छा नहीं खेल सकी। दीपिका भी अपनी लय में नहीं थी। सिर्फ बोंबायला देवी ही अच्छा प्रदर्शन कर पाई।’ बोंबायला ने कहा,‘हम निराश है लेकिन किस्मत ने हमारा साथ नहीं दिया। हमने सर्वश्रेष्ठ कोशिश की लेकिन एक अंक से हार गए।’ टीम के छह और सात के स्कोर के बारे में उसने कहा,‘हम कम से कम आठ स्कोर करना चाहते थे। अगर ऐसा होता तो कोई दिक्कत नहीं थी लेकिन मेरी जोड़ीदार (स्वुरो) ने छह का स्कोर किया जिससे दिक्कत हुई।’टिप्पणियां बोंबायला ने कहा कि हवा एक कारण थी लेकिन उसे व्यक्तिगत वर्ग में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। उसने कहा,‘आज हवा अधिक चल रही थी लेकिन मुझे व्यक्तिगत वर्ग में अच्छे प्रदर्शन का यकीन है।’ स्वुरो ने कहा,‘मैने दो बार छह का स्कोर किया लेकिन एक बार 10 का स्कोर भी बनाया। हवा से बहुत दिक्कत हो रही थी।’ चेकरोचुलो स्वुरो खराब स्कोर के कारण भारत को यह पराजय झेलनी पड़ी। भारतीयों ने हार के बाद शिकायत की कि विपरीत दिशा में बहती हवा से उन्हें दिक्कत हुई। अब सभी की नजरें दीपिका कुमारी पर होगी जो सोमवार को व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत की पदक उम्मीद बनकर उतरेंगी। टीम मैनेजर परेश नाथ मुखर्जी ने स्वीकार किया कि स्वुरो का खराब फार्म एक कारण था। मुखर्जी ने पत्रकारों से कहा,‘वह पूरी तरह से खराब फार्म में थी और अच्छा नहीं खेल सकी। दीपिका भी अपनी लय में नहीं थी। सिर्फ बोंबायला देवी ही अच्छा प्रदर्शन कर पाई।’ बोंबायला ने कहा,‘हम निराश है लेकिन किस्मत ने हमारा साथ नहीं दिया। हमने सर्वश्रेष्ठ कोशिश की लेकिन एक अंक से हार गए।’ टीम के छह और सात के स्कोर के बारे में उसने कहा,‘हम कम से कम आठ स्कोर करना चाहते थे। अगर ऐसा होता तो कोई दिक्कत नहीं थी लेकिन मेरी जोड़ीदार (स्वुरो) ने छह का स्कोर किया जिससे दिक्कत हुई।’टिप्पणियां बोंबायला ने कहा कि हवा एक कारण थी लेकिन उसे व्यक्तिगत वर्ग में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। उसने कहा,‘आज हवा अधिक चल रही थी लेकिन मुझे व्यक्तिगत वर्ग में अच्छे प्रदर्शन का यकीन है।’ स्वुरो ने कहा,‘मैने दो बार छह का स्कोर किया लेकिन एक बार 10 का स्कोर भी बनाया। हवा से बहुत दिक्कत हो रही थी।’ अब सभी की नजरें दीपिका कुमारी पर होगी जो सोमवार को व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत की पदक उम्मीद बनकर उतरेंगी। टीम मैनेजर परेश नाथ मुखर्जी ने स्वीकार किया कि स्वुरो का खराब फार्म एक कारण था। मुखर्जी ने पत्रकारों से कहा,‘वह पूरी तरह से खराब फार्म में थी और अच्छा नहीं खेल सकी। दीपिका भी अपनी लय में नहीं थी। सिर्फ बोंबायला देवी ही अच्छा प्रदर्शन कर पाई।’ बोंबायला ने कहा,‘हम निराश है लेकिन किस्मत ने हमारा साथ नहीं दिया। हमने सर्वश्रेष्ठ कोशिश की लेकिन एक अंक से हार गए।’ टीम के छह और सात के स्कोर के बारे में उसने कहा,‘हम कम से कम आठ स्कोर करना चाहते थे। अगर ऐसा होता तो कोई दिक्कत नहीं थी लेकिन मेरी जोड़ीदार (स्वुरो) ने छह का स्कोर किया जिससे दिक्कत हुई।’टिप्पणियां बोंबायला ने कहा कि हवा एक कारण थी लेकिन उसे व्यक्तिगत वर्ग में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। उसने कहा,‘आज हवा अधिक चल रही थी लेकिन मुझे व्यक्तिगत वर्ग में अच्छे प्रदर्शन का यकीन है।’ स्वुरो ने कहा,‘मैने दो बार छह का स्कोर किया लेकिन एक बार 10 का स्कोर भी बनाया। हवा से बहुत दिक्कत हो रही थी।’ टीम मैनेजर परेश नाथ मुखर्जी ने स्वीकार किया कि स्वुरो का खराब फार्म एक कारण था। मुखर्जी ने पत्रकारों से कहा,‘वह पूरी तरह से खराब फार्म में थी और अच्छा नहीं खेल सकी। दीपिका भी अपनी लय में नहीं थी। सिर्फ बोंबायला देवी ही अच्छा प्रदर्शन कर पाई।’ बोंबायला ने कहा,‘हम निराश है लेकिन किस्मत ने हमारा साथ नहीं दिया। हमने सर्वश्रेष्ठ कोशिश की लेकिन एक अंक से हार गए।’ टीम के छह और सात के स्कोर के बारे में उसने कहा,‘हम कम से कम आठ स्कोर करना चाहते थे। अगर ऐसा होता तो कोई दिक्कत नहीं थी लेकिन मेरी जोड़ीदार (स्वुरो) ने छह का स्कोर किया जिससे दिक्कत हुई।’टिप्पणियां बोंबायला ने कहा कि हवा एक कारण थी लेकिन उसे व्यक्तिगत वर्ग में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। उसने कहा,‘आज हवा अधिक चल रही थी लेकिन मुझे व्यक्तिगत वर्ग में अच्छे प्रदर्शन का यकीन है।’ स्वुरो ने कहा,‘मैने दो बार छह का स्कोर किया लेकिन एक बार 10 का स्कोर भी बनाया। हवा से बहुत दिक्कत हो रही थी।’ मुखर्जी ने पत्रकारों से कहा,‘वह पूरी तरह से खराब फार्म में थी और अच्छा नहीं खेल सकी। दीपिका भी अपनी लय में नहीं थी। सिर्फ बोंबायला देवी ही अच्छा प्रदर्शन कर पाई।’ बोंबायला ने कहा,‘हम निराश है लेकिन किस्मत ने हमारा साथ नहीं दिया। हमने सर्वश्रेष्ठ कोशिश की लेकिन एक अंक से हार गए।’ टीम के छह और सात के स्कोर के बारे में उसने कहा,‘हम कम से कम आठ स्कोर करना चाहते थे। अगर ऐसा होता तो कोई दिक्कत नहीं थी लेकिन मेरी जोड़ीदार (स्वुरो) ने छह का स्कोर किया जिससे दिक्कत हुई।’टिप्पणियां बोंबायला ने कहा कि हवा एक कारण थी लेकिन उसे व्यक्तिगत वर्ग में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। उसने कहा,‘आज हवा अधिक चल रही थी लेकिन मुझे व्यक्तिगत वर्ग में अच्छे प्रदर्शन का यकीन है।’ स्वुरो ने कहा,‘मैने दो बार छह का स्कोर किया लेकिन एक बार 10 का स्कोर भी बनाया। हवा से बहुत दिक्कत हो रही थी।’ बोंबायला ने कहा,‘हम निराश है लेकिन किस्मत ने हमारा साथ नहीं दिया। हमने सर्वश्रेष्ठ कोशिश की लेकिन एक अंक से हार गए।’ टीम के छह और सात के स्कोर के बारे में उसने कहा,‘हम कम से कम आठ स्कोर करना चाहते थे। अगर ऐसा होता तो कोई दिक्कत नहीं थी लेकिन मेरी जोड़ीदार (स्वुरो) ने छह का स्कोर किया जिससे दिक्कत हुई।’टिप्पणियां बोंबायला ने कहा कि हवा एक कारण थी लेकिन उसे व्यक्तिगत वर्ग में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। उसने कहा,‘आज हवा अधिक चल रही थी लेकिन मुझे व्यक्तिगत वर्ग में अच्छे प्रदर्शन का यकीन है।’ स्वुरो ने कहा,‘मैने दो बार छह का स्कोर किया लेकिन एक बार 10 का स्कोर भी बनाया। हवा से बहुत दिक्कत हो रही थी।’ टीम के छह और सात के स्कोर के बारे में उसने कहा,‘हम कम से कम आठ स्कोर करना चाहते थे। अगर ऐसा होता तो कोई दिक्कत नहीं थी लेकिन मेरी जोड़ीदार (स्वुरो) ने छह का स्कोर किया जिससे दिक्कत हुई।’टिप्पणियां बोंबायला ने कहा कि हवा एक कारण थी लेकिन उसे व्यक्तिगत वर्ग में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। उसने कहा,‘आज हवा अधिक चल रही थी लेकिन मुझे व्यक्तिगत वर्ग में अच्छे प्रदर्शन का यकीन है।’ स्वुरो ने कहा,‘मैने दो बार छह का स्कोर किया लेकिन एक बार 10 का स्कोर भी बनाया। हवा से बहुत दिक्कत हो रही थी।’ बोंबायला ने कहा कि हवा एक कारण थी लेकिन उसे व्यक्तिगत वर्ग में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। उसने कहा,‘आज हवा अधिक चल रही थी लेकिन मुझे व्यक्तिगत वर्ग में अच्छे प्रदर्शन का यकीन है।’ स्वुरो ने कहा,‘मैने दो बार छह का स्कोर किया लेकिन एक बार 10 का स्कोर भी बनाया। हवा से बहुत दिक्कत हो रही थी।’ स्वुरो ने कहा,‘मैने दो बार छह का स्कोर किया लेकिन एक बार 10 का स्कोर भी बनाया। हवा से बहुत दिक्कत हो रही थी।’
यहाँ एक सारांश है:भारतीय महिला तीरंदाजी टीम लॉर्ड्स क्रिकेट मैदान पर डेनमार्क के हाथों 210-211 से हारकर बाहर हो गई।
4
['hin']
