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इस के लिए एक सारांश बनाएं: घोटालों और सत्ता के गलत इस्तेमाल के मामले में पूर्व टेलीकॉम मंत्री ए राजा दुनिया में दूसरे नंबर पर हैं। करोड़ों रुपये के घोटाले में फंसे ए राजा सत्ता के गलत इस्तेमाल के मामले में लीबिया के तानाशाह गद्दाफी को पछाड़ चुके हैं। यह कहना है प्रसिद्ध 'टाइम' पत्रिका का। 'टाइम' के मुताबिक सत्ता का गलत इस्तेमाल करने वाले शीर्ष 10 लोगों में राजा को इसलिए दूसरे नंबर पर रखा गया है, क्योंकि उनकी वजह से सरकारी खजाने को अब तक की सबसे बड़ी चपत लगी है। यह भारत के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा घोटाला है। इस मामले में पहले नंबर पर हैं अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन, जिन्होंने अपने विरोधियों के खिलाफ सत्ता का गलत इस्तेमाल किया। गद्दाफी इस बदनाम लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं। छठे नंबर पर है इटली के पीएम सिल्वियो बर्लुस्कोनी और 7वें नंबर पर है उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग इल, जो कि दक्षिण कोरिया से महिलाओं को अगवा कर जबरदस्ती अपने पास रखते हैं।
यह एक सारांश है: करोड़ों के घोटाले में फंसे ए राजा सत्ता के गलत इस्तेमाल के मामले में लीबिया के तानाशाह गद्दाफी को पछाड़ चुके हैं। यह कहना है प्रसिद्ध 'टाइम' पत्रिका का।
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सचिन तेंदुलकर पर विश्व कप सेमीफाइनल में पाकिस्तानी क्षेत्ररक्षक खूब मेहरबान रहे, लेकिन इसके बावजूद मास्टर ब्लास्टर शतकों का महाशतक पूरा करने से चूक गए। तेंदुलकर 85 रन बनाकर आउट हुए और इस तरह से उनका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100वें शतक का इंतजार और बढ़ गया। तेंदुलकर की पारी हालांकि आकर्षक नहीं रही और जहां चार बार उनके आसान कैच छूटे, वहीं एक बार यूडीआरएस उनके बचाव में आगे आया, जबकि एक अवसर पर उन्हें संदेह का फायदा मिला। तेंदुलकर जब 23 रन पर थे, तब ऑफ स्पिनर सईद अजमल की पगबाधा की अपील पर अंपायर इयान गोल्ड की अंगुली उठ गई। तेंदुलकर ने तुरंत ही रेफरल मांगा। गेंद लाइन में थी, लेकिन रीप्ले से पता लग रहा था कि वह लेग स्टंप छोड़ रही थी। गोल्ड ने इसे दूसरा मानकर अंगुली उठाई थी। अगली गेंद पर स्टंपिंग की अपील पर तेंदुलकर को संदेह का फायदा मिला। इसके बाद तेंदुलकर को जीवनदान मिलने का क्रम शुरू हुआ और पाकिस्तानी क्षेत्ररक्षकों ने उनके कैच टपकाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। तेंदुलकर जब 27 रन पर थे, तब मिडविकेट पर मिस्बाह उल हक ने उनका कैच छोड़ा। इसके बाद उन्हें 45 रन के निजी योग पर यूनुस खान ने और 70 रन पर कामरान अकमल ने जीवनदान दिया। तीनों अवसरों पर दुर्भाग्यशाली गेंदबाज कप्तान शाहिद आफरीदी रहे। तेंदुलकर जब 81 रन पर थे, तब मोहम्मद हफीज की गेंद पर उमर अकमल ने आसान कैच टपकाया। आफरीदी आखिर में तेंदुलकर का कैच लेने में सफल रहे। अजमल की गेंद पर तेंदुलकर ने ढीला ड्राइव किया और एक्स्ट्रा कवर पर आफरीदी ने कैच लेने में कोई गलती नहीं की।
संक्षिप्त सारांश: तेंदुलकर पर विश्व कप सेमीफाइनल में पाकिस्तानी क्षेत्ररक्षक खूब मेहरबान रहे, लेकिन इसके बावजूद मास्टर ब्लास्टर शतकों का महाशतक पूरा करने से चूक गए।
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: नए कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति चुनाव सर्वसम्मति से होनी चाहिए न कि चुनाव से ताकि पार्टी को एकजुट रखने में मदद मिले और निश्चित तौर पर राहुल गांधी इसके लिए उपयुक्त हैं. यह बात रविवार को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कही. उन्होंने कहा कि यह सोनिया गांधी पर निर्भर करता है कि वह दूसरे कार्यकाल के लिए पार्टी प्रमुख बना रहना चाहती हैं या नहीं और अगर वह ऐसा निर्णय करती हैं तो पार्टी खुश होगी. बहरहाल अमरिंदर ने कांग्रेस में क्षेत्रीय नेताओं को आगे बढ़ाने की वकालत की और कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों से प्रत्येक राज्य में पहले पार्टी का चेहरा पेश किया जाए. उन्होंने पीटीआई को साक्षात्कार में कहा, 'चुनाव हमेशा तीखे होते हैं और आम सहमति से पार्टी एकजुट रहती है. पार्टी अध्यक्ष पर नियुक्ति आम सहमति से होनी चाहिए.' कांग्रेस में सांगठनिक चुनाव की प्रक्रिया चल रही है और नये पार्टी प्रमुख का चुनाव 15 अक्टूबर तक होना है. सोनिया गांधी के बारे में उन्होंने कहा कि 2019 तक दूसरे कार्यकाल के लिए पद पर बने रहना पूरी तरह उनकी इच्छा पर निर्भर करता है. उन्होंने कहा, 'उन्होंने कड़ी मेहनत की है. अगर वह रहना चाहती हैं तो मेरा मानना है कि पार्टी को खुशी होगी. अगर वह जाना चाहती हें तो मेरा मानना है कि राहुल पद संभालने की स्थिति में हैं...पार्टी उपाध्यक्ष के तौर पर मैं दो-तीन सालों से उनके साथ काम कर रहा हूं, मेरा मानना है कि निश्चित रूप से वह इस योग्य हैं.' टिप्पणियां बहरहाल उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि सोनिया महसूस करती हैं, उन्होंने काफी काम किया है. अमरिंदर ने कहा कि पिछले 20 सालों से उन्होंने अनवरत काम किया है जब से पार्टी अध्यक्ष बनी हैं और यह लंबा वक्त होता है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि यह सोनिया गांधी पर निर्भर करता है कि वह दूसरे कार्यकाल के लिए पार्टी प्रमुख बना रहना चाहती हैं या नहीं और अगर वह ऐसा निर्णय करती हैं तो पार्टी खुश होगी. बहरहाल अमरिंदर ने कांग्रेस में क्षेत्रीय नेताओं को आगे बढ़ाने की वकालत की और कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों से प्रत्येक राज्य में पहले पार्टी का चेहरा पेश किया जाए. उन्होंने पीटीआई को साक्षात्कार में कहा, 'चुनाव हमेशा तीखे होते हैं और आम सहमति से पार्टी एकजुट रहती है. पार्टी अध्यक्ष पर नियुक्ति आम सहमति से होनी चाहिए.' कांग्रेस में सांगठनिक चुनाव की प्रक्रिया चल रही है और नये पार्टी प्रमुख का चुनाव 15 अक्टूबर तक होना है. सोनिया गांधी के बारे में उन्होंने कहा कि 2019 तक दूसरे कार्यकाल के लिए पद पर बने रहना पूरी तरह उनकी इच्छा पर निर्भर करता है. उन्होंने कहा, 'उन्होंने कड़ी मेहनत की है. अगर वह रहना चाहती हैं तो मेरा मानना है कि पार्टी को खुशी होगी. अगर वह जाना चाहती हें तो मेरा मानना है कि राहुल पद संभालने की स्थिति में हैं...पार्टी उपाध्यक्ष के तौर पर मैं दो-तीन सालों से उनके साथ काम कर रहा हूं, मेरा मानना है कि निश्चित रूप से वह इस योग्य हैं.' टिप्पणियां बहरहाल उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि सोनिया महसूस करती हैं, उन्होंने काफी काम किया है. अमरिंदर ने कहा कि पिछले 20 सालों से उन्होंने अनवरत काम किया है जब से पार्टी अध्यक्ष बनी हैं और यह लंबा वक्त होता है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने पीटीआई को साक्षात्कार में कहा, 'चुनाव हमेशा तीखे होते हैं और आम सहमति से पार्टी एकजुट रहती है. पार्टी अध्यक्ष पर नियुक्ति आम सहमति से होनी चाहिए.' कांग्रेस में सांगठनिक चुनाव की प्रक्रिया चल रही है और नये पार्टी प्रमुख का चुनाव 15 अक्टूबर तक होना है. सोनिया गांधी के बारे में उन्होंने कहा कि 2019 तक दूसरे कार्यकाल के लिए पद पर बने रहना पूरी तरह उनकी इच्छा पर निर्भर करता है. उन्होंने कहा, 'उन्होंने कड़ी मेहनत की है. अगर वह रहना चाहती हैं तो मेरा मानना है कि पार्टी को खुशी होगी. अगर वह जाना चाहती हें तो मेरा मानना है कि राहुल पद संभालने की स्थिति में हैं...पार्टी उपाध्यक्ष के तौर पर मैं दो-तीन सालों से उनके साथ काम कर रहा हूं, मेरा मानना है कि निश्चित रूप से वह इस योग्य हैं.' टिप्पणियां बहरहाल उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि सोनिया महसूस करती हैं, उन्होंने काफी काम किया है. अमरिंदर ने कहा कि पिछले 20 सालों से उन्होंने अनवरत काम किया है जब से पार्टी अध्यक्ष बनी हैं और यह लंबा वक्त होता है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सोनिया गांधी के बारे में उन्होंने कहा कि 2019 तक दूसरे कार्यकाल के लिए पद पर बने रहना पूरी तरह उनकी इच्छा पर निर्भर करता है. उन्होंने कहा, 'उन्होंने कड़ी मेहनत की है. अगर वह रहना चाहती हैं तो मेरा मानना है कि पार्टी को खुशी होगी. अगर वह जाना चाहती हें तो मेरा मानना है कि राहुल पद संभालने की स्थिति में हैं...पार्टी उपाध्यक्ष के तौर पर मैं दो-तीन सालों से उनके साथ काम कर रहा हूं, मेरा मानना है कि निश्चित रूप से वह इस योग्य हैं.' टिप्पणियां बहरहाल उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि सोनिया महसूस करती हैं, उन्होंने काफी काम किया है. अमरिंदर ने कहा कि पिछले 20 सालों से उन्होंने अनवरत काम किया है जब से पार्टी अध्यक्ष बनी हैं और यह लंबा वक्त होता है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बहरहाल उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि सोनिया महसूस करती हैं, उन्होंने काफी काम किया है. अमरिंदर ने कहा कि पिछले 20 सालों से उन्होंने अनवरत काम किया है जब से पार्टी अध्यक्ष बनी हैं और यह लंबा वक्त होता है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: 'पार्टी अध्यक्ष पर नियुक्ति आम सहमित से होनी चाहिए' 'राहुल गांधी निश्चित तौर पर अध्यक्ष के लिए उपयुक्त हैं' 'विधानसभा चुनावों से पहले हर राज्य में पहले पार्टी का चेहरा पेश किया जाए'
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लोहाणी मध्यप्रदेश पर्यटन के आयुक्त और एमडी भी रह चुके हैं. इसके अलावा वह ITDC के भी सीएमडी रहे और उस दौरान भी उन्होंने तत्कालीन पर्यटन राज्यमंत्री विनोद खन्ना को उस खाने का बिल पहुंचाया था जिसकी कीमत लाखों में थी. बताया जाता है कि यह दिल्ली के जनपथ होटल का बिल था जहां से राज्यमंत्री अपना खाना मंगवाया करते थे. लोहाणी के बिल भेजने के बाद राज्यमंत्री ने बिना किसी आपत्ति के उसका भुगतान कर दिया था. जहां तक गायकवाड़ मामले का सवाल है तो राजनीतिक हस्तक्षेप की वजह से प्रतिबंध तो हटा दिया गया लेकिन लोहाणी और उनकी टीम जिस तरह नेताओं की 'दादागिरी' के खिलाफ आखिर तक लड़ती रही, उसकी प्रशंसा वाकई में की जानी चाहिए. जहां तक गायकवाड़ मामले का सवाल है तो राजनीतिक हस्तक्षेप की वजह से प्रतिबंध तो हटा दिया गया लेकिन लोहाणी और उनकी टीम जिस तरह नेताओं की 'दादागिरी' के खिलाफ आखिर तक लड़ती रही, उसकी प्रशंसा वाकई में की जानी चाहिए.
यहाँ एक सारांश है:अश्विनी लोहाणी एयर इंडिया के सीएमडी हैं उन्होंने शिवसेना नेता गायकवाड़ के खिलाफ 15 दिन तक प्रतिबंध लगाए रखा इससे पहले वह पर्यटन विभाग के भी प्रमुख रह चुके हैं
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सोशल मीडिया पर एक बार फिर एक और वीडियो तहलका मचा रहा है. इस बार ये वीडियो एक छोटे बच्चे का है, जो ट्रेन में अपनी सिंगिंग और रैपिंग से सबको हैरान कर रहा है. इस वीडियो में ये छोटा बच्चा ढोलक बजाते हुए यो यो हनी सिंह (Yo Yo Honey Singh) के गाने गाते हुए रैप कर रहा है. इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में ये बच्चा हनी सिंह और बादशाह (Badshah) के गाने को अपने अंदाज में गाता नजर आ रहा है. इस बच्चे के टैलेंट को देख लोग इसे छोटा हनी सिंह (Honey Singh) भी बुला रहा  है. सिंगर और रैपर यो यो हनी सिंह को 'सोनू के टीटू की स्वीटी' के लिए 'बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन' के आईफा अवॉर्ड से नवाजा गया है. यो यो हनी सिंह (Yo Yo Honey Singh) की यह एल्बम बीते साल चार्टबस्टर साबित हुई थी, जिसके हरेक गाने पर दर्शकों ने प्यार की बौछार की और सभी के दिलों में अपनी एक खास जगह बना ली है. यो यो हनी सिंह (Yo Yo Honey Singh) के आगामी प्रोजेक्ट्स की बात करें तो कई प्रोजेक्ट मनोरंजन के लिए तैयार हैं, जिसका उनके प्रशंसक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. फिल्मों से लेकर सिंगल तक, यो यो के हर गाने सुपरहिट साबित हुए हैं.
