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इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तानी घुसपैठियों द्वारा नियंत्रण रेखा पर पांच भारतीय सैनिकों की हत्या के बाद स्थिति का जायजा लेने के लिए यहां पहुंचे थल सेनाध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह को खराब मौसम के कारण पुंछ का दौरा स्थगित करना पड़ा।
खराब मौसम के कारण उनको लेकर जाने वाला हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका और सेनाध्यक्ष स्थानीय कमांडरों से मुलाकात करने अखनूर चले गए।टिप्पणियां
जनरल सिंह ने सबसे पहले 16वीं कार्प्स के नगरोटा स्थित मुख्यालय का दौरा किया, जो पुंछ सहित जम्मू क्षेत्र में नियंत्रण रेखा की निगरानी के लिए जिम्मेदार है। सिंह ने बाद में राजौरी स्थित डिविजन मुख्यालय में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से चर्चा की।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को ही जम्मू एवं कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर चकां दा बाग सेक्टर में एक आतंकवादी हमले में 21 बिहार रेजीमेंट के एक गैर कमीशंड अधिकारी और चार जवानों की मौत हो गई। हमलावरों में से कुछ ने पाकिस्तानी सेना की वर्दियां पहन रखी थी।
खराब मौसम के कारण उनको लेकर जाने वाला हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका और सेनाध्यक्ष स्थानीय कमांडरों से मुलाकात करने अखनूर चले गए।टिप्पणियां
जनरल सिंह ने सबसे पहले 16वीं कार्प्स के नगरोटा स्थित मुख्यालय का दौरा किया, जो पुंछ सहित जम्मू क्षेत्र में नियंत्रण रेखा की निगरानी के लिए जिम्मेदार है। सिंह ने बाद में राजौरी स्थित डिविजन मुख्यालय में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से चर्चा की।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को ही जम्मू एवं कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर चकां दा बाग सेक्टर में एक आतंकवादी हमले में 21 बिहार रेजीमेंट के एक गैर कमीशंड अधिकारी और चार जवानों की मौत हो गई। हमलावरों में से कुछ ने पाकिस्तानी सेना की वर्दियां पहन रखी थी।
जनरल सिंह ने सबसे पहले 16वीं कार्प्स के नगरोटा स्थित मुख्यालय का दौरा किया, जो पुंछ सहित जम्मू क्षेत्र में नियंत्रण रेखा की निगरानी के लिए जिम्मेदार है। सिंह ने बाद में राजौरी स्थित डिविजन मुख्यालय में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से चर्चा की।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को ही जम्मू एवं कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर चकां दा बाग सेक्टर में एक आतंकवादी हमले में 21 बिहार रेजीमेंट के एक गैर कमीशंड अधिकारी और चार जवानों की मौत हो गई। हमलावरों में से कुछ ने पाकिस्तानी सेना की वर्दियां पहन रखी थी।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को ही जम्मू एवं कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर चकां दा बाग सेक्टर में एक आतंकवादी हमले में 21 बिहार रेजीमेंट के एक गैर कमीशंड अधिकारी और चार जवानों की मौत हो गई। हमलावरों में से कुछ ने पाकिस्तानी सेना की वर्दियां पहन रखी थी। | यह एक सारांश है: पाकिस्तानी घुसपैठियों द्वारा नियंत्रण रेखा पर पांच भारतीय सैनिकों की हत्या के बाद स्थिति का जायजा लेने के लिए यहां पहुंचे थल सेनाध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह को खराब मौसम के कारण पुंछ का दौरा स्थगित करना पड़ा। | 2 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: जनवरी 2012 में पुणे की सड़क पर अंधाधुंध बस चलाकर लोगों को रौंदने वाले स्टेट ट्रांसपोर्ट के ड्राइवर को सोमवार को कोर्ट ने फांसी की सज़ा सुनाई। ड्राइवर का नाम संतोष माने है। चलती बस से उसने कइयों को कुचला था जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई थी।टिप्पणियां
माने स्वारगेट बस डिपो से खाली बस लेकर भागा था उसने रास्ते में कई गाड़ियों और लोगों को कुचला। पुलिस ने गोलियां चलाकर भी उसे रोकने की कोशिश की थी लेकिन फिर भी वह नहीं रुका।
आख़िर में कुछ लोगों ने जांबाज़ी दिखाई। तब जाकर संतोष माने पकड़ में आया। सुनवाई के दौरान माने ने खुद को मानसिक तौर पर बीमार बताने की भी कोशिश की, लेकिन अदालत ने उस डॉक्टर को भी आड़े हाथों लिया जिसने माने की मेडिकल रिपोर्ट दी थी।
माने स्वारगेट बस डिपो से खाली बस लेकर भागा था उसने रास्ते में कई गाड़ियों और लोगों को कुचला। पुलिस ने गोलियां चलाकर भी उसे रोकने की कोशिश की थी लेकिन फिर भी वह नहीं रुका।
आख़िर में कुछ लोगों ने जांबाज़ी दिखाई। तब जाकर संतोष माने पकड़ में आया। सुनवाई के दौरान माने ने खुद को मानसिक तौर पर बीमार बताने की भी कोशिश की, लेकिन अदालत ने उस डॉक्टर को भी आड़े हाथों लिया जिसने माने की मेडिकल रिपोर्ट दी थी।
आख़िर में कुछ लोगों ने जांबाज़ी दिखाई। तब जाकर संतोष माने पकड़ में आया। सुनवाई के दौरान माने ने खुद को मानसिक तौर पर बीमार बताने की भी कोशिश की, लेकिन अदालत ने उस डॉक्टर को भी आड़े हाथों लिया जिसने माने की मेडिकल रिपोर्ट दी थी। | संक्षिप्त पाठ: जनवरी 2012 में पुणे की सड़क पर अंधाधुंध बस चलाकर लोगों को रौंदने वाले स्टेट ट्रांसपोर्ट के ड्राइवर को सोमवार को कोर्ट ने फांसी की सज़ा सुनाई। ड्राइवर का नाम संतोष माने है। चलती बस से उसने कइयों को कुचला था जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई थी। | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि नोटबंदी पर जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की क्या भूमिका होगी, इसकी समीक्षा के लिए पार्टी के आला नेताओं की एक बैठक बुलाई जाएगी.
हर सोमवार को लोक संवाद के बात पत्रकारों से बातचीत करते उन्होंने कहा कि नोटबंदी पर वे अपने फैसले पर कायम हैं कि केवल नोटबंदी से कालेधन पर लगाम नहीं लगाई जा सकती है. इसके लिए बेनामी संपत्ति और शराबबंदी को भी लागू करना होगा.
उन्होंने कहा कि नोटबंदी पर लोगों को हो रही परेशानी के लिए प्रधानमंत्री ने 50 दिन का समय मांगा था, जिसकी मियाद पूरी होने जा रही है. उन्होंने कहा कि 50 दिन बाद भी लोगों की परेशानी जस की तस रहेंगी, उनमें कोई सुधार नहीं होने वाला है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि नोटबंदी की व्यवस्था को लेकर केन्द्र सरकार की चूक को उनकी पार्टी प्रमुखता से उठाएगी. इसके लिए क्या रणनीति तैयार की जाएगी, इसका फैसला पार्टी के सभी नेता मिलकर करेंगे. पार्टी की कोर बैठक की तारिख के बारे में पूछे जाने पर नीतीश ने बताया कि फिलहाल उनके सामने सिखों के प्रकाश पर्व और बोधगया में कालचक्र को सफलतापूर्वक संपन्न कराना प्राथमिकता है.
कैशलेस अर्थव्यवस्था पर जेडीयू प्रमुख ने कहा कि भारत जैसे विशाल मुल्क में कैशलेस अर्थव्यवस्था संभव नहीं है. पहले सरकार को अपने सिस्टम को दुरुस्त करना होगा. उन्होंने मोदी सरकार पर तंज कसा कि केवल विज्ञापन के भरोसे व्यवस्था को सुधारा नहीं जा सकता, इसके लिए जमीन पर उतकर काम करना होगा.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि सरकार का सारा ध्यान विज्ञापनों के जरिए कैशलेस व्यवस्था खड़ी करने पर हैं जबकि इसके लिए संसाधन और साजोसामान कैसे और कितना चाहिए, किसी के ध्यान में नहीं है.
हर सोमवार को लोक संवाद के बात पत्रकारों से बातचीत करते उन्होंने कहा कि नोटबंदी पर वे अपने फैसले पर कायम हैं कि केवल नोटबंदी से कालेधन पर लगाम नहीं लगाई जा सकती है. इसके लिए बेनामी संपत्ति और शराबबंदी को भी लागू करना होगा.
उन्होंने कहा कि नोटबंदी पर लोगों को हो रही परेशानी के लिए प्रधानमंत्री ने 50 दिन का समय मांगा था, जिसकी मियाद पूरी होने जा रही है. उन्होंने कहा कि 50 दिन बाद भी लोगों की परेशानी जस की तस रहेंगी, उनमें कोई सुधार नहीं होने वाला है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि नोटबंदी की व्यवस्था को लेकर केन्द्र सरकार की चूक को उनकी पार्टी प्रमुखता से उठाएगी. इसके लिए क्या रणनीति तैयार की जाएगी, इसका फैसला पार्टी के सभी नेता मिलकर करेंगे. पार्टी की कोर बैठक की तारिख के बारे में पूछे जाने पर नीतीश ने बताया कि फिलहाल उनके सामने सिखों के प्रकाश पर्व और बोधगया में कालचक्र को सफलतापूर्वक संपन्न कराना प्राथमिकता है.
कैशलेस अर्थव्यवस्था पर जेडीयू प्रमुख ने कहा कि भारत जैसे विशाल मुल्क में कैशलेस अर्थव्यवस्था संभव नहीं है. पहले सरकार को अपने सिस्टम को दुरुस्त करना होगा. उन्होंने मोदी सरकार पर तंज कसा कि केवल विज्ञापन के भरोसे व्यवस्था को सुधारा नहीं जा सकता, इसके लिए जमीन पर उतकर काम करना होगा.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि सरकार का सारा ध्यान विज्ञापनों के जरिए कैशलेस व्यवस्था खड़ी करने पर हैं जबकि इसके लिए संसाधन और साजोसामान कैसे और कितना चाहिए, किसी के ध्यान में नहीं है.
उन्होंने कहा कि नोटबंदी पर लोगों को हो रही परेशानी के लिए प्रधानमंत्री ने 50 दिन का समय मांगा था, जिसकी मियाद पूरी होने जा रही है. उन्होंने कहा कि 50 दिन बाद भी लोगों की परेशानी जस की तस रहेंगी, उनमें कोई सुधार नहीं होने वाला है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि नोटबंदी की व्यवस्था को लेकर केन्द्र सरकार की चूक को उनकी पार्टी प्रमुखता से उठाएगी. इसके लिए क्या रणनीति तैयार की जाएगी, इसका फैसला पार्टी के सभी नेता मिलकर करेंगे. पार्टी की कोर बैठक की तारिख के बारे में पूछे जाने पर नीतीश ने बताया कि फिलहाल उनके सामने सिखों के प्रकाश पर्व और बोधगया में कालचक्र को सफलतापूर्वक संपन्न कराना प्राथमिकता है.
कैशलेस अर्थव्यवस्था पर जेडीयू प्रमुख ने कहा कि भारत जैसे विशाल मुल्क में कैशलेस अर्थव्यवस्था संभव नहीं है. पहले सरकार को अपने सिस्टम को दुरुस्त करना होगा. उन्होंने मोदी सरकार पर तंज कसा कि केवल विज्ञापन के भरोसे व्यवस्था को सुधारा नहीं जा सकता, इसके लिए जमीन पर उतकर काम करना होगा.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि सरकार का सारा ध्यान विज्ञापनों के जरिए कैशलेस व्यवस्था खड़ी करने पर हैं जबकि इसके लिए संसाधन और साजोसामान कैसे और कितना चाहिए, किसी के ध्यान में नहीं है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि नोटबंदी की व्यवस्था को लेकर केन्द्र सरकार की चूक को उनकी पार्टी प्रमुखता से उठाएगी. इसके लिए क्या रणनीति तैयार की जाएगी, इसका फैसला पार्टी के सभी नेता मिलकर करेंगे. पार्टी की कोर बैठक की तारिख के बारे में पूछे जाने पर नीतीश ने बताया कि फिलहाल उनके सामने सिखों के प्रकाश पर्व और बोधगया में कालचक्र को सफलतापूर्वक संपन्न कराना प्राथमिकता है.
कैशलेस अर्थव्यवस्था पर जेडीयू प्रमुख ने कहा कि भारत जैसे विशाल मुल्क में कैशलेस अर्थव्यवस्था संभव नहीं है. पहले सरकार को अपने सिस्टम को दुरुस्त करना होगा. उन्होंने मोदी सरकार पर तंज कसा कि केवल विज्ञापन के भरोसे व्यवस्था को सुधारा नहीं जा सकता, इसके लिए जमीन पर उतकर काम करना होगा.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि सरकार का सारा ध्यान विज्ञापनों के जरिए कैशलेस व्यवस्था खड़ी करने पर हैं जबकि इसके लिए संसाधन और साजोसामान कैसे और कितना चाहिए, किसी के ध्यान में नहीं है.
कैशलेस अर्थव्यवस्था पर जेडीयू प्रमुख ने कहा कि भारत जैसे विशाल मुल्क में कैशलेस अर्थव्यवस्था संभव नहीं है. पहले सरकार को अपने सिस्टम को दुरुस्त करना होगा. उन्होंने मोदी सरकार पर तंज कसा कि केवल विज्ञापन के भरोसे व्यवस्था को सुधारा नहीं जा सकता, इसके लिए जमीन पर उतकर काम करना होगा.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि सरकार का सारा ध्यान विज्ञापनों के जरिए कैशलेस व्यवस्था खड़ी करने पर हैं जबकि इसके लिए संसाधन और साजोसामान कैसे और कितना चाहिए, किसी के ध्यान में नहीं है.
उन्होंने कहा कि सरकार का सारा ध्यान विज्ञापनों के जरिए कैशलेस व्यवस्था खड़ी करने पर हैं जबकि इसके लिए संसाधन और साजोसामान कैसे और कितना चाहिए, किसी के ध्यान में नहीं है. | यहाँ एक सारांश है:नोटबंदी पर लोगों की समस्याओं को जोरदार तरीके से उठाएगी जेडीयू
50 दिन बाद पार्टी की रणनीति को लेकर आला नेता करेंगे समीक्षा
विज्ञापनों के सहारे कैशलेस व्यवस्था चाहती है मोदी सरकार- नीतीश | 18 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सरकारी कंपनी भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) का पहली तिमाही में खराब परिणाम आने पर कंपनी के शेयर सोमवार को करीब 20 फीसदी लुढ़क गए।
शेयरों में गिरावट से कंपनी का बाजार मूल्य एक दिन में 7,000 करोड़ रुपये घट गया। कंपनी के शेयर सोमवार को 19.08 फीसदी गिरावट के साथ 120.90 रुपये पर बंद हुए।
शेयरों की कीमत घटने से कंपनी का बाजार पूंजीकरण 6,976 करोड़ रुपये घटकर 29,591 करोड़ रुपये हो गया।
कंपनी ने शनिवार को मौजूदा कारोबारी साल की पहली तिमाही का परिणाम प्रकाशित किया। कंपनी को आलोच्य अवधि में 465.43 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ, जो एक साल पहले की समान अवधि में 920.90 करोड़ रुपये से काफी कम है। इस अवधि में कंपनी की बिक्री 6,352.55 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले 8,326.24 करोड़ रुपये थी।टिप्पणियां
एंजल ब्रोकिंग ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा, "भेल का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। उसकी आमदनी और शुद्ध लाभ हमारे और बाजार के अनुमान से कम रहा।"
रिपोर्ट में कहा गया, "कठिन प्रतियोगिता को देखते हुए हमारा अनुमान है कि भेल का शुद्ध लाभ और प्रति शेयर आय मौजूदा स्तर से कम रह जाएगा।"
शेयरों में गिरावट से कंपनी का बाजार मूल्य एक दिन में 7,000 करोड़ रुपये घट गया। कंपनी के शेयर सोमवार को 19.08 फीसदी गिरावट के साथ 120.90 रुपये पर बंद हुए।
शेयरों की कीमत घटने से कंपनी का बाजार पूंजीकरण 6,976 करोड़ रुपये घटकर 29,591 करोड़ रुपये हो गया।
कंपनी ने शनिवार को मौजूदा कारोबारी साल की पहली तिमाही का परिणाम प्रकाशित किया। कंपनी को आलोच्य अवधि में 465.43 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ, जो एक साल पहले की समान अवधि में 920.90 करोड़ रुपये से काफी कम है। इस अवधि में कंपनी की बिक्री 6,352.55 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले 8,326.24 करोड़ रुपये थी।टिप्पणियां
एंजल ब्रोकिंग ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा, "भेल का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। उसकी आमदनी और शुद्ध लाभ हमारे और बाजार के अनुमान से कम रहा।"
रिपोर्ट में कहा गया, "कठिन प्रतियोगिता को देखते हुए हमारा अनुमान है कि भेल का शुद्ध लाभ और प्रति शेयर आय मौजूदा स्तर से कम रह जाएगा।"
शेयरों की कीमत घटने से कंपनी का बाजार पूंजीकरण 6,976 करोड़ रुपये घटकर 29,591 करोड़ रुपये हो गया।
कंपनी ने शनिवार को मौजूदा कारोबारी साल की पहली तिमाही का परिणाम प्रकाशित किया। कंपनी को आलोच्य अवधि में 465.43 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ, जो एक साल पहले की समान अवधि में 920.90 करोड़ रुपये से काफी कम है। इस अवधि में कंपनी की बिक्री 6,352.55 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले 8,326.24 करोड़ रुपये थी।टिप्पणियां
एंजल ब्रोकिंग ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा, "भेल का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। उसकी आमदनी और शुद्ध लाभ हमारे और बाजार के अनुमान से कम रहा।"
रिपोर्ट में कहा गया, "कठिन प्रतियोगिता को देखते हुए हमारा अनुमान है कि भेल का शुद्ध लाभ और प्रति शेयर आय मौजूदा स्तर से कम रह जाएगा।"
कंपनी ने शनिवार को मौजूदा कारोबारी साल की पहली तिमाही का परिणाम प्रकाशित किया। कंपनी को आलोच्य अवधि में 465.43 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ, जो एक साल पहले की समान अवधि में 920.90 करोड़ रुपये से काफी कम है। इस अवधि में कंपनी की बिक्री 6,352.55 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले 8,326.24 करोड़ रुपये थी।टिप्पणियां
एंजल ब्रोकिंग ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा, "भेल का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। उसकी आमदनी और शुद्ध लाभ हमारे और बाजार के अनुमान से कम रहा।"
रिपोर्ट में कहा गया, "कठिन प्रतियोगिता को देखते हुए हमारा अनुमान है कि भेल का शुद्ध लाभ और प्रति शेयर आय मौजूदा स्तर से कम रह जाएगा।"
एंजल ब्रोकिंग ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा, "भेल का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। उसकी आमदनी और शुद्ध लाभ हमारे और बाजार के अनुमान से कम रहा।"
रिपोर्ट में कहा गया, "कठिन प्रतियोगिता को देखते हुए हमारा अनुमान है कि भेल का शुद्ध लाभ और प्रति शेयर आय मौजूदा स्तर से कम रह जाएगा।"
रिपोर्ट में कहा गया, "कठिन प्रतियोगिता को देखते हुए हमारा अनुमान है कि भेल का शुद्ध लाभ और प्रति शेयर आय मौजूदा स्तर से कम रह जाएगा।" | संक्षिप्त पाठ: सरकारी कंपनी भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) का पहली तिमाही में खराब परिणाम आने पर कंपनी के शेयर सोमवार को करीब 20 फीसदी लुढ़क गए। | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: ट्रिपल तलाक के मसले पर सुप्रीम कोर्ट में दूसरे दिन की सुनवाई चल रही है. सलमान खुर्शीद इस्लाम में निकाह, मेहर और तलाक को लेकर अपनी दलील दे रहे हैं. इस पर जस्टिस रोहिंगटन नरीमन ने उनसे पूछा कि इस्लाम में निकाह और तलाक़ को लेकर मौजूद व्यवस्था में थ्यौरी और व्यावहारिकता में जो अंतर है, क्या आप ये बताना चाहते हैं? क्या आप चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट उस व्यवस्था को लागू करे जो इस्लाम में है? इस पर सलमान खुर्शीद ने कहा कि हां. लेकिन कोर्ट को इस मामले में कोई कानून नहीं बनाना चाहिए बल्कि इस्लाम में जो बेहतर तरीका बताया गया है, उसे बताना चाहिए. जब तीसरी बार तलाक बोला जाता है तो वो वापस नहीं हो सकता, लेकिन इसके लिए 3 महीने का वक्त होता है.
निजी तौर पर कोर्ट की मदद कर रहे पूर्व कानून मंत्री और कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद ने कहा कि मेरी निजी राय में ट्रिपल तलाक पाप है. AIMPLB का स्टैंड है कि ट्रिपल तलाक घिनौना है लेकिन तब भी वैध है. जस्टिस कूरियन जोजफ ने पूछा-क्या जो धर्म के मुताबिक ही घिनौना है वो कानून के तहत वैध ठहराया जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि जो पाप है क्या उसे शरियत में लिया जा सकता है?
इस पर सलमान खुर्शीद ने कहा कि नहीं ठहराया जा सकता चाहे वो संवैधानिक तौर पर वैध हो तो भी. लोग ये कहकर कि इस पाप को ईश्वर से लिया है, कानून बना सकते हैं ? अगर ट्रिपल तलाक को 1 तलाक कर दिया जाए तो 90 फीसदी दिक्कतें एक बार में दूर हो जाएंगी. तीन महीने के इद्दतकाल में पति-पत्नी को सुलह का मौका दिया चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि अगर भारत में ट्रिपल तलाक विशिष्ट है तो दूसरे देशों ने कानून बनाकर ट्रिपल तलाक को खत्म कर दिया? खुर्शीद ने कहा कि इसी तरह की दिक्कतें आईं होगी तो उन देशों को लगा होगा कि इसे खत्म कर देना चाहिए.
मेहर की बात पर CJI ने कहा
- कि इस पर सुनवाई की फिलहाल जरूरत नहीं
- अगर ट्रिपल तलाक खत्म होगा तो उसके परिणामों पर बाद में फैसला लेंगे.
- यहां मुद्दा ये नहीं है कि कुछ लोग बैठकर फैसला करने की कोशिश कर रहे हैं और फैसला नहीं होता तो वो अलग बात है.
- लेकिन यहां तो एक ही वक्त पर एक शख्स चाहे जहां फैसला ले लेता है.
सलमान खुर्शीद ने कहा
- निकाहनामे में शर्तें लिखी रहती हैं जिससे तलाक देना मुश्किल हो जाता है
जस्टिस कूरियन ने पूछा
- क्या निकाहनामे में लिखा जाना चाहिए कि ट्रिपल तलाक नहीं होगा? खुर्शीद की ओर से बहस पूरी हुई.
जस्टिस रोहिंग्टन ने कहा
- ट्रिपल तलाक इस्लाम में शादी खत्म करने का सबसे बुरा और अवांछनीय तरीका है
- हालांकि ट्रिपल तलाक को इस्लाम के विभिन्न स्कूल आफ थाट्स में वैध माना गया है.टिप्पणियां
वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने कहा
- ट्रिपल तलाक घिनौना है क्योंकि ये महिलाओं को तलाक में बराबर के अधिकार नहीं मिलते
CJI खेहर ने कहा कि
- ट्रिपल तलाक क्या परंपरा है या शरियत का हिस्सा हैं
- भारत के अलावा कहां ये लागू है
- बहुत सारे लोग देश में मौत की सजा को सिन यानी पाप मानते हैं लेकिन कानूनन ये वैध है.
निजी तौर पर कोर्ट की मदद कर रहे पूर्व कानून मंत्री और कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद ने कहा कि मेरी निजी राय में ट्रिपल तलाक पाप है. AIMPLB का स्टैंड है कि ट्रिपल तलाक घिनौना है लेकिन तब भी वैध है. जस्टिस कूरियन जोजफ ने पूछा-क्या जो धर्म के मुताबिक ही घिनौना है वो कानून के तहत वैध ठहराया जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि जो पाप है क्या उसे शरियत में लिया जा सकता है?
इस पर सलमान खुर्शीद ने कहा कि नहीं ठहराया जा सकता चाहे वो संवैधानिक तौर पर वैध हो तो भी. लोग ये कहकर कि इस पाप को ईश्वर से लिया है, कानून बना सकते हैं ? अगर ट्रिपल तलाक को 1 तलाक कर दिया जाए तो 90 फीसदी दिक्कतें एक बार में दूर हो जाएंगी. तीन महीने के इद्दतकाल में पति-पत्नी को सुलह का मौका दिया चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि अगर भारत में ट्रिपल तलाक विशिष्ट है तो दूसरे देशों ने कानून बनाकर ट्रिपल तलाक को खत्म कर दिया? खुर्शीद ने कहा कि इसी तरह की दिक्कतें आईं होगी तो उन देशों को लगा होगा कि इसे खत्म कर देना चाहिए.
मेहर की बात पर CJI ने कहा
- कि इस पर सुनवाई की फिलहाल जरूरत नहीं
- अगर ट्रिपल तलाक खत्म होगा तो उसके परिणामों पर बाद में फैसला लेंगे.
- यहां मुद्दा ये नहीं है कि कुछ लोग बैठकर फैसला करने की कोशिश कर रहे हैं और फैसला नहीं होता तो वो अलग बात है.
- लेकिन यहां तो एक ही वक्त पर एक शख्स चाहे जहां फैसला ले लेता है.
सलमान खुर्शीद ने कहा
- निकाहनामे में शर्तें लिखी रहती हैं जिससे तलाक देना मुश्किल हो जाता है
जस्टिस कूरियन ने पूछा
- क्या निकाहनामे में लिखा जाना चाहिए कि ट्रिपल तलाक नहीं होगा? खुर्शीद की ओर से बहस पूरी हुई.
जस्टिस रोहिंग्टन ने कहा
- ट्रिपल तलाक इस्लाम में शादी खत्म करने का सबसे बुरा और अवांछनीय तरीका है
- हालांकि ट्रिपल तलाक को इस्लाम के विभिन्न स्कूल आफ थाट्स में वैध माना गया है.टिप्पणियां
वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने कहा
- ट्रिपल तलाक घिनौना है क्योंकि ये महिलाओं को तलाक में बराबर के अधिकार नहीं मिलते
CJI खेहर ने कहा कि
- ट्रिपल तलाक क्या परंपरा है या शरियत का हिस्सा हैं
- भारत के अलावा कहां ये लागू है
- बहुत सारे लोग देश में मौत की सजा को सिन यानी पाप मानते हैं लेकिन कानूनन ये वैध है.
इस पर सलमान खुर्शीद ने कहा कि नहीं ठहराया जा सकता चाहे वो संवैधानिक तौर पर वैध हो तो भी. लोग ये कहकर कि इस पाप को ईश्वर से लिया है, कानून बना सकते हैं ? अगर ट्रिपल तलाक को 1 तलाक कर दिया जाए तो 90 फीसदी दिक्कतें एक बार में दूर हो जाएंगी. तीन महीने के इद्दतकाल में पति-पत्नी को सुलह का मौका दिया चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि अगर भारत में ट्रिपल तलाक विशिष्ट है तो दूसरे देशों ने कानून बनाकर ट्रिपल तलाक को खत्म कर दिया? खुर्शीद ने कहा कि इसी तरह की दिक्कतें आईं होगी तो उन देशों को लगा होगा कि इसे खत्म कर देना चाहिए.
मेहर की बात पर CJI ने कहा
- कि इस पर सुनवाई की फिलहाल जरूरत नहीं
- अगर ट्रिपल तलाक खत्म होगा तो उसके परिणामों पर बाद में फैसला लेंगे.
- यहां मुद्दा ये नहीं है कि कुछ लोग बैठकर फैसला करने की कोशिश कर रहे हैं और फैसला नहीं होता तो वो अलग बात है.
- लेकिन यहां तो एक ही वक्त पर एक शख्स चाहे जहां फैसला ले लेता है.
सलमान खुर्शीद ने कहा
- निकाहनामे में शर्तें लिखी रहती हैं जिससे तलाक देना मुश्किल हो जाता है
जस्टिस कूरियन ने पूछा
- क्या निकाहनामे में लिखा जाना चाहिए कि ट्रिपल तलाक नहीं होगा? खुर्शीद की ओर से बहस पूरी हुई.
जस्टिस रोहिंग्टन ने कहा
- ट्रिपल तलाक इस्लाम में शादी खत्म करने का सबसे बुरा और अवांछनीय तरीका है
- हालांकि ट्रिपल तलाक को इस्लाम के विभिन्न स्कूल आफ थाट्स में वैध माना गया है.टिप्पणियां
वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने कहा
- ट्रिपल तलाक घिनौना है क्योंकि ये महिलाओं को तलाक में बराबर के अधिकार नहीं मिलते
CJI खेहर ने कहा कि
- ट्रिपल तलाक क्या परंपरा है या शरियत का हिस्सा हैं
- भारत के अलावा कहां ये लागू है
- बहुत सारे लोग देश में मौत की सजा को सिन यानी पाप मानते हैं लेकिन कानूनन ये वैध है.
सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि अगर भारत में ट्रिपल तलाक विशिष्ट है तो दूसरे देशों ने कानून बनाकर ट्रिपल तलाक को खत्म कर दिया? खुर्शीद ने कहा कि इसी तरह की दिक्कतें आईं होगी तो उन देशों को लगा होगा कि इसे खत्म कर देना चाहिए.
मेहर की बात पर CJI ने कहा
- कि इस पर सुनवाई की फिलहाल जरूरत नहीं
- अगर ट्रिपल तलाक खत्म होगा तो उसके परिणामों पर बाद में फैसला लेंगे.
- यहां मुद्दा ये नहीं है कि कुछ लोग बैठकर फैसला करने की कोशिश कर रहे हैं और फैसला नहीं होता तो वो अलग बात है.
- लेकिन यहां तो एक ही वक्त पर एक शख्स चाहे जहां फैसला ले लेता है.
सलमान खुर्शीद ने कहा
- निकाहनामे में शर्तें लिखी रहती हैं जिससे तलाक देना मुश्किल हो जाता है
जस्टिस कूरियन ने पूछा
- क्या निकाहनामे में लिखा जाना चाहिए कि ट्रिपल तलाक नहीं होगा? खुर्शीद की ओर से बहस पूरी हुई.
जस्टिस रोहिंग्टन ने कहा
- ट्रिपल तलाक इस्लाम में शादी खत्म करने का सबसे बुरा और अवांछनीय तरीका है
- हालांकि ट्रिपल तलाक को इस्लाम के विभिन्न स्कूल आफ थाट्स में वैध माना गया है.टिप्पणियां
वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने कहा
- ट्रिपल तलाक घिनौना है क्योंकि ये महिलाओं को तलाक में बराबर के अधिकार नहीं मिलते
CJI खेहर ने कहा कि
- ट्रिपल तलाक क्या परंपरा है या शरियत का हिस्सा हैं
- भारत के अलावा कहां ये लागू है
- बहुत सारे लोग देश में मौत की सजा को सिन यानी पाप मानते हैं लेकिन कानूनन ये वैध है.
मेहर की बात पर CJI ने कहा
- कि इस पर सुनवाई की फिलहाल जरूरत नहीं
- अगर ट्रिपल तलाक खत्म होगा तो उसके परिणामों पर बाद में फैसला लेंगे.
- यहां मुद्दा ये नहीं है कि कुछ लोग बैठकर फैसला करने की कोशिश कर रहे हैं और फैसला नहीं होता तो वो अलग बात है.
- लेकिन यहां तो एक ही वक्त पर एक शख्स चाहे जहां फैसला ले लेता है.
सलमान खुर्शीद ने कहा
- निकाहनामे में शर्तें लिखी रहती हैं जिससे तलाक देना मुश्किल हो जाता है
जस्टिस कूरियन ने पूछा
- क्या निकाहनामे में लिखा जाना चाहिए कि ट्रिपल तलाक नहीं होगा? खुर्शीद की ओर से बहस पूरी हुई.
जस्टिस रोहिंग्टन ने कहा
- ट्रिपल तलाक इस्लाम में शादी खत्म करने का सबसे बुरा और अवांछनीय तरीका है
- हालांकि ट्रिपल तलाक को इस्लाम के विभिन्न स्कूल आफ थाट्स में वैध माना गया है.टिप्पणियां
वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने कहा
- ट्रिपल तलाक घिनौना है क्योंकि ये महिलाओं को तलाक में बराबर के अधिकार नहीं मिलते
CJI खेहर ने कहा कि
- ट्रिपल तलाक क्या परंपरा है या शरियत का हिस्सा हैं
- भारत के अलावा कहां ये लागू है
- बहुत सारे लोग देश में मौत की सजा को सिन यानी पाप मानते हैं लेकिन कानूनन ये वैध है.
सलमान खुर्शीद ने कहा
- निकाहनामे में शर्तें लिखी रहती हैं जिससे तलाक देना मुश्किल हो जाता है
जस्टिस कूरियन ने पूछा
- क्या निकाहनामे में लिखा जाना चाहिए कि ट्रिपल तलाक नहीं होगा? खुर्शीद की ओर से बहस पूरी हुई.
जस्टिस रोहिंग्टन ने कहा
- ट्रिपल तलाक इस्लाम में शादी खत्म करने का सबसे बुरा और अवांछनीय तरीका है
- हालांकि ट्रिपल तलाक को इस्लाम के विभिन्न स्कूल आफ थाट्स में वैध माना गया है.टिप्पणियां
वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने कहा
- ट्रिपल तलाक घिनौना है क्योंकि ये महिलाओं को तलाक में बराबर के अधिकार नहीं मिलते
CJI खेहर ने कहा कि
- ट्रिपल तलाक क्या परंपरा है या शरियत का हिस्सा हैं
- भारत के अलावा कहां ये लागू है
- बहुत सारे लोग देश में मौत की सजा को सिन यानी पाप मानते हैं लेकिन कानूनन ये वैध है.
जस्टिस कूरियन ने पूछा
- क्या निकाहनामे में लिखा जाना चाहिए कि ट्रिपल तलाक नहीं होगा? खुर्शीद की ओर से बहस पूरी हुई.
जस्टिस रोहिंग्टन ने कहा
- ट्रिपल तलाक इस्लाम में शादी खत्म करने का सबसे बुरा और अवांछनीय तरीका है
- हालांकि ट्रिपल तलाक को इस्लाम के विभिन्न स्कूल आफ थाट्स में वैध माना गया है.टिप्पणियां
वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने कहा
- ट्रिपल तलाक घिनौना है क्योंकि ये महिलाओं को तलाक में बराबर के अधिकार नहीं मिलते
CJI खेहर ने कहा कि
- ट्रिपल तलाक क्या परंपरा है या शरियत का हिस्सा हैं
- भारत के अलावा कहां ये लागू है
- बहुत सारे लोग देश में मौत की सजा को सिन यानी पाप मानते हैं लेकिन कानूनन ये वैध है.
जस्टिस रोहिंग्टन ने कहा
- ट्रिपल तलाक इस्लाम में शादी खत्म करने का सबसे बुरा और अवांछनीय तरीका है
- हालांकि ट्रिपल तलाक को इस्लाम के विभिन्न स्कूल आफ थाट्स में वैध माना गया है.टिप्पणियां
वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने कहा
- ट्रिपल तलाक घिनौना है क्योंकि ये महिलाओं को तलाक में बराबर के अधिकार नहीं मिलते
CJI खेहर ने कहा कि
- ट्रिपल तलाक क्या परंपरा है या शरियत का हिस्सा हैं
- भारत के अलावा कहां ये लागू है
- बहुत सारे लोग देश में मौत की सजा को सिन यानी पाप मानते हैं लेकिन कानूनन ये वैध है.
वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने कहा
- ट्रिपल तलाक घिनौना है क्योंकि ये महिलाओं को तलाक में बराबर के अधिकार नहीं मिलते
CJI खेहर ने कहा कि
- ट्रिपल तलाक क्या परंपरा है या शरियत का हिस्सा हैं
- भारत के अलावा कहां ये लागू है
- बहुत सारे लोग देश में मौत की सजा को सिन यानी पाप मानते हैं लेकिन कानूनन ये वैध है.
CJI खेहर ने कहा कि
- ट्रिपल तलाक क्या परंपरा है या शरियत का हिस्सा हैं
- भारत के अलावा कहां ये लागू है
- बहुत सारे लोग देश में मौत की सजा को सिन यानी पाप मानते हैं लेकिन कानूनन ये वैध है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ट्रिपल तलाक पर रोजाना हो रही सुनवाई
सलमान खुर्शीद ने कहा कि मेरी निजी राय में ट्रिपल तलाक पाप
AIMPLB का स्टैंड है कि ट्रिपल तलाक घिनौना है लेकिन तब भी वैध | 11 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गणतंत्र दिवस के मौके पर विश्वभर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई बॉलीवुड की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘अग्निपथ’ ने पहले ही दिन 25 करोड़ रुपये का व्यवसाय किया है, जिससे इसके अभिनेता ऋतिक रोशन और अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा बेहद उत्साहित हैं।
ऋतिक रोशन ने माइक्रो ब्लागिंग वेबसाइट ट्विटर पर लिखा, ‘‘मेरे चाहने वालों, आप सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद। 'अग्निपथ' ने पहले ही दिन 25 करोड़ का कारोबार किया है।’’ फिल्म में अपने अभिनय के लिए सुर्खियां बटोर रहे ऋतिक ने कहा, ‘‘इस शानदार सफलता से मेरे शरीर के जिन हिस्सों में चोट आई थी, उनमें अचानक जान आ गई है। ऐसा लग रहा है जैसे मैं अब हवा में उड़ सकता हूं। इससे मेरे अंदर 'कृष' सीरीज की अगली फिल्म के लिए जबर्दस्त ऊर्जा आ गई है।’’टिप्पणियां
'अग्निपथ' की हीरोइन प्रियंका चोपड़ा ने इस जोरदार सफलता पर ट्वीट किया, ‘‘मेरे सभी दीवानों को बहुत-बहुत धन्यवाद। 'अग्निपथ' ने पहले ही दिन 25 करोड़ की कमाई की। अप्रत्याशित। बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं। टीम अग्निपथ तुम छा गए।’’
गौरतलब है कि करण जौहर द्वारा निर्मित यह फिल्म 90 के दशक में आई अमिताभ बच्चन अभिनीत फिल्म ‘अग्निपथ’ का रीमेक है और इसमें अमिताभ द्वारा निभाई गई विजय दीनानाथ चौहान की भूमिका को ऋतिक रोशन ने निभाया है। पुरानी फिल्म में डैनी डेंजोगप्पा के किरदार के लिए इस फिल्म में संजय दत्त को लिया गया।
ऋतिक रोशन ने माइक्रो ब्लागिंग वेबसाइट ट्विटर पर लिखा, ‘‘मेरे चाहने वालों, आप सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद। 'अग्निपथ' ने पहले ही दिन 25 करोड़ का कारोबार किया है।’’ फिल्म में अपने अभिनय के लिए सुर्खियां बटोर रहे ऋतिक ने कहा, ‘‘इस शानदार सफलता से मेरे शरीर के जिन हिस्सों में चोट आई थी, उनमें अचानक जान आ गई है। ऐसा लग रहा है जैसे मैं अब हवा में उड़ सकता हूं। इससे मेरे अंदर 'कृष' सीरीज की अगली फिल्म के लिए जबर्दस्त ऊर्जा आ गई है।’’टिप्पणियां
'अग्निपथ' की हीरोइन प्रियंका चोपड़ा ने इस जोरदार सफलता पर ट्वीट किया, ‘‘मेरे सभी दीवानों को बहुत-बहुत धन्यवाद। 'अग्निपथ' ने पहले ही दिन 25 करोड़ की कमाई की। अप्रत्याशित। बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं। टीम अग्निपथ तुम छा गए।’’
गौरतलब है कि करण जौहर द्वारा निर्मित यह फिल्म 90 के दशक में आई अमिताभ बच्चन अभिनीत फिल्म ‘अग्निपथ’ का रीमेक है और इसमें अमिताभ द्वारा निभाई गई विजय दीनानाथ चौहान की भूमिका को ऋतिक रोशन ने निभाया है। पुरानी फिल्म में डैनी डेंजोगप्पा के किरदार के लिए इस फिल्म में संजय दत्त को लिया गया।
'अग्निपथ' की हीरोइन प्रियंका चोपड़ा ने इस जोरदार सफलता पर ट्वीट किया, ‘‘मेरे सभी दीवानों को बहुत-बहुत धन्यवाद। 'अग्निपथ' ने पहले ही दिन 25 करोड़ की कमाई की। अप्रत्याशित। बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं। टीम अग्निपथ तुम छा गए।’’
गौरतलब है कि करण जौहर द्वारा निर्मित यह फिल्म 90 के दशक में आई अमिताभ बच्चन अभिनीत फिल्म ‘अग्निपथ’ का रीमेक है और इसमें अमिताभ द्वारा निभाई गई विजय दीनानाथ चौहान की भूमिका को ऋतिक रोशन ने निभाया है। पुरानी फिल्म में डैनी डेंजोगप्पा के किरदार के लिए इस फिल्म में संजय दत्त को लिया गया।
गौरतलब है कि करण जौहर द्वारा निर्मित यह फिल्म 90 के दशक में आई अमिताभ बच्चन अभिनीत फिल्म ‘अग्निपथ’ का रीमेक है और इसमें अमिताभ द्वारा निभाई गई विजय दीनानाथ चौहान की भूमिका को ऋतिक रोशन ने निभाया है। पुरानी फिल्म में डैनी डेंजोगप्पा के किरदार के लिए इस फिल्म में संजय दत्त को लिया गया। | संक्षिप्त पाठ: फिल्म में अपने अभिनय के लिए सुर्खियां बटोर रहे ऋतिक रोशन ने कहा, "इस सफलता से मेरे शरीर के जिन हिस्सों में चोट आई थी, उनमें अचानक जान आ गई है।" | 22 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: समुद्र में एक जहाज में सवार यूक्रेन के 40 वर्षीय कू सदस्य को दौरा पड़ने के बाद यहां न्यू मैंगलोर पोर्ट ट्रस्ट के अधिकारियों ने बचा लिया.अधिकारियों को ‘एमटी फ्लैगशिप ऑर्चिड’ जहाज के मास्टर से छह मई को रात आठ बजे ईमेल के जरिए संकट का संदेश मिला जिस पर तुरंत कार्रवाई की गई.
संदेश में लिखा था, ' आपात चिकित्सा, मदद की जररत है '. इसके बाद व्यक्ति को चिकित्सा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई. एनएमपीटी के अनुसार, सर्गी नल्यावायको को दौरा पड़ा और उसके शरीर के बाएं हिस्से को लकवा मार गया.टिप्पणियां
मरीज को रविवार सुबह 12 बजकर 35 मिनट पर सफलतापूर्वक बाहर निकाला गया और एजे अस्पताल में भर्ती कराया गया.
मास्टर ने अधिकारियों को यह भी बताया था, कि जहाज मध्यरात्रि के बाद मैंगलुरू बंदरगाह की सीमा में पहुंच जाएगा. सिंगापुर से आ रहा यह व्यापारी जहाज मैंगलुरू होकर सिक्का जा रहा था. अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि मरीज का इलाज किया जा रहा है और अभी उसकी स्थिति स्थिर है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संदेश में लिखा था, ' आपात चिकित्सा, मदद की जररत है '. इसके बाद व्यक्ति को चिकित्सा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई. एनएमपीटी के अनुसार, सर्गी नल्यावायको को दौरा पड़ा और उसके शरीर के बाएं हिस्से को लकवा मार गया.टिप्पणियां
मरीज को रविवार सुबह 12 बजकर 35 मिनट पर सफलतापूर्वक बाहर निकाला गया और एजे अस्पताल में भर्ती कराया गया.
मास्टर ने अधिकारियों को यह भी बताया था, कि जहाज मध्यरात्रि के बाद मैंगलुरू बंदरगाह की सीमा में पहुंच जाएगा. सिंगापुर से आ रहा यह व्यापारी जहाज मैंगलुरू होकर सिक्का जा रहा था. अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि मरीज का इलाज किया जा रहा है और अभी उसकी स्थिति स्थिर है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मरीज को रविवार सुबह 12 बजकर 35 मिनट पर सफलतापूर्वक बाहर निकाला गया और एजे अस्पताल में भर्ती कराया गया.
मास्टर ने अधिकारियों को यह भी बताया था, कि जहाज मध्यरात्रि के बाद मैंगलुरू बंदरगाह की सीमा में पहुंच जाएगा. सिंगापुर से आ रहा यह व्यापारी जहाज मैंगलुरू होकर सिक्का जा रहा था. अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि मरीज का इलाज किया जा रहा है और अभी उसकी स्थिति स्थिर है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: जहाज के मास्टर से छह मई को रात आठ बजे ईमेल के जरिए संकट का संदेश मिला था
इसके बाद व्यक्ति को चिकित्सा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई
मरीज का इलाज किया जा रहा है और अभी उसकी स्थिति स्थिर है | 31 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अरविंद केजरीवाल ने आज औपचारिक तौर पर अपनी ‘आम आदमी पार्टी’ की शुरुआत की और कहा कि अब नेताओं और उस आम आदमी के बीच सीधी लड़ाई होगी, जो 65 साल पहले मिली आजादी के बाद से अपने हक के लिए लड़ रहा है।
संसद मार्ग पर अच्छी-खासी तादाद में इकट्ठा हुए लोगों को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि नई पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम का नतीजा है।
तिरंगा लहरा रहे और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगा रहे लोगों से केजरीवाल ने कहा, हमने इस पार्टी का नाम ‘आम आदमी पार्टी’ रखा है। उम्मीद करता हूं कि आप इसका समर्थन करेंगे। पार्टी की औपचारिक शुरुआत से पहले केजरीवाल और उनके कुछ समर्थक पहले राजघाट और फिर सिविल लाइंस इलाके में स्थित बीआर अंबेडकर मैमोरियल गए।टिप्पणियां
‘आम आदमी पार्टी’ की शुरुआत के लिए 26 नवंबर की तारीख चुनी गई, क्योंकि साल 1949 में इसी दिन देश संविधान स्वीकार किया गया था।
इस मौके पर केजरीवाल और अन्य लोगों ने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के उन सभी कमांडो को भावभीनी श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने चार पहले 26 नवंबर के दिन ही मुंबई पर किए गए हमले में आतंकवादियों का डटकर मुकाबला किया था।
संसद मार्ग पर अच्छी-खासी तादाद में इकट्ठा हुए लोगों को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि नई पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम का नतीजा है।
तिरंगा लहरा रहे और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगा रहे लोगों से केजरीवाल ने कहा, हमने इस पार्टी का नाम ‘आम आदमी पार्टी’ रखा है। उम्मीद करता हूं कि आप इसका समर्थन करेंगे। पार्टी की औपचारिक शुरुआत से पहले केजरीवाल और उनके कुछ समर्थक पहले राजघाट और फिर सिविल लाइंस इलाके में स्थित बीआर अंबेडकर मैमोरियल गए।टिप्पणियां
‘आम आदमी पार्टी’ की शुरुआत के लिए 26 नवंबर की तारीख चुनी गई, क्योंकि साल 1949 में इसी दिन देश संविधान स्वीकार किया गया था।
इस मौके पर केजरीवाल और अन्य लोगों ने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के उन सभी कमांडो को भावभीनी श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने चार पहले 26 नवंबर के दिन ही मुंबई पर किए गए हमले में आतंकवादियों का डटकर मुकाबला किया था।
तिरंगा लहरा रहे और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगा रहे लोगों से केजरीवाल ने कहा, हमने इस पार्टी का नाम ‘आम आदमी पार्टी’ रखा है। उम्मीद करता हूं कि आप इसका समर्थन करेंगे। पार्टी की औपचारिक शुरुआत से पहले केजरीवाल और उनके कुछ समर्थक पहले राजघाट और फिर सिविल लाइंस इलाके में स्थित बीआर अंबेडकर मैमोरियल गए।टिप्पणियां
‘आम आदमी पार्टी’ की शुरुआत के लिए 26 नवंबर की तारीख चुनी गई, क्योंकि साल 1949 में इसी दिन देश संविधान स्वीकार किया गया था।
इस मौके पर केजरीवाल और अन्य लोगों ने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के उन सभी कमांडो को भावभीनी श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने चार पहले 26 नवंबर के दिन ही मुंबई पर किए गए हमले में आतंकवादियों का डटकर मुकाबला किया था।
‘आम आदमी पार्टी’ की शुरुआत के लिए 26 नवंबर की तारीख चुनी गई, क्योंकि साल 1949 में इसी दिन देश संविधान स्वीकार किया गया था।
इस मौके पर केजरीवाल और अन्य लोगों ने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के उन सभी कमांडो को भावभीनी श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने चार पहले 26 नवंबर के दिन ही मुंबई पर किए गए हमले में आतंकवादियों का डटकर मुकाबला किया था।
इस मौके पर केजरीवाल और अन्य लोगों ने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के उन सभी कमांडो को भावभीनी श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने चार पहले 26 नवंबर के दिन ही मुंबई पर किए गए हमले में आतंकवादियों का डटकर मुकाबला किया था। | संक्षिप्त सारांश: अरविंद केजरीवाल ने आज औपचारिक तौर पर अपनी ‘आम आदमी पार्टी’ की शुरुआत की और कहा कि अब नेताओं और उस आम आदमी के बीच सीधी लड़ाई होगी, जो 65 साल पहले मिली आजादी के बाद से अपने हक के लिए लड़ रहा है। | 23 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कहानी फिल्मी है, मगर हकीकत है. सरकार को करोड़ों का चूना लगाकर फरार हुए सीमा शुल्क विभाग के जिस अफसर को सीबीआई पिछले 20 साल से ढूंढ रही थी, वह एक मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के छात्रों को पढ़ा रहा था. यहां भी फर्जीवाड़े की हद पार करते हुए उसने फर्जी डिग्री से प्रोफेसर की नौकरी हासिल कर ली और मेडिकल स्टूडेंट्स को पढ़ाने लगा था. भ्रष्टाचार के मामले में फंसा यह आरोपी पूर्व सीमाशुल्क मूल्यांकक रह चुका है. वह उत्तर प्रदेश के एक निजी मेडिकल कॉलेज में फर्जी डिग्री पर इंटरनल मेडिसिन प्रोफेसर की नौकरी करते पकड़ा गया. अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.
दरअसल, अभिनव सिंह छद्म नाम से राजीव गुप्ता के रूप में अकबरपुर, मथुरा के के डी मेडिकल कॉलेज अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में काम कर रहा था. अस्पताल के एक अधिकारी ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर कहा, वह एमबीबीएस छात्रों को इंटरनल मेडिसिन विषय पढ़ा रहा था. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सिंह की हालिया गिरफ्तारी ने छात्रों को दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जो भविष्य के डॉक्टर होंगे. मुंबई में सीमाशुल्क मूल्याकंक रहा अभिनव सिंह कथित रूप से फर्जी डीईपीबी (ड्यूटी एंटाइटेलमेंट पास बुक) पावती पत्र की पुष्टि करके सीमा शुल्क विभाग को चार करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने के मामले में 29 सितंबर, 1999 को सीबीआई द्वारा नामजद किये जाने के बाद फरार हो गया था.
अधिकारियों ने कहा कि उस पर पांच लाख रुपये की रिश्वत और मारुति ज़ेन कार लेने का भी आरोप है. अभिनव को मुंबई ले जाया गया है, जहां उससे सीबीआई अधिकारियों द्वारा पूछताछ की जा रही है। सूत्रों ने कहा, झांसी निवासी अभिनव ने पूछताछकर्ताओं को बताया कि वह पिछले दो-तीन वर्षों से के डी मेडिकल कॉलेज में कार्यरत था. इससे पहले उसने फरीदाबाद और अन्य शहरों में कई मेडिकल कॉलेजों में काम किया था. | यह एक सारांश है: करोड़ों का चूना लगाकर फरार हुआ था अफसर
सीबीआई उसको पिछले 20 साल से ढूंढ रही थी
वह मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के छात्रों को पढ़ा रहा था | 16 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: चेन्नई में बैंक डकैती के मामले में कथित तौर पर लिप्त पांच अपराधी एक मुठभेड़ में मारे गए। पुलिस आयुक्त जेके त्रिपाठी ने बताया कि बैंक डकैती के सिलसिले में बुधवार रात करीब एक बजे पांचों व्यक्ति मुठभेड़ में गोली लगने से मारे गए।टिप्पणियां
एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि सूचना के आधार पर पुलिस के एक दल ने वेलाचेरी में वंदीकारन मार्ग पर एक मकान को रात एक बजे के आसपास घेर लिया और संदिग्धों को बाहर आने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे दो निरीक्षक घायल हो गए।
चेन्नई में इस साल दिन दहाड़े बैंक में डकैती के दो मामले हुए थे। 20 फरवरी को शहर के बाहरी इलाके में कीलकट्टालई स्थित सार्वजनिक क्षेत्र के इंडियन ओवरसीज बैंक की एक शाखा से चार सशस्त्र व्यक्तियों ने 14 लाख रुपये लूट लिए थे। ऐसी ही एक घटना 23 जनवरी को हुई थी, जब पेरूंगुड़ी के निकट बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा से चार सशस्त्र व्यक्ति 19 लाख रुपये लूटकर भाग गए थे।
एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि सूचना के आधार पर पुलिस के एक दल ने वेलाचेरी में वंदीकारन मार्ग पर एक मकान को रात एक बजे के आसपास घेर लिया और संदिग्धों को बाहर आने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे दो निरीक्षक घायल हो गए।
चेन्नई में इस साल दिन दहाड़े बैंक में डकैती के दो मामले हुए थे। 20 फरवरी को शहर के बाहरी इलाके में कीलकट्टालई स्थित सार्वजनिक क्षेत्र के इंडियन ओवरसीज बैंक की एक शाखा से चार सशस्त्र व्यक्तियों ने 14 लाख रुपये लूट लिए थे। ऐसी ही एक घटना 23 जनवरी को हुई थी, जब पेरूंगुड़ी के निकट बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा से चार सशस्त्र व्यक्ति 19 लाख रुपये लूटकर भाग गए थे।
चेन्नई में इस साल दिन दहाड़े बैंक में डकैती के दो मामले हुए थे। 20 फरवरी को शहर के बाहरी इलाके में कीलकट्टालई स्थित सार्वजनिक क्षेत्र के इंडियन ओवरसीज बैंक की एक शाखा से चार सशस्त्र व्यक्तियों ने 14 लाख रुपये लूट लिए थे। ऐसी ही एक घटना 23 जनवरी को हुई थी, जब पेरूंगुड़ी के निकट बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा से चार सशस्त्र व्यक्ति 19 लाख रुपये लूटकर भाग गए थे। | यह एक सारांश है: पुलिस आयुक्त जेके त्रिपाठी ने बताया कि बैंक डकैती के सिलसिले में बुधवार रात करीब एक बजे पांचों व्यक्ति मुठभेड़ में गोली लगने से मारे गए। | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सुरक्षित और आरामदायक यात्रा के लिहाज से हवाई यात्रा ज्यादा सुविधाजनक मानी जाती है, साथ ही माना जाता है कि विमानन कंपनी द्वारा हवाई यात्रा में यात्रियों का ख्याल बड़े ही अच्छे ढंग से रखा जाता है. लेकिन अमेरिकन एयरलाइंस में अपने छोटे बच्चों के साथ सवार एक महिला यात्री के साथ विमान स्टाफ द्वारा दुर्व्यवहार करने का मामला सामने आया है. एक वायरल वीडियो में दिखाया गया है कि महिला यात्री विमान स्टाफ के व्यवहार से इतनी दुखी हुई कि वह फूट-फूट कर रोने लगी. मामला उजागर होने पर विमानन कंपनी ने दुर्व्यवहार करने वाले कर्मचारी को निलंबित कर दिया है.
यह घटना बीते शुक्रवार को सैन फ्रांसिस्को से डलास जा रहे अमेरिकन एयरलाइंस की उड़ान संख्या- 591 हुई. विमान में यात्रा करने वाले एक सह यात्री सुरेन अद्यांथाया ने इस घटना के वीडियो को बनाकर अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया.
जानकारी के मुताबिक एक महिला अपने दो छोटे बच्चों को स्टॉलर के साथ विमान में चढ़ी. विमान में उसका स्टॉलर कहीं गुम हो गया, जिसकी शिकायत उसने विमानकर्मी से की. इस पर विमानकर्मी ने महिला यात्री के साथ बदसलूकी की. जब उक्त महिला इस बदसलूकी पर रो रही थी तो अन्य यात्रियों ने महिला के साथ सहानभूति दिखाते हुए उसे शांत करने की कोशिश की और विमानकर्मी के व्यवहार पर गुस्सा जाहिर किया. इस पर उक्त कर्मचारी एक अन्य यात्री के साथ भी झगड़ा करने पर उतारु हो गया.
सुरेन अद्यांथाया ने इस वीडियो को अपलोड करते हुए लिखा है, 'अमेरिकन एयरलाइंस के एक फ्लाइट अटेंडेंट ने हिंसक तरीके से महिला यात्री से उसका स्टॉलर उसे जोर से दे मारा, इससे उसका बच्चा बाव-बाल बचा.'टिप्पणियां
वीडियो में दिखाया गया है कि महिला रोते हुए स्ट्रॉलर के बारे में पूछ रही है. एक अन्य यात्री एयरलाइंस क्रू से उक्त विमानकर्मी का नाम पूछ रहा है. इस पूरे घटनाक्रम के लिए एयरलाइंस ने माफी मांगते हुए घटना की जांच की बात कही है. साथ ही कार्रवाई करते हुए उक्त विमानकर्मी की सेवाएं समाप्त कर दी हैं.
बता दें कि दो सप्ताह पहले भी एक इसी तरह की घटना में एक बुजुर्ग डॉक्टर को अमेरिकन एयरलाइंस के एक विमान से घसीट कर बाहर निकाल दिया गया था.
यह घटना बीते शुक्रवार को सैन फ्रांसिस्को से डलास जा रहे अमेरिकन एयरलाइंस की उड़ान संख्या- 591 हुई. विमान में यात्रा करने वाले एक सह यात्री सुरेन अद्यांथाया ने इस घटना के वीडियो को बनाकर अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया.
जानकारी के मुताबिक एक महिला अपने दो छोटे बच्चों को स्टॉलर के साथ विमान में चढ़ी. विमान में उसका स्टॉलर कहीं गुम हो गया, जिसकी शिकायत उसने विमानकर्मी से की. इस पर विमानकर्मी ने महिला यात्री के साथ बदसलूकी की. जब उक्त महिला इस बदसलूकी पर रो रही थी तो अन्य यात्रियों ने महिला के साथ सहानभूति दिखाते हुए उसे शांत करने की कोशिश की और विमानकर्मी के व्यवहार पर गुस्सा जाहिर किया. इस पर उक्त कर्मचारी एक अन्य यात्री के साथ भी झगड़ा करने पर उतारु हो गया.
सुरेन अद्यांथाया ने इस वीडियो को अपलोड करते हुए लिखा है, 'अमेरिकन एयरलाइंस के एक फ्लाइट अटेंडेंट ने हिंसक तरीके से महिला यात्री से उसका स्टॉलर उसे जोर से दे मारा, इससे उसका बच्चा बाव-बाल बचा.'टिप्पणियां
वीडियो में दिखाया गया है कि महिला रोते हुए स्ट्रॉलर के बारे में पूछ रही है. एक अन्य यात्री एयरलाइंस क्रू से उक्त विमानकर्मी का नाम पूछ रहा है. इस पूरे घटनाक्रम के लिए एयरलाइंस ने माफी मांगते हुए घटना की जांच की बात कही है. साथ ही कार्रवाई करते हुए उक्त विमानकर्मी की सेवाएं समाप्त कर दी हैं.
बता दें कि दो सप्ताह पहले भी एक इसी तरह की घटना में एक बुजुर्ग डॉक्टर को अमेरिकन एयरलाइंस के एक विमान से घसीट कर बाहर निकाल दिया गया था.
जानकारी के मुताबिक एक महिला अपने दो छोटे बच्चों को स्टॉलर के साथ विमान में चढ़ी. विमान में उसका स्टॉलर कहीं गुम हो गया, जिसकी शिकायत उसने विमानकर्मी से की. इस पर विमानकर्मी ने महिला यात्री के साथ बदसलूकी की. जब उक्त महिला इस बदसलूकी पर रो रही थी तो अन्य यात्रियों ने महिला के साथ सहानभूति दिखाते हुए उसे शांत करने की कोशिश की और विमानकर्मी के व्यवहार पर गुस्सा जाहिर किया. इस पर उक्त कर्मचारी एक अन्य यात्री के साथ भी झगड़ा करने पर उतारु हो गया.
सुरेन अद्यांथाया ने इस वीडियो को अपलोड करते हुए लिखा है, 'अमेरिकन एयरलाइंस के एक फ्लाइट अटेंडेंट ने हिंसक तरीके से महिला यात्री से उसका स्टॉलर उसे जोर से दे मारा, इससे उसका बच्चा बाव-बाल बचा.'टिप्पणियां
वीडियो में दिखाया गया है कि महिला रोते हुए स्ट्रॉलर के बारे में पूछ रही है. एक अन्य यात्री एयरलाइंस क्रू से उक्त विमानकर्मी का नाम पूछ रहा है. इस पूरे घटनाक्रम के लिए एयरलाइंस ने माफी मांगते हुए घटना की जांच की बात कही है. साथ ही कार्रवाई करते हुए उक्त विमानकर्मी की सेवाएं समाप्त कर दी हैं.
बता दें कि दो सप्ताह पहले भी एक इसी तरह की घटना में एक बुजुर्ग डॉक्टर को अमेरिकन एयरलाइंस के एक विमान से घसीट कर बाहर निकाल दिया गया था.
जानकारी के मुताबिक एक महिला अपने दो छोटे बच्चों को स्टॉलर के साथ विमान में चढ़ी. विमान में उसका स्टॉलर कहीं गुम हो गया, जिसकी शिकायत उसने विमानकर्मी से की. इस पर विमानकर्मी ने महिला यात्री के साथ बदसलूकी की. जब उक्त महिला इस बदसलूकी पर रो रही थी तो अन्य यात्रियों ने महिला के साथ सहानभूति दिखाते हुए उसे शांत करने की कोशिश की और विमानकर्मी के व्यवहार पर गुस्सा जाहिर किया. इस पर उक्त कर्मचारी एक अन्य यात्री के साथ भी झगड़ा करने पर उतारु हो गया.
सुरेन अद्यांथाया ने इस वीडियो को अपलोड करते हुए लिखा है, 'अमेरिकन एयरलाइंस के एक फ्लाइट अटेंडेंट ने हिंसक तरीके से महिला यात्री से उसका स्टॉलर उसे जोर से दे मारा, इससे उसका बच्चा बाव-बाल बचा.'टिप्पणियां
वीडियो में दिखाया गया है कि महिला रोते हुए स्ट्रॉलर के बारे में पूछ रही है. एक अन्य यात्री एयरलाइंस क्रू से उक्त विमानकर्मी का नाम पूछ रहा है. इस पूरे घटनाक्रम के लिए एयरलाइंस ने माफी मांगते हुए घटना की जांच की बात कही है. साथ ही कार्रवाई करते हुए उक्त विमानकर्मी की सेवाएं समाप्त कर दी हैं.
बता दें कि दो सप्ताह पहले भी एक इसी तरह की घटना में एक बुजुर्ग डॉक्टर को अमेरिकन एयरलाइंस के एक विमान से घसीट कर बाहर निकाल दिया गया था.
सुरेन अद्यांथाया ने इस वीडियो को अपलोड करते हुए लिखा है, 'अमेरिकन एयरलाइंस के एक फ्लाइट अटेंडेंट ने हिंसक तरीके से महिला यात्री से उसका स्टॉलर उसे जोर से दे मारा, इससे उसका बच्चा बाव-बाल बचा.'टिप्पणियां
वीडियो में दिखाया गया है कि महिला रोते हुए स्ट्रॉलर के बारे में पूछ रही है. एक अन्य यात्री एयरलाइंस क्रू से उक्त विमानकर्मी का नाम पूछ रहा है. इस पूरे घटनाक्रम के लिए एयरलाइंस ने माफी मांगते हुए घटना की जांच की बात कही है. साथ ही कार्रवाई करते हुए उक्त विमानकर्मी की सेवाएं समाप्त कर दी हैं.
बता दें कि दो सप्ताह पहले भी एक इसी तरह की घटना में एक बुजुर्ग डॉक्टर को अमेरिकन एयरलाइंस के एक विमान से घसीट कर बाहर निकाल दिया गया था.
वीडियो में दिखाया गया है कि महिला रोते हुए स्ट्रॉलर के बारे में पूछ रही है. एक अन्य यात्री एयरलाइंस क्रू से उक्त विमानकर्मी का नाम पूछ रहा है. इस पूरे घटनाक्रम के लिए एयरलाइंस ने माफी मांगते हुए घटना की जांच की बात कही है. साथ ही कार्रवाई करते हुए उक्त विमानकर्मी की सेवाएं समाप्त कर दी हैं.
बता दें कि दो सप्ताह पहले भी एक इसी तरह की घटना में एक बुजुर्ग डॉक्टर को अमेरिकन एयरलाइंस के एक विमान से घसीट कर बाहर निकाल दिया गया था.
बता दें कि दो सप्ताह पहले भी एक इसी तरह की घटना में एक बुजुर्ग डॉक्टर को अमेरिकन एयरलाइंस के एक विमान से घसीट कर बाहर निकाल दिया गया था. | सारांश: एयरलाइंस ने विमानकर्मी को निलंबित कर दिया है और घटना पर माफी मांगी है
घटना शुक्रवार को सैन फ्रांसिस्को से डलास जा रहे यूएस एयरलाइंस विमान की है
इससे पूर्व एक बुजुर्ग डॉक्टर को घसीट कर विमान से बाहर निकाल दिया था | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख निर्मल खत्री के इस्तीफे की खबरों के बीच उत्तर प्रदेश में कांग्रेस में फेरबदल की संभावना है। हालांकि खत्री ने कहा कि उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया है।
दो दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करने वाले खत्री ने अपने इस्तीफे वाली खबरों को खारिज करते हुए कहा, 'मैंने इस्तीफा नहीं दिया है।' खत्री करीब चार साल से प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख रहे हैं।
पार्टी सूत्रों ने हालांकि बुधवार को कहा कि खत्री ने अपने इस्तीफे की पेशकश की है, लेकिन इस पर अभी तक कोई निर्णय नहीं किया गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी में जल्द ही बदलाव किए जाने की संभावना है क्योंकि पार्टी अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए खुद को तैयार कर रही है।टिप्पणियां
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त महासचिव गुलाम नबी आजाद ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी में फेरबदल का संकेत दिया था जिससे पुनर्गठन को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दो दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करने वाले खत्री ने अपने इस्तीफे वाली खबरों को खारिज करते हुए कहा, 'मैंने इस्तीफा नहीं दिया है।' खत्री करीब चार साल से प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख रहे हैं।
पार्टी सूत्रों ने हालांकि बुधवार को कहा कि खत्री ने अपने इस्तीफे की पेशकश की है, लेकिन इस पर अभी तक कोई निर्णय नहीं किया गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी में जल्द ही बदलाव किए जाने की संभावना है क्योंकि पार्टी अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए खुद को तैयार कर रही है।टिप्पणियां
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त महासचिव गुलाम नबी आजाद ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी में फेरबदल का संकेत दिया था जिससे पुनर्गठन को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पार्टी सूत्रों ने हालांकि बुधवार को कहा कि खत्री ने अपने इस्तीफे की पेशकश की है, लेकिन इस पर अभी तक कोई निर्णय नहीं किया गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी में जल्द ही बदलाव किए जाने की संभावना है क्योंकि पार्टी अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए खुद को तैयार कर रही है।टिप्पणियां
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त महासचिव गुलाम नबी आजाद ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी में फेरबदल का संकेत दिया था जिससे पुनर्गठन को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त महासचिव गुलाम नबी आजाद ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी में फेरबदल का संकेत दिया था जिससे पुनर्गठन को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: खत्री ने सोनिया गांधी से की मुलाकात
पद से इस्तीफा देने से किया इनकार
गुलाम नबी आजाद ने फेरबदल के दिए संकेत | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हरियाणा की खापों ने राज्य में बलात्कार की घटनाएं रोकने के लिए लड़कियों की कम उम्र में शादी कराने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन इस मुद्दे पर आम सहमति नहीं बन पाई तो अब राज्य सरकार से रात में विवाह पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर दी है।
यहां रविवार को हुई हरियाणा सर्व खाप पंचायत की बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार से रात में विवाह पर रोक लगाने को कहा है, क्योंकि इस कारण दुर्घटनाएं होती हैं तथा कई तरह के अपराध होते हैं।टिप्पणियां
रोहतक खाप-84 के अध्यक्ष हरदीप सिंह ने कहा, "हरियाणा में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं की एक बड़ी वजह है रात में शादियां होना। इसके अलावा शादियों में कई युवक शराब पीकर डीजे की धुन पर नाचते हैं और तेज रफ्तार में वाहन चलाते हैं जिस कारण सड़क हादसे होते हैं। इसलिए रात में शादियों पर रोक लगनी चाहिए ताकि दुर्घटनाएं कम हों।"
वहीं धनकर खाप के अध्यक्ष एवं बैठक के समन्वयक ओम प्रकाश ने कहा, "विभिन्न खाप पंचायतों का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मिलेगा और उनसे रात में विवाह पर प्रतिबंध लगाने की मांग करेगा।"
यहां रविवार को हुई हरियाणा सर्व खाप पंचायत की बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार से रात में विवाह पर रोक लगाने को कहा है, क्योंकि इस कारण दुर्घटनाएं होती हैं तथा कई तरह के अपराध होते हैं।टिप्पणियां
रोहतक खाप-84 के अध्यक्ष हरदीप सिंह ने कहा, "हरियाणा में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं की एक बड़ी वजह है रात में शादियां होना। इसके अलावा शादियों में कई युवक शराब पीकर डीजे की धुन पर नाचते हैं और तेज रफ्तार में वाहन चलाते हैं जिस कारण सड़क हादसे होते हैं। इसलिए रात में शादियों पर रोक लगनी चाहिए ताकि दुर्घटनाएं कम हों।"
वहीं धनकर खाप के अध्यक्ष एवं बैठक के समन्वयक ओम प्रकाश ने कहा, "विभिन्न खाप पंचायतों का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मिलेगा और उनसे रात में विवाह पर प्रतिबंध लगाने की मांग करेगा।"
रोहतक खाप-84 के अध्यक्ष हरदीप सिंह ने कहा, "हरियाणा में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं की एक बड़ी वजह है रात में शादियां होना। इसके अलावा शादियों में कई युवक शराब पीकर डीजे की धुन पर नाचते हैं और तेज रफ्तार में वाहन चलाते हैं जिस कारण सड़क हादसे होते हैं। इसलिए रात में शादियों पर रोक लगनी चाहिए ताकि दुर्घटनाएं कम हों।"
वहीं धनकर खाप के अध्यक्ष एवं बैठक के समन्वयक ओम प्रकाश ने कहा, "विभिन्न खाप पंचायतों का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मिलेगा और उनसे रात में विवाह पर प्रतिबंध लगाने की मांग करेगा।"
वहीं धनकर खाप के अध्यक्ष एवं बैठक के समन्वयक ओम प्रकाश ने कहा, "विभिन्न खाप पंचायतों का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मिलेगा और उनसे रात में विवाह पर प्रतिबंध लगाने की मांग करेगा।" | यहाँ एक सारांश है:हरियाणा की खापों ने राज्य में बलात्कार की घटनाएं रोकने के लिए लड़कियों की कम उम्र में शादी कराने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन इस मुद्दे पर आम सहमति नहीं बन पाई तो अब राज्य सरकार से रात में विवाह पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर दी है। | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: 15 साल का अभय अग्रवाल पहली नजर में 10वीं क्लास के किसी छात्र जैसा ही दिखता है, लेकिन उसकी कामयाबी बहुत बड़ी है. अभय ने आईआईटी-जेईई (एडवांस) में सफलता हासिल कर मेकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए अपना एडमिशन पक्का कर लिया है.
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के रहने वाले इस लड़के की ऑल इंडिया रैंकिंग 2,467 है. वह स्कूली पढ़ाई में छलांग लगाते हुए ऊंची क्लास में पहुंच गया और अपने सहपाठियों के मुकाबले 12वीं की परीक्षा कम उम्र में ही पास कर ली. यह उसकी मेहनत और लगन का नतीजा है कि अब उसे इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी) में दाखिला मिलने जा रहा है.
अभय एक बेहद साधारण परिवार से है. उसके पिता मुकेश आर्ट्स ग्रेजुएट हैं और फिरोजाबाद नगर निगम में पंप अटेंडेंट के रूप में काम करते हैं. उसकी मां एकता ने 12वीं तक की पढ़ाई की हुई है. लेकिन इस परिवार के लिए शिक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है. उन्होंने अभय और उसके बड़े भाई की पढ़ाई-लिखाई के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी. उसका बड़ा भाई भी इंजीनियर बनने के लिए पढ़ाई कर रहा है. माता-पिता ने इन दोनों भाइयों को हमेशा फोकस होकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया, लेकिन लक्ष्य को लेकर उनके सिर पर कोई बोझ नहीं डाला.
अभय ने समाचार एजेंसी ANI को बताया, मेरे माता-पिता ने शहर के एक कोचिंग संस्थान में मेरा नाम एडमिशन करवा दिया. कुछ लोगों ने मुझे हतोत्साहित भी किया, लेकिन मैं इससे और कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित हुआ.
प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के दौरान वह अपने बाकी साथियों से अलग सोशल मीडिया और ध्यान भटकाने वाली अन्य चीजों से बिल्कुल दूर रहा. उसने यूपी बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में 85.63 फीसदी अंक हासिल किए थे, जबकि सीबीएसई बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में उसे 87.2 फीसदी नंबर प्राप्त हुए.टिप्पणियां
इससे पहले, साल 2013 में बिहार के 13 साल के एक लड़के ने आईआईटी-जेईई प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल की थी और वह यह कारनामा करने वाला देश का सबसे कम उम्र का छात्र बना. वह इससे पिछले साल भी परीक्षा में कामयाबी हासिल कर सबसे कम उम्र का सफल प्रतिभागी बना था, लेकिन अपनी ऑल इंडिया रैंकिंग सुधारने के लिए वह दोबारा प्रवेश परीक्षा में शामिल हुआ था.
उससे पहले साल 2010 में दिल्ली के सहल कौशिक ने 14 साल की उम्र में आईआईटी-जेईई परीक्षा में कामयाबी हासिल की थी. उसकी ऑल इंडिया रैंकिंग 33 रही थी. वह आईआईटी कानपुर कैंपस में पहुंचने वाला सबसे कम उम्र का छात्र था.
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के रहने वाले इस लड़के की ऑल इंडिया रैंकिंग 2,467 है. वह स्कूली पढ़ाई में छलांग लगाते हुए ऊंची क्लास में पहुंच गया और अपने सहपाठियों के मुकाबले 12वीं की परीक्षा कम उम्र में ही पास कर ली. यह उसकी मेहनत और लगन का नतीजा है कि अब उसे इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी) में दाखिला मिलने जा रहा है.
अभय एक बेहद साधारण परिवार से है. उसके पिता मुकेश आर्ट्स ग्रेजुएट हैं और फिरोजाबाद नगर निगम में पंप अटेंडेंट के रूप में काम करते हैं. उसकी मां एकता ने 12वीं तक की पढ़ाई की हुई है. लेकिन इस परिवार के लिए शिक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है. उन्होंने अभय और उसके बड़े भाई की पढ़ाई-लिखाई के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी. उसका बड़ा भाई भी इंजीनियर बनने के लिए पढ़ाई कर रहा है. माता-पिता ने इन दोनों भाइयों को हमेशा फोकस होकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया, लेकिन लक्ष्य को लेकर उनके सिर पर कोई बोझ नहीं डाला.
अभय ने समाचार एजेंसी ANI को बताया, मेरे माता-पिता ने शहर के एक कोचिंग संस्थान में मेरा नाम एडमिशन करवा दिया. कुछ लोगों ने मुझे हतोत्साहित भी किया, लेकिन मैं इससे और कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित हुआ.
प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के दौरान वह अपने बाकी साथियों से अलग सोशल मीडिया और ध्यान भटकाने वाली अन्य चीजों से बिल्कुल दूर रहा. उसने यूपी बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में 85.63 फीसदी अंक हासिल किए थे, जबकि सीबीएसई बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में उसे 87.2 फीसदी नंबर प्राप्त हुए.टिप्पणियां
इससे पहले, साल 2013 में बिहार के 13 साल के एक लड़के ने आईआईटी-जेईई प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल की थी और वह यह कारनामा करने वाला देश का सबसे कम उम्र का छात्र बना. वह इससे पिछले साल भी परीक्षा में कामयाबी हासिल कर सबसे कम उम्र का सफल प्रतिभागी बना था, लेकिन अपनी ऑल इंडिया रैंकिंग सुधारने के लिए वह दोबारा प्रवेश परीक्षा में शामिल हुआ था.
उससे पहले साल 2010 में दिल्ली के सहल कौशिक ने 14 साल की उम्र में आईआईटी-जेईई परीक्षा में कामयाबी हासिल की थी. उसकी ऑल इंडिया रैंकिंग 33 रही थी. वह आईआईटी कानपुर कैंपस में पहुंचने वाला सबसे कम उम्र का छात्र था.
अभय एक बेहद साधारण परिवार से है. उसके पिता मुकेश आर्ट्स ग्रेजुएट हैं और फिरोजाबाद नगर निगम में पंप अटेंडेंट के रूप में काम करते हैं. उसकी मां एकता ने 12वीं तक की पढ़ाई की हुई है. लेकिन इस परिवार के लिए शिक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है. उन्होंने अभय और उसके बड़े भाई की पढ़ाई-लिखाई के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी. उसका बड़ा भाई भी इंजीनियर बनने के लिए पढ़ाई कर रहा है. माता-पिता ने इन दोनों भाइयों को हमेशा फोकस होकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया, लेकिन लक्ष्य को लेकर उनके सिर पर कोई बोझ नहीं डाला.
अभय ने समाचार एजेंसी ANI को बताया, मेरे माता-पिता ने शहर के एक कोचिंग संस्थान में मेरा नाम एडमिशन करवा दिया. कुछ लोगों ने मुझे हतोत्साहित भी किया, लेकिन मैं इससे और कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित हुआ.
प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के दौरान वह अपने बाकी साथियों से अलग सोशल मीडिया और ध्यान भटकाने वाली अन्य चीजों से बिल्कुल दूर रहा. उसने यूपी बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में 85.63 फीसदी अंक हासिल किए थे, जबकि सीबीएसई बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में उसे 87.2 फीसदी नंबर प्राप्त हुए.टिप्पणियां
इससे पहले, साल 2013 में बिहार के 13 साल के एक लड़के ने आईआईटी-जेईई प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल की थी और वह यह कारनामा करने वाला देश का सबसे कम उम्र का छात्र बना. वह इससे पिछले साल भी परीक्षा में कामयाबी हासिल कर सबसे कम उम्र का सफल प्रतिभागी बना था, लेकिन अपनी ऑल इंडिया रैंकिंग सुधारने के लिए वह दोबारा प्रवेश परीक्षा में शामिल हुआ था.
उससे पहले साल 2010 में दिल्ली के सहल कौशिक ने 14 साल की उम्र में आईआईटी-जेईई परीक्षा में कामयाबी हासिल की थी. उसकी ऑल इंडिया रैंकिंग 33 रही थी. वह आईआईटी कानपुर कैंपस में पहुंचने वाला सबसे कम उम्र का छात्र था.
अभय ने समाचार एजेंसी ANI को बताया, मेरे माता-पिता ने शहर के एक कोचिंग संस्थान में मेरा नाम एडमिशन करवा दिया. कुछ लोगों ने मुझे हतोत्साहित भी किया, लेकिन मैं इससे और कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित हुआ.
प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के दौरान वह अपने बाकी साथियों से अलग सोशल मीडिया और ध्यान भटकाने वाली अन्य चीजों से बिल्कुल दूर रहा. उसने यूपी बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में 85.63 फीसदी अंक हासिल किए थे, जबकि सीबीएसई बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में उसे 87.2 फीसदी नंबर प्राप्त हुए.टिप्पणियां
इससे पहले, साल 2013 में बिहार के 13 साल के एक लड़के ने आईआईटी-जेईई प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल की थी और वह यह कारनामा करने वाला देश का सबसे कम उम्र का छात्र बना. वह इससे पिछले साल भी परीक्षा में कामयाबी हासिल कर सबसे कम उम्र का सफल प्रतिभागी बना था, लेकिन अपनी ऑल इंडिया रैंकिंग सुधारने के लिए वह दोबारा प्रवेश परीक्षा में शामिल हुआ था.
उससे पहले साल 2010 में दिल्ली के सहल कौशिक ने 14 साल की उम्र में आईआईटी-जेईई परीक्षा में कामयाबी हासिल की थी. उसकी ऑल इंडिया रैंकिंग 33 रही थी. वह आईआईटी कानपुर कैंपस में पहुंचने वाला सबसे कम उम्र का छात्र था.
प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के दौरान वह अपने बाकी साथियों से अलग सोशल मीडिया और ध्यान भटकाने वाली अन्य चीजों से बिल्कुल दूर रहा. उसने यूपी बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में 85.63 फीसदी अंक हासिल किए थे, जबकि सीबीएसई बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में उसे 87.2 फीसदी नंबर प्राप्त हुए.टिप्पणियां
इससे पहले, साल 2013 में बिहार के 13 साल के एक लड़के ने आईआईटी-जेईई प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल की थी और वह यह कारनामा करने वाला देश का सबसे कम उम्र का छात्र बना. वह इससे पिछले साल भी परीक्षा में कामयाबी हासिल कर सबसे कम उम्र का सफल प्रतिभागी बना था, लेकिन अपनी ऑल इंडिया रैंकिंग सुधारने के लिए वह दोबारा प्रवेश परीक्षा में शामिल हुआ था.
उससे पहले साल 2010 में दिल्ली के सहल कौशिक ने 14 साल की उम्र में आईआईटी-जेईई परीक्षा में कामयाबी हासिल की थी. उसकी ऑल इंडिया रैंकिंग 33 रही थी. वह आईआईटी कानपुर कैंपस में पहुंचने वाला सबसे कम उम्र का छात्र था.
इससे पहले, साल 2013 में बिहार के 13 साल के एक लड़के ने आईआईटी-जेईई प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल की थी और वह यह कारनामा करने वाला देश का सबसे कम उम्र का छात्र बना. वह इससे पिछले साल भी परीक्षा में कामयाबी हासिल कर सबसे कम उम्र का सफल प्रतिभागी बना था, लेकिन अपनी ऑल इंडिया रैंकिंग सुधारने के लिए वह दोबारा प्रवेश परीक्षा में शामिल हुआ था.
उससे पहले साल 2010 में दिल्ली के सहल कौशिक ने 14 साल की उम्र में आईआईटी-जेईई परीक्षा में कामयाबी हासिल की थी. उसकी ऑल इंडिया रैंकिंग 33 रही थी. वह आईआईटी कानपुर कैंपस में पहुंचने वाला सबसे कम उम्र का छात्र था.
उससे पहले साल 2010 में दिल्ली के सहल कौशिक ने 14 साल की उम्र में आईआईटी-जेईई परीक्षा में कामयाबी हासिल की थी. उसकी ऑल इंडिया रैंकिंग 33 रही थी. वह आईआईटी कानपुर कैंपस में पहुंचने वाला सबसे कम उम्र का छात्र था. | अभय अग्रवाल बेहद साधारण परिवार से है
उसके पिता फिरोजाबाद नगर निगम में पंप अटेंडेंट हैं
घर वालों ने अभय की पढ़ाई-लिखाई के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी | 34 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कांग्रेस के एक नेता ने व्हाट्सऐप ग्रुप पर कथित रूप से कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को 'पप्पू' कह दिया. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इस वजह से उस नेता को दंडित करते हुए पार्टी के पद से हटा दिया गया. कांग्रेस के विरोधी दल इस कारण पार्टी को निशाना बना रहे हैं. दरअसल मेरठ कांग्रेस के नेता विवेक प्रधान ने द टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस व्हाट्सऐप ग्रुप पर किसी ने उनको फंसाने के लिए फोटोशॉप करके इसे डाल दिया. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इस प्रकरण के बाद प्रधान को मेरठ कांग्रेस अध्यक्ष समेत अन्य पदों से हटा दिया गया.
कांग्रेस ने हालांकि अभी तक इस मसले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन बीजेपी ने कहा कि इससे कांग्रेस के भीतर की 'चापलूसी' जाहिर होती है. बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, ''पप्पू कहने पर तो तुरंत दंडित कर दिया गया लेकिन आर्मी चीफ को सड़क का गुंडा कहने पर किसी को दंडित नहीं किया गया.''टिप्पणियां
दरअसल संबित पात्रा का इशारा कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित की तरफ था. संदीप दीक्षित ने आर्मी चीफ को शनिवार को सड़क का गुंडा कहा था. हालांकि विवाद बढ़ने पर उन्होंने माफी मांग ली थी. इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने कहा था कि संदीप दीक्षित का यह बयान पूरी तरह अस्वीकार्य है. बीजेपी ने इस पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से माफी मांगने को कहा था और संदीप दीक्षित को पार्टी से बाहर निकालने की भी मांग की थी.
इस मामले में विवेक प्रधान का कहना है कि वह राहुल गांधी से मिलकर अपना पक्ष रखना चाहते हैं. लेकिन उनको इसके लिए इंतजार करना होगा क्योंकि राहुल गांधी ने मंगलवार को ही घोषणा करते हुए कहा था कि वह अपनी नानी से मिलने इटली जा रहे हैं.
कांग्रेस ने हालांकि अभी तक इस मसले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन बीजेपी ने कहा कि इससे कांग्रेस के भीतर की 'चापलूसी' जाहिर होती है. बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, ''पप्पू कहने पर तो तुरंत दंडित कर दिया गया लेकिन आर्मी चीफ को सड़क का गुंडा कहने पर किसी को दंडित नहीं किया गया.''टिप्पणियां
दरअसल संबित पात्रा का इशारा कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित की तरफ था. संदीप दीक्षित ने आर्मी चीफ को शनिवार को सड़क का गुंडा कहा था. हालांकि विवाद बढ़ने पर उन्होंने माफी मांग ली थी. इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने कहा था कि संदीप दीक्षित का यह बयान पूरी तरह अस्वीकार्य है. बीजेपी ने इस पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से माफी मांगने को कहा था और संदीप दीक्षित को पार्टी से बाहर निकालने की भी मांग की थी.
इस मामले में विवेक प्रधान का कहना है कि वह राहुल गांधी से मिलकर अपना पक्ष रखना चाहते हैं. लेकिन उनको इसके लिए इंतजार करना होगा क्योंकि राहुल गांधी ने मंगलवार को ही घोषणा करते हुए कहा था कि वह अपनी नानी से मिलने इटली जा रहे हैं.
दरअसल संबित पात्रा का इशारा कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित की तरफ था. संदीप दीक्षित ने आर्मी चीफ को शनिवार को सड़क का गुंडा कहा था. हालांकि विवाद बढ़ने पर उन्होंने माफी मांग ली थी. इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने कहा था कि संदीप दीक्षित का यह बयान पूरी तरह अस्वीकार्य है. बीजेपी ने इस पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से माफी मांगने को कहा था और संदीप दीक्षित को पार्टी से बाहर निकालने की भी मांग की थी.
इस मामले में विवेक प्रधान का कहना है कि वह राहुल गांधी से मिलकर अपना पक्ष रखना चाहते हैं. लेकिन उनको इसके लिए इंतजार करना होगा क्योंकि राहुल गांधी ने मंगलवार को ही घोषणा करते हुए कहा था कि वह अपनी नानी से मिलने इटली जा रहे हैं.
इस मामले में विवेक प्रधान का कहना है कि वह राहुल गांधी से मिलकर अपना पक्ष रखना चाहते हैं. लेकिन उनको इसके लिए इंतजार करना होगा क्योंकि राहुल गांधी ने मंगलवार को ही घोषणा करते हुए कहा था कि वह अपनी नानी से मिलने इटली जा रहे हैं. | यह एक सारांश है: मेरठ कांग्रेस अध्यक्ष विवेक प्रधान ने कथित रूप से ऐसा कहा
उनको पार्टी के सभी पदों से हटाया गया, बीजेपी ने साधा निशाना
प्रधान ने कहा कि किसी ने उनको फंसाने के लिए फोटोशॉप कर ऐसा किया | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: देश में भले स्वच्छता का नारा बुलंद हो रहा हो, मगर उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के आस-पास के कई गांवों में कचरे ने बर्बादी ला दी है. एक तरफ जहां कचरे से बीमारियां बढ़ रही हैं तो वहीं दूसरी ओर 'कुंवारा रोग' बढ़ता जा रहा है. इन गांवों में कुंवारों की संख्या संक्रमण रोग की तरह बढ़ रही है. कानपुर के पनकी पड़ाव, जमुई, बदुआपुर सरायमिता गांव में गंदगी का अंबार इतना है कि लोग अपनी बेटियों की शादी इन गांवों के लड़कों के साथ नहीं करना चाहते हैं. इन गांवों में कानपुर नगर निगम का सॉलिड वेस्टेज यहां से सटा हुआ है, जिसकी वजह से गांव में गंदगी, दरुगध और बीमारियां फैली रहती हैं. इसके कारण कोई भी अपनी लड़की की शादी इन गांवों में नहीं करना चाहता है.
हालांकि बदुआपुर के संतोष राजपूत ने बताया कि यहां तालाब पाटकर कूड़ा प्लांट बना दिए गए हैं. यहां पर कई टन कूड़ा डम्प है. यहां गर्मियों में कोई नहीं रुकता, क्योंकि यहां पर आग अपने आप पकड़ लेती है. यहां के 70 प्रतिशत लोग टीबी और दमा से ग्रसित हैं. बीमारी के कारण लगभग पांच सालों से यहां पर कोई शादी नहीं हो पा रही है. इसी वजह से नौजवानों का पलायन हो रहा है. अगर शादी होती भी है तो टूट जाती है. इसके आस-पास के गांव बनपुरूवा, कलकपुरवा, सुन्दर नगर, स्पात नगर यह सब तीन किलोमीटर के दायरे में हैं. सब लोग प्रदूषण और गंदगी की जद में रहने को मजबूर हैं.
इसी गांव की सोमवती का कहना है, 'दमा और दुर्गन्ध वाली बीमारियां बहुत ज्यादा फैली हैं. मेरे भतीजे की शादी तय हो गई थी, लेकिन यहां का वातारण देखकर शादी टूट गई. हमारे गांव में कई सालों से कोई शहनाई नहीं बजी है. रिश्ते वाले तो गांव के लड़के देखने के लिए खूब आते हैं, लेकिन जब कूड़ा प्लांट, हवा और बीमारी का पता चलता है तो वापस हो जाते हैं.' पनकी पड़ाव के रवि राजपूत का कहना है कानपुर नगर निगम का सॉलिड वेस्टेज कूड़ा प्लांट यहां आने के बाद से एक नहीं सौ बीमारियां फैली हुई है. इसी कारण आधे लोग अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजते हैं. उन्होंने बताया, 'पूरे शहर की गंदगी हमारे मत्थे मढ़ दी गई. कूड़ा प्लांट हमारे गांवों से सटा हुआ है. दरुगध की वजह से हमारा जीना मुहाल हो गया है और हम गंदी हवा में सांस लेने को मजबूर हैं.'
इसी गांव की केतकी का कहना है, 'हमारे गांव में न तो लड़के न ही लड़कियों की शादी हो पा रही है. हमारे गांव में अभी 60 लड़के ऐसे हैं जो शादी की उम्र के हैं, लेकिन उनकी शादी नहीं हो पा रही है. जब से कूड़ा प्लांट आया है यहां पर कोई शादी नहीं हुई है.' जमुई गांव के रमेश ने कहा, 'हमारे यहां ज्यादातर नौजवान दमे और सांस की बीमारियों से ग्रसित हैं. मैं खुद दमे से पीड़ित हूं. पहले मुझे यह बीमारी नहीं थी, लेकिन इस कूड़े के प्लांट की दरुगध से मुझे यह बीमारी हो गई. मेरे बेटे की उम्र शादी की हो गई है,लेकिन कोई शादी के लिए नहीं आ रहा है.'
इस मामले में अपर नगर आयुक्त अमृत लाल बिनद ने गोल मोल जवाब देते हुए कहा कि कूड़ा वहां डंप होता है. उसे अन्य जगह पर शिफ्ट करने की तैयारी कर रहे. इस पर तेजी से काम हो रहा है. बीमारियों से निपटने के लिए कैम्प लगाए जाते हैं. वहीं कानपुर की महापौर प्रमिला पाण्डेय ने कहा कि यह कूड़ा कई वर्षो से वहां डम्प हो रहा है. इसे खत्म करने का प्लान बनाया जा रहा है. इसके लिए कुछ किया जाएगा. | यहाँ एक सारांश है:कानपुर जिले के आस-पास के कई गांवों में कचरे ने बर्बादी ला दी है
इन गांवों में कुंवारों की संख्या संक्रमण रोग की तरह बढ़ रही है
संतोष राजपूत ने बताया कि यहां तालाब पाटकर कूड़ा प्लांट बना दिए गए | 4 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नागरिकता संशोधन बिल (Citizenship Amendment Bill) आज लोकसभा में पेश किया जाएगा. बीजेपी ने अपने सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया है. यह व्हिप सोमवार से बुधवार तक के लिए है. सांसदों से दोनों सदनों में मौजूद रहने के लिए कहा गया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल (CAB) पेश करेंगे. इस बिल को लेकर लोकसभा में जोरदार बहस होने के आसार हैं. दूसरी तरफ, असम में नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएबी) के खिलाफ विभिन्न प्रकार से विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं जिनमें नग्न होकर प्रदर्शन करना और तलवार लेकर प्रदर्शन करना भी शामिल है. मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के चबुआ स्थित निवास और गुवाहाटी में वित्त मंत्री हिमंत बिस्व सरमा के घर के बाहर सीएबी विरोधी पोस्टर चिपकाए गए. ऑल असम स्टूडेंट यूनियन (आसू) ने अपने मुख्यालय से मशाल जलाकर जुलुस निकाला और गुवाहाटी की सड़कों पर प्रदर्शन किया.