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान में नेशनल असेम्बली के चुनाव के दौरान 49 मतदान केंद्रों पर सौ फीसदी से भी अधिक मतदान हुआ है। न्यूज इंटरनेशनल के मुताबिक, फ्री एंड फेयर इलेक्शन नेटवर्क (एफएएफईएन) के पर्यवक्षेकों द्वारा मतदान केंद्रों से जुटाए आंकड़ों से पता चलता है कि यहां 100 फीसदी मतदाताओं से अधिक भीड़ थी। पाकिस्तान में शनिवार को मतदान हुआ था तथा अनौपचारिक परिणाम में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) अपने विरोधियों से आगे निकलने में कामयाब रहे, जबकि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी दूसरे तथा पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) तीसरे स्थान पर रही है। एफएएफईएन ने पाकिस्तान निर्वाचन आयोग से किसी भी निर्वाचन क्षेत्र के अंतिम परिणाम घोषित करने से पूर्व मतदान केंद्रों का आंकड़ा अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करने की मांग की है।टिप्पणियां एफएएफईएन द्वारा जारी आंकड़े के मुताबिक, पूरे पाकिस्तान में नमूने के रूप में लिए गए 8,119 मतदान केंद्रों में से कम से कम 49 केंद्रों पर 100 फीसदी से अधिक मतदाताओं ने वोट दिया। पंजाब के 32, सिंध के 10, खैबर पख्तूनख्वाह के छह और बलूचिस्तान प्रांत के एक मतदान केंद्र पर सौ फीसदी से अधिक मत पड़े। न्यूज इंटरनेशनल के मुताबिक, फ्री एंड फेयर इलेक्शन नेटवर्क (एफएएफईएन) के पर्यवक्षेकों द्वारा मतदान केंद्रों से जुटाए आंकड़ों से पता चलता है कि यहां 100 फीसदी मतदाताओं से अधिक भीड़ थी। पाकिस्तान में शनिवार को मतदान हुआ था तथा अनौपचारिक परिणाम में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) अपने विरोधियों से आगे निकलने में कामयाब रहे, जबकि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी दूसरे तथा पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) तीसरे स्थान पर रही है। एफएएफईएन ने पाकिस्तान निर्वाचन आयोग से किसी भी निर्वाचन क्षेत्र के अंतिम परिणाम घोषित करने से पूर्व मतदान केंद्रों का आंकड़ा अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करने की मांग की है।टिप्पणियां एफएएफईएन द्वारा जारी आंकड़े के मुताबिक, पूरे पाकिस्तान में नमूने के रूप में लिए गए 8,119 मतदान केंद्रों में से कम से कम 49 केंद्रों पर 100 फीसदी से अधिक मतदाताओं ने वोट दिया। पंजाब के 32, सिंध के 10, खैबर पख्तूनख्वाह के छह और बलूचिस्तान प्रांत के एक मतदान केंद्र पर सौ फीसदी से अधिक मत पड़े। पाकिस्तान में शनिवार को मतदान हुआ था तथा अनौपचारिक परिणाम में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) अपने विरोधियों से आगे निकलने में कामयाब रहे, जबकि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी दूसरे तथा पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) तीसरे स्थान पर रही है। एफएएफईएन ने पाकिस्तान निर्वाचन आयोग से किसी भी निर्वाचन क्षेत्र के अंतिम परिणाम घोषित करने से पूर्व मतदान केंद्रों का आंकड़ा अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करने की मांग की है।टिप्पणियां एफएएफईएन द्वारा जारी आंकड़े के मुताबिक, पूरे पाकिस्तान में नमूने के रूप में लिए गए 8,119 मतदान केंद्रों में से कम से कम 49 केंद्रों पर 100 फीसदी से अधिक मतदाताओं ने वोट दिया। पंजाब के 32, सिंध के 10, खैबर पख्तूनख्वाह के छह और बलूचिस्तान प्रांत के एक मतदान केंद्र पर सौ फीसदी से अधिक मत पड़े। एफएएफईएन ने पाकिस्तान निर्वाचन आयोग से किसी भी निर्वाचन क्षेत्र के अंतिम परिणाम घोषित करने से पूर्व मतदान केंद्रों का आंकड़ा अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करने की मांग की है।टिप्पणियां एफएएफईएन द्वारा जारी आंकड़े के मुताबिक, पूरे पाकिस्तान में नमूने के रूप में लिए गए 8,119 मतदान केंद्रों में से कम से कम 49 केंद्रों पर 100 फीसदी से अधिक मतदाताओं ने वोट दिया। पंजाब के 32, सिंध के 10, खैबर पख्तूनख्वाह के छह और बलूचिस्तान प्रांत के एक मतदान केंद्र पर सौ फीसदी से अधिक मत पड़े। एफएएफईएन द्वारा जारी आंकड़े के मुताबिक, पूरे पाकिस्तान में नमूने के रूप में लिए गए 8,119 मतदान केंद्रों में से कम से कम 49 केंद्रों पर 100 फीसदी से अधिक मतदाताओं ने वोट दिया। पंजाब के 32, सिंध के 10, खैबर पख्तूनख्वाह के छह और बलूचिस्तान प्रांत के एक मतदान केंद्र पर सौ फीसदी से अधिक मत पड़े। पंजाब के 32, सिंध के 10, खैबर पख्तूनख्वाह के छह और बलूचिस्तान प्रांत के एक मतदान केंद्र पर सौ फीसदी से अधिक मत पड़े।
संक्षिप्त सारांश: न्यूज इंटरनेशनल के मुताबिक, फ्री एंड फेयर इलेक्शन नेटवर्क (एफएएफईएन) के पर्यवक्षेकों द्वारा मतदान केंद्रों से जुटाए आंकड़ों से पता चलता है कि यहां 100 फीसदी मतदाताओं से अधिक भीड़ थी।
8
['hin']
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान के पूर्व कप्तान हनीफ मोहम्मद को सांस संबंधी समस्या के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तीन साल पहले 82 वर्षीय हनीफ के शरीर में फेफड़ों के कैंसर का पता चला था। उनकी 2013 में लंदन में इसके लिये कीमोथेरेपी और ऑपरेशन किया गया था। हनीफ के पुत्र और पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शोएब मोहम्मद ने बताया कि उनके पिता को सांस की तकलीफ के कारण कुछ दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था।टिप्पणियां शोएब ने कहा, ''लंदन में ऑपरेशन से कैंसर उस समय नियंत्रित हो गया था लेकिन समय बढ़ने के साथ यह बढ़ने लगा। हाल की बायोप्सी में इसकी पुष्टि हुई है।'' (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उनकी 2013 में लंदन में इसके लिये कीमोथेरेपी और ऑपरेशन किया गया था। हनीफ के पुत्र और पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शोएब मोहम्मद ने बताया कि उनके पिता को सांस की तकलीफ के कारण कुछ दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था।टिप्पणियां शोएब ने कहा, ''लंदन में ऑपरेशन से कैंसर उस समय नियंत्रित हो गया था लेकिन समय बढ़ने के साथ यह बढ़ने लगा। हाल की बायोप्सी में इसकी पुष्टि हुई है।'' (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शोएब ने कहा, ''लंदन में ऑपरेशन से कैंसर उस समय नियंत्रित हो गया था लेकिन समय बढ़ने के साथ यह बढ़ने लगा। हाल की बायोप्सी में इसकी पुष्टि हुई है।'' (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सांस की तकलीफ के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया तीन साल पहले उनके शरीर में फेफड़ों के कैंसर का पता चला पहले नियंत्रित हो गया लेकिन वक्‍त बढ़ने के साथ बढ़ता गया
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उन्होंने कहा, 'यह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन, विदेश मंत्री पोम्पिओ और राष्ट्रपति के लिये है. इसलिए मैं उस पर कोई टिप्पणी नहीं करने जा रहा हूं. राष्ट्रपति कुछ भी मनगढ़ंत बातें नहीं करते हैं.' एक दिन पहले, व्हाइट हाउस में जब ट्रंप पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान से मिले थे तो उन्होंने कश्मीर मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच 'मध्यस्थ' बनने की पेशकश की थी.   ट्रंप (Donald Trump) ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले महीने जापान के ओसाका में जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर मुलाकात के दौरान उनसे कश्मीर पर मध्यस्थता करने को कहा था. उधर, भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस बात का खंडन किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने कभी इस तरह का अनुरोध किया था. उन्होंने संसद में एक बयान में कहा, 'मैं सदन को स्पष्ट रूप से आश्वस्त करना चाहूंगा कि प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति से ऐसा कोई अनुरोध नहीं किया है. मैं दोहराता हूं कि प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति से ऐसा कोई अनुरोध नहीं किया था.' (इनपुट: भाषा)
यहाँ एक सारांश है:ट्रंप के मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा- राष्ट्रपति मनगढ़ंत बातें नहीं करते ट्रंप की कश्मीर मामले पर की गई टिप्पणी के बाद सामने आया सलाहकार का बयान ट्रंप ने कहा था- पीएम मोदी ने कश्मीर पर उनसे मध्यस्थता करने के लिए कहा था
