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एक सारांश बनाओ: रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव ने बुधवार को कहा कि मौजूदा कानून देश में इस्लामिक बैंकिंग की अनुमति नहीं देता लेकिन उपयुक्त कानून के जरिये इस महत्वपूर्ण कारोबार मॉडल के लिए स्थान बन सकता है। कश्मीर यूनिवर्सिटी के बिजनेस स्कूल के छात्रों के साथ बातचीत में उन्होंने कहा, ‘‘हमारे बैंकिंग कानून के तहत बिना ब्याज के बैंकों के लिए काम करना संभव नहीं है। हर शाम अगर बैंकों को पैसे की कमी होती है, वे रिजर्व बैंक से कर्ज लेते हैं जिसके लिए उन्हें ब्याज देना होता है।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘इस्लामिक बैंकिंग प्रणाली के तहत वे ऐसा नहीं कर सकते।’’ सुब्बाराव ने कहा कि हालांकि मौजूदा कानून इस्लामिक बैंकिंग के अनुरूप नहीं है लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि इसकी कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को इस मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए। उन्हें इस्लामिक बैंकिंग के बारे में निर्णय करना चाहिए और उसके अनुसार कानून बनाने चाहिए। रिजर्व बैंक उसे क्रियान्वित करेगा।’’ सुब्बाराव ने यह भी कहा कि इस्लामिक बैंकिंग महत्वूर्ण कारोबार मॉडल है और कई देशों में यह लोकप्रिय है। कश्मीर यूनिवर्सिटी के बिजनेस स्कूल के छात्रों के साथ बातचीत में उन्होंने कहा, ‘‘हमारे बैंकिंग कानून के तहत बिना ब्याज के बैंकों के लिए काम करना संभव नहीं है। हर शाम अगर बैंकों को पैसे की कमी होती है, वे रिजर्व बैंक से कर्ज लेते हैं जिसके लिए उन्हें ब्याज देना होता है।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘इस्लामिक बैंकिंग प्रणाली के तहत वे ऐसा नहीं कर सकते।’’ सुब्बाराव ने कहा कि हालांकि मौजूदा कानून इस्लामिक बैंकिंग के अनुरूप नहीं है लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि इसकी कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को इस मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए। उन्हें इस्लामिक बैंकिंग के बारे में निर्णय करना चाहिए और उसके अनुसार कानून बनाने चाहिए। रिजर्व बैंक उसे क्रियान्वित करेगा।’’ सुब्बाराव ने यह भी कहा कि इस्लामिक बैंकिंग महत्वूर्ण कारोबार मॉडल है और कई देशों में यह लोकप्रिय है। उन्होंने कहा, ‘‘इस्लामिक बैंकिंग प्रणाली के तहत वे ऐसा नहीं कर सकते।’’ सुब्बाराव ने कहा कि हालांकि मौजूदा कानून इस्लामिक बैंकिंग के अनुरूप नहीं है लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि इसकी कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को इस मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए। उन्हें इस्लामिक बैंकिंग के बारे में निर्णय करना चाहिए और उसके अनुसार कानून बनाने चाहिए। रिजर्व बैंक उसे क्रियान्वित करेगा।’’ सुब्बाराव ने यह भी कहा कि इस्लामिक बैंकिंग महत्वूर्ण कारोबार मॉडल है और कई देशों में यह लोकप्रिय है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को इस मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए। उन्हें इस्लामिक बैंकिंग के बारे में निर्णय करना चाहिए और उसके अनुसार कानून बनाने चाहिए। रिजर्व बैंक उसे क्रियान्वित करेगा।’’ सुब्बाराव ने यह भी कहा कि इस्लामिक बैंकिंग महत्वूर्ण कारोबार मॉडल है और कई देशों में यह लोकप्रिय है।
यह एक सारांश है: रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव ने बुधवार को कहा कि मौजूदा कानून देश में इस्लामिक बैंकिंग की अनुमति नहीं देता लेकिन उपयुक्त कानून के जरिये इस महत्वपूर्ण कारोबार मॉडल के लिए स्थान बन सकता है।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में मंगलवार को दोपहर के कारोबार में तेजी के बीच प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 16 हजार की सीमा से ऊपर कारोबार करता देखा गया। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 278.56 अंकों की तेजी के साथ 16,093.28 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 83.90 अंकों की तेजी के साथ 4,826.70 पर कारोबार करते देखे गए। इस दौरान बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 99.43 अंकों और स्मॉलकैप 140.21 अंकों की तेजी के साथ कारोबार करते देखे गए। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 278.56 अंकों की तेजी के साथ 16,093.28 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 83.90 अंकों की तेजी के साथ 4,826.70 पर कारोबार करते देखे गए। इस दौरान बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 99.43 अंकों और स्मॉलकैप 140.21 अंकों की तेजी के साथ कारोबार करते देखे गए।
सारांश: देश के शेयर बाजारों में मंगलवार को दोपहर के कारोबार में तेजी के बीच प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 16 हजार की सीमा से ऊपर कारोबार करता देखा गया।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: A post shared by Nirahua (@dineshlalyadav) on Mar 20, 2019 at 8:40pm PDT   निरहुआ (Nirahua) के इस वीडियो को लोग खूब देख रहे हैं. निरहुआ वैसे भी अपने डांस और गानों से भोजपुरी सिनेमा में छाए रहते हैं. लेकिन इस बार उनका कुछ हटके अंदाज नजर आया है. इस वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि दिनेश लाल यादव (Dinesh Lal Yadav) अपने डांस से गरदा उड़ा रहे हैं. निरहुआ के इस वीडियो पर लोग खूब प्रतिक्रियाएं भी दे रहे हैं. होली के मौके पर निरहुआ का यह अंदाज सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है.     बीते दिनों निरहुआ (Nirahua) और आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey) के होली सॉन्ग वीडियो ने खूब धमाल मचाया था. उनका वीडियो यूट्यूब पर भी ट्रेंड कर रहा था. बता दें कि भोजपुरी एक्टर दिनेश लाल यादव (Dinesh Lal Yadav) उर्फ निरहुआ (Nirahua) ज्यादातर देशभक्ति आधारित फिल्में ही करते हैं. पिछले साल भी इसी दौरान निरहुआ की फिल्म 'बॉर्डर' आई थी, जो बॉक्स ऑफिस पर सुपर डुपर हिट हुई थी.
यहाँ एक सारांश है:होली पर निरहुआ ने मचाया धमाल उनका डांस वीडियो खूब देखा जा रहा है होली के रंग में डूबे नजर आए निरहुआ
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय वायुसेना की 27 वषीय फ्लाइट लेफ्टिनेंट निवेदिता ने 8848 मीटर पर स्थित विश्व की सबसे ऊंची पर्वत चोटी एवरेस्ट पर चढ़कर एक नया इतिहास रच दिया। यह कारनामा करने वाली वह भारतीय वायुसेना की पहली महिला हैं। निवेदिता ने भारतीय वायुसेना के 11 महिला सदस्यीय पर्वतारोही दल के साथ अपने अभियान की शुरुआत की थी। उन्होंने अपने सह-पर्वतारोही कारपोरल राजू सिंधु (26) के साथ चार घंटे की अंतिम भीषण चढ़ाई के बाद शनिवार सुबह करीब 9 बजे एवरेस्ट पर पहुंचने में कामयाबी पाई। पिछले दो दिनों में एवरेस्ट पहुंचने वाले लोगों में पांच भारतीयों के नाम शामिल हो गए हैं। हरियाणा के युगल सुषमा और विकास कौशिक ने शुक्रवार को प्रेमलता अग्रवाल (48) के साथ एवरेस्ट पर पहुंचने में कामयाबी पाई थी। प्रेमलता एवरेस्ट फतह करने वाली सबसे उम्रदराज भारतीय महिला हैं। अभियान के लिए प्रबंध करने वाले रीमो के नेपाल कार्यालय की प्रबंधक दुर्गा भंडारी ने बताया कि शिखर तक वायुसेना की महिला अधिकारी और कारपोरल के साथ दो शेरपा भी पर्वत चोटी तक गए थे। खबरों में कहा गया है कि भारतीय वायुसेना की अन्य महिला पर्वतरोही और अपने पुरुष सहयोगियों के साथ आने वाले दिनों में एवरेस्ट तक पहुंचने का प्रयास शुरू करेंगी। वायुसेना के दल के साथ एक चिकित्सक, आठ पुरुष सहयोगी पर्वतारोही भी गए हैं। दल का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन नरेंद्र कुमार दहिया कर रहे हैं। भारतीय वायुसेना की सभी महिला पर्वतरोही पहली बार एवरेस्ट के अभियान पर निकली हैं।
संक्षिप्त पाठ: भारतीय वायुसेना की 27 वषीय फ्लाइट लेफ्टिनेंट निवेदिता ने 8848 मीटर पर स्थित विश्व की सबसे ऊंची पर्वत चोटी एवरेस्ट पर चढ़कर इतिहास रच दिया।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इंडियन बैडमिंटन लीग (आईबीएल) के पहले संस्करण का फाइनल आज हैदराबाद हॉटशॉटस और अवध वॉरियर्स टीमों के बीच खेला जाएगा। पुरस्कार राशि के लिहाज से विश्व के सबसे बड़े बैडमिंटन लीग के फाइनल में देश की दो सबसे नामी महिला खिलाड़ियों-सायना नेहवाल और पीवी सिंधु के बीच रोचक भिड़ंत देखने को मिलेगी। वॉरियर्स ने गुरुवार को बेंगलुरु के कांतिरावा स्टेडियम में खेले दूसरे सेमीफाइनल मैच में मुम्बई मास्टर्स को 3-2 से हराया। हॉटशॉट्स ने बुधवार को एकतरफा मुकाबले में पुणे पिस्टंस को 3-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई है। हॉटशॉट्स बेशक एकरतफा जीत के साथ फाइनल में पहुंचे हैं लेकिन वॉरियर्स और मास्टर्स के बीच अंतिम मैच तक भिड़ंत हुई। इस मुकाबले का फैसला मिश्रित युगल मैच के जरिए हुआ, जिसमें वॉरियर्स ने बाजी मारी। बैडमिंटन प्रेमियों को एक बार फिर सायना और सिंधु के बीच रोमांचक भिड़ंत देखने को मिलेगी। दिल्ली चरण में सायना ने सिंधु को हराया था लेकिन पहले गेम में सिंधु ने दिखाया था कि क्यों उन्हें सायना का असल उत्तराधिकारी कहा जाता है। दूसरे गेम में सायना ने साबित किया था कि क्यों वह देश की सबसे अच्छी बैडमिंटन स्टार हैं। सायना इस टूर्नामेंट में अब तक अजेय हैं। वह लगातार छह मैच जीत चुकी हैं और सातवीं जीत के साथ अपनी टीम को मजबूती प्रदान करना चाहेंगी। दूसरी ओर, सिंधु छह में से चार मैच ही जीत सकी हैं। सायना और बांगा बीट्स की केरोलिना मारिन के हाथों हारने के बाद सिंधु ने लगातार चार जीत हासिल की है। हॉटशॉट्स के पास पुरुष एकल के लिए अजय जयराम, महिला एकल के लिए सायना, पुरुष युगल के लिए वी शेम गोह और वाह लिम खिम, दूसरे पुरुष एकल के लिए एस तानोंगसाक और मिश्रित युगल के लिए तरुण कोना और प्राद्या गडरे के रूप में सफल जोड़ियां हैं। इनकी बदौलत ही इस टीम ने सेमीफाइनल में पिस्टंस के खिलाफ 3-0 की जीत के साथ फाइनल में जगह बनाई है। इस टीम ने पिस्टंस के खिलाफ जितने खिलाड़ियों को कोर्ट पर उतारा था, सभी ने जीत हासिल की थी। ऐसे में टीम प्रबंधन इस समीकरण को बिगाड़ना नहीं चाहेगा। इसमें सायना, जयराम और तानोंगसाक से एक बार फिर अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी।टिप्पणियां दूसरी ओर, वॉरियर्स को पुरुष एकल में के. श्रीकांत और गुरुसाई दत्त से बेहतर प्रदर्शन की आस होगी। ये दोनों खिलाड़ी मास्टर्स के खिलाफ नाकाम रहे थे। महिला एकल में सिंधु जीत का क्रम जारी रखना चाहेंगी। जहां तक पुरुष युगल की बात है तो मार्किस किडो और मथायस बोए की जोड़ी हॉटशॉट्स पर भारी पड़ सकती है। यह जोड़ी अब तक एक ही मैच हारी है और इसने हॉटशॉट्स के खिलाफ गोह और लिम को भी हराया था। मुम्बई और देशभर के बैडमिंटन प्रेमी इन दो स्तरीय टीम के बीच रोमांचक भिड़ंत की उम्मीद कर रहे हैं। ऐसी उम्मीद है कि सायना की टीम अपनी श्रेष्ठता साबित करने के लिए एक बार फिर पहले सेमीफाइनल जैसे प्रदर्शन को दोहराने का प्रयास करेगी, लेकिन सिंधु के नेतृत्व में वॉरियर्स के खिलाड़ी उसे श्रेष्ठता कायम करने से रोकने का भरसक प्रयास करेंगे। वॉरियर्स ने गुरुवार को बेंगलुरु के कांतिरावा स्टेडियम में खेले दूसरे सेमीफाइनल मैच में मुम्बई मास्टर्स को 3-2 से हराया। हॉटशॉट्स ने बुधवार को एकतरफा मुकाबले में पुणे पिस्टंस को 3-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई है। हॉटशॉट्स बेशक एकरतफा जीत के साथ फाइनल में पहुंचे हैं लेकिन वॉरियर्स और मास्टर्स के बीच अंतिम मैच तक भिड़ंत हुई। इस मुकाबले का फैसला मिश्रित युगल मैच के जरिए हुआ, जिसमें वॉरियर्स ने बाजी मारी। बैडमिंटन प्रेमियों को एक बार फिर सायना और सिंधु के बीच रोमांचक भिड़ंत देखने को मिलेगी। दिल्ली चरण में सायना ने सिंधु को हराया था लेकिन पहले गेम में सिंधु ने दिखाया था कि क्यों उन्हें सायना का असल उत्तराधिकारी कहा जाता है। दूसरे गेम में सायना ने साबित किया था कि क्यों वह देश की सबसे अच्छी बैडमिंटन स्टार हैं। सायना इस टूर्नामेंट में अब तक अजेय हैं। वह लगातार छह मैच जीत चुकी हैं और सातवीं जीत के साथ अपनी टीम को मजबूती प्रदान करना चाहेंगी। दूसरी ओर, सिंधु छह में से चार मैच ही जीत सकी हैं। सायना और बांगा बीट्स की केरोलिना मारिन के हाथों हारने के बाद सिंधु ने लगातार चार जीत हासिल की है। हॉटशॉट्स के पास पुरुष एकल के लिए अजय जयराम, महिला एकल के लिए सायना, पुरुष युगल के लिए वी शेम गोह और वाह लिम खिम, दूसरे पुरुष एकल के लिए एस तानोंगसाक और मिश्रित युगल के लिए तरुण कोना और प्राद्या गडरे के रूप में सफल जोड़ियां हैं। इनकी बदौलत ही इस टीम ने सेमीफाइनल में पिस्टंस के खिलाफ 3-0 की जीत के साथ फाइनल में जगह बनाई है। इस टीम ने पिस्टंस के खिलाफ जितने खिलाड़ियों को कोर्ट पर उतारा था, सभी ने जीत हासिल की थी। ऐसे में टीम प्रबंधन इस समीकरण को बिगाड़ना नहीं चाहेगा। इसमें सायना, जयराम और तानोंगसाक से एक बार फिर अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी।टिप्पणियां दूसरी ओर, वॉरियर्स को पुरुष एकल में के. श्रीकांत और गुरुसाई दत्त से बेहतर प्रदर्शन की आस होगी। ये दोनों खिलाड़ी मास्टर्स के खिलाफ नाकाम रहे थे। महिला एकल में सिंधु जीत का क्रम जारी रखना चाहेंगी। जहां तक पुरुष युगल की बात है तो मार्किस किडो और मथायस बोए की जोड़ी हॉटशॉट्स पर भारी पड़ सकती है। यह जोड़ी अब तक एक ही मैच हारी है और इसने हॉटशॉट्स के खिलाफ गोह और लिम को भी हराया था। मुम्बई और देशभर के बैडमिंटन प्रेमी इन दो स्तरीय टीम के बीच रोमांचक भिड़ंत की उम्मीद कर रहे हैं। ऐसी उम्मीद है कि सायना की टीम अपनी श्रेष्ठता साबित करने के लिए एक बार फिर पहले सेमीफाइनल जैसे प्रदर्शन को दोहराने का प्रयास करेगी, लेकिन सिंधु के नेतृत्व में वॉरियर्स के खिलाड़ी उसे श्रेष्ठता कायम करने से रोकने का भरसक प्रयास करेंगे। हॉटशॉट्स बेशक एकरतफा जीत के साथ फाइनल में पहुंचे हैं लेकिन वॉरियर्स और मास्टर्स के बीच अंतिम मैच तक भिड़ंत हुई। इस मुकाबले का फैसला मिश्रित युगल मैच के जरिए हुआ, जिसमें वॉरियर्स ने बाजी मारी। बैडमिंटन प्रेमियों को एक बार फिर सायना और सिंधु के बीच रोमांचक भिड़ंत देखने को मिलेगी। दिल्ली चरण में सायना ने सिंधु को हराया था लेकिन पहले गेम में सिंधु ने दिखाया था कि क्यों उन्हें सायना का असल उत्तराधिकारी कहा जाता है। दूसरे गेम में सायना ने साबित किया था कि क्यों वह देश की सबसे अच्छी बैडमिंटन स्टार हैं। सायना इस टूर्नामेंट में अब तक अजेय हैं। वह लगातार छह मैच जीत चुकी हैं और सातवीं जीत के साथ अपनी टीम को मजबूती प्रदान करना चाहेंगी। दूसरी ओर, सिंधु छह में से चार मैच ही जीत सकी हैं। सायना और बांगा बीट्स की केरोलिना मारिन के हाथों हारने के बाद सिंधु ने लगातार चार जीत हासिल की है। हॉटशॉट्स के पास पुरुष एकल के लिए अजय जयराम, महिला एकल के लिए सायना, पुरुष युगल के लिए वी शेम गोह और वाह लिम खिम, दूसरे पुरुष एकल के लिए एस तानोंगसाक और मिश्रित युगल के लिए तरुण कोना और प्राद्या गडरे के रूप में सफल जोड़ियां हैं। इनकी बदौलत ही इस टीम ने सेमीफाइनल में पिस्टंस के खिलाफ 3-0 की जीत के साथ फाइनल में जगह बनाई है। इस टीम ने पिस्टंस के खिलाफ जितने खिलाड़ियों को कोर्ट पर उतारा था, सभी ने जीत हासिल की थी। ऐसे में टीम प्रबंधन इस समीकरण को बिगाड़ना नहीं चाहेगा। इसमें सायना, जयराम और तानोंगसाक से एक बार फिर अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी।टिप्पणियां दूसरी ओर, वॉरियर्स को पुरुष एकल में के. श्रीकांत और गुरुसाई दत्त से बेहतर प्रदर्शन की आस होगी। ये दोनों खिलाड़ी मास्टर्स के खिलाफ नाकाम रहे थे। महिला एकल में सिंधु जीत का क्रम जारी रखना चाहेंगी। जहां तक पुरुष युगल की बात है तो मार्किस किडो और मथायस बोए की जोड़ी हॉटशॉट्स पर भारी पड़ सकती है। यह जोड़ी अब तक एक ही मैच हारी है और इसने हॉटशॉट्स के खिलाफ गोह और लिम को भी हराया था। मुम्बई और देशभर के बैडमिंटन प्रेमी इन दो स्तरीय टीम के बीच रोमांचक भिड़ंत की उम्मीद कर रहे हैं। ऐसी उम्मीद है कि सायना की टीम अपनी श्रेष्ठता साबित करने के लिए एक बार फिर पहले सेमीफाइनल जैसे प्रदर्शन को दोहराने का प्रयास करेगी, लेकिन सिंधु के नेतृत्व में वॉरियर्स के खिलाड़ी उसे श्रेष्ठता कायम करने से रोकने का भरसक प्रयास करेंगे। बैडमिंटन प्रेमियों को एक बार फिर सायना और सिंधु के बीच रोमांचक भिड़ंत देखने को मिलेगी। दिल्ली चरण में सायना ने सिंधु को हराया था लेकिन पहले गेम में सिंधु ने दिखाया था कि क्यों उन्हें सायना का असल उत्तराधिकारी कहा जाता है। दूसरे गेम में सायना ने साबित किया था कि क्यों वह देश की सबसे अच्छी बैडमिंटन स्टार हैं। सायना इस टूर्नामेंट में अब तक अजेय हैं। वह लगातार छह मैच जीत चुकी हैं और सातवीं जीत के साथ अपनी टीम को मजबूती प्रदान करना चाहेंगी। दूसरी ओर, सिंधु छह में से चार मैच ही जीत सकी हैं। सायना और बांगा बीट्स की केरोलिना मारिन के हाथों हारने के बाद सिंधु ने लगातार चार जीत हासिल की है। हॉटशॉट्स के पास पुरुष एकल के लिए अजय जयराम, महिला एकल के लिए सायना, पुरुष युगल के लिए वी शेम गोह और वाह लिम खिम, दूसरे पुरुष एकल के लिए एस तानोंगसाक और मिश्रित युगल के लिए तरुण कोना और प्राद्या गडरे के रूप में सफल जोड़ियां हैं। इनकी बदौलत ही इस टीम ने सेमीफाइनल में पिस्टंस के खिलाफ 3-0 की जीत के साथ फाइनल में जगह बनाई है। इस टीम ने पिस्टंस के खिलाफ जितने खिलाड़ियों को कोर्ट पर उतारा था, सभी ने जीत हासिल की थी। ऐसे में टीम प्रबंधन इस समीकरण को बिगाड़ना नहीं चाहेगा। इसमें सायना, जयराम और तानोंगसाक से एक बार फिर अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी।टिप्पणियां दूसरी ओर, वॉरियर्स को पुरुष एकल में के. श्रीकांत और गुरुसाई दत्त से बेहतर प्रदर्शन की आस होगी। ये दोनों खिलाड़ी मास्टर्स के खिलाफ नाकाम रहे थे। महिला एकल में सिंधु जीत का क्रम जारी रखना चाहेंगी। जहां तक पुरुष युगल की बात है तो मार्किस किडो और मथायस बोए की जोड़ी हॉटशॉट्स पर भारी पड़ सकती है। यह जोड़ी अब तक एक ही मैच हारी है और इसने हॉटशॉट्स के खिलाफ गोह और लिम को भी हराया था। मुम्बई और देशभर के बैडमिंटन प्रेमी इन दो स्तरीय टीम के बीच रोमांचक भिड़ंत की उम्मीद कर रहे हैं। ऐसी उम्मीद है कि सायना की टीम अपनी श्रेष्ठता साबित करने के लिए एक बार फिर पहले सेमीफाइनल जैसे प्रदर्शन को दोहराने का प्रयास करेगी, लेकिन सिंधु के नेतृत्व में वॉरियर्स के खिलाड़ी उसे श्रेष्ठता कायम करने से रोकने का भरसक प्रयास करेंगे। सायना इस टूर्नामेंट में अब तक अजेय हैं। वह लगातार छह मैच जीत चुकी हैं और सातवीं जीत के साथ अपनी टीम को मजबूती प्रदान करना चाहेंगी। दूसरी ओर, सिंधु छह में से चार मैच ही जीत सकी हैं। सायना और बांगा बीट्स की केरोलिना मारिन के हाथों हारने के बाद सिंधु ने लगातार चार जीत हासिल की है। हॉटशॉट्स के पास पुरुष एकल के लिए अजय जयराम, महिला एकल के लिए सायना, पुरुष युगल के लिए वी शेम गोह और वाह लिम खिम, दूसरे पुरुष एकल के लिए एस तानोंगसाक और मिश्रित युगल के लिए तरुण कोना और प्राद्या गडरे के रूप में सफल जोड़ियां हैं। इनकी बदौलत ही इस टीम ने सेमीफाइनल में पिस्टंस के खिलाफ 3-0 की जीत के साथ फाइनल में जगह बनाई है। इस टीम ने पिस्टंस के खिलाफ जितने खिलाड़ियों को कोर्ट पर उतारा था, सभी ने जीत हासिल की थी। ऐसे में टीम प्रबंधन इस समीकरण को बिगाड़ना नहीं चाहेगा। इसमें सायना, जयराम और तानोंगसाक से एक बार फिर अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी।टिप्पणियां दूसरी ओर, वॉरियर्स को पुरुष एकल में के. श्रीकांत और गुरुसाई दत्त से बेहतर प्रदर्शन की आस होगी। ये दोनों खिलाड़ी मास्टर्स के खिलाफ नाकाम रहे थे। महिला एकल में सिंधु जीत का क्रम जारी रखना चाहेंगी। जहां तक पुरुष युगल की बात है तो मार्किस किडो और मथायस बोए की जोड़ी हॉटशॉट्स पर भारी पड़ सकती है। यह जोड़ी अब तक एक ही मैच हारी है और इसने हॉटशॉट्स के खिलाफ गोह और लिम को भी हराया था। मुम्बई और देशभर के बैडमिंटन प्रेमी इन दो स्तरीय टीम के बीच रोमांचक भिड़ंत की उम्मीद कर रहे हैं। ऐसी उम्मीद है कि सायना की टीम अपनी श्रेष्ठता साबित करने के लिए एक बार फिर पहले सेमीफाइनल जैसे प्रदर्शन को दोहराने का प्रयास करेगी, लेकिन सिंधु के नेतृत्व में वॉरियर्स के खिलाड़ी उसे श्रेष्ठता कायम करने से रोकने का भरसक प्रयास करेंगे। हॉटशॉट्स के पास पुरुष एकल के लिए अजय जयराम, महिला एकल के लिए सायना, पुरुष युगल के लिए वी शेम गोह और वाह लिम खिम, दूसरे पुरुष एकल के लिए एस तानोंगसाक और मिश्रित युगल के लिए तरुण कोना और प्राद्या गडरे के रूप में सफल जोड़ियां हैं। इनकी बदौलत ही इस टीम ने सेमीफाइनल में पिस्टंस के खिलाफ 3-0 की जीत के साथ फाइनल में जगह बनाई है। इस टीम ने पिस्टंस के खिलाफ जितने खिलाड़ियों को कोर्ट पर उतारा था, सभी ने जीत हासिल की थी। ऐसे में टीम प्रबंधन इस समीकरण को बिगाड़ना नहीं चाहेगा। इसमें सायना, जयराम और तानोंगसाक से एक बार फिर अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी।टिप्पणियां दूसरी ओर, वॉरियर्स को पुरुष एकल में के. श्रीकांत और गुरुसाई दत्त से बेहतर प्रदर्शन की आस होगी। ये दोनों खिलाड़ी मास्टर्स के खिलाफ नाकाम रहे थे। महिला एकल में सिंधु जीत का क्रम जारी रखना चाहेंगी। जहां तक पुरुष युगल की बात है तो मार्किस किडो और मथायस बोए की जोड़ी हॉटशॉट्स पर भारी पड़ सकती है। यह जोड़ी अब तक एक ही मैच हारी है और इसने हॉटशॉट्स के खिलाफ गोह और लिम को भी हराया था। मुम्बई और देशभर के बैडमिंटन प्रेमी इन दो स्तरीय टीम के बीच रोमांचक भिड़ंत की उम्मीद कर रहे हैं। ऐसी उम्मीद है कि सायना की टीम अपनी श्रेष्ठता साबित करने के लिए एक बार फिर पहले सेमीफाइनल जैसे प्रदर्शन को दोहराने का प्रयास करेगी, लेकिन सिंधु के नेतृत्व में वॉरियर्स के खिलाड़ी उसे श्रेष्ठता कायम करने से रोकने का भरसक प्रयास करेंगे। इनकी बदौलत ही इस टीम ने सेमीफाइनल में पिस्टंस के खिलाफ 3-0 की जीत के साथ फाइनल में जगह बनाई है। इस टीम ने पिस्टंस के खिलाफ जितने खिलाड़ियों को कोर्ट पर उतारा था, सभी ने जीत हासिल की थी। ऐसे में टीम प्रबंधन इस समीकरण को बिगाड़ना नहीं चाहेगा। इसमें सायना, जयराम और तानोंगसाक से एक बार फिर अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी।टिप्पणियां दूसरी ओर, वॉरियर्स को पुरुष एकल में के. श्रीकांत और गुरुसाई दत्त से बेहतर प्रदर्शन की आस होगी। ये दोनों खिलाड़ी मास्टर्स के खिलाफ नाकाम रहे थे। महिला एकल में सिंधु जीत का क्रम जारी रखना चाहेंगी। जहां तक पुरुष युगल की बात है तो मार्किस किडो और मथायस बोए की जोड़ी हॉटशॉट्स पर भारी पड़ सकती है। यह जोड़ी अब तक एक ही मैच हारी है और इसने हॉटशॉट्स के खिलाफ गोह और लिम को भी हराया था। मुम्बई और देशभर के बैडमिंटन प्रेमी इन दो स्तरीय टीम के बीच रोमांचक भिड़ंत की उम्मीद कर रहे हैं। ऐसी उम्मीद है कि सायना की टीम अपनी श्रेष्ठता साबित करने के लिए एक बार फिर पहले सेमीफाइनल जैसे प्रदर्शन को दोहराने का प्रयास करेगी, लेकिन सिंधु के नेतृत्व में वॉरियर्स के खिलाड़ी उसे श्रेष्ठता कायम करने से रोकने का भरसक प्रयास करेंगे। दूसरी ओर, वॉरियर्स को पुरुष एकल में के. श्रीकांत और गुरुसाई दत्त से बेहतर प्रदर्शन की आस होगी। ये दोनों खिलाड़ी मास्टर्स के खिलाफ नाकाम रहे थे। महिला एकल में सिंधु जीत का क्रम जारी रखना चाहेंगी। जहां तक पुरुष युगल की बात है तो मार्किस किडो और मथायस बोए की जोड़ी हॉटशॉट्स पर भारी पड़ सकती है। यह जोड़ी अब तक एक ही मैच हारी है और इसने हॉटशॉट्स के खिलाफ गोह और लिम को भी हराया था। मुम्बई और देशभर के बैडमिंटन प्रेमी इन दो स्तरीय टीम के बीच रोमांचक भिड़ंत की उम्मीद कर रहे हैं। ऐसी उम्मीद है कि सायना की टीम अपनी श्रेष्ठता साबित करने के लिए एक बार फिर पहले सेमीफाइनल जैसे प्रदर्शन को दोहराने का प्रयास करेगी, लेकिन सिंधु के नेतृत्व में वॉरियर्स के खिलाड़ी उसे श्रेष्ठता कायम करने से रोकने का भरसक प्रयास करेंगे। मुम्बई और देशभर के बैडमिंटन प्रेमी इन दो स्तरीय टीम के बीच रोमांचक भिड़ंत की उम्मीद कर रहे हैं। ऐसी उम्मीद है कि सायना की टीम अपनी श्रेष्ठता साबित करने के लिए एक बार फिर पहले सेमीफाइनल जैसे प्रदर्शन को दोहराने का प्रयास करेगी, लेकिन सिंधु के नेतृत्व में वॉरियर्स के खिलाड़ी उसे श्रेष्ठता कायम करने से रोकने का भरसक प्रयास करेंगे।
संक्षिप्त सारांश: इंडियन बैडमिंटन लीग के पहले संस्करण का फाइनल आज हैदराबाद हॉटशॉटस और अवध वॉरियर्स टीमों के बीच खेला जाएगा।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को संसद में ऐलान किया कि पूरे देश में एनआरसी लागू की जाएगी. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म के लोगों को इससे डरने की जरूरत नहीं है. राज्यसभा में शाह ने कहा कि NRC में धर्म के आधार पर लोगों को बाहर करने का कोई प्रावधान नहीं है. अगर किसी का नाम एनआरसी से बाहर कर दिया गया तो उन्हें ट्रिब्यूनल में आवेदन करने का अधिकार है. अगर उनके पास इसके लिए पैसा नहीं है तो असम सरकार इसके लिए वकील मुहैया करवाएगी. बता दें, असम में पहली बार एनआरसी लागू की गई है, जिसमें 19 लाख लोगों को बाहर किया गया है. वहीं, अमेरिका अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (यूएससीआईआरएफ) ने राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) प्रक्रिया पर चिंता जताते हुए मंगलवार को कहा कि असम में लंबे समय से रह रहे करीब 20 लाख लोग जल्द ही कहीं के भी नागरिक नहीं रहेंगे. साथ ही आरोप लगाया कि उनकी नागरिकता ‘‘निष्पक्ष, पारदर्शी और सुशासित प्रक्रिया के बिना'' समाप्त की जा रही है. एनआरसी के धार्मिक स्वतंत्रता निहितार्थ पर एक रिपोर्ट में यूएससीआईआरएफ ने कहा कि अद्यतन सूची में 19 लाख लोगों के नाम नहीं हैं. रिपोर्ट में इस बात पर चिंता जताई गई कि किस प्रकार से इस पूरी प्रक्रिया का इस्तेमाल मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है.  यूएससीआईआरएफ आयुक्त अनुरिमा भार्गव ने इस मुद्दे पर कांग्रेशनल आयोग के समक्ष इस सप्ताह अपनी गवाही में कहा, ‘‘असम में लंबे समय से रह रहे करीब 20 लाख लोग जल्द ही किसी भी देश के नागरिक नहीं माने जाएंगे. उनकी नागरिकता निष्पक्ष, पारदर्शी और सुशासित प्रक्रिया के बिना'' समाप्त की जा रही है.'' भार्गव ने कहा, ‘‘इससे भी बुरा यह है कि भारतीय राजनीतिक अधिकारियों ने असम में मुसलमानों को अलग थलग करने और वहां से बाहर निकालने के लिए एनआरसी प्रक्रिया का इस्तेमाल करने की अपनी मंशा लगातार दोहराई है. और अब भारत भर में नेता एनआरसी का दायरा बढ़ा कर सभी मुसलमानों के लिए भिन्न नागरिकता मानक लागू करने पर विचार कर रहे हैं.'' यूएससीआईआरएफ प्रमुख टोनी पेर्किन्स ने कहा कि अद्यतन एनआरसी और भारत सरकार के इसके बाद के कदम मुसलमान समुदाय को निशाना बनाने के लिए एक प्रकार से ‘‘नागरिकता के लिए एक धार्मिक कसौटी'' तैयार कर रहे हैं. उन्होंने भारत सरकार से उसके सभी धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करने की अपील की जो संविधान में दर्ज हैं.
संक्षिप्त सारांश: अमित शाह ने राज्यसभा में किया ऐलान कहा- पूरे देश में लागू होगी NRC साथ ही कहा कि किसी को चिंता की जरूरत नहीं
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['hin']
एक सारांश बनाओ: हिलेरी क्लिंटन ने आरोप लगाया है कि डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी जनता को ‘गुमराह, भ्रमित और हतोत्साहित करने’ की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं लेकिन वह खुद परिवारों और उपेक्षित तबकों के लिए अपनी लड़ाई लड़ती रहेंगी. फ्लोरिडा में समलैंगिकों की एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए हिलेरी ने कहा, ‘डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी जनता को भ्रमित, गुमराह और हतोत्साहित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. अब समय है कि वे लोकतंत्र का अनादर बंद कर दें.’ हिलेरी ने कहा कि अमेरिकी जनता ट्रंप के देश को लेकर ‘नकारात्मक और विभाजनकारी दृष्टिकोण’ के खिलाफ एकजुट हो रही है. हालांकि उन्होंने एफबीआई द्वारा उनके ईमेल मामले की जांच फिर से शुरू किए जाने का प्रत्यक्ष तौर पर जिक्र तो नहीं किया लेकिन अपने समर्थकों से कहा कि वे भ्रमित नहीं हों. हिलेरी ने कहा, ‘हमारे पास विकल्प है, एक ऐसा राष्ट्रपति जो हमें साथ लाए, हमारे देश को सुरक्षित रखे और अर्थव्यवस्था ऐसी बनाए जो सभी के लिए फायदेमंद हो, ना केवल उनके लिए जो शीर्ष पद पर काम करते हैं या जो तुनकमिजाज हैं या अपने काम के योग्य नहीं हैं.’ उन्होंने कहा, ‘मैनें अपने पूरे जीवन में परिवारों और उपेक्षित तबके लिए काम किया है. अब मैं रुकने वाली नहीं हूं.’ हिलेरी के मुताबिक उनकी मां ने उनसे कहा था, ‘कभी भी हिम्मत नहीं हारना.’ चुनाव के लिहाज से महत्वपूर्ण राज्य फ्लोरिडा में हिलेरी ने अपने समर्थकों से कहा, ‘हम भ्रमित नहीं होने वाले. चाहे विरोधी हम पर कितने भी हमलावर क्यों ना हों. हम रुकने वाले नहीं. हम जानते हैं कि यह चुनाव कितना महत्वपूर्ण है और कितने लोग हम पर भरोसा जताए हुए हैं.’टिप्पणियां हिलेरी ने आरोप लगाया कि उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी समाज के कई तबकों और मतदाताओं को चुनाव के दिन घर से बाहर नहीं निकलने देने की हर कोशिश कर रहे हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) फ्लोरिडा में समलैंगिकों की एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए हिलेरी ने कहा, ‘डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी जनता को भ्रमित, गुमराह और हतोत्साहित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. अब समय है कि वे लोकतंत्र का अनादर बंद कर दें.’ हिलेरी ने कहा कि अमेरिकी जनता ट्रंप के देश को लेकर ‘नकारात्मक और विभाजनकारी दृष्टिकोण’ के खिलाफ एकजुट हो रही है. हालांकि उन्होंने एफबीआई द्वारा उनके ईमेल मामले की जांच फिर से शुरू किए जाने का प्रत्यक्ष तौर पर जिक्र तो नहीं किया लेकिन अपने समर्थकों से कहा कि वे भ्रमित नहीं हों. हिलेरी ने कहा, ‘हमारे पास विकल्प है, एक ऐसा राष्ट्रपति जो हमें साथ लाए, हमारे देश को सुरक्षित रखे और अर्थव्यवस्था ऐसी बनाए जो सभी के लिए फायदेमंद हो, ना केवल उनके लिए जो शीर्ष पद पर काम करते हैं या जो तुनकमिजाज हैं या अपने काम के योग्य नहीं हैं.’ उन्होंने कहा, ‘मैनें अपने पूरे जीवन में परिवारों और उपेक्षित तबके लिए काम किया है. अब मैं रुकने वाली नहीं हूं.’ हिलेरी के मुताबिक उनकी मां ने उनसे कहा था, ‘कभी भी हिम्मत नहीं हारना.’ चुनाव के लिहाज से महत्वपूर्ण राज्य फ्लोरिडा में हिलेरी ने अपने समर्थकों से कहा, ‘हम भ्रमित नहीं होने वाले. चाहे विरोधी हम पर कितने भी हमलावर क्यों ना हों. हम रुकने वाले नहीं. हम जानते हैं कि यह चुनाव कितना महत्वपूर्ण है और कितने लोग हम पर भरोसा जताए हुए हैं.’टिप्पणियां हिलेरी ने आरोप लगाया कि उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी समाज के कई तबकों और मतदाताओं को चुनाव के दिन घर से बाहर नहीं निकलने देने की हर कोशिश कर रहे हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हिलेरी ने कहा कि अमेरिकी जनता ट्रंप के देश को लेकर ‘नकारात्मक और विभाजनकारी दृष्टिकोण’ के खिलाफ एकजुट हो रही है. हालांकि उन्होंने एफबीआई द्वारा उनके ईमेल मामले की जांच फिर से शुरू किए जाने का प्रत्यक्ष तौर पर जिक्र तो नहीं किया लेकिन अपने समर्थकों से कहा कि वे भ्रमित नहीं हों. हिलेरी ने कहा, ‘हमारे पास विकल्प है, एक ऐसा राष्ट्रपति जो हमें साथ लाए, हमारे देश को सुरक्षित रखे और अर्थव्यवस्था ऐसी बनाए जो सभी के लिए फायदेमंद हो, ना केवल उनके लिए जो शीर्ष पद पर काम करते हैं या जो तुनकमिजाज हैं या अपने काम के योग्य नहीं हैं.’ उन्होंने कहा, ‘मैनें अपने पूरे जीवन में परिवारों और उपेक्षित तबके लिए काम किया है. अब मैं रुकने वाली नहीं हूं.’ हिलेरी के मुताबिक उनकी मां ने उनसे कहा था, ‘कभी भी हिम्मत नहीं हारना.’ चुनाव के लिहाज से महत्वपूर्ण राज्य फ्लोरिडा में हिलेरी ने अपने समर्थकों से कहा, ‘हम भ्रमित नहीं होने वाले. चाहे विरोधी हम पर कितने भी हमलावर क्यों ना हों. हम रुकने वाले नहीं. हम जानते हैं कि यह चुनाव कितना महत्वपूर्ण है और कितने लोग हम पर भरोसा जताए हुए हैं.’टिप्पणियां हिलेरी ने आरोप लगाया कि उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी समाज के कई तबकों और मतदाताओं को चुनाव के दिन घर से बाहर नहीं निकलने देने की हर कोशिश कर रहे हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हिलेरी ने कहा, ‘हमारे पास विकल्प है, एक ऐसा राष्ट्रपति जो हमें साथ लाए, हमारे देश को सुरक्षित रखे और अर्थव्यवस्था ऐसी बनाए जो सभी के लिए फायदेमंद हो, ना केवल उनके लिए जो शीर्ष पद पर काम करते हैं या जो तुनकमिजाज हैं या अपने काम के योग्य नहीं हैं.’ उन्होंने कहा, ‘मैनें अपने पूरे जीवन में परिवारों और उपेक्षित तबके लिए काम किया है. अब मैं रुकने वाली नहीं हूं.’ हिलेरी के मुताबिक उनकी मां ने उनसे कहा था, ‘कभी भी हिम्मत नहीं हारना.’ चुनाव के लिहाज से महत्वपूर्ण राज्य फ्लोरिडा में हिलेरी ने अपने समर्थकों से कहा, ‘हम भ्रमित नहीं होने वाले. चाहे विरोधी हम पर कितने भी हमलावर क्यों ना हों. हम रुकने वाले नहीं. हम जानते हैं कि यह चुनाव कितना महत्वपूर्ण है और कितने लोग हम पर भरोसा जताए हुए हैं.’टिप्पणियां हिलेरी ने आरोप लगाया कि उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी समाज के कई तबकों और मतदाताओं को चुनाव के दिन घर से बाहर नहीं निकलने देने की हर कोशिश कर रहे हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, ‘मैनें अपने पूरे जीवन में परिवारों और उपेक्षित तबके लिए काम किया है. अब मैं रुकने वाली नहीं हूं.’ हिलेरी के मुताबिक उनकी मां ने उनसे कहा था, ‘कभी भी हिम्मत नहीं हारना.’ चुनाव के लिहाज से महत्वपूर्ण राज्य फ्लोरिडा में हिलेरी ने अपने समर्थकों से कहा, ‘हम भ्रमित नहीं होने वाले. चाहे विरोधी हम पर कितने भी हमलावर क्यों ना हों. हम रुकने वाले नहीं. हम जानते हैं कि यह चुनाव कितना महत्वपूर्ण है और कितने लोग हम पर भरोसा जताए हुए हैं.’टिप्पणियां हिलेरी ने आरोप लगाया कि उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी समाज के कई तबकों और मतदाताओं को चुनाव के दिन घर से बाहर नहीं निकलने देने की हर कोशिश कर रहे हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हिलेरी ने आरोप लगाया कि उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी समाज के कई तबकों और मतदाताओं को चुनाव के दिन घर से बाहर नहीं निकलने देने की हर कोशिश कर रहे हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:'अब समय है कि डोनाल्‍ड ट्रंप लोकतंत्र का अनादर बंद कर दें' एफबीआई द्वारा उनके ईमेल मामले की जांच पर कुछ नहीं बोलीं हिलेरी 'मेरी मां ने मुझसे कहा था कि कभी भी हिम्‍मत मत हारना'
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['hin']
एक सारांश बनाओ: कमजोर वैश्विक रुख के बीच सप्ताह के अंतिम सत्रों में स्टाकिस्टों द्वारा मौजूदा उच्चस्तर पर भारी बिकवाली और मांग में कमी के चलते समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने के भाव लुढ़क कर तीन सप्ताह के निचले स्तर पर चले गए। औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं द्वारा उठाव कम करने से चांदी में भी गिरावट दर्ज की गई। गांधी जयंती के उपलक्ष में 2 अक्तूबर को बाजार बंद रहा। बाजार सूत्रों के अनुसार श्राद्ध के कारण कमजोर मांग के बीच मौजूदा उच्चस्तर पर स्टॉकिस्टों की बिकवाली के चलते कीमतें दबाव में आ गई। कारोबारियों के अनुसार अमेरिका में सरकारी कामकाज आंशिक रूप से ठप्प होने के बीच वैश्विक बाजारों में निवेशकों को प्रभावित किया। सोना 99.9 और 99.5 शुद्ध के भाव क्रमश: 30,885 रुपये और 30,685 रुपये प्रति दस ग्राम कमजोर खुले। और स्टाकिस्टों की बिकवाली से क्रमश: 30,310 रुपये और 30,110 रुपये तक लुढ़क गए। सप्ताह के अंतिम सत्रों में नवरात्रों के शुरू होने के कारण ताजा लिवाली के कारण कुछ सुधार के बावजूद पिछले सप्ताह की तुलना में 850 रुपये की गिरावट के कारण क्रमश: 30,350 रुपये और 30,150 रुपये प्रति दस ग्राम बंद हुए। गिन्नी के भाव 100 रुपये टूट कर 25,000 रुपये प्रति आठ ग्राम बंद हुए।टिप्पणियां खरीदारी और बिकवाली के झोंकों के बीच चांदी तैयार के भाव 1230 रुपये की गिरावट के साथ 48,450 रुपये और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 1405 रुपये की हानि के साथ 48,195 रुपये किलो बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव 1000 रुपये टूट कर 85,000 :86,000 रुपये प्रति सैंकड़ा बंद हुए। औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं द्वारा उठाव कम करने से चांदी में भी गिरावट दर्ज की गई। गांधी जयंती के उपलक्ष में 2 अक्तूबर को बाजार बंद रहा। बाजार सूत्रों के अनुसार श्राद्ध के कारण कमजोर मांग के बीच मौजूदा उच्चस्तर पर स्टॉकिस्टों की बिकवाली के चलते कीमतें दबाव में आ गई। कारोबारियों के अनुसार अमेरिका में सरकारी कामकाज आंशिक रूप से ठप्प होने के बीच वैश्विक बाजारों में निवेशकों को प्रभावित किया। सोना 99.9 और 99.5 शुद्ध के भाव क्रमश: 30,885 रुपये और 30,685 रुपये प्रति दस ग्राम कमजोर खुले। और स्टाकिस्टों की बिकवाली से क्रमश: 30,310 रुपये और 30,110 रुपये तक लुढ़क गए। सप्ताह के अंतिम सत्रों में नवरात्रों के शुरू होने के कारण ताजा लिवाली के कारण कुछ सुधार के बावजूद पिछले सप्ताह की तुलना में 850 रुपये की गिरावट के कारण क्रमश: 30,350 रुपये और 30,150 रुपये प्रति दस ग्राम बंद हुए। गिन्नी के भाव 100 रुपये टूट कर 25,000 रुपये प्रति आठ ग्राम बंद हुए।टिप्पणियां खरीदारी और बिकवाली के झोंकों के बीच चांदी तैयार के भाव 1230 रुपये की गिरावट के साथ 48,450 रुपये और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 1405 रुपये की हानि के साथ 48,195 रुपये किलो बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव 1000 रुपये टूट कर 85,000 :86,000 रुपये प्रति सैंकड़ा बंद हुए। बाजार सूत्रों के अनुसार श्राद्ध के कारण कमजोर मांग के बीच मौजूदा उच्चस्तर पर स्टॉकिस्टों की बिकवाली के चलते कीमतें दबाव में आ गई। कारोबारियों के अनुसार अमेरिका में सरकारी कामकाज आंशिक रूप से ठप्प होने के बीच वैश्विक बाजारों में निवेशकों को प्रभावित किया। सोना 99.9 और 99.5 शुद्ध के भाव क्रमश: 30,885 रुपये और 30,685 रुपये प्रति दस ग्राम कमजोर खुले। और स्टाकिस्टों की बिकवाली से क्रमश: 30,310 रुपये और 30,110 रुपये तक लुढ़क गए। सप्ताह के अंतिम सत्रों में नवरात्रों के शुरू होने के कारण ताजा लिवाली के कारण कुछ सुधार के बावजूद पिछले सप्ताह की तुलना में 850 रुपये की गिरावट के कारण क्रमश: 30,350 रुपये और 30,150 रुपये प्रति दस ग्राम बंद हुए। गिन्नी के भाव 100 रुपये टूट कर 25,000 रुपये प्रति आठ ग्राम बंद हुए।टिप्पणियां खरीदारी और बिकवाली के झोंकों के बीच चांदी तैयार के भाव 1230 रुपये की गिरावट के साथ 48,450 रुपये और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 1405 रुपये की हानि के साथ 48,195 रुपये किलो बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव 1000 रुपये टूट कर 85,000 :86,000 रुपये प्रति सैंकड़ा बंद हुए। कारोबारियों के अनुसार अमेरिका में सरकारी कामकाज आंशिक रूप से ठप्प होने के बीच वैश्विक बाजारों में निवेशकों को प्रभावित किया। सोना 99.9 और 99.5 शुद्ध के भाव क्रमश: 30,885 रुपये और 30,685 रुपये प्रति दस ग्राम कमजोर खुले। और स्टाकिस्टों की बिकवाली से क्रमश: 30,310 रुपये और 30,110 रुपये तक लुढ़क गए। सप्ताह के अंतिम सत्रों में नवरात्रों के शुरू होने के कारण ताजा लिवाली के कारण कुछ सुधार के बावजूद पिछले सप्ताह की तुलना में 850 रुपये की गिरावट के कारण क्रमश: 30,350 रुपये और 30,150 रुपये प्रति दस ग्राम बंद हुए। गिन्नी के भाव 100 रुपये टूट कर 25,000 रुपये प्रति आठ ग्राम बंद हुए।टिप्पणियां खरीदारी और बिकवाली के झोंकों के बीच चांदी तैयार के भाव 1230 रुपये की गिरावट के साथ 48,450 रुपये और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 1405 रुपये की हानि के साथ 48,195 रुपये किलो बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव 1000 रुपये टूट कर 85,000 :86,000 रुपये प्रति सैंकड़ा बंद हुए। सोना 99.9 और 99.5 शुद्ध के भाव क्रमश: 30,885 रुपये और 30,685 रुपये प्रति दस ग्राम कमजोर खुले। और स्टाकिस्टों की बिकवाली से क्रमश: 30,310 रुपये और 30,110 रुपये तक लुढ़क गए। सप्ताह के अंतिम सत्रों में नवरात्रों के शुरू होने के कारण ताजा लिवाली के कारण कुछ सुधार के बावजूद पिछले सप्ताह की तुलना में 850 रुपये की गिरावट के कारण क्रमश: 30,350 रुपये और 30,150 रुपये प्रति दस ग्राम बंद हुए। गिन्नी के भाव 100 रुपये टूट कर 25,000 रुपये प्रति आठ ग्राम बंद हुए।टिप्पणियां खरीदारी और बिकवाली के झोंकों के बीच चांदी तैयार के भाव 1230 रुपये की गिरावट के साथ 48,450 रुपये और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 1405 रुपये की हानि के साथ 48,195 रुपये किलो बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव 1000 रुपये टूट कर 85,000 :86,000 रुपये प्रति सैंकड़ा बंद हुए। सप्ताह के अंतिम सत्रों में नवरात्रों के शुरू होने के कारण ताजा लिवाली के कारण कुछ सुधार के बावजूद पिछले सप्ताह की तुलना में 850 रुपये की गिरावट के कारण क्रमश: 30,350 रुपये और 30,150 रुपये प्रति दस ग्राम बंद हुए। गिन्नी के भाव 100 रुपये टूट कर 25,000 रुपये प्रति आठ ग्राम बंद हुए।टिप्पणियां खरीदारी और बिकवाली के झोंकों के बीच चांदी तैयार के भाव 1230 रुपये की गिरावट के साथ 48,450 रुपये और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 1405 रुपये की हानि के साथ 48,195 रुपये किलो बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव 1000 रुपये टूट कर 85,000 :86,000 रुपये प्रति सैंकड़ा बंद हुए। खरीदारी और बिकवाली के झोंकों के बीच चांदी तैयार के भाव 1230 रुपये की गिरावट के साथ 48,450 रुपये और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 1405 रुपये की हानि के साथ 48,195 रुपये किलो बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव 1000 रुपये टूट कर 85,000 :86,000 रुपये प्रति सैंकड़ा बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव 1000 रुपये टूट कर 85,000 :86,000 रुपये प्रति सैंकड़ा बंद हुए।
यहाँ एक सारांश है:कमजोर वैश्विक रुख के बीच सप्ताह के अंतिम सत्रों में स्टॉकिस्टों द्वारा मौजूदा उच्चस्तर पर भारी बिकवाली और मांग में कमी के चलते समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने के भाव लुढ़क कर तीन सप्ताह के निचले स्तर पर चले गए।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भले ही कप्तान के रूप में दबाव में हों, लेकिन बल्लेबाजी में निचले क्रम में उनकी मैच को अंजाम तक पहुंचाने की काबिलियत के कारण उनके विरोधी भी एकदिवसीय क्रिकेट में उनकी गणना सर्वश्रेष्ठ फिनिशर में कर रहे हैं। आंकड़ों और तुलनात्मक रूप से काफी तथ्य मौजूद हैं, जो धोनी को शानदार फिनिशर बनाते हैं। इसके अलावा उन्होंने 189 कैच, 69 स्टंपिंग और कई रन आउट भी किए हैं, जबकि कप्तानी की भूमिका भी निभाते हैं। श्रीलंका के कप्तान महेला जयवर्धने उस समय विश्वास ही नहीं कर पाए, जब धोनी ने मैच टाई करवा दिया।टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप गेंद को एक इंच इधर या उधर फेंकते हो तो धोनी जैसा खिलाड़ी आपकी परेशानी बढ़ा सकता है। वह शानदार फिनिशर है, वह धैर्य और संयम के साथ खेलता है।’’ आंकड़े भी धोनी के समर्थन में हैं। भारत ने लक्ष्य का पीछा करते हुए धोनी की मौजूदगी में जो 49 मैच जीते हैं उसमें यह विकेटकीपर बल्लेबाज 30 बार नाबाद रहा और इस दौरान उन्होंने 104 . 89 की औसत से रन बनाए। धोनी के शीर्ष विरोधी माइकल बेवन, लांस क्लूसनर, अब्दुल रज्जाक और जोंटी रोड्स औसत के मुकाबले में उनके आसपास भी नहीं हैं। आंकड़ों और तुलनात्मक रूप से काफी तथ्य मौजूद हैं, जो धोनी को शानदार फिनिशर बनाते हैं। इसके अलावा उन्होंने 189 कैच, 69 स्टंपिंग और कई रन आउट भी किए हैं, जबकि कप्तानी की भूमिका भी निभाते हैं। श्रीलंका के कप्तान महेला जयवर्धने उस समय विश्वास ही नहीं कर पाए, जब धोनी ने मैच टाई करवा दिया।टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप गेंद को एक इंच इधर या उधर फेंकते हो तो धोनी जैसा खिलाड़ी आपकी परेशानी बढ़ा सकता है। वह शानदार फिनिशर है, वह धैर्य और संयम के साथ खेलता है।’’ आंकड़े भी धोनी के समर्थन में हैं। भारत ने लक्ष्य का पीछा करते हुए धोनी की मौजूदगी में जो 49 मैच जीते हैं उसमें यह विकेटकीपर बल्लेबाज 30 बार नाबाद रहा और इस दौरान उन्होंने 104 . 89 की औसत से रन बनाए। धोनी के शीर्ष विरोधी माइकल बेवन, लांस क्लूसनर, अब्दुल रज्जाक और जोंटी रोड्स औसत के मुकाबले में उनके आसपास भी नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप गेंद को एक इंच इधर या उधर फेंकते हो तो धोनी जैसा खिलाड़ी आपकी परेशानी बढ़ा सकता है। वह शानदार फिनिशर है, वह धैर्य और संयम के साथ खेलता है।’’ आंकड़े भी धोनी के समर्थन में हैं। भारत ने लक्ष्य का पीछा करते हुए धोनी की मौजूदगी में जो 49 मैच जीते हैं उसमें यह विकेटकीपर बल्लेबाज 30 बार नाबाद रहा और इस दौरान उन्होंने 104 . 89 की औसत से रन बनाए। धोनी के शीर्ष विरोधी माइकल बेवन, लांस क्लूसनर, अब्दुल रज्जाक और जोंटी रोड्स औसत के मुकाबले में उनके आसपास भी नहीं हैं। आंकड़े भी धोनी के समर्थन में हैं। भारत ने लक्ष्य का पीछा करते हुए धोनी की मौजूदगी में जो 49 मैच जीते हैं उसमें यह विकेटकीपर बल्लेबाज 30 बार नाबाद रहा और इस दौरान उन्होंने 104 . 89 की औसत से रन बनाए। धोनी के शीर्ष विरोधी माइकल बेवन, लांस क्लूसनर, अब्दुल रज्जाक और जोंटी रोड्स औसत के मुकाबले में उनके आसपास भी नहीं हैं।
संक्षिप्त पाठ: जयवर्धने ने कहा, अगर आप गेंद को एक इंच इधर या उधर फेंकते हो तो धोनी जैसा खिलाड़ी आपकी परेशानी बढ़ा सकता है। वह शानदार फिनिशर है, वह धैर्य और संयम के साथ खेलता है।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अफगानिस्तान की एक अदालत पर तालिबान आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले में 53 लोग मारे गए हैं। यह हमला फराह प्रांत में हुआ। प्रांतीय गवर्नर अकरम अखपेवाक ने बताया कि हमले में 34 नागरिक, 10 सुरक्षाकर्मी और नौ हमलावर मारे गए। समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार अधिकारियों का कहना है कि आतंकवादियों ने विचाराधीन कैदियों को छुड़ाने के लिए अदालत पर हमला किया। हाल के महीनों का यह सबसे भीषण हमला है। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि हमले के बाद परिसर में मौजूद कैदी भागने में कामयाब रहे या नहीं। हालांकि, अस्पताल के एक चिकित्सक ने बताया कि घायलों में एक कैदी भी है जिसका उपचार किया जा रहा है। इस हमले से नाटो सैनिकों की वापसी के बाद देश की सुरक्षा कर पाने की अफगान सुरक्षा बलों की क्षमता पर भी सवाल खड़े हुए हैं।टिप्पणियां गृहमंत्रालय के उपप्रवक्ता नाजिब दानिश ने एएफपी से कहा, ‘‘मैं पुष्टि कर सकता हूं कि 34 नागरिक, छह सैनिक और चार पुलिसकर्मी मारे गए हैं और 91 लोग जख्मी हुए हैं जिनमें अधिकतर नागरिक हैं। नौ हमलावर भी मारे गए हैं।’’ घटना के फौरन बाद तालिबान आतंकवादियों ने हमले की जिम्मेदारी ली। समूह ने एक वेबसाइट पर कहा, ‘‘हमारे लड़ाकों ने फराह में कई सरकारी भवनों पर हमला किया। उन्होंने छोटे हथियारों और ग्रेनेड के साथ हमले किए।’’ दिसंबर, 2011 के हमले के बाद यह पहला मौका है जब किसी एक हमले में इतने लोग मारे गए हैं। काबुल में हुए उस हमले मे 80 लोग मारे गए थे। यह हमला फराह प्रांत में हुआ। प्रांतीय गवर्नर अकरम अखपेवाक ने बताया कि हमले में 34 नागरिक, 10 सुरक्षाकर्मी और नौ हमलावर मारे गए। समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार अधिकारियों का कहना है कि आतंकवादियों ने विचाराधीन कैदियों को छुड़ाने के लिए अदालत पर हमला किया। हाल के महीनों का यह सबसे भीषण हमला है। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि हमले के बाद परिसर में मौजूद कैदी भागने में कामयाब रहे या नहीं। हालांकि, अस्पताल के एक चिकित्सक ने बताया कि घायलों में एक कैदी भी है जिसका उपचार किया जा रहा है। इस हमले से नाटो सैनिकों की वापसी के बाद देश की सुरक्षा कर पाने की अफगान सुरक्षा बलों की क्षमता पर भी सवाल खड़े हुए हैं।टिप्पणियां गृहमंत्रालय के उपप्रवक्ता नाजिब दानिश ने एएफपी से कहा, ‘‘मैं पुष्टि कर सकता हूं कि 34 नागरिक, छह सैनिक और चार पुलिसकर्मी मारे गए हैं और 91 लोग जख्मी हुए हैं जिनमें अधिकतर नागरिक हैं। नौ हमलावर भी मारे गए हैं।’’ घटना के फौरन बाद तालिबान आतंकवादियों ने हमले की जिम्मेदारी ली। समूह ने एक वेबसाइट पर कहा, ‘‘हमारे लड़ाकों ने फराह में कई सरकारी भवनों पर हमला किया। उन्होंने छोटे हथियारों और ग्रेनेड के साथ हमले किए।’’ दिसंबर, 2011 के हमले के बाद यह पहला मौका है जब किसी एक हमले में इतने लोग मारे गए हैं। काबुल में हुए उस हमले मे 80 लोग मारे गए थे। समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार अधिकारियों का कहना है कि आतंकवादियों ने विचाराधीन कैदियों को छुड़ाने के लिए अदालत पर हमला किया। हाल के महीनों का यह सबसे भीषण हमला है। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि हमले के बाद परिसर में मौजूद कैदी भागने में कामयाब रहे या नहीं। हालांकि, अस्पताल के एक चिकित्सक ने बताया कि घायलों में एक कैदी भी है जिसका उपचार किया जा रहा है। इस हमले से नाटो सैनिकों की वापसी के बाद देश की सुरक्षा कर पाने की अफगान सुरक्षा बलों की क्षमता पर भी सवाल खड़े हुए हैं।टिप्पणियां गृहमंत्रालय के उपप्रवक्ता नाजिब दानिश ने एएफपी से कहा, ‘‘मैं पुष्टि कर सकता हूं कि 34 नागरिक, छह सैनिक और चार पुलिसकर्मी मारे गए हैं और 91 लोग जख्मी हुए हैं जिनमें अधिकतर नागरिक हैं। नौ हमलावर भी मारे गए हैं।’’ घटना के फौरन बाद तालिबान आतंकवादियों ने हमले की जिम्मेदारी ली। समूह ने एक वेबसाइट पर कहा, ‘‘हमारे लड़ाकों ने फराह में कई सरकारी भवनों पर हमला किया। उन्होंने छोटे हथियारों और ग्रेनेड के साथ हमले किए।’’ दिसंबर, 2011 के हमले के बाद यह पहला मौका है जब किसी एक हमले में इतने लोग मारे गए हैं। काबुल में हुए उस हमले मे 80 लोग मारे गए थे। हाल के महीनों का यह सबसे भीषण हमला है। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि हमले के बाद परिसर में मौजूद कैदी भागने में कामयाब रहे या नहीं। हालांकि, अस्पताल के एक चिकित्सक ने बताया कि घायलों में एक कैदी भी है जिसका उपचार किया जा रहा है। इस हमले से नाटो सैनिकों की वापसी के बाद देश की सुरक्षा कर पाने की अफगान सुरक्षा बलों की क्षमता पर भी सवाल खड़े हुए हैं।टिप्पणियां गृहमंत्रालय के उपप्रवक्ता नाजिब दानिश ने एएफपी से कहा, ‘‘मैं पुष्टि कर सकता हूं कि 34 नागरिक, छह सैनिक और चार पुलिसकर्मी मारे गए हैं और 91 लोग जख्मी हुए हैं जिनमें अधिकतर नागरिक हैं। नौ हमलावर भी मारे गए हैं।’’ घटना के फौरन बाद तालिबान आतंकवादियों ने हमले की जिम्मेदारी ली। समूह ने एक वेबसाइट पर कहा, ‘‘हमारे लड़ाकों ने फराह में कई सरकारी भवनों पर हमला किया। उन्होंने छोटे हथियारों और ग्रेनेड के साथ हमले किए।’’ दिसंबर, 2011 के हमले के बाद यह पहला मौका है जब किसी एक हमले में इतने लोग मारे गए हैं। काबुल में हुए उस हमले मे 80 लोग मारे गए थे। इस हमले से नाटो सैनिकों की वापसी के बाद देश की सुरक्षा कर पाने की अफगान सुरक्षा बलों की क्षमता पर भी सवाल खड़े हुए हैं।टिप्पणियां गृहमंत्रालय के उपप्रवक्ता नाजिब दानिश ने एएफपी से कहा, ‘‘मैं पुष्टि कर सकता हूं कि 34 नागरिक, छह सैनिक और चार पुलिसकर्मी मारे गए हैं और 91 लोग जख्मी हुए हैं जिनमें अधिकतर नागरिक हैं। नौ हमलावर भी मारे गए हैं।’’ घटना के फौरन बाद तालिबान आतंकवादियों ने हमले की जिम्मेदारी ली। समूह ने एक वेबसाइट पर कहा, ‘‘हमारे लड़ाकों ने फराह में कई सरकारी भवनों पर हमला किया। उन्होंने छोटे हथियारों और ग्रेनेड के साथ हमले किए।’’ दिसंबर, 2011 के हमले के बाद यह पहला मौका है जब किसी एक हमले में इतने लोग मारे गए हैं। काबुल में हुए उस हमले मे 80 लोग मारे गए थे। गृहमंत्रालय के उपप्रवक्ता नाजिब दानिश ने एएफपी से कहा, ‘‘मैं पुष्टि कर सकता हूं कि 34 नागरिक, छह सैनिक और चार पुलिसकर्मी मारे गए हैं और 91 लोग जख्मी हुए हैं जिनमें अधिकतर नागरिक हैं। नौ हमलावर भी मारे गए हैं।’’ घटना के फौरन बाद तालिबान आतंकवादियों ने हमले की जिम्मेदारी ली। समूह ने एक वेबसाइट पर कहा, ‘‘हमारे लड़ाकों ने फराह में कई सरकारी भवनों पर हमला किया। उन्होंने छोटे हथियारों और ग्रेनेड के साथ हमले किए।’’ दिसंबर, 2011 के हमले के बाद यह पहला मौका है जब किसी एक हमले में इतने लोग मारे गए हैं। काबुल में हुए उस हमले मे 80 लोग मारे गए थे। घटना के फौरन बाद तालिबान आतंकवादियों ने हमले की जिम्मेदारी ली। समूह ने एक वेबसाइट पर कहा, ‘‘हमारे लड़ाकों ने फराह में कई सरकारी भवनों पर हमला किया। उन्होंने छोटे हथियारों और ग्रेनेड के साथ हमले किए।’’ दिसंबर, 2011 के हमले के बाद यह पहला मौका है जब किसी एक हमले में इतने लोग मारे गए हैं। काबुल में हुए उस हमले मे 80 लोग मारे गए थे।
अफगानिस्तान की एक अदालत पर तालिबान आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले में 53 लोग मारे गए हैं।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: Samsung Galaxy A20 को भारत में लॉन्च कर दिया गया है। दक्षिण कोरियाई इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी सैमसंग ने शुक्रवार को भारतीय मार्केट में Galaxy A20 को लॉन्च करने की जानकारी दी। कंपनी ने बताया है कि फोन अगले हफ्ते से बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। ज्ञात हो कि सैमसंग गैलेक्सी ए20 कंपनी की Galaxy A सीरीज़ का नया फोन होगा। मार्केट में पहले से Samsung Galaxy A10, Samsung Galaxy A30 और Samsung Galaxy A50 जैसे हैंडसेट मौज़ूद हैं। इस फोन को सबसे पहले रूसी मार्केट में उतारा गया था। अब इसे भारत में लॉन्च कर दिया गया है। मार्केट में इस फोन की भिड़ंत Redmi Note 7 और Realme U1 जैसे हैंडसेट से होगी। सैमसंग गैलेक्सी ए20 को भारतीय मार्केट में 12,490 रुपये में बेचा जाएगा। अभी फोन का एक मात्र वेरिएंट 3 जीबी रैम और 32 जीबी स्टोरेज वाला होगा। फोन ब्लैक, ब्लू और रेड रंग में उपलब्ध होगा। Samsung का कहना है कि Galaxy A20 की सेल भारत में 10 अप्रैल से शुरू होगी। फोन सैमसंग ऑनलाइन शॉप, सैमसंग ओपेरा हाउस, प्रमुख ऑनलाइन स्टोर और दुकानों में उपलब्ध होगा। हमने आपको पहले ही बताया है कि Samsung Galaxy A20 को पहले ही रूसी मार्केट में लॉन्च किया जा चुका है। सैमसंग गैलेक्सी ए20 में 6.4 इंच का एचडी+ (720x1560 पिक्सल) सुपर एमोलेड डिस्प्ले है। फोन के फ्रंट पैनल पर वाटरड्रॉप नॉच है। स्पीड और मल्टीटास्किंग के लिए Galaxy A20 में ऑक्टा-कोर एक्सीनॉस 7884 प्रोसेसर दिया गया है। फोन में 3 जीबी रैम और 32 जीबी इनबिल्ट स्टोरेज है, माइक्रोएसडी कार्ड की मदद से स्टोरेज को 512 जीबी तक बढ़ाना संभव है। अब बात Galaxy A20 के कैमरा सेटअप की। सैमसंग गैलेक्सी ए20 में दो रियर कैमरे हैं, 13 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर है जिसका अपर्चर एफ/1.9 है। सेकेंडरी सेंसर 5 मेगापिक्सल का है जिसका अपर्चर एफ/2.2 है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 8 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है जिसका अपर्चर एफ/2.0 है। सिक्योरिटी के लिए फोन के पिछले हिस्से में फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है। हैंडसेट में सैमसंग पे (Samsung Pay) सपोर्ट भी शामिल है। Galaxy A20 में जान फूंकने के लिए 4,000 एमएएच की बैटरी दी गई है, लेकिन फिलहाल यह बात स्पष्ट नहीं है कि फोन फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आता है या नहीं। फोन की लंबाई-चौड़ाई 158.4x74.7x7.8 मिलीमीटर है।
