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इस पाठ का सारांश बनाओ: देश में नवंबर, 2011 में क्रेडिट कार्ड से लेनदेन 14.4 प्रतिशत के इजाफे के साथ 7,920 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यह इस बात का संकेत है कि इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भुगतान लोकप्रिय हो रहा है।
भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से नवंबर की अवधि में क्रेडिट कार्ड से लेनदेन 28.3 प्रतिशत बढ़कर 62,289 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।टिप्पणियां
नवंबर माह में डेबिट कार्ड से लेनदेन 16.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 4,329 करोड़ रुपये रहा। अप्रैल से नवंबर की अवधि में डेबिट कार्ड से लेनदेन 39.6 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि के साथ 34,505 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। आंकड़ों के अनुसार, 30 नवंबर, 2011 तक इस्तेमाल में मौजूद क्रेडिट कार्ड की संख्या हालांकि तीन प्रतिशत घटकर 1.76 करोड़ रह गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि क्रेडिट कार्ड से लेनदेन बढ़ना इस बात की ओर इशारा करता है कि अब लोग इलेक्ट्रॉनिक भुगतान की प्रणाली को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। खासकर शहरी क्षेत्रों में यह लगातार लोकप्रिय हो रहा है। वित्तवर्ष 2010-11 में देश में क्रेडिट कार्ड से लेनदेन 22.15 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 75,515 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से नवंबर की अवधि में क्रेडिट कार्ड से लेनदेन 28.3 प्रतिशत बढ़कर 62,289 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।टिप्पणियां
नवंबर माह में डेबिट कार्ड से लेनदेन 16.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 4,329 करोड़ रुपये रहा। अप्रैल से नवंबर की अवधि में डेबिट कार्ड से लेनदेन 39.6 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि के साथ 34,505 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। आंकड़ों के अनुसार, 30 नवंबर, 2011 तक इस्तेमाल में मौजूद क्रेडिट कार्ड की संख्या हालांकि तीन प्रतिशत घटकर 1.76 करोड़ रह गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि क्रेडिट कार्ड से लेनदेन बढ़ना इस बात की ओर इशारा करता है कि अब लोग इलेक्ट्रॉनिक भुगतान की प्रणाली को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। खासकर शहरी क्षेत्रों में यह लगातार लोकप्रिय हो रहा है। वित्तवर्ष 2010-11 में देश में क्रेडिट कार्ड से लेनदेन 22.15 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 75,515 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
नवंबर माह में डेबिट कार्ड से लेनदेन 16.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 4,329 करोड़ रुपये रहा। अप्रैल से नवंबर की अवधि में डेबिट कार्ड से लेनदेन 39.6 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि के साथ 34,505 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। आंकड़ों के अनुसार, 30 नवंबर, 2011 तक इस्तेमाल में मौजूद क्रेडिट कार्ड की संख्या हालांकि तीन प्रतिशत घटकर 1.76 करोड़ रह गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि क्रेडिट कार्ड से लेनदेन बढ़ना इस बात की ओर इशारा करता है कि अब लोग इलेक्ट्रॉनिक भुगतान की प्रणाली को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। खासकर शहरी क्षेत्रों में यह लगातार लोकप्रिय हो रहा है। वित्तवर्ष 2010-11 में देश में क्रेडिट कार्ड से लेनदेन 22.15 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 75,515 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि क्रेडिट कार्ड से लेनदेन बढ़ना इस बात की ओर इशारा करता है कि अब लोग इलेक्ट्रॉनिक भुगतान की प्रणाली को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। खासकर शहरी क्षेत्रों में यह लगातार लोकप्रिय हो रहा है। वित्तवर्ष 2010-11 में देश में क्रेडिट कार्ड से लेनदेन 22.15 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 75,515 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। | संक्षिप्त सारांश: देश में नवंबर, 2011 में क्रेडिट कार्ड से लेनदेन 14.4 प्रतिशत के इजाफे के साथ 7,920 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यह इस बात का संकेत है कि इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भुगतान लोकप्रिय हो रहा है। | 0 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की 30 जनवरी 1948 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. आज बापू की पुण्यतिथि (Mahatma Gandhi Death Anniversary 2019) के मौके पर पूरा देश उन्हें याद कर रहा है. बापू की हत्या नाथूराम विनायक गोडसे (Nathuram Godse) ने की थी. गोडसे ने 30 जनवरी 1948 को बापू का सीना उस वक्त छलनी कर दिया जब वे दिल्ली के बिड़ला भवन में शाम की प्रार्थना सभा से उठ रहे थे. गोडसे ने बापू के साथ खड़ी महिला को हटाया और अपनी सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल से एक बाद के एक तीन गोली मारकर उनकी हत्या कर दी. नाथूराम गोडसे को महात्मा गांधी की हत्या करने के तुरंत बाद ही गिरफ्तार कर लिया गया. इसके बाद उस पर शिमला की अदालत में ट्रायल चला. नाथूराम गोडसे को 8 नवंबर, 1949 को फांसी की सजा सुनाई गई थी. जिसके बाद उसे 15 नवंबर, 1949 को फांसी पर चढ़ाया गया था. गांधी (Mahatma Gandhi) की हत्या के बाद उनके पुत्र देवदास गांधी नाथूराम से मिलने पहुंचे. इसके संदर्भ में नाथूराम गोडसे के भाई ने अपनी किताब ''मैंने गांधी वध क्यों किया'' में लिखा है, ''देवदास (गांधी के पुत्र) शायद इस उम्मीद में आए होंगे कि उन्हें कोई वीभत्स चेहरे वाला, गांधी के खून का प्यासा कातिल नजर आएगा, लेकिन नाथूराम सहज और सौम्य थे. उनका आत्म विश्वास बना हुआ था. देवदास ने जैसा सोचा होगा, उससे एकदम उलट.''
Mahatma Gandhi Death Anniversary: जब दांडी मार्च के दौरान बापू 24 दिनों तक रोज 16 से 19 किलोमीटर चलते थे पैदल
Martyrs' Day: 30 जनवरी को क्यों मनाया जाता है शहीद दिवस?
इन कारणों से महात्मा गांधी को 5 बार नामित होने के बाद भी नहीं मिला था शांति का नोबेल पुरस्कार | गोडसे ने 30 जनवरी 1948 को गांधी की हत्या की थी.
गोडसे को 15 नवंबर, 1949 को फांसी पर चढ़ाया गया था.
नाथूराम गोडसे के पहले आदर्श महात्मा गांधी थे. | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को अमेरिकी सरकार की साख रेटिंग को कम किए जाने पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत है। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा, "कुछ संकट की स्थिति है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। मैं अनावश्यक चिंता नहीं करना चाहता हूं।" देश में सुधार प्रक्रिया के 20 साल पूरा होने के अवसर पर उन्होंने कहा, "हमारा आधार मजबूत है। यह साबित हो चुका है कि हम बाहरी दबाव झेल सकते हैं।" शुक्रवार को शेयर बाजारों में तेज गिरावट हुई। उधर एक शाख रेटिंग एजेंसी ने अमेरिका की रेटिंग को घटा दी। कार्यक्रम के बाद कारोबारियों ने आईएएनएस से कहा कि अभी तक भारत पर कोई बुरा प्रभाव महसूस नहीं किया गया है। हीरो समूह के पवन मुंजाल ने कहा कि शाख घटाने का सिर्फ अमेरिका पर असर होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका को मुद्रा छापनी पड़ सकती है, जिससे अमेरिका सहित दुनियाभर में महंगाई बढ़ सकती है। अन्य कारोबारियों ने भी उनकी बात का समर्थन किया। जुबिलिएंट ऑर्गेनोसिस के सह-अध्यक्ष हरी भारतीय ने कहा कि भारत अभी भी निवेशकों की पहली पसंद है। उन्होंने कहा कि सरकार को सुधार जारी रखना चाहिए और आधारभूत संरचनाओं की बाधा हटानी चाहिए। अंतरराष्ट्रीय साख रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पुअर्स ने अमेरिकी सरकार की कर्जदाताओं और निवेशकों को वापस भुगतान करने की क्षमता की रेटिंग 'एएए' से घटाकर 'एए+' कर दिया है। इस खबर ने वित्तीय जगत को डगमगा दिया है। सामान्य तौर पर अमेरिकी सरकार के बांड को निवेश के लिए एक सुरक्षित लक्ष्य माना जाता है। दुनियाभर की सरकारों और केंद्रीय बैंकों ने इन बांडों में निवेश किया है। शुक्रवार को मुखर्जी ने शेयर बाजारों में आई गिरावट के कारण निवेशकों में पैदा चिंता को शांत करते हुए कहा था कि गिरावट के पीछे बाहरी कारण जिम्मेदार हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: केंद्रीय वित्त मंत्री ने अमेरिकी सरकार की साख रेटिंग को कम किए जाने पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत है। | 25 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली पुलिस ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में सट्टेबाजी से जुड़े मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "जीतेंद्र थराड उर्फ जीतू को गुरुवार को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया है।"
पुलिस सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस जीतू पर उसी समय से नजर रखे हुए थी, जब राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजी टीम के तीन खिलाड़ियों को स्पॉट फिक्सिंग मामले में 16 मई को गिरफ्तार किया गया था।टिप्पणियां
अधिकारी ने कहा, "आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में यह अब तक की 29वीं गिरफ्तारी है।"
इस मामले से जुड़े 21 आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। शांताकुमार श्रीसंत और अंकित चव्हाण भी इनमें शामिल हैं। लेकिन तीसरे खिलाड़ी अजित चंदीला को अब तक जमानत नहीं मिली है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "जीतेंद्र थराड उर्फ जीतू को गुरुवार को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया है।"
पुलिस सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस जीतू पर उसी समय से नजर रखे हुए थी, जब राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजी टीम के तीन खिलाड़ियों को स्पॉट फिक्सिंग मामले में 16 मई को गिरफ्तार किया गया था।टिप्पणियां
अधिकारी ने कहा, "आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में यह अब तक की 29वीं गिरफ्तारी है।"
इस मामले से जुड़े 21 आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। शांताकुमार श्रीसंत और अंकित चव्हाण भी इनमें शामिल हैं। लेकिन तीसरे खिलाड़ी अजित चंदीला को अब तक जमानत नहीं मिली है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस जीतू पर उसी समय से नजर रखे हुए थी, जब राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजी टीम के तीन खिलाड़ियों को स्पॉट फिक्सिंग मामले में 16 मई को गिरफ्तार किया गया था।टिप्पणियां
अधिकारी ने कहा, "आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में यह अब तक की 29वीं गिरफ्तारी है।"
इस मामले से जुड़े 21 आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। शांताकुमार श्रीसंत और अंकित चव्हाण भी इनमें शामिल हैं। लेकिन तीसरे खिलाड़ी अजित चंदीला को अब तक जमानत नहीं मिली है।
अधिकारी ने कहा, "आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में यह अब तक की 29वीं गिरफ्तारी है।"
इस मामले से जुड़े 21 आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। शांताकुमार श्रीसंत और अंकित चव्हाण भी इनमें शामिल हैं। लेकिन तीसरे खिलाड़ी अजित चंदीला को अब तक जमानत नहीं मिली है।
इस मामले से जुड़े 21 आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। शांताकुमार श्रीसंत और अंकित चव्हाण भी इनमें शामिल हैं। लेकिन तीसरे खिलाड़ी अजित चंदीला को अब तक जमानत नहीं मिली है। | यहाँ एक सारांश है:पुलिस सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस जीतू पर उसी समय से नजर रखे हुए थी, जब राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजी टीम के तीन खिलाड़ियों को स्पॉट फिक्सिंग मामले में 16 मई को गिरफ्तार किया गया था। | 12 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पुलिस के मुताबिक- किशोरी को एक युवक के साथ स्वास्थ्य केन्द्र में जाते देख आसपास के लोगों ने उसके भाई को इसकी सूचना दी. सूचना पर किशोरी का भाई ग्रामीणों के साथ डॉक्टर के कक्ष में पहुंचा जहां डॉक्टर और किशोरी को आपत्तिजनक स्थिति में देखकर पुलिस को सूचना दी गई. इसी दौरान डॉक्टर और उसका सहयोगी मौके से फरार हो गए.दिल्ली में हेल्पलाइन में दर्ज होती हैं रोजाना सैकड़ों शिकायतेंटिप्पणियां
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस क्षेत्राधिकारी बलदेव सिंह खंडेला ने थाने पहुंचकर किशोरी और उसके भाई से मामले की पूरी जानकारी ली, जिसके बाद पुलिस ने देर रात मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी. डाक्टर के खिलाफ दर्ज मामले में पाक्सो भी लगाया गया है. बलदेव सिंह ने बताया कि डॉक्टर की गिरफ्तारी के लिए एक टीम का गठन कर दिया गया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिल्ली में हेल्पलाइन में दर्ज होती हैं रोजाना सैकड़ों शिकायतेंटिप्पणियां
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस क्षेत्राधिकारी बलदेव सिंह खंडेला ने थाने पहुंचकर किशोरी और उसके भाई से मामले की पूरी जानकारी ली, जिसके बाद पुलिस ने देर रात मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी. डाक्टर के खिलाफ दर्ज मामले में पाक्सो भी लगाया गया है. बलदेव सिंह ने बताया कि डॉक्टर की गिरफ्तारी के लिए एक टीम का गठन कर दिया गया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस क्षेत्राधिकारी बलदेव सिंह खंडेला ने थाने पहुंचकर किशोरी और उसके भाई से मामले की पूरी जानकारी ली, जिसके बाद पुलिस ने देर रात मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी. डाक्टर के खिलाफ दर्ज मामले में पाक्सो भी लगाया गया है. बलदेव सिंह ने बताया कि डॉक्टर की गिरफ्तारी के लिए एक टीम का गठन कर दिया गया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: बच्ची को धोखे से बुलाकर किया कथित रेप
ग्रामीणों ने दी पीड़िता के भाई को सूचना
पुलिस ने मामला दर्ज किया, आरोपी की तलाश जारी | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रसिद्ध गांधीवादी अन्ना हजारे ने गुरुवार को सरकार पर देश को भ्रष्टाचार के चंगुल से बाहर निकालने को लेकर गंभीर नहीं होने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर एक सख्त लोकपाल विधेयक पारित नहीं किया गया तो वह फिर से विरोध प्रदर्शन करेंगे। अन्ना हजारे ने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त भारत सरकार की सोच में नहीं है। हम समाज के लिए काम करते रहेंगे। सख्त लोकपाल विधेयक तैयार करने के लिए सरकारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक के एक दिन बाद अन्ना हजारे ने ये बातें कहीं। बुधवार को संयुक्त समिति की हुई बैठक बेनतीजा रही थी। अन्ना हजारे ने कहा, यदि वे एक गलत विधेयक लाते हैं, तो निश्चित तौर विरोध-प्रदर्शन होगा। हमें जंतर-मंतर की तरह प्रदर्शन फिर से शुरू करने पड़ेंगे। सरकार अपनी प्रतिबद्धता से पीछे हट रही है। उन्होंने कहा, लोग समझ रहे हैं कि अगर दो मसौदे तैयार किए जा रहे हैं, तो क्यों संयुक्त समिति बनी। यह सरकार की केवल रणनीति है। वह पिछले तीन माह से समय बर्बाद कर रही है। बुधवार को अपना 74वां जन्मदिन मनाने वाले अन्ना हजारे ने कहा, लोकपाल विधेयक लाना सरकार के दिमाग में नहीं है। हम इससे कोई निजी लाभ नहीं हासिल कर रहे हैं। ऐसे मसौदे की क्या जरूरत है, जिससे देश को भ्रष्टाचार से मुक्त कराने में सहायता न मिले। उन्होंने कहा, सरकार की इच्छा भ्रष्ट लोगों को दंडित करने की नहीं है। | संक्षिप्त पाठ: अन्ना ने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त भारत सरकार की सोच में नहीं है। अगर सख्त लोकपाल विधेयक पारित नहीं किया गया, तो वह फिर से प्रदर्शन करेंगे। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: लगता है, रेल बजट भाषणों और शेरो-शायरी का चोली-दामन का साथ हो गया है... त्रिवेदी से पहले लालू प्रसाद ने भी बजट भाषणों में जमकर शेरो-शायरी की थी, और उसी परम्परा को ममता बनर्जी ने भी आगे बढ़ाया था... और अब अपना पहला रेल बजट पेश करने वाले दिनेश त्रिवेदी का भाषण भी कविताओं से लबरेज रहा।
त्रिवेदी ने यात्री किराये में बढ़ोतरी के परिप्रेक्ष्य में रेलवे के कठिनाई के दौर से गुजरने का जिक्र किया। उन्होंने तुकबंदी करते हुए कहा, ‘कंधे झुक गए हैं, कमर लचक गई है। बोझ उठा-उठाकर बेचारी रेल थक गई है, रेलगाड़ी को नई दवा, नया असर चाहिए। इस सफर में मुझको आपका हमसफर चाहिए।’
रेल के लाभांश में केवल 1492 करोड़ रुपये का आधिक्य होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ‘मंजिल अभी दूर है और रास्ता जटिल है, कंधा मिलाकर साथ चलें तो कुछ नहीं मुश्किल है। साथ मिलकर जो हम पटरियां बिछाएंगे तो देखते ही देखते सब रास्ते खुल जाएंगे।’टिप्पणियां
लोकसभा में सदस्यों की वाहवाही और मेजों की थपथपाहट के बीच त्रिवेदी ने शेर सुनाने का सिलसिला यहीं नहीं रोका। रेल मंत्री ने आगे ‘नया दौर’ फिल्म के मशहूर गीत ‘साथी हाथ बढ़ाना’ के कुछ अंश सुना डाले, ‘फौलादी हैं सीने अपने, फौलादी हैं बाहें, हम चाहें तो पैदा कर दें चट्टानों में राहें।’ जातपात और छुआछूत के बंधन तोडने में रेलवे की बडी भूमिका को उन्होंने कुछ इस तरह बयां किया, ‘देश की रगों में दौडती है रेल देश के हर अंग को जोडती है रेल धर्म जात पात नहीं मानती है रेल छोटे बडे सभी को अपना मानती है रेल।’
रेलवे को आगे बढाने के लिए पुराने दृष्टिकोण में भारी बदलाव की आवश्यकता बताते हुए इसे देश की महान आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम बनाने के दीर्घकालिक परिवर्तनों की बात करते हुए त्रिवेदी ने यह शेर पढ़ा, ‘हाथ की लकीरों से जिन्दगी नहीं बनती अज्म हमारा भी कुछ हिस्सा है जिन्दगी बनाने में।’ त्रिवेदी ने भाषण की शुरूआत तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा बार बार दोहराये जाने वाले ‘मां माटी मानुष’ के बारे में कहा, ‘सबसे अधिक मैं मां माटी मानुष का आभारी हूं, जिनके आशीर्वाद से ही मैं इस संसद तक पहुंचा हूं। आमि मां माटी मानुष के आमार श्रद्धा, ओ आमारा प्रोनाम जानाई।’
त्रिवेदी ने यात्री किराये में बढ़ोतरी के परिप्रेक्ष्य में रेलवे के कठिनाई के दौर से गुजरने का जिक्र किया। उन्होंने तुकबंदी करते हुए कहा, ‘कंधे झुक गए हैं, कमर लचक गई है। बोझ उठा-उठाकर बेचारी रेल थक गई है, रेलगाड़ी को नई दवा, नया असर चाहिए। इस सफर में मुझको आपका हमसफर चाहिए।’
रेल के लाभांश में केवल 1492 करोड़ रुपये का आधिक्य होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ‘मंजिल अभी दूर है और रास्ता जटिल है, कंधा मिलाकर साथ चलें तो कुछ नहीं मुश्किल है। साथ मिलकर जो हम पटरियां बिछाएंगे तो देखते ही देखते सब रास्ते खुल जाएंगे।’टिप्पणियां
लोकसभा में सदस्यों की वाहवाही और मेजों की थपथपाहट के बीच त्रिवेदी ने शेर सुनाने का सिलसिला यहीं नहीं रोका। रेल मंत्री ने आगे ‘नया दौर’ फिल्म के मशहूर गीत ‘साथी हाथ बढ़ाना’ के कुछ अंश सुना डाले, ‘फौलादी हैं सीने अपने, फौलादी हैं बाहें, हम चाहें तो पैदा कर दें चट्टानों में राहें।’ जातपात और छुआछूत के बंधन तोडने में रेलवे की बडी भूमिका को उन्होंने कुछ इस तरह बयां किया, ‘देश की रगों में दौडती है रेल देश के हर अंग को जोडती है रेल धर्म जात पात नहीं मानती है रेल छोटे बडे सभी को अपना मानती है रेल।’
रेलवे को आगे बढाने के लिए पुराने दृष्टिकोण में भारी बदलाव की आवश्यकता बताते हुए इसे देश की महान आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम बनाने के दीर्घकालिक परिवर्तनों की बात करते हुए त्रिवेदी ने यह शेर पढ़ा, ‘हाथ की लकीरों से जिन्दगी नहीं बनती अज्म हमारा भी कुछ हिस्सा है जिन्दगी बनाने में।’ त्रिवेदी ने भाषण की शुरूआत तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा बार बार दोहराये जाने वाले ‘मां माटी मानुष’ के बारे में कहा, ‘सबसे अधिक मैं मां माटी मानुष का आभारी हूं, जिनके आशीर्वाद से ही मैं इस संसद तक पहुंचा हूं। आमि मां माटी मानुष के आमार श्रद्धा, ओ आमारा प्रोनाम जानाई।’
रेल के लाभांश में केवल 1492 करोड़ रुपये का आधिक्य होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ‘मंजिल अभी दूर है और रास्ता जटिल है, कंधा मिलाकर साथ चलें तो कुछ नहीं मुश्किल है। साथ मिलकर जो हम पटरियां बिछाएंगे तो देखते ही देखते सब रास्ते खुल जाएंगे।’टिप्पणियां
लोकसभा में सदस्यों की वाहवाही और मेजों की थपथपाहट के बीच त्रिवेदी ने शेर सुनाने का सिलसिला यहीं नहीं रोका। रेल मंत्री ने आगे ‘नया दौर’ फिल्म के मशहूर गीत ‘साथी हाथ बढ़ाना’ के कुछ अंश सुना डाले, ‘फौलादी हैं सीने अपने, फौलादी हैं बाहें, हम चाहें तो पैदा कर दें चट्टानों में राहें।’ जातपात और छुआछूत के बंधन तोडने में रेलवे की बडी भूमिका को उन्होंने कुछ इस तरह बयां किया, ‘देश की रगों में दौडती है रेल देश के हर अंग को जोडती है रेल धर्म जात पात नहीं मानती है रेल छोटे बडे सभी को अपना मानती है रेल।’
रेलवे को आगे बढाने के लिए पुराने दृष्टिकोण में भारी बदलाव की आवश्यकता बताते हुए इसे देश की महान आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम बनाने के दीर्घकालिक परिवर्तनों की बात करते हुए त्रिवेदी ने यह शेर पढ़ा, ‘हाथ की लकीरों से जिन्दगी नहीं बनती अज्म हमारा भी कुछ हिस्सा है जिन्दगी बनाने में।’ त्रिवेदी ने भाषण की शुरूआत तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा बार बार दोहराये जाने वाले ‘मां माटी मानुष’ के बारे में कहा, ‘सबसे अधिक मैं मां माटी मानुष का आभारी हूं, जिनके आशीर्वाद से ही मैं इस संसद तक पहुंचा हूं। आमि मां माटी मानुष के आमार श्रद्धा, ओ आमारा प्रोनाम जानाई।’
लोकसभा में सदस्यों की वाहवाही और मेजों की थपथपाहट के बीच त्रिवेदी ने शेर सुनाने का सिलसिला यहीं नहीं रोका। रेल मंत्री ने आगे ‘नया दौर’ फिल्म के मशहूर गीत ‘साथी हाथ बढ़ाना’ के कुछ अंश सुना डाले, ‘फौलादी हैं सीने अपने, फौलादी हैं बाहें, हम चाहें तो पैदा कर दें चट्टानों में राहें।’ जातपात और छुआछूत के बंधन तोडने में रेलवे की बडी भूमिका को उन्होंने कुछ इस तरह बयां किया, ‘देश की रगों में दौडती है रेल देश के हर अंग को जोडती है रेल धर्म जात पात नहीं मानती है रेल छोटे बडे सभी को अपना मानती है रेल।’
रेलवे को आगे बढाने के लिए पुराने दृष्टिकोण में भारी बदलाव की आवश्यकता बताते हुए इसे देश की महान आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम बनाने के दीर्घकालिक परिवर्तनों की बात करते हुए त्रिवेदी ने यह शेर पढ़ा, ‘हाथ की लकीरों से जिन्दगी नहीं बनती अज्म हमारा भी कुछ हिस्सा है जिन्दगी बनाने में।’ त्रिवेदी ने भाषण की शुरूआत तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा बार बार दोहराये जाने वाले ‘मां माटी मानुष’ के बारे में कहा, ‘सबसे अधिक मैं मां माटी मानुष का आभारी हूं, जिनके आशीर्वाद से ही मैं इस संसद तक पहुंचा हूं। आमि मां माटी मानुष के आमार श्रद्धा, ओ आमारा प्रोनाम जानाई।’
रेलवे को आगे बढाने के लिए पुराने दृष्टिकोण में भारी बदलाव की आवश्यकता बताते हुए इसे देश की महान आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम बनाने के दीर्घकालिक परिवर्तनों की बात करते हुए त्रिवेदी ने यह शेर पढ़ा, ‘हाथ की लकीरों से जिन्दगी नहीं बनती अज्म हमारा भी कुछ हिस्सा है जिन्दगी बनाने में।’ त्रिवेदी ने भाषण की शुरूआत तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा बार बार दोहराये जाने वाले ‘मां माटी मानुष’ के बारे में कहा, ‘सबसे अधिक मैं मां माटी मानुष का आभारी हूं, जिनके आशीर्वाद से ही मैं इस संसद तक पहुंचा हूं। आमि मां माटी मानुष के आमार श्रद्धा, ओ आमारा प्रोनाम जानाई।’ | यह एक सारांश है: लगता है, रेल बजट भाषणों और शेरो-शायरी का चोली-दामन का साथ हो गया है... त्रिवेदी से पहले लालू प्रसाद ने भी बजट भाषणों में जमकर शेरो-शायरी की थी... | 24 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मलेशिया में सत्य साईं बाबा के भक्तों ने कई स्थानों पर बाबा को अपनी अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। साईं बाबा का रविवार सुबह निधन हो गया था। राजधानी कुआलालम्पुर में स्थित साईं बाबा केंद्र में 200 से अधिक लोग जमा हुए। श्री सत्य साई सेंट्रल काउंसिल ऑफ मलेशिया के अध्यक्ष सुरेश गोविंद ने रविवार को बंगसार इलाके में स्थित केंद्र में प्रार्थना सत्र की समाप्ति के बाद कहा, "आज रात हमारी उपस्थिति सामान्य से लगभग दोगुनी होगी। हम बाबा के निधन पर शोक व्यक्त करेंगे, जैसा कि हम किसी करीबी पारिवारिक सदस्य के लिए करते हैं।" गोविंद ने कहा, "बाबा हमारे लिए एक शिक्षक से बढ़कर थे। अपने भक्तों के लिए वह माता-पिता जैसे थे।" उन्होंने कहा कि साईं बाबा के अंतिम संस्कार तक 47 साईं बाबा केंद्रों में प्रार्थनाएं होंगी। बाबा के भक्तों ने बंगसार स्थित साईं बाबा केंद्र में भजन प्रस्तुत किया और बाबा को लेकर अपने-अपने अनुभव एक-दूसरे को बांटे। 20 वर्षों से बाबा के भक्त रहे आर.रामचंद्र (67) ने कहा, "बाबा की शिक्षाओं के जरिए मैंने सीखा कि मैं चाहे जो भी काम करूं, हमेशा सकारात्मक सोच बनाए रखूं।" चीनी नागरिक भी बाबा के भक्तों में शामिल हैं। लिम माई ली (35) बंगसार केंद्र में बाबा को अपनी श्रद्धांजलि देने आई थीं। उन्होंने कहा, "मैं दुखी नहीं हूं, क्योंकि मैं जानती हूं कि जब तक हम उनकी शिक्षाओं का पालन करते रहेंगे, बाबा हमेशा हमारे साथ यहां बने रहेंगे।" पेनांग में साईं बाबा के कुछ भक्तों ने उनके आश्रम पुट्टापर्थी जाने की योजना बनाई थी। उन भक्तों ने कहा कि बाबा के निधन की खबर सुन कर वे सदमे में हैं। शांता नारायणन (39) ने कहा कि उनका और उनके परिवार का 27 मई का पुट्टपर्थी जाने का टिकट था। उन्होंने कहा, "हम अभी भी चेन्नई जाएंगे। हम बाबा के आश्रम जाकर उनके स्थल का दर्शन करेंगे। यद्यपि भौतिक रूप से वह यहां नहीं हैं, लेकिन बाबा भक्तों के मन-मस्तिष्क में हमेशा निवास करते रहेंगे।" | संक्षिप्त पाठ: मलेशिया में सत्य साईं बाबा के भक्तों ने कई स्थानों पर बाबा को अपनी अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। | 14 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: घरेलू और वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेतों के कारण इस सप्ताह देश के शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों में छह फीसदी से अधिक का उछाल दर्ज किया गया। घरेलू स्तर पर जहां भारतीय रिजर्व बैंक ने मुख्य दरों में वृद्धि का दौर रोकने का संकेत दिया है, वहीं यूरोपीय कर्ज संकट सुलझने की भी उम्मीद मजबूत हुई है। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 6.07 फीसदी या 1,019.16 अंक ऊपर चढ़ा। दो महीनों के दौरान सेंसेक्स में यह सबसे बड़ी साप्ताहिक उछाल है। सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन शुक्रवार को सेंसेक्स 2.98 फीसदी बढ़कर 17,804.8 पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला सूचकांक निफ्टी भी इस अवधि में छह फीसदी ऊपर उठा। अंतिम कारोबारी दिन शुक्रवार को निफ्टी 3.05 फीसदी बढ़कर 5,360.7 पर बंद हुआ। मौद्रिक नीति में सख्ती का दौर समाप्त होने की सम्भावनाओं ने इस सप्ताह शेयर बाजार में निवेशकों को मनोबल बढ़ाया। रिजर्व बैंक ने दूसरी तिमाही की मौद्रिक नीति समीक्षा में कहा था कि यदि दिसम्बर से महंगाई नीचे आने लगेगी तो वह दरों में और वृद्धि नहीं करेगा। ज्ञात हो कि भारतीय रिजर्व बैंक महंगाई रोकने के लिए 2010 के शुरू से अबतक मुख्य दरों में 13 बार वृद्धि कर चुका है। आक्रामक मौद्रिक नीति ने कर्ज को महंगा बना दिया है, जिसके कारण औद्योगिक वृद्धि और कम्पनियों की आय व लाभ पर प्रतिकूल असर हुआ है। ब्याज दर संवेदी रियल्टी और बैंकिंग सेक्टरों में सप्ताह के अंतिम दिन अधिक उछाल दर्ज किया गया। बीएसई के रियल्टी सूचकांक में 5.34 फीसदी और बैंकिंग सूचकांक में 3.73 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया। देश के दूसरे सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई बैंक के शेयर शुक्रवार को सात फीसदी से अधिक उछाल के साथ 932.95 रुपये पर पहुंच गए। सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक के शेयर 2.15 फीसदी वृद्धि के साथ 1,907 रुपये रुपये पर बंद हुए। शुक्रवार को सेंसेक्स में लाभ कमाने वाले अन्य शेयरों में प्रमुख रहे हिंडाल्को (10.88 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (8.8 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (7.01 फीसदी) और टाटा स्टील (6.45 फीसदी)। सेंसेक्स में केवल तीन शेयरों मारुति सुजकी (1.99 फीसदी), भारती एयरटेल (0.25 फीसदी) और बजाज ऑटो (0.11 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई। भारतीय शेयर बाजारों में शुक्रवार की तेजी से पहले दो दिनों का अवकाश रहा। बाजार दिवाली के कारण बुधवार और गुरुवार को बंद रहा, हालांकि बुधवार को शेयर बाजार शाम में एक घंटे मुहूर्त सत्र के लिए खुला। यूरोपीय नेताओं के बीच कर्ज संकट सुलझाने को लेकर सहमति बन जाने के बाद इस सप्ताह दुनिया भर के शेयर बाजारों में तेजी देखी गई। जापान का निक्के ई शुक्रवार को 1.39 फीसदी उछाल के साथ 9,050.47 पर बंद हुआ, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग 1.68 फीसदी की बढ़त के साथ 20,019.24 पर बंद हुआ। चीन का शंघाई कम्पोजिट सूचकांक 1.55 फीसदी की बढ़त के साथ 2,473.41 पर बंद हुआ। यूरोपीय बाजारों ने तेजी के साथ सप्ताह की शुरुआत की, लेकिन शुक्रवार को यूरोपीय बाजार मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। ब्रिटेन का फुट्सी100 0.20 फीसदी गिरावट के साथ 5,702.24 पर बंद हुआ, जबकि फ्रांस का सीएसी40 0.59 फीसदी गिरावट के साथ 3,348.63 बिंदु पर बंद हुआ। जर्मनी का डीएएक्स हालांकि सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन शुक्रवार को 0.13 फीसदी तेजी के साथ 6,346.19 पर बंद हुआ। | संक्षिप्त पाठ: घरेलू और वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेतों के कारण इस सप्ताह देश के शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों में छह फीसदी से अधिक का उछाल दर्ज किया गया। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: मजबूत वैश्विक रुख के बीच आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी इन्फोसिस के शानदार तिमाही नतीजों से बुधवार को बंबई शेयर बाजार 422 अंक की लंबी छलांग के साथ एक माह के उच्च स्तर पर पहुंच गया। तीस शेयरों वाला सेंसेक्स 421.92 अंक या 2.55 प्रतिशत की बढ़त के साथ 16,958.39 अंक पर पहुंच गया, जो इसका नौ सितंबर के बाद का शीर्ष स्तर है। इसी के अनुरूप नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी 125.05 अंक या 2.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ 5,099.40 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान इसने 5,100 अंक के महत्वपूर्ण स्तर को भी लांघा। एशियाई क्षेत्र के बाजारों के अच्छे प्रदर्शन तथा यूरोपीय बाजारों के मजबूत रुख से भी यहां कारोबारी धारणा को बल मिला। औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर उम्मीद से कम रहने के बावजूद बाजार प्रभावित नहीं हुआ। सेंसेक्स की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी इन्फोसिस का शेयर 6.83 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,680.50 रुपये पर बंद हुआ। यह अगस्त के पहले सप्ताह के बाद इसका शीर्ष स्तर है। वहीं सेंसेक्स की शीर्ष कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 2.86 प्रतिशत की बढ़त के साथ 849.50 रुपये पर बंद हुआ। देश की सबसे बड़ी साफ्टवेयर निर्यातक टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का शेयर 3.66 फीसद की छलांग के साथ 1,079.35 रुपये और विप्रो 2.71 प्रतिशत की बढ़त के साथ 350.70 रुपये पर पहुंच गया। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 27 के शेयर लाभ में रहे। सभी 13 वर्गों के सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। | संक्षिप्त सारांश: मजबूत वैश्विक रुख के बीच आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी इन्फोसिस के शानदार तिमाही नतीजांे से बुधवार को बंबई शेयर बाजार 422 अंक की लंबी छलांग के साथ एक माह के उच्च स्तर पर पहुंच गया। | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत ने रविवार को एशियाई एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के अंतिम दिन सुधा सिंह और टिंटू लुका की बदौलत क्रमश: रजत और कांस्य पदक हासिल किए। इससे भारत की झोली में एक स्वर्ण, दो रजत और सात कांस्य पदक रहे। सुधा एशियाई खेलों और एशियाई चैम्पियनशिप दोनों में 3000 मी स्टीपलचेज स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर पहली महिला खिलाड़ी बनने की कोशिश में जुटी थीं लेकिन वह अपने राष्ट्रीय रिकार्ड के 10 मिनट 10.77 सेकेंड से बेहतर नहीं कर सकी जिसे उन्होंने पिछले साल ग्वांग्झू में बनाया था। जापान की 38 वर्षीय मिनोरी हयाकारी ने चैम्पियनशिप में नया रिकार्ड बनाकर 9:52.42 सेकेंड का समय लेकर स्वर्ण पदक जीता। वियतनाम के फुयोंग एनगुएन ने 10:14.94 सेकेंड से कांस्य पदक प्राप्त किया। लुका एक बार फिर बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने से चूक गई। उन्होंने 800 मी रेस में 2:02.55 सेकेंड के समय से तीसरा स्थान प्राप्त किया जो उनके राष्ट्रीय रिकार्ड 1:59.17 से काफी नीचे था जिसे उन्होंने पिछले साल बनाया था। | सारांश: भारत ने एशियाई एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के अंतिम दिन सुधा सिंह और टिंटू लुका की बदौलत क्रमश: रजत और कांस्य पदक हासिल किए। | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बिहार के मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) का मामला एक बार फिर तूल पकड़ता नजर आ रहा है. दरअसल, मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) बालिका गृह कांड की एक पीड़िता ने अपने साथ सामूहिक बलात्कार का मामला दर्ज कराया है. पीड़िता ने बताया कि वह बीते शुक्रवार की रात अपने मुहल्ले में थी, तभी कार सवार चार लोगों ने उसे गाड़ी में खींच लिया और चलती गाड़ी में उसका बलात्कार किया. पीड़िता के साथ हुई इस घटना ने एक बार फिर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है. हाल ही में इस मुद्दे को लेकर बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर (Swara Bhasker) ने भी ट्वीट कर अपना गुस्सा जताया है. स्वरा भास्कर (Swara Bhasker) ने अपने ट्वीट में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए महिला सुरक्षा की तरफ राज्य सरकार की नाकामी भी बयान की है.
स्वरा भास्कर (Swara Bhasker) ने मुजफ्फरपुर में पीड़ित लड़की से साथ हुए गैंगरेप पर गुस्सा जताते हुए लिखा, "यह घटना हमारे भारत देश में महिला सुरक्षा की तरफ नाकामी और कानून व्यवस्था की शर्मनाक छवि को दर्शाती है. राष्ट्रीय मीडिया इस मामले की तरफ नहीं ध्यान नहीं देगा. कथित तौर पर, मुजफ्फरपुर गैंगरेप पीड़िता के साथ एक बार दोबारा बलात्कार हो गया है.' बता दें कि मुजफ्फरपुर गैंगरेप पीड़िता को इलाज के लिए शनिवार देर शाम गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उसकी मेडिकल जांच आज डाक्टरों की टीम द्वारा की गई है.
स्वरा भास्कर (Swara Bhasker) की बात करें तो वह जल्द ही दिव्या दत्ता और शबाना आजमी (Shabana Azmi) के साथ फिल्म 'शीर कोर्मा' में नजर आने वाली हैं. हालांकि, इस फिल्म की रिलीज डेट अभी तक सामने नहीं आई है. स्वरा भास्कर ने अब तक अपनी दमदार एक्टिंग से फिल्म 'रांझणा', 'तनु वेड्स मनु', 'वीरे दी वेडिंग' और 'प्रेम रतन धन पायो' जैसी मूवी में भी खूब धमाल मचाया था. इसके अलावा स्वरा भास्कर अपने ट्वीट से भी सबका खूब ध्यान खींचती हैं. समसामयिक मुद्दों पर अपनी राय पेश करने वाली स्वरा भास्कर के ट्वीट कई बार खूब वायरल भी होते हैं. | मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड पीड़िता के साथ फिर हुआ बलात्कार
घटना पर भड़कीं स्वरा भास्कर
स्वरा भास्कर ने मुजफ्फरपुर गृह कांड पर ट्वीट कर जताया गुस्सा | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: जस्टिस बोबडे के साथ इस कमेटी में शीर्ष न्यायालय के दो न्यायाधीशों न्यायमूर्ति एनवी रमना और न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी शामिल थीं. चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप की जांच के लिए बने पैनल से जस्टिस रमना पीड़ित महिला के एतराज़ के बाद अलग हो गए. महिला का कहना था कि जस्टिस रमना चीफ़ जस्टिस के बहुत करीबी हैं.
इधर सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य न्यायाधीश के ख़िलाफ़ किसी साज़िश के अंदेशे की जांच सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड जस्टिस एके पटनायक को सौंप दी है. इस जांच में आईबी, सीबीआई और दिल्ली पुलिस के अफ़सर उनके साथ सहयोग करेंगे. जस्टिस पटनायक सुप्रीम कोर्ट को अपनी रिपोर्ट देंगे- हालांकि इसकी समय सीमा तय नहीं है. ये बात साफ कर दी गई है कि जस्टिस पटनायक की जांच के दायरे में मुख्य न्यायाधीश के ख़िलाफ़ लगे यौन उत्पीड़न के आरोप का मामला नहीं होगा. जानी-मानी वकील और पूर्व एएसजी इंदिरा जय सिंह ने इस बीच ये कहा है कि इस मामले की ठीक से जांच होनी चाहिए और देखना चाहिए कि साज़िश की बात करने वाला वकील कौन है. उन्होंने ये भी याद दिलाया है कि ऐसे आरोप के बीच चीफ़ जस्टिस को क़ायदे से ख़ुद को प्रशासकीय कामकाज से अलग कर लेना चाहिए.
बता दें कि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने अपने ऊपर लगे यौन शोषण के आरोप को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि इन आरोपों का खंडन करने के लिए मुझे इतना नीचे उतरना चाहिए'. सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा था कि न्यायपालिका खतरे में है. अगले हफ्ते कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई होनी है, इसीलिये जानबूझकर ऐसे आरोप लगाए गए. सीजेआई ने कहा कि क्या चीफ जस्टिस के 20 सालों के कार्यकाल का यह ईनाम है? 20 सालों की सेवा के बाद मेरे खाते में सिर्फ 6,80,000 रुपये हैं. कोई भी मेरा खाता चेक कर सकता है.
सीजेआई ने कहा कि, यहां तक कि मेरे चपरासी के पास भी मुझसे ज्यादा पैसे हैं. रंजन गोगोई ने कहा कि न्यायपालिका को बलि का बकरा नहीं बनाया जा सकता है. सीजेआई ने कहा, ‘मैंने आज अदालत में बैठने का असामान्य और असाधारण कदम उठाया है क्योंकि चीजें बहुत आगे बढ़ चुकी हैं. कुछ लोग सीजेआई के ऑफिस को निष्क्रिय करना चाहते हैं. लोग पैसे के मामले में मुझ पर ऊंगली नहीं उठा सकते थे, इसलिये इस तरह का आरोप लगाया है. सीजेआई ने कहा कि मैं देश के लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि मैं महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई करूंगा. जिन्होंने मुझपर आरोप लगाए हैं, वे जेल में थे और अब बाहर हैं. इसके पीछे कोई एक शख़्स नहीं है, बल्कि कई लोगों का हाथ है.
सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा कि जिस महिला ने आरोप लगाया है, वह 4 दिन जेल में थी. महिला ने किसी शख़्स को सुप्रीम कोर्ट में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था और पैसे लिये थे. आपको बता दें कि सीजेआई पर आरोप लगने वाली महिला उच्चतम न्यायालय की पूर्व कर्मचारी है. उच्चतम न्यायालय के 22 न्यायाधीशों के आवास पर महिला के शपथपत्रों की प्रतियां भेजी गईं जो शनिवार को सार्वजनिक हो गईं. इसके बाद मामले में विशेष सुनवाई हुई. पीठ में न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और संजीव खन्ना शामिल थे. | संक्षिप्त सारांश: जस्टिस इंदु मल्होत्रा होंगी पैनल की तीसरी सदस्य
CJI के खिलाफ जांच पैनल में दो महिला जज
जस्टिस रमना ने जांच पैनल से हुईं थी अलग | 0 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: एक स्कूली छात्र ने दृष्टिहीनों के लिए एक ऐसा उपकरण बनाया है जो उनको न केवल पढ़ने में मदद करेगा बल्कि सड़क पर चलने के दौरान आसपास की आवाजों को एक ध्वनि में तब्दील कर किसी चीज की तस्वीर उनके दिमाग में बना देगा. गुड़गांव के एक निजी स्कूल में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले 16 वर्षीय गुरसिमरन सिंह ने 'आईस्क्राइब' नाम का चश्मे जैसा एक उपकरण बनाया है . दृष्टिहीन व्यक्ति कुछ सामग्री पढ़ना चाहेगा तो उसे यह चश्मा ऑडियो के रूप में उसे सुना देगा. इस उपकरण के लिए नीति आयोग ने उसे आर्थिक अनुदान भी दिया है और वह अगले महीने 'प्रुडेनशियल स्पिरिट ऑफ कम्युनिटी अवॉर्ड ग्लोबल सेरेमॅनी' के लिए अमेरिका जाएगा.
सिंह ने से कहा, 'मैंने चश्मे जैसा एक उपकरण बनाया है जिसका नाम 'आईस्क्राइब' है. यह दृष्टिहीन लोगों की पढ़ने में मदद करेगा. चाहे लिखे हुए शब्द किसी भी भाषा में क्यों न हों.' उन्होंने कहा, 'उपकरण में एक कैमरा और माइक्रो प्रोसेसर लगा हुआ है जो बटन दबाने पर शब्दों की फोटो लेता है और उसमें लगा प्रोसेसर शब्दों को ऑडियो में तब्दील कर देता है. यह ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकॉग्निशन तकनीक के जरिए काम करता है, यानी जो भी आप पढ़ना चाहते हैं वह ऑडियो के रूप में आपको सुनाई देगा.' इस उपकरण के लिए सिंह को हाल ही में 'सातवां वाषिर्क प्रामेरिका स्पिरिट ऑफ कम्युनिटी अवॉर्ड' मिला है जिसमें उसे 50,000 रूपये दिए गए हैं.
सिंह ने कहा कि इसकी खासियत यह भी है कि यह आसपास की सभी आवाजों को एक ध्वनि में तब्दील कर देता है जिससे व्यक्ति अपने मस्तिष्क में किसी चीज की तस्वीर बना सकता है.
उन्होंने बताया, 'इस चश्मे में एक माइक्रो प्रोसेसर लगा हुआ है जो वैज्ञानिक सिद्धांत 'बाइनोरल बीट' के अनुसार आसपास की विभिन्न आवाजों को एक ध्वनि में तब्दील कर देगा. उदाहरण के तौर पर कोई व्यक्ति अगर सड़क पर चल रहा है और पीछे से कोई गाड़ी आ रही है तो यह बता देगा कि गाड़ी कितनी तेजी से आ रही है और कितनी दूर है. इससे व्यक्ति अपने दिमाग में एक तस्वीर बना सकता है.' सिंह ने कहा कि उन्होंने यह उपकरण पिछले साल बनाया था और नीति आयोग ने इसके लिए आर्थिक अनुदान दिया है.टिप्पणियां
सिंह ने कहा कि नीति आयोग के अटल नवोन्मेष मिशन के तहत अटल टिकरिंग लैब के अंतर्गत पांच साल में इसे और अधिक उन्नत बनाने के लिए 20 लाख रूपये का अनुदान मिला है. इसको बनाने के लिए सिंह ने इंटरनेट की मदद ली और इस बारे में वहां पर सारी सामग्री पढ़ी.
उन्होंने कहा कि गुड़गांव में ही घर के पास दृष्टिहीनों के एक स्कूल में इसका सैंपल साइज लिया और यह पता लगाना चाहा कि यह कितना बड़ा होना चाहिए और इसकी कितनी गोलाई होनी चाहिए . वहां पर 150 बच्चों पर इसका परीक्षण किया गया .
सिंह के अनुसार, शुरू में उन्होंने सोचा था कि एक पेन ऐसा बनाया जाए जो शब्दों को डिजिटाइज करे. फिर बाद में चश्मे का विचार आया और इस पर काम करके उन्होंने इसको विकसित किया.
सिंह ने कहा कि वह पांच मई को अमेरिकी राजधानी वाशिंगटन में सामुदायिक सेवा पर केंद्रित 'प्रुडेनशियल स्पिरिट ऑफ कम्युनिटी अवॉर्ड ग्लोबल सेरेमॅनी' में हिस्सा लेने जाएंगे. वह वाशिंगटन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. इस कार्यक्रम में 20 अलग अलग देशों के लोग हिस्सा लेंगे.
उन्होंने कहा कि इस उपकरण को पेटेंट कराने की प्रक्रिया लंबित है. उनका मकसद इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है.
सिंह ने कहा कि वह अब एक ऐसे उपकरण पर काम कर रहे हैं जो बोलने में अक्षम लोगों की मदद कर सके. उनकी योजना एक ऐसा उपकरण बनाने की है जो लिपसिंग को ऑडियो में तब्दील कर दे.
सिंह के पिता प्रीतपाल सिंह दक्षिण दिल्ली नगर निगम में काम करते हैं . वह अपने बेटे की कामयाबी से खासे खुश हैं, अपने बेटे की हर तरह से मदद करते हैं और उसे प्रेरित करते हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सिंह ने कहा कि नीति आयोग के अटल नवोन्मेष मिशन के तहत अटल टिकरिंग लैब के अंतर्गत पांच साल में इसे और अधिक उन्नत बनाने के लिए 20 लाख रूपये का अनुदान मिला है. इसको बनाने के लिए सिंह ने इंटरनेट की मदद ली और इस बारे में वहां पर सारी सामग्री पढ़ी.
उन्होंने कहा कि गुड़गांव में ही घर के पास दृष्टिहीनों के एक स्कूल में इसका सैंपल साइज लिया और यह पता लगाना चाहा कि यह कितना बड़ा होना चाहिए और इसकी कितनी गोलाई होनी चाहिए . वहां पर 150 बच्चों पर इसका परीक्षण किया गया .
सिंह के अनुसार, शुरू में उन्होंने सोचा था कि एक पेन ऐसा बनाया जाए जो शब्दों को डिजिटाइज करे. फिर बाद में चश्मे का विचार आया और इस पर काम करके उन्होंने इसको विकसित किया.
सिंह ने कहा कि वह पांच मई को अमेरिकी राजधानी वाशिंगटन में सामुदायिक सेवा पर केंद्रित 'प्रुडेनशियल स्पिरिट ऑफ कम्युनिटी अवॉर्ड ग्लोबल सेरेमॅनी' में हिस्सा लेने जाएंगे. वह वाशिंगटन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. इस कार्यक्रम में 20 अलग अलग देशों के लोग हिस्सा लेंगे.
उन्होंने कहा कि इस उपकरण को पेटेंट कराने की प्रक्रिया लंबित है. उनका मकसद इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है.
सिंह ने कहा कि वह अब एक ऐसे उपकरण पर काम कर रहे हैं जो बोलने में अक्षम लोगों की मदद कर सके. उनकी योजना एक ऐसा उपकरण बनाने की है जो लिपसिंग को ऑडियो में तब्दील कर दे.
सिंह के पिता प्रीतपाल सिंह दक्षिण दिल्ली नगर निगम में काम करते हैं . वह अपने बेटे की कामयाबी से खासे खुश हैं, अपने बेटे की हर तरह से मदद करते हैं और उसे प्रेरित करते हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: गुड़गांव के स्कूल में पढ़ने वाले 12वीं के छात्र का आविष्कार
'आईस्क्राइब' नाम का चश्मे जैसा एक उपकरण बनाया
यह दृष्टिहीनों को पढ़ने और सड़क पर चलने में मदद करेगा | 20 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2-जी स्पेक्ट्रम मामले में द्रमुक सांसद कनिमोई और कलेंगनर टीवी के प्रबंध निदेशक शरद कुमार की जमानत याचिका के संबंध में सीबीआई को नोटिस जारी किया है। न्यायमूर्ति अजीत भरिहोक ने कहा, सीबीआई 30 मई तक का नोटिस जारी करे। न्यायमूर्ति भरिहोक ने कल इस मामले में पांच कॉरपोरेट दिग्गजों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने जांच एजेंसी से कहा है कि वह सुनवाई की अगली तारीख पर मामले की न्यायिक कार्रवाई के बारे में और जांच किस चरण में है, इसकी स्थिति रिपोर्ट दाखिल करे। द्रमुक प्रमुख एम करुणानिधि की पुत्री कनिमोई और शरद कुमार ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में अपनी जमानत के लिए याचिका दी थी। इसके पहले सीबीआई की विशेष अदालत ने 20 मई को उनकी फौरन गिरफ्तारी का आदेश दिया था। जमानत याचिका खारिज करते हुए विशेष अदालत ने कहा था कि जिस अपराध के बारे में कहा जा रहा है, वह गंभीर था और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका को नकारा नहीं जा सकता। कनिमोई ने विशेष अदालत में महिला होने के आधार पर जमानत याचिका दायर की थी। इसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय में दायर अपनी याचिका में कहा कि उन्हें स्कूल जाने वाली अपनी बच्ची की देखभाल करनी होती है। उसके पिता विदेश में रहते हैं और ऐसे में उसकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। | दिल्ली हाई कोर्ट ने 2-जी मामले में कनिमोई और शरद कुमार की जमानत याचिका के संबंध में सीबीआई को नोटिस जारी किया है। | 6 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: राजस्थान स्थित अलवर के भाजपा के विधायक बनवारी लाल सिंघल के घर के पास स्कूली छात्राओं ने प्रदर्शन करते हुए विरोधस्वरूप उन्हें स्कर्ट गिफ्ट की। दरअसल, इस विधायक ने पुरुषों की कामुक नजर से लड़कियों को दूर रखने के लिए स्कूली यूनीफार्म में स्कर्ट पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी।
अलवर (शहरी) के विधायक बनवारी लाल सिंघल ने राज्य के मुख्य सचिव सी के मैथ्यू को पत्र लिखकर मांग की थी कि स्कर्ट के स्थान पर पजामा या सलवार कमीज लायी जाए।टिप्पणियां
सिंघल ने कहा था कि इस मांग का इरादा लड़कियों को पुरुषों की कामुक नजर से दूर रखना है। यह गर्मी एवं सर्दी के दिनों में लड़कियों के लिए सुविधाजनक भी रहेगा। उन्होंने कहा, यह कोई तालिबानी सोच नहीं है या फिर लड़कियों की आजादी पर प्रतिबंध नहीं है बल्कि उनकी सुरक्षा की चिंता है। विधायक ने कहा, मैंने कई छात्रों को अपने मोबाइल फोन से इन छात्राओं की तस्वीरें खींचते हुए देखा है और लड़कियों को उसका पता भी नहीं चल पाता। ऐसी तस्वीरों का दुरुपयोग किया जा सकता है।
सिंघल ने कहा था कि हरेक को निजी तौर पर यह सुनिश्चित करना होगा कि महिलाओं की मर्यादा सुरक्षित रहे और यह मेरा अपना प्रयास है। उन्होंने कहा था कि अलवर में अपराध के मामले खासकर यौन उत्पीड़न बढ़ रहे हैं। सरकार को अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए कदम उठाने चाहिए, लेकिन एक ऐसा माहौल बनाना हरेक की जिम्मेदारी है ताकि अपराध फले-फूले नहीं।
अलवर (शहरी) के विधायक बनवारी लाल सिंघल ने राज्य के मुख्य सचिव सी के मैथ्यू को पत्र लिखकर मांग की थी कि स्कर्ट के स्थान पर पजामा या सलवार कमीज लायी जाए।टिप्पणियां
सिंघल ने कहा था कि इस मांग का इरादा लड़कियों को पुरुषों की कामुक नजर से दूर रखना है। यह गर्मी एवं सर्दी के दिनों में लड़कियों के लिए सुविधाजनक भी रहेगा। उन्होंने कहा, यह कोई तालिबानी सोच नहीं है या फिर लड़कियों की आजादी पर प्रतिबंध नहीं है बल्कि उनकी सुरक्षा की चिंता है। विधायक ने कहा, मैंने कई छात्रों को अपने मोबाइल फोन से इन छात्राओं की तस्वीरें खींचते हुए देखा है और लड़कियों को उसका पता भी नहीं चल पाता। ऐसी तस्वीरों का दुरुपयोग किया जा सकता है।
सिंघल ने कहा था कि हरेक को निजी तौर पर यह सुनिश्चित करना होगा कि महिलाओं की मर्यादा सुरक्षित रहे और यह मेरा अपना प्रयास है। उन्होंने कहा था कि अलवर में अपराध के मामले खासकर यौन उत्पीड़न बढ़ रहे हैं। सरकार को अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए कदम उठाने चाहिए, लेकिन एक ऐसा माहौल बनाना हरेक की जिम्मेदारी है ताकि अपराध फले-फूले नहीं।
सिंघल ने कहा था कि इस मांग का इरादा लड़कियों को पुरुषों की कामुक नजर से दूर रखना है। यह गर्मी एवं सर्दी के दिनों में लड़कियों के लिए सुविधाजनक भी रहेगा। उन्होंने कहा, यह कोई तालिबानी सोच नहीं है या फिर लड़कियों की आजादी पर प्रतिबंध नहीं है बल्कि उनकी सुरक्षा की चिंता है। विधायक ने कहा, मैंने कई छात्रों को अपने मोबाइल फोन से इन छात्राओं की तस्वीरें खींचते हुए देखा है और लड़कियों को उसका पता भी नहीं चल पाता। ऐसी तस्वीरों का दुरुपयोग किया जा सकता है।
सिंघल ने कहा था कि हरेक को निजी तौर पर यह सुनिश्चित करना होगा कि महिलाओं की मर्यादा सुरक्षित रहे और यह मेरा अपना प्रयास है। उन्होंने कहा था कि अलवर में अपराध के मामले खासकर यौन उत्पीड़न बढ़ रहे हैं। सरकार को अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए कदम उठाने चाहिए, लेकिन एक ऐसा माहौल बनाना हरेक की जिम्मेदारी है ताकि अपराध फले-फूले नहीं।
सिंघल ने कहा था कि हरेक को निजी तौर पर यह सुनिश्चित करना होगा कि महिलाओं की मर्यादा सुरक्षित रहे और यह मेरा अपना प्रयास है। उन्होंने कहा था कि अलवर में अपराध के मामले खासकर यौन उत्पीड़न बढ़ रहे हैं। सरकार को अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए कदम उठाने चाहिए, लेकिन एक ऐसा माहौल बनाना हरेक की जिम्मेदारी है ताकि अपराध फले-फूले नहीं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भाजपा के इस विधायक ने पुरुषों की कामुक नजर से लड़कियों को दूर रखने के लिए स्कूली यूनीफार्म में स्कर्ट पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: लंदन ओलिंपिक में रजत पदक जीतने वाले निशानेबाज सूबेदार विजय कुमार के पदोन्नति नहीं मिलने के कारण सेना छोड़ने की धमकी के दो दिन बाद खेल मंत्रालय ने देश के सभी ओलिंपियन को भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) को अधिकारी स्तर का पद देने की पेशकश की है।
खेलमंत्री अजय माकन ने कहा कि साइ ने इस संबंध में अपनी वेबसाइट पर विज्ञापन देगा, जिसमें सभी ओलिंपियन को संगठन में नौकरी की पेशकश की जाएगी। इन ओलिंपियन में पिछले सभी खिलाड़ी भी शामिल हैं।
माकन ने बुधवार को पत्रकारों से कहा, जो भी खिलाड़ी ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करता है, वह हमेशा विश्व स्तरीय खिलाड़ी होता है और उसे उसी तरह का व्यवहार किया जाना चाहिए। खेलमंत्री होने के नाते मैं हमेशा कहता रहा हूं कि ओलिंपिक में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों को सरकार में अधिकारी पद पर नियुक्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, यदि सेना सहित इनमें कोई सरकारी संगठन ऐसा नहीं कर पाते हैं, तो साइ उन्हें नौकरी देगा।टिप्पणियां
साइ अपनी वेबसाइट पर विज्ञापन देगा, जिसमें सभी ओलिंपियन से ग्रुप बी अधिकारी के तौर पर साइ में नियुक्ति की पेशकश की जाएगी तथा उन ओलिंपियन ने जिन्होंने पदक जीता है, उन्हें स्वत: ही ग्रुप ए अधिकारी के पद पर पदोन्नत किया जाएगा।
विजय कुमार ने पदक जीतने के तुरंत बाद साफ किया था कि पिछले छह साल में उन्हें केवल एक बार पदोन्नति मिली है, जबकि उन्होंने इस बीच राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। खेलमंत्री ने इस निशानेबाज का मामला रक्षा मंत्री एके एंटनी के सामने रखा है। उन्होंने एंटनी को पत्र लिखकर भारत का गौरव बढ़ाने वाले इस खिलाड़ी पर विशेष विचार करने के लिए कहा है।
खेलमंत्री अजय माकन ने कहा कि साइ ने इस संबंध में अपनी वेबसाइट पर विज्ञापन देगा, जिसमें सभी ओलिंपियन को संगठन में नौकरी की पेशकश की जाएगी। इन ओलिंपियन में पिछले सभी खिलाड़ी भी शामिल हैं।
माकन ने बुधवार को पत्रकारों से कहा, जो भी खिलाड़ी ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करता है, वह हमेशा विश्व स्तरीय खिलाड़ी होता है और उसे उसी तरह का व्यवहार किया जाना चाहिए। खेलमंत्री होने के नाते मैं हमेशा कहता रहा हूं कि ओलिंपिक में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों को सरकार में अधिकारी पद पर नियुक्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, यदि सेना सहित इनमें कोई सरकारी संगठन ऐसा नहीं कर पाते हैं, तो साइ उन्हें नौकरी देगा।टिप्पणियां
साइ अपनी वेबसाइट पर विज्ञापन देगा, जिसमें सभी ओलिंपियन से ग्रुप बी अधिकारी के तौर पर साइ में नियुक्ति की पेशकश की जाएगी तथा उन ओलिंपियन ने जिन्होंने पदक जीता है, उन्हें स्वत: ही ग्रुप ए अधिकारी के पद पर पदोन्नत किया जाएगा।
विजय कुमार ने पदक जीतने के तुरंत बाद साफ किया था कि पिछले छह साल में उन्हें केवल एक बार पदोन्नति मिली है, जबकि उन्होंने इस बीच राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। खेलमंत्री ने इस निशानेबाज का मामला रक्षा मंत्री एके एंटनी के सामने रखा है। उन्होंने एंटनी को पत्र लिखकर भारत का गौरव बढ़ाने वाले इस खिलाड़ी पर विशेष विचार करने के लिए कहा है।
माकन ने बुधवार को पत्रकारों से कहा, जो भी खिलाड़ी ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करता है, वह हमेशा विश्व स्तरीय खिलाड़ी होता है और उसे उसी तरह का व्यवहार किया जाना चाहिए। खेलमंत्री होने के नाते मैं हमेशा कहता रहा हूं कि ओलिंपिक में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों को सरकार में अधिकारी पद पर नियुक्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, यदि सेना सहित इनमें कोई सरकारी संगठन ऐसा नहीं कर पाते हैं, तो साइ उन्हें नौकरी देगा।टिप्पणियां
साइ अपनी वेबसाइट पर विज्ञापन देगा, जिसमें सभी ओलिंपियन से ग्रुप बी अधिकारी के तौर पर साइ में नियुक्ति की पेशकश की जाएगी तथा उन ओलिंपियन ने जिन्होंने पदक जीता है, उन्हें स्वत: ही ग्रुप ए अधिकारी के पद पर पदोन्नत किया जाएगा।
विजय कुमार ने पदक जीतने के तुरंत बाद साफ किया था कि पिछले छह साल में उन्हें केवल एक बार पदोन्नति मिली है, जबकि उन्होंने इस बीच राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। खेलमंत्री ने इस निशानेबाज का मामला रक्षा मंत्री एके एंटनी के सामने रखा है। उन्होंने एंटनी को पत्र लिखकर भारत का गौरव बढ़ाने वाले इस खिलाड़ी पर विशेष विचार करने के लिए कहा है।
साइ अपनी वेबसाइट पर विज्ञापन देगा, जिसमें सभी ओलिंपियन से ग्रुप बी अधिकारी के तौर पर साइ में नियुक्ति की पेशकश की जाएगी तथा उन ओलिंपियन ने जिन्होंने पदक जीता है, उन्हें स्वत: ही ग्रुप ए अधिकारी के पद पर पदोन्नत किया जाएगा।
विजय कुमार ने पदक जीतने के तुरंत बाद साफ किया था कि पिछले छह साल में उन्हें केवल एक बार पदोन्नति मिली है, जबकि उन्होंने इस बीच राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। खेलमंत्री ने इस निशानेबाज का मामला रक्षा मंत्री एके एंटनी के सामने रखा है। उन्होंने एंटनी को पत्र लिखकर भारत का गौरव बढ़ाने वाले इस खिलाड़ी पर विशेष विचार करने के लिए कहा है।
विजय कुमार ने पदक जीतने के तुरंत बाद साफ किया था कि पिछले छह साल में उन्हें केवल एक बार पदोन्नति मिली है, जबकि उन्होंने इस बीच राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। खेलमंत्री ने इस निशानेबाज का मामला रक्षा मंत्री एके एंटनी के सामने रखा है। उन्होंने एंटनी को पत्र लिखकर भारत का गौरव बढ़ाने वाले इस खिलाड़ी पर विशेष विचार करने के लिए कहा है। | लंदन ओलिंपिक में रजत पदक जीतने वाले निशानेबाज सूबेदार विजय कुमार के पदोन्नति नहीं मिलने के कारण सेना छोड़ने की धमकी के बाद खेल मंत्रालय ने देश के सभी ओलिंपियन को भारतीय खेल प्राधिकरण को अधिकारी स्तर का पद देने की पेशकश की है। | 34 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अभिनेता से नेता बने और पटना साहिब लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार शत्रुघ्न सिन्हा के पास 112.22 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति है. तीन दशक तक भाजपा में रहे शुत्रघ्न सिन्हा हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए हैं. पटना साहिब सीट पर उनका सीधा मुकाबला केंद्रीय विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद से है.
बिहारी बाबू के नाम से मशहूर शत्रुघ्न सिन्हा ने रिटर्निंग ऑफिसर को नामांकन पत्रों के साथ दिए गए अपने हलफनामों में 112.22 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति बताई है. जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी भाजपा के प्रसाद के पास 22.09 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति है. प्रसाद ने 26 अप्रैल को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था , जबकि सिन्हा ने कल यानि 29 अप्रैल को अपना पर्चा दाखिल किया था.
हलफनामे के अनुसार, सिन्हा के पास 8.60 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 103.61 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है जबकि उनकी पत्नी पूनम शत्रुघ्न सिन्हा के पास 18.67 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 62.65 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है . पूनम सिन्हा लखनऊ लोकसभा सीट से केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ सपा के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं. 1967 में एफटीआईआई, पुणे से स्नातक की उपाधि प्राप्त सिन्हा ने नकदी के रूप में 4,58,232 रुपये दर्शाए हैं जबकि उनकी पत्नी के पास नकदी 5,95,366 रुपये है.
सिने अभिनेता सिन्हा के पास 2.74 करोड़ रुपये बैंक में सावधि जमाओं के तौर पर और 29.10 लाख रुपये शेयर, बॉन्ड, म्यूचुअल फंड में निवेश के रूप में हैं, जबकि उनकी पत्नी के पास 10.68 करोड़ रुपये एफडी के तौर पर तथा 2.96 करोड़ रुपये शेयर, बॉन्ड, म्यूचुअल फंड में निवेश के रूप में है. शपथपत्र में सिन्हा ने दर्शाया है कि उनके पास मौजूद सोने, चांदी और कीमती पत्थरों की कीमत 1.03 करोड़ रुपये है जबकि उनकी पत्नी पूनम सिन्हा के पास 1.15 करोड़ रुपये के गहने हैं. हलफनामे के मुताबिक, सिन्हा के पास एक एंबेसडर, दो कैमरी, एक-एक फॉरच्यूनर, इनोवा, मारुति सियाज और स्कॉर्पियो समेत कुल सात कारें हैं, जिनकी कीमत 14.80 लाख रुपये है, जबकि उनकी पत्नी के पास 2013 की मर्सिडीज कार है जिसकी कीमत 48.20 लाख रुपये है.
सिन्हा और उनकी पत्नी ने बैंकों या वित्तीय संस्थानों से कोई ऋण नहीं लिया है और न ही सरकार का कोई बकाया है, लेकिन दोनों पर अपनी अभिनेता बेटी सोनाक्षी सिन्हा का करोड़ों में बकाया है. मार्च 2019 तक, बकाया राशि जो सिन्हा को अपनी अभिनेता बेटी सोनाक्षी सिन्हा को चुकाना है, वह 10.59 करोड़ रुपये है, जबकि उनकी पत्नी ने अपनी बेटी से 16.18 करोड़ रुपये लिए हैं. हलफनामे के अनुसार सिन्हा की घोषित वार्षिक आय 2018-19 में घटकर 63,87,233 रुपये हो गई, जो 2015-16 में 1,28,38,400 रुपये (1.28 करोड रूपये) थी, जबकि उनकी पत्नी की वार्षिक आय 2014-15 के 53,94,830 रुपये की तुलना में बढकर 1,34,24,388 रूपये हो गयी है.
सिन्हा के प्रतिद्वंद्वी और भाजपा उम्मीदवार रविशंकर प्रसाद और उनकी पत्नी के पास बॉलीवुड स्टार और उनकी पत्नी पूनम सिन्हा की तुलना में कम संपत्ति है. नामांकन पत्र के साथ रविशंकर प्रसाद द्वारा दायर हलफनामे के अनुसार प्रसाद के पास 18.35 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 3.74 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है, जबकि उनकी पत्नी माया शंकर के पास 1.43 करोड रुपये की चल संपत्ति है पर उनके पास कोई अचल संपत्ति नहीं है. प्रसाद या उनकी पत्नी के खिलाफ किसी भी बैंक, वित्तीय संस्थानों का कोई बकाया ऋण या बकाया नहीं है.
प्रसाद के पास 48,70,513 रुपये के तीन वाहन टोयोटा फॉर्च्यूनर, होंडा एकॉर्ड और स्कॉर्पियो एसयूवी हैं जबकि उनकी पत्नी के पास 11.50 लाख रुपये की होंडा सिटी कार है. प्रसाद की पत्नी माया शंकर के पास 17.05 लाख रुपये का 550 ग्राम सोना है जबकि कानून मंत्री के पास 62,400 रुपये का 20 ग्राम सोना है. सुप्रीम कोर्ट के जाने-माने वकील, प्रसाद ने 1972-76 के बीच पटना कॉलेज, पटना से स्नातक और स्नातकोत्तर किया, जबकि उन्होंने 1976-79 में पटना लॉ कॉलेज से एलएलबी पूरा किया.
लोकसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण के तहत पटना साहिब सहित बिहार के कुल आठ निर्वाचन क्षेत्रों में 19 मई को मतदान होगा. | यह एक सारांश है: रविशंकर प्रसाद ने 26 अप्रैल को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था
शत्रुघ्न सिन्हा ने 29 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के लिए पर्चा दाखिल किया
प्रसाद के पास शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा से भी कम संपत्ति | 21 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: गौतमबुद्ध नगर से भाजपा ने फिर से डॉ महेश शर्मा को टिकट दिया है. वहीं सपा-बसपा-आरएलडी गठबंधन के उम्मीदवार सतवीर नागर हैं. कांग्रेस ने युवा चेहरा अरविंद सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है. तीनों उम्मीदवारों ने आज नामांकन दाखिल किए. 11 अप्रैल को मतदान होना है. चुनावी और जातीय समीकरण के मद्देनजर यहां कांटे की टक्कर भाजपा बनाम गठबंधन दिख रही है.