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: आशुतोष गोवारिकर (Ashutosh Gowariker) की फिल्म 'पानीपत' (Panipat) लंबे समय से चर्चा में है. आशुतोष की यह मैग्नम ओपस फिल्म इस साल की मोस्ट अवेटेड फिल्मों में से एक होगी. आशुतोष की इस पीरियड ड्रामा फिल्म में अर्जुन कपूर (Arjun Kapoor) के लुक और फिल्म की बेहतरीन स्टार कास्ट को लेकर तो लगातार चर्चाएं हो ही रही हैं. लेकिन अब आशुतोष ने इस फिल्म से एक ऐसा नाम जोड़ दिया है, जो कि दर्शकों के लिए किसी सरप्राइज से कम नहीं होगा. फिल्म 'पानीपत' (Panipat) से एक ऐसा लीजेंडरी नाम जुड़ गया है, जिनकी अदाकारी के दीवाने दर्शक कई दशक से रहे हैं. वह वेटरन अभिनेत्री कोई और नहीं, बल्कि जीनत अमान (Zeenat Aman) हैं. खबर के मुताबिक, जीनत (Zeenat Aman) पानीपत फिल्म में सकीना बेगम का किरदार निभाती नजर आएंगी. यह बात जगजाहिर है कि सकीना बेगम की भूमिका पानीपत की लड़ाई में अहम थी. सकीना, जिन्होंने होशियारगंज के राजकाज में अपने शर्तों और अपने दमखम पर पहचान दिलाई. साथ ही वहां की राजनीति में भी अपनी सूझबूझ से भी अहम भूमिका निभाई थी. जाहिर है कि जबकि फिल्म इसी विषय पर आधारित है तो इस लिहाज से यह किरदार बेहद खास था. जीनत, जिन्होंने अपने करियर में कई यादगार और सशक्त भूमिकाएं निभाई हैं, आशुतोष (Ashutosh Gowariker) ने उन्हें अपनी फिल्म में एक स्पेशल भूमिका निभाने के लिए राजी कर लिया है. जीनत फिल्म में एक स्पेशल गेस्ट अपीयरेंस में  होंगी. हालांकि, यह स्पेशल अपीयरेंस है, लेकिन फिल्म की कहानी में इस किरदार की अहम भूमिका होगी.  आशुतोष (Ashutosh Gowariker) जीनत के साथ काम करने को लेकर काफी उत्साहित हैं. उन्होंने बातचीत के दौरान कहा, ' मेरे लिए वाकई यह सौभाग्य की बात है और में गर्व महसूस कर रहा हूं कि जीनत जी को निर्देशित करने का मौका मिल रहा है. उनकी ऐसी कई फिल्में हैं, जो मेरी पसंदीदा फिल्में रही हैं और मैं उनके काम को हमेशा पसंद करता रहा हूं. उनके बारे में जो सबसे खास बात है, जो मुझे आकर्षित करती है कि इतनी बड़ी स्टार और इतना स्टारडम होने के बावजूद काफी विनम्र हैं. यहीं उन्हें खास बनाता है.' आशुतोष आगे कहते हैं कि वह जीनत के लुक को रिवील करने के लिए भी बेकरार हैं, लेकिन फिलहाल वह लुक जाहिर नहीं कर सकते हैं. एक दिलचस्प बात यह भी है कि वर्ष 1989 में आशुतोष ने अनंत बलानी की मिस्ट्री फिल्म गवाही में जीनत (Zeenat Aman) के साथ अभिनय भी किया था. ऐसे में एक बार फिर से दोनों साथ जुड़ने जा रहे हैं. इस बात से भी आशुतोष काफी खुश हैं. बता दें कि जीनत (Zeenat Aman) इस हफ्ते के अंत से फिल्म की शूटिंग शुरू करने जा रही हैं. बताते चलें कि पानीपत फिल्म की कहानी पानीपत के तीसरे बैटल जो कि वर्ष 1761 में 14 जनवरी को लड़ी गई थी, जो कि ऐतिहासिक लड़ाई मानी जाती है. इस पर ही आधारित है. भारत के इतिहास में यह अहम लड़ाई रही है. यह लड़ाई मराठा साम्राज्य और अफानिस्तान के राजा अहमद शाह अब्दाली के बीच लड़ी गई थी, जिन्हें  दोअब के रोहिला अफगान और अवध के नवाबों का भी समर्थन प्राप्त था. आशुतोष  (Ashutosh Gowariker) की इस फिल्म में संजय दत्त (Sanjay Dutt), अर्जुन कपूर (Arjun Kapoor) और कृति सैनन (Kriti Sanon) अहम किरदारों में हैं.
संक्षिप्त पाठ: फिल्म 'पानीपत' में अर्जुन कपूर के साथ नजर आएंगी जीनत अमान इस हफ्ते से शुरू करेंगी शूटिंग आशुतोष गोवारिकर ने खुद दी इस बात की जानकारी
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: ऑफ स्पिनर सईद अजमल के गेंदबाजी एक्शन पर सोमवार को एक नया विवाद खड़ा हो गया। भारत के सीनियर खिलाड़ियों ने रिपोर्टों के अनुसार उनकी गेंदों के वैधता पर सवाल उठाये, हालांकि आईसीसी ने इस पाकिस्तानी गेंदबाज का बचाव करते हुए कहा कि उसका एक्शन ‘निर्धारित सीमा के भीतर’ है। इंग्लिश खिलाड़ियों ने दो महीने पर अजमल के एक्शन पर चिंता व्यक्त की थी, अब भारतीयों ने रविवार को पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप के लीग मैच में जीत दर्ज करने के बाद इस मुद्दे को फिर से उठा दिया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कुछ भारतीय सीनियर खिलाड़ियों ने अजमल के ‘दूसरा’ की वैधता पर सवाल उठाये हैं। अजमल ने भारत के खिलाफ ‘हाई वोल्टेज’ मैच में सचिन तेंदुलकर का विकेट चटकाया था। बीसीसीआई अधिकारियों ने हालांकि पुष्टि नहीं की कि टीम ने अजमल के एक्शन पर आपत्ति की थी या नहीं। यह भी नहीं पता है कि भारतीय बोर्ड अधिकारिक शिकायत दर्ज करने की योजना बना रहा है या नहीं। टीवी चैनलों ने भारतीय कोच डंकन फ्लेचर के दृश्य दिखाये थे जिसमें वह ड्रेसिंग रूम में अजमल की ‘दूसरा’ गेंदबाजी एक्शन की नकल उतार रहे थे और खिलाड़ियों से इसकी चर्चा कर रहे थे।टिप्पणियां अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने अजमल के गेंदबाजी एक्शन पर चल रहे विवाद को खत्म करने की मुहिम के तहत कहा कि उसका एक्शन ‘निर्धारित सीमा के भीतर’ है। आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारून लोर्गट ने कहा, ‘हम वहीं करेंगे जो प्रोटोकाल के अंतर्गत हमें करने की अनुमति होगी। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि मैच अधिकारी, अंपायर किसी भी गेंदबाज को उसके संदिग्ध एक्शन के लिये बुला सकते हैं।’ लोर्गट ने कहा, ‘सईद अजमल के मामले में, हमने उसका परीक्षण कर लिया है। वह निर्धारित सीमा के भीतर ही गेंदबाजी करता है। इसलिये कोई मुद्दा नहीं है।’ पूर्व पाकिस्तानी कप्तान रमीज राजा को अजमल के एक्शन में कुछ भी गलत नहीं लगता। उन्होंने कहा, ‘नियम ऑफ स्पिनरों के खिलाफ हैं जिससे गेंदबाजों को खुद को बनाए रखने के लिए खुद को उभारना पड़ता है। मुझे लगता है कि उसकी गेंदबाजी में कोई समस्या नहीं है। यह बिलकुल ठीक है। वह मुथैया मुरलीधरन की तरह दूसरा गेंदबाजी नहीं करता। यह 50-50 है। यह गेंदबाजी 50 प्रतिशत हथेली और 50 प्रतिशत कलाई से होती है।’ इंग्लिश खिलाड़ियों ने दो महीने पर अजमल के एक्शन पर चिंता व्यक्त की थी, अब भारतीयों ने रविवार को पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप के लीग मैच में जीत दर्ज करने के बाद इस मुद्दे को फिर से उठा दिया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कुछ भारतीय सीनियर खिलाड़ियों ने अजमल के ‘दूसरा’ की वैधता पर सवाल उठाये हैं। अजमल ने भारत के खिलाफ ‘हाई वोल्टेज’ मैच में सचिन तेंदुलकर का विकेट चटकाया था। बीसीसीआई अधिकारियों ने हालांकि पुष्टि नहीं की कि टीम ने अजमल के एक्शन पर आपत्ति की थी या नहीं। यह भी नहीं पता है कि भारतीय बोर्ड अधिकारिक शिकायत दर्ज करने की योजना बना रहा है या नहीं। टीवी चैनलों ने भारतीय कोच डंकन फ्लेचर के दृश्य दिखाये थे जिसमें वह ड्रेसिंग रूम में अजमल की ‘दूसरा’ गेंदबाजी एक्शन की नकल उतार रहे थे और खिलाड़ियों से इसकी चर्चा कर रहे थे।टिप्पणियां अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने अजमल के गेंदबाजी एक्शन पर चल रहे विवाद को खत्म करने की मुहिम के तहत कहा कि उसका एक्शन ‘निर्धारित सीमा के भीतर’ है। आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारून लोर्गट ने कहा, ‘हम वहीं करेंगे जो प्रोटोकाल के अंतर्गत हमें करने की अनुमति होगी। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि मैच अधिकारी, अंपायर किसी भी गेंदबाज को उसके संदिग्ध एक्शन के लिये बुला सकते हैं।’ लोर्गट ने कहा, ‘सईद अजमल के मामले में, हमने उसका परीक्षण कर लिया है। वह निर्धारित सीमा के भीतर ही गेंदबाजी करता है। इसलिये कोई मुद्दा नहीं है।’ पूर्व पाकिस्तानी कप्तान रमीज राजा को अजमल के एक्शन में कुछ भी गलत नहीं लगता। उन्होंने कहा, ‘नियम ऑफ स्पिनरों के खिलाफ हैं जिससे गेंदबाजों को खुद को बनाए रखने के लिए खुद को उभारना पड़ता है। मुझे लगता है कि उसकी गेंदबाजी में कोई समस्या नहीं है। यह बिलकुल ठीक है। वह मुथैया मुरलीधरन की तरह दूसरा गेंदबाजी नहीं करता। यह 50-50 है। यह गेंदबाजी 50 प्रतिशत हथेली और 50 प्रतिशत कलाई से होती है।’ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कुछ भारतीय सीनियर खिलाड़ियों ने अजमल के ‘दूसरा’ की वैधता पर सवाल उठाये हैं। अजमल ने भारत के खिलाफ ‘हाई वोल्टेज’ मैच में सचिन तेंदुलकर का विकेट चटकाया था। बीसीसीआई अधिकारियों ने हालांकि पुष्टि नहीं की कि टीम ने अजमल के एक्शन पर आपत्ति की थी या नहीं। यह भी नहीं पता है कि भारतीय बोर्ड अधिकारिक शिकायत दर्ज करने की योजना बना रहा है या नहीं। टीवी चैनलों ने भारतीय कोच डंकन फ्लेचर के दृश्य दिखाये थे जिसमें वह ड्रेसिंग रूम में अजमल की ‘दूसरा’ गेंदबाजी एक्शन की नकल उतार रहे थे और खिलाड़ियों से इसकी चर्चा कर रहे थे।