आसू के मुख्य सलाहकार समुज्जल कुमार भट्टाचार्य ने जुलूस का नेतृत्व करते हुए कहा कि राज्य विधेयक को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं करेगा. उत्तर पूर्व के मूल निवासियों का कहना है कि बाहर से आकर नागरिकता लेने वाले लोगों से उनकी पहचान और आजीविका को खतरा है. आसू और अन्य संगठन विधेयक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं. आल असम मटक स्टूडेंट यूनियन के कार्यकर्ताओं ने रविवार शाम को शिवसागर की सड़कों पर नग्न होकर प्रदर्शन किया. हालांकि पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे मटक समुदाय के लोगों को हिरासत में ले लिया. वहीं नलबारी नगर में असम गण परिषद के तीन मंत्रियों के खिलाफ विभिन्न स्थानों पर पोस्टर चिपकाए गए. | यह एक सारांश है: असम में मुख्यमंत्री निवास पर चिपकाए गए पोस्टर
लोगों ने तलवार लेकर किया प्रदर्शन
बोले, राज्य विधेयक को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं करेगा | 16 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनंत कुमार मिश्र की निजी गाड़ी के ड्राइवर को कुछ अज्ञात बदमाशों ने शुक्रवार देर रात गोली मारकर उससे उनकी गाड़ी लूट ली। लुटेरे घायल ड्राइवर को घटनास्थल पर छोड़कर फरार हो गए। पुलिस अभी तक मंत्री की गाड़ी नहीं ढूंढ सकी है। कोहना पुलिस स्टेशन के प्रभारी आलोक मणि त्रिपाठी ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री अनंत कुमार मिश्र की निजी गाड़ी इंडीवर (नंबर यूपी 78बीएस 9454) पर सवार होकर उनका ड्राइवर राजेश (30 साल) रात डेढ़ बजे आर्यनगर से कुछ सामान लेकर सिविल लाइन स्थित उनके घर वापस आ रहा था। आर्यनगर चौराहे के पास केपीएम प्लाजा के सामने कुछ बदमाशों ने गाड़ी रोकी और ड्राइवर पर 32 बोर की रिवाल्वर से गोली चलाई, जिससे वह बुरी तरह से घायल हो गया। उसके बाद लुटेरे गाड़ी लेकर फरार हो गए। बाद में लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी और पुलिस ने ड्राइवर को हैलट अस्पताल में भर्ती कराया। गौरतलब है कि मिश्रा का कानपुर के सिविल लाइन इलाके में घर है और वह बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्र के रिश्ते में भाई हैं। मिश्रा का परिवार यहीं रहता है। त्रिपाठी ने बताया कि कि शुक्रवार रात मंत्री के घर वालों ने किसी काम से ड्राइवर को आर्यनगर भेजा था। ड्राइवर राजेश घायल अवस्था में हैलट अस्पताल में भर्ती है। डॉक्टरों की एक टीम उसका इलाज कर रही है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। मंत्री की गाड़ी लूटने की खबर से पुलिस मशीनरी हरकत में आ गई है और अधिकारियों ने रात में ही पूरे शहर की नाकेबंदी कर वाहनों की तलाशी शुरू कर दी थी। लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तार नहीं हुई है, न ही गाड़ी बरामद हो सकी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार शक के आधार पर कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस के आला अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं और अधिकारियों की कई टीमें बनाकर जगह जगह छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि गाड़ी और बदमाश जल्दी ही पुलिस की गिरफ्त में होंगे। | यहाँ एक सारांश है:उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनंत कुमार मिश्रा की कार बदमाशों ने लूट ली। इस हमले में कार के ड्राइवर को गोली लगी है और उसकी हालत गंभीर है। | 17 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दिल्ली पुलिस ने जेएनयू मामले में पटियाला हाउस कोर्ट में चार्जशीट आज दाखिल कर दी है. ये चार्जशीट सेक्शन-124 A,323,465,471,143,149,147,120B के तहत पेश की गई है. चार्जशीट में कुल 10 मुख्य आरोपी बनाए हैं जिसमें कन्हैया कुमार,उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य हैं. चार्जशीट में मुख्य आरोपी कन्हैया कुमार, अनिर्बान भट्टाचार्य, उमर खालिद, सात कश्मीर छात्र और 36 अन्य लोग हैं. चार्जशीट के मुताबिक कन्हैया कुमार ने भी देश विरोधी नारे लगाए थे. गवाहों के हवाले से चार्जशीट में बताया गया है कि कन्हैया कुमार ने भी देश विरोधी नारे लगाए थे. पुलिस को कन्हैया का भाषण देते हुए एक वीडियो भी मिला है. इसके साथ ही कहा गया है कि कन्हैया को पूरे कार्यक्रम की पहले से जानकारी थी. चार्जशीट में जिन सात कश्मीरी छात्रों के नाम हैं, उनसे पूछताछ हो चुकी है.
कन्हैया कुमार,उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य और 7 कश्मीरी छात्रों के नाम कॉलम नंबर 11 में रखे गए हैं. कॉलम नंबर 11 का मतलब ये होता है कि इन आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं और इन पर केस चलाया जा सकता है. बाकी 36 लोगों के नाम कॉलम नंबर 12 में रखा गया है जिनमें डी राजा की बेटी अपराजिता और शहला राशिद भी शामिल हैं. कॉलम नंबर 12 का मतलब ये हैं कि ये आरोपी तो हैं लेकिन जांच में पुलिस को इनके खिलाफ सबूत नहीं मिले. कोर्ट चाहे तो इन्हें समन कर सकता है. देशद्रोह,दंगा भड़काना, अवैध तरीके से इकठ्ठा होना और साज़िश के आरोप में पेश होगी चार्जशीट .कुल 46 आरोपी हैं.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस मामले में सबूत के तौर पर घटना के वक़्त के कई वीडियो फुटेज, जो सीबीआई की सीएफएसएल (CFSL) में जांच के लिए भेजे गए थे और जिसके नमूने पॉजिटिव पाए गए थे, इसके अलावा मौके पर मौजूद कई लोगों के बयान, मोबाइल फुटेज, फेसबुक पोस्ट, बैनर पोस्टर शामिल हैं. वहीं जेएनयू प्रशासन, एबीवीपी के छात्र, सिक्योरिटी गार्ड, औऱ कुछ अन्य छात्र को भी इसमें गवाह बनाया गया है. इस मामले करीब 30 और लोग संदिग्ध पाए गए थे. लेकिन उनके खिलाफ सबूत नहीं मिले थे.
तय आरोपों के अनुसार कन्हैया को पूरे कार्यक्रम की जानकारी पहले से थी. सात कश्मीरी छात्रों जिनके नाम चार्जशीट में हैं. उनसे भी पूछताछ की जा चुकी हैं, पर इन्हें बिना गिरफ्तारी के चार्जशीट किया गया है. कुल 1200 पेज की चार्जशीट है. इस ममाले में 90 गवाह बनाए गए हैं.
आरोपी सभी कश्मीरी छात्र जामिया अलीगढ़ और जेएनयू के छात्र हैं. सबूत के तौर पर करीब 10 वीडियो क्लिप अहम सबूत हैं, जिनकी जांच CBI की CFSL में हुई थी. दिल्ली पुलिस ने अपनी चार्जशीट में गवाहों के बयानों के आधार पर यह बताया है कि कन्हैया ने देश विरोधी नारे लगाए लगाए थे. जो वीडियो मिले हैं उनसे ये पता चलता है कि कन्हैया वहां थे. जो वीडियो भाषण वाला है उसमें क्या है? ये साफ नहीं किया.
मुख्य आरोपी
1. कन्हैया
2. उमर खालिद
3. अनिर्बान
(ये तीनों गिरफ्तार हुए थे बेल पर हैं)
1. मुजीर (जेएनयू छात्र)
2. मुनीर (अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी)
(दोनों भाई हैं)
3. उमर गुल (जामिया यूनिवर्सिटी)
4. बसारत (जामिया)
5. रईस रसूल (स्टूडेंट नहीं है)
6. अकीब - डेंटल डाक्टर है
7. खालिद भट्ट (जेएनयू छात्र)
(ये सभी कश्मीरी हैं जिन्होंने नारे लगाए. गिरफ्तार नहीं हुए थे चार्जशीट में कालम नम्बर 11 में नाम)
36 आरोपी चार्जशीट में कालम नम्बर 12 में हैं. इनमें प्रमुख हैं-
1. सहला रशीद
2. अपराजिता राजा (डी राजा की बेटी)
3. रामा नागा
4. बंजोशनला लाहरी (अम्बेडकर यूनिवर्सिटी में एसोशिएट प्रोफेसर)
5. आशुतोष
6. इशान
(केस का आधार, वीडियो फुटेज, सीएफएल रिपोर्ट और बयान)
आपको बता दें कि 9 फरवरी 2016 में जेएनयू कैंपस में अफजल गुरु और मकबूल भट्ट के फांसी के विरोध में एक प्रोग्राम आयोजित किया गया था, जिसमें देश विरोधी नारे लगाने के आरोप हैं. पुलिस ने उस वक़्त दिल्ली के बसंत कुंज नार्थ थाने में कन्हैया कुमार, उमर खालिद, और अनिबर्न भट्टाचार्य के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार भी किया था. जिसके बाद सभी आरोपियों को दिल्ली हाईकोर्ट ने सशर्त जमानत दे दी थी. | जेएनयू में कथित देश विरोधी नारेबाजी में चार्जशीट
2000 पन्नों का आरोपपत्र
कन्हैया के अलावा उमर खालिद और अनिर्बान के नाम | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली में गैंगरेप की शिकार हुई लड़की ने अपने फिजियोथिरेपी संस्थान में बेहतरीन अंक प्राप्त किए थे और उसे अच्छा व्यवहार करने वाली छात्रा के रूप में जाना जाता था। टिप्पणियां
संस्थान के डीन ने बताया कि गैंगरेप की शिकार हुई लड़की चार वर्षीय फिजियोथिरेपी पाठ्यक्रम कर रही थी और उसके पिछले इम्तहान में 73 फीसदी अंक आए हैं। जबकि दूसरे विद्यार्थियों को औसतन 55-65 फीसदी अंक प्राप्त हुए हैं।
डीन ने बताया कि पिछले साल के इम्तहान में उसे 1100 में से 800 अंक प्राप्त हुए।
संस्थान के डीन ने बताया कि गैंगरेप की शिकार हुई लड़की चार वर्षीय फिजियोथिरेपी पाठ्यक्रम कर रही थी और उसके पिछले इम्तहान में 73 फीसदी अंक आए हैं। जबकि दूसरे विद्यार्थियों को औसतन 55-65 फीसदी अंक प्राप्त हुए हैं।
डीन ने बताया कि पिछले साल के इम्तहान में उसे 1100 में से 800 अंक प्राप्त हुए।
डीन ने बताया कि पिछले साल के इम्तहान में उसे 1100 में से 800 अंक प्राप्त हुए। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दिल्ली में गैंगरेप की शिकार हुई लड़की ने अपने फिजियोथिरेपी संस्थान में बेहतरीन अंक प्राप्त किए थे और उसे अच्छा व्यवहार करने वाली छात्रा के रूप में जाना जाता था। | 11 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर केसी चक्रवर्ती ने कहा कि अगर जमीन-जायदद के विकास से जुड़ी रीयल्टी कंपनियां और शेयर ब्रोकिंग कंपनियां अंतिम दिशानिर्देशों में उल्लेखित मानदंडों को उपयुक्त तरीके से पूरा करती हैं तो केंद्रीय बैंक उन्हें बैंक चलाने की अनुमति देने को तैयार है।
यह पूछे जाने पर कि क्या रीयल एस्टेट तथा ब्रोकरेज कंपनियों को बैंक खोलने की अनुमति दी जाएगी क्योंकि अंतिम दिशानिर्देश में इस बारे में कुछ भी नहीं कहा गया है, ‘ये सभी कानूनी कारोबार हैं... अगर वे सभी जरूरतों, चिंताओं को पूरा करते हैं तो उन्हें कैसे मना किया जा सकता है... निश्चित रूप से अगर यह दिशानिर्देश में नहीं है, तब यह खुला हुआ है।’
एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने यह बात कही। पिछले शुक्रवार को नए बैंकिंग लाइसेंस के लिए अंतिम दिशानिर्देश जारी करने के बाद नियामक की तरफ से यह पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया है।
रिजर्व बैंक ने अगस्त 2011 में जो मसौदा दिशानिर्देश जारी किया था उसमें रीयल्टी तथा ब्रोकरेज कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया गया था लेकिन अंतिम दिशानिर्देश में ऐसी कोई बात नहीं है।टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि कितने लाइसेंस जारी किए जा सकते हैं, डिप्टी गवर्नर ने कहा कि नए बैंकों की संख्या योग्य उम्मीदवारों पर निर्भर करेगी और अभी इस बारे में कोई स्पष्ट संख्या बताना जल्दबाजी होगी।
चक्रवर्ती ने कहा, ‘पहले, यह देखना पड़ेगा कि कितने लोग योग्य हैं, कितने मानदंडों को पूरा करते हैं। अगर कोई भी उपयुक्त नहीं पाया जाता है तो लाइसेंस देने का क्या मतलब है। अत: अभी इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी।’
यह पूछे जाने पर कि क्या रीयल एस्टेट तथा ब्रोकरेज कंपनियों को बैंक खोलने की अनुमति दी जाएगी क्योंकि अंतिम दिशानिर्देश में इस बारे में कुछ भी नहीं कहा गया है, ‘ये सभी कानूनी कारोबार हैं... अगर वे सभी जरूरतों, चिंताओं को पूरा करते हैं तो उन्हें कैसे मना किया जा सकता है... निश्चित रूप से अगर यह दिशानिर्देश में नहीं है, तब यह खुला हुआ है।’
एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने यह बात कही। पिछले शुक्रवार को नए बैंकिंग लाइसेंस के लिए अंतिम दिशानिर्देश जारी करने के बाद नियामक की तरफ से यह पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया है।
रिजर्व बैंक ने अगस्त 2011 में जो मसौदा दिशानिर्देश जारी किया था उसमें रीयल्टी तथा ब्रोकरेज कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया गया था लेकिन अंतिम दिशानिर्देश में ऐसी कोई बात नहीं है।टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि कितने लाइसेंस जारी किए जा सकते हैं, डिप्टी गवर्नर ने कहा कि नए बैंकों की संख्या योग्य उम्मीदवारों पर निर्भर करेगी और अभी इस बारे में कोई स्पष्ट संख्या बताना जल्दबाजी होगी।
चक्रवर्ती ने कहा, ‘पहले, यह देखना पड़ेगा कि कितने लोग योग्य हैं, कितने मानदंडों को पूरा करते हैं। अगर कोई भी उपयुक्त नहीं पाया जाता है तो लाइसेंस देने का क्या मतलब है। अत: अभी इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी।’
एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने यह बात कही। पिछले शुक्रवार को नए बैंकिंग लाइसेंस के लिए अंतिम दिशानिर्देश जारी करने के बाद नियामक की तरफ से यह पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया है।
रिजर्व बैंक ने अगस्त 2011 में जो मसौदा दिशानिर्देश जारी किया था उसमें रीयल्टी तथा ब्रोकरेज कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया गया था लेकिन अंतिम दिशानिर्देश में ऐसी कोई बात नहीं है।टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि कितने लाइसेंस जारी किए जा सकते हैं, डिप्टी गवर्नर ने कहा कि नए बैंकों की संख्या योग्य उम्मीदवारों पर निर्भर करेगी और अभी इस बारे में कोई स्पष्ट संख्या बताना जल्दबाजी होगी।
चक्रवर्ती ने कहा, ‘पहले, यह देखना पड़ेगा कि कितने लोग योग्य हैं, कितने मानदंडों को पूरा करते हैं। अगर कोई भी उपयुक्त नहीं पाया जाता है तो लाइसेंस देने का क्या मतलब है। अत: अभी इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी।’
रिजर्व बैंक ने अगस्त 2011 में जो मसौदा दिशानिर्देश जारी किया था उसमें रीयल्टी तथा ब्रोकरेज कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया गया था लेकिन अंतिम दिशानिर्देश में ऐसी कोई बात नहीं है।टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि कितने लाइसेंस जारी किए जा सकते हैं, डिप्टी गवर्नर ने कहा कि नए बैंकों की संख्या योग्य उम्मीदवारों पर निर्भर करेगी और अभी इस बारे में कोई स्पष्ट संख्या बताना जल्दबाजी होगी।
चक्रवर्ती ने कहा, ‘पहले, यह देखना पड़ेगा कि कितने लोग योग्य हैं, कितने मानदंडों को पूरा करते हैं। अगर कोई भी उपयुक्त नहीं पाया जाता है तो लाइसेंस देने का क्या मतलब है। अत: अभी इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी।’
यह पूछे जाने पर कि कितने लाइसेंस जारी किए जा सकते हैं, डिप्टी गवर्नर ने कहा कि नए बैंकों की संख्या योग्य उम्मीदवारों पर निर्भर करेगी और अभी इस बारे में कोई स्पष्ट संख्या बताना जल्दबाजी होगी।
चक्रवर्ती ने कहा, ‘पहले, यह देखना पड़ेगा कि कितने लोग योग्य हैं, कितने मानदंडों को पूरा करते हैं। अगर कोई भी उपयुक्त नहीं पाया जाता है तो लाइसेंस देने का क्या मतलब है। अत: अभी इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी।’
चक्रवर्ती ने कहा, ‘पहले, यह देखना पड़ेगा कि कितने लोग योग्य हैं, कितने मानदंडों को पूरा करते हैं। अगर कोई भी उपयुक्त नहीं पाया जाता है तो लाइसेंस देने का क्या मतलब है। अत: अभी इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी।’ | संक्षिप्त सारांश: रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर केसी चक्रवर्ती ने कहा कि अगर जमीन-जायदद के विकास से जुड़ी रीयल्टी कंपनियां और शेयर ब्रोकिंग कंपनियां अंतिम दिशानिर्देशों में उल्लेखित मानदंडों को उपयुक्त तरीके से पूरा करती हैं तो केंद्रीय बैंक उन्हें बैंक चलाने की अनुमति देने | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत के आठ बार के विश्व चैम्पियन पंकज आडवाणी ने वेल्स के न्यूपोर्ट में चल रही बेटविक्टर वेल्श ओपन प्रो स्नूकर सीरीज में स्वप्निल प्रदर्शन जारी रखते हुए स्काटलैंड के ग्रीम डाट को 4-1 से हराकर मेजर रैंकिंग टूर्नामेंट के क्वार्टरफाइनल में पहुंचकर दोबारा इतिहास रच दिया।
प्री क्वार्टरफाइनल में आडवाणी ने दुनिया के चौथे नंबर के खिलाड़ी शॉन मर्फी को 4-3 से शिकस्त दी थी।
मौजूदा विश्व बिलियर्ड्स चैम्पियन आडवाणी ने आसानी से 2006 विश्व चैम्पियन डाट को हराकर पेशेवर स्नूकर सर्किट में अपना आधिपत्य साबित किया।टिप्पणियां
आडवाणी बुधवार को वेल्श ओपन के प्री क्वार्टरफाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय क्यू खिलाड़ी बने थे।
अब अंतिम 16 में उनकी भिड़ंत दुनिया के दूसरे नंबर के जुड ट्रंप और एंड्रयू हिगिनसन के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगी।
प्री क्वार्टरफाइनल में आडवाणी ने दुनिया के चौथे नंबर के खिलाड़ी शॉन मर्फी को 4-3 से शिकस्त दी थी।
मौजूदा विश्व बिलियर्ड्स चैम्पियन आडवाणी ने आसानी से 2006 विश्व चैम्पियन डाट को हराकर पेशेवर स्नूकर सर्किट में अपना आधिपत्य साबित किया।टिप्पणियां
आडवाणी बुधवार को वेल्श ओपन के प्री क्वार्टरफाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय क्यू खिलाड़ी बने थे।
अब अंतिम 16 में उनकी भिड़ंत दुनिया के दूसरे नंबर के जुड ट्रंप और एंड्रयू हिगिनसन के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगी।
मौजूदा विश्व बिलियर्ड्स चैम्पियन आडवाणी ने आसानी से 2006 विश्व चैम्पियन डाट को हराकर पेशेवर स्नूकर सर्किट में अपना आधिपत्य साबित किया।टिप्पणियां
आडवाणी बुधवार को वेल्श ओपन के प्री क्वार्टरफाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय क्यू खिलाड़ी बने थे।
अब अंतिम 16 में उनकी भिड़ंत दुनिया के दूसरे नंबर के जुड ट्रंप और एंड्रयू हिगिनसन के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगी।
आडवाणी बुधवार को वेल्श ओपन के प्री क्वार्टरफाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय क्यू खिलाड़ी बने थे।
अब अंतिम 16 में उनकी भिड़ंत दुनिया के दूसरे नंबर के जुड ट्रंप और एंड्रयू हिगिनसन के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगी।
अब अंतिम 16 में उनकी भिड़ंत दुनिया के दूसरे नंबर के जुड ट्रंप और एंड्रयू हिगिनसन के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगी। | संक्षिप्त सारांश: भारत के आठ बार के विश्व चैम्पियन पंकज आडवाणी ने वेल्स के न्यूपोर्ट में चल रही बेटविक्टर वेल्श ओपन प्रो स्नूकर सीरीज में स्वप्निल प्रदर्शन जारी रखते हुए स्काटलैंड के ग्रीम डाट को 4-1 से हराकर मेजर रैंकिंग टूर्नामेंट के क्वार्टरफाइनल में पहुंचकर दोबारा इतिह | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: स्वाइन फ्लू का कहर दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। उत्तर भारत में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, यूपी और दिल्ली में इसका असर प्रमुख तौर पर देखने को मिल रहा है। देशभर में कुल 123 लोग इस बीमारी के चलते अपनी जान गंवा चुके हैं। इनमें से 48 मरीज पंजाब और 48 मरीज हरियाणा में मारे गए हैं।
हरियाणा में अब तक 94 मामले सामने आ चुके हैं। राज्य में सबसे ज्यादा मामले करनाल में पाए गए है। इसके अलावा सिरसा, पंचकुला और हिसार में कई मरीज स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाए गए हैं, जबकि चंडीगढ़ में दो और गुजरात से भी दो लोगों के मरने की खबर आई है। राजस्थान में 64 लोग मारे गए हैं, जिनमें अकेले जयपुर में ही 20 लोग मारे जा चुके हैं। महाराष्ट्र में भी चार लोगों के मरने की खबर है, जबकि 25 से ज्यादा लोग इस वायरस से ग्रसित पाए गए हैं।
स्वाइन फ्लू का शिकंजा दिल्ली, एनसीआर में कसता जा रहा है। रविवार को दो लोगों की मौत के बाद अब मरनेवालों का आंकड़ा आठ तक पहुंच चुका है। यहां कुल 94 लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। दिल्ली के आसपास एनसीआर के शहरों में गुड़गांव और नोएडा में भी स्वाइन प्लू के मरीज पाए गए हैं।
गुड़गांव में इस बीमारी के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 10 मरीजों में यह वायरस पाया गया है, जबकि एक मरीज की मौत हो चुकी है। दिल्ली सरकार ने इस बीमारी के इलाज के लिए 22 अस्पताल चिन्हित किए हैं, जिनमें पांच निजी अस्पताल भी हैं। देशभर में 123 लोगों के मारे जाने की खबरें हैं।टिप्पणियां
इससे बचने के उपाय
−अपने हाथों को दिन में कई बार अच्छी तरह साबुन से धोएं।
−मुंह और नाक को मास्क से ढंके रखें।
−चेहरे को छूने से परहेज करें।
−मरीज के नजदीक सावधानी बरतें।
सलाह
−मरीज खूब आराम करें।
−पानी और तरल पदार्थ पीते रहें।
−फौरन डॉक्टर से सलाह लें।
−डॉक्टरी सलाह के बिना कोई दवा न लें।
हरियाणा में अब तक 94 मामले सामने आ चुके हैं। राज्य में सबसे ज्यादा मामले करनाल में पाए गए है। इसके अलावा सिरसा, पंचकुला और हिसार में कई मरीज स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाए गए हैं, जबकि चंडीगढ़ में दो और गुजरात से भी दो लोगों के मरने की खबर आई है। राजस्थान में 64 लोग मारे गए हैं, जिनमें अकेले जयपुर में ही 20 लोग मारे जा चुके हैं। महाराष्ट्र में भी चार लोगों के मरने की खबर है, जबकि 25 से ज्यादा लोग इस वायरस से ग्रसित पाए गए हैं।
स्वाइन फ्लू का शिकंजा दिल्ली, एनसीआर में कसता जा रहा है। रविवार को दो लोगों की मौत के बाद अब मरनेवालों का आंकड़ा आठ तक पहुंच चुका है। यहां कुल 94 लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। दिल्ली के आसपास एनसीआर के शहरों में गुड़गांव और नोएडा में भी स्वाइन प्लू के मरीज पाए गए हैं।
गुड़गांव में इस बीमारी के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 10 मरीजों में यह वायरस पाया गया है, जबकि एक मरीज की मौत हो चुकी है। दिल्ली सरकार ने इस बीमारी के इलाज के लिए 22 अस्पताल चिन्हित किए हैं, जिनमें पांच निजी अस्पताल भी हैं। देशभर में 123 लोगों के मारे जाने की खबरें हैं।टिप्पणियां
इससे बचने के उपाय
−अपने हाथों को दिन में कई बार अच्छी तरह साबुन से धोएं।
−मुंह और नाक को मास्क से ढंके रखें।
−चेहरे को छूने से परहेज करें।
−मरीज के नजदीक सावधानी बरतें।
सलाह
−मरीज खूब आराम करें।
−पानी और तरल पदार्थ पीते रहें।
−फौरन डॉक्टर से सलाह लें।
−डॉक्टरी सलाह के बिना कोई दवा न लें।
स्वाइन फ्लू का शिकंजा दिल्ली, एनसीआर में कसता जा रहा है। रविवार को दो लोगों की मौत के बाद अब मरनेवालों का आंकड़ा आठ तक पहुंच चुका है। यहां कुल 94 लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। दिल्ली के आसपास एनसीआर के शहरों में गुड़गांव और नोएडा में भी स्वाइन प्लू के मरीज पाए गए हैं।
गुड़गांव में इस बीमारी के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 10 मरीजों में यह वायरस पाया गया है, जबकि एक मरीज की मौत हो चुकी है। दिल्ली सरकार ने इस बीमारी के इलाज के लिए 22 अस्पताल चिन्हित किए हैं, जिनमें पांच निजी अस्पताल भी हैं। देशभर में 123 लोगों के मारे जाने की खबरें हैं।टिप्पणियां
इससे बचने के उपाय
−अपने हाथों को दिन में कई बार अच्छी तरह साबुन से धोएं।
−मुंह और नाक को मास्क से ढंके रखें।
−चेहरे को छूने से परहेज करें।
−मरीज के नजदीक सावधानी बरतें।
सलाह
−मरीज खूब आराम करें।
−पानी और तरल पदार्थ पीते रहें।
−फौरन डॉक्टर से सलाह लें।
−डॉक्टरी सलाह के बिना कोई दवा न लें।
गुड़गांव में इस बीमारी के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 10 मरीजों में यह वायरस पाया गया है, जबकि एक मरीज की मौत हो चुकी है। दिल्ली सरकार ने इस बीमारी के इलाज के लिए 22 अस्पताल चिन्हित किए हैं, जिनमें पांच निजी अस्पताल भी हैं। देशभर में 123 लोगों के मारे जाने की खबरें हैं।टिप्पणियां
इससे बचने के उपाय
−अपने हाथों को दिन में कई बार अच्छी तरह साबुन से धोएं।
−मुंह और नाक को मास्क से ढंके रखें।
−चेहरे को छूने से परहेज करें।
−मरीज के नजदीक सावधानी बरतें।
सलाह
−मरीज खूब आराम करें।
−पानी और तरल पदार्थ पीते रहें।
−फौरन डॉक्टर से सलाह लें।
−डॉक्टरी सलाह के बिना कोई दवा न लें।
इससे बचने के उपाय
−अपने हाथों को दिन में कई बार अच्छी तरह साबुन से धोएं।
−मुंह और नाक को मास्क से ढंके रखें।
−चेहरे को छूने से परहेज करें।
−मरीज के नजदीक सावधानी बरतें।
सलाह
−मरीज खूब आराम करें।
−पानी और तरल पदार्थ पीते रहें।
−फौरन डॉक्टर से सलाह लें।
−डॉक्टरी सलाह के बिना कोई दवा न लें।
सलाह
−मरीज खूब आराम करें।
−पानी और तरल पदार्थ पीते रहें।
−फौरन डॉक्टर से सलाह लें।
−डॉक्टरी सलाह के बिना कोई दवा न लें। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: स्वाइन फ्लू का शिकंजा दिल्ली, एनसीआर में कसता जा रहा है। रविवार को दो लोगों की मौत के बाद अब मरनेवालों का आंकड़ा आठ तक पहुंच चुका है। यहां कुल 94 लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। | 25 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रदेश अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अनुशासन का डंडा चलाते हुए शुक्रवार को पार्टी के 10 पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को अनुशासनहीनता के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। इन सभी पर गुरुवार को शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मंच पर चढ़कर उपद्रव और अशांति पैदा करने का आरोप है।
सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने देर शाम संवाददाताओं को इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि लार्माटनियर मैदान में गुरुवार को मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह के अवसर पर विभिन्न जिलों से आए पार्टी के कुछ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मंच पर चढ़कर उपद्रव किया और अशांति पैदा की।टिप्पणियां
चौधरी ने कहा कि इस अनुशासनहीन आचरण के लिए प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इन सभी को आज पार्टी से निष्कासित कर दिया। इसके अलावा गाजियाबाद के पार्टी कार्यकर्ता नाहर सिंह यादव और रमेश यादव को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने और अनुशासनहीन आचरण के लिए अखिलेश ने पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
बताया गया है कि इन दोनों नेताओं पर गाजियाबाद के सेवा-योजन अधिकारी के साथ मारपीट करने का आरोप है।
सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने देर शाम संवाददाताओं को इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि लार्माटनियर मैदान में गुरुवार को मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह के अवसर पर विभिन्न जिलों से आए पार्टी के कुछ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मंच पर चढ़कर उपद्रव किया और अशांति पैदा की।टिप्पणियां
चौधरी ने कहा कि इस अनुशासनहीन आचरण के लिए प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इन सभी को आज पार्टी से निष्कासित कर दिया। इसके अलावा गाजियाबाद के पार्टी कार्यकर्ता नाहर सिंह यादव और रमेश यादव को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने और अनुशासनहीन आचरण के लिए अखिलेश ने पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
बताया गया है कि इन दोनों नेताओं पर गाजियाबाद के सेवा-योजन अधिकारी के साथ मारपीट करने का आरोप है।
चौधरी ने कहा कि इस अनुशासनहीन आचरण के लिए प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इन सभी को आज पार्टी से निष्कासित कर दिया। इसके अलावा गाजियाबाद के पार्टी कार्यकर्ता नाहर सिंह यादव और रमेश यादव को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने और अनुशासनहीन आचरण के लिए अखिलेश ने पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
बताया गया है कि इन दोनों नेताओं पर गाजियाबाद के सेवा-योजन अधिकारी के साथ मारपीट करने का आरोप है।
बताया गया है कि इन दोनों नेताओं पर गाजियाबाद के सेवा-योजन अधिकारी के साथ मारपीट करने का आरोप है। | यह एक सारांश है: समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रदेश अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अनुशासन का डंडा चलाते हुए शुक्रवार को पार्टी के 10 पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को अनुशासनहीनता के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। | 21 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के उभरते हुए तेज गेंदबाज शमी अहमद का मानना है कि वह कभी अपनी गति में कमी करने के विकल्प पर विचार नहीं करेंगे। उनकी नजर में हालांकि लाइन और लेंथ तेज गेंदबाजी का अहम हिस्सा है।
शमी ने कहा, ‘‘मेरे लिए गति और स्विंग मेरी गेंदबाजी के दो सबसे अहम पहलू हैं। मुझे पता है कि लाइन और लेंथ काफी अहम है लेकिन मैं अपनी तेजी से कभी समझौता नहीं करूंगा क्योंकि यह मेरी गेंदबाजी का सबसे मजबूत हिस्सा है और मुझे इस स्तर पर पहुंचाने का अहम कारण है।’’
पाकिस्तान के खिलाफ पदार्पण वन-डे में लगातार चार मेडन ओवर फेंककर भारतीय रिकॉर्ड बनाने वाले शमी ने कहा, ‘‘मैं उस क्षेत्ररक्षण के हिसाब से गेंदबाजी करने का प्रयास कर रहा था जो मेरे कप्तान ने मेरे लिए सजाया था। आप इस तरह की चीजों की योजना नहीं बना सकते लेकिन मेरे साथ ऐसा हुआ और मैं खुश हूं। मुझे हमेशा अपनी क्षमता पर भरोसा था और कड़ी मेहनत करने को तैयार हूं।’’
शमी ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ कम स्कोर वाले मैच में पदार्पण मैच में उन्होंने गेंदबाजी करते हुए कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के निर्देशों का पालन किया। उन्होंने कहा, ‘‘धोनी भाई ने मुझे सिर्फ इतना कहा था कि नर्वस मत होना और रणनीति से मत भटकना।’’ टिप्पणियां
भारतीय टीम के साथ एक महीना बिताने और पांच एकदिवसीय मैच खेलने के बाद शमी को निश्चित तौर पर अहसास हो गया होगा कि उनमें लंबे समय तक टीम इंडिया का हिस्सा बनने का दम है।
उन्होंने कहा, ‘‘धोनी, गौतम गंभीर, विराट कोहली और युवराज सिंह जैसे खिलाड़ियों को देखकर आप काफी कुछ सीखते हैं। ऐसा नहीं है कि वे आपको कोचिंग देंगे लेकिन वे आपको छोटी छोटी अहम बाते बताते हैं जो आपको समझनी होती हैं।’’
शमी ने कहा, ‘‘मेरे लिए गति और स्विंग मेरी गेंदबाजी के दो सबसे अहम पहलू हैं। मुझे पता है कि लाइन और लेंथ काफी अहम है लेकिन मैं अपनी तेजी से कभी समझौता नहीं करूंगा क्योंकि यह मेरी गेंदबाजी का सबसे मजबूत हिस्सा है और मुझे इस स्तर पर पहुंचाने का अहम कारण है।’’
पाकिस्तान के खिलाफ पदार्पण वन-डे में लगातार चार मेडन ओवर फेंककर भारतीय रिकॉर्ड बनाने वाले शमी ने कहा, ‘‘मैं उस क्षेत्ररक्षण के हिसाब से गेंदबाजी करने का प्रयास कर रहा था जो मेरे कप्तान ने मेरे लिए सजाया था। आप इस तरह की चीजों की योजना नहीं बना सकते लेकिन मेरे साथ ऐसा हुआ और मैं खुश हूं। मुझे हमेशा अपनी क्षमता पर भरोसा था और कड़ी मेहनत करने को तैयार हूं।’’
शमी ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ कम स्कोर वाले मैच में पदार्पण मैच में उन्होंने गेंदबाजी करते हुए कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के निर्देशों का पालन किया। उन्होंने कहा, ‘‘धोनी भाई ने मुझे सिर्फ इतना कहा था कि नर्वस मत होना और रणनीति से मत भटकना।’’ टिप्पणियां
भारतीय टीम के साथ एक महीना बिताने और पांच एकदिवसीय मैच खेलने के बाद शमी को निश्चित तौर पर अहसास हो गया होगा कि उनमें लंबे समय तक टीम इंडिया का हिस्सा बनने का दम है।
उन्होंने कहा, ‘‘धोनी, गौतम गंभीर, विराट कोहली और युवराज सिंह जैसे खिलाड़ियों को देखकर आप काफी कुछ सीखते हैं। ऐसा नहीं है कि वे आपको कोचिंग देंगे लेकिन वे आपको छोटी छोटी अहम बाते बताते हैं जो आपको समझनी होती हैं।’’
पाकिस्तान के खिलाफ पदार्पण वन-डे में लगातार चार मेडन ओवर फेंककर भारतीय रिकॉर्ड बनाने वाले शमी ने कहा, ‘‘मैं उस क्षेत्ररक्षण के हिसाब से गेंदबाजी करने का प्रयास कर रहा था जो मेरे कप्तान ने मेरे लिए सजाया था। आप इस तरह की चीजों की योजना नहीं बना सकते लेकिन मेरे साथ ऐसा हुआ और मैं खुश हूं। मुझे हमेशा अपनी क्षमता पर भरोसा था और कड़ी मेहनत करने को तैयार हूं।’’
शमी ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ कम स्कोर वाले मैच में पदार्पण मैच में उन्होंने गेंदबाजी करते हुए कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के निर्देशों का पालन किया। उन्होंने कहा, ‘‘धोनी भाई ने मुझे सिर्फ इतना कहा था कि नर्वस मत होना और रणनीति से मत भटकना।’’ टिप्पणियां
भारतीय टीम के साथ एक महीना बिताने और पांच एकदिवसीय मैच खेलने के बाद शमी को निश्चित तौर पर अहसास हो गया होगा कि उनमें लंबे समय तक टीम इंडिया का हिस्सा बनने का दम है।
उन्होंने कहा, ‘‘धोनी, गौतम गंभीर, विराट कोहली और युवराज सिंह जैसे खिलाड़ियों को देखकर आप काफी कुछ सीखते हैं। ऐसा नहीं है कि वे आपको कोचिंग देंगे लेकिन वे आपको छोटी छोटी अहम बाते बताते हैं जो आपको समझनी होती हैं।’’
शमी ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ कम स्कोर वाले मैच में पदार्पण मैच में उन्होंने गेंदबाजी करते हुए कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के निर्देशों का पालन किया। उन्होंने कहा, ‘‘धोनी भाई ने मुझे सिर्फ इतना कहा था कि नर्वस मत होना और रणनीति से मत भटकना।’’ टिप्पणियां
भारतीय टीम के साथ एक महीना बिताने और पांच एकदिवसीय मैच खेलने के बाद शमी को निश्चित तौर पर अहसास हो गया होगा कि उनमें लंबे समय तक टीम इंडिया का हिस्सा बनने का दम है।
उन्होंने कहा, ‘‘धोनी, गौतम गंभीर, विराट कोहली और युवराज सिंह जैसे खिलाड़ियों को देखकर आप काफी कुछ सीखते हैं। ऐसा नहीं है कि वे आपको कोचिंग देंगे लेकिन वे आपको छोटी छोटी अहम बाते बताते हैं जो आपको समझनी होती हैं।’’
भारतीय टीम के साथ एक महीना बिताने और पांच एकदिवसीय मैच खेलने के बाद शमी को निश्चित तौर पर अहसास हो गया होगा कि उनमें लंबे समय तक टीम इंडिया का हिस्सा बनने का दम है।
उन्होंने कहा, ‘‘धोनी, गौतम गंभीर, विराट कोहली और युवराज सिंह जैसे खिलाड़ियों को देखकर आप काफी कुछ सीखते हैं। ऐसा नहीं है कि वे आपको कोचिंग देंगे लेकिन वे आपको छोटी छोटी अहम बाते बताते हैं जो आपको समझनी होती हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘धोनी, गौतम गंभीर, विराट कोहली और युवराज सिंह जैसे खिलाड़ियों को देखकर आप काफी कुछ सीखते हैं। ऐसा नहीं है कि वे आपको कोचिंग देंगे लेकिन वे आपको छोटी छोटी अहम बाते बताते हैं जो आपको समझनी होती हैं।’’ | भारत के उभरते हुए तेज गेंदबाज शमी अहमद का मानना है कि वह कभी अपनी गति में कमी करने के विकल्प पर विचार नहीं करेंगे। उनकी नजर में हालांकि लाइन और लेंथ तेज गेंदबाजी का अहम हिस्सा है। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बेंगलुरु से समाज को शर्मसार करने वाला वीडियो सामने आया है. शहर में नए साल के मौके पर लड़कियों और महिलाओं से कई जगहों पर छेड़छाड़ की खबरें आई थीं. लेकिन ऐसा सीसीटीवी फुटेज सामने आया है जो किसी भी सभ्य समाज में अस्वीकार है.
वीडियो में देखा जा सकता है कि अपने घर से महज कुछ ही दूरी पर जब लड़की रात में सड़क पर अकेली घर की ओर बढ़ रही थी. तब दो लड़के स्कूटर से उसके पीछे से आते हैं और आगे आकर रुक जाते हैं. लड़की को कुछ शक होता है और वह तेजी से निकलने की कोशिश करती है लेकिन स्कूटर एक शख्स उतरकर उसके आगे खड़ा हो जाता है.
फिर जो हुआ वह अत्यंत ही निंदनीय है. उसके लड़के ने लड़की से छेड़खानी के बाद जैसे उसे सड़क पर पटक दिया और फिर दोनों लड़के स्कूटर में भाग निकले. वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला बचाव की पूरी कोशिश करती है और आरोपी को थप्पड़ मारती है. यह घटना रात करीब 2.30 बजे की है. और पूरी वारदात एक घर के बाहर लगे सीसीटीवी में कैद हो गई. इसी घर के मालिक ने सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद पुलिस और मीडिया को इसकी जानकारी दी.
घटना में समाज को शर्मसार करने के लिए इतना ही काफी नहीं था. कुछ दूरी पर कुछ और लोग खड़े थे लेकिन उनमें से कोई भी लड़की की मदद के लिए आगे नहीं आया. इस वीडियो के सामने आने के बाद महिलाओं के सुरक्षित माने जाने वाले बेंगलुरु जैसे शहर में सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था पर सवाल उठना तो लाजमी है.
इस पूरी घटना पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त हेमंत निमबाल्कर ने बताया, "हमने एक शख्स द्वारा दिए गए वीडियो के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. इस वीडियो में रविवार (नववर्ष) तड़के लगभग 2.41 बजे कमानहल्ली में दो लोग एक महिला के साथ छेड़छाड़ करते देखे जा सकते हैं."
आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 341 (गलत तरीके से रोकने), 354ए और 354बी (उत्पीड़न एवं उसका शील भंग करने के इरादे से छेड़छाड़) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.
निमबाल्कर ने कहा, "घटना की जांच और जल्द से जल्द अपराधियों को पकड़ने के लिए एक विशेष दल का गठन किया गया है. हालांकि, अभी तक पीड़िता ने शिकायत दर्ज नहीं कराई है. हम पीड़िता को उस क्षेत्र में ढूंढने और उसका बयान दर्ज करने की कोशिश कर रहे हैं."टिप्पणियां
बता दें कि 31 दिसंबर की रात शहर के प्रमुख इलाके में भीड़ का फायदा उठाकर कई लड़कियों और महिलाओं से छेड़छाड़ हुई थी. तस्वीरें और वीडियो यह साफ दर्शा रहे थे कि नए साल का जश्न मना रहीं लड़कियां और महिलाएं घटना के बाद कितनी घबराई हुईं थीं.
वहीं, पुलिस ने एक जनवरी को कहा था कि उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है. वे अपनी ओर से कार्रवाई करने का प्रयास कर रहे हैं. (देखें वीडियो)
वीडियो में देखा जा सकता है कि अपने घर से महज कुछ ही दूरी पर जब लड़की रात में सड़क पर अकेली घर की ओर बढ़ रही थी. तब दो लड़के स्कूटर से उसके पीछे से आते हैं और आगे आकर रुक जाते हैं. लड़की को कुछ शक होता है और वह तेजी से निकलने की कोशिश करती है लेकिन स्कूटर एक शख्स उतरकर उसके आगे खड़ा हो जाता है.
फिर जो हुआ वह अत्यंत ही निंदनीय है. उसके लड़के ने लड़की से छेड़खानी के बाद जैसे उसे सड़क पर पटक दिया और फिर दोनों लड़के स्कूटर में भाग निकले. वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला बचाव की पूरी कोशिश करती है और आरोपी को थप्पड़ मारती है. यह घटना रात करीब 2.30 बजे की है. और पूरी वारदात एक घर के बाहर लगे सीसीटीवी में कैद हो गई. इसी घर के मालिक ने सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद पुलिस और मीडिया को इसकी जानकारी दी.
घटना में समाज को शर्मसार करने के लिए इतना ही काफी नहीं था. कुछ दूरी पर कुछ और लोग खड़े थे लेकिन उनमें से कोई भी लड़की की मदद के लिए आगे नहीं आया. इस वीडियो के सामने आने के बाद महिलाओं के सुरक्षित माने जाने वाले बेंगलुरु जैसे शहर में सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था पर सवाल उठना तो लाजमी है.
इस पूरी घटना पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त हेमंत निमबाल्कर ने बताया, "हमने एक शख्स द्वारा दिए गए वीडियो के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. इस वीडियो में रविवार (नववर्ष) तड़के लगभग 2.41 बजे कमानहल्ली में दो लोग एक महिला के साथ छेड़छाड़ करते देखे जा सकते हैं."
आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 341 (गलत तरीके से रोकने), 354ए और 354बी (उत्पीड़न एवं उसका शील भंग करने के इरादे से छेड़छाड़) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.
निमबाल्कर ने कहा, "घटना की जांच और जल्द से जल्द अपराधियों को पकड़ने के लिए एक विशेष दल का गठन किया गया है. हालांकि, अभी तक पीड़िता ने शिकायत दर्ज नहीं कराई है. हम पीड़िता को उस क्षेत्र में ढूंढने और उसका बयान दर्ज करने की कोशिश कर रहे हैं."टिप्पणियां
बता दें कि 31 दिसंबर की रात शहर के प्रमुख इलाके में भीड़ का फायदा उठाकर कई लड़कियों और महिलाओं से छेड़छाड़ हुई थी. तस्वीरें और वीडियो यह साफ दर्शा रहे थे कि नए साल का जश्न मना रहीं लड़कियां और महिलाएं घटना के बाद कितनी घबराई हुईं थीं.
वहीं, पुलिस ने एक जनवरी को कहा था कि उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है. वे अपनी ओर से कार्रवाई करने का प्रयास कर रहे हैं. (देखें वीडियो)
फिर जो हुआ वह अत्यंत ही निंदनीय है. उसके लड़के ने लड़की से छेड़खानी के बाद जैसे उसे सड़क पर पटक दिया और फिर दोनों लड़के स्कूटर में भाग निकले. वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला बचाव की पूरी कोशिश करती है और आरोपी को थप्पड़ मारती है. यह घटना रात करीब 2.30 बजे की है. और पूरी वारदात एक घर के बाहर लगे सीसीटीवी में कैद हो गई. इसी घर के मालिक ने सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद पुलिस और मीडिया को इसकी जानकारी दी.
घटना में समाज को शर्मसार करने के लिए इतना ही काफी नहीं था. कुछ दूरी पर कुछ और लोग खड़े थे लेकिन उनमें से कोई भी लड़की की मदद के लिए आगे नहीं आया. इस वीडियो के सामने आने के बाद महिलाओं के सुरक्षित माने जाने वाले बेंगलुरु जैसे शहर में सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था पर सवाल उठना तो लाजमी है.
इस पूरी घटना पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त हेमंत निमबाल्कर ने बताया, "हमने एक शख्स द्वारा दिए गए वीडियो के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. इस वीडियो में रविवार (नववर्ष) तड़के लगभग 2.41 बजे कमानहल्ली में दो लोग एक महिला के साथ छेड़छाड़ करते देखे जा सकते हैं."
आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 341 (गलत तरीके से रोकने), 354ए और 354बी (उत्पीड़न एवं उसका शील भंग करने के इरादे से छेड़छाड़) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.
निमबाल्कर ने कहा, "घटना की जांच और जल्द से जल्द अपराधियों को पकड़ने के लिए एक विशेष दल का गठन किया गया है. हालांकि, अभी तक पीड़िता ने शिकायत दर्ज नहीं कराई है. हम पीड़िता को उस क्षेत्र में ढूंढने और उसका बयान दर्ज करने की कोशिश कर रहे हैं."टिप्पणियां
बता दें कि 31 दिसंबर की रात शहर के प्रमुख इलाके में भीड़ का फायदा उठाकर कई लड़कियों और महिलाओं से छेड़छाड़ हुई थी. तस्वीरें और वीडियो यह साफ दर्शा रहे थे कि नए साल का जश्न मना रहीं लड़कियां और महिलाएं घटना के बाद कितनी घबराई हुईं थीं.
वहीं, पुलिस ने एक जनवरी को कहा था कि उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है. वे अपनी ओर से कार्रवाई करने का प्रयास कर रहे हैं. (देखें वीडियो)
घटना में समाज को शर्मसार करने के लिए इतना ही काफी नहीं था. कुछ दूरी पर कुछ और लोग खड़े थे लेकिन उनमें से कोई भी लड़की की मदद के लिए आगे नहीं आया. इस वीडियो के सामने आने के बाद महिलाओं के सुरक्षित माने जाने वाले बेंगलुरु जैसे शहर में सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था पर सवाल उठना तो लाजमी है.
इस पूरी घटना पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त हेमंत निमबाल्कर ने बताया, "हमने एक शख्स द्वारा दिए गए वीडियो के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. इस वीडियो में रविवार (नववर्ष) तड़के लगभग 2.41 बजे कमानहल्ली में दो लोग एक महिला के साथ छेड़छाड़ करते देखे जा सकते हैं."
आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 341 (गलत तरीके से रोकने), 354ए और 354बी (उत्पीड़न एवं उसका शील भंग करने के इरादे से छेड़छाड़) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.
निमबाल्कर ने कहा, "घटना की जांच और जल्द से जल्द अपराधियों को पकड़ने के लिए एक विशेष दल का गठन किया गया है. हालांकि, अभी तक पीड़िता ने शिकायत दर्ज नहीं कराई है. हम पीड़िता को उस क्षेत्र में ढूंढने और उसका बयान दर्ज करने की कोशिश कर रहे हैं."टिप्पणियां
बता दें कि 31 दिसंबर की रात शहर के प्रमुख इलाके में भीड़ का फायदा उठाकर कई लड़कियों और महिलाओं से छेड़छाड़ हुई थी. तस्वीरें और वीडियो यह साफ दर्शा रहे थे कि नए साल का जश्न मना रहीं लड़कियां और महिलाएं घटना के बाद कितनी घबराई हुईं थीं.
वहीं, पुलिस ने एक जनवरी को कहा था कि उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है. वे अपनी ओर से कार्रवाई करने का प्रयास कर रहे हैं. (देखें वीडियो)
इस पूरी घटना पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त हेमंत निमबाल्कर ने बताया, "हमने एक शख्स द्वारा दिए गए वीडियो के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. इस वीडियो में रविवार (नववर्ष) तड़के लगभग 2.41 बजे कमानहल्ली में दो लोग एक महिला के साथ छेड़छाड़ करते देखे जा सकते हैं."
आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 341 (गलत तरीके से रोकने), 354ए और 354बी (उत्पीड़न एवं उसका शील भंग करने के इरादे से छेड़छाड़) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.
निमबाल्कर ने कहा, "घटना की जांच और जल्द से जल्द अपराधियों को पकड़ने के लिए एक विशेष दल का गठन किया गया है. हालांकि, अभी तक पीड़िता ने शिकायत दर्ज नहीं कराई है. हम पीड़िता को उस क्षेत्र में ढूंढने और उसका बयान दर्ज करने की कोशिश कर रहे हैं."टिप्पणियां
बता दें कि 31 दिसंबर की रात शहर के प्रमुख इलाके में भीड़ का फायदा उठाकर कई लड़कियों और महिलाओं से छेड़छाड़ हुई थी. तस्वीरें और वीडियो यह साफ दर्शा रहे थे कि नए साल का जश्न मना रहीं लड़कियां और महिलाएं घटना के बाद कितनी घबराई हुईं थीं.
वहीं, पुलिस ने एक जनवरी को कहा था कि उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है. वे अपनी ओर से कार्रवाई करने का प्रयास कर रहे हैं. (देखें वीडियो)
आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 341 (गलत तरीके से रोकने), 354ए और 354बी (उत्पीड़न एवं उसका शील भंग करने के इरादे से छेड़छाड़) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.
निमबाल्कर ने कहा, "घटना की जांच और जल्द से जल्द अपराधियों को पकड़ने के लिए एक विशेष दल का गठन किया गया है. हालांकि, अभी तक पीड़िता ने शिकायत दर्ज नहीं कराई है. हम पीड़िता को उस क्षेत्र में ढूंढने और उसका बयान दर्ज करने की कोशिश कर रहे हैं."टिप्पणियां
बता दें कि 31 दिसंबर की रात शहर के प्रमुख इलाके में भीड़ का फायदा उठाकर कई लड़कियों और महिलाओं से छेड़छाड़ हुई थी. तस्वीरें और वीडियो यह साफ दर्शा रहे थे कि नए साल का जश्न मना रहीं लड़कियां और महिलाएं घटना के बाद कितनी घबराई हुईं थीं.
वहीं, पुलिस ने एक जनवरी को कहा था कि उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है. वे अपनी ओर से कार्रवाई करने का प्रयास कर रहे हैं. (देखें वीडियो)
निमबाल्कर ने कहा, "घटना की जांच और जल्द से जल्द अपराधियों को पकड़ने के लिए एक विशेष दल का गठन किया गया है. हालांकि, अभी तक पीड़िता ने शिकायत दर्ज नहीं कराई है. हम पीड़िता को उस क्षेत्र में ढूंढने और उसका बयान दर्ज करने की कोशिश कर रहे हैं."टिप्पणियां
बता दें कि 31 दिसंबर की रात शहर के प्रमुख इलाके में भीड़ का फायदा उठाकर कई लड़कियों और महिलाओं से छेड़छाड़ हुई थी. तस्वीरें और वीडियो यह साफ दर्शा रहे थे कि नए साल का जश्न मना रहीं लड़कियां और महिलाएं घटना के बाद कितनी घबराई हुईं थीं.
वहीं, पुलिस ने एक जनवरी को कहा था कि उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है. वे अपनी ओर से कार्रवाई करने का प्रयास कर रहे हैं. (देखें वीडियो)
बता दें कि 31 दिसंबर की रात शहर के प्रमुख इलाके में भीड़ का फायदा उठाकर कई लड़कियों और महिलाओं से छेड़छाड़ हुई थी. तस्वीरें और वीडियो यह साफ दर्शा रहे थे कि नए साल का जश्न मना रहीं लड़कियां और महिलाएं घटना के बाद कितनी घबराई हुईं थीं.
वहीं, पुलिस ने एक जनवरी को कहा था कि उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है. वे अपनी ओर से कार्रवाई करने का प्रयास कर रहे हैं. (देखें वीडियो)
वहीं, पुलिस ने एक जनवरी को कहा था कि उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है. वे अपनी ओर से कार्रवाई करने का प्रयास कर रहे हैं. (देखें वीडियो) | संक्षिप्त पाठ: अपने घर से महज कुछ ही दूरी पर जब लड़की रात में सड़क पर अकेली थी.
तब दो लड़के स्कूटर से उसके पीछे से आते हैं और आगे आकर रुक जाते हैं.
कूटर एक शख्स उतरकर उसके आगे खड़ा हो जाता है. | 13 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारतीय हॉकी के मुखिया डॉ. नरेंद्र बत्रा अब अंतरराष्ट्रीय हॉकी परिषद (FIH) के अध्यक्ष बन गए हैं. वह पहले भारतीय हैं, जिन्होंने ये उपलब्धि हासिल की है. दुबई में हुए चुनाव में बत्रा को सर्वाधिक 68 वोट मिले, जबकि आयरलैंड के डेविड बॉलबिर्नि (David BValbirnie) को 29 और ऑस्ट्रेलिया के केन रीड को 13 वोट मिले. बत्रा फिलहाल भारतीय हॉकी संघ के अध्यक्ष हैं, लेकिन अब FIH प्रमुख बन जाने के बाद उन्हें भारतीय हॉकी संघ की जिम्मेदारी छोड़नी पड़ेगी.
दुबई में गुप्त मतदान के ज़रिये हुए चुनाव में बत्रा अंतरराष्ट्रीय हॉकी परिषद के 12वें अध्यक्ष बन गए. वह ना सिर्फ़ पहले भारतीय हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय हॉकी परिषद की गद्दी पर कब्ज़ा जमाया है, बल्कि पहले गैर-यूरोपीय भी हैं, जिन्हें इस पद पर पहुंचने का गौरव हासिल हुआ है. पूर्व अध्यक्ष लियेन्दो नेग्रे (leandro negre) से उनके संबंध हमेशा अच्छे रहे. माना जा रहा है कि पूर्व अध्यक्ष नेग्रे ने भी इस चुनाव में बत्रा की मदद की.टिप्पणियां
बत्रा पहले राष्ट्रीय स्तर तक जम्मू की हॉकी टीम की नुमाइंदगी कर चुके हैं. वह पहले केपीएस गिल की अध्यक्षता वाली भारतीय हॉकी संघ के भी सदस्य रह चुके हैं. 2009 में हॉकी इंडिया बनने के बाद वह इसके सचिव और 2104 में इसके अध्यक्ष बन गए.
बत्रा के कार्यकाल के दौरान हॉकी इंडिया लीग की भी शुरुआत हुई. इसके अलावा भारत में कई अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट के आयोजन हुए. मसलन, FIH चैंपियंस ट्रॉफी 2014, FIH हॉकी वर्ल्ड लीग फाइनल 2015, FIH जूनियर हॉकी मेन्स वर्ल्ड कप 2016 (दिसंबर में) और FIH मेन्स वर्ल्ड कप 2018 जैसे बड़े टूर्नामेंट को भारत में लाने का श्रेय बत्रा को जाता है. हॉकी के जानकार कहते हैं कि इससे भारतीय हॉकी को फायदा जरूर पहुंचेगा.
दुबई में गुप्त मतदान के ज़रिये हुए चुनाव में बत्रा अंतरराष्ट्रीय हॉकी परिषद के 12वें अध्यक्ष बन गए. वह ना सिर्फ़ पहले भारतीय हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय हॉकी परिषद की गद्दी पर कब्ज़ा जमाया है, बल्कि पहले गैर-यूरोपीय भी हैं, जिन्हें इस पद पर पहुंचने का गौरव हासिल हुआ है. पूर्व अध्यक्ष लियेन्दो नेग्रे (leandro negre) से उनके संबंध हमेशा अच्छे रहे. माना जा रहा है कि पूर्व अध्यक्ष नेग्रे ने भी इस चुनाव में बत्रा की मदद की.टिप्पणियां
बत्रा पहले राष्ट्रीय स्तर तक जम्मू की हॉकी टीम की नुमाइंदगी कर चुके हैं. वह पहले केपीएस गिल की अध्यक्षता वाली भारतीय हॉकी संघ के भी सदस्य रह चुके हैं. 2009 में हॉकी इंडिया बनने के बाद वह इसके सचिव और 2104 में इसके अध्यक्ष बन गए.
बत्रा के कार्यकाल के दौरान हॉकी इंडिया लीग की भी शुरुआत हुई. इसके अलावा भारत में कई अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट के आयोजन हुए. मसलन, FIH चैंपियंस ट्रॉफी 2014, FIH हॉकी वर्ल्ड लीग फाइनल 2015, FIH जूनियर हॉकी मेन्स वर्ल्ड कप 2016 (दिसंबर में) और FIH मेन्स वर्ल्ड कप 2018 जैसे बड़े टूर्नामेंट को भारत में लाने का श्रेय बत्रा को जाता है. हॉकी के जानकार कहते हैं कि इससे भारतीय हॉकी को फायदा जरूर पहुंचेगा.
बत्रा पहले राष्ट्रीय स्तर तक जम्मू की हॉकी टीम की नुमाइंदगी कर चुके हैं. वह पहले केपीएस गिल की अध्यक्षता वाली भारतीय हॉकी संघ के भी सदस्य रह चुके हैं. 2009 में हॉकी इंडिया बनने के बाद वह इसके सचिव और 2104 में इसके अध्यक्ष बन गए.
बत्रा के कार्यकाल के दौरान हॉकी इंडिया लीग की भी शुरुआत हुई. इसके अलावा भारत में कई अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट के आयोजन हुए. मसलन, FIH चैंपियंस ट्रॉफी 2014, FIH हॉकी वर्ल्ड लीग फाइनल 2015, FIH जूनियर हॉकी मेन्स वर्ल्ड कप 2016 (दिसंबर में) और FIH मेन्स वर्ल्ड कप 2018 जैसे बड़े टूर्नामेंट को भारत में लाने का श्रेय बत्रा को जाता है. हॉकी के जानकार कहते हैं कि इससे भारतीय हॉकी को फायदा जरूर पहुंचेगा.
बत्रा के कार्यकाल के दौरान हॉकी इंडिया लीग की भी शुरुआत हुई. इसके अलावा भारत में कई अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट के आयोजन हुए. मसलन, FIH चैंपियंस ट्रॉफी 2014, FIH हॉकी वर्ल्ड लीग फाइनल 2015, FIH जूनियर हॉकी मेन्स वर्ल्ड कप 2016 (दिसंबर में) और FIH मेन्स वर्ल्ड कप 2018 जैसे बड़े टूर्नामेंट को भारत में लाने का श्रेय बत्रा को जाता है. हॉकी के जानकार कहते हैं कि इससे भारतीय हॉकी को फायदा जरूर पहुंचेगा. | संक्षिप्त पाठ: एफआईएच अध्यक्ष पद तक पहुंचने वाले पहले एशियाई हैं बत्रा
उन्हें हासिल हुए 68 वोट, आयरलैंड के बलबर्नी को मिले 29 वोट
निवृतमान अध्यक्ष लिएंड्रो नेग्रे ने किया नतीजे का ऐलान | 30 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लीबिया के नेता मुअम्मर गद्दाफी देश छोड़कर जाने की खबरों का खंडन करते हुए सरकारी चैनल पर दिखाई दिए और उन्होंने विदेशी चैनलों को कुत्ते की संज्ञा दे डाली। लीबियन टीवी ने बताया कि वह अपने घर के बाहर चैनल से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने चैनल से कहा, मैं त्रिपोली में हूं, वेनेजुएला में नहीं। इन चैनलों पर भरोसा मत करो, ये कुत्ते हैं। स्थानीय समयानुसार आधी रात के बाद दो बजे (भारतीय समयानुसार सुबह साढ़े पांच बजे) के कुछ ही समय बाद 68 वर्षीय गद्दाफी को एक सफेद पुराने वाहन की यात्री सीट पर बैठा दिखाया गया। वह बारिश से बचने के लिए छाता लिए हुए बैठे थे और उन्हें चैनल पर एक मिनट से भी कम समय के लिए दिखाया गया। लीबिया में 41 साल से राज कर रहे गद्दाफी मिस्र जैसे संकट से जूझ रहे हैं और जनता के विरोध प्रदर्शनों के बाद से यह उनका अब तक का पहला सार्वजनिक वक्तव्य था। मानवाधिकार समूहों के अनुसार विद्रोह को आठ दिन हो गए हैं और इसमें 300 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। अल-जजीरा ने कहा कि लीबिया के न्यायमंत्री मुस्तफा अब्दुल जलील ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा के विरोध में इस्तीफा दे दिया है। वाशिंगटन में विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन ने लिबियाई नेता को कड़ा संदेश देते हुए चेतावनी दी कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों में घातक बलों का इस्तेमाल नहीं किया जाए। हिलेरी ने एक बयान में कहा, लीबिया सरकार की जनता के सार्वभौमिक अधिकारों का सम्मान करने की जिम्मेदारी है, जिसमें स्वंतत्र अभिव्यक्ति और एकत्र होने का अधिकार है। | यह एक सारांश है: लीबिया के नेता गद्दाफी देश छोड़कर जाने की खबरों का खंडन करते हुए सरकारी चैनल पर दिखाई दिए और उन्होंने विदेशी चैनलों को कुत्ते की संज्ञा दे डाली। | 16 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: Kumkum Bhagya Written Update: टीआरपी लिस्ट में टॉप शो 'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' में 20 साल से बिछड़े अभी और प्रज्ञा की दूरियां खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही हैं. शो के पिछले एपिसोड में दिखाया गया कि पूरब, दिशा को अपनी और आलिया की वेडिंग एनीवर्सरी की पार्टी में देखकर हैरान रह जाता है. हालांकि दिशा को इस पार्टी में आने का बिल्कुल भी मन नहीं था लेकिन सीएम के ग्रुप में होने की वजह से उसे पार्टी में आना पड़ा. पार्टी में पूरब, दिशा की अपने पति के बारे में बातें सुन लेता है. वहीं अभी, बीमार सरिता से मिलने के लिए बोलता है तो विक्रम चिढ़ाता है.
सृति झा (Sriti Jha) और शब्बीर आहलुवालिया (Shabir Ahluwalia) के शो 'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' के पिछले एपिसोड में दिखाया गया कि विक्रम, अभी को ये कहकर चिढ़ाता है कि उसे सरिता से नहीं बल्कि प्राची की मां से मिलना है. वहीं सरिता, प्रज्ञा को कहती है कि फोन करके मिस्टर मेहरा से माफी मांगो, जिसके बाद प्रज्ञा मिस्टर मेहरा यानी अभी को वीडियो कॉल करने के बारे में सोचती है.
सीरियल 'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' का अपकमिंग एपिसोड काफी दिलचस्प होने वाला है. शो के आज के एपिसोड में दिखाया जाएगा कि प्राची टैरेस पर रणवीर का सूट साफ कर रही होगी तो वहीं रणवीर, प्राची (Mugdha Chapekar) को प्यार से देख देखेगा. दिशा पार्टी छोड़कर जा ही रही होगी कि पूरब ये देख लेगा. हालांकि आलिया, दिशा को पार्टी से जाने से रोकने की कोशिश करेगी. आलिया, दिशा को याद दिलाएगी कि आज उसकी भी वेडिंग एनिवर्सरी है. वहीं दिशा, आलिया को एनिवर्सरी के शुभकामनाएं देगी और कहेगी कि वो उन दोनों के लिए बहुत खुश है. हालांकि अब देखना होगा कि ये सब देखकर आलिया कैसा रिएक्ट करेगी. | संक्षिप्त सारांश: सीरियल 'कुमकुम भाग्य' में जानें आज क्या होगा!
दिशा को पार्टी में देख आलिया का कैसा होगा रिएक्शन
क्या अभी जाएगा प्रज्ञा के घर | 23 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अमेरिका ने कहा है कि पाकिस्तान में अलकायदा की ताकत बहुत कमजोर हो गई है, लेकिन अन्य सक्रिय आतंकवादी संगठन लगातार वॉशिंगटन और उसके सहयोगियों के हितों के लिए सीधा खतरा बने हुए हैं।
नेशनल काउंटर टेरररिज्म सेंटर के निदेशक मैथ्यू जी ओल्सॅन ने कहा, पाकिस्तान और अफगान उग्रवादी समूह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी), हक्कानी नेटवर्क और लश्कर-ए-तैयबा क्षेत्र में अमेरिका और उसके सहयोगियों के हितों के लिए लगातार सीधा खतरा बने हुए हैं। कांग्रेस की बहस में लिखित ब्यौरे में ओल्सॅन ने कहा कि पिछले कई वर्षों के दौरान आतंकवाद निरोधक सतत कार्रवाई के कारण दबाव बढ़ा, जिससे पाकिस्तान में अलकायदा के नेतृत्व के मनोबल और उसकी क्षमता में कमी आई है।
उन्होंने कहा, इन प्रयासों से अलकायदा पिछले दस साल में सर्वाधिक कमजोर हुआ है। हालांकि अलकायदा अपने लक्ष्यों को लेकर प्रतिबद्ध है, लेकिन वह पतन की राह पर है। ओल्सेन ने कहा कि वर्ष 2005 में लंदन में बम विस्फोटों की घटना के बाद अलकायदा ने पश्चिम में कोई सफल अभियान नहीं चलाया है, लेकिन वह अमेरिका सहित पश्चिमी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
ओल्सॅन ने कहा कि अलकायदा की क्षमता में कमी के कारण अब उसके योजनाकार ऐसी छोटी, सरल साजिश रचने पर बाध्य हो गए, जिसे आसान निशानों पर बिना किसी बाधा के अंजाम दिया जा सके। उन्होंने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा सहित अन्य दक्षिण एशियाई आतंकवादी संगठन क्षेत्र में अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए लगातार खतरा पेश कर रहे हैं।
ओल्सन ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा के नेता क्षेत्र पर ध्यान दे रहे हैं, बड़ी संख्या में पाकिस्तानी और पश्चिमी उग्रवादियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और उनमें से कुछ तो लश्कर-ए-तैयबा के नेताओं से दिशानिर्देश लिए बिना ही पश्चिम में आतंकवादी हमलों की साजिश रच सकते हैं।
उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया आदि पर ध्यान केंद्रित करने की वजह से लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य हताश हैं और उससे किनारा कर अलकायदा जैसे उन समूहों में शामिल हो सकते हैं, जो पूरे विश्व पर ध्यान केंद्रित कर रहा हो।
उन्होंने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा के नेता मानते हैं कि अमेरिका पर हमले से पाकिस्तान को लेकर तीव्र अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया होगी और वहां समूह के लिए सुरक्षित पनाह मिलना मुश्किल हो जाएगा।
ओल्सन ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा अपने क्षेत्रीय उद्देश्यों के सिलसिले में दक्षिण एशिया में पश्चिमी हितों पर हमला करने का अपना इरादा जाहिर करता रहा है। इसके तहत उसने वर्ष 2008 में मुंबई हमलों के दौरान उन बड़े होटलों को निशाना बनाया जहां अक्सर पश्चिमी देशों के नागरिक आते जाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि हक्कानी नेटवर्क अफगानिस्तान में बड़ी हस्तियों को निशाना बना रहा है। वहां उसने नाटो और अफगान सरकार के ठिकानों पर कई हमले किए हैं। अप्रैल में काबुल में सरकारी और सैन्य प्रतिष्ठानों तथा तीन अन्य शहरों में 18 घंटे के अंदर कई बार हमले किए गए।टिप्पणियां
इस माह के शुरू में विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन ने अमेरिकी कांग्रेस को हक्कानी नेटवर्क को विदेशी आतंकवादी संगठन की सूची में डालने के इरादे से अवगत कराया था।
ओल्सन ने कहा, अलकायदा जैसे वैश्विक समूह और अन्य स्थानीय समूहों को सुरक्षित पनाह देने तथा अन्य सुविधाएं देने की हक्कानी नेटवर्क की क्षमता से हम लगातार चिंता में हैं। उन्होंने कहा कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने 16 अगस्त को पाकिस्तान के कामरा एयरबेस पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी। उसने गठबंधन बलों के लिए पाकिस्तान से होकर जाने वाली आपूर्ति लाइनों को निशाना बनाने की धमकी भी दी, जिससे पता चलता है कि क्षेत्र में उसकी वजह से कैसा खतरा है।
नेशनल काउंटर टेरररिज्म सेंटर के निदेशक मैथ्यू जी ओल्सॅन ने कहा, पाकिस्तान और अफगान उग्रवादी समूह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी), हक्कानी नेटवर्क और लश्कर-ए-तैयबा क्षेत्र में अमेरिका और उसके सहयोगियों के हितों के लिए लगातार सीधा खतरा बने हुए हैं। कांग्रेस की बहस में लिखित ब्यौरे में ओल्सॅन ने कहा कि पिछले कई वर्षों के दौरान आतंकवाद निरोधक सतत कार्रवाई के कारण दबाव बढ़ा, जिससे पाकिस्तान में अलकायदा के नेतृत्व के मनोबल और उसकी क्षमता में कमी आई है।
उन्होंने कहा, इन प्रयासों से अलकायदा पिछले दस साल में सर्वाधिक कमजोर हुआ है। हालांकि अलकायदा अपने लक्ष्यों को लेकर प्रतिबद्ध है, लेकिन वह पतन की राह पर है। ओल्सेन ने कहा कि वर्ष 2005 में लंदन में बम विस्फोटों की घटना के बाद अलकायदा ने पश्चिम में कोई सफल अभियान नहीं चलाया है, लेकिन वह अमेरिका सहित पश्चिमी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
ओल्सॅन ने कहा कि अलकायदा की क्षमता में कमी के कारण अब उसके योजनाकार ऐसी छोटी, सरल साजिश रचने पर बाध्य हो गए, जिसे आसान निशानों पर बिना किसी बाधा के अंजाम दिया जा सके। उन्होंने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा सहित अन्य दक्षिण एशियाई आतंकवादी संगठन क्षेत्र में अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए लगातार खतरा पेश कर रहे हैं।
ओल्सन ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा के नेता क्षेत्र पर ध्यान दे रहे हैं, बड़ी संख्या में पाकिस्तानी और पश्चिमी उग्रवादियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और उनमें से कुछ तो लश्कर-ए-तैयबा के नेताओं से दिशानिर्देश लिए बिना ही पश्चिम में आतंकवादी हमलों की साजिश रच सकते हैं।
उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया आदि पर ध्यान केंद्रित करने की वजह से लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य हताश हैं और उससे किनारा कर अलकायदा जैसे उन समूहों में शामिल हो सकते हैं, जो पूरे विश्व पर ध्यान केंद्रित कर रहा हो।
उन्होंने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा के नेता मानते हैं कि अमेरिका पर हमले से पाकिस्तान को लेकर तीव्र अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया होगी और वहां समूह के लिए सुरक्षित पनाह मिलना मुश्किल हो जाएगा।
ओल्सन ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा अपने क्षेत्रीय उद्देश्यों के सिलसिले में दक्षिण एशिया में पश्चिमी हितों पर हमला करने का अपना इरादा जाहिर करता रहा है। इसके तहत उसने वर्ष 2008 में मुंबई हमलों के दौरान उन बड़े होटलों को निशाना बनाया जहां अक्सर पश्चिमी देशों के नागरिक आते जाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि हक्कानी नेटवर्क अफगानिस्तान में बड़ी हस्तियों को निशाना बना रहा है। वहां उसने नाटो और अफगान सरकार के ठिकानों पर कई हमले किए हैं। अप्रैल में काबुल में सरकारी और सैन्य प्रतिष्ठानों तथा तीन अन्य शहरों में 18 घंटे के अंदर कई बार हमले किए गए।टिप्पणियां
इस माह के शुरू में विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन ने अमेरिकी कांग्रेस को हक्कानी नेटवर्क को विदेशी आतंकवादी संगठन की सूची में डालने के इरादे से अवगत कराया था।
ओल्सन ने कहा, अलकायदा जैसे वैश्विक समूह और अन्य स्थानीय समूहों को सुरक्षित पनाह देने तथा अन्य सुविधाएं देने की हक्कानी नेटवर्क की क्षमता से हम लगातार चिंता में हैं। उन्होंने कहा कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने 16 अगस्त को पाकिस्तान के कामरा एयरबेस पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी। उसने गठबंधन बलों के लिए पाकिस्तान से होकर जाने वाली आपूर्ति लाइनों को निशाना बनाने की धमकी भी दी, जिससे पता चलता है कि क्षेत्र में उसकी वजह से कैसा खतरा है।
उन्होंने कहा, इन प्रयासों से अलकायदा पिछले दस साल में सर्वाधिक कमजोर हुआ है। हालांकि अलकायदा अपने लक्ष्यों को लेकर प्रतिबद्ध है, लेकिन वह पतन की राह पर है। ओल्सेन ने कहा कि वर्ष 2005 में लंदन में बम विस्फोटों की घटना के बाद अलकायदा ने पश्चिम में कोई सफल अभियान नहीं चलाया है, लेकिन वह अमेरिका सहित पश्चिमी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
ओल्सॅन ने कहा कि अलकायदा की क्षमता में कमी के कारण अब उसके योजनाकार ऐसी छोटी, सरल साजिश रचने पर बाध्य हो गए, जिसे आसान निशानों पर बिना किसी बाधा के अंजाम दिया जा सके। उन्होंने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा सहित अन्य दक्षिण एशियाई आतंकवादी संगठन क्षेत्र में अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए लगातार खतरा पेश कर रहे हैं।
ओल्सन ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा के नेता क्षेत्र पर ध्यान दे रहे हैं, बड़ी संख्या में पाकिस्तानी और पश्चिमी उग्रवादियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और उनमें से कुछ तो लश्कर-ए-तैयबा के नेताओं से दिशानिर्देश लिए बिना ही पश्चिम में आतंकवादी हमलों की साजिश रच सकते हैं।
उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया आदि पर ध्यान केंद्रित करने की वजह से लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य हताश हैं और उससे किनारा कर अलकायदा जैसे उन समूहों में शामिल हो सकते हैं, जो पूरे विश्व पर ध्यान केंद्रित कर रहा हो।
उन्होंने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा के नेता मानते हैं कि अमेरिका पर हमले से पाकिस्तान को लेकर तीव्र अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया होगी और वहां समूह के लिए सुरक्षित पनाह मिलना मुश्किल हो जाएगा।
ओल्सन ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा अपने क्षेत्रीय उद्देश्यों के सिलसिले में दक्षिण एशिया में पश्चिमी हितों पर हमला करने का अपना इरादा जाहिर करता रहा है। इसके तहत उसने वर्ष 2008 में मुंबई हमलों के दौरान उन बड़े होटलों को निशाना बनाया जहां अक्सर पश्चिमी देशों के नागरिक आते जाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि हक्कानी नेटवर्क अफगानिस्तान में बड़ी हस्तियों को निशाना बना रहा है। वहां उसने नाटो और अफगान सरकार के ठिकानों पर कई हमले किए हैं। अप्रैल में काबुल में सरकारी और सैन्य प्रतिष्ठानों तथा तीन अन्य शहरों में 18 घंटे के अंदर कई बार हमले किए गए।टिप्पणियां
इस माह के शुरू में विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन ने अमेरिकी कांग्रेस को हक्कानी नेटवर्क को विदेशी आतंकवादी संगठन की सूची में डालने के इरादे से अवगत कराया था।
ओल्सन ने कहा, अलकायदा जैसे वैश्विक समूह और अन्य स्थानीय समूहों को सुरक्षित पनाह देने तथा अन्य सुविधाएं देने की हक्कानी नेटवर्क की क्षमता से हम लगातार चिंता में हैं। उन्होंने कहा कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने 16 अगस्त को पाकिस्तान के कामरा एयरबेस पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी। उसने गठबंधन बलों के लिए पाकिस्तान से होकर जाने वाली आपूर्ति लाइनों को निशाना बनाने की धमकी भी दी, जिससे पता चलता है कि क्षेत्र में उसकी वजह से कैसा खतरा है।
ओल्सॅन ने कहा कि अलकायदा की क्षमता में कमी के कारण अब उसके योजनाकार ऐसी छोटी, सरल साजिश रचने पर बाध्य हो गए, जिसे आसान निशानों पर बिना किसी बाधा के अंजाम दिया जा सके। उन्होंने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा सहित अन्य दक्षिण एशियाई आतंकवादी संगठन क्षेत्र में अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए लगातार खतरा पेश कर रहे हैं।
ओल्सन ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा के नेता क्षेत्र पर ध्यान दे रहे हैं, बड़ी संख्या में पाकिस्तानी और पश्चिमी उग्रवादियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और उनमें से कुछ तो लश्कर-ए-तैयबा के नेताओं से दिशानिर्देश लिए बिना ही पश्चिम में आतंकवादी हमलों की साजिश रच सकते हैं।
उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया आदि पर ध्यान केंद्रित करने की वजह से लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य हताश हैं और उससे किनारा कर अलकायदा जैसे उन समूहों में शामिल हो सकते हैं, जो पूरे विश्व पर ध्यान केंद्रित कर रहा हो।
उन्होंने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा के नेता मानते हैं कि अमेरिका पर हमले से पाकिस्तान को लेकर तीव्र अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया होगी और वहां समूह के लिए सुरक्षित पनाह मिलना मुश्किल हो जाएगा।
ओल्सन ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा अपने क्षेत्रीय उद्देश्यों के सिलसिले में दक्षिण एशिया में पश्चिमी हितों पर हमला करने का अपना इरादा जाहिर करता रहा है। इसके तहत उसने वर्ष 2008 में मुंबई हमलों के दौरान उन बड़े होटलों को निशाना बनाया जहां अक्सर पश्चिमी देशों के नागरिक आते जाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि हक्कानी नेटवर्क अफगानिस्तान में बड़ी हस्तियों को निशाना बना रहा है। वहां उसने नाटो और अफगान सरकार के ठिकानों पर कई हमले किए हैं। अप्रैल में काबुल में सरकारी और सैन्य प्रतिष्ठानों तथा तीन अन्य शहरों में 18 घंटे के अंदर कई बार हमले किए गए।टिप्पणियां
इस माह के शुरू में विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन ने अमेरिकी कांग्रेस को हक्कानी नेटवर्क को विदेशी आतंकवादी संगठन की सूची में डालने के इरादे से अवगत कराया था।
ओल्सन ने कहा, अलकायदा जैसे वैश्विक समूह और अन्य स्थानीय समूहों को सुरक्षित पनाह देने तथा अन्य सुविधाएं देने की हक्कानी नेटवर्क की क्षमता से हम लगातार चिंता में हैं। उन्होंने कहा कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने 16 अगस्त को पाकिस्तान के कामरा एयरबेस पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी। उसने गठबंधन बलों के लिए पाकिस्तान से होकर जाने वाली आपूर्ति लाइनों को निशाना बनाने की धमकी भी दी, जिससे पता चलता है कि क्षेत्र में उसकी वजह से कैसा खतरा है।
ओल्सन ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा के नेता क्षेत्र पर ध्यान दे रहे हैं, बड़ी संख्या में पाकिस्तानी और पश्चिमी उग्रवादियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और उनमें से कुछ तो लश्कर-ए-तैयबा के नेताओं से दिशानिर्देश लिए बिना ही पश्चिम में आतंकवादी हमलों की साजिश रच सकते हैं।
उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया आदि पर ध्यान केंद्रित करने की वजह से लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य हताश हैं और उससे किनारा कर अलकायदा जैसे उन समूहों में शामिल हो सकते हैं, जो पूरे विश्व पर ध्यान केंद्रित कर रहा हो।
उन्होंने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा के नेता मानते हैं कि अमेरिका पर हमले से पाकिस्तान को लेकर तीव्र अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया होगी और वहां समूह के लिए सुरक्षित पनाह मिलना मुश्किल हो जाएगा।
ओल्सन ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा अपने क्षेत्रीय उद्देश्यों के सिलसिले में दक्षिण एशिया में पश्चिमी हितों पर हमला करने का अपना इरादा जाहिर करता रहा है। इसके तहत उसने वर्ष 2008 में मुंबई हमलों के दौरान उन बड़े होटलों को निशाना बनाया जहां अक्सर पश्चिमी देशों के नागरिक आते जाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि हक्कानी नेटवर्क अफगानिस्तान में बड़ी हस्तियों को निशाना बना रहा है। वहां उसने नाटो और अफगान सरकार के ठिकानों पर कई हमले किए हैं। अप्रैल में काबुल में सरकारी और सैन्य प्रतिष्ठानों तथा तीन अन्य शहरों में 18 घंटे के अंदर कई बार हमले किए गए।टिप्पणियां
इस माह के शुरू में विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन ने अमेरिकी कांग्रेस को हक्कानी नेटवर्क को विदेशी आतंकवादी संगठन की सूची में डालने के इरादे से अवगत कराया था।
ओल्सन ने कहा, अलकायदा जैसे वैश्विक समूह और अन्य स्थानीय समूहों को सुरक्षित पनाह देने तथा अन्य सुविधाएं देने की हक्कानी नेटवर्क की क्षमता से हम लगातार चिंता में हैं। उन्होंने कहा कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने 16 अगस्त को पाकिस्तान के कामरा एयरबेस पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी। उसने गठबंधन बलों के लिए पाकिस्तान से होकर जाने वाली आपूर्ति लाइनों को निशाना बनाने की धमकी भी दी, जिससे पता चलता है कि क्षेत्र में उसकी वजह से कैसा खतरा है।
उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया आदि पर ध्यान केंद्रित करने की वजह से लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य हताश हैं और उससे किनारा कर अलकायदा जैसे उन समूहों में शामिल हो सकते हैं, जो पूरे विश्व पर ध्यान केंद्रित कर रहा हो।
उन्होंने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा के नेता मानते हैं कि अमेरिका पर हमले से पाकिस्तान को लेकर तीव्र अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया होगी और वहां समूह के लिए सुरक्षित पनाह मिलना मुश्किल हो जाएगा।
ओल्सन ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा अपने क्षेत्रीय उद्देश्यों के सिलसिले में दक्षिण एशिया में पश्चिमी हितों पर हमला करने का अपना इरादा जाहिर करता रहा है। इसके तहत उसने वर्ष 2008 में मुंबई हमलों के दौरान उन बड़े होटलों को निशाना बनाया जहां अक्सर पश्चिमी देशों के नागरिक आते जाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि हक्कानी नेटवर्क अफगानिस्तान में बड़ी हस्तियों को निशाना बना रहा है। वहां उसने नाटो और अफगान सरकार के ठिकानों पर कई हमले किए हैं। अप्रैल में काबुल में सरकारी और सैन्य प्रतिष्ठानों तथा तीन अन्य शहरों में 18 घंटे के अंदर कई बार हमले किए गए।टिप्पणियां
इस माह के शुरू में विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन ने अमेरिकी कांग्रेस को हक्कानी नेटवर्क को विदेशी आतंकवादी संगठन की सूची में डालने के इरादे से अवगत कराया था।
ओल्सन ने कहा, अलकायदा जैसे वैश्विक समूह और अन्य स्थानीय समूहों को सुरक्षित पनाह देने तथा अन्य सुविधाएं देने की हक्कानी नेटवर्क की क्षमता से हम लगातार चिंता में हैं। उन्होंने कहा कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने 16 अगस्त को पाकिस्तान के कामरा एयरबेस पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी। उसने गठबंधन बलों के लिए पाकिस्तान से होकर जाने वाली आपूर्ति लाइनों को निशाना बनाने की धमकी भी दी, जिससे पता चलता है कि क्षेत्र में उसकी वजह से कैसा खतरा है।
उन्होंने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा के नेता मानते हैं कि अमेरिका पर हमले से पाकिस्तान को लेकर तीव्र अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया होगी और वहां समूह के लिए सुरक्षित पनाह मिलना मुश्किल हो जाएगा।
ओल्सन ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा अपने क्षेत्रीय उद्देश्यों के सिलसिले में दक्षिण एशिया में पश्चिमी हितों पर हमला करने का अपना इरादा जाहिर करता रहा है। इसके तहत उसने वर्ष 2008 में मुंबई हमलों के दौरान उन बड़े होटलों को निशाना बनाया जहां अक्सर पश्चिमी देशों के नागरिक आते जाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि हक्कानी नेटवर्क अफगानिस्तान में बड़ी हस्तियों को निशाना बना रहा है। वहां उसने नाटो और अफगान सरकार के ठिकानों पर कई हमले किए हैं। अप्रैल में काबुल में सरकारी और सैन्य प्रतिष्ठानों तथा तीन अन्य शहरों में 18 घंटे के अंदर कई बार हमले किए गए।टिप्पणियां
इस माह के शुरू में विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन ने अमेरिकी कांग्रेस को हक्कानी नेटवर्क को विदेशी आतंकवादी संगठन की सूची में डालने के इरादे से अवगत कराया था।
ओल्सन ने कहा, अलकायदा जैसे वैश्विक समूह और अन्य स्थानीय समूहों को सुरक्षित पनाह देने तथा अन्य सुविधाएं देने की हक्कानी नेटवर्क की क्षमता से हम लगातार चिंता में हैं। उन्होंने कहा कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने 16 अगस्त को पाकिस्तान के कामरा एयरबेस पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी। उसने गठबंधन बलों के लिए पाकिस्तान से होकर जाने वाली आपूर्ति लाइनों को निशाना बनाने की धमकी भी दी, जिससे पता चलता है कि क्षेत्र में उसकी वजह से कैसा खतरा है।
ओल्सन ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा अपने क्षेत्रीय उद्देश्यों के सिलसिले में दक्षिण एशिया में पश्चिमी हितों पर हमला करने का अपना इरादा जाहिर करता रहा है। इसके तहत उसने वर्ष 2008 में मुंबई हमलों के दौरान उन बड़े होटलों को निशाना बनाया जहां अक्सर पश्चिमी देशों के नागरिक आते जाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि हक्कानी नेटवर्क अफगानिस्तान में बड़ी हस्तियों को निशाना बना रहा है। वहां उसने नाटो और अफगान सरकार के ठिकानों पर कई हमले किए हैं। अप्रैल में काबुल में सरकारी और सैन्य प्रतिष्ठानों तथा तीन अन्य शहरों में 18 घंटे के अंदर कई बार हमले किए गए।टिप्पणियां
इस माह के शुरू में विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन ने अमेरिकी कांग्रेस को हक्कानी नेटवर्क को विदेशी आतंकवादी संगठन की सूची में डालने के इरादे से अवगत कराया था।
ओल्सन ने कहा, अलकायदा जैसे वैश्विक समूह और अन्य स्थानीय समूहों को सुरक्षित पनाह देने तथा अन्य सुविधाएं देने की हक्कानी नेटवर्क की क्षमता से हम लगातार चिंता में हैं। उन्होंने कहा कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने 16 अगस्त को पाकिस्तान के कामरा एयरबेस पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी। उसने गठबंधन बलों के लिए पाकिस्तान से होकर जाने वाली आपूर्ति लाइनों को निशाना बनाने की धमकी भी दी, जिससे पता चलता है कि क्षेत्र में उसकी वजह से कैसा खतरा है।
इस माह के शुरू में विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन ने अमेरिकी कांग्रेस को हक्कानी नेटवर्क को विदेशी आतंकवादी संगठन की सूची में डालने के इरादे से अवगत कराया था।
ओल्सन ने कहा, अलकायदा जैसे वैश्विक समूह और अन्य स्थानीय समूहों को सुरक्षित पनाह देने तथा अन्य सुविधाएं देने की हक्कानी नेटवर्क की क्षमता से हम लगातार चिंता में हैं। उन्होंने कहा कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने 16 अगस्त को पाकिस्तान के कामरा एयरबेस पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी। उसने गठबंधन बलों के लिए पाकिस्तान से होकर जाने वाली आपूर्ति लाइनों को निशाना बनाने की धमकी भी दी, जिससे पता चलता है कि क्षेत्र में उसकी वजह से कैसा खतरा है।
ओल्सन ने कहा, अलकायदा जैसे वैश्विक समूह और अन्य स्थानीय समूहों को सुरक्षित पनाह देने तथा अन्य सुविधाएं देने की हक्कानी नेटवर्क की क्षमता से हम लगातार चिंता में हैं। उन्होंने कहा कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने 16 अगस्त को पाकिस्तान के कामरा एयरबेस पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी। उसने गठबंधन बलों के लिए पाकिस्तान से होकर जाने वाली आपूर्ति लाइनों को निशाना बनाने की धमकी भी दी, जिससे पता चलता है कि क्षेत्र में उसकी वजह से कैसा खतरा है। | सारांश: अमेरिका ने कहा है कि पाकिस्तान में अलकायदा की ताकत बहुत कमजोर हो गई है, लेकिन अन्य सक्रिय आतंकवादी संगठन लगातार वॉशिंगटन और उसके सहयोगियों के हितों के लिए सीधा खतरा बने हुए हैं। | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दो बार के चैंपियन चेन्नई सुपरकिंग्स ने 4 अप्रैल से शुरू हो रहे छठे इंडियन प्रीमियर लीग के दौरान आम दर्शकों को खुद से जोड़ने के लिए नई मुहिम शुरू की है। टूर्नामेंट के दौरान चेन्नई सुपरकिंग्स के मैचों में मैन ऑफ द मैच पुरस्कार आम दर्शक के हाथों दिया जाएगा।
चेन्नई सुपरकिंग्स टीम के आधिकारिक प्रायोजक एयरसेल ने इसके लिए बाकायदा ‘कौन बनेगा मैन ऑफ द मैच’ प्रतियोगिता शुरू की। यह उसके प्रीपेड और पोस्टपेड उपभोक्ताओं के लिए है। यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार प्रतियोगिता के तीन भाग्यशाली विजेताओं को मैन ऑफ द मैच पुरस्कार देने जबकि एक विजेता को 45 दिन तक टीम के साथ घूमने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा आठ अन्य विजेताओं को अपने शहरों में टीम के खिलाड़ियों से मिलने का मौका मिलेगा।
चेन्नई सुपरकिंग्स टीम के आधिकारिक प्रायोजक एयरसेल ने इसके लिए बाकायदा ‘कौन बनेगा मैन ऑफ द मैच’ प्रतियोगिता शुरू की। यह उसके प्रीपेड और पोस्टपेड उपभोक्ताओं के लिए है। यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार प्रतियोगिता के तीन भाग्यशाली विजेताओं को मैन ऑफ द मैच पुरस्कार देने जबकि एक विजेता को 45 दिन तक टीम के साथ घूमने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा आठ अन्य विजेताओं को अपने शहरों में टीम के खिलाड़ियों से मिलने का मौका मिलेगा। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दो बार के चैंपियन चेन्नई सुपरकिंग्स ने 4 अप्रैल से शुरू हो रहे छठे इंडियन प्रीमियर लीग के दौरान आम दर्शकों को खुद से जोड़ने के लिए नई मुहिम शुरू की है। टूर्नामेंट के दौरान चेन्नई सुपरकिंग्स के मैचों में मैन ऑफ द मैच पुरस्कार आम दर्शक के हाथों दिया जाएगा। | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सूत्रों ने बताया कि जैन 2015-16 के दौरान लोकसेवक रहते हुए प्रयास इंफो सोल्यूशन्स प्राइवेट लिमिटेड, अकिंचन डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और मंगलायतन प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के जरिए कथित तौर पर 4.63 करोड़ रूपये के धनशोधन में लिप्त थे. मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा उनसे जुड़ी संपत्ति जब्त करने के बाद मंत्री ने आरोपों से इंकार किया था.टिप्पणियां
सीबीआई का कहना था कि उसने जो रिपोर्ट इनकम टैक्स से मिली, उसे आधार बनाकर प्रिलिमिनरी इंक्वायरी दर्ज की है. सीबीआई के एक अफ़सर ने एनडीटीवी इंडिया को बताया था, "मामला नया बेनामी लेनदेन निषेध कानून के खिलाफ आयकर विभाग द्वारा सीबीआई को भेजा गया था, उसे हमने अपनी जांच का आधार बनाया है." CBI के मुताबिक, जांच के दौरान पता चला कि जैन के नियंत्रण वाली कंपनियों को कोलकाता स्थित जीवेंद्र मिश्रा, अभिषेक चोखानी और राजेंद्र बंसल नाम के तीन हवाला कारोबारियों की 56 शेल कंपनियों से 16.39 करोड़ रुपये मिले.
