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|---|---|---|---|
इस पाठ का सारांश बनाएं: ओडिशा के संबलपुर में शुक्रवार को एक मानवरहित रेल क्रॉसिंग पर एक वाहन के ट्रेन की चपेट में आ जाने से 13 लोग मारे गए और छह अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
पूर्व तटीय रेलवे (ईसीओआर) के एक अधिकारी ने बताया कि यह दुर्घटना संबलपुर शहर और मानेस्वर रेलवे स्टेशनों के बीच खरपाली में हुई, जब राउरकेला-भुवनेश्वर इंटरसिटी एक्सप्रेस ने मानवरहित रेल क्रॉसिंग पार कर रहे एक वाहन को टक्कर मार दी।टिप्पणियां
संबलपुर के उप-जिलाधिकारी रायनू सिंह ने बताया कि 12 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि एक व्यक्ति की मौत अस्पताल लाने के बाद हुई। घायलों को जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मरने वालों में 12 महिला मजूदर और वाहन का चालक शामिल हैं। ये लोग अनालापाली से सिंदूरपांका जा रहे थे। रेल अधिकारियों ने बताया कि पटरी से शव हटाने के बाद ट्रेन को रवाना कर दिया गया।
पूर्व तटीय रेलवे (ईसीओआर) के एक अधिकारी ने बताया कि यह दुर्घटना संबलपुर शहर और मानेस्वर रेलवे स्टेशनों के बीच खरपाली में हुई, जब राउरकेला-भुवनेश्वर इंटरसिटी एक्सप्रेस ने मानवरहित रेल क्रॉसिंग पार कर रहे एक वाहन को टक्कर मार दी।टिप्पणियां
संबलपुर के उप-जिलाधिकारी रायनू सिंह ने बताया कि 12 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि एक व्यक्ति की मौत अस्पताल लाने के बाद हुई। घायलों को जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मरने वालों में 12 महिला मजूदर और वाहन का चालक शामिल हैं। ये लोग अनालापाली से सिंदूरपांका जा रहे थे। रेल अधिकारियों ने बताया कि पटरी से शव हटाने के बाद ट्रेन को रवाना कर दिया गया।
संबलपुर के उप-जिलाधिकारी रायनू सिंह ने बताया कि 12 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि एक व्यक्ति की मौत अस्पताल लाने के बाद हुई। घायलों को जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मरने वालों में 12 महिला मजूदर और वाहन का चालक शामिल हैं। ये लोग अनालापाली से सिंदूरपांका जा रहे थे। रेल अधिकारियों ने बताया कि पटरी से शव हटाने के बाद ट्रेन को रवाना कर दिया गया।
मरने वालों में 12 महिला मजूदर और वाहन का चालक शामिल हैं। ये लोग अनालापाली से सिंदूरपांका जा रहे थे। रेल अधिकारियों ने बताया कि पटरी से शव हटाने के बाद ट्रेन को रवाना कर दिया गया। | ओडिशा के संबलपुर में शुक्रवार को एक मानवरहित रेल क्रॉसिंग पर एक वाहन के ट्रेन की चपेट में आ जाने से 13 लोग मारे गए और छह अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। | 34 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बॉलीवुड अभिनेता आशुतोष राणा (Ashutosh Rana) ने नसीरुद्दीन शाह (Naseeruddin shah) के उस बयान का बचाव किया है जिसमें उन्होंने इंसान की हत्या से ज्यादा गाय की हत्या को तरजीह देने की बात कही थी. साथ ही नसरुद्दीन शाह (Naseeruddin shah) ने कहा था देश में जैसे हालात हो चले हैं उसमें उन्हें डर लगता है कि उनके बच्चे भी सुरक्षित हैं या नहीं. राणा (Ashutosh Rana) ने शाह के इस बयान का समर्थन करते हुए कहा कि यह एक लोकतांत्रिक देश है और यहां सभी को अपनी बात रखने का पूरा हक है. अभिनेता आशुतोष राणा (Ashutosh Rana) ने शाह का बचाव करते हुए रविवार को कहा कि अपनी बात रखने पर अगर किसी का 'सामाजिक ट्रायल' किया जाता है तो वह गलत है. राणा ने संवाददाताओं से कहा कि सभी लोगों को अपने मन की बात साझा करने का अधिकार है और स्वतंत्रता का मतलब भी यही होता है. देश में अगर कोई अपने मन की बात रखता है तो क्या उसका सामाजिक ट्रायल होना चाहिए? उन्होंने कहा कि घर या परिवार के सदस्य की तरफ से कोई प्रतिक्रिया आती है तो उस पर विचार होना चाहिये. मन की बात कहने पर इस तरह के विवाद खड़ा करने से क्या देश की अर्थव्यवस्था सुधर जाएगी या आमदनी बढ़ जाएगी.
राणा ने कहा कि इस तरह के विवाद करने से क्या रोजगार बढ़ सकता है? इसलिये हम सबको किसी के मन की बात का सामाजिक ट्रायल नहीं करना चाहिए बल्कि उन बातों को गम्भीरता से सुनना चाहिए. गौरतलब है कि मशहूर अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने पिछले दिनों एक बयान में कहा था कि देश के हालात बहुत बुरे हैं और उन्हें इस पर गुस्सा आता है. उन्होंने कहा था कि हाल में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हुई हिंसा में साफ़ देखा गया कि आज देश में गाय की जान की कीमत एक पुलिस अफसर की जान से ज्यादा है. समाज में चारों तरफ जहर फैल चुका है और अब इसे से रोक पाना मुश्किल है. शाह के बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की जा रही है.
गौरतलब है कि नसीरुद्दीन शाह के इस बयान के बाद जमकर बवाल मचा हुआ है. नसीरुद्दीन शाह के इस बयान पर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि हिन्दुस्तान जितनी सहिष्णुता दुनिया के किसी दूसरे मुल्क में नहीं है. राजनाथ सिंह ने किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के 114वें स्थापना दिवस समारोह से इतर संवाददाताओं से बातचीत में अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के हाल के बयान के बारे में एक सवाल के जवाब में कहा था कि भारत में जितनी सहिष्णुता है, मैं समझता हूं कि दुनिया में ढूंढने से भी नहीं मिलेगी. भारत दुनिया का ऐसा इकलौता देश है जहां विश्व के सभी प्रमुख धर्म पाये जाते हैं. यानी सारे धर्मों के मानने वाले लोग अगर कहीं मिलजुलकर रह रहे हैं, तो वह भारत ही है.
उन्होंने कहा था कि मैं दोहराना चाहूंगा कि इस्लामी देशों में भी इस्लाम के सभी 72 फिरके एक साथ नहीं मिलते. केवल भारत में ही मुसलमानों के ये सभी फिरके मौजूद हैं इसलिए यहां पर असहिष्णुता का कोई सवाल ही नहीं. गृह मंत्री ने कहा कि भारत में विभिन्न धर्मों को मानने वाले जितने भी लोग हैं, वे भारत को एक सशक्त, स्वाभिमानी, स्वावलम्बी और समृद्धिशाली बनाने में योगदान कर रहे हैं और आगे भी करेंगे. (इनपुट भाषा से) | सारांश: लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का हक -राणा
किसी के पीछे जानबूझकर पड़ना गलत- राणा
नसीरुद्दीन शाह के समर्थन में आए आशुतोष राणा | 31 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अजय देवगन (Ajay Devgn), अनिल कपूर (Anil Kapoor) और माधुरी दीक्षित (Madhuri Dixit) की कॉमेडी फिल्म 'टोटल धमाल' (Total Dhamaal) ने तीसरे हफ्ते की शुरुआत में यानी शुक्रवार को 1.50 करोड़, शनिवार को 2.50 करोड़ और रविवार को 3.75 करोड़ की धमाकेदार कमाई कर डाली है. 'टोटल धमाल' (Total Dhamaal) की कमाई का बॉक्स ऑफिस (Total Dhamaal Box Office Collection) पर सिलसिला ऐसे ही चलता रहा तो जल्द ही यह फिल्म 150 करोड़ से भी ऊपर की कमाई कर लेगी. पहले हफ्ते में 'टोटल धमाल' (Total Dhamaal) फिल्म ने 92.24 करोड़ और दूसरे हफ्ते में 36.50 करोड़ का कलेक्शन किया था.
'टोटल धमाल' (Total Dhamaal) में धमाकेदार कॉमेडी के साथ अजय देवगन (Ajay Devgn), अनिल कपूर (Anil Kapoor) और माधुरी दीक्षित (Madhuri Dixit) ने दर्शकों को सिनेमा थियेटर में खूब हंसाया. अब आलम यह कि फिल्म दूसरे हफ्ते के बाद भी कमाई लगातार कर रही है. देखना होगा कि 'टोटल धमाल' (Total Dhamaal) 150 का आंकड़ा छूने में कामयाब हो पाती है या नहीं. मेट्रो शहरों में फिल्म की कमाई में कमी आई है, लेकिन देश के अन्य राज्यों के छोटे शहरों से कमाई अच्छी है. 'टोटल धमाल' (Total Dhamaal) में अजय देवगन (Ajay Devgn), अनिल कपूर (Anil Kapoor) और माधुरी दीक्षित (Madhuri Dixit) की तिकड़ी जबरदस्त नजर आई. दूसरे हफ्ते के आखिरी दिनों में फिल्म 'टोटल धमाल' (Total Dhamaal) की कमाई को कोई ज्यादा फर्क नहीं पड़ा.
अजय देवगन की फिल्म 'टोटल धमाल' (Total Dhamaal) की निगाहें 150 करोड़ की तरफ है. देखना होगा कि यह आंकड़ा कब तक छू पाती है. खराब रिव्यू के बावजूद कॉमेडी फिल्म 'टोटल धमाल (Total Dhamaal)' की बॉक्स ऑफिस पर रफ्तार थम ही नहीं रही है. अनिल कपूर (Anil Kapoor), अजय देवगन (Ajay Devgn) और माधुरी दीक्षित (Madhuri Dixit) स्टारर 'टोटल धमाल' बॉक्स ऑफिस (Total Dhamaal Box Office Collection) पर आगे बढ़ रही है. 'टोटल धमाल' का बजट लगभग 100 करोड़ रुपये बताया जाता है, इस तरह फिल्म ने अच्छा बिजनेस कर लिया है, फिल्म के ओवरसीज बिजनेस को लेकर भी अच्छी खबर आ रही है. | सारांश: 'टोटल धमाल' की शानदार कमाई जारी
खूब पसंद आ रही है लोगों को यह फिल्म
फिल्म में है जबरदस्त कॉमेडी का डोज | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: फेसबुक मामले में हुई गिरफ्तारियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख दिखाते हुए महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा है कि पुलिस वालों पर क्या कार्रवाई हुई है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, पश्चिम बंगाल और पुद्दुचेरी सरकार को भी नोटिस देकर छह हफ्ते में जवाब मांगा है।
दरअसल, पश्चिम बंगाल में इस साल अप्रैल में प्रोफेसर अंबिकेश महापात्रा को ममता बनर्जी के एक कार्टून को सोशल नेटवर्किंग साइट पर डालने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था।
गौरतलब है कि कोर्ट ने शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के निधन के बाद पालघर की दो लड़कियों को फेसबुक पर कमेंट करने के आरोप में गिरफ्तार करने को लेकर श्रेया सिंघल द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह नोटिस जारी किया। इस याचिका में आईटी एक्ट के कुछ प्रावधानों को खत्म करने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अटॉर्नी जनरल जी वाहनवती को भी बुलाया और दूसरों को भी पार्टी बनाने की सलाह दी। इधर, सरकार ने एक अहम निर्देश जारी करते हुए कहा कि आईटी एक्ट की धारा 66-ए का इस्तेमाल आईपीएस अफसरों की मंजूरी के बिना नहीं हो।
आईटी एक्ट 66-ए का कौन-कौन हुआ शिकार :-
28 नवंबर, 2012
फेसबुक पर राज ठाकरे और मराठी भाषी लोगों के खिलाफ कथिततौर पर आपत्तिजनकर टिप्पणी के लिए सुनील विश्वकर्मा नामक शख्स गिरफ्तार
20, नवंबर
मुंबई में बाल ठाकरे के निधन के बाद मुंबई बंद पर फेसबुक कमेंट करने को लेकर दो युवतियां गिरफ्तार
अक्टूबर 2012
पी चिदंबरम के बेटे कार्तिक चिदंबरम के खिलाफ टिप्पणी करने पर उद्योगपति रवि श्रीनिवासन गिरफ्तार
सितंबर, 2012
संसद और नेताओं पर कार्टून बनाने वाले असीम त्रिवेदी गिरफ्तारटिप्पणियां
मई, 2012
मजदूर नेता के खिलाफ फेसबुक पर लिखने वाले एयर इंडिया के दो कर्मचारी केवीजे राव, मयंक शर्मा गिरफ्तार
अप्रैल, 2012
फेसबुक पर ममता बनर्जी का कार्टून पोस्ट करने को लेकर प्रोफेसर अंबिकेश महापात्र पश्चिम बंगाल में जादवपुर यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार
दरअसल, पश्चिम बंगाल में इस साल अप्रैल में प्रोफेसर अंबिकेश महापात्रा को ममता बनर्जी के एक कार्टून को सोशल नेटवर्किंग साइट पर डालने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था।
गौरतलब है कि कोर्ट ने शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के निधन के बाद पालघर की दो लड़कियों को फेसबुक पर कमेंट करने के आरोप में गिरफ्तार करने को लेकर श्रेया सिंघल द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह नोटिस जारी किया। इस याचिका में आईटी एक्ट के कुछ प्रावधानों को खत्म करने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अटॉर्नी जनरल जी वाहनवती को भी बुलाया और दूसरों को भी पार्टी बनाने की सलाह दी। इधर, सरकार ने एक अहम निर्देश जारी करते हुए कहा कि आईटी एक्ट की धारा 66-ए का इस्तेमाल आईपीएस अफसरों की मंजूरी के बिना नहीं हो।
आईटी एक्ट 66-ए का कौन-कौन हुआ शिकार :-
28 नवंबर, 2012
फेसबुक पर राज ठाकरे और मराठी भाषी लोगों के खिलाफ कथिततौर पर आपत्तिजनकर टिप्पणी के लिए सुनील विश्वकर्मा नामक शख्स गिरफ्तार
20, नवंबर
मुंबई में बाल ठाकरे के निधन के बाद मुंबई बंद पर फेसबुक कमेंट करने को लेकर दो युवतियां गिरफ्तार
अक्टूबर 2012
पी चिदंबरम के बेटे कार्तिक चिदंबरम के खिलाफ टिप्पणी करने पर उद्योगपति रवि श्रीनिवासन गिरफ्तार
सितंबर, 2012
संसद और नेताओं पर कार्टून बनाने वाले असीम त्रिवेदी गिरफ्तारटिप्पणियां
मई, 2012
मजदूर नेता के खिलाफ फेसबुक पर लिखने वाले एयर इंडिया के दो कर्मचारी केवीजे राव, मयंक शर्मा गिरफ्तार
अप्रैल, 2012
फेसबुक पर ममता बनर्जी का कार्टून पोस्ट करने को लेकर प्रोफेसर अंबिकेश महापात्र पश्चिम बंगाल में जादवपुर यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार
गौरतलब है कि कोर्ट ने शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के निधन के बाद पालघर की दो लड़कियों को फेसबुक पर कमेंट करने के आरोप में गिरफ्तार करने को लेकर श्रेया सिंघल द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह नोटिस जारी किया। इस याचिका में आईटी एक्ट के कुछ प्रावधानों को खत्म करने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अटॉर्नी जनरल जी वाहनवती को भी बुलाया और दूसरों को भी पार्टी बनाने की सलाह दी। इधर, सरकार ने एक अहम निर्देश जारी करते हुए कहा कि आईटी एक्ट की धारा 66-ए का इस्तेमाल आईपीएस अफसरों की मंजूरी के बिना नहीं हो।
आईटी एक्ट 66-ए का कौन-कौन हुआ शिकार :-
28 नवंबर, 2012
फेसबुक पर राज ठाकरे और मराठी भाषी लोगों के खिलाफ कथिततौर पर आपत्तिजनकर टिप्पणी के लिए सुनील विश्वकर्मा नामक शख्स गिरफ्तार
20, नवंबर
मुंबई में बाल ठाकरे के निधन के बाद मुंबई बंद पर फेसबुक कमेंट करने को लेकर दो युवतियां गिरफ्तार
अक्टूबर 2012
पी चिदंबरम के बेटे कार्तिक चिदंबरम के खिलाफ टिप्पणी करने पर उद्योगपति रवि श्रीनिवासन गिरफ्तार
सितंबर, 2012
संसद और नेताओं पर कार्टून बनाने वाले असीम त्रिवेदी गिरफ्तारटिप्पणियां
मई, 2012
मजदूर नेता के खिलाफ फेसबुक पर लिखने वाले एयर इंडिया के दो कर्मचारी केवीजे राव, मयंक शर्मा गिरफ्तार
अप्रैल, 2012
फेसबुक पर ममता बनर्जी का कार्टून पोस्ट करने को लेकर प्रोफेसर अंबिकेश महापात्र पश्चिम बंगाल में जादवपुर यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार
आईटी एक्ट 66-ए का कौन-कौन हुआ शिकार :-
28 नवंबर, 2012
फेसबुक पर राज ठाकरे और मराठी भाषी लोगों के खिलाफ कथिततौर पर आपत्तिजनकर टिप्पणी के लिए सुनील विश्वकर्मा नामक शख्स गिरफ्तार
20, नवंबर
मुंबई में बाल ठाकरे के निधन के बाद मुंबई बंद पर फेसबुक कमेंट करने को लेकर दो युवतियां गिरफ्तार
अक्टूबर 2012
पी चिदंबरम के बेटे कार्तिक चिदंबरम के खिलाफ टिप्पणी करने पर उद्योगपति रवि श्रीनिवासन गिरफ्तार
सितंबर, 2012
संसद और नेताओं पर कार्टून बनाने वाले असीम त्रिवेदी गिरफ्तारटिप्पणियां
मई, 2012
मजदूर नेता के खिलाफ फेसबुक पर लिखने वाले एयर इंडिया के दो कर्मचारी केवीजे राव, मयंक शर्मा गिरफ्तार
अप्रैल, 2012
फेसबुक पर ममता बनर्जी का कार्टून पोस्ट करने को लेकर प्रोफेसर अंबिकेश महापात्र पश्चिम बंगाल में जादवपुर यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार
28 नवंबर, 2012
फेसबुक पर राज ठाकरे और मराठी भाषी लोगों के खिलाफ कथिततौर पर आपत्तिजनकर टिप्पणी के लिए सुनील विश्वकर्मा नामक शख्स गिरफ्तार
20, नवंबर
मुंबई में बाल ठाकरे के निधन के बाद मुंबई बंद पर फेसबुक कमेंट करने को लेकर दो युवतियां गिरफ्तार
अक्टूबर 2012
पी चिदंबरम के बेटे कार्तिक चिदंबरम के खिलाफ टिप्पणी करने पर उद्योगपति रवि श्रीनिवासन गिरफ्तार
सितंबर, 2012
संसद और नेताओं पर कार्टून बनाने वाले असीम त्रिवेदी गिरफ्तारटिप्पणियां
मई, 2012
मजदूर नेता के खिलाफ फेसबुक पर लिखने वाले एयर इंडिया के दो कर्मचारी केवीजे राव, मयंक शर्मा गिरफ्तार
अप्रैल, 2012
फेसबुक पर ममता बनर्जी का कार्टून पोस्ट करने को लेकर प्रोफेसर अंबिकेश महापात्र पश्चिम बंगाल में जादवपुर यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार
20, नवंबर
मुंबई में बाल ठाकरे के निधन के बाद मुंबई बंद पर फेसबुक कमेंट करने को लेकर दो युवतियां गिरफ्तार
अक्टूबर 2012
पी चिदंबरम के बेटे कार्तिक चिदंबरम के खिलाफ टिप्पणी करने पर उद्योगपति रवि श्रीनिवासन गिरफ्तार
सितंबर, 2012
संसद और नेताओं पर कार्टून बनाने वाले असीम त्रिवेदी गिरफ्तारटिप्पणियां
मई, 2012
मजदूर नेता के खिलाफ फेसबुक पर लिखने वाले एयर इंडिया के दो कर्मचारी केवीजे राव, मयंक शर्मा गिरफ्तार
अप्रैल, 2012
फेसबुक पर ममता बनर्जी का कार्टून पोस्ट करने को लेकर प्रोफेसर अंबिकेश महापात्र पश्चिम बंगाल में जादवपुर यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार
अक्टूबर 2012
पी चिदंबरम के बेटे कार्तिक चिदंबरम के खिलाफ टिप्पणी करने पर उद्योगपति रवि श्रीनिवासन गिरफ्तार
सितंबर, 2012
संसद और नेताओं पर कार्टून बनाने वाले असीम त्रिवेदी गिरफ्तारटिप्पणियां
मई, 2012
मजदूर नेता के खिलाफ फेसबुक पर लिखने वाले एयर इंडिया के दो कर्मचारी केवीजे राव, मयंक शर्मा गिरफ्तार
अप्रैल, 2012
फेसबुक पर ममता बनर्जी का कार्टून पोस्ट करने को लेकर प्रोफेसर अंबिकेश महापात्र पश्चिम बंगाल में जादवपुर यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार
सितंबर, 2012
संसद और नेताओं पर कार्टून बनाने वाले असीम त्रिवेदी गिरफ्तारटिप्पणियां
मई, 2012
मजदूर नेता के खिलाफ फेसबुक पर लिखने वाले एयर इंडिया के दो कर्मचारी केवीजे राव, मयंक शर्मा गिरफ्तार
अप्रैल, 2012
फेसबुक पर ममता बनर्जी का कार्टून पोस्ट करने को लेकर प्रोफेसर अंबिकेश महापात्र पश्चिम बंगाल में जादवपुर यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार
मई, 2012
मजदूर नेता के खिलाफ फेसबुक पर लिखने वाले एयर इंडिया के दो कर्मचारी केवीजे राव, मयंक शर्मा गिरफ्तार
अप्रैल, 2012
फेसबुक पर ममता बनर्जी का कार्टून पोस्ट करने को लेकर प्रोफेसर अंबिकेश महापात्र पश्चिम बंगाल में जादवपुर यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार
अप्रैल, 2012
फेसबुक पर ममता बनर्जी का कार्टून पोस्ट करने को लेकर प्रोफेसर अंबिकेश महापात्र पश्चिम बंगाल में जादवपुर यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: फेसबुक मामले में हुई गिरफ्तारियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख दिखाते हुए महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा है कि पुलिस वालों पर क्या कार्रवाई हुई है। | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हॉलैंड ने लंदन ओलिंपिक खेलों की महिला हॉकी स्पर्धा में विश्व चैंपियन अर्जेंटीना को 2-0 से पराजित कर अपना स्वर्ण पदक बरकरार रखा। हॉलैंड ने ब्रेक के बाद मिले दो पेनल्टी कॉर्नर पर गोल दागे और जीत दर्ज की, जिससे वह ऑस्ट्रेलिया की जमात में शामिल हो गई है, जो तीन बार की ओलिंपिक चैंपियन है।टिप्पणियां
कैरलीन डर्कसे वान डे हुवेल ने 40वें मिनट में रिबाउंट से, जबकि कप्तान मार्तजी पौमेन ने 53वें मिनट में गोल किया। वहीं इससे पहले ग्रेट ब्रिटेन ने न्यूजीलैंड को 3-1 से हराकर कांस्य पदक जीता। ग्रेट ब्रिटेन का पिछले 20 साल में यह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
इससे पहले ब्रिटेन ने 1992 बार्सिलोना ओलिंपिक में भी कांस्य पदक जीता था। इस मैच में ब्रिटेन की ओर से एलेक्स डैनसन, क्रिस्टा कुलेन और सारा थामस जबकि न्यूजीलैंड की ओर से स्टेसे मिशेल्सन ने एक-एक गोल दागा।
कैरलीन डर्कसे वान डे हुवेल ने 40वें मिनट में रिबाउंट से, जबकि कप्तान मार्तजी पौमेन ने 53वें मिनट में गोल किया। वहीं इससे पहले ग्रेट ब्रिटेन ने न्यूजीलैंड को 3-1 से हराकर कांस्य पदक जीता। ग्रेट ब्रिटेन का पिछले 20 साल में यह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
इससे पहले ब्रिटेन ने 1992 बार्सिलोना ओलिंपिक में भी कांस्य पदक जीता था। इस मैच में ब्रिटेन की ओर से एलेक्स डैनसन, क्रिस्टा कुलेन और सारा थामस जबकि न्यूजीलैंड की ओर से स्टेसे मिशेल्सन ने एक-एक गोल दागा।
इससे पहले ब्रिटेन ने 1992 बार्सिलोना ओलिंपिक में भी कांस्य पदक जीता था। इस मैच में ब्रिटेन की ओर से एलेक्स डैनसन, क्रिस्टा कुलेन और सारा थामस जबकि न्यूजीलैंड की ओर से स्टेसे मिशेल्सन ने एक-एक गोल दागा। | संक्षिप्त सारांश: हॉलैंड ने ओलिंपिक की महिला हॉकी स्पर्धा में विश्व चैंपियन अर्जेंटीना को 2-0 से पराजित कर अपना स्वर्ण पदक बरकरार रखा। हॉलैंड ने ब्रेक के बाद मिले दो पेनल्टी कॉर्नर पर गोल दागे और जीत दर्ज की। | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: केरल में कोल्लम तट के पास दो मछुआरों को गोली मारे जाने के मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। फिलहाल बातचीत के जरिए इस मामले को सुलझाने की कोशिश की जा रही है।टिप्पणियां
इस सिलसिले में इटली दूतावास के अधिकारियों के साथ भारतीय अधिकारियों की बात हो रही है। हालांकि इस मामले में पुलिस अधिकारियों और जहाज में सवार क्रू मेंबर्स के साथ कई दौर की बातचीत हुई है, लेकिन क्रू मेंबर्स इस मामले में सरेंडर करने को तैयार नहीं हैं।
गौरतलब है कि केरल के कोल्लम से 11 मछुआरों का एक दल नाव में सवार होकर एक हफ्ते पहले समंदर में गया था। बुधवार को यह नाव एलेप्पी से 14 समुद्री मील दूर थी, तभी इटली के मालवाहक जहाज एनरिका लेक्सी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने शाम करीह साढ़े चार बजे मछुआरों को समुद्री लुटेरे समझकर गोलियां बरसानी शुरू की थी। इस हमले में दो मछुआरों की मौत हो गई।
इस सिलसिले में इटली दूतावास के अधिकारियों के साथ भारतीय अधिकारियों की बात हो रही है। हालांकि इस मामले में पुलिस अधिकारियों और जहाज में सवार क्रू मेंबर्स के साथ कई दौर की बातचीत हुई है, लेकिन क्रू मेंबर्स इस मामले में सरेंडर करने को तैयार नहीं हैं।
गौरतलब है कि केरल के कोल्लम से 11 मछुआरों का एक दल नाव में सवार होकर एक हफ्ते पहले समंदर में गया था। बुधवार को यह नाव एलेप्पी से 14 समुद्री मील दूर थी, तभी इटली के मालवाहक जहाज एनरिका लेक्सी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने शाम करीह साढ़े चार बजे मछुआरों को समुद्री लुटेरे समझकर गोलियां बरसानी शुरू की थी। इस हमले में दो मछुआरों की मौत हो गई।
गौरतलब है कि केरल के कोल्लम से 11 मछुआरों का एक दल नाव में सवार होकर एक हफ्ते पहले समंदर में गया था। बुधवार को यह नाव एलेप्पी से 14 समुद्री मील दूर थी, तभी इटली के मालवाहक जहाज एनरिका लेक्सी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने शाम करीह साढ़े चार बजे मछुआरों को समुद्री लुटेरे समझकर गोलियां बरसानी शुरू की थी। इस हमले में दो मछुआरों की मौत हो गई। | यहाँ एक सारांश है:केरल में कोल्लम तट के पास दो मछुआरों की हत्या के मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इस सिलसिले में इटली दूतावास के अधिकारियों से भारतीय अधिकारियों की बात हो रही है। | 18 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: शोएब अख्तर को आठ साल पहले सेंचुरियन में सचिन तेंदुलकर के हाथों हुई अपनी गेंदों की धुनाई का मंजर अब भी याद है, लेकिन पाकिस्तान के इस तूफानी तेज गेंदबाज ने कहा कि वह विश्व कप में भारतीय मास्टर ब्लास्टर से पिटने को लेकर चिंतित नहीं हैं। शोएब ने कहा, हम सभी जानते हैं कि वह (तेंदुलकर) महान बल्लेबाज है। प्रत्येक गेंदबाज की धुनाई होती है। यहां तक कि ब्रेट ली पर भी लंबे शॉट लगाए जाते हैं, इसलिए मैं अब इस बात को लेकर चिंतित नहीं हूं कि तेंदुलकर मेरी गेंदों पर छक्के जड़ सकता है। मैंने उन्हें पहली गेंद पर भी आउट किया है। उन्होंने कहा, सचिन ही नहीं हम अन्य प्रमुख बल्लेबाजों को भी जल्दी आउट करने की कोशिश करेंगे, क्योंकि वे अकेले ही मैच जितवा सकते हैं। मैं उन्हें दबाव में रखने और जल्दी आउट करने की कोशिश करूंगा। तेंदुलकर ने 2003 के विश्व कप में सेंचुरियन में खेले गए मैच में शोएब के पहले ओवर में ही प्वाइंट के ऊपर से लाजवाब छक्का जड़ा था। इसके बाद उन्होंने अगली दो गेंद पर चौके जमाकर अख्तर को आक्रमण से हटवा दिया था। भारत और पाकिस्तान इस बार अलग-अलग ग्रुप में रखे गए हैं, लेकिन नॉकआउट चरण में उनका आमना-सामना हो सकता है। अख्तर ने इसके साथ ही कहा कि विश्व कप में मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमिर जैसे गेंदबाजों की अनुपस्थिति के बावजूद उनकी टीम के पास मैच जीतने के लिए पर्याप्त तेज आक्रमण है। उन्होंने कहा, यह हमारा दुर्भाग्य है कि वे यहां नहीं हैं। लेकिन हम कर भी क्या सकते हैं। हमें आगे बढ़ना होगा। मेरा मानना है कि हमारे पास जो भी तेज आक्रमण है, वह मैच जीतने के लिए पर्याप्त है। दुनिया के सबसे तूफानी गेंदबाजों में से एक अख्तर ने कहा, हमारे पास ऐसे गेंदबाज हैं, जो डेथ ओवरों में अच्छी गेंदबाजी कर सकते हैं और हम विरोधी टीमों को कम स्कोर पर रोक सकते हैं। अहम बात यह है कि मैच बढ़ने के साथ गेंद रिवर्स स्विंग लेगी और मुझे लगता है कि पाकिस्तान का इसमें कोई जवाब नहीं है। शोएब ने इसके साथ ही कहा कि वह 150 किमी से अधिक रफ्तार से गेंदबाजी करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, मैं अब भी 150 किमी की रफ्तार से गेंदबाजी करता हूं। निश्चित तौर पर 26 साल और 36 साल का अंतर पड़ता है। मेरे पास जो भी क्षमता है, मैं उसका पूरा उपयोग करना चाहूंगा। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तानी क्रिकेट को फिर से ढर्रे पर लाना है, तो टीम को यह विश्व कप हर हाल में जीतना होगा। निश्चित तौर पर हमारे साथ जो कुछ हुआ उससे हम काफी आहत हैं। पाकिस्तान को किसी भी हालत में यह विश्व कप जीतना होगा इससे पाकिस्तान में लोगों में क्रिकेट के प्रति उत्साह फिर से जाग जाएगा। | सारांश: शोएब को 8 साल पहले सचिन के हाथों हुई अपनी गेंदों की धुनाई याद है, लेकिन उन्होंने कहा कि वह विश्वकप में सचिन से पिटने को लेकर चिंतित नहीं हैं। | 5 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ मारपीट के मामले में आम आदमी पार्टी के विधायक नरेश बाल्यान ने कल अधिकारियों पर घूस लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि 'जो चीफ सेक्रेटरी के साथ हुआ, जो इन्होंने झूठा आरोप लगाया, मैं तो कह रहा हूं ऐसे अधिकारियों को मारना चाहिए, ठोकना चाहिए. जो आम आदमी के काम को रोक कर बैठे हैं, ऐसे अधिकारियों के साथ यही सलूक होना चाहिए.' अब दिल्ली सरकार के मंत्री राजेंद्र गौतम ने दिल्ली सरकार के अधिकारियों पर कहा है कि हम अधिकारियों से आवाह्न करते हैं कि वो हमारे साथ मिलकर काम करें.मुख्य सचिव के साथ मारपीट का मामला- 'आप' के दोनों विधायकों की जमानत अर्जी खारिज
उन्होंने नरेश बाल्यान के अधिकारियों की पिटाई के बयान पर कहा कि हम पूरी सरकार इसकी निंदा करते हैं, पूरी पार्टी इसकी निंदा करती है. ऐसा कोई भी बयान नहीं दिया जाना चाहिए. हिंसा की कोई जगह नहीं. टिप्पणियां
Video- सीएम केजरीवाल ने एलजी से की अफसरों की शिकायत
उन्होंने कहा कि कल जो अधिकारियों की ज्वाइंट कमेटी की बैठक हुई तो भी हमने उनसे बातचीत करने का संदेश भेजा था. हम अपनी तरफ़ से पहल कर रहे हैं, एलजी साहब से भी हमने कहा कि हम इनसे बातचीत के लिए तैयार हैं लेकिन अधिकारी भी कई फ़ाइलों पर बैठे हुए हैं. जनता का काम तो करना पड़ेगा.
मुख्य सचिव के साथ मारपीट का मामला- 'आप' के दोनों विधायकों की जमानत अर्जी खारिज
उन्होंने नरेश बाल्यान के अधिकारियों की पिटाई के बयान पर कहा कि हम पूरी सरकार इसकी निंदा करते हैं, पूरी पार्टी इसकी निंदा करती है. ऐसा कोई भी बयान नहीं दिया जाना चाहिए. हिंसा की कोई जगह नहीं. टिप्पणियां
Video- सीएम केजरीवाल ने एलजी से की अफसरों की शिकायत
उन्होंने कहा कि कल जो अधिकारियों की ज्वाइंट कमेटी की बैठक हुई तो भी हमने उनसे बातचीत करने का संदेश भेजा था. हम अपनी तरफ़ से पहल कर रहे हैं, एलजी साहब से भी हमने कहा कि हम इनसे बातचीत के लिए तैयार हैं लेकिन अधिकारी भी कई फ़ाइलों पर बैठे हुए हैं. जनता का काम तो करना पड़ेगा.
उन्होंने नरेश बाल्यान के अधिकारियों की पिटाई के बयान पर कहा कि हम पूरी सरकार इसकी निंदा करते हैं, पूरी पार्टी इसकी निंदा करती है. ऐसा कोई भी बयान नहीं दिया जाना चाहिए. हिंसा की कोई जगह नहीं. टिप्पणियां
Video- सीएम केजरीवाल ने एलजी से की अफसरों की शिकायत
उन्होंने कहा कि कल जो अधिकारियों की ज्वाइंट कमेटी की बैठक हुई तो भी हमने उनसे बातचीत करने का संदेश भेजा था. हम अपनी तरफ़ से पहल कर रहे हैं, एलजी साहब से भी हमने कहा कि हम इनसे बातचीत के लिए तैयार हैं लेकिन अधिकारी भी कई फ़ाइलों पर बैठे हुए हैं. जनता का काम तो करना पड़ेगा.
Video- सीएम केजरीवाल ने एलजी से की अफसरों की शिकायत
उन्होंने कहा कि कल जो अधिकारियों की ज्वाइंट कमेटी की बैठक हुई तो भी हमने उनसे बातचीत करने का संदेश भेजा था. हम अपनी तरफ़ से पहल कर रहे हैं, एलजी साहब से भी हमने कहा कि हम इनसे बातचीत के लिए तैयार हैं लेकिन अधिकारी भी कई फ़ाइलों पर बैठे हुए हैं. जनता का काम तो करना पड़ेगा. | सारांश: नरेश बाल्यान ने कहा था, ऐसे अधिकारियों को ठोकना चाहिए
मंत्री राजेंद्र गौतम ने कहा है कि हम इसकी निंदा करते हैं
बाल्यान ने मुख्य सचिव मारपीट मामले पर यह कहा था | 31 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सातवां वेतन आयोग लागू तो कैबिनेट की बैठक में इसकी मंजूरी के साथ 29 जून को ही हो गया था। लेकिन कुछ मुद्दों पर उठे विवाद के बाद से सभी को इससे जुड़े नोटिफिकेशन के जारी होने का इंतजार था। इस नोटिफिकेशन में केंद्र सरकार के समूह क, ख और ग के सिविल कर्मचारियों और अखिल भारतीय सेवाओं के कार्मिकों से संबंधित वेतन के बारे में सरकार के निर्णय इस प्रकार हैं।
सरकार ने 01.01.2016 ले न्यूनतम वेतन 18000 रुपये प्रतिमाह को स्वीकार किया है। बता दें कि इस मुद्दे पर कर्मचारी संगठनों के विरोध के बाद सरकार ने बातचीत के लिए एक समिति के गठन का लिखित आश्वासन दिया है। चार माह में इस समिति की रिपोर्ट आएगी जिसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।सरकार ने नोटिफिकेशन के साथ यह साफ कर दिया है कि वेतन आयोग की रिपोर्ट की सिफारिशों के उलट किसी कर्मचारी को वेतन में कटौती का सामना नहीं करना पड़ेगा। लेकिन जिन कर्मचारियों का प्रदर्शन एमएसीपी के लिए निर्धारित मानक या पहले 20 सालों की सेवा के दौरान नियमित प्रमोशन के लिए अपेक्षित नहीं पाया जाएगा तो ऐसे कर्मचारियों की वार्षिक इंक्रीमेंट को रोक देने संबंधित सिफारिश को 'स्वीकार' कर लिया गया है। नोटिफिकेशन में साफ कहा गया है कि सरकार ने पदावनति से संबंधित सिफारिश स्वीकार नहीं की है और इसीलिए, पदावनति पर वेतन निर्धारण का कोई अवसर मौजूद नहीं है।सभी सीधी भर्ती से आए कर्मचारियों को वर्तमान न्यूनतम वेतनमान के हिसाब से वेतनमान देय होगा।संशोधित निश्चित पदोन्नति यानी एमएसीपी के तहत बदलाव के सुझाव को सरकार ने स्वीकार कर लिया है। वेतन आयोग की रिपोर्ट में इस बार यह नया नियम सालाना वेतन वृद्धि को लेकर बनाया गया है। इस नियम को संशोधित निश्चित पदोन्नति यानी एमएसीपी ने तहत निर्धारित किया गया है। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में एमएसीपी के तहत कामकाज के नियम कड़े करने का सुझाव है। अब केंद्रीय कर्मचारियों के कामकाज को ‘अच्छा’ से बढ़ाकर ‘बहुत अच्छा’ तय करने के आयोग के सुझाव को केंद्र सरकार ने नोटिफिकेशन में स्वीकार कर लिया है।आयोग ने यह सिफारिश भी थी कि वार्षिक वेतन वृद्धि उन कर्मचारियों को नहीं दी जाए जो एमएसीपी की शर्तों के अनुरूप काम करने में सक्षम नहीं हैं या अपने सेवा काल के पहले 20 वर्षों के दौरान नियमित पदोन्नति के योग्य नहीं पाए गए हैं। सरकार ने इसे भी स्वीकार कर लिया है।महंगाई भत्ते की गणना को लेकर गजट नोटिफिकेशन में यह साफ कर दिया गया है कि यह मौजूदा फॉर्मूला और कार्यप्रणाली के तहत ही होगा। फिलहाल सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि यह भत्ता भी 1 जनवरी 2016 से देय होगा। यह भी वेतनमान के साथ दिया जाएगा।विद्यमान 01 जुलाई की तारीख के बजाए वेतन वृद्धि दिए जाने की दो तारीखें होंगी जो प्रत्येक वर्ष की 1 जनवरी और 1 जुलाई हैं; शर्त यह है कि नियुक्ति, पदोन्नति अथवा वित्तीय उन्नयन स्वीकृत किए जाने की तारीख के आधार पर कोई कर्मचारी इन दो तारीखों में से केवल किसी एक तारीख पर वार्षिक वेतनवृद्धि का लाभ ले सकेगा। | यहाँ एक सारांश है:विवाद के बाद से सभी को इससे जुड़े नोटिफिकेशन के जारी होने का इंतजार था
न्यूनतम वेतन 18000 रुपये प्रतिमाह फिलहाल लागू किया गया है
एमएसीपी के तहत बदलाव के सुझाव को सरकार ने स्वीकार कर लिया है | 17 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बहु ब्रांड खुदरा व्यापार क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के फैसले को वापस लेने की जोरदार वकालत करते हुए समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव ने सरकार को आगाह किया कि यदि उसने कदम पीछे नहीं खींचे तो उसे आगामी आम चुनाव में भारी नुकसान होगा और भाजपा सत्ता में आ जाएगी।
सिंह ने इसके साथ ही इस मसले पर सर्वदलीय बैठक बुलाकर देश के विकास के लिए ठोस ढांचा तैयार किए जाने की वकालत की।
एफडीआई का कड़ा और स्पष्ट विरोध करते हुए मुलायम ने भावी चुनावी समीकरणों का संकेत देते हुए कहा कि वह या तो कांग्रेस को समर्थन देंगे या फिर समर्थन लेंगे।टिप्पणियां
मुलायम ने एफडीआई की पृष्ठभूमि में आगामी आम चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस को आगाह करते हुए कहा, ‘चुनाव आ रहा है। भाजपा के लोग बहुत चालाक हैं। गांव गांव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ फैला हुआ है। कांग्रेस को चुनाव की दृष्टि से भी कोई लाभ नहीं होगा। भाजपा सत्ता में आ जाएगी। हम तो आने वाले नहीं हैं। हम तो सहयोग देंगे या लेंगे।’ उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से एफडीआई के फैसले को कुछ समय के लिए टालने का आग्रह करते हुए कहा कि अगर फायदा मिलता दिखेगा तो हम भी समर्थन कर देंगे लेकिन अभी इसे छोड़ दीजिए।
मुलायम ने पार्टी लाइन से हटकर एफडीआई पर मत विभाजन की पुरजोर वकालत करते हुए कहा, ‘पार्टी का अंकुश हटाओ, देशहित में काम करेा।’ उन्होंने साथ ही कहा, ‘हम छोटे दल हैं। यह सब नूरा कुश्ती है। हम तो 273 नहीं जीत सकते। सत्ता में नहीं आ सकते। आना तो कांग्रेस को है या भाजपा को।’
सिंह ने इसके साथ ही इस मसले पर सर्वदलीय बैठक बुलाकर देश के विकास के लिए ठोस ढांचा तैयार किए जाने की वकालत की।
एफडीआई का कड़ा और स्पष्ट विरोध करते हुए मुलायम ने भावी चुनावी समीकरणों का संकेत देते हुए कहा कि वह या तो कांग्रेस को समर्थन देंगे या फिर समर्थन लेंगे।टिप्पणियां
मुलायम ने एफडीआई की पृष्ठभूमि में आगामी आम चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस को आगाह करते हुए कहा, ‘चुनाव आ रहा है। भाजपा के लोग बहुत चालाक हैं। गांव गांव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ फैला हुआ है। कांग्रेस को चुनाव की दृष्टि से भी कोई लाभ नहीं होगा। भाजपा सत्ता में आ जाएगी। हम तो आने वाले नहीं हैं। हम तो सहयोग देंगे या लेंगे।’ उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से एफडीआई के फैसले को कुछ समय के लिए टालने का आग्रह करते हुए कहा कि अगर फायदा मिलता दिखेगा तो हम भी समर्थन कर देंगे लेकिन अभी इसे छोड़ दीजिए।
मुलायम ने पार्टी लाइन से हटकर एफडीआई पर मत विभाजन की पुरजोर वकालत करते हुए कहा, ‘पार्टी का अंकुश हटाओ, देशहित में काम करेा।’ उन्होंने साथ ही कहा, ‘हम छोटे दल हैं। यह सब नूरा कुश्ती है। हम तो 273 नहीं जीत सकते। सत्ता में नहीं आ सकते। आना तो कांग्रेस को है या भाजपा को।’
मुलायम ने एफडीआई की पृष्ठभूमि में आगामी आम चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस को आगाह करते हुए कहा, ‘चुनाव आ रहा है। भाजपा के लोग बहुत चालाक हैं। गांव गांव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ फैला हुआ है। कांग्रेस को चुनाव की दृष्टि से भी कोई लाभ नहीं होगा। भाजपा सत्ता में आ जाएगी। हम तो आने वाले नहीं हैं। हम तो सहयोग देंगे या लेंगे।’ उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से एफडीआई के फैसले को कुछ समय के लिए टालने का आग्रह करते हुए कहा कि अगर फायदा मिलता दिखेगा तो हम भी समर्थन कर देंगे लेकिन अभी इसे छोड़ दीजिए।
मुलायम ने पार्टी लाइन से हटकर एफडीआई पर मत विभाजन की पुरजोर वकालत करते हुए कहा, ‘पार्टी का अंकुश हटाओ, देशहित में काम करेा।’ उन्होंने साथ ही कहा, ‘हम छोटे दल हैं। यह सब नूरा कुश्ती है। हम तो 273 नहीं जीत सकते। सत्ता में नहीं आ सकते। आना तो कांग्रेस को है या भाजपा को।’
मुलायम ने पार्टी लाइन से हटकर एफडीआई पर मत विभाजन की पुरजोर वकालत करते हुए कहा, ‘पार्टी का अंकुश हटाओ, देशहित में काम करेा।’ उन्होंने साथ ही कहा, ‘हम छोटे दल हैं। यह सब नूरा कुश्ती है। हम तो 273 नहीं जीत सकते। सत्ता में नहीं आ सकते। आना तो कांग्रेस को है या भाजपा को।’ | यह एक सारांश है: बहु ब्रांड खुदरा व्यापार क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के फैसले को वापस लेने की जोरदार वकालत करते हुए समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव ने सरकार को आगाह किया कि यदि उसने कदम पीछे नहीं खींचे तो उसे आगामी आम चुनाव में भारी नुकसान होगा और भ | 16 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने जून में मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में भले ही रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में सीधे कटौती करके ब्याज दरों में कटौती की सीधी राह बुलंद न की गई हो लेकिन जानकार मानते हैं कि अगस्त में आरबीआई इस बाबत फैसला ले सकता है.
आर्थिक विश्लेषकों को अगस्त में होने वाली मौद्रिक समीक्षा में मुख्य नीतिगत दर में कटौती की मजबूत उम्मीद बंधी है. यह उम्मीद मई माह में खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़े पिछले एक दशक में 2.18 प्रतिशत तक गिर जाने के बाद बंधी है.
भारतीय स्टेट बैंक की आर्थिक शोध शाखा ने कहा है कि रिजर्व बैंक अगस्त में होने वाली नीतिगत समीक्षा में दर में कटौती को नजरअंदाज नहीं कर सकता है. शोध विभाग ने एक नोट में कहा है, यदि मुद्रास्फीति लंबे समय तक अनुकूल बनी रहती है तो दर में कटौती की उम्मीद और मजबूत होगी.टिप्पणियां
घरेलू ब्रोकरेज फर्म कोटक सिक्युरिटीज ने कहा है कि जून माह में खुदरा मुद्रास्फीति का आंकड़ा दो प्रतिशत से नीचे आ जायेगा. यह आंकड़ा मार्च 2018 तक 4 प्रतिशत पर रहेगा जो कि रिजर्व बैंक का मध्यम अवधि का लक्ष्य है. इसमें कहा गया है कि इस लिहाज से अगस्त में दर कटौती के लिये मंच तैयार है.
बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच ब्रोकरेज फर्म के अर्थशास्त्री ने भी कहा है कि वह दो अगस्त को होने वाली तीसरी द्वैमासिक मौद्रिक नीति में 0.25 प्रतिशत कटौती को लेकर पहले से ज्यादा आश्वस्त हैं. निजी क्षेत्र के बैंक आईडीएफसी बैंक ने हालांकि कहा है कि मौद्रिक नीति समिति पर दबाव बढ़ रहा है फिर भी अगस्त माह की कटौती को शतप्रतिशत नहीं कहा जा सकता है. इसमें तुलनात्मक आधार प्रभाव की वापसी और 7वें वेतन आयोग के भत्तों के लागू होने का प्रभाव हो सकता है. इससे मुद्रास्फीति का आंकड़ा मार्च2018 तक चार प्रतिशत से उपर जा सकता है.
आर्थिक विश्लेषकों को अगस्त में होने वाली मौद्रिक समीक्षा में मुख्य नीतिगत दर में कटौती की मजबूत उम्मीद बंधी है. यह उम्मीद मई माह में खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़े पिछले एक दशक में 2.18 प्रतिशत तक गिर जाने के बाद बंधी है.
भारतीय स्टेट बैंक की आर्थिक शोध शाखा ने कहा है कि रिजर्व बैंक अगस्त में होने वाली नीतिगत समीक्षा में दर में कटौती को नजरअंदाज नहीं कर सकता है. शोध विभाग ने एक नोट में कहा है, यदि मुद्रास्फीति लंबे समय तक अनुकूल बनी रहती है तो दर में कटौती की उम्मीद और मजबूत होगी.टिप्पणियां
घरेलू ब्रोकरेज फर्म कोटक सिक्युरिटीज ने कहा है कि जून माह में खुदरा मुद्रास्फीति का आंकड़ा दो प्रतिशत से नीचे आ जायेगा. यह आंकड़ा मार्च 2018 तक 4 प्रतिशत पर रहेगा जो कि रिजर्व बैंक का मध्यम अवधि का लक्ष्य है. इसमें कहा गया है कि इस लिहाज से अगस्त में दर कटौती के लिये मंच तैयार है.
बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच ब्रोकरेज फर्म के अर्थशास्त्री ने भी कहा है कि वह दो अगस्त को होने वाली तीसरी द्वैमासिक मौद्रिक नीति में 0.25 प्रतिशत कटौती को लेकर पहले से ज्यादा आश्वस्त हैं. निजी क्षेत्र के बैंक आईडीएफसी बैंक ने हालांकि कहा है कि मौद्रिक नीति समिति पर दबाव बढ़ रहा है फिर भी अगस्त माह की कटौती को शतप्रतिशत नहीं कहा जा सकता है. इसमें तुलनात्मक आधार प्रभाव की वापसी और 7वें वेतन आयोग के भत्तों के लागू होने का प्रभाव हो सकता है. इससे मुद्रास्फीति का आंकड़ा मार्च2018 तक चार प्रतिशत से उपर जा सकता है.
भारतीय स्टेट बैंक की आर्थिक शोध शाखा ने कहा है कि रिजर्व बैंक अगस्त में होने वाली नीतिगत समीक्षा में दर में कटौती को नजरअंदाज नहीं कर सकता है. शोध विभाग ने एक नोट में कहा है, यदि मुद्रास्फीति लंबे समय तक अनुकूल बनी रहती है तो दर में कटौती की उम्मीद और मजबूत होगी.टिप्पणियां
घरेलू ब्रोकरेज फर्म कोटक सिक्युरिटीज ने कहा है कि जून माह में खुदरा मुद्रास्फीति का आंकड़ा दो प्रतिशत से नीचे आ जायेगा. यह आंकड़ा मार्च 2018 तक 4 प्रतिशत पर रहेगा जो कि रिजर्व बैंक का मध्यम अवधि का लक्ष्य है. इसमें कहा गया है कि इस लिहाज से अगस्त में दर कटौती के लिये मंच तैयार है.
बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच ब्रोकरेज फर्म के अर्थशास्त्री ने भी कहा है कि वह दो अगस्त को होने वाली तीसरी द्वैमासिक मौद्रिक नीति में 0.25 प्रतिशत कटौती को लेकर पहले से ज्यादा आश्वस्त हैं. निजी क्षेत्र के बैंक आईडीएफसी बैंक ने हालांकि कहा है कि मौद्रिक नीति समिति पर दबाव बढ़ रहा है फिर भी अगस्त माह की कटौती को शतप्रतिशत नहीं कहा जा सकता है. इसमें तुलनात्मक आधार प्रभाव की वापसी और 7वें वेतन आयोग के भत्तों के लागू होने का प्रभाव हो सकता है. इससे मुद्रास्फीति का आंकड़ा मार्च2018 तक चार प्रतिशत से उपर जा सकता है.
घरेलू ब्रोकरेज फर्म कोटक सिक्युरिटीज ने कहा है कि जून माह में खुदरा मुद्रास्फीति का आंकड़ा दो प्रतिशत से नीचे आ जायेगा. यह आंकड़ा मार्च 2018 तक 4 प्रतिशत पर रहेगा जो कि रिजर्व बैंक का मध्यम अवधि का लक्ष्य है. इसमें कहा गया है कि इस लिहाज से अगस्त में दर कटौती के लिये मंच तैयार है.
बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच ब्रोकरेज फर्म के अर्थशास्त्री ने भी कहा है कि वह दो अगस्त को होने वाली तीसरी द्वैमासिक मौद्रिक नीति में 0.25 प्रतिशत कटौती को लेकर पहले से ज्यादा आश्वस्त हैं. निजी क्षेत्र के बैंक आईडीएफसी बैंक ने हालांकि कहा है कि मौद्रिक नीति समिति पर दबाव बढ़ रहा है फिर भी अगस्त माह की कटौती को शतप्रतिशत नहीं कहा जा सकता है. इसमें तुलनात्मक आधार प्रभाव की वापसी और 7वें वेतन आयोग के भत्तों के लागू होने का प्रभाव हो सकता है. इससे मुद्रास्फीति का आंकड़ा मार्च2018 तक चार प्रतिशत से उपर जा सकता है.
बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच ब्रोकरेज फर्म के अर्थशास्त्री ने भी कहा है कि वह दो अगस्त को होने वाली तीसरी द्वैमासिक मौद्रिक नीति में 0.25 प्रतिशत कटौती को लेकर पहले से ज्यादा आश्वस्त हैं. निजी क्षेत्र के बैंक आईडीएफसी बैंक ने हालांकि कहा है कि मौद्रिक नीति समिति पर दबाव बढ़ रहा है फिर भी अगस्त माह की कटौती को शतप्रतिशत नहीं कहा जा सकता है. इसमें तुलनात्मक आधार प्रभाव की वापसी और 7वें वेतन आयोग के भत्तों के लागू होने का प्रभाव हो सकता है. इससे मुद्रास्फीति का आंकड़ा मार्च2018 तक चार प्रतिशत से उपर जा सकता है. | सारांश: आर्थिक विश्लेषकों को अगस्त में होने वाली मौद्रिक समीक्षा से उम्मीदें
मुद्रास्फीति लंबे समय तक अनुकूल बनी रहती है तो इसके आस बढ़ेगी
जून में आरबीआई ने समीक्षा बैठक में कटौती नहीं की थी | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: मां के लिए उसके बच्चे का जन्म पूरी जिंदगी न भूलने वाली घटना होती है. कभी-कभी कुछ ऐसा भी संयोग हो जाता है, जिससे सिर्फ मां ही नहीं बल्कि कई लोग इस खूबसूरत घटना के गवाह बन जाते हैं. कुछ ऐसा ही हुआ टेक्सास के डलास में जब एक मां ने हवा में बच्चे को जन्म दिया. मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं. जन्म के बाद बच्चे को एयरलाइन कंपनी ने एक तोहफा भी दिया. एयरलाइन कंपनी ने कहा, यह बच्चा 'उड़ने के लिए पैदा' हुआ है. इसलिए हम उसके बर्थडे वाले महीने में (जून) पूरी जिंदगी के लिए उसे मुफ्त उड़ान की सौगात देते हैं.
दरअसल, क्रिस्टीना पेन्टोन ने फ्लोरिडा के फोर्ट लौडरडेल से टेक्सास के डलास के लिए उड़ान भरी थी. विमान के उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद 46 हफ्ते की प्रेगनेंट क्रिस्टीना को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई. क्रिस्टीना ने अपने फेसबुक पेज पर बताया कि उन्हें आभास भी नहीं था कि समय से चार हफ्ते पहले ही उनके बेटे क्रिस्टोप कार्सटन का जन्म हो जाएगा. क्रिस्टीना ने इसके बाद फ्लाइंट अटेंडेंट को तत्काल ही इसकी सूचना दी. सूचना पाते ही पायलट ने तुरंत ही इमरजेंसी लैंडिंग का मन बना लिया था, लेकिन 10 मिनट बाद ही पेन्टोन ने हवा में ही एक लड़के को जन्म दिया. जन्म के बाद 'जच्चा और बच्चा' दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं.टिप्पणियां
पेन्टोन ने बताया, मेरी किस्मत अच्छी थी कि बच्चों का एक चिकित्सक और नर्स 'स्पीरिट एयरलाइन' की उस उड़ान में सवार थे. उन दोनों ने बच्चे की डिलिवरी में काफी सहयोग किया. पेन्टोन अपने दो बच्चों के साथ उस विमान में सफर कर रहीं थी. वहीं, एयरलाइन के प्रवक्ता ने बताया कि हमारे फ्लाइट अटेन्डेंट्स मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए पूरी तरह से ट्रेंड हैं. हालांकि हम इस घटना में भाग्यशाली रहे कि फ्लाइट में एक डॉक्टर और एक नर्स सफर कर रहे थे.
दरअसल, क्रिस्टीना पेन्टोन ने फ्लोरिडा के फोर्ट लौडरडेल से टेक्सास के डलास के लिए उड़ान भरी थी. विमान के उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद 46 हफ्ते की प्रेगनेंट क्रिस्टीना को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई. क्रिस्टीना ने अपने फेसबुक पेज पर बताया कि उन्हें आभास भी नहीं था कि समय से चार हफ्ते पहले ही उनके बेटे क्रिस्टोप कार्सटन का जन्म हो जाएगा. क्रिस्टीना ने इसके बाद फ्लाइंट अटेंडेंट को तत्काल ही इसकी सूचना दी. सूचना पाते ही पायलट ने तुरंत ही इमरजेंसी लैंडिंग का मन बना लिया था, लेकिन 10 मिनट बाद ही पेन्टोन ने हवा में ही एक लड़के को जन्म दिया. जन्म के बाद 'जच्चा और बच्चा' दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं.टिप्पणियां
पेन्टोन ने बताया, मेरी किस्मत अच्छी थी कि बच्चों का एक चिकित्सक और नर्स 'स्पीरिट एयरलाइन' की उस उड़ान में सवार थे. उन दोनों ने बच्चे की डिलिवरी में काफी सहयोग किया. पेन्टोन अपने दो बच्चों के साथ उस विमान में सफर कर रहीं थी. वहीं, एयरलाइन के प्रवक्ता ने बताया कि हमारे फ्लाइट अटेन्डेंट्स मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए पूरी तरह से ट्रेंड हैं. हालांकि हम इस घटना में भाग्यशाली रहे कि फ्लाइट में एक डॉक्टर और एक नर्स सफर कर रहे थे.
पेन्टोन ने बताया, मेरी किस्मत अच्छी थी कि बच्चों का एक चिकित्सक और नर्स 'स्पीरिट एयरलाइन' की उस उड़ान में सवार थे. उन दोनों ने बच्चे की डिलिवरी में काफी सहयोग किया. पेन्टोन अपने दो बच्चों के साथ उस विमान में सफर कर रहीं थी. वहीं, एयरलाइन के प्रवक्ता ने बताया कि हमारे फ्लाइट अटेन्डेंट्स मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए पूरी तरह से ट्रेंड हैं. हालांकि हम इस घटना में भाग्यशाली रहे कि फ्लाइट में एक डॉक्टर और एक नर्स सफर कर रहे थे. | सारांश: क्रिस्टीना ने फोर्ट लौडरडेल से टेस्कास के डलास के लिए उड़ान भरी थी
फ्लाइट उड़ने के कुछ समय बाद ही शुरू हो गई थी प्रसव पीड़ा
एयरलाइन कंपनी ने बच्चे को बर्थडे वाले महीने में मुफ्त उड़ान की सौगात दी | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: जेपीसी मसौदा रिपोर्ट में 2जी स्पेक्ट्रम मुद्दे पर प्रधानमंत्री को गुमराह करने के आरोप का सामना करने वाले पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने सभी काम प्रधानमंत्री से विचार-विमर्श करके ही किया था और वह अपने बचाव में अगले सप्ताह समिति के समक्ष विस्तृत जवाब भेजेंगे।
राजा ने संवाददाताओं से कहा, मैंने सब कुछ प्रधानमंत्री से विचार-विमर्श करके ही किया। पद छोड़ने के बाद भी मैंने सभी लोगों को बताया कि मैंने जो कुछ किया, वह प्रधानमंत्री से विचार-विमर्श कर ही किया। उन्होंने कहा, अपनी गिरफ्तारी के बाद मैंने अदालत में भी वही बात कही और आरोप तय किए जाने के समय भी यही दलील दी। मेरा रुख पूरी तरह से स्पष्ट रहा है।
2जी स्पेक्ट्रम आवंटन से जुड़े घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए जेपीसी रिपोर्ट में कहा गया है कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में प्रधानमंत्री को दूरसंचार मंत्रालय की ओर से अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के बारे में गुमराह किया गया था।
राजा ने कहा, मैं अपने को निर्दोष साबित कर दूंगा और जेपीसी को नोट भेजूंगा। मुझे उम्मीद है कि वे मुझे बुलाएंगे। 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच के बारे में एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा, पूरा 2जी मामला गड़बड़ी से भरा है। चाहे कैग हो... उच्चतम न्यायालय के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए मैं कहना चाहता हूं कि नैसर्गिक न्याय के अनुरूप नहीं है। मुझे न्यायपालिका में विश्वास है और मैं अपने को निर्दोष साबित करूंगा।
जेपीसी ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को क्लीन चिट देते हुए कहा है कि उन्हें तत्कालीन दूरसंचार मंत्री ए राजा ने 'गुमराह' किया था। साथ ही जेपीसी ने कहा कि राजा ने जो आश्वासन दिए थे, वे झूठे साबित हुए। यह रिपोर्ट गुरुवार को सदस्यों के बीच वितरित की गई। 25 अप्रैल को रिपोर्ट को स्वीकार किया जाएगा।
इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन सॉलिसिटर जनरल जीई वाहनवती द्वारा 7 जनवरी, 2008 के प्रेस नोट को देखे जाने के बाद राजा ने उससे छेड़छाड़ की थी। रिपोर्ट में कहा गया है, समिति यह बताना चाहती है कि 'पहले आओ पहले पाओ' (एफसीएफएस) से संबंधित प्रक्रिया तथ्यों का गलत प्रस्तुतीकरण थी और यह उस समय मौजूद प्रक्रियाओं से अलग थी।टिप्पणियां
जेपीसी की रिपोर्ट के मसौदे में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) के 1.76 लाख करोड़ रुपये के नुकसान के निष्कर्ष को भी खारिज किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नुकसान का यह आंकड़ा सही अनुमान पर आधारित नहीं है। हालांकि बीजेपी और लेफ्ट ने इस रिपोर्ट के खिलाफ असहमति प्रस्ताव लाने का फैसला किया है। बीजेपी नेता और समिति के सदस्य यशवंत सिन्हा ने कमेटी के अध्यक्ष पीसी चाको पर आरोप लगाते हुए कहा कि पीएम और चिदंबरम को बचाने के लिए चाको ने नैतिकता ताक पर रख दी।
दूसरी तरफ लेफ्ट ने सवाल उठाया है कि पीएम और राजा को जेपीसी में क्यों नहीं बुलाया गया। सीपीआई नेता गुरुदास दास गुप्ता ने कहा कि यह रिपोर्ट लीपापोती है और अब इस पर कमेटी के अध्यक्ष पीसी चाको को कई सवालों का जवाब देना होगा। बीजेपी और लेफ्ट दोनों इस मुद्दे को संसद में जोरशोर से उठाने की तैयारी में हैं। वहीं, डीएमके ने ए राजा को जेपीसी के समक्ष अपना पक्ष रखने की इजाजत देने की अपनी मांग फिर उठाते हुए कहा कि इन आरोपों पर राजा को स्पष्टीकरण देने की इजाजत नहीं मिलने की सूरत में समिति की रिपोर्ट बेकार रह जाएगी।
राजा ने संवाददाताओं से कहा, मैंने सब कुछ प्रधानमंत्री से विचार-विमर्श करके ही किया। पद छोड़ने के बाद भी मैंने सभी लोगों को बताया कि मैंने जो कुछ किया, वह प्रधानमंत्री से विचार-विमर्श कर ही किया। उन्होंने कहा, अपनी गिरफ्तारी के बाद मैंने अदालत में भी वही बात कही और आरोप तय किए जाने के समय भी यही दलील दी। मेरा रुख पूरी तरह से स्पष्ट रहा है।
2जी स्पेक्ट्रम आवंटन से जुड़े घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए जेपीसी रिपोर्ट में कहा गया है कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में प्रधानमंत्री को दूरसंचार मंत्रालय की ओर से अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के बारे में गुमराह किया गया था।
राजा ने कहा, मैं अपने को निर्दोष साबित कर दूंगा और जेपीसी को नोट भेजूंगा। मुझे उम्मीद है कि वे मुझे बुलाएंगे। 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच के बारे में एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा, पूरा 2जी मामला गड़बड़ी से भरा है। चाहे कैग हो... उच्चतम न्यायालय के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए मैं कहना चाहता हूं कि नैसर्गिक न्याय के अनुरूप नहीं है। मुझे न्यायपालिका में विश्वास है और मैं अपने को निर्दोष साबित करूंगा।
जेपीसी ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को क्लीन चिट देते हुए कहा है कि उन्हें तत्कालीन दूरसंचार मंत्री ए राजा ने 'गुमराह' किया था। साथ ही जेपीसी ने कहा कि राजा ने जो आश्वासन दिए थे, वे झूठे साबित हुए। यह रिपोर्ट गुरुवार को सदस्यों के बीच वितरित की गई। 25 अप्रैल को रिपोर्ट को स्वीकार किया जाएगा।
इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन सॉलिसिटर जनरल जीई वाहनवती द्वारा 7 जनवरी, 2008 के प्रेस नोट को देखे जाने के बाद राजा ने उससे छेड़छाड़ की थी। रिपोर्ट में कहा गया है, समिति यह बताना चाहती है कि 'पहले आओ पहले पाओ' (एफसीएफएस) से संबंधित प्रक्रिया तथ्यों का गलत प्रस्तुतीकरण थी और यह उस समय मौजूद प्रक्रियाओं से अलग थी।टिप्पणियां
जेपीसी की रिपोर्ट के मसौदे में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) के 1.76 लाख करोड़ रुपये के नुकसान के निष्कर्ष को भी खारिज किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नुकसान का यह आंकड़ा सही अनुमान पर आधारित नहीं है। हालांकि बीजेपी और लेफ्ट ने इस रिपोर्ट के खिलाफ असहमति प्रस्ताव लाने का फैसला किया है। बीजेपी नेता और समिति के सदस्य यशवंत सिन्हा ने कमेटी के अध्यक्ष पीसी चाको पर आरोप लगाते हुए कहा कि पीएम और चिदंबरम को बचाने के लिए चाको ने नैतिकता ताक पर रख दी।
दूसरी तरफ लेफ्ट ने सवाल उठाया है कि पीएम और राजा को जेपीसी में क्यों नहीं बुलाया गया। सीपीआई नेता गुरुदास दास गुप्ता ने कहा कि यह रिपोर्ट लीपापोती है और अब इस पर कमेटी के अध्यक्ष पीसी चाको को कई सवालों का जवाब देना होगा। बीजेपी और लेफ्ट दोनों इस मुद्दे को संसद में जोरशोर से उठाने की तैयारी में हैं। वहीं, डीएमके ने ए राजा को जेपीसी के समक्ष अपना पक्ष रखने की इजाजत देने की अपनी मांग फिर उठाते हुए कहा कि इन आरोपों पर राजा को स्पष्टीकरण देने की इजाजत नहीं मिलने की सूरत में समिति की रिपोर्ट बेकार रह जाएगी।
2जी स्पेक्ट्रम आवंटन से जुड़े घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए जेपीसी रिपोर्ट में कहा गया है कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में प्रधानमंत्री को दूरसंचार मंत्रालय की ओर से अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के बारे में गुमराह किया गया था।
राजा ने कहा, मैं अपने को निर्दोष साबित कर दूंगा और जेपीसी को नोट भेजूंगा। मुझे उम्मीद है कि वे मुझे बुलाएंगे। 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच के बारे में एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा, पूरा 2जी मामला गड़बड़ी से भरा है। चाहे कैग हो... उच्चतम न्यायालय के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए मैं कहना चाहता हूं कि नैसर्गिक न्याय के अनुरूप नहीं है। मुझे न्यायपालिका में विश्वास है और मैं अपने को निर्दोष साबित करूंगा।
जेपीसी ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को क्लीन चिट देते हुए कहा है कि उन्हें तत्कालीन दूरसंचार मंत्री ए राजा ने 'गुमराह' किया था। साथ ही जेपीसी ने कहा कि राजा ने जो आश्वासन दिए थे, वे झूठे साबित हुए। यह रिपोर्ट गुरुवार को सदस्यों के बीच वितरित की गई। 25 अप्रैल को रिपोर्ट को स्वीकार किया जाएगा।
इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन सॉलिसिटर जनरल जीई वाहनवती द्वारा 7 जनवरी, 2008 के प्रेस नोट को देखे जाने के बाद राजा ने उससे छेड़छाड़ की थी। रिपोर्ट में कहा गया है, समिति यह बताना चाहती है कि 'पहले आओ पहले पाओ' (एफसीएफएस) से संबंधित प्रक्रिया तथ्यों का गलत प्रस्तुतीकरण थी और यह उस समय मौजूद प्रक्रियाओं से अलग थी।टिप्पणियां
जेपीसी की रिपोर्ट के मसौदे में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) के 1.76 लाख करोड़ रुपये के नुकसान के निष्कर्ष को भी खारिज किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नुकसान का यह आंकड़ा सही अनुमान पर आधारित नहीं है। हालांकि बीजेपी और लेफ्ट ने इस रिपोर्ट के खिलाफ असहमति प्रस्ताव लाने का फैसला किया है। बीजेपी नेता और समिति के सदस्य यशवंत सिन्हा ने कमेटी के अध्यक्ष पीसी चाको पर आरोप लगाते हुए कहा कि पीएम और चिदंबरम को बचाने के लिए चाको ने नैतिकता ताक पर रख दी।
दूसरी तरफ लेफ्ट ने सवाल उठाया है कि पीएम और राजा को जेपीसी में क्यों नहीं बुलाया गया। सीपीआई नेता गुरुदास दास गुप्ता ने कहा कि यह रिपोर्ट लीपापोती है और अब इस पर कमेटी के अध्यक्ष पीसी चाको को कई सवालों का जवाब देना होगा। बीजेपी और लेफ्ट दोनों इस मुद्दे को संसद में जोरशोर से उठाने की तैयारी में हैं। वहीं, डीएमके ने ए राजा को जेपीसी के समक्ष अपना पक्ष रखने की इजाजत देने की अपनी मांग फिर उठाते हुए कहा कि इन आरोपों पर राजा को स्पष्टीकरण देने की इजाजत नहीं मिलने की सूरत में समिति की रिपोर्ट बेकार रह जाएगी।
राजा ने कहा, मैं अपने को निर्दोष साबित कर दूंगा और जेपीसी को नोट भेजूंगा। मुझे उम्मीद है कि वे मुझे बुलाएंगे। 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच के बारे में एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा, पूरा 2जी मामला गड़बड़ी से भरा है। चाहे कैग हो... उच्चतम न्यायालय के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए मैं कहना चाहता हूं कि नैसर्गिक न्याय के अनुरूप नहीं है। मुझे न्यायपालिका में विश्वास है और मैं अपने को निर्दोष साबित करूंगा।
जेपीसी ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को क्लीन चिट देते हुए कहा है कि उन्हें तत्कालीन दूरसंचार मंत्री ए राजा ने 'गुमराह' किया था। साथ ही जेपीसी ने कहा कि राजा ने जो आश्वासन दिए थे, वे झूठे साबित हुए। यह रिपोर्ट गुरुवार को सदस्यों के बीच वितरित की गई। 25 अप्रैल को रिपोर्ट को स्वीकार किया जाएगा।
इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन सॉलिसिटर जनरल जीई वाहनवती द्वारा 7 जनवरी, 2008 के प्रेस नोट को देखे जाने के बाद राजा ने उससे छेड़छाड़ की थी। रिपोर्ट में कहा गया है, समिति यह बताना चाहती है कि 'पहले आओ पहले पाओ' (एफसीएफएस) से संबंधित प्रक्रिया तथ्यों का गलत प्रस्तुतीकरण थी और यह उस समय मौजूद प्रक्रियाओं से अलग थी।टिप्पणियां
जेपीसी की रिपोर्ट के मसौदे में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) के 1.76 लाख करोड़ रुपये के नुकसान के निष्कर्ष को भी खारिज किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नुकसान का यह आंकड़ा सही अनुमान पर आधारित नहीं है। हालांकि बीजेपी और लेफ्ट ने इस रिपोर्ट के खिलाफ असहमति प्रस्ताव लाने का फैसला किया है। बीजेपी नेता और समिति के सदस्य यशवंत सिन्हा ने कमेटी के अध्यक्ष पीसी चाको पर आरोप लगाते हुए कहा कि पीएम और चिदंबरम को बचाने के लिए चाको ने नैतिकता ताक पर रख दी।
दूसरी तरफ लेफ्ट ने सवाल उठाया है कि पीएम और राजा को जेपीसी में क्यों नहीं बुलाया गया। सीपीआई नेता गुरुदास दास गुप्ता ने कहा कि यह रिपोर्ट लीपापोती है और अब इस पर कमेटी के अध्यक्ष पीसी चाको को कई सवालों का जवाब देना होगा। बीजेपी और लेफ्ट दोनों इस मुद्दे को संसद में जोरशोर से उठाने की तैयारी में हैं। वहीं, डीएमके ने ए राजा को जेपीसी के समक्ष अपना पक्ष रखने की इजाजत देने की अपनी मांग फिर उठाते हुए कहा कि इन आरोपों पर राजा को स्पष्टीकरण देने की इजाजत नहीं मिलने की सूरत में समिति की रिपोर्ट बेकार रह जाएगी।
जेपीसी ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को क्लीन चिट देते हुए कहा है कि उन्हें तत्कालीन दूरसंचार मंत्री ए राजा ने 'गुमराह' किया था। साथ ही जेपीसी ने कहा कि राजा ने जो आश्वासन दिए थे, वे झूठे साबित हुए। यह रिपोर्ट गुरुवार को सदस्यों के बीच वितरित की गई। 25 अप्रैल को रिपोर्ट को स्वीकार किया जाएगा।
इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन सॉलिसिटर जनरल जीई वाहनवती द्वारा 7 जनवरी, 2008 के प्रेस नोट को देखे जाने के बाद राजा ने उससे छेड़छाड़ की थी। रिपोर्ट में कहा गया है, समिति यह बताना चाहती है कि 'पहले आओ पहले पाओ' (एफसीएफएस) से संबंधित प्रक्रिया तथ्यों का गलत प्रस्तुतीकरण थी और यह उस समय मौजूद प्रक्रियाओं से अलग थी।टिप्पणियां
जेपीसी की रिपोर्ट के मसौदे में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) के 1.76 लाख करोड़ रुपये के नुकसान के निष्कर्ष को भी खारिज किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नुकसान का यह आंकड़ा सही अनुमान पर आधारित नहीं है। हालांकि बीजेपी और लेफ्ट ने इस रिपोर्ट के खिलाफ असहमति प्रस्ताव लाने का फैसला किया है। बीजेपी नेता और समिति के सदस्य यशवंत सिन्हा ने कमेटी के अध्यक्ष पीसी चाको पर आरोप लगाते हुए कहा कि पीएम और चिदंबरम को बचाने के लिए चाको ने नैतिकता ताक पर रख दी।
दूसरी तरफ लेफ्ट ने सवाल उठाया है कि पीएम और राजा को जेपीसी में क्यों नहीं बुलाया गया। सीपीआई नेता गुरुदास दास गुप्ता ने कहा कि यह रिपोर्ट लीपापोती है और अब इस पर कमेटी के अध्यक्ष पीसी चाको को कई सवालों का जवाब देना होगा। बीजेपी और लेफ्ट दोनों इस मुद्दे को संसद में जोरशोर से उठाने की तैयारी में हैं। वहीं, डीएमके ने ए राजा को जेपीसी के समक्ष अपना पक्ष रखने की इजाजत देने की अपनी मांग फिर उठाते हुए कहा कि इन आरोपों पर राजा को स्पष्टीकरण देने की इजाजत नहीं मिलने की सूरत में समिति की रिपोर्ट बेकार रह जाएगी।
इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन सॉलिसिटर जनरल जीई वाहनवती द्वारा 7 जनवरी, 2008 के प्रेस नोट को देखे जाने के बाद राजा ने उससे छेड़छाड़ की थी। रिपोर्ट में कहा गया है, समिति यह बताना चाहती है कि 'पहले आओ पहले पाओ' (एफसीएफएस) से संबंधित प्रक्रिया तथ्यों का गलत प्रस्तुतीकरण थी और यह उस समय मौजूद प्रक्रियाओं से अलग थी।टिप्पणियां
जेपीसी की रिपोर्ट के मसौदे में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) के 1.76 लाख करोड़ रुपये के नुकसान के निष्कर्ष को भी खारिज किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नुकसान का यह आंकड़ा सही अनुमान पर आधारित नहीं है। हालांकि बीजेपी और लेफ्ट ने इस रिपोर्ट के खिलाफ असहमति प्रस्ताव लाने का फैसला किया है। बीजेपी नेता और समिति के सदस्य यशवंत सिन्हा ने कमेटी के अध्यक्ष पीसी चाको पर आरोप लगाते हुए कहा कि पीएम और चिदंबरम को बचाने के लिए चाको ने नैतिकता ताक पर रख दी।
दूसरी तरफ लेफ्ट ने सवाल उठाया है कि पीएम और राजा को जेपीसी में क्यों नहीं बुलाया गया। सीपीआई नेता गुरुदास दास गुप्ता ने कहा कि यह रिपोर्ट लीपापोती है और अब इस पर कमेटी के अध्यक्ष पीसी चाको को कई सवालों का जवाब देना होगा। बीजेपी और लेफ्ट दोनों इस मुद्दे को संसद में जोरशोर से उठाने की तैयारी में हैं। वहीं, डीएमके ने ए राजा को जेपीसी के समक्ष अपना पक्ष रखने की इजाजत देने की अपनी मांग फिर उठाते हुए कहा कि इन आरोपों पर राजा को स्पष्टीकरण देने की इजाजत नहीं मिलने की सूरत में समिति की रिपोर्ट बेकार रह जाएगी।
जेपीसी की रिपोर्ट के मसौदे में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) के 1.76 लाख करोड़ रुपये के नुकसान के निष्कर्ष को भी खारिज किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नुकसान का यह आंकड़ा सही अनुमान पर आधारित नहीं है। हालांकि बीजेपी और लेफ्ट ने इस रिपोर्ट के खिलाफ असहमति प्रस्ताव लाने का फैसला किया है। बीजेपी नेता और समिति के सदस्य यशवंत सिन्हा ने कमेटी के अध्यक्ष पीसी चाको पर आरोप लगाते हुए कहा कि पीएम और चिदंबरम को बचाने के लिए चाको ने नैतिकता ताक पर रख दी।
दूसरी तरफ लेफ्ट ने सवाल उठाया है कि पीएम और राजा को जेपीसी में क्यों नहीं बुलाया गया। सीपीआई नेता गुरुदास दास गुप्ता ने कहा कि यह रिपोर्ट लीपापोती है और अब इस पर कमेटी के अध्यक्ष पीसी चाको को कई सवालों का जवाब देना होगा। बीजेपी और लेफ्ट दोनों इस मुद्दे को संसद में जोरशोर से उठाने की तैयारी में हैं। वहीं, डीएमके ने ए राजा को जेपीसी के समक्ष अपना पक्ष रखने की इजाजत देने की अपनी मांग फिर उठाते हुए कहा कि इन आरोपों पर राजा को स्पष्टीकरण देने की इजाजत नहीं मिलने की सूरत में समिति की रिपोर्ट बेकार रह जाएगी।
दूसरी तरफ लेफ्ट ने सवाल उठाया है कि पीएम और राजा को जेपीसी में क्यों नहीं बुलाया गया। सीपीआई नेता गुरुदास दास गुप्ता ने कहा कि यह रिपोर्ट लीपापोती है और अब इस पर कमेटी के अध्यक्ष पीसी चाको को कई सवालों का जवाब देना होगा। बीजेपी और लेफ्ट दोनों इस मुद्दे को संसद में जोरशोर से उठाने की तैयारी में हैं। वहीं, डीएमके ने ए राजा को जेपीसी के समक्ष अपना पक्ष रखने की इजाजत देने की अपनी मांग फिर उठाते हुए कहा कि इन आरोपों पर राजा को स्पष्टीकरण देने की इजाजत नहीं मिलने की सूरत में समिति की रिपोर्ट बेकार रह जाएगी। | सारांश: संयुक्त संसदीय समिति की रिपोर्ट में 2जी घोटाले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को क्लीन चिट देते हुए कहा गया है कि उन्हें तत्कालीन दूरसंचार मंत्री ए राजा ने 'गुमराह' किया था। | 7 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय टेनिस सितारे महेश भूपति ने अखिल भारतीय टेनिस संघ (AITA अथवा आइटा) पर बरसते हुए कड़े शब्दों में कहा कि यह संघ खेल के लिए बेहद खतरनाक है।टिप्पणियां
भूपति ने खुद पर और साथी खिलाड़ी रोहन बोपन्ना पर लगाए गए दो साल के प्रतिबंध पर प्रतिक्रिया में कहा कि वह कोर्ट जाने का मन बना रहे हैं। महेश भूपति ने आइटा के कामकाज करने के तरीकों पर भी सवाल उठाए और कहा कि आइटा ने कभी भी उन्हें सहयोग नहीं दिया। महेश भूपति का कहना था कि रोहन (बोपन्ना) ने आइटा से इस प्रतिबंध की वजहों को खुलासा करने के लिए कहा है, लेकिन यदि उसका कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो वह भी कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके वकील कानूनी रास्ता तलाश रहे हैं। महेश ने आइटा के अध्यक्ष अनिल खन्ना का खासतौर से नाम लेकर कहा कि खन्ना उन्हें पसंद नहीं करते और इसीलिए उनके साथ यह सब किया जा रहा है। भूपति ने यह भी कहा, "अनिल खन्ना ने लिएंडर (पेस) के कंधे पर बंदूक रखकर मुझे निशाना बनाया, जिससे लोगों को लगा कि मेरे और लिएंडर के बीच कोई समस्या है। इस तरह, अनिल खन्ना ने 'बांटो और राज करो' को नया अर्थ दे दिया है।"
भूपति ने खुद पर और साथी खिलाड़ी रोहन बोपन्ना पर लगाए गए दो साल के प्रतिबंध पर प्रतिक्रिया में कहा कि वह कोर्ट जाने का मन बना रहे हैं। महेश भूपति ने आइटा के कामकाज करने के तरीकों पर भी सवाल उठाए और कहा कि आइटा ने कभी भी उन्हें सहयोग नहीं दिया। महेश भूपति का कहना था कि रोहन (बोपन्ना) ने आइटा से इस प्रतिबंध की वजहों को खुलासा करने के लिए कहा है, लेकिन यदि उसका कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो वह भी कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके वकील कानूनी रास्ता तलाश रहे हैं। महेश ने आइटा के अध्यक्ष अनिल खन्ना का खासतौर से नाम लेकर कहा कि खन्ना उन्हें पसंद नहीं करते और इसीलिए उनके साथ यह सब किया जा रहा है। भूपति ने यह भी कहा, "अनिल खन्ना ने लिएंडर (पेस) के कंधे पर बंदूक रखकर मुझे निशाना बनाया, जिससे लोगों को लगा कि मेरे और लिएंडर के बीच कोई समस्या है। इस तरह, अनिल खन्ना ने 'बांटो और राज करो' को नया अर्थ दे दिया है।"
उन्होंने यह भी कहा कि उनके वकील कानूनी रास्ता तलाश रहे हैं। महेश ने आइटा के अध्यक्ष अनिल खन्ना का खासतौर से नाम लेकर कहा कि खन्ना उन्हें पसंद नहीं करते और इसीलिए उनके साथ यह सब किया जा रहा है। भूपति ने यह भी कहा, "अनिल खन्ना ने लिएंडर (पेस) के कंधे पर बंदूक रखकर मुझे निशाना बनाया, जिससे लोगों को लगा कि मेरे और लिएंडर के बीच कोई समस्या है। इस तरह, अनिल खन्ना ने 'बांटो और राज करो' को नया अर्थ दे दिया है।" | संक्षिप्त सारांश: भूपति ने खुद पर और साथी खिलाड़ी रोहन बोपन्ना पर लगाए गए दो साल के प्रतिबंध पर प्रतिक्रिया में कहा कि वह कोर्ट जाने का मन बना रहे हैं। | 23 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: Redmi Note 7 Pro स्मार्टफोन आज एक बार फिर भारत में बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। रेडमी नोट 7 प्रो को Flipkart और कंपनी की आधिकारिक साइट Mi.com से खरीदा जा सकेगा। Redmi Note 7 Pro की सेल दोपहर 12 बजे शुरू होगी, हो सकता है कि फोन कुछ ही सेकेंड में ऑउट ऑफ स्टॉक हो जाए तो ऐसे में सलाह दी जाती है कि पेमेंट और अन्य जरूरी डिटेल्स पहले ही सेव कर लें। याद करा दें कि इस साल फरवरी में Redmi Note 7 Pro के साथ Redmi Note 7 को भी भारत में लॉन्च किया गया था। Redmi Note 7 Pro की अगर अहम खासियतों की बात करें तो यह फोन दो रियर कैमरों और स्नैपड्रैगन 675 प्रोसेसर से लैस है। आइए अब आपको Redmi Note 7 Pro की सेल का समय, भारत में कीमत और स्पेसिफिकेशन के बारे में बताते हैं।
Xiaomi ने Redmi Note 7 Pro (रिव्यू) के दो वेरिएंट उपलब्ध कराए हैं। 4 जीबी रैम + 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट को 13,999 रुपये में बेचा जाएगा। ग्राहक रेडमी नोट 7 प्रो के 6 जीबी + 128 जीबी वर्ज़न की कीमत 16,999 रुपये है। जैसा कि हमने आपको बताया Redmi Note 7 Pro की सेल दोपहर 12 बजे फ्लिपकार्ट और मी डॉट कॉम पर शुरू होगी। रेडमी नोट 7 प्रो नेप्ट्यून ब्लू, नेब्यूला रेड और स्पेस ब्लैक रंग में उपलब्ध होगा।
Redmi Note 7 Pro के साथ मिलने वाले ऑफर्स की बात करें तो Mi.com पर आपको टेलीकॉम कंपनी Airtel की तरफ से 1,120 जीबी तक डेटा के साथ अनलिमिटेड कॉलिंग तो वहीं दूसरी ओर Flipkart डिस्काउंट के साथ कंप्लीट मोबाइल प्रोटेक्शन प्लान दे रही है जिसे 999 रुपये के बजाय 649 रुपये में दिया जा रहा है। Jio यूज़र्स को 198 रुपये या उससे अधिक के प्रीपेड रीचार्ज पर डबल डेटा ऑफर मिलेगा।
रेडमी नोट 7 प्रो भी रेडमी नोट 7 की तरह “ऑरा डिज़ाइन” के साथ आता है। इसमें 6.3 इंच की फुल-एचडी+ स्क्रीन है, 19.5:9 आस्पेक्ट रेशियो और वाटरड्रॉप नॉच के साथ। फोन के फ्रंट और बैक पैनल पर 2.5डी कर्व्ड गोरिल्ला ग्लास 5 का इस्तेमाल हुआ है। स्मार्टफोन में 11एनएम प्रोसेस से बने क्वालकॉम ऑक्टा-कोर स्नैपड्रैगन 675 प्रोसेसर का इस्तेमाल हुआ है। रैम और स्टोरेज पर आधारित फोन के दो विकल्प हैं- 4 जीबी रैम के साथ 64 जीबी स्टोरेज और 6 जीबी रैम के साथ 128 जीबी स्टोरेज। दोनों ही वेरिएंट 256 जीबी तक के माइक्रोएसडी कार्ड को सपोर्ट करते हैं।
फोन एंड्रॉयड पाई पर आधारित मीयूआई 10 पर चलेगा। फोन की बैटरी 4,000 एमएएच की है और यह क्विक चार्ज 4.0 को सपोर्ट करेगी। इस फोन में रियर फिंगरप्रिंट सेंसर है। यूएसबी टाइप-सी पोर्ट, 3.5 एमएम ऑडियो जैक और डुअल सिम कनेक्टिविटी फीचर इस फोन का हिस्सा हैं। Redmi Note 7 Pro 4जी एलटीई, वाई-फाई, ब्लूटूथ 5.0 और इंफ्रारेड के साथ आता है।
अन्य स्पेसिफिकेशन की बात करें तो Redmi Note 7 Pro डुअल कैमरा सेटअप के साथ आता है। इसमें एफ/ 1.79 अपर्चर वाला 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर है। इसके साथ 5 मेगापिक्सल का सेकेंडरी डेप्थ सेंसर दिया गया है। फोन में एआई सीन डिटेक्शन, एआई पोर्ट्रेट मोड और नाइट मोड जैसे कैमरा फीचर हैं। इसके अलावा फोन में 13 मेगापिक्सल का सेल्फी सेंसर है। इस फोन के रियर कैमरे से यूज़र 4K वीडियो रिकॉर्ड कर पाएंगे। | यह एक सारांश है: Flipkart, Mi.com पर होगी Redmi Note 7 Pro की बिक्री
स्नैपड्रैगन 675 प्रोसेसर से लैस है रेडमी नोट 7 प्रो
'48 Megapixel Camera' वाला स्मार्टफोन है Redmi Note 7 Pro | 9 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वर्ष 2011-12 के आम बजट की तैयारियों में लगे वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने मंगलवार को कहा कि सरकार ढांचागत क्षेत्र के विकास और अनुसंधान और विकास में निवेश से जुड़ी चिंताओं के प्रति सजग है। उद्योग जगत के साथ बजट पूर्व बैठक में मुखर्जी ने कहा सरकार ढांचागत क्षेत्र के परियोजनाओं के विकास और अनुसंधान एवं विकास क्षेत्र में निवेश की धीमी गति से जुड़ी दो अहम् चिंताओं के प्रति सजग है। उन्होंने कहा कि इन दोनों क्षेत्रों का उद्योगों की उत्पादकता पर सीधे असर पड़ता है, इसके साथ ही ढांचागत क्षेत्र में निवेश समावेशी आर्थिक वृद्धि के लिये भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, दूसरी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले हमारे अनुसंधान एवं विकास कार्यों में खर्च काफी कम होता है, कारोबार में प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिये हमें इस क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के हरसंभव प्रयास करने चाहिए। मुखर्जी ने कहा कि इन दोनों ही क्षेत्रों में निजी क्षेत्र के सहयोग के बिना सरकार अकेले ही वांछित परिणाम हासिल नहीं कर पायेगी। निजी क्षेत्र सार्वजनिक एवं निजी भागीदारी के तौर पर सहयोग दे सकता है अथवा पूरी तरह निजी क्षेत्र अपने दम पर इस काम में हाथ बंटाकर सहयोग दे सकता है। उन्होंने इस संबंध में निजी क्षेत्र से सुझाव मांगे। बैठक में टाटा संस के अध्यक्ष रतन टाटा, फिक्की अध्यक्ष राजन भारती मित्तल, एसोचैम अध्यक्ष दिलीप मोदी, सीआईआई के अध्यक्ष हरि एस भरतिया, सुजलॉन एनर्जी अध्यक्ष तुलसी आर तांती और वीडियोकॉन अध्यक्ष वेणुगोपाल धूत सहित कुछ अन्य उद्योगपति उपस्थित थे। | संक्षिप्त सारांश: खर्जी ने कहा कि सरकार ढांचागत क्षेत्र के विकास और अनुसंधान और विकास में निवेश से जुड़ी चिंताओं के प्रति सजग है। | 10 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 73वें सत्र में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) ने पाकिस्तान पर जमकर हमला बोला. उन्होंने लताड़ लगाते हुए पाकिस्तान पर भारत में आतंकवाद फैलाने का आरोप लगाया. सुषमा स्वराज ने कहा कि न्यूयॉर्क में 9/11 की घटना और मुंबई में 26/11 की घटना ने शांति की उम्मीदों को बर्बाद कर दिया है. उन्होंने कहा कि भारत इसका शिकार हो रहा है और भारत में आतंकवाद की चुनौती हमारे पड़ोसी देश के अलावा किसी और से नहीं आ रही है. अपने संबोधन के दौरान सुषमा ने कहा कि पाकिस्तान ऐसा देश है जिसे आतंकवाद फैलाने के साथ-साथ अपने किए को नकारने में भी महारथ हासिल है.