टिप्पणियां अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने अजमल के गेंदबाजी एक्शन पर चल रहे विवाद को खत्म करने की मुहिम के तहत कहा कि उसका एक्शन ‘निर्धारित सीमा के भीतर’ है। आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारून लोर्गट ने कहा, ‘हम वहीं करेंगे जो प्रोटोकाल के अंतर्गत हमें करने की अनुमति होगी। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि मैच अधिकारी, अंपायर किसी भी गेंदबाज को उसके संदिग्ध एक्शन के लिये बुला सकते हैं।’ लोर्गट ने कहा, ‘सईद अजमल के मामले में, हमने उसका परीक्षण कर लिया है। वह निर्धारित सीमा के भीतर ही गेंदबाजी करता है। इसलिये कोई मुद्दा नहीं है।’ पूर्व पाकिस्तानी कप्तान रमीज राजा को अजमल के एक्शन में कुछ भी गलत नहीं लगता। उन्होंने कहा, ‘नियम ऑफ स्पिनरों के खिलाफ हैं जिससे गेंदबाजों को खुद को बनाए रखने के लिए खुद को उभारना पड़ता है। मुझे लगता है कि उसकी गेंदबाजी में कोई समस्या नहीं है। यह बिलकुल ठीक है। वह मुथैया मुरलीधरन की तरह दूसरा गेंदबाजी नहीं करता। यह 50-50 है। यह गेंदबाजी 50 प्रतिशत हथेली और 50 प्रतिशत कलाई से होती है।’ बीसीसीआई अधिकारियों ने हालांकि पुष्टि नहीं की कि टीम ने अजमल के एक्शन पर आपत्ति की थी या नहीं। यह भी नहीं पता है कि भारतीय बोर्ड अधिकारिक शिकायत दर्ज करने की योजना बना रहा है या नहीं। टीवी चैनलों ने भारतीय कोच डंकन फ्लेचर के दृश्य दिखाये थे जिसमें वह ड्रेसिंग रूम में अजमल की ‘दूसरा’ गेंदबाजी एक्शन की नकल उतार रहे थे और खिलाड़ियों से इसकी चर्चा कर रहे थे।टिप्पणियां अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने अजमल के गेंदबाजी एक्शन पर चल रहे विवाद को खत्म करने की मुहिम के तहत कहा कि उसका एक्शन ‘निर्धारित सीमा के भीतर’ है। आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारून लोर्गट ने कहा, ‘हम वहीं करेंगे जो प्रोटोकाल के अंतर्गत हमें करने की अनुमति होगी। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि मैच अधिकारी, अंपायर किसी भी गेंदबाज को उसके संदिग्ध एक्शन के लिये बुला सकते हैं।’ लोर्गट ने कहा, ‘सईद अजमल के मामले में, हमने उसका परीक्षण कर लिया है। वह निर्धारित सीमा के भीतर ही गेंदबाजी करता है। इसलिये कोई मुद्दा नहीं है।’ पूर्व पाकिस्तानी कप्तान रमीज राजा को अजमल के एक्शन में कुछ भी गलत नहीं लगता। उन्होंने कहा, ‘नियम ऑफ स्पिनरों के खिलाफ हैं जिससे गेंदबाजों को खुद को बनाए रखने के लिए खुद को उभारना पड़ता है। मुझे लगता है कि उसकी गेंदबाजी में कोई समस्या नहीं है। यह बिलकुल ठीक है। वह मुथैया मुरलीधरन की तरह दूसरा गेंदबाजी नहीं करता। यह 50-50 है। यह गेंदबाजी 50 प्रतिशत हथेली और 50 प्रतिशत कलाई से होती है।’ टीवी चैनलों ने भारतीय कोच डंकन फ्लेचर के दृश्य दिखाये थे जिसमें वह ड्रेसिंग रूम में अजमल की ‘दूसरा’ गेंदबाजी एक्शन की नकल उतार रहे थे और खिलाड़ियों से इसकी चर्चा कर रहे थे।टिप्पणियां अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने अजमल के गेंदबाजी एक्शन पर चल रहे विवाद को खत्म करने की मुहिम के तहत कहा कि उसका एक्शन ‘निर्धारित सीमा के भीतर’ है। आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारून लोर्गट ने कहा, ‘हम वहीं करेंगे जो प्रोटोकाल के अंतर्गत हमें करने की अनुमति होगी। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि मैच अधिकारी, अंपायर किसी भी गेंदबाज को उसके संदिग्ध एक्शन के लिये बुला सकते हैं।’ लोर्गट ने कहा, ‘सईद अजमल के मामले में, हमने उसका परीक्षण कर लिया है। वह निर्धारित सीमा के भीतर ही गेंदबाजी करता है। इसलिये कोई मुद्दा नहीं है।’ पूर्व पाकिस्तानी कप्तान रमीज राजा को अजमल के एक्शन में कुछ भी गलत नहीं लगता। उन्होंने कहा, ‘नियम ऑफ स्पिनरों के खिलाफ हैं जिससे गेंदबाजों को खुद को बनाए रखने के लिए खुद को उभारना पड़ता है। मुझे लगता है कि उसकी गेंदबाजी में कोई समस्या नहीं है। यह बिलकुल ठीक है। वह मुथैया मुरलीधरन की तरह दूसरा गेंदबाजी नहीं करता। यह 50-50 है। यह गेंदबाजी 50 प्रतिशत हथेली और 50 प्रतिशत कलाई से होती है।’ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने अजमल के गेंदबाजी एक्शन पर चल रहे विवाद को खत्म करने की मुहिम के तहत कहा कि उसका एक्शन ‘निर्धारित सीमा के भीतर’ है। आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारून लोर्गट ने कहा, ‘हम वहीं करेंगे जो प्रोटोकाल के अंतर्गत हमें करने की अनुमति होगी। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि मैच अधिकारी, अंपायर किसी भी गेंदबाज को उसके संदिग्ध एक्शन के लिये बुला सकते हैं।’ लोर्गट ने कहा, ‘सईद अजमल के मामले में, हमने उसका परीक्षण कर लिया है। वह निर्धारित सीमा के भीतर ही गेंदबाजी करता है। इसलिये कोई मुद्दा नहीं है।’ पूर्व पाकिस्तानी कप्तान रमीज राजा को अजमल के एक्शन में कुछ भी गलत नहीं लगता। उन्होंने कहा, ‘नियम ऑफ स्पिनरों के खिलाफ हैं जिससे गेंदबाजों को खुद को बनाए रखने के लिए खुद को उभारना पड़ता है। मुझे लगता है कि उसकी गेंदबाजी में कोई समस्या नहीं है। यह बिलकुल ठीक है। वह मुथैया मुरलीधरन की तरह दूसरा गेंदबाजी नहीं करता। यह 50-50 है। यह गेंदबाजी 50 प्रतिशत हथेली और 50 प्रतिशत कलाई से होती है।’ उन्होंने कहा, ‘नियम ऑफ स्पिनरों के खिलाफ हैं जिससे गेंदबाजों को खुद को बनाए रखने के लिए खुद को उभारना पड़ता है। मुझे लगता है कि उसकी गेंदबाजी में कोई समस्या नहीं है। यह बिलकुल ठीक है। वह मुथैया मुरलीधरन की तरह दूसरा गेंदबाजी नहीं करता। यह 50-50 है। यह गेंदबाजी 50 प्रतिशत हथेली और 50 प्रतिशत कलाई से होती है।’
यह एक सारांश है: भारत के सीनियर खिलाड़ियों ने रिपोर्टों के अनुसार उनकी गेंदों के वैधता पर सवाल उठाये, हालांकि आईसीसी ने इस पाकिस्तानी गेंदबाज का बचाव करते हुए कहा कि उसका एक्शन ‘निर्धारित सीमा के भीतर’ है।
2
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के राष्ट्रपति पद के चुनाव में प्रणब मुखर्जी ने 3,97,776 मतों के अंतर से जबर्दस्त जीत दर्ज की हालांकि वह सबसे अधिक नौ लाख से अधिक मतों के भारी अंतर से राष्ट्रपति चुने जाने के केआर नारायण के रिकॉर्ड को नहीं तोड़ सके। प्रणब दा की जीत का अंतर जाकिर हुसैन, डॉ. शंकर दयाल शर्मा और प्रतिभा पाटिल से बेहतर रहा।टिप्पणियां प्रणब दा को 7,13,763 मत मूल्य प्राप्त हुए जबकि उनके प्रतिद्वन्द्वी पीए संगमा को 3,15,987 मत मूल्य हासिल हुए। भारत में राष्ट्रपति पद के लिए अब तक हुए 12 चुनाव में वीवी गिरि 14,650 मतों से जीत दर्जकर सबसे कम अंतर से चुनाव जीतने वाले राष्ट्रपति बने जबकि केआर नारायणन ने नौ लाख से अधिक मतों से जीत दर्ज करने का रिकॉर्ड बनाया जिसे अब तक तोड़ा नहीं जा सका है। राष्ट्रपति पद के लिए दो मई 1952 को हुए पहले चुनाव में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद 5,07,400 मत प्राप्त कर विजयी रहे। चुनाव में टी शाह को 92, 827 मत मिले। राजेन्द्र प्रसाद 4,14,573 मतों से विजयी हुए थे। प्रणब दा को 7,13,763 मत मूल्य प्राप्त हुए जबकि उनके प्रतिद्वन्द्वी पीए संगमा को 3,15,987 मत मूल्य हासिल हुए। भारत में राष्ट्रपति पद के लिए अब तक हुए 12 चुनाव में वीवी गिरि 14,650 मतों से जीत दर्जकर सबसे कम अंतर से चुनाव जीतने वाले राष्ट्रपति बने जबकि केआर नारायणन ने नौ लाख से अधिक मतों से जीत दर्ज करने का रिकॉर्ड बनाया जिसे अब तक तोड़ा नहीं जा सका है। राष्ट्रपति पद के लिए दो मई 1952 को हुए पहले चुनाव में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद 5,07,400 मत प्राप्त कर विजयी रहे। चुनाव में टी शाह को 92, 827 मत मिले। राजेन्द्र प्रसाद 4,14,573 मतों से विजयी हुए थे। राष्ट्रपति पद के लिए दो मई 1952 को हुए पहले चुनाव में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद 5,07,400 मत प्राप्त कर विजयी रहे। चुनाव में टी शाह को 92, 827 मत मिले। राजेन्द्र प्रसाद 4,14,573 मतों से विजयी हुए थे।