सारांश: गैलेक्सी ए20 में 6.4 इंच का एचडी+ सुपर एमोलेड डिस्प्ले है 8 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा है Samsung Galaxy A20 में Samsung Galaxy A20 को बिक्री 10 अप्रैल से
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत और जापान द्विपक्षीय एवं वैश्विक साझेदारी विशेषकर आर्थिक एवं सुरक्षा क्षेत्रों में साझेदारी को बढ़ावा देने को सहमत हुए हैं। जापान ढांचागत सुविधाओं के निर्माण के लिए भारत को 2.32 अरब डॉलर की सहायता देगा। विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद के साथ यहां मुलाकात के बाद जापान के विदेशमंत्री फुमियो किशिदा ने कहा, ‘‘हमें एक मजबूत सहयोगी रिश्तों का निर्माण होने और भारत के साथ रणनीतिक एवं वैश्विक साझीदारी की उम्मीद है।’’ कल मुलाकात के दौरान किशिदा ने भारत के लिए ढांचागत सुविधाओं के निर्माण के वास्ते 220 अरब येन (2.32 अरब डॉलर) की सहायता और भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई में सबवे परियोजना के लिए 71 अरब येन (75.31 करोड़ डॉलर) का ऋण देने की पेशकश की। जापानी समाचार एजेंसी क्योदो की रिपोर्ट के मुताबिक, खुर्शीद ने जापान की सहायता की पेशकश की यह कहते हुए सराहना की कि ‘‘इस तरह की मदद का इस्तेमाल हमारी ढांचागत सुविधाओं के उन्नयन में किया जाता रहा है। दिल्ली मेट्रो परियोजना से दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लाखों भारतीय नागरिकों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।’’ क्योदो की रिपोर्ट के मुताबिक, यह ऋण पैकेज चार परियोजनाओं के लिए है जिसमें नई दिल्ली और मुंबई को जोड़ने वाली एक माल ढुलाई रेल परियोजना और दक्षिण भारत में एक सबवे निर्माण की परियोजना शामिल है। दोनों नेता भावी हाई.स्पीड रेल परियोजना पर सहयोग बढ़ाने पर भी सहमत हुए। खुर्शीद ने कहा, ‘‘सुरक्षा के क्षेत्र में हमारे बीच सहयोग बेहतर ढंग से आगे बढ़ रहा है। इस साल की शुरुआत में, हमने जापानी समुद्री आत्मरक्षा बल के प्रमुख का भारत में स्वागत किया और आपके रक्षा मंत्री इस साल के अंत तक भारत की यात्रा पर आने वाले हैं। भारत और जापान के बीच प्रथम समुद्री मामलों की वार्ता इस साल जनवरी में हुई।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एशिया की दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के तौर पर हम एशिया प्रशांत क्षेत्र में आपस में सहयोग बढ़ाने को सहमत हैं। विदेश मंत्री किशिदा और हम इस बात पर सहमत हैं कि भारत और जापान पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन की प्रक्रिया के भीतर अपने क्रियाकलापों के बीच तालमेल बिठाएंगे।’’ किशिदा ने कहा, ‘‘हम समुद्री सुरक्षा और संयुक्त प्रयासों के जरिए सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक दूसरे का सहयोग करने के साथ साथ द्विपक्षीय राजनीतिक वार्ता एवं जापान, अमेरिका व भारत के बीच त्रिपक्षीय राजनीतिक वार्ता को आगे बढ़ाने को सहमत हैं।’’ क्योदो के मुताबिक, दोनों देशों के बीच असैन्य परमाणु ऊर्जा सहयोग के तहत दोनों नेता द्विपक्षीय परमाणु ऊर्जा संधि पर बातचीत को आगे बढ़ाने पर भी सहमत हुए।टिप्पणियां दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की जापान यात्रा के बारे में भी चर्चा की जो पिछले साल नवंबर से ही टलती जा रही है, लेकिन यह ‘जल्द ही’ हो सकती है। खुर्शीद ने कहा, ‘‘हमारी महत्वाकांक्षा अपने संबंधों को 634 मीटर ऊंची स्काईट्री कम्युनिकेशंस टावर से भी थोड़ा ऊंचा ले जाने की है।’’ यह टावर तोक्यो में एक नया लैंडमार्क है। विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद के साथ यहां मुलाकात के बाद जापान के विदेशमंत्री फुमियो किशिदा ने कहा, ‘‘हमें एक मजबूत सहयोगी रिश्तों का निर्माण होने और भारत के साथ रणनीतिक एवं वैश्विक साझीदारी की उम्मीद है।’’ कल मुलाकात के दौरान किशिदा ने भारत के लिए ढांचागत सुविधाओं के निर्माण के वास्ते 220 अरब येन (2.32 अरब डॉलर) की सहायता और भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई में सबवे परियोजना के लिए 71 अरब येन (75.31 करोड़ डॉलर) का ऋण देने की पेशकश की। जापानी समाचार एजेंसी क्योदो की रिपोर्ट के मुताबिक, खुर्शीद ने जापान की सहायता की पेशकश की यह कहते हुए सराहना की कि ‘‘इस तरह की मदद का इस्तेमाल हमारी ढांचागत सुविधाओं के उन्नयन में किया जाता रहा है। दिल्ली मेट्रो परियोजना से दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लाखों भारतीय नागरिकों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।’’ क्योदो की रिपोर्ट के मुताबिक, यह ऋण पैकेज चार परियोजनाओं के लिए है जिसमें नई दिल्ली और मुंबई को जोड़ने वाली एक माल ढुलाई रेल परियोजना और दक्षिण भारत में एक सबवे निर्माण की परियोजना शामिल है। दोनों नेता भावी हाई.स्पीड रेल परियोजना पर सहयोग बढ़ाने पर भी सहमत हुए। खुर्शीद ने कहा, ‘‘सुरक्षा के क्षेत्र में हमारे बीच सहयोग बेहतर ढंग से आगे बढ़ रहा है। इस साल की शुरुआत में, हमने जापानी समुद्री आत्मरक्षा बल के प्रमुख का भारत में स्वागत किया और आपके रक्षा मंत्री इस साल के अंत तक भारत की यात्रा पर आने वाले हैं। भारत और जापान के बीच प्रथम समुद्री मामलों की वार्ता इस साल जनवरी में हुई।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एशिया की दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के तौर पर हम एशिया प्रशांत क्षेत्र में आपस में सहयोग बढ़ाने को सहमत हैं। विदेश मंत्री किशिदा और हम इस बात पर सहमत हैं कि भारत और जापान पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन की प्रक्रिया के भीतर अपने क्रियाकलापों के बीच तालमेल बिठाएंगे।’’ किशिदा ने कहा, ‘‘हम समुद्री सुरक्षा और संयुक्त प्रयासों के जरिए सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक दूसरे का सहयोग करने के साथ साथ द्विपक्षीय राजनीतिक वार्ता एवं जापान, अमेरिका व भारत के बीच त्रिपक्षीय राजनीतिक वार्ता को आगे बढ़ाने को सहमत हैं।’’ क्योदो के मुताबिक, दोनों देशों के बीच असैन्य परमाणु ऊर्जा सहयोग के तहत दोनों नेता द्विपक्षीय परमाणु ऊर्जा संधि पर बातचीत को आगे बढ़ाने पर भी सहमत हुए।टिप्पणियां दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की जापान यात्रा के बारे में भी चर्चा की जो पिछले साल नवंबर से ही टलती जा रही है, लेकिन यह ‘जल्द ही’ हो सकती है। खुर्शीद ने कहा, ‘‘हमारी महत्वाकांक्षा अपने संबंधों को 634 मीटर ऊंची स्काईट्री कम्युनिकेशंस टावर से भी थोड़ा ऊंचा ले जाने की है।’’ यह टावर तोक्यो में एक नया लैंडमार्क है। जापानी समाचार एजेंसी क्योदो की रिपोर्ट के मुताबिक, खुर्शीद ने जापान की सहायता की पेशकश की यह कहते हुए सराहना की कि ‘‘इस तरह की मदद का इस्तेमाल हमारी ढांचागत सुविधाओं के उन्नयन में किया जाता रहा है। दिल्ली मेट्रो परियोजना से दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लाखों भारतीय नागरिकों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।’’ क्योदो की रिपोर्ट के मुताबिक, यह ऋण पैकेज चार परियोजनाओं के लिए है जिसमें नई दिल्ली और मुंबई को जोड़ने वाली एक माल ढुलाई रेल परियोजना और दक्षिण भारत में एक सबवे निर्माण की परियोजना शामिल है। दोनों नेता भावी हाई.स्पीड रेल परियोजना पर सहयोग बढ़ाने पर भी सहमत हुए। खुर्शीद ने कहा, ‘‘सुरक्षा के क्षेत्र में हमारे बीच सहयोग बेहतर ढंग से आगे बढ़ रहा है। इस साल की शुरुआत में, हमने जापानी समुद्री आत्मरक्षा बल के प्रमुख का भारत में स्वागत किया और आपके रक्षा मंत्री इस साल के अंत तक भारत की यात्रा पर आने वाले हैं। भारत और जापान के बीच प्रथम समुद्री मामलों की वार्ता इस साल जनवरी में हुई।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एशिया की दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के तौर पर हम एशिया प्रशांत क्षेत्र में आपस में सहयोग बढ़ाने को सहमत हैं। विदेश मंत्री किशिदा और हम इस बात पर सहमत हैं कि भारत और जापान पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन की प्रक्रिया के भीतर अपने क्रियाकलापों के बीच तालमेल बिठाएंगे।’’ किशिदा ने कहा, ‘‘हम समुद्री सुरक्षा और संयुक्त प्रयासों के जरिए सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक दूसरे का सहयोग करने के साथ साथ द्विपक्षीय राजनीतिक वार्ता एवं जापान, अमेरिका व भारत के बीच त्रिपक्षीय राजनीतिक वार्ता को आगे बढ़ाने को सहमत हैं।’’ क्योदो के मुताबिक, दोनों देशों के बीच असैन्य परमाणु ऊर्जा सहयोग के तहत दोनों नेता द्विपक्षीय परमाणु ऊर्जा संधि पर बातचीत को आगे बढ़ाने पर भी सहमत हुए।टिप्पणियां दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की जापान यात्रा के बारे में भी चर्चा की जो पिछले साल नवंबर से ही टलती जा रही है, लेकिन यह ‘जल्द ही’ हो सकती है। खुर्शीद ने कहा, ‘‘हमारी महत्वाकांक्षा अपने संबंधों को 634 मीटर ऊंची स्काईट्री कम्युनिकेशंस टावर से भी थोड़ा ऊंचा ले जाने की है।’’ यह टावर तोक्यो में एक नया लैंडमार्क है। क्योदो की रिपोर्ट के मुताबिक, यह ऋण पैकेज चार परियोजनाओं के लिए है जिसमें नई दिल्ली और मुंबई को जोड़ने वाली एक माल ढुलाई रेल परियोजना और दक्षिण भारत में एक सबवे निर्माण की परियोजना शामिल है। दोनों नेता भावी हाई.स्पीड रेल परियोजना पर सहयोग बढ़ाने पर भी सहमत हुए। खुर्शीद ने कहा, ‘‘सुरक्षा के क्षेत्र में हमारे बीच सहयोग बेहतर ढंग से आगे बढ़ रहा है। इस साल की शुरुआत में, हमने जापानी समुद्री आत्मरक्षा बल के प्रमुख का भारत में स्वागत किया और आपके रक्षा मंत्री इस साल के अंत तक भारत की यात्रा पर आने वाले हैं। भारत और जापान के बीच प्रथम समुद्री मामलों की वार्ता इस साल जनवरी में हुई।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एशिया की दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के तौर पर हम एशिया प्रशांत क्षेत्र में आपस में सहयोग बढ़ाने को सहमत हैं। विदेश मंत्री किशिदा और हम इस बात पर सहमत हैं कि भारत और जापान पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन की प्रक्रिया के भीतर अपने क्रियाकलापों के बीच तालमेल बिठाएंगे।’’ किशिदा ने कहा, ‘‘हम समुद्री सुरक्षा और संयुक्त प्रयासों के जरिए सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक दूसरे का सहयोग करने के साथ साथ द्विपक्षीय राजनीतिक वार्ता एवं जापान, अमेरिका व भारत के बीच त्रिपक्षीय राजनीतिक वार्ता को आगे बढ़ाने को सहमत हैं।’’ क्योदो के मुताबिक, दोनों देशों के बीच असैन्य परमाणु ऊर्जा सहयोग के तहत दोनों नेता द्विपक्षीय परमाणु ऊर्जा संधि पर बातचीत को आगे बढ़ाने पर भी सहमत हुए।टिप्पणियां दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की जापान यात्रा के बारे में भी चर्चा की जो पिछले साल नवंबर से ही टलती जा रही है, लेकिन यह ‘जल्द ही’ हो सकती है। खुर्शीद ने कहा, ‘‘हमारी महत्वाकांक्षा अपने संबंधों को 634 मीटर ऊंची स्काईट्री कम्युनिकेशंस टावर से भी थोड़ा ऊंचा ले जाने की है।’’ यह टावर तोक्यो में एक नया लैंडमार्क है। दोनों नेता भावी हाई.स्पीड रेल परियोजना पर सहयोग बढ़ाने पर भी सहमत हुए। खुर्शीद ने कहा, ‘‘सुरक्षा के क्षेत्र में हमारे बीच सहयोग बेहतर ढंग से आगे बढ़ रहा है। इस साल की शुरुआत में, हमने जापानी समुद्री आत्मरक्षा बल के प्रमुख का भारत में स्वागत किया और आपके रक्षा मंत्री इस साल के अंत तक भारत की यात्रा पर आने वाले हैं। भारत और जापान के बीच प्रथम समुद्री मामलों की वार्ता इस साल जनवरी में हुई।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एशिया की दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के तौर पर हम एशिया प्रशांत क्षेत्र में आपस में सहयोग बढ़ाने को सहमत हैं। विदेश मंत्री किशिदा और हम इस बात पर सहमत हैं कि भारत और जापान पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन की प्रक्रिया के भीतर अपने क्रियाकलापों के बीच तालमेल बिठाएंगे।’’ किशिदा ने कहा, ‘‘हम समुद्री सुरक्षा और संयुक्त प्रयासों के जरिए सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक दूसरे का सहयोग करने के साथ साथ द्विपक्षीय राजनीतिक वार्ता एवं जापान, अमेरिका व भारत के बीच त्रिपक्षीय राजनीतिक वार्ता को आगे बढ़ाने को सहमत हैं।’’ क्योदो के मुताबिक, दोनों देशों के बीच असैन्य परमाणु ऊर्जा सहयोग के तहत दोनों नेता द्विपक्षीय परमाणु ऊर्जा संधि पर बातचीत को आगे बढ़ाने पर भी सहमत हुए।टिप्पणियां दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की जापान यात्रा के बारे में भी चर्चा की जो पिछले साल नवंबर से ही टलती जा रही है, लेकिन यह ‘जल्द ही’ हो सकती है। खुर्शीद ने कहा, ‘‘हमारी महत्वाकांक्षा अपने संबंधों को 634 मीटर ऊंची स्काईट्री कम्युनिकेशंस टावर से भी थोड़ा ऊंचा ले जाने की है।’’ यह टावर तोक्यो में एक नया लैंडमार्क है। खुर्शीद ने कहा, ‘‘सुरक्षा के क्षेत्र में हमारे बीच सहयोग बेहतर ढंग से आगे बढ़ रहा है। इस साल की शुरुआत में, हमने जापानी समुद्री आत्मरक्षा बल के प्रमुख का भारत में स्वागत किया और आपके रक्षा मंत्री इस साल के अंत तक भारत की यात्रा पर आने वाले हैं। भारत और जापान के बीच प्रथम समुद्री मामलों की वार्ता इस साल जनवरी में हुई।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एशिया की दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के तौर पर हम एशिया प्रशांत क्षेत्र में आपस में सहयोग बढ़ाने को सहमत हैं। विदेश मंत्री किशिदा और हम इस बात पर सहमत हैं कि भारत और जापान पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन की प्रक्रिया के भीतर अपने क्रियाकलापों के बीच तालमेल बिठाएंगे।’’ किशिदा ने कहा, ‘‘हम समुद्री सुरक्षा और संयुक्त प्रयासों के जरिए सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक दूसरे का सहयोग करने के साथ साथ द्विपक्षीय राजनीतिक वार्ता एवं जापान, अमेरिका व भारत के बीच त्रिपक्षीय राजनीतिक वार्ता को आगे बढ़ाने को सहमत हैं।’’ क्योदो के मुताबिक, दोनों देशों के बीच असैन्य परमाणु ऊर्जा सहयोग के तहत दोनों नेता द्विपक्षीय परमाणु ऊर्जा संधि पर बातचीत को आगे बढ़ाने पर भी सहमत हुए।टिप्पणियां दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की जापान यात्रा के बारे में भी चर्चा की जो पिछले साल नवंबर से ही टलती जा रही है, लेकिन यह ‘जल्द ही’ हो सकती है। खुर्शीद ने कहा, ‘‘हमारी महत्वाकांक्षा अपने संबंधों को 634 मीटर ऊंची स्काईट्री कम्युनिकेशंस टावर से भी थोड़ा ऊंचा ले जाने की है।’’ यह टावर तोक्यो में एक नया लैंडमार्क है। उन्होंने कहा, ‘‘एशिया की दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के तौर पर हम एशिया प्रशांत क्षेत्र में आपस में सहयोग बढ़ाने को सहमत हैं। विदेश मंत्री किशिदा और हम इस बात पर सहमत हैं कि भारत और जापान पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन की प्रक्रिया के भीतर अपने क्रियाकलापों के बीच तालमेल बिठाएंगे।’’ किशिदा ने कहा, ‘‘हम समुद्री सुरक्षा और संयुक्त प्रयासों के जरिए सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक दूसरे का सहयोग करने के साथ साथ द्विपक्षीय राजनीतिक वार्ता एवं जापान, अमेरिका व भारत के बीच त्रिपक्षीय राजनीतिक वार्ता को आगे बढ़ाने को सहमत हैं।’’ क्योदो के मुताबिक, दोनों देशों के बीच असैन्य परमाणु ऊर्जा सहयोग के तहत दोनों नेता द्विपक्षीय परमाणु ऊर्जा संधि पर बातचीत को आगे बढ़ाने पर भी सहमत हुए।टिप्पणियां दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की जापान यात्रा के बारे में भी चर्चा की जो पिछले साल नवंबर से ही टलती जा रही है, लेकिन यह ‘जल्द ही’ हो सकती है। खुर्शीद ने कहा, ‘‘हमारी महत्वाकांक्षा अपने संबंधों को 634 मीटर ऊंची स्काईट्री कम्युनिकेशंस टावर से भी थोड़ा ऊंचा ले जाने की है।’’ यह टावर तोक्यो में एक नया लैंडमार्क है। किशिदा ने कहा, ‘‘हम समुद्री सुरक्षा और संयुक्त प्रयासों के जरिए सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक दूसरे का सहयोग करने के साथ साथ द्विपक्षीय राजनीतिक वार्ता एवं जापान, अमेरिका व भारत के बीच त्रिपक्षीय राजनीतिक वार्ता को आगे बढ़ाने को सहमत हैं।’’ क्योदो के मुताबिक, दोनों देशों के बीच असैन्य परमाणु ऊर्जा सहयोग के तहत दोनों नेता द्विपक्षीय परमाणु ऊर्जा संधि पर बातचीत को आगे बढ़ाने पर भी सहमत हुए।टिप्पणियां दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की जापान यात्रा के बारे में भी चर्चा की जो पिछले साल नवंबर से ही टलती जा रही है, लेकिन यह ‘जल्द ही’ हो सकती है। खुर्शीद ने कहा, ‘‘हमारी महत्वाकांक्षा अपने संबंधों को 634 मीटर ऊंची स्काईट्री कम्युनिकेशंस टावर से भी थोड़ा ऊंचा ले जाने की है।’’ यह टावर तोक्यो में एक नया लैंडमार्क है। क्योदो के मुताबिक, दोनों देशों के बीच असैन्य परमाणु ऊर्जा सहयोग के तहत दोनों नेता द्विपक्षीय परमाणु ऊर्जा संधि पर बातचीत को आगे बढ़ाने पर भी सहमत हुए।टिप्पणियां दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की जापान यात्रा के बारे में भी चर्चा की जो पिछले साल नवंबर से ही टलती जा रही है, लेकिन यह ‘जल्द ही’ हो सकती है। खुर्शीद ने कहा, ‘‘हमारी महत्वाकांक्षा अपने संबंधों को 634 मीटर ऊंची स्काईट्री कम्युनिकेशंस टावर से भी थोड़ा ऊंचा ले जाने की है।’’ यह टावर तोक्यो में एक नया लैंडमार्क है। दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की जापान यात्रा के बारे में भी चर्चा की जो पिछले साल नवंबर से ही टलती जा रही है, लेकिन यह ‘जल्द ही’ हो सकती है। खुर्शीद ने कहा, ‘‘हमारी महत्वाकांक्षा अपने संबंधों को 634 मीटर ऊंची स्काईट्री कम्युनिकेशंस टावर से भी थोड़ा ऊंचा ले जाने की है।’’ यह टावर तोक्यो में एक नया लैंडमार्क है। खुर्शीद ने कहा, ‘‘हमारी महत्वाकांक्षा अपने संबंधों को 634 मीटर ऊंची स्काईट्री कम्युनिकेशंस टावर से भी थोड़ा ऊंचा ले जाने की है।’’ यह टावर तोक्यो में एक नया लैंडमार्क है।
सारांश: भारत और जापान द्विपक्षीय एवं वैश्विक साझेदारी विशेषकर आर्थिक एवं सुरक्षा क्षेत्रों में साझेदारी को बढ़ावा देने को सहमत हुए हैं। जापान ढांचागत सुविधाओं के निर्माण के लिए भारत को 2.32 अरब डॉलर की सहायता देगा।
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: एनसीपी मुखिया शरद पवार के भतीजे और महाराष्ट्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री अजीत पवार के खुलासे की वजह से कांग्रेस के माथे पर बल पड़ गया है. सोलापुर जिले के करमाला तहसील में आयोजित अपनी हालिया सभा में अजीत पवार ने दो टूक शब्दों में दावा किया कि कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिंह राव की सरकार बचाने के लिए सांसदों की खरीद-फरोख्त हुई थी. अपने चिर-परिचित अंदाज में मंच से सभा को संबोधित करते हुए अजीत पवार ने कह दिया कि वर्ष 1991 में जब वे पहली बार सांसद बने तब नरसिंह राव की सरकार को बहुमत के लिए कुछ सांसद कम पड़ रहे थे. ऐसे में कुछ सांसद तोड़े गए. वह भी महज 50-50 लाख रुपये में. ऐसी जानकारी उन्हें थी. तब अजीत पवार बारामती लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए थे. जिस चुनाव क्षेत्र की बाद में लंबे समय तक उनके चाचा शरद पवार ने नुमाइंदगी की. अपने इस बयान से पहले अजीत पवार यह बताने से भी नहीं चूके कि एक समय था जब 50 लाख रुपये में सांसद या विधायक बिकता था. आजकल तो एक पार्षद इतने पैसे में नहीं टूटता. इस बयान पर कांग्रेस सकते में आ चुकी है. अजीत पवार का बयान तब आया है जब महाराष्ट्र में निकाय चुनाव के लिए आचार संहिता लागू हो चुकी है और कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन का फैसला होना बाकी है.टिप्पणियां ऐसे में अजीत पवार के सीनियर रह चुके पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने आनन-फानन में यह खुलासा अस्वीकार कर दिया है. पार्टी के मुंबई स्थित मुख्यालय में मीडिया को दिए बयान में चव्हाण ने कहा कि कांग्रेस ऐसी पार्टी है ही नहीं कि पैसे के दम पर जनप्रतिनिधियों की खरीद-फ़रोख़्त करें. अजीत पवार जो कह रहे हैं उसकी बेहतर सूचना उन्हीं के पास होगी. ज्ञात हो कि भारतीय राजनीति में जेएमएम कांड के नाम से कुख्यात हो चुके केस में आरोप लगे थे कि पीवी नरसिंह राव सरकार को सत्ता में बने रहने के लिए रिश्वत दी गई, जिसे लेकर कोर्ट में मामला भी चला. अपने चिर-परिचित अंदाज में मंच से सभा को संबोधित करते हुए अजीत पवार ने कह दिया कि वर्ष 1991 में जब वे पहली बार सांसद बने तब नरसिंह राव की सरकार को बहुमत के लिए कुछ सांसद कम पड़ रहे थे. ऐसे में कुछ सांसद तोड़े गए. वह भी महज 50-50 लाख रुपये में. ऐसी जानकारी उन्हें थी. तब अजीत पवार बारामती लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए थे. जिस चुनाव क्षेत्र की बाद में लंबे समय तक उनके चाचा शरद पवार ने नुमाइंदगी की. अपने इस बयान से पहले अजीत पवार यह बताने से भी नहीं चूके कि एक समय था जब 50 लाख रुपये में सांसद या विधायक बिकता था. आजकल तो एक पार्षद इतने पैसे में नहीं टूटता. इस बयान पर कांग्रेस सकते में आ चुकी है. अजीत पवार का बयान तब आया है जब महाराष्ट्र में निकाय चुनाव के लिए आचार संहिता लागू हो चुकी है और कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन का फैसला होना बाकी है.टिप्पणियां ऐसे में अजीत पवार के सीनियर रह चुके पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने आनन-फानन में यह खुलासा अस्वीकार कर दिया है. पार्टी के मुंबई स्थित मुख्यालय में मीडिया को दिए बयान में चव्हाण ने कहा कि कांग्रेस ऐसी पार्टी है ही नहीं कि पैसे के दम पर जनप्रतिनिधियों की खरीद-फ़रोख़्त करें. अजीत पवार जो कह रहे हैं उसकी बेहतर सूचना उन्हीं के पास होगी. ज्ञात हो कि भारतीय राजनीति में जेएमएम कांड के नाम से कुख्यात हो चुके केस में आरोप लगे थे कि पीवी नरसिंह राव सरकार को सत्ता में बने रहने के लिए रिश्वत दी गई, जिसे लेकर कोर्ट में मामला भी चला. अपने इस बयान से पहले अजीत पवार यह बताने से भी नहीं चूके कि एक समय था जब 50 लाख रुपये में सांसद या विधायक बिकता था. आजकल तो एक पार्षद इतने पैसे में नहीं टूटता. इस बयान पर कांग्रेस सकते में आ चुकी है. अजीत पवार का बयान तब आया है जब महाराष्ट्र में निकाय चुनाव के लिए आचार संहिता लागू हो चुकी है और कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन का फैसला होना बाकी है.टिप्पणियां ऐसे में अजीत पवार के सीनियर रह चुके पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने आनन-फानन में यह खुलासा अस्वीकार कर दिया है. पार्टी के मुंबई स्थित मुख्यालय में मीडिया को दिए बयान में चव्हाण ने कहा कि कांग्रेस ऐसी पार्टी है ही नहीं कि पैसे के दम पर जनप्रतिनिधियों की खरीद-फ़रोख़्त करें. अजीत पवार जो कह रहे हैं उसकी बेहतर सूचना उन्हीं के पास होगी. ज्ञात हो कि भारतीय राजनीति में जेएमएम कांड के नाम से कुख्यात हो चुके केस में आरोप लगे थे कि पीवी नरसिंह राव सरकार को सत्ता में बने रहने के लिए रिश्वत दी गई, जिसे लेकर कोर्ट में मामला भी चला. इस बयान पर कांग्रेस सकते में आ चुकी है. अजीत पवार का बयान तब आया है जब महाराष्ट्र में निकाय चुनाव के लिए आचार संहिता लागू हो चुकी है और कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन का फैसला होना बाकी है.टिप्पणियां ऐसे में अजीत पवार के सीनियर रह चुके पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने आनन-फानन में यह खुलासा अस्वीकार कर दिया है. पार्टी के मुंबई स्थित मुख्यालय में मीडिया को दिए बयान में चव्हाण ने कहा कि कांग्रेस ऐसी पार्टी है ही नहीं कि पैसे के दम पर जनप्रतिनिधियों की खरीद-फ़रोख़्त करें. अजीत पवार जो कह रहे हैं उसकी बेहतर सूचना उन्हीं के पास होगी. ज्ञात हो कि भारतीय राजनीति में जेएमएम कांड के नाम से कुख्यात हो चुके केस में आरोप लगे थे कि पीवी नरसिंह राव सरकार को सत्ता में बने रहने के लिए रिश्वत दी गई, जिसे लेकर कोर्ट में मामला भी चला. ऐसे में अजीत पवार के सीनियर रह चुके पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने आनन-फानन में यह खुलासा अस्वीकार कर दिया है. पार्टी के मुंबई स्थित मुख्यालय में मीडिया को दिए बयान में चव्हाण ने कहा कि कांग्रेस ऐसी पार्टी है ही नहीं कि पैसे के दम पर जनप्रतिनिधियों की खरीद-फ़रोख़्त करें. अजीत पवार जो कह रहे हैं उसकी बेहतर सूचना उन्हीं के पास होगी. ज्ञात हो कि भारतीय राजनीति में जेएमएम कांड के नाम से कुख्यात हो चुके केस में आरोप लगे थे कि पीवी नरसिंह राव सरकार को सत्ता में बने रहने के लिए रिश्वत दी गई, जिसे लेकर कोर्ट में मामला भी चला. ज्ञात हो कि भारतीय राजनीति में जेएमएम कांड के नाम से कुख्यात हो चुके केस में आरोप लगे थे कि पीवी नरसिंह राव सरकार को सत्ता में बने रहने के लिए रिश्वत दी गई, जिसे लेकर कोर्ट में मामला भी चला.
संक्षिप्त सारांश: नरसिंह राव की सरकार को बहुमत के लिए कुछ सांसद कम पड़ रहे थे : अजीत पवार अजीत पवार बोले, एक समय था जब 50 लाख रुपये में सांसद या विधायक बिकता था. इस बयान पर कांग्रेस सकते में आ चुकी है.
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ये पोस्टर बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद की तरफ से लगाए गए हैं, जिनमें योगेश राज लोगों को मकर संक्रांति और गणतंत्र दिवस की बधाई दे रहा है. योगेश राज की गिरफ्तारी के बाद बजरंग दल ने कहा था कि उनका नेता बेगुनाह है. योगेश राज हिंसा के बाद एक महीने तक फरार रहा, हालांकि, इस दौरान उसने वीडियो भी जारी किए, जिसमें उसने खुद को बेगुनाह बताया था. वीडियो सामने आने के बाद प्रदेश की पुलिस पर उसको लेकर सॉफ्ट नजरिया रखने का आरोप लगा था. इतना ही नहीं, बल्कि सीएम योगी आदित्यनाथ का भी सुरक्षा समीक्षा बैठक में हिंसा की घटना पर कम ध्यान देते हुए गोकशी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने पर जोर रहा. पुलिस के मुताबिक योगेश राज की गोकशी की शिकायत में फर्जी नाम भी थे. हिंसा तब भड़की थी, जब योगेश राज और पुलिस में बहस हुई. भीड़ ने वहां स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश में लगी पुलिस पर हमला कर दिया. इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह को भीड़ ने घेर लिया और खेत में गोली मारकर उनका मर्डर कर दिया गया. बता दें, यूपी पुलिस ने 10 जनवरी को बुलंदशहर हिंसा मामले के एक मुख्य आरोपी शिखर अग्रवाल को गिरफ्तार किया था. बताया जा रहा है कि शिखर अग्रवाल बीजेपी यूथ विंग से जुड़ा है और वह घटना के बाद से ही फरार चल रहा था. बुलंदशहर मामले में शिखर की गिरफ्तारी यूपी के हापुड़ से हुई थी. शिखर पर हिंसा भड़काने का आरोप है. शिखर अग्रवाल को बीजेपी युवा मोर्चा का स्याना नगर अध्यक्ष बताया जा रहा है. इतना ही नहीं, स्याना- चिंगरावठी बवाल में वह पहले नामजद आरोपी है.
यहाँ एक सारांश है:बुलंदशहर हिंसा का मुख्य आरोपी है योगेश राज बजरंग दल के पोस्टर्स में दिया दिखाया मकर संक्रांति की दे रहा है बधाई
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाली चार मैचों की टेस्ट सीरीज में अम्पायर डिसीजन रिव्यू सिस्टम (यूडीआरएस) का प्रयोग नहीं होगा। इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) इसके पक्ष में था लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने एक आधिकारिक पत्र के माध्यम से इस सम्बंध में अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। वेबसाइट 'क्रिक इंफो डॉट कॉम' ने ईसीबी के प्रवक्ता के हवाले से लिखा है, "ईसीबी को आगामी सीरीज में तकनीक के उपयोग को लेकर कोई परेशानी नहीं थी लेकिन बीसीसीआई ने इसे लेकर साफ इनकार कर दिया है। बीसीसीआई ने साफ कर दिया है कि वह टेस्ट और एकदिवसीय मैचों मे इस तकनीक के उपयोग के पक्ष में नहीं है।" आईसीसी के नियमों के मुताबिक यूडीआरएस का उपयोग सीरीज में शामिल होने वाले देशों की सहमति के बाद ही हो सकता है। ऐसे में जबकि इंग्लैंड ने इसके प्रयोग को लेकर इच्छा जाहिर की थी, भारत द्वारा इस प्रस्ताव को अस्वीकार किए जाने के बाद अब रास्ता बिल्कुल साफ हो गया है। सचिन तेंदुलकर और महेंद्र सिंह धोनी सहित कई प्रमुख भारतीय क्रिकेटरों ने हाल के दिनों में यूडीआरएस का विरोध किया है। भारतीय खिलाड़ियों का मानना है कि तकनीक पर एक सीमा तक ही विश्वास किया जा सकता है। धोनी ने यूडीआरएस का जमकर विरोध किया है। विश्व कप मुकाबले में इयान बेल को आउट नहीं दिए जाने के बाद तो उनका विरोध और मुखर हो गया है। वेस्टइंडीज और द. अफ्रीका के साथ खेली गई टेस्ट सीरीज के दौरान यूडीआरएस के उपयोग को लेकर सहमति नहीं बन पाने के बाद ईसीबी भारत के खिलाफ होने वाली सीरीज में इसके उपयोग को लेकर मन बना चुका था। ईसीबी का मानना है कि क्रिकेट में तकनीक के बढ़ते दखल के कारण खिलाड़ियों को ही फायदा हुआ है।
संक्षिप्त सारांश: भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाली चार मैचों की टेस्ट सीरीज में अम्पायर डिसीजन रिव्यू सिस्टम (यूडीआरएस) का प्रयोग नहीं होगा।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बॉक्सर विजेंदर सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। स्पोर्ट्स अथोरिटी ऑफ इंडिया यानी साई ने विजेंदर की छुट्टी बढ़ाने की अर्जी खारिज कर दी है। माना जा रहा है कि इसके चलते विजेंदर पटियाला कैंप में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। विजेंदर ने 14 अप्रैल तक छुट्टी बढ़ाने की अर्जी दी थी, लेकिन स्पोर्टस अथोरिटी ऑफ इंडिया ने रुख कड़ा करते हुए साफ कर दिया है कि अगर विजेंदर 8 अप्रैल तक नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ स्पोर्टस पटियाला में ट्रेनिंग कैंप में हिस्सा लेने नहीं पहुंचे तो क्यूबा और रूस में होने वाली अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। खबर है कि मार्च के महीने में साई तीन बार विजेंदर की अर्जी पर छुट्टी बढ़ा चुका है।टिप्पणियां उधर, विजेंदर सिंह के मामले में पंजाब पुलिस सवालों के घेरे में है। विजेंदर के दोस्त के दिनेश कुमार के बाद अब उनके कोच जगदीश कुमार का भी कहना है कि ऐसा लग रहा है कि पंजाब पुलिस विजेंदर को फंसा रही है। विजेंदर के कोच ने एनडीटीवी से कहा कि पंजाब पुलिस राम सिंह का जबरन बयान ले रही है। वहीं फतेहगढ़ साहिब पुलिस का कहना है कि इन लोगों के दावे में कोई दम नहीं है। पुलिस अब भी कह रही है कि विजेंदर की कार ड्रग्स तस्कर के घर के बाहर मिली थी और उसके पास ये साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं कि विजेंदर और राम सिंह के ड्रग्स तस्कर कहलों के साथ रिश्ते थे। पंजाब पुलिस फोरेंसिक सबूत जुटाने के लिए विजेंदर के ब्लड और बालों के सैंपल के लिए लगातार दबाव डाल रही है। विजेंदर ने 14 अप्रैल तक छुट्टी बढ़ाने की अर्जी दी थी, लेकिन स्पोर्टस अथोरिटी ऑफ इंडिया ने रुख कड़ा करते हुए साफ कर दिया है कि अगर विजेंदर 8 अप्रैल तक नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ स्पोर्टस पटियाला में ट्रेनिंग कैंप में हिस्सा लेने नहीं पहुंचे तो क्यूबा और रूस में होने वाली अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। खबर है कि मार्च के महीने में साई तीन बार विजेंदर की अर्जी पर छुट्टी बढ़ा चुका है।टिप्पणियां उधर, विजेंदर सिंह के मामले में पंजाब पुलिस सवालों के घेरे में है। विजेंदर के दोस्त के दिनेश कुमार के बाद अब उनके कोच जगदीश कुमार का भी कहना है कि ऐसा लग रहा है कि पंजाब पुलिस विजेंदर को फंसा रही है। विजेंदर के कोच ने एनडीटीवी से कहा कि पंजाब पुलिस राम सिंह का जबरन बयान ले रही है। वहीं फतेहगढ़ साहिब पुलिस का कहना है कि इन लोगों के दावे में कोई दम नहीं है। पुलिस अब भी कह रही है कि विजेंदर की कार ड्रग्स तस्कर के घर के बाहर मिली थी और उसके पास ये साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं कि विजेंदर और राम सिंह के ड्रग्स तस्कर कहलों के साथ रिश्ते थे। पंजाब पुलिस फोरेंसिक सबूत जुटाने के लिए विजेंदर के ब्लड और बालों के सैंपल के लिए लगातार दबाव डाल रही है। खबर है कि मार्च के महीने में साई तीन बार विजेंदर की अर्जी पर छुट्टी बढ़ा चुका है।टिप्पणियां उधर, विजेंदर सिंह के मामले में पंजाब पुलिस सवालों के घेरे में है। विजेंदर के दोस्त के दिनेश कुमार के बाद अब उनके कोच जगदीश कुमार का भी कहना है कि ऐसा लग रहा है कि पंजाब पुलिस विजेंदर को फंसा रही है। विजेंदर के कोच ने एनडीटीवी से कहा कि पंजाब पुलिस राम सिंह का जबरन बयान ले रही है। वहीं फतेहगढ़ साहिब पुलिस का कहना है कि इन लोगों के दावे में कोई दम नहीं है। पुलिस अब भी कह रही है कि विजेंदर की कार ड्रग्स तस्कर के घर के बाहर मिली थी और उसके पास ये साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं कि विजेंदर और राम सिंह के ड्रग्स तस्कर कहलों के साथ रिश्ते थे। पंजाब पुलिस फोरेंसिक सबूत जुटाने के लिए विजेंदर के ब्लड और बालों के सैंपल के लिए लगातार दबाव डाल रही है। उधर, विजेंदर सिंह के मामले में पंजाब पुलिस सवालों के घेरे में है। विजेंदर के दोस्त के दिनेश कुमार के बाद अब उनके कोच जगदीश कुमार का भी कहना है कि ऐसा लग रहा है कि पंजाब पुलिस विजेंदर को फंसा रही है। विजेंदर के कोच ने एनडीटीवी से कहा कि पंजाब पुलिस राम सिंह का जबरन बयान ले रही है। वहीं फतेहगढ़ साहिब पुलिस का कहना है कि इन लोगों के दावे में कोई दम नहीं है। पुलिस अब भी कह रही है कि विजेंदर की कार ड्रग्स तस्कर के घर के बाहर मिली थी और उसके पास ये साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं कि विजेंदर और राम सिंह के ड्रग्स तस्कर कहलों के साथ रिश्ते थे। पंजाब पुलिस फोरेंसिक सबूत जुटाने के लिए विजेंदर के ब्लड और बालों के सैंपल के लिए लगातार दबाव डाल रही है। विजेंदर के कोच ने एनडीटीवी से कहा कि पंजाब पुलिस राम सिंह का जबरन बयान ले रही है। वहीं फतेहगढ़ साहिब पुलिस का कहना है कि इन लोगों के दावे में कोई दम नहीं है। पुलिस अब भी कह रही है कि विजेंदर की कार ड्रग्स तस्कर के घर के बाहर मिली थी और उसके पास ये साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं कि विजेंदर और राम सिंह के ड्रग्स तस्कर कहलों के साथ रिश्ते थे। पंजाब पुलिस फोरेंसिक सबूत जुटाने के लिए विजेंदर के ब्लड और बालों के सैंपल के लिए लगातार दबाव डाल रही है।
संक्षिप्त सारांश: स्पोर्टस अथोरिटी ऑफ इंडिया यानी साई ने बॉक्सर विजेंदर सिंह की छुट्टी बढ़ाने की अर्जी खारिज कर दी है। माना जा रहा है कि इसके चलते विजेंदर पटियाला कैंप में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: गत 11 जुलाई को किरण बाला नाम की महिला जब बच्चे को स्कूल छोड़कर घर जा रही थी तभी चलती कार में महिला पर बाइक से आए दो बदमाशों ने फायरिंग की थी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी. पुलिस के मुताबिक घायल महिला प्रॉपर्टी डीलर है. उसकी दोस्ती एक दूसरे प्रॉपर्टी डीलर प्रेमचंद से हो गई थी और दोनों करीब आ गए थे. जब इस महिला के बारे में प्रेमचंद के घरवालों को पता चला तो घर में झगड़ा होने लगा. इसी के चलते प्रेमचंद ने दिसम्बर 2018 में आत्महत्या कर ली. इसी बात से नाराज़ प्रेमचंद के भतीजे चन्द्रप्रकाश ने महिला राजबाला को अपने घर की बर्बादी की जिम्मेदार मानते हुए उसकी हत्या करने की ठान ली. चन्द्रप्रकाश 2015 में हुई एक हत्या के मामले में जेल गया था. तब उसकी दोस्ती एक रेप केस के मामले में बंद गिरिराज सिंह तोमर से हुई. चन्द्रप्रकाश ने महिला की हत्या की सुपारी पांच लाख रुपये में अपने दोस्त गिरिराज को दे दी. इसमें से दो लाख रुपये पहली किस्त के तौर पर दे दिए. गिरिराज ने मेरठ के रहने वाले गुलाब से हथियार लिए और नरेंद्र ने मोटरसाइकिल की व्यवस्था की. इसके बाद गिरिराज और उसका दोस्त पिंकू बाइक पर सवार होकर आए और महिला पर चलती कार में फायरिंग की. महिला घायल हो गई और उसकी कार फुटपाथ से टकरा गई. पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने चकमा देने के लिए वारदात के बाद तीन जगहों पर कपड़े बदले और एक जगह बाइक बदली. यही नहीं, कुछ जगहों पर वे मोबाइल फोन पर बात करते नजर आए लेकिन हकीकत में वे बात नहीं कर रहे थे, क्योंकि मोबाइल सर्विलांस में ऐसा कुछ नहीं आया. पुलिस ने करीब 40 किलोमीटर के रास्ते के सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिससे आरोपियों का सुराग मिला और वे दिल्ली के फतेहपुर बेरी इलाके से पकड़े गए. पुलिस ने इनके पास से तीन पिस्तौल,15 कारतूस और दो बाइक बरामद की हैं.
भागते हुए कपड़े बदलते रहे आरोपी रास्ते में एक जगह बाइक भी बदली भ्रमित करने के लिए मोबाइल पर बात करने का ढोंग किया
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स आज शुरुआती कारोबार में 77 अंक की बढ़त के साथ खुला। डेरिवेटिव खंड में मासिक निपटान से पहले भागीदारों की शॉर्ट कवरिंग से बाजार में तेजी आई।टिप्पणियां बुधवार को 62.24 अंक नुकसान में रहने वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 77.13 अंक या 0.41 फीसदी की बढ़त के साथ 18,709.30 अंक पर पहुंच गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 21.95 अंक या 0.38 फीसदी की बढ़त के साथ 5,685.40 अंक पर पहुंच गया। बुधवार को 62.24 अंक नुकसान में रहने वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 77.13 अंक या 0.41 फीसदी की बढ़त के साथ 18,709.30 अंक पर पहुंच गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 21.95 अंक या 0.38 फीसदी की बढ़त के साथ 5,685.40 अंक पर पहुंच गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 21.95 अंक या 0.38 फीसदी की बढ़त के साथ 5,685.40 अंक पर पहुंच गया।
यह एक सारांश है: बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स आज शुरुआती कारोबार में 77 अंक की बढ़त के साथ खुला। डेरिवेटिव खंड में मासिक निपटान से पहले भागीदारों की शॉर्ट कवरिंग से बाजार में तेजी आई।
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अबु धाबी से कोच्चि आ रहे विमान के अपहरण मामले में छह लोगों से पूछताछ की जा रही है। केरल सरकार ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। इस अफरातफरी में नौ घंटे तक विमान एयरपोर्ट पर ही खड़ा रहा। दरअसल, तिरुअनंतपुरम के एयरपोर्ट पर शुक्रवार को उस समय हंगामा मच गया, जब एक पायलट ने एयरपोर्ट अधिकारियों को 'हाईजैक' संदेश भेजा। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक एयर इंडिया का यह विमान अबू धाबी से कोच्चि के लिए जा रहा था, लेकिन कथित तौर पर किसी तकनीकी खराबी के चलते इसे तिरुअनंतपुरम की ओर मोड़ दिया गया था। इस तरह विमान का रास्ता बदले जाने का विरोध करने और विस्तृत जानकारी हासिल करने के लिए विमान में सवार यात्रियों ने कथित रूप से हंगामा किया और विमान से उतरने से इनकार कर दिया। इसके बाद विमान के चालक दल ने कथित रूप से जब अपनी ड्यूटी खत्म होने की बात कही।टिप्पणियां इससे यात्री और भड़क गए और उन्होंने जबर्दस्ती कॉकपिट में घुसने की कोशिश की, जिससे घबराकर पायलट ने 'हाईजैक' संदेश जारी कर दिया। इसके तुरंत बाद हवाई अड्डे पर अफरातफरी मच गई। कमांडोज  ने विमान को घेर लिया, लेकिन बाद में इसे रवाना कर दिया गया। नई दिल्ली स्थित सूत्रों ने बताया कि विमानन क्षेत्र की विनियामक संस्था नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। दरअसल, तिरुअनंतपुरम के एयरपोर्ट पर शुक्रवार को उस समय हंगामा मच गया, जब एक पायलट ने एयरपोर्ट अधिकारियों को 'हाईजैक' संदेश भेजा। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक एयर इंडिया का यह विमान अबू धाबी से कोच्चि के लिए जा रहा था, लेकिन कथित तौर पर किसी तकनीकी खराबी के चलते इसे तिरुअनंतपुरम की ओर मोड़ दिया गया था। इस तरह विमान का रास्ता बदले जाने का विरोध करने और विस्तृत जानकारी हासिल करने के लिए विमान में सवार यात्रियों ने कथित रूप से हंगामा किया और विमान से उतरने से इनकार कर दिया। इसके बाद विमान के चालक दल ने कथित रूप से जब अपनी ड्यूटी खत्म होने की बात कही।टिप्पणियां इससे यात्री और भड़क गए और उन्होंने जबर्दस्ती कॉकपिट में घुसने की कोशिश की, जिससे घबराकर पायलट ने 'हाईजैक' संदेश जारी कर दिया। इसके तुरंत बाद हवाई अड्डे पर अफरातफरी मच गई। कमांडोज  ने विमान को घेर लिया, लेकिन बाद में इसे रवाना कर दिया गया। नई दिल्ली स्थित सूत्रों ने बताया कि विमानन क्षेत्र की विनियामक संस्था नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक एयर इंडिया का यह विमान अबू धाबी से कोच्चि के लिए जा रहा था, लेकिन कथित तौर पर किसी तकनीकी खराबी के चलते इसे तिरुअनंतपुरम की ओर मोड़ दिया गया था। इस तरह विमान का रास्ता बदले जाने का विरोध करने और विस्तृत जानकारी हासिल करने के लिए विमान में सवार यात्रियों ने कथित रूप से हंगामा किया और विमान से उतरने से इनकार कर दिया। इसके बाद विमान के चालक दल ने कथित रूप से जब अपनी ड्यूटी खत्म होने की बात कही।टिप्पणियां इससे यात्री और भड़क गए और उन्होंने जबर्दस्ती कॉकपिट में घुसने की कोशिश की, जिससे घबराकर पायलट ने 'हाईजैक' संदेश जारी कर दिया। इसके तुरंत बाद हवाई अड्डे पर अफरातफरी मच गई। कमांडोज  ने विमान को घेर लिया, लेकिन बाद में इसे रवाना कर दिया गया। नई दिल्ली स्थित सूत्रों ने बताया कि विमानन क्षेत्र की विनियामक संस्था नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। इससे यात्री और भड़क गए और उन्होंने जबर्दस्ती कॉकपिट में घुसने की कोशिश की, जिससे घबराकर पायलट ने 'हाईजैक' संदेश जारी कर दिया। इसके तुरंत बाद हवाई अड्डे पर अफरातफरी मच गई। कमांडोज  ने विमान को घेर लिया, लेकिन बाद में इसे रवाना कर दिया गया। नई दिल्ली स्थित सूत्रों ने बताया कि विमानन क्षेत्र की विनियामक संस्था नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। नई दिल्ली स्थित सूत्रों ने बताया कि विमानन क्षेत्र की विनियामक संस्था नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
संक्षिप्त पाठ: अबु धाबी से कोच्चि आ रहे विमान के अपहरण मामले में छह लोगों से पूछताछ की जा रही है। केरल सरकार ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। इस अफरातफरी में नौ घंटे तक विमान एयरपोर्ट पर ही खड़ा रहा।
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान की जेल से 6 साल बाद स्वदेश लौटने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर हामिद नेहाल अंसारी (Hamid Nihal Ansari) ने युवाओं को सोशल मीडिया पर प्यार के इजहार को लेकर नसीहत दी है. उन्होंने कहा है कि युवाओं को चाहिए कि वह कभी किसी से फेसबुक पर प्यार का इजहार न करें. बता दें कि फेसबुक (Facebook) पर ही हामिद नेहाल अंसारी को पाकिस्तान की एक लड़की से प्यार हुआ था. उसे जबरन शादी से बचाने के लिए हामिद (Hamid Nihal Ansari) अफगानिस्तान के रास्ते पाकिस्तान गए लेकिन इससे पहले की वह लड़की से मिल पाते उसे गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया. इसके बाद उन्हें पाकिस्तान की जेल से निकल भारत आने में 6 साल लग गए. हामिद नेहाल अंसारी (Hamid Nihal Ansari) ने मुंबई स्थित अपने घर पहुंचने पर कहा कि युवाओं को कभी भी अपने अभिभावकों से कुछ नहीं छिपाना चाहिए, मुश्किल समय में वही हमेशा आपके साथ खड़े रहते हैं. गौरतलब है कि हामिद ने भारत पहुंचने पर पहले अपने अभिभावक के साथ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की थी. इस दौरान भारत सरकार और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का शुक्रिया अदा भी किया था. उन्होंने इस दौरान छलकते आंसुओं के साथ कहा सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) का धन्यवाद दिया था साथ ही कहा था कि मेरा भारत महान और मेरी मैडम महान. इस मुलाकात के दौरान हामिद नेहाल अंसारी ने सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) से अपनी गलती के लिए माफी भी मांगी. उन्होंने विदेश मंत्री (Sushma Swaraj) से कहा कि कृपया मुझे माफ कर दीजिए . बता दें कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अंसारी के मामले की खुद ही निगरानी की थी. हामिद के स्वदेश लौटने के बाद सुषमा स्वराज ने उनके साहस की सराहना की और कहा कि नियति उन्हें उस देश (पाकिस्तान) में ले गई और उसके लिए उन्हें दुखी नहीं होना चाहिए. गौरतलब है कि अंसारी को 2012 में कथित तौर पर अवैध तरीके से अफगानिस्तान से पाकिस्तान में प्रवेश करने पर गिरफ्तार कर लिया गया था. खबरों के मुताबिक वह एक लड़की से मिलने पाकिस्तान गए थे, जिनसे उनकी इंटरनेट पर दोस्ती हुई थी.मंगलवार को स्वदेश लौटे अंसारी से सुषमा ने कहा कि आपके पास काफी साहस है.आपको माफी नहीं मांगनी चाहिए.पाकिस्तान में कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए सहयोग करने को लेकर अंसारी की मां फौजिया ने भी विदेश मंत्री एवं उनके मंत्रालय का शुक्रिया अदा किया.       अंसारी के पिता नेहाल अंसारी ने अपने बेटे के स्वदेश वापसी पर कहा कि यह उसके और हमारे लिए  एक नयी सुबह है. वहीं अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को भारत लौटे 33 वर्षीय अंसारी पाकिस्तान में अपने जीवन के सबसे मुश्किल वक्त के बारे में बात करते हुए भावुक हो गए.
संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तान की लड़की से हुआ था हामिद को प्यार अफगानिस्तान के रास्ते गए थे पाकिस्तान नई दिल्ली में विदेश मंत्री से भी मिले थे हामिद
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: ऐसा कोई दिन नहीं बीतता जब जगन मोहन रेड्डी आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावारी जिले का दौरा कर वोट न मांगते हों। इस 38 वर्षीय नेता का रैली करना और हर दरवाजे पर वोट के लिए जाना जैसे आम बात हो गई हो। मई के अंत तक इस क्षेत्र की 18 विधानसभा सीटों के लिए मतदान होना है और एक लोकसभा सीट नेल्लोर के लिए भी उपचुनाव होना है। चुनाव आयोग को इन इलाकों के भावी चुनाव की तारीख अभी तय करनी है लेकिन जगन मोहन ने अभी से इन इलाकों में सिलसिलेवार तरीके से चुनावी दौरा आरंभ कर रखा है। खबर यहां तक है कि सीबीआई उन्हें भ्रष्टाचार के मामलों में गिरफ्तार भी कर सकती है। वहीं, इस युवा नेता ने अपने पर लगाए सभी आरोपों के लिए अपनी पूर्व पार्टी कांग्रेस को दोषी बता रहे हैं। चार्जशीट में जगन मोहन के पिता और कांग्रेस के दिग्गज नेता और तत्कालीन मुख्यमंत्री वाईएसआर रेड्डी का भी नाम लिखा गया है। वाईएसआर की 2009 में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई थी। पश्चिम गोदावरी का इलाका वही इलाका है जहां पर वाईएसआर का काफी दबदबा था और सीबीआई की चार्जशीट जो यह कह रही है कि यदि वाईएसआर यदि जिंदा होता तब इस मामले में उनपर मुकदमा चलाया जाता। और यहीं से जगन मोहन को अपने चुनावी भाषण में जान फूंकने का मौका देता है। जगन मोहन लोगों से कह रहे हैं कि जनता इन चुनावों में न केवल राज्य की कांग्रेस सरकार को सबक सिखाए बल्कि दिल्ली में बैठे उनके रिमोट कंट्रोल को भी सबक सिखाने के लिए वोट करे। सीबीआई कह रही है कि आज जगन के पास 365 करोड़ रुपये की सम्पत्ति है जो उनके पिता के मुख्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान बढ़ी। सीबीआई का कहना है कि वाईएसआर ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कंपनियों पर दबाव बनाया और जगन की कंपनियों में इनवेस्ट करवाया।टिप्पणियां पिता की आकस्मिक मौत के बाद जगन कांग्रेस से बाहर हो गए क्योंकि उन्हें उनके पिता के बाद सीएम नहीं बनाया गया। उसके बाद जगन ने अपनी एक अलग पार्टी बनाई और पूरे राज्य में ओदार्पू यात्रा की ताकि लोगों से सहानुभूति हासिल की जा सके। इस यात्रा को राज्य में अपार सफलता मिली। फिलहाल जगन के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला ज्यादा चिंतनीनय नहीं लग रहा है। पिछले महीने राज्य में सात सीटों पर हुए विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस एक भी सीट हासिल नहीं कर पाई। अभी कांग्रेस जहां एक तरफ पार्टी में नेताओं की आपसी लड़ाई से जूझ रही है वहीं दूसरी तरफ राज्य के ऐसी तमाम मुद्दे जैसे तेलंगाना का मुद्दा, पर नेता अभी तक यह तय नहीं कर पाए हैं कि वह किस ओर बैठें। चुनाव आयोग को इन इलाकों के भावी चुनाव की तारीख अभी तय करनी है लेकिन जगन मोहन ने अभी से इन इलाकों में सिलसिलेवार तरीके से चुनावी दौरा आरंभ कर रखा है। खबर यहां तक है कि सीबीआई उन्हें भ्रष्टाचार के मामलों में गिरफ्तार भी कर सकती है। वहीं, इस युवा नेता ने अपने पर लगाए सभी आरोपों के लिए अपनी पूर्व पार्टी कांग्रेस को दोषी बता रहे हैं। चार्जशीट में जगन मोहन के पिता और कांग्रेस के दिग्गज नेता और तत्कालीन मुख्यमंत्री वाईएसआर रेड्डी का भी नाम लिखा गया है। वाईएसआर की 2009 में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई थी। पश्चिम गोदावरी का इलाका वही इलाका है जहां पर वाईएसआर का काफी दबदबा था और सीबीआई की चार्जशीट जो यह कह रही है कि यदि वाईएसआर यदि जिंदा होता तब इस मामले में उनपर मुकदमा चलाया जाता। और यहीं से जगन मोहन को अपने चुनावी भाषण में जान फूंकने का मौका देता है। जगन मोहन लोगों से कह रहे हैं कि जनता इन चुनावों में न केवल राज्य की कांग्रेस सरकार को सबक सिखाए बल्कि दिल्ली में बैठे उनके रिमोट कंट्रोल को भी सबक सिखाने के लिए वोट करे। सीबीआई कह रही है कि आज जगन के पास 365 करोड़ रुपये की सम्पत्ति है जो उनके पिता के मुख्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान बढ़ी। सीबीआई का कहना है कि वाईएसआर ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कंपनियों पर दबाव बनाया और जगन की कंपनियों में इनवेस्ट करवाया।टिप्पणियां पिता की आकस्मिक मौत के बाद जगन कांग्रेस से बाहर हो गए क्योंकि उन्हें उनके पिता के बाद सीएम नहीं बनाया गया। उसके बाद जगन ने अपनी एक अलग पार्टी बनाई और पूरे राज्य में ओदार्पू यात्रा की ताकि लोगों से सहानुभूति हासिल की जा सके। इस यात्रा को राज्य में अपार सफलता मिली। फिलहाल जगन के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला ज्यादा चिंतनीनय नहीं लग रहा है। पिछले महीने राज्य में सात सीटों पर हुए विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस एक भी सीट हासिल नहीं कर पाई। अभी कांग्रेस जहां एक तरफ पार्टी में नेताओं की आपसी लड़ाई से जूझ रही है वहीं दूसरी तरफ राज्य के ऐसी तमाम मुद्दे जैसे तेलंगाना का मुद्दा, पर नेता अभी तक यह तय नहीं कर पाए हैं कि वह किस ओर बैठें। पश्चिम गोदावरी का इलाका वही इलाका है जहां पर वाईएसआर का काफी दबदबा था और सीबीआई की चार्जशीट जो यह कह रही है कि यदि वाईएसआर यदि जिंदा होता तब इस मामले में उनपर मुकदमा चलाया जाता। और यहीं से जगन मोहन को अपने चुनावी भाषण में जान फूंकने का मौका देता है। जगन मोहन लोगों से कह रहे हैं कि जनता इन चुनावों में न केवल राज्य की कांग्रेस सरकार को सबक सिखाए बल्कि दिल्ली में बैठे उनके रिमोट कंट्रोल को भी सबक सिखाने के लिए वोट करे। सीबीआई कह रही है कि आज जगन के पास 365 करोड़ रुपये की सम्पत्ति है जो उनके पिता के मुख्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान बढ़ी। सीबीआई का कहना है कि वाईएसआर ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कंपनियों पर दबाव बनाया और जगन की कंपनियों में इनवेस्ट करवाया।टिप्पणियां पिता की आकस्मिक मौत के बाद जगन कांग्रेस से बाहर हो गए क्योंकि उन्हें उनके पिता के बाद सीएम नहीं बनाया गया। उसके बाद जगन ने अपनी एक अलग पार्टी बनाई और पूरे राज्य में ओदार्पू यात्रा की ताकि लोगों से सहानुभूति हासिल की जा सके। इस यात्रा को राज्य में अपार सफलता मिली। फिलहाल जगन के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला ज्यादा चिंतनीनय नहीं लग रहा है। पिछले महीने राज्य में सात सीटों पर हुए विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस एक भी सीट हासिल नहीं कर पाई। अभी कांग्रेस जहां एक तरफ पार्टी में नेताओं की आपसी लड़ाई से जूझ रही है वहीं दूसरी तरफ राज्य के ऐसी तमाम मुद्दे जैसे तेलंगाना का मुद्दा, पर नेता अभी तक यह तय नहीं कर पाए हैं कि वह किस ओर बैठें। सीबीआई कह रही है कि आज जगन के पास 365 करोड़ रुपये की सम्पत्ति है जो उनके पिता के मुख्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान बढ़ी। सीबीआई का कहना है कि वाईएसआर ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कंपनियों पर दबाव बनाया और जगन की कंपनियों में इनवेस्ट करवाया।टिप्पणियां पिता की आकस्मिक मौत के बाद जगन कांग्रेस से बाहर हो गए क्योंकि उन्हें उनके पिता के बाद सीएम नहीं बनाया गया। उसके बाद जगन ने अपनी एक अलग पार्टी बनाई और पूरे राज्य में ओदार्पू यात्रा की ताकि लोगों से सहानुभूति हासिल की जा सके। इस यात्रा को राज्य में अपार सफलता मिली। फिलहाल जगन के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला ज्यादा चिंतनीनय नहीं लग रहा है। पिछले महीने राज्य में सात सीटों पर हुए विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस एक भी सीट हासिल नहीं कर पाई। अभी कांग्रेस जहां एक तरफ पार्टी में नेताओं की आपसी लड़ाई से जूझ रही है वहीं दूसरी तरफ राज्य के ऐसी तमाम मुद्दे जैसे तेलंगाना का मुद्दा, पर नेता अभी तक यह तय नहीं कर पाए हैं कि वह किस ओर बैठें। पिता की आकस्मिक मौत के बाद जगन कांग्रेस से बाहर हो गए क्योंकि उन्हें उनके पिता के बाद सीएम नहीं बनाया गया। उसके बाद जगन ने अपनी एक अलग पार्टी बनाई और पूरे राज्य में ओदार्पू यात्रा की ताकि लोगों से सहानुभूति हासिल की जा सके। इस यात्रा को राज्य में अपार सफलता मिली। फिलहाल जगन के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला ज्यादा चिंतनीनय नहीं लग रहा है। पिछले महीने राज्य में सात सीटों पर हुए विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस एक भी सीट हासिल नहीं कर पाई। अभी कांग्रेस जहां एक तरफ पार्टी में नेताओं की आपसी लड़ाई से जूझ रही है वहीं दूसरी तरफ राज्य के ऐसी तमाम मुद्दे जैसे तेलंगाना का मुद्दा, पर नेता अभी तक यह तय नहीं कर पाए हैं कि वह किस ओर बैठें। अभी कांग्रेस जहां एक तरफ पार्टी में नेताओं की आपसी लड़ाई से जूझ रही है वहीं दूसरी तरफ राज्य के ऐसी तमाम मुद्दे जैसे तेलंगाना का मुद्दा, पर नेता अभी तक यह तय नहीं कर पाए हैं कि वह किस ओर बैठें।
सारांश: चुनाव आयोग को इन इलाकों के भावी चुनाव की तारीख अभी तय करनी है लेकिन जगन मोहन ने अभी से इन इलाकों में सिलसिलेवार तरीके से चुनावी दौरा आरंभ कर रखा है।
7
['hin']
एक सारांश बनाओ: राजनीति में यूं तो हमेशा दो और दो मिलकर चार नहीं होते. मगर जमाना डेटा का है. लिहाजा सियासी डेटा विश्लेषण तो बनता ही है.शायद, यही वजह है कि यूपी में गठबंधन के बाद अब राजनीतिक पंडित वोट शेयर के आधार पर भी बीजेपी और सपा-बसपा गठबंधन की मजबूती को आंक रहे हैं. कागज पर कौन-कितना मजबूत है, यह जानने के लिए राजनीतिक दलों के वोट शेयर पर गौर किया जा सकता है.उधर सपा-बसपा गठबंधन से पार पाने के लिए अमित शाह ने खास रणनीति बनाई है. यह रणनीति वोट शेयर से लेकर बूथ प्रबंधन से जुड़ी है. यूपी में हुए गठबंधन को  बीजेपी अपने लिए चुनौती मानती है. खुद यह बात राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी मानते हैं. कुछ मौकों पर उन्होंने यूपी की राजनीति पर बोलने के दौरान यह स्वीकार भी किया है कि गठबंधन से कुछ परेशानी खड़ी हो सकती है. मगर बीजेपी के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह ने इस चुनौती से निपटने के लिए जो प्लान तैयार किया है, उसे अब यूपी में बूथ लेवल पर उतारने की कोशिश हो रही है. उत्तर प्रदेश में बीजेपी संगठन को बूथ प्रभारियों की मीटिंग लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्लान को युद्धस्तर पर अमल में लाने की हिदायत दी गई है.