सारांश: बिल्कुल हनी सिंह की तरह रैपिंग करता है ये लड़का हनी सिंह ने भी शेयर किया था वीडियो लोगों ने नाम रखा छोटा हनी सिंह
7
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने ऑस्ट्रेलिया के हाथों टी-20 मैच में मिली हार के लिए बारिश को कसूरवार ठहराते हुए कहा कि गीली आउटफील्ड से गेंदबाजों को काफी मुश्किलें आईं। भारत को पहले मैच में 31 रन से पराजय झेलनी पड़ी।टिप्पणियां धोनी ने मैच के बाद कहा,‘मौसम की भूमिका अहम रही। इंग्लैंड में हम टॉस ज्यादा नहीं जीत सके और दूसरी पारी में बारिश हो गई जिसका असर हमारी गेंदबाजी पर पड़ा। मैने यहां पहली बार टॉस जीता और मौसम को देखते हुए मुझे लगा कि हम लक्ष्य का पीछा कर लेंगे लेकिन फिर बारिश हो गई और स्पिनरों को गेंद पर पकड़ बनाने में मुश्किल हुई।’ उन्होंने कहा,‘मुझे लगा कि विकेट बेहतर नहीं भी होगी तो यथावत तो रहेगी । हमने अच्छी शुरुआत की लेकिन बाद में गेंद अधिक उछाल लेने लगी जिससे दिक्कत हुई।’ धोनी ने अपने बल्लेबाजों की आलोचना करते हुए कहा,‘शीर्षक्रम को टिककर खेलना चाहिए था। नए बल्लेबाजों पर इससे दबाव नहीं बनता। यदि ऐसा होता तो नतीजा कुछ और होता।’ भारत को पहले मैच में 31 रन से पराजय झेलनी पड़ी।टिप्पणियां धोनी ने मैच के बाद कहा,‘मौसम की भूमिका अहम रही। इंग्लैंड में हम टॉस ज्यादा नहीं जीत सके और दूसरी पारी में बारिश हो गई जिसका असर हमारी गेंदबाजी पर पड़ा। मैने यहां पहली बार टॉस जीता और मौसम को देखते हुए मुझे लगा कि हम लक्ष्य का पीछा कर लेंगे लेकिन फिर बारिश हो गई और स्पिनरों को गेंद पर पकड़ बनाने में मुश्किल हुई।’ उन्होंने कहा,‘मुझे लगा कि विकेट बेहतर नहीं भी होगी तो यथावत तो रहेगी । हमने अच्छी शुरुआत की लेकिन बाद में गेंद अधिक उछाल लेने लगी जिससे दिक्कत हुई।’ धोनी ने अपने बल्लेबाजों की आलोचना करते हुए कहा,‘शीर्षक्रम को टिककर खेलना चाहिए था। नए बल्लेबाजों पर इससे दबाव नहीं बनता। यदि ऐसा होता तो नतीजा कुछ और होता।’ धोनी ने मैच के बाद कहा,‘मौसम की भूमिका अहम रही। इंग्लैंड में हम टॉस ज्यादा नहीं जीत सके और दूसरी पारी में बारिश हो गई जिसका असर हमारी गेंदबाजी पर पड़ा। मैने यहां पहली बार टॉस जीता और मौसम को देखते हुए मुझे लगा कि हम लक्ष्य का पीछा कर लेंगे लेकिन फिर बारिश हो गई और स्पिनरों को गेंद पर पकड़ बनाने में मुश्किल हुई।’ उन्होंने कहा,‘मुझे लगा कि विकेट बेहतर नहीं भी होगी तो यथावत तो रहेगी । हमने अच्छी शुरुआत की लेकिन बाद में गेंद अधिक उछाल लेने लगी जिससे दिक्कत हुई।’ धोनी ने अपने बल्लेबाजों की आलोचना करते हुए कहा,‘शीर्षक्रम को टिककर खेलना चाहिए था। नए बल्लेबाजों पर इससे दबाव नहीं बनता। यदि ऐसा होता तो नतीजा कुछ और होता।’ धोनी ने अपने बल्लेबाजों की आलोचना करते हुए कहा,‘शीर्षक्रम को टिककर खेलना चाहिए था। नए बल्लेबाजों पर इससे दबाव नहीं बनता। यदि ऐसा होता तो नतीजा कुछ और होता।’
संक्षिप्त सारांश: भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने ऑस्ट्रेलिया के हाथों टी-20 मैच में मिली हार के लिए बारिश को कसूरवार ठहराते हुए कहा कि गीली आउटफील्ड से गेंदबाजों को काफी मुश्किलें आईं।
8
['hin']
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने पंजाब प्रांत से अगवा किए गए अपने बेटे अली हैदर गिलानी का पता लगाने में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की मदद मांगी है। अली हैदर को तलाशने के प्रयासों में अभी कोई सफलता नहीं मिली है। गिलानी ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, हमारे पास अपहर्ताओं की ओर से अभी कोई फोन नहीं आया है। मैंने आईएसआई से मेरे बेटे का पता लगाने में पुलिस की मदद करने के लिए कहा है। 27-वर्षीय अली हैदर का गुरुवार को मुल्तान से अपहरण कर लिया गया था। मुल्तान को गिलानी परिवार का गढ़ माना जाता है और अली हैदर वहां चुनाव प्रचार कर रहे थे। बंदूकधारियों ने अली हैदर के निजी सचिव और अंगरक्षक के विरोध करने पर उन्हें गोली मार दी थी। पंजाब पुलिस के सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि इस अपहरण के पीछे पंजाबी तालिबान के एक गुट का हाथ हो सकता है। इस गुट का ठिकाना मुल्तान जिले से 80 किमी दूर मियां चानू में है। यह बात भी सामने आई है कि अली हैदर को प्रतिबंधित संगठनों लश्कर-ए-झांगवी और सिपह-ए-सहाबा से धमकियां मिली थीं। अब तक किसी भी गुट ने अली हैदर गिलानी के अपहरण का जिम्मा नहीं लिया है। गिलानी और उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' को बताया कि अली हैदर को लश्कर-ए-झांगवी और सिपह-ए-सहबा की ओर से अपहरण करने तथा जान से मार डालने की धमकियां मिल रही थीं। पुलिस ने मुल्तान में पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का दावा है कि इनमें से दो व्यक्तियों ने अपहरण के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी है। संदिग्धों से पूछताछ के बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बताया गया है, लेकिन ‘ट्रिब्यून’ में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अली हैदर को अपहरणकर्ता कबीरवाला ले गए हैं, जो कि लश्कर-ए-झांगवी का गढ़ माना जाता है। प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने गिलानी के अपहरण पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।टिप्पणियां तालिबान के प्रवक्ता एहसानुल्ला एहसन ने कहा, मैं (इस घटना पर) कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। हम नहीं जानते कि उनका अपहरण किसने किया, क्यों किया और कैसे किया। पंजाबी तालिबान में कई सदस्य लश्कर-ए-झांगवी के हैं और उसके अल कायदा से भी संबंध हैं। कई बड़े आतंकवादी हमलों के पीछे लश्कर-ए-झांगवी का हाथ बताया जाता है। इन हमलों में श्रीलंका की क्रिकेट टीम पर लाहौर में हमला और इस साल के शुरू में क्वेटा में किए गए दो भीषण बम हमले शामिल हैं, जिनमें करीब 200 लोग मारे गए थे। इन 200 लोगों में से ज्यादातर हाजरा शिया थे। गिलानी ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, हमारे पास अपहर्ताओं की ओर से अभी कोई फोन नहीं आया है। मैंने आईएसआई से मेरे बेटे का पता लगाने में पुलिस की मदद करने के लिए कहा है। 27-वर्षीय अली हैदर का गुरुवार को मुल्तान से अपहरण कर लिया गया था। मुल्तान को गिलानी परिवार का गढ़ माना जाता है और अली हैदर वहां चुनाव प्रचार कर रहे थे। बंदूकधारियों ने अली हैदर के निजी सचिव और अंगरक्षक के विरोध करने पर उन्हें गोली मार दी थी। पंजाब पुलिस के सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि इस अपहरण के पीछे पंजाबी तालिबान के एक गुट का हाथ हो सकता है। इस गुट का ठिकाना मुल्तान जिले से 80 किमी दूर मियां चानू में है। यह बात भी सामने आई है कि अली हैदर को प्रतिबंधित संगठनों लश्कर-ए-झांगवी और सिपह-ए-सहाबा से धमकियां मिली थीं। अब तक किसी भी गुट ने अली हैदर गिलानी के अपहरण का जिम्मा नहीं लिया है। गिलानी और उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' को बताया कि अली हैदर को लश्कर-ए-झांगवी और सिपह-ए-सहबा की ओर से अपहरण करने तथा जान से मार डालने की धमकियां मिल रही थीं। पुलिस ने मुल्तान में पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का दावा है कि इनमें से दो व्यक्तियों ने अपहरण के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी है। संदिग्धों से पूछताछ के बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बताया गया है, लेकिन ‘ट्रिब्यून’ में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अली हैदर को अपहरणकर्ता कबीरवाला ले गए हैं, जो कि लश्कर-ए-झांगवी का गढ़ माना जाता है। प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने गिलानी के अपहरण पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।टिप्पणियां तालिबान के प्रवक्ता एहसानुल्ला एहसन ने कहा, मैं (इस घटना पर) कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। हम नहीं जानते कि उनका अपहरण किसने किया, क्यों किया और कैसे किया। पंजाबी तालिबान में कई सदस्य लश्कर-ए-झांगवी के हैं और उसके अल कायदा से भी संबंध हैं। कई बड़े आतंकवादी हमलों के पीछे लश्कर-ए-झांगवी का हाथ बताया जाता है। इन हमलों में श्रीलंका की क्रिकेट टीम पर लाहौर में हमला और इस साल के शुरू में क्वेटा में किए गए दो भीषण बम हमले शामिल हैं, जिनमें करीब 200 लोग मारे गए थे। इन 200 लोगों में से ज्यादातर हाजरा शिया थे। पंजाब पुलिस के सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि इस अपहरण के पीछे पंजाबी तालिबान के एक गुट का हाथ हो सकता है। इस गुट का ठिकाना मुल्तान जिले से 80 किमी दूर मियां चानू में है। यह बात भी सामने आई है कि अली हैदर को प्रतिबंधित संगठनों लश्कर-ए-झांगवी और सिपह-ए-सहाबा से धमकियां मिली थीं। अब तक किसी भी गुट ने अली हैदर गिलानी के अपहरण का जिम्मा नहीं लिया है। गिलानी और उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' को बताया कि अली हैदर को लश्कर-ए-झांगवी और सिपह-ए-सहबा की ओर से अपहरण करने तथा जान से मार डालने की धमकियां मिल रही थीं। पुलिस ने मुल्तान में पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का दावा है कि इनमें से दो व्यक्तियों ने अपहरण के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी है। संदिग्धों से पूछताछ के बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बताया गया है, लेकिन ‘ट्रिब्यून’ में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अली हैदर को अपहरणकर्ता कबीरवाला ले गए हैं, जो कि लश्कर-ए-झांगवी का गढ़ माना जाता है। प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने गिलानी के अपहरण पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।टिप्पणियां तालिबान के प्रवक्ता एहसानुल्ला एहसन ने कहा, मैं (इस घटना पर) कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। हम नहीं जानते कि उनका अपहरण किसने किया, क्यों किया और कैसे किया। पंजाबी तालिबान में कई सदस्य लश्कर-ए-झांगवी के हैं और उसके अल कायदा से भी संबंध हैं। कई बड़े आतंकवादी हमलों के पीछे लश्कर-ए-झांगवी का हाथ बताया जाता है। इन हमलों में श्रीलंका की क्रिकेट टीम पर लाहौर में हमला और इस साल के शुरू में क्वेटा में किए गए दो भीषण बम हमले शामिल हैं, जिनमें करीब 200 लोग मारे गए थे। इन 200 लोगों में से ज्यादातर हाजरा शिया थे। गिलानी और उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' को बताया कि अली हैदर को लश्कर-ए-झांगवी और सिपह-ए-सहबा की ओर से अपहरण करने तथा जान से मार डालने की धमकियां मिल रही थीं। पुलिस ने मुल्तान में पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का दावा है कि इनमें से दो व्यक्तियों ने अपहरण के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी है। संदिग्धों से पूछताछ के बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बताया गया है, लेकिन ‘ट्रिब्यून’ में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अली हैदर को अपहरणकर्ता कबीरवाला ले गए हैं, जो कि लश्कर-ए-झांगवी का गढ़ माना जाता है। प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने गिलानी के अपहरण पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।टिप्पणियां तालिबान के प्रवक्ता एहसानुल्ला एहसन ने कहा, मैं (इस घटना पर) कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। हम नहीं जानते कि उनका अपहरण किसने किया, क्यों किया और कैसे किया। पंजाबी तालिबान में कई सदस्य लश्कर-ए-झांगवी के हैं और उसके अल कायदा से भी संबंध हैं। कई बड़े आतंकवादी हमलों के पीछे लश्कर-ए-झांगवी का हाथ बताया जाता है। इन हमलों में श्रीलंका की क्रिकेट टीम पर लाहौर में हमला और इस साल के शुरू में क्वेटा में किए गए दो भीषण बम हमले शामिल हैं, जिनमें करीब 200 लोग मारे गए थे। इन 200 लोगों में से ज्यादातर हाजरा शिया थे। संदिग्धों से पूछताछ के बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बताया गया है, लेकिन ‘ट्रिब्यून’ में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अली हैदर को अपहरणकर्ता कबीरवाला ले गए हैं, जो कि लश्कर-ए-झांगवी का गढ़ माना जाता है। प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने गिलानी के अपहरण पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।