सारांश: भारत के राष्ट्रपति पद के चुनाव में प्रणब मुखर्जी ने 3,97,776 मतों के अंतर से जबर्दस्त जीत दर्ज की हालांकि वह सबसे अधिक नौ लाख से अधिक मतों के भारी अंतर से राष्ट्रपति चुने जाने के केआर नारायण के रिकॉर्ड को नहीं तोड़ सके।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार जहां चार अगस्त को लोकसभा में लोकपाल विधेयक पेश करने वाली है, वहीं गांधीवादी अन्ना हज़ारे ने इस विधेयक को कमज़ोर और गरीब विरोधी करार देते हुए इसे पेश नहीं होने देने की सांसदों से अपील की। लोकपाल के मुद्दे पर अपने आंदोलन को तेज करने के लिए हज़ारे ने 22 सदस्यीय कोर समिति का भी गठन कर दिया है। हजारे ने सभी सांसदों को लिखे खुले पत्र में कहा, इतना कमज़ोर विधेयक लाना संसद और सांसदों, दोनों का अपमान है। इसमें ऐसे बहुत से मुद्दे मौजूद ही नहीं हैं, जिन पर संसद में बहस होनी चाहिए। गांधीवादी कार्यकर्ता ने कहा कि वह देश के गरीब लोगों के हितों की रक्षा के लिये लोकपाल मसौदा संयुक्त समिति में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा, लेकिन अब मुझे अफसोस के साथ यह कहना पड़ रहा है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जिस लोकपाल मसौदा विधेयक को मंजूरी दी, उसमें आम आदमी को भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाने वाले अधिकतर मुद्दे नजरअंदाज कर दिए गए। सरकार ने जो लोकपाल मसौदा विधेयक तैयार किया है, उसमें गरीब आदमी को भ्रष्टाचार से राहत दिलाने की कोई व्यवस्था नहीं है। हज़ारे ने कहा, अगर सरकार इस बारे में ध्यान नहीं देती है तो मैं 16 अगस्त से अनिश्चितकालीन अनशन का ऐलान कर चुका हूं। मेरा यह अनशन संसद के विरोध में नहीं, बल्कि सरकार के कमजोर विधेयक के खिलाफ होगा। उन्होंने सांसदों से कहा, मैं उम्मीद करता हूं कि देश की संसद अपनी परंपरा और दायित्वों का निर्वाह करते हुए ऐसे गरीब विरोधी विधेयक को पेश होने से रोकेगी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: लोकपाल के मुद्दे पर अपने आंदोलन को तेज करने के लिए हज़ारे ने 22 सदस्यीय कोर समिति का भी गठन कर दिया है।
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: ऑस्ट्रेलियाई इतिहास में एद हुसेक को देश का पहला मुस्लिम मंत्री बने कुछ ही घंटे बीते थे कि कुरान में मंत्री पद की शपथ लेने को लेकर उनके खिलाफ आनलाइन नस्ली टिप्पणियों की बाढ़ आ गई। 43 वर्षीय हुसेक को मंगलवार को प्रधानमंत्री केविन रड का संसदीय मंत्री तथा ब्राडबैंड मामलों का संसदीय मंत्री नियुक्त किया गया था। बोस्नियाई अप्रवासी माता-पिता की संतान हुसेक संघीय संसद में पहले सांसद हैं जिन्होंने कुरान पर हाथ रखकर पद एवं गोपनीयता की शपथ ली है। हुसेक ने मंगलवार को मीडिया को बताया कि उन्होंने कुरान पर हाथ रखकर शपथ लेने का बेबाक फैसला किया था। उन्होंने कहा, ‘‘मैं बाइबल पर हाथ रखकर शपथ नहीं ले सकता था। मैं जो हूं, वह हूं। मैंने बेबाक फैसला किया।’’टिप्पणियां कल आधिकारिक शपथ ग्रहण समारेाह में आस्ट्रेलिया के गवर्नर जनरल क्वेंतीन ब्रायस ने कहा, ‘‘बहुसंस्कृतिवाद के लिए यह एक महान दिन है।’’ लेकिन हुसेक के फेसबुक पेज पर कुछ ही घंटों बाद नस्ली टिप्पणियों का ढेर लग गया जिसमें इसे ‘‘घृणात्मक’’ और ‘‘गैर-ऑस्ट्रेलियाई’’ करार दिया गया। हुसेक ने कहा कि सोशल मीडिया साइट पर उनके खिलाफ हमला करना ‘‘लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा है।’’ इस बीच, उनके साथी सांसद राब मिशेल ने ट्विटर पर गैर इस्लामिक टिप्पणियों पर आक्रोश जताते हुए कहा कि हुसेक के खिलाफ इस प्रकार के निंदनीय व्यवहार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह निष्पक्षता और गरिमा के खिलाफ है। 43 वर्षीय हुसेक को मंगलवार को प्रधानमंत्री केविन रड का संसदीय मंत्री तथा ब्राडबैंड मामलों का संसदीय मंत्री नियुक्त किया गया था। बोस्नियाई अप्रवासी माता-पिता की संतान हुसेक संघीय संसद में पहले सांसद हैं जिन्होंने कुरान पर हाथ रखकर पद एवं गोपनीयता की शपथ ली है। हुसेक ने मंगलवार को मीडिया को बताया कि उन्होंने कुरान पर हाथ रखकर शपथ लेने का बेबाक फैसला किया था। उन्होंने कहा, ‘‘मैं बाइबल पर हाथ रखकर शपथ नहीं ले सकता था। मैं जो हूं, वह हूं। मैंने बेबाक फैसला किया।’’टिप्पणियां कल आधिकारिक शपथ ग्रहण समारेाह में आस्ट्रेलिया के गवर्नर जनरल क्वेंतीन ब्रायस ने कहा, ‘‘बहुसंस्कृतिवाद के लिए यह एक महान दिन है।’’ लेकिन हुसेक के फेसबुक पेज पर कुछ ही घंटों बाद नस्ली टिप्पणियों का ढेर लग गया जिसमें इसे ‘‘घृणात्मक’’ और ‘‘गैर-ऑस्ट्रेलियाई’’ करार दिया गया। हुसेक ने कहा कि सोशल मीडिया साइट पर उनके खिलाफ हमला करना ‘‘लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा है।’’ इस बीच, उनके साथी सांसद राब मिशेल ने ट्विटर पर गैर इस्लामिक टिप्पणियों पर आक्रोश जताते हुए कहा कि हुसेक के खिलाफ इस प्रकार के निंदनीय व्यवहार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह निष्पक्षता और गरिमा के खिलाफ है। बोस्नियाई अप्रवासी माता-पिता की संतान हुसेक संघीय संसद में पहले सांसद हैं जिन्होंने कुरान पर हाथ रखकर पद एवं गोपनीयता की शपथ ली है। हुसेक ने मंगलवार को मीडिया को बताया कि उन्होंने कुरान पर हाथ रखकर शपथ लेने का बेबाक फैसला किया था। उन्होंने कहा, ‘‘मैं बाइबल पर हाथ रखकर शपथ नहीं ले सकता था। मैं जो हूं, वह हूं। मैंने बेबाक फैसला किया।’’टिप्पणियां कल आधिकारिक शपथ ग्रहण समारेाह में आस्ट्रेलिया के गवर्नर जनरल क्वेंतीन ब्रायस ने कहा, ‘‘बहुसंस्कृतिवाद के लिए यह एक महान दिन है।’’ लेकिन हुसेक के फेसबुक पेज पर कुछ ही घंटों बाद नस्ली टिप्पणियों का ढेर लग गया जिसमें इसे ‘‘घृणात्मक’’ और ‘‘गैर-ऑस्ट्रेलियाई’’ करार दिया गया। हुसेक ने कहा कि सोशल मीडिया साइट पर उनके खिलाफ हमला करना ‘‘लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा है।’’ इस बीच, उनके साथी सांसद राब मिशेल ने ट्विटर पर गैर इस्लामिक टिप्पणियों पर आक्रोश जताते हुए कहा कि हुसेक के खिलाफ इस प्रकार के निंदनीय व्यवहार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह निष्पक्षता और गरिमा के खिलाफ है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं बाइबल पर हाथ रखकर शपथ नहीं ले सकता था। मैं जो हूं, वह हूं। मैंने बेबाक फैसला किया।’’टिप्पणियां कल आधिकारिक शपथ ग्रहण समारेाह में आस्ट्रेलिया के गवर्नर जनरल क्वेंतीन ब्रायस ने कहा, ‘‘बहुसंस्कृतिवाद के लिए यह एक महान दिन है।’’ लेकिन हुसेक के फेसबुक पेज पर कुछ ही घंटों बाद नस्ली टिप्पणियों का ढेर लग गया जिसमें इसे ‘‘घृणात्मक’’ और ‘‘गैर-ऑस्ट्रेलियाई’’ करार दिया गया। हुसेक ने कहा कि सोशल मीडिया साइट पर उनके खिलाफ हमला करना ‘‘लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा है।’’ इस बीच, उनके साथी सांसद राब मिशेल ने ट्विटर पर गैर इस्लामिक टिप्पणियों पर आक्रोश जताते हुए कहा कि हुसेक के खिलाफ इस प्रकार के निंदनीय व्यवहार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह निष्पक्षता और गरिमा के खिलाफ है। कल आधिकारिक शपथ ग्रहण समारेाह में आस्ट्रेलिया के गवर्नर जनरल क्वेंतीन ब्रायस ने कहा, ‘‘बहुसंस्कृतिवाद के लिए यह एक महान दिन है।’’ लेकिन हुसेक के फेसबुक पेज पर कुछ ही घंटों बाद नस्ली टिप्पणियों का ढेर लग गया जिसमें इसे ‘‘घृणात्मक’’ और ‘‘गैर-ऑस्ट्रेलियाई’’ करार दिया गया। हुसेक ने कहा कि सोशल मीडिया साइट पर उनके खिलाफ हमला करना ‘‘लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा है।’’ इस बीच, उनके साथी सांसद राब मिशेल ने ट्विटर पर गैर इस्लामिक टिप्पणियों पर आक्रोश जताते हुए कहा कि हुसेक के खिलाफ इस प्रकार के निंदनीय व्यवहार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह निष्पक्षता और गरिमा के खिलाफ है। हुसेक ने कहा कि सोशल मीडिया साइट पर उनके खिलाफ हमला करना ‘‘लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा है।’’ इस बीच, उनके साथी सांसद राब मिशेल ने ट्विटर पर गैर इस्लामिक टिप्पणियों पर आक्रोश जताते हुए कहा कि हुसेक के खिलाफ इस प्रकार के निंदनीय व्यवहार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह निष्पक्षता और गरिमा के खिलाफ है।