यूपी के लिए क्या है अमित शाह का चुनावी प्लान 2014 और 2017 के चुनाव के आंकड़ों में देखिए कौन कितना मजबूत महागठबंधन से मुकाबले के लिए बीजेपी ने मिशन 51 प्लस का रक्षा लक्ष्य
26
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इसके साथ ही यह भी स्‍पष्‍ट हो गया कि शरद यादव के साथ ही इस गुट के अली अनवर, अरुण श्रीवास्‍वत और रमई राम 27 अगस्‍त को होने वाली लालू प्रसाद यादव की रैली में भाग लेंगे. इससे पहले जदयू ने अपने पत्र में शरद यादव से रविवार को पटना में होने वाली राष्ट्रीय जनता दल(राजद) की रैली में शामिल नहीं होने के लिए कहा था. यह भी कहा गया था कि यदि वह इसमें शामिल होते हैं तो वह ''पार्टी के सिद्धांतों'' के खिलाफ काम करेंगे. अपने महासचिव केसी त्यागी द्वारा यादव को भेजे एक राजनीतिक संदेश में कहा गया है कि इसका मतलब यह होगा कि वह स्वेच्छा से पार्टी छोड़ रहे हैं. यादव ने इससे पहले कहा था कि वह राजद की रैली में शामिल होंगे और शनिवार को पटना के लिए रवाना होंगे. यह भी कहा गया था कि यदि वह इसमें शामिल होते हैं तो वह ''पार्टी के सिद्धांतों'' के खिलाफ काम करेंगे. अपने महासचिव केसी त्यागी द्वारा यादव को भेजे एक राजनीतिक संदेश में कहा गया है कि इसका मतलब यह होगा कि वह स्वेच्छा से पार्टी छोड़ रहे हैं. यादव ने इससे पहले कहा था कि वह राजद की रैली में शामिल होंगे और शनिवार को पटना के लिए रवाना होंगे.
जदयू ने शरद यादव को लालू की रैली में जाने से मना किया 27 अगस्‍त को पटना में राजद की रैली होने जा रही है शरद यादव ने कहा कि वह इस रैली में जाएंगे
6
['hin']
एक सारांश बनाओ: Mission Mangal Box Office Collection Day 17: बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार (Akshay Kumar) की फिल्म मिशन मंगल का धमाल तीसरे हफ्ते भी जारी है. अपने शानदार कमाई से 'मिशन मंगल' (Mission Mangal) साल की तीसरी सबसे बड़ी फिल्म बनकर सामने आई है. 'मिशन मंगल' (Mission Mangal) की पिछली कमाई को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा सकता है कि फिल्म ने बीते शनिवार 2 से 3 करोड़ रुपये की कमाई की होगी. इस लिहाज से अक्षय कुमार (Akshay Kumar) की 'मिशन मंगल' (Mission Mangal) 17 दिनों में कुल 183 करोड़ रुपये के आस-पास कलेक्शन कर सकती है.  अक्षय कुमार (Akshay Kumar), विद्या बालन और सोनाक्षी सिन्हा स्टाटर 'मिशन मंगल' (Mission Mangal) ने देश के साथ विदेशों में भी ताबड़तोड़ प्रदर्शन किया है. फिल्म समीक्षक तरण आदर्श के ट्वीट के मुताबिक फिल्म को महाराष्ट्र में टैक्स फ्री कर दिया गया है, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लुत्फ उठा सकें. हालांकि यह अनुमान लगाया जा सकता है कि प्रभास और श्रद्धा कपूर की फिल्म 'साहो' के रिलीज होने के बाद इसकी कमाई पर थोड़ा असर पड़ सकता है. इसके अलावा फिल्म की स्टोरी और कलाकारों की बात करें तो 'मिशन मंगल' ने हर मामले में दर्शकों का दिल जीता है.  'मिशन मंगल' (Mission Mangal) की शुरुआत GSLV सी-39 नाम के मिशन फेल होने से शुरू होती है. इसके मिशन डायरेक्टर राकेश धवन (Akshay Kumar) और प्रोजेक्ट डायरेक्टर तारा शिंदे (Vidya Balan) होते हैं. मिशन फेल होने की वजह से राकेश धवन को मार्स मिशन के लिए शिफ्ट कर देते हैं और GSLV सी-39 प्रोजेक्ट के लिए नासा से आए साइंटिस्ट को कमान सौंप देते है. फिर निराश होकर घर में बैठी तारा को पूड़ी तलने की विधि से मार्स मिशन का प्रोजेक्ट सूझता है, जिसके लिए दोबारा नई टीम तैयार की जाती है. इसमें शरमन जोशी, सोनाक्षी सिन्हा, तापसी पन्नू, कीर्ति कुल्हारी, नित्या मेनन और एचजी दत्तात्रेय शामिल होते हैं.
सारांश: तीसरे हफ्ते भी जारी है मिशन मंगल का धमाल महाराष्ट्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म हर मामले में 'मिशन मंगल' ने जीता दर्शकों का दिल
5
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: एक चार साल के सऊदी बच्चे ने प्ले स्टेशन नहीं दिलाने पर अपने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। 'द अशरक' दैनिक में दक्षिणी जिजान इलाके के पुलिस अधिकारी के हवाले से एक रिपोर्ट में बताया गया है कि चार साल और सात महीने की उम्र वाले इस बच्चे ने अपने पिता की पिस्तौल उठाई और उनके सिर में गोली मार दी। दैनिक के अनुसार, बच्चे ने अपने पिता से प्ले स्टेशन खरीद कर देने को कहा था और पिता के खाली हाथ घर लौटने पर यह घटना हुई। घर लौटने के बाद बच्चे के पिता कपड़े बदल रहे थे और उन्होंने अपनी पिस्तौल उतार कर रख दी। उसी समय बच्चे ने पिस्तौल उठाई और करीब से गोली चला दी। दैनिक के अनुसार, बच्चे ने अपने पिता से प्ले स्टेशन खरीद कर देने को कहा था और पिता के खाली हाथ घर लौटने पर यह घटना हुई। घर लौटने के बाद बच्चे के पिता कपड़े बदल रहे थे और उन्होंने अपनी पिस्तौल उतार कर रख दी। उसी समय बच्चे ने पिस्तौल उठाई और करीब से गोली चला दी।
यहाँ एक सारांश है:सऊदी अरब में चार साल सात महीने की उम्र वाले एक बच्चे ने प्ले स्टेशन नहीं दिलाने पर पिता की पिस्तौल उठाई और उनके सिर में गोली मार दी।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में सीरिया में गुरुवार को लागू संघर्ष विराम का स्वागत करते हुए भारत ने कहा है कि संकट का समाधान बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के एक वैधानिक ढांचे एवं शांतिपूर्ण तरीके से ही होना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के व्यापक क्षेत्र पर आधारित त्रिपक्षीय रिक मंच के तहत भारतीय विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने शुक्रवार को चीन के अपने समकक्ष यांग जिएची और रूस के सर्गेई लावरोव के साथ चर्चा की। बैठक में अफगानिस्तान, सीरिया, ईरान एवं कोरिया जैसे महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर तीनों देशों के बीच नजदीकी राजनीतिक सहयोग जारी रखने का फैसला किया गया। त्रिपक्षीय बैठक के बाद एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कृष्णा ने कहा, "मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में बड़े बदलाव एवं अस्थिर रुझान देखे गए हैं जो अंत में भविष्य की वैश्विक स्थिति का रूप निर्धारित करेंगे।" उन्होंने कहा, "भारत, रूस एवं चीन का मानना है कि वैश्विक चुनौतियों को दूर करने में उन्हें महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है।" सीरिया संकट के समाधान पर तीनों देश एकमत दिखे और संकट का सामना कर रहे क्षेत्र के देशों की स्थितियों का समाधान निकालने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। तीनों देशों ने सर्वसम्मति से कहा कि सीरिया और ईरान जैसे देशों के संकट का समाधान बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के एक वैधानिक ढांचे एवं शांतिपूर्ण तरीके से ही होना चाहिए। नई दिल्ली ने सीरिया में युद्धविराम का स्वागत किया है। साथ ही उम्मीद जताई कि विशेष दूत कोफी अन्नान के नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र मिशन को आगे भी मध्य-पूर्व के इस देश में शांति स्थापित करने में सफलता मिलेगी।टिप्पणियां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, "संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत कोफी अन्नान के मिशन की पहल पर सीरिया में बदले घटनाक्रम का हम स्वागत करते हैं। हमें उम्मीद है कि इस मिशन को अन्य मुद्दों के समाधान में आगे भी सफलता मिलेगी, जिससे सीरिया में शांति बहाल हो सकेगी।" अरब लीग और संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत अन्नान ने सीरिया संकट के समाधान के लिए छह सूत्री योजना पेश की है। इसके तहत सीरिया में गुरुवार रात से युद्धविराम की घोषणा की गई है। सीरिया में सेना और विद्रोहियों के बीच पिछले कई महीने से संघर्ष है। अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के व्यापक क्षेत्र पर आधारित त्रिपक्षीय रिक मंच के तहत भारतीय विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने शुक्रवार को चीन के अपने समकक्ष यांग जिएची और रूस के सर्गेई लावरोव के साथ चर्चा की। बैठक में अफगानिस्तान, सीरिया, ईरान एवं कोरिया जैसे महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर तीनों देशों के बीच नजदीकी राजनीतिक सहयोग जारी रखने का फैसला किया गया। त्रिपक्षीय बैठक के बाद एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कृष्णा ने कहा, "मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में बड़े बदलाव एवं अस्थिर रुझान देखे गए हैं जो अंत में भविष्य की वैश्विक स्थिति का रूप निर्धारित करेंगे।" उन्होंने कहा, "भारत, रूस एवं चीन का मानना है कि वैश्विक चुनौतियों को दूर करने में उन्हें महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है।" सीरिया संकट के समाधान पर तीनों देश एकमत दिखे और संकट का सामना कर रहे क्षेत्र के देशों की स्थितियों का समाधान निकालने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। तीनों देशों ने सर्वसम्मति से कहा कि सीरिया और ईरान जैसे देशों के संकट का समाधान बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के एक वैधानिक ढांचे एवं शांतिपूर्ण तरीके से ही होना चाहिए। नई दिल्ली ने सीरिया में युद्धविराम का स्वागत किया है। साथ ही उम्मीद जताई कि विशेष दूत कोफी अन्नान के नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र मिशन को आगे भी मध्य-पूर्व के इस देश में शांति स्थापित करने में सफलता मिलेगी।टिप्पणियां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, "संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत कोफी अन्नान के मिशन की पहल पर सीरिया में बदले घटनाक्रम का हम स्वागत करते हैं। हमें उम्मीद है कि इस मिशन को अन्य मुद्दों के समाधान में आगे भी सफलता मिलेगी, जिससे सीरिया में शांति बहाल हो सकेगी।" अरब लीग और संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत अन्नान ने सीरिया संकट के समाधान के लिए छह सूत्री योजना पेश की है। इसके तहत सीरिया में गुरुवार रात से युद्धविराम की घोषणा की गई है। सीरिया में सेना और विद्रोहियों के बीच पिछले कई महीने से संघर्ष है। त्रिपक्षीय बैठक के बाद एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कृष्णा ने कहा, "मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में बड़े बदलाव एवं अस्थिर रुझान देखे गए हैं जो अंत में भविष्य की वैश्विक स्थिति का रूप निर्धारित करेंगे।" उन्होंने कहा, "भारत, रूस एवं चीन का मानना है कि वैश्विक चुनौतियों को दूर करने में उन्हें महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है।" सीरिया संकट के समाधान पर तीनों देश एकमत दिखे और संकट का सामना कर रहे क्षेत्र के देशों की स्थितियों का समाधान निकालने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। तीनों देशों ने सर्वसम्मति से कहा कि सीरिया और ईरान जैसे देशों के संकट का समाधान बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के एक वैधानिक ढांचे एवं शांतिपूर्ण तरीके से ही होना चाहिए। नई दिल्ली ने सीरिया में युद्धविराम का स्वागत किया है। साथ ही उम्मीद जताई कि विशेष दूत कोफी अन्नान के नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र मिशन को आगे भी मध्य-पूर्व के इस देश में शांति स्थापित करने में सफलता मिलेगी।टिप्पणियां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, "संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत कोफी अन्नान के मिशन की पहल पर सीरिया में बदले घटनाक्रम का हम स्वागत करते हैं। हमें उम्मीद है कि इस मिशन को अन्य मुद्दों के समाधान में आगे भी सफलता मिलेगी, जिससे सीरिया में शांति बहाल हो सकेगी।" अरब लीग और संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत अन्नान ने सीरिया संकट के समाधान के लिए छह सूत्री योजना पेश की है। इसके तहत सीरिया में गुरुवार रात से युद्धविराम की घोषणा की गई है। सीरिया में सेना और विद्रोहियों के बीच पिछले कई महीने से संघर्ष है। सीरिया संकट के समाधान पर तीनों देश एकमत दिखे और संकट का सामना कर रहे क्षेत्र के देशों की स्थितियों का समाधान निकालने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। तीनों देशों ने सर्वसम्मति से कहा कि सीरिया और ईरान जैसे देशों के संकट का समाधान बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के एक वैधानिक ढांचे एवं शांतिपूर्ण तरीके से ही होना चाहिए। नई दिल्ली ने सीरिया में युद्धविराम का स्वागत किया है। साथ ही उम्मीद जताई कि विशेष दूत कोफी अन्नान के नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र मिशन को आगे भी मध्य-पूर्व के इस देश में शांति स्थापित करने में सफलता मिलेगी।टिप्पणियां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, "संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत कोफी अन्नान के मिशन की पहल पर सीरिया में बदले घटनाक्रम का हम स्वागत करते हैं। हमें उम्मीद है कि इस मिशन को अन्य मुद्दों के समाधान में आगे भी सफलता मिलेगी, जिससे सीरिया में शांति बहाल हो सकेगी।" अरब लीग और संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत अन्नान ने सीरिया संकट के समाधान के लिए छह सूत्री योजना पेश की है। इसके तहत सीरिया में गुरुवार रात से युद्धविराम की घोषणा की गई है। सीरिया में सेना और विद्रोहियों के बीच पिछले कई महीने से संघर्ष है। नई दिल्ली ने सीरिया में युद्धविराम का स्वागत किया है। साथ ही उम्मीद जताई कि विशेष दूत कोफी अन्नान के नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र मिशन को आगे भी मध्य-पूर्व के इस देश में शांति स्थापित करने में सफलता मिलेगी।टिप्पणियां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, "संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत कोफी अन्नान के मिशन की पहल पर सीरिया में बदले घटनाक्रम का हम स्वागत करते हैं। हमें उम्मीद है कि इस मिशन को अन्य मुद्दों के समाधान में आगे भी सफलता मिलेगी, जिससे सीरिया में शांति बहाल हो सकेगी।" अरब लीग और संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत अन्नान ने सीरिया संकट के समाधान के लिए छह सूत्री योजना पेश की है। इसके तहत सीरिया में गुरुवार रात से युद्धविराम की घोषणा की गई है। सीरिया में सेना और विद्रोहियों के बीच पिछले कई महीने से संघर्ष है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, "संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत कोफी अन्नान के मिशन की पहल पर सीरिया में बदले घटनाक्रम का हम स्वागत करते हैं। हमें उम्मीद है कि इस मिशन को अन्य मुद्दों के समाधान में आगे भी सफलता मिलेगी, जिससे सीरिया में शांति बहाल हो सकेगी।" अरब लीग और संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत अन्नान ने सीरिया संकट के समाधान के लिए छह सूत्री योजना पेश की है। इसके तहत सीरिया में गुरुवार रात से युद्धविराम की घोषणा की गई है। सीरिया में सेना और विद्रोहियों के बीच पिछले कई महीने से संघर्ष है। अरब लीग और संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत अन्नान ने सीरिया संकट के समाधान के लिए छह सूत्री योजना पेश की है। इसके तहत सीरिया में गुरुवार रात से युद्धविराम की घोषणा की गई है। सीरिया में सेना और विद्रोहियों के बीच पिछले कई महीने से संघर्ष है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में सीरिया में गुरुवार को लागू संघर्ष विराम का स्वागत करते हुए भारत ने कहा है कि संकट का समाधान बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के एक वैधानिक ढांचे एवं शांतिपूर्ण तरीके से ही होना चाहिए।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्र सरकार की ओर से कहा गया कि इनका अखबार रोज छप रहा है. सुरक्षा एजेंसी रोजाना नजर रख रही हैं. हालात का जायजा लिया जा रहा है. कोर्ट को एजेंसियों पर भरोसा करना चाहिए.  कुछ दिन में हालात सामान्य हो जाएंगे.  सभी न्यूज पेपर रिलीज हो रहे है आखिर कश्मीर टाइम्स क्यों नहीं. हम रोज ही थोड़ा-थोड़ा कर के बैन हटा रहे हैं. हर रोज हम परिस्थितियों को देखकर ढील दी रहे हैं. इससे पहले अनुच्छेद 370 हटाए जाने के फैसले के खिलाफ वकील मनोहल लाल शर्मा की ओर से दी गई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने इसमें क्या लिखा है समझ में नहीं आ रहा है. CJI रंजन गोगोई, जस्टिस एस ए बोबडे और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की बेंच की सुनवाई करते हुए कहा संशोधन याचिका दाखिल करने की अनुमति दी है.  वहीं प्रधान न्यायाधीश गोगोई ने कहा एमएल शर्मा से से पूछा, 'आपकी याचिका क्या है? आपकी याचिका टेक्निकल ग्राउंड पर खारिज हो जाएगी. इस तरफ के मामले में आप ऐसी याचिका दाखिल करते हैं. इस मामले में 7 याचिका दाखिल हुए है वो डिफेक्ट में है. अगर आपकी याचिका खारिज होती है तो दूसरी याचिकाओं पर प्रभाव पड़ेगा.
संक्षिप्त सारांश: पाबंदियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका सरकार ने दिया कोर्ट को आश्वासन कश्मीर में धीरे-धीरे हालात हो रहे हैं सामान्य
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश की सबसे बड़ी रीयल एस्टेट कंपनी डीएलएफ का चालू वित्त वर्ष का पहली तिमाही का एकीकृत शुद्ध लाभ 12.81 प्रतिशत की गिरावट के साथ 358.36 करोड़ रुपये रह गया है। खर्चे में वृद्धि तथा फाइनेंस की लागत बढ़ने की वजह से कंपनी का मुनाफा कम हुआ है। बंबई शेयर बाजार को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा है कि इससे पूर्व वित्त वर्ष की समान तिमाही में उसने 411.03 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। तिमाही के दौरान हालांकि कंपनी की एकीकृत बिक्री 20.57 प्रतिशत बढ़कर 2,445.82 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समीक्षाधीन अवधि में 2,028.53 करोड़ रुपये रही थी।तिमाही के दौरान डीएलएफ का कुल खर्च 300 करोड़ रुपये बढ़कर 1,505 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं कंपनी की फाइनेंस की लागत 388.44 करोड़ रुपये से 496.41 करोड़ रुपये हो गई। कंपनी ने कहा है कि तिमाही के दौरान उसने अपनी गैर मुख्य संपत्तियों की बिक्री से 165 करोड़ रुपये अर्जित किए। मई में कंपनी ने कहा था कि उसने गैर मुख्य संपत्तियों की बिक्री के लक्ष्य को 4,500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10,000 करोड़ रुपये कर दिया है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: डीएलएफ का चालू वित्त वर्ष का पहली तिमाही का एकीकृत शुद्ध लाभ 12.81 प्रतिशत की गिरावट के साथ 358.36 करोड़ रुपये रह गया है।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली के अशोक विहार इलाके में दिल्ली नगर निगम के लिए हो रही वोटिंग के बीच कुछ मतदाता ऐसे भी थे, जिनके सामने धर्मसंकट की स्थिति थी. धर्मसंकट ये कि उनके यहां जिन उम्मीदवारों ने जमकर प्रचार किया या उनके घर आकर मान-मनोव्वल करके वोट मांगे और जिनको वोट देने का मन यहां के लोगों ने बनाया, वो मतदान से ठीक पहले उनके उम्मीदवार ही नहीं रहे. दरअसल हुआ ऐसा कि दिल्ली के अशोक विहार इलाके के करीब 2500 मतदाताओं का नाम शुक्रवार 21 अप्रैल को यानी प्रचार खत्म होने वाले अशोक विहार वार्ड से हटाकर वज़ीरपुर वार्ड में शिफ़्ट कर दिया गया. इसके चलते जिन उम्मीदवारों ने इस इलाके में प्रचार किया और जिसके बारे में सोच समझकर वोट देने का मन यहां के लोगों ने बनाया, वो इन लोगों के उम्मीदवार ही नहीं रहे. अशोक विहार जी ब्लॉक के RWA महासचिव दिनेश गुप्ता ने बताया कि 21 तारीख को रिटर्निंग अफसर का लेटर आया, जिससे हम लोगों को अशोक विहार की बजाय अचानक वज़ीरपुर वार्ड का वोटर बना दिया गया. अब जब हम उन उम्मीदवारों का जानते ही नहीं और वो कभी हमसे मिले नहीं तो हम उनको वोट कैसे दे दें? ये हमारे मौलिक अधिकारों का हनन है जिसकी हमने चुनाव आयोग से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई.' पहली बार वोट डालने वाले भास्कर ने बताया, 'मैंने इस बार सभी उम्मीदवारों से बात करके वोट डालने का सोचा हुआ था और अपने दोस्तों को भी बताया कि इनको वोट देना लेकिन सब बेकार हो गया, क्योंकि वो अब हमारे कैंडिडेट ही नहीं रहे.'टिप्पणियां रिटर्निंग अफसर के पत्र के मुताबिक वोटर लिस्ट में कुछ गड़बड़ी थी जिसको ठीक करने के लिए ऐसा किया गया है. देश में चुनाव पर्चा दाखिल करने के बाद वोटिंग तक करीब दो हफ्ते का समय होता है प्रचार के लिए. इसमें उम्मीदवार अपने वोटर को रिझाने की कोशिश करता है और वोटर अपने उम्मीदवार को देखकर, जानकर, समझकर मन बनाता है कि किसको वोट करना या नहीं करना है. लेकिन इस मामले में एक तो वोटर और मतदाता एक दूसरे से रूबरू नहीं हो पाए और दूसरा जिन उम्मीदवारों ने इन वोटर को अपना माना और जिन वोटरों ने इन उम्मीदवारों को अपना माना, दोनों के साथ धोखा हुआ सो अलग. अब सोचने वाली बात है कि जब वोटर को अपने उम्मीदवार की जानकारी ही नहीं रही होगी तो वोटर बस पार्टी के आधार पर ही वोट देकर आया होगा या फिर हो सकता है कि वोटर ने वोटिंग के लिए दिलचस्पी ही ना दिखाई हो. वैसे भी नगर निगम का चुनाव बेहद लोकल होता है और इसमें उम्मीदवार सबसे अहम माना जाता है. दरअसल हुआ ऐसा कि दिल्ली के अशोक विहार इलाके के करीब 2500 मतदाताओं का नाम शुक्रवार 21 अप्रैल को यानी प्रचार खत्म होने वाले अशोक विहार वार्ड से हटाकर वज़ीरपुर वार्ड में शिफ़्ट कर दिया गया. इसके चलते जिन उम्मीदवारों ने इस इलाके में प्रचार किया और जिसके बारे में सोच समझकर वोट देने का मन यहां के लोगों ने बनाया, वो इन लोगों के उम्मीदवार ही नहीं रहे. अशोक विहार जी ब्लॉक के RWA महासचिव दिनेश गुप्ता ने बताया कि 21 तारीख को रिटर्निंग अफसर का लेटर आया, जिससे हम लोगों को अशोक विहार की बजाय अचानक वज़ीरपुर वार्ड का वोटर बना दिया गया. अब जब हम उन उम्मीदवारों का जानते ही नहीं और वो कभी हमसे मिले नहीं तो हम उनको वोट कैसे दे दें? ये हमारे मौलिक अधिकारों का हनन है जिसकी हमने चुनाव आयोग से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई.' पहली बार वोट डालने वाले भास्कर ने बताया, 'मैंने इस बार सभी उम्मीदवारों से बात करके वोट डालने का सोचा हुआ था और अपने दोस्तों को भी बताया कि इनको वोट देना लेकिन सब बेकार हो गया, क्योंकि वो अब हमारे कैंडिडेट ही नहीं रहे.'टिप्पणियां रिटर्निंग अफसर के पत्र के मुताबिक वोटर लिस्ट में कुछ गड़बड़ी थी जिसको ठीक करने के लिए ऐसा किया गया है. देश में चुनाव पर्चा दाखिल करने के बाद वोटिंग तक करीब दो हफ्ते का समय होता है प्रचार के लिए. इसमें उम्मीदवार अपने वोटर को रिझाने की कोशिश करता है और वोटर अपने उम्मीदवार को देखकर, जानकर, समझकर मन बनाता है कि किसको वोट करना या नहीं करना है. लेकिन इस मामले में एक तो वोटर और मतदाता एक दूसरे से रूबरू नहीं हो पाए और दूसरा जिन उम्मीदवारों ने इन वोटर को अपना माना और जिन वोटरों ने इन उम्मीदवारों को अपना माना, दोनों के साथ धोखा हुआ सो अलग. अब सोचने वाली बात है कि जब वोटर को अपने उम्मीदवार की जानकारी ही नहीं रही होगी तो वोटर बस पार्टी के आधार पर ही वोट देकर आया होगा या फिर हो सकता है कि वोटर ने वोटिंग के लिए दिलचस्पी ही ना दिखाई हो. वैसे भी नगर निगम का चुनाव बेहद लोकल होता है और इसमें उम्मीदवार सबसे अहम माना जाता है. अशोक विहार जी ब्लॉक के RWA महासचिव दिनेश गुप्ता ने बताया कि 21 तारीख को रिटर्निंग अफसर का लेटर आया, जिससे हम लोगों को अशोक विहार की बजाय अचानक वज़ीरपुर वार्ड का वोटर बना दिया गया. अब जब हम उन उम्मीदवारों का जानते ही नहीं और वो कभी हमसे मिले नहीं तो हम उनको वोट कैसे दे दें? ये हमारे मौलिक अधिकारों का हनन है जिसकी हमने चुनाव आयोग से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई.' पहली बार वोट डालने वाले भास्कर ने बताया, 'मैंने इस बार सभी उम्मीदवारों से बात करके वोट डालने का सोचा हुआ था और अपने दोस्तों को भी बताया कि इनको वोट देना लेकिन सब बेकार हो गया, क्योंकि वो अब हमारे कैंडिडेट ही नहीं रहे.'टिप्पणियां रिटर्निंग अफसर के पत्र के मुताबिक वोटर लिस्ट में कुछ गड़बड़ी थी जिसको ठीक करने के लिए ऐसा किया गया है. देश में चुनाव पर्चा दाखिल करने के बाद वोटिंग तक करीब दो हफ्ते का समय होता है प्रचार के लिए. इसमें उम्मीदवार अपने वोटर को रिझाने की कोशिश करता है और वोटर अपने उम्मीदवार को देखकर, जानकर, समझकर मन बनाता है कि किसको वोट करना या नहीं करना है. लेकिन इस मामले में एक तो वोटर और मतदाता एक दूसरे से रूबरू नहीं हो पाए और दूसरा जिन उम्मीदवारों ने इन वोटर को अपना माना और जिन वोटरों ने इन उम्मीदवारों को अपना माना, दोनों के साथ धोखा हुआ सो अलग. अब सोचने वाली बात है कि जब वोटर को अपने उम्मीदवार की जानकारी ही नहीं रही होगी तो वोटर बस पार्टी के आधार पर ही वोट देकर आया होगा या फिर हो सकता है कि वोटर ने वोटिंग के लिए दिलचस्पी ही ना दिखाई हो. वैसे भी नगर निगम का चुनाव बेहद लोकल होता है और इसमें उम्मीदवार सबसे अहम माना जाता है. पहली बार वोट डालने वाले भास्कर ने बताया, 'मैंने इस बार सभी उम्मीदवारों से बात करके वोट डालने का सोचा हुआ था और अपने दोस्तों को भी बताया कि इनको वोट देना लेकिन सब बेकार हो गया, क्योंकि वो अब हमारे कैंडिडेट ही नहीं रहे.'टिप्पणियां रिटर्निंग अफसर के पत्र के मुताबिक वोटर लिस्ट में कुछ गड़बड़ी थी जिसको ठीक करने के लिए ऐसा किया गया है. देश में चुनाव पर्चा दाखिल करने के बाद वोटिंग तक करीब दो हफ्ते का समय होता है प्रचार के लिए. इसमें उम्मीदवार अपने वोटर को रिझाने की कोशिश करता है और वोटर अपने उम्मीदवार को देखकर, जानकर, समझकर मन बनाता है कि किसको वोट करना या नहीं करना है. लेकिन इस मामले में एक तो वोटर और मतदाता एक दूसरे से रूबरू नहीं हो पाए और दूसरा जिन उम्मीदवारों ने इन वोटर को अपना माना और जिन वोटरों ने इन उम्मीदवारों को अपना माना, दोनों के साथ धोखा हुआ सो अलग. अब सोचने वाली बात है कि जब वोटर को अपने उम्मीदवार की जानकारी ही नहीं रही होगी तो वोटर बस पार्टी के आधार पर ही वोट देकर आया होगा या फिर हो सकता है कि वोटर ने वोटिंग के लिए दिलचस्पी ही ना दिखाई हो. वैसे भी नगर निगम का चुनाव बेहद लोकल होता है और इसमें उम्मीदवार सबसे अहम माना जाता है. रिटर्निंग अफसर के पत्र के मुताबिक वोटर लिस्ट में कुछ गड़बड़ी थी जिसको ठीक करने के लिए ऐसा किया गया है. देश में चुनाव पर्चा दाखिल करने के बाद वोटिंग तक करीब दो हफ्ते का समय होता है प्रचार के लिए. इसमें उम्मीदवार अपने वोटर को रिझाने की कोशिश करता है और वोटर अपने उम्मीदवार को देखकर, जानकर, समझकर मन बनाता है कि किसको वोट करना या नहीं करना है. लेकिन इस मामले में एक तो वोटर और मतदाता एक दूसरे से रूबरू नहीं हो पाए और दूसरा जिन उम्मीदवारों ने इन वोटर को अपना माना और जिन वोटरों ने इन उम्मीदवारों को अपना माना, दोनों के साथ धोखा हुआ सो अलग. अब सोचने वाली बात है कि जब वोटर को अपने उम्मीदवार की जानकारी ही नहीं रही होगी तो वोटर बस पार्टी के आधार पर ही वोट देकर आया होगा या फिर हो सकता है कि वोटर ने वोटिंग के लिए दिलचस्पी ही ना दिखाई हो. वैसे भी नगर निगम का चुनाव बेहद लोकल होता है और इसमें उम्मीदवार सबसे अहम माना जाता है. अब सोचने वाली बात है कि जब वोटर को अपने उम्मीदवार की जानकारी ही नहीं रही होगी तो वोटर बस पार्टी के आधार पर ही वोट देकर आया होगा या फिर हो सकता है कि वोटर ने वोटिंग के लिए दिलचस्पी ही ना दिखाई हो. वैसे भी नगर निगम का चुनाव बेहद लोकल होता है और इसमें उम्मीदवार सबसे अहम माना जाता है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अशोक विहार के 2500 वोटरों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया जिस उम्मीदवार ने यहां प्रचार किया था, वो इन वोटरों के प्रत्याशी नहीं रहे रिटर्निंग अफसर ने वोटर लिस्ट में गड़बड़ी ठीक करने का दिया हवाला
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राजधानी में दिसंबर में शराब की बिक्री लगभग 190 करोड़ रुपये रही है। दिल्ली में किसी एक माह में शराब की यह रिकॉर्ड बिक्री है। कड़ाके की ठंड की वजह से शराब की बिक्री में तेजी आई है। आंकड़ों के अनुसार, दिल्लीवासियों ने दिसंबर में 13 लाख केस शराब पी। इनमें रम, स्कॉच, जिन, व्हीस्की और बियर शामिल हैं। दिसंबर, 2009 में यह आंकड़ा 11 लाख केस रहा था। आबकारी विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, दिसंबर 2010 में शराब बिक्री का आंकड़ा 188 करोड़ रुपये का रहा है, जबकि दिसंबर, 2009 में यह 165 करोड़ रुपये रहा था। आबकारी विभाग के अनुसार, राजधानी में पिछले महीने शराब के 13,25,456 केस बिके, जबकि दिसंबर, 2009 में यह आंकड़ा 11,24,103 केस का रहा था। शराब वर्ग में सबसे ज्यादा बिक्री रम की रही। दिसंबर, 2010 में रम के 1,80,601 केस बिके, जबकि दिसंबर, 2009 में यह आंकड़ा 1,19,521 केस का रहा था। शराब बिक्री के आंकड़ों में वृद्धि का कारण बताते हुए अधिकारी ने कहा कि पिछले साल की तुलना में दिल्ली की आबादी में इजाफा हुआ है और इसके अलावा शराब की दुकानों और शराब पिलाने वाले रेस्तरांओं की संख्या भी बढ़ चुकी है। उन्होंने कहा कि आज ग्राहकों के पास कई ब्रांडों में से चयन का विकल्प है।
संक्षिप्त पाठ: राजधानी में दिसंबर में शराब की बिक्री लगभग 190 करोड़ रुपये रही है। दिल्ली में किसी एक माह में शराब की यह रिकॉर्ड बिक्री है।
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: तेहरान ने चेतावनी दी है कि ईरान के खिलाफ यूरोपीय संघ (ईयू) के तेल आयात प्रतिबंधों से तेल कीमतें बढ़ेंगी और वैश्विक अर्थव्यवस्था चरमरा जाएगी।टिप्पणियां समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, ईरानी तेल मंत्रालय ने कहा है कि ईयू ने तेल को राजनीतिक लक्ष्य के लिए एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है। इससे यूरोप और यूरोप से बाहर के देश प्रभावित होंगे। तेल मंत्रालय ने कहा है कि ईरान ने इस चुनौती से निपटने के लिए आवश्यक कदम पहले ही उठा लिए हैं। सोमवार के तेल प्रतिबंध के कारण तेल कीमतें बढ़ चुकी हैं और इससे आपूर्ति को लेकर ताजा चिंताएं पैदा हो गई है। ये प्रतिबंध पहली जुलाई से शुरू होंगे, ताकि ग्रीस, इटली और स्पेन जैसे प्रमुख तेल आयातकों को वैकल्पिक आपूर्तिकर्ता तलाशने की मोहलत मिल सके। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, ईरानी तेल मंत्रालय ने कहा है कि ईयू ने तेल को राजनीतिक लक्ष्य के लिए एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है। इससे यूरोप और यूरोप से बाहर के देश प्रभावित होंगे। तेल मंत्रालय ने कहा है कि ईरान ने इस चुनौती से निपटने के लिए आवश्यक कदम पहले ही उठा लिए हैं। सोमवार के तेल प्रतिबंध के कारण तेल कीमतें बढ़ चुकी हैं और इससे आपूर्ति को लेकर ताजा चिंताएं पैदा हो गई है। ये प्रतिबंध पहली जुलाई से शुरू होंगे, ताकि ग्रीस, इटली और स्पेन जैसे प्रमुख तेल आयातकों को वैकल्पिक आपूर्तिकर्ता तलाशने की मोहलत मिल सके। सोमवार के तेल प्रतिबंध के कारण तेल कीमतें बढ़ चुकी हैं और इससे आपूर्ति को लेकर ताजा चिंताएं पैदा हो गई है। ये प्रतिबंध पहली जुलाई से शुरू होंगे, ताकि ग्रीस, इटली और स्पेन जैसे प्रमुख तेल आयातकों को वैकल्पिक आपूर्तिकर्ता तलाशने की मोहलत मिल सके।
यह एक सारांश है: तेहरान ने चेतावनी दी है कि ईरान के खिलाफ यूरोपीय संघ के तेल आयात प्रतिबंधों से तेल कीमतें बढ़ेंगी और वैश्विक अर्थव्यवस्था चरमरा जाएगी।
24
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राजधानी दिल्ली के रहने वाले इम्तियाज आलम बैंक से 20,000 रुपये निकालने के लिए चार घंटों तक कतार में खड़े रहे और जब उनकी बारी आई तो बैंक ने उन्हें 10-10 रुपये के 15 किलो सिक्के थमा दिए. पेशे से जनसंपर्क अधिकारी आलम 500 और 1000 रुपये के अपने पुराने नोट बदलवाने शुक्रवार को जामिया को-ऑपरेटिव बैंक गए थे, लेकिन बैंक मैनेजर ने उन्हें बताया कि फंड की कमी है और वह बस 2000 रुपये तक ही बदलवा सकते हैं. लेकिन आलम ने जब मैनेजर को बताया कि उन्हें 20,000 रुपये की सख्त जरूरत है, तो मैनेजर तैयार तो हो गए, लेकिन एक शर्त के साथ कि वह उन्हें 10 रुपये के सिक्कों में ही उतने पैसे दे सकते हैं.टिप्पणियां आलम बताते हैं, 'पहले मैंने सोचा कि इसे (सिक्कों से भरी थैलियों को) लेकर मैं जाऊंगा कैसे, लेकिन मैं तैयार हो गया... आखिर थे तो ये वैध पैसे ही.' उन्होंने इनमें से कुछ सिक्कों से रेस्त्रां के बिल और टैक्सी किराया चुका दिया. इसके साथ वह इन सिक्कों से 2,000 रुपये का छुट्टा देने का भी ऑफर दिया है. गौरतलब है कि देश में कालेधन पर अंकुश लगाने के मकसद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीती 8 नवंबर आधी रात के बाद से 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों का चलन बंद करने की घोषणा की थी. इसके बाद से कई लोग भारी नकदी संकट से जूझ रहे हैं और बैंकों एवं एटीएम की कतार में खड़े हैं. हालांकि सरकार ने उनकी मुसीबतें कम करने के लिए इन 10 दिनों में कई कदम उठाए हैं. पेशे से जनसंपर्क अधिकारी आलम 500 और 1000 रुपये के अपने पुराने नोट बदलवाने शुक्रवार को जामिया को-ऑपरेटिव बैंक गए थे, लेकिन बैंक मैनेजर ने उन्हें बताया कि फंड की कमी है और वह बस 2000 रुपये तक ही बदलवा सकते हैं. लेकिन आलम ने जब मैनेजर को बताया कि उन्हें 20,000 रुपये की सख्त जरूरत है, तो मैनेजर तैयार तो हो गए, लेकिन एक शर्त के साथ कि वह उन्हें 10 रुपये के सिक्कों में ही उतने पैसे दे सकते हैं.टिप्पणियां आलम बताते हैं, 'पहले मैंने सोचा कि इसे (सिक्कों से भरी थैलियों को) लेकर मैं जाऊंगा कैसे, लेकिन मैं तैयार हो गया... आखिर थे तो ये वैध पैसे ही.' उन्होंने इनमें से कुछ सिक्कों से रेस्त्रां के बिल और टैक्सी किराया चुका दिया. इसके साथ वह इन सिक्कों से 2,000 रुपये का छुट्टा देने का भी ऑफर दिया है. गौरतलब है कि देश में कालेधन पर अंकुश लगाने के मकसद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीती 8 नवंबर आधी रात के बाद से 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों का चलन बंद करने की घोषणा की थी. इसके बाद से कई लोग भारी नकदी संकट से जूझ रहे हैं और बैंकों एवं एटीएम की कतार में खड़े हैं. हालांकि सरकार ने उनकी मुसीबतें कम करने के लिए इन 10 दिनों में कई कदम उठाए हैं. आलम बताते हैं, 'पहले मैंने सोचा कि इसे (सिक्कों से भरी थैलियों को) लेकर मैं जाऊंगा कैसे, लेकिन मैं तैयार हो गया... आखिर थे तो ये वैध पैसे ही.' उन्होंने इनमें से कुछ सिक्कों से रेस्त्रां के बिल और टैक्सी किराया चुका दिया. इसके साथ वह इन सिक्कों से 2,000 रुपये का छुट्टा देने का भी ऑफर दिया है. गौरतलब है कि देश में कालेधन पर अंकुश लगाने के मकसद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीती 8 नवंबर आधी रात के बाद से 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों का चलन बंद करने की घोषणा की थी. इसके बाद से कई लोग भारी नकदी संकट से जूझ रहे हैं और बैंकों एवं एटीएम की कतार में खड़े हैं. हालांकि सरकार ने उनकी मुसीबतें कम करने के लिए इन 10 दिनों में कई कदम उठाए हैं. गौरतलब है कि देश में कालेधन पर अंकुश लगाने के मकसद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीती 8 नवंबर आधी रात के बाद से 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों का चलन बंद करने की घोषणा की थी. इसके बाद से कई लोग भारी नकदी संकट से जूझ रहे हैं और बैंकों एवं एटीएम की कतार में खड़े हैं. हालांकि सरकार ने उनकी मुसीबतें कम करने के लिए इन 10 दिनों में कई कदम उठाए हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पेशे से जनसंपर्क अधिकारी इम्तियाज आलम को 20,000 रुपये की जरूरत थी पैसे निकालने के लिए वह जामिया को-ऑपरेटिव बैंक की कतार में 4 घंटे खड़े रहे मैनेजर ने नोटों की कमी के कारण उन्हें 10-10 के सिक्कों में 20,000 रु. दिए
3
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जिम्बाब्वे दौरे के लिए चुनी गई टीम की चौतरफा आलोचना के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के मुख्य चयनकर्ता मोहसिन खान ने अपने बचाव में कहा है कि पाकिस्तानी टीम को इस समय नए तेज गेंदबाजों को निखारने की जरूरत है इसलिए उन्होंने इस सीरीज के लिए कई तेज गेंदबाजों को आराम दिया है। पाकिस्तानी टीम को जिम्बाब्वे दौरे पर एक टेस्ट मैच, तीन एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच और दो ट्वेंटी-20 मैचों की सीरीज खेलनी है। इस दौरे के लिए पाकिस्तान की 15 सदस्यीय टीम की घोषणा हाल ही में की गई है जिनमें अनुभवी तेज गेंदबाज उमर गुल, वहाब रियाज और अब्दुर रहमान को आराम दिया गया है। समाचार पत्र 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' ने मोहसिन के हवाले से लिखा है, "पाकिस्तान को इस समय नए तेज गेंदबाजों की जरूरत है। हमने जिम्बाब्वे दौरे के लिए कुछ जोखिम उठाए हैं।" पाकिस्तानी टीम में हरफनमौला सोहेल तनवीर, तेज गेंदबाज एजाज चीमा, सोहेल खान और जुनद खान को जिम्बाब्वे दौरे के लिए शामिल किया गया है। पत्र के मुताबिक मोहसिन ने कहा, "हमें किसी भी टीम को हल्के में आंकने की भूल नहीं करनी चाहिए। इसलिए हमने अपनी बल्लेबाजी क्रम में अधिक बदलाव नहीं किए हैं। हमारे युवा तेज गेंदबाजों को परखने का यह अच्छा मौका है।" उल्लेखनीय है कि जिम्बाब्वे दौरे के लिए गुल और वहाब को आराम दिए जाने पर पूर्व कप्तान वसीम अकरम भी हैरानी जता चुके हैं।
यह एक सारांश है: पीसीबी के मुख्य चयनकर्ता मोहसिन खान ने अपने बचाव में कहा है कि पाकिस्तानी टीम को इस समय नए तेज गेंदबाजों को निखारने की जरूरत है।
16
['hin']
एक सारांश बनाओ: लंबे समय तक खुद को बेकसूर बताने वाले प्रतिबंधित पाकिस्तानी तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण में अपनी भागीदारी स्वीकार कर ली है। द न्यूज इंटरनेशनल के अनुसार आमिर ने अपना लिखित इकबालिया बयान लंदन में साउथवार्क क्राउन कोर्ट में सुनवाई के दौरान जमा किया। आमिर को स्पॉट फिक्सिंग का दोषी पाया गया था। तत्कालीन टेस्ट कप्तान सलमान बट, तेज गेंदबाज मोहम्मद आसिफ और आमिर पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। तीनों पर आरोप था कि उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में ब्रिटेन में बसे सटोरिये मजहर मजीद के कहने पर जान बूझकर नोबॉल फेंकने की साजिश की थी। अखबार ने कहा कि मजीद ने भी अपना लिखित इकबालिया बयान जमा कर दिया है। द न्यूज को विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि लिखित बयान में आमिर ने दावा किया है कि उस पर नोबॉल फेंकने का दबाव डाला गया था। अखबार ने कहा, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि आमिर ने सलमान बट पर आरोप लगाया है या किसी बाहरी व्यक्ति पर। मामले की सुनवाई 4 अक्टूबर को लंदन में होगी।
यह एक सारांश है: लंबे समय तक खुद को बेकसूर बताने वाले प्रतिबंधित पाकिस्तानी गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण में भागीदारी स्वीकार कर ली है।
21
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बता दें कि हाल ही में बुलंदशहर हिंसा के कुछ आरोपी जब जमानत पर जेल से बाहर आए थे तो जय श्री राम और वंदे मातरम के नारों के बीच उनका भव्य स्वागत किया गया था. जेल से बाहर आए आरोपियों के साथ लोगों ने फूलों की माला पहनाई थी और उनके साथ सेल्फी ली थी. बता दें कि पिछले साल दिसंबर महीने को स्याना के चिंगरावटी गांव में गौकशी की अफवाह के बाद इलाके में हिंसा भड़क गई थी. इस हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. पूरा गांव आगजनी और बवाल की भेंट चढ़ गया था. लोगों ने सरकारी वाहन और पुलिस चौकी को आग के हवाले कर दिया था. उत्तर प्रदेश पुलिस ने 38 लोगों को गिरफ्तार किया था. 38 में से 6 आरोपी जमानत पर रिहा होकर शनिवार को बाहर निकले.  शिखर अग्रवाल भाजपा युवा मोर्चा के स्याना के पूर्व नगर अध्यक्ष है. जबकि उपेंद्र सिंह राघव अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद के विभाग अध्यक्ष हैं. इसके अलावा अन्य तीन की पहचान जीतू फौजी, सौरव और रोहित राघव के रूप में हुई थी. जब यह आरोपी बाहर आए तो फूल माला पहनाकर उनका स्वागत किया गया था. इस दौरान भारत माता की जय, वन्दे मातरम और जय श्री राम के नारे लगाए गए. इस दौरान पूरी घटना का वीडियो किसी ने बना लिया. ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था.
संक्षिप्त सारांश: बुलंदशहर हिंसा के मुख्य आरोपी को मिली जमानत योगेश राज को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दी जमानत हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या कर दी गई थी
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भाजपा विदेश मंत्री एस जयशंकर को गुजरात से राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर उतार सकती है तथा केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को राज्यसभा में लाने के लिए बिहार से राजग का प्रत्याशी बनाये जाने की संभावना है. सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. लोकसभा चुनाव में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और स्मृति ईरानी के निर्वाचित होने के चलते राज्यसभा में भाजपा की तीन सीटें रिक्त होंगी.  केंद्रीय मंत्री नियुक्त हुए पासवान और जयशंकर का छह माह के भीतर संसद के दोनों सदनों में से किसी एक सदन का सदस्य चुना जाना आवश्यक है. नामांकन के बाद दोनों मंत्रियों का उच्च सदन के लिए चुना जाना तय है, क्योंकि बिहार में राजग के पास पूर्ण बहुमत है, जबकि गुजरात में भाजपा सत्ता में है. सूत्रों के अनुसार पार्टी जयशंकर को उनके गृह राज्य तमिलनाडु से राज्यसभा से नामांकित करने पर भी विचार कर रही है, क्योंकि इस साल जुलाई में यहां से राज्यसभा की छह सीटें रिक्त होंगी. भाजपा की सहयोगी अन्नाद्रमुक यहां सत्ता में है. पासवान दशकों से सांसद हैं जबकि राजनयिक से नेता बने जयशंकर के लिए सांसद बनने का यह पहला अवसर होगा. जयशंकर मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में विदेश सचिव रहे हैं.
सारांश: एस जयशंकर गुजरात से बन सकते हैं राज्यसभा उम्मीदवार बिहार से पासवान को राज्यसभा में लाने की तैयारी राज्यसभा में भाजपा की तीन सीटें होंगी रिक्त
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश में मई माह में टेलीफोन उपभोक्ताओं की संख्या 12.6 लाख घटकर 105.80 करोड़ पर आ गई है. वीडियोकॉन द्वारा अपने मोबाइल परिचालन को बंद करने तथा रिलायंस कम्युनिकेशंस द्वारा अपने नेटवर्क से सीडीएमए ग्राहकों को हटाने से फोन ग्राहकों की संख्या घटी है. भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने बताया कि मई में फोन उपभोक्ताओं की संख्या घटकर 105.80 करोड़ पर आ गई, जो अप्रैल के अंत तक 105.92 करोड़ थी. जहां लैंडलाइन कनेक्शनों में गिरावट जारी है, वहीं मई में देश में मोबाइल ग्राहकों की संख्या 11 लाख घटकर 103.31 करोड़ रह गई, जो अप्रैल के अंत तक 103.42 करोड़ थी. इसकी मुख्य वजह वीडियोकॉन द्वारा अपने मोबाइल स्पेक्ट्रम को एयरटेल को बेचना रही. कंपनी के ग्राहकों की संख्या अप्रैल के 51 लाख से घटकर शून्य पर आ गई.टिप्पणियां दूसरी ओर आरकॉम ने 4जी सेवाएं शुरू कर दीं और उन लोगों के लिए अपना सीडीएमए नेटवर्क काट दिया जिन्होंने प्रीमियम मोबाइल सेवा के लिए उन्नयन की सुविधा नहीं ली. इससे कंपनी के उपभोक्ताओं की संख्या 11.5 लाख घटकर 10.13 करोड़ रह गई. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने बताया कि मई में फोन उपभोक्ताओं की संख्या घटकर 105.80 करोड़ पर आ गई, जो अप्रैल के अंत तक 105.92 करोड़ थी. जहां लैंडलाइन कनेक्शनों में गिरावट जारी है, वहीं मई में देश में मोबाइल ग्राहकों की संख्या 11 लाख घटकर 103.31 करोड़ रह गई, जो अप्रैल के अंत तक 103.42 करोड़ थी. इसकी मुख्य वजह वीडियोकॉन द्वारा अपने मोबाइल स्पेक्ट्रम को एयरटेल को बेचना रही. कंपनी के ग्राहकों की संख्या अप्रैल के 51 लाख से घटकर शून्य पर आ गई.टिप्पणियां दूसरी ओर आरकॉम ने 4जी सेवाएं शुरू कर दीं और उन लोगों के लिए अपना सीडीएमए नेटवर्क काट दिया जिन्होंने प्रीमियम मोबाइल सेवा के लिए उन्नयन की सुविधा नहीं ली. इससे कंपनी के उपभोक्ताओं की संख्या 11.5 लाख घटकर 10.13 करोड़ रह गई. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जहां लैंडलाइन कनेक्शनों में गिरावट जारी है, वहीं मई में देश में मोबाइल ग्राहकों की संख्या 11 लाख घटकर 103.31 करोड़ रह गई, जो अप्रैल के अंत तक 103.42 करोड़ थी. इसकी मुख्य वजह वीडियोकॉन द्वारा अपने मोबाइल स्पेक्ट्रम को एयरटेल को बेचना रही. कंपनी के ग्राहकों की संख्या अप्रैल के 51 लाख से घटकर शून्य पर आ गई.टिप्पणियां दूसरी ओर आरकॉम ने 4जी सेवाएं शुरू कर दीं और उन लोगों के लिए अपना सीडीएमए नेटवर्क काट दिया जिन्होंने प्रीमियम मोबाइल सेवा के लिए उन्नयन की सुविधा नहीं ली. इससे कंपनी के उपभोक्ताओं की संख्या 11.5 लाख घटकर 10.13 करोड़ रह गई. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दूसरी ओर आरकॉम ने 4जी सेवाएं शुरू कर दीं और उन लोगों के लिए अपना सीडीएमए नेटवर्क काट दिया जिन्होंने प्रीमियम मोबाइल सेवा के लिए उन्नयन की सुविधा नहीं ली. इससे कंपनी के उपभोक्ताओं की संख्या 11.5 लाख घटकर 10.13 करोड़ रह गई. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: वीडियोकॉन ने अपना मोबाइल परिचालन बंद किया रिलायंस कम्युनिकेशंस ने नेटवर्क से सीडीएमए ग्राहक हटाए अप्रैल के अंत तक 105.92 करोड़ थे उपभोक्ता
16
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गुजरात  के नडियाड शहर के प्रगति नगर इलाके में 3 मंजिला इमारत गिरने से 3 लोगों की मौत हो गई है. हालांकि न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक 4 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं कुछ और लोगों के फंसे होने की आशंका है. मिली जानकारी के मुताबिक इमारत को पहले ही ख़तरनाक घोषित कर खाली करने को कहा गया था.  लेकिन तेज बारिश की वजह से लोग इमारत खाली कर पाते कि उसके पहले ही वह ढह गई. फिलहाल NDRF और दमकलकर्मियों के साथ खेड़ा पुलिस और प्रशासन बचाव कार्य मे जुटे हैं.  इमारत गुजरात हाउसिंग बोर्ड अपार्टमेंट की थी. बिल्डिंग गिरने के बाद 9 से 10 लोग उसमें दब गए थे. हादसे की जानकारी की मिलते ही नडियाड, वडोदरा, आणंद और अहमदाबाद के दमकल कर्मी, एसडीआरएफ की टीमों ने मलबे में दबे लोगो में से 8 को बाहर निकाल लिया है.  जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई जबकि  5 जख्मी हैं. 2 की हालत गंभीर है.  1 से 2 लोग मलबे में अभी और दबे हो सकते हैं.  राहत और बचाव के काम में बारिश भी बाधा बन रही है.
