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इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय जनता पार्टी की राजस्थान इकाई की अध्यक्ष वसुंधरा राजे ने केन्द्रीय जांच ब्यूरो को चुनौती देते हुए कहा है कि जांच एजेंसी नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया को छू कर तो देखे, उनके साथ पूरी पार्टी खड़ी है।टिप्पणियां राजे सुराज संकल्प यात्रा के अजमेर मकराना पहुंचने पर आम सभा को सम्बोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राज्य सरकार ने जब देख लिया कि उसके हाथ से सत्ता खिसकती जा रही है, तो उसने सीबीआई का सहारा लिया। ‘मुझे तो साढ़े चार साल तक आयोग से डराते रहे। अब नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया को सीबीआई के साथ षडयंत्र रचकर फंसा रहे हैं।’ राजे ने आरोप लगाया कि सरकार पाक साफ गुलाब चंद कटारिया को फंसाने के लिए साजिश रच रही है। गौरतलब है कि नेता प्रतिपक्ष कटारिया सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ प्रकरण में आरोपी हैं। उन्होंने कहा कि जनता, भाजपा की सरकार बनाकर सेवा का मौका देगी तो हम राजस्थान में 24 घण्टे घरेलू बिजली देंगे और सबके लिए पीने के लिए पर्याप्त पानी का इंतजाम करेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार प्रदेशवासियों की मूलभूत सुविधाओं को बहाल करेगी और युवाओं को पढ़ाई के अच्छे अवसर देकर उन्हें रोजगार भी मुहैया करवाएगी। उन्होंने कहा कि गुजरात को नरेन्द्र मोदी ने देश में ही नहीं बल्कि दुनिया के मानचित्र में स्थान दिलवा दिया। मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह और छत्तीसगढ़ में रमन सिंह ने अपने कार्यकाल में दोनों प्रदेशों को विकास की दृष्टि से बहुत आगे पहुंचा दिया। लेकिन राजस्थान विकास की दृष्टि से कोसों दूर है। राजे सुराज संकल्प यात्रा के अजमेर मकराना पहुंचने पर आम सभा को सम्बोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राज्य सरकार ने जब देख लिया कि उसके हाथ से सत्ता खिसकती जा रही है, तो उसने सीबीआई का सहारा लिया। ‘मुझे तो साढ़े चार साल तक आयोग से डराते रहे। अब नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया को सीबीआई के साथ षडयंत्र रचकर फंसा रहे हैं।’ राजे ने आरोप लगाया कि सरकार पाक साफ गुलाब चंद कटारिया को फंसाने के लिए साजिश रच रही है। गौरतलब है कि नेता प्रतिपक्ष कटारिया सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ प्रकरण में आरोपी हैं। उन्होंने कहा कि जनता, भाजपा की सरकार बनाकर सेवा का मौका देगी तो हम राजस्थान में 24 घण्टे घरेलू बिजली देंगे और सबके लिए पीने के लिए पर्याप्त पानी का इंतजाम करेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार प्रदेशवासियों की मूलभूत सुविधाओं को बहाल करेगी और युवाओं को पढ़ाई के अच्छे अवसर देकर उन्हें रोजगार भी मुहैया करवाएगी। उन्होंने कहा कि गुजरात को नरेन्द्र मोदी ने देश में ही नहीं बल्कि दुनिया के मानचित्र में स्थान दिलवा दिया। मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह और छत्तीसगढ़ में रमन सिंह ने अपने कार्यकाल में दोनों प्रदेशों को विकास की दृष्टि से बहुत आगे पहुंचा दिया। लेकिन राजस्थान विकास की दृष्टि से कोसों दूर है। राजे ने आरोप लगाया कि सरकार पाक साफ गुलाब चंद कटारिया को फंसाने के लिए साजिश रच रही है। गौरतलब है कि नेता प्रतिपक्ष कटारिया सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ प्रकरण में आरोपी हैं। उन्होंने कहा कि जनता, भाजपा की सरकार बनाकर सेवा का मौका देगी तो हम राजस्थान में 24 घण्टे घरेलू बिजली देंगे और सबके लिए पीने के लिए पर्याप्त पानी का इंतजाम करेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार प्रदेशवासियों की मूलभूत सुविधाओं को बहाल करेगी और युवाओं को पढ़ाई के अच्छे अवसर देकर उन्हें रोजगार भी मुहैया करवाएगी। उन्होंने कहा कि गुजरात को नरेन्द्र मोदी ने देश में ही नहीं बल्कि दुनिया के मानचित्र में स्थान दिलवा दिया। मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह और छत्तीसगढ़ में रमन सिंह ने अपने कार्यकाल में दोनों प्रदेशों को विकास की दृष्टि से बहुत आगे पहुंचा दिया। लेकिन राजस्थान विकास की दृष्टि से कोसों दूर है।
संक्षिप्त पाठ: भारतीय जनता पार्टी की राजस्थान इकाई की अध्यक्ष वसुंधरा राजे ने केन्द्रीय जांच ब्यूरो को चुनौती देते हुए कहा है कि जांच एजेंसी नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया को छू कर तो देखे, उनके साथ पूरी पार्टी खड़ी है।
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: 'बिग बॉस' के इस सीजन के आखिरी 'वीकेंड का वार' एपिसोड की शुरुआत करण-अर्जुन यानी सलमान खान और शाहरुख खान के डांस से हुई. दोनों ने अपने गानों के एक मैशअप पर डांस किया. इसके बाद सलमान खान यानी इंस्पेक्टर चुलबुल पांडे ने शाहरुख यानी 'रईस' से मजेदार पूछताछ की. इसके बाद शाहरुख खान ने बताया कि उन्होंने मनवीर को एक मजेदार टास्क दिया जिसके चलते घरवालों के बीच काफी मिस-अंडरस्टैंडिंग पैदा हुई. बिग बॉस ने मनवीर को एक सीक्रेट टास्क के तहत एक मोबाइल फोन दिया और कहा कि उनके पास समय-समय पर एक फोन आएगा और उन्हें फोन पर उन्हें जो भी करने को कहा जाएगा उन्हें करना पड़ेगा और उन्हें इस बारे में किसी को कुछ भी नहीं बताना है. मनवीर के पास शाहरुख खान ने फोन किया और कहा कि उन्हें दो क्रेट अंडे उठाकर स्टोर रूम रखना है और यह उन्हें बानी के सामने करना है. शाहरुख ने मनवीर को अपना परिचय दिया और कहा कि उन्हें 10 मिनट के अंदर यह काम करना है. जब मनवीर अंडे रखने गए तो बानी की उनसे बहस हो गई. मनवीर ने घरवालों से कहा कि उन्हें बदले में दूध चाहिए इसलिए वह अंडे रख रहे हैं. इसके बाद बानी स्मोकिंग रूम से सिगरेट ले आईं और कहा कि जब तक उन्हें अंडे वापस नहीं मिलेंगे तब तक वह सिगरेट वापस नहीं करेंगी.                                                 शाहरुख खान ने अपनी फिल्म 'रईस' का प्रचार किया. इसके बाद अगले कॉल में शाहरुख खान ने मनवीर से कहा कि उन्हें लोपामुद्रा के सामने उनकी बुराई और बानी तारीफ करनी है. जब मनवीर लोपा के सामने बानी की तारीफ करने लगे तो बानी और चिढ़ गईं और सिगरेट तोड़-तोड़कर फेंकने लगीं. वहीं लोपा भी मनवीर पर नाराज हुईं कि वह उन्हें बेवजह बीच में ला रहे हैं. घरवालों के बीच पैदा हुई मिस-अंडरस्टैंडिंग के बाद सलमान खान ने घरवालों से बात की और शाहरुख की उनसे मुलाकात करवाई और घरवालों को सीक्रेट टास्क के बारे में बताया. इसके बाद शाहरुख खान ने घरवालों से अपना आइकॉनिक हाथ फैलाने वाला पोज करवाया जिसे रोहन मेहरा ने सबसे बेहतर किया.                                             सनी लियोनी ने 'लैला मैं लैला' गाने पर डांस किया. टिप्पणियां इसके बाद घर शाहरुख और सलमान को सनी लियोनी ने स्टेज पर जॉइन किया. सनी ने आगामी फिल्म 'रईस' के फेमस 'लैला मैं लैला' गाने पर डांस किया और फिर सलमान और शाहरुख के साथ फिल्म 'दीवार' के आइकॉनिक सीन पर थोड़े ट्विस्ट के साथ परफॉर्म किया. शाहरुख और सनी के जाने के बाद सलमान खान ने घरवालों से दोबारा बात की और मनु-मनवीर और लोपा-रोहन की जोड़ी से जुड़े कुछ सवाल पूछे जिनके जवाब घरवालों को देने थे. घरवालों के मुताबिक मनु-मनवीर में मनवीर दिलदार और वफादार हैं, वहीं मनु चापलूस और समझदार हैं. लोपा-रोहन में घरवालों ने रोहन को अधिक काबिल जबकि लोपा को अधिक बदतमीज, मीठी छुरी और ड्रामेबाज बताया. इसके बाद सलमान खान ने घरवालों से यह कहकर विदा लिया कि अब वह उनसे सीधे फिनाले में मिलेंगे.                                     मोनालीसा ने घर से बाहर आकर अपने दोस्तों मनु-मनवीर के बारे में की बात. घर से बेघर हुई मोनालीसा ने कहा कि अब भरोसे का वक्त नहीं है, उन्होंने यह भी कहा कि मनवीर मनु पर भरोसा नहीं कर सकते हैं. इससे पहले 'कॉमेडी नाइट्स बचाओ' के भारती और मुबिन ने शो में हंसी का तड़का लगाया. अब घर में रोहन मेहरा, लोपामुद्रा राउत, मनु पंजाबी, मनवीर गुर्जर और बानी जे बचे हैं. बिग बॉस ने मनवीर को एक सीक्रेट टास्क के तहत एक मोबाइल फोन दिया और कहा कि उनके पास समय-समय पर एक फोन आएगा और उन्हें फोन पर उन्हें जो भी करने को कहा जाएगा उन्हें करना पड़ेगा और उन्हें इस बारे में किसी को कुछ भी नहीं बताना है. मनवीर के पास शाहरुख खान ने फोन किया और कहा कि उन्हें दो क्रेट अंडे उठाकर स्टोर रूम रखना है और यह उन्हें बानी के सामने करना है. शाहरुख ने मनवीर को अपना परिचय दिया और कहा कि उन्हें 10 मिनट के अंदर यह काम करना है. जब मनवीर अंडे रखने गए तो बानी की उनसे बहस हो गई. मनवीर ने घरवालों से कहा कि उन्हें बदले में दूध चाहिए इसलिए वह अंडे रख रहे हैं. इसके बाद बानी स्मोकिंग रूम से सिगरेट ले आईं और कहा कि जब तक उन्हें अंडे वापस नहीं मिलेंगे तब तक वह सिगरेट वापस नहीं करेंगी.                                                 शाहरुख खान ने अपनी फिल्म 'रईस' का प्रचार किया. इसके बाद अगले कॉल में शाहरुख खान ने मनवीर से कहा कि उन्हें लोपामुद्रा के सामने उनकी बुराई और बानी तारीफ करनी है. जब मनवीर लोपा के सामने बानी की तारीफ करने लगे तो बानी और चिढ़ गईं और सिगरेट तोड़-तोड़कर फेंकने लगीं. वहीं लोपा भी मनवीर पर नाराज हुईं कि वह उन्हें बेवजह बीच में ला रहे हैं. घरवालों के बीच पैदा हुई मिस-अंडरस्टैंडिंग के बाद सलमान खान ने घरवालों से बात की और शाहरुख की उनसे मुलाकात करवाई और घरवालों को सीक्रेट टास्क के बारे में बताया. इसके बाद शाहरुख खान ने घरवालों से अपना आइकॉनिक हाथ फैलाने वाला पोज करवाया जिसे रोहन मेहरा ने सबसे बेहतर किया.                                             सनी लियोनी ने 'लैला मैं लैला' गाने पर डांस किया. टिप्पणियां इसके बाद घर शाहरुख और सलमान को सनी लियोनी ने स्टेज पर जॉइन किया. सनी ने आगामी फिल्म 'रईस' के फेमस 'लैला मैं लैला' गाने पर डांस किया और फिर सलमान और शाहरुख के साथ फिल्म 'दीवार' के आइकॉनिक सीन पर थोड़े ट्विस्ट के साथ परफॉर्म किया. शाहरुख और सनी के जाने के बाद सलमान खान ने घरवालों से दोबारा बात की और मनु-मनवीर और लोपा-रोहन की जोड़ी से जुड़े कुछ सवाल पूछे जिनके जवाब घरवालों को देने थे. घरवालों के मुताबिक मनु-मनवीर में मनवीर दिलदार और वफादार हैं, वहीं मनु चापलूस और समझदार हैं. लोपा-रोहन में घरवालों ने रोहन को अधिक काबिल जबकि लोपा को अधिक बदतमीज, मीठी छुरी और ड्रामेबाज बताया. इसके बाद सलमान खान ने घरवालों से यह कहकर विदा लिया कि अब वह उनसे सीधे फिनाले में मिलेंगे.                                     मोनालीसा ने घर से बाहर आकर अपने दोस्तों मनु-मनवीर के बारे में की बात. घर से बेघर हुई मोनालीसा ने कहा कि अब भरोसे का वक्त नहीं है, उन्होंने यह भी कहा कि मनवीर मनु पर भरोसा नहीं कर सकते हैं. इससे पहले 'कॉमेडी नाइट्स बचाओ' के भारती और मुबिन ने शो में हंसी का तड़का लगाया. अब घर में रोहन मेहरा, लोपामुद्रा राउत, मनु पंजाबी, मनवीर गुर्जर और बानी जे बचे हैं. इसके बाद अगले कॉल में शाहरुख खान ने मनवीर से कहा कि उन्हें लोपामुद्रा के सामने उनकी बुराई और बानी तारीफ करनी है. जब मनवीर लोपा के सामने बानी की तारीफ करने लगे तो बानी और चिढ़ गईं और सिगरेट तोड़-तोड़कर फेंकने लगीं. वहीं लोपा भी मनवीर पर नाराज हुईं कि वह उन्हें बेवजह बीच में ला रहे हैं. घरवालों के बीच पैदा हुई मिस-अंडरस्टैंडिंग के बाद सलमान खान ने घरवालों से बात की और शाहरुख की उनसे मुलाकात करवाई और घरवालों को सीक्रेट टास्क के बारे में बताया. इसके बाद शाहरुख खान ने घरवालों से अपना आइकॉनिक हाथ फैलाने वाला पोज करवाया जिसे रोहन मेहरा ने सबसे बेहतर किया.                                             सनी लियोनी ने 'लैला मैं लैला' गाने पर डांस किया. टिप्पणियां इसके बाद घर शाहरुख और सलमान को सनी लियोनी ने स्टेज पर जॉइन किया. सनी ने आगामी फिल्म 'रईस' के फेमस 'लैला मैं लैला' गाने पर डांस किया और फिर सलमान और शाहरुख के साथ फिल्म 'दीवार' के आइकॉनिक सीन पर थोड़े ट्विस्ट के साथ परफॉर्म किया. शाहरुख और सनी के जाने के बाद सलमान खान ने घरवालों से दोबारा बात की और मनु-मनवीर और लोपा-रोहन की जोड़ी से जुड़े कुछ सवाल पूछे जिनके जवाब घरवालों को देने थे. घरवालों के मुताबिक मनु-मनवीर में मनवीर दिलदार और वफादार हैं, वहीं मनु चापलूस और समझदार हैं. लोपा-रोहन में घरवालों ने रोहन को अधिक काबिल जबकि लोपा को अधिक बदतमीज, मीठी छुरी और ड्रामेबाज बताया. इसके बाद सलमान खान ने घरवालों से यह कहकर विदा लिया कि अब वह उनसे सीधे फिनाले में मिलेंगे.                                     मोनालीसा ने घर से बाहर आकर अपने दोस्तों मनु-मनवीर के बारे में की बात. घर से बेघर हुई मोनालीसा ने कहा कि अब भरोसे का वक्त नहीं है, उन्होंने यह भी कहा कि मनवीर मनु पर भरोसा नहीं कर सकते हैं. इससे पहले 'कॉमेडी नाइट्स बचाओ' के भारती और मुबिन ने शो में हंसी का तड़का लगाया. अब घर में रोहन मेहरा, लोपामुद्रा राउत, मनु पंजाबी, मनवीर गुर्जर और बानी जे बचे हैं. इसके बाद घर शाहरुख और सलमान को सनी लियोनी ने स्टेज पर जॉइन किया. सनी ने आगामी फिल्म 'रईस' के फेमस 'लैला मैं लैला' गाने पर डांस किया और फिर सलमान और शाहरुख के साथ फिल्म 'दीवार' के आइकॉनिक सीन पर थोड़े ट्विस्ट के साथ परफॉर्म किया. शाहरुख और सनी के जाने के बाद सलमान खान ने घरवालों से दोबारा बात की और मनु-मनवीर और लोपा-रोहन की जोड़ी से जुड़े कुछ सवाल पूछे जिनके जवाब घरवालों को देने थे. घरवालों के मुताबिक मनु-मनवीर में मनवीर दिलदार और वफादार हैं, वहीं मनु चापलूस और समझदार हैं. लोपा-रोहन में घरवालों ने रोहन को अधिक काबिल जबकि लोपा को अधिक बदतमीज, मीठी छुरी और ड्रामेबाज बताया. इसके बाद सलमान खान ने घरवालों से यह कहकर विदा लिया कि अब वह उनसे सीधे फिनाले में मिलेंगे.                                     मोनालीसा ने घर से बाहर आकर अपने दोस्तों मनु-मनवीर के बारे में की बात. घर से बेघर हुई मोनालीसा ने कहा कि अब भरोसे का वक्त नहीं है, उन्होंने यह भी कहा कि मनवीर मनु पर भरोसा नहीं कर सकते हैं. इससे पहले 'कॉमेडी नाइट्स बचाओ' के भारती और मुबिन ने शो में हंसी का तड़का लगाया. अब घर में रोहन मेहरा, लोपामुद्रा राउत, मनु पंजाबी, मनवीर गुर्जर और बानी जे बचे हैं. घर से बेघर हुई मोनालीसा ने कहा कि अब भरोसे का वक्त नहीं है, उन्होंने यह भी कहा कि मनवीर मनु पर भरोसा नहीं कर सकते हैं. इससे पहले 'कॉमेडी नाइट्स बचाओ' के भारती और मुबिन ने शो में हंसी का तड़का लगाया. अब घर में रोहन मेहरा, लोपामुद्रा राउत, मनु पंजाबी, मनवीर गुर्जर और बानी जे बचे हैं.
सारांश: सीजन के आखिरी 'वीकेंड का वार' में शाहरुख खान ने 'रईस' का प्रचार किया. सनी लियोनी ने 'रईस' के 'लैला मैं लैला' गाने पर डांस किया. मोनालीसा ने घर से बाहर आने के बाद मनु-मनवीर के बारे में बात की.
7
['hin']
एक सारांश बनाओ: लोकसभा चुनाव (Loksabha Elections 2019) के परिणामों को लेकर भविष्यवाणी (Prediction) करना एक ज्योतिषी को महंगा पड़ा. पेशे से विश्वविद्यालय के व्याख्याता इस ज्योतिषी को सरकार ने सस्पेंड कर दिया है. यह मामला मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) की धार्मिक नगरी उज्जैन (Ujjain) में सामने आया. मध्यप्रदेश सरकार ने चुनाव नतीजों की भविष्यवाणी करने वाले एक लेक्चरर को निलंबित कर दिया है. उज्जैन की विक्रम यूनिवर्सिटी के लेक्चरर को चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन  करने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है. दरअसल विक्रम यूनिवर्सिटी के संस्कृत के लेक्चरर राजेश्वर शास्त्री मुसलगांवकर ने अपनी फेसबुक पोस्ट में भविष्यवाणी की थी कि चुनाव में बीजेपी की बंपर जीत होगी. उनके अनुसार बीजेपी के पक्ष को 2014 लोकसभा चुनाव से इस चुनाव में ज्यादा सीटें मिलेंगी. मुसलगांवकर ने अनुमान जताया है कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 300 सीटें मिलेंगी और एनडीए को 300 से अधिक सीटें मिलेंगी. फेसबुक पोस्ट के वायरल होते ही उन्हें सस्पेंड कर दिया गया.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मध्यप्रदेश सरकार ने आचार संहिता का उल्लंघन होने पर की कार्रवाई मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में सामने आया मामला बीजेपी को 300 और एनडीए को 300 से अधिक सीटें मिलने की संभावना जताई
32
['hin']
एक सारांश बनाओ: इसके अलावा पिछले साल 8 नवंबर को की गई नोटबंदी, जिसके तहत उस समय तक प्रचलित 500 तथा 1,000 रुपये के नोटों को पूरी तरह बंद कर दिया गया था, को सबसे क्रांतिकारी फैसले के रूप में देखा गया... यह फैसला काले धन पर नकेल डालने और टैक्स की चोरी पर लगाम लगाने के उद्देश्य से उठाया गया था... इस कदम से देश में 'डिजिटल इंडिया' की तरफ बढ़ने में काफी मदद मिली... प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के नेतृत्व वाली कनाडा सरकार, जिसे 62 प्रतिशत नागरिकों का समर्थन हासिल हुआ, को लिस्ट में दूसरा स्थान हासिल हुआ है, जबकि तुर्की में 58 फीसदी नागरिकों के समर्थन की बदौलत राष्ट्रपति रिसेप तय्यप एरदोगान की सरकार को दुनियाभर में तीसरा पायदान हासिल हुआ है...टिप्पणियां रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपियन यूनियन से बाहर निकलने जा रहे यूनाइटेड किंगडम में 41 फीसदी लोग प्रधानमंत्री थेरेसा मे की सरकार के साथ है, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में सिर्फ 30 प्रतिशत अमेरिकावासियों ने विश्वास व्यक्त किया है... यूरोप में फैले माइग्रेशन संकट के साथ-साथ नाकाम होती अर्थव्यवस्था और कई बार हुए चुनाव से जूझते रहे यूनान (ग्रीस) को सूची में आखिरी स्थान प्राप्त हुआ है, और ग्रीस सरकार को कुल 13 फीसदी नागरिकों का समर्थन हासिल है... प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के नेतृत्व वाली कनाडा सरकार, जिसे 62 प्रतिशत नागरिकों का समर्थन हासिल हुआ, को लिस्ट में दूसरा स्थान हासिल हुआ है, जबकि तुर्की में 58 फीसदी नागरिकों के समर्थन की बदौलत राष्ट्रपति रिसेप तय्यप एरदोगान की सरकार को दुनियाभर में तीसरा पायदान हासिल हुआ है...टिप्पणियां रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपियन यूनियन से बाहर निकलने जा रहे यूनाइटेड किंगडम में 41 फीसदी लोग प्रधानमंत्री थेरेसा मे की सरकार के साथ है, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में सिर्फ 30 प्रतिशत अमेरिकावासियों ने विश्वास व्यक्त किया है... यूरोप में फैले माइग्रेशन संकट के साथ-साथ नाकाम होती अर्थव्यवस्था और कई बार हुए चुनाव से जूझते रहे यूनान (ग्रीस) को सूची में आखिरी स्थान प्राप्त हुआ है, और ग्रीस सरकार को कुल 13 फीसदी नागरिकों का समर्थन हासिल है... रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपियन यूनियन से बाहर निकलने जा रहे यूनाइटेड किंगडम में 41 फीसदी लोग प्रधानमंत्री थेरेसा मे की सरकार के साथ है, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में सिर्फ 30 प्रतिशत अमेरिकावासियों ने विश्वास व्यक्त किया है... यूरोप में फैले माइग्रेशन संकट के साथ-साथ नाकाम होती अर्थव्यवस्था और कई बार हुए चुनाव से जूझते रहे यूनान (ग्रीस) को सूची में आखिरी स्थान प्राप्त हुआ है, और ग्रीस सरकार को कुल 13 फीसदी नागरिकों का समर्थन हासिल है... यूरोप में फैले माइग्रेशन संकट के साथ-साथ नाकाम होती अर्थव्यवस्था और कई बार हुए चुनाव से जूझते रहे यूनान (ग्रीस) को सूची में आखिरी स्थान प्राप्त हुआ है, और ग्रीस सरकार को कुल 13 फीसदी नागरिकों का समर्थन हासिल है...
OECD के मुताबिक, भारत के 73 फीसदी नागरिक अपनी सरकार पर भरोसा करते हैं 62 फीसदी नागरिकों के समर्थन से कनाडा की सरकार दूसरे स्थान पर है तुर्की सरकार में 58 फीसदी लोगों ने विश्वास जताया, वह तीसरे पायदान पर है
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी ने भूमि आवंटन में पद के कथित दुरुपयोग के आरोप में सोमवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि पर मुकदमा चलाने की राज्यपाल से मंजूरी मांगी। स्वामी ने डीएमके प्रमुख करुणानिधि पर मुकदमा चलाने के लिए मंजूरी सम्बंधी अपनी याचिका, राज्यपाल सुरजीत सिंह बरनाला के सहयोगी (एडीसी) को सोमवार अपराह्न् सौंपी। राजभवन के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में स्वामी ने कहा, "भूमि आवंटन पर तमिलनाडु हाउसिंग बोर्ड (टीएनएचबी) के नियम स्पष्ट हैं। मुख्यमंत्री ने अपने अधिकार का दुरुपयोग किया है। लिहाजा आवंटन रद्द किए जाएं और मुख्यमंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाया जाए।" स्वामी ने आरोप लगाया कि करुणानिधि ने कुछ लोगों को भूमि आवंटित करने में अपने पद का दुरुपयोग किया है। इसलिए "मैंने मुख्यमंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने की राज्यपाल से मंजूरी मांगी है।" स्वामी ने कहा, "टीएनएचबी के नियम स्पष्ट रूप से कहते हैं कि धनी लोगों को और जिन लोगों के पास पहले से कोई भूखण्ड या घर हो, उन्हें भूमि आवंटित नहीं की जा सकती। यहां आईएएस अधिकारियों और अन्य लोगों को भूखण्ड आवंटित किए गए हैं।" स्वामी ने अपनी शिकायत में कहा है कि राज्य सरकार ने हाल में विवेकाधीन कोटा समाप्त कर दिया है। अपना आवेदन सौंपने से पहले स्वामी ने कहा था, "राज्यपाल मेरी याचिका को दरकिनार नहीं कर सकते। करुणानिधि के खिलाफ यह मेरा पहला मामला होगा। करुणानिधि के खिलाफ कई अन्य शिकायतें हैं। मेरे पास करुणानिधि के खिलाफ कुल 23 दस्तावेज हैं।" करुणानिधि पर स्वामी का यह दूसरा हमला है। स्वामी ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक अदालत में अपनी शिकायत में 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में पूर्व संचार मंत्री ए.राजा के साथ करुणानिधि का नाम सहआरोपी के रूप में लिया है। स्वामी ने अदालत में कहा था, "मैंने इस मामले में डीएमके प्रमुख करुणानिधि का नाम लिया है और कई अन्य नाम इसमें अभी शामिल किए जाएंगे।" करुणानिधि ने रविवार को स्वामी को एक कानूनी नोटिस भेजा था। करुणानिधि ने नोटिस में कहा था कि या तो स्वामी 24 घंटे के भीतर अपना बयान वापस लें, अन्यथा मानहानि के लिए आपराधिक कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहें। लेकिन स्वामी ने कहा, "मुझे अभी तक नोटिस नहीं मिला है।" स्वामी ने कहा, "मीडिया को कानूनी नोटिस की प्रतियां मिल गई हैं और मुझे नहीं। मुझे नोटिस नहीं मिला है। नोटिस प्राप्त होने की पावती पर मेरा हस्ताक्षर होना चाहिए।"
संक्षिप्त सारांश: स्वामी ने भूमि आवंटन में पद के कथित दुरुपयोग के आरोप में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री करुणानिधि पर मुकदमा चलाने की राज्यपाल से मंजूरी मांगी।
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि इन विरोधाभासों के बावजूद आप यह मान रहे हैं कि उन्होंने (निर्मोही अखाड़ा) अपनी शेवियत के अधिकार स्थापित कर लिया है. राजीव धवन ने कहा कि मैं उनको झूठा नहीं कह रहा हूं लेकिन मैं यह समझना चाह रहा हूं कि वह खुद को शेवियत तो बता रहे हैं लेकिन उनको नहीं मालूम की कब से शेबेट हैं. जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि अगर आप निर्मोही अखाड़े के अस्तित्व को मान रहे हैं तो उनके संपूर्ण साक्ष्य को स्वीकार किया जाएगा. राजीव धवन ने कहा कि कुछ कहते हैं कि 700 साल पहले कुछ उससे भी पहले का मानते हैं. मैं निर्मोही अखाड़े की उपस्थिति सन 1855 से मानता हूं. 1885 में महंत रघुबर दास ने मुकदमा दायर किया. हम 22-23 दिसंबर 1949 के बयान पर बात कर रहे हैं. धवन बोले रामलला के अंतरंग सखा को सिर्फ पूजा का अधिकार. जमीन पर हक के दावे का अधिकार नहीं. जस्टिस नज़ीर ने धवन से पूछा कि कल तो आपने सह अस्तित्व की बात की थी आज आप कुछ और बोल रहे हैं. धवन ने कहा मैं बदलाव नहीं भूमि पर मिल्कियत की बात कर रहा हूं. सेवा उपासना और मिल्कियत अलग-अलग हैं. निर्मोही अखाड़े के मिल्कियत के दावे को खारिज करते हुए धवन बोले कि इन्होंने इस सम्पदा के लिए 'बिलांग' शब्द कहा. लेकिन इस बिलांग शब्द का मतलब मालिकाना हक कतई नहीं है. यह तो टर्म ऑफ आर्ट है. यानी वाक कला और शब्दों का कलात्मक प्रयोग है.
संक्षिप्त पाठ: मुस्लिम पक्ष ने कहा- निर्मोही अखाड़ा सन 1885 में बाहरी आंगन में था कहा- ऐसा लगता है कि कई गवाहों के बयानों को प्रभावित किया गया निर्मोही अखाड़े के अस्तित्व को मान रहे तो उसके साक्ष्य मानें : कोर्ट
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मुंबई पुलिस ने नशे के सौदागरों कों पकड़कर ड्रग तस्करी के एक नायाब तरीके का पर्दाफाश किया है. एक महिला सहित चार विदेशी तस्करों को गिरफ्तार किया गया है. यह तस्कर परदे के छल्लों में ड्रग छुपाकर तस्करी करते थे. उनके पास से 39 करोड़ की कोकीन बरामद की गई है. अमूमन कानून और व्यवस्था बनाए रखने पर ज्यादा जोर देने वाले मुंबई पुलिस के थाने आजकल नशे के सौदागरों की नकेल कसने में लगे हैं. इसी क्रम में अंबोली पुलिस ने 39 करोड़ की कोकीन पकड़कर तस्करी के एक नायाब तरीके का खुलासा किया है. राज पर से परदा हटाने वाली पुलिस खुद परदे में उलझी दिख रही है. पुलिस का दावा है कि साधारण से दिख रहे इस परदे में ड्रग तस्करी का बड़ा राज छिपा है. गिरफ्तार आरोपी परदे में लगे छल्लों के बीच कोकीन भरकर विदेशों में भेजा करते थे. पुलिस ने आरोपियों के पास से छह किलो कोकीन पकड़ा है जिसकी कीमत 39 करोड़ बताई जा रही है. साथ में वह मशीन भी मिली है जिससे छल्लों को दबाकर उसे परदों में लगाने लायक बनाया जाता था. मामले में कुल चार आरोपियों को पकड़ा गया है जिनमें एक ब्राजील की महिला और तीन नाइजीरियाई नागरिक हैं.       ड्रग की तस्करी का ये सारा खेल कूरियर के जरिए होता था इसलिए सम्बंधित कूरियर कंपनियां भी पुलिस के निशाने पर हैं. पुलिस की कार्रवाई बड़ी है पर चुनौती भी बड़ी है. आरोपी विदेशी और ड्रग भी विदेशी हैं. ड्रग आती अफगानिस्तान से थी और जाती दक्षिण अफ्रीका जोहान्सबर्ग थी, लेकिन इसके लिए इस्तेमाल भारत की भूमि हो रही थी. पर क्यों? इसका जवाब अभी पुलिस के पास नहीं है क्योंकि इसमें भी बाधा बनी है भाषा, जो कि विदेशी है.
यह एक सारांश है: मुंबई पुलिस ने 39 करोड़ रुपये की कोकीन बरामद की कोकीन परदे में लगे छल्लों के बीच भरकर विदेश भेजी जाती थी तस्करों में एक ब्राजील की महिला और तीन नाइजीरियाई नागरिक
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: टीम अन्ना सदस्य किरण बेदी ने कांग्रेस के शीर्ष नेताओं पर निशाना साधते हुए मंगलवार को दावा किया कि एक प्रभावशाली लोकपाल का विरोध करने की कीमत कांग्रेस को चुकानी पड़ी।टिप्पणियां अपनी ट्वीट में बेदी ने कहा कि कांग्रेस ने भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम को बदनाम करने के लिए सत्ता का प्रयोग किया इससे उसके जमीनी कार्यकर्ताओं को रक्षात्मक होना पड़ा। उन्होंने कहा है, ‘प्रभावशाली लोकपाल विधेयक का विरोध करने के कारण कांग्रेस को यह नुकसान उठाना पड़ा। और यह जारी है।’ कांग्रेस नेतृत्व को निशाना बनाते हुए उन्होंने कहा, ‘लोगों को जरुरत होती है कि उनका राजनैतिक नेतृत्व उनके साथ संवाद करे न कि लिखित बयान पढे। मतदाताओं ने उन्हें सबक सिखा दिया।’ अपनी ट्वीट में बेदी ने कहा कि कांग्रेस ने भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम को बदनाम करने के लिए सत्ता का प्रयोग किया इससे उसके जमीनी कार्यकर्ताओं को रक्षात्मक होना पड़ा। उन्होंने कहा है, ‘प्रभावशाली लोकपाल विधेयक का विरोध करने के कारण कांग्रेस को यह नुकसान उठाना पड़ा। और यह जारी है।’ कांग्रेस नेतृत्व को निशाना बनाते हुए उन्होंने कहा, ‘लोगों को जरुरत होती है कि उनका राजनैतिक नेतृत्व उनके साथ संवाद करे न कि लिखित बयान पढे। मतदाताओं ने उन्हें सबक सिखा दिया।’ उन्होंने कहा है, ‘प्रभावशाली लोकपाल विधेयक का विरोध करने के कारण कांग्रेस को यह नुकसान उठाना पड़ा। और यह जारी है।’ कांग्रेस नेतृत्व को निशाना बनाते हुए उन्होंने कहा, ‘लोगों को जरुरत होती है कि उनका राजनैतिक नेतृत्व उनके साथ संवाद करे न कि लिखित बयान पढे। मतदाताओं ने उन्हें सबक सिखा दिया।’
सारांश: टीम अन्ना सदस्य किरण बेदी ने कांग्रेस के शीर्ष नेताओं पर निशाना साधते हुए दावा किया कि एक प्रभावशाली लोकपाल का विरोध करने की कीमत कांग्रेस को चुकानी पड़ी।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को बड़ा उछाल दर्ज किया गया। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 443.11 अंकों की तेजी के साथ 18,464.27 पर और निफ्टी 142.30 अंकों की तेजी के साथ 5,577.65 पर बंद हुआ। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 263.59 अंकों की तेजी के साथ 18,284.75 पर खुला और 443.11 अंकों या 2.46 फीसदी तेजी के साथ 18,464.27 पर बंद हुआ। सेंसेक्स ने 18,498.54 के ऊपरी और 18,284.75 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 24 शेयरों में तेजी रही। जिंदल स्टील (8.83 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (8.00 फीसदी), एसबीआई (5.52 फीसदी), आरआईएल (5.35 फीसदी) और आईसीआईसीआई बैंक (4.97 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे एनटीपीसी (1.61 फीसदी), डॉ. रेड्डीज लैब (1.59 फीसदी), आईटीसी (0.59 फीसदी), ओएनजीसी (0.37 फीसदी) और टीसीएस (0.24 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 93.00 अंकों की तेजी के साथ 5,528.35 पर खुला और 142.30 अंकों या 2.62 फीसदी तेजी के साथ 5,577.65 पर बंद हुआ। निफ्टी ने 5,586.65 के ऊपरी और 5,526.95 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 54.70 अंकों की तेजी के साथ 6,244.90 पर और स्मॉलकैप 29.58 अंकों की तेजी के साथ 6,623.12 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी रही। रियल्टी (4.78 फीसदी), धातु (4.25 फीसदी), बैंकिंग (4.15 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (3.48 फीसदी) और वाहन (2.89 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के दो सेक्टरों स्वास्थ्य सेवा (1.24 फीसदी) और तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.499 फीसदी) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1497 शेयरों में तेजी और 1420 में गिरावट रही, जबकि 141 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 263.59 अंकों की तेजी के साथ 18,284.75 पर खुला और 443.11 अंकों या 2.46 फीसदी तेजी के साथ 18,464.27 पर बंद हुआ। सेंसेक्स ने 18,498.54 के ऊपरी और 18,284.75 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 24 शेयरों में तेजी रही। जिंदल स्टील (8.83 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (8.00 फीसदी), एसबीआई (5.52 फीसदी), आरआईएल (5.35 फीसदी) और आईसीआईसीआई बैंक (4.97 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे एनटीपीसी (1.61 फीसदी), डॉ. रेड्डीज लैब (1.59 फीसदी), आईटीसी (0.59 फीसदी), ओएनजीसी (0.37 फीसदी) और टीसीएस (0.24 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 93.00 अंकों की तेजी के साथ 5,528.35 पर खुला और 142.30 अंकों या 2.62 फीसदी तेजी के साथ 5,577.65 पर बंद हुआ। निफ्टी ने 5,586.65 के ऊपरी और 5,526.95 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 54.70 अंकों की तेजी के साथ 6,244.90 पर और स्मॉलकैप 29.58 अंकों की तेजी के साथ 6,623.12 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी रही। रियल्टी (4.78 फीसदी), धातु (4.25 फीसदी), बैंकिंग (4.15 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (3.48 फीसदी) और वाहन (2.89 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के दो सेक्टरों स्वास्थ्य सेवा (1.24 फीसदी) और तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.499 फीसदी) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1497 शेयरों में तेजी और 1420 में गिरावट रही, जबकि 141 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। सेंसेक्स के 30 में से 24 शेयरों में तेजी रही। जिंदल स्टील (8.83 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (8.00 फीसदी), एसबीआई (5.52 फीसदी), आरआईएल (5.35 फीसदी) और आईसीआईसीआई बैंक (4.97 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे एनटीपीसी (1.61 फीसदी), डॉ. रेड्डीज लैब (1.59 फीसदी), आईटीसी (0.59 फीसदी), ओएनजीसी (0.37 फीसदी) और टीसीएस (0.24 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 93.00 अंकों की तेजी के साथ 5,528.35 पर खुला और 142.30 अंकों या 2.62 फीसदी तेजी के साथ 5,577.65 पर बंद हुआ। निफ्टी ने 5,586.65 के ऊपरी और 5,526.95 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 54.70 अंकों की तेजी के साथ 6,244.90 पर और स्मॉलकैप 29.58 अंकों की तेजी के साथ 6,623.12 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी रही। रियल्टी (4.78 फीसदी), धातु (4.25 फीसदी), बैंकिंग (4.15 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (3.48 फीसदी) और वाहन (2.89 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के दो सेक्टरों स्वास्थ्य सेवा (1.24 फीसदी) और तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.499 फीसदी) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1497 शेयरों में तेजी और 1420 में गिरावट रही, जबकि 141 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे एनटीपीसी (1.61 फीसदी), डॉ. रेड्डीज लैब (1.59 फीसदी), आईटीसी (0.59 फीसदी), ओएनजीसी (0.37 फीसदी) और टीसीएस (0.24 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 93.00 अंकों की तेजी के साथ 5,528.35 पर खुला और 142.30 अंकों या 2.62 फीसदी तेजी के साथ 5,577.65 पर बंद हुआ। निफ्टी ने 5,586.65 के ऊपरी और 5,526.95 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 54.70 अंकों की तेजी के साथ 6,244.90 पर और स्मॉलकैप 29.58 अंकों की तेजी के साथ 6,623.12 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी रही। रियल्टी (4.78 फीसदी), धातु (4.25 फीसदी), बैंकिंग (4.15 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (3.48 फीसदी) और वाहन (2.89 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के दो सेक्टरों स्वास्थ्य सेवा (1.24 फीसदी) और तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.499 फीसदी) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1497 शेयरों में तेजी और 1420 में गिरावट रही, जबकि 141 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 93.00 अंकों की तेजी के साथ 5,528.35 पर खुला और 142.30 अंकों या 2.62 फीसदी तेजी के साथ 5,577.65 पर बंद हुआ। निफ्टी ने 5,586.65 के ऊपरी और 5,526.95 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 54.70 अंकों की तेजी के साथ 6,244.90 पर और स्मॉलकैप 29.58 अंकों की तेजी के साथ 6,623.12 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी रही। रियल्टी (4.78 फीसदी), धातु (4.25 फीसदी), बैंकिंग (4.15 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (3.48 फीसदी) और वाहन (2.89 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के दो सेक्टरों स्वास्थ्य सेवा (1.24 फीसदी) और तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.499 फीसदी) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1497 शेयरों में तेजी और 1420 में गिरावट रही, जबकि 141 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 54.70 अंकों की तेजी के साथ 6,244.90 पर और स्मॉलकैप 29.58 अंकों की तेजी के साथ 6,623.12 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी रही। रियल्टी (4.78 फीसदी), धातु (4.25 फीसदी), बैंकिंग (4.15 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (3.48 फीसदी) और वाहन (2.89 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के दो सेक्टरों स्वास्थ्य सेवा (1.24 फीसदी) और तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.499 फीसदी) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1497 शेयरों में तेजी और 1420 में गिरावट रही, जबकि 141 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी रही। रियल्टी (4.78 फीसदी), धातु (4.25 फीसदी), बैंकिंग (4.15 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (3.48 फीसदी) और वाहन (2.89 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के दो सेक्टरों स्वास्थ्य सेवा (1.24 फीसदी) और तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.499 फीसदी) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1497 शेयरों में तेजी और 1420 में गिरावट रही, जबकि 141 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। बीएसई के दो सेक्टरों स्वास्थ्य सेवा (1.24 फीसदी) और तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.499 फीसदी) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1497 शेयरों में तेजी और 1420 में गिरावट रही, जबकि 141 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1497 शेयरों में तेजी और 1420 में गिरावट रही, जबकि 141 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
संक्षिप्त सारांश: देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को बड़ा उछाल दर्ज किया गया। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 443.11 अंकों की तेजी के साथ 18,464.27 पर और निफ्टी 142.30 अंकों की तेजी के साथ 5,577.65 पर बंद हुआ।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत में जब घड़ी की सुई रात में एक बजकर 30 मिनट पर पहुंची तब बेहद भव्य, आकर्षक और रंगारंग कार्यक्रमों के साथ 30वें ओलंपिक खेल शुरू हो गए। इस खेल महाकुंभ में 204 देशों के लगभग 10,500 खिलाड़ी अपना सपना साकार करने की कोशिश करेंगे और इनमें वे 81 भारतीय भी शामिल हैं जिन पर एक अरब 20 करोड़ लोगों की निगाहें टिकी हैं। यह तीसरा मौका है जबकि लंदन में दुनिया के सबसे बड़े खेल मेले के लिए खिलाड़ियों का जमावड़ा जुटा है। इससे पहले 1908 और 1948 में भी लंदन ओलिंपिक की मेजबानी कर चुका है। 17 दिन तक चलने वाले खेल महोत्सव की शुरुआत स्टेडियम में लगे बड़े घंटे के बजने के साथ स्थानीय समयानुसार रात नौ बजे (भारतीय समयानुसार रात एक बजकर 30 मिनट) पर हुई। मुंबई की झुग्गियों को केंद्र में रखकर ‘स्लमडॉग मिलियनियर’ जैसी ऑस्कर विजेता फिल्म बनाने वाले डैनी बोएल के निर्देशन में स्टेडियम को उनके विजन ‘हरित और खुशनुमा धरती’ के आधार पर तैयार किया गया था। उद्घाटन समारोह में ब्रिटेन की कला संस्कृति को आधुनिक अंदाज में पेश किया गया। गायों, घोड़ों, भेड़ों से जुड़े ग्रामीण परिवेश से लेकर कृत्रिम बादलों की अत्याधुनिक तकनीक भी देखने को मिली। टिप्पणियां चार साल पहले बीजिंग ने अपने भव्य उदघाटन समारोह से दुनियाभर के लोगों की आंखे चौंधिया दी थी और अब लंदन ने भी खुद को साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उद्घाटन समारोह का नाम ‘ऑयल्स आफ वंडर’ रखा गया था तथा इसे स्टेडियम में मौजूद 80 हजार दर्शकों ने देखा। खचाखच भरे स्टेडियम में शाही परिवार के अलावा कई देशों के प्रमुख और दिग्गज हस्तियां 80 हजार दर्शकों में शामिल थे। इस खेल महाकुंभ में 204 देशों के लगभग 10,500 खिलाड़ी अपना सपना साकार करने की कोशिश करेंगे और इनमें वे 81 भारतीय भी शामिल हैं जिन पर एक अरब 20 करोड़ लोगों की निगाहें टिकी हैं। यह तीसरा मौका है जबकि लंदन में दुनिया के सबसे बड़े खेल मेले के लिए खिलाड़ियों का जमावड़ा जुटा है। इससे पहले 1908 और 1948 में भी लंदन ओलिंपिक की मेजबानी कर चुका है। 17 दिन तक चलने वाले खेल महोत्सव की शुरुआत स्टेडियम में लगे बड़े घंटे के बजने के साथ स्थानीय समयानुसार रात नौ बजे (भारतीय समयानुसार रात एक बजकर 30 मिनट) पर हुई। मुंबई की झुग्गियों को केंद्र में रखकर ‘स्लमडॉग मिलियनियर’ जैसी ऑस्कर विजेता फिल्म बनाने वाले डैनी बोएल के निर्देशन में स्टेडियम को उनके विजन ‘हरित और खुशनुमा धरती’ के आधार पर तैयार किया गया था। उद्घाटन समारोह में ब्रिटेन की कला संस्कृति को आधुनिक अंदाज में पेश किया गया। गायों, घोड़ों, भेड़ों से जुड़े ग्रामीण परिवेश से लेकर कृत्रिम बादलों की अत्याधुनिक तकनीक भी देखने को मिली। टिप्पणियां चार साल पहले बीजिंग ने अपने भव्य उदघाटन समारोह से दुनियाभर के लोगों की आंखे चौंधिया दी थी और अब लंदन ने भी खुद को साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उद्घाटन समारोह का नाम ‘ऑयल्स आफ वंडर’ रखा गया था तथा इसे स्टेडियम में मौजूद 80 हजार दर्शकों ने देखा। खचाखच भरे स्टेडियम में शाही परिवार के अलावा कई देशों के प्रमुख और दिग्गज हस्तियां 80 हजार दर्शकों में शामिल थे। यह तीसरा मौका है जबकि लंदन में दुनिया के सबसे बड़े खेल मेले के लिए खिलाड़ियों का जमावड़ा जुटा है। इससे पहले 1908 और 1948 में भी लंदन ओलिंपिक की मेजबानी कर चुका है। 17 दिन तक चलने वाले खेल महोत्सव की शुरुआत स्टेडियम में लगे बड़े घंटे के बजने के साथ स्थानीय समयानुसार रात नौ बजे (भारतीय समयानुसार रात एक बजकर 30 मिनट) पर हुई। मुंबई की झुग्गियों को केंद्र में रखकर ‘स्लमडॉग मिलियनियर’ जैसी ऑस्कर विजेता फिल्म बनाने वाले डैनी बोएल के निर्देशन में स्टेडियम को उनके विजन ‘हरित और खुशनुमा धरती’ के आधार पर तैयार किया गया था। उद्घाटन समारोह में ब्रिटेन की कला संस्कृति को आधुनिक अंदाज में पेश किया गया। गायों, घोड़ों, भेड़ों से जुड़े ग्रामीण परिवेश से लेकर कृत्रिम बादलों की अत्याधुनिक तकनीक भी देखने को मिली। टिप्पणियां चार साल पहले बीजिंग ने अपने भव्य उदघाटन समारोह से दुनियाभर के लोगों की आंखे चौंधिया दी थी और अब लंदन ने भी खुद को साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उद्घाटन समारोह का नाम ‘ऑयल्स आफ वंडर’ रखा गया था तथा इसे स्टेडियम में मौजूद 80 हजार दर्शकों ने देखा। खचाखच भरे स्टेडियम में शाही परिवार के अलावा कई देशों के प्रमुख और दिग्गज हस्तियां 80 हजार दर्शकों में शामिल थे। इससे पहले 1908 और 1948 में भी लंदन ओलिंपिक की मेजबानी कर चुका है। 17 दिन तक चलने वाले खेल महोत्सव की शुरुआत स्टेडियम में लगे बड़े घंटे के बजने के साथ स्थानीय समयानुसार रात नौ बजे (भारतीय समयानुसार रात एक बजकर 30 मिनट) पर हुई। मुंबई की झुग्गियों को केंद्र में रखकर ‘स्लमडॉग मिलियनियर’ जैसी ऑस्कर विजेता फिल्म बनाने वाले डैनी बोएल के निर्देशन में स्टेडियम को उनके विजन ‘हरित और खुशनुमा धरती’ के आधार पर तैयार किया गया था। उद्घाटन समारोह में ब्रिटेन की कला संस्कृति को आधुनिक अंदाज में पेश किया गया। गायों, घोड़ों, भेड़ों से जुड़े ग्रामीण परिवेश से लेकर कृत्रिम बादलों की अत्याधुनिक तकनीक भी देखने को मिली। टिप्पणियां चार साल पहले बीजिंग ने अपने भव्य उदघाटन समारोह से दुनियाभर के लोगों की आंखे चौंधिया दी थी और अब लंदन ने भी खुद को साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उद्घाटन समारोह का नाम ‘ऑयल्स आफ वंडर’ रखा गया था तथा इसे स्टेडियम में मौजूद 80 हजार दर्शकों ने देखा। खचाखच भरे स्टेडियम में शाही परिवार के अलावा कई देशों के प्रमुख और दिग्गज हस्तियां 80 हजार दर्शकों में शामिल थे। मुंबई की झुग्गियों को केंद्र में रखकर ‘स्लमडॉग मिलियनियर’ जैसी ऑस्कर विजेता फिल्म बनाने वाले डैनी बोएल के निर्देशन में स्टेडियम को उनके विजन ‘हरित और खुशनुमा धरती’ के आधार पर तैयार किया गया था। उद्घाटन समारोह में ब्रिटेन की कला संस्कृति को आधुनिक अंदाज में पेश किया गया। गायों, घोड़ों, भेड़ों से जुड़े ग्रामीण परिवेश से लेकर कृत्रिम बादलों की अत्याधुनिक तकनीक भी देखने को मिली। टिप्पणियां चार साल पहले बीजिंग ने अपने भव्य उदघाटन समारोह से दुनियाभर के लोगों की आंखे चौंधिया दी थी और अब लंदन ने भी खुद को साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उद्घाटन समारोह का नाम ‘ऑयल्स आफ वंडर’ रखा गया था तथा इसे स्टेडियम में मौजूद 80 हजार दर्शकों ने देखा। खचाखच भरे स्टेडियम में शाही परिवार के अलावा कई देशों के प्रमुख और दिग्गज हस्तियां 80 हजार दर्शकों में शामिल थे। चार साल पहले बीजिंग ने अपने भव्य उदघाटन समारोह से दुनियाभर के लोगों की आंखे चौंधिया दी थी और अब लंदन ने भी खुद को साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उद्घाटन समारोह का नाम ‘ऑयल्स आफ वंडर’ रखा गया था तथा इसे स्टेडियम में मौजूद 80 हजार दर्शकों ने देखा। खचाखच भरे स्टेडियम में शाही परिवार के अलावा कई देशों के प्रमुख और दिग्गज हस्तियां 80 हजार दर्शकों में शामिल थे। उद्घाटन समारोह का नाम ‘ऑयल्स आफ वंडर’ रखा गया था तथा इसे स्टेडियम में मौजूद 80 हजार दर्शकों ने देखा। खचाखच भरे स्टेडियम में शाही परिवार के अलावा कई देशों के प्रमुख और दिग्गज हस्तियां 80 हजार दर्शकों में शामिल थे।
यह एक सारांश है: भारत में जब घड़ी की सुई रात में एक बजकर 30 मिनट पर पहुंची तब बेहद भव्य, आकर्षक और रंगारंग कार्यक्रमों के साथ 30वें ओलंपिक खेल शुरू हो गए।
16
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारतीय मूल की एक अमेरिकी महिला पर अपनी नौकरानी को न्यूयार्क स्थित अपने घर में दास की तरह बंधक बनाकर रखने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि जिस महिला को उसने अपने घर में बंधक बना रखा था, वह गैर-कानूनी ढंग से अमेरिका आई हुई थी। समाचार पत्र 'अल्बानी टाइम्स यूनियन' के अनुसार, न्यूयार्क की निर्णायक समिति ने इस संबंध में आरोपी महिला एनी जॉर्ज के बयान की समीक्षा किए जाने का अनुरोध न्यायाधीश से किया है। समिति के सदस्यों ने न्यायाधीश से गुरुवार को कहा कि जॉर्ज के बयान को फिर से सुना जाए, जिसमें उन्होंने वलसाम्मा मथाई को संभवत: 'नौकरानी' बताया है। जॉर्ज अपने बचाव में कहती आ रही हैं कि भारत से आईं मथाई उनकी पारिवारिक मित्र हैं, जो उन्हें घर के काम में मदद देती हैं और इसके बदले उन्हें पैसे दिए जाते हैं। लेकिन मथाई उनकी कर्मचारी नहीं हैं।टिप्पणियां जॉर्ज का यह भी कहना है कि उन्हें नहीं मालूम कि मथाई गैर-कानूनी ढंग से यहां रह रही थीं। समिति के सदस्य जॉर्ज के उस बयान की भी समीक्षा कराना चाहते हैं, जिसमें उन्होंने वह मथाई से संभवत: एक बार उनके पासपोर्ट के बारे में पूछने की बात कही है। समाचार पत्र के अनुसार, यदि जॉर्ज का बयान दोबारा सुनने पर उन्हें मथाई को नौकरानी बताते हुए पाया जाता है तो उनके खिलाफ शपथ लेकर झूठ बोलने का मामला चलाया जा सकता है। यदि उन्हें आर्थिक फायदे के लिए अवैध रूप से अमेरिका में रह रही महिला को अपने घर में रखने का दोषी पाया जाता है तो उन्हें 10 साल की कैद हो सकती है और उन पर 2,50,000 डॉलर का जुर्माना लगाया जा सकता है। समाचार पत्र 'अल्बानी टाइम्स यूनियन' के अनुसार, न्यूयार्क की निर्णायक समिति ने इस संबंध में आरोपी महिला एनी जॉर्ज के बयान की समीक्षा किए जाने का अनुरोध न्यायाधीश से किया है। समिति के सदस्यों ने न्यायाधीश से गुरुवार को कहा कि जॉर्ज के बयान को फिर से सुना जाए, जिसमें उन्होंने वलसाम्मा मथाई को संभवत: 'नौकरानी' बताया है। जॉर्ज अपने बचाव में कहती आ रही हैं कि भारत से आईं मथाई उनकी पारिवारिक मित्र हैं, जो उन्हें घर के काम में मदद देती हैं और इसके बदले उन्हें पैसे दिए जाते हैं। लेकिन मथाई उनकी कर्मचारी नहीं हैं।टिप्पणियां जॉर्ज का यह भी कहना है कि उन्हें नहीं मालूम कि मथाई गैर-कानूनी ढंग से यहां रह रही थीं। समिति के सदस्य जॉर्ज के उस बयान की भी समीक्षा कराना चाहते हैं, जिसमें उन्होंने वह मथाई से संभवत: एक बार उनके पासपोर्ट के बारे में पूछने की बात कही है। समाचार पत्र के अनुसार, यदि जॉर्ज का बयान दोबारा सुनने पर उन्हें मथाई को नौकरानी बताते हुए पाया जाता है तो उनके खिलाफ शपथ लेकर झूठ बोलने का मामला चलाया जा सकता है। यदि उन्हें आर्थिक फायदे के लिए अवैध रूप से अमेरिका में रह रही महिला को अपने घर में रखने का दोषी पाया जाता है तो उन्हें 10 साल की कैद हो सकती है और उन पर 2,50,000 डॉलर का जुर्माना लगाया जा सकता है। जॉर्ज अपने बचाव में कहती आ रही हैं कि भारत से आईं मथाई उनकी पारिवारिक मित्र हैं, जो उन्हें घर के काम में मदद देती हैं और इसके बदले उन्हें पैसे दिए जाते हैं। लेकिन मथाई उनकी कर्मचारी नहीं हैं।टिप्पणियां जॉर्ज का यह भी कहना है कि उन्हें नहीं मालूम कि मथाई गैर-कानूनी ढंग से यहां रह रही थीं। समिति के सदस्य जॉर्ज के उस बयान की भी समीक्षा कराना चाहते हैं, जिसमें उन्होंने वह मथाई से संभवत: एक बार उनके पासपोर्ट के बारे में पूछने की बात कही है। समाचार पत्र के अनुसार, यदि जॉर्ज का बयान दोबारा सुनने पर उन्हें मथाई को नौकरानी बताते हुए पाया जाता है तो उनके खिलाफ शपथ लेकर झूठ बोलने का मामला चलाया जा सकता है। यदि उन्हें आर्थिक फायदे के लिए अवैध रूप से अमेरिका में रह रही महिला को अपने घर में रखने का दोषी पाया जाता है तो उन्हें 10 साल की कैद हो सकती है और उन पर 2,50,000 डॉलर का जुर्माना लगाया जा सकता है। जॉर्ज का यह भी कहना है कि उन्हें नहीं मालूम कि मथाई गैर-कानूनी ढंग से यहां रह रही थीं। समिति के सदस्य जॉर्ज के उस बयान की भी समीक्षा कराना चाहते हैं, जिसमें उन्होंने वह मथाई से संभवत: एक बार उनके पासपोर्ट के बारे में पूछने की बात कही है। समाचार पत्र के अनुसार, यदि जॉर्ज का बयान दोबारा सुनने पर उन्हें मथाई को नौकरानी बताते हुए पाया जाता है तो उनके खिलाफ शपथ लेकर झूठ बोलने का मामला चलाया जा सकता है। यदि उन्हें आर्थिक फायदे के लिए अवैध रूप से अमेरिका में रह रही महिला को अपने घर में रखने का दोषी पाया जाता है तो उन्हें 10 साल की कैद हो सकती है और उन पर 2,50,000 डॉलर का जुर्माना लगाया जा सकता है। समाचार पत्र के अनुसार, यदि जॉर्ज का बयान दोबारा सुनने पर उन्हें मथाई को नौकरानी बताते हुए पाया जाता है तो उनके खिलाफ शपथ लेकर झूठ बोलने का मामला चलाया जा सकता है। यदि उन्हें आर्थिक फायदे के लिए अवैध रूप से अमेरिका में रह रही महिला को अपने घर में रखने का दोषी पाया जाता है तो उन्हें 10 साल की कैद हो सकती है और उन पर 2,50,000 डॉलर का जुर्माना लगाया जा सकता है।
संक्षिप्त सारांश: भारतीय मूल की एक अमेरिकी महिला पर अपनी नौकरानी को न्यूयार्क स्थित अपने घर में दास की तरह बंधक बनाकर रखने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि जिस महिला को उसने अपने घर में बंधक बना रखा था, वह गैर-कानूनी ढंग से अमेरिका आई हुई थी।
8
['hin']
एक सारांश बनाओ: लगता है हॉलीवुड स्‍टार ड्वेन जॉनसन को हमारी देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा कुछ ज्‍यादा ही पसंद आ गई हैं. हाल ही में मियामी में अपनी पहली हॉलीवुड फिल्‍म 'बेवॉच' के प्रीमियर में नजर आईं प्रियंका चोपड़ा को अचानक उनके को-स्‍टार ड्वेन जॉनसन ने चूम लिया और सारी निगाहे उनकी तरफ मुड़ गईं. लेकिन लगता है 'द रॉक' नाम से प्रसिद्ध यह हॉलीवुड स्‍टार प्रियंका चोपड़ा की हर अदा पर कायल हैं. अब इंटरव्‍यू देती प्रियंका की बातों से ड्वेन इतना इंप्रैस हुए कि उन्‍हें बीच इंटरव्‍यू के दौरान ही चूम लिया. बता दें कि मियामी में भी कुछ ऐसा ही हुआ था जब प्रियंका चोपड़ा इस फिल्‍म के प्रीमियर के दौरान इंटरव्‍यू दे रही थीं और अचानक वहां से गुजरते हुए ड्वेन ने उन्‍हें किस कर लिया था. मियामी में ऐसा क्‍यों हुआ तब तो प्रियंका चोपड़ा कुछ नहीं कह पायीं, लेकिन इस बार प्रियंका ने इस राज का खुलासा किया है कि आखिर ड्वेन उन्‍हें अचानक आकर किस क्‍यों करते हैं. दरअसल इन दिनों प्रियंका अपनी हॉलीवुड फिल्‍म 'बेवॉच' की पूरी टीम के साथ यह इसके प्रमोशन में बिजी हैं. इसी प्रमोशन के लिए फिल्‍म की टीम एक इंटरटेनमेंट पोर्टल हॉलीवुड 'एक्‍सवायजी' पर पहुंची. यहां प्रियंका चोपड़ा अपना इंटरव्‍यू दे रही थीं. वह इंटरव्‍यू के दौरान यह बता रही थीं कि उन्‍हें 'बेवॉच' कितनी पसंद है कि तभी पीछे से ड्वेन जॉनसन आए और उन्‍होंने उनके गालों को आकर चूम लिया.   हालांकि सामने लगे शीशे में प्रियंका ने उन्‍हें आते हुए देख लिया और वह समझ गईं और थोड़ी तैयार भी हो गईं. प्रियंका ने ड्वेन से भी कहा कि उन्‍होंने उन्‍हें पीछे से आते हुए देख लिया. ड्वेन आए और उन्‍हें किस कर के तुरंत वहां से यह कहते हुए चले गए कि 'प्रियंका अमेजिंग हैं और वह उनकी स्‍टार हैं.' इतना ही नहीं, इसके बाद इंटरव्‍यू करने वाले ने जब प्रियंका से पूछा कि ड्वेन ने प्रीमियर पर भी ऐसा किया था, तो प्रियंका ने कहा, 'शायद उन्‍हें मेरे बाल बहुत पसंद हैं.' टिप्पणियां 'बेवॉच' 90 के दशक की इसी नाम की टीवी सीरीज पर आधारित फिल्‍म है. प्रियंका इस फिल्‍म में विक्‍टोरिया के किरदार में नजर आएंगी. बता दें कि प्रियंका चोपड़ा इसके अलावा अमेरिकन टीवी सीरीज 'क्‍वांटिको' के दूसरे सीजन में भी नजर आ चुकी हैं. हाल ही में प्रियंका न्‍यूयॉक में आयोजित हुए मेट गाला 2017 में भी नजर आ चुकी हैं. मियामी में ऐसा क्‍यों हुआ तब तो प्रियंका चोपड़ा कुछ नहीं कह पायीं, लेकिन इस बार प्रियंका ने इस राज का खुलासा किया है कि आखिर ड्वेन उन्‍हें अचानक आकर किस क्‍यों करते हैं. दरअसल इन दिनों प्रियंका अपनी हॉलीवुड फिल्‍म 'बेवॉच' की पूरी टीम के साथ यह इसके प्रमोशन में बिजी हैं. इसी प्रमोशन के लिए फिल्‍म की टीम एक इंटरटेनमेंट पोर्टल हॉलीवुड 'एक्‍सवायजी' पर पहुंची. यहां प्रियंका चोपड़ा अपना इंटरव्‍यू दे रही थीं. वह इंटरव्‍यू के दौरान यह बता रही थीं कि उन्‍हें 'बेवॉच' कितनी पसंद है कि तभी पीछे से ड्वेन जॉनसन आए और उन्‍होंने उनके गालों को आकर चूम लिया.   हालांकि सामने लगे शीशे में प्रियंका ने उन्‍हें आते हुए देख लिया और वह समझ गईं और थोड़ी तैयार भी हो गईं. प्रियंका ने ड्वेन से भी कहा कि उन्‍होंने उन्‍हें पीछे से आते हुए देख लिया. ड्वेन आए और उन्‍हें किस कर के तुरंत वहां से यह कहते हुए चले गए कि 'प्रियंका अमेजिंग हैं और वह उनकी स्‍टार हैं.' इतना ही नहीं, इसके बाद इंटरव्‍यू करने वाले ने जब प्रियंका से पूछा कि ड्वेन ने प्रीमियर पर भी ऐसा किया था, तो प्रियंका ने कहा, 'शायद उन्‍हें मेरे बाल बहुत पसंद हैं.' टिप्पणियां 'बेवॉच' 90 के दशक की इसी नाम की टीवी सीरीज पर आधारित फिल्‍म है. प्रियंका इस फिल्‍म में विक्‍टोरिया के किरदार में नजर आएंगी. बता दें कि प्रियंका चोपड़ा इसके अलावा अमेरिकन टीवी सीरीज 'क्‍वांटिको' के दूसरे सीजन में भी नजर आ चुकी हैं. हाल ही में प्रियंका न्‍यूयॉक में आयोजित हुए मेट गाला 2017 में भी नजर आ चुकी हैं. 'बेवॉच' 90 के दशक की इसी नाम की टीवी सीरीज पर आधारित फिल्‍म है. प्रियंका इस फिल्‍म में विक्‍टोरिया के किरदार में नजर आएंगी. बता दें कि प्रियंका चोपड़ा इसके अलावा अमेरिकन टीवी सीरीज 'क्‍वांटिको' के दूसरे सीजन में भी नजर आ चुकी हैं. हाल ही में प्रियंका न्‍यूयॉक में आयोजित हुए मेट गाला 2017 में भी नजर आ चुकी हैं. 'बेवॉच' 90 के दशक की इसी नाम की टीवी सीरीज पर आधारित फिल्‍म है. प्रियंका इस फिल्‍म में विक्‍टोरिया के किरदार में नजर आएंगी. बता दें कि प्रियंका चोपड़ा इसके अलावा अमेरिकन टीवी सीरीज 'क्‍वांटिको' के दूसरे सीजन में भी नजर आ चुकी हैं. हाल ही में प्रियंका न्‍यूयॉक में आयोजित हुए मेट गाला 2017 में भी नजर आ चुकी हैं.
संक्षिप्त सारांश: अपनी फिल्‍म के प्रमोशन के लिए एक पोर्टल के दफ्तर पहुंची थीं प्रियंका ड्वेन ने बीच इंटरव्‍यू में किया प्रियंका को किस और उन्‍हें कहा 'स्‍टार' मियामी में बेवॉच के प्रीमियर के रेडकार्पेट पर भी ड्वेन ने किया था ऐसा
8
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी शुक्रवार से हरियाणा में चुनाव प्रचार शुरू करेंगे. कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष बनने के बाद और लोकसभा चुनाव 2019 में प्रचार के लिए पहली बार राहुल गांधी हरियाणा पहुंचेंगे. यहां पर वे यमुनानगर और करनाल के इलाकों में जनसभा और रोड शो करेंगे. हरियाणा में कांग्रेस की हालत अच्छी नहीं है. 2014 के लोकसभा चुनावों में पार्टी वोट शेयर और सीटों के मामले में पहले नंबर से खिसक कर तीसरे नंबर पर पहुंच गई. 2014 में हरियाणा में बीजेपी को 34.84% फीसदी वोट मिले जबकि राज्य की कुल 10 सीटों में से वह 7 सीटें जीतने में कामयाब रही. ओम प्रकाश चौटाला की पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल को 24.43% वोट मिले जबकि उसने 2 सीट जीती. कांग्रेस पार्टी ने हरियाणा में 22.99% वोट हासिल किए जबकि उसके खाते में एक लोकसभा सीट ही आ सकी. जनवरी 2019 में जींद विधानसभा उपचुनाव में भी पार्टी में अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए पार्टी के मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला को उतार दिया था. पार्टी की कोशिश थी कि इस उपचुनाव को जीतकर वह संदेश दे कि हरियाणा में आप पार्टी मजबूत हो रही है. लेकिन पार्टी की उम्मीदें धरी रह गई और यह सीट बीजेपी उम्मीदवार ने जीत ली जबकि कांग्रेस के रणदीप सिंह सुरजेवाला तीसरे नंबर पर रहे. इसलिए राहुल गांधी के चुनावी दौरे से राज्य की इकाई बहुत सी उम्मीदें लगाए हुए है. हरियाणा में छठे चरण में यानी 12 मई को मतदान होना है.
सारांश: 2014 में हरियाणा में बीजेपी को 34.84% फीसदी वोट मिले थे कांग्रेस को हरियाणा में 22.99% वोट हासिल हुए थे कांग्रेस के खाते में सिर्फ एक लोकसभा सीट ही आ सकी थी
31
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अधिकारी ने कहा, "मैंने पत्र मंदिर की प्रबंधन समिति को भेज दिया है, क्योंकि सभी नीतिगत फैसले समिति ही लेती है।" राज्य में अधिकतर मंदिर पांच अलग-अलग देवासम बोर्डो के तहत आते हैं, जिनमें त्रावणकोर देवासम बोर्ड सबसे बड़ा है, जिसके तहत प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर भी आता है।टिप्पणियां आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक सालिम गंगाधरण ने बात करते हुए पत्र भेजे जाने की पुष्टि की लेकिन कहा, "आरबीआई सोना खरीदना नहीं चाहता है। यह सिर्फ सांख्यिकी गतिविधि है।" जुलाई 2011 में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित समिति राज्य की राजधानी में स्थित पद्मनाभस्वामी मंदिर के छह वॉल्ट में मौजूद धन को देख कर दंग रह गई। एक वॉल्ट-बी अभी तक नहीं खोला गया है। पांच वॉल्ट में मौजूद संपत्तियों का मूल्य एक लाख करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है। राज्य में अधिकतर मंदिर पांच अलग-अलग देवासम बोर्डो के तहत आते हैं, जिनमें त्रावणकोर देवासम बोर्ड सबसे बड़ा है, जिसके तहत प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर भी आता है।टिप्पणियां आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक सालिम गंगाधरण ने बात करते हुए पत्र भेजे जाने की पुष्टि की लेकिन कहा, "आरबीआई सोना खरीदना नहीं चाहता है। यह सिर्फ सांख्यिकी गतिविधि है।" जुलाई 2011 में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित समिति राज्य की राजधानी में स्थित पद्मनाभस्वामी मंदिर के छह वॉल्ट में मौजूद धन को देख कर दंग रह गई। एक वॉल्ट-बी अभी तक नहीं खोला गया है। पांच वॉल्ट में मौजूद संपत्तियों का मूल्य एक लाख करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है। आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक सालिम गंगाधरण ने बात करते हुए पत्र भेजे जाने की पुष्टि की लेकिन कहा, "आरबीआई सोना खरीदना नहीं चाहता है। यह सिर्फ सांख्यिकी गतिविधि है।" जुलाई 2011 में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित समिति राज्य की राजधानी में स्थित पद्मनाभस्वामी मंदिर के छह वॉल्ट में मौजूद धन को देख कर दंग रह गई। एक वॉल्ट-बी अभी तक नहीं खोला गया है। पांच वॉल्ट में मौजूद संपत्तियों का मूल्य एक लाख करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है। जुलाई 2011 में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित समिति राज्य की राजधानी में स्थित पद्मनाभस्वामी मंदिर के छह वॉल्ट में मौजूद धन को देख कर दंग रह गई। एक वॉल्ट-बी अभी तक नहीं खोला गया है। पांच वॉल्ट में मौजूद संपत्तियों का मूल्य एक लाख करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है।
सारांश: केरल के मंदिरों में आरबीआई की ओर से एक पत्र भेजा गया जिसमें यह पूछा गया है कि उनके पास वर्तमान में कितना सोना है। एक मंदिर के बोर्ड ने इस बारे में गुरुवार को जानकारी दी।
20
['hin']
एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश में बजट की कमी के कारण 25,000 होमगार्ड को हटाए जाने के फैसले को लेकर बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती ने प्रदेश सरकार पर बेरोजगारी बढ़ाने का आरोप लगाया है. मायावती (Mayawati) ने बुधवार को ट्वीट किया, ‘उप्र सरकार अपनी गलत आर्थिक नीतियों की सजा 25 हजार होमगार्डों को बर्खास्त करके उनके परिवारों को क्यों दे रही है? इससे प्रदेश में अराजकता और बढ़ेगी. सरकार रोजगार देने के बजाए बेरोजगारी को और क्यों बढ़ा रही है?' बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार 25,000 होमगार्डों को हटा रही है. सरकार की दलील है कि वह उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्देशित नये भत्तों का भुगतान करने की स्थिति में नहीं है. हालांकि मीडिया में खबरें आने के बाद देर शाम सरकार ने इस मुद्दे पर यूटर्न ले लिया था और प्रदेश के होमगार्ड विभाग के मंत्री चेतन चौहान ने बयान दिया था, ‘किसी भी होमगार्ड को हटाया नहीं जाएगा. इस संबंध में मैंने पुलिस विभाग के अधिकारियों से भी बातचीत की हैं.' यूपी सरकार अपनी गलत आर्थिक नीतियों की सजा 25 हजार होमगार्डों को बर्खास्त करके उनके परिवार के लाखों लोगों को क्यों दे रही है? इससे प्रदेश में अराजकता और ज्यादा बढ़ेगी। सरकार रोजगार देने के बजाए बेरोजगारी को और क्यों बढ़ा रही है? सरकार जनहित पर समुचित ध्यान दे तो बेहतर है। चौहान ने कहा, 'पुलिस विभाग अगर 25 हजार होमगार्डों को हटा रहे हैं तो होमगार्ड विभाग उन्हें कहीं न कहीं लगा देगा. हो सकता है कि उनके काम के दिन कम हो जाएं. हमने पुलिस विभाग से भी कहा है कि भले ही इनके काम के दिन कम कर दिए जाएं, लेकिन इन्हें रखा जाए. निकाला नहीं जाए. मैने पुलिस विभाग के साथ-साथ अपने विभाग से भी कह दिया है कि किसी को भी हटाया न जाए.' इससे पहले मीडिया में खबरें आने के बाद सरकार ने हालांकि स्पष्ट किया कि वह समस्या का हल तलाशने का प्रयास कर रही है और सुनिश्चित करेगी कि हर घर में दीपावली मनायी जाए. वहीं होमगार्ड का दैनिक भत्ता अब बढ़ा कर 672 रूपये कर दिया गया है जो शीर्ष अदालत के जुलाई के आदेश से पहले पांच सौ रूपये था. सरकार ने कहा कि इससे राजकोष पर हर महीने दस से 12 करोड़ रूपये का अतिरिक्त बोझ पडता. ऐसे में तय किया गया कि होमगार्ड की तैनाती थानों और ट्रैफिक सिग्नलों पर ना की जाए. बता दें कि होमगार्ड स्थायी कर्मचारी नहीं होते. उनकी भर्ती अस्थायी आधार पर की जाती है. अपर महानिदेशक बी पी जोगदंड की ओर से जारी आदेश के अनुसार, 25,000 होमगार्ड को हटाने का फैसला इस साल 28 अगस्त को उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में किया गया था. वहीं होमगार्ड की तैनाती तीन अप्रैल के सरकारी आदेश के जरिए की गई थी. होमगार्ड का कोई सुनिश्चित मासिक वेतन नहीं होता है. उन्हें ड्यूटी के दिनों के आधार पर भुगतान किया जाता है. उनके कार्य के दिन 25 से घटा कर 15 कर दिए गए थे.