सुषमा स्वराज ने जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद को दुनिया के सामने खड़ी सबसे बड़ी चुनौतियां बताया. पाकिस्तान द्वारा बातचीत के ऑफर पर सुषमा ने कहा कि भारत हमेशा बातचीत से मुद्दों को सुलझाने का पैरोकार रहा है, लेकिन पाकिस्तान हमेशा धोखा देता है. उन्होंने कहा, हम मानते हैं कि बातचीत से जटिल से जटिल मुद्दे सुलझाए जा सकते हैं, पाक के साथ वार्ताओं के दौर चले हैं, लेकिन हर बार पाकिस्तान की हरकतों के चलते बातचीत रुकी.टिप्पणियां
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपने भाषण के दौरान इंडोनेशिया में आए भूकंप का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया भूकंप और सुनामी से प्रभावित हुआ है. मैं, भारत की तरफ से, आपदा के लिए इंडोनेशिया सरकार और लोगों के प्रति शोक व्यक्त करती हूं. इस आपदा का सामना करने के लिए मैं इंडोनेशिया को आश्वासन देती हूं. विदेश मंत्री ने अपने भाषण में आयुष्मान भारत, उज्जवला योजना, जन धन खाते, मातृत्व योजना का भी जिक्र किया.
सुषमा स्वराज ने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम की बुनियाद है परिवार. और परिवार प्यार से चलता है, व्यापार से नहीं. परिवार मोह से चलता है, लोभ से नहीं. परिवार संवेदना से चलता है, ईर्ष्या से नहीं. परिवार सुलह से चलता है, कलह से नहीं, इसीलिए हमें संयुक्त राष्ट्र को परिवार के सिद्धांत पर चलाना होगा. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को स्वीकार करना होगा कि इसे मौलिक सुधार की जरूरत है. सुधार कॉस्मेटिक नहीं हो सकता है. सुधार आज शुरू होना चाहिए, क्योंकि कल बहुत देर हो सकती है.
सुषमा स्वराज ने जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद को दुनिया के सामने खड़ी सबसे बड़ी चुनौतियां बताया. पाकिस्तान द्वारा बातचीत के ऑफर पर सुषमा ने कहा कि भारत हमेशा बातचीत से मुद्दों को सुलझाने का पैरोकार रहा है, लेकिन पाकिस्तान हमेशा धोखा देता है. उन्होंने कहा, हम मानते हैं कि बातचीत से जटिल से जटिल मुद्दे सुलझाए जा सकते हैं, पाक के साथ वार्ताओं के दौर चले हैं, लेकिन हर बार पाकिस्तान की हरकतों के चलते बातचीत रुकी.टिप्पणियां
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपने भाषण के दौरान इंडोनेशिया में आए भूकंप का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया भूकंप और सुनामी से प्रभावित हुआ है. मैं, भारत की तरफ से, आपदा के लिए इंडोनेशिया सरकार और लोगों के प्रति शोक व्यक्त करती हूं. इस आपदा का सामना करने के लिए मैं इंडोनेशिया को आश्वासन देती हूं. विदेश मंत्री ने अपने भाषण में आयुष्मान भारत, उज्जवला योजना, जन धन खाते, मातृत्व योजना का भी जिक्र किया.
सुषमा स्वराज ने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम की बुनियाद है परिवार. और परिवार प्यार से चलता है, व्यापार से नहीं. परिवार मोह से चलता है, लोभ से नहीं. परिवार संवेदना से चलता है, ईर्ष्या से नहीं. परिवार सुलह से चलता है, कलह से नहीं, इसीलिए हमें संयुक्त राष्ट्र को परिवार के सिद्धांत पर चलाना होगा. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को स्वीकार करना होगा कि इसे मौलिक सुधार की जरूरत है. सुधार कॉस्मेटिक नहीं हो सकता है. सुधार आज शुरू होना चाहिए, क्योंकि कल बहुत देर हो सकती है.
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपने भाषण के दौरान इंडोनेशिया में आए भूकंप का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया भूकंप और सुनामी से प्रभावित हुआ है. मैं, भारत की तरफ से, आपदा के लिए इंडोनेशिया सरकार और लोगों के प्रति शोक व्यक्त करती हूं. इस आपदा का सामना करने के लिए मैं इंडोनेशिया को आश्वासन देती हूं. विदेश मंत्री ने अपने भाषण में आयुष्मान भारत, उज्जवला योजना, जन धन खाते, मातृत्व योजना का भी जिक्र किया.
सुषमा स्वराज ने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम की बुनियाद है परिवार. और परिवार प्यार से चलता है, व्यापार से नहीं. परिवार मोह से चलता है, लोभ से नहीं. परिवार संवेदना से चलता है, ईर्ष्या से नहीं. परिवार सुलह से चलता है, कलह से नहीं, इसीलिए हमें संयुक्त राष्ट्र को परिवार के सिद्धांत पर चलाना होगा. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को स्वीकार करना होगा कि इसे मौलिक सुधार की जरूरत है. सुधार कॉस्मेटिक नहीं हो सकता है. सुधार आज शुरू होना चाहिए, क्योंकि कल बहुत देर हो सकती है.
सुषमा स्वराज ने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम की बुनियाद है परिवार. और परिवार प्यार से चलता है, व्यापार से नहीं. परिवार मोह से चलता है, लोभ से नहीं. परिवार संवेदना से चलता है, ईर्ष्या से नहीं. परिवार सुलह से चलता है, कलह से नहीं, इसीलिए हमें संयुक्त राष्ट्र को परिवार के सिद्धांत पर चलाना होगा. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को स्वीकार करना होगा कि इसे मौलिक सुधार की जरूरत है. सुधार कॉस्मेटिक नहीं हो सकता है. सुधार आज शुरू होना चाहिए, क्योंकि कल बहुत देर हो सकती है. | हमारे यहां पड़ोसी देश से आतंकवाद
पाकिस्तान मारने वालों की पैरवी करता है
निराधार आरोप लगाना पाक की आदत | 26 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राजस्थान सरकार ने जोधपुर की बोरूदा की नर्स भंवरी देवी के आश्रितों को राहत पैकेज की घोषणा करते हुए उसके पुत्र को सरकारी नौकरी जबकि दोनों पुत्रियों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार भंवरी देवी की हत्या के बाद उसके पुत्र साहिल को कनिष्ठ लिपिक या उसके समकक्ष पद पर सरकारी नौकरी और उनकी बेटियों को हत्या की वजह से देय दो-दो लाख रुपये का मुआवजा और मुख्यमंत्री सहायता कोष से दो-दो लाख रुपये की अतिरिक्त राशि की सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सहायता कोष से मिलने वाली दो-दो लाख रुपये की राशि भंवरी देवी की बेटियों गुनगुन और अश्विनी के नाम से सावधि जमा खाते में जमा करवाए जाएंगे जिससे उनकी शादी के समय यह राशि काम आ सके। दोनो बेटियों की शादी के समय राज्य सरकार की ओर से और पचास-पचास हजार रुपए की नकद आर्थिक सहायता दी जाएगी।
सूत्रों के अनुसार राहत पैकेज में भंवरी के तीनों बच्चे यदि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के छात्रावासों में रहते हैं तो उनके खाने-पीने व रहने की सुविधा नि:शुल्क दी जाएगी। विभाग की योजनाओं के तहत प्रत्येक बच्चे को उच्च शिक्षा ग्रहण करने पर उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति दी भी जाएगी। | यह एक सारांश है: भंवरी देवी के आश्रितों को राहत पैकेज की घोषणा करते हुए उसके पुत्र को सरकारी नौकरी जबकि दोनों पुत्रियों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। | 16 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इस बाजार जून महीने में मुद्रास्फीति में गिरावट के बीच वित्त मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि खाद्य आपूर्ति की स्थिति सुधार के साथ महंगाई में घटने की प्रवृत्ति आगे भी बने रहने की संभावना है।
वित्त राज्यमंत्री नमो नारायाण मीणा ने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि घटने की यह प्रवृत्ति जारी रहेगी।’’ उन्होंने कहा कि मौसम विभाग ने दक्षिण पश्चिम मानसून के बारे में जो भविष्यवाणी की है, वह अभी भी सकारात्मक है। बारिश में जो कमी थी, उसकी कुछ भरपाई पिछले दो सप्ताह में हुई है।
मीणा ने कहा, ‘‘खाद्य जिंसों की उपलब्धता बढ़ने की संभावना है और इससे आपूर्ति संबंधी बाधा दूर होगी।’’ उन्होंने कहा कि जून महीने में मुद्रास्फीति में कमी का कारण कुछ गैर-खाद्य जिंसों तथा ईंधन की कीमतों में सालाना आधार पर कमी है।
थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति जून महीने में घटकर 7.25 प्रतिशत पर आ गई जो इससे पूर्व महीने में 7.55 प्रतिशत थी।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने मई महीने में पेट्रोल की कीमतों में 7.54 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की थी लेकिन जून महीने में दो किस्तों में 4.5 रुपये प्रति लीटर की कटौती की।टिप्पणियां
विनिर्मित उत्पादों की श्रेणी में सूती कपड़ा, रबड़ तथा प्लास्टिक उतपाद, लोहा एवं मशीनरी की कीमतों में वृद्धि की दर सालाना आधार पर कम रही।
राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के कारण वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी के इस्तीफे के बाद मीणा को मंत्रालय में अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वित्त राज्यमंत्री नमो नारायाण मीणा ने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि घटने की यह प्रवृत्ति जारी रहेगी।’’ उन्होंने कहा कि मौसम विभाग ने दक्षिण पश्चिम मानसून के बारे में जो भविष्यवाणी की है, वह अभी भी सकारात्मक है। बारिश में जो कमी थी, उसकी कुछ भरपाई पिछले दो सप्ताह में हुई है।
मीणा ने कहा, ‘‘खाद्य जिंसों की उपलब्धता बढ़ने की संभावना है और इससे आपूर्ति संबंधी बाधा दूर होगी।’’ उन्होंने कहा कि जून महीने में मुद्रास्फीति में कमी का कारण कुछ गैर-खाद्य जिंसों तथा ईंधन की कीमतों में सालाना आधार पर कमी है।
थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति जून महीने में घटकर 7.25 प्रतिशत पर आ गई जो इससे पूर्व महीने में 7.55 प्रतिशत थी।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने मई महीने में पेट्रोल की कीमतों में 7.54 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की थी लेकिन जून महीने में दो किस्तों में 4.5 रुपये प्रति लीटर की कटौती की।टिप्पणियां
विनिर्मित उत्पादों की श्रेणी में सूती कपड़ा, रबड़ तथा प्लास्टिक उतपाद, लोहा एवं मशीनरी की कीमतों में वृद्धि की दर सालाना आधार पर कम रही।
राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के कारण वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी के इस्तीफे के बाद मीणा को मंत्रालय में अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मीणा ने कहा, ‘‘खाद्य जिंसों की उपलब्धता बढ़ने की संभावना है और इससे आपूर्ति संबंधी बाधा दूर होगी।’’ उन्होंने कहा कि जून महीने में मुद्रास्फीति में कमी का कारण कुछ गैर-खाद्य जिंसों तथा ईंधन की कीमतों में सालाना आधार पर कमी है।
थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति जून महीने में घटकर 7.25 प्रतिशत पर आ गई जो इससे पूर्व महीने में 7.55 प्रतिशत थी।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने मई महीने में पेट्रोल की कीमतों में 7.54 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की थी लेकिन जून महीने में दो किस्तों में 4.5 रुपये प्रति लीटर की कटौती की।टिप्पणियां
विनिर्मित उत्पादों की श्रेणी में सूती कपड़ा, रबड़ तथा प्लास्टिक उतपाद, लोहा एवं मशीनरी की कीमतों में वृद्धि की दर सालाना आधार पर कम रही।
राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के कारण वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी के इस्तीफे के बाद मीणा को मंत्रालय में अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।
थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति जून महीने में घटकर 7.25 प्रतिशत पर आ गई जो इससे पूर्व महीने में 7.55 प्रतिशत थी।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने मई महीने में पेट्रोल की कीमतों में 7.54 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की थी लेकिन जून महीने में दो किस्तों में 4.5 रुपये प्रति लीटर की कटौती की।टिप्पणियां
विनिर्मित उत्पादों की श्रेणी में सूती कपड़ा, रबड़ तथा प्लास्टिक उतपाद, लोहा एवं मशीनरी की कीमतों में वृद्धि की दर सालाना आधार पर कम रही।
राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के कारण वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी के इस्तीफे के बाद मीणा को मंत्रालय में अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने मई महीने में पेट्रोल की कीमतों में 7.54 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की थी लेकिन जून महीने में दो किस्तों में 4.5 रुपये प्रति लीटर की कटौती की।टिप्पणियां
विनिर्मित उत्पादों की श्रेणी में सूती कपड़ा, रबड़ तथा प्लास्टिक उतपाद, लोहा एवं मशीनरी की कीमतों में वृद्धि की दर सालाना आधार पर कम रही।
राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के कारण वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी के इस्तीफे के बाद मीणा को मंत्रालय में अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विनिर्मित उत्पादों की श्रेणी में सूती कपड़ा, रबड़ तथा प्लास्टिक उतपाद, लोहा एवं मशीनरी की कीमतों में वृद्धि की दर सालाना आधार पर कम रही।
राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के कारण वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी के इस्तीफे के बाद मीणा को मंत्रालय में अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के कारण वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी के इस्तीफे के बाद मीणा को मंत्रालय में अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। | यह एक सारांश है: इस बाजार जून महीने में मुद्रास्फीति में गिरावट के बीच वित्त मंत्रालय ने कहा कि खाद्य आपूर्ति की स्थिति सुधार के साथ महंगाई में घटने की प्रवृत्ति आगे भी बने रहने की संभावना है। | 16 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आप अगर एमपी-3 या आईपॉड्स पर घंटों तेज संगीत सुनना पसंद करते हैं तो फिर सावधान हो जाइए। एक शोध के मुताबिक आईपॉड और एमपी-3 पर तेज आवाज में संगीत सुनने के कारण चार में एक युवक के असमय बहरा होने का खतरा है।
आईपॉड और एमपी-3 प्लेयर जैसे उपकरण के माध्यम से तेज आवाज में एकदम स्पष्ट संगीत सुनने का मनोहारी अनुभव देते हैं लेकिन तेल अवीव विश्वविद्यालय (टीएयू) के शोधकर्ताओं के अनुसार इन यंत्रों के फायदे होने के साथ-साथ इनसे किशोरों में कई तरह की शारीरिक समस्याएं भी पैदा हो रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय पत्रिका 'ऑडियोलॉजी' की रिपोर्ट के अनुसार टीएयू विश्वविद्यालय के 'मेडिसिन एंड शेबा मेडिकल सेंटर' के प्रोफेसर चावा मचनिक ने कहा कि चार में से एक किशोर पर अपनी पसंद की संगीत सुनने की आदतों की वजह से असमय बहरा होने का खतरा मंडरा रहा है।
विश्वविद्यालय के एक बयान के अनुसार मचनिक ने अपने साथी रिकी कपलान-नेमेन, नोअम अमीर और ईस्टर शबतई के साथ किए गए अध्ययन के दौरान किशोरों की संगीत सुनने की आदतों और पसंदीदा धुन सुनने के स्तर का ध्वनिक माप किया।
परिणामों से पता चला कि आईपॉड और अन्य एमपी-3 यंत्रों के सम्बंध में किशोरों में नुकसानदेह संगीत सुनने की आदतें हैं। मचनिक ने कहा, "अगले 10 से 20 सालों में युवाओं की सम्पूर्ण पीढ़ी उम्र से पहले श्रवण सम्बंधी समस्याओं से जूझ रही होगी।" | यहाँ एक सारांश है:आप अगर एमपी-3 या आईपॉड्स पर घंटों तेज संगीत सुनना पसंद करते हैं तो फिर सावधान हो जाइए। | 12 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद के खिलाफ निचली अदालत द्वारा तीसरा गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने के बाद उन्हें मंगलवार को राजधानी माले स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया है, और उन्हें बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा। उन पर आरोप है कि उन्होंने सेना को आदेश दिया था कि वे क्रिमिनल कोर्ट के चीफ जज अब्दुल्ला मोहम्मद को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखें।टिप्पणियां
प्रवक्ता शॉना अमीना ने फोन पर जानकारी दी कि मोहम्मद नशीद को कुछ ही देर पहले राजधानी में काफी संख्या में पहुंचे पुलिस वालों ने गिरफ्तार कर लिया है। उधर, नशीद का कहना है कि यह राजनीति से प्रेरित मामला है, ताकि वह सितम्बर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव न लड़ पाएं।
मोहम्मद नशीद ने इससे पहले जारी किए गए दो वारंट के समय भारतीय दूतावास में शरण लेकर गिरफ्तारी को टाला था। 13 फरवरी को शरण लिए जाने के बाद वह 11 दिन वहां रहे थे।
प्रवक्ता शॉना अमीना ने फोन पर जानकारी दी कि मोहम्मद नशीद को कुछ ही देर पहले राजधानी में काफी संख्या में पहुंचे पुलिस वालों ने गिरफ्तार कर लिया है। उधर, नशीद का कहना है कि यह राजनीति से प्रेरित मामला है, ताकि वह सितम्बर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव न लड़ पाएं।
मोहम्मद नशीद ने इससे पहले जारी किए गए दो वारंट के समय भारतीय दूतावास में शरण लेकर गिरफ्तारी को टाला था। 13 फरवरी को शरण लिए जाने के बाद वह 11 दिन वहां रहे थे।
मोहम्मद नशीद ने इससे पहले जारी किए गए दो वारंट के समय भारतीय दूतावास में शरण लेकर गिरफ्तारी को टाला था। 13 फरवरी को शरण लिए जाने के बाद वह 11 दिन वहां रहे थे। | संक्षिप्त पाठ: मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद के खिलाफ निचली अदालत द्वारा तीसरा गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने के बाद उन्हें मंगलवार को राजधानी माले स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया है। | 22 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बहरीन में राजनीतिक सुधारों की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को संसद के उच्च सदन नेशनल एसेम्बली (शूरा) का प्रवेशद्वार बंद कर दिया। देशभर से स्कूली छात्रों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। समाचार एजेंसी 'डीपीए' के मुताबिक कुछ छात्रों ने संसद की तरफ मार्च किया तो कुछ ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में अपने स्कूलों में ही प्रदर्शन किया। वे पिछले 14 फरवरी से बहरीन में राजनीतिक सुधारों की मांग कर रहे हैं। राजधानी मनामा में एक विश्वविद्यालय के छात्रों ने सरकार नियंत्रित बीटीवी टेलीविजन कार्यालय की तरफ भी मार्च किया। नेशनल एसेम्बली के आसपास जुटे प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए अपने साथियों को छोड़ने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने वाले मंत्रियों तथा अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प में अब तक 7 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 100 से ज्यादा घायल हो गए हैं। एक दिन पहले शिया मुसलमानों के एक समूह अल-वेफाक ने प्रदर्शनकारियों पर हमले के विरोध में इस्तीफा दे दिया था। बहरीन की कुल जनसंख्या में 70 फीसदी शिया मुसलमान हैं, जबकि सत्ताधारी परिवार सुन्नी समुदाय से है। राजनीतिक सुधारों की बढ़ती मांग के बीच बहरीन के शासक हमद बिन ईसा अल-खलीफा ने पिछले सप्ताह मंत्रिमंडल में फेरबदल किया था। प्रदर्शनकारियों और सरकार के बीच वार्ता को प्रोत्साहित करने के मकसद से उन्होंने हिरासत में लिए गए 300 लोगों को छोड़ने का आदेश भी दिया था। लेकिन विपक्ष ने इसे नाकाफी बताते हुए कहा कि बातचीत शुरू करने से पहले मंत्रिमंडल को इस्तीफा देना होगा। | संक्षिप्त सारांश: बहरीन में राजनीतिक सुधारों की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों ने संसद के उच्च सदन नेशनल एसेम्बली (शूरा) का प्रवेशद्वार बंद कर दिया। | 23 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: शुरू में ऐसा लगता था, लेकिन जब बारिकी से देखा तो पता चला कि मुझे वह लोग सलाह देते हैं जो अपने जीवन में कुछ कर रहे हैं. तब यह माना कि यह सुझाव सामान्य नहीं है. यह लोगों का अनुभव है.
पीएम ने कहा कि देश में युवा पीढ़ी लंबे अरसे से खाना बचाने के लिए काम कर रही है. बहुत अच्छा है. देश के युवा ऐसा काम कर रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि 1 मई को महाराष्ट्र और गुजरात का स्थापना दिवस है. उन्हें बधाई. पीएम ने कहा कि 2022 तक हम अपने राज्य, देश, नगर को कहां ले जाएंगे. इस बारे में सोचना चाहिए.
पीएम ने कहा कि पर्यावरण को लेकर लोग कुछ सजग हो रहे हैं. कुदरत ने भी खेल के नियम बदल दिए हैं. मार्च अप्रैल में मई की गर्मी अनुभव हो रही है. लोगों ने गर्मी को लेकर सुझाव दिए हैं.
पीएम ने कहा कि प्रशांत कुमार मिश्र, टीएस कार्तिक ने पक्षियों की चिंता की है. उन्होंने गर्मी के समय क्या करें इसका सुझाव दिया है. पीएम ने कहा, छोटे छोटे बच्चे ऐसे काम को लेकर उत्साहित रहते हैं. लोग छत पर पानी भरते हैं. बच्चों में ऐसी बातों को लेकर उत्साह देखा जाता है. पीएम ने कहा कि गुजरात में बोहरा समाज के लोगों गौरैया को बचाने के लिए काफी काम किया था.
पीएम ने नौजवानों को लेकर कहा कि कई लोग आराम की जिंदगी जीने के आदि हो जाते हैं. कंफर्ट जोन में जीना ठीक है, लेकिन मेहनत जरूरी है. अब परीक्षाएं समाप्त हो चुकी है. पीएम ने कहा कि छुट्टियों में युवाओं को कुछ करना चाहिए. तीन सुझाव हैं. नया अनुभव करें, जिसके बारे में न सुना है, न जानते हैं, नई जगहों पर जाएं. पीएम ने कहा कि जो भी जानने की इच्छा है उसके बारे में कुछ करें.
पीएम ने कहा कि रिजर्वेशन किए बिना, टिकट लेकर यात्रा करें. 24 घंटे का सफर करें. अनुभव करें. क्या लगता है. कभी तो अनुभव करें. बिना सोए. भीड़ भाड़ का अनुभव करें. गरीब बस्ती में अपने खेल का सामान लेकर जाएं. नया अनुभव होगा. गरीब लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव आएगा. एक बार जाएंगे. बार बार जाने का मन करेगा. कई एनजीओ ऐसा काम कर रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि तकनीक दूरियां कम करने के लिए आई. लेकिन आज उल्टा हो रहा है, एक घर में लोग दूर हो रहे हैं.
स्किल बढ़ाने के लिए युवाओं को कुछ करना चाहिए. वैकेशन में कुछ नया करें. पीएम ने कहा कि जीवन में कुछ बनने का सपना अच्छी बात है, लेकिन अपने भीतर के इंसान को कुंठित न होने दें. मानवीय गुणों से दूर तो नहीं हो रहे हैं. तकनीक सीखें, संगीत सीखें, अन्य भाषाएं सीखें. भारत में तमाम विविधताएं हैं. स्वीमिंग नहीं आती तो सीखें, ड्राइंग सीखें, कुछ लाभ तो मिलेगा. नया कुछ भी करें.
नए प्रयोग युवाओं को अच्छा अनुभव देगा. कुछ खुशी मिलेगी. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर जादू सीखने का शौक है तो ताश के पत्तों का जादू सीखिए, अपने दोस्तों को दिखाएं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया को देखने से जो अनुभव मिलता है वह और कहीं नहीं मिलता. जाने से पहले उसके बारे में जानें तब फायदा होगा. ज्यादा यात्रा न करें. समय दें एक स्थान पर उससे ज्यादा फायदा होगा.
युवाओं से पीएम मोदी ने कहा कि भारत सरकार ने युवाओं के लिए अच्छा प्रयास किया है. डिजिटल लेन देन को बढ़ावा दिया है. पीएम ने कहा कि भारत सरकार की युवाओं के लिए एक कमाई की योजना भी है. आप लोगों को डिजिटल योजना से जोड़ें.
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोगों में वीआईपी कल्चर से नाराजगी है. इसका अनुभव इसे हटाने के बाद हुआ. पीएम मोदी ने कहा कि बत्ती गाड़ी पर लगती थी लेकिन मन में घुस जाती थी. दिमाग में जो बत्ती घुसी उससे निकलने में थोड़ा वक्त लगता है.
पीएम मोदी ने कहा कि लोगों ने लालबत्ती हटाने के निर्णय का स्वागत किया है. पीएम मोदी ने कहा कि मन से भी इसे हटाना है. यह भी सफाई अभियान का हिस्सा भी है. पीएम ने कहा कि न्यू इंडिया का मतलब ईपीआई है. इसका अर्थ है एवरी पर्शन इज इम्पोर्टेंट. सभी देशवासी का महत्व है. पीएम ने कहा कि यह सब हमें मिलकर करना है.
पीएम मोदी ने कहा कि इस वर्ष संत रामानुजाचार्य की 1000वीं जयंती है. हमें उस समय के समाज के बारे में सोचना चाहिए. पीएम ने कहा कि रामानुजाचार्य जी ने समाज की बुराइयों के खिलाफ लड़ाई लड़ी. उन्होंने अपने आचरण द्वारा लोगों में अपनी जगह बनाई. तब अछूत कहे जाने वालों को गले लगाया. मंदिर प्रवेश के लिए आंदोलन किए. उन्होंने कहा कि भारत सरकार उनके सम्मान में एक डाक टिकट जारी करेगी.
पीएम ने कहा कि 1 मई को श्रमिक दिवस के रूप में भी बनाया जाता है. पीएम ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर की याद आती है. श्रमिकों के कल्याण के लिए उनका योगदान भुलाया नहीं जा सकता है. जगत गुरु बश्वेश्वर ने भी श्रम श्रमिक पर गहन विचार रखे थे. उन्होंने कहा था कि अपने घर पर परिश्रम से भगवान प्राप्त होते हैं. उन्होंने कहा था कि श्रम ही ईश्वर है. पीएम ने दत्तोपंत ढेंगड़ी पर कहा कि उन्होंने मजदूरों को एक किया. ये दुनिया को एक करने के लिए जरूरी है. पीएम नरेंद्र मोदी ने बुद्ध पूर्णिमा का जिक्र करते हुए कहा कि बुद्ध के विचार आज भी प्रासंगिक है.
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने सबका साथ सबका विकास की बात की है. यह विश्व पटल पर भी लागू है. हमारे पड़ोसी देश भी विकास करें. भारत जल्द एक सैटेलाइट लांच करेगा जिससे पड़ोसी देशों को भी फायदा होगा.
'मन की बात' आज (रविवार) सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 31वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित किया. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने पिछले बार 'मन की बात' कार्यक्रम में न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. वह अपने इस कार्यक्रम में हर बाहर आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं.
बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता हैं.
पीएम ने कहा कि देश में युवा पीढ़ी लंबे अरसे से खाना बचाने के लिए काम कर रही है. बहुत अच्छा है. देश के युवा ऐसा काम कर रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि 1 मई को महाराष्ट्र और गुजरात का स्थापना दिवस है. उन्हें बधाई. पीएम ने कहा कि 2022 तक हम अपने राज्य, देश, नगर को कहां ले जाएंगे. इस बारे में सोचना चाहिए.
पीएम ने कहा कि पर्यावरण को लेकर लोग कुछ सजग हो रहे हैं. कुदरत ने भी खेल के नियम बदल दिए हैं. मार्च अप्रैल में मई की गर्मी अनुभव हो रही है. लोगों ने गर्मी को लेकर सुझाव दिए हैं.
पीएम ने कहा कि प्रशांत कुमार मिश्र, टीएस कार्तिक ने पक्षियों की चिंता की है. उन्होंने गर्मी के समय क्या करें इसका सुझाव दिया है. पीएम ने कहा, छोटे छोटे बच्चे ऐसे काम को लेकर उत्साहित रहते हैं. लोग छत पर पानी भरते हैं. बच्चों में ऐसी बातों को लेकर उत्साह देखा जाता है. पीएम ने कहा कि गुजरात में बोहरा समाज के लोगों गौरैया को बचाने के लिए काफी काम किया था.
पीएम ने नौजवानों को लेकर कहा कि कई लोग आराम की जिंदगी जीने के आदि हो जाते हैं. कंफर्ट जोन में जीना ठीक है, लेकिन मेहनत जरूरी है. अब परीक्षाएं समाप्त हो चुकी है. पीएम ने कहा कि छुट्टियों में युवाओं को कुछ करना चाहिए. तीन सुझाव हैं. नया अनुभव करें, जिसके बारे में न सुना है, न जानते हैं, नई जगहों पर जाएं. पीएम ने कहा कि जो भी जानने की इच्छा है उसके बारे में कुछ करें.
पीएम ने कहा कि रिजर्वेशन किए बिना, टिकट लेकर यात्रा करें. 24 घंटे का सफर करें. अनुभव करें. क्या लगता है. कभी तो अनुभव करें. बिना सोए. भीड़ भाड़ का अनुभव करें. गरीब बस्ती में अपने खेल का सामान लेकर जाएं. नया अनुभव होगा. गरीब लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव आएगा. एक बार जाएंगे. बार बार जाने का मन करेगा. कई एनजीओ ऐसा काम कर रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि तकनीक दूरियां कम करने के लिए आई. लेकिन आज उल्टा हो रहा है, एक घर में लोग दूर हो रहे हैं.
स्किल बढ़ाने के लिए युवाओं को कुछ करना चाहिए. वैकेशन में कुछ नया करें. पीएम ने कहा कि जीवन में कुछ बनने का सपना अच्छी बात है, लेकिन अपने भीतर के इंसान को कुंठित न होने दें. मानवीय गुणों से दूर तो नहीं हो रहे हैं. तकनीक सीखें, संगीत सीखें, अन्य भाषाएं सीखें. भारत में तमाम विविधताएं हैं. स्वीमिंग नहीं आती तो सीखें, ड्राइंग सीखें, कुछ लाभ तो मिलेगा. नया कुछ भी करें.
नए प्रयोग युवाओं को अच्छा अनुभव देगा. कुछ खुशी मिलेगी. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर जादू सीखने का शौक है तो ताश के पत्तों का जादू सीखिए, अपने दोस्तों को दिखाएं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया को देखने से जो अनुभव मिलता है वह और कहीं नहीं मिलता. जाने से पहले उसके बारे में जानें तब फायदा होगा. ज्यादा यात्रा न करें. समय दें एक स्थान पर उससे ज्यादा फायदा होगा.
युवाओं से पीएम मोदी ने कहा कि भारत सरकार ने युवाओं के लिए अच्छा प्रयास किया है. डिजिटल लेन देन को बढ़ावा दिया है. पीएम ने कहा कि भारत सरकार की युवाओं के लिए एक कमाई की योजना भी है. आप लोगों को डिजिटल योजना से जोड़ें.
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोगों में वीआईपी कल्चर से नाराजगी है. इसका अनुभव इसे हटाने के बाद हुआ. पीएम मोदी ने कहा कि बत्ती गाड़ी पर लगती थी लेकिन मन में घुस जाती थी. दिमाग में जो बत्ती घुसी उससे निकलने में थोड़ा वक्त लगता है.
पीएम मोदी ने कहा कि लोगों ने लालबत्ती हटाने के निर्णय का स्वागत किया है. पीएम मोदी ने कहा कि मन से भी इसे हटाना है. यह भी सफाई अभियान का हिस्सा भी है. पीएम ने कहा कि न्यू इंडिया का मतलब ईपीआई है. इसका अर्थ है एवरी पर्शन इज इम्पोर्टेंट. सभी देशवासी का महत्व है. पीएम ने कहा कि यह सब हमें मिलकर करना है.
पीएम मोदी ने कहा कि इस वर्ष संत रामानुजाचार्य की 1000वीं जयंती है. हमें उस समय के समाज के बारे में सोचना चाहिए. पीएम ने कहा कि रामानुजाचार्य जी ने समाज की बुराइयों के खिलाफ लड़ाई लड़ी. उन्होंने अपने आचरण द्वारा लोगों में अपनी जगह बनाई. तब अछूत कहे जाने वालों को गले लगाया. मंदिर प्रवेश के लिए आंदोलन किए. उन्होंने कहा कि भारत सरकार उनके सम्मान में एक डाक टिकट जारी करेगी.
पीएम ने कहा कि 1 मई को श्रमिक दिवस के रूप में भी बनाया जाता है. पीएम ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर की याद आती है. श्रमिकों के कल्याण के लिए उनका योगदान भुलाया नहीं जा सकता है. जगत गुरु बश्वेश्वर ने भी श्रम श्रमिक पर गहन विचार रखे थे. उन्होंने कहा था कि अपने घर पर परिश्रम से भगवान प्राप्त होते हैं. उन्होंने कहा था कि श्रम ही ईश्वर है. पीएम ने दत्तोपंत ढेंगड़ी पर कहा कि उन्होंने मजदूरों को एक किया. ये दुनिया को एक करने के लिए जरूरी है. पीएम नरेंद्र मोदी ने बुद्ध पूर्णिमा का जिक्र करते हुए कहा कि बुद्ध के विचार आज भी प्रासंगिक है.
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने सबका साथ सबका विकास की बात की है. यह विश्व पटल पर भी लागू है. हमारे पड़ोसी देश भी विकास करें. भारत जल्द एक सैटेलाइट लांच करेगा जिससे पड़ोसी देशों को भी फायदा होगा.
'मन की बात' आज (रविवार) सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 31वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित किया. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने पिछले बार 'मन की बात' कार्यक्रम में न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. वह अपने इस कार्यक्रम में हर बाहर आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं.
बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता हैं.
पीएम ने कहा कि पर्यावरण को लेकर लोग कुछ सजग हो रहे हैं. कुदरत ने भी खेल के नियम बदल दिए हैं. मार्च अप्रैल में मई की गर्मी अनुभव हो रही है. लोगों ने गर्मी को लेकर सुझाव दिए हैं.
पीएम ने कहा कि प्रशांत कुमार मिश्र, टीएस कार्तिक ने पक्षियों की चिंता की है. उन्होंने गर्मी के समय क्या करें इसका सुझाव दिया है. पीएम ने कहा, छोटे छोटे बच्चे ऐसे काम को लेकर उत्साहित रहते हैं. लोग छत पर पानी भरते हैं. बच्चों में ऐसी बातों को लेकर उत्साह देखा जाता है. पीएम ने कहा कि गुजरात में बोहरा समाज के लोगों गौरैया को बचाने के लिए काफी काम किया था.
पीएम ने नौजवानों को लेकर कहा कि कई लोग आराम की जिंदगी जीने के आदि हो जाते हैं. कंफर्ट जोन में जीना ठीक है, लेकिन मेहनत जरूरी है. अब परीक्षाएं समाप्त हो चुकी है. पीएम ने कहा कि छुट्टियों में युवाओं को कुछ करना चाहिए. तीन सुझाव हैं. नया अनुभव करें, जिसके बारे में न सुना है, न जानते हैं, नई जगहों पर जाएं. पीएम ने कहा कि जो भी जानने की इच्छा है उसके बारे में कुछ करें.
पीएम ने कहा कि रिजर्वेशन किए बिना, टिकट लेकर यात्रा करें. 24 घंटे का सफर करें. अनुभव करें. क्या लगता है. कभी तो अनुभव करें. बिना सोए. भीड़ भाड़ का अनुभव करें. गरीब बस्ती में अपने खेल का सामान लेकर जाएं. नया अनुभव होगा. गरीब लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव आएगा. एक बार जाएंगे. बार बार जाने का मन करेगा. कई एनजीओ ऐसा काम कर रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि तकनीक दूरियां कम करने के लिए आई. लेकिन आज उल्टा हो रहा है, एक घर में लोग दूर हो रहे हैं.
स्किल बढ़ाने के लिए युवाओं को कुछ करना चाहिए. वैकेशन में कुछ नया करें. पीएम ने कहा कि जीवन में कुछ बनने का सपना अच्छी बात है, लेकिन अपने भीतर के इंसान को कुंठित न होने दें. मानवीय गुणों से दूर तो नहीं हो रहे हैं. तकनीक सीखें, संगीत सीखें, अन्य भाषाएं सीखें. भारत में तमाम विविधताएं हैं. स्वीमिंग नहीं आती तो सीखें, ड्राइंग सीखें, कुछ लाभ तो मिलेगा. नया कुछ भी करें.
नए प्रयोग युवाओं को अच्छा अनुभव देगा. कुछ खुशी मिलेगी. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर जादू सीखने का शौक है तो ताश के पत्तों का जादू सीखिए, अपने दोस्तों को दिखाएं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया को देखने से जो अनुभव मिलता है वह और कहीं नहीं मिलता. जाने से पहले उसके बारे में जानें तब फायदा होगा. ज्यादा यात्रा न करें. समय दें एक स्थान पर उससे ज्यादा फायदा होगा.
युवाओं से पीएम मोदी ने कहा कि भारत सरकार ने युवाओं के लिए अच्छा प्रयास किया है. डिजिटल लेन देन को बढ़ावा दिया है. पीएम ने कहा कि भारत सरकार की युवाओं के लिए एक कमाई की योजना भी है. आप लोगों को डिजिटल योजना से जोड़ें.
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोगों में वीआईपी कल्चर से नाराजगी है. इसका अनुभव इसे हटाने के बाद हुआ. पीएम मोदी ने कहा कि बत्ती गाड़ी पर लगती थी लेकिन मन में घुस जाती थी. दिमाग में जो बत्ती घुसी उससे निकलने में थोड़ा वक्त लगता है.
पीएम मोदी ने कहा कि लोगों ने लालबत्ती हटाने के निर्णय का स्वागत किया है. पीएम मोदी ने कहा कि मन से भी इसे हटाना है. यह भी सफाई अभियान का हिस्सा भी है. पीएम ने कहा कि न्यू इंडिया का मतलब ईपीआई है. इसका अर्थ है एवरी पर्शन इज इम्पोर्टेंट. सभी देशवासी का महत्व है. पीएम ने कहा कि यह सब हमें मिलकर करना है.
पीएम मोदी ने कहा कि इस वर्ष संत रामानुजाचार्य की 1000वीं जयंती है. हमें उस समय के समाज के बारे में सोचना चाहिए. पीएम ने कहा कि रामानुजाचार्य जी ने समाज की बुराइयों के खिलाफ लड़ाई लड़ी. उन्होंने अपने आचरण द्वारा लोगों में अपनी जगह बनाई. तब अछूत कहे जाने वालों को गले लगाया. मंदिर प्रवेश के लिए आंदोलन किए. उन्होंने कहा कि भारत सरकार उनके सम्मान में एक डाक टिकट जारी करेगी.
पीएम ने कहा कि 1 मई को श्रमिक दिवस के रूप में भी बनाया जाता है. पीएम ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर की याद आती है. श्रमिकों के कल्याण के लिए उनका योगदान भुलाया नहीं जा सकता है. जगत गुरु बश्वेश्वर ने भी श्रम श्रमिक पर गहन विचार रखे थे. उन्होंने कहा था कि अपने घर पर परिश्रम से भगवान प्राप्त होते हैं. उन्होंने कहा था कि श्रम ही ईश्वर है. पीएम ने दत्तोपंत ढेंगड़ी पर कहा कि उन्होंने मजदूरों को एक किया. ये दुनिया को एक करने के लिए जरूरी है. पीएम नरेंद्र मोदी ने बुद्ध पूर्णिमा का जिक्र करते हुए कहा कि बुद्ध के विचार आज भी प्रासंगिक है.
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने सबका साथ सबका विकास की बात की है. यह विश्व पटल पर भी लागू है. हमारे पड़ोसी देश भी विकास करें. भारत जल्द एक सैटेलाइट लांच करेगा जिससे पड़ोसी देशों को भी फायदा होगा.
'मन की बात' आज (रविवार) सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 31वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित किया. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने पिछले बार 'मन की बात' कार्यक्रम में न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. वह अपने इस कार्यक्रम में हर बाहर आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं.
बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता हैं.
पीएम ने कहा कि प्रशांत कुमार मिश्र, टीएस कार्तिक ने पक्षियों की चिंता की है. उन्होंने गर्मी के समय क्या करें इसका सुझाव दिया है. पीएम ने कहा, छोटे छोटे बच्चे ऐसे काम को लेकर उत्साहित रहते हैं. लोग छत पर पानी भरते हैं. बच्चों में ऐसी बातों को लेकर उत्साह देखा जाता है. पीएम ने कहा कि गुजरात में बोहरा समाज के लोगों गौरैया को बचाने के लिए काफी काम किया था.
पीएम ने नौजवानों को लेकर कहा कि कई लोग आराम की जिंदगी जीने के आदि हो जाते हैं. कंफर्ट जोन में जीना ठीक है, लेकिन मेहनत जरूरी है. अब परीक्षाएं समाप्त हो चुकी है. पीएम ने कहा कि छुट्टियों में युवाओं को कुछ करना चाहिए. तीन सुझाव हैं. नया अनुभव करें, जिसके बारे में न सुना है, न जानते हैं, नई जगहों पर जाएं. पीएम ने कहा कि जो भी जानने की इच्छा है उसके बारे में कुछ करें.
पीएम ने कहा कि रिजर्वेशन किए बिना, टिकट लेकर यात्रा करें. 24 घंटे का सफर करें. अनुभव करें. क्या लगता है. कभी तो अनुभव करें. बिना सोए. भीड़ भाड़ का अनुभव करें. गरीब बस्ती में अपने खेल का सामान लेकर जाएं. नया अनुभव होगा. गरीब लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव आएगा. एक बार जाएंगे. बार बार जाने का मन करेगा. कई एनजीओ ऐसा काम कर रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि तकनीक दूरियां कम करने के लिए आई. लेकिन आज उल्टा हो रहा है, एक घर में लोग दूर हो रहे हैं.
स्किल बढ़ाने के लिए युवाओं को कुछ करना चाहिए. वैकेशन में कुछ नया करें. पीएम ने कहा कि जीवन में कुछ बनने का सपना अच्छी बात है, लेकिन अपने भीतर के इंसान को कुंठित न होने दें. मानवीय गुणों से दूर तो नहीं हो रहे हैं. तकनीक सीखें, संगीत सीखें, अन्य भाषाएं सीखें. भारत में तमाम विविधताएं हैं. स्वीमिंग नहीं आती तो सीखें, ड्राइंग सीखें, कुछ लाभ तो मिलेगा. नया कुछ भी करें.
नए प्रयोग युवाओं को अच्छा अनुभव देगा. कुछ खुशी मिलेगी. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर जादू सीखने का शौक है तो ताश के पत्तों का जादू सीखिए, अपने दोस्तों को दिखाएं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया को देखने से जो अनुभव मिलता है वह और कहीं नहीं मिलता. जाने से पहले उसके बारे में जानें तब फायदा होगा. ज्यादा यात्रा न करें. समय दें एक स्थान पर उससे ज्यादा फायदा होगा.
युवाओं से पीएम मोदी ने कहा कि भारत सरकार ने युवाओं के लिए अच्छा प्रयास किया है. डिजिटल लेन देन को बढ़ावा दिया है. पीएम ने कहा कि भारत सरकार की युवाओं के लिए एक कमाई की योजना भी है. आप लोगों को डिजिटल योजना से जोड़ें.
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोगों में वीआईपी कल्चर से नाराजगी है. इसका अनुभव इसे हटाने के बाद हुआ. पीएम मोदी ने कहा कि बत्ती गाड़ी पर लगती थी लेकिन मन में घुस जाती थी. दिमाग में जो बत्ती घुसी उससे निकलने में थोड़ा वक्त लगता है.
पीएम मोदी ने कहा कि लोगों ने लालबत्ती हटाने के निर्णय का स्वागत किया है. पीएम मोदी ने कहा कि मन से भी इसे हटाना है. यह भी सफाई अभियान का हिस्सा भी है. पीएम ने कहा कि न्यू इंडिया का मतलब ईपीआई है. इसका अर्थ है एवरी पर्शन इज इम्पोर्टेंट. सभी देशवासी का महत्व है. पीएम ने कहा कि यह सब हमें मिलकर करना है.
पीएम मोदी ने कहा कि इस वर्ष संत रामानुजाचार्य की 1000वीं जयंती है. हमें उस समय के समाज के बारे में सोचना चाहिए. पीएम ने कहा कि रामानुजाचार्य जी ने समाज की बुराइयों के खिलाफ लड़ाई लड़ी. उन्होंने अपने आचरण द्वारा लोगों में अपनी जगह बनाई. तब अछूत कहे जाने वालों को गले लगाया. मंदिर प्रवेश के लिए आंदोलन किए. उन्होंने कहा कि भारत सरकार उनके सम्मान में एक डाक टिकट जारी करेगी.
पीएम ने कहा कि 1 मई को श्रमिक दिवस के रूप में भी बनाया जाता है. पीएम ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर की याद आती है. श्रमिकों के कल्याण के लिए उनका योगदान भुलाया नहीं जा सकता है. जगत गुरु बश्वेश्वर ने भी श्रम श्रमिक पर गहन विचार रखे थे. उन्होंने कहा था कि अपने घर पर परिश्रम से भगवान प्राप्त होते हैं. उन्होंने कहा था कि श्रम ही ईश्वर है. पीएम ने दत्तोपंत ढेंगड़ी पर कहा कि उन्होंने मजदूरों को एक किया. ये दुनिया को एक करने के लिए जरूरी है. पीएम नरेंद्र मोदी ने बुद्ध पूर्णिमा का जिक्र करते हुए कहा कि बुद्ध के विचार आज भी प्रासंगिक है.
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने सबका साथ सबका विकास की बात की है. यह विश्व पटल पर भी लागू है. हमारे पड़ोसी देश भी विकास करें. भारत जल्द एक सैटेलाइट लांच करेगा जिससे पड़ोसी देशों को भी फायदा होगा.
'मन की बात' आज (रविवार) सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 31वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित किया. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने पिछले बार 'मन की बात' कार्यक्रम में न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. वह अपने इस कार्यक्रम में हर बाहर आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं.
बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता हैं.
पीएम ने नौजवानों को लेकर कहा कि कई लोग आराम की जिंदगी जीने के आदि हो जाते हैं. कंफर्ट जोन में जीना ठीक है, लेकिन मेहनत जरूरी है. अब परीक्षाएं समाप्त हो चुकी है. पीएम ने कहा कि छुट्टियों में युवाओं को कुछ करना चाहिए. तीन सुझाव हैं. नया अनुभव करें, जिसके बारे में न सुना है, न जानते हैं, नई जगहों पर जाएं. पीएम ने कहा कि जो भी जानने की इच्छा है उसके बारे में कुछ करें.
पीएम ने कहा कि रिजर्वेशन किए बिना, टिकट लेकर यात्रा करें. 24 घंटे का सफर करें. अनुभव करें. क्या लगता है. कभी तो अनुभव करें. बिना सोए. भीड़ भाड़ का अनुभव करें. गरीब बस्ती में अपने खेल का सामान लेकर जाएं. नया अनुभव होगा. गरीब लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव आएगा. एक बार जाएंगे. बार बार जाने का मन करेगा. कई एनजीओ ऐसा काम कर रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि तकनीक दूरियां कम करने के लिए आई. लेकिन आज उल्टा हो रहा है, एक घर में लोग दूर हो रहे हैं.
स्किल बढ़ाने के लिए युवाओं को कुछ करना चाहिए. वैकेशन में कुछ नया करें. पीएम ने कहा कि जीवन में कुछ बनने का सपना अच्छी बात है, लेकिन अपने भीतर के इंसान को कुंठित न होने दें. मानवीय गुणों से दूर तो नहीं हो रहे हैं. तकनीक सीखें, संगीत सीखें, अन्य भाषाएं सीखें. भारत में तमाम विविधताएं हैं. स्वीमिंग नहीं आती तो सीखें, ड्राइंग सीखें, कुछ लाभ तो मिलेगा. नया कुछ भी करें.
नए प्रयोग युवाओं को अच्छा अनुभव देगा. कुछ खुशी मिलेगी. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर जादू सीखने का शौक है तो ताश के पत्तों का जादू सीखिए, अपने दोस्तों को दिखाएं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया को देखने से जो अनुभव मिलता है वह और कहीं नहीं मिलता. जाने से पहले उसके बारे में जानें तब फायदा होगा. ज्यादा यात्रा न करें. समय दें एक स्थान पर उससे ज्यादा फायदा होगा.
युवाओं से पीएम मोदी ने कहा कि भारत सरकार ने युवाओं के लिए अच्छा प्रयास किया है. डिजिटल लेन देन को बढ़ावा दिया है. पीएम ने कहा कि भारत सरकार की युवाओं के लिए एक कमाई की योजना भी है. आप लोगों को डिजिटल योजना से जोड़ें.
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोगों में वीआईपी कल्चर से नाराजगी है. इसका अनुभव इसे हटाने के बाद हुआ. पीएम मोदी ने कहा कि बत्ती गाड़ी पर लगती थी लेकिन मन में घुस जाती थी. दिमाग में जो बत्ती घुसी उससे निकलने में थोड़ा वक्त लगता है.
पीएम मोदी ने कहा कि लोगों ने लालबत्ती हटाने के निर्णय का स्वागत किया है. पीएम मोदी ने कहा कि मन से भी इसे हटाना है. यह भी सफाई अभियान का हिस्सा भी है. पीएम ने कहा कि न्यू इंडिया का मतलब ईपीआई है. इसका अर्थ है एवरी पर्शन इज इम्पोर्टेंट. सभी देशवासी का महत्व है. पीएम ने कहा कि यह सब हमें मिलकर करना है.
पीएम मोदी ने कहा कि इस वर्ष संत रामानुजाचार्य की 1000वीं जयंती है. हमें उस समय के समाज के बारे में सोचना चाहिए. पीएम ने कहा कि रामानुजाचार्य जी ने समाज की बुराइयों के खिलाफ लड़ाई लड़ी. उन्होंने अपने आचरण द्वारा लोगों में अपनी जगह बनाई. तब अछूत कहे जाने वालों को गले लगाया. मंदिर प्रवेश के लिए आंदोलन किए. उन्होंने कहा कि भारत सरकार उनके सम्मान में एक डाक टिकट जारी करेगी.
पीएम ने कहा कि 1 मई को श्रमिक दिवस के रूप में भी बनाया जाता है. पीएम ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर की याद आती है. श्रमिकों के कल्याण के लिए उनका योगदान भुलाया नहीं जा सकता है. जगत गुरु बश्वेश्वर ने भी श्रम श्रमिक पर गहन विचार रखे थे. उन्होंने कहा था कि अपने घर पर परिश्रम से भगवान प्राप्त होते हैं. उन्होंने कहा था कि श्रम ही ईश्वर है. पीएम ने दत्तोपंत ढेंगड़ी पर कहा कि उन्होंने मजदूरों को एक किया. ये दुनिया को एक करने के लिए जरूरी है. पीएम नरेंद्र मोदी ने बुद्ध पूर्णिमा का जिक्र करते हुए कहा कि बुद्ध के विचार आज भी प्रासंगिक है.
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने सबका साथ सबका विकास की बात की है. यह विश्व पटल पर भी लागू है. हमारे पड़ोसी देश भी विकास करें. भारत जल्द एक सैटेलाइट लांच करेगा जिससे पड़ोसी देशों को भी फायदा होगा.
'मन की बात' आज (रविवार) सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 31वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित किया. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने पिछले बार 'मन की बात' कार्यक्रम में न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. वह अपने इस कार्यक्रम में हर बाहर आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं.
बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता हैं.
पीएम ने कहा कि रिजर्वेशन किए बिना, टिकट लेकर यात्रा करें. 24 घंटे का सफर करें. अनुभव करें. क्या लगता है. कभी तो अनुभव करें. बिना सोए. भीड़ भाड़ का अनुभव करें. गरीब बस्ती में अपने खेल का सामान लेकर जाएं. नया अनुभव होगा. गरीब लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव आएगा. एक बार जाएंगे. बार बार जाने का मन करेगा. कई एनजीओ ऐसा काम कर रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि तकनीक दूरियां कम करने के लिए आई. लेकिन आज उल्टा हो रहा है, एक घर में लोग दूर हो रहे हैं.
स्किल बढ़ाने के लिए युवाओं को कुछ करना चाहिए. वैकेशन में कुछ नया करें. पीएम ने कहा कि जीवन में कुछ बनने का सपना अच्छी बात है, लेकिन अपने भीतर के इंसान को कुंठित न होने दें. मानवीय गुणों से दूर तो नहीं हो रहे हैं. तकनीक सीखें, संगीत सीखें, अन्य भाषाएं सीखें. भारत में तमाम विविधताएं हैं. स्वीमिंग नहीं आती तो सीखें, ड्राइंग सीखें, कुछ लाभ तो मिलेगा. नया कुछ भी करें.
नए प्रयोग युवाओं को अच्छा अनुभव देगा. कुछ खुशी मिलेगी. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर जादू सीखने का शौक है तो ताश के पत्तों का जादू सीखिए, अपने दोस्तों को दिखाएं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया को देखने से जो अनुभव मिलता है वह और कहीं नहीं मिलता. जाने से पहले उसके बारे में जानें तब फायदा होगा. ज्यादा यात्रा न करें. समय दें एक स्थान पर उससे ज्यादा फायदा होगा.
युवाओं से पीएम मोदी ने कहा कि भारत सरकार ने युवाओं के लिए अच्छा प्रयास किया है. डिजिटल लेन देन को बढ़ावा दिया है. पीएम ने कहा कि भारत सरकार की युवाओं के लिए एक कमाई की योजना भी है. आप लोगों को डिजिटल योजना से जोड़ें.
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोगों में वीआईपी कल्चर से नाराजगी है. इसका अनुभव इसे हटाने के बाद हुआ. पीएम मोदी ने कहा कि बत्ती गाड़ी पर लगती थी लेकिन मन में घुस जाती थी. दिमाग में जो बत्ती घुसी उससे निकलने में थोड़ा वक्त लगता है.
पीएम मोदी ने कहा कि लोगों ने लालबत्ती हटाने के निर्णय का स्वागत किया है. पीएम मोदी ने कहा कि मन से भी इसे हटाना है. यह भी सफाई अभियान का हिस्सा भी है. पीएम ने कहा कि न्यू इंडिया का मतलब ईपीआई है. इसका अर्थ है एवरी पर्शन इज इम्पोर्टेंट. सभी देशवासी का महत्व है. पीएम ने कहा कि यह सब हमें मिलकर करना है.
पीएम मोदी ने कहा कि इस वर्ष संत रामानुजाचार्य की 1000वीं जयंती है. हमें उस समय के समाज के बारे में सोचना चाहिए. पीएम ने कहा कि रामानुजाचार्य जी ने समाज की बुराइयों के खिलाफ लड़ाई लड़ी. उन्होंने अपने आचरण द्वारा लोगों में अपनी जगह बनाई. तब अछूत कहे जाने वालों को गले लगाया. मंदिर प्रवेश के लिए आंदोलन किए. उन्होंने कहा कि भारत सरकार उनके सम्मान में एक डाक टिकट जारी करेगी.
पीएम ने कहा कि 1 मई को श्रमिक दिवस के रूप में भी बनाया जाता है. पीएम ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर की याद आती है. श्रमिकों के कल्याण के लिए उनका योगदान भुलाया नहीं जा सकता है. जगत गुरु बश्वेश्वर ने भी श्रम श्रमिक पर गहन विचार रखे थे. उन्होंने कहा था कि अपने घर पर परिश्रम से भगवान प्राप्त होते हैं. उन्होंने कहा था कि श्रम ही ईश्वर है. पीएम ने दत्तोपंत ढेंगड़ी पर कहा कि उन्होंने मजदूरों को एक किया. ये दुनिया को एक करने के लिए जरूरी है. पीएम नरेंद्र मोदी ने बुद्ध पूर्णिमा का जिक्र करते हुए कहा कि बुद्ध के विचार आज भी प्रासंगिक है.
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने सबका साथ सबका विकास की बात की है. यह विश्व पटल पर भी लागू है. हमारे पड़ोसी देश भी विकास करें. भारत जल्द एक सैटेलाइट लांच करेगा जिससे पड़ोसी देशों को भी फायदा होगा.
'मन की बात' आज (रविवार) सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 31वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित किया. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने पिछले बार 'मन की बात' कार्यक्रम में न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. वह अपने इस कार्यक्रम में हर बाहर आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं.
बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता हैं.
स्किल बढ़ाने के लिए युवाओं को कुछ करना चाहिए. वैकेशन में कुछ नया करें. पीएम ने कहा कि जीवन में कुछ बनने का सपना अच्छी बात है, लेकिन अपने भीतर के इंसान को कुंठित न होने दें. मानवीय गुणों से दूर तो नहीं हो रहे हैं. तकनीक सीखें, संगीत सीखें, अन्य भाषाएं सीखें. भारत में तमाम विविधताएं हैं. स्वीमिंग नहीं आती तो सीखें, ड्राइंग सीखें, कुछ लाभ तो मिलेगा. नया कुछ भी करें.
नए प्रयोग युवाओं को अच्छा अनुभव देगा. कुछ खुशी मिलेगी. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर जादू सीखने का शौक है तो ताश के पत्तों का जादू सीखिए, अपने दोस्तों को दिखाएं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया को देखने से जो अनुभव मिलता है वह और कहीं नहीं मिलता. जाने से पहले उसके बारे में जानें तब फायदा होगा. ज्यादा यात्रा न करें. समय दें एक स्थान पर उससे ज्यादा फायदा होगा.
युवाओं से पीएम मोदी ने कहा कि भारत सरकार ने युवाओं के लिए अच्छा प्रयास किया है. डिजिटल लेन देन को बढ़ावा दिया है. पीएम ने कहा कि भारत सरकार की युवाओं के लिए एक कमाई की योजना भी है. आप लोगों को डिजिटल योजना से जोड़ें.
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोगों में वीआईपी कल्चर से नाराजगी है. इसका अनुभव इसे हटाने के बाद हुआ. पीएम मोदी ने कहा कि बत्ती गाड़ी पर लगती थी लेकिन मन में घुस जाती थी. दिमाग में जो बत्ती घुसी उससे निकलने में थोड़ा वक्त लगता है.
पीएम मोदी ने कहा कि लोगों ने लालबत्ती हटाने के निर्णय का स्वागत किया है. पीएम मोदी ने कहा कि मन से भी इसे हटाना है. यह भी सफाई अभियान का हिस्सा भी है. पीएम ने कहा कि न्यू इंडिया का मतलब ईपीआई है. इसका अर्थ है एवरी पर्शन इज इम्पोर्टेंट. सभी देशवासी का महत्व है. पीएम ने कहा कि यह सब हमें मिलकर करना है.
पीएम मोदी ने कहा कि इस वर्ष संत रामानुजाचार्य की 1000वीं जयंती है. हमें उस समय के समाज के बारे में सोचना चाहिए. पीएम ने कहा कि रामानुजाचार्य जी ने समाज की बुराइयों के खिलाफ लड़ाई लड़ी. उन्होंने अपने आचरण द्वारा लोगों में अपनी जगह बनाई. तब अछूत कहे जाने वालों को गले लगाया. मंदिर प्रवेश के लिए आंदोलन किए. उन्होंने कहा कि भारत सरकार उनके सम्मान में एक डाक टिकट जारी करेगी.
पीएम ने कहा कि 1 मई को श्रमिक दिवस के रूप में भी बनाया जाता है. पीएम ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर की याद आती है. श्रमिकों के कल्याण के लिए उनका योगदान भुलाया नहीं जा सकता है. जगत गुरु बश्वेश्वर ने भी श्रम श्रमिक पर गहन विचार रखे थे. उन्होंने कहा था कि अपने घर पर परिश्रम से भगवान प्राप्त होते हैं. उन्होंने कहा था कि श्रम ही ईश्वर है. पीएम ने दत्तोपंत ढेंगड़ी पर कहा कि उन्होंने मजदूरों को एक किया. ये दुनिया को एक करने के लिए जरूरी है. पीएम नरेंद्र मोदी ने बुद्ध पूर्णिमा का जिक्र करते हुए कहा कि बुद्ध के विचार आज भी प्रासंगिक है.
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने सबका साथ सबका विकास की बात की है. यह विश्व पटल पर भी लागू है. हमारे पड़ोसी देश भी विकास करें. भारत जल्द एक सैटेलाइट लांच करेगा जिससे पड़ोसी देशों को भी फायदा होगा.
'मन की बात' आज (रविवार) सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 31वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित किया. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने पिछले बार 'मन की बात' कार्यक्रम में न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. वह अपने इस कार्यक्रम में हर बाहर आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं.
बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता हैं.
नए प्रयोग युवाओं को अच्छा अनुभव देगा. कुछ खुशी मिलेगी. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर जादू सीखने का शौक है तो ताश के पत्तों का जादू सीखिए, अपने दोस्तों को दिखाएं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया को देखने से जो अनुभव मिलता है वह और कहीं नहीं मिलता. जाने से पहले उसके बारे में जानें तब फायदा होगा. ज्यादा यात्रा न करें. समय दें एक स्थान पर उससे ज्यादा फायदा होगा.
युवाओं से पीएम मोदी ने कहा कि भारत सरकार ने युवाओं के लिए अच्छा प्रयास किया है. डिजिटल लेन देन को बढ़ावा दिया है. पीएम ने कहा कि भारत सरकार की युवाओं के लिए एक कमाई की योजना भी है. आप लोगों को डिजिटल योजना से जोड़ें.
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोगों में वीआईपी कल्चर से नाराजगी है. इसका अनुभव इसे हटाने के बाद हुआ. पीएम मोदी ने कहा कि बत्ती गाड़ी पर लगती थी लेकिन मन में घुस जाती थी. दिमाग में जो बत्ती घुसी उससे निकलने में थोड़ा वक्त लगता है.
पीएम मोदी ने कहा कि लोगों ने लालबत्ती हटाने के निर्णय का स्वागत किया है. पीएम मोदी ने कहा कि मन से भी इसे हटाना है. यह भी सफाई अभियान का हिस्सा भी है. पीएम ने कहा कि न्यू इंडिया का मतलब ईपीआई है. इसका अर्थ है एवरी पर्शन इज इम्पोर्टेंट. सभी देशवासी का महत्व है. पीएम ने कहा कि यह सब हमें मिलकर करना है.
पीएम मोदी ने कहा कि इस वर्ष संत रामानुजाचार्य की 1000वीं जयंती है. हमें उस समय के समाज के बारे में सोचना चाहिए. पीएम ने कहा कि रामानुजाचार्य जी ने समाज की बुराइयों के खिलाफ लड़ाई लड़ी. उन्होंने अपने आचरण द्वारा लोगों में अपनी जगह बनाई. तब अछूत कहे जाने वालों को गले लगाया. मंदिर प्रवेश के लिए आंदोलन किए. उन्होंने कहा कि भारत सरकार उनके सम्मान में एक डाक टिकट जारी करेगी.
पीएम ने कहा कि 1 मई को श्रमिक दिवस के रूप में भी बनाया जाता है. पीएम ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर की याद आती है. श्रमिकों के कल्याण के लिए उनका योगदान भुलाया नहीं जा सकता है. जगत गुरु बश्वेश्वर ने भी श्रम श्रमिक पर गहन विचार रखे थे. उन्होंने कहा था कि अपने घर पर परिश्रम से भगवान प्राप्त होते हैं. उन्होंने कहा था कि श्रम ही ईश्वर है. पीएम ने दत्तोपंत ढेंगड़ी पर कहा कि उन्होंने मजदूरों को एक किया. ये दुनिया को एक करने के लिए जरूरी है. पीएम नरेंद्र मोदी ने बुद्ध पूर्णिमा का जिक्र करते हुए कहा कि बुद्ध के विचार आज भी प्रासंगिक है.