हालांकि जैन खुद पर लगे इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं. केजरीवाल सरकार के इस वरिष्ठ मंत्री का कहना रहा है कि हवाला कारोबारियों से उनका कोई नाता नहीं और इस मामले में उन्हें आरोपी नहीं.
सीबीआई का कहना था कि उसने जो रिपोर्ट इनकम टैक्स से मिली, उसे आधार बनाकर प्रिलिमिनरी इंक्वायरी दर्ज की है. सीबीआई के एक अफ़सर ने एनडीटीवी इंडिया को बताया था, "मामला नया बेनामी लेनदेन निषेध कानून के खिलाफ आयकर विभाग द्वारा सीबीआई को भेजा गया था, उसे हमने अपनी जांच का आधार बनाया है." CBI के मुताबिक, जांच के दौरान पता चला कि जैन के नियंत्रण वाली कंपनियों को कोलकाता स्थित जीवेंद्र मिश्रा, अभिषेक चोखानी और राजेंद्र बंसल नाम के तीन हवाला कारोबारियों की 56 शेल कंपनियों से 16.39 करोड़ रुपये मिले.
हालांकि जैन खुद पर लगे इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं. केजरीवाल सरकार के इस वरिष्ठ मंत्री का कहना रहा है कि हवाला कारोबारियों से उनका कोई नाता नहीं और इस मामले में उन्हें आरोपी नहीं.
हालांकि जैन खुद पर लगे इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं. केजरीवाल सरकार के इस वरिष्ठ मंत्री का कहना रहा है कि हवाला कारोबारियों से उनका कोई नाता नहीं और इस मामले में उन्हें आरोपी नहीं. | संक्षिप्त पाठ: इस मामले में एजेंसी आरंभिक जांच कर रही है.
जैन शुक्रवार अपराह्न करीब तीन बजे जांच एजेंसी के मुख्यालय पहुंचे.
गुरुवार को भी जांच एजेंसी ने जैन से करीब 9 घंटे तक गहन पूछताछ की थी. | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: रजनीकांत (Rajinikanth) की सुपरहिट फिल्म '2.0 (2Point0)' चीन में अभी रिलीज नहीं हो पाएगी. रजनीकांत की '2.0' की रिलीज टलने की वजह अक्षय कुमार की 'पैडमैन' बनी है. बॉलीवुड हंगामा डॉट कॉम के मुताबिक, रजनीकांत की '2.0' अभी चीन में रिलीज नहीं हो पाएगी. '2.0' को 12 जुलाई को चीन में रिलीज होना था. लेकिन कई वजहों से इसे फिलहाल के लिए टाल दिया गया है. बॉलीवुड हंगामा डॉट कॉम ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि '2.0' को एचवाई मीडिया चीन में डिस्ट्रीब्यूट कर रही है. जिसने पैडमैन को रिलीज किया था. लेकिन पैडमैन चीन में घाटे का सौदा रही. '2.0' को चीन में ढाई करोड़ डॉलर कमाने होंगे उसके बाद ही ये फायदे का सौदा साबित हो सकती है. लेकिन इसकी संभावनाएं कम लग रही हैं.
रजनीकांत (Rajinikanth) की फिल्म '2.0 (2Point0)' को लेकर कहा जा रहा है कि इसमें वीएफएक्स का कमाल ज्यादा है, और इस तरह की फिल्में चीन के दर्शक काफी देख चुके हैं. ऐसे में फिल्म को लेकर वितरक कोई जोखिम नहीं लेना चाहते हैं. फिर टेक्नोलॉजी से लैस फिल्में हॉलीवुड से भी आती रहती हैं. जबकि चीन में धूम मचाने वाली फिल्म 'दंगल', 'सीक्रेट सुपरस्टार' और 'बजरंगी भाईजान' में मानवीय पहलू था, और एक जोरदार कहानी भी थी. चीन के दर्शकों ने इन फिल्मों को हाथोंहाथ लिया था. 'बाहुबली' को भी चीन में बड़ी सफलता हाथ नहीं लग सकी थी. इसे देखते हुए '2.0 (Robot 2.0)' को लेकर वितरकों ने हाथ खींच लिए.
रजनीकांत (Rajinikanth) की फिल्म '2.0 (2Point0)' को शंकर ने डायरेक्ट किया है. फिल्म में साउथ के सुपरस्टार रजनीकांत के अलावा अक्षय कुमार और एमी जैक्सन भी लीड रोल में नजर आए थे. वैसे 12 जुलाई को हॉलीवुड फिल्म 'द लॉयन किंग' भी रिलीज हो रही है. इसे भी फिल्म को रिलीज न करने की एक वजह माना जा रहा है. | संक्षिप्त सारांश: 12 जुलाई को रिलीज होनी थी चीन में
फिलहाल नहीं होगी रिलीज
रजनीकांत हैं लीड रोल में | 29 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा में गुरुवार को श्रीलंका में तमिलों के मुद्दे पर बहस के दौरान हंगामा हुआ। डीएमके और बीजेपी ने इस मुद्दे पर लोकसभा से वॉकआउट किया।
सदन के सदस्य यह जानना चाहते थे कि सरकार श्रीलंकाई तमिलों को उनके जायज अधिकार दिलाने के लिए खुद के और विश्वस्तर पर क्या कदम उठा रही है। इस दौरान सदन में हंगामा हुआ और डीएमके और बीजेपी ने सदन से वॉकआउट किया।
इससे पहले, श्रीलंका में तमिलों की दुर्दशा के संबंध में लोकसभा में आज सदस्यों ने गंभीर चिंता जाहिर करते हुए केंद्र सरकार से जानना चाहा कि वह श्रीलंकाई तमिलों को उनके जायज अधिकार दिलाने के लिए खुद के और विश्व के स्तर पर क्या कदम उठा रही है।
लोकसभा में आज श्रीलंका में तमिलों की दुर्दशा पर विशेष चर्चा की शुरुआत करते हुए द्रमुक के टीआर बालू ने कहा कि ऐसा भ्रम फैला हुआ है कि भारत सरकार श्रीलंकाई तमिलों के लिए खास कुछ नहीं कर रही है और सरकार अपने कार्यों से इस गलतफहमी को दूर करे।
उन्होंने सरकार से जानना चाहा कि श्रीलंकाई तमिलों के अधिकारों और उनके मानवाधिकारों की रक्षा के लिए वह ‘न्यूनतम’ क्या करना चाहती है। उन्होंने कहा कि पिछले चार सालों से श्रीलंका में रह रहे तमिल तबाह हो गए हैं और श्रीलंकाई सेना के आक्रमण में 40 हजार से अधिक तमिलों का नरसंहार हुआ है।
बालू ने कहा कि तमिल भाषा, संस्कृति और नस्ल सबको विलुप्त करने का श्रीलंका में अभियान चल रहा है। इसे रोके जाने की सख्त जरूरत है।
उन्होंने कहा कि श्रीलंकाई सेना द्वारा वहां के तमिलों के खिलाफ चलाए गए युद्ध में 90 हजार तमिल महिलाएं विधवा हुई हैं और दो लाख से अधिक लोग लापता हैं। यह पता लगाया जाना चाहिए कि इन दो लाख लोगों का क्या हुआ।
द्रमुक नेता ने कहा कि इसके अलावा श्रीलंकाई सेना और सरकार के दमन के चलते एक लाख 30 हजार से अधिक श्रीलंकाई तमिल अपने देश से पलायन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि श्रीलंका के तथाकथित महिला सुरक्षा शिविरों में महिलाओं का बुरा हाल है और उनका हर तरह का शोषण किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि श्रीलंकाई तमिल महिलाओं और पुरुषों का यौन शोषण हो रहा है। उन्होंने कहा कि बोस्नियाई महिलाओं के साथ सर्ब सेना ने जो वीभत्स कृत्य किया था, कुछ वैसा ही श्रीलंकाई सेना अपने यहां की तमिल महिलाओं के साथ कर रही है।
यशवंत सिन्हा ने कहा कि भाजपा श्रीलंकाई तमिलों के लिए अलग राष्ट्र के पक्ष में नहीं है बल्कि वह तमिलों के नरसंहार के खिलाफ है और तमिलों को देश के भीतर समान अधिकार दिलाए जाने की पक्षधर है। सरकार को श्रीलंकाई तमिलों की समस्या के समाधान के लिए सात सूत्री सुझाव पत्र पेश करते हुए उन्होंने कहा कि सर्वप्रथम भारत सरकार को श्रीलंकाई सरकार से नार्दर्न प्रोविंस से सेना को तत्काल हटाए जाने की मांग करनी चाहिए।
सिन्हा ने कहा कि इसके साथ ही भारत लेसन लर्न्ट एंड रिकंसिलिएशन कमीशन की सिफारिशों को पूरी तरह लागू करवाने, 13वें संशोधन को लागू कराने, लिट्टे के खिलाफ निर्णायक युद्ध के दौरान हुए नरसंहारों की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों को सजा दिए जाने के लिए श्रीलंका सरकार पर दबाव बनाए।
भाजपा नेता ने इसके साथ ही कहा कि केंद्र सरकार न केवल संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पेश किए जाने वाले प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करे बल्कि उस प्रस्ताव का मसौदा तैयार करने में भी अग्रणी भूमिका निभाए।
केंद्र सरकार की विदेश नीति और खासकर पड़ोसी देशों के संबंध में अपनायी जा रही नीति पर भी उन्होंने सवाल खड़ा किया। उन्होंने श्रीलंका में चीन की भूमिका मजबूत होने की आशंका के चलते पड़ोसी देश पर प्रतिबंध नहीं लगाने के रुख पर कहा, केंद्र सरकार को पड़ोसियों और विश्व को यह संदेश देना चाहिए कि श्रीलंका और भारत के संबंधों में हस्तक्षेप किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
केंद्र सरकार को विदेश नीति के मामले में असहाय बताते हुए सिन्हा ने कहा कि विदेश नीति डर से नहीं आत्मविश्वास की ताकत से चलती है, इकबाल से चलती है और आज सरकार का इकबाल खत्म हो गया है। हमारे पड़ोसी मुल्क तक हमारी बात सुनने को तैयार नहीं हैं।
अन्नाद्रमुक के एम थम्बीदुरई ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों की दुर्दशा, उनके साथ दुर्व्यवहार एवं हत्या और उन्हें संविधान के तहत कोई अधिकार नहीं दिया जाना अत्यंत गंभीर मामला है। उन्होंने जानना चाहा कि तमिलों के हितों से संबंधित राजीव-जयवर्धने समझौते पर अमल करने के लिए क्या किया जा रहा है और अब तक इसे क्यों लागू नहीं किया जा सका।
संप्रग सरकार की घटक द्रमुक पर निशाना साधते हुए थम्बीदुरई ने कहा कि राजग से लेकर संप्रग तक 15 वर्षों से द्रमुक केंद्र में सत्ता में है लेकिन इस विषय को सुलझाया नहीं जा सका। उन्होंने कहा कि कावेरी मुद्दे पर अन्नाद्रमुक राजग सरकार से अलग हो गई थी क्या इनमें (द्रमुक) में ऐसा साहस है?
सरकार को बाहर से समर्थन दे रही सपा के मुलायम सिंह यादव ने कहा कि श्रीलंका में छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं और हमारी विदेश नीति मुश्किल में है। ‘‘प्रारंभ से ही हमारी विदेश नीति यह थी कि दुनिया में जहां कहीं भी मानवाधिकारों का उल्लंघन हो, वहां भारत चुप नहीं रहेगा। लेकिन आज हम चुप हैं और हमारी विदेश नीति आगे नहीं बढ़ रही है।’’ उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया और इस बात पर भी विचार नहीं किया जा रहा है कि अच्छे और पुराने संबंध होने के बावजूद आज श्रीलंका से हमारे संबंध खराब क्यों हो रहे हैं और चीन क्यों बढ़ रहा है। सरकार बताए कि क्या आज दुनिया में भारत का एक भी मित्र देश है? मुलायम ने कहा, ‘‘सोनियाजी आज चुप क्यों है? आपका इन पर (सरकार पर) नियंत्रण है। आपकी बात ये नहीं काट सकते हैं। इन्हें बुलाएं और पूछें।’’
कांग्रेस के केएस अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों को जिस प्रकार से प्रताड़ित किया जा रहा है और उनके साथ जैसा अत्याचार हो रहा है, वह अत्यंत निंदनीय है। भारत को तमिलों की स्थिति पर संज्ञान लेना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र में श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन करना चाहिए।
अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका के तमिलों की समस्या का निपटारा करने का एकमात्र स्रोत भारत है और भारत ने इस दिशा में पूर्व में पहल भी की है। तमिलों की समस्याओं के समाधान के लिए राजीव-जयवर्धने समझौता एकमात्र रास्ता है। बसपा के दारा सिंह चौहान ने कहा कि श्रीलंका में मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और तमिलों के खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है। श्रीलंका में एक वर्ग विशेष को सुनियोजित ढंग से समाप्त करने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इन घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए इन्हें रोकने की पहल करनी चाहिए।
जदयु के जगदीश शर्मा ने कहा कि तमिल हमारे भाई हैं और श्रीलंका के स्थायी निवासी हैं लेकिन उनके साथ दुर्व्यवहार और अत्याचार गंभीर विषय है जो हमारी विदेश नीति की कमी को दर्शाता है।
उन्होंने मांग की कि श्रीलंकाई तमिलों के नरसंहार की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच होनी चाहिए और इसके दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की व्यवस्था होनी चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि हम श्रीलंका के तमिलों की पीड़ा को समझ सकते हैं क्योंकि हमारी भावनाएं ढाका में बंगालियों से जुड़े युद्ध अपराध मामले में शाहबाग आंदोलन से जुड़ी हैं। श्रीलंका में तमिलों को लोकतांत्रित अधिकार नहीं है और उनके खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। इस स्थिति को रोकने के उपाय होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम भी सरकार में थे लेकिन खुदरा क्षेत्र में एफडीआई और डीजल की कीमतों में वृद्धि के मुद्दे पर हम बाहर हो गए। साथ ही सवाल किया कि द्रमुक की क्या मजबूरी है?
माकपा के पीआर नटराजन ने कहा कि श्रीलंका में लिट्टे के साथ युद्ध के दौरान बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। भाकपा के पी लिंगम ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों ने समानता के अधिकार लिए संघर्ष किया जो बाद में आतंकवाद के रूप में बदल गया। श्रीलंका सरकार के रवैये के कारण हालात खराब हुए।टिप्पणियां
बीजद के भृतुहरि महताब ने प्रभाकरण के बेटे के मारे जाने पर सवाल करते हुए कहा कि क्या श्रीलंकाई सेना को आशंका थी कि 15-20 साल बाद बेटा अपने पिता की राह पर चल पड़ेगा? क्या प्रभाकरण के बेटे की मौत गोलीबारी में हुई? अगर वह जिन्दा है तो श्रीलंकाई सेना उसे सामने क्यों नहीं लाती? जदयु के शरद यादव और राजद के लालू प्रसाद ने श्रीलंकाई तमिलों की दुर्दशा पर अन्य सदस्यों द्वारा व्यक्त विचारों का समर्थन किया।
चर्चा में एमडीएमके के ए गणेशमूर्ति, वीसीके के तिरुमा वलवन, जेवीएम-पी के अजय कुमार और निर्दलीय तरुण मंडल ने भी हिस्सा लिया।
सदन के सदस्य यह जानना चाहते थे कि सरकार श्रीलंकाई तमिलों को उनके जायज अधिकार दिलाने के लिए खुद के और विश्वस्तर पर क्या कदम उठा रही है। इस दौरान सदन में हंगामा हुआ और डीएमके और बीजेपी ने सदन से वॉकआउट किया।
इससे पहले, श्रीलंका में तमिलों की दुर्दशा के संबंध में लोकसभा में आज सदस्यों ने गंभीर चिंता जाहिर करते हुए केंद्र सरकार से जानना चाहा कि वह श्रीलंकाई तमिलों को उनके जायज अधिकार दिलाने के लिए खुद के और विश्व के स्तर पर क्या कदम उठा रही है।
लोकसभा में आज श्रीलंका में तमिलों की दुर्दशा पर विशेष चर्चा की शुरुआत करते हुए द्रमुक के टीआर बालू ने कहा कि ऐसा भ्रम फैला हुआ है कि भारत सरकार श्रीलंकाई तमिलों के लिए खास कुछ नहीं कर रही है और सरकार अपने कार्यों से इस गलतफहमी को दूर करे।
उन्होंने सरकार से जानना चाहा कि श्रीलंकाई तमिलों के अधिकारों और उनके मानवाधिकारों की रक्षा के लिए वह ‘न्यूनतम’ क्या करना चाहती है। उन्होंने कहा कि पिछले चार सालों से श्रीलंका में रह रहे तमिल तबाह हो गए हैं और श्रीलंकाई सेना के आक्रमण में 40 हजार से अधिक तमिलों का नरसंहार हुआ है।
बालू ने कहा कि तमिल भाषा, संस्कृति और नस्ल सबको विलुप्त करने का श्रीलंका में अभियान चल रहा है। इसे रोके जाने की सख्त जरूरत है।
उन्होंने कहा कि श्रीलंकाई सेना द्वारा वहां के तमिलों के खिलाफ चलाए गए युद्ध में 90 हजार तमिल महिलाएं विधवा हुई हैं और दो लाख से अधिक लोग लापता हैं। यह पता लगाया जाना चाहिए कि इन दो लाख लोगों का क्या हुआ।
द्रमुक नेता ने कहा कि इसके अलावा श्रीलंकाई सेना और सरकार के दमन के चलते एक लाख 30 हजार से अधिक श्रीलंकाई तमिल अपने देश से पलायन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि श्रीलंका के तथाकथित महिला सुरक्षा शिविरों में महिलाओं का बुरा हाल है और उनका हर तरह का शोषण किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि श्रीलंकाई तमिल महिलाओं और पुरुषों का यौन शोषण हो रहा है। उन्होंने कहा कि बोस्नियाई महिलाओं के साथ सर्ब सेना ने जो वीभत्स कृत्य किया था, कुछ वैसा ही श्रीलंकाई सेना अपने यहां की तमिल महिलाओं के साथ कर रही है।
यशवंत सिन्हा ने कहा कि भाजपा श्रीलंकाई तमिलों के लिए अलग राष्ट्र के पक्ष में नहीं है बल्कि वह तमिलों के नरसंहार के खिलाफ है और तमिलों को देश के भीतर समान अधिकार दिलाए जाने की पक्षधर है। सरकार को श्रीलंकाई तमिलों की समस्या के समाधान के लिए सात सूत्री सुझाव पत्र पेश करते हुए उन्होंने कहा कि सर्वप्रथम भारत सरकार को श्रीलंकाई सरकार से नार्दर्न प्रोविंस से सेना को तत्काल हटाए जाने की मांग करनी चाहिए।
सिन्हा ने कहा कि इसके साथ ही भारत लेसन लर्न्ट एंड रिकंसिलिएशन कमीशन की सिफारिशों को पूरी तरह लागू करवाने, 13वें संशोधन को लागू कराने, लिट्टे के खिलाफ निर्णायक युद्ध के दौरान हुए नरसंहारों की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों को सजा दिए जाने के लिए श्रीलंका सरकार पर दबाव बनाए।
भाजपा नेता ने इसके साथ ही कहा कि केंद्र सरकार न केवल संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पेश किए जाने वाले प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करे बल्कि उस प्रस्ताव का मसौदा तैयार करने में भी अग्रणी भूमिका निभाए।
केंद्र सरकार की विदेश नीति और खासकर पड़ोसी देशों के संबंध में अपनायी जा रही नीति पर भी उन्होंने सवाल खड़ा किया। उन्होंने श्रीलंका में चीन की भूमिका मजबूत होने की आशंका के चलते पड़ोसी देश पर प्रतिबंध नहीं लगाने के रुख पर कहा, केंद्र सरकार को पड़ोसियों और विश्व को यह संदेश देना चाहिए कि श्रीलंका और भारत के संबंधों में हस्तक्षेप किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
केंद्र सरकार को विदेश नीति के मामले में असहाय बताते हुए सिन्हा ने कहा कि विदेश नीति डर से नहीं आत्मविश्वास की ताकत से चलती है, इकबाल से चलती है और आज सरकार का इकबाल खत्म हो गया है। हमारे पड़ोसी मुल्क तक हमारी बात सुनने को तैयार नहीं हैं।
अन्नाद्रमुक के एम थम्बीदुरई ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों की दुर्दशा, उनके साथ दुर्व्यवहार एवं हत्या और उन्हें संविधान के तहत कोई अधिकार नहीं दिया जाना अत्यंत गंभीर मामला है। उन्होंने जानना चाहा कि तमिलों के हितों से संबंधित राजीव-जयवर्धने समझौते पर अमल करने के लिए क्या किया जा रहा है और अब तक इसे क्यों लागू नहीं किया जा सका।
संप्रग सरकार की घटक द्रमुक पर निशाना साधते हुए थम्बीदुरई ने कहा कि राजग से लेकर संप्रग तक 15 वर्षों से द्रमुक केंद्र में सत्ता में है लेकिन इस विषय को सुलझाया नहीं जा सका। उन्होंने कहा कि कावेरी मुद्दे पर अन्नाद्रमुक राजग सरकार से अलग हो गई थी क्या इनमें (द्रमुक) में ऐसा साहस है?
सरकार को बाहर से समर्थन दे रही सपा के मुलायम सिंह यादव ने कहा कि श्रीलंका में छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं और हमारी विदेश नीति मुश्किल में है। ‘‘प्रारंभ से ही हमारी विदेश नीति यह थी कि दुनिया में जहां कहीं भी मानवाधिकारों का उल्लंघन हो, वहां भारत चुप नहीं रहेगा। लेकिन आज हम चुप हैं और हमारी विदेश नीति आगे नहीं बढ़ रही है।’’ उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया और इस बात पर भी विचार नहीं किया जा रहा है कि अच्छे और पुराने संबंध होने के बावजूद आज श्रीलंका से हमारे संबंध खराब क्यों हो रहे हैं और चीन क्यों बढ़ रहा है। सरकार बताए कि क्या आज दुनिया में भारत का एक भी मित्र देश है? मुलायम ने कहा, ‘‘सोनियाजी आज चुप क्यों है? आपका इन पर (सरकार पर) नियंत्रण है। आपकी बात ये नहीं काट सकते हैं। इन्हें बुलाएं और पूछें।’’
कांग्रेस के केएस अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों को जिस प्रकार से प्रताड़ित किया जा रहा है और उनके साथ जैसा अत्याचार हो रहा है, वह अत्यंत निंदनीय है। भारत को तमिलों की स्थिति पर संज्ञान लेना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र में श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन करना चाहिए।
अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका के तमिलों की समस्या का निपटारा करने का एकमात्र स्रोत भारत है और भारत ने इस दिशा में पूर्व में पहल भी की है। तमिलों की समस्याओं के समाधान के लिए राजीव-जयवर्धने समझौता एकमात्र रास्ता है। बसपा के दारा सिंह चौहान ने कहा कि श्रीलंका में मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और तमिलों के खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है। श्रीलंका में एक वर्ग विशेष को सुनियोजित ढंग से समाप्त करने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इन घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए इन्हें रोकने की पहल करनी चाहिए।
जदयु के जगदीश शर्मा ने कहा कि तमिल हमारे भाई हैं और श्रीलंका के स्थायी निवासी हैं लेकिन उनके साथ दुर्व्यवहार और अत्याचार गंभीर विषय है जो हमारी विदेश नीति की कमी को दर्शाता है।
उन्होंने मांग की कि श्रीलंकाई तमिलों के नरसंहार की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच होनी चाहिए और इसके दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की व्यवस्था होनी चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि हम श्रीलंका के तमिलों की पीड़ा को समझ सकते हैं क्योंकि हमारी भावनाएं ढाका में बंगालियों से जुड़े युद्ध अपराध मामले में शाहबाग आंदोलन से जुड़ी हैं। श्रीलंका में तमिलों को लोकतांत्रित अधिकार नहीं है और उनके खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। इस स्थिति को रोकने के उपाय होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम भी सरकार में थे लेकिन खुदरा क्षेत्र में एफडीआई और डीजल की कीमतों में वृद्धि के मुद्दे पर हम बाहर हो गए। साथ ही सवाल किया कि द्रमुक की क्या मजबूरी है?
माकपा के पीआर नटराजन ने कहा कि श्रीलंका में लिट्टे के साथ युद्ध के दौरान बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। भाकपा के पी लिंगम ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों ने समानता के अधिकार लिए संघर्ष किया जो बाद में आतंकवाद के रूप में बदल गया। श्रीलंका सरकार के रवैये के कारण हालात खराब हुए।टिप्पणियां
बीजद के भृतुहरि महताब ने प्रभाकरण के बेटे के मारे जाने पर सवाल करते हुए कहा कि क्या श्रीलंकाई सेना को आशंका थी कि 15-20 साल बाद बेटा अपने पिता की राह पर चल पड़ेगा? क्या प्रभाकरण के बेटे की मौत गोलीबारी में हुई? अगर वह जिन्दा है तो श्रीलंकाई सेना उसे सामने क्यों नहीं लाती? जदयु के शरद यादव और राजद के लालू प्रसाद ने श्रीलंकाई तमिलों की दुर्दशा पर अन्य सदस्यों द्वारा व्यक्त विचारों का समर्थन किया।
चर्चा में एमडीएमके के ए गणेशमूर्ति, वीसीके के तिरुमा वलवन, जेवीएम-पी के अजय कुमार और निर्दलीय तरुण मंडल ने भी हिस्सा लिया।
इससे पहले, श्रीलंका में तमिलों की दुर्दशा के संबंध में लोकसभा में आज सदस्यों ने गंभीर चिंता जाहिर करते हुए केंद्र सरकार से जानना चाहा कि वह श्रीलंकाई तमिलों को उनके जायज अधिकार दिलाने के लिए खुद के और विश्व के स्तर पर क्या कदम उठा रही है।
लोकसभा में आज श्रीलंका में तमिलों की दुर्दशा पर विशेष चर्चा की शुरुआत करते हुए द्रमुक के टीआर बालू ने कहा कि ऐसा भ्रम फैला हुआ है कि भारत सरकार श्रीलंकाई तमिलों के लिए खास कुछ नहीं कर रही है और सरकार अपने कार्यों से इस गलतफहमी को दूर करे।
उन्होंने सरकार से जानना चाहा कि श्रीलंकाई तमिलों के अधिकारों और उनके मानवाधिकारों की रक्षा के लिए वह ‘न्यूनतम’ क्या करना चाहती है। उन्होंने कहा कि पिछले चार सालों से श्रीलंका में रह रहे तमिल तबाह हो गए हैं और श्रीलंकाई सेना के आक्रमण में 40 हजार से अधिक तमिलों का नरसंहार हुआ है।
बालू ने कहा कि तमिल भाषा, संस्कृति और नस्ल सबको विलुप्त करने का श्रीलंका में अभियान चल रहा है। इसे रोके जाने की सख्त जरूरत है।
उन्होंने कहा कि श्रीलंकाई सेना द्वारा वहां के तमिलों के खिलाफ चलाए गए युद्ध में 90 हजार तमिल महिलाएं विधवा हुई हैं और दो लाख से अधिक लोग लापता हैं। यह पता लगाया जाना चाहिए कि इन दो लाख लोगों का क्या हुआ।
द्रमुक नेता ने कहा कि इसके अलावा श्रीलंकाई सेना और सरकार के दमन के चलते एक लाख 30 हजार से अधिक श्रीलंकाई तमिल अपने देश से पलायन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि श्रीलंका के तथाकथित महिला सुरक्षा शिविरों में महिलाओं का बुरा हाल है और उनका हर तरह का शोषण किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि श्रीलंकाई तमिल महिलाओं और पुरुषों का यौन शोषण हो रहा है। उन्होंने कहा कि बोस्नियाई महिलाओं के साथ सर्ब सेना ने जो वीभत्स कृत्य किया था, कुछ वैसा ही श्रीलंकाई सेना अपने यहां की तमिल महिलाओं के साथ कर रही है।
यशवंत सिन्हा ने कहा कि भाजपा श्रीलंकाई तमिलों के लिए अलग राष्ट्र के पक्ष में नहीं है बल्कि वह तमिलों के नरसंहार के खिलाफ है और तमिलों को देश के भीतर समान अधिकार दिलाए जाने की पक्षधर है। सरकार को श्रीलंकाई तमिलों की समस्या के समाधान के लिए सात सूत्री सुझाव पत्र पेश करते हुए उन्होंने कहा कि सर्वप्रथम भारत सरकार को श्रीलंकाई सरकार से नार्दर्न प्रोविंस से सेना को तत्काल हटाए जाने की मांग करनी चाहिए।
सिन्हा ने कहा कि इसके साथ ही भारत लेसन लर्न्ट एंड रिकंसिलिएशन कमीशन की सिफारिशों को पूरी तरह लागू करवाने, 13वें संशोधन को लागू कराने, लिट्टे के खिलाफ निर्णायक युद्ध के दौरान हुए नरसंहारों की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों को सजा दिए जाने के लिए श्रीलंका सरकार पर दबाव बनाए।
भाजपा नेता ने इसके साथ ही कहा कि केंद्र सरकार न केवल संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पेश किए जाने वाले प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करे बल्कि उस प्रस्ताव का मसौदा तैयार करने में भी अग्रणी भूमिका निभाए।
केंद्र सरकार की विदेश नीति और खासकर पड़ोसी देशों के संबंध में अपनायी जा रही नीति पर भी उन्होंने सवाल खड़ा किया। उन्होंने श्रीलंका में चीन की भूमिका मजबूत होने की आशंका के चलते पड़ोसी देश पर प्रतिबंध नहीं लगाने के रुख पर कहा, केंद्र सरकार को पड़ोसियों और विश्व को यह संदेश देना चाहिए कि श्रीलंका और भारत के संबंधों में हस्तक्षेप किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
केंद्र सरकार को विदेश नीति के मामले में असहाय बताते हुए सिन्हा ने कहा कि विदेश नीति डर से नहीं आत्मविश्वास की ताकत से चलती है, इकबाल से चलती है और आज सरकार का इकबाल खत्म हो गया है। हमारे पड़ोसी मुल्क तक हमारी बात सुनने को तैयार नहीं हैं।
अन्नाद्रमुक के एम थम्बीदुरई ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों की दुर्दशा, उनके साथ दुर्व्यवहार एवं हत्या और उन्हें संविधान के तहत कोई अधिकार नहीं दिया जाना अत्यंत गंभीर मामला है। उन्होंने जानना चाहा कि तमिलों के हितों से संबंधित राजीव-जयवर्धने समझौते पर अमल करने के लिए क्या किया जा रहा है और अब तक इसे क्यों लागू नहीं किया जा सका।
संप्रग सरकार की घटक द्रमुक पर निशाना साधते हुए थम्बीदुरई ने कहा कि राजग से लेकर संप्रग तक 15 वर्षों से द्रमुक केंद्र में सत्ता में है लेकिन इस विषय को सुलझाया नहीं जा सका। उन्होंने कहा कि कावेरी मुद्दे पर अन्नाद्रमुक राजग सरकार से अलग हो गई थी क्या इनमें (द्रमुक) में ऐसा साहस है?
सरकार को बाहर से समर्थन दे रही सपा के मुलायम सिंह यादव ने कहा कि श्रीलंका में छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं और हमारी विदेश नीति मुश्किल में है। ‘‘प्रारंभ से ही हमारी विदेश नीति यह थी कि दुनिया में जहां कहीं भी मानवाधिकारों का उल्लंघन हो, वहां भारत चुप नहीं रहेगा। लेकिन आज हम चुप हैं और हमारी विदेश नीति आगे नहीं बढ़ रही है।’’ उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया और इस बात पर भी विचार नहीं किया जा रहा है कि अच्छे और पुराने संबंध होने के बावजूद आज श्रीलंका से हमारे संबंध खराब क्यों हो रहे हैं और चीन क्यों बढ़ रहा है। सरकार बताए कि क्या आज दुनिया में भारत का एक भी मित्र देश है? मुलायम ने कहा, ‘‘सोनियाजी आज चुप क्यों है? आपका इन पर (सरकार पर) नियंत्रण है। आपकी बात ये नहीं काट सकते हैं। इन्हें बुलाएं और पूछें।’’
कांग्रेस के केएस अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों को जिस प्रकार से प्रताड़ित किया जा रहा है और उनके साथ जैसा अत्याचार हो रहा है, वह अत्यंत निंदनीय है। भारत को तमिलों की स्थिति पर संज्ञान लेना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र में श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन करना चाहिए।
अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका के तमिलों की समस्या का निपटारा करने का एकमात्र स्रोत भारत है और भारत ने इस दिशा में पूर्व में पहल भी की है। तमिलों की समस्याओं के समाधान के लिए राजीव-जयवर्धने समझौता एकमात्र रास्ता है। बसपा के दारा सिंह चौहान ने कहा कि श्रीलंका में मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और तमिलों के खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है। श्रीलंका में एक वर्ग विशेष को सुनियोजित ढंग से समाप्त करने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इन घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए इन्हें रोकने की पहल करनी चाहिए।
जदयु के जगदीश शर्मा ने कहा कि तमिल हमारे भाई हैं और श्रीलंका के स्थायी निवासी हैं लेकिन उनके साथ दुर्व्यवहार और अत्याचार गंभीर विषय है जो हमारी विदेश नीति की कमी को दर्शाता है।
उन्होंने मांग की कि श्रीलंकाई तमिलों के नरसंहार की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच होनी चाहिए और इसके दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की व्यवस्था होनी चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि हम श्रीलंका के तमिलों की पीड़ा को समझ सकते हैं क्योंकि हमारी भावनाएं ढाका में बंगालियों से जुड़े युद्ध अपराध मामले में शाहबाग आंदोलन से जुड़ी हैं। श्रीलंका में तमिलों को लोकतांत्रित अधिकार नहीं है और उनके खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। इस स्थिति को रोकने के उपाय होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम भी सरकार में थे लेकिन खुदरा क्षेत्र में एफडीआई और डीजल की कीमतों में वृद्धि के मुद्दे पर हम बाहर हो गए। साथ ही सवाल किया कि द्रमुक की क्या मजबूरी है?
माकपा के पीआर नटराजन ने कहा कि श्रीलंका में लिट्टे के साथ युद्ध के दौरान बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। भाकपा के पी लिंगम ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों ने समानता के अधिकार लिए संघर्ष किया जो बाद में आतंकवाद के रूप में बदल गया। श्रीलंका सरकार के रवैये के कारण हालात खराब हुए।टिप्पणियां
बीजद के भृतुहरि महताब ने प्रभाकरण के बेटे के मारे जाने पर सवाल करते हुए कहा कि क्या श्रीलंकाई सेना को आशंका थी कि 15-20 साल बाद बेटा अपने पिता की राह पर चल पड़ेगा? क्या प्रभाकरण के बेटे की मौत गोलीबारी में हुई? अगर वह जिन्दा है तो श्रीलंकाई सेना उसे सामने क्यों नहीं लाती? जदयु के शरद यादव और राजद के लालू प्रसाद ने श्रीलंकाई तमिलों की दुर्दशा पर अन्य सदस्यों द्वारा व्यक्त विचारों का समर्थन किया।
चर्चा में एमडीएमके के ए गणेशमूर्ति, वीसीके के तिरुमा वलवन, जेवीएम-पी के अजय कुमार और निर्दलीय तरुण मंडल ने भी हिस्सा लिया।
लोकसभा में आज श्रीलंका में तमिलों की दुर्दशा पर विशेष चर्चा की शुरुआत करते हुए द्रमुक के टीआर बालू ने कहा कि ऐसा भ्रम फैला हुआ है कि भारत सरकार श्रीलंकाई तमिलों के लिए खास कुछ नहीं कर रही है और सरकार अपने कार्यों से इस गलतफहमी को दूर करे।
उन्होंने सरकार से जानना चाहा कि श्रीलंकाई तमिलों के अधिकारों और उनके मानवाधिकारों की रक्षा के लिए वह ‘न्यूनतम’ क्या करना चाहती है। उन्होंने कहा कि पिछले चार सालों से श्रीलंका में रह रहे तमिल तबाह हो गए हैं और श्रीलंकाई सेना के आक्रमण में 40 हजार से अधिक तमिलों का नरसंहार हुआ है।
बालू ने कहा कि तमिल भाषा, संस्कृति और नस्ल सबको विलुप्त करने का श्रीलंका में अभियान चल रहा है। इसे रोके जाने की सख्त जरूरत है।
उन्होंने कहा कि श्रीलंकाई सेना द्वारा वहां के तमिलों के खिलाफ चलाए गए युद्ध में 90 हजार तमिल महिलाएं विधवा हुई हैं और दो लाख से अधिक लोग लापता हैं। यह पता लगाया जाना चाहिए कि इन दो लाख लोगों का क्या हुआ।
द्रमुक नेता ने कहा कि इसके अलावा श्रीलंकाई सेना और सरकार के दमन के चलते एक लाख 30 हजार से अधिक श्रीलंकाई तमिल अपने देश से पलायन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि श्रीलंका के तथाकथित महिला सुरक्षा शिविरों में महिलाओं का बुरा हाल है और उनका हर तरह का शोषण किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि श्रीलंकाई तमिल महिलाओं और पुरुषों का यौन शोषण हो रहा है। उन्होंने कहा कि बोस्नियाई महिलाओं के साथ सर्ब सेना ने जो वीभत्स कृत्य किया था, कुछ वैसा ही श्रीलंकाई सेना अपने यहां की तमिल महिलाओं के साथ कर रही है।
यशवंत सिन्हा ने कहा कि भाजपा श्रीलंकाई तमिलों के लिए अलग राष्ट्र के पक्ष में नहीं है बल्कि वह तमिलों के नरसंहार के खिलाफ है और तमिलों को देश के भीतर समान अधिकार दिलाए जाने की पक्षधर है। सरकार को श्रीलंकाई तमिलों की समस्या के समाधान के लिए सात सूत्री सुझाव पत्र पेश करते हुए उन्होंने कहा कि सर्वप्रथम भारत सरकार को श्रीलंकाई सरकार से नार्दर्न प्रोविंस से सेना को तत्काल हटाए जाने की मांग करनी चाहिए।
सिन्हा ने कहा कि इसके साथ ही भारत लेसन लर्न्ट एंड रिकंसिलिएशन कमीशन की सिफारिशों को पूरी तरह लागू करवाने, 13वें संशोधन को लागू कराने, लिट्टे के खिलाफ निर्णायक युद्ध के दौरान हुए नरसंहारों की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों को सजा दिए जाने के लिए श्रीलंका सरकार पर दबाव बनाए।
भाजपा नेता ने इसके साथ ही कहा कि केंद्र सरकार न केवल संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पेश किए जाने वाले प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करे बल्कि उस प्रस्ताव का मसौदा तैयार करने में भी अग्रणी भूमिका निभाए।
केंद्र सरकार की विदेश नीति और खासकर पड़ोसी देशों के संबंध में अपनायी जा रही नीति पर भी उन्होंने सवाल खड़ा किया। उन्होंने श्रीलंका में चीन की भूमिका मजबूत होने की आशंका के चलते पड़ोसी देश पर प्रतिबंध नहीं लगाने के रुख पर कहा, केंद्र सरकार को पड़ोसियों और विश्व को यह संदेश देना चाहिए कि श्रीलंका और भारत के संबंधों में हस्तक्षेप किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
केंद्र सरकार को विदेश नीति के मामले में असहाय बताते हुए सिन्हा ने कहा कि विदेश नीति डर से नहीं आत्मविश्वास की ताकत से चलती है, इकबाल से चलती है और आज सरकार का इकबाल खत्म हो गया है। हमारे पड़ोसी मुल्क तक हमारी बात सुनने को तैयार नहीं हैं।
अन्नाद्रमुक के एम थम्बीदुरई ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों की दुर्दशा, उनके साथ दुर्व्यवहार एवं हत्या और उन्हें संविधान के तहत कोई अधिकार नहीं दिया जाना अत्यंत गंभीर मामला है। उन्होंने जानना चाहा कि तमिलों के हितों से संबंधित राजीव-जयवर्धने समझौते पर अमल करने के लिए क्या किया जा रहा है और अब तक इसे क्यों लागू नहीं किया जा सका।
संप्रग सरकार की घटक द्रमुक पर निशाना साधते हुए थम्बीदुरई ने कहा कि राजग से लेकर संप्रग तक 15 वर्षों से द्रमुक केंद्र में सत्ता में है लेकिन इस विषय को सुलझाया नहीं जा सका। उन्होंने कहा कि कावेरी मुद्दे पर अन्नाद्रमुक राजग सरकार से अलग हो गई थी क्या इनमें (द्रमुक) में ऐसा साहस है?
सरकार को बाहर से समर्थन दे रही सपा के मुलायम सिंह यादव ने कहा कि श्रीलंका में छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं और हमारी विदेश नीति मुश्किल में है। ‘‘प्रारंभ से ही हमारी विदेश नीति यह थी कि दुनिया में जहां कहीं भी मानवाधिकारों का उल्लंघन हो, वहां भारत चुप नहीं रहेगा। लेकिन आज हम चुप हैं और हमारी विदेश नीति आगे नहीं बढ़ रही है।’’ उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया और इस बात पर भी विचार नहीं किया जा रहा है कि अच्छे और पुराने संबंध होने के बावजूद आज श्रीलंका से हमारे संबंध खराब क्यों हो रहे हैं और चीन क्यों बढ़ रहा है। सरकार बताए कि क्या आज दुनिया में भारत का एक भी मित्र देश है? मुलायम ने कहा, ‘‘सोनियाजी आज चुप क्यों है? आपका इन पर (सरकार पर) नियंत्रण है। आपकी बात ये नहीं काट सकते हैं। इन्हें बुलाएं और पूछें।’’
कांग्रेस के केएस अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों को जिस प्रकार से प्रताड़ित किया जा रहा है और उनके साथ जैसा अत्याचार हो रहा है, वह अत्यंत निंदनीय है। भारत को तमिलों की स्थिति पर संज्ञान लेना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र में श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन करना चाहिए।
अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका के तमिलों की समस्या का निपटारा करने का एकमात्र स्रोत भारत है और भारत ने इस दिशा में पूर्व में पहल भी की है। तमिलों की समस्याओं के समाधान के लिए राजीव-जयवर्धने समझौता एकमात्र रास्ता है। बसपा के दारा सिंह चौहान ने कहा कि श्रीलंका में मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और तमिलों के खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है। श्रीलंका में एक वर्ग विशेष को सुनियोजित ढंग से समाप्त करने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इन घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए इन्हें रोकने की पहल करनी चाहिए।
जदयु के जगदीश शर्मा ने कहा कि तमिल हमारे भाई हैं और श्रीलंका के स्थायी निवासी हैं लेकिन उनके साथ दुर्व्यवहार और अत्याचार गंभीर विषय है जो हमारी विदेश नीति की कमी को दर्शाता है।
उन्होंने मांग की कि श्रीलंकाई तमिलों के नरसंहार की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच होनी चाहिए और इसके दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की व्यवस्था होनी चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि हम श्रीलंका के तमिलों की पीड़ा को समझ सकते हैं क्योंकि हमारी भावनाएं ढाका में बंगालियों से जुड़े युद्ध अपराध मामले में शाहबाग आंदोलन से जुड़ी हैं। श्रीलंका में तमिलों को लोकतांत्रित अधिकार नहीं है और उनके खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। इस स्थिति को रोकने के उपाय होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम भी सरकार में थे लेकिन खुदरा क्षेत्र में एफडीआई और डीजल की कीमतों में वृद्धि के मुद्दे पर हम बाहर हो गए। साथ ही सवाल किया कि द्रमुक की क्या मजबूरी है?
माकपा के पीआर नटराजन ने कहा कि श्रीलंका में लिट्टे के साथ युद्ध के दौरान बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। भाकपा के पी लिंगम ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों ने समानता के अधिकार लिए संघर्ष किया जो बाद में आतंकवाद के रूप में बदल गया। श्रीलंका सरकार के रवैये के कारण हालात खराब हुए।टिप्पणियां
बीजद के भृतुहरि महताब ने प्रभाकरण के बेटे के मारे जाने पर सवाल करते हुए कहा कि क्या श्रीलंकाई सेना को आशंका थी कि 15-20 साल बाद बेटा अपने पिता की राह पर चल पड़ेगा? क्या प्रभाकरण के बेटे की मौत गोलीबारी में हुई? अगर वह जिन्दा है तो श्रीलंकाई सेना उसे सामने क्यों नहीं लाती? जदयु के शरद यादव और राजद के लालू प्रसाद ने श्रीलंकाई तमिलों की दुर्दशा पर अन्य सदस्यों द्वारा व्यक्त विचारों का समर्थन किया।
चर्चा में एमडीएमके के ए गणेशमूर्ति, वीसीके के तिरुमा वलवन, जेवीएम-पी के अजय कुमार और निर्दलीय तरुण मंडल ने भी हिस्सा लिया।
उन्होंने सरकार से जानना चाहा कि श्रीलंकाई तमिलों के अधिकारों और उनके मानवाधिकारों की रक्षा के लिए वह ‘न्यूनतम’ क्या करना चाहती है। उन्होंने कहा कि पिछले चार सालों से श्रीलंका में रह रहे तमिल तबाह हो गए हैं और श्रीलंकाई सेना के आक्रमण में 40 हजार से अधिक तमिलों का नरसंहार हुआ है।
बालू ने कहा कि तमिल भाषा, संस्कृति और नस्ल सबको विलुप्त करने का श्रीलंका में अभियान चल रहा है। इसे रोके जाने की सख्त जरूरत है।
उन्होंने कहा कि श्रीलंकाई सेना द्वारा वहां के तमिलों के खिलाफ चलाए गए युद्ध में 90 हजार तमिल महिलाएं विधवा हुई हैं और दो लाख से अधिक लोग लापता हैं। यह पता लगाया जाना चाहिए कि इन दो लाख लोगों का क्या हुआ।
द्रमुक नेता ने कहा कि इसके अलावा श्रीलंकाई सेना और सरकार के दमन के चलते एक लाख 30 हजार से अधिक श्रीलंकाई तमिल अपने देश से पलायन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि श्रीलंका के तथाकथित महिला सुरक्षा शिविरों में महिलाओं का बुरा हाल है और उनका हर तरह का शोषण किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि श्रीलंकाई तमिल महिलाओं और पुरुषों का यौन शोषण हो रहा है। उन्होंने कहा कि बोस्नियाई महिलाओं के साथ सर्ब सेना ने जो वीभत्स कृत्य किया था, कुछ वैसा ही श्रीलंकाई सेना अपने यहां की तमिल महिलाओं के साथ कर रही है।
यशवंत सिन्हा ने कहा कि भाजपा श्रीलंकाई तमिलों के लिए अलग राष्ट्र के पक्ष में नहीं है बल्कि वह तमिलों के नरसंहार के खिलाफ है और तमिलों को देश के भीतर समान अधिकार दिलाए जाने की पक्षधर है। सरकार को श्रीलंकाई तमिलों की समस्या के समाधान के लिए सात सूत्री सुझाव पत्र पेश करते हुए उन्होंने कहा कि सर्वप्रथम भारत सरकार को श्रीलंकाई सरकार से नार्दर्न प्रोविंस से सेना को तत्काल हटाए जाने की मांग करनी चाहिए।
सिन्हा ने कहा कि इसके साथ ही भारत लेसन लर्न्ट एंड रिकंसिलिएशन कमीशन की सिफारिशों को पूरी तरह लागू करवाने, 13वें संशोधन को लागू कराने, लिट्टे के खिलाफ निर्णायक युद्ध के दौरान हुए नरसंहारों की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों को सजा दिए जाने के लिए श्रीलंका सरकार पर दबाव बनाए।
भाजपा नेता ने इसके साथ ही कहा कि केंद्र सरकार न केवल संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पेश किए जाने वाले प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करे बल्कि उस प्रस्ताव का मसौदा तैयार करने में भी अग्रणी भूमिका निभाए।
केंद्र सरकार की विदेश नीति और खासकर पड़ोसी देशों के संबंध में अपनायी जा रही नीति पर भी उन्होंने सवाल खड़ा किया। उन्होंने श्रीलंका में चीन की भूमिका मजबूत होने की आशंका के चलते पड़ोसी देश पर प्रतिबंध नहीं लगाने के रुख पर कहा, केंद्र सरकार को पड़ोसियों और विश्व को यह संदेश देना चाहिए कि श्रीलंका और भारत के संबंधों में हस्तक्षेप किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
केंद्र सरकार को विदेश नीति के मामले में असहाय बताते हुए सिन्हा ने कहा कि विदेश नीति डर से नहीं आत्मविश्वास की ताकत से चलती है, इकबाल से चलती है और आज सरकार का इकबाल खत्म हो गया है। हमारे पड़ोसी मुल्क तक हमारी बात सुनने को तैयार नहीं हैं।
अन्नाद्रमुक के एम थम्बीदुरई ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों की दुर्दशा, उनके साथ दुर्व्यवहार एवं हत्या और उन्हें संविधान के तहत कोई अधिकार नहीं दिया जाना अत्यंत गंभीर मामला है। उन्होंने जानना चाहा कि तमिलों के हितों से संबंधित राजीव-जयवर्धने समझौते पर अमल करने के लिए क्या किया जा रहा है और अब तक इसे क्यों लागू नहीं किया जा सका।
संप्रग सरकार की घटक द्रमुक पर निशाना साधते हुए थम्बीदुरई ने कहा कि राजग से लेकर संप्रग तक 15 वर्षों से द्रमुक केंद्र में सत्ता में है लेकिन इस विषय को सुलझाया नहीं जा सका। उन्होंने कहा कि कावेरी मुद्दे पर अन्नाद्रमुक राजग सरकार से अलग हो गई थी क्या इनमें (द्रमुक) में ऐसा साहस है?
सरकार को बाहर से समर्थन दे रही सपा के मुलायम सिंह यादव ने कहा कि श्रीलंका में छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं और हमारी विदेश नीति मुश्किल में है। ‘‘प्रारंभ से ही हमारी विदेश नीति यह थी कि दुनिया में जहां कहीं भी मानवाधिकारों का उल्लंघन हो, वहां भारत चुप नहीं रहेगा। लेकिन आज हम चुप हैं और हमारी विदेश नीति आगे नहीं बढ़ रही है।’’ उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया और इस बात पर भी विचार नहीं किया जा रहा है कि अच्छे और पुराने संबंध होने के बावजूद आज श्रीलंका से हमारे संबंध खराब क्यों हो रहे हैं और चीन क्यों बढ़ रहा है। सरकार बताए कि क्या आज दुनिया में भारत का एक भी मित्र देश है? मुलायम ने कहा, ‘‘सोनियाजी आज चुप क्यों है? आपका इन पर (सरकार पर) नियंत्रण है। आपकी बात ये नहीं काट सकते हैं। इन्हें बुलाएं और पूछें।’’
कांग्रेस के केएस अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों को जिस प्रकार से प्रताड़ित किया जा रहा है और उनके साथ जैसा अत्याचार हो रहा है, वह अत्यंत निंदनीय है। भारत को तमिलों की स्थिति पर संज्ञान लेना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र में श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन करना चाहिए।
अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका के तमिलों की समस्या का निपटारा करने का एकमात्र स्रोत भारत है और भारत ने इस दिशा में पूर्व में पहल भी की है। तमिलों की समस्याओं के समाधान के लिए राजीव-जयवर्धने समझौता एकमात्र रास्ता है। बसपा के दारा सिंह चौहान ने कहा कि श्रीलंका में मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और तमिलों के खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है। श्रीलंका में एक वर्ग विशेष को सुनियोजित ढंग से समाप्त करने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इन घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए इन्हें रोकने की पहल करनी चाहिए।
जदयु के जगदीश शर्मा ने कहा कि तमिल हमारे भाई हैं और श्रीलंका के स्थायी निवासी हैं लेकिन उनके साथ दुर्व्यवहार और अत्याचार गंभीर विषय है जो हमारी विदेश नीति की कमी को दर्शाता है।
उन्होंने मांग की कि श्रीलंकाई तमिलों के नरसंहार की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच होनी चाहिए और इसके दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की व्यवस्था होनी चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि हम श्रीलंका के तमिलों की पीड़ा को समझ सकते हैं क्योंकि हमारी भावनाएं ढाका में बंगालियों से जुड़े युद्ध अपराध मामले में शाहबाग आंदोलन से जुड़ी हैं। श्रीलंका में तमिलों को लोकतांत्रित अधिकार नहीं है और उनके खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। इस स्थिति को रोकने के उपाय होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम भी सरकार में थे लेकिन खुदरा क्षेत्र में एफडीआई और डीजल की कीमतों में वृद्धि के मुद्दे पर हम बाहर हो गए। साथ ही सवाल किया कि द्रमुक की क्या मजबूरी है?
माकपा के पीआर नटराजन ने कहा कि श्रीलंका में लिट्टे के साथ युद्ध के दौरान बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। भाकपा के पी लिंगम ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों ने समानता के अधिकार लिए संघर्ष किया जो बाद में आतंकवाद के रूप में बदल गया। श्रीलंका सरकार के रवैये के कारण हालात खराब हुए।टिप्पणियां
बीजद के भृतुहरि महताब ने प्रभाकरण के बेटे के मारे जाने पर सवाल करते हुए कहा कि क्या श्रीलंकाई सेना को आशंका थी कि 15-20 साल बाद बेटा अपने पिता की राह पर चल पड़ेगा? क्या प्रभाकरण के बेटे की मौत गोलीबारी में हुई? अगर वह जिन्दा है तो श्रीलंकाई सेना उसे सामने क्यों नहीं लाती? जदयु के शरद यादव और राजद के लालू प्रसाद ने श्रीलंकाई तमिलों की दुर्दशा पर अन्य सदस्यों द्वारा व्यक्त विचारों का समर्थन किया।
चर्चा में एमडीएमके के ए गणेशमूर्ति, वीसीके के तिरुमा वलवन, जेवीएम-पी के अजय कुमार और निर्दलीय तरुण मंडल ने भी हिस्सा लिया।
बालू ने कहा कि तमिल भाषा, संस्कृति और नस्ल सबको विलुप्त करने का श्रीलंका में अभियान चल रहा है। इसे रोके जाने की सख्त जरूरत है।
उन्होंने कहा कि श्रीलंकाई सेना द्वारा वहां के तमिलों के खिलाफ चलाए गए युद्ध में 90 हजार तमिल महिलाएं विधवा हुई हैं और दो लाख से अधिक लोग लापता हैं। यह पता लगाया जाना चाहिए कि इन दो लाख लोगों का क्या हुआ।
द्रमुक नेता ने कहा कि इसके अलावा श्रीलंकाई सेना और सरकार के दमन के चलते एक लाख 30 हजार से अधिक श्रीलंकाई तमिल अपने देश से पलायन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि श्रीलंका के तथाकथित महिला सुरक्षा शिविरों में महिलाओं का बुरा हाल है और उनका हर तरह का शोषण किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि श्रीलंकाई तमिल महिलाओं और पुरुषों का यौन शोषण हो रहा है। उन्होंने कहा कि बोस्नियाई महिलाओं के साथ सर्ब सेना ने जो वीभत्स कृत्य किया था, कुछ वैसा ही श्रीलंकाई सेना अपने यहां की तमिल महिलाओं के साथ कर रही है।
यशवंत सिन्हा ने कहा कि भाजपा श्रीलंकाई तमिलों के लिए अलग राष्ट्र के पक्ष में नहीं है बल्कि वह तमिलों के नरसंहार के खिलाफ है और तमिलों को देश के भीतर समान अधिकार दिलाए जाने की पक्षधर है। सरकार को श्रीलंकाई तमिलों की समस्या के समाधान के लिए सात सूत्री सुझाव पत्र पेश करते हुए उन्होंने कहा कि सर्वप्रथम भारत सरकार को श्रीलंकाई सरकार से नार्दर्न प्रोविंस से सेना को तत्काल हटाए जाने की मांग करनी चाहिए।
सिन्हा ने कहा कि इसके साथ ही भारत लेसन लर्न्ट एंड रिकंसिलिएशन कमीशन की सिफारिशों को पूरी तरह लागू करवाने, 13वें संशोधन को लागू कराने, लिट्टे के खिलाफ निर्णायक युद्ध के दौरान हुए नरसंहारों की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों को सजा दिए जाने के लिए श्रीलंका सरकार पर दबाव बनाए।
भाजपा नेता ने इसके साथ ही कहा कि केंद्र सरकार न केवल संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पेश किए जाने वाले प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करे बल्कि उस प्रस्ताव का मसौदा तैयार करने में भी अग्रणी भूमिका निभाए।
केंद्र सरकार की विदेश नीति और खासकर पड़ोसी देशों के संबंध में अपनायी जा रही नीति पर भी उन्होंने सवाल खड़ा किया। उन्होंने श्रीलंका में चीन की भूमिका मजबूत होने की आशंका के चलते पड़ोसी देश पर प्रतिबंध नहीं लगाने के रुख पर कहा, केंद्र सरकार को पड़ोसियों और विश्व को यह संदेश देना चाहिए कि श्रीलंका और भारत के संबंधों में हस्तक्षेप किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
केंद्र सरकार को विदेश नीति के मामले में असहाय बताते हुए सिन्हा ने कहा कि विदेश नीति डर से नहीं आत्मविश्वास की ताकत से चलती है, इकबाल से चलती है और आज सरकार का इकबाल खत्म हो गया है। हमारे पड़ोसी मुल्क तक हमारी बात सुनने को तैयार नहीं हैं।
अन्नाद्रमुक के एम थम्बीदुरई ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों की दुर्दशा, उनके साथ दुर्व्यवहार एवं हत्या और उन्हें संविधान के तहत कोई अधिकार नहीं दिया जाना अत्यंत गंभीर मामला है। उन्होंने जानना चाहा कि तमिलों के हितों से संबंधित राजीव-जयवर्धने समझौते पर अमल करने के लिए क्या किया जा रहा है और अब तक इसे क्यों लागू नहीं किया जा सका।
संप्रग सरकार की घटक द्रमुक पर निशाना साधते हुए थम्बीदुरई ने कहा कि राजग से लेकर संप्रग तक 15 वर्षों से द्रमुक केंद्र में सत्ता में है लेकिन इस विषय को सुलझाया नहीं जा सका। उन्होंने कहा कि कावेरी मुद्दे पर अन्नाद्रमुक राजग सरकार से अलग हो गई थी क्या इनमें (द्रमुक) में ऐसा साहस है?
सरकार को बाहर से समर्थन दे रही सपा के मुलायम सिंह यादव ने कहा कि श्रीलंका में छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं और हमारी विदेश नीति मुश्किल में है। ‘‘प्रारंभ से ही हमारी विदेश नीति यह थी कि दुनिया में जहां कहीं भी मानवाधिकारों का उल्लंघन हो, वहां भारत चुप नहीं रहेगा। लेकिन आज हम चुप हैं और हमारी विदेश नीति आगे नहीं बढ़ रही है।’’ उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया और इस बात पर भी विचार नहीं किया जा रहा है कि अच्छे और पुराने संबंध होने के बावजूद आज श्रीलंका से हमारे संबंध खराब क्यों हो रहे हैं और चीन क्यों बढ़ रहा है। सरकार बताए कि क्या आज दुनिया में भारत का एक भी मित्र देश है? मुलायम ने कहा, ‘‘सोनियाजी आज चुप क्यों है? आपका इन पर (सरकार पर) नियंत्रण है। आपकी बात ये नहीं काट सकते हैं। इन्हें बुलाएं और पूछें।’’
कांग्रेस के केएस अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों को जिस प्रकार से प्रताड़ित किया जा रहा है और उनके साथ जैसा अत्याचार हो रहा है, वह अत्यंत निंदनीय है। भारत को तमिलों की स्थिति पर संज्ञान लेना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र में श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन करना चाहिए।
अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका के तमिलों की समस्या का निपटारा करने का एकमात्र स्रोत भारत है और भारत ने इस दिशा में पूर्व में पहल भी की है। तमिलों की समस्याओं के समाधान के लिए राजीव-जयवर्धने समझौता एकमात्र रास्ता है। बसपा के दारा सिंह चौहान ने कहा कि श्रीलंका में मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और तमिलों के खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है। श्रीलंका में एक वर्ग विशेष को सुनियोजित ढंग से समाप्त करने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इन घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए इन्हें रोकने की पहल करनी चाहिए।
जदयु के जगदीश शर्मा ने कहा कि तमिल हमारे भाई हैं और श्रीलंका के स्थायी निवासी हैं लेकिन उनके साथ दुर्व्यवहार और अत्याचार गंभीर विषय है जो हमारी विदेश नीति की कमी को दर्शाता है।
उन्होंने मांग की कि श्रीलंकाई तमिलों के नरसंहार की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच होनी चाहिए और इसके दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की व्यवस्था होनी चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि हम श्रीलंका के तमिलों की पीड़ा को समझ सकते हैं क्योंकि हमारी भावनाएं ढाका में बंगालियों से जुड़े युद्ध अपराध मामले में शाहबाग आंदोलन से जुड़ी हैं। श्रीलंका में तमिलों को लोकतांत्रित अधिकार नहीं है और उनके खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। इस स्थिति को रोकने के उपाय होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम भी सरकार में थे लेकिन खुदरा क्षेत्र में एफडीआई और डीजल की कीमतों में वृद्धि के मुद्दे पर हम बाहर हो गए। साथ ही सवाल किया कि द्रमुक की क्या मजबूरी है?
माकपा के पीआर नटराजन ने कहा कि श्रीलंका में लिट्टे के साथ युद्ध के दौरान बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। भाकपा के पी लिंगम ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों ने समानता के अधिकार लिए संघर्ष किया जो बाद में आतंकवाद के रूप में बदल गया। श्रीलंका सरकार के रवैये के कारण हालात खराब हुए।टिप्पणियां
बीजद के भृतुहरि महताब ने प्रभाकरण के बेटे के मारे जाने पर सवाल करते हुए कहा कि क्या श्रीलंकाई सेना को आशंका थी कि 15-20 साल बाद बेटा अपने पिता की राह पर चल पड़ेगा? क्या प्रभाकरण के बेटे की मौत गोलीबारी में हुई? अगर वह जिन्दा है तो श्रीलंकाई सेना उसे सामने क्यों नहीं लाती? जदयु के शरद यादव और राजद के लालू प्रसाद ने श्रीलंकाई तमिलों की दुर्दशा पर अन्य सदस्यों द्वारा व्यक्त विचारों का समर्थन किया।
चर्चा में एमडीएमके के ए गणेशमूर्ति, वीसीके के तिरुमा वलवन, जेवीएम-पी के अजय कुमार और निर्दलीय तरुण मंडल ने भी हिस्सा लिया।
उन्होंने कहा कि श्रीलंकाई सेना द्वारा वहां के तमिलों के खिलाफ चलाए गए युद्ध में 90 हजार तमिल महिलाएं विधवा हुई हैं और दो लाख से अधिक लोग लापता हैं। यह पता लगाया जाना चाहिए कि इन दो लाख लोगों का क्या हुआ।
द्रमुक नेता ने कहा कि इसके अलावा श्रीलंकाई सेना और सरकार के दमन के चलते एक लाख 30 हजार से अधिक श्रीलंकाई तमिल अपने देश से पलायन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि श्रीलंका के तथाकथित महिला सुरक्षा शिविरों में महिलाओं का बुरा हाल है और उनका हर तरह का शोषण किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि श्रीलंकाई तमिल महिलाओं और पुरुषों का यौन शोषण हो रहा है। उन्होंने कहा कि बोस्नियाई महिलाओं के साथ सर्ब सेना ने जो वीभत्स कृत्य किया था, कुछ वैसा ही श्रीलंकाई सेना अपने यहां की तमिल महिलाओं के साथ कर रही है।
यशवंत सिन्हा ने कहा कि भाजपा श्रीलंकाई तमिलों के लिए अलग राष्ट्र के पक्ष में नहीं है बल्कि वह तमिलों के नरसंहार के खिलाफ है और तमिलों को देश के भीतर समान अधिकार दिलाए जाने की पक्षधर है। सरकार को श्रीलंकाई तमिलों की समस्या के समाधान के लिए सात सूत्री सुझाव पत्र पेश करते हुए उन्होंने कहा कि सर्वप्रथम भारत सरकार को श्रीलंकाई सरकार से नार्दर्न प्रोविंस से सेना को तत्काल हटाए जाने की मांग करनी चाहिए।
सिन्हा ने कहा कि इसके साथ ही भारत लेसन लर्न्ट एंड रिकंसिलिएशन कमीशन की सिफारिशों को पूरी तरह लागू करवाने, 13वें संशोधन को लागू कराने, लिट्टे के खिलाफ निर्णायक युद्ध के दौरान हुए नरसंहारों की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों को सजा दिए जाने के लिए श्रीलंका सरकार पर दबाव बनाए।
भाजपा नेता ने इसके साथ ही कहा कि केंद्र सरकार न केवल संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पेश किए जाने वाले प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करे बल्कि उस प्रस्ताव का मसौदा तैयार करने में भी अग्रणी भूमिका निभाए।
केंद्र सरकार की विदेश नीति और खासकर पड़ोसी देशों के संबंध में अपनायी जा रही नीति पर भी उन्होंने सवाल खड़ा किया। उन्होंने श्रीलंका में चीन की भूमिका मजबूत होने की आशंका के चलते पड़ोसी देश पर प्रतिबंध नहीं लगाने के रुख पर कहा, केंद्र सरकार को पड़ोसियों और विश्व को यह संदेश देना चाहिए कि श्रीलंका और भारत के संबंधों में हस्तक्षेप किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
केंद्र सरकार को विदेश नीति के मामले में असहाय बताते हुए सिन्हा ने कहा कि विदेश नीति डर से नहीं आत्मविश्वास की ताकत से चलती है, इकबाल से चलती है और आज सरकार का इकबाल खत्म हो गया है। हमारे पड़ोसी मुल्क तक हमारी बात सुनने को तैयार नहीं हैं।
अन्नाद्रमुक के एम थम्बीदुरई ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों की दुर्दशा, उनके साथ दुर्व्यवहार एवं हत्या और उन्हें संविधान के तहत कोई अधिकार नहीं दिया जाना अत्यंत गंभीर मामला है। उन्होंने जानना चाहा कि तमिलों के हितों से संबंधित राजीव-जयवर्धने समझौते पर अमल करने के लिए क्या किया जा रहा है और अब तक इसे क्यों लागू नहीं किया जा सका।
संप्रग सरकार की घटक द्रमुक पर निशाना साधते हुए थम्बीदुरई ने कहा कि राजग से लेकर संप्रग तक 15 वर्षों से द्रमुक केंद्र में सत्ता में है लेकिन इस विषय को सुलझाया नहीं जा सका। उन्होंने कहा कि कावेरी मुद्दे पर अन्नाद्रमुक राजग सरकार से अलग हो गई थी क्या इनमें (द्रमुक) में ऐसा साहस है?
सरकार को बाहर से समर्थन दे रही सपा के मुलायम सिंह यादव ने कहा कि श्रीलंका में छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं और हमारी विदेश नीति मुश्किल में है। ‘‘प्रारंभ से ही हमारी विदेश नीति यह थी कि दुनिया में जहां कहीं भी मानवाधिकारों का उल्लंघन हो, वहां भारत चुप नहीं रहेगा। लेकिन आज हम चुप हैं और हमारी विदेश नीति आगे नहीं बढ़ रही है।’’ उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया और इस बात पर भी विचार नहीं किया जा रहा है कि अच्छे और पुराने संबंध होने के बावजूद आज श्रीलंका से हमारे संबंध खराब क्यों हो रहे हैं और चीन क्यों बढ़ रहा है। सरकार बताए कि क्या आज दुनिया में भारत का एक भी मित्र देश है? मुलायम ने कहा, ‘‘सोनियाजी आज चुप क्यों है? आपका इन पर (सरकार पर) नियंत्रण है। आपकी बात ये नहीं काट सकते हैं। इन्हें बुलाएं और पूछें।’’
कांग्रेस के केएस अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों को जिस प्रकार से प्रताड़ित किया जा रहा है और उनके साथ जैसा अत्याचार हो रहा है, वह अत्यंत निंदनीय है। भारत को तमिलों की स्थिति पर संज्ञान लेना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र में श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन करना चाहिए।
अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका के तमिलों की समस्या का निपटारा करने का एकमात्र स्रोत भारत है और भारत ने इस दिशा में पूर्व में पहल भी की है। तमिलों की समस्याओं के समाधान के लिए राजीव-जयवर्धने समझौता एकमात्र रास्ता है। बसपा के दारा सिंह चौहान ने कहा कि श्रीलंका में मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और तमिलों के खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है। श्रीलंका में एक वर्ग विशेष को सुनियोजित ढंग से समाप्त करने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इन घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए इन्हें रोकने की पहल करनी चाहिए।
जदयु के जगदीश शर्मा ने कहा कि तमिल हमारे भाई हैं और श्रीलंका के स्थायी निवासी हैं लेकिन उनके साथ दुर्व्यवहार और अत्याचार गंभीर विषय है जो हमारी विदेश नीति की कमी को दर्शाता है।
उन्होंने मांग की कि श्रीलंकाई तमिलों के नरसंहार की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच होनी चाहिए और इसके दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की व्यवस्था होनी चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि हम श्रीलंका के तमिलों की पीड़ा को समझ सकते हैं क्योंकि हमारी भावनाएं ढाका में बंगालियों से जुड़े युद्ध अपराध मामले में शाहबाग आंदोलन से जुड़ी हैं। श्रीलंका में तमिलों को लोकतांत्रित अधिकार नहीं है और उनके खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। इस स्थिति को रोकने के उपाय होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम भी सरकार में थे लेकिन खुदरा क्षेत्र में एफडीआई और डीजल की कीमतों में वृद्धि के मुद्दे पर हम बाहर हो गए। साथ ही सवाल किया कि द्रमुक की क्या मजबूरी है?
माकपा के पीआर नटराजन ने कहा कि श्रीलंका में लिट्टे के साथ युद्ध के दौरान बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। भाकपा के पी लिंगम ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों ने समानता के अधिकार लिए संघर्ष किया जो बाद में आतंकवाद के रूप में बदल गया। श्रीलंका सरकार के रवैये के कारण हालात खराब हुए।टिप्पणियां
बीजद के भृतुहरि महताब ने प्रभाकरण के बेटे के मारे जाने पर सवाल करते हुए कहा कि क्या श्रीलंकाई सेना को आशंका थी कि 15-20 साल बाद बेटा अपने पिता की राह पर चल पड़ेगा? क्या प्रभाकरण के बेटे की मौत गोलीबारी में हुई? अगर वह जिन्दा है तो श्रीलंकाई सेना उसे सामने क्यों नहीं लाती? जदयु के शरद यादव और राजद के लालू प्रसाद ने श्रीलंकाई तमिलों की दुर्दशा पर अन्य सदस्यों द्वारा व्यक्त विचारों का समर्थन किया।
चर्चा में एमडीएमके के ए गणेशमूर्ति, वीसीके के तिरुमा वलवन, जेवीएम-पी के अजय कुमार और निर्दलीय तरुण मंडल ने भी हिस्सा लिया।
द्रमुक नेता ने कहा कि इसके अलावा श्रीलंकाई सेना और सरकार के दमन के चलते एक लाख 30 हजार से अधिक श्रीलंकाई तमिल अपने देश से पलायन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि श्रीलंका के तथाकथित महिला सुरक्षा शिविरों में महिलाओं का बुरा हाल है और उनका हर तरह का शोषण किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि श्रीलंकाई तमिल महिलाओं और पुरुषों का यौन शोषण हो रहा है। उन्होंने कहा कि बोस्नियाई महिलाओं के साथ सर्ब सेना ने जो वीभत्स कृत्य किया था, कुछ वैसा ही श्रीलंकाई सेना अपने यहां की तमिल महिलाओं के साथ कर रही है।
यशवंत सिन्हा ने कहा कि भाजपा श्रीलंकाई तमिलों के लिए अलग राष्ट्र के पक्ष में नहीं है बल्कि वह तमिलों के नरसंहार के खिलाफ है और तमिलों को देश के भीतर समान अधिकार दिलाए जाने की पक्षधर है। सरकार को श्रीलंकाई तमिलों की समस्या के समाधान के लिए सात सूत्री सुझाव पत्र पेश करते हुए उन्होंने कहा कि सर्वप्रथम भारत सरकार को श्रीलंकाई सरकार से नार्दर्न प्रोविंस से सेना को तत्काल हटाए जाने की मांग करनी चाहिए।
सिन्हा ने कहा कि इसके साथ ही भारत लेसन लर्न्ट एंड रिकंसिलिएशन कमीशन की सिफारिशों को पूरी तरह लागू करवाने, 13वें संशोधन को लागू कराने, लिट्टे के खिलाफ निर्णायक युद्ध के दौरान हुए नरसंहारों की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों को सजा दिए जाने के लिए श्रीलंका सरकार पर दबाव बनाए।
भाजपा नेता ने इसके साथ ही कहा कि केंद्र सरकार न केवल संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पेश किए जाने वाले प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करे बल्कि उस प्रस्ताव का मसौदा तैयार करने में भी अग्रणी भूमिका निभाए।
केंद्र सरकार की विदेश नीति और खासकर पड़ोसी देशों के संबंध में अपनायी जा रही नीति पर भी उन्होंने सवाल खड़ा किया। उन्होंने श्रीलंका में चीन की भूमिका मजबूत होने की आशंका के चलते पड़ोसी देश पर प्रतिबंध नहीं लगाने के रुख पर कहा, केंद्र सरकार को पड़ोसियों और विश्व को यह संदेश देना चाहिए कि श्रीलंका और भारत के संबंधों में हस्तक्षेप किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
केंद्र सरकार को विदेश नीति के मामले में असहाय बताते हुए सिन्हा ने कहा कि विदेश नीति डर से नहीं आत्मविश्वास की ताकत से चलती है, इकबाल से चलती है और आज सरकार का इकबाल खत्म हो गया है। हमारे पड़ोसी मुल्क तक हमारी बात सुनने को तैयार नहीं हैं।
अन्नाद्रमुक के एम थम्बीदुरई ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों की दुर्दशा, उनके साथ दुर्व्यवहार एवं हत्या और उन्हें संविधान के तहत कोई अधिकार नहीं दिया जाना अत्यंत गंभीर मामला है। उन्होंने जानना चाहा कि तमिलों के हितों से संबंधित राजीव-जयवर्धने समझौते पर अमल करने के लिए क्या किया जा रहा है और अब तक इसे क्यों लागू नहीं किया जा सका।
संप्रग सरकार की घटक द्रमुक पर निशाना साधते हुए थम्बीदुरई ने कहा कि राजग से लेकर संप्रग तक 15 वर्षों से द्रमुक केंद्र में सत्ता में है लेकिन इस विषय को सुलझाया नहीं जा सका। उन्होंने कहा कि कावेरी मुद्दे पर अन्नाद्रमुक राजग सरकार से अलग हो गई थी क्या इनमें (द्रमुक) में ऐसा साहस है?
सरकार को बाहर से समर्थन दे रही सपा के मुलायम सिंह यादव ने कहा कि श्रीलंका में छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं और हमारी विदेश नीति मुश्किल में है। ‘‘प्रारंभ से ही हमारी विदेश नीति यह थी कि दुनिया में जहां कहीं भी मानवाधिकारों का उल्लंघन हो, वहां भारत चुप नहीं रहेगा। लेकिन आज हम चुप हैं और हमारी विदेश नीति आगे नहीं बढ़ रही है।’’ उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया और इस बात पर भी विचार नहीं किया जा रहा है कि अच्छे और पुराने संबंध होने के बावजूद आज श्रीलंका से हमारे संबंध खराब क्यों हो रहे हैं और चीन क्यों बढ़ रहा है। सरकार बताए कि क्या आज दुनिया में भारत का एक भी मित्र देश है? मुलायम ने कहा, ‘‘सोनियाजी आज चुप क्यों है? आपका इन पर (सरकार पर) नियंत्रण है। आपकी बात ये नहीं काट सकते हैं। इन्हें बुलाएं और पूछें।’’
कांग्रेस के केएस अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों को जिस प्रकार से प्रताड़ित किया जा रहा है और उनके साथ जैसा अत्याचार हो रहा है, वह अत्यंत निंदनीय है। भारत को तमिलों की स्थिति पर संज्ञान लेना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र में श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन करना चाहिए।
अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका के तमिलों की समस्या का निपटारा करने का एकमात्र स्रोत भारत है और भारत ने इस दिशा में पूर्व में पहल भी की है। तमिलों की समस्याओं के समाधान के लिए राजीव-जयवर्धने समझौता एकमात्र रास्ता है। बसपा के दारा सिंह चौहान ने कहा कि श्रीलंका में मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और तमिलों के खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है। श्रीलंका में एक वर्ग विशेष को सुनियोजित ढंग से समाप्त करने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इन घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए इन्हें रोकने की पहल करनी चाहिए।
जदयु के जगदीश शर्मा ने कहा कि तमिल हमारे भाई हैं और श्रीलंका के स्थायी निवासी हैं लेकिन उनके साथ दुर्व्यवहार और अत्याचार गंभीर विषय है जो हमारी विदेश नीति की कमी को दर्शाता है।
उन्होंने मांग की कि श्रीलंकाई तमिलों के नरसंहार की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच होनी चाहिए और इसके दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की व्यवस्था होनी चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि हम श्रीलंका के तमिलों की पीड़ा को समझ सकते हैं क्योंकि हमारी भावनाएं ढाका में बंगालियों से जुड़े युद्ध अपराध मामले में शाहबाग आंदोलन से जुड़ी हैं। श्रीलंका में तमिलों को लोकतांत्रित अधिकार नहीं है और उनके खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। इस स्थिति को रोकने के उपाय होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम भी सरकार में थे लेकिन खुदरा क्षेत्र में एफडीआई और डीजल की कीमतों में वृद्धि के मुद्दे पर हम बाहर हो गए। साथ ही सवाल किया कि द्रमुक की क्या मजबूरी है?
माकपा के पीआर नटराजन ने कहा कि श्रीलंका में लिट्टे के साथ युद्ध के दौरान बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। भाकपा के पी लिंगम ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों ने समानता के अधिकार लिए संघर्ष किया जो बाद में आतंकवाद के रूप में बदल गया। श्रीलंका सरकार के रवैये के कारण हालात खराब हुए।टिप्पणियां
बीजद के भृतुहरि महताब ने प्रभाकरण के बेटे के मारे जाने पर सवाल करते हुए कहा कि क्या श्रीलंकाई सेना को आशंका थी कि 15-20 साल बाद बेटा अपने पिता की राह पर चल पड़ेगा? क्या प्रभाकरण के बेटे की मौत गोलीबारी में हुई? अगर वह जिन्दा है तो श्रीलंकाई सेना उसे सामने क्यों नहीं लाती? जदयु के शरद यादव और राजद के लालू प्रसाद ने श्रीलंकाई तमिलों की दुर्दशा पर अन्य सदस्यों द्वारा व्यक्त विचारों का समर्थन किया।
चर्चा में एमडीएमके के ए गणेशमूर्ति, वीसीके के तिरुमा वलवन, जेवीएम-पी के अजय कुमार और निर्दलीय तरुण मंडल ने भी हिस्सा लिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि श्रीलंकाई तमिल महिलाओं और पुरुषों का यौन शोषण हो रहा है। उन्होंने कहा कि बोस्नियाई महिलाओं के साथ सर्ब सेना ने जो वीभत्स कृत्य किया था, कुछ वैसा ही श्रीलंकाई सेना अपने यहां की तमिल महिलाओं के साथ कर रही है।
यशवंत सिन्हा ने कहा कि भाजपा श्रीलंकाई तमिलों के लिए अलग राष्ट्र के पक्ष में नहीं है बल्कि वह तमिलों के नरसंहार के खिलाफ है और तमिलों को देश के भीतर समान अधिकार दिलाए जाने की पक्षधर है। सरकार को श्रीलंकाई तमिलों की समस्या के समाधान के लिए सात सूत्री सुझाव पत्र पेश करते हुए उन्होंने कहा कि सर्वप्रथम भारत सरकार को श्रीलंकाई सरकार से नार्दर्न प्रोविंस से सेना को तत्काल हटाए जाने की मांग करनी चाहिए।
सिन्हा ने कहा कि इसके साथ ही भारत लेसन लर्न्ट एंड रिकंसिलिएशन कमीशन की सिफारिशों को पूरी तरह लागू करवाने, 13वें संशोधन को लागू कराने, लिट्टे के खिलाफ निर्णायक युद्ध के दौरान हुए नरसंहारों की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों को सजा दिए जाने के लिए श्रीलंका सरकार पर दबाव बनाए।
भाजपा नेता ने इसके साथ ही कहा कि केंद्र सरकार न केवल संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पेश किए जाने वाले प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करे बल्कि उस प्रस्ताव का मसौदा तैयार करने में भी अग्रणी भूमिका निभाए।
केंद्र सरकार की विदेश नीति और खासकर पड़ोसी देशों के संबंध में अपनायी जा रही नीति पर भी उन्होंने सवाल खड़ा किया। उन्होंने श्रीलंका में चीन की भूमिका मजबूत होने की आशंका के चलते पड़ोसी देश पर प्रतिबंध नहीं लगाने के रुख पर कहा, केंद्र सरकार को पड़ोसियों और विश्व को यह संदेश देना चाहिए कि श्रीलंका और भारत के संबंधों में हस्तक्षेप किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
केंद्र सरकार को विदेश नीति के मामले में असहाय बताते हुए सिन्हा ने कहा कि विदेश नीति डर से नहीं आत्मविश्वास की ताकत से चलती है, इकबाल से चलती है और आज सरकार का इकबाल खत्म हो गया है। हमारे पड़ोसी मुल्क तक हमारी बात सुनने को तैयार नहीं हैं।
अन्नाद्रमुक के एम थम्बीदुरई ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों की दुर्दशा, उनके साथ दुर्व्यवहार एवं हत्या और उन्हें संविधान के तहत कोई अधिकार नहीं दिया जाना अत्यंत गंभीर मामला है। उन्होंने जानना चाहा कि तमिलों के हितों से संबंधित राजीव-जयवर्धने समझौते पर अमल करने के लिए क्या किया जा रहा है और अब तक इसे क्यों लागू नहीं किया जा सका।
संप्रग सरकार की घटक द्रमुक पर निशाना साधते हुए थम्बीदुरई ने कहा कि राजग से लेकर संप्रग तक 15 वर्षों से द्रमुक केंद्र में सत्ता में है लेकिन इस विषय को सुलझाया नहीं जा सका। उन्होंने कहा कि कावेरी मुद्दे पर अन्नाद्रमुक राजग सरकार से अलग हो गई थी क्या इनमें (द्रमुक) में ऐसा साहस है?
सरकार को बाहर से समर्थन दे रही सपा के मुलायम सिंह यादव ने कहा कि श्रीलंका में छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं और हमारी विदेश नीति मुश्किल में है। ‘‘प्रारंभ से ही हमारी विदेश नीति यह थी कि दुनिया में जहां कहीं भी मानवाधिकारों का उल्लंघन हो, वहां भारत चुप नहीं रहेगा। लेकिन आज हम चुप हैं और हमारी विदेश नीति आगे नहीं बढ़ रही है।’’ उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया और इस बात पर भी विचार नहीं किया जा रहा है कि अच्छे और पुराने संबंध होने के बावजूद आज श्रीलंका से हमारे संबंध खराब क्यों हो रहे हैं और चीन क्यों बढ़ रहा है। सरकार बताए कि क्या आज दुनिया में भारत का एक भी मित्र देश है? मुलायम ने कहा, ‘‘सोनियाजी आज चुप क्यों है? आपका इन पर (सरकार पर) नियंत्रण है। आपकी बात ये नहीं काट सकते हैं। इन्हें बुलाएं और पूछें।’’
कांग्रेस के केएस अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों को जिस प्रकार से प्रताड़ित किया जा रहा है और उनके साथ जैसा अत्याचार हो रहा है, वह अत्यंत निंदनीय है। भारत को तमिलों की स्थिति पर संज्ञान लेना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र में श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन करना चाहिए।
अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका के तमिलों की समस्या का निपटारा करने का एकमात्र स्रोत भारत है और भारत ने इस दिशा में पूर्व में पहल भी की है। तमिलों की समस्याओं के समाधान के लिए राजीव-जयवर्धने समझौता एकमात्र रास्ता है। बसपा के दारा सिंह चौहान ने कहा कि श्रीलंका में मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और तमिलों के खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है। श्रीलंका में एक वर्ग विशेष को सुनियोजित ढंग से समाप्त करने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इन घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए इन्हें रोकने की पहल करनी चाहिए।
जदयु के जगदीश शर्मा ने कहा कि तमिल हमारे भाई हैं और श्रीलंका के स्थायी निवासी हैं लेकिन उनके साथ दुर्व्यवहार और अत्याचार गंभीर विषय है जो हमारी विदेश नीति की कमी को दर्शाता है।
उन्होंने मांग की कि श्रीलंकाई तमिलों के नरसंहार की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच होनी चाहिए और इसके दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की व्यवस्था होनी चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि हम श्रीलंका के तमिलों की पीड़ा को समझ सकते हैं क्योंकि हमारी भावनाएं ढाका में बंगालियों से जुड़े युद्ध अपराध मामले में शाहबाग आंदोलन से जुड़ी हैं। श्रीलंका में तमिलों को लोकतांत्रित अधिकार नहीं है और उनके खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। इस स्थिति को रोकने के उपाय होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम भी सरकार में थे लेकिन खुदरा क्षेत्र में एफडीआई और डीजल की कीमतों में वृद्धि के मुद्दे पर हम बाहर हो गए। साथ ही सवाल किया कि द्रमुक की क्या मजबूरी है?
माकपा के पीआर नटराजन ने कहा कि श्रीलंका में लिट्टे के साथ युद्ध के दौरान बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। भाकपा के पी लिंगम ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों ने समानता के अधिकार लिए संघर्ष किया जो बाद में आतंकवाद के रूप में बदल गया। श्रीलंका सरकार के रवैये के कारण हालात खराब हुए।टिप्पणियां
बीजद के भृतुहरि महताब ने प्रभाकरण के बेटे के मारे जाने पर सवाल करते हुए कहा कि क्या श्रीलंकाई सेना को आशंका थी कि 15-20 साल बाद बेटा अपने पिता की राह पर चल पड़ेगा? क्या प्रभाकरण के बेटे की मौत गोलीबारी में हुई? अगर वह जिन्दा है तो श्रीलंकाई सेना उसे सामने क्यों नहीं लाती? जदयु के शरद यादव और राजद के लालू प्रसाद ने श्रीलंकाई तमिलों की दुर्दशा पर अन्य सदस्यों द्वारा व्यक्त विचारों का समर्थन किया।
चर्चा में एमडीएमके के ए गणेशमूर्ति, वीसीके के तिरुमा वलवन, जेवीएम-पी के अजय कुमार और निर्दलीय तरुण मंडल ने भी हिस्सा लिया।
यशवंत सिन्हा ने कहा कि भाजपा श्रीलंकाई तमिलों के लिए अलग राष्ट्र के पक्ष में नहीं है बल्कि वह तमिलों के नरसंहार के खिलाफ है और तमिलों को देश के भीतर समान अधिकार दिलाए जाने की पक्षधर है। सरकार को श्रीलंकाई तमिलों की समस्या के समाधान के लिए सात सूत्री सुझाव पत्र पेश करते हुए उन्होंने कहा कि सर्वप्रथम भारत सरकार को श्रीलंकाई सरकार से नार्दर्न प्रोविंस से सेना को तत्काल हटाए जाने की मांग करनी चाहिए।
सिन्हा ने कहा कि इसके साथ ही भारत लेसन लर्न्ट एंड रिकंसिलिएशन कमीशन की सिफारिशों को पूरी तरह लागू करवाने, 13वें संशोधन को लागू कराने, लिट्टे के खिलाफ निर्णायक युद्ध के दौरान हुए नरसंहारों की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों को सजा दिए जाने के लिए श्रीलंका सरकार पर दबाव बनाए।
भाजपा नेता ने इसके साथ ही कहा कि केंद्र सरकार न केवल संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पेश किए जाने वाले प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करे बल्कि उस प्रस्ताव का मसौदा तैयार करने में भी अग्रणी भूमिका निभाए।
केंद्र सरकार की विदेश नीति और खासकर पड़ोसी देशों के संबंध में अपनायी जा रही नीति पर भी उन्होंने सवाल खड़ा किया। उन्होंने श्रीलंका में चीन की भूमिका मजबूत होने की आशंका के चलते पड़ोसी देश पर प्रतिबंध नहीं लगाने के रुख पर कहा, केंद्र सरकार को पड़ोसियों और विश्व को यह संदेश देना चाहिए कि श्रीलंका और भारत के संबंधों में हस्तक्षेप किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
केंद्र सरकार को विदेश नीति के मामले में असहाय बताते हुए सिन्हा ने कहा कि विदेश नीति डर से नहीं आत्मविश्वास की ताकत से चलती है, इकबाल से चलती है और आज सरकार का इकबाल खत्म हो गया है। हमारे पड़ोसी मुल्क तक हमारी बात सुनने को तैयार नहीं हैं।
अन्नाद्रमुक के एम थम्बीदुरई ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों की दुर्दशा, उनके साथ दुर्व्यवहार एवं हत्या और उन्हें संविधान के तहत कोई अधिकार नहीं दिया जाना अत्यंत गंभीर मामला है। उन्होंने जानना चाहा कि तमिलों के हितों से संबंधित राजीव-जयवर्धने समझौते पर अमल करने के लिए क्या किया जा रहा है और अब तक इसे क्यों लागू नहीं किया जा सका।
संप्रग सरकार की घटक द्रमुक पर निशाना साधते हुए थम्बीदुरई ने कहा कि राजग से लेकर संप्रग तक 15 वर्षों से द्रमुक केंद्र में सत्ता में है लेकिन इस विषय को सुलझाया नहीं जा सका। उन्होंने कहा कि कावेरी मुद्दे पर अन्नाद्रमुक राजग सरकार से अलग हो गई थी क्या इनमें (द्रमुक) में ऐसा साहस है?
सरकार को बाहर से समर्थन दे रही सपा के मुलायम सिंह यादव ने कहा कि श्रीलंका में छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं और हमारी विदेश नीति मुश्किल में है। ‘‘प्रारंभ से ही हमारी विदेश नीति यह थी कि दुनिया में जहां कहीं भी मानवाधिकारों का उल्लंघन हो, वहां भारत चुप नहीं रहेगा। लेकिन आज हम चुप हैं और हमारी विदेश नीति आगे नहीं बढ़ रही है।’’ उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया और इस बात पर भी विचार नहीं किया जा रहा है कि अच्छे और पुराने संबंध होने के बावजूद आज श्रीलंका से हमारे संबंध खराब क्यों हो रहे हैं और चीन क्यों बढ़ रहा है। सरकार बताए कि क्या आज दुनिया में भारत का एक भी मित्र देश है? मुलायम ने कहा, ‘‘सोनियाजी आज चुप क्यों है? आपका इन पर (सरकार पर) नियंत्रण है। आपकी बात ये नहीं काट सकते हैं। इन्हें बुलाएं और पूछें।’’
कांग्रेस के केएस अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों को जिस प्रकार से प्रताड़ित किया जा रहा है और उनके साथ जैसा अत्याचार हो रहा है, वह अत्यंत निंदनीय है। भारत को तमिलों की स्थिति पर संज्ञान लेना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र में श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन करना चाहिए।
अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका के तमिलों की समस्या का निपटारा करने का एकमात्र स्रोत भारत है और भारत ने इस दिशा में पूर्व में पहल भी की है। तमिलों की समस्याओं के समाधान के लिए राजीव-जयवर्धने समझौता एकमात्र रास्ता है। बसपा के दारा सिंह चौहान ने कहा कि श्रीलंका में मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और तमिलों के खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है। श्रीलंका में एक वर्ग विशेष को सुनियोजित ढंग से समाप्त करने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इन घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए इन्हें रोकने की पहल करनी चाहिए।
जदयु के जगदीश शर्मा ने कहा कि तमिल हमारे भाई हैं और श्रीलंका के स्थायी निवासी हैं लेकिन उनके साथ दुर्व्यवहार और अत्याचार गंभीर विषय है जो हमारी विदेश नीति की कमी को दर्शाता है।
उन्होंने मांग की कि श्रीलंकाई तमिलों के नरसंहार की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच होनी चाहिए और इसके दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की व्यवस्था होनी चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि हम श्रीलंका के तमिलों की पीड़ा को समझ सकते हैं क्योंकि हमारी भावनाएं ढाका में बंगालियों से जुड़े युद्ध अपराध मामले में शाहबाग आंदोलन से जुड़ी हैं। श्रीलंका में तमिलों को लोकतांत्रित अधिकार नहीं है और उनके खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। इस स्थिति को रोकने के उपाय होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम भी सरकार में थे लेकिन खुदरा क्षेत्र में एफडीआई और डीजल की कीमतों में वृद्धि के मुद्दे पर हम बाहर हो गए। साथ ही सवाल किया कि द्रमुक की क्या मजबूरी है?