सरकार रोजगार देने के बजाए बेरोजगारी को और बढ़ा रही है कोर्ट के निर्देशित नए भत्तों का भुगतान करने की स्थिति में नहीं सरकार मंत्री ने कहा- किसी भी होमगार्ड को हटाया नहीं जाएगा
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय स्वाधीनता संग्राम के 'महानायक' कहे जाने वाले नेताजी सुभाषचंद्र बोस के बारे में छाए रहस्य से 67 साल बाद भी पर्दा नहीं उठ पाया है... वर्ष 1945 में 18 अगस्त को ताइवान में हुए कथित विमान हादसे में उनकी मौत के सच का पता लगाने के लिए तीन-तीन आयोग बनाए गए, लेकिन सच अब तक सामने नहीं आया... देश के बहुत-से लोग आज भी यह मानते हैं कि नेताजी की मौत विमान हादसे में नहीं हुई थी और वह आज़ादी के बाद भी लम्बे समय तक जीवित रहे, लेकिन अपनी ज़िन्दगी गुमनामी में बिताई... नेताजी के बारे में ढेरों किस्से-कहानियां प्रचलित रहे... कई साधु-संतों ने खुद के नेताजी होने का दावा किया, जिससे यह रहस्य गहराता चला गया... ताइवान सरकार ने अपना रिकॉर्ड देखकर खुलासा किया कि 18 अगस्त, 1945 को ताइवान में कोई विमान हादसा हुआ ही नहीं था, जिससे नेताजी की मौत की कहानी को सच न मानने वालों का यह विश्वास और मजबूत हो गया कि आज़ादी का यह महानायक भारत की अंग्रजों से मुक्ति के बाद भी जीवित था... सुभाषचंद्र बोस के रहस्य पर पुस्तकें लिख चुके 'मिशन नेताजी' के अनुज धर का दावा है कि भारत सरकार सब कुछ जानती है, लेकिन वह जान-बूझकर रहस्य से पर्दा उठाना नहीं चाहती... उन्होंने कहा कि इसीलिए सरकार ने सूचना के अधिकार के तहत दायर उनके आवेदन पर भी उन्हें नेताजी से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया... वैसे नेताजी और उनकी मौत की कहानी की सच्चाई जानने के लिए जितनी भी जांच हुईं, उन सबमें कुछ न कुछ ऐसा सामने आया, जिससे यह कहानी और उलझती चली गई... ताइवान में कथित विमान हादसे के वक्त नेताजी के साथ रहे कर्नल हबीब-उर-रहमान ने आज़ाद हिन्द सरकार के सूचना मंत्री एसए नैयर, रूसी तथा अमेरिकी जासूसों और शाहनवाज समिति के समक्ष विरोधाभासी बयान दिए... रहमान ने कभी कहा कि उन्होंने नेताजी के जलते हुए कपड़े उनके बदन से अलग किए थे तो कभी अपने बारे में कहा कि वह तो विमान हादसे में खुद भी बेहोश हो गए थे, और जब आंख खुली तो खुद को ताइपेई के एक अस्पताल में पाया... कभी उन्होंने नेताजी के अंतिम संस्कार की तारीख 20 अगस्त, 1945 तो कभी 22 अगस्त बताई... आज़ाद हिन्द फौज (आईएनए) के बहुत-से सैनिकों और अधिकारियों ने भी यह कहा कि नेताजी की मौत कथित विमान हादसे में नहीं हुई थी... रहस्य से पर्दा उठाने के लिए देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की सरकार द्वारा शाहनवाज खान के नेतृत्व में अप्रैल, 1956 में बनाई गई जांच समिति ने विमान हादसे की घटना को सच बताया था, लेकिन समिति में शामिल रहे नेताजी के बड़े भाई सुरेशचंद्र बोस ने इस रिपोर्ट को नकारते हुए कहा था कि कथित विमान हादसे को जान-बूझकर सच बताने की कोशिश की जा रही है... आज़ाद हिन्द फौज के वयोवृद्ध सेनानी रामसिंह का मानना है कि नेताजी आज़ादी के बाद भी बहुत दिनों तक जीवित रहे थे और देश की घटिया राजनीति ने उन्हें कभी सामने नहीं आने दिया...टिप्पणियां इसके बाद जुलाई, 1970 में बनाए गए न्यायमूर्ति जीडी खोसला आयोग ने भी वही रिपोर्ट दी, जो शाहनवाज समिति ने दी थी... इसके बाद नेताजी की कथित मौत की जांच के लिए वर्ष 1999 में तीसरा आयोग गठित किया गया, जिसका नाम मुखर्जी आयोग था... इसने अपनी रिपोर्ट में विमान हादसे में नेताजी की मौत को खारिज कर दिया तथा कहा कि मामले में आगे और जांच की ज़रूरत है... मुखर्जी आयोग ने 8 नवम्बर, 2005 को अपनी रिपोर्ट भारत सरकार को सौंपी थी, जिसे 17 मई, 2006 को संसद में पेश किया गया, लेकिन सरकार ने रिपोर्ट को मानने से इनकार कर दिया... इस बीच, आज़ाद हिन्द फौज से जुड़े कई लोग यह दावा कर चुके हैं कि उत्तर प्रदेश के फैज़ाबाद में रहने वाले 'गुमनामी बाबा' ही नेताजी सुभाषचंद्र बोस थे, और वह गुप्त रूप से नेताजी से मिला करते थे... अनुज धर ने भी अपनी किताब 'इंडिया'ज़ बिगेस्ट कवर-अप' में कई गोपनीय दस्तावेज़ों और तस्वीरों के हवाले से दावा किया है कि नेताजी वर्ष 1985 तक जीवित थे... देश के बहुत-से लोग आज भी यह मानते हैं कि नेताजी की मौत विमान हादसे में नहीं हुई थी और वह आज़ादी के बाद भी लम्बे समय तक जीवित रहे, लेकिन अपनी ज़िन्दगी गुमनामी में बिताई... नेताजी के बारे में ढेरों किस्से-कहानियां प्रचलित रहे... कई साधु-संतों ने खुद के नेताजी होने का दावा किया, जिससे यह रहस्य गहराता चला गया... ताइवान सरकार ने अपना रिकॉर्ड देखकर खुलासा किया कि 18 अगस्त, 1945 को ताइवान में कोई विमान हादसा हुआ ही नहीं था, जिससे नेताजी की मौत की कहानी को सच न मानने वालों का यह विश्वास और मजबूत हो गया कि आज़ादी का यह महानायक भारत की अंग्रजों से मुक्ति के बाद भी जीवित था... सुभाषचंद्र बोस के रहस्य पर पुस्तकें लिख चुके 'मिशन नेताजी' के अनुज धर का दावा है कि भारत सरकार सब कुछ जानती है, लेकिन वह जान-बूझकर रहस्य से पर्दा उठाना नहीं चाहती... उन्होंने कहा कि इसीलिए सरकार ने सूचना के अधिकार के तहत दायर उनके आवेदन पर भी उन्हें नेताजी से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया... वैसे नेताजी और उनकी मौत की कहानी की सच्चाई जानने के लिए जितनी भी जांच हुईं, उन सबमें कुछ न कुछ ऐसा सामने आया, जिससे यह कहानी और उलझती चली गई... ताइवान में कथित विमान हादसे के वक्त नेताजी के साथ रहे कर्नल हबीब-उर-रहमान ने आज़ाद हिन्द सरकार के सूचना मंत्री एसए नैयर, रूसी तथा अमेरिकी जासूसों और शाहनवाज समिति के समक्ष विरोधाभासी बयान दिए... रहमान ने कभी कहा कि उन्होंने नेताजी के जलते हुए कपड़े उनके बदन से अलग किए थे तो कभी अपने बारे में कहा कि वह तो विमान हादसे में खुद भी बेहोश हो गए थे, और जब आंख खुली तो खुद को ताइपेई के एक अस्पताल में पाया... कभी उन्होंने नेताजी के अंतिम संस्कार की तारीख 20 अगस्त, 1945 तो कभी 22 अगस्त बताई... आज़ाद हिन्द फौज (आईएनए) के बहुत-से सैनिकों और अधिकारियों ने भी यह कहा कि नेताजी की मौत कथित विमान हादसे में नहीं हुई थी... रहस्य से पर्दा उठाने के लिए देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की सरकार द्वारा शाहनवाज खान के नेतृत्व में अप्रैल, 1956 में बनाई गई जांच समिति ने विमान हादसे की घटना को सच बताया था, लेकिन समिति में शामिल रहे नेताजी के बड़े भाई सुरेशचंद्र बोस ने इस रिपोर्ट को नकारते हुए कहा था कि कथित विमान हादसे को जान-बूझकर सच बताने की कोशिश की जा रही है... आज़ाद हिन्द फौज के वयोवृद्ध सेनानी रामसिंह का मानना है कि नेताजी आज़ादी के बाद भी बहुत दिनों तक जीवित रहे थे और देश की घटिया राजनीति ने उन्हें कभी सामने नहीं आने दिया...टिप्पणियां इसके बाद जुलाई, 1970 में बनाए गए न्यायमूर्ति जीडी खोसला आयोग ने भी वही रिपोर्ट दी, जो शाहनवाज समिति ने दी थी... इसके बाद नेताजी की कथित मौत की जांच के लिए वर्ष 1999 में तीसरा आयोग गठित किया गया, जिसका नाम मुखर्जी आयोग था... इसने अपनी रिपोर्ट में विमान हादसे में नेताजी की मौत को खारिज कर दिया तथा कहा कि मामले में आगे और जांच की ज़रूरत है... मुखर्जी आयोग ने 8 नवम्बर, 2005 को अपनी रिपोर्ट भारत सरकार को सौंपी थी, जिसे 17 मई, 2006 को संसद में पेश किया गया, लेकिन सरकार ने रिपोर्ट को मानने से इनकार कर दिया... इस बीच, आज़ाद हिन्द फौज से जुड़े कई लोग यह दावा कर चुके हैं कि उत्तर प्रदेश के फैज़ाबाद में रहने वाले 'गुमनामी बाबा' ही नेताजी सुभाषचंद्र बोस थे, और वह गुप्त रूप से नेताजी से मिला करते थे... अनुज धर ने भी अपनी किताब 'इंडिया'ज़ बिगेस्ट कवर-अप' में कई गोपनीय दस्तावेज़ों और तस्वीरों के हवाले से दावा किया है कि नेताजी वर्ष 1985 तक जीवित थे... ताइवान सरकार ने अपना रिकॉर्ड देखकर खुलासा किया कि 18 अगस्त, 1945 को ताइवान में कोई विमान हादसा हुआ ही नहीं था, जिससे नेताजी की मौत की कहानी को सच न मानने वालों का यह विश्वास और मजबूत हो गया कि आज़ादी का यह महानायक भारत की अंग्रजों से मुक्ति के बाद भी जीवित था... सुभाषचंद्र बोस के रहस्य पर पुस्तकें लिख चुके 'मिशन नेताजी' के अनुज धर का दावा है कि भारत सरकार सब कुछ जानती है, लेकिन वह जान-बूझकर रहस्य से पर्दा उठाना नहीं चाहती... उन्होंने कहा कि इसीलिए सरकार ने सूचना के अधिकार के तहत दायर उनके आवेदन पर भी उन्हें नेताजी से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया... वैसे नेताजी और उनकी मौत की कहानी की सच्चाई जानने के लिए जितनी भी जांच हुईं, उन सबमें कुछ न कुछ ऐसा सामने आया, जिससे यह कहानी और उलझती चली गई... ताइवान में कथित विमान हादसे के वक्त नेताजी के साथ रहे कर्नल हबीब-उर-रहमान ने आज़ाद हिन्द सरकार के सूचना मंत्री एसए नैयर, रूसी तथा अमेरिकी जासूसों और शाहनवाज समिति के समक्ष विरोधाभासी बयान दिए... रहमान ने कभी कहा कि उन्होंने नेताजी के जलते हुए कपड़े उनके बदन से अलग किए थे तो कभी अपने बारे में कहा कि वह तो विमान हादसे में खुद भी बेहोश हो गए थे, और जब आंख खुली तो खुद को ताइपेई के एक अस्पताल में पाया... कभी उन्होंने नेताजी के अंतिम संस्कार की तारीख 20 अगस्त, 1945 तो कभी 22 अगस्त बताई... आज़ाद हिन्द फौज (आईएनए) के बहुत-से सैनिकों और अधिकारियों ने भी यह कहा कि नेताजी की मौत कथित विमान हादसे में नहीं हुई थी... रहस्य से पर्दा उठाने के लिए देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की सरकार द्वारा शाहनवाज खान के नेतृत्व में अप्रैल, 1956 में बनाई गई जांच समिति ने विमान हादसे की घटना को सच बताया था, लेकिन समिति में शामिल रहे नेताजी के बड़े भाई सुरेशचंद्र बोस ने इस रिपोर्ट को नकारते हुए कहा था कि कथित विमान हादसे को जान-बूझकर सच बताने की कोशिश की जा रही है... आज़ाद हिन्द फौज के वयोवृद्ध सेनानी रामसिंह का मानना है कि नेताजी आज़ादी के बाद भी बहुत दिनों तक जीवित रहे थे और देश की घटिया राजनीति ने उन्हें कभी सामने नहीं आने दिया...टिप्पणियां इसके बाद जुलाई, 1970 में बनाए गए न्यायमूर्ति जीडी खोसला आयोग ने भी वही रिपोर्ट दी, जो शाहनवाज समिति ने दी थी... इसके बाद नेताजी की कथित मौत की जांच के लिए वर्ष 1999 में तीसरा आयोग गठित किया गया, जिसका नाम मुखर्जी आयोग था... इसने अपनी रिपोर्ट में विमान हादसे में नेताजी की मौत को खारिज कर दिया तथा कहा कि मामले में आगे और जांच की ज़रूरत है... मुखर्जी आयोग ने 8 नवम्बर, 2005 को अपनी रिपोर्ट भारत सरकार को सौंपी थी, जिसे 17 मई, 2006 को संसद में पेश किया गया, लेकिन सरकार ने रिपोर्ट को मानने से इनकार कर दिया... इस बीच, आज़ाद हिन्द फौज से जुड़े कई लोग यह दावा कर चुके हैं कि उत्तर प्रदेश के फैज़ाबाद में रहने वाले 'गुमनामी बाबा' ही नेताजी सुभाषचंद्र बोस थे, और वह गुप्त रूप से नेताजी से मिला करते थे... अनुज धर ने भी अपनी किताब 'इंडिया'ज़ बिगेस्ट कवर-अप' में कई गोपनीय दस्तावेज़ों और तस्वीरों के हवाले से दावा किया है कि नेताजी वर्ष 1985 तक जीवित थे... सुभाषचंद्र बोस के रहस्य पर पुस्तकें लिख चुके 'मिशन नेताजी' के अनुज धर का दावा है कि भारत सरकार सब कुछ जानती है, लेकिन वह जान-बूझकर रहस्य से पर्दा उठाना नहीं चाहती... उन्होंने कहा कि इसीलिए सरकार ने सूचना के अधिकार के तहत दायर उनके आवेदन पर भी उन्हें नेताजी से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया... वैसे नेताजी और उनकी मौत की कहानी की सच्चाई जानने के लिए जितनी भी जांच हुईं, उन सबमें कुछ न कुछ ऐसा सामने आया, जिससे यह कहानी और उलझती चली गई... ताइवान में कथित विमान हादसे के वक्त नेताजी के साथ रहे कर्नल हबीब-उर-रहमान ने आज़ाद हिन्द सरकार के सूचना मंत्री एसए नैयर, रूसी तथा अमेरिकी जासूसों और शाहनवाज समिति के समक्ष विरोधाभासी बयान दिए... रहमान ने कभी कहा कि उन्होंने नेताजी के जलते हुए कपड़े उनके बदन से अलग किए थे तो कभी अपने बारे में कहा कि वह तो विमान हादसे में खुद भी बेहोश हो गए थे, और जब आंख खुली तो खुद को ताइपेई के एक अस्पताल में पाया... कभी उन्होंने नेताजी के अंतिम संस्कार की तारीख 20 अगस्त, 1945 तो कभी 22 अगस्त बताई... आज़ाद हिन्द फौज (आईएनए) के बहुत-से सैनिकों और अधिकारियों ने भी यह कहा कि नेताजी की मौत कथित विमान हादसे में नहीं हुई थी... रहस्य से पर्दा उठाने के लिए देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की सरकार द्वारा शाहनवाज खान के नेतृत्व में अप्रैल, 1956 में बनाई गई जांच समिति ने विमान हादसे की घटना को सच बताया था, लेकिन समिति में शामिल रहे नेताजी के बड़े भाई सुरेशचंद्र बोस ने इस रिपोर्ट को नकारते हुए कहा था कि कथित विमान हादसे को जान-बूझकर सच बताने की कोशिश की जा रही है... आज़ाद हिन्द फौज के वयोवृद्ध सेनानी रामसिंह का मानना है कि नेताजी आज़ादी के बाद भी बहुत दिनों तक जीवित रहे थे और देश की घटिया राजनीति ने उन्हें कभी सामने नहीं आने दिया...टिप्पणियां इसके बाद जुलाई, 1970 में बनाए गए न्यायमूर्ति जीडी खोसला आयोग ने भी वही रिपोर्ट दी, जो शाहनवाज समिति ने दी थी... इसके बाद नेताजी की कथित मौत की जांच के लिए वर्ष 1999 में तीसरा आयोग गठित किया गया, जिसका नाम मुखर्जी आयोग था... इसने अपनी रिपोर्ट में विमान हादसे में नेताजी की मौत को खारिज कर दिया तथा कहा कि मामले में आगे और जांच की ज़रूरत है... मुखर्जी आयोग ने 8 नवम्बर, 2005 को अपनी रिपोर्ट भारत सरकार को सौंपी थी, जिसे 17 मई, 2006 को संसद में पेश किया गया, लेकिन सरकार ने रिपोर्ट को मानने से इनकार कर दिया... इस बीच, आज़ाद हिन्द फौज से जुड़े कई लोग यह दावा कर चुके हैं कि उत्तर प्रदेश के फैज़ाबाद में रहने वाले 'गुमनामी बाबा' ही नेताजी सुभाषचंद्र बोस थे, और वह गुप्त रूप से नेताजी से मिला करते थे... अनुज धर ने भी अपनी किताब 'इंडिया'ज़ बिगेस्ट कवर-अप' में कई गोपनीय दस्तावेज़ों और तस्वीरों के हवाले से दावा किया है कि नेताजी वर्ष 1985 तक जीवित थे... वैसे नेताजी और उनकी मौत की कहानी की सच्चाई जानने के लिए जितनी भी जांच हुईं, उन सबमें कुछ न कुछ ऐसा सामने आया, जिससे यह कहानी और उलझती चली गई... ताइवान में कथित विमान हादसे के वक्त नेताजी के साथ रहे कर्नल हबीब-उर-रहमान ने आज़ाद हिन्द सरकार के सूचना मंत्री एसए नैयर, रूसी तथा अमेरिकी जासूसों और शाहनवाज समिति के समक्ष विरोधाभासी बयान दिए... रहमान ने कभी कहा कि उन्होंने नेताजी के जलते हुए कपड़े उनके बदन से अलग किए थे तो कभी अपने बारे में कहा कि वह तो विमान हादसे में खुद भी बेहोश हो गए थे, और जब आंख खुली तो खुद को ताइपेई के एक अस्पताल में पाया... कभी उन्होंने नेताजी के अंतिम संस्कार की तारीख 20 अगस्त, 1945 तो कभी 22 अगस्त बताई... आज़ाद हिन्द फौज (आईएनए) के बहुत-से सैनिकों और अधिकारियों ने भी यह कहा कि नेताजी की मौत कथित विमान हादसे में नहीं हुई थी... रहस्य से पर्दा उठाने के लिए देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की सरकार द्वारा शाहनवाज खान के नेतृत्व में अप्रैल, 1956 में बनाई गई जांच समिति ने विमान हादसे की घटना को सच बताया था, लेकिन समिति में शामिल रहे नेताजी के बड़े भाई सुरेशचंद्र बोस ने इस रिपोर्ट को नकारते हुए कहा था कि कथित विमान हादसे को जान-बूझकर सच बताने की कोशिश की जा रही है... आज़ाद हिन्द फौज के वयोवृद्ध सेनानी रामसिंह का मानना है कि नेताजी आज़ादी के बाद भी बहुत दिनों तक जीवित रहे थे और देश की घटिया राजनीति ने उन्हें कभी सामने नहीं आने दिया...टिप्पणियां इसके बाद जुलाई, 1970 में बनाए गए न्यायमूर्ति जीडी खोसला आयोग ने भी वही रिपोर्ट दी, जो शाहनवाज समिति ने दी थी... इसके बाद नेताजी की कथित मौत की जांच के लिए वर्ष 1999 में तीसरा आयोग गठित किया गया, जिसका नाम मुखर्जी आयोग था... इसने अपनी रिपोर्ट में विमान हादसे में नेताजी की मौत को खारिज कर दिया तथा कहा कि मामले में आगे और जांच की ज़रूरत है... मुखर्जी आयोग ने 8 नवम्बर, 2005 को अपनी रिपोर्ट भारत सरकार को सौंपी थी, जिसे 17 मई, 2006 को संसद में पेश किया गया, लेकिन सरकार ने रिपोर्ट को मानने से इनकार कर दिया... इस बीच, आज़ाद हिन्द फौज से जुड़े कई लोग यह दावा कर चुके हैं कि उत्तर प्रदेश के फैज़ाबाद में रहने वाले 'गुमनामी बाबा' ही नेताजी सुभाषचंद्र बोस थे, और वह गुप्त रूप से नेताजी से मिला करते थे... अनुज धर ने भी अपनी किताब 'इंडिया'ज़ बिगेस्ट कवर-अप' में कई गोपनीय दस्तावेज़ों और तस्वीरों के हवाले से दावा किया है कि नेताजी वर्ष 1985 तक जीवित थे... रहस्य से पर्दा उठाने के लिए देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की सरकार द्वारा शाहनवाज खान के नेतृत्व में अप्रैल, 1956 में बनाई गई जांच समिति ने विमान हादसे की घटना को सच बताया था, लेकिन समिति में शामिल रहे नेताजी के बड़े भाई सुरेशचंद्र बोस ने इस रिपोर्ट को नकारते हुए कहा था कि कथित विमान हादसे को जान-बूझकर सच बताने की कोशिश की जा रही है... आज़ाद हिन्द फौज के वयोवृद्ध सेनानी रामसिंह का मानना है कि नेताजी आज़ादी के बाद भी बहुत दिनों तक जीवित रहे थे और देश की घटिया राजनीति ने उन्हें कभी सामने नहीं आने दिया...टिप्पणियां इसके बाद जुलाई, 1970 में बनाए गए न्यायमूर्ति जीडी खोसला आयोग ने भी वही रिपोर्ट दी, जो शाहनवाज समिति ने दी थी... इसके बाद नेताजी की कथित मौत की जांच के लिए वर्ष 1999 में तीसरा आयोग गठित किया गया, जिसका नाम मुखर्जी आयोग था... इसने अपनी रिपोर्ट में विमान हादसे में नेताजी की मौत को खारिज कर दिया तथा कहा कि मामले में आगे और जांच की ज़रूरत है... मुखर्जी आयोग ने 8 नवम्बर, 2005 को अपनी रिपोर्ट भारत सरकार को सौंपी थी, जिसे 17 मई, 2006 को संसद में पेश किया गया, लेकिन सरकार ने रिपोर्ट को मानने से इनकार कर दिया... इस बीच, आज़ाद हिन्द फौज से जुड़े कई लोग यह दावा कर चुके हैं कि उत्तर प्रदेश के फैज़ाबाद में रहने वाले 'गुमनामी बाबा' ही नेताजी सुभाषचंद्र बोस थे, और वह गुप्त रूप से नेताजी से मिला करते थे... अनुज धर ने भी अपनी किताब 'इंडिया'ज़ बिगेस्ट कवर-अप' में कई गोपनीय दस्तावेज़ों और तस्वीरों के हवाले से दावा किया है कि नेताजी वर्ष 1985 तक जीवित थे... इसके बाद जुलाई, 1970 में बनाए गए न्यायमूर्ति जीडी खोसला आयोग ने भी वही रिपोर्ट दी, जो शाहनवाज समिति ने दी थी... इसके बाद नेताजी की कथित मौत की जांच के लिए वर्ष 1999 में तीसरा आयोग गठित किया गया, जिसका नाम मुखर्जी आयोग था... इसने अपनी रिपोर्ट में विमान हादसे में नेताजी की मौत को खारिज कर दिया तथा कहा कि मामले में आगे और जांच की ज़रूरत है... मुखर्जी आयोग ने 8 नवम्बर, 2005 को अपनी रिपोर्ट भारत सरकार को सौंपी थी, जिसे 17 मई, 2006 को संसद में पेश किया गया, लेकिन सरकार ने रिपोर्ट को मानने से इनकार कर दिया... इस बीच, आज़ाद हिन्द फौज से जुड़े कई लोग यह दावा कर चुके हैं कि उत्तर प्रदेश के फैज़ाबाद में रहने वाले 'गुमनामी बाबा' ही नेताजी सुभाषचंद्र बोस थे, और वह गुप्त रूप से नेताजी से मिला करते थे... अनुज धर ने भी अपनी किताब 'इंडिया'ज़ बिगेस्ट कवर-अप' में कई गोपनीय दस्तावेज़ों और तस्वीरों के हवाले से दावा किया है कि नेताजी वर्ष 1985 तक जीवित थे... इस बीच, आज़ाद हिन्द फौज से जुड़े कई लोग यह दावा कर चुके हैं कि उत्तर प्रदेश के फैज़ाबाद में रहने वाले 'गुमनामी बाबा' ही नेताजी सुभाषचंद्र बोस थे, और वह गुप्त रूप से नेताजी से मिला करते थे... अनुज धर ने भी अपनी किताब 'इंडिया'ज़ बिगेस्ट कवर-अप' में कई गोपनीय दस्तावेज़ों और तस्वीरों के हवाले से दावा किया है कि नेताजी वर्ष 1985 तक जीवित थे...
संक्षिप्त सारांश: वर्ष 1945 में हुई कथित विमान दुर्घटना के बाद तीन जांच आयोग बिठाए जा चुके हैं, परन्तु आज 67 साल बाद भी यह तय नहीं हो पाया है कि नेताजी 1985 तक जीवित थे या नहीं...
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अतिक्रमण के एक और मामले में, चीनी सैनिक भारत के सिक्किम सेक्टर में घुस आए और उन्होंने दो बंकर भी ध्वस्त कर दिए. चीनी सैनिकों की सीमा पर तैनात भारतीय जवानों के साथ तनातनी भी हुई. आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि बीते 10 दिनों से सिक्किम के डोका ला जनरल क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच टकराव चल रहा है और चीन के सैनिकों ने कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के जत्थे को भी रोका. भारतीय सैनिकों को चीन के सैनिकों को भारतीय सीमा में और अंदर घुसने से रोकने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी. उन्होंने पीएलए सैनिकों को रोकने के लिए वास्तविक सीमा रेखा (एलएसी) पर मानव दीवार बनाई. कुछ सैनिकों ने इस घटना का वीडियो बनाया तथा तस्वीरें लीं. डोका ला क्षेत्र के लाल्तन इलाके में बंकर भी नष्ट किए गए.टिप्पणियां 20 जून को दोनों पक्षों के वरिष्ठ सेना अधिकारियों के बीच एक फ्लैग बैठक भी हुई, लेकिन तनाव अब भी जारी है. यह पहली बार नहीं है जब सिक्किम-भूटान-तिब्बत के मिलने वाले इलाके डोका ला में ऐसा अतिक्रमण हुआ है. चीन के बलों ने नवंबर, 2008 में इसी जगह भारतीय सेना के कुछ अस्थायी बंकर नष्ट कर दिए थे. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि बीते 10 दिनों से सिक्किम के डोका ला जनरल क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच टकराव चल रहा है और चीन के सैनिकों ने कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के जत्थे को भी रोका. भारतीय सैनिकों को चीन के सैनिकों को भारतीय सीमा में और अंदर घुसने से रोकने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी. उन्होंने पीएलए सैनिकों को रोकने के लिए वास्तविक सीमा रेखा (एलएसी) पर मानव दीवार बनाई. कुछ सैनिकों ने इस घटना का वीडियो बनाया तथा तस्वीरें लीं. डोका ला क्षेत्र के लाल्तन इलाके में बंकर भी नष्ट किए गए.टिप्पणियां 20 जून को दोनों पक्षों के वरिष्ठ सेना अधिकारियों के बीच एक फ्लैग बैठक भी हुई, लेकिन तनाव अब भी जारी है. यह पहली बार नहीं है जब सिक्किम-भूटान-तिब्बत के मिलने वाले इलाके डोका ला में ऐसा अतिक्रमण हुआ है. चीन के बलों ने नवंबर, 2008 में इसी जगह भारतीय सेना के कुछ अस्थायी बंकर नष्ट कर दिए थे. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भारतीय सैनिकों को चीन के सैनिकों को भारतीय सीमा में और अंदर घुसने से रोकने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी. उन्होंने पीएलए सैनिकों को रोकने के लिए वास्तविक सीमा रेखा (एलएसी) पर मानव दीवार बनाई. कुछ सैनिकों ने इस घटना का वीडियो बनाया तथा तस्वीरें लीं. डोका ला क्षेत्र के लाल्तन इलाके में बंकर भी नष्ट किए गए.टिप्पणियां 20 जून को दोनों पक्षों के वरिष्ठ सेना अधिकारियों के बीच एक फ्लैग बैठक भी हुई, लेकिन तनाव अब भी जारी है. यह पहली बार नहीं है जब सिक्किम-भूटान-तिब्बत के मिलने वाले इलाके डोका ला में ऐसा अतिक्रमण हुआ है. चीन के बलों ने नवंबर, 2008 में इसी जगह भारतीय सेना के कुछ अस्थायी बंकर नष्ट कर दिए थे. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) 20 जून को दोनों पक्षों के वरिष्ठ सेना अधिकारियों के बीच एक फ्लैग बैठक भी हुई, लेकिन तनाव अब भी जारी है. यह पहली बार नहीं है जब सिक्किम-भूटान-तिब्बत के मिलने वाले इलाके डोका ला में ऐसा अतिक्रमण हुआ है. चीन के बलों ने नवंबर, 2008 में इसी जगह भारतीय सेना के कुछ अस्थायी बंकर नष्ट कर दिए थे. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: चीनी सैनिकों ने कैलाश मानसरोवर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी रोका बीते 10 दिनों से डोका ला जनरल क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच टकराव जारी 20 जून को दोनों पक्षों के वरिष्ठ सेना अधिकारियों के बीच फ्लैग बैठक भी हुई
11
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत ने शुक्रवार को उड़ीसा के व्हीलर आईलैंड से परमाणु सक्षम अग्नि-दो प्रक्षेपण मिसाइल का सफल परीक्षण किया। इस मिसाइल की मारकक्षमता लगभग 2,000 किमी है। एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) के निदेशक एसपी दास ने बताया, जमीन से जमीन पर मार करने वाली इस मिसाइल का आईटीआर के लांच कांप्लेक्स-चार से सुबह लगभग साढ़े नौ बजे सफल परीक्षण किया गया। रक्षा सूत्रों ने बताया कि इस स्वदेशी मिसाइल का परीक्षण सेना के स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड (एसएफसी) के जवानों ने किया। परीक्षण के दौरान अभियान का उद्देश्य पूरा हो गया। इस मिसाइल को देश के परमाणु निवारण कार्यक्रम के एक अहम तंत्र के तौर पर विकसित किया गया है। इनका निर्माण लगातार जारी है और इन्हें सशस्त्र बलों के बेड़े में शामिल भी किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इनका निर्माण एडवांस्ड सिस्टम लेबोरेटरी और रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) की अन्य प्रयोगशालाओं में हो रहा है। इस मिसाइल की लंबाई 20 मीटर, व्यास एक मीटर और वजन लगभग 17 टन है। मिसाइल की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए इसमें विशेष नेविगेशन तंत्र लगा है। इसका रेल और सड़क मार्ग से परिवहन भी किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, इसका पिछला परीक्षण 29 अगस्त को किया जाना था, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण उसे टाल दिया गया। इसके पहले इस मिसाइल का पिछले साल 17 मई को सफल परीक्षण हुआ था।
भारत ने शुक्रवार को उड़ीसा के व्हीलर आईलैंड से परमाणु सक्षम अग्नि-दो प्रक्षेपण मिसाइल का सफल परीक्षण किया।
26
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बजट सत्र से ठीक पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तकरार बढ़ गया है. इस बार गतिरोध 1 फरवरी को आम बजट पेश करने के सरकार के फैसले को लेकर है. सोमवार को सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस नेताओं ने साफ शब्दों में कहा कि अगर सरकार बजट में लोक-लुभावनी घोषणाएं करती है तो विपक्ष संसद में इसके खिलाफ विरोध जताएगा. सोमवार को सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद ने विपक्षी दलों के विरोध के बावजूद विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 1 फरवरी को बजट पेश करने के सरकार के फैसले पर कड़ा विरोध जताया. आजाद ने कहा कि इससे बीजेपी को चुनावी फायदा होगा और सरकार को चेतावनी दे दी. गुलाम नबी आज़ाद ने कहा, "हमने सरकार को कहा है कि बजट में वो कोई एसा चीज़ ना लाएं जिससे बीजेपी को चुनावी फायदा पहुंचे. अगर ऐसा हुआ तो इसका असर इस 9 दिन के संसद के बजट सत्र के पहले चरण पर पड़ेगा." उधर विपक्ष के विरोध के बावजूद सरकार ने बजट समय से पहले पेश करने के फैसले को उचित ठहराया है. संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा, "चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट बजट के मसले पर अपनी राय दे चुके हैं."टिप्पणियां लेकिन सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने जवाब देने में देरी नहीं की, कहा जब तीसरी तिमाही के आंकड़े अभी नहीं आए हैं, ऐसे में बजट तैयार करना वैज्ञानिक नहीं होगा. सीताराम येचुरी ने कहा, बजट क्यों समय से पहले पेश करने का फैसला हुआ? नोटबंदी का जो असर होगा उसका बजट में सही आंकलन नहीं हो पाएगा. तीसरी तिमाही के आंकड़े सरकार के सामने नहीं हैं जिसके आधार पर बजट अब तक तैयार होता रहा है." विपक्ष के क़ड़े तेवरों से साफ है कि शीतकालीन सत्र के बाद बजट सत्र के दौरान भी संसद का कामकाज चलाना सरकार के लिए आसान नहीं होगा. अब देखना होगा कि पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के दौरान होने वाले इस सत्र के दौरान सरकार इस चुनौती से कैसे निपटती है. गुलाम नबी आज़ाद ने कहा, "हमने सरकार को कहा है कि बजट में वो कोई एसा चीज़ ना लाएं जिससे बीजेपी को चुनावी फायदा पहुंचे. अगर ऐसा हुआ तो इसका असर इस 9 दिन के संसद के बजट सत्र के पहले चरण पर पड़ेगा." उधर विपक्ष के विरोध के बावजूद सरकार ने बजट समय से पहले पेश करने के फैसले को उचित ठहराया है. संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा, "चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट बजट के मसले पर अपनी राय दे चुके हैं."टिप्पणियां लेकिन सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने जवाब देने में देरी नहीं की, कहा जब तीसरी तिमाही के आंकड़े अभी नहीं आए हैं, ऐसे में बजट तैयार करना वैज्ञानिक नहीं होगा. सीताराम येचुरी ने कहा, बजट क्यों समय से पहले पेश करने का फैसला हुआ? नोटबंदी का जो असर होगा उसका बजट में सही आंकलन नहीं हो पाएगा. तीसरी तिमाही के आंकड़े सरकार के सामने नहीं हैं जिसके आधार पर बजट अब तक तैयार होता रहा है." विपक्ष के क़ड़े तेवरों से साफ है कि शीतकालीन सत्र के बाद बजट सत्र के दौरान भी संसद का कामकाज चलाना सरकार के लिए आसान नहीं होगा. अब देखना होगा कि पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के दौरान होने वाले इस सत्र के दौरान सरकार इस चुनौती से कैसे निपटती है. लेकिन सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने जवाब देने में देरी नहीं की, कहा जब तीसरी तिमाही के आंकड़े अभी नहीं आए हैं, ऐसे में बजट तैयार करना वैज्ञानिक नहीं होगा. सीताराम येचुरी ने कहा, बजट क्यों समय से पहले पेश करने का फैसला हुआ? नोटबंदी का जो असर होगा उसका बजट में सही आंकलन नहीं हो पाएगा. तीसरी तिमाही के आंकड़े सरकार के सामने नहीं हैं जिसके आधार पर बजट अब तक तैयार होता रहा है." विपक्ष के क़ड़े तेवरों से साफ है कि शीतकालीन सत्र के बाद बजट सत्र के दौरान भी संसद का कामकाज चलाना सरकार के लिए आसान नहीं होगा. अब देखना होगा कि पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के दौरान होने वाले इस सत्र के दौरान सरकार इस चुनौती से कैसे निपटती है. विपक्ष के क़ड़े तेवरों से साफ है कि शीतकालीन सत्र के बाद बजट सत्र के दौरान भी संसद का कामकाज चलाना सरकार के लिए आसान नहीं होगा. अब देखना होगा कि पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के दौरान होने वाले इस सत्र के दौरान सरकार इस चुनौती से कैसे निपटती है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 'चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट बजट के मसले पर अपनी राय दे चुके हैं' 'तीसरी तिमाही के आंकड़ों के बिना बजट तैयार करना वैज्ञानिक नहीं होगा' सरकार ने बजट समय से पहले पेश करने के फैसले को उचित ठहराया है
19
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कप्तान मिस्बाह उल हक (नाबाद 93) की शानदार अर्द्धशतकीय पारी की बदौलत पाकिस्तान की फैसलाबाद वूल्भ्स टीम ने शुक्रवार को पंजाब क्रिकेट संघ मैदान पर खेले गए चैम्पियंस लीग-2013 के अपने अंतिम क्वालीफाईंग मुकाबले में श्रीलंका की कांदूराता मरूंस टीम को 10 रनों से हरा दिया। मिस्बाह की नायाब पारी की बदौलत वूल्भ्स ने मरूंस के सामने 147 रनों का लक्ष्य रखा, जिसका पीछा करते हुए मरूंस कुमार संगकारा (44) की अच्छी पारी के बावजूद निर्धारित 20 ओवरों में सात विकेट पर 136 रन ही बना सकी। वूल्भ्स की ओर से अहसान अली ने 25 रन खर्च करते हुए विकेट लिए जबकि इमरान खालिद को दो सफलता मिली। मिस्बाह ने पूरे क्वालीफाईंग दौर में जिस स्तर की बल्लेबाजी की है, उसे देखते हुए उन्हें कम से कम एक जीत मिलनी चाहिए थी और आज वही हुआ। मिस्बाह के तूफान की बदौलत वूल्भ्स ने सम्मानजनक योग हासिल किया, जो मरूंस के लिए मुश्किल साबित हुआ। उपुल थरंगा (25) और कप्तान लाहिरू थिरिमाने (25) ने भी अच्छी पारियां खेलीं लेकिन उनका प्रयास नाकाफी साबित हुआ। दिलहारा लोकुहिटगे ने 14 और मिलिंद एस. ने नौ गेंदों पर 19 रनों की तेज पारी खेली। मिस्बाह को मैन आफ द मैच चुना गया। इससे पहले, टॉस हारने के बाद वूल्भ्स ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 146 रन बनाए। बीते दो मैचों की तरह इस मैच में भी मिस्बाह ही व्यक्तिगत तौर पर सम्मानजनक योग पर पहुंचे और साथ ही टीम को सम्मानजनक योग देने का प्रयास किया। मिस्बाह ने 22 रनों पर तीन विकेट गिरने के बाद खुर्रम शहजाद (7) के साथ चौथे विकेट के लिए 34 रन जोड़े और फिर मोहम्मद सलमान (21) के साथ पांचवें विकेट के लिए 74 रन जोड़े। यह साझेदारी 52 गेंदों में हुई। मिस्बाह की इस नायाब पारी में 60 गेंदों पर छह चौके और पांच छक्के शामिल हैं। सलमान ने भी उनका बखूबी साथ निभाया और 21 गेंदों पर एक चौका लगाया। मरूंस की ओर से दिलहारा लोकुहिटगे ने तीन और नुवान कुलासेकरा ने दो सफलता हासिल की। वूल्भ्स और मरूंस क्वालीफाईंग से बाहर हो चुके हैं। मरूंस को अपने पहले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद ने आठ विकेट से हराया था। इसके बाद सनराइजर्स ने वूल्भ्स को भी सात विकेट से हराया। वूल्भ्स को ओटागो वोल्ट्स से भी हार मिली थी। वोल्ट्स ने मरूंस को भी हराया था।टिप्पणियां चैम्पियंस लीग के मुख्य दौर में कुल 10 टीमें शामिल हैं। इनमें से आठ को सीधा प्रवेश मिला है जबकि सनराइजर्स और वोल्ट्स के रूप में दो टीमों ने क्वालीफाईंग के जरिए इसमें जगह बनाई है। मुख्य दौर के मुकाबले 21 सितम्बर से खेले जाएंगे। उद्घाटन मुकाबला जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स और मौजूदा इंडियन प्रीमियर लीग चैम्पियन मुम्बई इंडियंस के बीच होगा। मिस्बाह की नायाब पारी की बदौलत वूल्भ्स ने मरूंस के सामने 147 रनों का लक्ष्य रखा, जिसका पीछा करते हुए मरूंस कुमार संगकारा (44) की अच्छी पारी के बावजूद निर्धारित 20 ओवरों में सात विकेट पर 136 रन ही बना सकी। वूल्भ्स की ओर से अहसान अली ने 25 रन खर्च करते हुए विकेट लिए जबकि इमरान खालिद को दो सफलता मिली। मिस्बाह ने पूरे क्वालीफाईंग दौर में जिस स्तर की बल्लेबाजी की है, उसे देखते हुए उन्हें कम से कम एक जीत मिलनी चाहिए थी और आज वही हुआ। मिस्बाह के तूफान की बदौलत वूल्भ्स ने सम्मानजनक योग हासिल किया, जो मरूंस के लिए मुश्किल साबित हुआ। उपुल थरंगा (25) और कप्तान लाहिरू थिरिमाने (25) ने भी अच्छी पारियां खेलीं लेकिन उनका प्रयास नाकाफी साबित हुआ। दिलहारा लोकुहिटगे ने 14 और मिलिंद एस. ने नौ गेंदों पर 19 रनों की तेज पारी खेली। मिस्बाह को मैन आफ द मैच चुना गया। इससे पहले, टॉस हारने के बाद वूल्भ्स ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 146 रन बनाए। बीते दो मैचों की तरह इस मैच में भी मिस्बाह ही व्यक्तिगत तौर पर सम्मानजनक योग पर पहुंचे और साथ ही टीम को सम्मानजनक योग देने का प्रयास किया। मिस्बाह ने 22 रनों पर तीन विकेट गिरने के बाद खुर्रम शहजाद (7) के साथ चौथे विकेट के लिए 34 रन जोड़े और फिर मोहम्मद सलमान (21) के साथ पांचवें विकेट के लिए 74 रन जोड़े। यह साझेदारी 52 गेंदों में हुई। मिस्बाह की इस नायाब पारी में 60 गेंदों पर छह चौके और पांच छक्के शामिल हैं। सलमान ने भी उनका बखूबी साथ निभाया और 21 गेंदों पर एक चौका लगाया। मरूंस की ओर से दिलहारा लोकुहिटगे ने तीन और नुवान कुलासेकरा ने दो सफलता हासिल की। वूल्भ्स और मरूंस क्वालीफाईंग से बाहर हो चुके हैं। मरूंस को अपने पहले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद ने आठ विकेट से हराया था। इसके बाद सनराइजर्स ने वूल्भ्स को भी सात विकेट से हराया। वूल्भ्स को ओटागो वोल्ट्स से भी हार मिली थी। वोल्ट्स ने मरूंस को भी हराया था।टिप्पणियां चैम्पियंस लीग के मुख्य दौर में कुल 10 टीमें शामिल हैं। इनमें से आठ को सीधा प्रवेश मिला है जबकि सनराइजर्स और वोल्ट्स के रूप में दो टीमों ने क्वालीफाईंग के जरिए इसमें जगह बनाई है। मुख्य दौर के मुकाबले 21 सितम्बर से खेले जाएंगे। उद्घाटन मुकाबला जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स और मौजूदा इंडियन प्रीमियर लीग चैम्पियन मुम्बई इंडियंस के बीच होगा। मिस्बाह ने पूरे क्वालीफाईंग दौर में जिस स्तर की बल्लेबाजी की है, उसे देखते हुए उन्हें कम से कम एक जीत मिलनी चाहिए थी और आज वही हुआ। मिस्बाह के तूफान की बदौलत वूल्भ्स ने सम्मानजनक योग हासिल किया, जो मरूंस के लिए मुश्किल साबित हुआ। उपुल थरंगा (25) और कप्तान लाहिरू थिरिमाने (25) ने भी अच्छी पारियां खेलीं लेकिन उनका प्रयास नाकाफी साबित हुआ। दिलहारा लोकुहिटगे ने 14 और मिलिंद एस. ने नौ गेंदों पर 19 रनों की तेज पारी खेली। मिस्बाह को मैन आफ द मैच चुना गया। इससे पहले, टॉस हारने के बाद वूल्भ्स ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 146 रन बनाए। बीते दो मैचों की तरह इस मैच में भी मिस्बाह ही व्यक्तिगत तौर पर सम्मानजनक योग पर पहुंचे और साथ ही टीम को सम्मानजनक योग देने का प्रयास किया। मिस्बाह ने 22 रनों पर तीन विकेट गिरने के बाद खुर्रम शहजाद (7) के साथ चौथे विकेट के लिए 34 रन जोड़े और फिर मोहम्मद सलमान (21) के साथ पांचवें विकेट के लिए 74 रन जोड़े। यह साझेदारी 52 गेंदों में हुई। मिस्बाह की इस नायाब पारी में 60 गेंदों पर छह चौके और पांच छक्के शामिल हैं। सलमान ने भी उनका बखूबी साथ निभाया और 21 गेंदों पर एक चौका लगाया। मरूंस की ओर से दिलहारा लोकुहिटगे ने तीन और नुवान कुलासेकरा ने दो सफलता हासिल की। वूल्भ्स और मरूंस क्वालीफाईंग से बाहर हो चुके हैं। मरूंस को अपने पहले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद ने आठ विकेट से हराया था। इसके बाद सनराइजर्स ने वूल्भ्स को भी सात विकेट से हराया। वूल्भ्स को ओटागो वोल्ट्स से भी हार मिली थी। वोल्ट्स ने मरूंस को भी हराया था।टिप्पणियां चैम्पियंस लीग के मुख्य दौर में कुल 10 टीमें शामिल हैं। इनमें से आठ को सीधा प्रवेश मिला है जबकि सनराइजर्स और वोल्ट्स के रूप में दो टीमों ने क्वालीफाईंग के जरिए इसमें जगह बनाई है। मुख्य दौर के मुकाबले 21 सितम्बर से खेले जाएंगे। उद्घाटन मुकाबला जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स और मौजूदा इंडियन प्रीमियर लीग चैम्पियन मुम्बई इंडियंस के बीच होगा। उपुल थरंगा (25) और कप्तान लाहिरू थिरिमाने (25) ने भी अच्छी पारियां खेलीं लेकिन उनका प्रयास नाकाफी साबित हुआ। दिलहारा लोकुहिटगे ने 14 और मिलिंद एस. ने नौ गेंदों पर 19 रनों की तेज पारी खेली। मिस्बाह को मैन आफ द मैच चुना गया। इससे पहले, टॉस हारने के बाद वूल्भ्स ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 146 रन बनाए। बीते दो मैचों की तरह इस मैच में भी मिस्बाह ही व्यक्तिगत तौर पर सम्मानजनक योग पर पहुंचे और साथ ही टीम को सम्मानजनक योग देने का प्रयास किया। मिस्बाह ने 22 रनों पर तीन विकेट गिरने के बाद खुर्रम शहजाद (7) के साथ चौथे विकेट के लिए 34 रन जोड़े और फिर मोहम्मद सलमान (21) के साथ पांचवें विकेट के लिए 74 रन जोड़े। यह साझेदारी 52 गेंदों में हुई। मिस्बाह की इस नायाब पारी में 60 गेंदों पर छह चौके और पांच छक्के शामिल हैं। सलमान ने भी उनका बखूबी साथ निभाया और 21 गेंदों पर एक चौका लगाया। मरूंस की ओर से दिलहारा लोकुहिटगे ने तीन और नुवान कुलासेकरा ने दो सफलता हासिल की। वूल्भ्स और मरूंस क्वालीफाईंग से बाहर हो चुके हैं। मरूंस को अपने पहले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद ने आठ विकेट से हराया था। इसके बाद सनराइजर्स ने वूल्भ्स को भी सात विकेट से हराया। वूल्भ्स को ओटागो वोल्ट्स से भी हार मिली थी। वोल्ट्स ने मरूंस को भी हराया था।टिप्पणियां चैम्पियंस लीग के मुख्य दौर में कुल 10 टीमें शामिल हैं। इनमें से आठ को सीधा प्रवेश मिला है जबकि सनराइजर्स और वोल्ट्स के रूप में दो टीमों ने क्वालीफाईंग के जरिए इसमें जगह बनाई है। मुख्य दौर के मुकाबले 21 सितम्बर से खेले जाएंगे। उद्घाटन मुकाबला जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स और मौजूदा इंडियन प्रीमियर लीग चैम्पियन मुम्बई इंडियंस के बीच होगा। इससे पहले, टॉस हारने के बाद वूल्भ्स ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 146 रन बनाए। बीते दो मैचों की तरह इस मैच में भी मिस्बाह ही व्यक्तिगत तौर पर सम्मानजनक योग पर पहुंचे और साथ ही टीम को सम्मानजनक योग देने का प्रयास किया। मिस्बाह ने 22 रनों पर तीन विकेट गिरने के बाद खुर्रम शहजाद (7) के साथ चौथे विकेट के लिए 34 रन जोड़े और फिर मोहम्मद सलमान (21) के साथ पांचवें विकेट के लिए 74 रन जोड़े। यह साझेदारी 52 गेंदों में हुई। मिस्बाह की इस नायाब पारी में 60 गेंदों पर छह चौके और पांच छक्के शामिल हैं। सलमान ने भी उनका बखूबी साथ निभाया और 21 गेंदों पर एक चौका लगाया। मरूंस की ओर से दिलहारा लोकुहिटगे ने तीन और नुवान कुलासेकरा ने दो सफलता हासिल की। वूल्भ्स और मरूंस क्वालीफाईंग से बाहर हो चुके हैं। मरूंस को अपने पहले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद ने आठ विकेट से हराया था। इसके बाद सनराइजर्स ने वूल्भ्स को भी सात विकेट से हराया। वूल्भ्स को ओटागो वोल्ट्स से भी हार मिली थी। वोल्ट्स ने मरूंस को भी हराया था।टिप्पणियां चैम्पियंस लीग के मुख्य दौर में कुल 10 टीमें शामिल हैं। इनमें से आठ को सीधा प्रवेश मिला है जबकि सनराइजर्स और वोल्ट्स के रूप में दो टीमों ने क्वालीफाईंग के जरिए इसमें जगह बनाई है। मुख्य दौर के मुकाबले 21 सितम्बर से खेले जाएंगे। उद्घाटन मुकाबला जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स और मौजूदा इंडियन प्रीमियर लीग चैम्पियन मुम्बई इंडियंस के बीच होगा। मिस्बाह ने 22 रनों पर तीन विकेट गिरने के बाद खुर्रम शहजाद (7) के साथ चौथे विकेट के लिए 34 रन जोड़े और फिर मोहम्मद सलमान (21) के साथ पांचवें विकेट के लिए 74 रन जोड़े। यह साझेदारी 52 गेंदों में हुई। मिस्बाह की इस नायाब पारी में 60 गेंदों पर छह चौके और पांच छक्के शामिल हैं। सलमान ने भी उनका बखूबी साथ निभाया और 21 गेंदों पर एक चौका लगाया। मरूंस की ओर से दिलहारा लोकुहिटगे ने तीन और नुवान कुलासेकरा ने दो सफलता हासिल की। वूल्भ्स और मरूंस क्वालीफाईंग से बाहर हो चुके हैं। मरूंस को अपने पहले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद ने आठ विकेट से हराया था। इसके बाद सनराइजर्स ने वूल्भ्स को भी सात विकेट से हराया। वूल्भ्स को ओटागो वोल्ट्स से भी हार मिली थी। वोल्ट्स ने मरूंस को भी हराया था।टिप्पणियां चैम्पियंस लीग के मुख्य दौर में कुल 10 टीमें शामिल हैं। इनमें से आठ को सीधा प्रवेश मिला है जबकि सनराइजर्स और वोल्ट्स के रूप में दो टीमों ने क्वालीफाईंग के जरिए इसमें जगह बनाई है। मुख्य दौर के मुकाबले 21 सितम्बर से खेले जाएंगे। उद्घाटन मुकाबला जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स और मौजूदा इंडियन प्रीमियर लीग चैम्पियन मुम्बई इंडियंस के बीच होगा। मिस्बाह की इस नायाब पारी में 60 गेंदों पर छह चौके और पांच छक्के शामिल हैं। सलमान ने भी उनका बखूबी साथ निभाया और 21 गेंदों पर एक चौका लगाया। मरूंस की ओर से दिलहारा लोकुहिटगे ने तीन और नुवान कुलासेकरा ने दो सफलता हासिल की। वूल्भ्स और मरूंस क्वालीफाईंग से बाहर हो चुके हैं। मरूंस को अपने पहले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद ने आठ विकेट से हराया था। इसके बाद सनराइजर्स ने वूल्भ्स को भी सात विकेट से हराया। वूल्भ्स को ओटागो वोल्ट्स से भी हार मिली थी। वोल्ट्स ने मरूंस को भी हराया था।टिप्पणियां चैम्पियंस लीग के मुख्य दौर में कुल 10 टीमें शामिल हैं। इनमें से आठ को सीधा प्रवेश मिला है जबकि सनराइजर्स और वोल्ट्स के रूप में दो टीमों ने क्वालीफाईंग के जरिए इसमें जगह बनाई है। मुख्य दौर के मुकाबले 21 सितम्बर से खेले जाएंगे। उद्घाटन मुकाबला जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स और मौजूदा इंडियन प्रीमियर लीग चैम्पियन मुम्बई इंडियंस के बीच होगा। वूल्भ्स और मरूंस क्वालीफाईंग से बाहर हो चुके हैं। मरूंस को अपने पहले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद ने आठ विकेट से हराया था। इसके बाद सनराइजर्स ने वूल्भ्स को भी सात विकेट से हराया। वूल्भ्स को ओटागो वोल्ट्स से भी हार मिली थी। वोल्ट्स ने मरूंस को भी हराया था।टिप्पणियां चैम्पियंस लीग के मुख्य दौर में कुल 10 टीमें शामिल हैं। इनमें से आठ को सीधा प्रवेश मिला है जबकि सनराइजर्स और वोल्ट्स के रूप में दो टीमों ने क्वालीफाईंग के जरिए इसमें जगह बनाई है। मुख्य दौर के मुकाबले 21 सितम्बर से खेले जाएंगे। उद्घाटन मुकाबला जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स और मौजूदा इंडियन प्रीमियर लीग चैम्पियन मुम्बई इंडियंस के बीच होगा। चैम्पियंस लीग के मुख्य दौर में कुल 10 टीमें शामिल हैं। इनमें से आठ को सीधा प्रवेश मिला है जबकि सनराइजर्स और वोल्ट्स के रूप में दो टीमों ने क्वालीफाईंग के जरिए इसमें जगह बनाई है। मुख्य दौर के मुकाबले 21 सितम्बर से खेले जाएंगे। उद्घाटन मुकाबला जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स और मौजूदा इंडियन प्रीमियर लीग चैम्पियन मुम्बई इंडियंस के बीच होगा। मुख्य दौर के मुकाबले 21 सितम्बर से खेले जाएंगे। उद्घाटन मुकाबला जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स और मौजूदा इंडियन प्रीमियर लीग चैम्पियन मुम्बई इंडियंस के बीच होगा।
यहाँ एक सारांश है:कप्तान मिस्बाह उल हक (नाबाद 93) की शानदार अर्द्धशतकीय पारी की बदौलत पाकिस्तान की फैसलाबाद वूल्भ्स टीम ने शुक्रवार को पंजाब क्रिकेट संघ मैदान पर खेले गए चैम्पियंस लीग-2013 के अपने अंतिम क्वालीफाईंग मुकाबले में श्रीलंका की कांदूराता मरूंस टीम को 10 रनों से
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय रेलवे और आईआरसीटीसी ने टिकट आरक्षण और टिकट रद्द कराने वाले फॉर्म में महिला एवं पुरुष के साथ-साथ 'ट्रांसजेंडर को तीसरे लिंग' के तौर पर शामिल कर लिया है. एक अधिवक्ता के आवेदन पर यह निर्णय लिया गया. टिकट आरक्षण और रद्द कराने के अलावा यह सुविधा ऑनलाइन और ऑफलाइन भी उपलब्ध होगी. दिल्ली हाईकोर्ट ने फरवरी में दिल्ली के एक अधिवक्ता से अपनी याचिका पर कार्रवाई के लिए रेलवे मंत्रालय से संपर्क करने को कहा था. मंत्रालय ने शीर्ष न्यायालय के अप्रैल-2014 के निर्देशों के संदर्भ देते हुये बताया कि हिजड़ा, किन्नर और बाइनरी के अधिकारों की रक्षा के लिए अब उन्हें तीसरे लिंग के रूप में माना जाएगा. गौरतलब है सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में संविधान के तृतीय भाग और संसद के द्वारा बनाए गए कानून के तहत हिजड़ा और किन्नर के साथ-साथ बाइनरी के अधिकारों की रक्षा के लिए उन्हें तीसरे लिंग के रूप में मान्यता देने का निर्देश दिया था. परिपत्र में कहा गया, 'निर्देशों के तहत टिकट आरक्षण, रद्द कराने के फार्म में महिला और पुरुष के साथ-साथ ट्रांसजेंडर का विकल्प भी शामिल करने का निर्णय किया गया है. प्रणाली में यह सूचना दर्ज कर ली जाएगी, जबकि उन्हें पूरी कीमत पर टिकट जारी किया जाएगा.' इससे पहले अधिवक्ता जमशेद अंसारी ने हाईकोर्ट में दायर अपनी जनहित याचिका में इसे आईआरसीटीसी द्वारा संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 19 और 21 का उल्लंघन बताया था. उन्होंने भारतीय रेलवे से शीर्ष न्यायालय के उस निर्णय के अनुपालन की मांग की थी, जिसमें न्यायालय ने केंद्र एवं राज्य सरकारों से ट्रांसजेंडर को तीसरे लिंग के रूप में मान्यता प्रदान करने का निर्देश दिया था. इसके साथ ही उन्हें सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि के हिसाब से रियायत देने की मांग भी की थी.टिप्पणियां इसके अलावा उन्होंने ट्रांसजेंडर समुदाय की 'देखभाल एवं अधिकारों की रक्षा' के लिए सभी ट्रेनों में विशेष बोगियां एवं आरक्षित सीटें लगाने की भी मांग की थी. मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी की अध्यक्षता वाली पीठ ने रेलवे मंत्रालय से याचिका का संज्ञान लेने को कहा था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दिल्ली हाईकोर्ट ने फरवरी में दिल्ली के एक अधिवक्ता से अपनी याचिका पर कार्रवाई के लिए रेलवे मंत्रालय से संपर्क करने को कहा था. मंत्रालय ने शीर्ष न्यायालय के अप्रैल-2014 के निर्देशों के संदर्भ देते हुये बताया कि हिजड़ा, किन्नर और बाइनरी के अधिकारों की रक्षा के लिए अब उन्हें तीसरे लिंग के रूप में माना जाएगा. गौरतलब है सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में संविधान के तृतीय भाग और संसद के द्वारा बनाए गए कानून के तहत हिजड़ा और किन्नर के साथ-साथ बाइनरी के अधिकारों की रक्षा के लिए उन्हें तीसरे लिंग के रूप में मान्यता देने का निर्देश दिया था. परिपत्र में कहा गया, 'निर्देशों के तहत टिकट आरक्षण, रद्द कराने के फार्म में महिला और पुरुष के साथ-साथ ट्रांसजेंडर का विकल्प भी शामिल करने का निर्णय किया गया है. प्रणाली में यह सूचना दर्ज कर ली जाएगी, जबकि उन्हें पूरी कीमत पर टिकट जारी किया जाएगा.' इससे पहले अधिवक्ता जमशेद अंसारी ने हाईकोर्ट में दायर अपनी जनहित याचिका में इसे आईआरसीटीसी द्वारा संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 19 और 21 का उल्लंघन बताया था. उन्होंने भारतीय रेलवे से शीर्ष न्यायालय के उस निर्णय के अनुपालन की मांग की थी, जिसमें न्यायालय ने केंद्र एवं राज्य सरकारों से ट्रांसजेंडर को तीसरे लिंग के रूप में मान्यता प्रदान करने का निर्देश दिया था. इसके साथ ही उन्हें सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि के हिसाब से रियायत देने की मांग भी की थी.टिप्पणियां इसके अलावा उन्होंने ट्रांसजेंडर समुदाय की 'देखभाल एवं अधिकारों की रक्षा' के लिए सभी ट्रेनों में विशेष बोगियां एवं आरक्षित सीटें लगाने की भी मांग की थी. मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी की अध्यक्षता वाली पीठ ने रेलवे मंत्रालय से याचिका का संज्ञान लेने को कहा था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गौरतलब है सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में संविधान के तृतीय भाग और संसद के द्वारा बनाए गए कानून के तहत हिजड़ा और किन्नर के साथ-साथ बाइनरी के अधिकारों की रक्षा के लिए उन्हें तीसरे लिंग के रूप में मान्यता देने का निर्देश दिया था. परिपत्र में कहा गया, 'निर्देशों के तहत टिकट आरक्षण, रद्द कराने के फार्म में महिला और पुरुष के साथ-साथ ट्रांसजेंडर का विकल्प भी शामिल करने का निर्णय किया गया है. प्रणाली में यह सूचना दर्ज कर ली जाएगी, जबकि उन्हें पूरी कीमत पर टिकट जारी किया जाएगा.' इससे पहले अधिवक्ता जमशेद अंसारी ने हाईकोर्ट में दायर अपनी जनहित याचिका में इसे आईआरसीटीसी द्वारा संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 19 और 21 का उल्लंघन बताया था. उन्होंने भारतीय रेलवे से शीर्ष न्यायालय के उस निर्णय के अनुपालन की मांग की थी, जिसमें न्यायालय ने केंद्र एवं राज्य सरकारों से ट्रांसजेंडर को तीसरे लिंग के रूप में मान्यता प्रदान करने का निर्देश दिया था. इसके साथ ही उन्हें सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि के हिसाब से रियायत देने की मांग भी की थी.टिप्पणियां इसके अलावा उन्होंने ट्रांसजेंडर समुदाय की 'देखभाल एवं अधिकारों की रक्षा' के लिए सभी ट्रेनों में विशेष बोगियां एवं आरक्षित सीटें लगाने की भी मांग की थी. मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी की अध्यक्षता वाली पीठ ने रेलवे मंत्रालय से याचिका का संज्ञान लेने को कहा था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इससे पहले अधिवक्ता जमशेद अंसारी ने हाईकोर्ट में दायर अपनी जनहित याचिका में इसे आईआरसीटीसी द्वारा संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 19 और 21 का उल्लंघन बताया था. उन्होंने भारतीय रेलवे से शीर्ष न्यायालय के उस निर्णय के अनुपालन की मांग की थी, जिसमें न्यायालय ने केंद्र एवं राज्य सरकारों से ट्रांसजेंडर को तीसरे लिंग के रूप में मान्यता प्रदान करने का निर्देश दिया था. इसके साथ ही उन्हें सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि के हिसाब से रियायत देने की मांग भी की थी.टिप्पणियां इसके अलावा उन्होंने ट्रांसजेंडर समुदाय की 'देखभाल एवं अधिकारों की रक्षा' के लिए सभी ट्रेनों में विशेष बोगियां एवं आरक्षित सीटें लगाने की भी मांग की थी. मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी की अध्यक्षता वाली पीठ ने रेलवे मंत्रालय से याचिका का संज्ञान लेने को कहा था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इसके अलावा उन्होंने ट्रांसजेंडर समुदाय की 'देखभाल एवं अधिकारों की रक्षा' के लिए सभी ट्रेनों में विशेष बोगियां एवं आरक्षित सीटें लगाने की भी मांग की थी. मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी की अध्यक्षता वाली पीठ ने रेलवे मंत्रालय से याचिका का संज्ञान लेने को कहा था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: टिकट रिजर्वेशन फॉर्म में 'ट्रांसजेंडर को तीसरे लिंग' के तौर पर शामिल किया एक अधिवक्ता जमशेद अंसारी के आवेदन पर यह निर्णय लिया गया यह ऑनलाइन और ऑफलाइन टिकट बुकिंग के लिए उपलब्ध होगी
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भाजपा ने सोमवार को मांग की कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी तत्काल पद छोड़ें क्योंकि 13 विधायकों के इस्तीफा देने और दो निर्दलीय विधायकों के समर्थन वापस लेने के बाद उनकी सरकार ‘अल्पमत' में आ गई है. मुंबई में रुके हुए कांग्रेस विधायकों को पुणे में शिफ्ट होने की योजना बनाई गई थी, जिसे बाद में बदलकर गोवा कर दिया गया. लेकिन अब वह वापस मुंबई में एक अज्ञात स्थान पर रुके हुए हैं. सोमवार को होटल के बाहर कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने यहां विरोध प्रदर्शन भी किया था. भाजपा ने कहा, ‘‘यह सरकार बहुमत खो चुकी है और उसे अब सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. मुख्यमंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए.'' भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष बी एस येदियुरप्पा ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हम राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में मंगलवार को प्रदर्शन करेंगे.'' पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं पद्मनाभनगर से भाजपा विधायक आर अशोक ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘यदि उनमें गरिमा, सम्मान और आत्मसम्मान है या वे कर्नाटक की संस्कृति और परंपराओं से अवगत हैं तो उन्हें तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए...कुर्सी से चिपके रहने का प्रयास नहीं करिये. आपके पास संख्याबल नहीं है.'' अशोक ने कहा कि वह उम्मीद कर रहे थे कि रविवार रात में अमेरिका की यात्रा से लौटे मुख्यमंत्री कई इस्तीफों के बाद सीधे राजभवन जाएंगे और अपना इस्तीफा सौंप देंगे. उन्होंने कहा कि यद्यपि ऐसा नहीं हुआ और केवल उनके मंत्री ने इस्तीफा दिया. भाजपा नेता ने कहा कि कुमारस्वामी ने न केवल जनता बल्कि विधायकों और मंत्रियों का भी विश्वास खो दिया है. उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए कुमारस्वामी को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है.''  इसी तरह के विचार पूर्व मंत्री एवं महादेवपुर से भाजपा विधायक अरविंद लिंबावली ने भी व्यक्त किये. उन्होंने मांग की कि राज्यपाल वजुभाई वाला तत्काल हस्तक्षेप करें और इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए सरकार भंग कर दें कि उसने बहुमत खो दिया है. भाजपा विधान पार्षद रविकुमार ने कहा कि विधानसभाध्यक्ष 13 विधायकों के इस्तीफे लंबे समय तक रोककर नहीं रख सकते क्योंकि असंतुष्ट विधायकों ने स्पष्ट किया है कि वे मुम्बई से नहीं लौटेंगे, जहां वे रुके हुए हैं. उन्होंने कहा, ‘‘13 विधायकों के इस्तीफे और निर्दलीय विधायकों नागेश और शंकर के समर्थन वापस लेने के बाद सरकार अल्पमत में आ गई है.'' भाजपा सांसद शोभा कारान्‍दलाजे ने सोमवार को कहा कि कर्नाटक में शासन पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है और मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए और नयी सरकार के गठन का रास्ता प्रशस्त करना चाहिए. कारान्‍दलाजे ने संसद के बाहर संवाददाताओं से कहा, ‘‘कर्नाटक में अब कोई शासन नहीं है. सरकार कभी भी गिर जाएगी. हम कुमारस्वामी के इस्तीफे की मांग करते हैं और नयी सरकार बनाने का अवसर दिया जाना चाहिए.'' उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि साल-दर-साल सूखे की चपेट में आए राज्य के लिए उन्होंने कुछ भी नहीं किया है. उडुपी-चिकमंगलूर संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाली कारान्‍दलाजे ने कहा कि भाजपा मंगलवार को मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर राज्य में प्रदर्शन करेगी. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी बागी विधायक भाजपा के संपर्क में नहीं है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बीजेपी कर रहे कर्नाटक CM से इस्तीफे की मांग सोमवार को दो निर्दलीय विधायकों ने वापस लिया समर्थन मुंबई में रुके विधायक मुंबई से गोवा शिफ्ट हुए
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['hin']
एक सारांश बनाओ: दिल्ली के करावल नगर इलाके में एक 30 साल के शख्स ने इसलिए आत्महत्या कर ली क्योंकि कुछ लोगों ने पूरे इलाके में उसके, उसके भाई और उसके पिता के पोस्टर लगा दिए थे जिसमें लिखा था ये चोर हैं. पब्लिक का 5 करोड़ रुपये लेकर भागे हैं. इन्हें पकड़ने वालों को 1 लाख 11 हज़ार रुपये का इनाम दिया जाएगा. आत्मग्लानि के कारण शख्स ने घर में आत्महत्या कर ली, लेकिन आत्महत्या करने से पहले उसने एक वीडियो बनाया. पुलिस ने 3 लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर लिया है लेकिन अब तक कोई गिरफ्तार नहीं हुआ है. मृतक यशवीर भाटी के भाई अमित भाटी के मुताबिक उनका गाड़ियों का खरीद फरोख्त का काम था. उनका इलाके के ही तुषार बंसल और उसके पिता पुष्पेंद्र बंसल से लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था. वो लोग अक्सर धमकाते थे. कुछ दिन पहले हम लोगों ने पुष्पेंद्र बंसल को एक प्लॉट भी दे दिया और लोगों ने बैठकर हमारा समझौता भी करा दिया. लेकिन उसके बाद भी बंसल परिवार हमें परेशान करता रहा.  फिर इसमें इलाके एक दबंग कपिल नगर भी शामिल हो गया. हाल ही में इन लोगों पूरे इलाके में पोस्टर लगा दिए. इन पोस्टरों में अमित भाटी, उसके भाई यशवीर भाटी की फोटो लगी थीं. ऊपर लिखा था ये लोग 5 करोड़ रुपये लेकर भागे हैं. इन्हें या इनके पिता की पहचान या पता बताने वालों को 1 लाख 11 हज़ार रुपये का इनाम दिया जाएगा. अमित भाटी पर 50 हज़ार का इनाम रखा गया, उसके भाई यशवीर भाटी पर 11 हजार और पिता पर 50 हज़ार का. पोस्टर में सबसे नीचे लिखा था ये तीनों चोर हैं. नीचे लिखे कुछ नंबरों पर सम्पर्क करने को कहा गया था. अमित के मुताबिक इन्हीं पोस्टरों के चलते पूरा परिवार डिप्रेशन में आ गया. हमारा घर से निकलना निकलना मुश्किल हो गया. यशवीर को इतनी आत्मग्लानि हुई कि उसने 31 जनवरी को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. लेकिन उसने आत्महत्या करने के एक वीडियो बनाया जिसमें उसने कहा कि,  "हेलो सभी भाइयों को नमस्कार, मेरा नाम यशवीर भाटी है. मैं ज़िंदगी से बहुत परेशान आ चुका हूं. बहुत परेशान... मेरा समाज में निकलना बैठना सब बंद हो गया है. तुषार बंसल की वजह से जिसने मेरे पोस्टर लगाए. मैं आज उसकी वजह से मर रहा हूं. फांसी लगाकर मरूंगा, उसने बहुत टॉर्चर किया, मैंने एसएचओ एसीपी, डीसीपी, जॉइंट सीपी, कमिश्नर, मुख्यमंत्री,राष्ट्रपति सब जगह एप्लिकेशन लगाई है लेकिन मेरी कोई सुनवाई नहीं हो रही. प्लीज़ प्लीज़ मैं आपसे दुआ करता हूं, मेरी फैमिली को सपोर्ट कर दो. मैं मर जाऊंगा, मेरे सारे फैमिली मेंबर, भाई, बहन, ताऊ, चाचा, प्लीज़ बात समझो. इतना बुरा हुआ है कि मैं पूरी दिल्ली में जाऊं, यूपी में जाऊं, कहीं भी जाऊं, ये हर जगह टॉर्चर करते हैं. परेशान करते हैं उसका पापा भी, मेरे पास पोस्टर भी हैं. सब जगह हैं सब कुछ है.वीडियो में कहा गया कि मेरी फैमिली को सुरक्षा मिले, बस"  इस मामले में उत्तरी पूर्वी दिल्ली के खजूरी खास थाने में तुषार बंसल, उसके पिता पुष्पेंद्र बंसल और कपिल नगर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया गया है. हालांकि अब तक कोई भी आरोपी गिरफ्तार नहीं हो सका है. पुलिस ने एक सीसीटीवी भी बरामद किया है जिसमें एक नकाबपोश शख्स रात के अंधेरे में पोस्टर लगाता हुआ दिख रहा है.