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने सबका साथ सबका विकास की बात की है. यह विश्व पटल पर भी लागू है. हमारे पड़ोसी देश भी विकास करें. भारत जल्द एक सैटेलाइट लांच करेगा जिससे पड़ोसी देशों को भी फायदा होगा.
'मन की बात' आज (रविवार) सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 31वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित किया. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने पिछले बार 'मन की बात' कार्यक्रम में न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. वह अपने इस कार्यक्रम में हर बाहर आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं.
बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता हैं.
युवाओं से पीएम मोदी ने कहा कि भारत सरकार ने युवाओं के लिए अच्छा प्रयास किया है. डिजिटल लेन देन को बढ़ावा दिया है. पीएम ने कहा कि भारत सरकार की युवाओं के लिए एक कमाई की योजना भी है. आप लोगों को डिजिटल योजना से जोड़ें.
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोगों में वीआईपी कल्चर से नाराजगी है. इसका अनुभव इसे हटाने के बाद हुआ. पीएम मोदी ने कहा कि बत्ती गाड़ी पर लगती थी लेकिन मन में घुस जाती थी. दिमाग में जो बत्ती घुसी उससे निकलने में थोड़ा वक्त लगता है.
पीएम मोदी ने कहा कि लोगों ने लालबत्ती हटाने के निर्णय का स्वागत किया है. पीएम मोदी ने कहा कि मन से भी इसे हटाना है. यह भी सफाई अभियान का हिस्सा भी है. पीएम ने कहा कि न्यू इंडिया का मतलब ईपीआई है. इसका अर्थ है एवरी पर्शन इज इम्पोर्टेंट. सभी देशवासी का महत्व है. पीएम ने कहा कि यह सब हमें मिलकर करना है.
पीएम मोदी ने कहा कि इस वर्ष संत रामानुजाचार्य की 1000वीं जयंती है. हमें उस समय के समाज के बारे में सोचना चाहिए. पीएम ने कहा कि रामानुजाचार्य जी ने समाज की बुराइयों के खिलाफ लड़ाई लड़ी. उन्होंने अपने आचरण द्वारा लोगों में अपनी जगह बनाई. तब अछूत कहे जाने वालों को गले लगाया. मंदिर प्रवेश के लिए आंदोलन किए. उन्होंने कहा कि भारत सरकार उनके सम्मान में एक डाक टिकट जारी करेगी.
पीएम ने कहा कि 1 मई को श्रमिक दिवस के रूप में भी बनाया जाता है. पीएम ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर की याद आती है. श्रमिकों के कल्याण के लिए उनका योगदान भुलाया नहीं जा सकता है. जगत गुरु बश्वेश्वर ने भी श्रम श्रमिक पर गहन विचार रखे थे. उन्होंने कहा था कि अपने घर पर परिश्रम से भगवान प्राप्त होते हैं. उन्होंने कहा था कि श्रम ही ईश्वर है. पीएम ने दत्तोपंत ढेंगड़ी पर कहा कि उन्होंने मजदूरों को एक किया. ये दुनिया को एक करने के लिए जरूरी है. पीएम नरेंद्र मोदी ने बुद्ध पूर्णिमा का जिक्र करते हुए कहा कि बुद्ध के विचार आज भी प्रासंगिक है.
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने सबका साथ सबका विकास की बात की है. यह विश्व पटल पर भी लागू है. हमारे पड़ोसी देश भी विकास करें. भारत जल्द एक सैटेलाइट लांच करेगा जिससे पड़ोसी देशों को भी फायदा होगा.
'मन की बात' आज (रविवार) सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 31वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित किया. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने पिछले बार 'मन की बात' कार्यक्रम में न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. वह अपने इस कार्यक्रम में हर बाहर आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं.
बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता हैं.
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोगों में वीआईपी कल्चर से नाराजगी है. इसका अनुभव इसे हटाने के बाद हुआ. पीएम मोदी ने कहा कि बत्ती गाड़ी पर लगती थी लेकिन मन में घुस जाती थी. दिमाग में जो बत्ती घुसी उससे निकलने में थोड़ा वक्त लगता है.
पीएम मोदी ने कहा कि लोगों ने लालबत्ती हटाने के निर्णय का स्वागत किया है. पीएम मोदी ने कहा कि मन से भी इसे हटाना है. यह भी सफाई अभियान का हिस्सा भी है. पीएम ने कहा कि न्यू इंडिया का मतलब ईपीआई है. इसका अर्थ है एवरी पर्शन इज इम्पोर्टेंट. सभी देशवासी का महत्व है. पीएम ने कहा कि यह सब हमें मिलकर करना है.
पीएम मोदी ने कहा कि इस वर्ष संत रामानुजाचार्य की 1000वीं जयंती है. हमें उस समय के समाज के बारे में सोचना चाहिए. पीएम ने कहा कि रामानुजाचार्य जी ने समाज की बुराइयों के खिलाफ लड़ाई लड़ी. उन्होंने अपने आचरण द्वारा लोगों में अपनी जगह बनाई. तब अछूत कहे जाने वालों को गले लगाया. मंदिर प्रवेश के लिए आंदोलन किए. उन्होंने कहा कि भारत सरकार उनके सम्मान में एक डाक टिकट जारी करेगी.
पीएम ने कहा कि 1 मई को श्रमिक दिवस के रूप में भी बनाया जाता है. पीएम ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर की याद आती है. श्रमिकों के कल्याण के लिए उनका योगदान भुलाया नहीं जा सकता है. जगत गुरु बश्वेश्वर ने भी श्रम श्रमिक पर गहन विचार रखे थे. उन्होंने कहा था कि अपने घर पर परिश्रम से भगवान प्राप्त होते हैं. उन्होंने कहा था कि श्रम ही ईश्वर है. पीएम ने दत्तोपंत ढेंगड़ी पर कहा कि उन्होंने मजदूरों को एक किया. ये दुनिया को एक करने के लिए जरूरी है. पीएम नरेंद्र मोदी ने बुद्ध पूर्णिमा का जिक्र करते हुए कहा कि बुद्ध के विचार आज भी प्रासंगिक है.
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने सबका साथ सबका विकास की बात की है. यह विश्व पटल पर भी लागू है. हमारे पड़ोसी देश भी विकास करें. भारत जल्द एक सैटेलाइट लांच करेगा जिससे पड़ोसी देशों को भी फायदा होगा.
'मन की बात' आज (रविवार) सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 31वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित किया. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने पिछले बार 'मन की बात' कार्यक्रम में न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. वह अपने इस कार्यक्रम में हर बाहर आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं.
बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि लोगों ने लालबत्ती हटाने के निर्णय का स्वागत किया है. पीएम मोदी ने कहा कि मन से भी इसे हटाना है. यह भी सफाई अभियान का हिस्सा भी है. पीएम ने कहा कि न्यू इंडिया का मतलब ईपीआई है. इसका अर्थ है एवरी पर्शन इज इम्पोर्टेंट. सभी देशवासी का महत्व है. पीएम ने कहा कि यह सब हमें मिलकर करना है.
पीएम मोदी ने कहा कि इस वर्ष संत रामानुजाचार्य की 1000वीं जयंती है. हमें उस समय के समाज के बारे में सोचना चाहिए. पीएम ने कहा कि रामानुजाचार्य जी ने समाज की बुराइयों के खिलाफ लड़ाई लड़ी. उन्होंने अपने आचरण द्वारा लोगों में अपनी जगह बनाई. तब अछूत कहे जाने वालों को गले लगाया. मंदिर प्रवेश के लिए आंदोलन किए. उन्होंने कहा कि भारत सरकार उनके सम्मान में एक डाक टिकट जारी करेगी.
पीएम ने कहा कि 1 मई को श्रमिक दिवस के रूप में भी बनाया जाता है. पीएम ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर की याद आती है. श्रमिकों के कल्याण के लिए उनका योगदान भुलाया नहीं जा सकता है. जगत गुरु बश्वेश्वर ने भी श्रम श्रमिक पर गहन विचार रखे थे. उन्होंने कहा था कि अपने घर पर परिश्रम से भगवान प्राप्त होते हैं. उन्होंने कहा था कि श्रम ही ईश्वर है. पीएम ने दत्तोपंत ढेंगड़ी पर कहा कि उन्होंने मजदूरों को एक किया. ये दुनिया को एक करने के लिए जरूरी है. पीएम नरेंद्र मोदी ने बुद्ध पूर्णिमा का जिक्र करते हुए कहा कि बुद्ध के विचार आज भी प्रासंगिक है.
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने सबका साथ सबका विकास की बात की है. यह विश्व पटल पर भी लागू है. हमारे पड़ोसी देश भी विकास करें. भारत जल्द एक सैटेलाइट लांच करेगा जिससे पड़ोसी देशों को भी फायदा होगा.
'मन की बात' आज (रविवार) सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 31वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित किया. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने पिछले बार 'मन की बात' कार्यक्रम में न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. वह अपने इस कार्यक्रम में हर बाहर आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं.
बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि इस वर्ष संत रामानुजाचार्य की 1000वीं जयंती है. हमें उस समय के समाज के बारे में सोचना चाहिए. पीएम ने कहा कि रामानुजाचार्य जी ने समाज की बुराइयों के खिलाफ लड़ाई लड़ी. उन्होंने अपने आचरण द्वारा लोगों में अपनी जगह बनाई. तब अछूत कहे जाने वालों को गले लगाया. मंदिर प्रवेश के लिए आंदोलन किए. उन्होंने कहा कि भारत सरकार उनके सम्मान में एक डाक टिकट जारी करेगी.
पीएम ने कहा कि 1 मई को श्रमिक दिवस के रूप में भी बनाया जाता है. पीएम ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर की याद आती है. श्रमिकों के कल्याण के लिए उनका योगदान भुलाया नहीं जा सकता है. जगत गुरु बश्वेश्वर ने भी श्रम श्रमिक पर गहन विचार रखे थे. उन्होंने कहा था कि अपने घर पर परिश्रम से भगवान प्राप्त होते हैं. उन्होंने कहा था कि श्रम ही ईश्वर है. पीएम ने दत्तोपंत ढेंगड़ी पर कहा कि उन्होंने मजदूरों को एक किया. ये दुनिया को एक करने के लिए जरूरी है. पीएम नरेंद्र मोदी ने बुद्ध पूर्णिमा का जिक्र करते हुए कहा कि बुद्ध के विचार आज भी प्रासंगिक है.
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने सबका साथ सबका विकास की बात की है. यह विश्व पटल पर भी लागू है. हमारे पड़ोसी देश भी विकास करें. भारत जल्द एक सैटेलाइट लांच करेगा जिससे पड़ोसी देशों को भी फायदा होगा.
'मन की बात' आज (रविवार) सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 31वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित किया. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने पिछले बार 'मन की बात' कार्यक्रम में न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. वह अपने इस कार्यक्रम में हर बाहर आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं.
बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता हैं.
पीएम ने कहा कि 1 मई को श्रमिक दिवस के रूप में भी बनाया जाता है. पीएम ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर की याद आती है. श्रमिकों के कल्याण के लिए उनका योगदान भुलाया नहीं जा सकता है. जगत गुरु बश्वेश्वर ने भी श्रम श्रमिक पर गहन विचार रखे थे. उन्होंने कहा था कि अपने घर पर परिश्रम से भगवान प्राप्त होते हैं. उन्होंने कहा था कि श्रम ही ईश्वर है. पीएम ने दत्तोपंत ढेंगड़ी पर कहा कि उन्होंने मजदूरों को एक किया. ये दुनिया को एक करने के लिए जरूरी है. पीएम नरेंद्र मोदी ने बुद्ध पूर्णिमा का जिक्र करते हुए कहा कि बुद्ध के विचार आज भी प्रासंगिक है.
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने सबका साथ सबका विकास की बात की है. यह विश्व पटल पर भी लागू है. हमारे पड़ोसी देश भी विकास करें. भारत जल्द एक सैटेलाइट लांच करेगा जिससे पड़ोसी देशों को भी फायदा होगा.
'मन की बात' आज (रविवार) सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 31वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित किया. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने पिछले बार 'मन की बात' कार्यक्रम में न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. वह अपने इस कार्यक्रम में हर बाहर आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं.
बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने सबका साथ सबका विकास की बात की है. यह विश्व पटल पर भी लागू है. हमारे पड़ोसी देश भी विकास करें. भारत जल्द एक सैटेलाइट लांच करेगा जिससे पड़ोसी देशों को भी फायदा होगा.
'मन की बात' आज (रविवार) सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 31वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित किया. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने पिछले बार 'मन की बात' कार्यक्रम में न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. वह अपने इस कार्यक्रम में हर बाहर आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं.
बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता हैं.
'मन की बात' आज (रविवार) सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 31वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित किया. टिप्पणियां
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने पिछले बार 'मन की बात' कार्यक्रम में न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. वह अपने इस कार्यक्रम में हर बाहर आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं.
बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता हैं.
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने पिछले बार 'मन की बात' कार्यक्रम में न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था. वह अपने इस कार्यक्रम में हर बाहर आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं.
बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता हैं.
बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता हैं. | संक्षिप्त पाठ: सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित हुआ.
घर से बाहर निकले, नया अनुभव हासिल करें. कुछ नया करें.
छात्रों के लिए पीएम मोदी ने दी सलाह. | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली पुलिस ने किराड़ी से आम आदमी पार्टी के विधायक ऋतुराज को गिरफ्तार कर लिया है. उन पर छठ पूजा को लेकर झगड़ा करने और धारा 144 तोड़ने का आरोप है.
बाहरी दिल्ली के डीसीपी एमएन तिवारी के मुताबिक, किराड़ी के निठारी गांव में एक तालाब में छठ पूजा की अनुमति नहीं थी. दिल्ली सरकार ने अनुमति का ऑर्डर पहले दिया था, लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया था.टिप्पणियां
उसके बाद दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तलाब के आसपास धारा 144 लगा रखी थी. उसके बाबजूद ऋतुराज वहां अपने समर्थकों के साथ पूजा करने पर अड़े हुए थे और जब रोका गया तो समर्थकों के साथ हंगामा करने लगे.
पुलिस ने उन्हें शनिवार को मौके से हिरासत में ले लिया और रविवार सुबह गिरफ्तार कर लिया है. ऋतुराज गिरफ्तार होने होने वाली आम आदमी पार्टी के 15वें विधायक हैं.
बाहरी दिल्ली के डीसीपी एमएन तिवारी के मुताबिक, किराड़ी के निठारी गांव में एक तालाब में छठ पूजा की अनुमति नहीं थी. दिल्ली सरकार ने अनुमति का ऑर्डर पहले दिया था, लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया था.टिप्पणियां
उसके बाद दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तलाब के आसपास धारा 144 लगा रखी थी. उसके बाबजूद ऋतुराज वहां अपने समर्थकों के साथ पूजा करने पर अड़े हुए थे और जब रोका गया तो समर्थकों के साथ हंगामा करने लगे.
पुलिस ने उन्हें शनिवार को मौके से हिरासत में ले लिया और रविवार सुबह गिरफ्तार कर लिया है. ऋतुराज गिरफ्तार होने होने वाली आम आदमी पार्टी के 15वें विधायक हैं.
उसके बाद दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तलाब के आसपास धारा 144 लगा रखी थी. उसके बाबजूद ऋतुराज वहां अपने समर्थकों के साथ पूजा करने पर अड़े हुए थे और जब रोका गया तो समर्थकों के साथ हंगामा करने लगे.
पुलिस ने उन्हें शनिवार को मौके से हिरासत में ले लिया और रविवार सुबह गिरफ्तार कर लिया है. ऋतुराज गिरफ्तार होने होने वाली आम आदमी पार्टी के 15वें विधायक हैं.
पुलिस ने उन्हें शनिवार को मौके से हिरासत में ले लिया और रविवार सुबह गिरफ्तार कर लिया है. ऋतुराज गिरफ्तार होने होने वाली आम आदमी पार्टी के 15वें विधायक हैं. | सारांश: उन पर छठ पूजा को लेकर झगड़ा करने करने का आरोप है
धारा 144 तोड़ने का आरोप भी लगाया गया है.
वह आप के गिरफ्तार होने वाले 15वें विधायक हैं | 7 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति (Karti Chidambaram) को जोर बाग स्थित आवास खाली करने का निर्देश दिया. इस आवास को एजेंसी ने आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में कुर्क किया था. इस मामले में वह आरोपी हैं. धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत दिये गए पूर्व के एक आदेश के बाद बुधवार शाम कार्ति को आवास खाली करने का नोटिस जारी किया गया. ईडी ने पिछले साल 10 अक्टूबर को 115-ए ब्लॉक 172, जोर बाग, नई दिल्ली स्थित यह संपत्ति कुर्क की थी.
नोटिस में कहा गया है कि संबद्ध प्राधिकार ने इस कुर्की की 29 मार्च को पुष्टि की थी, जिसके बाद निर्देश जारी किया गया. गौरतलब है कि 305 करोड़ रुपये की लिप्तता वाले इस मामले में इंद्राणी के अलावा चिंदबरम, उनके बेटे कार्ति का नाम भी सामने आया है. यह मामला वर्ष 2007 में आईएनएक्स मीडिया को मिले धन के लिये विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) से अनुमति मिलने से संबंधित है.
सीबीआई ने 15 मई को मामले में प्राथमिकी दर्ज करायी थी और वित्त मंत्री रहते हुए चिदंबरम के कार्यकाल में 2007 में कुल 305 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा हासिल करने में मीडिया ग्रुप को एफआईपीबी की मंजूरी देने में कथित अनियमितता का आरोप लगाया था. | सारांश: ईडी ने कार्ति को दिल्ली आवास खाली करने के लिए दिए निर्देश
इस आवास को एजेंसी ने INX मीडिया भ्रष्टाचार मामले में कुर्क किया था
बुधवार शाम कार्ति को आवास खाली करने का नोटिस जारी किया | 5 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दिल्ली की एक 25 साल की लड़की ने लखनऊ स्टेशन पर लखनऊ मेल से उतरकर जीआरपी थाने में एक आईएएस के खिलाफ यात्रा के दौरान छेड़खानी का मामला दर्ज कराया, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। यूपी सरकार ने बाद में इस आईएएस को निलंबित कर दिया है।
जानकारी के अनुसार दिल्ली से लखनऊ के लिए एक 25 वर्षीय लड़की ने लखनऊ में उतर कर जीआरपी थाने में छेड़खानी की शिकायत दर्ज कराई। उसने शिकायत में कहा कि उसके साथ एक अधेड़ उम्र का शख्स यात्रा कर रहा थो जिसने उसके साथ छेड़खानी की है।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उस शख्स को गिरफ्तार कर लिया। जब उससे पूछताछ की तब पता चला कि वह एक आईएएस अधिकारी है और उसका नाम शशिभूषण लाल सुशील है।टिप्पणियां
आईएएस ने अपनी सफाई में पुलिस से कहा कि वह लड़की का एक गिरा सामान उठाकर दे रहा था जिस दौरान लड़की ने छेड़खानी का आरोप लगाया है। इसके अलावा उसका आरोप था कि लड़की ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उसे बातें कही हैं। वहीं, लड़की का अब कहना है कि उसके आईएएस होने का पता चलने पर पुलिस अब उसे बचाने का प्रयास कर रही है।
घटना के बारे में पता चला कि यह आईएएस रात में सो रही लड़की को छेड़ने की कोशिश कर रहा था जब उसकी मां ने उसे पकड़ा। बावजूद इसके वह नहीं माना और सुबह लड़की ने मां से बताया कि वह छेड़खानी कर रहा था। जब मां-बेटी ने शिकायत करने की बात कही तब उसने मां के पैर पकड़ लिए और कहा कि वह आईएएस है और शिकायत से उसके सामने दिक्कतें आएंगी। मां-बेटी नहीं माने और उन्होंने कोच अटेंडेंट को बुलाया और शिकायत की। कोच अटेंडेंट ने जब जीआरपी को बुलाने के लिए गया तब तक आईएएस कोच छोड़कर दूसरे डिब्बे में भाग गया था। जीआरपी के जवानों ने उसे दूसरे कोच से गिरफ्तार किया।
जानकारी के अनुसार दिल्ली से लखनऊ के लिए एक 25 वर्षीय लड़की ने लखनऊ में उतर कर जीआरपी थाने में छेड़खानी की शिकायत दर्ज कराई। उसने शिकायत में कहा कि उसके साथ एक अधेड़ उम्र का शख्स यात्रा कर रहा थो जिसने उसके साथ छेड़खानी की है।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उस शख्स को गिरफ्तार कर लिया। जब उससे पूछताछ की तब पता चला कि वह एक आईएएस अधिकारी है और उसका नाम शशिभूषण लाल सुशील है।टिप्पणियां
आईएएस ने अपनी सफाई में पुलिस से कहा कि वह लड़की का एक गिरा सामान उठाकर दे रहा था जिस दौरान लड़की ने छेड़खानी का आरोप लगाया है। इसके अलावा उसका आरोप था कि लड़की ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उसे बातें कही हैं। वहीं, लड़की का अब कहना है कि उसके आईएएस होने का पता चलने पर पुलिस अब उसे बचाने का प्रयास कर रही है।
घटना के बारे में पता चला कि यह आईएएस रात में सो रही लड़की को छेड़ने की कोशिश कर रहा था जब उसकी मां ने उसे पकड़ा। बावजूद इसके वह नहीं माना और सुबह लड़की ने मां से बताया कि वह छेड़खानी कर रहा था। जब मां-बेटी ने शिकायत करने की बात कही तब उसने मां के पैर पकड़ लिए और कहा कि वह आईएएस है और शिकायत से उसके सामने दिक्कतें आएंगी। मां-बेटी नहीं माने और उन्होंने कोच अटेंडेंट को बुलाया और शिकायत की। कोच अटेंडेंट ने जब जीआरपी को बुलाने के लिए गया तब तक आईएएस कोच छोड़कर दूसरे डिब्बे में भाग गया था। जीआरपी के जवानों ने उसे दूसरे कोच से गिरफ्तार किया।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उस शख्स को गिरफ्तार कर लिया। जब उससे पूछताछ की तब पता चला कि वह एक आईएएस अधिकारी है और उसका नाम शशिभूषण लाल सुशील है।टिप्पणियां
आईएएस ने अपनी सफाई में पुलिस से कहा कि वह लड़की का एक गिरा सामान उठाकर दे रहा था जिस दौरान लड़की ने छेड़खानी का आरोप लगाया है। इसके अलावा उसका आरोप था कि लड़की ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उसे बातें कही हैं। वहीं, लड़की का अब कहना है कि उसके आईएएस होने का पता चलने पर पुलिस अब उसे बचाने का प्रयास कर रही है।
घटना के बारे में पता चला कि यह आईएएस रात में सो रही लड़की को छेड़ने की कोशिश कर रहा था जब उसकी मां ने उसे पकड़ा। बावजूद इसके वह नहीं माना और सुबह लड़की ने मां से बताया कि वह छेड़खानी कर रहा था। जब मां-बेटी ने शिकायत करने की बात कही तब उसने मां के पैर पकड़ लिए और कहा कि वह आईएएस है और शिकायत से उसके सामने दिक्कतें आएंगी। मां-बेटी नहीं माने और उन्होंने कोच अटेंडेंट को बुलाया और शिकायत की। कोच अटेंडेंट ने जब जीआरपी को बुलाने के लिए गया तब तक आईएएस कोच छोड़कर दूसरे डिब्बे में भाग गया था। जीआरपी के जवानों ने उसे दूसरे कोच से गिरफ्तार किया।
आईएएस ने अपनी सफाई में पुलिस से कहा कि वह लड़की का एक गिरा सामान उठाकर दे रहा था जिस दौरान लड़की ने छेड़खानी का आरोप लगाया है। इसके अलावा उसका आरोप था कि लड़की ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उसे बातें कही हैं। वहीं, लड़की का अब कहना है कि उसके आईएएस होने का पता चलने पर पुलिस अब उसे बचाने का प्रयास कर रही है।
घटना के बारे में पता चला कि यह आईएएस रात में सो रही लड़की को छेड़ने की कोशिश कर रहा था जब उसकी मां ने उसे पकड़ा। बावजूद इसके वह नहीं माना और सुबह लड़की ने मां से बताया कि वह छेड़खानी कर रहा था। जब मां-बेटी ने शिकायत करने की बात कही तब उसने मां के पैर पकड़ लिए और कहा कि वह आईएएस है और शिकायत से उसके सामने दिक्कतें आएंगी। मां-बेटी नहीं माने और उन्होंने कोच अटेंडेंट को बुलाया और शिकायत की। कोच अटेंडेंट ने जब जीआरपी को बुलाने के लिए गया तब तक आईएएस कोच छोड़कर दूसरे डिब्बे में भाग गया था। जीआरपी के जवानों ने उसे दूसरे कोच से गिरफ्तार किया।
घटना के बारे में पता चला कि यह आईएएस रात में सो रही लड़की को छेड़ने की कोशिश कर रहा था जब उसकी मां ने उसे पकड़ा। बावजूद इसके वह नहीं माना और सुबह लड़की ने मां से बताया कि वह छेड़खानी कर रहा था। जब मां-बेटी ने शिकायत करने की बात कही तब उसने मां के पैर पकड़ लिए और कहा कि वह आईएएस है और शिकायत से उसके सामने दिक्कतें आएंगी। मां-बेटी नहीं माने और उन्होंने कोच अटेंडेंट को बुलाया और शिकायत की। कोच अटेंडेंट ने जब जीआरपी को बुलाने के लिए गया तब तक आईएएस कोच छोड़कर दूसरे डिब्बे में भाग गया था। जीआरपी के जवानों ने उसे दूसरे कोच से गिरफ्तार किया। | संक्षिप्त पाठ: आईएएस ने अपनी सफाई में पुलिस से कहा कि वह लड़की का एक गिरा सामान उठाकर दे रहा था जिस दौरान लड़की ने छेड़खानी का आरोप लगाया है। इसके अलावा उसका आरोप था कि लड़की ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उसे बातें कही हैं। | 30 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अशांत दक्षिणी कश्मीर के ग्रामीण इलाकों में सैकड़ों और सैनिकों को तैनात किया जाने वाला है, जिससे सेना की भूमिका बढ़ जाने के स्पष्ट संकेत मिलते हैं.
NDTV को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सेना की अतिरिक्त मौजूदगी का मकसद 'इलाकों पर काबिज रहने' और 'पहले से ज़्यादा गश्त' के ज़रिये उन प्रदर्शनकारियों को 'संकेत देना' है, जो हिज़्ब-उल-मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी की दो महीने पहले हुई मौत के वक्त से ही हिंसक विरोध-प्रदर्शनों में जुटे हुए हैं, और इलाके को अशांत बनाए हुए हैं. इसके साथ ही इसका उद्देश्य उपद्रवियों के खिलाफ गश्त को बढ़ाना भी है.
वैसे, सेना भी यह बात अच्छी तरह समझती है कि वे भीड़ और हिंसक प्रदर्शनों से निपटने के लिए तैयार नहीं है, क्योंकि उनके सैनिकों के पास सिर्फ ऑटोमैटिक हथियार होते हैं, तथा उन्हें प्रशिक्षण भी गोली मार देने का दिया जाता है, जो इन मामलों में नहीं किया जा सकता. इसीलिए, पुलिस की मूलभूत ज़िम्मेदारियां जम्मू एवं कश्मीर पुलिस तथा अर्द्धसैनिक केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के पास ही रहेंगी, जिनके पास हिंसक भीड़ पर काबू पाने के लिए अघातक हथियार मौजूद रहते हैं.
सूत्रों ने बताया कि इस पूरी कवायद का मूल उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में राज्य सरकार के नियंत्रण को वापस बहाल करना है, जो पिछले दिनों में कुछ कम हो गया है. टिप्पणियां
घाटी तथा नियंत्रण रेखा से सटे इलाकों में सुरक्षा स्थिति का जायज़ा लेने के लिए सेनाप्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग शुक्रवार को जम्मू एवं कश्मीर आ रहे हैं. उन्हें वरिष्ठ सेनाधिकारी तथा स्थानीय फॉरमेशन कमांडर स्थिति के बारे में ब्रीफिंग देंगे.
8 जुलाई को बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से सुरक्षाकर्मियों तथा प्रदर्शनकारियों के बीच हुए संघर्षों में अब तक 70 से ज़्यादा लोगों की जानें जा चुकी हैं, और 10,000 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें ज़्यादातर सुरक्षाकर्मी हैं.
NDTV को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सेना की अतिरिक्त मौजूदगी का मकसद 'इलाकों पर काबिज रहने' और 'पहले से ज़्यादा गश्त' के ज़रिये उन प्रदर्शनकारियों को 'संकेत देना' है, जो हिज़्ब-उल-मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी की दो महीने पहले हुई मौत के वक्त से ही हिंसक विरोध-प्रदर्शनों में जुटे हुए हैं, और इलाके को अशांत बनाए हुए हैं. इसके साथ ही इसका उद्देश्य उपद्रवियों के खिलाफ गश्त को बढ़ाना भी है.
वैसे, सेना भी यह बात अच्छी तरह समझती है कि वे भीड़ और हिंसक प्रदर्शनों से निपटने के लिए तैयार नहीं है, क्योंकि उनके सैनिकों के पास सिर्फ ऑटोमैटिक हथियार होते हैं, तथा उन्हें प्रशिक्षण भी गोली मार देने का दिया जाता है, जो इन मामलों में नहीं किया जा सकता. इसीलिए, पुलिस की मूलभूत ज़िम्मेदारियां जम्मू एवं कश्मीर पुलिस तथा अर्द्धसैनिक केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के पास ही रहेंगी, जिनके पास हिंसक भीड़ पर काबू पाने के लिए अघातक हथियार मौजूद रहते हैं.
सूत्रों ने बताया कि इस पूरी कवायद का मूल उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में राज्य सरकार के नियंत्रण को वापस बहाल करना है, जो पिछले दिनों में कुछ कम हो गया है. टिप्पणियां
घाटी तथा नियंत्रण रेखा से सटे इलाकों में सुरक्षा स्थिति का जायज़ा लेने के लिए सेनाप्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग शुक्रवार को जम्मू एवं कश्मीर आ रहे हैं. उन्हें वरिष्ठ सेनाधिकारी तथा स्थानीय फॉरमेशन कमांडर स्थिति के बारे में ब्रीफिंग देंगे.
8 जुलाई को बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से सुरक्षाकर्मियों तथा प्रदर्शनकारियों के बीच हुए संघर्षों में अब तक 70 से ज़्यादा लोगों की जानें जा चुकी हैं, और 10,000 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें ज़्यादातर सुरक्षाकर्मी हैं.
वैसे, सेना भी यह बात अच्छी तरह समझती है कि वे भीड़ और हिंसक प्रदर्शनों से निपटने के लिए तैयार नहीं है, क्योंकि उनके सैनिकों के पास सिर्फ ऑटोमैटिक हथियार होते हैं, तथा उन्हें प्रशिक्षण भी गोली मार देने का दिया जाता है, जो इन मामलों में नहीं किया जा सकता. इसीलिए, पुलिस की मूलभूत ज़िम्मेदारियां जम्मू एवं कश्मीर पुलिस तथा अर्द्धसैनिक केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के पास ही रहेंगी, जिनके पास हिंसक भीड़ पर काबू पाने के लिए अघातक हथियार मौजूद रहते हैं.
सूत्रों ने बताया कि इस पूरी कवायद का मूल उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में राज्य सरकार के नियंत्रण को वापस बहाल करना है, जो पिछले दिनों में कुछ कम हो गया है. टिप्पणियां
घाटी तथा नियंत्रण रेखा से सटे इलाकों में सुरक्षा स्थिति का जायज़ा लेने के लिए सेनाप्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग शुक्रवार को जम्मू एवं कश्मीर आ रहे हैं. उन्हें वरिष्ठ सेनाधिकारी तथा स्थानीय फॉरमेशन कमांडर स्थिति के बारे में ब्रीफिंग देंगे.
8 जुलाई को बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से सुरक्षाकर्मियों तथा प्रदर्शनकारियों के बीच हुए संघर्षों में अब तक 70 से ज़्यादा लोगों की जानें जा चुकी हैं, और 10,000 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें ज़्यादातर सुरक्षाकर्मी हैं.
सूत्रों ने बताया कि इस पूरी कवायद का मूल उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में राज्य सरकार के नियंत्रण को वापस बहाल करना है, जो पिछले दिनों में कुछ कम हो गया है. टिप्पणियां
घाटी तथा नियंत्रण रेखा से सटे इलाकों में सुरक्षा स्थिति का जायज़ा लेने के लिए सेनाप्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग शुक्रवार को जम्मू एवं कश्मीर आ रहे हैं. उन्हें वरिष्ठ सेनाधिकारी तथा स्थानीय फॉरमेशन कमांडर स्थिति के बारे में ब्रीफिंग देंगे.
8 जुलाई को बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से सुरक्षाकर्मियों तथा प्रदर्शनकारियों के बीच हुए संघर्षों में अब तक 70 से ज़्यादा लोगों की जानें जा चुकी हैं, और 10,000 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें ज़्यादातर सुरक्षाकर्मी हैं.
घाटी तथा नियंत्रण रेखा से सटे इलाकों में सुरक्षा स्थिति का जायज़ा लेने के लिए सेनाप्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग शुक्रवार को जम्मू एवं कश्मीर आ रहे हैं. उन्हें वरिष्ठ सेनाधिकारी तथा स्थानीय फॉरमेशन कमांडर स्थिति के बारे में ब्रीफिंग देंगे.
8 जुलाई को बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से सुरक्षाकर्मियों तथा प्रदर्शनकारियों के बीच हुए संघर्षों में अब तक 70 से ज़्यादा लोगों की जानें जा चुकी हैं, और 10,000 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें ज़्यादातर सुरक्षाकर्मी हैं.
8 जुलाई को बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से सुरक्षाकर्मियों तथा प्रदर्शनकारियों के बीच हुए संघर्षों में अब तक 70 से ज़्यादा लोगों की जानें जा चुकी हैं, और 10,000 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें ज़्यादातर सुरक्षाकर्मी हैं. | NDTV को सूत्रों ने बताया, दक्षिणी कश्मीर में सैकड़ों और सैनिक तैनात होंगे
सेना की अतिरिक्त मौजूदगी का मकसद हिंसक प्रदर्शनकारियों को 'संकेत देना' है
कवायद का मूल उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में सरकार के नियंत्रण को बहाल करना | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भोपाल के तीन दिवसीय दौरे के दूसरे दिन शनिवार को मोर्चा और प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों को जमकर फटकार लगाई. पदाधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने निचली स्तर तक इकाइयों का गठन न हो पाने पर नाराजगी जाहिर की. शाह ने प्रदेश मोर्चा अध्यक्ष और प्रकोष्ठों के संयोजकों की बैठक में उनके कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि जब मोर्चा अपनी इकाइयों का ही गठन नहीं कर पाए हैं, तो सवाल उठता है कि आखिर संगठन का काम चल कैसे रहा है?
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में अगले वर्ष चुनाव होने वाले हैं, चुनाव के लिए साल नहीं माह बचे है, लिहाजा संगठन का मजबूत होना जरूरी है. मजेदार बात यह है कि भोपाल आने के एक दिन पहले तक विभिन्न इकाइयों ने अपने पदाधिकारियों की नियुक्तियों की सूची जारी की.
पढ़ें: BJP 5-10 नहीं बल्कि कम से कम 50 साल के लिए सत्ता में आई है: अमित शाह
गौरतलब है कि शाह के भोपाल दौरे से पहले ही प्रदेश के नगर निगाय चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा था. पार्टी को 25 सीटें मिली थी जबकि कांग्रेस के खाते में 15 सीटें गई थी. सूत्रों के अनुसार, शाह ने मोर्चा पदाधिकारियों से कहा कि वे सबसे ज्यादा अपना ध्यान अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग पर केंद्रित करें. जहां पार्टी की स्थिति कमजोर है, वहां ज्यादा कार्यक्रम करें.
पढ़ें: अमित शाह हुए सख्त, कार्यकर्ताओं को सुनाया फरमान- 'अंदर की बात बाहर नहीं जाने पाए'
भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पांडे ने संवाददाताओं से कहा कि बैठक सकारात्मक रही, युवाओं को पार्टी की मजबूती और राष्ट्र के लिए काम करने के निर्देश दिए गए.टिप्पणियां
उन्होंने अपनी यात्रा के पहले दिन शुक्रवार को पार्टी दफ्तर में बैठकें कर संगठन और सरकार की प्रतिक्रिया ली. इतना ही नहीं, कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अपनी बात खुलकर रखें, किसी से डरें नहीं.
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में अगले वर्ष चुनाव होने वाले हैं, चुनाव के लिए साल नहीं माह बचे है, लिहाजा संगठन का मजबूत होना जरूरी है. मजेदार बात यह है कि भोपाल आने के एक दिन पहले तक विभिन्न इकाइयों ने अपने पदाधिकारियों की नियुक्तियों की सूची जारी की.
पढ़ें: BJP 5-10 नहीं बल्कि कम से कम 50 साल के लिए सत्ता में आई है: अमित शाह
गौरतलब है कि शाह के भोपाल दौरे से पहले ही प्रदेश के नगर निगाय चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा था. पार्टी को 25 सीटें मिली थी जबकि कांग्रेस के खाते में 15 सीटें गई थी. सूत्रों के अनुसार, शाह ने मोर्चा पदाधिकारियों से कहा कि वे सबसे ज्यादा अपना ध्यान अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग पर केंद्रित करें. जहां पार्टी की स्थिति कमजोर है, वहां ज्यादा कार्यक्रम करें.
पढ़ें: अमित शाह हुए सख्त, कार्यकर्ताओं को सुनाया फरमान- 'अंदर की बात बाहर नहीं जाने पाए'
भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पांडे ने संवाददाताओं से कहा कि बैठक सकारात्मक रही, युवाओं को पार्टी की मजबूती और राष्ट्र के लिए काम करने के निर्देश दिए गए.टिप्पणियां
उन्होंने अपनी यात्रा के पहले दिन शुक्रवार को पार्टी दफ्तर में बैठकें कर संगठन और सरकार की प्रतिक्रिया ली. इतना ही नहीं, कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अपनी बात खुलकर रखें, किसी से डरें नहीं.
पढ़ें: BJP 5-10 नहीं बल्कि कम से कम 50 साल के लिए सत्ता में आई है: अमित शाह
गौरतलब है कि शाह के भोपाल दौरे से पहले ही प्रदेश के नगर निगाय चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा था. पार्टी को 25 सीटें मिली थी जबकि कांग्रेस के खाते में 15 सीटें गई थी. सूत्रों के अनुसार, शाह ने मोर्चा पदाधिकारियों से कहा कि वे सबसे ज्यादा अपना ध्यान अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग पर केंद्रित करें. जहां पार्टी की स्थिति कमजोर है, वहां ज्यादा कार्यक्रम करें.
पढ़ें: अमित शाह हुए सख्त, कार्यकर्ताओं को सुनाया फरमान- 'अंदर की बात बाहर नहीं जाने पाए'
भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पांडे ने संवाददाताओं से कहा कि बैठक सकारात्मक रही, युवाओं को पार्टी की मजबूती और राष्ट्र के लिए काम करने के निर्देश दिए गए.टिप्पणियां
उन्होंने अपनी यात्रा के पहले दिन शुक्रवार को पार्टी दफ्तर में बैठकें कर संगठन और सरकार की प्रतिक्रिया ली. इतना ही नहीं, कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अपनी बात खुलकर रखें, किसी से डरें नहीं.
गौरतलब है कि शाह के भोपाल दौरे से पहले ही प्रदेश के नगर निगाय चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा था. पार्टी को 25 सीटें मिली थी जबकि कांग्रेस के खाते में 15 सीटें गई थी. सूत्रों के अनुसार, शाह ने मोर्चा पदाधिकारियों से कहा कि वे सबसे ज्यादा अपना ध्यान अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग पर केंद्रित करें. जहां पार्टी की स्थिति कमजोर है, वहां ज्यादा कार्यक्रम करें.
पढ़ें: अमित शाह हुए सख्त, कार्यकर्ताओं को सुनाया फरमान- 'अंदर की बात बाहर नहीं जाने पाए'
भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पांडे ने संवाददाताओं से कहा कि बैठक सकारात्मक रही, युवाओं को पार्टी की मजबूती और राष्ट्र के लिए काम करने के निर्देश दिए गए.टिप्पणियां
उन्होंने अपनी यात्रा के पहले दिन शुक्रवार को पार्टी दफ्तर में बैठकें कर संगठन और सरकार की प्रतिक्रिया ली. इतना ही नहीं, कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अपनी बात खुलकर रखें, किसी से डरें नहीं.
पढ़ें: अमित शाह हुए सख्त, कार्यकर्ताओं को सुनाया फरमान- 'अंदर की बात बाहर नहीं जाने पाए'
भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पांडे ने संवाददाताओं से कहा कि बैठक सकारात्मक रही, युवाओं को पार्टी की मजबूती और राष्ट्र के लिए काम करने के निर्देश दिए गए.टिप्पणियां
उन्होंने अपनी यात्रा के पहले दिन शुक्रवार को पार्टी दफ्तर में बैठकें कर संगठन और सरकार की प्रतिक्रिया ली. इतना ही नहीं, कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अपनी बात खुलकर रखें, किसी से डरें नहीं.
भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पांडे ने संवाददाताओं से कहा कि बैठक सकारात्मक रही, युवाओं को पार्टी की मजबूती और राष्ट्र के लिए काम करने के निर्देश दिए गए.टिप्पणियां
उन्होंने अपनी यात्रा के पहले दिन शुक्रवार को पार्टी दफ्तर में बैठकें कर संगठन और सरकार की प्रतिक्रिया ली. इतना ही नहीं, कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अपनी बात खुलकर रखें, किसी से डरें नहीं.
उन्होंने अपनी यात्रा के पहले दिन शुक्रवार को पार्टी दफ्तर में बैठकें कर संगठन और सरकार की प्रतिक्रिया ली. इतना ही नहीं, कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अपनी बात खुलकर रखें, किसी से डरें नहीं.
उन्होंने अपनी यात्रा के पहले दिन शुक्रवार को पार्टी दफ्तर में बैठकें कर संगठन और सरकार की प्रतिक्रिया ली. इतना ही नहीं, कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अपनी बात खुलकर रखें, किसी से डरें नहीं. | यह एक सारांश है: अमित शाह ने पार्टी पदाधिकारियों को लगाई फटकार
शाह भोपाल के तीन दिवसीय दौरे के दूसरे पर हैं
पदाधिकारियों की कार्यशैली पर बीजेपी अध्यक्ष ने सवाल उठाए | 24 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सायना नेहवाल के प्रेरणादायी नेतृत्व में खेलते हुए हैदराबाद हॉटशॉट्स टीम ने पुणे पिस्टंस के खिलाफ 3-0 की जीत के साथ इंडियन बैडमिंटन लीग (आईबीएल) के पहले संस्करण के फाइनल में जगह बना ली है।
हॉटशॉटस ने अपनी पुरुष युगल जोड़ी की जीत के साथ गॉचीबोली स्टेडियम में बुधवार को खेले गए पहले सेमीफाइनल मुकाबले में अजेय बढ़त बना ली। इसके बाद के दो मुकाबले नहीं खेले गए। हॉटशॉटस ने पहला पुरुष एकल, महिला एकल और पुरुष युगल मैच जीते।
हॉटशॉटस के शेम वी गोह और वाह लिम खिम की जोड़ी ने दिन के तीसरे मैच में पिस्टंस के फिशर नील्सन जोएकिम और सानावे थामस को 16-21, 21-14, 11-7 से हराया। यह मैच 53 मिनट चला।
उससे पहले, अजय जयराम ने पुरुष एकल और सायना ने महिला एकल मैच जीते थे। बतौर आयकन खिलाड़ी सायना ने अपने साथियों के सामने एक मिसाल पेश करते हुए लगातार छठी जीत दर्ज की।
आईबीएल के इस संस्करण में एकमात्र अजेय खिलाड़ी सायना ने महिला एकल मैच में पिस्टंस की जूलियन शेंक को 21-10, 19-21, 11-8 से हराया।
शेंक पर सायना की यह लगातार दूसरी जीत है। इससे पहले 19 अगस्त को मुम्बई में सायना ने शेंक को 17-21, 21-19, 11-6 से हराया था।
जयराम ने पहला पुरुष एकल मैच जीतते हुए हॉटशॉट्स को 1-0 की बढ़त दिलाई थी। जयराम ने पिस्टंस के तेन मिन्ह नुगेन को 21-17, 21-11 से हराया।टिप्पणियां
लीग स्तर पर जब जयराम और नुगेन की भिड़ंत हुई थी, तब भी उन्होंने विश्व के इस पांचवें वरीय खिलाड़ी पर जीत हासिल की थी।
मुम्बई में 31 अगस्त को होने वाले खिताबी मुकाबले में हॉटशॉटस का सामना गुरुवार को अवध वॉरियर्स और मुम्बई मास्टर्स टीमों के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा।
हॉटशॉटस ने अपनी पुरुष युगल जोड़ी की जीत के साथ गॉचीबोली स्टेडियम में बुधवार को खेले गए पहले सेमीफाइनल मुकाबले में अजेय बढ़त बना ली। इसके बाद के दो मुकाबले नहीं खेले गए। हॉटशॉटस ने पहला पुरुष एकल, महिला एकल और पुरुष युगल मैच जीते।
हॉटशॉटस के शेम वी गोह और वाह लिम खिम की जोड़ी ने दिन के तीसरे मैच में पिस्टंस के फिशर नील्सन जोएकिम और सानावे थामस को 16-21, 21-14, 11-7 से हराया। यह मैच 53 मिनट चला।
उससे पहले, अजय जयराम ने पुरुष एकल और सायना ने महिला एकल मैच जीते थे। बतौर आयकन खिलाड़ी सायना ने अपने साथियों के सामने एक मिसाल पेश करते हुए लगातार छठी जीत दर्ज की।
आईबीएल के इस संस्करण में एकमात्र अजेय खिलाड़ी सायना ने महिला एकल मैच में पिस्टंस की जूलियन शेंक को 21-10, 19-21, 11-8 से हराया।
शेंक पर सायना की यह लगातार दूसरी जीत है। इससे पहले 19 अगस्त को मुम्बई में सायना ने शेंक को 17-21, 21-19, 11-6 से हराया था।
जयराम ने पहला पुरुष एकल मैच जीतते हुए हॉटशॉट्स को 1-0 की बढ़त दिलाई थी। जयराम ने पिस्टंस के तेन मिन्ह नुगेन को 21-17, 21-11 से हराया।टिप्पणियां
लीग स्तर पर जब जयराम और नुगेन की भिड़ंत हुई थी, तब भी उन्होंने विश्व के इस पांचवें वरीय खिलाड़ी पर जीत हासिल की थी।
मुम्बई में 31 अगस्त को होने वाले खिताबी मुकाबले में हॉटशॉटस का सामना गुरुवार को अवध वॉरियर्स और मुम्बई मास्टर्स टीमों के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा।
हॉटशॉटस के शेम वी गोह और वाह लिम खिम की जोड़ी ने दिन के तीसरे मैच में पिस्टंस के फिशर नील्सन जोएकिम और सानावे थामस को 16-21, 21-14, 11-7 से हराया। यह मैच 53 मिनट चला।
उससे पहले, अजय जयराम ने पुरुष एकल और सायना ने महिला एकल मैच जीते थे। बतौर आयकन खिलाड़ी सायना ने अपने साथियों के सामने एक मिसाल पेश करते हुए लगातार छठी जीत दर्ज की।
आईबीएल के इस संस्करण में एकमात्र अजेय खिलाड़ी सायना ने महिला एकल मैच में पिस्टंस की जूलियन शेंक को 21-10, 19-21, 11-8 से हराया।
शेंक पर सायना की यह लगातार दूसरी जीत है। इससे पहले 19 अगस्त को मुम्बई में सायना ने शेंक को 17-21, 21-19, 11-6 से हराया था।
जयराम ने पहला पुरुष एकल मैच जीतते हुए हॉटशॉट्स को 1-0 की बढ़त दिलाई थी। जयराम ने पिस्टंस के तेन मिन्ह नुगेन को 21-17, 21-11 से हराया।टिप्पणियां
लीग स्तर पर जब जयराम और नुगेन की भिड़ंत हुई थी, तब भी उन्होंने विश्व के इस पांचवें वरीय खिलाड़ी पर जीत हासिल की थी।
मुम्बई में 31 अगस्त को होने वाले खिताबी मुकाबले में हॉटशॉटस का सामना गुरुवार को अवध वॉरियर्स और मुम्बई मास्टर्स टीमों के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा।
उससे पहले, अजय जयराम ने पुरुष एकल और सायना ने महिला एकल मैच जीते थे। बतौर आयकन खिलाड़ी सायना ने अपने साथियों के सामने एक मिसाल पेश करते हुए लगातार छठी जीत दर्ज की।
आईबीएल के इस संस्करण में एकमात्र अजेय खिलाड़ी सायना ने महिला एकल मैच में पिस्टंस की जूलियन शेंक को 21-10, 19-21, 11-8 से हराया।
शेंक पर सायना की यह लगातार दूसरी जीत है। इससे पहले 19 अगस्त को मुम्बई में सायना ने शेंक को 17-21, 21-19, 11-6 से हराया था।
जयराम ने पहला पुरुष एकल मैच जीतते हुए हॉटशॉट्स को 1-0 की बढ़त दिलाई थी। जयराम ने पिस्टंस के तेन मिन्ह नुगेन को 21-17, 21-11 से हराया।टिप्पणियां
लीग स्तर पर जब जयराम और नुगेन की भिड़ंत हुई थी, तब भी उन्होंने विश्व के इस पांचवें वरीय खिलाड़ी पर जीत हासिल की थी।
मुम्बई में 31 अगस्त को होने वाले खिताबी मुकाबले में हॉटशॉटस का सामना गुरुवार को अवध वॉरियर्स और मुम्बई मास्टर्स टीमों के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा।
आईबीएल के इस संस्करण में एकमात्र अजेय खिलाड़ी सायना ने महिला एकल मैच में पिस्टंस की जूलियन शेंक को 21-10, 19-21, 11-8 से हराया।
शेंक पर सायना की यह लगातार दूसरी जीत है। इससे पहले 19 अगस्त को मुम्बई में सायना ने शेंक को 17-21, 21-19, 11-6 से हराया था।
जयराम ने पहला पुरुष एकल मैच जीतते हुए हॉटशॉट्स को 1-0 की बढ़त दिलाई थी। जयराम ने पिस्टंस के तेन मिन्ह नुगेन को 21-17, 21-11 से हराया।टिप्पणियां
लीग स्तर पर जब जयराम और नुगेन की भिड़ंत हुई थी, तब भी उन्होंने विश्व के इस पांचवें वरीय खिलाड़ी पर जीत हासिल की थी।
मुम्बई में 31 अगस्त को होने वाले खिताबी मुकाबले में हॉटशॉटस का सामना गुरुवार को अवध वॉरियर्स और मुम्बई मास्टर्स टीमों के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा।
शेंक पर सायना की यह लगातार दूसरी जीत है। इससे पहले 19 अगस्त को मुम्बई में सायना ने शेंक को 17-21, 21-19, 11-6 से हराया था।
जयराम ने पहला पुरुष एकल मैच जीतते हुए हॉटशॉट्स को 1-0 की बढ़त दिलाई थी। जयराम ने पिस्टंस के तेन मिन्ह नुगेन को 21-17, 21-11 से हराया।टिप्पणियां
लीग स्तर पर जब जयराम और नुगेन की भिड़ंत हुई थी, तब भी उन्होंने विश्व के इस पांचवें वरीय खिलाड़ी पर जीत हासिल की थी।
मुम्बई में 31 अगस्त को होने वाले खिताबी मुकाबले में हॉटशॉटस का सामना गुरुवार को अवध वॉरियर्स और मुम्बई मास्टर्स टीमों के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा।
जयराम ने पहला पुरुष एकल मैच जीतते हुए हॉटशॉट्स को 1-0 की बढ़त दिलाई थी। जयराम ने पिस्टंस के तेन मिन्ह नुगेन को 21-17, 21-11 से हराया।टिप्पणियां
लीग स्तर पर जब जयराम और नुगेन की भिड़ंत हुई थी, तब भी उन्होंने विश्व के इस पांचवें वरीय खिलाड़ी पर जीत हासिल की थी।
मुम्बई में 31 अगस्त को होने वाले खिताबी मुकाबले में हॉटशॉटस का सामना गुरुवार को अवध वॉरियर्स और मुम्बई मास्टर्स टीमों के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा।
लीग स्तर पर जब जयराम और नुगेन की भिड़ंत हुई थी, तब भी उन्होंने विश्व के इस पांचवें वरीय खिलाड़ी पर जीत हासिल की थी।
मुम्बई में 31 अगस्त को होने वाले खिताबी मुकाबले में हॉटशॉटस का सामना गुरुवार को अवध वॉरियर्स और मुम्बई मास्टर्स टीमों के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा।
मुम्बई में 31 अगस्त को होने वाले खिताबी मुकाबले में हॉटशॉटस का सामना गुरुवार को अवध वॉरियर्स और मुम्बई मास्टर्स टीमों के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा। | संक्षिप्त पाठ: सायना नेहवाल के प्रेरणादायी नेतृत्व में खेलते हुए हैदराबाद हॉटशॉट्स टीम ने पुणे पिस्टंस के खिलाफ 3-0 की जीत के साथ इंडियन बैडमिंटन लीग (आईबीएल) के पहले संस्करण के फाइनल में जगह बना ली है। | 14 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उधर, बीजेपी को हाल में कुछ बड़े झटके भी लगे हैं. सहयोगी दल टीडीपी ने एनडीए छोड़ दिया है तो शिवसेना आए दिन आंख दिखाता आंख दिखाता चला आ रही है. वहीं, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा और लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास पासवान के बाद नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने रविवार को एक बैठक के बाद कहा कि लोकसभा या विधानसभा का चुनाव बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व और चेहरा पर लड़ा जाना चाहिए.
बिहार से भी जनता यूनाइटेड के कुछ नेताओं से अभी से 2019 चुनाव के मद्देनजर बयान देना आरंभ कर दिया है. भाजपा नेताओं का मानना है कि जनता दल के नेताओं का वक्तव्य भाजपा से ज़्यादा जनता दल यूनाइटेड के नेता और कार्यकर्ताओं को संदेश भेजने की क़वायद है कि फ़िलहाल वो नरेंद्र मोदी के सामने पूरी तरह नतमस्तक नहीं हुए हैं. लेकिन अब सात जून को एनडीए के नेताओं जिसमें सभी दलों के विधायक सांसद शामिल होंगे उस पर सबकी निगाहें होंगी कि कौन आख़िर क्या बोलता है.
बिहार से भी जनता यूनाइटेड के कुछ नेताओं से अभी से 2019 चुनाव के मद्देनजर बयान देना आरंभ कर दिया है. भाजपा नेताओं का मानना है कि जनता दल के नेताओं का वक्तव्य भाजपा से ज़्यादा जनता दल यूनाइटेड के नेता और कार्यकर्ताओं को संदेश भेजने की क़वायद है कि फ़िलहाल वो नरेंद्र मोदी के सामने पूरी तरह नतमस्तक नहीं हुए हैं. लेकिन अब सात जून को एनडीए के नेताओं जिसमें सभी दलों के विधायक सांसद शामिल होंगे उस पर सबकी निगाहें होंगी कि कौन आख़िर क्या बोलता है. | संक्षिप्त पाठ: मिशन 2019 की तैयारी में जुटी बीजेपी
बीजेपी सहयोगियों को साधने की कोशिश में
नाराज़ सहयोगियों में मिल सकती है मंत्रिमंडल में जगह | 30 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कनाट प्लेस के समीप कस्तूरबा गांधी मार्ग पर आज एक बहुमंजिला इमारत में लगी भीषण आग में एक सुरक्षा गार्ड मारा गया। इस इमारत में कई वाणिज्यिक संस्थानों के कार्यालय हैं।
आग सुबह करीब छह बजकर 20 मिनट पर कस्तूरबा गांधी मार्ग पर 50 मीटर ऊंची 15 मंजिला इमारत हिमालय हाउस में लगी। आग को बुझाने के लिए 32 दमकल गाड़ियों को भेजा गया।
दिल्ली अग्निशमन सेवा के निदेशक एके शर्मा ने संवाददाताओं को बताया, इमारत से सुरक्षा गार्ड का शव निकाल लिया गया है। वह संभवत: आग लगने के समय सो रहा था और इमारत से बाहर नहीं निकल सका। दो गार्डों को सुरक्षित निकाल लिया गया। मारे गए सुरक्षा गार्ड की पहचान 52 वर्षीय जय भगवान के रूप में की गई है। उसका शव आठवें तल से बरामद किया गया है। एक अन्य सुरक्षा गार्ड शिव कुमार को छठे तल से जबकि राज कुमार को 11वें तल से निकाला गया।
शर्मा ने बताया कि इमारत में 12 दमकल प्रणालियां हैं, लेकिन हमें पक्का पता नहीं है कि वे काम कर रही थीं या नहीं।
आग इमारत के तीसरे तल में लगी और जल्द ही चौथे, पांचवें , छठे , सातवें और आठवें तल तक फैल गई। दोपहर के आसपास आग पर काबू पा लिया गया।टिप्पणियां
इमारत से धुएं के काले बादलों का गुबार उठ रहा था और बचावकर्मियों को आग पर काबू पाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है, जो संभवत: बिजली की किसी खराबी के कारण लगी है।
एक प्रत्यक्षदर्शी कमल ने बताया, घना धुआं है। धुएं के कारण आसमान काला हो गया है। इमारत में आग लगने के कारण पुलिस ने कनाट प्लेस के आउटर सर्किल से कस्तूरबा गांधी मार्ग होकर टॉलस्टाय मार्ग पर जाने वाले यातायात को बंद कर दिया है।
आग सुबह करीब छह बजकर 20 मिनट पर कस्तूरबा गांधी मार्ग पर 50 मीटर ऊंची 15 मंजिला इमारत हिमालय हाउस में लगी। आग को बुझाने के लिए 32 दमकल गाड़ियों को भेजा गया।
दिल्ली अग्निशमन सेवा के निदेशक एके शर्मा ने संवाददाताओं को बताया, इमारत से सुरक्षा गार्ड का शव निकाल लिया गया है। वह संभवत: आग लगने के समय सो रहा था और इमारत से बाहर नहीं निकल सका। दो गार्डों को सुरक्षित निकाल लिया गया। मारे गए सुरक्षा गार्ड की पहचान 52 वर्षीय जय भगवान के रूप में की गई है। उसका शव आठवें तल से बरामद किया गया है। एक अन्य सुरक्षा गार्ड शिव कुमार को छठे तल से जबकि राज कुमार को 11वें तल से निकाला गया।
शर्मा ने बताया कि इमारत में 12 दमकल प्रणालियां हैं, लेकिन हमें पक्का पता नहीं है कि वे काम कर रही थीं या नहीं।
आग इमारत के तीसरे तल में लगी और जल्द ही चौथे, पांचवें , छठे , सातवें और आठवें तल तक फैल गई। दोपहर के आसपास आग पर काबू पा लिया गया।टिप्पणियां
इमारत से धुएं के काले बादलों का गुबार उठ रहा था और बचावकर्मियों को आग पर काबू पाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है, जो संभवत: बिजली की किसी खराबी के कारण लगी है।
एक प्रत्यक्षदर्शी कमल ने बताया, घना धुआं है। धुएं के कारण आसमान काला हो गया है। इमारत में आग लगने के कारण पुलिस ने कनाट प्लेस के आउटर सर्किल से कस्तूरबा गांधी मार्ग होकर टॉलस्टाय मार्ग पर जाने वाले यातायात को बंद कर दिया है।
दिल्ली अग्निशमन सेवा के निदेशक एके शर्मा ने संवाददाताओं को बताया, इमारत से सुरक्षा गार्ड का शव निकाल लिया गया है। वह संभवत: आग लगने के समय सो रहा था और इमारत से बाहर नहीं निकल सका। दो गार्डों को सुरक्षित निकाल लिया गया। मारे गए सुरक्षा गार्ड की पहचान 52 वर्षीय जय भगवान के रूप में की गई है। उसका शव आठवें तल से बरामद किया गया है। एक अन्य सुरक्षा गार्ड शिव कुमार को छठे तल से जबकि राज कुमार को 11वें तल से निकाला गया।
शर्मा ने बताया कि इमारत में 12 दमकल प्रणालियां हैं, लेकिन हमें पक्का पता नहीं है कि वे काम कर रही थीं या नहीं।
आग इमारत के तीसरे तल में लगी और जल्द ही चौथे, पांचवें , छठे , सातवें और आठवें तल तक फैल गई। दोपहर के आसपास आग पर काबू पा लिया गया।टिप्पणियां
इमारत से धुएं के काले बादलों का गुबार उठ रहा था और बचावकर्मियों को आग पर काबू पाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है, जो संभवत: बिजली की किसी खराबी के कारण लगी है।
एक प्रत्यक्षदर्शी कमल ने बताया, घना धुआं है। धुएं के कारण आसमान काला हो गया है। इमारत में आग लगने के कारण पुलिस ने कनाट प्लेस के आउटर सर्किल से कस्तूरबा गांधी मार्ग होकर टॉलस्टाय मार्ग पर जाने वाले यातायात को बंद कर दिया है।
शर्मा ने बताया कि इमारत में 12 दमकल प्रणालियां हैं, लेकिन हमें पक्का पता नहीं है कि वे काम कर रही थीं या नहीं।
आग इमारत के तीसरे तल में लगी और जल्द ही चौथे, पांचवें , छठे , सातवें और आठवें तल तक फैल गई। दोपहर के आसपास आग पर काबू पा लिया गया।टिप्पणियां
इमारत से धुएं के काले बादलों का गुबार उठ रहा था और बचावकर्मियों को आग पर काबू पाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है, जो संभवत: बिजली की किसी खराबी के कारण लगी है।
एक प्रत्यक्षदर्शी कमल ने बताया, घना धुआं है। धुएं के कारण आसमान काला हो गया है। इमारत में आग लगने के कारण पुलिस ने कनाट प्लेस के आउटर सर्किल से कस्तूरबा गांधी मार्ग होकर टॉलस्टाय मार्ग पर जाने वाले यातायात को बंद कर दिया है।
आग इमारत के तीसरे तल में लगी और जल्द ही चौथे, पांचवें , छठे , सातवें और आठवें तल तक फैल गई। दोपहर के आसपास आग पर काबू पा लिया गया।टिप्पणियां
इमारत से धुएं के काले बादलों का गुबार उठ रहा था और बचावकर्मियों को आग पर काबू पाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है, जो संभवत: बिजली की किसी खराबी के कारण लगी है।
एक प्रत्यक्षदर्शी कमल ने बताया, घना धुआं है। धुएं के कारण आसमान काला हो गया है। इमारत में आग लगने के कारण पुलिस ने कनाट प्लेस के आउटर सर्किल से कस्तूरबा गांधी मार्ग होकर टॉलस्टाय मार्ग पर जाने वाले यातायात को बंद कर दिया है।
इमारत से धुएं के काले बादलों का गुबार उठ रहा था और बचावकर्मियों को आग पर काबू पाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है, जो संभवत: बिजली की किसी खराबी के कारण लगी है।
एक प्रत्यक्षदर्शी कमल ने बताया, घना धुआं है। धुएं के कारण आसमान काला हो गया है। इमारत में आग लगने के कारण पुलिस ने कनाट प्लेस के आउटर सर्किल से कस्तूरबा गांधी मार्ग होकर टॉलस्टाय मार्ग पर जाने वाले यातायात को बंद कर दिया है।
एक प्रत्यक्षदर्शी कमल ने बताया, घना धुआं है। धुएं के कारण आसमान काला हो गया है। इमारत में आग लगने के कारण पुलिस ने कनाट प्लेस के आउटर सर्किल से कस्तूरबा गांधी मार्ग होकर टॉलस्टाय मार्ग पर जाने वाले यातायात को बंद कर दिया है। | सारांश: कनॉट प्लेस के कस्तूरबा गांधी मार्ग पर हिमालय बिल्डिंग में आग लग गई, जिस पर कई घंटों की मशक्कत के बाद काबू पा लिया गया। | 31 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बच्चियों से भेदभाव की मानसिकता पूरे देश में फैली हुई है। इसका ताजा मामला तमिलनाडु के कोयम्बटूर में देखने को मिला है, जहां एक पति ने अपनी पत्नी को सिर्फ इसलिए मार दिया, क्योंकि उसने दोबारा बेटी को जन्म दिया था।टिप्पणियां
20 साल की नागदेवी ने एक साल पहले ही एक बेटी को जन्म दिया था और उसका पति इस बार बेटा चाहता था, लेकिन जब बेटी पैदा हुई, तो उसने अपनी पत्नी को बुरा तरह पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई।
मृतक की बहन का कहना है कि लॉरी चलाने वाले उसके जीजा ने उसकी बहन के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और फिर हथौड़े और हसिये से भी हमला किया। वह शराब के नशे में था और उसने अपनी पत्नी के पेट पर जोर से लात मारी, जिसके बाद ज्यादा खून निकालने से उसकी मौत हो गई। फिलहाल दोनों बच्चियां अपनी मौसी के साथ रह रही हैं। पुलिस ने आरोपी पति और उसकी मां को गिरफ्तार कर लिया है।
20 साल की नागदेवी ने एक साल पहले ही एक बेटी को जन्म दिया था और उसका पति इस बार बेटा चाहता था, लेकिन जब बेटी पैदा हुई, तो उसने अपनी पत्नी को बुरा तरह पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई।
मृतक की बहन का कहना है कि लॉरी चलाने वाले उसके जीजा ने उसकी बहन के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और फिर हथौड़े और हसिये से भी हमला किया। वह शराब के नशे में था और उसने अपनी पत्नी के पेट पर जोर से लात मारी, जिसके बाद ज्यादा खून निकालने से उसकी मौत हो गई। फिलहाल दोनों बच्चियां अपनी मौसी के साथ रह रही हैं। पुलिस ने आरोपी पति और उसकी मां को गिरफ्तार कर लिया है।
मृतक की बहन का कहना है कि लॉरी चलाने वाले उसके जीजा ने उसकी बहन के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और फिर हथौड़े और हसिये से भी हमला किया। वह शराब के नशे में था और उसने अपनी पत्नी के पेट पर जोर से लात मारी, जिसके बाद ज्यादा खून निकालने से उसकी मौत हो गई। फिलहाल दोनों बच्चियां अपनी मौसी के साथ रह रही हैं। पुलिस ने आरोपी पति और उसकी मां को गिरफ्तार कर लिया है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: तमिलनाडु के कोयम्बटूर में एक पति ने अपनी पत्नी को सिर्फ इसलिए मौत के घाट उतार दिया, क्योंकि उसने दोबारा बेटी को जन्म दिया था। | 19 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के दिग्गज क्रिकेट स्टार सचिन तेंदुलकर राज्य सभा के सदस्य हैं. क्रिकेट के मैदान में 24 साल के करियर के दौरान वह इक्के-दुक्के मौके पर ही मैदान से दूर रहे लेकिन जहां तक संसद सदस्य के नाते संसद पहुंचने का सवाल है तो उनका रिकार्ड बेहद खराब रहा है. राज्य सभा के 12 नामांकित सदस्यों में से एक सचिन और फिल्म अभिनेत्री रेखा का रिकार्ड संसद में मौजूदगी के मामले में सबसे खराब रहा है.टिप्पणियां
सचिन 2012 में नामांकित किए गए थे और 2013 में क्रिकेट से संन्यास लिया था लेकिन तब से लेकर आज तक 348 दिनों के सत्र में वह सिर्फ 23 बार संसद में मौजूद रहे. रेखा तो इस दौरान सिर्फ 18 बार संसद पहुंचीं. रेखा को भी 2012 में नामांकित किया गया था.
इस दौरान सचिन पर कुल 58.8 लाख रुपये खर्च हुए. यह राज्य सभा से प्राप्त आंकड़ा है. राज्य सभा सदस्य होने के नाते सचिन को प्रति माह 50 हजार रुपये का वेतन मिलता है. इशके अलावा प्रति माह 45 हजार रुपये संसदीय क्षेत्र के लिए खर्च, 15 हजार प्रति माह दफ्तर खर्च और यात्रा तथा दैनिक भत्ते मिलते हैं.
सचिन 2012 में नामांकित किए गए थे और 2013 में क्रिकेट से संन्यास लिया था लेकिन तब से लेकर आज तक 348 दिनों के सत्र में वह सिर्फ 23 बार संसद में मौजूद रहे. रेखा तो इस दौरान सिर्फ 18 बार संसद पहुंचीं. रेखा को भी 2012 में नामांकित किया गया था.
इस दौरान सचिन पर कुल 58.8 लाख रुपये खर्च हुए. यह राज्य सभा से प्राप्त आंकड़ा है. राज्य सभा सदस्य होने के नाते सचिन को प्रति माह 50 हजार रुपये का वेतन मिलता है. इशके अलावा प्रति माह 45 हजार रुपये संसदीय क्षेत्र के लिए खर्च, 15 हजार प्रति माह दफ्तर खर्च और यात्रा तथा दैनिक भत्ते मिलते हैं.
इस दौरान सचिन पर कुल 58.8 लाख रुपये खर्च हुए. यह राज्य सभा से प्राप्त आंकड़ा है. राज्य सभा सदस्य होने के नाते सचिन को प्रति माह 50 हजार रुपये का वेतन मिलता है. इशके अलावा प्रति माह 45 हजार रुपये संसदीय क्षेत्र के लिए खर्च, 15 हजार प्रति माह दफ्तर खर्च और यात्रा तथा दैनिक भत्ते मिलते हैं. | संक्षिप्त पाठ: भारत के दिग्गज क्रिकेट स्टार सचिन तेंदुलकर राज्य सभा के सदस्य हैं
राज्य सभा के 12 नामांकित सदस्यों में से एक सचिन
फिल्म अभिनेत्री रेखा का रिकार्ड सबसे खराब रहा है | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कर्नाटक में जारी उठापटक पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मामले को मंगलवार तक के लिए टाल दिया है और कहा कि तब तक यथा स्थिति रहे. इससे पहले बागी विधायकों की ओर से पेश वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि विधायकों को मेरे पास आना चाहिए था उनको सुप्रीम कोर्ट के पास नहीं जाना चाहिए था. स्पीकर ने कहा कि मुझे पूरी रात इस्तीफों को पढ़ना है. जनता के प्रति जवाबदेह हूं. बागी विधायकों की तरफ से कहा गया कि स्पीकर ने कल कहा कि सुप्रीम कोर्ट हमें निर्देश नही दे सकता. स्पीकर ने ये भी कहा था कि मैं पहले इस्तीफे को देखूंगा उसके बाद फैसला करूंगा और अभी तक कोई फैसला भी नहीं दिया. बागी विधायकों की तरफ से कहा गया कि ये मामला केवल इस्तीफा का है. बागी पब्लिक, टीवी और कोर्ट हर जगह कह रहे है कि वो इस्तीफा देना चाहते हैं. इस पर प्रधान न्यायाधीश ने पूछा कि स्पीकर का फैसला क्या है, तो बागी विधायकों की तरफ से कहा गया कि अभी तक स्पीकर की तरफ से कुछ नही कहा गया है. आज से विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है स्पीकर बस विधायकों को अयोग्य करार देने चाहते हैं. मुकुल रोहतगी ने कहा कि कांग्रेस की ओर से व्हिप जारी किया गया है और इस तरह तो वह अयोग्य घोषित हो जाएंगे.
स्पीकर की ओर से पेश वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि संविधान में भी पूरा ब्यौरा है कि किसी विधायक के इस्तीफे को मंज़ूर करने से पहले क्या क्या करने की प्रक्रिया होगी. स्पीकर की तरफ से कहा गया कानून के हिसाब से स्पीकर जब संतुष्ट होंगे तब इस्तीफा स्वीकार होता है. इसमें समय लगता है. जिस तरह से याचिकाकर्ता चाहते है कि तुरंत किया जाए ये संभव नहीं है. पहले ये देख जाता है कि इस्तीफा सही है या नहीं. सिंघवी की इस दलील पर कोर्ट ने पूछा- क्या स्पीकर सुप्रीम कोर्ट के पावर को चैलेंज कर रहे हैं? सिंघवी ने कहा नहीं. हम सिर्फ प्रक्रिया बता रहे हैं. सिंघवी ने आगे कहा कि सभी दस विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की कार्रवाही चल रही है. इनमें से आठ के खिलाफ कार्रवाही स्पीकर के पास इस्तीफा पहुंचने से पहले शुरू की गई. विधायक स्पीकर से मिलने की बजाए मुंबई जाकर रिसॉर्ट में रूक गए. स्पीकर की संवैधानिक पद पर है विधायकों का इस्तीफा सही फॉर्मेट में नहीं था. कल ही उन्होंने इसे सही किया है. फिलहाल मंगलवार को फिर सुनवाई होगी.
वहीं कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी की ओर से पेश वकील राजीव धवन ने कहा कि इस याचिका में कोई तथ्य नहीं हैं. जिस पोंजी घोटाले की बात इस्तीफे के लिए कही गई है उसमें याचिकाकर्ता में से ही एक शामिल है. यह याचिका सुनवाई योग्य नहीं है. इस याचिका में एक शब्द भी ऐसा नही है जिसपर आर्टिकल 32 के तहत सुनवाई की जाए. विधायकों का कहना है कि इन्होंने राज्यपाल को इस्तीफा दिया था जिन्होंने इसे स्पीकर को भेजा. अरूणाचल प्रदेश जजमेंट में साफ है कि राज्यपाल का कोई रोल नहीं है. सिर्फ स्पीकर की भूमिका होती है. धवन ने आगे कहा कि विधायकों ने दावा किया है कि वो स्वेच्छा से अपनी सदस्यता छोड़ रहे हैं. लेकिन उनकी मंशा संदिग्ध है. सुप्रीम कोर्ट का ही फैसला है कि अगर स्पीकर को निजी तौर पर भी इस्तीफे की सूचना मिले तो स्पीकर की ज़िम्मेदारी है कि वो उसके पीछे के कारणों की जांच कराए. संविधान की 10 वी अनुसूची में इस प्रक्रिया का पूरा ब्यौरा है.