राहत और बचाव का काम जारी बारिश से हो रही है बाधा नाडियाड इलाके में हुई घटना
28
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रपति के रूप में प्रणब मुखर्जी का पहला कामकाजी दिन गुरुवार को काफी व्यस्तता से भरा रहा जिसमें उन्होंने कई बैठकें की और राष्ट्रपति भवन में उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी से मिले। देश के 13वें राष्ट्रपति के रूप में बुधवार को शपथ लेने वाले 76 वर्षीय प्रणब मुखर्जी ने आज राष्ट्रपति भवन के अधिकारियों के बैठक के साथ कामकाज की शुरूआत की जिसमें निवर्तमान सचिव क्रिस्टी फर्नाडिश ने उन्हें विषयों के बारे में बताया। फर्नाडिश का स्थान लेने वाली अमिता पॉल भी बैठक के दौरान मौजूद थी। नये राष्ट्रपति को राष्ट्रपति सचिवालय के विभिन्न विभागों के कामकाज के बारे में संक्षिप्त में जानकारी दी गई। पांच दशकों से राजनीति में सक्रिय रहने वाले प्रणब ने अधिकारियों की बातों को काफी ध्यान से सुना।टिप्पणियां इसके बाद उनके मिलने उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज राष्ट्रपति भवन पहुंची। उनसे मिलने वालों में मध्यप्रदेश के राज्यपाल राम नरेश यादव, उत्तरप्रदेश के राज्यपाल बीएल जोशी और तमिलनाडु के राज्यपाल के रोसैया भी शामिल थे। दोपहर में तीनों सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति ने रक्षा मंत्री एके एंटनी के साथ बैठक की। पंजाब, नगालैण्ड, उत्तराखंड और मेघालय के राज्यपालों को आज शाम में मिलने का कार्यक्रम है। प्रणब पश्चिम बंगाल से देश के राष्ट्रपति बनने वाले पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने कल इस पद की शपथ ली थी। देश के 13वें राष्ट्रपति के रूप में बुधवार को शपथ लेने वाले 76 वर्षीय प्रणब मुखर्जी ने आज राष्ट्रपति भवन के अधिकारियों के बैठक के साथ कामकाज की शुरूआत की जिसमें निवर्तमान सचिव क्रिस्टी फर्नाडिश ने उन्हें विषयों के बारे में बताया। फर्नाडिश का स्थान लेने वाली अमिता पॉल भी बैठक के दौरान मौजूद थी। नये राष्ट्रपति को राष्ट्रपति सचिवालय के विभिन्न विभागों के कामकाज के बारे में संक्षिप्त में जानकारी दी गई। पांच दशकों से राजनीति में सक्रिय रहने वाले प्रणब ने अधिकारियों की बातों को काफी ध्यान से सुना।टिप्पणियां इसके बाद उनके मिलने उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज राष्ट्रपति भवन पहुंची। उनसे मिलने वालों में मध्यप्रदेश के राज्यपाल राम नरेश यादव, उत्तरप्रदेश के राज्यपाल बीएल जोशी और तमिलनाडु के राज्यपाल के रोसैया भी शामिल थे। दोपहर में तीनों सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति ने रक्षा मंत्री एके एंटनी के साथ बैठक की। पंजाब, नगालैण्ड, उत्तराखंड और मेघालय के राज्यपालों को आज शाम में मिलने का कार्यक्रम है। प्रणब पश्चिम बंगाल से देश के राष्ट्रपति बनने वाले पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने कल इस पद की शपथ ली थी। नये राष्ट्रपति को राष्ट्रपति सचिवालय के विभिन्न विभागों के कामकाज के बारे में संक्षिप्त में जानकारी दी गई। पांच दशकों से राजनीति में सक्रिय रहने वाले प्रणब ने अधिकारियों की बातों को काफी ध्यान से सुना।टिप्पणियां इसके बाद उनके मिलने उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज राष्ट्रपति भवन पहुंची। उनसे मिलने वालों में मध्यप्रदेश के राज्यपाल राम नरेश यादव, उत्तरप्रदेश के राज्यपाल बीएल जोशी और तमिलनाडु के राज्यपाल के रोसैया भी शामिल थे। दोपहर में तीनों सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति ने रक्षा मंत्री एके एंटनी के साथ बैठक की। पंजाब, नगालैण्ड, उत्तराखंड और मेघालय के राज्यपालों को आज शाम में मिलने का कार्यक्रम है। प्रणब पश्चिम बंगाल से देश के राष्ट्रपति बनने वाले पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने कल इस पद की शपथ ली थी। इसके बाद उनके मिलने उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज राष्ट्रपति भवन पहुंची। उनसे मिलने वालों में मध्यप्रदेश के राज्यपाल राम नरेश यादव, उत्तरप्रदेश के राज्यपाल बीएल जोशी और तमिलनाडु के राज्यपाल के रोसैया भी शामिल थे। दोपहर में तीनों सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति ने रक्षा मंत्री एके एंटनी के साथ बैठक की। पंजाब, नगालैण्ड, उत्तराखंड और मेघालय के राज्यपालों को आज शाम में मिलने का कार्यक्रम है। प्रणब पश्चिम बंगाल से देश के राष्ट्रपति बनने वाले पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने कल इस पद की शपथ ली थी। दोपहर में तीनों सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति ने रक्षा मंत्री एके एंटनी के साथ बैठक की। पंजाब, नगालैण्ड, उत्तराखंड और मेघालय के राज्यपालों को आज शाम में मिलने का कार्यक्रम है। प्रणब पश्चिम बंगाल से देश के राष्ट्रपति बनने वाले पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने कल इस पद की शपथ ली थी।
संक्षिप्त सारांश: राष्ट्रपति के रूप में प्रणब मुखर्जी का पहला कामकाजी दिन गुरुवार को काफी व्यस्तता से भरा रहा जिसमें उन्होंने कई बैठकें की और राष्ट्रपति भवन में उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी से मिले।
10
['hin']
एक सारांश बनाओ: युवा बल्लेबाज और एकदिवसीय टीम के उप कप्तान विराट कोहली ने टेस्ट कप्तानी को लेकर छिड़ी बहस में खुद को शामिल करते हुए गुरुवार को यहां महेंद्र सिंह धोनी को बेहतरीन कप्तान करार देते हुए कहा कि उन्होंने आज तक कभी खराब कप्तानी नहीं की। धोनी की टेस्ट कप्तानी की हाल में आलोचना होती रही है तथा इस प्रारूप की कमान गौतम गंभीर को सौंपने की वकालत की जा रही है। आईपीएल में कोलकाता नाइटराइडर्स को जीत दिलाने वाले गंभीर ने भी कप्तानी संभालने में दिलचस्पी दिखायी है। कोहली ने हालांकि कहा कि धोनी की कप्तानी का कोई जवाब नहीं है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कप्तान कौन बनता है यह मेरे नियंत्रण में नहीं है। मैं इस बारे में नहीं सोचता। महेंद्र सिंह धोनी ने भारत को जितनी ऊंचाईयों तक पहुंचाया है उसका कोई जवाब नहीं है। वह बेहतरीन कप्तान हैं। मुझे नहीं लगता कि उन्होंने कभी खराब कप्तानी की होगी। वह सबसे सफल कप्तान हैं।’’ उन्होंने भविष्य में गंभीर को टेस्ट और धोनी को सीमित ओवरों का कप्तान बनाये जाने की संभावना के बारे में कहा, ‘‘इस पर फैसला चयनसमिति को करना है। उन्होंने (गंभीर) ने आईपीएल में बहुत अच्छी कप्तानी की और उनकी टीम चैंपियन बनी लेकिन यह मेरे नियंत्रण में नहीं है। इस पर ज्यादा कुछ नहीं कह सकता।’’ कोहली ने इसके साथ ही कहा कि आक्रामकता उनका सकारात्मक पक्ष है लेकिन साथ ही स्वीकार किया कि मैदान पर कुछ अवसरों पर वह भावनाओं में बह जाते हैं और इस पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आक्रामकता पर काबू पाने में धोनी उनकी काफी मदद करते हैं। आस्ट्रेलियाई दौरे में मैदान पर अपने व्यवहार के कारण भी चर्चा में रहे कोहली ने कहा, ‘‘वह (धोनी) अधिक अनुभवी हैं और कभी गुस्सा नहीं करते। मुझे उनसे और अन्य सीनियर खिलाड़ियों विशेषकर युवी भाई (युवराज सिंह) से काफी मदद मिलती है। मैं उनसे लगातार बात करता रहता हूं। उन्होंने मेरी काफी मदद की।’’ कोहली ने टेस्ट क्रिकेट को अपना पसंदीदा प्रारूप बताया और कहा कि यदि टीम प्रबंधन आगामी श्रृंखलाओं में उन्हें हाल में संन्यास लेने वाले राहुल द्रविड़ की जगह नंबर तीन पर बल्लेबाजी के लिये भेजता है तो यह उन्हें सहर्ष स्वीकार होगा। उन्होंने कहा, ‘‘राहुल भाई के संन्यास के कारण दबाव तो रहेगा क्योंकि उन जैसे खिलाड़ी की जगह भरना आसान नहीं है लेकिन आप हर दिन सीखते हैं। राहुल भाई भी कभी इस दौर से गुजरे थे। हमें कड़ी मेहनत करनी होगी।’’ कोहली ने कहा, ‘‘वनडे में मैं वनडाउन पर आता हूं और यदि टीम चाहेगी कि मैं (टेस्ट क्रिकेट में) नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने को तैयार हूं। मैं टीम की जरूरत के हिसाब से किसी भी स्थान पर बल्लेबाजी करने के लिये तैयार हूं। मैंने पारी का आगाज भी किया है तथा पांचवें और छठे स्थान पर भी खेल सकता हूं।’’टिप्पणियां सचिन तेंदुलकर के महाशतक के मुकाम तक पहुंचने के संभावित दावेदारों में कोहली को भी शामिल किया जाता है। इस बारे में दिल्ली के इस बल्लेबाज ने कहा, ‘‘मैंने अब वनडे में 11 शतक लगा लिये हैं और मैं अपने खेल का लुत्फ उठाता हूं लेकिन इस तरह की तुलना सुनने में अच्छी लगती है।’’ कोहली ने कहा कि भारत को आगे काफी टेस्ट मैच में अपनी घरेलू धरती पर खेलने हैं और टीम के पास फिर से नंबर एक पर पहुंचने का बेहतरीन मौका है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें अच्छा विश्राम मिला है। हमें घरेलू सरजमीं पर काफी मैच खेलने हैं और हमें इसका फायदा मिलेगा।’’ पाकिस्तान के खिलाफ संभावित श्रृंखला के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘यदि इस तरह की श्रृंखला होती है तो वह दोनों देशों की क्रिकेट, खेल प्रेमियों और बोर्ड के लिये अच्छा रहेगा। ऐसी श्रृंखला होनी चाहिए।’’ कोहली ने पिछले साल अच्छा प्रदर्शन किया और वह अर्जुन पुरस्कार के दावेदारों में शामिल थे लेकिन इस बार बीसीसीआई ने किसी को भी इस पुरस्कार के लिये नामित नहीं किया। इस बारे में कोहली ने कहा, ‘‘मैं कभी किसी पुरस्कार के लिये नहीं खेलता। मैं इससे वाकिफ नहीं हूं। मैं अपने करियर से खुश हूं।’’ इंग्लैंड के केविन पीटरसन के व्यस्त कार्यक्रम के कारण सीमित ओवरों की क्रिकेट से संन्यास लेने के बारे में कोहली ने कहा, ‘‘यह उनका निजी फैसला है। मैं जितना क्रिकेट खेल रहा हूं उसका पूरा मजा ले रहा हूं।’’ आईपीएल में कोलकाता नाइटराइडर्स को जीत दिलाने वाले गंभीर ने भी कप्तानी संभालने में दिलचस्पी दिखायी है। कोहली ने हालांकि कहा कि धोनी की कप्तानी का कोई जवाब नहीं है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कप्तान कौन बनता है यह मेरे नियंत्रण में नहीं है। मैं इस बारे में नहीं सोचता। महेंद्र सिंह धोनी ने भारत को जितनी ऊंचाईयों तक पहुंचाया है उसका कोई जवाब नहीं है। वह बेहतरीन कप्तान हैं। मुझे नहीं लगता कि उन्होंने कभी खराब कप्तानी की होगी। वह सबसे सफल कप्तान हैं।’’ उन्होंने भविष्य में गंभीर को टेस्ट और धोनी को सीमित ओवरों का कप्तान बनाये जाने की संभावना के बारे में कहा, ‘‘इस पर फैसला चयनसमिति को करना है। उन्होंने (गंभीर) ने आईपीएल में बहुत अच्छी कप्तानी की और उनकी टीम चैंपियन बनी लेकिन यह मेरे नियंत्रण में नहीं है। इस पर ज्यादा कुछ नहीं कह सकता।’’ कोहली ने इसके साथ ही कहा कि आक्रामकता उनका सकारात्मक पक्ष है लेकिन साथ ही स्वीकार किया कि मैदान पर कुछ अवसरों पर वह भावनाओं में बह जाते हैं और इस पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आक्रामकता पर काबू पाने में धोनी उनकी काफी मदद करते हैं। आस्ट्रेलियाई दौरे में मैदान पर अपने व्यवहार के कारण भी चर्चा में रहे कोहली ने कहा, ‘‘वह (धोनी) अधिक अनुभवी हैं और कभी गुस्सा नहीं करते। मुझे उनसे और अन्य सीनियर खिलाड़ियों विशेषकर युवी भाई (युवराज सिंह) से काफी मदद मिलती है। मैं उनसे लगातार बात करता रहता हूं। उन्होंने मेरी काफी मदद की।’’ कोहली ने टेस्ट क्रिकेट को अपना पसंदीदा प्रारूप बताया और कहा कि यदि टीम प्रबंधन आगामी श्रृंखलाओं में उन्हें हाल में संन्यास लेने वाले राहुल द्रविड़ की जगह नंबर तीन पर बल्लेबाजी के लिये भेजता है तो यह उन्हें सहर्ष स्वीकार होगा। उन्होंने कहा, ‘‘राहुल भाई के संन्यास के कारण दबाव तो रहेगा क्योंकि उन जैसे खिलाड़ी की जगह भरना आसान नहीं है लेकिन आप हर दिन सीखते हैं। राहुल भाई भी कभी इस दौर से गुजरे थे। हमें कड़ी मेहनत करनी होगी।’’ कोहली ने कहा, ‘‘वनडे में मैं वनडाउन पर आता हूं और यदि टीम चाहेगी कि मैं (टेस्ट क्रिकेट में) नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने को तैयार हूं। मैं टीम की जरूरत के हिसाब से किसी भी स्थान पर बल्लेबाजी करने के लिये तैयार हूं। मैंने पारी का आगाज भी किया है तथा पांचवें और छठे स्थान पर भी खेल सकता हूं।’’टिप्पणियां सचिन तेंदुलकर के महाशतक के मुकाम तक पहुंचने के संभावित दावेदारों में कोहली को भी शामिल किया जाता है। इस बारे में दिल्ली के इस बल्लेबाज ने कहा, ‘‘मैंने अब वनडे में 11 शतक लगा लिये हैं और मैं अपने खेल का लुत्फ उठाता हूं लेकिन इस तरह की तुलना सुनने में अच्छी लगती है।’’ कोहली ने कहा कि भारत को आगे काफी टेस्ट मैच में अपनी घरेलू धरती पर खेलने हैं और टीम के पास फिर से नंबर एक पर पहुंचने का बेहतरीन मौका है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें अच्छा विश्राम मिला है। हमें घरेलू सरजमीं पर काफी मैच खेलने हैं और हमें इसका फायदा मिलेगा।’’ पाकिस्तान के खिलाफ संभावित श्रृंखला के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘यदि इस तरह की श्रृंखला होती है तो वह दोनों देशों की क्रिकेट, खेल प्रेमियों और बोर्ड के लिये अच्छा रहेगा। ऐसी श्रृंखला होनी चाहिए।’’ कोहली ने पिछले साल अच्छा प्रदर्शन किया और वह अर्जुन पुरस्कार के दावेदारों में शामिल थे लेकिन इस बार बीसीसीआई ने किसी को भी इस पुरस्कार के लिये नामित नहीं किया। इस बारे में कोहली ने कहा, ‘‘मैं कभी किसी पुरस्कार के लिये नहीं खेलता। मैं इससे वाकिफ नहीं हूं। मैं अपने करियर से खुश हूं।’’ इंग्लैंड के केविन पीटरसन के व्यस्त कार्यक्रम के कारण सीमित ओवरों की क्रिकेट से संन्यास लेने के बारे में कोहली ने कहा, ‘‘यह उनका निजी फैसला है। मैं जितना क्रिकेट खेल रहा हूं उसका पूरा मजा ले रहा हूं।’’ उन्होंने भविष्य में गंभीर को टेस्ट और धोनी को सीमित ओवरों का कप्तान बनाये जाने की संभावना के बारे में कहा, ‘‘इस पर फैसला चयनसमिति को करना है। उन्होंने (गंभीर) ने आईपीएल में बहुत अच्छी कप्तानी की और उनकी टीम चैंपियन बनी लेकिन यह मेरे नियंत्रण में नहीं है। इस पर ज्यादा कुछ नहीं कह सकता।’’ कोहली ने इसके साथ ही कहा कि आक्रामकता उनका सकारात्मक पक्ष है लेकिन साथ ही स्वीकार किया कि मैदान पर कुछ अवसरों पर वह भावनाओं में बह जाते हैं और इस पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आक्रामकता पर काबू पाने में धोनी उनकी काफी मदद करते हैं। आस्ट्रेलियाई दौरे में मैदान पर अपने व्यवहार के कारण भी चर्चा में रहे कोहली ने कहा, ‘‘वह (धोनी) अधिक अनुभवी हैं और कभी गुस्सा नहीं करते। मुझे उनसे और अन्य सीनियर खिलाड़ियों विशेषकर युवी भाई (युवराज सिंह) से काफी मदद मिलती है। मैं उनसे लगातार बात करता रहता हूं। उन्होंने मेरी काफी मदद की।’’ कोहली ने टेस्ट क्रिकेट को अपना पसंदीदा प्रारूप बताया और कहा कि यदि टीम प्रबंधन आगामी श्रृंखलाओं में उन्हें हाल में संन्यास लेने वाले राहुल द्रविड़ की जगह नंबर तीन पर बल्लेबाजी के लिये भेजता है तो यह उन्हें सहर्ष स्वीकार होगा। उन्होंने कहा, ‘‘राहुल भाई के संन्यास के कारण दबाव तो रहेगा क्योंकि उन जैसे खिलाड़ी की जगह भरना आसान नहीं है लेकिन आप हर दिन सीखते हैं। राहुल भाई भी कभी इस दौर से गुजरे थे। हमें कड़ी मेहनत करनी होगी।’’ कोहली ने कहा, ‘‘वनडे में मैं वनडाउन पर आता हूं और यदि टीम चाहेगी कि मैं (टेस्ट क्रिकेट में) नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने को तैयार हूं। मैं टीम की जरूरत के हिसाब से किसी भी स्थान पर बल्लेबाजी करने के लिये तैयार हूं। मैंने पारी का आगाज भी किया है तथा पांचवें और छठे स्थान पर भी खेल सकता हूं।’’टिप्पणियां सचिन तेंदुलकर के महाशतक के मुकाम तक पहुंचने के संभावित दावेदारों में कोहली को भी शामिल किया जाता है। इस बारे में दिल्ली के इस बल्लेबाज ने कहा, ‘‘मैंने अब वनडे में 11 शतक लगा लिये हैं और मैं अपने खेल का लुत्फ उठाता हूं लेकिन इस तरह की तुलना सुनने में अच्छी लगती है।’’ कोहली ने कहा कि भारत को आगे काफी टेस्ट मैच में अपनी घरेलू धरती पर खेलने हैं और टीम के पास फिर से नंबर एक पर पहुंचने का बेहतरीन मौका है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें अच्छा विश्राम मिला है। हमें घरेलू सरजमीं पर काफी मैच खेलने हैं और हमें इसका फायदा मिलेगा।’’ पाकिस्तान के खिलाफ संभावित श्रृंखला के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘यदि इस तरह की श्रृंखला होती है तो वह दोनों देशों की क्रिकेट, खेल प्रेमियों और बोर्ड के लिये अच्छा रहेगा। ऐसी श्रृंखला होनी चाहिए।’’ कोहली ने पिछले साल अच्छा प्रदर्शन किया और वह अर्जुन पुरस्कार के दावेदारों में शामिल थे लेकिन इस बार बीसीसीआई ने किसी को भी इस पुरस्कार के लिये नामित नहीं किया। इस बारे में कोहली ने कहा, ‘‘मैं कभी किसी पुरस्कार के लिये नहीं खेलता। मैं इससे वाकिफ नहीं हूं। मैं अपने करियर से खुश हूं।’’ इंग्लैंड के केविन पीटरसन के व्यस्त कार्यक्रम के कारण सीमित ओवरों की क्रिकेट से संन्यास लेने के बारे में कोहली ने कहा, ‘‘यह उनका निजी फैसला है। मैं जितना क्रिकेट खेल रहा हूं उसका पूरा मजा ले रहा हूं।’’ उन्होंने कहा कि आक्रामकता पर काबू पाने में धोनी उनकी काफी मदद करते हैं। आस्ट्रेलियाई दौरे में मैदान पर अपने व्यवहार के कारण भी चर्चा में रहे कोहली ने कहा, ‘‘वह (धोनी) अधिक अनुभवी हैं और कभी गुस्सा नहीं करते। मुझे उनसे और अन्य सीनियर खिलाड़ियों विशेषकर युवी भाई (युवराज सिंह) से काफी मदद मिलती है। मैं उनसे लगातार बात करता रहता हूं। उन्होंने मेरी काफी मदद की।’’ कोहली ने टेस्ट क्रिकेट को अपना पसंदीदा प्रारूप बताया और कहा कि यदि टीम प्रबंधन आगामी श्रृंखलाओं में उन्हें हाल में संन्यास लेने वाले राहुल द्रविड़ की जगह नंबर तीन पर बल्लेबाजी के लिये भेजता है तो यह उन्हें सहर्ष स्वीकार होगा। उन्होंने कहा, ‘‘राहुल भाई के संन्यास के कारण दबाव तो रहेगा क्योंकि उन जैसे खिलाड़ी की जगह भरना आसान नहीं है लेकिन आप हर दिन सीखते हैं। राहुल भाई भी कभी इस दौर से गुजरे थे। हमें कड़ी मेहनत करनी होगी।’’ कोहली ने कहा, ‘‘वनडे में मैं वनडाउन पर आता हूं और यदि टीम चाहेगी कि मैं (टेस्ट क्रिकेट में) नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने को तैयार हूं। मैं टीम की जरूरत के हिसाब से किसी भी स्थान पर बल्लेबाजी करने के लिये तैयार हूं। मैंने पारी का आगाज भी किया है तथा पांचवें और छठे स्थान पर भी खेल सकता हूं।’’टिप्पणियां सचिन तेंदुलकर के महाशतक के मुकाम तक पहुंचने के संभावित दावेदारों में कोहली को भी शामिल किया जाता है। इस बारे में दिल्ली के इस बल्लेबाज ने कहा, ‘‘मैंने अब वनडे में 11 शतक लगा लिये हैं और मैं अपने खेल का लुत्फ उठाता हूं लेकिन इस तरह की तुलना सुनने में अच्छी लगती है।’’ कोहली ने कहा कि भारत को आगे काफी टेस्ट मैच में अपनी घरेलू धरती पर खेलने हैं और टीम के पास फिर से नंबर एक पर पहुंचने का बेहतरीन मौका है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें अच्छा विश्राम मिला है। हमें घरेलू सरजमीं पर काफी मैच खेलने हैं और हमें इसका फायदा मिलेगा।’’ पाकिस्तान के खिलाफ संभावित श्रृंखला के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘यदि इस तरह की श्रृंखला होती है तो वह दोनों देशों की क्रिकेट, खेल प्रेमियों और बोर्ड के लिये अच्छा रहेगा। ऐसी श्रृंखला होनी चाहिए।’’ कोहली ने पिछले साल अच्छा प्रदर्शन किया और वह अर्जुन पुरस्कार के दावेदारों में शामिल थे लेकिन इस बार बीसीसीआई ने किसी को भी इस पुरस्कार के लिये नामित नहीं किया। इस बारे में कोहली ने कहा, ‘‘मैं कभी किसी पुरस्कार के लिये नहीं खेलता। मैं इससे वाकिफ नहीं हूं। मैं अपने करियर से खुश हूं।’’ इंग्लैंड के केविन पीटरसन के व्यस्त कार्यक्रम के कारण सीमित ओवरों की क्रिकेट से संन्यास लेने के बारे में कोहली ने कहा, ‘‘यह उनका निजी फैसला है। मैं जितना क्रिकेट खेल रहा हूं उसका पूरा मजा ले रहा हूं।’’ कोहली ने टेस्ट क्रिकेट को अपना पसंदीदा प्रारूप बताया और कहा कि यदि टीम प्रबंधन आगामी श्रृंखलाओं में उन्हें हाल में संन्यास लेने वाले राहुल द्रविड़ की जगह नंबर तीन पर बल्लेबाजी के लिये भेजता है तो यह उन्हें सहर्ष स्वीकार होगा। उन्होंने कहा, ‘‘राहुल भाई के संन्यास के कारण दबाव तो रहेगा क्योंकि उन जैसे खिलाड़ी की जगह भरना आसान नहीं है लेकिन आप हर दिन सीखते हैं। राहुल भाई भी कभी इस दौर से गुजरे थे। हमें कड़ी मेहनत करनी होगी।’’ कोहली ने कहा, ‘‘वनडे में मैं वनडाउन पर आता हूं और यदि टीम चाहेगी कि मैं (टेस्ट क्रिकेट में) नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने को तैयार हूं। मैं टीम की जरूरत के हिसाब से किसी भी स्थान पर बल्लेबाजी करने के लिये तैयार हूं। मैंने पारी का आगाज भी किया है तथा पांचवें और छठे स्थान पर भी खेल सकता हूं।’’टिप्पणियां सचिन तेंदुलकर के महाशतक के मुकाम तक पहुंचने के संभावित दावेदारों में कोहली को भी शामिल किया जाता है। इस बारे में दिल्ली के इस बल्लेबाज ने कहा, ‘‘मैंने अब वनडे में 11 शतक लगा लिये हैं और मैं अपने खेल का लुत्फ उठाता हूं लेकिन इस तरह की तुलना सुनने में अच्छी लगती है।’’ कोहली ने कहा कि भारत को आगे काफी टेस्ट मैच में अपनी घरेलू धरती पर खेलने हैं और टीम के पास फिर से नंबर एक पर पहुंचने का बेहतरीन मौका है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें अच्छा विश्राम मिला है। हमें घरेलू सरजमीं पर काफी मैच खेलने हैं और हमें इसका फायदा मिलेगा।’’ पाकिस्तान के खिलाफ संभावित श्रृंखला के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘यदि इस तरह की श्रृंखला होती है तो वह दोनों देशों की क्रिकेट, खेल प्रेमियों और बोर्ड के लिये अच्छा रहेगा। ऐसी श्रृंखला होनी चाहिए।’’ कोहली ने पिछले साल अच्छा प्रदर्शन किया और वह अर्जुन पुरस्कार के दावेदारों में शामिल थे लेकिन इस बार बीसीसीआई ने किसी को भी इस पुरस्कार के लिये नामित नहीं किया। इस बारे में कोहली ने कहा, ‘‘मैं कभी किसी पुरस्कार के लिये नहीं खेलता। मैं इससे वाकिफ नहीं हूं। मैं अपने करियर से खुश हूं।’’ इंग्लैंड के केविन पीटरसन के व्यस्त कार्यक्रम के कारण सीमित ओवरों की क्रिकेट से संन्यास लेने के बारे में कोहली ने कहा, ‘‘यह उनका निजी फैसला है। मैं जितना क्रिकेट खेल रहा हूं उसका पूरा मजा ले रहा हूं।’’ कोहली ने कहा, ‘‘वनडे में मैं वनडाउन पर आता हूं और यदि टीम चाहेगी कि मैं (टेस्ट क्रिकेट में) नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने को तैयार हूं। मैं टीम की जरूरत के हिसाब से किसी भी स्थान पर बल्लेबाजी करने के लिये तैयार हूं। मैंने पारी का आगाज भी किया है तथा पांचवें और छठे स्थान पर भी खेल सकता हूं।’’टिप्पणियां सचिन तेंदुलकर के महाशतक के मुकाम तक पहुंचने के संभावित दावेदारों में कोहली को भी शामिल किया जाता है। इस बारे में दिल्ली के इस बल्लेबाज ने कहा, ‘‘मैंने अब वनडे में 11 शतक लगा लिये हैं और मैं अपने खेल का लुत्फ उठाता हूं लेकिन इस तरह की तुलना सुनने में अच्छी लगती है।’’ कोहली ने कहा कि भारत को आगे काफी टेस्ट मैच में अपनी घरेलू धरती पर खेलने हैं और टीम के पास फिर से नंबर एक पर पहुंचने का बेहतरीन मौका है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें अच्छा विश्राम मिला है। हमें घरेलू सरजमीं पर काफी मैच खेलने हैं और हमें इसका फायदा मिलेगा।’’ पाकिस्तान के खिलाफ संभावित श्रृंखला के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘यदि इस तरह की श्रृंखला होती है तो वह दोनों देशों की क्रिकेट, खेल प्रेमियों और बोर्ड के लिये अच्छा रहेगा। ऐसी श्रृंखला होनी चाहिए।’’ कोहली ने पिछले साल अच्छा प्रदर्शन किया और वह अर्जुन पुरस्कार के दावेदारों में शामिल थे लेकिन इस बार बीसीसीआई ने किसी को भी इस पुरस्कार के लिये नामित नहीं किया। इस बारे में कोहली ने कहा, ‘‘मैं कभी किसी पुरस्कार के लिये नहीं खेलता। मैं इससे वाकिफ नहीं हूं। मैं अपने करियर से खुश हूं।’’ इंग्लैंड के केविन पीटरसन के व्यस्त कार्यक्रम के कारण सीमित ओवरों की क्रिकेट से संन्यास लेने के बारे में कोहली ने कहा, ‘‘यह उनका निजी फैसला है। मैं जितना क्रिकेट खेल रहा हूं उसका पूरा मजा ले रहा हूं।’’ सचिन तेंदुलकर के महाशतक के मुकाम तक पहुंचने के संभावित दावेदारों में कोहली को भी शामिल किया जाता है। इस बारे में दिल्ली के इस बल्लेबाज ने कहा, ‘‘मैंने अब वनडे में 11 शतक लगा लिये हैं और मैं अपने खेल का लुत्फ उठाता हूं लेकिन इस तरह की तुलना सुनने में अच्छी लगती है।’’ कोहली ने कहा कि भारत को आगे काफी टेस्ट मैच में अपनी घरेलू धरती पर खेलने हैं और टीम के पास फिर से नंबर एक पर पहुंचने का बेहतरीन मौका है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें अच्छा विश्राम मिला है। हमें घरेलू सरजमीं पर काफी मैच खेलने हैं और हमें इसका फायदा मिलेगा।’’ पाकिस्तान के खिलाफ संभावित श्रृंखला के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘यदि इस तरह की श्रृंखला होती है तो वह दोनों देशों की क्रिकेट, खेल प्रेमियों और बोर्ड के लिये अच्छा रहेगा। ऐसी श्रृंखला होनी चाहिए।’’ कोहली ने पिछले साल अच्छा प्रदर्शन किया और वह अर्जुन पुरस्कार के दावेदारों में शामिल थे लेकिन इस बार बीसीसीआई ने किसी को भी इस पुरस्कार के लिये नामित नहीं किया। इस बारे में कोहली ने कहा, ‘‘मैं कभी किसी पुरस्कार के लिये नहीं खेलता। मैं इससे वाकिफ नहीं हूं। मैं अपने करियर से खुश हूं।’’ इंग्लैंड के केविन पीटरसन के व्यस्त कार्यक्रम के कारण सीमित ओवरों की क्रिकेट से संन्यास लेने के बारे में कोहली ने कहा, ‘‘यह उनका निजी फैसला है। मैं जितना क्रिकेट खेल रहा हूं उसका पूरा मजा ले रहा हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें अच्छा विश्राम मिला है। हमें घरेलू सरजमीं पर काफी मैच खेलने हैं और हमें इसका फायदा मिलेगा।’’ पाकिस्तान के खिलाफ संभावित श्रृंखला के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘यदि इस तरह की श्रृंखला होती है तो वह दोनों देशों की क्रिकेट, खेल प्रेमियों और बोर्ड के लिये अच्छा रहेगा। ऐसी श्रृंखला होनी चाहिए।’’ कोहली ने पिछले साल अच्छा प्रदर्शन किया और वह अर्जुन पुरस्कार के दावेदारों में शामिल थे लेकिन इस बार बीसीसीआई ने किसी को भी इस पुरस्कार के लिये नामित नहीं किया। इस बारे में कोहली ने कहा, ‘‘मैं कभी किसी पुरस्कार के लिये नहीं खेलता। मैं इससे वाकिफ नहीं हूं। मैं अपने करियर से खुश हूं।’’ इंग्लैंड के केविन पीटरसन के व्यस्त कार्यक्रम के कारण सीमित ओवरों की क्रिकेट से संन्यास लेने के बारे में कोहली ने कहा, ‘‘यह उनका निजी फैसला है। मैं जितना क्रिकेट खेल रहा हूं उसका पूरा मजा ले रहा हूं।’’
यह एक सारांश है: कोहली ने टेस्ट कप्तानी को लेकर छिड़ी बहस में खुद को शामिल करते हुए गुरुवार को यहां महेंद्र सिंह धोनी को बेहतरीन कप्तान करार देते हुए कहा कि उन्होंने आज तक कभी खराब कप्तानी नहीं की।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: UP Board हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा का रिजल्ट (UP Board Result) इस जल्द ही जारी कर दिया जाएगा. बोर्ड की सचिव नीना श्रीवास्तव ने NDTV को बताया था कि 10वीं और 12वीं की परीक्षा का रिजल्ट (UP Board Result 2019) अप्रैल के मध्य में जारी कर दिया जाएगा. इस हिसाब से 15 से 20 अप्रैल के बीच रिजल्ट (UP Board 2018 Result) जारी किया जा सकता है. हालांकि बोर्ड द्वारा अभी तक रिजल्ट (UP Board 10th Result) जारी करने की कोई तारीख घोषित नहीं की गई है. ऐसे में स्टूडेंट्स रिजल्ट (UP Board 12th Result) से संबंधित जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की वेबसाइट upmsp.edu.in चेक करते रहें. इसके अलावा रिजल्ट की तारीख आते ही हम आपको सबसे पहले सूचित करने का प्रयास करेंगे. बता दें कि यूपी बोर्ड की परीक्षाओं का रिजल्ट स्टूडेंट्स बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट upmsp.edu.in पर जाकर चेक कर पाएंगे. इसके अलावा स्टूडेंट्स upresults.nic.in पर भी अपना रिजल्ट चेक कर पाएंगे. बता दें कि यूपी बोर्ड हाईस्कूल में इस बार 31,95,603 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे जबकि 26,11,319 परीक्षार्थियों ने इंटर में नामांकन कराया था. इस साल यूपी बोर्ड (UP Board) की परीक्षाएं 7 फरवरी से शुरू होकर 28 फरवरी 2019 को खत्म हो गई थी.
यूपी बोर्ड परीक्षाओं का रिजल्ट इस महीने जारी कर दिया जाएगा. रिजल्ट वेबसाइट upmsp.edu.in पर जारी किया जाएगा. स्टूडेंट्स upresults.nic.in पर भी अपना रिजल्ट चेक कर पाएंगे.
34
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने लंदन में साइबर विशेषज्ञ सैयद शुजा द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में किए गए EVM के हैक होने संबंधी कथित खुलासे और 11 लोगों की हत्या के आरोप पर कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है. ये लोकतंत्र का सवाल है, सबकी जिम्मेदारी है कि सच्चाई का पता किया जाए. आरोप गलत है तो लगाने वाले के खिलाफ कार्रवाई हो. सच है तो मामला बेहद गंभीर है. गौरतलब है कि लंदन में हुई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कपिल सिब्बल भी मौजूद थे. उन्होंने भारत लौटने के बाद पत्रकारों से बातचीत की. उन्होंने कहा कि मैं यह प्रेस कॉन्फ्रेंस इसलिए कर रहा हूं क्योंकि केंद्रीय मंत्री ने मुझ पर आरोप लगाए हैं. यह मुद्दा एक राजनीतिक दल से जुड़ा हुआ नहीं है, यह मुद्दा लोकतंत्र के बारे में है, निष्पक्ष चुनाव के बारे में है. उन्होंने कहा कि  आशीष रे ने बताया कि उन्होंने सभी दलों और ECI को न्यौता भेजा है. मुझे व्यक्तिगत काम से लंदन जाना था, इसलिए मैं प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी चला गया. उन्होंने कहा कि रे ने कुछ कागज मुझे मेल किए, जो सैयद ने उन्हें भेजे थे. सिब्बल ने कहा कि जानकारी के मुताबिक ECIL के लिए विंड सॉल्यूशन कम्पनी के तहत EVM प्रोजेक्ट के लिए काम चल रहा था. प्रोजेक्ट MS7b में 14 लोग काम कर रहे थे. 13 मई को बीजेपी विधायक कृष्ण रेड्डी के हैदराबाद के एक गेस्ट हाउस में 14 में से 11 लोगों की हत्या कर दी गई. वहां कृष्ण रेड्डी भी थे. सैयद 15 मई को अमेरिका चला गया. वहां हिरासत में हॉस्पिटल में रहा. विंड सॉल्यूशन के मालिक और उसका पता भी सैयद ने बताया. उन्होंने कहा कि सिब्बल के कारण तो सैयद को अमेरिका का असायलम नहीं मिला! कांग्रेस ने इसमें क्या किया? केंद्रीय मंत्री के आरोप हास्यास्पद हैं. ये लोकतंत्र का सवाल है, सबकी जिम्मेदारी है कि सच्चाई का पता किया जाए. आरोप गलत हैं तो लगाने वाले के खिलाफ कार्रवाई हो. सच हैं तो मामला बेहद गंभीर है. इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) हैकिंग विवाद पर बीजेपी ने कांग्रेस पर पलटवार किया. केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस आयोजन (लंदन में प्रेस कॉन्फ्रेंस) को कांग्रेस द्वारा प्रायोजित बताया. प्रसाद ने कहा, 'सैय्यद शुजा का नाम मैंने कभी नहीं सुना है. लंदन में कार्यक्रम को लेकर कहा गया था कि वह लंदन में ईवीएम को हैक करके दिखाएंगे. यह नाटक मुझे समझ नहीं आया है. वह विदेश की धरती से भारत के लोकतंत्र को बदनाम करने के लिए बकवास कर रहे हैं.'
यहाँ एक सारांश है:कहा- मुद्दा किसी दल से जुड़ा नहीं, यह लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव पर मुझे व्यक्तिगत काम से लंदन जाना था, इसलिए प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी गया केंद्रीय मंत्री के आरोप हास्यास्पद हैं, ये लोकतंत्र का सवाल है
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली के बुराड़ी इलाके में एक कत्ल के मामले की जांच में जुटी पुलिस तब हैरान रह गई जब आरोपी ने खुलासा किया कि उसने एक नहीं बल्कि पूरे परिवार के लोगों की हत्या करवा दी है वह भी सुपारी किलर के जरिए. पुलिस ने बुराड़ी इलाके के एक मकान से देर रात पांच फीट खुदाई करके दो शव बरामद भी कर लिए हैं. बुराड़ी इलाके में बसपा नेता मुनव्वर हसन की 20 मई को गोली मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस को हत्या की जानकारी बंटी नाम के एक शख्स ने दी. हालांकि बाद में पुलिस ने बंटी को ही मुनव्वर के कत्ल के आरोप में गिरफ्तार कर लिया. जिस घर में उसकी मौत हुई वह फूल सिंह का था जिस पर मुनव्वर का कब्ज़ा था. पुलिस के मुताबिक मुनव्वर को मारने से पहले बंटी ने उसके फोन पर कई बार मिसकॉल किए और बाद में अपने फोन से पुलिस को बंटी के कत्ल की जानकारी दी ताकि पुलिस को उस पर शक न हो. पुलिस की पूछताछ में बंटी ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि उसने मुनव्वर की ही नहीं बल्कि परिवार के पांच लोगों की हत्या करवा दी है. हत्या भाड़े के हत्यारों से कराई. उसने हत्यारों को तीन लाख रुपये दिए. 20 अप्रैल को मुनव्वर की पत्नी सोनिया, बेटी आर्शी और आरजू को मेरठ के पास दौराला में मरवाकर उनके शव जमीन में दफन कर दिए. 21 अप्रैल को मुनव्वर के दोनों बेटों दानिश और आकिब की बुराड़ी में हत्या कराकर उन्हें वहीं एक मकान में दफना दिया.   पूरे परिवार की हत्या कराने का आरोपी बंटी. पुलिस के मुताबिक मुनव्वर ने 2014 में बीएसपी के टिकट पर बुराड़ी विधानसभा चुनाव लड़ा था और हार गया था. मुनव्वर का भतीजा नावेद हाल ही में समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा. उसने बीजेपी नेता हुकुम सिंह की बेटी को हराया. पुलिस के मुताबिक मुनव्वर बाद में  अपने दोस्त बंटी के साथ मिलकर बुराड़ी इलाके में लोगों की जमीन और घरों पर कब्ज़ा करने लगा. उसने दर्जनों संपत्तियां हाथिया लीं. मुनव्वर पर 12 आपराधिक केस दर्ज हैं. इसी साल 19 जनवरी को वह रेप के एक मामले में जेल गया. इसी दौरान 20 अप्रैल को मुनव्वर का परिवार अचानक गायब हो गया. 17 मई को बंटी ने मुनव्वर को उसके परिवार को ढूंढने के लिए जमानत कराई. लेकिन यह सब एक ड्रामा था.   बुराड़ी का वह घर जहां खुदाई करके मुनव्वर के दो बेटों के शव निकाले गए.टिप्पणियां उत्तरी दिल्ली के डीसीपी जतिन नरवाल के मुताबिक बंटी ने मुनव्वर और उसके परिवार को इसलिए खत्म कर दिया क्योंकि वह मुनव्वर की सारी संपत्तियों पर कब्ज़ा करना चाहता था. पुलिस को बंटी ने बताया कि मुनव्वर के दो बच्चों के शव बुराड़ी के एक घर मे दफनाए गए हैं. पुलिस ने सोमवार देर रात उस घर से दो शव बरामद भी कर लिए. पुलिस ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश से दो सुपारी किलर जुल्फिकार और फिरोज़ को गिरफ्तार किया है इसके अलावा बंटी का एक दोस्त दीपक भी पकड़ा गया है. अभी इस मामले में दो और आरोपियों की तलाश जारी है. अब पुलिस मेरठ से मुनव्वर की पत्नी और दोनों बेटियों के शव बरामद करने की कोशिश कर रही है. बुराड़ी इलाके में बसपा नेता मुनव्वर हसन की 20 मई को गोली मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस को हत्या की जानकारी बंटी नाम के एक शख्स ने दी. हालांकि बाद में पुलिस ने बंटी को ही मुनव्वर के कत्ल के आरोप में गिरफ्तार कर लिया. जिस घर में उसकी मौत हुई वह फूल सिंह का था जिस पर मुनव्वर का कब्ज़ा था. पुलिस के मुताबिक मुनव्वर को मारने से पहले बंटी ने उसके फोन पर कई बार मिसकॉल किए और बाद में अपने फोन से पुलिस को बंटी के कत्ल की जानकारी दी ताकि पुलिस को उस पर शक न हो. पुलिस की पूछताछ में बंटी ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि उसने मुनव्वर की ही नहीं बल्कि परिवार के पांच लोगों की हत्या करवा दी है. हत्या भाड़े के हत्यारों से कराई. उसने हत्यारों को तीन लाख रुपये दिए. 20 अप्रैल को मुनव्वर की पत्नी सोनिया, बेटी आर्शी और आरजू को मेरठ के पास दौराला में मरवाकर उनके शव जमीन में दफन कर दिए. 21 अप्रैल को मुनव्वर के दोनों बेटों दानिश और आकिब की बुराड़ी में हत्या कराकर उन्हें वहीं एक मकान में दफना दिया.   पूरे परिवार की हत्या कराने का आरोपी बंटी. पुलिस के मुताबिक मुनव्वर ने 2014 में बीएसपी के टिकट पर बुराड़ी विधानसभा चुनाव लड़ा था और हार गया था. मुनव्वर का भतीजा नावेद हाल ही में समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा. उसने बीजेपी नेता हुकुम सिंह की बेटी को हराया. पुलिस के मुताबिक मुनव्वर बाद में  अपने दोस्त बंटी के साथ मिलकर बुराड़ी इलाके में लोगों की जमीन और घरों पर कब्ज़ा करने लगा. उसने दर्जनों संपत्तियां हाथिया लीं. मुनव्वर पर 12 आपराधिक केस दर्ज हैं. इसी साल 19 जनवरी को वह रेप के एक मामले में जेल गया. इसी दौरान 20 अप्रैल को मुनव्वर का परिवार अचानक गायब हो गया. 17 मई को बंटी ने मुनव्वर को उसके परिवार को ढूंढने के लिए जमानत कराई. लेकिन यह सब एक ड्रामा था.   बुराड़ी का वह घर जहां खुदाई करके मुनव्वर के दो बेटों के शव निकाले गए.टिप्पणियां उत्तरी दिल्ली के डीसीपी जतिन नरवाल के मुताबिक बंटी ने मुनव्वर और उसके परिवार को इसलिए खत्म कर दिया क्योंकि वह मुनव्वर की सारी संपत्तियों पर कब्ज़ा करना चाहता था. पुलिस को बंटी ने बताया कि मुनव्वर के दो बच्चों के शव बुराड़ी के एक घर मे दफनाए गए हैं. पुलिस ने सोमवार देर रात उस घर से दो शव बरामद भी कर लिए. पुलिस ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश से दो सुपारी किलर जुल्फिकार और फिरोज़ को गिरफ्तार किया है इसके अलावा बंटी का एक दोस्त दीपक भी पकड़ा गया है. अभी इस मामले में दो और आरोपियों की तलाश जारी है. अब पुलिस मेरठ से मुनव्वर की पत्नी और दोनों बेटियों के शव बरामद करने की कोशिश कर रही है. पुलिस की पूछताछ में बंटी ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि उसने मुनव्वर की ही नहीं बल्कि परिवार के पांच लोगों की हत्या करवा दी है. हत्या भाड़े के हत्यारों से कराई. उसने हत्यारों को तीन लाख रुपये दिए. 20 अप्रैल को मुनव्वर की पत्नी सोनिया, बेटी आर्शी और आरजू को मेरठ के पास दौराला में मरवाकर उनके शव जमीन में दफन कर दिए. 21 अप्रैल को मुनव्वर के दोनों बेटों दानिश और आकिब की बुराड़ी में हत्या कराकर उन्हें वहीं एक मकान में दफना दिया.   पूरे परिवार की हत्या कराने का आरोपी बंटी. पुलिस के मुताबिक मुनव्वर ने 2014 में बीएसपी के टिकट पर बुराड़ी विधानसभा चुनाव लड़ा था और हार गया था. मुनव्वर का भतीजा नावेद हाल ही में समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा. उसने बीजेपी नेता हुकुम सिंह की बेटी को हराया. पुलिस के मुताबिक मुनव्वर बाद में  अपने दोस्त बंटी के साथ मिलकर बुराड़ी इलाके में लोगों की जमीन और घरों पर कब्ज़ा करने लगा. उसने दर्जनों संपत्तियां हाथिया लीं. मुनव्वर पर 12 आपराधिक केस दर्ज हैं. इसी साल 19 जनवरी को वह रेप के एक मामले में जेल गया. इसी दौरान 20 अप्रैल को मुनव्वर का परिवार अचानक गायब हो गया. 17 मई को बंटी ने मुनव्वर को उसके परिवार को ढूंढने के लिए जमानत कराई. लेकिन यह सब एक ड्रामा था.   बुराड़ी का वह घर जहां खुदाई करके मुनव्वर के दो बेटों के शव निकाले गए.टिप्पणियां उत्तरी दिल्ली के डीसीपी जतिन नरवाल के मुताबिक बंटी ने मुनव्वर और उसके परिवार को इसलिए खत्म कर दिया क्योंकि वह मुनव्वर की सारी संपत्तियों पर कब्ज़ा करना चाहता था. पुलिस को बंटी ने बताया कि मुनव्वर के दो बच्चों के शव बुराड़ी के एक घर मे दफनाए गए हैं. पुलिस ने सोमवार देर रात उस घर से दो शव बरामद भी कर लिए. पुलिस ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश से दो सुपारी किलर जुल्फिकार और फिरोज़ को गिरफ्तार किया है इसके अलावा बंटी का एक दोस्त दीपक भी पकड़ा गया है. अभी इस मामले में दो और आरोपियों की तलाश जारी है. अब पुलिस मेरठ से मुनव्वर की पत्नी और दोनों बेटियों के शव बरामद करने की कोशिश कर रही है. पुलिस के मुताबिक मुनव्वर ने 2014 में बीएसपी के टिकट पर बुराड़ी विधानसभा चुनाव लड़ा था और हार गया था. मुनव्वर का भतीजा नावेद हाल ही में समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा. उसने बीजेपी नेता हुकुम सिंह की बेटी को हराया. पुलिस के मुताबिक मुनव्वर बाद में  अपने दोस्त बंटी के साथ मिलकर बुराड़ी इलाके में लोगों की जमीन और घरों पर कब्ज़ा करने लगा. उसने दर्जनों संपत्तियां हाथिया लीं. मुनव्वर पर 12 आपराधिक केस दर्ज हैं. इसी साल 19 जनवरी को वह रेप के एक मामले में जेल गया. इसी दौरान 20 अप्रैल को मुनव्वर का परिवार अचानक गायब हो गया. 17 मई को बंटी ने मुनव्वर को उसके परिवार को ढूंढने के लिए जमानत कराई. लेकिन यह सब एक ड्रामा था.   बुराड़ी का वह घर जहां खुदाई करके मुनव्वर के दो बेटों के शव निकाले गए.टिप्पणियां उत्तरी दिल्ली के डीसीपी जतिन नरवाल के मुताबिक बंटी ने मुनव्वर और उसके परिवार को इसलिए खत्म कर दिया क्योंकि वह मुनव्वर की सारी संपत्तियों पर कब्ज़ा करना चाहता था. पुलिस को बंटी ने बताया कि मुनव्वर के दो बच्चों के शव बुराड़ी के एक घर मे दफनाए गए हैं. पुलिस ने सोमवार देर रात उस घर से दो शव बरामद भी कर लिए. पुलिस ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश से दो सुपारी किलर जुल्फिकार और फिरोज़ को गिरफ्तार किया है इसके अलावा बंटी का एक दोस्त दीपक भी पकड़ा गया है. अभी इस मामले में दो और आरोपियों की तलाश जारी है. अब पुलिस मेरठ से मुनव्वर की पत्नी और दोनों बेटियों के शव बरामद करने की कोशिश कर रही है. उत्तरी दिल्ली के डीसीपी जतिन नरवाल के मुताबिक बंटी ने मुनव्वर और उसके परिवार को इसलिए खत्म कर दिया क्योंकि वह मुनव्वर की सारी संपत्तियों पर कब्ज़ा करना चाहता था. पुलिस को बंटी ने बताया कि मुनव्वर के दो बच्चों के शव बुराड़ी के एक घर मे दफनाए गए हैं. पुलिस ने सोमवार देर रात उस घर से दो शव बरामद भी कर लिए. पुलिस ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश से दो सुपारी किलर जुल्फिकार और फिरोज़ को गिरफ्तार किया है इसके अलावा बंटी का एक दोस्त दीपक भी पकड़ा गया है. अभी इस मामले में दो और आरोपियों की तलाश जारी है. अब पुलिस मेरठ से मुनव्वर की पत्नी और दोनों बेटियों के शव बरामद करने की कोशिश कर रही है. पुलिस ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश से दो सुपारी किलर जुल्फिकार और फिरोज़ को गिरफ्तार किया है इसके अलावा बंटी का एक दोस्त दीपक भी पकड़ा गया है. अभी इस मामले में दो और आरोपियों की तलाश जारी है. अब पुलिस मेरठ से मुनव्वर की पत्नी और दोनों बेटियों के शव बरामद करने की कोशिश कर रही है.
सारांश: संपत्ति के लिए बंटी ने मुनव्वर हसन सहित परिवार के छह लोगों की हत्या कराई मेरठ में मुनव्वर की पत्नी और दो बेटियों की हत्या करके दफनाया बंटी ने मुनव्वर को पैरोल पर जेल से छुड़ाया और फिर हत्या कर दी
31
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) संस्थान में पिछले कुछ दिनों से जिंदगी और मौत से जूझ रही दो साल की बच्ची फलक की हालत गुरुवार को भी नाजुक बनी रही। वहीं, पुलिस ने मामले में चौथी गिरफ्तारी की। एम्स ट्रामा सेंटर के प्रमुख एमसी मिश्रा ने बताया, "फलक की हालत गंभीर है। हम उसे कुछ समय के लिए जीवन रक्षक उपकरण से हटाएंगे और देखेंगे कि इसके बिना उसके अंग काम कर सकते हैं कि नहीं।" मिश्रा ने कहा, "फलक की हालत यदि जीवन रक्षक उपकरण के बिना सामान्य बनी रहती है, तो यह निश्चित रूप से उसके स्वास्थ्य में सुधार का लक्षण होगा। एंटीबायोटिक दवा देने के बाद से बच्ची के फेफड़े के संक्रमण में कमी आई है।" उल्लेखनीय है कि फलक छाती, मस्तिष्क और रक्त के संक्रमण का सामना कर रही है। उसे ट्यूब के जरिए दवा दी जा रही है। मिश्रा ने कहा, "हमारी मुख्य चिंता सेप्टीसीमिया (रक्त संक्रमण) है। हम उसकी हर घड़ी नजर रख रहे हैं। यह देखना महत्वपूर्ण है कि अगले 48 घंटे में उसका स्वास्थ्य कैसा रहता है।" इस बीच, फलक को अस्पताल पहुंचाने वाली 14 वर्षीय लड़की को वेश्यावृत्ति में धकेलने वाली आरती नाम की महिला को गिरफ्तार किया गया है। महिला को दक्षिणी दिल्ली के मुनरिका इलाके से गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। टिप्पणियां अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अजय चौधरी ने कहा, "आरती को तीन दिनों तक पुलिस हिरासत में रखा जाएगा। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह कुछ दिनों से मुनरिका में किराए के एक मकान में रह रही थी।" चौधरी ने बताया, "वह एक आदमी के साथ रहती थी और देह-व्यापार में शामिल थी।" आरती गिरफ्तार दूसरी महिला पूजा की सहयोगी है। पुलिस ने बुधवार को संदीप, उसकी पत्नी पूजा एवं किशोरी के पिता जितेंद्र कुमार गुप्ता को गिरफ्तार करने की घोषणा की थी। जितेंद्र पर किशोरी को शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप है। गौरतलब है कि बुरी तरह घायल दो साल की फलक को 18 जनवरी को एक किशोरी लाई थी। बच्ची का सिर फूटा हुआ था और मस्तिष्क में दाईं ओर खून जम गया था। उसके समूचे शरीर पर इंसान के दांत के काटने के निशान थे। इस किशोरी ने खुद को बच्ची की मां बताया था। किशोरी को बाल संरक्षण गृह भेज दिया गया। किशोरी को मामले के फरार आरोपी राजकुमार से यह बच्ची मिली थी। पुलिस ने बताया कि किशोरी के पिता जितेंद्र एवं उसकी सहयोगी पूजा ने उसे देह व्यापार के धंधे में धकेल दिया था। इस दौरान किशोरी की मुलाकात मामले के मुख्य आरोपी राजकुमार से हुई और दोनों ने शादी कर ली। मिश्रा ने कहा, "फलक की हालत यदि जीवन रक्षक उपकरण के बिना सामान्य बनी रहती है, तो यह निश्चित रूप से उसके स्वास्थ्य में सुधार का लक्षण होगा। एंटीबायोटिक दवा देने के बाद से बच्ची के फेफड़े के संक्रमण में कमी आई है।" उल्लेखनीय है कि फलक छाती, मस्तिष्क और रक्त के संक्रमण का सामना कर रही है। उसे ट्यूब के जरिए दवा दी जा रही है। मिश्रा ने कहा, "हमारी मुख्य चिंता सेप्टीसीमिया (रक्त संक्रमण) है। हम उसकी हर घड़ी नजर रख रहे हैं। यह देखना महत्वपूर्ण है कि अगले 48 घंटे में उसका स्वास्थ्य कैसा रहता है।" इस बीच, फलक को अस्पताल पहुंचाने वाली 14 वर्षीय लड़की को वेश्यावृत्ति में धकेलने वाली आरती नाम की महिला को गिरफ्तार किया गया है। महिला को दक्षिणी दिल्ली के मुनरिका इलाके से गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। टिप्पणियां अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अजय चौधरी ने कहा, "आरती को तीन दिनों तक पुलिस हिरासत में रखा जाएगा। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह कुछ दिनों से मुनरिका में किराए के एक मकान में रह रही थी।" चौधरी ने बताया, "वह एक आदमी के साथ रहती थी और देह-व्यापार में शामिल थी।" आरती गिरफ्तार दूसरी महिला पूजा की सहयोगी है। पुलिस ने बुधवार को संदीप, उसकी पत्नी पूजा एवं किशोरी के पिता जितेंद्र कुमार गुप्ता को गिरफ्तार करने की घोषणा की थी। जितेंद्र पर किशोरी को शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप है। गौरतलब है कि बुरी तरह घायल दो साल की फलक को 18 जनवरी को एक किशोरी लाई थी। बच्ची का सिर फूटा हुआ था और मस्तिष्क में दाईं ओर खून जम गया था। उसके समूचे शरीर पर इंसान के दांत के काटने के निशान थे। इस किशोरी ने खुद को बच्ची की मां बताया था। किशोरी को बाल संरक्षण गृह भेज दिया गया। किशोरी को मामले के फरार आरोपी राजकुमार से यह बच्ची मिली थी। पुलिस ने बताया कि किशोरी के पिता जितेंद्र एवं उसकी सहयोगी पूजा ने उसे देह व्यापार के धंधे में धकेल दिया था। इस दौरान किशोरी की मुलाकात मामले के मुख्य आरोपी राजकुमार से हुई और दोनों ने शादी कर ली। मिश्रा ने कहा, "हमारी मुख्य चिंता सेप्टीसीमिया (रक्त संक्रमण) है। हम उसकी हर घड़ी नजर रख रहे हैं। यह देखना महत्वपूर्ण है कि अगले 48 घंटे में उसका स्वास्थ्य कैसा रहता है।" इस बीच, फलक को अस्पताल पहुंचाने वाली 14 वर्षीय लड़की को वेश्यावृत्ति में धकेलने वाली आरती नाम की महिला को गिरफ्तार किया गया है। महिला को दक्षिणी दिल्ली के मुनरिका इलाके से गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। टिप्पणियां अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अजय चौधरी ने कहा, "आरती को तीन दिनों तक पुलिस हिरासत में रखा जाएगा। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह कुछ दिनों से मुनरिका में किराए के एक मकान में रह रही थी।" चौधरी ने बताया, "वह एक आदमी के साथ रहती थी और देह-व्यापार में शामिल थी।" आरती गिरफ्तार दूसरी महिला पूजा की सहयोगी है। पुलिस ने बुधवार को संदीप, उसकी पत्नी पूजा एवं किशोरी के पिता जितेंद्र कुमार गुप्ता को गिरफ्तार करने की घोषणा की थी। जितेंद्र पर किशोरी को शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप है। गौरतलब है कि बुरी तरह घायल दो साल की फलक को 18 जनवरी को एक किशोरी लाई थी। बच्ची का सिर फूटा हुआ था और मस्तिष्क में दाईं ओर खून जम गया था। उसके समूचे शरीर पर इंसान के दांत के काटने के निशान थे। इस किशोरी ने खुद को बच्ची की मां बताया था। किशोरी को बाल संरक्षण गृह भेज दिया गया। किशोरी को मामले के फरार आरोपी राजकुमार से यह बच्ची मिली थी। पुलिस ने बताया कि किशोरी के पिता जितेंद्र एवं उसकी सहयोगी पूजा ने उसे देह व्यापार के धंधे में धकेल दिया था। इस दौरान किशोरी की मुलाकात मामले के मुख्य आरोपी राजकुमार से हुई और दोनों ने शादी कर ली। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अजय चौधरी ने कहा, "आरती को तीन दिनों तक पुलिस हिरासत में रखा जाएगा। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह कुछ दिनों से मुनरिका में किराए के एक मकान में रह रही थी।" चौधरी ने बताया, "वह एक आदमी के साथ रहती थी और देह-व्यापार में शामिल थी।" आरती गिरफ्तार दूसरी महिला पूजा की सहयोगी है। पुलिस ने बुधवार को संदीप, उसकी पत्नी पूजा एवं किशोरी के पिता जितेंद्र कुमार गुप्ता को गिरफ्तार करने की घोषणा की थी। जितेंद्र पर किशोरी को शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप है। गौरतलब है कि बुरी तरह घायल दो साल की फलक को 18 जनवरी को एक किशोरी लाई थी। बच्ची का सिर फूटा हुआ था और मस्तिष्क में दाईं ओर खून जम गया था। उसके समूचे शरीर पर इंसान के दांत के काटने के निशान थे। इस किशोरी ने खुद को बच्ची की मां बताया था। किशोरी को बाल संरक्षण गृह भेज दिया गया। किशोरी को मामले के फरार आरोपी राजकुमार से यह बच्ची मिली थी। पुलिस ने बताया कि किशोरी के पिता जितेंद्र एवं उसकी सहयोगी पूजा ने उसे देह व्यापार के धंधे में धकेल दिया था। इस दौरान किशोरी की मुलाकात मामले के मुख्य आरोपी राजकुमार से हुई और दोनों ने शादी कर ली। गौरतलब है कि बुरी तरह घायल दो साल की फलक को 18 जनवरी को एक किशोरी लाई थी। बच्ची का सिर फूटा हुआ था और मस्तिष्क में दाईं ओर खून जम गया था। उसके समूचे शरीर पर इंसान के दांत के काटने के निशान थे। इस किशोरी ने खुद को बच्ची की मां बताया था। किशोरी को बाल संरक्षण गृह भेज दिया गया। किशोरी को मामले के फरार आरोपी राजकुमार से यह बच्ची मिली थी। पुलिस ने बताया कि किशोरी के पिता जितेंद्र एवं उसकी सहयोगी पूजा ने उसे देह व्यापार के धंधे में धकेल दिया था। इस दौरान किशोरी की मुलाकात मामले के मुख्य आरोपी राजकुमार से हुई और दोनों ने शादी कर ली।
यह एक सारांश है: एम्स में पिछले 16 दिनों से जीवन के लिए कठिन लड़ाई लड़ रही दो वर्षीय बच्ची फलक के रक्त में संक्रमण के कारण आज उसकी हालत कुछ और खराब हो गई।
16
['hin']
एक सारांश बनाओ: महाराष्ट्र एटीएस ने केरल पुलिस के साथ मिलकर एक साझा अभियान में नवी मुंबई से अर्शिद कुरैशी नामक शख्स को गिरफ्तार किया है। अर्शिद पर केरल से आईएसआईएस में भर्ती होने के इरादे से गायब तक़रीबन 19 युवकों में से कुछ को ईसाई धर्म से मुसलमान बनाने और उन्हें आतंकी संगठन इस्लामिक  स्टेट में शामिल होने के लिये प्रेरित करने का आरोप है। अर्शिद को अदालत ने 4 दिन तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है। खास बात है कि अर्शिद कुरैशी विवादित इस्लामिक धर्मगुरु डॉ. जाकिर नाईक के इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन का पब्लिक रिलेशन अफसर है। वो आईआरएफ में साल 2004 से काम करता है और 44 हजार रुपये महीना के करीब उसका वेतन है। एटीएस सूत्रों के मुताबिक केरल से गायब युवक और युवतियों में से एक परिवार की शिकायत पर उसे गिरफ्तार किया गया है। परिवार का आरोप है कि अर्शिद ने ही उनके बेटे और बेटियों को धर्मपरिवर्तन के लिये प्रेरित किया। बाद में सभी को आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट से जुड़ने के लिए उकसाया।टिप्पणियां डॉ. जाकिर नाईक हाल ही में ढाका आतंकी हमले के बाद चर्चा में आये हैं। आरोप है कि ढाका के आतंकियों में से एक शख्स डॉ. जाकिर के विचारों से प्रभावित था। डॉ. जाकिर के खिलाफ राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी और मुंबई पुलिस जांच कर रही है। उमरा करने सऊदी अरब गए डॉ. जाकिर ने पिछले सप्ताह ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्काइप के जरिये अपने ऊपर लगे सभी आरोपों का खंडन किया था। डॉ. जाकिर ने एक सवाल के जवाब में आतंकी इस्लामिक संगठन की भी निंदा की थी। लेकिन अब उनके ही संगठन से जुड़े एक अफसर का आईएसआईएस से जुड़ने के लिए युवकों को बरगलाने का आरोप लगने से डॉ. जाकिर नाईक की मुसीबत भी बढ़ सकती है। खास बात है कि अर्शिद कुरैशी विवादित इस्लामिक धर्मगुरु डॉ. जाकिर नाईक के इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन का पब्लिक रिलेशन अफसर है। वो आईआरएफ में साल 2004 से काम करता है और 44 हजार रुपये महीना के करीब उसका वेतन है। एटीएस सूत्रों के मुताबिक केरल से गायब युवक और युवतियों में से एक परिवार की शिकायत पर उसे गिरफ्तार किया गया है। परिवार का आरोप है कि अर्शिद ने ही उनके बेटे और बेटियों को धर्मपरिवर्तन के लिये प्रेरित किया। बाद में सभी को आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट से जुड़ने के लिए उकसाया।टिप्पणियां डॉ. जाकिर नाईक हाल ही में ढाका आतंकी हमले के बाद चर्चा में आये हैं। आरोप है कि ढाका के आतंकियों में से एक शख्स डॉ. जाकिर के विचारों से प्रभावित था। डॉ. जाकिर के खिलाफ राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी और मुंबई पुलिस जांच कर रही है। उमरा करने सऊदी अरब गए डॉ. जाकिर ने पिछले सप्ताह ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्काइप के जरिये अपने ऊपर लगे सभी आरोपों का खंडन किया था। डॉ. जाकिर ने एक सवाल के जवाब में आतंकी इस्लामिक संगठन की भी निंदा की थी। लेकिन अब उनके ही संगठन से जुड़े एक अफसर का आईएसआईएस से जुड़ने के लिए युवकों को बरगलाने का आरोप लगने से डॉ. जाकिर नाईक की मुसीबत भी बढ़ सकती है। डॉ. जाकिर नाईक हाल ही में ढाका आतंकी हमले के बाद चर्चा में आये हैं। आरोप है कि ढाका के आतंकियों में से एक शख्स डॉ. जाकिर के विचारों से प्रभावित था। डॉ. जाकिर के खिलाफ राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी और मुंबई पुलिस जांच कर रही है। उमरा करने सऊदी अरब गए डॉ. जाकिर ने पिछले सप्ताह ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्काइप के जरिये अपने ऊपर लगे सभी आरोपों का खंडन किया था। डॉ. जाकिर ने एक सवाल के जवाब में आतंकी इस्लामिक संगठन की भी निंदा की थी। लेकिन अब उनके ही संगठन से जुड़े एक अफसर का आईएसआईएस से जुड़ने के लिए युवकों को बरगलाने का आरोप लगने से डॉ. जाकिर नाईक की मुसीबत भी बढ़ सकती है। लेकिन अब उनके ही संगठन से जुड़े एक अफसर का आईएसआईएस से जुड़ने के लिए युवकों को बरगलाने का आरोप लगने से डॉ. जाकिर नाईक की मुसीबत भी बढ़ सकती है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जाकिर नाईक हाल ही में ढाका आतंकी हमले के बाद चर्चा में आये हैं आईआरएफ में साल 2004 से काम करता है अर्शिद कुरैशी डॉ. जाकिर के खिलाफ एनआईए और मुंबई पुलिस कर रही है जांच
32
['hin']
एक सारांश बनाओ: यूपी में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी में आगामी लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन तय हो गया. कल अखिलेश यादव और मायावती लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका औपचारिक ऐलान करेंगे. इस गठबंधन के साथ 25 साल बाद यूपी में इतिहास दोहराया जा रहा है. अखिलेश यादव ने NDTV से कहा कि उनका गठबंधन तो राजनीतिक है लेकिन बीजेपी ने सीबीआई से गठबंधन कर लिया है. उधर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि वे अब यूपी में 74 से भी ज़्यादा सीटें जीतेंगे. सुबह-सुबह मीडिया को भेजे गए प्रेस कॉन्फ्रेंस के दावतनामे ने मुल्क में सियासी हरारत बढ़ा दी. इससे यह पुख्ता हो गया कि सपा-बसपा में गठबंधन हो गया है. बस ऐलान की देर है.अखिलेश यादव ने NDTV से बातचीत में गठबंधन की जरूरत पर रोशनी डाली. 25 साल बाद यूपी में इतिहास दोहराया जा रहा है. सन 1993 में यही गठबंधन मुलायम सिंह और कांशी राम के बीच हुआ था. अब दोनों के सियासी वारिस कर रहे हैं. लेकिन कांग्रेस इस गठबंधन में नजर नहीं आती. अजित सिंह का राष्ट्रीय लोकदल इस गठबंधन का हिस्सा होगा. लेकिन सीटों पर अभी बातचीत चल रही है. यूपी बीजेपी के अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडे ने फौरन इसे दो भ्रष्ट लोगों का गठबंधन करार दे दिया. उधर दिल्ली में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने इस बार यूपी में और बड़ी जीत का दावा किया. उन्होंने कहा कि इस बार 74 से भी ज़्यादा सीटें जीतेंगे. गठबंधन में एक-दो सीटों पर एक-दो छोटी पार्टियों के भी जुड़ने की गुंजाइश बताई जा रही है.