डॉ महेश शर्मा ने ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर पहुंचकर शुक्रवार को नामंकन दाखिल किया. यह तीसरा मौका है जब महेश शर्मा सांसद का चुनाव लड़ रहे हैं. पिछले लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज करके केंद्रीय मंत्री बने महेश शर्मा ने अपने किए गए कामों को उपलब्धियां के तौर पर गिनवाया और चुनौतियां भी बताईं. उन्होंने कहा कि हमने लगभग 50 हजार करोड़ के प्रोजेक्टों की सिर्फ घोषणाएं नहीं कीं, धरातल पर लाए हैं. देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट. 12 हज़ार करोड़ की लागत से पावर प्लांट, ओखला बर्ड सेंचुरी, बॉटनिकल गार्डन, मेट्रो का जाल, जेवर तक मेट्रो, ईस्टर्न पेरीफेरल, इतना कुछ हुआ है लेकिन बहुत कुछ होना बाकी है. इस सरकार से पिछली सरकार की तुलना करें तो बेतरतीब तरीके से शहर बसाया गया. डॉक्टर हूं चिंता होती है कि प्रदूषण का लेवल कैसे सुधरे. ट्रैफिक जाम को ठीक करें.
बसपा के टिकट पर चुनावी अखाड़े में कूदे सतवीर नागर का यह पहला चुनावी अनुभव है पर वे उम्मीदवार सपा-बसपा-आरएलडी गठबंधन के हैं, जिसका तजुर्बा पुराना है. ग्रामीण परिवेश से आते हैं तो आवाज़ किसानों की भी बुलंद कर रहे हैं और जोर विकास पर भी है. मुद्दों में युवाओं को रोजगार दिलाना, किसानों की समस्या खत्म करना और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम अहम हैं.
बसपा के टिकट पर 2014 में अलीगढ़ से चुनाव लड़ चुके अरविंद सिंह को इस बार साथ कांग्रेस का मिला है. पिता यूपी में बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री थे, अब भाजपा में एमएलसी हैं. लिहाजा पिता का साथ नहीं और जब नाम की घोषणा हुई थी तब विरोध पार्टी के अंदर भी हुआ था. पर इस लड़ाई को छोड़कर बात मुद्दों की लड़ाई कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई किसानों के लिए है. हमारी लड़ाई युवाओं के लिए है, हमारी लड़ाई महिला सुरक्षा के लिए है, हमारी लड़ाई बाल कुपोषण के खिलाफ है, हमारी लड़ाई गरीबी के खिलाफ है और हम मुद्दों पर लड़ने वाले हैं. हम ये भी कहना चाहते हैं कि देश में डिवीज़न,देश में फ्रैक्शंस क्रिएट करना अच्छी बात नहीं है.
महेश शर्मा ब्राह्मण जाति से हैं. सतवीर नागर गुर्जर और अरविंद सिंह ठाकुर. गौतमबुद्धनगर के करीब 23 लाख वोटरों में करीब करीब 16 लाख वोटर गांव में रहते हैं. जातिगत समीकरण के मुताबिक ठाकुर वोटर 4 से 4.5 लाख के करीब हैं. ब्राह्मण वोटरों की तादाद 4 लाख के आसपास है. मुस्लिम 3.5 लाख, गुर्जर 3.5 से 4 लाख, दलित 3.5 लाख और अन्य वोटर 3 लाख हैं.
साल 2014 में महेश शर्मा को करीब 6 लाख वोट मिले थे. वहीं सपा बसपा के दोनों उम्मीदवारों को मिला दें तो करीब 5 लाख 18 हज़ार के आसपास वोट थे. | सारांश: भाजपा ने फिर से डॉ महेश शर्मा को टिकट दिया
सपा-बसपा-आरएलडी गठबंधन के उम्मीदवार सतवीर नागर
कांग्रेस ने युवा चेहरा अरविंद सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में हिस्सा लेने मुंबई पहुंच गए हैं। पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा कि मोदी के साथ सारे मतभेद सुलझा लिए गए हैं। संजय जोशी, नितिन गडकरी के काफी करीबी माने जाते हैं और गडकरी न सिर्फ उन्हें दोबारा पार्टी में ले आए, बल्कि अहम ज़िम्मेदारियां भी दी थीं, लेकिन गडकरी का यह फैसला मोदी को मंजूर नहीं था।
बताया जा रहा है कि बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल गुजरात के नेताओं की धमकी के बाद जोशी ने इस्तीफा दिया। इन नेताओं ने धमकी दी थी कि अगर जोशी इस्तीफा नहीं देंगे तो वे सभी मुंबई की बैठक में शामिल नहीं होंगे। आखिरकार संजय जोशी का इस्तीफा हुआ और मोदी बैठक में आने को तैयार हुए।
इससे पूर्व बैठक से ठीक पहले पार्टी नेता संजय जोशी ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने से पहले संजय जोशी ने साफ किया कि वह नहीं चाहते की उनकी वजह से पार्टी में किसी तरह की दरार पैदा हो। टिप्पणियां
जोशी के इस्तीफे को मोदी के साथ शांति बनाए रखने की पार्टी अध्यक्ष की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। दो दिवसीय बैठक के उद्घाटन से कुछ घंटे पहले बीजेपी सूत्रों ने बताया कि जोशी राष्ट्रीय कार्यकारिणी के आमंत्रित सदस्य हैं। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को भेजे एक पत्र में कहा है कि पार्टी के व्यापक हित में वह अपना पद छोड़ रहे हैं।
अब कहा जा रहा है कि कर्नाटक के दिग्गज नेता येदियुरप्पा भी मुंबई में पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने के लिए शुक्रवार को पहुंच रहे हैं।
बताया जा रहा है कि बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल गुजरात के नेताओं की धमकी के बाद जोशी ने इस्तीफा दिया। इन नेताओं ने धमकी दी थी कि अगर जोशी इस्तीफा नहीं देंगे तो वे सभी मुंबई की बैठक में शामिल नहीं होंगे। आखिरकार संजय जोशी का इस्तीफा हुआ और मोदी बैठक में आने को तैयार हुए।
इससे पूर्व बैठक से ठीक पहले पार्टी नेता संजय जोशी ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने से पहले संजय जोशी ने साफ किया कि वह नहीं चाहते की उनकी वजह से पार्टी में किसी तरह की दरार पैदा हो। टिप्पणियां
जोशी के इस्तीफे को मोदी के साथ शांति बनाए रखने की पार्टी अध्यक्ष की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। दो दिवसीय बैठक के उद्घाटन से कुछ घंटे पहले बीजेपी सूत्रों ने बताया कि जोशी राष्ट्रीय कार्यकारिणी के आमंत्रित सदस्य हैं। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को भेजे एक पत्र में कहा है कि पार्टी के व्यापक हित में वह अपना पद छोड़ रहे हैं।
अब कहा जा रहा है कि कर्नाटक के दिग्गज नेता येदियुरप्पा भी मुंबई में पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने के लिए शुक्रवार को पहुंच रहे हैं।
इससे पूर्व बैठक से ठीक पहले पार्टी नेता संजय जोशी ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने से पहले संजय जोशी ने साफ किया कि वह नहीं चाहते की उनकी वजह से पार्टी में किसी तरह की दरार पैदा हो। टिप्पणियां
जोशी के इस्तीफे को मोदी के साथ शांति बनाए रखने की पार्टी अध्यक्ष की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। दो दिवसीय बैठक के उद्घाटन से कुछ घंटे पहले बीजेपी सूत्रों ने बताया कि जोशी राष्ट्रीय कार्यकारिणी के आमंत्रित सदस्य हैं। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को भेजे एक पत्र में कहा है कि पार्टी के व्यापक हित में वह अपना पद छोड़ रहे हैं।
अब कहा जा रहा है कि कर्नाटक के दिग्गज नेता येदियुरप्पा भी मुंबई में पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने के लिए शुक्रवार को पहुंच रहे हैं।
जोशी के इस्तीफे को मोदी के साथ शांति बनाए रखने की पार्टी अध्यक्ष की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। दो दिवसीय बैठक के उद्घाटन से कुछ घंटे पहले बीजेपी सूत्रों ने बताया कि जोशी राष्ट्रीय कार्यकारिणी के आमंत्रित सदस्य हैं। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को भेजे एक पत्र में कहा है कि पार्टी के व्यापक हित में वह अपना पद छोड़ रहे हैं।
अब कहा जा रहा है कि कर्नाटक के दिग्गज नेता येदियुरप्पा भी मुंबई में पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने के लिए शुक्रवार को पहुंच रहे हैं।
अब कहा जा रहा है कि कर्नाटक के दिग्गज नेता येदियुरप्पा भी मुंबई में पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने के लिए शुक्रवार को पहुंच रहे हैं। | संक्षिप्त पाठ: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में हिस्सा लेने मुंबई पहुंच गए हैं। पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा कि मोदी के साथ सारे मतभेद सुलझा लिए गए हैं। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बिहार सरकार ने राज्य में यूटेरस यानी गर्भाशय निकालने के नाम पर पैसों की बंदरबांट की जांच के आदेश दिए हैं।टिप्पणियां
दरअसल, राज्य में पिछले कुछ सालों में 16 हज़ार महिलाओं ने यूटेरस निकालने के ऑपरेशन करवाए। केन्द्र सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत इसके लिए 30 हज़ार रुपये दिए जाते हैं। लेकिन, सरकार को शक है कि बीमा एजेंसी और निजी नर्सिंग होम के मालिकों ने इसमें जमकर धांधली की है।
बिहार के दो जिलों समस्तीपुर और छपरा के डीएम ने अपनी जांच में कई तरह की गड़बड़ियां पाई हैं। इस योजना में बिना ऑपरेशन किए पैसे लेने के भी मामले सामने आ रहे हैं। इसे देखते हुए बिहार सरकार ने सभी जिलों में इस योजना की जांच के आदेश दिए हैं।
दरअसल, राज्य में पिछले कुछ सालों में 16 हज़ार महिलाओं ने यूटेरस निकालने के ऑपरेशन करवाए। केन्द्र सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत इसके लिए 30 हज़ार रुपये दिए जाते हैं। लेकिन, सरकार को शक है कि बीमा एजेंसी और निजी नर्सिंग होम के मालिकों ने इसमें जमकर धांधली की है।
बिहार के दो जिलों समस्तीपुर और छपरा के डीएम ने अपनी जांच में कई तरह की गड़बड़ियां पाई हैं। इस योजना में बिना ऑपरेशन किए पैसे लेने के भी मामले सामने आ रहे हैं। इसे देखते हुए बिहार सरकार ने सभी जिलों में इस योजना की जांच के आदेश दिए हैं।
बिहार के दो जिलों समस्तीपुर और छपरा के डीएम ने अपनी जांच में कई तरह की गड़बड़ियां पाई हैं। इस योजना में बिना ऑपरेशन किए पैसे लेने के भी मामले सामने आ रहे हैं। इसे देखते हुए बिहार सरकार ने सभी जिलों में इस योजना की जांच के आदेश दिए हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बिहार सरकार ने राज्य में यूटेरस यानी गर्भाशय निकालने के नाम पर पैसों की बंदरबांट की जांच के आदेश दिए हैं। | 25 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राजस्थान के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश दर्ज की गई. इस कारण प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में अधिकतम तापमान में एक से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है.टिप्पणियां
मौसम विभाग ने बताया कि बाड़मेर में अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस, जैसलमेर में 39.2, कोटा और चूरू 39, श्रीगंगानगर 38.5, डबोक 37.4, पिलानी 36.7, जयपुर 36.5, बीकानेर 36.4, और जोधपुर 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर अंधड़ के साथ ओले गिरने की संभावना जताई है.
मौसम विभाग ने बताया कि बाड़मेर में अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस, जैसलमेर में 39.2, कोटा और चूरू 39, श्रीगंगानगर 38.5, डबोक 37.4, पिलानी 36.7, जयपुर 36.5, बीकानेर 36.4, और जोधपुर 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर अंधड़ के साथ ओले गिरने की संभावना जताई है.
मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर अंधड़ के साथ ओले गिरने की संभावना जताई है. | कई हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश दर्ज की गई.
तापमान में एक से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है.
मौसम विभाग ने अंधड़ के साथ ओले गिरने की संभावना जताई है. | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: साउथ के सुपरस्टार रजनीकांत (Rajnikanth) ने शुक्रवार को एक बयान दिया है, जो सुर्खियों में है. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने उन्हें पार्टी में शामिल होने का आमंत्रण नहीं दिया है लेकिन उन्हें 'भगवा' रंग में रंगने के पूरे प्रयास किये जा रहे हैं. दिग्गज अभिनेता रजनीकांत ने हालिया तिरुवल्लुवर विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें और प्रसिद्ध संत-कवि तिरुवल्लुवर दोनों को 'भगवा' (Bhagwa) रंग में रंगने का प्रयास किया जा रहा है. वरिष्ठ भाजपा नेता पोन राधाकृष्णन से हाल ही में हुई मुलाकात और उनके बीजेपी में शामिल होने को लेकर पूर्व में दिए गए बयान के बारे में सवाल पूछा गया तो रजनीकांत ने कहा कि ऐसा कोई आमंत्रण उन्हें नहीं मिला है.
रजनीकांत (Rajnikanth) ने कहा '' कोई प्रस्ताव नहीं मिला है (भाजपा की ओर से पार्टी में शामिल होने के लिए)..बिल्कुल नहीं'' एक ठहाका लगाते हुए उन्होंने कहा '' मुझे बीजेपी (BJP) के रंग में रंगने के प्रयास किए जा रहे हैं. तिरुवल्लुवर की तरह ही मुझे भी भगवा रंग में रंगने का प्रयास किया जा रहा है...न तो तिरुवल्लुवर और न ही मैं इसमें फसूंगा.''
गौरतलब है कि एक नवंबर को बीजेपी की तमिलनाडु इकाई ने अपने ट्विटर पर तिरुवल्लुवर की रचना ''थिरुक्कुरल'' का एक दोहा लिखा था. जिसमें भगवान की पूजा नहीं करने पर शिक्षा के उपयोग पर सवाल उठाया गया था.
दोहे को टैग करते हुए, भगवा पार्टी ने कथित रुप से लोगों की आस्था को नुकसान पहुंचाने के लिए द्रविड़ कड़गम, द्रमुक और वामपंथी दलों पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि "उनकी शिक्षा का क्या उपयोग है?" पार्टी ने अपने माथे पर पवित्र राख लगाए भगवा वस्त्र में तिरुवल्लुवर की तस्वीर पोस्ट की थी. | यह एक सारांश है: रजनीकांत ने दिया बड़ा बयान
बोले- उन्हें 'भगवा' रंग में रंगने के पूरे प्रयास किये जा रहे हैं
सुर्खियों में है उनका बयान | 24 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दक्षिण कोरिया के तीन विपक्षी राजनीति दलों ने घोटालों से घिरीं राष्ट्रपति पार्क ग्युन-हे के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव दायर किया, जिसको अगले हफ्ते नेशनल असेंबली में मतदान के लिए रखा जाएगा.
योनहेप समाचार एजेंसी के मुताबिक, प्रस्ताव पार्क पर संविधान के उल्लंघन का आरोप लगाता है. इसका समर्थन 300 सदस्य वाली नेशनल असेंबली के 171 सांसदों ने किया है. इस पर मतदान अगले शुक्रवार को होगा.टिप्पणियां
पार्क पर गबन के आरोपों का सामना रहे एक करीबी दोस्त के साथ मिलीभगत का आरोप है. उन्होंने पिछले हफ्ते कहा था कि वह इस्तीफा देना चाहती हैं. उनका बयान सप्ताहिक जन प्रदर्शन को मद्देनजर आया था, जिसमें लाखों लोग सोल और अन्य शहरों की सड़कों पर उतरे थे. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
योनहेप समाचार एजेंसी के मुताबिक, प्रस्ताव पार्क पर संविधान के उल्लंघन का आरोप लगाता है. इसका समर्थन 300 सदस्य वाली नेशनल असेंबली के 171 सांसदों ने किया है. इस पर मतदान अगले शुक्रवार को होगा.टिप्पणियां
पार्क पर गबन के आरोपों का सामना रहे एक करीबी दोस्त के साथ मिलीभगत का आरोप है. उन्होंने पिछले हफ्ते कहा था कि वह इस्तीफा देना चाहती हैं. उनका बयान सप्ताहिक जन प्रदर्शन को मद्देनजर आया था, जिसमें लाखों लोग सोल और अन्य शहरों की सड़कों पर उतरे थे. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पार्क पर गबन के आरोपों का सामना रहे एक करीबी दोस्त के साथ मिलीभगत का आरोप है. उन्होंने पिछले हफ्ते कहा था कि वह इस्तीफा देना चाहती हैं. उनका बयान सप्ताहिक जन प्रदर्शन को मद्देनजर आया था, जिसमें लाखों लोग सोल और अन्य शहरों की सड़कों पर उतरे थे. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: प्रस्ताव को अगले हफ्ते नेशनल असेंबली में मतदान के लिए रखा जाएगा.
प्रस्ताव पार्क पर संविधान के उल्लंघन का आरोप लगाता है.
300 सदस्यीय नेशनल असेंबली के 171 सांसदों ने किया प्रस्ताव का समर्थन. | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: शरद पवार द्वारा वाईबी चव्हाण सेंटर में पार्टी की बुलाई गई बैठक में उदगिर के विधायक संजय बनसोडे भी पहुंचे. नाटकीय तौर पर बनसोडे का आगमन हुआ. उनके साथ राकांपा (NCP) नेता शशिकांत शिंदे और शिवसेना के एकनाथ शिंदे और मिलिंद नरवेकर भी थे. बनसोडे ने संवाददतााओं से कहा, ‘‘मैं कहीं नहीं गया था. मैं पवार साहब के साथ हूं.'' कुछ विधायकों के साथ शरद पवार के भतीजे अजित ने सुबह में भाजपा से हाथ मिला लिया और खुद उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उन्होंने कहा कि वह स्थाई सरकार के लिए ऐसा कदम उठा रहे हैं.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ प्रदेश के उप मुख्यमंत्री के रूप अजित ने शनिवार सुबह शपथ ली. नासिक जिले के राकांपा विधायकों दिलीप बंकर एवं माणिकराव कोकाटे ने अलग-अलग ट्वीट करके कहा कि शपथग्रहण समारोह के बारे में उन्हें अंधेरे में रखा गया था. दोनों विधायकों ने कहा कि वे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ हैं और पार्टी अध्यक्ष के प्रति अपनी एकजुटता दिखाई. इससे पहले पांच राकांपा विधायक - राजेंद्र सिंगणे (बुलढाणा), संदीप क्षीरसागर (बीड), सुनील शेल्के (मवाल), सुनील भुसारा (विक्रमगड), नरहरि जिरवाल (डिंडोरी) और सुनील टिंगरे (वडगांव शेरी) ने सुबह में शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के बाद वापस पार्टी में लौट आए.
पर्ली से राकांपा विधायक धनंजय मुंडे के बारे में कहा गया था कि वह भी राजभवन में आयोजित समारोह में शामिल थे. हालांकि, शरद पवार की ओर से चल रही पार्टी के विधायकों की बैठक में वह शामिल हुए हैं. उन्होंने मीडिया से बात नहीं की. राकांपा प्रमुख शरद पवार और सुप्रिया सुले को टैग करते हुए कोकाटे ने ट्वीट किया, ‘‘मैं पार्टी के खिलाफ नहीं गया हूं. अजीत दादा पवार ने मुझे कहा तो मैं राजभवन पहुंचा. चूंकि, वह पार्टी विधायक दल के नेता हैं इसलिए मैंने उनके आदेश का पालन किया.'' सिन्नार विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले कोकाटे ने लिखा, ‘‘वहां क्या होने जा रहा है इसकी मुझे भनक तक नहीं थी. मैं पार्टी के साथ हूं. एक बार निर्णय करने के बाद मैं अपना निर्णय कभी नहीं बदलूंगा.''
निफाड के विधायक बंकर ने कहा कि उनका भरोसा पार्टी प्रमुख शरद पवार के नेतृत्व में है. बंकर ने कहा कि उन्हें भी अजित पवार की ओर से राजभवन पहुंचने के लिए कहा गया था और वहां क्या होने वाला है इसकी कोई जानकारी उन्हें नहीं थी.
इससे पहले दोपहर में शरद पवार के साथ संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शिंगणे ने कहा, ‘‘जब मैं राजभवन पहुंचा, तो मैंने देखा कि आठ से दस विधायक वहां पहले से मौजूद हैं. हम में से किसी को यह पता नहीं था कि हमें वहां क्यों बुलाया गया है. शपथग्रहण समारोह के बाद हम पवार साहब से मिलने गए.'' उन्होंने कहा, ‘‘यह सब इसलिए हुआ क्योंकि कुछ गलतफहमी थी, चूंकि अजित पवार ने हमें बुलाया था.''
शरद पवार ने इससे पहले कहा था कि अजित पवार राकांपा विधायक दल के नेता हैं और यही कारण है कि उनके पास सभी 54 विधायकों के हस्ताक्षर, नाम एवं विधानसभा क्षेत्र वार सूची मौजूद थी, जो पार्टी के आंतरिक कार्यों के लिए थी. उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि उसने वही सूची राज्यपाल को समर्थन पत्र के तौर पर सौंपी है. अगर यह सही है, तो राज्यपाल को गुमराह किया गया है.''
महाराष्ट्र के 288 सदस्यीय सदन में बीजेपी के 105, शिवसेना के 56, राकांपा के 54 तथा कांग्रेस के 44 विधायक हैं. बहुमत का आंकड़ा 145 है. | यहाँ एक सारांश है:विधायक संजय बनसोडे ने कहा, मैं पवार साहब के साथ हूं
धनंजय मुंडे ने कहा, मैं पार्टी के खिलाफ नहीं गया हूं
शरद पवार ने कहा, राज्यपाल को गुमराह किया गया | 18 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: चार देशों के दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जर्मनी पहुंच गए हैं. जर्मनी में पीएम ने डिनर पर जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल से मुलाक़ात की है. जर्मनी पहुंचते ही पीएम ने ट्वीट किया किया कि जर्मनी पहुंच गया हूं. मुझे पूरा विश्वास है कि यह दौरा भारत के लिए लाभदायक होगा और भारत-जर्मनी के रिश्तों को मजबूत करेगा. छह दिनों के इस दौरे में पीएम जर्मनी के अलावा स्पेन, रूस और फ्रांस भी जाएंगे. जर्मनी के ब्रैडेनबर्ग जिले में स्थित 18वीं सदी के महल ‘श्लॉस मीजबर्ग’ के बाग में खिली धूप में दोनों नेता साथ में टहले. बैठक ‘श्लॉस मीजबर्ग’ की आगंतुक पुस्तिका में पीएम मोदी के हस्ताक्षर करने के साथ शुरू हुई. बैठक के बाद प्रधानमंत्री ने ट्विटर पर लिखा, ‘चांसलर मर्केल के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई.’ बैठक को एक बेहद अनौपचारिक मामला बताया गया. पीएम मोदी के दो दिन के जर्मनी के दौरे के औपचारिक कार्यक्रम कल से शुरू होंगे.टिप्पणियां
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में आलीशान महल के बाग में दोनों नेताओं के आपस में बातचीत के दौरान ली गई तस्वीरें डालते हुए कहा, एक सार्थक भागीदारी का बंधन. चांसलर मर्केल ने निजी रात्रिभोज से पहले श्लॉस मीजबर्ग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगवानी की. इसी बीच मोदी के साथ गए प्रतिनिधिमंडल में शामिल वरिष्ठ मंत्री भी अपने जर्मन समकक्षों से बातचीत कर रहे हैं. इन मंत्रियों में वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण, ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल और विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर शामिल हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में आलीशान महल के बाग में दोनों नेताओं के आपस में बातचीत के दौरान ली गई तस्वीरें डालते हुए कहा, एक सार्थक भागीदारी का बंधन. चांसलर मर्केल ने निजी रात्रिभोज से पहले श्लॉस मीजबर्ग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगवानी की. इसी बीच मोदी के साथ गए प्रतिनिधिमंडल में शामिल वरिष्ठ मंत्री भी अपने जर्मन समकक्षों से बातचीत कर रहे हैं. इन मंत्रियों में वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण, ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल और विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर शामिल हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | भारत-जर्मनी के रिश्तों को मजबूत करेगा दौरा
स्पेन, रूस और फ्रांस भी जाएंगे PM
मर्केल से हुई पीएम मोदी की मुलाकात | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अरुण जेटली ने कहा, "ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जहां आप कोई भी काग़ज़ का टुकड़ा लहराकर उसे मुद्दा बना देंगे... देश की मुद्रा के बारे में गैरज़िम्मेदाराना बयान दिए जा रहे हैं... शून्यकाल का दुरुपयोग किया जा रहा है..."
इसके बाद कांग्रेस के सदस्य नारे लगाते हुए सदन के बीचोंबीच एकत्र हो गए. पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा, "आज हमें पता चला कि सरकार ने नोटबंदी का फैसला क्यों किया था... आरबीआई (रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया) दो तरह के नोट छाप रहा है, जिनके आकार और डिज़ाइन अलग-अलग हैं..."
तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ'ब्रायन ने कांग्रेस का समर्थन करते हुए कहा, "नोटों को देखिए... (कपिल) सिब्बल जी ने एक गंभीर मुद्दा उठाया है..."
इसके बाद केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने नोटों के स्रोत पर सवाल खड़े किए.टिप्पणियां
बाद में अरुण जेटली ने कहा कि वह इन नोटों की प्रामाणिकता की जांच करवाएंगे. उन्होंने NDTV से कहा, "इतने बड़े प्रिंट ऑर्डर को ध्यान में रखें, तो हो सकता है कि किसी अपवाद के रूप में कोई नोट ज़रा-सा बड़ा या छोटा हो..."
वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक नोटों के आकार या डिज़ाइन में मामूली-सा अंतर मुमकिन है, और उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सरकार ने नोटों के दो सेट छापने के लिए नहीं कहा था. सूत्रों का कहना है, "अलग-अलग प्रिंटिंग प्रेसों में आकार और डिज़ाइन में मामूली-सा अंतर हो सकता है... इसका अर्थ यह नहीं है कि दो अलग-अलग तरह के बैंक नोट छापे जा रहे हैं..."
इसके बाद कांग्रेस के सदस्य नारे लगाते हुए सदन के बीचोंबीच एकत्र हो गए. पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा, "आज हमें पता चला कि सरकार ने नोटबंदी का फैसला क्यों किया था... आरबीआई (रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया) दो तरह के नोट छाप रहा है, जिनके आकार और डिज़ाइन अलग-अलग हैं..."
तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ'ब्रायन ने कांग्रेस का समर्थन करते हुए कहा, "नोटों को देखिए... (कपिल) सिब्बल जी ने एक गंभीर मुद्दा उठाया है..."
इसके बाद केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने नोटों के स्रोत पर सवाल खड़े किए.टिप्पणियां
बाद में अरुण जेटली ने कहा कि वह इन नोटों की प्रामाणिकता की जांच करवाएंगे. उन्होंने NDTV से कहा, "इतने बड़े प्रिंट ऑर्डर को ध्यान में रखें, तो हो सकता है कि किसी अपवाद के रूप में कोई नोट ज़रा-सा बड़ा या छोटा हो..."
वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक नोटों के आकार या डिज़ाइन में मामूली-सा अंतर मुमकिन है, और उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सरकार ने नोटों के दो सेट छापने के लिए नहीं कहा था. सूत्रों का कहना है, "अलग-अलग प्रिंटिंग प्रेसों में आकार और डिज़ाइन में मामूली-सा अंतर हो सकता है... इसका अर्थ यह नहीं है कि दो अलग-अलग तरह के बैंक नोट छापे जा रहे हैं..."
तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ'ब्रायन ने कांग्रेस का समर्थन करते हुए कहा, "नोटों को देखिए... (कपिल) सिब्बल जी ने एक गंभीर मुद्दा उठाया है..."
इसके बाद केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने नोटों के स्रोत पर सवाल खड़े किए.टिप्पणियां
बाद में अरुण जेटली ने कहा कि वह इन नोटों की प्रामाणिकता की जांच करवाएंगे. उन्होंने NDTV से कहा, "इतने बड़े प्रिंट ऑर्डर को ध्यान में रखें, तो हो सकता है कि किसी अपवाद के रूप में कोई नोट ज़रा-सा बड़ा या छोटा हो..."
वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक नोटों के आकार या डिज़ाइन में मामूली-सा अंतर मुमकिन है, और उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सरकार ने नोटों के दो सेट छापने के लिए नहीं कहा था. सूत्रों का कहना है, "अलग-अलग प्रिंटिंग प्रेसों में आकार और डिज़ाइन में मामूली-सा अंतर हो सकता है... इसका अर्थ यह नहीं है कि दो अलग-अलग तरह के बैंक नोट छापे जा रहे हैं..."
इसके बाद केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने नोटों के स्रोत पर सवाल खड़े किए.टिप्पणियां
बाद में अरुण जेटली ने कहा कि वह इन नोटों की प्रामाणिकता की जांच करवाएंगे. उन्होंने NDTV से कहा, "इतने बड़े प्रिंट ऑर्डर को ध्यान में रखें, तो हो सकता है कि किसी अपवाद के रूप में कोई नोट ज़रा-सा बड़ा या छोटा हो..."
वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक नोटों के आकार या डिज़ाइन में मामूली-सा अंतर मुमकिन है, और उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सरकार ने नोटों के दो सेट छापने के लिए नहीं कहा था. सूत्रों का कहना है, "अलग-अलग प्रिंटिंग प्रेसों में आकार और डिज़ाइन में मामूली-सा अंतर हो सकता है... इसका अर्थ यह नहीं है कि दो अलग-अलग तरह के बैंक नोट छापे जा रहे हैं..."
बाद में अरुण जेटली ने कहा कि वह इन नोटों की प्रामाणिकता की जांच करवाएंगे. उन्होंने NDTV से कहा, "इतने बड़े प्रिंट ऑर्डर को ध्यान में रखें, तो हो सकता है कि किसी अपवाद के रूप में कोई नोट ज़रा-सा बड़ा या छोटा हो..."
वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक नोटों के आकार या डिज़ाइन में मामूली-सा अंतर मुमकिन है, और उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सरकार ने नोटों के दो सेट छापने के लिए नहीं कहा था. सूत्रों का कहना है, "अलग-अलग प्रिंटिंग प्रेसों में आकार और डिज़ाइन में मामूली-सा अंतर हो सकता है... इसका अर्थ यह नहीं है कि दो अलग-अलग तरह के बैंक नोट छापे जा रहे हैं..."
वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक नोटों के आकार या डिज़ाइन में मामूली-सा अंतर मुमकिन है, और उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सरकार ने नोटों के दो सेट छापने के लिए नहीं कहा था. सूत्रों का कहना है, "अलग-अलग प्रिंटिंग प्रेसों में आकार और डिज़ाइन में मामूली-सा अंतर हो सकता है... इसका अर्थ यह नहीं है कि दो अलग-अलग तरह के बैंक नोट छापे जा रहे हैं..." | यह एक सारांश है: गुलाम नबी आज़ाद ने कहा, हमने भी शासन किया, लेकिन दो तरह के नोट नहीं छापे
उन्होंने आरोप लगाया, एक नोट पार्टी के लिए है, एक नोट सरकार के लिए
कपिल सिब्बल ने कहा, हमें पता चल गया, सरकार ने नोटबंदी का फैसला क्यों किया | 16 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: वनडे में दोहरा शतक भी कारनामा माना जाता है तो फिर टी20 में तिहरे शतक को क्या कहेंगे? दिल्ली रणजी टीम का हिस्सा रह चुके 21 साल के मोहित अहलावत टी20 क्रिकेट में 300 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज़ बन गए हैं. दिल्ली में हुए एक लोकल टूर्नामेंट फ़्रेंड्स प्रीमियर लीग में मोहित ने सिर्फ़ 72 गेंदों पर नाबाद 300 रन ठोक डाले. इस पारी में उन्होंने 39 छक्के और 14 चौके लगाए यानी छक्कों के सहारे उन्होंने 234 रन और चौके के सहारे 56 रन बनाए. पूर्वी दिल्ली के ललिता पार्क में हुए मैच में मोहित के नाबाद तिहरे शतक के सहारे उनकी टीम (मावी इलेवन) ने 20 ओवर में 416 रन बना दिए. अब तक खेले गए 3 फ़र्स्ट क्लास मैचों में दाएं हाथ के इस ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ ने सिर्फ़ 5 रन जोड़े हैं. लेकिन उनकी इस तूफ़ानी पारी के बाद अगले सीज़न रणजी में उनसे बड़ी उम्मीदें रहेंगी.टिप्पणियां
मोहित ने इस पारी के बाद NDTV संवाददाता को बताया कि वे एमएस धोनी और विराट कोहली के बड़े फ़ैन हैं. उन्होंने कहा कि वे धोनी के हेलीकॉप्टर शॉट्स को लगाने की भी कोशिश भी करते हैं. अपनी इस पारी के बाद उन्होंने अपने कोच संजय भारद्वाज़ की भी तारीफ़ की और कहा कि उन्हें भारद्वाज़ सर से अच्छी ट्रेनिंग मिल रही है. गौतम गंभीर, उन्मुक्त चंद और अमित मिश्रा जैसे क्रिकेटरों की तरह लाल बहादुर शास्त्री अकादमी में ट्रेनिंग करने वाले मोहित के कोच संजय भारद्वाज भी अपने शिष्य के कारनामे से हैरान हैं. कोच संजय भारद्वाज कहते हैं, "कमाल की बात है. इस स्कोर को देखकर मैं हैरान हूं. लेकिन मोहित बहुत प्रतिभाशाली है. इसने (फ़िरोज़शाह) कोटला जैसे ग्राउंड पर भी डेढ़ सौ रनों की पारी खेली है. वह एक सेफ़ विकेटकीपर बल्लेबाज़ है और इसके शॉट्स, क्रिकेटिंग शॉट्स होते हैं. मुझे लगता है इसे बड़े स्टेज पर भी मौक़ा मिलेगा."
गौरतलब है कि आईपीएल में टी20 में सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम है जिन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए 2013 में पुणे वॉरियर्स के ख़िलाफ़ नाबाद 175 रनों की पारी खेली थी. अंतर्राष्ट्रीय T20 में सर्वाधिक रनों का स्कोर ऑस्ट्रेलिया के एरॉन फ़िंच (बनाम इंग्लैंड, साउथैंप्टन में 29 अगस्त 2013 को) के नाम है जिन्होंने उस पारी में 63 गेंदों पर 156 रन बनाए थे.
मोहित ने इस पारी के बाद NDTV संवाददाता को बताया कि वे एमएस धोनी और विराट कोहली के बड़े फ़ैन हैं. उन्होंने कहा कि वे धोनी के हेलीकॉप्टर शॉट्स को लगाने की भी कोशिश भी करते हैं. अपनी इस पारी के बाद उन्होंने अपने कोच संजय भारद्वाज़ की भी तारीफ़ की और कहा कि उन्हें भारद्वाज़ सर से अच्छी ट्रेनिंग मिल रही है. गौतम गंभीर, उन्मुक्त चंद और अमित मिश्रा जैसे क्रिकेटरों की तरह लाल बहादुर शास्त्री अकादमी में ट्रेनिंग करने वाले मोहित के कोच संजय भारद्वाज भी अपने शिष्य के कारनामे से हैरान हैं. कोच संजय भारद्वाज कहते हैं, "कमाल की बात है. इस स्कोर को देखकर मैं हैरान हूं. लेकिन मोहित बहुत प्रतिभाशाली है. इसने (फ़िरोज़शाह) कोटला जैसे ग्राउंड पर भी डेढ़ सौ रनों की पारी खेली है. वह एक सेफ़ विकेटकीपर बल्लेबाज़ है और इसके शॉट्स, क्रिकेटिंग शॉट्स होते हैं. मुझे लगता है इसे बड़े स्टेज पर भी मौक़ा मिलेगा."
गौरतलब है कि आईपीएल में टी20 में सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम है जिन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए 2013 में पुणे वॉरियर्स के ख़िलाफ़ नाबाद 175 रनों की पारी खेली थी. अंतर्राष्ट्रीय T20 में सर्वाधिक रनों का स्कोर ऑस्ट्रेलिया के एरॉन फ़िंच (बनाम इंग्लैंड, साउथैंप्टन में 29 अगस्त 2013 को) के नाम है जिन्होंने उस पारी में 63 गेंदों पर 156 रन बनाए थे.
गौरतलब है कि आईपीएल में टी20 में सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम है जिन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए 2013 में पुणे वॉरियर्स के ख़िलाफ़ नाबाद 175 रनों की पारी खेली थी. अंतर्राष्ट्रीय T20 में सर्वाधिक रनों का स्कोर ऑस्ट्रेलिया के एरॉन फ़िंच (बनाम इंग्लैंड, साउथैंप्टन में 29 अगस्त 2013 को) के नाम है जिन्होंने उस पारी में 63 गेंदों पर 156 रन बनाए थे. | संक्षिप्त सारांश: मात्र 72 गेंदों पर खेली नाबाद 300 रनों की पारी
इस पारी के दौरान 39 छक्के और 14 चौके लगाए
धोनी और विराट कोहली के प्रशंसक हैं मोहित अहलावत | 8 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मिट रोमनी ने अमेरिका में नवम्बर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रपति बराक ओबामा को चुनौती देने के लिए रिपब्लिकन की उम्मीदवारी हासिल कर किसी प्रमुख राजनीतिक दल से पहला मोरमोन उम्मीदवार बनने का इतिहास रचा है।
रोमनी की यह ऐतिहासिक उपलब्धि जोसेफ स्मिथ द्वारा मोरमोनिज्म की स्थापना किए जाने के 200 वर्षो बाद हासिल हुई है। जोसेफ ने अपने पंथ के उत्पीड़न की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए स्वयं राष्ट्रपति चुनाव लड़ा था।
अमेरिका में मोरमोन चर्च के 60 लाख सदस्य हैं। मोरमन पंथ के लोग खुद को ईसाई और एक धार्मिक व सांस्कृतिक संगठन मानते हैं, लेकिन उनके यहां सामाजिक और जीवनशैली से सम्बंधित सख्त नियम हैं, जिसमें शराब और अन्य तरह के पेयों से परहेज करना शामिल है। इनकी कुछ मान्यताएं मुख्यधारा की ईसाईयत से भिन्न है।
मेसाचुसेट्स के पूर्व गवर्नर रोमनी जहां यह उम्मीदवारी हासिल करने में सफल हुए हैं, वहीं उनके पिता जॉर्ज और सीनेटर ओरिन हैच व मो उडेल सहित अन्य लोग ऐसा कर पाने में सफल नहीं हो पाए थे।
रोमनी 2008 में जॉन मैक्के न के सामने रिपब्लिकन की उम्मीदवारी हासिल करने में सफल नहीं हो पाए थे। वह पिछले 25 वर्षो के दौरान मेसाचुसेट्स से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी हासिल करने वाले तीसरे व्यक्ति हैं।
रोमनी ने मंगलवार को टेक्सास में हुई जीत के साथ रिपब्लिकन की उम्मीदवारी हासिल करने के लिए जरूरी 1,144 प्रतिनिधियों का समर्थन हासिल कर लिया। उन्होंने इस उम्मीदवारी का अभियान पिछले वर्ष जून से शुरू किया था।
रोमनी ने जब टेक्सास में प्रेसीडेंसियल प्राइमरी में प्रवेश किया तो उन्हें उम्मीदवारी की जादुई संख्या के लिए मात्र 78 प्रतिनिधियों की जरूरत थी।
रोमनी ने जीत के बाद एक बयान में कहा, "हमारी पार्टी पिछले साढ़े तीन वर्षो की विफलताओं को भु़लाने के लिए एकजुट हो गई है।"
उन्होंने कहा, "हमारे सामने जो कठिनाइयां हैं, हम उसके बारे में अनजान नहीं है। लेकिन सामने चाहे जितनी भी चुनौतियां हो, हम अमेरिका को पूर्ण रोजगार और समृद्धि के पथ पर वापस लाने से कम कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे।"टिप्पणियां
लेकिन रोमनी अगस्त से पहले रिपब्लिकन पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार नहीं बन पाएंगे, क्योंकि अगस्त में फ्लोरिडा के टैम्पा में आयोजित होने वाले सम्मेलन में ही पार्टी आधिकारिक रूप से अपने उम्मीदवार की घोषणा करेगी।
लेकिन यहीं पर राष्ट्रपति बराक ओबामा को डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी के लिए किसी भी राष्ट्रीय चुनौती का सामना नहीं करना पड़ा है, और सीएनएन के अनुमान के मुताबिक, उन्होंने तीन अप्रैल को उम्मीदवारी के लिए आवश्यक 2,778 पार्टी प्रतिनिधियों का समर्थन हासिल कर लिया था।
रोमनी की यह ऐतिहासिक उपलब्धि जोसेफ स्मिथ द्वारा मोरमोनिज्म की स्थापना किए जाने के 200 वर्षो बाद हासिल हुई है। जोसेफ ने अपने पंथ के उत्पीड़न की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए स्वयं राष्ट्रपति चुनाव लड़ा था।
अमेरिका में मोरमोन चर्च के 60 लाख सदस्य हैं। मोरमन पंथ के लोग खुद को ईसाई और एक धार्मिक व सांस्कृतिक संगठन मानते हैं, लेकिन उनके यहां सामाजिक और जीवनशैली से सम्बंधित सख्त नियम हैं, जिसमें शराब और अन्य तरह के पेयों से परहेज करना शामिल है। इनकी कुछ मान्यताएं मुख्यधारा की ईसाईयत से भिन्न है।
मेसाचुसेट्स के पूर्व गवर्नर रोमनी जहां यह उम्मीदवारी हासिल करने में सफल हुए हैं, वहीं उनके पिता जॉर्ज और सीनेटर ओरिन हैच व मो उडेल सहित अन्य लोग ऐसा कर पाने में सफल नहीं हो पाए थे।
रोमनी 2008 में जॉन मैक्के न के सामने रिपब्लिकन की उम्मीदवारी हासिल करने में सफल नहीं हो पाए थे। वह पिछले 25 वर्षो के दौरान मेसाचुसेट्स से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी हासिल करने वाले तीसरे व्यक्ति हैं।
रोमनी ने मंगलवार को टेक्सास में हुई जीत के साथ रिपब्लिकन की उम्मीदवारी हासिल करने के लिए जरूरी 1,144 प्रतिनिधियों का समर्थन हासिल कर लिया। उन्होंने इस उम्मीदवारी का अभियान पिछले वर्ष जून से शुरू किया था।
रोमनी ने जब टेक्सास में प्रेसीडेंसियल प्राइमरी में प्रवेश किया तो उन्हें उम्मीदवारी की जादुई संख्या के लिए मात्र 78 प्रतिनिधियों की जरूरत थी।
रोमनी ने जीत के बाद एक बयान में कहा, "हमारी पार्टी पिछले साढ़े तीन वर्षो की विफलताओं को भु़लाने के लिए एकजुट हो गई है।"
उन्होंने कहा, "हमारे सामने जो कठिनाइयां हैं, हम उसके बारे में अनजान नहीं है। लेकिन सामने चाहे जितनी भी चुनौतियां हो, हम अमेरिका को पूर्ण रोजगार और समृद्धि के पथ पर वापस लाने से कम कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे।"टिप्पणियां
लेकिन रोमनी अगस्त से पहले रिपब्लिकन पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार नहीं बन पाएंगे, क्योंकि अगस्त में फ्लोरिडा के टैम्पा में आयोजित होने वाले सम्मेलन में ही पार्टी आधिकारिक रूप से अपने उम्मीदवार की घोषणा करेगी।
लेकिन यहीं पर राष्ट्रपति बराक ओबामा को डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी के लिए किसी भी राष्ट्रीय चुनौती का सामना नहीं करना पड़ा है, और सीएनएन के अनुमान के मुताबिक, उन्होंने तीन अप्रैल को उम्मीदवारी के लिए आवश्यक 2,778 पार्टी प्रतिनिधियों का समर्थन हासिल कर लिया था।
अमेरिका में मोरमोन चर्च के 60 लाख सदस्य हैं। मोरमन पंथ के लोग खुद को ईसाई और एक धार्मिक व सांस्कृतिक संगठन मानते हैं, लेकिन उनके यहां सामाजिक और जीवनशैली से सम्बंधित सख्त नियम हैं, जिसमें शराब और अन्य तरह के पेयों से परहेज करना शामिल है। इनकी कुछ मान्यताएं मुख्यधारा की ईसाईयत से भिन्न है।
मेसाचुसेट्स के पूर्व गवर्नर रोमनी जहां यह उम्मीदवारी हासिल करने में सफल हुए हैं, वहीं उनके पिता जॉर्ज और सीनेटर ओरिन हैच व मो उडेल सहित अन्य लोग ऐसा कर पाने में सफल नहीं हो पाए थे।
रोमनी 2008 में जॉन मैक्के न के सामने रिपब्लिकन की उम्मीदवारी हासिल करने में सफल नहीं हो पाए थे। वह पिछले 25 वर्षो के दौरान मेसाचुसेट्स से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी हासिल करने वाले तीसरे व्यक्ति हैं।
रोमनी ने मंगलवार को टेक्सास में हुई जीत के साथ रिपब्लिकन की उम्मीदवारी हासिल करने के लिए जरूरी 1,144 प्रतिनिधियों का समर्थन हासिल कर लिया। उन्होंने इस उम्मीदवारी का अभियान पिछले वर्ष जून से शुरू किया था।
रोमनी ने जब टेक्सास में प्रेसीडेंसियल प्राइमरी में प्रवेश किया तो उन्हें उम्मीदवारी की जादुई संख्या के लिए मात्र 78 प्रतिनिधियों की जरूरत थी।
रोमनी ने जीत के बाद एक बयान में कहा, "हमारी पार्टी पिछले साढ़े तीन वर्षो की विफलताओं को भु़लाने के लिए एकजुट हो गई है।"
उन्होंने कहा, "हमारे सामने जो कठिनाइयां हैं, हम उसके बारे में अनजान नहीं है। लेकिन सामने चाहे जितनी भी चुनौतियां हो, हम अमेरिका को पूर्ण रोजगार और समृद्धि के पथ पर वापस लाने से कम कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे।"टिप्पणियां
लेकिन रोमनी अगस्त से पहले रिपब्लिकन पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार नहीं बन पाएंगे, क्योंकि अगस्त में फ्लोरिडा के टैम्पा में आयोजित होने वाले सम्मेलन में ही पार्टी आधिकारिक रूप से अपने उम्मीदवार की घोषणा करेगी।
लेकिन यहीं पर राष्ट्रपति बराक ओबामा को डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी के लिए किसी भी राष्ट्रीय चुनौती का सामना नहीं करना पड़ा है, और सीएनएन के अनुमान के मुताबिक, उन्होंने तीन अप्रैल को उम्मीदवारी के लिए आवश्यक 2,778 पार्टी प्रतिनिधियों का समर्थन हासिल कर लिया था।
रोमनी 2008 में जॉन मैक्के न के सामने रिपब्लिकन की उम्मीदवारी हासिल करने में सफल नहीं हो पाए थे। वह पिछले 25 वर्षो के दौरान मेसाचुसेट्स से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी हासिल करने वाले तीसरे व्यक्ति हैं।
रोमनी ने मंगलवार को टेक्सास में हुई जीत के साथ रिपब्लिकन की उम्मीदवारी हासिल करने के लिए जरूरी 1,144 प्रतिनिधियों का समर्थन हासिल कर लिया। उन्होंने इस उम्मीदवारी का अभियान पिछले वर्ष जून से शुरू किया था।
रोमनी ने जब टेक्सास में प्रेसीडेंसियल प्राइमरी में प्रवेश किया तो उन्हें उम्मीदवारी की जादुई संख्या के लिए मात्र 78 प्रतिनिधियों की जरूरत थी।
रोमनी ने जीत के बाद एक बयान में कहा, "हमारी पार्टी पिछले साढ़े तीन वर्षो की विफलताओं को भु़लाने के लिए एकजुट हो गई है।"
उन्होंने कहा, "हमारे सामने जो कठिनाइयां हैं, हम उसके बारे में अनजान नहीं है। लेकिन सामने चाहे जितनी भी चुनौतियां हो, हम अमेरिका को पूर्ण रोजगार और समृद्धि के पथ पर वापस लाने से कम कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे।"टिप्पणियां
लेकिन रोमनी अगस्त से पहले रिपब्लिकन पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार नहीं बन पाएंगे, क्योंकि अगस्त में फ्लोरिडा के टैम्पा में आयोजित होने वाले सम्मेलन में ही पार्टी आधिकारिक रूप से अपने उम्मीदवार की घोषणा करेगी।
लेकिन यहीं पर राष्ट्रपति बराक ओबामा को डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी के लिए किसी भी राष्ट्रीय चुनौती का सामना नहीं करना पड़ा है, और सीएनएन के अनुमान के मुताबिक, उन्होंने तीन अप्रैल को उम्मीदवारी के लिए आवश्यक 2,778 पार्टी प्रतिनिधियों का समर्थन हासिल कर लिया था।
रोमनी ने मंगलवार को टेक्सास में हुई जीत के साथ रिपब्लिकन की उम्मीदवारी हासिल करने के लिए जरूरी 1,144 प्रतिनिधियों का समर्थन हासिल कर लिया। उन्होंने इस उम्मीदवारी का अभियान पिछले वर्ष जून से शुरू किया था।
रोमनी ने जब टेक्सास में प्रेसीडेंसियल प्राइमरी में प्रवेश किया तो उन्हें उम्मीदवारी की जादुई संख्या के लिए मात्र 78 प्रतिनिधियों की जरूरत थी।
रोमनी ने जीत के बाद एक बयान में कहा, "हमारी पार्टी पिछले साढ़े तीन वर्षो की विफलताओं को भु़लाने के लिए एकजुट हो गई है।"
उन्होंने कहा, "हमारे सामने जो कठिनाइयां हैं, हम उसके बारे में अनजान नहीं है। लेकिन सामने चाहे जितनी भी चुनौतियां हो, हम अमेरिका को पूर्ण रोजगार और समृद्धि के पथ पर वापस लाने से कम कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे।"टिप्पणियां
लेकिन रोमनी अगस्त से पहले रिपब्लिकन पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार नहीं बन पाएंगे, क्योंकि अगस्त में फ्लोरिडा के टैम्पा में आयोजित होने वाले सम्मेलन में ही पार्टी आधिकारिक रूप से अपने उम्मीदवार की घोषणा करेगी।
लेकिन यहीं पर राष्ट्रपति बराक ओबामा को डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी के लिए किसी भी राष्ट्रीय चुनौती का सामना नहीं करना पड़ा है, और सीएनएन के अनुमान के मुताबिक, उन्होंने तीन अप्रैल को उम्मीदवारी के लिए आवश्यक 2,778 पार्टी प्रतिनिधियों का समर्थन हासिल कर लिया था।
रोमनी ने जब टेक्सास में प्रेसीडेंसियल प्राइमरी में प्रवेश किया तो उन्हें उम्मीदवारी की जादुई संख्या के लिए मात्र 78 प्रतिनिधियों की जरूरत थी।
रोमनी ने जीत के बाद एक बयान में कहा, "हमारी पार्टी पिछले साढ़े तीन वर्षो की विफलताओं को भु़लाने के लिए एकजुट हो गई है।"
उन्होंने कहा, "हमारे सामने जो कठिनाइयां हैं, हम उसके बारे में अनजान नहीं है। लेकिन सामने चाहे जितनी भी चुनौतियां हो, हम अमेरिका को पूर्ण रोजगार और समृद्धि के पथ पर वापस लाने से कम कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे।"टिप्पणियां
लेकिन रोमनी अगस्त से पहले रिपब्लिकन पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार नहीं बन पाएंगे, क्योंकि अगस्त में फ्लोरिडा के टैम्पा में आयोजित होने वाले सम्मेलन में ही पार्टी आधिकारिक रूप से अपने उम्मीदवार की घोषणा करेगी।
लेकिन यहीं पर राष्ट्रपति बराक ओबामा को डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी के लिए किसी भी राष्ट्रीय चुनौती का सामना नहीं करना पड़ा है, और सीएनएन के अनुमान के मुताबिक, उन्होंने तीन अप्रैल को उम्मीदवारी के लिए आवश्यक 2,778 पार्टी प्रतिनिधियों का समर्थन हासिल कर लिया था।
रोमनी ने जीत के बाद एक बयान में कहा, "हमारी पार्टी पिछले साढ़े तीन वर्षो की विफलताओं को भु़लाने के लिए एकजुट हो गई है।"
उन्होंने कहा, "हमारे सामने जो कठिनाइयां हैं, हम उसके बारे में अनजान नहीं है। लेकिन सामने चाहे जितनी भी चुनौतियां हो, हम अमेरिका को पूर्ण रोजगार और समृद्धि के पथ पर वापस लाने से कम कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे।"टिप्पणियां
लेकिन रोमनी अगस्त से पहले रिपब्लिकन पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार नहीं बन पाएंगे, क्योंकि अगस्त में फ्लोरिडा के टैम्पा में आयोजित होने वाले सम्मेलन में ही पार्टी आधिकारिक रूप से अपने उम्मीदवार की घोषणा करेगी।
लेकिन यहीं पर राष्ट्रपति बराक ओबामा को डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी के लिए किसी भी राष्ट्रीय चुनौती का सामना नहीं करना पड़ा है, और सीएनएन के अनुमान के मुताबिक, उन्होंने तीन अप्रैल को उम्मीदवारी के लिए आवश्यक 2,778 पार्टी प्रतिनिधियों का समर्थन हासिल कर लिया था।
उन्होंने कहा, "हमारे सामने जो कठिनाइयां हैं, हम उसके बारे में अनजान नहीं है। लेकिन सामने चाहे जितनी भी चुनौतियां हो, हम अमेरिका को पूर्ण रोजगार और समृद्धि के पथ पर वापस लाने से कम कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे।"टिप्पणियां
लेकिन रोमनी अगस्त से पहले रिपब्लिकन पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार नहीं बन पाएंगे, क्योंकि अगस्त में फ्लोरिडा के टैम्पा में आयोजित होने वाले सम्मेलन में ही पार्टी आधिकारिक रूप से अपने उम्मीदवार की घोषणा करेगी।
लेकिन यहीं पर राष्ट्रपति बराक ओबामा को डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी के लिए किसी भी राष्ट्रीय चुनौती का सामना नहीं करना पड़ा है, और सीएनएन के अनुमान के मुताबिक, उन्होंने तीन अप्रैल को उम्मीदवारी के लिए आवश्यक 2,778 पार्टी प्रतिनिधियों का समर्थन हासिल कर लिया था।
लेकिन रोमनी अगस्त से पहले रिपब्लिकन पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार नहीं बन पाएंगे, क्योंकि अगस्त में फ्लोरिडा के टैम्पा में आयोजित होने वाले सम्मेलन में ही पार्टी आधिकारिक रूप से अपने उम्मीदवार की घोषणा करेगी।
लेकिन यहीं पर राष्ट्रपति बराक ओबामा को डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी के लिए किसी भी राष्ट्रीय चुनौती का सामना नहीं करना पड़ा है, और सीएनएन के अनुमान के मुताबिक, उन्होंने तीन अप्रैल को उम्मीदवारी के लिए आवश्यक 2,778 पार्टी प्रतिनिधियों का समर्थन हासिल कर लिया था।
लेकिन यहीं पर राष्ट्रपति बराक ओबामा को डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी के लिए किसी भी राष्ट्रीय चुनौती का सामना नहीं करना पड़ा है, और सीएनएन के अनुमान के मुताबिक, उन्होंने तीन अप्रैल को उम्मीदवारी के लिए आवश्यक 2,778 पार्टी प्रतिनिधियों का समर्थन हासिल कर लिया था। | संक्षिप्त सारांश: मिट रोमनी ने अमेरिका में नवम्बर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रपति बराक ओबामा को चुनौती देने के लिए रिपब्लिकन की उम्मीदवारी हासिल कर किसी प्रमुख राजनीतिक दल से पहला मोरमोन उम्मीदवार बनने का इतिहास रचा है। | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उड़ीसा के मलकानगिरी से अगवा जिलाधिकारी और एक जूनियर इंजीनियर की रिहाई के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी प्रयासों के बीच एक स्थानीय अदालत ने मंगलवार को एक नक्सली नेता की जमानत को मंजूरी दे दी। नक्सलियों ने पिछले सप्ताह जिलाधिकारी और जूनियर इंजीनियर को अगवा कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि नक्सली श्रीनिवास श्रीमानुलु इस समय मलकानगिरी जिले के एक जेल में बंद है और उसके ऊपर कई आरोप हैं। मलकानगिरी की अदालत में कार्यवाही के बाद राज्य के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "उसे केवल एक मामले में जमानत मिली है। वह अभी जेल में ही रहेगा क्योंकि उसके खिलाफ चार और आपराधिक मामले लम्बित हैं।" सूत्रों ने बताया कि बंधकों की रिहाई पर बातचीत की प्रक्रिया तेज करने के लिए नक्सलियों ने जो कई शर्ते रखी हैं उनमें श्रीमानुलु की रिहाई भी शामिल है। सूत्रों के अनुसार श्रीमानुलु की रिहाई में सरकार की कोई भूमिका है यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है लेकिन जानकार इस घटना को बातचीत की प्रक्रिया से जोड़कर देख रहे हैं। दोनों बंधकों की रिहाई के लिए उड़ीसा सरकार और नक्सलियों द्वारा चयनित तीन मध्यस्थों के बीच वार्ता तीसरे दिन मंगलवार को भी जारी रही। राज्य के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि राज्य के गृह सचिव यूएन बेहरा और पंचायती राज सचिव एसएन त्रिपाठी ने राज्य अतिथि गृह में वार्ताकारों दंडपाणी मोहंती, जी. हरगोपाल व आर.सोमेश्वर राव के साथ बातचीत शुरू की। मंगलवार को बातचीत शुरू होने से पहले दो वार्ताकारों ने शीर्ष नक्सली नेता गांति प्रसादम से जेल में मुलाकात की। प्रसादम को बातचीत को गति देने के लिए यहां जेल में रखा गया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "पुलिस का एक विशेष दल गांति प्रसादम को कोरापुट की एक जेल से लेकर सड़क मार्ग से मंगलवार तड़के भुवनेश्वर पहुंचा। प्रसादम को भुवनेश्वर की झारपाड़ा जेल में रखा गया है।" अधिकारी ने कहा, "प्रसादम के यहां पहुंचने के साथ ही दो मध्यस्थों, जी.हरगोपाल व दंडपाणी मोहंती ने उनसे जेल में मुलाकात की और उनके साथ बातचीत की।" बंधकों की सुरक्षित रिहाई के लिए सरकार के साथ बातचीत कर रहे मध्यस्थों ने गांति प्रसादम को यहां लाने के लिए कहा था। गांति प्रसादम एक नक्सली विचारक हैं और आंध्र प्रदेश एवं उड़ीसा में उसके खिलाफ कई आरोप हैं। हरगोपाल ने सोमवार को कहा था, "गांति प्रसादम के आ जाने के बाद बातचीत की प्रक्रिया तेज हो जाएगी।" सूत्रों के अनुसार गांति प्रसादम को आंध्र प्रदेश की एक जेल से शनिवार की रात लाए जाने के लिए पुलिस ने एक अदालत से जेल स्थानांतरण वारंट हासिल कर लिया था। गांति प्रसादम के वकील ने कटक उच्च न्यायालय में सोमवार को एक जमानत याचिका दायर की। बातचीत की प्रक्रिया जारी रखने के लिए सरकारी वकील द्वारा इस जमानत याचिका का विरोध न किए जाने की सम्भावना है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "अदालत इस जमानत याचिका पर बुधवार को सुनवाई कर सकती है।" एक विशेषज्ञ ने कहा कि उसके बाद यह अदालत पर निर्भर करता है कि वह जमानत देना चाहती है या नहीं। प्रसादम के अलावा चार अन्य नक्सलियों ने भी सोमवार को उच्च न्यायालय में अपनी जमानत याचिका दायर की। बंधकों की रिहाई के सिलसिले में वार्ताकारों एवं सरकार के बीच रविवार से शुरू हुई बातचीत रविवार एवं सोमवार दोनों दिन कई घंटों तक चली, लेकिन बातचीत अधूरी रह गई थी। नक्सलियों ने सरकार को भेजे एक पत्र में दोनों बंधकों की रिहाई के बदले अपनी मांगों की सूची सौंपी है। मांगों में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान को रोकना, सभी राजनीतिक कैदियों को रिहा करना, भूमि स्थानांतरण एवं परियोजनाओं के लिए बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के साथ किए गए करारों को रद्द करना, और पुलिस हिरासत में मारे गए नक्सल समर्थकों के परिवारों को मुआवजा देना शामिल है। सरकार ने 17 फरवरी को ही नक्सल विरोधी अभियान पर रोक लगा दी थी और सोमवार को वह नक्सलियों की 14 मांगों में से आठ मांगों पर राजी हो गई थी। ज्ञात हो कि मलकानगिरि के जिलाधिकारी आर.विनील कृष्णा और जूनियर इंजीनियर पबित्र मोहन माझी का नक्सलियों ने 16 फरवरी को अपहरण कर लिया था। | यह एक सारांश है: दोनों बंधकों की रिहाई के लिए उड़ीसा सरकार और नक्सलियों द्वारा चयनित तीन मध्यस्थों के बीच वार्ता तीसरे दिन मंगलवार को भी जारी रही। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किसानों और गरीबों के हित में प्रदेश सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों को लागू किए जाने की चर्चा करते हुए कहा है कि जिन किसानों ने अपनी जमीन गिरवी रखकर कर्ज लिया है, उनके 50 हजार रुपये तक के कर्ज माफ किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री राजधानी के बाहरी छोर पर स्थित बख्शी का तालाब इण्टर कालेज में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।टिप्पणियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार के कार्यक्रमों और नीतियों के कार्यान्वयन से किसानों और गरीबों में समृद्धि व खुशहाली आएगी। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज की उचित कीमत हर हाल में मिलनी चाहिए।
यादव ने बिजली संकट की चर्चा करते हुए कहा कि बिजली की समस्या पिछली सरकार की देन है। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि उपकरणों की गुणवत्ता ठीक न होने की वजह से बिजली होने के बावजूद लोगों को उसकी आपूर्ति सुचारू रूप से नहीं हो पाती है। उन्होंने यह भी कहा कि बिजली का उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने कार्य शुरू कर दिया है और साथ ही तार और ट्रांसफार्मरों को भी दुरुस्त किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री राजधानी के बाहरी छोर पर स्थित बख्शी का तालाब इण्टर कालेज में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।टिप्पणियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार के कार्यक्रमों और नीतियों के कार्यान्वयन से किसानों और गरीबों में समृद्धि व खुशहाली आएगी। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज की उचित कीमत हर हाल में मिलनी चाहिए।
यादव ने बिजली संकट की चर्चा करते हुए कहा कि बिजली की समस्या पिछली सरकार की देन है। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि उपकरणों की गुणवत्ता ठीक न होने की वजह से बिजली होने के बावजूद लोगों को उसकी आपूर्ति सुचारू रूप से नहीं हो पाती है। उन्होंने यह भी कहा कि बिजली का उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने कार्य शुरू कर दिया है और साथ ही तार और ट्रांसफार्मरों को भी दुरुस्त किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार के कार्यक्रमों और नीतियों के कार्यान्वयन से किसानों और गरीबों में समृद्धि व खुशहाली आएगी। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज की उचित कीमत हर हाल में मिलनी चाहिए।
यादव ने बिजली संकट की चर्चा करते हुए कहा कि बिजली की समस्या पिछली सरकार की देन है। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि उपकरणों की गुणवत्ता ठीक न होने की वजह से बिजली होने के बावजूद लोगों को उसकी आपूर्ति सुचारू रूप से नहीं हो पाती है। उन्होंने यह भी कहा कि बिजली का उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने कार्य शुरू कर दिया है और साथ ही तार और ट्रांसफार्मरों को भी दुरुस्त किया जा रहा है।
यादव ने बिजली संकट की चर्चा करते हुए कहा कि बिजली की समस्या पिछली सरकार की देन है। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि उपकरणों की गुणवत्ता ठीक न होने की वजह से बिजली होने के बावजूद लोगों को उसकी आपूर्ति सुचारू रूप से नहीं हो पाती है। उन्होंने यह भी कहा कि बिजली का उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने कार्य शुरू कर दिया है और साथ ही तार और ट्रांसफार्मरों को भी दुरुस्त किया जा रहा है। | संक्षिप्त पाठ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किसानों और गरीबों के हित में प्रदेश सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों को लागू किए जाने की चर्चा करते हुए कहा है कि जिन किसानों ने अपनी जमीन गिरवी रखकर कर्ज लिया है, उनके 50 हजार रुपये तक के कर्ज माफ किए जाएंगे। | 27 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आज हिंदी पत्रकारिता के लिए गर्व का दिन है. फिलीपींस की राजधानी मनीला में एनडीटीवी के मनैजिंग एडिटर रवीश कुमार को रैमॉन मैगसेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. इस मौके पर आयोजनकर्ताओं की ओर से रवीश कुमार के जीवन और पत्रकारिता करियर के बारे में बताया गया. पुरस्कार लेने के बाद रवीश कुमार वहां आए लोगों को संबोधित करते हुए कहा "हर जंग जीतने के लिए नहीं लड़ी जाती... कुछ जंग सिर्फ इसलिए लड़ी जाती हैं, ताकि दुनिया को बताया जा सके, कोई है, जो लड़ रहा है..." रवीश ने आगे कहा, 'जब से रैमॉन मैगसेसे पुरस्कार की घोषणा हुई है, मेरे आसपास की दुनिया बदल गई है. जब से मनीला आया हूं, आप सभी के सत्कार ने मेरा दिल जीत लिया है. आपका सत्कार आपके सम्मान से भी ऊंचा है. आपने पहले घर बुलाया, मेहमान से परिवार का बनाया और तब आज सम्मान के लिए सब जमा हुए हैं. आमतौर पर पुरस्कार के दिन देने वाले और लेने वाले मिलते हैं और फिर दोनों कभी नहीं मिलते हैं. आपके यहां ऐसा नहीं है. आपने इस एहसास से भर दिया है कि ज़रूर कुछ अच्छा किया होगा, तभी आपने चुना है. वर्ना हम सब सामान्य लोग हैं. आपके प्यार ने मुझे पहले से ज्यादा ज़िम्मेदार और विनम्र बना दिया है'.
रवीश कुमार ने कहा कि दुनिया असमानता को हेल्थ और इकोनॉमिक आधार पर मापती है, मगर वक्त आ गया है कि हम ज्ञान असमानता को भी मापें. आज जब अच्छी शिक्षा खास शहरों तक सिमटकर रह गई है, हम सोच भी नहीं सकते कि कस्बों और गांवों में ज्ञान असमानता के क्या ख़तरनाक नतीजे हो रहे हैं. ज़ाहिर है, उनके लिए व्हॉट्सऐप यूनिवर्सिटी का प्रोपेगंडा ही ज्ञान का स्रोत है. युवाओं को बेहतर शिक्षा नहीं पाने दी गई है, इसलिए हम उन्हें पूरी तरह दोष नहीं दे सकते. इस संदर्भ में मीडिया के संकट को समझना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है. अगर मीडिया भी व्हॉट्सऐप यूनिवर्सिटी का काम करने लगे, तब समाज पर कितना बुरा असर पड़ेगा. अच्छी बात है कि भारत के लोग समझने लगे हैं. तभी मुझे आ रही बधाइयों में बधाई के अलावा मीडिया के 'उद्दंड' हो जाने पर भी चिंताएं भरी हुई हैं. इसलिए मैं खुद के लिए तो बहुत ख़ुश हूं, लेकिन जिस पेशे की दुनिया से आता हूं, उसकी हालत उदास भी करती है.
भारत का मीडिया संकट में है और यह संकट ढांचागत है, अचानक नहीं हुआ है, रैन्डम भी नहीं है. पत्रकार होना अब व्यक्तिगत प्रयास हो गया है, क्योंकि समाचार संगठन और उनके कॉरपोरेट एक्ज़ीक्यूटिव अब ऐसे पत्रकारों को नौकरियां छोड़ देने के लिए मजबूर कर रहे हैं, जो समझौता नहीं करते. फिर भी यह देखना हौसला देता है कि ऐसे और भी हैं, जो जान और नौकरी की परवाह किए बिना पत्रकारिता कर रहे हैं. फ्रीलांस पत्रकारिता से ही जीवनयापन कर रही कई महिला पत्रकार अपनी आवाज़ उठा रही हैं. जब कश्मीर में इंटरनेट शटडाउन किया गया, पूरा मीडिया सरकार के साथ चला गया, लेकिन कुछ ऐसे भी थे, जिन्होंने सच दिखाने की हिम्मत की, और ट्रोलों की फौज का सामना किया. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि संगठनों और उनके नेताओं से कब सवाल किए जाएंगे?