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने बागी विधायकों के वकील मुकुल रोहतगी से पूछा कि इस्तीफे के अलावा अयोग्यता का मामला भी विचाराधीन है. दो विधायकों की अयोग्यता कार्रवाही फरवरी में शुरू हुई. बाकी आठ का क्या हुआ. इस पर मुकुल रोहतगी ने कहा कि दो के खिलाफ फरवरी में कार्रवाई शुरू हुई फिर बंद कर दी. अब दबाव में दोबारा शुरू की गई है. सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर कहा कि याचिका के सुनवाई योग्य होने के अलावा सवाल संवैधानिक मुद्दों का भी है. | यह एक सारांश है: मंगलवार को होगी सुनवाई
फिलहाल यथास्थति बरकरार
सिंघवी पेश हुए थे स्पीकर की ओर से | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेता वाईएस जगनमोहन रेड्डी की अवैध सम्पत्ति मामले में चौथा आरोपपत्र दाखिल किया, जिसमें आंध्र प्रदेश के एक वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री और दो नौकरशाहों सहित 14 आरोपियों के नाम हैं।
सीबीआई की मुख्य विशेष अदालत में सोमवार को दाखिल किए गए 177 पृष्ठों के आरोपपत्र में सड़क एवं भवन मंत्री धर्मन्ना प्रसाद राव तथा भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी मनमोहन सिंह और एम. सैमुएल के नाम भी हैं।
सीबीआई ने आरोपपत्र में प्रसाद राव को आरोपियों की सूची में पांचवें स्थान पर रखा है, जबकि पूर्व मंत्री मोपीदेवी वेंकटरमना को चौथे स्थान पर रखा है।
जगन कडप्पा से लोकसभा के सदस्य हैं। उनका और उनके सहयोगी विजय साईं रेड्डी के नाम आरोपपत्र में शीर्ष पर हैं।
आरोपियों की सूची में अन्य नाम हैं उद्योगपति निम्मागद्दा प्रसाद, मोपीदेवी, धर्मना प्रसाद राव, पूर्व विशेष सचिव केवी ब्रह्मानंद रेड्डी, मनमोहन सिंह, एम. सैमुएल, निम्मागद्दा प्रकाश, वैनपिक प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, जगती पब्लिकेशंस भारती सीमेंट, कारमेल एशिया होल्डिंग्स तथा सिलीकॉन बिल्डर्स।
यह आरोपपत्र वैडेवू और निजामपत्तनम पोर्ट्स तथा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (वैनपिक परियोजना) को प्रकाशम व गुंटूर जिलों में भूमि आवंटन एवं अन्य रियायतें दिए जाने से संबंधित हैं।टिप्पणियां
प्रसाद राव जगन के पिता एवं तत्कालीन मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के मंत्रिमंडल में राजस्व मंत्री थे और उन्होंने कथित तौर पर वैनपिकको भूमि आवंटित किए जाने की सिफारिश की थी।
सीबीआई के सूत्रों के अनुसार, यह आरोपपत्र भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 409, 419, 420, 468, 471 व 477ए के तहत दाखिल किया गया है।
सीबीआई की मुख्य विशेष अदालत में सोमवार को दाखिल किए गए 177 पृष्ठों के आरोपपत्र में सड़क एवं भवन मंत्री धर्मन्ना प्रसाद राव तथा भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी मनमोहन सिंह और एम. सैमुएल के नाम भी हैं।
सीबीआई ने आरोपपत्र में प्रसाद राव को आरोपियों की सूची में पांचवें स्थान पर रखा है, जबकि पूर्व मंत्री मोपीदेवी वेंकटरमना को चौथे स्थान पर रखा है।
जगन कडप्पा से लोकसभा के सदस्य हैं। उनका और उनके सहयोगी विजय साईं रेड्डी के नाम आरोपपत्र में शीर्ष पर हैं।
आरोपियों की सूची में अन्य नाम हैं उद्योगपति निम्मागद्दा प्रसाद, मोपीदेवी, धर्मना प्रसाद राव, पूर्व विशेष सचिव केवी ब्रह्मानंद रेड्डी, मनमोहन सिंह, एम. सैमुएल, निम्मागद्दा प्रकाश, वैनपिक प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, जगती पब्लिकेशंस भारती सीमेंट, कारमेल एशिया होल्डिंग्स तथा सिलीकॉन बिल्डर्स।
यह आरोपपत्र वैडेवू और निजामपत्तनम पोर्ट्स तथा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (वैनपिक परियोजना) को प्रकाशम व गुंटूर जिलों में भूमि आवंटन एवं अन्य रियायतें दिए जाने से संबंधित हैं।टिप्पणियां
प्रसाद राव जगन के पिता एवं तत्कालीन मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के मंत्रिमंडल में राजस्व मंत्री थे और उन्होंने कथित तौर पर वैनपिकको भूमि आवंटित किए जाने की सिफारिश की थी।
सीबीआई के सूत्रों के अनुसार, यह आरोपपत्र भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 409, 419, 420, 468, 471 व 477ए के तहत दाखिल किया गया है।
सीबीआई ने आरोपपत्र में प्रसाद राव को आरोपियों की सूची में पांचवें स्थान पर रखा है, जबकि पूर्व मंत्री मोपीदेवी वेंकटरमना को चौथे स्थान पर रखा है।
जगन कडप्पा से लोकसभा के सदस्य हैं। उनका और उनके सहयोगी विजय साईं रेड्डी के नाम आरोपपत्र में शीर्ष पर हैं।
आरोपियों की सूची में अन्य नाम हैं उद्योगपति निम्मागद्दा प्रसाद, मोपीदेवी, धर्मना प्रसाद राव, पूर्व विशेष सचिव केवी ब्रह्मानंद रेड्डी, मनमोहन सिंह, एम. सैमुएल, निम्मागद्दा प्रकाश, वैनपिक प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, जगती पब्लिकेशंस भारती सीमेंट, कारमेल एशिया होल्डिंग्स तथा सिलीकॉन बिल्डर्स।
यह आरोपपत्र वैडेवू और निजामपत्तनम पोर्ट्स तथा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (वैनपिक परियोजना) को प्रकाशम व गुंटूर जिलों में भूमि आवंटन एवं अन्य रियायतें दिए जाने से संबंधित हैं।टिप्पणियां
प्रसाद राव जगन के पिता एवं तत्कालीन मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के मंत्रिमंडल में राजस्व मंत्री थे और उन्होंने कथित तौर पर वैनपिकको भूमि आवंटित किए जाने की सिफारिश की थी।
सीबीआई के सूत्रों के अनुसार, यह आरोपपत्र भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 409, 419, 420, 468, 471 व 477ए के तहत दाखिल किया गया है।
जगन कडप्पा से लोकसभा के सदस्य हैं। उनका और उनके सहयोगी विजय साईं रेड्डी के नाम आरोपपत्र में शीर्ष पर हैं।
आरोपियों की सूची में अन्य नाम हैं उद्योगपति निम्मागद्दा प्रसाद, मोपीदेवी, धर्मना प्रसाद राव, पूर्व विशेष सचिव केवी ब्रह्मानंद रेड्डी, मनमोहन सिंह, एम. सैमुएल, निम्मागद्दा प्रकाश, वैनपिक प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, जगती पब्लिकेशंस भारती सीमेंट, कारमेल एशिया होल्डिंग्स तथा सिलीकॉन बिल्डर्स।
यह आरोपपत्र वैडेवू और निजामपत्तनम पोर्ट्स तथा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (वैनपिक परियोजना) को प्रकाशम व गुंटूर जिलों में भूमि आवंटन एवं अन्य रियायतें दिए जाने से संबंधित हैं।टिप्पणियां
प्रसाद राव जगन के पिता एवं तत्कालीन मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के मंत्रिमंडल में राजस्व मंत्री थे और उन्होंने कथित तौर पर वैनपिकको भूमि आवंटित किए जाने की सिफारिश की थी।
सीबीआई के सूत्रों के अनुसार, यह आरोपपत्र भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 409, 419, 420, 468, 471 व 477ए के तहत दाखिल किया गया है।
आरोपियों की सूची में अन्य नाम हैं उद्योगपति निम्मागद्दा प्रसाद, मोपीदेवी, धर्मना प्रसाद राव, पूर्व विशेष सचिव केवी ब्रह्मानंद रेड्डी, मनमोहन सिंह, एम. सैमुएल, निम्मागद्दा प्रकाश, वैनपिक प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, जगती पब्लिकेशंस भारती सीमेंट, कारमेल एशिया होल्डिंग्स तथा सिलीकॉन बिल्डर्स।
यह आरोपपत्र वैडेवू और निजामपत्तनम पोर्ट्स तथा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (वैनपिक परियोजना) को प्रकाशम व गुंटूर जिलों में भूमि आवंटन एवं अन्य रियायतें दिए जाने से संबंधित हैं।टिप्पणियां
प्रसाद राव जगन के पिता एवं तत्कालीन मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के मंत्रिमंडल में राजस्व मंत्री थे और उन्होंने कथित तौर पर वैनपिकको भूमि आवंटित किए जाने की सिफारिश की थी।
सीबीआई के सूत्रों के अनुसार, यह आरोपपत्र भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 409, 419, 420, 468, 471 व 477ए के तहत दाखिल किया गया है।
यह आरोपपत्र वैडेवू और निजामपत्तनम पोर्ट्स तथा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (वैनपिक परियोजना) को प्रकाशम व गुंटूर जिलों में भूमि आवंटन एवं अन्य रियायतें दिए जाने से संबंधित हैं।टिप्पणियां
प्रसाद राव जगन के पिता एवं तत्कालीन मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के मंत्रिमंडल में राजस्व मंत्री थे और उन्होंने कथित तौर पर वैनपिकको भूमि आवंटित किए जाने की सिफारिश की थी।
सीबीआई के सूत्रों के अनुसार, यह आरोपपत्र भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 409, 419, 420, 468, 471 व 477ए के तहत दाखिल किया गया है।
प्रसाद राव जगन के पिता एवं तत्कालीन मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के मंत्रिमंडल में राजस्व मंत्री थे और उन्होंने कथित तौर पर वैनपिकको भूमि आवंटित किए जाने की सिफारिश की थी।
सीबीआई के सूत्रों के अनुसार, यह आरोपपत्र भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 409, 419, 420, 468, 471 व 477ए के तहत दाखिल किया गया है।
सीबीआई के सूत्रों के अनुसार, यह आरोपपत्र भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 409, 419, 420, 468, 471 व 477ए के तहत दाखिल किया गया है। | यह एक सारांश है: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेता वाईएस जगनमोहन रेड्डी की अवैध सम्पत्ति मामले में चौथा आरोपपत्र दाखिल किया, जिसमें आंध्र प्रदेश के एक वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री और दो नौकरशाहों सहित 14 आरोपियों के नाम हैं। | 24 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नाभा जेल से पांच कैदियों के साथ भागे खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के चीफ हरमिंदर सिंह मिंटू को दिल्ली पुलिस ने रविवार देर रात गिरफ्तार कर लिया. जेल से भागते ही हरमिंदर ने अपना हुलिया बदल लिया था. जब वह पकड़ा गया तो उसने अपनी दाढ़ी ट्रिम की हुई थी, लेकिन दाढ़ी कटाने की तरकीब भी काम नहीं आई और उसे दिल्ली के निजामुद्दीन स्टेशन की पार्किंग से गिरफ्तार कर लिया गया. मिंटू के साथ भागे अन्य पांच खूंखार कैदी अभी भी फरार हैं. पुलिस ने वारदात में प्रयोग की गई तीसरी कार हरियाणा कैथल से बरामद की गई है.
दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के स्पेशल कमिश्नर अरविंद दीप के मुताबिक वह लगातार पंजाब पुलिस और यूपी पुलिस के संपर्क में थे. भागे लोगों की तस्वीर भी उनके पास थी, इसलिए पुलिस की कई टीमें दिल्ली के सभी बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों में पहले से ही तैनात थीं.नाभा जेल हमला : गिरफ्तार परमिंदर ने कहा, जेल से भागे कैदी करनाल और पानीपत में
पुलिस के मुताबिक जेल से फरार होने के बाद सभी कैदी चार कारों से भागे. हरमिंदर एक फॉर्च्यूनर कार में जेल से पहले कैथल आया. कैथल में उसने खुद की पहचान छिपाने के लिए अपनी दाढ़ी ट्रिम कर ली. कैथल से वह जीप में सवार होकर अपने साथी कश्मीर सिंह के साथ कुरुक्षेत्र पहुंचा और कुरुक्षेत्र से बस से पानीपत गया. फिर वह पानीपत से बस से दिल्ली पहुंचा. दिल्ली में कश्मीर सिंह अलग चला गया.
पुलिस के मुताबिक हरमिंदर ने निजामुद्दीन स्टेशन से मुंबई के पनवेल जाने का टिकट भी लिया. वहां से वह गोवा जाने की तैयारी में था और गोवा से विदेश भागने की फिराक में था. हरमिंदर 18 साल गोवा में रह चुका है, इसलिए वहां उसके कई जानकार हैं.उल्लेखनीय है कि पंजाब की नाभा जेल पर हमला करने वाले बंदूकधारियों में से एक को उत्तर प्रदेश के शामली में रविवार गिरफ्तार कर लिया गया. उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) दलजीत सिंह चौधरी ने बताया कि शामली में तलाशी के दौरान परमिंदर की टोयोटा फॉर्च्यूनर गाड़ी से एक सेल्फ-लोडिंग राइफल (एसएलआर), तीन राइफल और कई अन्य हथियार बरामद किए गए.टिप्पणियांरविवार सुबह करीब 10 बंदूकधारी रविवार सुबह नाभा जेल पर हमला कर आतंकी संगठन खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) के सरगना हरमिंदर सिंह मिंटू और पांच अन्य अपराधियों को भगा ले गए थे. इस हमले में दो पुलिसवाले घायल हो गए.
कई आतंकी वारदातों में शामिल होने के आरोपी 47 वर्षीय मिंटू को नवंबर 2014 में दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था. उसे 2008 में सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह पर हुए हमले तथा 2010 में हलवाड़ा वायुसेना स्टेशन में विस्फोटक मिलने सहित 10 मामलों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था.
दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के स्पेशल कमिश्नर अरविंद दीप के मुताबिक वह लगातार पंजाब पुलिस और यूपी पुलिस के संपर्क में थे. भागे लोगों की तस्वीर भी उनके पास थी, इसलिए पुलिस की कई टीमें दिल्ली के सभी बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों में पहले से ही तैनात थीं.नाभा जेल हमला : गिरफ्तार परमिंदर ने कहा, जेल से भागे कैदी करनाल और पानीपत में
पुलिस के मुताबिक जेल से फरार होने के बाद सभी कैदी चार कारों से भागे. हरमिंदर एक फॉर्च्यूनर कार में जेल से पहले कैथल आया. कैथल में उसने खुद की पहचान छिपाने के लिए अपनी दाढ़ी ट्रिम कर ली. कैथल से वह जीप में सवार होकर अपने साथी कश्मीर सिंह के साथ कुरुक्षेत्र पहुंचा और कुरुक्षेत्र से बस से पानीपत गया. फिर वह पानीपत से बस से दिल्ली पहुंचा. दिल्ली में कश्मीर सिंह अलग चला गया.
पुलिस के मुताबिक हरमिंदर ने निजामुद्दीन स्टेशन से मुंबई के पनवेल जाने का टिकट भी लिया. वहां से वह गोवा जाने की तैयारी में था और गोवा से विदेश भागने की फिराक में था. हरमिंदर 18 साल गोवा में रह चुका है, इसलिए वहां उसके कई जानकार हैं.उल्लेखनीय है कि पंजाब की नाभा जेल पर हमला करने वाले बंदूकधारियों में से एक को उत्तर प्रदेश के शामली में रविवार गिरफ्तार कर लिया गया. उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) दलजीत सिंह चौधरी ने बताया कि शामली में तलाशी के दौरान परमिंदर की टोयोटा फॉर्च्यूनर गाड़ी से एक सेल्फ-लोडिंग राइफल (एसएलआर), तीन राइफल और कई अन्य हथियार बरामद किए गए.टिप्पणियांरविवार सुबह करीब 10 बंदूकधारी रविवार सुबह नाभा जेल पर हमला कर आतंकी संगठन खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) के सरगना हरमिंदर सिंह मिंटू और पांच अन्य अपराधियों को भगा ले गए थे. इस हमले में दो पुलिसवाले घायल हो गए.
कई आतंकी वारदातों में शामिल होने के आरोपी 47 वर्षीय मिंटू को नवंबर 2014 में दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था. उसे 2008 में सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह पर हुए हमले तथा 2010 में हलवाड़ा वायुसेना स्टेशन में विस्फोटक मिलने सहित 10 मामलों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था.
नाभा जेल हमला : गिरफ्तार परमिंदर ने कहा, जेल से भागे कैदी करनाल और पानीपत में
पुलिस के मुताबिक जेल से फरार होने के बाद सभी कैदी चार कारों से भागे. हरमिंदर एक फॉर्च्यूनर कार में जेल से पहले कैथल आया. कैथल में उसने खुद की पहचान छिपाने के लिए अपनी दाढ़ी ट्रिम कर ली. कैथल से वह जीप में सवार होकर अपने साथी कश्मीर सिंह के साथ कुरुक्षेत्र पहुंचा और कुरुक्षेत्र से बस से पानीपत गया. फिर वह पानीपत से बस से दिल्ली पहुंचा. दिल्ली में कश्मीर सिंह अलग चला गया.
पुलिस के मुताबिक हरमिंदर ने निजामुद्दीन स्टेशन से मुंबई के पनवेल जाने का टिकट भी लिया. वहां से वह गोवा जाने की तैयारी में था और गोवा से विदेश भागने की फिराक में था. हरमिंदर 18 साल गोवा में रह चुका है, इसलिए वहां उसके कई जानकार हैं.उल्लेखनीय है कि पंजाब की नाभा जेल पर हमला करने वाले बंदूकधारियों में से एक को उत्तर प्रदेश के शामली में रविवार गिरफ्तार कर लिया गया. उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) दलजीत सिंह चौधरी ने बताया कि शामली में तलाशी के दौरान परमिंदर की टोयोटा फॉर्च्यूनर गाड़ी से एक सेल्फ-लोडिंग राइफल (एसएलआर), तीन राइफल और कई अन्य हथियार बरामद किए गए.टिप्पणियांरविवार सुबह करीब 10 बंदूकधारी रविवार सुबह नाभा जेल पर हमला कर आतंकी संगठन खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) के सरगना हरमिंदर सिंह मिंटू और पांच अन्य अपराधियों को भगा ले गए थे. इस हमले में दो पुलिसवाले घायल हो गए.
कई आतंकी वारदातों में शामिल होने के आरोपी 47 वर्षीय मिंटू को नवंबर 2014 में दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था. उसे 2008 में सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह पर हुए हमले तथा 2010 में हलवाड़ा वायुसेना स्टेशन में विस्फोटक मिलने सहित 10 मामलों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था.
पुलिस के मुताबिक जेल से फरार होने के बाद सभी कैदी चार कारों से भागे. हरमिंदर एक फॉर्च्यूनर कार में जेल से पहले कैथल आया. कैथल में उसने खुद की पहचान छिपाने के लिए अपनी दाढ़ी ट्रिम कर ली. कैथल से वह जीप में सवार होकर अपने साथी कश्मीर सिंह के साथ कुरुक्षेत्र पहुंचा और कुरुक्षेत्र से बस से पानीपत गया. फिर वह पानीपत से बस से दिल्ली पहुंचा. दिल्ली में कश्मीर सिंह अलग चला गया.
पुलिस के मुताबिक हरमिंदर ने निजामुद्दीन स्टेशन से मुंबई के पनवेल जाने का टिकट भी लिया. वहां से वह गोवा जाने की तैयारी में था और गोवा से विदेश भागने की फिराक में था. हरमिंदर 18 साल गोवा में रह चुका है, इसलिए वहां उसके कई जानकार हैं.उल्लेखनीय है कि पंजाब की नाभा जेल पर हमला करने वाले बंदूकधारियों में से एक को उत्तर प्रदेश के शामली में रविवार गिरफ्तार कर लिया गया. उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) दलजीत सिंह चौधरी ने बताया कि शामली में तलाशी के दौरान परमिंदर की टोयोटा फॉर्च्यूनर गाड़ी से एक सेल्फ-लोडिंग राइफल (एसएलआर), तीन राइफल और कई अन्य हथियार बरामद किए गए.टिप्पणियांरविवार सुबह करीब 10 बंदूकधारी रविवार सुबह नाभा जेल पर हमला कर आतंकी संगठन खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) के सरगना हरमिंदर सिंह मिंटू और पांच अन्य अपराधियों को भगा ले गए थे. इस हमले में दो पुलिसवाले घायल हो गए.
कई आतंकी वारदातों में शामिल होने के आरोपी 47 वर्षीय मिंटू को नवंबर 2014 में दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था. उसे 2008 में सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह पर हुए हमले तथा 2010 में हलवाड़ा वायुसेना स्टेशन में विस्फोटक मिलने सहित 10 मामलों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था.
पुलिस के मुताबिक हरमिंदर ने निजामुद्दीन स्टेशन से मुंबई के पनवेल जाने का टिकट भी लिया. वहां से वह गोवा जाने की तैयारी में था और गोवा से विदेश भागने की फिराक में था. हरमिंदर 18 साल गोवा में रह चुका है, इसलिए वहां उसके कई जानकार हैं.उल्लेखनीय है कि पंजाब की नाभा जेल पर हमला करने वाले बंदूकधारियों में से एक को उत्तर प्रदेश के शामली में रविवार गिरफ्तार कर लिया गया. उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) दलजीत सिंह चौधरी ने बताया कि शामली में तलाशी के दौरान परमिंदर की टोयोटा फॉर्च्यूनर गाड़ी से एक सेल्फ-लोडिंग राइफल (एसएलआर), तीन राइफल और कई अन्य हथियार बरामद किए गए.टिप्पणियांरविवार सुबह करीब 10 बंदूकधारी रविवार सुबह नाभा जेल पर हमला कर आतंकी संगठन खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) के सरगना हरमिंदर सिंह मिंटू और पांच अन्य अपराधियों को भगा ले गए थे. इस हमले में दो पुलिसवाले घायल हो गए.
कई आतंकी वारदातों में शामिल होने के आरोपी 47 वर्षीय मिंटू को नवंबर 2014 में दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था. उसे 2008 में सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह पर हुए हमले तथा 2010 में हलवाड़ा वायुसेना स्टेशन में विस्फोटक मिलने सहित 10 मामलों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था.
उल्लेखनीय है कि पंजाब की नाभा जेल पर हमला करने वाले बंदूकधारियों में से एक को उत्तर प्रदेश के शामली में रविवार गिरफ्तार कर लिया गया. उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) दलजीत सिंह चौधरी ने बताया कि शामली में तलाशी के दौरान परमिंदर की टोयोटा फॉर्च्यूनर गाड़ी से एक सेल्फ-लोडिंग राइफल (एसएलआर), तीन राइफल और कई अन्य हथियार बरामद किए गए.टिप्पणियांरविवार सुबह करीब 10 बंदूकधारी रविवार सुबह नाभा जेल पर हमला कर आतंकी संगठन खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) के सरगना हरमिंदर सिंह मिंटू और पांच अन्य अपराधियों को भगा ले गए थे. इस हमले में दो पुलिसवाले घायल हो गए.
कई आतंकी वारदातों में शामिल होने के आरोपी 47 वर्षीय मिंटू को नवंबर 2014 में दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था. उसे 2008 में सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह पर हुए हमले तथा 2010 में हलवाड़ा वायुसेना स्टेशन में विस्फोटक मिलने सहित 10 मामलों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था.
रविवार सुबह करीब 10 बंदूकधारी रविवार सुबह नाभा जेल पर हमला कर आतंकी संगठन खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) के सरगना हरमिंदर सिंह मिंटू और पांच अन्य अपराधियों को भगा ले गए थे. इस हमले में दो पुलिसवाले घायल हो गए.
कई आतंकी वारदातों में शामिल होने के आरोपी 47 वर्षीय मिंटू को नवंबर 2014 में दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था. उसे 2008 में सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह पर हुए हमले तथा 2010 में हलवाड़ा वायुसेना स्टेशन में विस्फोटक मिलने सहित 10 मामलों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था.
कई आतंकी वारदातों में शामिल होने के आरोपी 47 वर्षीय मिंटू को नवंबर 2014 में दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था. उसे 2008 में सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह पर हुए हमले तथा 2010 में हलवाड़ा वायुसेना स्टेशन में विस्फोटक मिलने सहित 10 मामलों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जेल से भागते ही हरमिंदर ने अपना हुलिया बदल लिया था
उसे दिल्ली के निजामुद्दीन स्टेशन की पार्किंग से गिरफ्तार किया गया
पुलिस हरमिंदर के साथी कश्मीर सिंह की तलाश कर रही है | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: क्या मोदी सरकार ने सूचना के अधिकार क़ानून को कमज़ोर किया है? सोमवार को लोकसभा में चार घंटे तक चली बहस के दौरान विपक्षी दलों ने सूचना के अधिकार क़ानून में संशोधन करने के सरकार के फैसले पर यह सवाल कई बार उठाया. विपक्षी दलों के भारी विरोध के बावजूद यह बिल लोकसभा में बहुमत से पारित ज़रूर हो गया लेकिन इसके खिलाफ संसद के अंदर और बाहर विरोध तेज़ हो रहा है. अब मांग उठ रही है कि इस बिल को राज्यसभा में पेश करने के पहले इसे सेलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाए.
लोकसभा में आरटीआई संशोधन बिल पास हो गया. हालांकि इसको लेकर विपक्ष लगातार हंगामा करता रहा. सरकार ने विरोध ताक पर रखकर बिल पास करा लिया.सरकार ने दलील दी कि आरटीआई कानून में बदलाव ज़रूरी है. इस संशोधन बिल में सूचना आयुक्तों के कार्यकाल और वेतन को केंद्र सरकार के दायरे में लाने के प्रावधान का विपक्ष विरोध कर रहा है. सूचना आयुक्तों का कार्यकाल पहले पांच साल का हुआ करता था और चुनाव आयुक्तों के बराबर वेतन होता था. कांग्रेस, डीएमके, बीजेडी, तृणमूल कांग्रेस और बसपा समेत कई विपक्षी दलों ने इसका जमकर विरोध किया.
बसपा सांसद दानिश अली ने कहा, "हमारे पास संख्या बल नहीं है...लेकिन आप हमारी आवाज़ को बुलडोज़ नहीं कर सकते...आप क्या सरकार में अधिकारियों के घपले छुपाना चाहते हैं?" अब विपक्ष की मांग है कि सरकार बिल को राज्यसभा में पेश करने से पहले सेलेक्ट कमेटी के पास भेजे. कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पी भट्टाचार्य ने कहा कि " आरटीआई(संशोधन) बिल को राज्यसभा भेजना जरूरी है. उसकी स्कैनिंग के लिए सेलेक्ट कमेटी में स्क्रूटनी के बाद ही उसे राज्यसभा में लाया जाए."
यहां तक कि राज्यसभा में बीजेपी नेता भी बिल को सेलेक्ट कमेटी को भेजने के पक्ष में दिखे. बीजेपी सांसद सीपी ठाकुर ने कहा कि मेरी राय है कि राजनीतिक सहमति बनाने के लिए आरटीआई(संशोधन) बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाना चाहिए.
मूल कानून के अनुसार अभी मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों का वेतन मुख्य निर्वाचन आयुक्त एवं निर्वाचन आयुक्तों के बराबर है. कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने सरकार पर सूचना का अधिकार संशोधन विधेयक लाकर इस महत्वपूर्ण कानून को कमजोर करने का आरोप लगाया. विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार इस संशोधन के माध्यम से राज्यों में भी सूचना आयुक्तों की नियुक्तियों की नियम, शर्तें तय करेगी जो संघीय व्यवस्था तथा संसदीय लोकतंत्र के खिलाफ है.
उधर आरटीआई कानून में संशोधन के खिलाफ संसद के बाहर सड़कों पर विरोध प्रदर्शन जारी है.
दिल्ली में संसद परिसर से कुछ ही दूरी पर आरटीआई कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और आरटीआई क़ानून में बदलाव का विरोध किया.
मत विभाजन से पहले तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने मांग की कि विधेयक को संसद की स्थायी समिति को विचार के लिये भेजा जाए. उन्होंने कहा कि 15 वीं लोकसभा में 71 प्रतिशत विधेयक समितियों को भेजे गए थे जबकि16 वीं लोकसभा में केवल 26 प्रतिशत विधेयकों को संसदीय समितियों को भेजा गया. इस नयी लोकसभा में अभी तक एक भी विधेयक किसी संसदीय समिति को नहीं भेजा गया है और कई संसदीय समितियों का अभी तक गठन भी नहीं हुआ है.
केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में आरटीआई आवेदन कार्यालय समय में ही दाखिल किया जा सकता था. लेकिन अब आरटीआई कभी भी और कहीं से भी दायर किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने सीआईसी के चयन के विषय पर आगे बढ़कर काम किया है. सोलहवीं लोकसभा में विपक्ष का कोई नेता नहीं था. ऐसे में सरकार ने संशोधन करके इसमें सबसे बड़ी पार्टी के नेता को जोड़ा जो चयन समिति में शामिल किया गया. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: लोकसभा में RTI संशोधन बिल पास
विपक्ष के हंगामे के बीच पास हुआ बिल
सरकार का दावा-सूचना पाना होगा आसान | 11 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मुंबई के आदर्श सोसाइटी घोटाला मामले में सीबीआई केंद्र सरकार में ऊर्जा मंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे से पुछताछ कर रही है। शिंदे से पूछताछ दिल्ली में की जा रही है। शिंदे का बयान दर्ज करने के लिए मुंबई से सीबीआई की एक टीम बीती रात दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। दरअसल सेना की जमीन को राज्य सरकार ने आम नागरिकों के लिए सोसाइटी बनाने का फ़ैसला लिया था और यह फ़ैसला शिंदे के कार्यकाल में ही लिया गया था। सीबीआई शिंदे से यह पता लगाना चाहती है कि किन नियमों के तहत शिंदे ने सेना की ज़मीन को सिविलीयन लैंड बनाने की अनुमति दी। आदर्श घोटाले में दर्ज एफआईआर में भले ही शिंदे का नाम ना हो लेकिन आरोप लगे कि इमारत बनाने को लेकर फाइलें शिंदे ने ही पास करवाई थी। सीबीआई की इस एफआईआर में राज्य के पू्र्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण सहित कई नेता अधिकारी समेत कई सेना के अधिकारियों का नाम भी है। | संक्षिप्त पाठ: आदर्श सोसाइटी घोटाला मामले में सीबीआई केंद्र सरकार में ऊर्जा मंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे से पुछताछ कर रही है। | 22 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: मुम्बई में पिछले दिनों हुई साम्प्रदायिक हिंसा के विरोध में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने मंगलवार को गिरगांव चौपाटी से जुलूस निकाला और फिर आजाद मैदान में रैली की। मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे इस मौके पर महाराष्ट्र सरकार पर जमकर गरजे। उन्होंने अपने अंदाज में कहा कि गृहमंत्री आरआर पाटिल और पुलिस आयुक्त अरूप पटनायक में थोड़ी भी शर्म बची है तो वे अपने पदों से इस्तीफा दें।
महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों की संख्या में पहुंची भीड़ को सम्बोधित करते हुए राज ने कहा, "क्या लोकतंत्र में मोर्चा निकालने का भी हमें हक नहीं है। हमने इसकी अनुमति मांगी थी, लेकिन, हमें अनुमति नहीं दी जा रही थी। हम अपना गुस्सा निकालने के लिए कहां जाएं। अबू आजमी ने रैली की थी तो पुलिस ने उन्हें क्यों नहीं रोका, जबकि उस रैली में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी मौजूद थे।"
एक पासपोर्ट दिखाते हुए उन्होंने कहा, "यह देखिए एक पासपोर्ट। यह आजमी के रैली स्थल से मिला था। यह एक बांग्लादेशी है। यह पासपोर्ट ऐसा है जिसमें आने की अनुमति है, लेकिन जाने का जिक्र नहीं है। महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में असम के लोग हैं। ऐसे ही लोग अबू आजमी को चुनाव जिताने में मदद करते हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार से भी बड़ी संख्या में लोग यहां रेलगाड़ियों में भर-भरकर आ रहे हैं।"
राज ने कहा, "मुम्बई में जिस दिन हिंसा हुई थी। उस दिन आरआर पाटिल कहां थे। पटनायक ने गुनहगारों को क्यों छोड़ा। उन्होंने पुलिस बल का मनोबल गिराने का काम किया है। इनके जाने का वक्त आ गया है। इनमें थोड़ी भी शर्म बची है तो वे अपने पदों से इस्तीफा दें।"
मुम्बई में जब हमारे कार्यकर्ताओं को पीटा गया था तब हमने उनसे साफ शब्दों में कहा था कि वे पुलिस पर हमले न करें और न ही उसका जवाब दें। पुलिस पर हमला करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। फिर वह चाहे किसी भी धर्म का क्यों न हो।
इससे पहले राज ठाकरे ने हजारों कार्यकर्ताओं के साथ गिरगांव चौपाटी से आजाद मैदान तक पांच किलोमीटर तक पैदल मार्च किया।
स्थानीय पुलिस ने सोमवार रात न चाहते हुए भी मनसे को रैली की अनुमति दे दी। शहरवासियों के सामान्य जीवन में व्यवधान न पड़े, इसके लिए पुलिस की ओर से गिरगांव चौपाटी से आजाद मैदान तक केवल पांच किलोमीटर के क्षेत्र में ही जुलूस निकालने की अनुमति दी गई।
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने सोमवार को घोषणा की थी कि चाहे कुछ भी हो जाए, लेकिन पार्टी अपना विरोध जुलूस निकालकर रहेगी।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि 11 अगस्त को मुस्लिम संगठन म्यांमार और असम में कथित तौर पर मुसलमानों पर हुए हमले के विरोध में जुलूस निकाल रहे थे, जो अचानक हिंसक हो गया था। इस घटना में दो लोगों की मौत हुई थी, जबकि 40 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
इस घटना से सबक लेते हुए मुम्बई पुलिस ने मंगलवार तड़के से ही शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। दक्षिण मुम्बई, प्रमुख रेलवे स्टेशनों और अन्य स्थानों पर जाने वाली सड़कों पर चौकसी बढ़ा दी गई थी।
महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों की संख्या में पहुंची भीड़ को सम्बोधित करते हुए राज ने कहा, "क्या लोकतंत्र में मोर्चा निकालने का भी हमें हक नहीं है। हमने इसकी अनुमति मांगी थी, लेकिन, हमें अनुमति नहीं दी जा रही थी। हम अपना गुस्सा निकालने के लिए कहां जाएं। अबू आजमी ने रैली की थी तो पुलिस ने उन्हें क्यों नहीं रोका, जबकि उस रैली में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी मौजूद थे।"
एक पासपोर्ट दिखाते हुए उन्होंने कहा, "यह देखिए एक पासपोर्ट। यह आजमी के रैली स्थल से मिला था। यह एक बांग्लादेशी है। यह पासपोर्ट ऐसा है जिसमें आने की अनुमति है, लेकिन जाने का जिक्र नहीं है। महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में असम के लोग हैं। ऐसे ही लोग अबू आजमी को चुनाव जिताने में मदद करते हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार से भी बड़ी संख्या में लोग यहां रेलगाड़ियों में भर-भरकर आ रहे हैं।"
राज ने कहा, "मुम्बई में जिस दिन हिंसा हुई थी। उस दिन आरआर पाटिल कहां थे। पटनायक ने गुनहगारों को क्यों छोड़ा। उन्होंने पुलिस बल का मनोबल गिराने का काम किया है। इनके जाने का वक्त आ गया है। इनमें थोड़ी भी शर्म बची है तो वे अपने पदों से इस्तीफा दें।"
मुम्बई में जब हमारे कार्यकर्ताओं को पीटा गया था तब हमने उनसे साफ शब्दों में कहा था कि वे पुलिस पर हमले न करें और न ही उसका जवाब दें। पुलिस पर हमला करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। फिर वह चाहे किसी भी धर्म का क्यों न हो।
इससे पहले राज ठाकरे ने हजारों कार्यकर्ताओं के साथ गिरगांव चौपाटी से आजाद मैदान तक पांच किलोमीटर तक पैदल मार्च किया।
स्थानीय पुलिस ने सोमवार रात न चाहते हुए भी मनसे को रैली की अनुमति दे दी। शहरवासियों के सामान्य जीवन में व्यवधान न पड़े, इसके लिए पुलिस की ओर से गिरगांव चौपाटी से आजाद मैदान तक केवल पांच किलोमीटर के क्षेत्र में ही जुलूस निकालने की अनुमति दी गई।
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने सोमवार को घोषणा की थी कि चाहे कुछ भी हो जाए, लेकिन पार्टी अपना विरोध जुलूस निकालकर रहेगी।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि 11 अगस्त को मुस्लिम संगठन म्यांमार और असम में कथित तौर पर मुसलमानों पर हुए हमले के विरोध में जुलूस निकाल रहे थे, जो अचानक हिंसक हो गया था। इस घटना में दो लोगों की मौत हुई थी, जबकि 40 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
इस घटना से सबक लेते हुए मुम्बई पुलिस ने मंगलवार तड़के से ही शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। दक्षिण मुम्बई, प्रमुख रेलवे स्टेशनों और अन्य स्थानों पर जाने वाली सड़कों पर चौकसी बढ़ा दी गई थी।
एक पासपोर्ट दिखाते हुए उन्होंने कहा, "यह देखिए एक पासपोर्ट। यह आजमी के रैली स्थल से मिला था। यह एक बांग्लादेशी है। यह पासपोर्ट ऐसा है जिसमें आने की अनुमति है, लेकिन जाने का जिक्र नहीं है। महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में असम के लोग हैं। ऐसे ही लोग अबू आजमी को चुनाव जिताने में मदद करते हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार से भी बड़ी संख्या में लोग यहां रेलगाड़ियों में भर-भरकर आ रहे हैं।"
राज ने कहा, "मुम्बई में जिस दिन हिंसा हुई थी। उस दिन आरआर पाटिल कहां थे। पटनायक ने गुनहगारों को क्यों छोड़ा। उन्होंने पुलिस बल का मनोबल गिराने का काम किया है। इनके जाने का वक्त आ गया है। इनमें थोड़ी भी शर्म बची है तो वे अपने पदों से इस्तीफा दें।"
मुम्बई में जब हमारे कार्यकर्ताओं को पीटा गया था तब हमने उनसे साफ शब्दों में कहा था कि वे पुलिस पर हमले न करें और न ही उसका जवाब दें। पुलिस पर हमला करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। फिर वह चाहे किसी भी धर्म का क्यों न हो।
इससे पहले राज ठाकरे ने हजारों कार्यकर्ताओं के साथ गिरगांव चौपाटी से आजाद मैदान तक पांच किलोमीटर तक पैदल मार्च किया।
स्थानीय पुलिस ने सोमवार रात न चाहते हुए भी मनसे को रैली की अनुमति दे दी। शहरवासियों के सामान्य जीवन में व्यवधान न पड़े, इसके लिए पुलिस की ओर से गिरगांव चौपाटी से आजाद मैदान तक केवल पांच किलोमीटर के क्षेत्र में ही जुलूस निकालने की अनुमति दी गई।
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने सोमवार को घोषणा की थी कि चाहे कुछ भी हो जाए, लेकिन पार्टी अपना विरोध जुलूस निकालकर रहेगी।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि 11 अगस्त को मुस्लिम संगठन म्यांमार और असम में कथित तौर पर मुसलमानों पर हुए हमले के विरोध में जुलूस निकाल रहे थे, जो अचानक हिंसक हो गया था। इस घटना में दो लोगों की मौत हुई थी, जबकि 40 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
इस घटना से सबक लेते हुए मुम्बई पुलिस ने मंगलवार तड़के से ही शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। दक्षिण मुम्बई, प्रमुख रेलवे स्टेशनों और अन्य स्थानों पर जाने वाली सड़कों पर चौकसी बढ़ा दी गई थी।
राज ने कहा, "मुम्बई में जिस दिन हिंसा हुई थी। उस दिन आरआर पाटिल कहां थे। पटनायक ने गुनहगारों को क्यों छोड़ा। उन्होंने पुलिस बल का मनोबल गिराने का काम किया है। इनके जाने का वक्त आ गया है। इनमें थोड़ी भी शर्म बची है तो वे अपने पदों से इस्तीफा दें।"
मुम्बई में जब हमारे कार्यकर्ताओं को पीटा गया था तब हमने उनसे साफ शब्दों में कहा था कि वे पुलिस पर हमले न करें और न ही उसका जवाब दें। पुलिस पर हमला करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। फिर वह चाहे किसी भी धर्म का क्यों न हो।
इससे पहले राज ठाकरे ने हजारों कार्यकर्ताओं के साथ गिरगांव चौपाटी से आजाद मैदान तक पांच किलोमीटर तक पैदल मार्च किया।
स्थानीय पुलिस ने सोमवार रात न चाहते हुए भी मनसे को रैली की अनुमति दे दी। शहरवासियों के सामान्य जीवन में व्यवधान न पड़े, इसके लिए पुलिस की ओर से गिरगांव चौपाटी से आजाद मैदान तक केवल पांच किलोमीटर के क्षेत्र में ही जुलूस निकालने की अनुमति दी गई।
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने सोमवार को घोषणा की थी कि चाहे कुछ भी हो जाए, लेकिन पार्टी अपना विरोध जुलूस निकालकर रहेगी।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि 11 अगस्त को मुस्लिम संगठन म्यांमार और असम में कथित तौर पर मुसलमानों पर हुए हमले के विरोध में जुलूस निकाल रहे थे, जो अचानक हिंसक हो गया था। इस घटना में दो लोगों की मौत हुई थी, जबकि 40 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
इस घटना से सबक लेते हुए मुम्बई पुलिस ने मंगलवार तड़के से ही शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। दक्षिण मुम्बई, प्रमुख रेलवे स्टेशनों और अन्य स्थानों पर जाने वाली सड़कों पर चौकसी बढ़ा दी गई थी।
मुम्बई में जब हमारे कार्यकर्ताओं को पीटा गया था तब हमने उनसे साफ शब्दों में कहा था कि वे पुलिस पर हमले न करें और न ही उसका जवाब दें। पुलिस पर हमला करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। फिर वह चाहे किसी भी धर्म का क्यों न हो।
इससे पहले राज ठाकरे ने हजारों कार्यकर्ताओं के साथ गिरगांव चौपाटी से आजाद मैदान तक पांच किलोमीटर तक पैदल मार्च किया।
स्थानीय पुलिस ने सोमवार रात न चाहते हुए भी मनसे को रैली की अनुमति दे दी। शहरवासियों के सामान्य जीवन में व्यवधान न पड़े, इसके लिए पुलिस की ओर से गिरगांव चौपाटी से आजाद मैदान तक केवल पांच किलोमीटर के क्षेत्र में ही जुलूस निकालने की अनुमति दी गई।
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने सोमवार को घोषणा की थी कि चाहे कुछ भी हो जाए, लेकिन पार्टी अपना विरोध जुलूस निकालकर रहेगी।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि 11 अगस्त को मुस्लिम संगठन म्यांमार और असम में कथित तौर पर मुसलमानों पर हुए हमले के विरोध में जुलूस निकाल रहे थे, जो अचानक हिंसक हो गया था। इस घटना में दो लोगों की मौत हुई थी, जबकि 40 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
इस घटना से सबक लेते हुए मुम्बई पुलिस ने मंगलवार तड़के से ही शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। दक्षिण मुम्बई, प्रमुख रेलवे स्टेशनों और अन्य स्थानों पर जाने वाली सड़कों पर चौकसी बढ़ा दी गई थी।
इससे पहले राज ठाकरे ने हजारों कार्यकर्ताओं के साथ गिरगांव चौपाटी से आजाद मैदान तक पांच किलोमीटर तक पैदल मार्च किया।
स्थानीय पुलिस ने सोमवार रात न चाहते हुए भी मनसे को रैली की अनुमति दे दी। शहरवासियों के सामान्य जीवन में व्यवधान न पड़े, इसके लिए पुलिस की ओर से गिरगांव चौपाटी से आजाद मैदान तक केवल पांच किलोमीटर के क्षेत्र में ही जुलूस निकालने की अनुमति दी गई।
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने सोमवार को घोषणा की थी कि चाहे कुछ भी हो जाए, लेकिन पार्टी अपना विरोध जुलूस निकालकर रहेगी।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि 11 अगस्त को मुस्लिम संगठन म्यांमार और असम में कथित तौर पर मुसलमानों पर हुए हमले के विरोध में जुलूस निकाल रहे थे, जो अचानक हिंसक हो गया था। इस घटना में दो लोगों की मौत हुई थी, जबकि 40 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
इस घटना से सबक लेते हुए मुम्बई पुलिस ने मंगलवार तड़के से ही शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। दक्षिण मुम्बई, प्रमुख रेलवे स्टेशनों और अन्य स्थानों पर जाने वाली सड़कों पर चौकसी बढ़ा दी गई थी।
स्थानीय पुलिस ने सोमवार रात न चाहते हुए भी मनसे को रैली की अनुमति दे दी। शहरवासियों के सामान्य जीवन में व्यवधान न पड़े, इसके लिए पुलिस की ओर से गिरगांव चौपाटी से आजाद मैदान तक केवल पांच किलोमीटर के क्षेत्र में ही जुलूस निकालने की अनुमति दी गई।
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने सोमवार को घोषणा की थी कि चाहे कुछ भी हो जाए, लेकिन पार्टी अपना विरोध जुलूस निकालकर रहेगी।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि 11 अगस्त को मुस्लिम संगठन म्यांमार और असम में कथित तौर पर मुसलमानों पर हुए हमले के विरोध में जुलूस निकाल रहे थे, जो अचानक हिंसक हो गया था। इस घटना में दो लोगों की मौत हुई थी, जबकि 40 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
इस घटना से सबक लेते हुए मुम्बई पुलिस ने मंगलवार तड़के से ही शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। दक्षिण मुम्बई, प्रमुख रेलवे स्टेशनों और अन्य स्थानों पर जाने वाली सड़कों पर चौकसी बढ़ा दी गई थी।
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने सोमवार को घोषणा की थी कि चाहे कुछ भी हो जाए, लेकिन पार्टी अपना विरोध जुलूस निकालकर रहेगी।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि 11 अगस्त को मुस्लिम संगठन म्यांमार और असम में कथित तौर पर मुसलमानों पर हुए हमले के विरोध में जुलूस निकाल रहे थे, जो अचानक हिंसक हो गया था। इस घटना में दो लोगों की मौत हुई थी, जबकि 40 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
इस घटना से सबक लेते हुए मुम्बई पुलिस ने मंगलवार तड़के से ही शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। दक्षिण मुम्बई, प्रमुख रेलवे स्टेशनों और अन्य स्थानों पर जाने वाली सड़कों पर चौकसी बढ़ा दी गई थी।
उल्लेखनीय है कि 11 अगस्त को मुस्लिम संगठन म्यांमार और असम में कथित तौर पर मुसलमानों पर हुए हमले के विरोध में जुलूस निकाल रहे थे, जो अचानक हिंसक हो गया था। इस घटना में दो लोगों की मौत हुई थी, जबकि 40 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
इस घटना से सबक लेते हुए मुम्बई पुलिस ने मंगलवार तड़के से ही शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। दक्षिण मुम्बई, प्रमुख रेलवे स्टेशनों और अन्य स्थानों पर जाने वाली सड़कों पर चौकसी बढ़ा दी गई थी।
इस घटना से सबक लेते हुए मुम्बई पुलिस ने मंगलवार तड़के से ही शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। दक्षिण मुम्बई, प्रमुख रेलवे स्टेशनों और अन्य स्थानों पर जाने वाली सड़कों पर चौकसी बढ़ा दी गई थी। | सारांश: राज ने कहा, "मुम्बई में जिस दिन हिंसा हुई थी। उस दिन आरआर पाटिल कहां थे। पटनायक ने गुनहागारों को क्यों छोड़ा। उन्होंने पुलिस बल का मनोबल गिराने का काम किया है।'' | 5 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: होली (Holi 2019) का मौका हो ऐसे में ब्रज की होली को कैसे भूला जा सकता है. टेलीविजन सीरियल्स में भी होली का अपना महत्व है और फिर ये राधा-कृष्ण पर आधारित हो तो होली धमाकेदार होनी तो बनती ही है. स्टार भारत के पॉपुलर सीरियल राधाकृष्ण (RadhaKrishn) में होली एपिसोड में रंगों की जबरदस्त धूम देखने को मिलेगी और सीरियल का राधा-कृष्ण पर फिल्माया गया होली गीत (Holi Song) खूब वायरल भी हो रहा है. राधा-कृष्ण पर फिल्माया गया होली गीत 'जहां जहां राधे वहां जाएंगे मुरारी' ने इन दिनों यूट्यूब (YouTube) पर धूम मचा रखी है.
स्टार भारत के सीरियल 'राधाकृष्ण (RadhaKrishn)' में ये रंगों का त्यौहार, 20 से 26 मार्च तक के एपिसोड में नजर आएगा और इसकी तैयारी बहुत ही भव्य ढंग से की गई है. वैसे भी 'राधाकृष्ण' सीरियल के ग्राफिक्स बहुत शानदार है और होली के मौके पर भी ग्राफिक्स का शाानदार इस्तेमाल दिखेगा. वैसे भी राधा और कृष्ण की शाश्वत प्रेम कहानी में काफी कुछ होने वाला है, और यह होली काफी अद्भुत रहने वाली है.
'राधाकृष्ण (RadhaKrishn)' में सुमेध मुदगलकर कृष्ण का किरदार निभा रहे हैं जबकि राधा के रोल में मल्लिका सिंह हैं. भव्य शो 'राधाकृष्ण' के प्रोड्यूसर सिद्धार्थ कुमार तिवारी हैं, और वे टेलीविजन पर इसी तरह के भव्य शो बनाने के लिए पहचाने जाते हैं. लेकिन होली के मौके पर इस तरह की भव्यता टेलीविजन पर दुर्लभ ही रहती है और फिर किसी सीरियल के सॉन्ग का इतना हिट होना भी काफी कुछ कह जाता है. 'राधाकृष्ण (RadhaKrishn)' का ये सॉन्ग यूट्यूब पर लगभग आठ लाख बार देखा जा चुका है. | संक्षिप्त सारांश: 'राधाकृष्ण' में यूं मनेगी होली
राधा-कृष्ण का होली सॉन्ग हुआ वायरल
ग्राफिक्स का जबरदस्त हुआ है इस्तेमाल | 8 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: फिलीस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास की ओर से संयुक्त राष्ट्र में एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में अपने देश की सदस्यता की दावेदारी किए जाने का अमेरिका द्वारा विरोध करने के बावजूद भारत ने अपना समर्थन दोहराया है। भारतीय विदेश सचिव रंजन मथाई ने शुक्रवार को इस बात के संकेत दिए कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने सम्बोधन के दौरान फिलीस्तीन की इस मांग का समर्थन कर सकते हैं। मथाई ने प्रधानमंत्री के भाषण की प्रति पूर्वावलोकन करने से इनकार करने के बावजूद उन्होंने कहा, फिलीस्तीन के बारे में हमारा रुख स्पष्ट है। यह सर्वविदित है कि हमने 1988 में ही फिलीस्तीन को अलग राष्ट्र के रूप में मान्यता दे दी थी। यदि हम उसकी दावेदारी का समर्थन करते हैं तो इसमें आश्चर्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि अब्बास की इस ऐतिहासिक दावेदारी के कुछ घंटे बाद हुई सिंह व ईरानी राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद की मुलाकात में दोनों ने संयुक्त राष्ट्र में फिलीस्तीन की सदस्यता के लिए उसकी ओर से किए जा रहे प्रयासों का समर्थन करने की बात कही। संयुक्त राष्ट्र सदस्यता के लिए अब्बास की ओर से शुक्रवार को दिए गए औपचारिक आवेदन की महासभा में बहुत सराहना हुई। अब्बास ने शुक्रवार को महासभा के 66वें वार्षिक सत्र में अपने भाषण के दौरान फिलीस्तीन की सदस्यता की दावेदारी के दस्तावेज पेश किए। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि मध्य पूर्व में बदलाव लाने के अरब देशों के प्रयासों में फिलीस्तीन भी शामिल हो जाए। उन्होंने कहा, मेरे देश के लोगों की बाकी मानवता की तरह सामान्य जीवन का आनंद लेने के अपने अधिकार का इस्तेमाल करने की इच्छा है। संयुक्त राष्ट्र में फिलीस्तीनी दावेदारी को मोटे तौर पर प्रतीकात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि इस पर सुरक्षा परिषद में वोटिंग के दौरान अमेरिका का वीटो करना निश्चित है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: फिलीस्तीन के राष्ट्रपति की ओर से संयुक्त राष्ट्र में स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में अपने देश की सदस्यता की दावेदारी किए जाने का अमेरिका द्वारा विरोध करने के बावजूद भारत ने अपना समर्थन दोहराया है। | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: विश्व बैंक ने लार्सन एण्ड टुब्रो के एक वरिष्ठ कार्यकारी के धोखाधड़ी में लिप्त पाए जाने के बाद कंपनी के साथ काम करने पर छह महीने के लिए प्रतिबंध लगा दिया।
विश्व बैंक छह महीने तक लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) के साथ कोई व्यावसाय नहीं करेगा और न ही उसके द्वारा वित्त पोषित परियोजनाओं में उसे शामिल करेगा।
विश्व बैंक का यह प्रतिबंध 6 सितंबर तक प्रभावी रहेगा जिससे एलएंडटी, विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित किसी भी परियोजना के लिए ठेका प्राप्त करने की पात्र नहीं होगी। बैंक से ऋण पाने अथवा विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित किसी भी परियोजना में भागीदारी नहीं कर सकेगी।टिप्पणियां
विश्व बैंक के 7 मार्च को जारी आदेश में कहा गया है कि प्रतिबंध अवधि के दौरान एलएंडटी के साथ प्रत्यक्ष या परोक्ष नियंत्रण वाली उसकी किसी भी इकाई को विश्व बैंक पोषित किसी भी परियोजना में उप-ठेकेदार, सलाहकार, विनिर्माता, आपूर्तिकर्ता और यहां तक सेवा प्रदाता नामित नहीं किया जा सकता।
यह मामला उस बोली मसौदे से जुड़ा है जो एलएंडटी की चिकित्सा उपकरण व प्रणाली इकाई के कारोबारी प्रमुख द्वारा तमिलनाडु में विश्व बैंक की एक परियोजना के लिए सौंपा गया था।
विश्व बैंक छह महीने तक लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) के साथ कोई व्यावसाय नहीं करेगा और न ही उसके द्वारा वित्त पोषित परियोजनाओं में उसे शामिल करेगा।
विश्व बैंक का यह प्रतिबंध 6 सितंबर तक प्रभावी रहेगा जिससे एलएंडटी, विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित किसी भी परियोजना के लिए ठेका प्राप्त करने की पात्र नहीं होगी। बैंक से ऋण पाने अथवा विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित किसी भी परियोजना में भागीदारी नहीं कर सकेगी।टिप्पणियां
विश्व बैंक के 7 मार्च को जारी आदेश में कहा गया है कि प्रतिबंध अवधि के दौरान एलएंडटी के साथ प्रत्यक्ष या परोक्ष नियंत्रण वाली उसकी किसी भी इकाई को विश्व बैंक पोषित किसी भी परियोजना में उप-ठेकेदार, सलाहकार, विनिर्माता, आपूर्तिकर्ता और यहां तक सेवा प्रदाता नामित नहीं किया जा सकता।
यह मामला उस बोली मसौदे से जुड़ा है जो एलएंडटी की चिकित्सा उपकरण व प्रणाली इकाई के कारोबारी प्रमुख द्वारा तमिलनाडु में विश्व बैंक की एक परियोजना के लिए सौंपा गया था।
विश्व बैंक का यह प्रतिबंध 6 सितंबर तक प्रभावी रहेगा जिससे एलएंडटी, विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित किसी भी परियोजना के लिए ठेका प्राप्त करने की पात्र नहीं होगी। बैंक से ऋण पाने अथवा विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित किसी भी परियोजना में भागीदारी नहीं कर सकेगी।टिप्पणियां
विश्व बैंक के 7 मार्च को जारी आदेश में कहा गया है कि प्रतिबंध अवधि के दौरान एलएंडटी के साथ प्रत्यक्ष या परोक्ष नियंत्रण वाली उसकी किसी भी इकाई को विश्व बैंक पोषित किसी भी परियोजना में उप-ठेकेदार, सलाहकार, विनिर्माता, आपूर्तिकर्ता और यहां तक सेवा प्रदाता नामित नहीं किया जा सकता।
यह मामला उस बोली मसौदे से जुड़ा है जो एलएंडटी की चिकित्सा उपकरण व प्रणाली इकाई के कारोबारी प्रमुख द्वारा तमिलनाडु में विश्व बैंक की एक परियोजना के लिए सौंपा गया था।
विश्व बैंक के 7 मार्च को जारी आदेश में कहा गया है कि प्रतिबंध अवधि के दौरान एलएंडटी के साथ प्रत्यक्ष या परोक्ष नियंत्रण वाली उसकी किसी भी इकाई को विश्व बैंक पोषित किसी भी परियोजना में उप-ठेकेदार, सलाहकार, विनिर्माता, आपूर्तिकर्ता और यहां तक सेवा प्रदाता नामित नहीं किया जा सकता।
यह मामला उस बोली मसौदे से जुड़ा है जो एलएंडटी की चिकित्सा उपकरण व प्रणाली इकाई के कारोबारी प्रमुख द्वारा तमिलनाडु में विश्व बैंक की एक परियोजना के लिए सौंपा गया था।
यह मामला उस बोली मसौदे से जुड़ा है जो एलएंडटी की चिकित्सा उपकरण व प्रणाली इकाई के कारोबारी प्रमुख द्वारा तमिलनाडु में विश्व बैंक की एक परियोजना के लिए सौंपा गया था। | विश्व बैंक ने लार्सन एण्ड टुब्रो के एक वरिष्ठ कार्यकारी के धोखाधड़ी में लिप्त पाए जाने के बाद कंपनी के साथ काम करने पर छह महीने के लिए प्रतिबंध लगा दिया। विश्व बैंक छह महीने तक एलएंडटी के साथ कोई व्यावसाय नहीं करेगा और न ही उसके द्वारा वित्त पोषित परियोजन | 34 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तानी जेल में मृत्युदंड का सामना कर रहे भारतीय कैदी सरबजीत सिंह के परिवार ने गुरुवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर आमरण अनशन शुरू कर दिया। परिजनों ने सरबजीत की वापसी के प्रयास तेज करने के लिए सरकार से आग्रह किया है।
सरबजीत सिंह के परिवार ने विदेश मंत्री एसएम कृष्णा से भी मुलाकात की। मंत्री ने पाकिस्तान की जेल से सरबजीत की रिहाई के लिए सरकार की तरफ से हरसम्भव उपाय किए जाने का आश्वासन दिया। परिवार के करीबी लोगों सहित सरबजीत के 200 सौ से अधिक समर्थक जंतर मंतर पर जुटे।
गौरतलब है कि पाकिस्तान मंगलवार रात सरबजीत की रिहाई की अपनी बात से पलट गया था। पूर्व में घोषणा की गई थी कि जरदारी ने सरबजीत की मृत्युदंड की सजा को उम्रकैद में बदल दिया है और उसे रिहा किया जाएगा।
बाद में राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने कहा था कि सरबजीत के स्थान पर एक अन्य भारतीय कैदी सुरजीत सिंह को रिहा किया जाएगा। सुरजीत जासूसी के आरोपों में तीन दशक से पाकिस्तानी जेल में कैद थे।
सरबजीत की बहन दलबीर कौर ने गुरुवार को कृष्णा से मुलाकात के बाद कहा, "विदेश मंत्री ने बताया कि इस मुद्दे को कई बार पाकिस्तान के समक्ष उठाया गया है और अगले महीने होने वाली विदेश सचिव स्तर की वार्ता के दौरान भारत इस मामले को फिर उठाएगा। उन्होंने कहा कि भारत उन्हें पाकिस्तानी जेल में नहीं रहने देगा और मेरा भाई जल्दी ही रिहा हो जाएगा।" इससे पहले कृष्णा ने एक अन्य भारतीय कैदी सुरजीत सिंह की रिहाई पर खुशी व्यक्त की।
कृष्णा ने संवाददाताओं से कहा, "मुझे खुशी है कि सुरजीत सिंह रिहा हो गए हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि पाकिस्तान सरबजीत की रिहाई पर भी गम्भीरता से विचार करेगा।"
सरबजीत की रिहाई के लिए बीते कुछ वर्षों से अभियान चला रही उनकी बहन दलबीर कौर ने कहा, "पाकिस्तान ने हमारे साथ क्रूर मजाक किया है और हम एक बार फिर पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से सरबजीत की रिहाई की गुजारिश कर रहे हैं।"
खुद को ठगा महसूस कर रहे परिवार का कहना है कि सरबजीत अगस्त 1990 में गलती से पाकिस्तान की सीमा में प्रवेश कर गए थे, जहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। वह चंडीगढ़ से 280 किलोमीटर दूर भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित भिखिविंद गांव के रहने वाले हैं।
बाद में पाकिस्तान में सरबजीत की मनजीत सिंह के रूप में पहचान हुई और उन्हें दो बम विस्फोटों के मामलों में आरोपी बनाया गया। विस्फोटों में 14 लोगों की जान गई थी। पाकिस्तानी अदालतों ने उन्हें मृत्युदंड सुनाया लेकिन यहां उनके परिवार का दावा है कि वह निर्दोष हैं।
जंतर मंतर पर प्रदर्शन का आयोजन गाजियाबाद के सचकंद नानक धाम में रहने वाले सिख समुदाय के लोगों ने किया है। वे पोस्टर लिए हुए थे, जिन पर लिखा था, "पाकिस्तान, सरबजीत की रिहाई से पलटा क्यों?" प्रदर्शनकारी धरना स्थल पर गुरु ग्रंथ साहिब का अखंड पाठ कर रहे हैं।
दलबीर कौर ने कहा कि उनका सरकार पर और उनके भाई की रिहाई के लिए किए जा रहे उपायों पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान ने जो भूल की है, वह अब उसे सुधारे। उसकी कार्रवाई पर समूची दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं। पाकिस्तान उन्हें जवाब दे।" आयोजकों ने कहा कि सरबजीत की रिहाई होने तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। | पाकिस्तानी जेल में मृत्युदंड का सामना कर रहे भारतीय कैदी सरबजीत सिंह के परिवार ने गुरुवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर आमरण अनशन शुरू कर दिया। परिजनों ने सरबजीत की वापसी के प्रयास तेज करने के लिए सरकार से आग्रह किया है। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कस्बे के थाने के पास स्थित मंदिर और मस्जिद दोनों का निर्माण आरक्षी निरीक्षक (पुलिस इंस्पेक्टर) जयकरण सिंह ने करवाया था. यहां तभी से सामुदायिक मेल-मिलाप और उत्साह का सिलसिला चला आ रहा है. नमाज के दौरान आश्रम का लाउडस्पीकर बंद हो जाता है और मंदिर में त्योहारों और विशेष आयोजनों पर मस्जिद कमेटी मंदिर में व्यवस्था कार्य में हाथ बंटाती है.
कार्यकर्ताओं ने बताया कि हिंदू-मुस्लिम संयुक्त दल ने मार्च 2014 में नदी सफाई अभियान शुरू किया और महज तीन दिनों में नदी के सामने पड़ी गंदगी की सफाई कर दी गई.
मुहम्मद हनीफ ने बताया, 'कई गांवों में शौचालय नहीं हैं, इसलिए लोगों को गंदगी फेंकने से रोकने के लिए कार्यकर्ताओं को यहां दिन-रात रहना पड़ता है. काम का विभाजन किया गया है. मुस्लिम कार्यकर्ताओं को मुस्लिम बहुल इलाकों में और हिंदू कार्यकर्ताओं को अन्य इलाकों में लोगों को गंदगी फैलाने से मना करने के लिए तैनात किया गया है.'
मार्च 2017 में करीब 400 कार्यकर्ताओं ने मिलकर नदी के पानी की सफाई की, जबकि तटों की सफाई के कार्य में 700 कार्यकर्ता जुटे थे. नदी से प्लास्टिक, पॉलीथिन, जूते, रबर, जानवरों के कंकाल, शीशे और मिट्टी के बर्तन व पुरानी नावों के कई ट्रॉली मलबे निकाले गए थे।.
महोली कस्बे के स्थानीय निकाय के कार्यकारी अधिकारी सर्वेश शुक्ला ने बताया, 'नदी से कई ट्रॉली फूलदार जलीय पौधा, हायसिंथ निकाला गया. इन पौधों से नदी में पानी के बहाव में रुकावटें आती थीं.' शुक्ला ने कहा कि लोगों की एकजुटता के बिना ऐसा अभियान चलाना संभव नहीं है. मंदिर-मस्जिद के तालमेल से लोगों को सहयोग करने के लिए तैयार करना आसान हो गया. हालांकि छोटे से कस्बे में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था खराब होने के कारण स्वामी और हनीफ को प्रशासन की मदद की जरूरत महसूस हुई.
उचित प्रबंधन के बगैर लोगों को नदी में कचरा डालने से रोकने में भविष्य की चुनौतियों के बारे में हनीफ ने कहा, 'हाल ही में कुछ कसाई कचरा लेकर नदी की ओर जा रहे थे. हमने उनको रोका, जिसपर उनके साथ गरमागरमी हो गई. इतने में समुदाय के बुजुर्ग भी आ गए और हमने उनको नदी में कचरा डालने नहीं दिया.'
स्वामी ने कहा कि सफाई अभियान के दूसरे चरण में उनको नदी से गाद निकालने वाली मशीन की जरूरत होगी. मस्जिद कमेटी के अब्दुल रऊफ ने कहा कि अभी महज आधा काम हो पाया है. रऊफ ने कहा, 'स्वच्छता बनाए रखने की चुनौती है. हम नदी के सिर्फ छोटे-से दायरे को साफ कर सकते हैं. एक बार हमारे बड़ भाई स्वामीजी से निर्देश मिलने के बाद हम दोबारा जुटेंगे और दूसरे चरण का सफाई अभियान चलाएंगे.'
करीब एक किलोमीटर के दायरे में नदी की सफाई की गई है. आगे दूसरे किलोमीटर की सफाई का लक्ष्य है. चाहे नदी की बात हो या सांप्रदायिक सद्भाव की, महोली के निवासियों की चुनौती भलाई के काम में निरंतर जुटे रहने की है.
स्थानीय निवासी और मंदिर कमेटी के सदस्य शैलेंद्र मिश्र ने कहा, 'असामाजिक तत्व हर जगह हैं. कुछ सप्ताह पहले, बाहरी संगठन विश्व हिंदू जागरण परिषद के लोग मुस्लिम बहुल इलाके में आए और बदसलूकी करने लगे. इतने में इलाके के हिंदू समुदाय के लोग उनके प्रतिरोध में खड़े हो गए. उसके बाद वह समूह दोबारा नहीं आया.'
पिछले साल सितंबर में दुर्गापूजा के दौरान प्रतिमा विसर्जन और मुहर्रम एक ही दिन होने पर मिश्र और हनीफ के बेटे मुहम्मद रिजवान ने सांप्रदायिक एकता बनाए रखने के लिए मोर्चा संभाला था. टिप्पणियां
हनीफ ने बताया, 'हमें दोनों समुदायों के शरारती लोगों को दूर रखना था. शक्ति की देवी दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन में करीब 5,000 हिंदू समुदाय के लोग शामिल हुए थे, जबकि मुस्लिमों के ताजिया जुलूस में समुदाय के 2,000 लोग शामिल थे. दोनों जुलूस एक ही समय एक ही रास्ते से गए थे, लेकिन कोई अप्रिय घटना नहीं हुई थी.'Video: नहीं पहनी टोपी! ये कैसी सद्भावना?Input: IANS
कार्यकर्ताओं ने बताया कि हिंदू-मुस्लिम संयुक्त दल ने मार्च 2014 में नदी सफाई अभियान शुरू किया और महज तीन दिनों में नदी के सामने पड़ी गंदगी की सफाई कर दी गई.
मुहम्मद हनीफ ने बताया, 'कई गांवों में शौचालय नहीं हैं, इसलिए लोगों को गंदगी फेंकने से रोकने के लिए कार्यकर्ताओं को यहां दिन-रात रहना पड़ता है. काम का विभाजन किया गया है. मुस्लिम कार्यकर्ताओं को मुस्लिम बहुल इलाकों में और हिंदू कार्यकर्ताओं को अन्य इलाकों में लोगों को गंदगी फैलाने से मना करने के लिए तैनात किया गया है.'
मार्च 2017 में करीब 400 कार्यकर्ताओं ने मिलकर नदी के पानी की सफाई की, जबकि तटों की सफाई के कार्य में 700 कार्यकर्ता जुटे थे. नदी से प्लास्टिक, पॉलीथिन, जूते, रबर, जानवरों के कंकाल, शीशे और मिट्टी के बर्तन व पुरानी नावों के कई ट्रॉली मलबे निकाले गए थे।.
महोली कस्बे के स्थानीय निकाय के कार्यकारी अधिकारी सर्वेश शुक्ला ने बताया, 'नदी से कई ट्रॉली फूलदार जलीय पौधा, हायसिंथ निकाला गया. इन पौधों से नदी में पानी के बहाव में रुकावटें आती थीं.' शुक्ला ने कहा कि लोगों की एकजुटता के बिना ऐसा अभियान चलाना संभव नहीं है. मंदिर-मस्जिद के तालमेल से लोगों को सहयोग करने के लिए तैयार करना आसान हो गया. हालांकि छोटे से कस्बे में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था खराब होने के कारण स्वामी और हनीफ को प्रशासन की मदद की जरूरत महसूस हुई.
उचित प्रबंधन के बगैर लोगों को नदी में कचरा डालने से रोकने में भविष्य की चुनौतियों के बारे में हनीफ ने कहा, 'हाल ही में कुछ कसाई कचरा लेकर नदी की ओर जा रहे थे. हमने उनको रोका, जिसपर उनके साथ गरमागरमी हो गई. इतने में समुदाय के बुजुर्ग भी आ गए और हमने उनको नदी में कचरा डालने नहीं दिया.'
स्वामी ने कहा कि सफाई अभियान के दूसरे चरण में उनको नदी से गाद निकालने वाली मशीन की जरूरत होगी. मस्जिद कमेटी के अब्दुल रऊफ ने कहा कि अभी महज आधा काम हो पाया है. रऊफ ने कहा, 'स्वच्छता बनाए रखने की चुनौती है. हम नदी के सिर्फ छोटे-से दायरे को साफ कर सकते हैं. एक बार हमारे बड़ भाई स्वामीजी से निर्देश मिलने के बाद हम दोबारा जुटेंगे और दूसरे चरण का सफाई अभियान चलाएंगे.'
करीब एक किलोमीटर के दायरे में नदी की सफाई की गई है. आगे दूसरे किलोमीटर की सफाई का लक्ष्य है. चाहे नदी की बात हो या सांप्रदायिक सद्भाव की, महोली के निवासियों की चुनौती भलाई के काम में निरंतर जुटे रहने की है.
स्थानीय निवासी और मंदिर कमेटी के सदस्य शैलेंद्र मिश्र ने कहा, 'असामाजिक तत्व हर जगह हैं. कुछ सप्ताह पहले, बाहरी संगठन विश्व हिंदू जागरण परिषद के लोग मुस्लिम बहुल इलाके में आए और बदसलूकी करने लगे. इतने में इलाके के हिंदू समुदाय के लोग उनके प्रतिरोध में खड़े हो गए. उसके बाद वह समूह दोबारा नहीं आया.'
पिछले साल सितंबर में दुर्गापूजा के दौरान प्रतिमा विसर्जन और मुहर्रम एक ही दिन होने पर मिश्र और हनीफ के बेटे मुहम्मद रिजवान ने सांप्रदायिक एकता बनाए रखने के लिए मोर्चा संभाला था. टिप्पणियां
हनीफ ने बताया, 'हमें दोनों समुदायों के शरारती लोगों को दूर रखना था. शक्ति की देवी दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन में करीब 5,000 हिंदू समुदाय के लोग शामिल हुए थे, जबकि मुस्लिमों के ताजिया जुलूस में समुदाय के 2,000 लोग शामिल थे. दोनों जुलूस एक ही समय एक ही रास्ते से गए थे, लेकिन कोई अप्रिय घटना नहीं हुई थी.'Video: नहीं पहनी टोपी! ये कैसी सद्भावना?Input: IANS
मुहम्मद हनीफ ने बताया, 'कई गांवों में शौचालय नहीं हैं, इसलिए लोगों को गंदगी फेंकने से रोकने के लिए कार्यकर्ताओं को यहां दिन-रात रहना पड़ता है. काम का विभाजन किया गया है. मुस्लिम कार्यकर्ताओं को मुस्लिम बहुल इलाकों में और हिंदू कार्यकर्ताओं को अन्य इलाकों में लोगों को गंदगी फैलाने से मना करने के लिए तैनात किया गया है.'
मार्च 2017 में करीब 400 कार्यकर्ताओं ने मिलकर नदी के पानी की सफाई की, जबकि तटों की सफाई के कार्य में 700 कार्यकर्ता जुटे थे. नदी से प्लास्टिक, पॉलीथिन, जूते, रबर, जानवरों के कंकाल, शीशे और मिट्टी के बर्तन व पुरानी नावों के कई ट्रॉली मलबे निकाले गए थे।.
महोली कस्बे के स्थानीय निकाय के कार्यकारी अधिकारी सर्वेश शुक्ला ने बताया, 'नदी से कई ट्रॉली फूलदार जलीय पौधा, हायसिंथ निकाला गया. इन पौधों से नदी में पानी के बहाव में रुकावटें आती थीं.' शुक्ला ने कहा कि लोगों की एकजुटता के बिना ऐसा अभियान चलाना संभव नहीं है. मंदिर-मस्जिद के तालमेल से लोगों को सहयोग करने के लिए तैयार करना आसान हो गया. हालांकि छोटे से कस्बे में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था खराब होने के कारण स्वामी और हनीफ को प्रशासन की मदद की जरूरत महसूस हुई.
उचित प्रबंधन के बगैर लोगों को नदी में कचरा डालने से रोकने में भविष्य की चुनौतियों के बारे में हनीफ ने कहा, 'हाल ही में कुछ कसाई कचरा लेकर नदी की ओर जा रहे थे. हमने उनको रोका, जिसपर उनके साथ गरमागरमी हो गई. इतने में समुदाय के बुजुर्ग भी आ गए और हमने उनको नदी में कचरा डालने नहीं दिया.'
स्वामी ने कहा कि सफाई अभियान के दूसरे चरण में उनको नदी से गाद निकालने वाली मशीन की जरूरत होगी. मस्जिद कमेटी के अब्दुल रऊफ ने कहा कि अभी महज आधा काम हो पाया है. रऊफ ने कहा, 'स्वच्छता बनाए रखने की चुनौती है. हम नदी के सिर्फ छोटे-से दायरे को साफ कर सकते हैं. एक बार हमारे बड़ भाई स्वामीजी से निर्देश मिलने के बाद हम दोबारा जुटेंगे और दूसरे चरण का सफाई अभियान चलाएंगे.'
करीब एक किलोमीटर के दायरे में नदी की सफाई की गई है. आगे दूसरे किलोमीटर की सफाई का लक्ष्य है. चाहे नदी की बात हो या सांप्रदायिक सद्भाव की, महोली के निवासियों की चुनौती भलाई के काम में निरंतर जुटे रहने की है.
स्थानीय निवासी और मंदिर कमेटी के सदस्य शैलेंद्र मिश्र ने कहा, 'असामाजिक तत्व हर जगह हैं. कुछ सप्ताह पहले, बाहरी संगठन विश्व हिंदू जागरण परिषद के लोग मुस्लिम बहुल इलाके में आए और बदसलूकी करने लगे. इतने में इलाके के हिंदू समुदाय के लोग उनके प्रतिरोध में खड़े हो गए. उसके बाद वह समूह दोबारा नहीं आया.'
पिछले साल सितंबर में दुर्गापूजा के दौरान प्रतिमा विसर्जन और मुहर्रम एक ही दिन होने पर मिश्र और हनीफ के बेटे मुहम्मद रिजवान ने सांप्रदायिक एकता बनाए रखने के लिए मोर्चा संभाला था. टिप्पणियां
हनीफ ने बताया, 'हमें दोनों समुदायों के शरारती लोगों को दूर रखना था. शक्ति की देवी दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन में करीब 5,000 हिंदू समुदाय के लोग शामिल हुए थे, जबकि मुस्लिमों के ताजिया जुलूस में समुदाय के 2,000 लोग शामिल थे. दोनों जुलूस एक ही समय एक ही रास्ते से गए थे, लेकिन कोई अप्रिय घटना नहीं हुई थी.'Video: नहीं पहनी टोपी! ये कैसी सद्भावना?Input: IANS
मार्च 2017 में करीब 400 कार्यकर्ताओं ने मिलकर नदी के पानी की सफाई की, जबकि तटों की सफाई के कार्य में 700 कार्यकर्ता जुटे थे. नदी से प्लास्टिक, पॉलीथिन, जूते, रबर, जानवरों के कंकाल, शीशे और मिट्टी के बर्तन व पुरानी नावों के कई ट्रॉली मलबे निकाले गए थे।.
महोली कस्बे के स्थानीय निकाय के कार्यकारी अधिकारी सर्वेश शुक्ला ने बताया, 'नदी से कई ट्रॉली फूलदार जलीय पौधा, हायसिंथ निकाला गया. इन पौधों से नदी में पानी के बहाव में रुकावटें आती थीं.' शुक्ला ने कहा कि लोगों की एकजुटता के बिना ऐसा अभियान चलाना संभव नहीं है. मंदिर-मस्जिद के तालमेल से लोगों को सहयोग करने के लिए तैयार करना आसान हो गया. हालांकि छोटे से कस्बे में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था खराब होने के कारण स्वामी और हनीफ को प्रशासन की मदद की जरूरत महसूस हुई.
उचित प्रबंधन के बगैर लोगों को नदी में कचरा डालने से रोकने में भविष्य की चुनौतियों के बारे में हनीफ ने कहा, 'हाल ही में कुछ कसाई कचरा लेकर नदी की ओर जा रहे थे. हमने उनको रोका, जिसपर उनके साथ गरमागरमी हो गई. इतने में समुदाय के बुजुर्ग भी आ गए और हमने उनको नदी में कचरा डालने नहीं दिया.'
स्वामी ने कहा कि सफाई अभियान के दूसरे चरण में उनको नदी से गाद निकालने वाली मशीन की जरूरत होगी. मस्जिद कमेटी के अब्दुल रऊफ ने कहा कि अभी महज आधा काम हो पाया है. रऊफ ने कहा, 'स्वच्छता बनाए रखने की चुनौती है. हम नदी के सिर्फ छोटे-से दायरे को साफ कर सकते हैं. एक बार हमारे बड़ भाई स्वामीजी से निर्देश मिलने के बाद हम दोबारा जुटेंगे और दूसरे चरण का सफाई अभियान चलाएंगे.'
करीब एक किलोमीटर के दायरे में नदी की सफाई की गई है. आगे दूसरे किलोमीटर की सफाई का लक्ष्य है. चाहे नदी की बात हो या सांप्रदायिक सद्भाव की, महोली के निवासियों की चुनौती भलाई के काम में निरंतर जुटे रहने की है.
स्थानीय निवासी और मंदिर कमेटी के सदस्य शैलेंद्र मिश्र ने कहा, 'असामाजिक तत्व हर जगह हैं. कुछ सप्ताह पहले, बाहरी संगठन विश्व हिंदू जागरण परिषद के लोग मुस्लिम बहुल इलाके में आए और बदसलूकी करने लगे. इतने में इलाके के हिंदू समुदाय के लोग उनके प्रतिरोध में खड़े हो गए. उसके बाद वह समूह दोबारा नहीं आया.'
पिछले साल सितंबर में दुर्गापूजा के दौरान प्रतिमा विसर्जन और मुहर्रम एक ही दिन होने पर मिश्र और हनीफ के बेटे मुहम्मद रिजवान ने सांप्रदायिक एकता बनाए रखने के लिए मोर्चा संभाला था. टिप्पणियां
हनीफ ने बताया, 'हमें दोनों समुदायों के शरारती लोगों को दूर रखना था. शक्ति की देवी दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन में करीब 5,000 हिंदू समुदाय के लोग शामिल हुए थे, जबकि मुस्लिमों के ताजिया जुलूस में समुदाय के 2,000 लोग शामिल थे. दोनों जुलूस एक ही समय एक ही रास्ते से गए थे, लेकिन कोई अप्रिय घटना नहीं हुई थी.'Video: नहीं पहनी टोपी! ये कैसी सद्भावना?Input: IANS
महोली कस्बे के स्थानीय निकाय के कार्यकारी अधिकारी सर्वेश शुक्ला ने बताया, 'नदी से कई ट्रॉली फूलदार जलीय पौधा, हायसिंथ निकाला गया. इन पौधों से नदी में पानी के बहाव में रुकावटें आती थीं.' शुक्ला ने कहा कि लोगों की एकजुटता के बिना ऐसा अभियान चलाना संभव नहीं है. मंदिर-मस्जिद के तालमेल से लोगों को सहयोग करने के लिए तैयार करना आसान हो गया. हालांकि छोटे से कस्बे में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था खराब होने के कारण स्वामी और हनीफ को प्रशासन की मदद की जरूरत महसूस हुई.
उचित प्रबंधन के बगैर लोगों को नदी में कचरा डालने से रोकने में भविष्य की चुनौतियों के बारे में हनीफ ने कहा, 'हाल ही में कुछ कसाई कचरा लेकर नदी की ओर जा रहे थे. हमने उनको रोका, जिसपर उनके साथ गरमागरमी हो गई. इतने में समुदाय के बुजुर्ग भी आ गए और हमने उनको नदी में कचरा डालने नहीं दिया.'
स्वामी ने कहा कि सफाई अभियान के दूसरे चरण में उनको नदी से गाद निकालने वाली मशीन की जरूरत होगी. मस्जिद कमेटी के अब्दुल रऊफ ने कहा कि अभी महज आधा काम हो पाया है. रऊफ ने कहा, 'स्वच्छता बनाए रखने की चुनौती है. हम नदी के सिर्फ छोटे-से दायरे को साफ कर सकते हैं. एक बार हमारे बड़ भाई स्वामीजी से निर्देश मिलने के बाद हम दोबारा जुटेंगे और दूसरे चरण का सफाई अभियान चलाएंगे.'