अखिलेश यादव ने कहा, बीजेपी ने सीबीआई से गठबंधन कर लिया बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा- अब यूपी में 74 से भी ज्यादा सीटें जीतेंगे अजित सिंह का राष्ट्रीय लोकदल भी यूपी के गठबंधन का हिस्सा होगा
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: श्रीलंका के कप्तान कुमार संगकारा ने कहा कि इंडियन प्रीमियर लीग में खेल रहे उनकी राष्ट्रीय टीम के साथी खिलाड़ी क्रिकेट बोर्ड का इंग्लैंड दौरे की तैयारियों के लिए आईपीएल बीच में छोड़कर स्वदेश वापस बुलाने संबंधी जो भी फैसला होगा, उसे स्वीकार करेंगे। आईपीएल में डेक्कन चार्जर्स टीम की कप्तानी संभाल रहे संगकारा ने कहा, हमें मई के अंत में इंग्लैंड के दौरे पर जाना है। मुझे लगता है कि (श्रीलंकाई) बोर्ड हमें वापस बुलाना शुरू करेगा। मुझे पूरा विश्वास नहीं है कि यह (स्वेदश वापस लौटने की तारीख) पांच मई है या नहीं। डेक्कन चार्जर्स की रॉयल चैलेंजर्स पर गुरुवार को 33 रन की जीत के बाद उन्होंने कहा, इस (वापस लौटने की तारीख) पर बातचीत करना बीसीसीआई और श्रीलंकाई बोर्ड का काम है। हम खिलाड़ी के तौर पर केवल अपने बोर्ड के फैसले को स्वीकार कर सकते हैं। मुझे आशा है कि बीसीसीआई और श्रीलंकाई बोर्ड द्वारा फैसला लेने के बाद खिलाड़ियों को बता दिया जाएगा। हमें केवल फैसला मानना है। संगकारा ने आईपीएल के चौथे सत्र में अपनी टीम की पहली जीत पर कहा, घरेलू मैदान पर जीतना बहुत शानदार होता है। अंतत: यह राहत और खुशी की बात है। यह टीम का भरपूर प्रयास था। हर खिलाड़ी ने जीत के लिए योगदान दिया। चिपली ने शानदार पारी खेली। गोनी और स्टेन ने हमारी योजना के मुताबिक गेंदबाजी की।
यहाँ एक सारांश है:संगकारा ने कहा कि इंग्लैंड दौरे के लिए आईपीएल के बीच में लौटने पर बातचीत करना बीसीसीआई और श्रीलंकाई बोर्ड का काम है।
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रविवार को एशियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ग्राउंड पर खेले गए फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान को 17 रनों से हराकर लगातार दूसरी बार एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) महिला टी-20 एशिया कप खिताब पर कब्जा जमा लिया है. इससे पहले, भारत ने 2012 में चीन के ग्वांगझू में हुए इस टूर्नामेंट के बीते संस्करण के फाइनल में पाकिस्तान को ही 19 रनों से मात देकर खिताबी जीत हासिल की थी. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने मिताली राज (नाबाद 73) की शानदार अर्धशतकीय पारी की बदौलत पाकिस्तान के सामने 122 रनों का लक्ष्य रखा, जिसे पाकिस्तानी महिलाएं निर्धारित ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर भी हासिल नहीं कर पाई और 17 रनों से हार गई. पाकिस्तानी टीम 104 रन ही बना सकी. भारत के लिए मिताली के अलावा, झूलन गोस्वामी ने 17 रनों का अहम योगदान दिया. इस पारी में पाकिस्तान के लिए अनम अमीन ने दो जबकि सना मीर और सादिया यूसुफ ने एक-एक सफलता हासिल की. पाकिस्तान के लिए कप्तान बिस्माह मरूफ (25) और जावेरिया खान (22) ने सबसे अधिक रन बनाए. हालांकि, इसके बावजूद भी टीम भारतीय गेंदबाजों के आगे टिक नहीं पाई और सभी ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 104 रन ही बना सकी. भारत के लिए एकता बिष्ट ने सबसे अधिक दो विकेट चटकाए जबकि अनुजा पाटिल, झूलन, शिखा पांडे और प्रीति बोस को एक-एक सफलता हासिल हुई.टिप्पणियां गौरतलब है कि 2004 से शुरू हुए इस टूर्नामेंट पर भारत ने ही हर बार खिताबी जीत हासिल की है. 2004, 2005, 2006, 2008 में टीम ने श्रीलंका को मात देकर यह खिताब जीता था. यह टूर्नामेंट में 2004 से 2008 तक 50 ओवरों के फॉरमेट में खेला गया था लेकिन 2012 के बाद इसे टी-20 फॉरमेट में परिवर्तित कर दिया गया. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने मिताली राज (नाबाद 73) की शानदार अर्धशतकीय पारी की बदौलत पाकिस्तान के सामने 122 रनों का लक्ष्य रखा, जिसे पाकिस्तानी महिलाएं निर्धारित ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर भी हासिल नहीं कर पाई और 17 रनों से हार गई. पाकिस्तानी टीम 104 रन ही बना सकी. भारत के लिए मिताली के अलावा, झूलन गोस्वामी ने 17 रनों का अहम योगदान दिया. इस पारी में पाकिस्तान के लिए अनम अमीन ने दो जबकि सना मीर और सादिया यूसुफ ने एक-एक सफलता हासिल की. पाकिस्तान के लिए कप्तान बिस्माह मरूफ (25) और जावेरिया खान (22) ने सबसे अधिक रन बनाए. हालांकि, इसके बावजूद भी टीम भारतीय गेंदबाजों के आगे टिक नहीं पाई और सभी ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 104 रन ही बना सकी. भारत के लिए एकता बिष्ट ने सबसे अधिक दो विकेट चटकाए जबकि अनुजा पाटिल, झूलन, शिखा पांडे और प्रीति बोस को एक-एक सफलता हासिल हुई.टिप्पणियां गौरतलब है कि 2004 से शुरू हुए इस टूर्नामेंट पर भारत ने ही हर बार खिताबी जीत हासिल की है. 2004, 2005, 2006, 2008 में टीम ने श्रीलंका को मात देकर यह खिताब जीता था. यह टूर्नामेंट में 2004 से 2008 तक 50 ओवरों के फॉरमेट में खेला गया था लेकिन 2012 के बाद इसे टी-20 फॉरमेट में परिवर्तित कर दिया गया. भारत के लिए मिताली के अलावा, झूलन गोस्वामी ने 17 रनों का अहम योगदान दिया. इस पारी में पाकिस्तान के लिए अनम अमीन ने दो जबकि सना मीर और सादिया यूसुफ ने एक-एक सफलता हासिल की. पाकिस्तान के लिए कप्तान बिस्माह मरूफ (25) और जावेरिया खान (22) ने सबसे अधिक रन बनाए. हालांकि, इसके बावजूद भी टीम भारतीय गेंदबाजों के आगे टिक नहीं पाई और सभी ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 104 रन ही बना सकी. भारत के लिए एकता बिष्ट ने सबसे अधिक दो विकेट चटकाए जबकि अनुजा पाटिल, झूलन, शिखा पांडे और प्रीति बोस को एक-एक सफलता हासिल हुई.टिप्पणियां गौरतलब है कि 2004 से शुरू हुए इस टूर्नामेंट पर भारत ने ही हर बार खिताबी जीत हासिल की है. 2004, 2005, 2006, 2008 में टीम ने श्रीलंका को मात देकर यह खिताब जीता था. यह टूर्नामेंट में 2004 से 2008 तक 50 ओवरों के फॉरमेट में खेला गया था लेकिन 2012 के बाद इसे टी-20 फॉरमेट में परिवर्तित कर दिया गया. पाकिस्तान के लिए कप्तान बिस्माह मरूफ (25) और जावेरिया खान (22) ने सबसे अधिक रन बनाए. हालांकि, इसके बावजूद भी टीम भारतीय गेंदबाजों के आगे टिक नहीं पाई और सभी ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 104 रन ही बना सकी. भारत के लिए एकता बिष्ट ने सबसे अधिक दो विकेट चटकाए जबकि अनुजा पाटिल, झूलन, शिखा पांडे और प्रीति बोस को एक-एक सफलता हासिल हुई.टिप्पणियां गौरतलब है कि 2004 से शुरू हुए इस टूर्नामेंट पर भारत ने ही हर बार खिताबी जीत हासिल की है. 2004, 2005, 2006, 2008 में टीम ने श्रीलंका को मात देकर यह खिताब जीता था. यह टूर्नामेंट में 2004 से 2008 तक 50 ओवरों के फॉरमेट में खेला गया था लेकिन 2012 के बाद इसे टी-20 फॉरमेट में परिवर्तित कर दिया गया. भारत के लिए एकता बिष्ट ने सबसे अधिक दो विकेट चटकाए जबकि अनुजा पाटिल, झूलन, शिखा पांडे और प्रीति बोस को एक-एक सफलता हासिल हुई.टिप्पणियां गौरतलब है कि 2004 से शुरू हुए इस टूर्नामेंट पर भारत ने ही हर बार खिताबी जीत हासिल की है. 2004, 2005, 2006, 2008 में टीम ने श्रीलंका को मात देकर यह खिताब जीता था. यह टूर्नामेंट में 2004 से 2008 तक 50 ओवरों के फॉरमेट में खेला गया था लेकिन 2012 के बाद इसे टी-20 फॉरमेट में परिवर्तित कर दिया गया. गौरतलब है कि 2004 से शुरू हुए इस टूर्नामेंट पर भारत ने ही हर बार खिताबी जीत हासिल की है. 2004, 2005, 2006, 2008 में टीम ने श्रीलंका को मात देकर यह खिताब जीता था. यह टूर्नामेंट में 2004 से 2008 तक 50 ओवरों के फॉरमेट में खेला गया था लेकिन 2012 के बाद इसे टी-20 फॉरमेट में परिवर्तित कर दिया गया. यह टूर्नामेंट में 2004 से 2008 तक 50 ओवरों के फॉरमेट में खेला गया था लेकिन 2012 के बाद इसे टी-20 फॉरमेट में परिवर्तित कर दिया गया.
2012 में भी पाकिस्तान को ही हराकर जीता था खिताब भारतीय टीम ने पाक को 121 रन का दिया था लक्ष्य पाकिस्तान टीम 20 ओवरों में केवल 104 रन ही बना पाई
34
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ‘कालाकांडी’ में सैफ अली खान के भाई का किरदार निभाने जा रहे अक्षय ओबेरॉय ने उन खबरों का खंडन किया है जिनमें कहा जा रहा है कि उन्होंने ‘फन्ने खां’ फिल्म में ऐश्वर्या राय के साथ काम करने से इनकार कर दिया था. हाल ही में गुड़गांव फिल्म में नजर आए अक्षय ने कहा है, “ऐश्वर्या राय बच्चन और राकेश ओमप्रकाश मेहरा के साथ कोई पागल ही काम नहीं करना चाहेगा? ऐश्वर्या और राकेश सर के साथ काम करने मेरे लिए सम्मान की बात होगी. फिल्म के लिए मैंने ऑडिशन दिया था और शॉर्टलिस्ट भी हुआ था लेकिन बदकिस्मती से मुझे रोल के लिए नहीं चुना गया और ये सब बातें आने लगीं. प्रोड्यूसर से अगर फाइनल कॉल आई होती तो मैं बेहद खुश होता. शायद यह मौका अगली बार मेरे हाथ लगे.” वाकई इस तरह का सच कहना हर किसी के बूते की बात नहीं है लेकिन अक्षय ने खबरों का खंडन करके गॉसिप्स पर विराम लगा दिया है. वे अक्षत वर्मा की ‘कालाकांडी’ में भी काम कर रहे हैं. अक्षय ने अपने करियर की शुरुआत पृथ्वी थिएटर से की थी. उन्होंने 2010 में ‘इसी लाइफ में’ फिल्म से करियर की शुरुआत की थी. 2014 में उनकी फिल्म ‘पिज्जा’ को काफी पसंद किया गया था. वे अभी तक फिल्मों में छोटे-मोटे किरदार करते आए हैं. वाकई इस तरह का सच कहना हर किसी के बूते की बात नहीं है लेकिन अक्षय ने खबरों का खंडन करके गॉसिप्स पर विराम लगा दिया है. वे अक्षत वर्मा की ‘कालाकांडी’ में भी काम कर रहे हैं. अक्षय ने अपने करियर की शुरुआत पृथ्वी थिएटर से की थी. उन्होंने 2010 में ‘इसी लाइफ में’ फिल्म से करियर की शुरुआत की थी. 2014 में उनकी फिल्म ‘पिज्जा’ को काफी पसंद किया गया था. वे अभी तक फिल्मों में छोटे-मोटे किरदार करते आए हैं.
यहाँ एक सारांश है:'इसी लाइफ में' से किया था डेब्यू हाल ही में 'गुड़गांव' हुई थी रिलीज 'कालाकांडी' में सैफ के भाई बने हैं
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: शहरों में जो व्यक्ति हर महीने 965 रुपये और गांवों में 781 रुपये खर्च करता है वो गरीब नहीं माना जाएगा। ये बात योजना आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर करके कही है। आयोग ने राष्ट्रीय सैंपल सर्वे संगठन के आंकड़े के आधार पर गरीबी रेखा की परिभाषा में सुधार करते हुए कहा है कि शहरों में रोजाना 32 रुपये और गावों में रोजाना 26 रुपये खर्च करने वाला व्यक्ति गरीब नहीं माना जाएगा। ऐसे में वो गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों के तैयार केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का फायदा नहीं ले सकेगा। पहले ये आंकड़ा शहरों के लिए 20 रुपये और गांवों के लिए 15 रुपये था। योजना आयोग के मुताबिक दिल्ली मुंबई और बैंगलोर जैसे शहरों में चार सदस्यों वाले किसी परिवार का मासिक खर्च अगर 3860 रुपये है तो वो उसे भी गरीब नहीं माना जाएगा। गरीबी रेखा की इस नई परिभाषा को लेकर विरोध भी शुरू हो गया है। कई सामाजिक संगठनों का कहना है कि ये देश में गरीबों की संख्या कम दिखाने की एक साजिश है।
सारांश: योजना आयोग के मुताबिक शहरों में जो व्यक्ति हर महीने 965 रुपये और गांवों में 781 रुपये खर्च करता है वो गरीब नहीं माना जाएगा।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अपना पहला मैच खेल रहे जैक बॉल (5 विकेट) और आदिल राशिद (4 विकेट) की शानदार गेंदबाजी की दम पर इंग्लैंड ने शक्रुवार को मेजबान बांग्लादेश को शेर-ए-बांग्ला क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए पहले मैच में 21 रनों से हरा दिया. इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मेजबानों के सामने 310 रनों का लक्ष्य रखा था, लेकिन बांग्लादेश 47.5 ओवरों में 288 रनों पर ही ढेर हो गई. बॉल इंग्लैंड की तरफ से पदार्पण एकदिवसीय मैच में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं. उन्हें अपने शानदार प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच भी चुना गया. बांग्लादेश के लिए इमरुल कयास ने 112 और शाकिब अल हसन ने 79 रनों का योगदान दिया. इन दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 118 रनों की साझेदारी भी की. जब तक यह दोनों बल्लेबाज मैदान पर खेल रहे थे तब तक बांग्लादेश की जीत तय लग रही थी. लेकिन इन दोनों के आउट होने के बाद मेजबान टीम अपनी लय खो बैठी और मैच हार गई. बांग्लादेश को सधी हुई शुरुआत मिली. पारी की शुरुआत करने आए तमीम इकबाल (17) ने कयास के साथ पहले विकेट के लिए 46 रन जोड़े. लेकिन इसके बाद सब्बीर रहमान (18) और महामदुल्लाह (25) के विकेट नियमित अंतराल पर गिर जाने से मेजबान संकट में आ गए थे. कयास और शाकिब ने साझेदारी कर टीम को संभाला, लेकिन निचला क्रम पूरी तरह विफल रह जाने के कारण टीम मैच नहीं जीत सकी. कयास ने 119 गेंदों में 11 चौके एवं दो छक्के लगाए. वहीं शाकिब ने 55 गेंदों में 10 चौके और एक छक्का लगाया. टिप्पणियां इससे पहले इंग्लैंड ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करते हुए बेन स्टोक्स (101), कप्तान जोस बटलर (63) और अपना पदार्पण एकदिवसीय मैच खेल रहे बेन डकेट (60) की शानदार पारियों की मदद से निर्धारित 50 ओवरों में आठ विकेट के नुकासन पर 309 रन बनाए थे. स्टोक्स ने अपनी शतकीय पारी में 100 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके एवं चार छक्के लगाए. डकेट और स्टोक्स ने चौथे विकेट के लिए 153 रनों की साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बॉल इंग्लैंड की तरफ से पदार्पण एकदिवसीय मैच में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं. उन्हें अपने शानदार प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच भी चुना गया. बांग्लादेश के लिए इमरुल कयास ने 112 और शाकिब अल हसन ने 79 रनों का योगदान दिया. इन दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 118 रनों की साझेदारी भी की. जब तक यह दोनों बल्लेबाज मैदान पर खेल रहे थे तब तक बांग्लादेश की जीत तय लग रही थी. लेकिन इन दोनों के आउट होने के बाद मेजबान टीम अपनी लय खो बैठी और मैच हार गई. बांग्लादेश को सधी हुई शुरुआत मिली. पारी की शुरुआत करने आए तमीम इकबाल (17) ने कयास के साथ पहले विकेट के लिए 46 रन जोड़े. लेकिन इसके बाद सब्बीर रहमान (18) और महामदुल्लाह (25) के विकेट नियमित अंतराल पर गिर जाने से मेजबान संकट में आ गए थे. कयास और शाकिब ने साझेदारी कर टीम को संभाला, लेकिन निचला क्रम पूरी तरह विफल रह जाने के कारण टीम मैच नहीं जीत सकी. कयास ने 119 गेंदों में 11 चौके एवं दो छक्के लगाए. वहीं शाकिब ने 55 गेंदों में 10 चौके और एक छक्का लगाया. टिप्पणियां इससे पहले इंग्लैंड ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करते हुए बेन स्टोक्स (101), कप्तान जोस बटलर (63) और अपना पदार्पण एकदिवसीय मैच खेल रहे बेन डकेट (60) की शानदार पारियों की मदद से निर्धारित 50 ओवरों में आठ विकेट के नुकासन पर 309 रन बनाए थे. स्टोक्स ने अपनी शतकीय पारी में 100 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके एवं चार छक्के लगाए. डकेट और स्टोक्स ने चौथे विकेट के लिए 153 रनों की साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बांग्लादेश को सधी हुई शुरुआत मिली. पारी की शुरुआत करने आए तमीम इकबाल (17) ने कयास के साथ पहले विकेट के लिए 46 रन जोड़े. लेकिन इसके बाद सब्बीर रहमान (18) और महामदुल्लाह (25) के विकेट नियमित अंतराल पर गिर जाने से मेजबान संकट में आ गए थे. कयास और शाकिब ने साझेदारी कर टीम को संभाला, लेकिन निचला क्रम पूरी तरह विफल रह जाने के कारण टीम मैच नहीं जीत सकी. कयास ने 119 गेंदों में 11 चौके एवं दो छक्के लगाए. वहीं शाकिब ने 55 गेंदों में 10 चौके और एक छक्का लगाया. टिप्पणियां इससे पहले इंग्लैंड ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करते हुए बेन स्टोक्स (101), कप्तान जोस बटलर (63) और अपना पदार्पण एकदिवसीय मैच खेल रहे बेन डकेट (60) की शानदार पारियों की मदद से निर्धारित 50 ओवरों में आठ विकेट के नुकासन पर 309 रन बनाए थे. स्टोक्स ने अपनी शतकीय पारी में 100 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके एवं चार छक्के लगाए. डकेट और स्टोक्स ने चौथे विकेट के लिए 153 रनों की साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इससे पहले इंग्लैंड ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करते हुए बेन स्टोक्स (101), कप्तान जोस बटलर (63) और अपना पदार्पण एकदिवसीय मैच खेल रहे बेन डकेट (60) की शानदार पारियों की मदद से निर्धारित 50 ओवरों में आठ विकेट के नुकासन पर 309 रन बनाए थे. स्टोक्स ने अपनी शतकीय पारी में 100 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके एवं चार छक्के लगाए. डकेट और स्टोक्स ने चौथे विकेट के लिए 153 रनों की साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मेजबानों के सामने 310 रनों का लक्ष्य बांग्लादेश 47.5 ओवरों में 288 रनों पर ही ढेर हो गई बॉल डेब्यू मैच में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज बने
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: शेयर बाजार में लगातार छठे सप्ताह तक लाभ में रहने के बाद चालू सप्ताह में बाजार में कुछ तकनीकी सुधार देखने को मिल सकता है। निवेशक कुछ मुनाफावसूली कर सकते हैं।  विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से देश में लगातार पूंजी अंत:प्रवाह के कारण बंबई शेयर बाजार के सेंसेक्स में तेजी कायम रही और इस वर्ष अभी तक करीब 14 प्रतिशत बढ़ चुका है।टिप्पणियां सीएनआई रिसर्च के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक किशोर ओस्तवल ने कहा, शेयर बाजार में तकनीकी सुधार का आना बाकी है। चालू सप्ताह बाजार का रुख तय करने वाला साबित होगा। यह देखने वाली बात है कि व्यापारी अपने सौदों को मार्च तक खींचते हैं कि नहीं। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली है, जिसे अधिक समय तक कायम नहीं रखा जा सकता है तथा निवेशकों को मुनाफावसूली के अवसर को चूकना नहीं चाहिए। बोनान्जा पोर्टफोलियो के शोध विश्लेषक शानू गोयल ने कहा, बाजार काफी उतार-चढ़ाव की स्थिति वाला बन गया है, इसलिए सतर्क रुख अपनाने की जरूरत है। यूनान के ऋण संकट का सौहार्दपूर्ण समाधान वैश्विक बाजार के लिए उत्प्रेरक का काम कर सकता है। घरेलू मोर्चे पर हो रहे चुनावों और उसके जीतने वालों का कयास बाजार की धारणा पर असर डालेंगे। सीएनआई रिसर्च के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक किशोर ओस्तवल ने कहा, शेयर बाजार में तकनीकी सुधार का आना बाकी है। चालू सप्ताह बाजार का रुख तय करने वाला साबित होगा। यह देखने वाली बात है कि व्यापारी अपने सौदों को मार्च तक खींचते हैं कि नहीं। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली है, जिसे अधिक समय तक कायम नहीं रखा जा सकता है तथा निवेशकों को मुनाफावसूली के अवसर को चूकना नहीं चाहिए। बोनान्जा पोर्टफोलियो के शोध विश्लेषक शानू गोयल ने कहा, बाजार काफी उतार-चढ़ाव की स्थिति वाला बन गया है, इसलिए सतर्क रुख अपनाने की जरूरत है। यूनान के ऋण संकट का सौहार्दपूर्ण समाधान वैश्विक बाजार के लिए उत्प्रेरक का काम कर सकता है। घरेलू मोर्चे पर हो रहे चुनावों और उसके जीतने वालों का कयास बाजार की धारणा पर असर डालेंगे। बोनान्जा पोर्टफोलियो के शोध विश्लेषक शानू गोयल ने कहा, बाजार काफी उतार-चढ़ाव की स्थिति वाला बन गया है, इसलिए सतर्क रुख अपनाने की जरूरत है। यूनान के ऋण संकट का सौहार्दपूर्ण समाधान वैश्विक बाजार के लिए उत्प्रेरक का काम कर सकता है। घरेलू मोर्चे पर हो रहे चुनावों और उसके जीतने वालों का कयास बाजार की धारणा पर असर डालेंगे।
संक्षिप्त सारांश: शेयर बाजार में लगातार छठे सप्ताह तक लाभ में रहने के बाद चालू सप्ताह में बाजार में कुछ तकनीकी सुधार देखने को मिल सकता है। निवेशक कुछ मुनाफावसूली कर सकते हैं।
0
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राजस्‍थान में भारत-पाक की अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगती जैसलमेर जिले की सरहद पर चौकसी बरतने वाले सीमा सुरक्षा बल को अब ‘स्मार्ट फोर्स’ के रूप में विकसित किया जाएगा और अब पाक की नापाक करतूतों पर निगरानी रखने के लिए ‘तीसरी आंख’ की मदद ली जाएगी. सीमा सुरक्षा बल ने इसकी कवायद शुरू कर दी है. जैसलमेर सीमा सुरक्षा बल (उत्तर) के उप महानिरीक्षक अमित लोढ़ा ने बताया कि कई क्षेत्रों में जहां चौकसी बढ़ाने की जरूरत है, वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे इसकी जद में काफी इलाका आ जाएगा. बीएसएफ के सूत्रों के अनुसार, सरहदी जिलों में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों की मदद लेने का यह पहला मौका है और अगर इस क्षेत्र में इस तकनीक का प्रयोग सफल रहता है तो देश की अन्य अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को भी सीसीटीवी कैमरों की मदद से अभेद्य बनाया जा सकेगा. सरहदी जैसलमेर में लगने वाले कैमरे इंटरनेट से जुड़े रहेंगे. उन्होंने बताया कि इससे पहले घुसपैठ रोकने के लिए सरहद पर घंटियां लगाई गई थीं, बाद में तारबंदी में करंट छोड़ने की कवायद की गई और अब सीसीटीवी कैमरे लगाकर सीमा को अभेद्य बनाया जा रहा है. टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि ‘शिफ्टिंग सेंड ड्यून्स’ की समस्या को देखते हुए घुसपैठ की आशंका के मद्देनजर संबंधित सरहदी क्षेत्रों में ये सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. यह कवायद तब तक जारी रहेगी जब तक कि समूची सरहद सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में न आ जाए. जैसलमेर जिले की 471 किमी लंबी सीमा पाकिस्तान से जुड़ी हुई है और 30 किमी का क्षेत्र शिफ्टिंग सेंड ड्यून्स के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सीमा सुरक्षा बल ने इसकी कवायद शुरू कर दी है. जैसलमेर सीमा सुरक्षा बल (उत्तर) के उप महानिरीक्षक अमित लोढ़ा ने बताया कि कई क्षेत्रों में जहां चौकसी बढ़ाने की जरूरत है, वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे इसकी जद में काफी इलाका आ जाएगा. बीएसएफ के सूत्रों के अनुसार, सरहदी जिलों में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों की मदद लेने का यह पहला मौका है और अगर इस क्षेत्र में इस तकनीक का प्रयोग सफल रहता है तो देश की अन्य अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को भी सीसीटीवी कैमरों की मदद से अभेद्य बनाया जा सकेगा. सरहदी जैसलमेर में लगने वाले कैमरे इंटरनेट से जुड़े रहेंगे. उन्होंने बताया कि इससे पहले घुसपैठ रोकने के लिए सरहद पर घंटियां लगाई गई थीं, बाद में तारबंदी में करंट छोड़ने की कवायद की गई और अब सीसीटीवी कैमरे लगाकर सीमा को अभेद्य बनाया जा रहा है. टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि ‘शिफ्टिंग सेंड ड्यून्स’ की समस्या को देखते हुए घुसपैठ की आशंका के मद्देनजर संबंधित सरहदी क्षेत्रों में ये सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. यह कवायद तब तक जारी रहेगी जब तक कि समूची सरहद सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में न आ जाए. जैसलमेर जिले की 471 किमी लंबी सीमा पाकिस्तान से जुड़ी हुई है और 30 किमी का क्षेत्र शिफ्टिंग सेंड ड्यून्स के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बीएसएफ के सूत्रों के अनुसार, सरहदी जिलों में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों की मदद लेने का यह पहला मौका है और अगर इस क्षेत्र में इस तकनीक का प्रयोग सफल रहता है तो देश की अन्य अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को भी सीसीटीवी कैमरों की मदद से अभेद्य बनाया जा सकेगा. सरहदी जैसलमेर में लगने वाले कैमरे इंटरनेट से जुड़े रहेंगे. उन्होंने बताया कि इससे पहले घुसपैठ रोकने के लिए सरहद पर घंटियां लगाई गई थीं, बाद में तारबंदी में करंट छोड़ने की कवायद की गई और अब सीसीटीवी कैमरे लगाकर सीमा को अभेद्य बनाया जा रहा है. टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि ‘शिफ्टिंग सेंड ड्यून्स’ की समस्या को देखते हुए घुसपैठ की आशंका के मद्देनजर संबंधित सरहदी क्षेत्रों में ये सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. यह कवायद तब तक जारी रहेगी जब तक कि समूची सरहद सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में न आ जाए. जैसलमेर जिले की 471 किमी लंबी सीमा पाकिस्तान से जुड़ी हुई है और 30 किमी का क्षेत्र शिफ्टिंग सेंड ड्यून्स के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने बताया कि इससे पहले घुसपैठ रोकने के लिए सरहद पर घंटियां लगाई गई थीं, बाद में तारबंदी में करंट छोड़ने की कवायद की गई और अब सीसीटीवी कैमरे लगाकर सीमा को अभेद्य बनाया जा रहा है. टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि ‘शिफ्टिंग सेंड ड्यून्स’ की समस्या को देखते हुए घुसपैठ की आशंका के मद्देनजर संबंधित सरहदी क्षेत्रों में ये सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. यह कवायद तब तक जारी रहेगी जब तक कि समूची सरहद सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में न आ जाए. जैसलमेर जिले की 471 किमी लंबी सीमा पाकिस्तान से जुड़ी हुई है और 30 किमी का क्षेत्र शिफ्टिंग सेंड ड्यून्स के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सूत्रों ने बताया कि ‘शिफ्टिंग सेंड ड्यून्स’ की समस्या को देखते हुए घुसपैठ की आशंका के मद्देनजर संबंधित सरहदी क्षेत्रों में ये सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. यह कवायद तब तक जारी रहेगी जब तक कि समूची सरहद सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में न आ जाए. जैसलमेर जिले की 471 किमी लंबी सीमा पाकिस्तान से जुड़ी हुई है और 30 किमी का क्षेत्र शिफ्टिंग सेंड ड्यून्स के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: सरहदी जिलों में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी की मदद लेने का यह पहला मौका इससे पहले घुसपैठ रोकने के लिए सरहद पर घंटियां लगाई गई थीं सीमा सुरक्षा बल को अब ‘स्मार्ट फोर्स’ के रूप में विकसित किया जाएगा
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: योग गुरु बाबा रामदेव ने नए राजनीतिक दल के गठन की संभावनाओं से इनकार करते हुए कहा कि उनका अभी तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मोहभंग नहीं हुआ है, क्योंकि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में किए गए वादों को पूरा करने के लिए उनके पास दो वर्ष और बचे हैं. रामदेव ने कहा कि यदि राष्ट्रहित के किसी मामले पर कांग्रेस उनकी मदद चाहेगी तो वह उसके लिए तैयार होंगे. रामदेव ने भोपाल में संवाददाताओं से कहा, 'वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान देश में राजनीतिक संकट और निराशा का माहौल था. इस माहौल में मोदी ने मुझसे कहा था कि वह मेरे द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई और कालेधन को समाप्त करने के उठाए गए मुद्दों से सहमत हैं. मोदी ने मुझसे व्यवस्था परिवर्तन करने का वादा किया था. मैंने उनकी बातों पर विश्वास किया इसलिए लोकसभा चुनावों में मोदी का समर्थन किया था.' रामदेव ने कहा, 'विश्व में सब कुछ विश्वास पर टिका है. देश में कालेधन पर कार्रवाई की गई है. अब विशेषकर विदेशी मुल्कों से कालेधन को प्रभावी तंत्र के जरिये वापस देश में लाना है, क्योंकि यह जनता का धन है.' रामदेव मध्य प्रदेश सरकार द्वारा नर्मदा नदी के सरंक्षण अभियान के तहत चल रही 'नमामि देवी नर्मदे-सेवा यात्रा' में शामिल होने अलीराजपुर रवाना होने से पहले भोपाल आए थे. टिप्पणियां एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, 'अभी तक प्रधानमंत्री मोदी से मेरा मोहभंग नहीं हुआ है. मोदी अपने वादों को पूरा करते हैं. उनकी सरकार ने तीन साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है और दो साल का समय शेष है. प्रधानमंत्री का पद काफी ताकतवर होता है और वह दो सालों में जनता की काफी उम्मीदों को पूरा कर सकते हैं.' उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के परिणामों के बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. उन्होंनें कहा, 'मैं राजनीति से निरपेक्ष हूं, न किसी के पक्ष में और न किसी के विपक्ष में हूं.' रामदेव ने भोपाल में संवाददाताओं से कहा, 'वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान देश में राजनीतिक संकट और निराशा का माहौल था. इस माहौल में मोदी ने मुझसे कहा था कि वह मेरे द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई और कालेधन को समाप्त करने के उठाए गए मुद्दों से सहमत हैं. मोदी ने मुझसे व्यवस्था परिवर्तन करने का वादा किया था. मैंने उनकी बातों पर विश्वास किया इसलिए लोकसभा चुनावों में मोदी का समर्थन किया था.' रामदेव ने कहा, 'विश्व में सब कुछ विश्वास पर टिका है. देश में कालेधन पर कार्रवाई की गई है. अब विशेषकर विदेशी मुल्कों से कालेधन को प्रभावी तंत्र के जरिये वापस देश में लाना है, क्योंकि यह जनता का धन है.' रामदेव मध्य प्रदेश सरकार द्वारा नर्मदा नदी के सरंक्षण अभियान के तहत चल रही 'नमामि देवी नर्मदे-सेवा यात्रा' में शामिल होने अलीराजपुर रवाना होने से पहले भोपाल आए थे. टिप्पणियां एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, 'अभी तक प्रधानमंत्री मोदी से मेरा मोहभंग नहीं हुआ है. मोदी अपने वादों को पूरा करते हैं. उनकी सरकार ने तीन साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है और दो साल का समय शेष है. प्रधानमंत्री का पद काफी ताकतवर होता है और वह दो सालों में जनता की काफी उम्मीदों को पूरा कर सकते हैं.' उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के परिणामों के बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. उन्होंनें कहा, 'मैं राजनीति से निरपेक्ष हूं, न किसी के पक्ष में और न किसी के विपक्ष में हूं.' रामदेव ने कहा, 'विश्व में सब कुछ विश्वास पर टिका है. देश में कालेधन पर कार्रवाई की गई है. अब विशेषकर विदेशी मुल्कों से कालेधन को प्रभावी तंत्र के जरिये वापस देश में लाना है, क्योंकि यह जनता का धन है.' रामदेव मध्य प्रदेश सरकार द्वारा नर्मदा नदी के सरंक्षण अभियान के तहत चल रही 'नमामि देवी नर्मदे-सेवा यात्रा' में शामिल होने अलीराजपुर रवाना होने से पहले भोपाल आए थे. टिप्पणियां एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, 'अभी तक प्रधानमंत्री मोदी से मेरा मोहभंग नहीं हुआ है. मोदी अपने वादों को पूरा करते हैं. उनकी सरकार ने तीन साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है और दो साल का समय शेष है. प्रधानमंत्री का पद काफी ताकतवर होता है और वह दो सालों में जनता की काफी उम्मीदों को पूरा कर सकते हैं.' उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के परिणामों के बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. उन्होंनें कहा, 'मैं राजनीति से निरपेक्ष हूं, न किसी के पक्ष में और न किसी के विपक्ष में हूं.' एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, 'अभी तक प्रधानमंत्री मोदी से मेरा मोहभंग नहीं हुआ है. मोदी अपने वादों को पूरा करते हैं. उनकी सरकार ने तीन साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है और दो साल का समय शेष है. प्रधानमंत्री का पद काफी ताकतवर होता है और वह दो सालों में जनता की काफी उम्मीदों को पूरा कर सकते हैं.' उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के परिणामों के बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. उन्होंनें कहा, 'मैं राजनीति से निरपेक्ष हूं, न किसी के पक्ष में और न किसी के विपक्ष में हूं.' उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के परिणामों के बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. उन्होंनें कहा, 'मैं राजनीति से निरपेक्ष हूं, न किसी के पक्ष में और न किसी के विपक्ष में हूं.'
संक्षिप्त पाठ: 'मोदी ने मुझसे व्यवस्था परिवर्तन करने का वादा किया था' 'वह अपने वादों को पूरा करते हैं' 'देश में कालेधन पर कार्रवाई की गई है'
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इंग्लैंड क्रिकेट टीम के कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस का कहना है कि भारत के साथ आईसीसी क्रिकेट विश्व कप-2011 के अंतर्गत रविवार को खेले जाने वाले मुकाबले में दबाव मेजबान टीम पर होगा। विश्व कप खिताब जीतने के प्रबल दावेदारों में शामिल भारत ने उद्घाटन मुकाबले में बांग्लोदश को 87 रनों से हराया था वहीं इंग्लैंड ने अपने पहले मुकाबले में नीदरलैंड्स को छह विकेट से पराजित किया था। स्ट्रॉस ने मैच की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से कहा, "इस मुकाबले में भारतीय टीम पर घरेलू समर्थकों के सामने बेहतर प्रदर्शन करने का दबाव होगा। हम अत्यधिक दबाव में अच्छा प्रदर्शन करते हैं। हमें बेहतरीन क्रिकेट खेलने की जरूरत है।" इंग्लैंड ने हाल में ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर एशेज श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन किया था। ऑस्ट्रेलियाई धरती पर 24 वर्ष बाद पहली बार एशेज श्रृंखला जीतने के बाद इंग्लिश खिलाड़ियों का मनोबल काफी बढ़ा हुआ है। स्ट्रॉस ने कहा, "दोनों टीमों के लिए यह बड़ा मुकाबला है। भारत पर अत्यधिक दबाव होगा। हम मेजबान टीम के साथ खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हमने अब तक दो स्पिन गेंदबाजों के साथ खेलने के बारे में कोई फैसला नहीं किया है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच अभ्यास मैच मुकाबले में गेंद टर्न ले रही थी ये बात हमारे दिमाग में है।
सारांश: स्ट्रॉस का कहना है कि भारत के साथ आईसीसी क्रिकेट विश्व कप-2011 के अंतर्गत रविवार को खेले जाने वाले मुकाबले में दबाव मेजबान टीम पर होगा।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गत विजेता साइना नेहवाल लगातार तीसरी बार इंडोनेशिया ओपन सुपर सीरीज बैडमिंटन खिताब जीतने की दहलीज पर खड़ी हैं। साइना ने तीन सेट तक चले सेमीफाइनल में चीनी ताइपे की शाओ चीइह चेंग को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। चौथी वरीयता प्राप्त भारतीय खिलाड़ी ने 45 मिनट चले मुकाबले में चेंग को 21-14, 14-21, 21-17 से मात दी। गौरतलब है कि चेंग ने इस टूर्नामेंट में शीर्ष वरीयता प्राप्त शिझियान वांग और सातवीं वरीयता प्राप्त झिन लियु को हराकर उलटफेर किया था। सेमीफाइनल मुकाबले के पहले गेम में साइना ने लगातार सात अंक हासिल करके इस गेम को जीता। 21 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी हालांकि दूसरे गेम में अपनी लय खोती हुई नजर आई, जिससे चेंग ने बराबरी हासिल कर ली। तीसरा गेम काफी नजदीकी रहा, लेकिन चेंग के पास साइना के 11 स्मैश विनर्स का कोई जवाब नहीं था और इस प्रकार साइना ने मुकाबला अपने नाम करते हुए खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया।
यहाँ एक सारांश है:गत विजेता साइना नेहवाल लगातार तीसरी बार इंडोनेशिया ओपन सुपर सीरीज बैडमिंटन खिताब जीतने की दहलीज पर खड़ी हैं।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अलीगढ़ के टप्पल इलाके में बच्ची के साथ हुई हत्या का मामला लगातार गरमाता जा रहा है. पुलिस के मुताबिक बच्ची की हत्या उसके पड़ोसियों ने की थी. दरअसल बच्ची के दादा के साथ उधार के पैसों को लेकर आरोपियों का विवाद चल रहा था. ये मामला पूरे देश की नजर में तब आया जब बच्ची के नाम को लेकर ट्विटर पर एक हैशटेग चलाया गया. 24 घंटों में इस मामले पर 17 हजार से ज्यादा लोगों ने ट्वीट किए गए. ज्यादातर लोगों ने इस मामले में आरोपियों को सख्त सजा देने की मांग की.  अलीगढ़ पुलिस के मुताबिक, 'पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ है कि बच्ची का रेप नहीं हुआ है. उसके हाथ और पैर टूट गए थे. बच्ची के परिवार ने आरोप लगाया था कि बच्ची की आंख निकाली गई थी पर ऐसा नहीं हुआ था. लेकिन बच्ची के परिवार को ऐसा इसलिए लगा क्योंकि उसका शरीर बुरी तरह से नष्ट किया गया था.' पुलिस का कहना है, 'आरोपियों ने बच्ची की हत्या बदले की भावना से की थी. पुलिस के मुताबिक जाहिद ने मृत बच्ची के दादा से 50 हजार रुपए का लोन लिया था, और उस पर 10 हजार रुपए अभी भी बकाया था. इसी मसले पर दोनों के बीच बच्ची की किडनैपिंग से 2 दिन पहले लड़ाई भी हुई थी. बच्ची के घर वालों के मुताबिक जाहिद अपने अपमान का बदला लेना चाहता था.' पुलिस ने कहा, 'हम इस मामले की जांच राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत करेंगे और इस केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में भेजेंगे.' बता दें कि एक ढाई साल की बच्ची की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी और फिर क्षत-विक्षत शव को कूड़े में फेंक दिया गया था. इतनी घिनौनी और भयावह वारदात के पीछे की वजह महज 10,000 रुपये है. तीन दिन बाद घर के पास के कूड़ाघर में बच्ची का शव मिला था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक बच्ची की हत्या गला घोटकर की गई. पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.  मामला दो समुदायों से जुड़ा होने की वजह से मौके पर बड़े पैमाने पर पुलिस बल को तैनात किया गया है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरि ने गुरुवार को बताया था कि गत 31 मई को टप्पल से लापता हुई तीन साल की बच्ची का क्षत-विक्षत शव गत दो जून को उसके घर के पास एक कूड़े के ढेर में दबा पाया गया था. बच्ची के पिता की शिकायत पर जाहिद और एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है. उनसे पूछताछ में पता चला है कि दोनों आरोपियों का बच्ची के पिता से धन के लेन-देन को लेकर झगड़ा हुआ था. कुलहरि ने बताया था कि बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची से रेप की बात सामने नहीं आई है.  उसकी गला दबाकर हत्या की गयी है. उन्होंने कहा कि वारदात की गम्भीरता को देखते हुए दोनों अभियुक्त पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाए जाने की कार्यवाही शुरू कर दी गयी है. मामले की फास्ट ट्रैक अदालत में सुनवाई कराये जाने की भी प्रक्रिया शुरू की गयी है. कुलहरि ने बताया कि मामला दो समुदायों से जुड़ा होने की वजह से कल पैदा हुए तनाव के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है. (इनपुट: भाषा)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: हत्या की वारदात के पीछे की वजह महज 10,000 रुपये मृत बच्ची के पिता ने 10,000 रुपये का लिया था कर्ज आरोपियों पर रासुका के तहत होगी कार्रवाई
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: गृहमंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन की अवधि 6 महीने बढ़ाने के लिए बिल और जम्मू-कश्मीर रिजर्वेशन संशोधन बिल 2019 राज्यसभा में पेश कर दिया है. अब इसको लेकर सदन में चर्चा हो रही है. कांग्रेस की सांसद विप्लव ठाकुर ने सरकार पर जम्मू-कश्मीर के हालात बिगाड़ने का आरोप लगाया है और साथ ही पूछा कि अगर वहां पर लोकसभा चुनाव हो सकते हैं तो राज्यसभा चुनाव क्यों नहीं हो रहे हैं. उन्होंने पूछा कि जो इस समय हालात हैं वह तंग सोच की वजह से हैं. वहीं, मुंबई में हो रही जोरदार बारिश ने लोगों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं.  बारिश  के कारण लोगों को जलभराव की समस्या का सामना कर पड़ रहा है. यही नहीं, यहां हो रही मुसलाधार बारिश के कारण रेलवे ट्रैक और बस अड्डों पर भी  जलभराव  देखने को मिल रहा है, जिसके कारण कई ट्रेनें भी प्रभावित हुई हैं. बारिश के कारण ट्रेन प्रभावित होने से लोगों के रोजमर्रा कार्यों पर भी प्रभाव पड़ रहा है. कई ट्रनों के रूट भी बदलने पड़े. उधर, जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में एक सड़क हादसे में 35 लोगों की मौत हो गई और करीब एक दर्जन से ज्यादा लोग जख्मी हो गए. हादसा सोमवार सुबह हुआ. वहीं, साल 2019 का दूसरा सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) और तीसरा ग्रहण (Grahan) 2 जुलाई को है. इस दिन सूर्य और पृथ्‍वी के बीच चंद्रमा आ जाएगा, जिसके चलते सूर्य पूर्ण रूप से दिखना बंद हो जाएगा. हालांकि यह सूर्य ग्रहण केवल कुछ ही जगहों पर दिखाई देगा. उधर, बॉलीवुड में आमिर खान की 'दंगल (Dangal)' से अपनी पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस जायरा वसीम (Zaira Wasim) ने 30 जून को फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने का फैसला किया था. जायरा वसीम (Zaira Wasim) ने फेसबुक पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि वह फिल्में को हमेशा के लिए अलविदा कह रही हैं. पोस्ट में जायरा वसीम (Zaira Wasim) ने लिखा 'उन्हें एहसास हुआ कि भले ही मैं यहां सही तरीके से फिट हो जाऊं लेकिन मैं इस जगह के लिए नहीं बनी हूं.'  गृहमंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन की अवधि 6 महीने बढ़ाने के लिए बिल और जम्मू-कश्मीर रिजर्वेशन संशोधन बिल 2019 राज्यसभा में पेश कर दिया है. अब इसको लेकर सदन में चर्चा हो रही है. कांग्रेस की सांसद विप्लव ठाकुर ने सरकार पर जम्मू-कश्मीर के हालात बिगाड़ने का आरोप लगाया है और साथ ही पूछा कि अगर वहां पर लोकसभा चुनाव हो सकते हैं तो राज्यसभा चुनाव क्यों नहीं हो रहे हैं. उन्होंने पूछा कि जो इस समय हालात हैं वह तंग सोच की वजह से हैं.  आपको बता दें कि लोकसभा में राष्ट्रपति शासन की अवधि बढ़ाने वाला बिल पास कर दिया गया है. पेश कर दिया गया है. लोकसभा में जहां कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर आरक्षण बिल का समर्थन किया तो वहीं राष्ट्रपति शासन की अवधि बढ़ाने वाले बिल का विरोध किया. चर्चा के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा और कहा कि कश्मीर के हालात के लिए देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू जिम्मेदार हैं. इस पर कांग्रेस के नेता भड़क गए और काफी देर तक हंगामा जारी रहा.  अमित शाह ने कहा कि केंद्र तैयार है, चुनाव आयोग जब चाहे राज्य में विधानसभा चुनाव कराने का फैसला ले सकता है. राज्य में दिसंबर से राष्ट्रपति शासन लागू है. इससे पहले, जून 2018 से राज्यपाल शासन लागू था. शाह ने कहा कि राज्य में विधानसभा चुनाव हाल के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ नहीं कराया गया, क्योंकि सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करना संभव नहीं था. मुंबई में हो रही जोरदार बारिश ने लोगों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं.  बारिश  के कारण लोगों को जलभराव की समस्या का सामना कर पड़ रहा है. यही नहीं, यहां हो रही मुसलाधार बारिश के कारण रेलवे ट्रैक और बस अड्डों पर भी  जलभराव  देखने को मिल रहा है, जिसके कारण कई ट्रेनें भी प्रभावित हुई हैं. बारिश के कारण ट्रेन प्रभावित होने से लोगों के रोजमर्रा कार्यों पर भी प्रभाव पड़ रहा है. कई ट्रनों के रूट भी बदलने पड़े. महानगर के कई इलाके में रहने वाले लोग जलभराव की समस्या का सामना कर रहे हैं. गली-गली पानी के सिवा कुछ नहीं दिख रहा है. जोरदार बारिश के कारण कई इलाकों में पेड़ उखड़ गए तो कहीं मकान का हिस्सा भी गिर गया. मौसम विभाग के मुताबिक मुंबई के लोगों की परेशानी फिलहाल खत्म होने वाली नहीं है. मुंबई में आज पूरे दिन भारी बारिश के आसार हैं.  जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में एक सड़क हादसे में 35 लोगों की मौत हो गई और करीब एक दर्जन से ज्यादा लोग जख्मी हो गए. हादसा सोमवार सुबह तब हुआ, जब एक सवारियों से भरी बस गहरी खाई में जा गिरी. बस केशवां से किश्तवाड़ जा रही थी, तभी ड्राइवर का नियंत्रण खो गया और बस सरग्वारी के पास गहरी खाई में गिर गई. हादसा सुबह करीब 7.30 बजे हुआ. जम्मू के आईजीपी एमके सिन्हा ने पीटीआई को बताया कि 20 यात्रियों के शवों को निकाल लिया गया है. साथ ही कहा कि राहत एवं बचाव कार्य जारी है. जख्मी यात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.   बॉलीवुड में आमिर खान की 'दंगल (Dangal)' से अपनी पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस जायरा वसीम (Zaira Wasim) ने 30 जून को फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने का फैसला किया था. जायरा वसीम (Zaira Wasim) ने फेसबुक पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि वह फिल्में को हमेशा के लिए अलविदा कह रही हैं. पोस्ट में जायरा वसीम (Zaira Wasim) ने लिखा 'उन्हें एहसास हुआ कि भले ही मैं यहां सही तरीके से फिट हो जाऊं लेकिन मैं इस जगह के लिए नहीं बनी हूं.' जायरा वसीम (Zaira Wasim) के इस निर्णय पर लोगों के रिएक्शन आने भी शुरू हो गए हैं. उनके इस निर्णय पर बॉलीवुड एक्टर और प्रोड्यूसर कमाल आर खान (Kamaal R Khan) ने तो यहां तक कह दिया कि इसका भरोसा मत करना. वहीं एक्ट्रेस रवीना टंडन (Raveena Tandon) ने भी जायरा वसीम पर उनके फैसले के लिए निशाना साधा.
संक्षिप्त पाठ: अमित शाह ने राज्यसभा में पेश किया प्रस्ताव जम्मू-कश्मीर में खाई में गिरी बस मुंबई में बारिश ने बढ़ाई लोगों की मुसीबत
27
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हैदराबाद से एक हैरान करने वाली खबर आई है. जहां एक सिरफिरे आशिक ने युवती पर इसलिए हमला कर दिया क्योंकि वह उससे बात करने से मना कर रही थी. छात्रा की हालत अभी बेहद गंभीर है. अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है. पुलिस ने आरोपी की पहचान भरत के रूप में की है. पुलिस के अनुसार आरोपी नाबालिग है और बीते एक साल से युवती के पीछे पड़ा था. पुलिस के अनुसार यह घटना बरकतपुर इलाके में हुई है. पुलिस ने आरोपी नाबालिग को हिरासत में ले लिया है. पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि पीड़िता एक निजी कॉलेज की छात्रा है. पीड़िता ने आरोपी नाबालिग के खिलाफ कुछ समय पहले ही हैदराबाद पुलिस की वुमेल हरासमेंट सेल में शिकायत भी दर्ज कराई थी. गौरतलब है कि इस तरह का यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले मुंबई के कुर्ला-नेहरूनगर इलाके में फब्तियां कसने का विरोध करने पर एक व्यक्ति ने 16 वर्षीय एक लड़की की सरेआम कथित तौर पर पिटाई कर उसकी नाक की हड्डी तोड़ने का मामला समने आया था. इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था. सोशल मीडिया और मुख्यधारा की मीडिया में एक वीडियो में एक व्यक्ति एक लड़की पर हमला करता दिख रहा था. यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी. पुलिस ने आरोपी की पहचान इमरान शाहिद शेख (19) के रूप में की गई थी. नेहरूनगर पुलिस थाना के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक प्रमोद खोपरडे ने बताया था कि पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने एक व्यक्ति के खिलाफ एक मामला दर्ज किया और उस अनुसार गिरफ्तारी की गई. अगले दिन उसे अदालत में पेश किया गया था, जिसने उसकी जमानत मंजूर कर ली थी. बाद में उसे आईपीसी की धारा 354 के तहत फिर से हिरासत में ले लिया गया था. एक पुलिस अधिकारी के अनुसार घटना 17 अक्तूबर को चेंबुर के श्रमजीवी नगर की एसआरए इमारत के पास शाम करीब सात बजे हुई. उस वक्त पीड़िता ठक्कर बापा कॉलोनी में आदर्श नगर में एक मित्र के साथ अपने क्लास के लिए जा रही थी. अधिकारी ने बताया था कि जब वह अपनी इमारत के पास पहुंची तो उसने पाया कि वहां एक ऑटो रिक्शा में बैठे कुछ युवक जोर-जोर से बहस कर रहे थे. पीड़िता ने उन्हें शोर नहीं मचाने को कहा और अपने मित्र के साथ कुछ दूर चली गई. हालांकि, डांटे जाने पर शेख ऑटो से बाहर निकला और उसे पीटने लगा. उसने उसकी नाक पर वार किया, जिससे वह जमीन पर गिर गई. उसकी नाक से खून बहने लगा. इसके बाद शेख ने उसे धमकी दी और मौके से भाग गया. शेख, पीड़िता का परिचित है. अधिकारी ने बताया थी कि घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने पिटाई करने से उसे नहीं रोका. पीड़िता को अस्पताल ले जाया गया. वहां पता चला था कि उसकी नाक की हड्डी टूट गई है. हालांकि, लड़की ने राष्ट्रीय टीवी चैनलों को बताया था कि शेख उसे पिछले कुछ दिनों से प्रताड़ित कर रहा था और उसने इस बारे में अपनी मां को भी बताया था. जब वह क्लास जाया करती तो शेख उस पर अश्लील टिप्पणी करता था और उसने ऐसा करना जारी रखा.
यहाँ एक सारांश है:एक साल से पीछा कर रहा था आरोपी लड़की की हालत बेहद ही गंभीर पुलिस ने आरोपी को लिया हिरासत में
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: अमित शाह मिशन 2019 के मद्देनजर तकरीबन 100 दिनों के राष्‍ट्रव्‍यापी दौरे पर निकल गए हैं. इस कड़ी में त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल के बाद शुक्रवार से वह तीन दिनों के केरल दौरे पर जा रहे हैं. दरअसल 2019 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी उन राज्‍यों पर अधिक फोकस करना चाहती है जहां पिछली बार उसका प्रदर्शन कमजोर रहा था. इस कड़ी में केरल, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना जैसे राज्‍य हैं. अमित शाह इन राज्‍यों में बीजेपी को मजबूत करने की कोशिशें कर रहे हैं. इसकी एक बड़ी वजह यह है कि पिछली बार बीजेपी ने 280 से भी अधिक सीटें अधिकतर हिंदी भाषी राज्‍यों से जीती थीं. जानकारों के मुताबिक इस बार बीजेपी की रणनीति यह है कि यदि पार्टी को हिंदी भाषी राज्‍यों में सत्‍ता विरोधी लहर का कुछ खामियाजा भुगतना पड़ा तो वह उसकी भरपाई गैर हिंदी राज्‍यों में अपनी पहुंच बढ़ाकर करना चाहती है. इसीलिए अपने तीन माह के दौरे पर अमित शाह का पूरा ध्‍यान गैर हिंदी ऐसे राज्‍यों में पार्टी और संगठन को मजबूत करने का होगा जहां बीजेपी अपेक्षाकृत कमजोर स्थिति में है. केरल के बाद अमित शाह तेलंगाना और लक्षद्वीप के दौरे पर जाएंगे और उसके बाद अगस्‍त में आंध्र प्रदेश जाएंगे.टिप्पणियां दरअसल शाह चाहते हैं कि उत्तर-पूर्व राज्यों, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना, आंध प्रदेश जैसे राज्यों में बीजेपी ज्यादा सीटें जीते, लेकिन मवेशियों के कारोबार पर केंद्र सरकार की हालिया अधिसूचना का इन सभी राज्यों में जबर्दस्त विरोध किया जा रहा है. पश्चिम बंगाल, केरल और त्रिपुरा राज्य सरकारों ने इसे लागू न करने की बात कही है. इसी पृष्‍ठभूमि में अमित शाह केरल जा रहे हैं. वहां इस अधिसूचना का सबसे ज्‍यादा विरोध हो रहा है. मेघालय में बीजेपी नेताओं ने ही इसका विरोध किया है और राज्य के एक वरिष्ठ नेता ने इस अधिसूचना के विरोध में इस्तीफा भी दे दिया है. बीजेपी की सहयोगी एनपीपी ने इसका विरोध करते हुए पीएम मोदी से दखल की मांग की. जबकि तमिलनाडु में विपक्षी दल डीएमके ने इसके खिलाफ आवाज उठाई है. गौरतलब है कि इनमें कई ऐसे राज्य हैं जहां गोहत्या पर पाबंदी नहीं है और गोमांस लोगों के आहार का हिस्सा है. हालांकि बीजेपी नेताओं का मानना है कि जिस तरह से युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केरल में चौराहे पर बछड़े की हत्या की उससे हिंदी भाषी राज्यों में कांग्रेस को नुकसान हो सकता है. बीजेपी इसे बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है. इस साल गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं. यही वजह है कि गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने इस घटना पर तुरंत ही प्रतिक्रिया दे दी. लेकिन यह भी सही है कि गैर हिंदी राज्‍यों ऐसे राज्‍यों में जहां बीजेपी अपनी उपस्थिति बढ़ाना चाहती है वहां मवेशियों के कारोबार से संबंधित अधिसूचना के बाद अमित शाह को अब ज्‍यादा मेहनत करनी पड़ेगी. इसकी एक बड़ी वजह यह है कि पिछली बार बीजेपी ने 280 से भी अधिक सीटें अधिकतर हिंदी भाषी राज्‍यों से जीती थीं. जानकारों के मुताबिक इस बार बीजेपी की रणनीति यह है कि यदि पार्टी को हिंदी भाषी राज्‍यों में सत्‍ता विरोधी लहर का कुछ खामियाजा भुगतना पड़ा तो वह उसकी भरपाई गैर हिंदी राज्‍यों में अपनी पहुंच बढ़ाकर करना चाहती है. इसीलिए अपने तीन माह के दौरे पर अमित शाह का पूरा ध्‍यान गैर हिंदी ऐसे राज्‍यों में पार्टी और संगठन को मजबूत करने का होगा जहां बीजेपी अपेक्षाकृत कमजोर स्थिति में है. केरल के बाद अमित शाह तेलंगाना और लक्षद्वीप के दौरे पर जाएंगे और उसके बाद अगस्‍त में आंध्र प्रदेश जाएंगे.टिप्पणियां दरअसल शाह चाहते हैं कि उत्तर-पूर्व राज्यों, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना, आंध प्रदेश जैसे राज्यों में बीजेपी ज्यादा सीटें जीते, लेकिन मवेशियों के कारोबार पर केंद्र सरकार की हालिया अधिसूचना का इन सभी राज्यों में जबर्दस्त विरोध किया जा रहा है. पश्चिम बंगाल, केरल और त्रिपुरा राज्य सरकारों ने इसे लागू न करने की बात कही है. इसी पृष्‍ठभूमि में अमित शाह केरल जा रहे हैं. वहां इस अधिसूचना का सबसे ज्‍यादा विरोध हो रहा है. मेघालय में बीजेपी नेताओं ने ही इसका विरोध किया है और राज्य के एक वरिष्ठ नेता ने इस अधिसूचना के विरोध में इस्तीफा भी दे दिया है. बीजेपी की सहयोगी एनपीपी ने इसका विरोध करते हुए पीएम मोदी से दखल की मांग की. जबकि तमिलनाडु में विपक्षी दल डीएमके ने इसके खिलाफ आवाज उठाई है. गौरतलब है कि इनमें कई ऐसे राज्य हैं जहां गोहत्या पर पाबंदी नहीं है और गोमांस लोगों के आहार का हिस्सा है. हालांकि बीजेपी नेताओं का मानना है कि जिस तरह से युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केरल में चौराहे पर बछड़े की हत्या की उससे हिंदी भाषी राज्यों में कांग्रेस को नुकसान हो सकता है. बीजेपी इसे बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है. इस साल गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं. यही वजह है कि गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने इस घटना पर तुरंत ही प्रतिक्रिया दे दी. लेकिन यह भी सही है कि गैर हिंदी राज्‍यों ऐसे राज्‍यों में जहां बीजेपी अपनी उपस्थिति बढ़ाना चाहती है वहां मवेशियों के कारोबार से संबंधित अधिसूचना के बाद अमित शाह को अब ज्‍यादा मेहनत करनी पड़ेगी. दरअसल शाह चाहते हैं कि उत्तर-पूर्व राज्यों, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना, आंध प्रदेश जैसे राज्यों में बीजेपी ज्यादा सीटें जीते, लेकिन मवेशियों के कारोबार पर केंद्र सरकार की हालिया अधिसूचना का इन सभी राज्यों में जबर्दस्त विरोध किया जा रहा है. पश्चिम बंगाल, केरल और त्रिपुरा राज्य सरकारों ने इसे लागू न करने की बात कही है. इसी पृष्‍ठभूमि में अमित शाह केरल जा रहे हैं. वहां इस अधिसूचना का सबसे ज्‍यादा विरोध हो रहा है. मेघालय में बीजेपी नेताओं ने ही इसका विरोध किया है और राज्य के एक वरिष्ठ नेता ने इस अधिसूचना के विरोध में इस्तीफा भी दे दिया है. बीजेपी की सहयोगी एनपीपी ने इसका विरोध करते हुए पीएम मोदी से दखल की मांग की. जबकि तमिलनाडु में विपक्षी दल डीएमके ने इसके खिलाफ आवाज उठाई है. गौरतलब है कि इनमें कई ऐसे राज्य हैं जहां गोहत्या पर पाबंदी नहीं है और गोमांस लोगों के आहार का हिस्सा है. हालांकि बीजेपी नेताओं का मानना है कि जिस तरह से युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केरल में चौराहे पर बछड़े की हत्या की उससे हिंदी भाषी राज्यों में कांग्रेस को नुकसान हो सकता है. बीजेपी इसे बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है. इस साल गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं. यही वजह है कि गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने इस घटना पर तुरंत ही प्रतिक्रिया दे दी. लेकिन यह भी सही है कि गैर हिंदी राज्‍यों ऐसे राज्‍यों में जहां बीजेपी अपनी उपस्थिति बढ़ाना चाहती है वहां मवेशियों के कारोबार से संबंधित अधिसूचना के बाद अमित शाह को अब ज्‍यादा मेहनत करनी पड़ेगी. गौरतलब है कि इनमें कई ऐसे राज्य हैं जहां गोहत्या पर पाबंदी नहीं है और गोमांस लोगों के आहार का हिस्सा है. हालांकि बीजेपी नेताओं का मानना है कि जिस तरह से युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केरल में चौराहे पर बछड़े की हत्या की उससे हिंदी भाषी राज्यों में कांग्रेस को नुकसान हो सकता है. बीजेपी इसे बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है. इस साल गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं. यही वजह है कि गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने इस घटना पर तुरंत ही प्रतिक्रिया दे दी. लेकिन यह भी सही है कि गैर हिंदी राज्‍यों ऐसे राज्‍यों में जहां बीजेपी अपनी उपस्थिति बढ़ाना चाहती है वहां मवेशियों के कारोबार से संबंधित अधिसूचना के बाद अमित शाह को अब ज्‍यादा मेहनत करनी पड़ेगी.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अमित शाह शुक्रवार से तीन दिवसीय केरल दौरे पर इस वक्‍त तकरीबन 100 दिन के राष्‍ट्रीय दौरे पर अगले लोकसभा चुनाव की रणनीति के तहत दौरा
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अंतरिम बजट पेश करने से नौ दिन पहले रेल मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) को बुधवार को वित्त और कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया. अरुण जेटली अस्वस्थ हैं और इलाज के लिए विदेश में हैं, इस वजह से उनके मंत्रालयों का प्रभार गोयल (Piyush Goyal) को दिया गया है. राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर वित्त और कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार अस्थायी रूप से गोयल को सौंपा गया है. गोयल के पास पहले से जो मंत्रालय हैं वह उसका कामकाज भी देखते रहेंगे. बीजेपी की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार को एक फरवरी को अपने मौजूदा कार्यकाल का अंतिम बजट पेश करना है. इसके अलावा जेटली को उनके इलाज तक बिना पोर्टफोलियो वाला मंत्री बनाया गया है. स्वस्थ होने के बाद जेटली फिर से वित्त और कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालेंगे. इससे पहले पिछले साल मई में भी गोयल (Piyush Goyal) को दोनों मंत्रालयों का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था. उस समय जेटली का गुर्दा प्रत्यारोपण हुआ था. गोयल ने 100 दिन तक जेटली की अनुपस्थिति में इन मंत्रालयों का प्रभार संभाला था. जेटली पिछले साल 23 अगस्त को काम पर लौट आए थे और उन्होंने वित्त और कॉरपोरेट मंत्रालयों की जिम्मेदारी फिर संभाल ली थी. इससे पहले पिछले साल 14 मई को जेटली का एम्स में गुर्दा प्रत्यारोपण हुआ था. उसके बाद से वह विदेश नहीं गए थे. इसी महीने जेटली को आगामी आम चुनाव के लिए बीजेपी का प्रचार प्रमुख बनाया गया था.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एक फरवरी को मोदी सरकार के कार्यकाल का अंतिम बजट पेश होगा अरुण जेटली अस्वस्थ, न्यूयॉर्क में करा रहे इलाज चिकित्सकों ने जेटली को दो सप्ताह आराम करने की सलाह दी
25
['hin']
एक सारांश बनाओ: ग्रुप बी के मैच में गुरुवार को भारत और श्रीलंका का मैच होने जा रहा है. पाकिस्‍तान को करारी शिकस्‍त देने के बाद भारत के हौसले जहां बुलंद हैं, वहीं श्रीलंका अपना पहला मैच दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार चुका है. लिहाजा भारत जहां इस मैच को जीतकर अंक तालिका के लिहाज से सेमीफाइनल की दावेदारी की स्थिति में पहुंच सकता है, वहीं श्रीलंका इस मैच को किसी भी कीमत नहीं गंवाना चाहेगा. इसलिए श्रीलंका इस मैच में कोई जोखिम नहीं लेना चाहता और पूरी ताकत से उतरने के मूड में है.टिप्पणियां श्रीलंका क्रिकेट टीम के लिए अच्‍छी बात यह है कि कप्तान एंजेलो मैथ्यूज अपनी टीम के साथ मैदान पर उतरेंगे. वेबसाइट 'ईएसपीएनक्रिकइन्फो डॉट कॉम' की रिपोर्ट के अनुसार, मैथ्यूज अपनी चोट से उबर गए हैं और वह बल्लेबाजी के लिए पूरी तरह से फिट हैं. हालांकि, उनकी गेंदबाजी पर अब भी संदेह है. 'द पपारे डॉट कॉम' को दिए एक बयान में मैथ्यूज ने कहा, "मेरी चोट में अब काफी सुधार है. मैं पिछला मैच खेल सकता था, लेकिन इसमें खतरा था. इसलिए, प्रबंधन और चयनकर्ताओं ने मुझे शामिल नहीं किया. मैं अब पूरी तरह से फिट हूं. मैं गेंदबाजी नहीं करूंगा, लेकिन एक बल्लेबाज के तौर पर मैं खेलने के लिए तैयार हूं." आंकड़ों के लिहाज से यदि दोनों टीमों के प्रदर्शन पर नजर डाली जाए तो अब इन दोनों के बीच कुल 149 मुकाबले हुए हैं. इनमें से टीम इंडिया ने 83 और श्रीलंका ने 54 मैच जीते हैं. इन दोनों के बीच 11 मैच नो रिजल्‍ट के रूप में रहे हैं और एक मैच टाई रहा है. चैंपियंस ट्रॉफी मुकाबलों में अब तक दो बार इनकी भिड़ंत हो चुकी है. इनमें से एक मैच भारत ने जीता था और दूसरे का नतीजा नहीं निकल सका था. पिछले 15 मुकाबलों में भारत ने 12 ओर श्रीलंका ने तीन मैच जीते हैं. 2011 विश्‍व कप के बाद से भारत अब तक आईसीसी वनडे टूर्नामेंट में खिताबी जीत हासिल कर चुका है. विराट कोहली की अगुआई में 21 वनडे मैचों में भारत ने 17 मैच जीते हैं. श्रीलंका क्रिकेट टीम के लिए अच्‍छी बात यह है कि कप्तान एंजेलो मैथ्यूज अपनी टीम के साथ मैदान पर उतरेंगे. वेबसाइट 'ईएसपीएनक्रिकइन्फो डॉट कॉम' की रिपोर्ट के अनुसार, मैथ्यूज अपनी चोट से उबर गए हैं और वह बल्लेबाजी के लिए पूरी तरह से फिट हैं. हालांकि, उनकी गेंदबाजी पर अब भी संदेह है. 'द पपारे डॉट कॉम' को दिए एक बयान में मैथ्यूज ने कहा, "मेरी चोट में अब काफी सुधार है. मैं पिछला मैच खेल सकता था, लेकिन इसमें खतरा था. इसलिए, प्रबंधन और चयनकर्ताओं ने मुझे शामिल नहीं किया. मैं अब पूरी तरह से फिट हूं. मैं गेंदबाजी नहीं करूंगा, लेकिन एक बल्लेबाज के तौर पर मैं खेलने के लिए तैयार हूं." आंकड़ों के लिहाज से यदि दोनों टीमों के प्रदर्शन पर नजर डाली जाए तो अब इन दोनों के बीच कुल 149 मुकाबले हुए हैं. इनमें से टीम इंडिया ने 83 और श्रीलंका ने 54 मैच जीते हैं. इन दोनों के बीच 11 मैच नो रिजल्‍ट के रूप में रहे हैं और एक मैच टाई रहा है. चैंपियंस ट्रॉफी मुकाबलों में अब तक दो बार इनकी भिड़ंत हो चुकी है. इनमें से एक मैच भारत ने जीता था और दूसरे का नतीजा नहीं निकल सका था. पिछले 15 मुकाबलों में भारत ने 12 ओर श्रीलंका ने तीन मैच जीते हैं. 2011 विश्‍व कप के बाद से भारत अब तक आईसीसी वनडे टूर्नामेंट में खिताबी जीत हासिल कर चुका है. विराट कोहली की अगुआई में 21 वनडे मैचों में भारत ने 17 मैच जीते हैं. आंकड़ों के लिहाज से यदि दोनों टीमों के प्रदर्शन पर नजर डाली जाए तो अब इन दोनों के बीच कुल 149 मुकाबले हुए हैं. इनमें से टीम इंडिया ने 83 और श्रीलंका ने 54 मैच जीते हैं. इन दोनों के बीच 11 मैच नो रिजल्‍ट के रूप में रहे हैं और एक मैच टाई रहा है. चैंपियंस ट्रॉफी मुकाबलों में अब तक दो बार इनकी भिड़ंत हो चुकी है. इनमें से एक मैच भारत ने जीता था और दूसरे का नतीजा नहीं निकल सका था. पिछले 15 मुकाबलों में भारत ने 12 ओर श्रीलंका ने तीन मैच जीते हैं. 2011 विश्‍व कप के बाद से भारत अब तक आईसीसी वनडे टूर्नामेंट में खिताबी जीत हासिल कर चुका है. विराट कोहली की अगुआई में 21 वनडे मैचों में भारत ने 17 मैच जीते हैं.