माकपा के पीआर नटराजन ने कहा कि श्रीलंका में लिट्टे के साथ युद्ध के दौरान बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। भाकपा के पी लिंगम ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों ने समानता के अधिकार लिए संघर्ष किया जो बाद में आतंकवाद के रूप में बदल गया। श्रीलंका सरकार के रवैये के कारण हालात खराब हुए।टिप्पणियां
बीजद के भृतुहरि महताब ने प्रभाकरण के बेटे के मारे जाने पर सवाल करते हुए कहा कि क्या श्रीलंकाई सेना को आशंका थी कि 15-20 साल बाद बेटा अपने पिता की राह पर चल पड़ेगा? क्या प्रभाकरण के बेटे की मौत गोलीबारी में हुई? अगर वह जिन्दा है तो श्रीलंकाई सेना उसे सामने क्यों नहीं लाती? जदयु के शरद यादव और राजद के लालू प्रसाद ने श्रीलंकाई तमिलों की दुर्दशा पर अन्य सदस्यों द्वारा व्यक्त विचारों का समर्थन किया।
चर्चा में एमडीएमके के ए गणेशमूर्ति, वीसीके के तिरुमा वलवन, जेवीएम-पी के अजय कुमार और निर्दलीय तरुण मंडल ने भी हिस्सा लिया।
सिन्हा ने कहा कि इसके साथ ही भारत लेसन लर्न्ट एंड रिकंसिलिएशन कमीशन की सिफारिशों को पूरी तरह लागू करवाने, 13वें संशोधन को लागू कराने, लिट्टे के खिलाफ निर्णायक युद्ध के दौरान हुए नरसंहारों की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों को सजा दिए जाने के लिए श्रीलंका सरकार पर दबाव बनाए।
भाजपा नेता ने इसके साथ ही कहा कि केंद्र सरकार न केवल संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पेश किए जाने वाले प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करे बल्कि उस प्रस्ताव का मसौदा तैयार करने में भी अग्रणी भूमिका निभाए।
केंद्र सरकार की विदेश नीति और खासकर पड़ोसी देशों के संबंध में अपनायी जा रही नीति पर भी उन्होंने सवाल खड़ा किया। उन्होंने श्रीलंका में चीन की भूमिका मजबूत होने की आशंका के चलते पड़ोसी देश पर प्रतिबंध नहीं लगाने के रुख पर कहा, केंद्र सरकार को पड़ोसियों और विश्व को यह संदेश देना चाहिए कि श्रीलंका और भारत के संबंधों में हस्तक्षेप किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
केंद्र सरकार को विदेश नीति के मामले में असहाय बताते हुए सिन्हा ने कहा कि विदेश नीति डर से नहीं आत्मविश्वास की ताकत से चलती है, इकबाल से चलती है और आज सरकार का इकबाल खत्म हो गया है। हमारे पड़ोसी मुल्क तक हमारी बात सुनने को तैयार नहीं हैं।
अन्नाद्रमुक के एम थम्बीदुरई ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों की दुर्दशा, उनके साथ दुर्व्यवहार एवं हत्या और उन्हें संविधान के तहत कोई अधिकार नहीं दिया जाना अत्यंत गंभीर मामला है। उन्होंने जानना चाहा कि तमिलों के हितों से संबंधित राजीव-जयवर्धने समझौते पर अमल करने के लिए क्या किया जा रहा है और अब तक इसे क्यों लागू नहीं किया जा सका।
संप्रग सरकार की घटक द्रमुक पर निशाना साधते हुए थम्बीदुरई ने कहा कि राजग से लेकर संप्रग तक 15 वर्षों से द्रमुक केंद्र में सत्ता में है लेकिन इस विषय को सुलझाया नहीं जा सका। उन्होंने कहा कि कावेरी मुद्दे पर अन्नाद्रमुक राजग सरकार से अलग हो गई थी क्या इनमें (द्रमुक) में ऐसा साहस है?
सरकार को बाहर से समर्थन दे रही सपा के मुलायम सिंह यादव ने कहा कि श्रीलंका में छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं और हमारी विदेश नीति मुश्किल में है। ‘‘प्रारंभ से ही हमारी विदेश नीति यह थी कि दुनिया में जहां कहीं भी मानवाधिकारों का उल्लंघन हो, वहां भारत चुप नहीं रहेगा। लेकिन आज हम चुप हैं और हमारी विदेश नीति आगे नहीं बढ़ रही है।’’ उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया और इस बात पर भी विचार नहीं किया जा रहा है कि अच्छे और पुराने संबंध होने के बावजूद आज श्रीलंका से हमारे संबंध खराब क्यों हो रहे हैं और चीन क्यों बढ़ रहा है। सरकार बताए कि क्या आज दुनिया में भारत का एक भी मित्र देश है? मुलायम ने कहा, ‘‘सोनियाजी आज चुप क्यों है? आपका इन पर (सरकार पर) नियंत्रण है। आपकी बात ये नहीं काट सकते हैं। इन्हें बुलाएं और पूछें।’’
कांग्रेस के केएस अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों को जिस प्रकार से प्रताड़ित किया जा रहा है और उनके साथ जैसा अत्याचार हो रहा है, वह अत्यंत निंदनीय है। भारत को तमिलों की स्थिति पर संज्ञान लेना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र में श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन करना चाहिए।
अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका के तमिलों की समस्या का निपटारा करने का एकमात्र स्रोत भारत है और भारत ने इस दिशा में पूर्व में पहल भी की है। तमिलों की समस्याओं के समाधान के लिए राजीव-जयवर्धने समझौता एकमात्र रास्ता है। बसपा के दारा सिंह चौहान ने कहा कि श्रीलंका में मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और तमिलों के खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है। श्रीलंका में एक वर्ग विशेष को सुनियोजित ढंग से समाप्त करने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इन घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए इन्हें रोकने की पहल करनी चाहिए।
जदयु के जगदीश शर्मा ने कहा कि तमिल हमारे भाई हैं और श्रीलंका के स्थायी निवासी हैं लेकिन उनके साथ दुर्व्यवहार और अत्याचार गंभीर विषय है जो हमारी विदेश नीति की कमी को दर्शाता है।
उन्होंने मांग की कि श्रीलंकाई तमिलों के नरसंहार की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच होनी चाहिए और इसके दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की व्यवस्था होनी चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि हम श्रीलंका के तमिलों की पीड़ा को समझ सकते हैं क्योंकि हमारी भावनाएं ढाका में बंगालियों से जुड़े युद्ध अपराध मामले में शाहबाग आंदोलन से जुड़ी हैं। श्रीलंका में तमिलों को लोकतांत्रित अधिकार नहीं है और उनके खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। इस स्थिति को रोकने के उपाय होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम भी सरकार में थे लेकिन खुदरा क्षेत्र में एफडीआई और डीजल की कीमतों में वृद्धि के मुद्दे पर हम बाहर हो गए। साथ ही सवाल किया कि द्रमुक की क्या मजबूरी है?
माकपा के पीआर नटराजन ने कहा कि श्रीलंका में लिट्टे के साथ युद्ध के दौरान बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। भाकपा के पी लिंगम ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों ने समानता के अधिकार लिए संघर्ष किया जो बाद में आतंकवाद के रूप में बदल गया। श्रीलंका सरकार के रवैये के कारण हालात खराब हुए।टिप्पणियां
बीजद के भृतुहरि महताब ने प्रभाकरण के बेटे के मारे जाने पर सवाल करते हुए कहा कि क्या श्रीलंकाई सेना को आशंका थी कि 15-20 साल बाद बेटा अपने पिता की राह पर चल पड़ेगा? क्या प्रभाकरण के बेटे की मौत गोलीबारी में हुई? अगर वह जिन्दा है तो श्रीलंकाई सेना उसे सामने क्यों नहीं लाती? जदयु के शरद यादव और राजद के लालू प्रसाद ने श्रीलंकाई तमिलों की दुर्दशा पर अन्य सदस्यों द्वारा व्यक्त विचारों का समर्थन किया।
चर्चा में एमडीएमके के ए गणेशमूर्ति, वीसीके के तिरुमा वलवन, जेवीएम-पी के अजय कुमार और निर्दलीय तरुण मंडल ने भी हिस्सा लिया।
भाजपा नेता ने इसके साथ ही कहा कि केंद्र सरकार न केवल संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पेश किए जाने वाले प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करे बल्कि उस प्रस्ताव का मसौदा तैयार करने में भी अग्रणी भूमिका निभाए।
केंद्र सरकार की विदेश नीति और खासकर पड़ोसी देशों के संबंध में अपनायी जा रही नीति पर भी उन्होंने सवाल खड़ा किया। उन्होंने श्रीलंका में चीन की भूमिका मजबूत होने की आशंका के चलते पड़ोसी देश पर प्रतिबंध नहीं लगाने के रुख पर कहा, केंद्र सरकार को पड़ोसियों और विश्व को यह संदेश देना चाहिए कि श्रीलंका और भारत के संबंधों में हस्तक्षेप किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
केंद्र सरकार को विदेश नीति के मामले में असहाय बताते हुए सिन्हा ने कहा कि विदेश नीति डर से नहीं आत्मविश्वास की ताकत से चलती है, इकबाल से चलती है और आज सरकार का इकबाल खत्म हो गया है। हमारे पड़ोसी मुल्क तक हमारी बात सुनने को तैयार नहीं हैं।
अन्नाद्रमुक के एम थम्बीदुरई ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों की दुर्दशा, उनके साथ दुर्व्यवहार एवं हत्या और उन्हें संविधान के तहत कोई अधिकार नहीं दिया जाना अत्यंत गंभीर मामला है। उन्होंने जानना चाहा कि तमिलों के हितों से संबंधित राजीव-जयवर्धने समझौते पर अमल करने के लिए क्या किया जा रहा है और अब तक इसे क्यों लागू नहीं किया जा सका।
संप्रग सरकार की घटक द्रमुक पर निशाना साधते हुए थम्बीदुरई ने कहा कि राजग से लेकर संप्रग तक 15 वर्षों से द्रमुक केंद्र में सत्ता में है लेकिन इस विषय को सुलझाया नहीं जा सका। उन्होंने कहा कि कावेरी मुद्दे पर अन्नाद्रमुक राजग सरकार से अलग हो गई थी क्या इनमें (द्रमुक) में ऐसा साहस है?
सरकार को बाहर से समर्थन दे रही सपा के मुलायम सिंह यादव ने कहा कि श्रीलंका में छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं और हमारी विदेश नीति मुश्किल में है। ‘‘प्रारंभ से ही हमारी विदेश नीति यह थी कि दुनिया में जहां कहीं भी मानवाधिकारों का उल्लंघन हो, वहां भारत चुप नहीं रहेगा। लेकिन आज हम चुप हैं और हमारी विदेश नीति आगे नहीं बढ़ रही है।’’ उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया और इस बात पर भी विचार नहीं किया जा रहा है कि अच्छे और पुराने संबंध होने के बावजूद आज श्रीलंका से हमारे संबंध खराब क्यों हो रहे हैं और चीन क्यों बढ़ रहा है। सरकार बताए कि क्या आज दुनिया में भारत का एक भी मित्र देश है? मुलायम ने कहा, ‘‘सोनियाजी आज चुप क्यों है? आपका इन पर (सरकार पर) नियंत्रण है। आपकी बात ये नहीं काट सकते हैं। इन्हें बुलाएं और पूछें।’’
कांग्रेस के केएस अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों को जिस प्रकार से प्रताड़ित किया जा रहा है और उनके साथ जैसा अत्याचार हो रहा है, वह अत्यंत निंदनीय है। भारत को तमिलों की स्थिति पर संज्ञान लेना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र में श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन करना चाहिए।
अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका के तमिलों की समस्या का निपटारा करने का एकमात्र स्रोत भारत है और भारत ने इस दिशा में पूर्व में पहल भी की है। तमिलों की समस्याओं के समाधान के लिए राजीव-जयवर्धने समझौता एकमात्र रास्ता है। बसपा के दारा सिंह चौहान ने कहा कि श्रीलंका में मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और तमिलों के खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है। श्रीलंका में एक वर्ग विशेष को सुनियोजित ढंग से समाप्त करने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इन घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए इन्हें रोकने की पहल करनी चाहिए।
जदयु के जगदीश शर्मा ने कहा कि तमिल हमारे भाई हैं और श्रीलंका के स्थायी निवासी हैं लेकिन उनके साथ दुर्व्यवहार और अत्याचार गंभीर विषय है जो हमारी विदेश नीति की कमी को दर्शाता है।
उन्होंने मांग की कि श्रीलंकाई तमिलों के नरसंहार की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच होनी चाहिए और इसके दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की व्यवस्था होनी चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि हम श्रीलंका के तमिलों की पीड़ा को समझ सकते हैं क्योंकि हमारी भावनाएं ढाका में बंगालियों से जुड़े युद्ध अपराध मामले में शाहबाग आंदोलन से जुड़ी हैं। श्रीलंका में तमिलों को लोकतांत्रित अधिकार नहीं है और उनके खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। इस स्थिति को रोकने के उपाय होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम भी सरकार में थे लेकिन खुदरा क्षेत्र में एफडीआई और डीजल की कीमतों में वृद्धि के मुद्दे पर हम बाहर हो गए। साथ ही सवाल किया कि द्रमुक की क्या मजबूरी है?
माकपा के पीआर नटराजन ने कहा कि श्रीलंका में लिट्टे के साथ युद्ध के दौरान बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। भाकपा के पी लिंगम ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों ने समानता के अधिकार लिए संघर्ष किया जो बाद में आतंकवाद के रूप में बदल गया। श्रीलंका सरकार के रवैये के कारण हालात खराब हुए।टिप्पणियां
बीजद के भृतुहरि महताब ने प्रभाकरण के बेटे के मारे जाने पर सवाल करते हुए कहा कि क्या श्रीलंकाई सेना को आशंका थी कि 15-20 साल बाद बेटा अपने पिता की राह पर चल पड़ेगा? क्या प्रभाकरण के बेटे की मौत गोलीबारी में हुई? अगर वह जिन्दा है तो श्रीलंकाई सेना उसे सामने क्यों नहीं लाती? जदयु के शरद यादव और राजद के लालू प्रसाद ने श्रीलंकाई तमिलों की दुर्दशा पर अन्य सदस्यों द्वारा व्यक्त विचारों का समर्थन किया।
चर्चा में एमडीएमके के ए गणेशमूर्ति, वीसीके के तिरुमा वलवन, जेवीएम-पी के अजय कुमार और निर्दलीय तरुण मंडल ने भी हिस्सा लिया।
केंद्र सरकार की विदेश नीति और खासकर पड़ोसी देशों के संबंध में अपनायी जा रही नीति पर भी उन्होंने सवाल खड़ा किया। उन्होंने श्रीलंका में चीन की भूमिका मजबूत होने की आशंका के चलते पड़ोसी देश पर प्रतिबंध नहीं लगाने के रुख पर कहा, केंद्र सरकार को पड़ोसियों और विश्व को यह संदेश देना चाहिए कि श्रीलंका और भारत के संबंधों में हस्तक्षेप किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
केंद्र सरकार को विदेश नीति के मामले में असहाय बताते हुए सिन्हा ने कहा कि विदेश नीति डर से नहीं आत्मविश्वास की ताकत से चलती है, इकबाल से चलती है और आज सरकार का इकबाल खत्म हो गया है। हमारे पड़ोसी मुल्क तक हमारी बात सुनने को तैयार नहीं हैं।
अन्नाद्रमुक के एम थम्बीदुरई ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों की दुर्दशा, उनके साथ दुर्व्यवहार एवं हत्या और उन्हें संविधान के तहत कोई अधिकार नहीं दिया जाना अत्यंत गंभीर मामला है। उन्होंने जानना चाहा कि तमिलों के हितों से संबंधित राजीव-जयवर्धने समझौते पर अमल करने के लिए क्या किया जा रहा है और अब तक इसे क्यों लागू नहीं किया जा सका।
संप्रग सरकार की घटक द्रमुक पर निशाना साधते हुए थम्बीदुरई ने कहा कि राजग से लेकर संप्रग तक 15 वर्षों से द्रमुक केंद्र में सत्ता में है लेकिन इस विषय को सुलझाया नहीं जा सका। उन्होंने कहा कि कावेरी मुद्दे पर अन्नाद्रमुक राजग सरकार से अलग हो गई थी क्या इनमें (द्रमुक) में ऐसा साहस है?
सरकार को बाहर से समर्थन दे रही सपा के मुलायम सिंह यादव ने कहा कि श्रीलंका में छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं और हमारी विदेश नीति मुश्किल में है। ‘‘प्रारंभ से ही हमारी विदेश नीति यह थी कि दुनिया में जहां कहीं भी मानवाधिकारों का उल्लंघन हो, वहां भारत चुप नहीं रहेगा। लेकिन आज हम चुप हैं और हमारी विदेश नीति आगे नहीं बढ़ रही है।’’ उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया और इस बात पर भी विचार नहीं किया जा रहा है कि अच्छे और पुराने संबंध होने के बावजूद आज श्रीलंका से हमारे संबंध खराब क्यों हो रहे हैं और चीन क्यों बढ़ रहा है। सरकार बताए कि क्या आज दुनिया में भारत का एक भी मित्र देश है? मुलायम ने कहा, ‘‘सोनियाजी आज चुप क्यों है? आपका इन पर (सरकार पर) नियंत्रण है। आपकी बात ये नहीं काट सकते हैं। इन्हें बुलाएं और पूछें।’’
कांग्रेस के केएस अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों को जिस प्रकार से प्रताड़ित किया जा रहा है और उनके साथ जैसा अत्याचार हो रहा है, वह अत्यंत निंदनीय है। भारत को तमिलों की स्थिति पर संज्ञान लेना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र में श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन करना चाहिए।
अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका के तमिलों की समस्या का निपटारा करने का एकमात्र स्रोत भारत है और भारत ने इस दिशा में पूर्व में पहल भी की है। तमिलों की समस्याओं के समाधान के लिए राजीव-जयवर्धने समझौता एकमात्र रास्ता है। बसपा के दारा सिंह चौहान ने कहा कि श्रीलंका में मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और तमिलों के खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है। श्रीलंका में एक वर्ग विशेष को सुनियोजित ढंग से समाप्त करने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इन घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए इन्हें रोकने की पहल करनी चाहिए।
जदयु के जगदीश शर्मा ने कहा कि तमिल हमारे भाई हैं और श्रीलंका के स्थायी निवासी हैं लेकिन उनके साथ दुर्व्यवहार और अत्याचार गंभीर विषय है जो हमारी विदेश नीति की कमी को दर्शाता है।
उन्होंने मांग की कि श्रीलंकाई तमिलों के नरसंहार की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच होनी चाहिए और इसके दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की व्यवस्था होनी चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि हम श्रीलंका के तमिलों की पीड़ा को समझ सकते हैं क्योंकि हमारी भावनाएं ढाका में बंगालियों से जुड़े युद्ध अपराध मामले में शाहबाग आंदोलन से जुड़ी हैं। श्रीलंका में तमिलों को लोकतांत्रित अधिकार नहीं है और उनके खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। इस स्थिति को रोकने के उपाय होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम भी सरकार में थे लेकिन खुदरा क्षेत्र में एफडीआई और डीजल की कीमतों में वृद्धि के मुद्दे पर हम बाहर हो गए। साथ ही सवाल किया कि द्रमुक की क्या मजबूरी है?
माकपा के पीआर नटराजन ने कहा कि श्रीलंका में लिट्टे के साथ युद्ध के दौरान बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। भाकपा के पी लिंगम ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों ने समानता के अधिकार लिए संघर्ष किया जो बाद में आतंकवाद के रूप में बदल गया। श्रीलंका सरकार के रवैये के कारण हालात खराब हुए।टिप्पणियां
बीजद के भृतुहरि महताब ने प्रभाकरण के बेटे के मारे जाने पर सवाल करते हुए कहा कि क्या श्रीलंकाई सेना को आशंका थी कि 15-20 साल बाद बेटा अपने पिता की राह पर चल पड़ेगा? क्या प्रभाकरण के बेटे की मौत गोलीबारी में हुई? अगर वह जिन्दा है तो श्रीलंकाई सेना उसे सामने क्यों नहीं लाती? जदयु के शरद यादव और राजद के लालू प्रसाद ने श्रीलंकाई तमिलों की दुर्दशा पर अन्य सदस्यों द्वारा व्यक्त विचारों का समर्थन किया।
चर्चा में एमडीएमके के ए गणेशमूर्ति, वीसीके के तिरुमा वलवन, जेवीएम-पी के अजय कुमार और निर्दलीय तरुण मंडल ने भी हिस्सा लिया।
केंद्र सरकार को विदेश नीति के मामले में असहाय बताते हुए सिन्हा ने कहा कि विदेश नीति डर से नहीं आत्मविश्वास की ताकत से चलती है, इकबाल से चलती है और आज सरकार का इकबाल खत्म हो गया है। हमारे पड़ोसी मुल्क तक हमारी बात सुनने को तैयार नहीं हैं।
अन्नाद्रमुक के एम थम्बीदुरई ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों की दुर्दशा, उनके साथ दुर्व्यवहार एवं हत्या और उन्हें संविधान के तहत कोई अधिकार नहीं दिया जाना अत्यंत गंभीर मामला है। उन्होंने जानना चाहा कि तमिलों के हितों से संबंधित राजीव-जयवर्धने समझौते पर अमल करने के लिए क्या किया जा रहा है और अब तक इसे क्यों लागू नहीं किया जा सका।
संप्रग सरकार की घटक द्रमुक पर निशाना साधते हुए थम्बीदुरई ने कहा कि राजग से लेकर संप्रग तक 15 वर्षों से द्रमुक केंद्र में सत्ता में है लेकिन इस विषय को सुलझाया नहीं जा सका। उन्होंने कहा कि कावेरी मुद्दे पर अन्नाद्रमुक राजग सरकार से अलग हो गई थी क्या इनमें (द्रमुक) में ऐसा साहस है?
सरकार को बाहर से समर्थन दे रही सपा के मुलायम सिंह यादव ने कहा कि श्रीलंका में छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं और हमारी विदेश नीति मुश्किल में है। ‘‘प्रारंभ से ही हमारी विदेश नीति यह थी कि दुनिया में जहां कहीं भी मानवाधिकारों का उल्लंघन हो, वहां भारत चुप नहीं रहेगा। लेकिन आज हम चुप हैं और हमारी विदेश नीति आगे नहीं बढ़ रही है।’’ उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया और इस बात पर भी विचार नहीं किया जा रहा है कि अच्छे और पुराने संबंध होने के बावजूद आज श्रीलंका से हमारे संबंध खराब क्यों हो रहे हैं और चीन क्यों बढ़ रहा है। सरकार बताए कि क्या आज दुनिया में भारत का एक भी मित्र देश है? मुलायम ने कहा, ‘‘सोनियाजी आज चुप क्यों है? आपका इन पर (सरकार पर) नियंत्रण है। आपकी बात ये नहीं काट सकते हैं। इन्हें बुलाएं और पूछें।’’
कांग्रेस के केएस अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों को जिस प्रकार से प्रताड़ित किया जा रहा है और उनके साथ जैसा अत्याचार हो रहा है, वह अत्यंत निंदनीय है। भारत को तमिलों की स्थिति पर संज्ञान लेना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र में श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन करना चाहिए।
अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका के तमिलों की समस्या का निपटारा करने का एकमात्र स्रोत भारत है और भारत ने इस दिशा में पूर्व में पहल भी की है। तमिलों की समस्याओं के समाधान के लिए राजीव-जयवर्धने समझौता एकमात्र रास्ता है। बसपा के दारा सिंह चौहान ने कहा कि श्रीलंका में मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और तमिलों के खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है। श्रीलंका में एक वर्ग विशेष को सुनियोजित ढंग से समाप्त करने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इन घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए इन्हें रोकने की पहल करनी चाहिए।
जदयु के जगदीश शर्मा ने कहा कि तमिल हमारे भाई हैं और श्रीलंका के स्थायी निवासी हैं लेकिन उनके साथ दुर्व्यवहार और अत्याचार गंभीर विषय है जो हमारी विदेश नीति की कमी को दर्शाता है।
उन्होंने मांग की कि श्रीलंकाई तमिलों के नरसंहार की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच होनी चाहिए और इसके दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की व्यवस्था होनी चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि हम श्रीलंका के तमिलों की पीड़ा को समझ सकते हैं क्योंकि हमारी भावनाएं ढाका में बंगालियों से जुड़े युद्ध अपराध मामले में शाहबाग आंदोलन से जुड़ी हैं। श्रीलंका में तमिलों को लोकतांत्रित अधिकार नहीं है और उनके खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। इस स्थिति को रोकने के उपाय होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम भी सरकार में थे लेकिन खुदरा क्षेत्र में एफडीआई और डीजल की कीमतों में वृद्धि के मुद्दे पर हम बाहर हो गए। साथ ही सवाल किया कि द्रमुक की क्या मजबूरी है?
माकपा के पीआर नटराजन ने कहा कि श्रीलंका में लिट्टे के साथ युद्ध के दौरान बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। भाकपा के पी लिंगम ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों ने समानता के अधिकार लिए संघर्ष किया जो बाद में आतंकवाद के रूप में बदल गया। श्रीलंका सरकार के रवैये के कारण हालात खराब हुए।टिप्पणियां
बीजद के भृतुहरि महताब ने प्रभाकरण के बेटे के मारे जाने पर सवाल करते हुए कहा कि क्या श्रीलंकाई सेना को आशंका थी कि 15-20 साल बाद बेटा अपने पिता की राह पर चल पड़ेगा? क्या प्रभाकरण के बेटे की मौत गोलीबारी में हुई? अगर वह जिन्दा है तो श्रीलंकाई सेना उसे सामने क्यों नहीं लाती? जदयु के शरद यादव और राजद के लालू प्रसाद ने श्रीलंकाई तमिलों की दुर्दशा पर अन्य सदस्यों द्वारा व्यक्त विचारों का समर्थन किया।
चर्चा में एमडीएमके के ए गणेशमूर्ति, वीसीके के तिरुमा वलवन, जेवीएम-पी के अजय कुमार और निर्दलीय तरुण मंडल ने भी हिस्सा लिया।
अन्नाद्रमुक के एम थम्बीदुरई ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों की दुर्दशा, उनके साथ दुर्व्यवहार एवं हत्या और उन्हें संविधान के तहत कोई अधिकार नहीं दिया जाना अत्यंत गंभीर मामला है। उन्होंने जानना चाहा कि तमिलों के हितों से संबंधित राजीव-जयवर्धने समझौते पर अमल करने के लिए क्या किया जा रहा है और अब तक इसे क्यों लागू नहीं किया जा सका।
संप्रग सरकार की घटक द्रमुक पर निशाना साधते हुए थम्बीदुरई ने कहा कि राजग से लेकर संप्रग तक 15 वर्षों से द्रमुक केंद्र में सत्ता में है लेकिन इस विषय को सुलझाया नहीं जा सका। उन्होंने कहा कि कावेरी मुद्दे पर अन्नाद्रमुक राजग सरकार से अलग हो गई थी क्या इनमें (द्रमुक) में ऐसा साहस है?
सरकार को बाहर से समर्थन दे रही सपा के मुलायम सिंह यादव ने कहा कि श्रीलंका में छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं और हमारी विदेश नीति मुश्किल में है। ‘‘प्रारंभ से ही हमारी विदेश नीति यह थी कि दुनिया में जहां कहीं भी मानवाधिकारों का उल्लंघन हो, वहां भारत चुप नहीं रहेगा। लेकिन आज हम चुप हैं और हमारी विदेश नीति आगे नहीं बढ़ रही है।’’ उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया और इस बात पर भी विचार नहीं किया जा रहा है कि अच्छे और पुराने संबंध होने के बावजूद आज श्रीलंका से हमारे संबंध खराब क्यों हो रहे हैं और चीन क्यों बढ़ रहा है। सरकार बताए कि क्या आज दुनिया में भारत का एक भी मित्र देश है? मुलायम ने कहा, ‘‘सोनियाजी आज चुप क्यों है? आपका इन पर (सरकार पर) नियंत्रण है। आपकी बात ये नहीं काट सकते हैं। इन्हें बुलाएं और पूछें।’’
कांग्रेस के केएस अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों को जिस प्रकार से प्रताड़ित किया जा रहा है और उनके साथ जैसा अत्याचार हो रहा है, वह अत्यंत निंदनीय है। भारत को तमिलों की स्थिति पर संज्ञान लेना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र में श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन करना चाहिए।
अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका के तमिलों की समस्या का निपटारा करने का एकमात्र स्रोत भारत है और भारत ने इस दिशा में पूर्व में पहल भी की है। तमिलों की समस्याओं के समाधान के लिए राजीव-जयवर्धने समझौता एकमात्र रास्ता है। बसपा के दारा सिंह चौहान ने कहा कि श्रीलंका में मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और तमिलों के खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है। श्रीलंका में एक वर्ग विशेष को सुनियोजित ढंग से समाप्त करने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इन घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए इन्हें रोकने की पहल करनी चाहिए।
जदयु के जगदीश शर्मा ने कहा कि तमिल हमारे भाई हैं और श्रीलंका के स्थायी निवासी हैं लेकिन उनके साथ दुर्व्यवहार और अत्याचार गंभीर विषय है जो हमारी विदेश नीति की कमी को दर्शाता है।
उन्होंने मांग की कि श्रीलंकाई तमिलों के नरसंहार की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच होनी चाहिए और इसके दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की व्यवस्था होनी चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि हम श्रीलंका के तमिलों की पीड़ा को समझ सकते हैं क्योंकि हमारी भावनाएं ढाका में बंगालियों से जुड़े युद्ध अपराध मामले में शाहबाग आंदोलन से जुड़ी हैं। श्रीलंका में तमिलों को लोकतांत्रित अधिकार नहीं है और उनके खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। इस स्थिति को रोकने के उपाय होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम भी सरकार में थे लेकिन खुदरा क्षेत्र में एफडीआई और डीजल की कीमतों में वृद्धि के मुद्दे पर हम बाहर हो गए। साथ ही सवाल किया कि द्रमुक की क्या मजबूरी है?
माकपा के पीआर नटराजन ने कहा कि श्रीलंका में लिट्टे के साथ युद्ध के दौरान बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। भाकपा के पी लिंगम ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों ने समानता के अधिकार लिए संघर्ष किया जो बाद में आतंकवाद के रूप में बदल गया। श्रीलंका सरकार के रवैये के कारण हालात खराब हुए।टिप्पणियां
बीजद के भृतुहरि महताब ने प्रभाकरण के बेटे के मारे जाने पर सवाल करते हुए कहा कि क्या श्रीलंकाई सेना को आशंका थी कि 15-20 साल बाद बेटा अपने पिता की राह पर चल पड़ेगा? क्या प्रभाकरण के बेटे की मौत गोलीबारी में हुई? अगर वह जिन्दा है तो श्रीलंकाई सेना उसे सामने क्यों नहीं लाती? जदयु के शरद यादव और राजद के लालू प्रसाद ने श्रीलंकाई तमिलों की दुर्दशा पर अन्य सदस्यों द्वारा व्यक्त विचारों का समर्थन किया।
चर्चा में एमडीएमके के ए गणेशमूर्ति, वीसीके के तिरुमा वलवन, जेवीएम-पी के अजय कुमार और निर्दलीय तरुण मंडल ने भी हिस्सा लिया।
संप्रग सरकार की घटक द्रमुक पर निशाना साधते हुए थम्बीदुरई ने कहा कि राजग से लेकर संप्रग तक 15 वर्षों से द्रमुक केंद्र में सत्ता में है लेकिन इस विषय को सुलझाया नहीं जा सका। उन्होंने कहा कि कावेरी मुद्दे पर अन्नाद्रमुक राजग सरकार से अलग हो गई थी क्या इनमें (द्रमुक) में ऐसा साहस है?
सरकार को बाहर से समर्थन दे रही सपा के मुलायम सिंह यादव ने कहा कि श्रीलंका में छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं और हमारी विदेश नीति मुश्किल में है। ‘‘प्रारंभ से ही हमारी विदेश नीति यह थी कि दुनिया में जहां कहीं भी मानवाधिकारों का उल्लंघन हो, वहां भारत चुप नहीं रहेगा। लेकिन आज हम चुप हैं और हमारी विदेश नीति आगे नहीं बढ़ रही है।’’ उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया और इस बात पर भी विचार नहीं किया जा रहा है कि अच्छे और पुराने संबंध होने के बावजूद आज श्रीलंका से हमारे संबंध खराब क्यों हो रहे हैं और चीन क्यों बढ़ रहा है। सरकार बताए कि क्या आज दुनिया में भारत का एक भी मित्र देश है? मुलायम ने कहा, ‘‘सोनियाजी आज चुप क्यों है? आपका इन पर (सरकार पर) नियंत्रण है। आपकी बात ये नहीं काट सकते हैं। इन्हें बुलाएं और पूछें।’’
कांग्रेस के केएस अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों को जिस प्रकार से प्रताड़ित किया जा रहा है और उनके साथ जैसा अत्याचार हो रहा है, वह अत्यंत निंदनीय है। भारत को तमिलों की स्थिति पर संज्ञान लेना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र में श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन करना चाहिए।
अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका के तमिलों की समस्या का निपटारा करने का एकमात्र स्रोत भारत है और भारत ने इस दिशा में पूर्व में पहल भी की है। तमिलों की समस्याओं के समाधान के लिए राजीव-जयवर्धने समझौता एकमात्र रास्ता है। बसपा के दारा सिंह चौहान ने कहा कि श्रीलंका में मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और तमिलों के खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है। श्रीलंका में एक वर्ग विशेष को सुनियोजित ढंग से समाप्त करने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इन घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए इन्हें रोकने की पहल करनी चाहिए।
जदयु के जगदीश शर्मा ने कहा कि तमिल हमारे भाई हैं और श्रीलंका के स्थायी निवासी हैं लेकिन उनके साथ दुर्व्यवहार और अत्याचार गंभीर विषय है जो हमारी विदेश नीति की कमी को दर्शाता है।
उन्होंने मांग की कि श्रीलंकाई तमिलों के नरसंहार की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच होनी चाहिए और इसके दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की व्यवस्था होनी चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि हम श्रीलंका के तमिलों की पीड़ा को समझ सकते हैं क्योंकि हमारी भावनाएं ढाका में बंगालियों से जुड़े युद्ध अपराध मामले में शाहबाग आंदोलन से जुड़ी हैं। श्रीलंका में तमिलों को लोकतांत्रित अधिकार नहीं है और उनके खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। इस स्थिति को रोकने के उपाय होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम भी सरकार में थे लेकिन खुदरा क्षेत्र में एफडीआई और डीजल की कीमतों में वृद्धि के मुद्दे पर हम बाहर हो गए। साथ ही सवाल किया कि द्रमुक की क्या मजबूरी है?
माकपा के पीआर नटराजन ने कहा कि श्रीलंका में लिट्टे के साथ युद्ध के दौरान बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। भाकपा के पी लिंगम ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों ने समानता के अधिकार लिए संघर्ष किया जो बाद में आतंकवाद के रूप में बदल गया। श्रीलंका सरकार के रवैये के कारण हालात खराब हुए।टिप्पणियां
बीजद के भृतुहरि महताब ने प्रभाकरण के बेटे के मारे जाने पर सवाल करते हुए कहा कि क्या श्रीलंकाई सेना को आशंका थी कि 15-20 साल बाद बेटा अपने पिता की राह पर चल पड़ेगा? क्या प्रभाकरण के बेटे की मौत गोलीबारी में हुई? अगर वह जिन्दा है तो श्रीलंकाई सेना उसे सामने क्यों नहीं लाती? जदयु के शरद यादव और राजद के लालू प्रसाद ने श्रीलंकाई तमिलों की दुर्दशा पर अन्य सदस्यों द्वारा व्यक्त विचारों का समर्थन किया।
चर्चा में एमडीएमके के ए गणेशमूर्ति, वीसीके के तिरुमा वलवन, जेवीएम-पी के अजय कुमार और निर्दलीय तरुण मंडल ने भी हिस्सा लिया।
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कांग्रेस के केएस अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों को जिस प्रकार से प्रताड़ित किया जा रहा है और उनके साथ जैसा अत्याचार हो रहा है, वह अत्यंत निंदनीय है। भारत को तमिलों की स्थिति पर संज्ञान लेना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र में श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन करना चाहिए।
अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका के तमिलों की समस्या का निपटारा करने का एकमात्र स्रोत भारत है और भारत ने इस दिशा में पूर्व में पहल भी की है। तमिलों की समस्याओं के समाधान के लिए राजीव-जयवर्धने समझौता एकमात्र रास्ता है। बसपा के दारा सिंह चौहान ने कहा कि श्रीलंका में मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और तमिलों के खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है। श्रीलंका में एक वर्ग विशेष को सुनियोजित ढंग से समाप्त करने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इन घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए इन्हें रोकने की पहल करनी चाहिए।
जदयु के जगदीश शर्मा ने कहा कि तमिल हमारे भाई हैं और श्रीलंका के स्थायी निवासी हैं लेकिन उनके साथ दुर्व्यवहार और अत्याचार गंभीर विषय है जो हमारी विदेश नीति की कमी को दर्शाता है।
उन्होंने मांग की कि श्रीलंकाई तमिलों के नरसंहार की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच होनी चाहिए और इसके दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की व्यवस्था होनी चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि हम श्रीलंका के तमिलों की पीड़ा को समझ सकते हैं क्योंकि हमारी भावनाएं ढाका में बंगालियों से जुड़े युद्ध अपराध मामले में शाहबाग आंदोलन से जुड़ी हैं। श्रीलंका में तमिलों को लोकतांत्रित अधिकार नहीं है और उनके खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। इस स्थिति को रोकने के उपाय होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम भी सरकार में थे लेकिन खुदरा क्षेत्र में एफडीआई और डीजल की कीमतों में वृद्धि के मुद्दे पर हम बाहर हो गए। साथ ही सवाल किया कि द्रमुक की क्या मजबूरी है?
माकपा के पीआर नटराजन ने कहा कि श्रीलंका में लिट्टे के साथ युद्ध के दौरान बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। भाकपा के पी लिंगम ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों ने समानता के अधिकार लिए संघर्ष किया जो बाद में आतंकवाद के रूप में बदल गया। श्रीलंका सरकार के रवैये के कारण हालात खराब हुए।टिप्पणियां
बीजद के भृतुहरि महताब ने प्रभाकरण के बेटे के मारे जाने पर सवाल करते हुए कहा कि क्या श्रीलंकाई सेना को आशंका थी कि 15-20 साल बाद बेटा अपने पिता की राह पर चल पड़ेगा? क्या प्रभाकरण के बेटे की मौत गोलीबारी में हुई? अगर वह जिन्दा है तो श्रीलंकाई सेना उसे सामने क्यों नहीं लाती? जदयु के शरद यादव और राजद के लालू प्रसाद ने श्रीलंकाई तमिलों की दुर्दशा पर अन्य सदस्यों द्वारा व्यक्त विचारों का समर्थन किया।
चर्चा में एमडीएमके के ए गणेशमूर्ति, वीसीके के तिरुमा वलवन, जेवीएम-पी के अजय कुमार और निर्दलीय तरुण मंडल ने भी हिस्सा लिया।
कांग्रेस के केएस अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों को जिस प्रकार से प्रताड़ित किया जा रहा है और उनके साथ जैसा अत्याचार हो रहा है, वह अत्यंत निंदनीय है। भारत को तमिलों की स्थिति पर संज्ञान लेना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र में श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन करना चाहिए।
अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका के तमिलों की समस्या का निपटारा करने का एकमात्र स्रोत भारत है और भारत ने इस दिशा में पूर्व में पहल भी की है। तमिलों की समस्याओं के समाधान के लिए राजीव-जयवर्धने समझौता एकमात्र रास्ता है। बसपा के दारा सिंह चौहान ने कहा कि श्रीलंका में मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और तमिलों के खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है। श्रीलंका में एक वर्ग विशेष को सुनियोजित ढंग से समाप्त करने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इन घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए इन्हें रोकने की पहल करनी चाहिए।
जदयु के जगदीश शर्मा ने कहा कि तमिल हमारे भाई हैं और श्रीलंका के स्थायी निवासी हैं लेकिन उनके साथ दुर्व्यवहार और अत्याचार गंभीर विषय है जो हमारी विदेश नीति की कमी को दर्शाता है।
उन्होंने मांग की कि श्रीलंकाई तमिलों के नरसंहार की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच होनी चाहिए और इसके दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की व्यवस्था होनी चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि हम श्रीलंका के तमिलों की पीड़ा को समझ सकते हैं क्योंकि हमारी भावनाएं ढाका में बंगालियों से जुड़े युद्ध अपराध मामले में शाहबाग आंदोलन से जुड़ी हैं। श्रीलंका में तमिलों को लोकतांत्रित अधिकार नहीं है और उनके खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। इस स्थिति को रोकने के उपाय होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम भी सरकार में थे लेकिन खुदरा क्षेत्र में एफडीआई और डीजल की कीमतों में वृद्धि के मुद्दे पर हम बाहर हो गए। साथ ही सवाल किया कि द्रमुक की क्या मजबूरी है?
माकपा के पीआर नटराजन ने कहा कि श्रीलंका में लिट्टे के साथ युद्ध के दौरान बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। भाकपा के पी लिंगम ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों ने समानता के अधिकार लिए संघर्ष किया जो बाद में आतंकवाद के रूप में बदल गया। श्रीलंका सरकार के रवैये के कारण हालात खराब हुए।टिप्पणियां
बीजद के भृतुहरि महताब ने प्रभाकरण के बेटे के मारे जाने पर सवाल करते हुए कहा कि क्या श्रीलंकाई सेना को आशंका थी कि 15-20 साल बाद बेटा अपने पिता की राह पर चल पड़ेगा? क्या प्रभाकरण के बेटे की मौत गोलीबारी में हुई? अगर वह जिन्दा है तो श्रीलंकाई सेना उसे सामने क्यों नहीं लाती? जदयु के शरद यादव और राजद के लालू प्रसाद ने श्रीलंकाई तमिलों की दुर्दशा पर अन्य सदस्यों द्वारा व्यक्त विचारों का समर्थन किया।
चर्चा में एमडीएमके के ए गणेशमूर्ति, वीसीके के तिरुमा वलवन, जेवीएम-पी के अजय कुमार और निर्दलीय तरुण मंडल ने भी हिस्सा लिया।
अलागिरि ने कहा कि श्रीलंका के तमिलों की समस्या का निपटारा करने का एकमात्र स्रोत भारत है और भारत ने इस दिशा में पूर्व में पहल भी की है। तमिलों की समस्याओं के समाधान के लिए राजीव-जयवर्धने समझौता एकमात्र रास्ता है। बसपा के दारा सिंह चौहान ने कहा कि श्रीलंका में मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और तमिलों के खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है। श्रीलंका में एक वर्ग विशेष को सुनियोजित ढंग से समाप्त करने की कोशिश हो रही है।
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जदयु के जगदीश शर्मा ने कहा कि तमिल हमारे भाई हैं और श्रीलंका के स्थायी निवासी हैं लेकिन उनके साथ दुर्व्यवहार और अत्याचार गंभीर विषय है जो हमारी विदेश नीति की कमी को दर्शाता है।
उन्होंने मांग की कि श्रीलंकाई तमिलों के नरसंहार की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच होनी चाहिए और इसके दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की व्यवस्था होनी चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि हम श्रीलंका के तमिलों की पीड़ा को समझ सकते हैं क्योंकि हमारी भावनाएं ढाका में बंगालियों से जुड़े युद्ध अपराध मामले में शाहबाग आंदोलन से जुड़ी हैं। श्रीलंका में तमिलों को लोकतांत्रित अधिकार नहीं है और उनके खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। इस स्थिति को रोकने के उपाय होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम भी सरकार में थे लेकिन खुदरा क्षेत्र में एफडीआई और डीजल की कीमतों में वृद्धि के मुद्दे पर हम बाहर हो गए। साथ ही सवाल किया कि द्रमुक की क्या मजबूरी है?
माकपा के पीआर नटराजन ने कहा कि श्रीलंका में लिट्टे के साथ युद्ध के दौरान बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। भाकपा के पी लिंगम ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों ने समानता के अधिकार लिए संघर्ष किया जो बाद में आतंकवाद के रूप में बदल गया। श्रीलंका सरकार के रवैये के कारण हालात खराब हुए।टिप्पणियां
बीजद के भृतुहरि महताब ने प्रभाकरण के बेटे के मारे जाने पर सवाल करते हुए कहा कि क्या श्रीलंकाई सेना को आशंका थी कि 15-20 साल बाद बेटा अपने पिता की राह पर चल पड़ेगा? क्या प्रभाकरण के बेटे की मौत गोलीबारी में हुई? अगर वह जिन्दा है तो श्रीलंकाई सेना उसे सामने क्यों नहीं लाती? जदयु के शरद यादव और राजद के लालू प्रसाद ने श्रीलंकाई तमिलों की दुर्दशा पर अन्य सदस्यों द्वारा व्यक्त विचारों का समर्थन किया।
चर्चा में एमडीएमके के ए गणेशमूर्ति, वीसीके के तिरुमा वलवन, जेवीएम-पी के अजय कुमार और निर्दलीय तरुण मंडल ने भी हिस्सा लिया।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इन घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए इन्हें रोकने की पहल करनी चाहिए।
जदयु के जगदीश शर्मा ने कहा कि तमिल हमारे भाई हैं और श्रीलंका के स्थायी निवासी हैं लेकिन उनके साथ दुर्व्यवहार और अत्याचार गंभीर विषय है जो हमारी विदेश नीति की कमी को दर्शाता है।
उन्होंने मांग की कि श्रीलंकाई तमिलों के नरसंहार की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच होनी चाहिए और इसके दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की व्यवस्था होनी चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि हम श्रीलंका के तमिलों की पीड़ा को समझ सकते हैं क्योंकि हमारी भावनाएं ढाका में बंगालियों से जुड़े युद्ध अपराध मामले में शाहबाग आंदोलन से जुड़ी हैं। श्रीलंका में तमिलों को लोकतांत्रित अधिकार नहीं है और उनके खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। इस स्थिति को रोकने के उपाय होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम भी सरकार में थे लेकिन खुदरा क्षेत्र में एफडीआई और डीजल की कीमतों में वृद्धि के मुद्दे पर हम बाहर हो गए। साथ ही सवाल किया कि द्रमुक की क्या मजबूरी है?
माकपा के पीआर नटराजन ने कहा कि श्रीलंका में लिट्टे के साथ युद्ध के दौरान बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। भाकपा के पी लिंगम ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों ने समानता के अधिकार लिए संघर्ष किया जो बाद में आतंकवाद के रूप में बदल गया। श्रीलंका सरकार के रवैये के कारण हालात खराब हुए।टिप्पणियां
बीजद के भृतुहरि महताब ने प्रभाकरण के बेटे के मारे जाने पर सवाल करते हुए कहा कि क्या श्रीलंकाई सेना को आशंका थी कि 15-20 साल बाद बेटा अपने पिता की राह पर चल पड़ेगा? क्या प्रभाकरण के बेटे की मौत गोलीबारी में हुई? अगर वह जिन्दा है तो श्रीलंकाई सेना उसे सामने क्यों नहीं लाती? जदयु के शरद यादव और राजद के लालू प्रसाद ने श्रीलंकाई तमिलों की दुर्दशा पर अन्य सदस्यों द्वारा व्यक्त विचारों का समर्थन किया।
चर्चा में एमडीएमके के ए गणेशमूर्ति, वीसीके के तिरुमा वलवन, जेवीएम-पी के अजय कुमार और निर्दलीय तरुण मंडल ने भी हिस्सा लिया।
जदयु के जगदीश शर्मा ने कहा कि तमिल हमारे भाई हैं और श्रीलंका के स्थायी निवासी हैं लेकिन उनके साथ दुर्व्यवहार और अत्याचार गंभीर विषय है जो हमारी विदेश नीति की कमी को दर्शाता है।
उन्होंने मांग की कि श्रीलंकाई तमिलों के नरसंहार की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच होनी चाहिए और इसके दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की व्यवस्था होनी चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि हम श्रीलंका के तमिलों की पीड़ा को समझ सकते हैं क्योंकि हमारी भावनाएं ढाका में बंगालियों से जुड़े युद्ध अपराध मामले में शाहबाग आंदोलन से जुड़ी हैं। श्रीलंका में तमिलों को लोकतांत्रित अधिकार नहीं है और उनके खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। इस स्थिति को रोकने के उपाय होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम भी सरकार में थे लेकिन खुदरा क्षेत्र में एफडीआई और डीजल की कीमतों में वृद्धि के मुद्दे पर हम बाहर हो गए। साथ ही सवाल किया कि द्रमुक की क्या मजबूरी है?
माकपा के पीआर नटराजन ने कहा कि श्रीलंका में लिट्टे के साथ युद्ध के दौरान बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। भाकपा के पी लिंगम ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों ने समानता के अधिकार लिए संघर्ष किया जो बाद में आतंकवाद के रूप में बदल गया। श्रीलंका सरकार के रवैये के कारण हालात खराब हुए।टिप्पणियां
बीजद के भृतुहरि महताब ने प्रभाकरण के बेटे के मारे जाने पर सवाल करते हुए कहा कि क्या श्रीलंकाई सेना को आशंका थी कि 15-20 साल बाद बेटा अपने पिता की राह पर चल पड़ेगा? क्या प्रभाकरण के बेटे की मौत गोलीबारी में हुई? अगर वह जिन्दा है तो श्रीलंकाई सेना उसे सामने क्यों नहीं लाती? जदयु के शरद यादव और राजद के लालू प्रसाद ने श्रीलंकाई तमिलों की दुर्दशा पर अन्य सदस्यों द्वारा व्यक्त विचारों का समर्थन किया।
चर्चा में एमडीएमके के ए गणेशमूर्ति, वीसीके के तिरुमा वलवन, जेवीएम-पी के अजय कुमार और निर्दलीय तरुण मंडल ने भी हिस्सा लिया।
उन्होंने मांग की कि श्रीलंकाई तमिलों के नरसंहार की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच होनी चाहिए और इसके दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की व्यवस्था होनी चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि हम श्रीलंका के तमिलों की पीड़ा को समझ सकते हैं क्योंकि हमारी भावनाएं ढाका में बंगालियों से जुड़े युद्ध अपराध मामले में शाहबाग आंदोलन से जुड़ी हैं। श्रीलंका में तमिलों को लोकतांत्रित अधिकार नहीं है और उनके खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। इस स्थिति को रोकने के उपाय होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम भी सरकार में थे लेकिन खुदरा क्षेत्र में एफडीआई और डीजल की कीमतों में वृद्धि के मुद्दे पर हम बाहर हो गए। साथ ही सवाल किया कि द्रमुक की क्या मजबूरी है?
माकपा के पीआर नटराजन ने कहा कि श्रीलंका में लिट्टे के साथ युद्ध के दौरान बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। भाकपा के पी लिंगम ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों ने समानता के अधिकार लिए संघर्ष किया जो बाद में आतंकवाद के रूप में बदल गया। श्रीलंका सरकार के रवैये के कारण हालात खराब हुए।टिप्पणियां
बीजद के भृतुहरि महताब ने प्रभाकरण के बेटे के मारे जाने पर सवाल करते हुए कहा कि क्या श्रीलंकाई सेना को आशंका थी कि 15-20 साल बाद बेटा अपने पिता की राह पर चल पड़ेगा? क्या प्रभाकरण के बेटे की मौत गोलीबारी में हुई? अगर वह जिन्दा है तो श्रीलंकाई सेना उसे सामने क्यों नहीं लाती? जदयु के शरद यादव और राजद के लालू प्रसाद ने श्रीलंकाई तमिलों की दुर्दशा पर अन्य सदस्यों द्वारा व्यक्त विचारों का समर्थन किया।
चर्चा में एमडीएमके के ए गणेशमूर्ति, वीसीके के तिरुमा वलवन, जेवीएम-पी के अजय कुमार और निर्दलीय तरुण मंडल ने भी हिस्सा लिया।
तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि हम श्रीलंका के तमिलों की पीड़ा को समझ सकते हैं क्योंकि हमारी भावनाएं ढाका में बंगालियों से जुड़े युद्ध अपराध मामले में शाहबाग आंदोलन से जुड़ी हैं। श्रीलंका में तमिलों को लोकतांत्रित अधिकार नहीं है और उनके खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। इस स्थिति को रोकने के उपाय होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम भी सरकार में थे लेकिन खुदरा क्षेत्र में एफडीआई और डीजल की कीमतों में वृद्धि के मुद्दे पर हम बाहर हो गए। साथ ही सवाल किया कि द्रमुक की क्या मजबूरी है?
माकपा के पीआर नटराजन ने कहा कि श्रीलंका में लिट्टे के साथ युद्ध के दौरान बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। भाकपा के पी लिंगम ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों ने समानता के अधिकार लिए संघर्ष किया जो बाद में आतंकवाद के रूप में बदल गया। श्रीलंका सरकार के रवैये के कारण हालात खराब हुए।टिप्पणियां
बीजद के भृतुहरि महताब ने प्रभाकरण के बेटे के मारे जाने पर सवाल करते हुए कहा कि क्या श्रीलंकाई सेना को आशंका थी कि 15-20 साल बाद बेटा अपने पिता की राह पर चल पड़ेगा? क्या प्रभाकरण के बेटे की मौत गोलीबारी में हुई? अगर वह जिन्दा है तो श्रीलंकाई सेना उसे सामने क्यों नहीं लाती? जदयु के शरद यादव और राजद के लालू प्रसाद ने श्रीलंकाई तमिलों की दुर्दशा पर अन्य सदस्यों द्वारा व्यक्त विचारों का समर्थन किया।
चर्चा में एमडीएमके के ए गणेशमूर्ति, वीसीके के तिरुमा वलवन, जेवीएम-पी के अजय कुमार और निर्दलीय तरुण मंडल ने भी हिस्सा लिया।
उन्होंने कहा कि हम भी सरकार में थे लेकिन खुदरा क्षेत्र में एफडीआई और डीजल की कीमतों में वृद्धि के मुद्दे पर हम बाहर हो गए। साथ ही सवाल किया कि द्रमुक की क्या मजबूरी है?
माकपा के पीआर नटराजन ने कहा कि श्रीलंका में लिट्टे के साथ युद्ध के दौरान बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। भाकपा के पी लिंगम ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों ने समानता के अधिकार लिए संघर्ष किया जो बाद में आतंकवाद के रूप में बदल गया। श्रीलंका सरकार के रवैये के कारण हालात खराब हुए।टिप्पणियां
बीजद के भृतुहरि महताब ने प्रभाकरण के बेटे के मारे जाने पर सवाल करते हुए कहा कि क्या श्रीलंकाई सेना को आशंका थी कि 15-20 साल बाद बेटा अपने पिता की राह पर चल पड़ेगा? क्या प्रभाकरण के बेटे की मौत गोलीबारी में हुई? अगर वह जिन्दा है तो श्रीलंकाई सेना उसे सामने क्यों नहीं लाती? जदयु के शरद यादव और राजद के लालू प्रसाद ने श्रीलंकाई तमिलों की दुर्दशा पर अन्य सदस्यों द्वारा व्यक्त विचारों का समर्थन किया।
चर्चा में एमडीएमके के ए गणेशमूर्ति, वीसीके के तिरुमा वलवन, जेवीएम-पी के अजय कुमार और निर्दलीय तरुण मंडल ने भी हिस्सा लिया।
माकपा के पीआर नटराजन ने कहा कि श्रीलंका में लिट्टे के साथ युद्ध के दौरान बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। भाकपा के पी लिंगम ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों ने समानता के अधिकार लिए संघर्ष किया जो बाद में आतंकवाद के रूप में बदल गया। श्रीलंका सरकार के रवैये के कारण हालात खराब हुए।टिप्पणियां
बीजद के भृतुहरि महताब ने प्रभाकरण के बेटे के मारे जाने पर सवाल करते हुए कहा कि क्या श्रीलंकाई सेना को आशंका थी कि 15-20 साल बाद बेटा अपने पिता की राह पर चल पड़ेगा? क्या प्रभाकरण के बेटे की मौत गोलीबारी में हुई? अगर वह जिन्दा है तो श्रीलंकाई सेना उसे सामने क्यों नहीं लाती? जदयु के शरद यादव और राजद के लालू प्रसाद ने श्रीलंकाई तमिलों की दुर्दशा पर अन्य सदस्यों द्वारा व्यक्त विचारों का समर्थन किया।
चर्चा में एमडीएमके के ए गणेशमूर्ति, वीसीके के तिरुमा वलवन, जेवीएम-पी के अजय कुमार और निर्दलीय तरुण मंडल ने भी हिस्सा लिया।
बीजद के भृतुहरि महताब ने प्रभाकरण के बेटे के मारे जाने पर सवाल करते हुए कहा कि क्या श्रीलंकाई सेना को आशंका थी कि 15-20 साल बाद बेटा अपने पिता की राह पर चल पड़ेगा? क्या प्रभाकरण के बेटे की मौत गोलीबारी में हुई? अगर वह जिन्दा है तो श्रीलंकाई सेना उसे सामने क्यों नहीं लाती? जदयु के शरद यादव और राजद के लालू प्रसाद ने श्रीलंकाई तमिलों की दुर्दशा पर अन्य सदस्यों द्वारा व्यक्त विचारों का समर्थन किया।
चर्चा में एमडीएमके के ए गणेशमूर्ति, वीसीके के तिरुमा वलवन, जेवीएम-पी के अजय कुमार और निर्दलीय तरुण मंडल ने भी हिस्सा लिया।
चर्चा में एमडीएमके के ए गणेशमूर्ति, वीसीके के तिरुमा वलवन, जेवीएम-पी के अजय कुमार और निर्दलीय तरुण मंडल ने भी हिस्सा लिया। | सदन के सदस्य यह जानना चाहते थे कि सरकार श्रीलंकाई तमिलों को उनके जायज अधिकार दिलाने के लिए खुद के और विश्वस्तर पर क्या कदम उठा रही है। इस दौरान सदन में हंगामा हुआ और डीएमके और बीजेपी ने सदन से वॉकआउट किया। | 28 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सदी के महानतम क्रिकेट खिलाड़ी कपिल देव ने गुरुवार को यहां स्थित मैडम तुसाद वैक्स म्यूजियम के लिए अपने मोम के पुतले का उद्घाटन किया. कपिल का यह पुतला दिल्ली में इस साल के अंत में खुलने वाले मैडन तुसाद संग्रहालय की शोभा बढ़ाएगा. इस अवसर पर कपिल ने कहा कि वह अपने एक्शन से भरपूर पुतले को देखकर अभिभूत हैं और इस अनुभव को बयां करने के लिए उनके पास शब्द नहीं हैं. कपिल ने कहा, "यह मेरे लिए बिल्कुल नया अनुभव है. मेरे पास इसे बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं. मैने सोचा था कि मैडम तुसाद में यह सब कैसे होगा लेकिन जो परिणाम निकलकर सामने आया है, वह हैरतअंगेज है."
मैडम तुसाद वैक्स म्यूजियम पूरी दुनिया में स्थित हैं और अब यह दिल्ली में भी खुलेगा. इस म्यूजियम में 50 के करीब हस्तियों के पुतले लगाए जाएंगे, जिनमें से 60 फीदसी भारतीय हस्तियों के होंगे. भारतीय हस्तियों में सचिन तेंदुलकर, शाहरुख खान और अमिताभ बच्चन प्रमुख हैं. इसके अलावा कई विदेशी हस्तियां भी इस म्यूजियम की शोभा बढ़ाएंगी.
मैडम तुसाद वैक्स म्यूजिकम का मालिकना हक रखने वाली मर्लिन इंटरटेनमेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की भारतीय इकाई के प्रमुख अंशुल जैन ने कहा कि कपिल किसी परिचय के मोहताज नहीं. 1983 में भारत को विश्व कप दिलाने वाले कप्तान के तौर पर और भारत के सबसे अच्छे हरफनमौला खिलाड़ी के तौर पर वह दुनिया भर में मशहूर हैं और उन्हें उम्मीद है कि मैडम तुसाद में आम लोग उनकी मौजूदगी का भरपूर लुत्फ लेंगे और उन्हें करीब से जानने का मौका पाएंगे.
मै़डम तुसाद दिल्ली में भारतीय क्रिकेट खिलाड़ियों के अलावा अर्जेटीना के लिए खेलने वाले लियोनेल मेसी, इंग्लैंड के फुटबाल खिलाड़ी डेविड बेकहम भी खेल दीर्घा की शोभा बढ़ाएंगे. कपिल ने मैडम तुसाद वैक्स म्यूजियम को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि वह इस वैक्स म्यूजियम के खुलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.टिप्पणियां
इस मोम के पुतले लिए कपिल का करीब 200 अलग-अलग कोण से नाप लिया गया. कपिल से इस अनुभव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "पहले तो समझ नहीं आया कि ये लोग ऐसा करेंगे कैसे और जब नाप लेने का काम शुरू हुआ तो इन्होंने मेरे कपड़े तक उतरवा दिए. अब मेरा एक्शन सबके सामने है और इसे देखकर मैं भी हैरान हूं. इसकी खुबसूरती बेमिसाल है और मैं इस प्रयास के लिए मैडम तुसाद से जुड़े सभी कारीगरों को बधाई देता हूं."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मैडम तुसाद वैक्स म्यूजियम पूरी दुनिया में स्थित हैं और अब यह दिल्ली में भी खुलेगा. इस म्यूजियम में 50 के करीब हस्तियों के पुतले लगाए जाएंगे, जिनमें से 60 फीदसी भारतीय हस्तियों के होंगे. भारतीय हस्तियों में सचिन तेंदुलकर, शाहरुख खान और अमिताभ बच्चन प्रमुख हैं. इसके अलावा कई विदेशी हस्तियां भी इस म्यूजियम की शोभा बढ़ाएंगी.
मैडम तुसाद वैक्स म्यूजिकम का मालिकना हक रखने वाली मर्लिन इंटरटेनमेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की भारतीय इकाई के प्रमुख अंशुल जैन ने कहा कि कपिल किसी परिचय के मोहताज नहीं. 1983 में भारत को विश्व कप दिलाने वाले कप्तान के तौर पर और भारत के सबसे अच्छे हरफनमौला खिलाड़ी के तौर पर वह दुनिया भर में मशहूर हैं और उन्हें उम्मीद है कि मैडम तुसाद में आम लोग उनकी मौजूदगी का भरपूर लुत्फ लेंगे और उन्हें करीब से जानने का मौका पाएंगे.
मै़डम तुसाद दिल्ली में भारतीय क्रिकेट खिलाड़ियों के अलावा अर्जेटीना के लिए खेलने वाले लियोनेल मेसी, इंग्लैंड के फुटबाल खिलाड़ी डेविड बेकहम भी खेल दीर्घा की शोभा बढ़ाएंगे. कपिल ने मैडम तुसाद वैक्स म्यूजियम को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि वह इस वैक्स म्यूजियम के खुलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.टिप्पणियां
इस मोम के पुतले लिए कपिल का करीब 200 अलग-अलग कोण से नाप लिया गया. कपिल से इस अनुभव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "पहले तो समझ नहीं आया कि ये लोग ऐसा करेंगे कैसे और जब नाप लेने का काम शुरू हुआ तो इन्होंने मेरे कपड़े तक उतरवा दिए. अब मेरा एक्शन सबके सामने है और इसे देखकर मैं भी हैरान हूं. इसकी खुबसूरती बेमिसाल है और मैं इस प्रयास के लिए मैडम तुसाद से जुड़े सभी कारीगरों को बधाई देता हूं."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मैडम तुसाद वैक्स म्यूजिकम का मालिकना हक रखने वाली मर्लिन इंटरटेनमेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की भारतीय इकाई के प्रमुख अंशुल जैन ने कहा कि कपिल किसी परिचय के मोहताज नहीं. 1983 में भारत को विश्व कप दिलाने वाले कप्तान के तौर पर और भारत के सबसे अच्छे हरफनमौला खिलाड़ी के तौर पर वह दुनिया भर में मशहूर हैं और उन्हें उम्मीद है कि मैडम तुसाद में आम लोग उनकी मौजूदगी का भरपूर लुत्फ लेंगे और उन्हें करीब से जानने का मौका पाएंगे.
मै़डम तुसाद दिल्ली में भारतीय क्रिकेट खिलाड़ियों के अलावा अर्जेटीना के लिए खेलने वाले लियोनेल मेसी, इंग्लैंड के फुटबाल खिलाड़ी डेविड बेकहम भी खेल दीर्घा की शोभा बढ़ाएंगे. कपिल ने मैडम तुसाद वैक्स म्यूजियम को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि वह इस वैक्स म्यूजियम के खुलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.टिप्पणियां
इस मोम के पुतले लिए कपिल का करीब 200 अलग-अलग कोण से नाप लिया गया. कपिल से इस अनुभव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "पहले तो समझ नहीं आया कि ये लोग ऐसा करेंगे कैसे और जब नाप लेने का काम शुरू हुआ तो इन्होंने मेरे कपड़े तक उतरवा दिए. अब मेरा एक्शन सबके सामने है और इसे देखकर मैं भी हैरान हूं. इसकी खुबसूरती बेमिसाल है और मैं इस प्रयास के लिए मैडम तुसाद से जुड़े सभी कारीगरों को बधाई देता हूं."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मै़डम तुसाद दिल्ली में भारतीय क्रिकेट खिलाड़ियों के अलावा अर्जेटीना के लिए खेलने वाले लियोनेल मेसी, इंग्लैंड के फुटबाल खिलाड़ी डेविड बेकहम भी खेल दीर्घा की शोभा बढ़ाएंगे. कपिल ने मैडम तुसाद वैक्स म्यूजियम को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि वह इस वैक्स म्यूजियम के खुलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.टिप्पणियां
इस मोम के पुतले लिए कपिल का करीब 200 अलग-अलग कोण से नाप लिया गया. कपिल से इस अनुभव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "पहले तो समझ नहीं आया कि ये लोग ऐसा करेंगे कैसे और जब नाप लेने का काम शुरू हुआ तो इन्होंने मेरे कपड़े तक उतरवा दिए. अब मेरा एक्शन सबके सामने है और इसे देखकर मैं भी हैरान हूं. इसकी खुबसूरती बेमिसाल है और मैं इस प्रयास के लिए मैडम तुसाद से जुड़े सभी कारीगरों को बधाई देता हूं."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस मोम के पुतले लिए कपिल का करीब 200 अलग-अलग कोण से नाप लिया गया. कपिल से इस अनुभव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "पहले तो समझ नहीं आया कि ये लोग ऐसा करेंगे कैसे और जब नाप लेने का काम शुरू हुआ तो इन्होंने मेरे कपड़े तक उतरवा दिए. अब मेरा एक्शन सबके सामने है और इसे देखकर मैं भी हैरान हूं. इसकी खुबसूरती बेमिसाल है और मैं इस प्रयास के लिए मैडम तुसाद से जुड़े सभी कारीगरों को बधाई देता हूं."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: मैडम तुसाद वैक्स म्यूजियम पूरी दुनिया में स्थित हैं
दिल्ली के मैडम तुसाद म्यूजियम में लगाया गया कपिल देव का पुतला
अपना पुतला देख कपिल बोले, मेरे पास इसे बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं | 23 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में आज एक नाबालिग लड़की से शादी रचा रहे अपर पुलिस अधीक्षक को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अधीक्षक शरद सचान ने बताया कि चंदौली के बलुआ क्षेत्र के उत्तरी गांव निवासी तथा छत्तीसगढ़ के रायपुर में अपर पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात प्रद्युम्न कुमार यादव (45) बलुआ क्षेत्र के ही देना गांव की निवासी 13 साल की एक लड़की से रामगढ़ स्थित एक मंदिर में शादी कर रहे थे।टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारी द्वारा नाबालिग लड़की से शादी किए जाने की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यादव को गिरफ्तार कर लिया।
सचान ने बताया कि लड़की की जन्मतिथि 15 जुलाई 1999 है। मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक शरद सचान ने बताया कि चंदौली के बलुआ क्षेत्र के उत्तरी गांव निवासी तथा छत्तीसगढ़ के रायपुर में अपर पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात प्रद्युम्न कुमार यादव (45) बलुआ क्षेत्र के ही देना गांव की निवासी 13 साल की एक लड़की से रामगढ़ स्थित एक मंदिर में शादी कर रहे थे।टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारी द्वारा नाबालिग लड़की से शादी किए जाने की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यादव को गिरफ्तार कर लिया।
सचान ने बताया कि लड़की की जन्मतिथि 15 जुलाई 1999 है। मामले की जांच की जा रही है।
उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारी द्वारा नाबालिग लड़की से शादी किए जाने की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यादव को गिरफ्तार कर लिया।
सचान ने बताया कि लड़की की जन्मतिथि 15 जुलाई 1999 है। मामले की जांच की जा रही है।
सचान ने बताया कि लड़की की जन्मतिथि 15 जुलाई 1999 है। मामले की जांच की जा रही है। | सारांश: रायपुर में अपर पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात प्रद्युम्न कुमार यादव (45) बलुआ क्षेत्र के ही देना गांव की निवासी 13 साल की एक लड़की से रामगढ़ स्थित एक मंदिर में शादी कर रहे थे। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: शराब के लिए पैसे न देने पर पति ने पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी और शव रेलवे पटरी के किनारे फेंक दिया। पुलिस ने इस मामले में पति तथा सुसराल वालों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि शिवराजपुर के मुंडेरी गांव के पास रेलवे पटरी के किनारे शुक्रवार को करीब तीस साल की महिला की लाश मिली। शुरुआती जांच में जानकारी मिली कि शव मुंडेरी गांव के ही रजोल की पत्नी सुनीता का है। पुलिस जब मृतक के घर पहुंची तो वहां सुनीता के तीन बच्चे मिले और बाकी लोग घर से फरार थे। बच्चों ने पुलिस को जानकारी दी कि पिता रजोल मां से शराब के पैसे मांग रहे थे, लेकिन मां के पास पैसे नहीं थे, इसलिए पिता ने पहले तो मां को बेल्ट से पीटा बाद में उनकी गर्दन दबाकर हत्या कर दी और लाश को घर से बाहर फेंक आए। सुनीता के भाई नंदराम की शिकायत पर पुलिस ने सुनीता की हत्या के आरोप में पति रजौल, उसकी सास और दो छोटे देवरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया तथा आरोपियों की तलाश की जा रही है। | यह एक सारांश है: कानपुर में शराब के लिए पैसे न देने पर पति ने पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी और शव रेलवे पटरी के किनारे फेंक दिया। | 24 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में दो समुदायों के बीच हुए संघर्ष में दो पत्रकारों सहित नौ लोगों की हत्या कर दी गई और कई जगह पथराव और आगजनी की घटनाओं में 35 लोग घायल हो गए। हालात के मद्देनजर जिले के तीन थाना क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया गया है। साथ ही प्रदेश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। खराब हालात के मद्देनजर सेना को तैनात कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस वारदात को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की और इस फसाद के दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके अलावा उन्होंने वारदात में मृत एक पत्रकार के परिजन को 10 लाख, अन्य मृतकों के परिवार के लोगों को पांच-पांच लाख रुपये, गम्भीर रूप से घायल लोगों को 50-50 हजार तथा मामूली रूप से जख्मी लोगों को 20-20 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है।टिप्पणियां
पुलिस महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) तथा पुलिस महानिरीक्षक (मेरठ जोन) को मुजफ्फरनगर में मौजूद रहकर स्थिति पर नजर रखने के आदेश दिए गए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जिले के कवाल क्षेत्र में महापंचायत के बाद दो गुटों के बीच हुए संघर्ष तथा उसके बाद कुछ हिस्सों में भड़की हिंसा में एक समाचार चैनल के संवाददाता राजेश वर्मा और एक फोटोग्राफर इसरार समेत छह लोगों की मृत्यु हो गई तथा 35 अन्य घायल हो गए। उन्होंने बताया कि हिंसा उस समय भड़की जब गत 27 अगस्त को कावल में दो मोटरसाइकिलों की टक्कर के बाद हुई हिंसा में तीन लोगों की मौत की घटना के सिलसिले में दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग पर बल देने के लिए नगलाबढोद गांव में निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए एक महापंचायत हो रही थी।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस वारदात को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की और इस फसाद के दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके अलावा उन्होंने वारदात में मृत एक पत्रकार के परिजन को 10 लाख, अन्य मृतकों के परिवार के लोगों को पांच-पांच लाख रुपये, गम्भीर रूप से घायल लोगों को 50-50 हजार तथा मामूली रूप से जख्मी लोगों को 20-20 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है।टिप्पणियां
पुलिस महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) तथा पुलिस महानिरीक्षक (मेरठ जोन) को मुजफ्फरनगर में मौजूद रहकर स्थिति पर नजर रखने के आदेश दिए गए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जिले के कवाल क्षेत्र में महापंचायत के बाद दो गुटों के बीच हुए संघर्ष तथा उसके बाद कुछ हिस्सों में भड़की हिंसा में एक समाचार चैनल के संवाददाता राजेश वर्मा और एक फोटोग्राफर इसरार समेत छह लोगों की मृत्यु हो गई तथा 35 अन्य घायल हो गए। उन्होंने बताया कि हिंसा उस समय भड़की जब गत 27 अगस्त को कावल में दो मोटरसाइकिलों की टक्कर के बाद हुई हिंसा में तीन लोगों की मौत की घटना के सिलसिले में दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग पर बल देने के लिए नगलाबढोद गांव में निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए एक महापंचायत हो रही थी।
पुलिस महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) तथा पुलिस महानिरीक्षक (मेरठ जोन) को मुजफ्फरनगर में मौजूद रहकर स्थिति पर नजर रखने के आदेश दिए गए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जिले के कवाल क्षेत्र में महापंचायत के बाद दो गुटों के बीच हुए संघर्ष तथा उसके बाद कुछ हिस्सों में भड़की हिंसा में एक समाचार चैनल के संवाददाता राजेश वर्मा और एक फोटोग्राफर इसरार समेत छह लोगों की मृत्यु हो गई तथा 35 अन्य घायल हो गए। उन्होंने बताया कि हिंसा उस समय भड़की जब गत 27 अगस्त को कावल में दो मोटरसाइकिलों की टक्कर के बाद हुई हिंसा में तीन लोगों की मौत की घटना के सिलसिले में दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग पर बल देने के लिए नगलाबढोद गांव में निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए एक महापंचायत हो रही थी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जिले के कवाल क्षेत्र में महापंचायत के बाद दो गुटों के बीच हुए संघर्ष तथा उसके बाद कुछ हिस्सों में भड़की हिंसा में एक समाचार चैनल के संवाददाता राजेश वर्मा और एक फोटोग्राफर इसरार समेत छह लोगों की मृत्यु हो गई तथा 35 अन्य घायल हो गए। उन्होंने बताया कि हिंसा उस समय भड़की जब गत 27 अगस्त को कावल में दो मोटरसाइकिलों की टक्कर के बाद हुई हिंसा में तीन लोगों की मौत की घटना के सिलसिले में दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग पर बल देने के लिए नगलाबढोद गांव में निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए एक महापंचायत हो रही थी। | मुजफ्फरनगर जिले में दो समुदायों के बीच हुए संघर्ष में दो पत्रकारों सहित नौ लोगों की हत्या कर दी गई और कई जगह पथराव और आगजनी की घटनाओं में 35 लोग घायल हो गए। हालात के मद्देनजर जिले के तीन थाना क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया गया है। सेना को तैनात किया गया है। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सुपरस्टार रजनीकांत को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और अब वह आगे के इलाज एवं स्वास्थ्य लाभ के लिए सिंगापुर जाएंगे। 61 वर्षीय अभिनेता पत्नी और दो बेटियों के साथ रात में सिंगापुर के लिए रवाना होंगे। उनके परिवार के सदस्यों ने कहा कि वह ठीक हैं और प्रसन्नचित हैं। उन्हें 13 मई यहां श्रीरामचंद्र मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया था। मेडिकल बुलेटिन में भी कहा गया है, वह प्रसन्नचित हैं और अपने आप से खाना खा रहे हैं। वह अपने परिवार के साथ समय बिता रहे हैं। उन्होंने बदलाव, विश्राम और कुछ चुनिंदा जांच के लिए विदेश जाने की कार्यक्रम बनाया है। बुलेटिन के अनुसार इलाज का उनपर अच्छा असर पड़ा और उनके अंग सामान्य ढंग से काम करने लगे हैं। इसी बीच उनकी पत्नी लता ने शुभेच्छुओं को धन्यवाद देते हुए कहा, हम उनके इलाज एवं स्वास्थ्य लाभ के लिए सिंगापुर जा रहे हैं। आप लोग उनके बारे में किसी अवास्तविक सूचना पर विश्वास नहीं करें। रजनीकांत को 29 अप्रैल को सांस की परेशानी के कारण इसाबेल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उसी दिन छुट्टी भी दे दी गई। इसके बाद उन्हें चार मई को इसी अस्पताल में दोबारा भर्ती कराया गया। 13 मई को उन्हें सांस और दूसरी परेशानियों के कारण श्री रामचंद्र मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया। | यह एक सारांश है: सुपरस्टार रजनीकांत को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और अब वह आगे के इलाज एवं स्वास्थ्य लाभ के लिए सिंगापुर जाएंगे। | 2 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दक्षिण अफ्रीका-ए टीम के खिलाफ सोमवार को 248 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलने वाले भारत-ए टीम के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने कहा है कि उन्हें इस बात का आभास था कि उनके पास तिहरा शतक लगाने का मौका है और अगर वह 44वें ओवर में आउट नहीं हुए होते तो शायद यह मुकाम हासिल कर लेते।
धवन ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट (एकदिवसीय) में दूसरी और भारत के लिए सबसे बड़ी पारी खेली। भारत के लिए सचिन तेंदुलकर (नाबाद 200) और वीरेंद्र सहवाग (219) ने एक-दिवसीय मैचों में दोहरे शतक लगाए हैं, लेकिन धवन ने अपनी 150 गेंदों की इस पारी के माध्यम से प्रथम श्रेणी क्रिकेट के लिहाज से नया कीर्तिमान स्थापित किया।
धवन ने मैच के बाद कहा, "मुझे इस रिकॉर्ड के बारे में पता था और इससे मैं बहुत खुश हूं। मैं जब 44वें ओवर में आउट हुआ तो मेरे दिमाग में आया कि अगर मैं पूरे 50 ओवर विकेट पर रह जाता तो 300 रनों का आंकड़ा भी पार कर सकता था। वैसे मैंने जो स्कोर किया, उससे बेहद खुश हूं।"
धवन ने अपनी पारी में 30 चौके और सात छक्के लगाए। एक-दिवसीय क्रिकेट में सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड सहवाग के नाम है, लेकिन प्रथम श्रेणी मैचों में सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड काउंटी क्लब सरे के खिलाड़ी एडी ब्राउन के नाम है, जिन्होंने 2002 में ग्लेमॉर्गन के खिलाफ 268 रन बनाए थे।
इसके बाद धवन का नाम दर्ज हो चुका है। इस कड़ी में तीसरे क्रम पर ग्रीम पोलाक हैं, जिन्होंने 1974 में ईस्टर्न प्रोविंस के लिए खेलते हुए ईस्ट लंदन में बार्डर टीम के खिलाफ नाबाद 222 रन बनाए थे।टिप्पणियां
एक-दिवसीय मैचों में सचिन और सहवाग की बराबरी करने की बात कभी दिमाग में आई? यह पूछे जाने पर धवन ने कहा, "सचिन और सहवाग की पारियां मेरी पारी से कई गुना बेहतर हैं क्योंकि दोनों ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दोहरे शतक लगाए हैं। 200 रनों का आंकड़ा पार करते ही मैं समझ गया था कि अब मेरा नाम इन दो दिग्गजों के साथ जुड़ चुका है, जिसके बारे में मैंने सचमुच कभी सोचा नहीं था।"
उल्लेखनीय है कि एक-दिवसीय (अंतरराष्ट्रीय) और प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अब तक कुल 12 बल्लेबाजों ने 200 या उससे अधिक रनों की पारियां खेली हैं, और इनमें से तीन भारत के हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब तक सिर्फ दो दोहरे शतक लगे हैं और ये भी भारतीयों-सचिन और सहवाग के नाम हैं।
धवन ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट (एकदिवसीय) में दूसरी और भारत के लिए सबसे बड़ी पारी खेली। भारत के लिए सचिन तेंदुलकर (नाबाद 200) और वीरेंद्र सहवाग (219) ने एक-दिवसीय मैचों में दोहरे शतक लगाए हैं, लेकिन धवन ने अपनी 150 गेंदों की इस पारी के माध्यम से प्रथम श्रेणी क्रिकेट के लिहाज से नया कीर्तिमान स्थापित किया।
धवन ने मैच के बाद कहा, "मुझे इस रिकॉर्ड के बारे में पता था और इससे मैं बहुत खुश हूं। मैं जब 44वें ओवर में आउट हुआ तो मेरे दिमाग में आया कि अगर मैं पूरे 50 ओवर विकेट पर रह जाता तो 300 रनों का आंकड़ा भी पार कर सकता था। वैसे मैंने जो स्कोर किया, उससे बेहद खुश हूं।"
धवन ने अपनी पारी में 30 चौके और सात छक्के लगाए। एक-दिवसीय क्रिकेट में सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड सहवाग के नाम है, लेकिन प्रथम श्रेणी मैचों में सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड काउंटी क्लब सरे के खिलाड़ी एडी ब्राउन के नाम है, जिन्होंने 2002 में ग्लेमॉर्गन के खिलाफ 268 रन बनाए थे।
इसके बाद धवन का नाम दर्ज हो चुका है। इस कड़ी में तीसरे क्रम पर ग्रीम पोलाक हैं, जिन्होंने 1974 में ईस्टर्न प्रोविंस के लिए खेलते हुए ईस्ट लंदन में बार्डर टीम के खिलाफ नाबाद 222 रन बनाए थे।टिप्पणियां
एक-दिवसीय मैचों में सचिन और सहवाग की बराबरी करने की बात कभी दिमाग में आई? यह पूछे जाने पर धवन ने कहा, "सचिन और सहवाग की पारियां मेरी पारी से कई गुना बेहतर हैं क्योंकि दोनों ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दोहरे शतक लगाए हैं। 200 रनों का आंकड़ा पार करते ही मैं समझ गया था कि अब मेरा नाम इन दो दिग्गजों के साथ जुड़ चुका है, जिसके बारे में मैंने सचमुच कभी सोचा नहीं था।"
उल्लेखनीय है कि एक-दिवसीय (अंतरराष्ट्रीय) और प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अब तक कुल 12 बल्लेबाजों ने 200 या उससे अधिक रनों की पारियां खेली हैं, और इनमें से तीन भारत के हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब तक सिर्फ दो दोहरे शतक लगे हैं और ये भी भारतीयों-सचिन और सहवाग के नाम हैं।
धवन ने मैच के बाद कहा, "मुझे इस रिकॉर्ड के बारे में पता था और इससे मैं बहुत खुश हूं। मैं जब 44वें ओवर में आउट हुआ तो मेरे दिमाग में आया कि अगर मैं पूरे 50 ओवर विकेट पर रह जाता तो 300 रनों का आंकड़ा भी पार कर सकता था। वैसे मैंने जो स्कोर किया, उससे बेहद खुश हूं।"
धवन ने अपनी पारी में 30 चौके और सात छक्के लगाए। एक-दिवसीय क्रिकेट में सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड सहवाग के नाम है, लेकिन प्रथम श्रेणी मैचों में सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड काउंटी क्लब सरे के खिलाड़ी एडी ब्राउन के नाम है, जिन्होंने 2002 में ग्लेमॉर्गन के खिलाफ 268 रन बनाए थे।
इसके बाद धवन का नाम दर्ज हो चुका है। इस कड़ी में तीसरे क्रम पर ग्रीम पोलाक हैं, जिन्होंने 1974 में ईस्टर्न प्रोविंस के लिए खेलते हुए ईस्ट लंदन में बार्डर टीम के खिलाफ नाबाद 222 रन बनाए थे।टिप्पणियां
एक-दिवसीय मैचों में सचिन और सहवाग की बराबरी करने की बात कभी दिमाग में आई? यह पूछे जाने पर धवन ने कहा, "सचिन और सहवाग की पारियां मेरी पारी से कई गुना बेहतर हैं क्योंकि दोनों ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दोहरे शतक लगाए हैं। 200 रनों का आंकड़ा पार करते ही मैं समझ गया था कि अब मेरा नाम इन दो दिग्गजों के साथ जुड़ चुका है, जिसके बारे में मैंने सचमुच कभी सोचा नहीं था।"
उल्लेखनीय है कि एक-दिवसीय (अंतरराष्ट्रीय) और प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अब तक कुल 12 बल्लेबाजों ने 200 या उससे अधिक रनों की पारियां खेली हैं, और इनमें से तीन भारत के हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब तक सिर्फ दो दोहरे शतक लगे हैं और ये भी भारतीयों-सचिन और सहवाग के नाम हैं।
धवन ने अपनी पारी में 30 चौके और सात छक्के लगाए। एक-दिवसीय क्रिकेट में सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड सहवाग के नाम है, लेकिन प्रथम श्रेणी मैचों में सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड काउंटी क्लब सरे के खिलाड़ी एडी ब्राउन के नाम है, जिन्होंने 2002 में ग्लेमॉर्गन के खिलाफ 268 रन बनाए थे।
इसके बाद धवन का नाम दर्ज हो चुका है। इस कड़ी में तीसरे क्रम पर ग्रीम पोलाक हैं, जिन्होंने 1974 में ईस्टर्न प्रोविंस के लिए खेलते हुए ईस्ट लंदन में बार्डर टीम के खिलाफ नाबाद 222 रन बनाए थे।टिप्पणियां
एक-दिवसीय मैचों में सचिन और सहवाग की बराबरी करने की बात कभी दिमाग में आई? यह पूछे जाने पर धवन ने कहा, "सचिन और सहवाग की पारियां मेरी पारी से कई गुना बेहतर हैं क्योंकि दोनों ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दोहरे शतक लगाए हैं। 200 रनों का आंकड़ा पार करते ही मैं समझ गया था कि अब मेरा नाम इन दो दिग्गजों के साथ जुड़ चुका है, जिसके बारे में मैंने सचमुच कभी सोचा नहीं था।"
उल्लेखनीय है कि एक-दिवसीय (अंतरराष्ट्रीय) और प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अब तक कुल 12 बल्लेबाजों ने 200 या उससे अधिक रनों की पारियां खेली हैं, और इनमें से तीन भारत के हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब तक सिर्फ दो दोहरे शतक लगे हैं और ये भी भारतीयों-सचिन और सहवाग के नाम हैं।
इसके बाद धवन का नाम दर्ज हो चुका है। इस कड़ी में तीसरे क्रम पर ग्रीम पोलाक हैं, जिन्होंने 1974 में ईस्टर्न प्रोविंस के लिए खेलते हुए ईस्ट लंदन में बार्डर टीम के खिलाफ नाबाद 222 रन बनाए थे।टिप्पणियां
एक-दिवसीय मैचों में सचिन और सहवाग की बराबरी करने की बात कभी दिमाग में आई? यह पूछे जाने पर धवन ने कहा, "सचिन और सहवाग की पारियां मेरी पारी से कई गुना बेहतर हैं क्योंकि दोनों ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दोहरे शतक लगाए हैं। 200 रनों का आंकड़ा पार करते ही मैं समझ गया था कि अब मेरा नाम इन दो दिग्गजों के साथ जुड़ चुका है, जिसके बारे में मैंने सचमुच कभी सोचा नहीं था।"
उल्लेखनीय है कि एक-दिवसीय (अंतरराष्ट्रीय) और प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अब तक कुल 12 बल्लेबाजों ने 200 या उससे अधिक रनों की पारियां खेली हैं, और इनमें से तीन भारत के हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब तक सिर्फ दो दोहरे शतक लगे हैं और ये भी भारतीयों-सचिन और सहवाग के नाम हैं।
एक-दिवसीय मैचों में सचिन और सहवाग की बराबरी करने की बात कभी दिमाग में आई? यह पूछे जाने पर धवन ने कहा, "सचिन और सहवाग की पारियां मेरी पारी से कई गुना बेहतर हैं क्योंकि दोनों ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दोहरे शतक लगाए हैं। 200 रनों का आंकड़ा पार करते ही मैं समझ गया था कि अब मेरा नाम इन दो दिग्गजों के साथ जुड़ चुका है, जिसके बारे में मैंने सचमुच कभी सोचा नहीं था।"
उल्लेखनीय है कि एक-दिवसीय (अंतरराष्ट्रीय) और प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अब तक कुल 12 बल्लेबाजों ने 200 या उससे अधिक रनों की पारियां खेली हैं, और इनमें से तीन भारत के हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब तक सिर्फ दो दोहरे शतक लगे हैं और ये भी भारतीयों-सचिन और सहवाग के नाम हैं।
उल्लेखनीय है कि एक-दिवसीय (अंतरराष्ट्रीय) और प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अब तक कुल 12 बल्लेबाजों ने 200 या उससे अधिक रनों की पारियां खेली हैं, और इनमें से तीन भारत के हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब तक सिर्फ दो दोहरे शतक लगे हैं और ये भी भारतीयों-सचिन और सहवाग के नाम हैं। | संक्षिप्त सारांश: दक्षिण अफ्रीका-ए टीम के खिलाफ सोमवार को 248 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलने वाले भारत-ए टीम के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने कहा है कि उन्हें इस बात का आभास था कि उनके पास तिहरा शतक लगाने का मौका है और अगर वह 44वें ओवर में आउट नहीं हुए होते तो शायद यह मुकाम हासि | 23 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अजिंक्य रहाणे (नाबाद 59) और संजू सैमसन (नाबाद 47) की शानदार बल्लेबाजी की बदौलत राजस्थान रॉयल्स टीम ने गुरुवार को पंजाब क्रिकेट संघ (पीसीए) मैदान पर खेले गए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के छठे संस्करण के 55वें मुकाबले में किंग्स इलेवन पंजाब को आठ विकेट से हरा दिया। इस जीत ने राजस्थान रॉयल्स को नौ टीमों की तालिका में 18 अंकों के साथ दूसरे क्रम पर पहुंचा दिया है।
टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी किंग्स इलेवन टीम ने राजस्थान रॉयल्स के सामने 146 रनों का लक्ष्य रखा। यह टीम और अच्छा स्कोर हासिल कर सकती थी लेकिन अंतिम ओवरों में उसके बल्लेबाज बड़े शॉट्स नहीं खेल सके। इस लक्ष्य का पीछा करते हुए राजस्थान रॉयल्स ने 19 ओवरों में दो विकेट खोकर जीत हासिल कर ली।
रहाणे ने 49 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके और तीन छक्के लगाए जबकि सैमसन ने 33 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाया। इन दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 9.2 ओवरों में 76 रनों की साझेदारी की।
रहाणे ने इससे पहले शेन वॉटसन (31) के साथ दूसरे विकेट के लिए 66 रन जोड़े थे। वॉटसन ने 25 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाया था। 12 मैचों में राजस्थान की यह नौवीं जीत है। किंग्स इलेवन को इतने ही मैचों में सातवीं हार मिली है।
बहरहाल, राजस्थान की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। कप्तान राहुल द्रविड़ (4) पांच रन के कुल योग पर बिपुल शर्मा की गेंद पर बोल्ड हुए। द्रविड़ ने सात गेंदों पर एक चौका लगाया। वॉटसन का विकेट 71 के कुल योग पर गिरा। उन्हें पीयूष चावला ने बोल्ड किया।
इससे पहले, किंग्स इलेवन ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 145 रन बनाए। इसमें शॉन मार्श के 77 और कप्तान एडम गिलक्रिस्ट के 42 रन शामिल हैं।
गिलक्रिस्ट ने आईपीएल-6 में अपनी सबसे बड़ी पारी खेली। राजस्थान रॉयल्स की ओर से केवन कूपर ने 23 रन देकर तीन विकेट लिए जबकि जेम्स फॉल्कनर, शेन वॉटसन और अजित चंडीला को एक-एक सफलता मिली।
किंग्स इलेवन की शुरुआत खराब रही। मंदीप सिंह (0) का विकेट एक रन के कुल योग पर गिरने के बाद हालांकि गिलक्रिस्ट और मार्श ने दूसरे विकेट के लिए 13 ओवर में 101 रनों की साझेदारी कर टीम को मजबूती दी।
गिलक्रिस्ट 102 रन के कुल योग पर कूपर की गेंद पर उन्हीं के हाथों कैच हुए। गिलक्रिस्ट ने 32 गेंदों पर छह चौके लगाए। गिलक्रिस्ट की गैर-मौजूदगी में कप्तान रह चुके डेविड हसी (1) सस्ते में आउट हुए। हसी का विकेट उनके हमवतन वॉटसन ने लिया।
हसी के आउट होने के बाद मार्श और डेविड मिलर (8) ने चौथे विकेट के लिए 25 गेंदों पर 31 रन जोड़े। यह जोड़ी उस रफ्तार से रन नहीं जोड़ सकी, जिस रफ्तार की इससे अपेक्षा थी। मार्श ने 64 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए।टिप्पणियां
कूपर ने 19वें ओवर की चौथी गेंद पर 136 के कुल योग पर मार्श को चलता किया और फिर अंतिम गेंद पर मिलर को आउट करके अपनी टीम को बड़ी सफलता दिलाई। मिलर का विकेट 137 रनों के कुल योग पर गिरा।
मिलर पिछले मैच जैसा कोई कमाल नहीं सके और 11 गेंदों का सामना किया। मनप्रीत गोनी (3) को फॉल्कर ने 143 रनों के कुल योग पर पैवेलियन की राह दिखाई। आर सतीश चार और पीयूष चावला एक रनों पर नाबाद लौटे।
टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी किंग्स इलेवन टीम ने राजस्थान रॉयल्स के सामने 146 रनों का लक्ष्य रखा। यह टीम और अच्छा स्कोर हासिल कर सकती थी लेकिन अंतिम ओवरों में उसके बल्लेबाज बड़े शॉट्स नहीं खेल सके। इस लक्ष्य का पीछा करते हुए राजस्थान रॉयल्स ने 19 ओवरों में दो विकेट खोकर जीत हासिल कर ली।
रहाणे ने 49 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके और तीन छक्के लगाए जबकि सैमसन ने 33 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाया। इन दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 9.2 ओवरों में 76 रनों की साझेदारी की।
रहाणे ने इससे पहले शेन वॉटसन (31) के साथ दूसरे विकेट के लिए 66 रन जोड़े थे। वॉटसन ने 25 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाया था। 12 मैचों में राजस्थान की यह नौवीं जीत है। किंग्स इलेवन को इतने ही मैचों में सातवीं हार मिली है।
बहरहाल, राजस्थान की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। कप्तान राहुल द्रविड़ (4) पांच रन के कुल योग पर बिपुल शर्मा की गेंद पर बोल्ड हुए। द्रविड़ ने सात गेंदों पर एक चौका लगाया। वॉटसन का विकेट 71 के कुल योग पर गिरा। उन्हें पीयूष चावला ने बोल्ड किया।
इससे पहले, किंग्स इलेवन ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 145 रन बनाए। इसमें शॉन मार्श के 77 और कप्तान एडम गिलक्रिस्ट के 42 रन शामिल हैं।
गिलक्रिस्ट ने आईपीएल-6 में अपनी सबसे बड़ी पारी खेली। राजस्थान रॉयल्स की ओर से केवन कूपर ने 23 रन देकर तीन विकेट लिए जबकि जेम्स फॉल्कनर, शेन वॉटसन और अजित चंडीला को एक-एक सफलता मिली।
किंग्स इलेवन की शुरुआत खराब रही। मंदीप सिंह (0) का विकेट एक रन के कुल योग पर गिरने के बाद हालांकि गिलक्रिस्ट और मार्श ने दूसरे विकेट के लिए 13 ओवर में 101 रनों की साझेदारी कर टीम को मजबूती दी।
गिलक्रिस्ट 102 रन के कुल योग पर कूपर की गेंद पर उन्हीं के हाथों कैच हुए। गिलक्रिस्ट ने 32 गेंदों पर छह चौके लगाए। गिलक्रिस्ट की गैर-मौजूदगी में कप्तान रह चुके डेविड हसी (1) सस्ते में आउट हुए। हसी का विकेट उनके हमवतन वॉटसन ने लिया।
हसी के आउट होने के बाद मार्श और डेविड मिलर (8) ने चौथे विकेट के लिए 25 गेंदों पर 31 रन जोड़े। यह जोड़ी उस रफ्तार से रन नहीं जोड़ सकी, जिस रफ्तार की इससे अपेक्षा थी। मार्श ने 64 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए।टिप्पणियां
कूपर ने 19वें ओवर की चौथी गेंद पर 136 के कुल योग पर मार्श को चलता किया और फिर अंतिम गेंद पर मिलर को आउट करके अपनी टीम को बड़ी सफलता दिलाई। मिलर का विकेट 137 रनों के कुल योग पर गिरा।
मिलर पिछले मैच जैसा कोई कमाल नहीं सके और 11 गेंदों का सामना किया। मनप्रीत गोनी (3) को फॉल्कर ने 143 रनों के कुल योग पर पैवेलियन की राह दिखाई। आर सतीश चार और पीयूष चावला एक रनों पर नाबाद लौटे।
रहाणे ने 49 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके और तीन छक्के लगाए जबकि सैमसन ने 33 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाया। इन दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 9.2 ओवरों में 76 रनों की साझेदारी की।
रहाणे ने इससे पहले शेन वॉटसन (31) के साथ दूसरे विकेट के लिए 66 रन जोड़े थे। वॉटसन ने 25 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाया था। 12 मैचों में राजस्थान की यह नौवीं जीत है। किंग्स इलेवन को इतने ही मैचों में सातवीं हार मिली है।
बहरहाल, राजस्थान की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। कप्तान राहुल द्रविड़ (4) पांच रन के कुल योग पर बिपुल शर्मा की गेंद पर बोल्ड हुए। द्रविड़ ने सात गेंदों पर एक चौका लगाया। वॉटसन का विकेट 71 के कुल योग पर गिरा। उन्हें पीयूष चावला ने बोल्ड किया।
इससे पहले, किंग्स इलेवन ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 145 रन बनाए। इसमें शॉन मार्श के 77 और कप्तान एडम गिलक्रिस्ट के 42 रन शामिल हैं।
गिलक्रिस्ट ने आईपीएल-6 में अपनी सबसे बड़ी पारी खेली। राजस्थान रॉयल्स की ओर से केवन कूपर ने 23 रन देकर तीन विकेट लिए जबकि जेम्स फॉल्कनर, शेन वॉटसन और अजित चंडीला को एक-एक सफलता मिली।
किंग्स इलेवन की शुरुआत खराब रही। मंदीप सिंह (0) का विकेट एक रन के कुल योग पर गिरने के बाद हालांकि गिलक्रिस्ट और मार्श ने दूसरे विकेट के लिए 13 ओवर में 101 रनों की साझेदारी कर टीम को मजबूती दी।
गिलक्रिस्ट 102 रन के कुल योग पर कूपर की गेंद पर उन्हीं के हाथों कैच हुए। गिलक्रिस्ट ने 32 गेंदों पर छह चौके लगाए। गिलक्रिस्ट की गैर-मौजूदगी में कप्तान रह चुके डेविड हसी (1) सस्ते में आउट हुए। हसी का विकेट उनके हमवतन वॉटसन ने लिया।
हसी के आउट होने के बाद मार्श और डेविड मिलर (8) ने चौथे विकेट के लिए 25 गेंदों पर 31 रन जोड़े। यह जोड़ी उस रफ्तार से रन नहीं जोड़ सकी, जिस रफ्तार की इससे अपेक्षा थी। मार्श ने 64 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए।टिप्पणियां
कूपर ने 19वें ओवर की चौथी गेंद पर 136 के कुल योग पर मार्श को चलता किया और फिर अंतिम गेंद पर मिलर को आउट करके अपनी टीम को बड़ी सफलता दिलाई। मिलर का विकेट 137 रनों के कुल योग पर गिरा।
मिलर पिछले मैच जैसा कोई कमाल नहीं सके और 11 गेंदों का सामना किया। मनप्रीत गोनी (3) को फॉल्कर ने 143 रनों के कुल योग पर पैवेलियन की राह दिखाई। आर सतीश चार और पीयूष चावला एक रनों पर नाबाद लौटे।
रहाणे ने इससे पहले शेन वॉटसन (31) के साथ दूसरे विकेट के लिए 66 रन जोड़े थे। वॉटसन ने 25 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाया था। 12 मैचों में राजस्थान की यह नौवीं जीत है। किंग्स इलेवन को इतने ही मैचों में सातवीं हार मिली है।
बहरहाल, राजस्थान की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। कप्तान राहुल द्रविड़ (4) पांच रन के कुल योग पर बिपुल शर्मा की गेंद पर बोल्ड हुए। द्रविड़ ने सात गेंदों पर एक चौका लगाया। वॉटसन का विकेट 71 के कुल योग पर गिरा। उन्हें पीयूष चावला ने बोल्ड किया।
इससे पहले, किंग्स इलेवन ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 145 रन बनाए। इसमें शॉन मार्श के 77 और कप्तान एडम गिलक्रिस्ट के 42 रन शामिल हैं।
गिलक्रिस्ट ने आईपीएल-6 में अपनी सबसे बड़ी पारी खेली। राजस्थान रॉयल्स की ओर से केवन कूपर ने 23 रन देकर तीन विकेट लिए जबकि जेम्स फॉल्कनर, शेन वॉटसन और अजित चंडीला को एक-एक सफलता मिली।
किंग्स इलेवन की शुरुआत खराब रही। मंदीप सिंह (0) का विकेट एक रन के कुल योग पर गिरने के बाद हालांकि गिलक्रिस्ट और मार्श ने दूसरे विकेट के लिए 13 ओवर में 101 रनों की साझेदारी कर टीम को मजबूती दी।
गिलक्रिस्ट 102 रन के कुल योग पर कूपर की गेंद पर उन्हीं के हाथों कैच हुए। गिलक्रिस्ट ने 32 गेंदों पर छह चौके लगाए। गिलक्रिस्ट की गैर-मौजूदगी में कप्तान रह चुके डेविड हसी (1) सस्ते में आउट हुए। हसी का विकेट उनके हमवतन वॉटसन ने लिया।
हसी के आउट होने के बाद मार्श और डेविड मिलर (8) ने चौथे विकेट के लिए 25 गेंदों पर 31 रन जोड़े। यह जोड़ी उस रफ्तार से रन नहीं जोड़ सकी, जिस रफ्तार की इससे अपेक्षा थी। मार्श ने 64 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए।टिप्पणियां
कूपर ने 19वें ओवर की चौथी गेंद पर 136 के कुल योग पर मार्श को चलता किया और फिर अंतिम गेंद पर मिलर को आउट करके अपनी टीम को बड़ी सफलता दिलाई। मिलर का विकेट 137 रनों के कुल योग पर गिरा।
मिलर पिछले मैच जैसा कोई कमाल नहीं सके और 11 गेंदों का सामना किया। मनप्रीत गोनी (3) को फॉल्कर ने 143 रनों के कुल योग पर पैवेलियन की राह दिखाई। आर सतीश चार और पीयूष चावला एक रनों पर नाबाद लौटे।
बहरहाल, राजस्थान की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। कप्तान राहुल द्रविड़ (4) पांच रन के कुल योग पर बिपुल शर्मा की गेंद पर बोल्ड हुए। द्रविड़ ने सात गेंदों पर एक चौका लगाया। वॉटसन का विकेट 71 के कुल योग पर गिरा। उन्हें पीयूष चावला ने बोल्ड किया।
इससे पहले, किंग्स इलेवन ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 145 रन बनाए। इसमें शॉन मार्श के 77 और कप्तान एडम गिलक्रिस्ट के 42 रन शामिल हैं।
गिलक्रिस्ट ने आईपीएल-6 में अपनी सबसे बड़ी पारी खेली। राजस्थान रॉयल्स की ओर से केवन कूपर ने 23 रन देकर तीन विकेट लिए जबकि जेम्स फॉल्कनर, शेन वॉटसन और अजित चंडीला को एक-एक सफलता मिली।
किंग्स इलेवन की शुरुआत खराब रही। मंदीप सिंह (0) का विकेट एक रन के कुल योग पर गिरने के बाद हालांकि गिलक्रिस्ट और मार्श ने दूसरे विकेट के लिए 13 ओवर में 101 रनों की साझेदारी कर टीम को मजबूती दी।
गिलक्रिस्ट 102 रन के कुल योग पर कूपर की गेंद पर उन्हीं के हाथों कैच हुए। गिलक्रिस्ट ने 32 गेंदों पर छह चौके लगाए। गिलक्रिस्ट की गैर-मौजूदगी में कप्तान रह चुके डेविड हसी (1) सस्ते में आउट हुए। हसी का विकेट उनके हमवतन वॉटसन ने लिया।
हसी के आउट होने के बाद मार्श और डेविड मिलर (8) ने चौथे विकेट के लिए 25 गेंदों पर 31 रन जोड़े। यह जोड़ी उस रफ्तार से रन नहीं जोड़ सकी, जिस रफ्तार की इससे अपेक्षा थी। मार्श ने 64 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए।टिप्पणियां
कूपर ने 19वें ओवर की चौथी गेंद पर 136 के कुल योग पर मार्श को चलता किया और फिर अंतिम गेंद पर मिलर को आउट करके अपनी टीम को बड़ी सफलता दिलाई। मिलर का विकेट 137 रनों के कुल योग पर गिरा।
मिलर पिछले मैच जैसा कोई कमाल नहीं सके और 11 गेंदों का सामना किया। मनप्रीत गोनी (3) को फॉल्कर ने 143 रनों के कुल योग पर पैवेलियन की राह दिखाई। आर सतीश चार और पीयूष चावला एक रनों पर नाबाद लौटे।
इससे पहले, किंग्स इलेवन ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 145 रन बनाए। इसमें शॉन मार्श के 77 और कप्तान एडम गिलक्रिस्ट के 42 रन शामिल हैं।
गिलक्रिस्ट ने आईपीएल-6 में अपनी सबसे बड़ी पारी खेली। राजस्थान रॉयल्स की ओर से केवन कूपर ने 23 रन देकर तीन विकेट लिए जबकि जेम्स फॉल्कनर, शेन वॉटसन और अजित चंडीला को एक-एक सफलता मिली।
किंग्स इलेवन की शुरुआत खराब रही। मंदीप सिंह (0) का विकेट एक रन के कुल योग पर गिरने के बाद हालांकि गिलक्रिस्ट और मार्श ने दूसरे विकेट के लिए 13 ओवर में 101 रनों की साझेदारी कर टीम को मजबूती दी।
गिलक्रिस्ट 102 रन के कुल योग पर कूपर की गेंद पर उन्हीं के हाथों कैच हुए। गिलक्रिस्ट ने 32 गेंदों पर छह चौके लगाए। गिलक्रिस्ट की गैर-मौजूदगी में कप्तान रह चुके डेविड हसी (1) सस्ते में आउट हुए। हसी का विकेट उनके हमवतन वॉटसन ने लिया।
हसी के आउट होने के बाद मार्श और डेविड मिलर (8) ने चौथे विकेट के लिए 25 गेंदों पर 31 रन जोड़े। यह जोड़ी उस रफ्तार से रन नहीं जोड़ सकी, जिस रफ्तार की इससे अपेक्षा थी। मार्श ने 64 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए।टिप्पणियां
कूपर ने 19वें ओवर की चौथी गेंद पर 136 के कुल योग पर मार्श को चलता किया और फिर अंतिम गेंद पर मिलर को आउट करके अपनी टीम को बड़ी सफलता दिलाई। मिलर का विकेट 137 रनों के कुल योग पर गिरा।
मिलर पिछले मैच जैसा कोई कमाल नहीं सके और 11 गेंदों का सामना किया। मनप्रीत गोनी (3) को फॉल्कर ने 143 रनों के कुल योग पर पैवेलियन की राह दिखाई। आर सतीश चार और पीयूष चावला एक रनों पर नाबाद लौटे।
गिलक्रिस्ट ने आईपीएल-6 में अपनी सबसे बड़ी पारी खेली। राजस्थान रॉयल्स की ओर से केवन कूपर ने 23 रन देकर तीन विकेट लिए जबकि जेम्स फॉल्कनर, शेन वॉटसन और अजित चंडीला को एक-एक सफलता मिली।
किंग्स इलेवन की शुरुआत खराब रही। मंदीप सिंह (0) का विकेट एक रन के कुल योग पर गिरने के बाद हालांकि गिलक्रिस्ट और मार्श ने दूसरे विकेट के लिए 13 ओवर में 101 रनों की साझेदारी कर टीम को मजबूती दी।
गिलक्रिस्ट 102 रन के कुल योग पर कूपर की गेंद पर उन्हीं के हाथों कैच हुए। गिलक्रिस्ट ने 32 गेंदों पर छह चौके लगाए। गिलक्रिस्ट की गैर-मौजूदगी में कप्तान रह चुके डेविड हसी (1) सस्ते में आउट हुए। हसी का विकेट उनके हमवतन वॉटसन ने लिया।
हसी के आउट होने के बाद मार्श और डेविड मिलर (8) ने चौथे विकेट के लिए 25 गेंदों पर 31 रन जोड़े। यह जोड़ी उस रफ्तार से रन नहीं जोड़ सकी, जिस रफ्तार की इससे अपेक्षा थी। मार्श ने 64 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए।टिप्पणियां
कूपर ने 19वें ओवर की चौथी गेंद पर 136 के कुल योग पर मार्श को चलता किया और फिर अंतिम गेंद पर मिलर को आउट करके अपनी टीम को बड़ी सफलता दिलाई। मिलर का विकेट 137 रनों के कुल योग पर गिरा।
मिलर पिछले मैच जैसा कोई कमाल नहीं सके और 11 गेंदों का सामना किया। मनप्रीत गोनी (3) को फॉल्कर ने 143 रनों के कुल योग पर पैवेलियन की राह दिखाई। आर सतीश चार और पीयूष चावला एक रनों पर नाबाद लौटे।
किंग्स इलेवन की शुरुआत खराब रही। मंदीप सिंह (0) का विकेट एक रन के कुल योग पर गिरने के बाद हालांकि गिलक्रिस्ट और मार्श ने दूसरे विकेट के लिए 13 ओवर में 101 रनों की साझेदारी कर टीम को मजबूती दी।
गिलक्रिस्ट 102 रन के कुल योग पर कूपर की गेंद पर उन्हीं के हाथों कैच हुए। गिलक्रिस्ट ने 32 गेंदों पर छह चौके लगाए। गिलक्रिस्ट की गैर-मौजूदगी में कप्तान रह चुके डेविड हसी (1) सस्ते में आउट हुए। हसी का विकेट उनके हमवतन वॉटसन ने लिया।
हसी के आउट होने के बाद मार्श और डेविड मिलर (8) ने चौथे विकेट के लिए 25 गेंदों पर 31 रन जोड़े। यह जोड़ी उस रफ्तार से रन नहीं जोड़ सकी, जिस रफ्तार की इससे अपेक्षा थी। मार्श ने 64 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए।टिप्पणियां
कूपर ने 19वें ओवर की चौथी गेंद पर 136 के कुल योग पर मार्श को चलता किया और फिर अंतिम गेंद पर मिलर को आउट करके अपनी टीम को बड़ी सफलता दिलाई। मिलर का विकेट 137 रनों के कुल योग पर गिरा।
मिलर पिछले मैच जैसा कोई कमाल नहीं सके और 11 गेंदों का सामना किया। मनप्रीत गोनी (3) को फॉल्कर ने 143 रनों के कुल योग पर पैवेलियन की राह दिखाई। आर सतीश चार और पीयूष चावला एक रनों पर नाबाद लौटे।
गिलक्रिस्ट 102 रन के कुल योग पर कूपर की गेंद पर उन्हीं के हाथों कैच हुए। गिलक्रिस्ट ने 32 गेंदों पर छह चौके लगाए। गिलक्रिस्ट की गैर-मौजूदगी में कप्तान रह चुके डेविड हसी (1) सस्ते में आउट हुए। हसी का विकेट उनके हमवतन वॉटसन ने लिया।
हसी के आउट होने के बाद मार्श और डेविड मिलर (8) ने चौथे विकेट के लिए 25 गेंदों पर 31 रन जोड़े। यह जोड़ी उस रफ्तार से रन नहीं जोड़ सकी, जिस रफ्तार की इससे अपेक्षा थी। मार्श ने 64 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए।टिप्पणियां
कूपर ने 19वें ओवर की चौथी गेंद पर 136 के कुल योग पर मार्श को चलता किया और फिर अंतिम गेंद पर मिलर को आउट करके अपनी टीम को बड़ी सफलता दिलाई। मिलर का विकेट 137 रनों के कुल योग पर गिरा।
मिलर पिछले मैच जैसा कोई कमाल नहीं सके और 11 गेंदों का सामना किया। मनप्रीत गोनी (3) को फॉल्कर ने 143 रनों के कुल योग पर पैवेलियन की राह दिखाई। आर सतीश चार और पीयूष चावला एक रनों पर नाबाद लौटे।
हसी के आउट होने के बाद मार्श और डेविड मिलर (8) ने चौथे विकेट के लिए 25 गेंदों पर 31 रन जोड़े। यह जोड़ी उस रफ्तार से रन नहीं जोड़ सकी, जिस रफ्तार की इससे अपेक्षा थी। मार्श ने 64 गेंदों पर छह चौके और दो छक्के लगाए।टिप्पणियां
कूपर ने 19वें ओवर की चौथी गेंद पर 136 के कुल योग पर मार्श को चलता किया और फिर अंतिम गेंद पर मिलर को आउट करके अपनी टीम को बड़ी सफलता दिलाई। मिलर का विकेट 137 रनों के कुल योग पर गिरा।
मिलर पिछले मैच जैसा कोई कमाल नहीं सके और 11 गेंदों का सामना किया। मनप्रीत गोनी (3) को फॉल्कर ने 143 रनों के कुल योग पर पैवेलियन की राह दिखाई। आर सतीश चार और पीयूष चावला एक रनों पर नाबाद लौटे।
कूपर ने 19वें ओवर की चौथी गेंद पर 136 के कुल योग पर मार्श को चलता किया और फिर अंतिम गेंद पर मिलर को आउट करके अपनी टीम को बड़ी सफलता दिलाई। मिलर का विकेट 137 रनों के कुल योग पर गिरा।
मिलर पिछले मैच जैसा कोई कमाल नहीं सके और 11 गेंदों का सामना किया। मनप्रीत गोनी (3) को फॉल्कर ने 143 रनों के कुल योग पर पैवेलियन की राह दिखाई। आर सतीश चार और पीयूष चावला एक रनों पर नाबाद लौटे।
मिलर पिछले मैच जैसा कोई कमाल नहीं सके और 11 गेंदों का सामना किया। मनप्रीत गोनी (3) को फॉल्कर ने 143 रनों के कुल योग पर पैवेलियन की राह दिखाई। आर सतीश चार और पीयूष चावला एक रनों पर नाबाद लौटे। | टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी किंग्स इलेवन टीम ने राजस्थान रॉयल्स के सामने 146 रनों का लक्ष्य रखा। यह टीम और अच्छा स्कोर हासिल कर सकती थी लेकिन अंतिम ओवरों में उसके बल्लेबाज बड़े शॉट्स नहीं खेल सके। इस लक्ष्य का पीछा करते हुए राजस्थान रॉयल्स न | 26 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (RRB) इस महीने ग्रुप डी की परीक्षा का रिजल्ट (RRB Group D Result) जारी कर देगा. आरआरबी के अधिकारी ने NDTV को बताया,'' ग्रुप डी की परीक्षा का रिजल्ट 28 फरवरी तक जारी कर दिया जाएगा. रिजल्ट से पहले एक नोटिफिकेशन सभी आरआरबी वेबसाइट्स (RRB Websites) पर जारी होगा, जिसमें रिजल्ट (RRB Result 2019) जारी होने की तारीख दी गई होगी.'' ऐसे में उम्मीदवारों को प्रेशर लेने की जरूरत नहीं है, क्योंकि रिजल्ट जारी होने की तारीख से संबंधित नोटिफिकेशन किसी भी समय जारी किया जा सकता है. ग्रुप डी का रिजल्ट (RRB Group D Result 2019) आरआरबी की सभी वेबसाइट्स पर जारी किया जाएगा. उम्मीदवार अपना रिजल्ट (Group D Result) अपने रीजन की आरआरबी वेबसाइट पर लॉग इन कर चेक कर पाएंगे. लॉग इन करने के लिए उम्मीदवारों को रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि की जरूरत होगी. अगर आप ग्रुप डी (RRB Group D) की परीक्षा में फेल हो जाते हैं तो आप RRB NTPC और अन्य 1 लाख 30 हजार पदों पर आवेदन कर सकते हैं. बता दें कि रेलवे ने RRB NTPC का विज्ञापन जारी कर दिया है. ये विज्ञापन Employement News के 23 फरवरी - 1 मार्च के एडिशन में जारी किया गया है. रेलवे जल्द ही डिटेल में नोटिफिकेशन सभी आरआरबी और RRC वेबसाइट्स पर जारी करेगा. रेलवे कुल 1 लाख 30 हजार पदों पर भर्तियां करेगा. RRB NTPC के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया 28 फरवरी 2019 से शुरू होगी.