करीब एक किलोमीटर के दायरे में नदी की सफाई की गई है. आगे दूसरे किलोमीटर की सफाई का लक्ष्य है. चाहे नदी की बात हो या सांप्रदायिक सद्भाव की, महोली के निवासियों की चुनौती भलाई के काम में निरंतर जुटे रहने की है.
स्थानीय निवासी और मंदिर कमेटी के सदस्य शैलेंद्र मिश्र ने कहा, 'असामाजिक तत्व हर जगह हैं. कुछ सप्ताह पहले, बाहरी संगठन विश्व हिंदू जागरण परिषद के लोग मुस्लिम बहुल इलाके में आए और बदसलूकी करने लगे. इतने में इलाके के हिंदू समुदाय के लोग उनके प्रतिरोध में खड़े हो गए. उसके बाद वह समूह दोबारा नहीं आया.'
पिछले साल सितंबर में दुर्गापूजा के दौरान प्रतिमा विसर्जन और मुहर्रम एक ही दिन होने पर मिश्र और हनीफ के बेटे मुहम्मद रिजवान ने सांप्रदायिक एकता बनाए रखने के लिए मोर्चा संभाला था. टिप्पणियां
हनीफ ने बताया, 'हमें दोनों समुदायों के शरारती लोगों को दूर रखना था. शक्ति की देवी दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन में करीब 5,000 हिंदू समुदाय के लोग शामिल हुए थे, जबकि मुस्लिमों के ताजिया जुलूस में समुदाय के 2,000 लोग शामिल थे. दोनों जुलूस एक ही समय एक ही रास्ते से गए थे, लेकिन कोई अप्रिय घटना नहीं हुई थी.'Video: नहीं पहनी टोपी! ये कैसी सद्भावना?Input: IANS
उचित प्रबंधन के बगैर लोगों को नदी में कचरा डालने से रोकने में भविष्य की चुनौतियों के बारे में हनीफ ने कहा, 'हाल ही में कुछ कसाई कचरा लेकर नदी की ओर जा रहे थे. हमने उनको रोका, जिसपर उनके साथ गरमागरमी हो गई. इतने में समुदाय के बुजुर्ग भी आ गए और हमने उनको नदी में कचरा डालने नहीं दिया.'
स्वामी ने कहा कि सफाई अभियान के दूसरे चरण में उनको नदी से गाद निकालने वाली मशीन की जरूरत होगी. मस्जिद कमेटी के अब्दुल रऊफ ने कहा कि अभी महज आधा काम हो पाया है. रऊफ ने कहा, 'स्वच्छता बनाए रखने की चुनौती है. हम नदी के सिर्फ छोटे-से दायरे को साफ कर सकते हैं. एक बार हमारे बड़ भाई स्वामीजी से निर्देश मिलने के बाद हम दोबारा जुटेंगे और दूसरे चरण का सफाई अभियान चलाएंगे.'
करीब एक किलोमीटर के दायरे में नदी की सफाई की गई है. आगे दूसरे किलोमीटर की सफाई का लक्ष्य है. चाहे नदी की बात हो या सांप्रदायिक सद्भाव की, महोली के निवासियों की चुनौती भलाई के काम में निरंतर जुटे रहने की है.
स्थानीय निवासी और मंदिर कमेटी के सदस्य शैलेंद्र मिश्र ने कहा, 'असामाजिक तत्व हर जगह हैं. कुछ सप्ताह पहले, बाहरी संगठन विश्व हिंदू जागरण परिषद के लोग मुस्लिम बहुल इलाके में आए और बदसलूकी करने लगे. इतने में इलाके के हिंदू समुदाय के लोग उनके प्रतिरोध में खड़े हो गए. उसके बाद वह समूह दोबारा नहीं आया.'
पिछले साल सितंबर में दुर्गापूजा के दौरान प्रतिमा विसर्जन और मुहर्रम एक ही दिन होने पर मिश्र और हनीफ के बेटे मुहम्मद रिजवान ने सांप्रदायिक एकता बनाए रखने के लिए मोर्चा संभाला था. टिप्पणियां
हनीफ ने बताया, 'हमें दोनों समुदायों के शरारती लोगों को दूर रखना था. शक्ति की देवी दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन में करीब 5,000 हिंदू समुदाय के लोग शामिल हुए थे, जबकि मुस्लिमों के ताजिया जुलूस में समुदाय के 2,000 लोग शामिल थे. दोनों जुलूस एक ही समय एक ही रास्ते से गए थे, लेकिन कोई अप्रिय घटना नहीं हुई थी.'Video: नहीं पहनी टोपी! ये कैसी सद्भावना?Input: IANS
स्वामी ने कहा कि सफाई अभियान के दूसरे चरण में उनको नदी से गाद निकालने वाली मशीन की जरूरत होगी. मस्जिद कमेटी के अब्दुल रऊफ ने कहा कि अभी महज आधा काम हो पाया है. रऊफ ने कहा, 'स्वच्छता बनाए रखने की चुनौती है. हम नदी के सिर्फ छोटे-से दायरे को साफ कर सकते हैं. एक बार हमारे बड़ भाई स्वामीजी से निर्देश मिलने के बाद हम दोबारा जुटेंगे और दूसरे चरण का सफाई अभियान चलाएंगे.'
करीब एक किलोमीटर के दायरे में नदी की सफाई की गई है. आगे दूसरे किलोमीटर की सफाई का लक्ष्य है. चाहे नदी की बात हो या सांप्रदायिक सद्भाव की, महोली के निवासियों की चुनौती भलाई के काम में निरंतर जुटे रहने की है.
स्थानीय निवासी और मंदिर कमेटी के सदस्य शैलेंद्र मिश्र ने कहा, 'असामाजिक तत्व हर जगह हैं. कुछ सप्ताह पहले, बाहरी संगठन विश्व हिंदू जागरण परिषद के लोग मुस्लिम बहुल इलाके में आए और बदसलूकी करने लगे. इतने में इलाके के हिंदू समुदाय के लोग उनके प्रतिरोध में खड़े हो गए. उसके बाद वह समूह दोबारा नहीं आया.'
पिछले साल सितंबर में दुर्गापूजा के दौरान प्रतिमा विसर्जन और मुहर्रम एक ही दिन होने पर मिश्र और हनीफ के बेटे मुहम्मद रिजवान ने सांप्रदायिक एकता बनाए रखने के लिए मोर्चा संभाला था. टिप्पणियां
हनीफ ने बताया, 'हमें दोनों समुदायों के शरारती लोगों को दूर रखना था. शक्ति की देवी दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन में करीब 5,000 हिंदू समुदाय के लोग शामिल हुए थे, जबकि मुस्लिमों के ताजिया जुलूस में समुदाय के 2,000 लोग शामिल थे. दोनों जुलूस एक ही समय एक ही रास्ते से गए थे, लेकिन कोई अप्रिय घटना नहीं हुई थी.'Video: नहीं पहनी टोपी! ये कैसी सद्भावना?Input: IANS
करीब एक किलोमीटर के दायरे में नदी की सफाई की गई है. आगे दूसरे किलोमीटर की सफाई का लक्ष्य है. चाहे नदी की बात हो या सांप्रदायिक सद्भाव की, महोली के निवासियों की चुनौती भलाई के काम में निरंतर जुटे रहने की है.
स्थानीय निवासी और मंदिर कमेटी के सदस्य शैलेंद्र मिश्र ने कहा, 'असामाजिक तत्व हर जगह हैं. कुछ सप्ताह पहले, बाहरी संगठन विश्व हिंदू जागरण परिषद के लोग मुस्लिम बहुल इलाके में आए और बदसलूकी करने लगे. इतने में इलाके के हिंदू समुदाय के लोग उनके प्रतिरोध में खड़े हो गए. उसके बाद वह समूह दोबारा नहीं आया.'
पिछले साल सितंबर में दुर्गापूजा के दौरान प्रतिमा विसर्जन और मुहर्रम एक ही दिन होने पर मिश्र और हनीफ के बेटे मुहम्मद रिजवान ने सांप्रदायिक एकता बनाए रखने के लिए मोर्चा संभाला था. टिप्पणियां
हनीफ ने बताया, 'हमें दोनों समुदायों के शरारती लोगों को दूर रखना था. शक्ति की देवी दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन में करीब 5,000 हिंदू समुदाय के लोग शामिल हुए थे, जबकि मुस्लिमों के ताजिया जुलूस में समुदाय के 2,000 लोग शामिल थे. दोनों जुलूस एक ही समय एक ही रास्ते से गए थे, लेकिन कोई अप्रिय घटना नहीं हुई थी.'Video: नहीं पहनी टोपी! ये कैसी सद्भावना?Input: IANS
स्थानीय निवासी और मंदिर कमेटी के सदस्य शैलेंद्र मिश्र ने कहा, 'असामाजिक तत्व हर जगह हैं. कुछ सप्ताह पहले, बाहरी संगठन विश्व हिंदू जागरण परिषद के लोग मुस्लिम बहुल इलाके में आए और बदसलूकी करने लगे. इतने में इलाके के हिंदू समुदाय के लोग उनके प्रतिरोध में खड़े हो गए. उसके बाद वह समूह दोबारा नहीं आया.'
पिछले साल सितंबर में दुर्गापूजा के दौरान प्रतिमा विसर्जन और मुहर्रम एक ही दिन होने पर मिश्र और हनीफ के बेटे मुहम्मद रिजवान ने सांप्रदायिक एकता बनाए रखने के लिए मोर्चा संभाला था. टिप्पणियां
हनीफ ने बताया, 'हमें दोनों समुदायों के शरारती लोगों को दूर रखना था. शक्ति की देवी दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन में करीब 5,000 हिंदू समुदाय के लोग शामिल हुए थे, जबकि मुस्लिमों के ताजिया जुलूस में समुदाय के 2,000 लोग शामिल थे. दोनों जुलूस एक ही समय एक ही रास्ते से गए थे, लेकिन कोई अप्रिय घटना नहीं हुई थी.'Video: नहीं पहनी टोपी! ये कैसी सद्भावना?Input: IANS
पिछले साल सितंबर में दुर्गापूजा के दौरान प्रतिमा विसर्जन और मुहर्रम एक ही दिन होने पर मिश्र और हनीफ के बेटे मुहम्मद रिजवान ने सांप्रदायिक एकता बनाए रखने के लिए मोर्चा संभाला था. टिप्पणियां
हनीफ ने बताया, 'हमें दोनों समुदायों के शरारती लोगों को दूर रखना था. शक्ति की देवी दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन में करीब 5,000 हिंदू समुदाय के लोग शामिल हुए थे, जबकि मुस्लिमों के ताजिया जुलूस में समुदाय के 2,000 लोग शामिल थे. दोनों जुलूस एक ही समय एक ही रास्ते से गए थे, लेकिन कोई अप्रिय घटना नहीं हुई थी.'Video: नहीं पहनी टोपी! ये कैसी सद्भावना?Input: IANS
हनीफ ने बताया, 'हमें दोनों समुदायों के शरारती लोगों को दूर रखना था. शक्ति की देवी दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन में करीब 5,000 हिंदू समुदाय के लोग शामिल हुए थे, जबकि मुस्लिमों के ताजिया जुलूस में समुदाय के 2,000 लोग शामिल थे. दोनों जुलूस एक ही समय एक ही रास्ते से गए थे, लेकिन कोई अप्रिय घटना नहीं हुई थी.'Video: नहीं पहनी टोपी! ये कैसी सद्भावना?Input: IANS
Video: नहीं पहनी टोपी! ये कैसी सद्भावना?Input: IANS | सारांश: यूपी के महोली में मंदिर, मस्िजद और गुरुद्वारे ने नई मिसाल पेश की है
तीनों ही समुदाय के लोगों ने कथिना नदी की सफाई का बीड़ा उठाया है
हिन्दू, मुस्लिम और सिख तीनों मिलकर नदी की सफाई करते हैं | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस के अंदर उथल-पुथल जारी है. पार्टी के तमाम नेता हार की अपने-अपने तरीके से समीक्षा कर रहे हैं. हालांकि इन चुनावों में दक्षिण भारत से कांग्रेस के लिए राहत भरी खबर आई. लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने तमिलनाडु में 9 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, जिसमें से पार्टी ने 8 सीटों पर कब्जा जमाया. साथ ही पार्टी को 12 प्रतिशत वोट भी मिले. तमिलनाडु के नतीजों को देखकर कहा जा रहा है कि भले ही अन्य राज्यों में कांग्रेस का प्रदर्शन खराब रहा हो, लेकिन तमिलनाडु में कांग्रेस फिर से अपने पैरों पर खड़ी हो रही है. आपको बता दें कि कांग्रेस ने 1967 में राज्य में सत्ता गंवा दी थी और उसके बाद यह अन्नाद्रमुक या द्रमुक की पिछलग्गू बनकर रह गई है. अब अपने पैरों पर खड़े होने में कांग्रेस को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.
राजनीतिक विश्लेषक रविधरन दुरईस्वामी कहते हैं कि, 'निश्चित ही कांग्रेस तमिलनाडु में पुनर्जीवित होने की स्थिति में हैं. यह जीत केवल द्रमुक के साथ होने की वजह से नहीं मिली है. पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन कई वजहों के एक साथ होने की वजह से किया जो इसके और द्रमुक के पक्ष में थे'. दुरईस्वामी के अनुसार, तमिलनाडु के मतदाताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को वोट दिया, जिन्हें द्रमुक अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने प्रधानमंत्री के चेहरे के तौर पर पेश किया था. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु ने पहले भी राष्ट्रीय रुझानों से अलग तस्वीर पेश की है. आपातकाल के बाद 1977 में हुए चुनाव में यहां लोगों ने कांग्रेस को वोट दिया था. लोगों ने 1989 में राजीव गांधी के लिए मतदान किया था और अब फिर से लोगों ने राहुल गांधी वोट दिया है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दक्षिण भारत से कांग्रेस के लिए राहत भरी खबर
तमिलनाडु में कांग्रेस ने 8 सीटों पर जमाया कब्जा
पार्टी ने कुल 9 सीटों पर उतारे थे प्रत्याशी | 19 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बॉलीवु़ड के किंग खान शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) का आज जन्मदिन है. इस मौके पर शाहरुख खान को सभी बधाई संदेश दे रहे हैं. शाहरुख खान (Shah Rukh Khan Birthday) के बर्थडे पर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है. इस वीडियो में शाहरुख खान के साथ शाहिद कपूर (Shahid Kapoor) और सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) भी नजर आ रहे हैं. शाहरुख खान के इस वीडियो को लोग खूब पसंद कर रहे हैं. यह वीडियो आईफा अवॉर्ड (IIFA Awards) का है और थोड़ा पुराना भी है.
शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) और शाहिद कपूर (Shahid Kapoor) को इस वीडियो में देखा जा सकता है कि वो डांस के नाम पर सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) को बेवकूफ बनाते नजर आ रहे हैं. शाहरुख खान और शाहिद कपूर की इस हरकत पर वहां बैठे सभी कलाकार हंस-हंसकर लोटपोट हो गए. शाहरुख खान के जन्मदिन पर यह वीडियो खूब धूम मचा रहा है.
बॉलीवुड के शहंशाह शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) का जन्म 2 नवंबर 1965 को हुआ. फिल्मों में आने से पहले शाहरुख खान टेलीविजन धारावाहिकों में नजर आते थे. शाहरुख खान 14 बार फिल्मफेयर अवॉर्ड जीत चुके हैं. साल 2005 में भारत सरकार ने उन्हें भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए पद्म श्री अवॉर्ड से सम्मानित किया था. शाहरुख खान को बादशाह, किंग खान, रोमांस किंग और किंग ऑफ बॉलीवुड नामों से पुकारा जाता है. | शाहरुख खान का वीडियो वायरल
शाहिद कपूर संग मचाया था धमाल
आईफा अवॉर्ड का है वीडियो | 26 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: करीब 10 दिन पहले कल्याणपुर इलाके में एक कारोबारी के घर में घुसकर उसकी पत्नी और बेटियों के साथ मोहल्ले के कुछ युवकों की छेड़छाड़ और मारपीट पर पुलिस ने रिपोर्ट तो दर्ज की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की. इसके बाद पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री कार्यालय और प्रदेश के डीजीपी को इस घटना और पुलिस के लचर रवैये के खिलाफ ट्वीट भेजा जिसके बाद ही कानपुर पुलिस हरकत में आयी और आरोपियों को पकड़ने के लिये कार्रवाई तेज की.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक कल्याणपुर के अंबेडकरपुरम में रहने वाले एक कारोबारी का पड़ोसी सुजीत गौतम से पुराना विवाद था. कारोबारी का आरोप है कि होली के दिन 13 मार्च को सुजीत, उसका बेटा रोहन और उसके कुछ साथी शराब के नशे में उनके घर में घुस कर उसकी पत्नी और दो बेटियों के साथ छेड़छाड़ करने लगे. विरोध करने पर मारपीट भी की.
कारोबारी का कहना है कि उसने आरोपियों के खिलाफ कल्याणपुर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया लेकिन पुलिस ने केवल मारपीट और गाली गलौज की हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया.
इस परिवार ने कल मुख्यमंत्री कार्यालय और डीजीपी को इस घटना के बारे में ट्वीट कर उनसे न्याय की गुहार लगायी.
कानपुर के एसपी वेस्ट (पश्चिम) सचीन्द्र पटेल ने बताया कि डीजीपी कार्यालय लखनउ से मेरे पास फोन आया और मुझसे घटना की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा. मैने खुद जाकर पीड़ित परिवार से बात की और उनका मेडिकल कराने के निर्देश दिये. इस मामले में पहले केवल मारपीट और गाली गलौज का मामला दर्ज था बाद में इसमें और धारायें बढ़ाई गयीं.टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तारी के लिये पुलिस की तीन टीमें बनाई गयी हैं और लगातार छापेमारी की जा रही है. पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने के निर्देश भी दिये गये हैं.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक कल्याणपुर के अंबेडकरपुरम में रहने वाले एक कारोबारी का पड़ोसी सुजीत गौतम से पुराना विवाद था. कारोबारी का आरोप है कि होली के दिन 13 मार्च को सुजीत, उसका बेटा रोहन और उसके कुछ साथी शराब के नशे में उनके घर में घुस कर उसकी पत्नी और दो बेटियों के साथ छेड़छाड़ करने लगे. विरोध करने पर मारपीट भी की.
कारोबारी का कहना है कि उसने आरोपियों के खिलाफ कल्याणपुर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया लेकिन पुलिस ने केवल मारपीट और गाली गलौज की हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया.
इस परिवार ने कल मुख्यमंत्री कार्यालय और डीजीपी को इस घटना के बारे में ट्वीट कर उनसे न्याय की गुहार लगायी.
कानपुर के एसपी वेस्ट (पश्चिम) सचीन्द्र पटेल ने बताया कि डीजीपी कार्यालय लखनउ से मेरे पास फोन आया और मुझसे घटना की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा. मैने खुद जाकर पीड़ित परिवार से बात की और उनका मेडिकल कराने के निर्देश दिये. इस मामले में पहले केवल मारपीट और गाली गलौज का मामला दर्ज था बाद में इसमें और धारायें बढ़ाई गयीं.टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तारी के लिये पुलिस की तीन टीमें बनाई गयी हैं और लगातार छापेमारी की जा रही है. पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने के निर्देश भी दिये गये हैं.
कारोबारी का कहना है कि उसने आरोपियों के खिलाफ कल्याणपुर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया लेकिन पुलिस ने केवल मारपीट और गाली गलौज की हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया.
इस परिवार ने कल मुख्यमंत्री कार्यालय और डीजीपी को इस घटना के बारे में ट्वीट कर उनसे न्याय की गुहार लगायी.
कानपुर के एसपी वेस्ट (पश्चिम) सचीन्द्र पटेल ने बताया कि डीजीपी कार्यालय लखनउ से मेरे पास फोन आया और मुझसे घटना की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा. मैने खुद जाकर पीड़ित परिवार से बात की और उनका मेडिकल कराने के निर्देश दिये. इस मामले में पहले केवल मारपीट और गाली गलौज का मामला दर्ज था बाद में इसमें और धारायें बढ़ाई गयीं.टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तारी के लिये पुलिस की तीन टीमें बनाई गयी हैं और लगातार छापेमारी की जा रही है. पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने के निर्देश भी दिये गये हैं.
इस परिवार ने कल मुख्यमंत्री कार्यालय और डीजीपी को इस घटना के बारे में ट्वीट कर उनसे न्याय की गुहार लगायी.
कानपुर के एसपी वेस्ट (पश्चिम) सचीन्द्र पटेल ने बताया कि डीजीपी कार्यालय लखनउ से मेरे पास फोन आया और मुझसे घटना की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा. मैने खुद जाकर पीड़ित परिवार से बात की और उनका मेडिकल कराने के निर्देश दिये. इस मामले में पहले केवल मारपीट और गाली गलौज का मामला दर्ज था बाद में इसमें और धारायें बढ़ाई गयीं.टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तारी के लिये पुलिस की तीन टीमें बनाई गयी हैं और लगातार छापेमारी की जा रही है. पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने के निर्देश भी दिये गये हैं.
कानपुर के एसपी वेस्ट (पश्चिम) सचीन्द्र पटेल ने बताया कि डीजीपी कार्यालय लखनउ से मेरे पास फोन आया और मुझसे घटना की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा. मैने खुद जाकर पीड़ित परिवार से बात की और उनका मेडिकल कराने के निर्देश दिये. इस मामले में पहले केवल मारपीट और गाली गलौज का मामला दर्ज था बाद में इसमें और धारायें बढ़ाई गयीं.टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तारी के लिये पुलिस की तीन टीमें बनाई गयी हैं और लगातार छापेमारी की जा रही है. पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने के निर्देश भी दिये गये हैं.
उन्होंने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तारी के लिये पुलिस की तीन टीमें बनाई गयी हैं और लगातार छापेमारी की जा रही है. पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने के निर्देश भी दिये गये हैं. | यह एक सारांश है: करीब 10 दिन पहले कल्याणपुर इलाके में एक कारोबारी के घर की वारदात
उसकी पत्नी और बेटियों के साथ मोहल्ले के कुछ युवकों की छेड़छाड़
रिपोर्ट तो दर्ज की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: विवादों में फंसी आदर्श इमारत को आज केंद्र सरकार की तरफ से सेना अपने कब्जे में लेने वाली है। 22 जुलाई 2016 को सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया था कि जब तक सोसायटी की स्पेशल लीव पिटीशन पर अंतिम फैसला नहीं आता तब तक वह इसे अपने कब्जे में ले और ख्याल रखे कि कोई इस पर अवैध कब्जा नहीं कर पाए।
इसके पहले 29 अप्रैल 2016 को बॉम्बे हाई कोर्ट ने इमारत को गिराने का आदेश दिया था, जिसके विरोध में आदर्श हाउसिंग सोसायटी ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है। कोलाबा में सेना की जमीन पर बनी 31 मंजिला इमारत आदर्श हाउसिंग सोसायटी पर नियमो में हेरफेर कर निर्माण करने का आरोप है। आरोप यह भी है कि जिस भी संबंधित विभाग में आदर्श की फाइल गई उसके बड़े अफसर को बदले में एक फ्लैट मिला।
सेना की जमीन कारगिल के शहीदों के नाम पर ली गई लेकिन बाद में मंत्री, नेता, सरकारी बाबू और सेना के अफसरों ने इसमें बंदरबांट कर फ्लैट हथियाया। साल 2010 में मामला उजागर होने के बाद राज्य सरकार ने जांच कमीशन की रिपोर्ट बिठाई थी। सीबीआई भी एफआईआर दर्ज कर जांच कर रही है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, बीएमसी के पूर्व आयुक्त जयराज पाठक, पूर्व शहरी सचिव रामानंद तिवारी जैसे 16 बड़े लोग मामले में आरोपी हैं।
बताया जाता है कि 31 मंजिला इस इमारत में 102 फ्लैट हैं। आज के दिन में एक फ्लैट की कीमत 10 करोड़ के आसपास है जबकि बनाते समय प्रति सदस्य सिर्फ 85 लाख के करीब खर्च आया था।
सोसाइटी के चेयरमैन रिटायर ब्रिगेडियर टी के सिन्हा ने बताया कि हमने हर विभाग में जरूरी रकम भरी है, सभी परमिशन लिए हैं फिर भी आज इसे घोटाला कहा जा रहा है यह गलत है। हमें सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिलने की उम्मीद है। सोसायटी के सदस्य अशोक पटेल ने अदालत के आदेश के मुताबिक, बिल्डिंग का कब्ज़ा शांति पूर्ण तरीके से सेना को देने की बात कहते हुए बिल्डिंग के रखरखाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि आज बिल्डिंग में बिजली पानी नहीं है। लिफ्ट से लेकर सोसायटी में लगे पेड़ और बाकी सबकी देखभाल में प्रति महीना 20 लाख रुपये के करीब खर्च आता है क्या सेना इतना खर्च कर पाएगी?टिप्पणियां
इस बीच सेना के दो जवान बिल्डिंग में आकर मुआयना कर जा चुके हैं। दोपहर 3 बजे के करीब बॉम्बे हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार की उपस्थिति में सेना आज सोसायटी को अपने कब्जे में ले सकती है।
इसके लिए जरूरी सामानों की सूची सोसाइटी की तरफ से बनाने का काम अब भी जारी है। निर्माण के काम में आने वाला कुछ सामान बिल्डिंग हैंडओवर के पहले निकालने का काम भी जारी है।
इसके पहले 29 अप्रैल 2016 को बॉम्बे हाई कोर्ट ने इमारत को गिराने का आदेश दिया था, जिसके विरोध में आदर्श हाउसिंग सोसायटी ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है। कोलाबा में सेना की जमीन पर बनी 31 मंजिला इमारत आदर्श हाउसिंग सोसायटी पर नियमो में हेरफेर कर निर्माण करने का आरोप है। आरोप यह भी है कि जिस भी संबंधित विभाग में आदर्श की फाइल गई उसके बड़े अफसर को बदले में एक फ्लैट मिला।
सेना की जमीन कारगिल के शहीदों के नाम पर ली गई लेकिन बाद में मंत्री, नेता, सरकारी बाबू और सेना के अफसरों ने इसमें बंदरबांट कर फ्लैट हथियाया। साल 2010 में मामला उजागर होने के बाद राज्य सरकार ने जांच कमीशन की रिपोर्ट बिठाई थी। सीबीआई भी एफआईआर दर्ज कर जांच कर रही है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, बीएमसी के पूर्व आयुक्त जयराज पाठक, पूर्व शहरी सचिव रामानंद तिवारी जैसे 16 बड़े लोग मामले में आरोपी हैं।
बताया जाता है कि 31 मंजिला इस इमारत में 102 फ्लैट हैं। आज के दिन में एक फ्लैट की कीमत 10 करोड़ के आसपास है जबकि बनाते समय प्रति सदस्य सिर्फ 85 लाख के करीब खर्च आया था।
सोसाइटी के चेयरमैन रिटायर ब्रिगेडियर टी के सिन्हा ने बताया कि हमने हर विभाग में जरूरी रकम भरी है, सभी परमिशन लिए हैं फिर भी आज इसे घोटाला कहा जा रहा है यह गलत है। हमें सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिलने की उम्मीद है। सोसायटी के सदस्य अशोक पटेल ने अदालत के आदेश के मुताबिक, बिल्डिंग का कब्ज़ा शांति पूर्ण तरीके से सेना को देने की बात कहते हुए बिल्डिंग के रखरखाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि आज बिल्डिंग में बिजली पानी नहीं है। लिफ्ट से लेकर सोसायटी में लगे पेड़ और बाकी सबकी देखभाल में प्रति महीना 20 लाख रुपये के करीब खर्च आता है क्या सेना इतना खर्च कर पाएगी?टिप्पणियां
इस बीच सेना के दो जवान बिल्डिंग में आकर मुआयना कर जा चुके हैं। दोपहर 3 बजे के करीब बॉम्बे हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार की उपस्थिति में सेना आज सोसायटी को अपने कब्जे में ले सकती है।
इसके लिए जरूरी सामानों की सूची सोसाइटी की तरफ से बनाने का काम अब भी जारी है। निर्माण के काम में आने वाला कुछ सामान बिल्डिंग हैंडओवर के पहले निकालने का काम भी जारी है।
सेना की जमीन कारगिल के शहीदों के नाम पर ली गई लेकिन बाद में मंत्री, नेता, सरकारी बाबू और सेना के अफसरों ने इसमें बंदरबांट कर फ्लैट हथियाया। साल 2010 में मामला उजागर होने के बाद राज्य सरकार ने जांच कमीशन की रिपोर्ट बिठाई थी। सीबीआई भी एफआईआर दर्ज कर जांच कर रही है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, बीएमसी के पूर्व आयुक्त जयराज पाठक, पूर्व शहरी सचिव रामानंद तिवारी जैसे 16 बड़े लोग मामले में आरोपी हैं।
बताया जाता है कि 31 मंजिला इस इमारत में 102 फ्लैट हैं। आज के दिन में एक फ्लैट की कीमत 10 करोड़ के आसपास है जबकि बनाते समय प्रति सदस्य सिर्फ 85 लाख के करीब खर्च आया था।
सोसाइटी के चेयरमैन रिटायर ब्रिगेडियर टी के सिन्हा ने बताया कि हमने हर विभाग में जरूरी रकम भरी है, सभी परमिशन लिए हैं फिर भी आज इसे घोटाला कहा जा रहा है यह गलत है। हमें सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिलने की उम्मीद है। सोसायटी के सदस्य अशोक पटेल ने अदालत के आदेश के मुताबिक, बिल्डिंग का कब्ज़ा शांति पूर्ण तरीके से सेना को देने की बात कहते हुए बिल्डिंग के रखरखाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि आज बिल्डिंग में बिजली पानी नहीं है। लिफ्ट से लेकर सोसायटी में लगे पेड़ और बाकी सबकी देखभाल में प्रति महीना 20 लाख रुपये के करीब खर्च आता है क्या सेना इतना खर्च कर पाएगी?टिप्पणियां
इस बीच सेना के दो जवान बिल्डिंग में आकर मुआयना कर जा चुके हैं। दोपहर 3 बजे के करीब बॉम्बे हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार की उपस्थिति में सेना आज सोसायटी को अपने कब्जे में ले सकती है।
इसके लिए जरूरी सामानों की सूची सोसाइटी की तरफ से बनाने का काम अब भी जारी है। निर्माण के काम में आने वाला कुछ सामान बिल्डिंग हैंडओवर के पहले निकालने का काम भी जारी है।
बताया जाता है कि 31 मंजिला इस इमारत में 102 फ्लैट हैं। आज के दिन में एक फ्लैट की कीमत 10 करोड़ के आसपास है जबकि बनाते समय प्रति सदस्य सिर्फ 85 लाख के करीब खर्च आया था।
सोसाइटी के चेयरमैन रिटायर ब्रिगेडियर टी के सिन्हा ने बताया कि हमने हर विभाग में जरूरी रकम भरी है, सभी परमिशन लिए हैं फिर भी आज इसे घोटाला कहा जा रहा है यह गलत है। हमें सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिलने की उम्मीद है। सोसायटी के सदस्य अशोक पटेल ने अदालत के आदेश के मुताबिक, बिल्डिंग का कब्ज़ा शांति पूर्ण तरीके से सेना को देने की बात कहते हुए बिल्डिंग के रखरखाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि आज बिल्डिंग में बिजली पानी नहीं है। लिफ्ट से लेकर सोसायटी में लगे पेड़ और बाकी सबकी देखभाल में प्रति महीना 20 लाख रुपये के करीब खर्च आता है क्या सेना इतना खर्च कर पाएगी?टिप्पणियां
इस बीच सेना के दो जवान बिल्डिंग में आकर मुआयना कर जा चुके हैं। दोपहर 3 बजे के करीब बॉम्बे हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार की उपस्थिति में सेना आज सोसायटी को अपने कब्जे में ले सकती है।
इसके लिए जरूरी सामानों की सूची सोसाइटी की तरफ से बनाने का काम अब भी जारी है। निर्माण के काम में आने वाला कुछ सामान बिल्डिंग हैंडओवर के पहले निकालने का काम भी जारी है।
सोसाइटी के चेयरमैन रिटायर ब्रिगेडियर टी के सिन्हा ने बताया कि हमने हर विभाग में जरूरी रकम भरी है, सभी परमिशन लिए हैं फिर भी आज इसे घोटाला कहा जा रहा है यह गलत है। हमें सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिलने की उम्मीद है। सोसायटी के सदस्य अशोक पटेल ने अदालत के आदेश के मुताबिक, बिल्डिंग का कब्ज़ा शांति पूर्ण तरीके से सेना को देने की बात कहते हुए बिल्डिंग के रखरखाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि आज बिल्डिंग में बिजली पानी नहीं है। लिफ्ट से लेकर सोसायटी में लगे पेड़ और बाकी सबकी देखभाल में प्रति महीना 20 लाख रुपये के करीब खर्च आता है क्या सेना इतना खर्च कर पाएगी?टिप्पणियां
इस बीच सेना के दो जवान बिल्डिंग में आकर मुआयना कर जा चुके हैं। दोपहर 3 बजे के करीब बॉम्बे हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार की उपस्थिति में सेना आज सोसायटी को अपने कब्जे में ले सकती है।
इसके लिए जरूरी सामानों की सूची सोसाइटी की तरफ से बनाने का काम अब भी जारी है। निर्माण के काम में आने वाला कुछ सामान बिल्डिंग हैंडओवर के पहले निकालने का काम भी जारी है।
इस बीच सेना के दो जवान बिल्डिंग में आकर मुआयना कर जा चुके हैं। दोपहर 3 बजे के करीब बॉम्बे हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार की उपस्थिति में सेना आज सोसायटी को अपने कब्जे में ले सकती है।
इसके लिए जरूरी सामानों की सूची सोसाइटी की तरफ से बनाने का काम अब भी जारी है। निर्माण के काम में आने वाला कुछ सामान बिल्डिंग हैंडओवर के पहले निकालने का काम भी जारी है।
इसके लिए जरूरी सामानों की सूची सोसाइटी की तरफ से बनाने का काम अब भी जारी है। निर्माण के काम में आने वाला कुछ सामान बिल्डिंग हैंडओवर के पहले निकालने का काम भी जारी है। | संक्षिप्त सारांश: केंद्र सरकार की तरफ से सेना अपने कब्जे में लेगी
बॉम्बे हाई कोर्ट ने इमारत को गिराने का आदेश दिया था
सेना की जमीन कारगिल के शहीदों के नाम पर ली गई थी | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली सामूहिक बलात्कार की 23-वर्षीय पीड़ित की मौत को लेकर संवेदना जाहिर करते हुए पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने कहा कि इस अपराध के गुनहगारों को जीने का कोई हक नहीं है।टिप्पणियां
पाटिल ने शनिवार शाम एक मराठी समाचार चैनल से कहा, यह मामला दुर्लभतम श्रेणी में आता है, इसलिए मुझे लगता है कि दोषियों को जीने का कोई हक नहीं है।
पाटिल ने कहा कि हालांकि मृत्युदंड पर संसद में और विधि विशेषज्ञों के बीच बहस की जरूरत है, लेकिन इसका क्रियान्वयन दुर्लभतम मामलों में किया जाना चाहिए। पूर्व राष्ट्रपति ने समाज की, विशेषकर पुरुषों की मानसिकता बदलने पर जोर दिया और युवाओं से मांग की कि वह इस तरह की बुराईयों का उन्मूलन कर बदलाव लाए।
पाटिल ने शनिवार शाम एक मराठी समाचार चैनल से कहा, यह मामला दुर्लभतम श्रेणी में आता है, इसलिए मुझे लगता है कि दोषियों को जीने का कोई हक नहीं है।
पाटिल ने कहा कि हालांकि मृत्युदंड पर संसद में और विधि विशेषज्ञों के बीच बहस की जरूरत है, लेकिन इसका क्रियान्वयन दुर्लभतम मामलों में किया जाना चाहिए। पूर्व राष्ट्रपति ने समाज की, विशेषकर पुरुषों की मानसिकता बदलने पर जोर दिया और युवाओं से मांग की कि वह इस तरह की बुराईयों का उन्मूलन कर बदलाव लाए।
पाटिल ने कहा कि हालांकि मृत्युदंड पर संसद में और विधि विशेषज्ञों के बीच बहस की जरूरत है, लेकिन इसका क्रियान्वयन दुर्लभतम मामलों में किया जाना चाहिए। पूर्व राष्ट्रपति ने समाज की, विशेषकर पुरुषों की मानसिकता बदलने पर जोर दिया और युवाओं से मांग की कि वह इस तरह की बुराईयों का उन्मूलन कर बदलाव लाए। | यह एक सारांश है: दिल्ली सामूहिक बलात्कार की 23-वर्षीय पीड़ित की मौत को लेकर संवेदना जाहिर करते हुए पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने कहा कि इस अपराध के गुनहगारों को जीने का कोई हक नहीं है। | 24 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव के गृह जनपद इटावा में उनपर जमकर प्रहार किए और आरोप लगाया कि चुनावी मौसम में यादव बेमानी वादों की झड़ी लगा रहे हैं।टिप्पणियां
राहुल ने शहर के प्रदर्शनी मैदान में कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित जनसभा में सपा पर चुनावी मौसम में जनता से झूठे वादे करने का आरोप लगाया और कहा कि इस पार्टी के नेता चुनावी बेला में वह सब कुछ कह रहे हैं जो जनता सुनना चाहती है। उन्होंने जनता से कांग्रेस को पांच साल का मौका देने की गुजारिश करते हुए कहा कि पांच वर्ष में उत्तर प्रदेश में विकास के नए युग का सूत्रपात होगा और 10 वर्ष में सूबे की तस्वीर ही बदल जाएगी।
सपा के ‘मुस्लिम प्रेम’ पर सवाल खड़े करते हुए कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘मुलायम सिंह कहते हैं कि कांग्रेस ने मुसलमानों को कम आरक्षण दिया। वह खुद तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे लेकिन उन्होंने अपने स्तर से इस दिशा में कुछ नहीं किया।’ मुस्लिम आरक्षण को लेकर यादव के वादे को झूठ बताते हुए राहुल ने कहा, ‘मुलायम सिंह कहते हैं कि वह 28 प्रतिशत आरक्षण देंगे। उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि इतना आरक्षण नहीं दिया जा सकता लेकिन मुलायम कह रहे हैं कि वह देंगे। वह झूठ बोलते हैं। वह सोचते हैं कि जनता कुछ नहीं समझती।’
राहुल ने शहर के प्रदर्शनी मैदान में कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित जनसभा में सपा पर चुनावी मौसम में जनता से झूठे वादे करने का आरोप लगाया और कहा कि इस पार्टी के नेता चुनावी बेला में वह सब कुछ कह रहे हैं जो जनता सुनना चाहती है। उन्होंने जनता से कांग्रेस को पांच साल का मौका देने की गुजारिश करते हुए कहा कि पांच वर्ष में उत्तर प्रदेश में विकास के नए युग का सूत्रपात होगा और 10 वर्ष में सूबे की तस्वीर ही बदल जाएगी।
सपा के ‘मुस्लिम प्रेम’ पर सवाल खड़े करते हुए कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘मुलायम सिंह कहते हैं कि कांग्रेस ने मुसलमानों को कम आरक्षण दिया। वह खुद तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे लेकिन उन्होंने अपने स्तर से इस दिशा में कुछ नहीं किया।’ मुस्लिम आरक्षण को लेकर यादव के वादे को झूठ बताते हुए राहुल ने कहा, ‘मुलायम सिंह कहते हैं कि वह 28 प्रतिशत आरक्षण देंगे। उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि इतना आरक्षण नहीं दिया जा सकता लेकिन मुलायम कह रहे हैं कि वह देंगे। वह झूठ बोलते हैं। वह सोचते हैं कि जनता कुछ नहीं समझती।’
सपा के ‘मुस्लिम प्रेम’ पर सवाल खड़े करते हुए कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘मुलायम सिंह कहते हैं कि कांग्रेस ने मुसलमानों को कम आरक्षण दिया। वह खुद तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे लेकिन उन्होंने अपने स्तर से इस दिशा में कुछ नहीं किया।’ मुस्लिम आरक्षण को लेकर यादव के वादे को झूठ बताते हुए राहुल ने कहा, ‘मुलायम सिंह कहते हैं कि वह 28 प्रतिशत आरक्षण देंगे। उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि इतना आरक्षण नहीं दिया जा सकता लेकिन मुलायम कह रहे हैं कि वह देंगे। वह झूठ बोलते हैं। वह सोचते हैं कि जनता कुछ नहीं समझती।’ | यहाँ एक सारांश है:कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव के गृह जनपद इटावा में उनपर जमकर प्रहार किए। | 17 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग स्कैंडल पर अपनी चुप्पी बरकरार रखी। इसके अलावा उन्होंने उनको लेकर पैदा हुई ‘हितों के टकराव’ के विवाद पर भी कुछ नहीं कहा। धोनी से पूछा गया कि भारतीय क्रिकेट में हाल के विवादों के कारण क्या चैंपियन्स ट्रॉफी में टीम के प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है। उन्होंने बड़ी खूबसूरती से यह सवाल टाल दिया।
भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘हम इन सब बातों के बारे में नहीं सोच रहे हैं और ये बातें हमारे दिमाग में भी नहीं हैं। हमारी निगाहें केवल आगे की चुनौती पर लगी हैं। हम पहली बार भारत से बाहर नये नियमों के तहत खेलेंगे और हमें जल्द से जल्द इनसे सामंजस्य बिठाने की जरूरत है। हमारा ध्यान केवल इसी पर है।’’टिप्पणियां
जब यह पता चला कि रीति स्पोर्ट्स जो उनके अलावा सुरेश रैना, रविंदर जडेजा और प्रज्ञान ओझा का प्रबंधन देखती है, में धोनी के 15 प्रतिशत शेयर हैं तो वह भी विवादों के घेरे में आ गये।
कुछ पूर्व क्रिकेटरों ने हितों के टकराव के लिये उनकी कड़ी आलोचना की थी। धोनी ने इससे पहले मुंबई में रवानगी से पहले और फिर यहां पहुंचने पर भी स्पाट फिक्सिंग मसले पर बोलने से इन्कार कर दिया था। उन्होंने कहा था, ‘‘जब मैंने भारतीय पत्रकारों को जवाब नहीं दिया तो आपको जवाब देने का कोई कारण नजर नहीं आता।
भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘हम इन सब बातों के बारे में नहीं सोच रहे हैं और ये बातें हमारे दिमाग में भी नहीं हैं। हमारी निगाहें केवल आगे की चुनौती पर लगी हैं। हम पहली बार भारत से बाहर नये नियमों के तहत खेलेंगे और हमें जल्द से जल्द इनसे सामंजस्य बिठाने की जरूरत है। हमारा ध्यान केवल इसी पर है।’’टिप्पणियां
जब यह पता चला कि रीति स्पोर्ट्स जो उनके अलावा सुरेश रैना, रविंदर जडेजा और प्रज्ञान ओझा का प्रबंधन देखती है, में धोनी के 15 प्रतिशत शेयर हैं तो वह भी विवादों के घेरे में आ गये।
कुछ पूर्व क्रिकेटरों ने हितों के टकराव के लिये उनकी कड़ी आलोचना की थी। धोनी ने इससे पहले मुंबई में रवानगी से पहले और फिर यहां पहुंचने पर भी स्पाट फिक्सिंग मसले पर बोलने से इन्कार कर दिया था। उन्होंने कहा था, ‘‘जब मैंने भारतीय पत्रकारों को जवाब नहीं दिया तो आपको जवाब देने का कोई कारण नजर नहीं आता।
जब यह पता चला कि रीति स्पोर्ट्स जो उनके अलावा सुरेश रैना, रविंदर जडेजा और प्रज्ञान ओझा का प्रबंधन देखती है, में धोनी के 15 प्रतिशत शेयर हैं तो वह भी विवादों के घेरे में आ गये।
कुछ पूर्व क्रिकेटरों ने हितों के टकराव के लिये उनकी कड़ी आलोचना की थी। धोनी ने इससे पहले मुंबई में रवानगी से पहले और फिर यहां पहुंचने पर भी स्पाट फिक्सिंग मसले पर बोलने से इन्कार कर दिया था। उन्होंने कहा था, ‘‘जब मैंने भारतीय पत्रकारों को जवाब नहीं दिया तो आपको जवाब देने का कोई कारण नजर नहीं आता।
कुछ पूर्व क्रिकेटरों ने हितों के टकराव के लिये उनकी कड़ी आलोचना की थी। धोनी ने इससे पहले मुंबई में रवानगी से पहले और फिर यहां पहुंचने पर भी स्पाट फिक्सिंग मसले पर बोलने से इन्कार कर दिया था। उन्होंने कहा था, ‘‘जब मैंने भारतीय पत्रकारों को जवाब नहीं दिया तो आपको जवाब देने का कोई कारण नजर नहीं आता। | सारांश: भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग स्कैंडल पर अपनी चुप्पी बरकरार रखी। इसके अलावा उन्होंने उनको लेकर पैदा हुई ‘हितों के टकराव’ के विवाद पर भी कुछ नहीं कहा। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन के घर सीबीआई पहुंची है. मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में उनकी पत्नी से पूछताछ हो रही है. आप ने अपने आधिकारिक बयान में दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन के घर सीबीआई की छोपमारी को भाजपा नीत केंद्र सरकार की साजिश बताया है. इससे पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 'टॉक टू एके' कार्यक्रम से संबंधित काम के ठेके देने में कथित तौर पर हुई अनियमितता को लेकर दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के बयान दर्ज किए. सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा, टॉक टू एके कार्यक्रम घोटाले में दर्ज प्राथमिकी की जांच के लिए अधिकारियों का एक दल सिसोदिया के आवास पर उनका बयान दर्ज करने के लिए गया.
हालांकि उप मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसे सीबीआई की सिसोदिया के आवास पर छापेमारी की कार्रवाई बताया है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जनसंवाद अभियान के लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा शुरू किए गए कार्यक्रम 'टॉक टू एके' में अनियमितताओं की शिकायतों पर सीबीआई ने यह कार्रवाई की. टिप्पणियां
सीबीआई की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस मामले में कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण के लिए जांच एजेंसी की टीम सिसोदिया के घर गई थी. सीबीआई ने इसे छापेमारी बताए जाने का खंडन करते हुए कहा कि इसे 'छापामारी या छानबीन' नहीं कहा जा सकता है. सीबीआई ने 'टॉक टू एके' कार्यक्रम में एक निजी जनसंपर्क कंपनी को नियम विरुद्ध तरीके से लाभ पहुंचाने की पहल करने की शिकायत पर इस साल जनवरी में प्रारंभिक जांच (पीई) शुरू की थी.(इनपुट्स भाषा से)(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हालांकि उप मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसे सीबीआई की सिसोदिया के आवास पर छापेमारी की कार्रवाई बताया है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जनसंवाद अभियान के लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा शुरू किए गए कार्यक्रम 'टॉक टू एके' में अनियमितताओं की शिकायतों पर सीबीआई ने यह कार्रवाई की. टिप्पणियां
सीबीआई की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस मामले में कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण के लिए जांच एजेंसी की टीम सिसोदिया के घर गई थी. सीबीआई ने इसे छापेमारी बताए जाने का खंडन करते हुए कहा कि इसे 'छापामारी या छानबीन' नहीं कहा जा सकता है. सीबीआई ने 'टॉक टू एके' कार्यक्रम में एक निजी जनसंपर्क कंपनी को नियम विरुद्ध तरीके से लाभ पहुंचाने की पहल करने की शिकायत पर इस साल जनवरी में प्रारंभिक जांच (पीई) शुरू की थी.(इनपुट्स भाषा से)(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सीबीआई की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस मामले में कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण के लिए जांच एजेंसी की टीम सिसोदिया के घर गई थी. सीबीआई ने इसे छापेमारी बताए जाने का खंडन करते हुए कहा कि इसे 'छापामारी या छानबीन' नहीं कहा जा सकता है. सीबीआई ने 'टॉक टू एके' कार्यक्रम में एक निजी जनसंपर्क कंपनी को नियम विरुद्ध तरीके से लाभ पहुंचाने की पहल करने की शिकायत पर इस साल जनवरी में प्रारंभिक जांच (पीई) शुरू की थी.(इनपुट्स भाषा से)(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में पत्नी से पूछताछ
आप ने बताई केंद्र की साजिश
मनीष सिसोदिया के घर पर भी गई थी सीबीआई | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: आव्रजन अधिकारियों ने नारद न्यूज के सीईओ मैथ्यू सैमुअल को अमेरिका से आगमन पर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हिरासत में ले लिया. उनके खिलाफ कोलकाता पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी कर रखा था.
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि हिरासत के बारे में कोलकाता पुलिस को सूचित किया गया और उन्हें उनके हवाले करने से पहले मामले के बारे में संबंधित दस्तावेज के साथ आव्रजन अधिकारियों से संपर्क करने को कहा गया है.
कोलकाता पुलिस ने सिटी मेयर और अग्निशमन एवं आपात सेवा मंत्री सोवन चट्टोपाध्याय की पत्नी की शिकायत पर सैमुअल के खिलाफ एक मामला दर्ज किया था.
चट्टोपाध्याय नारद न्यूज द्वारा जारी 'स्टिंग ऑपरेशन' वीडियो में कथित तौर पर रकम स्वीकार करते हुए पाए गए थे. चट्टोपाध्याय की पत्नी रत्ना चट्टोपाध्याय ने सैमुअल के खिलाफ न्यू मार्केट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर कोलकाता पुलिस खुफिया विभाग ने प्राथमिकी दर्ज की थी और स्टिंग ऑपरेशन की जांच शुरू की थी.टिप्पणियां
उन पर आईपीसी की धारा 469 (साख को नुकसान पहुंचाने के मकसद से जालसाजी), 500 (मानहानि), 505, 171 (जी) (चुनाव के मामले में फर्जी बयान) और 120 बी (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि हिरासत के बारे में कोलकाता पुलिस को सूचित किया गया और उन्हें उनके हवाले करने से पहले मामले के बारे में संबंधित दस्तावेज के साथ आव्रजन अधिकारियों से संपर्क करने को कहा गया है.
कोलकाता पुलिस ने सिटी मेयर और अग्निशमन एवं आपात सेवा मंत्री सोवन चट्टोपाध्याय की पत्नी की शिकायत पर सैमुअल के खिलाफ एक मामला दर्ज किया था.
चट्टोपाध्याय नारद न्यूज द्वारा जारी 'स्टिंग ऑपरेशन' वीडियो में कथित तौर पर रकम स्वीकार करते हुए पाए गए थे. चट्टोपाध्याय की पत्नी रत्ना चट्टोपाध्याय ने सैमुअल के खिलाफ न्यू मार्केट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर कोलकाता पुलिस खुफिया विभाग ने प्राथमिकी दर्ज की थी और स्टिंग ऑपरेशन की जांच शुरू की थी.टिप्पणियां
उन पर आईपीसी की धारा 469 (साख को नुकसान पहुंचाने के मकसद से जालसाजी), 500 (मानहानि), 505, 171 (जी) (चुनाव के मामले में फर्जी बयान) और 120 बी (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कोलकाता पुलिस ने सिटी मेयर और अग्निशमन एवं आपात सेवा मंत्री सोवन चट्टोपाध्याय की पत्नी की शिकायत पर सैमुअल के खिलाफ एक मामला दर्ज किया था.
चट्टोपाध्याय नारद न्यूज द्वारा जारी 'स्टिंग ऑपरेशन' वीडियो में कथित तौर पर रकम स्वीकार करते हुए पाए गए थे. चट्टोपाध्याय की पत्नी रत्ना चट्टोपाध्याय ने सैमुअल के खिलाफ न्यू मार्केट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर कोलकाता पुलिस खुफिया विभाग ने प्राथमिकी दर्ज की थी और स्टिंग ऑपरेशन की जांच शुरू की थी.टिप्पणियां
उन पर आईपीसी की धारा 469 (साख को नुकसान पहुंचाने के मकसद से जालसाजी), 500 (मानहानि), 505, 171 (जी) (चुनाव के मामले में फर्जी बयान) और 120 बी (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
चट्टोपाध्याय नारद न्यूज द्वारा जारी 'स्टिंग ऑपरेशन' वीडियो में कथित तौर पर रकम स्वीकार करते हुए पाए गए थे. चट्टोपाध्याय की पत्नी रत्ना चट्टोपाध्याय ने सैमुअल के खिलाफ न्यू मार्केट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर कोलकाता पुलिस खुफिया विभाग ने प्राथमिकी दर्ज की थी और स्टिंग ऑपरेशन की जांच शुरू की थी.टिप्पणियां
उन पर आईपीसी की धारा 469 (साख को नुकसान पहुंचाने के मकसद से जालसाजी), 500 (मानहानि), 505, 171 (जी) (चुनाव के मामले में फर्जी बयान) और 120 बी (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन पर आईपीसी की धारा 469 (साख को नुकसान पहुंचाने के मकसद से जालसाजी), 500 (मानहानि), 505, 171 (जी) (चुनाव के मामले में फर्जी बयान) और 120 बी (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | कोलकाता पुलिस ने सैमुअल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था
सैमुअल पर IPC की धारा 469, 500, 505, 171जी और 120बी के तहत मामले दर्ज हैं
TMC नेता सोवन चट्टोपाध्याय 'स्टिंग' में कथित तौर पर पैसे लेते पाए गए थे | 34 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सरकारी अमले की कथित लापरवाही और परेशानियों की सुनवाई न होने के विरोध में सीसामउ इलाके के एक व्यक्ति ने अपने घर पर पाकिस्तान का झंडा लगा लिया. शिकायत मिलने पर पुलिस उसे हिरासत में ले कर पूछताछ कर रही है.
चंद्रपाल सिंह नामक यह व्यक्ति हाउस टैक्स और पानी का बिल ज्यादा आने से परेशान था. वह पिछले काफी दिनों से नगर निगम, जल विभाग, डीएम आफिस आदि सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहा था लेकिन कहीं कोई सुनवाई नही हुई.अंतत: अपनी परेशानियों की ओर अधिकारियों का ध्यान आकषिर्त करने के लिये उसने घर पर पाकिस्तान का झंडा लगा लिया.पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि नेहरू नगर निवासी चंद्रपाल सिंह की लोगों ने शिकायत की. तब उसके घर पहुंची पुलिस ने झंडा उतारा और चंद्रपाल को हिरासत में ले लियाटिप्पणियां
पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) सचीन्द्र पटेल ने बताया कि चंद्रपाल को गिरफ्तार नही किया गया है बल्कि उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. एलआईयू खुफिया विभाग के अधिकारी भी उससे पूछताछ कर उसकी मंशा जानने की कोशिश कर रहे हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
चंद्रपाल सिंह नामक यह व्यक्ति हाउस टैक्स और पानी का बिल ज्यादा आने से परेशान था. वह पिछले काफी दिनों से नगर निगम, जल विभाग, डीएम आफिस आदि सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहा था लेकिन कहीं कोई सुनवाई नही हुई.अंतत: अपनी परेशानियों की ओर अधिकारियों का ध्यान आकषिर्त करने के लिये उसने घर पर पाकिस्तान का झंडा लगा लिया.पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि नेहरू नगर निवासी चंद्रपाल सिंह की लोगों ने शिकायत की. तब उसके घर पहुंची पुलिस ने झंडा उतारा और चंद्रपाल को हिरासत में ले लियाटिप्पणियां
पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) सचीन्द्र पटेल ने बताया कि चंद्रपाल को गिरफ्तार नही किया गया है बल्कि उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. एलआईयू खुफिया विभाग के अधिकारी भी उससे पूछताछ कर उसकी मंशा जानने की कोशिश कर रहे हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) सचीन्द्र पटेल ने बताया कि चंद्रपाल को गिरफ्तार नही किया गया है बल्कि उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. एलआईयू खुफिया विभाग के अधिकारी भी उससे पूछताछ कर उसकी मंशा जानने की कोशिश कर रहे हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:इस व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है पुलिस
काफी दिनों से नगर निगम, जल विभाग के चक्कर काट रहा था
अफसरों का ध्यान आकर्षित करने के लिए किया यह काम | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार पर्रिकर को 16 मार्च को विधानसभा में बहुमत साबित करना होगा. उन्होंने बीजेपी के 13 विधायकों समेत 21 सदस्यों का समर्थन होने का दावा किया है. प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने मंगलवार को कांग्रेस की अर्जी पर शपथग्रहण समारोह पर रोक लगाने से इनकार कर दिया और पर्रिकर को विश्वास मत हासिल करने का निर्देश दिया.टिप्पणियां
वहीं, मंगलवार को ही गोवा में कांग्रेस अपने सभी 17 नवनिर्वाचित विधायकों को राजभवन ले गई और विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए मौका दिए जाने की मांग करने के लिए राज्यपाल मृदुला सिन्हा से मुलाकात की, लेकिन राज्यपाल की ओर से उन्हें कोई आश्वासन नहीं मिला.
इधर, नई दिल्ली में वरिष्ठ बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस बात को लेकर विरोध कर रही है कि उसके नेताओं को शपथ दिलाने के लिए गोवा की राज्यपाल द्वारा उसे निमंत्रित किया जाना चाहिए था, लेकिन कांग्रेस ने अबतक न तो नेता चुना है और न ही उसने गोवा की राज्यपाल के सामने दावा किया. उन्होंने कहा कि त्रिशंकु विधानसभा में भाजपा के 13 विधायकों समेत 21 विधायकों ने पर्रिकर का समर्थन किया है, जबकि कांग्रेस महज 17 विधायकों के साथ है.
वहीं, मंगलवार को ही गोवा में कांग्रेस अपने सभी 17 नवनिर्वाचित विधायकों को राजभवन ले गई और विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए मौका दिए जाने की मांग करने के लिए राज्यपाल मृदुला सिन्हा से मुलाकात की, लेकिन राज्यपाल की ओर से उन्हें कोई आश्वासन नहीं मिला.
इधर, नई दिल्ली में वरिष्ठ बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस बात को लेकर विरोध कर रही है कि उसके नेताओं को शपथ दिलाने के लिए गोवा की राज्यपाल द्वारा उसे निमंत्रित किया जाना चाहिए था, लेकिन कांग्रेस ने अबतक न तो नेता चुना है और न ही उसने गोवा की राज्यपाल के सामने दावा किया. उन्होंने कहा कि त्रिशंकु विधानसभा में भाजपा के 13 विधायकों समेत 21 विधायकों ने पर्रिकर का समर्थन किया है, जबकि कांग्रेस महज 17 विधायकों के साथ है.
इधर, नई दिल्ली में वरिष्ठ बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस बात को लेकर विरोध कर रही है कि उसके नेताओं को शपथ दिलाने के लिए गोवा की राज्यपाल द्वारा उसे निमंत्रित किया जाना चाहिए था, लेकिन कांग्रेस ने अबतक न तो नेता चुना है और न ही उसने गोवा की राज्यपाल के सामने दावा किया. उन्होंने कहा कि त्रिशंकु विधानसभा में भाजपा के 13 विधायकों समेत 21 विधायकों ने पर्रिकर का समर्थन किया है, जबकि कांग्रेस महज 17 विधायकों के साथ है. | यह एक सारांश है: 'गोवा में कांग्रेस आपसी लड़ाई में उलझी हुई है'
'कांग्रेस विधायकों में काफी हताशा, वे पार्टी छोड़ सकते हैं'
'कांग्रेस को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई है' | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सर्वोच्च न्यायालय ने आय से अधिक सम्पत्ति मामले में उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ जांच जारी रखने के लिए दायर याचिका पर मंगलवार को मायावती, केंद्र सरकार एवं केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को नोटिस जारी किया।टिप्पणियां
न्यायमूर्ति पी. सतशिवम एवं न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की खंडपीठ ने सर्वोच्च न्यायालय के छह जुलाई के आदेश पर पुनर्विचार के लिए दायर याचिका पर नोटिस जारी किया।
सर्वोच्च न्यायालय ने छह जुलाई को अपने आदेश में मायावती के खिलाफ आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में चल रही सीबीआई जांच को बंद करने का आदेश दिया था।
न्यायमूर्ति पी. सतशिवम एवं न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की खंडपीठ ने सर्वोच्च न्यायालय के छह जुलाई के आदेश पर पुनर्विचार के लिए दायर याचिका पर नोटिस जारी किया।
सर्वोच्च न्यायालय ने छह जुलाई को अपने आदेश में मायावती के खिलाफ आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में चल रही सीबीआई जांच को बंद करने का आदेश दिया था।
सर्वोच्च न्यायालय ने छह जुलाई को अपने आदेश में मायावती के खिलाफ आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में चल रही सीबीआई जांच को बंद करने का आदेश दिया था। | संक्षिप्त पाठ: सर्वोच्च न्यायालय ने आय से अधिक सम्पत्ति मामले में उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ जांच जारी रखने के लिए दायर याचिका पर मंगलवार को मायावती, केंद्र सरकार एवं केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को नोटिस जारी किया। | 13 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कहते हैं कि प्यार की कोई कीमत नहीं लगा सकता लेकिन प्यार की तारीखें उपभोक्ताओं के जेब पर काफी वजन डाल रही हैं। सप्ताहभर चलने वाले वेलेंटाइन पर्व पर प्रेमी-प्रेमिकाओं द्वारा 12,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है। एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) ने सोशल डेवलपमेंट फाउंडेशन के जरिए तैयार की गई रिपोर्ट में यह निष्कर्ष दिया है। प्यार के इस कारोबार का हिस्सा दूरसंचार क्षेत्र के कारोबारियों से लेकर रेस्टोरेंट और महंगे गिफ्ट कारोबारियों तक सबको मिल रहा है। दिसम्बर 2010 से जनवरी 2011 के बीच दो महीने में किए गए इस सर्वेक्षण में युवा प्रेमी-प्रेमिकाओं द्वारा अपने साथी को खुश करने के लिए किए जाने वाले खर्च का आंकलन किया गया है। वेलेंटाइन सप्ताह 7 फरवरी को रोज डे से शुरू हुआ। आठ फरवरी को प्रपोजल डे, नौ फरवरी को चॉकलेट डे, 10 फरवरी को टैडी डे, 11 फरवरी को प्रॉमिस डे, 12 फरवरी को हग डे मनाया गया। 13 फरवरी को किस डे और 14 फरवरी को वेलेंटाइन डे है। एसोचैम के महासचिव डीएस रावत ने कहा कि इस साल वेलेंटाइन सप्ताह पर खर्च पिछले साल से 120 प्रतिशत ज्यादा रहेगा। उन्होंने कहा, "इस साल आर्थिक हालात में सुधार हुआ है और लोगों की खर्च करने की क्षमता बढ़ी है। युवा और कुंवारे इस साल पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं वह पिछले साल की तुलना में 120 प्रतिशत ज्यादा खर्च कर सकते हैं।" | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) ने सोशल डेवलपमेंट फाउंडेशन के जरिए तैयार की गई रिपोर्ट में यह निष्कर्ष दिया है। | 19 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आंध्र प्रदेश में हो रहे उपचुनाव के लिए 12 जून के मतदान से पहले राज्य में नकदी की बारिश हो रही है। अधिकारी अबतक 32 करोड़ रुपये जब्त कर चुके हैं।
चुनाव के दौरान रुपये, सामान, और शराब बांटने के लिए बदनाम इस राज्य में अधिकारियों ने नौ करोड़ रुपये कीमत के सोने और चांदी के जेवरात भी बरामद किए हैं। इसतरह कुल जब्त सामान की कीमत 41 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
इसके अलावा अधिकारियों ने मतदाताओं को बांटने के लिए रखे गए 1.74 लीटर शराब भी जब्त की है।
आंध्र प्रदेश में मात्र एक लोकसभा सीट और 18 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव हो रहा है, लेकिन राजनीतिक दल जीत हासिल करने के लिए अपनी तिजोरियां खोलने से बाज नहीं आ रहे हैं।
यह उपचुनाव तीनों प्रमुख दावेदारों- सत्ताधारी कांग्रेस, मुख्य विपक्ष तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अबतक जितनी जब्ती हो चुकी है, उसी ने 2009 में 42 लोकसभा सीटों और 294 विधानसभा सीटों के लिए हुए चुनाव से पहले हुई जब्ती को पीछे छोड़ दिया है।
राज्य के निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, पिछले चुनाव के दौरान 38 करोड़ रुपये कीमत के सामान और नकदी जब्त हुई थी।
चूंकि मतदान में अभी एक सप्ताह शेष है, लिहाजा जब्ती की मात्रा और बढ़ने की सम्भावना है।टिप्पणियां
हैदराबाद में पुलिस ने बुधवार को 1.30 करोड़ रुपये एक वाहन से जब्त किए थे, लेकिन अभी इस बात का पता लगाने के लिए जांच जारी है कि यह राशि चुनाव से गुजर रहे किसी क्षेत्र में पहुंचाने के लिए थी या नहीं।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी भंवरलाल के अनुसार, निर्वाचन आयोग उपचुनाव में नकदी और शराब के भारी प्रवाह को लेकर चिंतित है।
चुनाव के दौरान रुपये, सामान, और शराब बांटने के लिए बदनाम इस राज्य में अधिकारियों ने नौ करोड़ रुपये कीमत के सोने और चांदी के जेवरात भी बरामद किए हैं। इसतरह कुल जब्त सामान की कीमत 41 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
इसके अलावा अधिकारियों ने मतदाताओं को बांटने के लिए रखे गए 1.74 लीटर शराब भी जब्त की है।
आंध्र प्रदेश में मात्र एक लोकसभा सीट और 18 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव हो रहा है, लेकिन राजनीतिक दल जीत हासिल करने के लिए अपनी तिजोरियां खोलने से बाज नहीं आ रहे हैं।
यह उपचुनाव तीनों प्रमुख दावेदारों- सत्ताधारी कांग्रेस, मुख्य विपक्ष तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अबतक जितनी जब्ती हो चुकी है, उसी ने 2009 में 42 लोकसभा सीटों और 294 विधानसभा सीटों के लिए हुए चुनाव से पहले हुई जब्ती को पीछे छोड़ दिया है।
राज्य के निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, पिछले चुनाव के दौरान 38 करोड़ रुपये कीमत के सामान और नकदी जब्त हुई थी।
चूंकि मतदान में अभी एक सप्ताह शेष है, लिहाजा जब्ती की मात्रा और बढ़ने की सम्भावना है।टिप्पणियां
हैदराबाद में पुलिस ने बुधवार को 1.30 करोड़ रुपये एक वाहन से जब्त किए थे, लेकिन अभी इस बात का पता लगाने के लिए जांच जारी है कि यह राशि चुनाव से गुजर रहे किसी क्षेत्र में पहुंचाने के लिए थी या नहीं।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी भंवरलाल के अनुसार, निर्वाचन आयोग उपचुनाव में नकदी और शराब के भारी प्रवाह को लेकर चिंतित है।
इसके अलावा अधिकारियों ने मतदाताओं को बांटने के लिए रखे गए 1.74 लीटर शराब भी जब्त की है।
आंध्र प्रदेश में मात्र एक लोकसभा सीट और 18 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव हो रहा है, लेकिन राजनीतिक दल जीत हासिल करने के लिए अपनी तिजोरियां खोलने से बाज नहीं आ रहे हैं।
यह उपचुनाव तीनों प्रमुख दावेदारों- सत्ताधारी कांग्रेस, मुख्य विपक्ष तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अबतक जितनी जब्ती हो चुकी है, उसी ने 2009 में 42 लोकसभा सीटों और 294 विधानसभा सीटों के लिए हुए चुनाव से पहले हुई जब्ती को पीछे छोड़ दिया है।
राज्य के निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, पिछले चुनाव के दौरान 38 करोड़ रुपये कीमत के सामान और नकदी जब्त हुई थी।
चूंकि मतदान में अभी एक सप्ताह शेष है, लिहाजा जब्ती की मात्रा और बढ़ने की सम्भावना है।टिप्पणियां
हैदराबाद में पुलिस ने बुधवार को 1.30 करोड़ रुपये एक वाहन से जब्त किए थे, लेकिन अभी इस बात का पता लगाने के लिए जांच जारी है कि यह राशि चुनाव से गुजर रहे किसी क्षेत्र में पहुंचाने के लिए थी या नहीं।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी भंवरलाल के अनुसार, निर्वाचन आयोग उपचुनाव में नकदी और शराब के भारी प्रवाह को लेकर चिंतित है।
आंध्र प्रदेश में मात्र एक लोकसभा सीट और 18 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव हो रहा है, लेकिन राजनीतिक दल जीत हासिल करने के लिए अपनी तिजोरियां खोलने से बाज नहीं आ रहे हैं।
यह उपचुनाव तीनों प्रमुख दावेदारों- सत्ताधारी कांग्रेस, मुख्य विपक्ष तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अबतक जितनी जब्ती हो चुकी है, उसी ने 2009 में 42 लोकसभा सीटों और 294 विधानसभा सीटों के लिए हुए चुनाव से पहले हुई जब्ती को पीछे छोड़ दिया है।
राज्य के निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, पिछले चुनाव के दौरान 38 करोड़ रुपये कीमत के सामान और नकदी जब्त हुई थी।
चूंकि मतदान में अभी एक सप्ताह शेष है, लिहाजा जब्ती की मात्रा और बढ़ने की सम्भावना है।टिप्पणियां
हैदराबाद में पुलिस ने बुधवार को 1.30 करोड़ रुपये एक वाहन से जब्त किए थे, लेकिन अभी इस बात का पता लगाने के लिए जांच जारी है कि यह राशि चुनाव से गुजर रहे किसी क्षेत्र में पहुंचाने के लिए थी या नहीं।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी भंवरलाल के अनुसार, निर्वाचन आयोग उपचुनाव में नकदी और शराब के भारी प्रवाह को लेकर चिंतित है।
यह उपचुनाव तीनों प्रमुख दावेदारों- सत्ताधारी कांग्रेस, मुख्य विपक्ष तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अबतक जितनी जब्ती हो चुकी है, उसी ने 2009 में 42 लोकसभा सीटों और 294 विधानसभा सीटों के लिए हुए चुनाव से पहले हुई जब्ती को पीछे छोड़ दिया है।
राज्य के निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, पिछले चुनाव के दौरान 38 करोड़ रुपये कीमत के सामान और नकदी जब्त हुई थी।
चूंकि मतदान में अभी एक सप्ताह शेष है, लिहाजा जब्ती की मात्रा और बढ़ने की सम्भावना है।टिप्पणियां
हैदराबाद में पुलिस ने बुधवार को 1.30 करोड़ रुपये एक वाहन से जब्त किए थे, लेकिन अभी इस बात का पता लगाने के लिए जांच जारी है कि यह राशि चुनाव से गुजर रहे किसी क्षेत्र में पहुंचाने के लिए थी या नहीं।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी भंवरलाल के अनुसार, निर्वाचन आयोग उपचुनाव में नकदी और शराब के भारी प्रवाह को लेकर चिंतित है।
अबतक जितनी जब्ती हो चुकी है, उसी ने 2009 में 42 लोकसभा सीटों और 294 विधानसभा सीटों के लिए हुए चुनाव से पहले हुई जब्ती को पीछे छोड़ दिया है।
राज्य के निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, पिछले चुनाव के दौरान 38 करोड़ रुपये कीमत के सामान और नकदी जब्त हुई थी।
चूंकि मतदान में अभी एक सप्ताह शेष है, लिहाजा जब्ती की मात्रा और बढ़ने की सम्भावना है।टिप्पणियां
हैदराबाद में पुलिस ने बुधवार को 1.30 करोड़ रुपये एक वाहन से जब्त किए थे, लेकिन अभी इस बात का पता लगाने के लिए जांच जारी है कि यह राशि चुनाव से गुजर रहे किसी क्षेत्र में पहुंचाने के लिए थी या नहीं।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी भंवरलाल के अनुसार, निर्वाचन आयोग उपचुनाव में नकदी और शराब के भारी प्रवाह को लेकर चिंतित है।
राज्य के निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, पिछले चुनाव के दौरान 38 करोड़ रुपये कीमत के सामान और नकदी जब्त हुई थी।
चूंकि मतदान में अभी एक सप्ताह शेष है, लिहाजा जब्ती की मात्रा और बढ़ने की सम्भावना है।टिप्पणियां
हैदराबाद में पुलिस ने बुधवार को 1.30 करोड़ रुपये एक वाहन से जब्त किए थे, लेकिन अभी इस बात का पता लगाने के लिए जांच जारी है कि यह राशि चुनाव से गुजर रहे किसी क्षेत्र में पहुंचाने के लिए थी या नहीं।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी भंवरलाल के अनुसार, निर्वाचन आयोग उपचुनाव में नकदी और शराब के भारी प्रवाह को लेकर चिंतित है।
चूंकि मतदान में अभी एक सप्ताह शेष है, लिहाजा जब्ती की मात्रा और बढ़ने की सम्भावना है।टिप्पणियां
हैदराबाद में पुलिस ने बुधवार को 1.30 करोड़ रुपये एक वाहन से जब्त किए थे, लेकिन अभी इस बात का पता लगाने के लिए जांच जारी है कि यह राशि चुनाव से गुजर रहे किसी क्षेत्र में पहुंचाने के लिए थी या नहीं।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी भंवरलाल के अनुसार, निर्वाचन आयोग उपचुनाव में नकदी और शराब के भारी प्रवाह को लेकर चिंतित है।
हैदराबाद में पुलिस ने बुधवार को 1.30 करोड़ रुपये एक वाहन से जब्त किए थे, लेकिन अभी इस बात का पता लगाने के लिए जांच जारी है कि यह राशि चुनाव से गुजर रहे किसी क्षेत्र में पहुंचाने के लिए थी या नहीं।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी भंवरलाल के अनुसार, निर्वाचन आयोग उपचुनाव में नकदी और शराब के भारी प्रवाह को लेकर चिंतित है।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी भंवरलाल के अनुसार, निर्वाचन आयोग उपचुनाव में नकदी और शराब के भारी प्रवाह को लेकर चिंतित है। | संक्षिप्त सारांश: आंध्र प्रदेश में हो रहे उपचुनाव के लिए 12 जून के मतदान से पहले राज्य में नकदी की बारिश हो रही है। अधिकारी अबतक 32 करोड़ रुपये जब्त कर चुके हैं। | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी अपने परिवार पर 1500 करोड़ रुपये की सम्पत्ति संचित करने के आरोपों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग को लेकर शनिवार को आमरण अनशन पर बैठ गए। कुमारस्वामी का कहना है कि सीबीआई यह निर्धारित करे कि उनके परिवार ने 1500 करोड़ रुपये की सम्पत्ति वैध तरीके से हासिल की है अथवा नहीं। राज्य सचिवालय से करीब चार किलोमीटर दूर फ्रीडम पार्क में आमरण अनशन की शुरुआत करते हुए उन्होंने पत्रकारों से कहा, "मैं अनशन तब तक जारी रखूंगा जब तक कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मेरे परिवार पर लगे आरोपों की जांच कराने की घोषणा नहीं कर देती। मेरे परिवार पर लगे आरोप पूरी तरह झूठे हैं।" इस मौके पर कुमारस्वामी को समर्थन देने के लिए भारी संख्या में जनता दल (सेक्युलर) के कार्यकर्ता जुटे थे। ज्ञात हो कि (जेडी-एस) के लोकसभा सदस्य कुमारस्वामी (52) पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पुत्र हैं। सत्तारूढ़ भाजपा ने देवगौड़ा परिवार के चार पुत्रों और दो पुत्रियों पर 'अवैध तरीके से 1500 करोड़ रुपये मूल्य की सम्पत्ति संचित' करने का आरोप लगाया है। वहीं, राज्य के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने सीबीआई जांच से इनकार किया है। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार के अधिकारी पहले ही इसकी जांच कर रहे हैं कि सम्पत्ति कैसे हासिल की गई। | यहाँ एक सारांश है:कुमारस्वामी का कहना है कि सीबीआई यह निर्धारित करे कि उनके परिवार ने 1500 करोड़ रुपये की सम्पत्ति वैध तरीके से हासिल की है अथवा नहीं। | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: ब्रिटेन की राजधानी लंदन में संसद भवन के पास एक हमलावर ने कार से राहगीरों को कुचल दिया और संसद परिसर के बाहर एक पुलिस अधिकारी को चाकू मार दिया. बाद में स्कॉटलैंड यार्ड ने हमलावर को मार गिराया. चाकू के हमले में घायल पुलिस अधिकारी की भी मौत हो गई. दोनों घटनाओं में हमलवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई और कम-से-कम 40 लोग घायल हो गए. इन घटनाओं के बाद पूरे लंदन में अलर्ट जारी कर दिया गया. पुलिस का कहना है कि वह इसे आतंकी हमला मानकर चल रही है. घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है.टिप्पणियां
खबरों के अनुसार एक व्यक्ति ने मुख्य द्वार से संसद में घुसने की कोशिश की और पुलिस अधिकारी को चाकू मार दिया. वहां मौजूद अधिकारियों ने उसे चेतावनी दी जिसके बाद कई राउंड गोलियां चलीं.
इसी घटना को लेकर बीबीसी ने खबर दी कि एक बड़ा वाहन कम से कम पांच लोगों को कुचलते हुए संसद भवन की तरफ गया. घटना के वक्त संसद के भीतर करीब 400 सांसद मौजूद थे और उन्हें अंदर ही रहने को कहा गया. ब्रिटेन के सांसद कीथ वाज ने NDTV से कहा- हम हाउस ऑफ कॉमन्स के बंद चैंबर में हैं, अभी बाहर नहीं जा सकते. हालांकि बाद में सभी सांसदों से कहा गया कि वे बाहर जा सकते हैं.
सुरक्षा के लिहाज से संसद को बंद कर दिया गया है. पुलिस ने पास के वेस्टमिनिस्टर अंडरग्राउंड रेलवे स्टेशन को बंद भी करा दिया है. सदन के नेता डेविड लिडिग्टन ने कहा कि एक पुलिसकर्मी को चाकू मारने वाले हमलावर को पुलिस ने गोली मार दी. ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे के प्रवक्ता ने बताया है कि प्रधानमंत्री पूरी तरह सुरक्षित हैं. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि घटना के वक्त प्रधानमंत्री कहां थीं.
खबरों के अनुसार एक व्यक्ति ने मुख्य द्वार से संसद में घुसने की कोशिश की और पुलिस अधिकारी को चाकू मार दिया. वहां मौजूद अधिकारियों ने उसे चेतावनी दी जिसके बाद कई राउंड गोलियां चलीं.