रवीश कुमार ने कहा क्या हम समाचार रिपोर्टिंग की पवित्रता को बहाल कर सकते हैं. मुझे भरोसा है कि दर्शक रिपोर्टिंग में सच्चाई, अलग-अलग प्लेटफॉर्मों और आवाज़ों की भिन्नता को महत्व देंगे. लोकतंत्र तभी तक फल-फूल सकता है, जब तक ख़बरों में सच्चाई हो. मैं रैमॉन मैगसेसे पुरस्कार स्वीकार करता हूं. इसलिए कि यह पुरस्कार मुझे नहीं, हिन्दी के तमाम पाठकों और दर्शकों को मिल रहा है, जिनके इलाक़े में ज्ञान असमानता ज्यादा गहरी है, इसके बाद भी उनके भीतर अच्छी सूचना और शिक्षा की भूख काफी गहरी है. बहुत से युवा पत्रकार इसे गंभीरता से देख रहे हैं. वे पत्रकारिता के उस मतलब को बदल देंगे, जो आज हो गया है. मुमकिन है, वे लड़ाई हार जाएं, लेकिन लड़ने के अलावा दूसरा रास्ता नहीं है. हमेशा जीतने के लिए ही नहीं, यह बताने के लिए भी लड़ा जाता है कि कोई था, जो मैदान में उतरा था. | यह एक सारांश है: हिंदी पत्रकारिता के लिए गर्व का दिन
रवीश कुमार रैमॉन मैगसेसे पुरस्कार से सम्मानित
कहा- कुछ जंग सिर्फ इसलिए लड़ी जाती हैं... | 9 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि देश के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी एक ईमानदार व्यक्ति नहीं हैं क्योंकि वह अपनी संवैधानिक शपथ पर कायम नहीं रहे।
न्यायालय ने यह टिप्पणी अपनी ओर से राष्ट्रपति आसिफ अली जारदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले खोलने के आदेश का पालन करने में असफल रहने के लिए कार्रवाई की चेतावनी देते हुए की।
न्यायालय की पांच न्यायाधीशों वाली पीठ ने जरदारी को लाभ पहुंचाने वाले भ्रष्टाचार मामले में क्षमादान को खारिज करने वाले उच्चतम न्यायालय के आदेश को लागू करने के मामले पर पीपीपी नीत सरकार पर दबाव बढ़ाते हुए अपने आदेश में कहा कि गिलानी ‘आदरणीय व्यक्ति’ नहीं हैं क्योंकि उन्होंने अपनी संवैधानिक शपथ का पालन नहीं किया।
पीठ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने संविधान की बजाय अपनी राजनैतिक पार्टी के प्रति निष्ठा दिखायी। पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘प्रथम दृष्टया, प्रधानमंत्री एक ईमानदार व्यक्ति नहीं है और उन्होंने अपनी शपथ का उल्लंघन किया।’ टिप्पणियां
पीठ ने कहा कि जरदारी के खिलाफ कथित धन शोधन मामले को फिर से खोलने के लिए स्विट्जरलैंड सरकार को पत्र लिखने से पाकिस्तानी पीपुल्स पार्टी नीत सरकार का इनकार संविधान और कुरान के खिलाफ है। पीठ ने सरकार के लिए छह विकल्प सुझाये जिसमें प्रधानमंत्री के खिलाफ अदालत की अवमानना के लिए कार्रवाई और गिलानी को संसद की सदस्यस्यता से पांच वर्ष के लिए अयोग्य घोषित करने एवं मामले को प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी को संदर्भित करना शामिल है।
पीठ ने सिफारिश की कि प्रधान न्यायाधीश मामले की 16 जनवरी को सुनवायी के लिए वृहद पीठ का गठन करें। पीठ ने अटार्नी जनरल से कहा कि वह अगली सुनवायी से पहले सरकार के विचार जान लें। इसके साथ ही उसने अटार्नी जनरल, कानून सचिव और राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो के अध्यक्ष को उच्चतम न्यायालय में अगली सुनवायी में उपस्थित रहने के लिए सम्मन जारी किये।
न्यायालय ने यह टिप्पणी अपनी ओर से राष्ट्रपति आसिफ अली जारदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले खोलने के आदेश का पालन करने में असफल रहने के लिए कार्रवाई की चेतावनी देते हुए की।
न्यायालय की पांच न्यायाधीशों वाली पीठ ने जरदारी को लाभ पहुंचाने वाले भ्रष्टाचार मामले में क्षमादान को खारिज करने वाले उच्चतम न्यायालय के आदेश को लागू करने के मामले पर पीपीपी नीत सरकार पर दबाव बढ़ाते हुए अपने आदेश में कहा कि गिलानी ‘आदरणीय व्यक्ति’ नहीं हैं क्योंकि उन्होंने अपनी संवैधानिक शपथ का पालन नहीं किया।
पीठ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने संविधान की बजाय अपनी राजनैतिक पार्टी के प्रति निष्ठा दिखायी। पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘प्रथम दृष्टया, प्रधानमंत्री एक ईमानदार व्यक्ति नहीं है और उन्होंने अपनी शपथ का उल्लंघन किया।’ टिप्पणियां
पीठ ने कहा कि जरदारी के खिलाफ कथित धन शोधन मामले को फिर से खोलने के लिए स्विट्जरलैंड सरकार को पत्र लिखने से पाकिस्तानी पीपुल्स पार्टी नीत सरकार का इनकार संविधान और कुरान के खिलाफ है। पीठ ने सरकार के लिए छह विकल्प सुझाये जिसमें प्रधानमंत्री के खिलाफ अदालत की अवमानना के लिए कार्रवाई और गिलानी को संसद की सदस्यस्यता से पांच वर्ष के लिए अयोग्य घोषित करने एवं मामले को प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी को संदर्भित करना शामिल है।
पीठ ने सिफारिश की कि प्रधान न्यायाधीश मामले की 16 जनवरी को सुनवायी के लिए वृहद पीठ का गठन करें। पीठ ने अटार्नी जनरल से कहा कि वह अगली सुनवायी से पहले सरकार के विचार जान लें। इसके साथ ही उसने अटार्नी जनरल, कानून सचिव और राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो के अध्यक्ष को उच्चतम न्यायालय में अगली सुनवायी में उपस्थित रहने के लिए सम्मन जारी किये।
न्यायालय की पांच न्यायाधीशों वाली पीठ ने जरदारी को लाभ पहुंचाने वाले भ्रष्टाचार मामले में क्षमादान को खारिज करने वाले उच्चतम न्यायालय के आदेश को लागू करने के मामले पर पीपीपी नीत सरकार पर दबाव बढ़ाते हुए अपने आदेश में कहा कि गिलानी ‘आदरणीय व्यक्ति’ नहीं हैं क्योंकि उन्होंने अपनी संवैधानिक शपथ का पालन नहीं किया।
पीठ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने संविधान की बजाय अपनी राजनैतिक पार्टी के प्रति निष्ठा दिखायी। पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘प्रथम दृष्टया, प्रधानमंत्री एक ईमानदार व्यक्ति नहीं है और उन्होंने अपनी शपथ का उल्लंघन किया।’ टिप्पणियां
पीठ ने कहा कि जरदारी के खिलाफ कथित धन शोधन मामले को फिर से खोलने के लिए स्विट्जरलैंड सरकार को पत्र लिखने से पाकिस्तानी पीपुल्स पार्टी नीत सरकार का इनकार संविधान और कुरान के खिलाफ है। पीठ ने सरकार के लिए छह विकल्प सुझाये जिसमें प्रधानमंत्री के खिलाफ अदालत की अवमानना के लिए कार्रवाई और गिलानी को संसद की सदस्यस्यता से पांच वर्ष के लिए अयोग्य घोषित करने एवं मामले को प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी को संदर्भित करना शामिल है।
पीठ ने सिफारिश की कि प्रधान न्यायाधीश मामले की 16 जनवरी को सुनवायी के लिए वृहद पीठ का गठन करें। पीठ ने अटार्नी जनरल से कहा कि वह अगली सुनवायी से पहले सरकार के विचार जान लें। इसके साथ ही उसने अटार्नी जनरल, कानून सचिव और राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो के अध्यक्ष को उच्चतम न्यायालय में अगली सुनवायी में उपस्थित रहने के लिए सम्मन जारी किये।
पीठ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने संविधान की बजाय अपनी राजनैतिक पार्टी के प्रति निष्ठा दिखायी। पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘प्रथम दृष्टया, प्रधानमंत्री एक ईमानदार व्यक्ति नहीं है और उन्होंने अपनी शपथ का उल्लंघन किया।’ टिप्पणियां
पीठ ने कहा कि जरदारी के खिलाफ कथित धन शोधन मामले को फिर से खोलने के लिए स्विट्जरलैंड सरकार को पत्र लिखने से पाकिस्तानी पीपुल्स पार्टी नीत सरकार का इनकार संविधान और कुरान के खिलाफ है। पीठ ने सरकार के लिए छह विकल्प सुझाये जिसमें प्रधानमंत्री के खिलाफ अदालत की अवमानना के लिए कार्रवाई और गिलानी को संसद की सदस्यस्यता से पांच वर्ष के लिए अयोग्य घोषित करने एवं मामले को प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी को संदर्भित करना शामिल है।
पीठ ने सिफारिश की कि प्रधान न्यायाधीश मामले की 16 जनवरी को सुनवायी के लिए वृहद पीठ का गठन करें। पीठ ने अटार्नी जनरल से कहा कि वह अगली सुनवायी से पहले सरकार के विचार जान लें। इसके साथ ही उसने अटार्नी जनरल, कानून सचिव और राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो के अध्यक्ष को उच्चतम न्यायालय में अगली सुनवायी में उपस्थित रहने के लिए सम्मन जारी किये।
पीठ ने कहा कि जरदारी के खिलाफ कथित धन शोधन मामले को फिर से खोलने के लिए स्विट्जरलैंड सरकार को पत्र लिखने से पाकिस्तानी पीपुल्स पार्टी नीत सरकार का इनकार संविधान और कुरान के खिलाफ है। पीठ ने सरकार के लिए छह विकल्प सुझाये जिसमें प्रधानमंत्री के खिलाफ अदालत की अवमानना के लिए कार्रवाई और गिलानी को संसद की सदस्यस्यता से पांच वर्ष के लिए अयोग्य घोषित करने एवं मामले को प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी को संदर्भित करना शामिल है।
पीठ ने सिफारिश की कि प्रधान न्यायाधीश मामले की 16 जनवरी को सुनवायी के लिए वृहद पीठ का गठन करें। पीठ ने अटार्नी जनरल से कहा कि वह अगली सुनवायी से पहले सरकार के विचार जान लें। इसके साथ ही उसने अटार्नी जनरल, कानून सचिव और राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो के अध्यक्ष को उच्चतम न्यायालय में अगली सुनवायी में उपस्थित रहने के लिए सम्मन जारी किये।
पीठ ने सिफारिश की कि प्रधान न्यायाधीश मामले की 16 जनवरी को सुनवायी के लिए वृहद पीठ का गठन करें। पीठ ने अटार्नी जनरल से कहा कि वह अगली सुनवायी से पहले सरकार के विचार जान लें। इसके साथ ही उसने अटार्नी जनरल, कानून सचिव और राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो के अध्यक्ष को उच्चतम न्यायालय में अगली सुनवायी में उपस्थित रहने के लिए सम्मन जारी किये। | संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी एक ईमानदार व्यक्ति नहीं हैं क्योंकि वह अपनी संवैधानिक शपथ पर कायम नहीं रहे। | 22 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: वाहन कंपनियों की बिक्री का रुझान अगस्त में मिला-जुला रहा। सोमवार को वाहन निर्माता कंपनियों द्वारा जारी बयानों के मुताबिक कार निर्माता कंपनियों की बिक्री बेहतर रही, वहीं वाणिज्यिक वाहन निर्माता कंपनियों को निराशा हाथ लगी।
घरेलू बाजार में ऊंची ब्याज दर, महंगे ईंधन और सुस्त आर्थिक स्थिति के कारण सभी कंपनियों को हताशा मिली, लेकिन रुपये में कमजोरी के कारण विदेश में मांग बढ़ी और मारुति सुजुकी, ह्युंडई तथा बजाज ऑटो ने निर्यात में वृद्धि दर्ज की।
मारुति सुजुकी की बिक्री साल-दर-साल आधार पर अगस्त में 61.2 फीसदी अधिक रही। बीते महीने उसने 87,323 कारें बेचीं, जबकि एक साल पहले समान महीने में 54,154 कारें बिकी थीं।
श्रमिक असंतोष के कारण कंपनी का मनेसर संयंत्र पिछले साल अगस्त में बंद था। कंपनी के निर्यात में 180.9 फीसदी वृद्धि हुई, यानी पिछले साल की 4,025 की जगह 11,305 कारों का निर्यात हुआ। घरेलू बिक्री इसी अवधि में 51.6 फीसदी अधिक (50,129 के मुकाबले 76,018) रही।
ह्युंडई मोटर इंडिया की बिक्री अगस्त महीने में साल-दर-साल आधार पर 11.58 फीसदी अधिक रही। कंपनी ने अगस्त में 52,319 वाहन बेचे, जबकि एक साल पहले समान अवधि में 46,886 वाहन बिके थे।
कंपनी के विपणन एवं बिक्री उपाध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने कहा, "गैर-यूरोपीय बाजारों में अधिक मांग रहने के कारण निर्यात में अच्छी वृद्धि रही, जबकि घरेलू बाजार में दबाव बना रहा।" निर्यात खंड में 28.87 फीसदी तेजी दर्ज की गई। कंपनी के मुताबिक घरेलू बिक्री सिर्फ 0.19 फीसदी बढ़ी। टाटा मोटर्स एवं महिंद्रा एंड महिंद्रा की बिक्री हालांकि कम रही।
टाटा मोटर्स की कारों की बिक्री घरेलू बाजार में 50 फीसदी कम 11,564 वाहनों की रही। कारों और वाणिज्यिक वाहनों समेत सभी श्रेणियों में कुल वाहनों की बिक्री 31 फीसदी कम 49,611 वाहनों की रही।
महिंद्रा एंड महिंद्रा की बिक्री 17 फीसदी कम 37,897 वाहनों की रही। यात्री वाहनों के खंड में बिक्री 27.5 फीसदी कम 15,821 वाहनों की रही।
दुपहिया एवं तिपहिया वाहन निर्माता कंपनी टीवीएस मोटर ने कहा कि उसने आलोच्य अवधि में 1,55,532 वाहन (1,48,469 दुपहिया वाहन, 7,063 तिपहिया वाहन) बेचे, जबकि एक साल पहले कंपनी ने 1,54,647 वाहन (1,50,740 वाहन, 3,907 तिपहिया वाहन) बेचे थे।
एक अन्य दुपहिया और तिपहिया वाहन निर्माता कंपनी बजाज ऑटो के वाहनों की बिक्री में अगस्त महीने में नौ फीसदी गिरावट दर्ज की गई है। इस दौरान 3,12,188 वाहन बिके, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसके 3,44,906 वाहनों की बिक्री हुई थी।टिप्पणियां
इस अवधि में हालांकि, निर्यात में 10 फीसदी की वृद्धि हुई और 1,44,160 वाहनों का निर्यात हुआ, जबकि 2012 में इसी महीने में 1,31,526 वाहनों का निर्यात हुआ था।
दुपहिया वाहन निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प ने कहा कि अगस्त महीने में उसकी बिक्री साल-दर-साल आधार पर चार फीसदी अधिक रही। कंपनी ने अगस्त 2013 में 4,59,996 वाहन बेचे, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 4,43,801 वाहन बिके थे।
घरेलू बाजार में ऊंची ब्याज दर, महंगे ईंधन और सुस्त आर्थिक स्थिति के कारण सभी कंपनियों को हताशा मिली, लेकिन रुपये में कमजोरी के कारण विदेश में मांग बढ़ी और मारुति सुजुकी, ह्युंडई तथा बजाज ऑटो ने निर्यात में वृद्धि दर्ज की।
मारुति सुजुकी की बिक्री साल-दर-साल आधार पर अगस्त में 61.2 फीसदी अधिक रही। बीते महीने उसने 87,323 कारें बेचीं, जबकि एक साल पहले समान महीने में 54,154 कारें बिकी थीं।
श्रमिक असंतोष के कारण कंपनी का मनेसर संयंत्र पिछले साल अगस्त में बंद था। कंपनी के निर्यात में 180.9 फीसदी वृद्धि हुई, यानी पिछले साल की 4,025 की जगह 11,305 कारों का निर्यात हुआ। घरेलू बिक्री इसी अवधि में 51.6 फीसदी अधिक (50,129 के मुकाबले 76,018) रही।
ह्युंडई मोटर इंडिया की बिक्री अगस्त महीने में साल-दर-साल आधार पर 11.58 फीसदी अधिक रही। कंपनी ने अगस्त में 52,319 वाहन बेचे, जबकि एक साल पहले समान अवधि में 46,886 वाहन बिके थे।
कंपनी के विपणन एवं बिक्री उपाध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने कहा, "गैर-यूरोपीय बाजारों में अधिक मांग रहने के कारण निर्यात में अच्छी वृद्धि रही, जबकि घरेलू बाजार में दबाव बना रहा।" निर्यात खंड में 28.87 फीसदी तेजी दर्ज की गई। कंपनी के मुताबिक घरेलू बिक्री सिर्फ 0.19 फीसदी बढ़ी। टाटा मोटर्स एवं महिंद्रा एंड महिंद्रा की बिक्री हालांकि कम रही।
टाटा मोटर्स की कारों की बिक्री घरेलू बाजार में 50 फीसदी कम 11,564 वाहनों की रही। कारों और वाणिज्यिक वाहनों समेत सभी श्रेणियों में कुल वाहनों की बिक्री 31 फीसदी कम 49,611 वाहनों की रही।
महिंद्रा एंड महिंद्रा की बिक्री 17 फीसदी कम 37,897 वाहनों की रही। यात्री वाहनों के खंड में बिक्री 27.5 फीसदी कम 15,821 वाहनों की रही।
दुपहिया एवं तिपहिया वाहन निर्माता कंपनी टीवीएस मोटर ने कहा कि उसने आलोच्य अवधि में 1,55,532 वाहन (1,48,469 दुपहिया वाहन, 7,063 तिपहिया वाहन) बेचे, जबकि एक साल पहले कंपनी ने 1,54,647 वाहन (1,50,740 वाहन, 3,907 तिपहिया वाहन) बेचे थे।
एक अन्य दुपहिया और तिपहिया वाहन निर्माता कंपनी बजाज ऑटो के वाहनों की बिक्री में अगस्त महीने में नौ फीसदी गिरावट दर्ज की गई है। इस दौरान 3,12,188 वाहन बिके, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसके 3,44,906 वाहनों की बिक्री हुई थी।टिप्पणियां
इस अवधि में हालांकि, निर्यात में 10 फीसदी की वृद्धि हुई और 1,44,160 वाहनों का निर्यात हुआ, जबकि 2012 में इसी महीने में 1,31,526 वाहनों का निर्यात हुआ था।
दुपहिया वाहन निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प ने कहा कि अगस्त महीने में उसकी बिक्री साल-दर-साल आधार पर चार फीसदी अधिक रही। कंपनी ने अगस्त 2013 में 4,59,996 वाहन बेचे, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 4,43,801 वाहन बिके थे।
मारुति सुजुकी की बिक्री साल-दर-साल आधार पर अगस्त में 61.2 फीसदी अधिक रही। बीते महीने उसने 87,323 कारें बेचीं, जबकि एक साल पहले समान महीने में 54,154 कारें बिकी थीं।
श्रमिक असंतोष के कारण कंपनी का मनेसर संयंत्र पिछले साल अगस्त में बंद था। कंपनी के निर्यात में 180.9 फीसदी वृद्धि हुई, यानी पिछले साल की 4,025 की जगह 11,305 कारों का निर्यात हुआ। घरेलू बिक्री इसी अवधि में 51.6 फीसदी अधिक (50,129 के मुकाबले 76,018) रही।
ह्युंडई मोटर इंडिया की बिक्री अगस्त महीने में साल-दर-साल आधार पर 11.58 फीसदी अधिक रही। कंपनी ने अगस्त में 52,319 वाहन बेचे, जबकि एक साल पहले समान अवधि में 46,886 वाहन बिके थे।
कंपनी के विपणन एवं बिक्री उपाध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने कहा, "गैर-यूरोपीय बाजारों में अधिक मांग रहने के कारण निर्यात में अच्छी वृद्धि रही, जबकि घरेलू बाजार में दबाव बना रहा।" निर्यात खंड में 28.87 फीसदी तेजी दर्ज की गई। कंपनी के मुताबिक घरेलू बिक्री सिर्फ 0.19 फीसदी बढ़ी। टाटा मोटर्स एवं महिंद्रा एंड महिंद्रा की बिक्री हालांकि कम रही।
टाटा मोटर्स की कारों की बिक्री घरेलू बाजार में 50 फीसदी कम 11,564 वाहनों की रही। कारों और वाणिज्यिक वाहनों समेत सभी श्रेणियों में कुल वाहनों की बिक्री 31 फीसदी कम 49,611 वाहनों की रही।
महिंद्रा एंड महिंद्रा की बिक्री 17 फीसदी कम 37,897 वाहनों की रही। यात्री वाहनों के खंड में बिक्री 27.5 फीसदी कम 15,821 वाहनों की रही।
दुपहिया एवं तिपहिया वाहन निर्माता कंपनी टीवीएस मोटर ने कहा कि उसने आलोच्य अवधि में 1,55,532 वाहन (1,48,469 दुपहिया वाहन, 7,063 तिपहिया वाहन) बेचे, जबकि एक साल पहले कंपनी ने 1,54,647 वाहन (1,50,740 वाहन, 3,907 तिपहिया वाहन) बेचे थे।
एक अन्य दुपहिया और तिपहिया वाहन निर्माता कंपनी बजाज ऑटो के वाहनों की बिक्री में अगस्त महीने में नौ फीसदी गिरावट दर्ज की गई है। इस दौरान 3,12,188 वाहन बिके, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसके 3,44,906 वाहनों की बिक्री हुई थी।टिप्पणियां
इस अवधि में हालांकि, निर्यात में 10 फीसदी की वृद्धि हुई और 1,44,160 वाहनों का निर्यात हुआ, जबकि 2012 में इसी महीने में 1,31,526 वाहनों का निर्यात हुआ था।
दुपहिया वाहन निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प ने कहा कि अगस्त महीने में उसकी बिक्री साल-दर-साल आधार पर चार फीसदी अधिक रही। कंपनी ने अगस्त 2013 में 4,59,996 वाहन बेचे, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 4,43,801 वाहन बिके थे।
श्रमिक असंतोष के कारण कंपनी का मनेसर संयंत्र पिछले साल अगस्त में बंद था। कंपनी के निर्यात में 180.9 फीसदी वृद्धि हुई, यानी पिछले साल की 4,025 की जगह 11,305 कारों का निर्यात हुआ। घरेलू बिक्री इसी अवधि में 51.6 फीसदी अधिक (50,129 के मुकाबले 76,018) रही।
ह्युंडई मोटर इंडिया की बिक्री अगस्त महीने में साल-दर-साल आधार पर 11.58 फीसदी अधिक रही। कंपनी ने अगस्त में 52,319 वाहन बेचे, जबकि एक साल पहले समान अवधि में 46,886 वाहन बिके थे।
कंपनी के विपणन एवं बिक्री उपाध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने कहा, "गैर-यूरोपीय बाजारों में अधिक मांग रहने के कारण निर्यात में अच्छी वृद्धि रही, जबकि घरेलू बाजार में दबाव बना रहा।" निर्यात खंड में 28.87 फीसदी तेजी दर्ज की गई। कंपनी के मुताबिक घरेलू बिक्री सिर्फ 0.19 फीसदी बढ़ी। टाटा मोटर्स एवं महिंद्रा एंड महिंद्रा की बिक्री हालांकि कम रही।
टाटा मोटर्स की कारों की बिक्री घरेलू बाजार में 50 फीसदी कम 11,564 वाहनों की रही। कारों और वाणिज्यिक वाहनों समेत सभी श्रेणियों में कुल वाहनों की बिक्री 31 फीसदी कम 49,611 वाहनों की रही।
महिंद्रा एंड महिंद्रा की बिक्री 17 फीसदी कम 37,897 वाहनों की रही। यात्री वाहनों के खंड में बिक्री 27.5 फीसदी कम 15,821 वाहनों की रही।
दुपहिया एवं तिपहिया वाहन निर्माता कंपनी टीवीएस मोटर ने कहा कि उसने आलोच्य अवधि में 1,55,532 वाहन (1,48,469 दुपहिया वाहन, 7,063 तिपहिया वाहन) बेचे, जबकि एक साल पहले कंपनी ने 1,54,647 वाहन (1,50,740 वाहन, 3,907 तिपहिया वाहन) बेचे थे।
एक अन्य दुपहिया और तिपहिया वाहन निर्माता कंपनी बजाज ऑटो के वाहनों की बिक्री में अगस्त महीने में नौ फीसदी गिरावट दर्ज की गई है। इस दौरान 3,12,188 वाहन बिके, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसके 3,44,906 वाहनों की बिक्री हुई थी।टिप्पणियां
इस अवधि में हालांकि, निर्यात में 10 फीसदी की वृद्धि हुई और 1,44,160 वाहनों का निर्यात हुआ, जबकि 2012 में इसी महीने में 1,31,526 वाहनों का निर्यात हुआ था।
दुपहिया वाहन निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प ने कहा कि अगस्त महीने में उसकी बिक्री साल-दर-साल आधार पर चार फीसदी अधिक रही। कंपनी ने अगस्त 2013 में 4,59,996 वाहन बेचे, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 4,43,801 वाहन बिके थे।
ह्युंडई मोटर इंडिया की बिक्री अगस्त महीने में साल-दर-साल आधार पर 11.58 फीसदी अधिक रही। कंपनी ने अगस्त में 52,319 वाहन बेचे, जबकि एक साल पहले समान अवधि में 46,886 वाहन बिके थे।
कंपनी के विपणन एवं बिक्री उपाध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने कहा, "गैर-यूरोपीय बाजारों में अधिक मांग रहने के कारण निर्यात में अच्छी वृद्धि रही, जबकि घरेलू बाजार में दबाव बना रहा।" निर्यात खंड में 28.87 फीसदी तेजी दर्ज की गई। कंपनी के मुताबिक घरेलू बिक्री सिर्फ 0.19 फीसदी बढ़ी। टाटा मोटर्स एवं महिंद्रा एंड महिंद्रा की बिक्री हालांकि कम रही।
टाटा मोटर्स की कारों की बिक्री घरेलू बाजार में 50 फीसदी कम 11,564 वाहनों की रही। कारों और वाणिज्यिक वाहनों समेत सभी श्रेणियों में कुल वाहनों की बिक्री 31 फीसदी कम 49,611 वाहनों की रही।
महिंद्रा एंड महिंद्रा की बिक्री 17 फीसदी कम 37,897 वाहनों की रही। यात्री वाहनों के खंड में बिक्री 27.5 फीसदी कम 15,821 वाहनों की रही।
दुपहिया एवं तिपहिया वाहन निर्माता कंपनी टीवीएस मोटर ने कहा कि उसने आलोच्य अवधि में 1,55,532 वाहन (1,48,469 दुपहिया वाहन, 7,063 तिपहिया वाहन) बेचे, जबकि एक साल पहले कंपनी ने 1,54,647 वाहन (1,50,740 वाहन, 3,907 तिपहिया वाहन) बेचे थे।
एक अन्य दुपहिया और तिपहिया वाहन निर्माता कंपनी बजाज ऑटो के वाहनों की बिक्री में अगस्त महीने में नौ फीसदी गिरावट दर्ज की गई है। इस दौरान 3,12,188 वाहन बिके, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसके 3,44,906 वाहनों की बिक्री हुई थी।टिप्पणियां
इस अवधि में हालांकि, निर्यात में 10 फीसदी की वृद्धि हुई और 1,44,160 वाहनों का निर्यात हुआ, जबकि 2012 में इसी महीने में 1,31,526 वाहनों का निर्यात हुआ था।
दुपहिया वाहन निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प ने कहा कि अगस्त महीने में उसकी बिक्री साल-दर-साल आधार पर चार फीसदी अधिक रही। कंपनी ने अगस्त 2013 में 4,59,996 वाहन बेचे, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 4,43,801 वाहन बिके थे।
कंपनी के विपणन एवं बिक्री उपाध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने कहा, "गैर-यूरोपीय बाजारों में अधिक मांग रहने के कारण निर्यात में अच्छी वृद्धि रही, जबकि घरेलू बाजार में दबाव बना रहा।" निर्यात खंड में 28.87 फीसदी तेजी दर्ज की गई। कंपनी के मुताबिक घरेलू बिक्री सिर्फ 0.19 फीसदी बढ़ी। टाटा मोटर्स एवं महिंद्रा एंड महिंद्रा की बिक्री हालांकि कम रही।
टाटा मोटर्स की कारों की बिक्री घरेलू बाजार में 50 फीसदी कम 11,564 वाहनों की रही। कारों और वाणिज्यिक वाहनों समेत सभी श्रेणियों में कुल वाहनों की बिक्री 31 फीसदी कम 49,611 वाहनों की रही।
महिंद्रा एंड महिंद्रा की बिक्री 17 फीसदी कम 37,897 वाहनों की रही। यात्री वाहनों के खंड में बिक्री 27.5 फीसदी कम 15,821 वाहनों की रही।
दुपहिया एवं तिपहिया वाहन निर्माता कंपनी टीवीएस मोटर ने कहा कि उसने आलोच्य अवधि में 1,55,532 वाहन (1,48,469 दुपहिया वाहन, 7,063 तिपहिया वाहन) बेचे, जबकि एक साल पहले कंपनी ने 1,54,647 वाहन (1,50,740 वाहन, 3,907 तिपहिया वाहन) बेचे थे।
एक अन्य दुपहिया और तिपहिया वाहन निर्माता कंपनी बजाज ऑटो के वाहनों की बिक्री में अगस्त महीने में नौ फीसदी गिरावट दर्ज की गई है। इस दौरान 3,12,188 वाहन बिके, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसके 3,44,906 वाहनों की बिक्री हुई थी।टिप्पणियां
इस अवधि में हालांकि, निर्यात में 10 फीसदी की वृद्धि हुई और 1,44,160 वाहनों का निर्यात हुआ, जबकि 2012 में इसी महीने में 1,31,526 वाहनों का निर्यात हुआ था।
दुपहिया वाहन निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प ने कहा कि अगस्त महीने में उसकी बिक्री साल-दर-साल आधार पर चार फीसदी अधिक रही। कंपनी ने अगस्त 2013 में 4,59,996 वाहन बेचे, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 4,43,801 वाहन बिके थे।
टाटा मोटर्स की कारों की बिक्री घरेलू बाजार में 50 फीसदी कम 11,564 वाहनों की रही। कारों और वाणिज्यिक वाहनों समेत सभी श्रेणियों में कुल वाहनों की बिक्री 31 फीसदी कम 49,611 वाहनों की रही।
महिंद्रा एंड महिंद्रा की बिक्री 17 फीसदी कम 37,897 वाहनों की रही। यात्री वाहनों के खंड में बिक्री 27.5 फीसदी कम 15,821 वाहनों की रही।
दुपहिया एवं तिपहिया वाहन निर्माता कंपनी टीवीएस मोटर ने कहा कि उसने आलोच्य अवधि में 1,55,532 वाहन (1,48,469 दुपहिया वाहन, 7,063 तिपहिया वाहन) बेचे, जबकि एक साल पहले कंपनी ने 1,54,647 वाहन (1,50,740 वाहन, 3,907 तिपहिया वाहन) बेचे थे।
एक अन्य दुपहिया और तिपहिया वाहन निर्माता कंपनी बजाज ऑटो के वाहनों की बिक्री में अगस्त महीने में नौ फीसदी गिरावट दर्ज की गई है। इस दौरान 3,12,188 वाहन बिके, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसके 3,44,906 वाहनों की बिक्री हुई थी।टिप्पणियां
इस अवधि में हालांकि, निर्यात में 10 फीसदी की वृद्धि हुई और 1,44,160 वाहनों का निर्यात हुआ, जबकि 2012 में इसी महीने में 1,31,526 वाहनों का निर्यात हुआ था।
दुपहिया वाहन निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प ने कहा कि अगस्त महीने में उसकी बिक्री साल-दर-साल आधार पर चार फीसदी अधिक रही। कंपनी ने अगस्त 2013 में 4,59,996 वाहन बेचे, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 4,43,801 वाहन बिके थे।
महिंद्रा एंड महिंद्रा की बिक्री 17 फीसदी कम 37,897 वाहनों की रही। यात्री वाहनों के खंड में बिक्री 27.5 फीसदी कम 15,821 वाहनों की रही।
दुपहिया एवं तिपहिया वाहन निर्माता कंपनी टीवीएस मोटर ने कहा कि उसने आलोच्य अवधि में 1,55,532 वाहन (1,48,469 दुपहिया वाहन, 7,063 तिपहिया वाहन) बेचे, जबकि एक साल पहले कंपनी ने 1,54,647 वाहन (1,50,740 वाहन, 3,907 तिपहिया वाहन) बेचे थे।
एक अन्य दुपहिया और तिपहिया वाहन निर्माता कंपनी बजाज ऑटो के वाहनों की बिक्री में अगस्त महीने में नौ फीसदी गिरावट दर्ज की गई है। इस दौरान 3,12,188 वाहन बिके, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसके 3,44,906 वाहनों की बिक्री हुई थी।टिप्पणियां
इस अवधि में हालांकि, निर्यात में 10 फीसदी की वृद्धि हुई और 1,44,160 वाहनों का निर्यात हुआ, जबकि 2012 में इसी महीने में 1,31,526 वाहनों का निर्यात हुआ था।
दुपहिया वाहन निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प ने कहा कि अगस्त महीने में उसकी बिक्री साल-दर-साल आधार पर चार फीसदी अधिक रही। कंपनी ने अगस्त 2013 में 4,59,996 वाहन बेचे, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 4,43,801 वाहन बिके थे।
दुपहिया एवं तिपहिया वाहन निर्माता कंपनी टीवीएस मोटर ने कहा कि उसने आलोच्य अवधि में 1,55,532 वाहन (1,48,469 दुपहिया वाहन, 7,063 तिपहिया वाहन) बेचे, जबकि एक साल पहले कंपनी ने 1,54,647 वाहन (1,50,740 वाहन, 3,907 तिपहिया वाहन) बेचे थे।
एक अन्य दुपहिया और तिपहिया वाहन निर्माता कंपनी बजाज ऑटो के वाहनों की बिक्री में अगस्त महीने में नौ फीसदी गिरावट दर्ज की गई है। इस दौरान 3,12,188 वाहन बिके, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसके 3,44,906 वाहनों की बिक्री हुई थी।टिप्पणियां
इस अवधि में हालांकि, निर्यात में 10 फीसदी की वृद्धि हुई और 1,44,160 वाहनों का निर्यात हुआ, जबकि 2012 में इसी महीने में 1,31,526 वाहनों का निर्यात हुआ था।
दुपहिया वाहन निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प ने कहा कि अगस्त महीने में उसकी बिक्री साल-दर-साल आधार पर चार फीसदी अधिक रही। कंपनी ने अगस्त 2013 में 4,59,996 वाहन बेचे, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 4,43,801 वाहन बिके थे।
एक अन्य दुपहिया और तिपहिया वाहन निर्माता कंपनी बजाज ऑटो के वाहनों की बिक्री में अगस्त महीने में नौ फीसदी गिरावट दर्ज की गई है। इस दौरान 3,12,188 वाहन बिके, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसके 3,44,906 वाहनों की बिक्री हुई थी।टिप्पणियां
इस अवधि में हालांकि, निर्यात में 10 फीसदी की वृद्धि हुई और 1,44,160 वाहनों का निर्यात हुआ, जबकि 2012 में इसी महीने में 1,31,526 वाहनों का निर्यात हुआ था।
दुपहिया वाहन निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प ने कहा कि अगस्त महीने में उसकी बिक्री साल-दर-साल आधार पर चार फीसदी अधिक रही। कंपनी ने अगस्त 2013 में 4,59,996 वाहन बेचे, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 4,43,801 वाहन बिके थे।
इस अवधि में हालांकि, निर्यात में 10 फीसदी की वृद्धि हुई और 1,44,160 वाहनों का निर्यात हुआ, जबकि 2012 में इसी महीने में 1,31,526 वाहनों का निर्यात हुआ था।
दुपहिया वाहन निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प ने कहा कि अगस्त महीने में उसकी बिक्री साल-दर-साल आधार पर चार फीसदी अधिक रही। कंपनी ने अगस्त 2013 में 4,59,996 वाहन बेचे, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 4,43,801 वाहन बिके थे।
दुपहिया वाहन निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प ने कहा कि अगस्त महीने में उसकी बिक्री साल-दर-साल आधार पर चार फीसदी अधिक रही। कंपनी ने अगस्त 2013 में 4,59,996 वाहन बेचे, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 4,43,801 वाहन बिके थे। | सारांश: वाहन कंपनियों की बिक्री का रुझान अगस्त में मिला-जुला रहा। सोमवार को वाहन निर्माता कंपनियों द्वारा जारी बयानों के मुताबिक कार निर्माता कंपनियों की बिक्री बेहतर रही, वहीं वाणिज्यिक वाहन निर्माता कंपनियों को निराशा हाथ लगी। | 5 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इस खास उड़ान में आप हेलीकॉप्टर से दिल्ली के पीतमपुरा टॉवर, मजनूं का टीला, लाल किला, राजघाट और अक्षरधाम मंदिर के आसपास के इलाकों के नजारे दिखाए जाएंगे. 10 मिनट की छोटी सेवा के लिए कुल 2,499 रुपये किराया वसूला जाएगा, लेकिन पवन हंस ने इस छोटी सेवा में कवर किए जाने वाले इलाके नहीं बताए हैं.
सरकारी कंपनी पवन हंस ने बताया, 'पवन हंस अपने रोहिणी स्थित हेलिपोर्ट से दिल्ली दर्शन के लिए हेलिकॉप्टर सेवा शुरू करने जा रही है. हालांकि, अभी यह सेवा केवल वीकेंड के लिए शुरू की जा रही है लेकिन 1 अप्रैल, 2017 से यह सेवा रोजाना के लिए शुरू कर दी जाएगी.' इस वक्तव्य में यह भी बताया गया है कि इस सेवा के लिए पवन हंस की वेबसाइट www.pawanhans.co.in पर ऑनलॉइन टिकट बुक की जा सकती हैं.
सरकारी कंपनी पवन हंस ने बताया, 'पवन हंस अपने रोहिणी स्थित हेलिपोर्ट से दिल्ली दर्शन के लिए हेलिकॉप्टर सेवा शुरू करने जा रही है. हालांकि, अभी यह सेवा केवल वीकेंड के लिए शुरू की जा रही है लेकिन 1 अप्रैल, 2017 से यह सेवा रोजाना के लिए शुरू कर दी जाएगी.' इस वक्तव्य में यह भी बताया गया है कि इस सेवा के लिए पवन हंस की वेबसाइट www.pawanhans.co.in पर ऑनलॉइन टिकट बुक की जा सकती हैं. | यह एक सारांश है: पवन हंस अगले महीने से हेलीकॉप्टर से दिल्ली दर्शन शुरू करेगी
10 मिनट हेलीकॉप्टर पर उड़ने के लगेंगे 2,499 रुपए
20 मिनट हेलीकॉप्टर पर उड़ने के लगेंगे 4,999 रुपए | 16 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उलटफेर भरी जीत दर्ज करने के बाद पाकिस्तान और श्रीलंका का अभियान पटरी पर आ गया है और दोनों टीमें सोमवार को यहां चैंपियंस ट्रॉफी के अंतिम ग्रुप मैच में एक दूसरे से भिड़ेंगी जो एक तरह से ‘क्वार्टरफाइनल’ मुकाबले की तरह ही होगा. दोनों टीमों ने अपना शुरुआती मैच गंवा दिया था लेकिन दोनों ने टूर्नामेंट के सबसे बड़े उलटफेर परिणाम हासिल कर वापसी की.
पाकिस्तान को चिर प्रतिद्वंद्वी और गत चैंपियन भारत के हाथों 124 रन से करारी शिकस्त मिली थी लेकिन उसने दुनिया की नंबर एक टीम दक्षिण अफ्रीका पर उलटफेर भरी जीत दर्ज कर खुद को दौड़ में कायम रखा. दूसरी ओर, श्रीलंका को भी दक्षिण अफ्रीका से 96 रन की बड़ी हार मिली थी लेकिन उसने शानदार बल्लेबाजी प्रदर्शन के बूते भारत को सात विकेट से हराकर उलटफेर किया और खुद को सेमीफाइनल स्थान की दौड़ में ला दिया. भारत के शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने मोहम्मद आमिर को छोड़कर पाकिस्तानी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दी लेकिन उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ इसकी भरपाई की जिसके बल्लेबाजी क्रम में कई मैच विजेता जैसे एबी डिविलियर्स और हाशिम अमला शामिल हैं.
बायें हाथ के स्पिनर इमाद वसीम (20 रन देकर दो विकेट) और तेज गेंदबाज हसन अली (24 रन देकर तीन विकेट) ने अच्छी गेंदबाजी कर दक्षिण अफ्रीकी टीम को महज आठ विकेट पर 219 रन के स्कोर पर रोक दिया. पाकिस्तानी कप्तान सरफराज अहमद ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली जीत के लिये अच्छी गेंदबाजी को श्रेय दिया था और वह कल श्रीलंका के खिलाफ इसी तरह का प्रदर्शन करना चाहेंगे. वहीं पाकिस्तानी टीम को बर्मिंघम में काफी समर्थक मिले थे लेकिन कल कार्डिफ में ऐसा होने की उम्मीद नहीं है. देखते हैं कि इससे टीम के प्रदर्शन पर कितना असर पड़ता है. कप्तान सरफराज ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जीत के बाद कहा था, ‘दर्शक हमारा समर्थन कर रहे थे और इससे ही खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा हुआ था. ’ श्रीलंकाई टीम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुरुआती मुकाबले में मिली हार में कमजोर दिखी थी जो अपने कप्तान एंजलो मैथ्यूज के बिना एकजुट प्रदर्शन नहीं कर सकी. लेकिन मैथ्यूज की वापसी ने टीम को भारत के खिलाफ मैच में अच्छा खेल दिखाने के लिये प्रेरित किया और उन्होंने गत चैम्पियन पर नाटकीय जीत दर्ज की.
जीत के लिए 322 रन के विशाल लक्ष्य को श्रीलंका ने आठ गेंद रहते ही हासिल कर लिया, जिसमें कुसाल मेंडिस (89 रन), धनुष गुणतिलक (76 रन) और मैथ्यूज (52 रन) ने अहम योगदान दिया. पाकिस्तान और श्रीलंका, दोनों अपनी उलटफेर भरी जीत से काफी आत्मविश्वास से भरे हैं, जिससे कल के मैच में प्रबल दावेदार को चुनना थोड़ा कठिन है. जारी इतिहास हालांकि पाकिस्तान के पक्ष में हैं जिसने चैंपियंस ट्रॉफी में श्रीलंका पर तीन में से दो मैचों में जीत दर्ज की है. वहीं दोनों टीमों ने एक-दूसरे के खिलाफ कुल 147 मैच खेले हैं जिसमें से पाकिस्तान ने 84 में जबकि श्रीलंका ने 58 में फतह हासिल की है. एक मैच टाई रहा था जबकि चार मैचों का परिणाम नहीं निकल सका था. इस टूर्नामेंट के ज्यादातर मैचों में बारिश ने खलल डाली है और अगर कल का मैच बारिश से धुल जाता है तो सेमीफाइनल में पहुंचने के लिये गणना काफी पेचीदा हो जाएगी.
दोनों टीमें इस प्रकार हैं ..
पाकिस्तान : सरफराज अहमद (कप्तान), अहमद शहजाद, अजहर अली, बाबर आजम, फहीम अशरफ, फखर जमान, हैरिस सोहेल, हसन अली, इमाद वसीम, जुनैद खान, मोहम्मद आमिर, मोहम्मद हफीज, शदाब खान और शोएब मलिक.
श्रीलंका : एंजेलो मैथ्यूज (कप्तान), दिनेश चांदीमल, निरोशन डिकेवाला, चामरा कापूगेदारा, कुसाल मेंडिस, कुसाल परेरा, थिसारा परेरा, सेकुगे प्रसन्ना, उपुल थरंगा, नुआन प्रदीप, सुरंगा लकमल, लक्ष्ण संदाकन, लसिथ मलिंगा, असेला गुणरत्ने, नुआन कुलशेखरा.टिप्पणियां
मैच भारतीय समयानुसार दोपहर तीन बजे शुरू होगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पाकिस्तान को चिर प्रतिद्वंद्वी और गत चैंपियन भारत के हाथों 124 रन से करारी शिकस्त मिली थी लेकिन उसने दुनिया की नंबर एक टीम दक्षिण अफ्रीका पर उलटफेर भरी जीत दर्ज कर खुद को दौड़ में कायम रखा. दूसरी ओर, श्रीलंका को भी दक्षिण अफ्रीका से 96 रन की बड़ी हार मिली थी लेकिन उसने शानदार बल्लेबाजी प्रदर्शन के बूते भारत को सात विकेट से हराकर उलटफेर किया और खुद को सेमीफाइनल स्थान की दौड़ में ला दिया. भारत के शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने मोहम्मद आमिर को छोड़कर पाकिस्तानी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दी लेकिन उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ इसकी भरपाई की जिसके बल्लेबाजी क्रम में कई मैच विजेता जैसे एबी डिविलियर्स और हाशिम अमला शामिल हैं.
बायें हाथ के स्पिनर इमाद वसीम (20 रन देकर दो विकेट) और तेज गेंदबाज हसन अली (24 रन देकर तीन विकेट) ने अच्छी गेंदबाजी कर दक्षिण अफ्रीकी टीम को महज आठ विकेट पर 219 रन के स्कोर पर रोक दिया. पाकिस्तानी कप्तान सरफराज अहमद ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली जीत के लिये अच्छी गेंदबाजी को श्रेय दिया था और वह कल श्रीलंका के खिलाफ इसी तरह का प्रदर्शन करना चाहेंगे. वहीं पाकिस्तानी टीम को बर्मिंघम में काफी समर्थक मिले थे लेकिन कल कार्डिफ में ऐसा होने की उम्मीद नहीं है. देखते हैं कि इससे टीम के प्रदर्शन पर कितना असर पड़ता है. कप्तान सरफराज ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जीत के बाद कहा था, ‘दर्शक हमारा समर्थन कर रहे थे और इससे ही खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा हुआ था. ’ श्रीलंकाई टीम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुरुआती मुकाबले में मिली हार में कमजोर दिखी थी जो अपने कप्तान एंजलो मैथ्यूज के बिना एकजुट प्रदर्शन नहीं कर सकी. लेकिन मैथ्यूज की वापसी ने टीम को भारत के खिलाफ मैच में अच्छा खेल दिखाने के लिये प्रेरित किया और उन्होंने गत चैम्पियन पर नाटकीय जीत दर्ज की.
जीत के लिए 322 रन के विशाल लक्ष्य को श्रीलंका ने आठ गेंद रहते ही हासिल कर लिया, जिसमें कुसाल मेंडिस (89 रन), धनुष गुणतिलक (76 रन) और मैथ्यूज (52 रन) ने अहम योगदान दिया. पाकिस्तान और श्रीलंका, दोनों अपनी उलटफेर भरी जीत से काफी आत्मविश्वास से भरे हैं, जिससे कल के मैच में प्रबल दावेदार को चुनना थोड़ा कठिन है. जारी इतिहास हालांकि पाकिस्तान के पक्ष में हैं जिसने चैंपियंस ट्रॉफी में श्रीलंका पर तीन में से दो मैचों में जीत दर्ज की है. वहीं दोनों टीमों ने एक-दूसरे के खिलाफ कुल 147 मैच खेले हैं जिसमें से पाकिस्तान ने 84 में जबकि श्रीलंका ने 58 में फतह हासिल की है. एक मैच टाई रहा था जबकि चार मैचों का परिणाम नहीं निकल सका था. इस टूर्नामेंट के ज्यादातर मैचों में बारिश ने खलल डाली है और अगर कल का मैच बारिश से धुल जाता है तो सेमीफाइनल में पहुंचने के लिये गणना काफी पेचीदा हो जाएगी.
दोनों टीमें इस प्रकार हैं ..
पाकिस्तान : सरफराज अहमद (कप्तान), अहमद शहजाद, अजहर अली, बाबर आजम, फहीम अशरफ, फखर जमान, हैरिस सोहेल, हसन अली, इमाद वसीम, जुनैद खान, मोहम्मद आमिर, मोहम्मद हफीज, शदाब खान और शोएब मलिक.
श्रीलंका : एंजेलो मैथ्यूज (कप्तान), दिनेश चांदीमल, निरोशन डिकेवाला, चामरा कापूगेदारा, कुसाल मेंडिस, कुसाल परेरा, थिसारा परेरा, सेकुगे प्रसन्ना, उपुल थरंगा, नुआन प्रदीप, सुरंगा लकमल, लक्ष्ण संदाकन, लसिथ मलिंगा, असेला गुणरत्ने, नुआन कुलशेखरा.टिप्पणियां
मैच भारतीय समयानुसार दोपहर तीन बजे शुरू होगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बायें हाथ के स्पिनर इमाद वसीम (20 रन देकर दो विकेट) और तेज गेंदबाज हसन अली (24 रन देकर तीन विकेट) ने अच्छी गेंदबाजी कर दक्षिण अफ्रीकी टीम को महज आठ विकेट पर 219 रन के स्कोर पर रोक दिया. पाकिस्तानी कप्तान सरफराज अहमद ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली जीत के लिये अच्छी गेंदबाजी को श्रेय दिया था और वह कल श्रीलंका के खिलाफ इसी तरह का प्रदर्शन करना चाहेंगे. वहीं पाकिस्तानी टीम को बर्मिंघम में काफी समर्थक मिले थे लेकिन कल कार्डिफ में ऐसा होने की उम्मीद नहीं है. देखते हैं कि इससे टीम के प्रदर्शन पर कितना असर पड़ता है. कप्तान सरफराज ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जीत के बाद कहा था, ‘दर्शक हमारा समर्थन कर रहे थे और इससे ही खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा हुआ था. ’ श्रीलंकाई टीम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुरुआती मुकाबले में मिली हार में कमजोर दिखी थी जो अपने कप्तान एंजलो मैथ्यूज के बिना एकजुट प्रदर्शन नहीं कर सकी. लेकिन मैथ्यूज की वापसी ने टीम को भारत के खिलाफ मैच में अच्छा खेल दिखाने के लिये प्रेरित किया और उन्होंने गत चैम्पियन पर नाटकीय जीत दर्ज की.
जीत के लिए 322 रन के विशाल लक्ष्य को श्रीलंका ने आठ गेंद रहते ही हासिल कर लिया, जिसमें कुसाल मेंडिस (89 रन), धनुष गुणतिलक (76 रन) और मैथ्यूज (52 रन) ने अहम योगदान दिया. पाकिस्तान और श्रीलंका, दोनों अपनी उलटफेर भरी जीत से काफी आत्मविश्वास से भरे हैं, जिससे कल के मैच में प्रबल दावेदार को चुनना थोड़ा कठिन है. जारी इतिहास हालांकि पाकिस्तान के पक्ष में हैं जिसने चैंपियंस ट्रॉफी में श्रीलंका पर तीन में से दो मैचों में जीत दर्ज की है. वहीं दोनों टीमों ने एक-दूसरे के खिलाफ कुल 147 मैच खेले हैं जिसमें से पाकिस्तान ने 84 में जबकि श्रीलंका ने 58 में फतह हासिल की है. एक मैच टाई रहा था जबकि चार मैचों का परिणाम नहीं निकल सका था. इस टूर्नामेंट के ज्यादातर मैचों में बारिश ने खलल डाली है और अगर कल का मैच बारिश से धुल जाता है तो सेमीफाइनल में पहुंचने के लिये गणना काफी पेचीदा हो जाएगी.
दोनों टीमें इस प्रकार हैं ..
पाकिस्तान : सरफराज अहमद (कप्तान), अहमद शहजाद, अजहर अली, बाबर आजम, फहीम अशरफ, फखर जमान, हैरिस सोहेल, हसन अली, इमाद वसीम, जुनैद खान, मोहम्मद आमिर, मोहम्मद हफीज, शदाब खान और शोएब मलिक.
श्रीलंका : एंजेलो मैथ्यूज (कप्तान), दिनेश चांदीमल, निरोशन डिकेवाला, चामरा कापूगेदारा, कुसाल मेंडिस, कुसाल परेरा, थिसारा परेरा, सेकुगे प्रसन्ना, उपुल थरंगा, नुआन प्रदीप, सुरंगा लकमल, लक्ष्ण संदाकन, लसिथ मलिंगा, असेला गुणरत्ने, नुआन कुलशेखरा.टिप्पणियां
मैच भारतीय समयानुसार दोपहर तीन बजे शुरू होगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जीत के लिए 322 रन के विशाल लक्ष्य को श्रीलंका ने आठ गेंद रहते ही हासिल कर लिया, जिसमें कुसाल मेंडिस (89 रन), धनुष गुणतिलक (76 रन) और मैथ्यूज (52 रन) ने अहम योगदान दिया. पाकिस्तान और श्रीलंका, दोनों अपनी उलटफेर भरी जीत से काफी आत्मविश्वास से भरे हैं, जिससे कल के मैच में प्रबल दावेदार को चुनना थोड़ा कठिन है. जारी इतिहास हालांकि पाकिस्तान के पक्ष में हैं जिसने चैंपियंस ट्रॉफी में श्रीलंका पर तीन में से दो मैचों में जीत दर्ज की है. वहीं दोनों टीमों ने एक-दूसरे के खिलाफ कुल 147 मैच खेले हैं जिसमें से पाकिस्तान ने 84 में जबकि श्रीलंका ने 58 में फतह हासिल की है. एक मैच टाई रहा था जबकि चार मैचों का परिणाम नहीं निकल सका था. इस टूर्नामेंट के ज्यादातर मैचों में बारिश ने खलल डाली है और अगर कल का मैच बारिश से धुल जाता है तो सेमीफाइनल में पहुंचने के लिये गणना काफी पेचीदा हो जाएगी.
दोनों टीमें इस प्रकार हैं ..
पाकिस्तान : सरफराज अहमद (कप्तान), अहमद शहजाद, अजहर अली, बाबर आजम, फहीम अशरफ, फखर जमान, हैरिस सोहेल, हसन अली, इमाद वसीम, जुनैद खान, मोहम्मद आमिर, मोहम्मद हफीज, शदाब खान और शोएब मलिक.
श्रीलंका : एंजेलो मैथ्यूज (कप्तान), दिनेश चांदीमल, निरोशन डिकेवाला, चामरा कापूगेदारा, कुसाल मेंडिस, कुसाल परेरा, थिसारा परेरा, सेकुगे प्रसन्ना, उपुल थरंगा, नुआन प्रदीप, सुरंगा लकमल, लक्ष्ण संदाकन, लसिथ मलिंगा, असेला गुणरत्ने, नुआन कुलशेखरा.टिप्पणियां
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दोनों टीमें इस प्रकार हैं ..
पाकिस्तान : सरफराज अहमद (कप्तान), अहमद शहजाद, अजहर अली, बाबर आजम, फहीम अशरफ, फखर जमान, हैरिस सोहेल, हसन अली, इमाद वसीम, जुनैद खान, मोहम्मद आमिर, मोहम्मद हफीज, शदाब खान और शोएब मलिक.
श्रीलंका : एंजेलो मैथ्यूज (कप्तान), दिनेश चांदीमल, निरोशन डिकेवाला, चामरा कापूगेदारा, कुसाल मेंडिस, कुसाल परेरा, थिसारा परेरा, सेकुगे प्रसन्ना, उपुल थरंगा, नुआन प्रदीप, सुरंगा लकमल, लक्ष्ण संदाकन, लसिथ मलिंगा, असेला गुणरत्ने, नुआन कुलशेखरा.टिप्पणियां
मैच भारतीय समयानुसार दोपहर तीन बजे शुरू होगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पाकिस्तान : सरफराज अहमद (कप्तान), अहमद शहजाद, अजहर अली, बाबर आजम, फहीम अशरफ, फखर जमान, हैरिस सोहेल, हसन अली, इमाद वसीम, जुनैद खान, मोहम्मद आमिर, मोहम्मद हफीज, शदाब खान और शोएब मलिक.