सारांश: युवक ने खुदकशी ने पहले बनाया वीडियो 3 लोगों पर लगाया प्रताड़ित करने का आरोप अब तक कोई गिरफ्तार नहीं
5
['hin']
एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश में विधानसभा उपचुनावों की तैयारियों में जुटी बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने गुरुवार को दिल्ली में पार्टी के उत्तर प्रदेश से लोकसभा और राज्य सभा के सांसदों से की मुलाकात की. बैठक में प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और संगठन महासचिव सुनील बंसल भी मौजूद थे. केंद्रीय मंत्रियों स्मृति ईरानी, महेंद्रनाथ पांडेय, संजीव बलियान, संतोष गंगवार ने भी हिस्सा लिया. बैठक में हिस्सा लिया. इस मुलाकात में  12 विधानसभा सीटों के उपचुनाव की रणनीति पर चर्चा की गई.  यह उपचुनाव उन सीटों पर होने जा रहे हैं जहां विधायकों ने लोकसभा चुनाव लड़ा है और अब वह सांसद हैं.  सपा और बसपा उपचुनाव  अलग-अलग लड़ने का ऐलान किया है. इसके अलावा राज्य में चलाए जा रहे सदस्यता अभियान पर भी बैठक में चर्चा हुई. साथ ही केंद्र में मोदी और राज्य में योगी सरकार की ग़रीब कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर आम आदमी तक पहुंचाने में तेज़ी लाने के लिए सांसदों को एक प्रेज़ेंटेशन दिया गया. स्वतंत्र देव सिंह के अध्यक्ष बनने के बाद उत्तर प्रदेश के बीजेपी सांसदों की यह पहली बैठक थी.
संक्षिप्त सारांश: विधानसभा उपचुनाव की तैयारियां बीजेपी के सांसदों के साथ बैठक सदस्यता अभियान पर भी जोर
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में आज बंबई शेयर बाजार ने 129 अंक की शुरुआती बढ़त का लाभ गंवा दिया और अंत में यह 10 अंक के नुकसान के साथ 18,329.32 अंक पर बंद हुआ। महिंद्रा एंड महिंद्रा तथा एचडीएफसी के शेयरों में हुआ लाभ इन्फोसिस, एसबीआई और रिलायंस इंडस्ट्रीज में गिरावट की वजह से सेंसेक्स को मजबूती नहीं दे पाया। तीस शेयरों वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 128.91 अंक की बढ़त के साथ 18,422.69 अंक पर खुलने के बाद अंत में 9.68 अंक के नुकसान के साथ 18,329.32 अंक पर बंद हुआ।टिप्पणियां इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 0.15 अंक के नुकसान के साथ 5,571.55 अंक पर आ गया। ब्रोकरों ने कहा कि इन्फोसिस, एसबीआई और रिलायंस इंडस्ट्रीज में मुनाफावसूली का दौर चलने से बाजार ने शुरुआती लाभ गंवा दिया। सेंसेक्स के 30 शेयरों में हिंडाल्को, बजाज आटो तथा स्टरलाइट इंडस्ट्रीज सहित 17 नुकसान के साथ बंद हुए। शेष 13 लाभ में रहे। महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर 3.25 प्रतिशत बढ़ा, एचडीएफसी में 2.02 प्रतिशत और टाटा पावर में 1.81 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई। व्यापक रूप से निवेशकों ने संसद के शीतकालीन सत्र से पहले सतर्क रुख अपनाया हुआ है। तीस शेयरों वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 128.91 अंक की बढ़त के साथ 18,422.69 अंक पर खुलने के बाद अंत में 9.68 अंक के नुकसान के साथ 18,329.32 अंक पर बंद हुआ।टिप्पणियां इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 0.15 अंक के नुकसान के साथ 5,571.55 अंक पर आ गया। ब्रोकरों ने कहा कि इन्फोसिस, एसबीआई और रिलायंस इंडस्ट्रीज में मुनाफावसूली का दौर चलने से बाजार ने शुरुआती लाभ गंवा दिया। सेंसेक्स के 30 शेयरों में हिंडाल्को, बजाज आटो तथा स्टरलाइट इंडस्ट्रीज सहित 17 नुकसान के साथ बंद हुए। शेष 13 लाभ में रहे। महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर 3.25 प्रतिशत बढ़ा, एचडीएफसी में 2.02 प्रतिशत और टाटा पावर में 1.81 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई। व्यापक रूप से निवेशकों ने संसद के शीतकालीन सत्र से पहले सतर्क रुख अपनाया हुआ है। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 0.15 अंक के नुकसान के साथ 5,571.55 अंक पर आ गया। ब्रोकरों ने कहा कि इन्फोसिस, एसबीआई और रिलायंस इंडस्ट्रीज में मुनाफावसूली का दौर चलने से बाजार ने शुरुआती लाभ गंवा दिया। सेंसेक्स के 30 शेयरों में हिंडाल्को, बजाज आटो तथा स्टरलाइट इंडस्ट्रीज सहित 17 नुकसान के साथ बंद हुए। शेष 13 लाभ में रहे। महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर 3.25 प्रतिशत बढ़ा, एचडीएफसी में 2.02 प्रतिशत और टाटा पावर में 1.81 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई। व्यापक रूप से निवेशकों ने संसद के शीतकालीन सत्र से पहले सतर्क रुख अपनाया हुआ है। महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर 3.25 प्रतिशत बढ़ा, एचडीएफसी में 2.02 प्रतिशत और टाटा पावर में 1.81 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई। व्यापक रूप से निवेशकों ने संसद के शीतकालीन सत्र से पहले सतर्क रुख अपनाया हुआ है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में आज बंबई शेयर बाजार ने 129 अंक की शुरुआती बढ़त का लाभ गंवा दिया और अंत में यह 10 अंक के नुकसान के साथ 18,329.32 अंक पर बंद हुआ।
25
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: Mission Mangal Box Office Collection Day 11: फिल्म इंडस्ट्री के खिलाड़ी अक्षय कुमार (Akshay Kumar) और विद्या बालन की फिल्म 'मिशन मंगल (Mission Mangal)' बॉक्स ऑफिस पर  लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है. ये फिल्म  साल की तीसरी सबसे बड़ी फिल्म बन गई है. इससे पहले शाहिद कपूर की 'कबीर सिंह' और सलमान खान की 'भारत' ने भी कई रिकॉर्ड तोड़े थे. 'बॉक्स ऑफिस इंडिया' की वेबसाइट के मुताबिक अक्षय कुमार  (Akshay Kumar) की 'मिशन मंगल (Mission Mangal)' ने रविवार को 14 करोड़ रुपये की कमाई की. इस हिसाब से फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 154 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन किया है. अक्षय कुमार, विद्या बालन, तापसी पन्नू और सोनाक्षी सिन्हा स्टारर इस फिल्म ने पहले दिन 29.16 करोड़, दूसरे दिन 17.28 करोड़, तीसरे दिन 23.58 करोड़, चौथे दिन 27.54 करोड़, पांचवें दिन 8.91 करोड़, छठे दिन 7.92 करोड़, सातवें दिन 6.84 करोड़, आठवें दिन 6.93, नौवें दिन 7.50 करोड़, दसवें दिन 12 करोड़ और ग्यारहवें दिन 14 करोड़ रुपये की कमाई की. इस फिल्म ने अक्षय कुमार की ही केसरी और जॉली एलएलबी 2 का रिकॉर्ड तोड़ दिया है.    ये फिल्म महिला सशक्तिकरण का उदाहरण पेश करती है. बता दें कि 'मिशन मंगल (Mission Mangal)' की शुरुआत GSLV सी-39 नाम के मिशन फेल होने से शुरू होती है. इसके मिशन डायरेक्टर राकेश धवन (Akshay Kumar) और प्रोजेक्ट डायरेक्टर तारा शिंदे (Vidya Balan) होते हैं. मिशन फेल होने की वजह से राकेश धवन को मार्स मिशन के लिए शिफ्ट कर देते हैं और GSLV सी-39 प्रोजेक्ट के लिए नासा से आए साइंटिस्ट को कमान सौंप देते है. फिर निराश होकर घर में बैठी तारा को पूड़ी तलने की विधि से मार्स मिशन का प्रोजेक्ट सूझता है, जिसके लिए दोबारा नई टीम तैयार की जाती है. इसमें शरमन जोशी, सोनाक्षी सिन्हा, तापसी पन्नू, कीर्ति कुल्हारी, नित्या मेनन और एचजी दत्तात्रेय शामिल होते हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अक्षय कुमार की फिल्म 'मिशन मंगल' का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन फिल्म 150 करोड़ रुपये के क्लब में हुई शामिल अब तक कमाए इतने करोड़
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: संयुक्त राष्ट्र महासभा के 192 देशों ने सर्वसम्मति से बान की मून को दोबारा पांच साल के लिए वैश्विक निकाय का महासचिव चुना है। महासभा ने मंगलवार को सर्वसम्मति से दक्षिण कोरिया के इस 67 वर्षीय नेता को संयुक्त राष्ट्र प्रमुख चुना। उनका दूसरा कार्यकाल एक जनवरी, 2012 से शुरू होगा। बान को चुनौती देने के लिए उनका कोई दूसरा प्रतिद्वंद्वी नहीं था, इसलिए महासभा ने उन्हें सर्वसम्मति से चुन लिया। बान ने दो सप्ताह पहले खुद को इस पद का प्रत्याशी घोषित किया था। बान ने अपने दोबारा चुने जाने को बहुत बड़ा सम्मान बताया, जिस पर प्रतिक्रिया नहीं दी जा सकती। बान का पहला कार्यकाल उनकी प्रशंसाओं और आलोचनाओं के चलते मिला-जुला रहा। जहां एक ओर श्रीलंका और चीन में मानवाधिकार उल्लंघनों के मामलों से ठीक से न निपट पाने पर उनकी आलोचना हुई, वहीं जलवायु परिवर्तन, महिलाओं के अधिकार और पश्चिम एशिया में हाल ही में प्रदर्शनकारियों को कुचलने के विरोध में दी गई उनकी प्रतिक्रिया को सभी ने सराहा।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 192 देशों ने सर्वसम्मति से बान की मून को दोबारा पांच साल के लिए वैश्विक निकाय का महासचिव चुना है।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: महाराष्ट्र पुलिस के कांस्टेबल किशोर डांगे वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में हाल ही में गोल्ड मेडल जीतकर लौटे हैं। अब ख्वाहिश है मिस्टर यूनिवर्स प्रतियोगिता में तमगा जीतने की। लेकिन, जिस राज्य के पुलिस महकमे में वह काम करते हैं उसके बॉस यानी सूबे के गृहमंत्री को उनकी उपलब्धियों के बारे में कुछ पता नहीं है। डांगे को मदद का आश्वासन भी उन्होंने तब किया जब मीडिया ने उनसे सवाल पूछा।   डांगे ने नॉर्थ आयरलैंड के बेलफास्ट में वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में कामयाबी के लिए 77 देशों के 128 प्रतियोगियों को मात दी। वह अब 12 अक्टूबर को लंदन में आयोजित होने वाली नेशनल एमेच्योर बॉडीबिल्डर्स असोसिएशन से मिस्टर यूनिवर्स खिताब में हिस्सा लेना चाहते हैं। कड़ी मेहनत भी कर रहे हैं लेकिन फंड की कमी प्रैक्टिस में परेशानी खड़ी कर रही है। एनडीटीवी से बातचीत में डांगे ने कहा, 'बॉडी बिल्डिंग बहुत महंगा खेल है। मेरी जो वित्तीय स्थिति है, घर के जो हालात हैं, वे आर्थिक रूप से बहुत कमज़ोर हैं। फंड के लिए डांगे मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के दफ्तर तक हो आए हैं लेकिन कहीं से मदद नहीं मिली। उनकी कहानी जब हमने गृहमंत्री आरआर पाटिल को सुनाई तब उन्होंने कहा, 'अगर उनमें क्षमता है और ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा है तो पुलिस कल्याण निधि या मेरे पास भी एक फंड है, उससे मदद की जा सकती है।   किशोर डांगे महाराष्ट्र के जालना में पदस्थ हैं। य वही शहर है जहां से क्रिकेट के उभरते सितारे विजय जोल आते हैं। यक़ीनन इस मुकाम तक पहुंचने के लिए दोनों खिलाड़ियों ने बहुत मेहनत की होगी लेकिन हमारे हुक्मरान शायद क्रिकेट की चकाचौंध के आगे कुछ देख नहीं पाते। अगर देख सकते तो समझ आता कि मिस्टर यूनिवर्स कितनी कठिन प्रतियोगिता है। अगर देख सकते तो यह भी पता लगता कि उनकी फोर्स से कोई जवान गोल्ड मेडल जीतकर लौटा है देश के लिए और नाम कमाने के लिए उसे मदद की जरूरत है। एनडीटीवी से बातचीत में डांगे ने कहा, 'बॉडी बिल्डिंग बहुत महंगा खेल है। मेरी जो वित्तीय स्थिति है, घर के जो हालात हैं, वे आर्थिक रूप से बहुत कमज़ोर हैं। फंड के लिए डांगे मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के दफ्तर तक हो आए हैं लेकिन कहीं से मदद नहीं मिली। उनकी कहानी जब हमने गृहमंत्री आरआर पाटिल को सुनाई तब उन्होंने कहा, 'अगर उनमें क्षमता है और ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा है तो पुलिस कल्याण निधि या मेरे पास भी एक फंड है, उससे मदद की जा सकती है।   किशोर डांगे महाराष्ट्र के जालना में पदस्थ हैं। य वही शहर है जहां से क्रिकेट के उभरते सितारे विजय जोल आते हैं। यक़ीनन इस मुकाम तक पहुंचने के लिए दोनों खिलाड़ियों ने बहुत मेहनत की होगी लेकिन हमारे हुक्मरान शायद क्रिकेट की चकाचौंध के आगे कुछ देख नहीं पाते। अगर देख सकते तो समझ आता कि मिस्टर यूनिवर्स कितनी कठिन प्रतियोगिता है। अगर देख सकते तो यह भी पता लगता कि उनकी फोर्स से कोई जवान गोल्ड मेडल जीतकर लौटा है देश के लिए और नाम कमाने के लिए उसे मदद की जरूरत है।
यह एक सारांश है: महाराष्ट्र पुलिस के कांस्टेबल किशोर डांगे वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में हाल ही में गोल्ड मेडल जीतकर लौटे हैं। अब ख्वाहिश है मिस्टर यूनिवर्स प्रतियोगिता में तमगा जीतने की। लेकिन, जिस राज्य के पुलिस महकमे में वह काम करते हैं उसके बॉस यानी सूबे के गृहमंत्र
2
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गोवा की बाल अदालत ने राज्य के शिक्षा मंत्री अतानेसियो मोनसेराते के पुत्र रोहित को जर्मनी निवासी किशोरी के साथ बलात्कार के आरोपों से बरी कर दिया है। रोहित को नवम्बर 2008 में 14 वर्षीय किशोरी का कथित रूप से बलात्कार करने और उसे भद्दे संदेश भेजने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने बुधवार को रोहित को बरी कर दिया क्योंकि किशोरी की मां ने अभियोजन पक्ष के साथ सहयोग करने से इनकार कर दिया। किशोरी और उसकी मां दोनों अब जर्मनी लौट चुकी हैं और वे अदालत में बयान देने के लिए उपलब्ध नहीं हैं। पीड़ित किशोरी की मां ने अपनी बेटी का जन्म प्रमाणपत्र भी उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया जो उसके अवयस्क होने का प्रमाण था। रोहित पर आरोप था कि उसने किशोरी का पणजी के पास स्थित बैमबोलिम नगर में अपनी कार में बलात्कार किया और उसके बाद उसे भद्दे संदेश भेजे। पीड़ित किशोरी की मां ने दो अक्तूबर 2008 को कैलनगुट पुलिस थाने में अपनी शिकायत दर्ज करायी लेकिन आरोपी फरार रहा। बाद में उसने चार नवम्बर रिपीट नवम्बर 2008 को आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने अभियोजन पक्ष को जर्मनी के वाणिज्य दूतावास की मदद से पीड़ित किशोरी और उसकी मां का बयान दर्ज करने के लिए समय दिया था लेकिन दोनों ने अधिकारियों को सहयोग नहीं दिया।
सारांश: किशोरी और उसकी मां दोनों अब जर्मनी लौट चुकी हैं और वे अदालत में बयान देने के लिए उपलब्ध नहीं हैं।
20
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: घाटी के बांदीपुरा जिले में सेना की गोलीबारी में दो युवकों की मौत के खिलाफ अलगाववादियों ने आज बंद का आह्वान किया है। इस बंद के कारण कश्मीर में सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा। कश्मीर घाटी में आज बंद के दौरान लोगों ने बांदीपुर जिले के हाजन में सेना के बनाए एक स्कूल में आग लगा दी। रविवार को भी यहां विरोध-प्रदर्शन हुआ था। हुर्रियत कॉन्फेंस के दोनों धड़ों और जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट ने इन हत्याओं के विरोध में पूर्ण बंद का आह्वान किया। बांदीपुरा के संबल इलाके में माकरुण्डल में हुई गोलीबारी की दो घटनाओं में दो युवकों की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य घायल हो गया था। पुलिस ने सेना के अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। सेना ने दो हत्याओं का कारण बनी इस घटना की जांच बिठाई है। घाटी के अधिकांश इलाकों में सार्वजनिक वाहन सड़कों से गायब थे, लेकिन बसें सरकारी कर्मचारियों को सुबह तय समय पर सचिवालय की ओर ले जाती दिखीं। हड़ताल के कारण सरकारी कार्यालयों में भी उपस्थिति सामान्य की तुलना में कम थी। टिप्पणियां आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक सीआरपीएफ जवानों को संबल, हाजिन, नैदखाई और इससे जुड़े इलाकों में तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि हालांकि मध्य कश्मीर में पत्थरबाजी की दो छिटपुट घटनाएं सामने आई हैं लेकिन अभी तक घाटी में स्थिति कुल मिलाकर शांतिपूर्ण ही है। कश्मीर घाटी में आज बंद के दौरान लोगों ने बांदीपुर जिले के हाजन में सेना के बनाए एक स्कूल में आग लगा दी। रविवार को भी यहां विरोध-प्रदर्शन हुआ था। हुर्रियत कॉन्फेंस के दोनों धड़ों और जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट ने इन हत्याओं के विरोध में पूर्ण बंद का आह्वान किया। बांदीपुरा के संबल इलाके में माकरुण्डल में हुई गोलीबारी की दो घटनाओं में दो युवकों की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य घायल हो गया था। पुलिस ने सेना के अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। सेना ने दो हत्याओं का कारण बनी इस घटना की जांच बिठाई है। घाटी के अधिकांश इलाकों में सार्वजनिक वाहन सड़कों से गायब थे, लेकिन बसें सरकारी कर्मचारियों को सुबह तय समय पर सचिवालय की ओर ले जाती दिखीं। हड़ताल के कारण सरकारी कार्यालयों में भी उपस्थिति सामान्य की तुलना में कम थी। टिप्पणियां आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक सीआरपीएफ जवानों को संबल, हाजिन, नैदखाई और इससे जुड़े इलाकों में तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि हालांकि मध्य कश्मीर में पत्थरबाजी की दो छिटपुट घटनाएं सामने आई हैं लेकिन अभी तक घाटी में स्थिति कुल मिलाकर शांतिपूर्ण ही है। हुर्रियत कॉन्फेंस के दोनों धड़ों और जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट ने इन हत्याओं के विरोध में पूर्ण बंद का आह्वान किया। बांदीपुरा के संबल इलाके में माकरुण्डल में हुई गोलीबारी की दो घटनाओं में दो युवकों की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य घायल हो गया था। पुलिस ने सेना के अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। सेना ने दो हत्याओं का कारण बनी इस घटना की जांच बिठाई है। घाटी के अधिकांश इलाकों में सार्वजनिक वाहन सड़कों से गायब थे, लेकिन बसें सरकारी कर्मचारियों को सुबह तय समय पर सचिवालय की ओर ले जाती दिखीं। हड़ताल के कारण सरकारी कार्यालयों में भी उपस्थिति सामान्य की तुलना में कम थी। टिप्पणियां आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक सीआरपीएफ जवानों को संबल, हाजिन, नैदखाई और इससे जुड़े इलाकों में तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि हालांकि मध्य कश्मीर में पत्थरबाजी की दो छिटपुट घटनाएं सामने आई हैं लेकिन अभी तक घाटी में स्थिति कुल मिलाकर शांतिपूर्ण ही है। बांदीपुरा के संबल इलाके में माकरुण्डल में हुई गोलीबारी की दो घटनाओं में दो युवकों की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य घायल हो गया था। पुलिस ने सेना के अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। सेना ने दो हत्याओं का कारण बनी इस घटना की जांच बिठाई है। घाटी के अधिकांश इलाकों में सार्वजनिक वाहन सड़कों से गायब थे, लेकिन बसें सरकारी कर्मचारियों को सुबह तय समय पर सचिवालय की ओर ले जाती दिखीं। हड़ताल के कारण सरकारी कार्यालयों में भी उपस्थिति सामान्य की तुलना में कम थी। टिप्पणियां आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक सीआरपीएफ जवानों को संबल, हाजिन, नैदखाई और इससे जुड़े इलाकों में तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि हालांकि मध्य कश्मीर में पत्थरबाजी की दो छिटपुट घटनाएं सामने आई हैं लेकिन अभी तक घाटी में स्थिति कुल मिलाकर शांतिपूर्ण ही है। पुलिस ने सेना के अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। सेना ने दो हत्याओं का कारण बनी इस घटना की जांच बिठाई है। घाटी के अधिकांश इलाकों में सार्वजनिक वाहन सड़कों से गायब थे, लेकिन बसें सरकारी कर्मचारियों को सुबह तय समय पर सचिवालय की ओर ले जाती दिखीं। हड़ताल के कारण सरकारी कार्यालयों में भी उपस्थिति सामान्य की तुलना में कम थी। टिप्पणियां आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक सीआरपीएफ जवानों को संबल, हाजिन, नैदखाई और इससे जुड़े इलाकों में तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि हालांकि मध्य कश्मीर में पत्थरबाजी की दो छिटपुट घटनाएं सामने आई हैं लेकिन अभी तक घाटी में स्थिति कुल मिलाकर शांतिपूर्ण ही है। घाटी के अधिकांश इलाकों में सार्वजनिक वाहन सड़कों से गायब थे, लेकिन बसें सरकारी कर्मचारियों को सुबह तय समय पर सचिवालय की ओर ले जाती दिखीं। हड़ताल के कारण सरकारी कार्यालयों में भी उपस्थिति सामान्य की तुलना में कम थी। टिप्पणियां आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक सीआरपीएफ जवानों को संबल, हाजिन, नैदखाई और इससे जुड़े इलाकों में तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि हालांकि मध्य कश्मीर में पत्थरबाजी की दो छिटपुट घटनाएं सामने आई हैं लेकिन अभी तक घाटी में स्थिति कुल मिलाकर शांतिपूर्ण ही है। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक सीआरपीएफ जवानों को संबल, हाजिन, नैदखाई और इससे जुड़े इलाकों में तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि हालांकि मध्य कश्मीर में पत्थरबाजी की दो छिटपुट घटनाएं सामने आई हैं लेकिन अभी तक घाटी में स्थिति कुल मिलाकर शांतिपूर्ण ही है। उन्होंने कहा कि हालांकि मध्य कश्मीर में पत्थरबाजी की दो छिटपुट घटनाएं सामने आई हैं लेकिन अभी तक घाटी में स्थिति कुल मिलाकर शांतिपूर्ण ही है।
संक्षिप्त पाठ: घाटी के बांदीपुरा जिले में सेना की गोलीबारी में दो युवकों की मौत के खिलाफ अलगाववादियों ने आज बंद का आह्वान किया है। इस बंद के कारण कश्मीर में सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा।
14
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्र सरकार ने फेसबुक, ट्विटर जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट को चेतावनी दी है कि वे अपनी साइट से 'आपत्तिजनक' सामग्रियां हटा लें, वरना सरकार इस दिशा में कदम उठाएगी। सरकार के इस रुख से इंटरनेट प्रेमियों में इन साइट को प्रतिबंधित किए जाने का अंदेशा हो गया है और इसके विरोध में स्वर भी उठने लगे हैं। केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने सोशल नेटवर्किंग साइट को यह चेतावनी सोमवार को फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब और माइक्रोसॉफ्ट के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में दी। मंगलवार को संवाददाताओं से बातचीत में सिब्बल ने कहा, "साइट पर पोस्ट की जाने वाली सामग्रियों से बहुत से समुदायों की धार्मिक भावना और गणमान्य लोगों के सम्मान को ठेस पहुंच रही है।" उन्होंने कहा, "किसी भी सार्वजनिक व्यक्ति की व्यंग्यात्मक तस्वीर का कोई बुरा नहीं मानता, लेकिन यदि आप मुझे एक निश्चित रूप में दिखाएंगे तो यह स्वीकार नहीं है। अन्य लोगों की भी रक्षा की जानी चाहिए।" सिब्बल ने यह भी कहा कि सोशल नेटवर्किंग साइट के अधिकारियों से उन्होंने पहली बार पांच सितम्बर को मुलाकात कर साइट पर इसके इस्तेमालकर्ताओं द्वारा आपत्तिजनक सामग्री डाले जाने को लेकर सरकार की चिंताओं से अवगत कराया था। उन्होंने कहा, "उन्हें हमें आंकड़े देने होंगे। इसके बाद हम कदम उठाएंगे। हम उनसे सूचना देने के लिए कहेंगे। इससे निपटने के लिए हमें समय दें। लेकिन एक चीज साफ है कि हम इस तरह की सामग्रियों की अनुमति नहीं देंगे।" सिब्बल ने हालांकि यह नहीं कहा कि सरकार इस दिशा में क्या कदम उठा सकती है। इस बीच, सोशल नेटवर्किंग साइट के प्रतिनिधियों ने इस पर सवाल उठाए हैं कि कौन सी सामग्री 'आपत्तिजनक' होगी, इसका फैसला कैसे हो? उनका यह भी कहना है कि साइट पर डाली जानी वाली एक-एक सामग्री पर नजर रखना मुश्किल है। फेसबुक की ओर से मंगलवार को जारी बयान में कहा गया है, "हम उस सामग्री को हटाएंगे जो हमारी शर्तों का उल्लंघन करते हैं। इनमें नफरत फैलानी वाली, धमकाने वाली, हिंसा फैलाने वाली अथवा नग्नावस्था वाली तस्वीर जैसी सामग्रियां शामिल हैं।" कम्पनी ने यह भी कहा कि वह इस सम्बंध में केंद्र सरकार की चिंताओं से वाकिफ है और भारतीय अधिकारियों के साथ आगे भी बातचीत करेगी। वहीं, गूगल ने कहा कि विवादास्पद तथा गैर-कानूनी सामग्रियों के बीच भेद किए जाने की जरूरत है। कम्पनी के प्रवक्ता ने कहा, जो भी सामग्री कानून के खिलाफ होती है उसे टीम द्वारा हटा दिया जाता है। लेकिन यदि सामग्री विवादास्पद होने के बावजूद वैध हो तो इसे नहीं हटाया जाता, क्योंकि गूगल सभी तरह के विचारों का सम्मान करता है। अधिकारियों के अनुसार, सोशल नेटवर्किंग साइट के प्रतिनिधियों से पांच सितम्बर की सिब्बल की मुलाकात में उन्हें वह तस्वीर दिखाई गई थी जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को गलत ढंग से दिखाया गया है, जबकि कुछ अन्य तस्वीरें धार्मिक भावना आहत करने वाली थीं। इसके बाद केंद्रीय संचार विभाग के सचिव आर. चंद्रशेखर ने भी 19 अक्टूबर को इन कम्पनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की थी और यह निर्णय लिया गया था कि इस तरह की सामग्रियों को लेकर आचार संहिता बनाई जाएगी। लेकिन वे मौखिक रूप से कई धाराओं पर सहमत हुए, पर लिखित जवाब में उन्होंने किसी भी धारा से सहमति नहीं जताई। उन्होंने कहा कि वे तभी कोई कदम उठाएंगी जब मंत्रालय अदालत का आदेश लेकर आए। उधर, सरकार के इस रुख से इंटरनेट प्रेमियों में ऐसी साइट पर प्रतिबंध लगाने की आशंका बलवती हो गई। इसके विरोध में स्वर भी उठने लगे हैं। राज्यसभा सांसद व उद्योगपति राजीव चंद्रशेखर ने कहा, कि सिब्बल भारत में इंटरनेट पर नियंत्रण का चीनी मॉडल लागू करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन वह इसमें सफल नहीं होंगे। वहीं, जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि वह ऑनलाइन सामग्रियों पर प्रतिबंध के खिलाफ हैं लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अक्सर दुरुपयोग किया जाता है। माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर उमर ने लिखा, "यदि सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट पर प्रतिबंध की पहल होती है तो मैं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पक्ष में खड़ा होऊंगा, लेकिन यह उन स्वतंत्रताओं में से एक है जिसने दुर्भाग्यवश मुझे चिंतित किया है।"
संक्षिप्त पाठ: केंद्र सरकार ने फेसबुक, ट्विटर जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट को चेतावनी दी है कि वे अपनी साइट से 'आपत्तिजनक' सामग्रियां हटा लें।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अभिनेता राजीव खंडेलवाल, परेश रावल और अभिनेत्री टीना देसाई की फिल्म ’टेबल नंबर 21’ का प्रोमो देखकर लगा था कि फिल्म की कहानी सिर्फ किसी एक गेम के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका नाम ’टेबल नंबर 21’ हो सकता है, लेकिन फिल्म सिर्फ एक गेम के बारे में नहीं, बल्कि इसके अंत में एक संदेश भी दिया गया है। यह सच है कि फिल्म में मनोरंजन भी होता है और संदेश भी दिए जाते हैं, लेकिन कहानी में इनका सही मिश्रण जरूरी है, जो 'टेबल नंबर 21’ में नहीं दिखता। राजीव खंडेलवाल और टीना को परेश एक ऐसा गेम खेलने के लिए बोलते हैं, जहां 21 करोड़ जीतने की उम्मीद तो है, लेकिन गेम में झूठ बोलना मना है। हर सवाल के साथ है एक टास्क और खेल को बीच में छोड़ा भी नहीं जा सकता, जिसकी वजह से राजीव और टीना को फिल्म में कई मुसीबतें झेलनी पड़ती हैं।टिप्पणियां फिल्म के लिए शायद राजीव को इसलिए चुना गया, क्योंकि वह छोटे पर्दे पर कइयों को 'सच का सामना' करवा चुके हैं। वैसे, फिल्म इस रियलिटी शो से प्रेरित भी लगती है। फिल्म में अच्छा संदेश देने की कोशिश तो की गई है, लेकिन अफसोस कि फिल्म बस एक खेल बनकर ही रह जाती है। कहानी लुभा नहीं पाई। कहानी के उतार-चढ़ाव के साथ सफर करना मुश्किल है। एक्टर्स का काम भी अपना जादू नहीं चला पाया। हां, फिल्म में संदेश देने की कोशिश अच्छी है, जो आपको पूरी फिल्म देखने के बाद ही पता चलेगा, हालांकि मैं आपको फिल्म देखने या न देखने की सलाह नहीं दूंगा। इस फिल्म की रेटिंग है डेढ़ स्टार। यह सच है कि फिल्म में मनोरंजन भी होता है और संदेश भी दिए जाते हैं, लेकिन कहानी में इनका सही मिश्रण जरूरी है, जो 'टेबल नंबर 21’ में नहीं दिखता। राजीव खंडेलवाल और टीना को परेश एक ऐसा गेम खेलने के लिए बोलते हैं, जहां 21 करोड़ जीतने की उम्मीद तो है, लेकिन गेम में झूठ बोलना मना है। हर सवाल के साथ है एक टास्क और खेल को बीच में छोड़ा भी नहीं जा सकता, जिसकी वजह से राजीव और टीना को फिल्म में कई मुसीबतें झेलनी पड़ती हैं।टिप्पणियां फिल्म के लिए शायद राजीव को इसलिए चुना गया, क्योंकि वह छोटे पर्दे पर कइयों को 'सच का सामना' करवा चुके हैं। वैसे, फिल्म इस रियलिटी शो से प्रेरित भी लगती है। फिल्म में अच्छा संदेश देने की कोशिश तो की गई है, लेकिन अफसोस कि फिल्म बस एक खेल बनकर ही रह जाती है। कहानी लुभा नहीं पाई। कहानी के उतार-चढ़ाव के साथ सफर करना मुश्किल है। एक्टर्स का काम भी अपना जादू नहीं चला पाया। हां, फिल्म में संदेश देने की कोशिश अच्छी है, जो आपको पूरी फिल्म देखने के बाद ही पता चलेगा, हालांकि मैं आपको फिल्म देखने या न देखने की सलाह नहीं दूंगा। इस फिल्म की रेटिंग है डेढ़ स्टार। राजीव खंडेलवाल और टीना को परेश एक ऐसा गेम खेलने के लिए बोलते हैं, जहां 21 करोड़ जीतने की उम्मीद तो है, लेकिन गेम में झूठ बोलना मना है। हर सवाल के साथ है एक टास्क और खेल को बीच में छोड़ा भी नहीं जा सकता, जिसकी वजह से राजीव और टीना को फिल्म में कई मुसीबतें झेलनी पड़ती हैं।टिप्पणियां फिल्म के लिए शायद राजीव को इसलिए चुना गया, क्योंकि वह छोटे पर्दे पर कइयों को 'सच का सामना' करवा चुके हैं। वैसे, फिल्म इस रियलिटी शो से प्रेरित भी लगती है। फिल्म में अच्छा संदेश देने की कोशिश तो की गई है, लेकिन अफसोस कि फिल्म बस एक खेल बनकर ही रह जाती है। कहानी लुभा नहीं पाई। कहानी के उतार-चढ़ाव के साथ सफर करना मुश्किल है। एक्टर्स का काम भी अपना जादू नहीं चला पाया। हां, फिल्म में संदेश देने की कोशिश अच्छी है, जो आपको पूरी फिल्म देखने के बाद ही पता चलेगा, हालांकि मैं आपको फिल्म देखने या न देखने की सलाह नहीं दूंगा। इस फिल्म की रेटिंग है डेढ़ स्टार। फिल्म के लिए शायद राजीव को इसलिए चुना गया, क्योंकि वह छोटे पर्दे पर कइयों को 'सच का सामना' करवा चुके हैं। वैसे, फिल्म इस रियलिटी शो से प्रेरित भी लगती है। फिल्म में अच्छा संदेश देने की कोशिश तो की गई है, लेकिन अफसोस कि फिल्म बस एक खेल बनकर ही रह जाती है। कहानी लुभा नहीं पाई। कहानी के उतार-चढ़ाव के साथ सफर करना मुश्किल है। एक्टर्स का काम भी अपना जादू नहीं चला पाया। हां, फिल्म में संदेश देने की कोशिश अच्छी है, जो आपको पूरी फिल्म देखने के बाद ही पता चलेगा, हालांकि मैं आपको फिल्म देखने या न देखने की सलाह नहीं दूंगा। इस फिल्म की रेटिंग है डेढ़ स्टार। कहानी लुभा नहीं पाई। कहानी के उतार-चढ़ाव के साथ सफर करना मुश्किल है। एक्टर्स का काम भी अपना जादू नहीं चला पाया। हां, फिल्म में संदेश देने की कोशिश अच्छी है, जो आपको पूरी फिल्म देखने के बाद ही पता चलेगा, हालांकि मैं आपको फिल्म देखने या न देखने की सलाह नहीं दूंगा। इस फिल्म की रेटिंग है डेढ़ स्टार।
यह सच है कि फिल्म में मनोरंजन भी होता है और संदेश भी दिए जाते हैं, लेकिन कहानी में इनका सही मिश्रण जरूरी है, जो 'टेबल नंबर 21’ में नहीं दिखता।
34
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई इलाकों में अगले 24 घंटे भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। भारी बारिश की वजह से 16 और 17 जून को हुई तबाही की यादें अभी लोगों के ज़हन में ताज़ा है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए इस बार प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। केदारघाटी, चमोली, धारचुला, व्यास और दारमा घाटी में सुबह से बारिश हो रही है, जबकि श्रीनगर और उत्तरकाशी के इलाके में भी हल्की बारिश हो रही है। बारिश की वजह से इन इलाकों में राहत के काम में परेशानी हो रही है। हालांकि बीआरओ ने जोशीमठ−गोविंदघाट के बीच सड़क को खोल दिया है, जिसके बाद वहां फंसे करीब एक हजार गाड़ियों को निकाला गया।टिप्पणियां बीआरओ अब गोविंदघाट से माना के बीच सड़क को खोलने की कवायद में जुटा है। व्यास घाटी में कैलाश मानसरोवर यात्रियों का एक जत्था फंसा हुआ है, जिन्हें मौसम साफ होने के बाद हेलीकॉप्टर से निकाला जाएगा। उत्तरकाशी में भागीरथी नदी उफान पर है, जिसके चलते नदी के आसपास के इलाकों को खाली करा लिया गया है। यहां कई परिवार बेघर हो गए हैं। प्रशासन ने एनडीआरएफ के जवानों को आम लोगों की मदद के लिए तैनात किया है। एनडीआरएफ की छह टीमें देहारादून, पिथौरागढ़, चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में मौजूद है। केदारघाटी, चमोली, धारचुला, व्यास और दारमा घाटी में सुबह से बारिश हो रही है, जबकि श्रीनगर और उत्तरकाशी के इलाके में भी हल्की बारिश हो रही है। बारिश की वजह से इन इलाकों में राहत के काम में परेशानी हो रही है। हालांकि बीआरओ ने जोशीमठ−गोविंदघाट के बीच सड़क को खोल दिया है, जिसके बाद वहां फंसे करीब एक हजार गाड़ियों को निकाला गया।टिप्पणियां बीआरओ अब गोविंदघाट से माना के बीच सड़क को खोलने की कवायद में जुटा है। व्यास घाटी में कैलाश मानसरोवर यात्रियों का एक जत्था फंसा हुआ है, जिन्हें मौसम साफ होने के बाद हेलीकॉप्टर से निकाला जाएगा। उत्तरकाशी में भागीरथी नदी उफान पर है, जिसके चलते नदी के आसपास के इलाकों को खाली करा लिया गया है। यहां कई परिवार बेघर हो गए हैं। प्रशासन ने एनडीआरएफ के जवानों को आम लोगों की मदद के लिए तैनात किया है। एनडीआरएफ की छह टीमें देहारादून, पिथौरागढ़, चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में मौजूद है। बीआरओ अब गोविंदघाट से माना के बीच सड़क को खोलने की कवायद में जुटा है। व्यास घाटी में कैलाश मानसरोवर यात्रियों का एक जत्था फंसा हुआ है, जिन्हें मौसम साफ होने के बाद हेलीकॉप्टर से निकाला जाएगा। उत्तरकाशी में भागीरथी नदी उफान पर है, जिसके चलते नदी के आसपास के इलाकों को खाली करा लिया गया है। यहां कई परिवार बेघर हो गए हैं। प्रशासन ने एनडीआरएफ के जवानों को आम लोगों की मदद के लिए तैनात किया है। एनडीआरएफ की छह टीमें देहारादून, पिथौरागढ़, चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में मौजूद है। प्रशासन ने एनडीआरएफ के जवानों को आम लोगों की मदद के लिए तैनात किया है। एनडीआरएफ की छह टीमें देहारादून, पिथौरागढ़, चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में मौजूद है।
संक्षिप्त सारांश: केदारघाटी, चमोली, धारचुला, व्यास और दारमा घाटी में तेज बारिश हो रही है। उत्तरकाशी में भागीरथी नदी उफान पर है और आसपास के इलाके को खाली करा लिया गया है।
10
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: शाही परिवार की बहू बनने जा रही केट मिडलटन ने विवाह की वेदी पर आधुनिक नजरिया अपनाने का फैसला किया है और वह पति परमेश्वर की जी हजूरी करने की कसम नहीं खाएंगी, जैसा कि आज तक होता आया है। चर्च ऑफ इंग्लैंड की प्रार्थना पुस्तिका के अनुसार, केट से दो कसमों में से एक कसम खाने को कहा गया है। एक कसम है-: परमात्मा के आदेश से मैं इस पुरुष को अपना पति स्वीकार करती हूं। पति की आज्ञा का पालन करूंगी, उसकी सेवा करूंगी, उसे प्यार करूंगी और बीमारी में उसका साथ दूंगी। इसी कसम के दूसरे भाग में बाकी चीजें समान हैं, लेकिन आज्ञा का पालन करने वाले हिस्से को हटा दिया गया है। और केट इसी दूसरे हिस्से को बोलेंगी। इस बात को लेकर काफी अटकलें लगाई जा रही थीं कि क्या केट आज्ञा पालन वाले हिस्से को स्वीकार करेंगी या नहीं। अपनी शादी की पूर्व संध्या पर राजकुमार विलियम और केट ने एक संदेश में गुरुवार को कहा, हम इस बात से बेहद खुश हैं कि आप समारोह में हमारे साथ शामिल हो रहे हैं और उम्मीद है कि हमारी जिंदगी का यह सबसे खुशनुमा दिन होगा। संदेश में आगे कहा गया है, हमारी सगाई के दौरान लोगों ने जो अपनापन और प्यार दिया है, हम उसके लिए आभारी हैं और उन सभी को धन्यवाद देना चाहते हैं। जिस समय केट विवाह के लिए वेस्टमिन्स्टर ऐबी में पादरी की ओर बढ़ेंगी तो उस समय सर चार्ल्स हूबर्ट हेस्टिंग्स पैरी द्वारा लिखा गया ताजपोशी गीत आई वाज ग्लैड बजाया जाएगा। इसे राजकुमार विलियम के पुरखे एडवर्ड सप्तम के वेस्टमिन्स्टर ऐबी में 1902 में हुई ताजपोशी के लिए संगीतबद्ध किया गया था।
सारांश: शाही परिवार की बहू बनने जा रही केट मिडलटन ने विवाह की वेदी पर आधुनिक नजरिया अपनाने का फैसला किया है और वह पति परमेश्वर की जी हजूरी करने की कसम नहीं खाएंगी, जैसा कि आज तक होता आया है।
20
['hin']
एक सारांश बनाओ: राज्यसभा में पास होने के बाद जीएसटी बिल अब दोबारा लोकसभा में 8 अगस्त को पेश किया जाएगा. बीजेपी ने सांसदों को व्हिप जारी कर उपस्थित रहने को कहा है. वहीं इस मामले को लेकर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई है, जो 27 अगस्त को होगी. इस बैठक का मुख्य एजेंडा जीएसटी होगा और जिसमें इस संविधान संशोधन बिल का अनुमोदन करने का आग्रह किया जाएगा. इसके साथ ही सरकार से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी.टिप्पणियां इसके साथ ही आम आदमी से जुड़ी सरकारी की योजनाओं के कार्यान्वन पर चर्चा होगी. 23 अगस्त को भी दिल्ली में सभी राज्यों के सांगठनिक कोर समूहों की बैठक बुलाई है. अभी नौ राज्यों में बीजेपी की सरकार है, जिसमें गुजरात, असम, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, हरियाणा, महाराष्ट्र और गोवा. इसके अलावा में चार राज्यों में बीजेपी गठबंधन सरकारें हैं. आंध्र प्रदेश, नागालैंड, पंजाब,  जम्मू और कश्मीर. यानी 13 राज्य और जीएसटी का 15 राज्यों से पास होना जरूरी है. बिहार और बंगाल से समर्थन की बात कही जा चुकी है. वहीं इस मामले को लेकर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई है, जो 27 अगस्त को होगी. इस बैठक का मुख्य एजेंडा जीएसटी होगा और जिसमें इस संविधान संशोधन बिल का अनुमोदन करने का आग्रह किया जाएगा. इसके साथ ही सरकार से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी.टिप्पणियां इसके साथ ही आम आदमी से जुड़ी सरकारी की योजनाओं के कार्यान्वन पर चर्चा होगी. 23 अगस्त को भी दिल्ली में सभी राज्यों के सांगठनिक कोर समूहों की बैठक बुलाई है. अभी नौ राज्यों में बीजेपी की सरकार है, जिसमें गुजरात, असम, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, हरियाणा, महाराष्ट्र और गोवा. इसके अलावा में चार राज्यों में बीजेपी गठबंधन सरकारें हैं. आंध्र प्रदेश, नागालैंड, पंजाब,  जम्मू और कश्मीर. यानी 13 राज्य और जीएसटी का 15 राज्यों से पास होना जरूरी है. बिहार और बंगाल से समर्थन की बात कही जा चुकी है. इसके साथ ही आम आदमी से जुड़ी सरकारी की योजनाओं के कार्यान्वन पर चर्चा होगी. 23 अगस्त को भी दिल्ली में सभी राज्यों के सांगठनिक कोर समूहों की बैठक बुलाई है. अभी नौ राज्यों में बीजेपी की सरकार है, जिसमें गुजरात, असम, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, हरियाणा, महाराष्ट्र और गोवा. इसके अलावा में चार राज्यों में बीजेपी गठबंधन सरकारें हैं. आंध्र प्रदेश, नागालैंड, पंजाब,  जम्मू और कश्मीर. यानी 13 राज्य और जीएसटी का 15 राज्यों से पास होना जरूरी है. बिहार और बंगाल से समर्थन की बात कही जा चुकी है. अभी नौ राज्यों में बीजेपी की सरकार है, जिसमें गुजरात, असम, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, हरियाणा, महाराष्ट्र और गोवा. इसके अलावा में चार राज्यों में बीजेपी गठबंधन सरकारें हैं. आंध्र प्रदेश, नागालैंड, पंजाब,  जम्मू और कश्मीर. यानी 13 राज्य और जीएसटी का 15 राज्यों से पास होना जरूरी है. बिहार और बंगाल से समर्थन की बात कही जा चुकी है.
सारांश: 8 अगस्त को लोकसभा में दोबारा आएगा जीएसटी राज्यसभा में पहले पास हो चुका है बिहार और पश्चिम बंगाल ने की साथ देने की बात
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पूर्वी दिल्ली से बीजेपी सांसद गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) को जान से मारने की धमकी मिली है. गंभीर को फोन से यह धमकी मिली है. बीजेपी सांसद ने शनिवार को दिल्ली पुलिस (Delhi Police) को पत्र लिख इसकी जानकारी दी और एफआईआर दर्ज करने की मांग की. गंभीर ने अपनी शिकायत में बताया कि धमकी देने वाले शख्स ने उनके परिवार को भी जान से मारने की धमकी दी है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. मिली जानकारी के अनुसार, गौतम गंभीर ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया है कि उन्हें दो दिन पहले फोन पर जान से मारने की धमकी मिली थी. यह धमकी उन्हें इंटरनेशनल नंबर से दी गई. गंभीर ने पुलिस से निवेदन किया है कि वह इस मामले में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करें और उनकी और उनके परिवार की सुरक्षा करें. दिल्ली पुलिस ने बीजेपी सांसद की शिकायत का संज्ञान लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है. बताते चलें कि 2019 लोकसभा चुनाव में गौतम गंभीर पूर्वी दिल्ली से बीजेपी उम्मीदवार थे. कांग्रेस ने यहां से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली और आम आदमी पार्टी (AAP) ने आतिशी को चुनावी मैदान में उतारा था. गंभीर ने दूसरे नंबर पर आए अरविंदर लवली को 3.91 लाख वोटों से हराया था. आतिशी करीब दो लाख वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रही थीं. गंभीर से पहले महेश गिरी पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र से सांसद चुने गए थे.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गौतम गंभीर को मिली जान से मारने की धमकी बीजेपी सांसद को फोन पर दी गई धमकी दिल्ली पुलिस के पास दर्ज कराई शिकायत
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: आदर्श घोटाले में फंसे महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण भले ही अपने आप को पाक-साफ बताने की कोशिश कर रहे हों, लेकिन सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में पूर्व मुख्यमंत्री पर जो आरोप लगाए हैं, उनसे बच पाना उनके लिए काफी मुश्किल साबित होता दिख रहा है। सीबीआई ने 10,000 पन्नों की चार्जशीट में अशोक चव्हाण पर आईपीसी की धारा 420 के अलावा साजिश रचने के भी आरोप लगाए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने रिश्तेदारों के फ्लैट खरीदने के लिए पैसे भरे, जो उन्होंने पुणे के बिल्डर जयंती शाह से लिए थे। चव्हाण ने 69 लाख रुपयों में अपनी सास भगवती शर्मा और चचिया ससुर मदनलाल शर्मा के लिए आदर्श में फ्लैट बुक करवाए थे। सीबीआई का आरोप है कि चव्हाण ने नियमों को ताक पर रखकर अपने चचिया ससुर के लिए फ्लैट दिलवाया। सीबीआई ने अपनी जांच में पाया कि मदनलाल शर्मा का मुंबई के अंधेरी इलाके में एक फ्लैट था, जिसके चलते वह किसी भी सरकारी स्कीम के तहत फ्लैट नहीं पा सकते थे, लेकिन वर्ष 2010 में आदर्श मामले में ईडी की जांच की याचिका दायर करते ही चव्हाण ने यह पैसे लौटा दिए। सीबीआई ने चार्जशीट में दावा किया कि चव्हाण ने पैसे 55 और 14 लाख की दो किस्तों में लौटाए। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने मुख्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान अपनी साली सीमा शर्मा को भी फ्लैट दिलाने की कोशिश की थी, लेकिन आदर्श सोसाइटी ने उनकी याचिका रद्द कर दी। सीबीआई का आरोप है कि चव्हाण ने ही आदर्श सोसाइटी में सिविलियन को शामिल करने की मांग की थी, ताकि उनके रिश्तेदारों को भी फ्लैट मिल सके।टिप्पणियां आरोप है कि चव्हाण ने यह पेशकश साल 2000 में अपने राजस्व मंत्री के कार्यकाल के दौरान की थी। चव्हाण ने उसी दौरान मामले के दूसरे आरोपियों आरसी ठाकुर, एमएम वांछू और पूर्व कांग्रेसी कन्हैयालाल गिडवानी से भी मुलाकात की थी। सीबीआई की चार्जशीट में 150 गवाहों के अलावा अलग-अलग विभागों के 161 कागजात को सबूत के तौर पर शामिल किया गया है। सीबीआई ने 29 जनवरी, 2011 को आदर्श घोटाले में एफआईआर दर्ज की थी, लेकिन पहली गिरफ्तारी मार्च, 2012 में ही कर पाए। उस वक्त तय समयसीमा के भीतर चार्जशीट दायर न कर पाने की वजह से सभी आरोपियों को जमानत मिल गई थी, और फिर सीबीआई ने 4 जुलाई, 2012 को 10,000 पन्नों की चार्जशीट दायर की। सीबीआई ने 10,000 पन्नों की चार्जशीट में अशोक चव्हाण पर आईपीसी की धारा 420 के अलावा साजिश रचने के भी आरोप लगाए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने रिश्तेदारों के फ्लैट खरीदने के लिए पैसे भरे, जो उन्होंने पुणे के बिल्डर जयंती शाह से लिए थे। चव्हाण ने 69 लाख रुपयों में अपनी सास भगवती शर्मा और चचिया ससुर मदनलाल शर्मा के लिए आदर्श में फ्लैट बुक करवाए थे। सीबीआई का आरोप है कि चव्हाण ने नियमों को ताक पर रखकर अपने चचिया ससुर के लिए फ्लैट दिलवाया। सीबीआई ने अपनी जांच में पाया कि मदनलाल शर्मा का मुंबई के अंधेरी इलाके में एक फ्लैट था, जिसके चलते वह किसी भी सरकारी स्कीम के तहत फ्लैट नहीं पा सकते थे, लेकिन वर्ष 2010 में आदर्श मामले में ईडी की जांच की याचिका दायर करते ही चव्हाण ने यह पैसे लौटा दिए। सीबीआई ने चार्जशीट में दावा किया कि चव्हाण ने पैसे 55 और 14 लाख की दो किस्तों में लौटाए। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने मुख्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान अपनी साली सीमा शर्मा को भी फ्लैट दिलाने की कोशिश की थी, लेकिन आदर्श सोसाइटी ने उनकी याचिका रद्द कर दी। सीबीआई का आरोप है कि चव्हाण ने ही आदर्श सोसाइटी में सिविलियन को शामिल करने की मांग की थी, ताकि उनके रिश्तेदारों को भी फ्लैट मिल सके।टिप्पणियां आरोप है कि चव्हाण ने यह पेशकश साल 2000 में अपने राजस्व मंत्री के कार्यकाल के दौरान की थी। चव्हाण ने उसी दौरान मामले के दूसरे आरोपियों आरसी ठाकुर, एमएम वांछू और पूर्व कांग्रेसी कन्हैयालाल गिडवानी से भी मुलाकात की थी। सीबीआई की चार्जशीट में 150 गवाहों के अलावा अलग-अलग विभागों के 161 कागजात को सबूत के तौर पर शामिल किया गया है। सीबीआई ने 29 जनवरी, 2011 को आदर्श घोटाले में एफआईआर दर्ज की थी, लेकिन पहली गिरफ्तारी मार्च, 2012 में ही कर पाए। उस वक्त तय समयसीमा के भीतर चार्जशीट दायर न कर पाने की वजह से सभी आरोपियों को जमानत मिल गई थी, और फिर सीबीआई ने 4 जुलाई, 2012 को 10,000 पन्नों की चार्जशीट दायर की। सीबीआई का आरोप है कि चव्हाण ने नियमों को ताक पर रखकर अपने चचिया ससुर के लिए फ्लैट दिलवाया। सीबीआई ने अपनी जांच में पाया कि मदनलाल शर्मा का मुंबई के अंधेरी इलाके में एक फ्लैट था, जिसके चलते वह किसी भी सरकारी स्कीम के तहत फ्लैट नहीं पा सकते थे, लेकिन वर्ष 2010 में आदर्श मामले में ईडी की जांच की याचिका दायर करते ही चव्हाण ने यह पैसे लौटा दिए। सीबीआई ने चार्जशीट में दावा किया कि चव्हाण ने पैसे 55 और 14 लाख की दो किस्तों में लौटाए। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने मुख्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान अपनी साली सीमा शर्मा को भी फ्लैट दिलाने की कोशिश की थी, लेकिन आदर्श सोसाइटी ने उनकी याचिका रद्द कर दी। सीबीआई का आरोप है कि चव्हाण ने ही आदर्श सोसाइटी में सिविलियन को शामिल करने की मांग की थी, ताकि उनके रिश्तेदारों को भी फ्लैट मिल सके।टिप्पणियां आरोप है कि चव्हाण ने यह पेशकश साल 2000 में अपने राजस्व मंत्री के कार्यकाल के दौरान की थी। चव्हाण ने उसी दौरान मामले के दूसरे आरोपियों आरसी ठाकुर, एमएम वांछू और पूर्व कांग्रेसी कन्हैयालाल गिडवानी से भी मुलाकात की थी। सीबीआई की चार्जशीट में 150 गवाहों के अलावा अलग-अलग विभागों के 161 कागजात को सबूत के तौर पर शामिल किया गया है। सीबीआई ने 29 जनवरी, 2011 को आदर्श घोटाले में एफआईआर दर्ज की थी, लेकिन पहली गिरफ्तारी मार्च, 2012 में ही कर पाए। उस वक्त तय समयसीमा के भीतर चार्जशीट दायर न कर पाने की वजह से सभी आरोपियों को जमानत मिल गई थी, और फिर सीबीआई ने 4 जुलाई, 2012 को 10,000 पन्नों की चार्जशीट दायर की। सीबीआई ने चार्जशीट में दावा किया कि चव्हाण ने पैसे 55 और 14 लाख की दो किस्तों में लौटाए। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने मुख्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान अपनी साली सीमा शर्मा को भी फ्लैट दिलाने की कोशिश की थी, लेकिन आदर्श सोसाइटी ने उनकी याचिका रद्द कर दी। सीबीआई का आरोप है कि चव्हाण ने ही आदर्श सोसाइटी में सिविलियन को शामिल करने की मांग की थी, ताकि उनके रिश्तेदारों को भी फ्लैट मिल सके।टिप्पणियां आरोप है कि चव्हाण ने यह पेशकश साल 2000 में अपने राजस्व मंत्री के कार्यकाल के दौरान की थी। चव्हाण ने उसी दौरान मामले के दूसरे आरोपियों आरसी ठाकुर, एमएम वांछू और पूर्व कांग्रेसी कन्हैयालाल गिडवानी से भी मुलाकात की थी। सीबीआई की चार्जशीट में 150 गवाहों के अलावा अलग-अलग विभागों के 161 कागजात को सबूत के तौर पर शामिल किया गया है। सीबीआई ने 29 जनवरी, 2011 को आदर्श घोटाले में एफआईआर दर्ज की थी, लेकिन पहली गिरफ्तारी मार्च, 2012 में ही कर पाए। उस वक्त तय समयसीमा के भीतर चार्जशीट दायर न कर पाने की वजह से सभी आरोपियों को जमानत मिल गई थी, और फिर सीबीआई ने 4 जुलाई, 2012 को 10,000 पन्नों की चार्जशीट दायर की। आरोप है कि चव्हाण ने यह पेशकश साल 2000 में अपने राजस्व मंत्री के कार्यकाल के दौरान की थी। चव्हाण ने उसी दौरान मामले के दूसरे आरोपियों आरसी ठाकुर, एमएम वांछू और पूर्व कांग्रेसी कन्हैयालाल गिडवानी से भी मुलाकात की थी। सीबीआई की चार्जशीट में 150 गवाहों के अलावा अलग-अलग विभागों के 161 कागजात को सबूत के तौर पर शामिल किया गया है। सीबीआई ने 29 जनवरी, 2011 को आदर्श घोटाले में एफआईआर दर्ज की थी, लेकिन पहली गिरफ्तारी मार्च, 2012 में ही कर पाए। उस वक्त तय समयसीमा के भीतर चार्जशीट दायर न कर पाने की वजह से सभी आरोपियों को जमानत मिल गई थी, और फिर सीबीआई ने 4 जुलाई, 2012 को 10,000 पन्नों की चार्जशीट दायर की। सीबीआई की चार्जशीट में 150 गवाहों के अलावा अलग-अलग विभागों के 161 कागजात को सबूत के तौर पर शामिल किया गया है। सीबीआई ने 29 जनवरी, 2011 को आदर्श घोटाले में एफआईआर दर्ज की थी, लेकिन पहली गिरफ्तारी मार्च, 2012 में ही कर पाए। उस वक्त तय समयसीमा के भीतर चार्जशीट दायर न कर पाने की वजह से सभी आरोपियों को जमानत मिल गई थी, और फिर सीबीआई ने 4 जुलाई, 2012 को 10,000 पन्नों की चार्जशीट दायर की।
यहाँ एक सारांश है:10,000 से भी ज़्यादा पन्नों की चार्जशीट में सीबीआई ने अशोक चव्हाण पर आईपीसी की धारा 420 के अलावा साजिश रचने के भी आरोप लगाए हैं, जिनके सबूत भी मौजूद हैं।
18
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: विश्व के शीर्षस्थ गोल्फ खिलाड़ी टाइगर वुड्स स्पेन के गोल्फ खिलाड़ी सर्जियो गार्सिया की 'फ्राइड चिकन' वाली टिप्पणी से बेहद आहत हैं। समाचार चैनल बीबीसी ने वुड्स के ट्विटर खाते के हवाले से कहा, "यह टिप्पणी मूर्खतापूर्ण नहीं है। यह बिल्कुल गलत, तकलीफ देने वाला और स्पष्टत: अनुपयुक्त है।" वुड्स और गार्सिया के बीच पिछले महीने अमेरिका में प्लेयर्स चैम्पियनशिप के समय से ही सार्वजनिक तौर पर विवाद चल रहा है। गार्सिया ने मजाक में कहा था कि वुड्स से सुलह करने के लिए वह उन्हें खाने पर बुलाएंगे और उन्हें फ्राइड चिकन परोसेंगे।टिप्पणियां ज्ञात हो कि अमेरिका के सुदूर दक्षिणी इलाकों में 'फ्राइड चिकन' शब्दयुग्म को अश्वेत लोगों के पर्याय के रूप में लिया जाता है। गार्सिया ने हालांकि बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में पश्चाताप व्यक्त किया और कहा, "मैं टाइगर से माफी मांगना चाहता हूं। मुझे इसके बारे में बेहद दुख हुआ और मैं इसके लिए तहेदिल से माफी मांगता हूं।" समाचार चैनल बीबीसी ने वुड्स के ट्विटर खाते के हवाले से कहा, "यह टिप्पणी मूर्खतापूर्ण नहीं है। यह बिल्कुल गलत, तकलीफ देने वाला और स्पष्टत: अनुपयुक्त है।" वुड्स और गार्सिया के बीच पिछले महीने अमेरिका में प्लेयर्स चैम्पियनशिप के समय से ही सार्वजनिक तौर पर विवाद चल रहा है। गार्सिया ने मजाक में कहा था कि वुड्स से सुलह करने के लिए वह उन्हें खाने पर बुलाएंगे और उन्हें फ्राइड चिकन परोसेंगे।टिप्पणियां ज्ञात हो कि अमेरिका के सुदूर दक्षिणी इलाकों में 'फ्राइड चिकन' शब्दयुग्म को अश्वेत लोगों के पर्याय के रूप में लिया जाता है। गार्सिया ने हालांकि बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में पश्चाताप व्यक्त किया और कहा, "मैं टाइगर से माफी मांगना चाहता हूं। मुझे इसके बारे में बेहद दुख हुआ और मैं इसके लिए तहेदिल से माफी मांगता हूं।" वुड्स और गार्सिया के बीच पिछले महीने अमेरिका में प्लेयर्स चैम्पियनशिप के समय से ही सार्वजनिक तौर पर विवाद चल रहा है। गार्सिया ने मजाक में कहा था कि वुड्स से सुलह करने के लिए वह उन्हें खाने पर बुलाएंगे और उन्हें फ्राइड चिकन परोसेंगे।टिप्पणियां ज्ञात हो कि अमेरिका के सुदूर दक्षिणी इलाकों में 'फ्राइड चिकन' शब्दयुग्म को अश्वेत लोगों के पर्याय के रूप में लिया जाता है। गार्सिया ने हालांकि बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में पश्चाताप व्यक्त किया और कहा, "मैं टाइगर से माफी मांगना चाहता हूं। मुझे इसके बारे में बेहद दुख हुआ और मैं इसके लिए तहेदिल से माफी मांगता हूं।" गार्सिया ने मजाक में कहा था कि वुड्स से सुलह करने के लिए वह उन्हें खाने पर बुलाएंगे और उन्हें फ्राइड चिकन परोसेंगे।टिप्पणियां ज्ञात हो कि अमेरिका के सुदूर दक्षिणी इलाकों में 'फ्राइड चिकन' शब्दयुग्म को अश्वेत लोगों के पर्याय के रूप में लिया जाता है। गार्सिया ने हालांकि बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में पश्चाताप व्यक्त किया और कहा, "मैं टाइगर से माफी मांगना चाहता हूं। मुझे इसके बारे में बेहद दुख हुआ और मैं इसके लिए तहेदिल से माफी मांगता हूं।" ज्ञात हो कि अमेरिका के सुदूर दक्षिणी इलाकों में 'फ्राइड चिकन' शब्दयुग्म को अश्वेत लोगों के पर्याय के रूप में लिया जाता है। गार्सिया ने हालांकि बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में पश्चाताप व्यक्त किया और कहा, "मैं टाइगर से माफी मांगना चाहता हूं। मुझे इसके बारे में बेहद दुख हुआ और मैं इसके लिए तहेदिल से माफी मांगता हूं।" गार्सिया ने हालांकि बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में पश्चाताप व्यक्त किया और कहा, "मैं टाइगर से माफी मांगना चाहता हूं। मुझे इसके बारे में बेहद दुख हुआ और मैं इसके लिए तहेदिल से माफी मांगता हूं।"
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: समाचार चैनल बीबीसी ने वुड्स के ट्विटर खाते के हवाले से कहा, "यह टिप्पणी मूर्खतापूर्ण नहीं है। यह बिल्कुल गलत, तकलीफ देने वाला और स्पष्टत: अनुपयुक्त है।"
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: चुनाव आयोग के आदेश के एक दिन बाद उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में स्थित सामाजिक परिवर्तन स्थल पर एक हाथी पर परदा तो पड़ा मगर थोड़ी ही देर बाद उसे हटा लिया गया। सूत्रों के अनुसार दोपहर के आसपास तीन-चार लोग सामाजिक परिवर्तन स्थल पहुंचे और एक फव्वारे के नीचे बनी हाथी की एक मूर्ति को हरे रंग के कपड़े से ढंक दिया मगर थोडी ही देर बाद वह कपड़ा उतार दिया गया। चुनाव आयोग ने शनिवार को ही बसपा मुखिया एवं प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती तथा सत्तारुढ़ दल के चुनाव चिन्ह हाथियों की मूर्तियों को 'यथाशीघ्र' परदे में ढकने का आदेश दिया था मगर संबंधित अधिकारियों का दावा है कि उन्हें इस संबंध में आयोग से अभी कोई आदेश नहीं मिला है। राजधानी लखनऊ में मूर्तियों के ढंकने का काम इनका रख रखाव करने वाले लखनऊ विकास प्राधिकरण आदि संस्थाओं के जरिये किया जाने वाला है, मगर इसके वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘फिलहाल हमें इस संबंध में कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। जैसे ही आदेश मिलता है उस पर अमल किया जाएगा।’
यह एक सारांश है: चुनाव आयोग के आदेश के एक दिन बाद लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में सामाजिक परिवर्तन स्थल पर एक हाथी पर परदा तो पड़ा मगर थोड़ी ही देर बाद उसे हटा लिया गया।
24
['hin']
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान में अमेरिका के महावाणिज्य दूत ने रेमंड डेविस की जल्द रिहाई की मांग की है। डेविस को दो पाकिस्तानी नागरिकों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस्लामाबाद में पत्रकारों से बातचीत के दौरान शुक्रवार रात को महावाणिज्य दूत कारमिला कोनरी ने कहा, "डेविस इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास के एक मान्यता प्राप्त कर्मचारी हैं और वियना समझौते के तहत राजनयिक समुदाय इससे बंधा हुआ है। पाकिस्तान ने भी इस समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।" कोनरी ने कहा, "पुलिस ने जांच के दौरान प्रत्यक्षदर्शियों के बयान को संज्ञान में नहीं लिया है। रेमंड डेविस ने यह कार्रवाई आत्मरक्षा में की थी क्योंकि दो युवक बंदूक की नोक पर उन्हें रोकना चाहते थे।" उल्लेखनीय है कि डेविस को 27 जनवरी को दो लोगों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। डेविस के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है तथा जांच चल रही है। उधर, डेविस ने दावा किया था कि उन्होंने आत्मरक्षा में यह कार्रवाई की थी। अमेरिकी वाणिज्य दूतावास ने अधिकारियों से आग्रह किया है कि कूटनीतिक मानदंडों के अनुसार वह डेविस को रिहा करें। डेविस को शुक्रवार को एक अदालत में पेश किया गया था, जहां उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: डेविस को 27 जनवरी को दो लोगों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। डेविस के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्रीय वित्तमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रणब मुखर्जी के बेटे अविजीत और उनकी पत्नी के पास 5 करोड़ रुपये की संपत्ति है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से पर्चा भरा है। अविजीत ने मंगलवार को बीरभूम जिले में नल्हाटी विधानसभा सीट से नामांकन दाखिल किया। अविजीत ने दाखिल हलफनामा में बताया कि उनके पास 58,22,890 (58.2 लाख) रुपये की चल संपत्ति है। इसके साथ ही उनके पास चार वाहन और आभूषण भी है। अविजीत की पत्नी चित्रलेखा पास 90 लाख रुपये की चल संपत्ति है। इसमें 52 लाख रुपये के गहने हैं। अविजीत के पास गैर-कृषि और कृषि योग्य भूमि है, जिसकी कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई गई है। वहीं चित्रलेखा के पास भी 42,31,930 रुपये की खेती योग्य भूमि है। दोनों के पास एक करोड़ रुपये की आवासीय संपत्ति है। अविजीत ने हलफनामे में वित्तवर्ष 2009-10 के दौरान अपनी आय 21,16,740 रुपये की दिखाई है, जबकि चित्रलेखा की आय 2,06,259 रुपये है।
सारांश: वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी के बेटे अविजीत और उनकी पत्नी के पास 5 करोड़ की संपत्ति है। उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से पर्चा भरा है।
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हालांकि, जस्टिस कौल ने जस्टिस खन्ना पर किसी तरह के सवाल नहीं उठाए हैं. इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट के रिटायर जज जस्टिस कैलाश गंभीर ने भी राष्ट्रपति को खत लिखकर कॉलेजियम के इस फैसले का विरोध जताया था. जस्टिस कैलाश गंभीर ने 32 न्यायाधीशों की वरिष्ठता की कथित अनदेखी करते हुए न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना को सुप्रीम कोर्ट में भेजे जाने की कॉलेजियम की सिफारिश के खिलाफ राष्ट्रपति को एक पत्र लिखा है. यह पत्र सोमवार को लिखा गया है, जो दो पन्नों का है. इसमें इस बात का जिक्र किया गया है कि न्यायमूर्ति खन्ना दिवंगत न्यायामूर्ति एचआर खन्ना के भतीजे हैं, जिन्होंने आपातकाल के दौरान असहमति वाला एक फैसला दिया था जिसके बाद उनकी वरिष्ठता को नजरअंदाज करके किसी और को प्रधान न्यायाधीश बनाया गया था. बता दें, दस जनवरी को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और दिल्ली हाईकोर्ट के जज जस्टिस संजीव खन्ना को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाने के लिए केंद्र को सिफारिश भेजी है. जबकि, दिसंबर में कॉलेजियम ने दिल्ली के चीफ जस्टिस राजेंद्र मेनन और राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस प्रदीप नंदराजोग को चुना था लेकिन बाद में उनकी सिफारिश केंद्र को नहीं भेजी गई.