संक्षिप्त सारांश: बोस्नियाई अप्रवासी माता-पिता की संतान हुसेक संघीय संसद में पहले सांसद हैं जिन्होंने कुरान पर हाथ रखकर पद एवं गोपनीयता की शपथ ली है। हुसेक ने मंगलवार को मीडिया को बताया कि उन्होंने कुरान पर हाथ रखकर शपथ लेने का बेबाक फैसला किया था।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने बुधवार को बिहार के मुख्यमंत्री और अपने धुर विरोधी नीतीश कुमार को आड़े हाथों लिया और महागठबंधन की कमजोर छवि पेश करने के लिए उनकी आलोचना की. नीतीश कुमार ने भविष्यवाणी की थी कि विपक्षी दलों के महागठबंधन का राज्य में कोई भविष्य नहीं है. चारा घोटाले से जुड़े कई मामलों में रांची की जेल में सजा काट रहे लालू प्रसाद ने नीतीश कुमार द्वारा इस सप्ताह की शुरुआत में की गई टिप्पणी पर मुख्यमंत्री को आड़े हाथों लिया. लालू ने ट्वीट किया, ‘‘जो आदमी महागठबंधन द्वारा हासिल गए गए जनता के वोटों की बदौलत कुर्सी पर बैठा है, वह गठबंधन के भविष्य को लेकर भविष्यवाणी कर रहे हैं.''       महागठबंधन का कोई भविष्य नहीं: नीतीश कुमार जो आदमी महागठबंधन के वोट से कुर्सी पर बैठा है। जिसने दिनदहाड़े जनादेश की डकैती एवं 11 करोड़ बिहारियों के जनादेश का अपमान किया है वह किस ज़ुबान से महागठबंधन का भविष्य बता रहा है। ऐसे पलटू दग़ाबाज़ों को शर्म भी नहीं आती। लालू इस समय झारखंड में एक अस्पताल में हैं और अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल के जरिए अपने विचार साझा करते हैं. उनके ट्वीटर हैंडल को उनके करीबी लोग संचालित करते हैं.     (इनपुट भाषा से)
संक्षिप्त सारांश: नीतीश ने कहा था- विपक्षी दलों के महागठबंधन का राज्य में कोई भविष्य नहीं झारखंड में एक अस्पताल में इलाज करा रहे हैं लालू यादव आरजेडी के नेता ने ट्विटर पर नीतीश कुमार को आड़े हाथों लिया
0
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारतीय हॉकी महासंघ (आईएचएफ) ने भारतीय ओलिम्पिक संघ के उस तीन सदस्यीय पैनल की वैधता पर सवाल उठाया जो आईएचएफ और उसके प्रतिद्वंद्वी हॉकी इंडिया में से देश में इस खेल को चलाने के लिए एक वैध संस्था का पता लगाने के गठित की गई है। आईएचएफ ने इस कदम को उच्च न्यायालय की अवमानना भी करार दिया। विश्व सीरीज हॉकी की प्रतिस्पर्धा में नई लीग शुरू करने की हॉकी इंडिया की योजना को आईएचएफ ने ‘अनधिकृत और गैरकानूनी’ करार दिया और जनवरी तथा फरवरी में होने वाली इस लीग को रोकने के लिए कानूनी कार्रवाई की धमकी दी है।टिप्पणियां आईएचएफ के महासचिव अशोक माथुर ने शुक्रवार को विज्ञप्ति में कहा, ‘इस बारे में भारतीय ओलिम्पिक संघ ही जानकारी दे सकता है कि उसने दिल्ली उच्च न्यायालय के 2010 में 21 मई को दिए आदेश की अनदेखी क्यों की है।’ माथुर ने कहा, ‘भारतीय ओलिम्पिक संघ ने ऐसे मामले के लिए पैनल गठित किया जिस पर अदालत पहले ही फैसला कर चुका है। अदालत पहले ही कह चुका है कि भारतीय हॉकी महासंघ (आईएचएफ) ही भारत में हॉकी की असली संचालन समिति है। इसका उल्लंघन करना अदालत की अवमानना मानी जाएगी। विश्व सीरीज हॉकी की प्रतिस्पर्धा में नई लीग शुरू करने की हॉकी इंडिया की योजना को आईएचएफ ने ‘अनधिकृत और गैरकानूनी’ करार दिया और जनवरी तथा फरवरी में होने वाली इस लीग को रोकने के लिए कानूनी कार्रवाई की धमकी दी है।टिप्पणियां आईएचएफ के महासचिव अशोक माथुर ने शुक्रवार को विज्ञप्ति में कहा, ‘इस बारे में भारतीय ओलिम्पिक संघ ही जानकारी दे सकता है कि उसने दिल्ली उच्च न्यायालय के 2010 में 21 मई को दिए आदेश की अनदेखी क्यों की है।’ माथुर ने कहा, ‘भारतीय ओलिम्पिक संघ ने ऐसे मामले के लिए पैनल गठित किया जिस पर अदालत पहले ही फैसला कर चुका है। अदालत पहले ही कह चुका है कि भारतीय हॉकी महासंघ (आईएचएफ) ही भारत में हॉकी की असली संचालन समिति है। इसका उल्लंघन करना अदालत की अवमानना मानी जाएगी। आईएचएफ के महासचिव अशोक माथुर ने शुक्रवार को विज्ञप्ति में कहा, ‘इस बारे में भारतीय ओलिम्पिक संघ ही जानकारी दे सकता है कि उसने दिल्ली उच्च न्यायालय के 2010 में 21 मई को दिए आदेश की अनदेखी क्यों की है।’ माथुर ने कहा, ‘भारतीय ओलिम्पिक संघ ने ऐसे मामले के लिए पैनल गठित किया जिस पर अदालत पहले ही फैसला कर चुका है। अदालत पहले ही कह चुका है कि भारतीय हॉकी महासंघ (आईएचएफ) ही भारत में हॉकी की असली संचालन समिति है। इसका उल्लंघन करना अदालत की अवमानना मानी जाएगी। माथुर ने कहा, ‘भारतीय ओलिम्पिक संघ ने ऐसे मामले के लिए पैनल गठित किया जिस पर अदालत पहले ही फैसला कर चुका है। अदालत पहले ही कह चुका है कि भारतीय हॉकी महासंघ (आईएचएफ) ही भारत में हॉकी की असली संचालन समिति है। इसका उल्लंघन करना अदालत की अवमानना मानी जाएगी।
यहाँ एक सारांश है:आईएचएफ ने आईओए के उस तीन सदस्यीय पैनल की वैधता पर सवाल उठाया जो आईएचएफ और उसके प्रतिद्वंद्वी हॉकी इंडिया में से देश में इस खेल को चलाने के लिए एक वैध संस्था का पता लगाने के गठित की गई है।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने शनिवार को कहा कि वह जल्दी ही विवादित आदर्श सोसायटी में बेनामी संपत्ति के वास्तविक मालिकों का पर्दाफाश किया जाएगा।टिप्पणियां सिंह ने कहा कि आदर्श हाउसिंग सोसायटी में फ्लैट के मालिकों के वास्तविक नाम मैं जल्दी ही जारी करूंगा। नितिन गडकरी पर लगे आरोपों और विवाद पर चुटकी लेते हुए सिंह ने कहा कि आदर्श के तले भी कोई ड्राइवर हो सकता है.... वह मीडिया में आई उन खबरों का हवाला दे रहे थे जिनमें कहा गया है कि गडकरी का ड्राइवर एक कंपनी का निदेशक है। सिंह ने कहा कि आदर्श हाउसिंग सोसायटी में फ्लैट के मालिकों के वास्तविक नाम मैं जल्दी ही जारी करूंगा। नितिन गडकरी पर लगे आरोपों और विवाद पर चुटकी लेते हुए सिंह ने कहा कि आदर्श के तले भी कोई ड्राइवर हो सकता है.... वह मीडिया में आई उन खबरों का हवाला दे रहे थे जिनमें कहा गया है कि गडकरी का ड्राइवर एक कंपनी का निदेशक है। नितिन गडकरी पर लगे आरोपों और विवाद पर चुटकी लेते हुए सिंह ने कहा कि आदर्श के तले भी कोई ड्राइवर हो सकता है.... वह मीडिया में आई उन खबरों का हवाला दे रहे थे जिनमें कहा गया है कि गडकरी का ड्राइवर एक कंपनी का निदेशक है।
संक्षिप्त पाठ: कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने शनिवार को कहा कि वह जल्दी ही विवादित आदर्श सोसायटी में बेनामी संपत्ति के वास्तविक मालिकों का पर्दाफाश किया जाएगा।
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पांचवें संस्करण के लिए वीडियोकान डी2एच, किंग्स इलेवन पंजाब का आधिकारिक प्रायोजक बन गया है। किंग्स इलेवन टीम की जर्सी पर वीडियोकान डी2एच का लोगो दिखेगा। किंग्स इलेवन के मुख्य संचालन अधिकारी अरविंदर सिंह ने कहा, "हमें वीडियोकान डी2एच को अपना आधिकारिक सहयोगी बनाते हुए प्रसन्नता हो रही है। हम वीडियोकोन के जुड़ाव से बेहद आशान्वित हैं क्योंकि दोनों ब्रांड किंग्स इलेवन एवं वीडियोकान डी2एच युवा होने के साथ प्रशंसकों के मनोरंजन में विश्वास रखते हैं। हमें उम्मीद है कि समय बीतने के साथ यह जुड़ाव और भी मजबूत होगा।"टिप्पणियां वीडियोकान समूह के निदेशक सौरभ धूत ने कहा कि भारत में किक्रेट धर्म की तरह है और आईपीएल इसे अपने संक्षिप्त स्वरूप के कारण बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचने में सहायता कर रहा है। उन्होंने कहा, "वीडियोकान डी2एच पहले भी आईपीएल से जुड़ा रहा है और इस बार हमने किंग्स इलेवन से गठबंधन किया है।" किंग्स इलेवन के मुख्य संचालन अधिकारी अरविंदर सिंह ने कहा, "हमें वीडियोकान डी2एच को अपना आधिकारिक सहयोगी बनाते हुए प्रसन्नता हो रही है। हम वीडियोकोन के जुड़ाव से बेहद आशान्वित हैं क्योंकि दोनों ब्रांड किंग्स इलेवन एवं वीडियोकान डी2एच युवा होने के साथ प्रशंसकों के मनोरंजन में विश्वास रखते हैं। हमें उम्मीद है कि समय बीतने के साथ यह जुड़ाव और भी मजबूत होगा।"टिप्पणियां वीडियोकान समूह के निदेशक सौरभ धूत ने कहा कि भारत में किक्रेट धर्म की तरह है और आईपीएल इसे अपने संक्षिप्त स्वरूप के कारण बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचने में सहायता कर रहा है। उन्होंने कहा, "वीडियोकान डी2एच पहले भी आईपीएल से जुड़ा रहा है और इस बार हमने किंग्स इलेवन से गठबंधन किया है।" वीडियोकान समूह के निदेशक सौरभ धूत ने कहा कि भारत में किक्रेट धर्म की तरह है और आईपीएल इसे अपने संक्षिप्त स्वरूप के कारण बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचने में सहायता कर रहा है। उन्होंने कहा, "वीडियोकान डी2एच पहले भी आईपीएल से जुड़ा रहा है और इस बार हमने किंग्स इलेवन से गठबंधन किया है।" उन्होंने कहा, "वीडियोकान डी2एच पहले भी आईपीएल से जुड़ा रहा है और इस बार हमने किंग्स इलेवन से गठबंधन किया है।"