आपको बता दें ग्रुप डी की परीक्षा (RRB Group D Exam) 17 सितंबर से 17 दिसंबर तक आयोजित की गई थी. इस परीक्षा में 1 करोड़ 17 लाख उम्मीदवारों ने भाग लिया था. पहले स्टेज की सीबीटी में पास होने वाले उम्मीदवारों को दूसरे स्टेज की शारीरिक दक्षता परीक्षा (RRB PET) में भाग लेने का मौका मिलेगा. दूसरे स्टेज की परीक्षा के बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होगा. शारीरिक दक्षता परीक्षा में पास होने वालों को ही डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाएगा. अंत में मेरिट के आधार पर उम्मीदवारों का चयन होगा.
RRB NTPC: जानिए रेलवे के 1 लाख 30 हजार पदों पर भर्ती से संबंधित हर जानकारी | यहाँ एक सारांश है:परीक्षा का रिजल्ट जल्द जारी होगा.
रिजल्ट इस महीने जारी किया जाएगा.
परीक्षा 17 नवंबर से 17 दिसंबर तक आयोजित की गई थी. | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बॉलीवुड सिंगर मीका सिंह ने कराची जाकर जनरल मुशर्रफ के रिश्तेदार की शादी में शो किया था. इस शो को लेकर मीका सिंह (Mika Singh) ऐसे फंसे कि 'फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज' ने उन्हें बैन कर दिया था. हालांकि, मीका सिंह (Mika Singh) के माफी मांगने के बाद उनपर लगाए बैन को रद्द कर दिया गया है. लेकिन यह मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. हाल ही में टीवी एक्ट्रेस और 'बिग बॉस 11' की विजेता शिल्पा शिंदे (Shilpa Shinde) ने भी मीका सिंह के मुद्दे पर अपना रिएक्शन दिया है. मीका समर्थन करते हुए उन्होंने (Shilpa Shinde) चुनौती दी कि वह खुद पाकिस्तान जाकर परफॉर्म करेंगी, कोई उन्हें रोक सकता है तो रोक कर दिखाए.
स्पॉट बॉय डॉट कॉम की खबर के मुताबिक, मीका सिंह (Mika Singh) के समर्थन में उतरीं शिल्पा शिंदे (Shilpa Shinde) ने कहा, "उन्होंने माफी भले ही मांग ली हो, लेकिन मैं यह बताना चाहती हूं कि ऐसा कोई कानून नहीं है, जो लोगों को उनके काम करने से रोक सके. मैं यह नहीं जानती कि वह अब दोबारा पाकिस्तान में परफॉर्म करेंगे या नहीं, लेकिन मैं वहां जाने और उस देश में शो करने के लिए वीजा अप्लाई करने की सोच रही हूं. मैं देखती हूं कि कौन मूझे रोकता है. अगर मुझे इस चीज के लिए सड़कों पर निकलकर अपनी आवाज उठाने और लड़ने की जरूरत पड़ी तो मैं ऐसा जरूर करूंगी. हम अपने आप को स्वतंत्र कहते हैं, लेकिन क्या वाकई में हम स्वतंत्र हैं?"
शिल्पा शिंदे (Shilpa Shinde) ने आगे कहा, "मैं इस बात से बहुत निराश हूं कि मीका सिंह ने उस क्राइम के लिए माफी मांगी, जो उन्होंने किया ही नहीं था. लेकिन मैं समझ सकती हूं कि यह निर्णय लेने के लिए उनपर दबाव बनाया गया होगा. मैं यह पूछती हूं कि इन संगठनों को किसने अधिकाकर दिया है कि वह लोगों को बैन कर सकें और उनसे माफी मांगने के लिए दबाव बना सकें. यह सब मेरे साथ भी हुआ था, जब इन संगठनों ने लोगों को मेरे साथ काम करने से मना कर दिया था. लेकिन मुझे इस बात पर गर्व है कि उनके इस निर्णय के बाद भी मैंने वो नहीं किया जो वे चाहते थे. आज मैं किसी भी संगठन से जुड़ी नहीं हूं, लेकिन मैंने काम करना बंद नहीं किया है. इसलिए अगर किसी को लगता है कि उनके बैन ने मेरे करियर को खत्म कर दिया है, तो निराश करने के लिए माफी चाहती हूं, लेकिन ऐसा नहीं है." | सारांश: मीका सिंह के बैन पर भड़कीं शिल्पा शिंदे
शिल्पा शिंदे ने दी पाकिस्तान जाने की चुनौती
मीका सिंह के माफी मांगने पर शिल्पा शिंदे ने दिया बयान | 33 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: निर्देशक अभिषेक कपूर के मित्र और फिल्म अभिनेता ऋतिक रोशन ने उनकी फिल्म 'काई पो चे' देखी और इसकी तारीफ किए बिना नहीं रह सके।
40 वर्षीय ऋतिक ने सोमवार को यहां फिल्म के प्रथम प्रदर्शन के मौके पर कहा, "यह गजब की फिल्म है। मैं आशा करता हूं कि यह फिल्म अच्छा प्रदर्शन करे, क्योंकि ऐसी फिल्मों को चलना ही चाहिए। कलाकारों ने कमाल का काम किया है उनका अभिनय दिल छू लेता है।"टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "कलाकार इसमें बहुत अच्छे लगे हैं और लगता ही नहीं कि यह उनकी पहली फिल्म है। मुझे इस फिल्म, अभिषेक और पूरी टीम पर गर्व है। मुझे लगता है कि इसके कलाकार बहुत आगे जाएंगे।'
'काई पो चे' 22 फरवरी को प्रदर्शित हो रही है। इसमें सुशांत सिंह राजपूत, अमित साध और राज कुमार यादव हैं।
40 वर्षीय ऋतिक ने सोमवार को यहां फिल्म के प्रथम प्रदर्शन के मौके पर कहा, "यह गजब की फिल्म है। मैं आशा करता हूं कि यह फिल्म अच्छा प्रदर्शन करे, क्योंकि ऐसी फिल्मों को चलना ही चाहिए। कलाकारों ने कमाल का काम किया है उनका अभिनय दिल छू लेता है।"टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "कलाकार इसमें बहुत अच्छे लगे हैं और लगता ही नहीं कि यह उनकी पहली फिल्म है। मुझे इस फिल्म, अभिषेक और पूरी टीम पर गर्व है। मुझे लगता है कि इसके कलाकार बहुत आगे जाएंगे।'
'काई पो चे' 22 फरवरी को प्रदर्शित हो रही है। इसमें सुशांत सिंह राजपूत, अमित साध और राज कुमार यादव हैं।
उन्होंने कहा, "कलाकार इसमें बहुत अच्छे लगे हैं और लगता ही नहीं कि यह उनकी पहली फिल्म है। मुझे इस फिल्म, अभिषेक और पूरी टीम पर गर्व है। मुझे लगता है कि इसके कलाकार बहुत आगे जाएंगे।'
'काई पो चे' 22 फरवरी को प्रदर्शित हो रही है। इसमें सुशांत सिंह राजपूत, अमित साध और राज कुमार यादव हैं।
'काई पो चे' 22 फरवरी को प्रदर्शित हो रही है। इसमें सुशांत सिंह राजपूत, अमित साध और राज कुमार यादव हैं। | सारांश: निर्देशक अभिषेक कपूर के मित्र और फिल्म अभिनेता ऋतिक रोशन ने उनकी फिल्म 'काई पो चे' देखी और इसकी तारीफ किए बिना नहीं रह सके। | 5 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दक्षिणी मिस्र में बंदूकधारियों ने शुक्रवार को कॉप्टिक ईसाइयों को ले जा रही एक बस पर गोलीबारी कर दी, जिसमें कम से कम 23 व्यक्तियों की मौत हो गई.
बस काहिरा से 250 किलोमीटर दक्षिण में मिन्या गवर्नोरेट स्थित अंबा सैमुअल मौनेस्ट्री की ओर जा रही थी. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 23 ईसाइयों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हो गए. सुरक्षा कर्मी हमलावरों की तलाश कर रहे हैं. घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस घटनास्थल पर पहुंचीं.टिप्पणियां
देश में हाल के महीनों में इस्लामिक स्टेट आतंकवादियों की ओर से कॉप्टिक ईसाइयों पर कई हमले हुए हैं.
टंटा और अलेक्जेंड्रिया में गत नौ अप्रैल को गिरजाघरों को निशाना बनाकर किए गए दो आत्मघाती हमलों में कम से कम 46 व्यक्तियों की मौत हो गई थी.
बस काहिरा से 250 किलोमीटर दक्षिण में मिन्या गवर्नोरेट स्थित अंबा सैमुअल मौनेस्ट्री की ओर जा रही थी. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 23 ईसाइयों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हो गए. सुरक्षा कर्मी हमलावरों की तलाश कर रहे हैं. घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस घटनास्थल पर पहुंचीं.टिप्पणियां
देश में हाल के महीनों में इस्लामिक स्टेट आतंकवादियों की ओर से कॉप्टिक ईसाइयों पर कई हमले हुए हैं.
टंटा और अलेक्जेंड्रिया में गत नौ अप्रैल को गिरजाघरों को निशाना बनाकर किए गए दो आत्मघाती हमलों में कम से कम 46 व्यक्तियों की मौत हो गई थी.
देश में हाल के महीनों में इस्लामिक स्टेट आतंकवादियों की ओर से कॉप्टिक ईसाइयों पर कई हमले हुए हैं.
टंटा और अलेक्जेंड्रिया में गत नौ अप्रैल को गिरजाघरों को निशाना बनाकर किए गए दो आत्मघाती हमलों में कम से कम 46 व्यक्तियों की मौत हो गई थी.
टंटा और अलेक्जेंड्रिया में गत नौ अप्रैल को गिरजाघरों को निशाना बनाकर किए गए दो आत्मघाती हमलों में कम से कम 46 व्यक्तियों की मौत हो गई थी. | संक्षिप्त पाठ: बस अंबा सैमुअल मौनेस्ट्री की ओर जा रही थी.
घटना में 23 ईसाइयों की मौत और 25 अन्य घायल हुए- स्वास्थ्य मंत्रालय
सुरक्षा कर्मी हमलावरों की तलाश कर रहे हैं. | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बिहार में छात्राओं को साइकिल और स्कूली कपड़े बांटने के नाम पर एक बड़ा घोटाला सामने आया है। नीतीश कुमार सरकार ने नौंवी क्लास की छात्राओं के लिए साइकिल देने की स्कीम शुरू की थी। इसके लिए सरकार ने छात्राओं को पैसे दिए। इससे असर यह हुआ कि स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं की संख्या बढ़ी और सरकार की बढ़ा-चढ़ाकर तारीफ की गई।टिप्पणियां
इसके बाद सरकार ने खुद ही जांच कराई, जिसमें पाया गया कि तीन लाख फर्जी छात्राओं के स्कूल के रजिस्टर में नाम दर्ज हैं। इसके अलावा कई छात्राओं के नाम एक से अधिक स्कूलों में दर्ज पाए गए।
जांच में पाया गया है कि स्कूल के स्टाफ और अफसरों की मिलीभगत से इस घोटाले को अंजाम दिया गया। अब सरकार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कह रही है और कई आरोपी टीचरों का वेतन भी रोक दिया गया है।
इसके बाद सरकार ने खुद ही जांच कराई, जिसमें पाया गया कि तीन लाख फर्जी छात्राओं के स्कूल के रजिस्टर में नाम दर्ज हैं। इसके अलावा कई छात्राओं के नाम एक से अधिक स्कूलों में दर्ज पाए गए।
जांच में पाया गया है कि स्कूल के स्टाफ और अफसरों की मिलीभगत से इस घोटाले को अंजाम दिया गया। अब सरकार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कह रही है और कई आरोपी टीचरों का वेतन भी रोक दिया गया है।
जांच में पाया गया है कि स्कूल के स्टाफ और अफसरों की मिलीभगत से इस घोटाले को अंजाम दिया गया। अब सरकार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कह रही है और कई आरोपी टीचरों का वेतन भी रोक दिया गया है। | सारांश: बिहार में छात्राओं को साइकिल और स्कूली कपड़े बांटने के नाम पर एक बड़ा घोटाला सामने आया है। इस मामले में कई दोषी टीचरों का वेतन रोक दिया गया है। | 7 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ब्राह्मण को उन्होंने पकड़ लिया. साहूकार भी वहां पहुंच गया. ब्राह्मण ने कहा, 'मैं बहुत गरीब हूं और मेरी पत्नी ने आज तीज का व्रत रखा है. इसलिए मैंने यहां से सिर्फ सवा किलो का सत्तू बनाकर लिया है.' ब्राह्मण की तलाशी ली गई तो सत्तू के अलावा कुछ भी नहीं निकला. साहूकार ने कहा, 'आज तुम्हारी पत्नी को मैं अपनी धर्म बहन मानूंगा.' उसने ब्राह्मण को सातु, गहने, रुपये, मेहंदी, लच्छा और बहुत सारा धन देकर अच्छे से विदा किया. सबने मिलकर कजरी माता की पूजा की. जिस तरह ब्राह्मण के दिन फिरे वैसे सबके दिन फिरे. कजली माता अपनी कृपा सब पर करें.
दूसरी कथा इस प्रकार है- पौराणिक मान्यताओं के अनुसार एक साहूकार के सात बेटे थे. सतुदी तीज के दिन उसकी बड़ी बहू नीम के पेड़ की पूजा कर रही होती है तभी उसका पति मर जाता है. कुछ समय बाद उसके दूसरे बेटे की शादी होती है. वह भी सतुदी तीज के दिन नीम के पेड़ की पूजा करती है और उसका पति भी मर जाता है. इस तरह साहूकार के छह बेटे मर जाते हैं. फिर सातवें बेटे की शादी होती है.टिप्पणियां
सतुदी तीज के दिन उसकी पत्नी अपनी सास से कहती है कि वह आज नीम के पेड़ की जगह उसकी टहनी तोड़कर पूजा करेगी. जब वह पूजा करती है तब साहूकार के छह बेटे अचानक आ जाते हैं, लेकिन वे किसी को दिखाई नहीं देते. तब वह अपनी जेठानियों से नीम की टहनी की पूजा करने के लिए कहती है. तब वे सब बोलती हैं कि उनके पति जिंदा नहीं हैं इसलिए वे पूजा नहीं कर सकतीं. यह सुनकर छोटी बहू कहती है कि आप सबके पति जिंदा हैं. सभी महिलाएं प्रसन्न होकर अपने पति के साथ पूजा करती हैं. इसके बाद यह बात सब जगह फैल गई कि इस तीज पर नीम के पेड़ की नहीं बल्कि उसकी टहनी की पूजा करनी चाहिए.
दूसरी कथा इस प्रकार है- पौराणिक मान्यताओं के अनुसार एक साहूकार के सात बेटे थे. सतुदी तीज के दिन उसकी बड़ी बहू नीम के पेड़ की पूजा कर रही होती है तभी उसका पति मर जाता है. कुछ समय बाद उसके दूसरे बेटे की शादी होती है. वह भी सतुदी तीज के दिन नीम के पेड़ की पूजा करती है और उसका पति भी मर जाता है. इस तरह साहूकार के छह बेटे मर जाते हैं. फिर सातवें बेटे की शादी होती है.टिप्पणियां
सतुदी तीज के दिन उसकी पत्नी अपनी सास से कहती है कि वह आज नीम के पेड़ की जगह उसकी टहनी तोड़कर पूजा करेगी. जब वह पूजा करती है तब साहूकार के छह बेटे अचानक आ जाते हैं, लेकिन वे किसी को दिखाई नहीं देते. तब वह अपनी जेठानियों से नीम की टहनी की पूजा करने के लिए कहती है. तब वे सब बोलती हैं कि उनके पति जिंदा नहीं हैं इसलिए वे पूजा नहीं कर सकतीं. यह सुनकर छोटी बहू कहती है कि आप सबके पति जिंदा हैं. सभी महिलाएं प्रसन्न होकर अपने पति के साथ पूजा करती हैं. इसके बाद यह बात सब जगह फैल गई कि इस तीज पर नीम के पेड़ की नहीं बल्कि उसकी टहनी की पूजा करनी चाहिए.
सतुदी तीज के दिन उसकी पत्नी अपनी सास से कहती है कि वह आज नीम के पेड़ की जगह उसकी टहनी तोड़कर पूजा करेगी. जब वह पूजा करती है तब साहूकार के छह बेटे अचानक आ जाते हैं, लेकिन वे किसी को दिखाई नहीं देते. तब वह अपनी जेठानियों से नीम की टहनी की पूजा करने के लिए कहती है. तब वे सब बोलती हैं कि उनके पति जिंदा नहीं हैं इसलिए वे पूजा नहीं कर सकतीं. यह सुनकर छोटी बहू कहती है कि आप सबके पति जिंदा हैं. सभी महिलाएं प्रसन्न होकर अपने पति के साथ पूजा करती हैं. इसके बाद यह बात सब जगह फैल गई कि इस तीज पर नीम के पेड़ की नहीं बल्कि उसकी टहनी की पूजा करनी चाहिए. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: हिन्दू धर्म में कजरी तीज के व्रत का विशेष महत्व है
मान्यता है कि कजरी तीज का व्रत करने से पति-पत्नी के बीच प्रेम बढ़ता है
इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं | 19 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अनुशंसा पर सुरेश कलमाडी को राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया था। राष्ट्रमंडल खेल घोटाले के सम्बंध में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट में अनियमितताओं के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित पर उंगली उठाए जाने के मुद्दे पर उनके इस्तीफे की मांग कर रही भाजपा की युवा इकाई भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने मंगलवार को रामलीला मैदान से जंतर मंतर तक रैली निकाली। रैली को सम्बोधित करते हुए गडकरी ने कहा, "रिपोर्ट में करोड़ो रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के लिए साफ तौर पर प्रधानमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री को दोषी ठहराया गया है। सीएजी रिपोर्ट पर मैं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से जवाब चाहता हूं।" उन्होंने कहा, "कांग्रेस हम पर आरोप लगा रही थी कि हम कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। अब हम उनसे वही सवाल पूछते हैं। शीला दीक्षित के खिलाफ कार्रवाई करो।" गडकरी ने कहा कि कलमाडी को सोनिया की अनुशंसा पर प्रधानमंत्री ने नियुक्त किया था और वे अब इसके लिए भाजपानीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की तत्कालीन सरकार को दोषी ठहरा रहे हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कांग्रेस अध्यक्ष की अनुशंसा पर सुरेश कलमाडी को राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया था। | 3 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: चालू वित्त की तीसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़े आज जारी किए जाएंगे. वित्तीय सेवाएं देने वाली वैश्विक संस्था मॉर्गन स्टेनली ने एक रिपोर्ट में यह बात कही थी. दिसंबर तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर सात प्रतिशत रह सकती है. हालांकि जानकारों की मानें तो कयास इस बात पर हैं कि यह दर 6.9 फीसदी रह सकती है. रॉयटर्स द्वारा 35 अर्थशास्त्रियों के एक पोल में इस बात की संभावना जताई जा रही है. अब यदि ऐसा होता है तो भारत इस मामले में चीन को पीछे छोड़ देगा. इसी तिमाही में चीन की वृद्धि दर 6.8 फीसदी रही है.आर्थिक सर्वे रिपोर्ट: टैक्स भरने वालों की तादाद बढ़ी, GDP 7-7.5% रहने का अनुमान
आज शाम साढ़े पांच बजे के करीब ये डाटा रिलीज किए जा सकते हैं. शेयर बाजारों में भी आज सतर्कता का माहौल है. ब्रोकरों के अनुसार आज दिन में दिसंबर तिमाही के जीडीपी आंकड़े आने और फरवरी के लिए औद्योगिक उत्पादन सूचकांक जारी होने के चलते निवेशकों का रुख सावधानी भरा रहा. इससे शेयर बाजार प्रभावित हुए एवं कमजोर एशियाई बाजारों का भी घरेलू बाजार पर असर पड़ा.
वीडियो- आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट की 10 खास बातेंटिप्पणियां
बता दें कि चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत थी और पहली तिमाही में 5.7 प्रतिशत रही थी. स्टेनली की रिपोर्ट में कहा गया है कि सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) के संदर्भ में वृद्धि दर सालाना आधार पर दूसरी तिमाही के 6.1 प्रतिशत की तुलना में बढ़कर तीसरी तिमाही में 6.7 प्रतिशत रही है. रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियों की आय में भी दिसंबर तिमाही के दौरान सुधार हुआ है. वाहन एवं दोपहिया वाहनों की बिक्री भी इस दौरान तेजी से बढ़ी है. वस्तुओं के निर्यात की वृद्धि में भी दहाई अंकों में वृद्धि दर्ज की गयी है. हालांकि उद्योग एवं सेवा क्षेत्र में वृद्धि दर तेज होने तथा कृषि क्षेत्र में घटने का अनुमान है.
इनपुट- एजेंसियां
आर्थिक सर्वे रिपोर्ट: टैक्स भरने वालों की तादाद बढ़ी, GDP 7-7.5% रहने का अनुमान
आज शाम साढ़े पांच बजे के करीब ये डाटा रिलीज किए जा सकते हैं. शेयर बाजारों में भी आज सतर्कता का माहौल है. ब्रोकरों के अनुसार आज दिन में दिसंबर तिमाही के जीडीपी आंकड़े आने और फरवरी के लिए औद्योगिक उत्पादन सूचकांक जारी होने के चलते निवेशकों का रुख सावधानी भरा रहा. इससे शेयर बाजार प्रभावित हुए एवं कमजोर एशियाई बाजारों का भी घरेलू बाजार पर असर पड़ा.
वीडियो- आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट की 10 खास बातेंटिप्पणियां
बता दें कि चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत थी और पहली तिमाही में 5.7 प्रतिशत रही थी. स्टेनली की रिपोर्ट में कहा गया है कि सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) के संदर्भ में वृद्धि दर सालाना आधार पर दूसरी तिमाही के 6.1 प्रतिशत की तुलना में बढ़कर तीसरी तिमाही में 6.7 प्रतिशत रही है. रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियों की आय में भी दिसंबर तिमाही के दौरान सुधार हुआ है. वाहन एवं दोपहिया वाहनों की बिक्री भी इस दौरान तेजी से बढ़ी है. वस्तुओं के निर्यात की वृद्धि में भी दहाई अंकों में वृद्धि दर्ज की गयी है. हालांकि उद्योग एवं सेवा क्षेत्र में वृद्धि दर तेज होने तथा कृषि क्षेत्र में घटने का अनुमान है.
इनपुट- एजेंसियां
आज शाम साढ़े पांच बजे के करीब ये डाटा रिलीज किए जा सकते हैं. शेयर बाजारों में भी आज सतर्कता का माहौल है. ब्रोकरों के अनुसार आज दिन में दिसंबर तिमाही के जीडीपी आंकड़े आने और फरवरी के लिए औद्योगिक उत्पादन सूचकांक जारी होने के चलते निवेशकों का रुख सावधानी भरा रहा. इससे शेयर बाजार प्रभावित हुए एवं कमजोर एशियाई बाजारों का भी घरेलू बाजार पर असर पड़ा.
वीडियो- आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट की 10 खास बातेंटिप्पणियां
बता दें कि चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत थी और पहली तिमाही में 5.7 प्रतिशत रही थी. स्टेनली की रिपोर्ट में कहा गया है कि सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) के संदर्भ में वृद्धि दर सालाना आधार पर दूसरी तिमाही के 6.1 प्रतिशत की तुलना में बढ़कर तीसरी तिमाही में 6.7 प्रतिशत रही है. रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियों की आय में भी दिसंबर तिमाही के दौरान सुधार हुआ है. वाहन एवं दोपहिया वाहनों की बिक्री भी इस दौरान तेजी से बढ़ी है. वस्तुओं के निर्यात की वृद्धि में भी दहाई अंकों में वृद्धि दर्ज की गयी है. हालांकि उद्योग एवं सेवा क्षेत्र में वृद्धि दर तेज होने तथा कृषि क्षेत्र में घटने का अनुमान है.
इनपुट- एजेंसियां
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बता दें कि चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत थी और पहली तिमाही में 5.7 प्रतिशत रही थी. स्टेनली की रिपोर्ट में कहा गया है कि सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) के संदर्भ में वृद्धि दर सालाना आधार पर दूसरी तिमाही के 6.1 प्रतिशत की तुलना में बढ़कर तीसरी तिमाही में 6.7 प्रतिशत रही है. रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियों की आय में भी दिसंबर तिमाही के दौरान सुधार हुआ है. वाहन एवं दोपहिया वाहनों की बिक्री भी इस दौरान तेजी से बढ़ी है. वस्तुओं के निर्यात की वृद्धि में भी दहाई अंकों में वृद्धि दर्ज की गयी है. हालांकि उद्योग एवं सेवा क्षेत्र में वृद्धि दर तेज होने तथा कृषि क्षेत्र में घटने का अनुमान है.
इनपुट- एजेंसियां
बता दें कि चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत थी और पहली तिमाही में 5.7 प्रतिशत रही थी. स्टेनली की रिपोर्ट में कहा गया है कि सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) के संदर्भ में वृद्धि दर सालाना आधार पर दूसरी तिमाही के 6.1 प्रतिशत की तुलना में बढ़कर तीसरी तिमाही में 6.7 प्रतिशत रही है. रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियों की आय में भी दिसंबर तिमाही के दौरान सुधार हुआ है. वाहन एवं दोपहिया वाहनों की बिक्री भी इस दौरान तेजी से बढ़ी है. वस्तुओं के निर्यात की वृद्धि में भी दहाई अंकों में वृद्धि दर्ज की गयी है. हालांकि उद्योग एवं सेवा क्षेत्र में वृद्धि दर तेज होने तथा कृषि क्षेत्र में घटने का अनुमान है.
इनपुट- एजेंसियां
इनपुट- एजेंसियां | संक्षिप्त सारांश: चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़े आज जारी किए जाएंगे
यह दर 6.9 फीसदी रह सकती है
चीन की यह दर 6.8 फीसदी थी | 10 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बताया जाता है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे से कहा है कि सामूहिक बलात्कार की शिकार 23-वर्षीय छात्रा की मौत के मद्देनजर उसकी याद में इंडिया गेट और उसके आसपास शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से प्रतिबंध हटाया जाए।टिप्पणियां
प्रदर्शन की आशंका से पुलिस ने इंडिया गेट और रायसीना हिल्स की ओर जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए हैं और पूरे राजपथ पर बैरियर लगाए गए हैं। राजपथ ही इंडिया गेट को रायसीना हिल्स से जोड़ता है।
उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री महसूस करती हैं कि इंडिया गेट और उसके आसपास शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर कोई प्रतिबंध नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री के नजरिये से गृहमंत्री को अवगत करा दिया गया है। पिछले सप्ताह रायसीना हिल्स और इंडिया गेट के आसपास हो रहा प्रदर्शन उग्र हो उठा था। प्रदर्शनकारियों को इंडिया गेट या रायसीना हिल्स पहुंचने से रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने एहतियातन मध्य दिल्ली के 10 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए हैं।
प्रदर्शन की आशंका से पुलिस ने इंडिया गेट और रायसीना हिल्स की ओर जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए हैं और पूरे राजपथ पर बैरियर लगाए गए हैं। राजपथ ही इंडिया गेट को रायसीना हिल्स से जोड़ता है।
उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री महसूस करती हैं कि इंडिया गेट और उसके आसपास शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर कोई प्रतिबंध नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री के नजरिये से गृहमंत्री को अवगत करा दिया गया है। पिछले सप्ताह रायसीना हिल्स और इंडिया गेट के आसपास हो रहा प्रदर्शन उग्र हो उठा था। प्रदर्शनकारियों को इंडिया गेट या रायसीना हिल्स पहुंचने से रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने एहतियातन मध्य दिल्ली के 10 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए हैं।
उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री महसूस करती हैं कि इंडिया गेट और उसके आसपास शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर कोई प्रतिबंध नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री के नजरिये से गृहमंत्री को अवगत करा दिया गया है। पिछले सप्ताह रायसीना हिल्स और इंडिया गेट के आसपास हो रहा प्रदर्शन उग्र हो उठा था। प्रदर्शनकारियों को इंडिया गेट या रायसीना हिल्स पहुंचने से रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने एहतियातन मध्य दिल्ली के 10 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए हैं। | यहाँ एक सारांश है:शीला दीक्षित ने सुशील कुमार शिंदे से कहा है कि गैंगरेप की शिकार छात्रा की मौत के मद्देनजर उसकी याद में इंडिया गेट और उसके आसपास शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से प्रतिबंध हटाया जाए। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दूसरी औरत के साथ अवैध संबंध रखने के पत्नी के आरोप से घिरे व्यक्ति के लिए तलाक मंजूर करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि जीवनसाथी द्वारा व्यभिचार का आरोप लगाया जाना किसी भी व्यक्ति के लिए बहुत पीड़ादायक होता है.
न्यायमूर्ति प्रदीप नंदराजोग और न्यायमूर्ति योगेश खन्ना की पीठ ने कहा कि व्यभिचार का आरोप बहुत गंभीर आरोप है और यदि साबित नहीं होता है तो यह एक बड़ी क्रूरता है. अदालत ने कहा कि यह स्थापित हो गया है कि महिला ने अपने पति के खिलाफ व्यभिचार एवं दहेज उत्पीड़न का झूठा आरोप लगाया.
पीठ ने कहा, 'किसी के लिए भी इससे अधिक पीड़ा की बात नहीं हो सकती है उसका जीवनसाथी उसपर व्यभिचार का आरोप लगाए. यह स्थापित कानून है कि व्यभिचार का आरेाप गंभीर आरोप है और यदि साबित नहीं होता है तो यह क्रूरता है'. उच्च न्यायालय का फैसला एक व्यक्ति की याचिका पर आया है. वह तलाक की अपनी अर्जी निचली अदालत से रद्द होने के विरूद्ध उच्च न्यायालय पहुंचा था. अपने फैसले में उच्च न्यायालय ने कहा कि महिला की ओर से अदालत में कोई पेश नहीं हुआ.
न्यायालय ने इस व्यक्ति को क्रूरता और परित्याग के आधार पर तलाक मंजूर कर दी और कहा कि यह दंपति 1995 से ही साथ नहीं रह रहा है और ऐसे में उनकी शादी अपरिवर्तनीय रूप से टूट गई. टिप्पणियां
दरअसल, 1995 में फरवरी में शादी होने के बाद इस व्यक्ति की पत्नी अपने मायके चली गई. अगले साल उसने क्रूरता के आधार पर तलाक के लिए निचली अदालत में अर्जी लगाई. जब उसकी बीवी ने ससुराल लौटने का आश्वासन दिया तब उसने 2001 में अपनी अर्जी वापस ले ली, लेकिन वह ससुराल नहीं लौटी. फिर उस व्यक्ति ने 2009 में निचली अदालत में तलाक की अर्जी लगाई. महिला ने निचली अदालत में उस पर व्यभिचार और दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया. वहां दहेज उत्पीड़न के आरोप से वह व्यक्ति बरी हो गया, लेकिन निचली अदालत ने उसकी तलाक की अर्जी खारिज कर दी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
न्यायमूर्ति प्रदीप नंदराजोग और न्यायमूर्ति योगेश खन्ना की पीठ ने कहा कि व्यभिचार का आरोप बहुत गंभीर आरोप है और यदि साबित नहीं होता है तो यह एक बड़ी क्रूरता है. अदालत ने कहा कि यह स्थापित हो गया है कि महिला ने अपने पति के खिलाफ व्यभिचार एवं दहेज उत्पीड़न का झूठा आरोप लगाया.
पीठ ने कहा, 'किसी के लिए भी इससे अधिक पीड़ा की बात नहीं हो सकती है उसका जीवनसाथी उसपर व्यभिचार का आरोप लगाए. यह स्थापित कानून है कि व्यभिचार का आरेाप गंभीर आरोप है और यदि साबित नहीं होता है तो यह क्रूरता है'. उच्च न्यायालय का फैसला एक व्यक्ति की याचिका पर आया है. वह तलाक की अपनी अर्जी निचली अदालत से रद्द होने के विरूद्ध उच्च न्यायालय पहुंचा था. अपने फैसले में उच्च न्यायालय ने कहा कि महिला की ओर से अदालत में कोई पेश नहीं हुआ.
न्यायालय ने इस व्यक्ति को क्रूरता और परित्याग के आधार पर तलाक मंजूर कर दी और कहा कि यह दंपति 1995 से ही साथ नहीं रह रहा है और ऐसे में उनकी शादी अपरिवर्तनीय रूप से टूट गई. टिप्पणियां
दरअसल, 1995 में फरवरी में शादी होने के बाद इस व्यक्ति की पत्नी अपने मायके चली गई. अगले साल उसने क्रूरता के आधार पर तलाक के लिए निचली अदालत में अर्जी लगाई. जब उसकी बीवी ने ससुराल लौटने का आश्वासन दिया तब उसने 2001 में अपनी अर्जी वापस ले ली, लेकिन वह ससुराल नहीं लौटी. फिर उस व्यक्ति ने 2009 में निचली अदालत में तलाक की अर्जी लगाई. महिला ने निचली अदालत में उस पर व्यभिचार और दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया. वहां दहेज उत्पीड़न के आरोप से वह व्यक्ति बरी हो गया, लेकिन निचली अदालत ने उसकी तलाक की अर्जी खारिज कर दी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पीठ ने कहा, 'किसी के लिए भी इससे अधिक पीड़ा की बात नहीं हो सकती है उसका जीवनसाथी उसपर व्यभिचार का आरोप लगाए. यह स्थापित कानून है कि व्यभिचार का आरेाप गंभीर आरोप है और यदि साबित नहीं होता है तो यह क्रूरता है'. उच्च न्यायालय का फैसला एक व्यक्ति की याचिका पर आया है. वह तलाक की अपनी अर्जी निचली अदालत से रद्द होने के विरूद्ध उच्च न्यायालय पहुंचा था. अपने फैसले में उच्च न्यायालय ने कहा कि महिला की ओर से अदालत में कोई पेश नहीं हुआ.
न्यायालय ने इस व्यक्ति को क्रूरता और परित्याग के आधार पर तलाक मंजूर कर दी और कहा कि यह दंपति 1995 से ही साथ नहीं रह रहा है और ऐसे में उनकी शादी अपरिवर्तनीय रूप से टूट गई. टिप्पणियां
दरअसल, 1995 में फरवरी में शादी होने के बाद इस व्यक्ति की पत्नी अपने मायके चली गई. अगले साल उसने क्रूरता के आधार पर तलाक के लिए निचली अदालत में अर्जी लगाई. जब उसकी बीवी ने ससुराल लौटने का आश्वासन दिया तब उसने 2001 में अपनी अर्जी वापस ले ली, लेकिन वह ससुराल नहीं लौटी. फिर उस व्यक्ति ने 2009 में निचली अदालत में तलाक की अर्जी लगाई. महिला ने निचली अदालत में उस पर व्यभिचार और दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया. वहां दहेज उत्पीड़न के आरोप से वह व्यक्ति बरी हो गया, लेकिन निचली अदालत ने उसकी तलाक की अर्जी खारिज कर दी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
न्यायालय ने इस व्यक्ति को क्रूरता और परित्याग के आधार पर तलाक मंजूर कर दी और कहा कि यह दंपति 1995 से ही साथ नहीं रह रहा है और ऐसे में उनकी शादी अपरिवर्तनीय रूप से टूट गई. टिप्पणियां
दरअसल, 1995 में फरवरी में शादी होने के बाद इस व्यक्ति की पत्नी अपने मायके चली गई. अगले साल उसने क्रूरता के आधार पर तलाक के लिए निचली अदालत में अर्जी लगाई. जब उसकी बीवी ने ससुराल लौटने का आश्वासन दिया तब उसने 2001 में अपनी अर्जी वापस ले ली, लेकिन वह ससुराल नहीं लौटी. फिर उस व्यक्ति ने 2009 में निचली अदालत में तलाक की अर्जी लगाई. महिला ने निचली अदालत में उस पर व्यभिचार और दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया. वहां दहेज उत्पीड़न के आरोप से वह व्यक्ति बरी हो गया, लेकिन निचली अदालत ने उसकी तलाक की अर्जी खारिज कर दी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दरअसल, 1995 में फरवरी में शादी होने के बाद इस व्यक्ति की पत्नी अपने मायके चली गई. अगले साल उसने क्रूरता के आधार पर तलाक के लिए निचली अदालत में अर्जी लगाई. जब उसकी बीवी ने ससुराल लौटने का आश्वासन दिया तब उसने 2001 में अपनी अर्जी वापस ले ली, लेकिन वह ससुराल नहीं लौटी. फिर उस व्यक्ति ने 2009 में निचली अदालत में तलाक की अर्जी लगाई. महिला ने निचली अदालत में उस पर व्यभिचार और दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया. वहां दहेज उत्पीड़न के आरोप से वह व्यक्ति बरी हो गया, लेकिन निचली अदालत ने उसकी तलाक की अर्जी खारिज कर दी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: दिल्ली उच्च न्यायालय ने तलाक की एक अर्जी को मंजूर करते हुए यह बात कही.
व्यभिचार का आरोप साबित नहीं होता है तो यह एक बड़ी क्रूरता है- हाईकोर्ट
महिला ने पति के खिलाफ व्यभिचार, दहेज उत्पीड़न का झूठा आरोप लगाया- HC | 2 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट टीम ने फिरोजशाह कोटला मैदान पर खेले गए चौथे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया को छह विकेट से हराकर रविवार को चार मैचों की शृंखला 4-0 से अपने नाम कर ली। इसके साथ ही भारत ने बीते साल ऑस्ट्रेलिया के हाथों मिली करारी शिकस्त का हिसाब भी बराबर कर लिया और 81 साल के अपने टेस्ट इतिहास में इतने बड़े अंतर से कोई शृंखला जीतने का नया कीर्तिमान स्थापित किया।
यही नहीं, महेंद्र सिंह धोनी की युवा टीम ने कोटला में 1987 के बाद से कोई टेस्ट मैच नहीं हारने के रिकार्ड को भी बरकरार रखा है। भारत ने इस मैदान पर अंतिम बार वेस्टइंडीज के हाथों हार का स्वाद चखा था। ऑस्ट्रेलियाई टीम इस मैदान पर 1959 के बाद से अब तक नहीं जीत सकी है।
चार मैचों में 29 विकेट चटकाने वाले ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को मैन ऑफ सीरीज चुना गया जबकि गेंद और बल्ले के साथ कमाल करने वाले रवींद्र जडेजा को मैन ऑफ द मैच खिताब से नवाजा गया। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान एलन बॉर्डर ने धोनी को 'बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी' भेंट की।
भारत, ऑफ स्पिनर अश्विन (5 विकेट) के नेतृत्व में अपने स्पिन गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन की बदौलत ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 262 रनों पर समटने में सफल रहा था। इसके बाद भारत ने अपनी पहली पारी में मुरली विजय (52), चेतेश्वर पुजारा (52) और जडेजा (43) की बदौलत 272 रन बनाकर 10 रनों की बढ़त हासिल कर ली।
मैच के तीसरे दिन भारत ने ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी 164 रनों पर समेट दी। इसमें जडेजा की अहम भूमिका रही, जिन्होंने पांच विकेट झटके। अश्विन और प्रज्ञान ओझा को दो-दो विकेट मिले।
इस तरह तीसरे ही दिन मैच को खत्म करने के लिए भारत के सामने 37 ओवरों में जीत के लिए 155 रनों की चुनौती थी। टूट चुकी विकेट पर यह लक्ष्य आसान नहीं था। और फिर लियोन ने जिस तरह की गेंदबाजी करते हुए भारत की पहली पारी में सात विकेट झटके थे, उसे देखते हुए तो यह बिल्कुल भी आसान नहीं था।
भारत ने इस मुश्किल विकेट पर पुजारा के शानदार 82 रनों की बदौलत एक बेहतरीन जीत दर्ज की। पुजारा ने मुरली (11) का विकेट सस्ते में निकल जाने के बाद विराट कोहली (41) के साथ उम्दा बल्लेबाजी करते हुए दूसरे विकेट के लिए 104 रन जोड़े और जीत के लिए जमीन तैयार की।
भारत के महानतम बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर भारत में संभवत: अपनी अंतिम पारी में एक रन बनाकर आउट हुए और पदार्पण करने वाले मुम्बई के अजिंक्य रहाणे ने एक बार फिर निराश किया। रहाणे ने पहली पारी में सात और दूसरी पारी में एक रन बनाया।
चार विकेट गिरने के बाद भारत के लिए मुश्किल बढ़ता दिख रहा था लेकिन एक छोर पर डटे पुजारा और कप्तान धोनी (नाबाद 12) टीम को जीत दिलाकर ही लौटे। पुजारा ने अपनी 92 गेंदों की पारी में 11 चौके लगाए।टिप्पणियां
इसके साथ भारत ने ऑस्ट्रेलिया पर अब तक के सबसे बड़े अंतर से जीत हासिल की। यही नहीं, उसने अपने 81 साल के टेस्ट इतिहास में किसी शृंखला को सबसे बड़े अंतर से जीता।
भारत ने चेन्नई में खेला गया पहला टेस्ट मैच आठ विकेट से जीता था जबकि हैदराबाद में खेले गए दूसरे टेस्ट में उसने एक पारी और 135 रनों से जीत हासिल की थी। मोहाली में खेले गए तीसरे मैच को छह विकेट से जीतकर भारत ने यह शृंखला अपने नाम कर ली थी।
यही नहीं, महेंद्र सिंह धोनी की युवा टीम ने कोटला में 1987 के बाद से कोई टेस्ट मैच नहीं हारने के रिकार्ड को भी बरकरार रखा है। भारत ने इस मैदान पर अंतिम बार वेस्टइंडीज के हाथों हार का स्वाद चखा था। ऑस्ट्रेलियाई टीम इस मैदान पर 1959 के बाद से अब तक नहीं जीत सकी है।
चार मैचों में 29 विकेट चटकाने वाले ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को मैन ऑफ सीरीज चुना गया जबकि गेंद और बल्ले के साथ कमाल करने वाले रवींद्र जडेजा को मैन ऑफ द मैच खिताब से नवाजा गया। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान एलन बॉर्डर ने धोनी को 'बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी' भेंट की।
भारत, ऑफ स्पिनर अश्विन (5 विकेट) के नेतृत्व में अपने स्पिन गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन की बदौलत ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 262 रनों पर समटने में सफल रहा था। इसके बाद भारत ने अपनी पहली पारी में मुरली विजय (52), चेतेश्वर पुजारा (52) और जडेजा (43) की बदौलत 272 रन बनाकर 10 रनों की बढ़त हासिल कर ली।
मैच के तीसरे दिन भारत ने ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी 164 रनों पर समेट दी। इसमें जडेजा की अहम भूमिका रही, जिन्होंने पांच विकेट झटके। अश्विन और प्रज्ञान ओझा को दो-दो विकेट मिले।
इस तरह तीसरे ही दिन मैच को खत्म करने के लिए भारत के सामने 37 ओवरों में जीत के लिए 155 रनों की चुनौती थी। टूट चुकी विकेट पर यह लक्ष्य आसान नहीं था। और फिर लियोन ने जिस तरह की गेंदबाजी करते हुए भारत की पहली पारी में सात विकेट झटके थे, उसे देखते हुए तो यह बिल्कुल भी आसान नहीं था।
भारत ने इस मुश्किल विकेट पर पुजारा के शानदार 82 रनों की बदौलत एक बेहतरीन जीत दर्ज की। पुजारा ने मुरली (11) का विकेट सस्ते में निकल जाने के बाद विराट कोहली (41) के साथ उम्दा बल्लेबाजी करते हुए दूसरे विकेट के लिए 104 रन जोड़े और जीत के लिए जमीन तैयार की।
भारत के महानतम बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर भारत में संभवत: अपनी अंतिम पारी में एक रन बनाकर आउट हुए और पदार्पण करने वाले मुम्बई के अजिंक्य रहाणे ने एक बार फिर निराश किया। रहाणे ने पहली पारी में सात और दूसरी पारी में एक रन बनाया।
चार विकेट गिरने के बाद भारत के लिए मुश्किल बढ़ता दिख रहा था लेकिन एक छोर पर डटे पुजारा और कप्तान धोनी (नाबाद 12) टीम को जीत दिलाकर ही लौटे। पुजारा ने अपनी 92 गेंदों की पारी में 11 चौके लगाए।टिप्पणियां
इसके साथ भारत ने ऑस्ट्रेलिया पर अब तक के सबसे बड़े अंतर से जीत हासिल की। यही नहीं, उसने अपने 81 साल के टेस्ट इतिहास में किसी शृंखला को सबसे बड़े अंतर से जीता।
भारत ने चेन्नई में खेला गया पहला टेस्ट मैच आठ विकेट से जीता था जबकि हैदराबाद में खेले गए दूसरे टेस्ट में उसने एक पारी और 135 रनों से जीत हासिल की थी। मोहाली में खेले गए तीसरे मैच को छह विकेट से जीतकर भारत ने यह शृंखला अपने नाम कर ली थी।
चार मैचों में 29 विकेट चटकाने वाले ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को मैन ऑफ सीरीज चुना गया जबकि गेंद और बल्ले के साथ कमाल करने वाले रवींद्र जडेजा को मैन ऑफ द मैच खिताब से नवाजा गया। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान एलन बॉर्डर ने धोनी को 'बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी' भेंट की।
भारत, ऑफ स्पिनर अश्विन (5 विकेट) के नेतृत्व में अपने स्पिन गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन की बदौलत ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 262 रनों पर समटने में सफल रहा था। इसके बाद भारत ने अपनी पहली पारी में मुरली विजय (52), चेतेश्वर पुजारा (52) और जडेजा (43) की बदौलत 272 रन बनाकर 10 रनों की बढ़त हासिल कर ली।
मैच के तीसरे दिन भारत ने ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी 164 रनों पर समेट दी। इसमें जडेजा की अहम भूमिका रही, जिन्होंने पांच विकेट झटके। अश्विन और प्रज्ञान ओझा को दो-दो विकेट मिले।
इस तरह तीसरे ही दिन मैच को खत्म करने के लिए भारत के सामने 37 ओवरों में जीत के लिए 155 रनों की चुनौती थी। टूट चुकी विकेट पर यह लक्ष्य आसान नहीं था। और फिर लियोन ने जिस तरह की गेंदबाजी करते हुए भारत की पहली पारी में सात विकेट झटके थे, उसे देखते हुए तो यह बिल्कुल भी आसान नहीं था।
भारत ने इस मुश्किल विकेट पर पुजारा के शानदार 82 रनों की बदौलत एक बेहतरीन जीत दर्ज की। पुजारा ने मुरली (11) का विकेट सस्ते में निकल जाने के बाद विराट कोहली (41) के साथ उम्दा बल्लेबाजी करते हुए दूसरे विकेट के लिए 104 रन जोड़े और जीत के लिए जमीन तैयार की।
भारत के महानतम बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर भारत में संभवत: अपनी अंतिम पारी में एक रन बनाकर आउट हुए और पदार्पण करने वाले मुम्बई के अजिंक्य रहाणे ने एक बार फिर निराश किया। रहाणे ने पहली पारी में सात और दूसरी पारी में एक रन बनाया।
चार विकेट गिरने के बाद भारत के लिए मुश्किल बढ़ता दिख रहा था लेकिन एक छोर पर डटे पुजारा और कप्तान धोनी (नाबाद 12) टीम को जीत दिलाकर ही लौटे। पुजारा ने अपनी 92 गेंदों की पारी में 11 चौके लगाए।टिप्पणियां
इसके साथ भारत ने ऑस्ट्रेलिया पर अब तक के सबसे बड़े अंतर से जीत हासिल की। यही नहीं, उसने अपने 81 साल के टेस्ट इतिहास में किसी शृंखला को सबसे बड़े अंतर से जीता।
भारत ने चेन्नई में खेला गया पहला टेस्ट मैच आठ विकेट से जीता था जबकि हैदराबाद में खेले गए दूसरे टेस्ट में उसने एक पारी और 135 रनों से जीत हासिल की थी। मोहाली में खेले गए तीसरे मैच को छह विकेट से जीतकर भारत ने यह शृंखला अपने नाम कर ली थी।
भारत, ऑफ स्पिनर अश्विन (5 विकेट) के नेतृत्व में अपने स्पिन गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन की बदौलत ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 262 रनों पर समटने में सफल रहा था। इसके बाद भारत ने अपनी पहली पारी में मुरली विजय (52), चेतेश्वर पुजारा (52) और जडेजा (43) की बदौलत 272 रन बनाकर 10 रनों की बढ़त हासिल कर ली।
मैच के तीसरे दिन भारत ने ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी 164 रनों पर समेट दी। इसमें जडेजा की अहम भूमिका रही, जिन्होंने पांच विकेट झटके। अश्विन और प्रज्ञान ओझा को दो-दो विकेट मिले।
इस तरह तीसरे ही दिन मैच को खत्म करने के लिए भारत के सामने 37 ओवरों में जीत के लिए 155 रनों की चुनौती थी। टूट चुकी विकेट पर यह लक्ष्य आसान नहीं था। और फिर लियोन ने जिस तरह की गेंदबाजी करते हुए भारत की पहली पारी में सात विकेट झटके थे, उसे देखते हुए तो यह बिल्कुल भी आसान नहीं था।
भारत ने इस मुश्किल विकेट पर पुजारा के शानदार 82 रनों की बदौलत एक बेहतरीन जीत दर्ज की। पुजारा ने मुरली (11) का विकेट सस्ते में निकल जाने के बाद विराट कोहली (41) के साथ उम्दा बल्लेबाजी करते हुए दूसरे विकेट के लिए 104 रन जोड़े और जीत के लिए जमीन तैयार की।
भारत के महानतम बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर भारत में संभवत: अपनी अंतिम पारी में एक रन बनाकर आउट हुए और पदार्पण करने वाले मुम्बई के अजिंक्य रहाणे ने एक बार फिर निराश किया। रहाणे ने पहली पारी में सात और दूसरी पारी में एक रन बनाया।
चार विकेट गिरने के बाद भारत के लिए मुश्किल बढ़ता दिख रहा था लेकिन एक छोर पर डटे पुजारा और कप्तान धोनी (नाबाद 12) टीम को जीत दिलाकर ही लौटे। पुजारा ने अपनी 92 गेंदों की पारी में 11 चौके लगाए।टिप्पणियां
इसके साथ भारत ने ऑस्ट्रेलिया पर अब तक के सबसे बड़े अंतर से जीत हासिल की। यही नहीं, उसने अपने 81 साल के टेस्ट इतिहास में किसी शृंखला को सबसे बड़े अंतर से जीता।
भारत ने चेन्नई में खेला गया पहला टेस्ट मैच आठ विकेट से जीता था जबकि हैदराबाद में खेले गए दूसरे टेस्ट में उसने एक पारी और 135 रनों से जीत हासिल की थी। मोहाली में खेले गए तीसरे मैच को छह विकेट से जीतकर भारत ने यह शृंखला अपने नाम कर ली थी।
मैच के तीसरे दिन भारत ने ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी 164 रनों पर समेट दी। इसमें जडेजा की अहम भूमिका रही, जिन्होंने पांच विकेट झटके। अश्विन और प्रज्ञान ओझा को दो-दो विकेट मिले।
इस तरह तीसरे ही दिन मैच को खत्म करने के लिए भारत के सामने 37 ओवरों में जीत के लिए 155 रनों की चुनौती थी। टूट चुकी विकेट पर यह लक्ष्य आसान नहीं था। और फिर लियोन ने जिस तरह की गेंदबाजी करते हुए भारत की पहली पारी में सात विकेट झटके थे, उसे देखते हुए तो यह बिल्कुल भी आसान नहीं था।
भारत ने इस मुश्किल विकेट पर पुजारा के शानदार 82 रनों की बदौलत एक बेहतरीन जीत दर्ज की। पुजारा ने मुरली (11) का विकेट सस्ते में निकल जाने के बाद विराट कोहली (41) के साथ उम्दा बल्लेबाजी करते हुए दूसरे विकेट के लिए 104 रन जोड़े और जीत के लिए जमीन तैयार की।
भारत के महानतम बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर भारत में संभवत: अपनी अंतिम पारी में एक रन बनाकर आउट हुए और पदार्पण करने वाले मुम्बई के अजिंक्य रहाणे ने एक बार फिर निराश किया। रहाणे ने पहली पारी में सात और दूसरी पारी में एक रन बनाया।
चार विकेट गिरने के बाद भारत के लिए मुश्किल बढ़ता दिख रहा था लेकिन एक छोर पर डटे पुजारा और कप्तान धोनी (नाबाद 12) टीम को जीत दिलाकर ही लौटे। पुजारा ने अपनी 92 गेंदों की पारी में 11 चौके लगाए।टिप्पणियां
इसके साथ भारत ने ऑस्ट्रेलिया पर अब तक के सबसे बड़े अंतर से जीत हासिल की। यही नहीं, उसने अपने 81 साल के टेस्ट इतिहास में किसी शृंखला को सबसे बड़े अंतर से जीता।
भारत ने चेन्नई में खेला गया पहला टेस्ट मैच आठ विकेट से जीता था जबकि हैदराबाद में खेले गए दूसरे टेस्ट में उसने एक पारी और 135 रनों से जीत हासिल की थी। मोहाली में खेले गए तीसरे मैच को छह विकेट से जीतकर भारत ने यह शृंखला अपने नाम कर ली थी।
इस तरह तीसरे ही दिन मैच को खत्म करने के लिए भारत के सामने 37 ओवरों में जीत के लिए 155 रनों की चुनौती थी। टूट चुकी विकेट पर यह लक्ष्य आसान नहीं था। और फिर लियोन ने जिस तरह की गेंदबाजी करते हुए भारत की पहली पारी में सात विकेट झटके थे, उसे देखते हुए तो यह बिल्कुल भी आसान नहीं था।
भारत ने इस मुश्किल विकेट पर पुजारा के शानदार 82 रनों की बदौलत एक बेहतरीन जीत दर्ज की। पुजारा ने मुरली (11) का विकेट सस्ते में निकल जाने के बाद विराट कोहली (41) के साथ उम्दा बल्लेबाजी करते हुए दूसरे विकेट के लिए 104 रन जोड़े और जीत के लिए जमीन तैयार की।
भारत के महानतम बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर भारत में संभवत: अपनी अंतिम पारी में एक रन बनाकर आउट हुए और पदार्पण करने वाले मुम्बई के अजिंक्य रहाणे ने एक बार फिर निराश किया। रहाणे ने पहली पारी में सात और दूसरी पारी में एक रन बनाया।
चार विकेट गिरने के बाद भारत के लिए मुश्किल बढ़ता दिख रहा था लेकिन एक छोर पर डटे पुजारा और कप्तान धोनी (नाबाद 12) टीम को जीत दिलाकर ही लौटे। पुजारा ने अपनी 92 गेंदों की पारी में 11 चौके लगाए।टिप्पणियां
इसके साथ भारत ने ऑस्ट्रेलिया पर अब तक के सबसे बड़े अंतर से जीत हासिल की। यही नहीं, उसने अपने 81 साल के टेस्ट इतिहास में किसी शृंखला को सबसे बड़े अंतर से जीता।
भारत ने चेन्नई में खेला गया पहला टेस्ट मैच आठ विकेट से जीता था जबकि हैदराबाद में खेले गए दूसरे टेस्ट में उसने एक पारी और 135 रनों से जीत हासिल की थी। मोहाली में खेले गए तीसरे मैच को छह विकेट से जीतकर भारत ने यह शृंखला अपने नाम कर ली थी।
भारत ने इस मुश्किल विकेट पर पुजारा के शानदार 82 रनों की बदौलत एक बेहतरीन जीत दर्ज की। पुजारा ने मुरली (11) का विकेट सस्ते में निकल जाने के बाद विराट कोहली (41) के साथ उम्दा बल्लेबाजी करते हुए दूसरे विकेट के लिए 104 रन जोड़े और जीत के लिए जमीन तैयार की।
भारत के महानतम बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर भारत में संभवत: अपनी अंतिम पारी में एक रन बनाकर आउट हुए और पदार्पण करने वाले मुम्बई के अजिंक्य रहाणे ने एक बार फिर निराश किया। रहाणे ने पहली पारी में सात और दूसरी पारी में एक रन बनाया।
चार विकेट गिरने के बाद भारत के लिए मुश्किल बढ़ता दिख रहा था लेकिन एक छोर पर डटे पुजारा और कप्तान धोनी (नाबाद 12) टीम को जीत दिलाकर ही लौटे। पुजारा ने अपनी 92 गेंदों की पारी में 11 चौके लगाए।टिप्पणियां
इसके साथ भारत ने ऑस्ट्रेलिया पर अब तक के सबसे बड़े अंतर से जीत हासिल की। यही नहीं, उसने अपने 81 साल के टेस्ट इतिहास में किसी शृंखला को सबसे बड़े अंतर से जीता।
भारत ने चेन्नई में खेला गया पहला टेस्ट मैच आठ विकेट से जीता था जबकि हैदराबाद में खेले गए दूसरे टेस्ट में उसने एक पारी और 135 रनों से जीत हासिल की थी। मोहाली में खेले गए तीसरे मैच को छह विकेट से जीतकर भारत ने यह शृंखला अपने नाम कर ली थी।
भारत के महानतम बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर भारत में संभवत: अपनी अंतिम पारी में एक रन बनाकर आउट हुए और पदार्पण करने वाले मुम्बई के अजिंक्य रहाणे ने एक बार फिर निराश किया। रहाणे ने पहली पारी में सात और दूसरी पारी में एक रन बनाया।
चार विकेट गिरने के बाद भारत के लिए मुश्किल बढ़ता दिख रहा था लेकिन एक छोर पर डटे पुजारा और कप्तान धोनी (नाबाद 12) टीम को जीत दिलाकर ही लौटे। पुजारा ने अपनी 92 गेंदों की पारी में 11 चौके लगाए।टिप्पणियां
इसके साथ भारत ने ऑस्ट्रेलिया पर अब तक के सबसे बड़े अंतर से जीत हासिल की। यही नहीं, उसने अपने 81 साल के टेस्ट इतिहास में किसी शृंखला को सबसे बड़े अंतर से जीता।
भारत ने चेन्नई में खेला गया पहला टेस्ट मैच आठ विकेट से जीता था जबकि हैदराबाद में खेले गए दूसरे टेस्ट में उसने एक पारी और 135 रनों से जीत हासिल की थी। मोहाली में खेले गए तीसरे मैच को छह विकेट से जीतकर भारत ने यह शृंखला अपने नाम कर ली थी।
चार विकेट गिरने के बाद भारत के लिए मुश्किल बढ़ता दिख रहा था लेकिन एक छोर पर डटे पुजारा और कप्तान धोनी (नाबाद 12) टीम को जीत दिलाकर ही लौटे। पुजारा ने अपनी 92 गेंदों की पारी में 11 चौके लगाए।टिप्पणियां
इसके साथ भारत ने ऑस्ट्रेलिया पर अब तक के सबसे बड़े अंतर से जीत हासिल की। यही नहीं, उसने अपने 81 साल के टेस्ट इतिहास में किसी शृंखला को सबसे बड़े अंतर से जीता।
भारत ने चेन्नई में खेला गया पहला टेस्ट मैच आठ विकेट से जीता था जबकि हैदराबाद में खेले गए दूसरे टेस्ट में उसने एक पारी और 135 रनों से जीत हासिल की थी। मोहाली में खेले गए तीसरे मैच को छह विकेट से जीतकर भारत ने यह शृंखला अपने नाम कर ली थी।
इसके साथ भारत ने ऑस्ट्रेलिया पर अब तक के सबसे बड़े अंतर से जीत हासिल की। यही नहीं, उसने अपने 81 साल के टेस्ट इतिहास में किसी शृंखला को सबसे बड़े अंतर से जीता।
भारत ने चेन्नई में खेला गया पहला टेस्ट मैच आठ विकेट से जीता था जबकि हैदराबाद में खेले गए दूसरे टेस्ट में उसने एक पारी और 135 रनों से जीत हासिल की थी। मोहाली में खेले गए तीसरे मैच को छह विकेट से जीतकर भारत ने यह शृंखला अपने नाम कर ली थी।
भारत ने चेन्नई में खेला गया पहला टेस्ट मैच आठ विकेट से जीता था जबकि हैदराबाद में खेले गए दूसरे टेस्ट में उसने एक पारी और 135 रनों से जीत हासिल की थी। मोहाली में खेले गए तीसरे मैच को छह विकेट से जीतकर भारत ने यह शृंखला अपने नाम कर ली थी। | सारांश: भारतीय क्रिकेट टीम ने फिरोजशाह कोटला मैदान पर खेले गए चौथे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया को छह विकेट से हराकर रविवार को चार मैचों की शृंखला 4-0 से अपने नाम कर ली। इसके साथ ही भारत ने बीते साल ऑस्ट्रेलिया के हाथों मिली करारी शिकस्त का हिसाब भी बराबर कर लिया। | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: रेप केस में नाम आने के बाद शाइनी आहूजा की पहली फिल्म 'घोस्ट' रिलीज हो गई। डायरेक्टर पूजा जीतदर बेदी की यह हिन्दी हॉरर एक अस्पताल पर है जहां लगातार कत्ल हो रहे हैं। हत्यारा चेहरा बिगाड़कर दिल निकाल लेता है। इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर विजय सिंह यानी शाइनी आहूजा का शक डॉक्टर सुहानी यानी सयाली भगत पर जाता है।
अब इस डॉक्टर के कपड़े देखकर आप हैरान रह जाएंगे। शॉर्ट और टाइट मिनी स्कर्ट्स…ऑफ शोल्डर ड्रेस। लगता है….ऑपरेशन थिएटर से सीधे यह डिस्कोथैक में लैंड करेगी। वाहियात एडिटिंग। चार-चार सेकेंड में भूत और अस्पताल के सीन चेंज। पिता का वही घिसा पिटा डायलॉग आज तुम्हारी मां जिंदा होती तो… और बेटे का सबसे कॉमेडी जवाब….लेकिन मां जिंदा नहीं है। मेंढक, सांप, खोपड़ी, आग, खून और इस सबके बीच बाइबिल की लाइन्स पड़ती ग्लैमरस हीरोइन जो मेडिकल साइन्स से ज्यादा भूतों में यकीन करती है। इससे ज्यादा मैं 'घोस्ट' की बुराई नहीं कर सकता। क्या यह शाइनी की हिम्मत है या मजबूरी जो कमबैक के लिए उन्होंने इतनी कमजोर स्क्रिप्ट चुनी। 'घोस्ट' के लिए रेटिंग है- 1 स्टार।
अब इस डॉक्टर के कपड़े देखकर आप हैरान रह जाएंगे। शॉर्ट और टाइट मिनी स्कर्ट्स…ऑफ शोल्डर ड्रेस। लगता है….ऑपरेशन थिएटर से सीधे यह डिस्कोथैक में लैंड करेगी। वाहियात एडिटिंग। चार-चार सेकेंड में भूत और अस्पताल के सीन चेंज। पिता का वही घिसा पिटा डायलॉग आज तुम्हारी मां जिंदा होती तो… और बेटे का सबसे कॉमेडी जवाब….लेकिन मां जिंदा नहीं है। मेंढक, सांप, खोपड़ी, आग, खून और इस सबके बीच बाइबिल की लाइन्स पड़ती ग्लैमरस हीरोइन जो मेडिकल साइन्स से ज्यादा भूतों में यकीन करती है। इससे ज्यादा मैं 'घोस्ट' की बुराई नहीं कर सकता। क्या यह शाइनी की हिम्मत है या मजबूरी जो कमबैक के लिए उन्होंने इतनी कमजोर स्क्रिप्ट चुनी। 'घोस्ट' के लिए रेटिंग है- 1 स्टार। | संक्षिप्त सारांश: क्या यह शाइनी की हिम्मत है या मजबूरी जो कमबैक के लिए उन्होंने इतनी कमजोर स्क्रिप्ट चुनी। 'घोस्ट' के लिए रेटिंग है- 1 स्टार। | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: टाट्रा एंडवेक्ट्रा कंपनी के प्रमुख रवींद्र ऋषि ने कहा है कि उन्होंने कभी भी लेफ्टिनेंट जनरल तेजिंदर सिंह को कोई काम नहीं सौंपा और न ही कंपनी के उत्पाद बेचने के काम में लगाया।टिप्पणियां
इसके अलावा, ऋषि का कहना है कि वह कभी साउथ ब्लॉक नहीं गए, और कभी जनरल वीके सिंह से नहीं मिले। उनका कहना है कि कंपनी का संबंध सरकारी कंपनी बीईएमएल से है और वह इसी कंपनी को ट्रक नहीं, उसके पुर्जे सप्लाई करती है।
बता दें कि बीईएमएल कंपनी से ही सेना ने विवादित ट्रकों को खरीदा था।
इसके अलावा, ऋषि का कहना है कि वह कभी साउथ ब्लॉक नहीं गए, और कभी जनरल वीके सिंह से नहीं मिले। उनका कहना है कि कंपनी का संबंध सरकारी कंपनी बीईएमएल से है और वह इसी कंपनी को ट्रक नहीं, उसके पुर्जे सप्लाई करती है।
बता दें कि बीईएमएल कंपनी से ही सेना ने विवादित ट्रकों को खरीदा था।
बता दें कि बीईएमएल कंपनी से ही सेना ने विवादित ट्रकों को खरीदा था। | सारांश: टाट्रा एंड वेक्ट्रा कंपनी के प्रमुख रवींद्र ऋषि ने कहा है कि उन्होंने कभी भी लेफ्टिनेंट जनरल तेजिंदर सिंह को कोई काम नहीं सौंपा और न ही कंपनी के उत्पाद बेचने के काम में लगाया। | 33 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारत-पाकिस्तान सीमा पर पिछले तीन दिनों में चार पाकिस्तानी नौकाएं जब्त की गई हैं. इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं. दरअसल, 26/11 के मुंबई हमले में भी आतंकियों ने नौकाओं का इस्तेमाल किया था. सीमा सुरक्षा बल ने गुजरात के कच्छ जिले में भारत-पाकिस्तान सीमा पर सर क्रीक के पास से लावारिस पड़ी मछली पकड़ने वाली पाकिस्तानी नौका को जब्त किया है. अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में गहन तलाशी अभियान के दौरान नौका जब्त की गई. सीमा सुरक्षा बल का कहना है कि पिछले तीन दिनों में सर क्रीक क्षेत्र से मछली पकड़ने वाली चार पाकिस्तानी नौकाएं जब्त की गई हैं.
बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, बीएसएफ ने सर क्रीक क्षेत्र की भारतीय सीमा से मछली पकड़ने वाली एक पाकिस्तानी नौका जब्त की है. पिछले तीन दिनों में बीएसएफ द्वारा जब्त की गई यह चौथी नौका है. बीएसएफ ने अपने खोज अभियान के दौरान मंगलवार को सर क्रीक के पास से मछली पकड़ने वाली पाकिस्तानी नौका जब्त की थी. अधिकारियों ने बताया कि इसी क्षेत्र से बीएसएफ ने कल मछली पकड़ने वाली और दो पाकिस्तानी नौकाएं जब्त की थीं.टिप्पणियां
बीएसएफ ने सतर्कता बरतते हुए सर क्रीक इलाके के आसपास गश्त बढ़ा दी है. इस दलदलीय इलाके में घुटनों तक पानी है. बीएसएफ के अधिकारी के मुताबिक, हमने सुरक्षा बढ़ा दी है. हम नावों की खोज में लगे हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, बीएसएफ ने सर क्रीक क्षेत्र की भारतीय सीमा से मछली पकड़ने वाली एक पाकिस्तानी नौका जब्त की है. पिछले तीन दिनों में बीएसएफ द्वारा जब्त की गई यह चौथी नौका है. बीएसएफ ने अपने खोज अभियान के दौरान मंगलवार को सर क्रीक के पास से मछली पकड़ने वाली पाकिस्तानी नौका जब्त की थी. अधिकारियों ने बताया कि इसी क्षेत्र से बीएसएफ ने कल मछली पकड़ने वाली और दो पाकिस्तानी नौकाएं जब्त की थीं.टिप्पणियां
बीएसएफ ने सतर्कता बरतते हुए सर क्रीक इलाके के आसपास गश्त बढ़ा दी है. इस दलदलीय इलाके में घुटनों तक पानी है. बीएसएफ के अधिकारी के मुताबिक, हमने सुरक्षा बढ़ा दी है. हम नावों की खोज में लगे हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बीएसएफ ने सतर्कता बरतते हुए सर क्रीक इलाके के आसपास गश्त बढ़ा दी है. इस दलदलीय इलाके में घुटनों तक पानी है. बीएसएफ के अधिकारी के मुताबिक, हमने सुरक्षा बढ़ा दी है. हम नावों की खोज में लगे हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:तीन दिनों में चार पाकिस्तानी नौकाएं जब्त
26/11 हमले में भी हुआ था नौका का इस्तेमाल
बीएसएफ ने इलाके में गश्ती बढ़ाई | 15 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पश्चिमोत्तर पाकिस्तान के पेशावर शहर में स्थित एक ऐतिहासिक हिन्दू मंदिर में रविवार को अज्ञात लोगों ने तोड़-फोड़ की। पुलिस और स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी दी। पिछले साल पेशावर उच्च न्यायालय के आदेश के बाद 160 साल पुराने इस मंदिर को दोबारा खोला गया था।टिप्पणियां
हिन्दू समुदाय के नेताओं ने कहा कि हमलावरांे ने गोरखनाथ मंदिर में तस्वीरों को जलाया और शिवलिंग को क्षतिग्रस्त कर दिया । हमलावर गोर गाथरी इलाके के एक पुरातात्विक परिसर में स्थित इस मंदिर से मूर्तियां ले गये। मंदिर के संरक्षक ने बताया कि पिछले दो महीने में मंदिर पर किया गया यह तीसरा हमला है ।
पुलिस अधिकारियों ने घटना की जांच के लिए मंदिर का दौरा किया। हिन्दू नेताओं ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस से बेहतर सुरक्षा व्यवस्था करने के लिए कहा। टेलीविजन चैनलों के फुटेज में मंदिर के फर्श पर जले कागज और बर्तन बिखरे दिखाई दिए।
हिन्दू समुदाय के नेताओं ने कहा कि हमलावरांे ने गोरखनाथ मंदिर में तस्वीरों को जलाया और शिवलिंग को क्षतिग्रस्त कर दिया । हमलावर गोर गाथरी इलाके के एक पुरातात्विक परिसर में स्थित इस मंदिर से मूर्तियां ले गये। मंदिर के संरक्षक ने बताया कि पिछले दो महीने में मंदिर पर किया गया यह तीसरा हमला है ।
पुलिस अधिकारियों ने घटना की जांच के लिए मंदिर का दौरा किया। हिन्दू नेताओं ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस से बेहतर सुरक्षा व्यवस्था करने के लिए कहा। टेलीविजन चैनलों के फुटेज में मंदिर के फर्श पर जले कागज और बर्तन बिखरे दिखाई दिए।
पुलिस अधिकारियों ने घटना की जांच के लिए मंदिर का दौरा किया। हिन्दू नेताओं ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस से बेहतर सुरक्षा व्यवस्था करने के लिए कहा। टेलीविजन चैनलों के फुटेज में मंदिर के फर्श पर जले कागज और बर्तन बिखरे दिखाई दिए। | पश्चिमोत्तर पाकिस्तान के पेशावर शहर में स्थित एक ऐतिहासिक हिन्दू मंदिर में रविवार को अज्ञात लोगों ने तोड़-फोड़ की। पुलिस और स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी दी। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: 2.0 Box Office Collection Day 24: रजनीकांत (Rajinikanth) की 2.0 (Robot 2.0) बॉक्स ऑफिस ( 2.0 Office Collection) पर रिकॉर्ड तोड़ती हुई नजर आ रही है. रजनकांत (Rajinikanth) और अक्षय कुमार (Akshay Kumar) की जोड़ी वाली फिल्म 2.0 रिलीज के पहले दिन से ही बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाए हुए है. बॉक्स ऑफिस इंडिया के मुताबिक, '2.0 (Enthiran 2.0)' के हिंदी वर्जन ने चार हफ्ते में कुल 185 करोड़ की कमाई की है और इस तरह रजनीकांत (Rajinikanth) और अक्षय कुमार (Akshay Kumar) की '2.0 (2 Point 0)' को सुपरहिट फिल्म का टैग हासिल हो गया है. रजनीकांत (Rajinuikanth) की '2.0' हिंदी, तमिल, और तेलुगू तीनों ही वर्जन में 100 करोड़ से ऊपर की कमाई कर चुकी है. फिल्म '2.0' 29 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. फिल्म में रजनीकांत (Rajinikanth), अक्षय कुमार Akshay Kumar), एमी जैक्सन (Amy Jackson), आदिल हुसैन और सुधांशु पांडे जैसे सितारे भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं. अक्षय की यह दक्षिण की पहली फिल्म है और इसमें वह खलनायक की भूमिका में हैं, जो 500-600 करोड़ रुपये के बीच के बजट में बनी है. फिल्म में रजनीकांत एक वैज्ञानिक और एक रोबोट की भूमिका में हैं.