संक्षिप्त सारांश: SC कॉलेजियम की सिफारिशों पर विवाद अब पूर्व सीजेआई ने उठाए सवाल सुप्रीम कोर्ट के जज ने CJI को लिखी थी चिट्ठी
23
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: समझौता एक्सप्रेस ट्रेन में विस्फोट के सिलसिले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा गिरफ्तार स्वामी असीमानंद ने एक बार फिर कहा है कि वह निर्दोष है और एजेंसी के पास उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। असीमानंद और इस मामले के एक अन्य आरोपी लोकेश शर्मा को सोमवार को जांच एजेंसी के विशेष न्यायाधीश सुभाष मेहला की अदालत में पेश किया गया। मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी। अदालत परिसर से बाहर संवाददाताओं से बातचीत में असीमानंद ने कहा, "मैं निर्दोष हूं। जांच एजेंसी के पास मेरे खिलाफ कोई सबूत नहीं है और मेरी गिरफ्तारी गैर-कानूनी है। यह मुझे फंसाने का षड्यंत्र है। वे मुझे प्रताड़ित कर रहे हैं और मुझ पर गलत बयान देने के लिए दबाव बना रहे हैं।" असीमानंद के वकील मनवीर सिंह राठी ने कहा, "जांच एजेंसी ने अपने आरोप पत्र के समर्थन में सोमवार को अदालत में कुछ दस्तावेज पेश किए। एजेंसी के वकील ने बताया कि अपने दावे को अधिक मजबूत बनाने के लिए वह अगली सुनवाई तक और दस्तावेज पेश करेंगे। एजेंसी ने यह भी कहा कि वह साध्वी प्रज्ञा सिंह और अन्य लोगों के खिलाफ भी दस्तावेज एकत्र कर रही है।" उल्लेखनीय है कि जांच एजेंसी ने 20 जून को असीमानंद और लोकेश के साथ-साथ संदीप डांगे, रामचंद्र कलासांग्रा तथा सुनील जोशी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था। इनमें जोशी की मौत हो चुकी है, जबकि डांगे और कालासांग्रा फरार है। आरोप पत्र में असीमानंद को समझौता विस्फोट का मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है। असीमानंद को पिछले साल 19 नवम्बर को उत्तराखण्ड से 2007 में हैदराबाद के मक्का मस्जिद धमाकों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गिरफ्तार स्वामी असीमानंद ने एक बार फिर कहा है कि वह निर्दोष है और एजेंसी के पास उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं है।
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: नागर विमानन मंत्री अजित सिंह ने एयर इंडिया पायलटों की हड़ताल को गैर-कानूनी बताते हुए उनसे यात्रियों और एयर इंडिया के व्यापक हित में जल्द काम पर लौटने की अपील की।टिप्पणियां अजित ने चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डे पर बनाए गए नए टर्मिनल का उद्घाटन करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा, स्थिति को सुलझाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं...पायलटों से मेरी अपील है कि वे यात्रियों और कंपनी के व्यापक हित के बारे में सोचें। उन्होंने कहा कि पायलटों की समस्याओं पर विचार के लिए न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) धर्माधिकारी समिति की रिपोर्ट आ चुकी है, ऐसे में उनकी हड़ताल का कोई औचित्य नहीं है। पायलटों को हड़ताल समाप्त कर तुरंत काम पर लौट आना चाहिए। उच्च न्यायालय पायलटों की हड़ताल को पहले ही गैर-कानूनी करार दे चुका है। सिंह ने कहा कि सरकार ने एयर इंडिया को फिर से मजबूत बनाने के लिए 30 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज दिया है, लेकिन केवल धन मिल जाने से स्थिति बदलने वाली नहीं है, हमें प्रतिस्पर्धी होना होगा और लागत कम करनी होगी। अजित ने कहा कि विगत तीन महीनों में एयर इंडिया की विश्वसनीयता बढ़ी थी, मगर हड़ताल से इसको नुकसान हुआ है। यात्रियों के मन में एयर इंडिया का टिकट लेते वक्त हिचकिचाहट रहती है कि विमान आएगा भी या नहीं। अजित ने चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डे पर बनाए गए नए टर्मिनल का उद्घाटन करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा, स्थिति को सुलझाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं...पायलटों से मेरी अपील है कि वे यात्रियों और कंपनी के व्यापक हित के बारे में सोचें। उन्होंने कहा कि पायलटों की समस्याओं पर विचार के लिए न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) धर्माधिकारी समिति की रिपोर्ट आ चुकी है, ऐसे में उनकी हड़ताल का कोई औचित्य नहीं है। पायलटों को हड़ताल समाप्त कर तुरंत काम पर लौट आना चाहिए। उच्च न्यायालय पायलटों की हड़ताल को पहले ही गैर-कानूनी करार दे चुका है। सिंह ने कहा कि सरकार ने एयर इंडिया को फिर से मजबूत बनाने के लिए 30 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज दिया है, लेकिन केवल धन मिल जाने से स्थिति बदलने वाली नहीं है, हमें प्रतिस्पर्धी होना होगा और लागत कम करनी होगी। अजित ने कहा कि विगत तीन महीनों में एयर इंडिया की विश्वसनीयता बढ़ी थी, मगर हड़ताल से इसको नुकसान हुआ है। यात्रियों के मन में एयर इंडिया का टिकट लेते वक्त हिचकिचाहट रहती है कि विमान आएगा भी या नहीं। सिंह ने कहा कि सरकार ने एयर इंडिया को फिर से मजबूत बनाने के लिए 30 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज दिया है, लेकिन केवल धन मिल जाने से स्थिति बदलने वाली नहीं है, हमें प्रतिस्पर्धी होना होगा और लागत कम करनी होगी। अजित ने कहा कि विगत तीन महीनों में एयर इंडिया की विश्वसनीयता बढ़ी थी, मगर हड़ताल से इसको नुकसान हुआ है। यात्रियों के मन में एयर इंडिया का टिकट लेते वक्त हिचकिचाहट रहती है कि विमान आएगा भी या नहीं।
नागर विमानन मंत्री अजित सिंह ने एयर इंडिया पायलटों की हड़ताल को गैर-कानूनी बताते हुए उनसे यात्रियों और एयर इंडिया के व्यापक हित में जल्द काम पर लौटने की अपील की।
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: रिलायंस-बीपी तथा पोस्को सहित कई बड़े सौदों के चलते 2011-12 में देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) बढ़कर 35 अरब डॉलर हो सकता है जो पिछले वित्त वर्ष में 19.4 प्रतिशत रहा था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'मुझे एफडीआई 35 अरब डॉलर से अधिक रहने की अपेक्षा है। रिलायंस-बीपी सौदे तथा पोस्को के बड़े निवेश से यह संख्या ऊंची रहने की उम्मीद है।' अधिकारी ने कहा कि विदेशी निवेशक भारत की आर्थिक वृद्धि को लेकर विश्वास में है क्योंकि वैश्विक आर्थिक मंदी के दौरान भी वृद्धि दर काफी अच्छी रही। वित्त वर्ष 2008-09 और 2009-10 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर क्रमश: 6.8 प्रतिशत और 8.0 प्रतिशत रही। जबकि इस अवधि में अधिकांश वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं का प्रदर्शन इस मोर्चे पर निराशाजनक रहा था। सरकार ने बीपी पीएलसी द्वारा रिलायंस इंडस्ट्रीज के तेल एवं गैस ब्लाकों में 30 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के सौदे को मंजूरी दे दी है। यह सौदा 7.2 अरब डॉलर का है और देश में अपनी तरह के सबसे बड़े एफडीआई प्रस्तावों में से एक है। इसी तरह पर्यावरण मंत्रालय ने कोरियाई कंपनी पोस्को को उड़ीसा में इस्पात कारखाने के लिए 12 अरब डालर के निवेशक को सशर्त मंजूरी मई में दी। मई तथा जून में देश में प्रत्यक्ष निवेश 111 व 310 प्रतिशत बढ़कर क्रमश: 4.66 अरब डॉलर तथा 5.65 अरब डॉलर हो गया। केपीएमजी के कार्यकारी निदेशक कृष्ण मलहोत्रा ने कहा, 'पिछले कुछ महीनों में वृद्धि को देखते हुए एफडीआई 35 अरब डालर के स्तर को छू सकता है।'
कई बड़े सौदों के चलते 2011-12 में देश में एफडीआई बढ़कर 35 अरब डॉलर हो सकता है जो पिछले वित्त वर्ष में 19.4 प्रतिशत रहा था।
1
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: एक पाकिस्तानी आतंकवाद निरोधी अदालत ने ‘घोषित अपराधी’ एवं पूर्व सैन्य तानाशाह पररवेज मुशर्रफ से कहा कि वह पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या की जांच में सहयोग करें। मुशर्रफ को इस्लामाबाद के बाहरी इलाके में स्थित उनके विला से रावलपिंडी आधारित अदालत ले जाया गया। उन्हें इस विला में नजरबंद रखा गया है। पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति को न्यायाधीश चौधरी हबीबुर रहमान के सामने पेश किया गया। 2008 में मामले की सुनवाई शुरू होने के बाद यह पहला मौका है जब वह रावलपिंडी स्थित अदालत के समक्ष पेश हुए। उनके वकील ने न्यायाधीश से कहा कि वह उस आदेश को निरस्त करें, जिसमें मुशर्रफ को भगोड़ा करार दिया गया है। वकील ने पूर्व सैन्य शासक के बैंक खातों और संपत्तियों के परिचालन पर लगी रोक भी खत्म करने का आग्रह किया। सुरक्षा कारणों से बंद कमरे में सुनवाई कर रही अदालत ने जांच में मुशर्रफ के सहयोग नहीं करने के चलते उन्हें 2011 में भगोड़ा घोषित कर दिया था और उनकी संपत्ति के परिचालन पर रोक लगा दी थी। पूर्व सेना प्रमुख के वकील ने कहा कि ये आदेश वापस लिए जाने चाहिए, क्योंकि अब वह अदालत में पेश हो रहे हैं। मुशर्रफ पर 2007 में आत्मनिर्वासन से वतन लौटीं बेनजीर भुट्टो को नाकाफी सुरक्षा देने का आरोप है। 27 दिसंबर 2007 को एक राजनीतिक रैली के दौरान उनकी हत्या कर दी गई। न्यायाधीश ने मुशर्रफ को जांचकर्ताओं के साथ सहयोग करने का निर्देश दिया। उन्होंने सुनवाई 3 मई तक स्थगित कर दी। फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के मुख्य अभियोजक चौधरी जुल्फिकार अली ने रिपोर्टर को बताया कि मुशर्रफ ने जांचकर्ताओं के साथ सहयोग नहीं किया। अली ने कहा, वह एक महीने तक जमानत पर थे, लेकिन जांच में शामिल नहीं हुए। आज पहला मौका है जब वह अदालत में पेश हुए। मुशर्रफ चक शहजाद में अपने फार्महाउस में रह रहे हैं, जिसे पिछले हफ्ते उपकारा घोषित कर दिया गया। सुनवाई के बाद मुशर्रफ को कड़ी सुरक्षा में फार्महाउस लौटा दिया गया।टिप्पणियां अदालत के बाहर, ढेर सारे वकीलों की हाथापाई मुशर्रफ के समर्थकों के साथ हुई। वकीलों ने पूर्व तानाशाह के समर्थकों को डंडों से पीटा और कई कारों को नुकसान पहुंचाया। टेलीविजन पर प्रसारित फुटेज में दोनों समूहों को अदालत परिसर के बाहर एक सड़क पर एक-दूसरे पर पत्थरबाजी करते दिखाया गया। मुशर्रफ को इस्लामाबाद के बाहरी इलाके में स्थित उनके विला से रावलपिंडी आधारित अदालत ले जाया गया। उन्हें इस विला में नजरबंद रखा गया है। पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति को न्यायाधीश चौधरी हबीबुर रहमान के सामने पेश किया गया। 2008 में मामले की सुनवाई शुरू होने के बाद यह पहला मौका है जब वह रावलपिंडी स्थित अदालत के समक्ष पेश हुए। उनके वकील ने न्यायाधीश से कहा कि वह उस आदेश को निरस्त करें, जिसमें मुशर्रफ को भगोड़ा करार दिया गया है। वकील ने पूर्व सैन्य शासक के बैंक खातों और संपत्तियों के परिचालन पर लगी रोक भी खत्म करने का आग्रह किया। सुरक्षा कारणों से बंद कमरे में सुनवाई कर रही अदालत ने जांच में मुशर्रफ के सहयोग नहीं करने के चलते उन्हें 2011 में भगोड़ा घोषित कर दिया था और उनकी संपत्ति के परिचालन पर रोक लगा दी थी। पूर्व सेना प्रमुख के वकील ने कहा कि ये आदेश वापस लिए जाने चाहिए, क्योंकि अब वह अदालत में पेश हो रहे हैं। मुशर्रफ पर 2007 में आत्मनिर्वासन से वतन लौटीं बेनजीर भुट्टो को नाकाफी सुरक्षा देने का आरोप है। 27 दिसंबर 2007 को एक राजनीतिक रैली के दौरान उनकी हत्या कर दी गई। न्यायाधीश ने मुशर्रफ को जांचकर्ताओं के साथ सहयोग करने का निर्देश दिया। उन्होंने सुनवाई 3 मई तक स्थगित कर दी। फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के मुख्य अभियोजक चौधरी जुल्फिकार अली ने रिपोर्टर को बताया कि मुशर्रफ ने जांचकर्ताओं के साथ सहयोग नहीं किया। अली ने कहा, वह एक महीने तक जमानत पर थे, लेकिन जांच में शामिल नहीं हुए। आज पहला मौका है जब वह अदालत में पेश हुए। मुशर्रफ चक शहजाद में अपने फार्महाउस में रह रहे हैं, जिसे पिछले हफ्ते उपकारा घोषित कर दिया गया। सुनवाई के बाद मुशर्रफ को कड़ी सुरक्षा में फार्महाउस लौटा दिया गया।टिप्पणियां अदालत के बाहर, ढेर सारे वकीलों की हाथापाई मुशर्रफ के समर्थकों के साथ हुई। वकीलों ने पूर्व तानाशाह के समर्थकों को डंडों से पीटा और कई कारों को नुकसान पहुंचाया। टेलीविजन पर प्रसारित फुटेज में दोनों समूहों को अदालत परिसर के बाहर एक सड़क पर एक-दूसरे पर पत्थरबाजी करते दिखाया गया। पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति को न्यायाधीश चौधरी हबीबुर रहमान के सामने पेश किया गया। 2008 में मामले की सुनवाई शुरू होने के बाद यह पहला मौका है जब वह रावलपिंडी स्थित अदालत के समक्ष पेश हुए। उनके वकील ने न्यायाधीश से कहा कि वह उस आदेश को निरस्त करें, जिसमें मुशर्रफ को भगोड़ा करार दिया गया है। वकील ने पूर्व सैन्य शासक के बैंक खातों और संपत्तियों के परिचालन पर लगी रोक भी खत्म करने का आग्रह किया। सुरक्षा कारणों से बंद कमरे में सुनवाई कर रही अदालत ने जांच में मुशर्रफ के सहयोग नहीं करने के चलते उन्हें 2011 में भगोड़ा घोषित कर दिया था और उनकी संपत्ति के परिचालन पर रोक लगा दी थी। पूर्व सेना प्रमुख के वकील ने कहा कि ये आदेश वापस लिए जाने चाहिए, क्योंकि अब वह अदालत में पेश हो रहे हैं। मुशर्रफ पर 2007 में आत्मनिर्वासन से वतन लौटीं बेनजीर भुट्टो को नाकाफी सुरक्षा देने का आरोप है। 27 दिसंबर 2007 को एक राजनीतिक रैली के दौरान उनकी हत्या कर दी गई। न्यायाधीश ने मुशर्रफ को जांचकर्ताओं के साथ सहयोग करने का निर्देश दिया। उन्होंने सुनवाई 3 मई तक स्थगित कर दी। फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के मुख्य अभियोजक चौधरी जुल्फिकार अली ने रिपोर्टर को बताया कि मुशर्रफ ने जांचकर्ताओं के साथ सहयोग नहीं किया। अली ने कहा, वह एक महीने तक जमानत पर थे, लेकिन जांच में शामिल नहीं हुए। आज पहला मौका है जब वह अदालत में पेश हुए। मुशर्रफ चक शहजाद में अपने फार्महाउस में रह रहे हैं, जिसे पिछले हफ्ते उपकारा घोषित कर दिया गया। सुनवाई के बाद मुशर्रफ को कड़ी सुरक्षा में फार्महाउस लौटा दिया गया।टिप्पणियां अदालत के बाहर, ढेर सारे वकीलों की हाथापाई मुशर्रफ के समर्थकों के साथ हुई। वकीलों ने पूर्व तानाशाह के समर्थकों को डंडों से पीटा और कई कारों को नुकसान पहुंचाया। टेलीविजन पर प्रसारित फुटेज में दोनों समूहों को अदालत परिसर के बाहर एक सड़क पर एक-दूसरे पर पत्थरबाजी करते दिखाया गया। उनके वकील ने न्यायाधीश से कहा कि वह उस आदेश को निरस्त करें, जिसमें मुशर्रफ को भगोड़ा करार दिया गया है। वकील ने पूर्व सैन्य शासक के बैंक खातों और संपत्तियों के परिचालन पर लगी रोक भी खत्म करने का आग्रह किया। सुरक्षा कारणों से बंद कमरे में सुनवाई कर रही अदालत ने जांच में मुशर्रफ के सहयोग नहीं करने के चलते उन्हें 2011 में भगोड़ा घोषित कर दिया था और उनकी संपत्ति के परिचालन पर रोक लगा दी थी। पूर्व सेना प्रमुख के वकील ने कहा कि ये आदेश वापस लिए जाने चाहिए, क्योंकि अब वह अदालत में पेश हो रहे हैं। मुशर्रफ पर 2007 में आत्मनिर्वासन से वतन लौटीं बेनजीर भुट्टो को नाकाफी सुरक्षा देने का आरोप है। 27 दिसंबर 2007 को एक राजनीतिक रैली के दौरान उनकी हत्या कर दी गई। न्यायाधीश ने मुशर्रफ को जांचकर्ताओं के साथ सहयोग करने का निर्देश दिया। उन्होंने सुनवाई 3 मई तक स्थगित कर दी। फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के मुख्य अभियोजक चौधरी जुल्फिकार अली ने रिपोर्टर को बताया कि मुशर्रफ ने जांचकर्ताओं के साथ सहयोग नहीं किया। अली ने कहा, वह एक महीने तक जमानत पर थे, लेकिन जांच में शामिल नहीं हुए। आज पहला मौका है जब वह अदालत में पेश हुए। मुशर्रफ चक शहजाद में अपने फार्महाउस में रह रहे हैं, जिसे पिछले हफ्ते उपकारा घोषित कर दिया गया। सुनवाई के बाद मुशर्रफ को कड़ी सुरक्षा में फार्महाउस लौटा दिया गया।टिप्पणियां अदालत के बाहर, ढेर सारे वकीलों की हाथापाई मुशर्रफ के समर्थकों के साथ हुई। वकीलों ने पूर्व तानाशाह के समर्थकों को डंडों से पीटा और कई कारों को नुकसान पहुंचाया। टेलीविजन पर प्रसारित फुटेज में दोनों समूहों को अदालत परिसर के बाहर एक सड़क पर एक-दूसरे पर पत्थरबाजी करते दिखाया गया। सुरक्षा कारणों से बंद कमरे में सुनवाई कर रही अदालत ने जांच में मुशर्रफ के सहयोग नहीं करने के चलते उन्हें 2011 में भगोड़ा घोषित कर दिया था और उनकी संपत्ति के परिचालन पर रोक लगा दी थी। पूर्व सेना प्रमुख के वकील ने कहा कि ये आदेश वापस लिए जाने चाहिए, क्योंकि अब वह अदालत में पेश हो रहे हैं। मुशर्रफ पर 2007 में आत्मनिर्वासन से वतन लौटीं बेनजीर भुट्टो को नाकाफी सुरक्षा देने का आरोप है। 27 दिसंबर 2007 को एक राजनीतिक रैली के दौरान उनकी हत्या कर दी गई। न्यायाधीश ने मुशर्रफ को जांचकर्ताओं के साथ सहयोग करने का निर्देश दिया। उन्होंने सुनवाई 3 मई तक स्थगित कर दी। फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के मुख्य अभियोजक चौधरी जुल्फिकार अली ने रिपोर्टर को बताया कि मुशर्रफ ने जांचकर्ताओं के साथ सहयोग नहीं किया। अली ने कहा, वह एक महीने तक जमानत पर थे, लेकिन जांच में शामिल नहीं हुए। आज पहला मौका है जब वह अदालत में पेश हुए। मुशर्रफ चक शहजाद में अपने फार्महाउस में रह रहे हैं, जिसे पिछले हफ्ते उपकारा घोषित कर दिया गया। सुनवाई के बाद मुशर्रफ को कड़ी सुरक्षा में फार्महाउस लौटा दिया गया।टिप्पणियां अदालत के बाहर, ढेर सारे वकीलों की हाथापाई मुशर्रफ के समर्थकों के साथ हुई। वकीलों ने पूर्व तानाशाह के समर्थकों को डंडों से पीटा और कई कारों को नुकसान पहुंचाया। टेलीविजन पर प्रसारित फुटेज में दोनों समूहों को अदालत परिसर के बाहर एक सड़क पर एक-दूसरे पर पत्थरबाजी करते दिखाया गया। पूर्व सेना प्रमुख के वकील ने कहा कि ये आदेश वापस लिए जाने चाहिए, क्योंकि अब वह अदालत में पेश हो रहे हैं। मुशर्रफ पर 2007 में आत्मनिर्वासन से वतन लौटीं बेनजीर भुट्टो को नाकाफी सुरक्षा देने का आरोप है। 27 दिसंबर 2007 को एक राजनीतिक रैली के दौरान उनकी हत्या कर दी गई। न्यायाधीश ने मुशर्रफ को जांचकर्ताओं के साथ सहयोग करने का निर्देश दिया। उन्होंने सुनवाई 3 मई तक स्थगित कर दी। फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के मुख्य अभियोजक चौधरी जुल्फिकार अली ने रिपोर्टर को बताया कि मुशर्रफ ने जांचकर्ताओं के साथ सहयोग नहीं किया। अली ने कहा, वह एक महीने तक जमानत पर थे, लेकिन जांच में शामिल नहीं हुए। आज पहला मौका है जब वह अदालत में पेश हुए। मुशर्रफ चक शहजाद में अपने फार्महाउस में रह रहे हैं, जिसे पिछले हफ्ते उपकारा घोषित कर दिया गया। सुनवाई के बाद मुशर्रफ को कड़ी सुरक्षा में फार्महाउस लौटा दिया गया।टिप्पणियां अदालत के बाहर, ढेर सारे वकीलों की हाथापाई मुशर्रफ के समर्थकों के साथ हुई। वकीलों ने पूर्व तानाशाह के समर्थकों को डंडों से पीटा और कई कारों को नुकसान पहुंचाया। टेलीविजन पर प्रसारित फुटेज में दोनों समूहों को अदालत परिसर के बाहर एक सड़क पर एक-दूसरे पर पत्थरबाजी करते दिखाया गया। न्यायाधीश ने मुशर्रफ को जांचकर्ताओं के साथ सहयोग करने का निर्देश दिया। उन्होंने सुनवाई 3 मई तक स्थगित कर दी। फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के मुख्य अभियोजक चौधरी जुल्फिकार अली ने रिपोर्टर को बताया कि मुशर्रफ ने जांचकर्ताओं के साथ सहयोग नहीं किया। अली ने कहा, वह एक महीने तक जमानत पर थे, लेकिन जांच में शामिल नहीं हुए। आज पहला मौका है जब वह अदालत में पेश हुए। मुशर्रफ चक शहजाद में अपने फार्महाउस में रह रहे हैं, जिसे पिछले हफ्ते उपकारा घोषित कर दिया गया। सुनवाई के बाद मुशर्रफ को कड़ी सुरक्षा में फार्महाउस लौटा दिया गया।टिप्पणियां अदालत के बाहर, ढेर सारे वकीलों की हाथापाई मुशर्रफ के समर्थकों के साथ हुई। वकीलों ने पूर्व तानाशाह के समर्थकों को डंडों से पीटा और कई कारों को नुकसान पहुंचाया। टेलीविजन पर प्रसारित फुटेज में दोनों समूहों को अदालत परिसर के बाहर एक सड़क पर एक-दूसरे पर पत्थरबाजी करते दिखाया गया। फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के मुख्य अभियोजक चौधरी जुल्फिकार अली ने रिपोर्टर को बताया कि मुशर्रफ ने जांचकर्ताओं के साथ सहयोग नहीं किया। अली ने कहा, वह एक महीने तक जमानत पर थे, लेकिन जांच में शामिल नहीं हुए। आज पहला मौका है जब वह अदालत में पेश हुए। मुशर्रफ चक शहजाद में अपने फार्महाउस में रह रहे हैं, जिसे पिछले हफ्ते उपकारा घोषित कर दिया गया। सुनवाई के बाद मुशर्रफ को कड़ी सुरक्षा में फार्महाउस लौटा दिया गया।टिप्पणियां अदालत के बाहर, ढेर सारे वकीलों की हाथापाई मुशर्रफ के समर्थकों के साथ हुई। वकीलों ने पूर्व तानाशाह के समर्थकों को डंडों से पीटा और कई कारों को नुकसान पहुंचाया। टेलीविजन पर प्रसारित फुटेज में दोनों समूहों को अदालत परिसर के बाहर एक सड़क पर एक-दूसरे पर पत्थरबाजी करते दिखाया गया। अली ने कहा, वह एक महीने तक जमानत पर थे, लेकिन जांच में शामिल नहीं हुए। आज पहला मौका है जब वह अदालत में पेश हुए। मुशर्रफ चक शहजाद में अपने फार्महाउस में रह रहे हैं, जिसे पिछले हफ्ते उपकारा घोषित कर दिया गया। सुनवाई के बाद मुशर्रफ को कड़ी सुरक्षा में फार्महाउस लौटा दिया गया।टिप्पणियां अदालत के बाहर, ढेर सारे वकीलों की हाथापाई मुशर्रफ के समर्थकों के साथ हुई। वकीलों ने पूर्व तानाशाह के समर्थकों को डंडों से पीटा और कई कारों को नुकसान पहुंचाया। टेलीविजन पर प्रसारित फुटेज में दोनों समूहों को अदालत परिसर के बाहर एक सड़क पर एक-दूसरे पर पत्थरबाजी करते दिखाया गया। अदालत के बाहर, ढेर सारे वकीलों की हाथापाई मुशर्रफ के समर्थकों के साथ हुई। वकीलों ने पूर्व तानाशाह के समर्थकों को डंडों से पीटा और कई कारों को नुकसान पहुंचाया। टेलीविजन पर प्रसारित फुटेज में दोनों समूहों को अदालत परिसर के बाहर एक सड़क पर एक-दूसरे पर पत्थरबाजी करते दिखाया गया। टेलीविजन पर प्रसारित फुटेज में दोनों समूहों को अदालत परिसर के बाहर एक सड़क पर एक-दूसरे पर पत्थरबाजी करते दिखाया गया।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एक पाकिस्तानी आतंकवाद निरोधी अदालत ने ‘घोषित अपराधी’ एवं पूर्व सैन्य तानाशाह पररवेज मुशर्रफ से कहा कि वह पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या की जांच में सहयोग करें।
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने अपनी आगामी फिल्म 'रुस्तम' देखने के लिए सलमान खान की ओर से अपने प्रशंसकों से की गई अपील के बाद कहा कि 'उनका दिल बहुत बड़ा है और यह दिखाता है कि हिन्दी सिने जगत में एकजुटता है.' अक्षय ने यहां पत्रकारों से कहा कि 'सलमान ने दिखाया कि हम एकजुट हैं। इस उद्योग में एक साल में लगभग 180 फिल्में बनती हैं और कई अधूरी रह जाती हैं. हम रेस के घोड़ों की तरह नहीं हैं, जो एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ करें.' बॉलीवुड में दो कलाकारों के बीच प्रतियोगिता के बारे में पूछे जाने पर अक्षय ने कहा, 'बॉलीवुड में बहुत सारा काम है, जिसके लिए पर्याप्त कलाकार नहीं हैं. यहां सभी के लिए बहुत मौके हैं और दो कलाकारों के बीच प्रतिस्पर्धा नहीं है.' सलमान ने मंगलवार रात ट्विटर पर अपने प्रशंसकों के साथ एक वीडियो साझा की, जिसमें वह प्रशंसकों से 'रुस्तम' देखने का आग्रह करते दिखाई दे रहे हैं. यह फिल्म 12 अगस्त को रिलीज होगी. टिप्पणियां वीडियों में दबंग स्टार यह कहते सुनाई दे रहे हैं, ''हमारे फिल्म इंडस्ट्री के रुस्तम-ए-हिन्द की फिल्म आ रही है नाम है 'रुस्तम'. 12 अगस्त को जाकर देखिए अक्षय कुमार की फिल्म 'रुस्तम'.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अक्षय ने यहां पत्रकारों से कहा कि 'सलमान ने दिखाया कि हम एकजुट हैं। इस उद्योग में एक साल में लगभग 180 फिल्में बनती हैं और कई अधूरी रह जाती हैं. हम रेस के घोड़ों की तरह नहीं हैं, जो एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ करें.' बॉलीवुड में दो कलाकारों के बीच प्रतियोगिता के बारे में पूछे जाने पर अक्षय ने कहा, 'बॉलीवुड में बहुत सारा काम है, जिसके लिए पर्याप्त कलाकार नहीं हैं. यहां सभी के लिए बहुत मौके हैं और दो कलाकारों के बीच प्रतिस्पर्धा नहीं है.' सलमान ने मंगलवार रात ट्विटर पर अपने प्रशंसकों के साथ एक वीडियो साझा की, जिसमें वह प्रशंसकों से 'रुस्तम' देखने का आग्रह करते दिखाई दे रहे हैं. यह फिल्म 12 अगस्त को रिलीज होगी. टिप्पणियां वीडियों में दबंग स्टार यह कहते सुनाई दे रहे हैं, ''हमारे फिल्म इंडस्ट्री के रुस्तम-ए-हिन्द की फिल्म आ रही है नाम है 'रुस्तम'. 12 अगस्त को जाकर देखिए अक्षय कुमार की फिल्म 'रुस्तम'.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बॉलीवुड में दो कलाकारों के बीच प्रतियोगिता के बारे में पूछे जाने पर अक्षय ने कहा, 'बॉलीवुड में बहुत सारा काम है, जिसके लिए पर्याप्त कलाकार नहीं हैं. यहां सभी के लिए बहुत मौके हैं और दो कलाकारों के बीच प्रतिस्पर्धा नहीं है.' सलमान ने मंगलवार रात ट्विटर पर अपने प्रशंसकों के साथ एक वीडियो साझा की, जिसमें वह प्रशंसकों से 'रुस्तम' देखने का आग्रह करते दिखाई दे रहे हैं. यह फिल्म 12 अगस्त को रिलीज होगी. टिप्पणियां वीडियों में दबंग स्टार यह कहते सुनाई दे रहे हैं, ''हमारे फिल्म इंडस्ट्री के रुस्तम-ए-हिन्द की फिल्म आ रही है नाम है 'रुस्तम'. 12 अगस्त को जाकर देखिए अक्षय कुमार की फिल्म 'रुस्तम'.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सलमान ने मंगलवार रात ट्विटर पर अपने प्रशंसकों के साथ एक वीडियो साझा की, जिसमें वह प्रशंसकों से 'रुस्तम' देखने का आग्रह करते दिखाई दे रहे हैं. यह फिल्म 12 अगस्त को रिलीज होगी. टिप्पणियां वीडियों में दबंग स्टार यह कहते सुनाई दे रहे हैं, ''हमारे फिल्म इंडस्ट्री के रुस्तम-ए-हिन्द की फिल्म आ रही है नाम है 'रुस्तम'. 12 अगस्त को जाकर देखिए अक्षय कुमार की फिल्म 'रुस्तम'.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) वीडियों में दबंग स्टार यह कहते सुनाई दे रहे हैं, ''हमारे फिल्म इंडस्ट्री के रुस्तम-ए-हिन्द की फिल्म आ रही है नाम है 'रुस्तम'. 12 अगस्त को जाकर देखिए अक्षय कुमार की फिल्म 'रुस्तम'.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रुस्‍तम देखने की सलमान की अपील दिखाती है हिन्दी सिने जगत में एकजुटता. हम रेस के घोड़े नहीं, जो एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ करें : अक्षय सलमान ने ट्विटर पर अपने फैन्‍स से रुस्‍तम देखने की अपील की थी.
1
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस ने झारखंड में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए तीन उम्मीदवारों की अपनी पांचवीं सूची रविवार को जारी कर दी. इसके साथ ही अभी तक पार्टी ने 29 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने जगन्नाथपुर (एसटी) से सोना राम सिंकू, कांके (एससी) से राजीव कुमार के स्थान पर सुरेश बैथा और मंदार से सन्नी टोप्पो की उम्मीदवारी को मंजूरी दी. झारखंड में 30 नवंबर से 20 दिसंबर तक पांच चरणों में चुनाव होंगे. नतीजों की घोषणा 23 दिसंबर को होगी. बता दें कि इससे पहले कांग्रेस ने अपने राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रोफेसर गौरव वल्लभ (Gourav Vallabh) को झारखंड विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री रघुबर दास के खिलाफ उम्मीदवार बनाने का ऐलान किया था. पार्टी की ओर से शनिवार रात दो उम्मीदवारों की सूची जारी की गई थी जिसमें वल्लभ का नाम प्रमुख है जिन्हें जमशेदपुर-पूर्व से उम्मीदवार बनाया गया है. इस विधानसभा सीट से मुख्यमंत्री रघुबर दास वर्तमान में विधायक हैं. रामगढ़ से ममता देवी को टिकट दिया गया है. मुख्यमंत्री के खिलाफ उम्मीदवार बनाए जाने के बारे में पूछे जाने पर वल्लभ ने कहा, ''मैं इस चुनौती को स्वीकार करता हूं. इस क्षेत्र और झारखंड के लोगों के साथ पिछले पांच वर्षों में सिर्फ धोखा हुआ है. जनता रघुबर दास और भाजपा को सबक सिखाने के लिए तैयार है."
संक्षिप्त पाठ: झारखंड चुनावों के लिए कांग्रेस ने जारी की उम्मीदवारों की 5वीं सूची झारखंड में 30 नवंबर से 20 दिसंबर तक पांच चरणों में चुनाव होंगे झारखंड में नतीजों की घोषणा 23 दिसंबर को होगी
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पीएम नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शुक्रवार को वाराणसी (Varanasi) में दावा किया कि इस बार देश 'प्रो इन्कम्बेंसी वेव' (सत्ता के पक्ष में लहर) (Pro incumbency wave) देखी जा रहा है और देश के इतिहास का यह इस तरह का पहला चुनाव है. लोकसभा चुनाव (Loksabha Elections) के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल करने से पहले उन्होंने यह बात कही. पीएम मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा, ''जनता ने मन बना लिया है. इतिहास का पहला मौका है कि इस तरह का चुनाव लड़ा जा रहा है. उन्होंने कहा कि ''हमारे देश में इतने चुनाव हुए हैं, चुनाव होने के बाद राजनीतिक पंडितों को अपनी माथापच्ची करनी पडे़गी कि आजादी के बाद इतने चुनावों में ... इस बार देश 'प्रो इन्कम्बेंसी वेव' (सत्ता के पक्ष में लहर) देख रहा है.'' उन्होंने कहा, ''जनता हमें जितना प्यार दे रही है, उसके प्रति हमें हर पल आभार जताना है. कार्यकर्ता का परिश्रम और प्रजा का प्रेम ऐसा अद्भुत संगम कल था. उसी में से दिव्यता की अनुभूति होती है. उन्होंने साथ ही कहा कि राजनीति में 'प्रेम और दोस्ती' खत्म हो रही है, जिसे वापस लाना है. पीएम मोदी (PM Narendra Modi) ने वाराणसी में 1819 बूथ अध्यक्षों और 226 सेक्टर प्रमुखों को संबोधित करते हुए कहा, ''हमें नम्रता के साथ चुनाव लड़ना है. आप मोदी के सिपाही हैं. टीवी और भाषण में जो हम झगड़ा करते हैं उससे प्रेरणा मत लीजिए.'' उन्होंने कहा, ''दोस्ती और प्रेम राजनीति में जो खत्म हो रहा है, उसे वापस लाना है. कोई मोदी को कितनी भी भद्दी गाली दे, आप चिंता मत करो.'' प्रधानमंत्री ने कहा, ''आप भी, जिसको जो गाली देनी है, वो सारी मोदी के खाते में पोस्ट कर दो. मैं गंदी से गंदी चीज से भी खाद बनाता हूं. कितना ही गंदा कूड़ा कचरा हो, मैं उसमें खाद बनाता हूं और उसी से कमल खिलाता हूं.''     प्रधानमंत्री ने बीजेपी (BJP) कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा, ''कल जो दृश्य मैं देख रहा था, उसमें मुझे आपके परिश्रम की, आपके पसीने की महक आ रही थी. डगर-डगर मैं अनुभव करता था कि काशी के मेरे कार्यकर्ताओं ने इतनी भयंकर गर्मी में घर घर जाकर सबसे आशीर्वाद मांगा. मैं भी बूथ का कार्यकर्ता रहा हूं. मुझे भी दीवारों पर पोस्टर लगाने का सौभाग्य मिला है.'' गौरतलब है कि गुरुवार को पीएम मोदी (PM Narendra Modi) ने वाराणसी में रोडशो किया, जिसमें लाखों लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. मोदी ने कहा, ''मैं पूरे देश का चुनाव देख रहा हूं. देश की जनता पांच साल के अनुभव के आधार पर अनेक आशाएं, अपेक्षाएं और आकांक्षाएं लेकर हमसे जुड़ गई है. ये बहुत बड़ा सौभाग्य है. इसने पूरे देश के राजनीतिक चरित्र को बदल दिया है क्योंकि पहले सरकारें बनती थीं. लोग सरकारें बनाते थे. सरकार चलती है, लोगों ने ये भी देखा है. सरकार चलाना हमारी जिम्मेदारी है और जनता सरकार बनाती है.''     पीएम मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा कि ''मेरे भीतर के कार्यकर्ता को मैंने कभी मरने नहीं दिया. प्रधानमंत्री के रूप में मैं जिम्मेदारी निभा पा रहा हूं. प्रधानमंत्री होने के नाते जो दायित्व है, मैं उसमें सजग हूं लेकिन एमपी के नाते जो जिम्मेदारी है, उसमें भी सजग हूं और भाजपा कार्यकर्ता के रूप में भी उतना ही ... . कार्यकर्ता के नाते ये आपने मुझे सिखाया है.''     पीएम मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा कि आज हमारी पार्टी बड़ी है. उसका कारण अखबारों ने हमें बड़ा नहीं बनाया है, टीवी के स्क्रीन पर हम बडे़ नहीं बने हैं, हम बडे़ परिवारों से नहीं आए हैं. हम छोटे कार्यकर्ता हैं, जैसे कृष्ण के पास ग्वाले हुआ करते थे, हम वो ग्वाले हैं. जैसे राम जी के पास हनुमान जी की पूरी वानर सेना थी, जैसे छत्रपति शिवाजी के पास छोटे-छोटे किसान थे, मालवे थे, वैसे हम भारत मां के छोटे-छोटे सिपाही हैं.'' प्रधानमंत्री मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा कि इस चुनाव के दो पहलू हैं. एक है काशी लोकसभा जीतना. ''मेरे हिसाब से ये काम कल पूरा हो गया है. एक काम अभी बाकी है ... वो है पोलिंग बूथ जीतना. एक भी पोलिंग बूथ भाजपा का झंडा झुकने नहीं देगा. मोदी कहता है कि मैं देश झुकने नहीं दूंगा. बूथ का कार्यकर्ता कहेगा कि मैं बीजेपी का झंडा झुकने नहीं दूंगा.''     उन्होंने (PM Narendra Modi) कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि मई महीने की 40 डिग्री सेल्सियस गर्मी में भी दुनिया को दिखा देना है कि मतदान के पुराने सारे रिकार्ड हम तोड़ देंगे. ''मैं गुजरात में हमेशा चाहता था कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं का मतदान पांच प्रतिशत ज्यादा होना चाहिए लेकिन मैं नहीं कर पाया. क्या हम बनारस में ये कर सकते हैं?'' मोदी ने कहा, ''हिन्दुस्तान के लोकतंत्र की ताकत, 21वीं सदी की ताकत माताएं, बहनें बनने वाली हैं. हमारे पोलिंग बूथ पर 100 वोट पुरुष के तो 105 वोट महिलाओं के पड़ेंगे.''     (इनपुट भाषा से)
संक्षिप्त सारांश: कहा- चुनाव के बाद राजनीतिक पंडितों को माथापच्ची करनी पडे़गी जनता हमें प्यार दे रही है, उसके प्रति हमें हर पल आभार जताना है दोस्ती और प्रेम राजनीति में जो खत्म हो रहा है, उसे वापस लाना है
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्‍तान की सूचना मंत्री फिरदौस आशिक अवान ने इस्‍तीफा दे दिया है। सूचना मंत्री ने अपना पद छोड़ने के बारे में खुद ही ऐलान किया है। कराची में हो रही कैबिनेट की मीटिंग के दौरान अवान ने जब अपने इस्‍तीफे का ऐलान किया तो उनके आंखों में आंसू भरे थे। अवान ने अपना त्‍यागपत्र पीएम को लिख दिया है। उन्‍होंने 'लगातार अपनी उपेक्षा' किए जाने का आरोप लगाया है। खास बात यह है कि इस कैबिनेट मीटिंग का सरकारी टीवी चैनल पर सीधा प्रसारण हो रहा था। अवान ने जैसे ही इस्‍तीफे का ऐलान किया वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने कुछ पल के भीतर ही सभी टीवी कैमरामैनों को धक्‍का देकर मीटिंग के हॉल से बाहर निकाल दिया। अवान के इस्‍तीफे के ऐलान करते ही प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी हक्‍के-बक्‍के रह गए, जो इस बैठक में मौजूद थे। सूचना मंत्री फिरदौस अवान ने हाल में घोषणा की थी कि कैबिनेट ने भारत को एमएफएन का दर्जा दे दिया है लेकिन गिलानी सरकार ने बाद में साफ किया था कि यह प्रक्रिया अभी पूरी होनी है। अवान के इस ऐलान के बाद भारत को एमएफएन का दर्जा दिए जाने का पाकिस्‍तान में जबरदस्‍त विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। इस प्रदर्शन में कई आतंकी संगठन भी शामिल हैं।
संक्षिप्त पाठ: कराची में हो रही कैबिनेट की मीटिंग के दौरान अवान ने जब अपने इस्‍तीफे का ऐलान किया तो उनके आंखों में आंसू भरे थे।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: फ्रांस के दौरे पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह पेरिस जलवायु समझौते पर अपनी राय बदल सकते हैं. ट्रंप ने यह बात फ्रांस के राष्ट्रपति इमेनुएल मैक्रों के साथ हुई बातचीत के बाद कही है. फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ संयुक्त प्रेस कांन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा 'पेरिस समझौते को लेकर कुछ हो सकता है. हम देखते हैं इसमें क्या होगा.'  ट्रंप का यह नया बयान उनके 6 हफ्ते पहले दिए गए उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने पेरिस समझौता 2015 से पीछे हटने की बात कही थी.  इसी प्रेस कान्फ्रेंस में फ्रांस के राष्ट्रपति इमेनुएल ने कहा कि वह पेरिस समझौते पर ट्रंप के पुराने फैसले का सम्मान करते हैं लेकिन फ्रांस इसको लेकर प्रतिबद्ध है. इससे पहले भी गुरुवार को ही इमैनुएल ने कहा था कि पेरिस समझौते पर उनके ट्रंप के साथ गहरे मतभेद हैं.  साथ में उन्होंने आशा जताई थी कि वह आखिरी में ट्रंप को इस मुद्दे पर मनाने में कामयाब हो जाएंगे. आपको बता दें कि पूरी दुनिया में अमेरिका ही सबसे ज्यादा ग्रीन हाउस गैस का उत्सर्जन करता है उसके बाद चीन का नंबर आता है. बीते 1 जून को डोनाल्ड ट्रंप ने पेरिस समझौते से पीछे हटने का ऐलान कर दिया था कि अमेरिका पेरिस समझौते को छोड़ रहा है. ट्रंप के इस फैसले से पूरी दुनिया में उनकी आलोचना हुई थी.    इसी प्रेस कान्फ्रेंस में फ्रांस के राष्ट्रपति इमेनुएल ने कहा कि वह पेरिस समझौते पर ट्रंप के पुराने फैसले का सम्मान करते हैं लेकिन फ्रांस इसको लेकर प्रतिबद्ध है. इससे पहले भी गुरुवार को ही इमैनुएल ने कहा था कि पेरिस समझौते पर उनके ट्रंप के साथ गहरे मतभेद हैं.  साथ में उन्होंने आशा जताई थी कि वह आखिरी में ट्रंप को इस मुद्दे पर मनाने में कामयाब हो जाएंगे. आपको बता दें कि पूरी दुनिया में अमेरिका ही सबसे ज्यादा ग्रीन हाउस गैस का उत्सर्जन करता है उसके बाद चीन का नंबर आता है. बीते 1 जून को डोनाल्ड ट्रंप ने पेरिस समझौते से पीछे हटने का ऐलान कर दिया था कि अमेरिका पेरिस समझौते को छोड़ रहा है. ट्रंप के इस फैसले से पूरी दुनिया में उनकी आलोचना हुई थी.
संक्षिप्त सारांश: फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ हुई बातचीत के बाद ट्रंप का बयान 6 हफ्ते पहले ही समझौते से पीछे हटने का किया था ऐलान पेरिस समझौते से पीछे हटने के ऐलान पर ट्रंप की हुई थी आलोचना
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['hin']
एक सारांश बनाओ: देश के केंद्रीय बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बुधवार को अपनी मौद्रिक नीति की समीक्षा में ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की जिससे रेपो रेट घटकर 6 प्रतिशत रह गया है जोकि सात साल के सबसे निचले स्तर पर है. ऐसे में यदि बैंकों ने भी इसी अनुपात में अपने ग्राहकों को इस कटौती का लाभ देते हुए ब्याज दरों में कटौती की तो यकीन मानिए यह एक बेहद नफे का सौदा साबित होगा. हालांकि बुधवार को केंद्रीय बैंक द्वारा रेट कट के ऐलान के बाद यह खबर लिखे जाने तक किसी बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती को लेकर कोई ऐलान नहीं किया गया है. यह भी पढ़ें- सस्ते हो सकते हैं होम लोन, रेपो रेट में .25% की कटौती ऐसे में वे लोग जो पिछले कुछ समय से लोन लेने का प्लान बना रहे हैं लेकिन अभी तक कागजी प्रक्रिया शुरू नहीं की है, उन्हें अभी इतंजार करना चाहिए. खासतौर से वे लोग जो अपने सपनों के मकाने के लिए होम लोन लेना चाहते हैं या फिर वे लोग जो अपनी कार खरीदने का मन बना रहे हैं, वे चंद दिन इंतजार करें. यह इंतजार इसलिए भी करना नफे का सौदा साबित हो सकता है क्योंकि जानकारों का मानना है कि बैंक कर्ज पर दी जाने वाली ब्याज दरों में कटौती नहीं भी कर सकते हैं बल्कि वे एमसीएलआर में कटौती करेंगे. यह भी पढ़ें- डीडीए हाउसिंग स्कीम 2017 : 11 अगस्त 2017 तक खुली है स्कीम- जानें पांच खास बातें यदि बैंक ऐसा करते हैं तो फायदा उन लोगों को होगा जो लोन अप्लाई करने जा रहे हैं न कि उनको जोकि लोन ले चुके हैं और अपनी ईएमआई घटने का इतंजार कर रहे हैं. हालांकि अब देखना यह है कि कितने बैंक एमसीएलआर (MCLR) घटाते हैं और कितने बैंक कर्ज पर इंट्रेस्ट रेट घटाने का मन बनाते हैं. टिप्पणियां एक नजर में आपको बता दें कि एमसीएलआर आखिर है क्या. दरअसल फॉर्मूला बैंकों के लिए लेंडिंग इंटरेस्‍ट रेट तय करने के नए फॉर्मूले का नाम मार्जिनल कॉस्‍ट ऑफ फंड लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) है. इंट्रेस्ट रेट का यह नया फॉर्मूला पिछले साल 1 अप्रैल से लागू हो चुका है. एमसीएलआर के बारे में खास बात यह है कि यह एक साल से पहले नहीं बदलता.    यह भी पढ़ें- सस्ते हो सकते हैं होम लोन, रेपो रेट में .25% की कटौती ऐसे में वे लोग जो पिछले कुछ समय से लोन लेने का प्लान बना रहे हैं लेकिन अभी तक कागजी प्रक्रिया शुरू नहीं की है, उन्हें अभी इतंजार करना चाहिए. खासतौर से वे लोग जो अपने सपनों के मकाने के लिए होम लोन लेना चाहते हैं या फिर वे लोग जो अपनी कार खरीदने का मन बना रहे हैं, वे चंद दिन इंतजार करें. यह इंतजार इसलिए भी करना नफे का सौदा साबित हो सकता है क्योंकि जानकारों का मानना है कि बैंक कर्ज पर दी जाने वाली ब्याज दरों में कटौती नहीं भी कर सकते हैं बल्कि वे एमसीएलआर में कटौती करेंगे. यह भी पढ़ें- डीडीए हाउसिंग स्कीम 2017 : 11 अगस्त 2017 तक खुली है स्कीम- जानें पांच खास बातें यदि बैंक ऐसा करते हैं तो फायदा उन लोगों को होगा जो लोन अप्लाई करने जा रहे हैं न कि उनको जोकि लोन ले चुके हैं और अपनी ईएमआई घटने का इतंजार कर रहे हैं. हालांकि अब देखना यह है कि कितने बैंक एमसीएलआर (MCLR) घटाते हैं और कितने बैंक कर्ज पर इंट्रेस्ट रेट घटाने का मन बनाते हैं. टिप्पणियां एक नजर में आपको बता दें कि एमसीएलआर आखिर है क्या. दरअसल फॉर्मूला बैंकों के लिए लेंडिंग इंटरेस्‍ट रेट तय करने के नए फॉर्मूले का नाम मार्जिनल कॉस्‍ट ऑफ फंड लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) है. इंट्रेस्ट रेट का यह नया फॉर्मूला पिछले साल 1 अप्रैल से लागू हो चुका है. एमसीएलआर के बारे में खास बात यह है कि यह एक साल से पहले नहीं बदलता.    ऐसे में वे लोग जो पिछले कुछ समय से लोन लेने का प्लान बना रहे हैं लेकिन अभी तक कागजी प्रक्रिया शुरू नहीं की है, उन्हें अभी इतंजार करना चाहिए. खासतौर से वे लोग जो अपने सपनों के मकाने के लिए होम लोन लेना चाहते हैं या फिर वे लोग जो अपनी कार खरीदने का मन बना रहे हैं, वे चंद दिन इंतजार करें. यह इंतजार इसलिए भी करना नफे का सौदा साबित हो सकता है क्योंकि जानकारों का मानना है कि बैंक कर्ज पर दी जाने वाली ब्याज दरों में कटौती नहीं भी कर सकते हैं बल्कि वे एमसीएलआर में कटौती करेंगे. यह भी पढ़ें- डीडीए हाउसिंग स्कीम 2017 : 11 अगस्त 2017 तक खुली है स्कीम- जानें पांच खास बातें यदि बैंक ऐसा करते हैं तो फायदा उन लोगों को होगा जो लोन अप्लाई करने जा रहे हैं न कि उनको जोकि लोन ले चुके हैं और अपनी ईएमआई घटने का इतंजार कर रहे हैं. हालांकि अब देखना यह है कि कितने बैंक एमसीएलआर (MCLR) घटाते हैं और कितने बैंक कर्ज पर इंट्रेस्ट रेट घटाने का मन बनाते हैं. टिप्पणियां एक नजर में आपको बता दें कि एमसीएलआर आखिर है क्या. दरअसल फॉर्मूला बैंकों के लिए लेंडिंग इंटरेस्‍ट रेट तय करने के नए फॉर्मूले का नाम मार्जिनल कॉस्‍ट ऑफ फंड लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) है. इंट्रेस्ट रेट का यह नया फॉर्मूला पिछले साल 1 अप्रैल से लागू हो चुका है. एमसीएलआर के बारे में खास बात यह है कि यह एक साल से पहले नहीं बदलता.    यह भी पढ़ें- डीडीए हाउसिंग स्कीम 2017 : 11 अगस्त 2017 तक खुली है स्कीम- जानें पांच खास बातें यदि बैंक ऐसा करते हैं तो फायदा उन लोगों को होगा जो लोन अप्लाई करने जा रहे हैं न कि उनको जोकि लोन ले चुके हैं और अपनी ईएमआई घटने का इतंजार कर रहे हैं. हालांकि अब देखना यह है कि कितने बैंक एमसीएलआर (MCLR) घटाते हैं और कितने बैंक कर्ज पर इंट्रेस्ट रेट घटाने का मन बनाते हैं. टिप्पणियां एक नजर में आपको बता दें कि एमसीएलआर आखिर है क्या. दरअसल फॉर्मूला बैंकों के लिए लेंडिंग इंटरेस्‍ट रेट तय करने के नए फॉर्मूले का नाम मार्जिनल कॉस्‍ट ऑफ फंड लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) है. इंट्रेस्ट रेट का यह नया फॉर्मूला पिछले साल 1 अप्रैल से लागू हो चुका है. एमसीएलआर के बारे में खास बात यह है कि यह एक साल से पहले नहीं बदलता.    यदि बैंक ऐसा करते हैं तो फायदा उन लोगों को होगा जो लोन अप्लाई करने जा रहे हैं न कि उनको जोकि लोन ले चुके हैं और अपनी ईएमआई घटने का इतंजार कर रहे हैं. हालांकि अब देखना यह है कि कितने बैंक एमसीएलआर (MCLR) घटाते हैं और कितने बैंक कर्ज पर इंट्रेस्ट रेट घटाने का मन बनाते हैं. टिप्पणियां एक नजर में आपको बता दें कि एमसीएलआर आखिर है क्या. दरअसल फॉर्मूला बैंकों के लिए लेंडिंग इंटरेस्‍ट रेट तय करने के नए फॉर्मूले का नाम मार्जिनल कॉस्‍ट ऑफ फंड लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) है. इंट्रेस्ट रेट का यह नया फॉर्मूला पिछले साल 1 अप्रैल से लागू हो चुका है. एमसीएलआर के बारे में खास बात यह है कि यह एक साल से पहले नहीं बदलता.    एक नजर में आपको बता दें कि एमसीएलआर आखिर है क्या. दरअसल फॉर्मूला बैंकों के लिए लेंडिंग इंटरेस्‍ट रेट तय करने के नए फॉर्मूले का नाम मार्जिनल कॉस्‍ट ऑफ फंड लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) है. इंट्रेस्ट रेट का यह नया फॉर्मूला पिछले साल 1 अप्रैल से लागू हो चुका है. एमसीएलआर के बारे में खास बात यह है कि यह एक साल से पहले नहीं बदलता.    एक नजर में आपको बता दें कि एमसीएलआर आखिर है क्या. दरअसल फॉर्मूला बैंकों के लिए लेंडिंग इंटरेस्‍ट रेट तय करने के नए फॉर्मूले का नाम मार्जिनल कॉस्‍ट ऑफ फंड लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) है. इंट्रेस्ट रेट का यह नया फॉर्मूला पिछले साल 1 अप्रैल से लागू हो चुका है. एमसीएलआर के बारे में खास बात यह है कि यह एक साल से पहले नहीं बदलता.
संक्षिप्त पाठ: आरबीआई ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की बैंकों ने नहीं किया है अभी रेट कट का ऐलान जानकारों के मुताबिक, बैंक एमसीएलआर में कटौती करेंगे
30
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट ने 2जी घोटाला मामले के आरोपी आरके चंदोलिया की उस अर्जी पर सुनवाई करने पर सहमति जताई है, जिसमें उन्होंने अपनी जमानत पर दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा लगाई गई रोक को चुनौती दी है। न्यायमूर्ति अल्तमस कबीर, न्यायमूर्ति एसएस निज्जर और न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर की पीठ ने मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। सुनवाई दोपहर 2 बजे होगी। पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा के निजी सचिव चंदोलिया को सीबीआई की विशेष अदालत ने जमानत दे दी थी। इसके बाद उन्हें 1 दिसंबर को तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया था। बाद में हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए उनकी जमानत पर रोक लगा दी थी। बाद में चंदोलिया ने हाईकोर्ट के इस आदेश को अनुचित और गलत कहते हुए चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने 5 दिसंबर को चंदोलिया के वकील से कहा था कि पीठ अभी तक आश्वस्त नहीं है कि संबंधित अपील उसके कार्यक्षेत्र के अंदर आती है या नहीं। बाद में न्यायालय ने वकील से कहा था कि वह बुधवार को सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में इस मामले को फिर से रखें, जिसके बाद यह देखा जाएगा कि इस मामले को सुनवाई के लिए लिया जा सकता है या नहीं।
सुप्रीम कोर्ट ने चंदोलिया की उस अर्जी पर सुनवाई करने पर सहमति जताई है, जिसमें उन्होंने अपनी जमानत पर हाईकोर्ट द्वारा लगाई गई रोक को चुनौती दी है।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: शेयर बाजार नियामक सेबी शेयर बाजारों के लिए कई नए नियमों पर काम कर रहा है, जिसमें कारोबार से बाहर निकलने की एक नीति भी शामिल है। साथ ही वह सभी शेयर बाजारों के निवेशक संरक्षण कोषों को एकल एजेंसी में तब्दील करने पर भी काम कर रहा है। सेबी ने पिछले महीने अपने बोर्ड को सौंपी एक स्थिति रपट में कहा, सेबी एक्सचेंजों के निवेशक संरक्षण कोष को एकल एजेंसी की ओर ले जाने की संभावना तलाश रहा है, जो एक मजबूत प्रशासन प्रणाली साबित हो सकता है। सेबी ने बोर्ड को बताया कि वह स्टॉक एक्सचेंजों की एक्जिट पॉलिसी की समीक्षा करने की भी प्रक्रिया में है। एक बार परामर्श की प्रक्रिया पूरी होने पर एक्सचेंजों के लिए कारोबार से बाहर निकालने की नीति पेश की जाएगी। इसमें अन्य भागीदारों से राय लेने की भी जरूरत पड़ेगी। एसएमई के लिए स्टॉक एक्सचेंज के संबंध में सेबी ने कहा कि आवश्यक रूपरेखा तैयार कर ली गई है और बीएसई एवं एनएसई को एसएमई प्लेटफार्म शुरू करने की मंजूरी भी दी जा चुकी है।
संक्षिप्त पाठ: शेयर बाजार नियामक सेबी शेयर बाजारों के लिए कई नए नियमों पर काम कर रहा है, जिसमें कारोबार से बाहर निकलने की एक नीति भी शामिल है।
13
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा दायर कर कहा कि उसने कोयला ब्लॉक आवंटन पर आठ मार्च की स्थिति रपट केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अश्विनी कुमार तथा प्रधानमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ नौकरशाह के साथ साझा की थी। लेकिन 26 अप्रैल की स्थिति रपट उसने किसी से भी साझा नहीं की। इस बीच, गुरुवार को जांच एजेंसी के निदेशक रंजीत सिन्हा की कार्मिक मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री वी. नारायणसामी से मुलाकात को लेकर सियासी तूफान खड़ा हो गया। विपक्ष ने सरकार पर सीबीआई के कार्यों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय कानून मंत्री का इस्तीफा मांगा तो सीबीआई निदेशक ने नारायणसामी से अपनी मुलाकात को नियमित बताया। कांग्रेस की सहयोगी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का बचाव किया है। सीबीआई के निदेशक रंजीत सिन्हा ने सर्वोच्च न्यायालय में शुक्रवार को दायर हलफनामे में कहा, "मैंने आठ मार्च की स्थिति रपट केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री से साझा की थी, क्योंकि वह चाहते थे कि न्यायालय में पेश किए जाने से पहले उन्हें इस बारे में जानकारी दी जाए।" हलफनामे में कहा गया है कि केंद्रीय मंत्री के अतिरिक्त इसे प्रधानमंत्री कार्यालय में संयुक्त सचिव स्तर के एक अधिकारी के साथ भी साझा किया गया। सीबीआई के निदेशक ने यह बात 12 मार्च के सर्वोच्च न्यायालय के उस आदेश के जवाब में कही, जिसमें उनसे पूछा गया था कि क्या आठ मार्च की स्थिति रपट का परीक्षण उन्होंने ठीक ढंग से किया था और क्या इसके तथ्यों को राजनीतिक कार्यकारी से साझा किया गया था? सीबीआई के निदेशक ने हलफनामे में कहा है कि जांच एजेंसी की 26 अप्रैल की स्थिति रपट का परीक्षण उन्होंने स्वयं किया है और इसे राजनीतिक कार्यकारी सहित किसी के भी साथ साझा नहीं किया गया है। इससे पहले, सिन्हा ने गुरुवार को केंद्रीय मंत्री नारायणसामी से उनके आवास पर मुलाकात की, जिसे लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने संवादाताओं से कहा, "कांग्रेस ने जिस तरह से सीबीआई का उपयोग तथा दुरुपयोग अपने हित में किया है, वह देश के लोकतंत्र के लिए वास्तव में एक बड़ा खतरा है।" पार्टी ने इस मुद्दे पर कानून मंत्री का इस्तीफा भी मांगा। भाजपा के नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, "कानून मंत्री ने प्रधानमंत्री को बचाने के लिए सीबीआई की जांच रिपोर्ट को प्रभावित करने में अपने कार्यालय का गलत इस्तेमाल किया। भाजपा प्रधानमंत्री और कानून मंत्री के इस्तीफे की मांग करती है।" भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के गुरुदास दासगुप्ता ने कहा, "मुलाकात में कोई भी हैरानी वाली बात नहीं है। कांग्रेस ने समय-समय पर कई बार सीबीआई का इस्तेमाल किया है। मैं अश्विनी कुमार के कानून मंत्री के पद से तुरंत इस्तीफे की मांग करता हूं।" वहीं, सीबीआई निदेशक ने नारायणसामी के साथ अपनी मुलाकात को नियमित करार देते हुए कहा कि वह जिससे भी मिलने की आवश्यकता समझेंगे, मिलेंगे। सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा दायर करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में सिन्हा ने कहा, "वह (नारायणसामी) हमारे मंत्री हैं, उनसे मिलने में क्या समस्या है.. मैं उनसे मुलाकात जारी रखूंगा।" यह पूछे जाने पर कि क्या कोयला घोटाले पर मसौदा रिपोर्ट में केंद्र सरकार ने कोई परिवर्तन किया, सिन्हा ने कहा, "मैं इस मुद्दे पर न्यायालय में ही बोलूंगा। न्यायालय को बताने से पहले मैं इसे सार्वजनिक नहीं कर सकता।"टिप्पणियां सिन्हा ने गाजियाबाद में भी नारायाणसामी से अपनी मुलाकात का बचाव करते हुए कहा कि वह हर उस व्यक्ति से मिलेंगे, जिससे मिलने की उन्हें आवश्यकता होगी। वह सीबीआई अकादमी में जांच एजेंसी के कैडेट-सब इंस्पेक्टर्स के अधिष्ठापन समारोह में भाग लेने के लिए गाजियाबाद में थे। उन्होंने कहा, "वह (नारायणसामी) मेरे मंत्री हैं। मैं उनसे जब चाहूं मिल सकता हूं।" राकांपा ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का बचाव किया है। पार्टी के नेता डी. पी. त्रिपाठी ने संवाददाताओं से कहा, "कानून मंत्री को कानून की जानकारी होती है, इसलिए रिपोर्ट उन्हें दिखाने में कुछ भी गलत नहीं है।" इस बीच, गुरुवार को जांच एजेंसी के निदेशक रंजीत सिन्हा की कार्मिक मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री वी. नारायणसामी से मुलाकात को लेकर सियासी तूफान खड़ा हो गया। विपक्ष ने सरकार पर सीबीआई के कार्यों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय कानून मंत्री का इस्तीफा मांगा तो सीबीआई निदेशक ने नारायणसामी से अपनी मुलाकात को नियमित बताया। कांग्रेस की सहयोगी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का बचाव किया है। सीबीआई के निदेशक रंजीत सिन्हा ने सर्वोच्च न्यायालय में शुक्रवार को दायर हलफनामे में कहा, "मैंने आठ मार्च की स्थिति रपट केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री से साझा की थी, क्योंकि वह चाहते थे कि न्यायालय में पेश किए जाने से पहले उन्हें इस बारे में जानकारी दी जाए।" हलफनामे में कहा गया है कि केंद्रीय मंत्री के अतिरिक्त इसे प्रधानमंत्री कार्यालय में संयुक्त सचिव स्तर के एक अधिकारी के साथ भी साझा किया गया। सीबीआई के निदेशक ने यह बात 12 मार्च के सर्वोच्च न्यायालय के उस आदेश के जवाब में कही, जिसमें उनसे पूछा गया था कि क्या आठ मार्च की स्थिति रपट का परीक्षण उन्होंने ठीक ढंग से किया था और क्या इसके तथ्यों को राजनीतिक कार्यकारी से साझा किया गया था? सीबीआई के निदेशक ने हलफनामे में कहा है कि जांच एजेंसी की 26 अप्रैल की स्थिति रपट का परीक्षण उन्होंने स्वयं किया है और इसे राजनीतिक कार्यकारी सहित किसी के भी साथ साझा नहीं किया गया है। इससे पहले, सिन्हा ने गुरुवार को केंद्रीय मंत्री नारायणसामी से उनके आवास पर मुलाकात की, जिसे लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने संवादाताओं से कहा, "कांग्रेस ने जिस तरह से सीबीआई का उपयोग तथा दुरुपयोग अपने हित में किया है, वह देश के लोकतंत्र के लिए वास्तव में एक बड़ा खतरा है।" पार्टी ने इस मुद्दे पर कानून मंत्री का इस्तीफा भी मांगा। भाजपा के नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, "कानून मंत्री ने प्रधानमंत्री को बचाने के लिए सीबीआई की जांच रिपोर्ट को प्रभावित करने में अपने कार्यालय का गलत इस्तेमाल किया। भाजपा प्रधानमंत्री और कानून मंत्री के इस्तीफे की मांग करती है।" भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के गुरुदास दासगुप्ता ने कहा, "मुलाकात में कोई भी हैरानी वाली बात नहीं है। कांग्रेस ने समय-समय पर कई बार सीबीआई का इस्तेमाल किया है। मैं अश्विनी कुमार के कानून मंत्री के पद से तुरंत इस्तीफे की मांग करता हूं।" वहीं, सीबीआई निदेशक ने नारायणसामी के साथ अपनी मुलाकात को नियमित करार देते हुए कहा कि वह जिससे भी मिलने की आवश्यकता समझेंगे, मिलेंगे। सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा दायर करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में सिन्हा ने कहा, "वह (नारायणसामी) हमारे मंत्री हैं, उनसे मिलने में क्या समस्या है.. मैं उनसे मुलाकात जारी रखूंगा।" यह पूछे जाने पर कि क्या कोयला घोटाले पर मसौदा रिपोर्ट में केंद्र सरकार ने कोई परिवर्तन किया, सिन्हा ने कहा, "मैं इस मुद्दे पर न्यायालय में ही बोलूंगा। न्यायालय को बताने से पहले मैं इसे सार्वजनिक नहीं कर सकता।"टिप्पणियां सिन्हा ने गाजियाबाद में भी नारायाणसामी से अपनी मुलाकात का बचाव करते हुए कहा कि वह हर उस व्यक्ति से मिलेंगे, जिससे मिलने की उन्हें आवश्यकता होगी। वह सीबीआई अकादमी में जांच एजेंसी के कैडेट-सब इंस्पेक्टर्स के अधिष्ठापन समारोह में भाग लेने के लिए गाजियाबाद में थे। उन्होंने कहा, "वह (नारायणसामी) मेरे मंत्री हैं। मैं उनसे जब चाहूं मिल सकता हूं।" राकांपा ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का बचाव किया है। पार्टी के नेता डी. पी. त्रिपाठी ने संवाददाताओं से कहा, "कानून मंत्री को कानून की जानकारी होती है, इसलिए रिपोर्ट उन्हें दिखाने में कुछ भी गलत नहीं है।" सीबीआई के निदेशक रंजीत सिन्हा ने सर्वोच्च न्यायालय में शुक्रवार को दायर हलफनामे में कहा, "मैंने आठ मार्च की स्थिति रपट केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री से साझा की थी, क्योंकि वह चाहते थे कि न्यायालय में पेश किए जाने से पहले उन्हें इस बारे में जानकारी दी जाए।" हलफनामे में कहा गया है कि केंद्रीय मंत्री के अतिरिक्त इसे प्रधानमंत्री कार्यालय में संयुक्त सचिव स्तर के एक अधिकारी के साथ भी साझा किया गया। सीबीआई के निदेशक ने यह बात 12 मार्च के सर्वोच्च न्यायालय के उस आदेश के जवाब में कही, जिसमें उनसे पूछा गया था कि क्या आठ मार्च की स्थिति रपट का परीक्षण उन्होंने ठीक ढंग से किया था और क्या इसके तथ्यों को राजनीतिक कार्यकारी से साझा किया गया था? सीबीआई के निदेशक ने हलफनामे में कहा है कि जांच एजेंसी की 26 अप्रैल की स्थिति रपट का परीक्षण उन्होंने स्वयं किया है और इसे राजनीतिक कार्यकारी सहित किसी के भी साथ साझा नहीं किया गया है। इससे पहले, सिन्हा ने गुरुवार को केंद्रीय मंत्री नारायणसामी से उनके आवास पर मुलाकात की, जिसे लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने संवादाताओं से कहा, "कांग्रेस ने जिस तरह से सीबीआई का उपयोग तथा दुरुपयोग अपने हित में किया है, वह देश के लोकतंत्र के लिए वास्तव में एक बड़ा खतरा है।" पार्टी ने इस मुद्दे पर कानून मंत्री का इस्तीफा भी मांगा। भाजपा के नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, "कानून मंत्री ने प्रधानमंत्री को बचाने के लिए सीबीआई की जांच रिपोर्ट को प्रभावित करने में अपने कार्यालय का गलत इस्तेमाल किया। भाजपा प्रधानमंत्री और कानून मंत्री के इस्तीफे की मांग करती है।" भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के गुरुदास दासगुप्ता ने कहा, "मुलाकात में कोई भी हैरानी वाली बात नहीं है। कांग्रेस ने समय-समय पर कई बार सीबीआई का इस्तेमाल किया है। मैं अश्विनी कुमार के कानून मंत्री के पद से तुरंत इस्तीफे की मांग करता हूं।" वहीं, सीबीआई निदेशक ने नारायणसामी के साथ अपनी मुलाकात को नियमित करार देते हुए कहा कि वह जिससे भी मिलने की आवश्यकता समझेंगे, मिलेंगे। सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा दायर करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में सिन्हा ने कहा, "वह (नारायणसामी) हमारे मंत्री हैं, उनसे मिलने में क्या समस्या है.. मैं उनसे मुलाकात जारी रखूंगा।" यह पूछे जाने पर कि क्या कोयला घोटाले पर मसौदा रिपोर्ट में केंद्र सरकार ने कोई परिवर्तन किया, सिन्हा ने कहा, "मैं इस मुद्दे पर न्यायालय में ही बोलूंगा। न्यायालय को बताने से पहले मैं इसे सार्वजनिक नहीं कर सकता।"टिप्पणियां सिन्हा ने गाजियाबाद में भी नारायाणसामी से अपनी मुलाकात का बचाव करते हुए कहा कि वह हर उस व्यक्ति से मिलेंगे, जिससे मिलने की उन्हें आवश्यकता होगी। वह सीबीआई अकादमी में जांच एजेंसी के कैडेट-सब इंस्पेक्टर्स के अधिष्ठापन समारोह में भाग लेने के लिए गाजियाबाद में थे। उन्होंने कहा, "वह (नारायणसामी) मेरे मंत्री हैं। मैं उनसे जब चाहूं मिल सकता हूं।" राकांपा ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का बचाव किया है। पार्टी के नेता डी. पी. त्रिपाठी ने संवाददाताओं से कहा, "कानून मंत्री को कानून की जानकारी होती है, इसलिए रिपोर्ट उन्हें दिखाने में कुछ भी गलत नहीं है।" सीबीआई के निदेशक ने यह बात 12 मार्च के सर्वोच्च न्यायालय के उस आदेश के जवाब में कही, जिसमें उनसे पूछा गया था कि क्या आठ मार्च की स्थिति रपट का परीक्षण उन्होंने ठीक ढंग से किया था और क्या इसके तथ्यों को राजनीतिक कार्यकारी से साझा किया गया था? सीबीआई के निदेशक ने हलफनामे में कहा है कि जांच एजेंसी की 26 अप्रैल की स्थिति रपट का परीक्षण उन्होंने स्वयं किया है और इसे राजनीतिक कार्यकारी सहित किसी के भी साथ साझा नहीं किया गया है। इससे पहले, सिन्हा ने गुरुवार को केंद्रीय मंत्री नारायणसामी से उनके आवास पर मुलाकात की, जिसे लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने संवादाताओं से कहा, "कांग्रेस ने जिस तरह से सीबीआई का उपयोग तथा दुरुपयोग अपने हित में किया है, वह देश के लोकतंत्र के लिए वास्तव में एक बड़ा खतरा है।" पार्टी ने इस मुद्दे पर कानून मंत्री का इस्तीफा भी मांगा। भाजपा के नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, "कानून मंत्री ने प्रधानमंत्री को बचाने के लिए सीबीआई की जांच रिपोर्ट को प्रभावित करने में अपने कार्यालय का गलत इस्तेमाल किया। भाजपा प्रधानमंत्री और कानून मंत्री के इस्तीफे की मांग करती है।" भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के गुरुदास दासगुप्ता ने कहा, "मुलाकात में कोई भी हैरानी वाली बात नहीं है। कांग्रेस ने समय-समय पर कई बार सीबीआई का इस्तेमाल किया है। मैं अश्विनी कुमार के कानून मंत्री के पद से तुरंत इस्तीफे की मांग करता हूं।" वहीं, सीबीआई निदेशक ने नारायणसामी के साथ अपनी मुलाकात को नियमित करार देते हुए कहा कि वह जिससे भी मिलने की आवश्यकता समझेंगे, मिलेंगे। सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा दायर करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में सिन्हा ने कहा, "वह (नारायणसामी) हमारे मंत्री हैं, उनसे मिलने में क्या समस्या है.. मैं उनसे मुलाकात जारी रखूंगा।" यह पूछे जाने पर कि क्या कोयला घोटाले पर मसौदा रिपोर्ट में केंद्र सरकार ने कोई परिवर्तन किया, सिन्हा ने कहा, "मैं इस मुद्दे पर न्यायालय में ही बोलूंगा। न्यायालय को बताने से पहले मैं इसे सार्वजनिक नहीं कर सकता।"टिप्पणियां सिन्हा ने गाजियाबाद में भी नारायाणसामी से अपनी मुलाकात का बचाव करते हुए कहा कि वह हर उस व्यक्ति से मिलेंगे, जिससे मिलने की उन्हें आवश्यकता होगी। वह सीबीआई अकादमी में जांच एजेंसी के कैडेट-सब इंस्पेक्टर्स के अधिष्ठापन समारोह में भाग लेने के लिए गाजियाबाद में थे। उन्होंने कहा, "वह (नारायणसामी) मेरे मंत्री हैं। मैं उनसे जब चाहूं मिल सकता हूं।" राकांपा ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का बचाव किया है। पार्टी के नेता डी. पी. त्रिपाठी ने संवाददाताओं से कहा, "कानून मंत्री को कानून की जानकारी होती है, इसलिए रिपोर्ट उन्हें दिखाने में कुछ भी गलत नहीं है।" सीबीआई के निदेशक ने हलफनामे में कहा है कि जांच एजेंसी की 26 अप्रैल की स्थिति रपट का परीक्षण उन्होंने स्वयं किया है और इसे राजनीतिक कार्यकारी सहित किसी के भी साथ साझा नहीं किया गया है। इससे पहले, सिन्हा ने गुरुवार को केंद्रीय मंत्री नारायणसामी से उनके आवास पर मुलाकात की, जिसे लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने संवादाताओं से कहा, "कांग्रेस ने जिस तरह से सीबीआई का उपयोग तथा दुरुपयोग अपने हित में किया है, वह देश के लोकतंत्र के लिए वास्तव में एक बड़ा खतरा है।" पार्टी ने इस मुद्दे पर कानून मंत्री का इस्तीफा भी मांगा। भाजपा के नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, "कानून मंत्री ने प्रधानमंत्री को बचाने के लिए सीबीआई की जांच रिपोर्ट को प्रभावित करने में अपने कार्यालय का गलत इस्तेमाल किया। भाजपा प्रधानमंत्री और कानून मंत्री के इस्तीफे की मांग करती है।" भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के गुरुदास दासगुप्ता ने कहा, "मुलाकात में कोई भी हैरानी वाली बात नहीं है। कांग्रेस ने समय-समय पर कई बार सीबीआई का इस्तेमाल किया है। मैं अश्विनी कुमार के कानून मंत्री के पद से तुरंत इस्तीफे की मांग करता हूं।" वहीं, सीबीआई निदेशक ने नारायणसामी के साथ अपनी मुलाकात को नियमित करार देते हुए कहा कि वह जिससे भी मिलने की आवश्यकता समझेंगे, मिलेंगे। सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा दायर करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में सिन्हा ने कहा, "वह (नारायणसामी) हमारे मंत्री हैं, उनसे मिलने में क्या समस्या है.. मैं उनसे मुलाकात जारी रखूंगा।" यह पूछे जाने पर कि क्या कोयला घोटाले पर मसौदा रिपोर्ट में केंद्र सरकार ने कोई परिवर्तन किया, सिन्हा ने कहा, "मैं इस मुद्दे पर न्यायालय में ही बोलूंगा। न्यायालय को बताने से पहले मैं इसे सार्वजनिक नहीं कर सकता।"टिप्पणियां सिन्हा ने गाजियाबाद में भी नारायाणसामी से अपनी मुलाकात का बचाव करते हुए कहा कि वह हर उस व्यक्ति से मिलेंगे, जिससे मिलने की उन्हें आवश्यकता होगी। वह सीबीआई अकादमी में जांच एजेंसी के कैडेट-सब इंस्पेक्टर्स के अधिष्ठापन समारोह में भाग लेने के लिए गाजियाबाद में थे। उन्होंने कहा, "वह (नारायणसामी) मेरे मंत्री हैं। मैं उनसे जब चाहूं मिल सकता हूं।" राकांपा ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का बचाव किया है। पार्टी के नेता डी. पी. त्रिपाठी ने संवाददाताओं से कहा, "कानून मंत्री को कानून की जानकारी होती है, इसलिए रिपोर्ट उन्हें दिखाने में कुछ भी गलत नहीं है।" इससे पहले, सिन्हा ने गुरुवार को केंद्रीय मंत्री नारायणसामी से उनके आवास पर मुलाकात की, जिसे लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने संवादाताओं से कहा, "कांग्रेस ने जिस तरह से सीबीआई का उपयोग तथा दुरुपयोग अपने हित में किया है, वह देश के लोकतंत्र के लिए वास्तव में एक बड़ा खतरा है।" पार्टी ने इस मुद्दे पर कानून मंत्री का इस्तीफा भी मांगा। भाजपा के नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, "कानून मंत्री ने प्रधानमंत्री को बचाने के लिए सीबीआई की जांच रिपोर्ट को प्रभावित करने में अपने कार्यालय का गलत इस्तेमाल किया। भाजपा प्रधानमंत्री और कानून मंत्री के इस्तीफे की मांग करती है।" भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के गुरुदास दासगुप्ता ने कहा, "मुलाकात में कोई भी हैरानी वाली बात नहीं है। कांग्रेस ने समय-समय पर कई बार सीबीआई का इस्तेमाल किया है। मैं अश्विनी कुमार के कानून मंत्री के पद से तुरंत इस्तीफे की मांग करता हूं।" वहीं, सीबीआई निदेशक ने नारायणसामी के साथ अपनी मुलाकात को नियमित करार देते हुए कहा कि वह जिससे भी मिलने की आवश्यकता समझेंगे, मिलेंगे। सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा दायर करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में सिन्हा ने कहा, "वह (नारायणसामी) हमारे मंत्री हैं, उनसे मिलने में क्या समस्या है.. मैं उनसे मुलाकात जारी रखूंगा।" यह पूछे जाने पर कि क्या कोयला घोटाले पर मसौदा रिपोर्ट में केंद्र सरकार ने कोई परिवर्तन किया, सिन्हा ने कहा, "मैं इस मुद्दे पर न्यायालय में ही बोलूंगा। न्यायालय को बताने से पहले मैं इसे सार्वजनिक नहीं कर सकता।"टिप्पणियां सिन्हा ने गाजियाबाद में भी नारायाणसामी से अपनी मुलाकात का बचाव करते हुए कहा कि वह हर उस व्यक्ति से मिलेंगे, जिससे मिलने की उन्हें आवश्यकता होगी। वह सीबीआई अकादमी में जांच एजेंसी के कैडेट-सब इंस्पेक्टर्स के अधिष्ठापन समारोह में भाग लेने के लिए गाजियाबाद में थे। उन्होंने कहा, "वह (नारायणसामी) मेरे मंत्री हैं। मैं उनसे जब चाहूं मिल सकता हूं।" राकांपा ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का बचाव किया है। पार्टी के नेता डी. पी. त्रिपाठी ने संवाददाताओं से कहा, "कानून मंत्री को कानून की जानकारी होती है, इसलिए रिपोर्ट उन्हें दिखाने में कुछ भी गलत नहीं है।" पार्टी ने इस मुद्दे पर कानून मंत्री का इस्तीफा भी मांगा। भाजपा के नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, "कानून मंत्री ने प्रधानमंत्री को बचाने के लिए सीबीआई की जांच रिपोर्ट को प्रभावित करने में अपने कार्यालय का गलत इस्तेमाल किया। भाजपा प्रधानमंत्री और कानून मंत्री के इस्तीफे की मांग करती है।" भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के गुरुदास दासगुप्ता ने कहा, "मुलाकात में कोई भी हैरानी वाली बात नहीं है। कांग्रेस ने समय-समय पर कई बार सीबीआई का इस्तेमाल किया है। मैं अश्विनी कुमार के कानून मंत्री के पद से तुरंत इस्तीफे की मांग करता हूं।" वहीं, सीबीआई निदेशक ने नारायणसामी के साथ अपनी मुलाकात को नियमित करार देते हुए कहा कि वह जिससे भी मिलने की आवश्यकता समझेंगे, मिलेंगे। सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा दायर करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में सिन्हा ने कहा, "वह (नारायणसामी) हमारे मंत्री हैं, उनसे मिलने में क्या समस्या है.. मैं उनसे मुलाकात जारी रखूंगा।" यह पूछे जाने पर कि क्या कोयला घोटाले पर मसौदा रिपोर्ट में केंद्र सरकार ने कोई परिवर्तन किया, सिन्हा ने कहा, "मैं इस मुद्दे पर न्यायालय में ही बोलूंगा। न्यायालय को बताने से पहले मैं इसे सार्वजनिक नहीं कर सकता।"टिप्पणियां सिन्हा ने गाजियाबाद में भी नारायाणसामी से अपनी मुलाकात का बचाव करते हुए कहा कि वह हर उस व्यक्ति से मिलेंगे, जिससे मिलने की उन्हें आवश्यकता होगी। वह सीबीआई अकादमी में जांच एजेंसी के कैडेट-सब इंस्पेक्टर्स के अधिष्ठापन समारोह में भाग लेने के लिए गाजियाबाद में थे। उन्होंने कहा, "वह (नारायणसामी) मेरे मंत्री हैं। मैं उनसे जब चाहूं मिल सकता हूं।" राकांपा ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का बचाव किया है। पार्टी के नेता डी. पी. त्रिपाठी ने संवाददाताओं से कहा, "कानून मंत्री को कानून की जानकारी होती है, इसलिए रिपोर्ट उन्हें दिखाने में कुछ भी गलत नहीं है।" भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के गुरुदास दासगुप्ता ने कहा, "मुलाकात में कोई भी हैरानी वाली बात नहीं है। कांग्रेस ने समय-समय पर कई बार सीबीआई का इस्तेमाल किया है। मैं अश्विनी कुमार के कानून मंत्री के पद से तुरंत इस्तीफे की मांग करता हूं।" वहीं, सीबीआई निदेशक ने नारायणसामी के साथ अपनी मुलाकात को नियमित करार देते हुए कहा कि वह जिससे भी मिलने की आवश्यकता समझेंगे, मिलेंगे। सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा दायर करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में सिन्हा ने कहा, "वह (नारायणसामी) हमारे मंत्री हैं, उनसे मिलने में क्या समस्या है.. मैं उनसे मुलाकात जारी रखूंगा।" यह पूछे जाने पर कि क्या कोयला घोटाले पर मसौदा रिपोर्ट में केंद्र सरकार ने कोई परिवर्तन किया, सिन्हा ने कहा, "मैं इस मुद्दे पर न्यायालय में ही बोलूंगा। न्यायालय को बताने से पहले मैं इसे सार्वजनिक नहीं कर सकता।"टिप्पणियां सिन्हा ने गाजियाबाद में भी नारायाणसामी से अपनी मुलाकात का बचाव करते हुए कहा कि वह हर उस व्यक्ति से मिलेंगे, जिससे मिलने की उन्हें आवश्यकता होगी। वह सीबीआई अकादमी में जांच एजेंसी के कैडेट-सब इंस्पेक्टर्स के अधिष्ठापन समारोह में भाग लेने के लिए गाजियाबाद में थे। उन्होंने कहा, "वह (नारायणसामी) मेरे मंत्री हैं। मैं उनसे जब चाहूं मिल सकता हूं।" राकांपा ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का बचाव किया है। पार्टी के नेता डी. पी. त्रिपाठी ने संवाददाताओं से कहा, "कानून मंत्री को कानून की जानकारी होती है, इसलिए रिपोर्ट उन्हें दिखाने में कुछ भी गलत नहीं है।" वहीं, सीबीआई निदेशक ने नारायणसामी के साथ अपनी मुलाकात को नियमित करार देते हुए कहा कि वह जिससे भी मिलने की आवश्यकता समझेंगे, मिलेंगे। सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा दायर करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में सिन्हा ने कहा, "वह (नारायणसामी) हमारे मंत्री हैं, उनसे मिलने में क्या समस्या है.. मैं उनसे मुलाकात जारी रखूंगा।" यह पूछे जाने पर कि क्या कोयला घोटाले पर मसौदा रिपोर्ट में केंद्र सरकार ने कोई परिवर्तन किया, सिन्हा ने कहा, "मैं इस मुद्दे पर न्यायालय में ही बोलूंगा। न्यायालय को बताने से पहले मैं इसे सार्वजनिक नहीं कर सकता।"टिप्पणियां सिन्हा ने गाजियाबाद में भी नारायाणसामी से अपनी मुलाकात का बचाव करते हुए कहा कि वह हर उस व्यक्ति से मिलेंगे, जिससे मिलने की उन्हें आवश्यकता होगी। वह सीबीआई अकादमी में जांच एजेंसी के कैडेट-सब इंस्पेक्टर्स के अधिष्ठापन समारोह में भाग लेने के लिए गाजियाबाद में थे। उन्होंने कहा, "वह (नारायणसामी) मेरे मंत्री हैं। मैं उनसे जब चाहूं मिल सकता हूं।" राकांपा ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का बचाव किया है। पार्टी के नेता डी. पी. त्रिपाठी ने संवाददाताओं से कहा, "कानून मंत्री को कानून की जानकारी होती है, इसलिए रिपोर्ट उन्हें दिखाने में कुछ भी गलत नहीं है।" यह पूछे जाने पर कि क्या कोयला घोटाले पर मसौदा रिपोर्ट में केंद्र सरकार ने कोई परिवर्तन किया, सिन्हा ने कहा, "मैं इस मुद्दे पर न्यायालय में ही बोलूंगा। न्यायालय को बताने से पहले मैं इसे सार्वजनिक नहीं कर सकता।"टिप्पणियां सिन्हा ने गाजियाबाद में भी नारायाणसामी से अपनी मुलाकात का बचाव करते हुए कहा कि वह हर उस व्यक्ति से मिलेंगे, जिससे मिलने की उन्हें आवश्यकता होगी। वह सीबीआई अकादमी में जांच एजेंसी के कैडेट-सब इंस्पेक्टर्स के अधिष्ठापन समारोह में भाग लेने के लिए गाजियाबाद में थे। उन्होंने कहा, "वह (नारायणसामी) मेरे मंत्री हैं। मैं उनसे जब चाहूं मिल सकता हूं।" राकांपा ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का बचाव किया है। पार्टी के नेता डी. पी. त्रिपाठी ने संवाददाताओं से कहा, "कानून मंत्री को कानून की जानकारी होती है, इसलिए रिपोर्ट उन्हें दिखाने में कुछ भी गलत नहीं है।" सिन्हा ने गाजियाबाद में भी नारायाणसामी से अपनी मुलाकात का बचाव करते हुए कहा कि वह हर उस व्यक्ति से मिलेंगे, जिससे मिलने की उन्हें आवश्यकता होगी। वह सीबीआई अकादमी में जांच एजेंसी के कैडेट-सब इंस्पेक्टर्स के अधिष्ठापन समारोह में भाग लेने के लिए गाजियाबाद में थे। उन्होंने कहा, "वह (नारायणसामी) मेरे मंत्री हैं। मैं उनसे जब चाहूं मिल सकता हूं।" राकांपा ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का बचाव किया है। पार्टी के नेता डी. पी. त्रिपाठी ने संवाददाताओं से कहा, "कानून मंत्री को कानून की जानकारी होती है, इसलिए रिपोर्ट उन्हें दिखाने में कुछ भी गलत नहीं है।" राकांपा ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का बचाव किया है। पार्टी के नेता डी. पी. त्रिपाठी ने संवाददाताओं से कहा, "कानून मंत्री को कानून की जानकारी होती है, इसलिए रिपोर्ट उन्हें दिखाने में कुछ भी गलत नहीं है।"
संक्षिप्त पाठ: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा दायर कर कहा कि उसने कोयला ब्लॉक आवंटन पर आठ मार्च की स्थिति रपट केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अश्विनी कुमार तथा प्रधानमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ नौकरशाह के साथ साझा की थी।
14
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: Honor 20 सीरीज़ से पर्दा उठा लिया गया है। इस सीरीज़ का सबसे प्रीमियम फोन Honor 20 Pro है। हॉनर ब्रांड का यह स्मार्टफोन चार रियर कैमरों से लैस है। इसमें वीडियो कॉलिंग और सेल्फी के लिए 32 मेगापिक्सल का सेंसर दिया गया है। Honor 20 Pro में 6.26 इंच का होल-पंच डिस्प्ले, 4000 एमएएच बैटरी, किरिन 980 प्रोसेसर, 8 जीबी तक रैम और 256 जीबी तक की स्टोरेज है। फिंगरप्रिंट सेंसर को फोन के किनारे पर जगह मिली है। लंदन में आयोजित लॉन्च इवेंट में कंपनी ने Honor 20 और Honor 20 Lite को भी पेश किया। हॉनर 20 प्रो की कीमत 599 यूरो (करीब 46,500 रुपये) से शुरू होती है। फोन को फैंटम ब्लैक और फैंटम ब्लू रंग में उपलब्ध कराया जाएगा। भारत में इस फोन की कीमत का ऐलान 11 जून को होगा। Honor 20 Pro की बिक्री फ्लिपकार्ट पर होगी। Honor 20 Pro के साथ कंपनी ने लंदन में आयोजित होने वाले इवेंट में Honor 20 और Honor 20 Lite को भी पेश किया गया। हॉनर 20 प्रो एंड्रॉयड पाई पर आधारित मैजिक यूआई 2.1.0 पर चलेगा। फोन में 6.26 इंच का फुल-एचडी+ (1080x2340 पिक्सल) डिस्प्ले है। यह 412 पिक्सल प्रति इंच की पिक्सल डेनसिटी और 91.7 प्रतिशत स्क्रीन टू बॉडी रेशियो से लैस है। फोन में किरिन 980 प्रोसेसर का इस्तेमाल किया गया है। यह 8 जीबी तक रैम और 256 जीबी तक की स्टोरेज के साथ आएगा। Honor 20 Pro में क्वाड कैमरा सेटअप है। पिछले हिस्से पर 48 मेगापिक्सल का Sony IMX586 का प्राइमरी सेंसर है। यह एफ/1.8 अपर्चर से लैस है। सेकेंडरी सेंसर 16 मेगापिक्सल का है। यह सुपर वाइड एंगल कैमरा है। इसके साथ 8 मेगापिक्सल का टेलीफोटो लेंस दिया गया। इसका अपर्चर एफ/ 2.4 है। यह सेंसर 3x लॉसलेस ऑप्टिकल ज़ूम, 5x हाइब्रिड ज़ूम और 30x डिजिटल ज़ूम को सपोर्ट करता है। क्वाड कैमरा सेटअप में चौथा सेंसर 2 मेगापिक्सल का है। इसका अपर्चर एफ/2.4 है। कैमरा सेटअप ऑप्टिकल इमेज स्टेबलाइज़ेशन, एआईएस, ईआईएस, पीडीएएफ, एआई अल्ट्रा क्लैयरिटी मोड, एआईएस सुपर नाइट मोड और अन्य फीचर को सपोर्ट करेगा। यह यूएचडी 4K वीडियो रिकॉर्डिंग को भी सपोर्ट करेगा। फ्रंट पैनल पर एफ/ 2.0 अपर्चर वाला 32 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा दिया गया है। यह 3डी पोर्ट्रेट लाइटनिंग के साथ आएगा। हॉनर 20 प्रो की बैटरी 4,000 एमएएच की है और यह 22.5 वॉट हॉनर सुपर चार्ज को सपोर्ट करेगा। हैंडसेट का डाइमेंशन 154.60x73.97x8.44 मिलीमीटर और वज़न 182 ग्राम है। प्रॉक्सिमिटी सेंसर, डिजिटल कंपास, एंबियंट लाइट सेंसर, ग्रैविटी सेंसर, हॉल-सेंसर और जायरोस्कोप इस फोन का हिस्सा हैं। कनेक्टिविटी फीचर में 4जी वीओएलटीई, वाई-फाई डुअल-बैंड 802.11 ए/बी/जी/एन/एसी, ब्लूटूथ 5 और यूएसबी 2.0 शामिल हैं। जैसा कि हमने आपको पहले बताया, Honor 20 Pro में किनारे पर फिंगरप्रिंट सेंसर है।
सारांश: हॉनर 20 प्रो 11 जून को होगा भारत में लॉन्च 32 मेगापिक्सल के सेल्फी कैमरे से लैस है Honor 20 Pro Honor 20 Pro की बैटरी 4,000 एमएएच की है
20
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मायावती के राज्यसभा से इस्तीफे को राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने वाजिब और स्वभाविक बताते हुए कहा कि बीजेपी दलित विरोधी पार्टी है. लालू ने यह भी कहा, 'मायावती चाहेंगी तो हम बिहार से उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजेंगे.'  टिप्पणियां वहीं, बीजेपी ने राज्यसभा से इस्तीफा देने पर मायावती को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि उनका यह कदम 'ड्रामा' है, जिसका मकसद भावुकता के जरिये 'भ्रम' पैदा करना है. नई दिल्ली में बीजेपी महासचिव भूपेंद्र यादव ने कहा कि लोग अब मायावती से गुमराह नहीं होने वाले हैं. वहीं, बीजेपी ने राज्यसभा से इस्तीफा देने पर मायावती को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि उनका यह कदम 'ड्रामा' है, जिसका मकसद भावुकता के जरिये 'भ्रम' पैदा करना है. नई दिल्ली में बीजेपी महासचिव भूपेंद्र यादव ने कहा कि लोग अब मायावती से गुमराह नहीं होने वाले हैं. वहीं, बीजेपी ने राज्यसभा से इस्तीफा देने पर मायावती को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि उनका यह कदम 'ड्रामा' है, जिसका मकसद भावुकता के जरिये 'भ्रम' पैदा करना है. नई दिल्ली में बीजेपी महासचिव भूपेंद्र यादव ने कहा कि लोग अब मायावती से गुमराह नहीं होने वाले हैं.