यह एक सारांश है: आईपीएल के पांचवें संस्करण के लिए वीडियोकान डी2एच, किंग्स इलेवन पंजाब का आधिकारिक प्रायोजक बन गया है। किंग्स इलेवन टीम की जर्सी पर वीडियोकान डी2एच का लोगो दिखेगा।
24
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को होने वाले कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार को लखनऊ पहुंचेंगे. प्रधानमंत्री के लखनऊ आगमन को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. पीएम मोदी यहां भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के अलावा कुछ अन्य कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे. योग दिवस को लेकर सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है. प्रधानमंत्री यहां रमाबाई अंबेडकर मैदान में 55 हजार लोगों के साथ योग करेंगे. टिप्पणियां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद ही सारी तैयारियों का जायजा ले रहे हैं. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सुरक्षा के लिहाज से 400 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. गृह विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री शाम करीब 5.15 बजे अमौसी हवाईअड्डे से हेलीकॉप्टर के जरिये जानकीपुरम स्थित केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (सीडीआरआई) पहुंचेंगे. यहां सीडीआरआई और नए भवन का लोकार्पण करेंगे. साथ ही नई प्रयोगशाला का भ्रमण भी करेंगे. प्रधानमंत्री इसके बाद शाम करीब 6.10 बजे सीडीआरआई से सड़क मार्ग से होते हुए अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) पहुंचेंगे. यहां नवनिर्मित भवन का लोकार्पण करेंगे. इसके बाद 400 केवी लखनऊ-कानपुर डीसी ट्रांसमिशन लाइन का लोकार्पण करेंगे. एकेटीयू में ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 20 लाभार्थियों को आवास का आवंटन पत्र वितरित करेंगे. पीएम मोदी राजभवन में विश्राम से पहले मुख्यमंत्री के पांच, कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर आयोजित भोज में शामिल होंगे. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद ही सारी तैयारियों का जायजा ले रहे हैं. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सुरक्षा के लिहाज से 400 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. गृह विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री शाम करीब 5.15 बजे अमौसी हवाईअड्डे से हेलीकॉप्टर के जरिये जानकीपुरम स्थित केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (सीडीआरआई) पहुंचेंगे. यहां सीडीआरआई और नए भवन का लोकार्पण करेंगे. साथ ही नई प्रयोगशाला का भ्रमण भी करेंगे. प्रधानमंत्री इसके बाद शाम करीब 6.10 बजे सीडीआरआई से सड़क मार्ग से होते हुए अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) पहुंचेंगे. यहां नवनिर्मित भवन का लोकार्पण करेंगे. इसके बाद 400 केवी लखनऊ-कानपुर डीसी ट्रांसमिशन लाइन का लोकार्पण करेंगे. एकेटीयू में ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 20 लाभार्थियों को आवास का आवंटन पत्र वितरित करेंगे. पीएम मोदी राजभवन में विश्राम से पहले मुख्यमंत्री के पांच, कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर आयोजित भोज में शामिल होंगे. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: 55 हजार लोगों के साथ करेंगे योग योगी आदित्यनाथ खुद रख रहे हैं तैयारियों पर नजर पीएम मोदी का कई अन्य कार्यक्रमों में भी लेंगे हिस्सा
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पेंटागन ने कहा है कि सीरिया पर प्रस्तावित कार्रवाई से अफगानिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई से ध्यान नहीं हटेगा। पेंटागन ने इस बात पर जोर दिया कि वह दोनों देशों में सफल अभियान चलाने में सक्षम है।टिप्पणियां पेंटागन के प्रेस सचिव जॉर्ज लिटिल ने कहा, हम कई काम एक साथ कर सकते हैं। हम जानते हैं कि हमें अफगानिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ अभियान पूरा करना है और हम उस प्रक्रिया में शामिल रहेंगे। लिटिल ने कहा, हम अफगानिस्तान में अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं हटा रहे। यदि सीरिया का अभियान शुरू किया जाता है तो हम उसे भी संचालित कर सकते हैं और हम अफगानिस्तान का युद्ध भी लड़ सकते हैं। लिटिल सीरिया में सैन्य हमले किए जाने पर अफगानिस्तान से जुड़ी इस चिंता पर आधारित सवाल का जवाब दे रहे थे कि सीरिया में सैन्य हमले से अमेरिकी ध्यान भटकेगा और इसका क्षेत्र में आतंकवाद के खिलाफ चल रहे अभियान पर बुरा प्रभाव होगा। पेंटागन के प्रेस सचिव जॉर्ज लिटिल ने कहा, हम कई काम एक साथ कर सकते हैं। हम जानते हैं कि हमें अफगानिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ अभियान पूरा करना है और हम उस प्रक्रिया में शामिल रहेंगे। लिटिल ने कहा, हम अफगानिस्तान में अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं हटा रहे। यदि सीरिया का अभियान शुरू किया जाता है तो हम उसे भी संचालित कर सकते हैं और हम अफगानिस्तान का युद्ध भी लड़ सकते हैं। लिटिल सीरिया में सैन्य हमले किए जाने पर अफगानिस्तान से जुड़ी इस चिंता पर आधारित सवाल का जवाब दे रहे थे कि सीरिया में सैन्य हमले से अमेरिकी ध्यान भटकेगा और इसका क्षेत्र में आतंकवाद के खिलाफ चल रहे अभियान पर बुरा प्रभाव होगा। लिटिल सीरिया में सैन्य हमले किए जाने पर अफगानिस्तान से जुड़ी इस चिंता पर आधारित सवाल का जवाब दे रहे थे कि सीरिया में सैन्य हमले से अमेरिकी ध्यान भटकेगा और इसका क्षेत्र में आतंकवाद के खिलाफ चल रहे अभियान पर बुरा प्रभाव होगा।
सारांश: पेंटागन के प्रेस सचिव जॉर्ज लिटिल ने कहा, हम कई काम एक साथ कर सकते हैं। हम जानते हैं कि हमें अफगानिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ अभियान पूरा करना है और हम उस प्रक्रिया में शामिल रहेंगे।
20
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ब्रिटेन की दूरसंचार क्षेत्र की कंपनी वोडाफोन व भारत के आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी आइडिया सेल्यूलर में बहुचर्चित विलय सौदे की घोषणा महीनेभर में होने की संभावना है. अगर यह सौदा परवान चढ़ जाता है तो इससे भारत में सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी सामने आएगी. वायरलेस सब्सक्राइबर के लिहाज से फिलहाल वोडाफोन दूसरे और आइडिया तीसरे स्थान पर है जबकि भारतीय एयरटेल पहले नंबर पर है. इस मर्जर से निश्चित रूप से भारती एयरटेल और रिलायंस जियो पीछे छूट जाएंगे. सूत्रों ने कहा, "दोनों कंपनियां 24-25 फरवरी को निश्चित समझौते की घोषणा कर सकती हैं." एक अन्य सूत्र के अनुसार, "वे समझौता करने के लिए लगभग तैयार हैं और इसकी घोषणा महीने भर से अधिक समय नहीं लगना चाहिए." हालांकि, वोडाफोन व आइडिया, दोनों ने इस मामले में टिप्पणी से इनकार किया है. इंडिया रेटिंग्स एण्ड रिसर्च के अनुसार यदि दोनों के बीच विलय सौदे को लेकर सहमति बन जाती है तो मिलकर बनने वाली नई दूरसंचार कंपनी भारत की सबसे बड़ी कंपनी होगी. दूरसंचार क्षेत्र के राजस्व में इसकी हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत होगी और 38 करोड़ से अधिक इसके ग्राहक होंगे. टिप्पणियां उधर, टेक महिंद्रा का मानना है कि वोडाफोन और आइडिया का प्रस्तावित विलय सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र के लिए एक हलचल लाने वाला घटनाक्रम होगा. हालांकि, कंपनी का मानना है कि उसे इस सौदे से फायदा होगा. टेक महिंद्रा की आमदनी का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा संचार कंपनियांे को दी जाने वाली सेवाओं से आता है. टेक महिंद्रा के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सी पी गुरनानी ने कहा, "यह एक बड़ा बाजार है जिसमें ये कंपनियां विलय कर रही हैं. मेरी दुनिया में यह हलचल वाला बदलाव है. यह कोई सामान्य बदलाव नहीं है. इसका साफ मतलब है कि आईटी खर्च का कुछ हिस्सा या तो नीचे आएगा या इसकी दिशा बदलेगी." गुरनानी ने कहा कि टेक महिंद्रा इससे प्रभावित नहीं होगी, बल्कि उसे इससे फायदा होगा.  