इसी घटना को लेकर बीबीसी ने खबर दी कि एक बड़ा वाहन कम से कम पांच लोगों को कुचलते हुए संसद भवन की तरफ गया. घटना के वक्त संसद के भीतर करीब 400 सांसद मौजूद थे और उन्हें अंदर ही रहने को कहा गया. ब्रिटेन के सांसद कीथ वाज ने NDTV से कहा- हम हाउस ऑफ कॉमन्स के बंद चैंबर में हैं, अभी बाहर नहीं जा सकते. हालांकि बाद में सभी सांसदों से कहा गया कि वे बाहर जा सकते हैं.
सुरक्षा के लिहाज से संसद को बंद कर दिया गया है. पुलिस ने पास के वेस्टमिनिस्टर अंडरग्राउंड रेलवे स्टेशन को बंद भी करा दिया है. सदन के नेता डेविड लिडिग्टन ने कहा कि एक पुलिसकर्मी को चाकू मारने वाले हमलावर को पुलिस ने गोली मार दी. ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे के प्रवक्ता ने बताया है कि प्रधानमंत्री पूरी तरह सुरक्षित हैं. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि घटना के वक्त प्रधानमंत्री कहां थीं.
इसी घटना को लेकर बीबीसी ने खबर दी कि एक बड़ा वाहन कम से कम पांच लोगों को कुचलते हुए संसद भवन की तरफ गया. घटना के वक्त संसद के भीतर करीब 400 सांसद मौजूद थे और उन्हें अंदर ही रहने को कहा गया. ब्रिटेन के सांसद कीथ वाज ने NDTV से कहा- हम हाउस ऑफ कॉमन्स के बंद चैंबर में हैं, अभी बाहर नहीं जा सकते. हालांकि बाद में सभी सांसदों से कहा गया कि वे बाहर जा सकते हैं.
सुरक्षा के लिहाज से संसद को बंद कर दिया गया है. पुलिस ने पास के वेस्टमिनिस्टर अंडरग्राउंड रेलवे स्टेशन को बंद भी करा दिया है. सदन के नेता डेविड लिडिग्टन ने कहा कि एक पुलिसकर्मी को चाकू मारने वाले हमलावर को पुलिस ने गोली मार दी. ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे के प्रवक्ता ने बताया है कि प्रधानमंत्री पूरी तरह सुरक्षित हैं. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि घटना के वक्त प्रधानमंत्री कहां थीं. | संक्षिप्त पाठ: सुषमा स्वराज ने कहा- लंदन उच्चायोग से लगातार संपर्क में
पीएम मोदी ने कहा- ब्रिटेन के साथ हैं
हमलावर समेत 5 लोगों की मौत 40 घायल | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कमज़ोर मॉनसून का सबसे पहला असर भले ही किसानों पर दिखे लेकिन यह सरकार के लिए भी कम बड़ा सरदर्द नहीं है।
बारिश कम हुई तो जलाशय में पानी का भंडार भरा नहीं लिहाजा खेतों के लिए उतना पानी नहीं है जितने की जरूरत है।
हालांकि, केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक बीते चार हफ्तों में हालात में थोड़ा सुधार आया है। बड़े जलाशयों में पानी का स्तर 16 से बढ़कर 24 हुआ है लेकिन सबसे बड़ी चिंता इस बात की है कि सुधार के बावजूद हालात में मामूली सुधार 26 जुलाई तक जमा हुआ भंडार पिछले साल के मुकाबले 55 फीसदी कम है।टिप्पणियां
पानी की सबसे ज़्यादा कमी कर्नाटक में दिखी है। कर्नाटक के जलाशयों में औसत से 58 कम पानी है जबकि केरल में जल भंडार से 57 कम है हिमाचल प्रदेश के जलाशयों में औसत से 53 कम महाराष्ट्र में 44 कम है तो पंजाब में पानी औसत से 37 फीसदी कम है।
जलाशयों और नदियों में पानी कम जमा होने का सीधा मतलब है कि इस साल फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को कम पानी मिलेगा। अगर कुछ दिनों में मॉनसून ज़ोर नहीं पकड़ता है तो सरकार को देश के कई हिस्सो में सूखे से निपटने की तैयारी करनी पड़ सकती है।
बारिश कम हुई तो जलाशय में पानी का भंडार भरा नहीं लिहाजा खेतों के लिए उतना पानी नहीं है जितने की जरूरत है।
हालांकि, केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक बीते चार हफ्तों में हालात में थोड़ा सुधार आया है। बड़े जलाशयों में पानी का स्तर 16 से बढ़कर 24 हुआ है लेकिन सबसे बड़ी चिंता इस बात की है कि सुधार के बावजूद हालात में मामूली सुधार 26 जुलाई तक जमा हुआ भंडार पिछले साल के मुकाबले 55 फीसदी कम है।टिप्पणियां
पानी की सबसे ज़्यादा कमी कर्नाटक में दिखी है। कर्नाटक के जलाशयों में औसत से 58 कम पानी है जबकि केरल में जल भंडार से 57 कम है हिमाचल प्रदेश के जलाशयों में औसत से 53 कम महाराष्ट्र में 44 कम है तो पंजाब में पानी औसत से 37 फीसदी कम है।
जलाशयों और नदियों में पानी कम जमा होने का सीधा मतलब है कि इस साल फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को कम पानी मिलेगा। अगर कुछ दिनों में मॉनसून ज़ोर नहीं पकड़ता है तो सरकार को देश के कई हिस्सो में सूखे से निपटने की तैयारी करनी पड़ सकती है।
हालांकि, केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक बीते चार हफ्तों में हालात में थोड़ा सुधार आया है। बड़े जलाशयों में पानी का स्तर 16 से बढ़कर 24 हुआ है लेकिन सबसे बड़ी चिंता इस बात की है कि सुधार के बावजूद हालात में मामूली सुधार 26 जुलाई तक जमा हुआ भंडार पिछले साल के मुकाबले 55 फीसदी कम है।टिप्पणियां
पानी की सबसे ज़्यादा कमी कर्नाटक में दिखी है। कर्नाटक के जलाशयों में औसत से 58 कम पानी है जबकि केरल में जल भंडार से 57 कम है हिमाचल प्रदेश के जलाशयों में औसत से 53 कम महाराष्ट्र में 44 कम है तो पंजाब में पानी औसत से 37 फीसदी कम है।
जलाशयों और नदियों में पानी कम जमा होने का सीधा मतलब है कि इस साल फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को कम पानी मिलेगा। अगर कुछ दिनों में मॉनसून ज़ोर नहीं पकड़ता है तो सरकार को देश के कई हिस्सो में सूखे से निपटने की तैयारी करनी पड़ सकती है।
पानी की सबसे ज़्यादा कमी कर्नाटक में दिखी है। कर्नाटक के जलाशयों में औसत से 58 कम पानी है जबकि केरल में जल भंडार से 57 कम है हिमाचल प्रदेश के जलाशयों में औसत से 53 कम महाराष्ट्र में 44 कम है तो पंजाब में पानी औसत से 37 फीसदी कम है।
जलाशयों और नदियों में पानी कम जमा होने का सीधा मतलब है कि इस साल फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को कम पानी मिलेगा। अगर कुछ दिनों में मॉनसून ज़ोर नहीं पकड़ता है तो सरकार को देश के कई हिस्सो में सूखे से निपटने की तैयारी करनी पड़ सकती है।
जलाशयों और नदियों में पानी कम जमा होने का सीधा मतलब है कि इस साल फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को कम पानी मिलेगा। अगर कुछ दिनों में मॉनसून ज़ोर नहीं पकड़ता है तो सरकार को देश के कई हिस्सो में सूखे से निपटने की तैयारी करनी पड़ सकती है। | यह एक सारांश है: कमज़ोर मॉनसून का सबसे पहला असर भले ही किसानों पर दिखे लेकिन यह सरकार के लिए भी कम बड़ा सरदर्द नहीं है। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: Vivo Z5x स्मार्टफोन को चीनी मार्केट में लॉन्च कर दिया गया है। नया स्मार्टफोन कंपनी की ज़ेड सीरीज़ का हिस्सा है और यह मिड-रेंज प्राइस सेगमेंट का है। Vivo Z5x, होल-पंच सेल्फी कैमरे के साथ आने वाला वीवो का पहला स्मार्टफोन है। अन्य खासियतों की बात करें तो Vivo Z5x हैंडसेट 5,000 एमएएच बैटरी, 6.53 इंच डिस्प्ले, ऑक्टा-कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 710 प्रोसेसर और ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप के साथ आता है। फिलहाल, इस हैंडसेट को भारत में लॉन्च किए जाने की जानकारी नहीं मिली है।
वीवो ज़ेड5एक्स की कीमत 1,398 चीनी युआन (करीब 14,400 रुपये) से शुरू होती है। यह दाम 4 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट का है। इस फोन के तीन और वेरिएंट हैं- 6 जीबी + 64 जीबी, 6 जीबी + 128 जीबी और 8 जीबी + 128 जीबी। जिनकी कीमतें क्रमशः 1,498 चीनी युआन (करीब 15,400 रुपये), 1,698 चीनी युआन (करीब 17,400 रुपये) और 1,998 चीनी युआन (करीब 20,500 रुपये) हैं।
Vivo के मुताबिक, ज़ेड5एक्स को ऑरोरा, एक्सट्रीम नाइट ब्लैक और फैंटम ब्लैक रंग में उपलब्ध कराया जाएगा।
डुअल-सिम (नैनो) Vivo Z5x एंड्रॉयड 9 पाई पर आधारित फनटच ओएस 9 पर चलता है। फोन में 6.53 इंच की फुल-एचडी+ (1080x2340 पिक्सल) स्क्रीन है, 19.5:9 आस्पेक्ट रेशियो के साथ। इसमें ऑक्टा-कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 710 प्रोसेसर के साथ 8 जीबी तक रैम दिए गए हैं।
Vivo Z5x तीन रियर कैमरों के साथ आता है। इसमें एफ/ 1.78 अपर्चर वाला 16 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा है। साथ में 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रा वाइड कैमरा है। इसका अपर्चर एफ/ 2.2 है। तीसरा सेंसर 2 मेगापिक्सल का है। कंपनी ने फोन में एफ/ 2.0 अपर्चर वाला 16 मेगापिक्सल का सेंसर दिया गया है।
Vivo का नया फोन 128 जीबी तक की स्टोरेज के साथ आता है। फोन में 256 जीबी तक के माइक्रोएसडी कार्ड के लिए सपोर्ट है। हैंडसेट रियर फिंगरप्रिंट सेंसर और 5,000 एमएएच की बैटरी के साथ आता है। कनेक्टिविटी फीचर में वाई-फाई, ब्लूटूथ, जीपीएस और 4जी एलटीई शामिल हैं। स्मार्टफोन का डाइमेंशन 162.39x77.33x8.85 मिलीमीटर है और वज़न 204.1 ग्राम। | यहाँ एक सारांश है:Vivo का नया फोन 128 जीबी तक की स्टोरेज के साथ आता है
16 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा है Vivo Z5x में
Vivo Z5x, होल-पंच डिज़ाइन वाला Vivo का पहला फोन है | 18 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: Redmi Note 7S को भारत में लॉन्च कर दिया गया है। Xiaomi India ने सोमवार को नए रेडमी नोट 7एस हैंडसेट से पर्दा उठाया। नया हैंडसेट शाओमी की Redmi Note 7 सीरीज़ का हिस्सा है। इससे पहले Redmi Note 7 और Redmi Note 7 Pro लॉन्च हो चुके हैं। नए Redmi Note 7S स्मार्टफोन की बिक्री 23 मई से Flipkart, मी डॉट कॉम और मी होम स्टोर्स में होगी। फोन को 10,999 रुपये की शुरुआती कीमत में उपलब्ध कराया जाएगा। अहम खासियतों की बात करें रेडमी नोट 7एस में 6.3 इंच का फुल-एचडी+ डिस्प्ले, ऑक्टा-कोर स्नैपड्रैगन 660 प्रोसेसर और 4,000 एमएएच की बैटरी होगी। इसके अलावा फोन में दो रियर कैमरे भी हैं। इनमें से एक सेंसर 48 मेगापिक्सल का है। गौर करने वाली बात है कि Redmi Note 7S के स्पेसिफिकेशन चीन में लॉन्च किए गए Redmi Note 7 वाले ही हैं।
रेडमी नोट 7एस की शुरुआती कीमत 10,999 रुपये है। यह दाम 3 जीबी रैम + 32 जीबी स्टोरेज मॉडल का है। हैंडसेट के 4 जीबी रैम + 64 जीबी स्टोरेज मॉडल को 12,999 रुपये में बेचा जाएगा। दोनों ही वेरिएंट ऑनिक्स ब्लैक, रूबी रेड और सेफायर ब्लू रंग में बिकेंगे।
Xiaomi ने जानकारी दी है कि Redmi Note 7S की बिक्री 23 मई से Flipkart, मी डॉट कॉम और मी होम स्टोर्स में होगी।
Redmi Note 7S स्मार्टफोन भारतीय मार्केट में Redmi Note 7 सीरीज़ का तीसरा फोन है। Redmi Note 7 और Redmi Note 7 Pro फरवरी महीने में लॉन्च किए गए थे। देखा जाए तो नया हैंडसेट चीन में लॉन्च किए गए रेडमी नोट 7 का भारतीय अवतार है।
डुअल-सिम (नैनो) वाला रेडमी नोट 7एस एंड्रॉयड ओरियो पाई पर आधारित मीयूआई 10 पर चलेगा। इसमें 6.3 इंच का फुल एचडी+ (1080x2340 पिक्सल) एलटीपीएस डिस्प्ले है जिसका आस्पेक्ट रेशियो 19.5:9 है। स्क्रीन प्रोटेक्शन के लिए कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 5 और 2.5 डी कर्व्ड ग्लास का इस्तेमाल हुआ है। स्पीड और मल्टीटास्किंग के लिए 2.2 गीगाहर्ट्ज़ स्नैपड्रैगन 660 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर के साथ 3 जीबी/ 4 जीबी रैम मिलेंगे। स्टोरेज के दो विकल्प हैं- 32 जीबी और 64 जीबी।
कैमरा सेटअप की बात करें तो Redmi Note 7S में दो रियर कैमरे हैं। एलईडी फ्लैश के साथ एफ/ 1.8 अपर्चर वाला 48 मेगाापिक्सल का प्राइमरी कैमरा है। इसके साथ 5 मेगापिक्सल का सेकेंडरी कैमरा है। सेल्फी के लिए 13 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है। फोन में जान फूंकने के लिए 4,000 एमएएच की बैटरी दी गई है जो क्विक चार्ज 4 सपोर्ट के साथ आती है। कनेक्टिविटी के लिए यूएसबी टाइप-सी पोर्ट, 3.5 मिलीमीटर ऑडियो जैक, 4 जी वीओएलटीई, ब्लूटूथ और वाई-फाई सपोर्ट शामिल है। | यहाँ एक सारांश है:रेडमी नोट 7एस की शुरुआती कीमत 10,999 रुपये है
रैम और स्टोरेज पर आधारित Redmi Note 7S के दो वेरिएंट लॉन्च
स्नैपड्रैगन 660 प्रोसेसर और 4 जीबी तक रैम के साथ आएगा Redmi Note 7S | 17 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अयोध्या भूमि विवाद मामले पर ऐतिहासिक फैसले के बाद उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली पीठ एक हफ्ते के भीतर चार अन्य महत्वपूर्ण मामलों पर फैसला सुनाएगी. प्रधान न्यायाधीश गोगोई 17 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. पीठ राजनीतिक रूप से संवेदनशील एक अन्य मामले में फैसला सुनाएगी. इसमें 14 दिसंबर 2018 के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की गई है, जिसके तहत मोदी सरकार को राफेल लड़ाकू विमान की खरीदारी में क्लीन चिट दे दी गई थी.
चीफ जस्टिस की पीठ एक अन्य याचिका पर अपना निर्णय सुनाएगी, जिसमें राफेल मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ‘चौकीदार चोर है' संबंधी टिप्पणी के खिलाफ कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर अवमानना कार्रवाई की मांग की गई है. इसके अलावा न्यायमूर्ति गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ केरल में सबरीमाला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देने के शीर्ष न्यायालय के फैसले पर पुनर्विचार को लेकर याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाएगी.
सूचना का अधिकार कानून के दायरे में प्रधान न्यायाधीश का पद आता है या नहीं इस संबंध में भी फैसला आना है. न्यायमूर्ति गोगोई की पीठ ने चार अप्रैल को इस संबंध में याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर ली थी.
राफेल मामले में शीर्ष अदालत पूर्व केंद्रीय मंत्रियों- यशवंत सिन्हा और अरूण शौरी तथा कार्यकर्ता-वकील प्रशांत भूषण समेत कुछ अन्य की अर्जी पर सुनवाई करेगी. इन याचिकाओं में पिछले साल के 14 दिसंबर के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की गई है जिसमें फ्रांस की कंपनी दसॉल्ट से 36 लड़ाकू विमान खरीदने के केंद्र के राफेल सौदे को क्लीन चिट दी गई थी. | संक्षिप्त सारांश: सबरीमाला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं को प्रवेश का मामला
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर अवमानना कार्रवाई की मांग का मामला
सूचना के अधिकार कानून के दायरे में चीफ जस्टिस के पद का मामला | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: टाटा स्टील ने कहा है कि चालू वित्तवर्ष में उसकी बिक्री पिछले वित्तवर्ष के मुकाबले 15 फीसद तक बढ़ने की उम्मीद है। उद्योग मंडल सीआईआई की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में कंपनी के उपाध्यक्ष बी मुत्तुरमन ने संवाददाताओं से कहा, टाटा स्टील ने हाल में ही जमशेदपुर में अपनी एक करोड़ टन सालाना क्षमता वाली परियोजना शुरू की है, इसलिए इस साल हमें अपनी बिक्री में 15 फीसदी बढ़ोतरी की उम्मीद है।टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि फिलहाल कंपनी ओडिशा परियोजना पर काम कर रही है और अगले साल से इसके शुरू हो जाने की उम्मीद है। उन्होंने बताया, ओडिशा परियोजना की सालाना क्षमता 30 लाख टन होगी। इसका दूसरा चरण भी 30 लाख टन क्षमता का होगा, इसमें और दो से तीन साल लगेंगे।
मुत्तुरमन ने कहा, टाटा स्टील ने कर्नाटक सरकार से नई लौह अयस्क खानों का आवंटन शुरू करने की अपील की है। विशेष तौर पर उनके लिए जो कि इस्पात बनाकर लौह अयस्क का मूल्यवर्धन करना चाहते हैं। इससे लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगें। देश में कुल मिलकार मौजूदा कारोबारी परिदृश्य के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, यह मुश्किल बना हुआ है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल कंपनी ओडिशा परियोजना पर काम कर रही है और अगले साल से इसके शुरू हो जाने की उम्मीद है। उन्होंने बताया, ओडिशा परियोजना की सालाना क्षमता 30 लाख टन होगी। इसका दूसरा चरण भी 30 लाख टन क्षमता का होगा, इसमें और दो से तीन साल लगेंगे।
मुत्तुरमन ने कहा, टाटा स्टील ने कर्नाटक सरकार से नई लौह अयस्क खानों का आवंटन शुरू करने की अपील की है। विशेष तौर पर उनके लिए जो कि इस्पात बनाकर लौह अयस्क का मूल्यवर्धन करना चाहते हैं। इससे लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगें। देश में कुल मिलकार मौजूदा कारोबारी परिदृश्य के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, यह मुश्किल बना हुआ है।
मुत्तुरमन ने कहा, टाटा स्टील ने कर्नाटक सरकार से नई लौह अयस्क खानों का आवंटन शुरू करने की अपील की है। विशेष तौर पर उनके लिए जो कि इस्पात बनाकर लौह अयस्क का मूल्यवर्धन करना चाहते हैं। इससे लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगें। देश में कुल मिलकार मौजूदा कारोबारी परिदृश्य के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, यह मुश्किल बना हुआ है। | यहाँ एक सारांश है:टाटा स्टील के उपाध्यक्ष बी मुत्तुरमन ने कहा, टाटा स्टील ने हाल में जमशेदपुर में अपनी एक करोड़ टन सालाना क्षमता वाली परियोजना शुरू की है, इसलिए इस साल बिक्री में 15 फीसदी बढ़ोतरी की उम्मीद है। | 18 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किए गए राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति के पूर्व अध्यक्ष सुरेश कलमाडी पर मंगलवार को अदालत में चप्पल फेंके जाने को भाजपा ने जायज़ और स्वाभाविक प्रतिक्रिया बताते हुए कहा कि सरकार अगर घूसखोरी को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाएगी तो जनता का गुस्सा तो फूटेगा। पार्टी प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा, भ्रष्टाचार के खिलाफ देश की जनता में जबर्दस्त गुस्सा है। सरकार अगर उसके विरूद्ध ठोस कार्रवाई नहीं करेगी तो इस तरह की कार्रवाई (जूता फेंकने) और बढ़ेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी किसी पर जूता चप्पल फेंके जाने को ठीक नहीं मानती लेकिन देश में भ्रष्टाचार अगर इसी तरह बेरोक टोक जारी रहा तो ऐसा करने वालों को जनाक्रोश झेलना ही होगा। सीबीआई की विशेष अदालत में पेश होने के लिए कलमाडी आज जैसे ही पुलिस के साथ यहां पटियाला हाउस अदालत परिसर में पहुंचे, किसी ने उन पर चप्पल फेंकी। सीबीआई ने कलमाड़ी को कल ही राष्ट्रमंडल खेलों में अनियमितताओं के संदर्भ में गिरफ्तार किया था। आज उन्हें अदालत में पेश किया गया। | यहाँ एक सारांश है:कलमाडी पर चप्पल फेंके जाने को भाजपा ने जायज़ और स्वाभाविक प्रतिक्रिया बताते हुए कहा कि सरकार अगर घूसखोरी को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाएगी तो जनता का गुस्सा तो फूटेगा। | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की बेटी और पूर्व सांसद मीसा भारती (Misa Bharti) के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है. कोर्ट ईडी की इस चार्जशीट पर इस महीने की 27 तारीख को सुनवाई करेगा. बता दें कि मीसा भारती और उनके पति पर आरोप है कि उन्होंने आठ हजार करोड़ रुपये के काले धन को सफेद किया. आरोप है कि मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार ने कारोबारी सुरेंद्र जैन और विरेंद्र जैन की कंपनी के साथ मिलकर यह काम किया है. इस मामले में कारोबारी सुरेंद्र जैन की भी कोर्ट में पेशी हो चुकी है लेकिन उसे कोर्ट से जमानत मिली हुई है. याद हो कि ईडी ने इस मामले में मीसा भारती के दिल्ली स्थित एक फॉर्म हाउस को भी जब्त किया था. ईडी ने यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर की थी.
गौरतलब है कि ईडी ने मीसा भारती व उनके पति शैलेश कुमार की मुश्किलें बढ़ गई हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने उनकी एक संपत्ति को कोर्ट के आदेश पर जब्त कर लिया था. मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में ईडी अब उनकी अन्य संपत्तियों को भी जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर चुका है. जानकारी के अनुसार मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से घिरीं मीसा भारती के दिल्ली के बिजवासन इलाके में स्थित 12 बीघा में फैले फार्म हाउस को ईडी ने अंतिम तौर पर जब्त कर लिया था. यानी आधिकारिक तौर पर ये संपत्ति अब प्रवर्तन निदेशालय की हो गयी है. ईडी ने इस संपत्ति को कोर्ट के आदेश से जब्त किया था. इस संबंध में वहां नोटिस चिपका दिया गया था.
ये फार्म हाउस मिशैल पैकर्स एंड प्रिंटर्स प्राइवेट लिमिटिड नाम की कंपनी के नाम पर खरीदा गया, ये कंपनी मीसा भारती की है. आरोप है कि इस फार्महाउस की खरीद शेल कंपनियों के जरिये हुई और इसे 1 करोड़ 20 लाख रुपये में खरीदा गया. मीसा भारती की कई अन्य संपत्तियों को ईडी ने पहले ही सील कर दिया था. उन्हें भी कोर्ट के आदेश से अंतिम तौर पर जब्त करने के लिए प्रक्रिया जारी थी.
ईडी ने 8000 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मीसा भारती और शैलेश यादव को आरोपी बनाया है. ईडी का आरोप है कि मीसा ने हवाला के जरिए दिल्ली के बिजवासन में एक फार्म हाउस खरीदा. इस मामले में ईडी ने मीसा और शैलेश से लंबी पूछताछ की गई थी. ईडी ने इस फार्म हाउस को पहले ही सील कर दिया था. | यहाँ एक सारांश है:मीसा और उनके पति पर है मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
ईडी ने कोर्ट में दाखिल की चार्जशीट
27 जुलाई को मामले की अगली सुनवाई | 4 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: प्रख्यात संगीतकार एआर रहमान एक बार फिर हॉलीवुड निर्देशक डैनी बोयल के साथ काम कर रहे हैं। इस बार वह लंदन ओलिंपिक के उद्घाटन समारोह के लिए एक गीत बनाने के लिए साथ काम करेंगे।टिप्पणियां
यह एक पंजाबी गीत होगा, जो ब्रिटेन में भारतीय प्रभाव को प्रदर्शित करेगा। रहमान ने फेसबुक के जरिए बताया, मैं ओलिंपिक के लिए गीत तैयार करने की खबरें स्पष्ट कर रहा हूं। यह एक पंजाबी गीत है, जो ब्रिटेन में भारतीय प्रभाव को प्रदर्शित करेगा। रहमान और बोयल ने ऑस्कर विजेता 'स्लमडॉग मिलियनेयर' व '127 ऑवर्स' फिल्मों के लिए साथ में काम किया है।
उन्होंने कहा, बोयल की रचनात्मक शुभकामनाओं के मुताबिक यह गीत ओलिंपिक के उद्घाटन समारोह का हिस्सा होगा। यह खबर भी है कि दक्षिण भारतीय अभिनेत कमल हासन की 1980 में आई फिल्म 'राम लक्ष्मण' का इलियाराजा का गीत 'नान्थान उंगाप्पांडा' भी उद्घाटन समारोह का हिस्सा होगा। लंदन ओलिंपिक की शुरुआत 27 जुलाई को होगी और 12 अगस्त को इसका समापन होगा।
यह एक पंजाबी गीत होगा, जो ब्रिटेन में भारतीय प्रभाव को प्रदर्शित करेगा। रहमान ने फेसबुक के जरिए बताया, मैं ओलिंपिक के लिए गीत तैयार करने की खबरें स्पष्ट कर रहा हूं। यह एक पंजाबी गीत है, जो ब्रिटेन में भारतीय प्रभाव को प्रदर्शित करेगा। रहमान और बोयल ने ऑस्कर विजेता 'स्लमडॉग मिलियनेयर' व '127 ऑवर्स' फिल्मों के लिए साथ में काम किया है।
उन्होंने कहा, बोयल की रचनात्मक शुभकामनाओं के मुताबिक यह गीत ओलिंपिक के उद्घाटन समारोह का हिस्सा होगा। यह खबर भी है कि दक्षिण भारतीय अभिनेत कमल हासन की 1980 में आई फिल्म 'राम लक्ष्मण' का इलियाराजा का गीत 'नान्थान उंगाप्पांडा' भी उद्घाटन समारोह का हिस्सा होगा। लंदन ओलिंपिक की शुरुआत 27 जुलाई को होगी और 12 अगस्त को इसका समापन होगा।
उन्होंने कहा, बोयल की रचनात्मक शुभकामनाओं के मुताबिक यह गीत ओलिंपिक के उद्घाटन समारोह का हिस्सा होगा। यह खबर भी है कि दक्षिण भारतीय अभिनेत कमल हासन की 1980 में आई फिल्म 'राम लक्ष्मण' का इलियाराजा का गीत 'नान्थान उंगाप्पांडा' भी उद्घाटन समारोह का हिस्सा होगा। लंदन ओलिंपिक की शुरुआत 27 जुलाई को होगी और 12 अगस्त को इसका समापन होगा। | एआर रहमान एक बार फिर हॉलीवुड निर्देशक डैनी बोयल के साथ काम कर रहे हैं। इस बार वह लंदन ओलिंपिक के उद्घाटन समारोह के लिए एक पंजाबी गीत पर काम रहे हैं, जो ब्रिटेन में भारतीय प्रभाव को प्रदर्शित करेगा। | 26 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सलमान खान का अपने परिवार और अपने भाइयों के लिए प्यार जग-जाहिर है. चाहे अपनी सालों पुरानी मैनेजर को छोड़ अपने भाई की कंपनी को अपना काम सौंपने की बात हो या फिर अपनी फिल्मों में अपने भाइयों की फिल्मों में काम करने की बात, सलमान के लिए सबसे पहले उनका परिवार आता है. लेकिन जब एक सवाल उनके दोनों भाइयों के बारे में ही पूछ लिया गया तो सलमान को एक को चुनना ही पड़ा. दरअसल हाल ही में अपनी फिल्म 'ट्यूबलाइट' के प्रमोशन के दौरान जब सलमान से पूछा गया कि उनके दो डायरेक्टर भाइयों, सोहेल और अरबाज में से कौन ज्यादा अच्छा डायरेक्टर है तो सलमान खान ने अपने छोटे भाई सोहेल को चुना. सलमान ने बड़ी साफगोई से कहा, 'सोहेल, अरबाज से ज्यादा अच्छा डायरेक्टर है.' उन्होंने कहा, 'मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं, क्योंकि सोहेल ज्यादा धैर्यवान है और वह आपको बदलाव करने की छूट देता है. अरबाज घबरा जाता है, उसका ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है.'
शायद यही वह कारण है कि अरबाज अब सलमान खान अब 'दबंग 3' को डायरेक्ट नहीं करना चाहते. सलमान की 'दबंग 3' अब प्लानिंग स्टेज में है. हालांकि अरबाज खान अपने भाई की इस फिल्म को प्रोड्यूज कर रहे हैं. सलमान ने इस पर कहा, 'हमनें भी कहा, ठीक हैं हम कोई अच्छा डायरेक्टर देखेंगे अपनी फिल्म के लिए.' टिप्पणियां
सलमान खान के साथ उनके छोटे भाई सोहेल ज्यादा फिल्में डायरेक्ट कर चुके हैं. सोहेल खान ने सबसे पहली फिल्म 'प्यार किया तो डरना क्या' (1998) बनाई थी जिसमें अपने भाई सलमान खान को ही लिया था. इसके बाद सोहेल खान, सलमान के साथ 'हेलो ब्रदर' (1999) और 'जय हो' (2014) बना चुके हैं. अरबाज खान ने सलमान के साथ सिर्फ एक फिल्म बनाई है और वह है 'दबंग'.
सलमान अपनी आने वाली फिल्म 'ट्यूबलाइट' में एक बार फिर सोहेल खान के साथ भाई के किरदार में नजर आएंगे.
शायद यही वह कारण है कि अरबाज अब सलमान खान अब 'दबंग 3' को डायरेक्ट नहीं करना चाहते. सलमान की 'दबंग 3' अब प्लानिंग स्टेज में है. हालांकि अरबाज खान अपने भाई की इस फिल्म को प्रोड्यूज कर रहे हैं. सलमान ने इस पर कहा, 'हमनें भी कहा, ठीक हैं हम कोई अच्छा डायरेक्टर देखेंगे अपनी फिल्म के लिए.' टिप्पणियां
सलमान खान के साथ उनके छोटे भाई सोहेल ज्यादा फिल्में डायरेक्ट कर चुके हैं. सोहेल खान ने सबसे पहली फिल्म 'प्यार किया तो डरना क्या' (1998) बनाई थी जिसमें अपने भाई सलमान खान को ही लिया था. इसके बाद सोहेल खान, सलमान के साथ 'हेलो ब्रदर' (1999) और 'जय हो' (2014) बना चुके हैं. अरबाज खान ने सलमान के साथ सिर्फ एक फिल्म बनाई है और वह है 'दबंग'.
सलमान अपनी आने वाली फिल्म 'ट्यूबलाइट' में एक बार फिर सोहेल खान के साथ भाई के किरदार में नजर आएंगे.
सलमान खान के साथ उनके छोटे भाई सोहेल ज्यादा फिल्में डायरेक्ट कर चुके हैं. सोहेल खान ने सबसे पहली फिल्म 'प्यार किया तो डरना क्या' (1998) बनाई थी जिसमें अपने भाई सलमान खान को ही लिया था. इसके बाद सोहेल खान, सलमान के साथ 'हेलो ब्रदर' (1999) और 'जय हो' (2014) बना चुके हैं. अरबाज खान ने सलमान के साथ सिर्फ एक फिल्म बनाई है और वह है 'दबंग'.
सलमान अपनी आने वाली फिल्म 'ट्यूबलाइट' में एक बार फिर सोहेल खान के साथ भाई के किरदार में नजर आएंगे.
सलमान अपनी आने वाली फिल्म 'ट्यूबलाइट' में एक बार फिर सोहेल खान के साथ भाई के किरदार में नजर आएंगे. | सलमान बोले, ज्यादा धैर्यवान है सोहेल, अरबाज घबरा जाता है
सोहेल तीन और अरबाज एक फिल्म में कर चुके हैं सलमान को डायरेक्ट
ट्यूबलाइट में सोहेल खान के भाई बने नजर आऐंगे सलमान खान | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कारपोरेट क्षेत्र के लिए बैंकिंग का दरवाजा खोलते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने शुक्रवार को बैंकों को नया लाइसेंस जारी करने के लिए अंतिम दिशा-निर्देश जारी किए।
अंतिम दिशा-निर्देश के मुताबिक बैंक खोलने के लिए 500 करोड़ की न्यूतम पूंजी की दरकार होगी। नए बैंकों में विदेशी भागीदारी 49 फीसदी तक हो सकेगी।
आरबीआई ने कहा है, "निजी क्षेत्र की निकाय/समूह, सार्वजनिक क्षेत्र की निकाय और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां नान-ऑपरेटिव फाइनॉनसियल होल्डिंग कंपनी (एनओएफएचसी) के जरिए बैंक स्थापित कर सकेंगी।"
केंद्रीय बैंक ने कहा है कि नए बैंकों के लाइसेंस के लिए आवेदन देने वाले निकाय का विगत का रिकॉर्ड साफ-सुथरा होना चाहिए। 10 वर्ष की सफलता का रिकार्ड होने के साथ ही उसे वित्तीय रूप से दुरुस्त होना चाहिए।
एंजल ब्रोकिंग के सीएमडी दिनेश ठक्कर ने कहा, "यह बैंकिंग सेक्टर के लिए खेल बदलने वाली घटना है। प्रथमदृष्टया कारपोरेट को अनुमति दे दी गई है, मैं आशा करता हूं कि कम से कम 8-10 खिलाड़ी इस सेक्टर में पूरी ताकत के साथ उतरेंगे।"
नए बैंकों को अपनी कम से कम 25 शाखाओं को वैसे देहाती केंद्रों में खोलनी होगी जहां कोई बैंक नहीं है और जहां की आबादी 10,000 से कम है।
नए बैंकों के लाइसेंस के लिए 1 जुलाई 2013 तक आरबीआई में आवेदन दिया जा सकता है।
पहले चरण में आवेदनों को आरबीआई द्वारा छानबीन की जाएगी। इसके बाद उसे उच्च स्तरीय सलाहकार समिति के पास भेजा जाएगा। इस समिति के गठन की घोषणा जल्दी ही की जाएगी।टिप्पणियां
समिति अपनी सिफारिश आरबीआई को सौंपेगी। सिद्धांतत: बैंक स्थापित करने की मंजूरी आरबीआई द्वारा दी जाएगी। आरबीआई द्वारा दी गई मंजूरी की वैधता एक वर्ष होगी।
एसोचैम ने दिशा-निर्देश का स्वागत करते हुए कहा कि नये बैंकों के प्रवेश से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। अंतिम रूप से इसका लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा।
अंतिम दिशा-निर्देश के मुताबिक बैंक खोलने के लिए 500 करोड़ की न्यूतम पूंजी की दरकार होगी। नए बैंकों में विदेशी भागीदारी 49 फीसदी तक हो सकेगी।
आरबीआई ने कहा है, "निजी क्षेत्र की निकाय/समूह, सार्वजनिक क्षेत्र की निकाय और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां नान-ऑपरेटिव फाइनॉनसियल होल्डिंग कंपनी (एनओएफएचसी) के जरिए बैंक स्थापित कर सकेंगी।"
केंद्रीय बैंक ने कहा है कि नए बैंकों के लाइसेंस के लिए आवेदन देने वाले निकाय का विगत का रिकॉर्ड साफ-सुथरा होना चाहिए। 10 वर्ष की सफलता का रिकार्ड होने के साथ ही उसे वित्तीय रूप से दुरुस्त होना चाहिए।
एंजल ब्रोकिंग के सीएमडी दिनेश ठक्कर ने कहा, "यह बैंकिंग सेक्टर के लिए खेल बदलने वाली घटना है। प्रथमदृष्टया कारपोरेट को अनुमति दे दी गई है, मैं आशा करता हूं कि कम से कम 8-10 खिलाड़ी इस सेक्टर में पूरी ताकत के साथ उतरेंगे।"
नए बैंकों को अपनी कम से कम 25 शाखाओं को वैसे देहाती केंद्रों में खोलनी होगी जहां कोई बैंक नहीं है और जहां की आबादी 10,000 से कम है।
नए बैंकों के लाइसेंस के लिए 1 जुलाई 2013 तक आरबीआई में आवेदन दिया जा सकता है।
पहले चरण में आवेदनों को आरबीआई द्वारा छानबीन की जाएगी। इसके बाद उसे उच्च स्तरीय सलाहकार समिति के पास भेजा जाएगा। इस समिति के गठन की घोषणा जल्दी ही की जाएगी।टिप्पणियां
समिति अपनी सिफारिश आरबीआई को सौंपेगी। सिद्धांतत: बैंक स्थापित करने की मंजूरी आरबीआई द्वारा दी जाएगी। आरबीआई द्वारा दी गई मंजूरी की वैधता एक वर्ष होगी।
एसोचैम ने दिशा-निर्देश का स्वागत करते हुए कहा कि नये बैंकों के प्रवेश से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। अंतिम रूप से इसका लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा।
आरबीआई ने कहा है, "निजी क्षेत्र की निकाय/समूह, सार्वजनिक क्षेत्र की निकाय और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां नान-ऑपरेटिव फाइनॉनसियल होल्डिंग कंपनी (एनओएफएचसी) के जरिए बैंक स्थापित कर सकेंगी।"
केंद्रीय बैंक ने कहा है कि नए बैंकों के लाइसेंस के लिए आवेदन देने वाले निकाय का विगत का रिकॉर्ड साफ-सुथरा होना चाहिए। 10 वर्ष की सफलता का रिकार्ड होने के साथ ही उसे वित्तीय रूप से दुरुस्त होना चाहिए।
एंजल ब्रोकिंग के सीएमडी दिनेश ठक्कर ने कहा, "यह बैंकिंग सेक्टर के लिए खेल बदलने वाली घटना है। प्रथमदृष्टया कारपोरेट को अनुमति दे दी गई है, मैं आशा करता हूं कि कम से कम 8-10 खिलाड़ी इस सेक्टर में पूरी ताकत के साथ उतरेंगे।"
नए बैंकों को अपनी कम से कम 25 शाखाओं को वैसे देहाती केंद्रों में खोलनी होगी जहां कोई बैंक नहीं है और जहां की आबादी 10,000 से कम है।
नए बैंकों के लाइसेंस के लिए 1 जुलाई 2013 तक आरबीआई में आवेदन दिया जा सकता है।
पहले चरण में आवेदनों को आरबीआई द्वारा छानबीन की जाएगी। इसके बाद उसे उच्च स्तरीय सलाहकार समिति के पास भेजा जाएगा। इस समिति के गठन की घोषणा जल्दी ही की जाएगी।टिप्पणियां
समिति अपनी सिफारिश आरबीआई को सौंपेगी। सिद्धांतत: बैंक स्थापित करने की मंजूरी आरबीआई द्वारा दी जाएगी। आरबीआई द्वारा दी गई मंजूरी की वैधता एक वर्ष होगी।
एसोचैम ने दिशा-निर्देश का स्वागत करते हुए कहा कि नये बैंकों के प्रवेश से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। अंतिम रूप से इसका लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा।
केंद्रीय बैंक ने कहा है कि नए बैंकों के लाइसेंस के लिए आवेदन देने वाले निकाय का विगत का रिकॉर्ड साफ-सुथरा होना चाहिए। 10 वर्ष की सफलता का रिकार्ड होने के साथ ही उसे वित्तीय रूप से दुरुस्त होना चाहिए।
एंजल ब्रोकिंग के सीएमडी दिनेश ठक्कर ने कहा, "यह बैंकिंग सेक्टर के लिए खेल बदलने वाली घटना है। प्रथमदृष्टया कारपोरेट को अनुमति दे दी गई है, मैं आशा करता हूं कि कम से कम 8-10 खिलाड़ी इस सेक्टर में पूरी ताकत के साथ उतरेंगे।"
नए बैंकों को अपनी कम से कम 25 शाखाओं को वैसे देहाती केंद्रों में खोलनी होगी जहां कोई बैंक नहीं है और जहां की आबादी 10,000 से कम है।
नए बैंकों के लाइसेंस के लिए 1 जुलाई 2013 तक आरबीआई में आवेदन दिया जा सकता है।
पहले चरण में आवेदनों को आरबीआई द्वारा छानबीन की जाएगी। इसके बाद उसे उच्च स्तरीय सलाहकार समिति के पास भेजा जाएगा। इस समिति के गठन की घोषणा जल्दी ही की जाएगी।टिप्पणियां
समिति अपनी सिफारिश आरबीआई को सौंपेगी। सिद्धांतत: बैंक स्थापित करने की मंजूरी आरबीआई द्वारा दी जाएगी। आरबीआई द्वारा दी गई मंजूरी की वैधता एक वर्ष होगी।
एसोचैम ने दिशा-निर्देश का स्वागत करते हुए कहा कि नये बैंकों के प्रवेश से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। अंतिम रूप से इसका लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा।
एंजल ब्रोकिंग के सीएमडी दिनेश ठक्कर ने कहा, "यह बैंकिंग सेक्टर के लिए खेल बदलने वाली घटना है। प्रथमदृष्टया कारपोरेट को अनुमति दे दी गई है, मैं आशा करता हूं कि कम से कम 8-10 खिलाड़ी इस सेक्टर में पूरी ताकत के साथ उतरेंगे।"
नए बैंकों को अपनी कम से कम 25 शाखाओं को वैसे देहाती केंद्रों में खोलनी होगी जहां कोई बैंक नहीं है और जहां की आबादी 10,000 से कम है।
नए बैंकों के लाइसेंस के लिए 1 जुलाई 2013 तक आरबीआई में आवेदन दिया जा सकता है।
पहले चरण में आवेदनों को आरबीआई द्वारा छानबीन की जाएगी। इसके बाद उसे उच्च स्तरीय सलाहकार समिति के पास भेजा जाएगा। इस समिति के गठन की घोषणा जल्दी ही की जाएगी।टिप्पणियां
समिति अपनी सिफारिश आरबीआई को सौंपेगी। सिद्धांतत: बैंक स्थापित करने की मंजूरी आरबीआई द्वारा दी जाएगी। आरबीआई द्वारा दी गई मंजूरी की वैधता एक वर्ष होगी।
एसोचैम ने दिशा-निर्देश का स्वागत करते हुए कहा कि नये बैंकों के प्रवेश से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। अंतिम रूप से इसका लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा।
नए बैंकों को अपनी कम से कम 25 शाखाओं को वैसे देहाती केंद्रों में खोलनी होगी जहां कोई बैंक नहीं है और जहां की आबादी 10,000 से कम है।
नए बैंकों के लाइसेंस के लिए 1 जुलाई 2013 तक आरबीआई में आवेदन दिया जा सकता है।
पहले चरण में आवेदनों को आरबीआई द्वारा छानबीन की जाएगी। इसके बाद उसे उच्च स्तरीय सलाहकार समिति के पास भेजा जाएगा। इस समिति के गठन की घोषणा जल्दी ही की जाएगी।टिप्पणियां
समिति अपनी सिफारिश आरबीआई को सौंपेगी। सिद्धांतत: बैंक स्थापित करने की मंजूरी आरबीआई द्वारा दी जाएगी। आरबीआई द्वारा दी गई मंजूरी की वैधता एक वर्ष होगी।
एसोचैम ने दिशा-निर्देश का स्वागत करते हुए कहा कि नये बैंकों के प्रवेश से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। अंतिम रूप से इसका लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा।
नए बैंकों के लाइसेंस के लिए 1 जुलाई 2013 तक आरबीआई में आवेदन दिया जा सकता है।
पहले चरण में आवेदनों को आरबीआई द्वारा छानबीन की जाएगी। इसके बाद उसे उच्च स्तरीय सलाहकार समिति के पास भेजा जाएगा। इस समिति के गठन की घोषणा जल्दी ही की जाएगी।टिप्पणियां
समिति अपनी सिफारिश आरबीआई को सौंपेगी। सिद्धांतत: बैंक स्थापित करने की मंजूरी आरबीआई द्वारा दी जाएगी। आरबीआई द्वारा दी गई मंजूरी की वैधता एक वर्ष होगी।
एसोचैम ने दिशा-निर्देश का स्वागत करते हुए कहा कि नये बैंकों के प्रवेश से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। अंतिम रूप से इसका लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा।
पहले चरण में आवेदनों को आरबीआई द्वारा छानबीन की जाएगी। इसके बाद उसे उच्च स्तरीय सलाहकार समिति के पास भेजा जाएगा। इस समिति के गठन की घोषणा जल्दी ही की जाएगी।टिप्पणियां
समिति अपनी सिफारिश आरबीआई को सौंपेगी। सिद्धांतत: बैंक स्थापित करने की मंजूरी आरबीआई द्वारा दी जाएगी। आरबीआई द्वारा दी गई मंजूरी की वैधता एक वर्ष होगी।
एसोचैम ने दिशा-निर्देश का स्वागत करते हुए कहा कि नये बैंकों के प्रवेश से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। अंतिम रूप से इसका लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा।
समिति अपनी सिफारिश आरबीआई को सौंपेगी। सिद्धांतत: बैंक स्थापित करने की मंजूरी आरबीआई द्वारा दी जाएगी। आरबीआई द्वारा दी गई मंजूरी की वैधता एक वर्ष होगी।
एसोचैम ने दिशा-निर्देश का स्वागत करते हुए कहा कि नये बैंकों के प्रवेश से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। अंतिम रूप से इसका लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा।
एसोचैम ने दिशा-निर्देश का स्वागत करते हुए कहा कि नये बैंकों के प्रवेश से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। अंतिम रूप से इसका लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा। | यहाँ एक सारांश है:कारपोरेट क्षेत्र के लिए बैंकिंग का दरवाजा खोलते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने शुक्रवार को बैंकों को नया लाइसेंस जारी करने के लिए अंतिम दिशा-निर्देश जारी किए। | 17 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: योग गुरु स्वामी रामदेव यहां सिवाया टोल प्लाजा पर पिछले 13 दिन से चल रहे भाकियू के धरना कार्यक्रम स्थल पर किसानों को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर फिर एक बार निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि हमसे हमारे ट्रस्ट का हिसाब मांगा जा रहा है। ट्रस्ट का हिसाब-किताब 18-20 साल का दे रखा है जिसके बाद भी हम पर सौ से ज्यादा नोटिस और 100 से ज्यादा केस कर दिए गए हैं। योग गुरु ने कहा कि अभी तक केन्द्र सरकार उन पर किसी भी तरह की अनियमितता और भ्रष्टाचार साबित नहीं कर पाए हैं।
उन्होंने कहा कि अंतिम सांस तक यह साबित भी नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि यह ट्रस्टों के नाम से जितनी जमीन लेकर बैठे हैं। राजीव गांधी फाउंडेशन से लेकर तमाम हजारों-लाखों करोड़ की संपत्ति इन्होंने बना रखी हैं।
उन्होंने वर्तमान केन्द्र सरकार को राजनीति का डूबता हुआ जहाज बताते हुए कहा कि यह तो खत्म हो चुकी है औेर जो इसमें सवार होगा वह भी डूबेगा। उन्होंने कहा कि ममता तो इस सरकार से धोखा खा कर ममता तोड़ चुकी है।
योग गुरु ने मुलायम सिंह और मायावती को भी इस सरकार के प्रति कठोर हो जाने की सलाह दी। मेरठ में टोल प्लाजा पर चल रहे भाकियू के आंदोलन का समर्थन करते हुए योग गुरु ने कहा कि टोल टैक्स के नाम अवैध बसूली बंद होनी चाहिए।टिप्पणियां
रामदेव ने बाद में संवाददाताओं के सवालों के जवाब में कहा कि देश के करोड़ों लोगों ने देश-संस्कृति, धर्म की सेवा के लिए जो उनके ट्रस्ट को दान दिया है उसको इन्कम बता कर उस पर टैक्स लगा कर सरकार ने करोड़ों लोगों की भावनाओं और आस्थाओं पर प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि हम इसके खिलाफ न्यायालय में जाएंगे। योग गुरु ने कहा कि एफडीआई काले धन की चाबी है। उन्होंने कहा कि करीब 20 लाख करोड़ रुपये एफडीआई के माध्यम से आया है। जिसमें कम से कम 80 फीसदी काला धन है। उन्होंने कहा कि एफडीआई के मूल मालिकों का पता लगना चाहिए।
अगले लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए योग गुरू ने कहा कि इस बार किसान और हिन्दुस्तान के बारे में सोचने वाला प्रधानमंत्री बनना चाहिए। अन्ना से अलग होकर राजनीति में कदम रखने वाले अरविन्द केजरीवाल का नाम लिए बगैर योग गुरु ने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि 10-20 साल जमीनी स्तर पर काम करने से लोगों का भरोसा खड़ा होता है। आसान तरीके से जो लोग राजनीति में शिखर पर पहुंचना चाहते हैं उन्हें हिम्मत और धर्य रखकर पहले जमीनी स्तर पर काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमसे हमारे ट्रस्ट का हिसाब मांगा जा रहा है। ट्रस्ट का हिसाब-किताब 18-20 साल का दे रखा है जिसके बाद भी हम पर सौ से ज्यादा नोटिस और 100 से ज्यादा केस कर दिए गए हैं। योग गुरु ने कहा कि अभी तक केन्द्र सरकार उन पर किसी भी तरह की अनियमितता और भ्रष्टाचार साबित नहीं कर पाए हैं।
उन्होंने कहा कि अंतिम सांस तक यह साबित भी नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि यह ट्रस्टों के नाम से जितनी जमीन लेकर बैठे हैं। राजीव गांधी फाउंडेशन से लेकर तमाम हजारों-लाखों करोड़ की संपत्ति इन्होंने बना रखी हैं।
उन्होंने वर्तमान केन्द्र सरकार को राजनीति का डूबता हुआ जहाज बताते हुए कहा कि यह तो खत्म हो चुकी है औेर जो इसमें सवार होगा वह भी डूबेगा। उन्होंने कहा कि ममता तो इस सरकार से धोखा खा कर ममता तोड़ चुकी है।
योग गुरु ने मुलायम सिंह और मायावती को भी इस सरकार के प्रति कठोर हो जाने की सलाह दी। मेरठ में टोल प्लाजा पर चल रहे भाकियू के आंदोलन का समर्थन करते हुए योग गुरु ने कहा कि टोल टैक्स के नाम अवैध बसूली बंद होनी चाहिए।टिप्पणियां
रामदेव ने बाद में संवाददाताओं के सवालों के जवाब में कहा कि देश के करोड़ों लोगों ने देश-संस्कृति, धर्म की सेवा के लिए जो उनके ट्रस्ट को दान दिया है उसको इन्कम बता कर उस पर टैक्स लगा कर सरकार ने करोड़ों लोगों की भावनाओं और आस्थाओं पर प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि हम इसके खिलाफ न्यायालय में जाएंगे। योग गुरु ने कहा कि एफडीआई काले धन की चाबी है। उन्होंने कहा कि करीब 20 लाख करोड़ रुपये एफडीआई के माध्यम से आया है। जिसमें कम से कम 80 फीसदी काला धन है। उन्होंने कहा कि एफडीआई के मूल मालिकों का पता लगना चाहिए।
अगले लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए योग गुरू ने कहा कि इस बार किसान और हिन्दुस्तान के बारे में सोचने वाला प्रधानमंत्री बनना चाहिए। अन्ना से अलग होकर राजनीति में कदम रखने वाले अरविन्द केजरीवाल का नाम लिए बगैर योग गुरु ने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि 10-20 साल जमीनी स्तर पर काम करने से लोगों का भरोसा खड़ा होता है। आसान तरीके से जो लोग राजनीति में शिखर पर पहुंचना चाहते हैं उन्हें हिम्मत और धर्य रखकर पहले जमीनी स्तर पर काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अंतिम सांस तक यह साबित भी नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि यह ट्रस्टों के नाम से जितनी जमीन लेकर बैठे हैं। राजीव गांधी फाउंडेशन से लेकर तमाम हजारों-लाखों करोड़ की संपत्ति इन्होंने बना रखी हैं।
उन्होंने वर्तमान केन्द्र सरकार को राजनीति का डूबता हुआ जहाज बताते हुए कहा कि यह तो खत्म हो चुकी है औेर जो इसमें सवार होगा वह भी डूबेगा। उन्होंने कहा कि ममता तो इस सरकार से धोखा खा कर ममता तोड़ चुकी है।
योग गुरु ने मुलायम सिंह और मायावती को भी इस सरकार के प्रति कठोर हो जाने की सलाह दी। मेरठ में टोल प्लाजा पर चल रहे भाकियू के आंदोलन का समर्थन करते हुए योग गुरु ने कहा कि टोल टैक्स के नाम अवैध बसूली बंद होनी चाहिए।टिप्पणियां
रामदेव ने बाद में संवाददाताओं के सवालों के जवाब में कहा कि देश के करोड़ों लोगों ने देश-संस्कृति, धर्म की सेवा के लिए जो उनके ट्रस्ट को दान दिया है उसको इन्कम बता कर उस पर टैक्स लगा कर सरकार ने करोड़ों लोगों की भावनाओं और आस्थाओं पर प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि हम इसके खिलाफ न्यायालय में जाएंगे। योग गुरु ने कहा कि एफडीआई काले धन की चाबी है। उन्होंने कहा कि करीब 20 लाख करोड़ रुपये एफडीआई के माध्यम से आया है। जिसमें कम से कम 80 फीसदी काला धन है। उन्होंने कहा कि एफडीआई के मूल मालिकों का पता लगना चाहिए।
अगले लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए योग गुरू ने कहा कि इस बार किसान और हिन्दुस्तान के बारे में सोचने वाला प्रधानमंत्री बनना चाहिए। अन्ना से अलग होकर राजनीति में कदम रखने वाले अरविन्द केजरीवाल का नाम लिए बगैर योग गुरु ने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि 10-20 साल जमीनी स्तर पर काम करने से लोगों का भरोसा खड़ा होता है। आसान तरीके से जो लोग राजनीति में शिखर पर पहुंचना चाहते हैं उन्हें हिम्मत और धर्य रखकर पहले जमीनी स्तर पर काम करना चाहिए।
उन्होंने वर्तमान केन्द्र सरकार को राजनीति का डूबता हुआ जहाज बताते हुए कहा कि यह तो खत्म हो चुकी है औेर जो इसमें सवार होगा वह भी डूबेगा। उन्होंने कहा कि ममता तो इस सरकार से धोखा खा कर ममता तोड़ चुकी है।
योग गुरु ने मुलायम सिंह और मायावती को भी इस सरकार के प्रति कठोर हो जाने की सलाह दी। मेरठ में टोल प्लाजा पर चल रहे भाकियू के आंदोलन का समर्थन करते हुए योग गुरु ने कहा कि टोल टैक्स के नाम अवैध बसूली बंद होनी चाहिए।टिप्पणियां
रामदेव ने बाद में संवाददाताओं के सवालों के जवाब में कहा कि देश के करोड़ों लोगों ने देश-संस्कृति, धर्म की सेवा के लिए जो उनके ट्रस्ट को दान दिया है उसको इन्कम बता कर उस पर टैक्स लगा कर सरकार ने करोड़ों लोगों की भावनाओं और आस्थाओं पर प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि हम इसके खिलाफ न्यायालय में जाएंगे। योग गुरु ने कहा कि एफडीआई काले धन की चाबी है। उन्होंने कहा कि करीब 20 लाख करोड़ रुपये एफडीआई के माध्यम से आया है। जिसमें कम से कम 80 फीसदी काला धन है। उन्होंने कहा कि एफडीआई के मूल मालिकों का पता लगना चाहिए।
अगले लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए योग गुरू ने कहा कि इस बार किसान और हिन्दुस्तान के बारे में सोचने वाला प्रधानमंत्री बनना चाहिए। अन्ना से अलग होकर राजनीति में कदम रखने वाले अरविन्द केजरीवाल का नाम लिए बगैर योग गुरु ने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि 10-20 साल जमीनी स्तर पर काम करने से लोगों का भरोसा खड़ा होता है। आसान तरीके से जो लोग राजनीति में शिखर पर पहुंचना चाहते हैं उन्हें हिम्मत और धर्य रखकर पहले जमीनी स्तर पर काम करना चाहिए।
योग गुरु ने मुलायम सिंह और मायावती को भी इस सरकार के प्रति कठोर हो जाने की सलाह दी। मेरठ में टोल प्लाजा पर चल रहे भाकियू के आंदोलन का समर्थन करते हुए योग गुरु ने कहा कि टोल टैक्स के नाम अवैध बसूली बंद होनी चाहिए।टिप्पणियां
रामदेव ने बाद में संवाददाताओं के सवालों के जवाब में कहा कि देश के करोड़ों लोगों ने देश-संस्कृति, धर्म की सेवा के लिए जो उनके ट्रस्ट को दान दिया है उसको इन्कम बता कर उस पर टैक्स लगा कर सरकार ने करोड़ों लोगों की भावनाओं और आस्थाओं पर प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि हम इसके खिलाफ न्यायालय में जाएंगे। योग गुरु ने कहा कि एफडीआई काले धन की चाबी है। उन्होंने कहा कि करीब 20 लाख करोड़ रुपये एफडीआई के माध्यम से आया है। जिसमें कम से कम 80 फीसदी काला धन है। उन्होंने कहा कि एफडीआई के मूल मालिकों का पता लगना चाहिए।
अगले लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए योग गुरू ने कहा कि इस बार किसान और हिन्दुस्तान के बारे में सोचने वाला प्रधानमंत्री बनना चाहिए। अन्ना से अलग होकर राजनीति में कदम रखने वाले अरविन्द केजरीवाल का नाम लिए बगैर योग गुरु ने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि 10-20 साल जमीनी स्तर पर काम करने से लोगों का भरोसा खड़ा होता है। आसान तरीके से जो लोग राजनीति में शिखर पर पहुंचना चाहते हैं उन्हें हिम्मत और धर्य रखकर पहले जमीनी स्तर पर काम करना चाहिए।
रामदेव ने बाद में संवाददाताओं के सवालों के जवाब में कहा कि देश के करोड़ों लोगों ने देश-संस्कृति, धर्म की सेवा के लिए जो उनके ट्रस्ट को दान दिया है उसको इन्कम बता कर उस पर टैक्स लगा कर सरकार ने करोड़ों लोगों की भावनाओं और आस्थाओं पर प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि हम इसके खिलाफ न्यायालय में जाएंगे। योग गुरु ने कहा कि एफडीआई काले धन की चाबी है। उन्होंने कहा कि करीब 20 लाख करोड़ रुपये एफडीआई के माध्यम से आया है। जिसमें कम से कम 80 फीसदी काला धन है। उन्होंने कहा कि एफडीआई के मूल मालिकों का पता लगना चाहिए।
अगले लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए योग गुरू ने कहा कि इस बार किसान और हिन्दुस्तान के बारे में सोचने वाला प्रधानमंत्री बनना चाहिए। अन्ना से अलग होकर राजनीति में कदम रखने वाले अरविन्द केजरीवाल का नाम लिए बगैर योग गुरु ने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि 10-20 साल जमीनी स्तर पर काम करने से लोगों का भरोसा खड़ा होता है। आसान तरीके से जो लोग राजनीति में शिखर पर पहुंचना चाहते हैं उन्हें हिम्मत और धर्य रखकर पहले जमीनी स्तर पर काम करना चाहिए।
अगले लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए योग गुरू ने कहा कि इस बार किसान और हिन्दुस्तान के बारे में सोचने वाला प्रधानमंत्री बनना चाहिए। अन्ना से अलग होकर राजनीति में कदम रखने वाले अरविन्द केजरीवाल का नाम लिए बगैर योग गुरु ने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि 10-20 साल जमीनी स्तर पर काम करने से लोगों का भरोसा खड़ा होता है। आसान तरीके से जो लोग राजनीति में शिखर पर पहुंचना चाहते हैं उन्हें हिम्मत और धर्य रखकर पहले जमीनी स्तर पर काम करना चाहिए। | योग गुरु स्वामी रामदेव यहां सिवाया टोल प्लाजा पर पिछले 13 दिन से चल रहे भाकियू के धरना कार्यक्रम स्थल पर किसानों को संबोधित करते हुये कांग्रेस पर फिर एक बार निशाना साधा। | 28 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सानिया मिर्ज़ा और बेथानी मटेक-सैंड्स की जोड़ी ने साल 2017 की शुरुआत जीत के साथ की है, लेकिन 91 हफ़्तों तक नबंर-1 रहने का सानिया का सफ़र ख़त्म हो गया है.
भारत और अमेरिकी टेनिस खिलाड़ी की जोड़ी ने ब्रिसबेन इंटरनेशनल का ख़िताब जीत लिया है. दोनों ने फ़ाइनल मुक़ाबले में सीधे सेटों में रूस की एकाट्रिना माकारोवा और एलिना वेस्निना की जोड़ी को 6-2, 6-3 से हराया.
पिछली बार सानिया ने ब्रिसबेन में अपनी पूर्व जोड़ीदार स्विट्ज़रलैंड की मार्टिना हिंगिस के साथ ये ख़िताब जीता था. हालांकि सानिया ने ख़िताब जीत लिया, लेकिन डबल्स में उनकी नंबर एक की रैंकिंग छीन गई, जिसका आधिकारिक ऐलान सोमवार को होगा. नई रैंकिंग आने पर टूर्नामेंट में उनकी जोड़ीदार मटेक-सैंड्स नई नंबर एक खिलाड़ी बन जाएंगी.
सानिया 2015 से डबल्स में नंबर एक खिलाड़ी रही हैं लेकिन दोनों के बीच 330 अंक का अंतर सैंड्स की जीत के साथ ख़त्म हो जाएगा।टिप्पणियां
नंबर एक रैंकिंग छीनने पर सानिया ने कहा, 'मुझे लगता है कि मैं मिस वर्ल्ड नंबर 1 का ताज़ किसी और को दे रहीं हूं. पिछली बार हमने जब साथ खेला तो सिडनी ओपन जीता था और इस बार ब्रिसबेन में ख़िताब जीता है, लगता है हमें ज़्यादा से ज़्यादा एक दूसरे के साथ खेलना चाहिए.'
अगले हफ़्ते सानिया अपनी दूसरी जोड़ीदार चेक गणराज्य की बारबोरा स्ट्रीकोवा के साथ सिडनी और फिर 16 जनवरी से शुरू हो रहे ऑस्ट्रेलियन ओपन में खेलेंगी.
भारत और अमेरिकी टेनिस खिलाड़ी की जोड़ी ने ब्रिसबेन इंटरनेशनल का ख़िताब जीत लिया है. दोनों ने फ़ाइनल मुक़ाबले में सीधे सेटों में रूस की एकाट्रिना माकारोवा और एलिना वेस्निना की जोड़ी को 6-2, 6-3 से हराया.
पिछली बार सानिया ने ब्रिसबेन में अपनी पूर्व जोड़ीदार स्विट्ज़रलैंड की मार्टिना हिंगिस के साथ ये ख़िताब जीता था. हालांकि सानिया ने ख़िताब जीत लिया, लेकिन डबल्स में उनकी नंबर एक की रैंकिंग छीन गई, जिसका आधिकारिक ऐलान सोमवार को होगा. नई रैंकिंग आने पर टूर्नामेंट में उनकी जोड़ीदार मटेक-सैंड्स नई नंबर एक खिलाड़ी बन जाएंगी.
सानिया 2015 से डबल्स में नंबर एक खिलाड़ी रही हैं लेकिन दोनों के बीच 330 अंक का अंतर सैंड्स की जीत के साथ ख़त्म हो जाएगा।टिप्पणियां
नंबर एक रैंकिंग छीनने पर सानिया ने कहा, 'मुझे लगता है कि मैं मिस वर्ल्ड नंबर 1 का ताज़ किसी और को दे रहीं हूं. पिछली बार हमने जब साथ खेला तो सिडनी ओपन जीता था और इस बार ब्रिसबेन में ख़िताब जीता है, लगता है हमें ज़्यादा से ज़्यादा एक दूसरे के साथ खेलना चाहिए.'
अगले हफ़्ते सानिया अपनी दूसरी जोड़ीदार चेक गणराज्य की बारबोरा स्ट्रीकोवा के साथ सिडनी और फिर 16 जनवरी से शुरू हो रहे ऑस्ट्रेलियन ओपन में खेलेंगी.
पिछली बार सानिया ने ब्रिसबेन में अपनी पूर्व जोड़ीदार स्विट्ज़रलैंड की मार्टिना हिंगिस के साथ ये ख़िताब जीता था. हालांकि सानिया ने ख़िताब जीत लिया, लेकिन डबल्स में उनकी नंबर एक की रैंकिंग छीन गई, जिसका आधिकारिक ऐलान सोमवार को होगा. नई रैंकिंग आने पर टूर्नामेंट में उनकी जोड़ीदार मटेक-सैंड्स नई नंबर एक खिलाड़ी बन जाएंगी.
सानिया 2015 से डबल्स में नंबर एक खिलाड़ी रही हैं लेकिन दोनों के बीच 330 अंक का अंतर सैंड्स की जीत के साथ ख़त्म हो जाएगा।टिप्पणियां
नंबर एक रैंकिंग छीनने पर सानिया ने कहा, 'मुझे लगता है कि मैं मिस वर्ल्ड नंबर 1 का ताज़ किसी और को दे रहीं हूं. पिछली बार हमने जब साथ खेला तो सिडनी ओपन जीता था और इस बार ब्रिसबेन में ख़िताब जीता है, लगता है हमें ज़्यादा से ज़्यादा एक दूसरे के साथ खेलना चाहिए.'
अगले हफ़्ते सानिया अपनी दूसरी जोड़ीदार चेक गणराज्य की बारबोरा स्ट्रीकोवा के साथ सिडनी और फिर 16 जनवरी से शुरू हो रहे ऑस्ट्रेलियन ओपन में खेलेंगी.
नंबर एक रैंकिंग छीनने पर सानिया ने कहा, 'मुझे लगता है कि मैं मिस वर्ल्ड नंबर 1 का ताज़ किसी और को दे रहीं हूं. पिछली बार हमने जब साथ खेला तो सिडनी ओपन जीता था और इस बार ब्रिसबेन में ख़िताब जीता है, लगता है हमें ज़्यादा से ज़्यादा एक दूसरे के साथ खेलना चाहिए.'
अगले हफ़्ते सानिया अपनी दूसरी जोड़ीदार चेक गणराज्य की बारबोरा स्ट्रीकोवा के साथ सिडनी और फिर 16 जनवरी से शुरू हो रहे ऑस्ट्रेलियन ओपन में खेलेंगी.
अगले हफ़्ते सानिया अपनी दूसरी जोड़ीदार चेक गणराज्य की बारबोरा स्ट्रीकोवा के साथ सिडनी और फिर 16 जनवरी से शुरू हो रहे ऑस्ट्रेलियन ओपन में खेलेंगी. | संक्षिप्त सारांश: सानिया मिर्ज़ा और बेथानी मटेक-सैंड्स की जोड़ी ने डबल्स खिताब जीता
दोनों ने रूस की एकाट्रिना माकारोवा और एलिना वेस्निना की जोड़ी को हराया
नई रैंकिंग आने पर सानिया की जोड़ीदार मटेक-सैंड्स नंबर-1 खिलाड़ी बन जाएंगी | 23 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दक्षिण कोरिया की सेना ने दावा किया है कि उत्तर कोरिया ने आज एक और बैलिस्टिक मिसाइल दागी है. सोल के नए नेता मून जे-इन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अपने शिखर सम्मेलन में प्योंगयांग से उत्पन्न होने वाले खतरे पर ध्यान केंद्रित करने के एक दिन बाद ही यह मिसाइल दागी गई है.
उकसावे की कार्रवाई में इस ताजा मिसाइल प्रक्षेपण ने परमाणु हथियारों से सशक्त उत्तर कोरिया के लक्ष्यों से उत्पन्न होने वाले तनाव को और बढ़ा दिया है. दक्षिण कोरिया सेना ने अपने एक बयान में कहा कि यह अज्ञात बैलिस्टिक मिसाइल 'उत्तरी प्योंगान प्रांत के बैंगयोन के नजदीक एक स्थल से दागी गई, जो पूर्वी सागर (जापानी सागर का कोरियाई नाम) में आ गिरी.
तोक्यो के रक्षा मंत्रालय की एक प्रवक्ता ने एएफपी को बताया कि उपकरण शायद जापान विशेष आर्थिक क्षेत्र में आ गिरा, जिससे पानी इसके तट से 200 नॉटिकल मील दूर तक फैल गया.
मई में मून के सत्ता में आने के बाद से ही प्योंगयांग ने कई मिसाइल दागी हैं. मून ने उत्तर कोरिया के साथ बातचीत का समर्थन किया है लेकिन साथ ही प्रतिबंधों की आवश्यकता पर भी जोर दिया है.टिप्पणियां
सप्ताहांत में हुए शिखर सम्मेलन में ट्रंप ने घोषणा की थी कि उत्तर कोरिया की हथियार मुहिम पर उनका सब्र अब खत्म हो गया है. इनमें अमेरिकी भूमि पर वार करने में सक्षम मिसाइल विकसित करना भी शामिल है.
ट्रंप ने कहा, 'हम एक साथ उत्तर कोरिया के क्रूर शासन के खतरे का सामना कर रहे हैं. इस शासन के परमाणु एवं बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों पर कड़ी प्रतिक्रिया देने की आवश्यकता है.'
उकसावे की कार्रवाई में इस ताजा मिसाइल प्रक्षेपण ने परमाणु हथियारों से सशक्त उत्तर कोरिया के लक्ष्यों से उत्पन्न होने वाले तनाव को और बढ़ा दिया है. दक्षिण कोरिया सेना ने अपने एक बयान में कहा कि यह अज्ञात बैलिस्टिक मिसाइल 'उत्तरी प्योंगान प्रांत के बैंगयोन के नजदीक एक स्थल से दागी गई, जो पूर्वी सागर (जापानी सागर का कोरियाई नाम) में आ गिरी.
तोक्यो के रक्षा मंत्रालय की एक प्रवक्ता ने एएफपी को बताया कि उपकरण शायद जापान विशेष आर्थिक क्षेत्र में आ गिरा, जिससे पानी इसके तट से 200 नॉटिकल मील दूर तक फैल गया.
मई में मून के सत्ता में आने के बाद से ही प्योंगयांग ने कई मिसाइल दागी हैं. मून ने उत्तर कोरिया के साथ बातचीत का समर्थन किया है लेकिन साथ ही प्रतिबंधों की आवश्यकता पर भी जोर दिया है.टिप्पणियां
सप्ताहांत में हुए शिखर सम्मेलन में ट्रंप ने घोषणा की थी कि उत्तर कोरिया की हथियार मुहिम पर उनका सब्र अब खत्म हो गया है. इनमें अमेरिकी भूमि पर वार करने में सक्षम मिसाइल विकसित करना भी शामिल है.
ट्रंप ने कहा, 'हम एक साथ उत्तर कोरिया के क्रूर शासन के खतरे का सामना कर रहे हैं. इस शासन के परमाणु एवं बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों पर कड़ी प्रतिक्रिया देने की आवश्यकता है.'
तोक्यो के रक्षा मंत्रालय की एक प्रवक्ता ने एएफपी को बताया कि उपकरण शायद जापान विशेष आर्थिक क्षेत्र में आ गिरा, जिससे पानी इसके तट से 200 नॉटिकल मील दूर तक फैल गया.
मई में मून के सत्ता में आने के बाद से ही प्योंगयांग ने कई मिसाइल दागी हैं. मून ने उत्तर कोरिया के साथ बातचीत का समर्थन किया है लेकिन साथ ही प्रतिबंधों की आवश्यकता पर भी जोर दिया है.टिप्पणियां
सप्ताहांत में हुए शिखर सम्मेलन में ट्रंप ने घोषणा की थी कि उत्तर कोरिया की हथियार मुहिम पर उनका सब्र अब खत्म हो गया है. इनमें अमेरिकी भूमि पर वार करने में सक्षम मिसाइल विकसित करना भी शामिल है.
ट्रंप ने कहा, 'हम एक साथ उत्तर कोरिया के क्रूर शासन के खतरे का सामना कर रहे हैं. इस शासन के परमाणु एवं बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों पर कड़ी प्रतिक्रिया देने की आवश्यकता है.'
मई में मून के सत्ता में आने के बाद से ही प्योंगयांग ने कई मिसाइल दागी हैं. मून ने उत्तर कोरिया के साथ बातचीत का समर्थन किया है लेकिन साथ ही प्रतिबंधों की आवश्यकता पर भी जोर दिया है.टिप्पणियां
सप्ताहांत में हुए शिखर सम्मेलन में ट्रंप ने घोषणा की थी कि उत्तर कोरिया की हथियार मुहिम पर उनका सब्र अब खत्म हो गया है. इनमें अमेरिकी भूमि पर वार करने में सक्षम मिसाइल विकसित करना भी शामिल है.
ट्रंप ने कहा, 'हम एक साथ उत्तर कोरिया के क्रूर शासन के खतरे का सामना कर रहे हैं. इस शासन के परमाणु एवं बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों पर कड़ी प्रतिक्रिया देने की आवश्यकता है.'
सप्ताहांत में हुए शिखर सम्मेलन में ट्रंप ने घोषणा की थी कि उत्तर कोरिया की हथियार मुहिम पर उनका सब्र अब खत्म हो गया है. इनमें अमेरिकी भूमि पर वार करने में सक्षम मिसाइल विकसित करना भी शामिल है.
ट्रंप ने कहा, 'हम एक साथ उत्तर कोरिया के क्रूर शासन के खतरे का सामना कर रहे हैं. इस शासन के परमाणु एवं बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों पर कड़ी प्रतिक्रिया देने की आवश्यकता है.'