यहाँ एक सारांश है:सहारनपुर हिंसा पर सदन में न बोल पाने के कारण नाराज थीं मायावती राज्यसभा से मंगलवार को इस्तीफा दे दिया था लेकिन सभापति ने इसे अभी स्वीकार नहीं किया है
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका में अगले महीने होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पूर्व उम्मीदवारों के बीच बहस से पहले राष्ट्रपति बराक ओबामा अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी पर मामूली बढ़त बनाए हुए हैं।टिप्पणियां एबीसी..वॉल स्ट्रीट पत्रिका द्वारा कराए गए सर्वेक्षण के अनुसार, संभावित मतदाताओं के बीच ओबामा अब 49 से लेकर 46 प्रतिशत तक की बढ़त बनाए हुए हैं। सितंबर के मध्य में कराए गए सर्वेक्षण में उनकी बढ़त पांच प्रतिशत ज्यादा थी, लेकिन अब यह कम हो गई है। संभावित मतदाताओं के सर्वेक्षण में 3.4 प्रतिशत का आंकड़ा इधर-उधर हो सकता है। वाल स्ट्रीट पत्रिका के अनुसार, ओबामा जहां हिस्पैनिक्स, युवा मतदाताओं और महिलाओं के बीच बढ़त बनाए हुए हैं, वहीं उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी श्वेत मतदाताओं और पुरुषों में अधिक लोकप्रिय हैं तथा उन्हें कॉलेज स्तर के शिक्षित मतदाताओं के बीच थोड़ी और अधिक बढ़त मिलने की संभावना है। ओबामा खेमे ने कहा कि राष्ट्रपति बुधवार को बहस होने की उम्मीद कर रहे हैं। एबीसी..वॉल स्ट्रीट पत्रिका द्वारा कराए गए सर्वेक्षण के अनुसार, संभावित मतदाताओं के बीच ओबामा अब 49 से लेकर 46 प्रतिशत तक की बढ़त बनाए हुए हैं। सितंबर के मध्य में कराए गए सर्वेक्षण में उनकी बढ़त पांच प्रतिशत ज्यादा थी, लेकिन अब यह कम हो गई है। संभावित मतदाताओं के सर्वेक्षण में 3.4 प्रतिशत का आंकड़ा इधर-उधर हो सकता है। वाल स्ट्रीट पत्रिका के अनुसार, ओबामा जहां हिस्पैनिक्स, युवा मतदाताओं और महिलाओं के बीच बढ़त बनाए हुए हैं, वहीं उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी श्वेत मतदाताओं और पुरुषों में अधिक लोकप्रिय हैं तथा उन्हें कॉलेज स्तर के शिक्षित मतदाताओं के बीच थोड़ी और अधिक बढ़त मिलने की संभावना है। ओबामा खेमे ने कहा कि राष्ट्रपति बुधवार को बहस होने की उम्मीद कर रहे हैं। संभावित मतदाताओं के सर्वेक्षण में 3.4 प्रतिशत का आंकड़ा इधर-उधर हो सकता है। वाल स्ट्रीट पत्रिका के अनुसार, ओबामा जहां हिस्पैनिक्स, युवा मतदाताओं और महिलाओं के बीच बढ़त बनाए हुए हैं, वहीं उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी श्वेत मतदाताओं और पुरुषों में अधिक लोकप्रिय हैं तथा उन्हें कॉलेज स्तर के शिक्षित मतदाताओं के बीच थोड़ी और अधिक बढ़त मिलने की संभावना है। ओबामा खेमे ने कहा कि राष्ट्रपति बुधवार को बहस होने की उम्मीद कर रहे हैं।
अमेरिका में अगले महीने होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पूर्व उम्मीदवारों के बीच बहस से पहले राष्ट्रपति बराक ओबामा अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी पर मामूली बढ़त बनाए हुए हैं।
6
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि दिल्ली में आयुष्मान भारत योजना लागू करवाने को लेकर दिल्ली सरकार से बात करेंगे. हालांकि इस पर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने साफ कहा है कि दिल्ली सरकार इस योजना को लागू नहीं करेगी. उन्होंने कहा है कि आप सरकार सभी का इलाज कराएगी चाहे वह गरीब हो या अमीर. इस बात पर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि 'यूपी में लागू कर दिया न फिर दिल्ली में लोग क्यों भेजते हैं. यूपी में लागू है, हरियाणा में लागू है, फिर वहां के मरीज दिल्ली में क्यों भेजते हो. करा लो इलाज प्राइवेट में. यह सिर्फ कागजों में है. दिल्ली में लागू करके क्या करेंगे.' उन्होंने कहा कि 'दिल्ली की आबादी दो करोड़ है, 10 लाख लोगों पर लागू होगी, हम नहीं करने वाले ऐसे. 100% आबादी का इलाज करेंगे. हम ऐसे पिक एंड चॉइस नहीं करेंगे. दिल्ली में गरीब आदमी हैं, अमीर आदमी हैं, हम सबका इलाज करेंगे. दिल्ली के हर नागरिक का इलाज हम करेंगे.'
यहाँ एक सारांश है:कहा- आप सरकार सभी का इलाज कराएगी चाहे वह गरीब हो या अमीर दिल्ली की आबादी दो करोड़, 10 लाख लोगों पर लागू होगी, हम नहीं करेंगे डॉ हर्षवर्धन योजना लागू करवाने को लेकर दिल्ली सरकार से बात करना चाहते हैं
17
['hin']
एक सारांश बनाओ: आस्ट्रेलिया में एक घर के अंदर बने स्वीमिंग पूल की कुछ ऐसी तस्वीरें कैद हुई हैं जिससे लोग काफी घबरा गए हैं. सीसीटीवी कैमरे में देखा गया है कि एक लंबा सांप पानी में तैर रही छिपकली पर हमला करता है. पहले तो सांप किनारे बैठकर छिपकली के पास आने का इंतजार करता है और जैसे ही छिपकली थोड़ा पास पहुंचती है वह उस पर हमला बोल देता है. हालांकि छिपकली खुद को सांप के हमले से बचा लेती है. टिप्पणियांइसके बाद सांप बीच पानी में आ जाता है लेकिन छिपकली किनारे बचती हुई भाग जाती है. गनीमत इस बात की थी कि घटना के समय वहां आसपास कोई शख्स नहीं था. वहीं घर के स्वीमिंग पूल में इतने बड़े सांप के घुस आने से भी परिवार के डरे हुए हैं. सांप स्वीमिंग पूल से निकलकर गायब हो गया है. सांप को ढूढ़ने के लिए विशेषज्ञों की टीम को भी बुलाई गई लेकिन उसका कहीं भी पता नहीं चल पाया है.   इसके बाद सांप बीच पानी में आ जाता है लेकिन छिपकली किनारे बचती हुई भाग जाती है. गनीमत इस बात की थी कि घटना के समय वहां आसपास कोई शख्स नहीं था. वहीं घर के स्वीमिंग पूल में इतने बड़े सांप के घुस आने से भी परिवार के डरे हुए हैं. सांप स्वीमिंग पूल से निकलकर गायब हो गया है. सांप को ढूढ़ने के लिए विशेषज्ञों की टीम को भी बुलाई गई लेकिन उसका कहीं भी पता नहीं चल पाया है.
संक्षिप्त सारांश: सांप की लंबाई देखकर ही लगता है डर स्वीमिंग पूल में तैर रहा था सांप छिपकली पर किया था हमला
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भ्रष्टाचार के मामले में कानून मंत्री सलमान खुर्शीद पर आरोप लगाने वाले अरविंद केजरीवाल ने इस घोटाले के कई दस्तावेज पेश किए हैं। इसमें खुर्शीद के जाकिर हुसैन ट्रस्ट पर जाली दस्तखत के आरोप लगाए गए हैं। एनडीटीवी इंडिया से बात करते हुए केजरीवाल ने कहा कि सलमान खुर्शीद पर जो नया आरोप लगा है, वह इतना पक्का है कि इसमें जांच की जरूरत ही नहीं है, उन्हें सीधे बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सलमान खुर्शीद को ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, जैसी वह कर रहे हैं। इससे पहले सलमान खुर्शीद ने कहा था कि वह अरविंद केजरीवाल को अदालत ले जाएंगे। एनडीटीवी से बात करते हुए सलमान खुर्शीद ने कहा कि केजरीवाल के आरोप ऐसे नहीं हैं कि उनका जवाब दिया जाए, बल्कि वह उनके खिलाफ अदालत में आपराधिक मामला दायर करेंगे। दरअसल सलमान खुर्शीद के खिलाफ अरविंद केजरीवाल ने बाद में, पहले एक टीवी चैनल ने आरोप लगाए। मामला एक एनजीओ का है, जिसके प्रमुख सलमान खुर्शीद और उनकी पत्नी लूईस खुर्शीद हैं। आरोप के मुताबिक जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट ने यूपी के कई जिलों में अधिकारियों के जाली दस्तखत कर पैसे इधर से उधर किए। इसमें 71.50 लाख रुपये के घपले की बात कही जा रही है। टिप्पणियां अरविंद केजरीवाल के इंडिया अगेंस्ट करप्शन ने सलमान खुर्शीद और उनकी पत्नी लुईस खुर्शीद पर जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा विकलांगों को सहायता उपकरण वितरित करने की आड़ में बडे पैमाने पर वित्तीय घपले का आरोप लगाते हुए इस मामले की समुचित कानूनी कार्रवाई तथा मंत्री के इस्तीफे की मांग की थी। आरोप लगाया गया है कि सलमान खुर्शीद के ट्रस्ट द्वारा केंद्रीय समाजिक न्याय एवं सहकारिता मंत्रालय से मिली धनराशि से उत्तर प्रदेश के 17 जिलों में विकलांगों को बैसाखियां, तिपहिया साइकिल, सुनने की मशीन सहित अन्य सामग्री वितरित की जानी थी, मगर ट्रस्ट की डाइरेक्टर लुईस खुर्शीद ने अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर से फर्जी शिविरों का आयोजन दिखाकर लाखों रुपये का गबन कर लिया। एनडीटीवी इंडिया से बात करते हुए केजरीवाल ने कहा कि सलमान खुर्शीद पर जो नया आरोप लगा है, वह इतना पक्का है कि इसमें जांच की जरूरत ही नहीं है, उन्हें सीधे बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सलमान खुर्शीद को ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, जैसी वह कर रहे हैं। इससे पहले सलमान खुर्शीद ने कहा था कि वह अरविंद केजरीवाल को अदालत ले जाएंगे। एनडीटीवी से बात करते हुए सलमान खुर्शीद ने कहा कि केजरीवाल के आरोप ऐसे नहीं हैं कि उनका जवाब दिया जाए, बल्कि वह उनके खिलाफ अदालत में आपराधिक मामला दायर करेंगे। दरअसल सलमान खुर्शीद के खिलाफ अरविंद केजरीवाल ने बाद में, पहले एक टीवी चैनल ने आरोप लगाए। मामला एक एनजीओ का है, जिसके प्रमुख सलमान खुर्शीद और उनकी पत्नी लूईस खुर्शीद हैं। आरोप के मुताबिक जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट ने यूपी के कई जिलों में अधिकारियों के जाली दस्तखत कर पैसे इधर से उधर किए। इसमें 71.50 लाख रुपये के घपले की बात कही जा रही है। टिप्पणियां अरविंद केजरीवाल के इंडिया अगेंस्ट करप्शन ने सलमान खुर्शीद और उनकी पत्नी लुईस खुर्शीद पर जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा विकलांगों को सहायता उपकरण वितरित करने की आड़ में बडे पैमाने पर वित्तीय घपले का आरोप लगाते हुए इस मामले की समुचित कानूनी कार्रवाई तथा मंत्री के इस्तीफे की मांग की थी। आरोप लगाया गया है कि सलमान खुर्शीद के ट्रस्ट द्वारा केंद्रीय समाजिक न्याय एवं सहकारिता मंत्रालय से मिली धनराशि से उत्तर प्रदेश के 17 जिलों में विकलांगों को बैसाखियां, तिपहिया साइकिल, सुनने की मशीन सहित अन्य सामग्री वितरित की जानी थी, मगर ट्रस्ट की डाइरेक्टर लुईस खुर्शीद ने अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर से फर्जी शिविरों का आयोजन दिखाकर लाखों रुपये का गबन कर लिया। इससे पहले सलमान खुर्शीद ने कहा था कि वह अरविंद केजरीवाल को अदालत ले जाएंगे। एनडीटीवी से बात करते हुए सलमान खुर्शीद ने कहा कि केजरीवाल के आरोप ऐसे नहीं हैं कि उनका जवाब दिया जाए, बल्कि वह उनके खिलाफ अदालत में आपराधिक मामला दायर करेंगे। दरअसल सलमान खुर्शीद के खिलाफ अरविंद केजरीवाल ने बाद में, पहले एक टीवी चैनल ने आरोप लगाए। मामला एक एनजीओ का है, जिसके प्रमुख सलमान खुर्शीद और उनकी पत्नी लूईस खुर्शीद हैं। आरोप के मुताबिक जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट ने यूपी के कई जिलों में अधिकारियों के जाली दस्तखत कर पैसे इधर से उधर किए। इसमें 71.50 लाख रुपये के घपले की बात कही जा रही है। टिप्पणियां अरविंद केजरीवाल के इंडिया अगेंस्ट करप्शन ने सलमान खुर्शीद और उनकी पत्नी लुईस खुर्शीद पर जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा विकलांगों को सहायता उपकरण वितरित करने की आड़ में बडे पैमाने पर वित्तीय घपले का आरोप लगाते हुए इस मामले की समुचित कानूनी कार्रवाई तथा मंत्री के इस्तीफे की मांग की थी। आरोप लगाया गया है कि सलमान खुर्शीद के ट्रस्ट द्वारा केंद्रीय समाजिक न्याय एवं सहकारिता मंत्रालय से मिली धनराशि से उत्तर प्रदेश के 17 जिलों में विकलांगों को बैसाखियां, तिपहिया साइकिल, सुनने की मशीन सहित अन्य सामग्री वितरित की जानी थी, मगर ट्रस्ट की डाइरेक्टर लुईस खुर्शीद ने अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर से फर्जी शिविरों का आयोजन दिखाकर लाखों रुपये का गबन कर लिया। दरअसल सलमान खुर्शीद के खिलाफ अरविंद केजरीवाल ने बाद में, पहले एक टीवी चैनल ने आरोप लगाए। मामला एक एनजीओ का है, जिसके प्रमुख सलमान खुर्शीद और उनकी पत्नी लूईस खुर्शीद हैं। आरोप के मुताबिक जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट ने यूपी के कई जिलों में अधिकारियों के जाली दस्तखत कर पैसे इधर से उधर किए। इसमें 71.50 लाख रुपये के घपले की बात कही जा रही है। टिप्पणियां अरविंद केजरीवाल के इंडिया अगेंस्ट करप्शन ने सलमान खुर्शीद और उनकी पत्नी लुईस खुर्शीद पर जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा विकलांगों को सहायता उपकरण वितरित करने की आड़ में बडे पैमाने पर वित्तीय घपले का आरोप लगाते हुए इस मामले की समुचित कानूनी कार्रवाई तथा मंत्री के इस्तीफे की मांग की थी। आरोप लगाया गया है कि सलमान खुर्शीद के ट्रस्ट द्वारा केंद्रीय समाजिक न्याय एवं सहकारिता मंत्रालय से मिली धनराशि से उत्तर प्रदेश के 17 जिलों में विकलांगों को बैसाखियां, तिपहिया साइकिल, सुनने की मशीन सहित अन्य सामग्री वितरित की जानी थी, मगर ट्रस्ट की डाइरेक्टर लुईस खुर्शीद ने अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर से फर्जी शिविरों का आयोजन दिखाकर लाखों रुपये का गबन कर लिया। अरविंद केजरीवाल के इंडिया अगेंस्ट करप्शन ने सलमान खुर्शीद और उनकी पत्नी लुईस खुर्शीद पर जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा विकलांगों को सहायता उपकरण वितरित करने की आड़ में बडे पैमाने पर वित्तीय घपले का आरोप लगाते हुए इस मामले की समुचित कानूनी कार्रवाई तथा मंत्री के इस्तीफे की मांग की थी। आरोप लगाया गया है कि सलमान खुर्शीद के ट्रस्ट द्वारा केंद्रीय समाजिक न्याय एवं सहकारिता मंत्रालय से मिली धनराशि से उत्तर प्रदेश के 17 जिलों में विकलांगों को बैसाखियां, तिपहिया साइकिल, सुनने की मशीन सहित अन्य सामग्री वितरित की जानी थी, मगर ट्रस्ट की डाइरेक्टर लुईस खुर्शीद ने अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर से फर्जी शिविरों का आयोजन दिखाकर लाखों रुपये का गबन कर लिया। आरोप लगाया गया है कि सलमान खुर्शीद के ट्रस्ट द्वारा केंद्रीय समाजिक न्याय एवं सहकारिता मंत्रालय से मिली धनराशि से उत्तर प्रदेश के 17 जिलों में विकलांगों को बैसाखियां, तिपहिया साइकिल, सुनने की मशीन सहित अन्य सामग्री वितरित की जानी थी, मगर ट्रस्ट की डाइरेक्टर लुईस खुर्शीद ने अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर से फर्जी शिविरों का आयोजन दिखाकर लाखों रुपये का गबन कर लिया।
यहाँ एक सारांश है:केजरीवाल ने सलमान खुर्शीद के ट्रस्ट द्वारा घोटाला किए जाने के बारे में दस्तावेज पेश करते हुए कहा कि ये सबूत इतने पक्के हैं कि जांच की कोई जरूरत नहीं है और उन्हें सीधे बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए।
4
['hin']
एक सारांश बनाओ: जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बलों की कथित मनमानी के खिलाफ दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में प्रदर्शन मार्च निकालने के बाद स्कूली छात्रों की सुरक्षा बलों के साथ सोमवार को झड़प हुई. पुलिस ने बताया कि श्रीनगर से 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित त्राल इलाके में निकाले गये मार्च को सुरक्षा बलों ने रोक दिया था. इससे नाराज छात्रों ने सुरक्षा बलों पर पथराव किया जिसके जवाब में सुरक्षा बलों ने उन पर लाठीचार्ज किया.टिप्पणियां पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि अंतिम रिपोर्ट मिलने तक संघर्ष जारी था. बहरहाल, घटना में किसी के हताहत होने की रिपोर्ट नहीं है. विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा कथित तौर पर उन्हें निशाना बनाये जाने का आरोप लगाते हुए छात्र सुरक्षा बलों के खिलाफ कार्रवाई करने और अपने गिरफ्तार स्कूली साथियों की रिहाई की मांग कर रहे थे. पुलवामा के गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज में 15 अप्रैल को पुलिस की छापेमारी के बाद यह हालिया प्रदर्शन हुआ. इन प्रदर्शनों में स्कूल कॉलेजों की छात्राओं सहित कई छात्रों ने बड़ी तादाद में हिस्सा लिया है. इन प्रदर्शनों के चलते प्रशासन को एहतियात के तौर पर पिछले महीने एक सप्ताह से अधिक समय के लिये उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्यापन कार्य निरस्त करना पड़ा था. श्रीनगर और घाटी में अन्य जगहों में प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों को गिरफ्तार किया गया था. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि अंतिम रिपोर्ट मिलने तक संघर्ष जारी था. बहरहाल, घटना में किसी के हताहत होने की रिपोर्ट नहीं है. विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा कथित तौर पर उन्हें निशाना बनाये जाने का आरोप लगाते हुए छात्र सुरक्षा बलों के खिलाफ कार्रवाई करने और अपने गिरफ्तार स्कूली साथियों की रिहाई की मांग कर रहे थे. पुलवामा के गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज में 15 अप्रैल को पुलिस की छापेमारी के बाद यह हालिया प्रदर्शन हुआ. इन प्रदर्शनों में स्कूल कॉलेजों की छात्राओं सहित कई छात्रों ने बड़ी तादाद में हिस्सा लिया है. इन प्रदर्शनों के चलते प्रशासन को एहतियात के तौर पर पिछले महीने एक सप्ताह से अधिक समय के लिये उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्यापन कार्य निरस्त करना पड़ा था. श्रीनगर और घाटी में अन्य जगहों में प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों को गिरफ्तार किया गया था. पुलवामा के गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज में 15 अप्रैल को पुलिस की छापेमारी के बाद यह हालिया प्रदर्शन हुआ. इन प्रदर्शनों में स्कूल कॉलेजों की छात्राओं सहित कई छात्रों ने बड़ी तादाद में हिस्सा लिया है. इन प्रदर्शनों के चलते प्रशासन को एहतियात के तौर पर पिछले महीने एक सप्ताह से अधिक समय के लिये उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्यापन कार्य निरस्त करना पड़ा था. श्रीनगर और घाटी में अन्य जगहों में प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों को गिरफ्तार किया गया था.
सारांश: दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में लोगों नें निकाला था मार्च. सुरक्षा बलों ने किया लाठीचार्ज. घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: चीन के उप राष्ट्रपति शी जिनपिंग को देश की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी का नया महासचिव नियुक्त कर दिया गया। वह राष्ट्रपति हू जिंताओ के उत्तराधिकारी होंगे, जो 10 सालों के लंबे कार्यकाल के बाद पार्टी और शक्तिशाली सेना प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं। 59-वर्षीय शी जिनपिंग के पार्टी का नया महासचिव नियुक्त किए जाने की खबर गुरुवार को औपचारिक रूप से सरकारी मीडिया ने जारी की। पार्टी के विधान के अनुसार शीर्ष नेतृत्व प्रत्येक 10 साल बाद सेवानिवृत्त होता है और चीन में अगले 10 साल के लिए शासन को चलाने के मकसद से नए नेताओं का चयन किया जाता है।टिप्पणियां नए नेता आज से ही पार्टी की कमान संभाल लेंगे, लेकिन शी जिनपिंग अगले वर्ष मार्च से सरकार की जिम्मेदारी संभालेंगे। उस समय नेशनल पीपुल्स कांग्रेस का वार्षिक सत्र आयोजित होगा। तब तक हू और बाकी नेता अपने सरकारी पदों पर बने रहेंगे। एक ग्राम मुखिया से राष्ट्रीय स्तर के नेता पद तक पहुंचने का शी का सफर कोई बहुत मुश्किल भरा नहीं रहा है। वह 'खानदानी' कम्युनिस्ट हैं और उनके पिता देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री थे। 59-वर्षीय शी जिनपिंग के पार्टी का नया महासचिव नियुक्त किए जाने की खबर गुरुवार को औपचारिक रूप से सरकारी मीडिया ने जारी की। पार्टी के विधान के अनुसार शीर्ष नेतृत्व प्रत्येक 10 साल बाद सेवानिवृत्त होता है और चीन में अगले 10 साल के लिए शासन को चलाने के मकसद से नए नेताओं का चयन किया जाता है।टिप्पणियां नए नेता आज से ही पार्टी की कमान संभाल लेंगे, लेकिन शी जिनपिंग अगले वर्ष मार्च से सरकार की जिम्मेदारी संभालेंगे। उस समय नेशनल पीपुल्स कांग्रेस का वार्षिक सत्र आयोजित होगा। तब तक हू और बाकी नेता अपने सरकारी पदों पर बने रहेंगे। एक ग्राम मुखिया से राष्ट्रीय स्तर के नेता पद तक पहुंचने का शी का सफर कोई बहुत मुश्किल भरा नहीं रहा है। वह 'खानदानी' कम्युनिस्ट हैं और उनके पिता देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री थे। नए नेता आज से ही पार्टी की कमान संभाल लेंगे, लेकिन शी जिनपिंग अगले वर्ष मार्च से सरकार की जिम्मेदारी संभालेंगे। उस समय नेशनल पीपुल्स कांग्रेस का वार्षिक सत्र आयोजित होगा। तब तक हू और बाकी नेता अपने सरकारी पदों पर बने रहेंगे। एक ग्राम मुखिया से राष्ट्रीय स्तर के नेता पद तक पहुंचने का शी का सफर कोई बहुत मुश्किल भरा नहीं रहा है। वह 'खानदानी' कम्युनिस्ट हैं और उनके पिता देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री थे। एक ग्राम मुखिया से राष्ट्रीय स्तर के नेता पद तक पहुंचने का शी का सफर कोई बहुत मुश्किल भरा नहीं रहा है। वह 'खानदानी' कम्युनिस्ट हैं और उनके पिता देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री थे।
संक्षिप्त पाठ: वह राष्ट्रपति हू जिंताओ के उत्तराधिकारी होंगे, जो 10 सालों के लंबे कार्यकाल के बाद पार्टी और शक्तिशाली सेना प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
27
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बॉलीवुड सितारे इमरान हाशमी के बारे में फिल्म समीक्षकों का मानना है कि वह एक अभिनेता के रूप में परिपक्व हो गए हैं। इमरान खुद भी इस बात को स्वीकार करते हैं। वह फिल्म 'एक थी डायन' में निभाई गई अपनी भूमिका को अब तक की सबसे दिलचस्प भूमिका मानते हैं। 'एक थी डायन' में इमरान जादूगर के किरदार में हैं। फिल्म के निर्देशक कनन अय्यर हैं। विशाल भारद्वाज और एकता कपूर फिल्म के सह-निर्माता हैं। हाशमी कहते हैं, उनका किरदार ऐसा है, जिससे लोग खुद को जुड़ा महसूस करेंगे। यह किरदार नकारत्मक और सकारात्मक दोनों ही तरह का है। उन्होंने कहा कि जादूगर का किरदार अब तक का सबसे बेहतरीन किरदार है।टिप्पणियां हाशमी को पर्दे पर उनकी छवि और 'डायन.' के हीरो बनने को लेकर कोई मलाल नहीं है। उन्होंने कहा, मेरे लिए बस डायन के साथ रोमांस करना बाकी रह गया था जो इस फिल्म ने पूरा कर दिया। अब बस हवा में लटक कर रोमांस करना बाकी रह गया है।  हाशमी बॉलीवुड में लगातार सफल फिल्में देने वाले अभिनेताओं में से एक हैं। फिल्म 'एक थी डायन' में कल्कि कोचलिन, हुमा कुरैशी और कोंकणा सेन शर्मा ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। फिल्म आगामी 18 अप्रैल को प्रदर्शित होगी। 'एक थी डायन' में इमरान जादूगर के किरदार में हैं। फिल्म के निर्देशक कनन अय्यर हैं। विशाल भारद्वाज और एकता कपूर फिल्म के सह-निर्माता हैं। हाशमी कहते हैं, उनका किरदार ऐसा है, जिससे लोग खुद को जुड़ा महसूस करेंगे। यह किरदार नकारत्मक और सकारात्मक दोनों ही तरह का है। उन्होंने कहा कि जादूगर का किरदार अब तक का सबसे बेहतरीन किरदार है।टिप्पणियां हाशमी को पर्दे पर उनकी छवि और 'डायन.' के हीरो बनने को लेकर कोई मलाल नहीं है। उन्होंने कहा, मेरे लिए बस डायन के साथ रोमांस करना बाकी रह गया था जो इस फिल्म ने पूरा कर दिया। अब बस हवा में लटक कर रोमांस करना बाकी रह गया है।  हाशमी बॉलीवुड में लगातार सफल फिल्में देने वाले अभिनेताओं में से एक हैं। फिल्म 'एक थी डायन' में कल्कि कोचलिन, हुमा कुरैशी और कोंकणा सेन शर्मा ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। फिल्म आगामी 18 अप्रैल को प्रदर्शित होगी। हाशमी कहते हैं, उनका किरदार ऐसा है, जिससे लोग खुद को जुड़ा महसूस करेंगे। यह किरदार नकारत्मक और सकारात्मक दोनों ही तरह का है। उन्होंने कहा कि जादूगर का किरदार अब तक का सबसे बेहतरीन किरदार है।टिप्पणियां हाशमी को पर्दे पर उनकी छवि और 'डायन.' के हीरो बनने को लेकर कोई मलाल नहीं है। उन्होंने कहा, मेरे लिए बस डायन के साथ रोमांस करना बाकी रह गया था जो इस फिल्म ने पूरा कर दिया। अब बस हवा में लटक कर रोमांस करना बाकी रह गया है।  हाशमी बॉलीवुड में लगातार सफल फिल्में देने वाले अभिनेताओं में से एक हैं। फिल्म 'एक थी डायन' में कल्कि कोचलिन, हुमा कुरैशी और कोंकणा सेन शर्मा ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। फिल्म आगामी 18 अप्रैल को प्रदर्शित होगी। हाशमी को पर्दे पर उनकी छवि और 'डायन.' के हीरो बनने को लेकर कोई मलाल नहीं है। उन्होंने कहा, मेरे लिए बस डायन के साथ रोमांस करना बाकी रह गया था जो इस फिल्म ने पूरा कर दिया। अब बस हवा में लटक कर रोमांस करना बाकी रह गया है।  हाशमी बॉलीवुड में लगातार सफल फिल्में देने वाले अभिनेताओं में से एक हैं। फिल्म 'एक थी डायन' में कल्कि कोचलिन, हुमा कुरैशी और कोंकणा सेन शर्मा ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। फिल्म आगामी 18 अप्रैल को प्रदर्शित होगी। फिल्म 'एक थी डायन' में कल्कि कोचलिन, हुमा कुरैशी और कोंकणा सेन शर्मा ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। फिल्म आगामी 18 अप्रैल को प्रदर्शित होगी।
संक्षिप्त सारांश: बॉलीवुड सितारे इमरान हाशमी के बारे में फिल्म समीक्षकों का मानना है कि वह एक अभिनेता के रूप में परिपक्व हो गए हैं। इमरान खुद भी इस बात को स्वीकार करते हैं।
23
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: फेसबुक पर ईश निंदा संबंधी सामग्री डालने वाले एक व्यक्ति को पाकिस्तान में आतंकवाद निरोधी अदालत ने शनिवार को मौत की सजा सुनाई. दोषी अल्पसंख्यक शिया मुस्लिम समुदाय से है.टिप्पणियां सोशल मीडिया पर ईश निंदा के चलते मौत की सजा दिए जाने का यह देश में पहला मामला है. पंजाब प्रांत के बहवालपुर जिले में आतंक निरोधी अदालत के न्यायाधीश शब्बीर अहमद ने 30 वर्षीय तैमूर रजा को यह सजा सुनाई. उसे पिछले वर्ष गिरफ्तार किया गया था. सोशल मीडिया पर ईश निंदा के चलते मौत की सजा दिए जाने का यह देश में पहला मामला है. पंजाब प्रांत के बहवालपुर जिले में आतंक निरोधी अदालत के न्यायाधीश शब्बीर अहमद ने 30 वर्षीय तैमूर रजा को यह सजा सुनाई. उसे पिछले वर्ष गिरफ्तार किया गया था. पंजाब प्रांत के बहवालपुर जिले में आतंक निरोधी अदालत के न्यायाधीश शब्बीर अहमद ने 30 वर्षीय तैमूर रजा को यह सजा सुनाई. उसे पिछले वर्ष गिरफ्तार किया गया था.
संक्षिप्त सारांश: पाकिस्तान में आतंकवाद निरोधी अदालत ने शनिवार को मौत की सजा सुनाई दोषी अल्पसंख्यक शिया मुस्लिम समुदाय से है. ईश निंदा के चलते मौत की सजा दिए जाने का यह देश में पहला मामला है.
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने मंगलवार को कहा कि उनके पूर्व सहयोगी और आम आदमी पार्टी के संस्थापक अरविंद केजरीवाल सपना देख रहे हैं कि अन्ना उनका समर्थन करेंगे। अन्ना ने केजरीवाल के बारे में कहा, "यदि वह सोचते हैं कि मैं उनका समर्थन करूंगा, तो वह सपना देख रहे हैं।" अन्ना ने कहा कि उन्होंने आज तक कभी भी किसी से नहीं कहा कि किसी खास व्यक्ति या पार्टी को वोट दीजिए, क्योंकि वह राजनीति में रुचि नहीं रखते।टिप्पणियां अन्ना ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "केजरीवाल पर मेरा रुख समय के साथ बदल गया है। ऐसा क्यों हुआ है, समय आने पर बताऊंगा। यदि मैं आज कुछ कहता हूं तो इससे अधिक दिक्कत खड़ी हो जाएगी।" अन्ना ने इसके पहले कहा था कि यदि केजरीवाल ईमानदार उम्मीदवार खड़े करेंगे, तो वह उन्हें और उनकी आम आदमी पार्टी का समर्थन करेंगे। लेकिन पिछले सप्ताह अन्ना ने कहा था कि केजरीवाल सत्ता लोलुप हो गए हैं और वह उनका समर्थन नहीं करेंगे। अन्ना ने केजरीवाल के बारे में कहा, "यदि वह सोचते हैं कि मैं उनका समर्थन करूंगा, तो वह सपना देख रहे हैं।" अन्ना ने कहा कि उन्होंने आज तक कभी भी किसी से नहीं कहा कि किसी खास व्यक्ति या पार्टी को वोट दीजिए, क्योंकि वह राजनीति में रुचि नहीं रखते।टिप्पणियां अन्ना ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "केजरीवाल पर मेरा रुख समय के साथ बदल गया है। ऐसा क्यों हुआ है, समय आने पर बताऊंगा। यदि मैं आज कुछ कहता हूं तो इससे अधिक दिक्कत खड़ी हो जाएगी।" अन्ना ने इसके पहले कहा था कि यदि केजरीवाल ईमानदार उम्मीदवार खड़े करेंगे, तो वह उन्हें और उनकी आम आदमी पार्टी का समर्थन करेंगे। लेकिन पिछले सप्ताह अन्ना ने कहा था कि केजरीवाल सत्ता लोलुप हो गए हैं और वह उनका समर्थन नहीं करेंगे। अन्ना ने कहा कि उन्होंने आज तक कभी भी किसी से नहीं कहा कि किसी खास व्यक्ति या पार्टी को वोट दीजिए, क्योंकि वह राजनीति में रुचि नहीं रखते।टिप्पणियां अन्ना ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "केजरीवाल पर मेरा रुख समय के साथ बदल गया है। ऐसा क्यों हुआ है, समय आने पर बताऊंगा। यदि मैं आज कुछ कहता हूं तो इससे अधिक दिक्कत खड़ी हो जाएगी।" अन्ना ने इसके पहले कहा था कि यदि केजरीवाल ईमानदार उम्मीदवार खड़े करेंगे, तो वह उन्हें और उनकी आम आदमी पार्टी का समर्थन करेंगे। लेकिन पिछले सप्ताह अन्ना ने कहा था कि केजरीवाल सत्ता लोलुप हो गए हैं और वह उनका समर्थन नहीं करेंगे। अन्ना ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "केजरीवाल पर मेरा रुख समय के साथ बदल गया है। ऐसा क्यों हुआ है, समय आने पर बताऊंगा। यदि मैं आज कुछ कहता हूं तो इससे अधिक दिक्कत खड़ी हो जाएगी।" अन्ना ने इसके पहले कहा था कि यदि केजरीवाल ईमानदार उम्मीदवार खड़े करेंगे, तो वह उन्हें और उनकी आम आदमी पार्टी का समर्थन करेंगे। लेकिन पिछले सप्ताह अन्ना ने कहा था कि केजरीवाल सत्ता लोलुप हो गए हैं और वह उनका समर्थन नहीं करेंगे। अन्ना ने इसके पहले कहा था कि यदि केजरीवाल ईमानदार उम्मीदवार खड़े करेंगे, तो वह उन्हें और उनकी आम आदमी पार्टी का समर्थन करेंगे। लेकिन पिछले सप्ताह अन्ना ने कहा था कि केजरीवाल सत्ता लोलुप हो गए हैं और वह उनका समर्थन नहीं करेंगे।
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने मंगलवार को कहा कि उनके पूर्व सहयोगी और आम आदमी पार्टी के संस्थापक अरविंद केजरीवाल सपना देख रहे हैं कि अन्ना उनका समर्थन करेंगे।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राजधानी में हाल ही में एक 23 वर्षीय लड़की के साथ हुई बलात्कार की घटना की निंदा करते हुए बॉलीवुड स्टार सलमान खान ने मंगलवार को यहां बलात्कारियों के लिए मौत की सजा की वकालत की। 46 वर्षीय सलमान ने कहा, मेरे ख्याल से बलात्किरियों के लिए मौत की ही सजा होनी चाहिए। ऐसी घटनाओं की हमारे समाज में कोई जगह नहीं है। मुझे ऐसी घटनाओं से नफरत है। मेरे लिए ये तृतीय क्षेणी का अपराध है। मेरा मानना है कि बलात्कारी को जेल में मरते दम तक पीटना चाहिए। 23 वर्षीय लड़की के साथ रविवार की रात बलात्कार हुआ था। वह अपने पुरुष मित्र के साथ फिल्म देखने के बाद एक निजी बस से मुनीरका से द्वारका जा रही थी। बस में मौजूद सात आदमियों ने उसे पीटा, निर्वस्त्र किया और फिर बलात्कार किया। इसके बाद उसे और उसके मित्र को महिपालपुर के पास बस से बाहर फेंक दिया। सलमान का कहना है कि लोगों को इस तरह के अपराध बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने चाहिए और इन्हें रोकने की कोशिश करनी चाहिए। टिप्पणियां उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि भारतीय समाज को दबंग होने की जरूरत है। मैंने हाल ही में एक खबर पढ़ी थी कि एक लड़की को छेड़ा जा रहा था और पास में खड़े लोग अपने सेल फोन पर इसका वीडियो बना रहे थे। ये सही भारत की तस्वीर नहीं है और मुझे नहीं लगता कि ऐसी घटना मेरी आंखों के सामने हो सकती है। सलमान खान अपनी आगामी फिल्म 'दबंग 2' के प्रचार-प्रसार के लिए मंगलवार को दिल्ली आए थे। 'दबंग 2'  2010 की हिट 'दबंग' की उत्तरकथा है जो शुक्रवार को रिलीज हो रही है। 46 वर्षीय सलमान ने कहा, मेरे ख्याल से बलात्किरियों के लिए मौत की ही सजा होनी चाहिए। ऐसी घटनाओं की हमारे समाज में कोई जगह नहीं है। मुझे ऐसी घटनाओं से नफरत है। मेरे लिए ये तृतीय क्षेणी का अपराध है। मेरा मानना है कि बलात्कारी को जेल में मरते दम तक पीटना चाहिए। 23 वर्षीय लड़की के साथ रविवार की रात बलात्कार हुआ था। वह अपने पुरुष मित्र के साथ फिल्म देखने के बाद एक निजी बस से मुनीरका से द्वारका जा रही थी। बस में मौजूद सात आदमियों ने उसे पीटा, निर्वस्त्र किया और फिर बलात्कार किया। इसके बाद उसे और उसके मित्र को महिपालपुर के पास बस से बाहर फेंक दिया। सलमान का कहना है कि लोगों को इस तरह के अपराध बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने चाहिए और इन्हें रोकने की कोशिश करनी चाहिए। टिप्पणियां उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि भारतीय समाज को दबंग होने की जरूरत है। मैंने हाल ही में एक खबर पढ़ी थी कि एक लड़की को छेड़ा जा रहा था और पास में खड़े लोग अपने सेल फोन पर इसका वीडियो बना रहे थे। ये सही भारत की तस्वीर नहीं है और मुझे नहीं लगता कि ऐसी घटना मेरी आंखों के सामने हो सकती है। सलमान खान अपनी आगामी फिल्म 'दबंग 2' के प्रचार-प्रसार के लिए मंगलवार को दिल्ली आए थे। 'दबंग 2'  2010 की हिट 'दबंग' की उत्तरकथा है जो शुक्रवार को रिलीज हो रही है। 23 वर्षीय लड़की के साथ रविवार की रात बलात्कार हुआ था। वह अपने पुरुष मित्र के साथ फिल्म देखने के बाद एक निजी बस से मुनीरका से द्वारका जा रही थी। बस में मौजूद सात आदमियों ने उसे पीटा, निर्वस्त्र किया और फिर बलात्कार किया। इसके बाद उसे और उसके मित्र को महिपालपुर के पास बस से बाहर फेंक दिया। सलमान का कहना है कि लोगों को इस तरह के अपराध बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने चाहिए और इन्हें रोकने की कोशिश करनी चाहिए। टिप्पणियां उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि भारतीय समाज को दबंग होने की जरूरत है। मैंने हाल ही में एक खबर पढ़ी थी कि एक लड़की को छेड़ा जा रहा था और पास में खड़े लोग अपने सेल फोन पर इसका वीडियो बना रहे थे। ये सही भारत की तस्वीर नहीं है और मुझे नहीं लगता कि ऐसी घटना मेरी आंखों के सामने हो सकती है। सलमान खान अपनी आगामी फिल्म 'दबंग 2' के प्रचार-प्रसार के लिए मंगलवार को दिल्ली आए थे। 'दबंग 2'  2010 की हिट 'दबंग' की उत्तरकथा है जो शुक्रवार को रिलीज हो रही है। सलमान का कहना है कि लोगों को इस तरह के अपराध बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने चाहिए और इन्हें रोकने की कोशिश करनी चाहिए। टिप्पणियां उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि भारतीय समाज को दबंग होने की जरूरत है। मैंने हाल ही में एक खबर पढ़ी थी कि एक लड़की को छेड़ा जा रहा था और पास में खड़े लोग अपने सेल फोन पर इसका वीडियो बना रहे थे। ये सही भारत की तस्वीर नहीं है और मुझे नहीं लगता कि ऐसी घटना मेरी आंखों के सामने हो सकती है। सलमान खान अपनी आगामी फिल्म 'दबंग 2' के प्रचार-प्रसार के लिए मंगलवार को दिल्ली आए थे। 'दबंग 2'  2010 की हिट 'दबंग' की उत्तरकथा है जो शुक्रवार को रिलीज हो रही है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि भारतीय समाज को दबंग होने की जरूरत है। मैंने हाल ही में एक खबर पढ़ी थी कि एक लड़की को छेड़ा जा रहा था और पास में खड़े लोग अपने सेल फोन पर इसका वीडियो बना रहे थे। ये सही भारत की तस्वीर नहीं है और मुझे नहीं लगता कि ऐसी घटना मेरी आंखों के सामने हो सकती है। सलमान खान अपनी आगामी फिल्म 'दबंग 2' के प्रचार-प्रसार के लिए मंगलवार को दिल्ली आए थे। 'दबंग 2'  2010 की हिट 'दबंग' की उत्तरकथा है जो शुक्रवार को रिलीज हो रही है। सलमान खान अपनी आगामी फिल्म 'दबंग 2' के प्रचार-प्रसार के लिए मंगलवार को दिल्ली आए थे। 'दबंग 2'  2010 की हिट 'दबंग' की उत्तरकथा है जो शुक्रवार को रिलीज हो रही है।
संक्षिप्त पाठ: राजधानी में हाल ही में एक 23 वर्षीय लड़की के साथ हुई बलात्कार की घटना की निंदा करते हुए बॉलीवुड स्टार सलमान खान ने मंगलवार को यहां बलात्कारियों के लिए मौत की सजा की वकालत की।
27
['hin']
एक सारांश बनाओ: हाल ही में दिवंगत हुए शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे को लेकर सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक पर की गई टिप्पणियों के लिए महाराष्ट्र में दो लड़कियों को गिरफ्तार किए जाने का मामला अभी लोगों के दिमाग से धुला भी नहीं था, कि अब एक नया मामला भी सामने आया है, जिसमें ऐसी ही टिप्पणियों के लिए एयर इंडिया के दो कर्मचारियों को भी गिरफ्तार किया गया था। बताया गया है कि मुंबई पुलिस के साइबर क्राइम सेल ने मई माह में फेसबुक पर पोस्ट की गई सामग्री के लिए सरकारी एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया के केबिन क्रू के दो सदस्यों मयंक मोहन शर्मा तथा केवीजे राव को गिरफ्तार किया था। इन दोनों ने अपनी पोस्ट में कथित रूप से राजनीतिज्ञों को लेकर घटिया चुटकुले डाले थे, प्रधानमंत्री को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की थी, और राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया था।टिप्पणियां इसके बाद इन दोनों के घरों पर पुलिस ने आधी रात को छापा मारकर इन्हें आईटी एक्ट (इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट) की विवादास्पद धाराओं 66 (ए) तथा 67 के तहत गिरफ्तार किया था, जिसके बाद दोनों को 12 दिन तक पुलिस हिरासत में बिताने पड़े थे, और उधर, एयर इंडिया ने भी इन्हें निलम्बित कर दिया था। इस मामले पर राव का कहना है कि उन्होंने इंटरनेट पर सभी जगह मौजूद और आसानी से हासिल की जा सकने वाली सामग्री सिर्फ शेयर की थी। उल्लेखनीय है कि मामले में एफआईआर मार्च महीने में दर्ज की गई थी, और पुलिस ने लगभग दो महीने तक जांच करने के बाद इन्हें गिरफ्तार किया था। शर्मा के मुताबिक साइबर सेल ने इस शिकायत की जांच एक साल से भी अधिक समय तक की थी, लेकिन उन्हें एक बार भी अपना पक्ष रखने के लिए नहीं बुलाया था। इस पर टिप्पणी के लिए पुलिस का कोई अधिकारी उपलब्ध नहीं था। राव का यह भी आरोप है कि पुलिस ने राष्ट्रवादी कांग्रेस (एनसीपी) के नेता किरण पावसकर के कहने पर दबाव में उनके खिलाफ यह कार्रवाई की थी। बताया गया है कि मुंबई पुलिस के साइबर क्राइम सेल ने मई माह में फेसबुक पर पोस्ट की गई सामग्री के लिए सरकारी एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया के केबिन क्रू के दो सदस्यों मयंक मोहन शर्मा तथा केवीजे राव को गिरफ्तार किया था। इन दोनों ने अपनी पोस्ट में कथित रूप से राजनीतिज्ञों को लेकर घटिया चुटकुले डाले थे, प्रधानमंत्री को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की थी, और राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया था।टिप्पणियां इसके बाद इन दोनों के घरों पर पुलिस ने आधी रात को छापा मारकर इन्हें आईटी एक्ट (इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट) की विवादास्पद धाराओं 66 (ए) तथा 67 के तहत गिरफ्तार किया था, जिसके बाद दोनों को 12 दिन तक पुलिस हिरासत में बिताने पड़े थे, और उधर, एयर इंडिया ने भी इन्हें निलम्बित कर दिया था। इस मामले पर राव का कहना है कि उन्होंने इंटरनेट पर सभी जगह मौजूद और आसानी से हासिल की जा सकने वाली सामग्री सिर्फ शेयर की थी। उल्लेखनीय है कि मामले में एफआईआर मार्च महीने में दर्ज की गई थी, और पुलिस ने लगभग दो महीने तक जांच करने के बाद इन्हें गिरफ्तार किया था। शर्मा के मुताबिक साइबर सेल ने इस शिकायत की जांच एक साल से भी अधिक समय तक की थी, लेकिन उन्हें एक बार भी अपना पक्ष रखने के लिए नहीं बुलाया था। इस पर टिप्पणी के लिए पुलिस का कोई अधिकारी उपलब्ध नहीं था। राव का यह भी आरोप है कि पुलिस ने राष्ट्रवादी कांग्रेस (एनसीपी) के नेता किरण पावसकर के कहने पर दबाव में उनके खिलाफ यह कार्रवाई की थी। इसके बाद इन दोनों के घरों पर पुलिस ने आधी रात को छापा मारकर इन्हें आईटी एक्ट (इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट) की विवादास्पद धाराओं 66 (ए) तथा 67 के तहत गिरफ्तार किया था, जिसके बाद दोनों को 12 दिन तक पुलिस हिरासत में बिताने पड़े थे, और उधर, एयर इंडिया ने भी इन्हें निलम्बित कर दिया था। इस मामले पर राव का कहना है कि उन्होंने इंटरनेट पर सभी जगह मौजूद और आसानी से हासिल की जा सकने वाली सामग्री सिर्फ शेयर की थी। उल्लेखनीय है कि मामले में एफआईआर मार्च महीने में दर्ज की गई थी, और पुलिस ने लगभग दो महीने तक जांच करने के बाद इन्हें गिरफ्तार किया था। शर्मा के मुताबिक साइबर सेल ने इस शिकायत की जांच एक साल से भी अधिक समय तक की थी, लेकिन उन्हें एक बार भी अपना पक्ष रखने के लिए नहीं बुलाया था। इस पर टिप्पणी के लिए पुलिस का कोई अधिकारी उपलब्ध नहीं था। राव का यह भी आरोप है कि पुलिस ने राष्ट्रवादी कांग्रेस (एनसीपी) के नेता किरण पावसकर के कहने पर दबाव में उनके खिलाफ यह कार्रवाई की थी। इस मामले पर राव का कहना है कि उन्होंने इंटरनेट पर सभी जगह मौजूद और आसानी से हासिल की जा सकने वाली सामग्री सिर्फ शेयर की थी। उल्लेखनीय है कि मामले में एफआईआर मार्च महीने में दर्ज की गई थी, और पुलिस ने लगभग दो महीने तक जांच करने के बाद इन्हें गिरफ्तार किया था। शर्मा के मुताबिक साइबर सेल ने इस शिकायत की जांच एक साल से भी अधिक समय तक की थी, लेकिन उन्हें एक बार भी अपना पक्ष रखने के लिए नहीं बुलाया था। इस पर टिप्पणी के लिए पुलिस का कोई अधिकारी उपलब्ध नहीं था। राव का यह भी आरोप है कि पुलिस ने राष्ट्रवादी कांग्रेस (एनसीपी) के नेता किरण पावसकर के कहने पर दबाव में उनके खिलाफ यह कार्रवाई की थी।
संक्षिप्त पाठ: मुंबई पुलिस के साइबर क्राइम सेल ने मई में फेसबुक पर पोस्ट की गई सामग्री के लिए एयर इंडिया के मयंक मोहन शर्मा तथा केवीजे राव को गिरफ्तार किया था।
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: टाटा स्टील ने शुक्रवार को कहा कि उसने झारखंड में जमीन की सब-लीजिंग के नियम प्रक्रिया की कोई अवहेलना नहीं की है। इस मामले को लेकर पिछले दिनों राज्य विधानसभा में काफी हंगामे के बाद कंपनी ने यह बयान दिया है। कंपनी का कहना है कि झारखंड सरकार तथा कपंनी ने 20 अगस्त 2005 को पट्टेदारी के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे और सब-लीज प्रक्रिया उसी के हिसाब से है। कंपनी के बयान में कहा गया है, 'हम बताना चाहेंगे कि दोनों पक्षों में हस्ताक्षरित लीज दस्तावेज के हिसाब से सब-लीजिंग प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता तथा विचलन नहीं है। इसमें कहा गया है कि जमीन लीज सांविधिक तथा अनवरत लीज है जिसका हर 30 साल में नवीकरण होता है। इसी लीज में सब-लीजिंग का प्रावधान है। कंपनी का दावा है कि सब लीजिंग समुचित ढंग से की गई है। उल्लेखनीय है कि पिछले बुधवार को झारखंड विकास मोर्चा :प्रजातांत्रिक: सहित विपक्षी दलों ने यह मामला उठाते हुए सीबीआई जांच की मांग की। इसके चलते विधानसभा की कार्रवाई दो बार स्थगित करनी पड़ी थी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: टाटा स्टील ने कहा कि कंपनी ने झारखंड में जमीन की सब-लीजिंग के नियम प्रक्रिया की कोई अवहेलना नहीं की है।
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जम्मू एवं कश्मीर की पीपुल्स डेमोकेट्रिक पार्टी (पीडीपी) ने संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु के क्षमादान प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करने का निर्णय लिया। प्रस्ताव को विधानसभा के आगामी सत्र में पेश किया जा सकता है। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को कहा, "हमारे विधायक दल की शुक्रवार को बैठक हुई और अफजल पर हमारे रुख के अनुरूप हमने क्षमादान प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करने का निर्णय लिया। विधानसभा के अगले सत्र में यह प्रस्ताव मतदान के लिए लाया जा सकता है।" उन्होंने कहा, "हमने फांसी की सजा का हमेशा विरोध किया है। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या मामले में दोषी नलिनी की मौत की सजा जब बदली जा सकती है तो अफजल गुरु की क्यों नहीं माफी दी जा सकती?" मुफ्ती ने कहा, "राजीव गांधी भारतीय लोकतंत्र के प्रतीक थे जो देश की संसद से कम नहीं है।" पीडीपी नेता ने राज्य में विकास कार्यों की कथित धीमी गति के लिए कांग्रेस-नेशनल कांफ्रेंस गठबंधन की भी आलोचना की।
जम्मू एवं कश्मीर की पीपुल्स डेमोकेट्रिक पार्टी ने संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु के क्षमादान प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करने का निर्णय लिया।
6
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के पूर्व विंग कमांडर जेएस सांगवान (JS Sangwan) ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) की वायु शाखा से त्यागपत्र दे दिया है, हालांकि उनका इस्तीफा अबतक स्वीकार नहीं किया गया है. अधिकारियों ने रविवार को इसकी जानकारी दी. सीमा सुरक्षा बल के एक अधिकारी ने बताया कि अवकाश प्राप्त विंग कमांडर जेएस सांगवान का इस्तीफा अभी प्रक्रिया में है और अबतक स्वीकार नहीं किया गया है. सांगवान के खिलाफ फर्जी तौर पर खुद को वरिष्ठ बताने का मामला चल रहा है. उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह का पायलट बनने के लिए कथित रूप से खुद को अपने वरिष्ठ अधिकारी के रूप में पेश किया था. अधिकारी ने बताया कि करगिल युद्ध में हिस्सा लेने वाले सांगवान के खिलाफ सीमा सुरक्षा बल (BSF) और दिल्ली पुलिस (Delhi Police) जांच कर रही है. हालांकि यह तत्काल पता नहीं चल पाया है कि सांगवान का इस्तीफा स्वीकार किया जाएगा या नहीं क्योंकि त्यागपत्र स्वीकार करने का मतलब है कि बिना किसी जांच के उन्हें जाने की अनुमति देना. प्रावधानों के अनुसार अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ जांच चल रही है तो उसके इस्तीफे अथवा अवकाश ग्रहण करने के आवेदन को स्वीकार नहीं किया जाएगा. दो सितंबर को सांगवान ने सीमा सुरक्षा बल से 'स्वैच्छिक त्यागपत्र' का आवेदन किया था. इसके बाद उन्होंने 16 सितंबर को एक दूसरा पत्र भेजा, जिसमें आग्रह किया गया था कि उन्हें 31 अक्टूबर तक मुक्त कर दिया जाए. एक अन्य अधिकारी ने बताया कि दोनों आवेदन फिलहाल प्रक्रियागत है.
यह एक सारांश है: बीएसएफ पायलट जेएस सांगवान ने दिया इस्तीफा अमित शाह का प्लेन उड़ाने के लिए फर्जीवाड़ा का है आरोप करगिल वार में भी हिस्सा ले चुके हैं जेएस सांगवान
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: संयुक्त राष्ट्र ने दोहराया है कि अगर भारत और पाकिस्तान को मंजूर हो तो दोनों देशों को आपसी मतभेद दूर करने के लिए एकसाथ लाने के वास्ते संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस का ‘‘गुड ऑफिस’’ (मतभेद दूर करने के लिए राजनीतिक एंव कूटनीतिक माध्यम) उपलब्ध हो सकता है. गुतारेस के उपप्रवक्ता फरहान हक ने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘जैसा कि आप गुड ऑफिस के बारे में जानते हैं, अगर आपसी रजामंदी हो तो गुड ऑफिस सभी पक्षों के लिए उपलब्ध है,प्रवक्ता का यह जवाब उस प्रश्न पर आया था कि भारत पाकिस्तमान के बीच तनाव बढ़ने पर क्या महाचिव अपने गुड ऑफिस का इस्तेमाल कर सकते हैं.  भारत को मध्यस्थता स्वीकार नहीं होने की स्थिति पर पूछे जाने पर प्रवक्ता ने कहा ‘‘गुड ऑफिस का सिद्धांत ही यही है कि पक्ष खुद ही इसके लिए राजी हों. गौरतलब है कि पिछले सप्ताह गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफेन दुजारिक ने कहा था कि संयुक्त राज्य प्रमुख भारत पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर करीबी नजर बनाएं हुए हैं और दक्षिण एशिया के इन पड़ोसी मुल्कों को बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण हल तलाशने की जरूरत को दोहराते हैं.   भारत को मध्यस्थता स्वीकार नहीं होने की स्थिति पर पूछे जाने पर प्रवक्ता ने कहा ‘‘गुड ऑफिस का सिद्धांत ही यही है कि पक्ष खुद ही इसके लिए राजी हों. गौरतलब है कि पिछले सप्ताह गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफेन दुजारिक ने कहा था कि संयुक्त राज्य प्रमुख भारत पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर करीबी नजर बनाएं हुए हैं और दक्षिण एशिया के इन पड़ोसी मुल्कों को बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण हल तलाशने की जरूरत को दोहराते हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारत-पाकिस्तान राजी हों तो संयुक्त राष्ट्र कश्मीर मुद्दे पर उपलब्ध दैनिक प्रेस कांन्फ्रेंस में प्रवक्ता ने कही बात 'अगर आपसी रजामंदी हो तो गुड ऑफिस सभी पक्षों के लिए उपलब्ध है'
25
['hin']
एक सारांश बनाओ: मध्य प्रदेश के महेश्वर जिले में आबकारी विभाग के एक अधिकारी को लड़की के साथ छेड़छाड़ के आरोप में दो महिलाओं ने जमकर पीटा. मौके पर जमा भीड़ ने महिलाओं द्वारा अधिकारी की पिटाई का वीडियो भी बनाया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. दरअसल यह घटना उस वक्त घटी जब अवैध शराब की बिक्री को लेकर आबकारी विभाग की एक टीम ने शुक्रवार को जिले के एक घर पर छापा मारा. वायरल वीडियो में घर के लोग पहले टीम के साथ बहस करते नजर आ रहे हैं. इसके बाद अचानक एक महिला अधिकारी पर आरोप लगाती है कि उसने उनकी बेटी के साथ छेड़छाड़ की है. इसके तुरंत बाद ही महिला अधिकारी को पीटने लगती है. महिला के साथ अन्य लोग भी अधिकारी की पिटाई करने में शामिल हो जाते हैं. अधिकारी की पहचान उप-निरीक्षक मोहनलाल भायल के रूप में हुई है.  वीडियो में महिला, अधिकारी को थप्पड़ पर थप्पड़ मारती हुई दिखाई दे रही है. अधिकारी की पिटाई के दौरान घर का मुख्य दरवाजा बंद कर दिया जाता है, ताकि वह निकलकर भागे नहीं. बाद में महिला ने अधिकारी की शर्ट का कॉलर पकड़ा और दरवाजा खोलकर उसे सड़क पर घसीट लाई. वह सड़क पर भी अधिकारी को मारती रही. जल्द ही अन्य लोग भी अधिकारी के साथ मारपीट में करने में शामिल हो गए. इसी दौरान पीछे से एक दूसरी महिला अधिकारी को डंडे से मारती रही.  गुस्साई महिलाएं जब अधिकारी को पीट रही थी तब आस-पास खड़ी भीड़ ने भी अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार किया. हालांकि वीडियो में टीम के कई अन्य अधिकारी भी दिखाई दे रहे हैं, लेकिन किसी ने भी अधिकारी की पिटाई के दौरान हस्तक्षेप करने की हिम्मत नहीं की. हालांकि बाद में महिला समेत सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया.