सूत्रों ने कहा, "दोनों कंपनियां 24-25 फरवरी को निश्चित समझौते की घोषणा कर सकती हैं." एक अन्य सूत्र के अनुसार, "वे समझौता करने के लिए लगभग तैयार हैं और इसकी घोषणा महीने भर से अधिक समय नहीं लगना चाहिए." हालांकि, वोडाफोन व आइडिया, दोनों ने इस मामले में टिप्पणी से इनकार किया है. इंडिया रेटिंग्स एण्ड रिसर्च के अनुसार यदि दोनों के बीच विलय सौदे को लेकर सहमति बन जाती है तो मिलकर बनने वाली नई दूरसंचार कंपनी भारत की सबसे बड़ी कंपनी होगी. दूरसंचार क्षेत्र के राजस्व में इसकी हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत होगी और 38 करोड़ से अधिक इसके ग्राहक होंगे. टिप्पणियां उधर, टेक महिंद्रा का मानना है कि वोडाफोन और आइडिया का प्रस्तावित विलय सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र के लिए एक हलचल लाने वाला घटनाक्रम होगा. हालांकि, कंपनी का मानना है कि उसे इस सौदे से फायदा होगा. टेक महिंद्रा की आमदनी का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा संचार कंपनियांे को दी जाने वाली सेवाओं से आता है. टेक महिंद्रा के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सी पी गुरनानी ने कहा, "यह एक बड़ा बाजार है जिसमें ये कंपनियां विलय कर रही हैं. मेरी दुनिया में यह हलचल वाला बदलाव है. यह कोई सामान्य बदलाव नहीं है. इसका साफ मतलब है कि आईटी खर्च का कुछ हिस्सा या तो नीचे आएगा या इसकी दिशा बदलेगी." गुरनानी ने कहा कि टेक महिंद्रा इससे प्रभावित नहीं होगी, बल्कि उसे इससे फायदा होगा.  इंडिया रेटिंग्स एण्ड रिसर्च के अनुसार यदि दोनों के बीच विलय सौदे को लेकर सहमति बन जाती है तो मिलकर बनने वाली नई दूरसंचार कंपनी भारत की सबसे बड़ी कंपनी होगी. दूरसंचार क्षेत्र के राजस्व में इसकी हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत होगी और 38 करोड़ से अधिक इसके ग्राहक होंगे. टिप्पणियां उधर, टेक महिंद्रा का मानना है कि वोडाफोन और आइडिया का प्रस्तावित विलय सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र के लिए एक हलचल लाने वाला घटनाक्रम होगा. हालांकि, कंपनी का मानना है कि उसे इस सौदे से फायदा होगा. टेक महिंद्रा की आमदनी का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा संचार कंपनियांे को दी जाने वाली सेवाओं से आता है. टेक महिंद्रा के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सी पी गुरनानी ने कहा, "यह एक बड़ा बाजार है जिसमें ये कंपनियां विलय कर रही हैं. मेरी दुनिया में यह हलचल वाला बदलाव है. यह कोई सामान्य बदलाव नहीं है. इसका साफ मतलब है कि आईटी खर्च का कुछ हिस्सा या तो नीचे आएगा या इसकी दिशा बदलेगी." गुरनानी ने कहा कि टेक महिंद्रा इससे प्रभावित नहीं होगी, बल्कि उसे इससे फायदा होगा.  उधर, टेक महिंद्रा का मानना है कि वोडाफोन और आइडिया का प्रस्तावित विलय सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र के लिए एक हलचल लाने वाला घटनाक्रम होगा. हालांकि, कंपनी का मानना है कि उसे इस सौदे से फायदा होगा. टेक महिंद्रा की आमदनी का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा संचार कंपनियांे को दी जाने वाली सेवाओं से आता है. टेक महिंद्रा के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सी पी गुरनानी ने कहा, "यह एक बड़ा बाजार है जिसमें ये कंपनियां विलय कर रही हैं. मेरी दुनिया में यह हलचल वाला बदलाव है. यह कोई सामान्य बदलाव नहीं है. इसका साफ मतलब है कि आईटी खर्च का कुछ हिस्सा या तो नीचे आएगा या इसकी दिशा बदलेगी." गुरनानी ने कहा कि टेक महिंद्रा इससे प्रभावित नहीं होगी, बल्कि उसे इससे फायदा होगा.  टेक महिंद्रा के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सी पी गुरनानी ने कहा, "यह एक बड़ा बाजार है जिसमें ये कंपनियां विलय कर रही हैं. मेरी दुनिया में यह हलचल वाला बदलाव है. यह कोई सामान्य बदलाव नहीं है. इसका साफ मतलब है कि आईटी खर्च का कुछ हिस्सा या तो नीचे आएगा या इसकी दिशा बदलेगी." गुरनानी ने कहा कि टेक महिंद्रा इससे प्रभावित नहीं होगी, बल्कि उसे इससे फायदा होगा.
यहाँ एक सारांश है:दोनों कंपनियां 24-25 फरवरी को निश्चित समझौते की घोषणा कर सकती हैं हालांकि, वोडाफोन व आइडिया ने इस मामले में टिप्पणी से इनकार किया है दूरसंचार क्षेत्र में 38 करोड़ से अधिक इसके ग्राहक होंगे
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जम्मू एवं कश्मीर में  विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे सरकारी कर्मचारियों की रैली को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने सोमवार को लाठियां भांजी और पानी की बौछारें कीं। हड़ताली छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर वेतन वृद्धि, सेवानिवृत्ति की उम्र 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष करने, दैनिक तथा अस्थाई कर्मचारियों को नियमित करने और आंगनवाड़ी सेविकाओं का मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। हड़ताली कर्मचारियों का जुलूस सचिवालय की तरफ बढ़ा, जहां मुख्यमंत्री सहित प्रमुख मंत्रियों और अधिकारियों के आवास हैं, लेकिन पुलिस ने बल प्रयोग कर इससे 100 मीटर दूर जहांगीर चौक पर ही रोक दिया। कुछ कर्मचारियों को गिरफ्तार भी किया गया है। एक हड़ताली कर्मचारी ने बताया कि पुलिस की कार्रवाई में कुछ साथियों को चोटें भी आई हैं। उधर, सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि हड़ताल से सचिवालय का कामकाज प्रभावित नहीं हुआ है। हालांकि श्रीनगर स्थित सभी सरकारी कार्यालयों में उपस्थित बहुत कम रही। राज्य में करीब दो लाख सरकारी कर्मचारी हैं। लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कितने हड़ताल पर गए हैं।
सारांश: विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे सरकारी कर्मचारियों की रैली को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठियां भांजी और पानी की बौछारें कीं।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का कहना है कि आईसीसी विश्व कप-2011 का खिताब जीतना उनके लिए ख्वाब को हकीकत में बदलने जैसा है। तेंदुलकर ने इस जीत का श्रेय टीम के सभी खिलाड़ियों को दिया। विश्व कप के फाइनल मुकाबले में भारत ने शनिवार को वानखेड़े स्टेडियम में श्रीलंका को छह विकेट से हराकर 28 वर्ष बाद दूसरी बार विश्व विजेता बनने का गौरव हासिल किया।  तेंदुलकर ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, "विश्व कप जीतना मेरा ख्वाब था। जीत के बाद मुझे ऐसा लगा कि मेरा ख्वाब अब हकीकत में बदल गया है। उस वक्त मैं काफी भावुक हो गया था।" तेंदुलकर ने इस विश्व कप में नौ मैचों में 482 रन बनाए थे जिसमें 120 रन उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर रहा था। तेंदुलकर का कहना है कि जीत में टीम के सभी खिलाड़ियों की मेहनत शामिल है।  तेंदुलकर ने कहा, "हम एक-दूसरे और देश के लिए खेल रहे थे। टीम के सभी खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहते थे। हमने यह सोचा था कि यदि कोई एक बल्लेबाज रन बनाने में असफल रहता है तो दूसरे खिलाड़ी को उसकी भरपाई करनी होगी और कुछ इसी तरह से हमने किया भी।" दबाव के बारे में तेंदुलकर का कहना था कि हरेक व्यक्ति पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का दबाव होता है लेकिन उन्होंने साथ ही साथ यह भी कहा कि टीम एकजुट होकर खेली और खिताब जीतने में कामयाब रही। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के बारे में तेंदुलकर ने कहा कि धोनी एक सर्वश्रेष्ठ कप्तान हैं और वह टीम के सभी खिलाड़ियों को साथ लेकर चलते हैं। इसके अलावा तेंदुलकर ने कोच गैरी कर्स्टन के बारे में कहा कि टीम को कर्स्टन की कमी खलेगी।
संक्षिप्त पाठ: भारतीय टीम के अनुभवी बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का कहना है कि विश्व कप का खिताब जीतना उनके लिए ख्वाब को हकीकत में बदलने जैसा है।
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['hin']