श्रीलंका : एंजेलो मैथ्यूज (कप्तान), दिनेश चांदीमल, निरोशन डिकेवाला, चामरा कापूगेदारा, कुसाल मेंडिस, कुसाल परेरा, थिसारा परेरा, सेकुगे प्रसन्ना, उपुल थरंगा, नुआन प्रदीप, सुरंगा लकमल, लक्ष्ण संदाकन, लसिथ मलिंगा, असेला गुणरत्ने, नुआन कुलशेखरा.टिप्पणियां
मैच भारतीय समयानुसार दोपहर तीन बजे शुरू होगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
श्रीलंका : एंजेलो मैथ्यूज (कप्तान), दिनेश चांदीमल, निरोशन डिकेवाला, चामरा कापूगेदारा, कुसाल मेंडिस, कुसाल परेरा, थिसारा परेरा, सेकुगे प्रसन्ना, उपुल थरंगा, नुआन प्रदीप, सुरंगा लकमल, लक्ष्ण संदाकन, लसिथ मलिंगा, असेला गुणरत्ने, नुआन कुलशेखरा.टिप्पणियां
मैच भारतीय समयानुसार दोपहर तीन बजे शुरू होगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मैच भारतीय समयानुसार दोपहर तीन बजे शुरू होगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:क्वार्टर फाइनल की तरह हो गया है यह मुकाबला
दोनों टीमों ने बड़े उलटफेर कर टूर्नामेंट में वापसी की है
चैंपियंस ट्रॉफी में पाक ने श्रीलंका को तीन में से दो बार हराया है | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकवादी 40 वर्षीय एक व्यक्ति को जबरन उसके घर से ले गए और गोली मारकर उसकी हत्या कर दी. पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. एक पुलिस प्रवक्ता ने बताया, "आतंकवादियों ने पुलवामा जिले के अवंतीपोरा क्षेत्र के गुलजारपोरा में बृहस्पतिवार देर रात मंजूर अहमद लोन की हत्या की.''उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आतंकवादी लोन को डोगरीपोरा स्थित उसके घर से जबरन उठाकर ले गए और निकटवर्ती गुलजारपोरा में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी. दक्षिण कश्मीर में दो दिन के भीतर नागरिकों पर हुए हमले का यह तीसरा मामला है. अनंतनाग जिले के बीजबेहरा क्षेत्र में बृहस्पतिवार को नेशनल कांफ्रेंस का एक कार्यकर्ता गोली लगने से घायल हो गया था और बुधवार को पुलवामा जिले में सेना के एक पूर्व जवान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
यह अभियान उस समय मुठभेड़ में बदल गया जब सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी करके तलाशी अभियान शुरू की.अधिकारियों ने रविवार को बताया कि जैश के आतंकवादी खान की पहचान पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमला करने का षडयंत्र करने वाले के रूप में हुई थी. इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे. इस हमले की जांच में अब तक जुटाए गए सबूतों के मुताबिक सुरक्षाबलों ने बताया कि 23 साल का खान पेशे से इलेक्ट्रिशियन था और स्नातक पास था. वह पुलवामा का रहनेवाला था और उसने ही आतंकी हमले में इस्तेमाल किए गए वाहन और विस्फोटक का इंतजाम किया था. | यहाँ एक सारांश है:पुलवामा में कम नहीं हुआ आतंकवादा का खौफ
आतंकियों ने एक व्यक्ति को घर से किया अगवा, फिर उतारा मौत के घाट
14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हमले में 40 जवान हुए थे शहीद | 4 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: रोहतक के 'अपना घर' अनाथालय में रहने वाली लड़कियों के यौन शोषण का मामला प्रकाश में आया है।
अनाथालय में इन लड़कियों को नाचने के लिए भी मजबूर किया जाता था। मुक्त होने वाली 28 महिलाओं ने अपनी दर्दभरी कहानी सुनाई है।
अब अपना घर की इमारत को पुलिस ने अपने कब्ज़े में ले लिया है।
यहां रहने वाली 103 लड़कियों को हरियाणा के दूसरे आश्रयों में भेज दिया गया है।टिप्पणियां
विडंबना यह है कि अपना घर चला रही जसवंती नारवाल को महिलाओं के लिए काम करने पर राज्य सरकार ने इंदिरा गांधी महिला शक्ति पुरस्कार भी दिया था। अब पुलिस ने जसवंती नारवाल और उनके बेटी−दामाद सहित सात लोगों को गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया है।
इस पूरी दर्दनाक कहानी के सिरे अभी खुलने ही शुरू हुए हैं। इस मामले में अभी कई सवालों का जवाब आना बाकी है।
अनाथालय में इन लड़कियों को नाचने के लिए भी मजबूर किया जाता था। मुक्त होने वाली 28 महिलाओं ने अपनी दर्दभरी कहानी सुनाई है।
अब अपना घर की इमारत को पुलिस ने अपने कब्ज़े में ले लिया है।
यहां रहने वाली 103 लड़कियों को हरियाणा के दूसरे आश्रयों में भेज दिया गया है।टिप्पणियां
विडंबना यह है कि अपना घर चला रही जसवंती नारवाल को महिलाओं के लिए काम करने पर राज्य सरकार ने इंदिरा गांधी महिला शक्ति पुरस्कार भी दिया था। अब पुलिस ने जसवंती नारवाल और उनके बेटी−दामाद सहित सात लोगों को गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया है।
इस पूरी दर्दनाक कहानी के सिरे अभी खुलने ही शुरू हुए हैं। इस मामले में अभी कई सवालों का जवाब आना बाकी है।
अब अपना घर की इमारत को पुलिस ने अपने कब्ज़े में ले लिया है।
यहां रहने वाली 103 लड़कियों को हरियाणा के दूसरे आश्रयों में भेज दिया गया है।टिप्पणियां
विडंबना यह है कि अपना घर चला रही जसवंती नारवाल को महिलाओं के लिए काम करने पर राज्य सरकार ने इंदिरा गांधी महिला शक्ति पुरस्कार भी दिया था। अब पुलिस ने जसवंती नारवाल और उनके बेटी−दामाद सहित सात लोगों को गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया है।
इस पूरी दर्दनाक कहानी के सिरे अभी खुलने ही शुरू हुए हैं। इस मामले में अभी कई सवालों का जवाब आना बाकी है।
यहां रहने वाली 103 लड़कियों को हरियाणा के दूसरे आश्रयों में भेज दिया गया है।टिप्पणियां
विडंबना यह है कि अपना घर चला रही जसवंती नारवाल को महिलाओं के लिए काम करने पर राज्य सरकार ने इंदिरा गांधी महिला शक्ति पुरस्कार भी दिया था। अब पुलिस ने जसवंती नारवाल और उनके बेटी−दामाद सहित सात लोगों को गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया है।
इस पूरी दर्दनाक कहानी के सिरे अभी खुलने ही शुरू हुए हैं। इस मामले में अभी कई सवालों का जवाब आना बाकी है।
विडंबना यह है कि अपना घर चला रही जसवंती नारवाल को महिलाओं के लिए काम करने पर राज्य सरकार ने इंदिरा गांधी महिला शक्ति पुरस्कार भी दिया था। अब पुलिस ने जसवंती नारवाल और उनके बेटी−दामाद सहित सात लोगों को गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया है।
इस पूरी दर्दनाक कहानी के सिरे अभी खुलने ही शुरू हुए हैं। इस मामले में अभी कई सवालों का जवाब आना बाकी है।
इस पूरी दर्दनाक कहानी के सिरे अभी खुलने ही शुरू हुए हैं। इस मामले में अभी कई सवालों का जवाब आना बाकी है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: रोहतक के 'अपना घर' अनाथालय में रहने वाली लड़कियों के यौन शोषण का मामला प्रकाश में आया है। | 19 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इस महीने की शुरुआत से अब तक विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) भारतीय शेयर बाजार में 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक (1.7 अरब डॉलर) का निवेश कर चुके हैं। रिजर्व बैंक के नए गवर्नर रघुराम राजन द्वारा किए गए उपायों की घोषणा से एफआईआई में उत्साह भरा है।
इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा प्रोत्साहन कार्यक्रम जस का तस छोड़ने के निर्णय से भी विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार में धन लगाने को प्रोत्साहित हुए हैं।टिप्पणियां
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 2 से 20 सितंबर के दौरान शेयर बाजार में एफआईआई द्वारा 11,043 करोड़ रुपये (1.73 अरब डॉलर) निवेश किया गया, जबकि इस दौरान ऋण बाजार से 985 करोड़ रुपये (15.9 करोड़ डॉलर) की निकासी की गई। इससे उनका भारतीय बाजार में शुद्ध निवेश 10,058 करोड़ रुपये (1.56 अरब डॉलर) रहा।
विश्लेषकों ने कहा कि रघुराम राजन द्वारा केंद्रीय बैंक प्रमुख का पद संभालने के बाद विदेशी संस्थागत निवेशकों की रुचि भारतीय बाजार में बढ़ी है।
इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा प्रोत्साहन कार्यक्रम जस का तस छोड़ने के निर्णय से भी विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार में धन लगाने को प्रोत्साहित हुए हैं।टिप्पणियां
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 2 से 20 सितंबर के दौरान शेयर बाजार में एफआईआई द्वारा 11,043 करोड़ रुपये (1.73 अरब डॉलर) निवेश किया गया, जबकि इस दौरान ऋण बाजार से 985 करोड़ रुपये (15.9 करोड़ डॉलर) की निकासी की गई। इससे उनका भारतीय बाजार में शुद्ध निवेश 10,058 करोड़ रुपये (1.56 अरब डॉलर) रहा।
विश्लेषकों ने कहा कि रघुराम राजन द्वारा केंद्रीय बैंक प्रमुख का पद संभालने के बाद विदेशी संस्थागत निवेशकों की रुचि भारतीय बाजार में बढ़ी है।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 2 से 20 सितंबर के दौरान शेयर बाजार में एफआईआई द्वारा 11,043 करोड़ रुपये (1.73 अरब डॉलर) निवेश किया गया, जबकि इस दौरान ऋण बाजार से 985 करोड़ रुपये (15.9 करोड़ डॉलर) की निकासी की गई। इससे उनका भारतीय बाजार में शुद्ध निवेश 10,058 करोड़ रुपये (1.56 अरब डॉलर) रहा।
विश्लेषकों ने कहा कि रघुराम राजन द्वारा केंद्रीय बैंक प्रमुख का पद संभालने के बाद विदेशी संस्थागत निवेशकों की रुचि भारतीय बाजार में बढ़ी है।
विश्लेषकों ने कहा कि रघुराम राजन द्वारा केंद्रीय बैंक प्रमुख का पद संभालने के बाद विदेशी संस्थागत निवेशकों की रुचि भारतीय बाजार में बढ़ी है। | सारांश: इस महीने की शुरुआत से अब तक विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) भारतीय शेयर बाजार में 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक (1.7 अरब डॉलर) का निवेश कर चुके हैं। रिजर्व बैंक के नए गवर्नर रघुराम राजन द्वारा किए गए उपायों की घोषणा से एफआईआई में उत्साह भरा है। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: इंग्लैंड के कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस 100 टेस्ट मैच खेलने वाले दुनिया के 53वें और इंग्लैंड के नौवें क्रिकेटर बन गए हैं। उन्होंने सबसे कम समय में इस मुकाम पर पहुंचने का नया रिकॉर्ड बनाया। स्ट्रॉस ने गुरुवार को लॉर्ड्स में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच में उतरने के साथ ही यह उपलब्धि हासिल की।
संयोग से स्ट्रॉस ने अपने करियर की शुरुआत मई, 2004 में न्यूजीलैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में ही की थी। इस तरह से वह दुनिया के छठे ऐसे क्रिकेटर बन गए हैं, जिन्होंने अपना पहला और 100वां टेस्ट मैच एक ही मैदान पर खेला। उनसे पहले ऑस्ट्रेलिया के एलन बोर्डर (मेलबर्न), पाकिस्तान के जावेद मियांदाद (लाहौर), वेस्टइंडीज के कार्ल हूपर (मुंबई, वानखेड़े), दक्षिण अफ्रीका के शान पोलाक (सेंचुरियन) और श्रीलंका के चामिंडा वास (कैंडी) इस सूची में शामिल थे।टिप्पणियां
स्ट्रॉस सबसे कम समय में 100 टेस्ट मैच खेलने वाले क्रिकेटर बन गए हैं। उन्होंने पहले से लेकर 100वें टेस्ट मैच तक पहुंचने के लिए केवल आठ साल 89 दिन का समय लिया। स्ट्रॉस का यह कप्तान के रूप में 50वां टेस्ट मैच है।
इंग्लैंड की तरफ से उनसे अधिक मैचों में कप्तानी केवल माइक एथरटन (54) और माइकल वॉन (51) ने की है। यही नहीं, स्ट्रॉस यदि एक कैच ले लेते हैं, तो वह इंग्लैंड की तरफ से टेस्ट मैचों में सर्वाधिक कैच लेने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे। अभी उनके नाम पर 120 कैच हैं तथा वह कोलिन काउड्रे और इयान बॉथम के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर हैं। इंग्लैंड की तरफ से एलेक स्टीवर्ट ने सर्वाधिक 133 टेस्ट मैच खेले हैं, जबकि ओवरऑल यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम पर है, जिन्होंने 188 टेस्ट मैच खेले हैं।
संयोग से स्ट्रॉस ने अपने करियर की शुरुआत मई, 2004 में न्यूजीलैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में ही की थी। इस तरह से वह दुनिया के छठे ऐसे क्रिकेटर बन गए हैं, जिन्होंने अपना पहला और 100वां टेस्ट मैच एक ही मैदान पर खेला। उनसे पहले ऑस्ट्रेलिया के एलन बोर्डर (मेलबर्न), पाकिस्तान के जावेद मियांदाद (लाहौर), वेस्टइंडीज के कार्ल हूपर (मुंबई, वानखेड़े), दक्षिण अफ्रीका के शान पोलाक (सेंचुरियन) और श्रीलंका के चामिंडा वास (कैंडी) इस सूची में शामिल थे।टिप्पणियां
स्ट्रॉस सबसे कम समय में 100 टेस्ट मैच खेलने वाले क्रिकेटर बन गए हैं। उन्होंने पहले से लेकर 100वें टेस्ट मैच तक पहुंचने के लिए केवल आठ साल 89 दिन का समय लिया। स्ट्रॉस का यह कप्तान के रूप में 50वां टेस्ट मैच है।
इंग्लैंड की तरफ से उनसे अधिक मैचों में कप्तानी केवल माइक एथरटन (54) और माइकल वॉन (51) ने की है। यही नहीं, स्ट्रॉस यदि एक कैच ले लेते हैं, तो वह इंग्लैंड की तरफ से टेस्ट मैचों में सर्वाधिक कैच लेने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे। अभी उनके नाम पर 120 कैच हैं तथा वह कोलिन काउड्रे और इयान बॉथम के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर हैं। इंग्लैंड की तरफ से एलेक स्टीवर्ट ने सर्वाधिक 133 टेस्ट मैच खेले हैं, जबकि ओवरऑल यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम पर है, जिन्होंने 188 टेस्ट मैच खेले हैं।
स्ट्रॉस सबसे कम समय में 100 टेस्ट मैच खेलने वाले क्रिकेटर बन गए हैं। उन्होंने पहले से लेकर 100वें टेस्ट मैच तक पहुंचने के लिए केवल आठ साल 89 दिन का समय लिया। स्ट्रॉस का यह कप्तान के रूप में 50वां टेस्ट मैच है।
इंग्लैंड की तरफ से उनसे अधिक मैचों में कप्तानी केवल माइक एथरटन (54) और माइकल वॉन (51) ने की है। यही नहीं, स्ट्रॉस यदि एक कैच ले लेते हैं, तो वह इंग्लैंड की तरफ से टेस्ट मैचों में सर्वाधिक कैच लेने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे। अभी उनके नाम पर 120 कैच हैं तथा वह कोलिन काउड्रे और इयान बॉथम के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर हैं। इंग्लैंड की तरफ से एलेक स्टीवर्ट ने सर्वाधिक 133 टेस्ट मैच खेले हैं, जबकि ओवरऑल यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम पर है, जिन्होंने 188 टेस्ट मैच खेले हैं।
इंग्लैंड की तरफ से उनसे अधिक मैचों में कप्तानी केवल माइक एथरटन (54) और माइकल वॉन (51) ने की है। यही नहीं, स्ट्रॉस यदि एक कैच ले लेते हैं, तो वह इंग्लैंड की तरफ से टेस्ट मैचों में सर्वाधिक कैच लेने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे। अभी उनके नाम पर 120 कैच हैं तथा वह कोलिन काउड्रे और इयान बॉथम के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर हैं। इंग्लैंड की तरफ से एलेक स्टीवर्ट ने सर्वाधिक 133 टेस्ट मैच खेले हैं, जबकि ओवरऑल यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम पर है, जिन्होंने 188 टेस्ट मैच खेले हैं। | संक्षिप्त सारांश: इंग्लैंड के कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस 100 टेस्ट मैच खेलने वाले दुनिया के 53वें और इंग्लैंड के नौवें क्रिकेटर बन गए हैं। उन्होंने सबसे कम समय में इस मुकाम पर पहुंचने का नया रिकॉर्ड बनाया। | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पूर्व भारतीय कप्तान धनराज पिल्लै लंदन ओलिंपिक में भारतीय टीम के लचर प्रदर्शन के बाद अब भारतीय हॉकी पर बात करने के इच्छुक नहीं हैं और उन्होंने विदेशी कोचों को नियुक्त करने के औचित्य पर भी सवाल उठाए।
पिल्लै ने कहा, ‘‘मुझसे भारतीय हाकी के बारे में कुछ मत पूछो। 12 टीमों में 12वें स्थान पर रहना। अब इससे बुरा कुछ हो सकता है क्या।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ओलिंपिक तक हमने अपना मुंह बंद रखा था लेकिन अब क्या। यह हैरानी भरा है कि कोई भी इस लचर प्रदर्शन के बारे में बात नहीं कर रहा और रियो 2016 में पदक जीतने की सोच रहे हैं।’’
चार बार के ओलिंपियन पिल्लै ने कहा, ‘(लंदन में जो हुआ उसके बाद) सबसे पहले सुधारवादी कदम उठाए जाएं और फिर रियो के बारे में बात की जाए। लेकिन किसी को कोई परवाह नहीं है।’’ ओलिंपिक के बाद भारत ने पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है और वह ऑस्ट्रेलिया में सुपर सीरीज और फिर इसके बाद चैम्पियन्स ट्रॉफी में खेलेगा।
पिल्लै को हालांकि भारतीय कोच माइकल नोब्स को लेकर कड़ी आपत्ति है। यहां तक कि वह किसी भी विदेशी कोच के खिलाफ हैं।
पिल्लै ने कहा, ‘‘भारतीय हाकी विदेशी कोच के मार्गदर्शन में आगे नहीं बढ़ सकती। दोनों की संस्कृति में बड़ा अंतर है जिससे संवादहीनता की स्थिति पैदा होती है। मुझे समझ नहीं आता कि लंदन में खराब प्रदर्शन के बावजूद भारी भरकम वेतन के साथ कोच के अनुबंध को आगे बढ़ाने का फैसला क्यों किया गया।’’ टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘आपको खिलाड़ियों के नजरिए से कोचों को लाना होगा और एक विदेशी कोच भारत के अनुकूल नहीं है।’’ पिल्लै ने इससे पहले प्रशासन में शामिल होने तथा हॉकी इंडिया और भारतीय हॉकी महासंघ के विवाद को सुलझाने की इच्छा जताई थी।
इस पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि हाकी इंडिया अगर भारतीय हॉकी का सिरमौर रहता है तो अगले पांच साल में प्रदर्शन में सुधार नहीं होगा। उन्होंने कहा कि समय आ गया है कि खेल मंत्री हॉकी इंडिया और आईएचएफ दोनों को भंग करे और एक एकीकृत संस्था का गठन करें जिसमें खिलाड़ी शामिल हों।
पिल्लै ने कहा, ‘‘मुझसे भारतीय हाकी के बारे में कुछ मत पूछो। 12 टीमों में 12वें स्थान पर रहना। अब इससे बुरा कुछ हो सकता है क्या।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ओलिंपिक तक हमने अपना मुंह बंद रखा था लेकिन अब क्या। यह हैरानी भरा है कि कोई भी इस लचर प्रदर्शन के बारे में बात नहीं कर रहा और रियो 2016 में पदक जीतने की सोच रहे हैं।’’
चार बार के ओलिंपियन पिल्लै ने कहा, ‘(लंदन में जो हुआ उसके बाद) सबसे पहले सुधारवादी कदम उठाए जाएं और फिर रियो के बारे में बात की जाए। लेकिन किसी को कोई परवाह नहीं है।’’ ओलिंपिक के बाद भारत ने पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है और वह ऑस्ट्रेलिया में सुपर सीरीज और फिर इसके बाद चैम्पियन्स ट्रॉफी में खेलेगा।
पिल्लै को हालांकि भारतीय कोच माइकल नोब्स को लेकर कड़ी आपत्ति है। यहां तक कि वह किसी भी विदेशी कोच के खिलाफ हैं।
पिल्लै ने कहा, ‘‘भारतीय हाकी विदेशी कोच के मार्गदर्शन में आगे नहीं बढ़ सकती। दोनों की संस्कृति में बड़ा अंतर है जिससे संवादहीनता की स्थिति पैदा होती है। मुझे समझ नहीं आता कि लंदन में खराब प्रदर्शन के बावजूद भारी भरकम वेतन के साथ कोच के अनुबंध को आगे बढ़ाने का फैसला क्यों किया गया।’’ टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘आपको खिलाड़ियों के नजरिए से कोचों को लाना होगा और एक विदेशी कोच भारत के अनुकूल नहीं है।’’ पिल्लै ने इससे पहले प्रशासन में शामिल होने तथा हॉकी इंडिया और भारतीय हॉकी महासंघ के विवाद को सुलझाने की इच्छा जताई थी।
इस पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि हाकी इंडिया अगर भारतीय हॉकी का सिरमौर रहता है तो अगले पांच साल में प्रदर्शन में सुधार नहीं होगा। उन्होंने कहा कि समय आ गया है कि खेल मंत्री हॉकी इंडिया और आईएचएफ दोनों को भंग करे और एक एकीकृत संस्था का गठन करें जिसमें खिलाड़ी शामिल हों।
चार बार के ओलिंपियन पिल्लै ने कहा, ‘(लंदन में जो हुआ उसके बाद) सबसे पहले सुधारवादी कदम उठाए जाएं और फिर रियो के बारे में बात की जाए। लेकिन किसी को कोई परवाह नहीं है।’’ ओलिंपिक के बाद भारत ने पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है और वह ऑस्ट्रेलिया में सुपर सीरीज और फिर इसके बाद चैम्पियन्स ट्रॉफी में खेलेगा।
पिल्लै को हालांकि भारतीय कोच माइकल नोब्स को लेकर कड़ी आपत्ति है। यहां तक कि वह किसी भी विदेशी कोच के खिलाफ हैं।
पिल्लै ने कहा, ‘‘भारतीय हाकी विदेशी कोच के मार्गदर्शन में आगे नहीं बढ़ सकती। दोनों की संस्कृति में बड़ा अंतर है जिससे संवादहीनता की स्थिति पैदा होती है। मुझे समझ नहीं आता कि लंदन में खराब प्रदर्शन के बावजूद भारी भरकम वेतन के साथ कोच के अनुबंध को आगे बढ़ाने का फैसला क्यों किया गया।’’ टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘आपको खिलाड़ियों के नजरिए से कोचों को लाना होगा और एक विदेशी कोच भारत के अनुकूल नहीं है।’’ पिल्लै ने इससे पहले प्रशासन में शामिल होने तथा हॉकी इंडिया और भारतीय हॉकी महासंघ के विवाद को सुलझाने की इच्छा जताई थी।
इस पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि हाकी इंडिया अगर भारतीय हॉकी का सिरमौर रहता है तो अगले पांच साल में प्रदर्शन में सुधार नहीं होगा। उन्होंने कहा कि समय आ गया है कि खेल मंत्री हॉकी इंडिया और आईएचएफ दोनों को भंग करे और एक एकीकृत संस्था का गठन करें जिसमें खिलाड़ी शामिल हों।
पिल्लै ने कहा, ‘‘भारतीय हाकी विदेशी कोच के मार्गदर्शन में आगे नहीं बढ़ सकती। दोनों की संस्कृति में बड़ा अंतर है जिससे संवादहीनता की स्थिति पैदा होती है। मुझे समझ नहीं आता कि लंदन में खराब प्रदर्शन के बावजूद भारी भरकम वेतन के साथ कोच के अनुबंध को आगे बढ़ाने का फैसला क्यों किया गया।’’ टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘आपको खिलाड़ियों के नजरिए से कोचों को लाना होगा और एक विदेशी कोच भारत के अनुकूल नहीं है।’’ पिल्लै ने इससे पहले प्रशासन में शामिल होने तथा हॉकी इंडिया और भारतीय हॉकी महासंघ के विवाद को सुलझाने की इच्छा जताई थी।
इस पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि हाकी इंडिया अगर भारतीय हॉकी का सिरमौर रहता है तो अगले पांच साल में प्रदर्शन में सुधार नहीं होगा। उन्होंने कहा कि समय आ गया है कि खेल मंत्री हॉकी इंडिया और आईएचएफ दोनों को भंग करे और एक एकीकृत संस्था का गठन करें जिसमें खिलाड़ी शामिल हों।
उन्होंने कहा, ‘‘आपको खिलाड़ियों के नजरिए से कोचों को लाना होगा और एक विदेशी कोच भारत के अनुकूल नहीं है।’’ पिल्लै ने इससे पहले प्रशासन में शामिल होने तथा हॉकी इंडिया और भारतीय हॉकी महासंघ के विवाद को सुलझाने की इच्छा जताई थी।
इस पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि हाकी इंडिया अगर भारतीय हॉकी का सिरमौर रहता है तो अगले पांच साल में प्रदर्शन में सुधार नहीं होगा। उन्होंने कहा कि समय आ गया है कि खेल मंत्री हॉकी इंडिया और आईएचएफ दोनों को भंग करे और एक एकीकृत संस्था का गठन करें जिसमें खिलाड़ी शामिल हों।
इस पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि हाकी इंडिया अगर भारतीय हॉकी का सिरमौर रहता है तो अगले पांच साल में प्रदर्शन में सुधार नहीं होगा। उन्होंने कहा कि समय आ गया है कि खेल मंत्री हॉकी इंडिया और आईएचएफ दोनों को भंग करे और एक एकीकृत संस्था का गठन करें जिसमें खिलाड़ी शामिल हों। | सारांश: पूर्व भारतीय कप्तान धनराज पिल्लै लंदन ओलिंपिक में भारतीय टीम के लचर प्रदर्शन के बाद अब भारतीय हॉकी पर बात करने के इच्छुक नहीं हैं और उन्होंने विदेशी कोचों को नियुक्त करने के औचित्य पर भी सवाल उठाए। | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कर्नाटक में पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के आगे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आखिर एक न चली। आखिरकार मुख्यमंत्री सदानंद गौड़ा को अपना पद छोड़ना पड़ा। अब जगदीश शेट्टार राज्य के नए मुख्यमंत्री होंगे।
भाजपा के इस फैसले पर कांग्रेस और भाजपा के सहयोगी जनता दल (युनाइटेड) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस ने नेतृत्व में किए जा रहे बदलाव को 'भ्रष्टाचार की जीत' बताया है तो जद (यु) ने कहा है कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए गौड़ा को 'शहीद' किया गया है।
गडकरी ने यहां अपने आवास के बाहर पत्रकारों से कहा कि कर्नाटक के ताजा राजनीतिक हालात को देखते हुए गौड़ा ने उन्हें बताया है कि वह राज्य के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे रहे हैं।
गडकरी ने कहा, "कर्नाटक के भविष्य को देखते हुए हमने राज्य की बागडोर जगदीश शेट्टार को सौंपने का फैसला किया है।"
साथ ही गडकरी ने बताया कि गौड़ा को केन्द्र और राज्य स्तर पर नई जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। राज्य में जारी राजनीतिक संकट के बीच सदानंद गौड़ा शनिवार को दिल्ली आए, और उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली और अनंत कुमार जैसे पार्टी के केन्द्रीय नेताओं से मुलाकात की। गडकरी से उनकी मुलाकात रविवार सुबह हुई।
गडकरी ने कहा कि गौड़ा ने मुख्यमंत्री के तौर पर काफी अच्छा काम किया, और उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की कोई शिकायत नहीं है।
गडकरी ने बताया कि पार्टी नेता अरुण जेटली और राजनाथ सिह सोमवार को बेंगलुरू जाकर राज्य के पार्टी नेतृत्व से बात करेंगे। उसके बाद पार्टी विधायकों की बैठक होगी, जिसके बाद सदानंद गौड़ा और शेट्टार राज्यपाल से मुलाकात करेंगे।
गौड़ा की विदाई की वजह राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री वीएस येदियुरप्पा की जिद को माना जा रहा है। शेट्टार, 2008 से राज्य में सत्ता में आई भाजपा के तीसरे मुख्यमंत्री होंगे।
वहीं दिल्ली पहुंचे गौड़ा ने कर्नाटक भवन में पत्रकारों से कहा कि उन्होंने पार्टी के एक आज्ञाकारी सिपाही की तरह पद का त्याग कर दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व ने उन्हें अवगत कराया कि कुछ राजनीतिक कारणों से राज्य के नेतृत्व में बदलाव किया जा रहा है तो उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक गौड़ा को राज्यसभा का सदस्य बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री बनने से पहले वह लोकसभा सदस्य थे।
मुख्यमंत्री के नाम के लिए शेट्टार के नाम की घोषणा के साथ ही बेंगलुरू से 400 किलोमीटर दूर उनके शहर हुबली में जश्न का माहौल कायम हो गया, जबकि गौड़ा के इलाके, तटीय कर्नाटक में मायूसी छा गई।
सोमवार को बेंगलुरू में भाजपा विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें शेट्टार को औपचारिक रूप से विधायक दल का नेता चुना जाएगा, ताकि वह राज्यपाल एचआर भारद्वाज से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकें।
वहीं पार्टी हाई कमान को दिल्ली में अपना इस्तीफा सौंपकर बेंगलुरू वापस पहुंचे गौड़ा का हवाई अड्डे पर उनके समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। गौड़ा ने पिछले साल चार अगस्त को मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली थी, और वह अपने शासन का एक साल भी पूरा नहीं सके हैं।
गौरतलब है कि शुक्रवार को शेट्टार सहित राज्य मंत्रिमंडल के आठ सदस्यों ने मुख्यमंत्री बदलने की मांग को लेकर अपना इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद ही केन्द्रीय नेतृत्व ने शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया।
कांग्रेस ने कर्नाटक में भाजपा द्वारा नेतृत्व में किए जा रहे बदलाव को 'भ्रष्टाचार की जीत' बताया।टिप्पणियां
कांग्रेस महासचिव बीके हरिप्रसाद ने कहा, "यह भाजपा के भ्रष्टाचार की जीत है.. भ्रष्ट लोग गौड़ा के खिलाफ थे। भाजपा के नेता बेनकाब होंगे।"
वहीं, जद (यु) के अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि गौड़ा को राष्ट्रपति चुनाव के लिए शहीद किया गया। उन्होंने कहा, "यदि राष्ट्रपति चुनाव नहीं होता तो उन्हें इस्तीफा नहीं देना पड़ता।"
भाजपा के इस फैसले पर कांग्रेस और भाजपा के सहयोगी जनता दल (युनाइटेड) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस ने नेतृत्व में किए जा रहे बदलाव को 'भ्रष्टाचार की जीत' बताया है तो जद (यु) ने कहा है कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए गौड़ा को 'शहीद' किया गया है।
गडकरी ने यहां अपने आवास के बाहर पत्रकारों से कहा कि कर्नाटक के ताजा राजनीतिक हालात को देखते हुए गौड़ा ने उन्हें बताया है कि वह राज्य के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे रहे हैं।
गडकरी ने कहा, "कर्नाटक के भविष्य को देखते हुए हमने राज्य की बागडोर जगदीश शेट्टार को सौंपने का फैसला किया है।"
साथ ही गडकरी ने बताया कि गौड़ा को केन्द्र और राज्य स्तर पर नई जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। राज्य में जारी राजनीतिक संकट के बीच सदानंद गौड़ा शनिवार को दिल्ली आए, और उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली और अनंत कुमार जैसे पार्टी के केन्द्रीय नेताओं से मुलाकात की। गडकरी से उनकी मुलाकात रविवार सुबह हुई।
गडकरी ने कहा कि गौड़ा ने मुख्यमंत्री के तौर पर काफी अच्छा काम किया, और उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की कोई शिकायत नहीं है।
गडकरी ने बताया कि पार्टी नेता अरुण जेटली और राजनाथ सिह सोमवार को बेंगलुरू जाकर राज्य के पार्टी नेतृत्व से बात करेंगे। उसके बाद पार्टी विधायकों की बैठक होगी, जिसके बाद सदानंद गौड़ा और शेट्टार राज्यपाल से मुलाकात करेंगे।
गौड़ा की विदाई की वजह राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री वीएस येदियुरप्पा की जिद को माना जा रहा है। शेट्टार, 2008 से राज्य में सत्ता में आई भाजपा के तीसरे मुख्यमंत्री होंगे।
वहीं दिल्ली पहुंचे गौड़ा ने कर्नाटक भवन में पत्रकारों से कहा कि उन्होंने पार्टी के एक आज्ञाकारी सिपाही की तरह पद का त्याग कर दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व ने उन्हें अवगत कराया कि कुछ राजनीतिक कारणों से राज्य के नेतृत्व में बदलाव किया जा रहा है तो उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक गौड़ा को राज्यसभा का सदस्य बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री बनने से पहले वह लोकसभा सदस्य थे।
मुख्यमंत्री के नाम के लिए शेट्टार के नाम की घोषणा के साथ ही बेंगलुरू से 400 किलोमीटर दूर उनके शहर हुबली में जश्न का माहौल कायम हो गया, जबकि गौड़ा के इलाके, तटीय कर्नाटक में मायूसी छा गई।
सोमवार को बेंगलुरू में भाजपा विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें शेट्टार को औपचारिक रूप से विधायक दल का नेता चुना जाएगा, ताकि वह राज्यपाल एचआर भारद्वाज से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकें।
वहीं पार्टी हाई कमान को दिल्ली में अपना इस्तीफा सौंपकर बेंगलुरू वापस पहुंचे गौड़ा का हवाई अड्डे पर उनके समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। गौड़ा ने पिछले साल चार अगस्त को मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली थी, और वह अपने शासन का एक साल भी पूरा नहीं सके हैं।
गौरतलब है कि शुक्रवार को शेट्टार सहित राज्य मंत्रिमंडल के आठ सदस्यों ने मुख्यमंत्री बदलने की मांग को लेकर अपना इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद ही केन्द्रीय नेतृत्व ने शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया।
कांग्रेस ने कर्नाटक में भाजपा द्वारा नेतृत्व में किए जा रहे बदलाव को 'भ्रष्टाचार की जीत' बताया।टिप्पणियां
कांग्रेस महासचिव बीके हरिप्रसाद ने कहा, "यह भाजपा के भ्रष्टाचार की जीत है.. भ्रष्ट लोग गौड़ा के खिलाफ थे। भाजपा के नेता बेनकाब होंगे।"
वहीं, जद (यु) के अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि गौड़ा को राष्ट्रपति चुनाव के लिए शहीद किया गया। उन्होंने कहा, "यदि राष्ट्रपति चुनाव नहीं होता तो उन्हें इस्तीफा नहीं देना पड़ता।"
गडकरी ने यहां अपने आवास के बाहर पत्रकारों से कहा कि कर्नाटक के ताजा राजनीतिक हालात को देखते हुए गौड़ा ने उन्हें बताया है कि वह राज्य के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे रहे हैं।
गडकरी ने कहा, "कर्नाटक के भविष्य को देखते हुए हमने राज्य की बागडोर जगदीश शेट्टार को सौंपने का फैसला किया है।"
साथ ही गडकरी ने बताया कि गौड़ा को केन्द्र और राज्य स्तर पर नई जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। राज्य में जारी राजनीतिक संकट के बीच सदानंद गौड़ा शनिवार को दिल्ली आए, और उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली और अनंत कुमार जैसे पार्टी के केन्द्रीय नेताओं से मुलाकात की। गडकरी से उनकी मुलाकात रविवार सुबह हुई।
गडकरी ने कहा कि गौड़ा ने मुख्यमंत्री के तौर पर काफी अच्छा काम किया, और उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की कोई शिकायत नहीं है।
गडकरी ने बताया कि पार्टी नेता अरुण जेटली और राजनाथ सिह सोमवार को बेंगलुरू जाकर राज्य के पार्टी नेतृत्व से बात करेंगे। उसके बाद पार्टी विधायकों की बैठक होगी, जिसके बाद सदानंद गौड़ा और शेट्टार राज्यपाल से मुलाकात करेंगे।
गौड़ा की विदाई की वजह राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री वीएस येदियुरप्पा की जिद को माना जा रहा है। शेट्टार, 2008 से राज्य में सत्ता में आई भाजपा के तीसरे मुख्यमंत्री होंगे।
वहीं दिल्ली पहुंचे गौड़ा ने कर्नाटक भवन में पत्रकारों से कहा कि उन्होंने पार्टी के एक आज्ञाकारी सिपाही की तरह पद का त्याग कर दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व ने उन्हें अवगत कराया कि कुछ राजनीतिक कारणों से राज्य के नेतृत्व में बदलाव किया जा रहा है तो उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक गौड़ा को राज्यसभा का सदस्य बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री बनने से पहले वह लोकसभा सदस्य थे।
मुख्यमंत्री के नाम के लिए शेट्टार के नाम की घोषणा के साथ ही बेंगलुरू से 400 किलोमीटर दूर उनके शहर हुबली में जश्न का माहौल कायम हो गया, जबकि गौड़ा के इलाके, तटीय कर्नाटक में मायूसी छा गई।
सोमवार को बेंगलुरू में भाजपा विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें शेट्टार को औपचारिक रूप से विधायक दल का नेता चुना जाएगा, ताकि वह राज्यपाल एचआर भारद्वाज से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकें।
वहीं पार्टी हाई कमान को दिल्ली में अपना इस्तीफा सौंपकर बेंगलुरू वापस पहुंचे गौड़ा का हवाई अड्डे पर उनके समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। गौड़ा ने पिछले साल चार अगस्त को मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली थी, और वह अपने शासन का एक साल भी पूरा नहीं सके हैं।
गौरतलब है कि शुक्रवार को शेट्टार सहित राज्य मंत्रिमंडल के आठ सदस्यों ने मुख्यमंत्री बदलने की मांग को लेकर अपना इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद ही केन्द्रीय नेतृत्व ने शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया।
कांग्रेस ने कर्नाटक में भाजपा द्वारा नेतृत्व में किए जा रहे बदलाव को 'भ्रष्टाचार की जीत' बताया।टिप्पणियां
कांग्रेस महासचिव बीके हरिप्रसाद ने कहा, "यह भाजपा के भ्रष्टाचार की जीत है.. भ्रष्ट लोग गौड़ा के खिलाफ थे। भाजपा के नेता बेनकाब होंगे।"
वहीं, जद (यु) के अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि गौड़ा को राष्ट्रपति चुनाव के लिए शहीद किया गया। उन्होंने कहा, "यदि राष्ट्रपति चुनाव नहीं होता तो उन्हें इस्तीफा नहीं देना पड़ता।"
गडकरी ने कहा, "कर्नाटक के भविष्य को देखते हुए हमने राज्य की बागडोर जगदीश शेट्टार को सौंपने का फैसला किया है।"
साथ ही गडकरी ने बताया कि गौड़ा को केन्द्र और राज्य स्तर पर नई जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। राज्य में जारी राजनीतिक संकट के बीच सदानंद गौड़ा शनिवार को दिल्ली आए, और उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली और अनंत कुमार जैसे पार्टी के केन्द्रीय नेताओं से मुलाकात की। गडकरी से उनकी मुलाकात रविवार सुबह हुई।
गडकरी ने कहा कि गौड़ा ने मुख्यमंत्री के तौर पर काफी अच्छा काम किया, और उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की कोई शिकायत नहीं है।
गडकरी ने बताया कि पार्टी नेता अरुण जेटली और राजनाथ सिह सोमवार को बेंगलुरू जाकर राज्य के पार्टी नेतृत्व से बात करेंगे। उसके बाद पार्टी विधायकों की बैठक होगी, जिसके बाद सदानंद गौड़ा और शेट्टार राज्यपाल से मुलाकात करेंगे।
गौड़ा की विदाई की वजह राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री वीएस येदियुरप्पा की जिद को माना जा रहा है। शेट्टार, 2008 से राज्य में सत्ता में आई भाजपा के तीसरे मुख्यमंत्री होंगे।
वहीं दिल्ली पहुंचे गौड़ा ने कर्नाटक भवन में पत्रकारों से कहा कि उन्होंने पार्टी के एक आज्ञाकारी सिपाही की तरह पद का त्याग कर दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व ने उन्हें अवगत कराया कि कुछ राजनीतिक कारणों से राज्य के नेतृत्व में बदलाव किया जा रहा है तो उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक गौड़ा को राज्यसभा का सदस्य बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री बनने से पहले वह लोकसभा सदस्य थे।
मुख्यमंत्री के नाम के लिए शेट्टार के नाम की घोषणा के साथ ही बेंगलुरू से 400 किलोमीटर दूर उनके शहर हुबली में जश्न का माहौल कायम हो गया, जबकि गौड़ा के इलाके, तटीय कर्नाटक में मायूसी छा गई।
सोमवार को बेंगलुरू में भाजपा विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें शेट्टार को औपचारिक रूप से विधायक दल का नेता चुना जाएगा, ताकि वह राज्यपाल एचआर भारद्वाज से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकें।
वहीं पार्टी हाई कमान को दिल्ली में अपना इस्तीफा सौंपकर बेंगलुरू वापस पहुंचे गौड़ा का हवाई अड्डे पर उनके समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। गौड़ा ने पिछले साल चार अगस्त को मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली थी, और वह अपने शासन का एक साल भी पूरा नहीं सके हैं।
गौरतलब है कि शुक्रवार को शेट्टार सहित राज्य मंत्रिमंडल के आठ सदस्यों ने मुख्यमंत्री बदलने की मांग को लेकर अपना इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद ही केन्द्रीय नेतृत्व ने शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया।
कांग्रेस ने कर्नाटक में भाजपा द्वारा नेतृत्व में किए जा रहे बदलाव को 'भ्रष्टाचार की जीत' बताया।टिप्पणियां
कांग्रेस महासचिव बीके हरिप्रसाद ने कहा, "यह भाजपा के भ्रष्टाचार की जीत है.. भ्रष्ट लोग गौड़ा के खिलाफ थे। भाजपा के नेता बेनकाब होंगे।"
वहीं, जद (यु) के अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि गौड़ा को राष्ट्रपति चुनाव के लिए शहीद किया गया। उन्होंने कहा, "यदि राष्ट्रपति चुनाव नहीं होता तो उन्हें इस्तीफा नहीं देना पड़ता।"
गडकरी ने कहा कि गौड़ा ने मुख्यमंत्री के तौर पर काफी अच्छा काम किया, और उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की कोई शिकायत नहीं है।
गडकरी ने बताया कि पार्टी नेता अरुण जेटली और राजनाथ सिह सोमवार को बेंगलुरू जाकर राज्य के पार्टी नेतृत्व से बात करेंगे। उसके बाद पार्टी विधायकों की बैठक होगी, जिसके बाद सदानंद गौड़ा और शेट्टार राज्यपाल से मुलाकात करेंगे।
गौड़ा की विदाई की वजह राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री वीएस येदियुरप्पा की जिद को माना जा रहा है। शेट्टार, 2008 से राज्य में सत्ता में आई भाजपा के तीसरे मुख्यमंत्री होंगे।
वहीं दिल्ली पहुंचे गौड़ा ने कर्नाटक भवन में पत्रकारों से कहा कि उन्होंने पार्टी के एक आज्ञाकारी सिपाही की तरह पद का त्याग कर दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व ने उन्हें अवगत कराया कि कुछ राजनीतिक कारणों से राज्य के नेतृत्व में बदलाव किया जा रहा है तो उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक गौड़ा को राज्यसभा का सदस्य बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री बनने से पहले वह लोकसभा सदस्य थे।
मुख्यमंत्री के नाम के लिए शेट्टार के नाम की घोषणा के साथ ही बेंगलुरू से 400 किलोमीटर दूर उनके शहर हुबली में जश्न का माहौल कायम हो गया, जबकि गौड़ा के इलाके, तटीय कर्नाटक में मायूसी छा गई।
सोमवार को बेंगलुरू में भाजपा विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें शेट्टार को औपचारिक रूप से विधायक दल का नेता चुना जाएगा, ताकि वह राज्यपाल एचआर भारद्वाज से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकें।
वहीं पार्टी हाई कमान को दिल्ली में अपना इस्तीफा सौंपकर बेंगलुरू वापस पहुंचे गौड़ा का हवाई अड्डे पर उनके समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। गौड़ा ने पिछले साल चार अगस्त को मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली थी, और वह अपने शासन का एक साल भी पूरा नहीं सके हैं।
गौरतलब है कि शुक्रवार को शेट्टार सहित राज्य मंत्रिमंडल के आठ सदस्यों ने मुख्यमंत्री बदलने की मांग को लेकर अपना इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद ही केन्द्रीय नेतृत्व ने शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया।
कांग्रेस ने कर्नाटक में भाजपा द्वारा नेतृत्व में किए जा रहे बदलाव को 'भ्रष्टाचार की जीत' बताया।टिप्पणियां
कांग्रेस महासचिव बीके हरिप्रसाद ने कहा, "यह भाजपा के भ्रष्टाचार की जीत है.. भ्रष्ट लोग गौड़ा के खिलाफ थे। भाजपा के नेता बेनकाब होंगे।"
वहीं, जद (यु) के अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि गौड़ा को राष्ट्रपति चुनाव के लिए शहीद किया गया। उन्होंने कहा, "यदि राष्ट्रपति चुनाव नहीं होता तो उन्हें इस्तीफा नहीं देना पड़ता।"
गडकरी ने बताया कि पार्टी नेता अरुण जेटली और राजनाथ सिह सोमवार को बेंगलुरू जाकर राज्य के पार्टी नेतृत्व से बात करेंगे। उसके बाद पार्टी विधायकों की बैठक होगी, जिसके बाद सदानंद गौड़ा और शेट्टार राज्यपाल से मुलाकात करेंगे।
गौड़ा की विदाई की वजह राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री वीएस येदियुरप्पा की जिद को माना जा रहा है। शेट्टार, 2008 से राज्य में सत्ता में आई भाजपा के तीसरे मुख्यमंत्री होंगे।
वहीं दिल्ली पहुंचे गौड़ा ने कर्नाटक भवन में पत्रकारों से कहा कि उन्होंने पार्टी के एक आज्ञाकारी सिपाही की तरह पद का त्याग कर दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व ने उन्हें अवगत कराया कि कुछ राजनीतिक कारणों से राज्य के नेतृत्व में बदलाव किया जा रहा है तो उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक गौड़ा को राज्यसभा का सदस्य बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री बनने से पहले वह लोकसभा सदस्य थे।
मुख्यमंत्री के नाम के लिए शेट्टार के नाम की घोषणा के साथ ही बेंगलुरू से 400 किलोमीटर दूर उनके शहर हुबली में जश्न का माहौल कायम हो गया, जबकि गौड़ा के इलाके, तटीय कर्नाटक में मायूसी छा गई।
सोमवार को बेंगलुरू में भाजपा विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें शेट्टार को औपचारिक रूप से विधायक दल का नेता चुना जाएगा, ताकि वह राज्यपाल एचआर भारद्वाज से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकें।
वहीं पार्टी हाई कमान को दिल्ली में अपना इस्तीफा सौंपकर बेंगलुरू वापस पहुंचे गौड़ा का हवाई अड्डे पर उनके समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। गौड़ा ने पिछले साल चार अगस्त को मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली थी, और वह अपने शासन का एक साल भी पूरा नहीं सके हैं।
गौरतलब है कि शुक्रवार को शेट्टार सहित राज्य मंत्रिमंडल के आठ सदस्यों ने मुख्यमंत्री बदलने की मांग को लेकर अपना इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद ही केन्द्रीय नेतृत्व ने शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया।
कांग्रेस ने कर्नाटक में भाजपा द्वारा नेतृत्व में किए जा रहे बदलाव को 'भ्रष्टाचार की जीत' बताया।टिप्पणियां
कांग्रेस महासचिव बीके हरिप्रसाद ने कहा, "यह भाजपा के भ्रष्टाचार की जीत है.. भ्रष्ट लोग गौड़ा के खिलाफ थे। भाजपा के नेता बेनकाब होंगे।"
वहीं, जद (यु) के अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि गौड़ा को राष्ट्रपति चुनाव के लिए शहीद किया गया। उन्होंने कहा, "यदि राष्ट्रपति चुनाव नहीं होता तो उन्हें इस्तीफा नहीं देना पड़ता।"
गौड़ा की विदाई की वजह राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री वीएस येदियुरप्पा की जिद को माना जा रहा है। शेट्टार, 2008 से राज्य में सत्ता में आई भाजपा के तीसरे मुख्यमंत्री होंगे।
वहीं दिल्ली पहुंचे गौड़ा ने कर्नाटक भवन में पत्रकारों से कहा कि उन्होंने पार्टी के एक आज्ञाकारी सिपाही की तरह पद का त्याग कर दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व ने उन्हें अवगत कराया कि कुछ राजनीतिक कारणों से राज्य के नेतृत्व में बदलाव किया जा रहा है तो उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक गौड़ा को राज्यसभा का सदस्य बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री बनने से पहले वह लोकसभा सदस्य थे।
मुख्यमंत्री के नाम के लिए शेट्टार के नाम की घोषणा के साथ ही बेंगलुरू से 400 किलोमीटर दूर उनके शहर हुबली में जश्न का माहौल कायम हो गया, जबकि गौड़ा के इलाके, तटीय कर्नाटक में मायूसी छा गई।
सोमवार को बेंगलुरू में भाजपा विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें शेट्टार को औपचारिक रूप से विधायक दल का नेता चुना जाएगा, ताकि वह राज्यपाल एचआर भारद्वाज से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकें।
वहीं पार्टी हाई कमान को दिल्ली में अपना इस्तीफा सौंपकर बेंगलुरू वापस पहुंचे गौड़ा का हवाई अड्डे पर उनके समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। गौड़ा ने पिछले साल चार अगस्त को मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली थी, और वह अपने शासन का एक साल भी पूरा नहीं सके हैं।
गौरतलब है कि शुक्रवार को शेट्टार सहित राज्य मंत्रिमंडल के आठ सदस्यों ने मुख्यमंत्री बदलने की मांग को लेकर अपना इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद ही केन्द्रीय नेतृत्व ने शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया।
कांग्रेस ने कर्नाटक में भाजपा द्वारा नेतृत्व में किए जा रहे बदलाव को 'भ्रष्टाचार की जीत' बताया।टिप्पणियां
कांग्रेस महासचिव बीके हरिप्रसाद ने कहा, "यह भाजपा के भ्रष्टाचार की जीत है.. भ्रष्ट लोग गौड़ा के खिलाफ थे। भाजपा के नेता बेनकाब होंगे।"
वहीं, जद (यु) के अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि गौड़ा को राष्ट्रपति चुनाव के लिए शहीद किया गया। उन्होंने कहा, "यदि राष्ट्रपति चुनाव नहीं होता तो उन्हें इस्तीफा नहीं देना पड़ता।"
वहीं दिल्ली पहुंचे गौड़ा ने कर्नाटक भवन में पत्रकारों से कहा कि उन्होंने पार्टी के एक आज्ञाकारी सिपाही की तरह पद का त्याग कर दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व ने उन्हें अवगत कराया कि कुछ राजनीतिक कारणों से राज्य के नेतृत्व में बदलाव किया जा रहा है तो उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक गौड़ा को राज्यसभा का सदस्य बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री बनने से पहले वह लोकसभा सदस्य थे।
मुख्यमंत्री के नाम के लिए शेट्टार के नाम की घोषणा के साथ ही बेंगलुरू से 400 किलोमीटर दूर उनके शहर हुबली में जश्न का माहौल कायम हो गया, जबकि गौड़ा के इलाके, तटीय कर्नाटक में मायूसी छा गई।
सोमवार को बेंगलुरू में भाजपा विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें शेट्टार को औपचारिक रूप से विधायक दल का नेता चुना जाएगा, ताकि वह राज्यपाल एचआर भारद्वाज से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकें।
वहीं पार्टी हाई कमान को दिल्ली में अपना इस्तीफा सौंपकर बेंगलुरू वापस पहुंचे गौड़ा का हवाई अड्डे पर उनके समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। गौड़ा ने पिछले साल चार अगस्त को मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली थी, और वह अपने शासन का एक साल भी पूरा नहीं सके हैं।
गौरतलब है कि शुक्रवार को शेट्टार सहित राज्य मंत्रिमंडल के आठ सदस्यों ने मुख्यमंत्री बदलने की मांग को लेकर अपना इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद ही केन्द्रीय नेतृत्व ने शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया।
कांग्रेस ने कर्नाटक में भाजपा द्वारा नेतृत्व में किए जा रहे बदलाव को 'भ्रष्टाचार की जीत' बताया।टिप्पणियां
कांग्रेस महासचिव बीके हरिप्रसाद ने कहा, "यह भाजपा के भ्रष्टाचार की जीत है.. भ्रष्ट लोग गौड़ा के खिलाफ थे। भाजपा के नेता बेनकाब होंगे।"
वहीं, जद (यु) के अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि गौड़ा को राष्ट्रपति चुनाव के लिए शहीद किया गया। उन्होंने कहा, "यदि राष्ट्रपति चुनाव नहीं होता तो उन्हें इस्तीफा नहीं देना पड़ता।"
भाजपा सूत्रों के मुताबिक गौड़ा को राज्यसभा का सदस्य बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री बनने से पहले वह लोकसभा सदस्य थे।
मुख्यमंत्री के नाम के लिए शेट्टार के नाम की घोषणा के साथ ही बेंगलुरू से 400 किलोमीटर दूर उनके शहर हुबली में जश्न का माहौल कायम हो गया, जबकि गौड़ा के इलाके, तटीय कर्नाटक में मायूसी छा गई।
सोमवार को बेंगलुरू में भाजपा विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें शेट्टार को औपचारिक रूप से विधायक दल का नेता चुना जाएगा, ताकि वह राज्यपाल एचआर भारद्वाज से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकें।
वहीं पार्टी हाई कमान को दिल्ली में अपना इस्तीफा सौंपकर बेंगलुरू वापस पहुंचे गौड़ा का हवाई अड्डे पर उनके समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। गौड़ा ने पिछले साल चार अगस्त को मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली थी, और वह अपने शासन का एक साल भी पूरा नहीं सके हैं।
गौरतलब है कि शुक्रवार को शेट्टार सहित राज्य मंत्रिमंडल के आठ सदस्यों ने मुख्यमंत्री बदलने की मांग को लेकर अपना इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद ही केन्द्रीय नेतृत्व ने शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया।
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कांग्रेस महासचिव बीके हरिप्रसाद ने कहा, "यह भाजपा के भ्रष्टाचार की जीत है.. भ्रष्ट लोग गौड़ा के खिलाफ थे। भाजपा के नेता बेनकाब होंगे।"
वहीं, जद (यु) के अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि गौड़ा को राष्ट्रपति चुनाव के लिए शहीद किया गया। उन्होंने कहा, "यदि राष्ट्रपति चुनाव नहीं होता तो उन्हें इस्तीफा नहीं देना पड़ता।"
मुख्यमंत्री के नाम के लिए शेट्टार के नाम की घोषणा के साथ ही बेंगलुरू से 400 किलोमीटर दूर उनके शहर हुबली में जश्न का माहौल कायम हो गया, जबकि गौड़ा के इलाके, तटीय कर्नाटक में मायूसी छा गई।
सोमवार को बेंगलुरू में भाजपा विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें शेट्टार को औपचारिक रूप से विधायक दल का नेता चुना जाएगा, ताकि वह राज्यपाल एचआर भारद्वाज से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकें।
वहीं पार्टी हाई कमान को दिल्ली में अपना इस्तीफा सौंपकर बेंगलुरू वापस पहुंचे गौड़ा का हवाई अड्डे पर उनके समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। गौड़ा ने पिछले साल चार अगस्त को मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली थी, और वह अपने शासन का एक साल भी पूरा नहीं सके हैं।
गौरतलब है कि शुक्रवार को शेट्टार सहित राज्य मंत्रिमंडल के आठ सदस्यों ने मुख्यमंत्री बदलने की मांग को लेकर अपना इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद ही केन्द्रीय नेतृत्व ने शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया।
कांग्रेस ने कर्नाटक में भाजपा द्वारा नेतृत्व में किए जा रहे बदलाव को 'भ्रष्टाचार की जीत' बताया।टिप्पणियां
कांग्रेस महासचिव बीके हरिप्रसाद ने कहा, "यह भाजपा के भ्रष्टाचार की जीत है.. भ्रष्ट लोग गौड़ा के खिलाफ थे। भाजपा के नेता बेनकाब होंगे।"
वहीं, जद (यु) के अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि गौड़ा को राष्ट्रपति चुनाव के लिए शहीद किया गया। उन्होंने कहा, "यदि राष्ट्रपति चुनाव नहीं होता तो उन्हें इस्तीफा नहीं देना पड़ता।"
सोमवार को बेंगलुरू में भाजपा विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें शेट्टार को औपचारिक रूप से विधायक दल का नेता चुना जाएगा, ताकि वह राज्यपाल एचआर भारद्वाज से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकें।
वहीं पार्टी हाई कमान को दिल्ली में अपना इस्तीफा सौंपकर बेंगलुरू वापस पहुंचे गौड़ा का हवाई अड्डे पर उनके समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। गौड़ा ने पिछले साल चार अगस्त को मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली थी, और वह अपने शासन का एक साल भी पूरा नहीं सके हैं।
गौरतलब है कि शुक्रवार को शेट्टार सहित राज्य मंत्रिमंडल के आठ सदस्यों ने मुख्यमंत्री बदलने की मांग को लेकर अपना इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद ही केन्द्रीय नेतृत्व ने शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया।
कांग्रेस ने कर्नाटक में भाजपा द्वारा नेतृत्व में किए जा रहे बदलाव को 'भ्रष्टाचार की जीत' बताया।टिप्पणियां
कांग्रेस महासचिव बीके हरिप्रसाद ने कहा, "यह भाजपा के भ्रष्टाचार की जीत है.. भ्रष्ट लोग गौड़ा के खिलाफ थे। भाजपा के नेता बेनकाब होंगे।"
वहीं, जद (यु) के अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि गौड़ा को राष्ट्रपति चुनाव के लिए शहीद किया गया। उन्होंने कहा, "यदि राष्ट्रपति चुनाव नहीं होता तो उन्हें इस्तीफा नहीं देना पड़ता।"
वहीं पार्टी हाई कमान को दिल्ली में अपना इस्तीफा सौंपकर बेंगलुरू वापस पहुंचे गौड़ा का हवाई अड्डे पर उनके समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। गौड़ा ने पिछले साल चार अगस्त को मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली थी, और वह अपने शासन का एक साल भी पूरा नहीं सके हैं।
गौरतलब है कि शुक्रवार को शेट्टार सहित राज्य मंत्रिमंडल के आठ सदस्यों ने मुख्यमंत्री बदलने की मांग को लेकर अपना इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद ही केन्द्रीय नेतृत्व ने शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया।
कांग्रेस ने कर्नाटक में भाजपा द्वारा नेतृत्व में किए जा रहे बदलाव को 'भ्रष्टाचार की जीत' बताया।टिप्पणियां
कांग्रेस महासचिव बीके हरिप्रसाद ने कहा, "यह भाजपा के भ्रष्टाचार की जीत है.. भ्रष्ट लोग गौड़ा के खिलाफ थे। भाजपा के नेता बेनकाब होंगे।"
वहीं, जद (यु) के अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि गौड़ा को राष्ट्रपति चुनाव के लिए शहीद किया गया। उन्होंने कहा, "यदि राष्ट्रपति चुनाव नहीं होता तो उन्हें इस्तीफा नहीं देना पड़ता।"
गौरतलब है कि शुक्रवार को शेट्टार सहित राज्य मंत्रिमंडल के आठ सदस्यों ने मुख्यमंत्री बदलने की मांग को लेकर अपना इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद ही केन्द्रीय नेतृत्व ने शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया।
कांग्रेस ने कर्नाटक में भाजपा द्वारा नेतृत्व में किए जा रहे बदलाव को 'भ्रष्टाचार की जीत' बताया।टिप्पणियां
कांग्रेस महासचिव बीके हरिप्रसाद ने कहा, "यह भाजपा के भ्रष्टाचार की जीत है.. भ्रष्ट लोग गौड़ा के खिलाफ थे। भाजपा के नेता बेनकाब होंगे।"
वहीं, जद (यु) के अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि गौड़ा को राष्ट्रपति चुनाव के लिए शहीद किया गया। उन्होंने कहा, "यदि राष्ट्रपति चुनाव नहीं होता तो उन्हें इस्तीफा नहीं देना पड़ता।"
कांग्रेस ने कर्नाटक में भाजपा द्वारा नेतृत्व में किए जा रहे बदलाव को 'भ्रष्टाचार की जीत' बताया।टिप्पणियां
कांग्रेस महासचिव बीके हरिप्रसाद ने कहा, "यह भाजपा के भ्रष्टाचार की जीत है.. भ्रष्ट लोग गौड़ा के खिलाफ थे। भाजपा के नेता बेनकाब होंगे।"
वहीं, जद (यु) के अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि गौड़ा को राष्ट्रपति चुनाव के लिए शहीद किया गया। उन्होंने कहा, "यदि राष्ट्रपति चुनाव नहीं होता तो उन्हें इस्तीफा नहीं देना पड़ता।"
कांग्रेस महासचिव बीके हरिप्रसाद ने कहा, "यह भाजपा के भ्रष्टाचार की जीत है.. भ्रष्ट लोग गौड़ा के खिलाफ थे। भाजपा के नेता बेनकाब होंगे।"
वहीं, जद (यु) के अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि गौड़ा को राष्ट्रपति चुनाव के लिए शहीद किया गया। उन्होंने कहा, "यदि राष्ट्रपति चुनाव नहीं होता तो उन्हें इस्तीफा नहीं देना पड़ता।"
वहीं, जद (यु) के अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि गौड़ा को राष्ट्रपति चुनाव के लिए शहीद किया गया। उन्होंने कहा, "यदि राष्ट्रपति चुनाव नहीं होता तो उन्हें इस्तीफा नहीं देना पड़ता।" | संक्षिप्त सारांश: कर्नाटक में पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के आगे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आखिर एक न चली। आखिरकार मुख्यमंत्री सदानंद गौड़ा को अपना पद छोड़ना पड़ा। अब जगदीश शेट्टार राज्य के नए मुख्यमंत्री होंगे। | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मुंबई पुलिस ने हत्या की एक ऐसी गुत्थी सुलझाई है, जिसमें बीमा की रकम पाने के लिए हत्या का ड्रामा रचा गया था, लेकिन जब पुलिस तह तक गई तो वो खुदकशी का मामला निकला.
डीसीपी शाहजी उमाप के मुताबिक, बीते 11 जनवरी को कोयंबटूर से मुंबई आए सतीश का शव 4 दिन बाद चेम्बूर के कमला गेस्ट हाउस के कमरे मे पंखे से लटका हुआ मिला था. उसकी एक हाथ की कलाई कटी थी और फर्श पर खून फैला हुआ था. कमरे के दरवाजे पर बाहर से ताला लगा था और युवक का फ़ोन गायब था, इसलिए पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर तहकीकात शुरू की. पर अब जब राज पर से पर्दा खुला तो पूरा मामला हत्या का ना होकर ख़ुदकुशी का निकला.
14 जनवरी को हत्या का मामला दर्ज कर वारदात की जांच में जुटी चेम्बूर पुलिस का सबसे पहला शक सीसीटीवी में युवक के पीछे दिख रहे शख्स पर गया, क्योंकि एक दूसरे सीसीटीवी में वो शख्स कुछ देर बाद गेस्ट हाउस से बाहर जाता दिख रहा था.टिप्पणियां
पुलिस के मुताबिक, पहले उन्हें सीसीटीवी में दिख रहा शख्स तो नहीं मिला, लेकिन मृतक के बारे में पता चला कि वो पेशे से ज्वैलर था औऱ केरल का रहने वाला था.. घरवालों से पता चला कि 10 जनवरी को वो अपने दोस्त मार्टिन के साथ कोयंबटूर से सोना लेकर मुंबई जाने वाला था. पुलिस ने मार्टिन को पकड़ा तो उससे एक और शख्स शरवनन की जानकारी मिली. वो तमिलनाडु की जेल में बंद था. शरवनन से पूछताछ के बाद पुलिस मोहमद रियाज़ तक पहुंची. रियाज़ ही वो शख्स था जो होटल में 11 जनवरी को मृतक के पीछे सीसीटीवी में दिख रहा था. उसके बाद पूरा माजरा सामने आ गया.
डीसीपी शाहजी उमाप बताते हैं कि मोहम्मद रियाज़ ने पुलिस को बताया कि सतीश के ऊपर तकरीबन 16 किलो के सोने की देनदारी थी. इसके अलावा उसने 2 फ़्लैट पर लोन भी ले रखा था. देनदारों के तकादों से परेशान होकर उसने मोहम्मद रियाज़ और शरवनन के साथ मिलकर एक व्यापारी को लूटने और चोरी की असफल कोशिश भी की थी, लेकिन जब सारे प्लान फेल हो गए तो उसने ख़ुदकुशी करने का फैसला किया, लेकिन ख़ुदकुशी करने पर भी परिवार की देनदारी दूर नहीं होती और बीमे की रकम भी नहीं मिलती, इसलिए रियाज़ की मदद से ख़ुदकुशी को हत्या की वारदात दिखा बीमा की रकम पाने की साज़िश रची. इसके लिए उसने रियाज़ को 4 लाख 50 हजार के करीब रुपये भी दिये, लेकिन उसका ड्रामा पकड़ा गया. जान भी चली गई और बीमा का पैसा भी नहीं मिला.
डीसीपी शाहजी उमाप के मुताबिक, बीते 11 जनवरी को कोयंबटूर से मुंबई आए सतीश का शव 4 दिन बाद चेम्बूर के कमला गेस्ट हाउस के कमरे मे पंखे से लटका हुआ मिला था. उसकी एक हाथ की कलाई कटी थी और फर्श पर खून फैला हुआ था. कमरे के दरवाजे पर बाहर से ताला लगा था और युवक का फ़ोन गायब था, इसलिए पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर तहकीकात शुरू की. पर अब जब राज पर से पर्दा खुला तो पूरा मामला हत्या का ना होकर ख़ुदकुशी का निकला.
14 जनवरी को हत्या का मामला दर्ज कर वारदात की जांच में जुटी चेम्बूर पुलिस का सबसे पहला शक सीसीटीवी में युवक के पीछे दिख रहे शख्स पर गया, क्योंकि एक दूसरे सीसीटीवी में वो शख्स कुछ देर बाद गेस्ट हाउस से बाहर जाता दिख रहा था.टिप्पणियां
पुलिस के मुताबिक, पहले उन्हें सीसीटीवी में दिख रहा शख्स तो नहीं मिला, लेकिन मृतक के बारे में पता चला कि वो पेशे से ज्वैलर था औऱ केरल का रहने वाला था.. घरवालों से पता चला कि 10 जनवरी को वो अपने दोस्त मार्टिन के साथ कोयंबटूर से सोना लेकर मुंबई जाने वाला था. पुलिस ने मार्टिन को पकड़ा तो उससे एक और शख्स शरवनन की जानकारी मिली. वो तमिलनाडु की जेल में बंद था. शरवनन से पूछताछ के बाद पुलिस मोहमद रियाज़ तक पहुंची. रियाज़ ही वो शख्स था जो होटल में 11 जनवरी को मृतक के पीछे सीसीटीवी में दिख रहा था. उसके बाद पूरा माजरा सामने आ गया.
डीसीपी शाहजी उमाप बताते हैं कि मोहम्मद रियाज़ ने पुलिस को बताया कि सतीश के ऊपर तकरीबन 16 किलो के सोने की देनदारी थी. इसके अलावा उसने 2 फ़्लैट पर लोन भी ले रखा था. देनदारों के तकादों से परेशान होकर उसने मोहम्मद रियाज़ और शरवनन के साथ मिलकर एक व्यापारी को लूटने और चोरी की असफल कोशिश भी की थी, लेकिन जब सारे प्लान फेल हो गए तो उसने ख़ुदकुशी करने का फैसला किया, लेकिन ख़ुदकुशी करने पर भी परिवार की देनदारी दूर नहीं होती और बीमे की रकम भी नहीं मिलती, इसलिए रियाज़ की मदद से ख़ुदकुशी को हत्या की वारदात दिखा बीमा की रकम पाने की साज़िश रची. इसके लिए उसने रियाज़ को 4 लाख 50 हजार के करीब रुपये भी दिये, लेकिन उसका ड्रामा पकड़ा गया. जान भी चली गई और बीमा का पैसा भी नहीं मिला.
14 जनवरी को हत्या का मामला दर्ज कर वारदात की जांच में जुटी चेम्बूर पुलिस का सबसे पहला शक सीसीटीवी में युवक के पीछे दिख रहे शख्स पर गया, क्योंकि एक दूसरे सीसीटीवी में वो शख्स कुछ देर बाद गेस्ट हाउस से बाहर जाता दिख रहा था.टिप्पणियां
पुलिस के मुताबिक, पहले उन्हें सीसीटीवी में दिख रहा शख्स तो नहीं मिला, लेकिन मृतक के बारे में पता चला कि वो पेशे से ज्वैलर था औऱ केरल का रहने वाला था.. घरवालों से पता चला कि 10 जनवरी को वो अपने दोस्त मार्टिन के साथ कोयंबटूर से सोना लेकर मुंबई जाने वाला था. पुलिस ने मार्टिन को पकड़ा तो उससे एक और शख्स शरवनन की जानकारी मिली. वो तमिलनाडु की जेल में बंद था. शरवनन से पूछताछ के बाद पुलिस मोहमद रियाज़ तक पहुंची. रियाज़ ही वो शख्स था जो होटल में 11 जनवरी को मृतक के पीछे सीसीटीवी में दिख रहा था. उसके बाद पूरा माजरा सामने आ गया.
डीसीपी शाहजी उमाप बताते हैं कि मोहम्मद रियाज़ ने पुलिस को बताया कि सतीश के ऊपर तकरीबन 16 किलो के सोने की देनदारी थी. इसके अलावा उसने 2 फ़्लैट पर लोन भी ले रखा था. देनदारों के तकादों से परेशान होकर उसने मोहम्मद रियाज़ और शरवनन के साथ मिलकर एक व्यापारी को लूटने और चोरी की असफल कोशिश भी की थी, लेकिन जब सारे प्लान फेल हो गए तो उसने ख़ुदकुशी करने का फैसला किया, लेकिन ख़ुदकुशी करने पर भी परिवार की देनदारी दूर नहीं होती और बीमे की रकम भी नहीं मिलती, इसलिए रियाज़ की मदद से ख़ुदकुशी को हत्या की वारदात दिखा बीमा की रकम पाने की साज़िश रची. इसके लिए उसने रियाज़ को 4 लाख 50 हजार के करीब रुपये भी दिये, लेकिन उसका ड्रामा पकड़ा गया. जान भी चली गई और बीमा का पैसा भी नहीं मिला.
पुलिस के मुताबिक, पहले उन्हें सीसीटीवी में दिख रहा शख्स तो नहीं मिला, लेकिन मृतक के बारे में पता चला कि वो पेशे से ज्वैलर था औऱ केरल का रहने वाला था.. घरवालों से पता चला कि 10 जनवरी को वो अपने दोस्त मार्टिन के साथ कोयंबटूर से सोना लेकर मुंबई जाने वाला था. पुलिस ने मार्टिन को पकड़ा तो उससे एक और शख्स शरवनन की जानकारी मिली. वो तमिलनाडु की जेल में बंद था. शरवनन से पूछताछ के बाद पुलिस मोहमद रियाज़ तक पहुंची. रियाज़ ही वो शख्स था जो होटल में 11 जनवरी को मृतक के पीछे सीसीटीवी में दिख रहा था. उसके बाद पूरा माजरा सामने आ गया.
डीसीपी शाहजी उमाप बताते हैं कि मोहम्मद रियाज़ ने पुलिस को बताया कि सतीश के ऊपर तकरीबन 16 किलो के सोने की देनदारी थी. इसके अलावा उसने 2 फ़्लैट पर लोन भी ले रखा था. देनदारों के तकादों से परेशान होकर उसने मोहम्मद रियाज़ और शरवनन के साथ मिलकर एक व्यापारी को लूटने और चोरी की असफल कोशिश भी की थी, लेकिन जब सारे प्लान फेल हो गए तो उसने ख़ुदकुशी करने का फैसला किया, लेकिन ख़ुदकुशी करने पर भी परिवार की देनदारी दूर नहीं होती और बीमे की रकम भी नहीं मिलती, इसलिए रियाज़ की मदद से ख़ुदकुशी को हत्या की वारदात दिखा बीमा की रकम पाने की साज़िश रची. इसके लिए उसने रियाज़ को 4 लाख 50 हजार के करीब रुपये भी दिये, लेकिन उसका ड्रामा पकड़ा गया. जान भी चली गई और बीमा का पैसा भी नहीं मिला.
डीसीपी शाहजी उमाप बताते हैं कि मोहम्मद रियाज़ ने पुलिस को बताया कि सतीश के ऊपर तकरीबन 16 किलो के सोने की देनदारी थी. इसके अलावा उसने 2 फ़्लैट पर लोन भी ले रखा था. देनदारों के तकादों से परेशान होकर उसने मोहम्मद रियाज़ और शरवनन के साथ मिलकर एक व्यापारी को लूटने और चोरी की असफल कोशिश भी की थी, लेकिन जब सारे प्लान फेल हो गए तो उसने ख़ुदकुशी करने का फैसला किया, लेकिन ख़ुदकुशी करने पर भी परिवार की देनदारी दूर नहीं होती और बीमे की रकम भी नहीं मिलती, इसलिए रियाज़ की मदद से ख़ुदकुशी को हत्या की वारदात दिखा बीमा की रकम पाने की साज़िश रची. इसके लिए उसने रियाज़ को 4 लाख 50 हजार के करीब रुपये भी दिये, लेकिन उसका ड्रामा पकड़ा गया. जान भी चली गई और बीमा का पैसा भी नहीं मिला. | यहाँ एक सारांश है:बीमा की रकम पाने के लिए हत्या का ड्रामा रचा गया था.
CCTV में एक शख्स कुछ देर बाद गेस्ट हाउस से बाहर जाता दिख रहा था.
सतीश के ऊपर तकरीबन 16 किलो के सोने की देनदारी थी. | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: श्रीलंका के कद्दावर बल्लेबाज माहेला जयवर्धने ने रविवार को विश्व कप 2011 के बाद क्रिकेट से संन्यास लेने का संकेत दिया। श्रीलंका के पूर्व कप्तान ने कहा कि विश्व कप के बाद वह अपने क्रिकेट के भविष्य के बारे में फैसला करेंगे। जयवर्धने ने कहा, "इस खेल के बाद व्यक्तिगत रूप से मैं अपने भविष्य के बारे में फैसला करूंगा। मैं यह देखूंगा कि मेरा शरीर कैसा अनुभव करता है और अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने की कितनी क्षमता मेरे अंदर बची है।" उन्होंने कहा, "मैं तब तक ही खेलना चाहता हूं जब तक कि मैं इसका लुत्फ उठा रहा हूं और टीम को जिताने में योगदान कर रहा हूं।" जयवर्धने (33) ने अब तक 116 टेस्ट और 332 एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। इन मैचों में वह 18,000 से अधिक रन बना चुके हैं। जयवर्धने की कप्तानी में श्रीलंका की टीम वर्ष 2007 के विश्व कप के फाइनल में पहुंची थी। श्रीलंका फाइनल मैच ऑस्ट्रेलिया से हार गया था। | यहाँ एक सारांश है:जयवर्धने (33) ने अब तक 116 टेस्ट और 332 एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। इन मैचों में वह 18,000 से अधिक रन बना चुके हैं। | 15 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 'द कपिल शर्मा शो' (The Kapil Sharma Show) में सुनील ग्रोवर (Sunil Grover) की एंट्री जल्दी हो सकती है. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक कहा जा रहा है कि सुनील ग्रोवर जल्द ही फ्री होने के बाद शो को जॉइन कर सकते हैं. अब जल्द ही सुनील ग्रोवर सबको गुदगुदाने के लिए शो में वापसी करेंगे. बता दें सुनील ग्रोवर ने 2016 में एक झगड़े के बाद 'द कपिल शर्मा शो' को अलविदा कह दिया था. कपिल शर्मा (Kapil Sharma) और सुनील ग्रोवर में ये विवाद इतना बढ़ गया था कि इस विवाद को सुलझाने के लिए कई मशहूर सितारों ने कोशिश की, लेकिन दोबारा ये दोनों एक साथ एक मंच पर वापस नहीं आए.
अगर सुनील ग्रोवर (Sunil Grover) के फिल्मी करियर की बात करें तो फिल्म 'भारत' (Bharat) से पहले सुनील ग्रोवर अक्षय कुमार (Akshay Kumar) के साथ फिल्म 'गब्बर इज बैक' (Gabbar Is Back) में नजर आए थे. इस फिल्म में उनका किरदार काफी दमदार था. जिसकी सबने बहुत तारीफें की थी. सुनील ग्रोवर अक्षय कुमार (Akshay Kumar) के साथ भी फिल्म कर चुके हैं. | संक्षिप्त सारांश: 'द कपिल शर्मा शो' में वापसी करेंगे सुनील ग्रोवर
फिल्म 'भारत' में सुनील ने दी दमदार परफॉर्मेंस
अक्षय कुमार के साथ भी कर चुके हैं फिल्म | 23 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारत के शीर्ष कार रेसिंग खिलाड़ी नारायण कार्तिकेयन ने ऑटो जीपी वर्ल्ड सिरीज से पहले यहां सिल्वरस्टोन सर्किट में पोल पोजीशन का दावा पेश किया।
कार्तिकेयन ने नवागंतुक केविन जिओवेसी और सुपर नोवा के साथी रेसर विट्टोरियो घिरेली के साथ 1:46:286 का समय निकाला।
ऑटो जीपी-2012 सत्र की चैम्पियन सुपर नोवा के साथ शुरू करते हुए कार्तिकेयन की यह सर्वश्रेष्ठ शुरुआत है।
सुपर नोवा से करार करने से पहले इस वर्ष के पहले तीन चरणों में कार्तिकेयन ने जेली रेसिंग टीम के साथ रेस में हिस्सा लिया। जेली के लिए खेलते हुए कार्तिकेयन ने छह रेसों में 34 अंक अर्जित किए।टिप्पणियां
शनिवार को हुए क्वालिफाइंग रेस और शुक्रवार को हुए दो अभ्यास रेसों में सबसे तेज रहने के बाद कार्तिकेयन की निगाह शनिवार को सिल्वरस्टोन में हुए इस रेस पर थी। कार्तिकेयन ने कहा, "मुझे आशा है कि यह (रेस) अच्छा रहेगा।"
जेली टीम को छोड़ने के बारे में कार्तिकेयन ने कहा, "मैं कार की विश्वसनीयता से खुश नहीं था। ऐसे समय भी आए जब मेरे शीर्ष तीन में पहुंचने की संभावनाएं बनीं, लेकिन कुछ न कुछ गड़बड़ हो गया।"
कार्तिकेयन ने नवागंतुक केविन जिओवेसी और सुपर नोवा के साथी रेसर विट्टोरियो घिरेली के साथ 1:46:286 का समय निकाला।
ऑटो जीपी-2012 सत्र की चैम्पियन सुपर नोवा के साथ शुरू करते हुए कार्तिकेयन की यह सर्वश्रेष्ठ शुरुआत है।
सुपर नोवा से करार करने से पहले इस वर्ष के पहले तीन चरणों में कार्तिकेयन ने जेली रेसिंग टीम के साथ रेस में हिस्सा लिया। जेली के लिए खेलते हुए कार्तिकेयन ने छह रेसों में 34 अंक अर्जित किए।टिप्पणियां
शनिवार को हुए क्वालिफाइंग रेस और शुक्रवार को हुए दो अभ्यास रेसों में सबसे तेज रहने के बाद कार्तिकेयन की निगाह शनिवार को सिल्वरस्टोन में हुए इस रेस पर थी। कार्तिकेयन ने कहा, "मुझे आशा है कि यह (रेस) अच्छा रहेगा।"
जेली टीम को छोड़ने के बारे में कार्तिकेयन ने कहा, "मैं कार की विश्वसनीयता से खुश नहीं था। ऐसे समय भी आए जब मेरे शीर्ष तीन में पहुंचने की संभावनाएं बनीं, लेकिन कुछ न कुछ गड़बड़ हो गया।"
ऑटो जीपी-2012 सत्र की चैम्पियन सुपर नोवा के साथ शुरू करते हुए कार्तिकेयन की यह सर्वश्रेष्ठ शुरुआत है।
सुपर नोवा से करार करने से पहले इस वर्ष के पहले तीन चरणों में कार्तिकेयन ने जेली रेसिंग टीम के साथ रेस में हिस्सा लिया। जेली के लिए खेलते हुए कार्तिकेयन ने छह रेसों में 34 अंक अर्जित किए।टिप्पणियां
शनिवार को हुए क्वालिफाइंग रेस और शुक्रवार को हुए दो अभ्यास रेसों में सबसे तेज रहने के बाद कार्तिकेयन की निगाह शनिवार को सिल्वरस्टोन में हुए इस रेस पर थी। कार्तिकेयन ने कहा, "मुझे आशा है कि यह (रेस) अच्छा रहेगा।"
जेली टीम को छोड़ने के बारे में कार्तिकेयन ने कहा, "मैं कार की विश्वसनीयता से खुश नहीं था। ऐसे समय भी आए जब मेरे शीर्ष तीन में पहुंचने की संभावनाएं बनीं, लेकिन कुछ न कुछ गड़बड़ हो गया।"
सुपर नोवा से करार करने से पहले इस वर्ष के पहले तीन चरणों में कार्तिकेयन ने जेली रेसिंग टीम के साथ रेस में हिस्सा लिया। जेली के लिए खेलते हुए कार्तिकेयन ने छह रेसों में 34 अंक अर्जित किए।टिप्पणियां
शनिवार को हुए क्वालिफाइंग रेस और शुक्रवार को हुए दो अभ्यास रेसों में सबसे तेज रहने के बाद कार्तिकेयन की निगाह शनिवार को सिल्वरस्टोन में हुए इस रेस पर थी। कार्तिकेयन ने कहा, "मुझे आशा है कि यह (रेस) अच्छा रहेगा।"
जेली टीम को छोड़ने के बारे में कार्तिकेयन ने कहा, "मैं कार की विश्वसनीयता से खुश नहीं था। ऐसे समय भी आए जब मेरे शीर्ष तीन में पहुंचने की संभावनाएं बनीं, लेकिन कुछ न कुछ गड़बड़ हो गया।"
शनिवार को हुए क्वालिफाइंग रेस और शुक्रवार को हुए दो अभ्यास रेसों में सबसे तेज रहने के बाद कार्तिकेयन की निगाह शनिवार को सिल्वरस्टोन में हुए इस रेस पर थी। कार्तिकेयन ने कहा, "मुझे आशा है कि यह (रेस) अच्छा रहेगा।"
जेली टीम को छोड़ने के बारे में कार्तिकेयन ने कहा, "मैं कार की विश्वसनीयता से खुश नहीं था। ऐसे समय भी आए जब मेरे शीर्ष तीन में पहुंचने की संभावनाएं बनीं, लेकिन कुछ न कुछ गड़बड़ हो गया।"
जेली टीम को छोड़ने के बारे में कार्तिकेयन ने कहा, "मैं कार की विश्वसनीयता से खुश नहीं था। ऐसे समय भी आए जब मेरे शीर्ष तीन में पहुंचने की संभावनाएं बनीं, लेकिन कुछ न कुछ गड़बड़ हो गया।" | भारत के शीर्ष कार रेसिंग खिलाड़ी नारायण कार्तिकेयन ने ऑटो जीपी वर्ल्ड सिरीज से पहले यहां सिल्वरस्टोन सर्किट में पोल पोजीशन का दावा पेश किया। | 26 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: महिलाएं शायद ही इस बात पर राजी हों, लेकिन पता चला है कि पुरुषों से ज्यादा सीक लीव तो महिलाएं लेती ही हैं और इसके लिए अजीबोगरीब बहाने बनाने में भी वे उस्ताद होती हैं। ब्रिटेन की सोवरिन हेल्थ केयर के अध्ययन से पता चला है कि सहयोगी द्वारा वास्तव में बीमारी की बात बताने के लिए किए फोन पर पुरुष की तुलना में महिलाएं अपने सहयोगी पर कम ही विश्वास करती हैं। 'टेलीग्राफ' की खबरों के मुताबिक सर्वेक्षण में हिस्सा ले रही करीब 56 फीसदी महिलाओं ने बताया कि उन्होंने इसका सहारा तब लिया, जब वो वास्तव में बीमार नहीं थी, जबकि इस सर्वेक्षण में केवल एक-तिहाई पुरुषों ने ही इसे स्वीकारा। महिलाओं द्वारा छुट्टियों के लिए बॉस को प्रभावित करने वाले सबसे आम बहाना में मेरा कुत्ता गिर गया है और उसके चारों पैर टूट गए हैं, मैं अपने जूती या सैंडिल नहीं तलाश सकी और वहां मेरे लाउंज में गिलहरी है...आदि शामिल हैं। | संक्षिप्त सारांश: महिलाएं शायद ही इस बात पर राजी हों, लेकिन पता चला है कि पुरुषों से ज्यादा सीक लीव तो महिलाएं लेती ही हैं और इसके लिए अजीबोगरीब बहाने बनाने में भी वे उस्ताद होती हैं। | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कोलकाता में आज छात्र संगठनों और पुलिस के बीच झड़प में एक सब इंस्पेक्टर की मौत हो गई है और एक पुलिसकर्मी घायल हुआ है। मामला छात्र संघ के चुनाव का है, जिसको लेकर वहां कई दिनों से गहमागहमी रही।
बीती रात कोलकाता के गार्डन रीच इलाके में कुछ लोग बम बनाने की कोशिश कर रहे थे, जो फट गया और तीन लोग घायल हो गए। पुलिस उस मामले की जांच के लिए वहां मौजूद थी कि इस बीच हरिमोहन कॉलेज के छात्रों में झड़प हो गई। एक गुट कांग्रेस समर्थकों का रहा तो दूसरा गुट टीएमसी समर्थकों का। पुलिस के साथ भी छात्रों की झड़प चलती रही। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार भी किया है।
बीती रात कोलकाता के गार्डन रीच इलाके में कुछ लोग बम बनाने की कोशिश कर रहे थे, जो फट गया और तीन लोग घायल हो गए। पुलिस उस मामले की जांच के लिए वहां मौजूद थी कि इस बीच हरिमोहन कॉलेज के छात्रों में झड़प हो गई। एक गुट कांग्रेस समर्थकों का रहा तो दूसरा गुट टीएमसी समर्थकों का। पुलिस के साथ भी छात्रों की झड़प चलती रही। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार भी किया है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कोलकाता में आज छात्र संगठनों और पुलिस के बीच झड़प में एक सब इंस्पेक्टर की मौत हो गई है और एक पुलिसकर्मी घायल हुआ है। | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता एक्टर अक्षय कुमार (Akshay Kumar) ने फॉर्ब्स मैगजीन (Forbes List 2019) की वर्ल्ड्स हाईएस्ट-पेड एक्टर्स ऑफ 2019 यानी सबसे ज्यादा कमाई करने वाले एक्टर की लिस्ट में चौथा स्थान प्राप्त किया है. फोर्ब्स डॉट कॉम की लिस्ट के मुताबिक अक्षय ने साल 2018 से 2019 के बीच 6.5 करोड़ डॉलर यानी 466.33 करोड़ रुपये की कमाई की है. बता दें खिलाड़ी कुमार इस लिस्ट में इकलौते बॉलीवुड एक्टर हैं. अक्षय के अलावा 10 सबसे ज्यादा कमाने वाले एक्टर की इस लिस्ट में हॉलीवुड के सुपरस्टार ड्वेन जॉनसन 'द रॉक (Dwayne Johnson The Rock)' टॉप पर हैं. 'द रॉक' ने इस साल 8.94 करोड़ डॉलर यानी 641.38 करोड़ रुपये की कमाई की है.