छापा मारने गई आबकारी टीम के अधिकारी पर लगाया लड़की को छेड़ने का आरोप घर का मुख्य दरवाजा बंद कर महिला ने अधिकारी को जडे थप्पड़ घटनास्थल पर मौजूद अन्य अधिकारियों ने नहीं किया हस्तक्षेप
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अंतरराष्ट्रीय संस्थानों पर पश्चिमी एकाधिकार को लेकर मंगलवार को सवाल खड़े किए। सिंह ने कहा कि किसी भी देश के उपलब्ध सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति को ये पद दिए जाने चाहिए। जर्मनी की चांसलर, एंजेला मार्केल के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में मनमोहन सिंह ने कहा, "भारत का दृष्टिकोण जगजाहिर है.. किसी भी देश के उपलब्ध सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के प्रमुख का पद दिया जाना चाहिए।" मनमोहन सिंह ने कहा कि आईएमएफ प्रमुख के चयन का मुद्दा मार्केल के साथ बातचीत में नहीं उठा, लेकिन उन यूरोपीय ताकतों के लिए यह स्पष्ट संदेश है, जो शीर्ष वित्तीय संस्थानों को अपने नियंत्रण से मुक्त नहीं करना चाहते। फ्रांस की वित्त मंत्री क्रिस्टीन लेगर्दे, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के प्रबंध निदेशक पद के लिए पहले ही अपनी उम्मीदवारी की घोषणा कर चुकी हैं। जर्मनी भी चाहता है कि यह पद किसी यूरोपीय व्यक्ति को दिया जाए। मनमोहन सिंह ने सप्ताह में तीसरी बार विश्व बैंक और आईएमएफ में शीर्ष पदों पर पश्चिमी ताकतों के एकाधिकार पर सवाल खड़े किया है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अंतरराष्ट्रीय संस्थानों पर पश्चिमी एकाधिकार को लेकर मंगलवार को सवाल खड़े किए।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: नॉर्वे की कंपनी टेलीनॉर ने अपने भारतीय भागीदार को एक तरह से अंगूठा दिखाते हुए अपने भारतीय परिचालन के लिए नई कंपनी के गठन की घोषणा की है। उच्चतम न्यायालय द्वारा 2जी मोबाइल सेवाओं के 122 लाइसेंस रद्द किए गए हैं। यही नहीं, टेलीनॉर ने यूनिटेक से हर्जाना भी मांगा है। उसका आरोप है कि यूनिटेक ने उसके साथ संयुक्त उद्यम बनाते समय धोखाधड़ी की और सही तथ्यों की जानकारी नहीं दी। टेलीनॉर ने कहा है कि उसने भारतीय संयुक्त उद्यम में 6,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है। टेलीनॉर समूह के निदेशक (संचार-एशिया) ग्लेन मैंडेलिड ने एक बयान में कहा, ‘टेलीनॉर समूह ने धोखाधड़ी और तथ्यों की सही जानकारी न देने के लिए यूनिटेक के साथ मौजूदा शेयरधारक करार को समाप्त करने के लिए नोटिस दिया है।’ नॉर्वे की कंपनी चाहती है कि यूनिनॉर ब्रांड के तहत कारोबार को नई कंपनी को स्थानांतरित किया जाए। इसमें उसकी 74 प्रतिशत की हिस्सेदारी होगी। इसके साथ ही वह इस उद्यम में किसी नए भारतीय भागीदार को जोड़ेगी, जिसकी अल्पांश हिस्सेदारी होगी।टिप्पणियां टेलीनॉर की घोषणा पर हैरानी जताते हुए यूनिटेक ने एक बयान में कहा, ‘लाइसेंस रद्द होने के लिए उसे जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। साथ ही किसी भी पक्ष द्वारा एकतरफा तरीके से शेयरधारक करार को खत्म नहीं किया जा सकता।’ टेलीनॉर ने कहा है कि नई कंपनी नए लाइसेंसों के लिए आगामी नीलामी में प्लेटफार्म होगी। मैंडेलिड ने कहा, ‘नई इकाई एफआईपीबी से टेलीनॉर समूह की 74 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए जरूरी मंजूरी भी हासिल करेगी।’ यही नहीं, टेलीनॉर ने यूनिटेक से हर्जाना भी मांगा है। उसका आरोप है कि यूनिटेक ने उसके साथ संयुक्त उद्यम बनाते समय धोखाधड़ी की और सही तथ्यों की जानकारी नहीं दी। टेलीनॉर ने कहा है कि उसने भारतीय संयुक्त उद्यम में 6,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है। टेलीनॉर समूह के निदेशक (संचार-एशिया) ग्लेन मैंडेलिड ने एक बयान में कहा, ‘टेलीनॉर समूह ने धोखाधड़ी और तथ्यों की सही जानकारी न देने के लिए यूनिटेक के साथ मौजूदा शेयरधारक करार को समाप्त करने के लिए नोटिस दिया है।’ नॉर्वे की कंपनी चाहती है कि यूनिनॉर ब्रांड के तहत कारोबार को नई कंपनी को स्थानांतरित किया जाए। इसमें उसकी 74 प्रतिशत की हिस्सेदारी होगी। इसके साथ ही वह इस उद्यम में किसी नए भारतीय भागीदार को जोड़ेगी, जिसकी अल्पांश हिस्सेदारी होगी।टिप्पणियां टेलीनॉर की घोषणा पर हैरानी जताते हुए यूनिटेक ने एक बयान में कहा, ‘लाइसेंस रद्द होने के लिए उसे जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। साथ ही किसी भी पक्ष द्वारा एकतरफा तरीके से शेयरधारक करार को खत्म नहीं किया जा सकता।’ टेलीनॉर ने कहा है कि नई कंपनी नए लाइसेंसों के लिए आगामी नीलामी में प्लेटफार्म होगी। मैंडेलिड ने कहा, ‘नई इकाई एफआईपीबी से टेलीनॉर समूह की 74 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए जरूरी मंजूरी भी हासिल करेगी।’ टेलीनॉर समूह के निदेशक (संचार-एशिया) ग्लेन मैंडेलिड ने एक बयान में कहा, ‘टेलीनॉर समूह ने धोखाधड़ी और तथ्यों की सही जानकारी न देने के लिए यूनिटेक के साथ मौजूदा शेयरधारक करार को समाप्त करने के लिए नोटिस दिया है।’ नॉर्वे की कंपनी चाहती है कि यूनिनॉर ब्रांड के तहत कारोबार को नई कंपनी को स्थानांतरित किया जाए। इसमें उसकी 74 प्रतिशत की हिस्सेदारी होगी। इसके साथ ही वह इस उद्यम में किसी नए भारतीय भागीदार को जोड़ेगी, जिसकी अल्पांश हिस्सेदारी होगी।टिप्पणियां टेलीनॉर की घोषणा पर हैरानी जताते हुए यूनिटेक ने एक बयान में कहा, ‘लाइसेंस रद्द होने के लिए उसे जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। साथ ही किसी भी पक्ष द्वारा एकतरफा तरीके से शेयरधारक करार को खत्म नहीं किया जा सकता।’ टेलीनॉर ने कहा है कि नई कंपनी नए लाइसेंसों के लिए आगामी नीलामी में प्लेटफार्म होगी। मैंडेलिड ने कहा, ‘नई इकाई एफआईपीबी से टेलीनॉर समूह की 74 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए जरूरी मंजूरी भी हासिल करेगी।’ टेलीनॉर की घोषणा पर हैरानी जताते हुए यूनिटेक ने एक बयान में कहा, ‘लाइसेंस रद्द होने के लिए उसे जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। साथ ही किसी भी पक्ष द्वारा एकतरफा तरीके से शेयरधारक करार को खत्म नहीं किया जा सकता।’ टेलीनॉर ने कहा है कि नई कंपनी नए लाइसेंसों के लिए आगामी नीलामी में प्लेटफार्म होगी। मैंडेलिड ने कहा, ‘नई इकाई एफआईपीबी से टेलीनॉर समूह की 74 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए जरूरी मंजूरी भी हासिल करेगी।’ टेलीनॉर ने कहा है कि नई कंपनी नए लाइसेंसों के लिए आगामी नीलामी में प्लेटफार्म होगी। मैंडेलिड ने कहा, ‘नई इकाई एफआईपीबी से टेलीनॉर समूह की 74 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए जरूरी मंजूरी भी हासिल करेगी।’
नॉर्वे की कंपनी टेलीनॉर ने अपने भारतीय भागीदार को एक तरह से अंगूठा दिखाते हुए अपने भारतीय परिचालन के लिए नई कंपनी के गठन की घोषणा की है।
1
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र के सांगली जिले में सोमवार अपराह्न वासगाडे गांव में किसानों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी में एक किसान की मौत हो गई। इससे सम्बंधित एक घटना में एक किसान पुंडलिक कोकाटे की उस समय मौत हो गई, जब कोल्हापुर में विरोध प्रदर्शन के दौरान एक ट्रक ने उसे कुचल दिया। सांगली में छह दिनों से चल रहा किसानों का विरोध प्रदर्शन सोमवार को उस समय हिंसक रूप धारण कर लिया, जब पुलिस ने सांसद और स्वाभिमानी शेतकारी संघटना के प्रमुख राजू शेट्टी और उनके करीबी सहयोगी सदा खोत को गिरफ्तार कर लिया। शेट्टी किसानों का नेतृत्व कर रहे हैं। दोनों व्यक्तियों को पुणे जिले के इंदपुर से सोमवार सुबह उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वे अपनी मांगों को पूरा कराने का दबाव बनाने हेतु सभी प्रमुख सड़कों और राजमार्गों को जाम करने के लिए राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करने के लिए निकलने वाले थे। शेट्टी, प्रदर्शनरत किसानों का नेतृत्व कर रहे हैं। किसान गन्ने की फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 3,000 रुपये किए जाने की मांग कर रहे हैं, जो पश्चिमी महाराष्ट्र की चीनी लॉबी के लिए परेशान करने वाला है। इस चीनी लॉबी पर ज्यादातर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस पार्टी के नेताओं का नियंत्रण है। दोनों नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में किसानों की उग्र भीड़ ने एक पुलिस वैन पर पथराव किया और हमला बोल दिया। जवाब में पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और उसके बाद हवा में गोलियां चलाई। सांगली जिले के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस गोलीबारी में चंद्रकांत नलवडे नामक प्रदर्शनकारी को गोली लग गई और बाद में उसने दम तोड़ दिया। राज्य में गन्ना किसानों का आंदोलन सोमवार को छठे दिन में प्रवेश कर गया। पश्चिमी महाराष्ट्र के सांगली, कोल्हापुर और सतारा जिलों में सोमवार को विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया।टिप्पणियां किसानों ने पुणे-बेगलुरू राजमार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया, जिसके कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह रुक गया। इसके अलावा अन्य तीन जिलों में भी किसानों ने चक्का जाम किया। विरोध प्रदर्शन के कारण हजारों की संख्या में यात्री फंस गए और प्रदर्शनकारियों ने कुछ वाहनों पर हमला किया और पुलिस के दो वाहन जला डाले। इस दौरान राज्य परिवहन की कम से कम छह बसें क्षतिग्रस्त हो गईं। इससे सम्बंधित एक घटना में एक किसान पुंडलिक कोकाटे की उस समय मौत हो गई, जब कोल्हापुर में विरोध प्रदर्शन के दौरान एक ट्रक ने उसे कुचल दिया। सांगली में छह दिनों से चल रहा किसानों का विरोध प्रदर्शन सोमवार को उस समय हिंसक रूप धारण कर लिया, जब पुलिस ने सांसद और स्वाभिमानी शेतकारी संघटना के प्रमुख राजू शेट्टी और उनके करीबी सहयोगी सदा खोत को गिरफ्तार कर लिया। शेट्टी किसानों का नेतृत्व कर रहे हैं। दोनों व्यक्तियों को पुणे जिले के इंदपुर से सोमवार सुबह उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वे अपनी मांगों को पूरा कराने का दबाव बनाने हेतु सभी प्रमुख सड़कों और राजमार्गों को जाम करने के लिए राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करने के लिए निकलने वाले थे। शेट्टी, प्रदर्शनरत किसानों का नेतृत्व कर रहे हैं। किसान गन्ने की फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 3,000 रुपये किए जाने की मांग कर रहे हैं, जो पश्चिमी महाराष्ट्र की चीनी लॉबी के लिए परेशान करने वाला है। इस चीनी लॉबी पर ज्यादातर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस पार्टी के नेताओं का नियंत्रण है। दोनों नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में किसानों की उग्र भीड़ ने एक पुलिस वैन पर पथराव किया और हमला बोल दिया। जवाब में पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और उसके बाद हवा में गोलियां चलाई। सांगली जिले के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस गोलीबारी में चंद्रकांत नलवडे नामक प्रदर्शनकारी को गोली लग गई और बाद में उसने दम तोड़ दिया। राज्य में गन्ना किसानों का आंदोलन सोमवार को छठे दिन में प्रवेश कर गया। पश्चिमी महाराष्ट्र के सांगली, कोल्हापुर और सतारा जिलों में सोमवार को विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया।टिप्पणियां किसानों ने पुणे-बेगलुरू राजमार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया, जिसके कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह रुक गया। इसके अलावा अन्य तीन जिलों में भी किसानों ने चक्का जाम किया। विरोध प्रदर्शन के कारण हजारों की संख्या में यात्री फंस गए और प्रदर्शनकारियों ने कुछ वाहनों पर हमला किया और पुलिस के दो वाहन जला डाले। इस दौरान राज्य परिवहन की कम से कम छह बसें क्षतिग्रस्त हो गईं। सांगली में छह दिनों से चल रहा किसानों का विरोध प्रदर्शन सोमवार को उस समय हिंसक रूप धारण कर लिया, जब पुलिस ने सांसद और स्वाभिमानी शेतकारी संघटना के प्रमुख राजू शेट्टी और उनके करीबी सहयोगी सदा खोत को गिरफ्तार कर लिया। शेट्टी किसानों का नेतृत्व कर रहे हैं। दोनों व्यक्तियों को पुणे जिले के इंदपुर से सोमवार सुबह उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वे अपनी मांगों को पूरा कराने का दबाव बनाने हेतु सभी प्रमुख सड़कों और राजमार्गों को जाम करने के लिए राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करने के लिए निकलने वाले थे। शेट्टी, प्रदर्शनरत किसानों का नेतृत्व कर रहे हैं। किसान गन्ने की फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 3,000 रुपये किए जाने की मांग कर रहे हैं, जो पश्चिमी महाराष्ट्र की चीनी लॉबी के लिए परेशान करने वाला है। इस चीनी लॉबी पर ज्यादातर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस पार्टी के नेताओं का नियंत्रण है। दोनों नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में किसानों की उग्र भीड़ ने एक पुलिस वैन पर पथराव किया और हमला बोल दिया। जवाब में पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और उसके बाद हवा में गोलियां चलाई। सांगली जिले के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस गोलीबारी में चंद्रकांत नलवडे नामक प्रदर्शनकारी को गोली लग गई और बाद में उसने दम तोड़ दिया। राज्य में गन्ना किसानों का आंदोलन सोमवार को छठे दिन में प्रवेश कर गया। पश्चिमी महाराष्ट्र के सांगली, कोल्हापुर और सतारा जिलों में सोमवार को विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया।टिप्पणियां किसानों ने पुणे-बेगलुरू राजमार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया, जिसके कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह रुक गया। इसके अलावा अन्य तीन जिलों में भी किसानों ने चक्का जाम किया। विरोध प्रदर्शन के कारण हजारों की संख्या में यात्री फंस गए और प्रदर्शनकारियों ने कुछ वाहनों पर हमला किया और पुलिस के दो वाहन जला डाले। इस दौरान राज्य परिवहन की कम से कम छह बसें क्षतिग्रस्त हो गईं। दोनों व्यक्तियों को पुणे जिले के इंदपुर से सोमवार सुबह उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वे अपनी मांगों को पूरा कराने का दबाव बनाने हेतु सभी प्रमुख सड़कों और राजमार्गों को जाम करने के लिए राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करने के लिए निकलने वाले थे। शेट्टी, प्रदर्शनरत किसानों का नेतृत्व कर रहे हैं। किसान गन्ने की फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 3,000 रुपये किए जाने की मांग कर रहे हैं, जो पश्चिमी महाराष्ट्र की चीनी लॉबी के लिए परेशान करने वाला है। इस चीनी लॉबी पर ज्यादातर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस पार्टी के नेताओं का नियंत्रण है। दोनों नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में किसानों की उग्र भीड़ ने एक पुलिस वैन पर पथराव किया और हमला बोल दिया। जवाब में पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और उसके बाद हवा में गोलियां चलाई। सांगली जिले के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस गोलीबारी में चंद्रकांत नलवडे नामक प्रदर्शनकारी को गोली लग गई और बाद में उसने दम तोड़ दिया। राज्य में गन्ना किसानों का आंदोलन सोमवार को छठे दिन में प्रवेश कर गया। पश्चिमी महाराष्ट्र के सांगली, कोल्हापुर और सतारा जिलों में सोमवार को विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया।टिप्पणियां किसानों ने पुणे-बेगलुरू राजमार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया, जिसके कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह रुक गया। इसके अलावा अन्य तीन जिलों में भी किसानों ने चक्का जाम किया। विरोध प्रदर्शन के कारण हजारों की संख्या में यात्री फंस गए और प्रदर्शनकारियों ने कुछ वाहनों पर हमला किया और पुलिस के दो वाहन जला डाले। इस दौरान राज्य परिवहन की कम से कम छह बसें क्षतिग्रस्त हो गईं। शेट्टी, प्रदर्शनरत किसानों का नेतृत्व कर रहे हैं। किसान गन्ने की फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 3,000 रुपये किए जाने की मांग कर रहे हैं, जो पश्चिमी महाराष्ट्र की चीनी लॉबी के लिए परेशान करने वाला है। इस चीनी लॉबी पर ज्यादातर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस पार्टी के नेताओं का नियंत्रण है। दोनों नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में किसानों की उग्र भीड़ ने एक पुलिस वैन पर पथराव किया और हमला बोल दिया। जवाब में पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और उसके बाद हवा में गोलियां चलाई। सांगली जिले के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस गोलीबारी में चंद्रकांत नलवडे नामक प्रदर्शनकारी को गोली लग गई और बाद में उसने दम तोड़ दिया। राज्य में गन्ना किसानों का आंदोलन सोमवार को छठे दिन में प्रवेश कर गया। पश्चिमी महाराष्ट्र के सांगली, कोल्हापुर और सतारा जिलों में सोमवार को विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया।टिप्पणियां किसानों ने पुणे-बेगलुरू राजमार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया, जिसके कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह रुक गया। इसके अलावा अन्य तीन जिलों में भी किसानों ने चक्का जाम किया। विरोध प्रदर्शन के कारण हजारों की संख्या में यात्री फंस गए और प्रदर्शनकारियों ने कुछ वाहनों पर हमला किया और पुलिस के दो वाहन जला डाले। इस दौरान राज्य परिवहन की कम से कम छह बसें क्षतिग्रस्त हो गईं। दोनों नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में किसानों की उग्र भीड़ ने एक पुलिस वैन पर पथराव किया और हमला बोल दिया। जवाब में पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और उसके बाद हवा में गोलियां चलाई। सांगली जिले के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस गोलीबारी में चंद्रकांत नलवडे नामक प्रदर्शनकारी को गोली लग गई और बाद में उसने दम तोड़ दिया। राज्य में गन्ना किसानों का आंदोलन सोमवार को छठे दिन में प्रवेश कर गया। पश्चिमी महाराष्ट्र के सांगली, कोल्हापुर और सतारा जिलों में सोमवार को विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया।टिप्पणियां किसानों ने पुणे-बेगलुरू राजमार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया, जिसके कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह रुक गया। इसके अलावा अन्य तीन जिलों में भी किसानों ने चक्का जाम किया। विरोध प्रदर्शन के कारण हजारों की संख्या में यात्री फंस गए और प्रदर्शनकारियों ने कुछ वाहनों पर हमला किया और पुलिस के दो वाहन जला डाले। इस दौरान राज्य परिवहन की कम से कम छह बसें क्षतिग्रस्त हो गईं। सांगली जिले के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस गोलीबारी में चंद्रकांत नलवडे नामक प्रदर्शनकारी को गोली लग गई और बाद में उसने दम तोड़ दिया। राज्य में गन्ना किसानों का आंदोलन सोमवार को छठे दिन में प्रवेश कर गया। पश्चिमी महाराष्ट्र के सांगली, कोल्हापुर और सतारा जिलों में सोमवार को विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया।टिप्पणियां किसानों ने पुणे-बेगलुरू राजमार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया, जिसके कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह रुक गया। इसके अलावा अन्य तीन जिलों में भी किसानों ने चक्का जाम किया। विरोध प्रदर्शन के कारण हजारों की संख्या में यात्री फंस गए और प्रदर्शनकारियों ने कुछ वाहनों पर हमला किया और पुलिस के दो वाहन जला डाले। इस दौरान राज्य परिवहन की कम से कम छह बसें क्षतिग्रस्त हो गईं। राज्य में गन्ना किसानों का आंदोलन सोमवार को छठे दिन में प्रवेश कर गया। पश्चिमी महाराष्ट्र के सांगली, कोल्हापुर और सतारा जिलों में सोमवार को विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया।टिप्पणियां किसानों ने पुणे-बेगलुरू राजमार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया, जिसके कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह रुक गया। इसके अलावा अन्य तीन जिलों में भी किसानों ने चक्का जाम किया। विरोध प्रदर्शन के कारण हजारों की संख्या में यात्री फंस गए और प्रदर्शनकारियों ने कुछ वाहनों पर हमला किया और पुलिस के दो वाहन जला डाले। इस दौरान राज्य परिवहन की कम से कम छह बसें क्षतिग्रस्त हो गईं। किसानों ने पुणे-बेगलुरू राजमार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया, जिसके कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह रुक गया। इसके अलावा अन्य तीन जिलों में भी किसानों ने चक्का जाम किया। विरोध प्रदर्शन के कारण हजारों की संख्या में यात्री फंस गए और प्रदर्शनकारियों ने कुछ वाहनों पर हमला किया और पुलिस के दो वाहन जला डाले। इस दौरान राज्य परिवहन की कम से कम छह बसें क्षतिग्रस्त हो गईं। विरोध प्रदर्शन के कारण हजारों की संख्या में यात्री फंस गए और प्रदर्शनकारियों ने कुछ वाहनों पर हमला किया और पुलिस के दो वाहन जला डाले। इस दौरान राज्य परिवहन की कम से कम छह बसें क्षतिग्रस्त हो गईं।
संक्षिप्त पाठ: महाराष्ट्र के सांगली जिले में सोमवार अपराह्न वासगाडे गांव में किसानों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी में एक किसान की मौत हो गई।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बॉलीवुड की नामचीन हस्तियों ने कहा कि यदि अमेरिका, पाकिस्तान की सरजमीं में घुस सकता है और अल कायदा के सरगना ओसामा बिन लादेन की हत्या कर सकता है तो भारत को भी चाहिए कि वह 26/11 के मुंबई हमलों के दोषियों को न्याय के कटघरे में लाए और उसे दाउद इब्राहिम जैसे भगोड़े आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। निर्देशक पुनीत मल्होत्रा ने ट्विटर पर लिखा, क्या हम कभी वहां जा सकेंगे और 26/11 की साजिश रचने वालों को निशाना बना सकेंगे? ओसामा को मारे जाते देख बेहद अच्छा महसूस कर रहा हूं लेकिन युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है। क्या पाकिस्तान 26/11 के आतंकवादियों को हमें सौंपेगा या उन्हें अभी भी सबूतों की जरूरत है? क्या वे अभी भी यह मानते हैं कि आतंकवादी वहां नहीं छिप रहे हैं। फिल्मकार कुणाल कोहली ने भी इसी तरह की भावना और प्रश्न किए कि यदि अमेरिका पाकिस्तान में ओसामा का पीछा कर सकता है तो भारत को किस चीज ने ऐसा करने से रोक रखा है?
संक्षिप्त पाठ: बॉलीवुड की नामचीन हस्तियों ने कहा कि भारत को भी चाहिए कि वह दाउद जैसे भगोड़े आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करे।
27
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन (Derek O'Brien) ने बुधवार को राज्यसभा में पोस्को एक्ट (POSCO) में संशोधन पर हो रही बहस के दौरान अपने साथ हुआ एक डरावना अनुभव साझा किया है. उन्होंने कहा कि जब वह 13 साल के थे तब उनके साथ भी यौन शोषण किया गया था. ब्रायन ने कहा कि वह भारी मन से लेकिन गर्व से यह बताना चाहते हैं कि जब वह 13 साल के थे तब कोलकाता में भीड़ भरी एक बस में वह यौन दुर्व्यवहार के शिकार हुये. उन्होंने कहा कि यह घटना उस समय की है जब वह टेनिस की प्रेक्टिस करके बस से घर वापस लौट रहे थे और उस दौरान उन्होंने टीशर्ट एवं हाफ पेंट पहनी हुयी थी. बस में सवार किसी अनजान व्यक्ति ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया.  ब्रायन ने बताया कि इस घटना के बारे में वह कई सालों तक चुप्पी साधे रहे लेकिन बाद में उन्होंने इससे अपने माता पिता को अवगत कराया.  सदन में कई अन्य सदस्यों ने भी बच्चों को अच्छे और बुरे मकसद से स्पर्श करने (गुड टच एवं बेड टच) के बारे में जागरुक करने की जरूरत पर बल दिया.  ब्रायन ने कहा कि समाज में अब पुरुषों को भी इस तरह की घटनाओं का उल्लेख करने में संकोच नहीं करना चाहिए.  उन्होंने कहा कि बच्चों को भी इस तरह अनुभव छुपाने के बजाय इस बारे में खुल कर बात करने के लिये प्रात्साहित करना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस विधेयक में चाइल्ड पोर्नोग्राफी को परिभाषित किया गया है ताकि ऐसे अपराधों को रोकने में मदद मिल सके. उन्होंने बच्चों के यौन उत्पीड़न के लिए पोस्को संशोधन विधेयक में मौत की सजा को शामिल करने के प्रस्ताव का समर्थन किया है. वहीं  ब्रायन  के इस अनुभव पर खुलकर सबके सामने रखने के लिए महिला एवं बाल कल्याण मंत्री स्मृति ईरानी ने उनकी हिम्मत की प्रशंसा की.   उच्च सदन में लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण संशोधन विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि बच्चों के खिलाफ यौन अपराध और बलात्कार के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए केन्द्र सरकार ने 1023 विशेष फास्ट ट्रैक अदालतें गठित करने को मंजूरी दी है. उन्होंने कहा कि अभी तक 18 राज्यों ने ऐसी अदालतों की स्थापना के लिए सहमति जतायी है. महिला एवं बाल विकास मंत्री के जवाब के बाद उच्च सदन ने विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया. इससे पहले ईरानी ने कहा कि 1023 विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन के लिए कुल 767 करोड़ रूपये का खर्च किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इसमें से केन्द्र 474 करोड़ रूपये का योगदान देगा. ईरानी ने कहा कि सरकार अपनी विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से इस बात को प्रोत्साहन दे रही है कि बच्चे अपने विरूद्ध होने वाले यौन अपराधों के बारे में निडर होकर शिकायत कर सकें और अपने अभिभावकों को बता सकें. उन्होंने कहा कि प्राय: देखने में आता है कि बच्चियों के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों की शिकायत तो की जाती है किंतु लड़कों के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों में शिकायत नहीं की जाती.  स्मृति ईरानी ने कहा कि मौजूदा विधेयक में बच्चों के खिलाफ यौन अपराध के मामलों में 20 साल से लेकर आजीवन कारावास की सजा और दुर्लभतम मामलों में मृत्युदंड का प्रावधान किया गया है. ईरानी ने कहा कि उन्होंने बच्चों के खिलाफ अपराध के लंबित मामलों में उच्चतम न्यायालय के रजिस्ट्रार के साथ बैठक की थी. उन्होंने कहा कि इमसें सभी राज्यों से सीनियर नोडल पुलिस अधिकारी नियुक्त करने को कहा गया था. सभी राज्यों में ऐसे अधिकारी नियुक्त कर दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि मूल कानून के अनुसार, बाल यौन अपराधों की प्राथमिकी दर्ज होने के दो माह के भीतर जांच पूरी करने और एक वर्ष के भीतर मुकदमा पूरा करने का प्रावधान है.ईरानी ने कहा कि सरकार ने यौन अपराधों का एक राष्ट्रीय डाटा बेस तैयार किया है. ऐसे 6,20,000 अपराधी हैं. यदि कोई ऐसे व्यक्तियों को रोजगार पर रखता है तो संबंधित व्यक्ति के बारे में इससे जानकारी लेने में मदद मिलेगी. ( इनपुट-भाषा)
यह एक सारांश है: डेरेक औ ब्रायन ने बताया बस में हुआ था यौन शोषण पोस्को एक्ट में मृत्युदंड का डेरेक ने किया समर्थन स्मृति ईरानी ने डेरेक की तारीफ की
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अपने बेजोड़ तालमेल और एक दूसरे के खेल बेहतर समझ से तमाम बाधाओं को पार करके खिताबी मुकाम पर पहुंची लिएंडर पेस और महेश भूपति की इंडियन एक्सप्रेस जोड़ी शनिवार को ऑस्ट्रेलियाई ओपन टेनिस टूर्नामेंट के युगल फाइनल में अमेरिका के ब्रायन बंधुओं बाब और माइक की कड़ी चुनौती से पार पाकर इतिहास रचने की कोशिश करेगी। पेस और भूपति ने आस्ट्रेलियाई ओपन के खिताब की खातिर लगभग नौ साल बाद फिर से एटीपी टूर में एक साथ खेलने का फैसला किया। केवल आस्ट्रेलियाई ओपन ही ऐसा ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट है जो अब भारत के इन दोनों दिग्गज खिलाड़ियों के नाम पर नहीं जुड़ा है। इंडियन एक्सप्रेस यहां इससे पहले 1999 में भी फाइनल में पहुंची थी लेकिन तब उन्हें स्वीडन के योनस ब्योर्कमैन और ऑस्ट्रेलिया के पैट राफ्टर के हाथों हार झेलनी पड़ी थी। इसके अलावा इन दोनों ने एक-एक अन्य अवसरों पर भी अपने अलग जोड़ीदारों के साथ फाइनल तक का सफर तय किया लेकिन तब भी उन्हें नाकामी ही हाथ लगी। अब पेस और भूपति की तीसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी के पास खिताब जीतने का बेहतरीन मौका होगा लेकिन चुनौती बेहद कड़ी है क्योंकि अपनी तेजतर्रार सर्विस और कड़े ग्राउंडस्ट्रोक के लिये मशहूर ब्रायन बंधुओं ने यहां पिछले पांच वषरें में चार बार खिताब जीता है तथा जिस तरह से उन्होंने अब अपने प्रतिद्वद्वियों को नतमस्तक किया उससे लगता है कि वे अपना विजय अभियान जारी रखने के लिये प्रतिबद्ध हैं। पेस ने कहा, उनकी खेल की अलग शैली और हमारी शैली उनसे भिन्न है, इसलिए यह बेहद रोमांचक फाइनल होगा। अमेरिकी जोड़ी ने नौ ग्रैंडस्लैम खिताब मिलकर जीते हैं और मेलबर्न में उनकी निगाह लगातार तीसरे खिताब पर लगी है। ब्रायन बंधुओं ने सेमीफाइनल में अमेरिका के एरिक बुटोरैक और हालैंड के जीन जुलियर रोजर को 6-3, 6-2 से आसानी से हराया था जबकि भारतीय जोड़ी को बेलारूस के मैक्स मिर्नयी और कनाडा के डेनियल नेस्टर को 7-6, 4-6, 6-3 से हराने में काफी पसीना बहाना पड़ा था। भारतीय जोड़ी ने यहां आने से पहले चेन्नई ओपन का युगल खिताब जीता था और भूपति को भरोसा है कि यहां भी उनका खिताबी अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा, हमें लगा कि हम केवल आस्ट्रेलियाई ओपन ही नहीं जीत पाये हैं। हम दोनों को लगा कि यदि हम मिलकर खेलते हैं तो जीत सकते हैं। हम पहले भी जीत के करीब तक पहुंचे हैं और अब हम खिताब से केवल दो सेट दूर हैं।
संक्षिप्त सारांश: इंडियन एक्सप्रेस जोड़ी ऑस्ट्रेलियाई ओपन के युगल फाइनल में बाब और माइक की कड़ी चुनौती से पार पाकर इतिहास रचने की कोशिश करेगी।
10
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: विदेश मंत्रालय के मुताबिक एक सिख लड़के को दाढ़ी कटवाने के लिए मजबूर करने वाले ऑस्ट्रेलिया के एक कैथोलिक स्कूल ने छात्र से माफी मांग ली है। विदेश मंत्रालय ने राज्यसभा सदस्य अविनाश राय खन्ना को भेजे पत्र में कहा कि मेलबर्न स्थित इस स्कूल के प्राचार्य ने छात्र से माफी मांग ली है। खन्ना ने पिछले महीने हुई इस घटना के मामले में केंद्र सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग की थी। राज्यसभा सदस्य ने बताया, विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसने कैनबरा स्थित उच्चायोग को इस मामले के बारे में बताया था। उच्चायोग ने सूचित किया कि स्कूल के प्राचार्य ने छात्र से उसकी धार्मिक भावनाएं आहत करने के लिये माफी मांग ली है। खन्ना ने कहा कि पत्र के अनुसार, कैनबरा स्थित भारतीय उच्चायोग ने बताया कि स्कूल के नियमों के तहत विद्यार्थियों को चेहरे पर दाढ़ी रखने की अनुमति नहीं है। हालांकि, स्कूल के अनुसार छात्र ने कभी भी अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के बारे में नहीं बताया था। यह घटना पिछले महीने की है जब मेलबर्न के क्रिश्चियन स्कूल की कक्षा 11वीं के इस सिख छात्र को स्कूल प्रशासन ने दाढ़ी कटवाने के लिये बाध्य कर दिया था। इस घटना के बाद भारतीय समुदाय में नाराजगी फैल गई और स्कूल पर धार्मिक आधार पर भेदभाव करने का आरोप लगाया गया।
सारांश: विदेश मंत्रालय के मुताबिक सिख लड़के को दाढ़ी कटवाने के लिए मजबूर करने वाले ऑस्ट्रेलियाई स्कूल ने छात्र से माफी मांग ली है।
31
['hin']
एक सारांश बनाओ: गौरतलब है कि तीन बार तलाक को चुनौती देने वाली उन याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई जारी है, जिनमें महिलाओं का आरोप है कि उन्हें फेसबुक, स्काइप और व्हॉट्सऐप के ज़रिये भी तलाक दिया जा रहा है. मुस्लिम भारत में अल्पसंख्यक हैं, लेकिन उनकी तादाद सभी अल्पसंख्यक समुदायों में सबसे ज़्यादा है. भारत के संविधान में मुस्लिमों को उनकी शादियां, तलाक तथा विरासत के मुद्दों को अपने सिविल कोड के ज़रिये तय करने का अधिकार मिला हुआ है. सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ ने इसी साल केंद्र सरकार से यह जांचने के लिए कहा था कि क्या इस कानून में दखल देने से इस समुदाय के मौलिक अधिकारों का हनन होता है.टिप्पणियां महिला अधिकारों के लिए संघर्षरत कार्यकर्ता लंबे समय से मुस्लिम पर्सनल लॉ में बदलाव की मांग करते आ रहे हैं. उनके अनुसार मुस्लिम पर्सनल लॉ महिलाओं के प्रति भेदभाव करता है, और समानता के अधिकार का उल्लंघन करता है. महिला कार्यकर्ताओं की मांग है कि एक ऐसा स्पष्ट कानून हो, जो बहुविवाह, एकतरफा तलाक और बालविवाह को अपराध घोषित करे. ये महिला कार्यकर्ता 'हलाला' की प्रथा को भी खत्म करवाना चाहते हैं, जिसके तहत किसी महिला को तलाक के बाद अपने पूर्व पति से दोबारा शादी करने के लिए किसी अन्य पुरुष से विवाह करना और तलाक लेना अनिवार्य है. सुप्रीम कोर्ट में जिन याचिकाओं पर सुनवाई जारी है, उनमें जयपुर की 25-वर्षीय आफरीन रहमान की अर्ज़ी भी शामिल है, जिसके पति ने उसे स्पीड पोस्ट के ज़रिये तलाक दे दिया था. मुस्लिम भारत में अल्पसंख्यक हैं, लेकिन उनकी तादाद सभी अल्पसंख्यक समुदायों में सबसे ज़्यादा है. भारत के संविधान में मुस्लिमों को उनकी शादियां, तलाक तथा विरासत के मुद्दों को अपने सिविल कोड के ज़रिये तय करने का अधिकार मिला हुआ है. सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ ने इसी साल केंद्र सरकार से यह जांचने के लिए कहा था कि क्या इस कानून में दखल देने से इस समुदाय के मौलिक अधिकारों का हनन होता है.टिप्पणियां महिला अधिकारों के लिए संघर्षरत कार्यकर्ता लंबे समय से मुस्लिम पर्सनल लॉ में बदलाव की मांग करते आ रहे हैं. उनके अनुसार मुस्लिम पर्सनल लॉ महिलाओं के प्रति भेदभाव करता है, और समानता के अधिकार का उल्लंघन करता है. महिला कार्यकर्ताओं की मांग है कि एक ऐसा स्पष्ट कानून हो, जो बहुविवाह, एकतरफा तलाक और बालविवाह को अपराध घोषित करे. ये महिला कार्यकर्ता 'हलाला' की प्रथा को भी खत्म करवाना चाहते हैं, जिसके तहत किसी महिला को तलाक के बाद अपने पूर्व पति से दोबारा शादी करने के लिए किसी अन्य पुरुष से विवाह करना और तलाक लेना अनिवार्य है. सुप्रीम कोर्ट में जिन याचिकाओं पर सुनवाई जारी है, उनमें जयपुर की 25-वर्षीय आफरीन रहमान की अर्ज़ी भी शामिल है, जिसके पति ने उसे स्पीड पोस्ट के ज़रिये तलाक दे दिया था. सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ ने इसी साल केंद्र सरकार से यह जांचने के लिए कहा था कि क्या इस कानून में दखल देने से इस समुदाय के मौलिक अधिकारों का हनन होता है.टिप्पणियां महिला अधिकारों के लिए संघर्षरत कार्यकर्ता लंबे समय से मुस्लिम पर्सनल लॉ में बदलाव की मांग करते आ रहे हैं. उनके अनुसार मुस्लिम पर्सनल लॉ महिलाओं के प्रति भेदभाव करता है, और समानता के अधिकार का उल्लंघन करता है. महिला कार्यकर्ताओं की मांग है कि एक ऐसा स्पष्ट कानून हो, जो बहुविवाह, एकतरफा तलाक और बालविवाह को अपराध घोषित करे. ये महिला कार्यकर्ता 'हलाला' की प्रथा को भी खत्म करवाना चाहते हैं, जिसके तहत किसी महिला को तलाक के बाद अपने पूर्व पति से दोबारा शादी करने के लिए किसी अन्य पुरुष से विवाह करना और तलाक लेना अनिवार्य है. सुप्रीम कोर्ट में जिन याचिकाओं पर सुनवाई जारी है, उनमें जयपुर की 25-वर्षीय आफरीन रहमान की अर्ज़ी भी शामिल है, जिसके पति ने उसे स्पीड पोस्ट के ज़रिये तलाक दे दिया था. महिला अधिकारों के लिए संघर्षरत कार्यकर्ता लंबे समय से मुस्लिम पर्सनल लॉ में बदलाव की मांग करते आ रहे हैं. उनके अनुसार मुस्लिम पर्सनल लॉ महिलाओं के प्रति भेदभाव करता है, और समानता के अधिकार का उल्लंघन करता है. महिला कार्यकर्ताओं की मांग है कि एक ऐसा स्पष्ट कानून हो, जो बहुविवाह, एकतरफा तलाक और बालविवाह को अपराध घोषित करे. ये महिला कार्यकर्ता 'हलाला' की प्रथा को भी खत्म करवाना चाहते हैं, जिसके तहत किसी महिला को तलाक के बाद अपने पूर्व पति से दोबारा शादी करने के लिए किसी अन्य पुरुष से विवाह करना और तलाक लेना अनिवार्य है. सुप्रीम कोर्ट में जिन याचिकाओं पर सुनवाई जारी है, उनमें जयपुर की 25-वर्षीय आफरीन रहमान की अर्ज़ी भी शामिल है, जिसके पति ने उसे स्पीड पोस्ट के ज़रिये तलाक दे दिया था. सुप्रीम कोर्ट में जिन याचिकाओं पर सुनवाई जारी है, उनमें जयपुर की 25-वर्षीय आफरीन रहमान की अर्ज़ी भी शामिल है, जिसके पति ने उसे स्पीड पोस्ट के ज़रिये तलाक दे दिया था.
संक्षिप्त पाठ: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा, ट्रिपल तलाक से महिला अधिकारों का हनन होता है हाईकोर्ट ने यह भी कहा, पर्सनल लॉ बोर्ड देश के संविधान से ऊपर नहीं हो सकता संविधान में मुस्लिमों को शादियां, तलाक सिविल कोड के ज़रिये तय करने का हक
30
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राजस्थान के पंचायती राज मंत्री भरत सिंह ने बाबा रामदेव पर प्रहार करते हुए कहा, 'पेट हिलाने से भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा, हम और आप सुधरेंगे तभी भ्रष्टाचार पर लगाम लग सकेगी। सिंह डाबी कस्बे में नानक भील विकास मेले के समापन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि योग करने से अधिक, ईमानदारी से राजनीति करने में पसीना आता है। ईमानदार लोग गरीबों की सेवा में जुटें तो राजनीति में शुद्धता आ सकती है। सिंह ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को ईमानदारी से गरीब पिछडों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए तभी गरीबों को अपने अधिकारों का लाभ मिल पाएगा। उन्होंने कहा कि देश में जनसंख्या नियंत्रण के बिना प्रगति का लाभ आम आदमी को नहीं पहुंच पाएगा क्योंकि प्रजातंत्र में आम आदमी के पास बड़ी ताकत है और यह ताकत शिक्षा के माध्यम से आती है। उन्होंने आहवान किया कि भील आदिवासी समाज को शिक्षा को अपनाना ही होगा।
यह एक सारांश है: 'पेट हिलाने से भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा, हम और आप सुधरेंगे तभी भ्रष्टाचार पर लगाम लग सकेगी।
16
['hin']
एक सारांश बनाओ: सेमीफाइनल में स्थान बना चुकी दिल्ली वेवराइर्ड्स टीम ने रविवार को मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में खेले गए हीरो हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) के 25वें मुकाबले में उत्तर प्रदेश विजार्ड्स को 3-0 से हराकर अपना अजेय क्रम बरकरार रखा है। विजार्ड्स के खाते में आठ जीत और दो ड्रॉ हैं। यही एक टीम है, जो अब तक एक भी मैच हारी नहीं है। वेवराइर्ड्स के लिए आंद्रेस मीर बेल ने 10वें, साइमन चाइल्ड ने 17वें और गुरविंदर सिंह चांडी ने 30वें मिनट में गोल किए। वेवराइर्ड्स टीम 44 अंकों के साथ टूर्नामेंट के पहले ही दिन से शीर्ष पर कायम है। विजार्ड्स के लिए यह मैच जीतना बेहद जरूरी था क्योंकि इस मैच में जीत के साथ वे सेमीफाइनल की दौड़ में खुद को बनाए रख सकते थे। यह मैच जीतकर विजार्ड्स कम से कम मुम्बई मैजिशियंस को खुद को अंकों के लिहाज से छूने का मौका नहीं देते लेकिन अब मैजिशियंस के पास भी अपन अगले सभी मैच जीतकर सेमीफाइनल में पहुंचने का मौका है और विजार्ड्स को अंतिम-4 दौर के लिए अब नए सिरे से प्रयास करना होगा। बहरहाल, चुनौती यह थी कि विजार्ड्स शानदार फार्म में चल रही वेवराइर्ड्स टीम का विजय क्रम तोड़ पाते हैं या नहीं। इस क्रम में शुरुआती 10 मिनट में मैदान में जोरदार चहलकदमी दिखी लेकिन सफलता वेवराइर्ड्स को ही मिली। बेल ने 10वें मिनट में हासिल पेनाल्टी कार्नर पर एक जोरदार फ्लिक लिया, जो गोलपोस्ट के एकदम किनारे की ओर रवाना हुई। विजार्ड्स के गोलकीपर ने इसे रोकने की भरपूर कोशिश की लेकिन गेंद इतनी तेज थी कि वह सफल नहीं हो सके। इसके बाद 17वें मिनट में ऑस्कर डेके ने सर्किल के शीर्ष पर से एक जोरदार हिट लिया। डेके गोलपोस्ट को साफ देख रहे थे और इस लिहाज से उनका हिट काफी प्रभावशाली साबित हुआ। उनकी इस हिट पर चाइल्ड ने बस अपनी स्टिक लगा दी। गेंद बड़ी तेजी से विजार्ड्स के गोलपोस्ट में घुस गई।टिप्पणियां तीसरा गोल चांडी ने किया। शानदार फार्म में चल रहे चांडी ने सर्किल के बाईं छोर से गोलपोस्ट को निशाना साधकर हिट लिया, जो सीधी गोलपोस्ट में जाती दिखी। विजार्ड्स के गोलकीपर अपना सारा प्रयास करने के बावजूद गेंद को नहीं रोक सके। चांडी का यह गोल मैच का श्रेष्ठ गोल साबित हुआ। पांच टीमों की तालिका में वेवराइर्ड्स 44 अंकों के साथ पहले स्थान पर हैं जबकि रांची राइनोज के 31 अंक हैं। वह दूसरे स्थान पर है। जेपी पंजाब वारियर्स (27) तीसरे, उत्तर प्रदेश विजार्ड्स (22) चौथे और मैजिशियंस (14) पांचवें स्थान पर है। वेवराइर्ड्स के लिए आंद्रेस मीर बेल ने 10वें, साइमन चाइल्ड ने 17वें और गुरविंदर सिंह चांडी ने 30वें मिनट में गोल किए। वेवराइर्ड्स टीम 44 अंकों के साथ टूर्नामेंट के पहले ही दिन से शीर्ष पर कायम है। विजार्ड्स के लिए यह मैच जीतना बेहद जरूरी था क्योंकि इस मैच में जीत के साथ वे सेमीफाइनल की दौड़ में खुद को बनाए रख सकते थे। यह मैच जीतकर विजार्ड्स कम से कम मुम्बई मैजिशियंस को खुद को अंकों के लिहाज से छूने का मौका नहीं देते लेकिन अब मैजिशियंस के पास भी अपन अगले सभी मैच जीतकर सेमीफाइनल में पहुंचने का मौका है और विजार्ड्स को अंतिम-4 दौर के लिए अब नए सिरे से प्रयास करना होगा। बहरहाल, चुनौती यह थी कि विजार्ड्स शानदार फार्म में चल रही वेवराइर्ड्स टीम का विजय क्रम तोड़ पाते हैं या नहीं। इस क्रम में शुरुआती 10 मिनट में मैदान में जोरदार चहलकदमी दिखी लेकिन सफलता वेवराइर्ड्स को ही मिली। बेल ने 10वें मिनट में हासिल पेनाल्टी कार्नर पर एक जोरदार फ्लिक लिया, जो गोलपोस्ट के एकदम किनारे की ओर रवाना हुई। विजार्ड्स के गोलकीपर ने इसे रोकने की भरपूर कोशिश की लेकिन गेंद इतनी तेज थी कि वह सफल नहीं हो सके। इसके बाद 17वें मिनट में ऑस्कर डेके ने सर्किल के शीर्ष पर से एक जोरदार हिट लिया। डेके गोलपोस्ट को साफ देख रहे थे और इस लिहाज से उनका हिट काफी प्रभावशाली साबित हुआ। उनकी इस हिट पर चाइल्ड ने बस अपनी स्टिक लगा दी। गेंद बड़ी तेजी से विजार्ड्स के गोलपोस्ट में घुस गई।टिप्पणियां तीसरा गोल चांडी ने किया। शानदार फार्म में चल रहे चांडी ने सर्किल के बाईं छोर से गोलपोस्ट को निशाना साधकर हिट लिया, जो सीधी गोलपोस्ट में जाती दिखी। विजार्ड्स के गोलकीपर अपना सारा प्रयास करने के बावजूद गेंद को नहीं रोक सके। चांडी का यह गोल मैच का श्रेष्ठ गोल साबित हुआ। पांच टीमों की तालिका में वेवराइर्ड्स 44 अंकों के साथ पहले स्थान पर हैं जबकि रांची राइनोज के 31 अंक हैं। वह दूसरे स्थान पर है। जेपी पंजाब वारियर्स (27) तीसरे, उत्तर प्रदेश विजार्ड्स (22) चौथे और मैजिशियंस (14) पांचवें स्थान पर है। वेवराइर्ड्स टीम 44 अंकों के साथ टूर्नामेंट के पहले ही दिन से शीर्ष पर कायम है। विजार्ड्स के लिए यह मैच जीतना बेहद जरूरी था क्योंकि इस मैच में जीत के साथ वे सेमीफाइनल की दौड़ में खुद को बनाए रख सकते थे। यह मैच जीतकर विजार्ड्स कम से कम मुम्बई मैजिशियंस को खुद को अंकों के लिहाज से छूने का मौका नहीं देते लेकिन अब मैजिशियंस के पास भी अपन अगले सभी मैच जीतकर सेमीफाइनल में पहुंचने का मौका है और विजार्ड्स को अंतिम-4 दौर के लिए अब नए सिरे से प्रयास करना होगा। बहरहाल, चुनौती यह थी कि विजार्ड्स शानदार फार्म में चल रही वेवराइर्ड्स टीम का विजय क्रम तोड़ पाते हैं या नहीं। इस क्रम में शुरुआती 10 मिनट में मैदान में जोरदार चहलकदमी दिखी लेकिन सफलता वेवराइर्ड्स को ही मिली। बेल ने 10वें मिनट में हासिल पेनाल्टी कार्नर पर एक जोरदार फ्लिक लिया, जो गोलपोस्ट के एकदम किनारे की ओर रवाना हुई। विजार्ड्स के गोलकीपर ने इसे रोकने की भरपूर कोशिश की लेकिन गेंद इतनी तेज थी कि वह सफल नहीं हो सके। इसके बाद 17वें मिनट में ऑस्कर डेके ने सर्किल के शीर्ष पर से एक जोरदार हिट लिया। डेके गोलपोस्ट को साफ देख रहे थे और इस लिहाज से उनका हिट काफी प्रभावशाली साबित हुआ। उनकी इस हिट पर चाइल्ड ने बस अपनी स्टिक लगा दी। गेंद बड़ी तेजी से विजार्ड्स के गोलपोस्ट में घुस गई।टिप्पणियां तीसरा गोल चांडी ने किया। शानदार फार्म में चल रहे चांडी ने सर्किल के बाईं छोर से गोलपोस्ट को निशाना साधकर हिट लिया, जो सीधी गोलपोस्ट में जाती दिखी। विजार्ड्स के गोलकीपर अपना सारा प्रयास करने के बावजूद गेंद को नहीं रोक सके। चांडी का यह गोल मैच का श्रेष्ठ गोल साबित हुआ। पांच टीमों की तालिका में वेवराइर्ड्स 44 अंकों के साथ पहले स्थान पर हैं जबकि रांची राइनोज के 31 अंक हैं। वह दूसरे स्थान पर है। जेपी पंजाब वारियर्स (27) तीसरे, उत्तर प्रदेश विजार्ड्स (22) चौथे और मैजिशियंस (14) पांचवें स्थान पर है। विजार्ड्स के लिए यह मैच जीतना बेहद जरूरी था क्योंकि इस मैच में जीत के साथ वे सेमीफाइनल की दौड़ में खुद को बनाए रख सकते थे। यह मैच जीतकर विजार्ड्स कम से कम मुम्बई मैजिशियंस को खुद को अंकों के लिहाज से छूने का मौका नहीं देते लेकिन अब मैजिशियंस के पास भी अपन अगले सभी मैच जीतकर सेमीफाइनल में पहुंचने का मौका है और विजार्ड्स को अंतिम-4 दौर के लिए अब नए सिरे से प्रयास करना होगा। बहरहाल, चुनौती यह थी कि विजार्ड्स शानदार फार्म में चल रही वेवराइर्ड्स टीम का विजय क्रम तोड़ पाते हैं या नहीं। इस क्रम में शुरुआती 10 मिनट में मैदान में जोरदार चहलकदमी दिखी लेकिन सफलता वेवराइर्ड्स को ही मिली। बेल ने 10वें मिनट में हासिल पेनाल्टी कार्नर पर एक जोरदार फ्लिक लिया, जो गोलपोस्ट के एकदम किनारे की ओर रवाना हुई। विजार्ड्स के गोलकीपर ने इसे रोकने की भरपूर कोशिश की लेकिन गेंद इतनी तेज थी कि वह सफल नहीं हो सके। इसके बाद 17वें मिनट में ऑस्कर डेके ने सर्किल के शीर्ष पर से एक जोरदार हिट लिया। डेके गोलपोस्ट को साफ देख रहे थे और इस लिहाज से उनका हिट काफी प्रभावशाली साबित हुआ। उनकी इस हिट पर चाइल्ड ने बस अपनी स्टिक लगा दी। गेंद बड़ी तेजी से विजार्ड्स के गोलपोस्ट में घुस गई।टिप्पणियां तीसरा गोल चांडी ने किया। शानदार फार्म में चल रहे चांडी ने सर्किल के बाईं छोर से गोलपोस्ट को निशाना साधकर हिट लिया, जो सीधी गोलपोस्ट में जाती दिखी। विजार्ड्स के गोलकीपर अपना सारा प्रयास करने के बावजूद गेंद को नहीं रोक सके। चांडी का यह गोल मैच का श्रेष्ठ गोल साबित हुआ। पांच टीमों की तालिका में वेवराइर्ड्स 44 अंकों के साथ पहले स्थान पर हैं जबकि रांची राइनोज के 31 अंक हैं। वह दूसरे स्थान पर है। जेपी पंजाब वारियर्स (27) तीसरे, उत्तर प्रदेश विजार्ड्स (22) चौथे और मैजिशियंस (14) पांचवें स्थान पर है। बहरहाल, चुनौती यह थी कि विजार्ड्स शानदार फार्म में चल रही वेवराइर्ड्स टीम का विजय क्रम तोड़ पाते हैं या नहीं। इस क्रम में शुरुआती 10 मिनट में मैदान में जोरदार चहलकदमी दिखी लेकिन सफलता वेवराइर्ड्स को ही मिली। बेल ने 10वें मिनट में हासिल पेनाल्टी कार्नर पर एक जोरदार फ्लिक लिया, जो गोलपोस्ट के एकदम किनारे की ओर रवाना हुई। विजार्ड्स के गोलकीपर ने इसे रोकने की भरपूर कोशिश की लेकिन गेंद इतनी तेज थी कि वह सफल नहीं हो सके। इसके बाद 17वें मिनट में ऑस्कर डेके ने सर्किल के शीर्ष पर से एक जोरदार हिट लिया। डेके गोलपोस्ट को साफ देख रहे थे और इस लिहाज से उनका हिट काफी प्रभावशाली साबित हुआ। उनकी इस हिट पर चाइल्ड ने बस अपनी स्टिक लगा दी। गेंद बड़ी तेजी से विजार्ड्स के गोलपोस्ट में घुस गई।टिप्पणियां तीसरा गोल चांडी ने किया। शानदार फार्म में चल रहे चांडी ने सर्किल के बाईं छोर से गोलपोस्ट को निशाना साधकर हिट लिया, जो सीधी गोलपोस्ट में जाती दिखी। विजार्ड्स के गोलकीपर अपना सारा प्रयास करने के बावजूद गेंद को नहीं रोक सके। चांडी का यह गोल मैच का श्रेष्ठ गोल साबित हुआ। पांच टीमों की तालिका में वेवराइर्ड्स 44 अंकों के साथ पहले स्थान पर हैं जबकि रांची राइनोज के 31 अंक हैं। वह दूसरे स्थान पर है। जेपी पंजाब वारियर्स (27) तीसरे, उत्तर प्रदेश विजार्ड्स (22) चौथे और मैजिशियंस (14) पांचवें स्थान पर है। बेल ने 10वें मिनट में हासिल पेनाल्टी कार्नर पर एक जोरदार फ्लिक लिया, जो गोलपोस्ट के एकदम किनारे की ओर रवाना हुई। विजार्ड्स के गोलकीपर ने इसे रोकने की भरपूर कोशिश की लेकिन गेंद इतनी तेज थी कि वह सफल नहीं हो सके। इसके बाद 17वें मिनट में ऑस्कर डेके ने सर्किल के शीर्ष पर से एक जोरदार हिट लिया। डेके गोलपोस्ट को साफ देख रहे थे और इस लिहाज से उनका हिट काफी प्रभावशाली साबित हुआ। उनकी इस हिट पर चाइल्ड ने बस अपनी स्टिक लगा दी। गेंद बड़ी तेजी से विजार्ड्स के गोलपोस्ट में घुस गई।टिप्पणियां तीसरा गोल चांडी ने किया। शानदार फार्म में चल रहे चांडी ने सर्किल के बाईं छोर से गोलपोस्ट को निशाना साधकर हिट लिया, जो सीधी गोलपोस्ट में जाती दिखी। विजार्ड्स के गोलकीपर अपना सारा प्रयास करने के बावजूद गेंद को नहीं रोक सके। चांडी का यह गोल मैच का श्रेष्ठ गोल साबित हुआ। पांच टीमों की तालिका में वेवराइर्ड्स 44 अंकों के साथ पहले स्थान पर हैं जबकि रांची राइनोज के 31 अंक हैं। वह दूसरे स्थान पर है। जेपी पंजाब वारियर्स (27) तीसरे, उत्तर प्रदेश विजार्ड्स (22) चौथे और मैजिशियंस (14) पांचवें स्थान पर है। विजार्ड्स के गोलकीपर ने इसे रोकने की भरपूर कोशिश की लेकिन गेंद इतनी तेज थी कि वह सफल नहीं हो सके। इसके बाद 17वें मिनट में ऑस्कर डेके ने सर्किल के शीर्ष पर से एक जोरदार हिट लिया। डेके गोलपोस्ट को साफ देख रहे थे और इस लिहाज से उनका हिट काफी प्रभावशाली साबित हुआ। उनकी इस हिट पर चाइल्ड ने बस अपनी स्टिक लगा दी। गेंद बड़ी तेजी से विजार्ड्स के गोलपोस्ट में घुस गई।टिप्पणियां तीसरा गोल चांडी ने किया। शानदार फार्म में चल रहे चांडी ने सर्किल के बाईं छोर से गोलपोस्ट को निशाना साधकर हिट लिया, जो सीधी गोलपोस्ट में जाती दिखी। विजार्ड्स के गोलकीपर अपना सारा प्रयास करने के बावजूद गेंद को नहीं रोक सके। चांडी का यह गोल मैच का श्रेष्ठ गोल साबित हुआ। पांच टीमों की तालिका में वेवराइर्ड्स 44 अंकों के साथ पहले स्थान पर हैं जबकि रांची राइनोज के 31 अंक हैं। वह दूसरे स्थान पर है। जेपी पंजाब वारियर्स (27) तीसरे, उत्तर प्रदेश विजार्ड्स (22) चौथे और मैजिशियंस (14) पांचवें स्थान पर है। इसके बाद 17वें मिनट में ऑस्कर डेके ने सर्किल के शीर्ष पर से एक जोरदार हिट लिया। डेके गोलपोस्ट को साफ देख रहे थे और इस लिहाज से उनका हिट काफी प्रभावशाली साबित हुआ। उनकी इस हिट पर चाइल्ड ने बस अपनी स्टिक लगा दी। गेंद बड़ी तेजी से विजार्ड्स के गोलपोस्ट में घुस गई।टिप्पणियां तीसरा गोल चांडी ने किया। शानदार फार्म में चल रहे चांडी ने सर्किल के बाईं छोर से गोलपोस्ट को निशाना साधकर हिट लिया, जो सीधी गोलपोस्ट में जाती दिखी। विजार्ड्स के गोलकीपर अपना सारा प्रयास करने के बावजूद गेंद को नहीं रोक सके। चांडी का यह गोल मैच का श्रेष्ठ गोल साबित हुआ। पांच टीमों की तालिका में वेवराइर्ड्स 44 अंकों के साथ पहले स्थान पर हैं जबकि रांची राइनोज के 31 अंक हैं। वह दूसरे स्थान पर है। जेपी पंजाब वारियर्स (27) तीसरे, उत्तर प्रदेश विजार्ड्स (22) चौथे और मैजिशियंस (14) पांचवें स्थान पर है। तीसरा गोल चांडी ने किया। शानदार फार्म में चल रहे चांडी ने सर्किल के बाईं छोर से गोलपोस्ट को निशाना साधकर हिट लिया, जो सीधी गोलपोस्ट में जाती दिखी। विजार्ड्स के गोलकीपर अपना सारा प्रयास करने के बावजूद गेंद को नहीं रोक सके। चांडी का यह गोल मैच का श्रेष्ठ गोल साबित हुआ। पांच टीमों की तालिका में वेवराइर्ड्स 44 अंकों के साथ पहले स्थान पर हैं जबकि रांची राइनोज के 31 अंक हैं। वह दूसरे स्थान पर है। जेपी पंजाब वारियर्स (27) तीसरे, उत्तर प्रदेश विजार्ड्स (22) चौथे और मैजिशियंस (14) पांचवें स्थान पर है। पांच टीमों की तालिका में वेवराइर्ड्स 44 अंकों के साथ पहले स्थान पर हैं जबकि रांची राइनोज के 31 अंक हैं। वह दूसरे स्थान पर है। जेपी पंजाब वारियर्स (27) तीसरे, उत्तर प्रदेश विजार्ड्स (22) चौथे और मैजिशियंस (14) पांचवें स्थान पर है।
यहाँ एक सारांश है:सेमीफाइनल में स्थान बना चुकी दिल्ली वेवराइर्ड्स टीम ने रविवार को मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में खेले गए हीरो हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) के 25वें मुकाबले में उत्तर प्रदेश विजार्ड्स को 3-0 से हराकर अपना अजेय क्रम बरकरार रखा है।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: फिल्म अभिनेता रह चुके सिन्हा ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की सराहना करते हुए कहा, 'वह करिश्माई, परखे हुए और सफल नेता हैं तथा भारत के भविष्य हैं. उनकी कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है.' सिन्हा ने नोटबंदी एवं जीएसटी जैसे फैसलों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की और उनसे राफेल लड़ाकू विमान के मुद्दे पर पाक-साफ होने को कहा. शत्रुघ्न सिन्हा (Shatrughan Sinha) कहा, 'आप (मोदी) क्यों नहीं सामने आते और (राफेल पर) स्पष्टीकरण देते हैं. यदि आप आगे आएं और राफेल पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हैं तो क्या आपका 56 इंच का सीना छह इंच का हो जाएगा.' पटना साहिब सीट से कांग्रेस द्वारा उम्मीदवार बनाए जाने पर सिन्हा ने कहा कि उन्हें उन लोगों का आशीर्वाद प्राप्त है जो उन्हें प्यार से 'बिहारी बाबू' कहते हैं. यह पूछे जाने पर कि क्या 'बिहारी बाबू' पटना साहिब सीट से 'हैट-ट्रिक' (लगातार तीसरी बार जीत) बनाएंगे, सिन्हा ने कहा, 'उम्मीद है...' भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद से चुनावी मुकाबले के बारे में पूछे जाने पर सिन्हा ने उन्हें पारिवारिक मित्र बताया और कहा कि वह उनका सम्मान करते हैं. उन्होंने कहा, '...यह पटना के लोगों को तय करना है (कि कौन जीतेगा). उन्हें फैसला करने दीजिए.' यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस का साथ उनका जुड़ाव लंबे समय का होगा. सिन्हा ने कहा, 'क्या मैं भाजपा के साथ किंतु-परंतु और उतार-चढ़ाव के बीच 25 साल तक साथ नहीं रहा? क्या मैं तब से उसके साथ नहीं था जब लोकसभा में उसकी मात्र दो सीटें थी? मैं एक वफादार व्यक्ति हूं... मैं रातों रात फैसला नहीं करता और रातों रात चीजों को नहीं छोड़ता. मैं जोश में काम नहीं करता, बल्कि होश में करता हूं?' शत्रुघ्न सिन्हा (Shatrughan Sinha) ने कहा कि अपनी पुस्तक 'एनीथिंग बट खामोश' में उन्होंने कहा है कि उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से हमेशा ही स्नेह मिला था. भाजपा के दिग्गज नेता लाल कृष्ण आडवाणी सहित 75 वर्ष की आयु से अधिक के कई वरिष्ठ एवं कद्दावर नेताओं को इस बार लोकसभा चुनाव में भगवा पार्टी से टिकट नहीं दिए जाने के विषय पर 73 वर्षीय सिन्हा ने कहा, 'जहां तक मेरी बात है...वह (भाजपा) कहती है या तो मेरे रास्ते चलो या रास्ता नाप लो. मैं कहता हूं कि सर्वश्रेष्ठ रास्ते पर सबसे अच्छी पार्टी के साथ जाउंगा.'