संक्षिप्त सारांश: भारत पहला मुकाबला जीत चुका है पाकिस्‍तान को दी थी करारी शिकस्‍त श्रीलंका पहला मैच हार चुका है
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिकी खुफिया प्रमुख ने आगाह किया कि पाकिस्तान छोटी दूरी के हथियारों सहित नये तरह के परमाणु हथियारों का विकास कर रहा है. नेशनल इंटेलीजेंस के निदेशक डैन कोट्स ने शनिवार को जम्मू में सुंजवां सैन्य शिविर पर हुए पाकिस्तानी आतंकियों के एक समूह के हमले के कुछ दिन बाद यह टिप्पणी की. कोट्स ने खुफिया मामलों से जुड़ी सीनेट की प्रवर समिति द्वारा विश्वव्यापी खतरों के विषय पर आयोजित की गयी सुनवाई के दौरान सांसदों से कहा कि पाकिस्तान छोटी दूरी के रणनीतिक हथियारों सहित नये तरह के परमाणु हथियारों का विकास कर रहा है.टिप्पणियां Video- क्या आतंक को लेकर पाकिस्तान का रुख बदलेगा? उन्होंने आगाह किया कि पाकिस्तान ने परमाणु हथियारों का निर्माण एवं छोटी दूरी के रणनीतिक हथियारों सहित नये तरह के परमाणु हथियारों, समुद्र आधारित क्रूज मिसाइलों, हवा में छोड़े जाने वाले क्रूज मिसाइल और लंबी दूरी के बैलिस्टिक मिसाइल का विकास करना जारी रखा है. इनपुट- भाषा कोट्स ने खुफिया मामलों से जुड़ी सीनेट की प्रवर समिति द्वारा विश्वव्यापी खतरों के विषय पर आयोजित की गयी सुनवाई के दौरान सांसदों से कहा कि पाकिस्तान छोटी दूरी के रणनीतिक हथियारों सहित नये तरह के परमाणु हथियारों का विकास कर रहा है.टिप्पणियां Video- क्या आतंक को लेकर पाकिस्तान का रुख बदलेगा? उन्होंने आगाह किया कि पाकिस्तान ने परमाणु हथियारों का निर्माण एवं छोटी दूरी के रणनीतिक हथियारों सहित नये तरह के परमाणु हथियारों, समुद्र आधारित क्रूज मिसाइलों, हवा में छोड़े जाने वाले क्रूज मिसाइल और लंबी दूरी के बैलिस्टिक मिसाइल का विकास करना जारी रखा है. इनपुट- भाषा Video- क्या आतंक को लेकर पाकिस्तान का रुख बदलेगा? उन्होंने आगाह किया कि पाकिस्तान ने परमाणु हथियारों का निर्माण एवं छोटी दूरी के रणनीतिक हथियारों सहित नये तरह के परमाणु हथियारों, समुद्र आधारित क्रूज मिसाइलों, हवा में छोड़े जाने वाले क्रूज मिसाइल और लंबी दूरी के बैलिस्टिक मिसाइल का विकास करना जारी रखा है. इनपुट- भाषा इनपुट- भाषा
पाकिस्तान छोटी दूरी के हथियारों सहित नये तरह के परमाणु हथियार बना रहा विश्वव्यापी खतरों के विषय पर आयोजित की गयी सुनवाई के दौरान कहा नेशनल इंटेलीजेंस के निदेशक डैन कोट्स ने यह बात कही
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: अपने आला अधिकारियों की कथित यातनाओं के विरोध में 200 फीट ऊंचे टॉवर पर जा चढ़े थलसेना के जवान के मुत्थू को बचाव कार्यकर्ताओं ने 94 घंटे बाद उतारा। मुत्थू की तबीयत बिगड़ने पर उसे टॉवर से उतारा गया। इंजीनियर्स रेजिमेंट में तैनात मुत्थू बीते शुक्रवार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास स्थित अजमेरी गेट के एक टॉवर पर दोपहर करीब एक बजे चढ़ गया था। उसे मंगलवार की सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर टॉवर से नीचे उतारा गया। पिछले चार दिनों से खाना नहीं खाने के कारण वह काफी कमजोर हो गया था। उसे दिल्ली कैंटोनमेंट के बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। थलसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुत्थू का इलाज चल रहा है और उसकी हालत स्थिर है। अधिकारी ने कहा, ‘‘काफी तेज बारिश हो रही थी और वह काफी कमजोर है। वह खाना भी नहीं खा रहा था। हमने उससे कहा कि हम उसे नीचे उतार रहे हैं। वह सीढ़ियों से नीचे नहीं उतर सका क्योंकि वह काफी कमजोर है।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा कि मुत्थू के स्वस्थ्य हो जाने के बाद विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी। उसके आरोपों की जांच के लिए पहले ही तथ्यों का पता लगाने वाली एक समिति का गठन कर दिया गया है। गौरतलब है कि तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले का रहने वाला मुथु तब तक नीचे न आने पर अड़ा था जब तक कि वह रक्षा मंत्री एके एंटनी से न मिल ले। इंजीनियर्स रेजिमेंट में तैनात मुत्थू बीते शुक्रवार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास स्थित अजमेरी गेट के एक टॉवर पर दोपहर करीब एक बजे चढ़ गया था। उसे मंगलवार की सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर टॉवर से नीचे उतारा गया। पिछले चार दिनों से खाना नहीं खाने के कारण वह काफी कमजोर हो गया था। उसे दिल्ली कैंटोनमेंट के बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। थलसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुत्थू का इलाज चल रहा है और उसकी हालत स्थिर है। अधिकारी ने कहा, ‘‘काफी तेज बारिश हो रही थी और वह काफी कमजोर है। वह खाना भी नहीं खा रहा था। हमने उससे कहा कि हम उसे नीचे उतार रहे हैं। वह सीढ़ियों से नीचे नहीं उतर सका क्योंकि वह काफी कमजोर है।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा कि मुत्थू के स्वस्थ्य हो जाने के बाद विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी। उसके आरोपों की जांच के लिए पहले ही तथ्यों का पता लगाने वाली एक समिति का गठन कर दिया गया है। गौरतलब है कि तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले का रहने वाला मुथु तब तक नीचे न आने पर अड़ा था जब तक कि वह रक्षा मंत्री एके एंटनी से न मिल ले। पिछले चार दिनों से खाना नहीं खाने के कारण वह काफी कमजोर हो गया था। उसे दिल्ली कैंटोनमेंट के बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। थलसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुत्थू का इलाज चल रहा है और उसकी हालत स्थिर है। अधिकारी ने कहा, ‘‘काफी तेज बारिश हो रही थी और वह काफी कमजोर है। वह खाना भी नहीं खा रहा था। हमने उससे कहा कि हम उसे नीचे उतार रहे हैं। वह सीढ़ियों से नीचे नहीं उतर सका क्योंकि वह काफी कमजोर है।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा कि मुत्थू के स्वस्थ्य हो जाने के बाद विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी। उसके आरोपों की जांच के लिए पहले ही तथ्यों का पता लगाने वाली एक समिति का गठन कर दिया गया है। गौरतलब है कि तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले का रहने वाला मुथु तब तक नीचे न आने पर अड़ा था जब तक कि वह रक्षा मंत्री एके एंटनी से न मिल ले। थलसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुत्थू का इलाज चल रहा है और उसकी हालत स्थिर है। अधिकारी ने कहा, ‘‘काफी तेज बारिश हो रही थी और वह काफी कमजोर है। वह खाना भी नहीं खा रहा था। हमने उससे कहा कि हम उसे नीचे उतार रहे हैं। वह सीढ़ियों से नीचे नहीं उतर सका क्योंकि वह काफी कमजोर है।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा कि मुत्थू के स्वस्थ्य हो जाने के बाद विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी। उसके आरोपों की जांच के लिए पहले ही तथ्यों का पता लगाने वाली एक समिति का गठन कर दिया गया है। गौरतलब है कि तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले का रहने वाला मुथु तब तक नीचे न आने पर अड़ा था जब तक कि वह रक्षा मंत्री एके एंटनी से न मिल ले। उन्होंने कहा कि मुत्थू के स्वस्थ्य हो जाने के बाद विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी। उसके आरोपों की जांच के लिए पहले ही तथ्यों का पता लगाने वाली एक समिति का गठन कर दिया गया है। गौरतलब है कि तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले का रहने वाला मुथु तब तक नीचे न आने पर अड़ा था जब तक कि वह रक्षा मंत्री एके एंटनी से न मिल ले। गौरतलब है कि तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले का रहने वाला मुथु तब तक नीचे न आने पर अड़ा था जब तक कि वह रक्षा मंत्री एके एंटनी से न मिल ले।
संक्षिप्त पाठ: अपने आला अधिकारियों की कथित यातनाओं के विरोध में 200 फीट ऊंचे टॉवर पर जा चढ़े थलसेना के जवान के मुत्थू को बचाव कार्यकर्ताओं ने 94 घंटे बाद उतारा। मुत्थू की तबीयत बिगड़ने पर उसे टॉवर से उतारा गया।
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पंजाब की कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार के मंत्री राणा गुरजीत सिंह के पूर्व रसोइया से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. रसोइया अमित बहादुर के बैंक खाते में पांच हजार रुपए से भी कम हैं, लेकिन उसने 26 करोड़ की बोली लगाकर बालू (रेत) खनन का अधिकार हासिल किया है. कैप्टन सरकार में 19 अप्रैल को खनन बोली लगाई गई थी. इस नीलामी में खनन का अधिकार हासिल करने वाले अमित बहादुर को 21 और 22 मई तक सारी रकम जमा करानी थी. शुरुआती जांच में पता चला है कि अमित बहादुर के भारतीय स्टेट बैंक के खाते में अप्रैल (2017) तक महज में 4,840 रुपए थी. ये भी पढ़ें-:विपक्ष ने मांगा इस्तीफाटिप्पणियां इतना ही नहीं, बहादुर की ओर से दिए गए हलफनामें में भी उसके बैंक खाते से एक साल के दौरान 18,000 से 22,000 रुपए तक की राशि रही है. उसने अपनी कमाई का स्रोत अपनी सैलरी को बताया है, जो 11,206 रुपए है. अमित बहादुर के बैंक खाते में इस साल आठ मार्च को आखिरी बार सैलरी जमा हुई थी. सबसे दिलचस्प बात यह है 11 हजार कमाने वाले अमित ने 21 मई 2017 को 26.51 करोड़ की बोली लगाकर रेत खनन का टेंडर हासिल कर लिया. राजधानी चंडीगढ़ से करीब 100 किलोमीटर दूर नवानशहर के शादीपुर खुर्द के इस टेंडर के तहत अमित ने पहली किस्त के रूप में 13.23 करोड़ रुपए जमा कराए हैं. पंजाब के ऊर्जा मंत्री राणा गुरजीत सिंह पंजाब सरकार ने इस बार खनन का टेंडर जारी कर करीब 1000 करोड़ रुपए की कमाई की है, जो पिछली सरकार से 20 गुणा ज्यादा है. यहां गौर करने वाली बात यह भी है कि 89 खनन टेंडर में से पांच को हासिल करने वाले पंजाब के ऊर्जा मंत्री राणा गुरजीत सिंह से जुड़े लोग हैं. मामले के उजागर होने पर एनडीटीवी संवाददाता ने मंत्री राणा गुरजीत सिंह के रसोइया अमित बहादुर से संपर्क करने की कोशिश की, पर वह वह नहीं मिला. एनडीटीवी ने 36 वर्षीय अमित के पैतृक मुरादाबाद स्थित बिलारी गांव में भी तलाश की पर, वह वहां भी नहीं मिला. मालूम हो कि ऊर्जा मंत्री राणा गुरजीत सिंह पंजाब सरकार के सबसे अमीर विधायक हैं. विधाानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने 169 करोड़ रुपए की संपत्ति की घोषणा की थी.   इतना ही नहीं, बहादुर की ओर से दिए गए हलफनामें में भी उसके बैंक खाते से एक साल के दौरान 18,000 से 22,000 रुपए तक की राशि रही है. उसने अपनी कमाई का स्रोत अपनी सैलरी को बताया है, जो 11,206 रुपए है. अमित बहादुर के बैंक खाते में इस साल आठ मार्च को आखिरी बार सैलरी जमा हुई थी. सबसे दिलचस्प बात यह है 11 हजार कमाने वाले अमित ने 21 मई 2017 को 26.51 करोड़ की बोली लगाकर रेत खनन का टेंडर हासिल कर लिया. राजधानी चंडीगढ़ से करीब 100 किलोमीटर दूर नवानशहर के शादीपुर खुर्द के इस टेंडर के तहत अमित ने पहली किस्त के रूप में 13.23 करोड़ रुपए जमा कराए हैं. पंजाब के ऊर्जा मंत्री राणा गुरजीत सिंह पंजाब सरकार ने इस बार खनन का टेंडर जारी कर करीब 1000 करोड़ रुपए की कमाई की है, जो पिछली सरकार से 20 गुणा ज्यादा है. यहां गौर करने वाली बात यह भी है कि 89 खनन टेंडर में से पांच को हासिल करने वाले पंजाब के ऊर्जा मंत्री राणा गुरजीत सिंह से जुड़े लोग हैं. मामले के उजागर होने पर एनडीटीवी संवाददाता ने मंत्री राणा गुरजीत सिंह के रसोइया अमित बहादुर से संपर्क करने की कोशिश की, पर वह वह नहीं मिला. एनडीटीवी ने 36 वर्षीय अमित के पैतृक मुरादाबाद स्थित बिलारी गांव में भी तलाश की पर, वह वहां भी नहीं मिला. मालूम हो कि ऊर्जा मंत्री राणा गुरजीत सिंह पंजाब सरकार के सबसे अमीर विधायक हैं. विधाानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने 169 करोड़ रुपए की संपत्ति की घोषणा की थी.   पंजाब के ऊर्जा मंत्री राणा गुरजीत सिंह मालूम हो कि ऊर्जा मंत्री राणा गुरजीत सिंह पंजाब सरकार के सबसे अमीर विधायक हैं. विधाानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने 169 करोड़ रुपए की संपत्ति की घोषणा की थी.
सारांश: पंजाब में अवैध खनन के तार ऊर्जा मंत्री राणा गुरजीत सिंह से जुड़े मंत्री के पूर्व रसोइया ने 26 करोड़ में हासिल किया खनन अधिकार रसोइया के खाते में हैं पांच हजार रुपए से भी कम
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बेंगलुरु शहर की जेसी नगर पुलिस ने एमनेस्टी इंडिया के ख़िलाफ़ देशद्रोह का मामला सोमवार को दर्ज किया है. आईपीसी की धारा 142, 143, 147, 124A, 153A और 149 के तहत मामले दर्ज किये गए हैं. हालांकि ये सभी मामले संस्था के खिलाफ दर्ज हुए हैं, किसी व्यक्ति के नहीं. मामला पिछले शनिवार रात का है. एमनेस्टी इंटरनेशनल की तरफ से बेंगलुरु में एक सेमिनार का आयोजन किया गया जिसमें कुछ कश्मीरी परिवारों को बुलाया गया था, जो ये बता रहे थे कि कश्मीर में किस तरह से उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है. इसी बीच कश्मीरी पंडितों का एक दल वहां आया और फिर दोनों गुटों में तीखी झड़प हुई. इस झड़प के बाद का एक तथाकथित वीडियो सामने आया जिसमें कुछ युवा चिल्लाते हुए सुने जा सकते हैं, "हमको चाहिए आज़ादी." इसके बाद एबीवीपी और कुछ दूसरे संगठनों ने उस सभागार के बाहर विरोध प्रदेर्शन किया जहां इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. बाद में कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता बी एस येदियुरप्पा ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तछेप करने का आग्रह किया. वहीं दूसरी तरफ़ एमनेस्‍टी इंटरनेशनल की तरफ एक विज्ञप्ति जारी कर ये कहा गया कि मानवाधिकारों से जुड़े मामलों पर संगठन ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है और वो किसी का पक्षधर नहीं है.टिप्पणियां एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर आकार पटेल ने देशद्रोह का मामला दर्ज होने पर कहा कि संवैधानिक मूल्यों की हिफाज़त विषय पर कार्यक्रम भी अब अपराध माना जा रहा है. इस कार्यक्रम के लिए पुलिस को भी बुलाया गया था. देशद्रोह का मामला दर्ज होने से साफ़ होता है कि मौलिक अधिकार और अभिव्‍यक्ति की आज़ादी बेमानी है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मामला पिछले शनिवार रात का है. एमनेस्टी इंटरनेशनल की तरफ से बेंगलुरु में एक सेमिनार का आयोजन किया गया जिसमें कुछ कश्मीरी परिवारों को बुलाया गया था, जो ये बता रहे थे कि कश्मीर में किस तरह से उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है. इसी बीच कश्मीरी पंडितों का एक दल वहां आया और फिर दोनों गुटों में तीखी झड़प हुई. इस झड़प के बाद का एक तथाकथित वीडियो सामने आया जिसमें कुछ युवा चिल्लाते हुए सुने जा सकते हैं, "हमको चाहिए आज़ादी." इसके बाद एबीवीपी और कुछ दूसरे संगठनों ने उस सभागार के बाहर विरोध प्रदेर्शन किया जहां इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. बाद में कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता बी एस येदियुरप्पा ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तछेप करने का आग्रह किया. वहीं दूसरी तरफ़ एमनेस्‍टी इंटरनेशनल की तरफ एक विज्ञप्ति जारी कर ये कहा गया कि मानवाधिकारों से जुड़े मामलों पर संगठन ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है और वो किसी का पक्षधर नहीं है.टिप्पणियां एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर आकार पटेल ने देशद्रोह का मामला दर्ज होने पर कहा कि संवैधानिक मूल्यों की हिफाज़त विषय पर कार्यक्रम भी अब अपराध माना जा रहा है. इस कार्यक्रम के लिए पुलिस को भी बुलाया गया था. देशद्रोह का मामला दर्ज होने से साफ़ होता है कि मौलिक अधिकार और अभिव्‍यक्ति की आज़ादी बेमानी है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इसके बाद एबीवीपी और कुछ दूसरे संगठनों ने उस सभागार के बाहर विरोध प्रदेर्शन किया जहां इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. बाद में कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता बी एस येदियुरप्पा ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तछेप करने का आग्रह किया. वहीं दूसरी तरफ़ एमनेस्‍टी इंटरनेशनल की तरफ एक विज्ञप्ति जारी कर ये कहा गया कि मानवाधिकारों से जुड़े मामलों पर संगठन ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है और वो किसी का पक्षधर नहीं है.टिप्पणियां एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर आकार पटेल ने देशद्रोह का मामला दर्ज होने पर कहा कि संवैधानिक मूल्यों की हिफाज़त विषय पर कार्यक्रम भी अब अपराध माना जा रहा है. इस कार्यक्रम के लिए पुलिस को भी बुलाया गया था. देशद्रोह का मामला दर्ज होने से साफ़ होता है कि मौलिक अधिकार और अभिव्‍यक्ति की आज़ादी बेमानी है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) वहीं दूसरी तरफ़ एमनेस्‍टी इंटरनेशनल की तरफ एक विज्ञप्ति जारी कर ये कहा गया कि मानवाधिकारों से जुड़े मामलों पर संगठन ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है और वो किसी का पक्षधर नहीं है.टिप्पणियां एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर आकार पटेल ने देशद्रोह का मामला दर्ज होने पर कहा कि संवैधानिक मूल्यों की हिफाज़त विषय पर कार्यक्रम भी अब अपराध माना जा रहा है. इस कार्यक्रम के लिए पुलिस को भी बुलाया गया था. देशद्रोह का मामला दर्ज होने से साफ़ होता है कि मौलिक अधिकार और अभिव्‍यक्ति की आज़ादी बेमानी है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर आकार पटेल ने देशद्रोह का मामला दर्ज होने पर कहा कि संवैधानिक मूल्यों की हिफाज़त विषय पर कार्यक्रम भी अब अपराध माना जा रहा है. इस कार्यक्रम के लिए पुलिस को भी बुलाया गया था. देशद्रोह का मामला दर्ज होने से साफ़ होता है कि मौलिक अधिकार और अभिव्‍यक्ति की आज़ादी बेमानी है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: आईपीसी की धारा 142, 143, 147, 124A, 153A और 149 के तहत मामले दर्ज एमनेस्‍टी ने कहा, मौलिक अधिकार और अभिव्‍यक्ति की आज़ादी बेमानी है कथित वीडियो में कुछ युवा चिल्लाते सुने जा सकते हैं, 'हमको चाहिए आज़ादी'
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय हॉकी टीम के लिए नए कोच की तलाश के बीच पूर्व कप्तान जूड फेलिक्स ने कहा है कि भारतीय टीम के साथ जुड़ने में उनकी दिलचस्पी है, बशर्ते एक पेशेवर कोच के रूप में उन्हें कोई पेशकश मिले। फेलिक्स ने कहा, मुझे अभी तक कोई पेशकश नहीं मिली है। मीडिया रिपोर्टों में मैने अपना नाम पढ़ा है। लेकिन यदि कोई पेशकश मिलती है, तो मैं निश्चित तौर पर उस पर गौर करूंगा। सिडनी विश्व कप 1994 में भारत के कप्तान रहे फेलिक्स 1995 में सिंगापुर जा बसे थे। वह सिंगापुर रिक्रिएशन क्लब से बतौर खिलाड़ी कोच जुड़े और जोहोर बाहरू लीग के सूत्रधार बने। बेंगलुरु के इस पूर्व सेंटर हाफ ने कहा कि कोचिंग उनका पेशा है और आजीविका का साधन भी, लिहाजा वह इसे ध्यान में रखकर ही भविष्य के बारे में फैसला लेंगे। उन्होंने कहा, मुझे सिंगापुर में अच्छी तनख्वाह मिल रही है। मैं भारतीय हॉकी के लिए योगदान देना चाहता हूं, लेकिन यह भी ध्यान में रखना होगा कि कोचिंग मेरा पेशा है। भारत आने के लिये मुझे सिंगापुर में नौकरी छोड़नी होगी, लिहाजा मैं प्रस्ताव मिलने पर कई पहलुओं पर गौर करके फैसला लेना चाहूंगा। फेलिक्स ने हालांकि कहा कि जब तक कोई पेशकश नहीं मिलती, इस बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। ऐसी अटकलें हैं कि मुख्य कोच के रूप में हॉलैंड के रोलैंड ओल्टमैन भारतीय टीम से जुड़ सकते हैं, जबकि फेलिक्स राष्ट्रीय कोच होंगे। इस बारे में पूछने पर नए कोच की तलाश के लिए गठित पांच सदस्यीय समिति के अध्यक्ष परगट सिंह ने कहा कि इस बार विस्तृत कोचिंग स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी, जिसमें विदेशी के साथ भारतीय कोच भी होंगे। उन्होंने कोई नाम लेने से इनकार करते हुए कहा, दो-तीन शीर्ष कोचों से बात चल रही है। उनके अलावा एक भारतीय कोच भी साथ हो सकता है। जहां तक जूड की बात है, तो मैंने उसके साथ हॉकी खेली है और उसका अनुभव उपयोगी होगा, लेकिन कोचों की नियुक्ति के बारे में तस्वीर अगले कुछ दिन में ही स्पष्ट हो सकेगी। यह पूछने पर कि क्या भारतीय हॉकी टीम की समस्याओं का हल विदेशी कोच के पास ही है, फेलिक्स ने हां में जवाब दिया। उन्होंने कहा, विदेशी कोच अच्छा विकल्प है, लेकिन देखना यह होगा कि किसकी सेवाएं ली जा रही हैं। ओल्टमैन बड़ा नाम है और अच्छे कोच भी। विदेशी कोच के नाम पर किसी को भी नियुक्त कर देना सही फैसला नहीं होगा। कोच का रसूख भी ध्यान में रखना चाहिए, क्योंकि भारत का पिछला अनुभव अच्छा नहीं रहा है। फेलिक्स ने यह भी कहा कि मौका मिलने पर उन्हें ओल्टमैन के साथ काम करने में कोई ऐतराज नहीं होगा।
यहाँ एक सारांश है:भारतीय हॉकी टीम के लिए नए कोच की तलाश के बीच पूर्व कप्तान जूड फेलिक्स ने कहा है कि भारतीय टीम के साथ जुड़ने में उनकी दिलचस्पी है।
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आमिर खान अपनी फिल्‍म पर खासी मेहनत करते हैं और यही कारण है कि जब भी उनकी फिल्‍म सिनेमाघरों में आती है तो दर्शकों की अपार भीड़ उन्‍हें देखने भी पहुंचती है. इन दिनों आमिर अपनी आने वाली फिल्‍म 'ठग्स ऑफ हिंदोस्‍तान' की शूटिंग में व्‍यस्‍त हैं और उनकी इस फिल्‍म को लेकर दर्शकों में खासा उत्‍साह है. हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई फोटो का उनकी आने वाली फिल्‍म 'ठग्स ऑफ हिंदोस्तान' में उनके लुक की तस्‍वीर बताया जा रहा था लेकिन आमिर खान की टीम ने यह साफ कर दिया है कि यह फोटो उनकी इस फिल्‍म के लुक का नहीं है. आमिर खान का लुक कैसा होगा इसका अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है. हाल ही में सरदार के लुक में सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीर जारी होने के बाद उनका यह लुक इस फिल्म के लिए होने के बारे में कयास लगाए जाने लगे थे. लेकिन न्‍यूज एजेंसी आईएएनएस के अनुसार आमिर खान के प्रवक्ता ने साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया पर पगड़ी बांधे अभिनेता का सरदार लुक किसी अन्य प्रोजेक्‍ट के लिए है. आमिर के प्रवक्ता ने कहा, "जिस सरदार लुक को लेकर चर्चाएं हो रही हैं वह किसी स्‍पेशल प्रोजेक्‍ट के लिए है और यह लुक 'ठग्स ऑफ हिंदुस्तान' के लिए नहीं है.' बता दें कि आमिर इस फिल्‍म की शूटिंग मई में शुरू करेंगे. इस फिल्‍म को यश राज प्रोडक्‍शन के बैनर तले बनाया जा रहा है.टिप्पणियां हाल ही में फिल्‍म 'दंगल' में नजर आए आमिर खान अपनी इस अगली फिल्‍म के लिए काफी कड़ी मेहनत कर रहे हैं. फिल्म 'दंगल' में हट्टे-कट्टे नजर आने वाले आमिर इस फिल्म में दुबले-पतले नजर आएंगे. फिल्म 'ठग्स ऑफ हिंदुस्तान' 2018 में दिवाली के मौके पर रिलीज होने की उम्मीद है. बता दें कि इससे पहले आमिर खान की एक और फिल्‍म 'सीक्रेट सुपरस्‍टार' रिलीज होगी जिसमें आमिर खान एक स्‍पेशल किरदार निभाते नजर आएंगे. 'सीक्रेट सुपरस्‍टार' में फिल्‍म 'दंगल' में छोटी गीता फोगाट का किरदार निभाने वाली जाहिरा वसीम मुख्‍य भूमिका में नजर आएंगी. (इनपुट आईएएनएस से भी) हाल ही में सरदार के लुक में सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीर जारी होने के बाद उनका यह लुक इस फिल्म के लिए होने के बारे में कयास लगाए जाने लगे थे. लेकिन न्‍यूज एजेंसी आईएएनएस के अनुसार आमिर खान के प्रवक्ता ने साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया पर पगड़ी बांधे अभिनेता का सरदार लुक किसी अन्य प्रोजेक्‍ट के लिए है. आमिर के प्रवक्ता ने कहा, "जिस सरदार लुक को लेकर चर्चाएं हो रही हैं वह किसी स्‍पेशल प्रोजेक्‍ट के लिए है और यह लुक 'ठग्स ऑफ हिंदुस्तान' के लिए नहीं है.' बता दें कि आमिर इस फिल्‍म की शूटिंग मई में शुरू करेंगे. इस फिल्‍म को यश राज प्रोडक्‍शन के बैनर तले बनाया जा रहा है.टिप्पणियां हाल ही में फिल्‍म 'दंगल' में नजर आए आमिर खान अपनी इस अगली फिल्‍म के लिए काफी कड़ी मेहनत कर रहे हैं. फिल्म 'दंगल' में हट्टे-कट्टे नजर आने वाले आमिर इस फिल्म में दुबले-पतले नजर आएंगे. फिल्म 'ठग्स ऑफ हिंदुस्तान' 2018 में दिवाली के मौके पर रिलीज होने की उम्मीद है. बता दें कि इससे पहले आमिर खान की एक और फिल्‍म 'सीक्रेट सुपरस्‍टार' रिलीज होगी जिसमें आमिर खान एक स्‍पेशल किरदार निभाते नजर आएंगे. 'सीक्रेट सुपरस्‍टार' में फिल्‍म 'दंगल' में छोटी गीता फोगाट का किरदार निभाने वाली जाहिरा वसीम मुख्‍य भूमिका में नजर आएंगी. (इनपुट आईएएनएस से भी) हाल ही में फिल्‍म 'दंगल' में नजर आए आमिर खान अपनी इस अगली फिल्‍म के लिए काफी कड़ी मेहनत कर रहे हैं. फिल्म 'दंगल' में हट्टे-कट्टे नजर आने वाले आमिर इस फिल्म में दुबले-पतले नजर आएंगे. फिल्म 'ठग्स ऑफ हिंदुस्तान' 2018 में दिवाली के मौके पर रिलीज होने की उम्मीद है. बता दें कि इससे पहले आमिर खान की एक और फिल्‍म 'सीक्रेट सुपरस्‍टार' रिलीज होगी जिसमें आमिर खान एक स्‍पेशल किरदार निभाते नजर आएंगे. 'सीक्रेट सुपरस्‍टार' में फिल्‍म 'दंगल' में छोटी गीता फोगाट का किरदार निभाने वाली जाहिरा वसीम मुख्‍य भूमिका में नजर आएंगी. (इनपुट आईएएनएस से भी) (इनपुट आईएएनएस से भी)
यहाँ एक सारांश है:आमिर खान का सोशल मीडिया पर चर्चित हो रहा फोटो नहीं है उनका लुक आमिर खान के प्रवक्‍ता ने कहा, 'वह फोटो एक स्‍पेशल प्रोजेक्‍ट का है' 'ठग्‍स ऑफ हिंदोस्‍तान' में आमिर के साथ नजर आएंगे अमिताभ बच्‍चन
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: गृह मंत्रालय ने कहा है कि सलमान रुश्दी को भारत आने से नहीं रोका जा सकता। सलमान के पास पीआईओ यानी पर्सन ऑफ इंडियन ओरिजिन है। रुश्दी के भारत दौरे का दारुल उलुम देवबंद विरोध कर रहा है। उसने सरकार से मांग की कि रुश्दी को भारत आने वीजा न दिया जाए। सलमान रुश्दी के भारत आने की खबर पर ही विवाद शुरू हो गया है लेकिन खुद रुश्दी का कहना है कि उन्हें भारत आने के लिए किसी वीजा की जरूरत नहीं है। रुश्दी ने टि्वटर पर अपनी ये प्रतिक्रिया दी है। रुश्दी के भारत आने का दारूल-उलूम-विरोध कर रहा है। साथ ही कुछ राजनीतिक पार्टियां भी यात्रा के विरोध में है। भारतीय मूल के सलमान रुश्दी के पास ब्रिटिश पासपोर्ट है। सलमान रुश्दी के भारत आने की खबर पर ही विवाद शुरू हो गया है लेकिन खुद रुश्दी का कहना है कि उन्हें भारत आने के लिए किसी वीजा की जरूरत नहीं है। रुश्दी ने टि्वटर पर अपनी ये प्रतिक्रिया दी है। रुश्दी के भारत आने का दारूल-उलूम-विरोध कर रहा है। साथ ही कुछ राजनीतिक पार्टियां भी यात्रा के विरोध में है। भारतीय मूल के सलमान रुश्दी के पास ब्रिटिश पासपोर्ट है।
यह एक सारांश है: गृह मंत्रालय ने कहा है कि सलमान रुश्दी को भारत आने से नहीं रोका जा सकता। सलमान के पास पीआईओ यानी पसर्नल इंडियन ओरिजिन है।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मुम्बई क्रिकेट संघ (एमसीए) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री विलासराव देशमुख ने गुरुवार को कहा कि बुधवार रात को वानखेड़े स्टेडियम में सुरक्षाकर्मियों के साथ-साथ एमसीए और बीसीसीआई अधिकारियों के साथ कथित तौर पर बदसलूकी करने वाले फिल्म स्टार और कोलकाता नाइट राइडर्स टीम के सहमालिक शाहरुख खान को स्टेडियम में प्रवेश से रोक को लेकर अगले हफ्ते फैसला किया जाएगा। देशमुख ने कहा, "यह काफी गम्भीर मसला है। हमने आपात बैठक बुलाई है। हम इस पर चर्चा करेंगे और फिर कोई फैसला लेंगे।" उल्लेखनीय है कि एमसीए सदस्यों ने मुम्बई के मैरीन ड्रॉइव पुलिस स्टेशन में शाहरुख के खिलाफ एक मामला दर्ज कराया है। सदस्यों का कहना है कि शाहरुख ने बुधवार को स्टेडियम में उनके साथ बदसलूकी की थी। शाहरुख पर एक सुरक्षाकर्मी के साथ बदसलूकी करने और उसे धक्का देने का आरोप है। आरोप यह भी है कि इस मामले में जब एमसीए अधिकारियों ने दखल दिया तब शाहरुख ने उन्हें अपशब्द कहे थे। टिप्पणियां एमसीए के संयुक्त सचिव नितिन दलाल ने इस सम्बंध में आईएएनएस को बताया, "प्रबंध समिति के सभी सदस्यों की बैठक के बाद ही इस बारे में कोई फैसला किया जाएगा। यह काम अगले हफ्ते होगा।" इस घटना से नाराज एमसीए शाहरुख पर वानखेड़े स्टेडियम में प्रवेश पर आजीवन प्रतिबंध लगाने के बारे में सोच रहा है। आईपीएल कमिश्नर राजीव शुक्ला ने भी कहा है कि इस सम्बंध में कोई भी फैसला लेने से पहले वह दोनों पक्षों से बात करना चाहेंगे। देशमुख ने कहा, "यह काफी गम्भीर मसला है। हमने आपात बैठक बुलाई है। हम इस पर चर्चा करेंगे और फिर कोई फैसला लेंगे।" उल्लेखनीय है कि एमसीए सदस्यों ने मुम्बई के मैरीन ड्रॉइव पुलिस स्टेशन में शाहरुख के खिलाफ एक मामला दर्ज कराया है। सदस्यों का कहना है कि शाहरुख ने बुधवार को स्टेडियम में उनके साथ बदसलूकी की थी। शाहरुख पर एक सुरक्षाकर्मी के साथ बदसलूकी करने और उसे धक्का देने का आरोप है। आरोप यह भी है कि इस मामले में जब एमसीए अधिकारियों ने दखल दिया तब शाहरुख ने उन्हें अपशब्द कहे थे। टिप्पणियां एमसीए के संयुक्त सचिव नितिन दलाल ने इस सम्बंध में आईएएनएस को बताया, "प्रबंध समिति के सभी सदस्यों की बैठक के बाद ही इस बारे में कोई फैसला किया जाएगा। यह काम अगले हफ्ते होगा।" इस घटना से नाराज एमसीए शाहरुख पर वानखेड़े स्टेडियम में प्रवेश पर आजीवन प्रतिबंध लगाने के बारे में सोच रहा है। आईपीएल कमिश्नर राजीव शुक्ला ने भी कहा है कि इस सम्बंध में कोई भी फैसला लेने से पहले वह दोनों पक्षों से बात करना चाहेंगे। उल्लेखनीय है कि एमसीए सदस्यों ने मुम्बई के मैरीन ड्रॉइव पुलिस स्टेशन में शाहरुख के खिलाफ एक मामला दर्ज कराया है। सदस्यों का कहना है कि शाहरुख ने बुधवार को स्टेडियम में उनके साथ बदसलूकी की थी। शाहरुख पर एक सुरक्षाकर्मी के साथ बदसलूकी करने और उसे धक्का देने का आरोप है। आरोप यह भी है कि इस मामले में जब एमसीए अधिकारियों ने दखल दिया तब शाहरुख ने उन्हें अपशब्द कहे थे। टिप्पणियां एमसीए के संयुक्त सचिव नितिन दलाल ने इस सम्बंध में आईएएनएस को बताया, "प्रबंध समिति के सभी सदस्यों की बैठक के बाद ही इस बारे में कोई फैसला किया जाएगा। यह काम अगले हफ्ते होगा।" इस घटना से नाराज एमसीए शाहरुख पर वानखेड़े स्टेडियम में प्रवेश पर आजीवन प्रतिबंध लगाने के बारे में सोच रहा है। आईपीएल कमिश्नर राजीव शुक्ला ने भी कहा है कि इस सम्बंध में कोई भी फैसला लेने से पहले वह दोनों पक्षों से बात करना चाहेंगे। शाहरुख पर एक सुरक्षाकर्मी के साथ बदसलूकी करने और उसे धक्का देने का आरोप है। आरोप यह भी है कि इस मामले में जब एमसीए अधिकारियों ने दखल दिया तब शाहरुख ने उन्हें अपशब्द कहे थे। टिप्पणियां एमसीए के संयुक्त सचिव नितिन दलाल ने इस सम्बंध में आईएएनएस को बताया, "प्रबंध समिति के सभी सदस्यों की बैठक के बाद ही इस बारे में कोई फैसला किया जाएगा। यह काम अगले हफ्ते होगा।" इस घटना से नाराज एमसीए शाहरुख पर वानखेड़े स्टेडियम में प्रवेश पर आजीवन प्रतिबंध लगाने के बारे में सोच रहा है। आईपीएल कमिश्नर राजीव शुक्ला ने भी कहा है कि इस सम्बंध में कोई भी फैसला लेने से पहले वह दोनों पक्षों से बात करना चाहेंगे। एमसीए के संयुक्त सचिव नितिन दलाल ने इस सम्बंध में आईएएनएस को बताया, "प्रबंध समिति के सभी सदस्यों की बैठक के बाद ही इस बारे में कोई फैसला किया जाएगा। यह काम अगले हफ्ते होगा।" इस घटना से नाराज एमसीए शाहरुख पर वानखेड़े स्टेडियम में प्रवेश पर आजीवन प्रतिबंध लगाने के बारे में सोच रहा है। आईपीएल कमिश्नर राजीव शुक्ला ने भी कहा है कि इस सम्बंध में कोई भी फैसला लेने से पहले वह दोनों पक्षों से बात करना चाहेंगे। इस घटना से नाराज एमसीए शाहरुख पर वानखेड़े स्टेडियम में प्रवेश पर आजीवन प्रतिबंध लगाने के बारे में सोच रहा है। आईपीएल कमिश्नर राजीव शुक्ला ने भी कहा है कि इस सम्बंध में कोई भी फैसला लेने से पहले वह दोनों पक्षों से बात करना चाहेंगे।
संक्षिप्त सारांश: एमसीए अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री विलासराव देशमुख ने कहा कि वानखेड़े स्टेडियम में सुरक्षाकर्मियों के साथ-साथ एमसीए और बीसीसीआई अधिकारियों के साथ कथित तौर पर बदसलूकी करने वाले शाहरुख खान को स्टेडियम में प्रवेश से रोक को लेकर अगले हफ्ते फैसला किया जाएगा।
29
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राजधानी नई दिल्ली समेत हरियाणा के रोहतक और आसपास के क्षेत्र में आज तड़के भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए. भूकंप सुबह 4 बजकर 26 मिनट पर आया. फिलहाल इससे नुकसान की कोई खबर नहीं है. भूकंप का केंद्र हरियाणा के रोहतक में 22  किलोमीटर गहराई पर था. भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5 मापी गई है.  भूंकप के झटके से लोगों में दहशत फैल गई. इससे अभी तक किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है. शुक्रवार को तड़के जब दिल्ली और इससे सटे इलाकों में लोग गहरी नींद में डूबे हुए थे तब अचानक लगे झटकों ने उन्हें चौंका दिया. राजधानी से सटे हरियाणा के रोहतक जिले में आए भूकंप ने आसपास के इलाकों को हिला दिया. बताया जाता है कि भूकंप की तीव्रता  रिक्टर स्केल पर 5 थी और इसका केंद्र रोहतक जिले के खरखोदा नामक स्थान पर 22 किलोमीटर गहराई में था.टिप्पणियां अब तक प्राप्त जानकारी के मुताबिक यूपी के शामली, हरियाणा के जींद और रोहतक में भूकंप के तेज झटके महसूस किए जाने की खबर है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी झटके महसूस किए गए हैं. फिलहाल इस भूकंप से किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है. भूकंप के झटके लगने पर जागे लोगों में दहशत का माहौल बना रहा. रोहतक में जब अलसुबह अचानक पंखे, खिड़की-दरवाजे हिलने लगे तो लोग घबरा गए. वे घरों से बाहर निकल आए. कुछ लोगों ने तुरंत सोशल मीडिया पर इस भूकंप के बारे में पुष्टि करनी चाही तो कुछ ने अपने अनुभव साझा किए. शुक्रवार को तड़के जब दिल्ली और इससे सटे इलाकों में लोग गहरी नींद में डूबे हुए थे तब अचानक लगे झटकों ने उन्हें चौंका दिया. राजधानी से सटे हरियाणा के रोहतक जिले में आए भूकंप ने आसपास के इलाकों को हिला दिया. बताया जाता है कि भूकंप की तीव्रता  रिक्टर स्केल पर 5 थी और इसका केंद्र रोहतक जिले के खरखोदा नामक स्थान पर 22 किलोमीटर गहराई में था.टिप्पणियां अब तक प्राप्त जानकारी के मुताबिक यूपी के शामली, हरियाणा के जींद और रोहतक में भूकंप के तेज झटके महसूस किए जाने की खबर है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी झटके महसूस किए गए हैं. फिलहाल इस भूकंप से किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है. भूकंप के झटके लगने पर जागे लोगों में दहशत का माहौल बना रहा. रोहतक में जब अलसुबह अचानक पंखे, खिड़की-दरवाजे हिलने लगे तो लोग घबरा गए. वे घरों से बाहर निकल आए. कुछ लोगों ने तुरंत सोशल मीडिया पर इस भूकंप के बारे में पुष्टि करनी चाही तो कुछ ने अपने अनुभव साझा किए. अब तक प्राप्त जानकारी के मुताबिक यूपी के शामली, हरियाणा के जींद और रोहतक में भूकंप के तेज झटके महसूस किए जाने की खबर है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी झटके महसूस किए गए हैं. फिलहाल इस भूकंप से किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है. भूकंप के झटके लगने पर जागे लोगों में दहशत का माहौल बना रहा. रोहतक में जब अलसुबह अचानक पंखे, खिड़की-दरवाजे हिलने लगे तो लोग घबरा गए. वे घरों से बाहर निकल आए. कुछ लोगों ने तुरंत सोशल मीडिया पर इस भूकंप के बारे में पुष्टि करनी चाही तो कुछ ने अपने अनुभव साझा किए. फिलहाल इस भूकंप से किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है. भूकंप के झटके लगने पर जागे लोगों में दहशत का माहौल बना रहा. रोहतक में जब अलसुबह अचानक पंखे, खिड़की-दरवाजे हिलने लगे तो लोग घबरा गए. वे घरों से बाहर निकल आए. कुछ लोगों ने तुरंत सोशल मीडिया पर इस भूकंप के बारे में पुष्टि करनी चाही तो कुछ ने अपने अनुभव साझा किए.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भूकंप सुबह 4 बजकर 26 मिनट पर आया भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5 मापी गई भूकंप से किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कर्नाटक ने विरोध के बीच सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए तमिलनाडु को कावेरी का पानी देना शुरू कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक से 10 दिनों तक के लिए रोजाना पड़ोसी राज्य तमिलनाडु को 15,000 क्यूसेक प्रतिदिन देने का निर्देश दिया था. राज्य जल संसाधन मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा, कनार्टक ने माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए तमिलनाडु को कावेरी का पानी देना शुरू कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक से 10 दिनों तक प्रतिदिन 15,000 क्यूसेक पानी तमिलनाडु को देने का निर्देश दिया था. उन्होंने बताया कि राज्य ने कल आधी रात से तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ना शुरू कर दिया. इसी बीच प्रदर्शनकारियों ने मांड्या एवं राज्य के अन्य हिस्सों में अपना आंदोलन तेज कर दिया है. प्रदर्शनकारियों ने अनेक सड़के बंद कर दी हैं और स्कूल एवं कॉलेजों को जबर्दस्ती बंद कराने का प्रयास कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनुपालन के लिए राज्य सरकार ने कल ‘गंभीर कठिनाइयों’ के बावजूद तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ने का निर्णय किया। कोर्ट ने अपने आदेश में बेंगलुर-मैसूरू राजमार्ग बंद करने वाले कन्नड़ समर्थक आंदोलनकारी किसानों और सजाजसेवी संगठनों पर तत्काल कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया है. कावेरी राजनीति के केन्द्र मांड्या जिले में प्रदर्शनकारियों ने कल सड़कें बंद कर दी थीं और अनेक स्थानों पर धरना प्रदर्शन भी किया था. इसके बाद सरकार ने कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए सैकड़ों सुरक्षाकर्मियों समेत केन्द्रीय बलों की तैनाती कर दी है. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कल तीन-चार घंटे तक चली सर्वदलीय बैठक के बाद पत्रकारों से कहा था, अनेक कठिनाइयों के बावजूद सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार पानी छोड़ना शुरू कर देगी.’’ सिद्धरमैया ने कहा था कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के समक्ष संशोधन याचिका दाखिल करेगी और न्यायालय के आदेश के अनुपालन में आ रही कठिनाइयों के बारे में विस्तार से बताएगी.टिप्पणियां सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति यू यू ललित की पीठ ने कर्नाटक को पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राज्य जल संसाधन मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा, कनार्टक ने माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए तमिलनाडु को कावेरी का पानी देना शुरू कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक से 10 दिनों तक प्रतिदिन 15,000 क्यूसेक पानी तमिलनाडु को देने का निर्देश दिया था. उन्होंने बताया कि राज्य ने कल आधी रात से तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ना शुरू कर दिया. इसी बीच प्रदर्शनकारियों ने मांड्या एवं राज्य के अन्य हिस्सों में अपना आंदोलन तेज कर दिया है. प्रदर्शनकारियों ने अनेक सड़के बंद कर दी हैं और स्कूल एवं कॉलेजों को जबर्दस्ती बंद कराने का प्रयास कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनुपालन के लिए राज्य सरकार ने कल ‘गंभीर कठिनाइयों’ के बावजूद तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ने का निर्णय किया। कोर्ट ने अपने आदेश में बेंगलुर-मैसूरू राजमार्ग बंद करने वाले कन्नड़ समर्थक आंदोलनकारी किसानों और सजाजसेवी संगठनों पर तत्काल कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया है. कावेरी राजनीति के केन्द्र मांड्या जिले में प्रदर्शनकारियों ने कल सड़कें बंद कर दी थीं और अनेक स्थानों पर धरना प्रदर्शन भी किया था. इसके बाद सरकार ने कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए सैकड़ों सुरक्षाकर्मियों समेत केन्द्रीय बलों की तैनाती कर दी है. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कल तीन-चार घंटे तक चली सर्वदलीय बैठक के बाद पत्रकारों से कहा था, अनेक कठिनाइयों के बावजूद सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार पानी छोड़ना शुरू कर देगी.’’ सिद्धरमैया ने कहा था कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के समक्ष संशोधन याचिका दाखिल करेगी और न्यायालय के आदेश के अनुपालन में आ रही कठिनाइयों के बारे में विस्तार से बताएगी.टिप्पणियां सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति यू यू ललित की पीठ ने कर्नाटक को पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इसी बीच प्रदर्शनकारियों ने मांड्या एवं राज्य के अन्य हिस्सों में अपना आंदोलन तेज कर दिया है. प्रदर्शनकारियों ने अनेक सड़के बंद कर दी हैं और स्कूल एवं कॉलेजों को जबर्दस्ती बंद कराने का प्रयास कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनुपालन के लिए राज्य सरकार ने कल ‘गंभीर कठिनाइयों’ के बावजूद तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ने का निर्णय किया। कोर्ट ने अपने आदेश में बेंगलुर-मैसूरू राजमार्ग बंद करने वाले कन्नड़ समर्थक आंदोलनकारी किसानों और सजाजसेवी संगठनों पर तत्काल कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया है. कावेरी राजनीति के केन्द्र मांड्या जिले में प्रदर्शनकारियों ने कल सड़कें बंद कर दी थीं और अनेक स्थानों पर धरना प्रदर्शन भी किया था. इसके बाद सरकार ने कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए सैकड़ों सुरक्षाकर्मियों समेत केन्द्रीय बलों की तैनाती कर दी है. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कल तीन-चार घंटे तक चली सर्वदलीय बैठक के बाद पत्रकारों से कहा था, अनेक कठिनाइयों के बावजूद सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार पानी छोड़ना शुरू कर देगी.’’ सिद्धरमैया ने कहा था कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के समक्ष संशोधन याचिका दाखिल करेगी और न्यायालय के आदेश के अनुपालन में आ रही कठिनाइयों के बारे में विस्तार से बताएगी.टिप्पणियां सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति यू यू ललित की पीठ ने कर्नाटक को पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनुपालन के लिए राज्य सरकार ने कल ‘गंभीर कठिनाइयों’ के बावजूद तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ने का निर्णय किया। कोर्ट ने अपने आदेश में बेंगलुर-मैसूरू राजमार्ग बंद करने वाले कन्नड़ समर्थक आंदोलनकारी किसानों और सजाजसेवी संगठनों पर तत्काल कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया है. कावेरी राजनीति के केन्द्र मांड्या जिले में प्रदर्शनकारियों ने कल सड़कें बंद कर दी थीं और अनेक स्थानों पर धरना प्रदर्शन भी किया था. इसके बाद सरकार ने कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए सैकड़ों सुरक्षाकर्मियों समेत केन्द्रीय बलों की तैनाती कर दी है. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कल तीन-चार घंटे तक चली सर्वदलीय बैठक के बाद पत्रकारों से कहा था, अनेक कठिनाइयों के बावजूद सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार पानी छोड़ना शुरू कर देगी.’’ सिद्धरमैया ने कहा था कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के समक्ष संशोधन याचिका दाखिल करेगी और न्यायालय के आदेश के अनुपालन में आ रही कठिनाइयों के बारे में विस्तार से बताएगी.टिप्पणियां सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति यू यू ललित की पीठ ने कर्नाटक को पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कावेरी राजनीति के केन्द्र मांड्या जिले में प्रदर्शनकारियों ने कल सड़कें बंद कर दी थीं और अनेक स्थानों पर धरना प्रदर्शन भी किया था. इसके बाद सरकार ने कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए सैकड़ों सुरक्षाकर्मियों समेत केन्द्रीय बलों की तैनाती कर दी है. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कल तीन-चार घंटे तक चली सर्वदलीय बैठक के बाद पत्रकारों से कहा था, अनेक कठिनाइयों के बावजूद सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार पानी छोड़ना शुरू कर देगी.’’ सिद्धरमैया ने कहा था कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के समक्ष संशोधन याचिका दाखिल करेगी और न्यायालय के आदेश के अनुपालन में आ रही कठिनाइयों के बारे में विस्तार से बताएगी.टिप्पणियां सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति यू यू ललित की पीठ ने कर्नाटक को पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कल तीन-चार घंटे तक चली सर्वदलीय बैठक के बाद पत्रकारों से कहा था, अनेक कठिनाइयों के बावजूद सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार पानी छोड़ना शुरू कर देगी.’’ सिद्धरमैया ने कहा था कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के समक्ष संशोधन याचिका दाखिल करेगी और न्यायालय के आदेश के अनुपालन में आ रही कठिनाइयों के बारे में विस्तार से बताएगी.टिप्पणियां सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति यू यू ललित की पीठ ने कर्नाटक को पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति यू यू ललित की पीठ ने कर्नाटक को पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: गंभीर कठिनाइयों के बावजूद कर्नाटक ने कावेरी से पानी छोड़ा सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद कर्नाटक में आंदोलन तेज हो गया आज भी लोग कई जगह प्रदर्शन कर रहे हैं
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उर्वशी रौतेला (Urvashi Rautela) की इंस्टाग्राम स्टोरी ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है. उर्वशी रौतेला ने इंस्टाग्राम के जरिये उन खबरों पर गुस्सा निकाला है जिनमें उनका नाम भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) के साथ जोड़ा जा रहा है. उर्वशी रौतेला ने अपनी इस स्टोरी के साथ एक फोटो भी पोस्ट की है जिसमें कहा जा रहा है कि उर्वशी रौतेला (Urvashi Rautela) ने अपने एक्स बॉयफ्रेंड से मदद मांगी. इसमें हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) और उर्वशी रौतेला की फोटो लगी हुई है. बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला (Urvashi Rautela) ने इस  पर गुस्सा निकालते हुए लिखा हैः 'मैं मीडिया और यूट्यूब चैनलों से इस तरह की बेवकूफाना स्टोरी अपलोड न करने का अनुरोध करती हूं क्योंकि मेरा एक परिवार भी है जिसे मुझे जवाब देना होता है और यह बातें मेरे लिए भी समस्या पैदा कर सकती हैं.' इस तरह उर्वशी रौतेला ने हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) के साथ नाम लिए जाने पर अपना गुस्सा निकाला है.  बात दें कि कुछ समय पहले बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला (Urvashi Rautela) और क्रिकेटर हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) की दोस्ती की खबरें आई थीं. लेकिन कुछ समय बात यह खबरें थम गई थीं. फिर ये खबरें भी आई थीं कि उर्वशी ने हार्दिक से वर्ल्ड कप मैच के टिकट अरेंज करने के लिए कहा था. हालांकि इन सभी खबरों से उर्वशी ने इनकार किया था. अब इन खबरों पर विराम लगाने के लिए उर्वशी रौतेला ने अपने इंस्टाग्राम का सहारा लिया, और उनकी इंस्टाग्राम स्टोरी सोशल मीडिया पर खूब वायरल भी हो रही है.
उर्वशी रौतेला को आया गुस्सा ट्वीट कर दो टूक कही ये बात क्रिकेटर हार्दिक पंड्या के साथ जोड़ा गया था नाम
1
['hin']
एक सारांश बनाओ: मध्य प्रदेश के कृषिमंत्री राम कृष्ण कुसमारिया ने कहा है किसान अपनी बदहाली के लिए खुद जिम्मेदार हैं। मध्य प्रदेश में फसल बर्बाद होने से परेशान तीन और किसानों ने खुदकुशी की कोशिश की है। इस पर मंत्री ने कहा है कि ये किसानों के पुराने पापों का नतीजा है, क्योंकि किसान जरूरत से ज्यादा कीटनाशकों का इस्तेमाल करते रहे हैं, जिससे उनकी जमीनें बंजर हो गई हैं। मध्य प्रदेश में हजारों किसानों ने अपनी बदहाली की ओर सरकार का ध्यान खींचने के लिए भोपाल में धरना भी दिया था, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस भरोसा नहीं मिला। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्र से 5,000 करोड़ की सहायता जरूर मांगी है, लेकिन फौरी राहत का कोई इंतजाम न होने से किसान खुदकुशी का रास्ता अख्तियार कर रहे हैं। दमोह के 28 साल के किसान उदय सिंह परिहार मौत से लड़ रहे हैं। ठंड से 15 एकड़ में लगी दाल और गेहूं तबाह हो गए, तो 3 लाख का कर्ज कहां से चुकाते... बस जहर पी लिया। मगर छिंदवाड़ा के 60 साल के मोइतराम की जान नहीं बच पाई। अंतिम संस्कार के लिए परिवार को बैलों की बची इकलौती जोड़ी तक बेचनी पड़ी। संतरे की फसल सर्दी की भेंट चढ़ गई, तो उन्होंने भी कीटनाशक दवा पी ली। उसी दिन सिहोर जिले के 40 साल के शिवप्रसाद मेवारहा फांसी पर लटक गए, उनकी गेहूं और दाल की फसल चौपट गई, जबकि सिर पर 10 लाख का कर्ज था। 2009 में NCRB के मुताबिक 1395 किसानों ने आत्महत्या की यानी रोजाना चार किसानों की मौत यानी जो देश को खिला रहे हैं, खुदकुशी के लिए भी वहीं मजबूर हैं।
संक्षिप्त पाठ: मध्यप्रदेश में फसल बर्बाद होने के चलते 3 और किसानों ने खुदकुशी की कोशिश की है। राज्य के कृषिमंत्री ने कहा कि ये किसानों के पुराने पापों का नतीजा है।
30
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रिंस चार्ल्स दादा बनकर बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने पहले पोते 'प्रिंस ऑफ कैंब्रिज' के जन्म से बेहद खुश हैं। 'प्रिंस ऑफ वेल्स' चार्ल्स की बहू 'डचेज ऑफ कैंब्रिज' कैथरीन ने सोमवार की शाम एक बेटे को जन्म दिया। कैथरीन 'ड्यूक ऑफ कैंब्रिज' प्रिंस विलियम की पत्नी हैं। वेबसाइट 'पीपुल डॉट काम' के अनुसार, प्रिंस चार्ल्स और उनकी पत्नी डचेज कैमिला पोते का स्वागत करने के लिए बेहद उत्साहित हैं।टिप्पणियां प्रिंस चार्ल्स ने एक बयान में कहा, "मैं और मेरी पत्नी दादा-दादी बनकर बेहद खुश हैं। विलियम और कैथरीन के लिए यह समय बेहद खास है। हम सब पोते के जन्म से बेहद रोमांचित है।" ब्रिटिश शाही परिवार का नया सदस्य अपने दादा प्रिंस चार्ल्स और पिता प्रिंस विलियम के बाद ब्रिटिश सिंहासन का तीसरा वारिस होगा। 'प्रिंस ऑफ वेल्स' चार्ल्स की बहू 'डचेज ऑफ कैंब्रिज' कैथरीन ने सोमवार की शाम एक बेटे को जन्म दिया। कैथरीन 'ड्यूक ऑफ कैंब्रिज' प्रिंस विलियम की पत्नी हैं। वेबसाइट 'पीपुल डॉट काम' के अनुसार, प्रिंस चार्ल्स और उनकी पत्नी डचेज कैमिला पोते का स्वागत करने के लिए बेहद उत्साहित हैं।टिप्पणियां प्रिंस चार्ल्स ने एक बयान में कहा, "मैं और मेरी पत्नी दादा-दादी बनकर बेहद खुश हैं। विलियम और कैथरीन के लिए यह समय बेहद खास है। हम सब पोते के जन्म से बेहद रोमांचित है।" ब्रिटिश शाही परिवार का नया सदस्य अपने दादा प्रिंस चार्ल्स और पिता प्रिंस विलियम के बाद ब्रिटिश सिंहासन का तीसरा वारिस होगा। वेबसाइट 'पीपुल डॉट काम' के अनुसार, प्रिंस चार्ल्स और उनकी पत्नी डचेज कैमिला पोते का स्वागत करने के लिए बेहद उत्साहित हैं।टिप्पणियां प्रिंस चार्ल्स ने एक बयान में कहा, "मैं और मेरी पत्नी दादा-दादी बनकर बेहद खुश हैं। विलियम और कैथरीन के लिए यह समय बेहद खास है। हम सब पोते के जन्म से बेहद रोमांचित है।" ब्रिटिश शाही परिवार का नया सदस्य अपने दादा प्रिंस चार्ल्स और पिता प्रिंस विलियम के बाद ब्रिटिश सिंहासन का तीसरा वारिस होगा। प्रिंस चार्ल्स ने एक बयान में कहा, "मैं और मेरी पत्नी दादा-दादी बनकर बेहद खुश हैं। विलियम और कैथरीन के लिए यह समय बेहद खास है। हम सब पोते के जन्म से बेहद रोमांचित है।" ब्रिटिश शाही परिवार का नया सदस्य अपने दादा प्रिंस चार्ल्स और पिता प्रिंस विलियम के बाद ब्रिटिश सिंहासन का तीसरा वारिस होगा। ब्रिटिश शाही परिवार का नया सदस्य अपने दादा प्रिंस चार्ल्स और पिता प्रिंस विलियम के बाद ब्रिटिश सिंहासन का तीसरा वारिस होगा।
संक्षिप्त सारांश: वेबसाइट 'पीपुल डॉट काम' के अनुसार, प्रिंस चार्ल्स और उनकी पत्नी डचेज कैमिला पोते का स्वागत करने के लिए बेहद उत्साहित हैं।
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मोसूल शहर को इस्लामिक स्टेट से फिर अपने कब्जे में लेने के वास्ते अप्रत्याशित आक्रामक कार्रवाई में आज हजारों सैनिकों के आगे बढ़ने के साथ ही इराकी सैन्यबल बढ़त बना रहे हैं. अहम लड़ाई के दूसरे दिन इराकी कमांडरों ने कहा कि यह बढ़त इसलिए मिली है, क्योंकि लड़ाके इराक में जिहादियों के अंतिम मजबूत पकड़ के खिलाफ दो मुख्य मोचरें पर निर्णायक रूप से आगे बढ़े. हवाई और जमीनी सहायता पहुंचा रहे गठबंधन की अगुवाई करने वाली अमेरिकी सेना ने कहा कि इराकी सैन्य बल अपनी रणनीति से आगे चल रहा है, लेकिन वरिष्ठ पश्चिमी अधिकारियों ने लड़ाई लंबी चलने और मुश्किल होने की चेतावनी दी.टिप्पणियां मोसूल के इर्द-गिर्द मैदानों में बख्तरबंद काफिलों में आगे बढ़ते हुए सैन्यबल उन गांवों में पहुंचे जहां आईएस लड़ाके थे. उससे पहले भारी बमबारी की गई. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अहम लड़ाई के दूसरे दिन इराकी कमांडरों ने कहा कि यह बढ़त इसलिए मिली है, क्योंकि लड़ाके इराक में जिहादियों के अंतिम मजबूत पकड़ के खिलाफ दो मुख्य मोचरें पर निर्णायक रूप से आगे बढ़े. हवाई और जमीनी सहायता पहुंचा रहे गठबंधन की अगुवाई करने वाली अमेरिकी सेना ने कहा कि इराकी सैन्य बल अपनी रणनीति से आगे चल रहा है, लेकिन वरिष्ठ पश्चिमी अधिकारियों ने लड़ाई लंबी चलने और मुश्किल होने की चेतावनी दी.टिप्पणियां मोसूल के इर्द-गिर्द मैदानों में बख्तरबंद काफिलों में आगे बढ़ते हुए सैन्यबल उन गांवों में पहुंचे जहां आईएस लड़ाके थे. उससे पहले भारी बमबारी की गई. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हवाई और जमीनी सहायता पहुंचा रहे गठबंधन की अगुवाई करने वाली अमेरिकी सेना ने कहा कि इराकी सैन्य बल अपनी रणनीति से आगे चल रहा है, लेकिन वरिष्ठ पश्चिमी अधिकारियों ने लड़ाई लंबी चलने और मुश्किल होने की चेतावनी दी.टिप्पणियां मोसूल के इर्द-गिर्द मैदानों में बख्तरबंद काफिलों में आगे बढ़ते हुए सैन्यबल उन गांवों में पहुंचे जहां आईएस लड़ाके थे. उससे पहले भारी बमबारी की गई. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मोसूल के इर्द-गिर्द मैदानों में बख्तरबंद काफिलों में आगे बढ़ते हुए सैन्यबल उन गांवों में पहुंचे जहां आईएस लड़ाके थे. उससे पहले भारी बमबारी की गई. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: हजारों सैनिकों के आगे बढ़ने के साथ ही इराकी सैन्यबल बढ़त बना रहे हैं. इराकी सैन्य बल अपनी रणनीति से आगे चल रहा है: अमेरिकी सेना वरिष्ठ पश्चिमी अधिकारियों ने लड़ाई लंबी चलने, मुश्किल होने की चेतावनी दी.