मार्वल सुपरहीरो यूनिवर्स के 'थोर' एक्टर क्रिस हेम्सवर्थ (Chris Hemsworth) 7.64 करोड़ डॉलर यानी 548.12 करोड़ रुपये की कमाई के साथ दूसरे स्थान पर हैं. 'थॉर' के स्टार के पीछे कई 'एवेंजर्स' स्टार, जैसे 'आयरन मैन' के रॉबर्ट डाउनी जूनियर तीसरे स्थान पर, 'रॉकेट' स्टार ब्रैडली कूपर छठे स्थान पर, 'कैप्टन अमेरिका' के क्रिस इवांस (Chris Evans) आठवें स्थान पर और 'एंटमैन' के पॉल रूड नौवें स्थान पर हैं.
इनके अलावा लिस्ट में जैकी चैन (Jackie Chan), एडम सैंडलर और विल स्मिथ ने भी अपना नाम दर्ज करवाया है. ये है पूरी लिस्ट:
1. ड्वेन जॉनसन ( 8.94 करोड़ डॉलर)
2. क्रिस हेम्सवर्थ (7.64 करोड़ डॉलर)
3. रॉबर्ट डाउनी जूनियर (6.6 करोड़ डॉलर)
4. अक्षय कुमार (6.5 करोड़ डॉलर)
5. जैकी चैन (5.8 करोड़ डॉलर)
6. ब्रैडली कूपर ( 5.7 करोड़ डॉलर)
7. एडम सैंडलर (5.7 करोड़ डॉलर)
8. क्रिस इवांस (4.35 करोड़ डॉलर)
9. पॉल रुड (4.1 करोड़ डॉलर)
10. विल स्मिथ (3.5 करोड़ डॉलर) | सारांश: फॉर्ब्स 2019 की लिस्ट में अक्षय कुमार का नाम शामिल
विश्व में चौथे नंबर पर की सबसे ज्यादा कमाई
'द रॉक' को मिला पहला स्थान | 7 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के नेता यूसुफ रजा गिलानी के पुत्र अब्दुल कादिर गिलानी ने पंजाब प्रांत में उस संसदीय सीट से चुनाव जीत लिया है जो सीट पिछले माह गिलानी को सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोग्य घोषित किए जाने के बाद दिए उनके इस्तीफे से रिक्त हुई थी।
मीडिया की खबरों के अनुसार, अब्दुल कादिर गिलानी ने परिवार के परंपरागत गढ़ मुल्तान में हुआ उपचुनाव 64,628 मत हासिल कर जीत लिया है। उनके निकटतम प्रतिद्वन्द्वी और पीएमएल.एन तथा पाकिस्तान तहरीक-ए-इन्साफ समर्थित प्रत्याशी शौकत बोसन को कड़ी टक्कर में 60,532 वोट ही मिल सके।
पर्यवेक्षकों ने कहा कि राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले फिर से खोलने से इनकार के चलते सुप्रीम कोर्ट द्वारा गिलानी को अवमानना का दोषी ठहराकर अयोग्य घोषित करने तथा भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद पीपीपी नीत सरकार में बढ़ते असंतोष को देखते हुए अब्दुल कादिर गिलानी की यह जीत महत्वपूर्ण है।
बहरहाल, उन्होंने कहा कि गिलानी के बेटे ने केवल 4000 मतों से ही चुनाव जीता है जो पंजाब में पीपीपी विरोधी ताकतों पीएमएल.एन और इमरान खान नीत पाकिस्तान तहरीक-ए-इन्साफ जैसी पार्टियों के बोसन को दिए गए समर्थन को भी जाहिर करता है।
अब्दुल कादिर गिलानी ने कहा, आज जनता ने अपना फैसला दिया है। उन्होंने उन ताकतों को मुंहतोड़ जवाब दिया है जिन्होंने मेरे पिता को हटाया। लोकतंत्र विरोधी ताकतों को चाहिए कि वह पीपीपी के खिलाफ साजिश रचना बंद करें क्योंकि यह अब भी देश में सर्वाधिक लोकप्रिय पार्टी है। तीन सप्ताह के प्रचार में गिलानी ने अन्य राजनीतिक दलों की तुलना में न्यायपालिका को अधिक निशाना बनाया।
उन्होंने कहा, आज लोग यह साफ कर चुके हैं कि उन्होंने उसके (न्यायपालिका के) फैसले को पसंद नहीं किया। पीपीपी के अंदरूनी सूत्रों की राय है कि आज के उपचुनाव को पीपीपी और प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी की अगुवाई वाली सर्वोच्च न्यायपालिका तथा दक्षिणपंथी पार्टियों के बीच चुनाव कहना अधिक बेहतर होगा।
मुख्य धारा की किसी अन्य पार्टी ने गिलानी के पुत्र के खिलाफ प्रत्याशी नहीं उतारा लेकिन पीएमएल.एन और जमात-ए-इस्लामी आदि ने बोसन को समर्थन दिया।टिप्पणियां
बोसन पाकिस्तान तहरीक-ए-इन्साफ के नेता सिकंदर बोसन के भाई हैं। बोसन के पोस्टरों में इमरान खान, नवाज शरीफ, पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ और जमात-ए-इस्लामी के अध्यक्ष मुनव्वर हसन आदि के फोटो बताते थे कि उन्हें इन नेताओं का समर्थन प्राप्त है। पीएमएल.एन के प्रवक्ता परवेज राशिद ने कहा, हम बोसन को इसलिए समर्थन दे रहे हैं क्योंकि हम चाहते हैं कि वह और उनके भाई पीएमएल..एन में आ जाएं और हमारी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ें।
इमरान खान ने हालांकि घोषणा की थी कि वह किसी अन्य दल से गठबंधन नहीं करेंगे लेकिन पर्यवेक्षकों का कहना है कि पीएमएल..एन और तहरीक-ए-इन्साफ के बीच, उपचुनाव के लिए एक तरह से गठबंधन था।
मीडिया की खबरों के अनुसार, अब्दुल कादिर गिलानी ने परिवार के परंपरागत गढ़ मुल्तान में हुआ उपचुनाव 64,628 मत हासिल कर जीत लिया है। उनके निकटतम प्रतिद्वन्द्वी और पीएमएल.एन तथा पाकिस्तान तहरीक-ए-इन्साफ समर्थित प्रत्याशी शौकत बोसन को कड़ी टक्कर में 60,532 वोट ही मिल सके।
पर्यवेक्षकों ने कहा कि राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले फिर से खोलने से इनकार के चलते सुप्रीम कोर्ट द्वारा गिलानी को अवमानना का दोषी ठहराकर अयोग्य घोषित करने तथा भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद पीपीपी नीत सरकार में बढ़ते असंतोष को देखते हुए अब्दुल कादिर गिलानी की यह जीत महत्वपूर्ण है।
बहरहाल, उन्होंने कहा कि गिलानी के बेटे ने केवल 4000 मतों से ही चुनाव जीता है जो पंजाब में पीपीपी विरोधी ताकतों पीएमएल.एन और इमरान खान नीत पाकिस्तान तहरीक-ए-इन्साफ जैसी पार्टियों के बोसन को दिए गए समर्थन को भी जाहिर करता है।
अब्दुल कादिर गिलानी ने कहा, आज जनता ने अपना फैसला दिया है। उन्होंने उन ताकतों को मुंहतोड़ जवाब दिया है जिन्होंने मेरे पिता को हटाया। लोकतंत्र विरोधी ताकतों को चाहिए कि वह पीपीपी के खिलाफ साजिश रचना बंद करें क्योंकि यह अब भी देश में सर्वाधिक लोकप्रिय पार्टी है। तीन सप्ताह के प्रचार में गिलानी ने अन्य राजनीतिक दलों की तुलना में न्यायपालिका को अधिक निशाना बनाया।
उन्होंने कहा, आज लोग यह साफ कर चुके हैं कि उन्होंने उसके (न्यायपालिका के) फैसले को पसंद नहीं किया। पीपीपी के अंदरूनी सूत्रों की राय है कि आज के उपचुनाव को पीपीपी और प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी की अगुवाई वाली सर्वोच्च न्यायपालिका तथा दक्षिणपंथी पार्टियों के बीच चुनाव कहना अधिक बेहतर होगा।
मुख्य धारा की किसी अन्य पार्टी ने गिलानी के पुत्र के खिलाफ प्रत्याशी नहीं उतारा लेकिन पीएमएल.एन और जमात-ए-इस्लामी आदि ने बोसन को समर्थन दिया।टिप्पणियां
बोसन पाकिस्तान तहरीक-ए-इन्साफ के नेता सिकंदर बोसन के भाई हैं। बोसन के पोस्टरों में इमरान खान, नवाज शरीफ, पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ और जमात-ए-इस्लामी के अध्यक्ष मुनव्वर हसन आदि के फोटो बताते थे कि उन्हें इन नेताओं का समर्थन प्राप्त है। पीएमएल.एन के प्रवक्ता परवेज राशिद ने कहा, हम बोसन को इसलिए समर्थन दे रहे हैं क्योंकि हम चाहते हैं कि वह और उनके भाई पीएमएल..एन में आ जाएं और हमारी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ें।
इमरान खान ने हालांकि घोषणा की थी कि वह किसी अन्य दल से गठबंधन नहीं करेंगे लेकिन पर्यवेक्षकों का कहना है कि पीएमएल..एन और तहरीक-ए-इन्साफ के बीच, उपचुनाव के लिए एक तरह से गठबंधन था।
पर्यवेक्षकों ने कहा कि राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले फिर से खोलने से इनकार के चलते सुप्रीम कोर्ट द्वारा गिलानी को अवमानना का दोषी ठहराकर अयोग्य घोषित करने तथा भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद पीपीपी नीत सरकार में बढ़ते असंतोष को देखते हुए अब्दुल कादिर गिलानी की यह जीत महत्वपूर्ण है।
बहरहाल, उन्होंने कहा कि गिलानी के बेटे ने केवल 4000 मतों से ही चुनाव जीता है जो पंजाब में पीपीपी विरोधी ताकतों पीएमएल.एन और इमरान खान नीत पाकिस्तान तहरीक-ए-इन्साफ जैसी पार्टियों के बोसन को दिए गए समर्थन को भी जाहिर करता है।
अब्दुल कादिर गिलानी ने कहा, आज जनता ने अपना फैसला दिया है। उन्होंने उन ताकतों को मुंहतोड़ जवाब दिया है जिन्होंने मेरे पिता को हटाया। लोकतंत्र विरोधी ताकतों को चाहिए कि वह पीपीपी के खिलाफ साजिश रचना बंद करें क्योंकि यह अब भी देश में सर्वाधिक लोकप्रिय पार्टी है। तीन सप्ताह के प्रचार में गिलानी ने अन्य राजनीतिक दलों की तुलना में न्यायपालिका को अधिक निशाना बनाया।
उन्होंने कहा, आज लोग यह साफ कर चुके हैं कि उन्होंने उसके (न्यायपालिका के) फैसले को पसंद नहीं किया। पीपीपी के अंदरूनी सूत्रों की राय है कि आज के उपचुनाव को पीपीपी और प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी की अगुवाई वाली सर्वोच्च न्यायपालिका तथा दक्षिणपंथी पार्टियों के बीच चुनाव कहना अधिक बेहतर होगा।
मुख्य धारा की किसी अन्य पार्टी ने गिलानी के पुत्र के खिलाफ प्रत्याशी नहीं उतारा लेकिन पीएमएल.एन और जमात-ए-इस्लामी आदि ने बोसन को समर्थन दिया।टिप्पणियां
बोसन पाकिस्तान तहरीक-ए-इन्साफ के नेता सिकंदर बोसन के भाई हैं। बोसन के पोस्टरों में इमरान खान, नवाज शरीफ, पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ और जमात-ए-इस्लामी के अध्यक्ष मुनव्वर हसन आदि के फोटो बताते थे कि उन्हें इन नेताओं का समर्थन प्राप्त है। पीएमएल.एन के प्रवक्ता परवेज राशिद ने कहा, हम बोसन को इसलिए समर्थन दे रहे हैं क्योंकि हम चाहते हैं कि वह और उनके भाई पीएमएल..एन में आ जाएं और हमारी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ें।
इमरान खान ने हालांकि घोषणा की थी कि वह किसी अन्य दल से गठबंधन नहीं करेंगे लेकिन पर्यवेक्षकों का कहना है कि पीएमएल..एन और तहरीक-ए-इन्साफ के बीच, उपचुनाव के लिए एक तरह से गठबंधन था।
बहरहाल, उन्होंने कहा कि गिलानी के बेटे ने केवल 4000 मतों से ही चुनाव जीता है जो पंजाब में पीपीपी विरोधी ताकतों पीएमएल.एन और इमरान खान नीत पाकिस्तान तहरीक-ए-इन्साफ जैसी पार्टियों के बोसन को दिए गए समर्थन को भी जाहिर करता है।
अब्दुल कादिर गिलानी ने कहा, आज जनता ने अपना फैसला दिया है। उन्होंने उन ताकतों को मुंहतोड़ जवाब दिया है जिन्होंने मेरे पिता को हटाया। लोकतंत्र विरोधी ताकतों को चाहिए कि वह पीपीपी के खिलाफ साजिश रचना बंद करें क्योंकि यह अब भी देश में सर्वाधिक लोकप्रिय पार्टी है। तीन सप्ताह के प्रचार में गिलानी ने अन्य राजनीतिक दलों की तुलना में न्यायपालिका को अधिक निशाना बनाया।
उन्होंने कहा, आज लोग यह साफ कर चुके हैं कि उन्होंने उसके (न्यायपालिका के) फैसले को पसंद नहीं किया। पीपीपी के अंदरूनी सूत्रों की राय है कि आज के उपचुनाव को पीपीपी और प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी की अगुवाई वाली सर्वोच्च न्यायपालिका तथा दक्षिणपंथी पार्टियों के बीच चुनाव कहना अधिक बेहतर होगा।
मुख्य धारा की किसी अन्य पार्टी ने गिलानी के पुत्र के खिलाफ प्रत्याशी नहीं उतारा लेकिन पीएमएल.एन और जमात-ए-इस्लामी आदि ने बोसन को समर्थन दिया।टिप्पणियां
बोसन पाकिस्तान तहरीक-ए-इन्साफ के नेता सिकंदर बोसन के भाई हैं। बोसन के पोस्टरों में इमरान खान, नवाज शरीफ, पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ और जमात-ए-इस्लामी के अध्यक्ष मुनव्वर हसन आदि के फोटो बताते थे कि उन्हें इन नेताओं का समर्थन प्राप्त है। पीएमएल.एन के प्रवक्ता परवेज राशिद ने कहा, हम बोसन को इसलिए समर्थन दे रहे हैं क्योंकि हम चाहते हैं कि वह और उनके भाई पीएमएल..एन में आ जाएं और हमारी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ें।
इमरान खान ने हालांकि घोषणा की थी कि वह किसी अन्य दल से गठबंधन नहीं करेंगे लेकिन पर्यवेक्षकों का कहना है कि पीएमएल..एन और तहरीक-ए-इन्साफ के बीच, उपचुनाव के लिए एक तरह से गठबंधन था।
अब्दुल कादिर गिलानी ने कहा, आज जनता ने अपना फैसला दिया है। उन्होंने उन ताकतों को मुंहतोड़ जवाब दिया है जिन्होंने मेरे पिता को हटाया। लोकतंत्र विरोधी ताकतों को चाहिए कि वह पीपीपी के खिलाफ साजिश रचना बंद करें क्योंकि यह अब भी देश में सर्वाधिक लोकप्रिय पार्टी है। तीन सप्ताह के प्रचार में गिलानी ने अन्य राजनीतिक दलों की तुलना में न्यायपालिका को अधिक निशाना बनाया।
उन्होंने कहा, आज लोग यह साफ कर चुके हैं कि उन्होंने उसके (न्यायपालिका के) फैसले को पसंद नहीं किया। पीपीपी के अंदरूनी सूत्रों की राय है कि आज के उपचुनाव को पीपीपी और प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी की अगुवाई वाली सर्वोच्च न्यायपालिका तथा दक्षिणपंथी पार्टियों के बीच चुनाव कहना अधिक बेहतर होगा।
मुख्य धारा की किसी अन्य पार्टी ने गिलानी के पुत्र के खिलाफ प्रत्याशी नहीं उतारा लेकिन पीएमएल.एन और जमात-ए-इस्लामी आदि ने बोसन को समर्थन दिया।टिप्पणियां
बोसन पाकिस्तान तहरीक-ए-इन्साफ के नेता सिकंदर बोसन के भाई हैं। बोसन के पोस्टरों में इमरान खान, नवाज शरीफ, पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ और जमात-ए-इस्लामी के अध्यक्ष मुनव्वर हसन आदि के फोटो बताते थे कि उन्हें इन नेताओं का समर्थन प्राप्त है। पीएमएल.एन के प्रवक्ता परवेज राशिद ने कहा, हम बोसन को इसलिए समर्थन दे रहे हैं क्योंकि हम चाहते हैं कि वह और उनके भाई पीएमएल..एन में आ जाएं और हमारी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ें।
इमरान खान ने हालांकि घोषणा की थी कि वह किसी अन्य दल से गठबंधन नहीं करेंगे लेकिन पर्यवेक्षकों का कहना है कि पीएमएल..एन और तहरीक-ए-इन्साफ के बीच, उपचुनाव के लिए एक तरह से गठबंधन था।
उन्होंने कहा, आज लोग यह साफ कर चुके हैं कि उन्होंने उसके (न्यायपालिका के) फैसले को पसंद नहीं किया। पीपीपी के अंदरूनी सूत्रों की राय है कि आज के उपचुनाव को पीपीपी और प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी की अगुवाई वाली सर्वोच्च न्यायपालिका तथा दक्षिणपंथी पार्टियों के बीच चुनाव कहना अधिक बेहतर होगा।
मुख्य धारा की किसी अन्य पार्टी ने गिलानी के पुत्र के खिलाफ प्रत्याशी नहीं उतारा लेकिन पीएमएल.एन और जमात-ए-इस्लामी आदि ने बोसन को समर्थन दिया।टिप्पणियां
बोसन पाकिस्तान तहरीक-ए-इन्साफ के नेता सिकंदर बोसन के भाई हैं। बोसन के पोस्टरों में इमरान खान, नवाज शरीफ, पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ और जमात-ए-इस्लामी के अध्यक्ष मुनव्वर हसन आदि के फोटो बताते थे कि उन्हें इन नेताओं का समर्थन प्राप्त है। पीएमएल.एन के प्रवक्ता परवेज राशिद ने कहा, हम बोसन को इसलिए समर्थन दे रहे हैं क्योंकि हम चाहते हैं कि वह और उनके भाई पीएमएल..एन में आ जाएं और हमारी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ें।
इमरान खान ने हालांकि घोषणा की थी कि वह किसी अन्य दल से गठबंधन नहीं करेंगे लेकिन पर्यवेक्षकों का कहना है कि पीएमएल..एन और तहरीक-ए-इन्साफ के बीच, उपचुनाव के लिए एक तरह से गठबंधन था।
मुख्य धारा की किसी अन्य पार्टी ने गिलानी के पुत्र के खिलाफ प्रत्याशी नहीं उतारा लेकिन पीएमएल.एन और जमात-ए-इस्लामी आदि ने बोसन को समर्थन दिया।टिप्पणियां
बोसन पाकिस्तान तहरीक-ए-इन्साफ के नेता सिकंदर बोसन के भाई हैं। बोसन के पोस्टरों में इमरान खान, नवाज शरीफ, पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ और जमात-ए-इस्लामी के अध्यक्ष मुनव्वर हसन आदि के फोटो बताते थे कि उन्हें इन नेताओं का समर्थन प्राप्त है। पीएमएल.एन के प्रवक्ता परवेज राशिद ने कहा, हम बोसन को इसलिए समर्थन दे रहे हैं क्योंकि हम चाहते हैं कि वह और उनके भाई पीएमएल..एन में आ जाएं और हमारी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ें।
इमरान खान ने हालांकि घोषणा की थी कि वह किसी अन्य दल से गठबंधन नहीं करेंगे लेकिन पर्यवेक्षकों का कहना है कि पीएमएल..एन और तहरीक-ए-इन्साफ के बीच, उपचुनाव के लिए एक तरह से गठबंधन था।
बोसन पाकिस्तान तहरीक-ए-इन्साफ के नेता सिकंदर बोसन के भाई हैं। बोसन के पोस्टरों में इमरान खान, नवाज शरीफ, पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ और जमात-ए-इस्लामी के अध्यक्ष मुनव्वर हसन आदि के फोटो बताते थे कि उन्हें इन नेताओं का समर्थन प्राप्त है। पीएमएल.एन के प्रवक्ता परवेज राशिद ने कहा, हम बोसन को इसलिए समर्थन दे रहे हैं क्योंकि हम चाहते हैं कि वह और उनके भाई पीएमएल..एन में आ जाएं और हमारी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ें।
इमरान खान ने हालांकि घोषणा की थी कि वह किसी अन्य दल से गठबंधन नहीं करेंगे लेकिन पर्यवेक्षकों का कहना है कि पीएमएल..एन और तहरीक-ए-इन्साफ के बीच, उपचुनाव के लिए एक तरह से गठबंधन था।
इमरान खान ने हालांकि घोषणा की थी कि वह किसी अन्य दल से गठबंधन नहीं करेंगे लेकिन पर्यवेक्षकों का कहना है कि पीएमएल..एन और तहरीक-ए-इन्साफ के बीच, उपचुनाव के लिए एक तरह से गठबंधन था। | मीडिया की खबरों के अनुसार, अब्दुल कादिर गिलानी ने परिवार के परंपरागत गढ़ मुल्तान में हुआ उपचुनाव 64,628 मत हासिल कर जीत लिया है। | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण बुधवार को देर रात तीन दिन के दौरे पर फ्रांस जा रही हैं. फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान सौदे पर जिस तरह से देश में बवाल मचा हुआ है उससे रक्षा मंत्री का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है.
फ्रांस में सीतारमण वहां की रक्षा मंत्री से मिलेंगी और शुक्रवार को राफेल बनाने वाली कंपनी दसॉल्ट भी जाएंगी. संभावना है कि फ्रांस के राष्ट्रपति से भी रक्षा मंत्री की मुलाकात हो.टिप्पणियां
करीब 59 हज़ार करोड़ में 36 राफेल खरीदने का सौदा 2016 में हुआ था. विपक्ष और खासकर कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार यूपीए सरकार की तुलना में राफेल की अधिक कीमत दे रही है. साथ ही 126 के बजाय 36 राफेल लेने से देश की सुरक्षा दांव पर लगी है. इतना ही नहीं राफेल सौदे में ऑफसेट का कॉन्ट्रैक्ट प्राइवेट कंपनी को दिए जाने पर भी कांग्रेस ने सवाल उठाया है.
पहले सरकार ये दावा करती रही कि राफेल सौदे में ऑफसेट के लिए कंपनी दसॉल्ट ने तय की है जबकि उस वक़्त के फ्रांस के राष्ट्रपति ने मोदी सरकार को कटघरे में तब खड़ा कर दिया जब उन्होंने एक इंटरव्यू में दावा किया कि राफेल सौदे में ऑफसेट के लिए भारतीय कंपनी के चयन का प्रस्ताव भारत सरकार की तरफ से आया था.
फ्रांस में सीतारमण वहां की रक्षा मंत्री से मिलेंगी और शुक्रवार को राफेल बनाने वाली कंपनी दसॉल्ट भी जाएंगी. संभावना है कि फ्रांस के राष्ट्रपति से भी रक्षा मंत्री की मुलाकात हो.टिप्पणियां
करीब 59 हज़ार करोड़ में 36 राफेल खरीदने का सौदा 2016 में हुआ था. विपक्ष और खासकर कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार यूपीए सरकार की तुलना में राफेल की अधिक कीमत दे रही है. साथ ही 126 के बजाय 36 राफेल लेने से देश की सुरक्षा दांव पर लगी है. इतना ही नहीं राफेल सौदे में ऑफसेट का कॉन्ट्रैक्ट प्राइवेट कंपनी को दिए जाने पर भी कांग्रेस ने सवाल उठाया है.
पहले सरकार ये दावा करती रही कि राफेल सौदे में ऑफसेट के लिए कंपनी दसॉल्ट ने तय की है जबकि उस वक़्त के फ्रांस के राष्ट्रपति ने मोदी सरकार को कटघरे में तब खड़ा कर दिया जब उन्होंने एक इंटरव्यू में दावा किया कि राफेल सौदे में ऑफसेट के लिए भारतीय कंपनी के चयन का प्रस्ताव भारत सरकार की तरफ से आया था.
करीब 59 हज़ार करोड़ में 36 राफेल खरीदने का सौदा 2016 में हुआ था. विपक्ष और खासकर कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार यूपीए सरकार की तुलना में राफेल की अधिक कीमत दे रही है. साथ ही 126 के बजाय 36 राफेल लेने से देश की सुरक्षा दांव पर लगी है. इतना ही नहीं राफेल सौदे में ऑफसेट का कॉन्ट्रैक्ट प्राइवेट कंपनी को दिए जाने पर भी कांग्रेस ने सवाल उठाया है.
पहले सरकार ये दावा करती रही कि राफेल सौदे में ऑफसेट के लिए कंपनी दसॉल्ट ने तय की है जबकि उस वक़्त के फ्रांस के राष्ट्रपति ने मोदी सरकार को कटघरे में तब खड़ा कर दिया जब उन्होंने एक इंटरव्यू में दावा किया कि राफेल सौदे में ऑफसेट के लिए भारतीय कंपनी के चयन का प्रस्ताव भारत सरकार की तरफ से आया था.
पहले सरकार ये दावा करती रही कि राफेल सौदे में ऑफसेट के लिए कंपनी दसॉल्ट ने तय की है जबकि उस वक़्त के फ्रांस के राष्ट्रपति ने मोदी सरकार को कटघरे में तब खड़ा कर दिया जब उन्होंने एक इंटरव्यू में दावा किया कि राफेल सौदे में ऑफसेट के लिए भारतीय कंपनी के चयन का प्रस्ताव भारत सरकार की तरफ से आया था. | संक्षिप्त सारांश: राफेल बनाने वाली कंपनी दसॉल्ट भी जाएंगी सीतारमण
फ्रांस की रक्षा मंत्री से मिलेंगी, राष्ट्रपति से भी हो सकती है मुलाकात
59 हज़ार करोड़ में 36 राफेल खरीदने के सौदे पर जारी है बहस | 29 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: 'हम हमेशा आपके साथ रहेंगे, छोटू को बोलिएगा खूब पढ़ेगा, बहुत आगे जाएगा. बिना किसी टेंशन के छोटू पढ़ना, हम हमेशा तुम लोग के साथ रहेंगे. बहुत याद करेंगे तुमको, पढ़ना मेरे भाई, माफ़ कर देना मेरे मम्मी पापा.'
यह पंक्तिया उस वीडियो में 16 साल के अमन गुप्ता ने कही हैं, जो उसने अपनी आत्महत्या से पहले शूट किया था. यह वीडियो बनाने के बाद उसने कोटा की चंबल नदी में छलांग लगाकर जान दे दी.
अमन कोटा में रहकर पिछले एक साल से मेडिकल की तैयारी कर रहा था. इस आखिरी वीडियो के ज़रिए उसने माता-पिता से माफी मांगकर संदेश दिया है कि उसके छोटे भाई 'छोटू' को आगे पढ़ाएं.
अमन माता-पिता के सपने पूरे करने के लायक नहीं था वीडियो में उसने इसका भी ज़िक्र किया है, दिल को छू जाने वाले इस वीडियो के अंत में हाथ हिलाकर कैमरे की तरफ अलविदा कहकर उसने माता-पिता और दुनिया से हमेशा के लिए विदाई ले ली.
यह संदेश उसके परिवार तक पहुंच जाए, इसको लेकर अमन ने आत्महत्या करने से पहले अपने एक दोस्त को फ़ोन करके बताया कि वह फ़ोन और गले का एक लॉकेट कहां रख कर जा रहा है.
उसके दोस्त ने तुरंत एलन करियर इंस्टिट्यूट में काउंसलर को बताया, काउंसलर के साथ जब वह कोटा के हैंगिंग ब्रिज के पास पहुंचे तो बताई हुई जगह पर लॉकेट और फ़ोन मिल गया, लेकिन अमन वहां नहीं था. पुलिस को सूचना देने पर गोताखोरों ने अमन का शव चंबल नदी से ढूंढ निकाला.टिप्पणियां
बता दें कि कोटा में हर साल लाखों बच्चे IIT और मेडिकल की तैयारी करने आते हैं. इस साल सबसे ज़्यादा टॉपर्स मेडिकल और आईआईटी में कोटा के कोचिंग सेंटरों से ही निकले, लेकिन सफलता की इस दौड़ में अमन जैसे कई ऐसे बच्चे भी हैं, जो पढ़ाई और परिक्षा में सफलता पाने की दौड़ में पीछे छूट जाते हैं.
पिछले साल कोटा में 17 बच्चों ने आत्महत्या की थी. इस साल अमन दसवां छात्र है, जिसने आत्महत्या का कदम उठाया है. अमन बिहार के राघोपुर का रहने वाला है.
यह पंक्तिया उस वीडियो में 16 साल के अमन गुप्ता ने कही हैं, जो उसने अपनी आत्महत्या से पहले शूट किया था. यह वीडियो बनाने के बाद उसने कोटा की चंबल नदी में छलांग लगाकर जान दे दी.
अमन कोटा में रहकर पिछले एक साल से मेडिकल की तैयारी कर रहा था. इस आखिरी वीडियो के ज़रिए उसने माता-पिता से माफी मांगकर संदेश दिया है कि उसके छोटे भाई 'छोटू' को आगे पढ़ाएं.
अमन माता-पिता के सपने पूरे करने के लायक नहीं था वीडियो में उसने इसका भी ज़िक्र किया है, दिल को छू जाने वाले इस वीडियो के अंत में हाथ हिलाकर कैमरे की तरफ अलविदा कहकर उसने माता-पिता और दुनिया से हमेशा के लिए विदाई ले ली.
यह संदेश उसके परिवार तक पहुंच जाए, इसको लेकर अमन ने आत्महत्या करने से पहले अपने एक दोस्त को फ़ोन करके बताया कि वह फ़ोन और गले का एक लॉकेट कहां रख कर जा रहा है.
उसके दोस्त ने तुरंत एलन करियर इंस्टिट्यूट में काउंसलर को बताया, काउंसलर के साथ जब वह कोटा के हैंगिंग ब्रिज के पास पहुंचे तो बताई हुई जगह पर लॉकेट और फ़ोन मिल गया, लेकिन अमन वहां नहीं था. पुलिस को सूचना देने पर गोताखोरों ने अमन का शव चंबल नदी से ढूंढ निकाला.टिप्पणियां
बता दें कि कोटा में हर साल लाखों बच्चे IIT और मेडिकल की तैयारी करने आते हैं. इस साल सबसे ज़्यादा टॉपर्स मेडिकल और आईआईटी में कोटा के कोचिंग सेंटरों से ही निकले, लेकिन सफलता की इस दौड़ में अमन जैसे कई ऐसे बच्चे भी हैं, जो पढ़ाई और परिक्षा में सफलता पाने की दौड़ में पीछे छूट जाते हैं.
पिछले साल कोटा में 17 बच्चों ने आत्महत्या की थी. इस साल अमन दसवां छात्र है, जिसने आत्महत्या का कदम उठाया है. अमन बिहार के राघोपुर का रहने वाला है.
अमन कोटा में रहकर पिछले एक साल से मेडिकल की तैयारी कर रहा था. इस आखिरी वीडियो के ज़रिए उसने माता-पिता से माफी मांगकर संदेश दिया है कि उसके छोटे भाई 'छोटू' को आगे पढ़ाएं.
अमन माता-पिता के सपने पूरे करने के लायक नहीं था वीडियो में उसने इसका भी ज़िक्र किया है, दिल को छू जाने वाले इस वीडियो के अंत में हाथ हिलाकर कैमरे की तरफ अलविदा कहकर उसने माता-पिता और दुनिया से हमेशा के लिए विदाई ले ली.
यह संदेश उसके परिवार तक पहुंच जाए, इसको लेकर अमन ने आत्महत्या करने से पहले अपने एक दोस्त को फ़ोन करके बताया कि वह फ़ोन और गले का एक लॉकेट कहां रख कर जा रहा है.
उसके दोस्त ने तुरंत एलन करियर इंस्टिट्यूट में काउंसलर को बताया, काउंसलर के साथ जब वह कोटा के हैंगिंग ब्रिज के पास पहुंचे तो बताई हुई जगह पर लॉकेट और फ़ोन मिल गया, लेकिन अमन वहां नहीं था. पुलिस को सूचना देने पर गोताखोरों ने अमन का शव चंबल नदी से ढूंढ निकाला.टिप्पणियां
बता दें कि कोटा में हर साल लाखों बच्चे IIT और मेडिकल की तैयारी करने आते हैं. इस साल सबसे ज़्यादा टॉपर्स मेडिकल और आईआईटी में कोटा के कोचिंग सेंटरों से ही निकले, लेकिन सफलता की इस दौड़ में अमन जैसे कई ऐसे बच्चे भी हैं, जो पढ़ाई और परिक्षा में सफलता पाने की दौड़ में पीछे छूट जाते हैं.
पिछले साल कोटा में 17 बच्चों ने आत्महत्या की थी. इस साल अमन दसवां छात्र है, जिसने आत्महत्या का कदम उठाया है. अमन बिहार के राघोपुर का रहने वाला है.
अमन माता-पिता के सपने पूरे करने के लायक नहीं था वीडियो में उसने इसका भी ज़िक्र किया है, दिल को छू जाने वाले इस वीडियो के अंत में हाथ हिलाकर कैमरे की तरफ अलविदा कहकर उसने माता-पिता और दुनिया से हमेशा के लिए विदाई ले ली.
यह संदेश उसके परिवार तक पहुंच जाए, इसको लेकर अमन ने आत्महत्या करने से पहले अपने एक दोस्त को फ़ोन करके बताया कि वह फ़ोन और गले का एक लॉकेट कहां रख कर जा रहा है.
उसके दोस्त ने तुरंत एलन करियर इंस्टिट्यूट में काउंसलर को बताया, काउंसलर के साथ जब वह कोटा के हैंगिंग ब्रिज के पास पहुंचे तो बताई हुई जगह पर लॉकेट और फ़ोन मिल गया, लेकिन अमन वहां नहीं था. पुलिस को सूचना देने पर गोताखोरों ने अमन का शव चंबल नदी से ढूंढ निकाला.टिप्पणियां
बता दें कि कोटा में हर साल लाखों बच्चे IIT और मेडिकल की तैयारी करने आते हैं. इस साल सबसे ज़्यादा टॉपर्स मेडिकल और आईआईटी में कोटा के कोचिंग सेंटरों से ही निकले, लेकिन सफलता की इस दौड़ में अमन जैसे कई ऐसे बच्चे भी हैं, जो पढ़ाई और परिक्षा में सफलता पाने की दौड़ में पीछे छूट जाते हैं.
पिछले साल कोटा में 17 बच्चों ने आत्महत्या की थी. इस साल अमन दसवां छात्र है, जिसने आत्महत्या का कदम उठाया है. अमन बिहार के राघोपुर का रहने वाला है.
यह संदेश उसके परिवार तक पहुंच जाए, इसको लेकर अमन ने आत्महत्या करने से पहले अपने एक दोस्त को फ़ोन करके बताया कि वह फ़ोन और गले का एक लॉकेट कहां रख कर जा रहा है.
उसके दोस्त ने तुरंत एलन करियर इंस्टिट्यूट में काउंसलर को बताया, काउंसलर के साथ जब वह कोटा के हैंगिंग ब्रिज के पास पहुंचे तो बताई हुई जगह पर लॉकेट और फ़ोन मिल गया, लेकिन अमन वहां नहीं था. पुलिस को सूचना देने पर गोताखोरों ने अमन का शव चंबल नदी से ढूंढ निकाला.टिप्पणियां
बता दें कि कोटा में हर साल लाखों बच्चे IIT और मेडिकल की तैयारी करने आते हैं. इस साल सबसे ज़्यादा टॉपर्स मेडिकल और आईआईटी में कोटा के कोचिंग सेंटरों से ही निकले, लेकिन सफलता की इस दौड़ में अमन जैसे कई ऐसे बच्चे भी हैं, जो पढ़ाई और परिक्षा में सफलता पाने की दौड़ में पीछे छूट जाते हैं.
पिछले साल कोटा में 17 बच्चों ने आत्महत्या की थी. इस साल अमन दसवां छात्र है, जिसने आत्महत्या का कदम उठाया है. अमन बिहार के राघोपुर का रहने वाला है.
उसके दोस्त ने तुरंत एलन करियर इंस्टिट्यूट में काउंसलर को बताया, काउंसलर के साथ जब वह कोटा के हैंगिंग ब्रिज के पास पहुंचे तो बताई हुई जगह पर लॉकेट और फ़ोन मिल गया, लेकिन अमन वहां नहीं था. पुलिस को सूचना देने पर गोताखोरों ने अमन का शव चंबल नदी से ढूंढ निकाला.टिप्पणियां
बता दें कि कोटा में हर साल लाखों बच्चे IIT और मेडिकल की तैयारी करने आते हैं. इस साल सबसे ज़्यादा टॉपर्स मेडिकल और आईआईटी में कोटा के कोचिंग सेंटरों से ही निकले, लेकिन सफलता की इस दौड़ में अमन जैसे कई ऐसे बच्चे भी हैं, जो पढ़ाई और परिक्षा में सफलता पाने की दौड़ में पीछे छूट जाते हैं.
पिछले साल कोटा में 17 बच्चों ने आत्महत्या की थी. इस साल अमन दसवां छात्र है, जिसने आत्महत्या का कदम उठाया है. अमन बिहार के राघोपुर का रहने वाला है.
बता दें कि कोटा में हर साल लाखों बच्चे IIT और मेडिकल की तैयारी करने आते हैं. इस साल सबसे ज़्यादा टॉपर्स मेडिकल और आईआईटी में कोटा के कोचिंग सेंटरों से ही निकले, लेकिन सफलता की इस दौड़ में अमन जैसे कई ऐसे बच्चे भी हैं, जो पढ़ाई और परिक्षा में सफलता पाने की दौड़ में पीछे छूट जाते हैं.
पिछले साल कोटा में 17 बच्चों ने आत्महत्या की थी. इस साल अमन दसवां छात्र है, जिसने आत्महत्या का कदम उठाया है. अमन बिहार के राघोपुर का रहने वाला है.
पिछले साल कोटा में 17 बच्चों ने आत्महत्या की थी. इस साल अमन दसवां छात्र है, जिसने आत्महत्या का कदम उठाया है. अमन बिहार के राघोपुर का रहने वाला है. | संक्षिप्त पाठ: अमन ने वीडियो में कहा कि वह माता-पिता के सपने पूरे नहीं कर सकता
अपने एक दोस्त को जानकारी दी कि उसका फोन और लॉकेट कहां मिलेगा
गोताखोरों ने अमन का शव चंबल नदी से ढूंढ निकाला | 30 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में राजस्थान रॉयल्स टीम के एक मालिक राज कुंद्रा से दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल आज पूछताछ की।
सूत्रों के मुताबिक, उनके साथ ही राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ी सिद्धार्थ त्रिवेदी को भी स्पेशल सेल के दफ्तर बुलाया गया था और आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की गई। दरअसल, सिद्धार्थ त्रिवेदी इस केस में गवाह बन गए हैं।
राज कुंद्रा बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति हैं। पिछले महीने राजस्थान टीम के तीन खिलाड़ियों एस श्रीसंत, अजित चंदीला और अंकित चव्हाण की गिरफ्तारी के बाद से इस पूरे प्रकरण का खुलासा हुआ था।टिप्पणियां
स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण में भारत के सर्वाधिक वांछित दाउद इब्राहिम और उसके करीबी सहयोगी छोटा शकील का नाम सामने आने से यह पूरा मामला और उलझ गया है। दिल्ली पुलिस ने आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग के मामले में गिरफ्तार क्रिकेटर श्रीसंत और 25 अन्य पर मकोका के कड़े प्रावधान लगा दिए हैं। उसने दावा किया कि अश्विनी अग्रवाल जैसे सट्टेबाज दाउद गिरोह के लिए काम कर रहे हैं।
पुलिस ने दावा किया कि उनके पास मौजूद पर्याप्त सबूतों एवं पकड़ी गई टेलीफोन वार्ता से अदालत में यह बात साबित हो सकती है कि सट्टेबाजों ने आईपीएल मैचों की फिक्सिंग के लिए अपराध जगत के नेटवर्क का इस्तेमाल किया। जांच से जुड़े एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बताया कि अब उनके पास पकड़ी गई पर्याप्त टेलीफोन वार्ता मौजूद है, जिससे यह पता चलता है कि सट्टेबाजों ने दुबई, कराची एवं पाकिस्तान के अन्य शहरों में काल करके सट्टेबाजी की दर तय करवाई या बदलवाई।
सूत्रों के मुताबिक, उनके साथ ही राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ी सिद्धार्थ त्रिवेदी को भी स्पेशल सेल के दफ्तर बुलाया गया था और आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की गई। दरअसल, सिद्धार्थ त्रिवेदी इस केस में गवाह बन गए हैं।
राज कुंद्रा बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति हैं। पिछले महीने राजस्थान टीम के तीन खिलाड़ियों एस श्रीसंत, अजित चंदीला और अंकित चव्हाण की गिरफ्तारी के बाद से इस पूरे प्रकरण का खुलासा हुआ था।टिप्पणियां
स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण में भारत के सर्वाधिक वांछित दाउद इब्राहिम और उसके करीबी सहयोगी छोटा शकील का नाम सामने आने से यह पूरा मामला और उलझ गया है। दिल्ली पुलिस ने आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग के मामले में गिरफ्तार क्रिकेटर श्रीसंत और 25 अन्य पर मकोका के कड़े प्रावधान लगा दिए हैं। उसने दावा किया कि अश्विनी अग्रवाल जैसे सट्टेबाज दाउद गिरोह के लिए काम कर रहे हैं।
पुलिस ने दावा किया कि उनके पास मौजूद पर्याप्त सबूतों एवं पकड़ी गई टेलीफोन वार्ता से अदालत में यह बात साबित हो सकती है कि सट्टेबाजों ने आईपीएल मैचों की फिक्सिंग के लिए अपराध जगत के नेटवर्क का इस्तेमाल किया। जांच से जुड़े एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बताया कि अब उनके पास पकड़ी गई पर्याप्त टेलीफोन वार्ता मौजूद है, जिससे यह पता चलता है कि सट्टेबाजों ने दुबई, कराची एवं पाकिस्तान के अन्य शहरों में काल करके सट्टेबाजी की दर तय करवाई या बदलवाई।
राज कुंद्रा बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति हैं। पिछले महीने राजस्थान टीम के तीन खिलाड़ियों एस श्रीसंत, अजित चंदीला और अंकित चव्हाण की गिरफ्तारी के बाद से इस पूरे प्रकरण का खुलासा हुआ था।टिप्पणियां
स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण में भारत के सर्वाधिक वांछित दाउद इब्राहिम और उसके करीबी सहयोगी छोटा शकील का नाम सामने आने से यह पूरा मामला और उलझ गया है। दिल्ली पुलिस ने आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग के मामले में गिरफ्तार क्रिकेटर श्रीसंत और 25 अन्य पर मकोका के कड़े प्रावधान लगा दिए हैं। उसने दावा किया कि अश्विनी अग्रवाल जैसे सट्टेबाज दाउद गिरोह के लिए काम कर रहे हैं।
पुलिस ने दावा किया कि उनके पास मौजूद पर्याप्त सबूतों एवं पकड़ी गई टेलीफोन वार्ता से अदालत में यह बात साबित हो सकती है कि सट्टेबाजों ने आईपीएल मैचों की फिक्सिंग के लिए अपराध जगत के नेटवर्क का इस्तेमाल किया। जांच से जुड़े एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बताया कि अब उनके पास पकड़ी गई पर्याप्त टेलीफोन वार्ता मौजूद है, जिससे यह पता चलता है कि सट्टेबाजों ने दुबई, कराची एवं पाकिस्तान के अन्य शहरों में काल करके सट्टेबाजी की दर तय करवाई या बदलवाई।
स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण में भारत के सर्वाधिक वांछित दाउद इब्राहिम और उसके करीबी सहयोगी छोटा शकील का नाम सामने आने से यह पूरा मामला और उलझ गया है। दिल्ली पुलिस ने आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग के मामले में गिरफ्तार क्रिकेटर श्रीसंत और 25 अन्य पर मकोका के कड़े प्रावधान लगा दिए हैं। उसने दावा किया कि अश्विनी अग्रवाल जैसे सट्टेबाज दाउद गिरोह के लिए काम कर रहे हैं।
पुलिस ने दावा किया कि उनके पास मौजूद पर्याप्त सबूतों एवं पकड़ी गई टेलीफोन वार्ता से अदालत में यह बात साबित हो सकती है कि सट्टेबाजों ने आईपीएल मैचों की फिक्सिंग के लिए अपराध जगत के नेटवर्क का इस्तेमाल किया। जांच से जुड़े एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बताया कि अब उनके पास पकड़ी गई पर्याप्त टेलीफोन वार्ता मौजूद है, जिससे यह पता चलता है कि सट्टेबाजों ने दुबई, कराची एवं पाकिस्तान के अन्य शहरों में काल करके सट्टेबाजी की दर तय करवाई या बदलवाई।
पुलिस ने दावा किया कि उनके पास मौजूद पर्याप्त सबूतों एवं पकड़ी गई टेलीफोन वार्ता से अदालत में यह बात साबित हो सकती है कि सट्टेबाजों ने आईपीएल मैचों की फिक्सिंग के लिए अपराध जगत के नेटवर्क का इस्तेमाल किया। जांच से जुड़े एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बताया कि अब उनके पास पकड़ी गई पर्याप्त टेलीफोन वार्ता मौजूद है, जिससे यह पता चलता है कि सट्टेबाजों ने दुबई, कराची एवं पाकिस्तान के अन्य शहरों में काल करके सट्टेबाजी की दर तय करवाई या बदलवाई। | संक्षिप्त सारांश: सूत्रों के मुताबिक, उनके साथ ही राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ी सिद्धार्थ त्रिवेदी को भी स्पेशल सेल के दफ्तर बुलाया गया था। दरअसल, त्रिवेदी इस केस में गवाह बन गए हैं। | 23 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: जनरल मोटर्स इंडिया ने 1.14 लाख टवेरा गाड़ियां वापस मंगाई हैं। इन बहुउद्देश्यीय वाहनों का निर्माण 2005 से 2013 के दौरान किया गया है और इनमें धुआं उत्सर्जन प्रणाली में प्रदूषण नियंत्रण मानकों के अनुसार कुछ कमियां पाई गई है। कंपनी उन्हें मुफ्त में ठीक कर वापस करेगी।
कंपनी ने एक विज्ञप्ति में बताया कि भारतीय अधिकारियों ने टवेरा बीएस3 और टवेरा बीएसआई5 की गाड़ियों में उत्सर्जन मानकों के अनुसार खामी के बारे में सूचित किया था।टिप्पणियां
कंपनी ने कहा है, जनरल मोटर्स (जीएमआई) 2005 से 2013 के दौरान निर्मित शेवरले टवेरा बीएस3 (2.5 लिटर वैरियंट) और बीएस4 (2.0 लिटर) गाड़ियों को खुद वापस मंगा रही है, ताकि इनमें उत्सर्जन और निर्देश संबंधी समस्याओं का समाधान किया जा सके। कंपनी ने कहा कि उसकी 1,14,000 गाड़ियों को कंपनी के 280 डीलरों के माध्यम से मुफ्त में सुधार के बाद गाड़ी मालिकों को वापस कर दिया जाएगा।
कंपनी ने 4 जून से टवेरा बीएस3 और 2 जुलाई से बीएसआई5 गाड़ियों का उत्पादन और इसकी बिक्री बंद कर दी थी। उसने कहा है कि यह मामला सुरक्षा का नहीं है।
कंपनी ने एक विज्ञप्ति में बताया कि भारतीय अधिकारियों ने टवेरा बीएस3 और टवेरा बीएसआई5 की गाड़ियों में उत्सर्जन मानकों के अनुसार खामी के बारे में सूचित किया था।टिप्पणियां
कंपनी ने कहा है, जनरल मोटर्स (जीएमआई) 2005 से 2013 के दौरान निर्मित शेवरले टवेरा बीएस3 (2.5 लिटर वैरियंट) और बीएस4 (2.0 लिटर) गाड़ियों को खुद वापस मंगा रही है, ताकि इनमें उत्सर्जन और निर्देश संबंधी समस्याओं का समाधान किया जा सके। कंपनी ने कहा कि उसकी 1,14,000 गाड़ियों को कंपनी के 280 डीलरों के माध्यम से मुफ्त में सुधार के बाद गाड़ी मालिकों को वापस कर दिया जाएगा।
कंपनी ने 4 जून से टवेरा बीएस3 और 2 जुलाई से बीएसआई5 गाड़ियों का उत्पादन और इसकी बिक्री बंद कर दी थी। उसने कहा है कि यह मामला सुरक्षा का नहीं है।
कंपनी ने कहा है, जनरल मोटर्स (जीएमआई) 2005 से 2013 के दौरान निर्मित शेवरले टवेरा बीएस3 (2.5 लिटर वैरियंट) और बीएस4 (2.0 लिटर) गाड़ियों को खुद वापस मंगा रही है, ताकि इनमें उत्सर्जन और निर्देश संबंधी समस्याओं का समाधान किया जा सके। कंपनी ने कहा कि उसकी 1,14,000 गाड़ियों को कंपनी के 280 डीलरों के माध्यम से मुफ्त में सुधार के बाद गाड़ी मालिकों को वापस कर दिया जाएगा।
कंपनी ने 4 जून से टवेरा बीएस3 और 2 जुलाई से बीएसआई5 गाड़ियों का उत्पादन और इसकी बिक्री बंद कर दी थी। उसने कहा है कि यह मामला सुरक्षा का नहीं है।
कंपनी ने 4 जून से टवेरा बीएस3 और 2 जुलाई से बीएसआई5 गाड़ियों का उत्पादन और इसकी बिक्री बंद कर दी थी। उसने कहा है कि यह मामला सुरक्षा का नहीं है। | सारांश: इन गाड़ियों का निर्माण 2005 से 2013 के दौरान किया गया है और इनमें धुआं उत्सर्जन प्रणाली में प्रदूषण नियंत्रण मानकों के अनुसार कुछ कमियां पाई गई है। | 5 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: गुजरात उच्च न्यायालय में गुरुवार को प्रदेश सरकार ने कहा कि नानावटी आयोग ने संकेत दिया है कि वह गोधरा कांड के बाद वर्ष 2002 में भड़के दंगों की जांच के संबंध में अपनी अंतिम रिपोर्ट मार्च 2012 तक सौंप सकता है। सरकारी वकील पी के जानी ने आयोग द्वारा सरकार को लिखित पत्र का जिक्र करते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश भास्कर भट्टाचार्य और न्यायमूर्ति जे बी परदीवाला की खंडपीठ के समक्ष यह बात कही। पीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई की जिसमें यह जानकारी मांगी गयी है कि दो सदस्यीय आयोग की मौजूदा स्थिति क्या है और वह अपनी अंतिम रिपोर्ट कब तक सौंप सकता है। अदालत ने पिछले हफ्ते सरकार से कहा था कि आयोग से यह पता लगाया जाए कि क्या उसका विस्तार हुआ है और वह अपनी रिपोर्ट कब जमा करेगा। सरकार ने गुरुवार को अपने जवाब में न्यायिक आयोग द्वारा लिखित पत्र पेश किया जिसमें कहा गया है कि वह अपने कार्यकाल की विस्तारित अवधि के समाप्त होने तक रिपोर्ट जमा कर सकता है। उसका बढ़ा हुआ कार्यकाल 31 मार्च 2012 को समाप्त हो रहा है। जानी ने अदालत को 20 दिसंबर को यह भी सूचित किया था कि सरकार द्वारा नियुक्त आयोग का कार्यकाल 17वीं बार बढ़ाकर 31 मार्च तक कर दिया गया है जो 31 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। आयोग और सरकार की दलीलें सुनने के बाद पीठ ने कहा कि वे 31 मार्च तक इंतजार करेंगे और तब तक यदि कोई रिपोर्ट जमा नहीं की गयी तो मामले पर उचित आदेश के लिए उसे अप्रैल के प्रथम सप्ताह में लिया जाएगा। | संक्षिप्त सारांश: गुजरात हाई कोर्ट में प्रदेश सरकार ने कहा कि नानावटी आयोग ने संकेत दिया है कि वह गोधरा कांड के बाद वर्ष 2002 में भड़के दंगों की जांच के संबंध में अपनी अंतिम रिपोर्ट मार्च 2012 तक सौंप सकता है। | 8 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री अजित अनंतराव पवार बारामती के विधायक हैं. राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रमुख शरद पवार के भतीजे अजित पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को महाराष्ट्र के देवलाली में हुआ. 60 वर्षीय अजित पवार ती पत्नी सुनेत्रा पवार हैं. महाराष्ट्र राज्य शिक्षा बोर्ड से हायर सेकेंडरी तक शिक्षित अजित पवार के दो पुत्र पार्थ पवार और जय पवार हैं. अजित पवार (Ajit Pawar) शरद पवार के बड़े भाई अनंतराव पवार के बेटे हैं. अजित के पिता अनंतराव मशहूर फिल्म निर्देशक वी शांताराम के साथ काम करते थे. वे चाहते थे कि अजित भी फिल्म इंडस्ट्री में अपना करियर बनाएं, लेकिन उन्होंने अपने चाचा शरद पवार की राह चुनी. साल 1982 में अजित ने राजनीति में प्रवेश किया और कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्री के बोर्ड में चुने हुए. वे पुणे जिला कोऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन भी रहे. इसी दौरान बारामती से लोकसभा सांसद भी निर्वाचित हुए, बाद में उन्होंने शरद पवार के लिए यह सीट खाली कर दी थी.
महाराष्ट्र की बारामती विधानसभा सीट पर पिछले 52 सालों में सिर्फ दो ही लोग विधायक बने. यह दोनों ही पवार परिवार के हैं, शरद पवार और अजित पवार (Ajit Pawar). चाचा शरद और भतीजे अजित इस सीट पर छह-छह बार एमएलए बन चुके हैं. पवार परिवार ने इस सीट को आठ बार कांग्रेस के लिए और चार बार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के लिए फतह किया. शरद पवार सन 1967 से 1990 तक निरंतर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े और विजयी हुए. इसके बाद में अजित पवार ने भी दो बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीते. बाद में शरद पवार ने कांग्रेस छोड़ दी और एनसीपी बनाई. तब से लेकर अब तक चार बार अजित पवार एनसीपी से यहां जीतते रहे हैं. इस बार के विधानसभा चुनाव में अजित सातवीं बार बारामती से जीते हैं.
साल 2010 में कांग्रेस-एनसीपी की सरकार में अजित पवार (Ajit Pawar) पहली बार महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री बने. हालांकि सितंबर 2012 में एक घोटाले के चलते उन्हें इस्तीफा देना पड़ा, लेकिन बाद में एनसीपी ने एक श्वेत पत्र जारी किया और कहा कि अजित पवार बेदाग हैं.
अजित पवार (Ajit Pawar) का विवादों से भी नाता रहा है. उनका नाम महाराष्ट्र में 1500 करोड़ रुपये के सिंचाई घोटाले से भी जुड़ा और वे इस मामले में आरोपी हैं. साल 2013 में अजित पवार की उनके एक बयान की वजह से काफी आलोचना की गई थी. दरअसल, अजित पवार ने सूखे को लेकर 55 दिनों तक उपवास करने वाले कार्यकर्ता पर विवादित टिप्पणी की थी. बाद में अपने इस बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी. इसी तरह उन पर साल 2014 में बारामती में ग्रामीणों को धमकाने का भी आरोप लगा. दरअसल, 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान अजित पवार अपनी चचेरी बहन सुप्रिया सुले के लिए प्रचार करने एक गांव में गए थे. यहां उन्होंने कथित तौर पर ग्रामीणों को धमकाया और सुले को वोट न देने की स्थिति में पानी की सप्लाई कटवाने की भी धमकी दी थी.
कॉमर्स में ग्रेजुएट अजित पवार (Ajit Pawar) अपने चाहने वालों के बीच 'दादा' के रूप में लोकप्रिय हैं. उन्होंने सोशल इंटरप्रिन्योर सुनेत्रा से शादी की है और उनके दो बच्चे हैं. कहा जाता है कि अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा ही पर्दे के पीछे से उनका सारा चुनावी कामधाम देखती हैं और रणनीति बनाती हैं. अजित पवार खेती-किसानी के भी जानकार हैं और कई मौकों पर खुद को कृषि विशेषज्ञ भी कहते नजर आते हैं. | चाहने वालों के बीच 'दादा' के नाम से हैं चर्चित अजित
अजित ने सन 1982 में राजनीति में प्रवेश किया था
अजीत पवार का विवादों से भी रहा है नाता | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मुंबई में मेट्रो फेज़ वन में मरोल के करीब एक स्लैब का हिस्सा गिर गया। हादसे में मलबे से 12 लोग निकाले गए जिसमें एक मज़दूर की मौत हो गई। घायलों में से छह को सेवन हिल्स अस्पताल में जबकि पांच को कूपर अस्पताल में भर्ती कराया गया। मुंबई के सभी मेट्रो फेज़ का कंस्ट्रक्शन रिलायंस इंफ्रा के जिम्मे है। अंधेरी ईस्ट में जहां यह हादसा हुआ है वहां राहत और बचाव का काम जारी है।
शाम 4.15 के करीब घाटकोपर अंधेरी मेट्रो रूट पर मरोल के पास अचानक करीब 50 मीटर का स्लैब गिर पड़ा। हादसा तब हुआ जब इस स्लैब को ब्रिज पर रखा जा रहा था। लीला होटल के ठीक सामने हुए इस हादसे के होते ही बचाव का काम शुरू हो गया। मौके पर अफरातफरी मच गई। भारी भीड़ जमा होने से बचाव में मुश्किलें भी आ रही थीं।टिप्पणियां
भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बचाव कार्य में शुरू में सिर्फ एक क्रेन का इस्तेमाल हो रहा था लेकिन, करीब घंटेभर बाद दो और क्रेन को मौके पर लगाया गया।
मेट्रो के इस रूट पर यह कोई पहला हादसा नहीं 2008 में प्रोजेक्ट में लगी पाइलिंग मशीन ऑटो रिक्शा पर गिर गई थी जिसमें एक शख्स की मौत हो गई थी। 2009 में भी इस रूट पर साकीनाका के पास एक हादसा हुआ था।
शाम 4.15 के करीब घाटकोपर अंधेरी मेट्रो रूट पर मरोल के पास अचानक करीब 50 मीटर का स्लैब गिर पड़ा। हादसा तब हुआ जब इस स्लैब को ब्रिज पर रखा जा रहा था। लीला होटल के ठीक सामने हुए इस हादसे के होते ही बचाव का काम शुरू हो गया। मौके पर अफरातफरी मच गई। भारी भीड़ जमा होने से बचाव में मुश्किलें भी आ रही थीं।टिप्पणियां
भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बचाव कार्य में शुरू में सिर्फ एक क्रेन का इस्तेमाल हो रहा था लेकिन, करीब घंटेभर बाद दो और क्रेन को मौके पर लगाया गया।
मेट्रो के इस रूट पर यह कोई पहला हादसा नहीं 2008 में प्रोजेक्ट में लगी पाइलिंग मशीन ऑटो रिक्शा पर गिर गई थी जिसमें एक शख्स की मौत हो गई थी। 2009 में भी इस रूट पर साकीनाका के पास एक हादसा हुआ था।
भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बचाव कार्य में शुरू में सिर्फ एक क्रेन का इस्तेमाल हो रहा था लेकिन, करीब घंटेभर बाद दो और क्रेन को मौके पर लगाया गया।
मेट्रो के इस रूट पर यह कोई पहला हादसा नहीं 2008 में प्रोजेक्ट में लगी पाइलिंग मशीन ऑटो रिक्शा पर गिर गई थी जिसमें एक शख्स की मौत हो गई थी। 2009 में भी इस रूट पर साकीनाका के पास एक हादसा हुआ था।
मेट्रो के इस रूट पर यह कोई पहला हादसा नहीं 2008 में प्रोजेक्ट में लगी पाइलिंग मशीन ऑटो रिक्शा पर गिर गई थी जिसमें एक शख्स की मौत हो गई थी। 2009 में भी इस रूट पर साकीनाका के पास एक हादसा हुआ था। | संक्षिप्त सारांश: मुंबई के अंधेरी-कुर्ला रोड पर लीला होटल के सामने निर्माणाधीन मेट्रो ट्रैक का लगभग 50-मीटर हिस्सा अचानक नीचे गिर गया, जिसमें एक मजदूर की मौत हो गई है और 11 घायलों में तीन की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: देश के प्रधानमंत्री पद के लिए संत समाज के एक वर्ग द्वारा सर्वाधिक उपयुक्त व्यक्ति बताए जाने के बीच गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्हें संतों के आशीर्वाद की जरूरत किसी पद के लिए नहीं बल्कि सही रास्ते पर चलते रहने के लिए है।
योगगुरु बाबा रामदेव के यहां कनखल स्थित पतंजलि योगपीठ में आचार्यकुलम शिक्षण संस्थान के उदघाटन के मौके पर इकटठा हुए प्रमुख संतों ने एक सुर में कहा कि केवल मोदी ही देश को भ्रष्टाचार जैसी बुराइयों से मुक्ति दिला सकते हैं।टिप्पणियां
बाबा रामदेव ने कहा कि ऐसे समय में जब मुट्ठीभर लोगों के हाथों में सत्ता है, देश का हजारों करोड़ रुपये का कालाधन विदेशों में है और हमारे पड़ोसी देशों का दुस्साहस बढ़ रहा है, केवल मोदी ही देश को सक्षम नेतृत्व दे सकते हैं।
रामदेव ने कहा, ‘पाकिस्तान हमारे सैनिक का सिर काट देता है, चीन हमारी सीमा में 10 किमी अंदर घुस आता है, कोई कुछ नहीं बोलता। आखिर कौन इसके खिलाफ लड़ेगा।’ इस संबंध में उन्होंने कहा ‘कोई मुझसे पूछ रहा था कि शिक्षण संस्थान के उदघाटन के लिए मोदी को ही क्यों बुलाया गया। उन्होंने कहा, ‘मैंने जबाब दिया कि वह आस्थावान, अध्यात्म में विश्वास करने तथा ब्रह्मचर्य का पालन करने वाले संन्यासी हैं हालांकि वह भगवा वस्त्र नहीं पहनते।’ रामदेव के अलावा, कई अन्य संतों ने भी मोदी को ही देश का नेतृत्व संभालने के लायक बताया।
योगगुरु बाबा रामदेव के यहां कनखल स्थित पतंजलि योगपीठ में आचार्यकुलम शिक्षण संस्थान के उदघाटन के मौके पर इकटठा हुए प्रमुख संतों ने एक सुर में कहा कि केवल मोदी ही देश को भ्रष्टाचार जैसी बुराइयों से मुक्ति दिला सकते हैं।टिप्पणियां
बाबा रामदेव ने कहा कि ऐसे समय में जब मुट्ठीभर लोगों के हाथों में सत्ता है, देश का हजारों करोड़ रुपये का कालाधन विदेशों में है और हमारे पड़ोसी देशों का दुस्साहस बढ़ रहा है, केवल मोदी ही देश को सक्षम नेतृत्व दे सकते हैं।
रामदेव ने कहा, ‘पाकिस्तान हमारे सैनिक का सिर काट देता है, चीन हमारी सीमा में 10 किमी अंदर घुस आता है, कोई कुछ नहीं बोलता। आखिर कौन इसके खिलाफ लड़ेगा।’ इस संबंध में उन्होंने कहा ‘कोई मुझसे पूछ रहा था कि शिक्षण संस्थान के उदघाटन के लिए मोदी को ही क्यों बुलाया गया। उन्होंने कहा, ‘मैंने जबाब दिया कि वह आस्थावान, अध्यात्म में विश्वास करने तथा ब्रह्मचर्य का पालन करने वाले संन्यासी हैं हालांकि वह भगवा वस्त्र नहीं पहनते।’ रामदेव के अलावा, कई अन्य संतों ने भी मोदी को ही देश का नेतृत्व संभालने के लायक बताया।
बाबा रामदेव ने कहा कि ऐसे समय में जब मुट्ठीभर लोगों के हाथों में सत्ता है, देश का हजारों करोड़ रुपये का कालाधन विदेशों में है और हमारे पड़ोसी देशों का दुस्साहस बढ़ रहा है, केवल मोदी ही देश को सक्षम नेतृत्व दे सकते हैं।
रामदेव ने कहा, ‘पाकिस्तान हमारे सैनिक का सिर काट देता है, चीन हमारी सीमा में 10 किमी अंदर घुस आता है, कोई कुछ नहीं बोलता। आखिर कौन इसके खिलाफ लड़ेगा।’ इस संबंध में उन्होंने कहा ‘कोई मुझसे पूछ रहा था कि शिक्षण संस्थान के उदघाटन के लिए मोदी को ही क्यों बुलाया गया। उन्होंने कहा, ‘मैंने जबाब दिया कि वह आस्थावान, अध्यात्म में विश्वास करने तथा ब्रह्मचर्य का पालन करने वाले संन्यासी हैं हालांकि वह भगवा वस्त्र नहीं पहनते।’ रामदेव के अलावा, कई अन्य संतों ने भी मोदी को ही देश का नेतृत्व संभालने के लायक बताया।
रामदेव ने कहा, ‘पाकिस्तान हमारे सैनिक का सिर काट देता है, चीन हमारी सीमा में 10 किमी अंदर घुस आता है, कोई कुछ नहीं बोलता। आखिर कौन इसके खिलाफ लड़ेगा।’ इस संबंध में उन्होंने कहा ‘कोई मुझसे पूछ रहा था कि शिक्षण संस्थान के उदघाटन के लिए मोदी को ही क्यों बुलाया गया। उन्होंने कहा, ‘मैंने जबाब दिया कि वह आस्थावान, अध्यात्म में विश्वास करने तथा ब्रह्मचर्य का पालन करने वाले संन्यासी हैं हालांकि वह भगवा वस्त्र नहीं पहनते।’ रामदेव के अलावा, कई अन्य संतों ने भी मोदी को ही देश का नेतृत्व संभालने के लायक बताया। | संक्षिप्त पाठ: देश के प्रधानमंत्री पद के लिए संत समाज के एक वर्ग द्वारा सर्वाधिक उपयुक्त व्यक्ति बताए जाने के बीच गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्हें संतों के आशीर्वाद की जरूरत किसी पद के लिए नहीं बल्कि सही रास्ते पर चलते रहने के लिए है। | 13 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अमेरिका ने आज दाऊद इब्राहीम के दो साथियों छोटा शकील एवं इब्राहीम ‘टाइगर’ मेमन को मादक पदार्थों का तस्कर घोषित करके इन पर प्रतिबंध लगा दिया है।टिप्पणियां
अमेरिकी वित्त विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय ने ‘डी कंपनी’ में शकील एवं मेमन की भूमिका को लेकर इन्हें प्रतिबंधित किया। वित्त विभाग का कहना है कि 57 साल का छोटा शकील डी कंपनी के लिए आपराधिक और आतंकी संगठनों से साथ गठजोड़ स्थापित करता है, और दाऊद का दाहिना हाथ है।
विभाग ने कहा कि दाऊद का दूसरा विश्वसनीय साथी मेमन है और दक्षिण एशिया में डी कंपनी के काम को देखता है तथा वर्ष 1993 के मुंबई विस्फोटों के लिए वह भारत में वांछित भी है।
अमेरिकी वित्त विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय ने ‘डी कंपनी’ में शकील एवं मेमन की भूमिका को लेकर इन्हें प्रतिबंधित किया। वित्त विभाग का कहना है कि 57 साल का छोटा शकील डी कंपनी के लिए आपराधिक और आतंकी संगठनों से साथ गठजोड़ स्थापित करता है, और दाऊद का दाहिना हाथ है।
विभाग ने कहा कि दाऊद का दूसरा विश्वसनीय साथी मेमन है और दक्षिण एशिया में डी कंपनी के काम को देखता है तथा वर्ष 1993 के मुंबई विस्फोटों के लिए वह भारत में वांछित भी है।
विभाग ने कहा कि दाऊद का दूसरा विश्वसनीय साथी मेमन है और दक्षिण एशिया में डी कंपनी के काम को देखता है तथा वर्ष 1993 के मुंबई विस्फोटों के लिए वह भारत में वांछित भी है। | यहाँ एक सारांश है:अमेरिकी वित्त विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय ने ‘डी कंपनी’ में शकील एवं मेमन की भूमिका को लेकर इन्हें प्रतिबंधित किया। | 15 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नेपाल में चल रहे सैफ चैम्पियनशिप फुटबाल टूर्नामेंट के सेमीफाइनल मैच में सोमवार को अर्णब मोंडल के एकमात्र गोल की बदौलत भारत ने पूर्व चैम्पियन मालदीव को 1-0 से मात देकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश कर लिया। टूर्नामेंट के फाइनल में भारत का मुकाबला बुधवार को अफगानिस्तान से होगा।टिप्पणियां
कप्तान सुनील छेत्री के बगैर मैदान में उतरी भारतीय टीम ने हालांकि फ्रंटलाइन पर बहुत प्रभावी प्रदर्शन नहीं किया, लेकिन मालदीव के स्टार स्ट्राइकर एवं टूर्नामेंट में अब तक सर्वाधिक गोल कर चुके अली अशफाक के कई आक्रमणों का भारतीय रक्षापंक्ति ने बखूबी बचाव किया।
दोनों टीमों ने गोल करने के कई प्रयास किए लेकिन कोई भी प्रयास सफल नहीं हो सका। अंतत: मोंडल ने मैच के 85वें मिनट में भारत के लिए विजयी गोल दागा।
कप्तान सुनील छेत्री के बगैर मैदान में उतरी भारतीय टीम ने हालांकि फ्रंटलाइन पर बहुत प्रभावी प्रदर्शन नहीं किया, लेकिन मालदीव के स्टार स्ट्राइकर एवं टूर्नामेंट में अब तक सर्वाधिक गोल कर चुके अली अशफाक के कई आक्रमणों का भारतीय रक्षापंक्ति ने बखूबी बचाव किया।
दोनों टीमों ने गोल करने के कई प्रयास किए लेकिन कोई भी प्रयास सफल नहीं हो सका। अंतत: मोंडल ने मैच के 85वें मिनट में भारत के लिए विजयी गोल दागा।
दोनों टीमों ने गोल करने के कई प्रयास किए लेकिन कोई भी प्रयास सफल नहीं हो सका। अंतत: मोंडल ने मैच के 85वें मिनट में भारत के लिए विजयी गोल दागा। | सारांश: नेपाल में चल रहे सैफ चैम्पियनशिप फुटबाल टूर्नामेंट के सेमीफाइनल मैच में सोमवार को अर्णब मोंडल के एकमात्र गोल की बदौलत भारत ने पूर्व चैम्पियन मालदीव को 1-0 से मात देकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश कर लिया। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: Pagalpanti Box Office Collection Day 5: बॉलीवुड एक्टर जॉन अब्राहम (John Abraham), अनिल कपूर (Anil Kapoor), अरशद वारसी और पुल्कित सम्राट की फिल्म 'पागलपंती' का प्रदर्शन बॉक्स ऑफिस पर जारी है. हालांकि, फिल्म मल्टी स्टारर होने के बावजूद न तो दर्शकों की उम्मीदों पर खरी उतर पाई और न ही बॉक्स ऑफिस पर अपना जलवा दिखा पाई. 'पागलपंती' (Pagalpanti Box Office Collection) के शुरुआती आंकड़ों को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा सकता है कि फिल्म ने बीते दिन 2 करोड़ रुपेय की कमाई की होगी. इस लिहाज से फिल्म पांच दिनों में 24 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर सकती है. हालांकि, इसकी अधिकारिक सूचना मिलनी अभी बाकी है.