रजनीकांत (Rajinikanth) की '2.0 (Robot 2.0)' के हिंदी वर्जन के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को लेकर फिल्म एक्सपर्ट रमेश बाला ने ट्वीट किया है: "चार हफ्ते के बाद, '2.0' के हिंदी वर्जन ने पूरे भारत में 185 करोड़ रु. की कमाई की है...सुपरहिट." इस तरह रजनीकांत ने बॉलीवुड में भी अपना सिक्का जमा दिया है, और फिल्म ने जमकर कमाई भी की है. आज शाहरुख खान की 'जीरो (Zero)' भी रिलीज हो गई है, लेकिन वो भी रजनीकांत की '2.0' के पहले दिन के रिकॉर्ड को नहीं छू सकी है. रजनीकांत की '2.0' ने बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन 20.25 करोड़ रु. की कमाई की थी.
रजनीकांत (Rajinikanth) की '2.0 (Robot 2.0)' 29 नवंबर को दुनिया भर में रिलीज हुई थी, और इसे रिकॉर्ड तोड़ ओपनिंग भी मिली थी. '2.0 (Enthiran 2.0)' अक्षय कुमार की अब तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन चुकी है. '2.0' को साउथ के सुपरहिट डायरेक्टर शंकर ने डायरेक्ट किया है. इस तरह रजनीकांत (Rajinikanth) का बॉक्स ऑफिस पर राज कायम है. | संक्षिप्त सारांश: रजनीकांत की '2.0' हुई सुपरहिट
रिलीज के चौथे हफ्ते भी नहीं रूक रहा कमाई का सिलसिला
इस फिल्म को दुनिया भर में जमकर पसंद किया जा रहा है | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अधिकारी ने कहा कि ऐसा लगता है कि सुरेन्द्र कुछ समय से ऐसा कर रहे थे. वरिष्ठ अधिकारियों ने गुंटकल स्टेशन पर जब सुरेन्द्र से पूछताछ की तो उन्होंने सच्चाई उगल दी. यहां तक कि सुरेन्द्र ने एक वीडियो भी रिकॉर्ड की जिसमें उन्होंने बताया कि इस चाल के लिये उसने "मानसिक रोग दूर करने वाली मछली" का इस्तेमाल किया. वीडियो में वह रेलवे अधिकारियों से उलझता दिख रहे हैं. वीडियो में उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है, "मैंने कुछ गलत नहीं किया. मैं बूढ़ा आदमी हूं, मानसिक रूप से अस्थिर हूं. मुझे ब्लड कैंसर है. कृपया मुझे जाने दो. पंजाब में एक आयुर्वेदिक दवा है. मैंने हड्डी रोगों और मानसिक बीमारियों को दूर करने की एक मछली का इस्तेमाल किया."
सुरेन्द्र ने यह दावा भी किया कि उनके पिता वरिष्ठ डीसीएम थे. अधिकारियों ने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सुरेन्द्र मानसिक रूप से अस्थिर हैं या नहीं, जैसा कि उन्होंने दावा किया है. साथ ही यह भी अस्पष्ट है कि उन्हें ब्लड कैंसर है अथवा नहीं. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: रेलवे के भोजन में नहीं थी छिपकली
फ्री के खाने के लिए बुजुर्ग ने चली थी चाल
पूछताछ में बुजुर्ग ने उगल दी सच्चाई | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदम्बरम ने गुरुवार को लोकसभा में भोजपुरी बोलकर सभी को हैरान कर दिया। आम तौर पर तमिल व धारा प्रवाह अंग्रेजी बोलने वाले चिदम्बरम ने भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने के मुद्दे पर अपनी बात इसी भाषा में रखी।
चिदम्बरम ने कहा, "हम सबके भावना समझत बानी (हम सभी की भावना समझ रहे हैं)।" उनके इतना कहने पर एकबारगी को सदन के सदस्य अचम्भित रह गए, लेकिन तुरंत मेजें थपथपाकर उनकी सराहना की। सदन की अध्यक्ष मीरा कुमार ने भी चिदम्बरम की तारीफ की, जो स्वयं बिहार से हैं।
कुमार ने कहा कि यह खुशी की बात है कि जिस चिदम्बरम को उन्होंने कभी हिन्दी में बोलते हुए भी नहीं सुना, वह सदन को भोजपुरी में सम्बोधित कर रहे हैं।
चिदम्बर लोकसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब दे रहे थे, जिसमें भोजपुरी को बिहार की मूल भाषा के रूप में संविधान की आठवीं सूची में शामिल करने और इसे आधिकारिक भाषा का दर्जा देने पर बल दिया गया है। टिप्पणियां
चिदम्बरम ने सदन से वादा किया कि इससे सम्बंधित प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। इस सम्बंध में दो समितियों की रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है। रिपोर्ट मिलने के तुरंत बाद इस दिशा में निर्णय लिए जाएंगे।
लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने उम्मीद जताई कि भोजपुरी को आधिकारिक दर्जा देने के मुद्दे पर चिदम्बरम जल्द ही सदन में 'खुशखबरी' लेकर आएंगे।
चिदम्बरम ने कहा, "हम सबके भावना समझत बानी (हम सभी की भावना समझ रहे हैं)।" उनके इतना कहने पर एकबारगी को सदन के सदस्य अचम्भित रह गए, लेकिन तुरंत मेजें थपथपाकर उनकी सराहना की। सदन की अध्यक्ष मीरा कुमार ने भी चिदम्बरम की तारीफ की, जो स्वयं बिहार से हैं।
कुमार ने कहा कि यह खुशी की बात है कि जिस चिदम्बरम को उन्होंने कभी हिन्दी में बोलते हुए भी नहीं सुना, वह सदन को भोजपुरी में सम्बोधित कर रहे हैं।
चिदम्बर लोकसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब दे रहे थे, जिसमें भोजपुरी को बिहार की मूल भाषा के रूप में संविधान की आठवीं सूची में शामिल करने और इसे आधिकारिक भाषा का दर्जा देने पर बल दिया गया है। टिप्पणियां
चिदम्बरम ने सदन से वादा किया कि इससे सम्बंधित प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। इस सम्बंध में दो समितियों की रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है। रिपोर्ट मिलने के तुरंत बाद इस दिशा में निर्णय लिए जाएंगे।
लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने उम्मीद जताई कि भोजपुरी को आधिकारिक दर्जा देने के मुद्दे पर चिदम्बरम जल्द ही सदन में 'खुशखबरी' लेकर आएंगे।
कुमार ने कहा कि यह खुशी की बात है कि जिस चिदम्बरम को उन्होंने कभी हिन्दी में बोलते हुए भी नहीं सुना, वह सदन को भोजपुरी में सम्बोधित कर रहे हैं।
चिदम्बर लोकसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब दे रहे थे, जिसमें भोजपुरी को बिहार की मूल भाषा के रूप में संविधान की आठवीं सूची में शामिल करने और इसे आधिकारिक भाषा का दर्जा देने पर बल दिया गया है। टिप्पणियां
चिदम्बरम ने सदन से वादा किया कि इससे सम्बंधित प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। इस सम्बंध में दो समितियों की रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है। रिपोर्ट मिलने के तुरंत बाद इस दिशा में निर्णय लिए जाएंगे।
लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने उम्मीद जताई कि भोजपुरी को आधिकारिक दर्जा देने के मुद्दे पर चिदम्बरम जल्द ही सदन में 'खुशखबरी' लेकर आएंगे।
चिदम्बर लोकसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब दे रहे थे, जिसमें भोजपुरी को बिहार की मूल भाषा के रूप में संविधान की आठवीं सूची में शामिल करने और इसे आधिकारिक भाषा का दर्जा देने पर बल दिया गया है। टिप्पणियां
चिदम्बरम ने सदन से वादा किया कि इससे सम्बंधित प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। इस सम्बंध में दो समितियों की रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है। रिपोर्ट मिलने के तुरंत बाद इस दिशा में निर्णय लिए जाएंगे।
लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने उम्मीद जताई कि भोजपुरी को आधिकारिक दर्जा देने के मुद्दे पर चिदम्बरम जल्द ही सदन में 'खुशखबरी' लेकर आएंगे।
चिदम्बरम ने सदन से वादा किया कि इससे सम्बंधित प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। इस सम्बंध में दो समितियों की रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है। रिपोर्ट मिलने के तुरंत बाद इस दिशा में निर्णय लिए जाएंगे।
लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने उम्मीद जताई कि भोजपुरी को आधिकारिक दर्जा देने के मुद्दे पर चिदम्बरम जल्द ही सदन में 'खुशखबरी' लेकर आएंगे।
लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने उम्मीद जताई कि भोजपुरी को आधिकारिक दर्जा देने के मुद्दे पर चिदम्बरम जल्द ही सदन में 'खुशखबरी' लेकर आएंगे। | केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदम्बरम ने गुरुवार को लोकसभा में भोजपुरी बोलकर सभी को हैरान कर दिया। आम तौर पर तमिल व धारा प्रवाह अंग्रेजी बोलने वाले चिदम्बरम ने भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने के मुद्दे पर अपनी बात इसी भाषा में रखी। | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सीमा पर शहीद हुए लांसनायक सुधाकर सिंह का उनके पैतृक गांव सीधी में अंतिम संस्कार किया गया। इससे पहले शहीद लांसनायक हेमराज का मथुरा में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया था।
पाकिस्तान के हमले में शहीद हुए 30 साल के सुधाकर सिंह 11 साल से फौज में थे। बेटे की मौत से टूटे पिता (सच्चिदानंद सिंह) को याद आया कि बेटा कहा करता था, मौत कभी भी आ सकती है, इससे डरना नहीं है।
शहीद जवान सुधाकर के पिता किसान हैं। गांव में गुजारे की मुश्किलों ने सुधाकर को प्रेरित किया कि वह फौज में जाए। शहीद लांसनायक सुधाकर सिंह ने अपने घर जो आखिरी चिट्ठी लिखी थी, इसमें उन्हें घर की याद आ रही थी, वे जल्दी आने वाले थे, लेकिन ड्यूटी ने रोक लिया। अब वह कभी नहीं आएंगे। उनका चार महीने का बेटा जब बड़ा होगा तो अपने उस पिता की बहादुरी के किस्से सुनेगा, जिसे वह ठीक से पहचान भी नहीं पाया।
इससे पहले बुधवार को लांसनायक हेमराज सिंह का मथुरा जिले के शेरगढ़ में अंतिम संस्कार किया गया। बेटे का शव देखकर मां बिलख उठी। बहादुर बेटे पर नाज तो था, लेकिन पाकिस्तानी सैनिकों की बर्बर करतूत देख दिल बिलख उठी। शेरनगर में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्से की लहर उठी है। लोग जवाब मांग रहे हैं कि भारत सरकार पाकिस्तान के खिलाफ क्या कार्यवाही कर रही है। टिप्पणियां
वैसे, बहादुरी और शहादत इस गांव के लिए नई चीज नहीं है। गांव के 15 लोग फौज में हैं। शहीद हेमराज के चाचा लेखराज सिंह ने बताया कि हेमराज भी गांव के दूसरे लोगों की तरह 10 साल की उम्र में ही फौज में भर्ती होने की बात किया करते थे। वह 11 साल से फौज में थे। 2004 में उनकी शादी धर्मावती देवी से हुई। उनके तीन बच्चे हैं। एक बेटा और दो बेटियां। बड़ी बेटी निर्मला सात साल की है जबकि छोटी शिवानी बस तीन साल की। बीच में पांच साल का बेटा प्रिंस है। परिवार में दो भाई हैं, जो खेती करते हैं। दो साल पहले उनके किसान पिता पीतांबर सिंह की मौत हो चुकी है।
हेमराज 32 साल के थे। उनके शव के साथ दुश्मनों ने बुरा सलूक किया, लेकिन उस जज्बे का वह बाल भी बांका न कर सके, जिसने हेमराज सिंह को शहीद बनाया।
पाकिस्तान के हमले में शहीद हुए 30 साल के सुधाकर सिंह 11 साल से फौज में थे। बेटे की मौत से टूटे पिता (सच्चिदानंद सिंह) को याद आया कि बेटा कहा करता था, मौत कभी भी आ सकती है, इससे डरना नहीं है।
शहीद जवान सुधाकर के पिता किसान हैं। गांव में गुजारे की मुश्किलों ने सुधाकर को प्रेरित किया कि वह फौज में जाए। शहीद लांसनायक सुधाकर सिंह ने अपने घर जो आखिरी चिट्ठी लिखी थी, इसमें उन्हें घर की याद आ रही थी, वे जल्दी आने वाले थे, लेकिन ड्यूटी ने रोक लिया। अब वह कभी नहीं आएंगे। उनका चार महीने का बेटा जब बड़ा होगा तो अपने उस पिता की बहादुरी के किस्से सुनेगा, जिसे वह ठीक से पहचान भी नहीं पाया।
इससे पहले बुधवार को लांसनायक हेमराज सिंह का मथुरा जिले के शेरगढ़ में अंतिम संस्कार किया गया। बेटे का शव देखकर मां बिलख उठी। बहादुर बेटे पर नाज तो था, लेकिन पाकिस्तानी सैनिकों की बर्बर करतूत देख दिल बिलख उठी। शेरनगर में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्से की लहर उठी है। लोग जवाब मांग रहे हैं कि भारत सरकार पाकिस्तान के खिलाफ क्या कार्यवाही कर रही है। टिप्पणियां
वैसे, बहादुरी और शहादत इस गांव के लिए नई चीज नहीं है। गांव के 15 लोग फौज में हैं। शहीद हेमराज के चाचा लेखराज सिंह ने बताया कि हेमराज भी गांव के दूसरे लोगों की तरह 10 साल की उम्र में ही फौज में भर्ती होने की बात किया करते थे। वह 11 साल से फौज में थे। 2004 में उनकी शादी धर्मावती देवी से हुई। उनके तीन बच्चे हैं। एक बेटा और दो बेटियां। बड़ी बेटी निर्मला सात साल की है जबकि छोटी शिवानी बस तीन साल की। बीच में पांच साल का बेटा प्रिंस है। परिवार में दो भाई हैं, जो खेती करते हैं। दो साल पहले उनके किसान पिता पीतांबर सिंह की मौत हो चुकी है।
हेमराज 32 साल के थे। उनके शव के साथ दुश्मनों ने बुरा सलूक किया, लेकिन उस जज्बे का वह बाल भी बांका न कर सके, जिसने हेमराज सिंह को शहीद बनाया।
शहीद जवान सुधाकर के पिता किसान हैं। गांव में गुजारे की मुश्किलों ने सुधाकर को प्रेरित किया कि वह फौज में जाए। शहीद लांसनायक सुधाकर सिंह ने अपने घर जो आखिरी चिट्ठी लिखी थी, इसमें उन्हें घर की याद आ रही थी, वे जल्दी आने वाले थे, लेकिन ड्यूटी ने रोक लिया। अब वह कभी नहीं आएंगे। उनका चार महीने का बेटा जब बड़ा होगा तो अपने उस पिता की बहादुरी के किस्से सुनेगा, जिसे वह ठीक से पहचान भी नहीं पाया।
इससे पहले बुधवार को लांसनायक हेमराज सिंह का मथुरा जिले के शेरगढ़ में अंतिम संस्कार किया गया। बेटे का शव देखकर मां बिलख उठी। बहादुर बेटे पर नाज तो था, लेकिन पाकिस्तानी सैनिकों की बर्बर करतूत देख दिल बिलख उठी। शेरनगर में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्से की लहर उठी है। लोग जवाब मांग रहे हैं कि भारत सरकार पाकिस्तान के खिलाफ क्या कार्यवाही कर रही है। टिप्पणियां
वैसे, बहादुरी और शहादत इस गांव के लिए नई चीज नहीं है। गांव के 15 लोग फौज में हैं। शहीद हेमराज के चाचा लेखराज सिंह ने बताया कि हेमराज भी गांव के दूसरे लोगों की तरह 10 साल की उम्र में ही फौज में भर्ती होने की बात किया करते थे। वह 11 साल से फौज में थे। 2004 में उनकी शादी धर्मावती देवी से हुई। उनके तीन बच्चे हैं। एक बेटा और दो बेटियां। बड़ी बेटी निर्मला सात साल की है जबकि छोटी शिवानी बस तीन साल की। बीच में पांच साल का बेटा प्रिंस है। परिवार में दो भाई हैं, जो खेती करते हैं। दो साल पहले उनके किसान पिता पीतांबर सिंह की मौत हो चुकी है।
हेमराज 32 साल के थे। उनके शव के साथ दुश्मनों ने बुरा सलूक किया, लेकिन उस जज्बे का वह बाल भी बांका न कर सके, जिसने हेमराज सिंह को शहीद बनाया।
इससे पहले बुधवार को लांसनायक हेमराज सिंह का मथुरा जिले के शेरगढ़ में अंतिम संस्कार किया गया। बेटे का शव देखकर मां बिलख उठी। बहादुर बेटे पर नाज तो था, लेकिन पाकिस्तानी सैनिकों की बर्बर करतूत देख दिल बिलख उठी। शेरनगर में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्से की लहर उठी है। लोग जवाब मांग रहे हैं कि भारत सरकार पाकिस्तान के खिलाफ क्या कार्यवाही कर रही है। टिप्पणियां
वैसे, बहादुरी और शहादत इस गांव के लिए नई चीज नहीं है। गांव के 15 लोग फौज में हैं। शहीद हेमराज के चाचा लेखराज सिंह ने बताया कि हेमराज भी गांव के दूसरे लोगों की तरह 10 साल की उम्र में ही फौज में भर्ती होने की बात किया करते थे। वह 11 साल से फौज में थे। 2004 में उनकी शादी धर्मावती देवी से हुई। उनके तीन बच्चे हैं। एक बेटा और दो बेटियां। बड़ी बेटी निर्मला सात साल की है जबकि छोटी शिवानी बस तीन साल की। बीच में पांच साल का बेटा प्रिंस है। परिवार में दो भाई हैं, जो खेती करते हैं। दो साल पहले उनके किसान पिता पीतांबर सिंह की मौत हो चुकी है।
हेमराज 32 साल के थे। उनके शव के साथ दुश्मनों ने बुरा सलूक किया, लेकिन उस जज्बे का वह बाल भी बांका न कर सके, जिसने हेमराज सिंह को शहीद बनाया।
वैसे, बहादुरी और शहादत इस गांव के लिए नई चीज नहीं है। गांव के 15 लोग फौज में हैं। शहीद हेमराज के चाचा लेखराज सिंह ने बताया कि हेमराज भी गांव के दूसरे लोगों की तरह 10 साल की उम्र में ही फौज में भर्ती होने की बात किया करते थे। वह 11 साल से फौज में थे। 2004 में उनकी शादी धर्मावती देवी से हुई। उनके तीन बच्चे हैं। एक बेटा और दो बेटियां। बड़ी बेटी निर्मला सात साल की है जबकि छोटी शिवानी बस तीन साल की। बीच में पांच साल का बेटा प्रिंस है। परिवार में दो भाई हैं, जो खेती करते हैं। दो साल पहले उनके किसान पिता पीतांबर सिंह की मौत हो चुकी है।
हेमराज 32 साल के थे। उनके शव के साथ दुश्मनों ने बुरा सलूक किया, लेकिन उस जज्बे का वह बाल भी बांका न कर सके, जिसने हेमराज सिंह को शहीद बनाया।
हेमराज 32 साल के थे। उनके शव के साथ दुश्मनों ने बुरा सलूक किया, लेकिन उस जज्बे का वह बाल भी बांका न कर सके, जिसने हेमराज सिंह को शहीद बनाया। | संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तान के हमले में शहीद हुए 30 साल के सुधाकर सिंह 11 साल से फौज में थे। बेटे की मौत से टूटे पिता (सच्चिदानंद सिंह) को याद आया कि बेटा कहा करता था, मौत कभी भी आ सकती है, इससे डरना नहीं है। | 13 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देर तक काम करने वाले कृपया ध्यान दें - ओटागो विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने क्राइस्टचर्च स्वास्थ्य और विकास विभाग के अध्ययन से आंकड़े जुटाए और उनकी पड़ताल की। इस अध्ययन में क्राइस्टचर्च में 1977 में जन्मे 1000 से ज्यादा लोगों के 30 साल तक की उम्र के आंकड़े हैं। वैज्ञानिक डॉ. शेरी गिब ने बताया कि अध्ययन का मकसद वयस्क जीवन की शुरुआती अवस्था में कामकाज का शराब की समस्या से संबंध को जानना था। आंकड़ों की पड़ताल में पाया गया कि कामकाज के लंबे घंटों और शराब से जुड़ी समस्याओं का गहरा रिश्ता होता है। लंबे समय तक काम के लिए शराब का इस्तेमाल और इसपर निर्भरता पाई गई। अध्ययन के मुताबिक, जो व्यक्ति औसतन 50 या उससे ज्यदा घंटे काम करते हैं उनमें शराब संबंधी समस्याएं होने की आशंका 1.8 से 3.3 गुना ज्यादा होती है। इन खोजों को एडिक्शन जर्नल में प्रकाशित किया गया है । | यहाँ एक सारांश है:ऑफिस में हफ्ते में 50 घंटे या उससे ज्यादा वक्त आपकी शराब की समस्या को तीन गुना तक बढ़ा सकती है। | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त न्यायमूर्ति लोढ़ा पैनल ने अगले छह महीने के अंदर सुधारों को लागू करने के लिये मंगलवार को होने वाली पूर्व निर्धारित बैठक को टालने के भारतीय क्रिकेट बोर्ड के आग्रह को सोमवार को नामंजूर कर दिया.
बीसीसीआई के नवनियुक्त कानूनी सलाहकार न्यायमूर्ति मार्केंडेय काटजू ने बीसीसीआई को सलाह दी थी कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ बड़ी पीठ के सामने समीक्षा याचिका दायर करे और 9 अगस्त को समिति के साथ पूर्व निर्धारित बैठक नहीं करे. उन्होंने समिति को ‘अमान्य’ करार दिया था. इसके बाद ही बीसीसीआई ने बैठक टालने का आग्रह किया था.
पैनल के करीबी सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर कहा, ‘‘अजय शिर्के (बीसीसीआई सचिव) ने कल रात समिति को पत्र लिखकर उनके और अनुराग ठाकुर के साथ मंगलवार को होने वाली बैठक को स्थगित करने का आग्रह किया. यह आग्रह नामंजूर कर दिया गया है.’’ माना जा रहा है कि ठाकुर और शिर्के यदि कल 11 बजे के प्रस्तावित समय में पैनल से नहीं मिलते हैं तो उन्हें अदालत की अवमानना का सामना करना पड़ सकता है.
बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बीसीसीआई 18 जुलाई के फैसले पर स्थगन आदेश लेना चाह रहा है और इसलिए वह जानबूझकर देरी की रणनीति अपना रहा है. प्रधान न्यायाधीश टीएस ठाकुर और न्यायमूर्ति एफएमआई खल्लिफुल्लाह ने यह फैसला दिया था।अंतरिम रिपोर्ट तैयार करने वाले न्यायमूर्ति काटजू ने उच्चतम न्यायालय के फैसले और लोढ़ा पैनल की नियुक्ति को ‘असंवैधानिक और गैरकानूनी’ करार दिया था. टिप्पणियां
उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय की भी आलोचना की और कहा कि कानून बनाना न्यायपालिका का नहीं बल्कि विधायिका का विशेषाधिकार है. उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय बाहरी स्रोतों (लोढ़ा पैनल) की सेवाएं लेकर बीसीसीआई को सजा नहीं दे सकता.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बीसीसीआई के नवनियुक्त कानूनी सलाहकार न्यायमूर्ति मार्केंडेय काटजू ने बीसीसीआई को सलाह दी थी कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ बड़ी पीठ के सामने समीक्षा याचिका दायर करे और 9 अगस्त को समिति के साथ पूर्व निर्धारित बैठक नहीं करे. उन्होंने समिति को ‘अमान्य’ करार दिया था. इसके बाद ही बीसीसीआई ने बैठक टालने का आग्रह किया था.
पैनल के करीबी सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर कहा, ‘‘अजय शिर्के (बीसीसीआई सचिव) ने कल रात समिति को पत्र लिखकर उनके और अनुराग ठाकुर के साथ मंगलवार को होने वाली बैठक को स्थगित करने का आग्रह किया. यह आग्रह नामंजूर कर दिया गया है.’’ माना जा रहा है कि ठाकुर और शिर्के यदि कल 11 बजे के प्रस्तावित समय में पैनल से नहीं मिलते हैं तो उन्हें अदालत की अवमानना का सामना करना पड़ सकता है.
बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बीसीसीआई 18 जुलाई के फैसले पर स्थगन आदेश लेना चाह रहा है और इसलिए वह जानबूझकर देरी की रणनीति अपना रहा है. प्रधान न्यायाधीश टीएस ठाकुर और न्यायमूर्ति एफएमआई खल्लिफुल्लाह ने यह फैसला दिया था।अंतरिम रिपोर्ट तैयार करने वाले न्यायमूर्ति काटजू ने उच्चतम न्यायालय के फैसले और लोढ़ा पैनल की नियुक्ति को ‘असंवैधानिक और गैरकानूनी’ करार दिया था. टिप्पणियां
उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय की भी आलोचना की और कहा कि कानून बनाना न्यायपालिका का नहीं बल्कि विधायिका का विशेषाधिकार है. उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय बाहरी स्रोतों (लोढ़ा पैनल) की सेवाएं लेकर बीसीसीआई को सजा नहीं दे सकता.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पैनल के करीबी सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर कहा, ‘‘अजय शिर्के (बीसीसीआई सचिव) ने कल रात समिति को पत्र लिखकर उनके और अनुराग ठाकुर के साथ मंगलवार को होने वाली बैठक को स्थगित करने का आग्रह किया. यह आग्रह नामंजूर कर दिया गया है.’’ माना जा रहा है कि ठाकुर और शिर्के यदि कल 11 बजे के प्रस्तावित समय में पैनल से नहीं मिलते हैं तो उन्हें अदालत की अवमानना का सामना करना पड़ सकता है.
बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बीसीसीआई 18 जुलाई के फैसले पर स्थगन आदेश लेना चाह रहा है और इसलिए वह जानबूझकर देरी की रणनीति अपना रहा है. प्रधान न्यायाधीश टीएस ठाकुर और न्यायमूर्ति एफएमआई खल्लिफुल्लाह ने यह फैसला दिया था।अंतरिम रिपोर्ट तैयार करने वाले न्यायमूर्ति काटजू ने उच्चतम न्यायालय के फैसले और लोढ़ा पैनल की नियुक्ति को ‘असंवैधानिक और गैरकानूनी’ करार दिया था. टिप्पणियां
उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय की भी आलोचना की और कहा कि कानून बनाना न्यायपालिका का नहीं बल्कि विधायिका का विशेषाधिकार है. उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय बाहरी स्रोतों (लोढ़ा पैनल) की सेवाएं लेकर बीसीसीआई को सजा नहीं दे सकता.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बीसीसीआई 18 जुलाई के फैसले पर स्थगन आदेश लेना चाह रहा है और इसलिए वह जानबूझकर देरी की रणनीति अपना रहा है. प्रधान न्यायाधीश टीएस ठाकुर और न्यायमूर्ति एफएमआई खल्लिफुल्लाह ने यह फैसला दिया था।अंतरिम रिपोर्ट तैयार करने वाले न्यायमूर्ति काटजू ने उच्चतम न्यायालय के फैसले और लोढ़ा पैनल की नियुक्ति को ‘असंवैधानिक और गैरकानूनी’ करार दिया था. टिप्पणियां
उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय की भी आलोचना की और कहा कि कानून बनाना न्यायपालिका का नहीं बल्कि विधायिका का विशेषाधिकार है. उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय बाहरी स्रोतों (लोढ़ा पैनल) की सेवाएं लेकर बीसीसीआई को सजा नहीं दे सकता.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय की भी आलोचना की और कहा कि कानून बनाना न्यायपालिका का नहीं बल्कि विधायिका का विशेषाधिकार है. उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय बाहरी स्रोतों (लोढ़ा पैनल) की सेवाएं लेकर बीसीसीआई को सजा नहीं दे सकता.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: कानूनी सलाहकार न्यायमूर्ति मार्केंडेय काटजू ने दी थी बैठक टालने की सलाह
9 अगस्त को समिति के साथ पूर्व निर्धारित बैठक
अजय शिर्के (BCCI सचिव) ने पत्र लिखकर बैठक स्थगित करने का किया था आग्रह | 2 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े कानून बनाने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं गांधीवादी नेता अन्ना हजारे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पूर्व नेता उमा भारती से बृहस्पतिवार को क्षमा मांगी। ज्ञात हो कि बुधवार को धरना स्थल पर पहुंची उमा भारती को अन्ना हजारे के कुछ समर्थकों ने उन्हें बैरंग वापस भेज दिया था, जिससे वह उनसे नहीं मिल पाईं थीं। जंतर-मंतर पर संवाददाताओं से बातचीत के दौरान अन्ना हजारे ने कहा, "कल (बुधवार) मेरी बहन उमा भारती यहां आईं थी लेकिन कुछ लोगों ने उन्हें लौटा दिया।" अन्ना हजारे ने कहा, "मुझे इससे काफी दुख पहुंचा और मैं उनसे क्षमा चाहता हूं। भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी इस प्रदर्शन में सभी लोगों को यहां बैठने का अधिकार है।" उन्होंने कहा कि राजनेता यहां आ सकते हैं बशर्ते उन्हें मेरे मंच पर बैठने की बजाय भीड़ के बीच बैठना पड़ेगा। यह लोगों का आंदोलन है और इसको राजनीतिक रूप देना गलत होगा।" | संक्षिप्त सारांश: भ्रष्टाचार के खिलाफ अनशन पर बैठे अन्ना हजारे ने भाजपा की पूर्व नेता उमा भारती से बृहस्पतिवार को क्षमा मांगी। | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार के रूप में पेश किए जाने का अपनी कांग्रेस पार्टी का प्रस्ताव कथित रूप से ठुकरा दिया है।
सूत्रों का कहना है कि शीला दीक्षित ने पार्टी को बता दिया है कि वह उत्तर प्रदेश चुनाव में पार्टी का चेहरा बनने की इच्छुक नहीं हैं। उनके नाम को पेश किए जाने का सुझाव अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने दिया था। दरअसल, प्रशांत किशोर उन्हें ब्राह्मण चेहरे के रूप में पेश करना चाहते थे।टिप्पणियां
दिल्ली में तीन कार्यकाल तक मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित ने इस प्रस्ताव पर विचार-विमर्श करने के लिए इसी माह की शुरुआत में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मुलाकात की थी। बैठक के बाद शीला दिक्षित ने कुछ भी कहने से यह कहकर इंकार कर दिया था कि उनके पास बताने लायक कुछ नहीं है।
सूत्रों के अनुसार, सोनिया गांधी ने उन्हें दो विकल्प दिए थे - यूपी में पार्टी का चेहरा बनें, या पंजाब में चुनाव के लिए पार्टी की कमान संभालें, जहां पार्टी के वरिष्ठ नेता कमलनाथ के इस्तीफा देने से प्रभारी पद खाली है। बताया जाता है कि शीला दीक्षित ने फैसला करने के लिए कुछ वक्त मांगा है।
सूत्रों का कहना है कि शीला दीक्षित ने पार्टी को बता दिया है कि वह उत्तर प्रदेश चुनाव में पार्टी का चेहरा बनने की इच्छुक नहीं हैं। उनके नाम को पेश किए जाने का सुझाव अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने दिया था। दरअसल, प्रशांत किशोर उन्हें ब्राह्मण चेहरे के रूप में पेश करना चाहते थे।टिप्पणियां
दिल्ली में तीन कार्यकाल तक मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित ने इस प्रस्ताव पर विचार-विमर्श करने के लिए इसी माह की शुरुआत में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मुलाकात की थी। बैठक के बाद शीला दिक्षित ने कुछ भी कहने से यह कहकर इंकार कर दिया था कि उनके पास बताने लायक कुछ नहीं है।
सूत्रों के अनुसार, सोनिया गांधी ने उन्हें दो विकल्प दिए थे - यूपी में पार्टी का चेहरा बनें, या पंजाब में चुनाव के लिए पार्टी की कमान संभालें, जहां पार्टी के वरिष्ठ नेता कमलनाथ के इस्तीफा देने से प्रभारी पद खाली है। बताया जाता है कि शीला दीक्षित ने फैसला करने के लिए कुछ वक्त मांगा है।
दिल्ली में तीन कार्यकाल तक मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित ने इस प्रस्ताव पर विचार-विमर्श करने के लिए इसी माह की शुरुआत में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मुलाकात की थी। बैठक के बाद शीला दिक्षित ने कुछ भी कहने से यह कहकर इंकार कर दिया था कि उनके पास बताने लायक कुछ नहीं है।
सूत्रों के अनुसार, सोनिया गांधी ने उन्हें दो विकल्प दिए थे - यूपी में पार्टी का चेहरा बनें, या पंजाब में चुनाव के लिए पार्टी की कमान संभालें, जहां पार्टी के वरिष्ठ नेता कमलनाथ के इस्तीफा देने से प्रभारी पद खाली है। बताया जाता है कि शीला दीक्षित ने फैसला करने के लिए कुछ वक्त मांगा है।
सूत्रों के अनुसार, सोनिया गांधी ने उन्हें दो विकल्प दिए थे - यूपी में पार्टी का चेहरा बनें, या पंजाब में चुनाव के लिए पार्टी की कमान संभालें, जहां पार्टी के वरिष्ठ नेता कमलनाथ के इस्तीफा देने से प्रभारी पद खाली है। बताया जाता है कि शीला दीक्षित ने फैसला करने के लिए कुछ वक्त मांगा है। | संक्षिप्त सारांश: शीला ने चर्चा के लिए पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी भेंट की थी
सोनिया ने दो विकल्प दिए - यूपी में चेहरा बनें, या पंजाब में कमान संभालें
बताया जाता है कि शीला दीक्षित ने फैसला करने के लिए कुछ वक्त मांगा है | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बलात्कार की शिकायत दर्ज कराने पुलिस स्टेशन पहुंची 14-वर्षीय एक लड़की को थाने में ही कपड़े उतारने के लिए मजबूर कर देने का मामला सामने आया है। यह शर्मनाक हरकत कथित रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने की।
यह लड़की अपने ही इलाके में रहने वाले एक व्यक्ति द्वारा उसके साथ किए गए बलात्कार की शिकायत दर्ज करवाने शनिवार को अपने माता-पिता के साथ थाने पहुंची थी, जहां कथित रूप से थाना प्रभारी जैसराज यादव ने यह दावा करते हुए उसके कपड़े उतरवा दिए कि वह इस बात की जांच करना चाहता है कि लड़की के साथ कुछ यौन अपराध किया गया है या नहीं।टिप्पणियां
लड़की ने मंगलवार को कहा, "वह मुझे एक कमरे में ले गया, और दरवाजा बंद कर लिया... फिर उसने मुझसे कपड़े उतारने के लिए कहा..." लड़की के मुताबिक इसके बाद पुलिस अधिकारी ने उसे और उसके माता-पिता को गालियां दीं, और प्राथमिकी दर्ज किए बिना उन्हें थाने से भगा दिया।
इसके बाद लड़की और उसके परिजनों ने क्षेत्र के सर्किल ऑफिसर के पास जाकर थाना प्रभारी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। इसके अलावा बलात्कार की शिकायत भी दर्ज कर ली गई, और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए हैं।
यह लड़की अपने ही इलाके में रहने वाले एक व्यक्ति द्वारा उसके साथ किए गए बलात्कार की शिकायत दर्ज करवाने शनिवार को अपने माता-पिता के साथ थाने पहुंची थी, जहां कथित रूप से थाना प्रभारी जैसराज यादव ने यह दावा करते हुए उसके कपड़े उतरवा दिए कि वह इस बात की जांच करना चाहता है कि लड़की के साथ कुछ यौन अपराध किया गया है या नहीं।टिप्पणियां
लड़की ने मंगलवार को कहा, "वह मुझे एक कमरे में ले गया, और दरवाजा बंद कर लिया... फिर उसने मुझसे कपड़े उतारने के लिए कहा..." लड़की के मुताबिक इसके बाद पुलिस अधिकारी ने उसे और उसके माता-पिता को गालियां दीं, और प्राथमिकी दर्ज किए बिना उन्हें थाने से भगा दिया।
इसके बाद लड़की और उसके परिजनों ने क्षेत्र के सर्किल ऑफिसर के पास जाकर थाना प्रभारी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। इसके अलावा बलात्कार की शिकायत भी दर्ज कर ली गई, और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए हैं।
लड़की ने मंगलवार को कहा, "वह मुझे एक कमरे में ले गया, और दरवाजा बंद कर लिया... फिर उसने मुझसे कपड़े उतारने के लिए कहा..." लड़की के मुताबिक इसके बाद पुलिस अधिकारी ने उसे और उसके माता-पिता को गालियां दीं, और प्राथमिकी दर्ज किए बिना उन्हें थाने से भगा दिया।
इसके बाद लड़की और उसके परिजनों ने क्षेत्र के सर्किल ऑफिसर के पास जाकर थाना प्रभारी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। इसके अलावा बलात्कार की शिकायत भी दर्ज कर ली गई, और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए हैं।
इसके बाद लड़की और उसके परिजनों ने क्षेत्र के सर्किल ऑफिसर के पास जाकर थाना प्रभारी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। इसके अलावा बलात्कार की शिकायत भी दर्ज कर ली गई, और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए हैं। | 14-वर्षीय लड़की उसके साथ हुए बलात्कार की शिकायत दर्ज करवाने थाने पहुंची थी, जहां कथित रूप से थाना प्रभारी ने उसी जांच के बहाने उसके सारे कपड़े उतरवा दिए। | 1 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वैश्विक तेजी के बीच सटोरियों की ताबड़तोड़ लिवाली से सोना शनिवार को 23,000 रुपये के आंकड़े को पार करते हुए 23,175 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। हालांकि सुस्त मांग से चांदी टूट गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 1,570.60 डॉलर प्रति औंस के रिकार्ड स्तर पर पहुंचने के साथ घरेलू बाजार में सोना 655 रुपये के उछाल के साथ अब तक के सर्वोच्च स्तर 23,175 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। अक्षय तृतीया से पहले स्टॉकिस्टों और फुटकर ग्राहकों की भारी लिवाली से भी सोने में तेजी को बल मिला। हालांकि, लिवाली समर्थन के अभाव में चांदी 500 रुपये टूटकर 71,500 रुपये किलो पर आ गई। घरेलू बाजार में सोना शुद्ध का भाव 655 रुपये चढ़कर 23,175 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि सोना आभूषण का भाव 655 रुपये बढ़कर 23,055 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। वहीं गिन्नी भी 100 रुपये की तेजी के साथ 18,500 रुपये प्रति 8 ग्राम पर पहुंच गई। वहीं दूसरी ओर, चांदी मौजूदा उच्च स्तर पर मुनाफावसूली की शिकार हुई और इसका भाव 500 रुपये टूटकर 71,500 रुपये किलो पर आ गया। वहीं चांदी साप्ताहिक डिलीवरी का भाव 570 रुपये टूटकर 70,600 रुपये किलो पर आ गया। चांदी के सिक्के 500 रुपये टूटकर 77,000-78,000 रुपये प्रति सैकड़ा पर बंद हुए। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: वैश्विक तेजी के बीच सटोरियों की ताबड़तोड़ लिवाली से शनिवार को सोना 23,000 रुपये के आंकड़े को पार करते हुए 23,175 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। | 3 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी में भारत के दो सैनिकों के मारे जाने की घटना के बाद अमेरिका ने उम्मीद जताई है कि दोनों पड़ोसी देश क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे।
पेंटागन के प्रेस सचिव जॉर्ज लिटिल ने कहा, हम उम्मीद करते हैं (हमारे पाकिस्तानी और भारतीय साझेदार) कि हम क्षेत्र में शांति और स्थिरता कायम रख सकते हैं। रक्षा मंत्री ने भारत सहित इस क्षेत्र के दौरे में इसकी पुष्टि की है। जॉर्ज ने एक सवाल के जवाब में कहा कि रक्षा मंत्री लियोन पेनेटा भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के मुद्दों एवं ऐतिहासिक तनाव से अच्छी तरह वाकिफ हैं।टिप्पणियां
गौरतलब है कि पाकिस्तान के सैनिकों ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में घुस कर भारत के एक गश्ती दल पर हमला किया और दो सैनिकों की हत्या कर दी। इनमें से एक सैनिक का सिर भी काट दिया गया।
जॉर्ज ने कहा, आतंकवाद के मुद्दे पर मैं यह कहना चाहता हूं कि हम भारत और पाकिस्तान समेत विश्व में उन सभी के साथ हैं, जो नागरिकों की हत्या करने वाले आतंकवादियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हैं। ये नागरिक चाहे पाकिस्तान, भारत या अमेरिका के ही क्यों न हों। उन्होंने कहा, हम सभी आतंकवाद से प्रभावित रहे हैं और हमारा मानना है कि विश्व के उस क्षेत्र एवं अन्य क्षेत्रों में सक्रिय आतंकवादी समूहों के खिलाफ एक संयुक्त मोर्चे की जरूरत है।
पेंटागन के प्रेस सचिव जॉर्ज लिटिल ने कहा, हम उम्मीद करते हैं (हमारे पाकिस्तानी और भारतीय साझेदार) कि हम क्षेत्र में शांति और स्थिरता कायम रख सकते हैं। रक्षा मंत्री ने भारत सहित इस क्षेत्र के दौरे में इसकी पुष्टि की है। जॉर्ज ने एक सवाल के जवाब में कहा कि रक्षा मंत्री लियोन पेनेटा भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के मुद्दों एवं ऐतिहासिक तनाव से अच्छी तरह वाकिफ हैं।टिप्पणियां
गौरतलब है कि पाकिस्तान के सैनिकों ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में घुस कर भारत के एक गश्ती दल पर हमला किया और दो सैनिकों की हत्या कर दी। इनमें से एक सैनिक का सिर भी काट दिया गया।
जॉर्ज ने कहा, आतंकवाद के मुद्दे पर मैं यह कहना चाहता हूं कि हम भारत और पाकिस्तान समेत विश्व में उन सभी के साथ हैं, जो नागरिकों की हत्या करने वाले आतंकवादियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हैं। ये नागरिक चाहे पाकिस्तान, भारत या अमेरिका के ही क्यों न हों। उन्होंने कहा, हम सभी आतंकवाद से प्रभावित रहे हैं और हमारा मानना है कि विश्व के उस क्षेत्र एवं अन्य क्षेत्रों में सक्रिय आतंकवादी समूहों के खिलाफ एक संयुक्त मोर्चे की जरूरत है।
गौरतलब है कि पाकिस्तान के सैनिकों ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में घुस कर भारत के एक गश्ती दल पर हमला किया और दो सैनिकों की हत्या कर दी। इनमें से एक सैनिक का सिर भी काट दिया गया।
जॉर्ज ने कहा, आतंकवाद के मुद्दे पर मैं यह कहना चाहता हूं कि हम भारत और पाकिस्तान समेत विश्व में उन सभी के साथ हैं, जो नागरिकों की हत्या करने वाले आतंकवादियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हैं। ये नागरिक चाहे पाकिस्तान, भारत या अमेरिका के ही क्यों न हों। उन्होंने कहा, हम सभी आतंकवाद से प्रभावित रहे हैं और हमारा मानना है कि विश्व के उस क्षेत्र एवं अन्य क्षेत्रों में सक्रिय आतंकवादी समूहों के खिलाफ एक संयुक्त मोर्चे की जरूरत है।
जॉर्ज ने कहा, आतंकवाद के मुद्दे पर मैं यह कहना चाहता हूं कि हम भारत और पाकिस्तान समेत विश्व में उन सभी के साथ हैं, जो नागरिकों की हत्या करने वाले आतंकवादियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हैं। ये नागरिक चाहे पाकिस्तान, भारत या अमेरिका के ही क्यों न हों। उन्होंने कहा, हम सभी आतंकवाद से प्रभावित रहे हैं और हमारा मानना है कि विश्व के उस क्षेत्र एवं अन्य क्षेत्रों में सक्रिय आतंकवादी समूहों के खिलाफ एक संयुक्त मोर्चे की जरूरत है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी में भारत के दो सैनिकों के मारे जाने की घटना के बाद अमेरिका ने उम्मीद जताई है कि दोनों पड़ोसी देश क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे। | 3 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: चार निजी एयरलाइन कंपनियों के 34 पायलटों को व्हाट्सग्रुप पर अधिकारियों के खिलाफ अश्लील मैसेज पोस्ट करने के विमानन नियामक डीजीसीए की शिकायत पर मंगलवार को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया गया. पुलिस ने इन पायलटों से इस मामले में पूछताछ भी की है.
ये पायलट जेट एयरवेज, स्पाइसजेट, गोएयर और इंडियो के हैं. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी डीजीसीए ने कथित तौर पर व्हाट्सएप संदेशों के स्क्रीनशॉट भी जमा कराए हैं, जिसमें पायलटों ने कथित तौर पर डीजीसीए पर निशाना साधने के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया.टिप्पणियां
ये चैट कथित रूप से निदेशक को लीक किए गए. सूत्रों ने बताया कि इनमें से कुछ टेक्स्ट 'बेहद आपत्तिजनक' हैं और इसमें परिवार के सदस्यों तक को अभद्र तरीके से निशाना बनाया गया है. इन पायलटों को पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया गया था.
सूत्रों ने कहा कि डीजीसीए के अधिकारी ने इन पायलटों को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया है और एयरलाइन को उनकी मानसिक जांच कराने को भी कहा है क्योंकि वे कोई पद भी ठीक से नहीं लिख पाते हैं. डीजीसीए के संयुक्त महानिदेशक ने पायलटों द्वारा उन्हें लिखे पत्र में उनके पद का सही उल्लेख न करने के लिए आपत्ति जताई थी.
ये पायलट जेट एयरवेज, स्पाइसजेट, गोएयर और इंडियो के हैं. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी डीजीसीए ने कथित तौर पर व्हाट्सएप संदेशों के स्क्रीनशॉट भी जमा कराए हैं, जिसमें पायलटों ने कथित तौर पर डीजीसीए पर निशाना साधने के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया.टिप्पणियां
ये चैट कथित रूप से निदेशक को लीक किए गए. सूत्रों ने बताया कि इनमें से कुछ टेक्स्ट 'बेहद आपत्तिजनक' हैं और इसमें परिवार के सदस्यों तक को अभद्र तरीके से निशाना बनाया गया है. इन पायलटों को पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया गया था.
सूत्रों ने कहा कि डीजीसीए के अधिकारी ने इन पायलटों को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया है और एयरलाइन को उनकी मानसिक जांच कराने को भी कहा है क्योंकि वे कोई पद भी ठीक से नहीं लिख पाते हैं. डीजीसीए के संयुक्त महानिदेशक ने पायलटों द्वारा उन्हें लिखे पत्र में उनके पद का सही उल्लेख न करने के लिए आपत्ति जताई थी.
ये चैट कथित रूप से निदेशक को लीक किए गए. सूत्रों ने बताया कि इनमें से कुछ टेक्स्ट 'बेहद आपत्तिजनक' हैं और इसमें परिवार के सदस्यों तक को अभद्र तरीके से निशाना बनाया गया है. इन पायलटों को पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया गया था.
सूत्रों ने कहा कि डीजीसीए के अधिकारी ने इन पायलटों को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया है और एयरलाइन को उनकी मानसिक जांच कराने को भी कहा है क्योंकि वे कोई पद भी ठीक से नहीं लिख पाते हैं. डीजीसीए के संयुक्त महानिदेशक ने पायलटों द्वारा उन्हें लिखे पत्र में उनके पद का सही उल्लेख न करने के लिए आपत्ति जताई थी.
सूत्रों ने कहा कि डीजीसीए के अधिकारी ने इन पायलटों को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया है और एयरलाइन को उनकी मानसिक जांच कराने को भी कहा है क्योंकि वे कोई पद भी ठीक से नहीं लिख पाते हैं. डीजीसीए के संयुक्त महानिदेशक ने पायलटों द्वारा उन्हें लिखे पत्र में उनके पद का सही उल्लेख न करने के लिए आपत्ति जताई थी. | संक्षिप्त सारांश: पुलिस ने इन पायलटों से इस मामले में पूछताछ भी की है
ये पायलट जेट एयरवेज, स्पाइसजेट, गोएयर और इंडियो के हैं
इन पायलटों को पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया गया था | 23 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण के स्तर में गुरुवार दोपहर से पहले सुधार की गुंजाइश नहीं है. फिलहाल प्रदूषण 400 के पार है जो सीवियर केटेगरी है. गुरुवार दोपहर बाद यानी कल ये वेरी पुअर की केटेगरी में पहुंचेगा. लगातार दो दिनों से सीवियर केटेगरी में जा पहुंचे प्रदूषण के स्तर को लेकर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने टास्क फोर्स और दिल्ली एनसीआर की अलग-अलग एजेंसियों को तलब किया है.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दिल्ली,फरीदाबाद,नोएडा और गुरुग्राम में कोयला आधारित फैक्ट्री और दिल्ली की नॉन पीएनजी उद्योग 2 नवम्बर तक बंद रखने के आदेश जारी किए हैं, जो पहले के आदेश के मुताबिक 30 नवंबर तक बंद रखना था. साथ ही दिल्ली एनसीआर में कंस्ट्रक्शन पर भी समय की मियाद के साथ-साथ पाबंदी 30 अक्टूबर की जगह 2 नवंबर तक कर दिया गया है. कंस्ट्रक्शन के काम पर शाम 6 से सुबह 6 बजे तक की रोक को अब बढ़ाकर सुबह 10 बजे तक कर दिया गया है.
MCD, NDMC और NHAI समेत तमाम एजेंसियों के काम से नाखुश CPCB ने इन्हें फटकार लगाई. सीपीसीबी ने इन एजेंसियों को निर्देश दिया है कि 24 घंटे में प्रदूषण संबंधित शिकायतों का निपटारा करें. शिकायत या तो सीपीसीबी के समीर एप के जरिए मिली हो या फिर सोशल मीडिया के जरिए. | CPCB ने तमाम एजेंसियों को लगाई फटकार
बढ़ाया गया कंस्ट्रक्शन के काम पर रोक का समय
2 नवंबर तक बंद रहेंगी फैक्ट्रियां और नॉन पीएनजी उद्योग | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ओसामा बिन लादेन के ऐबटाबाद पनाहगाह पर अमेरिकी हमले के बाद से उसका एक बेटा एक हफ्ते से ज्यादा समय से लापता है। एबीसी न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार अनामित पाकिस्तानी अधिकारियों ने बताया कि ओसामा की तीन पत्नियों के अनुसार एक बेटा दो मई के हमले के बाद से नहीं देखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार ओसामा के लापता बेटे की शिनाख्त नहीं की गई है, लेकिन पाकिस्तानी जांचकर्ता इस बात से सहमत हैं कि ऐबटाबाद के विशाल परिसर से कोई लापता है। बाद में एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि इसका कोई सबूत नहीं है कि ऐबटाबाद परिसर से कोई लापता है। खुफियागीरी पर सीनेट की चुनिंदा समिति की अध्यक्ष डायने फीन्सटीन ने सीआईए की हालिया ब्रीफिंग में कहा कि ओसामा के लापता बेटे का कोई जिक्र नहीं है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ओसामा का एक बेटा खालिद हमले में मारा गया। यह मालूम नहीं है कि हमले के वक्त दूसरा बेटा, हम्जा भी परिसर में था। उसकी मां पाकिस्तानी हिरासत में है। अमेरिका ने पहले इनकार किया था कि उसके सैनिक ओसामा के शव के अतिरिक्त किसी और को परिसर से ले गए थे। | संक्षिप्त सारांश: ओसामा बिन लादेन के ऐबटाबाद पनाहगाह पर अमेरिकी हमले के बाद से उसका एक बेटा एक हफ्ते से ज्यादा समय से लापता है। | 23 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे की अंत्येष्टि जुलूस के दौरान मुम्बई की रफ्तार थमने के खिलाफ फेसबुक पर टिप्पणी करने के मामले में दो लड़कियों की गिरफ्तारी के मामले पर महाराष्ट्र के गृह मंत्री आरआर पाटिल ने कहा कि दोषी पाए जाने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
पाटिल ने संवाददाताओं से कहा, ‘पुलिस महानिदेशक यह रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे। मैं इस रिपोर्ट पर मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण से चर्चा करूंगा और दोषी पाए जाने पर अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।’ उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मामले पर काफी गंभीर रुख अपनाया है।टिप्पणियां
गौरतलब है कि शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे की शवयात्रा के दौरान शिवसेना कार्यकर्ताओं द्वारा मुम्बई ठप किए जाने पर एक युवती ने फेसबुक पर टिप्पणी की थी और उनकी मित्र ने उसे ‘लाइक’ किया था। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया था लेकिन बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
नाम गुप्त रखने की शर्त पर एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि रिपेार्ट में लड़कियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया गया है और कहा गया है कि गिरफ्तारी से बचा जा सकता था। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
पाटिल ने संवाददाताओं से कहा, ‘पुलिस महानिदेशक यह रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे। मैं इस रिपोर्ट पर मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण से चर्चा करूंगा और दोषी पाए जाने पर अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।’ उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मामले पर काफी गंभीर रुख अपनाया है।टिप्पणियां
गौरतलब है कि शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे की शवयात्रा के दौरान शिवसेना कार्यकर्ताओं द्वारा मुम्बई ठप किए जाने पर एक युवती ने फेसबुक पर टिप्पणी की थी और उनकी मित्र ने उसे ‘लाइक’ किया था। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया था लेकिन बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
नाम गुप्त रखने की शर्त पर एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि रिपेार्ट में लड़कियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया गया है और कहा गया है कि गिरफ्तारी से बचा जा सकता था। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
गौरतलब है कि शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे की शवयात्रा के दौरान शिवसेना कार्यकर्ताओं द्वारा मुम्बई ठप किए जाने पर एक युवती ने फेसबुक पर टिप्पणी की थी और उनकी मित्र ने उसे ‘लाइक’ किया था। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया था लेकिन बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
नाम गुप्त रखने की शर्त पर एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि रिपेार्ट में लड़कियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया गया है और कहा गया है कि गिरफ्तारी से बचा जा सकता था। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
नाम गुप्त रखने की शर्त पर एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि रिपेार्ट में लड़कियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया गया है और कहा गया है कि गिरफ्तारी से बचा जा सकता था। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई है। | यहाँ एक सारांश है:शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे की अंत्येष्टि जुलूस के दौरान मुम्बई की रफ्तार थमने के खिलाफ फेसबुक पर टिप्पणी करने के मामले में दो लड़कियों की गिरफ्तारी के मामले पर महाराष्ट्र के गृह मंत्री आरआर पाटिल ने कहा कि दोषी पाए जाने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रव | 12 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: यहां के एक ज्योतिषी और सामाजिक कार्यकर्ता ने जल संरक्षण के लिए जो काम किया है वह पूरे देश के लिए उदाहरण बन सकता है। मंदिरों में देव प्रतिमाओं को अर्पित किए जाने वाले जल के संरक्षण का अनूठा कार्य यहां किया जा रहा है।
अपने चहेतों के बीच गुरुजी के नाम से प्रसिद्ध पंडित पुरुषोत्तम गौड़ ने पिछले 13 वर्षो में राजस्थान के करीब 300 मंदिरों में जलसंरक्षण ढांचे का विकास किया है।
समाज सेवा और ज्योतिष के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने के लिए गौड़ को महाराणा मेवाड़ अवार्ड समेत कई सम्मानों से नवाजा जा चुका है।
हिंदू मंदिरों में भक्तों द्वारा अर्पित लाखों गैलन जल नालियों में बह जाता था।
गौड़ ने बताया कि वर्ष 2000 में उन्होंने अपना जलाभिषेक अभियान शुरू किया।
41 वर्षीय ज्योतिषी गौड़ ने बताया, "मैंने गौर किया कि मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित जल पूरी तरह नालियों में बेकार चला जाता है। इसलिए मुझे इनका भूजल को रिचार्ज करने में इस्तेमाल करने की युक्ति सूझी।"
इसके बाद उन्होंने मंदिरों खास कर शिवालयों में जल संग्रह करने का काम शुरू किया। भूमि में भेजने से पहले जल को कई फिल्टर चैंबरों से गुजारा जाता है। गौड़ ने कहा कि इस परियोजना के तहत मंदिरों में जन सहयोग से कई टैंक और बोरवेल का निर्माण कराया गया।
गौड़ ने कहा, "कुछ मंदिरों में 30 फुट गहरा गड्ढा खोदने की जरूरत पड़ी ताकि प्रतिमाओं का जल सीधा वहां एकत्रित हो सके। प्रतिमाओं पर चढाए जाने वाले दूध को जमा करने के लिए पांच फुट के गड्ढे की अलग से जरूरत पड़ी।"
गौड़ ने आगे कहा, "मुझे तब बेहद खुशी हुई जब कई वैज्ञानिक और भूजल विशेषज्ञ मेरी मदद के लिए सामने आए और 'शिक्षा समिति' नाम के एक संगठन को इस काम में आगे किया। इस संस्थान ने हिसाब लगाया कि शहर में 300 से ज्यादा मंदिर हैं जहां श्रावण महीने में रोजाना कम से कम चार करोड़ 50 लाख लीटर जल भगवान शिव व अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाओं पर अर्पित किया जाता है।" उन्होंने कहा कि इस बर्बादी के अलावा श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित जल और दुग्ध का पर्यावरण पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है।टिप्पणियां
गौड़ ने बताया, "आम तौर पर मंदिर के समीप जल और दुग्ध को निर्बाध बहने दिया जाता है। इससे अस्वास्थ्यकर वातावरण पैदा होता है। मंदिर के चारों ओर मच्छर और मक्खियों के पलने का वातावरण तैयार हो जाता है।"
जल संरक्षण के काम में पेश आई कठिनाइयों के बारे में गौड़ ने बताया कि शुरू में इसके लिए पुजारियों को मना पाना आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि उनके प्रयास को कई पुजारियों ने संदेह की दृष्टि से देखा। यहां तक कि जब उनके समर्थकों ने इस परियोजना के लिए धन जमा करना शुरू किया तब भी पुजारी आनाकानी करते रहे। लेकिन आज 300 मंदिर इस अभियान से जुड़े हैं।
अपने चहेतों के बीच गुरुजी के नाम से प्रसिद्ध पंडित पुरुषोत्तम गौड़ ने पिछले 13 वर्षो में राजस्थान के करीब 300 मंदिरों में जलसंरक्षण ढांचे का विकास किया है।
समाज सेवा और ज्योतिष के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने के लिए गौड़ को महाराणा मेवाड़ अवार्ड समेत कई सम्मानों से नवाजा जा चुका है।
हिंदू मंदिरों में भक्तों द्वारा अर्पित लाखों गैलन जल नालियों में बह जाता था।
गौड़ ने बताया कि वर्ष 2000 में उन्होंने अपना जलाभिषेक अभियान शुरू किया।
41 वर्षीय ज्योतिषी गौड़ ने बताया, "मैंने गौर किया कि मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित जल पूरी तरह नालियों में बेकार चला जाता है। इसलिए मुझे इनका भूजल को रिचार्ज करने में इस्तेमाल करने की युक्ति सूझी।"
इसके बाद उन्होंने मंदिरों खास कर शिवालयों में जल संग्रह करने का काम शुरू किया। भूमि में भेजने से पहले जल को कई फिल्टर चैंबरों से गुजारा जाता है। गौड़ ने कहा कि इस परियोजना के तहत मंदिरों में जन सहयोग से कई टैंक और बोरवेल का निर्माण कराया गया।
गौड़ ने कहा, "कुछ मंदिरों में 30 फुट गहरा गड्ढा खोदने की जरूरत पड़ी ताकि प्रतिमाओं का जल सीधा वहां एकत्रित हो सके। प्रतिमाओं पर चढाए जाने वाले दूध को जमा करने के लिए पांच फुट के गड्ढे की अलग से जरूरत पड़ी।"
गौड़ ने आगे कहा, "मुझे तब बेहद खुशी हुई जब कई वैज्ञानिक और भूजल विशेषज्ञ मेरी मदद के लिए सामने आए और 'शिक्षा समिति' नाम के एक संगठन को इस काम में आगे किया। इस संस्थान ने हिसाब लगाया कि शहर में 300 से ज्यादा मंदिर हैं जहां श्रावण महीने में रोजाना कम से कम चार करोड़ 50 लाख लीटर जल भगवान शिव व अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाओं पर अर्पित किया जाता है।" उन्होंने कहा कि इस बर्बादी के अलावा श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित जल और दुग्ध का पर्यावरण पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है।टिप्पणियां
गौड़ ने बताया, "आम तौर पर मंदिर के समीप जल और दुग्ध को निर्बाध बहने दिया जाता है। इससे अस्वास्थ्यकर वातावरण पैदा होता है। मंदिर के चारों ओर मच्छर और मक्खियों के पलने का वातावरण तैयार हो जाता है।"
जल संरक्षण के काम में पेश आई कठिनाइयों के बारे में गौड़ ने बताया कि शुरू में इसके लिए पुजारियों को मना पाना आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि उनके प्रयास को कई पुजारियों ने संदेह की दृष्टि से देखा। यहां तक कि जब उनके समर्थकों ने इस परियोजना के लिए धन जमा करना शुरू किया तब भी पुजारी आनाकानी करते रहे। लेकिन आज 300 मंदिर इस अभियान से जुड़े हैं।
समाज सेवा और ज्योतिष के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने के लिए गौड़ को महाराणा मेवाड़ अवार्ड समेत कई सम्मानों से नवाजा जा चुका है।
हिंदू मंदिरों में भक्तों द्वारा अर्पित लाखों गैलन जल नालियों में बह जाता था।
गौड़ ने बताया कि वर्ष 2000 में उन्होंने अपना जलाभिषेक अभियान शुरू किया।
41 वर्षीय ज्योतिषी गौड़ ने बताया, "मैंने गौर किया कि मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित जल पूरी तरह नालियों में बेकार चला जाता है। इसलिए मुझे इनका भूजल को रिचार्ज करने में इस्तेमाल करने की युक्ति सूझी।"
इसके बाद उन्होंने मंदिरों खास कर शिवालयों में जल संग्रह करने का काम शुरू किया। भूमि में भेजने से पहले जल को कई फिल्टर चैंबरों से गुजारा जाता है। गौड़ ने कहा कि इस परियोजना के तहत मंदिरों में जन सहयोग से कई टैंक और बोरवेल का निर्माण कराया गया।
गौड़ ने कहा, "कुछ मंदिरों में 30 फुट गहरा गड्ढा खोदने की जरूरत पड़ी ताकि प्रतिमाओं का जल सीधा वहां एकत्रित हो सके। प्रतिमाओं पर चढाए जाने वाले दूध को जमा करने के लिए पांच फुट के गड्ढे की अलग से जरूरत पड़ी।"
गौड़ ने आगे कहा, "मुझे तब बेहद खुशी हुई जब कई वैज्ञानिक और भूजल विशेषज्ञ मेरी मदद के लिए सामने आए और 'शिक्षा समिति' नाम के एक संगठन को इस काम में आगे किया। इस संस्थान ने हिसाब लगाया कि शहर में 300 से ज्यादा मंदिर हैं जहां श्रावण महीने में रोजाना कम से कम चार करोड़ 50 लाख लीटर जल भगवान शिव व अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाओं पर अर्पित किया जाता है।" उन्होंने कहा कि इस बर्बादी के अलावा श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित जल और दुग्ध का पर्यावरण पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है।टिप्पणियां
गौड़ ने बताया, "आम तौर पर मंदिर के समीप जल और दुग्ध को निर्बाध बहने दिया जाता है। इससे अस्वास्थ्यकर वातावरण पैदा होता है। मंदिर के चारों ओर मच्छर और मक्खियों के पलने का वातावरण तैयार हो जाता है।"
जल संरक्षण के काम में पेश आई कठिनाइयों के बारे में गौड़ ने बताया कि शुरू में इसके लिए पुजारियों को मना पाना आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि उनके प्रयास को कई पुजारियों ने संदेह की दृष्टि से देखा। यहां तक कि जब उनके समर्थकों ने इस परियोजना के लिए धन जमा करना शुरू किया तब भी पुजारी आनाकानी करते रहे। लेकिन आज 300 मंदिर इस अभियान से जुड़े हैं।
हिंदू मंदिरों में भक्तों द्वारा अर्पित लाखों गैलन जल नालियों में बह जाता था।
गौड़ ने बताया कि वर्ष 2000 में उन्होंने अपना जलाभिषेक अभियान शुरू किया।
41 वर्षीय ज्योतिषी गौड़ ने बताया, "मैंने गौर किया कि मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित जल पूरी तरह नालियों में बेकार चला जाता है। इसलिए मुझे इनका भूजल को रिचार्ज करने में इस्तेमाल करने की युक्ति सूझी।"
इसके बाद उन्होंने मंदिरों खास कर शिवालयों में जल संग्रह करने का काम शुरू किया। भूमि में भेजने से पहले जल को कई फिल्टर चैंबरों से गुजारा जाता है। गौड़ ने कहा कि इस परियोजना के तहत मंदिरों में जन सहयोग से कई टैंक और बोरवेल का निर्माण कराया गया।
गौड़ ने कहा, "कुछ मंदिरों में 30 फुट गहरा गड्ढा खोदने की जरूरत पड़ी ताकि प्रतिमाओं का जल सीधा वहां एकत्रित हो सके। प्रतिमाओं पर चढाए जाने वाले दूध को जमा करने के लिए पांच फुट के गड्ढे की अलग से जरूरत पड़ी।"
गौड़ ने आगे कहा, "मुझे तब बेहद खुशी हुई जब कई वैज्ञानिक और भूजल विशेषज्ञ मेरी मदद के लिए सामने आए और 'शिक्षा समिति' नाम के एक संगठन को इस काम में आगे किया। इस संस्थान ने हिसाब लगाया कि शहर में 300 से ज्यादा मंदिर हैं जहां श्रावण महीने में रोजाना कम से कम चार करोड़ 50 लाख लीटर जल भगवान शिव व अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाओं पर अर्पित किया जाता है।" उन्होंने कहा कि इस बर्बादी के अलावा श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित जल और दुग्ध का पर्यावरण पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है।टिप्पणियां
गौड़ ने बताया, "आम तौर पर मंदिर के समीप जल और दुग्ध को निर्बाध बहने दिया जाता है। इससे अस्वास्थ्यकर वातावरण पैदा होता है। मंदिर के चारों ओर मच्छर और मक्खियों के पलने का वातावरण तैयार हो जाता है।"
जल संरक्षण के काम में पेश आई कठिनाइयों के बारे में गौड़ ने बताया कि शुरू में इसके लिए पुजारियों को मना पाना आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि उनके प्रयास को कई पुजारियों ने संदेह की दृष्टि से देखा। यहां तक कि जब उनके समर्थकों ने इस परियोजना के लिए धन जमा करना शुरू किया तब भी पुजारी आनाकानी करते रहे। लेकिन आज 300 मंदिर इस अभियान से जुड़े हैं।
गौड़ ने बताया कि वर्ष 2000 में उन्होंने अपना जलाभिषेक अभियान शुरू किया।
41 वर्षीय ज्योतिषी गौड़ ने बताया, "मैंने गौर किया कि मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित जल पूरी तरह नालियों में बेकार चला जाता है। इसलिए मुझे इनका भूजल को रिचार्ज करने में इस्तेमाल करने की युक्ति सूझी।"
इसके बाद उन्होंने मंदिरों खास कर शिवालयों में जल संग्रह करने का काम शुरू किया। भूमि में भेजने से पहले जल को कई फिल्टर चैंबरों से गुजारा जाता है। गौड़ ने कहा कि इस परियोजना के तहत मंदिरों में जन सहयोग से कई टैंक और बोरवेल का निर्माण कराया गया।
गौड़ ने कहा, "कुछ मंदिरों में 30 फुट गहरा गड्ढा खोदने की जरूरत पड़ी ताकि प्रतिमाओं का जल सीधा वहां एकत्रित हो सके। प्रतिमाओं पर चढाए जाने वाले दूध को जमा करने के लिए पांच फुट के गड्ढे की अलग से जरूरत पड़ी।"
गौड़ ने आगे कहा, "मुझे तब बेहद खुशी हुई जब कई वैज्ञानिक और भूजल विशेषज्ञ मेरी मदद के लिए सामने आए और 'शिक्षा समिति' नाम के एक संगठन को इस काम में आगे किया। इस संस्थान ने हिसाब लगाया कि शहर में 300 से ज्यादा मंदिर हैं जहां श्रावण महीने में रोजाना कम से कम चार करोड़ 50 लाख लीटर जल भगवान शिव व अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाओं पर अर्पित किया जाता है।" उन्होंने कहा कि इस बर्बादी के अलावा श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित जल और दुग्ध का पर्यावरण पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है।टिप्पणियां
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41 वर्षीय ज्योतिषी गौड़ ने बताया, "मैंने गौर किया कि मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित जल पूरी तरह नालियों में बेकार चला जाता है। इसलिए मुझे इनका भूजल को रिचार्ज करने में इस्तेमाल करने की युक्ति सूझी।"
इसके बाद उन्होंने मंदिरों खास कर शिवालयों में जल संग्रह करने का काम शुरू किया। भूमि में भेजने से पहले जल को कई फिल्टर चैंबरों से गुजारा जाता है। गौड़ ने कहा कि इस परियोजना के तहत मंदिरों में जन सहयोग से कई टैंक और बोरवेल का निर्माण कराया गया।
गौड़ ने कहा, "कुछ मंदिरों में 30 फुट गहरा गड्ढा खोदने की जरूरत पड़ी ताकि प्रतिमाओं का जल सीधा वहां एकत्रित हो सके। प्रतिमाओं पर चढाए जाने वाले दूध को जमा करने के लिए पांच फुट के गड्ढे की अलग से जरूरत पड़ी।"
गौड़ ने आगे कहा, "मुझे तब बेहद खुशी हुई जब कई वैज्ञानिक और भूजल विशेषज्ञ मेरी मदद के लिए सामने आए और 'शिक्षा समिति' नाम के एक संगठन को इस काम में आगे किया। इस संस्थान ने हिसाब लगाया कि शहर में 300 से ज्यादा मंदिर हैं जहां श्रावण महीने में रोजाना कम से कम चार करोड़ 50 लाख लीटर जल भगवान शिव व अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाओं पर अर्पित किया जाता है।" उन्होंने कहा कि इस बर्बादी के अलावा श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित जल और दुग्ध का पर्यावरण पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है।टिप्पणियां
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जल संरक्षण के काम में पेश आई कठिनाइयों के बारे में गौड़ ने बताया कि शुरू में इसके लिए पुजारियों को मना पाना आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि उनके प्रयास को कई पुजारियों ने संदेह की दृष्टि से देखा। यहां तक कि जब उनके समर्थकों ने इस परियोजना के लिए धन जमा करना शुरू किया तब भी पुजारी आनाकानी करते रहे। लेकिन आज 300 मंदिर इस अभियान से जुड़े हैं।
इसके बाद उन्होंने मंदिरों खास कर शिवालयों में जल संग्रह करने का काम शुरू किया। भूमि में भेजने से पहले जल को कई फिल्टर चैंबरों से गुजारा जाता है। गौड़ ने कहा कि इस परियोजना के तहत मंदिरों में जन सहयोग से कई टैंक और बोरवेल का निर्माण कराया गया।
गौड़ ने कहा, "कुछ मंदिरों में 30 फुट गहरा गड्ढा खोदने की जरूरत पड़ी ताकि प्रतिमाओं का जल सीधा वहां एकत्रित हो सके। प्रतिमाओं पर चढाए जाने वाले दूध को जमा करने के लिए पांच फुट के गड्ढे की अलग से जरूरत पड़ी।"
गौड़ ने आगे कहा, "मुझे तब बेहद खुशी हुई जब कई वैज्ञानिक और भूजल विशेषज्ञ मेरी मदद के लिए सामने आए और 'शिक्षा समिति' नाम के एक संगठन को इस काम में आगे किया। इस संस्थान ने हिसाब लगाया कि शहर में 300 से ज्यादा मंदिर हैं जहां श्रावण महीने में रोजाना कम से कम चार करोड़ 50 लाख लीटर जल भगवान शिव व अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाओं पर अर्पित किया जाता है।" उन्होंने कहा कि इस बर्बादी के अलावा श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित जल और दुग्ध का पर्यावरण पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है।टिप्पणियां
गौड़ ने बताया, "आम तौर पर मंदिर के समीप जल और दुग्ध को निर्बाध बहने दिया जाता है। इससे अस्वास्थ्यकर वातावरण पैदा होता है। मंदिर के चारों ओर मच्छर और मक्खियों के पलने का वातावरण तैयार हो जाता है।"
जल संरक्षण के काम में पेश आई कठिनाइयों के बारे में गौड़ ने बताया कि शुरू में इसके लिए पुजारियों को मना पाना आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि उनके प्रयास को कई पुजारियों ने संदेह की दृष्टि से देखा। यहां तक कि जब उनके समर्थकों ने इस परियोजना के लिए धन जमा करना शुरू किया तब भी पुजारी आनाकानी करते रहे। लेकिन आज 300 मंदिर इस अभियान से जुड़े हैं।
गौड़ ने कहा, "कुछ मंदिरों में 30 फुट गहरा गड्ढा खोदने की जरूरत पड़ी ताकि प्रतिमाओं का जल सीधा वहां एकत्रित हो सके। प्रतिमाओं पर चढाए जाने वाले दूध को जमा करने के लिए पांच फुट के गड्ढे की अलग से जरूरत पड़ी।"
गौड़ ने आगे कहा, "मुझे तब बेहद खुशी हुई जब कई वैज्ञानिक और भूजल विशेषज्ञ मेरी मदद के लिए सामने आए और 'शिक्षा समिति' नाम के एक संगठन को इस काम में आगे किया। इस संस्थान ने हिसाब लगाया कि शहर में 300 से ज्यादा मंदिर हैं जहां श्रावण महीने में रोजाना कम से कम चार करोड़ 50 लाख लीटर जल भगवान शिव व अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाओं पर अर्पित किया जाता है।" उन्होंने कहा कि इस बर्बादी के अलावा श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित जल और दुग्ध का पर्यावरण पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है।टिप्पणियां
गौड़ ने बताया, "आम तौर पर मंदिर के समीप जल और दुग्ध को निर्बाध बहने दिया जाता है। इससे अस्वास्थ्यकर वातावरण पैदा होता है। मंदिर के चारों ओर मच्छर और मक्खियों के पलने का वातावरण तैयार हो जाता है।"
जल संरक्षण के काम में पेश आई कठिनाइयों के बारे में गौड़ ने बताया कि शुरू में इसके लिए पुजारियों को मना पाना आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि उनके प्रयास को कई पुजारियों ने संदेह की दृष्टि से देखा। यहां तक कि जब उनके समर्थकों ने इस परियोजना के लिए धन जमा करना शुरू किया तब भी पुजारी आनाकानी करते रहे। लेकिन आज 300 मंदिर इस अभियान से जुड़े हैं।
गौड़ ने आगे कहा, "मुझे तब बेहद खुशी हुई जब कई वैज्ञानिक और भूजल विशेषज्ञ मेरी मदद के लिए सामने आए और 'शिक्षा समिति' नाम के एक संगठन को इस काम में आगे किया। इस संस्थान ने हिसाब लगाया कि शहर में 300 से ज्यादा मंदिर हैं जहां श्रावण महीने में रोजाना कम से कम चार करोड़ 50 लाख लीटर जल भगवान शिव व अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाओं पर अर्पित किया जाता है।" उन्होंने कहा कि इस बर्बादी के अलावा श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित जल और दुग्ध का पर्यावरण पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है।टिप्पणियां
गौड़ ने बताया, "आम तौर पर मंदिर के समीप जल और दुग्ध को निर्बाध बहने दिया जाता है। इससे अस्वास्थ्यकर वातावरण पैदा होता है। मंदिर के चारों ओर मच्छर और मक्खियों के पलने का वातावरण तैयार हो जाता है।"
जल संरक्षण के काम में पेश आई कठिनाइयों के बारे में गौड़ ने बताया कि शुरू में इसके लिए पुजारियों को मना पाना आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि उनके प्रयास को कई पुजारियों ने संदेह की दृष्टि से देखा। यहां तक कि जब उनके समर्थकों ने इस परियोजना के लिए धन जमा करना शुरू किया तब भी पुजारी आनाकानी करते रहे। लेकिन आज 300 मंदिर इस अभियान से जुड़े हैं।
गौड़ ने बताया, "आम तौर पर मंदिर के समीप जल और दुग्ध को निर्बाध बहने दिया जाता है। इससे अस्वास्थ्यकर वातावरण पैदा होता है। मंदिर के चारों ओर मच्छर और मक्खियों के पलने का वातावरण तैयार हो जाता है।"
जल संरक्षण के काम में पेश आई कठिनाइयों के बारे में गौड़ ने बताया कि शुरू में इसके लिए पुजारियों को मना पाना आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि उनके प्रयास को कई पुजारियों ने संदेह की दृष्टि से देखा। यहां तक कि जब उनके समर्थकों ने इस परियोजना के लिए धन जमा करना शुरू किया तब भी पुजारी आनाकानी करते रहे। लेकिन आज 300 मंदिर इस अभियान से जुड़े हैं।
जल संरक्षण के काम में पेश आई कठिनाइयों के बारे में गौड़ ने बताया कि शुरू में इसके लिए पुजारियों को मना पाना आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि उनके प्रयास को कई पुजारियों ने संदेह की दृष्टि से देखा। यहां तक कि जब उनके समर्थकों ने इस परियोजना के लिए धन जमा करना शुरू किया तब भी पुजारी आनाकानी करते रहे। लेकिन आज 300 मंदिर इस अभियान से जुड़े हैं। | संक्षिप्त पाठ: एक ज्योतिषी और सामाजिक कार्यकर्ता ने जल संरक्षण के लिए जो काम किया है वह पूरे देश के लिए उदाहरण बन सकता है। मंदिरों में देव प्रतिमाओं को अर्पित किए जाने वाले जल के संरक्षण का अनूठा कार्य जयपुर में किया जा रहा है। | 14 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पीएम मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, राष्ट्रीय हित में, हमें बड़े और सख्त फैसले लेने में कोई झिझक नहीं है, क्योंकि हमारे लिए देश राजनीति से ऊपर है। चाहे सर्जिकल हमले हों नोटबंदी हो या जीएसटी, सभी फैसले बिना किसी भय या झिझक के किए गए. नोटबंदी का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह कदम काले धन पर काबू पाने के लिए उठाया गया और इससे ऐसे लाखों लोगों की पहचान करने में मदद मिली जिनके बैंक खातों में करोड़ों रुपये थे, लेकिन वे कभी आयकर नहीं देते थे. उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीनों में दो लाख से ज्यादा कंपनियों का पंजीयन रद्द कर दिया गया क्योंकि उनके कालेधन के शोधन में शामिल होने का पता लगा था.टिप्पणियां
प्रधानमंत्री ने 35 मिनट के अपने फैसले में कहा, भ्रष्टाचार पर काबू पाने के लिए, हमने 500 और 1000 रुपये के नोटों पर रोक लगाई. कुछ भ्रष्ट लोगों के गलत कार्यों का खामियाजा 125 करोड लोग भुगत रहे थे. यह हमें स्वीकार्य नहीं था. उन्होंने कहा कि इस बारे में कोई सुराग नहीं था कि काला धन कहां से आ रहा था और कहां जा रहा था. नोटबंदी की विपक्षी दलों द्वारा आलोचना की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री ने सरकार के इस कदम को उचित ठहराया. कांग्रेस ने नोटबंदी को पूरी तरह से नाकाम बताते हुए कहा कि इससे भ्रष्ट लोगों को काफी फायदा हुआ.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
प्रधानमंत्री ने 35 मिनट के अपने फैसले में कहा, भ्रष्टाचार पर काबू पाने के लिए, हमने 500 और 1000 रुपये के नोटों पर रोक लगाई. कुछ भ्रष्ट लोगों के गलत कार्यों का खामियाजा 125 करोड लोग भुगत रहे थे. यह हमें स्वीकार्य नहीं था. उन्होंने कहा कि इस बारे में कोई सुराग नहीं था कि काला धन कहां से आ रहा था और कहां जा रहा था. नोटबंदी की विपक्षी दलों द्वारा आलोचना की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री ने सरकार के इस कदम को उचित ठहराया. कांग्रेस ने नोटबंदी को पूरी तरह से नाकाम बताते हुए कहा कि इससे भ्रष्ट लोगों को काफी फायदा हुआ.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: हमारी सरकार देशहित को बड़ा समझती है
बड़े और सख्त फैसले लेने में झिझक नहीं होती
जीएसटी और सर्जिकल स्ट्राइक का किया जिक्र | 5 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जिम्बाब्वे के खिलाफ पांच एक-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों की शृंखला में 5-0 से मिली जीत की बदौलत अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की एक-दिवसीय टीम रैंकिंग के शीर्ष स्थान पर भारत की स्थिति मजबूत हो गई है।टिप्पणियां
शृंखला में किए क्लीन स्वीप की मदद से टीम इंडिया को हालांकि सिर्फ एक रेटिंग अंक मिला है, लेकिन इसकी मदद से उसने दूसरे स्थान पर काबिज ऑस्ट्रेलिया से अब नौ अंकों की बढ़त बना ली है, और भारत के अब 123 अंक हैं।
इस बीच, टीम रैंकिंग में श्रीलंका ने दक्षिण अफ्रीका को पछाड़ते हुए चौथा स्थान हासिल कर लिया है, जबकि दक्षिण अफ्रीका पांचवें क्रम पर खिसक गया है। दरअसल, दक्षिण अफ्रीका को पांच अंकों का नुकसान हुआ है, जबकि श्रीलंका ने तीन अंकों का फायदा हासिल किया है।
शृंखला में किए क्लीन स्वीप की मदद से टीम इंडिया को हालांकि सिर्फ एक रेटिंग अंक मिला है, लेकिन इसकी मदद से उसने दूसरे स्थान पर काबिज ऑस्ट्रेलिया से अब नौ अंकों की बढ़त बना ली है, और भारत के अब 123 अंक हैं।
इस बीच, टीम रैंकिंग में श्रीलंका ने दक्षिण अफ्रीका को पछाड़ते हुए चौथा स्थान हासिल कर लिया है, जबकि दक्षिण अफ्रीका पांचवें क्रम पर खिसक गया है। दरअसल, दक्षिण अफ्रीका को पांच अंकों का नुकसान हुआ है, जबकि श्रीलंका ने तीन अंकों का फायदा हासिल किया है।
इस बीच, टीम रैंकिंग में श्रीलंका ने दक्षिण अफ्रीका को पछाड़ते हुए चौथा स्थान हासिल कर लिया है, जबकि दक्षिण अफ्रीका पांचवें क्रम पर खिसक गया है। दरअसल, दक्षिण अफ्रीका को पांच अंकों का नुकसान हुआ है, जबकि श्रीलंका ने तीन अंकों का फायदा हासिल किया है। | यहाँ एक सारांश है:जिम्बाब्वे के खिलाफ शृंखला में क्लीन स्वीप की मदद से टीम इंडिया को हालांकि सिर्फ एक रेटिंग अंक मिला है, लेकिन उसने दूसरे स्थान पर काबिज ऑस्ट्रेलिया से अब नौ अंकों की बढ़त बना ली है। | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: गुवाहाटी में एक लड़की को सरेआम निर्वस्त्र करके उसके साथ सामूहिक छेड़खानी की सनसनीखेज घटना की पृष्ठभूमि में मध्यप्रदेश के उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने महिलाओं को भारतीय संस्कृति के मुताबिक मर्यादा में रहने की नसीहत दी है।टिप्पणियां
विजयवर्गीय ने कहा, ‘महिलाओं का फैशन, रहन-सहन और आचरण भारतीय संस्कृति के मुताबिक मर्यादित होना चाहिए।’
महिलाओं को भड़काऊ कपड़ों से दूर रहने की सलाह देते हुए प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ने कहा, ‘महिलाओं को ऐसा फैशन अपनाना चाहिए, जिससे लोगों के मन में उनके प्रति श्रद्धा बढ़े। लेकिन दुर्भाग्य से देखा जा रहा है कि कुछ महिलाएं ऐसे कपड़े पहनती हैं, जिससे उत्तेजना पैदा हो जाती है। इस वजह से भी समाज में विकृति आती है।’
विजयवर्गीय ने कहा, ‘महिलाओं का फैशन, रहन-सहन और आचरण भारतीय संस्कृति के मुताबिक मर्यादित होना चाहिए।’
महिलाओं को भड़काऊ कपड़ों से दूर रहने की सलाह देते हुए प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ने कहा, ‘महिलाओं को ऐसा फैशन अपनाना चाहिए, जिससे लोगों के मन में उनके प्रति श्रद्धा बढ़े। लेकिन दुर्भाग्य से देखा जा रहा है कि कुछ महिलाएं ऐसे कपड़े पहनती हैं, जिससे उत्तेजना पैदा हो जाती है। इस वजह से भी समाज में विकृति आती है।’
महिलाओं को भड़काऊ कपड़ों से दूर रहने की सलाह देते हुए प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ने कहा, ‘महिलाओं को ऐसा फैशन अपनाना चाहिए, जिससे लोगों के मन में उनके प्रति श्रद्धा बढ़े। लेकिन दुर्भाग्य से देखा जा रहा है कि कुछ महिलाएं ऐसे कपड़े पहनती हैं, जिससे उत्तेजना पैदा हो जाती है। इस वजह से भी समाज में विकृति आती है।’ | संक्षिप्त सारांश: गुवाहाटी में एक लड़की को सरेआम निर्वस्त्र करके उसके साथ सामूहिक छेड़खानी की सनसनीखेज घटना की पृष्ठभूमि में मध्यप्रदेश के उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने महिलाओं को भारतीय संस्कृति के मुताबिक मर्यादा में रहने की नसीहत दी है। | 0 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की एक और सूची (BJP List) जारी कर दी है. इस सूची में कुल 24 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं, जिसमें हरियाणा से आठ उम्मीदवार शामिल हैं. इसके साथ ही भाजपा 407 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर चुकी है. हरियाण में भाजपा ने अंबाला सीट से रतन लाल कटारिया, कुरूक्षेत्र से नायब सिंह सौनी, सिरसा से सुनीता दुग्गल, करनाल सीट से संजय भाटिया, सोनीपत से रमेश चंद्र कौशिक, भवानी महेन्द्र गढ़ से धर्मवीर सिंह, गुड़गांव से राव इंद्रजीत सिंह, फरीदाबाद सीट से कृष्णपाल गुर्जर को टिकट दिया है.
वहीं, मध्यप्रदेश के छिंदवाडा से नत्थन शाह, ग्वालियर से विजय सेवालकार, देवास से महेन्द्र सोलंकी को टिकट दिया है. उत्तर प्रदेश में झांसी से अनुराग शर्मा, बांदा से आर के पटेल को उम्मीदवार बनाया गया है । राजस्थान के राजसमंद से दीया कुमारी को टिकट दिया गया है. लोकसभा के लिये सात चरणों में 11 अप्रैल से चुनाव होने जा रहे हैं और यह 19 मई तक चलेगा. मतों की गिनती 23 मई को होगी. | सारांश: बीजेपी ने जारी की उम्मीदवारों की एक और लिस्ट
इस लिस्ट में कुल 24 प्रत्याशियों के नाम हैं शामिल
हरियाणा के साथ-साथ यूपी की सीटों पर उतारे प्रत्याशी | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रख्यात उद्योगपति रतन टाटा ने देश में कथित रूप से बढ़ रही असहिष्णुता पर चिंता व्यक्त की और कहा, 'असहिष्णुता एक अभिशाप है, जिसे हम पिछले कुछ दिनों से देख रहे हैं.' शुक्रवार देर रात ग्वालियर में टाटा ने कहा, 'मैं सोचता हूं कि हर व्यक्ति जानता है कि असहिष्णुता कहां से आ रही है. यह क्या है. देश के हजारों-लाखों लोगों में से हर कोई असहिष्णुता से मुक्त देश चाहता है.'
इससे पहले टाटा ने सिंधिया स्कूल के 119वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक ज्योतिरादित्य सिंधिया के असहिष्णुता के बारे में व्यक्त किए गए विचार का समर्थन किया. उन्होंने कहा, 'महाराज (सिंधिया) ने असिष्णुता के बारे में अपने विचार रखे. यह एक अभिशाप है, जिसे हम आजकल देख रहे हैं.'
रतन टाटा ने कहा, 'हम ऐसा वातावरण चाहते हैं, जहां हम अपने साथियों से प्रेम करें. उन्हें मारे नहीं, उन्हें बंधक नहीं बनाएं, बल्कि आपस में आदान-प्रदान के साथ सद्भावनापूर्वक माहौल में रहें.' टाटा से पहले सिंधिया ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों से कहा, 'हम चाहते हैं कि आप विजेता बनें. हम यह भी चाहते हैं कि आप विचारक बनें. बहस, विचार-विमर्श और असहमति सभ्य समाज की पहचान होती है.' टिप्पणियां
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में आज 'असहिष्णुता का वातावरण' है. कांग्रेस नेता ने कहा, 'हर व्यक्ति को यह बताया जा रहा है कि उसे क्या बोलना है, क्या सुनना है, क्या पहनना है और क्या खाना है.' उन्होंने कहा कि मतभेदों पर कार्रवाई हमारे समाज और परिवार की प्रगति के खिलाफ है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इससे पहले टाटा ने सिंधिया स्कूल के 119वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक ज्योतिरादित्य सिंधिया के असहिष्णुता के बारे में व्यक्त किए गए विचार का समर्थन किया. उन्होंने कहा, 'महाराज (सिंधिया) ने असिष्णुता के बारे में अपने विचार रखे. यह एक अभिशाप है, जिसे हम आजकल देख रहे हैं.'
रतन टाटा ने कहा, 'हम ऐसा वातावरण चाहते हैं, जहां हम अपने साथियों से प्रेम करें. उन्हें मारे नहीं, उन्हें बंधक नहीं बनाएं, बल्कि आपस में आदान-प्रदान के साथ सद्भावनापूर्वक माहौल में रहें.' टाटा से पहले सिंधिया ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों से कहा, 'हम चाहते हैं कि आप विजेता बनें. हम यह भी चाहते हैं कि आप विचारक बनें. बहस, विचार-विमर्श और असहमति सभ्य समाज की पहचान होती है.' टिप्पणियां
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में आज 'असहिष्णुता का वातावरण' है. कांग्रेस नेता ने कहा, 'हर व्यक्ति को यह बताया जा रहा है कि उसे क्या बोलना है, क्या सुनना है, क्या पहनना है और क्या खाना है.' उन्होंने कहा कि मतभेदों पर कार्रवाई हमारे समाज और परिवार की प्रगति के खिलाफ है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रतन टाटा ने कहा, 'हम ऐसा वातावरण चाहते हैं, जहां हम अपने साथियों से प्रेम करें. उन्हें मारे नहीं, उन्हें बंधक नहीं बनाएं, बल्कि आपस में आदान-प्रदान के साथ सद्भावनापूर्वक माहौल में रहें.' टाटा से पहले सिंधिया ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों से कहा, 'हम चाहते हैं कि आप विजेता बनें. हम यह भी चाहते हैं कि आप विचारक बनें. बहस, विचार-विमर्श और असहमति सभ्य समाज की पहचान होती है.' टिप्पणियां
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में आज 'असहिष्णुता का वातावरण' है. कांग्रेस नेता ने कहा, 'हर व्यक्ति को यह बताया जा रहा है कि उसे क्या बोलना है, क्या सुनना है, क्या पहनना है और क्या खाना है.' उन्होंने कहा कि मतभेदों पर कार्रवाई हमारे समाज और परिवार की प्रगति के खिलाफ है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में आज 'असहिष्णुता का वातावरण' है. कांग्रेस नेता ने कहा, 'हर व्यक्ति को यह बताया जा रहा है कि उसे क्या बोलना है, क्या सुनना है, क्या पहनना है और क्या खाना है.' उन्होंने कहा कि मतभेदों पर कार्रवाई हमारे समाज और परिवार की प्रगति के खिलाफ है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: हर कोई असहिष्णुता से मुक्त देश चाहता है : रतन टाटा
'ऐसा वातावरण चाहते हैं, जहां हम अपने साथियों से प्रेम करें'
मतभेदों पर कार्रवाई समाज की प्रगति के खिलाफ : ज्योतिरादित्य | 7 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत और पाकिस्तान की सीमा पर काफी समय से तनाव है. रुक-रुककर पाकिस्तान की ओर संघर्षविराम उल्लंघन किया जा रहा है. भारतीय सीमा पर तैनात चौकस जवान भी गोलीबारी का जवाब दे रहे हैं.