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की टीम के सदस्यों पर आरोप लगाया है कि प्रजातंत्र में विश्वास रखे बिना वे ‘सत्ता के दलाल’ बनने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस महासचिव ने अपने निवास पर कहा, ‘कई बार मुझे लगता है कि टीम अन्ना के सदस्यों की प्रजातंत्र और प्रजातांत्रिक संस्थाओं में कोई आस्था नहीं है और वे चुनाव का सामना किए बिना ‘सत्ता के दलाल’ बनना चाहते हैं।’ उन्होंने कहा कि टीम अन्ना के अधिकांश सदस्यों के पास कुछ भी कहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। सिंह ने कहा कि इसी कारण से यह सदस्य (टीम अन्ना के) आए दिन संसद और सांसदों के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करते हैं।टिप्पणियां कांग्रेस महासचिव ने कहा कि टीम अन्ना के एक सदस्य अरविंद केजरीवाल ने सरकारी नौकरी करते वक्त सारे नियमों का खुला उल्लंघन किया। इसी तरह किरण बेदी ने हवाई यात्रा में रिआयती टिकट को उपयोग किया था और उस वक्त उनको किसी नैतिकता का ख्याल नहीं आया। एक प्रश्न के जवाब में दिग्विजय सिंह ने कहा कि भाजपा का अन्ना से उस दिन मोहभंग हो गया, जिस दिन उन्होंने आरएसएस का समर्थन लेने से इन्कार कर दिया। कांग्रेस महासचिव ने अपने निवास पर कहा, ‘कई बार मुझे लगता है कि टीम अन्ना के सदस्यों की प्रजातंत्र और प्रजातांत्रिक संस्थाओं में कोई आस्था नहीं है और वे चुनाव का सामना किए बिना ‘सत्ता के दलाल’ बनना चाहते हैं।’ उन्होंने कहा कि टीम अन्ना के अधिकांश सदस्यों के पास कुछ भी कहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। सिंह ने कहा कि इसी कारण से यह सदस्य (टीम अन्ना के) आए दिन संसद और सांसदों के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करते हैं।टिप्पणियां कांग्रेस महासचिव ने कहा कि टीम अन्ना के एक सदस्य अरविंद केजरीवाल ने सरकारी नौकरी करते वक्त सारे नियमों का खुला उल्लंघन किया। इसी तरह किरण बेदी ने हवाई यात्रा में रिआयती टिकट को उपयोग किया था और उस वक्त उनको किसी नैतिकता का ख्याल नहीं आया। एक प्रश्न के जवाब में दिग्विजय सिंह ने कहा कि भाजपा का अन्ना से उस दिन मोहभंग हो गया, जिस दिन उन्होंने आरएसएस का समर्थन लेने से इन्कार कर दिया। सिंह ने कहा कि इसी कारण से यह सदस्य (टीम अन्ना के) आए दिन संसद और सांसदों के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करते हैं।टिप्पणियां कांग्रेस महासचिव ने कहा कि टीम अन्ना के एक सदस्य अरविंद केजरीवाल ने सरकारी नौकरी करते वक्त सारे नियमों का खुला उल्लंघन किया। इसी तरह किरण बेदी ने हवाई यात्रा में रिआयती टिकट को उपयोग किया था और उस वक्त उनको किसी नैतिकता का ख्याल नहीं आया। एक प्रश्न के जवाब में दिग्विजय सिंह ने कहा कि भाजपा का अन्ना से उस दिन मोहभंग हो गया, जिस दिन उन्होंने आरएसएस का समर्थन लेने से इन्कार कर दिया। कांग्रेस महासचिव ने कहा कि टीम अन्ना के एक सदस्य अरविंद केजरीवाल ने सरकारी नौकरी करते वक्त सारे नियमों का खुला उल्लंघन किया। इसी तरह किरण बेदी ने हवाई यात्रा में रिआयती टिकट को उपयोग किया था और उस वक्त उनको किसी नैतिकता का ख्याल नहीं आया। एक प्रश्न के जवाब में दिग्विजय सिंह ने कहा कि भाजपा का अन्ना से उस दिन मोहभंग हो गया, जिस दिन उन्होंने आरएसएस का समर्थन लेने से इन्कार कर दिया। एक प्रश्न के जवाब में दिग्विजय सिंह ने कहा कि भाजपा का अन्ना से उस दिन मोहभंग हो गया, जिस दिन उन्होंने आरएसएस का समर्थन लेने से इन्कार कर दिया।
संक्षिप्त सारांश: दिग्विजय सिंह ने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की टीम के सदस्यों पर आरोप लगाया है कि प्रजातंत्र में विश्वास रखे बिना वे ‘सत्ता के दलाल’ बनने की कोशिश कर रहे हैं।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राष्ट्रीय राजधानी में शादियों के जोर पकड़ने के साथ ही सोने के भावों को मानों पंख लग गए हैं। चौतरफा मांग के चलते सोना मंगलवार को 32,975 रुपये प्रति 10 ग्राम की नई ऊंचाई को छू गया। घरेलू बाजार में सोना 99.9 शुद्ध और 99.5 शुद्ध के भाव 25 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 32,975 रुपये और 32,775 रुपये प्रति 10 ग्राम बंद हुए। गिन्नी के भाव 50 रुपये चढ़कर 25,700 रुपये प्रति आठ ग्राम बंद हुए।टिप्पणियां बाजार सूत्रों के अनुसार शादी-विवाह सीजन के मद्देनजर सोने में तेजी जारी है और इस के भाव नई ऊंचाई को छू गए। सोने ने सोमवार को 32,950 रुपये प्रति 10 ग्राम की नई ऊंचाई को छुआ था और तेजी का रुख जारी रहा। इसके अलावा विदेशों में तेजी का असर भी बाजार धारणा पर पड़ा। सिंगापुर में सोने के भाव 0.2 प्रतिशत बढ़कर 1751.80 डॉलर प्रति औंस हो गए। वहीं, लिवाली समर्थन के अभाव में चांदी के भाव 200 रुपये टूटकर 63,000 रुपये किलो बंद हुए, जबकि सटोरिया लिवाली के चलते चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 230 रुपये की तेजी के साथ 64,090 रुपये किलो बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव पूर्वस्तर 81,000-82,000 रुपये प्रति सैकड़ा अपरिवर्तित बंद हुए। घरेलू बाजार में सोना 99.9 शुद्ध और 99.5 शुद्ध के भाव 25 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 32,975 रुपये और 32,775 रुपये प्रति 10 ग्राम बंद हुए। गिन्नी के भाव 50 रुपये चढ़कर 25,700 रुपये प्रति आठ ग्राम बंद हुए।टिप्पणियां बाजार सूत्रों के अनुसार शादी-विवाह सीजन के मद्देनजर सोने में तेजी जारी है और इस के भाव नई ऊंचाई को छू गए। सोने ने सोमवार को 32,950 रुपये प्रति 10 ग्राम की नई ऊंचाई को छुआ था और तेजी का रुख जारी रहा। इसके अलावा विदेशों में तेजी का असर भी बाजार धारणा पर पड़ा। सिंगापुर में सोने के भाव 0.2 प्रतिशत बढ़कर 1751.80 डॉलर प्रति औंस हो गए। वहीं, लिवाली समर्थन के अभाव में चांदी के भाव 200 रुपये टूटकर 63,000 रुपये किलो बंद हुए, जबकि सटोरिया लिवाली के चलते चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 230 रुपये की तेजी के साथ 64,090 रुपये किलो बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव पूर्वस्तर 81,000-82,000 रुपये प्रति सैकड़ा अपरिवर्तित बंद हुए। बाजार सूत्रों के अनुसार शादी-विवाह सीजन के मद्देनजर सोने में तेजी जारी है और इस के भाव नई ऊंचाई को छू गए। सोने ने सोमवार को 32,950 रुपये प्रति 10 ग्राम की नई ऊंचाई को छुआ था और तेजी का रुख जारी रहा। इसके अलावा विदेशों में तेजी का असर भी बाजार धारणा पर पड़ा। सिंगापुर में सोने के भाव 0.2 प्रतिशत बढ़कर 1751.80 डॉलर प्रति औंस हो गए। वहीं, लिवाली समर्थन के अभाव में चांदी के भाव 200 रुपये टूटकर 63,000 रुपये किलो बंद हुए, जबकि सटोरिया लिवाली के चलते चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 230 रुपये की तेजी के साथ 64,090 रुपये किलो बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव पूर्वस्तर 81,000-82,000 रुपये प्रति सैकड़ा अपरिवर्तित बंद हुए। वहीं, लिवाली समर्थन के अभाव में चांदी के भाव 200 रुपये टूटकर 63,000 रुपये किलो बंद हुए, जबकि सटोरिया लिवाली के चलते चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 230 रुपये की तेजी के साथ 64,090 रुपये किलो बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव पूर्वस्तर 81,000-82,000 रुपये प्रति सैकड़ा अपरिवर्तित बंद हुए।
यह एक सारांश है: राष्ट्रीय राजधानी में शादियों के जोर पकड़ने के साथ ही सोने के भावों को मानों पंख लग गए हैं। चौतरफा मांग के चलते सोना मंगलवार को 32,975 रुपये प्रति 10 ग्राम की नई ऊंचाई को छू गया।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रिलायंस जियो 4जी  (Reliance Jio4G) की प्राइम मेंबरशिप के लिए 99 रुपये देने होंगे. इसके बाद कंपनी के सात नए प्लान में से कोई भी चुना जा सकता है. प्रीपेड ग्राहकों के लिए रिलायंस जियो 4जी (Reliance Jio4G) ने 149, 303, 499, 999, 1999, 4999 और 9999 रुपये के प्लान लॉन्च किए हैं. इसमें से सभी प्लान में आपको कॉलिंग, रोमिंग और एसएमएस फ्री मिलेंगे.   149 वाले प्लान में सिर्फ 2 जीबी डाटा मिलेगा और इसकी वैधता 28 दिन होगी. 303 रुपये के प्लान में आपको अनलिमिटेड सर्विस मिलेगी, यानि हर दिन एक जीबी डाटा आप इस्तेमाल कर सकते हैं जबकि 499 वाले प्लान में रोज 2 जीबी डाटा फ्री मिलेगा. अगले चार बड़े प्लान में 999, 1999, 4999 और 9999 में क्रमश: 60, 125, 350 और 750 जीबी डाटा फ्री मिलेगा. वहीं पोस्टपेड ग्राहकों के लिए भी आकर्षक प्लान रिलायंस जियो ने लॉन्च किये हैं. इसमें 303 रुपये में फ्री वॉयस, लोकल-एसटीडी, रोमिंग, सभी ऑपरेटरों के लिए फ्री रहेगी. वहीं डाटा की लिमिट 2.5जीबी रहेगी. यहां पर डाटा भी 2.5 जीबी तक 4 जी स्पीड से आएगा. सारी प्रक्रिया बिल साइकल पर निर्भर करेगी. यहां पर जियो ने अपने ग्राहकों के लिए बूस्टर प्लान भी दिए हैं अगर डाटा पूरा खत्म हो जाता है. इसके लिए 51 रुपये में 1जीबी, 91 रुपये में 5 जीबी, 201रुपये में 5 जीबी, 301 रुपये में 10 जीबी डाटा टॉप किया जा सकेगा. वहीं पोस्टपेड ग्राहकों के लिए भी आकर्षक प्लान रिलायंस जियो ने लॉन्च किये हैं. इसमें 303 रुपये में फ्री वॉयस, लोकल-एसटीडी, रोमिंग, सभी ऑपरेटरों के लिए फ्री रहेगी. वहीं डाटा की लिमिट 2.5जीबी रहेगी. यहां पर डाटा भी 2.5 जीबी तक 4 जी स्पीड से आएगा. सारी प्रक्रिया बिल साइकल पर निर्भर करेगी. यहां पर जियो ने अपने ग्राहकों के लिए बूस्टर प्लान भी दिए हैं अगर डाटा पूरा खत्म हो जाता है. इसके लिए 51 रुपये में 1जीबी, 91 रुपये में 5 जीबी, 201रुपये में 5 जीबी, 301 रुपये में 10 जीबी डाटा टॉप किया जा सकेगा.
यहाँ एक सारांश है:अपने ग्राहकों के लिए सात नए टैरिफ प्लान बाजार में उतार दिए हैं. आज 1 मार्च से मौजूदा ग्राहकों के लिए प्राइम मेंबरशिप शुरू हो गई है इसके बाद नए प्लान लेने के बाद ही रिलायंस की सेवाएं जारी रखी जा सकेंगी.
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['hin']
एक सारांश बनाओ: सोमवार को दायर की गई याचिका में आरोप लगाया है कि जदयू नेता के खिलाफ एक आपराधिक मामला है. इसमें वह वर्ष 1991 के बाढ़ लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव से पहले स्थानीय कांग्रेस नेता सीताराम सिंह की हत्या और चार अन्य लोगों को घायल करने के मामले में आरोपी हैं. टिप्पणियां याचिकाकर्ता ने न्यायालय से सीबीआई को इस मामले में कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया है. उन्होंने कहा, प्रतिवादी संख्या दो (चुनाव आयोग) ने कुमार के खिलाफ आपराधिक मामले की जानकारी होने के बावजूद उनकी सदन की सदस्यता रद्द नहीं की और प्रतिवादी आज तक संवैधानिक पद पर बने हुए हैं. अधिवक्ता ने चुनाव आयोग के वर्ष 2002 के आदेश के अनुसार कुमार की सदस्यता रद्द करने की मांग की है, जिसके अनुसार उम्मीदवारों को नामांकन पत्र के साथ हलफनामे में अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों का ब्योरा भी देना पड़ता है. उन्होंने दावा किया कि बिहार के मुख्यमंत्री ने वर्ष 2012 को छोड़कर वर्ष 2004 के बाद कभी भी अपने खिलाफ लंबित मामले की जानकारी नहीं दी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) याचिकाकर्ता ने न्यायालय से सीबीआई को इस मामले में कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया है. उन्होंने कहा, प्रतिवादी संख्या दो (चुनाव आयोग) ने कुमार के खिलाफ आपराधिक मामले की जानकारी होने के बावजूद उनकी सदन की सदस्यता रद्द नहीं की और प्रतिवादी आज तक संवैधानिक पद पर बने हुए हैं. अधिवक्ता ने चुनाव आयोग के वर्ष 2002 के आदेश के अनुसार कुमार की सदस्यता रद्द करने की मांग की है, जिसके अनुसार उम्मीदवारों को नामांकन पत्र के साथ हलफनामे में अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों का ब्योरा भी देना पड़ता है. उन्होंने दावा किया कि बिहार के मुख्यमंत्री ने वर्ष 2012 को छोड़कर वर्ष 2004 के बाद कभी भी अपने खिलाफ लंबित मामले की जानकारी नहीं दी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:विधानपरिषद की सदस्यता रद्द करने की मांग आपराधिक मामला छिपाने का आरोप सुप्रीम कोर्ट मामले की सुनवाई को तैयार
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['hin']
एक सारांश बनाओ: दिल्ली से सटे गुरुग्राम में एक बार फिर रफ्तार का कहर देखने को मिला है. यहां एक तेज रफ्तार लैंड रोवर कार ने रेहड़ी पटरी लगाने वाले दो लोगों को टक्कर मार दी. पुलिस के अनुसार घटना में दो लोगों की मौत हो गई है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया की कार की गति इतनी ज्यादा थी कि वह टक्कर के बाद सड़क पर पलट गई. अधिकारी के अनुसार घटना गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड पर रविवार रात करीब दस बजे हुई. घटना के समय दो किशोर अपनी रेहड़ी के साथ वापस आ रहे थे, तभी उल्टी दिशा में से आ रही तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी. दोनों लड़कों की मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद आरोपी कार चालक मौके से फरार हो गया. पुलिस ने फिलहाल कार को कब्जे में लेकर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है.  पुलिस की जांच में पता चला है कि जिस कार से यह हादसा हुआ उसपर अभी तक नंबर प्लेट भी नहीं लगाया गया था.  गौरतलब है कि इस तरह का यह कोई पहला मामला नहीं है. दिल्ली के मीरा बाग इलाके में एक तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार ने सामने चल रहे रिक्शा सवार और अन्य लोगों को टक्कर मार दी थी. इस पूरी घटना में आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे जबकि एक की मौत हो गई थी. पुलिस फिलहाल आरोपी कार चालक के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी. पुलिस के अनुसार आरोपी चालक की पहचान 65 वर्षीय के के भरिया के रूप में की गई थी. वह दिल्ली विश्वविद्यालय से सेवानृवित्त प्रोफेसर थी . घटना के समय मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस को बताया था कि बुधवार शाम साढ़े आठ बजे के करीब उस समय ऑफर तफरी मच गई जब एक फॉर्च्यूनर कार ने एक के बाद एक गाड़ियों में टक्कर मारते हुए निकली जा रही थी. कार की गति इतनी ज्यादा था कि इसने पहले एक ई रिक्शा को, फिर बाइक सवार, फिर साईकल सवार,और आखिर में पैदल चल रहे लोगों को कुचलते हुए निकल गई थी. इसके बाद मौके पर मौजूद एक कैब चालक ने कार को रुकवाया. इस हादसे में सड़क पर पैदल चल रही 16 साल की सीमा नाम की एक लड़की की मौत घटना स्थल पर हो गई थी. सीमा अपनी बहन सुमन के साथ ड्यूटी करके घर लौट रही थी. पुलिस की अभी तक की जांच में पता चला है कि तेज रफ्तार इस कार ने कुल 9 लोगों को टक्कर मारी थी. इनमें से आठ लोगों को गंभीर चोटें आई. सभी घायलों को पास के ही अस्पताल में भर्ती कराया गया थी. आरोपी प्रोफेसर ने पुलिस को बताया कि वह शाम के वक़्त फिजियोथेरेपी करा के घर लौट ही रहे थे कि इसी दौरान कार की ब्रेक फेल होने की वजह से यह हादसा हुआ था.
संक्षिप्त सारांश: रविवार देर रात की है घटना घटना में दो लोगों की हुई मौत पुलिस ने जब्त की गाड़ी
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: OnePlus 7 Pro आज पहली बार भारत में बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। OnePlus ब्रांड के इस लेटेस्ट फ्लैगशिप स्मार्टफोन को ई-कॉमर्स साइट Amazon से खरीदा जा सकेगा। वनप्लस 7 प्रो की पहली सेल आज दोपहर 12 बजे अमेज़न पर आयोजित होगी, लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि यह पहली फ्लैश सेल केवल Amazon Prime मेंबर्स के लिए है। हालांकि, वनप्लस अर्ली बर्ड सेल भी दोपहर 12 बजे OnePlus इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट पर शुरू हो जाएगी। यह सेल उन लोगों के लिए भी है जो प्राइम मेंबर्स नहीं है। OnePlus 7 Pro के साथ एसबीआई कस्टमर्स के लिए सुनिश्चित कैशबैक, बिना ब्याज वाली ईएमआई और एक्सचेंज ऑफर्स की सुविधा उपलब्ध होगी। जैसा कि आपको ऊपर भी बताया कि आज Amazon Prime ग्राहकों के पास इस हैंडसेट को खरीदने का मौका होगा। वहीं जो ग्राहक प्राइम मेंबर नहीं है उनके लिए बिक्री 17 मई को होगी। जो प्राइम मेंबर्स नहीं है वह चाहें तो कंपनी वनप्लस अर्ली बर्ड सेल से फोन को आज खरीद सकते हैं, फ्लैश सेल कंपनी की वेबसाइट पर आयोजित होगी। वनप्लस 7 प्रो की कीमत भारत में 48,999 रुपये से शुरू होती है। यह दाम 6 जीबी रैम/ 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट का है। हैंडसेट के 8 जीबी रैम/ 256 जीबी स्टोरेज वेरिएंट को 52,999 रुपये में खरीदा जा सकेगा। फोन का सबसे महंगा वेरिएंट 12 जीबी रैम और 256 जीबी स्टोरेज से लैस है। इसका दाम 57,999 रुपये है। फोन को अलमॉन्ड, मिरर ग्रे और नेब्यूला ब्लू रंग में उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि, Amazon पर पहली सेल में OnePlus 7 Pro का केवल मिरर ग्रे कलर वेरिएंट ही मिलेगा, नेब्यूला कलर वेरिएंट 28 मई तो वहीं अलमॉन्ड कलर वेरिएंट की बिक्री जून में शुरू होगी। वनप्लस (OnePlus) स्मार्टफोन खरीदने वाले ग्राहकों को जियो (Jio) के इस ऑफर के अंतर्गत 9,300 रुपये के फायदे मिलेंगे। रिलायंस जियो की ओर से 299 रुपये के पहले रीचार्ज पर 5,400 रुपये के कैशबैक वाउचर्स और 3,900 रुपये के अतिरिक्त पार्टनर बेनिफिट दिए जाएंगे। ज़ूमकार (Zoomcar) पर 2,000 रुपये या 20 प्रतिशत का डिस्काउंट मिलेगा जो भी कम होगा, फ्लाइट और होटल बुकिंग पर 1,550 रुपये का डिस्काउंट और बस बुकिंग पर 15 प्रतिशत डिस्काउंट और चुम्बक पर न्यूनतम 1,699 रुपये की खरीदी पर 350 रुपये का डिस्काउंट मिलेगा। अन्य लॉन्च ऑफर्स की बात करें तो OnePlus 7 Pro के साथ Servify की ओर से 70 प्रतिशत बायबैक गारंटी, छह महीने तक की बिना ब्याज वाली ईएमआई, एक्सचेंज ऑफर्स और एसबीआई कार्ड पर 2,000 रुपये का कैशबैक है।
यह एक सारांश है: स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर का इस्तेमाल किया गया है वनप्लस 7 प्रो में OnePlus 7 Pro में पॉप-अप सेल्फी कैमरा दिया गया है 48 मेगापिक्सल के कैमरे से लैस है OnePlus 7 Pro
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दक्षिणी ट्यूनीशिया की एक जेल में सुरक्षाकर्मियों से हुई झड़प के बाद जेल में सुरंग बनाकर 35 कैदी फरार हो गए। आधिकारिक समाचार एजेंसी टीएपी द्वारा बुधवार को दी गई खबर के मुताबिक भूमध्य तटीय इलाके में स्थित गाबेस शहर की जेल में झड़प के बाद फरार हुए अधिकांश कैदियों को पकड़ लिया गया। ट्यूनीशिया की सड़कों पर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के दौरान कैदियों द्वारा जेल तोड़कर फरार होने की कई घटनाएं सामने आई थीं। मध्य ट्यूनीशिया के कासीरीन में स्थित एक जेल से 15 जनवरी को लगभग 1,000 कैदी फरार हो गए थे। ट्यूनीशिया की सत्ता पर 23 वर्षों से काबिज जैनुल अबीदिन बिन अली लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद जनवरी में ही देश छोड़कर फरार हो गए थे, लेकिन उसके बावजूद प्रदर्शनों का सिलसिला जारी रहा। जैनुल के देश छोड़कर जाने के बाद हालांकि एक कार्यवाहक सरकार वहां काम कर रही है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ट्यनीशिया की सड़कों पर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के दौरान कैदियों द्वारा जेल तोड़कर फरार होने की कई घटनाएं सामने आई थीं।
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश में बेरोजगारी बढ़ने पर शिवसेना ने पीएम नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लिया है. शिवसेना ने सोमवार को पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वह रोजगार सृजन का श्रेय लेना चाहते हैं तो उन्हें देश में घटी नौकरियों की भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए. शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना' में एक संपादकीय में शिवसेना ने सेंटर फॉर मॉनीटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) की एक रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें दावा किया गया कि पिछले एक साल में देश में 1.09 करोड़ नौकरियां खत्म हुईं. शिवसेना केंद्र एवं महाराष्ट्र में बीजेपी नीत सरकार की सहयोगी है. संपादकीय में कहा गया है कि “अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 70 लाख नौकरियों के सृजन का श्रेय चाहते हैं तो उन्हें एक साल में 1.09 करोड़ नौकरियां घटने की भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए.” बीजेपी से अक्सर नोंक-झोंक में उलझने वाली सहयोगी शिवसेना केंद्र को आगाह करती आई है कि जो युवा उसे सत्ता में लेकर आए थे वही उसे सत्ता से बेदखल भी कर सकते हैं. शिवसेना ने चेताया, “भाजपा सरकार को नौकरी की तलाश कर रहे बेरोजगार युवाओं की भावनाओं के साथ नहीं खेलना चाहिए.” पार्टी ने कहा, “पहले आप बड़े-बड़े वादे करते हैं उसके बाद उनके पूरे होने के दावे करते हैं. लेकिन पिछले चार साल में एक भी साकार नहीं हुआ. रोजगार सृजन का बुलबुला अंतत: सीएमआईई की रिपोर्ट से फूट गया.” इसके अलावा पार्टी ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी एवं बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के सभी को नौकरी देने में अपनी सरकार की असमर्थता जताने संबंधी पूर्व के बयानों का भी हवाला दिया है. (इनपुट भाषा से)
संक्षिप्त सारांश: सीएमआईई की रिपोर्ट के मुताबिक एक साल में 1.09 करोड़ नौकरियां खत्म हुईं शिवसेना ने कहा- 70 लाख नौकरियों के सृजन का श्रेय चाहते हैं पीएम मोदी बीजेपी सरकार को बेरोजगार युवाओं की भावनाओं के साथ नहीं खेलना चाहिए
0
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मिस्र के राष्ट्रपति मोहम्मद मुरसी ने नए संविधान के अमल में आने के बाद पहले संसदीय चुनाव को निर्धारित समय से पहले कराने का फैसला किया है। ईस्टर की छुट्टियों की वजह से ऐसा किया गया है। पहले यहां संसदीय चुनाव की शुरुआत 27 अप्रैल को होनी थी, लेकिन अब यह 22 अप्रैल को होगा। राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी बयान में यह जानकारी दी गई है। मुरसी की ओर से यह फैसला मिस्र के एक ईसाई समूह के सदस्यों ने चुनाव तिथि को लेकर सरकार की आलोचना की थी। उसका कहना था कि चुनाव के समय ईस्टर की छुट्टियां होंगी।टिप्पणियां चुनाव के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 22 और 23 अप्रैल को मतदान होगा। दूसरे चरण का मतदान 11 एवं 12 मई को होगा। तीसरे चरण का मतदान 28 और 29 मई को होगा। अंतिम चरण का मतदान 15 और 16 जून को होगा। उधर, विपक्षी नेता मोहम्मद अलबरदई ने चुनाव का बहिष्कार का ऐलान किया है। उन्होंने कहा, ‘मैंने साल 2010 में भी संसदीय चुनाव होना था। आज मैं उसी आह्वान को दोहराता हूं।’ पहले यहां संसदीय चुनाव की शुरुआत 27 अप्रैल को होनी थी, लेकिन अब यह 22 अप्रैल को होगा। राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी बयान में यह जानकारी दी गई है। मुरसी की ओर से यह फैसला मिस्र के एक ईसाई समूह के सदस्यों ने चुनाव तिथि को लेकर सरकार की आलोचना की थी। उसका कहना था कि चुनाव के समय ईस्टर की छुट्टियां होंगी।टिप्पणियां चुनाव के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 22 और 23 अप्रैल को मतदान होगा। दूसरे चरण का मतदान 11 एवं 12 मई को होगा। तीसरे चरण का मतदान 28 और 29 मई को होगा। अंतिम चरण का मतदान 15 और 16 जून को होगा। उधर, विपक्षी नेता मोहम्मद अलबरदई ने चुनाव का बहिष्कार का ऐलान किया है। उन्होंने कहा, ‘मैंने साल 2010 में भी संसदीय चुनाव होना था। आज मैं उसी आह्वान को दोहराता हूं।’ मुरसी की ओर से यह फैसला मिस्र के एक ईसाई समूह के सदस्यों ने चुनाव तिथि को लेकर सरकार की आलोचना की थी। उसका कहना था कि चुनाव के समय ईस्टर की छुट्टियां होंगी।टिप्पणियां चुनाव के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 22 और 23 अप्रैल को मतदान होगा। दूसरे चरण का मतदान 11 एवं 12 मई को होगा। तीसरे चरण का मतदान 28 और 29 मई को होगा। अंतिम चरण का मतदान 15 और 16 जून को होगा। उधर, विपक्षी नेता मोहम्मद अलबरदई ने चुनाव का बहिष्कार का ऐलान किया है। उन्होंने कहा, ‘मैंने साल 2010 में भी संसदीय चुनाव होना था। आज मैं उसी आह्वान को दोहराता हूं।’ चुनाव के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 22 और 23 अप्रैल को मतदान होगा। दूसरे चरण का मतदान 11 एवं 12 मई को होगा। तीसरे चरण का मतदान 28 और 29 मई को होगा। अंतिम चरण का मतदान 15 और 16 जून को होगा। उधर, विपक्षी नेता मोहम्मद अलबरदई ने चुनाव का बहिष्कार का ऐलान किया है। उन्होंने कहा, ‘मैंने साल 2010 में भी संसदीय चुनाव होना था। आज मैं उसी आह्वान को दोहराता हूं।’ उधर, विपक्षी नेता मोहम्मद अलबरदई ने चुनाव का बहिष्कार का ऐलान किया है। उन्होंने कहा, ‘मैंने साल 2010 में भी संसदीय चुनाव होना था। आज मैं उसी आह्वान को दोहराता हूं।’
संक्षिप्त सारांश: मिस्र के राष्ट्रपति मोहम्मद मुरसी ने नए संविधान के अमल में आने के बाद पहले संसदीय चुनाव को निर्धारित समय से पहले कराने का फैसला किया है। ईस्टर की छुट्टियों की वजह से ऐसा किया गया है।
10
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: चीन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का आह्वान किया है कि सभी को अंतरराष्ट्रीय परमाणु अप्रसार, परमाणु नि:शस्त्रीकरण और परमाणु सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। चीन का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब गुरुवार को भारत ने लम्बी दूरी तक मार करने वाली परमाणु सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का सफल परीक्षण किया है। संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी प्रतिनिधि ली बाओदांग ने परमाणु अप्रसार पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक खुली बैठक में कहा, "अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस सम्बंध में अपना सहयोग और समन्वय बढ़ाने तथा इस चुनौती का सामना करने के लिए एकजुट होने की जरूरत है।" समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, ली ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय परमाणु अप्रसार, परमाणु नि:शस्त्रीकरण और परमाणु सुरक्षा को अनवरत बढ़ावा देना अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।" ली ने कहा, "चीन इस सम्बंध में सुरक्षा परिषद की भूमिका का समर्थन करता है।" ली ने हथियार नियंत्रण और परमाणु प्रसार के क्षेत्र में हुई कुछ सकारात्मक प्रगति को स्वीकार किया, लेकिन उन्होंने चिंता के विषयों को भी गिनाया।टिप्पणियां ली ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामूहिक प्रयासों के कारण हथियार नियंत्रण और अप्रसार के क्षेत्रों में कुछ सकारात्मक प्रगति हुई है। लेकिन यहीं पर परमाणु प्रसार का मुद्दा अभी भी गम्भीर बना हुआ है। परमाणु नि:शस्त्रीकरण के लिए अभी बहुत कुछ करना बाकी है। परमाणु सुरक्षा की स्थिति गम्भीर बनी हुई है।" ली ने कहा, "चीन का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए, दुनिया में व्यापक सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए, हमें आपसी विश्वास, आपसी लाभ, बराबरी, और समन्वय पर आधारित सुरक्षा के एक नए सिद्धांत को कायम करना होगा।" चीन का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब गुरुवार को भारत ने लम्बी दूरी तक मार करने वाली परमाणु सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का सफल परीक्षण किया है। संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी प्रतिनिधि ली बाओदांग ने परमाणु अप्रसार पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक खुली बैठक में कहा, "अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस सम्बंध में अपना सहयोग और समन्वय बढ़ाने तथा इस चुनौती का सामना करने के लिए एकजुट होने की जरूरत है।" समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, ली ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय परमाणु अप्रसार, परमाणु नि:शस्त्रीकरण और परमाणु सुरक्षा को अनवरत बढ़ावा देना अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।" ली ने कहा, "चीन इस सम्बंध में सुरक्षा परिषद की भूमिका का समर्थन करता है।" ली ने हथियार नियंत्रण और परमाणु प्रसार के क्षेत्र में हुई कुछ सकारात्मक प्रगति को स्वीकार किया, लेकिन उन्होंने चिंता के विषयों को भी गिनाया।टिप्पणियां ली ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामूहिक प्रयासों के कारण हथियार नियंत्रण और अप्रसार के क्षेत्रों में कुछ सकारात्मक प्रगति हुई है। लेकिन यहीं पर परमाणु प्रसार का मुद्दा अभी भी गम्भीर बना हुआ है। परमाणु नि:शस्त्रीकरण के लिए अभी बहुत कुछ करना बाकी है। परमाणु सुरक्षा की स्थिति गम्भीर बनी हुई है।" ली ने कहा, "चीन का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए, दुनिया में व्यापक सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए, हमें आपसी विश्वास, आपसी लाभ, बराबरी, और समन्वय पर आधारित सुरक्षा के एक नए सिद्धांत को कायम करना होगा।" संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी प्रतिनिधि ली बाओदांग ने परमाणु अप्रसार पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक खुली बैठक में कहा, "अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस सम्बंध में अपना सहयोग और समन्वय बढ़ाने तथा इस चुनौती का सामना करने के लिए एकजुट होने की जरूरत है।" समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, ली ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय परमाणु अप्रसार, परमाणु नि:शस्त्रीकरण और परमाणु सुरक्षा को अनवरत बढ़ावा देना अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।" ली ने कहा, "चीन इस सम्बंध में सुरक्षा परिषद की भूमिका का समर्थन करता है।" ली ने हथियार नियंत्रण और परमाणु प्रसार के क्षेत्र में हुई कुछ सकारात्मक प्रगति को स्वीकार किया, लेकिन उन्होंने चिंता के विषयों को भी गिनाया।टिप्पणियां ली ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामूहिक प्रयासों के कारण हथियार नियंत्रण और अप्रसार के क्षेत्रों में कुछ सकारात्मक प्रगति हुई है। लेकिन यहीं पर परमाणु प्रसार का मुद्दा अभी भी गम्भीर बना हुआ है। परमाणु नि:शस्त्रीकरण के लिए अभी बहुत कुछ करना बाकी है। परमाणु सुरक्षा की स्थिति गम्भीर बनी हुई है।" ली ने कहा, "चीन का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए, दुनिया में व्यापक सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए, हमें आपसी विश्वास, आपसी लाभ, बराबरी, और समन्वय पर आधारित सुरक्षा के एक नए सिद्धांत को कायम करना होगा।" समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, ली ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय परमाणु अप्रसार, परमाणु नि:शस्त्रीकरण और परमाणु सुरक्षा को अनवरत बढ़ावा देना अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।" ली ने कहा, "चीन इस सम्बंध में सुरक्षा परिषद की भूमिका का समर्थन करता है।" ली ने हथियार नियंत्रण और परमाणु प्रसार के क्षेत्र में हुई कुछ सकारात्मक प्रगति को स्वीकार किया, लेकिन उन्होंने चिंता के विषयों को भी गिनाया।टिप्पणियां ली ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामूहिक प्रयासों के कारण हथियार नियंत्रण और अप्रसार के क्षेत्रों में कुछ सकारात्मक प्रगति हुई है। लेकिन यहीं पर परमाणु प्रसार का मुद्दा अभी भी गम्भीर बना हुआ है। परमाणु नि:शस्त्रीकरण के लिए अभी बहुत कुछ करना बाकी है। परमाणु सुरक्षा की स्थिति गम्भीर बनी हुई है।" ली ने कहा, "चीन का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए, दुनिया में व्यापक सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए, हमें आपसी विश्वास, आपसी लाभ, बराबरी, और समन्वय पर आधारित सुरक्षा के एक नए सिद्धांत को कायम करना होगा।" ली ने हथियार नियंत्रण और परमाणु प्रसार के क्षेत्र में हुई कुछ सकारात्मक प्रगति को स्वीकार किया, लेकिन उन्होंने चिंता के विषयों को भी गिनाया।टिप्पणियां ली ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामूहिक प्रयासों के कारण हथियार नियंत्रण और अप्रसार के क्षेत्रों में कुछ सकारात्मक प्रगति हुई है। लेकिन यहीं पर परमाणु प्रसार का मुद्दा अभी भी गम्भीर बना हुआ है। परमाणु नि:शस्त्रीकरण के लिए अभी बहुत कुछ करना बाकी है। परमाणु सुरक्षा की स्थिति गम्भीर बनी हुई है।" ली ने कहा, "चीन का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए, दुनिया में व्यापक सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए, हमें आपसी विश्वास, आपसी लाभ, बराबरी, और समन्वय पर आधारित सुरक्षा के एक नए सिद्धांत को कायम करना होगा।" ली ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामूहिक प्रयासों के कारण हथियार नियंत्रण और अप्रसार के क्षेत्रों में कुछ सकारात्मक प्रगति हुई है। लेकिन यहीं पर परमाणु प्रसार का मुद्दा अभी भी गम्भीर बना हुआ है। परमाणु नि:शस्त्रीकरण के लिए अभी बहुत कुछ करना बाकी है। परमाणु सुरक्षा की स्थिति गम्भीर बनी हुई है।" ली ने कहा, "चीन का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए, दुनिया में व्यापक सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए, हमें आपसी विश्वास, आपसी लाभ, बराबरी, और समन्वय पर आधारित सुरक्षा के एक नए सिद्धांत को कायम करना होगा।" ली ने कहा, "चीन का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए, दुनिया में व्यापक सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए, हमें आपसी विश्वास, आपसी लाभ, बराबरी, और समन्वय पर आधारित सुरक्षा के एक नए सिद्धांत को कायम करना होगा।"
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: चीन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का आह्वान किया है कि सभी को अंतरराष्ट्रीय परमाणु अप्रसार, परमाणु नि:शस्त्रीकरण और परमाणु सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: झारखण्ड उच्च न्यायालय ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को अवैध खनन के एक मामले में गुरुवार को जमानत दे दी। लेकिन अन्य मामलों के सिलसिले में उन्हें जेल में ही रहना होगा। न्यायमूर्ति एचसी मिश्रा की एकल पीठ ने कोड़ा को लौह अयस्क की खान का आवंटन करने के लिए रिश्वत लेने के आरोप से जुड़े मामले में जमानत दी।टिप्पणियां आरोप है कि सितम्बर 2006 से अगस्त 2008 के बीच राज्य का मुख्यमंत्री रहते हुए कोड़ा ने एक निजी इस्पात कम्पनी को लौह अयस्क की खान का आवंटन करने के लिए 13 करोड़ रुपये की राशि स्वीकार की थी। कोड़ा नवम्बर 2009 से ही विभिन्न मामलों में जेल में हैं। कोड़ा 2,500 करोड़ रुपये के घोटाले में मुख्य आरोपी हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने धनाशोधन निवारण अधिनियम के तहत कोड़ा के खिलाफ मामले दर्ज किए थे। न्यायमूर्ति एचसी मिश्रा की एकल पीठ ने कोड़ा को लौह अयस्क की खान का आवंटन करने के लिए रिश्वत लेने के आरोप से जुड़े मामले में जमानत दी।टिप्पणियां आरोप है कि सितम्बर 2006 से अगस्त 2008 के बीच राज्य का मुख्यमंत्री रहते हुए कोड़ा ने एक निजी इस्पात कम्पनी को लौह अयस्क की खान का आवंटन करने के लिए 13 करोड़ रुपये की राशि स्वीकार की थी। कोड़ा नवम्बर 2009 से ही विभिन्न मामलों में जेल में हैं। कोड़ा 2,500 करोड़ रुपये के घोटाले में मुख्य आरोपी हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने धनाशोधन निवारण अधिनियम के तहत कोड़ा के खिलाफ मामले दर्ज किए थे। आरोप है कि सितम्बर 2006 से अगस्त 2008 के बीच राज्य का मुख्यमंत्री रहते हुए कोड़ा ने एक निजी इस्पात कम्पनी को लौह अयस्क की खान का आवंटन करने के लिए 13 करोड़ रुपये की राशि स्वीकार की थी। कोड़ा नवम्बर 2009 से ही विभिन्न मामलों में जेल में हैं। कोड़ा 2,500 करोड़ रुपये के घोटाले में मुख्य आरोपी हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने धनाशोधन निवारण अधिनियम के तहत कोड़ा के खिलाफ मामले दर्ज किए थे। कोड़ा नवम्बर 2009 से ही विभिन्न मामलों में जेल में हैं। कोड़ा 2,500 करोड़ रुपये के घोटाले में मुख्य आरोपी हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने धनाशोधन निवारण अधिनियम के तहत कोड़ा के खिलाफ मामले दर्ज किए थे।
यहाँ एक सारांश है:झारखण्ड उच्च न्यायालय ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को अवैध खनन के एक मामले में गुरुवार को जमानत दे दी। लेकिन अन्य मामलों के सिलसिले में उन्हें जेल में ही रहना होगा।
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राज्य के बालोद जिले में एक पुत्र द्वारा पिता की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है. जिले के डौण्डीलोहारा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम पोपलाटोला मे बेटे ने अपने ही पिता की हत्या कर दी है. बताया जा रहा है कि बाप बेटे के बीच मोबाइल को लेकर विवाद हुआ था. इसी विवाद के चलते बेटे ने टंगिया से अपने पिता पर वार करके उसे मौत के घाट उतार दिया. घटना के बाद हत्यारे बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही शव को पोस्टमार्टम के भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है. वहीं बेटे द्वारा अपने ही पिता की हत्या कर देने से गांव सहित आस-पास के क्षेत्र में सनसनी फैल गई है. डौण्डीलोहारा के थाना प्रभारी आर. पी. यादव ने बताया कि ग्राम पोपलाटोला निवासी शिवकुमार ने कभी सोचा भी नही था कि जिस बेटे को वह पाल-पोस कर बड़ा करेगा वही उसकी हत्या कर देगा. लेकिन उसके बेटा टेकराम ने धारदार टंगिया से उसकी हत्या कर उसे मौत के घाट उतार दिया. इस पूरी घटना की वजह मोबाइल फोन है.  उन्होंने बताया कि शिवकुमार ने अपने बेटे टेकराम को मोबाईल का इस्तेमाल ज्यादा करने से मना किया था. नहीं मानने पर उसका मोबाइल उसने अपने पास रख लिया. बस इसी बात को लेकर बाप-बेटे के बीच विवाद हो गया. बेटे ने गुस्से मे आकर अपने ही पिता पर टंगिया से वार कर दिया, जिससे शिवकुमार की मौत हो गई. घटना पुलिस ने हत्यारे बेटे को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है.
संक्षिप्त पाठ: मोबाइल के इस्तेमाल को लेकर हुआ था दोनों में विवाद बेटे द्वारा पिता की हत्या से पूरे इलाके में फैली हुई है सनसनी पुलिस ने बेटे को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू की
14
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि यदि पाकिस्तान अगले सप्ताह यहां होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में कश्मीर मामला उठाकर अपना स्तर ‘‘नीचे गिराता'' है तो भारत का स्तर और ऊंचा उठेगा. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने 27 सितंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के सत्र में कश्मीर मुद्दे को उठाने की बात कही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन देने का कार्यक्रम भी उसी दिन है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा है कि प्रधानमंत्री खान यूएनजीए में अपने संबोधन के दौरान अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष इस मुद्दे को जबरदस्त ढंग से उठाएंगे. यहां एक संवाददाता सम्मेलन में अकबरुद्दीन से पूछा गया कि क्या उन्हें संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र के दौरान कश्मीर मुद्दे के सामने आने की उम्मीद है, और यदि ऐसा है, तो भारत इससे कैसे निपटेगा. इस पर अकबरुद्दीन ने कहा, ‘‘आप जो मुझसे कह रहे हैं, वह इससे कहीं अधिक होगा, खासकर एक देश की तरफ से तो बहुत अधिक होगा. यदि ऐसा है तो हमारी प्रतिक्रिया क्या होगी? यह हर देश पर निर्भर करता है कि वह वैश्विक मंच पर किस रूप में पहुंचना चाहता है. कुछ ऐसे होंगे जो अपना स्तर गिराएंगे। उनके प्रति हमारी प्रतिक्रिया होगी कि हम और ऊंचे उठेंगे। वह नीचे गिरेंगे लेकिन हमारा स्तर तो ऊपर उठेगा.'' अकबरुद्दीन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74 वें सत्र में प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन की खास बातें और प्राथमिकताओं के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की बहुपक्षीय और द्विपक्षीय व्यस्तताओं और बैठकों के ढेर सारे उदाहरण इस बात को रेखांकित करते हैं कि भारत का कद कितना ऊंचा होगा. उन्होंने कहा, ‘‘वे जो करना चाहते हैं, वह उनकी इच्छा है. हमने उन्हें अतीत में आतंकवाद को मुख्यधारा में लाने की कोशिश करते हुए देखा है और अब जो आप मुझे बता रहे हैं, वह यह है कि वे नफरत फैलाने वाले भाषण को मुख्यधारा में लाना चाहते हैं. वे ऐसा करना चाहते हैं तो यह उनकी मर्जी है. वह जो जहर उगल रहे हैं, यह बहुत लंबे समय तक काम नहीं करने वाला है.'' गौरतलब है कि 5 अगस्त को भारत ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म कर दिया, जिसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है. कश्मीर पर भारत के कदम पर त्वरित प्रतिक्रिया करते हुए, पाकिस्तान ने भारत के साथ राजनयिक संबंधों को कमतर कर दिया और भारतीय उच्चायुक्त को निष्कासित कर दिया. पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन भारत ने यह बार-बार कहा है कि अनुच्छेद 370 को हटाना उसका ‘‘आंतरिक मामला'' है. भारत ने पाकिस्तान से वास्तविकता को स्वीकार करने और भारत विरोधी बयानबाजी को बंद करने के लिए कहा है.
संक्षिप्त पाठ: संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कश्मीर मुद्दे को उठाकर पाकिस्तान नीचे गिरेगा, तो हम ऊंचा उठेंगे इमरान खान ने 27 सितंबर को UN में कश्मीर मुद्दे को उठाने की बात कही थी
22
['hin']
एक सारांश बनाओ: Kumkum Bhagya Written Update: जी टीवी के शो 'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' में दिशा और पूरब के बीच गलतफहमी खत्म होने का नाम नहीं ले रही. सीरियल 'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' के पिछले एपिसोड में दिखाया गया था कि पूरब, आलिया को वापस घर ले जाता है और उसकी देखभाल करता है. लेकिन जब वो अपना कमरा छोड़कर बाहर निकलता है तो वो रोने लगता है क्योंकि दिशा ने पूरब को आलिया के साथ रहने के लिए छोड़ दिया था. वहीं दिशा भी पूरब पर ये आरोप लगाती है कि वो उसे छोड़कर गया था.  सीरियल 'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' के पिछले एपिसोड में दिखाया गया कि आलिया पुरानी बातों को याद करती है, जब उसने दिशा को पूरब की जिंदगी से निकालने का प्लान बनाया था. आलिया 20 साल पुरानी उन बातों को याद करती है जब पूरब और दिशा के बीच में उसने गलतफहमी की दीवार खड़ी कर दी थी. आलिया ने दिशा को यह विश्वास दिला दिया था कि पूरब उसे धोखा दे रहा है. दूसरी तरफ दिशा, प्रज्ञा (Sriti Jha) को पूरी कहानी बताती है. प्रज्ञा, दिशा से कहती है कि उसे पूरब को अपनी बात कहने के लिए एक चांस चाहिए.  सृति झा और शब्बीर आहलुवालिया (Shabir Ahluwalia) के शो 'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' के अपकमिंग एपिसोड में दिखाया जाएगा कि पूरब, अभी से कहेगा कि वो और दिशा हमेशा के लिए एक-साथ रह सकते हैं. पूरब ये सोचकर बहुत दुखी हो जाता है कि दिशा ऐसा नहीं सोचती. पूरब खुद से वादा करता है कि वो ना उसके(दिशा) के बारे में सोचेगा और ना ही उसके पास वापस जाएगा. प्रज्ञा, दिशा की बात सुनकर कहेगी कि उसे पूरब को दूसरा मौका देना चाहिए. वहीं दिशा, प्रज्ञा (Sriti Jha) से पूछेगी कि वो अभी के पास वापस क्यों नहीं गई. अब देखना होगा कि क्या दिशा, अभी और प्रज्ञा को एक कर पाएगी या नहीं.
यहाँ एक सारांश है:'कुमकुम भाग्य' में जानिए आज क्या होगा! क्या अभी और प्रज्ञा को मिलवा पाएगी दिशा शो में जमकर होगा धमाल
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: ईवीएम मशीन के साथ गड़बड़ी हुई है या की जा सकती है, यह साबित करने के लिए शायद ही कोई पार्टी चुनाव आयोग की चुनौती स्वीकार करेगी. चुनाव आयोग की ओर से एक्सपर्ट के नामांकन की आज आखिरी तारीख है और अब तक किसी पार्टी की ओर से कोई नामांकन नहीं हुआ है. शुक्रवार एक्सपर्ट के नामांकन का आखिरी दिन है.टिप्पणियां चुनाव आयोग के प्रवक्ता ने गुरुवार देर शाम को बताया  कि अब तक किसी पार्टी ने किसी जानकार को ईवीएम चुनौती स्वीकार करने के लिए नामित नहीं किया है. बीती 20 तारीख को आयोग ने घोषणा की थी कि 3 जून से ईवीएम चैलेंज हो रहा है जिसके लिए 26 मई तक पार्टियां तान जानकारों को नामित कर सकती हैं. इस बीच चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी की उस मांग को ठुकरा दिया है जिसमें पार्टी ने ईवीएम से टैम्परिंग साबित करने के लिए मदर बोर्ड बदलने की इजाजत मांगी थी. आयोग ने अपने जवाब में कहा है कि मदरबोर्ड बदलना नई मशीन बनाने जैसा है जिसकी इजाजत नहीं दी जा सकती. चुनाव आयोग के प्रवक्ता ने गुरुवार देर शाम को बताया  कि अब तक किसी पार्टी ने किसी जानकार को ईवीएम चुनौती स्वीकार करने के लिए नामित नहीं किया है. बीती 20 तारीख को आयोग ने घोषणा की थी कि 3 जून से ईवीएम चैलेंज हो रहा है जिसके लिए 26 मई तक पार्टियां तान जानकारों को नामित कर सकती हैं. इस बीच चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी की उस मांग को ठुकरा दिया है जिसमें पार्टी ने ईवीएम से टैम्परिंग साबित करने के लिए मदर बोर्ड बदलने की इजाजत मांगी थी. आयोग ने अपने जवाब में कहा है कि मदरबोर्ड बदलना नई मशीन बनाने जैसा है जिसकी इजाजत नहीं दी जा सकती. इस बीच चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी की उस मांग को ठुकरा दिया है जिसमें पार्टी ने ईवीएम से टैम्परिंग साबित करने के लिए मदर बोर्ड बदलने की इजाजत मांगी थी. आयोग ने अपने जवाब में कहा है कि मदरबोर्ड बदलना नई मशीन बनाने जैसा है जिसकी इजाजत नहीं दी जा सकती.
संक्षिप्त पाठ: चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी की मांग को ठुकराई मदर बोर्ड बदलना नई मशीन बनाने जैसा, इजाजत नहीं 3 जून से ईवीएम चैलेंज के लिए दलों को आमंत्रण
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उसने देश के लिए दर्द सहा है... भारत को दुनिया की नज़रों में ऊंचा उठाने के लिए, वह कई-कई दिन अपने परिवार से दूर रही... मां, भाई, बहन और रास्‍ता दिखाने वाले पिता से मिले उसे कितने ही दिन, महीने गुजर जाते हैं... एक परिवार सजाने और उसे पोषित करने का सपना उसकी आंखों में भी उछालें भरता है, लेकिन वह पहले देश की बेटी है, मां-पिता की बेटी बाद में... शायद यही सब चलता होगा उसके दिमाग में, जब वह जी-जान से जुटती है प्रेक्टिस में... कविता चहल... भिवानी की अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज... जो सपने देखे, उन्‍हें पूरा भी किया... कविता ने देश का नाम ऊंचा करना चाहा और किया भी... भारत सरकार ने उसे हाल ही में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया है... मुक्केबाजी में ही जीवन उद्देश्‍य तलाश चुकी कविता चहल के बारे में आपने खूब पढ़ा होगा, लेकिन सिर्फ उसके खेल और पदकों के बारे में, लेकिन आज जानिए, कैसे एक महिला मुक्‍केबाज ने तय किया यह सफर... चार बहनों में सबसे छोटी और दो भाइयों से बड़ी कविता को ज़ोर-आजमाइश वाले खेल सदा ही आकर्षित करते रहे हैं, और उसने बॉक्सिंग से पहले कबड्डी को चुना था... लेकिन कबड्डी मैच में एक बार घुटने में चोट लगने के बाद जब मां ने उसे खेलने से मना कर दिया, तो मां की इच्छा के लिए कविता ने भी कबड्डी छोड़ने का मन बना लिया और पिता के सुझाए रास्‍ते पर चलते हुए मुक्‍केबाजी में ज़ोर-आजमाइश शुरू कर दी... लेकिन वह मां के मन से डर को खत्म नहीं कर पाई, क्योंकि जब मां ने कविता को विरोधी खिलाड़ी के घूंसे खाते देखा, उनका मन और विचलित हो गया, और परिणामस्वरूप कविता एक बार फिर मां को अपने लिए रोते हुए देख रही थी... कविता कहती है कि एक बार आगरा में हुए नेशनल मैच में उसे पिटते हुए देखकर मां ऐसी रोईं कि दोबारा उसके मैच देखने की हिम्‍मत कभी न जुटा सकीं... खैर, अब तक कविता ने सब भुलाकर खुद को बॉक्सिंग में समेट लिया था, और उसके दिन और रात एक ही चीज़, 'बॉक्सिंग' से पूरी तरह जुड़ गए थे... कविता ने 18 साल की उम्र से बॉक्सिंग की प्रोफेशनल ट्रेनिंग शुरू की... कविता का कहना है कि जब वह पहली बार भिवानी बॉक्सिंग क्लब गई, तो उसके पैर अचानक रुक गए, क्‍योंकि हर तरफ सिर्फ लड़के थे... रिंग के बाहर भी, भीतर भी... उस वक्त कविता के पीछे हटते पैरों को उसके पिता ने संभाला और प्रोत्‍साहित करते हुए आगे बढ़ाया... उसी दिन से कविता ने कभी पलटकर नहीं देखा, और वह निरंतर विजय पथ पर अग्रसर है... उसकी मेहनत और लगन ने खूब रंग दिखाया है... आज कविता के पास पदकों की भरमार है, जिनकी चमक अब अर्जुन पुरस्कार ने दोगुनी कर दी है... दो बार व‌र्ल्ड चैंपियन रह चुकी कविता चहल चार बार एशियन खेलों में गोल्ड मेडल जीत चुकी है, और राष्ट्रीय स्तर पर सात गोल्ड मेडल तथा पांच फेडरेशन कप नेशनल चैंपियनशिप भी जीती है... इनके अलावा कविता ने तीन बार गोल्ड सुपर कप नेशनल चैंपियनशिप में जीत हासिल की, दो बार वह गोल्ड ऑल इंडिया पुलिस गेम में जीती, तीन बार हरियाणा ओलिंपिक गेम में गोल्ड मेडल जीता, और स्टेट चैंपियनशिप में वह पांच गोल्ड मेडल जीत चुकी है... नई रोशनी और राह तलाशकर उस पर चलने वाली कविता चहल से प्रभावित होकर उनके गांव की 10 और लड़कियों ने भी मुक्‍केबाजी में किस्‍मत आजमाई, जिनमें से कई सफलता की ओर अग्रसर भी हैं...टिप्पणियां कविता से जब पूछा गया कि वह हरियाणा की अन्‍य लड़कियों को प्रोत्‍साहित करने के लिए क्‍या सलाह देना चाहेंगी, उसने कहा, "अपने दिल की सुनो, आज़ादी पाओ और न मिलने पर छीन लो... जीवन तुम्‍हारा है, इसे कैसे जीना है, इसके निर्णय का हक भी तुम्‍हारा ही होना चाहिए... दूसरी ओर, इन सभी उपलब्धियों और सफलताओं के बावजूद कविता को कुछ शिकायतें हैं... उसका कहना है कि राज्‍य सरकार पूरा ध्‍यान कॉमनवेल्‍थ या एशियन खेलों को ही देती है, वर्ल्‍ड चैंपियनशिप और टूर्नामेंट लेवल पर महत्‍व नहीं दिया जाता... कविता की शिकायत है कि आज तक उसकी इतनी उपलब्धियों के बावजूद हरियाणा सरकार ने उसे सम्‍मानस्‍वरूप किसी प्रकार का मानद रैंक भी नहीं दिया है, जिससे हताश होकर कई बार वह खेल छोड़ने का मन भी बना चुकी है... कविता के मुताबिक उसे तो मुक्‍केबाजी के प्रति उसका स्‍नेह रोकता रहा, लेकिन बिना सरकार से मदद हासिल हुए किसी के लिए भी जनरल कोटे से इस क्षेत्र में आगे बढ़ना बहुत मुश्किल है, इसलिए वह हरियाणा सरकार से खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें सहयोग देने की अपील करती है, ताकि खिलाड़ियों का मनोबल न गिरे और वे बढ़-चढ़कर आगे आएं... कविता चहल... भिवानी की अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज... जो सपने देखे, उन्‍हें पूरा भी किया... कविता ने देश का नाम ऊंचा करना चाहा और किया भी... भारत सरकार ने उसे हाल ही में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया है... मुक्केबाजी में ही जीवन उद्देश्‍य तलाश चुकी कविता चहल के बारे में आपने खूब पढ़ा होगा, लेकिन सिर्फ उसके खेल और पदकों के बारे में, लेकिन आज जानिए, कैसे एक महिला मुक्‍केबाज ने तय किया यह सफर... चार बहनों में सबसे छोटी और दो भाइयों से बड़ी कविता को ज़ोर-आजमाइश वाले खेल सदा ही आकर्षित करते रहे हैं, और उसने बॉक्सिंग से पहले कबड्डी को चुना था... लेकिन कबड्डी मैच में एक बार घुटने में चोट लगने के बाद जब मां ने उसे खेलने से मना कर दिया, तो मां की इच्छा के लिए कविता ने भी कबड्डी छोड़ने का मन बना लिया और पिता के सुझाए रास्‍ते पर चलते हुए मुक्‍केबाजी में ज़ोर-आजमाइश शुरू कर दी... लेकिन वह मां के मन से डर को खत्म नहीं कर पाई, क्योंकि जब मां ने कविता को विरोधी खिलाड़ी के घूंसे खाते देखा, उनका मन और विचलित हो गया, और परिणामस्वरूप कविता एक बार फिर मां को अपने लिए रोते हुए देख रही थी... कविता कहती है कि एक बार आगरा में हुए नेशनल मैच में उसे पिटते हुए देखकर मां ऐसी रोईं कि दोबारा उसके मैच देखने की हिम्‍मत कभी न जुटा सकीं... खैर, अब तक कविता ने सब भुलाकर खुद को बॉक्सिंग में समेट लिया था, और उसके दिन और रात एक ही चीज़, 'बॉक्सिंग' से पूरी तरह जुड़ गए थे... कविता ने 18 साल की उम्र से बॉक्सिंग की प्रोफेशनल ट्रेनिंग शुरू की... कविता का कहना है कि जब वह पहली बार भिवानी बॉक्सिंग क्लब गई, तो उसके पैर अचानक रुक गए, क्‍योंकि हर तरफ सिर्फ लड़के थे... रिंग के बाहर भी, भीतर भी... उस वक्त कविता के पीछे हटते पैरों को उसके पिता ने संभाला और प्रोत्‍साहित करते हुए आगे बढ़ाया... उसी दिन से कविता ने कभी पलटकर नहीं देखा, और वह निरंतर विजय पथ पर अग्रसर है... उसकी मेहनत और लगन ने खूब रंग दिखाया है... आज कविता के पास पदकों की भरमार है, जिनकी चमक अब अर्जुन पुरस्कार ने दोगुनी कर दी है... दो बार व‌र्ल्ड चैंपियन रह चुकी कविता चहल चार बार एशियन खेलों में गोल्ड मेडल जीत चुकी है, और राष्ट्रीय स्तर पर सात गोल्ड मेडल तथा पांच फेडरेशन कप नेशनल चैंपियनशिप भी जीती है... इनके अलावा कविता ने तीन बार गोल्ड सुपर कप नेशनल चैंपियनशिप में जीत हासिल की, दो बार वह गोल्ड ऑल इंडिया पुलिस गेम में जीती, तीन बार हरियाणा ओलिंपिक गेम में गोल्ड मेडल जीता, और स्टेट चैंपियनशिप में वह पांच गोल्ड मेडल जीत चुकी है... नई रोशनी और राह तलाशकर उस पर चलने वाली कविता चहल से प्रभावित होकर उनके गांव की 10 और लड़कियों ने भी मुक्‍केबाजी में किस्‍मत आजमाई, जिनमें से कई सफलता की ओर अग्रसर भी हैं...टिप्पणियां कविता से जब पूछा गया कि वह हरियाणा की अन्‍य लड़कियों को प्रोत्‍साहित करने के लिए क्‍या सलाह देना चाहेंगी, उसने कहा, "अपने दिल की सुनो, आज़ादी पाओ और न मिलने पर छीन लो... जीवन तुम्‍हारा है, इसे कैसे जीना है, इसके निर्णय का हक भी तुम्‍हारा ही होना चाहिए... दूसरी ओर, इन सभी उपलब्धियों और सफलताओं के बावजूद कविता को कुछ शिकायतें हैं... उसका कहना है कि राज्‍य सरकार पूरा ध्‍यान कॉमनवेल्‍थ या एशियन खेलों को ही देती है, वर्ल्‍ड चैंपियनशिप और टूर्नामेंट लेवल पर महत्‍व नहीं दिया जाता... कविता की शिकायत है कि आज तक उसकी इतनी उपलब्धियों के बावजूद हरियाणा सरकार ने उसे सम्‍मानस्‍वरूप किसी प्रकार का मानद रैंक भी नहीं दिया है, जिससे हताश होकर कई बार वह खेल छोड़ने का मन भी बना चुकी है... कविता के मुताबिक उसे तो मुक्‍केबाजी के प्रति उसका स्‍नेह रोकता रहा, लेकिन बिना सरकार से मदद हासिल हुए किसी के लिए भी जनरल कोटे से इस क्षेत्र में आगे बढ़ना बहुत मुश्किल है, इसलिए वह हरियाणा सरकार से खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें सहयोग देने की अपील करती है, ताकि खिलाड़ियों का मनोबल न गिरे और वे बढ़-चढ़कर आगे आएं... चार बहनों में सबसे छोटी और दो भाइयों से बड़ी कविता को ज़ोर-आजमाइश वाले खेल सदा ही आकर्षित करते रहे हैं, और उसने बॉक्सिंग से पहले कबड्डी को चुना था... लेकिन कबड्डी मैच में एक बार घुटने में चोट लगने के बाद जब मां ने उसे खेलने से मना कर दिया, तो मां की इच्छा के लिए कविता ने भी कबड्डी छोड़ने का मन बना लिया और पिता के सुझाए रास्‍ते पर चलते हुए मुक्‍केबाजी में ज़ोर-आजमाइश शुरू कर दी... लेकिन वह मां के मन से डर को खत्म नहीं कर पाई, क्योंकि जब मां ने कविता को विरोधी खिलाड़ी के घूंसे खाते देखा, उनका मन और विचलित हो गया, और परिणामस्वरूप कविता एक बार फिर मां को अपने लिए रोते हुए देख रही थी... कविता कहती है कि एक बार आगरा में हुए नेशनल मैच में उसे पिटते हुए देखकर मां ऐसी रोईं कि दोबारा उसके मैच देखने की हिम्‍मत कभी न जुटा सकीं... खैर, अब तक कविता ने सब भुलाकर खुद को बॉक्सिंग में समेट लिया था, और उसके दिन और रात एक ही चीज़, 'बॉक्सिंग' से पूरी तरह जुड़ गए थे... कविता ने 18 साल की उम्र से बॉक्सिंग की प्रोफेशनल ट्रेनिंग शुरू की... कविता का कहना है कि जब वह पहली बार भिवानी बॉक्सिंग क्लब गई, तो उसके पैर अचानक रुक गए, क्‍योंकि हर तरफ सिर्फ लड़के थे... रिंग के बाहर भी, भीतर भी... उस वक्त कविता के पीछे हटते पैरों को उसके पिता ने संभाला और प्रोत्‍साहित करते हुए आगे बढ़ाया... उसी दिन से कविता ने कभी पलटकर नहीं देखा, और वह निरंतर विजय पथ पर अग्रसर है... उसकी मेहनत और लगन ने खूब रंग दिखाया है... आज कविता के पास पदकों की भरमार है, जिनकी चमक अब अर्जुन पुरस्कार ने दोगुनी कर दी है... दो बार व‌र्ल्ड चैंपियन रह चुकी कविता चहल चार बार एशियन खेलों में गोल्ड मेडल जीत चुकी है, और राष्ट्रीय स्तर पर सात गोल्ड मेडल तथा पांच फेडरेशन कप नेशनल चैंपियनशिप भी जीती है... इनके अलावा कविता ने तीन बार गोल्ड सुपर कप नेशनल चैंपियनशिप में जीत हासिल की, दो बार वह गोल्ड ऑल इंडिया पुलिस गेम में जीती, तीन बार हरियाणा ओलिंपिक गेम में गोल्ड मेडल जीता, और स्टेट चैंपियनशिप में वह पांच गोल्ड मेडल जीत चुकी है... नई रोशनी और राह तलाशकर उस पर चलने वाली कविता चहल से प्रभावित होकर उनके गांव की 10 और लड़कियों ने भी मुक्‍केबाजी में किस्‍मत आजमाई, जिनमें से कई सफलता की ओर अग्रसर भी हैं...टिप्पणियां कविता से जब पूछा गया कि वह हरियाणा की अन्‍य लड़कियों को प्रोत्‍साहित करने के लिए क्‍या सलाह देना चाहेंगी, उसने कहा, "अपने दिल की सुनो, आज़ादी पाओ और न मिलने पर छीन लो... जीवन तुम्‍हारा है, इसे कैसे जीना है, इसके निर्णय का हक भी तुम्‍हारा ही होना चाहिए... दूसरी ओर, इन सभी उपलब्धियों और सफलताओं के बावजूद कविता को कुछ शिकायतें हैं... उसका कहना है कि राज्‍य सरकार पूरा ध्‍यान कॉमनवेल्‍थ या एशियन खेलों को ही देती है, वर्ल्‍ड चैंपियनशिप और टूर्नामेंट लेवल पर महत्‍व नहीं दिया जाता... कविता की शिकायत है कि आज तक उसकी इतनी उपलब्धियों के बावजूद हरियाणा सरकार ने उसे सम्‍मानस्‍वरूप किसी प्रकार का मानद रैंक भी नहीं दिया है, जिससे हताश होकर कई बार वह खेल छोड़ने का मन भी बना चुकी है... कविता के मुताबिक उसे तो मुक्‍केबाजी के प्रति उसका स्‍नेह रोकता रहा, लेकिन बिना सरकार से मदद हासिल हुए किसी के लिए भी जनरल कोटे से इस क्षेत्र में आगे बढ़ना बहुत मुश्किल है, इसलिए वह हरियाणा सरकार से खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें सहयोग देने की अपील करती है, ताकि खिलाड़ियों का मनोबल न गिरे और वे बढ़-चढ़कर आगे आएं... खैर, अब तक कविता ने सब भुलाकर खुद को बॉक्सिंग में समेट लिया था, और उसके दिन और रात एक ही चीज़, 'बॉक्सिंग' से पूरी तरह जुड़ गए थे... कविता ने 18 साल की उम्र से बॉक्सिंग की प्रोफेशनल ट्रेनिंग शुरू की... कविता का कहना है कि जब वह पहली बार भिवानी बॉक्सिंग क्लब गई, तो उसके पैर अचानक रुक गए, क्‍योंकि हर तरफ सिर्फ लड़के थे... रिंग के बाहर भी, भीतर भी... उस वक्त कविता के पीछे हटते पैरों को उसके पिता ने संभाला और प्रोत्‍साहित करते हुए आगे बढ़ाया... उसी दिन से कविता ने कभी पलटकर नहीं देखा, और वह निरंतर विजय पथ पर अग्रसर है... उसकी मेहनत और लगन ने खूब रंग दिखाया है... आज कविता के पास पदकों की भरमार है, जिनकी चमक अब अर्जुन पुरस्कार ने दोगुनी कर दी है... दो बार व‌र्ल्ड चैंपियन रह चुकी कविता चहल चार बार एशियन खेलों में गोल्ड मेडल जीत चुकी है, और राष्ट्रीय स्तर पर सात गोल्ड मेडल तथा पांच फेडरेशन कप नेशनल चैंपियनशिप भी जीती है... इनके अलावा कविता ने तीन बार गोल्ड सुपर कप नेशनल चैंपियनशिप में जीत हासिल की, दो बार वह गोल्ड ऑल इंडिया पुलिस गेम में जीती, तीन बार हरियाणा ओलिंपिक गेम में गोल्ड मेडल जीता, और स्टेट चैंपियनशिप में वह पांच गोल्ड मेडल जीत चुकी है... नई रोशनी और राह तलाशकर उस पर चलने वाली कविता चहल से प्रभावित होकर उनके गांव की 10 और लड़कियों ने भी मुक्‍केबाजी में किस्‍मत आजमाई, जिनमें से कई सफलता की ओर अग्रसर भी हैं...टिप्पणियां कविता से जब पूछा गया कि वह हरियाणा की अन्‍य लड़कियों को प्रोत्‍साहित करने के लिए क्‍या सलाह देना चाहेंगी, उसने कहा, "अपने दिल की सुनो, आज़ादी पाओ और न मिलने पर छीन लो... जीवन तुम्‍हारा है, इसे कैसे जीना है, इसके निर्णय का हक भी तुम्‍हारा ही होना चाहिए... दूसरी ओर, इन सभी उपलब्धियों और सफलताओं के बावजूद कविता को कुछ शिकायतें हैं... उसका कहना है कि राज्‍य सरकार पूरा ध्‍यान कॉमनवेल्‍थ या एशियन खेलों को ही देती है, वर्ल्‍ड चैंपियनशिप और टूर्नामेंट लेवल पर महत्‍व नहीं दिया जाता... कविता की शिकायत है कि आज तक उसकी इतनी उपलब्धियों के बावजूद हरियाणा सरकार ने उसे सम्‍मानस्‍वरूप किसी प्रकार का मानद रैंक भी नहीं दिया है, जिससे हताश होकर कई बार वह खेल छोड़ने का मन भी बना चुकी है... कविता के मुताबिक उसे तो मुक्‍केबाजी के प्रति उसका स्‍नेह रोकता रहा, लेकिन बिना सरकार से मदद हासिल हुए किसी के लिए भी जनरल कोटे से इस क्षेत्र में आगे बढ़ना बहुत मुश्किल है, इसलिए वह हरियाणा सरकार से खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें सहयोग देने की अपील करती है, ताकि खिलाड़ियों का मनोबल न गिरे और वे बढ़-चढ़कर आगे आएं... उसी दिन से कविता ने कभी पलटकर नहीं देखा, और वह निरंतर विजय पथ पर अग्रसर है... उसकी मेहनत और लगन ने खूब रंग दिखाया है... आज कविता के पास पदकों की भरमार है, जिनकी चमक अब अर्जुन पुरस्कार ने दोगुनी कर दी है... दो बार व‌र्ल्ड चैंपियन रह चुकी कविता चहल चार बार एशियन खेलों में गोल्ड मेडल जीत चुकी है, और राष्ट्रीय स्तर पर सात गोल्ड मेडल तथा पांच फेडरेशन कप नेशनल चैंपियनशिप भी जीती है... इनके अलावा कविता ने तीन बार गोल्ड सुपर कप नेशनल चैंपियनशिप में जीत हासिल की, दो बार वह गोल्ड ऑल इंडिया पुलिस गेम में जीती, तीन बार हरियाणा ओलिंपिक गेम में गोल्ड मेडल जीता, और स्टेट चैंपियनशिप में वह पांच गोल्ड मेडल जीत चुकी है... नई रोशनी और राह तलाशकर उस पर चलने वाली कविता चहल से प्रभावित होकर उनके गांव की 10 और लड़कियों ने भी मुक्‍केबाजी में किस्‍मत आजमाई, जिनमें से कई सफलता की ओर अग्रसर भी हैं...टिप्पणियां कविता से जब पूछा गया कि वह हरियाणा की अन्‍य लड़कियों को प्रोत्‍साहित करने के लिए क्‍या सलाह देना चाहेंगी, उसने कहा, "अपने दिल की सुनो, आज़ादी पाओ और न मिलने पर छीन लो... जीवन तुम्‍हारा है, इसे कैसे जीना है, इसके निर्णय का हक भी तुम्‍हारा ही होना चाहिए... दूसरी ओर, इन सभी उपलब्धियों और सफलताओं के बावजूद कविता को कुछ शिकायतें हैं... उसका कहना है कि राज्‍य सरकार पूरा ध्‍यान कॉमनवेल्‍थ या एशियन खेलों को ही देती है, वर्ल्‍ड चैंपियनशिप और टूर्नामेंट लेवल पर महत्‍व नहीं दिया जाता... कविता की शिकायत है कि आज तक उसकी इतनी उपलब्धियों के बावजूद हरियाणा सरकार ने उसे सम्‍मानस्‍वरूप किसी प्रकार का मानद रैंक भी नहीं दिया है, जिससे हताश होकर कई बार वह खेल छोड़ने का मन भी बना चुकी है... कविता के मुताबिक उसे तो मुक्‍केबाजी के प्रति उसका स्‍नेह रोकता रहा, लेकिन बिना सरकार से मदद हासिल हुए किसी के लिए भी जनरल कोटे से इस क्षेत्र में आगे बढ़ना बहुत मुश्किल है, इसलिए वह हरियाणा सरकार से खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें सहयोग देने की अपील करती है, ताकि खिलाड़ियों का मनोबल न गिरे और वे बढ़-चढ़कर आगे आएं... नई रोशनी और राह तलाशकर उस पर चलने वाली कविता चहल से प्रभावित होकर उनके गांव की 10 और लड़कियों ने भी मुक्‍केबाजी में किस्‍मत आजमाई, जिनमें से कई सफलता की ओर अग्रसर भी हैं...टिप्पणियां कविता से जब पूछा गया कि वह हरियाणा की अन्‍य लड़कियों को प्रोत्‍साहित करने के लिए क्‍या सलाह देना चाहेंगी, उसने कहा, "अपने दिल की सुनो, आज़ादी पाओ और न मिलने पर छीन लो... जीवन तुम्‍हारा है, इसे कैसे जीना है, इसके निर्णय का हक भी तुम्‍हारा ही होना चाहिए... दूसरी ओर, इन सभी उपलब्धियों और सफलताओं के बावजूद कविता को कुछ शिकायतें हैं... उसका कहना है कि राज्‍य सरकार पूरा ध्‍यान कॉमनवेल्‍थ या एशियन खेलों को ही देती है, वर्ल्‍ड चैंपियनशिप और टूर्नामेंट लेवल पर महत्‍व नहीं दिया जाता... कविता की शिकायत है कि आज तक उसकी इतनी उपलब्धियों के बावजूद हरियाणा सरकार ने उसे सम्‍मानस्‍वरूप किसी प्रकार का मानद रैंक भी नहीं दिया है, जिससे हताश होकर कई बार वह खेल छोड़ने का मन भी बना चुकी है... कविता के मुताबिक उसे तो मुक्‍केबाजी के प्रति उसका स्‍नेह रोकता रहा, लेकिन बिना सरकार से मदद हासिल हुए किसी के लिए भी जनरल कोटे से इस क्षेत्र में आगे बढ़ना बहुत मुश्किल है, इसलिए वह हरियाणा सरकार से खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें सहयोग देने की अपील करती है, ताकि खिलाड़ियों का मनोबल न गिरे और वे बढ़-चढ़कर आगे आएं... कविता से जब पूछा गया कि वह हरियाणा की अन्‍य लड़कियों को प्रोत्‍साहित करने के लिए क्‍या सलाह देना चाहेंगी, उसने कहा, "अपने दिल की सुनो, आज़ादी पाओ और न मिलने पर छीन लो... जीवन तुम्‍हारा है, इसे कैसे जीना है, इसके निर्णय का हक भी तुम्‍हारा ही होना चाहिए... दूसरी ओर, इन सभी उपलब्धियों और सफलताओं के बावजूद कविता को कुछ शिकायतें हैं... उसका कहना है कि राज्‍य सरकार पूरा ध्‍यान कॉमनवेल्‍थ या एशियन खेलों को ही देती है, वर्ल्‍ड चैंपियनशिप और टूर्नामेंट लेवल पर महत्‍व नहीं दिया जाता... कविता की शिकायत है कि आज तक उसकी इतनी उपलब्धियों के बावजूद हरियाणा सरकार ने उसे सम्‍मानस्‍वरूप किसी प्रकार का मानद रैंक भी नहीं दिया है, जिससे हताश होकर कई बार वह खेल छोड़ने का मन भी बना चुकी है... कविता के मुताबिक उसे तो मुक्‍केबाजी के प्रति उसका स्‍नेह रोकता रहा, लेकिन बिना सरकार से मदद हासिल हुए किसी के लिए भी जनरल कोटे से इस क्षेत्र में आगे बढ़ना बहुत मुश्किल है, इसलिए वह हरियाणा सरकार से खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें सहयोग देने की अपील करती है, ताकि खिलाड़ियों का मनोबल न गिरे और वे बढ़-चढ़कर आगे आएं... दूसरी ओर, इन सभी उपलब्धियों और सफलताओं के बावजूद कविता को कुछ शिकायतें हैं... उसका कहना है कि राज्‍य सरकार पूरा ध्‍यान कॉमनवेल्‍थ या एशियन खेलों को ही देती है, वर्ल्‍ड चैंपियनशिप और टूर्नामेंट लेवल पर महत्‍व नहीं दिया जाता... कविता की शिकायत है कि आज तक उसकी इतनी उपलब्धियों के बावजूद हरियाणा सरकार ने उसे सम्‍मानस्‍वरूप किसी प्रकार का मानद रैंक भी नहीं दिया है, जिससे हताश होकर कई बार वह खेल छोड़ने का मन भी बना चुकी है... कविता के मुताबिक उसे तो मुक्‍केबाजी के प्रति उसका स्‍नेह रोकता रहा, लेकिन बिना सरकार से मदद हासिल हुए किसी के लिए भी जनरल कोटे से इस क्षेत्र में आगे बढ़ना बहुत मुश्किल है, इसलिए वह हरियाणा सरकार से खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें सहयोग देने की अपील करती है, ताकि खिलाड़ियों का मनोबल न गिरे और वे बढ़-चढ़कर आगे आएं...