जॉन अब्राहम (John Abraham), अनिल कपूर (Anil Kapoor), अरशद वारसी (Arshad Warsi) और पुल्कित सम्राट की 'पागलपंती (Pagalpanti)' ने वीकेंड पर तो अच्छी कमाई की, लेकिन सोमवार और मंगलवार को इसके आंकड़ों में भारी गिरावट देखने को मिली. हैरान करने वाली बात तो यह है कि फिल्म पांच दिनों में भी 30 करोड़ रुपये का आंकड़ा नहीं पार कर पाई. बॉक्स ऑफिस इंडिया की वेबसाइट के मुताबिक 'पागलपंती' (Pagalpanti Box Office Collection) ने पहले दिन 5 करोड़ रुपये, दूसरे दिन 6.25 करोड़, तीसरे दिन 8.25 करोड़ रुपये और चौथे दिन 2.50 करोड़ रुपये की कमाई की. बता दें कि 'पागलपंती' में कहानी पूरी तरह मिसिंग है. फिल्म को बहुत ज्यादा खींचा भी गया है. 'पागलपंती' के कई जोक्स हंसाते हैं, लेकिन पूरी फिल्म में ऐसे मौके कम ही आते हैं.
'पागलपंती (Pagalpanti)' की कहानी तीनों दोस्त जॉन अब्राहम, अरशद वारसी और पुलकित सम्राट की है. जॉन अब्राहम (John Abraham) के साथ कुछ सही नहीं होता. लेकिन एक दिन ऐसा हादसा होता है कि तीनों दोस्तों की जिंदगी पटरी से उतर जाती है, और तीनों मजबूरी में पहुंचते हैं लंदन के डॉन सौरभ शुक्ला और अनिल कपूर के पास. इन दोनों के भी अपने कुछ दर्द हैं, और सबके दर्द की एक ही वजह है नीरज मोदी, जो भारत को करोड़ों रुपये का चूना लगा चुका है. नीरज मोदी के पात्र को असल जिंदगी से प्रेरित कर बनाया गया है. फिर शुरू होती है कई तरह की उठा-पटक, और बेकार की एक्शन भरी कॉमेडी. वैसे भी फिल्म के ट्रेलर रिलीज के दौरान ही इशारा कर दिया गया था कि 'दिमाग मत लगाना.' फिल्म देखकर यह बात समझ भी आ जाती है. | संक्षिप्त सारांश: 'पागलपंती' का पांचवें दिन भी धमाल जारी
बॉक्स ऑफिस पर जॉन अब्राहम की फिल्म ने जमाए पैर
कॉमेडी और ड्रामे से भरपूर है 'पागलपंती' | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बाबा रामदेव ने उनके अनशन में साम्प्रदायिक रंग होने के आरोपों को पुरज़ोर तरीके से खारिज करते हुए कहा कि वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ या भाजपा के नहीं, बल्कि देश के 120 करोड़ लोगों के एजेंट हैं। सुबह रामदेव के अनशन शुरू करने के मौके पर तेजतर्रार और चरमपंथी छवि वाली हिंदू प्रचारक साध्वी ऋतंभरा की मंच पर योगगुरु के साथ मौजूदगी पर कांग्रेस और अन्ना हजारे के सहयोगियों सहित कई वर्ग से आलोचनाएं हुई थी। रामदेव ने कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह का नाम लिए बिना कहा, कुछ लोगों ने मुझ पर संघ और भाजपा का एजेंट होने के आरोप लगाए हैं लेकिन मैं किसी दल या संगठन का नहीं, बल्कि पूरे भारत के 120 करोड़ लोगों और किसानों, मजदूरों, गरीबों का एजेंट हूं। उन्होंने मंच पर हिंदू संतों के साथ ही मुस्लिम मौलवियों, ईसाई पादरियों और जैन मुनियों की मौजूदगी के बीच कहा, अगर संघ मेरे अनशन का समर्थन कर रहा है तो जमीयत उलेमा ए हिंद जैसे मुस्लिम संगठन भी मेरे साथ हैं। रामदेव ने रामलीला मैदान के मंच से कहा कि जो लोग संत समाज पर टिप्पणी कर रहे हैं, उनका मानसिक संतुलन खो गया है और उनकी मंशा ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि वह साध्वी ऋतंभरा को बीते 15 वर्ष से जानते हैं। उन्होंने कहा, मैंने अपनी तरफ से किसी पार्टी या व्यक्ति पर प्रहार नहीं किया और न ही करूंगा। लेकिन अगर कोई बेवजह मुझ पर प्रहार करे तो मैं चुप नहीं रहूंगा। अनशन के लिए ऐतिहासिक रामलीला मैदान में इतनी बड़ी व्यवस्था और पांच सितारा पंडाल पर उठे सवालों पर बाबा ने कहा, सारी व्यवस्था स्थानीय लोगों की मदद से हुई है और क्या 45 डिग्री के तापमान में मैं अनशन पर देशभर से आए लोगों को धूप में बैठने देता। रामदेव ने यह भी दावा किया कि उन्हें डराने की कोशिशें हो रही हैं लेकिन वह डरते नहीं हैं। अगर वह डरते तो रामलीला मैदान पर अनशन करने नहीं आते। | संक्षिप्त पाठ: बाबा रामदेव ने कहा कि वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ या भाजपा के नहीं, बल्कि देश के 120 करोड़ लोगों के एजेंट हैं। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जून को यहां कोच्चि मेट्रो का उद्घाटन करेंगे और उसकी पहली यात्रा का हिस्सा बनेंगे. हालांकि, कार्यक्रम की व्यवस्थाओं की सार्वजनिक हुई एक सूची ने एक विवाद खड़ा कर दिया है, क्योंकि इसमें ई. श्रीधरन को उन स्पेशल या वीआईपी अतिथियों में शामिल नहीं किया गया है, जो पीएम मोदी के साथ एक मंच पर बैठे होंगे.
पिनारी विजयन की अध्यक्षता वाली केरल सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखा है, जिसमें उसने विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला और कोच्चि के विधायक पीटी थॉमस के साथ श्रीधरन के लिए भी मंच पर बैठने की व्यवस्था करने के लिए योजना को संशोधित करने के लिए कहा है.
स्थानीय अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने मंच उपस्थिति के लिए श्रीधरन सहित 14 लोगों को चुना था.
कोच्चि मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी एलियास जॉर्ज ने न्यूज एजेंसी IANS से कहा कि 'अंतिम सूची पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) द्वारा बनाई जाएगी. हमारी इसमें कोई भूमिका नहीं है'.
न्यूज साइट मनोरमा की रिपोर्ट के अनुसार, ई श्रीधरन ने कहा कि 'इस फैसले के बारे में कुछ भी असामान्य नहीं था और उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया'.
प्रधानमंत्री कोच्चि मेट्रो के 27 किलोमीटर लंबे लाइन-1 के 13 किलोमीटर के अलुवा-पलारीवट्टोम खंड पर व्यवसायिक सेवाओं का उद्घाटन करने के लिए कोच्चि आ रहे हैं.टिप्पणियां
कोच्चि मेट्रो रेल कार्पोरेशन के एक अधिकारी ने यहां कहा, 'प्रधानमंत्री दिन में 11 बजे मेट्रो का उद्घाटन करेंगे. उद्घाटन समारोह से पहले वह पलारीवट्टोम से ट्रेन में सवार होंगे और पथदिप्पलम तक जाएंगे और गणमान्य लोगों के साथ पलारीवट्टोम वापस आएंगे'. कोच्चि मेट्रो देश में एक आधुनिक शहरी परिवहन प्रणाली होगी जो ना केवल सैकड़ों महिलाओं बल्कि ट्रांसजेंडर समुदाय के 23 लोगों को भी रोजगार अवसर उपलब्ध कराकर लैंगिक न्याय के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत करेगी.
(इनपुट एजेंसी से भी)
पिनारी विजयन की अध्यक्षता वाली केरल सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखा है, जिसमें उसने विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला और कोच्चि के विधायक पीटी थॉमस के साथ श्रीधरन के लिए भी मंच पर बैठने की व्यवस्था करने के लिए योजना को संशोधित करने के लिए कहा है.
स्थानीय अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने मंच उपस्थिति के लिए श्रीधरन सहित 14 लोगों को चुना था.
कोच्चि मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी एलियास जॉर्ज ने न्यूज एजेंसी IANS से कहा कि 'अंतिम सूची पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) द्वारा बनाई जाएगी. हमारी इसमें कोई भूमिका नहीं है'.
न्यूज साइट मनोरमा की रिपोर्ट के अनुसार, ई श्रीधरन ने कहा कि 'इस फैसले के बारे में कुछ भी असामान्य नहीं था और उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया'.
प्रधानमंत्री कोच्चि मेट्रो के 27 किलोमीटर लंबे लाइन-1 के 13 किलोमीटर के अलुवा-पलारीवट्टोम खंड पर व्यवसायिक सेवाओं का उद्घाटन करने के लिए कोच्चि आ रहे हैं.टिप्पणियां
कोच्चि मेट्रो रेल कार्पोरेशन के एक अधिकारी ने यहां कहा, 'प्रधानमंत्री दिन में 11 बजे मेट्रो का उद्घाटन करेंगे. उद्घाटन समारोह से पहले वह पलारीवट्टोम से ट्रेन में सवार होंगे और पथदिप्पलम तक जाएंगे और गणमान्य लोगों के साथ पलारीवट्टोम वापस आएंगे'. कोच्चि मेट्रो देश में एक आधुनिक शहरी परिवहन प्रणाली होगी जो ना केवल सैकड़ों महिलाओं बल्कि ट्रांसजेंडर समुदाय के 23 लोगों को भी रोजगार अवसर उपलब्ध कराकर लैंगिक न्याय के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत करेगी.
(इनपुट एजेंसी से भी)
स्थानीय अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने मंच उपस्थिति के लिए श्रीधरन सहित 14 लोगों को चुना था.
कोच्चि मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी एलियास जॉर्ज ने न्यूज एजेंसी IANS से कहा कि 'अंतिम सूची पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) द्वारा बनाई जाएगी. हमारी इसमें कोई भूमिका नहीं है'.
न्यूज साइट मनोरमा की रिपोर्ट के अनुसार, ई श्रीधरन ने कहा कि 'इस फैसले के बारे में कुछ भी असामान्य नहीं था और उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया'.
प्रधानमंत्री कोच्चि मेट्रो के 27 किलोमीटर लंबे लाइन-1 के 13 किलोमीटर के अलुवा-पलारीवट्टोम खंड पर व्यवसायिक सेवाओं का उद्घाटन करने के लिए कोच्चि आ रहे हैं.टिप्पणियां
कोच्चि मेट्रो रेल कार्पोरेशन के एक अधिकारी ने यहां कहा, 'प्रधानमंत्री दिन में 11 बजे मेट्रो का उद्घाटन करेंगे. उद्घाटन समारोह से पहले वह पलारीवट्टोम से ट्रेन में सवार होंगे और पथदिप्पलम तक जाएंगे और गणमान्य लोगों के साथ पलारीवट्टोम वापस आएंगे'. कोच्चि मेट्रो देश में एक आधुनिक शहरी परिवहन प्रणाली होगी जो ना केवल सैकड़ों महिलाओं बल्कि ट्रांसजेंडर समुदाय के 23 लोगों को भी रोजगार अवसर उपलब्ध कराकर लैंगिक न्याय के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत करेगी.
(इनपुट एजेंसी से भी)
कोच्चि मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी एलियास जॉर्ज ने न्यूज एजेंसी IANS से कहा कि 'अंतिम सूची पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) द्वारा बनाई जाएगी. हमारी इसमें कोई भूमिका नहीं है'.
न्यूज साइट मनोरमा की रिपोर्ट के अनुसार, ई श्रीधरन ने कहा कि 'इस फैसले के बारे में कुछ भी असामान्य नहीं था और उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया'.
प्रधानमंत्री कोच्चि मेट्रो के 27 किलोमीटर लंबे लाइन-1 के 13 किलोमीटर के अलुवा-पलारीवट्टोम खंड पर व्यवसायिक सेवाओं का उद्घाटन करने के लिए कोच्चि आ रहे हैं.टिप्पणियां
कोच्चि मेट्रो रेल कार्पोरेशन के एक अधिकारी ने यहां कहा, 'प्रधानमंत्री दिन में 11 बजे मेट्रो का उद्घाटन करेंगे. उद्घाटन समारोह से पहले वह पलारीवट्टोम से ट्रेन में सवार होंगे और पथदिप्पलम तक जाएंगे और गणमान्य लोगों के साथ पलारीवट्टोम वापस आएंगे'. कोच्चि मेट्रो देश में एक आधुनिक शहरी परिवहन प्रणाली होगी जो ना केवल सैकड़ों महिलाओं बल्कि ट्रांसजेंडर समुदाय के 23 लोगों को भी रोजगार अवसर उपलब्ध कराकर लैंगिक न्याय के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत करेगी.
(इनपुट एजेंसी से भी)
न्यूज साइट मनोरमा की रिपोर्ट के अनुसार, ई श्रीधरन ने कहा कि 'इस फैसले के बारे में कुछ भी असामान्य नहीं था और उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया'.
प्रधानमंत्री कोच्चि मेट्रो के 27 किलोमीटर लंबे लाइन-1 के 13 किलोमीटर के अलुवा-पलारीवट्टोम खंड पर व्यवसायिक सेवाओं का उद्घाटन करने के लिए कोच्चि आ रहे हैं.टिप्पणियां
कोच्चि मेट्रो रेल कार्पोरेशन के एक अधिकारी ने यहां कहा, 'प्रधानमंत्री दिन में 11 बजे मेट्रो का उद्घाटन करेंगे. उद्घाटन समारोह से पहले वह पलारीवट्टोम से ट्रेन में सवार होंगे और पथदिप्पलम तक जाएंगे और गणमान्य लोगों के साथ पलारीवट्टोम वापस आएंगे'. कोच्चि मेट्रो देश में एक आधुनिक शहरी परिवहन प्रणाली होगी जो ना केवल सैकड़ों महिलाओं बल्कि ट्रांसजेंडर समुदाय के 23 लोगों को भी रोजगार अवसर उपलब्ध कराकर लैंगिक न्याय के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत करेगी.
(इनपुट एजेंसी से भी)
प्रधानमंत्री कोच्चि मेट्रो के 27 किलोमीटर लंबे लाइन-1 के 13 किलोमीटर के अलुवा-पलारीवट्टोम खंड पर व्यवसायिक सेवाओं का उद्घाटन करने के लिए कोच्चि आ रहे हैं.टिप्पणियां
कोच्चि मेट्रो रेल कार्पोरेशन के एक अधिकारी ने यहां कहा, 'प्रधानमंत्री दिन में 11 बजे मेट्रो का उद्घाटन करेंगे. उद्घाटन समारोह से पहले वह पलारीवट्टोम से ट्रेन में सवार होंगे और पथदिप्पलम तक जाएंगे और गणमान्य लोगों के साथ पलारीवट्टोम वापस आएंगे'. कोच्चि मेट्रो देश में एक आधुनिक शहरी परिवहन प्रणाली होगी जो ना केवल सैकड़ों महिलाओं बल्कि ट्रांसजेंडर समुदाय के 23 लोगों को भी रोजगार अवसर उपलब्ध कराकर लैंगिक न्याय के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत करेगी.
(इनपुट एजेंसी से भी)
कोच्चि मेट्रो रेल कार्पोरेशन के एक अधिकारी ने यहां कहा, 'प्रधानमंत्री दिन में 11 बजे मेट्रो का उद्घाटन करेंगे. उद्घाटन समारोह से पहले वह पलारीवट्टोम से ट्रेन में सवार होंगे और पथदिप्पलम तक जाएंगे और गणमान्य लोगों के साथ पलारीवट्टोम वापस आएंगे'. कोच्चि मेट्रो देश में एक आधुनिक शहरी परिवहन प्रणाली होगी जो ना केवल सैकड़ों महिलाओं बल्कि ट्रांसजेंडर समुदाय के 23 लोगों को भी रोजगार अवसर उपलब्ध कराकर लैंगिक न्याय के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत करेगी.
(इनपुट एजेंसी से भी)
(इनपुट एजेंसी से भी) | यहाँ एक सारांश है:कोच्चि मेट्रो का उद्घाटन कर उसकी पहली यात्रा का हिस्सा बनेंगे पीएम.
मंच उपस्थिति के लिए श्रीधरन सहित 14 लोगों को चुना था- अधिकारियों का दावा
अंतिम सूची पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) द्वारा बनाई जाएगी- अधिकारी | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बिहार के छपरा में एक सरकारी स्कूल में मिड-डे मील खाने से 23 बच्चों की मौत के मामले में फोरेंसिक रिपोर्ट में भोजन के नमूने में ऑर्गेनो फॉस्फोरस नामक कीटनाशक होने की पुष्टि हुई है। फोरेंसिक जांच रिपोर्ट में यह बात की भी सामने आई कि बाजार में मिलने वाले ऑर्गेनो फॉस्फोरस के मुकाबले बच्चों के भोजन में पाया गया कीटनाशक पांच गुना ज्यादा जहरीला था।
बिहार के अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) रवींद्र कुमार ने शनिवार को रिपोर्ट का हवाला देते हुए पत्रकारों को बताया कि खाने में मोनोप्रोटोफॉस आर्गेनिक फॉस्फोरस पाया गया है। उन्होंने बताया कि इसका प्रयोग खेतों में छिड़काव के लिए किया जाता है, जो इंसानों के लिए जानलेवा होता है। उन्होंने बताया कि खाने के बचे हुए अंश, खाना बनाने में इस्तेमाल किए गए तेल और बर्तनों में भी इसकी मात्रा पाई गई है। जांच के नमूनों का परीक्षण पटना के विधि विज्ञान प्रयोगशाला में किया गया।
रवींद्र ने बताया कि जांच के क्रम में यह बात भी सामने आई है कि खाना बनाने वाले तेल में पाया गया कीटनाशक शीर्ष बाजार मानक नमूनों की तुलना में पांच गुना अधिक जहरीला था। उन्होंने कहा कि यह बताना अभी मुश्किल है कि किसी ने साजिश के तहत तेल में ऑर्गेनो फॉस्फोरस मिला दिया था या भूलवश ऐसा हो गया था। उन्होंने कहा कि जांच चल रही है, दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा। इसके लिए सबूत जुटाए जा रहे हैं।
इससे पहले, राज्य के प्रधान सचिव ने भी खाने में तेल की जगह कीटनाशक डाल दिए जाने की बात बताई थी। उन्होंने रसोइए के बयान के हवाले से बताया था कि तेल को कड़ाही में डालने के बाद काला धुआं निकला था और उसका रंग भी अन्य तेल जैसा नहीं था।
मशरख प्रखंड के धरमसती-गंडामन स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार को मिड-डे मील खाने से 23 बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि 25 बच्चों का पीएमसीएच में अभी भी इलाज चल रहा है।
सरकार की एक जांच रिपोर्ट में प्राथमिक विद्यालय की प्रधान शिक्षिका मीना देवी को बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। घटना के बाद से मीना देवी फरार हैं।टिप्पणियां
सारण के पुलिस अधीक्षक सुजीत कुमार ने कहा, "उनका कहीं कोई पता नहीं चल रहा है। प्रशासन ने उनको सामने लाने के लिए उनकी संपत्ति कुर्क कराने का फैसला लिया है।"
घटना की जांच कर रहे जिले के अधिकारियों के मुताबिक, मीना देवी ने रसोइए द्वारा तेल से खराब गंध आने की शिकायत करने के बावजूद उसे 'जहरीले' तेल का इस्तेमाल करने के लिए दबाव डाला था।
बिहार के अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) रवींद्र कुमार ने शनिवार को रिपोर्ट का हवाला देते हुए पत्रकारों को बताया कि खाने में मोनोप्रोटोफॉस आर्गेनिक फॉस्फोरस पाया गया है। उन्होंने बताया कि इसका प्रयोग खेतों में छिड़काव के लिए किया जाता है, जो इंसानों के लिए जानलेवा होता है। उन्होंने बताया कि खाने के बचे हुए अंश, खाना बनाने में इस्तेमाल किए गए तेल और बर्तनों में भी इसकी मात्रा पाई गई है। जांच के नमूनों का परीक्षण पटना के विधि विज्ञान प्रयोगशाला में किया गया।
रवींद्र ने बताया कि जांच के क्रम में यह बात भी सामने आई है कि खाना बनाने वाले तेल में पाया गया कीटनाशक शीर्ष बाजार मानक नमूनों की तुलना में पांच गुना अधिक जहरीला था। उन्होंने कहा कि यह बताना अभी मुश्किल है कि किसी ने साजिश के तहत तेल में ऑर्गेनो फॉस्फोरस मिला दिया था या भूलवश ऐसा हो गया था। उन्होंने कहा कि जांच चल रही है, दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा। इसके लिए सबूत जुटाए जा रहे हैं।
इससे पहले, राज्य के प्रधान सचिव ने भी खाने में तेल की जगह कीटनाशक डाल दिए जाने की बात बताई थी। उन्होंने रसोइए के बयान के हवाले से बताया था कि तेल को कड़ाही में डालने के बाद काला धुआं निकला था और उसका रंग भी अन्य तेल जैसा नहीं था।
मशरख प्रखंड के धरमसती-गंडामन स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार को मिड-डे मील खाने से 23 बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि 25 बच्चों का पीएमसीएच में अभी भी इलाज चल रहा है।
सरकार की एक जांच रिपोर्ट में प्राथमिक विद्यालय की प्रधान शिक्षिका मीना देवी को बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। घटना के बाद से मीना देवी फरार हैं।टिप्पणियां
सारण के पुलिस अधीक्षक सुजीत कुमार ने कहा, "उनका कहीं कोई पता नहीं चल रहा है। प्रशासन ने उनको सामने लाने के लिए उनकी संपत्ति कुर्क कराने का फैसला लिया है।"
घटना की जांच कर रहे जिले के अधिकारियों के मुताबिक, मीना देवी ने रसोइए द्वारा तेल से खराब गंध आने की शिकायत करने के बावजूद उसे 'जहरीले' तेल का इस्तेमाल करने के लिए दबाव डाला था।
रवींद्र ने बताया कि जांच के क्रम में यह बात भी सामने आई है कि खाना बनाने वाले तेल में पाया गया कीटनाशक शीर्ष बाजार मानक नमूनों की तुलना में पांच गुना अधिक जहरीला था। उन्होंने कहा कि यह बताना अभी मुश्किल है कि किसी ने साजिश के तहत तेल में ऑर्गेनो फॉस्फोरस मिला दिया था या भूलवश ऐसा हो गया था। उन्होंने कहा कि जांच चल रही है, दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा। इसके लिए सबूत जुटाए जा रहे हैं।
इससे पहले, राज्य के प्रधान सचिव ने भी खाने में तेल की जगह कीटनाशक डाल दिए जाने की बात बताई थी। उन्होंने रसोइए के बयान के हवाले से बताया था कि तेल को कड़ाही में डालने के बाद काला धुआं निकला था और उसका रंग भी अन्य तेल जैसा नहीं था।
मशरख प्रखंड के धरमसती-गंडामन स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार को मिड-डे मील खाने से 23 बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि 25 बच्चों का पीएमसीएच में अभी भी इलाज चल रहा है।
सरकार की एक जांच रिपोर्ट में प्राथमिक विद्यालय की प्रधान शिक्षिका मीना देवी को बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। घटना के बाद से मीना देवी फरार हैं।टिप्पणियां
सारण के पुलिस अधीक्षक सुजीत कुमार ने कहा, "उनका कहीं कोई पता नहीं चल रहा है। प्रशासन ने उनको सामने लाने के लिए उनकी संपत्ति कुर्क कराने का फैसला लिया है।"
घटना की जांच कर रहे जिले के अधिकारियों के मुताबिक, मीना देवी ने रसोइए द्वारा तेल से खराब गंध आने की शिकायत करने के बावजूद उसे 'जहरीले' तेल का इस्तेमाल करने के लिए दबाव डाला था।
इससे पहले, राज्य के प्रधान सचिव ने भी खाने में तेल की जगह कीटनाशक डाल दिए जाने की बात बताई थी। उन्होंने रसोइए के बयान के हवाले से बताया था कि तेल को कड़ाही में डालने के बाद काला धुआं निकला था और उसका रंग भी अन्य तेल जैसा नहीं था।
मशरख प्रखंड के धरमसती-गंडामन स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार को मिड-डे मील खाने से 23 बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि 25 बच्चों का पीएमसीएच में अभी भी इलाज चल रहा है।
सरकार की एक जांच रिपोर्ट में प्राथमिक विद्यालय की प्रधान शिक्षिका मीना देवी को बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। घटना के बाद से मीना देवी फरार हैं।टिप्पणियां
सारण के पुलिस अधीक्षक सुजीत कुमार ने कहा, "उनका कहीं कोई पता नहीं चल रहा है। प्रशासन ने उनको सामने लाने के लिए उनकी संपत्ति कुर्क कराने का फैसला लिया है।"
घटना की जांच कर रहे जिले के अधिकारियों के मुताबिक, मीना देवी ने रसोइए द्वारा तेल से खराब गंध आने की शिकायत करने के बावजूद उसे 'जहरीले' तेल का इस्तेमाल करने के लिए दबाव डाला था।
मशरख प्रखंड के धरमसती-गंडामन स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार को मिड-डे मील खाने से 23 बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि 25 बच्चों का पीएमसीएच में अभी भी इलाज चल रहा है।
सरकार की एक जांच रिपोर्ट में प्राथमिक विद्यालय की प्रधान शिक्षिका मीना देवी को बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। घटना के बाद से मीना देवी फरार हैं।टिप्पणियां
सारण के पुलिस अधीक्षक सुजीत कुमार ने कहा, "उनका कहीं कोई पता नहीं चल रहा है। प्रशासन ने उनको सामने लाने के लिए उनकी संपत्ति कुर्क कराने का फैसला लिया है।"
घटना की जांच कर रहे जिले के अधिकारियों के मुताबिक, मीना देवी ने रसोइए द्वारा तेल से खराब गंध आने की शिकायत करने के बावजूद उसे 'जहरीले' तेल का इस्तेमाल करने के लिए दबाव डाला था।
सरकार की एक जांच रिपोर्ट में प्राथमिक विद्यालय की प्रधान शिक्षिका मीना देवी को बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। घटना के बाद से मीना देवी फरार हैं।टिप्पणियां
सारण के पुलिस अधीक्षक सुजीत कुमार ने कहा, "उनका कहीं कोई पता नहीं चल रहा है। प्रशासन ने उनको सामने लाने के लिए उनकी संपत्ति कुर्क कराने का फैसला लिया है।"
घटना की जांच कर रहे जिले के अधिकारियों के मुताबिक, मीना देवी ने रसोइए द्वारा तेल से खराब गंध आने की शिकायत करने के बावजूद उसे 'जहरीले' तेल का इस्तेमाल करने के लिए दबाव डाला था।
सारण के पुलिस अधीक्षक सुजीत कुमार ने कहा, "उनका कहीं कोई पता नहीं चल रहा है। प्रशासन ने उनको सामने लाने के लिए उनकी संपत्ति कुर्क कराने का फैसला लिया है।"
घटना की जांच कर रहे जिले के अधिकारियों के मुताबिक, मीना देवी ने रसोइए द्वारा तेल से खराब गंध आने की शिकायत करने के बावजूद उसे 'जहरीले' तेल का इस्तेमाल करने के लिए दबाव डाला था।
घटना की जांच कर रहे जिले के अधिकारियों के मुताबिक, मीना देवी ने रसोइए द्वारा तेल से खराब गंध आने की शिकायत करने के बावजूद उसे 'जहरीले' तेल का इस्तेमाल करने के लिए दबाव डाला था। | सारांश: बिहार के एडीजी (मुख्यालय) रवींद्र कुमार ने कहा कि यह बताना अभी मुश्किल है कि किसी ने साजिश के तहत तेल में ऑर्गेनो फॉस्फोरस मिला दिया था या भूलवश ऐसा हो गया था। | 7 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गोरक्षा के नाम पर बने संगठनों पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर दायर की गई जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार और छह राज्य सरकारों को नोटिस जारी कर तीन हफ्ते में जवाब मांगा है. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के अलावा जिन राज्यों को नोटिस दिया गया है, उनमें गुजरात, राजस्थान, झारखंड, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक शामिल हैं. मामले की अगली सुनवाई 3 मई को होगी.
दरअसल, याचिकाकर्ता तहसीन पूनावाला ने राजस्थान के अलवर इलाके में हुई एक घटना का हवाला देते हुए गोरक्षा के नाम पर दलितों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा को रोकने की मांग की थी, और कहा था कि इस तरह की हिंसा करने वाले संगठनों पर उसी तरह पाबंदी लगाई जाए, जैसी सिमी जैसे संगठनों पर लगी है. मामले की पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इन सातों सरकारों से जवाब मांगा था, लेकिन जवाब दाखिल नहीं करने पर शुक्रवार को नोटिस जारी किए गए.टिप्पणियां
याचिका में अलवर की घटना पर राजस्थान सरकार के बड़े अधिकारियों से हलफनामे में रिपोर्ट देने का आदेश देने का भी आग्रह किया गया था, लेकिन कोर्ट ने इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं की.
याचिका में कहा गया है कि देश के कुछ राज्यों में गोरक्षा दलों को सरकारी मान्यता मिली हुई है, जिसकी वजह से इनके हौसले बढ़े हुए हैं. याचिका में मांग की गई है कि इस तरह के गोरक्षक दलों की सरकारी मान्यता समाप्त की जाए. याचिका के साथ गोरक्षक दलों द्वारा की गई कथित हिंसा के वीडियो और अख़बार की कटिंग भी लगाई गई हैं और अदालत से इनका संज्ञान लेने का आग्रह किया गया है.
दरअसल, याचिकाकर्ता तहसीन पूनावाला ने राजस्थान के अलवर इलाके में हुई एक घटना का हवाला देते हुए गोरक्षा के नाम पर दलितों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा को रोकने की मांग की थी, और कहा था कि इस तरह की हिंसा करने वाले संगठनों पर उसी तरह पाबंदी लगाई जाए, जैसी सिमी जैसे संगठनों पर लगी है. मामले की पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इन सातों सरकारों से जवाब मांगा था, लेकिन जवाब दाखिल नहीं करने पर शुक्रवार को नोटिस जारी किए गए.टिप्पणियां
याचिका में अलवर की घटना पर राजस्थान सरकार के बड़े अधिकारियों से हलफनामे में रिपोर्ट देने का आदेश देने का भी आग्रह किया गया था, लेकिन कोर्ट ने इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं की.
याचिका में कहा गया है कि देश के कुछ राज्यों में गोरक्षा दलों को सरकारी मान्यता मिली हुई है, जिसकी वजह से इनके हौसले बढ़े हुए हैं. याचिका में मांग की गई है कि इस तरह के गोरक्षक दलों की सरकारी मान्यता समाप्त की जाए. याचिका के साथ गोरक्षक दलों द्वारा की गई कथित हिंसा के वीडियो और अख़बार की कटिंग भी लगाई गई हैं और अदालत से इनका संज्ञान लेने का आग्रह किया गया है.
याचिका में अलवर की घटना पर राजस्थान सरकार के बड़े अधिकारियों से हलफनामे में रिपोर्ट देने का आदेश देने का भी आग्रह किया गया था, लेकिन कोर्ट ने इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं की.
याचिका में कहा गया है कि देश के कुछ राज्यों में गोरक्षा दलों को सरकारी मान्यता मिली हुई है, जिसकी वजह से इनके हौसले बढ़े हुए हैं. याचिका में मांग की गई है कि इस तरह के गोरक्षक दलों की सरकारी मान्यता समाप्त की जाए. याचिका के साथ गोरक्षक दलों द्वारा की गई कथित हिंसा के वीडियो और अख़बार की कटिंग भी लगाई गई हैं और अदालत से इनका संज्ञान लेने का आग्रह किया गया है.
याचिका में कहा गया है कि देश के कुछ राज्यों में गोरक्षा दलों को सरकारी मान्यता मिली हुई है, जिसकी वजह से इनके हौसले बढ़े हुए हैं. याचिका में मांग की गई है कि इस तरह के गोरक्षक दलों की सरकारी मान्यता समाप्त की जाए. याचिका के साथ गोरक्षक दलों द्वारा की गई कथित हिंसा के वीडियो और अख़बार की कटिंग भी लगाई गई हैं और अदालत से इनका संज्ञान लेने का आग्रह किया गया है. | संक्षिप्त पाठ: गोरक्षा संगठनों पर पाबंदी मामले में याचिका पर केंद्र को SC का नोटिस
गुजरात, राजस्थान, झारखंड, महाराष्ट्र, यूपी व कर्नाटक सरकार से भी जवाब तलब
मामले की अगली सुनवाई 3 मई को होगी | 22 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पंजाबी एक्ट्रेस सोनम बाजवा (Sonam Bajwa) ने इन दिनों सोशल मीडिया पर धूम मचा रखी है. इसकी वजह उनकी आने वााली फिल्म 'अडब मुडियारां (Ardab Mutiyaran)' हैं. सोनम बाजवा इस फिल्म में बहुत ही बेबाक अंदाज में नजर आ रही हैं, और बिगड़ैलों को होश ठिकाने लगाती भी दिख रही हैं. सोनम बाजवा की पंजाबी फिल्म (Punjabi Movie) 'अडब मुडियारां' का टाइट ट्रैक रिलीज हो गया है, और इस सॉन्ग में सोनम बाजवा (Sonam Bajwa) का कमाल का अवतार नजर आ रहा है. सोनम बाजवा के इस सॉन्ग को सिंगा ने गाया है और इसका म्यूजिक देसी क्रू (Desi Crew) ने दिया है. इस सॉन्ग के लिरिक्स भी सिंगा ने लिखे हैं. सोनम बाजवा का यह सॉन्ग काफी जबरदस्त है.
पंजाबी एक्ट्रेस सोनम बाजवा (Sonam Bajwa) 'अडब मुडियारां (Ardab Mutiyaran)' फिल्म में काफी पावरफुल रोल में दिख रही हैं, और फिल्म विमने सेंट्रिक विषय पर आधारित है, और इस सॉन्ग से इस बात का बखूबी इशारा भी मिल जाता है.
बता दें, सोनम बाजवा (Sonam Bajwa) ने 2013 में फिल्म 'बेस्ट ऑफ लक' से पंजाबी सिनेमा में डेब्यू किया था. पंजाबी फिल्मों (Punjabi Movies) के अलावा उन्होंने तमिल फिल्म इंडस्ट्री में भी काम किया है. दिल्ली यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद सोनम ने कुछ सालों तक बतौर एयर होस्टेस काम किया, इसके बाद उन्होंने मॉडलिंग के जरिए अपने करियर की शुरुआत की. सोनम बाजवा ने शाहरुख खान की फिल्म 'हैप्पी न्यू ईयर' के लिए शॉर्टलिस्ट कर लिया गया था, लेकिन उन्हें रोल के लिए नहीं चुना जा सका. | यहाँ एक सारांश है:इस एक्ट्रेस का धमाकेदार अंदाज
वीडियो ने यूट्यूब पर मचाई धूम
वसूली के लिए इस अंदाज में निकली वीडियो हुआ वायरल | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: चिदंबरम ने कहा, 'मुझे अर्थव्यवस्था की बहुत चिंता है. गरीब लोग सबसे बुरी तरह प्रभावित हैं. कम आय, कम नौकरियां, कम व्यापार और कम निवेश से गरीब एवं मध्यम वर्ग प्रभावित होता है.' उन्होंने सवाल किया, 'इस मुश्किल और निराशा से देश को बाहर निकलने की सरकार के पास क्या क्या योजना है?' बता दें कि चिदंबरम को सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया मामले में गिरफ्तार किया है. फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में हैं और तिहाड़ जेल में बंद हैं.
इसके अलावा चिदंबरम ने यह भी आरोप लगाया कि आईएनएक्स मीडिया मामला राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित है और जांच एजेंसी केंद्र के इशारे पर काम कर रही है. चिदंबरम ने दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष दायर अपने आवेदनों में कहा, 'इस मामले में तत्काल आपराधिक कार्रवाई एक दुर्भावनापूर्ण मामला है, जोकि राजनीतिक प्रतिशोध से पैदा हुआ है. जांच एजेंसी केंद्र के इशारे पर काम कर रही है, जो कि याचिकाकर्ता की बेदाग छवि को धूमिल करना चाहती है.' चिदंबरम ने हाईकोर्ट के समक्ष दो आवेदन पेश किए, जिनमें से एक जमानत के लिए था. इसके अलावा दूसरा आवेदन पांच सितंबर को निचली अदालत द्वारा पारित उस आदेश के खिलाफ है, जिसमें उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था. चिदंबरम ने अपनी दलीलों में आगे कहा कि वह सरकार के राजनीतिक विरोधी हैं और यह राजनीतिक प्रतिशोध का एक स्पष्ट मामला है.
पूर्व केंद्रीय मंत्री को पिछले गुरुवार को अदालत में पेश किए जाने के बाद विशेष सीबीआई न्यायाधीश अजय कुमार कुहर ने चिदंबरम को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. अदालत ने चिदंबरम द्वारा दायर किए गए आवेदनों को भी स्वीकार कर लिया था. इनमें जेड-श्रेणी की सुरक्षा के साथ एक खाट, बाथरूम के साथ एक अलग सेल और दवाओं की अनुमति मांगी गई थी. उन्होंने जेल में पश्चिमी शैली के शौचालय (इंग्लिश टॉयलेट) की भी मांग की थी. | अर्थव्यवस्था को लेकर चिदंबरम का सरकार पर हमला
चिदंबरम का ट्विटर हैंडल उनका परिवार कर रहा है इस्तेमाल
INX मीडिया मामले में तिहाड़ में बंद हैं पी चिदंबरम | 1 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान के एफ16 लड़ाकू विमान को मार गिराने वाले विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान का श्रीनगर से बाहर तबादला कर दिया गया है. उन्हें पश्चिमी क्षेत्र में एक अग्रिम वायुसेना अड्डे पर तैनात किया गया है. भारतीय वायुसेना ने अभिनंदन को 'वीर चक्र' से सम्मानित करने के लिए सिफारिश भेजी है.
आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को उक्त जानकारी दी. वायुसेना ने अभिनंदन के नाम की सिफारिश ‘वीर चक्र' के लिए की है. वीर चक्र युद्धकाल के लिए एक वीरता पदक है और परमवीर चक्र तथा महावीर चक्र के बाद इसका स्थान आता है.
उल्लेखनीय है कि अभिनंदन को पाकिस्तान ने 27 फरवरी को भारतीय वायुसेना के साथ हुई हवाई झड़प के दौरान पकड़ लिया था. हालांकि उसने बाद में उन्हें स्वदेश भेज दिया था. वह पिछले महीने श्रीनगर में अपने स्कवाड्रन में लौटे थे. सूत्रों ने बताया कि उनका श्रीनगर से पश्चिमी सेक्टर के दूसरे बेस में तबादला करने का आदेश जारी किया गया है और इस कदम को नियमित प्रक्रिया बताया गया है.
वायुसेना के पायलट अभिनंदन मध्य मार्च में अवकाश पर चले गए थे. सूत्रों ने बताया कि एक मेडिकल बोर्ड उनकी फिटनेस की समीक्षा करेगा, ताकि वायुसेना के शीर्ष अधिकारियों को यह फैसला करने में मदद मिल सके कि क्या वह ‘‘फाइटर कॉकपिट'' में लौट सकते हैं, जिसकी अभिनंदन ने इच्छा जताई है.
पाकिस्तान के अंदर बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी प्रशिक्षण शिविरों पर 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना के बम गिराने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था. इसके बाद पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अगले ही दिन भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनने की कोशिश की थी. जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवानों के शहीद होने के 12 दिन बाद भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में आतंकी प्रशिक्षण ठिकानों पर बम गिराए थे.
(इनपुट भाषा से) | भारतीय वायुसेना अभिनंदन का 'वीर चक्र' से सम्मान चाहती है
वायुसेना के पायलट अभिनंदन का हुआ श्रीनगर से बाहर तबादला
पश्चिमी क्षेत्र में एक अग्रिम वायुसेना अड्डे पर तैनात किया गया | 26 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा चुनाव के सातवें चरण के मतदान होने के साथ ही चुनावों के सभी चरण खत्म हो गए हैं. ऐसे में चुनाव खत्म होने के अगले ही दिन ऐसी टैगलाइन के साथ पोस्टर जारी करने से आखिर नितीन गडकरी (Nitin Gadkari) देश को क्या संदेश देना चाहते हैं? ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि पीएम मोदी की बॉयोपिक का ये पोस्टर चुनावों के रिजल्ट की भी घोषणा कर रहा है और बता रहा है कि एक बार फिर मोदी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे. हालांकि अब ये तो रिजल्ट के दिन यानी 23 मई को ही पता चलेगा.
ओमंग कुमार (Omung Kumar) के निर्देशन में पीएम मोदी की बॉयोपिक की रिलीज डेट पर काफी विवाद रहा है. पहले ये फिल्म 5 अप्रैल को रिलीज होने वाली थी, लेकिन चुनाव आयोग ने आचार संहिता को ध्यान में रखते हुए इसकी रिलीज डेट बढ़ा दी थी. अब आखिरकार ये फिल्म लोकसभा चुनावों के रिजल्ट के अलग दिन यानी 24 मई को पूरे देश में रिलीज होगी. | यहाँ एक सारांश है:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बॉयोपिक का नया पोस्टर रिलीज
24 मई को रिलीज होगी फिल्म
मोदी का किरदार निभा रहे हैं विवेक ओबेरॉय | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री की मंगलवार से बांग्लादेश यात्रा शुरू हो रही है। भारत और बांग्लादेश के बीच यहां एक प्रत्यर्पण समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे जिससे दोनों देशों के फरार आरोपियों को पकड़ने में मदद मिलेगी। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक इस समझौते के लिए सारी बातचीत हो चुकी है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की मौजूदगी में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस समझौते के बाद फरार उल्फा नेता अनूप चेतिया पकड़ा जाने वाला पहला शख्स हो सकता है। चेतिया की भारत को लम्बे समय से तलाश है और लम्बे समय से वो बांग्लादेश में छुपा हुआ है। इस समझौते से बांग्लादेश को भी कई वांटेड अपराधियों के पकड़े जाने की उम्मीद है जिनमें बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति शेख मुज़ीबुर रहमान की हत्या के दो आरोपी भी शामिल हैं। ऐसा माना जाता रहा है कि ये दोनों आरोपी भारत में छुपे हुए हैं। वैसे, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बांग्लादेश दौरे को जितना ऐतिहासिक बनाने की कोशिश थी शायद अब उसमें कुछ कसर रह जाए। एक तरफ तीस्ता नदी पर समझौते को लेकर ममता बनर्जी ने अपनी नाराजगी जताते हुए प्रधानमंत्री के साथ बांग्लादेश जाने से इनकार कर दिया है तो दूसरी तरफ बांग्लादेश में भी अपने विरोधियों के डर से आवामी लीग सरकार ने ट्रांजिट समझौते से अपने हाथ खींच लिए हैं। भारत भी फिलहाल तीस्ता जल समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेगा। गृहमंत्रालय ने साफ कर दिया है कि पश्चिम बंगाल सरकार के दस्तखत के बाद ही इस समझौते को मंजूरी दी जाएगी। गृह मंत्रालय का कहना है कि पश्चिम बंगाल सरकार के साथ बात करके हल निकालने की कोशिश की जा रही है। इस समझौते के तहत पूर्वोत्तर के लोग बांग्लादेश के जरिए बाकी भारत और दक्षिण पूर्व के बाजार से कहीं ज्यादा तेजी से जुड़ सकते थे। लेकिन अब इसकी जगह बस एक एक्सचेंज ऑफ लेटर होगा जिसके तहत चटगांव और मंगला के बंदरगाह इस्तेमाल किए जा सकेंगे। | भारत और बांग्लादेश के बीच यहां एक प्रत्यर्पण समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे जिससे दोनों देशों के फरार आरोपियों को पकड़ने में मदद मिलेगी। | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: लिएंडर पेस ने अपने पहले ऑस्ट्रेलियाई ओपन खिताब की ओर कदम बढ़ाते हुए राडेक स्टेपनेक के साथ पुरुष युगल क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई, जबकि महेश भूपति और रोहन बोपन्ना की जोड़ी को शिकस्त का सामना करना पड़ा।
पेस और स्टेपनेक की भारत और चेक गणराज्य की गैर-वरीय जोड़ी ने तीसरे दौर के कड़े मुकाबले में फ्रांस के माइकल लोड्रा और सर्बिया के नेनाद जिमोनजिक की तीसरी वरीय जोड़ी को सीधे सेटों में 7-5, 7-6 से हराया।
पेस और स्टेपनेक ने पहले सेट में दोनों ब्रेक प्वाइंट का फायदा उठाया, जबकि अपनी सर्विस पर तीन ब्रेक प्वाइंट बचाए। इस जोड़ी ने एक घंटे और 39 मिनट में सेट अपने नाम किया। दूसरे सेट में दोनों ही जोड़ियां अपनी सर्विस बचाने में कामयाब रही, जिससे मुकबाला टाईब्रेकर तक खिंचा, जहां भारत और चेक गणराज्य की जोड़ी ने बाजी मार ली।टिप्पणियां
पेस और स्टेपनेक को अगले दौर में ऐसाम उल हक कुरैशी और जीन जूलियन रोजर तथा एरिक बुटोरेक और ब्रूनो सोरेस के बीच होने वाले मैच की विजेता जोड़ी से भिड़ना होगा। पेस ने ऑस्ट्रेलियाई ओपन के अलावा तीनों ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंटों में खिताब जीते हैं। पुरुष युगल के ही तीसरे दौर के एक अन्य मुकाबले में भूपति और बोपन्ना की चौथी वरीय भारतीय जोड़ी को स्काट लिप्सकी और राजीव राम की 13वीं वरीय अमेरिकी जोड़ी ने 7-6, 6-2 से हराकर उलटफेर किया।
इस बीच, रुतुजा भोंसले, रतनिका बत्रा और अर्जुन खाड़े की शिकस्त के साथ जूनियर एकल में भारतीय चुनौती समाप्त हो गई है। रुतुजा को लड़कियों के एकल वर्ग के पहले दौर में पहला सेट जीतने के बावजूद क्रोएशिया की इवा मेकोविच के हाथों 6-3, 4-6, 2-6 से शिकस्त झेलनी पड़ी, जबकि रतनिका को अमेरिका की टेलर टाउनसेंड ने 6-1, 6-2 से हराया। लड़कों के एकल वर्ग में खाड़े को कड़े मुकाबले में फ्रांस के क्वेनटीन हालिस के हाथों 4-6, 6-7 से शिकस्त झेलनी पड़ी।
पेस और स्टेपनेक की भारत और चेक गणराज्य की गैर-वरीय जोड़ी ने तीसरे दौर के कड़े मुकाबले में फ्रांस के माइकल लोड्रा और सर्बिया के नेनाद जिमोनजिक की तीसरी वरीय जोड़ी को सीधे सेटों में 7-5, 7-6 से हराया।
पेस और स्टेपनेक ने पहले सेट में दोनों ब्रेक प्वाइंट का फायदा उठाया, जबकि अपनी सर्विस पर तीन ब्रेक प्वाइंट बचाए। इस जोड़ी ने एक घंटे और 39 मिनट में सेट अपने नाम किया। दूसरे सेट में दोनों ही जोड़ियां अपनी सर्विस बचाने में कामयाब रही, जिससे मुकबाला टाईब्रेकर तक खिंचा, जहां भारत और चेक गणराज्य की जोड़ी ने बाजी मार ली।टिप्पणियां
पेस और स्टेपनेक को अगले दौर में ऐसाम उल हक कुरैशी और जीन जूलियन रोजर तथा एरिक बुटोरेक और ब्रूनो सोरेस के बीच होने वाले मैच की विजेता जोड़ी से भिड़ना होगा। पेस ने ऑस्ट्रेलियाई ओपन के अलावा तीनों ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंटों में खिताब जीते हैं। पुरुष युगल के ही तीसरे दौर के एक अन्य मुकाबले में भूपति और बोपन्ना की चौथी वरीय भारतीय जोड़ी को स्काट लिप्सकी और राजीव राम की 13वीं वरीय अमेरिकी जोड़ी ने 7-6, 6-2 से हराकर उलटफेर किया।
इस बीच, रुतुजा भोंसले, रतनिका बत्रा और अर्जुन खाड़े की शिकस्त के साथ जूनियर एकल में भारतीय चुनौती समाप्त हो गई है। रुतुजा को लड़कियों के एकल वर्ग के पहले दौर में पहला सेट जीतने के बावजूद क्रोएशिया की इवा मेकोविच के हाथों 6-3, 4-6, 2-6 से शिकस्त झेलनी पड़ी, जबकि रतनिका को अमेरिका की टेलर टाउनसेंड ने 6-1, 6-2 से हराया। लड़कों के एकल वर्ग में खाड़े को कड़े मुकाबले में फ्रांस के क्वेनटीन हालिस के हाथों 4-6, 6-7 से शिकस्त झेलनी पड़ी।
पेस और स्टेपनेक ने पहले सेट में दोनों ब्रेक प्वाइंट का फायदा उठाया, जबकि अपनी सर्विस पर तीन ब्रेक प्वाइंट बचाए। इस जोड़ी ने एक घंटे और 39 मिनट में सेट अपने नाम किया। दूसरे सेट में दोनों ही जोड़ियां अपनी सर्विस बचाने में कामयाब रही, जिससे मुकबाला टाईब्रेकर तक खिंचा, जहां भारत और चेक गणराज्य की जोड़ी ने बाजी मार ली।टिप्पणियां
पेस और स्टेपनेक को अगले दौर में ऐसाम उल हक कुरैशी और जीन जूलियन रोजर तथा एरिक बुटोरेक और ब्रूनो सोरेस के बीच होने वाले मैच की विजेता जोड़ी से भिड़ना होगा। पेस ने ऑस्ट्रेलियाई ओपन के अलावा तीनों ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंटों में खिताब जीते हैं। पुरुष युगल के ही तीसरे दौर के एक अन्य मुकाबले में भूपति और बोपन्ना की चौथी वरीय भारतीय जोड़ी को स्काट लिप्सकी और राजीव राम की 13वीं वरीय अमेरिकी जोड़ी ने 7-6, 6-2 से हराकर उलटफेर किया।
इस बीच, रुतुजा भोंसले, रतनिका बत्रा और अर्जुन खाड़े की शिकस्त के साथ जूनियर एकल में भारतीय चुनौती समाप्त हो गई है। रुतुजा को लड़कियों के एकल वर्ग के पहले दौर में पहला सेट जीतने के बावजूद क्रोएशिया की इवा मेकोविच के हाथों 6-3, 4-6, 2-6 से शिकस्त झेलनी पड़ी, जबकि रतनिका को अमेरिका की टेलर टाउनसेंड ने 6-1, 6-2 से हराया। लड़कों के एकल वर्ग में खाड़े को कड़े मुकाबले में फ्रांस के क्वेनटीन हालिस के हाथों 4-6, 6-7 से शिकस्त झेलनी पड़ी।
पेस और स्टेपनेक को अगले दौर में ऐसाम उल हक कुरैशी और जीन जूलियन रोजर तथा एरिक बुटोरेक और ब्रूनो सोरेस के बीच होने वाले मैच की विजेता जोड़ी से भिड़ना होगा। पेस ने ऑस्ट्रेलियाई ओपन के अलावा तीनों ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंटों में खिताब जीते हैं। पुरुष युगल के ही तीसरे दौर के एक अन्य मुकाबले में भूपति और बोपन्ना की चौथी वरीय भारतीय जोड़ी को स्काट लिप्सकी और राजीव राम की 13वीं वरीय अमेरिकी जोड़ी ने 7-6, 6-2 से हराकर उलटफेर किया।
इस बीच, रुतुजा भोंसले, रतनिका बत्रा और अर्जुन खाड़े की शिकस्त के साथ जूनियर एकल में भारतीय चुनौती समाप्त हो गई है। रुतुजा को लड़कियों के एकल वर्ग के पहले दौर में पहला सेट जीतने के बावजूद क्रोएशिया की इवा मेकोविच के हाथों 6-3, 4-6, 2-6 से शिकस्त झेलनी पड़ी, जबकि रतनिका को अमेरिका की टेलर टाउनसेंड ने 6-1, 6-2 से हराया। लड़कों के एकल वर्ग में खाड़े को कड़े मुकाबले में फ्रांस के क्वेनटीन हालिस के हाथों 4-6, 6-7 से शिकस्त झेलनी पड़ी।
इस बीच, रुतुजा भोंसले, रतनिका बत्रा और अर्जुन खाड़े की शिकस्त के साथ जूनियर एकल में भारतीय चुनौती समाप्त हो गई है। रुतुजा को लड़कियों के एकल वर्ग के पहले दौर में पहला सेट जीतने के बावजूद क्रोएशिया की इवा मेकोविच के हाथों 6-3, 4-6, 2-6 से शिकस्त झेलनी पड़ी, जबकि रतनिका को अमेरिका की टेलर टाउनसेंड ने 6-1, 6-2 से हराया। लड़कों के एकल वर्ग में खाड़े को कड़े मुकाबले में फ्रांस के क्वेनटीन हालिस के हाथों 4-6, 6-7 से शिकस्त झेलनी पड़ी। | सारांश: ऑस्ट्रेलियन ओपन में लिएंडर पेस, राडेक स्टेपनेक के साथ पुरुष युगल क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए, जबकि महेश भूपति और रोहन बोपन्ना की जोड़ी को हार का सामना करना पड़ा। | 7 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली के सराय रोहिल्ला इलाके में रोहतक रोड पर 1 मई की सुबह करीब 3.30 बजे के आसपास पतंजलि की दुकान में चोरी की वारदात को अंजाम देने आए 1 बदमाश विनीत को सेंट्रल जोन में पीसीआर में तैनात एएसआई महेंद्र और कॉन्स्टेबल अमित ने पकड़ा. टिप्पणियां
सीसीटीवी की फुटेज में साफ दिखाई दिया है कि कैसे वारदात को अंजाम देने आए बदमाश पीसीआर की आवाज़ सुन कर कार में सवार होकर भागने की कोशिश कर रहे है और इस कोशिश में वो पीछे वाली कार को भी टक्कर मार देते हैं. पर जब भागने की कोशिश नाकामयाब होती दिखती है तो बदमाश कार से उतर कर फरार हो जाते हैं.
कार की ड्राइवर सीट पर बैठा विनीत पुलिस के हत्थे चढ़ जाता है. पुलिस के मुताबिक बदमाश पतंजलि की दुकान में चोरी की वारदात को अंजाम नहीं दे सके. बदमाश के पास से जो सामान बरामद हुआ है वो पहले की हुई किसी चोरी का है.
सीसीटीवी की फुटेज में साफ दिखाई दिया है कि कैसे वारदात को अंजाम देने आए बदमाश पीसीआर की आवाज़ सुन कर कार में सवार होकर भागने की कोशिश कर रहे है और इस कोशिश में वो पीछे वाली कार को भी टक्कर मार देते हैं. पर जब भागने की कोशिश नाकामयाब होती दिखती है तो बदमाश कार से उतर कर फरार हो जाते हैं.
कार की ड्राइवर सीट पर बैठा विनीत पुलिस के हत्थे चढ़ जाता है. पुलिस के मुताबिक बदमाश पतंजलि की दुकान में चोरी की वारदात को अंजाम नहीं दे सके. बदमाश के पास से जो सामान बरामद हुआ है वो पहले की हुई किसी चोरी का है.