टिप्पणियां तालिबान के प्रवक्ता एहसानुल्ला एहसन ने कहा, मैं (इस घटना पर) कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। हम नहीं जानते कि उनका अपहरण किसने किया, क्यों किया और कैसे किया। पंजाबी तालिबान में कई सदस्य लश्कर-ए-झांगवी के हैं और उसके अल कायदा से भी संबंध हैं। कई बड़े आतंकवादी हमलों के पीछे लश्कर-ए-झांगवी का हाथ बताया जाता है। इन हमलों में श्रीलंका की क्रिकेट टीम पर लाहौर में हमला और इस साल के शुरू में क्वेटा में किए गए दो भीषण बम हमले शामिल हैं, जिनमें करीब 200 लोग मारे गए थे। इन 200 लोगों में से ज्यादातर हाजरा शिया थे। तालिबान के प्रवक्ता एहसानुल्ला एहसन ने कहा, मैं (इस घटना पर) कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। हम नहीं जानते कि उनका अपहरण किसने किया, क्यों किया और कैसे किया। पंजाबी तालिबान में कई सदस्य लश्कर-ए-झांगवी के हैं और उसके अल कायदा से भी संबंध हैं। कई बड़े आतंकवादी हमलों के पीछे लश्कर-ए-झांगवी का हाथ बताया जाता है। इन हमलों में श्रीलंका की क्रिकेट टीम पर लाहौर में हमला और इस साल के शुरू में क्वेटा में किए गए दो भीषण बम हमले शामिल हैं, जिनमें करीब 200 लोग मारे गए थे। इन 200 लोगों में से ज्यादातर हाजरा शिया थे। कई बड़े आतंकवादी हमलों के पीछे लश्कर-ए-झांगवी का हाथ बताया जाता है। इन हमलों में श्रीलंका की क्रिकेट टीम पर लाहौर में हमला और इस साल के शुरू में क्वेटा में किए गए दो भीषण बम हमले शामिल हैं, जिनमें करीब 200 लोग मारे गए थे। इन 200 लोगों में से ज्यादातर हाजरा शिया थे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के बेटे अली हैदर गिलानी का गुरुवार को मुल्तान से अपहरण कर लिया गया था। मुल्तान को गिलानी परिवार का गढ़ माना जाता है और अली हैदर वहां चुनाव प्रचार कर रहे थे।
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भले ही नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हों, लेकिन देश के हर राज्य के हर खबर की उन्हें जानकारी रहती हैं.. कम से कम ऐसा मानना हैं बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव का, जिन्हें गुरुवार को पटना के गांधी मैदान में दोपहर के भोजन के समय देखते ही प्रधानमंत्री ने कहा कि कैसे हैं कन्हैया जी? बाद में उन्हें किशन कन्हैया भी कहा और जब उनके पिता और राष्‍ट्रीय जनता दल के अध्‍यक्ष लालू प्रसाद यादव ने बेटे का परिचय देते हुए कहा कि ये स्वास्थ्य मंत्री हैं, तब उनके शरीर को देखते हुए पीएम मोदी ने कहा कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री हैं, लेकिन खुद उनका स्वास्थ्य बहुत स्‍वस्‍थ नहीं हैं. इस पर लालू यादव ने सफाई दी कि उसके अंदर बहुत ताकत है और एक्सरसाइज की जरुरत महसूस नहीं करता. बहरहाल, कन्हैया के कमेंट से स्‍पष्‍ट है कि प्रधानमंत्री ने हाल के दिनों में खासकर पहली जनवरी को तेजप्रताप का वो फोटो और विजुअल देखा था, जिसमें वो मीडिया वालों के लिए बांसुरी बज रहे थे. इससे पहले भी पिछले महीने तेजप्रताप मथुरा गए थे और वहां उन्होंने कृष्ण भक्ति पर लोगों का खूब मनोरंजन किया था. ये सारी गपशप गांधी मैदान के टेंट सिटी में वीआईपी लाउन्ज में हो रही थी, जहां खाने का इंतजाम किया गया था. भोजन पर मेजबान नीतीश कुमार के साथ उनके दोनों सहयोगी तेजस्वी यादव और तेजप्रताप अपने पिता लालू यादव के साथ मौजूद थे. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी रामविलास पासवान, रविशंकर प्रसाद, हरसिमरत कौर, राज्यपाल रामनाथ कोविंद, पंजाब के मुख्‍यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उनके बेटे सुखबीर बादल भी मौजूद थे. टिप्पणियां इसके पहले कार्यक्रम के दौरान लालू यादव गुरुद्वारे में वीआईपी गैलरी में अपने बेटे और अन्य नेताओं के साथ बैठे थे, जहां उनकी पार्टी के पूर्व सहयोगी और अब केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने पूछा भी कि यहां क्‍यों बैठे हैं.. तब लालू यादव ने जवाब दिया की सब लिस्ट ऊपर से मंजूर होकर आता हैं. हालांकि मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में जब सभी विभागों का आभार प्रकट किया और सड़क विभाग का नाम लेना भूल गए तब भी कुछ बीजेपी नेताओं ने लालू यादव से चुटकी ली की कहीं नीतीश ने जान-बूझकर सारा श्रेय लेने के चक्कर में तेजपस्वी यादव जो पथ निर्माण मंत्री हैं, उनका नाम लेना भूल तो नहीं गए.. तब लालू यादव ने कुछ खास नहीं कहा. लेकिन लालू यादव जहां नोटबंदी पर नीतीश कुमार के रुख से बहुत खुश नहीं थे, वहीं शराबबंदी पर प्रधानमंत्री के खुल्‍लम-खुल्ला समर्थन से भी बहुत प्रसन्न नहीं होंगे, क्योंकि उन्हें मालूम है कि नीतीश और आक्रामक होकर शराबबंदी के अभियान पर लग जाएंगे. इससे पहले भी लालू यादव ने बिहार सरकार के विज्ञापन से तेजस्वी की तस्वीर न रहने पर भले सार्वजनिक रूप से नाराजगी नहीं दिखाई, लेकिन सब जानते हैं की उन्होंने अपनी पार्टी के माध्यम से आनन-फानन में बड़े-बड़े होर्डिंग लगाकर इसकी भरपाई करने की कोशिश की. बाद में उन्हें किशन कन्हैया भी कहा और जब उनके पिता और राष्‍ट्रीय जनता दल के अध्‍यक्ष लालू प्रसाद यादव ने बेटे का परिचय देते हुए कहा कि ये स्वास्थ्य मंत्री हैं, तब उनके शरीर को देखते हुए पीएम मोदी ने कहा कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री हैं, लेकिन खुद उनका स्वास्थ्य बहुत स्‍वस्‍थ नहीं हैं. इस पर लालू यादव ने सफाई दी कि उसके अंदर बहुत ताकत है और एक्सरसाइज की जरुरत महसूस नहीं करता. बहरहाल, कन्हैया के कमेंट से स्‍पष्‍ट है कि प्रधानमंत्री ने हाल के दिनों में खासकर पहली जनवरी को तेजप्रताप का वो फोटो और विजुअल देखा था, जिसमें वो मीडिया वालों के लिए बांसुरी बज रहे थे. इससे पहले भी पिछले महीने तेजप्रताप मथुरा गए थे और वहां उन्होंने कृष्ण भक्ति पर लोगों का खूब मनोरंजन किया था. ये सारी गपशप गांधी मैदान के टेंट सिटी में वीआईपी लाउन्ज में हो रही थी, जहां खाने का इंतजाम किया गया था. भोजन पर मेजबान नीतीश कुमार के साथ उनके दोनों सहयोगी तेजस्वी यादव और तेजप्रताप अपने पिता लालू यादव के साथ मौजूद थे. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी रामविलास पासवान, रविशंकर प्रसाद, हरसिमरत कौर, राज्यपाल रामनाथ कोविंद, पंजाब के मुख्‍यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उनके बेटे सुखबीर बादल भी मौजूद थे. टिप्पणियां इसके पहले कार्यक्रम के दौरान लालू यादव गुरुद्वारे में वीआईपी गैलरी में अपने बेटे और अन्य नेताओं के साथ बैठे थे, जहां उनकी पार्टी के पूर्व सहयोगी और अब केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने पूछा भी कि यहां क्‍यों बैठे हैं.. तब लालू यादव ने जवाब दिया की सब लिस्ट ऊपर से मंजूर होकर आता हैं. हालांकि मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में जब सभी विभागों का आभार प्रकट किया और सड़क विभाग का नाम लेना भूल गए तब भी कुछ बीजेपी नेताओं ने लालू यादव से चुटकी ली की कहीं नीतीश ने जान-बूझकर सारा श्रेय लेने के चक्कर में तेजपस्वी यादव जो पथ निर्माण मंत्री हैं, उनका नाम लेना भूल तो नहीं गए.. तब लालू यादव ने कुछ खास नहीं कहा. लेकिन लालू यादव जहां नोटबंदी पर नीतीश कुमार के रुख से बहुत खुश नहीं थे, वहीं शराबबंदी पर प्रधानमंत्री के खुल्‍लम-खुल्ला समर्थन से भी बहुत प्रसन्न नहीं होंगे, क्योंकि उन्हें मालूम है कि नीतीश और आक्रामक होकर शराबबंदी के अभियान पर लग जाएंगे. इससे पहले भी लालू यादव ने बिहार सरकार के विज्ञापन से तेजस्वी की तस्वीर न रहने पर भले सार्वजनिक रूप से नाराजगी नहीं दिखाई, लेकिन सब जानते हैं की उन्होंने अपनी पार्टी के माध्यम से आनन-फानन में बड़े-बड़े होर्डिंग लगाकर इसकी भरपाई करने की कोशिश की. बहरहाल, कन्हैया के कमेंट से स्‍पष्‍ट है कि प्रधानमंत्री ने हाल के दिनों में खासकर पहली जनवरी को तेजप्रताप का वो फोटो और विजुअल देखा था, जिसमें वो मीडिया वालों के लिए बांसुरी बज रहे थे. इससे पहले भी पिछले महीने तेजप्रताप मथुरा गए थे और वहां उन्होंने कृष्ण भक्ति पर लोगों का खूब मनोरंजन किया था. ये सारी गपशप गांधी मैदान के टेंट सिटी में वीआईपी लाउन्ज में हो रही थी, जहां खाने का इंतजाम किया गया था. भोजन पर मेजबान नीतीश कुमार के साथ उनके दोनों सहयोगी तेजस्वी यादव और तेजप्रताप अपने पिता लालू यादव के साथ मौजूद थे. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी रामविलास पासवान, रविशंकर प्रसाद, हरसिमरत कौर, राज्यपाल रामनाथ कोविंद, पंजाब के मुख्‍यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उनके बेटे सुखबीर बादल भी मौजूद थे. टिप्पणियां इसके पहले कार्यक्रम के दौरान लालू यादव गुरुद्वारे में वीआईपी गैलरी में अपने बेटे और अन्य नेताओं के साथ बैठे थे, जहां उनकी पार्टी के पूर्व सहयोगी और अब केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने पूछा भी कि यहां क्‍यों बैठे हैं.. तब लालू यादव ने जवाब दिया की सब लिस्ट ऊपर से मंजूर होकर आता हैं. हालांकि मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में जब सभी विभागों का आभार प्रकट किया और सड़क विभाग का नाम लेना भूल गए तब भी कुछ बीजेपी नेताओं ने लालू यादव से चुटकी ली की कहीं नीतीश ने जान-बूझकर सारा श्रेय लेने के चक्कर में तेजपस्वी यादव जो पथ निर्माण मंत्री हैं, उनका नाम लेना भूल तो नहीं गए.. तब लालू यादव ने कुछ खास नहीं कहा. लेकिन लालू यादव जहां नोटबंदी पर नीतीश कुमार के रुख से बहुत खुश नहीं थे, वहीं शराबबंदी पर प्रधानमंत्री के खुल्‍लम-खुल्ला समर्थन से भी बहुत प्रसन्न नहीं होंगे, क्योंकि उन्हें मालूम है कि नीतीश और आक्रामक होकर शराबबंदी के अभियान पर लग जाएंगे. इससे पहले भी लालू यादव ने बिहार सरकार के विज्ञापन से तेजस्वी की तस्वीर न रहने पर भले सार्वजनिक रूप से नाराजगी नहीं दिखाई, लेकिन सब जानते हैं की उन्होंने अपनी पार्टी के माध्यम से आनन-फानन में बड़े-बड़े होर्डिंग लगाकर इसकी भरपाई करने की कोशिश की. इसके पहले कार्यक्रम के दौरान लालू यादव गुरुद्वारे में वीआईपी गैलरी में अपने बेटे और अन्य नेताओं के साथ बैठे थे, जहां उनकी पार्टी के पूर्व सहयोगी और अब केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने पूछा भी कि यहां क्‍यों बैठे हैं.. तब लालू यादव ने जवाब दिया की सब लिस्ट ऊपर से मंजूर होकर आता हैं. हालांकि मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में जब सभी विभागों का आभार प्रकट किया और सड़क विभाग का नाम लेना भूल गए तब भी कुछ बीजेपी नेताओं ने लालू यादव से चुटकी ली की कहीं नीतीश ने जान-बूझकर सारा श्रेय लेने के चक्कर में तेजपस्वी यादव जो पथ निर्माण मंत्री हैं, उनका नाम लेना भूल तो नहीं गए.. तब लालू यादव ने कुछ खास नहीं कहा. लेकिन लालू यादव जहां नोटबंदी पर नीतीश कुमार के रुख से बहुत खुश नहीं थे, वहीं शराबबंदी पर प्रधानमंत्री के खुल्‍लम-खुल्ला समर्थन से भी बहुत प्रसन्न नहीं होंगे, क्योंकि उन्हें मालूम है कि नीतीश और आक्रामक होकर शराबबंदी के अभियान पर लग जाएंगे. इससे पहले भी लालू यादव ने बिहार सरकार के विज्ञापन से तेजस्वी की तस्वीर न रहने पर भले सार्वजनिक रूप से नाराजगी नहीं दिखाई, लेकिन सब जानते हैं की उन्होंने अपनी पार्टी के माध्यम से आनन-फानन में बड़े-बड़े होर्डिंग लगाकर इसकी भरपाई करने की कोशिश की. लेकिन लालू यादव जहां नोटबंदी पर नीतीश कुमार के रुख से बहुत खुश नहीं थे, वहीं शराबबंदी पर प्रधानमंत्री के खुल्‍लम-खुल्ला समर्थन से भी बहुत प्रसन्न नहीं होंगे, क्योंकि उन्हें मालूम है कि नीतीश और आक्रामक होकर शराबबंदी के अभियान पर लग जाएंगे. इससे पहले भी लालू यादव ने बिहार सरकार के विज्ञापन से तेजस्वी की तस्वीर न रहने पर भले सार्वजनिक रूप से नाराजगी नहीं दिखाई, लेकिन सब जानते हैं की उन्होंने अपनी पार्टी के माध्यम से आनन-फानन में बड़े-बड़े होर्डिंग लगाकर इसकी भरपाई करने की कोशिश की.
यह एक सारांश है: पटना के गांधी मैदान में दोपहर के भोजन के समय पीएम ने यह बात कही. लालू यादव ने कहा, तेजप्रताप के अंदर बहुत ताकत है... तेजप्रताप ने बांसुरी बजाकर कृष्ण भक्ति पर लोगों का खूब मनोरंजन किया था.