ट्रंप ने कहा, 'हम एक साथ उत्तर कोरिया के क्रूर शासन के खतरे का सामना कर रहे हैं. इस शासन के परमाणु एवं बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों पर कड़ी प्रतिक्रिया देने की आवश्यकता है.' | संक्षिप्त सारांश: उत्तर कोरिया के लक्ष्यों से उत्पन्न होने वाले तनाव को और बढ़ा दिया
दक्षिण कोरिया सेना ने अपने एक बयान में कहा
मई में मून के सत्ता में आने के बाद से ही प्योंगयांग ने कई मिसाइल दागी हैं | 23 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिवस शुक्रवार को जबर्दस्त तेजी दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 440.13 अंकों की बढ़त के साथ 16232.54 पर जबकि निफ्टी 136.75 अंकों की बढ़त के साथ 4888.05 पर बंद हुआ। आज सुबह बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 430.08 अंकों की बढ़त के साथ 16222.49 पर जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 132.35 अंकों की बढ़त के साथ 4883.65 पर खुला। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 16347.48 के ऊपरी और 16148.97 के निचले स्तर को छुआ। निफ्टी ने 4922.60 के ऊपरी और 4861.20 के निचले स्तर तक कारोबार किया। सेंसेक्स में शामिल स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (8.56 फीसदी), जिंदल स्टील (8.22 फीसदी), टाटा मोटर्स (7.73 फीसदी), आईसीआईसी बैंक (5.82 फीसदी) और डीएलएफ (5.81 फीसदी) के शेयरों में पांच फीसदी से अधिक की तेजी दर्ज की गई। केवल भारती एयरटेल (3.34 फीसदी) और हीरो मोटोकार्प (0.26 फीसदी) के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। दिन के कारोबार में बीएसई के सभी सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। धातु (5.39 फीसदी), बैंकिंग (3.88 फीसदी), रियल्टी (3.44 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (3.37 फीसदी) सेक्टर में तीन फीसदी से अधिक जबकि स्वास्थ्य (0.54 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (07.4 फीसदी) सेक्टर के शेयरों में एक फीसदी से कम की तेजी दर्ज की गई। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप 80.45 अंकों की बढ़त के साथ 5959.28 पर जबकि स्मॉलकैप 76.65 अंकों की बढ़त के साथ 6721.55 पर बंद हुआ। बीएसई में कारोबार का रुख सकारात्मक रहा। कुल 1802 कम्पनियों के शेयरों में तेजी जबकि 126 कम्पनियों के शेयरों में गिरावट का रुख देखा गया। | प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 440.13 अंकों की बढ़त के साथ 16232.54 पर जबकि निफ्टी 136.75 अंकों की बढ़त के साथ 4888.05 पर बंद हुआ। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सरकार ने सोमवार को बताया कि अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे में कथित अनियमितता के सम्बंध में वायु सेना के एक पूर्व प्रमुख समेत भारत में कुछ अन्य लोगों के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया है। लोकसभा में जेएम एरन राशिद और हरिश्चंद्र चव्हाण के प्रश्न के लिखित उत्तर में रक्षामंत्री एके एंटनी ने कहा कि केंद्रीय अन्वेषन ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले में एक पूर्व वायु सेना प्रमुख समेत भारत में कुछ अन्य लोगों के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया है। इस मामले में अभी भी जांच चल रही है।टिप्पणियां
एंटनी ने हालांकि किसी वायु सेना प्रमुख का नाम नहीं लिया, लेकिन इस मामले में पूर्व एयर चीफ मार्शल एसपी त्यागी की भूमिका की सीबीआई जांच कर रही है। रक्षामंत्री ने यह भी बताया कि इस मामले में इटली से प्रारंभिक दस्तावेजों का सेट प्राप्त हो गया है।
इन दस्तावेजों में बुस्तो अर्सिजो, इटली में प्रारंभिक जांच के लिए न्यायाधीश की ओर से तलाशी एवं जब्ती संबंधी आदेश की प्रति, एमएस अगस्ता वेस्टलैंड स्पा, इटली के साथ अनुबंधों की कुछ प्रति शामिल है।
एंटनी ने हालांकि किसी वायु सेना प्रमुख का नाम नहीं लिया, लेकिन इस मामले में पूर्व एयर चीफ मार्शल एसपी त्यागी की भूमिका की सीबीआई जांच कर रही है। रक्षामंत्री ने यह भी बताया कि इस मामले में इटली से प्रारंभिक दस्तावेजों का सेट प्राप्त हो गया है।
इन दस्तावेजों में बुस्तो अर्सिजो, इटली में प्रारंभिक जांच के लिए न्यायाधीश की ओर से तलाशी एवं जब्ती संबंधी आदेश की प्रति, एमएस अगस्ता वेस्टलैंड स्पा, इटली के साथ अनुबंधों की कुछ प्रति शामिल है।
इन दस्तावेजों में बुस्तो अर्सिजो, इटली में प्रारंभिक जांच के लिए न्यायाधीश की ओर से तलाशी एवं जब्ती संबंधी आदेश की प्रति, एमएस अगस्ता वेस्टलैंड स्पा, इटली के साथ अनुबंधों की कुछ प्रति शामिल है। | संक्षिप्त सारांश: सरकार ने सोमवार को बताया कि अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे में कथित अनियमितता के सम्बंध में वायु सेना के एक पूर्व प्रमुख समेत भारत में कुछ अन्य लोगों के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया है। | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई हमलों के दोषी पाकिस्तानी आतंकवादी आमिर अजमल कसाब को निचली अदालत द्वारा दी गई फांसी की सजा बरकरार रखी है। कसाब को नौ महीने पहले मुंबई हमलों को लेकर सुनवाई करते हुए विशेष अदालत ने दोषी करार दिया था। हाईकोर्ट ने इस हमले के दो भारतीय आरोपियों सबाउद्दीन और फहीम अंसारी को बरी कर दिया है। निचली अदालत ने भी इन दोनों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। मुंबई पर आतंकी हमले को अंजाम देने के आरोप में नौ महीने पहले निचली अदालत ने कसाब को मौत की सजा सुनाई थी। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के फरीदकोट जिले का रहने वाला 24 वर्षीय कसाब वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत के समक्ष पेश हुआ। न्यायमूर्ति रंजना देसाई और न्यायमूर्ति आरवी मोरे की खंडपीठ ने हमलों के मामले में आरोपी दो भारतीयों- फहीम अंसारी और सबाउद्दीन अहमद को बरी किए जाने के निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दायर महाराष्ट्र सरकार की याचिका को खारिज कर दिया। इन दोनों पर हमलों को अंजाम देने में मदद करने का आरोप था। कसाब मुंबई हमलों के मामले में जीवित पकड़ा गया एकमात्र आतंकवादी है। सुनवाई के दौरान सोमवार को कसाब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश हुआ। सफेद रंग का कुर्ता पहने हुए कसाब ने अपना सिर नीचे झुकाया हुआ था। अभियोजक उज्ज्वल निकम ने कसाब को दी गई मौत की सजा को न्यायसंगत ठहराते हुए कहा था कि ये हमले लश्कर की साजिश का परिणाम हैं। अपनी अपील में कसाब ने तर्क दिया कि पुलिस ने उसे इस अपराध की साजिश में फंसाने के लिए गिरगांव चौपाटी पर फर्जी मुठभेड़ की। उसने हमलों के दौरान महाराष्ट्र एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे, पुलिस अधिकारी अशोक काम्टे और मुठभेड़ विशेषज्ञ विजय सालस्कर की हत्या के आरोपों को भी नकार दिया। कसाब कुछ मौकों पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से उच्च न्यायालय में पेश हुआ। एक बार उसने कैमरे पर थूक भी दिया और न्यायाधीशों से कहा कि वह अपना मुकदमा अमेरिका की अदालत में चलवाना चाहता है। अदालत ने कसाब और उसके साथियों के आतंकवादी हमलों में शामिल होने से संबंधित प्रदर्शित करने वाले सीसीटीवी फुटेज दो बार देखे। कसाब के वकील अमीन सोलकर ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कसाब को फंसाने के लिए सीसीटीवी के कुछ फुटेज दबा लिए।(इनपुट एजेंसी से भी) | यह एक सारांश है: बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई हमलों के दोषी पाकिस्तानी आतंकवादी आमिर अजमल कसाब को निचली अदालत द्वारा दी गई फांसी की सजा बरकरार रखी है। | 9 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ग्रेटर नोएडा में किसान आंदोलन हिंसक हो गया है। मुआवज़े को लेकर धरने पर बैठे किसानों ने पुलिसवालों पर पत्थरबाज़ी और फायरिंग की जिसमें दो पुलिसकर्मियों मनवीर और मनोहर सिंह की मौत हुई है। तीन किसानों की भी मौत हुई है। रातभर पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की है। दो दर्जन किसानों को हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा इस पूरे मामले में हिंसा फैलाने के आरोपी किसान नेता मनवीर सिंह तेवतिया की तलाश में ग्रेटर नोएडा, अलीगढ़ और खुर्जा इलाके में जबरदस्त छापेमारी की गई है। इसके अलावा भट्टा पारसौल गांव के उस हिस्से को ध्वस्त कर दिया गया है जहां आंदोलनकारी धरने पर बैठे हुए थे। दरअसल. यहां यमुना एक्सप्रेस-वे के लिए ज़मीन अधिग्रहण और फिर उसके लिए उचित मुआवज़े के लिए किसानों ने आंदोलन शुरू किया है। प्रशासन के आला अधिकारी जब मौके पर पहुंचे और गांववालों से बातचीत करने की कोशिश तो आंदोलनकारी किसानों ने पत्थरबाज़ी शुरू कर दी। | यहाँ एक सारांश है:ग्रेटर नोएडा में किसानों और पुलिसवालों के बीच हिंसक झड़प में दो पुलिसकर्मियों और तीन किसानों की मौत हो गई है। | 17 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने बुधवार को सभी राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को एक साल के भीतर वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र स्थापित करने और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) को प्रत्येक तिमाही पर प्रगति रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए. बता दें, NGT अध्यक्ष न्यायाधीश आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने वायु प्रदूषण के मुद्दे पर कुछ निर्देश जारी किए और वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र स्थापित करने को लेकर पहली रिपोर्ट एक अप्रैल 2020 तक देने को कहा. अधिकरण ने कहा कि केंद्र स्थापित करने का मापदंड आबादी और शहर के इलाके के आधार पर बनाया गया है, जिसके अनुसार मौजूदा केंद्रों के अलावा 800 कॉन्टिन्यूस एम्बियंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशंस (CAAAQMS) और 1,250 मैनुअल केंद्रों की आवश्यकता है.
उसने कहा कि अभी 114 शहरों में 202 CAAAQMS लगाने का प्रस्ताव है, जिनमें से 152 स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है. पीठ ने कहा, ‘ऐसे सभी केंद्र CPCB के सर्वर से जुड़े होने चाहिए. इन स्थानों पर CPCB के खुद के केंद्र भी हो सकते हैं. सभी 12 अधिसूचित मानकों की CAAAQMS द्वारा निगरानी की जानी चाहिए. इसका पालन न करने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को एक जनवरी 2021 से हर महीने पांच लाख रुपये की क्षतिपूर्ति देनी होगी.'
NGT ने यह भी कहा कि रिहायशी इलाकों से औद्योगिकी इकाइयों को स्थानांतरित करने के लिए तंत्र जल्द ही बनाया जा सकता है. ध्वनि प्रदूषण को लेकर भी हरित अधिकरण ने CPCB को वृहद रिपोर्ट देने को कहा है. साथ ही चेतावनी भी दी है कि आदेशों का अनुपालन नहीं होने पर संबंधित राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों को दो लाख रुपये प्रतिमाह की क्षतिपूर्ति देनी होगी. | यह एक सारांश है: राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एक साल के भीतर एक्यूआई केंद्र बनाए
प्रत्येक तिमाही पर प्रगति रिपोर्ट सौंपेगा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
केंद्र स्थापित करने को लेकर पहली रिपोर्ट एक अप्रैल 2020 तक देने को कहा | 16 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारतीय टेनिस की टेंशन ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। पेस−भूपति के टकराव ने इसे ऐसे हाल में पहुंचा दिया है जहां यह तय नहीं है कि ओलिंपिक्स में आख़िर कौन−कौन जाएगा। वैसे पेस और भूपति की जंग में टेनिस एसोसिएशन ने पेस का साथ दिया है।
लंदन ओलिंपिक्स से पहले पेस−भूपति की केमिस्ट्री टेनिस प्रेमियों के लिए सिरदर्द की वजह बनी हुई है। ओलिंपिक में अब तक टेनिस के डबल्स मुक़ाबले में इंडियन एक्सप्रेस जोड़ी कई बार पदक के पास पहुंचकर लड़खड़ा गई। 39 साल के पेस और 38 साल के भूपति के लिए यह आखिरी ओलिंपिक है और पेस−भूपति की डबल्स जोड़ी से पदक की शायद आखिरी उम्मीद भी है।
लंदन से पहले पेस−भूपति की जोड़ी विवादों के बवंडर में है। भारतीय टेनिस की दुनिया के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि आख़िर कौन होगा लिएंडर पेस का जोड़ीदार।
लिएंडर और महेश भूपति के पेंच में अब इनके अलावा रोहन बोपन्ना और यूकी भांब्री जैसे खिलाड़ी भी फंस गए हैं। खेल मंत्रालय ने इस मसले पर टेनिस संघ से जवाब मांगा और जवाब में AITA ने पांच विकल्प रखे।
पहला विकल्प रखा कि दोनों खिलाड़ी आपसी मनमुटाव को भूलाकर देश हित में मैदान पर उतरे दूसरे विकल्प के तौर पर लिएंडर के साथ रोहन बोप्पना खेलें और भूपति बाहर रहे। जबकि तीसरे विकल्प में लंदन के लिए दो टीम भेजी जाएं… यानी भूपति के साथ बोपन्ना और लिएंडर के साथ कोई नीचे रैंक का खिलाड़ी भेजा जाए। चौथे विकल्प के तौर पर ओलिंपिक में एक ही टीम जाए जो भूपति और बोप्पना की हो… और लिएंडर ओलिंपिक में नहीं खेलें। आख़िरी विकल्प के तौर पर पेस के साथ यूकी भांब्री की जोड़ी बनाने की बात हुई और भूपति−बोप्पना को संघ के ख़िलाफ़ जाने की सज़ा मिले।टिप्पणियां
भारतीय टेनिस संघ के जवाब के बाद खेल मंत्रालय ने साफ़ कर दिया कि संघ मामले को खुद सुलझा ले और मंत्रालय इस में दखल देना नहीं चाहती।
टेनिस संघ हर हाल में सिर्फ़ एक टीम लंदन भेजने को तैयार है। पेस और भूपति के बीच झगड़ा कोई नई कहानी नहीं है। लेकिन लंदन ओलिंपिक से पहले हल निकलना मुश्किल सवाल बनकर खड़ा है। पेस−भूपति विवाद के बाद कोई भारतीय जोड़ी पोडियम पर पहुंच पाएगी या नहीं यह भी एक बड़ा सवाल है।
लंदन ओलिंपिक्स से पहले पेस−भूपति की केमिस्ट्री टेनिस प्रेमियों के लिए सिरदर्द की वजह बनी हुई है। ओलिंपिक में अब तक टेनिस के डबल्स मुक़ाबले में इंडियन एक्सप्रेस जोड़ी कई बार पदक के पास पहुंचकर लड़खड़ा गई। 39 साल के पेस और 38 साल के भूपति के लिए यह आखिरी ओलिंपिक है और पेस−भूपति की डबल्स जोड़ी से पदक की शायद आखिरी उम्मीद भी है।
लंदन से पहले पेस−भूपति की जोड़ी विवादों के बवंडर में है। भारतीय टेनिस की दुनिया के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि आख़िर कौन होगा लिएंडर पेस का जोड़ीदार।
लिएंडर और महेश भूपति के पेंच में अब इनके अलावा रोहन बोपन्ना और यूकी भांब्री जैसे खिलाड़ी भी फंस गए हैं। खेल मंत्रालय ने इस मसले पर टेनिस संघ से जवाब मांगा और जवाब में AITA ने पांच विकल्प रखे।
पहला विकल्प रखा कि दोनों खिलाड़ी आपसी मनमुटाव को भूलाकर देश हित में मैदान पर उतरे दूसरे विकल्प के तौर पर लिएंडर के साथ रोहन बोप्पना खेलें और भूपति बाहर रहे। जबकि तीसरे विकल्प में लंदन के लिए दो टीम भेजी जाएं… यानी भूपति के साथ बोपन्ना और लिएंडर के साथ कोई नीचे रैंक का खिलाड़ी भेजा जाए। चौथे विकल्प के तौर पर ओलिंपिक में एक ही टीम जाए जो भूपति और बोप्पना की हो… और लिएंडर ओलिंपिक में नहीं खेलें। आख़िरी विकल्प के तौर पर पेस के साथ यूकी भांब्री की जोड़ी बनाने की बात हुई और भूपति−बोप्पना को संघ के ख़िलाफ़ जाने की सज़ा मिले।टिप्पणियां
भारतीय टेनिस संघ के जवाब के बाद खेल मंत्रालय ने साफ़ कर दिया कि संघ मामले को खुद सुलझा ले और मंत्रालय इस में दखल देना नहीं चाहती।
टेनिस संघ हर हाल में सिर्फ़ एक टीम लंदन भेजने को तैयार है। पेस और भूपति के बीच झगड़ा कोई नई कहानी नहीं है। लेकिन लंदन ओलिंपिक से पहले हल निकलना मुश्किल सवाल बनकर खड़ा है। पेस−भूपति विवाद के बाद कोई भारतीय जोड़ी पोडियम पर पहुंच पाएगी या नहीं यह भी एक बड़ा सवाल है।
लंदन से पहले पेस−भूपति की जोड़ी विवादों के बवंडर में है। भारतीय टेनिस की दुनिया के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि आख़िर कौन होगा लिएंडर पेस का जोड़ीदार।
लिएंडर और महेश भूपति के पेंच में अब इनके अलावा रोहन बोपन्ना और यूकी भांब्री जैसे खिलाड़ी भी फंस गए हैं। खेल मंत्रालय ने इस मसले पर टेनिस संघ से जवाब मांगा और जवाब में AITA ने पांच विकल्प रखे।
पहला विकल्प रखा कि दोनों खिलाड़ी आपसी मनमुटाव को भूलाकर देश हित में मैदान पर उतरे दूसरे विकल्प के तौर पर लिएंडर के साथ रोहन बोप्पना खेलें और भूपति बाहर रहे। जबकि तीसरे विकल्प में लंदन के लिए दो टीम भेजी जाएं… यानी भूपति के साथ बोपन्ना और लिएंडर के साथ कोई नीचे रैंक का खिलाड़ी भेजा जाए। चौथे विकल्प के तौर पर ओलिंपिक में एक ही टीम जाए जो भूपति और बोप्पना की हो… और लिएंडर ओलिंपिक में नहीं खेलें। आख़िरी विकल्प के तौर पर पेस के साथ यूकी भांब्री की जोड़ी बनाने की बात हुई और भूपति−बोप्पना को संघ के ख़िलाफ़ जाने की सज़ा मिले।टिप्पणियां
भारतीय टेनिस संघ के जवाब के बाद खेल मंत्रालय ने साफ़ कर दिया कि संघ मामले को खुद सुलझा ले और मंत्रालय इस में दखल देना नहीं चाहती।
टेनिस संघ हर हाल में सिर्फ़ एक टीम लंदन भेजने को तैयार है। पेस और भूपति के बीच झगड़ा कोई नई कहानी नहीं है। लेकिन लंदन ओलिंपिक से पहले हल निकलना मुश्किल सवाल बनकर खड़ा है। पेस−भूपति विवाद के बाद कोई भारतीय जोड़ी पोडियम पर पहुंच पाएगी या नहीं यह भी एक बड़ा सवाल है।
लिएंडर और महेश भूपति के पेंच में अब इनके अलावा रोहन बोपन्ना और यूकी भांब्री जैसे खिलाड़ी भी फंस गए हैं। खेल मंत्रालय ने इस मसले पर टेनिस संघ से जवाब मांगा और जवाब में AITA ने पांच विकल्प रखे।
पहला विकल्प रखा कि दोनों खिलाड़ी आपसी मनमुटाव को भूलाकर देश हित में मैदान पर उतरे दूसरे विकल्प के तौर पर लिएंडर के साथ रोहन बोप्पना खेलें और भूपति बाहर रहे। जबकि तीसरे विकल्प में लंदन के लिए दो टीम भेजी जाएं… यानी भूपति के साथ बोपन्ना और लिएंडर के साथ कोई नीचे रैंक का खिलाड़ी भेजा जाए। चौथे विकल्प के तौर पर ओलिंपिक में एक ही टीम जाए जो भूपति और बोप्पना की हो… और लिएंडर ओलिंपिक में नहीं खेलें। आख़िरी विकल्प के तौर पर पेस के साथ यूकी भांब्री की जोड़ी बनाने की बात हुई और भूपति−बोप्पना को संघ के ख़िलाफ़ जाने की सज़ा मिले।टिप्पणियां
भारतीय टेनिस संघ के जवाब के बाद खेल मंत्रालय ने साफ़ कर दिया कि संघ मामले को खुद सुलझा ले और मंत्रालय इस में दखल देना नहीं चाहती।
टेनिस संघ हर हाल में सिर्फ़ एक टीम लंदन भेजने को तैयार है। पेस और भूपति के बीच झगड़ा कोई नई कहानी नहीं है। लेकिन लंदन ओलिंपिक से पहले हल निकलना मुश्किल सवाल बनकर खड़ा है। पेस−भूपति विवाद के बाद कोई भारतीय जोड़ी पोडियम पर पहुंच पाएगी या नहीं यह भी एक बड़ा सवाल है।
पहला विकल्प रखा कि दोनों खिलाड़ी आपसी मनमुटाव को भूलाकर देश हित में मैदान पर उतरे दूसरे विकल्प के तौर पर लिएंडर के साथ रोहन बोप्पना खेलें और भूपति बाहर रहे। जबकि तीसरे विकल्प में लंदन के लिए दो टीम भेजी जाएं… यानी भूपति के साथ बोपन्ना और लिएंडर के साथ कोई नीचे रैंक का खिलाड़ी भेजा जाए। चौथे विकल्प के तौर पर ओलिंपिक में एक ही टीम जाए जो भूपति और बोप्पना की हो… और लिएंडर ओलिंपिक में नहीं खेलें। आख़िरी विकल्प के तौर पर पेस के साथ यूकी भांब्री की जोड़ी बनाने की बात हुई और भूपति−बोप्पना को संघ के ख़िलाफ़ जाने की सज़ा मिले।टिप्पणियां
भारतीय टेनिस संघ के जवाब के बाद खेल मंत्रालय ने साफ़ कर दिया कि संघ मामले को खुद सुलझा ले और मंत्रालय इस में दखल देना नहीं चाहती।
टेनिस संघ हर हाल में सिर्फ़ एक टीम लंदन भेजने को तैयार है। पेस और भूपति के बीच झगड़ा कोई नई कहानी नहीं है। लेकिन लंदन ओलिंपिक से पहले हल निकलना मुश्किल सवाल बनकर खड़ा है। पेस−भूपति विवाद के बाद कोई भारतीय जोड़ी पोडियम पर पहुंच पाएगी या नहीं यह भी एक बड़ा सवाल है।
भारतीय टेनिस संघ के जवाब के बाद खेल मंत्रालय ने साफ़ कर दिया कि संघ मामले को खुद सुलझा ले और मंत्रालय इस में दखल देना नहीं चाहती।
टेनिस संघ हर हाल में सिर्फ़ एक टीम लंदन भेजने को तैयार है। पेस और भूपति के बीच झगड़ा कोई नई कहानी नहीं है। लेकिन लंदन ओलिंपिक से पहले हल निकलना मुश्किल सवाल बनकर खड़ा है। पेस−भूपति विवाद के बाद कोई भारतीय जोड़ी पोडियम पर पहुंच पाएगी या नहीं यह भी एक बड़ा सवाल है।
टेनिस संघ हर हाल में सिर्फ़ एक टीम लंदन भेजने को तैयार है। पेस और भूपति के बीच झगड़ा कोई नई कहानी नहीं है। लेकिन लंदन ओलिंपिक से पहले हल निकलना मुश्किल सवाल बनकर खड़ा है। पेस−भूपति विवाद के बाद कोई भारतीय जोड़ी पोडियम पर पहुंच पाएगी या नहीं यह भी एक बड़ा सवाल है। | संक्षिप्त सारांश: भारतीय टेनिस की टेंशन ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। पेस-भूपति के टकराव ने इसे ऐसे हाल में पहुंचा दिया है जहां यह तय नहीं है कि ओलिंपिक्स में आख़िर कौन−कौन जाएगा। | 8 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: शानदार फार्म में चल रहे युवराज सिंह के हरफनमौला खेल और जहीर खान की अगुवाई में गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन के दम पर विश्व कप ग्रुप बी के लीग मैच में हालैंड को पांच विकेट से हराकर भारत ने क्वार्टर फाइनल में प्रवेश तय कर लिया। अच्छी शुरूआत को बरकरार रखने में नाकाम रही हालैंड की टीम 46.4 ओवर में 189 रन पर सिमट गई। जवाब में भारत ने वीरेंद्र सहवाग :39: और सचिन तेंदुलकर :27: से मिली शानदार शुरूआत के बाद शीषर्क्रम में विकेटों के पतन के बावजूद जीत का लक्ष्य 36.3 ओवर में पांच विकेट खोकर हासिल कर लिया। आयरलैंड के खिलाफ पिछले मैच में पांच विकेट लेने वाले युवराज ने एक बार फिर हरफनमौला प्रदर्शन करते हुए पहले दो अहम विकेट चटकाये और बाद में नाबाद 51 रन बनाकर फिर मैन विनर की भूमिका निभाई। युवराज ने अपनी पारी में 71 गेंदों का सामना करके सात चौके लगाये। कमजोर प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ सितारों से सजे बल्लेबाजी क्रम के गैर जिम्मेदाराना प्रदर्शन ने टीम प्रबंधन को जरूर सोचने पर मजबूर कर दिया होगा। मामूली लक्ष्य का पीछा करते हुए भी भारत ने पांच विकेट गंवा दिये। इस जीत के साथ भारत ग्रुप बी में चार मैचों में तीन जीत और इंग्लैंड के खिलाफ एक टाई के साथ सात अंक लेकर शीर्ष पर है। दूसरे स्थान पर इंग्लैंड के चार मैचों में पांच अंक है जबकि वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका क्रमश: तीसरे और चौथे स्थान पर हैं जिनके तीन मैचों में चार-चार अंक हैं। भारत को अब दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज से लीग मैच खेलने हैं। भारतीय पारी की शुरूआत बेहद आक्रामक रही। अपने घरेलू मैदान फिरोजशाह कोटला में पहली बार अच्छी तादाद में जुटे दर्शकों के सामने सहवाग ने पहले ही ओवर में मुदस्सर बुखारी को चौका लगाकर अपने तेवर जताये जबकि दूसरे छोर पर सचिन तेंदुलकर ने रियान टेन डोइशे को अगले ओवर में दो चौके जड़े। छठा विश्व कप खेल रहे तेंदुलकर ने 18 रन पर पहुंचते ही टूर्नामेंट में 2000 रन भी पूरे कर लिये। टेन डोइशे को कड़ी नसीहत देते हुए तेंदुलकर ने चौथे ओवर में भी उसे तीन चौके लगाये। दूसरे छोर पर सहवाग ने पांचवें ओवर में बुखारी का यही हश्र किया। इस ओवर की आखिरी गेंद पर एरिक श्वार्जिंस्की ने मिडआन में उन्हें जीवनदान भी दिया। इस खतरनाक साझेदारी को स्पिनर पीटर सीलार ने तोड़ा जिन्होंने आठवें ओवर में सहवाग को प्वाइंट क्षेत्र में केर्वेजी के हाथों लपकवाया। सहवाग ने 26 गेंद में पांच चौकों और दो छक्कों की मदद से 39 रन बनाये। सीलार ने दसवें ओवर में भारत को दोहरे झटके देते हुए तेंदुलकर और युसूफ पठान को पवेलियन भेजा। तेंदुलकर ने ऊंचा शाट खेला और लांग ऑफ पर क्रगर ने उनका दर्शनीय कैच लपक लिया। इसके तीन गेंद बार ही सीलार ने बल्लेबाजी क्रम में उपर भेजे गए पठान का रिटर्न कैच लपका। भारत के तीन विकेट 82 रन पर उखड़ चुके थे। इसमें 17 रन जुड़े थे कि विराट कोहली भी पवेलियन लौट गए। डच कप्तान पीटर बोरेन ने उन्हें बोल्ड किया। गौतम गंभीर भी पारी के सूत्रधार की भूमिका नहीं निभा सके और 28 गेंद में 28 रन बनाकर बुखारी का शिकार हुए। बुखारी की गेंद उनके लेग स्टम्प पर पड़ी। इस समय भारत को 51 रन की जरूरत थी। इससे पहले हालैंड को एरिक श्वार्जिंस्की :28:, वेसले बारेसी :26: और टाम कूपर :29: ने अच्छी शुरूआत दी लेकिन बड़ी पारियों में तब्दील नहीं कर सके। फिरोजशाह कोटला मैदान की सपाट पिच पर उसके विकेट नियमित अंतराल पर गिरते रहे। सलामी जोड़ी ने 56 रन की भागीदारी की लेकिन बाकी बल्लेबाज भारत की अनुशासित गेंदबाजी के सामने टिक नहीं सके। आखिरी ओवरों में यदि कप्तान पीटर बोरेन ने 36 गेंद में 38 और मुदस्सर बुखारी ने 21 रन नहीं बनाये होते तो हालैंड का स्कोर और खराब हो सकता था। भारत के लिये जहीर खान ने 20 रन देकर तीन विकेट लिये जबकि शानदार फार्म में चल रहे युवराज सिंह और पीयूष चावला को दो दो विकेट मिले। टास जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनते हुए हालैंड अच्छे स्कोर की ओर बढता नजर आ रहा था। सलामी बल्लेबाजों को भारतीय गेंदबाजी आक्रमण झेलने में कोई कठिनाई नहीं हुई। बारेसी ने पारी का पहला चौका आशीष नेहरा को लांग आफ पर लगाया जबकि उनके जोड़ीदार श्वाजिंस्की ने जहीर को चौका लगाकर अपने तेवर जाहिर किये। भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने चौथे ही ओवर में आफ स्पिनर युसूफ पठान को गेंद थमा दी जिसने पहले ओवर में सिर्फ दो रन दिये। सातवें ओवर में हरभजन सिंह को उतारकर धोनी ने दोहरा स्पिन आक्रमण आजमाया। भारत को पहली सफलता लेग स्पिनर चावला ने दिलाई और श्वार्जिंस्की को पवेलियन भेजा। पिछले मैचों में नाकाम रहे चावला की गुगली को कट करने के प्रयास में बल्लेबाज बोल्ड हो गया। इसके आठ रन बाद ही हालैंड ने बारेसी के रूप में दूसरा विकेट गंवाया जिन्हें युवराज ने अपना सौवां एक दिवसीय शिकार बनाया। बारेसी को अंपायर स्टीव डेविस ने पगबाधा आउट करार दिया। बल्लेबाज ने इस पर रिव्यू लिया लेकिन फैसले में कोई बदलाव नहीं हुआ। युवराज ने हालैंड के स्टार बल्लेबाज रियान टेन डोइशे :11: को लांग आफ पर जहीर के हाथों लपकवाकर दूसरा विकेट लिया। इसके बाद नेहरा ने शानदार आफ कटर पर टाम कूपर को आउट किया जिनका कैच विकेट के पीछे धोनी ने लपका। कूपर के आउट होने के बाद आये बास जुइडेरेंट को जहीर ने पगबाधा आउट किया । इस बार भी रिव्यू का परिणाम बल्लेबाज के खिलाफ गया। कुछ मिनटों बाद टाम डि ग्रूथ रन आउट हो गए। दो विकेट पर 99 रन से डच टीम का स्कोर छह विकेट पर 108 रन हो गया। आखिरी ओवरों में कप्तान पीटर बोरेन ने कुछ उम्दा शाट खेलकर टीम को 150 रन के पार पहुंचाया। उन्होंने चावला के आखिरी ओवर में दो छक्के लगाये। | सारांश: भारत ने नीदरलैंड्स को पांच विकेट से हरा दिया है और सीधा नॉक आउट राउंड में पहुंच गए हैं। भारत की ओर से सर्वाधिक 51(नाबाद)रन युवराज ने बनाए। | 20 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा के कई नामचीन सदस्य संसद में प्रश्न पूछने के मामले में शून्य हैं और इनमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, बीजेपी के लालकृष्ण आडवाणी, सपा के मुलायम सिंह यादव, आरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव और जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव जैसे दिग्गज शामिल हैं।
15वीं लोकसभा के तीसरे वर्ष (2011-12) में संसद में कामकाज को लेकर जारी एक रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी, बीजेपी नेता जसवंत सिंह, जेडीएस नेता एचडी देवगौड़ा, बीजेपी के शत्रुघ्न सिन्हा समेत 65 यानी लगभग 14 प्रतिशत सांसदों ने इस एक साल में प्रश्नकाल के दौरान एक भी सवाल नहीं पूछा।टिप्पणियां
संगठन 'मॉस फॉर अवेयरनेस' द्वारा संचालित 'वोट फॉर इंडिया' अभियान की ओर से जारी रिपोर्ट में सांसदों के कामकाज का विस्तार से विश्लेषण कर यह दावा किया गया है।
'रिप्रजेंटेटिव एट वर्क' शीषर्क से जारी रिपोर्ट के अनुसार लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज के अलावा कांग्रेस के राज बब्बर और मोहम्मद अजहरूद्दीन समेत 10 सांसदों ने 2011-12 के दौरान निचले सदन में प्रश्नकाल में महज एक-एक सवाल पूछे।
15वीं लोकसभा के तीसरे वर्ष (2011-12) में संसद में कामकाज को लेकर जारी एक रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी, बीजेपी नेता जसवंत सिंह, जेडीएस नेता एचडी देवगौड़ा, बीजेपी के शत्रुघ्न सिन्हा समेत 65 यानी लगभग 14 प्रतिशत सांसदों ने इस एक साल में प्रश्नकाल के दौरान एक भी सवाल नहीं पूछा।टिप्पणियां
संगठन 'मॉस फॉर अवेयरनेस' द्वारा संचालित 'वोट फॉर इंडिया' अभियान की ओर से जारी रिपोर्ट में सांसदों के कामकाज का विस्तार से विश्लेषण कर यह दावा किया गया है।
'रिप्रजेंटेटिव एट वर्क' शीषर्क से जारी रिपोर्ट के अनुसार लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज के अलावा कांग्रेस के राज बब्बर और मोहम्मद अजहरूद्दीन समेत 10 सांसदों ने 2011-12 के दौरान निचले सदन में प्रश्नकाल में महज एक-एक सवाल पूछे।
संगठन 'मॉस फॉर अवेयरनेस' द्वारा संचालित 'वोट फॉर इंडिया' अभियान की ओर से जारी रिपोर्ट में सांसदों के कामकाज का विस्तार से विश्लेषण कर यह दावा किया गया है।
'रिप्रजेंटेटिव एट वर्क' शीषर्क से जारी रिपोर्ट के अनुसार लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज के अलावा कांग्रेस के राज बब्बर और मोहम्मद अजहरूद्दीन समेत 10 सांसदों ने 2011-12 के दौरान निचले सदन में प्रश्नकाल में महज एक-एक सवाल पूछे।
'रिप्रजेंटेटिव एट वर्क' शीषर्क से जारी रिपोर्ट के अनुसार लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज के अलावा कांग्रेस के राज बब्बर और मोहम्मद अजहरूद्दीन समेत 10 सांसदों ने 2011-12 के दौरान निचले सदन में प्रश्नकाल में महज एक-एक सवाल पूछे। | सारांश: लोकसभा के कई नामचीन सदस्य संसद में प्रश्न पूछने के मामले में शून्य हैं और इनमें सोनिया गांधी, लालकृष्ण आडवाणी, मुलायम सिंह यादव, लालू यादव और शरद यादव जैसे दिग्गज शामिल हैं। | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सरकार के साथ टकराव के मोर्चे पर टीम अन्ना गुरुवार को अपने कदम पीछे खींचती दिखी और उसने घोषणा की कि वह कल शाम अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त करेगी। उसने मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था के विकल्प की भी बात की।
हजारे ने दिल्ली में जंतर मंतर पर समर्थकों से कहा, ‘‘2014 के चुनाव में अभी दो साल और हैं। हमें अगले डेढ़ साल में पूरे देश में लोगों के पास जाना है। भूख हड़ताल पर क्यों समय बर्बाद किया जाए? कल शाम पांच सब अनशन समाप्त हो जाएगा।’’ हजारे ने अपने भाषण में राजनीतिक विकल्प तैयार करने के समाज के नजरिए का भी समर्थन किया।
हालांकि, इस बारे में अभी सवाल बरकरार हैं कि टीम अन्ना राजनीतिक विकल्प उपलब्ध कराने के लिए क्या करेगी और क्या वह खुद कोई राजनीतिक पार्टी शुरू करेगी।
टीम अन्ना ने लोगों से कहा कि वे राजनीतिक विकल्प के बारे में संदेशों और ई मेल या उनकी वेबसाइटों पर सर्वेक्षण के जरिए अपनी राय दें।
अन्ना हजारे ने लोकपाल विधेयक की मांग के समर्थन में अपना आंदोलन कल शाम पांच बजे खत्म करने की घोषणा ऐसे दिन की जब 22 गणमान्य लोगों ने टीम अन्ना से अनशन समाप्त करने की अपील की। अरविन्द केजरीवाल और अनशन कर रहे दो अन्य लोगों की हालत बिगड़ने के बीच यह अपील की गयी।
अपील करने वालों में प्रख्यात न्यायविद वी आर कृष्णा अय्यर, पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल वी के सिंह शामिल हैं। अनशन समाप्त करने का यह फैसला हजारे या उनकी टीम के साथ बातचीत नहीं करने के सरकार के रूख के बीच आया है। एक साल पहले ही दोनों पक्ष विधेयक बनाने में शामिल थे और लोकपाल विधेयक के संबंध में संसद ने एक संकल्प पारित किया था।
पिछले साल अप्रैल और अगस्त में सरकार हजारे के आंदोलन के दबाव में झुकती नजर आई थी और उस समय जबर्दस्त भीड़ जुटी थी। टीम अन्ना ने सरकार के खिलाफ जमकर आरोप लगाए गए। हालांकि, हजारे ने प्रणव मुखर्जी के राष्ट्रपति बनने के बाद उन पर हमला बोलने से इनकार कर दिया, लेकिन उनकी टीम के सदस्यों ने आरोप लगाना जारी रखा।
मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था का विकल्प उपलब्ध कराने की बात कहते हुए हजारे ने कोई राजनीतिक दल शुरू करने या इसमें शामिल होने की संभावना से इनकार किया, लेकिन लोगों से कहा कि वे इस बारे में विचार रखें कि विकल्प किस तरह मुहैया कराया जा सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे लिए एक विकल्प के बारे में सेाचने का समय है। हम एक राजनीतिक विकल्प चाहते हैं। लेकिन मैं कोई पार्टी शुरू नहीं करूंगा या किसी पार्टी में शामिल नहीं हूंगा। लोगों को फैसला करना चाहिए कि टिकट किन्हें दिया जाए और उस वैकल्पिक व्यवस्था को कैसे हासिल किया जाए।’’ केजरीवाल ने कहा कि विकल्प के बारे में कहना आसान है, लेकिन इसे करना मुश्किल है। केजरीवाल को अनशन पर बैठे हुए आज नौ दिन हो गए।टिप्पणियां
उन्होंने जेपी आंदोलन का उदाहरण दिया और कहा कि उन्हें इस बात की चिंता है कि कहीं विकल्प में कोई भ्रष्ट नेता पैदा न हो जाए। अन्ना हजारे द्वारा अनशन समाप्त किए जाने की घोषणा को लेकर यह सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या इससे उनके सहयोगी आश्चर्यचकित रह गए।
उन्होंने यह घोषणा आज शाम चार बजे की और कहा कि वह और उनके सहयोगी कल अपना अनशन समाप्त करेंगे। उन्होंने यह घोषणा अपने 30 मिनट के भाषण में नहीं की, लेकिन तब की जब उनके सहयोगी अरविन्द केजरीवाल, किरण बेदी और कुमार विश्वास बोल चुके थे। हजारे के पहले भाषण में अनशन समाप्त किए जाने का कोई संकेत नहीं था।
हजारे ने दिल्ली में जंतर मंतर पर समर्थकों से कहा, ‘‘2014 के चुनाव में अभी दो साल और हैं। हमें अगले डेढ़ साल में पूरे देश में लोगों के पास जाना है। भूख हड़ताल पर क्यों समय बर्बाद किया जाए? कल शाम पांच सब अनशन समाप्त हो जाएगा।’’ हजारे ने अपने भाषण में राजनीतिक विकल्प तैयार करने के समाज के नजरिए का भी समर्थन किया।
हालांकि, इस बारे में अभी सवाल बरकरार हैं कि टीम अन्ना राजनीतिक विकल्प उपलब्ध कराने के लिए क्या करेगी और क्या वह खुद कोई राजनीतिक पार्टी शुरू करेगी।
टीम अन्ना ने लोगों से कहा कि वे राजनीतिक विकल्प के बारे में संदेशों और ई मेल या उनकी वेबसाइटों पर सर्वेक्षण के जरिए अपनी राय दें।
अन्ना हजारे ने लोकपाल विधेयक की मांग के समर्थन में अपना आंदोलन कल शाम पांच बजे खत्म करने की घोषणा ऐसे दिन की जब 22 गणमान्य लोगों ने टीम अन्ना से अनशन समाप्त करने की अपील की। अरविन्द केजरीवाल और अनशन कर रहे दो अन्य लोगों की हालत बिगड़ने के बीच यह अपील की गयी।
अपील करने वालों में प्रख्यात न्यायविद वी आर कृष्णा अय्यर, पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल वी के सिंह शामिल हैं। अनशन समाप्त करने का यह फैसला हजारे या उनकी टीम के साथ बातचीत नहीं करने के सरकार के रूख के बीच आया है। एक साल पहले ही दोनों पक्ष विधेयक बनाने में शामिल थे और लोकपाल विधेयक के संबंध में संसद ने एक संकल्प पारित किया था।
पिछले साल अप्रैल और अगस्त में सरकार हजारे के आंदोलन के दबाव में झुकती नजर आई थी और उस समय जबर्दस्त भीड़ जुटी थी। टीम अन्ना ने सरकार के खिलाफ जमकर आरोप लगाए गए। हालांकि, हजारे ने प्रणव मुखर्जी के राष्ट्रपति बनने के बाद उन पर हमला बोलने से इनकार कर दिया, लेकिन उनकी टीम के सदस्यों ने आरोप लगाना जारी रखा।
मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था का विकल्प उपलब्ध कराने की बात कहते हुए हजारे ने कोई राजनीतिक दल शुरू करने या इसमें शामिल होने की संभावना से इनकार किया, लेकिन लोगों से कहा कि वे इस बारे में विचार रखें कि विकल्प किस तरह मुहैया कराया जा सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे लिए एक विकल्प के बारे में सेाचने का समय है। हम एक राजनीतिक विकल्प चाहते हैं। लेकिन मैं कोई पार्टी शुरू नहीं करूंगा या किसी पार्टी में शामिल नहीं हूंगा। लोगों को फैसला करना चाहिए कि टिकट किन्हें दिया जाए और उस वैकल्पिक व्यवस्था को कैसे हासिल किया जाए।’’ केजरीवाल ने कहा कि विकल्प के बारे में कहना आसान है, लेकिन इसे करना मुश्किल है। केजरीवाल को अनशन पर बैठे हुए आज नौ दिन हो गए।टिप्पणियां
उन्होंने जेपी आंदोलन का उदाहरण दिया और कहा कि उन्हें इस बात की चिंता है कि कहीं विकल्प में कोई भ्रष्ट नेता पैदा न हो जाए। अन्ना हजारे द्वारा अनशन समाप्त किए जाने की घोषणा को लेकर यह सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या इससे उनके सहयोगी आश्चर्यचकित रह गए।
उन्होंने यह घोषणा आज शाम चार बजे की और कहा कि वह और उनके सहयोगी कल अपना अनशन समाप्त करेंगे। उन्होंने यह घोषणा अपने 30 मिनट के भाषण में नहीं की, लेकिन तब की जब उनके सहयोगी अरविन्द केजरीवाल, किरण बेदी और कुमार विश्वास बोल चुके थे। हजारे के पहले भाषण में अनशन समाप्त किए जाने का कोई संकेत नहीं था।
हालांकि, इस बारे में अभी सवाल बरकरार हैं कि टीम अन्ना राजनीतिक विकल्प उपलब्ध कराने के लिए क्या करेगी और क्या वह खुद कोई राजनीतिक पार्टी शुरू करेगी।
टीम अन्ना ने लोगों से कहा कि वे राजनीतिक विकल्प के बारे में संदेशों और ई मेल या उनकी वेबसाइटों पर सर्वेक्षण के जरिए अपनी राय दें।
अन्ना हजारे ने लोकपाल विधेयक की मांग के समर्थन में अपना आंदोलन कल शाम पांच बजे खत्म करने की घोषणा ऐसे दिन की जब 22 गणमान्य लोगों ने टीम अन्ना से अनशन समाप्त करने की अपील की। अरविन्द केजरीवाल और अनशन कर रहे दो अन्य लोगों की हालत बिगड़ने के बीच यह अपील की गयी।
अपील करने वालों में प्रख्यात न्यायविद वी आर कृष्णा अय्यर, पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल वी के सिंह शामिल हैं। अनशन समाप्त करने का यह फैसला हजारे या उनकी टीम के साथ बातचीत नहीं करने के सरकार के रूख के बीच आया है। एक साल पहले ही दोनों पक्ष विधेयक बनाने में शामिल थे और लोकपाल विधेयक के संबंध में संसद ने एक संकल्प पारित किया था।
पिछले साल अप्रैल और अगस्त में सरकार हजारे के आंदोलन के दबाव में झुकती नजर आई थी और उस समय जबर्दस्त भीड़ जुटी थी। टीम अन्ना ने सरकार के खिलाफ जमकर आरोप लगाए गए। हालांकि, हजारे ने प्रणव मुखर्जी के राष्ट्रपति बनने के बाद उन पर हमला बोलने से इनकार कर दिया, लेकिन उनकी टीम के सदस्यों ने आरोप लगाना जारी रखा।
मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था का विकल्प उपलब्ध कराने की बात कहते हुए हजारे ने कोई राजनीतिक दल शुरू करने या इसमें शामिल होने की संभावना से इनकार किया, लेकिन लोगों से कहा कि वे इस बारे में विचार रखें कि विकल्प किस तरह मुहैया कराया जा सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे लिए एक विकल्प के बारे में सेाचने का समय है। हम एक राजनीतिक विकल्प चाहते हैं। लेकिन मैं कोई पार्टी शुरू नहीं करूंगा या किसी पार्टी में शामिल नहीं हूंगा। लोगों को फैसला करना चाहिए कि टिकट किन्हें दिया जाए और उस वैकल्पिक व्यवस्था को कैसे हासिल किया जाए।’’ केजरीवाल ने कहा कि विकल्प के बारे में कहना आसान है, लेकिन इसे करना मुश्किल है। केजरीवाल को अनशन पर बैठे हुए आज नौ दिन हो गए।टिप्पणियां
उन्होंने जेपी आंदोलन का उदाहरण दिया और कहा कि उन्हें इस बात की चिंता है कि कहीं विकल्प में कोई भ्रष्ट नेता पैदा न हो जाए। अन्ना हजारे द्वारा अनशन समाप्त किए जाने की घोषणा को लेकर यह सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या इससे उनके सहयोगी आश्चर्यचकित रह गए।
उन्होंने यह घोषणा आज शाम चार बजे की और कहा कि वह और उनके सहयोगी कल अपना अनशन समाप्त करेंगे। उन्होंने यह घोषणा अपने 30 मिनट के भाषण में नहीं की, लेकिन तब की जब उनके सहयोगी अरविन्द केजरीवाल, किरण बेदी और कुमार विश्वास बोल चुके थे। हजारे के पहले भाषण में अनशन समाप्त किए जाने का कोई संकेत नहीं था।
टीम अन्ना ने लोगों से कहा कि वे राजनीतिक विकल्प के बारे में संदेशों और ई मेल या उनकी वेबसाइटों पर सर्वेक्षण के जरिए अपनी राय दें।
अन्ना हजारे ने लोकपाल विधेयक की मांग के समर्थन में अपना आंदोलन कल शाम पांच बजे खत्म करने की घोषणा ऐसे दिन की जब 22 गणमान्य लोगों ने टीम अन्ना से अनशन समाप्त करने की अपील की। अरविन्द केजरीवाल और अनशन कर रहे दो अन्य लोगों की हालत बिगड़ने के बीच यह अपील की गयी।
अपील करने वालों में प्रख्यात न्यायविद वी आर कृष्णा अय्यर, पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल वी के सिंह शामिल हैं। अनशन समाप्त करने का यह फैसला हजारे या उनकी टीम के साथ बातचीत नहीं करने के सरकार के रूख के बीच आया है। एक साल पहले ही दोनों पक्ष विधेयक बनाने में शामिल थे और लोकपाल विधेयक के संबंध में संसद ने एक संकल्प पारित किया था।
पिछले साल अप्रैल और अगस्त में सरकार हजारे के आंदोलन के दबाव में झुकती नजर आई थी और उस समय जबर्दस्त भीड़ जुटी थी। टीम अन्ना ने सरकार के खिलाफ जमकर आरोप लगाए गए। हालांकि, हजारे ने प्रणव मुखर्जी के राष्ट्रपति बनने के बाद उन पर हमला बोलने से इनकार कर दिया, लेकिन उनकी टीम के सदस्यों ने आरोप लगाना जारी रखा।
मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था का विकल्प उपलब्ध कराने की बात कहते हुए हजारे ने कोई राजनीतिक दल शुरू करने या इसमें शामिल होने की संभावना से इनकार किया, लेकिन लोगों से कहा कि वे इस बारे में विचार रखें कि विकल्प किस तरह मुहैया कराया जा सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे लिए एक विकल्प के बारे में सेाचने का समय है। हम एक राजनीतिक विकल्प चाहते हैं। लेकिन मैं कोई पार्टी शुरू नहीं करूंगा या किसी पार्टी में शामिल नहीं हूंगा। लोगों को फैसला करना चाहिए कि टिकट किन्हें दिया जाए और उस वैकल्पिक व्यवस्था को कैसे हासिल किया जाए।’’ केजरीवाल ने कहा कि विकल्प के बारे में कहना आसान है, लेकिन इसे करना मुश्किल है। केजरीवाल को अनशन पर बैठे हुए आज नौ दिन हो गए।टिप्पणियां
उन्होंने जेपी आंदोलन का उदाहरण दिया और कहा कि उन्हें इस बात की चिंता है कि कहीं विकल्प में कोई भ्रष्ट नेता पैदा न हो जाए। अन्ना हजारे द्वारा अनशन समाप्त किए जाने की घोषणा को लेकर यह सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या इससे उनके सहयोगी आश्चर्यचकित रह गए।
उन्होंने यह घोषणा आज शाम चार बजे की और कहा कि वह और उनके सहयोगी कल अपना अनशन समाप्त करेंगे। उन्होंने यह घोषणा अपने 30 मिनट के भाषण में नहीं की, लेकिन तब की जब उनके सहयोगी अरविन्द केजरीवाल, किरण बेदी और कुमार विश्वास बोल चुके थे। हजारे के पहले भाषण में अनशन समाप्त किए जाने का कोई संकेत नहीं था।
अन्ना हजारे ने लोकपाल विधेयक की मांग के समर्थन में अपना आंदोलन कल शाम पांच बजे खत्म करने की घोषणा ऐसे दिन की जब 22 गणमान्य लोगों ने टीम अन्ना से अनशन समाप्त करने की अपील की। अरविन्द केजरीवाल और अनशन कर रहे दो अन्य लोगों की हालत बिगड़ने के बीच यह अपील की गयी।
अपील करने वालों में प्रख्यात न्यायविद वी आर कृष्णा अय्यर, पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल वी के सिंह शामिल हैं। अनशन समाप्त करने का यह फैसला हजारे या उनकी टीम के साथ बातचीत नहीं करने के सरकार के रूख के बीच आया है। एक साल पहले ही दोनों पक्ष विधेयक बनाने में शामिल थे और लोकपाल विधेयक के संबंध में संसद ने एक संकल्प पारित किया था।
पिछले साल अप्रैल और अगस्त में सरकार हजारे के आंदोलन के दबाव में झुकती नजर आई थी और उस समय जबर्दस्त भीड़ जुटी थी। टीम अन्ना ने सरकार के खिलाफ जमकर आरोप लगाए गए। हालांकि, हजारे ने प्रणव मुखर्जी के राष्ट्रपति बनने के बाद उन पर हमला बोलने से इनकार कर दिया, लेकिन उनकी टीम के सदस्यों ने आरोप लगाना जारी रखा।
मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था का विकल्प उपलब्ध कराने की बात कहते हुए हजारे ने कोई राजनीतिक दल शुरू करने या इसमें शामिल होने की संभावना से इनकार किया, लेकिन लोगों से कहा कि वे इस बारे में विचार रखें कि विकल्प किस तरह मुहैया कराया जा सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे लिए एक विकल्प के बारे में सेाचने का समय है। हम एक राजनीतिक विकल्प चाहते हैं। लेकिन मैं कोई पार्टी शुरू नहीं करूंगा या किसी पार्टी में शामिल नहीं हूंगा। लोगों को फैसला करना चाहिए कि टिकट किन्हें दिया जाए और उस वैकल्पिक व्यवस्था को कैसे हासिल किया जाए।’’ केजरीवाल ने कहा कि विकल्प के बारे में कहना आसान है, लेकिन इसे करना मुश्किल है। केजरीवाल को अनशन पर बैठे हुए आज नौ दिन हो गए।टिप्पणियां
उन्होंने जेपी आंदोलन का उदाहरण दिया और कहा कि उन्हें इस बात की चिंता है कि कहीं विकल्प में कोई भ्रष्ट नेता पैदा न हो जाए। अन्ना हजारे द्वारा अनशन समाप्त किए जाने की घोषणा को लेकर यह सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या इससे उनके सहयोगी आश्चर्यचकित रह गए।
उन्होंने यह घोषणा आज शाम चार बजे की और कहा कि वह और उनके सहयोगी कल अपना अनशन समाप्त करेंगे। उन्होंने यह घोषणा अपने 30 मिनट के भाषण में नहीं की, लेकिन तब की जब उनके सहयोगी अरविन्द केजरीवाल, किरण बेदी और कुमार विश्वास बोल चुके थे। हजारे के पहले भाषण में अनशन समाप्त किए जाने का कोई संकेत नहीं था।
अपील करने वालों में प्रख्यात न्यायविद वी आर कृष्णा अय्यर, पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल वी के सिंह शामिल हैं। अनशन समाप्त करने का यह फैसला हजारे या उनकी टीम के साथ बातचीत नहीं करने के सरकार के रूख के बीच आया है। एक साल पहले ही दोनों पक्ष विधेयक बनाने में शामिल थे और लोकपाल विधेयक के संबंध में संसद ने एक संकल्प पारित किया था।
पिछले साल अप्रैल और अगस्त में सरकार हजारे के आंदोलन के दबाव में झुकती नजर आई थी और उस समय जबर्दस्त भीड़ जुटी थी। टीम अन्ना ने सरकार के खिलाफ जमकर आरोप लगाए गए। हालांकि, हजारे ने प्रणव मुखर्जी के राष्ट्रपति बनने के बाद उन पर हमला बोलने से इनकार कर दिया, लेकिन उनकी टीम के सदस्यों ने आरोप लगाना जारी रखा।
मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था का विकल्प उपलब्ध कराने की बात कहते हुए हजारे ने कोई राजनीतिक दल शुरू करने या इसमें शामिल होने की संभावना से इनकार किया, लेकिन लोगों से कहा कि वे इस बारे में विचार रखें कि विकल्प किस तरह मुहैया कराया जा सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे लिए एक विकल्प के बारे में सेाचने का समय है। हम एक राजनीतिक विकल्प चाहते हैं। लेकिन मैं कोई पार्टी शुरू नहीं करूंगा या किसी पार्टी में शामिल नहीं हूंगा। लोगों को फैसला करना चाहिए कि टिकट किन्हें दिया जाए और उस वैकल्पिक व्यवस्था को कैसे हासिल किया जाए।’’ केजरीवाल ने कहा कि विकल्प के बारे में कहना आसान है, लेकिन इसे करना मुश्किल है। केजरीवाल को अनशन पर बैठे हुए आज नौ दिन हो गए।टिप्पणियां
उन्होंने जेपी आंदोलन का उदाहरण दिया और कहा कि उन्हें इस बात की चिंता है कि कहीं विकल्प में कोई भ्रष्ट नेता पैदा न हो जाए। अन्ना हजारे द्वारा अनशन समाप्त किए जाने की घोषणा को लेकर यह सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या इससे उनके सहयोगी आश्चर्यचकित रह गए।
उन्होंने यह घोषणा आज शाम चार बजे की और कहा कि वह और उनके सहयोगी कल अपना अनशन समाप्त करेंगे। उन्होंने यह घोषणा अपने 30 मिनट के भाषण में नहीं की, लेकिन तब की जब उनके सहयोगी अरविन्द केजरीवाल, किरण बेदी और कुमार विश्वास बोल चुके थे। हजारे के पहले भाषण में अनशन समाप्त किए जाने का कोई संकेत नहीं था।
पिछले साल अप्रैल और अगस्त में सरकार हजारे के आंदोलन के दबाव में झुकती नजर आई थी और उस समय जबर्दस्त भीड़ जुटी थी। टीम अन्ना ने सरकार के खिलाफ जमकर आरोप लगाए गए। हालांकि, हजारे ने प्रणव मुखर्जी के राष्ट्रपति बनने के बाद उन पर हमला बोलने से इनकार कर दिया, लेकिन उनकी टीम के सदस्यों ने आरोप लगाना जारी रखा।
मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था का विकल्प उपलब्ध कराने की बात कहते हुए हजारे ने कोई राजनीतिक दल शुरू करने या इसमें शामिल होने की संभावना से इनकार किया, लेकिन लोगों से कहा कि वे इस बारे में विचार रखें कि विकल्प किस तरह मुहैया कराया जा सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे लिए एक विकल्प के बारे में सेाचने का समय है। हम एक राजनीतिक विकल्प चाहते हैं। लेकिन मैं कोई पार्टी शुरू नहीं करूंगा या किसी पार्टी में शामिल नहीं हूंगा। लोगों को फैसला करना चाहिए कि टिकट किन्हें दिया जाए और उस वैकल्पिक व्यवस्था को कैसे हासिल किया जाए।’’ केजरीवाल ने कहा कि विकल्प के बारे में कहना आसान है, लेकिन इसे करना मुश्किल है। केजरीवाल को अनशन पर बैठे हुए आज नौ दिन हो गए।टिप्पणियां
उन्होंने जेपी आंदोलन का उदाहरण दिया और कहा कि उन्हें इस बात की चिंता है कि कहीं विकल्प में कोई भ्रष्ट नेता पैदा न हो जाए। अन्ना हजारे द्वारा अनशन समाप्त किए जाने की घोषणा को लेकर यह सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या इससे उनके सहयोगी आश्चर्यचकित रह गए।
उन्होंने यह घोषणा आज शाम चार बजे की और कहा कि वह और उनके सहयोगी कल अपना अनशन समाप्त करेंगे। उन्होंने यह घोषणा अपने 30 मिनट के भाषण में नहीं की, लेकिन तब की जब उनके सहयोगी अरविन्द केजरीवाल, किरण बेदी और कुमार विश्वास बोल चुके थे। हजारे के पहले भाषण में अनशन समाप्त किए जाने का कोई संकेत नहीं था।
मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था का विकल्प उपलब्ध कराने की बात कहते हुए हजारे ने कोई राजनीतिक दल शुरू करने या इसमें शामिल होने की संभावना से इनकार किया, लेकिन लोगों से कहा कि वे इस बारे में विचार रखें कि विकल्प किस तरह मुहैया कराया जा सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे लिए एक विकल्प के बारे में सेाचने का समय है। हम एक राजनीतिक विकल्प चाहते हैं। लेकिन मैं कोई पार्टी शुरू नहीं करूंगा या किसी पार्टी में शामिल नहीं हूंगा। लोगों को फैसला करना चाहिए कि टिकट किन्हें दिया जाए और उस वैकल्पिक व्यवस्था को कैसे हासिल किया जाए।’’ केजरीवाल ने कहा कि विकल्प के बारे में कहना आसान है, लेकिन इसे करना मुश्किल है। केजरीवाल को अनशन पर बैठे हुए आज नौ दिन हो गए।टिप्पणियां
उन्होंने जेपी आंदोलन का उदाहरण दिया और कहा कि उन्हें इस बात की चिंता है कि कहीं विकल्प में कोई भ्रष्ट नेता पैदा न हो जाए। अन्ना हजारे द्वारा अनशन समाप्त किए जाने की घोषणा को लेकर यह सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या इससे उनके सहयोगी आश्चर्यचकित रह गए।
उन्होंने यह घोषणा आज शाम चार बजे की और कहा कि वह और उनके सहयोगी कल अपना अनशन समाप्त करेंगे। उन्होंने यह घोषणा अपने 30 मिनट के भाषण में नहीं की, लेकिन तब की जब उनके सहयोगी अरविन्द केजरीवाल, किरण बेदी और कुमार विश्वास बोल चुके थे। हजारे के पहले भाषण में अनशन समाप्त किए जाने का कोई संकेत नहीं था।
उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे लिए एक विकल्प के बारे में सेाचने का समय है। हम एक राजनीतिक विकल्प चाहते हैं। लेकिन मैं कोई पार्टी शुरू नहीं करूंगा या किसी पार्टी में शामिल नहीं हूंगा। लोगों को फैसला करना चाहिए कि टिकट किन्हें दिया जाए और उस वैकल्पिक व्यवस्था को कैसे हासिल किया जाए।’’ केजरीवाल ने कहा कि विकल्प के बारे में कहना आसान है, लेकिन इसे करना मुश्किल है। केजरीवाल को अनशन पर बैठे हुए आज नौ दिन हो गए।टिप्पणियां
उन्होंने जेपी आंदोलन का उदाहरण दिया और कहा कि उन्हें इस बात की चिंता है कि कहीं विकल्प में कोई भ्रष्ट नेता पैदा न हो जाए। अन्ना हजारे द्वारा अनशन समाप्त किए जाने की घोषणा को लेकर यह सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या इससे उनके सहयोगी आश्चर्यचकित रह गए।
उन्होंने यह घोषणा आज शाम चार बजे की और कहा कि वह और उनके सहयोगी कल अपना अनशन समाप्त करेंगे। उन्होंने यह घोषणा अपने 30 मिनट के भाषण में नहीं की, लेकिन तब की जब उनके सहयोगी अरविन्द केजरीवाल, किरण बेदी और कुमार विश्वास बोल चुके थे। हजारे के पहले भाषण में अनशन समाप्त किए जाने का कोई संकेत नहीं था।
उन्होंने जेपी आंदोलन का उदाहरण दिया और कहा कि उन्हें इस बात की चिंता है कि कहीं विकल्प में कोई भ्रष्ट नेता पैदा न हो जाए। अन्ना हजारे द्वारा अनशन समाप्त किए जाने की घोषणा को लेकर यह सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या इससे उनके सहयोगी आश्चर्यचकित रह गए।
उन्होंने यह घोषणा आज शाम चार बजे की और कहा कि वह और उनके सहयोगी कल अपना अनशन समाप्त करेंगे। उन्होंने यह घोषणा अपने 30 मिनट के भाषण में नहीं की, लेकिन तब की जब उनके सहयोगी अरविन्द केजरीवाल, किरण बेदी और कुमार विश्वास बोल चुके थे। हजारे के पहले भाषण में अनशन समाप्त किए जाने का कोई संकेत नहीं था।
उन्होंने यह घोषणा आज शाम चार बजे की और कहा कि वह और उनके सहयोगी कल अपना अनशन समाप्त करेंगे। उन्होंने यह घोषणा अपने 30 मिनट के भाषण में नहीं की, लेकिन तब की जब उनके सहयोगी अरविन्द केजरीवाल, किरण बेदी और कुमार विश्वास बोल चुके थे। हजारे के पहले भाषण में अनशन समाप्त किए जाने का कोई संकेत नहीं था। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अन्ना हजारे ने कहा कि वह खुद राजनीति में नहीं जाएंगे, लेकिन लोगों को राजनीतिक विकल्प देना जरूरी हो गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि अनशन कल शाम को खत्म हो जाएगा। | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली हाईकोर्ट परिसर के गेट नंबर-5 के पास बुधवार को एक जोरदार धमाका हुआ, जिसमें मरनेवालों की संख्या 13 हो गई है। गुरुवार शाम धमाके में घायल 55 वर्षीय एक शख्स की आरएमएल अस्पताल में मौत हो गई। इसमें 74 लोग घायल हुए हैं। सरकार ने मरने वाले को 4 लाख और घायल को 1 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। पुलिस के अनुसार एक सूटकेस में बम रखा गया था। यह एक बड़ा धमाका था और सुबह 10: 15 बजे हुए इस धमाके की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी। बुधवार को आम तौर पर अदालत में अधिक कामकाज होता है, क्योंकि यह दिन जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के लिए मुकर्रर है और लोग बड़ी संख्या में अदालत परिसर में आते हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि गेट नंबर-5 के पास सुरक्षा काउंटर के पास शायद एक ब्रीफकेस में बम रखा गया था। इसी जगह से आगंतुकों के लिए पास जारी किए जाते हैं। दिल्ली हाईकोर्ट में चार महीनों के भीतर विस्फोट की यह दूसरी घटना है। गृह मंत्रालय ने इसे आतंकी हमला कहा है। दिल्ली हाईकोर्ट में इससे पहले 25 मई को धमाका हुआ था, लेकिन लगता है कि यहां सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता नहीं किए गए थे। | सारांश: दिल्ली हाईकोर्ट परिसर के गेट नंबर-5 के पास कल हुए धमाके में घायल एक और शख्स की मौत के बाद विस्फोट में मरनेवालों की संख्या 13 हो गई है। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: लियोन पैनेटा ने अमेरिकी रक्षामंत्री के तौर पर अपने अंतिम संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ओसामा बिन लादेन को उसके पाकिस्तान स्थित ठिकाने में मार गिराने का साहसिक अभियान बहुत जोखिम भरा था, क्योंकि वहां अल कायदा सरगना की मौजूदगी की शत-प्रतिशत पुष्टि नहीं हुई थी।
सीआईए के निदेशक के तौर पर पैनेटा ने ओसामा का पता लगाने और उसे मार गिराने के अभियान में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद उन्हें राष्ट्रपति बराक ओबामा ने रक्षामंत्री बना दिया था।
पैनेटा ने कहा, मैंने जो देखा... वह बहुत पेशेवर खुफिया अभियान था, जिसमें ऐबटाबाद में उस ठिकाने का पता लगाया जा सका। सीनेट की मुहर लगने के बाद पैनेटा की जगह नेबरास्का के पूर्व सीनेटर चुक हैगल ले सकते हैं। पैनेटा ने कहा, मेरा मानना है कि खुफिया पक्ष की ओर से सारा कामकाज किए जाने के बावजूद हम चीजों को जोड़ने में लगे हुए थे। हमें कभी शत-प्रतिशत विश्वास नहीं था कि वहां बिन लादेन का ठिकाना है, इसलिए शुरुआत से ही यह बहुत जोखिम भरा था।
उन्होंने कहा, हमने लगातार खुफिया जानकारी पर नजर रखी। हर समय यही लग रहा था कि वहां बिन लादेन है, लेकिन साफ कहूं तो हम शत-प्रतिशत आश्वस्त नहीं थे। पैनेटा ने खुलासा किया कि अभियान की योजना के दौरान अनेक अलग-अलग राय थीं, जिनसे इस बारे में सवाल और चिंताएं उठीं कि अमेरिका को ऐसा करना चाहिए या नहीं। हालांकि उन्होंने कहा, मैं बहुत आश्वस्त था कि हमारे पास जो जानकारी है, वह टोरा-बोरा के बाद से बिन लादेन के बारे में हमारी सर्वश्रेष्ठ जानकारी है। टिप्पणियां
पैनेटा ने कहा, अभियान के दौरान कुछ क्षण थे, जब हम घटनाक्रम को लेकर बहुत नर्वस थे। लेकिन मुझे इस बात से विश्वास मिला कि अभियान को अंजाम देते हुए आत्मविश्वास से आगे बढ़ना चाहिए। अंत में विश्वास की जीत हुई। उन्होंने कहा कि बिन लादेन अल कायदा के लिए प्रेरक नेता रहा, लेकिन उनके लिए खतरनाक बना रहा।
उन्होंने कहा, जाहिर तौर पर वह अल कायदा के अग्रिम पंक्ति के नेताओं के करीब नहीं था, लेकिन वह उनके संपर्क में रहा, उनसे बातचीत करता रहा। मुझे लगता है कि इस वजह से वह 9/11 की तरह के हमलों को अंजाम देने के लिहाज से बहुत खतरनाक रहा, जिसका हम शिकार हुए। पैनेटा ने कहा, इसलिए मुझे लगता है कि वह नि:संदेह अमेरिका के लिए खतरा बना रहा।
सीआईए के निदेशक के तौर पर पैनेटा ने ओसामा का पता लगाने और उसे मार गिराने के अभियान में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद उन्हें राष्ट्रपति बराक ओबामा ने रक्षामंत्री बना दिया था।
पैनेटा ने कहा, मैंने जो देखा... वह बहुत पेशेवर खुफिया अभियान था, जिसमें ऐबटाबाद में उस ठिकाने का पता लगाया जा सका। सीनेट की मुहर लगने के बाद पैनेटा की जगह नेबरास्का के पूर्व सीनेटर चुक हैगल ले सकते हैं। पैनेटा ने कहा, मेरा मानना है कि खुफिया पक्ष की ओर से सारा कामकाज किए जाने के बावजूद हम चीजों को जोड़ने में लगे हुए थे। हमें कभी शत-प्रतिशत विश्वास नहीं था कि वहां बिन लादेन का ठिकाना है, इसलिए शुरुआत से ही यह बहुत जोखिम भरा था।
उन्होंने कहा, हमने लगातार खुफिया जानकारी पर नजर रखी। हर समय यही लग रहा था कि वहां बिन लादेन है, लेकिन साफ कहूं तो हम शत-प्रतिशत आश्वस्त नहीं थे। पैनेटा ने खुलासा किया कि अभियान की योजना के दौरान अनेक अलग-अलग राय थीं, जिनसे इस बारे में सवाल और चिंताएं उठीं कि अमेरिका को ऐसा करना चाहिए या नहीं। हालांकि उन्होंने कहा, मैं बहुत आश्वस्त था कि हमारे पास जो जानकारी है, वह टोरा-बोरा के बाद से बिन लादेन के बारे में हमारी सर्वश्रेष्ठ जानकारी है। टिप्पणियां
पैनेटा ने कहा, अभियान के दौरान कुछ क्षण थे, जब हम घटनाक्रम को लेकर बहुत नर्वस थे। लेकिन मुझे इस बात से विश्वास मिला कि अभियान को अंजाम देते हुए आत्मविश्वास से आगे बढ़ना चाहिए। अंत में विश्वास की जीत हुई। उन्होंने कहा कि बिन लादेन अल कायदा के लिए प्रेरक नेता रहा, लेकिन उनके लिए खतरनाक बना रहा।
उन्होंने कहा, जाहिर तौर पर वह अल कायदा के अग्रिम पंक्ति के नेताओं के करीब नहीं था, लेकिन वह उनके संपर्क में रहा, उनसे बातचीत करता रहा। मुझे लगता है कि इस वजह से वह 9/11 की तरह के हमलों को अंजाम देने के लिहाज से बहुत खतरनाक रहा, जिसका हम शिकार हुए। पैनेटा ने कहा, इसलिए मुझे लगता है कि वह नि:संदेह अमेरिका के लिए खतरा बना रहा।
पैनेटा ने कहा, मैंने जो देखा... वह बहुत पेशेवर खुफिया अभियान था, जिसमें ऐबटाबाद में उस ठिकाने का पता लगाया जा सका। सीनेट की मुहर लगने के बाद पैनेटा की जगह नेबरास्का के पूर्व सीनेटर चुक हैगल ले सकते हैं। पैनेटा ने कहा, मेरा मानना है कि खुफिया पक्ष की ओर से सारा कामकाज किए जाने के बावजूद हम चीजों को जोड़ने में लगे हुए थे। हमें कभी शत-प्रतिशत विश्वास नहीं था कि वहां बिन लादेन का ठिकाना है, इसलिए शुरुआत से ही यह बहुत जोखिम भरा था।
उन्होंने कहा, हमने लगातार खुफिया जानकारी पर नजर रखी। हर समय यही लग रहा था कि वहां बिन लादेन है, लेकिन साफ कहूं तो हम शत-प्रतिशत आश्वस्त नहीं थे। पैनेटा ने खुलासा किया कि अभियान की योजना के दौरान अनेक अलग-अलग राय थीं, जिनसे इस बारे में सवाल और चिंताएं उठीं कि अमेरिका को ऐसा करना चाहिए या नहीं। हालांकि उन्होंने कहा, मैं बहुत आश्वस्त था कि हमारे पास जो जानकारी है, वह टोरा-बोरा के बाद से बिन लादेन के बारे में हमारी सर्वश्रेष्ठ जानकारी है। टिप्पणियां
पैनेटा ने कहा, अभियान के दौरान कुछ क्षण थे, जब हम घटनाक्रम को लेकर बहुत नर्वस थे। लेकिन मुझे इस बात से विश्वास मिला कि अभियान को अंजाम देते हुए आत्मविश्वास से आगे बढ़ना चाहिए। अंत में विश्वास की जीत हुई। उन्होंने कहा कि बिन लादेन अल कायदा के लिए प्रेरक नेता रहा, लेकिन उनके लिए खतरनाक बना रहा।
उन्होंने कहा, जाहिर तौर पर वह अल कायदा के अग्रिम पंक्ति के नेताओं के करीब नहीं था, लेकिन वह उनके संपर्क में रहा, उनसे बातचीत करता रहा। मुझे लगता है कि इस वजह से वह 9/11 की तरह के हमलों को अंजाम देने के लिहाज से बहुत खतरनाक रहा, जिसका हम शिकार हुए। पैनेटा ने कहा, इसलिए मुझे लगता है कि वह नि:संदेह अमेरिका के लिए खतरा बना रहा।
उन्होंने कहा, हमने लगातार खुफिया जानकारी पर नजर रखी। हर समय यही लग रहा था कि वहां बिन लादेन है, लेकिन साफ कहूं तो हम शत-प्रतिशत आश्वस्त नहीं थे। पैनेटा ने खुलासा किया कि अभियान की योजना के दौरान अनेक अलग-अलग राय थीं, जिनसे इस बारे में सवाल और चिंताएं उठीं कि अमेरिका को ऐसा करना चाहिए या नहीं। हालांकि उन्होंने कहा, मैं बहुत आश्वस्त था कि हमारे पास जो जानकारी है, वह टोरा-बोरा के बाद से बिन लादेन के बारे में हमारी सर्वश्रेष्ठ जानकारी है। टिप्पणियां
पैनेटा ने कहा, अभियान के दौरान कुछ क्षण थे, जब हम घटनाक्रम को लेकर बहुत नर्वस थे। लेकिन मुझे इस बात से विश्वास मिला कि अभियान को अंजाम देते हुए आत्मविश्वास से आगे बढ़ना चाहिए। अंत में विश्वास की जीत हुई। उन्होंने कहा कि बिन लादेन अल कायदा के लिए प्रेरक नेता रहा, लेकिन उनके लिए खतरनाक बना रहा।
उन्होंने कहा, जाहिर तौर पर वह अल कायदा के अग्रिम पंक्ति के नेताओं के करीब नहीं था, लेकिन वह उनके संपर्क में रहा, उनसे बातचीत करता रहा। मुझे लगता है कि इस वजह से वह 9/11 की तरह के हमलों को अंजाम देने के लिहाज से बहुत खतरनाक रहा, जिसका हम शिकार हुए। पैनेटा ने कहा, इसलिए मुझे लगता है कि वह नि:संदेह अमेरिका के लिए खतरा बना रहा।
पैनेटा ने कहा, अभियान के दौरान कुछ क्षण थे, जब हम घटनाक्रम को लेकर बहुत नर्वस थे। लेकिन मुझे इस बात से विश्वास मिला कि अभियान को अंजाम देते हुए आत्मविश्वास से आगे बढ़ना चाहिए। अंत में विश्वास की जीत हुई। उन्होंने कहा कि बिन लादेन अल कायदा के लिए प्रेरक नेता रहा, लेकिन उनके लिए खतरनाक बना रहा।
उन्होंने कहा, जाहिर तौर पर वह अल कायदा के अग्रिम पंक्ति के नेताओं के करीब नहीं था, लेकिन वह उनके संपर्क में रहा, उनसे बातचीत करता रहा। मुझे लगता है कि इस वजह से वह 9/11 की तरह के हमलों को अंजाम देने के लिहाज से बहुत खतरनाक रहा, जिसका हम शिकार हुए। पैनेटा ने कहा, इसलिए मुझे लगता है कि वह नि:संदेह अमेरिका के लिए खतरा बना रहा।
उन्होंने कहा, जाहिर तौर पर वह अल कायदा के अग्रिम पंक्ति के नेताओं के करीब नहीं था, लेकिन वह उनके संपर्क में रहा, उनसे बातचीत करता रहा। मुझे लगता है कि इस वजह से वह 9/11 की तरह के हमलों को अंजाम देने के लिहाज से बहुत खतरनाक रहा, जिसका हम शिकार हुए। पैनेटा ने कहा, इसलिए मुझे लगता है कि वह नि:संदेह अमेरिका के लिए खतरा बना रहा। | संक्षिप्त सारांश: लियोन पैनेटा ने अमेरिकी रक्षामंत्री के तौर पर अपने अंतिम संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ओसामा बिन लादेन को उसके पाकिस्तान स्थित ठिकाने में मार गिराने का अभियान बहुत जोखिम भरा था, क्योंकि वहां अल कायदा सरगना की मौजूदगी की शत-प्रतिशत पुष्टि नहीं हुई थी। | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अर्थशास्त्रियों का मानना है कि पेट्रोल के दामों में हाल में की गई 5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की मार आम आदमी पर पड़ेगी। उनका मानना है कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि का कुल मुद्रास्फीति पर सीधा असर कम होगा, पर परिवहन की लागत बढ़ने से अन्य वस्तुओं के दाम बढ़ेंगे। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर सीपी चंद्रशेखर ने कहा, पेट्रोल के दाम बढ़ने से परिवहन की लागत बढ़ेगी, जिससे रहन-सहन के खर्च में इजाफा होगा। इससे महंगाई भी बढ़ेगी। पेट्रोलियम कंपनियों ने पिछले शनिवार को पेट्रोल के दाम 5 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री डीके जोशी ने कहा, जहां तक पेट्रोल के दामों में वृद्धि का थोक मूल्यों पर असर पड़ने का सवाल है, इससे महंगाई की दर में 0.10 प्रतिशत का इजाफा होगा। चंद्रशेखर ने कहा कि इस साल किसी भी समय महंगाई की दर दो अंक में पहुंच सकती है। उन्होंने कहा, सरकार पेट्रोल कीमतों में वृद्धि का यह कहकर बचाव कर रही है कि इसका फैसला तेल विपणन कंपनियों ने किया है। यस बैंक की मुख्य अर्थशास्त्री शुभदा एम राव ने कहा कि अप्रैल के महंगाई के आंकड़ों के आधार पर देखा जाए, तो पेट्रोल कीमत वृद्धि का कुल मुद्रास्फीति पर 0.10 प्रतिशत का असर पड़ेगा। राव ने कहा कि महंगाई के वर्तमान स्तर को देखते हुए यह नवंबर माह तक उंचे 9 फीसद के स्तर पर बनी रहेगी। हमें लगता है कि भारतीय रिजर्व बैंक इस साल रेपो दरों में आधा से 0.75 प्रतिशत तक की और वृद्धि करेगा। इसी तरह की राय जाहिर करते हुए जोशी ने कहा कि केंद्रीय बैंक साल के दौरान रेपो दर में आधा प्रतिशत की और बढ़ोतरी करेगा। | अर्थशास्त्रियों का मानना है कि पेट्रोल के दामों में हाल में की गई 5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की मार आम आदमी पर पड़ेगी। | 1 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारत के विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर और विदेशी मामलों पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के सलाहकार सरताज अजीज दोनों इस समय बेल्ज़ियम की राजधानी ब्रसेल्स में हैं. दोनों यहां अफगानिस्तान पर हो रहे कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने पहुंचे हैं. यह कॉन्फ्रेंस 4 और 5 अक्टूबर दो दिनों की है. भारत और पाकिस्तान दोनों तरफ से यह साफ कर दिया गया है कि दोनों के बीच कोई आपसी मुलाकात का कार्यक्रम तय नहीं है, हालांकि जब दोनों एक शहर में हैं तो नजर इस बात पर होगी कि दोनों औपचारिक तौर पर न सही, लेकिन क्या अनौपचारिक तौर पर ही सही, आपस में मिलेंगे.
उम्मीद और बढ़ जाती है जब दोनों कॉन्फ्रेंस के दौरान एक हॉल के भीतर मौजूद होंगे. उरी और सर्जिकल स्ट्राइक के बाद यह पहला मौक़ा है जब देशों के मंत्री स्तर के राजनेता एक कॉन्फ्रेंस में मौजूद होंगे.