कार की ड्राइवर सीट पर बैठा विनीत पुलिस के हत्थे चढ़ जाता है. पुलिस के मुताबिक बदमाश पतंजलि की दुकान में चोरी की वारदात को अंजाम नहीं दे सके. बदमाश के पास से जो सामान बरामद हुआ है वो पहले की हुई किसी चोरी का है. | दिल्ली के सराय रोहिल्ला इलाके की घटना
पतंजलि की दुकान में चोरी की वारदात को अंजाम
पीसीआर में तैनात एएसआई महेंद्र और कॉन्स्टेबल अमित ने चोरों को पकड़ा. | 28 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने सोमवार को कहा कि वर्ष 2014 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले तीसरे मोर्चे का गठन मतदाताओं के सामने बेहतर विकल्प होगा, लेकिन अभी इस विचार को अमल में लाना अभी जल्दबाजी होगी।
पटनायक ने हालांकि अपने दल की पूर्व सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ किसी तरह के गठबंधन को खारिज कर दिया।
पटनायक ने समारोह से इतर पत्रकारों से कहा, "भाजपा के साथ किसी तरह का गठबंधन करने का सवाल ही नहीं उठता।"टिप्पणियां
गौरतलब है कि ओडिशा में वर्ष 1999 से ही बीजू जनता दल का शासन है। बीजद ने वर्ष 2009 तक भाजपा के साथ गठबंधन सरकार चलाई और 2009 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उसने गठबंधन तोड़ दिया।
पटनायक से तीसरा मोर्चा बनाने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "मैं समझता हूं कि तीसरा मोर्चा एक बेहतर विकल्प है। लेकिन अभी तो काफी समय बचा हुआ है।"
पटनायक ने हालांकि अपने दल की पूर्व सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ किसी तरह के गठबंधन को खारिज कर दिया।
पटनायक ने समारोह से इतर पत्रकारों से कहा, "भाजपा के साथ किसी तरह का गठबंधन करने का सवाल ही नहीं उठता।"टिप्पणियां
गौरतलब है कि ओडिशा में वर्ष 1999 से ही बीजू जनता दल का शासन है। बीजद ने वर्ष 2009 तक भाजपा के साथ गठबंधन सरकार चलाई और 2009 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उसने गठबंधन तोड़ दिया।
पटनायक से तीसरा मोर्चा बनाने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "मैं समझता हूं कि तीसरा मोर्चा एक बेहतर विकल्प है। लेकिन अभी तो काफी समय बचा हुआ है।"
पटनायक ने समारोह से इतर पत्रकारों से कहा, "भाजपा के साथ किसी तरह का गठबंधन करने का सवाल ही नहीं उठता।"टिप्पणियां
गौरतलब है कि ओडिशा में वर्ष 1999 से ही बीजू जनता दल का शासन है। बीजद ने वर्ष 2009 तक भाजपा के साथ गठबंधन सरकार चलाई और 2009 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उसने गठबंधन तोड़ दिया।
पटनायक से तीसरा मोर्चा बनाने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "मैं समझता हूं कि तीसरा मोर्चा एक बेहतर विकल्प है। लेकिन अभी तो काफी समय बचा हुआ है।"
गौरतलब है कि ओडिशा में वर्ष 1999 से ही बीजू जनता दल का शासन है। बीजद ने वर्ष 2009 तक भाजपा के साथ गठबंधन सरकार चलाई और 2009 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उसने गठबंधन तोड़ दिया।
पटनायक से तीसरा मोर्चा बनाने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "मैं समझता हूं कि तीसरा मोर्चा एक बेहतर विकल्प है। लेकिन अभी तो काफी समय बचा हुआ है।"
पटनायक से तीसरा मोर्चा बनाने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "मैं समझता हूं कि तीसरा मोर्चा एक बेहतर विकल्प है। लेकिन अभी तो काफी समय बचा हुआ है।" | संक्षिप्त सारांश: ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने सोमवार को कहा कि वर्ष 2014 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले तीसरे मोर्चे का गठन मतदाताओं के सामने बेहतर विकल्प होगा, लेकिन अभी इस विचार को अमल में लाना अभी जल्दबाजी होगी। | 8 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: तीर्थराज प्रयाग में चल रहे दुनिया के सबसे बड़े समागम 'महाकुंभ मेले' में शुक्रवार को वसंत पंचमी के पावन अवसर पर शाही स्नान के लिए संगम तट पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। साधु-संतों, नागा और धर्माचार्यों सहित देश-विदेश के करीब 70 लाख श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। मेला प्रशासन ने हालांकि एक करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के स्नान की उम्मीद जताई थी।
तड़के से ही गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती (त्रिवेणी) के संगम में स्नान के लिए बनाए गए 22 घाटों पर जनसैलाब उमड़ा।
करीब 18 हजार फीट में बनाए गए घाटों पर श्रद्धालु 'जय गंगा मैया' और 'हर-हर महादेव' के जयकारे के साथ डुबकी लगाई और पूजा-अर्चना की।
बिहार के आरा जिले से आई रूपवती देवी ने कहा कि पौराणिक मान्यता है कि महाकुंभ के दौरान वसंत पंचमी पर संगम स्नान करने से सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है और मोक्ष मिलता है। श्रद्धालु स्नान करने के साथ गंगाजल को प्रसाद के रूप में अपने साथ ले गए।
शाही स्नान का नेतृत्व नागा साधुओं ने किया। सबसे पहले महानिर्वाणी अखाड़े के साधुओं ने स्नान किया, उसके बाद अटल, जूना, अग्नि सहित सभी 13 अखाड़ों के साधुओं और नागाओं ने डुबकी लगाई।
मेला प्रशासन के निर्देशों के मुताबिक, सबसे पहले सात संन्यासी, उसके बाद तीन वैरागी और फिर तीन उदासीन अखाड़े के साधुओं को स्नान करना था। हर अखाड़े को स्नान के लिए करीब 40 मिनट का समय दिया गया।
मौनी अमावस्या के दिन इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे और गुरुवार देर रात संगम क्षेत्र में आग लगने से एक साधु की मौत के कारण अखाड़ों की पेशवई में सादगी बरती गई। पेशवई में बैंड जाने और ढोल-नगाड़ों से परहेज किया गया। आमतौर पर ढोल-मंजीरा बजाकर और अपने शस्त्र लहराते हुए नागा साधु स्नान के लिए अखाड़ों से निकलते हैं।
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) बीपी सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि करीब 70 लाख श्रद्धालुओं ने आज तीसरे सबसे बड़े शाही स्नान पर पवित्र स्नान किया। सारी व्यवस्था सुदृढ़ रही। कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं आई।
मेला प्रशासन ने दिनभर में एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के स्नान करने की उम्मीद जताई थी। माना जा रहा है कि इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर मौनी अमावस्या के शाही स्नान के दिन मची भगदड़ में कई लोगों की जान जाने का गम और खराब मौसम के कारण श्रद्धालु अनुमान से कहीं कम आए। आज सुबह से बादल छाए रहे दिन में रुक-रुक बारिश हो रही थी।
शाही स्नान के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अरुण कुमार ने कहा कि पूरे मेले में तैनात केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल, राज्य पुलिस, प्रांतीय शस्त्र बल, होमगार्ड के जवान चप्पे-चप्पे पर नजर बनाए हुए थे। साथ ही जल पुलिस के जवान भी घाटों पर तैनात हैं। सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ हेलीकॉप्टर से मेले के कोने-कोने की निगरानी की जा रही थी।
भीड़ एक जगह एकत्र न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने 10 होल्डिंग एरिया बनाए थे। रेलवे प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की भीड़ को वापस घर पहुंचाने के लिए करीब 100 विशेष ट्रेनों का इंतजाम किया गया। रोडवेज की ओर से भी 2,000 से अधिक अतिरिक्त बसें चलाई गईं।टिप्पणियां
मेला क्षेत्र में लाउडस्पीकर से बसों और ट्रेनों के समय के बारे में लगातार घोषणा की जा रही थी, ताकि यात्रियों को सही जानकारी मिल सके और वे अपने निर्धारित समय से पहले बस या रेलवे स्टेशन पर न जाएं। पिछले हादसे से सबक लेते हुए रेलवे, मेला और जिला प्रशासन की तरफ से बनाई गई आज की रणनीति से सब जगह बंदोबस्त व्यवस्थित नजर आए।
मकर संक्रांति से शुरू हुआ महाकुंभ मेला 10 मार्च तक चलेगा। इलाहाबाद में महाकुंभ मेला 12 साल बाद लगा है। इससे पहले यहां वर्ष 2000 में महाकुंभ मेला लगा था।
तड़के से ही गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती (त्रिवेणी) के संगम में स्नान के लिए बनाए गए 22 घाटों पर जनसैलाब उमड़ा।
करीब 18 हजार फीट में बनाए गए घाटों पर श्रद्धालु 'जय गंगा मैया' और 'हर-हर महादेव' के जयकारे के साथ डुबकी लगाई और पूजा-अर्चना की।
बिहार के आरा जिले से आई रूपवती देवी ने कहा कि पौराणिक मान्यता है कि महाकुंभ के दौरान वसंत पंचमी पर संगम स्नान करने से सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है और मोक्ष मिलता है। श्रद्धालु स्नान करने के साथ गंगाजल को प्रसाद के रूप में अपने साथ ले गए।
शाही स्नान का नेतृत्व नागा साधुओं ने किया। सबसे पहले महानिर्वाणी अखाड़े के साधुओं ने स्नान किया, उसके बाद अटल, जूना, अग्नि सहित सभी 13 अखाड़ों के साधुओं और नागाओं ने डुबकी लगाई।
मेला प्रशासन के निर्देशों के मुताबिक, सबसे पहले सात संन्यासी, उसके बाद तीन वैरागी और फिर तीन उदासीन अखाड़े के साधुओं को स्नान करना था। हर अखाड़े को स्नान के लिए करीब 40 मिनट का समय दिया गया।
मौनी अमावस्या के दिन इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे और गुरुवार देर रात संगम क्षेत्र में आग लगने से एक साधु की मौत के कारण अखाड़ों की पेशवई में सादगी बरती गई। पेशवई में बैंड जाने और ढोल-नगाड़ों से परहेज किया गया। आमतौर पर ढोल-मंजीरा बजाकर और अपने शस्त्र लहराते हुए नागा साधु स्नान के लिए अखाड़ों से निकलते हैं।
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) बीपी सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि करीब 70 लाख श्रद्धालुओं ने आज तीसरे सबसे बड़े शाही स्नान पर पवित्र स्नान किया। सारी व्यवस्था सुदृढ़ रही। कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं आई।
मेला प्रशासन ने दिनभर में एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के स्नान करने की उम्मीद जताई थी। माना जा रहा है कि इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर मौनी अमावस्या के शाही स्नान के दिन मची भगदड़ में कई लोगों की जान जाने का गम और खराब मौसम के कारण श्रद्धालु अनुमान से कहीं कम आए। आज सुबह से बादल छाए रहे दिन में रुक-रुक बारिश हो रही थी।
शाही स्नान के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अरुण कुमार ने कहा कि पूरे मेले में तैनात केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल, राज्य पुलिस, प्रांतीय शस्त्र बल, होमगार्ड के जवान चप्पे-चप्पे पर नजर बनाए हुए थे। साथ ही जल पुलिस के जवान भी घाटों पर तैनात हैं। सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ हेलीकॉप्टर से मेले के कोने-कोने की निगरानी की जा रही थी।
भीड़ एक जगह एकत्र न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने 10 होल्डिंग एरिया बनाए थे। रेलवे प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की भीड़ को वापस घर पहुंचाने के लिए करीब 100 विशेष ट्रेनों का इंतजाम किया गया। रोडवेज की ओर से भी 2,000 से अधिक अतिरिक्त बसें चलाई गईं।टिप्पणियां
मेला क्षेत्र में लाउडस्पीकर से बसों और ट्रेनों के समय के बारे में लगातार घोषणा की जा रही थी, ताकि यात्रियों को सही जानकारी मिल सके और वे अपने निर्धारित समय से पहले बस या रेलवे स्टेशन पर न जाएं। पिछले हादसे से सबक लेते हुए रेलवे, मेला और जिला प्रशासन की तरफ से बनाई गई आज की रणनीति से सब जगह बंदोबस्त व्यवस्थित नजर आए।
मकर संक्रांति से शुरू हुआ महाकुंभ मेला 10 मार्च तक चलेगा। इलाहाबाद में महाकुंभ मेला 12 साल बाद लगा है। इससे पहले यहां वर्ष 2000 में महाकुंभ मेला लगा था।
करीब 18 हजार फीट में बनाए गए घाटों पर श्रद्धालु 'जय गंगा मैया' और 'हर-हर महादेव' के जयकारे के साथ डुबकी लगाई और पूजा-अर्चना की।
बिहार के आरा जिले से आई रूपवती देवी ने कहा कि पौराणिक मान्यता है कि महाकुंभ के दौरान वसंत पंचमी पर संगम स्नान करने से सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है और मोक्ष मिलता है। श्रद्धालु स्नान करने के साथ गंगाजल को प्रसाद के रूप में अपने साथ ले गए।
शाही स्नान का नेतृत्व नागा साधुओं ने किया। सबसे पहले महानिर्वाणी अखाड़े के साधुओं ने स्नान किया, उसके बाद अटल, जूना, अग्नि सहित सभी 13 अखाड़ों के साधुओं और नागाओं ने डुबकी लगाई।
मेला प्रशासन के निर्देशों के मुताबिक, सबसे पहले सात संन्यासी, उसके बाद तीन वैरागी और फिर तीन उदासीन अखाड़े के साधुओं को स्नान करना था। हर अखाड़े को स्नान के लिए करीब 40 मिनट का समय दिया गया।
मौनी अमावस्या के दिन इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे और गुरुवार देर रात संगम क्षेत्र में आग लगने से एक साधु की मौत के कारण अखाड़ों की पेशवई में सादगी बरती गई। पेशवई में बैंड जाने और ढोल-नगाड़ों से परहेज किया गया। आमतौर पर ढोल-मंजीरा बजाकर और अपने शस्त्र लहराते हुए नागा साधु स्नान के लिए अखाड़ों से निकलते हैं।
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) बीपी सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि करीब 70 लाख श्रद्धालुओं ने आज तीसरे सबसे बड़े शाही स्नान पर पवित्र स्नान किया। सारी व्यवस्था सुदृढ़ रही। कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं आई।
मेला प्रशासन ने दिनभर में एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के स्नान करने की उम्मीद जताई थी। माना जा रहा है कि इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर मौनी अमावस्या के शाही स्नान के दिन मची भगदड़ में कई लोगों की जान जाने का गम और खराब मौसम के कारण श्रद्धालु अनुमान से कहीं कम आए। आज सुबह से बादल छाए रहे दिन में रुक-रुक बारिश हो रही थी।
शाही स्नान के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अरुण कुमार ने कहा कि पूरे मेले में तैनात केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल, राज्य पुलिस, प्रांतीय शस्त्र बल, होमगार्ड के जवान चप्पे-चप्पे पर नजर बनाए हुए थे। साथ ही जल पुलिस के जवान भी घाटों पर तैनात हैं। सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ हेलीकॉप्टर से मेले के कोने-कोने की निगरानी की जा रही थी।
भीड़ एक जगह एकत्र न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने 10 होल्डिंग एरिया बनाए थे। रेलवे प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की भीड़ को वापस घर पहुंचाने के लिए करीब 100 विशेष ट्रेनों का इंतजाम किया गया। रोडवेज की ओर से भी 2,000 से अधिक अतिरिक्त बसें चलाई गईं।टिप्पणियां
मेला क्षेत्र में लाउडस्पीकर से बसों और ट्रेनों के समय के बारे में लगातार घोषणा की जा रही थी, ताकि यात्रियों को सही जानकारी मिल सके और वे अपने निर्धारित समय से पहले बस या रेलवे स्टेशन पर न जाएं। पिछले हादसे से सबक लेते हुए रेलवे, मेला और जिला प्रशासन की तरफ से बनाई गई आज की रणनीति से सब जगह बंदोबस्त व्यवस्थित नजर आए।
मकर संक्रांति से शुरू हुआ महाकुंभ मेला 10 मार्च तक चलेगा। इलाहाबाद में महाकुंभ मेला 12 साल बाद लगा है। इससे पहले यहां वर्ष 2000 में महाकुंभ मेला लगा था।
बिहार के आरा जिले से आई रूपवती देवी ने कहा कि पौराणिक मान्यता है कि महाकुंभ के दौरान वसंत पंचमी पर संगम स्नान करने से सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है और मोक्ष मिलता है। श्रद्धालु स्नान करने के साथ गंगाजल को प्रसाद के रूप में अपने साथ ले गए।
शाही स्नान का नेतृत्व नागा साधुओं ने किया। सबसे पहले महानिर्वाणी अखाड़े के साधुओं ने स्नान किया, उसके बाद अटल, जूना, अग्नि सहित सभी 13 अखाड़ों के साधुओं और नागाओं ने डुबकी लगाई।
मेला प्रशासन के निर्देशों के मुताबिक, सबसे पहले सात संन्यासी, उसके बाद तीन वैरागी और फिर तीन उदासीन अखाड़े के साधुओं को स्नान करना था। हर अखाड़े को स्नान के लिए करीब 40 मिनट का समय दिया गया।
मौनी अमावस्या के दिन इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे और गुरुवार देर रात संगम क्षेत्र में आग लगने से एक साधु की मौत के कारण अखाड़ों की पेशवई में सादगी बरती गई। पेशवई में बैंड जाने और ढोल-नगाड़ों से परहेज किया गया। आमतौर पर ढोल-मंजीरा बजाकर और अपने शस्त्र लहराते हुए नागा साधु स्नान के लिए अखाड़ों से निकलते हैं।
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) बीपी सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि करीब 70 लाख श्रद्धालुओं ने आज तीसरे सबसे बड़े शाही स्नान पर पवित्र स्नान किया। सारी व्यवस्था सुदृढ़ रही। कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं आई।
मेला प्रशासन ने दिनभर में एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के स्नान करने की उम्मीद जताई थी। माना जा रहा है कि इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर मौनी अमावस्या के शाही स्नान के दिन मची भगदड़ में कई लोगों की जान जाने का गम और खराब मौसम के कारण श्रद्धालु अनुमान से कहीं कम आए। आज सुबह से बादल छाए रहे दिन में रुक-रुक बारिश हो रही थी।
शाही स्नान के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अरुण कुमार ने कहा कि पूरे मेले में तैनात केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल, राज्य पुलिस, प्रांतीय शस्त्र बल, होमगार्ड के जवान चप्पे-चप्पे पर नजर बनाए हुए थे। साथ ही जल पुलिस के जवान भी घाटों पर तैनात हैं। सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ हेलीकॉप्टर से मेले के कोने-कोने की निगरानी की जा रही थी।
भीड़ एक जगह एकत्र न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने 10 होल्डिंग एरिया बनाए थे। रेलवे प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की भीड़ को वापस घर पहुंचाने के लिए करीब 100 विशेष ट्रेनों का इंतजाम किया गया। रोडवेज की ओर से भी 2,000 से अधिक अतिरिक्त बसें चलाई गईं।टिप्पणियां
मेला क्षेत्र में लाउडस्पीकर से बसों और ट्रेनों के समय के बारे में लगातार घोषणा की जा रही थी, ताकि यात्रियों को सही जानकारी मिल सके और वे अपने निर्धारित समय से पहले बस या रेलवे स्टेशन पर न जाएं। पिछले हादसे से सबक लेते हुए रेलवे, मेला और जिला प्रशासन की तरफ से बनाई गई आज की रणनीति से सब जगह बंदोबस्त व्यवस्थित नजर आए।
मकर संक्रांति से शुरू हुआ महाकुंभ मेला 10 मार्च तक चलेगा। इलाहाबाद में महाकुंभ मेला 12 साल बाद लगा है। इससे पहले यहां वर्ष 2000 में महाकुंभ मेला लगा था।
शाही स्नान का नेतृत्व नागा साधुओं ने किया। सबसे पहले महानिर्वाणी अखाड़े के साधुओं ने स्नान किया, उसके बाद अटल, जूना, अग्नि सहित सभी 13 अखाड़ों के साधुओं और नागाओं ने डुबकी लगाई।
मेला प्रशासन के निर्देशों के मुताबिक, सबसे पहले सात संन्यासी, उसके बाद तीन वैरागी और फिर तीन उदासीन अखाड़े के साधुओं को स्नान करना था। हर अखाड़े को स्नान के लिए करीब 40 मिनट का समय दिया गया।
मौनी अमावस्या के दिन इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे और गुरुवार देर रात संगम क्षेत्र में आग लगने से एक साधु की मौत के कारण अखाड़ों की पेशवई में सादगी बरती गई। पेशवई में बैंड जाने और ढोल-नगाड़ों से परहेज किया गया। आमतौर पर ढोल-मंजीरा बजाकर और अपने शस्त्र लहराते हुए नागा साधु स्नान के लिए अखाड़ों से निकलते हैं।
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) बीपी सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि करीब 70 लाख श्रद्धालुओं ने आज तीसरे सबसे बड़े शाही स्नान पर पवित्र स्नान किया। सारी व्यवस्था सुदृढ़ रही। कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं आई।
मेला प्रशासन ने दिनभर में एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के स्नान करने की उम्मीद जताई थी। माना जा रहा है कि इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर मौनी अमावस्या के शाही स्नान के दिन मची भगदड़ में कई लोगों की जान जाने का गम और खराब मौसम के कारण श्रद्धालु अनुमान से कहीं कम आए। आज सुबह से बादल छाए रहे दिन में रुक-रुक बारिश हो रही थी।
शाही स्नान के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अरुण कुमार ने कहा कि पूरे मेले में तैनात केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल, राज्य पुलिस, प्रांतीय शस्त्र बल, होमगार्ड के जवान चप्पे-चप्पे पर नजर बनाए हुए थे। साथ ही जल पुलिस के जवान भी घाटों पर तैनात हैं। सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ हेलीकॉप्टर से मेले के कोने-कोने की निगरानी की जा रही थी।
भीड़ एक जगह एकत्र न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने 10 होल्डिंग एरिया बनाए थे। रेलवे प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की भीड़ को वापस घर पहुंचाने के लिए करीब 100 विशेष ट्रेनों का इंतजाम किया गया। रोडवेज की ओर से भी 2,000 से अधिक अतिरिक्त बसें चलाई गईं।टिप्पणियां
मेला क्षेत्र में लाउडस्पीकर से बसों और ट्रेनों के समय के बारे में लगातार घोषणा की जा रही थी, ताकि यात्रियों को सही जानकारी मिल सके और वे अपने निर्धारित समय से पहले बस या रेलवे स्टेशन पर न जाएं। पिछले हादसे से सबक लेते हुए रेलवे, मेला और जिला प्रशासन की तरफ से बनाई गई आज की रणनीति से सब जगह बंदोबस्त व्यवस्थित नजर आए।
मकर संक्रांति से शुरू हुआ महाकुंभ मेला 10 मार्च तक चलेगा। इलाहाबाद में महाकुंभ मेला 12 साल बाद लगा है। इससे पहले यहां वर्ष 2000 में महाकुंभ मेला लगा था।
मेला प्रशासन के निर्देशों के मुताबिक, सबसे पहले सात संन्यासी, उसके बाद तीन वैरागी और फिर तीन उदासीन अखाड़े के साधुओं को स्नान करना था। हर अखाड़े को स्नान के लिए करीब 40 मिनट का समय दिया गया।
मौनी अमावस्या के दिन इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे और गुरुवार देर रात संगम क्षेत्र में आग लगने से एक साधु की मौत के कारण अखाड़ों की पेशवई में सादगी बरती गई। पेशवई में बैंड जाने और ढोल-नगाड़ों से परहेज किया गया। आमतौर पर ढोल-मंजीरा बजाकर और अपने शस्त्र लहराते हुए नागा साधु स्नान के लिए अखाड़ों से निकलते हैं।
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) बीपी सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि करीब 70 लाख श्रद्धालुओं ने आज तीसरे सबसे बड़े शाही स्नान पर पवित्र स्नान किया। सारी व्यवस्था सुदृढ़ रही। कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं आई।
मेला प्रशासन ने दिनभर में एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के स्नान करने की उम्मीद जताई थी। माना जा रहा है कि इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर मौनी अमावस्या के शाही स्नान के दिन मची भगदड़ में कई लोगों की जान जाने का गम और खराब मौसम के कारण श्रद्धालु अनुमान से कहीं कम आए। आज सुबह से बादल छाए रहे दिन में रुक-रुक बारिश हो रही थी।
शाही स्नान के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अरुण कुमार ने कहा कि पूरे मेले में तैनात केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल, राज्य पुलिस, प्रांतीय शस्त्र बल, होमगार्ड के जवान चप्पे-चप्पे पर नजर बनाए हुए थे। साथ ही जल पुलिस के जवान भी घाटों पर तैनात हैं। सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ हेलीकॉप्टर से मेले के कोने-कोने की निगरानी की जा रही थी।
भीड़ एक जगह एकत्र न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने 10 होल्डिंग एरिया बनाए थे। रेलवे प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की भीड़ को वापस घर पहुंचाने के लिए करीब 100 विशेष ट्रेनों का इंतजाम किया गया। रोडवेज की ओर से भी 2,000 से अधिक अतिरिक्त बसें चलाई गईं।टिप्पणियां
मेला क्षेत्र में लाउडस्पीकर से बसों और ट्रेनों के समय के बारे में लगातार घोषणा की जा रही थी, ताकि यात्रियों को सही जानकारी मिल सके और वे अपने निर्धारित समय से पहले बस या रेलवे स्टेशन पर न जाएं। पिछले हादसे से सबक लेते हुए रेलवे, मेला और जिला प्रशासन की तरफ से बनाई गई आज की रणनीति से सब जगह बंदोबस्त व्यवस्थित नजर आए।
मकर संक्रांति से शुरू हुआ महाकुंभ मेला 10 मार्च तक चलेगा। इलाहाबाद में महाकुंभ मेला 12 साल बाद लगा है। इससे पहले यहां वर्ष 2000 में महाकुंभ मेला लगा था।
मौनी अमावस्या के दिन इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे और गुरुवार देर रात संगम क्षेत्र में आग लगने से एक साधु की मौत के कारण अखाड़ों की पेशवई में सादगी बरती गई। पेशवई में बैंड जाने और ढोल-नगाड़ों से परहेज किया गया। आमतौर पर ढोल-मंजीरा बजाकर और अपने शस्त्र लहराते हुए नागा साधु स्नान के लिए अखाड़ों से निकलते हैं।
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) बीपी सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि करीब 70 लाख श्रद्धालुओं ने आज तीसरे सबसे बड़े शाही स्नान पर पवित्र स्नान किया। सारी व्यवस्था सुदृढ़ रही। कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं आई।
मेला प्रशासन ने दिनभर में एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के स्नान करने की उम्मीद जताई थी। माना जा रहा है कि इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर मौनी अमावस्या के शाही स्नान के दिन मची भगदड़ में कई लोगों की जान जाने का गम और खराब मौसम के कारण श्रद्धालु अनुमान से कहीं कम आए। आज सुबह से बादल छाए रहे दिन में रुक-रुक बारिश हो रही थी।
शाही स्नान के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अरुण कुमार ने कहा कि पूरे मेले में तैनात केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल, राज्य पुलिस, प्रांतीय शस्त्र बल, होमगार्ड के जवान चप्पे-चप्पे पर नजर बनाए हुए थे। साथ ही जल पुलिस के जवान भी घाटों पर तैनात हैं। सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ हेलीकॉप्टर से मेले के कोने-कोने की निगरानी की जा रही थी।
भीड़ एक जगह एकत्र न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने 10 होल्डिंग एरिया बनाए थे। रेलवे प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की भीड़ को वापस घर पहुंचाने के लिए करीब 100 विशेष ट्रेनों का इंतजाम किया गया। रोडवेज की ओर से भी 2,000 से अधिक अतिरिक्त बसें चलाई गईं।टिप्पणियां
मेला क्षेत्र में लाउडस्पीकर से बसों और ट्रेनों के समय के बारे में लगातार घोषणा की जा रही थी, ताकि यात्रियों को सही जानकारी मिल सके और वे अपने निर्धारित समय से पहले बस या रेलवे स्टेशन पर न जाएं। पिछले हादसे से सबक लेते हुए रेलवे, मेला और जिला प्रशासन की तरफ से बनाई गई आज की रणनीति से सब जगह बंदोबस्त व्यवस्थित नजर आए।
मकर संक्रांति से शुरू हुआ महाकुंभ मेला 10 मार्च तक चलेगा। इलाहाबाद में महाकुंभ मेला 12 साल बाद लगा है। इससे पहले यहां वर्ष 2000 में महाकुंभ मेला लगा था।
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) बीपी सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि करीब 70 लाख श्रद्धालुओं ने आज तीसरे सबसे बड़े शाही स्नान पर पवित्र स्नान किया। सारी व्यवस्था सुदृढ़ रही। कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं आई।
मेला प्रशासन ने दिनभर में एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के स्नान करने की उम्मीद जताई थी। माना जा रहा है कि इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर मौनी अमावस्या के शाही स्नान के दिन मची भगदड़ में कई लोगों की जान जाने का गम और खराब मौसम के कारण श्रद्धालु अनुमान से कहीं कम आए। आज सुबह से बादल छाए रहे दिन में रुक-रुक बारिश हो रही थी।
शाही स्नान के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अरुण कुमार ने कहा कि पूरे मेले में तैनात केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल, राज्य पुलिस, प्रांतीय शस्त्र बल, होमगार्ड के जवान चप्पे-चप्पे पर नजर बनाए हुए थे। साथ ही जल पुलिस के जवान भी घाटों पर तैनात हैं। सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ हेलीकॉप्टर से मेले के कोने-कोने की निगरानी की जा रही थी।
भीड़ एक जगह एकत्र न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने 10 होल्डिंग एरिया बनाए थे। रेलवे प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की भीड़ को वापस घर पहुंचाने के लिए करीब 100 विशेष ट्रेनों का इंतजाम किया गया। रोडवेज की ओर से भी 2,000 से अधिक अतिरिक्त बसें चलाई गईं।टिप्पणियां
मेला क्षेत्र में लाउडस्पीकर से बसों और ट्रेनों के समय के बारे में लगातार घोषणा की जा रही थी, ताकि यात्रियों को सही जानकारी मिल सके और वे अपने निर्धारित समय से पहले बस या रेलवे स्टेशन पर न जाएं। पिछले हादसे से सबक लेते हुए रेलवे, मेला और जिला प्रशासन की तरफ से बनाई गई आज की रणनीति से सब जगह बंदोबस्त व्यवस्थित नजर आए।
मकर संक्रांति से शुरू हुआ महाकुंभ मेला 10 मार्च तक चलेगा। इलाहाबाद में महाकुंभ मेला 12 साल बाद लगा है। इससे पहले यहां वर्ष 2000 में महाकुंभ मेला लगा था।
मेला प्रशासन ने दिनभर में एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के स्नान करने की उम्मीद जताई थी। माना जा रहा है कि इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर मौनी अमावस्या के शाही स्नान के दिन मची भगदड़ में कई लोगों की जान जाने का गम और खराब मौसम के कारण श्रद्धालु अनुमान से कहीं कम आए। आज सुबह से बादल छाए रहे दिन में रुक-रुक बारिश हो रही थी।
शाही स्नान के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अरुण कुमार ने कहा कि पूरे मेले में तैनात केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल, राज्य पुलिस, प्रांतीय शस्त्र बल, होमगार्ड के जवान चप्पे-चप्पे पर नजर बनाए हुए थे। साथ ही जल पुलिस के जवान भी घाटों पर तैनात हैं। सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ हेलीकॉप्टर से मेले के कोने-कोने की निगरानी की जा रही थी।
भीड़ एक जगह एकत्र न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने 10 होल्डिंग एरिया बनाए थे। रेलवे प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की भीड़ को वापस घर पहुंचाने के लिए करीब 100 विशेष ट्रेनों का इंतजाम किया गया। रोडवेज की ओर से भी 2,000 से अधिक अतिरिक्त बसें चलाई गईं।टिप्पणियां
मेला क्षेत्र में लाउडस्पीकर से बसों और ट्रेनों के समय के बारे में लगातार घोषणा की जा रही थी, ताकि यात्रियों को सही जानकारी मिल सके और वे अपने निर्धारित समय से पहले बस या रेलवे स्टेशन पर न जाएं। पिछले हादसे से सबक लेते हुए रेलवे, मेला और जिला प्रशासन की तरफ से बनाई गई आज की रणनीति से सब जगह बंदोबस्त व्यवस्थित नजर आए।
मकर संक्रांति से शुरू हुआ महाकुंभ मेला 10 मार्च तक चलेगा। इलाहाबाद में महाकुंभ मेला 12 साल बाद लगा है। इससे पहले यहां वर्ष 2000 में महाकुंभ मेला लगा था।
शाही स्नान के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अरुण कुमार ने कहा कि पूरे मेले में तैनात केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल, राज्य पुलिस, प्रांतीय शस्त्र बल, होमगार्ड के जवान चप्पे-चप्पे पर नजर बनाए हुए थे। साथ ही जल पुलिस के जवान भी घाटों पर तैनात हैं। सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ हेलीकॉप्टर से मेले के कोने-कोने की निगरानी की जा रही थी।
भीड़ एक जगह एकत्र न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने 10 होल्डिंग एरिया बनाए थे। रेलवे प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की भीड़ को वापस घर पहुंचाने के लिए करीब 100 विशेष ट्रेनों का इंतजाम किया गया। रोडवेज की ओर से भी 2,000 से अधिक अतिरिक्त बसें चलाई गईं।टिप्पणियां
मेला क्षेत्र में लाउडस्पीकर से बसों और ट्रेनों के समय के बारे में लगातार घोषणा की जा रही थी, ताकि यात्रियों को सही जानकारी मिल सके और वे अपने निर्धारित समय से पहले बस या रेलवे स्टेशन पर न जाएं। पिछले हादसे से सबक लेते हुए रेलवे, मेला और जिला प्रशासन की तरफ से बनाई गई आज की रणनीति से सब जगह बंदोबस्त व्यवस्थित नजर आए।
मकर संक्रांति से शुरू हुआ महाकुंभ मेला 10 मार्च तक चलेगा। इलाहाबाद में महाकुंभ मेला 12 साल बाद लगा है। इससे पहले यहां वर्ष 2000 में महाकुंभ मेला लगा था।
भीड़ एक जगह एकत्र न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने 10 होल्डिंग एरिया बनाए थे। रेलवे प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की भीड़ को वापस घर पहुंचाने के लिए करीब 100 विशेष ट्रेनों का इंतजाम किया गया। रोडवेज की ओर से भी 2,000 से अधिक अतिरिक्त बसें चलाई गईं।टिप्पणियां
मेला क्षेत्र में लाउडस्पीकर से बसों और ट्रेनों के समय के बारे में लगातार घोषणा की जा रही थी, ताकि यात्रियों को सही जानकारी मिल सके और वे अपने निर्धारित समय से पहले बस या रेलवे स्टेशन पर न जाएं। पिछले हादसे से सबक लेते हुए रेलवे, मेला और जिला प्रशासन की तरफ से बनाई गई आज की रणनीति से सब जगह बंदोबस्त व्यवस्थित नजर आए।
मकर संक्रांति से शुरू हुआ महाकुंभ मेला 10 मार्च तक चलेगा। इलाहाबाद में महाकुंभ मेला 12 साल बाद लगा है। इससे पहले यहां वर्ष 2000 में महाकुंभ मेला लगा था।
मेला क्षेत्र में लाउडस्पीकर से बसों और ट्रेनों के समय के बारे में लगातार घोषणा की जा रही थी, ताकि यात्रियों को सही जानकारी मिल सके और वे अपने निर्धारित समय से पहले बस या रेलवे स्टेशन पर न जाएं। पिछले हादसे से सबक लेते हुए रेलवे, मेला और जिला प्रशासन की तरफ से बनाई गई आज की रणनीति से सब जगह बंदोबस्त व्यवस्थित नजर आए।
मकर संक्रांति से शुरू हुआ महाकुंभ मेला 10 मार्च तक चलेगा। इलाहाबाद में महाकुंभ मेला 12 साल बाद लगा है। इससे पहले यहां वर्ष 2000 में महाकुंभ मेला लगा था।
मकर संक्रांति से शुरू हुआ महाकुंभ मेला 10 मार्च तक चलेगा। इलाहाबाद में महाकुंभ मेला 12 साल बाद लगा है। इससे पहले यहां वर्ष 2000 में महाकुंभ मेला लगा था। | सारांश: तीर्थराज प्रयाग में चल रहे दुनिया के सबसे बड़े समागम 'महाकुंभ मेले' में शुक्रवार को वसंत पंचमी के पावन अवसर पर शाही स्नान के लिए संगम तट पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। | 20 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पूर्व लोकसभा अध्यक्ष एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता पी संगमा ने कहा है कि वह राष्ट्रपति पद की दौड़ में बने हुए हैं।
उन्होंने गुरुवार को फोन पर बताया, "मैं अभी भी दौड़ में हूं क्योंकि देश के दो शक्तिशाली नेताओं ने मुझे समर्थन दिया है।" तमिलनाडु की मुख्यमंत्री एवं अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईडीएमके) प्रमुख जे जयललिता एवं ओडिशा के मुख्यमंत्री एवं बीजू जनता दल (बीजद) प्रमुख नवीन पटनायक ने राष्ट्रपति पद के लिए संगमा की उम्मीदवारी का समर्थन किया है।टिप्पणियां
अपनी उम्मीदवारी के समर्थन में कई राजनीतिक दलों से मुलाकात करने वाले संगमा ने कहा कि उन्होंने समर्थन के लिए सभी राजनीतिक दलों से अपील की है। उन्होंने एक टीवी चैनल को बताया कि वह और समर्थन जुटाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
जब उनसे पूछा गया कि अगर उनके मित्र एवं केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया जाता है तो क्या वह उन्हें समर्थन देंगे, तो संगमा ने कहा, "मित्रता एक चीज है और राजनीति दूसरी। कई नाम सामने आए हैं। मैं किसी पर टिप्पणी नहीं करुं गा क्योंकि मैं भी उनमें से एक उम्मीदवार हूं।"
उन्होंने गुरुवार को फोन पर बताया, "मैं अभी भी दौड़ में हूं क्योंकि देश के दो शक्तिशाली नेताओं ने मुझे समर्थन दिया है।" तमिलनाडु की मुख्यमंत्री एवं अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईडीएमके) प्रमुख जे जयललिता एवं ओडिशा के मुख्यमंत्री एवं बीजू जनता दल (बीजद) प्रमुख नवीन पटनायक ने राष्ट्रपति पद के लिए संगमा की उम्मीदवारी का समर्थन किया है।टिप्पणियां
अपनी उम्मीदवारी के समर्थन में कई राजनीतिक दलों से मुलाकात करने वाले संगमा ने कहा कि उन्होंने समर्थन के लिए सभी राजनीतिक दलों से अपील की है। उन्होंने एक टीवी चैनल को बताया कि वह और समर्थन जुटाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
जब उनसे पूछा गया कि अगर उनके मित्र एवं केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया जाता है तो क्या वह उन्हें समर्थन देंगे, तो संगमा ने कहा, "मित्रता एक चीज है और राजनीति दूसरी। कई नाम सामने आए हैं। मैं किसी पर टिप्पणी नहीं करुं गा क्योंकि मैं भी उनमें से एक उम्मीदवार हूं।"
अपनी उम्मीदवारी के समर्थन में कई राजनीतिक दलों से मुलाकात करने वाले संगमा ने कहा कि उन्होंने समर्थन के लिए सभी राजनीतिक दलों से अपील की है। उन्होंने एक टीवी चैनल को बताया कि वह और समर्थन जुटाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
जब उनसे पूछा गया कि अगर उनके मित्र एवं केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया जाता है तो क्या वह उन्हें समर्थन देंगे, तो संगमा ने कहा, "मित्रता एक चीज है और राजनीति दूसरी। कई नाम सामने आए हैं। मैं किसी पर टिप्पणी नहीं करुं गा क्योंकि मैं भी उनमें से एक उम्मीदवार हूं।"
जब उनसे पूछा गया कि अगर उनके मित्र एवं केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया जाता है तो क्या वह उन्हें समर्थन देंगे, तो संगमा ने कहा, "मित्रता एक चीज है और राजनीति दूसरी। कई नाम सामने आए हैं। मैं किसी पर टिप्पणी नहीं करुं गा क्योंकि मैं भी उनमें से एक उम्मीदवार हूं।" | सारांश: पूर्व लोकसभा अध्यक्ष एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता पी संगमा ने कहा है कि वह राष्ट्रपति पद की दौड़ में बने हुए हैं। | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कश्मीर घाटी में भारी उकसावे के बाद भी आतंकवादियों के साथ निबटने में बड़े संयम का परिचय देने के लिए सशस्त्र बलों की प्रशंसा की और सीमा पर चौकसी बनाए रखने तथा अपनी आयुध संपत्तियों को तैयार रखने पर बल दिया.
सशस्त्र बलों को पारंपरिक संबोधन में रक्षा मंत्री ने पठानकोट वायुसेना स्टेशन पर आतंकवादी हमले पर मजबूत एवं साहसी जवाब देने तथा जम्मू कश्मीर में संघर्ष विराम उल्लंघन एवं घुसपैठ की कोशिशों से प्रभावी तरीके से निबटने के लिए उनकी सराहना की.
उन्होंने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आकाशवाणी पर अपने संबोधन में कहा, 'हमारे सशस्त्रबलों ने भारी उकसावे के बाद भी कश्मीर घाटी में आतंकवादियों से निबटने में बहुत बड़े संयम का परिचय दिया है.' उन्होंने कहा, 'आपने जम्मू कश्मीर में सीमा पर से सभी संघर्षविराम उल्लंघनों को विफल कर दिया और नापाक इरादों के साथ देश में घुसपैठ करने की आतंकवादियों की कोशिश नाकाम कर दी.'
पठानकोट हमले का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, 'मैं इस हमले को विफल करने में वायु सेना के लड़ाकों और सुरक्षाबलों द्वारा की गई कोशिश की सराहना करता हूं. मुझे अपने उन सात बहादुर जवानों की मौत पर गहरा दुख है, जिन्होंने इस हमले का मुकाबला करते हुए राष्ट्र की खातिर अपनी जान कुर्बान कर दी.'
पर्रिकर ने सीमाओं पर चौबीसों घंटे चौकसी की आवश्यकता पर बल दिया और कहा, 'अतएव हमें अपनी आयुध संपत्ति को तैयार रखना और कम समय में अग्रिम स्थलों पर अपने सैनिकों को ले जाने में समर्थ रहना चाहिए. साथ ही, हमें अपने हथियार तंत्रों एवं उपकरणों को निरंतर उन्नत एवं आधुनिक बनाने की जरूरत है.' उन्होंने कहा कि सरकार ने खरीद प्रक्रिया को सुचारू, तत्वरित और पारदर्शी बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं.टिप्पणियां
उन्होंने एएन-32 विमान के लापता होने के संबंध में कहा कि चालक दल और यात्रियों के रिश्तेदारों को तलाश अभियान के बारे में नियमित रूप से सूचना दी जा रही है. रक्षा मंत्री ने कहा, 'सभी स्रोतों से मिलने वाली सूचनाओं का जहाजों और विमानों द्वारा सघन रूप से परखा जा रहा है, लेकिन मित्रो, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि लापता विमान के बारे में कोई ठोस सबूत अबतक नहीं मिला है.' उन्होंने ओआरओपी और सीजीएचएस का भी जिक्र किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सशस्त्र बलों को पारंपरिक संबोधन में रक्षा मंत्री ने पठानकोट वायुसेना स्टेशन पर आतंकवादी हमले पर मजबूत एवं साहसी जवाब देने तथा जम्मू कश्मीर में संघर्ष विराम उल्लंघन एवं घुसपैठ की कोशिशों से प्रभावी तरीके से निबटने के लिए उनकी सराहना की.
उन्होंने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आकाशवाणी पर अपने संबोधन में कहा, 'हमारे सशस्त्रबलों ने भारी उकसावे के बाद भी कश्मीर घाटी में आतंकवादियों से निबटने में बहुत बड़े संयम का परिचय दिया है.' उन्होंने कहा, 'आपने जम्मू कश्मीर में सीमा पर से सभी संघर्षविराम उल्लंघनों को विफल कर दिया और नापाक इरादों के साथ देश में घुसपैठ करने की आतंकवादियों की कोशिश नाकाम कर दी.'
पठानकोट हमले का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, 'मैं इस हमले को विफल करने में वायु सेना के लड़ाकों और सुरक्षाबलों द्वारा की गई कोशिश की सराहना करता हूं. मुझे अपने उन सात बहादुर जवानों की मौत पर गहरा दुख है, जिन्होंने इस हमले का मुकाबला करते हुए राष्ट्र की खातिर अपनी जान कुर्बान कर दी.'
पर्रिकर ने सीमाओं पर चौबीसों घंटे चौकसी की आवश्यकता पर बल दिया और कहा, 'अतएव हमें अपनी आयुध संपत्ति को तैयार रखना और कम समय में अग्रिम स्थलों पर अपने सैनिकों को ले जाने में समर्थ रहना चाहिए. साथ ही, हमें अपने हथियार तंत्रों एवं उपकरणों को निरंतर उन्नत एवं आधुनिक बनाने की जरूरत है.' उन्होंने कहा कि सरकार ने खरीद प्रक्रिया को सुचारू, तत्वरित और पारदर्शी बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं.टिप्पणियां
उन्होंने एएन-32 विमान के लापता होने के संबंध में कहा कि चालक दल और यात्रियों के रिश्तेदारों को तलाश अभियान के बारे में नियमित रूप से सूचना दी जा रही है. रक्षा मंत्री ने कहा, 'सभी स्रोतों से मिलने वाली सूचनाओं का जहाजों और विमानों द्वारा सघन रूप से परखा जा रहा है, लेकिन मित्रो, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि लापता विमान के बारे में कोई ठोस सबूत अबतक नहीं मिला है.' उन्होंने ओआरओपी और सीजीएचएस का भी जिक्र किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आकाशवाणी पर अपने संबोधन में कहा, 'हमारे सशस्त्रबलों ने भारी उकसावे के बाद भी कश्मीर घाटी में आतंकवादियों से निबटने में बहुत बड़े संयम का परिचय दिया है.' उन्होंने कहा, 'आपने जम्मू कश्मीर में सीमा पर से सभी संघर्षविराम उल्लंघनों को विफल कर दिया और नापाक इरादों के साथ देश में घुसपैठ करने की आतंकवादियों की कोशिश नाकाम कर दी.'
पठानकोट हमले का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, 'मैं इस हमले को विफल करने में वायु सेना के लड़ाकों और सुरक्षाबलों द्वारा की गई कोशिश की सराहना करता हूं. मुझे अपने उन सात बहादुर जवानों की मौत पर गहरा दुख है, जिन्होंने इस हमले का मुकाबला करते हुए राष्ट्र की खातिर अपनी जान कुर्बान कर दी.'
पर्रिकर ने सीमाओं पर चौबीसों घंटे चौकसी की आवश्यकता पर बल दिया और कहा, 'अतएव हमें अपनी आयुध संपत्ति को तैयार रखना और कम समय में अग्रिम स्थलों पर अपने सैनिकों को ले जाने में समर्थ रहना चाहिए. साथ ही, हमें अपने हथियार तंत्रों एवं उपकरणों को निरंतर उन्नत एवं आधुनिक बनाने की जरूरत है.' उन्होंने कहा कि सरकार ने खरीद प्रक्रिया को सुचारू, तत्वरित और पारदर्शी बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं.टिप्पणियां
उन्होंने एएन-32 विमान के लापता होने के संबंध में कहा कि चालक दल और यात्रियों के रिश्तेदारों को तलाश अभियान के बारे में नियमित रूप से सूचना दी जा रही है. रक्षा मंत्री ने कहा, 'सभी स्रोतों से मिलने वाली सूचनाओं का जहाजों और विमानों द्वारा सघन रूप से परखा जा रहा है, लेकिन मित्रो, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि लापता विमान के बारे में कोई ठोस सबूत अबतक नहीं मिला है.' उन्होंने ओआरओपी और सीजीएचएस का भी जिक्र किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पठानकोट हमले का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, 'मैं इस हमले को विफल करने में वायु सेना के लड़ाकों और सुरक्षाबलों द्वारा की गई कोशिश की सराहना करता हूं. मुझे अपने उन सात बहादुर जवानों की मौत पर गहरा दुख है, जिन्होंने इस हमले का मुकाबला करते हुए राष्ट्र की खातिर अपनी जान कुर्बान कर दी.'
पर्रिकर ने सीमाओं पर चौबीसों घंटे चौकसी की आवश्यकता पर बल दिया और कहा, 'अतएव हमें अपनी आयुध संपत्ति को तैयार रखना और कम समय में अग्रिम स्थलों पर अपने सैनिकों को ले जाने में समर्थ रहना चाहिए. साथ ही, हमें अपने हथियार तंत्रों एवं उपकरणों को निरंतर उन्नत एवं आधुनिक बनाने की जरूरत है.' उन्होंने कहा कि सरकार ने खरीद प्रक्रिया को सुचारू, तत्वरित और पारदर्शी बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं.टिप्पणियां
उन्होंने एएन-32 विमान के लापता होने के संबंध में कहा कि चालक दल और यात्रियों के रिश्तेदारों को तलाश अभियान के बारे में नियमित रूप से सूचना दी जा रही है. रक्षा मंत्री ने कहा, 'सभी स्रोतों से मिलने वाली सूचनाओं का जहाजों और विमानों द्वारा सघन रूप से परखा जा रहा है, लेकिन मित्रो, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि लापता विमान के बारे में कोई ठोस सबूत अबतक नहीं मिला है.' उन्होंने ओआरओपी और सीजीएचएस का भी जिक्र किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पर्रिकर ने सीमाओं पर चौबीसों घंटे चौकसी की आवश्यकता पर बल दिया और कहा, 'अतएव हमें अपनी आयुध संपत्ति को तैयार रखना और कम समय में अग्रिम स्थलों पर अपने सैनिकों को ले जाने में समर्थ रहना चाहिए. साथ ही, हमें अपने हथियार तंत्रों एवं उपकरणों को निरंतर उन्नत एवं आधुनिक बनाने की जरूरत है.' उन्होंने कहा कि सरकार ने खरीद प्रक्रिया को सुचारू, तत्वरित और पारदर्शी बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं.टिप्पणियां
उन्होंने एएन-32 विमान के लापता होने के संबंध में कहा कि चालक दल और यात्रियों के रिश्तेदारों को तलाश अभियान के बारे में नियमित रूप से सूचना दी जा रही है. रक्षा मंत्री ने कहा, 'सभी स्रोतों से मिलने वाली सूचनाओं का जहाजों और विमानों द्वारा सघन रूप से परखा जा रहा है, लेकिन मित्रो, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि लापता विमान के बारे में कोई ठोस सबूत अबतक नहीं मिला है.' उन्होंने ओआरओपी और सीजीएचएस का भी जिक्र किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने एएन-32 विमान के लापता होने के संबंध में कहा कि चालक दल और यात्रियों के रिश्तेदारों को तलाश अभियान के बारे में नियमित रूप से सूचना दी जा रही है. रक्षा मंत्री ने कहा, 'सभी स्रोतों से मिलने वाली सूचनाओं का जहाजों और विमानों द्वारा सघन रूप से परखा जा रहा है, लेकिन मित्रो, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि लापता विमान के बारे में कोई ठोस सबूत अबतक नहीं मिला है.' उन्होंने ओआरओपी और सीजीएचएस का भी जिक्र किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: 'सीमाओं पर चौबीसों घंटे चौकसी की जरूरत'
'हथियारों एवं उपकरणों को निरंतर उन्नत करना होगा'
'लापता एएन-32 विमान के बारे में अभी ठोस सुराग नहीं' | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली की एक अदालत ने गीतिका शर्मा आत्महत्या कांड में गिरफ्तार अरुणा चड्ढा को पूछताछ के लिए हिरासत में देने का पुलिस का अनुरोध ठुकरा दिया है। पुलिस इस मामले में गिरफ्तार हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा और उसकी कंपनी की कर्मचारी अरुणा चड्ढा को आमने-सामने बिठाकर दोनों से पूछताछ करना चाहती थी।
मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट विपिन खर्ब ने कहा कि अरुणा चड्ढा को तीन दिन और पुलिस हिरासत में देने के आवेदन से सहमति नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस इसके लिए नए सिरे से आवेदन कर सकती है।
अरुणा चड्ढा को 16 अगस्त को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। उसे सोमवार को फिर अदालत में पेश किया जहां उसे मंगलवार तक के लिए फिर से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मजिस्ट्रेट ने कहा कि अभियोजन अपने अनुरोध के संबंध में जरूरी दस्तावेज पेश करने में नाकाम रहा है।टिप्पणियां
गोपाल कांडा के आत्मसमर्पण तथा उसकी गिरफ्तारी के बाद उसे 18 अगस्त को सात दिन की पुलिस हिरासत में दिया गया था। जांच के सिलसिले में कांडा को विभिन्न स्थानों पर ले जाया गया। इन स्थानों में हरियाणा स्थित उसके कार्यालय भी शामिल हैं।
दिल्ली पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान उसे कई महत्त्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। इनमें इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी शामिल हैं। पुलिस ने अरुणा चड्ढा को 8 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए बुलाया था लेकिन बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। अरुणा को बाद में 16 अगस्त को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट विपिन खर्ब ने कहा कि अरुणा चड्ढा को तीन दिन और पुलिस हिरासत में देने के आवेदन से सहमति नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस इसके लिए नए सिरे से आवेदन कर सकती है।
अरुणा चड्ढा को 16 अगस्त को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। उसे सोमवार को फिर अदालत में पेश किया जहां उसे मंगलवार तक के लिए फिर से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मजिस्ट्रेट ने कहा कि अभियोजन अपने अनुरोध के संबंध में जरूरी दस्तावेज पेश करने में नाकाम रहा है।टिप्पणियां
गोपाल कांडा के आत्मसमर्पण तथा उसकी गिरफ्तारी के बाद उसे 18 अगस्त को सात दिन की पुलिस हिरासत में दिया गया था। जांच के सिलसिले में कांडा को विभिन्न स्थानों पर ले जाया गया। इन स्थानों में हरियाणा स्थित उसके कार्यालय भी शामिल हैं।
दिल्ली पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान उसे कई महत्त्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। इनमें इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी शामिल हैं। पुलिस ने अरुणा चड्ढा को 8 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए बुलाया था लेकिन बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। अरुणा को बाद में 16 अगस्त को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
अरुणा चड्ढा को 16 अगस्त को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। उसे सोमवार को फिर अदालत में पेश किया जहां उसे मंगलवार तक के लिए फिर से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मजिस्ट्रेट ने कहा कि अभियोजन अपने अनुरोध के संबंध में जरूरी दस्तावेज पेश करने में नाकाम रहा है।टिप्पणियां
गोपाल कांडा के आत्मसमर्पण तथा उसकी गिरफ्तारी के बाद उसे 18 अगस्त को सात दिन की पुलिस हिरासत में दिया गया था। जांच के सिलसिले में कांडा को विभिन्न स्थानों पर ले जाया गया। इन स्थानों में हरियाणा स्थित उसके कार्यालय भी शामिल हैं।
दिल्ली पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान उसे कई महत्त्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। इनमें इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी शामिल हैं। पुलिस ने अरुणा चड्ढा को 8 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए बुलाया था लेकिन बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। अरुणा को बाद में 16 अगस्त को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
गोपाल कांडा के आत्मसमर्पण तथा उसकी गिरफ्तारी के बाद उसे 18 अगस्त को सात दिन की पुलिस हिरासत में दिया गया था। जांच के सिलसिले में कांडा को विभिन्न स्थानों पर ले जाया गया। इन स्थानों में हरियाणा स्थित उसके कार्यालय भी शामिल हैं।
दिल्ली पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान उसे कई महत्त्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। इनमें इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी शामिल हैं। पुलिस ने अरुणा चड्ढा को 8 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए बुलाया था लेकिन बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। अरुणा को बाद में 16 अगस्त को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
दिल्ली पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान उसे कई महत्त्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। इनमें इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी शामिल हैं। पुलिस ने अरुणा चड्ढा को 8 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए बुलाया था लेकिन बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। अरुणा को बाद में 16 अगस्त को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। | सारांश: दिल्ली की एक अदालत ने गीतिका शर्मा आत्महत्या कांड में गिरफ्तार अरुणा चड्ढा को पूछताछ के लिए हिरासत में देने का पुलिस का अनुरोध ठुकरा दिया है। पुलिस इस मामले में गिरफ्तार हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा और उसकी कंपनी की कर्मचारी अरुणा चड्ढा को आमने-साम | 33 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: स्टार निशानेबाज गगन नारंग ने दस मीटर एयर राइफल में कांस्य पदक जीतकर लंदन ओलिंपिक खेलों में भारतीय अभियान को पंख लगाए, लेकिन बीजिंग ओलिंपिक के स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा के फाइनल्स में क्वालीफाई नहीं करने से भारत को थोड़ा निराशा भी हाथ लगी।
नारंग ने उम्मीदों पर खरा उतरते हुए इन ओलिंपिक खेलों में भारत को पहला पदक दिलाया। यह भारत के ओलिंपिक इतिहास में निशानेबाजी में तीसरा पदक है। यह अलग बात है कि 29 वर्षीय नारंग का प्रदर्शन उनके व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से भी कमतर रहा। नारंग जहां अपने तीसरे ओलिंपिक खेलों में पदक जीतने में सफल रहे वहीं खिताब के प्रबल दावेदार माने जा रहे बिंद्रा क्वालीफाईंग दौर में 16वें स्थान पर रहे।टिप्पणियां
सोमवार का दिन वैसे पूरी तरह से नारंग के नाम रहा जिन्होंने बेहद कड़े मुकाबले में जीत दर्ज करके कांस्य पदक अपने नाम किया। नारंग ने फाइनल में 103.1 अंक बनाए। उन्होंने इससे पहले क्वालीफाईंग दौर में 598 अंक हासिल किए थे और इस तरह से 701.1 अंक लेकर वह तीसरे स्थान पर रहे।
रोमानिया के मोल्दोवीनू एलिन जार्ज ने कुल 702.1 अंक हासिल करके स्वर्ण पदक हासिल किया। रोमानियाई निशानेबाज ने फाइनल में उन्होंने 103.1 अंक बनाये तथा इटली के दुनिया में नंबर एक निशानेबाज निकोलो कैम्परियानी को पीछे छोड़ा। कैम्परियानी ने रायल आर्टिलरी बैरक्स में 701.5 अंक के साथ रजत पदक जीता।
नारंग ने उम्मीदों पर खरा उतरते हुए इन ओलिंपिक खेलों में भारत को पहला पदक दिलाया। यह भारत के ओलिंपिक इतिहास में निशानेबाजी में तीसरा पदक है। यह अलग बात है कि 29 वर्षीय नारंग का प्रदर्शन उनके व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से भी कमतर रहा। नारंग जहां अपने तीसरे ओलिंपिक खेलों में पदक जीतने में सफल रहे वहीं खिताब के प्रबल दावेदार माने जा रहे बिंद्रा क्वालीफाईंग दौर में 16वें स्थान पर रहे।टिप्पणियां
सोमवार का दिन वैसे पूरी तरह से नारंग के नाम रहा जिन्होंने बेहद कड़े मुकाबले में जीत दर्ज करके कांस्य पदक अपने नाम किया। नारंग ने फाइनल में 103.1 अंक बनाए। उन्होंने इससे पहले क्वालीफाईंग दौर में 598 अंक हासिल किए थे और इस तरह से 701.1 अंक लेकर वह तीसरे स्थान पर रहे।
रोमानिया के मोल्दोवीनू एलिन जार्ज ने कुल 702.1 अंक हासिल करके स्वर्ण पदक हासिल किया। रोमानियाई निशानेबाज ने फाइनल में उन्होंने 103.1 अंक बनाये तथा इटली के दुनिया में नंबर एक निशानेबाज निकोलो कैम्परियानी को पीछे छोड़ा। कैम्परियानी ने रायल आर्टिलरी बैरक्स में 701.5 अंक के साथ रजत पदक जीता।
सोमवार का दिन वैसे पूरी तरह से नारंग के नाम रहा जिन्होंने बेहद कड़े मुकाबले में जीत दर्ज करके कांस्य पदक अपने नाम किया। नारंग ने फाइनल में 103.1 अंक बनाए। उन्होंने इससे पहले क्वालीफाईंग दौर में 598 अंक हासिल किए थे और इस तरह से 701.1 अंक लेकर वह तीसरे स्थान पर रहे।
रोमानिया के मोल्दोवीनू एलिन जार्ज ने कुल 702.1 अंक हासिल करके स्वर्ण पदक हासिल किया। रोमानियाई निशानेबाज ने फाइनल में उन्होंने 103.1 अंक बनाये तथा इटली के दुनिया में नंबर एक निशानेबाज निकोलो कैम्परियानी को पीछे छोड़ा। कैम्परियानी ने रायल आर्टिलरी बैरक्स में 701.5 अंक के साथ रजत पदक जीता।
रोमानिया के मोल्दोवीनू एलिन जार्ज ने कुल 702.1 अंक हासिल करके स्वर्ण पदक हासिल किया। रोमानियाई निशानेबाज ने फाइनल में उन्होंने 103.1 अंक बनाये तथा इटली के दुनिया में नंबर एक निशानेबाज निकोलो कैम्परियानी को पीछे छोड़ा। कैम्परियानी ने रायल आर्टिलरी बैरक्स में 701.5 अंक के साथ रजत पदक जीता। | संक्षिप्त सारांश: स्टार निशानेबाज गगन नारंग ने दस मीटर एयर राइफल में कांस्य पदक जीतकर लंदन ओलिंपिक खेलों में भारतीय अभियान को पंख लगाए, लेकिन बीजिंग ओलिंपिक के स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा के फाइनल्स में क्वालीफाई नहीं करने से भारत को थोड़ा निराशा भी हाथ लगी। | 8 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान के खुफिया अधिकारियों का कहना है कि हो सकता है कि अल कायदा का शीर्ष आतंकवादी अबु अल लिबि देश के पश्चिमोत्तर इलाके में ड्रोन हमले में मारा गया हो।
ओसामा बिन लादेन के पिछले साल दो मई को अमेरिकी कार्रवाई में मारे जाने के बाद अल कायदा में इसके सरगना आयमन अल जवाहरी के बाद अल लिबि बेहद महत्वपूर्ण रणनीतिकार था। यदि उसकी मौत की पुष्टि हो जाती है तो लादेन के मारे जाने के बाद अल कायदा के लिए यह दूसरा बड़ा झटका होगा।
समाचार एजेंसी 'ऑनलाइन' के अनुसार, अल लिबि को सोमवार को उत्तरी वजीरिस्तान के कबीलाई क्षेत्र में निशाना बनाया गया। रसायनशास्त्र में शिक्षा प्राप्त लीबिया के अल लिबि को पहले भी निशाना बनाया गया था, लेकिन वह बच निकला था।
कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने अल लिबि को ओसामा की मौत के बाद अल कायदा में अल जवाहरी के बाद दूसरा शीर्ष आतंकवादी बताया था। उसका असली नाम मोहम्मद हसन कैद है। टिप्पणियां
पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों ने ब्रिटिश समाचार एजेंसी को बताया कि उन्हें लगता है कि अल लिबि सम्भवत: उन सात आतंकवादियों में था, जो सोमवार के हमले में मारे गए।
वहीं, उत्तरी वजीरिस्तान में एक आतंकवादी कमांडर ने कहा कि अल लिबि नहीं मारा गया। यह पहली बार नहीं है जब उसके मारे जाने का दावा किया गया है। अमेरिकियों को अफगानिस्तान में भारी नुकसान हो रहा है, इसलिए वे इस तरह के झूठे दावे कर रहे हैं।
ओसामा बिन लादेन के पिछले साल दो मई को अमेरिकी कार्रवाई में मारे जाने के बाद अल कायदा में इसके सरगना आयमन अल जवाहरी के बाद अल लिबि बेहद महत्वपूर्ण रणनीतिकार था। यदि उसकी मौत की पुष्टि हो जाती है तो लादेन के मारे जाने के बाद अल कायदा के लिए यह दूसरा बड़ा झटका होगा।
समाचार एजेंसी 'ऑनलाइन' के अनुसार, अल लिबि को सोमवार को उत्तरी वजीरिस्तान के कबीलाई क्षेत्र में निशाना बनाया गया। रसायनशास्त्र में शिक्षा प्राप्त लीबिया के अल लिबि को पहले भी निशाना बनाया गया था, लेकिन वह बच निकला था।
कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने अल लिबि को ओसामा की मौत के बाद अल कायदा में अल जवाहरी के बाद दूसरा शीर्ष आतंकवादी बताया था। उसका असली नाम मोहम्मद हसन कैद है। टिप्पणियां
पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों ने ब्रिटिश समाचार एजेंसी को बताया कि उन्हें लगता है कि अल लिबि सम्भवत: उन सात आतंकवादियों में था, जो सोमवार के हमले में मारे गए।
वहीं, उत्तरी वजीरिस्तान में एक आतंकवादी कमांडर ने कहा कि अल लिबि नहीं मारा गया। यह पहली बार नहीं है जब उसके मारे जाने का दावा किया गया है। अमेरिकियों को अफगानिस्तान में भारी नुकसान हो रहा है, इसलिए वे इस तरह के झूठे दावे कर रहे हैं।
समाचार एजेंसी 'ऑनलाइन' के अनुसार, अल लिबि को सोमवार को उत्तरी वजीरिस्तान के कबीलाई क्षेत्र में निशाना बनाया गया। रसायनशास्त्र में शिक्षा प्राप्त लीबिया के अल लिबि को पहले भी निशाना बनाया गया था, लेकिन वह बच निकला था।
कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने अल लिबि को ओसामा की मौत के बाद अल कायदा में अल जवाहरी के बाद दूसरा शीर्ष आतंकवादी बताया था। उसका असली नाम मोहम्मद हसन कैद है। टिप्पणियां
पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों ने ब्रिटिश समाचार एजेंसी को बताया कि उन्हें लगता है कि अल लिबि सम्भवत: उन सात आतंकवादियों में था, जो सोमवार के हमले में मारे गए।
वहीं, उत्तरी वजीरिस्तान में एक आतंकवादी कमांडर ने कहा कि अल लिबि नहीं मारा गया। यह पहली बार नहीं है जब उसके मारे जाने का दावा किया गया है। अमेरिकियों को अफगानिस्तान में भारी नुकसान हो रहा है, इसलिए वे इस तरह के झूठे दावे कर रहे हैं।
कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने अल लिबि को ओसामा की मौत के बाद अल कायदा में अल जवाहरी के बाद दूसरा शीर्ष आतंकवादी बताया था। उसका असली नाम मोहम्मद हसन कैद है। टिप्पणियां
पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों ने ब्रिटिश समाचार एजेंसी को बताया कि उन्हें लगता है कि अल लिबि सम्भवत: उन सात आतंकवादियों में था, जो सोमवार के हमले में मारे गए।
वहीं, उत्तरी वजीरिस्तान में एक आतंकवादी कमांडर ने कहा कि अल लिबि नहीं मारा गया। यह पहली बार नहीं है जब उसके मारे जाने का दावा किया गया है। अमेरिकियों को अफगानिस्तान में भारी नुकसान हो रहा है, इसलिए वे इस तरह के झूठे दावे कर रहे हैं।
पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों ने ब्रिटिश समाचार एजेंसी को बताया कि उन्हें लगता है कि अल लिबि सम्भवत: उन सात आतंकवादियों में था, जो सोमवार के हमले में मारे गए।
वहीं, उत्तरी वजीरिस्तान में एक आतंकवादी कमांडर ने कहा कि अल लिबि नहीं मारा गया। यह पहली बार नहीं है जब उसके मारे जाने का दावा किया गया है। अमेरिकियों को अफगानिस्तान में भारी नुकसान हो रहा है, इसलिए वे इस तरह के झूठे दावे कर रहे हैं।
वहीं, उत्तरी वजीरिस्तान में एक आतंकवादी कमांडर ने कहा कि अल लिबि नहीं मारा गया। यह पहली बार नहीं है जब उसके मारे जाने का दावा किया गया है। अमेरिकियों को अफगानिस्तान में भारी नुकसान हो रहा है, इसलिए वे इस तरह के झूठे दावे कर रहे हैं। | सारांश: पाकिस्तान के खुफिया अधिकारियों का कहना है कि हो सकता है कि अल कायदा का शीर्ष आतंकवादी अबु अल लिबि देश के पश्चिमोत्तर इलाके में ड्रोन हमले में मारा गया हो। | 5 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि शिकागो में नाटो शिखर सम्मेलन अफगानिस्तान में अगले दौर के बदलाव की रूपरेखा तैयार करेगा।
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए ओबामा ने कल कहा, ‘अफगानिस्तान में अगले दौर के बदलाव की रूपरेखा तैयार करने के लिये अगले दो दिन में हम पहले अपने नाटो सहयोगियों तथा उसके बाद अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई तथा अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से मिलेंगे।’
उन्होंने कहा, ‘हमने अपनी साझा सुरक्षा के लिये त्याग किया है और अपने मिशन को पूरा करने के लिये हम एकजुट और प्रतिबद्ध होकर काम करेंगे।’ सम्मेलन में 60 से अधिक देशों के नेता भाग ले रहे हैं।’ ओबामा ने कहा, ‘नाटो के पड़ोसी देशों तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से मुलाकात को लेकर मेरा नजरिया सकारात्मक है। ये सहयोगी अफगानिस्तान तथा लीबिया में नाटो कार्रवाई में खासे महत्वपूर्ण हैं। यह फिर से ध्यान में रखने की जरूरत है नाटो वैश्विक सुरक्षा सहयोगियों के नेटवर्क का वैश्विक हब है..।’’ ओबामा ने कहा कि पिछले करीब 65 साल से एलायंस साझा सुरक्षा, आजादी तथा समृद्धि के लिये मजबूत आधार है। उन्होंने कहा, ‘‘समय में बदलाव आया है लेकिन गठबंधन के मूल कारणों में कोई बदलाव नहीं आया है।’’टिप्पणियां
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है, ‘‘जब हम एकजुट और साथ हैं हमारा देश ज्यादा मजबूत और समृद्ध होगा। बेहतर और बुरे दौर में हमारा गठबंधन मजबूत रहा है..।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने बाल्कन में इसे शीत युद्ध से लेकर अफगानिस्तान और लीबिया में देखा है। और हमें इस भावना को यहां शिकागो में बनाये रखने की जरूरत है..।’’ उन्होंने कहा कि लिस्बन बैठक के दौरान अमेरिका तथा उसके सहयोगी देश गठबंधन को नई जान फूंकने के लिये कार्य योजना पर सहमत हुए हैं।
नाटो के महासचिव एंडर्स फोग रासमुसेन ने कहा कि दो दिवसीय नाटो शिखर सम्मेलन की तीन प्राथमिकताएं..अफगानिस्तान को सुरक्षित रखना, नाटो को मजबूत बनाना तथा वैश्विक नेटवर्क तथा सहयोगियों को मजबूत बनाना है।
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए ओबामा ने कल कहा, ‘अफगानिस्तान में अगले दौर के बदलाव की रूपरेखा तैयार करने के लिये अगले दो दिन में हम पहले अपने नाटो सहयोगियों तथा उसके बाद अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई तथा अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से मिलेंगे।’
उन्होंने कहा, ‘हमने अपनी साझा सुरक्षा के लिये त्याग किया है और अपने मिशन को पूरा करने के लिये हम एकजुट और प्रतिबद्ध होकर काम करेंगे।’ सम्मेलन में 60 से अधिक देशों के नेता भाग ले रहे हैं।’ ओबामा ने कहा, ‘नाटो के पड़ोसी देशों तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से मुलाकात को लेकर मेरा नजरिया सकारात्मक है। ये सहयोगी अफगानिस्तान तथा लीबिया में नाटो कार्रवाई में खासे महत्वपूर्ण हैं। यह फिर से ध्यान में रखने की जरूरत है नाटो वैश्विक सुरक्षा सहयोगियों के नेटवर्क का वैश्विक हब है..।’’ ओबामा ने कहा कि पिछले करीब 65 साल से एलायंस साझा सुरक्षा, आजादी तथा समृद्धि के लिये मजबूत आधार है। उन्होंने कहा, ‘‘समय में बदलाव आया है लेकिन गठबंधन के मूल कारणों में कोई बदलाव नहीं आया है।’’टिप्पणियां
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है, ‘‘जब हम एकजुट और साथ हैं हमारा देश ज्यादा मजबूत और समृद्ध होगा। बेहतर और बुरे दौर में हमारा गठबंधन मजबूत रहा है..।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने बाल्कन में इसे शीत युद्ध से लेकर अफगानिस्तान और लीबिया में देखा है। और हमें इस भावना को यहां शिकागो में बनाये रखने की जरूरत है..।’’ उन्होंने कहा कि लिस्बन बैठक के दौरान अमेरिका तथा उसके सहयोगी देश गठबंधन को नई जान फूंकने के लिये कार्य योजना पर सहमत हुए हैं।
नाटो के महासचिव एंडर्स फोग रासमुसेन ने कहा कि दो दिवसीय नाटो शिखर सम्मेलन की तीन प्राथमिकताएं..अफगानिस्तान को सुरक्षित रखना, नाटो को मजबूत बनाना तथा वैश्विक नेटवर्क तथा सहयोगियों को मजबूत बनाना है।
उन्होंने कहा, ‘हमने अपनी साझा सुरक्षा के लिये त्याग किया है और अपने मिशन को पूरा करने के लिये हम एकजुट और प्रतिबद्ध होकर काम करेंगे।’ सम्मेलन में 60 से अधिक देशों के नेता भाग ले रहे हैं।’ ओबामा ने कहा, ‘नाटो के पड़ोसी देशों तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से मुलाकात को लेकर मेरा नजरिया सकारात्मक है। ये सहयोगी अफगानिस्तान तथा लीबिया में नाटो कार्रवाई में खासे महत्वपूर्ण हैं। यह फिर से ध्यान में रखने की जरूरत है नाटो वैश्विक सुरक्षा सहयोगियों के नेटवर्क का वैश्विक हब है..।’’ ओबामा ने कहा कि पिछले करीब 65 साल से एलायंस साझा सुरक्षा, आजादी तथा समृद्धि के लिये मजबूत आधार है। उन्होंने कहा, ‘‘समय में बदलाव आया है लेकिन गठबंधन के मूल कारणों में कोई बदलाव नहीं आया है।’’टिप्पणियां
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है, ‘‘जब हम एकजुट और साथ हैं हमारा देश ज्यादा मजबूत और समृद्ध होगा। बेहतर और बुरे दौर में हमारा गठबंधन मजबूत रहा है..।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने बाल्कन में इसे शीत युद्ध से लेकर अफगानिस्तान और लीबिया में देखा है। और हमें इस भावना को यहां शिकागो में बनाये रखने की जरूरत है..।’’ उन्होंने कहा कि लिस्बन बैठक के दौरान अमेरिका तथा उसके सहयोगी देश गठबंधन को नई जान फूंकने के लिये कार्य योजना पर सहमत हुए हैं।
नाटो के महासचिव एंडर्स फोग रासमुसेन ने कहा कि दो दिवसीय नाटो शिखर सम्मेलन की तीन प्राथमिकताएं..अफगानिस्तान को सुरक्षित रखना, नाटो को मजबूत बनाना तथा वैश्विक नेटवर्क तथा सहयोगियों को मजबूत बनाना है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है, ‘‘जब हम एकजुट और साथ हैं हमारा देश ज्यादा मजबूत और समृद्ध होगा। बेहतर और बुरे दौर में हमारा गठबंधन मजबूत रहा है..।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने बाल्कन में इसे शीत युद्ध से लेकर अफगानिस्तान और लीबिया में देखा है। और हमें इस भावना को यहां शिकागो में बनाये रखने की जरूरत है..।’’ उन्होंने कहा कि लिस्बन बैठक के दौरान अमेरिका तथा उसके सहयोगी देश गठबंधन को नई जान फूंकने के लिये कार्य योजना पर सहमत हुए हैं।
नाटो के महासचिव एंडर्स फोग रासमुसेन ने कहा कि दो दिवसीय नाटो शिखर सम्मेलन की तीन प्राथमिकताएं..अफगानिस्तान को सुरक्षित रखना, नाटो को मजबूत बनाना तथा वैश्विक नेटवर्क तथा सहयोगियों को मजबूत बनाना है।
नाटो के महासचिव एंडर्स फोग रासमुसेन ने कहा कि दो दिवसीय नाटो शिखर सम्मेलन की तीन प्राथमिकताएं..अफगानिस्तान को सुरक्षित रखना, नाटो को मजबूत बनाना तथा वैश्विक नेटवर्क तथा सहयोगियों को मजबूत बनाना है। | यह एक सारांश है: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि शिकागो में नाटो शिखर सम्मेलन अफगानिस्तान में अगले दौर के बदलाव की रूपरेखा तैयार करेगा। | 21 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर भारतीय कपड़ा मिलों के एसोसिएशन निटमा ने सरकार से मांग की है कि 2011-12 में 128 करोड़ किलो सूती धागे के निर्यात की अनुमति दी जाए। सूती धागा परामर्श बोर्ड ने हालांकि मौजूदा वित्त वर्ष में घरेलू मांग से 84.5 करोड़ किलो अतिरिक्त माल ही उपलब्ध रहने का अनुमान लगाया है जिसे निर्यात किया जा सकता है। निटमा के निवर्तमान अध्यक्ष आशीष बागडोदिया ने एक कार्य्रकम में कहा, '2011-12 के दौरान कम से कम 128 करोड़ किलो सूती धागे के निर्यात की अनुमति दी जानी चाहिए ताकि स्पिनिंग मिलें प्रभावित नहीं हों।' स्पेनटेक्स इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक मुकुंद चौधरी निटमा के नये अध्यक्ष बने हैं। वहीं कोयंतूबर से मिले समाचार के अनुसार तिरूपुर एक्सपोटर्स एसोसिएशन ने सूती धागे के निर्यात पर प्रतिबंध को नहीं हटाने की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष ए शक्तिवेल का कहना है कि बुना कपड़ा :निटवेयर: उद्योग पहले ही परेशानी में है। | संक्षिप्त सारांश: निटमा ने सरकार से मांग की है कि 2011-12 में 128 करोड़ किलो सूती धागे के निर्यात की अनुमति दी जाए। | 23 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान ने कथित रूप से बिजली आपूर्ति की भारत की पेशकश स्वीकार नहीं करने का फैसला किया है क्योंकि उसे आशंका है कि इस कदम से जम्मू-कश्मीर की विवादास्पद बिजली परियोजनाओं को वैधता मिल सकती है। बिजली मंत्री सैयद नवीद कमर ने संसद के उच्च सदन सीनेट को बताया कि उनका मंत्रालय बिजली बेचने की भारत की पेशकश पर विचार कर रहा है। एक लिखित जवाब में उन्होंने कहा कि सरकार यह तय करने की कोशिश कर रही है कि क्या यह प्रस्ताव व्यावहारिक है या नहीं। हालांकि डॉन अखबार की खबर के मुताबिक सूत्रों ने कहा कि अधिकारियों ने पहले ही इस पेशकश पर आगे नहीं बढ़ने का निर्णय ले लिया है क्योंकि ऐसा करने से जम्मू कश्मीर में भारतीय बिजली परियोजना को वैधता मिल सकती है। मंत्रालय के एक अज्ञात अधिकारी ने कहा, पाकिस्तान ने हेग के पंचाट में पहले ही कृष्णगंगा पनबिजली परियोजना के खिलाफ अपील दर्ज कर दी है। इस अगली सुनवाई अगस्त के पहले सप्ताह में होगी। | यहाँ एक सारांश है:पाकिस्तान ने कथित रूप से बिजली आपूर्ति की भारत की पेशकश स्वीकार नहीं करने का फैसला किया है। | 17 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा चुनाव में अभी वक्त है, लेकिन देश में अभी से गठबंधन की राजनीति गरमाने लगी है। कांग्रेस नेता और केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने दिल्ली में एक समारोह के दौरान कहा कि कुछ नेताओं को दिल्ली आने की जल्दी है, लेकिन उन्हें दिल्ली आने से पहले अभी बहुत सीखने की जरूरत है।टिप्पणियां
ऐसा कहकर कपिल सिब्बल ने बीजेपी नेता नरेंद्र मोदी और समाजवादी पार्टी के मुलायम सिंह यादव की ओर इशारा किया है। इसके अलावा सिब्बल ने बिना किसी पार्टी का नाम लिए यह कह डाला कि जिसमें दम हो, वह सरकार गिराकर दिखाए।
इस बयान पर प्रतिक्रिया देने में समाजवादी पार्टी ने भी देर नहीं लगाई। सपा नेता राम आसरे कुशवाहा ने कहा कि सिब्बल को बयान देते वक्त इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वह किसे चुनौती दे रहे हैं। उन्होंने कहा समय आने पर जनता उन्हें जवाब देगी।
ऐसा कहकर कपिल सिब्बल ने बीजेपी नेता नरेंद्र मोदी और समाजवादी पार्टी के मुलायम सिंह यादव की ओर इशारा किया है। इसके अलावा सिब्बल ने बिना किसी पार्टी का नाम लिए यह कह डाला कि जिसमें दम हो, वह सरकार गिराकर दिखाए।
इस बयान पर प्रतिक्रिया देने में समाजवादी पार्टी ने भी देर नहीं लगाई। सपा नेता राम आसरे कुशवाहा ने कहा कि सिब्बल को बयान देते वक्त इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वह किसे चुनौती दे रहे हैं। उन्होंने कहा समय आने पर जनता उन्हें जवाब देगी।
इस बयान पर प्रतिक्रिया देने में समाजवादी पार्टी ने भी देर नहीं लगाई। सपा नेता राम आसरे कुशवाहा ने कहा कि सिब्बल को बयान देते वक्त इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वह किसे चुनौती दे रहे हैं। उन्होंने कहा समय आने पर जनता उन्हें जवाब देगी। | कांग्रेस नेता और कपिल सिब्बल ने बिना किसी पार्टी का नाम लिए कहा कि जिसमें दम हो, वह सरकार गिराकर दिखाए। उनके बयान पर समाजवादी पार्टी ने कहा कि समय आने पर जनता उन्हें जवाब देगी। | 28 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: असम में भारी बारिश और बाढ़ की वजह से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। यहां के 11 जिले और करीब 350 गांव बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं और 1 लाख से ज्यादा लोगों पर इस बाढ़ का असर पड़ा है।टिप्पणियां
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए तरुण गोगोई को केंद्र की मदद की पेशकश की है। राहत और बचाव दल लगातार गांव−गांव जाकर फंसे हुए लोगों को निकालने का काम कर रहे हैं।
कई सारे राहत कैंप भी सरकार की ओर से बनाए गए हैं, लेकिन अभी भी एक बड़ा तबका ऐसा है, जहां तक प्रशासन की मदद नहीं पहुंच पाई है और इस वजह से वहां हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए तरुण गोगोई को केंद्र की मदद की पेशकश की है। राहत और बचाव दल लगातार गांव−गांव जाकर फंसे हुए लोगों को निकालने का काम कर रहे हैं।
कई सारे राहत कैंप भी सरकार की ओर से बनाए गए हैं, लेकिन अभी भी एक बड़ा तबका ऐसा है, जहां तक प्रशासन की मदद नहीं पहुंच पाई है और इस वजह से वहां हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं।
कई सारे राहत कैंप भी सरकार की ओर से बनाए गए हैं, लेकिन अभी भी एक बड़ा तबका ऐसा है, जहां तक प्रशासन की मदद नहीं पहुंच पाई है और इस वजह से वहां हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। | यह एक सारांश है: असम में भारी बारिश और बाढ़ की वजह से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। यहां के 11 जिले और करीब 350 गांव बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं और 1 लाख से ज्यादा लोगों पर इस बाढ़ का असर पड़ा है। | 16 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: महाराष्ट्र के पुणे में एक युवक ने ऑनलाइन गेम ब्लू व्हेल में अपना टॉस्क पूरा करने के चक्कर में आत्महत्या कर ली. घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक के शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि ब्लू व्हेल गेम खेलने का आदी था. पुलिस ने फिलहाल पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने मृतक युवक की पहचान दिवाकर माली के रूप में की गई है. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि युवक ने खुदको फांसी लगाने से पहले एक नोट भी लिखा था.