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के मद्देनजर सरकारी तेल कंपनियों ने महीने में दूसरी बार गुरुवार को विमान ईंधन कीमतें घटाईं। इंडियन ऑयल कार्प के एक अधिकारी ने कहा कि एवियेशन टर्बाईन फ्यूल (एटीएफ) की कीमत दिल्ली के टी3 हवाईअड्डे पर आज से 429 रुपए प्रति किलोलीटर या 0.75 फीसद घटाकर 56,260 रुपए प्रति किलोलीटर कर दी गई है। कंपनियों ने 16 अगस्त को विमान ईंधन की कीमत में दो फीसद या 1,156 रुपए प्रति किलोलीटर की कमी की थी। जेट ईंधन किसी भी विमानन कंपनी की परिचालन लागत का 40 फीसद हिस्सा होता है। मुंबई में एटीएफ की कीमत 446 रुपए प्रति किलोलीटर घटकर 56,978 रुपए प्रति लीटर होगी जबकि पहले यह 57,424 रुपए प्रति लीटर थी। आईओसी और अन्य सरकारी कंपनियां, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कापरेरेशन (एचपीसीएल) और भारत पेट्रोलियम कापरेरेशन (बीपीसीएल) अंतरराष्ट्रीय कीमत के आधार पर हर महीने पहली और 16 तारीख को जेट ईंधन की कीमतों की समीक्षा करती हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के मद्देनजर सरकारी तेल कंपनियों ने महीने में दूसरी बार विमान ईंधन कीमतें घटाईं।
1
['hin']
एक सारांश बनाओ: विवादास्पद आदर्श आवास सोसायटी से संबंधित फाइलों के कुछ पृष्ठ शहर के रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय से लापता हो गए हैं। इस घोटाले की जांच कर रहे न्यायिक आयोग को यह जानकारी दी गई। रक्षा मंत्रालय के वकील धीरेन शाह ने दो सदस्यीय आयोग को सूचित किया कि मेजर जनरल एसएस जोग और सेना मुख्यालय (महाराष्ट्र, गुजरात) के तत्कालीन जीओसी एआर कुमार के बीच हुए संवाद की एक खास नोटिंग फाइलों से लापता है। शाह ने कहा, मार्च-अप्रैल 2000 में की गई यह नोटिंग जोग के बारे में है जो कुमार के तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी थे। यह नोटिंग आदर्श सोसायटी के निर्माण के लिए मुंबई के कलेक्टर को सेना द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाणपत्र को लेकर असहमति के बारे में है। उन्होंने कहा, सीबीआई द्वारा दर्ज मामले में आरोपी कुमार ने जोग की नोटिंग पर ध्यान नहीं दिया और उन्हें निर्देश दिया कि कलेक्टर को अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाए। आयोग फिलहाल जोग का बयान दर्ज कर रहा है।
यहाँ एक सारांश है:विवादास्पद आदर्श आवास सोसायटी से संबंधित फाइलों के कुछ पृष्ठ शहर के रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय से लापता हो गए हैं।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: रेलमंत्री मुकुल रॉय ने कहा है कि रेल मंत्रालय यात्रियों को फोन पर 'टिकट ऑन डिमांड' की सुविधा देने पर तीन महीने के अंदर विचार करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि आईआरसीटीसी की वेबसाइट से टिकट आरक्षण में गड़बड़ी रोकने के लिए एक नए सॉफ्टवेयर पर काम शुरू किया गया है। रेलमंत्री ने लोकसभा में रंजन प्रसाद यादव के प्रश्न के उत्तर में कहा कि रेलों में टिकटों की मांग और उपलब्धता में काफी अंतर है और सरकार ने कई ट्रेनें बढ़ाई हैं तथा कई ऐसे कदम उठाए हैं, जिससे यात्रियों को सुविधा हो। उन्होंने कहा, मैं विश्वास दिलाता हूं कि रेल मंत्रालय तीन महीने के अंदर फोन पर 'टिकट ऑन डिमांड' पर विचार करेगा। रॉय ने तत्काल आरक्षण में कालाबाजारी की घटनाओं और आईआरसीटीसी की वेबसाइट दलालों द्वारा हैक किए जाने के मामलों के संदर्भ में कहा कि एक नया सॉफ्टवेयर लाया गया है, जिससे हैकिंग को रोका जा सकेगा। इसके अलावा कई नई प्रणालियां लाई जा रहीं हैं। इससे पहले रेलमंत्री ने रंजन प्रसाद यादव के पूरक प्रश्न के उत्तर में जब सदन के पटल पर पेश किए गए बयान को ही पढ़ना शुरू कर दिया, तो सदस्यों ने आपत्ति जताई, जिसके बाद रॉय ने रेल मंत्रालय के कुछ कदम गिनाए। टिप्पणियां रेलवे राज्यमंत्री केएच मुनियप्पा ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि दलालों को रोकने के लिए रेलवे ने कई कदम उठाए हैं और 2009-10 तक 5,125 दलालों पर आरोपपत्र दाखिल किए गए, जिनमें से 2317 दोषी ठहराए गए। इसके अलावा 218 आरोपी अधिकारियों को पकड़ा गया, जिनमें से 136 दोषी ठहराए गए या निलंबित किए गए। उन्होंने यह भी कहा कि दलालों को बढ़ावा देने में आम लोग ही दोषी हैं, क्योंकि वे टिकट लेने के लिए उनके पास जाते हैं। इस पर कुछ सदस्यों ने विरोध जताया। संजय निरुपम के एक प्रश्न के उत्तर में रॉय ने बताया कि टिकटों की कालाबाजारी में आरपीएफ और जीआरपीएफ के जवानों की भूमिका को लेकर कोई अलग से आंकड़ा नहीं है। रॉय ने कहा कि इस मामले में जो जानकारी है, उसमें सभी अधिकारियों और जवानों का कुल आंकड़ा है और अलग से उन आरपीएफ जवानों की संख्या नहीं है, जो दलालों को संरक्षण देते हैं, लेकिन इस संख्या का पता लगाकर जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी। रेलमंत्री ने लोकसभा में रंजन प्रसाद यादव के प्रश्न के उत्तर में कहा कि रेलों में टिकटों की मांग और उपलब्धता में काफी अंतर है और सरकार ने कई ट्रेनें बढ़ाई हैं तथा कई ऐसे कदम उठाए हैं, जिससे यात्रियों को सुविधा हो। उन्होंने कहा, मैं विश्वास दिलाता हूं कि रेल मंत्रालय तीन महीने के अंदर फोन पर 'टिकट ऑन डिमांड' पर विचार करेगा। रॉय ने तत्काल आरक्षण में कालाबाजारी की घटनाओं और आईआरसीटीसी की वेबसाइट दलालों द्वारा हैक किए जाने के मामलों के संदर्भ में कहा कि एक नया सॉफ्टवेयर लाया गया है, जिससे हैकिंग को रोका जा सकेगा। इसके अलावा कई नई प्रणालियां लाई जा रहीं हैं। इससे पहले रेलमंत्री ने रंजन प्रसाद यादव के पूरक प्रश्न के उत्तर में जब सदन के पटल पर पेश किए गए बयान को ही पढ़ना शुरू कर दिया, तो सदस्यों ने आपत्ति जताई, जिसके बाद रॉय ने रेल मंत्रालय के कुछ कदम गिनाए। टिप्पणियां रेलवे राज्यमंत्री केएच मुनियप्पा ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि दलालों को रोकने के लिए रेलवे ने कई कदम उठाए हैं और 2009-10 तक 5,125 दलालों पर आरोपपत्र दाखिल किए गए, जिनमें से 2317 दोषी ठहराए गए। इसके अलावा 218 आरोपी अधिकारियों को पकड़ा गया, जिनमें से 136 दोषी ठहराए गए या निलंबित किए गए। उन्होंने यह भी कहा कि दलालों को बढ़ावा देने में आम लोग ही दोषी हैं, क्योंकि वे टिकट लेने के लिए उनके पास जाते हैं। इस पर कुछ सदस्यों ने विरोध जताया। संजय निरुपम के एक प्रश्न के उत्तर में रॉय ने बताया कि टिकटों की कालाबाजारी में आरपीएफ और जीआरपीएफ के जवानों की भूमिका को लेकर कोई अलग से आंकड़ा नहीं है। रॉय ने कहा कि इस मामले में जो जानकारी है, उसमें सभी अधिकारियों और जवानों का कुल आंकड़ा है और अलग से उन आरपीएफ जवानों की संख्या नहीं है, जो दलालों को संरक्षण देते हैं, लेकिन इस संख्या का पता लगाकर जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी। रॉय ने तत्काल आरक्षण में कालाबाजारी की घटनाओं और आईआरसीटीसी की वेबसाइट दलालों द्वारा हैक किए जाने के मामलों के संदर्भ में कहा कि एक नया सॉफ्टवेयर लाया गया है, जिससे हैकिंग को रोका जा सकेगा। इसके अलावा कई नई प्रणालियां लाई जा रहीं हैं। इससे पहले रेलमंत्री ने रंजन प्रसाद यादव के पूरक प्रश्न के उत्तर में जब सदन के पटल पर पेश किए गए बयान को ही पढ़ना शुरू कर दिया, तो सदस्यों ने आपत्ति जताई, जिसके बाद रॉय ने रेल मंत्रालय के कुछ कदम गिनाए। टिप्पणियां रेलवे राज्यमंत्री केएच मुनियप्पा ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि दलालों को रोकने के लिए रेलवे ने कई कदम उठाए हैं और 2009-10 तक 5,125 दलालों पर आरोपपत्र दाखिल किए गए, जिनमें से 2317 दोषी ठहराए गए। इसके अलावा 218 आरोपी अधिकारियों को पकड़ा गया, जिनमें से 136 दोषी ठहराए गए या निलंबित किए गए। उन्होंने यह भी कहा कि दलालों को बढ़ावा देने में आम लोग ही दोषी हैं, क्योंकि वे टिकट लेने के लिए उनके पास जाते हैं। इस पर कुछ सदस्यों ने विरोध जताया। संजय निरुपम के एक प्रश्न के उत्तर में रॉय ने बताया कि टिकटों की कालाबाजारी में आरपीएफ और जीआरपीएफ के जवानों की भूमिका को लेकर कोई अलग से आंकड़ा नहीं है। रॉय ने कहा कि इस मामले में जो जानकारी है, उसमें सभी अधिकारियों और जवानों का कुल आंकड़ा है और अलग से उन आरपीएफ जवानों की संख्या नहीं है, जो दलालों को संरक्षण देते हैं, लेकिन इस संख्या का पता लगाकर जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी। रेलवे राज्यमंत्री केएच मुनियप्पा ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि दलालों को रोकने के लिए रेलवे ने कई कदम उठाए हैं और 2009-10 तक 5,125 दलालों पर आरोपपत्र दाखिल किए गए, जिनमें से 2317 दोषी ठहराए गए। इसके अलावा 218 आरोपी अधिकारियों को पकड़ा गया, जिनमें से 136 दोषी ठहराए गए या निलंबित किए गए। उन्होंने यह भी कहा कि दलालों को बढ़ावा देने में आम लोग ही दोषी हैं, क्योंकि वे टिकट लेने के लिए उनके पास जाते हैं। इस पर कुछ सदस्यों ने विरोध जताया। संजय निरुपम के एक प्रश्न के उत्तर में रॉय ने बताया कि टिकटों की कालाबाजारी में आरपीएफ और जीआरपीएफ के जवानों की भूमिका को लेकर कोई अलग से आंकड़ा नहीं है। रॉय ने कहा कि इस मामले में जो जानकारी है, उसमें सभी अधिकारियों और जवानों का कुल आंकड़ा है और अलग से उन आरपीएफ जवानों की संख्या नहीं है, जो दलालों को संरक्षण देते हैं, लेकिन इस संख्या का पता लगाकर जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी। संजय निरुपम के एक प्रश्न के उत्तर में रॉय ने बताया कि टिकटों की कालाबाजारी में आरपीएफ और जीआरपीएफ के जवानों की भूमिका को लेकर कोई अलग से आंकड़ा नहीं है। रॉय ने कहा कि इस मामले में जो जानकारी है, उसमें सभी अधिकारियों और जवानों का कुल आंकड़ा है और अलग से उन आरपीएफ जवानों की संख्या नहीं है, जो दलालों को संरक्षण देते हैं, लेकिन इस संख्या का पता लगाकर जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: रेलमंत्री मुकुल रॉय ने यह भी बताया कि आईआरसीटीसी की वेबसाइट से टिकट आरक्षण में गड़बड़ी रोकने के लिए एक नए सॉफ्टवेयर पर काम शुरू किया गया है।
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पूर्व भारतीय कप्तान और पूर्व मुख्य चयनकर्ता दिलीप वेंगसरकर का मानना है कि हाल में अच्छे प्रदर्शन के बाद भारतीय क्रिकेटर आत्ममुग्धता का शिकार हो गए और इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा टेस्ट श्रृंखला में यही टीम के खराब प्रदर्शन का अहम कारण है। वेंगसरकर का साथ ही मानना है कि टीम को इंग्लैंड की मजबूत टीम के खिलाफ तैयारी करने का बेहद कम समय मिला। श्रृंखला के पहले दो टेस्ट देखने इंग्लैंड गए वेंगसरकर के साक्षात्कर के अहम अंश। प्रश्न: क्या आपने भारतीय टीम के इतने खराब प्रदर्शन की उम्मीद की थी। टीम के खराब प्रदर्शन का क्या कारण है जिसने सिर्फ चार महीने पहले विश्व कप खिताब जीता था। वेंगसरकर: ईमानदारी से कहूं तो मुझे पता था कि यह भारत के लिए मुश्किल श्रृंखला होने वाली है क्योंकि उन्हें एक मजबूत टीम का सामना करना था जो लय में है और हाल के समय में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही थी। इसके अलावा उनका गेंदबाजी आक्रमण बेहतर था और एक टीम के रूप में उन्हें श्रृंखला की तैयारी का काफी समय मिला। दूसरी तरफ भारत वेस्टइंडीज में व्यस्त श्रृंखला खेलने के बाद पहुंचा और उन्हें इंग्लैंड की परिस्थितियों के मुताबिक तैयारी करने और लय में आने का काफी कम समय मिला। मुझे लगता है कि भारत पिछले कुछ सत्र में अच्छे प्रदर्शन के बाद आत्ममुग्धता का शिकार हो गया। प्रश्न: क्या आपको लगता है कि एक गेंदबाज जहीर खान पर अधिक निर्भरता टीम के लिए अच्छी नहीं है। उत्तर: क्या और कोई विकल्प मौजूद है? हमें स्वीकार करना होगा कि हमारे पास बल्लेबाजी या गेंदबाजी में अधिक विकल्प नहीं हैं विशेषकर जब हम मजबूत विरोधी का सामना करते हैं। हम परखे हुए खिलाड़ियों पर निर्भर हैं फिर भले ही वे चोट के बाद वापसी कर रहे हों और उन्हें अधिक मैच अभ्यास नहीं हो। आप इस तरह प्रतिस्पर्धा पेश नहीं कर सकते। अधिक खिलाड़ी सहज स्थिति में हैं और उन्हें अच्छी तरह पता है कि शीर्ष स्तर पर उनके लिए प्रतिस्पर्धा नहीं है। प्रश्न: टीम को इंग्लैंड में कहां परेशानी हुई। क्या लार्डस टेस्ट से पहले उसे और अ5यास मैच खेलने चाहिए थे। उत्तर: जब टीम एशिया से बाहर जा रही हो तो यह काफी अहम है कि पहले टेस्ट मैच से पूर्व परिस्थितियों से सामंजस्य बैठाने के लिए उसे पर्याप्त मैच अभ्यास मिले। वेस्टइंडीज से लेकर इंग्लैंड तक हालात काफी अलग हैं। श्रृंखला का पहला टेस्ट अधिकांश समय हारने वाली टीम का श्रृंखला में भाग्य तय कर देता है। इससे टीम का मनोबल गिरता है और असाधारण प्रदर्शन किये बिना इससे नहीं उबरा जा सकता। प्रश्न: जब आप वहां थे तो क्या धोनी की कप्तानी से खुश थे। या आपको लगा कि क्षेत्ररक्षकों को लेकर वह बेहतर कर सकता था। उत्तर: कप्तान क्या कर सकता है जब मुख्य गेंदबाज चोटों से जूझ रहे हों और अहम कैच टपकाए जा रहे हों। उसने लार्डस में अपने विकेटकीपिंग ग्लव्स छोड़कर गेंदबाजी करके यह स्पष्ट कर दिया था। प्रश्न: राहुल द्रविड़ ने पहले दो टेस्ट में बेहतरीन बल्लेबाजी की और शुरूआत में वीवीएस लक्ष्मण ने भी। सचिन तेंदुलकर ने भी अपने स्तर की झलक दिखाई। क्या आपको लगता है कि समय आ गया है कि इन दिग्गजों के जाने के बाद टीम के भविष्य के बारे में विचार किया जाये और रोहित शर्मा तथा विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों को तैयार किया जाये। उत्तर: बेशक। चयनकर्ताओं का काम ही प्रतिभा की पहचान करके उसे निखारना है। उन्हें भविष्य की योजना दिखानी चाहिए। अंतिम एकादश कोई भी चुन सकता है लेकिन विकल्पों का क्या होगा। समस्या यहीं पर है। रोहित और विराट से आगे भी खिलाड़ियों को ढूंढने की जरूरत है। जब तक आप जीत रहे हों तब तक सब कुछ ठीक है लेकिन किसी भी नतीजे के लिए तैयार रहना चाहिए।
यहाँ एक सारांश है:पूर्व मुख्य चयनकर्ता दिलीप वेंगसरकर का मानना है कि हाल में अच्छे प्रदर्शन के बाद भारतीय क्रिकेटर आत्ममुग्धता का शिकार हो गए।
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: नागरिकता कानून के खिलाफ देशभर में जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच गृह मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि नागरिकता कानून (CAA) के ड्राफ्ट पर विचार किया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक अगर कानून लागू हुआ तो हालात बेकाबू हो सकते हैं, एेसे में इसके ड्राफ्ट पर फिर विचार किया जाएगा. प्रदर्शनकारी भी गृह मंत्रालय को अपने सुझाव दे सकते हैं. सूत्रों का कहना है कि नागरिकता प्रदान करने पर सुप्रीम कोर्ट ने स्टे नहीं दिया है. यह एक केंद्रीय कानून है और राज्य इसको मानने के लिए बाध्य हैं. सूत्रों का यह भी कहना है कि पूरी प्रक्रिया लगभग डिजिटल होगी और दस्तावेजों की जांच की जाएगी.  राज्यों की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका होगी. पहले यह काम जिलाधिकारी/कलेक्टर के जिम्मे था, लेकिन इस बार प्रक्रिया में बदलाव होगा. सूत्रों का यह भी कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में राज्य के अधिकारियों की भूमिका अहम है और हर पहलू पर उनकी मदद की जरूरत पड़ेगी. अगर किसी भी देश में अवैध शरणार्थी होते हैं, तो उस देश को अधिकार है कि वह उन्हें वापस जाने को कहे. इस मसले पर दिल्ली में लोगों को गुमराह किया जा रहा है.