सारांश: अर्जुन पुरस्कार के अतिरिक्त दो बार व‌र्ल्ड चैंपियन रह चुकी कविता चहल चार बार एशियन खेलों में गोल्ड मेडल जीत चुकी है, और राष्ट्रीय स्तर पर सात गोल्ड मेडल तथा पांच फेडरेशन कप नेशनल चैंपियनशिप भी जीती है...
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण से छवि खराब होने के बाद खुद को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में फिर से स्थापित करने की कवायद में जुटी पाकिस्तानी टीम विश्व कप के पहले मैच में बुधवार को कीनिया जैसी कमजोर टीम से भिड़ेगी, तो उसे जीत के साथ आगाज करने में कोई दिक्कत पेश नहीं आएगी। पिछले विश्व कप में आयरलैंड के हाथों हार के साथ पहले दौर से बाहर होने की शर्मिंदगी झेलने वाला पाकिस्तान हालांकि इस बार प्रतिद्वंद्वी को हल्के में लेने की गलती नहीं करेगा। कप्तान शाहिद अफरीदी ने भी खिलाड़ियों को सभी टीमों को संजीदगी से लेने की ताकीद की है। अफरीदी ने कहा, विश्व कप में बड़े उलटफेर होते हैं। चार साल पहले हम आयरलैंड से हार गए थे। वह हार अभी भी हमारे जेहन में है, लिहाजा हम किसी टीम को हल्के में नहीं लेंगे। सामने चाहे कीनिया हो या श्रीलंका। पाकिस्तान ने विश्व कप से ठीक पहले न्यूजीलैंड को वनडे सीरीज में 3-2 से हराया है। अभ्यास मैचों में हालांकि उसने बांग्लादेश को हराया, लेकिन इंग्लैंड से हार गया। पाकिस्तान के पास पूर्व कप्तान यूनुस खान, मिसबाह उल हक, कामरान और उमर अकमल और मोहम्मद हाफिज जैसे बल्लेबाज हैं, जो किसी भी आक्रमण की बखिया उधेड़ सकते हैं। सलामी बल्लेबाज सलमान बट पर प्रतिबंध होने के कारण पाकिस्तान के लिए पारी की शुरुआत हाफिज और अहमद शहजाद करेंगे। मध्यक्रम में यूनुस, मिसबाह और अकमल भाईयों जैसे धुरंधर हैं।
संक्षिप्त सारांश: पाकिस्तानी टीम विश्व कप के पहले मैच में बुधवार को कीनिया जैसी कमजोर टीम से भिड़ेगी, तो उसे जीत के साथ आगाज करने में दिक्कत पेश नहीं आएगी।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की गुरुवार को दरभंगा के ऐतिहासिक राज मैदान में जनसभा है. इस सभा के आयोजन के लिए जो पंडाल लगाया गया था, वह तड़के आए तेज आंधी और बारिश में ध्‍वस्‍त हो गया. आगमन से पहले ही पंडाल के गिरने से बड़ा हादसा टल गया है. इससे पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उत्तर प्रदेश में अपने समकक्ष योगी आदित्यनाथ से बुधवार को आग्रह किया कि वह खाली हाथ बिहार का दौरा नहीं करें बल्कि शराबबंदी और स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू करें.टिप्पणियां नीतीश कुमार बुधवार को 300 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करने के बाद एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे. नीतीश कुमार ने कहा, आपको (आदित्यनाथ) हमसे सीख लेनी चाहिए और शराबबंदी तथा स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू करना चाहिए. योगी आदित्यनाथ की बहुचर्चित दरभंगा यात्रा पर निशाना साधते हुए नीतीश कुमार ने कहा, वह खाली हाथ ही आ रहे होंगे जबकि मैं यहां विभिन्न विकास योजनाओं को शुरू करने के लिए आया हूं. कुमार ने 2014 के लोकसभा चुनावों और विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए वादों को पूरा नहीं करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, हम जो भी वादा करते हैं उसे पूरा करते हैं, लेकिन लोग वादा करके भूल जाते हैं. कुमार ने गोरक्षकों को भी आड़े हाथ लिया और कहा कि पशुओं का कारोबार करने वालों के खिलाफ कानून अपने हाथ में लेने के पहले उन्हें आवारा पशुओं पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने दावा कि बिहार में शराबबंदी काफी सफल रही है और भाजपा शासित प्रदेशों को इसका अनुकरण करना चाहिए. नीतीश कुमार बुधवार को 300 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करने के बाद एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे. नीतीश कुमार ने कहा, आपको (आदित्यनाथ) हमसे सीख लेनी चाहिए और शराबबंदी तथा स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू करना चाहिए. योगी आदित्यनाथ की बहुचर्चित दरभंगा यात्रा पर निशाना साधते हुए नीतीश कुमार ने कहा, वह खाली हाथ ही आ रहे होंगे जबकि मैं यहां विभिन्न विकास योजनाओं को शुरू करने के लिए आया हूं. कुमार ने 2014 के लोकसभा चुनावों और विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए वादों को पूरा नहीं करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, हम जो भी वादा करते हैं उसे पूरा करते हैं, लेकिन लोग वादा करके भूल जाते हैं. कुमार ने गोरक्षकों को भी आड़े हाथ लिया और कहा कि पशुओं का कारोबार करने वालों के खिलाफ कानून अपने हाथ में लेने के पहले उन्हें आवारा पशुओं पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने दावा कि बिहार में शराबबंदी काफी सफल रही है और भाजपा शासित प्रदेशों को इसका अनुकरण करना चाहिए. उन्होंने कहा, हम जो भी वादा करते हैं उसे पूरा करते हैं, लेकिन लोग वादा करके भूल जाते हैं. कुमार ने गोरक्षकों को भी आड़े हाथ लिया और कहा कि पशुओं का कारोबार करने वालों के खिलाफ कानून अपने हाथ में लेने के पहले उन्हें आवारा पशुओं पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने दावा कि बिहार में शराबबंदी काफी सफल रही है और भाजपा शासित प्रदेशों को इसका अनुकरण करना चाहिए.
संक्षिप्त पाठ: सीएम योगी आदित्‍यनाथ गुरुवार को जा रहे दरभंगा उनकी सभा के लिए तैयार पंडार आंधी-पानी की वजह से गिरा नीतीश कुमार ने सीएम योगी पर साधा निशाना
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['hin']
एक सारांश बनाओ: आर्थिक समीक्षा में चालू वित्तवर्ष 2011-12 के दौरान आर्थिक वृद्धि दर गिरकर 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर में नरमी औद्योगिक गतिविधियों वृद्धि के कम होने का परिणाम है। संसद में गुरुवार को प्रस्तुत वर्ष 2011-12 की आर्थिक समीक्षा के अनुसार आर्थिक वृद्धि में कमी नरमी का संकेत है। यह न केवल पिछले दो साल की आर्थिक वृद्धि दर से कम है, बल्कि 2008-09 की आर्थिक नरमी को छोड़ दिया, जो तो इस बार वृद्धि 2003 से 2011 के बीच सबसे कम है। पिछले दो साल आर्थिक वृद्धि दर जहां 8.4 प्रतिशत थी, वहीं 2008-09 में जीडीपी वृद्धि 6.7 प्रतिशत थी। बहरहाल, वित्तवर्ष 2012-13 तथा 2013-14 में आर्थिक वृद्धि दर क्रमश: 7.6 प्रतिशत तथा 8.6 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई गई है। लोकसभा में पेश समीक्षा के अनुसार आर्थिक नरमी का कारण औद्योगिक वृद्धि दर में कमी का नतीजा है। कृषि तथा सेवा क्षेत्र का प्रदर्शन पूर्व की तरह बेहतर रहा है। चालू वित्तवर्ष के दौरान सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर दर जहां 9.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, वहीं कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र की वृद्धि दर 2.5 प्रतिशत रह सकती है। बहरहाल, औद्योगिक क्षेत्र की वृद्धि दर 2011-12 की अप्रैल-दिसंबर के दौरान 3.6 प्रतिशत रही, जो इससे पूर्व वित्तवर्ष की इसी अवधि में 8.3 प्रतिशत थी। जीडीपी में तीनों क्षेत्रों के योगदान को देखा जाए, तो इसमें सेवा क्षेत्र अव्वल रहा। सेवा क्षेत्र का योगदान चालू वित्तवर्ष में बढ़कर 59 प्रतिशत रहा, जबकि इससे पिछले वित्तवर्ष में यह 58 प्रतिशत था। औद्योगिक क्षेत्र का योगदान 27 प्रतिशत रहा, जबकि शेष हिस्सेदारी कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र की रही। आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि जीडीपी वृद्धि दर नरम होकर 6.9 प्रतिशत रहने के बावजूद भारत तीव्र आर्थिक वृद्धि दर हासिल करने वाले देशों में शामिल है। तेजी से उभरते देशों के साथ दुनिया के प्रमुख देशों में उल्लेखनीय नरमी देखी जा रही है।टिप्पणियां अगले वित्तवर्ष 2012-13 की आर्थिक वृद्धि दर के बारे में समीक्षा में कहा गया है कि यह चालू वित्तवर्ष के मुकाबले बेहतर रहेगी और इसके 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। समीक्षा में अनुमान जताया गया है कि अगले वित्तवर्ष में राजकोषीय स्थिति सुदृढ करने के उपाय किए जाएंगे तथा बचत और पूंजी निर्माण की दर में वृद्धि होगी। सकल पूंजी निर्माण की दर 2011-12 की तीसरी तिमाही में 30 प्रतिशत थी, जो इससे पूर्व वित्तवर्ष की इसी तिमाही में 32 प्रतिशत थी। समीक्षा में आगे कहा गया है कि साथ ही आने वाले महीनों में मुद्रास्फीति दबाव कम होने से रिजर्व बैंक नीतिगत ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। इससे निवेश गतिविधियों में तेजी आएगी और आर्थिक वृद्धि पर इसका सकारात्मक असर पड़ेगा। इसमें कहा गया है कि शुरुआती अनुमानों के अनुसार आर्थिक वृद्धि दर 2013-14 में 8.6 प्रतिशत रहेगी। यह मानसून का सामान्य रहना, अंतरराष्ट्रीय जिंसों खासकर तेल की कीमतों में स्थिरता और वैश्विक वृद्धि अधिक रहने की संभावना पर आधारित है। समीक्षा के अनुसार वैश्विक अर्थव्यवस्था नाजुक बने रहने की आशंका है और इसमें सुधार के लिए जी-20 के जरिये समन्वित प्रयास करने की जरूरत है। संसद में गुरुवार को प्रस्तुत वर्ष 2011-12 की आर्थिक समीक्षा के अनुसार आर्थिक वृद्धि में कमी नरमी का संकेत है। यह न केवल पिछले दो साल की आर्थिक वृद्धि दर से कम है, बल्कि 2008-09 की आर्थिक नरमी को छोड़ दिया, जो तो इस बार वृद्धि 2003 से 2011 के बीच सबसे कम है। पिछले दो साल आर्थिक वृद्धि दर जहां 8.4 प्रतिशत थी, वहीं 2008-09 में जीडीपी वृद्धि 6.7 प्रतिशत थी। बहरहाल, वित्तवर्ष 2012-13 तथा 2013-14 में आर्थिक वृद्धि दर क्रमश: 7.6 प्रतिशत तथा 8.6 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई गई है। लोकसभा में पेश समीक्षा के अनुसार आर्थिक नरमी का कारण औद्योगिक वृद्धि दर में कमी का नतीजा है। कृषि तथा सेवा क्षेत्र का प्रदर्शन पूर्व की तरह बेहतर रहा है। चालू वित्तवर्ष के दौरान सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर दर जहां 9.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, वहीं कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र की वृद्धि दर 2.5 प्रतिशत रह सकती है। बहरहाल, औद्योगिक क्षेत्र की वृद्धि दर 2011-12 की अप्रैल-दिसंबर के दौरान 3.6 प्रतिशत रही, जो इससे पूर्व वित्तवर्ष की इसी अवधि में 8.3 प्रतिशत थी। जीडीपी में तीनों क्षेत्रों के योगदान को देखा जाए, तो इसमें सेवा क्षेत्र अव्वल रहा। सेवा क्षेत्र का योगदान चालू वित्तवर्ष में बढ़कर 59 प्रतिशत रहा, जबकि इससे पिछले वित्तवर्ष में यह 58 प्रतिशत था। औद्योगिक क्षेत्र का योगदान 27 प्रतिशत रहा, जबकि शेष हिस्सेदारी कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र की रही। आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि जीडीपी वृद्धि दर नरम होकर 6.9 प्रतिशत रहने के बावजूद भारत तीव्र आर्थिक वृद्धि दर हासिल करने वाले देशों में शामिल है। तेजी से उभरते देशों के साथ दुनिया के प्रमुख देशों में उल्लेखनीय नरमी देखी जा रही है।टिप्पणियां अगले वित्तवर्ष 2012-13 की आर्थिक वृद्धि दर के बारे में समीक्षा में कहा गया है कि यह चालू वित्तवर्ष के मुकाबले बेहतर रहेगी और इसके 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। समीक्षा में अनुमान जताया गया है कि अगले वित्तवर्ष में राजकोषीय स्थिति सुदृढ करने के उपाय किए जाएंगे तथा बचत और पूंजी निर्माण की दर में वृद्धि होगी। सकल पूंजी निर्माण की दर 2011-12 की तीसरी तिमाही में 30 प्रतिशत थी, जो इससे पूर्व वित्तवर्ष की इसी तिमाही में 32 प्रतिशत थी। समीक्षा में आगे कहा गया है कि साथ ही आने वाले महीनों में मुद्रास्फीति दबाव कम होने से रिजर्व बैंक नीतिगत ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। इससे निवेश गतिविधियों में तेजी आएगी और आर्थिक वृद्धि पर इसका सकारात्मक असर पड़ेगा। इसमें कहा गया है कि शुरुआती अनुमानों के अनुसार आर्थिक वृद्धि दर 2013-14 में 8.6 प्रतिशत रहेगी। यह मानसून का सामान्य रहना, अंतरराष्ट्रीय जिंसों खासकर तेल की कीमतों में स्थिरता और वैश्विक वृद्धि अधिक रहने की संभावना पर आधारित है। समीक्षा के अनुसार वैश्विक अर्थव्यवस्था नाजुक बने रहने की आशंका है और इसमें सुधार के लिए जी-20 के जरिये समन्वित प्रयास करने की जरूरत है। लोकसभा में पेश समीक्षा के अनुसार आर्थिक नरमी का कारण औद्योगिक वृद्धि दर में कमी का नतीजा है। कृषि तथा सेवा क्षेत्र का प्रदर्शन पूर्व की तरह बेहतर रहा है। चालू वित्तवर्ष के दौरान सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर दर जहां 9.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, वहीं कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र की वृद्धि दर 2.5 प्रतिशत रह सकती है। बहरहाल, औद्योगिक क्षेत्र की वृद्धि दर 2011-12 की अप्रैल-दिसंबर के दौरान 3.6 प्रतिशत रही, जो इससे पूर्व वित्तवर्ष की इसी अवधि में 8.3 प्रतिशत थी। जीडीपी में तीनों क्षेत्रों के योगदान को देखा जाए, तो इसमें सेवा क्षेत्र अव्वल रहा। सेवा क्षेत्र का योगदान चालू वित्तवर्ष में बढ़कर 59 प्रतिशत रहा, जबकि इससे पिछले वित्तवर्ष में यह 58 प्रतिशत था। औद्योगिक क्षेत्र का योगदान 27 प्रतिशत रहा, जबकि शेष हिस्सेदारी कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र की रही। आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि जीडीपी वृद्धि दर नरम होकर 6.9 प्रतिशत रहने के बावजूद भारत तीव्र आर्थिक वृद्धि दर हासिल करने वाले देशों में शामिल है। तेजी से उभरते देशों के साथ दुनिया के प्रमुख देशों में उल्लेखनीय नरमी देखी जा रही है।टिप्पणियां अगले वित्तवर्ष 2012-13 की आर्थिक वृद्धि दर के बारे में समीक्षा में कहा गया है कि यह चालू वित्तवर्ष के मुकाबले बेहतर रहेगी और इसके 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। समीक्षा में अनुमान जताया गया है कि अगले वित्तवर्ष में राजकोषीय स्थिति सुदृढ करने के उपाय किए जाएंगे तथा बचत और पूंजी निर्माण की दर में वृद्धि होगी। सकल पूंजी निर्माण की दर 2011-12 की तीसरी तिमाही में 30 प्रतिशत थी, जो इससे पूर्व वित्तवर्ष की इसी तिमाही में 32 प्रतिशत थी। समीक्षा में आगे कहा गया है कि साथ ही आने वाले महीनों में मुद्रास्फीति दबाव कम होने से रिजर्व बैंक नीतिगत ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। इससे निवेश गतिविधियों में तेजी आएगी और आर्थिक वृद्धि पर इसका सकारात्मक असर पड़ेगा। इसमें कहा गया है कि शुरुआती अनुमानों के अनुसार आर्थिक वृद्धि दर 2013-14 में 8.6 प्रतिशत रहेगी। यह मानसून का सामान्य रहना, अंतरराष्ट्रीय जिंसों खासकर तेल की कीमतों में स्थिरता और वैश्विक वृद्धि अधिक रहने की संभावना पर आधारित है। समीक्षा के अनुसार वैश्विक अर्थव्यवस्था नाजुक बने रहने की आशंका है और इसमें सुधार के लिए जी-20 के जरिये समन्वित प्रयास करने की जरूरत है। जीडीपी में तीनों क्षेत्रों के योगदान को देखा जाए, तो इसमें सेवा क्षेत्र अव्वल रहा। सेवा क्षेत्र का योगदान चालू वित्तवर्ष में बढ़कर 59 प्रतिशत रहा, जबकि इससे पिछले वित्तवर्ष में यह 58 प्रतिशत था। औद्योगिक क्षेत्र का योगदान 27 प्रतिशत रहा, जबकि शेष हिस्सेदारी कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र की रही। आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि जीडीपी वृद्धि दर नरम होकर 6.9 प्रतिशत रहने के बावजूद भारत तीव्र आर्थिक वृद्धि दर हासिल करने वाले देशों में शामिल है। तेजी से उभरते देशों के साथ दुनिया के प्रमुख देशों में उल्लेखनीय नरमी देखी जा रही है।टिप्पणियां अगले वित्तवर्ष 2012-13 की आर्थिक वृद्धि दर के बारे में समीक्षा में कहा गया है कि यह चालू वित्तवर्ष के मुकाबले बेहतर रहेगी और इसके 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। समीक्षा में अनुमान जताया गया है कि अगले वित्तवर्ष में राजकोषीय स्थिति सुदृढ करने के उपाय किए जाएंगे तथा बचत और पूंजी निर्माण की दर में वृद्धि होगी। सकल पूंजी निर्माण की दर 2011-12 की तीसरी तिमाही में 30 प्रतिशत थी, जो इससे पूर्व वित्तवर्ष की इसी तिमाही में 32 प्रतिशत थी। समीक्षा में आगे कहा गया है कि साथ ही आने वाले महीनों में मुद्रास्फीति दबाव कम होने से रिजर्व बैंक नीतिगत ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। इससे निवेश गतिविधियों में तेजी आएगी और आर्थिक वृद्धि पर इसका सकारात्मक असर पड़ेगा। इसमें कहा गया है कि शुरुआती अनुमानों के अनुसार आर्थिक वृद्धि दर 2013-14 में 8.6 प्रतिशत रहेगी। यह मानसून का सामान्य रहना, अंतरराष्ट्रीय जिंसों खासकर तेल की कीमतों में स्थिरता और वैश्विक वृद्धि अधिक रहने की संभावना पर आधारित है। समीक्षा के अनुसार वैश्विक अर्थव्यवस्था नाजुक बने रहने की आशंका है और इसमें सुधार के लिए जी-20 के जरिये समन्वित प्रयास करने की जरूरत है। अगले वित्तवर्ष 2012-13 की आर्थिक वृद्धि दर के बारे में समीक्षा में कहा गया है कि यह चालू वित्तवर्ष के मुकाबले बेहतर रहेगी और इसके 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। समीक्षा में अनुमान जताया गया है कि अगले वित्तवर्ष में राजकोषीय स्थिति सुदृढ करने के उपाय किए जाएंगे तथा बचत और पूंजी निर्माण की दर में वृद्धि होगी। सकल पूंजी निर्माण की दर 2011-12 की तीसरी तिमाही में 30 प्रतिशत थी, जो इससे पूर्व वित्तवर्ष की इसी तिमाही में 32 प्रतिशत थी। समीक्षा में आगे कहा गया है कि साथ ही आने वाले महीनों में मुद्रास्फीति दबाव कम होने से रिजर्व बैंक नीतिगत ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। इससे निवेश गतिविधियों में तेजी आएगी और आर्थिक वृद्धि पर इसका सकारात्मक असर पड़ेगा। इसमें कहा गया है कि शुरुआती अनुमानों के अनुसार आर्थिक वृद्धि दर 2013-14 में 8.6 प्रतिशत रहेगी। यह मानसून का सामान्य रहना, अंतरराष्ट्रीय जिंसों खासकर तेल की कीमतों में स्थिरता और वैश्विक वृद्धि अधिक रहने की संभावना पर आधारित है। समीक्षा के अनुसार वैश्विक अर्थव्यवस्था नाजुक बने रहने की आशंका है और इसमें सुधार के लिए जी-20 के जरिये समन्वित प्रयास करने की जरूरत है। समीक्षा में आगे कहा गया है कि साथ ही आने वाले महीनों में मुद्रास्फीति दबाव कम होने से रिजर्व बैंक नीतिगत ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। इससे निवेश गतिविधियों में तेजी आएगी और आर्थिक वृद्धि पर इसका सकारात्मक असर पड़ेगा। इसमें कहा गया है कि शुरुआती अनुमानों के अनुसार आर्थिक वृद्धि दर 2013-14 में 8.6 प्रतिशत रहेगी। यह मानसून का सामान्य रहना, अंतरराष्ट्रीय जिंसों खासकर तेल की कीमतों में स्थिरता और वैश्विक वृद्धि अधिक रहने की संभावना पर आधारित है। समीक्षा के अनुसार वैश्विक अर्थव्यवस्था नाजुक बने रहने की आशंका है और इसमें सुधार के लिए जी-20 के जरिये समन्वित प्रयास करने की जरूरत है।
यहाँ एक सारांश है:वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने 2011-12 के लिए आर्थिक समीक्षा लोकसभा में प्रस्तुत करते हुए वित्तवर्ष 2012-13 के दौरान 7.6 फीसदी विकास दर रहने का अनुमान व्यक्त किया है।
15
['hin']
एक सारांश बनाओ: केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे दक्षेस देशों के गृहमंत्रियों के सम्मेलन से इतर अपने पाकिस्तानी समकक्ष रहमान मलिक के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि मलिक के साथ अपनी पहली प्रत्यक्ष वार्ता में शिंदे उनसे कह सकते हैं कि वह मुंबई हमले के साजिशकर्ताओं की आवाज के नमूने मुहैया कराने के साथ उन्हें जल्द न्याय की जद में लाएं तथा भारत में घुसपैठ की जांच करें एवं सीमावर्ती इलाके में आतंकवादी ढांचे को खत्म करें। दरअसल, दक्षेस गृहमंत्रियों के पांचवें सम्मेलन में शिरकत करने के लिए शिंदे सोमवार को मालदीव पहुंचे। इस सम्मेलन में आतंकवाद, समुद्री सुरक्षा एवं समुद्री डकैती, मादक पदाथरें की तस्करी से निपटने तथा आपराधिक मामलों के परस्पर सहयोग पर चर्चा हो सकती है। दक्षिण एशिया में साइबर अपराध और महिलाओं एवं बच्चों की तस्करी जैसे मुद्दे भी बातचीत के एजेंडे में शामिल हैं। हाल ही में गृह मंत्रालय का कार्यभार संभालने वाले शिंदे एक बड़े शिष्टमंडल के साथ यहां पहुंचे हैं। वह यहां के बांदोस आईलैंड रिजार्ट में होने वाले तीन दिनों के सम्मेलन में शामिल होंगे। उनके साथ गृहसचिव आरके सिंह भी आए हैं। टिप्पणियां पाकिस्तान के गृहमंत्री रहमान मलिक भारतीय गृहमंत्री के पहुंचने से ठीक पहले यहां पहुंचे। यह मलिक के साथ शिंदे की पहली प्रत्यक्ष वार्ता होगी। दक्षेस गृहमंत्रियों का पहला सम्मेलन साल 2006 में बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हुआ था। दक्षेस में भारत के अलावा पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, भूटान, श्रीलंका, मालदीव और अफगानिस्तान शामिल हैं। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि मलिक के साथ अपनी पहली प्रत्यक्ष वार्ता में शिंदे उनसे कह सकते हैं कि वह मुंबई हमले के साजिशकर्ताओं की आवाज के नमूने मुहैया कराने के साथ उन्हें जल्द न्याय की जद में लाएं तथा भारत में घुसपैठ की जांच करें एवं सीमावर्ती इलाके में आतंकवादी ढांचे को खत्म करें। दरअसल, दक्षेस गृहमंत्रियों के पांचवें सम्मेलन में शिरकत करने के लिए शिंदे सोमवार को मालदीव पहुंचे। इस सम्मेलन में आतंकवाद, समुद्री सुरक्षा एवं समुद्री डकैती, मादक पदाथरें की तस्करी से निपटने तथा आपराधिक मामलों के परस्पर सहयोग पर चर्चा हो सकती है। दक्षिण एशिया में साइबर अपराध और महिलाओं एवं बच्चों की तस्करी जैसे मुद्दे भी बातचीत के एजेंडे में शामिल हैं। हाल ही में गृह मंत्रालय का कार्यभार संभालने वाले शिंदे एक बड़े शिष्टमंडल के साथ यहां पहुंचे हैं। वह यहां के बांदोस आईलैंड रिजार्ट में होने वाले तीन दिनों के सम्मेलन में शामिल होंगे। उनके साथ गृहसचिव आरके सिंह भी आए हैं। टिप्पणियां पाकिस्तान के गृहमंत्री रहमान मलिक भारतीय गृहमंत्री के पहुंचने से ठीक पहले यहां पहुंचे। यह मलिक के साथ शिंदे की पहली प्रत्यक्ष वार्ता होगी। दक्षेस गृहमंत्रियों का पहला सम्मेलन साल 2006 में बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हुआ था। दक्षेस में भारत के अलावा पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, भूटान, श्रीलंका, मालदीव और अफगानिस्तान शामिल हैं। दरअसल, दक्षेस गृहमंत्रियों के पांचवें सम्मेलन में शिरकत करने के लिए शिंदे सोमवार को मालदीव पहुंचे। इस सम्मेलन में आतंकवाद, समुद्री सुरक्षा एवं समुद्री डकैती, मादक पदाथरें की तस्करी से निपटने तथा आपराधिक मामलों के परस्पर सहयोग पर चर्चा हो सकती है। दक्षिण एशिया में साइबर अपराध और महिलाओं एवं बच्चों की तस्करी जैसे मुद्दे भी बातचीत के एजेंडे में शामिल हैं। हाल ही में गृह मंत्रालय का कार्यभार संभालने वाले शिंदे एक बड़े शिष्टमंडल के साथ यहां पहुंचे हैं। वह यहां के बांदोस आईलैंड रिजार्ट में होने वाले तीन दिनों के सम्मेलन में शामिल होंगे। उनके साथ गृहसचिव आरके सिंह भी आए हैं। टिप्पणियां पाकिस्तान के गृहमंत्री रहमान मलिक भारतीय गृहमंत्री के पहुंचने से ठीक पहले यहां पहुंचे। यह मलिक के साथ शिंदे की पहली प्रत्यक्ष वार्ता होगी। दक्षेस गृहमंत्रियों का पहला सम्मेलन साल 2006 में बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हुआ था। दक्षेस में भारत के अलावा पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, भूटान, श्रीलंका, मालदीव और अफगानिस्तान शामिल हैं। दक्षिण एशिया में साइबर अपराध और महिलाओं एवं बच्चों की तस्करी जैसे मुद्दे भी बातचीत के एजेंडे में शामिल हैं। हाल ही में गृह मंत्रालय का कार्यभार संभालने वाले शिंदे एक बड़े शिष्टमंडल के साथ यहां पहुंचे हैं। वह यहां के बांदोस आईलैंड रिजार्ट में होने वाले तीन दिनों के सम्मेलन में शामिल होंगे। उनके साथ गृहसचिव आरके सिंह भी आए हैं। टिप्पणियां पाकिस्तान के गृहमंत्री रहमान मलिक भारतीय गृहमंत्री के पहुंचने से ठीक पहले यहां पहुंचे। यह मलिक के साथ शिंदे की पहली प्रत्यक्ष वार्ता होगी। दक्षेस गृहमंत्रियों का पहला सम्मेलन साल 2006 में बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हुआ था। दक्षेस में भारत के अलावा पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, भूटान, श्रीलंका, मालदीव और अफगानिस्तान शामिल हैं। पाकिस्तान के गृहमंत्री रहमान मलिक भारतीय गृहमंत्री के पहुंचने से ठीक पहले यहां पहुंचे। यह मलिक के साथ शिंदे की पहली प्रत्यक्ष वार्ता होगी। दक्षेस गृहमंत्रियों का पहला सम्मेलन साल 2006 में बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हुआ था। दक्षेस में भारत के अलावा पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, भूटान, श्रीलंका, मालदीव और अफगानिस्तान शामिल हैं। दक्षेस गृहमंत्रियों का पहला सम्मेलन साल 2006 में बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हुआ था। दक्षेस में भारत के अलावा पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, भूटान, श्रीलंका, मालदीव और अफगानिस्तान शामिल हैं।
सारांश: केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे दक्षेस देशों के गृहमंत्रियों के सम्मेलन से इतर अपने पाकिस्तानी समकक्ष रहमान मलिक के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे।
5
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका की शीर्ष कंप्यूटर और स्मार्ट फोन विनिर्माता एपल ने अरबों डॉलर की कर चोरी के लिए जटिल विदेशी इकाइयों का उपयोग किया। यह आरोप एक संसदीय समिति ने लगाया। स्थायी उपसमिति ने अपनी रपट में आरोप लगाया है कि इस प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी की आधारहीन सहयोगी कंपनियों का सिर्फ एक ही उद्देश्य था कंपनी के वैश्विक मुनाफे का बड़े हिस्से को किसी और माध्यम से बचा ले जाना और अमेरिकी कर विभाग को अरबों डॉलर कर चुकाने से बच जाना। रपट के मुताबिक एपल की एक आइरिश कंपनी ने 2009-2012 के बीच 30 अरब डॉलर का मुनाफा कमाया लेकिन यह कंपनी तकनीकी तौर पर किसी देश की नहीं थी, इसलिए इसने किसी सरकार को कर का भुगतान नहीं किया। एक अन्य कंपनी ने 2011 में 22 अरब डॉलर की आय पर 0.05 प्रतिशत कर चुकाया।टिप्पणियां समिति ने कहा कि ऐपल ने दोनों देशों, अमेरिका और आयरलैंड के बीच के फासले का फायदा अपनी तीन अनुषंगियों के जरिए उठाया। संसदीय समिति ने कहा ‘‘दोनों देशों के बीच के कर-कानून के फासले का फायदा उठाते हुए एपल आपरेशंस इंटरनैशनल ने पिछले पांच साल में दोनों में से किसी देश में आय कर रिटर्न नहीं भरा। 2009 से 2012 के बीच उसे करीब 30 अरब डालर की आय हुई।’’ रपट में पाया गया कि एपल की तीनों सहयोगी कंपनियों का कर संबंधी कोई आधिकारिक पता नहीं है जिसके कारण उन्हें कोई कर अदा नहीं करना पड़ा। स्थायी उपसमिति ने अपनी रपट में आरोप लगाया है कि इस प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी की आधारहीन सहयोगी कंपनियों का सिर्फ एक ही उद्देश्य था कंपनी के वैश्विक मुनाफे का बड़े हिस्से को किसी और माध्यम से बचा ले जाना और अमेरिकी कर विभाग को अरबों डॉलर कर चुकाने से बच जाना। रपट के मुताबिक एपल की एक आइरिश कंपनी ने 2009-2012 के बीच 30 अरब डॉलर का मुनाफा कमाया लेकिन यह कंपनी तकनीकी तौर पर किसी देश की नहीं थी, इसलिए इसने किसी सरकार को कर का भुगतान नहीं किया। एक अन्य कंपनी ने 2011 में 22 अरब डॉलर की आय पर 0.05 प्रतिशत कर चुकाया।टिप्पणियां समिति ने कहा कि ऐपल ने दोनों देशों, अमेरिका और आयरलैंड के बीच के फासले का फायदा अपनी तीन अनुषंगियों के जरिए उठाया। संसदीय समिति ने कहा ‘‘दोनों देशों के बीच के कर-कानून के फासले का फायदा उठाते हुए एपल आपरेशंस इंटरनैशनल ने पिछले पांच साल में दोनों में से किसी देश में आय कर रिटर्न नहीं भरा। 2009 से 2012 के बीच उसे करीब 30 अरब डालर की आय हुई।’’ रपट में पाया गया कि एपल की तीनों सहयोगी कंपनियों का कर संबंधी कोई आधिकारिक पता नहीं है जिसके कारण उन्हें कोई कर अदा नहीं करना पड़ा। रपट के मुताबिक एपल की एक आइरिश कंपनी ने 2009-2012 के बीच 30 अरब डॉलर का मुनाफा कमाया लेकिन यह कंपनी तकनीकी तौर पर किसी देश की नहीं थी, इसलिए इसने किसी सरकार को कर का भुगतान नहीं किया। एक अन्य कंपनी ने 2011 में 22 अरब डॉलर की आय पर 0.05 प्रतिशत कर चुकाया।टिप्पणियां समिति ने कहा कि ऐपल ने दोनों देशों, अमेरिका और आयरलैंड के बीच के फासले का फायदा अपनी तीन अनुषंगियों के जरिए उठाया। संसदीय समिति ने कहा ‘‘दोनों देशों के बीच के कर-कानून के फासले का फायदा उठाते हुए एपल आपरेशंस इंटरनैशनल ने पिछले पांच साल में दोनों में से किसी देश में आय कर रिटर्न नहीं भरा। 2009 से 2012 के बीच उसे करीब 30 अरब डालर की आय हुई।’’ रपट में पाया गया कि एपल की तीनों सहयोगी कंपनियों का कर संबंधी कोई आधिकारिक पता नहीं है जिसके कारण उन्हें कोई कर अदा नहीं करना पड़ा। समिति ने कहा कि ऐपल ने दोनों देशों, अमेरिका और आयरलैंड के बीच के फासले का फायदा अपनी तीन अनुषंगियों के जरिए उठाया। संसदीय समिति ने कहा ‘‘दोनों देशों के बीच के कर-कानून के फासले का फायदा उठाते हुए एपल आपरेशंस इंटरनैशनल ने पिछले पांच साल में दोनों में से किसी देश में आय कर रिटर्न नहीं भरा। 2009 से 2012 के बीच उसे करीब 30 अरब डालर की आय हुई।’’ रपट में पाया गया कि एपल की तीनों सहयोगी कंपनियों का कर संबंधी कोई आधिकारिक पता नहीं है जिसके कारण उन्हें कोई कर अदा नहीं करना पड़ा। संसदीय समिति ने कहा ‘‘दोनों देशों के बीच के कर-कानून के फासले का फायदा उठाते हुए एपल आपरेशंस इंटरनैशनल ने पिछले पांच साल में दोनों में से किसी देश में आय कर रिटर्न नहीं भरा। 2009 से 2012 के बीच उसे करीब 30 अरब डालर की आय हुई।’’ रपट में पाया गया कि एपल की तीनों सहयोगी कंपनियों का कर संबंधी कोई आधिकारिक पता नहीं है जिसके कारण उन्हें कोई कर अदा नहीं करना पड़ा।
संक्षिप्त सारांश: अमेरिका की शीर्ष कंप्यूटर और स्मार्ट फोन विनिर्माता एपल ने अरबों डॉलर की कर चोरी के लिए जटिल विदेशी इकाइयों का उपयोग किया। यह आरोप एक संसदीय समिति ने लगाया।
23
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कृषि मंत्री शरद पवार ने कहा कि देश के कई भागों में सूखे के बावजूद भारत का अनाज उत्पादन 2012-13 के फसल वर्ष में 25 करोड़ टन को पार कर गया है। घरेलू बीज कंपनियों के संगठन भारतीय राष्ट्रीय बीज संघ (एनएसएआई) द्वारा गुड़गांव में आयोजित दो दिवसीय भारतीय बीज सम्मेलन में पवार ने कहा, हमने पिछले साल 26 करोड़ टन अनाज का उत्पादन किया था। इस साल महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में सूखे के बावजूद 25 करोड़ टन का स्तर पार कर लिया है। उन्होंने कहा कि इस साल का उत्पादन घरेलू मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त है। 2012-13 के फसल वर्ष (जुलाई-जून) के लिए सरकार का दूसरा अनुमान आज दिन में जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश को दलहन और खाद्य तेल के मामले में आयात पर निर्भरता कम करने की जरूरत है। पवार ने कहा,  वित्त मंत्री दलहन और खाद्य तेल के ज्यादा आयात के संबंध में चिंतित हैं। हमें इन दोनों जिंसों का उत्पादन बढ़ाना होगा, जिसके लिए बीज में नई प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल और अन्य सहायता की जरूरत है। भारत में जितने तेल और दलहन की जरूरत होती है, उसका 50 फीसदी हिस्सा आयात करना होता है। कृषि में चार फीसदी की वृद्धि प्राप्त करने के लिए पवार ने कहा कि बीज समेत सभी महत्वपूर्ण कड़ी पर ध्यान देने की जरूरत है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, बीज कृषि का महत्वपूर्ण तत्व है। सार्वजनिक और निजी क्षेत्र को बेहतर उत्पाद पेश करने, सरकार के बीज बदलने के प्रयास में भागीदारी करनी होगी और यह सुनिश्चत करना होगा कि हम खाद्य संकट के दौर में वापस न लौटें। दलहन और तिलहन जैसी फसलों में निजी क्षेत्र की भागीदारी में कमी को रेखांकित करते हुए मंत्री ने कहा, दलहन के संकर बीज तैयार करने में प्रौद्योगिकी संबंधी बाधाएं हैं, लेकिन तिलहन फसलों के संबंध में जो सफलता मिली है उसे तेजी से आगे बढ़ाया जाना चाहिए। नए बीज विधेयक के संबंध में पवार ने कहा, महत्वपूर्ण विधेयक लंबे समय से लंबित है। उम्मीद है कि बजट सत्र में विधेयक पर चर्चा होगी। विधेयक से उद्योग की कई दिक्कतें दूर होंगी। घरेलू बीज कंपनियों के संगठन भारतीय राष्ट्रीय बीज संघ (एनएसएआई) द्वारा गुड़गांव में आयोजित दो दिवसीय भारतीय बीज सम्मेलन में पवार ने कहा, हमने पिछले साल 26 करोड़ टन अनाज का उत्पादन किया था। इस साल महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में सूखे के बावजूद 25 करोड़ टन का स्तर पार कर लिया है। उन्होंने कहा कि इस साल का उत्पादन घरेलू मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त है। 2012-13 के फसल वर्ष (जुलाई-जून) के लिए सरकार का दूसरा अनुमान आज दिन में जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश को दलहन और खाद्य तेल के मामले में आयात पर निर्भरता कम करने की जरूरत है। पवार ने कहा,  वित्त मंत्री दलहन और खाद्य तेल के ज्यादा आयात के संबंध में चिंतित हैं। हमें इन दोनों जिंसों का उत्पादन बढ़ाना होगा, जिसके लिए बीज में नई प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल और अन्य सहायता की जरूरत है। भारत में जितने तेल और दलहन की जरूरत होती है, उसका 50 फीसदी हिस्सा आयात करना होता है। कृषि में चार फीसदी की वृद्धि प्राप्त करने के लिए पवार ने कहा कि बीज समेत सभी महत्वपूर्ण कड़ी पर ध्यान देने की जरूरत है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, बीज कृषि का महत्वपूर्ण तत्व है। सार्वजनिक और निजी क्षेत्र को बेहतर उत्पाद पेश करने, सरकार के बीज बदलने के प्रयास में भागीदारी करनी होगी और यह सुनिश्चत करना होगा कि हम खाद्य संकट के दौर में वापस न लौटें। दलहन और तिलहन जैसी फसलों में निजी क्षेत्र की भागीदारी में कमी को रेखांकित करते हुए मंत्री ने कहा, दलहन के संकर बीज तैयार करने में प्रौद्योगिकी संबंधी बाधाएं हैं, लेकिन तिलहन फसलों के संबंध में जो सफलता मिली है उसे तेजी से आगे बढ़ाया जाना चाहिए। नए बीज विधेयक के संबंध में पवार ने कहा, महत्वपूर्ण विधेयक लंबे समय से लंबित है। उम्मीद है कि बजट सत्र में विधेयक पर चर्चा होगी। विधेयक से उद्योग की कई दिक्कतें दूर होंगी। उन्होंने कहा कि देश को दलहन और खाद्य तेल के मामले में आयात पर निर्भरता कम करने की जरूरत है। पवार ने कहा,  वित्त मंत्री दलहन और खाद्य तेल के ज्यादा आयात के संबंध में चिंतित हैं। हमें इन दोनों जिंसों का उत्पादन बढ़ाना होगा, जिसके लिए बीज में नई प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल और अन्य सहायता की जरूरत है। भारत में जितने तेल और दलहन की जरूरत होती है, उसका 50 फीसदी हिस्सा आयात करना होता है। कृषि में चार फीसदी की वृद्धि प्राप्त करने के लिए पवार ने कहा कि बीज समेत सभी महत्वपूर्ण कड़ी पर ध्यान देने की जरूरत है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, बीज कृषि का महत्वपूर्ण तत्व है। सार्वजनिक और निजी क्षेत्र को बेहतर उत्पाद पेश करने, सरकार के बीज बदलने के प्रयास में भागीदारी करनी होगी और यह सुनिश्चत करना होगा कि हम खाद्य संकट के दौर में वापस न लौटें। दलहन और तिलहन जैसी फसलों में निजी क्षेत्र की भागीदारी में कमी को रेखांकित करते हुए मंत्री ने कहा, दलहन के संकर बीज तैयार करने में प्रौद्योगिकी संबंधी बाधाएं हैं, लेकिन तिलहन फसलों के संबंध में जो सफलता मिली है उसे तेजी से आगे बढ़ाया जाना चाहिए। नए बीज विधेयक के संबंध में पवार ने कहा, महत्वपूर्ण विधेयक लंबे समय से लंबित है। उम्मीद है कि बजट सत्र में विधेयक पर चर्चा होगी। विधेयक से उद्योग की कई दिक्कतें दूर होंगी। पवार ने कहा,  वित्त मंत्री दलहन और खाद्य तेल के ज्यादा आयात के संबंध में चिंतित हैं। हमें इन दोनों जिंसों का उत्पादन बढ़ाना होगा, जिसके लिए बीज में नई प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल और अन्य सहायता की जरूरत है। भारत में जितने तेल और दलहन की जरूरत होती है, उसका 50 फीसदी हिस्सा आयात करना होता है। कृषि में चार फीसदी की वृद्धि प्राप्त करने के लिए पवार ने कहा कि बीज समेत सभी महत्वपूर्ण कड़ी पर ध्यान देने की जरूरत है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, बीज कृषि का महत्वपूर्ण तत्व है। सार्वजनिक और निजी क्षेत्र को बेहतर उत्पाद पेश करने, सरकार के बीज बदलने के प्रयास में भागीदारी करनी होगी और यह सुनिश्चत करना होगा कि हम खाद्य संकट के दौर में वापस न लौटें। दलहन और तिलहन जैसी फसलों में निजी क्षेत्र की भागीदारी में कमी को रेखांकित करते हुए मंत्री ने कहा, दलहन के संकर बीज तैयार करने में प्रौद्योगिकी संबंधी बाधाएं हैं, लेकिन तिलहन फसलों के संबंध में जो सफलता मिली है उसे तेजी से आगे बढ़ाया जाना चाहिए। नए बीज विधेयक के संबंध में पवार ने कहा, महत्वपूर्ण विधेयक लंबे समय से लंबित है। उम्मीद है कि बजट सत्र में विधेयक पर चर्चा होगी। विधेयक से उद्योग की कई दिक्कतें दूर होंगी। कृषि में चार फीसदी की वृद्धि प्राप्त करने के लिए पवार ने कहा कि बीज समेत सभी महत्वपूर्ण कड़ी पर ध्यान देने की जरूरत है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, बीज कृषि का महत्वपूर्ण तत्व है। सार्वजनिक और निजी क्षेत्र को बेहतर उत्पाद पेश करने, सरकार के बीज बदलने के प्रयास में भागीदारी करनी होगी और यह सुनिश्चत करना होगा कि हम खाद्य संकट के दौर में वापस न लौटें। दलहन और तिलहन जैसी फसलों में निजी क्षेत्र की भागीदारी में कमी को रेखांकित करते हुए मंत्री ने कहा, दलहन के संकर बीज तैयार करने में प्रौद्योगिकी संबंधी बाधाएं हैं, लेकिन तिलहन फसलों के संबंध में जो सफलता मिली है उसे तेजी से आगे बढ़ाया जाना चाहिए। नए बीज विधेयक के संबंध में पवार ने कहा, महत्वपूर्ण विधेयक लंबे समय से लंबित है। उम्मीद है कि बजट सत्र में विधेयक पर चर्चा होगी। विधेयक से उद्योग की कई दिक्कतें दूर होंगी। उन्होंने कहा, बीज कृषि का महत्वपूर्ण तत्व है। सार्वजनिक और निजी क्षेत्र को बेहतर उत्पाद पेश करने, सरकार के बीज बदलने के प्रयास में भागीदारी करनी होगी और यह सुनिश्चत करना होगा कि हम खाद्य संकट के दौर में वापस न लौटें। दलहन और तिलहन जैसी फसलों में निजी क्षेत्र की भागीदारी में कमी को रेखांकित करते हुए मंत्री ने कहा, दलहन के संकर बीज तैयार करने में प्रौद्योगिकी संबंधी बाधाएं हैं, लेकिन तिलहन फसलों के संबंध में जो सफलता मिली है उसे तेजी से आगे बढ़ाया जाना चाहिए। नए बीज विधेयक के संबंध में पवार ने कहा, महत्वपूर्ण विधेयक लंबे समय से लंबित है। उम्मीद है कि बजट सत्र में विधेयक पर चर्चा होगी। विधेयक से उद्योग की कई दिक्कतें दूर होंगी। दलहन और तिलहन जैसी फसलों में निजी क्षेत्र की भागीदारी में कमी को रेखांकित करते हुए मंत्री ने कहा, दलहन के संकर बीज तैयार करने में प्रौद्योगिकी संबंधी बाधाएं हैं, लेकिन तिलहन फसलों के संबंध में जो सफलता मिली है उसे तेजी से आगे बढ़ाया जाना चाहिए। नए बीज विधेयक के संबंध में पवार ने कहा, महत्वपूर्ण विधेयक लंबे समय से लंबित है। उम्मीद है कि बजट सत्र में विधेयक पर चर्चा होगी। विधेयक से उद्योग की कई दिक्कतें दूर होंगी।
कृषि मंत्री शरद पवार ने कहा कि देश के कई भागों में सूखे के बावजूद भारत का अनाज उत्पादन 2012-13 के फसल वर्ष में 25 करोड़ टन को पार कर गया है।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लड़कियां शिक्षा के क्षेत्र में लड़कों से अच्छा कर रही हैं लेकिन जब बात सामान्य अंकगणित की आती है तो लड़के लड़कियों के मुकाबले ज्यादा बेहतर हैं. शिक्षा की वार्षिक स्थिति रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है. रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रीय स्तर पर 14 से 16 साल उम्र के सभी लड़कों में से 50 फीसदी भाग के गणित को ठीक-ठीक सुलझा सकते हैं जबकि सिर्फ 44 फीसदी लड़कियां ही ऐसा कर सकती हैं. एएसईआर ने 596 जिलों के 3,54,944 परिवारों और तीन से 16 साल उम्र समूह के 5,46,527 बच्चों पर यह सर्वेक्षण किया है. इस सर्वेक्षण में तीन बड़े पहलुओं को ध्यान में रखा गया है. बच्चों का स्कूल में दाखिला, उपस्थिति और सामान्य रूप से किताबों को पढ़ने और गणित की क्षमता तथा स्कूल में उपलब्ध बुनियादी ढांचे पर सर्वेक्षण किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार लड़कियों का प्रदर्शन पढ़ाई के मामले में लड़कों से अच्छा है लेकिन जब बात सामान्य अंकगणित की आती है तो लड़के आगे हो जाते हैं. इसके साथ ही, पहली बार 2018 में छह से 14 साल के उम्र समूह के ऐसे बच्चे जिनका दाखिला स्कूल में नहीं हुआ उनका प्रतिशत तीन फीसदी से गिरकर 2.8 फीसदी तक पहुंचा है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि किताब पढ़ने के मामले में पहले के मुकाबले बच्चों की क्षमता सुधरी है. (इनपुट भाषा से)
संक्षिप्त सारांश: एएसईआर ने 596 जिलों के 3,54,944 परिवारों में किया सर्वेक्षण सर्वे में तीन से 16 साल के 5,46,527 बच्चों को किया शामिल सामान्य अंकगणित में लड़कियों से आगे हैं लड़के
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: Diabetes: डायब‍िटीज से जुड़े 8 झूठ, जि‍न्हें सच मानते आए हैं आप Weight Loss: ये 5 टिप्स वजन घटाने के साथ पेट की चर्बी गायब कर बनाएंगे आपको स्लिम! डायबिटी के मरीजों को अपनी डाइट में मौसमी फलों को शामिल करना चाहिए. ऐसे फल ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं. ऐसे फलों में बाजार में आसानी से मिलने वाला अमरूद डायबिटीज से पीड़ित लोगों के ब्लड शुगर में अचानक होने वाली वृद्धि को रोकने में मदद करता है. रिसर्च में पाया गया कि ब्रेकफास्ट में अमरूद खाना अधिक प्रभावकारी होता है. एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि अमरूद खाने से न सिर्फ ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल किया जा सकता है बल्कि इससे शुगर लेवल को लंबे समय तक मैनेज करने में भी मदद मिल सकती है.  डायबिटीज से हैं परेशान, कंट्रोल करना चाहते हैं ब्लड शुगर लेवल, अपनाएं ये तरीके Winter Sinus Pain: सर्दियों में साइनस से राहत दिलाएगी यह एक चीज, ऐसे करें सेवन... अमरूद में फाइबर भरपूर मात्रा पाई जाती है, जिससे यह वजन घटाने में भी कारकर हो सकता है. यह तो आप जानते ही होंगे कि टाइप 2 डायबिटीज का खतरा मोटापा बढ़ने से भी होता है. टाइप 2 डायबिटीज को आहार में बदलाव कर ही कंट्रोल किया जा सकता है.   और खबरों के लिए क्लिक करें इन्हें भी पढ़ें Winter Diet: सर्दियों में प्याज पाचन, डाइबिटीज, इंफेक्शन, एलर्जी के लिए है अचूक उपाय! जानें प्याज के कई गजब फायदे वेट लॉस, डायबिटीज, कैंसर जैसे रोगों से बचाव के लिए खाएं बादाम, पढ़ें बादाम के 5 फायदे फायदों को जानकर Diabetes Diet: 5 फूड और जड़ी बूटी जो करेंगी ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल Blood Pressure: अजवाइन है हाई ब्‍लड प्रेशर के लिए कमाल! जानें कैसे इस्तेमाल Diet For Diabetes: यह मौसमी फल कम करेगा शुगर लेवल, जानें नॉर्मल ब्लड शुगर लेवल कितना होना चाहिए Vitamin D Deficiency : बाल बताएंगे शरीर में विटामिन डी का स्तर, ये 5 आहार करेंगे विटामिन डी की कमी दूर
संक्षिप्त सारांश: अमरूद है टाइप 2 डायबिटीज में फायदेमंद. ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए अमरूद को नाश्ते में खाएं. जानें डाइबिटीज में क्यों है अमरूद लाभदायक.
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['hin']