संक्षिप्त सारांश: कांग्रेस में शामिल हुए शत्रुघ्न सिन्हा पटना साहिब से ही लड़ेंगे चुनाव तीसरी बार जीतने की होगी कोशिश
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: यूसुफ पठान (नाबाद 49) और जैक्स कैलिस (नाबाद 33) की उम्दा पारियों की मदद से मौजूदा चैम्पियन कोलकाता नाइट राइडर्स ने ईडन गार्डन्स स्टेडियम में शुक्रवार को खेले गए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के छठे संस्करण के 47वें और अपने 11वें मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स को आठ विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ नाइट राइडर्स जयपुर में राजस्थान के हाथों मिली हार का हिसाब भी बराबर कर लिया। नाइट राइडर्स ने 11 मैचों में चौथी जीत हासिल की है जबकि राजस्थान रॉयल्स को 10 मैचों में चौथी हार का सामना करना पड़ा है। जीत के बावजूद नाइट राइडर्स नौ टीमों की तालिका में सातवें क्रम पर हैं जबकि राजस्थान की टीम तीसरे क्रम पर बरकरार है। नाइट राइडर्स ने राजस्थान रायल्स द्वारा दिए गए 133 रनों के लक्ष्य को 17.2 ओवरों में दो विकेट खोकर हासिल कर लिया। अपनी आतिशी पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुने गए यूसुफ और कैलिस के अलावा सलामी बल्लेबाज मानविंदर बिसला के 29 रनों का योगदान दिया। लक्ष्य को देखते हुए मेजबान टीम की शुरुआत अच्छी रही।  बिसला और कप्तान गौतम गम्भीर (12) ने पहले विकेट के लिए 33 गेंदों पर 41 रन जोड़े। गम्भीर शेन वॉटसन की गेंद पर दिशांत याज्ञनिक के हाथों लपके गए। गम्भीर ने 14 गेंदों पर एक चौका लगाया। आठवें ओवर की पहली गेंद पर अंकित चव्हाण ने बिसला को अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच कराकर मेजबानों को चिंता में डाल दिया। बिसला का विकेट 55 रनों के कुल योग पर गिरा। बिसला ने 25 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया। बिसला की विदाई के बाद यूसुफ और कैलिस ने तीसरे विकेट के लिए 61 गेंदों पर 78 रनों की साझेदारी कर लगाता दो विकेट गिरने की चिंता को फुर्र कर दिया और साथ ही साथ टीम को लक्ष्य तक लेकर गए। कैलिस ने अपनी 30 गेंदों की पारी में दो चौके और एक छक्काल लगाया जबकि आईपीएल के इस संस्करण में पहली पार अपने अंदाज में खेल रहे यूसुफ ने 35 गेंदों पर तीन चौका और इतने ही छक्के लगाए। इससे पहले, राजस्थान रॉयल्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में छह विकेट पर 132 रन बनाए। इसमें संजू सैमसन के 40 और शेन वॉटसन के 35 रन शामिल हैं। रॉयल्स को शुरुआती दो विकेट जल्दी-जल्दी गंवाने पड़े। अजिंक्य रहाणे (6) चौथे ओवर की पहली गेंद पर पर स्टम्प कर दिए गए तो अगले ही ओवर की तीसरी गेंद पर जेम्स फॉल्कनर को गम्भीर ने लपक लिया। इस तरह राजस्थान के 4.3 ओवर में 27 रन पर दो विकेट गिर चुके थे। तीसरे विकेट के लिए सलामी बल्लेबाजी वाट्सन ने सैमसन के साथ 44 रनों की साझेदारी की। वाटसन को 11वें ओवर की पांचवीं गेंद पर सुनील नरेन ने पगबाधा आउट किया। इसके बाद सैमसन का साथ निभाने आए दिशांत याज्ञनिक ज्यादा देर टिक नहीं सके और 10 रन के निजी योग पर सचित्र सेनानायके ने उन्हें बोल्ड कर दिया।टिप्पणियां सैमसन ने लगातार दूसरे मैच में अपनी प्रतिभा दिखाई और ओवैस शाह (24) के साथ पांचवे विकेट के लिए 34 रनों की साझेदारी की। सैमसन ने 36 गेंदों पर एक चौका और दो छक्के लगाए। ऊंचे खेले गए शॉट पर सैम्सन, जैक्स कालिस के हाथों लपके गए। शाह को कालिस ने आखिरी ओवर की तीसरी गेंद पर बोल्ड किया। नाइट राइडर्स की तरफ से सेनानायके ने दो विकेट हासिल किए तथा एकबाल अब्दुल्ला, कालिस, नरेन और रजत भाटिया को एक-एक विकेट मिला। इस जीत के साथ नाइट राइडर्स जयपुर में राजस्थान के हाथों मिली हार का हिसाब भी बराबर कर लिया। नाइट राइडर्स ने 11 मैचों में चौथी जीत हासिल की है जबकि राजस्थान रॉयल्स को 10 मैचों में चौथी हार का सामना करना पड़ा है। जीत के बावजूद नाइट राइडर्स नौ टीमों की तालिका में सातवें क्रम पर हैं जबकि राजस्थान की टीम तीसरे क्रम पर बरकरार है। नाइट राइडर्स ने राजस्थान रायल्स द्वारा दिए गए 133 रनों के लक्ष्य को 17.2 ओवरों में दो विकेट खोकर हासिल कर लिया। अपनी आतिशी पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुने गए यूसुफ और कैलिस के अलावा सलामी बल्लेबाज मानविंदर बिसला के 29 रनों का योगदान दिया। लक्ष्य को देखते हुए मेजबान टीम की शुरुआत अच्छी रही।  बिसला और कप्तान गौतम गम्भीर (12) ने पहले विकेट के लिए 33 गेंदों पर 41 रन जोड़े। गम्भीर शेन वॉटसन की गेंद पर दिशांत याज्ञनिक के हाथों लपके गए। गम्भीर ने 14 गेंदों पर एक चौका लगाया। आठवें ओवर की पहली गेंद पर अंकित चव्हाण ने बिसला को अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच कराकर मेजबानों को चिंता में डाल दिया। बिसला का विकेट 55 रनों के कुल योग पर गिरा। बिसला ने 25 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया। बिसला की विदाई के बाद यूसुफ और कैलिस ने तीसरे विकेट के लिए 61 गेंदों पर 78 रनों की साझेदारी कर लगाता दो विकेट गिरने की चिंता को फुर्र कर दिया और साथ ही साथ टीम को लक्ष्य तक लेकर गए। कैलिस ने अपनी 30 गेंदों की पारी में दो चौके और एक छक्काल लगाया जबकि आईपीएल के इस संस्करण में पहली पार अपने अंदाज में खेल रहे यूसुफ ने 35 गेंदों पर तीन चौका और इतने ही छक्के लगाए। इससे पहले, राजस्थान रॉयल्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में छह विकेट पर 132 रन बनाए। इसमें संजू सैमसन के 40 और शेन वॉटसन के 35 रन शामिल हैं। रॉयल्स को शुरुआती दो विकेट जल्दी-जल्दी गंवाने पड़े। अजिंक्य रहाणे (6) चौथे ओवर की पहली गेंद पर पर स्टम्प कर दिए गए तो अगले ही ओवर की तीसरी गेंद पर जेम्स फॉल्कनर को गम्भीर ने लपक लिया। इस तरह राजस्थान के 4.3 ओवर में 27 रन पर दो विकेट गिर चुके थे। तीसरे विकेट के लिए सलामी बल्लेबाजी वाट्सन ने सैमसन के साथ 44 रनों की साझेदारी की। वाटसन को 11वें ओवर की पांचवीं गेंद पर सुनील नरेन ने पगबाधा आउट किया। इसके बाद सैमसन का साथ निभाने आए दिशांत याज्ञनिक ज्यादा देर टिक नहीं सके और 10 रन के निजी योग पर सचित्र सेनानायके ने उन्हें बोल्ड कर दिया।टिप्पणियां सैमसन ने लगातार दूसरे मैच में अपनी प्रतिभा दिखाई और ओवैस शाह (24) के साथ पांचवे विकेट के लिए 34 रनों की साझेदारी की। सैमसन ने 36 गेंदों पर एक चौका और दो छक्के लगाए। ऊंचे खेले गए शॉट पर सैम्सन, जैक्स कालिस के हाथों लपके गए। शाह को कालिस ने आखिरी ओवर की तीसरी गेंद पर बोल्ड किया। नाइट राइडर्स की तरफ से सेनानायके ने दो विकेट हासिल किए तथा एकबाल अब्दुल्ला, कालिस, नरेन और रजत भाटिया को एक-एक विकेट मिला। नाइट राइडर्स ने राजस्थान रायल्स द्वारा दिए गए 133 रनों के लक्ष्य को 17.2 ओवरों में दो विकेट खोकर हासिल कर लिया। अपनी आतिशी पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुने गए यूसुफ और कैलिस के अलावा सलामी बल्लेबाज मानविंदर बिसला के 29 रनों का योगदान दिया। लक्ष्य को देखते हुए मेजबान टीम की शुरुआत अच्छी रही।  बिसला और कप्तान गौतम गम्भीर (12) ने पहले विकेट के लिए 33 गेंदों पर 41 रन जोड़े। गम्भीर शेन वॉटसन की गेंद पर दिशांत याज्ञनिक के हाथों लपके गए। गम्भीर ने 14 गेंदों पर एक चौका लगाया। आठवें ओवर की पहली गेंद पर अंकित चव्हाण ने बिसला को अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच कराकर मेजबानों को चिंता में डाल दिया। बिसला का विकेट 55 रनों के कुल योग पर गिरा। बिसला ने 25 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया। बिसला की विदाई के बाद यूसुफ और कैलिस ने तीसरे विकेट के लिए 61 गेंदों पर 78 रनों की साझेदारी कर लगाता दो विकेट गिरने की चिंता को फुर्र कर दिया और साथ ही साथ टीम को लक्ष्य तक लेकर गए। कैलिस ने अपनी 30 गेंदों की पारी में दो चौके और एक छक्काल लगाया जबकि आईपीएल के इस संस्करण में पहली पार अपने अंदाज में खेल रहे यूसुफ ने 35 गेंदों पर तीन चौका और इतने ही छक्के लगाए। इससे पहले, राजस्थान रॉयल्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में छह विकेट पर 132 रन बनाए। इसमें संजू सैमसन के 40 और शेन वॉटसन के 35 रन शामिल हैं। रॉयल्स को शुरुआती दो विकेट जल्दी-जल्दी गंवाने पड़े। अजिंक्य रहाणे (6) चौथे ओवर की पहली गेंद पर पर स्टम्प कर दिए गए तो अगले ही ओवर की तीसरी गेंद पर जेम्स फॉल्कनर को गम्भीर ने लपक लिया। इस तरह राजस्थान के 4.3 ओवर में 27 रन पर दो विकेट गिर चुके थे। तीसरे विकेट के लिए सलामी बल्लेबाजी वाट्सन ने सैमसन के साथ 44 रनों की साझेदारी की। वाटसन को 11वें ओवर की पांचवीं गेंद पर सुनील नरेन ने पगबाधा आउट किया। इसके बाद सैमसन का साथ निभाने आए दिशांत याज्ञनिक ज्यादा देर टिक नहीं सके और 10 रन के निजी योग पर सचित्र सेनानायके ने उन्हें बोल्ड कर दिया।टिप्पणियां सैमसन ने लगातार दूसरे मैच में अपनी प्रतिभा दिखाई और ओवैस शाह (24) के साथ पांचवे विकेट के लिए 34 रनों की साझेदारी की। सैमसन ने 36 गेंदों पर एक चौका और दो छक्के लगाए। ऊंचे खेले गए शॉट पर सैम्सन, जैक्स कालिस के हाथों लपके गए। शाह को कालिस ने आखिरी ओवर की तीसरी गेंद पर बोल्ड किया। नाइट राइडर्स की तरफ से सेनानायके ने दो विकेट हासिल किए तथा एकबाल अब्दुल्ला, कालिस, नरेन और रजत भाटिया को एक-एक विकेट मिला। लक्ष्य को देखते हुए मेजबान टीम की शुरुआत अच्छी रही।  बिसला और कप्तान गौतम गम्भीर (12) ने पहले विकेट के लिए 33 गेंदों पर 41 रन जोड़े। गम्भीर शेन वॉटसन की गेंद पर दिशांत याज्ञनिक के हाथों लपके गए। गम्भीर ने 14 गेंदों पर एक चौका लगाया। आठवें ओवर की पहली गेंद पर अंकित चव्हाण ने बिसला को अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच कराकर मेजबानों को चिंता में डाल दिया। बिसला का विकेट 55 रनों के कुल योग पर गिरा। बिसला ने 25 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया। बिसला की विदाई के बाद यूसुफ और कैलिस ने तीसरे विकेट के लिए 61 गेंदों पर 78 रनों की साझेदारी कर लगाता दो विकेट गिरने की चिंता को फुर्र कर दिया और साथ ही साथ टीम को लक्ष्य तक लेकर गए। कैलिस ने अपनी 30 गेंदों की पारी में दो चौके और एक छक्काल लगाया जबकि आईपीएल के इस संस्करण में पहली पार अपने अंदाज में खेल रहे यूसुफ ने 35 गेंदों पर तीन चौका और इतने ही छक्के लगाए। इससे पहले, राजस्थान रॉयल्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में छह विकेट पर 132 रन बनाए। इसमें संजू सैमसन के 40 और शेन वॉटसन के 35 रन शामिल हैं। रॉयल्स को शुरुआती दो विकेट जल्दी-जल्दी गंवाने पड़े। अजिंक्य रहाणे (6) चौथे ओवर की पहली गेंद पर पर स्टम्प कर दिए गए तो अगले ही ओवर की तीसरी गेंद पर जेम्स फॉल्कनर को गम्भीर ने लपक लिया। इस तरह राजस्थान के 4.3 ओवर में 27 रन पर दो विकेट गिर चुके थे। तीसरे विकेट के लिए सलामी बल्लेबाजी वाट्सन ने सैमसन के साथ 44 रनों की साझेदारी की। वाटसन को 11वें ओवर की पांचवीं गेंद पर सुनील नरेन ने पगबाधा आउट किया। इसके बाद सैमसन का साथ निभाने आए दिशांत याज्ञनिक ज्यादा देर टिक नहीं सके और 10 रन के निजी योग पर सचित्र सेनानायके ने उन्हें बोल्ड कर दिया।टिप्पणियां सैमसन ने लगातार दूसरे मैच में अपनी प्रतिभा दिखाई और ओवैस शाह (24) के साथ पांचवे विकेट के लिए 34 रनों की साझेदारी की। सैमसन ने 36 गेंदों पर एक चौका और दो छक्के लगाए। ऊंचे खेले गए शॉट पर सैम्सन, जैक्स कालिस के हाथों लपके गए। शाह को कालिस ने आखिरी ओवर की तीसरी गेंद पर बोल्ड किया। नाइट राइडर्स की तरफ से सेनानायके ने दो विकेट हासिल किए तथा एकबाल अब्दुल्ला, कालिस, नरेन और रजत भाटिया को एक-एक विकेट मिला। गम्भीर ने 14 गेंदों पर एक चौका लगाया। आठवें ओवर की पहली गेंद पर अंकित चव्हाण ने बिसला को अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच कराकर मेजबानों को चिंता में डाल दिया। बिसला का विकेट 55 रनों के कुल योग पर गिरा। बिसला ने 25 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया। बिसला की विदाई के बाद यूसुफ और कैलिस ने तीसरे विकेट के लिए 61 गेंदों पर 78 रनों की साझेदारी कर लगाता दो विकेट गिरने की चिंता को फुर्र कर दिया और साथ ही साथ टीम को लक्ष्य तक लेकर गए। कैलिस ने अपनी 30 गेंदों की पारी में दो चौके और एक छक्काल लगाया जबकि आईपीएल के इस संस्करण में पहली पार अपने अंदाज में खेल रहे यूसुफ ने 35 गेंदों पर तीन चौका और इतने ही छक्के लगाए। इससे पहले, राजस्थान रॉयल्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में छह विकेट पर 132 रन बनाए। इसमें संजू सैमसन के 40 और शेन वॉटसन के 35 रन शामिल हैं। रॉयल्स को शुरुआती दो विकेट जल्दी-जल्दी गंवाने पड़े। अजिंक्य रहाणे (6) चौथे ओवर की पहली गेंद पर पर स्टम्प कर दिए गए तो अगले ही ओवर की तीसरी गेंद पर जेम्स फॉल्कनर को गम्भीर ने लपक लिया। इस तरह राजस्थान के 4.3 ओवर में 27 रन पर दो विकेट गिर चुके थे। तीसरे विकेट के लिए सलामी बल्लेबाजी वाट्सन ने सैमसन के साथ 44 रनों की साझेदारी की। वाटसन को 11वें ओवर की पांचवीं गेंद पर सुनील नरेन ने पगबाधा आउट किया। इसके बाद सैमसन का साथ निभाने आए दिशांत याज्ञनिक ज्यादा देर टिक नहीं सके और 10 रन के निजी योग पर सचित्र सेनानायके ने उन्हें बोल्ड कर दिया।टिप्पणियां सैमसन ने लगातार दूसरे मैच में अपनी प्रतिभा दिखाई और ओवैस शाह (24) के साथ पांचवे विकेट के लिए 34 रनों की साझेदारी की। सैमसन ने 36 गेंदों पर एक चौका और दो छक्के लगाए। ऊंचे खेले गए शॉट पर सैम्सन, जैक्स कालिस के हाथों लपके गए। शाह को कालिस ने आखिरी ओवर की तीसरी गेंद पर बोल्ड किया। नाइट राइडर्स की तरफ से सेनानायके ने दो विकेट हासिल किए तथा एकबाल अब्दुल्ला, कालिस, नरेन और रजत भाटिया को एक-एक विकेट मिला। बिसला की विदाई के बाद यूसुफ और कैलिस ने तीसरे विकेट के लिए 61 गेंदों पर 78 रनों की साझेदारी कर लगाता दो विकेट गिरने की चिंता को फुर्र कर दिया और साथ ही साथ टीम को लक्ष्य तक लेकर गए। कैलिस ने अपनी 30 गेंदों की पारी में दो चौके और एक छक्काल लगाया जबकि आईपीएल के इस संस्करण में पहली पार अपने अंदाज में खेल रहे यूसुफ ने 35 गेंदों पर तीन चौका और इतने ही छक्के लगाए। इससे पहले, राजस्थान रॉयल्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में छह विकेट पर 132 रन बनाए। इसमें संजू सैमसन के 40 और शेन वॉटसन के 35 रन शामिल हैं। रॉयल्स को शुरुआती दो विकेट जल्दी-जल्दी गंवाने पड़े। अजिंक्य रहाणे (6) चौथे ओवर की पहली गेंद पर पर स्टम्प कर दिए गए तो अगले ही ओवर की तीसरी गेंद पर जेम्स फॉल्कनर को गम्भीर ने लपक लिया। इस तरह राजस्थान के 4.3 ओवर में 27 रन पर दो विकेट गिर चुके थे। तीसरे विकेट के लिए सलामी बल्लेबाजी वाट्सन ने सैमसन के साथ 44 रनों की साझेदारी की। वाटसन को 11वें ओवर की पांचवीं गेंद पर सुनील नरेन ने पगबाधा आउट किया। इसके बाद सैमसन का साथ निभाने आए दिशांत याज्ञनिक ज्यादा देर टिक नहीं सके और 10 रन के निजी योग पर सचित्र सेनानायके ने उन्हें बोल्ड कर दिया।टिप्पणियां सैमसन ने लगातार दूसरे मैच में अपनी प्रतिभा दिखाई और ओवैस शाह (24) के साथ पांचवे विकेट के लिए 34 रनों की साझेदारी की। सैमसन ने 36 गेंदों पर एक चौका और दो छक्के लगाए। ऊंचे खेले गए शॉट पर सैम्सन, जैक्स कालिस के हाथों लपके गए। शाह को कालिस ने आखिरी ओवर की तीसरी गेंद पर बोल्ड किया। नाइट राइडर्स की तरफ से सेनानायके ने दो विकेट हासिल किए तथा एकबाल अब्दुल्ला, कालिस, नरेन और रजत भाटिया को एक-एक विकेट मिला। कैलिस ने अपनी 30 गेंदों की पारी में दो चौके और एक छक्काल लगाया जबकि आईपीएल के इस संस्करण में पहली पार अपने अंदाज में खेल रहे यूसुफ ने 35 गेंदों पर तीन चौका और इतने ही छक्के लगाए। इससे पहले, राजस्थान रॉयल्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में छह विकेट पर 132 रन बनाए। इसमें संजू सैमसन के 40 और शेन वॉटसन के 35 रन शामिल हैं। रॉयल्स को शुरुआती दो विकेट जल्दी-जल्दी गंवाने पड़े। अजिंक्य रहाणे (6) चौथे ओवर की पहली गेंद पर पर स्टम्प कर दिए गए तो अगले ही ओवर की तीसरी गेंद पर जेम्स फॉल्कनर को गम्भीर ने लपक लिया। इस तरह राजस्थान के 4.3 ओवर में 27 रन पर दो विकेट गिर चुके थे। तीसरे विकेट के लिए सलामी बल्लेबाजी वाट्सन ने सैमसन के साथ 44 रनों की साझेदारी की। वाटसन को 11वें ओवर की पांचवीं गेंद पर सुनील नरेन ने पगबाधा आउट किया। इसके बाद सैमसन का साथ निभाने आए दिशांत याज्ञनिक ज्यादा देर टिक नहीं सके और 10 रन के निजी योग पर सचित्र सेनानायके ने उन्हें बोल्ड कर दिया।टिप्पणियां सैमसन ने लगातार दूसरे मैच में अपनी प्रतिभा दिखाई और ओवैस शाह (24) के साथ पांचवे विकेट के लिए 34 रनों की साझेदारी की। सैमसन ने 36 गेंदों पर एक चौका और दो छक्के लगाए। ऊंचे खेले गए शॉट पर सैम्सन, जैक्स कालिस के हाथों लपके गए। शाह को कालिस ने आखिरी ओवर की तीसरी गेंद पर बोल्ड किया। नाइट राइडर्स की तरफ से सेनानायके ने दो विकेट हासिल किए तथा एकबाल अब्दुल्ला, कालिस, नरेन और रजत भाटिया को एक-एक विकेट मिला। इससे पहले, राजस्थान रॉयल्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में छह विकेट पर 132 रन बनाए। इसमें संजू सैमसन के 40 और शेन वॉटसन के 35 रन शामिल हैं। रॉयल्स को शुरुआती दो विकेट जल्दी-जल्दी गंवाने पड़े। अजिंक्य रहाणे (6) चौथे ओवर की पहली गेंद पर पर स्टम्प कर दिए गए तो अगले ही ओवर की तीसरी गेंद पर जेम्स फॉल्कनर को गम्भीर ने लपक लिया। इस तरह राजस्थान के 4.3 ओवर में 27 रन पर दो विकेट गिर चुके थे। तीसरे विकेट के लिए सलामी बल्लेबाजी वाट्सन ने सैमसन के साथ 44 रनों की साझेदारी की। वाटसन को 11वें ओवर की पांचवीं गेंद पर सुनील नरेन ने पगबाधा आउट किया। इसके बाद सैमसन का साथ निभाने आए दिशांत याज्ञनिक ज्यादा देर टिक नहीं सके और 10 रन के निजी योग पर सचित्र सेनानायके ने उन्हें बोल्ड कर दिया।टिप्पणियां सैमसन ने लगातार दूसरे मैच में अपनी प्रतिभा दिखाई और ओवैस शाह (24) के साथ पांचवे विकेट के लिए 34 रनों की साझेदारी की। सैमसन ने 36 गेंदों पर एक चौका और दो छक्के लगाए। ऊंचे खेले गए शॉट पर सैम्सन, जैक्स कालिस के हाथों लपके गए। शाह को कालिस ने आखिरी ओवर की तीसरी गेंद पर बोल्ड किया। नाइट राइडर्स की तरफ से सेनानायके ने दो विकेट हासिल किए तथा एकबाल अब्दुल्ला, कालिस, नरेन और रजत भाटिया को एक-एक विकेट मिला। रॉयल्स को शुरुआती दो विकेट जल्दी-जल्दी गंवाने पड़े। अजिंक्य रहाणे (6) चौथे ओवर की पहली गेंद पर पर स्टम्प कर दिए गए तो अगले ही ओवर की तीसरी गेंद पर जेम्स फॉल्कनर को गम्भीर ने लपक लिया। इस तरह राजस्थान के 4.3 ओवर में 27 रन पर दो विकेट गिर चुके थे। तीसरे विकेट के लिए सलामी बल्लेबाजी वाट्सन ने सैमसन के साथ 44 रनों की साझेदारी की। वाटसन को 11वें ओवर की पांचवीं गेंद पर सुनील नरेन ने पगबाधा आउट किया। इसके बाद सैमसन का साथ निभाने आए दिशांत याज्ञनिक ज्यादा देर टिक नहीं सके और 10 रन के निजी योग पर सचित्र सेनानायके ने उन्हें बोल्ड कर दिया।टिप्पणियां सैमसन ने लगातार दूसरे मैच में अपनी प्रतिभा दिखाई और ओवैस शाह (24) के साथ पांचवे विकेट के लिए 34 रनों की साझेदारी की। सैमसन ने 36 गेंदों पर एक चौका और दो छक्के लगाए। ऊंचे खेले गए शॉट पर सैम्सन, जैक्स कालिस के हाथों लपके गए। शाह को कालिस ने आखिरी ओवर की तीसरी गेंद पर बोल्ड किया। नाइट राइडर्स की तरफ से सेनानायके ने दो विकेट हासिल किए तथा एकबाल अब्दुल्ला, कालिस, नरेन और रजत भाटिया को एक-एक विकेट मिला। तीसरे विकेट के लिए सलामी बल्लेबाजी वाट्सन ने सैमसन के साथ 44 रनों की साझेदारी की। वाटसन को 11वें ओवर की पांचवीं गेंद पर सुनील नरेन ने पगबाधा आउट किया। इसके बाद सैमसन का साथ निभाने आए दिशांत याज्ञनिक ज्यादा देर टिक नहीं सके और 10 रन के निजी योग पर सचित्र सेनानायके ने उन्हें बोल्ड कर दिया।टिप्पणियां सैमसन ने लगातार दूसरे मैच में अपनी प्रतिभा दिखाई और ओवैस शाह (24) के साथ पांचवे विकेट के लिए 34 रनों की साझेदारी की। सैमसन ने 36 गेंदों पर एक चौका और दो छक्के लगाए। ऊंचे खेले गए शॉट पर सैम्सन, जैक्स कालिस के हाथों लपके गए। शाह को कालिस ने आखिरी ओवर की तीसरी गेंद पर बोल्ड किया। नाइट राइडर्स की तरफ से सेनानायके ने दो विकेट हासिल किए तथा एकबाल अब्दुल्ला, कालिस, नरेन और रजत भाटिया को एक-एक विकेट मिला। इसके बाद सैमसन का साथ निभाने आए दिशांत याज्ञनिक ज्यादा देर टिक नहीं सके और 10 रन के निजी योग पर सचित्र सेनानायके ने उन्हें बोल्ड कर दिया।टिप्पणियां सैमसन ने लगातार दूसरे मैच में अपनी प्रतिभा दिखाई और ओवैस शाह (24) के साथ पांचवे विकेट के लिए 34 रनों की साझेदारी की। सैमसन ने 36 गेंदों पर एक चौका और दो छक्के लगाए। ऊंचे खेले गए शॉट पर सैम्सन, जैक्स कालिस के हाथों लपके गए। शाह को कालिस ने आखिरी ओवर की तीसरी गेंद पर बोल्ड किया। नाइट राइडर्स की तरफ से सेनानायके ने दो विकेट हासिल किए तथा एकबाल अब्दुल्ला, कालिस, नरेन और रजत भाटिया को एक-एक विकेट मिला। सैमसन ने लगातार दूसरे मैच में अपनी प्रतिभा दिखाई और ओवैस शाह (24) के साथ पांचवे विकेट के लिए 34 रनों की साझेदारी की। सैमसन ने 36 गेंदों पर एक चौका और दो छक्के लगाए। ऊंचे खेले गए शॉट पर सैम्सन, जैक्स कालिस के हाथों लपके गए। शाह को कालिस ने आखिरी ओवर की तीसरी गेंद पर बोल्ड किया। नाइट राइडर्स की तरफ से सेनानायके ने दो विकेट हासिल किए तथा एकबाल अब्दुल्ला, कालिस, नरेन और रजत भाटिया को एक-एक विकेट मिला। शाह को कालिस ने आखिरी ओवर की तीसरी गेंद पर बोल्ड किया। नाइट राइडर्स की तरफ से सेनानायके ने दो विकेट हासिल किए तथा एकबाल अब्दुल्ला, कालिस, नरेन और रजत भाटिया को एक-एक विकेट मिला।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: यूसुफ पठान और जैक्स कैलिस की उम्दा पारियों की मदद से मौजूदा चैम्पियन कोलकाता नाइट राइडर्स ने ईडन गार्डन्स स्टेडियम में शुक्रवार को खेले गए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के छठे संस्करण के 47वें और अपने 11वें मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स को आठ विकेट से हरा दि
25
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जूमा ने देश में निवास करने वाले भारतीयों को आश्वासन दिया है कि देश के रोजगार नियमों में प्रस्तावित परिवर्तनों के बाद भी उनकी नौकरियां कायम रहेंगी। राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी एक वक्तव्य में जूमा ने भारतीय समुदाय के सदस्यों को आश्वासन दिया कि सरकार ऐसा कोई विधेयक नहीं पारित करेगी, जो नस्लवाद को प्रेरित करे। जूमा की यह प्रतिक्रिया मंत्रिमंडल के प्रवक्ता जिमी मान्यी के विवादास्पद बयान के बाद आई है। मान्यी ने कहा था कि क्वाजुलु-नताल और पश्चिमी केप प्रांत में भारतीय श्रमिकों की संख्या जरूरत से ज्यादा हो गई है। इस वक्तव्य के बाद भारतीयों के बीच इस बात को लेकर चिंता पैदा हो गई थी कि शायद अब उन्हें इन प्रांतों को छोड़कर दूसरे स्थानों पर जाना पड़ सकता है। ये प्रांत दशकों से भारतीयों के गृह क्षेत्र रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका में भारतीय सबसे पहले, 1860 में इन्हीं प्रांतों में पहुंचे थे। जूमा ने कहा कि उन्होंने श्रम मंत्री मिल्ड्रेड ओलिफेंट से भी इस बारे में बात की। राष्ट्रपति ने कहा, ये परिवर्तन किसी भी तरह से भारतीय समुदाय के रोजगार के मौकों को नकारात्मक तौर पर प्रभावित नहीं करेंगे।
सारांश: द.अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जूमा ने देश में निवास करने वाले भारतीयों को आश्वासन दिया है कि नए रोजगार नियमों के बाद भी उनकी नौकरियां कायम रहेंगी।
31
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय रिजर्व बैंक ने नए बैंकिंग लाइसेंसों के लिए नियमों को कड़ा कर दिया हालांकि इसके साथ ही बैंक खोलने की इच्छुक कंपनियों के लिए सैद्धान्तिक मंजूरी की वैधता की अवधि को एक साल से बढ़ाकर 18 महीने करने की घोषणा की। रिजर्व बैंक ने नए बैंक लाइसेंसों संबंधी नियमों के बारे में स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि सभी पात्र आवेदकों को बैंकिंग लाइसेंस देना संभव नहीं होगा। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि वह सिर्फ ऊंची गुणवत्ता वाले आवेदनों को ही बैंक लाइसेंस जारी करेगा। रिजर्व बैंक के इस बयान से बैंकिंग क्षेत्र में उतरने की इच्छा रखने वाली कंपनियों की राह कठिन हो गई है। रिजर्व बैंक ने कहा कि गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) और बीमा क्षेत्र की कंपनियों को इस मामले में आगे बढ़ने के लिए अपने-अपने क्षेत्र के नियामकों मसलन सेबी और इरडा की मंजूरी लेनी होगी और प्रस्तावित गैर परिचालन वाली वित्तीय होल्डिंग कंपनी (एनओएफएचसी) पर उनके विचार को रिजर्व बैंक के विचार से ऊपर माना जाएगा। बैंक लाइसेंस पाने के लिए यह सबसे जरूरी और महत्वपूर्ण आवश्यकता है।टिप्पणियां रिजर्व बैंक ने 34 इकाइयों द्वारा पूछे गए 443 सवालों के जवाब में जारी सकरुलर में कहा, ‘सैद्धान्तिक मंजूरी की वैधता की अवधि को एक साल से बढ़ाकर 18 महीने करने का फैसला किया गया है। इससे प्रवर्तकों और प्रवर्तक समूहों को 22 फरवरी को जारी दिशानिर्देशों को पूरा करने के लिए अधिक समय मिल सकेगा।’ एनओएफएचसी में होल्डिंग और पूंजी ढांचे के बारे में रिजर्व बैंक ने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि किसी व्यक्ति और उससे संबंधित पक्षों के पास होल्डिंग कंपनी में हिस्सेदारी हो। हालांकि यदि प्रवर्तक कंपनी से संबंधित कोई व्यक्ति एनओएफएचसी का प्रवर्तक बनना चाहता है तो वह एनओएफएचसी के कुल 10 प्रतिशत वोटिंग इक्विटी शेयर में से सिर्फ 49 प्रतिशत वोटिंग इक्विटी शेयर रख सकता है। रिजर्व बैंक ने नए बैंक लाइसेंसों संबंधी नियमों के बारे में स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि सभी पात्र आवेदकों को बैंकिंग लाइसेंस देना संभव नहीं होगा। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि वह सिर्फ ऊंची गुणवत्ता वाले आवेदनों को ही बैंक लाइसेंस जारी करेगा। रिजर्व बैंक के इस बयान से बैंकिंग क्षेत्र में उतरने की इच्छा रखने वाली कंपनियों की राह कठिन हो गई है। रिजर्व बैंक ने कहा कि गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) और बीमा क्षेत्र की कंपनियों को इस मामले में आगे बढ़ने के लिए अपने-अपने क्षेत्र के नियामकों मसलन सेबी और इरडा की मंजूरी लेनी होगी और प्रस्तावित गैर परिचालन वाली वित्तीय होल्डिंग कंपनी (एनओएफएचसी) पर उनके विचार को रिजर्व बैंक के विचार से ऊपर माना जाएगा। बैंक लाइसेंस पाने के लिए यह सबसे जरूरी और महत्वपूर्ण आवश्यकता है।टिप्पणियां रिजर्व बैंक ने 34 इकाइयों द्वारा पूछे गए 443 सवालों के जवाब में जारी सकरुलर में कहा, ‘सैद्धान्तिक मंजूरी की वैधता की अवधि को एक साल से बढ़ाकर 18 महीने करने का फैसला किया गया है। इससे प्रवर्तकों और प्रवर्तक समूहों को 22 फरवरी को जारी दिशानिर्देशों को पूरा करने के लिए अधिक समय मिल सकेगा।’ एनओएफएचसी में होल्डिंग और पूंजी ढांचे के बारे में रिजर्व बैंक ने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि किसी व्यक्ति और उससे संबंधित पक्षों के पास होल्डिंग कंपनी में हिस्सेदारी हो। हालांकि यदि प्रवर्तक कंपनी से संबंधित कोई व्यक्ति एनओएफएचसी का प्रवर्तक बनना चाहता है तो वह एनओएफएचसी के कुल 10 प्रतिशत वोटिंग इक्विटी शेयर में से सिर्फ 49 प्रतिशत वोटिंग इक्विटी शेयर रख सकता है। रिजर्व बैंक ने कहा कि गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) और बीमा क्षेत्र की कंपनियों को इस मामले में आगे बढ़ने के लिए अपने-अपने क्षेत्र के नियामकों मसलन सेबी और इरडा की मंजूरी लेनी होगी और प्रस्तावित गैर परिचालन वाली वित्तीय होल्डिंग कंपनी (एनओएफएचसी) पर उनके विचार को रिजर्व बैंक के विचार से ऊपर माना जाएगा। बैंक लाइसेंस पाने के लिए यह सबसे जरूरी और महत्वपूर्ण आवश्यकता है।टिप्पणियां रिजर्व बैंक ने 34 इकाइयों द्वारा पूछे गए 443 सवालों के जवाब में जारी सकरुलर में कहा, ‘सैद्धान्तिक मंजूरी की वैधता की अवधि को एक साल से बढ़ाकर 18 महीने करने का फैसला किया गया है। इससे प्रवर्तकों और प्रवर्तक समूहों को 22 फरवरी को जारी दिशानिर्देशों को पूरा करने के लिए अधिक समय मिल सकेगा।’ एनओएफएचसी में होल्डिंग और पूंजी ढांचे के बारे में रिजर्व बैंक ने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि किसी व्यक्ति और उससे संबंधित पक्षों के पास होल्डिंग कंपनी में हिस्सेदारी हो। हालांकि यदि प्रवर्तक कंपनी से संबंधित कोई व्यक्ति एनओएफएचसी का प्रवर्तक बनना चाहता है तो वह एनओएफएचसी के कुल 10 प्रतिशत वोटिंग इक्विटी शेयर में से सिर्फ 49 प्रतिशत वोटिंग इक्विटी शेयर रख सकता है। रिजर्व बैंक ने 34 इकाइयों द्वारा पूछे गए 443 सवालों के जवाब में जारी सकरुलर में कहा, ‘सैद्धान्तिक मंजूरी की वैधता की अवधि को एक साल से बढ़ाकर 18 महीने करने का फैसला किया गया है। इससे प्रवर्तकों और प्रवर्तक समूहों को 22 फरवरी को जारी दिशानिर्देशों को पूरा करने के लिए अधिक समय मिल सकेगा।’ एनओएफएचसी में होल्डिंग और पूंजी ढांचे के बारे में रिजर्व बैंक ने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि किसी व्यक्ति और उससे संबंधित पक्षों के पास होल्डिंग कंपनी में हिस्सेदारी हो। हालांकि यदि प्रवर्तक कंपनी से संबंधित कोई व्यक्ति एनओएफएचसी का प्रवर्तक बनना चाहता है तो वह एनओएफएचसी के कुल 10 प्रतिशत वोटिंग इक्विटी शेयर में से सिर्फ 49 प्रतिशत वोटिंग इक्विटी शेयर रख सकता है। एनओएफएचसी में होल्डिंग और पूंजी ढांचे के बारे में रिजर्व बैंक ने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि किसी व्यक्ति और उससे संबंधित पक्षों के पास होल्डिंग कंपनी में हिस्सेदारी हो। हालांकि यदि प्रवर्तक कंपनी से संबंधित कोई व्यक्ति एनओएफएचसी का प्रवर्तक बनना चाहता है तो वह एनओएफएचसी के कुल 10 प्रतिशत वोटिंग इक्विटी शेयर में से सिर्फ 49 प्रतिशत वोटिंग इक्विटी शेयर रख सकता है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारतीय रिजर्व बैंक ने नए बैंकिंग लाइसेंसों के लिए नियमों को कड़ा कर दिया हालांकि इसके साथ ही बैंक खोलने की इच्छुक कंपनियों के लिए सैद्धान्तिक मंजूरी की वैधता की अवधि को एक साल से बढ़ाकर 18 महीने करने की घोषणा की।
19
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली के पॉवर कॉरिडोर में तीन सबसे शक्तिशाली ठिकानों पर अगर कभी एक साथ किसी का कब्जा रहा है, तो वह हैं अरुण जेटली(Arun Jaitley). मोदी सरकार (Modi Govt) में वह ऐसे नेता हैं, जिन्हें रायसीना हिल्स स्थित नॉर्थ और साउथ ब्लॉक और उद्योग भवन में एक साथ बैठने का मौका मिला. नार्थ ब्लॉक और उद्योग भवन में आज भी वह बतौर मंत्री विराज रहे हैं, हालांकि अब डिफेंस मिनिस्ट्री उनके पास नहीं है. उद्योग भवन से वह कारपोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री चलाते हैं. नार्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक और उद्योग भवन में अगर काम करने का जेटली को मौका मिला तो यह मोदी सरकार में उनके रुतबे का परिचायक है- ऐसा उन्हें जानने वाले कहते हैं. पिछले साल जब किडनी ट्रांसप्लांटेशन के चलते उन्होंने वित्तमंत्री का कामकाज छोड़ा था, तब पीयूष गोयल ने उनकी जगह ली थी. जब से ढाई महीने बीत गए तो सत्ता के गलियारे में सवाल उछलने लगा- देश का वित्त मंत्री कौन, जेटली या पीयूष गोयल ? खुद यह सवाल बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने भी उठाया था. अटकलें लगने लगीं थीं कि  अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष और अंदरखाने हमले झेल रहे प्रधानमंत्री मोदी इसी बहाने उनकी वित्तमंत्री पद से विदाई कर कोई दूसरा मंत्रालय दे सकते हैं, मगर तीन महीने बाद दोबारा वित्तमंत्री की कुर्सी पर वापसी कर जेटली ने न केवल आलोचकों का मु्ंह बंद कर दिया, बल्कि मोदी सरकार में अपनी पकड़ मजबूत होने का फिर सुबूत दे दिया. अरुण जेटली और मोदी के संबंधों को करीब से जानने वालों के लिए यह कोई अचरज का विषय़ नहीं था. वह जानते थे कि अरुण जेटली को उनकी इच्छा के विपरती  मोदी कभी नहीं छेड़ना चाहेंगे. इन सबके पीछे एक प्रमुख वजह है, वह अरुण जेटली का पीएम मोदी का 'मिस्टर भरोसेमंद होना'. मोदी के दिल्ली आने से पहले से उनके नजदीकी संबंध रहे हैं. दोस्ताना दो दशक पुराना है. नजदीकी की वजह का लिंक गुजरात के गोधरा से भी जुड़ा है. यह सरकार में जेटली का प्रभाव ही है कि अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मंत्री रहे अरूण शौरी पूर्व में कई दफा कह चुके हैं कि मोदी, शाह और जेटली की तिकड़ी ही देश और बीजेपी को चला रही है.  वाजपेयी की तुलना में वर्तमान मोदी कैबिनेट में प्रतिभाशाली मंत्रियों की कमी के आरोप लगते हैं. आलोचक कहते हैं कि अरुण जेटली सहित कुछ ही मंत्री ऐसे हैं, जिनमे राजनीतिक ही नहीं हर तरह का चातुर्य नजर आता है. जो टू द प्वाइंट बहस में भाग लेते हैं और ट्रोलिंग की जगह तर्कों की ढाल बनाकर मैदान में उतरते हैं. अरुण जेटली वर्तमान मोदी कैबिनेट के सबसे टैलेंटेड मंत्रियों में से एक हैं. इसमें बड़ी भूमिका सुप्रीम कोर्ट में लंबी वकालत भी है. राजनीतिक बहस हो जाए तो उसमें अपनी वकालत की कला का समुचित इस्तेमाल करते हैं. अंग्रेजी पर जितनी पकड़ है, उतनी ही हिंदी पर. अच्छे कम्युनिकेटर हैं. बहस हर स्तर पर और हर ढंग से कर सकते हैं. बात रखने के दौरान कभी नरम हो जाते हैं, कभी आक्रामक नजर आते हैं तो फिर व्यक्तिगत हमले से भी गुरेज नहीं करते. जैसे बुधवार को लोकसभा में बहस के दौरान दिखा. जब उन्होंने राफेल पर बहस के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से कह दिया- इन्हें अपना ज्ञान एबीसीडी से शुरू करने की जरूरत है.  2002 में जब गोधरा दंगा हुआ तो बीजेपी के शीर्ष नेताओं में अगर कोई तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी के समर्थन में खडा़ हुआ तो वह अरुण जेटली ही थे. जब अटल बिहारी वाजपेयी मोदी के खिलाफ कार्रवाई की सोच रहे थे,तब जेटली ने आडवाणी को ऐसा करने से रोकने का अनुरोध किया था. जेटली की लॉबिंग पर कई नेता मोदी के पीछे खड़े नजर आए. यूं तो मोदी की जेटली से जान-पहचान  पहले से  थी, मगर इस घटना ने मोदी को जेटली के ज्यादा नजदीक ला दिया. 2005 में सोहराबुद्दीन शेख का बहुचर्चित एनकाउंटर हुआ.इसमें गुजरात के तत्कालीन गृहमंत्री अमित शाह फंसे. गोधरा में मोदी और कथित फेक एनकाउंटर में फंसे अमित शाह को डिफेंड करने में अरुण जेटली हमेशा मानो 'एक पांव' पर खड़े रहे. आप 2002 से लेकर 2013 तक के अखबारों के पन्ने पलट लीजिए तो गोधरा, सोहराबुद्दीन शेख, इशरत जहां, हरेन पांड्या आदि केस में मोदी और शाह को डिफेंट करने से जुडे़ तमाम बयान अरुण जेटली के मिल जाएंगे. इतना बीजेपी के अन्य किसी शीर्ष नेता ने मोदी के पक्ष में बयानबाजी नहीं की थी.बयानबाजी ही नहीं जेटली ने  केस में कानूनी मदद भी खूब की. हर क्षेत्र में अपने संपर्कों का भी बखूबी इस्तेमाल भी किया. 27 सितंबर 2013 को अरुण जेटली ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को एक चर्चित पत्र लिखा था. इस पत्र को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भी अपनी वेबसाइट पर संभालकर रखा है. ( पत्र पढ़ने के लिए क्लिक करें) इस पत्र में अरुण जेटली ने यूपीए सरकार पर जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर गुजरात के तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह को फंसाने का आरोप लगाया था.अपने पत्र में अरुण जेटली ने हरेन पांड्या से लेकर सोहराबुद्दीन, इशरत जहां, सोहराबुद्दीन आदि एनकाउंटर केस के जरिए बीजेपी के संबंधित नेताओं को फंसाने का आरोप लगाया था.  लोकसभा में भले ही राजनाथ सिंह उपनेता हैं. आधिकारिक तौर पर राजनाथ सिंह को सरकार में नंबर दो कहा जाता है. मगर राज्यसभा में लीडर ऑफ हाउस की हैसियत से अरुण जेटली को मोदी सरकार में सबसे प्रभावशाली माना जाता है. बीजेपी के कई नेता यह स्वीकार करने से हिचक नहीं करते कि नरेंद्र मोदी अगर अमित शाह के बाद किसी को सबसे ज्यादा करीबी और भरोसेमंद मानते हैं, तो वह अरुण जेटली हैं. यही वजह है कि सरकार के ज्यादातर फैसलों में अरुण जेटली की सीधी भूमिका नजर आती है. इस भरोसे के पीछे अरुण जेटली का मोदी-शाह को संकट के समय साथ देना है. जानकार यह भी बताते हैं कि जब मई, 2014 में नरेंद्र मोदी सत्ता में आए तो एक प्रकार से वह दिल्ली के लिए 'आउटसाइडर' ही थे. लगातार तीन बार चीफ मिनिस्टर रहते भले ही उन्हें सत्ता के रंग-ढंग मालुम थे, मगर यह भली-भांति जानते थे कि दिल्ली गांधीनगर नहीं हैं. यहां की चाल-ढाल कुछ अलग ही है. नरेंद्र मोदी को अपनी कैबिनेट में एक ऐसे शख्स की तलाश थी, जो दिल्ली और लुटियन्स जोन की रग-रग से वाकिफ हो. उनकी यह तलाश अरुण जेटली पर जाकर टिकती थी. यही वजह है कि अमृतसर से 2014 का लोकसभा चुनाव हार जाने के बाद भी उन्हें वित्तमंत्री बनाया गया. डिफेंस और कारपोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री बने. वे मोदी कैबिनेट के ऐसे मंत्री रहे, जिन्हें एक साथ नॉर्थ ब्लॉक( वित्तमंत्रालय) और साउथ ब्लॉक( रक्षामंत्रालय) में बैठने का मौका मिला. यह उनमें मोदी के भरोसे का सुबूत है.
यहाँ एक सारांश है:पीएम मोदी के कैसे संकट मोचक बने अरुण जेटली गोधरा से लेकर राफेल तक मजबूती से बचाव करते रहे हैं जेटली अरुण शौरी कह चुके हैं- मोदी, शाह और जेटली की तिकड़ी चला रही देश
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अयोध्या विवाद मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में आज भी जारी रही. सुनवाई के दौरान श्रीरामजन्मभूमि पुनरोद्धार समिति के वकील पीएन मिश्रा ने हदीस के हवाले से इस्लामी कानून के ज़रिए ज़मीन के खरीद और इस्तेमाल के नियमों का जिक्र किया. उन्होंने हज़रत मोहम्मद साहब, उनके अनुयायियों हजरत उमर, सईद बुखारी और यहूदियों के बीच हुए वाकयों का बयान किया. उन्होंने कहा कि मस्जिद के लिए कई कायदे नियम और बुनियादी चीज़े होती हैं. मस्जिद की जमीन और इमारत की शर्तें, वक्फ करने वाला ज़मीन का वाजिब मालिक होना चाहिए, अज़ान की जगह, वजूखाना ज़रूरी है. कम से कम रोजाना दो बार अज़ान और नमाज़ हो. वज़ू के लिए पानी का स्रोत हो. मस्जिद में घंटी, प्राणी, या मूर्तियों का चित्र ना हों. जिस भूखंड पर मस्जिद हो वहां किसी दूसरे धर्म का उपासना स्थल ना हो. मस्जिद में कोई रिहायश, खाना बनाने की जगह यानी चूल्हा वगैरह ना हो.  पीएन मिश्रा ने कहा कि विवादित स्थल पर सीता रसोई का होने का भी प्रमाण है. कब्रें ना हों. जिसके पीछे नमाज़ अदा करनी पड़े. मस्जिद का रखरखाव का ज़िम्मा किसी और धर्म के लोग नहीं कर सकते. रामलला देवता हैं. भक्त आते रहे हैं. इस्लाम के मुताबिक ना तो वो मस्जिद है और वहां नमाज़ नहीं हो सकती.   पीएन मिश्रा ने कहा, 'बाबर के वंशज किसी इमारत के मालिक हो सकते हैं लेकिन वह इमारत मस्जिद नहीं हो सकती. हिंदू सदियों से वहां पूजा करते रहे लेकिन मुसलमानों का अकेले कब्जा कभी नहीं रहा.वह इमारत हमारे कब्जे में थी. मुसलमान शासक होने की वजह से जबरन वहां नमाज़ अदा करते थे. 1856 से पहले वहां कोई नमाज नहीं होती थी. 1934 तक वहां सिर्फ जुमे की नमाज़ होती रही'. इस जस्टिस चन्द्रचूड़ ने पूछा- क्या कोई शासक सरकारी या अपनी निजी मिल्कियत वाली ज़मीन पर मस्जिद बना सकता है?  इस पर पीएन मिश्रा ने जवाब दिया कि मुगल काल में भी ऐसे वाकयात हुए थे. लेकिन बादशाह को काज़ी ने जवाब दिया था कि अपनी कमाई से खरीदी ज़मीन पर मस्जिद बनाने के बाद उसके मेंटेनेंस का भी इंतज़ाम करना बनाने वाले की ज़िम्मेदारी है. मसजिद अल हरम, अल अक्सा और मस्जिद नबवी का रुख काबा की ओर नहीं है. इसके अलावा दुनिया भर की सभी मस्जिदों की दीवार काबा की ओर है यानी नमाज़ी का सजदा का रुख काबा की ओर रहता है.  पीएन मिश्रा ने कहा कि अंतिम बार 16 दिसंबर 1949 को वहां नमाज़ अदा की गई. इसके बाद ही दंगे हुए और प्रशासन ने नमाज़ बंद करा दी.1934 से 1949 के दौरान मस्जिद वाली इमारत की चाभी मुसलमानों के पास रहती थी लेकिन पुलिस अपने पहरे में जुमा की नमाज़ के लिए खुलवाती थी और सफाई होती इसके बाद नमाज़ लेकिन इस पर बैरागी और साधु शोर मचाते और नमाज़ में खलल पड़ता जिससे तनाव बढ़ता था. 22-23 दिसंबर की रात जुमा के लिए नमाज़ की तैयारी तो हुई लेकिन नमाज़ नहीं हो पाई. श्री रामजन्मभूमि पुनरोद्धार समिति के वकील पीएम मिश्रा की दलीलें पूरी हो गईं तो  हिन्दू महाभा की ओर से हरिशंकर जैन ने बहस शुरू की. उन्होंने कहा कि यह जगह शुरू से हिदुओं के अधिकार में रही. आज़ादी के बाद भी हमारे अधिकार सीमित क्यों रहें? क्योंकि यह तो  1528 से 1885 तक कहीं भी और कभी भी मुसलमानों का यहां कोई दावा नहीं था. मार्टिन ने बुकानन के रिसर्च को आगे बढ़ाते हुए उसी हवाले से 1838 में इस जगह का ज़िक्र किया है. उस किताब में भी हिन्दू पूजा परिक्रमा की जाती थी. तब किसी मस्जिद का ज़िक्र नहीं था.  ट्रैफन थैलर ने भी किसी मस्जिद का ज़िक्र नहीं किया है. हैरत है कि तब के मुस्लिम इतिहासकारों ने भी मस्जिद का ज़िक्र नहीं किया.  हरिशंकर जैन  ने दलील दी, 'हिंदुओं का 1855 से 1950 तक पूजा पाठ होता रहा लेकिन अंग्रेजों ने पूजा के अधिकार को सीमित कर दिया था. आज़ादी मिलने और संविधान लागू होने के बाद भी जब अनुच्छेद 25 लागू हुआ फिर भी हमे पूजा उपासना का पूरा अधिकार नहीं मिला'. अनुच्छेद 13 का हवाला देते  हुए जैन ने कहा कि आज़ादी से पहले चूंकि हमारा कब्ज़ा था तो वह बरकरार रहना चाहिए. आक्रांताओं ने हमारे धर्मस्थल नष्ट किए लूटपाट की. इस्लाम के मुताबिक ये लूट उनके लिए माल के गनीमत था. जैन ने कुरान के सूरा : 8 का हवाला देते हुए कहा कि धर्म की आड़ में युद्ध से मिला माल सेनापति को मिलता था और वो सबको बांटते थे. जैन ने कहा कि मंदिर एक बार बन गया तो वो सर्वदा के लिए मन्दिर ही रहता है. राम और कृष्ण हमारे देश की सांस्कृतिक धरोहर हैं. ये स्थापित दलील है कि बाबर ने मन्दिर तोड़कर मस्जिद का रूप दिया. संविधान की मूल प्रति में तीसरे चैप्टर में भी राम की तस्वीर है. राम संवैधानिक पुरुष भी हैं. जैन ने कहा कि राम अयोध्या में महल में पैदा हुए थे. जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि ये तो विश्वास की बात है. जैन ने कहा कि विश्वास नहीं यही सही है क्योंकि सभी ग्रंथ यही कहते हैं. हिन्दू महासभा के दूसरे वकील वरिंदर कुमार शर्मा ने कहा कि जो मांग याचिका में नहीं थी वो फैसला कैसे किया? इसके बाद शिया बोर्ड की तरफ से दलील शुरू की गई. एमसी धींगरा ने कहा कि 1936 में शिया, सुन्नी वक्फ बोर्ड बनाने की बात तय हुई और दोनों की वक्फ सम्पत्तियों की सूची बनाई जाने लगी. 1944 में बोर्ड के लिए अधिसूचना जारी हुई. वो मस्जिद शिया वक्फ की संपत्ति थी. हमारा मुतवल्ली तो शिया था लेकिन गलती से इमाम सुन्नी रख दिया. हम इसी वजह से मुकदमा हारे. रिकॉर्ड में दर्ज है कि 1949 में मुतवल्ली जकी शिया था. कोर्ट ने कहा कि आप हिन्दू पक्ष का विरोध नहीं कर रहे हैं ना, बस इतना ही काफी है. सीजेआई ने कहा कि हाईकोर्ट में आपकी अपील 1946 में खारिज हुई और आप 2017 में SLP लेकर सुप्रीम कोर्ट आए. इतनी देरी क्यों? इस पर शिया बोर्ड ने कहा कि मारकाट मची थी. हमारे दस्तावेज़ और रिकॉर्ड भी सुन्नियों के पास थे. धींगरा ने कहा कि हमारे दस्तावेज़ सुन्नी पक्षकारों ने जब्त किए हुए थे. सोमवार से सुन्नी वक्फ बोर्ड दलील शुरू करेगा.
यहाँ एक सारांश है:हिंदू महासभा ने कहा- संविधान की मूल प्रति में भी राम की तस्वीर शिया बोर्ड ने कहा- मस्जिद शिया वक्फ की संपत्ति थी सोमवार से सुन्नी वक्फ बोर्ड दलीलें शुरू करेगा
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के लिए सूचना प्रौद्योगिकी ठेकेदार के रूप में काम करने के दौरान सरकार की खुफिया निगरानी कार्यक्रम को चोरी से हासिल कर मीडिया में जारी करने के आरोपी एडवार्ड स्नोडेन को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने रूस और चीन को सावधान किया है। भारत की यात्रा पर केरी ने कहा कि हांग कांग से भगोड़े स्नोडेन को प्रत्यर्पण प्रयास से बचने में यदि रूस और चीन ने मदद की है तो यह निराशाजनक होगा। उन्होंने कहा है कि इस तरह के कदम की निश्चित प्रतिक्रिया होगी। स्नोडेन रविवार को हांगकांग से मास्को भाग निकले। माना जा रहा है कि वे वहां से क्यूबा जाएंगे, लेकिन इक्वाडोर के विदेश मंत्री ने कहा है कि वे अभी भी रूस में हैं। वियतनाम की यात्रा के दौरान रिकाडरे पाटिनो ने कहा कि इक्वाडोर ने रूस की सरकार के साथ सम्मनित और राजनयिक संबंध का पालन किया है इसलिए मास्को इस मामले में जरूरत महसूस होने पर अपने कानून और राजनीति और अंतरराष्ट्रीय कानून व नियम के मुताबिक फैसला ले सकता है। यह पूछे जाने पर कि स्नोडेन की मौजूदा स्थिति के बारे में उन्हें जानकारी है, उन्होंने उत्तर टाल दिया। पाटिनो ने इस बात की पुष्टि की कि इक्वाडोर स्नोडेन की शरण देने की अपील पर विचार किया है और उन्होंने अमेरिकी भगोड़े का राष्ट्रपति राफेल कोर्रेआ को लिखा गया पत्र पढ़कर सुनाया। पत्र में स्नोडेन ने अमेरिका और उसके एजेंटों द्वारा प्रताड़ित किए जाने के खतरे का उल्लेख किया है। स्नोवडेन के आग्रह पर विचार करने के फैसले का बचाव करते हुए पाटिनो ने कहा कि उनका देश मानवाधिकार को अन्य किसी भी हित के मुकाबले ज्यादा अहमियत देता है। स्नोवडेन (30) पर अमेरिका में सरकारी संपत्ति की चोरी करने, राष्ट्रीय रक्षा सूचना का अनधिकृत खुलासा करने और वर्गीकृत खुफिया संवाद को जानबूझकर सार्वजनिक करने का आरोप है।टिप्पणियां हांग कांग के अधिकारियों ने कहा कि स्नोडेन अपनी इच्छा से चले गए और अमेरिका का प्रत्यर्पण संबंधी दस्तावेज अधूरा है इसलिए उन्हें रोकने का कोई वैधानिक कारण नहीं था। बीबीसी के मुताबिक, हांगकांग में उनके वकील अलबर्ट हो ने बताया कि एक सरकारी अधिकारी ने स्नोडेन को चले जाने के लिए कहा। हो ने कहा कि उनका मानना है कि अधिकारी ने बीजिंग सरकार के इशारे पर काम किया है। भारत की यात्रा पर केरी ने कहा कि हांग कांग से भगोड़े स्नोडेन को प्रत्यर्पण प्रयास से बचने में यदि रूस और चीन ने मदद की है तो यह निराशाजनक होगा। उन्होंने कहा है कि इस तरह के कदम की निश्चित प्रतिक्रिया होगी। स्नोडेन रविवार को हांगकांग से मास्को भाग निकले। माना जा रहा है कि वे वहां से क्यूबा जाएंगे, लेकिन इक्वाडोर के विदेश मंत्री ने कहा है कि वे अभी भी रूस में हैं। वियतनाम की यात्रा के दौरान रिकाडरे पाटिनो ने कहा कि इक्वाडोर ने रूस की सरकार के साथ सम्मनित और राजनयिक संबंध का पालन किया है इसलिए मास्को इस मामले में जरूरत महसूस होने पर अपने कानून और राजनीति और अंतरराष्ट्रीय कानून व नियम के मुताबिक फैसला ले सकता है। यह पूछे जाने पर कि स्नोडेन की मौजूदा स्थिति के बारे में उन्हें जानकारी है, उन्होंने उत्तर टाल दिया। पाटिनो ने इस बात की पुष्टि की कि इक्वाडोर स्नोडेन की शरण देने की अपील पर विचार किया है और उन्होंने अमेरिकी भगोड़े का राष्ट्रपति राफेल कोर्रेआ को लिखा गया पत्र पढ़कर सुनाया। पत्र में स्नोडेन ने अमेरिका और उसके एजेंटों द्वारा प्रताड़ित किए जाने के खतरे का उल्लेख किया है। स्नोवडेन के आग्रह पर विचार करने के फैसले का बचाव करते हुए पाटिनो ने कहा कि उनका देश मानवाधिकार को अन्य किसी भी हित के मुकाबले ज्यादा अहमियत देता है। स्नोवडेन (30) पर अमेरिका में सरकारी संपत्ति की चोरी करने, राष्ट्रीय रक्षा सूचना का अनधिकृत खुलासा करने और वर्गीकृत खुफिया संवाद को जानबूझकर सार्वजनिक करने का आरोप है।टिप्पणियां हांग कांग के अधिकारियों ने कहा कि स्नोडेन अपनी इच्छा से चले गए और अमेरिका का प्रत्यर्पण संबंधी दस्तावेज अधूरा है इसलिए उन्हें रोकने का कोई वैधानिक कारण नहीं था। बीबीसी के मुताबिक, हांगकांग में उनके वकील अलबर्ट हो ने बताया कि एक सरकारी अधिकारी ने स्नोडेन को चले जाने के लिए कहा। हो ने कहा कि उनका मानना है कि अधिकारी ने बीजिंग सरकार के इशारे पर काम किया है। माना जा रहा है कि वे वहां से क्यूबा जाएंगे, लेकिन इक्वाडोर के विदेश मंत्री ने कहा है कि वे अभी भी रूस में हैं। वियतनाम की यात्रा के दौरान रिकाडरे पाटिनो ने कहा कि इक्वाडोर ने रूस की सरकार के साथ सम्मनित और राजनयिक संबंध का पालन किया है इसलिए मास्को इस मामले में जरूरत महसूस होने पर अपने कानून और राजनीति और अंतरराष्ट्रीय कानून व नियम के मुताबिक फैसला ले सकता है। यह पूछे जाने पर कि स्नोडेन की मौजूदा स्थिति के बारे में उन्हें जानकारी है, उन्होंने उत्तर टाल दिया। पाटिनो ने इस बात की पुष्टि की कि इक्वाडोर स्नोडेन की शरण देने की अपील पर विचार किया है और उन्होंने अमेरिकी भगोड़े का राष्ट्रपति राफेल कोर्रेआ को लिखा गया पत्र पढ़कर सुनाया। पत्र में स्नोडेन ने अमेरिका और उसके एजेंटों द्वारा प्रताड़ित किए जाने के खतरे का उल्लेख किया है। स्नोवडेन के आग्रह पर विचार करने के फैसले का बचाव करते हुए पाटिनो ने कहा कि उनका देश मानवाधिकार को अन्य किसी भी हित के मुकाबले ज्यादा अहमियत देता है। स्नोवडेन (30) पर अमेरिका में सरकारी संपत्ति की चोरी करने, राष्ट्रीय रक्षा सूचना का अनधिकृत खुलासा करने और वर्गीकृत खुफिया संवाद को जानबूझकर सार्वजनिक करने का आरोप है।टिप्पणियां हांग कांग के अधिकारियों ने कहा कि स्नोडेन अपनी इच्छा से चले गए और अमेरिका का प्रत्यर्पण संबंधी दस्तावेज अधूरा है इसलिए उन्हें रोकने का कोई वैधानिक कारण नहीं था। बीबीसी के मुताबिक, हांगकांग में उनके वकील अलबर्ट हो ने बताया कि एक सरकारी अधिकारी ने स्नोडेन को चले जाने के लिए कहा। हो ने कहा कि उनका मानना है कि अधिकारी ने बीजिंग सरकार के इशारे पर काम किया है। वियतनाम की यात्रा के दौरान रिकाडरे पाटिनो ने कहा कि इक्वाडोर ने रूस की सरकार के साथ सम्मनित और राजनयिक संबंध का पालन किया है इसलिए मास्को इस मामले में जरूरत महसूस होने पर अपने कानून और राजनीति और अंतरराष्ट्रीय कानून व नियम के मुताबिक फैसला ले सकता है। यह पूछे जाने पर कि स्नोडेन की मौजूदा स्थिति के बारे में उन्हें जानकारी है, उन्होंने उत्तर टाल दिया। पाटिनो ने इस बात की पुष्टि की कि इक्वाडोर स्नोडेन की शरण देने की अपील पर विचार किया है और उन्होंने अमेरिकी भगोड़े का राष्ट्रपति राफेल कोर्रेआ को लिखा गया पत्र पढ़कर सुनाया। पत्र में स्नोडेन ने अमेरिका और उसके एजेंटों द्वारा प्रताड़ित किए जाने के खतरे का उल्लेख किया है। स्नोवडेन के आग्रह पर विचार करने के फैसले का बचाव करते हुए पाटिनो ने कहा कि उनका देश मानवाधिकार को अन्य किसी भी हित के मुकाबले ज्यादा अहमियत देता है। स्नोवडेन (30) पर अमेरिका में सरकारी संपत्ति की चोरी करने, राष्ट्रीय रक्षा सूचना का अनधिकृत खुलासा करने और वर्गीकृत खुफिया संवाद को जानबूझकर सार्वजनिक करने का आरोप है।टिप्पणियां हांग कांग के अधिकारियों ने कहा कि स्नोडेन अपनी इच्छा से चले गए और अमेरिका का प्रत्यर्पण संबंधी दस्तावेज अधूरा है इसलिए उन्हें रोकने का कोई वैधानिक कारण नहीं था। बीबीसी के मुताबिक, हांगकांग में उनके वकील अलबर्ट हो ने बताया कि एक सरकारी अधिकारी ने स्नोडेन को चले जाने के लिए कहा। हो ने कहा कि उनका मानना है कि अधिकारी ने बीजिंग सरकार के इशारे पर काम किया है। पाटिनो ने इस बात की पुष्टि की कि इक्वाडोर स्नोडेन की शरण देने की अपील पर विचार किया है और उन्होंने अमेरिकी भगोड़े का राष्ट्रपति राफेल कोर्रेआ को लिखा गया पत्र पढ़कर सुनाया। पत्र में स्नोडेन ने अमेरिका और उसके एजेंटों द्वारा प्रताड़ित किए जाने के खतरे का उल्लेख किया है। स्नोवडेन के आग्रह पर विचार करने के फैसले का बचाव करते हुए पाटिनो ने कहा कि उनका देश मानवाधिकार को अन्य किसी भी हित के मुकाबले ज्यादा अहमियत देता है। स्नोवडेन (30) पर अमेरिका में सरकारी संपत्ति की चोरी करने, राष्ट्रीय रक्षा सूचना का अनधिकृत खुलासा करने और वर्गीकृत खुफिया संवाद को जानबूझकर सार्वजनिक करने का आरोप है।टिप्पणियां हांग कांग के अधिकारियों ने कहा कि स्नोडेन अपनी इच्छा से चले गए और अमेरिका का प्रत्यर्पण संबंधी दस्तावेज अधूरा है इसलिए उन्हें रोकने का कोई वैधानिक कारण नहीं था। बीबीसी के मुताबिक, हांगकांग में उनके वकील अलबर्ट हो ने बताया कि एक सरकारी अधिकारी ने स्नोडेन को चले जाने के लिए कहा। हो ने कहा कि उनका मानना है कि अधिकारी ने बीजिंग सरकार के इशारे पर काम किया है। स्नोवडेन के आग्रह पर विचार करने के फैसले का बचाव करते हुए पाटिनो ने कहा कि उनका देश मानवाधिकार को अन्य किसी भी हित के मुकाबले ज्यादा अहमियत देता है। स्नोवडेन (30) पर अमेरिका में सरकारी संपत्ति की चोरी करने, राष्ट्रीय रक्षा सूचना का अनधिकृत खुलासा करने और वर्गीकृत खुफिया संवाद को जानबूझकर सार्वजनिक करने का आरोप है।टिप्पणियां हांग कांग के अधिकारियों ने कहा कि स्नोडेन अपनी इच्छा से चले गए और अमेरिका का प्रत्यर्पण संबंधी दस्तावेज अधूरा है इसलिए उन्हें रोकने का कोई वैधानिक कारण नहीं था। बीबीसी के मुताबिक, हांगकांग में उनके वकील अलबर्ट हो ने बताया कि एक सरकारी अधिकारी ने स्नोडेन को चले जाने के लिए कहा। हो ने कहा कि उनका मानना है कि अधिकारी ने बीजिंग सरकार के इशारे पर काम किया है। स्नोवडेन (30) पर अमेरिका में सरकारी संपत्ति की चोरी करने, राष्ट्रीय रक्षा सूचना का अनधिकृत खुलासा करने और वर्गीकृत खुफिया संवाद को जानबूझकर सार्वजनिक करने का आरोप है।टिप्पणियां हांग कांग के अधिकारियों ने कहा कि स्नोडेन अपनी इच्छा से चले गए और अमेरिका का प्रत्यर्पण संबंधी दस्तावेज अधूरा है इसलिए उन्हें रोकने का कोई वैधानिक कारण नहीं था। बीबीसी के मुताबिक, हांगकांग में उनके वकील अलबर्ट हो ने बताया कि एक सरकारी अधिकारी ने स्नोडेन को चले जाने के लिए कहा। हो ने कहा कि उनका मानना है कि अधिकारी ने बीजिंग सरकार के इशारे पर काम किया है। हांग कांग के अधिकारियों ने कहा कि स्नोडेन अपनी इच्छा से चले गए और अमेरिका का प्रत्यर्पण संबंधी दस्तावेज अधूरा है इसलिए उन्हें रोकने का कोई वैधानिक कारण नहीं था। बीबीसी के मुताबिक, हांगकांग में उनके वकील अलबर्ट हो ने बताया कि एक सरकारी अधिकारी ने स्नोडेन को चले जाने के लिए कहा। हो ने कहा कि उनका मानना है कि अधिकारी ने बीजिंग सरकार के इशारे पर काम किया है। बीबीसी के मुताबिक, हांगकांग में उनके वकील अलबर्ट हो ने बताया कि एक सरकारी अधिकारी ने स्नोडेन को चले जाने के लिए कहा। हो ने कहा कि उनका मानना है कि अधिकारी ने बीजिंग सरकार के इशारे पर काम किया है।
यहाँ एक सारांश है:अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के लिए सूचना प्रौद्योगिकी ठेकेदार के रूप में काम करने के दौरान सरकार की खुफिया निगरानी कार्यक्रम को चोरी से हासिल कर मीडिया में जारी करने के आरोपी एडवार्ड स्नोडेन को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने रूस और चीन को स
4
['hin']
एक सारांश बनाओ: दिल्ली के बहुचर्चित 16 दिसंबर को चलती बस में हुए गैंगरेप के मामले में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड गुरुवार को अपना फैसला सुना सकता है। इस मामले में एक किशोर को भी आरोपी बनाया गया था जिसका मामला जुवेनाइल कोर्ट में चल रहा था। मार्च में चाजर्शीट के बाद इस आरोपी के खिलाफ मामला शुरू हो गया था और पांच दिन पहले ही बोर्ड ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था।टिप्पणियां पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि अन्य पांच आरोपियों के अलावा इस किशोर ने न केवल लड़की से बलात्कार किया बल्कि उसके साथ सबसे ज्यादा हैवानियत की, जबकि किशोर ने बोर्ड के सामने पुलिस पर फंसाने के आरोप लगाए। पुलिस की ओर से इस मामले में छह गवाह भी पेश किए गए जिसमें लड़की का दोस्त भी शामिल है, हालांकि अब ये आरोपी व्यस्क हो चुका है। मार्च में चाजर्शीट के बाद इस आरोपी के खिलाफ मामला शुरू हो गया था और पांच दिन पहले ही बोर्ड ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था।टिप्पणियां पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि अन्य पांच आरोपियों के अलावा इस किशोर ने न केवल लड़की से बलात्कार किया बल्कि उसके साथ सबसे ज्यादा हैवानियत की, जबकि किशोर ने बोर्ड के सामने पुलिस पर फंसाने के आरोप लगाए। पुलिस की ओर से इस मामले में छह गवाह भी पेश किए गए जिसमें लड़की का दोस्त भी शामिल है, हालांकि अब ये आरोपी व्यस्क हो चुका है। पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि अन्य पांच आरोपियों के अलावा इस किशोर ने न केवल लड़की से बलात्कार किया बल्कि उसके साथ सबसे ज्यादा हैवानियत की, जबकि किशोर ने बोर्ड के सामने पुलिस पर फंसाने के आरोप लगाए। पुलिस की ओर से इस मामले में छह गवाह भी पेश किए गए जिसमें लड़की का दोस्त भी शामिल है, हालांकि अब ये आरोपी व्यस्क हो चुका है। पुलिस की ओर से इस मामले में छह गवाह भी पेश किए गए जिसमें लड़की का दोस्त भी शामिल है, हालांकि अब ये आरोपी व्यस्क हो चुका है।
दिल्ली के बहुचर्चित 16 दिसंबर को चलती बस में हुए गैंगरेप के मामले में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड गुरुवार को अपना फैसला सुना सकता है। इस मामले में एक किशोर को भी आरोपी बनाया गया था जिसका मामला जुवेनाइल कोर्ट में चल रहा था।
26
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रख्यात चरित्र अभिनेता प्राण का शुक्रवार को निधन हो गया। अस्वस्थ प्राण को लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उन्होंने रात 8.30 बजे अंतिम सांस ली। वह 93 वर्ष के थे। प्राण के बेटे सुनील ने कहा, "लीलावती अस्पताल में रात 8.30 बजे उनका निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार शनिवार को दोपहर 12 बजे किया जाएगा।" प्राण ने 40 के दशक में अपना फिल्मी करियर शुरू किया था। शुरुआत की कुछ फिल्मों में उन्होंने नायक की भूमिका निभाई लेकिन उन्हें पहचान मिली खलनायक की भूमिका से। उन्होंने प्रमुख रूप से जिद्दी, बड़ी बहन, उपकार, जंजीर, डॉन, अमर अकबर एंथनी और शराबी जैसी फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया।टिप्पणियां प्राण को इसी साल दादा साहब फाल्के पुरस्कार से नवाज़ा गया था। फ़िल्मों में कैरेक्टर आर्टिस्ट से लेकर नेगेटिव किरदार तक उन्होंने निभाए। 1967, 1969 और 1972 में बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का फ़िल्मफ़ेयर अवार्ड मिला। उन्होंने 350 से ज्यादा फ़िल्मों में काम किया। प्राण के बेटे सुनील ने कहा, "लीलावती अस्पताल में रात 8.30 बजे उनका निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार शनिवार को दोपहर 12 बजे किया जाएगा।" प्राण ने 40 के दशक में अपना फिल्मी करियर शुरू किया था। शुरुआत की कुछ फिल्मों में उन्होंने नायक की भूमिका निभाई लेकिन उन्हें पहचान मिली खलनायक की भूमिका से। उन्होंने प्रमुख रूप से जिद्दी, बड़ी बहन, उपकार, जंजीर, डॉन, अमर अकबर एंथनी और शराबी जैसी फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया।टिप्पणियां प्राण को इसी साल दादा साहब फाल्के पुरस्कार से नवाज़ा गया था। फ़िल्मों में कैरेक्टर आर्टिस्ट से लेकर नेगेटिव किरदार तक उन्होंने निभाए। 1967, 1969 और 1972 में बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का फ़िल्मफ़ेयर अवार्ड मिला। उन्होंने 350 से ज्यादा फ़िल्मों में काम किया। प्राण ने 40 के दशक में अपना फिल्मी करियर शुरू किया था। शुरुआत की कुछ फिल्मों में उन्होंने नायक की भूमिका निभाई लेकिन उन्हें पहचान मिली खलनायक की भूमिका से। उन्होंने प्रमुख रूप से जिद्दी, बड़ी बहन, उपकार, जंजीर, डॉन, अमर अकबर एंथनी और शराबी जैसी फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया।टिप्पणियां प्राण को इसी साल दादा साहब फाल्के पुरस्कार से नवाज़ा गया था। फ़िल्मों में कैरेक्टर आर्टिस्ट से लेकर नेगेटिव किरदार तक उन्होंने निभाए। 1967, 1969 और 1972 में बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का फ़िल्मफ़ेयर अवार्ड मिला। उन्होंने 350 से ज्यादा फ़िल्मों में काम किया। प्राण को इसी साल दादा साहब फाल्के पुरस्कार से नवाज़ा गया था। फ़िल्मों में कैरेक्टर आर्टिस्ट से लेकर नेगेटिव किरदार तक उन्होंने निभाए। 1967, 1969 और 1972 में बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का फ़िल्मफ़ेयर अवार्ड मिला। उन्होंने 350 से ज्यादा फ़िल्मों में काम किया। 1967, 1969 और 1972 में बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का फ़िल्मफ़ेयर अवार्ड मिला। उन्होंने 350 से ज्यादा फ़िल्मों में काम किया।
फिल्म अभिनेता प्राण का निधन हो गया है। वह 93 साल के थे। लीलावती अस्पताल में रात नौ बजे उन्होंने आखिरी सांस ली। बीते पांच महीने से वह बीमार थे।
6
['hin']