यहाँ एक सारांश है:नागरिकता कानून के ड्राफ्ट पर विचार शुरू कानून लागू होने पर हालात बेकाबू होने का डर प्रदर्शनकारी भी गृह मंत्रालय को सुझाव दे सकते हैं
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तानी तालिबान के प्रमुख हकीमुल्ला मेहसूद ने अपने लड़ाकुओं को निर्देश दिया है कि देश की खुफिया एजेंसियों और सैन्य प्रतिष्ठानों जैसे पाकिस्तानी वायुसेना के लाहौर स्थित अड्डे समेत पंजाब प्रांत में हमले तेज करे। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने सूत्रों के हवाले से कहा कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के प्रमुख ने ‘अधिकतम नुकसान पहुंचाने’ के लिए पंजाब में हमले तेज करने का फैसला किया है। इन हमलों में प्रांत की राजधानी लाहौर को निशाना बनाने की बात कही गई है। हिंसा प्रभावित उत्तरी वजीरिस्तान के कबायली इलाके के असद खेल गांव में आयोजित एक गुप्त बैठक में मेहसूद ने लाहौर में वायुसेना ठिकाने और आईएसआई के कार्यालयों, सैन्य खुफिया एजेंसी, खुफिया ब्यूरो और आतंकवाद निरोधक विभाग को निशाना बनाने के लिए ढाई करोड़ रुपये दिए हैं। समाचार पत्र ने एक खुफिया रिपोर्ट के हवाले से कहा कि उत्तरी वजीरिस्तान की बैठक में तालिबान के शीर्ष कमांडरों ने हिस्सा लिया। इसमें पुलिस की ‘लाल किताब’ में शामिल कुख्यात आतंकवादी संगठन कारी यासिन गुट भी शामिल है। टिप्पणियां एक अन्य खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि तालिबान पिछले साल कराची में मेहरानी नौसैनिक अड्डे पर हुए हमले की तरह हमले करने की योजना बना रहा है। इस हमले में आतंकवादियों ने 10 सुरक्षाकर्मियों की हत्या कर दी थी। खबर में कहा गया है कि आतंकवादियों ने कथित रूप से लाहौर में हवाई ठिकाने का सर्वेक्षण कर लिया है और कुछ स्थानीय कर्मचारी भी आतंकवादियों की मदद कर रहे हैं। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने सूत्रों के हवाले से कहा कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के प्रमुख ने ‘अधिकतम नुकसान पहुंचाने’ के लिए पंजाब में हमले तेज करने का फैसला किया है। इन हमलों में प्रांत की राजधानी लाहौर को निशाना बनाने की बात कही गई है। हिंसा प्रभावित उत्तरी वजीरिस्तान के कबायली इलाके के असद खेल गांव में आयोजित एक गुप्त बैठक में मेहसूद ने लाहौर में वायुसेना ठिकाने और आईएसआई के कार्यालयों, सैन्य खुफिया एजेंसी, खुफिया ब्यूरो और आतंकवाद निरोधक विभाग को निशाना बनाने के लिए ढाई करोड़ रुपये दिए हैं। समाचार पत्र ने एक खुफिया रिपोर्ट के हवाले से कहा कि उत्तरी वजीरिस्तान की बैठक में तालिबान के शीर्ष कमांडरों ने हिस्सा लिया। इसमें पुलिस की ‘लाल किताब’ में शामिल कुख्यात आतंकवादी संगठन कारी यासिन गुट भी शामिल है। टिप्पणियां एक अन्य खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि तालिबान पिछले साल कराची में मेहरानी नौसैनिक अड्डे पर हुए हमले की तरह हमले करने की योजना बना रहा है। इस हमले में आतंकवादियों ने 10 सुरक्षाकर्मियों की हत्या कर दी थी। खबर में कहा गया है कि आतंकवादियों ने कथित रूप से लाहौर में हवाई ठिकाने का सर्वेक्षण कर लिया है और कुछ स्थानीय कर्मचारी भी आतंकवादियों की मदद कर रहे हैं। हिंसा प्रभावित उत्तरी वजीरिस्तान के कबायली इलाके के असद खेल गांव में आयोजित एक गुप्त बैठक में मेहसूद ने लाहौर में वायुसेना ठिकाने और आईएसआई के कार्यालयों, सैन्य खुफिया एजेंसी, खुफिया ब्यूरो और आतंकवाद निरोधक विभाग को निशाना बनाने के लिए ढाई करोड़ रुपये दिए हैं। समाचार पत्र ने एक खुफिया रिपोर्ट के हवाले से कहा कि उत्तरी वजीरिस्तान की बैठक में तालिबान के शीर्ष कमांडरों ने हिस्सा लिया। इसमें पुलिस की ‘लाल किताब’ में शामिल कुख्यात आतंकवादी संगठन कारी यासिन गुट भी शामिल है। टिप्पणियां एक अन्य खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि तालिबान पिछले साल कराची में मेहरानी नौसैनिक अड्डे पर हुए हमले की तरह हमले करने की योजना बना रहा है। इस हमले में आतंकवादियों ने 10 सुरक्षाकर्मियों की हत्या कर दी थी। खबर में कहा गया है कि आतंकवादियों ने कथित रूप से लाहौर में हवाई ठिकाने का सर्वेक्षण कर लिया है और कुछ स्थानीय कर्मचारी भी आतंकवादियों की मदद कर रहे हैं। समाचार पत्र ने एक खुफिया रिपोर्ट के हवाले से कहा कि उत्तरी वजीरिस्तान की बैठक में तालिबान के शीर्ष कमांडरों ने हिस्सा लिया। इसमें पुलिस की ‘लाल किताब’ में शामिल कुख्यात आतंकवादी संगठन कारी यासिन गुट भी शामिल है। टिप्पणियां एक अन्य खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि तालिबान पिछले साल कराची में मेहरानी नौसैनिक अड्डे पर हुए हमले की तरह हमले करने की योजना बना रहा है। इस हमले में आतंकवादियों ने 10 सुरक्षाकर्मियों की हत्या कर दी थी। खबर में कहा गया है कि आतंकवादियों ने कथित रूप से लाहौर में हवाई ठिकाने का सर्वेक्षण कर लिया है और कुछ स्थानीय कर्मचारी भी आतंकवादियों की मदद कर रहे हैं। एक अन्य खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि तालिबान पिछले साल कराची में मेहरानी नौसैनिक अड्डे पर हुए हमले की तरह हमले करने की योजना बना रहा है। इस हमले में आतंकवादियों ने 10 सुरक्षाकर्मियों की हत्या कर दी थी। खबर में कहा गया है कि आतंकवादियों ने कथित रूप से लाहौर में हवाई ठिकाने का सर्वेक्षण कर लिया है और कुछ स्थानीय कर्मचारी भी आतंकवादियों की मदद कर रहे हैं। खबर में कहा गया है कि आतंकवादियों ने कथित रूप से लाहौर में हवाई ठिकाने का सर्वेक्षण कर लिया है और कुछ स्थानीय कर्मचारी भी आतंकवादियों की मदद कर रहे हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तानी तालिबान के प्रमुख हकीमुल्ला मेहसूद ने अपने लड़ाकुओं को निर्देश दिया है कि देश की खुफिया एजेंसियों और सैन्य प्रतिष्ठानों जैसे पाकिस्तानी वायुसेना के लाहौर स्थित अड्डे समेत पंजाब प्रांत में हमले तेज करे।
25
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: विपक्षी सदस्यों द्वारा लोकसभा में नए पासपोर्ट पर कमल का निशान छापने को लेकर उठाए गए सवाल के एक दिन बाद गुरुवार को विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह फर्जी पासपोर्ट का पता लगाने और सुरक्षा मजबूत करने की विशेषताओं का हिस्सा है. अन्य राष्ट्रीय प्रतीकों का भी बारी-बारी से इस्तेमाल किया जाएगा. कांग्रेस सदस्य एमके राघवन ने केरल के कोझिकोड में बांटने के लिए आए नए पासपोर्ट पर कमल का निशान होने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि एक अखबार ने इस खबर को प्रकाशित किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के चुनावी चिह्न कमल के साथ यह सरकारी प्रतिष्ठानों का ‘‘और भगवाकरण'' है. इस बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, ‘‘यह निशान हमारा राष्ट्रीय पुष्प है और यह फर्जी पासपोर्ट का पता लगाने के लिए लाई गई परिष्कृत सुरक्षा विशेषता का हिस्सा है.'' उन्होंने कहा, ‘‘ये सुरक्षा विशेषता अंतरराष्ट्रीय नागरिक विमानन संगठन (आईसीएओ) के दिशानिर्देशों का हिस्सा है. प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ कमल के अलावा बारी-बारी से अन्य राष्ट्रीय प्रतीकों का भी उपयोग किया जाएगा. अभी कमल का इस्तेमाल किया गया था. अगले महीने कुछ और होगा. ये प्रतीक भारत से जुड़े हैं जैसे राष्ट्रीय पुष्प या राष्ट्रीय पशु.''
संक्षिप्त पाठ: पासपोर्ट पर कमल का निशान सुरक्षा विशेषता का हिस्सा आगे भी पासपोर्टों पर अलग-अलग राष्ट्रीय प्रतीक छापे जाएंगे अंतरराष्ट्रीय नागरिक विमानन संगठन के दिशानिर्देशों का हिस्सा
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: रूसी टेनिस तारिका मारिया शारापोवा ने सीधे सेट में आसान जीत और जर्मनी की सैबिन लिस्की ने उलटफेर भरी जीत दर्ज करके विम्बलडन ग्रैंडस्लैम के सेमीफाइनल में प्रवेश किया, जहां दोनों एक दूसरे से भिड़ेंगी। पांचवीं वरीय शारापोवा ने स्लोवाकिया की डोमिनिका सिबुलकोवा को क्वार्टरफाइनल में 6-1, 6-1 से परास्त किया जबकि लिस्की ने उलटफेर करते हुए फ्रांस की नौंवी वरीय मारियन बार्तोली को 6-4, 6-7, 6-1 से मात दी। सिबुलकोवा ने अंतिम 16 के मैच में दुनिया की नंबर एक और शीर्ष वरीय कैरोलिन वोजनियाकी पर उलटफेर भरी जीत दर्ज की लेकिन वह शारापोवा के खिलाफ ऐसा प्रदर्शन नहीं दोहरा सकीं। शारापोवा ने 2006 के बाद पहली बार विम्बलडन के सेमीफाइनल में प्रवेश किया और वह 2004 की खिताबी जीत को दोहराने की प्रबल दावेदार लग रही हैं। वहीं लिस्की इस जीत से 1999 में स्टेफी ग्राफ के बाद विम्बलडन के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली जर्मनी की पहली महिला खिलाड़ी भी बन गई। वह वाइल्ड कार्ड से प्रवेश पाने वाली दूसरी ऐसी खिलाड़ी जिसने सेमीफाइनल में जगह बनाई। शनिवार को होने वाले फाइनल में जगह बनाने के लिए अब इस 21 वर्षीय खिलाड़ी को शारापोवा की चुनौती से पार पाना होगा।
शारापोवा ने सिबुलकोवा को क्वार्टरफाइनल में 6-1, 6-1 से परास्त किया जबकि लिस्की ने उलटफेर करते हुए बार्तोली को 6-4, 6-7, 6-1 से मात दी।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: नरेंद्र मोदी को भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद प्रत्याशी नामित करने के एक दिन बाद शनिवार को पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी 272 सीटें हासिल करेगी। न्यू बाम्बे बुलियन एसोसिएशन (बीबीए) के मुख्यालय में यहां एक कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि हमारे सहयोगियों के समर्थन से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) 272 से ज्यादा सीटें जीतेगा और सत्ता में आएगा।" केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर धावा बोलते हुए सिंह ने कहा कि कांग्रेस नीत गठबंधन ने अपने दस वर्ष के शासन के दौरान देश को आर्थिक बदहाली में पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की नेतृत्व वाली राजग सरकार के कार्यकाल में अर्थव्यवस्था की ताकत को देखते हुए यह उम्मीद की जा रही थी कि देश 2020 तक आर्थिक शक्ति बनकर उभरेगा।टिप्पणियां भाजपा प्रमुख ने कहा कि लेकिन पिछले दस वर्ष के शासन के दौरान देश की आर्थिक स्थिति रसातल में पहुंच गई और लोग भयंकर महंगाई का सामना कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, "सत्ता में आने के बाद हम देश की अर्थव्यवस्था को फिर से मजबूत करने का प्रयास करेंगे।" बीबीए के अध्यक्ष मोहित कंबोज ने कहा कि स्वर्ण कारोबारी समुदाय को भाजपा से ढेर सारी उम्मीद है और कारोबारी भाजपा को 2014 का लक्ष्य हासिल करने में हर तरह की मदद करेगी। न्यू बाम्बे बुलियन एसोसिएशन (बीबीए) के मुख्यालय में यहां एक कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि हमारे सहयोगियों के समर्थन से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) 272 से ज्यादा सीटें जीतेगा और सत्ता में आएगा।" केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर धावा बोलते हुए सिंह ने कहा कि कांग्रेस नीत गठबंधन ने अपने दस वर्ष के शासन के दौरान देश को आर्थिक बदहाली में पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की नेतृत्व वाली राजग सरकार के कार्यकाल में अर्थव्यवस्था की ताकत को देखते हुए यह उम्मीद की जा रही थी कि देश 2020 तक आर्थिक शक्ति बनकर उभरेगा।टिप्पणियां भाजपा प्रमुख ने कहा कि लेकिन पिछले दस वर्ष के शासन के दौरान देश की आर्थिक स्थिति रसातल में पहुंच गई और लोग भयंकर महंगाई का सामना कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, "सत्ता में आने के बाद हम देश की अर्थव्यवस्था को फिर से मजबूत करने का प्रयास करेंगे।" बीबीए के अध्यक्ष मोहित कंबोज ने कहा कि स्वर्ण कारोबारी समुदाय को भाजपा से ढेर सारी उम्मीद है और कारोबारी भाजपा को 2014 का लक्ष्य हासिल करने में हर तरह की मदद करेगी। केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर धावा बोलते हुए सिंह ने कहा कि कांग्रेस नीत गठबंधन ने अपने दस वर्ष के शासन के दौरान देश को आर्थिक बदहाली में पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की नेतृत्व वाली राजग सरकार के कार्यकाल में अर्थव्यवस्था की ताकत को देखते हुए यह उम्मीद की जा रही थी कि देश 2020 तक आर्थिक शक्ति बनकर उभरेगा।टिप्पणियां भाजपा प्रमुख ने कहा कि लेकिन पिछले दस वर्ष के शासन के दौरान देश की आर्थिक स्थिति रसातल में पहुंच गई और लोग भयंकर महंगाई का सामना कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, "सत्ता में आने के बाद हम देश की अर्थव्यवस्था को फिर से मजबूत करने का प्रयास करेंगे।" बीबीए के अध्यक्ष मोहित कंबोज ने कहा कि स्वर्ण कारोबारी समुदाय को भाजपा से ढेर सारी उम्मीद है और कारोबारी भाजपा को 2014 का लक्ष्य हासिल करने में हर तरह की मदद करेगी। भाजपा प्रमुख ने कहा कि लेकिन पिछले दस वर्ष के शासन के दौरान देश की आर्थिक स्थिति रसातल में पहुंच गई और लोग भयंकर महंगाई का सामना कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, "सत्ता में आने के बाद हम देश की अर्थव्यवस्था को फिर से मजबूत करने का प्रयास करेंगे।" बीबीए के अध्यक्ष मोहित कंबोज ने कहा कि स्वर्ण कारोबारी समुदाय को भाजपा से ढेर सारी उम्मीद है और कारोबारी भाजपा को 2014 का लक्ष्य हासिल करने में हर तरह की मदद करेगी। बीबीए के अध्यक्ष मोहित कंबोज ने कहा कि स्वर्ण कारोबारी समुदाय को भाजपा से ढेर सारी उम्मीद है और कारोबारी भाजपा को 2014 का लक्ष्य हासिल करने में हर तरह की मदद करेगी।
सारांश: नरेंद्र मोदी को भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद प्रत्याशी नामित करने के एक दिन बाद शनिवार को पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी 272 सीटें हासिल करेगी।
33
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पुलिस खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट के प्रमुख हरमिंदर सिंह मिंटू द्वारा कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन की कॉल का ब्यौरा हासिल करने का प्रयास कर रही है, जिससे पाकिस्तान और अन्य देशों में उसकी मदद करने वालों का पता चल सके. सूत्रों ने कहा कि उच्च सुरक्षा वाली नाभा जेल से भागे और 27 नवंबर को गिरफ्तार किए गए मिंटू से पंजाब और दिल्ली पुलिस की एक संयुक्त टीम पूछताछ कर रही है. उन्होंने कहा कि पुलिस उस मोबाइल फोन की कॉल के ब्यौरे हासिल कर उनका सत्यापन करने की कोशिश कर रही है, जिसका इस्तेमाल मिंटू द्वारा पाकिस्तान और अन्य देशों में उसे मदद उपलब्ध कराने के लिए किया गया था. जेल से भागने से पहले उसने वह फोन नष्ट कर दिया था, लेकिन उसने इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर का खुलासा किया और पुलिस कॉल रिकॉर्डस को खंगाल रही है और यह पता लगा रही है कि उसने कितनी देर किससे बातचीत की.टिप्पणियां इनके अलावा, पुलिस केएलएफ को फिर से जिंदा करने की मिंटू की योजनाओं के बारे में भी पूछताछ कर रही है और जेल में रहते हुए मिंटू को धन कहां से मिला, उसके स्रोत का भी पता लगा रही है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सूत्रों ने कहा कि उच्च सुरक्षा वाली नाभा जेल से भागे और 27 नवंबर को गिरफ्तार किए गए मिंटू से पंजाब और दिल्ली पुलिस की एक संयुक्त टीम पूछताछ कर रही है. उन्होंने कहा कि पुलिस उस मोबाइल फोन की कॉल के ब्यौरे हासिल कर उनका सत्यापन करने की कोशिश कर रही है, जिसका इस्तेमाल मिंटू द्वारा पाकिस्तान और अन्य देशों में उसे मदद उपलब्ध कराने के लिए किया गया था. जेल से भागने से पहले उसने वह फोन नष्ट कर दिया था, लेकिन उसने इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर का खुलासा किया और पुलिस कॉल रिकॉर्डस को खंगाल रही है और यह पता लगा रही है कि उसने कितनी देर किससे बातचीत की.टिप्पणियां इनके अलावा, पुलिस केएलएफ को फिर से जिंदा करने की मिंटू की योजनाओं के बारे में भी पूछताछ कर रही है और जेल में रहते हुए मिंटू को धन कहां से मिला, उसके स्रोत का भी पता लगा रही है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि पुलिस उस मोबाइल फोन की कॉल के ब्यौरे हासिल कर उनका सत्यापन करने की कोशिश कर रही है, जिसका इस्तेमाल मिंटू द्वारा पाकिस्तान और अन्य देशों में उसे मदद उपलब्ध कराने के लिए किया गया था. जेल से भागने से पहले उसने वह फोन नष्ट कर दिया था, लेकिन उसने इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर का खुलासा किया और पुलिस कॉल रिकॉर्डस को खंगाल रही है और यह पता लगा रही है कि उसने कितनी देर किससे बातचीत की.टिप्पणियां इनके अलावा, पुलिस केएलएफ को फिर से जिंदा करने की मिंटू की योजनाओं के बारे में भी पूछताछ कर रही है और जेल में रहते हुए मिंटू को धन कहां से मिला, उसके स्रोत का भी पता लगा रही है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जेल से भागने से पहले उसने वह फोन नष्ट कर दिया था, लेकिन उसने इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर का खुलासा किया और पुलिस कॉल रिकॉर्डस को खंगाल रही है और यह पता लगा रही है कि उसने कितनी देर किससे बातचीत की.टिप्पणियां इनके अलावा, पुलिस केएलएफ को फिर से जिंदा करने की मिंटू की योजनाओं के बारे में भी पूछताछ कर रही है और जेल में रहते हुए मिंटू को धन कहां से मिला, उसके स्रोत का भी पता लगा रही है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इनके अलावा, पुलिस केएलएफ को फिर से जिंदा करने की मिंटू की योजनाओं के बारे में भी पूछताछ कर रही है और जेल में रहते हुए मिंटू को धन कहां से मिला, उसके स्रोत का भी पता लगा रही है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: जेल में रहते हुए मिंटू को मिले धन के स्रोत का भी पता लगा रही पुलिस. मिंटू से पंजाब और दिल्ली पुलिस की एक संयुक्त टीम पूछताछ कर रही है. जेल से भागने से पहले मिंटू ने फोन नष्ट कर दिया था.