भारतीय मीडिया इस गोलीबारी में मारे गए भारतीय सैनिकों का जिक्र करता रहा है, लेकिन यह पहली बार है कि पाकिस्तानी सेना ने यह स्वीकार किया है कि बीती रात इस गोलीबारी में उसके सात सैनिक मारे गए हैं.
यह घटना एलओसी पर स्थित भीमबेर सेक्टर में घटी. बता दें कि 2003 में जो संघर्षविराम लागू हुआ था वह पिछले कुछ समय से बेमानी सा प्रतीत होता है.
अपने जवानों की मौत के बाद बौखलाई पाक सेना ने अब एलओसी के कई सेक्टरों में भीषण गोलीबारी शुरू कर दी है. वह मोर्टार के साथ ही तोपखानों का इस्तेमाल भी कर रही है. उसने पुंछ, अखनूर, पलांनवाला, सुंदरबनी जैसे कई सेक्टरों में मोर्चे खोले दिए हैं जिसका भरपूर जवाब भारतीय सेना के जवान दे रहे है.
सेना के सूत्रों के मुताबिक बीती रात को एलओसी पर नोशेरा और सुंदरबनी सेक्टर में पाकिस्तानी सेना की बॉर्डर एक्शन टीम तीन अलग-अलग इलाकों में हमला करने की फिराक में थी. पाक की इस कार्रवाई में कुल 16 से 18 जवान शामिल थे. लेकिन पाक सेना का ये दांव उल्टा पड़ गया.
सेना के चौकस जवानों ने पाकिस्तानी टीम का मुहंतोड़ जबाव दिया जिसमें मेजर समेत पाकिस्तान के 7 जवान मारे गए. इतना ही नहीं पाक के एक दर्जन के करीब जवान घायल हुए हैं. इस कार्रवाई में भारतीय सेना का कोई नुकसान होने की खबर नहीं है.
गौरतलब है कि सेना के एलओसी पार आतंकियों के लांचिंग पैड पर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से पाकिस्तान 250 दफा से अधिक बार गोलीबारी कर चुका है. इन हमलों में 14 सुरक्षाकर्मियों समेत 26 लोगों की जान चली गई.
पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग के अधिकारी गौतम बंबावले को पाकिस्तान सरकार की ओर से आज तलब किया गया था ताकि वे आधिकारिक रूप से इसकी शिकायत दर्ज करवा सकें.
उल्लेखनीय है कि भारत और पाकिस्तान ने 2003 में जम्मू कश्मीर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर गोलीबारी नहीं करने संबंधी युद्धविराम संधि की थी लेकिन तब से लेकर अब तक पाकिस्तान हजारों बार युद्ध विराम का उल्लंघन कर चुका है.
29 सितंबर को भारतीय जवानों द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक किए जाने के बाद सीमा पर तनाव है. पाकिस्तान इस बात का खंडन करता रहा है कि भारतीय जवानों ने एलओसी पार कोई सर्जिकल स्ट्राइक किया है. भारत ने पठानकोट हमले और उरी में आतंकी हमलों के जवाब में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था.टिप्पणियां
गौरतलब है कि उरी में आतंकी हमले में 19 भारतीय जवान शहीद हो गए थे. अब तक दोनों ओर से लोगों के मारे जाने की बात कही जाती रही है लेकिन, पाकिस्तान ने पहली बार सात सैनिकों की मौत की बात को सार्वजनिक रूप से स्वीकारा है.
भारतीय मीडिया इस गोलीबारी में मारे गए भारतीय सैनिकों का जिक्र करता रहा है, लेकिन यह पहली बार है कि पाकिस्तानी सेना ने यह स्वीकार किया है कि बीती रात इस गोलीबारी में उसके सात सैनिक मारे गए हैं.
यह घटना एलओसी पर स्थित भीमबेर सेक्टर में घटी. बता दें कि 2003 में जो संघर्षविराम लागू हुआ था वह पिछले कुछ समय से बेमानी सा प्रतीत होता है.
अपने जवानों की मौत के बाद बौखलाई पाक सेना ने अब एलओसी के कई सेक्टरों में भीषण गोलीबारी शुरू कर दी है. वह मोर्टार के साथ ही तोपखानों का इस्तेमाल भी कर रही है. उसने पुंछ, अखनूर, पलांनवाला, सुंदरबनी जैसे कई सेक्टरों में मोर्चे खोले दिए हैं जिसका भरपूर जवाब भारतीय सेना के जवान दे रहे है.
सेना के सूत्रों के मुताबिक बीती रात को एलओसी पर नोशेरा और सुंदरबनी सेक्टर में पाकिस्तानी सेना की बॉर्डर एक्शन टीम तीन अलग-अलग इलाकों में हमला करने की फिराक में थी. पाक की इस कार्रवाई में कुल 16 से 18 जवान शामिल थे. लेकिन पाक सेना का ये दांव उल्टा पड़ गया.
सेना के चौकस जवानों ने पाकिस्तानी टीम का मुहंतोड़ जबाव दिया जिसमें मेजर समेत पाकिस्तान के 7 जवान मारे गए. इतना ही नहीं पाक के एक दर्जन के करीब जवान घायल हुए हैं. इस कार्रवाई में भारतीय सेना का कोई नुकसान होने की खबर नहीं है.
गौरतलब है कि सेना के एलओसी पार आतंकियों के लांचिंग पैड पर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से पाकिस्तान 250 दफा से अधिक बार गोलीबारी कर चुका है. इन हमलों में 14 सुरक्षाकर्मियों समेत 26 लोगों की जान चली गई.
पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग के अधिकारी गौतम बंबावले को पाकिस्तान सरकार की ओर से आज तलब किया गया था ताकि वे आधिकारिक रूप से इसकी शिकायत दर्ज करवा सकें.
उल्लेखनीय है कि भारत और पाकिस्तान ने 2003 में जम्मू कश्मीर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर गोलीबारी नहीं करने संबंधी युद्धविराम संधि की थी लेकिन तब से लेकर अब तक पाकिस्तान हजारों बार युद्ध विराम का उल्लंघन कर चुका है.
29 सितंबर को भारतीय जवानों द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक किए जाने के बाद सीमा पर तनाव है. पाकिस्तान इस बात का खंडन करता रहा है कि भारतीय जवानों ने एलओसी पार कोई सर्जिकल स्ट्राइक किया है. भारत ने पठानकोट हमले और उरी में आतंकी हमलों के जवाब में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था.टिप्पणियां
गौरतलब है कि उरी में आतंकी हमले में 19 भारतीय जवान शहीद हो गए थे. अब तक दोनों ओर से लोगों के मारे जाने की बात कही जाती रही है लेकिन, पाकिस्तान ने पहली बार सात सैनिकों की मौत की बात को सार्वजनिक रूप से स्वीकारा है.
यह घटना एलओसी पर स्थित भीमबेर सेक्टर में घटी. बता दें कि 2003 में जो संघर्षविराम लागू हुआ था वह पिछले कुछ समय से बेमानी सा प्रतीत होता है.
अपने जवानों की मौत के बाद बौखलाई पाक सेना ने अब एलओसी के कई सेक्टरों में भीषण गोलीबारी शुरू कर दी है. वह मोर्टार के साथ ही तोपखानों का इस्तेमाल भी कर रही है. उसने पुंछ, अखनूर, पलांनवाला, सुंदरबनी जैसे कई सेक्टरों में मोर्चे खोले दिए हैं जिसका भरपूर जवाब भारतीय सेना के जवान दे रहे है.
सेना के सूत्रों के मुताबिक बीती रात को एलओसी पर नोशेरा और सुंदरबनी सेक्टर में पाकिस्तानी सेना की बॉर्डर एक्शन टीम तीन अलग-अलग इलाकों में हमला करने की फिराक में थी. पाक की इस कार्रवाई में कुल 16 से 18 जवान शामिल थे. लेकिन पाक सेना का ये दांव उल्टा पड़ गया.
सेना के चौकस जवानों ने पाकिस्तानी टीम का मुहंतोड़ जबाव दिया जिसमें मेजर समेत पाकिस्तान के 7 जवान मारे गए. इतना ही नहीं पाक के एक दर्जन के करीब जवान घायल हुए हैं. इस कार्रवाई में भारतीय सेना का कोई नुकसान होने की खबर नहीं है.
गौरतलब है कि सेना के एलओसी पार आतंकियों के लांचिंग पैड पर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से पाकिस्तान 250 दफा से अधिक बार गोलीबारी कर चुका है. इन हमलों में 14 सुरक्षाकर्मियों समेत 26 लोगों की जान चली गई.
पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग के अधिकारी गौतम बंबावले को पाकिस्तान सरकार की ओर से आज तलब किया गया था ताकि वे आधिकारिक रूप से इसकी शिकायत दर्ज करवा सकें.
उल्लेखनीय है कि भारत और पाकिस्तान ने 2003 में जम्मू कश्मीर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर गोलीबारी नहीं करने संबंधी युद्धविराम संधि की थी लेकिन तब से लेकर अब तक पाकिस्तान हजारों बार युद्ध विराम का उल्लंघन कर चुका है.
29 सितंबर को भारतीय जवानों द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक किए जाने के बाद सीमा पर तनाव है. पाकिस्तान इस बात का खंडन करता रहा है कि भारतीय जवानों ने एलओसी पार कोई सर्जिकल स्ट्राइक किया है. भारत ने पठानकोट हमले और उरी में आतंकी हमलों के जवाब में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था.टिप्पणियां
गौरतलब है कि उरी में आतंकी हमले में 19 भारतीय जवान शहीद हो गए थे. अब तक दोनों ओर से लोगों के मारे जाने की बात कही जाती रही है लेकिन, पाकिस्तान ने पहली बार सात सैनिकों की मौत की बात को सार्वजनिक रूप से स्वीकारा है.
अपने जवानों की मौत के बाद बौखलाई पाक सेना ने अब एलओसी के कई सेक्टरों में भीषण गोलीबारी शुरू कर दी है. वह मोर्टार के साथ ही तोपखानों का इस्तेमाल भी कर रही है. उसने पुंछ, अखनूर, पलांनवाला, सुंदरबनी जैसे कई सेक्टरों में मोर्चे खोले दिए हैं जिसका भरपूर जवाब भारतीय सेना के जवान दे रहे है.
सेना के सूत्रों के मुताबिक बीती रात को एलओसी पर नोशेरा और सुंदरबनी सेक्टर में पाकिस्तानी सेना की बॉर्डर एक्शन टीम तीन अलग-अलग इलाकों में हमला करने की फिराक में थी. पाक की इस कार्रवाई में कुल 16 से 18 जवान शामिल थे. लेकिन पाक सेना का ये दांव उल्टा पड़ गया.
सेना के चौकस जवानों ने पाकिस्तानी टीम का मुहंतोड़ जबाव दिया जिसमें मेजर समेत पाकिस्तान के 7 जवान मारे गए. इतना ही नहीं पाक के एक दर्जन के करीब जवान घायल हुए हैं. इस कार्रवाई में भारतीय सेना का कोई नुकसान होने की खबर नहीं है.
गौरतलब है कि सेना के एलओसी पार आतंकियों के लांचिंग पैड पर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से पाकिस्तान 250 दफा से अधिक बार गोलीबारी कर चुका है. इन हमलों में 14 सुरक्षाकर्मियों समेत 26 लोगों की जान चली गई.
पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग के अधिकारी गौतम बंबावले को पाकिस्तान सरकार की ओर से आज तलब किया गया था ताकि वे आधिकारिक रूप से इसकी शिकायत दर्ज करवा सकें.
उल्लेखनीय है कि भारत और पाकिस्तान ने 2003 में जम्मू कश्मीर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर गोलीबारी नहीं करने संबंधी युद्धविराम संधि की थी लेकिन तब से लेकर अब तक पाकिस्तान हजारों बार युद्ध विराम का उल्लंघन कर चुका है.
29 सितंबर को भारतीय जवानों द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक किए जाने के बाद सीमा पर तनाव है. पाकिस्तान इस बात का खंडन करता रहा है कि भारतीय जवानों ने एलओसी पार कोई सर्जिकल स्ट्राइक किया है. भारत ने पठानकोट हमले और उरी में आतंकी हमलों के जवाब में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था.टिप्पणियां
गौरतलब है कि उरी में आतंकी हमले में 19 भारतीय जवान शहीद हो गए थे. अब तक दोनों ओर से लोगों के मारे जाने की बात कही जाती रही है लेकिन, पाकिस्तान ने पहली बार सात सैनिकों की मौत की बात को सार्वजनिक रूप से स्वीकारा है.
सेना के सूत्रों के मुताबिक बीती रात को एलओसी पर नोशेरा और सुंदरबनी सेक्टर में पाकिस्तानी सेना की बॉर्डर एक्शन टीम तीन अलग-अलग इलाकों में हमला करने की फिराक में थी. पाक की इस कार्रवाई में कुल 16 से 18 जवान शामिल थे. लेकिन पाक सेना का ये दांव उल्टा पड़ गया.
सेना के चौकस जवानों ने पाकिस्तानी टीम का मुहंतोड़ जबाव दिया जिसमें मेजर समेत पाकिस्तान के 7 जवान मारे गए. इतना ही नहीं पाक के एक दर्जन के करीब जवान घायल हुए हैं. इस कार्रवाई में भारतीय सेना का कोई नुकसान होने की खबर नहीं है.
गौरतलब है कि सेना के एलओसी पार आतंकियों के लांचिंग पैड पर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से पाकिस्तान 250 दफा से अधिक बार गोलीबारी कर चुका है. इन हमलों में 14 सुरक्षाकर्मियों समेत 26 लोगों की जान चली गई.
पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग के अधिकारी गौतम बंबावले को पाकिस्तान सरकार की ओर से आज तलब किया गया था ताकि वे आधिकारिक रूप से इसकी शिकायत दर्ज करवा सकें.
उल्लेखनीय है कि भारत और पाकिस्तान ने 2003 में जम्मू कश्मीर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर गोलीबारी नहीं करने संबंधी युद्धविराम संधि की थी लेकिन तब से लेकर अब तक पाकिस्तान हजारों बार युद्ध विराम का उल्लंघन कर चुका है.
29 सितंबर को भारतीय जवानों द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक किए जाने के बाद सीमा पर तनाव है. पाकिस्तान इस बात का खंडन करता रहा है कि भारतीय जवानों ने एलओसी पार कोई सर्जिकल स्ट्राइक किया है. भारत ने पठानकोट हमले और उरी में आतंकी हमलों के जवाब में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था.टिप्पणियां
गौरतलब है कि उरी में आतंकी हमले में 19 भारतीय जवान शहीद हो गए थे. अब तक दोनों ओर से लोगों के मारे जाने की बात कही जाती रही है लेकिन, पाकिस्तान ने पहली बार सात सैनिकों की मौत की बात को सार्वजनिक रूप से स्वीकारा है.
सेना के चौकस जवानों ने पाकिस्तानी टीम का मुहंतोड़ जबाव दिया जिसमें मेजर समेत पाकिस्तान के 7 जवान मारे गए. इतना ही नहीं पाक के एक दर्जन के करीब जवान घायल हुए हैं. इस कार्रवाई में भारतीय सेना का कोई नुकसान होने की खबर नहीं है.
गौरतलब है कि सेना के एलओसी पार आतंकियों के लांचिंग पैड पर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से पाकिस्तान 250 दफा से अधिक बार गोलीबारी कर चुका है. इन हमलों में 14 सुरक्षाकर्मियों समेत 26 लोगों की जान चली गई.
पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग के अधिकारी गौतम बंबावले को पाकिस्तान सरकार की ओर से आज तलब किया गया था ताकि वे आधिकारिक रूप से इसकी शिकायत दर्ज करवा सकें.
उल्लेखनीय है कि भारत और पाकिस्तान ने 2003 में जम्मू कश्मीर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर गोलीबारी नहीं करने संबंधी युद्धविराम संधि की थी लेकिन तब से लेकर अब तक पाकिस्तान हजारों बार युद्ध विराम का उल्लंघन कर चुका है.
29 सितंबर को भारतीय जवानों द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक किए जाने के बाद सीमा पर तनाव है. पाकिस्तान इस बात का खंडन करता रहा है कि भारतीय जवानों ने एलओसी पार कोई सर्जिकल स्ट्राइक किया है. भारत ने पठानकोट हमले और उरी में आतंकी हमलों के जवाब में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था.टिप्पणियां
गौरतलब है कि उरी में आतंकी हमले में 19 भारतीय जवान शहीद हो गए थे. अब तक दोनों ओर से लोगों के मारे जाने की बात कही जाती रही है लेकिन, पाकिस्तान ने पहली बार सात सैनिकों की मौत की बात को सार्वजनिक रूप से स्वीकारा है.
गौरतलब है कि सेना के एलओसी पार आतंकियों के लांचिंग पैड पर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से पाकिस्तान 250 दफा से अधिक बार गोलीबारी कर चुका है. इन हमलों में 14 सुरक्षाकर्मियों समेत 26 लोगों की जान चली गई.
पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग के अधिकारी गौतम बंबावले को पाकिस्तान सरकार की ओर से आज तलब किया गया था ताकि वे आधिकारिक रूप से इसकी शिकायत दर्ज करवा सकें.
उल्लेखनीय है कि भारत और पाकिस्तान ने 2003 में जम्मू कश्मीर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर गोलीबारी नहीं करने संबंधी युद्धविराम संधि की थी लेकिन तब से लेकर अब तक पाकिस्तान हजारों बार युद्ध विराम का उल्लंघन कर चुका है.
29 सितंबर को भारतीय जवानों द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक किए जाने के बाद सीमा पर तनाव है. पाकिस्तान इस बात का खंडन करता रहा है कि भारतीय जवानों ने एलओसी पार कोई सर्जिकल स्ट्राइक किया है. भारत ने पठानकोट हमले और उरी में आतंकी हमलों के जवाब में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था.टिप्पणियां
गौरतलब है कि उरी में आतंकी हमले में 19 भारतीय जवान शहीद हो गए थे. अब तक दोनों ओर से लोगों के मारे जाने की बात कही जाती रही है लेकिन, पाकिस्तान ने पहली बार सात सैनिकों की मौत की बात को सार्वजनिक रूप से स्वीकारा है.
पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग के अधिकारी गौतम बंबावले को पाकिस्तान सरकार की ओर से आज तलब किया गया था ताकि वे आधिकारिक रूप से इसकी शिकायत दर्ज करवा सकें.
उल्लेखनीय है कि भारत और पाकिस्तान ने 2003 में जम्मू कश्मीर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर गोलीबारी नहीं करने संबंधी युद्धविराम संधि की थी लेकिन तब से लेकर अब तक पाकिस्तान हजारों बार युद्ध विराम का उल्लंघन कर चुका है.
29 सितंबर को भारतीय जवानों द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक किए जाने के बाद सीमा पर तनाव है. पाकिस्तान इस बात का खंडन करता रहा है कि भारतीय जवानों ने एलओसी पार कोई सर्जिकल स्ट्राइक किया है. भारत ने पठानकोट हमले और उरी में आतंकी हमलों के जवाब में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था.टिप्पणियां
गौरतलब है कि उरी में आतंकी हमले में 19 भारतीय जवान शहीद हो गए थे. अब तक दोनों ओर से लोगों के मारे जाने की बात कही जाती रही है लेकिन, पाकिस्तान ने पहली बार सात सैनिकों की मौत की बात को सार्वजनिक रूप से स्वीकारा है.
उल्लेखनीय है कि भारत और पाकिस्तान ने 2003 में जम्मू कश्मीर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर गोलीबारी नहीं करने संबंधी युद्धविराम संधि की थी लेकिन तब से लेकर अब तक पाकिस्तान हजारों बार युद्ध विराम का उल्लंघन कर चुका है.
29 सितंबर को भारतीय जवानों द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक किए जाने के बाद सीमा पर तनाव है. पाकिस्तान इस बात का खंडन करता रहा है कि भारतीय जवानों ने एलओसी पार कोई सर्जिकल स्ट्राइक किया है. भारत ने पठानकोट हमले और उरी में आतंकी हमलों के जवाब में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था.टिप्पणियां
गौरतलब है कि उरी में आतंकी हमले में 19 भारतीय जवान शहीद हो गए थे. अब तक दोनों ओर से लोगों के मारे जाने की बात कही जाती रही है लेकिन, पाकिस्तान ने पहली बार सात सैनिकों की मौत की बात को सार्वजनिक रूप से स्वीकारा है.
29 सितंबर को भारतीय जवानों द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक किए जाने के बाद सीमा पर तनाव है. पाकिस्तान इस बात का खंडन करता रहा है कि भारतीय जवानों ने एलओसी पार कोई सर्जिकल स्ट्राइक किया है. भारत ने पठानकोट हमले और उरी में आतंकी हमलों के जवाब में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था.टिप्पणियां
गौरतलब है कि उरी में आतंकी हमले में 19 भारतीय जवान शहीद हो गए थे. अब तक दोनों ओर से लोगों के मारे जाने की बात कही जाती रही है लेकिन, पाकिस्तान ने पहली बार सात सैनिकों की मौत की बात को सार्वजनिक रूप से स्वीकारा है.
गौरतलब है कि उरी में आतंकी हमले में 19 भारतीय जवान शहीद हो गए थे. अब तक दोनों ओर से लोगों के मारे जाने की बात कही जाती रही है लेकिन, पाकिस्तान ने पहली बार सात सैनिकों की मौत की बात को सार्वजनिक रूप से स्वीकारा है. | यहाँ एक सारांश है:पाकिस्तान लगातार कर रहा है संघर्षविराम का उल्लंघन
भारतीय जवान भी दे रहे हैं माकूल जवाब
पाकिस्तान ने संघर्ष बढ़ने की चेतावनी दी | 17 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अफगानिस्तान में तालिबान आतंकवादियों की गोलियों का शिकार हुईं भारतीय लेखिका सुष्मिता बनर्जी के परिजनों ने शुक्रवार को मांग की कि शव कोलकाता लाया जाना चाहिए जबकि विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि इस मामले पर सरकार अफगान सरकार के संपर्क में है।
खुर्शीद ने संसद के बाहर संवाददाताओं से कहा, "हम संपर्क में हैं। हम अफगानिस्तान में लोकतंत्र और समावेशन के प्रयासों को समर्थन दे रहे हैं।" घटना को 'अत्यंत निराशाजनक' करार देते हुए खुर्शीद ने कहा कि ऐसी घटनाएं 'अत्यंत दुखदायी होती हैं।'
मंत्री ने कहा कि दोनों देशों का इस मामले पर 'एक ही नजरिया है' और वह यह कि "खास तौर से महिलाओं के साथ इस तरह के अमानवीय व्यवहार के खिलाफ लड़ाई की हमारी प्रतिबद्धता है।" उन्होंने कहा, "इसका विरोध करने और इस तरह की विचारधारा को समूल नष्ट करने की अफगानिस्तान की प्रतिद्धता के साथ हम पूरी तरह खड़े हैं। हमारा यह भी मानना है कि अफगानिस्तान और भारत का नुकसान सामूहिक है और यह केवल हमारा ही नुकसान नहीं है। यह उनका भी नुकसान है।"
बनर्जी के छोटे भाई ने कहा वह अफगानिस्तान लौटने के लिए बेताब थीं और भारत में ही रहने की उनकी सलाह पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि सुष्मिता का इरादा अफगान महिलाओं के जीवन पर एक और किताब लिखने का था।
लेखिका के छोटे भाई गोपाल बनर्जी ने कहा, "हमने उन्हें आगाह किया था कि वह अफगानिस्तान नहीं जाए। लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं मानी। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान की स्थिति सामान्य है और वहां पर अमेरिकी सैनिक हैं।"
बनर्जी ने कहा कि हमने अफगानिस्तान में सुष्मिता के पति और उसके परिवार वालों से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उनका फोन नहीं मिला और संपर्क नहीं हो सका। उनके निजी मोबाइल पर बात नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से किसी भी अधिकारी ने अब तक उनके परिवार से संपर्क नहीं किया है।
बनर्जी ने कहा, "हम विदेश मंत्रालय से यह गुजारिश करेंगे कि उनका शव स्वदेश लाया जाए।" उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान जाने से पहले सुष्मिता ने वहां के बच्चों के लिए कोलकाता से किताबें खरीदी थी।
भारतीय लेखिका सुष्मिता बनर्जी की हत्या की अमानवीय घटना से पश्चिम बंगाल का लेखक समुदाय हैरान और स्तब्ध है।
बनर्जी ने परिवार से बगावत कर अफगानी व्यवसायी जांबाज खान से शादी की थी। शादी के बाद वह अपने पति के साथ कई साल अफगानिस्तान में रही थीं। उन्होंने 1998 में 'काबुलीवालार बंगाली बउ' (अ काबुलीवालाज बंगाली वाइफ) शीर्षक वाला संस्मरण लिखा था, जो काफी चर्चित हुआ। इसमें तालिबानी व्यवस्था में महिलाओं की पीड़ाओं के विभिन्न रूपों को चित्रित किया गया है। उन्होंने इस पुस्तक में आतंकवादियों के चंगुल से भागने के अपने साहसपूर्ण कदम का भी जिक्र किया है। उनकी हत्या से दुखी मैगसेसे अवार्ड सम्मानित लेखिका महाश्वेता देवी ने कहा, "यह दुखद है और मैं हैरान हूं।"
प्रसिद्ध लेखक शीर्शेदु मुखर्जी ने हैरानी जताते हुए कहा, "मैंने उनकी किताब पढ़ी है, लेकिन उन्हें व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता हूं। वह एक साहसी महिला थीं और उन्होंने काफी कठिनाई झेली थी।"
साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता शंखा घोष ने कहा, "यह हैरानी भरा है। अगर तालिबान यह कर रहा है, तो यह सभ्यता के खिलाफ है।"टिप्पणियां
बनर्जी हाल ही में अपने पति के साथ रहने के लिए अफगानिस्तान लौटी थीं। बीबीसी के मुताबिक, वह वहां सैयदा कमाला के नाम से रह रही थीं।
बनर्जी के जीवन पर 2003 में बॉलीवुड में 'एस्केप फ्रॉम तालिबान' नामक फिल्म बनाई गई थी। इसमें मनीषा कोईराला ने मुख्य भूमिका निभाई थी।
खुर्शीद ने संसद के बाहर संवाददाताओं से कहा, "हम संपर्क में हैं। हम अफगानिस्तान में लोकतंत्र और समावेशन के प्रयासों को समर्थन दे रहे हैं।" घटना को 'अत्यंत निराशाजनक' करार देते हुए खुर्शीद ने कहा कि ऐसी घटनाएं 'अत्यंत दुखदायी होती हैं।'
मंत्री ने कहा कि दोनों देशों का इस मामले पर 'एक ही नजरिया है' और वह यह कि "खास तौर से महिलाओं के साथ इस तरह के अमानवीय व्यवहार के खिलाफ लड़ाई की हमारी प्रतिबद्धता है।" उन्होंने कहा, "इसका विरोध करने और इस तरह की विचारधारा को समूल नष्ट करने की अफगानिस्तान की प्रतिद्धता के साथ हम पूरी तरह खड़े हैं। हमारा यह भी मानना है कि अफगानिस्तान और भारत का नुकसान सामूहिक है और यह केवल हमारा ही नुकसान नहीं है। यह उनका भी नुकसान है।"
बनर्जी के छोटे भाई ने कहा वह अफगानिस्तान लौटने के लिए बेताब थीं और भारत में ही रहने की उनकी सलाह पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि सुष्मिता का इरादा अफगान महिलाओं के जीवन पर एक और किताब लिखने का था।
लेखिका के छोटे भाई गोपाल बनर्जी ने कहा, "हमने उन्हें आगाह किया था कि वह अफगानिस्तान नहीं जाए। लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं मानी। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान की स्थिति सामान्य है और वहां पर अमेरिकी सैनिक हैं।"
बनर्जी ने कहा कि हमने अफगानिस्तान में सुष्मिता के पति और उसके परिवार वालों से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उनका फोन नहीं मिला और संपर्क नहीं हो सका। उनके निजी मोबाइल पर बात नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से किसी भी अधिकारी ने अब तक उनके परिवार से संपर्क नहीं किया है।
बनर्जी ने कहा, "हम विदेश मंत्रालय से यह गुजारिश करेंगे कि उनका शव स्वदेश लाया जाए।" उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान जाने से पहले सुष्मिता ने वहां के बच्चों के लिए कोलकाता से किताबें खरीदी थी।
भारतीय लेखिका सुष्मिता बनर्जी की हत्या की अमानवीय घटना से पश्चिम बंगाल का लेखक समुदाय हैरान और स्तब्ध है।
बनर्जी ने परिवार से बगावत कर अफगानी व्यवसायी जांबाज खान से शादी की थी। शादी के बाद वह अपने पति के साथ कई साल अफगानिस्तान में रही थीं। उन्होंने 1998 में 'काबुलीवालार बंगाली बउ' (अ काबुलीवालाज बंगाली वाइफ) शीर्षक वाला संस्मरण लिखा था, जो काफी चर्चित हुआ। इसमें तालिबानी व्यवस्था में महिलाओं की पीड़ाओं के विभिन्न रूपों को चित्रित किया गया है। उन्होंने इस पुस्तक में आतंकवादियों के चंगुल से भागने के अपने साहसपूर्ण कदम का भी जिक्र किया है। उनकी हत्या से दुखी मैगसेसे अवार्ड सम्मानित लेखिका महाश्वेता देवी ने कहा, "यह दुखद है और मैं हैरान हूं।"
प्रसिद्ध लेखक शीर्शेदु मुखर्जी ने हैरानी जताते हुए कहा, "मैंने उनकी किताब पढ़ी है, लेकिन उन्हें व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता हूं। वह एक साहसी महिला थीं और उन्होंने काफी कठिनाई झेली थी।"
साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता शंखा घोष ने कहा, "यह हैरानी भरा है। अगर तालिबान यह कर रहा है, तो यह सभ्यता के खिलाफ है।"टिप्पणियां
बनर्जी हाल ही में अपने पति के साथ रहने के लिए अफगानिस्तान लौटी थीं। बीबीसी के मुताबिक, वह वहां सैयदा कमाला के नाम से रह रही थीं।
बनर्जी के जीवन पर 2003 में बॉलीवुड में 'एस्केप फ्रॉम तालिबान' नामक फिल्म बनाई गई थी। इसमें मनीषा कोईराला ने मुख्य भूमिका निभाई थी।
मंत्री ने कहा कि दोनों देशों का इस मामले पर 'एक ही नजरिया है' और वह यह कि "खास तौर से महिलाओं के साथ इस तरह के अमानवीय व्यवहार के खिलाफ लड़ाई की हमारी प्रतिबद्धता है।" उन्होंने कहा, "इसका विरोध करने और इस तरह की विचारधारा को समूल नष्ट करने की अफगानिस्तान की प्रतिद्धता के साथ हम पूरी तरह खड़े हैं। हमारा यह भी मानना है कि अफगानिस्तान और भारत का नुकसान सामूहिक है और यह केवल हमारा ही नुकसान नहीं है। यह उनका भी नुकसान है।"
बनर्जी के छोटे भाई ने कहा वह अफगानिस्तान लौटने के लिए बेताब थीं और भारत में ही रहने की उनकी सलाह पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि सुष्मिता का इरादा अफगान महिलाओं के जीवन पर एक और किताब लिखने का था।
लेखिका के छोटे भाई गोपाल बनर्जी ने कहा, "हमने उन्हें आगाह किया था कि वह अफगानिस्तान नहीं जाए। लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं मानी। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान की स्थिति सामान्य है और वहां पर अमेरिकी सैनिक हैं।"
बनर्जी ने कहा कि हमने अफगानिस्तान में सुष्मिता के पति और उसके परिवार वालों से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उनका फोन नहीं मिला और संपर्क नहीं हो सका। उनके निजी मोबाइल पर बात नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से किसी भी अधिकारी ने अब तक उनके परिवार से संपर्क नहीं किया है।
बनर्जी ने कहा, "हम विदेश मंत्रालय से यह गुजारिश करेंगे कि उनका शव स्वदेश लाया जाए।" उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान जाने से पहले सुष्मिता ने वहां के बच्चों के लिए कोलकाता से किताबें खरीदी थी।
भारतीय लेखिका सुष्मिता बनर्जी की हत्या की अमानवीय घटना से पश्चिम बंगाल का लेखक समुदाय हैरान और स्तब्ध है।
बनर्जी ने परिवार से बगावत कर अफगानी व्यवसायी जांबाज खान से शादी की थी। शादी के बाद वह अपने पति के साथ कई साल अफगानिस्तान में रही थीं। उन्होंने 1998 में 'काबुलीवालार बंगाली बउ' (अ काबुलीवालाज बंगाली वाइफ) शीर्षक वाला संस्मरण लिखा था, जो काफी चर्चित हुआ। इसमें तालिबानी व्यवस्था में महिलाओं की पीड़ाओं के विभिन्न रूपों को चित्रित किया गया है। उन्होंने इस पुस्तक में आतंकवादियों के चंगुल से भागने के अपने साहसपूर्ण कदम का भी जिक्र किया है। उनकी हत्या से दुखी मैगसेसे अवार्ड सम्मानित लेखिका महाश्वेता देवी ने कहा, "यह दुखद है और मैं हैरान हूं।"
प्रसिद्ध लेखक शीर्शेदु मुखर्जी ने हैरानी जताते हुए कहा, "मैंने उनकी किताब पढ़ी है, लेकिन उन्हें व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता हूं। वह एक साहसी महिला थीं और उन्होंने काफी कठिनाई झेली थी।"
साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता शंखा घोष ने कहा, "यह हैरानी भरा है। अगर तालिबान यह कर रहा है, तो यह सभ्यता के खिलाफ है।"टिप्पणियां
बनर्जी हाल ही में अपने पति के साथ रहने के लिए अफगानिस्तान लौटी थीं। बीबीसी के मुताबिक, वह वहां सैयदा कमाला के नाम से रह रही थीं।
बनर्जी के जीवन पर 2003 में बॉलीवुड में 'एस्केप फ्रॉम तालिबान' नामक फिल्म बनाई गई थी। इसमें मनीषा कोईराला ने मुख्य भूमिका निभाई थी।
बनर्जी के छोटे भाई ने कहा वह अफगानिस्तान लौटने के लिए बेताब थीं और भारत में ही रहने की उनकी सलाह पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि सुष्मिता का इरादा अफगान महिलाओं के जीवन पर एक और किताब लिखने का था।
लेखिका के छोटे भाई गोपाल बनर्जी ने कहा, "हमने उन्हें आगाह किया था कि वह अफगानिस्तान नहीं जाए। लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं मानी। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान की स्थिति सामान्य है और वहां पर अमेरिकी सैनिक हैं।"
बनर्जी ने कहा कि हमने अफगानिस्तान में सुष्मिता के पति और उसके परिवार वालों से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उनका फोन नहीं मिला और संपर्क नहीं हो सका। उनके निजी मोबाइल पर बात नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से किसी भी अधिकारी ने अब तक उनके परिवार से संपर्क नहीं किया है।
बनर्जी ने कहा, "हम विदेश मंत्रालय से यह गुजारिश करेंगे कि उनका शव स्वदेश लाया जाए।" उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान जाने से पहले सुष्मिता ने वहां के बच्चों के लिए कोलकाता से किताबें खरीदी थी।
भारतीय लेखिका सुष्मिता बनर्जी की हत्या की अमानवीय घटना से पश्चिम बंगाल का लेखक समुदाय हैरान और स्तब्ध है।
बनर्जी ने परिवार से बगावत कर अफगानी व्यवसायी जांबाज खान से शादी की थी। शादी के बाद वह अपने पति के साथ कई साल अफगानिस्तान में रही थीं। उन्होंने 1998 में 'काबुलीवालार बंगाली बउ' (अ काबुलीवालाज बंगाली वाइफ) शीर्षक वाला संस्मरण लिखा था, जो काफी चर्चित हुआ। इसमें तालिबानी व्यवस्था में महिलाओं की पीड़ाओं के विभिन्न रूपों को चित्रित किया गया है। उन्होंने इस पुस्तक में आतंकवादियों के चंगुल से भागने के अपने साहसपूर्ण कदम का भी जिक्र किया है। उनकी हत्या से दुखी मैगसेसे अवार्ड सम्मानित लेखिका महाश्वेता देवी ने कहा, "यह दुखद है और मैं हैरान हूं।"
प्रसिद्ध लेखक शीर्शेदु मुखर्जी ने हैरानी जताते हुए कहा, "मैंने उनकी किताब पढ़ी है, लेकिन उन्हें व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता हूं। वह एक साहसी महिला थीं और उन्होंने काफी कठिनाई झेली थी।"
साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता शंखा घोष ने कहा, "यह हैरानी भरा है। अगर तालिबान यह कर रहा है, तो यह सभ्यता के खिलाफ है।"टिप्पणियां
बनर्जी हाल ही में अपने पति के साथ रहने के लिए अफगानिस्तान लौटी थीं। बीबीसी के मुताबिक, वह वहां सैयदा कमाला के नाम से रह रही थीं।
बनर्जी के जीवन पर 2003 में बॉलीवुड में 'एस्केप फ्रॉम तालिबान' नामक फिल्म बनाई गई थी। इसमें मनीषा कोईराला ने मुख्य भूमिका निभाई थी।
लेखिका के छोटे भाई गोपाल बनर्जी ने कहा, "हमने उन्हें आगाह किया था कि वह अफगानिस्तान नहीं जाए। लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं मानी। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान की स्थिति सामान्य है और वहां पर अमेरिकी सैनिक हैं।"
बनर्जी ने कहा कि हमने अफगानिस्तान में सुष्मिता के पति और उसके परिवार वालों से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उनका फोन नहीं मिला और संपर्क नहीं हो सका। उनके निजी मोबाइल पर बात नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से किसी भी अधिकारी ने अब तक उनके परिवार से संपर्क नहीं किया है।
बनर्जी ने कहा, "हम विदेश मंत्रालय से यह गुजारिश करेंगे कि उनका शव स्वदेश लाया जाए।" उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान जाने से पहले सुष्मिता ने वहां के बच्चों के लिए कोलकाता से किताबें खरीदी थी।
भारतीय लेखिका सुष्मिता बनर्जी की हत्या की अमानवीय घटना से पश्चिम बंगाल का लेखक समुदाय हैरान और स्तब्ध है।
बनर्जी ने परिवार से बगावत कर अफगानी व्यवसायी जांबाज खान से शादी की थी। शादी के बाद वह अपने पति के साथ कई साल अफगानिस्तान में रही थीं। उन्होंने 1998 में 'काबुलीवालार बंगाली बउ' (अ काबुलीवालाज बंगाली वाइफ) शीर्षक वाला संस्मरण लिखा था, जो काफी चर्चित हुआ। इसमें तालिबानी व्यवस्था में महिलाओं की पीड़ाओं के विभिन्न रूपों को चित्रित किया गया है। उन्होंने इस पुस्तक में आतंकवादियों के चंगुल से भागने के अपने साहसपूर्ण कदम का भी जिक्र किया है। उनकी हत्या से दुखी मैगसेसे अवार्ड सम्मानित लेखिका महाश्वेता देवी ने कहा, "यह दुखद है और मैं हैरान हूं।"
प्रसिद्ध लेखक शीर्शेदु मुखर्जी ने हैरानी जताते हुए कहा, "मैंने उनकी किताब पढ़ी है, लेकिन उन्हें व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता हूं। वह एक साहसी महिला थीं और उन्होंने काफी कठिनाई झेली थी।"
साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता शंखा घोष ने कहा, "यह हैरानी भरा है। अगर तालिबान यह कर रहा है, तो यह सभ्यता के खिलाफ है।"टिप्पणियां
बनर्जी हाल ही में अपने पति के साथ रहने के लिए अफगानिस्तान लौटी थीं। बीबीसी के मुताबिक, वह वहां सैयदा कमाला के नाम से रह रही थीं।
बनर्जी के जीवन पर 2003 में बॉलीवुड में 'एस्केप फ्रॉम तालिबान' नामक फिल्म बनाई गई थी। इसमें मनीषा कोईराला ने मुख्य भूमिका निभाई थी।
बनर्जी ने कहा कि हमने अफगानिस्तान में सुष्मिता के पति और उसके परिवार वालों से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उनका फोन नहीं मिला और संपर्क नहीं हो सका। उनके निजी मोबाइल पर बात नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से किसी भी अधिकारी ने अब तक उनके परिवार से संपर्क नहीं किया है।
बनर्जी ने कहा, "हम विदेश मंत्रालय से यह गुजारिश करेंगे कि उनका शव स्वदेश लाया जाए।" उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान जाने से पहले सुष्मिता ने वहां के बच्चों के लिए कोलकाता से किताबें खरीदी थी।
भारतीय लेखिका सुष्मिता बनर्जी की हत्या की अमानवीय घटना से पश्चिम बंगाल का लेखक समुदाय हैरान और स्तब्ध है।
बनर्जी ने परिवार से बगावत कर अफगानी व्यवसायी जांबाज खान से शादी की थी। शादी के बाद वह अपने पति के साथ कई साल अफगानिस्तान में रही थीं। उन्होंने 1998 में 'काबुलीवालार बंगाली बउ' (अ काबुलीवालाज बंगाली वाइफ) शीर्षक वाला संस्मरण लिखा था, जो काफी चर्चित हुआ। इसमें तालिबानी व्यवस्था में महिलाओं की पीड़ाओं के विभिन्न रूपों को चित्रित किया गया है। उन्होंने इस पुस्तक में आतंकवादियों के चंगुल से भागने के अपने साहसपूर्ण कदम का भी जिक्र किया है। उनकी हत्या से दुखी मैगसेसे अवार्ड सम्मानित लेखिका महाश्वेता देवी ने कहा, "यह दुखद है और मैं हैरान हूं।"
प्रसिद्ध लेखक शीर्शेदु मुखर्जी ने हैरानी जताते हुए कहा, "मैंने उनकी किताब पढ़ी है, लेकिन उन्हें व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता हूं। वह एक साहसी महिला थीं और उन्होंने काफी कठिनाई झेली थी।"
साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता शंखा घोष ने कहा, "यह हैरानी भरा है। अगर तालिबान यह कर रहा है, तो यह सभ्यता के खिलाफ है।"टिप्पणियां
बनर्जी हाल ही में अपने पति के साथ रहने के लिए अफगानिस्तान लौटी थीं। बीबीसी के मुताबिक, वह वहां सैयदा कमाला के नाम से रह रही थीं।
बनर्जी के जीवन पर 2003 में बॉलीवुड में 'एस्केप फ्रॉम तालिबान' नामक फिल्म बनाई गई थी। इसमें मनीषा कोईराला ने मुख्य भूमिका निभाई थी।
बनर्जी ने कहा, "हम विदेश मंत्रालय से यह गुजारिश करेंगे कि उनका शव स्वदेश लाया जाए।" उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान जाने से पहले सुष्मिता ने वहां के बच्चों के लिए कोलकाता से किताबें खरीदी थी।
भारतीय लेखिका सुष्मिता बनर्जी की हत्या की अमानवीय घटना से पश्चिम बंगाल का लेखक समुदाय हैरान और स्तब्ध है।
बनर्जी ने परिवार से बगावत कर अफगानी व्यवसायी जांबाज खान से शादी की थी। शादी के बाद वह अपने पति के साथ कई साल अफगानिस्तान में रही थीं। उन्होंने 1998 में 'काबुलीवालार बंगाली बउ' (अ काबुलीवालाज बंगाली वाइफ) शीर्षक वाला संस्मरण लिखा था, जो काफी चर्चित हुआ। इसमें तालिबानी व्यवस्था में महिलाओं की पीड़ाओं के विभिन्न रूपों को चित्रित किया गया है। उन्होंने इस पुस्तक में आतंकवादियों के चंगुल से भागने के अपने साहसपूर्ण कदम का भी जिक्र किया है। उनकी हत्या से दुखी मैगसेसे अवार्ड सम्मानित लेखिका महाश्वेता देवी ने कहा, "यह दुखद है और मैं हैरान हूं।"
प्रसिद्ध लेखक शीर्शेदु मुखर्जी ने हैरानी जताते हुए कहा, "मैंने उनकी किताब पढ़ी है, लेकिन उन्हें व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता हूं। वह एक साहसी महिला थीं और उन्होंने काफी कठिनाई झेली थी।"
साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता शंखा घोष ने कहा, "यह हैरानी भरा है। अगर तालिबान यह कर रहा है, तो यह सभ्यता के खिलाफ है।"टिप्पणियां
बनर्जी हाल ही में अपने पति के साथ रहने के लिए अफगानिस्तान लौटी थीं। बीबीसी के मुताबिक, वह वहां सैयदा कमाला के नाम से रह रही थीं।
बनर्जी के जीवन पर 2003 में बॉलीवुड में 'एस्केप फ्रॉम तालिबान' नामक फिल्म बनाई गई थी। इसमें मनीषा कोईराला ने मुख्य भूमिका निभाई थी।
भारतीय लेखिका सुष्मिता बनर्जी की हत्या की अमानवीय घटना से पश्चिम बंगाल का लेखक समुदाय हैरान और स्तब्ध है।
बनर्जी ने परिवार से बगावत कर अफगानी व्यवसायी जांबाज खान से शादी की थी। शादी के बाद वह अपने पति के साथ कई साल अफगानिस्तान में रही थीं। उन्होंने 1998 में 'काबुलीवालार बंगाली बउ' (अ काबुलीवालाज बंगाली वाइफ) शीर्षक वाला संस्मरण लिखा था, जो काफी चर्चित हुआ। इसमें तालिबानी व्यवस्था में महिलाओं की पीड़ाओं के विभिन्न रूपों को चित्रित किया गया है। उन्होंने इस पुस्तक में आतंकवादियों के चंगुल से भागने के अपने साहसपूर्ण कदम का भी जिक्र किया है। उनकी हत्या से दुखी मैगसेसे अवार्ड सम्मानित लेखिका महाश्वेता देवी ने कहा, "यह दुखद है और मैं हैरान हूं।"
प्रसिद्ध लेखक शीर्शेदु मुखर्जी ने हैरानी जताते हुए कहा, "मैंने उनकी किताब पढ़ी है, लेकिन उन्हें व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता हूं। वह एक साहसी महिला थीं और उन्होंने काफी कठिनाई झेली थी।"
साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता शंखा घोष ने कहा, "यह हैरानी भरा है। अगर तालिबान यह कर रहा है, तो यह सभ्यता के खिलाफ है।"टिप्पणियां
बनर्जी हाल ही में अपने पति के साथ रहने के लिए अफगानिस्तान लौटी थीं। बीबीसी के मुताबिक, वह वहां सैयदा कमाला के नाम से रह रही थीं।
बनर्जी के जीवन पर 2003 में बॉलीवुड में 'एस्केप फ्रॉम तालिबान' नामक फिल्म बनाई गई थी। इसमें मनीषा कोईराला ने मुख्य भूमिका निभाई थी।
बनर्जी ने परिवार से बगावत कर अफगानी व्यवसायी जांबाज खान से शादी की थी। शादी के बाद वह अपने पति के साथ कई साल अफगानिस्तान में रही थीं। उन्होंने 1998 में 'काबुलीवालार बंगाली बउ' (अ काबुलीवालाज बंगाली वाइफ) शीर्षक वाला संस्मरण लिखा था, जो काफी चर्चित हुआ। इसमें तालिबानी व्यवस्था में महिलाओं की पीड़ाओं के विभिन्न रूपों को चित्रित किया गया है। उन्होंने इस पुस्तक में आतंकवादियों के चंगुल से भागने के अपने साहसपूर्ण कदम का भी जिक्र किया है। उनकी हत्या से दुखी मैगसेसे अवार्ड सम्मानित लेखिका महाश्वेता देवी ने कहा, "यह दुखद है और मैं हैरान हूं।"
प्रसिद्ध लेखक शीर्शेदु मुखर्जी ने हैरानी जताते हुए कहा, "मैंने उनकी किताब पढ़ी है, लेकिन उन्हें व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता हूं। वह एक साहसी महिला थीं और उन्होंने काफी कठिनाई झेली थी।"
साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता शंखा घोष ने कहा, "यह हैरानी भरा है। अगर तालिबान यह कर रहा है, तो यह सभ्यता के खिलाफ है।"टिप्पणियां
बनर्जी हाल ही में अपने पति के साथ रहने के लिए अफगानिस्तान लौटी थीं। बीबीसी के मुताबिक, वह वहां सैयदा कमाला के नाम से रह रही थीं।
बनर्जी के जीवन पर 2003 में बॉलीवुड में 'एस्केप फ्रॉम तालिबान' नामक फिल्म बनाई गई थी। इसमें मनीषा कोईराला ने मुख्य भूमिका निभाई थी।
प्रसिद्ध लेखक शीर्शेदु मुखर्जी ने हैरानी जताते हुए कहा, "मैंने उनकी किताब पढ़ी है, लेकिन उन्हें व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता हूं। वह एक साहसी महिला थीं और उन्होंने काफी कठिनाई झेली थी।"
साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता शंखा घोष ने कहा, "यह हैरानी भरा है। अगर तालिबान यह कर रहा है, तो यह सभ्यता के खिलाफ है।"टिप्पणियां
बनर्जी हाल ही में अपने पति के साथ रहने के लिए अफगानिस्तान लौटी थीं। बीबीसी के मुताबिक, वह वहां सैयदा कमाला के नाम से रह रही थीं।
बनर्जी के जीवन पर 2003 में बॉलीवुड में 'एस्केप फ्रॉम तालिबान' नामक फिल्म बनाई गई थी। इसमें मनीषा कोईराला ने मुख्य भूमिका निभाई थी।
साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता शंखा घोष ने कहा, "यह हैरानी भरा है। अगर तालिबान यह कर रहा है, तो यह सभ्यता के खिलाफ है।"टिप्पणियां
बनर्जी हाल ही में अपने पति के साथ रहने के लिए अफगानिस्तान लौटी थीं। बीबीसी के मुताबिक, वह वहां सैयदा कमाला के नाम से रह रही थीं।
बनर्जी के जीवन पर 2003 में बॉलीवुड में 'एस्केप फ्रॉम तालिबान' नामक फिल्म बनाई गई थी। इसमें मनीषा कोईराला ने मुख्य भूमिका निभाई थी।
बनर्जी हाल ही में अपने पति के साथ रहने के लिए अफगानिस्तान लौटी थीं। बीबीसी के मुताबिक, वह वहां सैयदा कमाला के नाम से रह रही थीं।
बनर्जी के जीवन पर 2003 में बॉलीवुड में 'एस्केप फ्रॉम तालिबान' नामक फिल्म बनाई गई थी। इसमें मनीषा कोईराला ने मुख्य भूमिका निभाई थी।
बनर्जी के जीवन पर 2003 में बॉलीवुड में 'एस्केप फ्रॉम तालिबान' नामक फिल्म बनाई गई थी। इसमें मनीषा कोईराला ने मुख्य भूमिका निभाई थी। | यह एक सारांश है: अफगानिस्तान में तालिबान आतंकवादियों की गोलियों का शिकार हुईं भारतीय लेखिका सुष्मिता बनर्जी के परिजनों ने शुक्रवार को मांग की कि शव कोलकाता लाया जाना चाहिए जबकि विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि इस मामले पर सरकार अफगान सरकार के संपर्क में है। | 21 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: JEE Main 2020 परीक्षा के एप्लीकेशन फॉर्म में सुधार (JEE Main Correction) करने के लिए लिंक एक्टिव कर दिया गया है. जिन स्टूडेंट्स से एप्लीकेशन फॉर्म (JEE Main 2020 Form) में कोई गलती हुई थी तो वे अब अपने फॉर्म में करेक्शन कर सकते हैं. उम्मीदवारों को एप्लीकेशन में सुधार करने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाना होगा. जिसके बाद उन्हें एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड सबमिट कर लॉग इन (JEE Main Login 2020) करना होगा और फिर वे अपने फॉर्म में सुधार कर सकेंगे. उम्मीदवार 20 अक्टूबर तक सुधार कर पाएंगे. फॉर्म में सुधार करने के लिए उम्मीदवारों को एडिशनल फीस देनी होगी. NTA द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक इसके बाद एप्लीकेशन में सुधार का मौका नहीं देगा ऐसे में स्टूडेंट्स अपनी हर डिटेल को ध्यान से चेक करके गलती होने पर उसे करेक्ट कर लें.
स्टूडेंट्स नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर अपने एप्लीकेशन फॉर्म में सुधार कर सकते हैं. JEE Main 2020 Application Form Correction
आपको बता दें कि जेईई मेन परीक्षा (JEE Main 2020 Exam) 6 से 11 जनवरी 2020 तक आयोजित की जाएगी. जबकि परीक्षा का रिजल्ट 31 जनवरी 2020 को जारी कर दिया जाएगा. प्रश्न पत्र का माध्यम अंग्रेजी, हिंदी और गुजराती होगा. बता दें कि जेईई मेन परीक्षा के पैटर्न में बदलाव किया गया है.
पहले JEE Main परीक्षा में 30 मल्टीपल चॉइस सवाल पूछे जाते थे लेकिन अब JEE Main के पेपर में 20 मल्टीपल च्वॉइस सवाल आएंगे और 5 न्यूमेरिकल होंगे. पहले की तरह बी आर्क को छोड़कर सभी विषयों के पेपर कंप्यूटर आधारित ही होंगे. | सारांश: एप्लीकेशन करेक्शन की प्रक्रिया शुरू हो गई है.
स्टूडेंट्स एप्लीकेशन में सुधार कर सकते हैं.
उम्मीदवार 20 अक्टूबर तक सुधार कर पाएंगे. | 20 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: चीन के शिक्षा मंत्रालय ने सभी उच्च शैक्षणिक संस्थानों को इस साल से सेक्स और प्रेम पाठ्यक्रम अनिवार्य करने के आदेश दिए हैं। खास बात यह है कि ऐसा लग रहा है कि सभी छात्र इसे लेकर उत्साहित नहीं हैं और कुछ का कहना है कि यह बहुत नीरस है। मनोवैज्ञानिक पाठ्यक्रम को सितंबर से विश्वविद्यालय छात्रों के लिए अनिवार्य किया जाएगा, जिसमें सेक्स और प्रेम भी शामिल हैं। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सरकारी चाइना डेली से कहा कि मंत्रालय ने इस साल जून में देशभर के विश्वविद्यालयों के सभी विधाओं के छात्रों के लिए एक अनिवार्य मानसिक स्वास्थ्य पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए कहा। उन्होंने कहा, दरअसल इस तरह के कॉलेज पाठ्यक्रम कई सालों से तैयार हैं, लेकिन वे मुख्य रूप से वैकल्पिक पाठ्यक्रम हैं। अधिकारी ने कहा कि पाठ्यक्रमों को अनिवार्य बनाने का मंत्रालय ने फैसला इसलिए किया है, क्योंकि ज्यादातर विश्वविद्यालय के छात्रों को भारी दबाव की वजह से मनोवैज्ञानिक दिशानिर्देश की मदद लेने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि नए अनिवार्य पाठ्यक्रम के सात भाग होंगे। सेक्स और प्रेम के अलावा इस पाठ्यक्रम में अन्य मनोवैज्ञानिक समस्याओं से निबटने को लेकर भी अध्ययन सूची है, जिसमें जीवन और पढा़ई में दबाव और उलझनों से निबटना शामिल है। मंत्रालय के इस कदम को लेकर हालांकि मिलीजुली प्रतिक्रिया मिली है। पीकिंग विश्वविद्यालय में चिकित्सा विज्ञान की 18 वर्षीय छात्रा गावो चांग ने कहा कि इस तरह के पाठ्यक्रम नए छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। उन्होंने कहा, हमारे स्कूल में मनोवैज्ञानिक पाठ्यक्रम जिसमें सेक्स और प्रसव की थोड़ी जानकारी है, लोकप्रिय हैं, लेकिन वे अब तक वैकल्पिक हैं। कुछ छात्रों का हालांकि कहना है कि इसे अनिवार्य बनाने की कोई वजह नहीं है। प्रथम वर्ष में मनोवैज्ञानिक पाठयक्रम लेने वाली पीकिंग विश्वविद्यालय की छात्रा वांग केफई ने कहा कि यह बहुत उबाऊ था और इससे उन्हें कुछ भी फायदा नहीं हुआ। इस छात्रा के पुरुष मित्र ही फांग ने कहा, सभी छात्रों को इस तरह की शिक्षा की जरूरत नहीं है। वैसे भी हम विश्वविद्यालय के छात्र हैं और हममें से ज्यादातर सेक्स और प्रेम के बारे में जानते हैं। | चीन के शिक्षा मंत्रालय ने सभी उच्च शैक्षणिक संस्थानों को इस साल से सेक्स और प्रेम पाठ्यक्रम अनिवार्य करने के आदेश दिए हैं। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: SA vs IND Score: भारत ने बुधवार को आईसीसी विश्व कप-2019 के अपने पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका को छह विकेटों से हरा टूर्नामेंट का विजयी आगाज किया है. भारत को हालांकि यह जीत आसानी से नहीं मिली. दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों के सामने भारतीय बल्लेबाज रन करने के लिए संघर्ष करते दिखे. भारत को 228 रनों का लक्ष्य मिला थे जिसे वो संघर्ष करते हुए 47.3 ओवरों में चार विकेट खोकर हासिल कर सकी. विकेट गेंदबाजों का साथ दे रही थी. भारतीय गेंदबाजों को भी इससे फायदा मिला और दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों को भी. रोहित हालांकि एक छोर पर शुरू से खड़े रहे और इसलिए विकेट से पूरी तरह वाकिफ होने के बाद उन्होंने अपने शॉट खेले और अंत तक खड़े होकर टीम को जीत दिलाकर लौटे. यह दक्षिण अफ्रीका की इस विश्व कप में लगातार तीसरी हार है. वह इंग्लैंड और बांग्लादेश से मात खा इस मैच में आई थी.
रोहित ने भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए. उन्होंने 144 गेंदों पर 13 चौके और दो छक्के की मदद से नाबाद 122 रनों की पारी खेली. रोहित ने संयम के साथ बल्लेबाजी की और समय लेते हुए विकेट पर अपने पैर तथा गेंद पर अपनी आंखे अच्छे से जमा लीं जिससे उन्हें बाद में फायदा मिला. रोहित ने पहले 50 रन 70 रन में बनाए और अगले 50 रन 57 गेंदों पर.
उनके जोड़ीदार शिखर धवन भारत की तरफ से आउट होने वाले पहले बल्लेबाज थे. धवन कागिसो रबाडा की गेंद पर विकेट के पीछे क्विंटन डी कॉक के हाथों लपके गए. धवन ने 12 गेंदों पर एक चौके की मदद से आठ रन बनाए.
कप्तान विराट कोहली भी गेंद को बल्ले पर सही तरीके से लेने के लिए जद्दोजहद करते दिखे. कोहली ने 34 गेंदों पर 18 रन बनाए. भारत का स्कोर 15.3 ओवरों के बाद दो विकेट के नुकसान पर 54 रन था. रनगति काफी धीमी थी और दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज आसानी से रन नहीं दे रहे थे. रोहित को दूसरे छोर से साथ की जरूरत थी. चौथे नंबर पर आए लोकेश राहुल ने अपने उप-कप्तान का बखूबी साथ दिया. दोनों ने मिलकर तीसरे विकेट के लिए 85 रनों की साझेदारी की. यहां से मैच भारत की तरफ जाना शुरू हो गया था.
इस जोड़ी से उम्मीदें बंध चुकी थीं तभी राहुल, रबाडा की धीमी गति से डाली गई गेंद में फंस गए और फाफ डु प्लेसिस को कैच दे बैठे. राहुल ने 42 गेंदों पर 26 रन बनाए और सिर्फ दो चौके मारे. दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज रोहित को अब परेशान नहीं कर पा रहे थे. रोहित को अब टीम के सबसे अनुभवी बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी का साथा मिला. दोनों ने धीरे-धीरे टीम को लक्ष्य के पास पहुंचाना शुरू किया. इसी बीच रोहित ने 41वें ओवर की चौथी गेंद लेकर अपना शतक पूरा किया. यह रोहित का कुल 23वां और विश्व कप में दूसरा शतक है.
दक्षिण अफ्रीका के पास मैच में वापसी का एक हल्का सा मौका आया लेकिन 43.3 ओवरों में डेविड मिलर ने रोहित का कैच छोड़ दिया. दक्षिण अफ्रीका हालांकि धोनी का विकेट लेने में सफल रही. पूर्व कप्तान 213 के कुल स्कोर पर पवेलियन लौटे, लेकिन आउट होने से पहले उन्होंने रोहित के साथ 74 रनों की साझेदारी कर टीम को जीत की दहलीज पर पहुंचा दिया था. धोनी ने 46 गेंदों पर 34 रन बनाए.
हार्दिक पांड्या ने सात गेंदों पर तीन चौके मार नाबाद 15 रन बनाए. उन्हीं के चौके से भारत ने जीत हासिल की.
इससे पहले भारतीय गेंदबाजों ने भी टॉस जीतने वाली दक्षिण अफ्रीका को भी आसानी से रन नहीं बनाने दिए. युजवेंद्र चहल की अगुवाई में भारतीय गेंदबाजों ने दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों को परेशान किया लेकिन में अंत में क्रिस मौरिस (42) और कागिसो रबाडा (नाबाद 31) के बीच आठवें विकेट के लिए 66 रनों की साझेदारी के दम पर दक्षिण अफ्रीका किसी तरह भारत के सामने 228 का लक्ष्य रख पाने में सफल रही.
इस मैच में चहल और उनके जोड़ीदार चाइनामैन कुलदीप यादव ने एक बार फिर मध्य ओवरों में बल्लेबाजों को रनों के लिए तरसाया और दबाव बना विकेट निकाले. चहल ने चार विकेट अपने नाम किए, कुलदीप को हालांकि एक ही विकेट मिला.
चहल से पहले दक्षिण अफ्रीका को बुमराह का कहर झेलना पड़ा. बुमराह ने अपना पहला शिकार 11 के कुल स्कोर पर हाशिम अमला (6) को बनाया. दूसरे सलामी बल्लेबाज और दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजी की मुख्य कड़ी क्विंटन डी कॉक (10) को भी बुमराह ने 24 के कुल स्कोर पर आउट किया.
इसके बाद चहल ने बल्लेबाजों को अपनी फिरकी में फंसाया. चहल ने रासी वान डर डुसेन को 22 रनों के निजी स्कोर पर बोल्ड किया. कप्तान फाफ डु प्लेसिस (38) भी चहल को पढ़ने में गलती कर बैठे और 80 के कुल स्कोर पर बोल्ड हो गए.
विकेटों के गिरते सिलसिले को रोकने की जिम्मेदारी एक बार फिर अनुभवी ज्यां पॉल ड्यूमिनी (3) और डेविड मिलर पर आ गई थी लेकिन यह दोनों हमेशा की तरह विफल रहे. पहले ड्यूमिनी पवेलियन लौटे. वह कुलदीप की गेंद पर 89 के कुल स्कोर पर पगबाधा करार दे दिए गए.
डेविड मिलर अच्छा खेल रहे थे. उन्होंने 31 रन बना लिए थे, लेकिन चहल ने उन्हें अपनी ही गेंद पर लपक पवेलियन भेज दिया. आंदिले फेहुलक्वायो (34) को धोनी की फुर्ती ने पवेलियन भेजा. यह विकेट भी चहल के हिस्से गया.
दक्षिण अफ्रीका ने सात विकेट 158 के कुल स्कोर पर ही गंवा दिए थे. यहां से मौरिस और रबाडा ने स्कोर बोर्ड चलाए भी रखा और विकेट भी बचाए रखे. मौरिस आखिरी ओवर में भुवनेश्वर की गेंद पर विराट कोहली के हाथों लपके गए. उन्होंने अपनी पारी में 34 गेंदों का सामना कर एक चौका और दो छक्के लगाए.
भुवनेश्वर ने पारी की आखिरी गेंद पर इमरान ताहिर (0) का विकेट लिया. चहल के चार विकेट के अलावा बुमराह और भुवनेश्वर ने दो-दो विकेट लिए. चहल ने इस विश्व कप में अब तक का सबसे अच्छा बॉलिंग फिगर दिया है. | यहाँ एक सारांश है:टीम इंडिया के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका ने जीता टॉस
दक्षिण अफ्रीका ने पहले चुनी बल्लेबाजी
वर्ल्ड कप में 2 मैच पहले ही हार चुकी है दक्षिण अफ्रीका | 18 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: Benefits Of Date: डेट्स स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत के लिए कितनी फायदेमंद होती हैं. खजूर कई तरह के विटामिन्स का बेहतरीन स्रोत होती हैं. खासकर सर्दियों में खजूर खाने के कई फायदे हो सकते हैं. इतना ही नहीं डेट्स में कई तरह के मिनरल्स, शुगर, कैल्शियम, आयरन और पोटेशियम जैसे कई गुणकारी तत्वों की भरमार होती है. खजूर को जब आप सुखाते हैं, तो उससे बनता है छुहारा. छुहारे की तासीर गर्म होती है, इसलिए इसे ठंड के मौसम में जरूर खाना चाहिए. खजूर के फायदों की बात करें तो यह कोलेस्ट्रोल को कंट्रोल (Control Cholesterol) करने में, दमकती त्वचा (Glowing Skin) के लिए, पाचन तंत्र (Digestive System) को बेहतर बनाने में, जो लोग वजन घटाना (Weight Loss) चाहते हैं उनके लिए, हड्डियों के लिए, नर्वस सिस्टम (Nervous System) के लिए, प्रोटीन की कमी (Protein Deficiency) पूरी करने के लिए, विटामिन (Vitamin) का सबसे अच्छा स्रोत और कुछ लोग खजूर को हैंगओवर (Hangover) को दूर करने में इस्तेमाल करते हैं. इसमें पौष्टिक तत्व अधिक होते हैं, ऐसे में यह शरीर के लिए काफी हेल्दी होता है.
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छुहारे में कई तरह के विटामिन्स मौजूद होते हैं जैसे विटामिन ए, सी, ई, के, बी2, बी6, नियासिन और थियामिन भी होता है. ऐसा कहते हैं कि इराक में डेट्स की करीब 100 वैरायटीस हैं. यह बालों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है. दुनिया भर के लोग डेट्स को अपने दैनिक आहार में शामिल करते हैं. अगर आप भी खजूर के और फायदों के बारे में जानना चाहते हैं तो हम यहां बता रहे हैं कुछ फायदों के बारे में...
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- बढ़ती उम्र के बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूती देना चाहते हैं, तो दूध में भिगोया हुआ छुहारा खिलाएं. इससे मांसपेशियों का निर्माण होगा, हड्डियां भी मजबूत हो सकती हैं. जिन महिलाओं को पीरियड्स अनियमित होता है, वे एक छुहारा और दो बादाम की गिरी रात को पानी में डालकर रख दें.
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- हर दिन छुहारे वाले दूध पिएं. इसमें पौटैशियम की मात्रा अधिक होती है. इसे हर दिन डायट में शामिल करें. भूख कम लगती है, तो छुहारे का गूदा निकालकर दूध में पकाएं. पक जाने पर ठंडा करके पीस लें. इसे खाने से भूख बढ़ती है और खाना भी आसानी से पचता है. प्रतिदिन दूध, मिश्री और तीन-चार छुहारे को दूध में डलाकर उबालें और पिएं. इससे शरीर को ताकत मिलती है. अगर आपको सांस से संबंधित कोई समस्या या फिर दमा है, तो राहत मिल सकती है.
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- चूंकि इसमें नेचुरल शुगर (ग्लूकोज और फ्रक्टोज) होता है, जो इसे ऊर्जा को बढ़ाने का काम करता है. इसमें मौजूद विटामिन ए त्वचा की सेहत के लिए बेहतर माना गया है. रूखी और मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाकर नए की उत्पत्ति करने में भी सहायक है. इससे आपकी त्वचा कोमल, ग्लोइंग और स्वस्थ रहती है.
- छुहारे में आयरन की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर में ऑक्सीजन के प्रवाह को बनाए रखता है. छुहारा खाने से शरीर में रक्त कोशिकाओं की संख्या कम नहीं होती है. एनीमिया से पीड़ित लोगों को इसका सेवन जरूर करना चाहिए. सर्दी-जुकाम से परेशान रहते हैं, तो ठंड के मौसम में भी छुहारा खाना फायदेमंद होगा. इसमें कैल्शियम भी काफी होता है, जो स्केलेटल सिस्टम को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी होता है. इससे हड्डियां और दांत मजबूत होने के साथ-साथ सुरक्षित रहते हैं.
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- पेट की सेहत भी सही रहती है. छुहारे में मौजूद फाइबर आपको कब्ज से बचाता है. आंतों की कार्यप्रणाली को दुरुस्त करता है. प्रतिदिन छुहारे के सेवन से कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम ठीक रहता है. फैट नहीं होने के कारण कोलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ता. यह ब्लडस्ट्रीम में बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी नियंत्रित रखता है. रक्त दबाव की समस्या है, तो छुहारा प्रतिदिन खाएं.
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Detox Recipe: आंवला, अदरक और नींबू से बनी ड्रिंक सर्दियों में शरीर को करेगी डिटॉक्स, फायदे कर देंगे हैरान! | सारांश: खजूर आपके स्किन और बालों के लिए भी हो सकता है फायदेमंद.
खजूर का पाचन को बेहतर करने में भी हो सकता लाभ.
यहां जानें खजूर के कई स्वास्थ्य लाभ. | 31 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश में प्राइमरी शिक्षकों के स्कूल न जाने की शिकायतें इतनी बढ़ गई हैं कि अब उनके लिए “सेल्फी अटेंडेंस” जरूरी की गई है. यानी हर सुबह टीचर स्कूल पहुंचकर स्कूल के बैकग्राउंड में सेल्फी लेकर अफ़सर को पोस्ट करना होती है. सुबह 8 बजे तक सेल्फी नहीं मिली तो उसका वेतन कटेगा. सिर्फ़ बाराबंकी ज़िले में अब तक 700 शिक्षकों की तनख़्वाह कट चुकी है. तमाम शिक्षकों पर इल्ज़ाम है कि वे स्कूल नहीं जाते या अपनी जगह कम पैसे पर किसी और को पढ़ाने भेज देते हैं.
सुबह-सुबह यूपी के तमाम प्राइमरी स्कूलों में अब एक नया नजारा देखने को मिलता है. हाथों में सेल्फी स्टिक लेकर टीचर 'टीचरनुमा' गंभीर पोज़ बनाकर सेल्फी खींचते हैं. कई बार वे अकेले-अकेले सेल्फी लेते हैं, तो कभी अपने साथी टीचरों के साथ. फिर उसे बीएसए के वेब पेज पर पोस्ट करते हैं. जिनकी नज़र हर सेल्फी पर होती है. बाराबंकी की सीडीओ कहती हैं कि पहले तो सिर्फ आधे टीचर ही स्कूल आते थे.
बाराबंकी की सीडीओ मेधा रूपम कहती हैं कि काफ़ी शिकायतें आ रही थीं कि टीचर लखनऊ में रहते हैं और बाराबंकी पढ़ाने के लिए नहीं आते. जब मैं यहां पर तैनात हो गई तो मैंने भी कुछ इंस्पेक्शन किए. मैंने जब भी इंस्पेक्शन किए 50 प्रतिशत टीचर नहीं आ रहे थे.
टीचर बताते हैं कि सेल्फी के भी कुछ उसूल हैं. मुस्कुराते हुए सेल्फी नहीं ली जाती. फोटो में टीचर जैसा गंभीर चेहरा होना चाहिए. लेकिन रोज़ स्कूल आने वाले टीचर खुश हैं. उनका कहना है कि जो नहीं आते उन्हें भी उतनी ही सैलरी मिलती है जितनी आने वालों को. अब यह भेदभाव बंद होगा. असिस्टेंट टीचर दीपिका सिंह ने कहा कि कहीं-कहीं पर टीचर आते नहीं हैं, और जो टीचर आते हैं उनको उसका खामियाज़ा भुगतना पड़ता है. तो मेरे ख़याल से यह बहुत अच्छा है.
'जीवन में समय का विशेष महत्व रखो…समय से जागो…समय से पढ़ो…समय से विद्यालय आओ…एक दिन निकल गया तो जीवन का एक दिन कम पड़ गया.' बाराबंकी के बडेल प्राइमरी स्कूल के हेडमास्टर अब बच्चों को भी वक्त से आने का पाठ पढ़ा रहे हैं. वे खुश हैं कि इससे हेडमास्टर का काम आसान हो गया है. बडेल के प्राथमिक विद्यालय के हेडमास्टर वेद प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि कुछ ऐसे प्राध्यापक हैं जो कहते हैं कि हमारा स्टाफ समय से नहीं आता है तो उनके लिए तो बहुत बड़ी राहत की चीज़ है कि समय से उनके शिक्षक आते हैं. और नहीं आते तो वो शिक्षक स्वयं ज़िम्मेदार होते हैं.
दूरदराज़ के इलाकों में रहने की सुविधाएं न होने की वजह से तमाम टीचर शहरों में रहते हैं. वहां से स्कूल देर से जाते हैं. कई टीचर स्कूल नहीं जाते और अपनी जगह कम पैसे में गांव के किसी लड़के को पढ़ाने का काम दे देते हैं. कई महिला टीचर वक्त से नहीं पहुंचतीं. शिक्षक सुभाष चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद बाराबंकी में बंकी, देव, नींबुरा ये ऐसे ब्लॉक हैं जहां 80 से 85 फीसदी महिलाएं कार्यरत हैं. तो उनको तो यही समस्या है कि उनको घर के दायित्वों का भी निर्वहन करना पड़ता है.
उत्तर प्रदेश में बेसिक एजुकेशन में तमाम मोर्चों पर सुधार की ज़रूरत है. इस सिलसिले में यह एक कदम हो सकता है, लेकिन आख़िरी क़दम नहीं है. ऐसे बहुत सारे सुधार एक साथ लागू करने होंगे. | संक्षिप्त पाठ: स्कूल नहीं जाने वाले शिक्षकों पर सरकार ने नकेल कसी
नियमित स्कूल जाने वाले शिक्षक फैसले से खुश
बाराबंकी जिले में 700 शिक्षकों की सेलरी कटी | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि भारत को अपनी सबसे गोपनीय जानकारी इस तरह के खुले स्रोतों पर हरगिज़ नहीं डालनी चाहिए. उनका कहना था, "पाकिस्तानी आईएसआई और पाक सेना इसी बात के इंतज़ार में हैं कि उन्हें भारत की ऑपरेशनल तकनीकों के बारे में खुफिया जानकारी हासिल हो सके..."
बुधवार को भारतीय थलसेना के एक और पूर्व प्रमुख जनरल जेजे सिंह ने भी कहा, "मैं नहीं समझता, किसी को भी इस सच्चाई पर सवाल उठाने का हक है कि हमने ऑपरेशन किया था, या हमें इसके सबूत उन्हें दिखाने चाहिए..."
पिछले बुधवार को भारतीय सेना नियंत्रण रेखा (लाइन ऑफ कन्ट्रोल) के पार गई थी, और उन्होंने पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकवादियों के सात लॉन्च पैडों को निशाना बनाया. सेना ने कहा था कि इन हमलों में आतंकवादियों को 'भारी जानी नुकसान' हुआ. पिछले महीने 18 सितंबर को जम्मू एवं कश्मीर के उरी में स्थित सेना कैम्प पर हुए आतंकवादी हमले में 19 जवानों के शहीद हो जाने के बाद ये सर्जिकल स्ट्राइक भारत की ओर से पहली सैन्य कार्रवाई थी.
पाकिस्तान का कहा है कि सर्जिकल हमला कभी हुआ ही नहीं, और वह सिर्फ 'सीमापार से होने वाली गोलीबारी' थी. इसके बाद केंद्र में विपक्षी पार्टी कांग्रेस तथा दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पाकिस्तान के प्रचार को गलत साबित करने के लिए हमलों के सबूत को सरकार द्वारा सार्वजनिक किया जाना चाहिए. इस सुझाव की केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी ने कड़ी आलोचना की.
वैसे, सेना के सूत्रों ने पुष्टि की है कि हमलों की फुटेज, जिन्हें ड्रोन के ज़रिये टुकड़ों में शूट किया गया था, पिछले सप्ताह ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपी जा चुकी है.टिप्पणियां
इस बीच सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने बताया कि भारत में आतंकी हमलों की साजिश रचकर लगभग 100 आतंकवादी नियंत्रण रेखा पार करने की फिराक में हैं. सर्जिकल हमले के बाद यह सीसीएस की दूसरी बैठक थी.
इस बैठक में मौजूद सूत्रों ने बताया कि गृहमंत्री, विदेशमंत्री तथा रक्षामंत्री के इस समूह को जानकारी दी गई है कि भारत के सर्जिकल हमले के बाद जम्मू एवं कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास बने आतंकियों के लॉन्च पैडों की सुरक्षा पाकिस्तानी थलसेना कर रही है. सूत्रों ने यह भी बताया कि ऐसे लगभग एक दर्जन लॉन्च पैडों की पहचान कर ली गई है.
बुधवार को भारतीय थलसेना के एक और पूर्व प्रमुख जनरल जेजे सिंह ने भी कहा, "मैं नहीं समझता, किसी को भी इस सच्चाई पर सवाल उठाने का हक है कि हमने ऑपरेशन किया था, या हमें इसके सबूत उन्हें दिखाने चाहिए..."
पिछले बुधवार को भारतीय सेना नियंत्रण रेखा (लाइन ऑफ कन्ट्रोल) के पार गई थी, और उन्होंने पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकवादियों के सात लॉन्च पैडों को निशाना बनाया. सेना ने कहा था कि इन हमलों में आतंकवादियों को 'भारी जानी नुकसान' हुआ. पिछले महीने 18 सितंबर को जम्मू एवं कश्मीर के उरी में स्थित सेना कैम्प पर हुए आतंकवादी हमले में 19 जवानों के शहीद हो जाने के बाद ये सर्जिकल स्ट्राइक भारत की ओर से पहली सैन्य कार्रवाई थी.
पाकिस्तान का कहा है कि सर्जिकल हमला कभी हुआ ही नहीं, और वह सिर्फ 'सीमापार से होने वाली गोलीबारी' थी. इसके बाद केंद्र में विपक्षी पार्टी कांग्रेस तथा दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पाकिस्तान के प्रचार को गलत साबित करने के लिए हमलों के सबूत को सरकार द्वारा सार्वजनिक किया जाना चाहिए. इस सुझाव की केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी ने कड़ी आलोचना की.
वैसे, सेना के सूत्रों ने पुष्टि की है कि हमलों की फुटेज, जिन्हें ड्रोन के ज़रिये टुकड़ों में शूट किया गया था, पिछले सप्ताह ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपी जा चुकी है.टिप्पणियां
इस बीच सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने बताया कि भारत में आतंकी हमलों की साजिश रचकर लगभग 100 आतंकवादी नियंत्रण रेखा पार करने की फिराक में हैं. सर्जिकल हमले के बाद यह सीसीएस की दूसरी बैठक थी.
इस बैठक में मौजूद सूत्रों ने बताया कि गृहमंत्री, विदेशमंत्री तथा रक्षामंत्री के इस समूह को जानकारी दी गई है कि भारत के सर्जिकल हमले के बाद जम्मू एवं कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास बने आतंकियों के लॉन्च पैडों की सुरक्षा पाकिस्तानी थलसेना कर रही है. सूत्रों ने यह भी बताया कि ऐसे लगभग एक दर्जन लॉन्च पैडों की पहचान कर ली गई है.
पिछले बुधवार को भारतीय सेना नियंत्रण रेखा (लाइन ऑफ कन्ट्रोल) के पार गई थी, और उन्होंने पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकवादियों के सात लॉन्च पैडों को निशाना बनाया. सेना ने कहा था कि इन हमलों में आतंकवादियों को 'भारी जानी नुकसान' हुआ. पिछले महीने 18 सितंबर को जम्मू एवं कश्मीर के उरी में स्थित सेना कैम्प पर हुए आतंकवादी हमले में 19 जवानों के शहीद हो जाने के बाद ये सर्जिकल स्ट्राइक भारत की ओर से पहली सैन्य कार्रवाई थी.
पाकिस्तान का कहा है कि सर्जिकल हमला कभी हुआ ही नहीं, और वह सिर्फ 'सीमापार से होने वाली गोलीबारी' थी. इसके बाद केंद्र में विपक्षी पार्टी कांग्रेस तथा दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पाकिस्तान के प्रचार को गलत साबित करने के लिए हमलों के सबूत को सरकार द्वारा सार्वजनिक किया जाना चाहिए. इस सुझाव की केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी ने कड़ी आलोचना की.
वैसे, सेना के सूत्रों ने पुष्टि की है कि हमलों की फुटेज, जिन्हें ड्रोन के ज़रिये टुकड़ों में शूट किया गया था, पिछले सप्ताह ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपी जा चुकी है.टिप्पणियां
इस बीच सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने बताया कि भारत में आतंकी हमलों की साजिश रचकर लगभग 100 आतंकवादी नियंत्रण रेखा पार करने की फिराक में हैं. सर्जिकल हमले के बाद यह सीसीएस की दूसरी बैठक थी.
इस बैठक में मौजूद सूत्रों ने बताया कि गृहमंत्री, विदेशमंत्री तथा रक्षामंत्री के इस समूह को जानकारी दी गई है कि भारत के सर्जिकल हमले के बाद जम्मू एवं कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास बने आतंकियों के लॉन्च पैडों की सुरक्षा पाकिस्तानी थलसेना कर रही है. सूत्रों ने यह भी बताया कि ऐसे लगभग एक दर्जन लॉन्च पैडों की पहचान कर ली गई है.
पाकिस्तान का कहा है कि सर्जिकल हमला कभी हुआ ही नहीं, और वह सिर्फ 'सीमापार से होने वाली गोलीबारी' थी. इसके बाद केंद्र में विपक्षी पार्टी कांग्रेस तथा दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पाकिस्तान के प्रचार को गलत साबित करने के लिए हमलों के सबूत को सरकार द्वारा सार्वजनिक किया जाना चाहिए. इस सुझाव की केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी ने कड़ी आलोचना की.
वैसे, सेना के सूत्रों ने पुष्टि की है कि हमलों की फुटेज, जिन्हें ड्रोन के ज़रिये टुकड़ों में शूट किया गया था, पिछले सप्ताह ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपी जा चुकी है.टिप्पणियां
इस बीच सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने बताया कि भारत में आतंकी हमलों की साजिश रचकर लगभग 100 आतंकवादी नियंत्रण रेखा पार करने की फिराक में हैं. सर्जिकल हमले के बाद यह सीसीएस की दूसरी बैठक थी.
इस बैठक में मौजूद सूत्रों ने बताया कि गृहमंत्री, विदेशमंत्री तथा रक्षामंत्री के इस समूह को जानकारी दी गई है कि भारत के सर्जिकल हमले के बाद जम्मू एवं कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास बने आतंकियों के लॉन्च पैडों की सुरक्षा पाकिस्तानी थलसेना कर रही है. सूत्रों ने यह भी बताया कि ऐसे लगभग एक दर्जन लॉन्च पैडों की पहचान कर ली गई है.
वैसे, सेना के सूत्रों ने पुष्टि की है कि हमलों की फुटेज, जिन्हें ड्रोन के ज़रिये टुकड़ों में शूट किया गया था, पिछले सप्ताह ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपी जा चुकी है.टिप्पणियां
इस बीच सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने बताया कि भारत में आतंकी हमलों की साजिश रचकर लगभग 100 आतंकवादी नियंत्रण रेखा पार करने की फिराक में हैं. सर्जिकल हमले के बाद यह सीसीएस की दूसरी बैठक थी.
इस बैठक में मौजूद सूत्रों ने बताया कि गृहमंत्री, विदेशमंत्री तथा रक्षामंत्री के इस समूह को जानकारी दी गई है कि भारत के सर्जिकल हमले के बाद जम्मू एवं कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास बने आतंकियों के लॉन्च पैडों की सुरक्षा पाकिस्तानी थलसेना कर रही है. सूत्रों ने यह भी बताया कि ऐसे लगभग एक दर्जन लॉन्च पैडों की पहचान कर ली गई है.
इस बीच सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने बताया कि भारत में आतंकी हमलों की साजिश रचकर लगभग 100 आतंकवादी नियंत्रण रेखा पार करने की फिराक में हैं. सर्जिकल हमले के बाद यह सीसीएस की दूसरी बैठक थी.
इस बैठक में मौजूद सूत्रों ने बताया कि गृहमंत्री, विदेशमंत्री तथा रक्षामंत्री के इस समूह को जानकारी दी गई है कि भारत के सर्जिकल हमले के बाद जम्मू एवं कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास बने आतंकियों के लॉन्च पैडों की सुरक्षा पाकिस्तानी थलसेना कर रही है. सूत्रों ने यह भी बताया कि ऐसे लगभग एक दर्जन लॉन्च पैडों की पहचान कर ली गई है.
इस बैठक में मौजूद सूत्रों ने बताया कि गृहमंत्री, विदेशमंत्री तथा रक्षामंत्री के इस समूह को जानकारी दी गई है कि भारत के सर्जिकल हमले के बाद जम्मू एवं कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास बने आतंकियों के लॉन्च पैडों की सुरक्षा पाकिस्तानी थलसेना कर रही है. सूत्रों ने यह भी बताया कि ऐसे लगभग एक दर्जन लॉन्च पैडों की पहचान कर ली गई है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जनरल शंकररॉय चौधरी ने कहा, सर्जिकल हमले की कोई जानकारी नही देनी चाहिए
जनरल ने कहा, ISI और पाक सेना भारत की ऑपरेशनल तकनीक जानना चाहती हैं
जनरल जेजे सिंह ने भी कहा कि किसी को भी सबूत मांगने का हक नहीं है | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: निचली अदालत द्वारा 2जी स्पेक्ट्रम मामले में गृह मंत्री पी चिदंबरम को राहत दिए जाने पर भाजपा ने कहा कि इस फैसले से सरकार की भ्रष्ट छवि नहीं बदल जाएगी और वह देश के सामने चिदंबरम की राजनीतिक जवाबदेही का मुद्दा उठाना जारी रखेगी।
उसने कहा कि कहानी यहीं खत्म नहीं हो जाती, क्योंकि निचली अदालत के इस निर्णय के खिलाफ अभी भी उच्च न्यायालय और उसके बाद शीर्ष अदालत में जाने के रास्ते खुले हैं। मुख्य विपक्षी दल के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘‘इस फैसले से न तो सरकार की भ्रष्ट छवि बदल जाएगी और न ही इसके खिलाफ हमारे अभियान की तीव्रता में कोई कमी आएगी। ...चिदंबरम की राजनीतिक जवाबदेही का मामला जीवंत रहेगा। हम राष्ट्र के सामने इस बड़े घोटाले में चिदंबरम की जवाबदेही को उठाते रहेंगे।’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि चिदंबरम को 2जी मामले में अभियुक्त बनाने की दलील को खारिज करने का फैसला निचली अदालत का है। इसके बाद दो अन्य उच्च अदालतें हैं, जहां इस फैसले के खिलाफ अपील की जा सकती है। इसलिए मामला यहीं खत्म नहीं हो जाता।
भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि चिदंबरम के खिलाफ बहुत से सबूत हैं। जनता के मन में गृहमंत्री से बहुत से प्रश्न हैं। देश उनका जवाब चाहता है, जिसे सरकार को देना होगा। पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता यह फैसला निराश करने वाली बात है, क्योंकि कहानी यहीं खत्म होने नहीं जा रही है। अभी उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में जाने के रास्ते खुले हैं।’’
उसने कहा कि कहानी यहीं खत्म नहीं हो जाती, क्योंकि निचली अदालत के इस निर्णय के खिलाफ अभी भी उच्च न्यायालय और उसके बाद शीर्ष अदालत में जाने के रास्ते खुले हैं। मुख्य विपक्षी दल के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘‘इस फैसले से न तो सरकार की भ्रष्ट छवि बदल जाएगी और न ही इसके खिलाफ हमारे अभियान की तीव्रता में कोई कमी आएगी। ...चिदंबरम की राजनीतिक जवाबदेही का मामला जीवंत रहेगा। हम राष्ट्र के सामने इस बड़े घोटाले में चिदंबरम की जवाबदेही को उठाते रहेंगे।’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि चिदंबरम को 2जी मामले में अभियुक्त बनाने की दलील को खारिज करने का फैसला निचली अदालत का है। इसके बाद दो अन्य उच्च अदालतें हैं, जहां इस फैसले के खिलाफ अपील की जा सकती है। इसलिए मामला यहीं खत्म नहीं हो जाता।
भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि चिदंबरम के खिलाफ बहुत से सबूत हैं। जनता के मन में गृहमंत्री से बहुत से प्रश्न हैं। देश उनका जवाब चाहता है, जिसे सरकार को देना होगा। पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता यह फैसला निराश करने वाली बात है, क्योंकि कहानी यहीं खत्म होने नहीं जा रही है। अभी उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में जाने के रास्ते खुले हैं।’’
उन्होंने कहा कि चिदंबरम को 2जी मामले में अभियुक्त बनाने की दलील को खारिज करने का फैसला निचली अदालत का है। इसके बाद दो अन्य उच्च अदालतें हैं, जहां इस फैसले के खिलाफ अपील की जा सकती है। इसलिए मामला यहीं खत्म नहीं हो जाता।
भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि चिदंबरम के खिलाफ बहुत से सबूत हैं। जनता के मन में गृहमंत्री से बहुत से प्रश्न हैं। देश उनका जवाब चाहता है, जिसे सरकार को देना होगा। पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता यह फैसला निराश करने वाली बात है, क्योंकि कहानी यहीं खत्म होने नहीं जा रही है। अभी उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में जाने के रास्ते खुले हैं।’’
भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि चिदंबरम के खिलाफ बहुत से सबूत हैं। जनता के मन में गृहमंत्री से बहुत से प्रश्न हैं। देश उनका जवाब चाहता है, जिसे सरकार को देना होगा। पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता यह फैसला निराश करने वाली बात है, क्योंकि कहानी यहीं खत्म होने नहीं जा रही है। अभी उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में जाने के रास्ते खुले हैं।’’ | संक्षिप्त पाठ: निचली अदालत द्वारा 2जी मामले में गृह मंत्री पी चिदंबरम को राहत दिए जाने पर भाजपा ने कहा कि इस फैसले से सरकार की भ्रष्ट छवि नहीं बदल जाएगी। | 14 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारतीय टीम कड़ी चुनौती पेश करने के बावजूद अमेरिका के बोस्टन में चल रहे विश्व जूनियर महिला स्क्वाश चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में अमेरिका से हार गई। पहले एकल मुकाबले में अमांडा सोबी ने अनाका अलनकामोनी को सीधे सेटों में हराया, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने 8-11, 8-11 से हारने से पहले कड़ी चुनौती पेश की। सौम्या कार्की ने ओलिविया ब्लैचफोर्ड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया तथा पहला सेट 11-7 से जीतकर दूसरे सेट में 6-1 की बढ़त बना ली। इसके बाद हालांकि उन्होंने अमेरिकी खिलाड़ी को वापसी का मौका दिया, जिससे स्कोर 8-8 से बराबर हो गया। कार्की आखिर में यह सेट 11-9 से जीतने में सफल रही। कार्की की जीत से भारत ने मुकाबला बराबर कर दिया। अब निगाहें अपराजिता बलामुरुकन पर टिकी थी। वह हेली मेंडेज के खिलाफ पहले सेट में एक समय 8-8 से बराबरी पर थी, लेकिन आखिर में 8-11 से इसे हार गई। अपराजिता ने हिम्मत नहीं हारी और दूसरा सेट 11-4 से अपने नाम कर दिया। तीसरे सेट में अपराजिता ने अधिकतर समय बढ़त बनाए रखी थी, लेकिन हेली ने अंतिम अंक हासिल करके 11-9 से जीत दर्ज की। अमेरिकी खिलाड़ी ने चौथा सेट भी इसी अंतर से जीता। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारतीय टीम कड़ी चुनौती पेश करने के बावजूद बोस्टन में चल रहे विश्व जूनियर महिला स्क्वाश चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में अमेरिका से से हार गई। | 32 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: Exit Poll के नतीजों पर भले ही लोगों में मत-भिन्नता हो लेकिन इस बार के पोल से एक खास चीज यह उभर कर आई है कि लगभग सभी ने एक सुर में यह माना है कि यूपी समेत अधिकांश जगहों पर बीजेपी ही सबसे बड़े दल के रूप में उभर कर आएगी. विशेष रूप से यूपी में यदि ऐसा होता है तो यह अपने आप में बड़ी बात इस मायने में होगी क्योंकि एक तो यूपी के सियासी बियाबान में पिछले 14 साल से भटक रही बीजेपी एक बार फिर सत्ता में लौटेगी. दूसरी बड़ी बात यह है कि पिछले दिनों सत्तारूढ़ सपा परिवार के कलह में हुई घमासान के बाद जिस तरह ब्रांड अखिलेश उभर कर के सामने आए उससे अक्टूबर-नवंबर के महीने में जो भी ओपिनियन पोल आए उसमें अखिलेश सबसे पसंदीदा नेता बनकर उभरे. उसके बाद कांग्रेस के साथ गठबंधन को उनका 'मास्टर स्ट्रोक' करार दिया गया. उधर बीजेपी ने कोई अपना मुख्यमंत्री घोषित नहीं किया था. टिकट बंटवारे को लेकर भी सबसे ज्यादा पार्टी में असंतोष दिखा और चुनाव शुरू होने से ऐन पहले यह माना जाने लगा कि अखिलेश सबसे पर भारी पड़ सकते हैं.