एक सारांश बनाओ: क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने स्टार ऑलराउंडर शेन वाटसन को चैंपियन्स लीग ट्वेंटी-20 के बीच से स्वदेश लौटने के लिए कहा है। कप्तान माइकल क्लार्क ने सीए के इस फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय टीम के सर्वश्रेष्ठ हित में लिया गया फैसला है।टिप्पणियां चैंपियन्स लीग में सिडनी सिक्सर्स की तरफ से खेल रहे वाटसन को जल्दी लौटने और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अगले महीने होने वाली टेस्ट शृंखला से पहले पर्याप्त विश्राम लेने के लिए कहा है। क्लार्क का मानना है कि सीए ने सही फैसला किया। क्लार्क ने कहा, मैं चाहता हूं कि शेन वाटसन पूरी तरह से फिट रहें। इससे वह इन टेस्ट शृंखलाओं के दौरान अच्छा प्रदर्शन कर सकता है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने पिछले अनुभवों से सीख ली है। हम पिछले साल भी ऐसा करना चाहते थे। उन्होंने कहा, वाटो (वाटसन) पिछली गर्मियों में एक टेस्ट मैच नहीं खेल पाया, इसलिए हम सुधार करने की कोशिश कर रहे हैं और सफलता हासिल करने के लिए कोई मौका नहीं चूकना चाहते। यह एक खिलाड़ी से नहीं, बल्कि टीम से जुड़ा मसला है। क्लार्क ने कहा कि किसी भी क्रिकेटर के लिए राष्ट्रीय टीम से खेलना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा, मेरे लिए ऑस्ट्रेलिया की तरफ से खेलना प्राथमिकता होगा और मुझे विश्वास है कि वाटो भी ऐसा ही चाहता है। चैंपियन्स लीग में सिडनी सिक्सर्स की तरफ से खेल रहे वाटसन को जल्दी लौटने और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अगले महीने होने वाली टेस्ट शृंखला से पहले पर्याप्त विश्राम लेने के लिए कहा है। क्लार्क का मानना है कि सीए ने सही फैसला किया। क्लार्क ने कहा, मैं चाहता हूं कि शेन वाटसन पूरी तरह से फिट रहें। इससे वह इन टेस्ट शृंखलाओं के दौरान अच्छा प्रदर्शन कर सकता है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने पिछले अनुभवों से सीख ली है। हम पिछले साल भी ऐसा करना चाहते थे। उन्होंने कहा, वाटो (वाटसन) पिछली गर्मियों में एक टेस्ट मैच नहीं खेल पाया, इसलिए हम सुधार करने की कोशिश कर रहे हैं और सफलता हासिल करने के लिए कोई मौका नहीं चूकना चाहते। यह एक खिलाड़ी से नहीं, बल्कि टीम से जुड़ा मसला है। क्लार्क ने कहा कि किसी भी क्रिकेटर के लिए राष्ट्रीय टीम से खेलना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा, मेरे लिए ऑस्ट्रेलिया की तरफ से खेलना प्राथमिकता होगा और मुझे विश्वास है कि वाटो भी ऐसा ही चाहता है। क्लार्क ने कहा कि किसी भी क्रिकेटर के लिए राष्ट्रीय टीम से खेलना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा, मेरे लिए ऑस्ट्रेलिया की तरफ से खेलना प्राथमिकता होगा और मुझे विश्वास है कि वाटो भी ऐसा ही चाहता है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने स्टार ऑलराउंडर शेन वाटसन को चैंपियन्स लीग ट्वेंटी-20 के बीच से स्वदेश लौटने के लिए कहा है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री रहमान मलिक शुक्रवार को तीन दिवसीय दौरे पर भारत पहुंच गए। यहां पहुंचने के तत्काल बाद दोनों देशों ने नए वीजा समझौते पर हस्ताक्षर किए। मीडियाकर्मियों के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया सही तरीके से प्रगति कर रही है। केंद्रीय गृहराज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने यहां पालम हवाई अड्डे पर मलिक की अगवानी की। इसके बाद मलिक और केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने बातचीत के बाद वीजा समझौते पर हस्ताक्षर किए। मलिक ने एक तरफ शांति व अमन की बात की तो दूसरी तरफ ठोस सबूत न मिलने तक मुम्बई हमले के आतंकी हाफीज सईद पर कार्रवाई से भी इनकार कर दिया। उन्होंने तो इस बात को भी स्वीकार नहीं किया कि 1999 के कारगिल युद्ध में शहीद हुए सौरव कालिया के साथ पाकिस्तानी सैनिकों ने युद्ध अपराध किया था। मलिक के इस दौरे की लम्बे समय से चर्चा चल रही थी। उनके इस दौरे का उद्देश्य ही उस उदार वीजा व्यवस्था का क्रियान्वयन था, जिस पर तत्कालीन विदेश मंत्री एसएम कृष्णा और मलिक के बीच 8 सितम्बर को इस्लामाबाद में समझौता हुआ था। 12 वर्ष से कम तथा 65 वर्ष से अधिक उम्र वर्ग के लोगों को तथा व्यापारियों को पुलिस रिपोर्टिंग से छूट नए समझौते की खासियतों में शामिल है। यह वीजा समझौता ऐसे समय में क्रियान्वित हुआ है, जब पाकिस्तान-भारत के बीच क्रिकेट शृंखला होने वाली है। इसके तहत 25 दिसम्बर से भारत में तीन एक दिवसीय और दो ट्वेंटी-20 मैच खेले जाने हैं। मलिक ने कहा कि नई वीजा व्यवस्था लागू हो जाने के बाद भारतीयों व पाकिस्तानियों के एक-दूसरे के क्षेत्र में प्रवेश करने के तौर-तरीकों पर वह गृहमंत्री शिंदे के साथ चर्चा होगी। मलिक ने कहा, "जब वे (भारतीय) पाकिस्तान में प्रवेश करें तो उन्हें यह महसूस होना चाहिए कि वे अपने घर आ रहे हैं। हम शांति प्रक्रिया को आगे ले जाने के लिए यहां आए हैं।" शिंदे, बातचीत के दौरान मुम्बई हमले के आतंकवादियों के सूत्रधारों की आवाज के नमूने सौंपने की पाकिस्तान से मांग कर सकते हैं। वह लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और मुम्बई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को सौंपने के लिए भी दबाव बना सकते हैं। अधिकारियों ने कहा कि दोनों पक्ष आतंकवाद से मुकाबला, सीमा प्रबंधन, फर्जी भारतीय नोट और सुरक्षा व जांच एजेंसियों के बीच सहयोग के मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। शिंदे के अलावा बातचीत में आरपीएन सिंह और गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय तथा विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी हिस्सा लेंगे। अधिकारियों ने कहा कि मलिक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज से शनिवार को मुलाकात करेंगे। वह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकर शिवशंकर मेनन से भी मुलाकात कर सकते हैं। मलिक के साथ आए सरकारी शिष्टमंडल में आंतरिक मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के सदस्य शामिल हैं। मलिक ने मीडियाकर्मियों के साथ बातचीत में कहा कि दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया सही तरीके से आगे बढ़ रही है। मलिक ने कहा, "पाकिस्तान और भारत को मित्र बनना होगा।" उन्होंने कहा कि यह तभी सम्भव होगा, जब दोनों देशों की जनता के बीच अधिक से अधिक परस्पर संवाद हो। मलिक ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के नेताओं के बीच मुलाकातों के कारण शांति यात्रा बहुत अच्छे तरीके से आगे बढ़ रही है। मलिक ने कहा, "इसके लिए मैं अपने नेता, (राष्ट्रपति आसिफ अली) जरदारी, प्रधानमंत्री, और भारतीय प्रधानमंत्री व (अब वित्त मंत्री) पी चिदम्बरम को समान रूप से श्रेय दूंगा।" हाफिज सईद की गिरफ्तारी और उसे सौंपे जाने की भारत की मांग के बारे में उन्होंने कहा, "कसाब द्वारा दिया गया मात्र एक बयान पर्याप्त नहीं है। हमें देश के कानून का पालन करना होगा। निश्चित तौर पर न्यायालय को भी संतुष्ट करना होगा.. हाफिज सईद के बारे में ढेर सारे दुस्प्रचार हुए हैं।" मलिक ने कहा, "मैं आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि हम भारतीय सबूत की अभी भी जांच कर रहे हैं। और यदि वह सबूत अंतरराष्ट्रीय न्यायालयी मानकों पर खरा उतर पाया तो मैं स्वदेश लौटने से पहले ही उसकी गिरफ्तारी के आदेश दे दूंगा।"टिप्पणियां मलिक ने कहा, "हमें हाफिज सईद से कोई लगाव नहीं है। हमारा इरादा स्पष्ट है। जो भी अपराध करता है, उसे दंड मिलना चाहिए। मैं पाकिस्तान की जनता की ओर से प्रेम और शांति का एक संदेश लेकर आया हूं।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा आतंकवाद की निंदा की है। उन्होंने कहा, "हमने आतंकवाद में 40,000 बेगुनाहों को गंवाया है, आतंकवादी हमलों में 42,000 अपाहिज हो गए हैं.. हम सभी शांति चाहते हैं.. भारत भी आतंकवाद से पीड़ित है।" केंद्रीय गृहराज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने यहां पालम हवाई अड्डे पर मलिक की अगवानी की। इसके बाद मलिक और केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने बातचीत के बाद वीजा समझौते पर हस्ताक्षर किए। मलिक ने एक तरफ शांति व अमन की बात की तो दूसरी तरफ ठोस सबूत न मिलने तक मुम्बई हमले के आतंकी हाफीज सईद पर कार्रवाई से भी इनकार कर दिया। उन्होंने तो इस बात को भी स्वीकार नहीं किया कि 1999 के कारगिल युद्ध में शहीद हुए सौरव कालिया के साथ पाकिस्तानी सैनिकों ने युद्ध अपराध किया था। मलिक के इस दौरे की लम्बे समय से चर्चा चल रही थी। उनके इस दौरे का उद्देश्य ही उस उदार वीजा व्यवस्था का क्रियान्वयन था, जिस पर तत्कालीन विदेश मंत्री एसएम कृष्णा और मलिक के बीच 8 सितम्बर को इस्लामाबाद में समझौता हुआ था। 12 वर्ष से कम तथा 65 वर्ष से अधिक उम्र वर्ग के लोगों को तथा व्यापारियों को पुलिस रिपोर्टिंग से छूट नए समझौते की खासियतों में शामिल है। यह वीजा समझौता ऐसे समय में क्रियान्वित हुआ है, जब पाकिस्तान-भारत के बीच क्रिकेट शृंखला होने वाली है। इसके तहत 25 दिसम्बर से भारत में तीन एक दिवसीय और दो ट्वेंटी-20 मैच खेले जाने हैं। मलिक ने कहा कि नई वीजा व्यवस्था लागू हो जाने के बाद भारतीयों व पाकिस्तानियों के एक-दूसरे के क्षेत्र में प्रवेश करने के तौर-तरीकों पर वह गृहमंत्री शिंदे के साथ चर्चा होगी। मलिक ने कहा, "जब वे (भारतीय) पाकिस्तान में प्रवेश करें तो उन्हें यह महसूस होना चाहिए कि वे अपने घर आ रहे हैं। हम शांति प्रक्रिया को आगे ले जाने के लिए यहां आए हैं।" शिंदे, बातचीत के दौरान मुम्बई हमले के आतंकवादियों के सूत्रधारों की आवाज के नमूने सौंपने की पाकिस्तान से मांग कर सकते हैं। वह लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और मुम्बई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को सौंपने के लिए भी दबाव बना सकते हैं। अधिकारियों ने कहा कि दोनों पक्ष आतंकवाद से मुकाबला, सीमा प्रबंधन, फर्जी भारतीय नोट और सुरक्षा व जांच एजेंसियों के बीच सहयोग के मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। शिंदे के अलावा बातचीत में आरपीएन सिंह और गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय तथा विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी हिस्सा लेंगे। अधिकारियों ने कहा कि मलिक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज से शनिवार को मुलाकात करेंगे। वह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकर शिवशंकर मेनन से भी मुलाकात कर सकते हैं। मलिक के साथ आए सरकारी शिष्टमंडल में आंतरिक मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के सदस्य शामिल हैं। मलिक ने मीडियाकर्मियों के साथ बातचीत में कहा कि दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया सही तरीके से आगे बढ़ रही है। मलिक ने कहा, "पाकिस्तान और भारत को मित्र बनना होगा।" उन्होंने कहा कि यह तभी सम्भव होगा, जब दोनों देशों की जनता के बीच अधिक से अधिक परस्पर संवाद हो। मलिक ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के नेताओं के बीच मुलाकातों के कारण शांति यात्रा बहुत अच्छे तरीके से आगे बढ़ रही है। मलिक ने कहा, "इसके लिए मैं अपने नेता, (राष्ट्रपति आसिफ अली) जरदारी, प्रधानमंत्री, और भारतीय प्रधानमंत्री व (अब वित्त मंत्री) पी चिदम्बरम को समान रूप से श्रेय दूंगा।" हाफिज सईद की गिरफ्तारी और उसे सौंपे जाने की भारत की मांग के बारे में उन्होंने कहा, "कसाब द्वारा दिया गया मात्र एक बयान पर्याप्त नहीं है। हमें देश के कानून का पालन करना होगा। निश्चित तौर पर न्यायालय को भी संतुष्ट करना होगा.. हाफिज सईद के बारे में ढेर सारे दुस्प्रचार हुए हैं।" मलिक ने कहा, "मैं आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि हम भारतीय सबूत की अभी भी जांच कर रहे हैं। और यदि वह सबूत अंतरराष्ट्रीय न्यायालयी मानकों पर खरा उतर पाया तो मैं स्वदेश लौटने से पहले ही उसकी गिरफ्तारी के आदेश दे दूंगा।"टिप्पणियां मलिक ने कहा, "हमें हाफिज सईद से कोई लगाव नहीं है। हमारा इरादा स्पष्ट है। जो भी अपराध करता है, उसे दंड मिलना चाहिए। मैं पाकिस्तान की जनता की ओर से प्रेम और शांति का एक संदेश लेकर आया हूं।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा आतंकवाद की निंदा की है। उन्होंने कहा, "हमने आतंकवाद में 40,000 बेगुनाहों को गंवाया है, आतंकवादी हमलों में 42,000 अपाहिज हो गए हैं.. हम सभी शांति चाहते हैं.. भारत भी आतंकवाद से पीड़ित है।" मलिक ने एक तरफ शांति व अमन की बात की तो दूसरी तरफ ठोस सबूत न मिलने तक मुम्बई हमले के आतंकी हाफीज सईद पर कार्रवाई से भी इनकार कर दिया। उन्होंने तो इस बात को भी स्वीकार नहीं किया कि 1999 के कारगिल युद्ध में शहीद हुए सौरव कालिया के साथ पाकिस्तानी सैनिकों ने युद्ध अपराध किया था। मलिक के इस दौरे की लम्बे समय से चर्चा चल रही थी। उनके इस दौरे का उद्देश्य ही उस उदार वीजा व्यवस्था का क्रियान्वयन था, जिस पर तत्कालीन विदेश मंत्री एसएम कृष्णा और मलिक के बीच 8 सितम्बर को इस्लामाबाद में समझौता हुआ था। 12 वर्ष से कम तथा 65 वर्ष से अधिक उम्र वर्ग के लोगों को तथा व्यापारियों को पुलिस रिपोर्टिंग से छूट नए समझौते की खासियतों में शामिल है। यह वीजा समझौता ऐसे समय में क्रियान्वित हुआ है, जब पाकिस्तान-भारत के बीच क्रिकेट शृंखला होने वाली है। इसके तहत 25 दिसम्बर से भारत में तीन एक दिवसीय और दो ट्वेंटी-20 मैच खेले जाने हैं। मलिक ने कहा कि नई वीजा व्यवस्था लागू हो जाने के बाद भारतीयों व पाकिस्तानियों के एक-दूसरे के क्षेत्र में प्रवेश करने के तौर-तरीकों पर वह गृहमंत्री शिंदे के साथ चर्चा होगी। मलिक ने कहा, "जब वे (भारतीय) पाकिस्तान में प्रवेश करें तो उन्हें यह महसूस होना चाहिए कि वे अपने घर आ रहे हैं। हम शांति प्रक्रिया को आगे ले जाने के लिए यहां आए हैं।" शिंदे, बातचीत के दौरान मुम्बई हमले के आतंकवादियों के सूत्रधारों की आवाज के नमूने सौंपने की पाकिस्तान से मांग कर सकते हैं। वह लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और मुम्बई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को सौंपने के लिए भी दबाव बना सकते हैं। अधिकारियों ने कहा कि दोनों पक्ष आतंकवाद से मुकाबला, सीमा प्रबंधन, फर्जी भारतीय नोट और सुरक्षा व जांच एजेंसियों के बीच सहयोग के मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। शिंदे के अलावा बातचीत में आरपीएन सिंह और गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय तथा विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी हिस्सा लेंगे। अधिकारियों ने कहा कि मलिक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज से शनिवार को मुलाकात करेंगे। वह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकर शिवशंकर मेनन से भी मुलाकात कर सकते हैं। मलिक के साथ आए सरकारी शिष्टमंडल में आंतरिक मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के सदस्य शामिल हैं। मलिक ने मीडियाकर्मियों के साथ बातचीत में कहा कि दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया सही तरीके से आगे बढ़ रही है। मलिक ने कहा, "पाकिस्तान और भारत को मित्र बनना होगा।" उन्होंने कहा कि यह तभी सम्भव होगा, जब दोनों देशों की जनता के बीच अधिक से अधिक परस्पर संवाद हो। मलिक ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के नेताओं के बीच मुलाकातों के कारण शांति यात्रा बहुत अच्छे तरीके से आगे बढ़ रही है। मलिक ने कहा, "इसके लिए मैं अपने नेता, (राष्ट्रपति आसिफ अली) जरदारी, प्रधानमंत्री, और भारतीय प्रधानमंत्री व (अब वित्त मंत्री) पी चिदम्बरम को समान रूप से श्रेय दूंगा।" हाफिज सईद की गिरफ्तारी और उसे सौंपे जाने की भारत की मांग के बारे में उन्होंने कहा, "कसाब द्वारा दिया गया मात्र एक बयान पर्याप्त नहीं है। हमें देश के कानून का पालन करना होगा। निश्चित तौर पर न्यायालय को भी संतुष्ट करना होगा.. हाफिज सईद के बारे में ढेर सारे दुस्प्रचार हुए हैं।" मलिक ने कहा, "मैं आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि हम भारतीय सबूत की अभी भी जांच कर रहे हैं। और यदि वह सबूत अंतरराष्ट्रीय न्यायालयी मानकों पर खरा उतर पाया तो मैं स्वदेश लौटने से पहले ही उसकी गिरफ्तारी के आदेश दे दूंगा।"टिप्पणियां मलिक ने कहा, "हमें हाफिज सईद से कोई लगाव नहीं है। हमारा इरादा स्पष्ट है। जो भी अपराध करता है, उसे दंड मिलना चाहिए। मैं पाकिस्तान की जनता की ओर से प्रेम और शांति का एक संदेश लेकर आया हूं।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा आतंकवाद की निंदा की है। उन्होंने कहा, "हमने आतंकवाद में 40,000 बेगुनाहों को गंवाया है, आतंकवादी हमलों में 42,000 अपाहिज हो गए हैं.. हम सभी शांति चाहते हैं.. भारत भी आतंकवाद से पीड़ित है।" मलिक के इस दौरे की लम्बे समय से चर्चा चल रही थी। उनके इस दौरे का उद्देश्य ही उस उदार वीजा व्यवस्था का क्रियान्वयन था, जिस पर तत्कालीन विदेश मंत्री एसएम कृष्णा और मलिक के बीच 8 सितम्बर को इस्लामाबाद में समझौता हुआ था। 12 वर्ष से कम तथा 65 वर्ष से अधिक उम्र वर्ग के लोगों को तथा व्यापारियों को पुलिस रिपोर्टिंग से छूट नए समझौते की खासियतों में शामिल है। यह वीजा समझौता ऐसे समय में क्रियान्वित हुआ है, जब पाकिस्तान-भारत के बीच क्रिकेट शृंखला होने वाली है। इसके तहत 25 दिसम्बर से भारत में तीन एक दिवसीय और दो ट्वेंटी-20 मैच खेले जाने हैं। मलिक ने कहा कि नई वीजा व्यवस्था लागू हो जाने के बाद भारतीयों व पाकिस्तानियों के एक-दूसरे के क्षेत्र में प्रवेश करने के तौर-तरीकों पर वह गृहमंत्री शिंदे के साथ चर्चा होगी। मलिक ने कहा, "जब वे (भारतीय) पाकिस्तान में प्रवेश करें तो उन्हें यह महसूस होना चाहिए कि वे अपने घर आ रहे हैं। हम शांति प्रक्रिया को आगे ले जाने के लिए यहां आए हैं।" शिंदे, बातचीत के दौरान मुम्बई हमले के आतंकवादियों के सूत्रधारों की आवाज के नमूने सौंपने की पाकिस्तान से मांग कर सकते हैं। वह लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और मुम्बई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को सौंपने के लिए भी दबाव बना सकते हैं। अधिकारियों ने कहा कि दोनों पक्ष आतंकवाद से मुकाबला, सीमा प्रबंधन, फर्जी भारतीय नोट और सुरक्षा व जांच एजेंसियों के बीच सहयोग के मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। शिंदे के अलावा बातचीत में आरपीएन सिंह और गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय तथा विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी हिस्सा लेंगे। अधिकारियों ने कहा कि मलिक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज से शनिवार को मुलाकात करेंगे। वह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकर शिवशंकर मेनन से भी मुलाकात कर सकते हैं। मलिक के साथ आए सरकारी शिष्टमंडल में आंतरिक मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के सदस्य शामिल हैं। मलिक ने मीडियाकर्मियों के साथ बातचीत में कहा कि दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया सही तरीके से आगे बढ़ रही है। मलिक ने कहा, "पाकिस्तान और भारत को मित्र बनना होगा।" उन्होंने कहा कि यह तभी सम्भव होगा, जब दोनों देशों की जनता के बीच अधिक से अधिक परस्पर संवाद हो। मलिक ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के नेताओं के बीच मुलाकातों के कारण शांति यात्रा बहुत अच्छे तरीके से आगे बढ़ रही है। मलिक ने कहा, "इसके लिए मैं अपने नेता, (राष्ट्रपति आसिफ अली) जरदारी, प्रधानमंत्री, और भारतीय प्रधानमंत्री व (अब वित्त मंत्री) पी चिदम्बरम को समान रूप से श्रेय दूंगा।" हाफिज सईद की गिरफ्तारी और उसे सौंपे जाने की भारत की मांग के बारे में उन्होंने कहा, "कसाब द्वारा दिया गया मात्र एक बयान पर्याप्त नहीं है। हमें देश के कानून का पालन करना होगा। निश्चित तौर पर न्यायालय को भी संतुष्ट करना होगा.. हाफिज सईद के बारे में ढेर सारे दुस्प्रचार हुए हैं।" मलिक ने कहा, "मैं आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि हम भारतीय सबूत की अभी भी जांच कर रहे हैं। और यदि वह सबूत अंतरराष्ट्रीय न्यायालयी मानकों पर खरा उतर पाया तो मैं स्वदेश लौटने से पहले ही उसकी गिरफ्तारी के आदेश दे दूंगा।"टिप्पणियां मलिक ने कहा, "हमें हाफिज सईद से कोई लगाव नहीं है। हमारा इरादा स्पष्ट है। जो भी अपराध करता है, उसे दंड मिलना चाहिए। मैं पाकिस्तान की जनता की ओर से प्रेम और शांति का एक संदेश लेकर आया हूं।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा आतंकवाद की निंदा की है। उन्होंने कहा, "हमने आतंकवाद में 40,000 बेगुनाहों को गंवाया है, आतंकवादी हमलों में 42,000 अपाहिज हो गए हैं.. हम सभी शांति चाहते हैं.. भारत भी आतंकवाद से पीड़ित है।" 12 वर्ष से कम तथा 65 वर्ष से अधिक उम्र वर्ग के लोगों को तथा व्यापारियों को पुलिस रिपोर्टिंग से छूट नए समझौते की खासियतों में शामिल है। यह वीजा समझौता ऐसे समय में क्रियान्वित हुआ है, जब पाकिस्तान-भारत के बीच क्रिकेट शृंखला होने वाली है। इसके तहत 25 दिसम्बर से भारत में तीन एक दिवसीय और दो ट्वेंटी-20 मैच खेले जाने हैं। मलिक ने कहा कि नई वीजा व्यवस्था लागू हो जाने के बाद भारतीयों व पाकिस्तानियों के एक-दूसरे के क्षेत्र में प्रवेश करने के तौर-तरीकों पर वह गृहमंत्री शिंदे के साथ चर्चा होगी। मलिक ने कहा, "जब वे (भारतीय) पाकिस्तान में प्रवेश करें तो उन्हें यह महसूस होना चाहिए कि वे अपने घर आ रहे हैं। हम शांति प्रक्रिया को आगे ले जाने के लिए यहां आए हैं।" शिंदे, बातचीत के दौरान मुम्बई हमले के आतंकवादियों के सूत्रधारों की आवाज के नमूने सौंपने की पाकिस्तान से मांग कर सकते हैं। वह लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और मुम्बई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को सौंपने के लिए भी दबाव बना सकते हैं। अधिकारियों ने कहा कि दोनों पक्ष आतंकवाद से मुकाबला, सीमा प्रबंधन, फर्जी भारतीय नोट और सुरक्षा व जांच एजेंसियों के बीच सहयोग के मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। शिंदे के अलावा बातचीत में आरपीएन सिंह और गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय तथा विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी हिस्सा लेंगे। अधिकारियों ने कहा कि मलिक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज से शनिवार को मुलाकात करेंगे। वह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकर शिवशंकर मेनन से भी मुलाकात कर सकते हैं। मलिक के साथ आए सरकारी शिष्टमंडल में आंतरिक मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के सदस्य शामिल हैं। मलिक ने मीडियाकर्मियों के साथ बातचीत में कहा कि दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया सही तरीके से आगे बढ़ रही है। मलिक ने कहा, "पाकिस्तान और भारत को मित्र बनना होगा।" उन्होंने कहा कि यह तभी सम्भव होगा, जब दोनों देशों की जनता के बीच अधिक से अधिक परस्पर संवाद हो। मलिक ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के नेताओं के बीच मुलाकातों के कारण शांति यात्रा बहुत अच्छे तरीके से आगे बढ़ रही है। मलिक ने कहा, "इसके लिए मैं अपने नेता, (राष्ट्रपति आसिफ अली) जरदारी, प्रधानमंत्री, और भारतीय प्रधानमंत्री व (अब वित्त मंत्री) पी चिदम्बरम को समान रूप से श्रेय दूंगा।" हाफिज सईद की गिरफ्तारी और उसे सौंपे जाने की भारत की मांग के बारे में उन्होंने कहा, "कसाब द्वारा दिया गया मात्र एक बयान पर्याप्त नहीं है। हमें देश के कानून का पालन करना होगा। निश्चित तौर पर न्यायालय को भी संतुष्ट करना होगा.. हाफिज सईद के बारे में ढेर सारे दुस्प्रचार हुए हैं।" मलिक ने कहा, "मैं आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि हम भारतीय सबूत की अभी भी जांच कर रहे हैं। और यदि वह सबूत अंतरराष्ट्रीय न्यायालयी मानकों पर खरा उतर पाया तो मैं स्वदेश लौटने से पहले ही उसकी गिरफ्तारी के आदेश दे दूंगा।"टिप्पणियां मलिक ने कहा, "हमें हाफिज सईद से कोई लगाव नहीं है। हमारा इरादा स्पष्ट है। जो भी अपराध करता है, उसे दंड मिलना चाहिए। मैं पाकिस्तान की जनता की ओर से प्रेम और शांति का एक संदेश लेकर आया हूं।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा आतंकवाद की निंदा की है। उन्होंने कहा, "हमने आतंकवाद में 40,000 बेगुनाहों को गंवाया है, आतंकवादी हमलों में 42,000 अपाहिज हो गए हैं.. हम सभी शांति चाहते हैं.. भारत भी आतंकवाद से पीड़ित है।" मलिक ने कहा कि नई वीजा व्यवस्था लागू हो जाने के बाद भारतीयों व पाकिस्तानियों के एक-दूसरे के क्षेत्र में प्रवेश करने के तौर-तरीकों पर वह गृहमंत्री शिंदे के साथ चर्चा होगी। मलिक ने कहा, "जब वे (भारतीय) पाकिस्तान में प्रवेश करें तो उन्हें यह महसूस होना चाहिए कि वे अपने घर आ रहे हैं। हम शांति प्रक्रिया को आगे ले जाने के लिए यहां आए हैं।" शिंदे, बातचीत के दौरान मुम्बई हमले के आतंकवादियों के सूत्रधारों की आवाज के नमूने सौंपने की पाकिस्तान से मांग कर सकते हैं। वह लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और मुम्बई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को सौंपने के लिए भी दबाव बना सकते हैं। अधिकारियों ने कहा कि दोनों पक्ष आतंकवाद से मुकाबला, सीमा प्रबंधन, फर्जी भारतीय नोट और सुरक्षा व जांच एजेंसियों के बीच सहयोग के मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। शिंदे के अलावा बातचीत में आरपीएन सिंह और गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय तथा विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी हिस्सा लेंगे। अधिकारियों ने कहा कि मलिक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज से शनिवार को मुलाकात करेंगे। वह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकर शिवशंकर मेनन से भी मुलाकात कर सकते हैं। मलिक के साथ आए सरकारी शिष्टमंडल में आंतरिक मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के सदस्य शामिल हैं। मलिक ने मीडियाकर्मियों के साथ बातचीत में कहा कि दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया सही तरीके से आगे बढ़ रही है। मलिक ने कहा, "पाकिस्तान और भारत को मित्र बनना होगा।" उन्होंने कहा कि यह तभी सम्भव होगा, जब दोनों देशों की जनता के बीच अधिक से अधिक परस्पर संवाद हो। मलिक ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के नेताओं के बीच मुलाकातों के कारण शांति यात्रा बहुत अच्छे तरीके से आगे बढ़ रही है। मलिक ने कहा, "इसके लिए मैं अपने नेता, (राष्ट्रपति आसिफ अली) जरदारी, प्रधानमंत्री, और भारतीय प्रधानमंत्री व (अब वित्त मंत्री) पी चिदम्बरम को समान रूप से श्रेय दूंगा।" हाफिज सईद की गिरफ्तारी और उसे सौंपे जाने की भारत की मांग के बारे में उन्होंने कहा, "कसाब द्वारा दिया गया मात्र एक बयान पर्याप्त नहीं है। हमें देश के कानून का पालन करना होगा। निश्चित तौर पर न्यायालय को भी संतुष्ट करना होगा.. हाफिज सईद के बारे में ढेर सारे दुस्प्रचार हुए हैं।" मलिक ने कहा, "मैं आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि हम भारतीय सबूत की अभी भी जांच कर रहे हैं। और यदि वह सबूत अंतरराष्ट्रीय न्यायालयी मानकों पर खरा उतर पाया तो मैं स्वदेश लौटने से पहले ही उसकी गिरफ्तारी के आदेश दे दूंगा।"टिप्पणियां मलिक ने कहा, "हमें हाफिज सईद से कोई लगाव नहीं है। हमारा इरादा स्पष्ट है। जो भी अपराध करता है, उसे दंड मिलना चाहिए। मैं पाकिस्तान की जनता की ओर से प्रेम और शांति का एक संदेश लेकर आया हूं।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा आतंकवाद की निंदा की है। उन्होंने कहा, "हमने आतंकवाद में 40,000 बेगुनाहों को गंवाया है, आतंकवादी हमलों में 42,000 अपाहिज हो गए हैं.. हम सभी शांति चाहते हैं.. भारत भी आतंकवाद से पीड़ित है।" मलिक ने कहा, "जब वे (भारतीय) पाकिस्तान में प्रवेश करें तो उन्हें यह महसूस होना चाहिए कि वे अपने घर आ रहे हैं। हम शांति प्रक्रिया को आगे ले जाने के लिए यहां आए हैं।" शिंदे, बातचीत के दौरान मुम्बई हमले के आतंकवादियों के सूत्रधारों की आवाज के नमूने सौंपने की पाकिस्तान से मांग कर सकते हैं। वह लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और मुम्बई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को सौंपने के लिए भी दबाव बना सकते हैं। अधिकारियों ने कहा कि दोनों पक्ष आतंकवाद से मुकाबला, सीमा प्रबंधन, फर्जी भारतीय नोट और सुरक्षा व जांच एजेंसियों के बीच सहयोग के मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। शिंदे के अलावा बातचीत में आरपीएन सिंह और गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय तथा विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी हिस्सा लेंगे। अधिकारियों ने कहा कि मलिक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज से शनिवार को मुलाकात करेंगे। वह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकर शिवशंकर मेनन से भी मुलाकात कर सकते हैं। मलिक के साथ आए सरकारी शिष्टमंडल में आंतरिक मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के सदस्य शामिल हैं। मलिक ने मीडियाकर्मियों के साथ बातचीत में कहा कि दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया सही तरीके से आगे बढ़ रही है। मलिक ने कहा, "पाकिस्तान और भारत को मित्र बनना होगा।" उन्होंने कहा कि यह तभी सम्भव होगा, जब दोनों देशों की जनता के बीच अधिक से अधिक परस्पर संवाद हो। मलिक ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के नेताओं के बीच मुलाकातों के कारण शांति यात्रा बहुत अच्छे तरीके से आगे बढ़ रही है। मलिक ने कहा, "इसके लिए मैं अपने नेता, (राष्ट्रपति आसिफ अली) जरदारी, प्रधानमंत्री, और भारतीय प्रधानमंत्री व (अब वित्त मंत्री) पी चिदम्बरम को समान रूप से श्रेय दूंगा।" हाफिज सईद की गिरफ्तारी और उसे सौंपे जाने की भारत की मांग के बारे में उन्होंने कहा, "कसाब द्वारा दिया गया मात्र एक बयान पर्याप्त नहीं है। हमें देश के कानून का पालन करना होगा। निश्चित तौर पर न्यायालय को भी संतुष्ट करना होगा.. हाफिज सईद के बारे में ढेर सारे दुस्प्रचार हुए हैं।" मलिक ने कहा, "मैं आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि हम भारतीय सबूत की अभी भी जांच कर रहे हैं। और यदि वह सबूत अंतरराष्ट्रीय न्यायालयी मानकों पर खरा उतर पाया तो मैं स्वदेश लौटने से पहले ही उसकी गिरफ्तारी के आदेश दे दूंगा।"टिप्पणियां मलिक ने कहा, "हमें हाफिज सईद से कोई लगाव नहीं है। हमारा इरादा स्पष्ट है। जो भी अपराध करता है, उसे दंड मिलना चाहिए। मैं पाकिस्तान की जनता की ओर से प्रेम और शांति का एक संदेश लेकर आया हूं।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा आतंकवाद की निंदा की है। उन्होंने कहा, "हमने आतंकवाद में 40,000 बेगुनाहों को गंवाया है, आतंकवादी हमलों में 42,000 अपाहिज हो गए हैं.. हम सभी शांति चाहते हैं.. भारत भी आतंकवाद से पीड़ित है।" शिंदे, बातचीत के दौरान मुम्बई हमले के आतंकवादियों के सूत्रधारों की आवाज के नमूने सौंपने की पाकिस्तान से मांग कर सकते हैं। वह लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और मुम्बई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को सौंपने के लिए भी दबाव बना सकते हैं। अधिकारियों ने कहा कि दोनों पक्ष आतंकवाद से मुकाबला, सीमा प्रबंधन, फर्जी भारतीय नोट और सुरक्षा व जांच एजेंसियों के बीच सहयोग के मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। शिंदे के अलावा बातचीत में आरपीएन सिंह और गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय तथा विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी हिस्सा लेंगे। अधिकारियों ने कहा कि मलिक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज से शनिवार को मुलाकात करेंगे। वह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकर शिवशंकर मेनन से भी मुलाकात कर सकते हैं। मलिक के साथ आए सरकारी शिष्टमंडल में आंतरिक मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के सदस्य शामिल हैं। मलिक ने मीडियाकर्मियों के साथ बातचीत में 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दूंगा।"टिप्पणियां मलिक ने कहा, "हमें हाफिज सईद से कोई लगाव नहीं है। हमारा इरादा स्पष्ट है। जो भी अपराध करता है, उसे दंड मिलना चाहिए। मैं पाकिस्तान की जनता की ओर से प्रेम और शांति का एक संदेश लेकर आया हूं।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा आतंकवाद की निंदा की है। उन्होंने कहा, "हमने आतंकवाद में 40,000 बेगुनाहों को गंवाया है, आतंकवादी हमलों में 42,000 अपाहिज हो गए हैं.. हम सभी शांति चाहते हैं.. भारत भी आतंकवाद से पीड़ित है।" अधिकारियों ने कहा कि दोनों पक्ष आतंकवाद से मुकाबला, सीमा प्रबंधन, फर्जी भारतीय नोट और सुरक्षा व जांच एजेंसियों के बीच सहयोग के मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। शिंदे के अलावा बातचीत में आरपीएन सिंह और गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय तथा विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी हिस्सा लेंगे। अधिकारियों ने कहा कि मलिक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज से शनिवार को मुलाकात करेंगे। वह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकर शिवशंकर मेनन से भी मुलाकात कर सकते हैं। मलिक के साथ आए सरकारी शिष्टमंडल में आंतरिक मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के सदस्य शामिल हैं। मलिक ने मीडियाकर्मियों के साथ बातचीत में कहा कि दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया सही तरीके से आगे बढ़ रही है। मलिक ने कहा, "पाकिस्तान और भारत को मित्र बनना होगा।" उन्होंने कहा कि यह तभी सम्भव होगा, जब दोनों देशों की जनता के बीच अधिक से अधिक परस्पर संवाद हो। मलिक ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के नेताओं के बीच मुलाकातों के कारण शांति यात्रा बहुत अच्छे तरीके से आगे बढ़ रही है। मलिक ने कहा, "इसके लिए मैं अपने नेता, (राष्ट्रपति आसिफ अली) जरदारी, प्रधानमंत्री, और भारतीय प्रधानमंत्री व (अब वित्त मंत्री) पी चिदम्बरम को समान रूप से श्रेय दूंगा।" हाफिज सईद की गिरफ्तारी और उसे सौंपे जाने की भारत की मांग के बारे में उन्होंने कहा, "कसाब द्वारा दिया गया मात्र एक बयान पर्याप्त नहीं है। हमें देश के कानून का पालन करना होगा। निश्चित तौर पर न्यायालय को भी संतुष्ट करना होगा.. हाफिज सईद के बारे में ढेर सारे दुस्प्रचार हुए हैं।" मलिक ने कहा, "मैं आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि हम भारतीय सबूत की अभी भी जांच कर रहे हैं। और यदि वह सबूत अंतरराष्ट्रीय न्यायालयी मानकों पर खरा उतर पाया तो मैं स्वदेश लौटने से पहले ही उसकी गिरफ्तारी के आदेश दे दूंगा।"टिप्पणियां मलिक ने कहा, "हमें हाफिज सईद से कोई लगाव नहीं है। हमारा इरादा स्पष्ट है। जो भी अपराध करता है, उसे दंड मिलना चाहिए। मैं पाकिस्तान की जनता की ओर से प्रेम और शांति का एक संदेश लेकर आया हूं।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा आतंकवाद की निंदा की है। उन्होंने कहा, "हमने आतंकवाद में 40,000 बेगुनाहों को गंवाया है, आतंकवादी हमलों में 42,000 अपाहिज हो गए हैं.. हम सभी शांति चाहते हैं.. भारत भी आतंकवाद से पीड़ित है।" शिंदे के अलावा बातचीत में आरपीएन सिंह और गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय तथा विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी हिस्सा लेंगे। अधिकारियों ने कहा कि मलिक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज से शनिवार को मुलाकात करेंगे। वह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकर शिवशंकर मेनन से भी मुलाकात कर सकते हैं। मलिक के साथ आए सरकारी शिष्टमंडल में आंतरिक मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के सदस्य शामिल हैं। मलिक ने मीडियाकर्मियों के साथ बातचीत में कहा कि दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया सही तरीके से आगे बढ़ रही है। मलिक ने कहा, "पाकिस्तान और भारत को मित्र बनना होगा।" उन्होंने कहा कि यह तभी सम्भव होगा, जब दोनों देशों की जनता के बीच अधिक से अधिक परस्पर संवाद हो। मलिक ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के नेताओं के बीच मुलाकातों के कारण शांति यात्रा बहुत अच्छे तरीके से आगे बढ़ रही है। मलिक ने कहा, "इसके लिए मैं अपने नेता, (राष्ट्रपति आसिफ अली) जरदारी, प्रधानमंत्री, और भारतीय प्रधानमंत्री व (अब वित्त मंत्री) पी चिदम्बरम को समान रूप से श्रेय दूंगा।" हाफिज सईद की गिरफ्तारी और उसे सौंपे जाने की भारत की मांग के बारे में उन्होंने कहा, "कसाब द्वारा दिया गया मात्र एक बयान पर्याप्त नहीं है। हमें देश के कानून का पालन करना होगा। निश्चित तौर पर न्यायालय को भी संतुष्ट करना होगा.. हाफिज सईद के बारे में ढेर सारे दुस्प्रचार हुए हैं।" मलिक ने कहा, "मैं आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि हम भारतीय सबूत की अभी भी जांच कर रहे हैं। और यदि वह सबूत अंतरराष्ट्रीय न्यायालयी मानकों पर खरा उतर पाया तो मैं स्वदेश लौटने से पहले ही उसकी गिरफ्तारी के आदेश दे दूंगा।"टिप्पणियां मलिक ने कहा, "हमें हाफिज सईद से कोई लगाव नहीं है। हमारा इरादा स्पष्ट है। जो भी अपराध करता है, उसे दंड मिलना चाहिए। मैं पाकिस्तान की जनता की ओर से प्रेम और शांति का एक संदेश लेकर आया हूं।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा आतंकवाद की निंदा की है। उन्होंने कहा, "हमने आतंकवाद में 40,000 बेगुनाहों को गंवाया है, आतंकवादी हमलों में 42,000 अपाहिज हो गए हैं.. हम सभी शांति चाहते हैं.. भारत भी आतंकवाद से पीड़ित है।" अधिकारियों ने कहा कि मलिक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज से शनिवार को मुलाकात करेंगे। वह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकर शिवशंकर मेनन से भी मुलाकात कर सकते हैं। मलिक के साथ आए सरकारी शिष्टमंडल में आंतरिक मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के सदस्य शामिल हैं। मलिक ने मीडियाकर्मियों के साथ बातचीत में कहा कि दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया सही तरीके से आगे बढ़ रही है। मलिक ने कहा, "पाकिस्तान और भारत को मित्र बनना होगा।" उन्होंने कहा कि यह तभी सम्भव होगा, जब दोनों देशों की जनता के बीच अधिक से अधिक परस्पर संवाद हो। मलिक ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के नेताओं के 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"हमने आतंकवाद में 40,000 बेगुनाहों को गंवाया है, आतंकवादी हमलों में 42,000 अपाहिज हो गए हैं.. हम सभी शांति चाहते हैं.. भारत भी आतंकवाद से पीड़ित है।" मलिक के साथ आए सरकारी शिष्टमंडल में आंतरिक मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के सदस्य शामिल हैं। मलिक ने मीडियाकर्मियों के साथ बातचीत में कहा कि दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया सही तरीके से आगे बढ़ रही है। मलिक ने कहा, "पाकिस्तान और भारत को मित्र बनना होगा।" उन्होंने कहा कि यह तभी सम्भव होगा, जब दोनों देशों की जनता के बीच अधिक से अधिक परस्पर संवाद हो। मलिक ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के नेताओं के बीच मुलाकातों के कारण शांति यात्रा बहुत अच्छे तरीके से आगे बढ़ रही है। मलिक ने कहा, "इसके लिए मैं अपने नेता, (राष्ट्रपति आसिफ अली) जरदारी, प्रधानमंत्री, और भारतीय प्रधानमंत्री व (अब वित्त मंत्री) पी चिदम्बरम को समान रूप से श्रेय दूंगा।" हाफिज सईद की गिरफ्तारी और उसे सौंपे जाने की भारत की मांग के बारे में उन्होंने कहा, "कसाब द्वारा दिया गया मात्र एक बयान पर्याप्त नहीं है। हमें देश के कानून का पालन करना होगा। निश्चित तौर पर न्यायालय को भी संतुष्ट करना होगा.. हाफिज सईद के बारे में ढेर सारे दुस्प्रचार हुए हैं।" मलिक ने कहा, "मैं आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि हम भारतीय सबूत की अभी भी जांच कर रहे हैं। और यदि वह सबूत अंतरराष्ट्रीय न्यायालयी मानकों पर खरा उतर पाया तो मैं स्वदेश लौटने से पहले ही उसकी गिरफ्तारी के आदेश दे दूंगा।"टिप्पणियां मलिक ने कहा, "हमें हाफिज सईद से कोई लगाव नहीं है। हमारा इरादा स्पष्ट है। जो भी अपराध करता है, उसे दंड मिलना चाहिए। मैं पाकिस्तान की जनता की ओर से प्रेम और शांति का एक संदेश लेकर आया हूं।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा आतंकवाद की निंदा की है। उन्होंने कहा, "हमने आतंकवाद में 40,000 बेगुनाहों को गंवाया है, आतंकवादी हमलों में 42,000 अपाहिज हो गए हैं.. हम सभी शांति चाहते हैं.. भारत भी आतंकवाद से पीड़ित है।" मलिक ने मीडियाकर्मियों के साथ बातचीत में कहा कि दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया सही तरीके से आगे बढ़ रही है। मलिक ने कहा, "पाकिस्तान और भारत को मित्र बनना होगा।" उन्होंने कहा कि यह तभी सम्भव होगा, जब दोनों देशों की जनता के बीच अधिक से अधिक परस्पर संवाद हो। मलिक ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के नेताओं के बीच मुलाकातों के कारण शांति यात्रा बहुत अच्छे तरीके से आगे बढ़ रही है। मलिक ने कहा, "इसके लिए मैं अपने नेता, (राष्ट्रपति आसिफ अली) जरदारी, प्रधानमंत्री, और भारतीय प्रधानमंत्री व (अब वित्त मंत्री) पी चिदम्बरम को समान रूप से श्रेय दूंगा।" हाफिज सईद की गिरफ्तारी और उसे सौंपे जाने की भारत की मांग के बारे में उन्होंने कहा, "कसाब द्वारा दिया गया मात्र एक बयान पर्याप्त नहीं है। हमें देश के कानून का पालन करना होगा। निश्चित तौर पर न्यायालय को भी संतुष्ट करना होगा.. हाफिज सईद के बारे में ढेर सारे दुस्प्रचार हुए हैं।" मलिक ने कहा, "मैं आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि हम भारतीय सबूत की अभी भी जांच कर रहे हैं। और यदि वह सबूत अंतरराष्ट्रीय न्यायालयी मानकों पर खरा उतर पाया तो मैं स्वदेश लौटने से पहले ही उसकी गिरफ्तारी के आदेश दे दूंगा।"टिप्पणियां मलिक ने कहा, "हमें हाफिज सईद से कोई लगाव नहीं है। हमारा इरादा स्पष्ट है। जो भी अपराध करता है, उसे दंड मिलना चाहिए। मैं पाकिस्तान की जनता की ओर से प्रेम और शांति का एक संदेश लेकर आया हूं।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा आतंकवाद की निंदा की है। उन्होंने कहा, "हमने आतंकवाद में 40,000 बेगुनाहों को गंवाया है, आतंकवादी हमलों में 42,000 अपाहिज हो गए हैं.. हम सभी शांति चाहते हैं.. भारत भी आतंकवाद से पीड़ित है।" मलिक ने कहा, "पाकिस्तान और भारत को मित्र बनना होगा।" उन्होंने कहा कि यह तभी सम्भव होगा, जब दोनों देशों की जनता के बीच अधिक से अधिक परस्पर संवाद हो। मलिक ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के नेताओं के बीच मुलाकातों के कारण शांति यात्रा बहुत अच्छे तरीके से आगे बढ़ रही है। मलिक ने कहा, "इसके लिए मैं अपने नेता, (राष्ट्रपति आसिफ अली) जरदारी, प्रधानमंत्री, और भारतीय प्रधानमंत्री व (अब वित्त मंत्री) पी चिदम्बरम को समान रूप से श्रेय दूंगा।" हाफिज सईद की गिरफ्तारी और उसे सौंपे जाने की भारत की मांग के बारे में उन्होंने कहा, "कसाब द्वारा दिया गया मात्र एक बयान पर्याप्त नहीं है। हमें देश के कानून का पालन करना होगा। निश्चित तौर पर न्यायालय को भी संतुष्ट करना होगा.. हाफिज सईद के बारे में ढेर सारे दुस्प्रचार हुए हैं।" मलिक ने कहा, "मैं आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि हम भारतीय सबूत की अभी भी जांच कर रहे हैं। और यदि वह सबूत अंतरराष्ट्रीय न्यायालयी मानकों पर खरा उतर पाया तो मैं स्वदेश लौटने से पहले ही उसकी गिरफ्तारी के आदेश दे दूंगा।"टिप्पणियां मलिक ने कहा, "हमें हाफिज सईद से कोई लगाव नहीं है। हमारा इरादा स्पष्ट है। जो भी अपराध करता है, उसे दंड मिलना चाहिए। मैं पाकिस्तान की जनता की ओर से प्रेम और शांति का एक संदेश लेकर आया हूं।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा आतंकवाद की निंदा की है। उन्होंने कहा, "हमने आतंकवाद में 40,000 बेगुनाहों को गंवाया है, आतंकवादी हमलों में 42,000 अपाहिज हो गए हैं.. हम सभी शांति चाहते हैं.. भारत भी आतंकवाद से पीड़ित है।" मलिक ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के नेताओं के बीच मुलाकातों के कारण शांति यात्रा बहुत अच्छे तरीके से आगे बढ़ रही है। मलिक ने कहा, "इसके लिए मैं अपने नेता, (राष्ट्रपति आसिफ अली) जरदारी, प्रधानमंत्री, और भारतीय प्रधानमंत्री व (अब वित्त मंत्री) पी चिदम्बरम को समान रूप से श्रेय दूंगा।" हाफिज सईद की गिरफ्तारी और उसे सौंपे जाने की भारत की मांग के बारे में उन्होंने कहा, "कसाब द्वारा दिया गया मात्र एक बयान पर्याप्त नहीं है। हमें देश के कानून का पालन करना होगा। निश्चित तौर पर न्यायालय को भी संतुष्ट करना होगा.. हाफिज सईद के बारे में ढेर सारे दुस्प्रचार हुए हैं।" मलिक ने कहा, "मैं आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि हम भारतीय सबूत की अभी भी जांच कर रहे हैं। और यदि वह सबूत अंतरराष्ट्रीय न्यायालयी मानकों पर खरा उतर पाया तो मैं स्वदेश लौटने से पहले ही उसकी गिरफ्तारी के आदेश दे दूंगा।"टिप्पणियां मलिक ने कहा, "हमें हाफिज सईद से कोई लगाव नहीं है। हमारा इरादा स्पष्ट है। जो भी अपराध करता है, उसे दंड मिलना चाहिए। मैं पाकिस्तान की जनता की ओर से प्रेम और शांति का एक संदेश लेकर आया हूं।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा आतंकवाद की निंदा की है। उन्होंने कहा, "हमने आतंकवाद में 40,000 बेगुनाहों को गंवाया है, आतंकवादी हमलों में 42,000 अपाहिज हो गए हैं.. हम सभी शांति चाहते हैं.. भारत भी आतंकवाद से पीड़ित है।" मलिक ने कहा, "इसके लिए मैं अपने नेता, (राष्ट्रपति आसिफ अली) जरदारी, प्रधानमंत्री, और भारतीय प्रधानमंत्री व (अब वित्त मंत्री) पी चिदम्बरम को समान रूप से श्रेय दूंगा।" हाफिज सईद की गिरफ्तारी और उसे सौंपे जाने की भारत की मांग के बारे में उन्होंने कहा, "कसाब द्वारा दिया गया मात्र एक बयान पर्याप्त नहीं है। हमें देश के कानून का पालन करना होगा। निश्चित तौर पर न्यायालय को भी संतुष्ट करना होगा.. हाफिज सईद के बारे में ढेर सारे दुस्प्रचार हुए हैं।" मलिक ने कहा, "मैं आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि हम भारतीय सबूत की अभी भी जांच कर रहे हैं। और यदि वह सबूत अंतरराष्ट्रीय न्यायालयी मानकों पर खरा उतर पाया तो मैं स्वदेश लौटने से पहले ही उसकी गिरफ्तारी के आदेश दे दूंगा।"टिप्पणियां मलिक ने कहा, "हमें हाफिज सईद से कोई लगाव नहीं है। हमारा इरादा स्पष्ट है। जो भी अपराध करता है, उसे दंड मिलना चाहिए। मैं पाकिस्तान की जनता की ओर से प्रेम और शांति का एक संदेश लेकर आया हूं।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा आतंकवाद की निंदा की है। उन्होंने कहा, "हमने आतंकवाद में 40,000 बेगुनाहों को गंवाया है, आतंकवादी हमलों में 42,000 अपाहिज हो गए हैं.. हम सभी शांति चाहते हैं.. भारत भी आतंकवाद से पीड़ित है।" हाफिज सईद की गिरफ्तारी और उसे सौंपे जाने की भारत की मांग के बारे में उन्होंने कहा, "कसाब द्वारा दिया गया मात्र एक बयान पर्याप्त नहीं है। हमें देश के कानून का पालन करना होगा। निश्चित तौर पर न्यायालय को भी संतुष्ट करना होगा.. हाफिज सईद के बारे में ढेर सारे दुस्प्रचार हुए हैं।" मलिक ने कहा, "मैं आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि हम भारतीय सबूत की अभी भी जांच कर रहे हैं। और यदि वह सबूत अंतरराष्ट्रीय न्यायालयी मानकों पर खरा उतर पाया तो मैं स्वदेश लौटने से पहले ही उसकी गिरफ्तारी के आदेश दे दूंगा।"टिप्पणियां मलिक ने कहा, "हमें हाफिज सईद से कोई लगाव नहीं है। हमारा इरादा स्पष्ट है। जो भी अपराध करता है, उसे दंड मिलना चाहिए। मैं पाकिस्तान की जनता की ओर से प्रेम और शांति का एक संदेश लेकर आया हूं।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा आतंकवाद की निंदा की है। उन्होंने कहा, "हमने आतंकवाद में 40,000 बेगुनाहों को गंवाया है, आतंकवादी हमलों में 42,000 अपाहिज हो गए हैं.. हम सभी शांति चाहते हैं.. भारत भी आतंकवाद से पीड़ित है।" मलिक ने कहा, "मैं आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि हम भारतीय सबूत की अभी भी जांच कर रहे हैं। और यदि वह सबूत अंतरराष्ट्रीय न्यायालयी मानकों पर खरा उतर पाया तो मैं स्वदेश लौटने से पहले ही उसकी गिरफ्तारी के आदेश दे दूंगा।"टिप्पणियां मलिक ने कहा, "हमें हाफिज सईद से कोई लगाव नहीं है। हमारा इरादा स्पष्ट है। जो भी अपराध करता है, उसे दंड मिलना चाहिए। मैं पाकिस्तान की जनता की ओर से प्रेम और शांति का एक संदेश लेकर आया हूं।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा आतंकवाद की निंदा की है। उन्होंने कहा, "हमने आतंकवाद में 40,000 बेगुनाहों को गंवाया है, आतंकवादी हमलों में 42,000 अपाहिज हो गए हैं.. हम सभी शांति चाहते हैं.. भारत भी आतंकवाद से पीड़ित है।" मलिक ने कहा, "हमें हाफिज सईद से कोई लगाव नहीं है। हमारा इरादा स्पष्ट है। जो भी अपराध करता है, उसे दंड मिलना चाहिए। मैं पाकिस्तान की जनता की ओर से प्रेम और शांति का एक संदेश लेकर आया हूं।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा आतंकवाद की निंदा की है। उन्होंने कहा, "हमने आतंकवाद में 40,000 बेगुनाहों को गंवाया है, आतंकवादी हमलों में 42,000 अपाहिज हो गए हैं.. हम सभी शांति चाहते हैं.. भारत भी आतंकवाद से पीड़ित है।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा आतंकवाद की निंदा की है। उन्होंने कहा, "हमने आतंकवाद में 40,000 बेगुनाहों को गंवाया है, आतंकवादी हमलों में 42,000 अपाहिज हो गए हैं.. हम सभी शांति चाहते हैं.. भारत भी आतंकवाद से पीड़ित है।"
संक्षिप्त सारांश: पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री रहमान मलिक शुक्रवार को तीन दिवसीय दौरे पर भारत पहुंच गए। यहां पहुंचने के तत्काल बाद दोनों देशों ने नए वीजा समझौते पर हस्ताक्षर किए।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: Prasthanam Box Office Collection Day 2: बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त (Sanjay Dutt) की मोस्ट अवेटिड फिल्म 'प्रस्थानम (Prassthanam)' रिलीज हो गई है. फैमिली ड्रामा पर आधारित ये फिल्म दर्शकों को काफी लुभा रही है. फिल्म 'प्रस्थानम' सनी देओल के बेटे करण देओल की फिल्म 'पल पल दिल के पास (Pal Pal Dil Ke Paas)' और सोनम कपूर की फिल्म 'द जोया फैक्टर' के साथ रिलीज हुई है. हालांकि कमाई के मामले में ये फिल्म करण दोओल और  सोनम कपूर की फिल्म से अच्छी कमाई कर रही है. बॉक्स ऑफिस इंडिया डॉट कॉम के मुताबिक संजय दत्त की फिल्म ने दूसरे दिन बॉक्स ऑफिस पर 1 करोड़ रुपये की कमाई की. इस हिसाब से फिल्म 'प्रस्थानम (Prassthanam)' ने दो दिनों में 4.07 करोड़ रुपये की ठीक-ठाक कमाई कर ली है. संजय दत्त की फिल्म ने शुक्रवार को 3.07 करोड़ रुपये का बिजनेस किया था. संजय दत्त और मनीषा कोइराला (Manisha Koirala) स्टारर फिल्म 'प्रस्थानम' में इनके अलावा अली फजल, जैकी श्रॉफ, चंकी पांडेय, अमायरा दस्तूर (Amayra Dastur) और सत्यजीत दुबे भी शामिल हैं. संजय दत्त (Sanjay Dutt) के प्रोडक्शन हाउस में बनी इस फिल्म को डायरेक्टर देवा कात्ता (Deva Katta) ने निर्देशित किया है. फिल्म की स्टोरी फैमिली ड्रामा पर आधारित है, जिसके केंद्र में राजनीती है. संजय दत्त फिल्म में एक बाहुबली नेता का किरदार निभा रहे हैं, जो एक विवधा महिला से शादी करते हैं. वहीं सत्ता पाने की चाह में संजय के दोनों बेटे आपस में उलझते नजर आते हैं.
संक्षिप्त सारांश: संजय दत्त की फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर तहलका दर्शकों को खुब लुभा रही है संजय दत्त की फिल्म करण देओल की फिल्म 'पल पल दिल के पास' को पछाड़ा
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आरुषि-हेमराज हत्याकांड में नूपुर की नियमित जमानत पर सेशन कोर्ट में सुनवाई पूरी होने के बाद जमानत पर फैसला कल तक के लिए टल गया है।टिप्पणियां उनके वकीलों की दलील है कि नूपुर ने हत्याकांड की जांच में पूरी मदद की है। साथ ही उन्होंने कहा है कि पॉलीग्रीफी और नार्को टेस्ट में नूपुर के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है। गौरतलब है कि सोमवार को सीबीआई कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद नूपुर ने सेशन कोर्ट में जमानत की अर्जी दी थी। नूपुर ने नियमित जमानत पर सुनवाई होने तक अंतरिम जमानत की मांग की थी लेकिन सेशन कोर्ट ने सोमवार को नूपुर की अंतरिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था जिसके बाद नूपुर तलवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा दिया गया था। उनके वकीलों की दलील है कि नूपुर ने हत्याकांड की जांच में पूरी मदद की है। साथ ही उन्होंने कहा है कि पॉलीग्रीफी और नार्को टेस्ट में नूपुर के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है। गौरतलब है कि सोमवार को सीबीआई कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद नूपुर ने सेशन कोर्ट में जमानत की अर्जी दी थी। नूपुर ने नियमित जमानत पर सुनवाई होने तक अंतरिम जमानत की मांग की थी लेकिन सेशन कोर्ट ने सोमवार को नूपुर की अंतरिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था जिसके बाद नूपुर तलवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा दिया गया था। गौरतलब है कि सोमवार को सीबीआई कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद नूपुर ने सेशन कोर्ट में जमानत की अर्जी दी थी। नूपुर ने नियमित जमानत पर सुनवाई होने तक अंतरिम जमानत की मांग की थी लेकिन सेशन कोर्ट ने सोमवार को नूपुर की अंतरिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था जिसके बाद नूपुर तलवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा दिया गया था।
संक्षिप्त पाठ: आरुषि-हेमराज हत्याकांड में नूपुर की नियमित जमानत पर सेशन कोर्ट में सुनवाई पूरी होने के बाद जमानत पर फैसला कल तक के लिए टल गया है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत के चोटी के खिलाड़ी लिएंडर पेस ने विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट के पुरुष युगल में शुक्रवार को अच्छी शुरुआत करके दूसरे दौर में जगह बनाई लेकिन महेश भूपति मिश्रित युगल के पहले दौर में हार गए। पेस और चेक गणराज्य के उनके जोड़ीदार रादेक स्टेपनेक ने पुरुष युगल के पहले दौर में इटली के डेनियल ब्रासियेली और इस्राइल के जोनाथन एलरिच को तीन घंटे पांच मिनट तक चले मैच में 7-6, 6-4, 6-7, 6-4 से हराया। यह मैच गुरुवार को बारिश के कारण पूरा नहीं हो पाया था। पेस और स्टेपनेक की चौथी वरीय जोड़ी को 11 बार ब्रेक प्वाइंट का मौका मिला जिसमें से उन्होंने दूसरे और चौथे सेट में एक-एक बार अपने प्रतिद्वंद्वियों की सर्विस तोड़ी। ब्रासियेली और एलरिच को उन्होंने ब्रेक प्वाइंट लेने के केवल तीन मौके दिए और इनमें भी उन्हें सफल नहीं होने दिया।टिप्पणियां इस जोड़ी का अगला मुकाबला ग्रेट ब्रिटेन के जेमी डेलगाडो और ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू एबडेन से होगा। इस बीच भूपति और स्लोवाकिया की डेनियल हांतुचोवा की जोड़ी मिश्रित युगल के पहले दौर में हारकर बाहर हो गई। उन्हें बहमास के मार्क नोल्स और जर्मनी की सैबाइन लिस्की की जोड़ी के हाथों 7-6, 4-6, 4-6 से हार का सामना करना पड़ा। पेस, बोपन्ना और सानिया मिर्जा ने मिश्रित युगल में भी अलग अलग जोड़ीदारों के साथ जोड़ी बनायी है। इन तीनों की जोड़ियों को पहले दौर में बाई मिली है। पेस और चेक गणराज्य के उनके जोड़ीदार रादेक स्टेपनेक ने पुरुष युगल के पहले दौर में इटली के डेनियल ब्रासियेली और इस्राइल के जोनाथन एलरिच को तीन घंटे पांच मिनट तक चले मैच में 7-6, 6-4, 6-7, 6-4 से हराया। यह मैच गुरुवार को बारिश के कारण पूरा नहीं हो पाया था। पेस और स्टेपनेक की चौथी वरीय जोड़ी को 11 बार ब्रेक प्वाइंट का मौका मिला जिसमें से उन्होंने दूसरे और चौथे सेट में एक-एक बार अपने प्रतिद्वंद्वियों की सर्विस तोड़ी। ब्रासियेली और एलरिच को उन्होंने ब्रेक प्वाइंट लेने के केवल तीन मौके दिए और इनमें भी उन्हें सफल नहीं होने दिया।टिप्पणियां इस जोड़ी का अगला मुकाबला ग्रेट ब्रिटेन के जेमी डेलगाडो और ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू एबडेन से होगा। इस बीच भूपति और स्लोवाकिया की डेनियल हांतुचोवा की जोड़ी मिश्रित युगल के पहले दौर में हारकर बाहर हो गई। उन्हें बहमास के मार्क नोल्स और जर्मनी की सैबाइन लिस्की की जोड़ी के हाथों 7-6, 4-6, 4-6 से हार का सामना करना पड़ा। पेस, बोपन्ना और सानिया मिर्जा ने मिश्रित युगल में भी अलग अलग जोड़ीदारों के साथ जोड़ी बनायी है। इन तीनों की जोड़ियों को पहले दौर में बाई मिली है। पेस और स्टेपनेक की चौथी वरीय जोड़ी को 11 बार ब्रेक प्वाइंट का मौका मिला जिसमें से उन्होंने दूसरे और चौथे सेट में एक-एक बार अपने प्रतिद्वंद्वियों की सर्विस तोड़ी। ब्रासियेली और एलरिच को उन्होंने ब्रेक प्वाइंट लेने के केवल तीन मौके दिए और इनमें भी उन्हें सफल नहीं होने दिया।टिप्पणियां इस जोड़ी का अगला मुकाबला ग्रेट ब्रिटेन के जेमी डेलगाडो और ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू एबडेन से होगा। इस बीच भूपति और स्लोवाकिया की डेनियल हांतुचोवा की जोड़ी मिश्रित युगल के पहले दौर में हारकर बाहर हो गई। उन्हें बहमास के मार्क नोल्स और जर्मनी की सैबाइन लिस्की की जोड़ी के हाथों 7-6, 4-6, 4-6 से हार का सामना करना पड़ा। पेस, बोपन्ना और सानिया मिर्जा ने मिश्रित युगल में भी अलग अलग जोड़ीदारों के साथ जोड़ी बनायी है। इन तीनों की जोड़ियों को पहले दौर में बाई मिली है। इस जोड़ी का अगला मुकाबला ग्रेट ब्रिटेन के जेमी डेलगाडो और ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू एबडेन से होगा। इस बीच भूपति और स्लोवाकिया की डेनियल हांतुचोवा की जोड़ी मिश्रित युगल के पहले दौर में हारकर बाहर हो गई। उन्हें बहमास के मार्क नोल्स और जर्मनी की सैबाइन लिस्की की जोड़ी के हाथों 7-6, 4-6, 4-6 से हार का सामना करना पड़ा। पेस, बोपन्ना और सानिया मिर्जा ने मिश्रित युगल में भी अलग अलग जोड़ीदारों के साथ जोड़ी बनायी है। इन तीनों की जोड़ियों को पहले दौर में बाई मिली है। उन्हें बहमास के मार्क नोल्स और जर्मनी की सैबाइन लिस्की की जोड़ी के हाथों 7-6, 4-6, 4-6 से हार का सामना करना पड़ा। पेस, बोपन्ना और सानिया मिर्जा ने मिश्रित युगल में भी अलग अलग जोड़ीदारों के साथ जोड़ी बनायी है। इन तीनों की जोड़ियों को पहले दौर में बाई मिली है।
संक्षिप्त सारांश: पेस और चेक गणराज्य के उनके जोड़ीदार रादेक स्टेपनेक ने पुरुष युगल के पहले दौर में इटली के डेनियल ब्रासियेली और इस्राइल के जोनाथन एलरिच को तीन घंटे पांच मिनट तक चले मैच में 7-6, 6-4, 6-7, 6-4 से हराया। यह मैच गुरुवार को बारिश के कारण पूरा नहीं हो पाया था।
29
['hin']
एक सारांश बनाओ: कैबिनेट कमेटी ऑन अकोमडेशन का कंपोजीशन गृह मंत्री अमित शाह, रोड ट्रांसपोर्ट एण्ड हाईवे मंत्री नितिन गडकरी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और रेल मंत्री पीयूष गोयल के पास रहेगा. इसके अलावा इसमें विशेष तौर पर जितेंद्र सिंह और हरदीप सिंह पुरी को भी शामिल किया गया है.  कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनामिक अफेयर्स में पीएम मोदी, राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, डीवी सदानंद गौड़, निर्मला सीतारमण, नरेंद्र सिंह तोमर, रवि शंकर प्रसाद, हरसिमरत कौर बादल, डॉ एस जयशंकर, पीयूष गोयल और धर्मेंद्र प्रधान हैं. कैबिनेट कमेटी ऑन पार्लियामेंट अफेयर्स का कंपोजीशन अमित शाह, निर्मला सीतारमण, रामविलास पासवान, नरेंद्र सिंह तोमर, रविशंकर प्रसाद, थावर चंद गहलोत, प्रकाश जावड़ेकर और प्रहलाद जोशी को दिया गया है. इसमें विशेष तौर पर अर्जुन राम मेघवाल और वी मुरलीधरन को शामिल किया गया है.  कैबिनेट कमेटी ऑन पॉलिटिकल अफेयर्स में पीएम मोदी, अमित शाह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, रामविलास पासवान, नरेंद्र सिंह तोमर, रविशंकर प्रसाद, हरसिमरत कौर बादल, डॉ हर्षवर्धन, पीयूष गोयल, अरविंद गणपत सावंत और प्रहलाद जोशी शामिल हैं. कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी में पीएम मोदी, राजनाथ सिंह, अमित शाह, निर्मला सीतारमण और एस जयशंकर हैं. वहीं कैबिनेट कमेटी ऑन इनवेस्टमेंट एण्ड ग्रोथ में पीएम मोदी, अमित शाह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण और पीयूष गोयल शामिल हैं.   कैबिनेट कमेटी ऑन इम्पलॉयमेंट एण्ड स्किल डेवलेपमेंट में पीएम मोदी, अमित शाह, निर्मला सीतारमण, नरेंद्र सिंह तोमर, पीयूष गोयल, रमेश पोखरियाल, धर्मेंद्र प्रधान, महेंद्र नाथ पांडे, संतोष कुमार गंगवार और हरदीप सिंह पुरी हैं. इसमें खास तौर पर नितिन गडकरी, हरसिमरत कौर बादल, स्मृति ईरानी और प्रहलाद सिंह पटेल को शामिल किया गया है.  1- अप्वाइंटमेंट कमेटी ऑफ द कैबिनेट 2- कैबिनेट कमेटी ऑन अकोमडेशन, 3- कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स, 4- कैबिनेट कमेटी ऑन पार्लियामेंट अफेयर्स, 5- कैबिनेट कमेटी ऑन पॉलिटिकल अफेयर्स, 6- कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी, 7- कैबिनेट कमेटी ऑन इनवेस्टमेंट एण्ड ग्रोथ, 8- कैबिनेट कमेटी ऑन इम्पलॉयमेंट एण्ड स्किल डेवलेपमेंट
यहाँ एक सारांश है:शपथ ग्रहण के बाद मोदी सरकार का बड़ा फैसला 8 कैबिनेट कमेटियों का किया दोबारा गठन अप्वाइंटमेंट कमेटी ऑफ द कैबिनेट का कंपोजीशन पीएम और शाह के पास रहेगा
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: निरंतर बढ़ रही महंगाई के साथ महानगर के बच्चों और युवाओं का जेब खर्च भी 2005 से अब तक 10 गुना बढ़ चुका है। शहरी भारत में जेब खर्च की स्थिति पर किए गए एक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई। एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) ने एसोचैम सामाजिक विकास फाउंडेशन के मार्गदर्शन में देश के पांच महानगरों के कुल 3,000 किशोरों और युवाओं से बातचीत कर यह निष्कर्ष निकाला। सर्वेक्षण में शामिल किए जाने वाले बच्चों और युवाओं की उम्र 12-20 साल थी। एसोचैम के महासचिव डीएस रावत ने कहा कि 2005 में जहां स्कूली बच्चों और कॉलेज के युवाओं को 450-500 रुपये प्रति माह मिलते थे। आज उन्हें जेब खर्च के रूप में 3,600-12,000 रुपये प्रति माह मिल रहे हैं। सर्वेक्षण के मुताबिक महानगरों में सात-10 वर्ष के बच्चे हर सप्ताह 50-100 रुपये खर्च करते हैं। महानगर के बच्चे अपनी जेबखर्च का 55 फीसदी हिस्सा आधुनिक गैजेट जैसे डिजिटल कैमरे, आईपॉड, एमपी3 प्लेयर, मोबाइल, आदि पर खर्च करते हैं। जेब खर्च का 25 फीसदी फिल्म और मॉल पर और 20 फीसदी खाने-पीने पर खर्च होता है। सर्वेक्षण के मुताबिक किशोरियों और युवतियों से दोस्ती रखने वाले बच्चे अधिक खर्च करते हैं।
सारांश: निरंतर बढ़ रही महंगाई के साथ महानगर के बच्चों और युवाओं का जेब खर्च भी 2005 से अब तक 10 गुना बढ़ चुका है।
7
['hin']
एक सारांश बनाओ: कुत्ता एक ऐसा जानवर है जिसकी इंसानों से सबसे पहले दोस्ती हुई थी. यानी कुत्ते को इंसानों ने सबसे पहले पालतू बनाया था. इंसानों और कुत्ते की दोस्ती आज तक कायम है. शायद इस दुनिया में कुत्ता इकलौता ऐसा जानवर है जो इंसानी भावनाओं को सबसे ज्यादा समझता है. इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुत्ते और इंसान की दोस्ती का एक भावनात्मक रिश्ता देखने को मिल रहा है. इस वीडियो में दिख रहा है कि एक कुत्ता अपने मालिक में लिपट रहा है. आप अगर इस वीडियो को सुनेंगे तो पता चलेगा कि कुत्ते ने कोई गलती की है, जिसके चलते मालिक उससे नाराज हो गया है. कुत्ता अपने मालिक से माफी मांग रहा है. साथ ही वह बार-बार इस तरह से प्यार जता रहा है कि वह आगे से ऐसी गलती नहीं करेगा. यानी वह अपने नाराज मालिक को मनाने की कोशिश में जुटा दिख रहा है. कुत्ते का मालिक उसे बार-बार दुत्कार रहा है, वह उसे दूर हटने के लिए कहता है, लेकिन वह मनाने की जिद्द पकड़े दिख रहा है. NTD Television के फेसबुक पेज से एक मई को शेयर किए गए इस वीडियो को अब तक 26 लाख से ज्यादा बार देख चुके हैं. इसके करीब अलावा 50 हजार लोग शेयर कर चुके हैं. मालूम हो कि साल 2015 में आए एक रिसर्च रिपोर्ट में दावा किया गया था इंसान और कुत्ते के बीच दोस्ती का यह रिश्ता 27 से 40 हजार साल पुराना है. 35 हजार साल पुरानी तेमायर भेड़िये की हड्डी पर किए गए आनुवांशिक विश्लेषण के बाद यह बात साबित हुई है. तेमायर भेड़िये वर्तमान कुत्ते और भेड़िये की प्रजातियों के पूर्वज थे. यह स्टडी सेल प्रेस जर्नल करंट बायॉलजी में प्रकाशित हुई है. स्वीडिश प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय के लव डेलन बताते हैं, 'असल में जिस समय पर हम विश्वास करते हैं, उससे काफी पहले ही कुत्तों को घरों में पाला जाने लगा था. उस वक्त दो प्रकार के भेड़ियों की प्रजाति थी जिसमें से एक वर्तमान की प्रजाति है.'टिप्पणियां इस स्टडी के पहले लेखक और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल से संबद्ध पोंटस स्कोगलुंड बताते हैं कि यह संभव है कि बड़ी तादाद में फैले यह भेड़िये इंसानों के संपर्क में आए और उनके साथ रहने लगे. डीएनए से यह भी साबित हुआ है कि वर्तमान में मौजूद साइबेरियन और ग्रीनलैंड नस्ल के कुत्ते तेमायर भेड़ियों की नस्ल के ज्यादा करीब हैं. स्कोगलुंड आगे कहते हैं, 'ये भेड़िये आदि मानवों के खत्म होने के एक साल के बाद तक ही जिए, इसके बाद आधुनिक मानव यूरोप और एशिया में रहने लगे.'   मालूम हो कि साल 2015 में आए एक रिसर्च रिपोर्ट में दावा किया गया था इंसान और कुत्ते के बीच दोस्ती का यह रिश्ता 27 से 40 हजार साल पुराना है. 35 हजार साल पुरानी तेमायर भेड़िये की हड्डी पर किए गए आनुवांशिक विश्लेषण के बाद यह बात साबित हुई है. तेमायर भेड़िये वर्तमान कुत्ते और भेड़िये की प्रजातियों के पूर्वज थे. यह स्टडी सेल प्रेस जर्नल करंट बायॉलजी में प्रकाशित हुई है. स्वीडिश प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय के लव डेलन बताते हैं, 'असल में जिस समय पर हम विश्वास करते हैं, उससे काफी पहले ही कुत्तों को घरों में पाला जाने लगा था. उस वक्त दो प्रकार के भेड़ियों की प्रजाति थी जिसमें से एक वर्तमान की प्रजाति है.'टिप्पणियां इस स्टडी के पहले लेखक और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल से संबद्ध पोंटस स्कोगलुंड बताते हैं कि यह संभव है कि बड़ी तादाद में फैले यह भेड़िये इंसानों के संपर्क में आए और उनके साथ रहने लगे. डीएनए से यह भी साबित हुआ है कि वर्तमान में मौजूद साइबेरियन और ग्रीनलैंड नस्ल के कुत्ते तेमायर भेड़ियों की नस्ल के ज्यादा करीब हैं. स्कोगलुंड आगे कहते हैं, 'ये भेड़िये आदि मानवों के खत्म होने के एक साल के बाद तक ही जिए, इसके बाद आधुनिक मानव यूरोप और एशिया में रहने लगे.'   स्वीडिश प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय के लव डेलन बताते हैं, 'असल में जिस समय पर हम विश्वास करते हैं, उससे काफी पहले ही कुत्तों को घरों में पाला जाने लगा था. उस वक्त दो प्रकार के भेड़ियों की प्रजाति थी जिसमें से एक वर्तमान की प्रजाति है.'टिप्पणियां इस स्टडी के पहले लेखक और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल से संबद्ध पोंटस स्कोगलुंड बताते हैं कि यह संभव है कि बड़ी तादाद में फैले यह भेड़िये इंसानों के संपर्क में आए और उनके साथ रहने लगे. डीएनए से यह भी साबित हुआ है कि वर्तमान में मौजूद साइबेरियन और ग्रीनलैंड नस्ल के कुत्ते तेमायर भेड़ियों की नस्ल के ज्यादा करीब हैं. स्कोगलुंड आगे कहते हैं, 'ये भेड़िये आदि मानवों के खत्म होने के एक साल के बाद तक ही जिए, इसके बाद आधुनिक मानव यूरोप और एशिया में रहने लगे.'   इस स्टडी के पहले लेखक और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल से संबद्ध पोंटस स्कोगलुंड बताते हैं कि यह संभव है कि बड़ी तादाद में फैले यह भेड़िये इंसानों के संपर्क में आए और उनके साथ रहने लगे. डीएनए से यह भी साबित हुआ है कि वर्तमान में मौजूद साइबेरियन और ग्रीनलैंड नस्ल के कुत्ते तेमायर भेड़ियों की नस्ल के ज्यादा करीब हैं. स्कोगलुंड आगे कहते हैं, 'ये भेड़िये आदि मानवों के खत्म होने के एक साल के बाद तक ही जिए, इसके बाद आधुनिक मानव यूरोप और एशिया में रहने लगे.'   स्कोगलुंड आगे कहते हैं, 'ये भेड़िये आदि मानवों के खत्म होने के एक साल के बाद तक ही जिए, इसके बाद आधुनिक मानव यूरोप और एशिया में रहने लगे.'
सारांश: कुत्ते और इंसानों की दोस्ती जगजाहिर है मालिक को मनाने के लिए कुत्ते ने की दिल छूने वाली हरकत कुत्ते और मालिक की दोस्ती का वीडियो हो रहा वायरल
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['hin']