20
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी की वजह से भारत और पाकिस्तान में उपजे तनाव के बीच पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने पिछले दिनों संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी के अस्पताल में भर्ती होने पर उन्हें गुलदस्ता भिजवाया था। बीते 26 अगस्त को संसद में चर्चा के दौरान तबियत बिगड़ने पर सोनिया को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया था। समाचार पत्र ‘द नेशन’ के अनुसार शरीफ के आदेश पर पाकिस्तानी विदेश विभाग ने नई दिल्ली में अपने उच्चायोग से कहा कि वह सोनिया को गुलदस्ता भेंट करे। यह गुलदस्ता ‘जल्द सेहतमंद हो जाइए’ के संदेश के साथ भेजा गया था।टिप्पणियां पिछले 6 अगस्त को नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना के हमले में पांच भारतीय सैनिकों के मारे जाने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव पैदा हो गया था। दोनों देशों के बीच कई बार गोलीबारी हुई। पाकिस्तान का कहना है कि भारतीय सैनिकों की हत्या में उसके सैनिक शामिल नहीं थे। शरीफ ने कहा है कि वह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ मुलाकात की उम्मीद कर रहे हैं। बीते 26 अगस्त को संसद में चर्चा के दौरान तबियत बिगड़ने पर सोनिया को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया था। समाचार पत्र ‘द नेशन’ के अनुसार शरीफ के आदेश पर पाकिस्तानी विदेश विभाग ने नई दिल्ली में अपने उच्चायोग से कहा कि वह सोनिया को गुलदस्ता भेंट करे। यह गुलदस्ता ‘जल्द सेहतमंद हो जाइए’ के संदेश के साथ भेजा गया था।टिप्पणियां पिछले 6 अगस्त को नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना के हमले में पांच भारतीय सैनिकों के मारे जाने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव पैदा हो गया था। दोनों देशों के बीच कई बार गोलीबारी हुई। पाकिस्तान का कहना है कि भारतीय सैनिकों की हत्या में उसके सैनिक शामिल नहीं थे। शरीफ ने कहा है कि वह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ मुलाकात की उम्मीद कर रहे हैं। समाचार पत्र ‘द नेशन’ के अनुसार शरीफ के आदेश पर पाकिस्तानी विदेश विभाग ने नई दिल्ली में अपने उच्चायोग से कहा कि वह सोनिया को गुलदस्ता भेंट करे। यह गुलदस्ता ‘जल्द सेहतमंद हो जाइए’ के संदेश के साथ भेजा गया था।टिप्पणियां पिछले 6 अगस्त को नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना के हमले में पांच भारतीय सैनिकों के मारे जाने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव पैदा हो गया था। दोनों देशों के बीच कई बार गोलीबारी हुई। पाकिस्तान का कहना है कि भारतीय सैनिकों की हत्या में उसके सैनिक शामिल नहीं थे। शरीफ ने कहा है कि वह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ मुलाकात की उम्मीद कर रहे हैं। पिछले 6 अगस्त को नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना के हमले में पांच भारतीय सैनिकों के मारे जाने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव पैदा हो गया था। दोनों देशों के बीच कई बार गोलीबारी हुई। पाकिस्तान का कहना है कि भारतीय सैनिकों की हत्या में उसके सैनिक शामिल नहीं थे। शरीफ ने कहा है कि वह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ मुलाकात की उम्मीद कर रहे हैं। पाकिस्तान का कहना है कि भारतीय सैनिकों की हत्या में उसके सैनिक शामिल नहीं थे। शरीफ ने कहा है कि वह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ मुलाकात की उम्मीद कर रहे हैं।
सारांश: नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी की वजह से भारत और पाकिस्तान में उपजे तनाव के बीच पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने पिछले दिनों संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी के अस्पताल में भर्ती होने पर उन्हें गुलदस्ता भिजवाया था।
31
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: Chalo bacchon, saare khush ho jao.... sorry Bol diya ! Sorry bol diya !!! Lekin phir bhi election toh ladenge !!! गौहर खान (Gauahar Khan) ने लिखा: "चलो बच्चों, सारे खुश हो जाओ... सॉरी बोल दिया ! स़ॉरी बोल दिया !!! लेकिन फिर भी इलेक्शन तो लड़ेंगे." बॉलीवुड एक्ट्रेस गौहर खान ने इस तरह  प्रज्ञा ठाकुर (Pragya Thakur) पर तंज कसा है. उनके इस ट्वीट पर जमकर प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. इससे पहले प्रज्ञा ठाकुर (Pragya Thakur) कहा था, 'मैं नाथूराम गोडसे के बारे में दिये गए मेरे बयान के लिये देश की जनता से माफ़ी मांगती हूं. मेरा बयान बिलकुल ग़लत था. मैं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी का बहुत सम्मान करती हूं.'   गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से बीजेपी उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर (Pragya Thakur) चुनाव प्रचार में जुटी हुई हैं. आगर मालवा शहर में रोड शो के दौरान NDTV के सहयोगी ज़फर मुल्तानी से बात करते वक्त उनसे नाथूराम गोडसे को लेकर एक सवाल पूछा, जिस पर उनका जवाब आया कि वह देश भक्त थे, हैं और रहेंगे. बता दें, यह सवाल इसलिए पूछा गया, क्योंकि महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे का उल्लेख करते हुए कमल हासन ने रविवार को कहा था कि ‘आजाद भारत का पहला उग्रवादी एक हिंदू था.'
संक्षिप्त पाठ: बॉलीवुड एक्ट्रेस का प्रज्ञा ठाकुर पर तंज ट्वीट कर कसा कंज प्रज्ञा ठाकुर ने नाथूराम गोडसे को बताया था देशभक्त
14
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा का कहना है कि बॉलीवुड को कलाकारों के उपनाम या वरिष्ठता से अलग नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि सब एक ही इंडस्ट्री के हिस्से हैं। इस साल आईफा अवार्ड्स में खान और बच्चन सरीखे कलाकार शामिल नहीं हो रहे हैं, जिससे पूरा दारोमदार युवा अभिनेताओं पर है।टिप्पणियां इस पर प्रियंका कहती हैं, मेरा मानना है कि उम्र या खास उपनाम से इंडस्ट्री को बांटना गलत है। यहां पर हम सभी कलाकार हैं और समान इंडस्ट्री के हिस्से हैं। एक ओर प्रियंका की चचेरी बहन परिणीति चोपड़ा दो फिल्मों के जरिए बॉलीवुड में दस्तक दे चुकी हैं, वहीं एक और बहन फिल्म उद्योग में पारी शुरू करने वाली हैं। प्रियंका कहती हैं, हो सकता है कि मेरी बहन या रिश्तेदार बॉलीवुड में आए और मैं उनके लिए कोशिश कर रही हूं। हालांकि ‘तेरी मेरी कहानी’ में उनके सह कलाकार शाहिद कपूर कहते हैं, खान और बच्चन की कमी किसी भी समारोह में निश्चित तौर पर खलेगी। इस पर प्रियंका कहती हैं, मेरा मानना है कि उम्र या खास उपनाम से इंडस्ट्री को बांटना गलत है। यहां पर हम सभी कलाकार हैं और समान इंडस्ट्री के हिस्से हैं। एक ओर प्रियंका की चचेरी बहन परिणीति चोपड़ा दो फिल्मों के जरिए बॉलीवुड में दस्तक दे चुकी हैं, वहीं एक और बहन फिल्म उद्योग में पारी शुरू करने वाली हैं। प्रियंका कहती हैं, हो सकता है कि मेरी बहन या रिश्तेदार बॉलीवुड में आए और मैं उनके लिए कोशिश कर रही हूं। हालांकि ‘तेरी मेरी कहानी’ में उनके सह कलाकार शाहिद कपूर कहते हैं, खान और बच्चन की कमी किसी भी समारोह में निश्चित तौर पर खलेगी। प्रियंका कहती हैं, हो सकता है कि मेरी बहन या रिश्तेदार बॉलीवुड में आए और मैं उनके लिए कोशिश कर रही हूं। हालांकि ‘तेरी मेरी कहानी’ में उनके सह कलाकार शाहिद कपूर कहते हैं, खान और बच्चन की कमी किसी भी समारोह में निश्चित तौर पर खलेगी।
सारांश: अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा का कहना है कि बॉलीवुड को कलाकारों के उपनाम या वरिष्ठता से अलग नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि सब एक ही इंडस्ट्री के हिस्से हैं।
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि भारत के मुसलमानों को पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे इस्लामिक देशों में बहुसंख्यक आबादी के सदस्यों द्वारा हिंदू समुदाय पर हिंसा की घटनाओं के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए. आजाद यहां एक गैर सरकारी संगठन नेशनल ट्राई कलर एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा 'रोल ऑफ यूथ इन स्ट्रेंथिंग डेमोक्रेसी' विषय पर आयोजित परिसंवाद में बोल रहे थे.टिप्पणियां उन्होंने कहा, 'हमारे देश में हिंदुओं की ओर से धर्मनिरपेक्षता दर्शाने करने में कभी कोई कमी नहीं रही है, लेकिन जब भी पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हिंसा होती है तो हम (मुस्लिम) इन मुद्दों को क्यों नहीं उठाते हैं.' (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आजाद यहां एक गैर सरकारी संगठन नेशनल ट्राई कलर एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा 'रोल ऑफ यूथ इन स्ट्रेंथिंग डेमोक्रेसी' विषय पर आयोजित परिसंवाद में बोल रहे थे.टिप्पणियां उन्होंने कहा, 'हमारे देश में हिंदुओं की ओर से धर्मनिरपेक्षता दर्शाने करने में कभी कोई कमी नहीं रही है, लेकिन जब भी पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हिंसा होती है तो हम (मुस्लिम) इन मुद्दों को क्यों नहीं उठाते हैं.' (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, 'हमारे देश में हिंदुओं की ओर से धर्मनिरपेक्षता दर्शाने करने में कभी कोई कमी नहीं रही है, लेकिन जब भी पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हिंसा होती है तो हम (मुस्लिम) इन मुद्दों को क्यों नहीं उठाते हैं.' (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:हिंदू समुदाय पर हिंसा की घटनाओं के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए- आजाद आजाद एक गैर सरकारी संगठन द्वारा आयोजित परिसंवाद में बोल रहे थे. हिंदुओं के साथ हिंसा होने पर मुस्लिम इन मुद्दों को क्यों नहीं उठाते- आजाद
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['hin']
एक सारांश बनाओ: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जासूसी के आरोप में भारतीय सेना के पूर्व अधिकारी को हिरासत मे लिया है. पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुकेश अरोड़ा के रूप में की गई है. अभी तक की जांच में पता चला है कि आरोपी युवक बीते लंबे समय से विदेशी एजेंसियों के लिए जासूसी कर रहा था. दिल्ली पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है. पुलिस फिलहाल आरोपी के सीडीआर डिटेल्स और ईमेल की जांच कर रही है. दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमे कुछ दिन पहले ही आरोपी पर शक हुआ था. इसके बाद आरोपी पर नजर रखी गई. आखिरकार इसे शक के आधार पर हिरासत में लिया है. उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के साथ-साथ आईबी की टीम भी पूर्व अधिकारी से पूछताछ कर रही है. हिरासत में लिए गए पूर्व अधिकारी के खिलाफ दिल्ली कैंट में पहले से भी मामला दर्ज होने की बात सामने आ रही है.  इससे पहले भी ऐसी कुछ घटनाएं सामने आ चुकी हैं. कुछ महीने पहले ही सैन्य शिविर पर जासूसी करने के आरोप में पुलिस ने हरियाणा के हिसार से तीन संदिग्ध पाकिस्तानी एजेंटों को गिरफ्तार किया था. पुलिस ने इस बात की जानकारी दी थी. आरोपियों के मोबाइल फोन में आर्मी कैंप और सैनिकों के फोटो और वीडियो भी मिले थे. पुलिस ने इस संबंध में कहा था कि यह तीनों शख्स हिसार छावनी में एक सप्ताह से एक सिविल कंस्ट्रक्शन फर्म में काम कर रहे थे. पुलिस ने बताया था कि मिलिट्री इंटेलिजेंस ने तीन कथित जासूसों को व्हाट्सएप वॉयस और वीडियो कॉल के जरिए संदिग्ध पाकिस्तानी एजेंटों के संपर्क में पाया था. पुलिस ने तीनों संदिग्धों की पहचान उत्तर प्रदेश के निवासियों के रूप में की थी. इनमें से दो शख्स मुजफ्फरनगर और एक शामली के बताए जा रहे थे. बताया जा रहा था कि इनमें मुजफ्फरपुर से महताब (28), रगीब (34) और खालिद (25) शामली का रहने वाला है. हिसार पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है.