माली ने उसमें लिखा कि ब्लैक पैंथर जो पहले एक बाड़े में था अब आजाद है, अब बगैर किसी रोक-टोक है. द इन्ड.अधिकारी के अनुसार ऑनलाइन गेम में दिए टॉस्क ने उसे ऐसा करने के लिए प्रेरित किया. माली खुदको इस गेम का ब्लैक पैंथर मानता था. गौरतलब है कि कुछ समय पहले ही ब्लू व्हेल गेम का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था. मदुरई के रहने वाले 73 साल के एडवोकेट पोन्नियम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की थी कि कोर्ट जानलेवा ब्लू व्हेल गेम पर रोक लगाए. पोन्नियम ने अपनी याचिका में कहा था कि ब्लू व्हेल गेम को लेकर अलग-अलग अदालतों में मुकदमे चल रहे हैं लेकिन अभी तक इस पर रोक नही लग पाई है. जिसकी वजह से बच्चों द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले बढ़ते जा रहे हैं.
पोन्नियम ने अपनी याचिका में ये भी कहा था कि कोर्ट सभी राज्य सरकारों को आदेश दे कि वे लोगों के बीच इस खेल को लेकर सामाजिक जागरुकता फैलाएं. एक ऐसा ही मामला दिल्ली हाईकोर्ट में भी लंबित है जिसमें ब्लू व्हेल गेम पर रोक लगाने की मांग की गई थी. गुरमीत सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की है कि इंटरनेट की बड़ी कंपनियों को तत्काल ब्लू व्हेल चैलेंज से संबंधित किसी भी सामग्री को अपलोड करने से रोका जाए. इस गेम के ऑनलाइन लिंक को गूगल, फेसबुक और अन्य वेबसाइटों से हटाने के लिए मांग भी की गई थी. वहीं, इस गेम के फैलते जाल पर यूपी के उप-मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने भी अभिभावकों को बच्चों की इंटरनेट एक्टिविटी पर नजर रखने को लेकर कुछ समय पहले चेताया था. दिनेश शर्मा ने कहा था कि इन्टरनेट के माध्यम से कम्प्यूटर आधारित ‘ब्लू व्हेल गेम' सीधे बच्चों को अपना निशाना बना रहा है. उन्हें 50 विभिन्न चुनौतियाँ पूरी करके स्वयं को हानि पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है, जिसकी अन्तिम चुनौती आत्महत्या है. इण्टरनेट पर उपलब्ध आंकड़ों से संज्ञान में आया है कि यह गेम विश्व में 100 से अधिक बच्चों की मृत्यु का कारण बन चुका है.
शर्मा ने आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक विभाग की समीक्षा के दौरान कहा था कि किशोर अवस्था के बालक/बालिकाएं जब यह खेल स्वीकार करते हैं, तो नियंत्रक (एडमिनिस्ट्रेटर) उनसे कुछ व्यक्तिगत जानकारी प्राप्त कर लेता है. हर चुनौती पिछली चुनौतियों से अधिक खतरनाक होती जाती है.
यदि बच्चा चुनौती को छोड़ना या गेम समाप्त करना चाहता है तो नियंत्रक (एडमिनिस्ट्रेटर) व्यक्तिगत जानकारी प्रकट कर देने या परिवार को हानि पहुंचाने की धमकी देता है. जब 50 वां दिन आता है तो क्यूरेटर, गेम खेलने वाले को आत्महत्या करने तक का निर्देश देती है. उपमुख्यमंत्री ने इसके बचाव एवं सुरक्षा के लिए अभिभावकों को सलाह दी थी कि वे बच्चे के क्रियाकलापों पर ध्यान दें और बच्चे की इंटरनेट सर्च हिस्ट्री पर नजर रखें. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पुणे में युवक ने की आत्महत्या
पुलिस को युवक के पास से मिला नोट
पहले भी हो चुकी है गेम पूरा करने के चक्कर में आत्महत्या | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पेंटागन के एक शीर्ष अधिकारी ने सांसदों से कहा है कि अफगानिस्तान में अमेरिका की हार से क्षेत्र में अस्थिरता और चरमपंथी समूहों के फिर से सिर उठाने की आशंका पैदा हो सकती है।
ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल मार्टिन डिम्पसी ने सीनेटरों को बताया, क्षेत्र में अस्थिरता पैदा होगी। मुझे लगता है कि पाकिस्तान की सीमा पर समस्याएं पैदा हो जाएंगी। ईरान को क्षेत्रीय स्तर पर अधिक आक्रामक होने का मौका मिलेगा। उन्होंने कांग्रेस में सुनवाई के दौरान कहा, हिंसक चरमपंथी समूह फिर से सिर उठा सकते हैं।टिप्पणियां
डिम्पसी ने कहा, हार और जीत के बीच निश्चित रूप से अंतर है और इसी से हमारी अब और 2014 की समाप्ति पर की जाने वाली कार्रवाई निर्धारित होगी। सुनवाई के दौरान सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा, 2014 के बाद हमें अफगानिस्तान में हजारों सैनिकों की जरूरत नहीं है। मैं समझता हूं कि हमें अफगानों का विश्वास बनाए रखने और उनकी क्षमता को बढ़ाने के लिए एक सीमित संख्या में बलों को रखने की जरूरत है ताकि हम इस युद्ध को उचित तरीके से समाप्त कर सकें। रक्षामंत्री चक हेगल ने कहा कि अफगानिस्तान में अगले वर्ष होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव एक महत्वपूर्ण घटना होगी क्योंकि यह विश्वास, स्व-शासन तथा अधिकारों के बारे में है।
डिम्पसी ने कहा कि पाकिस्तान के साथ संबंधों में हालिया आघात के बाद अमेरिका इन संबंधों को फिर से ठीक करने में लगा है।
ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल मार्टिन डिम्पसी ने सीनेटरों को बताया, क्षेत्र में अस्थिरता पैदा होगी। मुझे लगता है कि पाकिस्तान की सीमा पर समस्याएं पैदा हो जाएंगी। ईरान को क्षेत्रीय स्तर पर अधिक आक्रामक होने का मौका मिलेगा। उन्होंने कांग्रेस में सुनवाई के दौरान कहा, हिंसक चरमपंथी समूह फिर से सिर उठा सकते हैं।टिप्पणियां
डिम्पसी ने कहा, हार और जीत के बीच निश्चित रूप से अंतर है और इसी से हमारी अब और 2014 की समाप्ति पर की जाने वाली कार्रवाई निर्धारित होगी। सुनवाई के दौरान सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा, 2014 के बाद हमें अफगानिस्तान में हजारों सैनिकों की जरूरत नहीं है। मैं समझता हूं कि हमें अफगानों का विश्वास बनाए रखने और उनकी क्षमता को बढ़ाने के लिए एक सीमित संख्या में बलों को रखने की जरूरत है ताकि हम इस युद्ध को उचित तरीके से समाप्त कर सकें। रक्षामंत्री चक हेगल ने कहा कि अफगानिस्तान में अगले वर्ष होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव एक महत्वपूर्ण घटना होगी क्योंकि यह विश्वास, स्व-शासन तथा अधिकारों के बारे में है।
डिम्पसी ने कहा कि पाकिस्तान के साथ संबंधों में हालिया आघात के बाद अमेरिका इन संबंधों को फिर से ठीक करने में लगा है।
डिम्पसी ने कहा, हार और जीत के बीच निश्चित रूप से अंतर है और इसी से हमारी अब और 2014 की समाप्ति पर की जाने वाली कार्रवाई निर्धारित होगी। सुनवाई के दौरान सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा, 2014 के बाद हमें अफगानिस्तान में हजारों सैनिकों की जरूरत नहीं है। मैं समझता हूं कि हमें अफगानों का विश्वास बनाए रखने और उनकी क्षमता को बढ़ाने के लिए एक सीमित संख्या में बलों को रखने की जरूरत है ताकि हम इस युद्ध को उचित तरीके से समाप्त कर सकें। रक्षामंत्री चक हेगल ने कहा कि अफगानिस्तान में अगले वर्ष होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव एक महत्वपूर्ण घटना होगी क्योंकि यह विश्वास, स्व-शासन तथा अधिकारों के बारे में है।
डिम्पसी ने कहा कि पाकिस्तान के साथ संबंधों में हालिया आघात के बाद अमेरिका इन संबंधों को फिर से ठीक करने में लगा है।
डिम्पसी ने कहा कि पाकिस्तान के साथ संबंधों में हालिया आघात के बाद अमेरिका इन संबंधों को फिर से ठीक करने में लगा है। | यह एक सारांश है: पेंटागन के एक शीर्ष अधिकारी ने सांसदों से कहा है कि अफगानिस्तान में अमेरिका की हार से क्षेत्र में अस्थिरता और चरमपंथी समूहों के फिर से सिर उठाने की आशंका पैदा हो सकती है। | 9 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान के सैकड़ों समर्थकों ने शनिवार को मोटरों के काफिले के साथ अमेरिकी ड्रोन हमलों के विरोध में आतंकवादी बहुल क्षेत्र दक्षिण वजीरिस्तान तक शांति यात्रा निकाली।टिप्पणियां
लगभग 130 वाहनों के काफिले वाली इस शांति यात्रा में खान समेत तहरीक-ए-इंसाफ दल के प्रमुख नेता, पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी भी शामिल थे। ये लोग सरकार की ओर से जारी आत्मघाती हमलों की चेतावनियों के बावजूद इस रैली में शामिल हुए।
संवाददाताओं से बात करते हुए इमरान खान ने दावा किया कि तालिबान की ओर से इस यात्रा को कोई खतरा नहीं है, सिर्फ सरकार ही इसे रोकने की कोशिश कर रही है। खान ने कहा, वजीरीस्तान के कबीलाई लोगों को इस रैली के दौरान सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। इस यात्रा का समापन दक्षिण वजीरिस्तान के कोटकाई गांव में रविवार को होने की संभावना है।
लगभग 130 वाहनों के काफिले वाली इस शांति यात्रा में खान समेत तहरीक-ए-इंसाफ दल के प्रमुख नेता, पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी भी शामिल थे। ये लोग सरकार की ओर से जारी आत्मघाती हमलों की चेतावनियों के बावजूद इस रैली में शामिल हुए।
संवाददाताओं से बात करते हुए इमरान खान ने दावा किया कि तालिबान की ओर से इस यात्रा को कोई खतरा नहीं है, सिर्फ सरकार ही इसे रोकने की कोशिश कर रही है। खान ने कहा, वजीरीस्तान के कबीलाई लोगों को इस रैली के दौरान सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। इस यात्रा का समापन दक्षिण वजीरिस्तान के कोटकाई गांव में रविवार को होने की संभावना है।
संवाददाताओं से बात करते हुए इमरान खान ने दावा किया कि तालिबान की ओर से इस यात्रा को कोई खतरा नहीं है, सिर्फ सरकार ही इसे रोकने की कोशिश कर रही है। खान ने कहा, वजीरीस्तान के कबीलाई लोगों को इस रैली के दौरान सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। इस यात्रा का समापन दक्षिण वजीरिस्तान के कोटकाई गांव में रविवार को होने की संभावना है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान के सैकड़ों समर्थकों ने शनिवार को मोटरों के काफिले के साथ अमेरिकी ड्रोन हमलों के विरोध में आतंकवादी बहुल क्षेत्र दक्षिण वजीरिस्तान तक शांति यात्रा निकाली। | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: देश में असहिष्णुता को लेकर फिल्म अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के बयान के बारे में जारी बहस के बीच केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि हिन्दुस्तान जितनी सहिष्णुता दुनिया के किसी दूसरे मुल्क में नहीं है. राजनाथ सिंह ने किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के 114वें स्थापना दिवस समारोह से इतर संवाददाताओं से बातचीत में अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के हाल के बयान के बारे में एक सवाल के जवाब में कहा,‘‘भारत में जितनी सहिष्णुता है, मैं समझता हूं कि दुनिया में ढूंढने से भी नहीं मिलेगी. भारत दुनिया का ऐसा इकलौता देश है जहां विश्व के सभी प्रमुख धर्म पाये जाते हैं. यानी सारे धर्मों के मानने वाले लोग अगर कहीं मिलजुलकर रह रहे हैं, तो वह भारत ही है.''
उन्होंने कहा,‘‘मैं दोहराना चाहूंगा कि इस्लामी देशों में भी इस्लाम के सभी 72 फिरके एक साथ नहीं मिलते. केवल भारत में ही मुसलमानों के ये सभी फिरके मौजूद हैं इसलिए यहां पर असहिष्णुता का कोई सवाल ही नहीं.'' गृह मंत्री ने कहा कि भारत में विभिन्न धर्मों को मानने वाले जितने भी लोग हैं, वे भारत को एक सशक्त, स्वाभिमानी, स्वावलम्बी और समृद्धिशाली बनाने में योगदान कर रहे हैं और आगे भी करेंगे.
गौरतलब है कि मशहूर अभिनेता शाह ने हाल में एक बयान में कहा था कि भारत में गाय की जान की कीमत आदमी की जान से ज्यादा हो गयी है. देश में ऐसा माहौल बन गया है कि उन्हें अपने बच्चों की चिंता होती है कि कहीं कोई भीड़ उन्हें घेरकर उनका मजहब ना पूछने लगे. लखनऊ से सांसद गृह मंत्री ने साइबर सर्विलांस सम्बन्धी आदेश के बारे में पूछे जाने पर कहा कि उनके मंत्रालय ने इस बारे में पहले ही स्पष्टीकरण दे दिया है, लेकिन चूंकि संसद का सत्र इस समय चल रहा है लिहाजा वह अभी इस बारे में कुछ नहीं कह सकते. | यहाँ एक सारांश है:नसीरुद्दीन ने दिया था ये बयान
गृहमंत्री राजनाथ ने कही ये बात
मीडिया से बात करते हुए बोलें | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: वर्जीनिया में एक चुनावी रैली में रोते हुए बच्चे की मौजूदगी को लेकर राष्ट्रपति पद के रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप असमंजस में पड़ गए. आखिरकार उन्होंने बच्चे को परिसर से बाहर ले जाने के लिए कह दिया. शुरुआत में ट्रंप ने बच्चे के प्रति दुलार दिखाया, लेकिन यह ज्यादा नहीं चल सका. जल्द ही अपने कदम वापस लेते हुए कहा कि वह तो ‘सिर्फ मजाक’ कर रहे थे.
वर्जीनिया के एशबर्न में स्थित एक हाई स्कूल के खचाखच भरे ऑडिटोरियम में जब नवजात अचानक रोने लगा तो ट्रंप ने हंसते हुए कहा, ‘इसकी चिंता मत करिए, मुझे बच्चों से प्रेम है.’ उनकी इस बात को सुनकर लोग हंसने लग गए.
ट्रंप ने कहा, ‘‘मुझे बच्चे पसंद हैं. मैंने उस बच्चे का रोना सुना. मुझे यह पसंद है. कितना प्यारा बच्चा है, चिंता मत कीजिए. उसकी मां उसके आसपास ऐसे घूम रही थी कि- इसके बारे में चिंता मत करें. यह छोटा, खूबसूरत और स्वस्थ है, इससे ज्यादा हमें और क्या चाहिए.’’ यह कहते हुए ट्रंप ने चीन और उसकी मुद्रा के अवमूल्यन पर अपना भाषण जारी रखा.टिप्पणियां
लेकिन जब बच्चा लगातार रोता ही रहा तो ट्रंप ने अपना इरादा बदल दिया और महिला को वहां से जाने को कह दिया. उन्होंने कहा, ‘मैं केवल मजाक कर रहा था, आप बच्चे को यहां से बाहर ले जा सकती हैं.’ बच्चे की परेशान मां के लिए उन्होंने कहा, ‘कोई बात नहीं. मुझे लगता है कि उन्होंने मेरी इस बात पर विश्वास कर लिया कि मेरे बोलने के दौरान बच्चे का रोना मुझे पसंद आता है. लोग नहीं समझते तो कोई बात नहीं.’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वर्जीनिया के एशबर्न में स्थित एक हाई स्कूल के खचाखच भरे ऑडिटोरियम में जब नवजात अचानक रोने लगा तो ट्रंप ने हंसते हुए कहा, ‘इसकी चिंता मत करिए, मुझे बच्चों से प्रेम है.’ उनकी इस बात को सुनकर लोग हंसने लग गए.
ट्रंप ने कहा, ‘‘मुझे बच्चे पसंद हैं. मैंने उस बच्चे का रोना सुना. मुझे यह पसंद है. कितना प्यारा बच्चा है, चिंता मत कीजिए. उसकी मां उसके आसपास ऐसे घूम रही थी कि- इसके बारे में चिंता मत करें. यह छोटा, खूबसूरत और स्वस्थ है, इससे ज्यादा हमें और क्या चाहिए.’’ यह कहते हुए ट्रंप ने चीन और उसकी मुद्रा के अवमूल्यन पर अपना भाषण जारी रखा.टिप्पणियां
लेकिन जब बच्चा लगातार रोता ही रहा तो ट्रंप ने अपना इरादा बदल दिया और महिला को वहां से जाने को कह दिया. उन्होंने कहा, ‘मैं केवल मजाक कर रहा था, आप बच्चे को यहां से बाहर ले जा सकती हैं.’ बच्चे की परेशान मां के लिए उन्होंने कहा, ‘कोई बात नहीं. मुझे लगता है कि उन्होंने मेरी इस बात पर विश्वास कर लिया कि मेरे बोलने के दौरान बच्चे का रोना मुझे पसंद आता है. लोग नहीं समझते तो कोई बात नहीं.’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ट्रंप ने कहा, ‘‘मुझे बच्चे पसंद हैं. मैंने उस बच्चे का रोना सुना. मुझे यह पसंद है. कितना प्यारा बच्चा है, चिंता मत कीजिए. उसकी मां उसके आसपास ऐसे घूम रही थी कि- इसके बारे में चिंता मत करें. यह छोटा, खूबसूरत और स्वस्थ है, इससे ज्यादा हमें और क्या चाहिए.’’ यह कहते हुए ट्रंप ने चीन और उसकी मुद्रा के अवमूल्यन पर अपना भाषण जारी रखा.टिप्पणियां
लेकिन जब बच्चा लगातार रोता ही रहा तो ट्रंप ने अपना इरादा बदल दिया और महिला को वहां से जाने को कह दिया. उन्होंने कहा, ‘मैं केवल मजाक कर रहा था, आप बच्चे को यहां से बाहर ले जा सकती हैं.’ बच्चे की परेशान मां के लिए उन्होंने कहा, ‘कोई बात नहीं. मुझे लगता है कि उन्होंने मेरी इस बात पर विश्वास कर लिया कि मेरे बोलने के दौरान बच्चे का रोना मुझे पसंद आता है. लोग नहीं समझते तो कोई बात नहीं.’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
लेकिन जब बच्चा लगातार रोता ही रहा तो ट्रंप ने अपना इरादा बदल दिया और महिला को वहां से जाने को कह दिया. उन्होंने कहा, ‘मैं केवल मजाक कर रहा था, आप बच्चे को यहां से बाहर ले जा सकती हैं.’ बच्चे की परेशान मां के लिए उन्होंने कहा, ‘कोई बात नहीं. मुझे लगता है कि उन्होंने मेरी इस बात पर विश्वास कर लिया कि मेरे बोलने के दौरान बच्चे का रोना मुझे पसंद आता है. लोग नहीं समझते तो कोई बात नहीं.’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:पहले तो ट्रंप ने बच्चे से प्रेम जताया
ज्यादा समय तक यह प्रेम टिक नहीं सका
उन्होंने महिला को बच्चे के साथ बाहर जाने को कह दिया | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत के पूर्व कप्तान अनिल कुंबले ने कहा कि उसने राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के अध्यक्ष पद से इसलिए इस्तीफा दिया क्योंकि वह सिर्फ नाम के अध्यक्ष नहीं रहना चाहते थे जबकि समिति के बाकी सदस्य उनकी योजनाओं का समर्थन नहीं कर रहे थे। हितों के टकराव को लेकर पैदा हुए विवाद के दो महीने बाद कुंबले ने पद से इस्तीफा दे दिया। बीसीसीआई की कार्यसमिति ने दिल्ली में हुई बैठक में उसका इस्तीफा स्वीकार कर लिया। कुंबले ने पत्रकारों से कहा, मेरे पास एक योजना थी लेकिन समिति के बाकी सदस्यों ने मेरा समर्थन नहीं किया। मैं नाम का अध्यक्ष नहीं रहना चाहता था। यह पूछने पर कि बाकी सदस्यों ने उसका साथ क्यों नहीं दिया, कुंबले ने कहा, मुझे नहीं पता लेकिन मैं साथ मिलकर काम करना चाहता था। पंजाब क्रिकेट संघ के महासचिव एमपी पांडोव को एनसीए का कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया है। कुंबले ने कहा, मेरे पास तीन साल की योजना थी। मैंने अध्यक्ष पद पर रहते हुए 10 बार प्रेजेंटेशन दिया। यह सोचकर कि मेरा प्रस्ताव स्वीकार कर लिया जाएगा। रविवार को भी चेन्नई में एनसीए की बैठक में इस पर बात की लेकिन समिति के बाकी सदस्य राजी नहीं हुए। उन्होंने कहा, मुझे लगा कि जब मेरी बात ही नहीं सुनी जा रही तो अध्यक्ष पद पर बने रहने का कोई मतलब नहीं है। मेरे पास कोई और चारा नहीं रह गया था। | यहाँ एक सारांश है:कुंबले ने कहा कि उसने राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के अध्यक्ष पद से इसलिए इस्तीफा दिया क्योंकि वह सिर्फ नाम के अध्यक्ष नहीं रहना चाहते थे। | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: लगातार तीन फिल्मों की सफलता के बाद सलमान खान इस वक्त बॉलीवुड में अपने करियर की बुलंदी पर हैं, लेकिन इस अभिनेता को लगता है कि यह ज्यादा जोखिम भरी स्थिति है, क्योंकि उन्हें यह नहीं पता कि आगे क्या करना है।
सलमान खान ने एक साक्षात्कार में कहा, मैं खुश हूं कि मेरी फिल्में अच्छा कर रही हैं, लेकिन इस वक्त मैं ज्यादा खतरनाक स्थिति में हूं, क्योंकि हम नहीं जानते कि अब अगली फिल्म में क्या करना चाहिए...मुझे नहीं पता कि अब क्या करूं।
सलमान खान ने कहा, मैंने फिल्मों में जो भूमिकाएं निभाई हैं, उनमें मुझे बहुत बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया है। ऐसा लगता है कि इस किरदार को कोई मार नहीं सकता और इससे लोग उब सकते हैं। यदि आप किसी फिल्म को ऊंचे स्तर तक ले जाना चाहते हैं, तब ऐसा लगता है कि कहीं कुछ ज्यादा तो नहीं हो गया और यदि आप उस स्तर तक न ले जाएं, तो महसूस होता है कि पहला ही बेहतर था।टिप्पणियां
ईद पर लगातार तीन ब्लॉकबस्टर फिल्में 'वांटेड', 'दबंग' और 'बॉडीगार्ड' की सफलता के बाद अब यह 46 वर्षीय अभिनेता अपनी एक और फिल्म 'एक था टाइगर' के प्रदर्शन के लिए तैयार है। पिछली तीन सफल फिल्मों 'दबंग' (215 करोड़ रुपये), 'रेडी' (180 करोड़ रुपये) और 'बॉडीगार्ड' (230 करोड़ रुपये) की हैट्रिक के बाद न केवल दर्शक, बल्कि निर्माता भी सलमान की अगली फिल्म से काफी उम्मीद लगाए बैठे हैं।
उन्होंने कहा, मैं दबाव में नहीं हूं...यदि फिल्म अच्छी होगी, तो जरूर अच्छा करेगी। मेरा मानना है कि दर्शक हमेशा ही सही निर्णय करते हैं। अपने 24 साल के फिल्मी करियर में वह पहली बार यशराज फिल्म्स की फिल्म 'एक था टाइगर' में काम कर रहे हैं। फिल्म के निर्देशक कबीर खान हैं और कैटरीना कैफ फिल्म की लीड एक्ट्रेस हैं। यह फिल्म 15 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
सलमान खान ने एक साक्षात्कार में कहा, मैं खुश हूं कि मेरी फिल्में अच्छा कर रही हैं, लेकिन इस वक्त मैं ज्यादा खतरनाक स्थिति में हूं, क्योंकि हम नहीं जानते कि अब अगली फिल्म में क्या करना चाहिए...मुझे नहीं पता कि अब क्या करूं।
सलमान खान ने कहा, मैंने फिल्मों में जो भूमिकाएं निभाई हैं, उनमें मुझे बहुत बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया है। ऐसा लगता है कि इस किरदार को कोई मार नहीं सकता और इससे लोग उब सकते हैं। यदि आप किसी फिल्म को ऊंचे स्तर तक ले जाना चाहते हैं, तब ऐसा लगता है कि कहीं कुछ ज्यादा तो नहीं हो गया और यदि आप उस स्तर तक न ले जाएं, तो महसूस होता है कि पहला ही बेहतर था।टिप्पणियां
ईद पर लगातार तीन ब्लॉकबस्टर फिल्में 'वांटेड', 'दबंग' और 'बॉडीगार्ड' की सफलता के बाद अब यह 46 वर्षीय अभिनेता अपनी एक और फिल्म 'एक था टाइगर' के प्रदर्शन के लिए तैयार है। पिछली तीन सफल फिल्मों 'दबंग' (215 करोड़ रुपये), 'रेडी' (180 करोड़ रुपये) और 'बॉडीगार्ड' (230 करोड़ रुपये) की हैट्रिक के बाद न केवल दर्शक, बल्कि निर्माता भी सलमान की अगली फिल्म से काफी उम्मीद लगाए बैठे हैं।
उन्होंने कहा, मैं दबाव में नहीं हूं...यदि फिल्म अच्छी होगी, तो जरूर अच्छा करेगी। मेरा मानना है कि दर्शक हमेशा ही सही निर्णय करते हैं। अपने 24 साल के फिल्मी करियर में वह पहली बार यशराज फिल्म्स की फिल्म 'एक था टाइगर' में काम कर रहे हैं। फिल्म के निर्देशक कबीर खान हैं और कैटरीना कैफ फिल्म की लीड एक्ट्रेस हैं। यह फिल्म 15 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
सलमान खान ने कहा, मैंने फिल्मों में जो भूमिकाएं निभाई हैं, उनमें मुझे बहुत बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया है। ऐसा लगता है कि इस किरदार को कोई मार नहीं सकता और इससे लोग उब सकते हैं। यदि आप किसी फिल्म को ऊंचे स्तर तक ले जाना चाहते हैं, तब ऐसा लगता है कि कहीं कुछ ज्यादा तो नहीं हो गया और यदि आप उस स्तर तक न ले जाएं, तो महसूस होता है कि पहला ही बेहतर था।टिप्पणियां
ईद पर लगातार तीन ब्लॉकबस्टर फिल्में 'वांटेड', 'दबंग' और 'बॉडीगार्ड' की सफलता के बाद अब यह 46 वर्षीय अभिनेता अपनी एक और फिल्म 'एक था टाइगर' के प्रदर्शन के लिए तैयार है। पिछली तीन सफल फिल्मों 'दबंग' (215 करोड़ रुपये), 'रेडी' (180 करोड़ रुपये) और 'बॉडीगार्ड' (230 करोड़ रुपये) की हैट्रिक के बाद न केवल दर्शक, बल्कि निर्माता भी सलमान की अगली फिल्म से काफी उम्मीद लगाए बैठे हैं।
उन्होंने कहा, मैं दबाव में नहीं हूं...यदि फिल्म अच्छी होगी, तो जरूर अच्छा करेगी। मेरा मानना है कि दर्शक हमेशा ही सही निर्णय करते हैं। अपने 24 साल के फिल्मी करियर में वह पहली बार यशराज फिल्म्स की फिल्म 'एक था टाइगर' में काम कर रहे हैं। फिल्म के निर्देशक कबीर खान हैं और कैटरीना कैफ फिल्म की लीड एक्ट्रेस हैं। यह फिल्म 15 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
ईद पर लगातार तीन ब्लॉकबस्टर फिल्में 'वांटेड', 'दबंग' और 'बॉडीगार्ड' की सफलता के बाद अब यह 46 वर्षीय अभिनेता अपनी एक और फिल्म 'एक था टाइगर' के प्रदर्शन के लिए तैयार है। पिछली तीन सफल फिल्मों 'दबंग' (215 करोड़ रुपये), 'रेडी' (180 करोड़ रुपये) और 'बॉडीगार्ड' (230 करोड़ रुपये) की हैट्रिक के बाद न केवल दर्शक, बल्कि निर्माता भी सलमान की अगली फिल्म से काफी उम्मीद लगाए बैठे हैं।
उन्होंने कहा, मैं दबाव में नहीं हूं...यदि फिल्म अच्छी होगी, तो जरूर अच्छा करेगी। मेरा मानना है कि दर्शक हमेशा ही सही निर्णय करते हैं। अपने 24 साल के फिल्मी करियर में वह पहली बार यशराज फिल्म्स की फिल्म 'एक था टाइगर' में काम कर रहे हैं। फिल्म के निर्देशक कबीर खान हैं और कैटरीना कैफ फिल्म की लीड एक्ट्रेस हैं। यह फिल्म 15 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
उन्होंने कहा, मैं दबाव में नहीं हूं...यदि फिल्म अच्छी होगी, तो जरूर अच्छा करेगी। मेरा मानना है कि दर्शक हमेशा ही सही निर्णय करते हैं। अपने 24 साल के फिल्मी करियर में वह पहली बार यशराज फिल्म्स की फिल्म 'एक था टाइगर' में काम कर रहे हैं। फिल्म के निर्देशक कबीर खान हैं और कैटरीना कैफ फिल्म की लीड एक्ट्रेस हैं। यह फिल्म 15 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सलमान खान इस वक्त बॉलीवुड में अपने करियर की बुलंदी पर हैं, लेकिन इस अभिनेता को लगता है कि यह ज्यादा जोखिम भरी स्थिति है, क्योंकि उन्हें यह नहीं पता कि आगे क्या करना है। | 11 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: इंग्लैंड के नए टेस्ट कप्तान जो रूट अपनी बल्लेबाजी को उस स्तर तक ले जाना चाहते हैं जहां तक कप्तान बनने के बाद भारत के विराट कोहली और आस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ पहुंचे हैं. गौरतलब है कि रूट को एलेस्टेयर कुक के इस्तीफे के बाद इंग्लैंड का नया टेस्ट कप्तान बनाया गया है. भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 0-4 की हार के बाद कुक ने इंग्लैंड की टेस्ट कप्तानी से इस्तीफा दे दिया था. रूट अभी तक अपने कैरियर के 53 टेस्ट में 52.80 के औसत से 4594 रन बना चुके हैं. कोहली का कप्तान बनने के बाद औसत 67 से ऊपर है और वह वर्ल्ड रैंकिंग में टॉप-3 में हैं.
जो रूट ने कहा,‘विराट और स्टीव स्मिथ ने जिस तरह से प्रदर्शन किया है, मैं भी वैसे ही करना चाहता हूं. मैं उनसे प्रेरित होकर उसी स्तर तक जाना चाहता हूं. हर बच्चा एक दिन इंग्लैंड का कप्तान बनना चाहता है और मुझे यह मौका मिला है लिहाजा मैं अपने प्रदर्शन की छाप छोड़ना चाहता हूं.’ टेस्ट क्रिकेट में विराट और स्टीव स्मिथ का बल्लेबाजी औसत अभी रूट से ऊपर है. खास बात यह है कि कप्तानी संभालने के बाद भी इन दोनों ने अपनी बल्लेबाजी को किसी भी तरह प्रभावित नहीं होने दिया है. जो रूट भी विराट और स्मिथ की तरह प्रदर्शन करना चाहते हैं. स्मिथ ने अब तक 50 टेस्ट में 60.15 के औसत से 4752 रन बनाए हैं जिसमें 17 शतक शामिल हैं. इसी तरह विराट कोहली ने 54 टेस्ट में 51.75 के औसत से 4451 रन बनाए हैं जिसमें 16 शतक शामिल हैं. विराट इस समय दुनिया के ऐसे एकमात्र बल्लेबाज हैं जिनका टेस्ट, वनडे और टी20, तीनों का औसत 50 से अधिक का है.
जो रूट ने कहा,‘विराट और स्टीव स्मिथ ने जिस तरह से प्रदर्शन किया है, मैं भी वैसे ही करना चाहता हूं. मैं उनसे प्रेरित होकर उसी स्तर तक जाना चाहता हूं. हर बच्चा एक दिन इंग्लैंड का कप्तान बनना चाहता है और मुझे यह मौका मिला है लिहाजा मैं अपने प्रदर्शन की छाप छोड़ना चाहता हूं.’ टेस्ट क्रिकेट में विराट और स्टीव स्मिथ का बल्लेबाजी औसत अभी रूट से ऊपर है. खास बात यह है कि कप्तानी संभालने के बाद भी इन दोनों ने अपनी बल्लेबाजी को किसी भी तरह प्रभावित नहीं होने दिया है. जो रूट भी विराट और स्मिथ की तरह प्रदर्शन करना चाहते हैं. स्मिथ ने अब तक 50 टेस्ट में 60.15 के औसत से 4752 रन बनाए हैं जिसमें 17 शतक शामिल हैं. इसी तरह विराट कोहली ने 54 टेस्ट में 51.75 के औसत से 4451 रन बनाए हैं जिसमें 16 शतक शामिल हैं. विराट इस समय दुनिया के ऐसे एकमात्र बल्लेबाज हैं जिनका टेस्ट, वनडे और टी20, तीनों का औसत 50 से अधिक का है. | सारांश: टेस्ट, वनडे और टी20 में 50 के ऊपर है विराट का औसत
रूट बोले, मैं स्टीव, विराट के स्तर तक जाना चाहता हूं
कप्तान बनने के बाद भी बैटिंग का प्रदर्शन नहीं हुआ प्रभावित | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: यासीन मलिक ने एनडीटीवी पर हाफिज सईद मामले पर सफाई देते हुए एनडीटीवी से कहा कि वह हाफिज सईद से पहले भी मिल चुका है और उनके कार्यक्रम में हाफिज सईद बिन बुलाए आया था।टिप्पणियां
इसी के साथ यासीन मलिक का कहना है कि वह हाफिज सईद से पहले भी मिल चुका है। उसका कहना है कि भारत सरकार ने 2002 से ही हाफिज सईद को वांछित घोषित कर रखा है।
अफजल गुरु की फांसी की निंदा करते हुए यासीन मलिक ने कहा कि गुरु को फांसी कानून को ताक पर रख कर दी गई थी।
इसी के साथ यासीन मलिक का कहना है कि वह हाफिज सईद से पहले भी मिल चुका है। उसका कहना है कि भारत सरकार ने 2002 से ही हाफिज सईद को वांछित घोषित कर रखा है।
अफजल गुरु की फांसी की निंदा करते हुए यासीन मलिक ने कहा कि गुरु को फांसी कानून को ताक पर रख कर दी गई थी।
अफजल गुरु की फांसी की निंदा करते हुए यासीन मलिक ने कहा कि गुरु को फांसी कानून को ताक पर रख कर दी गई थी। | यह एक सारांश है: यासीन मलिक ने एनडीटीवी पर हाफिज सईद मामले पर सफाई देते हुए एनडीटीवी से कहा कि वह हाफिज सईद से पहले भी मिल चुका है और उनके कार्यक्रम में हाफिज सईद बिन बुलाए आया था। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: Kumkum Bhagya Written Update: जी टीवी के शो 'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' में जहां एक तरफ प्रज्ञा (Sriti Jha) और अभी धीरे-धीरे एक-दूसरे के करीब आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रिया और प्राची अभी भी इस बात से अंजान है कि वो दोनों बहनें हैं. कुमकुम भाग्य के पिछले एपिसोड में दिखाया गया कि बेंच पर प्रज्ञा के साथ बैठे अभी (Shabir Ahluwalia) को नींद आ जाती है. जिसके बाद प्रज्ञा, पूरब को फोन करके मदद के लिए बुलाती है. आलिया, पूरब के फोन पर प्रज्ञा का फोन आता हुआ देख लेती है और फोन काट देती है. आलिया, पूरब का फोन स्विच ऑफ भी कर देती है.
'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' के पिछले एपिसोड में दिखाया गया कि अपने पापा से नाराज रिया का मूड बहुत खराब होता है. जिसके बाद वह रणबीर से मिलने का डिसाइड करती है. वहीं, प्राची (Mugdha Chapekar) और रणबीर ऑफिस में फंसे हुए हैं, क्योंकि किसी ने कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया है. प्रज्ञा (Sriti Jha), ऋषि को मदद के लिए बोलती है, अभी को अपने बैडरूम तक पहुंचाने के लिए. अभी, प्रज्ञा के कंधे पर सो जाता है.
सृति झा (Sriti Jha) और शब्बीर आहुवालिया (Shabir Ahluwalia) के शो 'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' के अपकमिंग एपिसोड में दिखाया जाएगा कि ऋषि नींद से जाग जाएगा और शहाना को प्रज्ञा के कमरे के बाहर देख लेगा. शहाना ये सोचकर परेशान है कि प्रज्ञा अभी तक सो रही है. वो प्रज्ञा के रूम में जाकर चेक करने का सोचेगी. ऋषि ये देखकर हैरान रह जाएगा और शहाना को रोकने की कोशिश करेगा. लेकिन वो उससे पहले ही दरवाजा खोल चुकी होगी. वहीं, शहाना प्रज्ञा के कमरे को देखकर हैरान रह जाएगी. अब देखना होगा कि क्या शहाना को पता चल जाएगा कि अभी और प्रज्ञा पति-पत्नी हैं. | संक्षिप्त सारांश: साीरियल 'कुमकुम भाग्य' में जानिए क्या होगा
शहाना को पता चल जाएगा अभी और प्रज्ञा हैं पति-पत्नी
'कुमकुम भाग्य' में आएगा नया ट्विस्ट | 0 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश में रोजमर्रा के उपयोग के उपभोक्ता सामान बनाने वाली सात प्रमुख कंपनियों की आमदनी 2015-16 में घरेलू बाजार में काम कर रही अपनी सात प्रमुख विदेशी प्रतिस्पर्धी फर्मों से अच्छी रही. यह जानकारी एक ताजा रिपोर्ट में दी गई है.
एसोचैम-टेकस्की अनुसंधान रिपोर्ट के अनुसार पिछले वित्त वर्ष के दौरान सात प्रमुख घरेलू एफएमसीजी कंपनियों की संयुक्त आय 11.066 अरब डॉलर यानी 738.35 अरब रुपये से कुछ अधिक के बराबर रही. इसी दौरान भारत के इस क्षेत्र की सात विदेशी कंपनियों की आय करीब 9.44 अरब डलार यानी 629.6 अरब रुपये से कुछ ज्यादा थी.
प्रमुख घरेलू कंपनी आईटीसी ने आलोच्य अवधि में करीब 5.94 अरब डॉलर की आय दर्ज की. ब्रिटेनिया इंडस्ट्रीज की आय 1.2 अरब डॉलर, डाबर इंडिया करीब 88.5 करोड़ डॉलर और गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने 74 करोड़ डॉलर से कुछ अधिक कमाई की.
पिछले वित्त वर्ष में मारिको की कमाई 76 करोड़ डॉलर से कुछ अधिक और अमूल की कमाई करीब 74.4 अरब डॉलर रही. रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दौरान पतंजलि आयुर्वेद के प्रदर्शन का कोई जवाब नहीं रहा. इस कंपनी ने 146.31 प्रतिशत की वृद्धि के साथ पिछले वित्त वर्ष में करीब 77 करोड़ डॉलर की वृद्धि दर्ज की. टिप्पणियां
इसके उलट पिछले वित्त वर्ष में हिंदुस्तान यूनीलीवर की आमदानी 4.9 अरब डॉलर से कुछ अधिक रही. प्रॉक्टर एंड गैंबल हाइजीन एंड हेल्थ केयर लिमीटेड की कमाई 38.2 करोड़ डॉलर रही. ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन कंज्यूमर हेल्डकेयर लिमीटेड की आमदनी 66.3 करोड़ डॉलर थी. कॉलगेट-पामोलिव (इंडिया) तथा जिलेट की आय इसी दौरान क्रमश: 64 करोड़ और 32.16 करोड़ डॉलर थी. इसी दौरान नेस्ले और पेप्सिको ने क्रमश: करीब 1.26 अरब डॉलर और 1.25 अरब डॉलर का की आय दर्ज की.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एसोचैम-टेकस्की अनुसंधान रिपोर्ट के अनुसार पिछले वित्त वर्ष के दौरान सात प्रमुख घरेलू एफएमसीजी कंपनियों की संयुक्त आय 11.066 अरब डॉलर यानी 738.35 अरब रुपये से कुछ अधिक के बराबर रही. इसी दौरान भारत के इस क्षेत्र की सात विदेशी कंपनियों की आय करीब 9.44 अरब डलार यानी 629.6 अरब रुपये से कुछ ज्यादा थी.
प्रमुख घरेलू कंपनी आईटीसी ने आलोच्य अवधि में करीब 5.94 अरब डॉलर की आय दर्ज की. ब्रिटेनिया इंडस्ट्रीज की आय 1.2 अरब डॉलर, डाबर इंडिया करीब 88.5 करोड़ डॉलर और गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने 74 करोड़ डॉलर से कुछ अधिक कमाई की.
पिछले वित्त वर्ष में मारिको की कमाई 76 करोड़ डॉलर से कुछ अधिक और अमूल की कमाई करीब 74.4 अरब डॉलर रही. रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दौरान पतंजलि आयुर्वेद के प्रदर्शन का कोई जवाब नहीं रहा. इस कंपनी ने 146.31 प्रतिशत की वृद्धि के साथ पिछले वित्त वर्ष में करीब 77 करोड़ डॉलर की वृद्धि दर्ज की. टिप्पणियां
इसके उलट पिछले वित्त वर्ष में हिंदुस्तान यूनीलीवर की आमदानी 4.9 अरब डॉलर से कुछ अधिक रही. प्रॉक्टर एंड गैंबल हाइजीन एंड हेल्थ केयर लिमीटेड की कमाई 38.2 करोड़ डॉलर रही. ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन कंज्यूमर हेल्डकेयर लिमीटेड की आमदनी 66.3 करोड़ डॉलर थी. कॉलगेट-पामोलिव (इंडिया) तथा जिलेट की आय इसी दौरान क्रमश: 64 करोड़ और 32.16 करोड़ डॉलर थी. इसी दौरान नेस्ले और पेप्सिको ने क्रमश: करीब 1.26 अरब डॉलर और 1.25 अरब डॉलर का की आय दर्ज की.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
प्रमुख घरेलू कंपनी आईटीसी ने आलोच्य अवधि में करीब 5.94 अरब डॉलर की आय दर्ज की. ब्रिटेनिया इंडस्ट्रीज की आय 1.2 अरब डॉलर, डाबर इंडिया करीब 88.5 करोड़ डॉलर और गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने 74 करोड़ डॉलर से कुछ अधिक कमाई की.
पिछले वित्त वर्ष में मारिको की कमाई 76 करोड़ डॉलर से कुछ अधिक और अमूल की कमाई करीब 74.4 अरब डॉलर रही. रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दौरान पतंजलि आयुर्वेद के प्रदर्शन का कोई जवाब नहीं रहा. इस कंपनी ने 146.31 प्रतिशत की वृद्धि के साथ पिछले वित्त वर्ष में करीब 77 करोड़ डॉलर की वृद्धि दर्ज की. टिप्पणियां
इसके उलट पिछले वित्त वर्ष में हिंदुस्तान यूनीलीवर की आमदानी 4.9 अरब डॉलर से कुछ अधिक रही. प्रॉक्टर एंड गैंबल हाइजीन एंड हेल्थ केयर लिमीटेड की कमाई 38.2 करोड़ डॉलर रही. ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन कंज्यूमर हेल्डकेयर लिमीटेड की आमदनी 66.3 करोड़ डॉलर थी. कॉलगेट-पामोलिव (इंडिया) तथा जिलेट की आय इसी दौरान क्रमश: 64 करोड़ और 32.16 करोड़ डॉलर थी. इसी दौरान नेस्ले और पेप्सिको ने क्रमश: करीब 1.26 अरब डॉलर और 1.25 अरब डॉलर का की आय दर्ज की.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पिछले वित्त वर्ष में मारिको की कमाई 76 करोड़ डॉलर से कुछ अधिक और अमूल की कमाई करीब 74.4 अरब डॉलर रही. रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दौरान पतंजलि आयुर्वेद के प्रदर्शन का कोई जवाब नहीं रहा. इस कंपनी ने 146.31 प्रतिशत की वृद्धि के साथ पिछले वित्त वर्ष में करीब 77 करोड़ डॉलर की वृद्धि दर्ज की. टिप्पणियां
इसके उलट पिछले वित्त वर्ष में हिंदुस्तान यूनीलीवर की आमदानी 4.9 अरब डॉलर से कुछ अधिक रही. प्रॉक्टर एंड गैंबल हाइजीन एंड हेल्थ केयर लिमीटेड की कमाई 38.2 करोड़ डॉलर रही. ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन कंज्यूमर हेल्डकेयर लिमीटेड की आमदनी 66.3 करोड़ डॉलर थी. कॉलगेट-पामोलिव (इंडिया) तथा जिलेट की आय इसी दौरान क्रमश: 64 करोड़ और 32.16 करोड़ डॉलर थी. इसी दौरान नेस्ले और पेप्सिको ने क्रमश: करीब 1.26 अरब डॉलर और 1.25 अरब डॉलर का की आय दर्ज की.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसके उलट पिछले वित्त वर्ष में हिंदुस्तान यूनीलीवर की आमदानी 4.9 अरब डॉलर से कुछ अधिक रही. प्रॉक्टर एंड गैंबल हाइजीन एंड हेल्थ केयर लिमीटेड की कमाई 38.2 करोड़ डॉलर रही. ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन कंज्यूमर हेल्डकेयर लिमीटेड की आमदनी 66.3 करोड़ डॉलर थी. कॉलगेट-पामोलिव (इंडिया) तथा जिलेट की आय इसी दौरान क्रमश: 64 करोड़ और 32.16 करोड़ डॉलर थी. इसी दौरान नेस्ले और पेप्सिको ने क्रमश: करीब 1.26 अरब डॉलर और 1.25 अरब डॉलर का की आय दर्ज की.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: सात प्रमुख कंपनियों की आय विदेशी प्रतिस्पर्धियों से अच्छी रही: रिपोर्ट
पतंजलि आयुर्वेद के प्रदर्शन का कोई जवाब नहीं : एसोचैम-टेकस्की की रिपोर्ट
पतंजलि सहित सात प्रमुख कंपनियों की कुल आय 738 अरब रुपये रही | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजार सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिवस शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुए। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 156.06 अंक लुढ़ककर 19,135.96 पर जबकि निफ्टी सूचकांक 35.95 अंक गिरकर 5749.50 पर बंद हुआ। इससे पहले शुक्रवार सुबह बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक 0.55 अंक की मामूली बढ़त के साथ 19292.57 पर जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी सूचकांक 2.95 अंकों की गिरावट के साथ 5782.50 पर खुला। सेंसेक्स ने 19356.50 के ऊपरी और 19015.05 के निचले स्तर तक कारोबार किया। इसी तरह निफ्टी ने 5804.30 के ऊपरी और 5706.05 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के सभी सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई। पूंजीगत वस्तु (2.72 फीसदी), रियल्टी (2.66 फीसदी), बैंकिंग (1.76 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.30) सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स में शामिल 30 में से केवल नौ कम्पनियों के शेयरों में तेजी जबकि बाकी में गिरावट दर्ज की गई। हिन्दुस्तान यूनिलीवर (2.24 फीसदी), मारुति सुजुकी (1.27 फीसदी), आरआईएल (0.83 फीसदी), हीरो होंडा (0.80 फीसदी) और विप्रो (0.79 फीसदी) के शेयरों में सबसे अधिक तेजी दर्ज की गई। एल एंड टी (3.87 फीसदी), जिंदल स्टील (3.57 फीसदी), ओएनजीसी (2.79 फीसदी), जयप्रकाश एसोसिएट्स (2.57 फीसदी), डीएलएफ (2.37 फीसदी) और भारती एयरटेल (2.06 फीसदी) के शेयरों में दो फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट देखा गया। मिडकैप 74.19 अंक लुढ़कर 7094.26 पर जबकि स्मॉलकैप 138.77 अंक गिरकर 8715.31 पर बंद हुआ। बीएसई में कारोबार का रुख नकारात्मक रहा। कुल 1960 कम्पनियों के शेयरों में गिरावट जबकि 940 कम्पनियों के शेयरों में तेजी का रुख देखा गया। | यहाँ एक सारांश है:प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 156.06 अंक लुढ़ककर 19,135.96 पर जबकि निफ्टी सूचकांक 35.95 अंक गिरकर 5749.50 पर बंद हुआ। | 4 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अयोध्या जमीन विवाद (Ayodhya Land Dispute Case) मामले में Supreme Court में गुरुवार को 27वें दिन की सुनवाई हुई. इस दौरान मुस्लिम पक्षकार की ओर से राजीव धवन ने कहा कि रामचबूतरा ही राम का जन्म स्थान था न कि गुम्बद. 1855 में हिन्दू-मुसलमानों के बीच दंगे फसाद होने के बाद अंग्रेजों ने विवादित ढांचे में रेलिंग बना दी थी. इस बात के कोई सबूत नहीं मिले हैं कि हिन्दू गुम्बद के नीचे ही पूजा करते थे. इन्हीं दलीलों के साथ धवन ने कोर्ट में दिए गए रामसूरत तिवारी के बयान को ढुलमुल बताते हुए कहा कि 1995 में तिवारी ने 1935 में की गई अपनी पहली राम जन्मभूमि यात्रा के बारे में बताते हुए गर्भगृह में रामलला की तस्वीर और मूर्ति के दर्शन करने की बात कही थी, लेकिन जिरह में वो ये नहीं बता पाए कि वो किस दरवाजे से अंदर घुसे थे? यानी उनका बयान तथ्य पर आधारित नहीं है.
सुनवाई के दौरान जस्टिस भूषण ने कहा कि हाईकोर्ट ने अपने फैसले में तिवारी के बयान पर भरोसा किया है तो आपके उस पर भरोसा नहीं करने का क्या तर्क है? इस पर धवन ने कहा कि मैं तो सिर्फ बयान के हवाले से बता रहा हूं, आप तो काफी आक्रामक हो गए! इस पर रामलला के वकील वैद्यनाथन ने कहा कि 1855 में हिन्दू-मुस्लिम तनाव, धवन का ये बर्ताव दुर्भाग्यपूर्ण है. इस पर जस्टिस चंद्रचूड़ ने फिर धवन को जस्टिस भूषण के सवाल का जवाब देने को कहा. इसके बाद धवन ने अपने अंदाज और जवाब पर सफाई देते हुए माफी मांग ली. | संक्षिप्त पाठ: सुप्रीम कोर्ट में चल रही है अयोध्या मामले की सुनवाई
गुरुवार को 27वें दिन इस मामले पर सुनवाई हुई
इस दौरान पक्षकारों ने कोर्ट के सामने अपने पक्ष रखे | 30 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय रिजर्व बैंक के गर्वनर रघुराम राजन को महज 18 दिन बचे हैं, लेकिन वित्तमंत्री अरुण जेटली का कहना है कि इस केंद्रीय बैंक के प्रमुख की नियुक्ति को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है.
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पूर्व मुख्य सलाहकार राजन ने जून में ही घोषणा कर दी थी कि वह आरबीआई गवर्नर पद पर दूसरा कार्यकाल नहीं लेने जा रहे, ऐसे में उम्मीद है कि नरेंद्र मोदी सरकार के वरिष्ठ मंत्री जेटली, जल्द ही इस पद पर नियुक्ति की घोषणा कर सकते हैं. हालांकि जब पत्रकारों ने उनसे इस बाबत पूछा तो उन्होंने कहा, 'इस बारे में फैसला होने पर हम आपको बता देंगे.' पीएम मोदी के साथ बैठक से लौटने पर वित्तमंत्री ने पत्रकारों से कहा, 'आपको जल्द ही निष्कर्ष का पता चल जाएगा, प्रक्रिया का नहीं.'
रघुराम राजन का तीन वर्षों का कार्यकाल 4 सितंबर को खत्म हो रहा है. निवेशकों के बीच राजन की छवि रॉक-स्टार की है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के इस पूर्व मुख्य अर्थशास्त्री ने 2008 की आर्थिक मंदी की भविष्यवाणी काफी पहले ही कर दी थी. ऐसे में सरकार राजन के उत्तराधिकारी के चयन में खासी माथा-पच्ची कर रही है, ताकि निवेशकों का भरोसा बरकरार रहे.
सूत्रों के मुताबिक, राजन के उत्तराधिकारी के रूप में जिन नामों को शॉर्टलिस्ट किया गया है, उनमें विश्व बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री कौशिक बासु, रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर उर्जित पटेल, पूर्व डिप्टी गवर्नर सुबीर गोकर्ण और भारतीय स्टेट बैंक की अध्यक्ष अरुंधति भट्टाचार्य का नाम है.
सूत्रों के अनुसार कौशिक बासु का विश्व बैंक के साथ कार्यकाल 31 जुलाई को खत्म हो रहा है और वे रिजर्व बैंक के गवर्नर के पद के लिए मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं. हालांकि इसमें कुछ राजनीतिक दिक्कतें भी पेश आ सकती हैं, जैसे कौशिक बासु ने पिछली यूपीए सरकार के लिए मुख्य आर्थिक सलाहकार के तौर पर काम किया है और वे नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन के मार्गदर्शन में अध्ययन कर चुके हैं. बता दें कि 2014 के आम चुनाव में अमर्त्य सेन ने प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी का विरोध किया था.
वहीं रिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर राकेश मोहन भी इस दौड़ में शामिल रहे हैं. हालांकि उनके करीबी सूत्रों के अनुसार वे खुद गवर्नर के पद के लिए अनिच्छुक हैं. 68 वर्षीय मोहन गवर्नर पद की दौड़ में सबसे बुजुर्ग व्यक्ति हैं। वे हाल ही में येले यूनिवर्सिटी में पद लेने के लिए अमेरिका जा चुके हैं.
वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय जल्द ही इस बाबत फैसले की घोषणा कर सकता है. हालांकि फिलहाल इस बात की संभावना कम ही है कि पीएम मोदी जेटली के प्रस्तावित नाम को ही मंजूर करेंगे.टिप्पणियां
यहां इतना जरूर है कि रघुराम राजन के बाद गवर्नर के पद पर चाहे जो भी आए मुद्रास्फिति पर नियंत्रण पाने के लिए उस पर निवेशकों की कड़ी नजर रहेगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पूर्व मुख्य सलाहकार राजन ने जून में ही घोषणा कर दी थी कि वह आरबीआई गवर्नर पद पर दूसरा कार्यकाल नहीं लेने जा रहे, ऐसे में उम्मीद है कि नरेंद्र मोदी सरकार के वरिष्ठ मंत्री जेटली, जल्द ही इस पद पर नियुक्ति की घोषणा कर सकते हैं. हालांकि जब पत्रकारों ने उनसे इस बाबत पूछा तो उन्होंने कहा, 'इस बारे में फैसला होने पर हम आपको बता देंगे.' पीएम मोदी के साथ बैठक से लौटने पर वित्तमंत्री ने पत्रकारों से कहा, 'आपको जल्द ही निष्कर्ष का पता चल जाएगा, प्रक्रिया का नहीं.'
रघुराम राजन का तीन वर्षों का कार्यकाल 4 सितंबर को खत्म हो रहा है. निवेशकों के बीच राजन की छवि रॉक-स्टार की है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के इस पूर्व मुख्य अर्थशास्त्री ने 2008 की आर्थिक मंदी की भविष्यवाणी काफी पहले ही कर दी थी. ऐसे में सरकार राजन के उत्तराधिकारी के चयन में खासी माथा-पच्ची कर रही है, ताकि निवेशकों का भरोसा बरकरार रहे.
सूत्रों के मुताबिक, राजन के उत्तराधिकारी के रूप में जिन नामों को शॉर्टलिस्ट किया गया है, उनमें विश्व बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री कौशिक बासु, रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर उर्जित पटेल, पूर्व डिप्टी गवर्नर सुबीर गोकर्ण और भारतीय स्टेट बैंक की अध्यक्ष अरुंधति भट्टाचार्य का नाम है.
सूत्रों के अनुसार कौशिक बासु का विश्व बैंक के साथ कार्यकाल 31 जुलाई को खत्म हो रहा है और वे रिजर्व बैंक के गवर्नर के पद के लिए मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं. हालांकि इसमें कुछ राजनीतिक दिक्कतें भी पेश आ सकती हैं, जैसे कौशिक बासु ने पिछली यूपीए सरकार के लिए मुख्य आर्थिक सलाहकार के तौर पर काम किया है और वे नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन के मार्गदर्शन में अध्ययन कर चुके हैं. बता दें कि 2014 के आम चुनाव में अमर्त्य सेन ने प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी का विरोध किया था.
वहीं रिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर राकेश मोहन भी इस दौड़ में शामिल रहे हैं. हालांकि उनके करीबी सूत्रों के अनुसार वे खुद गवर्नर के पद के लिए अनिच्छुक हैं. 68 वर्षीय मोहन गवर्नर पद की दौड़ में सबसे बुजुर्ग व्यक्ति हैं। वे हाल ही में येले यूनिवर्सिटी में पद लेने के लिए अमेरिका जा चुके हैं.
वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय जल्द ही इस बाबत फैसले की घोषणा कर सकता है. हालांकि फिलहाल इस बात की संभावना कम ही है कि पीएम मोदी जेटली के प्रस्तावित नाम को ही मंजूर करेंगे.टिप्पणियां
यहां इतना जरूर है कि रघुराम राजन के बाद गवर्नर के पद पर चाहे जो भी आए मुद्रास्फिति पर नियंत्रण पाने के लिए उस पर निवेशकों की कड़ी नजर रहेगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रघुराम राजन का तीन वर्षों का कार्यकाल 4 सितंबर को खत्म हो रहा है. निवेशकों के बीच राजन की छवि रॉक-स्टार की है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के इस पूर्व मुख्य अर्थशास्त्री ने 2008 की आर्थिक मंदी की भविष्यवाणी काफी पहले ही कर दी थी. ऐसे में सरकार राजन के उत्तराधिकारी के चयन में खासी माथा-पच्ची कर रही है, ताकि निवेशकों का भरोसा बरकरार रहे.
सूत्रों के मुताबिक, राजन के उत्तराधिकारी के रूप में जिन नामों को शॉर्टलिस्ट किया गया है, उनमें विश्व बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री कौशिक बासु, रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर उर्जित पटेल, पूर्व डिप्टी गवर्नर सुबीर गोकर्ण और भारतीय स्टेट बैंक की अध्यक्ष अरुंधति भट्टाचार्य का नाम है.
सूत्रों के अनुसार कौशिक बासु का विश्व बैंक के साथ कार्यकाल 31 जुलाई को खत्म हो रहा है और वे रिजर्व बैंक के गवर्नर के पद के लिए मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं. हालांकि इसमें कुछ राजनीतिक दिक्कतें भी पेश आ सकती हैं, जैसे कौशिक बासु ने पिछली यूपीए सरकार के लिए मुख्य आर्थिक सलाहकार के तौर पर काम किया है और वे नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन के मार्गदर्शन में अध्ययन कर चुके हैं. बता दें कि 2014 के आम चुनाव में अमर्त्य सेन ने प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी का विरोध किया था.
वहीं रिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर राकेश मोहन भी इस दौड़ में शामिल रहे हैं. हालांकि उनके करीबी सूत्रों के अनुसार वे खुद गवर्नर के पद के लिए अनिच्छुक हैं. 68 वर्षीय मोहन गवर्नर पद की दौड़ में सबसे बुजुर्ग व्यक्ति हैं। वे हाल ही में येले यूनिवर्सिटी में पद लेने के लिए अमेरिका जा चुके हैं.
वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय जल्द ही इस बाबत फैसले की घोषणा कर सकता है. हालांकि फिलहाल इस बात की संभावना कम ही है कि पीएम मोदी जेटली के प्रस्तावित नाम को ही मंजूर करेंगे.टिप्पणियां
यहां इतना जरूर है कि रघुराम राजन के बाद गवर्नर के पद पर चाहे जो भी आए मुद्रास्फिति पर नियंत्रण पाने के लिए उस पर निवेशकों की कड़ी नजर रहेगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सूत्रों के मुताबिक, राजन के उत्तराधिकारी के रूप में जिन नामों को शॉर्टलिस्ट किया गया है, उनमें विश्व बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री कौशिक बासु, रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर उर्जित पटेल, पूर्व डिप्टी गवर्नर सुबीर गोकर्ण और भारतीय स्टेट बैंक की अध्यक्ष अरुंधति भट्टाचार्य का नाम है.
सूत्रों के अनुसार कौशिक बासु का विश्व बैंक के साथ कार्यकाल 31 जुलाई को खत्म हो रहा है और वे रिजर्व बैंक के गवर्नर के पद के लिए मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं. हालांकि इसमें कुछ राजनीतिक दिक्कतें भी पेश आ सकती हैं, जैसे कौशिक बासु ने पिछली यूपीए सरकार के लिए मुख्य आर्थिक सलाहकार के तौर पर काम किया है और वे नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन के मार्गदर्शन में अध्ययन कर चुके हैं. बता दें कि 2014 के आम चुनाव में अमर्त्य सेन ने प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी का विरोध किया था.
वहीं रिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर राकेश मोहन भी इस दौड़ में शामिल रहे हैं. हालांकि उनके करीबी सूत्रों के अनुसार वे खुद गवर्नर के पद के लिए अनिच्छुक हैं. 68 वर्षीय मोहन गवर्नर पद की दौड़ में सबसे बुजुर्ग व्यक्ति हैं। वे हाल ही में येले यूनिवर्सिटी में पद लेने के लिए अमेरिका जा चुके हैं.
वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय जल्द ही इस बाबत फैसले की घोषणा कर सकता है. हालांकि फिलहाल इस बात की संभावना कम ही है कि पीएम मोदी जेटली के प्रस्तावित नाम को ही मंजूर करेंगे.टिप्पणियां
यहां इतना जरूर है कि रघुराम राजन के बाद गवर्नर के पद पर चाहे जो भी आए मुद्रास्फिति पर नियंत्रण पाने के लिए उस पर निवेशकों की कड़ी नजर रहेगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सूत्रों के अनुसार कौशिक बासु का विश्व बैंक के साथ कार्यकाल 31 जुलाई को खत्म हो रहा है और वे रिजर्व बैंक के गवर्नर के पद के लिए मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं. हालांकि इसमें कुछ राजनीतिक दिक्कतें भी पेश आ सकती हैं, जैसे कौशिक बासु ने पिछली यूपीए सरकार के लिए मुख्य आर्थिक सलाहकार के तौर पर काम किया है और वे नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन के मार्गदर्शन में अध्ययन कर चुके हैं. बता दें कि 2014 के आम चुनाव में अमर्त्य सेन ने प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी का विरोध किया था.
वहीं रिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर राकेश मोहन भी इस दौड़ में शामिल रहे हैं. हालांकि उनके करीबी सूत्रों के अनुसार वे खुद गवर्नर के पद के लिए अनिच्छुक हैं. 68 वर्षीय मोहन गवर्नर पद की दौड़ में सबसे बुजुर्ग व्यक्ति हैं। वे हाल ही में येले यूनिवर्सिटी में पद लेने के लिए अमेरिका जा चुके हैं.
वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय जल्द ही इस बाबत फैसले की घोषणा कर सकता है. हालांकि फिलहाल इस बात की संभावना कम ही है कि पीएम मोदी जेटली के प्रस्तावित नाम को ही मंजूर करेंगे.टिप्पणियां
यहां इतना जरूर है कि रघुराम राजन के बाद गवर्नर के पद पर चाहे जो भी आए मुद्रास्फिति पर नियंत्रण पाने के लिए उस पर निवेशकों की कड़ी नजर रहेगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वहीं रिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर राकेश मोहन भी इस दौड़ में शामिल रहे हैं. हालांकि उनके करीबी सूत्रों के अनुसार वे खुद गवर्नर के पद के लिए अनिच्छुक हैं. 68 वर्षीय मोहन गवर्नर पद की दौड़ में सबसे बुजुर्ग व्यक्ति हैं। वे हाल ही में येले यूनिवर्सिटी में पद लेने के लिए अमेरिका जा चुके हैं.
वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय जल्द ही इस बाबत फैसले की घोषणा कर सकता है. हालांकि फिलहाल इस बात की संभावना कम ही है कि पीएम मोदी जेटली के प्रस्तावित नाम को ही मंजूर करेंगे.टिप्पणियां
यहां इतना जरूर है कि रघुराम राजन के बाद गवर्नर के पद पर चाहे जो भी आए मुद्रास्फिति पर नियंत्रण पाने के लिए उस पर निवेशकों की कड़ी नजर रहेगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय जल्द ही इस बाबत फैसले की घोषणा कर सकता है. हालांकि फिलहाल इस बात की संभावना कम ही है कि पीएम मोदी जेटली के प्रस्तावित नाम को ही मंजूर करेंगे.टिप्पणियां
यहां इतना जरूर है कि रघुराम राजन के बाद गवर्नर के पद पर चाहे जो भी आए मुद्रास्फिति पर नियंत्रण पाने के लिए उस पर निवेशकों की कड़ी नजर रहेगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहां इतना जरूर है कि रघुराम राजन के बाद गवर्नर के पद पर चाहे जो भी आए मुद्रास्फिति पर नियंत्रण पाने के लिए उस पर निवेशकों की कड़ी नजर रहेगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: रघुराम राजन की तीन वर्षों का कार्यकाल 4 सितंबर को समाप्त हो रहा है
राजन के उत्तराधिकारी को लेकर सरकार अब तक कोई फैसला नहीं कर पाई है
हालांकि वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा, आपको नतीजे का जल्द पता चलेगा | 3 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तराखंड के देहरादून के पास स्थित पर्वतीय त्यूनी बाजार क्षेत्र में रविवार को एक बस के टोंस नदी में गिर जाने से उसमें सवार कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई जबकि आठ अन्य लापता हैं। देहरादून के जिलाधिकारी सचिन कुर्वे ने बताया कि 15 शव निकाल लिये गए हैं जबकि 12 घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। यह दुर्घटना उस समय हुई जब कतियाल क्षेत्र से देहरादून जा रही बस के चालक ने एक तीव्र मोड़ पर वाहन से अपना नियंत्रण खो दिया। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी राहत एवं अभियान की निगरानी कर रहे हैं। कुर्वे ने कहा, अभी तक बस का पता नहीं चल पाया है। टोंस यमुना की सहायक नदी है तथा त्यूनी बाजार देहरादून जिले के पहाड़ी चकराता क्षेत्र में स्थित है। आठ लापता लोगों की तलाश के लिए अभियान जारी है। कुर्वे ने कहा, फिलहाल हमारा मानना है कि अभी ऐसे आठ व्यक्ति हैं जो दुर्घटना के बाद से लापता हैं। | यहाँ एक सारांश है:उत्तराखंड के देहरादून के पास स्थित पर्वतीय त्यूनी बाजार क्षेत्र में एक बस के टोंस नदी में गिर जाने से उसमें सवार कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई। | 17 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: रियो ओलिंपिक का पहला गोल्ड मेडल अमेरिका के नाम रहा है. अमेरिका की वर्जीनिया थ्रेशर ने शनिवार को महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में यह सफलता हासिल की. रियो ओलिंपिक की पदक तालिका..
19 साल की थ्रेशर ने डियोडोरो शूटिंग वेरन्यू में अपनी भावनाओं को बखूबी नियंत्रण में रखा और फाइनल शॉट में चीन की डू ली को पीछे छोड़ा. अमेरिका शूटर ने 208 प्वाइंटर हासिल किया, यह 2004 के एथेंस ओलिंपिक की चैंपियन चीन की शूटर से एक अंक बेहतर था. मुकाबले का ब्रांज मेडल गत चैंपियन चीन की यी सिलिंग ने जीता.टिप्पणियां
इससे पहले भारतीय निशानेबाज अपूर्वी चंदेला और आयोनिका पाल इस इवेंट में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाईं और बुरी तरह पिछड़ते हुए बाहर हो गईं. अपूर्वी ने 411.6 अंक जुटाए और वह 51 प्रतिस्पर्धियों में 34वें स्थान पर रही. अयोनिका ने 403 अंक के साथ 47वां स्थान हासिल किया. चीन की डू ली क्वालीफिकेशन में 420.7 अंक के ओलिंपिक रिकॉर्ड के साथ शीर्ष पर रहीं. जर्मनी की बारबरा एंगलेडर, ईरान ही इलाही अहमादी, रूस की दारिया दोविना, अमेरिका की वर्जीनिया थ्रेशर और सारा शेरर, पोलैंड की जेजाना पेचिक और चीन की सिलिंग यी भी फाइनल में जगह बनाने में सफल रही थीं.
19 साल की थ्रेशर ने डियोडोरो शूटिंग वेरन्यू में अपनी भावनाओं को बखूबी नियंत्रण में रखा और फाइनल शॉट में चीन की डू ली को पीछे छोड़ा. अमेरिका शूटर ने 208 प्वाइंटर हासिल किया, यह 2004 के एथेंस ओलिंपिक की चैंपियन चीन की शूटर से एक अंक बेहतर था. मुकाबले का ब्रांज मेडल गत चैंपियन चीन की यी सिलिंग ने जीता.टिप्पणियां
इससे पहले भारतीय निशानेबाज अपूर्वी चंदेला और आयोनिका पाल इस इवेंट में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाईं और बुरी तरह पिछड़ते हुए बाहर हो गईं. अपूर्वी ने 411.6 अंक जुटाए और वह 51 प्रतिस्पर्धियों में 34वें स्थान पर रही. अयोनिका ने 403 अंक के साथ 47वां स्थान हासिल किया. चीन की डू ली क्वालीफिकेशन में 420.7 अंक के ओलिंपिक रिकॉर्ड के साथ शीर्ष पर रहीं. जर्मनी की बारबरा एंगलेडर, ईरान ही इलाही अहमादी, रूस की दारिया दोविना, अमेरिका की वर्जीनिया थ्रेशर और सारा शेरर, पोलैंड की जेजाना पेचिक और चीन की सिलिंग यी भी फाइनल में जगह बनाने में सफल रही थीं.
इससे पहले भारतीय निशानेबाज अपूर्वी चंदेला और आयोनिका पाल इस इवेंट में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाईं और बुरी तरह पिछड़ते हुए बाहर हो गईं. अपूर्वी ने 411.6 अंक जुटाए और वह 51 प्रतिस्पर्धियों में 34वें स्थान पर रही. अयोनिका ने 403 अंक के साथ 47वां स्थान हासिल किया. चीन की डू ली क्वालीफिकेशन में 420.7 अंक के ओलिंपिक रिकॉर्ड के साथ शीर्ष पर रहीं. जर्मनी की बारबरा एंगलेडर, ईरान ही इलाही अहमादी, रूस की दारिया दोविना, अमेरिका की वर्जीनिया थ्रेशर और सारा शेरर, पोलैंड की जेजाना पेचिक और चीन की सिलिंग यी भी फाइनल में जगह बनाने में सफल रही थीं. | संक्षिप्त सारांश: थ्रेशर ने कड़े मुकाबले में चीन की डू ली को पीछे छोड़ा
इवेंट का ब्रांज मेडल चीन की ही यी सिलिंग ने जीता
भारत की अपूर्वी और आयोनिका ने किया निराश | 8 | ['hin'] |
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