ऐसी उम्मीद इसलिए जताई जा रही है कि पिछले 48 घंटों में दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षाकारों के बीच दो बार बातचीत ख़बर आई है. यह भी कहा गया कि इस बातचीत में दोनों एनएसए एलओसी पर तनाव घटाने को सहमत हो गए हालांकि यह खबर पाकिस्तान की मीडिया के हवाले से आई, लेकिन भारतीय विदेश मंत्रालय या एनएसए के दफ्तर की तरफ से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई, न ही इस ख़बर से इंकार किया गया. टिप्पणियां
एक तथ्य यह भी है कि अकबर और अजीज ब्रसेल्स के किसी गुपचुप दौरे पर नहीं हैं बल्कि अफगानिस्तान कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने के लिए घोषित दौरे पर हैं इसलिए यह मामला दोनों देशों के एनएसए की उस गुपचुप मुलाक़ात से बिल्कुल अलग है, जो उन्होंने बातचीत को पटरी पर लाने के लिए बैंकॉक में की थी. फिर यह भी देखा गया है कि पिछले साल संयुक्त राष्ट्र महाधिवेशन में हिस्सा लेने न्यूयॉर्क पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी और नवाज़ शरीफ़ एक ही होटल में वाल्डॉर्फ इस्टोरिया में रहते हुए भी आपस में नहीं मिले. औपचारिक तो दूर अनौपचारिक तौर पर भी नहीं. इसी तरह सुषमा स्वराज और सरताज़ अज़ीज न्यूयॉर्क में ही आमने-सामने होने के बावजूद नहीं मिले.
उरी हमले और फिर भारत की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच जिस तरह का तनाव है, ऐसे में दुनिया के कई देशों का ज़ोर इस बात पर है कि दोनों देश मामले को ठंडा करें. यह एक मौक़ा हो सकता है जब दोनों देशों के बीच कुछ बात की गुंजाइश बने.
उम्मीद और बढ़ जाती है जब दोनों कॉन्फ्रेंस के दौरान एक हॉल के भीतर मौजूद होंगे. उरी और सर्जिकल स्ट्राइक के बाद यह पहला मौक़ा है जब देशों के मंत्री स्तर के राजनेता एक कॉन्फ्रेंस में मौजूद होंगे.
ऐसी उम्मीद इसलिए जताई जा रही है कि पिछले 48 घंटों में दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षाकारों के बीच दो बार बातचीत ख़बर आई है. यह भी कहा गया कि इस बातचीत में दोनों एनएसए एलओसी पर तनाव घटाने को सहमत हो गए हालांकि यह खबर पाकिस्तान की मीडिया के हवाले से आई, लेकिन भारतीय विदेश मंत्रालय या एनएसए के दफ्तर की तरफ से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई, न ही इस ख़बर से इंकार किया गया. टिप्पणियां
एक तथ्य यह भी है कि अकबर और अजीज ब्रसेल्स के किसी गुपचुप दौरे पर नहीं हैं बल्कि अफगानिस्तान कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने के लिए घोषित दौरे पर हैं इसलिए यह मामला दोनों देशों के एनएसए की उस गुपचुप मुलाक़ात से बिल्कुल अलग है, जो उन्होंने बातचीत को पटरी पर लाने के लिए बैंकॉक में की थी. फिर यह भी देखा गया है कि पिछले साल संयुक्त राष्ट्र महाधिवेशन में हिस्सा लेने न्यूयॉर्क पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी और नवाज़ शरीफ़ एक ही होटल में वाल्डॉर्फ इस्टोरिया में रहते हुए भी आपस में नहीं मिले. औपचारिक तो दूर अनौपचारिक तौर पर भी नहीं. इसी तरह सुषमा स्वराज और सरताज़ अज़ीज न्यूयॉर्क में ही आमने-सामने होने के बावजूद नहीं मिले.
उरी हमले और फिर भारत की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच जिस तरह का तनाव है, ऐसे में दुनिया के कई देशों का ज़ोर इस बात पर है कि दोनों देश मामले को ठंडा करें. यह एक मौक़ा हो सकता है जब दोनों देशों के बीच कुछ बात की गुंजाइश बने.
ऐसी उम्मीद इसलिए जताई जा रही है कि पिछले 48 घंटों में दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षाकारों के बीच दो बार बातचीत ख़बर आई है. यह भी कहा गया कि इस बातचीत में दोनों एनएसए एलओसी पर तनाव घटाने को सहमत हो गए हालांकि यह खबर पाकिस्तान की मीडिया के हवाले से आई, लेकिन भारतीय विदेश मंत्रालय या एनएसए के दफ्तर की तरफ से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई, न ही इस ख़बर से इंकार किया गया. टिप्पणियां
एक तथ्य यह भी है कि अकबर और अजीज ब्रसेल्स के किसी गुपचुप दौरे पर नहीं हैं बल्कि अफगानिस्तान कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने के लिए घोषित दौरे पर हैं इसलिए यह मामला दोनों देशों के एनएसए की उस गुपचुप मुलाक़ात से बिल्कुल अलग है, जो उन्होंने बातचीत को पटरी पर लाने के लिए बैंकॉक में की थी. फिर यह भी देखा गया है कि पिछले साल संयुक्त राष्ट्र महाधिवेशन में हिस्सा लेने न्यूयॉर्क पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी और नवाज़ शरीफ़ एक ही होटल में वाल्डॉर्फ इस्टोरिया में रहते हुए भी आपस में नहीं मिले. औपचारिक तो दूर अनौपचारिक तौर पर भी नहीं. इसी तरह सुषमा स्वराज और सरताज़ अज़ीज न्यूयॉर्क में ही आमने-सामने होने के बावजूद नहीं मिले.
उरी हमले और फिर भारत की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच जिस तरह का तनाव है, ऐसे में दुनिया के कई देशों का ज़ोर इस बात पर है कि दोनों देश मामले को ठंडा करें. यह एक मौक़ा हो सकता है जब दोनों देशों के बीच कुछ बात की गुंजाइश बने.
एक तथ्य यह भी है कि अकबर और अजीज ब्रसेल्स के किसी गुपचुप दौरे पर नहीं हैं बल्कि अफगानिस्तान कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने के लिए घोषित दौरे पर हैं इसलिए यह मामला दोनों देशों के एनएसए की उस गुपचुप मुलाक़ात से बिल्कुल अलग है, जो उन्होंने बातचीत को पटरी पर लाने के लिए बैंकॉक में की थी. फिर यह भी देखा गया है कि पिछले साल संयुक्त राष्ट्र महाधिवेशन में हिस्सा लेने न्यूयॉर्क पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी और नवाज़ शरीफ़ एक ही होटल में वाल्डॉर्फ इस्टोरिया में रहते हुए भी आपस में नहीं मिले. औपचारिक तो दूर अनौपचारिक तौर पर भी नहीं. इसी तरह सुषमा स्वराज और सरताज़ अज़ीज न्यूयॉर्क में ही आमने-सामने होने के बावजूद नहीं मिले.
उरी हमले और फिर भारत की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच जिस तरह का तनाव है, ऐसे में दुनिया के कई देशों का ज़ोर इस बात पर है कि दोनों देश मामले को ठंडा करें. यह एक मौक़ा हो सकता है जब दोनों देशों के बीच कुछ बात की गुंजाइश बने.
उरी हमले और फिर भारत की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच जिस तरह का तनाव है, ऐसे में दुनिया के कई देशों का ज़ोर इस बात पर है कि दोनों देश मामले को ठंडा करें. यह एक मौक़ा हो सकता है जब दोनों देशों के बीच कुछ बात की गुंजाइश बने. | संक्षिप्त पाठ: दोनों अफगानिस्तान पर हो रहे कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने पहुंचे हैं
उरी हमले और सर्जिकल स्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच तनाव
अकबर और अजीज के बीच मुलाकात तय नहीं | 30 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) की रियो ओलिंपिक खेलों में देश के ‘लचर’ प्रदर्शन की समीक्षा में खिलाड़ियों को भी नहीं बख्शा गया है और साथ ही टोक्यो 2020 खेलों में बेहतर प्रदर्शन के लिए सुझाव दिए गए हैं, जिसमें कोचों का विस्तृत आंकलन भी शामिल है. यह रिपोर्ट खेल मंत्रालय को भेजी गई है जो स्वयं भी प्रदर्शन की समीक्षा कर रहा है.
साई के महानिदेशक इंजेती श्रीनिवास द्वारा तैयार रिपोर्ट में कहा गया है, ‘कुछ खिलाड़ियों में शारीरिक फिटनेस से जुड़ी समस्या थी जो चिंता की बात है और दर्शाता है कि उपयुक्त निरीक्षण नहीं किया गया.’ खेलों के दौरान स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल घुटने की चोट के कारण शत प्रतिशत फिट नहीं थी और भारत लौटते हुए उन्हें सर्जरी करानी पड़ी.
रिपोर्ट में साथ ही कहा गया कि कुछ खिलाड़ियों ने निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से कमतर प्रदर्शन किया जो एक बार फिर चिंता की बात है. श्रीनिवास ने साथ ही निशानेबाजी (अभिनव बिंद्रा) और जिम्नास्टिक (दीपा कर्मकार) में काफी करीब से पदक चूकने और मुक्केबाजी में कड़े ड्रा का भी जिक्र किया.
उन्होंने साथ ही सभी खेलों में खिलाड़ियों के साथ जुड़े कोचिंग स्टाफ की अधिक समीक्षा की भी सिफारिश की. श्रीनिवास ने कहा, ‘‘कोचों के प्रदर्शन, विशेषकर विदेशी कोचों के प्रदर्शन का काफी करीब से आंकलन करने की जरूरत है. विदेशी कोचों की नियुक्ति काफी सतर्कता के साथ की जानी चाहिए और यह मजबूत और साबित किए हुए अतीत के सफल रिकॉर्ड के आधार पर होनी चाहिए.’’ आगे बढ़ने के लिए साइ ने सर्वश्रेष्ठ पदक संभावनाओं की पहचान करने की रणनीति और उनमें से अधिकांश में निवेश करने की सिफारिश की.टिप्पणियां
श्रीनिवास ने कहा, ‘‘ऐसे खेलों की पहचान की जाए जहां हमारी मौजूदगी काफी कम है और उद्देश्य ओलिंपिक में प्रतिनिधित्व होना चाहिए. इसमें तैराकी, ट्रायथलन, तलवारबाजी, जूडो, ताइक्वांडो आदि खेल हो सकते हैं.’’ रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘अगला वर्ग उन खेलों का होना चाहिए जहां हमारे प्रदर्शन में सुधार हो रहा है. हम शीर्ष आठ या शीर्ष 16 स्थान में शामिल हों. यहां एथलेटिक्स मुख्य खेल है.’’
साई ने कहा कि विशेषज्ञ सहायता के लिए अधिकतम छह खेलों को चुना जाना चाहिए. इसमें कहा गया, ‘‘अंतिम वर्ग में वे खेल होने चाहिए जहां पदक पर ध्यान हो. यह चार या छह से ज्यादा खेल नहीं होने चाहिए. यहां हमारा प्रयास मजबूत बेंच स्ट्रेंथ पर होना चाहिए, जिससे कि पदक की अनिश्चितता न्यूनतम हो. इन खेलों में हमें सुनिश्चित करना होगा कि हमारी सुविधाएं दुनिया में सर्वश्रेष्ठ की बराबरी की हों और खिलाड़ियों को सर्वश्रेष्ठ ट्रेनिंग और अनुभव मिले.’’
साई के महानिदेशक इंजेती श्रीनिवास द्वारा तैयार रिपोर्ट में कहा गया है, ‘कुछ खिलाड़ियों में शारीरिक फिटनेस से जुड़ी समस्या थी जो चिंता की बात है और दर्शाता है कि उपयुक्त निरीक्षण नहीं किया गया.’ खेलों के दौरान स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल घुटने की चोट के कारण शत प्रतिशत फिट नहीं थी और भारत लौटते हुए उन्हें सर्जरी करानी पड़ी.
रिपोर्ट में साथ ही कहा गया कि कुछ खिलाड़ियों ने निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से कमतर प्रदर्शन किया जो एक बार फिर चिंता की बात है. श्रीनिवास ने साथ ही निशानेबाजी (अभिनव बिंद्रा) और जिम्नास्टिक (दीपा कर्मकार) में काफी करीब से पदक चूकने और मुक्केबाजी में कड़े ड्रा का भी जिक्र किया.
उन्होंने साथ ही सभी खेलों में खिलाड़ियों के साथ जुड़े कोचिंग स्टाफ की अधिक समीक्षा की भी सिफारिश की. श्रीनिवास ने कहा, ‘‘कोचों के प्रदर्शन, विशेषकर विदेशी कोचों के प्रदर्शन का काफी करीब से आंकलन करने की जरूरत है. विदेशी कोचों की नियुक्ति काफी सतर्कता के साथ की जानी चाहिए और यह मजबूत और साबित किए हुए अतीत के सफल रिकॉर्ड के आधार पर होनी चाहिए.’’ आगे बढ़ने के लिए साइ ने सर्वश्रेष्ठ पदक संभावनाओं की पहचान करने की रणनीति और उनमें से अधिकांश में निवेश करने की सिफारिश की.टिप्पणियां
श्रीनिवास ने कहा, ‘‘ऐसे खेलों की पहचान की जाए जहां हमारी मौजूदगी काफी कम है और उद्देश्य ओलिंपिक में प्रतिनिधित्व होना चाहिए. इसमें तैराकी, ट्रायथलन, तलवारबाजी, जूडो, ताइक्वांडो आदि खेल हो सकते हैं.’’ रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘अगला वर्ग उन खेलों का होना चाहिए जहां हमारे प्रदर्शन में सुधार हो रहा है. हम शीर्ष आठ या शीर्ष 16 स्थान में शामिल हों. यहां एथलेटिक्स मुख्य खेल है.’’
साई ने कहा कि विशेषज्ञ सहायता के लिए अधिकतम छह खेलों को चुना जाना चाहिए. इसमें कहा गया, ‘‘अंतिम वर्ग में वे खेल होने चाहिए जहां पदक पर ध्यान हो. यह चार या छह से ज्यादा खेल नहीं होने चाहिए. यहां हमारा प्रयास मजबूत बेंच स्ट्रेंथ पर होना चाहिए, जिससे कि पदक की अनिश्चितता न्यूनतम हो. इन खेलों में हमें सुनिश्चित करना होगा कि हमारी सुविधाएं दुनिया में सर्वश्रेष्ठ की बराबरी की हों और खिलाड़ियों को सर्वश्रेष्ठ ट्रेनिंग और अनुभव मिले.’’
रिपोर्ट में साथ ही कहा गया कि कुछ खिलाड़ियों ने निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से कमतर प्रदर्शन किया जो एक बार फिर चिंता की बात है. श्रीनिवास ने साथ ही निशानेबाजी (अभिनव बिंद्रा) और जिम्नास्टिक (दीपा कर्मकार) में काफी करीब से पदक चूकने और मुक्केबाजी में कड़े ड्रा का भी जिक्र किया.
उन्होंने साथ ही सभी खेलों में खिलाड़ियों के साथ जुड़े कोचिंग स्टाफ की अधिक समीक्षा की भी सिफारिश की. श्रीनिवास ने कहा, ‘‘कोचों के प्रदर्शन, विशेषकर विदेशी कोचों के प्रदर्शन का काफी करीब से आंकलन करने की जरूरत है. विदेशी कोचों की नियुक्ति काफी सतर्कता के साथ की जानी चाहिए और यह मजबूत और साबित किए हुए अतीत के सफल रिकॉर्ड के आधार पर होनी चाहिए.’’ आगे बढ़ने के लिए साइ ने सर्वश्रेष्ठ पदक संभावनाओं की पहचान करने की रणनीति और उनमें से अधिकांश में निवेश करने की सिफारिश की.टिप्पणियां
श्रीनिवास ने कहा, ‘‘ऐसे खेलों की पहचान की जाए जहां हमारी मौजूदगी काफी कम है और उद्देश्य ओलिंपिक में प्रतिनिधित्व होना चाहिए. इसमें तैराकी, ट्रायथलन, तलवारबाजी, जूडो, ताइक्वांडो आदि खेल हो सकते हैं.’’ रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘अगला वर्ग उन खेलों का होना चाहिए जहां हमारे प्रदर्शन में सुधार हो रहा है. हम शीर्ष आठ या शीर्ष 16 स्थान में शामिल हों. यहां एथलेटिक्स मुख्य खेल है.’’
साई ने कहा कि विशेषज्ञ सहायता के लिए अधिकतम छह खेलों को चुना जाना चाहिए. इसमें कहा गया, ‘‘अंतिम वर्ग में वे खेल होने चाहिए जहां पदक पर ध्यान हो. यह चार या छह से ज्यादा खेल नहीं होने चाहिए. यहां हमारा प्रयास मजबूत बेंच स्ट्रेंथ पर होना चाहिए, जिससे कि पदक की अनिश्चितता न्यूनतम हो. इन खेलों में हमें सुनिश्चित करना होगा कि हमारी सुविधाएं दुनिया में सर्वश्रेष्ठ की बराबरी की हों और खिलाड़ियों को सर्वश्रेष्ठ ट्रेनिंग और अनुभव मिले.’’
उन्होंने साथ ही सभी खेलों में खिलाड़ियों के साथ जुड़े कोचिंग स्टाफ की अधिक समीक्षा की भी सिफारिश की. श्रीनिवास ने कहा, ‘‘कोचों के प्रदर्शन, विशेषकर विदेशी कोचों के प्रदर्शन का काफी करीब से आंकलन करने की जरूरत है. विदेशी कोचों की नियुक्ति काफी सतर्कता के साथ की जानी चाहिए और यह मजबूत और साबित किए हुए अतीत के सफल रिकॉर्ड के आधार पर होनी चाहिए.’’ आगे बढ़ने के लिए साइ ने सर्वश्रेष्ठ पदक संभावनाओं की पहचान करने की रणनीति और उनमें से अधिकांश में निवेश करने की सिफारिश की.टिप्पणियां
श्रीनिवास ने कहा, ‘‘ऐसे खेलों की पहचान की जाए जहां हमारी मौजूदगी काफी कम है और उद्देश्य ओलिंपिक में प्रतिनिधित्व होना चाहिए. इसमें तैराकी, ट्रायथलन, तलवारबाजी, जूडो, ताइक्वांडो आदि खेल हो सकते हैं.’’ रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘अगला वर्ग उन खेलों का होना चाहिए जहां हमारे प्रदर्शन में सुधार हो रहा है. हम शीर्ष आठ या शीर्ष 16 स्थान में शामिल हों. यहां एथलेटिक्स मुख्य खेल है.’’
साई ने कहा कि विशेषज्ञ सहायता के लिए अधिकतम छह खेलों को चुना जाना चाहिए. इसमें कहा गया, ‘‘अंतिम वर्ग में वे खेल होने चाहिए जहां पदक पर ध्यान हो. यह चार या छह से ज्यादा खेल नहीं होने चाहिए. यहां हमारा प्रयास मजबूत बेंच स्ट्रेंथ पर होना चाहिए, जिससे कि पदक की अनिश्चितता न्यूनतम हो. इन खेलों में हमें सुनिश्चित करना होगा कि हमारी सुविधाएं दुनिया में सर्वश्रेष्ठ की बराबरी की हों और खिलाड़ियों को सर्वश्रेष्ठ ट्रेनिंग और अनुभव मिले.’’
श्रीनिवास ने कहा, ‘‘ऐसे खेलों की पहचान की जाए जहां हमारी मौजूदगी काफी कम है और उद्देश्य ओलिंपिक में प्रतिनिधित्व होना चाहिए. इसमें तैराकी, ट्रायथलन, तलवारबाजी, जूडो, ताइक्वांडो आदि खेल हो सकते हैं.’’ रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘अगला वर्ग उन खेलों का होना चाहिए जहां हमारे प्रदर्शन में सुधार हो रहा है. हम शीर्ष आठ या शीर्ष 16 स्थान में शामिल हों. यहां एथलेटिक्स मुख्य खेल है.’’
साई ने कहा कि विशेषज्ञ सहायता के लिए अधिकतम छह खेलों को चुना जाना चाहिए. इसमें कहा गया, ‘‘अंतिम वर्ग में वे खेल होने चाहिए जहां पदक पर ध्यान हो. यह चार या छह से ज्यादा खेल नहीं होने चाहिए. यहां हमारा प्रयास मजबूत बेंच स्ट्रेंथ पर होना चाहिए, जिससे कि पदक की अनिश्चितता न्यूनतम हो. इन खेलों में हमें सुनिश्चित करना होगा कि हमारी सुविधाएं दुनिया में सर्वश्रेष्ठ की बराबरी की हों और खिलाड़ियों को सर्वश्रेष्ठ ट्रेनिंग और अनुभव मिले.’’
साई ने कहा कि विशेषज्ञ सहायता के लिए अधिकतम छह खेलों को चुना जाना चाहिए. इसमें कहा गया, ‘‘अंतिम वर्ग में वे खेल होने चाहिए जहां पदक पर ध्यान हो. यह चार या छह से ज्यादा खेल नहीं होने चाहिए. यहां हमारा प्रयास मजबूत बेंच स्ट्रेंथ पर होना चाहिए, जिससे कि पदक की अनिश्चितता न्यूनतम हो. इन खेलों में हमें सुनिश्चित करना होगा कि हमारी सुविधाएं दुनिया में सर्वश्रेष्ठ की बराबरी की हों और खिलाड़ियों को सर्वश्रेष्ठ ट्रेनिंग और अनुभव मिले.’’ | संक्षिप्त पाठ: साइना नेहवाल घुटने की चोट के कारण उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाईं
रियो में भारत को लंदन ओलिंपिक से भी कम मेडल मिले, जबकि उम्मीद अधिक थी
पीवी सिंधु, साक्षी मलिक ने देश को रियो ओलिंपिक में दो मेडल दिलाए | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: विदेशमंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि मादक पदार्थ से जुड़े एक मामले में इंडोनेशिया में मौत की सजा का सामना करने जा रहे एक भारतीय व्यक्ति की जान बचाने के लिए सरकार आखिरी वक्त की कोशिशें कर रही है।
गौरतलब है कि देश में मादक पदार्थ की तस्करी की कोशिश करने के मामले में 48 वर्षीय गुरदीप सिंह को अधिकारियों ने दोषी पाया था। वह इंडोनेशिया में मौत की सजा का सामना कर रहा है।
स्वराज ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा, 'हम 28 जुलाई को मौत की सजा मिलने से उसकी जान बचाने के लिए आखिरी वक्त की कोशिशें कर रहे हैं।'टिप्पणियां
इंडोनेशिया के तांगेरांग बांटेन प्रांत में एक जिला अदालत ने सिंह को कथित तौर पर मौत की सजा सुनाई है। वह पंजाब के जालंधर का रहने वाला है। वह उन 14 लोगों में है, जो मौत की सजा का सामना कर रहे हैं। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गौरतलब है कि देश में मादक पदार्थ की तस्करी की कोशिश करने के मामले में 48 वर्षीय गुरदीप सिंह को अधिकारियों ने दोषी पाया था। वह इंडोनेशिया में मौत की सजा का सामना कर रहा है।
स्वराज ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा, 'हम 28 जुलाई को मौत की सजा मिलने से उसकी जान बचाने के लिए आखिरी वक्त की कोशिशें कर रहे हैं।'टिप्पणियां
इंडोनेशिया के तांगेरांग बांटेन प्रांत में एक जिला अदालत ने सिंह को कथित तौर पर मौत की सजा सुनाई है। वह पंजाब के जालंधर का रहने वाला है। वह उन 14 लोगों में है, जो मौत की सजा का सामना कर रहे हैं। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
स्वराज ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा, 'हम 28 जुलाई को मौत की सजा मिलने से उसकी जान बचाने के लिए आखिरी वक्त की कोशिशें कर रहे हैं।'टिप्पणियां
इंडोनेशिया के तांगेरांग बांटेन प्रांत में एक जिला अदालत ने सिंह को कथित तौर पर मौत की सजा सुनाई है। वह पंजाब के जालंधर का रहने वाला है। वह उन 14 लोगों में है, जो मौत की सजा का सामना कर रहे हैं। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इंडोनेशिया के तांगेरांग बांटेन प्रांत में एक जिला अदालत ने सिंह को कथित तौर पर मौत की सजा सुनाई है। वह पंजाब के जालंधर का रहने वाला है। वह उन 14 लोगों में है, जो मौत की सजा का सामना कर रहे हैं। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:ड्रग्स तस्करी की कोशिश के मामले में दोषी पाए गए थे गुरदीप सिंह
इंडोनेशिया की एक जिला अदालत ने सिंह को मौत की सजा सुनाई है
गुरदीप के साथ इस मामले में 14 अन्य भीमौत की सजा का सामना कर रहे हैं | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: फिल्म 'राउडी राठौर' रिलीज हो गई। अक्षय कुमार इसमें शिवा नाम के चोर बने हैं जो पारो यानी सोनाक्षी सिन्हा के प्यार में पड़ जाते हैं लेकिन एक दिन कहानी में आता है टि्वस्ट.... जब गुंडों की बड़ी फौज शिवा को खत्म करने पर तुल जाती है। एक गुमशुदा बच्ची शिवा को ’पापा’ कहकर पुकारने लगती है। तो क्या मामला हमशक्ल का है वैसे यह कोई बड़ा सस्पेंस नहीं है।
'वॉन्टेड' के डायरेक्टर प्रभु देवा की यह एक और एक्शन फिल्म है लेकिन जहां 'वॉन्टेड' तेज गति से भागती.... कसी हुई फिल्म थी वहीं 'राउडी राठौर' में फर्स्ट हाफ में कॉमेडी है जो टुकड़ों-टुकड़ों में हंसाती है। इसके बीच अक्षय और सोनाक्षी की रोमांटिक केमिस्ट्री में दम नहीं दिखता। दबंग के बाद बढ़े हुए वजन के साथ सोनाक्षी ने हीरोइन के लचीलेपन और नजाकत को खो दिया है।टिप्पणियां
सैकेंड हाफ से थोड़ा पहले एक्शन शुरू होता है जो एंड तक जारी रहता है। बिना शक अक्षय ने जोश दिलाने वाले कई जबर्दस्त एक्शन सीन्स किए हैं जैसे दशहरे पर राउडी पर वार करता हुआ रावण या भरी बारिश में फाइट सीन्स लेकिन एक्शन का ओवरडोज फिल्म को लम्बा और उबाऊ बना देता है।
सस्पेंस, कॉमेडी, एक्शन, अन्याय और बदले जैसे एलिमेन्ट्स में डूबी यह फिल्म कमर्शियल मसाला फिल्म है जिसमें सिंगल स्क्रीन ऑडिएंस को खींचने की कोशिश की गई है। ज्यादातर गाने और आइटम नंबर भी टपोरी छाप हैं। म्यूजिक भी सुना-सुना-सा लगता है। कुल मिलाकर यह एक एवरेज फिल्म है और इसके लिए मेरी रेटिंग है 2.5 स्टार।
'वॉन्टेड' के डायरेक्टर प्रभु देवा की यह एक और एक्शन फिल्म है लेकिन जहां 'वॉन्टेड' तेज गति से भागती.... कसी हुई फिल्म थी वहीं 'राउडी राठौर' में फर्स्ट हाफ में कॉमेडी है जो टुकड़ों-टुकड़ों में हंसाती है। इसके बीच अक्षय और सोनाक्षी की रोमांटिक केमिस्ट्री में दम नहीं दिखता। दबंग के बाद बढ़े हुए वजन के साथ सोनाक्षी ने हीरोइन के लचीलेपन और नजाकत को खो दिया है।टिप्पणियां
सैकेंड हाफ से थोड़ा पहले एक्शन शुरू होता है जो एंड तक जारी रहता है। बिना शक अक्षय ने जोश दिलाने वाले कई जबर्दस्त एक्शन सीन्स किए हैं जैसे दशहरे पर राउडी पर वार करता हुआ रावण या भरी बारिश में फाइट सीन्स लेकिन एक्शन का ओवरडोज फिल्म को लम्बा और उबाऊ बना देता है।
सस्पेंस, कॉमेडी, एक्शन, अन्याय और बदले जैसे एलिमेन्ट्स में डूबी यह फिल्म कमर्शियल मसाला फिल्म है जिसमें सिंगल स्क्रीन ऑडिएंस को खींचने की कोशिश की गई है। ज्यादातर गाने और आइटम नंबर भी टपोरी छाप हैं। म्यूजिक भी सुना-सुना-सा लगता है। कुल मिलाकर यह एक एवरेज फिल्म है और इसके लिए मेरी रेटिंग है 2.5 स्टार।
सैकेंड हाफ से थोड़ा पहले एक्शन शुरू होता है जो एंड तक जारी रहता है। बिना शक अक्षय ने जोश दिलाने वाले कई जबर्दस्त एक्शन सीन्स किए हैं जैसे दशहरे पर राउडी पर वार करता हुआ रावण या भरी बारिश में फाइट सीन्स लेकिन एक्शन का ओवरडोज फिल्म को लम्बा और उबाऊ बना देता है।
सस्पेंस, कॉमेडी, एक्शन, अन्याय और बदले जैसे एलिमेन्ट्स में डूबी यह फिल्म कमर्शियल मसाला फिल्म है जिसमें सिंगल स्क्रीन ऑडिएंस को खींचने की कोशिश की गई है। ज्यादातर गाने और आइटम नंबर भी टपोरी छाप हैं। म्यूजिक भी सुना-सुना-सा लगता है। कुल मिलाकर यह एक एवरेज फिल्म है और इसके लिए मेरी रेटिंग है 2.5 स्टार।
सस्पेंस, कॉमेडी, एक्शन, अन्याय और बदले जैसे एलिमेन्ट्स में डूबी यह फिल्म कमर्शियल मसाला फिल्म है जिसमें सिंगल स्क्रीन ऑडिएंस को खींचने की कोशिश की गई है। ज्यादातर गाने और आइटम नंबर भी टपोरी छाप हैं। म्यूजिक भी सुना-सुना-सा लगता है। कुल मिलाकर यह एक एवरेज फिल्म है और इसके लिए मेरी रेटिंग है 2.5 स्टार। | 'वॉन्टेड' के डायरेक्टर प्रभुदेवा की यह एक और एक्शन फिल्म है, लेकिन जहां 'वॉन्टेड' तेज गति से भागती, कसी हुई फिल्म थी, वहीं 'राउडी राठौर' ऊबाऊ है... | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय टीम को महिला जूनियर हॉकी विश्वकप के दूसरे सेमीफाइनल में हॉलैंड के हाथों 0-3 से हार का मुंह देखना पड़ा। इस टूर्नामेंट में अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली भारतीय टीम ने शुक्रवार को प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी टक्कर दी, लेकिन टूर्नामेंट के खिताबी मुकाबले में जगह हासिल करने के लिए यह प्रदर्शन नाकाफी साबित हुआ।
खिताबी मुकाबले में अब हॉलैंड का सामना अर्जेंटीना से होगा, जबकि तीसरे और चौथे पायदान के लिए प्लेऑफ मुकाबले में भारत और इंग्लैंड के बीच भिड़ंत होगी। हॉलैंड की ओर से लीक वैन विज्क (17वें), लिसान डे लांगे (57 वें( और लीसा शीरलिंक (68वें मिनट में) ने गोल दागे।
खिताबी मुकाबले में अब हॉलैंड का सामना अर्जेंटीना से होगा, जबकि तीसरे और चौथे पायदान के लिए प्लेऑफ मुकाबले में भारत और इंग्लैंड के बीच भिड़ंत होगी। हॉलैंड की ओर से लीक वैन विज्क (17वें), लिसान डे लांगे (57 वें( और लीसा शीरलिंक (68वें मिनट में) ने गोल दागे। | यह एक सारांश है: खिताबी मुकाबले में अब हॉलैंड का सामना अर्जेंटीना से होगा, जबकि तीसरे और चौथे पायदान के लिए प्लेऑफ मुकाबले में भारत और इंग्लैंड के बीच भिड़ंत होगी। | 24 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान में नए आर्मी जनरल कमर जावेद बाजवा के नियुक्त होने के बाद पहली बार शक्तिशाली सेना और हुक्मरान में टकराव की स्थिति पैदा हुई है. अबकी बार मामला आर्मी के 'सीक्रेट' कोर्ट को लेकर है. दरअसल मानवाधिकार और अन्य मुद्दों को लेकर पाकिस्तानी राजनेताओं का एक इन कोर्ट को बंद करने की मांग करने लगा है लेकिन सेना ऐसा नहीं चाहती. दरअसल दिसंबर, 2014 में पाकिस्तानी तालिबान ने जब एक स्कूल में हमला करके 100 से भी अधिक बच्चों को मार दिया था.
उसके एक महीने के बाद आतंकियों पर लगाम लगाने के लिए सेना ने कोर्ट का गठन किया. इनकी बंद दरवाजों के भीतर होने वाली कार्यवाहियों के चलते इन्हें पाकिस्तान में गुप्त कोर्ट कहा जाने लगा है. इन सैन्य अदालतों ने पिछले दो सालों के भीतर 100 से भी अधिक आतंकियों को फांसी देने का हुक्म दिया है.
इसके चलते पहली बार राजनेता खुलकर सेना के खिलाफ इस मसले पर बोलने लगे हैं और इस तरह की अदालतों को बंद करने की मांग कर रहे हैं. दरअसल इन कोर्ट का गठन सीमित अवधि के लिए हुआ था. उसकी मियाद इस महीने की शुरुआत में खत्म हो गई थी लेकिन विपक्षी दलों के बढ़ते असंतोष के चलते सरकार ने अभी तक इन कोर्ट को सेवा विस्तार देने के मसले पर फैसला नहीं किया है. टिप्पणियां
हालांकि वहीं दूसरी तरफ सेना का कहना है कि इन कोर्ट के गठन के चलते बेहद सकारात्मक नतीजे निकले हैं और पूर्ववर्ती जनरल राहील शरीफ ने इन कोर्ट के पक्ष में दलील देते हुए कहा है कि मानव अधिकारों और अभिव्यक्ति की आजादी की बातें अपनी जगह ठीक हैं, लेकिन उनकी अपनी सीमाएं हैं और जब बात कट्टर आतंकियों से निपटने की आती है तो इन तौर-तरीकों से उनसे निपटने में मुश्किलें आती हैं.
आमतौर पर पाकिस्तान में सेना को सबसे शक्तिशाली प्रतिष्ठान माना जाता है और अामतौर पर उसके खिलाफ आवाजें नहीं उठतीं. पिछले नवंबर में जनरल राहील शरीफ के रिटायर होने के बाद कमर जावेद बाजवा नए आर्मी चीफ बने हैं. माना जाता है कि सरकार के साथ राहील शरीफ के संबंध बहुत मधुर नहीं थे.
उसके एक महीने के बाद आतंकियों पर लगाम लगाने के लिए सेना ने कोर्ट का गठन किया. इनकी बंद दरवाजों के भीतर होने वाली कार्यवाहियों के चलते इन्हें पाकिस्तान में गुप्त कोर्ट कहा जाने लगा है. इन सैन्य अदालतों ने पिछले दो सालों के भीतर 100 से भी अधिक आतंकियों को फांसी देने का हुक्म दिया है.
इसके चलते पहली बार राजनेता खुलकर सेना के खिलाफ इस मसले पर बोलने लगे हैं और इस तरह की अदालतों को बंद करने की मांग कर रहे हैं. दरअसल इन कोर्ट का गठन सीमित अवधि के लिए हुआ था. उसकी मियाद इस महीने की शुरुआत में खत्म हो गई थी लेकिन विपक्षी दलों के बढ़ते असंतोष के चलते सरकार ने अभी तक इन कोर्ट को सेवा विस्तार देने के मसले पर फैसला नहीं किया है. टिप्पणियां
हालांकि वहीं दूसरी तरफ सेना का कहना है कि इन कोर्ट के गठन के चलते बेहद सकारात्मक नतीजे निकले हैं और पूर्ववर्ती जनरल राहील शरीफ ने इन कोर्ट के पक्ष में दलील देते हुए कहा है कि मानव अधिकारों और अभिव्यक्ति की आजादी की बातें अपनी जगह ठीक हैं, लेकिन उनकी अपनी सीमाएं हैं और जब बात कट्टर आतंकियों से निपटने की आती है तो इन तौर-तरीकों से उनसे निपटने में मुश्किलें आती हैं.
आमतौर पर पाकिस्तान में सेना को सबसे शक्तिशाली प्रतिष्ठान माना जाता है और अामतौर पर उसके खिलाफ आवाजें नहीं उठतीं. पिछले नवंबर में जनरल राहील शरीफ के रिटायर होने के बाद कमर जावेद बाजवा नए आर्मी चीफ बने हैं. माना जाता है कि सरकार के साथ राहील शरीफ के संबंध बहुत मधुर नहीं थे.
इसके चलते पहली बार राजनेता खुलकर सेना के खिलाफ इस मसले पर बोलने लगे हैं और इस तरह की अदालतों को बंद करने की मांग कर रहे हैं. दरअसल इन कोर्ट का गठन सीमित अवधि के लिए हुआ था. उसकी मियाद इस महीने की शुरुआत में खत्म हो गई थी लेकिन विपक्षी दलों के बढ़ते असंतोष के चलते सरकार ने अभी तक इन कोर्ट को सेवा विस्तार देने के मसले पर फैसला नहीं किया है. टिप्पणियां
हालांकि वहीं दूसरी तरफ सेना का कहना है कि इन कोर्ट के गठन के चलते बेहद सकारात्मक नतीजे निकले हैं और पूर्ववर्ती जनरल राहील शरीफ ने इन कोर्ट के पक्ष में दलील देते हुए कहा है कि मानव अधिकारों और अभिव्यक्ति की आजादी की बातें अपनी जगह ठीक हैं, लेकिन उनकी अपनी सीमाएं हैं और जब बात कट्टर आतंकियों से निपटने की आती है तो इन तौर-तरीकों से उनसे निपटने में मुश्किलें आती हैं.
आमतौर पर पाकिस्तान में सेना को सबसे शक्तिशाली प्रतिष्ठान माना जाता है और अामतौर पर उसके खिलाफ आवाजें नहीं उठतीं. पिछले नवंबर में जनरल राहील शरीफ के रिटायर होने के बाद कमर जावेद बाजवा नए आर्मी चीफ बने हैं. माना जाता है कि सरकार के साथ राहील शरीफ के संबंध बहुत मधुर नहीं थे.
हालांकि वहीं दूसरी तरफ सेना का कहना है कि इन कोर्ट के गठन के चलते बेहद सकारात्मक नतीजे निकले हैं और पूर्ववर्ती जनरल राहील शरीफ ने इन कोर्ट के पक्ष में दलील देते हुए कहा है कि मानव अधिकारों और अभिव्यक्ति की आजादी की बातें अपनी जगह ठीक हैं, लेकिन उनकी अपनी सीमाएं हैं और जब बात कट्टर आतंकियों से निपटने की आती है तो इन तौर-तरीकों से उनसे निपटने में मुश्किलें आती हैं.
आमतौर पर पाकिस्तान में सेना को सबसे शक्तिशाली प्रतिष्ठान माना जाता है और अामतौर पर उसके खिलाफ आवाजें नहीं उठतीं. पिछले नवंबर में जनरल राहील शरीफ के रिटायर होने के बाद कमर जावेद बाजवा नए आर्मी चीफ बने हैं. माना जाता है कि सरकार के साथ राहील शरीफ के संबंध बहुत मधुर नहीं थे.
आमतौर पर पाकिस्तान में सेना को सबसे शक्तिशाली प्रतिष्ठान माना जाता है और अामतौर पर उसके खिलाफ आवाजें नहीं उठतीं. पिछले नवंबर में जनरल राहील शरीफ के रिटायर होने के बाद कमर जावेद बाजवा नए आर्मी चीफ बने हैं. माना जाता है कि सरकार के साथ राहील शरीफ के संबंध बहुत मधुर नहीं थे. | संक्षिप्त पाठ: सीक्रेट कोर्ट के गठन के मसले पर दोनों पक्षों में तनातनी
2014 में आतंकियों ने 100 से अधिक बच्चों का किया था कत्लेआम
उसके बाद इन कोर्ट का गठन हुआ, अब तक 100 आतंकियों को दी फांसी | 30 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: Diabetes Diet: रागी और ओट्स से तैयार यह डिश कर सकती है ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल, पढ़ें रेसिपी
कहा जाता है कि सुबह नाश्ता करने के बाद अगर आप दिन का खाना छोड़ भी दें तो ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन नाश्ता नहीं किया तो दिन में खाया खाना भी बेकार हो सकता है. नाश्ता न करने से सेहत पर कई हानिकारक प्रभाव पड़ते हैं अक्सर काम के चलते लोग नाश्ता करने से बचते हैं. ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने के लिए नाश्ते में प्रोटीन से भरपूर चीजों का सेवन करें.
डायबिटीज से हैं परेशान, कंट्रोल करना चाहते हैं ब्लड शुगर लेवल, अपनाएं ये तरीके
Normal Blood Sugar Levels Chart: सुबह के नाश्ते में प्रोटीन से भरपूर चीजों का करें सेवन
Type 2 Diabetes: विटामिन सी कम कर सकती है ब्लड शुगर लेवल, जानें टाइप-2 मधुमेह के बारे में सबकुछ
ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने के लिए दालें एक बेहतर विकल्प हो सकती हैं. दालें प्रोटीन के साथ-साथ फाइबर का भी अच्छा स्रोत होती हैं.
Diabetes Diet: 5 फूड और जड़ी बूटी जो करेंगी ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल
आसानी से पचने वाली सब्जियों और फलों का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है. ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने के लिए साबुत अनाज, नट्स और बीज का सेवन भी फायदेमंद हो सकता है.
ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में पपीता, हरी पत्तेदार सब्जियां, तरबूज, टमाटर, कद्दू भी लाभदायक हो सकते हैं.
सावधान! 12 देशों में Unhealthiest हैं भारत में तैयार पैक्ड फूड और ड्रिंक्स
सॉफ्ट ड्रिंक का सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ सकता है. सोडा और मीठे ड्रिंक में पाए जाने वाले स्वीटनर और प्रिजरवेटिव आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं.
ब्लड शुगर में चीनी का सेवन बंद करना चाहिए. इससे ब्लड शुगर का लेवल काफी तेजी से बढ़ता है. साथ ही रिफाइंड भी नुकसानदायक हो सकता है.
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प्रोटीन से भरपूर चीजों का करें सेवन.
फाइबर रिच फूड्स को खाएं. | 17 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस पार्टी की पूर्व अध्यक्ष और पार्टी संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी ने एक गहरे आत्मविश्लेषी भाषण में अपने बच्चों, अपनी कमियों और भारत में लोकतंत्र की भूमिका समेत कई विषयों पर बात की. पार्टी अध्यक्ष का पद छोड़ने के बाद यह पहला मौका है जब उन्होंने इस तरह से खुलकर बात की. इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में उन्होंने साफ तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि लोकतंत्र में चर्चा और मतभेद दोनों स्वीकार्य हैं, पर एकालाप नहीं.
उन्होंने इस बात पर भी खेद जताया कि राष्ट्र निर्माताओं को बदनाम किया जा रहा है. साथ ही उन्होंने कांग्रेस और उसके प्रधानमंत्रियों द्वारा आजादी के बाद हासिल की गई उपलब्धियों की सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा लगातार आलोचना किए जाने का संदर्भ देते हुए कहा कि पूर्व की उपलब्धियों को द्वेष के कारण कमतर बताया जा रहा है.
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को भी संगठन के स्तर पर लोगों से जुड़ने का एक नया तरीका विकसित करने की जरूरत है. वर्ष2004 में कांग्रेस के सत्ता में आने के बादअपने नेतृत्व की भूमिका पर उन्होंने कहा कि वह जानती थीं कि मनमोहन सिंह उनसे अच्छे प्रधानमंत्री साबित होंगे औरसाथ ही वह अपनी सीमाओं के बारे में जानती थीं.
सोनिया ने कहा, “ मुझे स्वाभाविक तौर पर भाषण देना नहीं आता इसलिए मुझे नेता (लीडर)के बजाए भाषण पढ़ने वाला(रीडर) कहा जाता था.” 71 वर्षीय सोनिया गांधी19 वर्षों तक कांग्रेस की अध्यक्ष रहीं. पिछले साल पार्टी के आंतरिक चुनाव के बाद उनके बेटे राहुल गांधी ने उनकी जगह ली.टिप्पणियां
कॉन्क्लेव के प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान पार्टी के मामलों पर राहुल को सलाह देने के संबंध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, “ मैंखुद ऐसा नहीं करने की कोशिश करती हूं. राहुल पार्टी को पुनर्जीवित करने के लिए वरिष्ठ और युवानेताओं के बीच संतुलनबनाना चाहते हैं, और यह कोई आसान काम नहीं है.”
पूर्वोत्तर राज्यों में मतों की गिनती के दौरान राहुल के देश में मौजूद नहीं रहने की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार करने के बाद वह तीन दिन के लिए इटली में अपनी नानी को देखने गए थे. अपनी बेटी प्रियंका गांधी के राजनीति में आने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “ प्रिंयका फिलहाल अपने बच्चों की देख- रेख में व्यस्त हैं. यह उनका फैसला है और भविष्य के बारे में कोई नहीं जानता.”
उन्होंने इस बात पर भी खेद जताया कि राष्ट्र निर्माताओं को बदनाम किया जा रहा है. साथ ही उन्होंने कांग्रेस और उसके प्रधानमंत्रियों द्वारा आजादी के बाद हासिल की गई उपलब्धियों की सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा लगातार आलोचना किए जाने का संदर्भ देते हुए कहा कि पूर्व की उपलब्धियों को द्वेष के कारण कमतर बताया जा रहा है.
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को भी संगठन के स्तर पर लोगों से जुड़ने का एक नया तरीका विकसित करने की जरूरत है. वर्ष2004 में कांग्रेस के सत्ता में आने के बादअपने नेतृत्व की भूमिका पर उन्होंने कहा कि वह जानती थीं कि मनमोहन सिंह उनसे अच्छे प्रधानमंत्री साबित होंगे औरसाथ ही वह अपनी सीमाओं के बारे में जानती थीं.
सोनिया ने कहा, “ मुझे स्वाभाविक तौर पर भाषण देना नहीं आता इसलिए मुझे नेता (लीडर)के बजाए भाषण पढ़ने वाला(रीडर) कहा जाता था.” 71 वर्षीय सोनिया गांधी19 वर्षों तक कांग्रेस की अध्यक्ष रहीं. पिछले साल पार्टी के आंतरिक चुनाव के बाद उनके बेटे राहुल गांधी ने उनकी जगह ली.टिप्पणियां
कॉन्क्लेव के प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान पार्टी के मामलों पर राहुल को सलाह देने के संबंध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, “ मैंखुद ऐसा नहीं करने की कोशिश करती हूं. राहुल पार्टी को पुनर्जीवित करने के लिए वरिष्ठ और युवानेताओं के बीच संतुलनबनाना चाहते हैं, और यह कोई आसान काम नहीं है.”
पूर्वोत्तर राज्यों में मतों की गिनती के दौरान राहुल के देश में मौजूद नहीं रहने की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार करने के बाद वह तीन दिन के लिए इटली में अपनी नानी को देखने गए थे. अपनी बेटी प्रियंका गांधी के राजनीति में आने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “ प्रिंयका फिलहाल अपने बच्चों की देख- रेख में व्यस्त हैं. यह उनका फैसला है और भविष्य के बारे में कोई नहीं जानता.”
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को भी संगठन के स्तर पर लोगों से जुड़ने का एक नया तरीका विकसित करने की जरूरत है. वर्ष2004 में कांग्रेस के सत्ता में आने के बादअपने नेतृत्व की भूमिका पर उन्होंने कहा कि वह जानती थीं कि मनमोहन सिंह उनसे अच्छे प्रधानमंत्री साबित होंगे औरसाथ ही वह अपनी सीमाओं के बारे में जानती थीं.
सोनिया ने कहा, “ मुझे स्वाभाविक तौर पर भाषण देना नहीं आता इसलिए मुझे नेता (लीडर)के बजाए भाषण पढ़ने वाला(रीडर) कहा जाता था.” 71 वर्षीय सोनिया गांधी19 वर्षों तक कांग्रेस की अध्यक्ष रहीं. पिछले साल पार्टी के आंतरिक चुनाव के बाद उनके बेटे राहुल गांधी ने उनकी जगह ली.टिप्पणियां
कॉन्क्लेव के प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान पार्टी के मामलों पर राहुल को सलाह देने के संबंध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, “ मैंखुद ऐसा नहीं करने की कोशिश करती हूं. राहुल पार्टी को पुनर्जीवित करने के लिए वरिष्ठ और युवानेताओं के बीच संतुलनबनाना चाहते हैं, और यह कोई आसान काम नहीं है.”
पूर्वोत्तर राज्यों में मतों की गिनती के दौरान राहुल के देश में मौजूद नहीं रहने की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार करने के बाद वह तीन दिन के लिए इटली में अपनी नानी को देखने गए थे. अपनी बेटी प्रियंका गांधी के राजनीति में आने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “ प्रिंयका फिलहाल अपने बच्चों की देख- रेख में व्यस्त हैं. यह उनका फैसला है और भविष्य के बारे में कोई नहीं जानता.”
सोनिया ने कहा, “ मुझे स्वाभाविक तौर पर भाषण देना नहीं आता इसलिए मुझे नेता (लीडर)के बजाए भाषण पढ़ने वाला(रीडर) कहा जाता था.” 71 वर्षीय सोनिया गांधी19 वर्षों तक कांग्रेस की अध्यक्ष रहीं. पिछले साल पार्टी के आंतरिक चुनाव के बाद उनके बेटे राहुल गांधी ने उनकी जगह ली.टिप्पणियां
कॉन्क्लेव के प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान पार्टी के मामलों पर राहुल को सलाह देने के संबंध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, “ मैंखुद ऐसा नहीं करने की कोशिश करती हूं. राहुल पार्टी को पुनर्जीवित करने के लिए वरिष्ठ और युवानेताओं के बीच संतुलनबनाना चाहते हैं, और यह कोई आसान काम नहीं है.”
पूर्वोत्तर राज्यों में मतों की गिनती के दौरान राहुल के देश में मौजूद नहीं रहने की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार करने के बाद वह तीन दिन के लिए इटली में अपनी नानी को देखने गए थे. अपनी बेटी प्रियंका गांधी के राजनीति में आने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “ प्रिंयका फिलहाल अपने बच्चों की देख- रेख में व्यस्त हैं. यह उनका फैसला है और भविष्य के बारे में कोई नहीं जानता.”
कॉन्क्लेव के प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान पार्टी के मामलों पर राहुल को सलाह देने के संबंध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, “ मैंखुद ऐसा नहीं करने की कोशिश करती हूं. राहुल पार्टी को पुनर्जीवित करने के लिए वरिष्ठ और युवानेताओं के बीच संतुलनबनाना चाहते हैं, और यह कोई आसान काम नहीं है.”
पूर्वोत्तर राज्यों में मतों की गिनती के दौरान राहुल के देश में मौजूद नहीं रहने की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार करने के बाद वह तीन दिन के लिए इटली में अपनी नानी को देखने गए थे. अपनी बेटी प्रियंका गांधी के राजनीति में आने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “ प्रिंयका फिलहाल अपने बच्चों की देख- रेख में व्यस्त हैं. यह उनका फैसला है और भविष्य के बारे में कोई नहीं जानता.”
पूर्वोत्तर राज्यों में मतों की गिनती के दौरान राहुल के देश में मौजूद नहीं रहने की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार करने के बाद वह तीन दिन के लिए इटली में अपनी नानी को देखने गए थे. अपनी बेटी प्रियंका गांधी के राजनीति में आने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “ प्रिंयका फिलहाल अपने बच्चों की देख- रेख में व्यस्त हैं. यह उनका फैसला है और भविष्य के बारे में कोई नहीं जानता.” | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इंडिया टुडे कनक्लेव में सोनिया गांधी ने कहा
सोनिया ने पीएम मोदी पर भी निशाना साधा
अपने जीवन की कई बातों को साझा किया. | 3 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मशहूर शायर मिर्ज़ा ग़ालिब (Mirza Ghalib) की आज 221वीं जयंती (Mirza Ghalib's 221th Birthday) है. मिर्ज़ा ग़ालिब का जन्म (Mirza Ghalib Birthday) 27 दिसंबर, 1797 को हुआ था और उनका असली नाम मिर्जा असुद्ल्लाह बेग खान था. मिर्ज़ा ग़ालिब (Mirza Ghalib) को उर्दू, फारसी और तुर्की समेत कई भाषाओं का ज्ञान था. उन्होंने फारसी और उर्दू रहस्यमय-रोमांटिक अंदाज में अनगिनत गजलें लिखीं. ग़ालिब (Ghalib) की शादी बहुत ही कम उम्र में हो गई थी. ग़ालिब की दो कमजोरियां थीं- शराब और जुआं. ये दो बुरी आदतें जिंदगी भर उनका पीछा नहीं छोड़ पाईं. मिर्ज़ा ग़ालिब की शायरी में दर्द और इश्क का जिक्र खुलकर आता है. मिर्ज़ा ग़ालिब की शायरी के अलावा उनके लिखें शेर और ग़ज़लें भी बेहद पसंद की जाती हैं. ग़ालिब की एक ग़ज़ल की कुछ पक्तियां आज भी लोगों की जुबान पर रहती हैं. ग़ालिब की ग़ज़ल 'हर एक बात पे कहते हो तुम कि तू क्या है, तुम्हीं कहो कि ये अंदाज़-ए-गुफ़्तुगू क्या है' लोगों द्वारा सबसे ज्यादा पसंद की जाती है.
न शोले में ये करिश्मा न बर्क़ में ये अदा
कोई बताओ कि वो शोख़-ए-तुंद-ख़ू क्या है
ये रश्क है कि वो होता है हम-सुख़न तुम से
वगर्ना ख़ौफ़-ए-बद-आमोज़ी-ए-अदू क्या है
चिपक रहा है बदन पर लहू से पैराहन
हमारे जैब को अब हाजत-ए-रफ़ू क्या है
जला है जिस्म जहाँ दिल भी जल गया होगा
कुरेदते हो जो अब राख जुस्तुजू क्या है
रगों में दौड़ते फिरने के हम नहीं क़ाइल
जब आँख ही से न टपका तो फिर लहू क्या है
वो चीज़ जिस के लिए हम को हो बहिश्त अज़ीज़
सिवाए बादा-ए-गुलफ़ाम-ए-मुश्क-बू क्या है
पियूँ शराब अगर ख़ुम भी देख लूँ दो-चार
ये शीशा ओ क़दह ओ कूज़ा ओ सुबू क्या है
रही न ताक़त-ए-गुफ़्तार और अगर हो भी
तो किस उमीद पे कहिए कि आरज़ू क्या है
हुआ है शह का मुसाहिब फिरे है इतराता
वगर्ना शहर में 'ग़ालिब' की आबरू क्या है ....
Mirza Ghalib: 'दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है', जानिए ग़ालिब के जीवन से जुड़ी बातें
डरे क्यूँ मेरा क़ातिल क्या रहेगा उस की गर्दन पर
वो ख़ूँ जो चश्म-ए-तर से उम्र भर यूँ दम-ब-दम निकले
निकलना ख़ुल्द से आदम का सुनते आए हैं लेकिन
बहुत बे-आबरू हो कर तिरे कूचे से हम निकले
भरम खुल जाए ज़ालिम तेरे क़ामत की दराज़ी का
अगर इस तुर्रा-ए-पुर-पेच-ओ-ख़म का पेच-ओ-ख़म निकले
मगर लिखवाए कोई उस को ख़त तो हम से लिखवाए
हुई सुब्ह और घर से कान पर रख कर क़लम निकले
हुई इस दौर में मंसूब मुझ से बादा-आशामी
फिर आया वो ज़माना जो जहाँ में जाम-ए-जम निकले
हुई जिन से तवक़्क़ो' ख़स्तगी की दाद पाने की
वो हम से भी ज़ियादा ख़स्ता-ए-तेग़-ए-सितम निकले
मोहब्बत में नहीं है फ़र्क़ जीने और मरने का
उसी को देख कर जीते हैं जिस काफ़िर पे दम निकले
कहाँ मय-ख़ाने का दरवाज़ा 'ग़ालिब' और कहाँ वाइ'ज़
पर इतना जानते हैं कल वो जाता था कि हम निकले...
बाज़ीचा-ए-अतफ़ाल है दुनिया मिरे आगे
होता है शब-ओ-रोज़ तमाशा मिरे आगे
इक खेल है औरंग-ए-सुलैमाँ मिरे नज़दीक
इक बात है एजाज़-ए-मसीहा मिरे आगे
जुज़ नाम नहीं सूरत-ए-आलम मुझे मंज़ूर
जुज़ वहम नहीं हस्ती-ए-अशिया मिरे आगे
होता है निहाँ गर्द में सहरा मिरे होते
घिसता है जबीं ख़ाक पे दरिया मिरे आगे
मत पूछ कि क्या हाल है मेरा तिरे पीछे
तू देख कि क्या रंग है तेरा मिरे आगे
सच कहते हो ख़ुद-बीन ओ ख़ुद-आरा हूँ न क्यूँ हूँ
बैठा है बुत-ए-आइना-सीमा मिरे आगे
फिर देखिए अंदाज़-ए-गुल-अफ़्शानी-ए-गुफ़्तार
रख दे कोई पैमाना-ए-सहबा मिरे आगे
नफ़रत का गुमाँ गुज़रे है मैं रश्क से गुज़रा
क्यूँकर कहूँ लो नाम न उन का मिरे आगे
मिर्ज़ा ग़ालिब की आज 221वीं जयंती, पढ़ें उनकी सबसे मशहूर नज्में
आह को चाहिए इक उम्र असर होते तक
कौन जीता है तिरी ज़ुल्फ़ के सर होते तक
दाम-ए-हर-मौज में है हल्क़ा-ए-सद-काम-ए-नहंग
देखें क्या गुज़रे है क़तरे पे गुहर होते तक
आशिक़ी सब्र-तलब और तमन्ना बेताब
दिल का क्या रंग करूँ ख़ून-ए-जिगर होते तक
हम ने माना कि तग़ाफ़ुल न करोगे लेकिन
ख़ाक हो जाएँगे हम तुम को ख़बर होते तक
परतव-ए-ख़ुर से है शबनम को फ़ना की ता'लीम
मैं भी हूँ एक इनायत की नज़र होते तक
यक नज़र बेश नहीं फ़ुर्सत-ए-हस्ती ग़ाफ़िल
गर्मी-ए-बज़्म है इक रक़्स-ए-शरर होते तक
ग़म-ए-हस्ती का 'असद' किस से हो जुज़ मर्ग इलाज
शम्अ हर रंग में जलती है सहर होते तक
ईमाँ मुझे रोके है जो खींचे है मुझे कुफ़्र
काबा मिरे पीछे है कलीसा मिरे आगे
आशिक़ हूँ प माशूक़-फ़रेबी है मिरा काम
मजनूँ को बुरा कहती है लैला मिरे आगे
ख़ुश होते हैं पर वस्ल में यूँ मर नहीं जाते
आई शब-ए-हिज्राँ की तमन्ना मिरे आगे
है मौजज़न इक क़ुल्ज़ुम-ए-ख़ूँ काश यही हो
आता है अभी देखिए क्या क्या मिरे आगे
गो हाथ को जुम्बिश नहीं आँखों में तो दम है
रहने दो अभी साग़र-ओ-मीना मिरे आगे
हम-पेशा ओ हम-मशरब ओ हमराज़ है मेरा
'ग़ालिब' को बुरा क्यूँ कहो अच्छा मिरे आगे
जम्अ करते हो क्यूँ रक़ीबों को
इक तमाशा हुआ गिला न हुआ
हम कहाँ क़िस्मत आज़माने जाएँ
तू ही जब ख़ंजर-आज़मा न हुआ
कितने शीरीं हैं तेरे लब कि रक़ीब
गालियाँ खा के बे-मज़ा न हुआ
है ख़बर गर्म उन के आने की
आज ही घर में बोरिया न हुआ
क्या वो नमरूद की ख़ुदाई थी
बंदगी में मिरा भला न हुआ
जान दी दी हुई उसी की थी
हक़ तो यूँ है कि हक़ अदा न हुआ
ज़ख़्म गर दब गया लहू न थमा
काम गर रुक गया रवा न हुआ
रहज़नी है कि दिल-सितानी है
ले के दिल दिल-सिताँ रवाना हुआ
कुछ तो पढ़िए कि लोग कहते हैं
आज 'ग़ालिब' ग़ज़ल-सरा न हुआ | मिर्ज़ा ग़ालिब का जन्म 27 दिसंबर, 1797 को हुआ था.
उर्दू और फारसी भाषा के मशहूर शायर थे.
ग़ालिब का असली नाम मिर्जा असुद्ल्लाह बेग खान था. | 28 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इंग्लिश क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान माइकल वॉन मानते हैं कि मौजूदा टीम के सलामी बल्लेबाज एलिस्टर कुक का करियर शानदार रूप ले सकता है। कुक ने एजबेस्टन में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में भारत के खिलाफ 294 रनों की पारी खेली थी। टेस्ट मैचों में यह उनका 19वां शतक है। कुक ने अब तक 71 टेस्ट खेले हैं। कुक ने अब तक कुल 5834 रन बटोरे हैं और वह इंग्लैंड के लिए टेस्ट मैचों में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में 13वें स्थान पर हैं। कुक इंग्लैंड के लिए सबसे अधिक शतक लगाने वाले ज्यौफ बायकॉट, कोलिन काउंड्रे और वॉली हेमंड से तीन शतक पीछे हैं। वॉन ने कुक की तारीफ करते हुए कहा, मैं कुक को ज्यादा दबाव में नहीं डालना चाहता, लेकिन मेरे हिसाब से वह टेस्ट मैचों में 10,000 रन और 35 शतक पूरा करने की काबिलियत रखते हैं। कुछ समय बाद जब एंड्रयू स्ट्रॉस टेस्ट मैचों से संन्यास ले लेंगे तब कुक को ही टेस्ट टीम की कमान मिलेगी। उनका करियर शानदार रूप ले सकता है। वह एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं। उनके अंदर रनों की भूख है और साथ ही वह बहुत दृढ़संकल्प वाले इंसान हैं। | यहाँ एक सारांश है:इंग्लिश क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान माइकल वॉन मानते हैं कि मौजूदा टीम के सलामी बल्लेबाज एलिस्टर कुक का करियर शानदार रूप ले सकता है। | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: इंग्लैंड के खिलाफ लार्डस पर 21 जुलाई से होने वाले टेस्ट में यदि महेंद्र सिंह धोनी को प्रतिबंध से बचाना है तो टीम इंडिया को यहां वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे और आखिरी क्रिकेट टेस्ट में धोनी बचाओ अभियान के साथ उतारना होगा। धोनी को बुधवार से शुरू हो रहे तीसरे टेस्ट में हर हालत में धीमी ओवरगति से बचना होगा अन्यथा उन पर एक टेस्ट का प्रतिबंध लग जाएगा। वेस्टइंडीज दौरे के बाद भारत को इंग्लैंड जाना है और ऐसे में धोनी पर लार्डस टेस्ट से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है। धोनी की टीम बारबाडोस में दूसरे टेस्ट में निर्धारित समय के भीतर तीन ओवर पीछे थी। इस साल में धोनी की यह दूसरी गलती थी। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन में तीसरे टेस्ट में भी भारतीय टीम की ओवर गति धीमी थी। आईसीसी की आचार संहिता के नियम 2.5 के तहत यदि कोई टीम 12 महीने के भीतर तीन बार धीमी ओवरगति की दोषी पाई जाती है तो कप्तान को खेल के उस प्रारूप से एक मैच का प्रतिबंध झेलना पड़ेगा। धीमी ओवरगति रहने पर खिलाड़ियों को मैच फीस का 10 प्रतिशत प्रति ओवर और कप्तान को दोगुना हर्जाना भुगतना पड़ता है। दो साल पहले धोनी को दो वनडे का प्रतिबंध झेलना पड़ा था जब भारतीय टीम श्रीलंका के खिलाफ नागपुर में दूसरे मैच में धीमी ओवरगति की दोषी रही थी। धोनी कटक और कोलकाता में नहीं खेल पाए थे और दिल्ली वनडे में उनकी वापसी हुई थी। | सारांश: धोनी को बुधवार से शुरू हो रहे तीसरे टेस्ट में हर हालत में धीमी ओवरगति से बचना होगा अन्यथा उन पर एक टेस्ट का प्रतिबंध लग जाएगा। | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के वरिष्ठ नेता आजम खान (Azam Khan) ने एक चुनावी रैली में रो पड़े और कहा कि मुझ पर बकरियां और मुर्गियां चुराने के आरोप लग रहे हैं. आजम खान उपचुनाव के लिए रामपुर में एक रैली को संबोधित कर रहे थे. रैली को संबोधित करते हुए आजम खान ने कहा, 'मुझ पर आईपीसी 307 (हत्या की कोशिश) लगाई गई. मेरा आत्म-सम्मान मेरे और मेरे दोस्तों के लिए बहुत महंगा साबित हुआ. अब मुझ पर आरोप बकरियां और मुर्गियां चुराने के आरोप हैं.' आजम खान ने कहा, 'हे ईश्वर! आपने मुझे उसी वक्त क्यों नहीं मार दिया, अगर मैंने ऐसा कोई अपराध किया है तो.'
आजम खान ने कहा कि वह रामपुर के लोगों के हितों की हिफाजत की कीमत चुका रहे हैं. उन्होंने कहा, 'यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि मैंने न तो आपको बेचा है और न ही खुद को.' बता दें, लोकसभा सांसद आजम मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय द्वारा भूमि अतिक्रमण के आरोपों का सामना कर रहे हैं. इस मामले को लेकर आजम खान 5 अक्टूबर को विशेष जांच दल (SIT) के समक्ष पेश हुए थे. तब SIT ने उनसे ढाई घंटे तक पूछताछ की थी.
अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई 29 अक्टूबर तय की है. आजम खान के खिलाफ 80 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं. वहीं रामपुर विधानसभा उपचुनाव में समाजवादी पार्टी ने आजम खान की पत्नी तजीन फातिमा को मैदान में उतारा है. यह सीट आजम खान के लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद खाली हुई थी. | सारांश: अब उन पर बकरियां और मुर्गियां चुराने का आरोप लग रहे हैं
कहा, यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि मैंने न तो आपको बेचा है और न ही खुद को
रामपुर सीट आजम खान के लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद खाली हुई थी | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने कहा कि पूंजीपति वर्ग गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का प्रधानमंत्री बनाना चाहता है और ऐसा हुआ, तो यह देश के लिए दुर्दशा होगी।
बिहार में नीतीश सरकार के खिलाफ जनजागरण अभियान पर निकले लालू ने मोतिहारी जिला स्कूल मैदान में एक जनसभा में कहा कि नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी दोनों को नई दिल्ली में सार्वजनिक रुप से हाथ मिलाते देखा गया था। बिहार में भाजपा और जदयू का गठबंधन अनमेल विवाह है, इसलिए जल्द तलाक होगा।टिप्पणियां
नीतीश सरकार पर सभी मोर्चे पर विफल रहने का आरोप लगाते हुए लालू ने कहा कि नीतीश सरकार अपने कुकृत्यों की वजह से जाएगी। आरएसएस और भाजपा ने षडयंत्र कर बिहार में आरजेडी को सत्ता से बाहर कर दिया और नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज किया। उस सरकार के मंत्री मेरी पार्टी से निकले हैं और लालन-पालन हुआ है। नीतीश राज्य में मंत्रियों और विधायकों को कोई महत्व नहीं दिया जाता।
लालू प्रसाद, नीतीश सरकार के खिलाफ जनजागरण अभियान के तहत बिहार में निकले हैं और उन्होंने रात को जनसभाएं करने का निर्णय किया है। लालू ने अपने अभियान की शुरुआत पश्चिमी चंपारण के बेतिया से की। उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ सांसद रघुवंश प्रसाद सिंह भी अभियान में शामिल हैं।
बिहार में नीतीश सरकार के खिलाफ जनजागरण अभियान पर निकले लालू ने मोतिहारी जिला स्कूल मैदान में एक जनसभा में कहा कि नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी दोनों को नई दिल्ली में सार्वजनिक रुप से हाथ मिलाते देखा गया था। बिहार में भाजपा और जदयू का गठबंधन अनमेल विवाह है, इसलिए जल्द तलाक होगा।टिप्पणियां
नीतीश सरकार पर सभी मोर्चे पर विफल रहने का आरोप लगाते हुए लालू ने कहा कि नीतीश सरकार अपने कुकृत्यों की वजह से जाएगी। आरएसएस और भाजपा ने षडयंत्र कर बिहार में आरजेडी को सत्ता से बाहर कर दिया और नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज किया। उस सरकार के मंत्री मेरी पार्टी से निकले हैं और लालन-पालन हुआ है। नीतीश राज्य में मंत्रियों और विधायकों को कोई महत्व नहीं दिया जाता।
लालू प्रसाद, नीतीश सरकार के खिलाफ जनजागरण अभियान के तहत बिहार में निकले हैं और उन्होंने रात को जनसभाएं करने का निर्णय किया है। लालू ने अपने अभियान की शुरुआत पश्चिमी चंपारण के बेतिया से की। उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ सांसद रघुवंश प्रसाद सिंह भी अभियान में शामिल हैं।
नीतीश सरकार पर सभी मोर्चे पर विफल रहने का आरोप लगाते हुए लालू ने कहा कि नीतीश सरकार अपने कुकृत्यों की वजह से जाएगी। आरएसएस और भाजपा ने षडयंत्र कर बिहार में आरजेडी को सत्ता से बाहर कर दिया और नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज किया। उस सरकार के मंत्री मेरी पार्टी से निकले हैं और लालन-पालन हुआ है। नीतीश राज्य में मंत्रियों और विधायकों को कोई महत्व नहीं दिया जाता।
लालू प्रसाद, नीतीश सरकार के खिलाफ जनजागरण अभियान के तहत बिहार में निकले हैं और उन्होंने रात को जनसभाएं करने का निर्णय किया है। लालू ने अपने अभियान की शुरुआत पश्चिमी चंपारण के बेतिया से की। उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ सांसद रघुवंश प्रसाद सिंह भी अभियान में शामिल हैं।
लालू प्रसाद, नीतीश सरकार के खिलाफ जनजागरण अभियान के तहत बिहार में निकले हैं और उन्होंने रात को जनसभाएं करने का निर्णय किया है। लालू ने अपने अभियान की शुरुआत पश्चिमी चंपारण के बेतिया से की। उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ सांसद रघुवंश प्रसाद सिंह भी अभियान में शामिल हैं। | सारांश: राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने कहा कि पूंजीपति वर्ग गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का प्रधानमंत्री बनाना चाहता है और ऐसा हुआ, तो यह देश के लिए दुर्दशा होगी। | 33 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी इंफोसिस का समेकित शुद्ध लाभ 30 जून, 2013 को समाप्त हुई पहली तिमाही में करीब चार प्रतिशत बढ़कर 2,374 करोड़ रुपये पहुंच गई। कंपनी ने बंबई शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि बीते वित्तवर्ष की इसी अवधि में उसे 2,289 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी की समेकित आय 17.2 प्रतिशत बढ़कर 11,267 करोड़ रुपये रही, जो बीते वित्तवर्ष की इसी तिमाही में 9,616 करोड़ रुपये थी।टिप्पणियां
कंपनी के तिमाही नतीजे आते ही उसके शेयर 13.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,862.35 रुपये पर खुले और थोड़ी ही देर में इसमें 15 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई। भारत की दूसरी सबसे बड़ी इस आईटी कंपनी ने रुपये में आय का अनुमान 6.10 प्रतिशत से बढ़ाकर 13.17 प्रतिशत कर दिया है।
इंफोसिस के सीईओ और प्रबंध निदेशक एसडी शिबूलाल ने कहा, अनिश्चित वृहद वातावरण, बदलती नियामकीय व्यवस्था और मुद्रा की विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के बावजूद हमने पहली तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया है।
समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी की समेकित आय 17.2 प्रतिशत बढ़कर 11,267 करोड़ रुपये रही, जो बीते वित्तवर्ष की इसी तिमाही में 9,616 करोड़ रुपये थी।टिप्पणियां
कंपनी के तिमाही नतीजे आते ही उसके शेयर 13.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,862.35 रुपये पर खुले और थोड़ी ही देर में इसमें 15 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई। भारत की दूसरी सबसे बड़ी इस आईटी कंपनी ने रुपये में आय का अनुमान 6.10 प्रतिशत से बढ़ाकर 13.17 प्रतिशत कर दिया है।
इंफोसिस के सीईओ और प्रबंध निदेशक एसडी शिबूलाल ने कहा, अनिश्चित वृहद वातावरण, बदलती नियामकीय व्यवस्था और मुद्रा की विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के बावजूद हमने पहली तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया है।
कंपनी के तिमाही नतीजे आते ही उसके शेयर 13.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,862.35 रुपये पर खुले और थोड़ी ही देर में इसमें 15 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई। भारत की दूसरी सबसे बड़ी इस आईटी कंपनी ने रुपये में आय का अनुमान 6.10 प्रतिशत से बढ़ाकर 13.17 प्रतिशत कर दिया है।
इंफोसिस के सीईओ और प्रबंध निदेशक एसडी शिबूलाल ने कहा, अनिश्चित वृहद वातावरण, बदलती नियामकीय व्यवस्था और मुद्रा की विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के बावजूद हमने पहली तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया है।
इंफोसिस के सीईओ और प्रबंध निदेशक एसडी शिबूलाल ने कहा, अनिश्चित वृहद वातावरण, बदलती नियामकीय व्यवस्था और मुद्रा की विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के बावजूद हमने पहली तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया है। | सारांश: आईटी कंपनी इंफोसिस का समेकित शुद्ध लाभ 30 जून, 2013 को समाप्त पहली तिमाही में चार प्रतिशत बढ़कर 2,374 करोड़ रुपये पहुंच गई। कंपनी की समेकित आय 17.2 प्रतिशत बढ़कर 11,267 करोड़ रुपये रही। | 5 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जम्मू-कश्मीर के उरी में हुए आतंकी हमले का देश भर में विरोध हो रहा है. बॉलीवुड भी इससे अछूता नहीं है. सिंगर कुमार सानू ने इस मामले में बड़ा उदाहरण पेश करते हुए पाकिस्तान में होने वाला अपना शो रद्द कर दिया है.
दरअसल उरी हमले को लेकर कुमार शानू बेहद नाराज और दुखी हैं. उन्होंने कहा, 'मैं अपने देश और सेना को प्यार और सम्मान करता हूं. उरी में जवानों पर हमले के मद्देनजर मैं पाकिस्तान में 26 सितंबर को होने वाले शो को कैंसिल करता हूं.' गौरतलब है कि रविवार को सेना के उरी में हुए आतंकवादी हमले में सेना के 18 जवान शहीद हो गए थे.टिप्पणियां
गौरतलब है कि उरी हमले को लेकर बॉलीवुड के कई स्टार्स ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी. बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार ने कहा कि ‘बस बहुत हो गया. इस पर रोक लगनी चाहिए. एक ट्वीट कर उन्होंने कहा, ‘जांबाजों के लिए सच्चे दिल से प्रार्थना, आतंकवाद को रोकने की जरूरत है. बस हो गया! बहुत हो गया! जय हिंद.
शाहरुख खान ने लिखा, 'उरी में हुए कायरतापूर्ण हमले को लेकर बेहद दुखी हूं.' अमिताभ बच्चन ने एक ट्वीट के जरिये कहा था, उन जवानों के लिए प्रार्थना, जिन्होंने उरी हमले में शहादत दी. बेहद दुखी और गुस्सा भी. गीतकर जावेद अख्तर गायक अदनान सामी और अभिनेता रितेश देशमुख, रणदीप हुडा आदि ने भी उरी हमले को लेकर नाराजगी जताते हुए शहीद जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है.
दरअसल उरी हमले को लेकर कुमार शानू बेहद नाराज और दुखी हैं. उन्होंने कहा, 'मैं अपने देश और सेना को प्यार और सम्मान करता हूं. उरी में जवानों पर हमले के मद्देनजर मैं पाकिस्तान में 26 सितंबर को होने वाले शो को कैंसिल करता हूं.' गौरतलब है कि रविवार को सेना के उरी में हुए आतंकवादी हमले में सेना के 18 जवान शहीद हो गए थे.टिप्पणियां
गौरतलब है कि उरी हमले को लेकर बॉलीवुड के कई स्टार्स ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी. बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार ने कहा कि ‘बस बहुत हो गया. इस पर रोक लगनी चाहिए. एक ट्वीट कर उन्होंने कहा, ‘जांबाजों के लिए सच्चे दिल से प्रार्थना, आतंकवाद को रोकने की जरूरत है. बस हो गया! बहुत हो गया! जय हिंद.
शाहरुख खान ने लिखा, 'उरी में हुए कायरतापूर्ण हमले को लेकर बेहद दुखी हूं.' अमिताभ बच्चन ने एक ट्वीट के जरिये कहा था, उन जवानों के लिए प्रार्थना, जिन्होंने उरी हमले में शहादत दी. बेहद दुखी और गुस्सा भी. गीतकर जावेद अख्तर गायक अदनान सामी और अभिनेता रितेश देशमुख, रणदीप हुडा आदि ने भी उरी हमले को लेकर नाराजगी जताते हुए शहीद जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है.
गौरतलब है कि उरी हमले को लेकर बॉलीवुड के कई स्टार्स ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी. बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार ने कहा कि ‘बस बहुत हो गया. इस पर रोक लगनी चाहिए. एक ट्वीट कर उन्होंने कहा, ‘जांबाजों के लिए सच्चे दिल से प्रार्थना, आतंकवाद को रोकने की जरूरत है. बस हो गया! बहुत हो गया! जय हिंद.
शाहरुख खान ने लिखा, 'उरी में हुए कायरतापूर्ण हमले को लेकर बेहद दुखी हूं.' अमिताभ बच्चन ने एक ट्वीट के जरिये कहा था, उन जवानों के लिए प्रार्थना, जिन्होंने उरी हमले में शहादत दी. बेहद दुखी और गुस्सा भी. गीतकर जावेद अख्तर गायक अदनान सामी और अभिनेता रितेश देशमुख, रणदीप हुडा आदि ने भी उरी हमले को लेकर नाराजगी जताते हुए शहीद जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है.
शाहरुख खान ने लिखा, 'उरी में हुए कायरतापूर्ण हमले को लेकर बेहद दुखी हूं.' अमिताभ बच्चन ने एक ट्वीट के जरिये कहा था, उन जवानों के लिए प्रार्थना, जिन्होंने उरी हमले में शहादत दी. बेहद दुखी और गुस्सा भी. गीतकर जावेद अख्तर गायक अदनान सामी और अभिनेता रितेश देशमुख, रणदीप हुडा आदि ने भी उरी हमले को लेकर नाराजगी जताते हुए शहीद जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है. | सारांश: उरी आतंकी हमले में सेना के 18 जवान हुए थे शहीद
बॉलीवुड के कई सितारे हमले पर जता चुके हैं रोष
अमिताभ ने कहा-उरी की घटना से दुखी हूं, गुस्सा भी हूं | 31 | ['hin'] |
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