सारांश: पुलिस ने दिल्ली कैंट इलाके से आरोपी को हिरासत में लिया है विदेशी एजेंसियों के लिए जासूसी करने का है आरोप आईबी और स्पेशल सेल कर रही है पूछताछ
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['hin']
एक सारांश बनाओ: पीठ के अपना आदेश लिखाने का काम लगभग पूरा करने के बाद अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने तटस्थ स्थान का मुद्दा उठाया. पीठ में न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना भी शामिल थे.पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘अनावश्यक विवाद से बचने के लिए हम पुलिस आयुक्त को जो भी तारीख तय की जाएगी उसके अनुसार शिलांग में जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश देते हैं.' सुनवाई के दौरान सीबीआई ने रविवार की घटना का हवाला देकर आरोप लगाया कि राज्य में संवैधानिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. रविवार को पश्चिम बंगाल पुलिस ने केंद्रीय जांच एजेंसी के करीब 25 कर्मियों को हिरासत में ले लिया था. सीबीआई कर्मी सारदा घोटाला मामले में पूछताछ के लिये कुमार के आवास पर गए थे. सीबीआई ने आरोप लगाया कि कुमार ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की और एजेंसी को कुछ दस्तावेज सौंपे, जिनमें से कुछ के साथ छेड़छाड़ की गई थी. सीबीआई ने यह भी आरोप लगाया कि उसके संयुक्त निदेशक पंकज श्रीवास्तव के घर को राज्य पुलिस ने घेर लिया था. इसके बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी धरने पर बैठ गईं. बनर्जी ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद शाम को अपना धरना खत्म किया. धरने के दौरान ममता बनर्जी को सभी विपक्षी दलों का साथ मिला. ममता बनर्जी ने सीबीआई की इस कार्रवाई को मोदी सरकार का राजनीतिक साजिश करार दिया. ममता बनर्जी ने मंगलवार को धरना खत्म करते हुए कहा कि वह मोदी सरकार के खात्मा होने तक लड़ाई लड़ती रहेगी. इसके साथ ही ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अपनी 'नैतिक जीत' बताया. वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार ने भी इसे सीबीआई की जात बताया है.
संक्षिप्त पाठ: सुप्रीम कोर्ट ने सुना सीबीआई-बंगाल केस कमिश्नर को CBI के सामने पेश होने को कहा शिलांग में पेश होंगे कमिश्नर राजीव कुमार
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['hin']
एक सारांश बनाओ: कृषि और विनिर्माण क्षेत्र के प्रदर्शन में सुधार की बदौलत चालू वित्त वर्ष 2018-19 में भारतीय अर्थव्यवस्था की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने सोमवार को यह कहा है. इससे पिछले वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रही थी. हालांकि, सीएसओ का चालू वित्त वर्ष की वृद्धि दर का अनुमान वर्ष के लिए रिजर्व बैंक के 7.4 प्रतिशत के अनुमान से कम है. सीएसओ ने सोमवार को कहा कि कृषि और विनिर्माण क्षेत्र के प्रदर्शन में सुधार से चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर पिछले वित्त वर्ष की तुलना में बेहतर रहने का अनुमान है. सीएसओ ने 2018-19 के राष्ट्रीय आय का पहला अग्रिम अनुमान जारी करते हुए कहा, ‘‘2018-19 में जीडीपी की वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो 2017-18 में 6.7 प्रतिशत रही थी.'' इससे पहले 2016- 17 में जीडीपी वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत और उससे पहले 2015-16 में 8.2 प्रतिशत रही थी. इसमें कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष में वास्तविक सकल मूल्य वर्द्धन (जीवीए) 7 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो 2017-18 में 6.5 प्रतिशत रहा था.  सीएसओ के आंकड़ों के अनुसार कृषि, वन और मत्स्यपालन जैसी गतिविधियों की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 3.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 3.4 प्रतिशत रही थी. वहीं, विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर 2017-18 के 5.7 प्रतिशत से बढ़कर 2018-19 में 8.3 प्रतिशत पर पहुंचने का अनुमान है. हालांकि, वित्त वर्ष के दौरान खनन और संबद्ध क्षेत्र की वृद्धि दर घटकर 0.8 प्रतिशत पर आने का अनुमान है, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 2.9 प्रतिशत रही थी। इसी तरह व्यापार, होटल, परिवहन, संचार और प्रसारण से संबंधित सेवाओं की वृद्धि दर पिछले वित्त वर्ष के 8 प्रतिशत से घटकर चालू वित्त वर्ष में 6.9 प्रतिशत पर आने का अनुमान है. इसी तरह लोक प्रशासन, रक्षा और अन्य सेवाओं की वृद्धि दर पिछले वित्त वर्ष के 10 प्रतिशत से घटकर 8.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है. बिजली, गैस, जलापूर्ति एवं अन्य सेवाओं की वृद्धि दर 2018-19 में 9.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो पिछले वित्त वर्ष में 7.2 प्रतिशत रही थी. इसी तरह निर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर के 8.9 प्रतिशत पर पहुंच जाने का अनुमान सीएसओ ने लगाया है, जो पिछले वित्त वर्ष में 5.7 प्रतिशत थी. वित्तीय, रीयल एस्टेट और पेशेवर सेवाओं की वृद्धि दर बढ़कर 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो 2017-18 में 6.6 प्रतिशत थी.  सीएसओ के अनुमान के अनुसार 2018-19 में प्रति व्यक्ति शुद्ध राष्ट्रीय आय 11.1 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,25,397 रुपये पर पहुंच जाएगी, जो 2017-18 में 1,12,835 रुपये थी. निवेश का पैमाना समझे जाने वाली सकल स्थायी पूंजी सृजन (जीएफसीएफ) के मौजूदा मूल्य पर 55.58 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है जो 2017-18 में 47.79 करोड़ रुपये रहा था. स्थिर मूल्य (2011-12) पर जीएफसीएफ 45.86 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है जो 2017-18 में 40.88 लाख करोड़ रुपये रहा था. जीडीपी के संदर्भ में चालू और स्थिर कीमत पर जीएफसीएफ की दर क्रमश: 29.5 प्रतिशत और 32.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो 2017-18 में क्रमश: 28.5 प्रतिशत और 31.4 प्रतिशत थी. चालू वित्त में जीडीपी अनुमान में विसंगति को 1,49,331 करोड़ रुपये रखा गया है, जो कि 207-18 में 2,23,504 करोड़ रुपये थीं.  मौजूदा कीमत पर सरकार का अंतिम उपभोग व्यय (जीएफसीई) 21.70 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया है, जो 2017-18 में 19.08 लाख करोड़ रुपये था. स्थिर मूल्यों (2011-12) पर इसके पिछले वित्त वर्ष के 14 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 15.28 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचने का अनुमान है. जीडीपी के संदर्भ में चालू और स्थिर कीमत पर जीएफसीई की दर क्रमश: 11.5 प्रतिशत और 11 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में क्रमश: 11.4 और 10.8 प्रतिशत रही थी.
सारांश: 2018-19 में जीडीपी वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान कृषि, विनिर्माण के बेहतर प्रदर्शन से मिलेगा सपोर्ट पिछले वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रही थी
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं के विरोध में शहर की ऑटो और टैक्सी यूनियनों ने आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इससे हजारों यात्रियों का परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऑटो और टैक्सी की बीस यूनियनों ने मिलकर संयुक्त कार्य समिति बनाई है। इसी समिति ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया था। समिति ने दावा किया कि हड़ताल के समर्थन में करीब 85,000 ऑटो और 15,000 काली-पीली टैक्सियां राजधानी की सड़कों से नदारद हैं। दिल्ली सरकार ने इस हड़ताल को ‘राजनीति से प्रेरित’ बताया है और कहा है कि एप आधारित कैब सेवाओं पर प्रतिबंध लगाने का फैसला उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है, इसलिए इस मामले में केंद्र सरकार को ही कुछ करना चाहिए। हड़ताल के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कनॉट प्लेस, रेलवे स्टेशन और आईएसबीटी जैसे स्थानों पर यात्रियांे को आवागमन के साधन नहीं मिल रहे हैं। ऑल दिल्ली ऑटो-टैक्सी ट्रांसपोर्ट कांग्रेस यूनियन (एडीएटीटीसीयू) के अध्यक्ष किशन वर्मा ने कहा कि ऑटो और टैक्सी के चालक ऐप आधारित सेवाओं का विरोध कर रहे हैं।टिप्पणियां वर्मा ने कहा, उबर और ओला के पास दिल्ली में टैक्सी चलाने का परमिट नहीं है फिर भी हमारी रोजी-रोटी छीनने के लिए सरकार उन्हें अपनी गाड़ियां चलाने दे रही है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ऑटो और टैक्सी की बीस यूनियनों ने मिलकर संयुक्त कार्य समिति बनाई है। इसी समिति ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया था। समिति ने दावा किया कि हड़ताल के समर्थन में करीब 85,000 ऑटो और 15,000 काली-पीली टैक्सियां राजधानी की सड़कों से नदारद हैं। दिल्ली सरकार ने इस हड़ताल को ‘राजनीति से प्रेरित’ बताया है और कहा है कि एप आधारित कैब सेवाओं पर प्रतिबंध लगाने का फैसला उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है, इसलिए इस मामले में केंद्र सरकार को ही कुछ करना चाहिए। हड़ताल के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कनॉट प्लेस, रेलवे स्टेशन और आईएसबीटी जैसे स्थानों पर यात्रियांे को आवागमन के साधन नहीं मिल रहे हैं। ऑल दिल्ली ऑटो-टैक्सी ट्रांसपोर्ट कांग्रेस यूनियन (एडीएटीटीसीयू) के अध्यक्ष किशन वर्मा ने कहा कि ऑटो और टैक्सी के चालक ऐप आधारित सेवाओं का विरोध कर रहे हैं।टिप्पणियां वर्मा ने कहा, उबर और ओला के पास दिल्ली में टैक्सी चलाने का परमिट नहीं है फिर भी हमारी रोजी-रोटी छीनने के लिए सरकार उन्हें अपनी गाड़ियां चलाने दे रही है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दिल्ली सरकार ने इस हड़ताल को ‘राजनीति से प्रेरित’ बताया है और कहा है कि एप आधारित कैब सेवाओं पर प्रतिबंध लगाने का फैसला उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है, इसलिए इस मामले में केंद्र सरकार को ही कुछ करना चाहिए। हड़ताल के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कनॉट प्लेस, रेलवे स्टेशन और आईएसबीटी जैसे स्थानों पर यात्रियांे को आवागमन के साधन नहीं मिल रहे हैं। ऑल दिल्ली ऑटो-टैक्सी ट्रांसपोर्ट कांग्रेस यूनियन (एडीएटीटीसीयू) के अध्यक्ष किशन वर्मा ने कहा कि ऑटो और टैक्सी के चालक ऐप आधारित सेवाओं का विरोध कर रहे हैं।टिप्पणियां वर्मा ने कहा, उबर और ओला के पास दिल्ली में टैक्सी चलाने का परमिट नहीं है फिर भी हमारी रोजी-रोटी छीनने के लिए सरकार उन्हें अपनी गाड़ियां चलाने दे रही है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हड़ताल के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कनॉट प्लेस, रेलवे स्टेशन और आईएसबीटी जैसे स्थानों पर यात्रियांे को आवागमन के साधन नहीं मिल रहे हैं। ऑल दिल्ली ऑटो-टैक्सी ट्रांसपोर्ट कांग्रेस यूनियन (एडीएटीटीसीयू) के अध्यक्ष किशन वर्मा ने कहा कि ऑटो और टैक्सी के चालक ऐप आधारित सेवाओं का विरोध कर रहे हैं।टिप्पणियां वर्मा ने कहा, उबर और ओला के पास दिल्ली में टैक्सी चलाने का परमिट नहीं है फिर भी हमारी रोजी-रोटी छीनने के लिए सरकार उन्हें अपनी गाड़ियां चलाने दे रही है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ऑल दिल्ली ऑटो-टैक्सी ट्रांसपोर्ट कांग्रेस यूनियन (एडीएटीटीसीयू) के अध्यक्ष किशन वर्मा ने कहा कि ऑटो और टैक्सी के चालक ऐप आधारित सेवाओं का विरोध कर रहे हैं।टिप्पणियां वर्मा ने कहा, उबर और ओला के पास दिल्ली में टैक्सी चलाने का परमिट नहीं है फिर भी हमारी रोजी-रोटी छीनने के लिए सरकार उन्हें अपनी गाड़ियां चलाने दे रही है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) वर्मा ने कहा, उबर और ओला के पास दिल्ली में टैक्सी चलाने का परमिट नहीं है फिर भी हमारी रोजी-रोटी छीनने के लिए सरकार उन्हें अपनी गाड़ियां चलाने दे रही है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं के विरोध में हड़ताल पर हैं टैक्सी चालक। दिल्ली में करीब 85,000 ऑटो-रिक्शा, 15,000 काली-पीली टैक्सियां हैं। नई दिल्ली स्टेशन पर धरना भी दे रहे हैं ऑटो-टैक्सी चालक।
13
['hin']
एक सारांश बनाओ: हाल ही में प्रतिष्ठित ऑस्कर अवार्ड से सम्मानित हुईं हॉलीवुड अभिनेत्री जेनिफर लॉरेंस खुद को कतई सेक्सी और आकर्षक नहीं मानतीं और उनके मुताबिक विश्व की सबसे सेक्सी महिला की छवि से उन्हें बेचैनी महसूस होती है। वर्ष 2012 में आई फिल्म 'सिल्वर लाइनिंग्स प्लेबुक' में एक सेक्स-एडिक्ट लड़की का किरदार निभाने के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के ऑस्कर अवार्ड से सम्मानित की गईं जेनिफर लॉरेंस हाल ही में फैशन हाउस डियोर की ब्रांड एम्बैसेडर नियुक्त की गई हैं, और 22-वर्षीय यह अभिनेत्री अपनी ही सेक्सी छवि से घबराई हुई है।टिप्पणियां वेबसाइट कॉन्टेक्टम्यूज़िक.कॉम के मुताबिक जेनिफर लॉरेंस ने कहा, "जहां तक सेक्सी व्यक्तित्व की बात है, मैं खुद को सेक्सी नहीं मानती और वास्तव में यह सच नहीं है। मैं इसे अपने दिमाग से हटाने वाली हूं, क्योंकि यह घबराहट पैदा कर देता है।" फिलहाल जेनिफर लॉरेंस फिल्म 'द हंगर गेम्स' के सीक्वेल में कैटनिस, और फिल्म 'एक्स मैन : डेज़ ऑफ फ्यूचर पास्ट' में मिस्टीक की भूमिकाएं निभाने का बेताबी से इंतज़ार कर रही हैं। वर्ष 2012 में आई फिल्म 'सिल्वर लाइनिंग्स प्लेबुक' में एक सेक्स-एडिक्ट लड़की का किरदार निभाने के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के ऑस्कर अवार्ड से सम्मानित की गईं जेनिफर लॉरेंस हाल ही में फैशन हाउस डियोर की ब्रांड एम्बैसेडर नियुक्त की गई हैं, और 22-वर्षीय यह अभिनेत्री अपनी ही सेक्सी छवि से घबराई हुई है।टिप्पणियां वेबसाइट कॉन्टेक्टम्यूज़िक.कॉम के मुताबिक जेनिफर लॉरेंस ने कहा, "जहां तक सेक्सी व्यक्तित्व की बात है, मैं खुद को सेक्सी नहीं मानती और वास्तव में यह सच नहीं है। मैं इसे अपने दिमाग से हटाने वाली हूं, क्योंकि यह घबराहट पैदा कर देता है।" फिलहाल जेनिफर लॉरेंस फिल्म 'द हंगर गेम्स' के सीक्वेल में कैटनिस, और फिल्म 'एक्स मैन : डेज़ ऑफ फ्यूचर पास्ट' में मिस्टीक की भूमिकाएं निभाने का बेताबी से इंतज़ार कर रही हैं। वेबसाइट कॉन्टेक्टम्यूज़िक.कॉम के मुताबिक जेनिफर लॉरेंस ने कहा, "जहां तक सेक्सी व्यक्तित्व की बात है, मैं खुद को सेक्सी नहीं मानती और वास्तव में यह सच नहीं है। मैं इसे अपने दिमाग से हटाने वाली हूं, क्योंकि यह घबराहट पैदा कर देता है।" फिलहाल जेनिफर लॉरेंस फिल्म 'द हंगर गेम्स' के सीक्वेल में कैटनिस, और फिल्म 'एक्स मैन : डेज़ ऑफ फ्यूचर पास्ट' में मिस्टीक की भूमिकाएं निभाने का बेताबी से इंतज़ार कर रही हैं। फिलहाल जेनिफर लॉरेंस फिल्म 'द हंगर गेम्स' के सीक्वेल में कैटनिस, और फिल्म 'एक्स मैन : डेज़ ऑफ फ्यूचर पास्ट' में मिस्टीक की भूमिकाएं निभाने का बेताबी से इंतज़ार कर रही हैं।
संक्षिप्त पाठ: जेनिफर लॉरेंस ने कहा, "जहां तक सेक्सी व्यक्तित्व की बात है, मैं खुद को सेक्सी नहीं मानती और वास्तव में यह सच नहीं है। मैं इसे अपने दिमाग से हटाने वाली हूं, क्योंकि यह घबराहट पैदा कर देता है।"
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: निर्वाचन आयोग ने हाल ही में विधानसभा चुनाव होने वाले पांच राज्यों के चुनाव अधिकारियों को ईवीएम भेजने के लिए तैयार रहने के लिए सोमवार कहा. दरअसल, आयोग ने ईवीएम के साथ छेड़छाड़ किए जा सकने को साबित करने के लिए राजनीतिक पार्टियों को एक खुली चुनौती दी है. इस चुनौती में भाग लेने वाली पार्टियां उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर, गोवा और पंजाब में चुनावों में इस्तेमाल की गई ईवीएम की मांग कर सकती है. इन पांच राज्यों में हाल ही में विधानसभा चुनाव संपन्न हुए थे.   चुनौती तीन जून से शुरू होगी. पार्टियां यह साबित करने के लिए चार ईवीएम तक इस्तेमाल कर सकती है कि इन मशीनों को हैक किया जा सकता है और चुनावों के मद्देनजर इन्हें हैक किया गया. अदालत के आदेशों के तहत सील की गई ईवीएम को चुनौती के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. चुनौती के लिए ईवीएम को खास तरह के ट्रंक में लाया जाएगा. पार्टी के प्रतिनिधियों को ईवीएम के साथ यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी.