लेकिन यूपी चुनाव शुरू होने के साथ पूरा माहौल बदलना शुरू हो गया. चुनाव प्रचार का जिम्मा उन्होंने खुद उठाया. रिकॉर्डतोड़ रैलियां करनी शुरू कर दीं और अपने तरकश से नित नए तीर निकालकर विरोधियों पर हमले करने लगे. विपक्षी पीएम मोदी की गति, ऊर्जा को देखकर हैरान रह गए. दरअसल सपा और बसपा को लगता था कि संभवतया बिहार से सबक लेते हुए बीजेपी शायद यूपी में उनको उस तरह से प्रचार के लिए नहीं उतारे लेकिन विरोधियों को हैरान करते हुए पीएम मोदी ने चुनावी कमान को पूरी से अपने हाथों में ले लिया और नेतृत्व करने लगे. देखते ही देखते तीसरे चरण के चुनाव से माहौल बदलने लगा और अंतिम चरण से पहले तो पूर्वांचल की धुरी बनारस में तीन दिन तक रोड शो और रैलियां कर उन्होंने विरोधियों को हांफने पर मजबूर कर दिया. टिप्पणियां
ऐसे में यदि बीजेपी जीतती है या सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती है तो उसका पूरा श्रेय पार्टी को नहीं बल्कि पीएम मोदी को जाएगा. जिस तरह से उन्होंने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के साथ इस बार का यूपी चुनाव लड़ा है, उससे मीडिया में भी यह कहा जाने लगा कि ऐसा लग रहा है कि यह भारतीय राजनीति का अंतिम चुनाव है. ऐसा चुनाव प्रदेश की राजनीति में पहले कभी नहीं लड़ा गया. इस लिहाज से 11 तारीख को नतीजे आने के बाद भी इस चुनाव में मोदी के अनोखे अंदाज को लंबे समय तक सियासी बिसात पर याद रखा जाएगा.
दरअसल पीएम मोदी के बारे में राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वह पूरी तरह से जन भावना को समझते हैं और उसके अनुरूप ही फैसले लेते हैं. इसके चलते जनता के जेहन में इस दौर में वह पूरी तरह से हावी हो चुके हैं. शायद यही कारण है कि नोटबंदी जैसे सख्त फैसले लेने के बाद भी लोगों का अपार समर्थन उनको हासिल हो जाता है और सीमापार सर्जिकल स्ट्राइक जैसे फैसले लेकर जनता का दिल जीत लेते हैं.
लेकिन यूपी चुनाव शुरू होने के साथ पूरा माहौल बदलना शुरू हो गया. चुनाव प्रचार का जिम्मा उन्होंने खुद उठाया. रिकॉर्डतोड़ रैलियां करनी शुरू कर दीं और अपने तरकश से नित नए तीर निकालकर विरोधियों पर हमले करने लगे. विपक्षी पीएम मोदी की गति, ऊर्जा को देखकर हैरान रह गए. दरअसल सपा और बसपा को लगता था कि संभवतया बिहार से सबक लेते हुए बीजेपी शायद यूपी में उनको उस तरह से प्रचार के लिए नहीं उतारे लेकिन विरोधियों को हैरान करते हुए पीएम मोदी ने चुनावी कमान को पूरी से अपने हाथों में ले लिया और नेतृत्व करने लगे. देखते ही देखते तीसरे चरण के चुनाव से माहौल बदलने लगा और अंतिम चरण से पहले तो पूर्वांचल की धुरी बनारस में तीन दिन तक रोड शो और रैलियां कर उन्होंने विरोधियों को हांफने पर मजबूर कर दिया. टिप्पणियां
ऐसे में यदि बीजेपी जीतती है या सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती है तो उसका पूरा श्रेय पार्टी को नहीं बल्कि पीएम मोदी को जाएगा. जिस तरह से उन्होंने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के साथ इस बार का यूपी चुनाव लड़ा है, उससे मीडिया में भी यह कहा जाने लगा कि ऐसा लग रहा है कि यह भारतीय राजनीति का अंतिम चुनाव है. ऐसा चुनाव प्रदेश की राजनीति में पहले कभी नहीं लड़ा गया. इस लिहाज से 11 तारीख को नतीजे आने के बाद भी इस चुनाव में मोदी के अनोखे अंदाज को लंबे समय तक सियासी बिसात पर याद रखा जाएगा.
दरअसल पीएम मोदी के बारे में राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वह पूरी तरह से जन भावना को समझते हैं और उसके अनुरूप ही फैसले लेते हैं. इसके चलते जनता के जेहन में इस दौर में वह पूरी तरह से हावी हो चुके हैं. शायद यही कारण है कि नोटबंदी जैसे सख्त फैसले लेने के बाद भी लोगों का अपार समर्थन उनको हासिल हो जाता है और सीमापार सर्जिकल स्ट्राइक जैसे फैसले लेकर जनता का दिल जीत लेते हैं.
ऐसे में यदि बीजेपी जीतती है या सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती है तो उसका पूरा श्रेय पार्टी को नहीं बल्कि पीएम मोदी को जाएगा. जिस तरह से उन्होंने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के साथ इस बार का यूपी चुनाव लड़ा है, उससे मीडिया में भी यह कहा जाने लगा कि ऐसा लग रहा है कि यह भारतीय राजनीति का अंतिम चुनाव है. ऐसा चुनाव प्रदेश की राजनीति में पहले कभी नहीं लड़ा गया. इस लिहाज से 11 तारीख को नतीजे आने के बाद भी इस चुनाव में मोदी के अनोखे अंदाज को लंबे समय तक सियासी बिसात पर याद रखा जाएगा.
दरअसल पीएम मोदी के बारे में राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वह पूरी तरह से जन भावना को समझते हैं और उसके अनुरूप ही फैसले लेते हैं. इसके चलते जनता के जेहन में इस दौर में वह पूरी तरह से हावी हो चुके हैं. शायद यही कारण है कि नोटबंदी जैसे सख्त फैसले लेने के बाद भी लोगों का अपार समर्थन उनको हासिल हो जाता है और सीमापार सर्जिकल स्ट्राइक जैसे फैसले लेकर जनता का दिल जीत लेते हैं.
दरअसल पीएम मोदी के बारे में राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वह पूरी तरह से जन भावना को समझते हैं और उसके अनुरूप ही फैसले लेते हैं. इसके चलते जनता के जेहन में इस दौर में वह पूरी तरह से हावी हो चुके हैं. शायद यही कारण है कि नोटबंदी जैसे सख्त फैसले लेने के बाद भी लोगों का अपार समर्थन उनको हासिल हो जाता है और सीमापार सर्जिकल स्ट्राइक जैसे फैसले लेकर जनता का दिल जीत लेते हैं. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: विरोधियों को हैरान करते हुए पीएम मोदी ने चुनावी कमान अपने हाथों में ले ली
BJP जीतती है तो उसका पूरा श्रेय पार्टी को नहीं बल्कि पीएम मोदी को जाएगा
पीएम मोदी के बारे में विश्लेषकों का मानना है कि वह जन भावना को समझते हैं | 32 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण के चलते आईपीएल के बाकी मैचों पर रोक लगाने सम्बंधी जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद बाकी बचे मैचों पर रोक से इनकार कर दिया है।
न्यायमूर्ति बीएस चौहान और दीपक मिश्रा ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि बाकी बचे आईपीएल पर रोक नहीं लगाया जा सकता। साथ ही कोर्ट ने कहा कि बीसीसीआई को इस मामले में कार्रवाई करना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि क्रिकेट जेंटलमैन्स गेम है और इसे यह बनाए रखना चाहिए। कोर्ट ने यह टिप्पणी भी की कि बीसीसीआई के ढीले रवैये के चलते यह समस्या पैदा हुई है।
जनहित याचिका में फिक्सिंग और आईपीएल में अन्य अनियमितताओं की जांच के लिये विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करने की भी मांग की गई।टिप्पणियां
लखनऊ के सुदर्श अवस्थी ने यह याचिका दायर की थी जिसमें केंद्र के साथ आईपीएल की सभी फ्रेंचाइजी और बीसीसीआई को पक्षकार बनाया गया।
याचिका में कहा गया था, ‘खिलाड़ियों की नीलामी से लेकर आईपीएल में कई अनियमिततायें हैं। आईपीएल में काला धन और असामाजिक तत्वों का धन लगा है जिसकी जांच की जानी चाहिये।’’ उन्होंने जांच पूरी होने तक आईपीएल के बाकी सभी मैचों पर रोक लगाने की मांग की है।
न्यायमूर्ति बीएस चौहान और दीपक मिश्रा ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि बाकी बचे आईपीएल पर रोक नहीं लगाया जा सकता। साथ ही कोर्ट ने कहा कि बीसीसीआई को इस मामले में कार्रवाई करना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि क्रिकेट जेंटलमैन्स गेम है और इसे यह बनाए रखना चाहिए। कोर्ट ने यह टिप्पणी भी की कि बीसीसीआई के ढीले रवैये के चलते यह समस्या पैदा हुई है।
जनहित याचिका में फिक्सिंग और आईपीएल में अन्य अनियमितताओं की जांच के लिये विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करने की भी मांग की गई।टिप्पणियां
लखनऊ के सुदर्श अवस्थी ने यह याचिका दायर की थी जिसमें केंद्र के साथ आईपीएल की सभी फ्रेंचाइजी और बीसीसीआई को पक्षकार बनाया गया।
याचिका में कहा गया था, ‘खिलाड़ियों की नीलामी से लेकर आईपीएल में कई अनियमिततायें हैं। आईपीएल में काला धन और असामाजिक तत्वों का धन लगा है जिसकी जांच की जानी चाहिये।’’ उन्होंने जांच पूरी होने तक आईपीएल के बाकी सभी मैचों पर रोक लगाने की मांग की है।
जनहित याचिका में फिक्सिंग और आईपीएल में अन्य अनियमितताओं की जांच के लिये विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करने की भी मांग की गई।टिप्पणियां
लखनऊ के सुदर्श अवस्थी ने यह याचिका दायर की थी जिसमें केंद्र के साथ आईपीएल की सभी फ्रेंचाइजी और बीसीसीआई को पक्षकार बनाया गया।
याचिका में कहा गया था, ‘खिलाड़ियों की नीलामी से लेकर आईपीएल में कई अनियमिततायें हैं। आईपीएल में काला धन और असामाजिक तत्वों का धन लगा है जिसकी जांच की जानी चाहिये।’’ उन्होंने जांच पूरी होने तक आईपीएल के बाकी सभी मैचों पर रोक लगाने की मांग की है।
लखनऊ के सुदर्श अवस्थी ने यह याचिका दायर की थी जिसमें केंद्र के साथ आईपीएल की सभी फ्रेंचाइजी और बीसीसीआई को पक्षकार बनाया गया।
याचिका में कहा गया था, ‘खिलाड़ियों की नीलामी से लेकर आईपीएल में कई अनियमिततायें हैं। आईपीएल में काला धन और असामाजिक तत्वों का धन लगा है जिसकी जांच की जानी चाहिये।’’ उन्होंने जांच पूरी होने तक आईपीएल के बाकी सभी मैचों पर रोक लगाने की मांग की है।
याचिका में कहा गया था, ‘खिलाड़ियों की नीलामी से लेकर आईपीएल में कई अनियमिततायें हैं। आईपीएल में काला धन और असामाजिक तत्वों का धन लगा है जिसकी जांच की जानी चाहिये।’’ उन्होंने जांच पूरी होने तक आईपीएल के बाकी सभी मैचों पर रोक लगाने की मांग की है। | यहाँ एक सारांश है:न्यायमूर्ति बीएस चौहान और दीपक मिश्रा ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि बाकी बचे आईपीएल पर रोक नहीं लगाई जा सकती। साथ ही कोर्ट ने कहा कि बीसीसीआई को इस मामले में कार्रवाई करना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि क्रिकेट जेंटलमैन्स गेम है और यह बनाए रखना चाहिए। | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने तैयारियों के प्रति लचर रवैया अपनाने के लिए भारतीय क्रिकेटरों की आलोचना की और कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा शृंखला में घरेलू टीम के खराब प्रदर्शन का कारण यही है।टिप्पणियां
गावस्कर ने एनडीटीवी से कहा, खेल के सभी प्रारूपों में हम पिछड़ गए। भारतीय खिलाड़ियों को मैच की तैयारियों के प्रति अपने रवैये में बदलाव करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, प्रतिभा के हिसाब से कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता, लेकिन पिछले एक साल में मैं भारतीय क्रिकेटरों के रवैये से निराश हूं।
गावस्कर ने कहा, मुंबई में शर्मनाक हार के बाद पांच से छह दिन का ब्रेक लेना स्वीकार्य नहीं है। भारतीय टीम को थोड़ी अधिक गंभीरता दिखानी चाहिए। गावस्कर ने कहा कि समय आ गया है कि राष्ट्रीय चयनकर्ता कुछ कड़े फैसले करें।
गावस्कर ने एनडीटीवी से कहा, खेल के सभी प्रारूपों में हम पिछड़ गए। भारतीय खिलाड़ियों को मैच की तैयारियों के प्रति अपने रवैये में बदलाव करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, प्रतिभा के हिसाब से कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता, लेकिन पिछले एक साल में मैं भारतीय क्रिकेटरों के रवैये से निराश हूं।
गावस्कर ने कहा, मुंबई में शर्मनाक हार के बाद पांच से छह दिन का ब्रेक लेना स्वीकार्य नहीं है। भारतीय टीम को थोड़ी अधिक गंभीरता दिखानी चाहिए। गावस्कर ने कहा कि समय आ गया है कि राष्ट्रीय चयनकर्ता कुछ कड़े फैसले करें।
गावस्कर ने कहा, मुंबई में शर्मनाक हार के बाद पांच से छह दिन का ब्रेक लेना स्वीकार्य नहीं है। भारतीय टीम को थोड़ी अधिक गंभीरता दिखानी चाहिए। गावस्कर ने कहा कि समय आ गया है कि राष्ट्रीय चयनकर्ता कुछ कड़े फैसले करें। | संक्षिप्त सारांश: पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने तैयारियों के प्रति लचर रवैया अपनाने के लिए भारतीय क्रिकेटरों की आलोचना की और कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा शृंखला में घरेलू टीम के खराब प्रदर्शन का कारण यही है। | 0 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अहमदाबाद में जीत के बाद अपने पहले भाषण में गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी ने जीत के लिए लोगों का धन्यवाद दिया।
मोदी ने कहा कि जनता अच्छे-बुरे का अंतर जानती है, समझती है और स्वतंत्र रूप से निर्णय करती है। उसका यह निर्णय भविष्य को नजर में रखकर किया जाता है। उनका कहना था कि गुजरात के चुनाव ने यह सिद्ध कर दिया है कि गुजरात का मतदाता परिपक्व हुआ है। सभी वोटरों ने गुजरात के भले के लिए वोट किया है।
'एक मत गुजरात' का नारा देने वाले मोदी ने कहा कि राजनीतिक विश्लेषक भी इस नारे को नहीं समझ पाए।
सीएम नरेंद्र मोदी का मानना है कि गुजरात ने 80 के दशक के जातिवाद के जहर और उसके दुष्परिणामों को देखा है, अनुभव किया है और उसके कारण गुजरात के मतदाता उस दशक का हाल नहीं चाहते। गुजरात के मतदाता ने जातिवाद से ऊपर उठकर वोट दिया है।
मोदी ने कहा कि लोगों ने सरकारों को जवाबदेह बनाना सीख लिया है। गुजरात के मतदाता ने सूझ-बूझ का परिचय दिया है और हर लुभावने वादों को ठुकरा दिया, हर झूठ को मानने से इनकार कर दिया है। इलेक्शन मेनिफेस्टो को घूस में बदल देने के बाद भी लोग उससे मोहित नहीं हुए।
नरेंद्र मोदी ने अपने चिरपरिचित अंदाज में लोगों को जीत का श्रेय देते हुए कहा कि आज का अगर कोई हीरो है तो मेरे छह करोड़ गुजराती हैं। मोदी ने मंच से देश को संदेश दिया कि अगर कुछ सीखना है तो गुजरात के मतदाताओं से सीखिए। मोदी ने कहा कि गुजरात ने एक मिशाल कायम की है। सारे देश में गुड गवर्नेंस और विकास के लिए दबाव पैदा होना चाहिए। लोगों को खोखले वादे और झूठे नारे से ऊपर उठना चाहिए।
मोदी ने कहा कि आज मतदाता सरकारों से अपेक्षा रखता है और यह देश के राजनीतिक दल और राजनेता को समझना होगा। मोदी ने कहा कि कुछ लोग मेरे निर्णय से नाराज हो गए होंगे लेकिन मेरे सख्त निर्णय सिर्फ जनता की भलाई के लिए थे। मतदाताओं ने अंतत: साथ दिया। मेरा पूर्ण समर्पण गुजरात के प्रति है। मेरा गुजरात, मेरा गुजरात, मेरा गुजरात।
मोदी ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों ने भी 75 फीसदी वोट भाजपा को दिया है। मोदी ने कहा कि सरकारी कर्मचारी को काम करना पड़ता है और वह खुश हैं काम करके यह वोट बताता है। मोदी ने कहा कि कर्मचारियों ने 11 सालों में इतना काम किया है जितना उन्होंने पिछले 25 सालों में नहीं किया होगा।
मुख्यमंत्री मोदी का कहना है कि लोकतंत्र में कोई दुश्मन नहीं होता है। किसी को कठोर बात बोली हो सकती है क्योंकि राजनीति में जीत जरूरी है। मोदी ने कहा कि अब जीत हो गई है और फिर काम करने की तैयारी है।
मोदी ने कहा कि आने वाले पांच साल के हर पल वह जनता जनार्दन को समर्पित करते हैं। मोदी ने लोगों को आश्वासन दिया कि वह पूरा समय जनता की भलाई में लगाएंगे। मोदी ने कहा कि आपने वोट दिया, विजयी बनाया, लेकिन मैं आज आपसे कुछ मांगने आया हूं, मुझे आशीर्वाद दीजिए ताकि आगे भी हमसे कोई गलती न हो। जो देश का भला चाहता है यह विजय उसकी है।
मोदी ने कहा, चुनाव में मैंने कहा था कि पैसे परास्त होंगे, पसीना जीत जाएगा। और यही हुआ। भारत माता की जय बोलने वाले लाखों कार्यकर्ताओं के सामने मैं अपना सिर झुकाता हूं। पार्टी मां होती है। पार्टी की वजह से ही हम कुछ बनते हैं। आज मैं जो भी हूं वह भारतीय जनता पार्टी की वजह से हूं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के हर तबके तक विकास पहुंचाना है। मैं इतनी तेजी से काम करना चाहता हूं कि विकास का फर्क दिखाई देना चाहिए। मोदी ने कहा कि मैं रोज एक नया काम नहीं करता हूं तो मुझे चैन नहीं पड़ता है। मुझे खुद के लिए कुछ नहीं करना है इसलिए पूरी शक्ति जनहित में लगाता हूं।
टीवी पर विश्लेषकों पर टिप्पणी करते हुए मोदी ने कहा कि अभी भी वह गुजरात की विजय को पचा नहीं पा रहे हैं। उन्होंने पूछा कि गुजरात को नीचा दिखाने के लिए इतनी मेहनत क्यों कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि मीडिया वालों को कुछ तो शर्म करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा की अगर 93 सीट होती तब भी शपथ भाजपा के नेता को ही लेनी थी।
मोदी ने कहा कि एक सरकार का दूसरी बार जीतना बहुत बड़ी घटना होती है लेकिन यह हैट्रिक है। इसे स्वीकारने को मीडिया तैयार नहीं है। मोदी ने कहा कि यह चुनाव इसलिए मिशाल है कि हमने पूरी ईमानदारी से विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ा और जीता है। यह हिन्दुस्तान के इतिहास में बहुत बड़ी घटना है। मोदी ने तमाम विदेशी मीडिया से आग्रह किया कि दुनिया के सामने आप गुजरात के मतदाता की मंशा पहुंचाएं।
मोदी ने लोगों के दिल्ली जाने की बात पर कहा कि वह एक दिन के लिए दिल्ली जाएंगे। उन्होंने कहा कि गुजरात में अन्य राज्यों के लोग रोजी-रोटी के लिए आ रहे हैं यह उनकी भी सेवा है। मोदी ने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी की जीत है।
उन्होंने कहा कि गुजरात ने तकनीक की दुनिया में बहुत आगे कदम बढ़ाया। उन्होंने कहा कि जो देश में तकनीक पर विश्वास करते हैं उन्हें गुजरात के प्रयोग का अध्ययन करना चाहिए। थ्री डी की बात को आगे पहुंचाने का भी आग्रह मोदी ने किया।टिप्पणियां
मोदी ने कहा कि आज आपने मुझे जीत लिया है और आगे आने वाले पांच साल मुझे आपको जीतना है।
मौके पर मोदी को जीत की बधाई देने के लिए लोगों में इतना उत्साह था कि मोदी अपना भाषण शुरू नहीं कर पा रहे थे। लोगों ने कई मौकों पर मोदी से दिल्ली में पीएम पद की तैयारी करने का भी आग्रह किया। नारे भी लगे लेकिन मोदी ने इस मसले पर कुछ नहीं कहा।
मोदी ने कहा कि जनता अच्छे-बुरे का अंतर जानती है, समझती है और स्वतंत्र रूप से निर्णय करती है। उसका यह निर्णय भविष्य को नजर में रखकर किया जाता है। उनका कहना था कि गुजरात के चुनाव ने यह सिद्ध कर दिया है कि गुजरात का मतदाता परिपक्व हुआ है। सभी वोटरों ने गुजरात के भले के लिए वोट किया है।
'एक मत गुजरात' का नारा देने वाले मोदी ने कहा कि राजनीतिक विश्लेषक भी इस नारे को नहीं समझ पाए।
सीएम नरेंद्र मोदी का मानना है कि गुजरात ने 80 के दशक के जातिवाद के जहर और उसके दुष्परिणामों को देखा है, अनुभव किया है और उसके कारण गुजरात के मतदाता उस दशक का हाल नहीं चाहते। गुजरात के मतदाता ने जातिवाद से ऊपर उठकर वोट दिया है।
मोदी ने कहा कि लोगों ने सरकारों को जवाबदेह बनाना सीख लिया है। गुजरात के मतदाता ने सूझ-बूझ का परिचय दिया है और हर लुभावने वादों को ठुकरा दिया, हर झूठ को मानने से इनकार कर दिया है। इलेक्शन मेनिफेस्टो को घूस में बदल देने के बाद भी लोग उससे मोहित नहीं हुए।
नरेंद्र मोदी ने अपने चिरपरिचित अंदाज में लोगों को जीत का श्रेय देते हुए कहा कि आज का अगर कोई हीरो है तो मेरे छह करोड़ गुजराती हैं। मोदी ने मंच से देश को संदेश दिया कि अगर कुछ सीखना है तो गुजरात के मतदाताओं से सीखिए। मोदी ने कहा कि गुजरात ने एक मिशाल कायम की है। सारे देश में गुड गवर्नेंस और विकास के लिए दबाव पैदा होना चाहिए। लोगों को खोखले वादे और झूठे नारे से ऊपर उठना चाहिए।
मोदी ने कहा कि आज मतदाता सरकारों से अपेक्षा रखता है और यह देश के राजनीतिक दल और राजनेता को समझना होगा। मोदी ने कहा कि कुछ लोग मेरे निर्णय से नाराज हो गए होंगे लेकिन मेरे सख्त निर्णय सिर्फ जनता की भलाई के लिए थे। मतदाताओं ने अंतत: साथ दिया। मेरा पूर्ण समर्पण गुजरात के प्रति है। मेरा गुजरात, मेरा गुजरात, मेरा गुजरात।
मोदी ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों ने भी 75 फीसदी वोट भाजपा को दिया है। मोदी ने कहा कि सरकारी कर्मचारी को काम करना पड़ता है और वह खुश हैं काम करके यह वोट बताता है। मोदी ने कहा कि कर्मचारियों ने 11 सालों में इतना काम किया है जितना उन्होंने पिछले 25 सालों में नहीं किया होगा।
मुख्यमंत्री मोदी का कहना है कि लोकतंत्र में कोई दुश्मन नहीं होता है। किसी को कठोर बात बोली हो सकती है क्योंकि राजनीति में जीत जरूरी है। मोदी ने कहा कि अब जीत हो गई है और फिर काम करने की तैयारी है।
मोदी ने कहा कि आने वाले पांच साल के हर पल वह जनता जनार्दन को समर्पित करते हैं। मोदी ने लोगों को आश्वासन दिया कि वह पूरा समय जनता की भलाई में लगाएंगे। मोदी ने कहा कि आपने वोट दिया, विजयी बनाया, लेकिन मैं आज आपसे कुछ मांगने आया हूं, मुझे आशीर्वाद दीजिए ताकि आगे भी हमसे कोई गलती न हो। जो देश का भला चाहता है यह विजय उसकी है।
मोदी ने कहा, चुनाव में मैंने कहा था कि पैसे परास्त होंगे, पसीना जीत जाएगा। और यही हुआ। भारत माता की जय बोलने वाले लाखों कार्यकर्ताओं के सामने मैं अपना सिर झुकाता हूं। पार्टी मां होती है। पार्टी की वजह से ही हम कुछ बनते हैं। आज मैं जो भी हूं वह भारतीय जनता पार्टी की वजह से हूं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के हर तबके तक विकास पहुंचाना है। मैं इतनी तेजी से काम करना चाहता हूं कि विकास का फर्क दिखाई देना चाहिए। मोदी ने कहा कि मैं रोज एक नया काम नहीं करता हूं तो मुझे चैन नहीं पड़ता है। मुझे खुद के लिए कुछ नहीं करना है इसलिए पूरी शक्ति जनहित में लगाता हूं।
टीवी पर विश्लेषकों पर टिप्पणी करते हुए मोदी ने कहा कि अभी भी वह गुजरात की विजय को पचा नहीं पा रहे हैं। उन्होंने पूछा कि गुजरात को नीचा दिखाने के लिए इतनी मेहनत क्यों कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि मीडिया वालों को कुछ तो शर्म करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा की अगर 93 सीट होती तब भी शपथ भाजपा के नेता को ही लेनी थी।
मोदी ने कहा कि एक सरकार का दूसरी बार जीतना बहुत बड़ी घटना होती है लेकिन यह हैट्रिक है। इसे स्वीकारने को मीडिया तैयार नहीं है। मोदी ने कहा कि यह चुनाव इसलिए मिशाल है कि हमने पूरी ईमानदारी से विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ा और जीता है। यह हिन्दुस्तान के इतिहास में बहुत बड़ी घटना है। मोदी ने तमाम विदेशी मीडिया से आग्रह किया कि दुनिया के सामने आप गुजरात के मतदाता की मंशा पहुंचाएं।
मोदी ने लोगों के दिल्ली जाने की बात पर कहा कि वह एक दिन के लिए दिल्ली जाएंगे। उन्होंने कहा कि गुजरात में अन्य राज्यों के लोग रोजी-रोटी के लिए आ रहे हैं यह उनकी भी सेवा है। मोदी ने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी की जीत है।
उन्होंने कहा कि गुजरात ने तकनीक की दुनिया में बहुत आगे कदम बढ़ाया। उन्होंने कहा कि जो देश में तकनीक पर विश्वास करते हैं उन्हें गुजरात के प्रयोग का अध्ययन करना चाहिए। थ्री डी की बात को आगे पहुंचाने का भी आग्रह मोदी ने किया।टिप्पणियां
मोदी ने कहा कि आज आपने मुझे जीत लिया है और आगे आने वाले पांच साल मुझे आपको जीतना है।
मौके पर मोदी को जीत की बधाई देने के लिए लोगों में इतना उत्साह था कि मोदी अपना भाषण शुरू नहीं कर पा रहे थे। लोगों ने कई मौकों पर मोदी से दिल्ली में पीएम पद की तैयारी करने का भी आग्रह किया। नारे भी लगे लेकिन मोदी ने इस मसले पर कुछ नहीं कहा।
सीएम नरेंद्र मोदी का मानना है कि गुजरात ने 80 के दशक के जातिवाद के जहर और उसके दुष्परिणामों को देखा है, अनुभव किया है और उसके कारण गुजरात के मतदाता उस दशक का हाल नहीं चाहते। गुजरात के मतदाता ने जातिवाद से ऊपर उठकर वोट दिया है।
मोदी ने कहा कि लोगों ने सरकारों को जवाबदेह बनाना सीख लिया है। गुजरात के मतदाता ने सूझ-बूझ का परिचय दिया है और हर लुभावने वादों को ठुकरा दिया, हर झूठ को मानने से इनकार कर दिया है। इलेक्शन मेनिफेस्टो को घूस में बदल देने के बाद भी लोग उससे मोहित नहीं हुए।
नरेंद्र मोदी ने अपने चिरपरिचित अंदाज में लोगों को जीत का श्रेय देते हुए कहा कि आज का अगर कोई हीरो है तो मेरे छह करोड़ गुजराती हैं। मोदी ने मंच से देश को संदेश दिया कि अगर कुछ सीखना है तो गुजरात के मतदाताओं से सीखिए। मोदी ने कहा कि गुजरात ने एक मिशाल कायम की है। सारे देश में गुड गवर्नेंस और विकास के लिए दबाव पैदा होना चाहिए। लोगों को खोखले वादे और झूठे नारे से ऊपर उठना चाहिए।
मोदी ने कहा कि आज मतदाता सरकारों से अपेक्षा रखता है और यह देश के राजनीतिक दल और राजनेता को समझना होगा। मोदी ने कहा कि कुछ लोग मेरे निर्णय से नाराज हो गए होंगे लेकिन मेरे सख्त निर्णय सिर्फ जनता की भलाई के लिए थे। मतदाताओं ने अंतत: साथ दिया। मेरा पूर्ण समर्पण गुजरात के प्रति है। मेरा गुजरात, मेरा गुजरात, मेरा गुजरात।
मोदी ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों ने भी 75 फीसदी वोट भाजपा को दिया है। मोदी ने कहा कि सरकारी कर्मचारी को काम करना पड़ता है और वह खुश हैं काम करके यह वोट बताता है। मोदी ने कहा कि कर्मचारियों ने 11 सालों में इतना काम किया है जितना उन्होंने पिछले 25 सालों में नहीं किया होगा।
मुख्यमंत्री मोदी का कहना है कि लोकतंत्र में कोई दुश्मन नहीं होता है। किसी को कठोर बात बोली हो सकती है क्योंकि राजनीति में जीत जरूरी है। मोदी ने कहा कि अब जीत हो गई है और फिर काम करने की तैयारी है।
मोदी ने कहा कि आने वाले पांच साल के हर पल वह जनता जनार्दन को समर्पित करते हैं। मोदी ने लोगों को आश्वासन दिया कि वह पूरा समय जनता की भलाई में लगाएंगे। मोदी ने कहा कि आपने वोट दिया, विजयी बनाया, लेकिन मैं आज आपसे कुछ मांगने आया हूं, मुझे आशीर्वाद दीजिए ताकि आगे भी हमसे कोई गलती न हो। जो देश का भला चाहता है यह विजय उसकी है।
मोदी ने कहा, चुनाव में मैंने कहा था कि पैसे परास्त होंगे, पसीना जीत जाएगा। और यही हुआ। भारत माता की जय बोलने वाले लाखों कार्यकर्ताओं के सामने मैं अपना सिर झुकाता हूं। पार्टी मां होती है। पार्टी की वजह से ही हम कुछ बनते हैं। आज मैं जो भी हूं वह भारतीय जनता पार्टी की वजह से हूं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के हर तबके तक विकास पहुंचाना है। मैं इतनी तेजी से काम करना चाहता हूं कि विकास का फर्क दिखाई देना चाहिए। मोदी ने कहा कि मैं रोज एक नया काम नहीं करता हूं तो मुझे चैन नहीं पड़ता है। मुझे खुद के लिए कुछ नहीं करना है इसलिए पूरी शक्ति जनहित में लगाता हूं।
टीवी पर विश्लेषकों पर टिप्पणी करते हुए मोदी ने कहा कि अभी भी वह गुजरात की विजय को पचा नहीं पा रहे हैं। उन्होंने पूछा कि गुजरात को नीचा दिखाने के लिए इतनी मेहनत क्यों कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि मीडिया वालों को कुछ तो शर्म करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा की अगर 93 सीट होती तब भी शपथ भाजपा के नेता को ही लेनी थी।
मोदी ने कहा कि एक सरकार का दूसरी बार जीतना बहुत बड़ी घटना होती है लेकिन यह हैट्रिक है। इसे स्वीकारने को मीडिया तैयार नहीं है। मोदी ने कहा कि यह चुनाव इसलिए मिशाल है कि हमने पूरी ईमानदारी से विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ा और जीता है। यह हिन्दुस्तान के इतिहास में बहुत बड़ी घटना है। मोदी ने तमाम विदेशी मीडिया से आग्रह किया कि दुनिया के सामने आप गुजरात के मतदाता की मंशा पहुंचाएं।
मोदी ने लोगों के दिल्ली जाने की बात पर कहा कि वह एक दिन के लिए दिल्ली जाएंगे। उन्होंने कहा कि गुजरात में अन्य राज्यों के लोग रोजी-रोटी के लिए आ रहे हैं यह उनकी भी सेवा है। मोदी ने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी की जीत है।
उन्होंने कहा कि गुजरात ने तकनीक की दुनिया में बहुत आगे कदम बढ़ाया। उन्होंने कहा कि जो देश में तकनीक पर विश्वास करते हैं उन्हें गुजरात के प्रयोग का अध्ययन करना चाहिए। थ्री डी की बात को आगे पहुंचाने का भी आग्रह मोदी ने किया।टिप्पणियां
मोदी ने कहा कि आज आपने मुझे जीत लिया है और आगे आने वाले पांच साल मुझे आपको जीतना है।
मौके पर मोदी को जीत की बधाई देने के लिए लोगों में इतना उत्साह था कि मोदी अपना भाषण शुरू नहीं कर पा रहे थे। लोगों ने कई मौकों पर मोदी से दिल्ली में पीएम पद की तैयारी करने का भी आग्रह किया। नारे भी लगे लेकिन मोदी ने इस मसले पर कुछ नहीं कहा।
नरेंद्र मोदी ने अपने चिरपरिचित अंदाज में लोगों को जीत का श्रेय देते हुए कहा कि आज का अगर कोई हीरो है तो मेरे छह करोड़ गुजराती हैं। मोदी ने मंच से देश को संदेश दिया कि अगर कुछ सीखना है तो गुजरात के मतदाताओं से सीखिए। मोदी ने कहा कि गुजरात ने एक मिशाल कायम की है। सारे देश में गुड गवर्नेंस और विकास के लिए दबाव पैदा होना चाहिए। लोगों को खोखले वादे और झूठे नारे से ऊपर उठना चाहिए।
मोदी ने कहा कि आज मतदाता सरकारों से अपेक्षा रखता है और यह देश के राजनीतिक दल और राजनेता को समझना होगा। मोदी ने कहा कि कुछ लोग मेरे निर्णय से नाराज हो गए होंगे लेकिन मेरे सख्त निर्णय सिर्फ जनता की भलाई के लिए थे। मतदाताओं ने अंतत: साथ दिया। मेरा पूर्ण समर्पण गुजरात के प्रति है। मेरा गुजरात, मेरा गुजरात, मेरा गुजरात।
मोदी ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों ने भी 75 फीसदी वोट भाजपा को दिया है। मोदी ने कहा कि सरकारी कर्मचारी को काम करना पड़ता है और वह खुश हैं काम करके यह वोट बताता है। मोदी ने कहा कि कर्मचारियों ने 11 सालों में इतना काम किया है जितना उन्होंने पिछले 25 सालों में नहीं किया होगा।
मुख्यमंत्री मोदी का कहना है कि लोकतंत्र में कोई दुश्मन नहीं होता है। किसी को कठोर बात बोली हो सकती है क्योंकि राजनीति में जीत जरूरी है। मोदी ने कहा कि अब जीत हो गई है और फिर काम करने की तैयारी है।
मोदी ने कहा कि आने वाले पांच साल के हर पल वह जनता जनार्दन को समर्पित करते हैं। मोदी ने लोगों को आश्वासन दिया कि वह पूरा समय जनता की भलाई में लगाएंगे। मोदी ने कहा कि आपने वोट दिया, विजयी बनाया, लेकिन मैं आज आपसे कुछ मांगने आया हूं, मुझे आशीर्वाद दीजिए ताकि आगे भी हमसे कोई गलती न हो। जो देश का भला चाहता है यह विजय उसकी है।
मोदी ने कहा, चुनाव में मैंने कहा था कि पैसे परास्त होंगे, पसीना जीत जाएगा। और यही हुआ। भारत माता की जय बोलने वाले लाखों कार्यकर्ताओं के सामने मैं अपना सिर झुकाता हूं। पार्टी मां होती है। पार्टी की वजह से ही हम कुछ बनते हैं। आज मैं जो भी हूं वह भारतीय जनता पार्टी की वजह से हूं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के हर तबके तक विकास पहुंचाना है। मैं इतनी तेजी से काम करना चाहता हूं कि विकास का फर्क दिखाई देना चाहिए। मोदी ने कहा कि मैं रोज एक नया काम नहीं करता हूं तो मुझे चैन नहीं पड़ता है। मुझे खुद के लिए कुछ नहीं करना है इसलिए पूरी शक्ति जनहित में लगाता हूं।
टीवी पर विश्लेषकों पर टिप्पणी करते हुए मोदी ने कहा कि अभी भी वह गुजरात की विजय को पचा नहीं पा रहे हैं। उन्होंने पूछा कि गुजरात को नीचा दिखाने के लिए इतनी मेहनत क्यों कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि मीडिया वालों को कुछ तो शर्म करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा की अगर 93 सीट होती तब भी शपथ भाजपा के नेता को ही लेनी थी।
मोदी ने कहा कि एक सरकार का दूसरी बार जीतना बहुत बड़ी घटना होती है लेकिन यह हैट्रिक है। इसे स्वीकारने को मीडिया तैयार नहीं है। मोदी ने कहा कि यह चुनाव इसलिए मिशाल है कि हमने पूरी ईमानदारी से विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ा और जीता है। यह हिन्दुस्तान के इतिहास में बहुत बड़ी घटना है। मोदी ने तमाम विदेशी मीडिया से आग्रह किया कि दुनिया के सामने आप गुजरात के मतदाता की मंशा पहुंचाएं।
मोदी ने लोगों के दिल्ली जाने की बात पर कहा कि वह एक दिन के लिए दिल्ली जाएंगे। उन्होंने कहा कि गुजरात में अन्य राज्यों के लोग रोजी-रोटी के लिए आ रहे हैं यह उनकी भी सेवा है। मोदी ने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी की जीत है।
उन्होंने कहा कि गुजरात ने तकनीक की दुनिया में बहुत आगे कदम बढ़ाया। उन्होंने कहा कि जो देश में तकनीक पर विश्वास करते हैं उन्हें गुजरात के प्रयोग का अध्ययन करना चाहिए। थ्री डी की बात को आगे पहुंचाने का भी आग्रह मोदी ने किया।टिप्पणियां
मोदी ने कहा कि आज आपने मुझे जीत लिया है और आगे आने वाले पांच साल मुझे आपको जीतना है।
मौके पर मोदी को जीत की बधाई देने के लिए लोगों में इतना उत्साह था कि मोदी अपना भाषण शुरू नहीं कर पा रहे थे। लोगों ने कई मौकों पर मोदी से दिल्ली में पीएम पद की तैयारी करने का भी आग्रह किया। नारे भी लगे लेकिन मोदी ने इस मसले पर कुछ नहीं कहा।
मोदी ने कहा कि आज मतदाता सरकारों से अपेक्षा रखता है और यह देश के राजनीतिक दल और राजनेता को समझना होगा। मोदी ने कहा कि कुछ लोग मेरे निर्णय से नाराज हो गए होंगे लेकिन मेरे सख्त निर्णय सिर्फ जनता की भलाई के लिए थे। मतदाताओं ने अंतत: साथ दिया। मेरा पूर्ण समर्पण गुजरात के प्रति है। मेरा गुजरात, मेरा गुजरात, मेरा गुजरात।
मोदी ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों ने भी 75 फीसदी वोट भाजपा को दिया है। मोदी ने कहा कि सरकारी कर्मचारी को काम करना पड़ता है और वह खुश हैं काम करके यह वोट बताता है। मोदी ने कहा कि कर्मचारियों ने 11 सालों में इतना काम किया है जितना उन्होंने पिछले 25 सालों में नहीं किया होगा।
मुख्यमंत्री मोदी का कहना है कि लोकतंत्र में कोई दुश्मन नहीं होता है। किसी को कठोर बात बोली हो सकती है क्योंकि राजनीति में जीत जरूरी है। मोदी ने कहा कि अब जीत हो गई है और फिर काम करने की तैयारी है।
मोदी ने कहा कि आने वाले पांच साल के हर पल वह जनता जनार्दन को समर्पित करते हैं। मोदी ने लोगों को आश्वासन दिया कि वह पूरा समय जनता की भलाई में लगाएंगे। मोदी ने कहा कि आपने वोट दिया, विजयी बनाया, लेकिन मैं आज आपसे कुछ मांगने आया हूं, मुझे आशीर्वाद दीजिए ताकि आगे भी हमसे कोई गलती न हो। जो देश का भला चाहता है यह विजय उसकी है।
मोदी ने कहा, चुनाव में मैंने कहा था कि पैसे परास्त होंगे, पसीना जीत जाएगा। और यही हुआ। भारत माता की जय बोलने वाले लाखों कार्यकर्ताओं के सामने मैं अपना सिर झुकाता हूं। पार्टी मां होती है। पार्टी की वजह से ही हम कुछ बनते हैं। आज मैं जो भी हूं वह भारतीय जनता पार्टी की वजह से हूं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के हर तबके तक विकास पहुंचाना है। मैं इतनी तेजी से काम करना चाहता हूं कि विकास का फर्क दिखाई देना चाहिए। मोदी ने कहा कि मैं रोज एक नया काम नहीं करता हूं तो मुझे चैन नहीं पड़ता है। मुझे खुद के लिए कुछ नहीं करना है इसलिए पूरी शक्ति जनहित में लगाता हूं।
टीवी पर विश्लेषकों पर टिप्पणी करते हुए मोदी ने कहा कि अभी भी वह गुजरात की विजय को पचा नहीं पा रहे हैं। उन्होंने पूछा कि गुजरात को नीचा दिखाने के लिए इतनी मेहनत क्यों कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि मीडिया वालों को कुछ तो शर्म करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा की अगर 93 सीट होती तब भी शपथ भाजपा के नेता को ही लेनी थी।
मोदी ने कहा कि एक सरकार का दूसरी बार जीतना बहुत बड़ी घटना होती है लेकिन यह हैट्रिक है। इसे स्वीकारने को मीडिया तैयार नहीं है। मोदी ने कहा कि यह चुनाव इसलिए मिशाल है कि हमने पूरी ईमानदारी से विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ा और जीता है। यह हिन्दुस्तान के इतिहास में बहुत बड़ी घटना है। मोदी ने तमाम विदेशी मीडिया से आग्रह किया कि दुनिया के सामने आप गुजरात के मतदाता की मंशा पहुंचाएं।
मोदी ने लोगों के दिल्ली जाने की बात पर कहा कि वह एक दिन के लिए दिल्ली जाएंगे। उन्होंने कहा कि गुजरात में अन्य राज्यों के लोग रोजी-रोटी के लिए आ रहे हैं यह उनकी भी सेवा है। मोदी ने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी की जीत है।
उन्होंने कहा कि गुजरात ने तकनीक की दुनिया में बहुत आगे कदम बढ़ाया। उन्होंने कहा कि जो देश में तकनीक पर विश्वास करते हैं उन्हें गुजरात के प्रयोग का अध्ययन करना चाहिए। थ्री डी की बात को आगे पहुंचाने का भी आग्रह मोदी ने किया।टिप्पणियां
मोदी ने कहा कि आज आपने मुझे जीत लिया है और आगे आने वाले पांच साल मुझे आपको जीतना है।
मौके पर मोदी को जीत की बधाई देने के लिए लोगों में इतना उत्साह था कि मोदी अपना भाषण शुरू नहीं कर पा रहे थे। लोगों ने कई मौकों पर मोदी से दिल्ली में पीएम पद की तैयारी करने का भी आग्रह किया। नारे भी लगे लेकिन मोदी ने इस मसले पर कुछ नहीं कहा।
मोदी ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों ने भी 75 फीसदी वोट भाजपा को दिया है। मोदी ने कहा कि सरकारी कर्मचारी को काम करना पड़ता है और वह खुश हैं काम करके यह वोट बताता है। मोदी ने कहा कि कर्मचारियों ने 11 सालों में इतना काम किया है जितना उन्होंने पिछले 25 सालों में नहीं किया होगा।
मुख्यमंत्री मोदी का कहना है कि लोकतंत्र में कोई दुश्मन नहीं होता है। किसी को कठोर बात बोली हो सकती है क्योंकि राजनीति में जीत जरूरी है। मोदी ने कहा कि अब जीत हो गई है और फिर काम करने की तैयारी है।
मोदी ने कहा कि आने वाले पांच साल के हर पल वह जनता जनार्दन को समर्पित करते हैं। मोदी ने लोगों को आश्वासन दिया कि वह पूरा समय जनता की भलाई में लगाएंगे। मोदी ने कहा कि आपने वोट दिया, विजयी बनाया, लेकिन मैं आज आपसे कुछ मांगने आया हूं, मुझे आशीर्वाद दीजिए ताकि आगे भी हमसे कोई गलती न हो। जो देश का भला चाहता है यह विजय उसकी है।
मोदी ने कहा, चुनाव में मैंने कहा था कि पैसे परास्त होंगे, पसीना जीत जाएगा। और यही हुआ। भारत माता की जय बोलने वाले लाखों कार्यकर्ताओं के सामने मैं अपना सिर झुकाता हूं। पार्टी मां होती है। पार्टी की वजह से ही हम कुछ बनते हैं। आज मैं जो भी हूं वह भारतीय जनता पार्टी की वजह से हूं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के हर तबके तक विकास पहुंचाना है। मैं इतनी तेजी से काम करना चाहता हूं कि विकास का फर्क दिखाई देना चाहिए। मोदी ने कहा कि मैं रोज एक नया काम नहीं करता हूं तो मुझे चैन नहीं पड़ता है। मुझे खुद के लिए कुछ नहीं करना है इसलिए पूरी शक्ति जनहित में लगाता हूं।
टीवी पर विश्लेषकों पर टिप्पणी करते हुए मोदी ने कहा कि अभी भी वह गुजरात की विजय को पचा नहीं पा रहे हैं। उन्होंने पूछा कि गुजरात को नीचा दिखाने के लिए इतनी मेहनत क्यों कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि मीडिया वालों को कुछ तो शर्म करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा की अगर 93 सीट होती तब भी शपथ भाजपा के नेता को ही लेनी थी।
मोदी ने कहा कि एक सरकार का दूसरी बार जीतना बहुत बड़ी घटना होती है लेकिन यह हैट्रिक है। इसे स्वीकारने को मीडिया तैयार नहीं है। मोदी ने कहा कि यह चुनाव इसलिए मिशाल है कि हमने पूरी ईमानदारी से विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ा और जीता है। यह हिन्दुस्तान के इतिहास में बहुत बड़ी घटना है। मोदी ने तमाम विदेशी मीडिया से आग्रह किया कि दुनिया के सामने आप गुजरात के मतदाता की मंशा पहुंचाएं।
मोदी ने लोगों के दिल्ली जाने की बात पर कहा कि वह एक दिन के लिए दिल्ली जाएंगे। उन्होंने कहा कि गुजरात में अन्य राज्यों के लोग रोजी-रोटी के लिए आ रहे हैं यह उनकी भी सेवा है। मोदी ने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी की जीत है।
उन्होंने कहा कि गुजरात ने तकनीक की दुनिया में बहुत आगे कदम बढ़ाया। उन्होंने कहा कि जो देश में तकनीक पर विश्वास करते हैं उन्हें गुजरात के प्रयोग का अध्ययन करना चाहिए। थ्री डी की बात को आगे पहुंचाने का भी आग्रह मोदी ने किया।टिप्पणियां
मोदी ने कहा कि आज आपने मुझे जीत लिया है और आगे आने वाले पांच साल मुझे आपको जीतना है।
मौके पर मोदी को जीत की बधाई देने के लिए लोगों में इतना उत्साह था कि मोदी अपना भाषण शुरू नहीं कर पा रहे थे। लोगों ने कई मौकों पर मोदी से दिल्ली में पीएम पद की तैयारी करने का भी आग्रह किया। नारे भी लगे लेकिन मोदी ने इस मसले पर कुछ नहीं कहा।
मुख्यमंत्री मोदी का कहना है कि लोकतंत्र में कोई दुश्मन नहीं होता है। किसी को कठोर बात बोली हो सकती है क्योंकि राजनीति में जीत जरूरी है। मोदी ने कहा कि अब जीत हो गई है और फिर काम करने की तैयारी है।
मोदी ने कहा कि आने वाले पांच साल के हर पल वह जनता जनार्दन को समर्पित करते हैं। मोदी ने लोगों को आश्वासन दिया कि वह पूरा समय जनता की भलाई में लगाएंगे। मोदी ने कहा कि आपने वोट दिया, विजयी बनाया, लेकिन मैं आज आपसे कुछ मांगने आया हूं, मुझे आशीर्वाद दीजिए ताकि आगे भी हमसे कोई गलती न हो। जो देश का भला चाहता है यह विजय उसकी है।
मोदी ने कहा, चुनाव में मैंने कहा था कि पैसे परास्त होंगे, पसीना जीत जाएगा। और यही हुआ। भारत माता की जय बोलने वाले लाखों कार्यकर्ताओं के सामने मैं अपना सिर झुकाता हूं। पार्टी मां होती है। पार्टी की वजह से ही हम कुछ बनते हैं। आज मैं जो भी हूं वह भारतीय जनता पार्टी की वजह से हूं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के हर तबके तक विकास पहुंचाना है। मैं इतनी तेजी से काम करना चाहता हूं कि विकास का फर्क दिखाई देना चाहिए। मोदी ने कहा कि मैं रोज एक नया काम नहीं करता हूं तो मुझे चैन नहीं पड़ता है। मुझे खुद के लिए कुछ नहीं करना है इसलिए पूरी शक्ति जनहित में लगाता हूं।
टीवी पर विश्लेषकों पर टिप्पणी करते हुए मोदी ने कहा कि अभी भी वह गुजरात की विजय को पचा नहीं पा रहे हैं। उन्होंने पूछा कि गुजरात को नीचा दिखाने के लिए इतनी मेहनत क्यों कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि मीडिया वालों को कुछ तो शर्म करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा की अगर 93 सीट होती तब भी शपथ भाजपा के नेता को ही लेनी थी।
मोदी ने कहा कि एक सरकार का दूसरी बार जीतना बहुत बड़ी घटना होती है लेकिन यह हैट्रिक है। इसे स्वीकारने को मीडिया तैयार नहीं है। मोदी ने कहा कि यह चुनाव इसलिए मिशाल है कि हमने पूरी ईमानदारी से विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ा और जीता है। यह हिन्दुस्तान के इतिहास में बहुत बड़ी घटना है। मोदी ने तमाम विदेशी मीडिया से आग्रह किया कि दुनिया के सामने आप गुजरात के मतदाता की मंशा पहुंचाएं।
मोदी ने लोगों के दिल्ली जाने की बात पर कहा कि वह एक दिन के लिए दिल्ली जाएंगे। उन्होंने कहा कि गुजरात में अन्य राज्यों के लोग रोजी-रोटी के लिए आ रहे हैं यह उनकी भी सेवा है। मोदी ने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी की जीत है।
उन्होंने कहा कि गुजरात ने तकनीक की दुनिया में बहुत आगे कदम बढ़ाया। उन्होंने कहा कि जो देश में तकनीक पर विश्वास करते हैं उन्हें गुजरात के प्रयोग का अध्ययन करना चाहिए। थ्री डी की बात को आगे पहुंचाने का भी आग्रह मोदी ने किया।टिप्पणियां
मोदी ने कहा कि आज आपने मुझे जीत लिया है और आगे आने वाले पांच साल मुझे आपको जीतना है।
मौके पर मोदी को जीत की बधाई देने के लिए लोगों में इतना उत्साह था कि मोदी अपना भाषण शुरू नहीं कर पा रहे थे। लोगों ने कई मौकों पर मोदी से दिल्ली में पीएम पद की तैयारी करने का भी आग्रह किया। नारे भी लगे लेकिन मोदी ने इस मसले पर कुछ नहीं कहा।
मोदी ने कहा कि आने वाले पांच साल के हर पल वह जनता जनार्दन को समर्पित करते हैं। मोदी ने लोगों को आश्वासन दिया कि वह पूरा समय जनता की भलाई में लगाएंगे। मोदी ने कहा कि आपने वोट दिया, विजयी बनाया, लेकिन मैं आज आपसे कुछ मांगने आया हूं, मुझे आशीर्वाद दीजिए ताकि आगे भी हमसे कोई गलती न हो। जो देश का भला चाहता है यह विजय उसकी है।
मोदी ने कहा, चुनाव में मैंने कहा था कि पैसे परास्त होंगे, पसीना जीत जाएगा। और यही हुआ। भारत माता की जय बोलने वाले लाखों कार्यकर्ताओं के सामने मैं अपना सिर झुकाता हूं। पार्टी मां होती है। पार्टी की वजह से ही हम कुछ बनते हैं। आज मैं जो भी हूं वह भारतीय जनता पार्टी की वजह से हूं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के हर तबके तक विकास पहुंचाना है। मैं इतनी तेजी से काम करना चाहता हूं कि विकास का फर्क दिखाई देना चाहिए। मोदी ने कहा कि मैं रोज एक नया काम नहीं करता हूं तो मुझे चैन नहीं पड़ता है। मुझे खुद के लिए कुछ नहीं करना है इसलिए पूरी शक्ति जनहित में लगाता हूं।
टीवी पर विश्लेषकों पर टिप्पणी करते हुए मोदी ने कहा कि अभी भी वह गुजरात की विजय को पचा नहीं पा रहे हैं। उन्होंने पूछा कि गुजरात को नीचा दिखाने के लिए इतनी मेहनत क्यों कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि मीडिया वालों को कुछ तो शर्म करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा की अगर 93 सीट होती तब भी शपथ भाजपा के नेता को ही लेनी थी।
मोदी ने कहा कि एक सरकार का दूसरी बार जीतना बहुत बड़ी घटना होती है लेकिन यह हैट्रिक है। इसे स्वीकारने को मीडिया तैयार नहीं है। मोदी ने कहा कि यह चुनाव इसलिए मिशाल है कि हमने पूरी ईमानदारी से विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ा और जीता है। यह हिन्दुस्तान के इतिहास में बहुत बड़ी घटना है। मोदी ने तमाम विदेशी मीडिया से आग्रह किया कि दुनिया के सामने आप गुजरात के मतदाता की मंशा पहुंचाएं।
मोदी ने लोगों के दिल्ली जाने की बात पर कहा कि वह एक दिन के लिए दिल्ली जाएंगे। उन्होंने कहा कि गुजरात में अन्य राज्यों के लोग रोजी-रोटी के लिए आ रहे हैं यह उनकी भी सेवा है। मोदी ने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी की जीत है।
उन्होंने कहा कि गुजरात ने तकनीक की दुनिया में बहुत आगे कदम बढ़ाया। उन्होंने कहा कि जो देश में तकनीक पर विश्वास करते हैं उन्हें गुजरात के प्रयोग का अध्ययन करना चाहिए। थ्री डी की बात को आगे पहुंचाने का भी आग्रह मोदी ने किया।टिप्पणियां
मोदी ने कहा कि आज आपने मुझे जीत लिया है और आगे आने वाले पांच साल मुझे आपको जीतना है।
मौके पर मोदी को जीत की बधाई देने के लिए लोगों में इतना उत्साह था कि मोदी अपना भाषण शुरू नहीं कर पा रहे थे। लोगों ने कई मौकों पर मोदी से दिल्ली में पीएम पद की तैयारी करने का भी आग्रह किया। नारे भी लगे लेकिन मोदी ने इस मसले पर कुछ नहीं कहा।
मोदी ने कहा, चुनाव में मैंने कहा था कि पैसे परास्त होंगे, पसीना जीत जाएगा। और यही हुआ। भारत माता की जय बोलने वाले लाखों कार्यकर्ताओं के सामने मैं अपना सिर झुकाता हूं। पार्टी मां होती है। पार्टी की वजह से ही हम कुछ बनते हैं। आज मैं जो भी हूं वह भारतीय जनता पार्टी की वजह से हूं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के हर तबके तक विकास पहुंचाना है। मैं इतनी तेजी से काम करना चाहता हूं कि विकास का फर्क दिखाई देना चाहिए। मोदी ने कहा कि मैं रोज एक नया काम नहीं करता हूं तो मुझे चैन नहीं पड़ता है। मुझे खुद के लिए कुछ नहीं करना है इसलिए पूरी शक्ति जनहित में लगाता हूं।
टीवी पर विश्लेषकों पर टिप्पणी करते हुए मोदी ने कहा कि अभी भी वह गुजरात की विजय को पचा नहीं पा रहे हैं। उन्होंने पूछा कि गुजरात को नीचा दिखाने के लिए इतनी मेहनत क्यों कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि मीडिया वालों को कुछ तो शर्म करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा की अगर 93 सीट होती तब भी शपथ भाजपा के नेता को ही लेनी थी।
मोदी ने कहा कि एक सरकार का दूसरी बार जीतना बहुत बड़ी घटना होती है लेकिन यह हैट्रिक है। इसे स्वीकारने को मीडिया तैयार नहीं है। मोदी ने कहा कि यह चुनाव इसलिए मिशाल है कि हमने पूरी ईमानदारी से विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ा और जीता है। यह हिन्दुस्तान के इतिहास में बहुत बड़ी घटना है। मोदी ने तमाम विदेशी मीडिया से आग्रह किया कि दुनिया के सामने आप गुजरात के मतदाता की मंशा पहुंचाएं।
मोदी ने लोगों के दिल्ली जाने की बात पर कहा कि वह एक दिन के लिए दिल्ली जाएंगे। उन्होंने कहा कि गुजरात में अन्य राज्यों के लोग रोजी-रोटी के लिए आ रहे हैं यह उनकी भी सेवा है। मोदी ने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी की जीत है।
उन्होंने कहा कि गुजरात ने तकनीक की दुनिया में बहुत आगे कदम बढ़ाया। उन्होंने कहा कि जो देश में तकनीक पर विश्वास करते हैं उन्हें गुजरात के प्रयोग का अध्ययन करना चाहिए। थ्री डी की बात को आगे पहुंचाने का भी आग्रह मोदी ने किया।टिप्पणियां
मोदी ने कहा कि आज आपने मुझे जीत लिया है और आगे आने वाले पांच साल मुझे आपको जीतना है।
मौके पर मोदी को जीत की बधाई देने के लिए लोगों में इतना उत्साह था कि मोदी अपना भाषण शुरू नहीं कर पा रहे थे। लोगों ने कई मौकों पर मोदी से दिल्ली में पीएम पद की तैयारी करने का भी आग्रह किया। नारे भी लगे लेकिन मोदी ने इस मसले पर कुछ नहीं कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के हर तबके तक विकास पहुंचाना है। मैं इतनी तेजी से काम करना चाहता हूं कि विकास का फर्क दिखाई देना चाहिए। मोदी ने कहा कि मैं रोज एक नया काम नहीं करता हूं तो मुझे चैन नहीं पड़ता है। मुझे खुद के लिए कुछ नहीं करना है इसलिए पूरी शक्ति जनहित में लगाता हूं।
टीवी पर विश्लेषकों पर टिप्पणी करते हुए मोदी ने कहा कि अभी भी वह गुजरात की विजय को पचा नहीं पा रहे हैं। उन्होंने पूछा कि गुजरात को नीचा दिखाने के लिए इतनी मेहनत क्यों कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि मीडिया वालों को कुछ तो शर्म करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा की अगर 93 सीट होती तब भी शपथ भाजपा के नेता को ही लेनी थी।
मोदी ने कहा कि एक सरकार का दूसरी बार जीतना बहुत बड़ी घटना होती है लेकिन यह हैट्रिक है। इसे स्वीकारने को मीडिया तैयार नहीं है। मोदी ने कहा कि यह चुनाव इसलिए मिशाल है कि हमने पूरी ईमानदारी से विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ा और जीता है। यह हिन्दुस्तान के इतिहास में बहुत बड़ी घटना है। मोदी ने तमाम विदेशी मीडिया से आग्रह किया कि दुनिया के सामने आप गुजरात के मतदाता की मंशा पहुंचाएं।
मोदी ने लोगों के दिल्ली जाने की बात पर कहा कि वह एक दिन के लिए दिल्ली जाएंगे। उन्होंने कहा कि गुजरात में अन्य राज्यों के लोग रोजी-रोटी के लिए आ रहे हैं यह उनकी भी सेवा है। मोदी ने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी की जीत है।
उन्होंने कहा कि गुजरात ने तकनीक की दुनिया में बहुत आगे कदम बढ़ाया। उन्होंने कहा कि जो देश में तकनीक पर विश्वास करते हैं उन्हें गुजरात के प्रयोग का अध्ययन करना चाहिए। थ्री डी की बात को आगे पहुंचाने का भी आग्रह मोदी ने किया।टिप्पणियां
मोदी ने कहा कि आज आपने मुझे जीत लिया है और आगे आने वाले पांच साल मुझे आपको जीतना है।
मौके पर मोदी को जीत की बधाई देने के लिए लोगों में इतना उत्साह था कि मोदी अपना भाषण शुरू नहीं कर पा रहे थे। लोगों ने कई मौकों पर मोदी से दिल्ली में पीएम पद की तैयारी करने का भी आग्रह किया। नारे भी लगे लेकिन मोदी ने इस मसले पर कुछ नहीं कहा।
टीवी पर विश्लेषकों पर टिप्पणी करते हुए मोदी ने कहा कि अभी भी वह गुजरात की विजय को पचा नहीं पा रहे हैं। उन्होंने पूछा कि गुजरात को नीचा दिखाने के लिए इतनी मेहनत क्यों कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि मीडिया वालों को कुछ तो शर्म करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा की अगर 93 सीट होती तब भी शपथ भाजपा के नेता को ही लेनी थी।
मोदी ने कहा कि एक सरकार का दूसरी बार जीतना बहुत बड़ी घटना होती है लेकिन यह हैट्रिक है। इसे स्वीकारने को मीडिया तैयार नहीं है। मोदी ने कहा कि यह चुनाव इसलिए मिशाल है कि हमने पूरी ईमानदारी से विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ा और जीता है। यह हिन्दुस्तान के इतिहास में बहुत बड़ी घटना है। मोदी ने तमाम विदेशी मीडिया से आग्रह किया कि दुनिया के सामने आप गुजरात के मतदाता की मंशा पहुंचाएं।
मोदी ने लोगों के दिल्ली जाने की बात पर कहा कि वह एक दिन के लिए दिल्ली जाएंगे। उन्होंने कहा कि गुजरात में अन्य राज्यों के लोग रोजी-रोटी के लिए आ रहे हैं यह उनकी भी सेवा है। मोदी ने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी की जीत है।
उन्होंने कहा कि गुजरात ने तकनीक की दुनिया में बहुत आगे कदम बढ़ाया। उन्होंने कहा कि जो देश में तकनीक पर विश्वास करते हैं उन्हें गुजरात के प्रयोग का अध्ययन करना चाहिए। थ्री डी की बात को आगे पहुंचाने का भी आग्रह मोदी ने किया।टिप्पणियां
मोदी ने कहा कि आज आपने मुझे जीत लिया है और आगे आने वाले पांच साल मुझे आपको जीतना है।
मौके पर मोदी को जीत की बधाई देने के लिए लोगों में इतना उत्साह था कि मोदी अपना भाषण शुरू नहीं कर पा रहे थे। लोगों ने कई मौकों पर मोदी से दिल्ली में पीएम पद की तैयारी करने का भी आग्रह किया। नारे भी लगे लेकिन मोदी ने इस मसले पर कुछ नहीं कहा।
मोदी ने कहा कि एक सरकार का दूसरी बार जीतना बहुत बड़ी घटना होती है लेकिन यह हैट्रिक है। इसे स्वीकारने को मीडिया तैयार नहीं है। मोदी ने कहा कि यह चुनाव इसलिए मिशाल है कि हमने पूरी ईमानदारी से विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ा और जीता है। यह हिन्दुस्तान के इतिहास में बहुत बड़ी घटना है। मोदी ने तमाम विदेशी मीडिया से आग्रह किया कि दुनिया के सामने आप गुजरात के मतदाता की मंशा पहुंचाएं।
मोदी ने लोगों के दिल्ली जाने की बात पर कहा कि वह एक दिन के लिए दिल्ली जाएंगे। उन्होंने कहा कि गुजरात में अन्य राज्यों के लोग रोजी-रोटी के लिए आ रहे हैं यह उनकी भी सेवा है। मोदी ने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी की जीत है।
उन्होंने कहा कि गुजरात ने तकनीक की दुनिया में बहुत आगे कदम बढ़ाया। उन्होंने कहा कि जो देश में तकनीक पर विश्वास करते हैं उन्हें गुजरात के प्रयोग का अध्ययन करना चाहिए। थ्री डी की बात को आगे पहुंचाने का भी आग्रह मोदी ने किया।टिप्पणियां
मोदी ने कहा कि आज आपने मुझे जीत लिया है और आगे आने वाले पांच साल मुझे आपको जीतना है।
मौके पर मोदी को जीत की बधाई देने के लिए लोगों में इतना उत्साह था कि मोदी अपना भाषण शुरू नहीं कर पा रहे थे। लोगों ने कई मौकों पर मोदी से दिल्ली में पीएम पद की तैयारी करने का भी आग्रह किया। नारे भी लगे लेकिन मोदी ने इस मसले पर कुछ नहीं कहा।
मोदी ने लोगों के दिल्ली जाने की बात पर कहा कि वह एक दिन के लिए दिल्ली जाएंगे। उन्होंने कहा कि गुजरात में अन्य राज्यों के लोग रोजी-रोटी के लिए आ रहे हैं यह उनकी भी सेवा है। मोदी ने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी की जीत है।
उन्होंने कहा कि गुजरात ने तकनीक की दुनिया में बहुत आगे कदम बढ़ाया। उन्होंने कहा कि जो देश में तकनीक पर विश्वास करते हैं उन्हें गुजरात के प्रयोग का अध्ययन करना चाहिए। थ्री डी की बात को आगे पहुंचाने का भी आग्रह मोदी ने किया।टिप्पणियां
मोदी ने कहा कि आज आपने मुझे जीत लिया है और आगे आने वाले पांच साल मुझे आपको जीतना है।
मौके पर मोदी को जीत की बधाई देने के लिए लोगों में इतना उत्साह था कि मोदी अपना भाषण शुरू नहीं कर पा रहे थे। लोगों ने कई मौकों पर मोदी से दिल्ली में पीएम पद की तैयारी करने का भी आग्रह किया। नारे भी लगे लेकिन मोदी ने इस मसले पर कुछ नहीं कहा।
उन्होंने कहा कि गुजरात ने तकनीक की दुनिया में बहुत आगे कदम बढ़ाया। उन्होंने कहा कि जो देश में तकनीक पर विश्वास करते हैं उन्हें गुजरात के प्रयोग का अध्ययन करना चाहिए। थ्री डी की बात को आगे पहुंचाने का भी आग्रह मोदी ने किया।टिप्पणियां
मोदी ने कहा कि आज आपने मुझे जीत लिया है और आगे आने वाले पांच साल मुझे आपको जीतना है।
मौके पर मोदी को जीत की बधाई देने के लिए लोगों में इतना उत्साह था कि मोदी अपना भाषण शुरू नहीं कर पा रहे थे। लोगों ने कई मौकों पर मोदी से दिल्ली में पीएम पद की तैयारी करने का भी आग्रह किया। नारे भी लगे लेकिन मोदी ने इस मसले पर कुछ नहीं कहा।
मोदी ने कहा कि आज आपने मुझे जीत लिया है और आगे आने वाले पांच साल मुझे आपको जीतना है।
मौके पर मोदी को जीत की बधाई देने के लिए लोगों में इतना उत्साह था कि मोदी अपना भाषण शुरू नहीं कर पा रहे थे। लोगों ने कई मौकों पर मोदी से दिल्ली में पीएम पद की तैयारी करने का भी आग्रह किया। नारे भी लगे लेकिन मोदी ने इस मसले पर कुछ नहीं कहा।
मौके पर मोदी को जीत की बधाई देने के लिए लोगों में इतना उत्साह था कि मोदी अपना भाषण शुरू नहीं कर पा रहे थे। लोगों ने कई मौकों पर मोदी से दिल्ली में पीएम पद की तैयारी करने का भी आग्रह किया। नारे भी लगे लेकिन मोदी ने इस मसले पर कुछ नहीं कहा। | यहाँ एक सारांश है:मोदी ने कहा कि आज का अगर कोई हीरो है तो मेरे छह करोड़ गुजराती है। देश को संदेश दिया कि अगर कुछ सीखना है तो गुजरात के मतदाताओं से सीखिए। मोदी ने कहा कि गुजरात ने एक मिशाल कायम की है। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में बुधवार तड़के से तेज बारिश हो रही है। भारी बारिश के चलते जगह−जगह बारिश सड़कों पर पानी भर गया है और ट्रैफिक बेहद धीमा हो गया है।टिप्पणियां
ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक महरौली−बदरपुर रोड और सैदुलाबाद गांव में काफी पानी जमा हो गया है। वहीं मोतीबाग इलाके में भी काफी पानी भर गया है, जिसकी वजह से कई गाड़ियां पानी में डूब गई हैं।
लगातार हो रही बारिश के कारण यमुना का जलस्तर भी खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। अभी यमुना का जलस्तर 204.70 मीटर है, जो खतरे के निशान से 13 सेंटीमीटर दूर है।
ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक महरौली−बदरपुर रोड और सैदुलाबाद गांव में काफी पानी जमा हो गया है। वहीं मोतीबाग इलाके में भी काफी पानी भर गया है, जिसकी वजह से कई गाड़ियां पानी में डूब गई हैं।
लगातार हो रही बारिश के कारण यमुना का जलस्तर भी खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। अभी यमुना का जलस्तर 204.70 मीटर है, जो खतरे के निशान से 13 सेंटीमीटर दूर है।
लगातार हो रही बारिश के कारण यमुना का जलस्तर भी खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। अभी यमुना का जलस्तर 204.70 मीटर है, जो खतरे के निशान से 13 सेंटीमीटर दूर है। | संक्षिप्त पाठ: राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में बुधवार तड़के से तेज बारिश हो रही है। भारी बारिश के चलते जगह−जगह बारिश सड़कों पर पानी भर गया है और ट्रैफिक बेहद धीमा हो गया है। | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: ममता बनर्जी को किसी तरह की आलोचना बर्दाश्त नहीं है... यह बात तो आहिस्ता-आहिस्ता पक्की होती जा रही है।टिप्पणियां
इंटरनेट पर कुछ तस्वीरों का एक कार्टून... जिसमें दिनेश त्रिवेदी को रेल मंत्री के तौर पर हटाने के मामले पर ममता बनर्जी और मुकुल रॉय पर चुटकी ली गई थी… उसे जाधवपुर यूनिवर्सिटी के एक प्रोफ़ेसर ने सोशल नेटवर्किग साइट पर अपने दोस्त को फ़ॉरवर्ड कर दिया। जब ममता के वफ़ादारों को पता चला तो पुलिस ने यह ढूंढ़ निकाला कि इस जुर्म के अपराधी प्रोफ़ेसर अंबिकेश महापात्र और उनके पड़ोसी सुब्रत सेनगुप्ता हैं। दोनों को 12 अप्रैल को गिरफ़्तार करके अगले दिन अदालत में पेश किया गया। जहां से वे ज़मानत पर रिहा हुए। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों की मानवाधिकार आयोग की समिति बनी।
अब पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग की इसी समिति ने मामले की जांच करने के बाद इन दोनों को 50−50 हज़ार रुपये का मुआवज़ा देने के अलावा कसूरवार पुलिस अफ़सरों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने को कहा है। लेकिन सिर्फ़ मुवाअज़ा देने और कार्रवाई करने से मसले का हल नहीं निकलेगा। इसके लिए ममता बनर्जी और उनकी सरकार को अपना रवैया बदलने की भी जरूरत है।
इंटरनेट पर कुछ तस्वीरों का एक कार्टून... जिसमें दिनेश त्रिवेदी को रेल मंत्री के तौर पर हटाने के मामले पर ममता बनर्जी और मुकुल रॉय पर चुटकी ली गई थी… उसे जाधवपुर यूनिवर्सिटी के एक प्रोफ़ेसर ने सोशल नेटवर्किग साइट पर अपने दोस्त को फ़ॉरवर्ड कर दिया। जब ममता के वफ़ादारों को पता चला तो पुलिस ने यह ढूंढ़ निकाला कि इस जुर्म के अपराधी प्रोफ़ेसर अंबिकेश महापात्र और उनके पड़ोसी सुब्रत सेनगुप्ता हैं। दोनों को 12 अप्रैल को गिरफ़्तार करके अगले दिन अदालत में पेश किया गया। जहां से वे ज़मानत पर रिहा हुए। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों की मानवाधिकार आयोग की समिति बनी।
अब पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग की इसी समिति ने मामले की जांच करने के बाद इन दोनों को 50−50 हज़ार रुपये का मुआवज़ा देने के अलावा कसूरवार पुलिस अफ़सरों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने को कहा है। लेकिन सिर्फ़ मुवाअज़ा देने और कार्रवाई करने से मसले का हल नहीं निकलेगा। इसके लिए ममता बनर्जी और उनकी सरकार को अपना रवैया बदलने की भी जरूरत है।
अब पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग की इसी समिति ने मामले की जांच करने के बाद इन दोनों को 50−50 हज़ार रुपये का मुआवज़ा देने के अलावा कसूरवार पुलिस अफ़सरों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने को कहा है। लेकिन सिर्फ़ मुवाअज़ा देने और कार्रवाई करने से मसले का हल नहीं निकलेगा। इसके लिए ममता बनर्जी और उनकी सरकार को अपना रवैया बदलने की भी जरूरत है। | संक्षिप्त पाठ: ममता बनर्जी को किसी तरह की आलोचना बर्दाश्त नहीं है... यह बात तो आहिस्ता-आहिस्ता पक्की होती जा रही है। | 13 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यौन शोषण के आरोप में उनके खिलाफ समन दायर होने की खबर ‘फर्जी’ है. ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, मैं बस यह कह सकता हूं कि यह पूरी तरह से फर्जी खबर है. यह सिर्फ फर्जी है. ट्रंप से यह सवाल किया गया था कि क्या उनके अभियान को उनके खिलाफ लगाए गए यौन शोषण के आरोपों से संबंधित किसी दस्तावेज के लिए समन जारी किया गया है. ट्रंप ने ऐसी खबरों की निंदा की है.
उन्होंने कहा, यह गढ़ी हुई कहानी है और जो भी हुआ वह शर्मनाक है, लेकिन दुनिया की राजनीति में ऐसा होता है. फॉक्स न्यूज की खबर के मुताबिक, इस वर्ष मार्च में ‘अप्रेंटिस’ प्रतिभागी समर जेर्वोस ने ट्रंप पर आरोप लगाया था कि जब वह नौकरी के लिए उनसे मिली थी तो उन्होंने जबरदस्ती उसे पकड़ा और उसका चुंबन लिया था. इसके बाद ट्रंप के प्रचार अभियान को समन जारी किया गया.
उन्होंने कहा, यह गढ़ी हुई कहानी है और जो भी हुआ वह शर्मनाक है, लेकिन दुनिया की राजनीति में ऐसा होता है. फॉक्स न्यूज की खबर के मुताबिक, इस वर्ष मार्च में ‘अप्रेंटिस’ प्रतिभागी समर जेर्वोस ने ट्रंप पर आरोप लगाया था कि जब वह नौकरी के लिए उनसे मिली थी तो उन्होंने जबरदस्ती उसे पकड़ा और उसका चुंबन लिया था. इसके बाद ट्रंप के प्रचार अभियान को समन जारी किया गया. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: यह गढ़ी हुई कहानी है और जो भी हुआ वह शर्मनाक है
मगर राजनीतिक दुनिया में ऐसा होता है
मेरे खिलाफ समन की खबर फर्जी है | 32 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों ने पुलिस दल पर हमला कर दिया है। इसमें एक पुलिसकर्मी शहीद हो गया है तथा एक अन्य घायल हो गया है। वहीं, घायल जवान को लेने गए हेलीकॉप्टर पर भी गोलियां दागी थी। इसके बाद हेलीकॉप्टर के गायब होने की खबर थी जो बाद में मिल गया। गोलियां चलने के बाद पायलट ने इमरजेंसी लैंडिग करवा दी थी।
संदिग्ध नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ में भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर पर गोलीबारी की । हेलीकॉप्टर में सवार एक एयर फोर्स का जवान घायल हो गया जिसे घायल छोड़कर उसके साथ सहायता के लिए चले गए थे। नजदीक के थाने में सहयोगियों ने जाकर मदद की अपील की जिसके बाद कमांडो के एक दस्ते को तुरंत रवाना किया गया जो घायल जवान को सुरक्षित वापस ले आए।
पुलिस विभाग की प्रवक्ता सोनल मिश्रा ने शुक्रवार को बताया कि सुकमा जिले के दोरनापाल थाना क्षेत्र के अंतर्गत टिमिरवाड़ा गांव के पास आज नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के पुलिस दल पर हमला कर दिया है। इस हमले में एक जवान की मृत्यु हो गई है तथा एक गंभीर रूप से घायल हो गया है। टिप्पणियां
मिश्रा ने बताया कि आज जब पुलिस दल मार्ग खोलने में लगा हुआ था तब नक्सलियों ने पुलिस दल पर घात लगाकर हमला किया था। इसके बाद पुलिस दल ने भी जवाबी कार्रवाई की थी। इससे नक्सली वहां से भाग गए थे।
उन्होंने बताया कि पुलिस दल पर नक्सली हमले की सूचना के बाद जगदलपुर से एक हेलीकॉप्टर को घायल जवान को बाहर निकालने के लिए भेजा गया था।
संदिग्ध नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ में भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर पर गोलीबारी की । हेलीकॉप्टर में सवार एक एयर फोर्स का जवान घायल हो गया जिसे घायल छोड़कर उसके साथ सहायता के लिए चले गए थे। नजदीक के थाने में सहयोगियों ने जाकर मदद की अपील की जिसके बाद कमांडो के एक दस्ते को तुरंत रवाना किया गया जो घायल जवान को सुरक्षित वापस ले आए।
पुलिस विभाग की प्रवक्ता सोनल मिश्रा ने शुक्रवार को बताया कि सुकमा जिले के दोरनापाल थाना क्षेत्र के अंतर्गत टिमिरवाड़ा गांव के पास आज नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के पुलिस दल पर हमला कर दिया है। इस हमले में एक जवान की मृत्यु हो गई है तथा एक गंभीर रूप से घायल हो गया है। टिप्पणियां
मिश्रा ने बताया कि आज जब पुलिस दल मार्ग खोलने में लगा हुआ था तब नक्सलियों ने पुलिस दल पर घात लगाकर हमला किया था। इसके बाद पुलिस दल ने भी जवाबी कार्रवाई की थी। इससे नक्सली वहां से भाग गए थे।
उन्होंने बताया कि पुलिस दल पर नक्सली हमले की सूचना के बाद जगदलपुर से एक हेलीकॉप्टर को घायल जवान को बाहर निकालने के लिए भेजा गया था।
पुलिस विभाग की प्रवक्ता सोनल मिश्रा ने शुक्रवार को बताया कि सुकमा जिले के दोरनापाल थाना क्षेत्र के अंतर्गत टिमिरवाड़ा गांव के पास आज नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के पुलिस दल पर हमला कर दिया है। इस हमले में एक जवान की मृत्यु हो गई है तथा एक गंभीर रूप से घायल हो गया है। टिप्पणियां
मिश्रा ने बताया कि आज जब पुलिस दल मार्ग खोलने में लगा हुआ था तब नक्सलियों ने पुलिस दल पर घात लगाकर हमला किया था। इसके बाद पुलिस दल ने भी जवाबी कार्रवाई की थी। इससे नक्सली वहां से भाग गए थे।
उन्होंने बताया कि पुलिस दल पर नक्सली हमले की सूचना के बाद जगदलपुर से एक हेलीकॉप्टर को घायल जवान को बाहर निकालने के लिए भेजा गया था।
मिश्रा ने बताया कि आज जब पुलिस दल मार्ग खोलने में लगा हुआ था तब नक्सलियों ने पुलिस दल पर घात लगाकर हमला किया था। इसके बाद पुलिस दल ने भी जवाबी कार्रवाई की थी। इससे नक्सली वहां से भाग गए थे।
उन्होंने बताया कि पुलिस दल पर नक्सली हमले की सूचना के बाद जगदलपुर से एक हेलीकॉप्टर को घायल जवान को बाहर निकालने के लिए भेजा गया था।
उन्होंने बताया कि पुलिस दल पर नक्सली हमले की सूचना के बाद जगदलपुर से एक हेलीकॉप्टर को घायल जवान को बाहर निकालने के लिए भेजा गया था। | यहाँ एक सारांश है:संदिग्ध नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ में भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर पर गोलीबारी की है। हेलीकॉप्टर में सवार एक एयर फोर्स का जवान घायल हो गया जिसे घायल छोड़कर उसके साथ सहायता के लिए चले गए थे। | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रदूषण देश का अब अहम मुद्दा बन चुका है. राजधानी दिल्ली से लेकर यूपी समेत अन्य राज्यों के शहरों में प्रदूषण को लेकर देशभर में चर्चा होनी शुरू हो गई है. फिलहाल इस मसले पर लोकसभा में भी चर्चा हुई, लेकिन इतने अहम मसले को लेकर सांसदों पर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं. हमारे सांद कितने गंभीर हैं, ये पहली चर्चा के दौरान उपस्थिति ने बताया और फिर उनके बीच चली सियासत ने. लोकसभा में प्रदूषण पर चर्चा शुरू हुई तो सौ से भी कम सांसद सदन में नज़र आए. चलिए अब एक नजर डालते हैं कि आखिर देशभर में किन-किन जगहों पर प्रदूषण हावी हो रहा है.
बुधवार को देश की राजधानी दिल्ली AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) के टॉप 10 से बाहर है. टॉप 10 की सूची में सात ऐसे शहर हैं, जो उत्तर प्रदेश से हैं. हवा में ज़हर तो पूरे देश में घुल रहा है लेकिन यूपी का हाल फिलहाल सबसे बेहाल है. देश के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में से आज 7 शहर यूपी से हैं. यह आंकड़ा बुधवार का है, जो अगले दिन बदल भी सकता है.
बताते चले कि दिल्ली में प्रदूषण के लिहाज से चार हॉट स्पॉट की पहचान की गई है. जहां ट्रैफिक की वजह से लगातार प्रदूषण बढ़ रहा है. अब मॉनिटरिंग कमेटी ने पुलिस और राज्य सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि 45 दिन के भीतर इन चारों जगहों का समाधान खोजा जाए. दिल्ली में आनंद विहार, गांधी नगर, तुगलकाबाद और पीरागढ़ी प्रदूषण के लिहाज से चार हॉट स्पॉट हैं. जहां ट्रैफिक या सड़क की वजह से जाम लगता है और फिर प्रदूषण बढ़ता है. दिल्ली में 13 ऐसी जगहें हैं जहां प्रदूषण का स्तर खतरनाक तरीके से बढ़ा रहता है. लेकिन ट्रैफिक जाम की वजह से बढ़ने वाले प्रदूषण को खत्म करने के लिए 45 दिन के भीतर एक ब्लू प्रिंट तैयार करने को कहा गया है. | यहाँ एक सारांश है:प्रदूषित टॉप-10 शहरों से बाहर दिल्ली
यूपी के सात शहर सबसे ज्यादा प्रदूषित
गाजियाबाद इस लिस्ट में सबसे ऊपर | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: चीन की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के छह खिलाड़ी लंदन में 20 सप्ताह के लिए क्रिकेट की बारीकियां सीखेंगे। यह जानकारी कैपिटल किड्स क्रिकेट (सीकेसी) के एक अधिकारी ने दी।
सीकेसी विकास प्राधिकरण के मुख्य कोच, शाहीदुल आलम रतन ने कहा कि चीन के यह खिलाड़ी यहां प्रशिक्षण लेने के लिए कई मुकाबले खेलेंगे। साथ ही सीकेसी के कोचों के साथ मिलकर कई स्कूल क्रिकेट कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, यह दूसरी बार होगा जब चीन के खिलाड़ी सीकेसी और किड्स क्रिकेट वर्ल्ड (केसीडब्ल्यू) की सहायता से प्रशिक्षण लेंगे। पिछले साल भी छह खिलाड़ियों ने 10 सप्ताह के लिए यहां प्रशिक्षण लिया था।
इस सभी खिलाड़ियों के खर्चे का वहन केसीडब्ल्यू और सीकेसी करेगा।
रतन ने कहा, "चीन निकट भविष्य में अपनी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टीम तैयार करना चाहता है। वह इंग्लैंड से काफी कुछ सीख सकता है। इससे चीनी खिलाड़ियों को इस खेल के तौर-तरीकों का पता चलेगा।" | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: चीन की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के छह खिलाड़ी लंदन में 20 सप्ताह के लिए क्रिकेट की बारीकियां सीखेंगे। यह जानकारी कैपिटल किड्स क्रिकेट (सीकेसी) के एक अधिकारी ने दी। | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अभिनेत्री मल्लिका शेरावत ने अपने अकेले रहने का कारण सही जीवनसाथी का न मिलना बताया। मल्लिका ने कहा, मेरे लिए प्यार का बहुत महत्व है। मैंने अभी तक विवाह इसलिए नहीं किया, क्योंकि मैं अभी भी इसका इंतजार कर रही हूं।टिप्पणियां
मल्लिका ने अपनी फिल्म 'किस्मत, लव, पैसा दिल्ली' की पहली झलक को लोगों के सामने लाने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह बात कही। इस फिल्म में उनके साथी कलाकार विवेक ओबेरॉय भी अपने जीवन में प्यार को अत्यधिक महत्व देते हैं।
विवेक ने कहा, पैसे का अपना महत्व है और यह आता जाता रहता है लेकिन सिर्फ भाग्यशाली लोगों को प्यार मिलता है।
मल्लिका ने अपनी फिल्म 'किस्मत, लव, पैसा दिल्ली' की पहली झलक को लोगों के सामने लाने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह बात कही। इस फिल्म में उनके साथी कलाकार विवेक ओबेरॉय भी अपने जीवन में प्यार को अत्यधिक महत्व देते हैं।
विवेक ने कहा, पैसे का अपना महत्व है और यह आता जाता रहता है लेकिन सिर्फ भाग्यशाली लोगों को प्यार मिलता है।
विवेक ने कहा, पैसे का अपना महत्व है और यह आता जाता रहता है लेकिन सिर्फ भाग्यशाली लोगों को प्यार मिलता है। | मल्लिका ने कहा, मेरे लिए प्यार का बहुत महत्व है। मैंने अभी तक विवाह इसलिए नहीं किया, क्योंकि मैं अभी भी उसका इंतजार कर रही हूं। | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: 'हाउडी मोदी' कार्यक्रम पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि पूरी दुनिया को साफ संदेश है कि यह 'न्यू इंडिया' हमारे देश को सुरक्षित और संगठित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा. अमित शाह ने कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को धन्यवाद देते हैं कि उनकी वजह से आज पूरी दुनिया आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में साथ खड़ी है. गौरतलब है कि अमेरिका में टेक्सास के शहर ह्यूस्टन के NRG स्टेडियम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम 'हाउडी मोदी' भारत के समय के हिसाब से रात 12 बजे के बाद ख़त्म हुआ. इस कार्यक्रम में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी शामिल हुए और अपने भाषण में कहा कि दोनों देश कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद का मिलकर सामना करेंगे. उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा कि सब जानते हैं कि आंतकवाद को पालने पोसने में कौन सा देश है. एक बात जिससे शायद लोगों को और ख़ासकर राजनयिकों को हैरानी है वह यह थी कि प्रधानमंत्री ने एक तरह से ट्रम्प को अपना समर्थन देते हुए कहा कि अबकी बार ट्रम्प सरकार.
वहीं पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय से कहा कि आपने पूछा 'हाउडी मोदी?...तो मेरा जवाब है कि भारत में सब अच्छा है. वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'हम भारत और अमेरिकी सेना के जवानों का सम्मान करते हैं जो हमारी स्वतंत्रता की रक्षा के लिए साझा प्रयास कर रहे हैं. इस्लामिक आतंकवाद से निर्दोष लोगों को हम मिलकर बचाएंगे.अपने नागरिकों की हिफ़ाज़त के लिए सीमा की सुरक्षा अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण है. भारत के लिए भी अपनी सीमा की सुरक्षा अहमियत रखती है.' | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: हाउडी मोदी कार्यक्रम पर बोले अमित शाह
पूरी दुनिया भारत के साथ खड़ी है
पीएम मोदी के नेतृत्त को धन्यवाद | 25 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक इंडिया और सर्च इंजन गूगल इंडिया को चेतावनी दी कि अगर वे अपने वेब पेज से आपत्तिजनक सामग्री नहीं हटाते हैं और उनको रोकने का तरीका अपनाने में विफल रहते हैं तो चीन की तरह वेबसाइटों को ‘अवरूद्ध’ किया जा सकता है।
फेसबुक और गूगल इंडिया को चेतावनी देते हुए न्यायमूर्ति सुरेश कैत ने कहा, ‘चीन की तरह हम भी ऐसे सभी वेबसाइटों को अवरूद्ध कर देंगे।’ उन्होंने इन साइटों से ‘हिंसक एवं आपत्तिजनक’ सामग्री को वेब पेज से हटाने और ऐसा करने से रोकने का तरीका विकसित करने को कहा।
मजिस्ट्रेट की अदालत में इन दोनों वेबसाइट के खिलाफ कार्यवाही पर रोक लगाने का न्यायमूर्ति कैत ने समर्थन नहीं किया। बहरहाल वे वकीलों की इस याचिका से सहमत थे कि कल निचली अदालत में वे प्रभावी सुनवाई के लिये दबाव नहीं बनाएंगे।टिप्पणियां
गूगल इंडिया की ओर से उपस्थित होते हुए पूर्व अतिरिक्त सोलीसीटर जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि ‘आपत्तिजनक, अश्लील और अपमाजनक’ लेखों एवं अन्य सामग्रियों को लगाने से ‘न तो रोका जा सकता है’ और न ही ‘उनकी निगरानी’ की जा सकती है।
उन्होंने कहा, ‘इसमें मानव हस्तक्षेप संभव नहीं है और ऐसी घटनाओं को रोकना सुसंगत नहीं है। दुनिया में अरबों लोग वेबसाइट पर अपना लेख लगाते हैं। हां, वे अपमानजनक, अश्लील हो सकते हैं लेकिन उन्हें रोका नहीं जा सकता।’
फेसबुक और गूगल इंडिया को चेतावनी देते हुए न्यायमूर्ति सुरेश कैत ने कहा, ‘चीन की तरह हम भी ऐसे सभी वेबसाइटों को अवरूद्ध कर देंगे।’ उन्होंने इन साइटों से ‘हिंसक एवं आपत्तिजनक’ सामग्री को वेब पेज से हटाने और ऐसा करने से रोकने का तरीका विकसित करने को कहा।
मजिस्ट्रेट की अदालत में इन दोनों वेबसाइट के खिलाफ कार्यवाही पर रोक लगाने का न्यायमूर्ति कैत ने समर्थन नहीं किया। बहरहाल वे वकीलों की इस याचिका से सहमत थे कि कल निचली अदालत में वे प्रभावी सुनवाई के लिये दबाव नहीं बनाएंगे।टिप्पणियां
गूगल इंडिया की ओर से उपस्थित होते हुए पूर्व अतिरिक्त सोलीसीटर जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि ‘आपत्तिजनक, अश्लील और अपमाजनक’ लेखों एवं अन्य सामग्रियों को लगाने से ‘न तो रोका जा सकता है’ और न ही ‘उनकी निगरानी’ की जा सकती है।
उन्होंने कहा, ‘इसमें मानव हस्तक्षेप संभव नहीं है और ऐसी घटनाओं को रोकना सुसंगत नहीं है। दुनिया में अरबों लोग वेबसाइट पर अपना लेख लगाते हैं। हां, वे अपमानजनक, अश्लील हो सकते हैं लेकिन उन्हें रोका नहीं जा सकता।’
मजिस्ट्रेट की अदालत में इन दोनों वेबसाइट के खिलाफ कार्यवाही पर रोक लगाने का न्यायमूर्ति कैत ने समर्थन नहीं किया। बहरहाल वे वकीलों की इस याचिका से सहमत थे कि कल निचली अदालत में वे प्रभावी सुनवाई के लिये दबाव नहीं बनाएंगे।टिप्पणियां
गूगल इंडिया की ओर से उपस्थित होते हुए पूर्व अतिरिक्त सोलीसीटर जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि ‘आपत्तिजनक, अश्लील और अपमाजनक’ लेखों एवं अन्य सामग्रियों को लगाने से ‘न तो रोका जा सकता है’ और न ही ‘उनकी निगरानी’ की जा सकती है।
उन्होंने कहा, ‘इसमें मानव हस्तक्षेप संभव नहीं है और ऐसी घटनाओं को रोकना सुसंगत नहीं है। दुनिया में अरबों लोग वेबसाइट पर अपना लेख लगाते हैं। हां, वे अपमानजनक, अश्लील हो सकते हैं लेकिन उन्हें रोका नहीं जा सकता।’
गूगल इंडिया की ओर से उपस्थित होते हुए पूर्व अतिरिक्त सोलीसीटर जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि ‘आपत्तिजनक, अश्लील और अपमाजनक’ लेखों एवं अन्य सामग्रियों को लगाने से ‘न तो रोका जा सकता है’ और न ही ‘उनकी निगरानी’ की जा सकती है।
उन्होंने कहा, ‘इसमें मानव हस्तक्षेप संभव नहीं है और ऐसी घटनाओं को रोकना सुसंगत नहीं है। दुनिया में अरबों लोग वेबसाइट पर अपना लेख लगाते हैं। हां, वे अपमानजनक, अश्लील हो सकते हैं लेकिन उन्हें रोका नहीं जा सकता।’
उन्होंने कहा, ‘इसमें मानव हस्तक्षेप संभव नहीं है और ऐसी घटनाओं को रोकना सुसंगत नहीं है। दुनिया में अरबों लोग वेबसाइट पर अपना लेख लगाते हैं। हां, वे अपमानजनक, अश्लील हो सकते हैं लेकिन उन्हें रोका नहीं जा सकता।’ | संक्षिप्त पाठ: कोर्ट ने सोशल साइट्स चलाने वालों को कहा कि जल्द से जल्द वह कोई तरीका निकाले जिससे आपत्तिजनक सामग्री को हटाया जा सके और रोका जा सके। | 22 | ['hin'] |
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