आदेशों के तहत सील की गई ईवीएम को चुनौती के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा . चुनौती के लिए ईवीएम को खास तरह के ट्रंक में लाया जाएगा  पार्टी के प्रतिनिधियों को ईवीएम के साथ यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: केरल में जोरदार बारिश की वजह से पांच लोगों की मौत हो गई, जिनके शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि कोच्चि का एयरपोर्ट बंद कर दिया गया है। आज कोच्चि जाने वाले विमानों के रास्तों में परिवर्तन किया गया है। एजेंसियों के अनुसार तमाम मार्गों पर भूस्खलन की वजह से तमाम गाड़ियां पलट गई हैं। इस दुर्घटनाओं में तमाम और लोगों के मरने की आशंका जताई जा रही है।टिप्पणियां विमान मार्गों में परिवर्तन से 11 हजार यात्री प्रभावित हुए हैं। अब तक कुल 126 फ्लाइट प्रभावित हुई हैं। कल से केरल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। भूस्खलन के कारण अकेले इदुक्की पांच लोगों के शव बरामद किए गए हैं। एजेंसियों के अनुसार तमाम मार्गों पर भूस्खलन की वजह से तमाम गाड़ियां पलट गई हैं। इस दुर्घटनाओं में तमाम और लोगों के मरने की आशंका जताई जा रही है।टिप्पणियां विमान मार्गों में परिवर्तन से 11 हजार यात्री प्रभावित हुए हैं। अब तक कुल 126 फ्लाइट प्रभावित हुई हैं। कल से केरल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। भूस्खलन के कारण अकेले इदुक्की पांच लोगों के शव बरामद किए गए हैं। विमान मार्गों में परिवर्तन से 11 हजार यात्री प्रभावित हुए हैं। अब तक कुल 126 फ्लाइट प्रभावित हुई हैं। कल से केरल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। भूस्खलन के कारण अकेले इदुक्की पांच लोगों के शव बरामद किए गए हैं। कल से केरल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। भूस्खलन के कारण अकेले इदुक्की पांच लोगों के शव बरामद किए गए हैं।
संक्षिप्त पाठ: केरल में जोरदार बारिश की वजह से पांच लोगों की मौत हो गई, जिनके शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि कोच्चि का एयरपोर्ट बंद कर दिया गया है। आज कोच्चि जाने वाले विमानों के रास्तों में परिवर्तन किया गया है।
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में लगातार तीन सप्ताह की गिरावट के बाद तेजी दर्ज की गई। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स आलोच्य अवधि में 2.13 फीसदी या 358.74 अंकों की तेजी के साथ 17,197.93 पर बंद हुआ। सेंसेक्स पिछले सप्ताह 319.25 अंकों की गिरावट के साथ 16,839.19 पर बंद हुआ था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी आलोच्य सप्ताह में 2.27 फीसदी या 115.85 अंकों की तेजी के साथ शुक्रवार को 5,215.70 पर बंद हुआ। पिछले सप्ताह निफ्टी 105.25 अंकों की गिरावट के साथ 5,099.85 पर बंद हुआ था। आलोच्य अवधि में बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में लगभग तीन फीसदी तेजी रही। मिडकैप 3.14 फीसदी या 185.03 अंकों की तेजी के साथ 6072.53 पर बंद हुआ। जबकि स्मॉलकैप 2.96 फीसदी या 188.10 अंकों की तेजी के साथ 6,545.70 पर बंद हुआ। गत सप्ताह सेंसेक्स में तेजी में रहने वाले प्रमुख शेयरों में रहे एनटीपीसी (8.66 फीसदी), भेल (7.88 फीसदी), सिप्ला (7.17 फीसदी), एलएंडटी (4.72 फीसदी) और सन फार्मा (4.71 फीसदी)। सेंसेक्स में इस सप्ताह गिरावट में रहने वाले शेयरों में प्रमुख रहे भारती एयरटेल (3.44 फीसदी), कोल इंडिया (2.76 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (2.39 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (0.64 फीसदी) और टाटा स्टील (0.59 फीसदी)। गत सप्ताह बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में तेजी रही। बिजली (4.97 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.70 फीसदी), रियल्टी (4.38 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (4.28 फीसदी) और तेल एवं गैस (2.47 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मौद्रिक नीति समीक्षा जारी होने के एक दिन पहले सोमवार को देश की आर्थिक विकास दर के पूर्वानुमान को घटाकर 6.5 फीसदी कर दिया और महंगाई तथा वित्तीय घाटा बढ़ने की आशंका जाहिर कर दी। आरबीआई ने आर्थिक और मौद्रिक विकास पर तिमाही रिपोर्ट में मौजूदा कारोबारी साल के लिए विकास के पूर्वानुमान को घटाकर 6.5 फीसदी कर दिया। इससे पहले उसने अप्रैल में विकास दर के 7.2 फीसदी रहने की सम्भावना जाहिर की थी। आरबीआई ने कहा, "देश का आर्थिक परिदृश्य कमजोर है। अनिश्चित वैश्विक आर्थिक स्थिति के बीच सुस्त विकास, ऊंची महंगाई दर, चालू खाता घाटा और वित्तीय घाटा तथा निवेश घटने से अर्थव्यवस्था कमजोर हुई है।" योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने मंगलवार को कहा कि मौजूदा कारोबारी साल में देश की विकास दर छह फीसदी से 6.5 फीसदी के बीच रहने की सम्भावना है। उन्होंने साथ ही कहा कि विकास दर के आठ फीसदी के पास पहुंचने में कम से कम दो साल लग जाएंगे। वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार के रूप में आखिरी बार मीडिया से मुखातिब होते हुए कौशिक बसु ने मंगलवार को कहा कि देश की विकास दर मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में छह फीसदी से कम रह सकती है, लेकिन इसके बाद इसमें वृद्धि होगी, जबकि महंगाई दर घट कर सात फीसदी तक आ जाएगी। बसु ने कहा, "पहली दो तिमाहियों में विकास दर छह फीसदी से कम रहेगी। उम्मीद है कि इसके बाद इसमें वृद्धि होगी।" 31 मार्च को समाप्त तिमही में देश की आर्थिक विकास दर 5.3 फीसदी रही, जो नौ सालों में सबसे कम है। मंगलवार को पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम को नया केंद्रीय वित्त मंत्री नियुक्त किया गया, जबकि उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी सुशील कुमार शिंदे को केंद्रीय गृह मंत्रालय का प्रभार दिया गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को सांविधिक तरलता अनुपात (एसएलआर) को 24 फीसदी से घटाकर 23 फीसदी करने की घोषणा की, जो 11 अगस्त से लागू होगा। जबकि आरबीआई ने प्रमुख नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया। आरबीआई ने मौद्रिक नीति समीक्षा में कहा, "मौजूदा स्थितियों में नीतिगत दरों में कटौती से मुद्रास्फीति का दबाव और बढ़ जाएगा।" एसएलआर में एक प्रतिशतांक की अप्रत्याशित कटौती का मकसद बाजार को कर्ज का प्रवाह बढ़ाना है। आरबीआई ने वाणिज्यिक बैंकों का ऋण देने योग्य संसाधन 62,217 करोड़ रुपये बढ़ा दिया है। भारत में एसएलआर कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं से अधिक है। मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा में आरबीआई ने रेपो दर आठ फीसदी और रिवर्स रेपो दर सात फीसदी पर बरकरार रखा। बैंक ने नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) भी 4.75 फीसदी पर बरकरार रखा। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़े के मुताबिक देश का निर्यात जून में 5.45 फीसदी गिरावट के साथ 25.07 अरब डॉलर रहा। उत्तरी अमेरिका और यूरोपीय देशों में मांग घटने के कारण लगातार दूसरे माह निर्यात में गिरावट दर्ज की गई। आयात आलोच्य अवधि में 13.46 फीसदी गिरावट के साथ 35.37 अरब डॉलर रहा, जिसके कारण इस महीने 10.3 अरब डॉलर का व्यापार घाटा रहा। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-जून 2012 की अवधि में निर्यात 75.20 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में हुए 76.50 अरब डॉलर निर्यात से 1.70 फीसदी कम है।टिप्पणियां मौजूदा कारोबारी साल के पहले तीन महीने में कुल आयात 115.25 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में दर्ज 122.74 अरब डॉलर आयात से 6.10 फीसदी कम है। बुधवार को देश की वाहन निर्माता कम्पनियों द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक टीवीएस मोटर कम्पनी, फोर्ड इंडिया और जनरल मोटर्स इंडिया को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख कम्पनियों ने इस साल जुलाई महीने में पिछले साल जुलाई महीने से अधिक वाहनों की बिक्री की। सेंसेक्स पिछले सप्ताह 319.25 अंकों की गिरावट के साथ 16,839.19 पर बंद हुआ था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी आलोच्य सप्ताह में 2.27 फीसदी या 115.85 अंकों की तेजी के साथ शुक्रवार को 5,215.70 पर बंद हुआ। पिछले सप्ताह निफ्टी 105.25 अंकों की गिरावट के साथ 5,099.85 पर बंद हुआ था। आलोच्य अवधि में बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में लगभग तीन फीसदी तेजी रही। मिडकैप 3.14 फीसदी या 185.03 अंकों की तेजी के साथ 6072.53 पर बंद हुआ। जबकि स्मॉलकैप 2.96 फीसदी या 188.10 अंकों की तेजी के साथ 6,545.70 पर बंद हुआ। गत सप्ताह सेंसेक्स में तेजी में रहने वाले प्रमुख शेयरों में रहे एनटीपीसी (8.66 फीसदी), भेल (7.88 फीसदी), सिप्ला (7.17 फीसदी), एलएंडटी (4.72 फीसदी) और सन फार्मा (4.71 फीसदी)। सेंसेक्स में इस सप्ताह गिरावट में रहने वाले शेयरों में प्रमुख रहे भारती एयरटेल (3.44 फीसदी), कोल इंडिया (2.76 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (2.39 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (0.64 फीसदी) और टाटा स्टील (0.59 फीसदी)। गत सप्ताह बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में तेजी रही। बिजली (4.97 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.70 फीसदी), रियल्टी (4.38 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (4.28 फीसदी) और तेल एवं गैस (2.47 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मौद्रिक नीति समीक्षा जारी होने के एक दिन पहले सोमवार को देश की आर्थिक विकास दर के पूर्वानुमान को घटाकर 6.5 फीसदी कर दिया और महंगाई तथा वित्तीय घाटा बढ़ने की आशंका जाहिर कर दी। आरबीआई ने आर्थिक और मौद्रिक विकास पर तिमाही रिपोर्ट में मौजूदा कारोबारी साल के लिए विकास के पूर्वानुमान को घटाकर 6.5 फीसदी कर दिया। इससे पहले उसने अप्रैल में विकास दर के 7.2 फीसदी रहने की सम्भावना जाहिर की थी। आरबीआई ने कहा, "देश का आर्थिक परिदृश्य कमजोर है। अनिश्चित वैश्विक आर्थिक स्थिति के बीच सुस्त विकास, ऊंची महंगाई दर, चालू खाता घाटा और वित्तीय घाटा तथा निवेश घटने से अर्थव्यवस्था कमजोर हुई है।" योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने मंगलवार को कहा कि मौजूदा कारोबारी साल में देश की विकास दर छह फीसदी से 6.5 फीसदी के बीच रहने की सम्भावना है। उन्होंने साथ ही कहा कि विकास दर के आठ फीसदी के पास पहुंचने में कम से कम दो साल लग जाएंगे। वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार के रूप में आखिरी बार मीडिया से मुखातिब होते हुए कौशिक बसु ने मंगलवार को कहा कि देश की विकास दर मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में छह फीसदी से कम रह सकती है, लेकिन इसके बाद इसमें वृद्धि होगी, जबकि महंगाई दर घट कर सात फीसदी तक आ जाएगी। बसु ने कहा, "पहली दो तिमाहियों में विकास दर छह फीसदी से कम रहेगी। उम्मीद है कि इसके बाद इसमें वृद्धि होगी।" 31 मार्च को समाप्त तिमही में देश की आर्थिक विकास दर 5.3 फीसदी रही, जो नौ सालों में सबसे कम है। मंगलवार को पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम को नया केंद्रीय वित्त मंत्री नियुक्त किया गया, जबकि उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी सुशील कुमार शिंदे को केंद्रीय गृह मंत्रालय का प्रभार दिया गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को सांविधिक तरलता अनुपात (एसएलआर) को 24 फीसदी से घटाकर 23 फीसदी करने की घोषणा की, जो 11 अगस्त से लागू होगा। जबकि आरबीआई ने प्रमुख नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया। आरबीआई ने मौद्रिक नीति समीक्षा में कहा, "मौजूदा स्थितियों में नीतिगत दरों में कटौती से मुद्रास्फीति का दबाव और बढ़ जाएगा।" एसएलआर में एक प्रतिशतांक की अप्रत्याशित कटौती का मकसद बाजार को कर्ज का प्रवाह बढ़ाना है। आरबीआई ने वाणिज्यिक बैंकों का ऋण देने योग्य संसाधन 62,217 करोड़ रुपये बढ़ा दिया है। भारत में एसएलआर कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं से अधिक है। मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा में आरबीआई ने रेपो दर आठ फीसदी और रिवर्स रेपो दर सात फीसदी पर बरकरार रखा। बैंक ने नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) भी 4.75 फीसदी पर बरकरार रखा। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़े के मुताबिक देश का निर्यात जून में 5.45 फीसदी गिरावट के साथ 25.07 अरब डॉलर रहा। उत्तरी अमेरिका और यूरोपीय देशों में मांग घटने के कारण लगातार दूसरे माह निर्यात में गिरावट दर्ज की गई। आयात आलोच्य अवधि में 13.46 फीसदी गिरावट के साथ 35.37 अरब डॉलर रहा, जिसके कारण इस महीने 10.3 अरब डॉलर का व्यापार घाटा रहा। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-जून 2012 की अवधि में निर्यात 75.20 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में हुए 76.50 अरब डॉलर निर्यात से 1.70 फीसदी कम है।टिप्पणियां मौजूदा कारोबारी साल के पहले तीन महीने में कुल आयात 115.25 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में दर्ज 122.74 अरब डॉलर आयात से 6.10 फीसदी कम है। बुधवार को देश की वाहन निर्माता कम्पनियों द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक टीवीएस मोटर कम्पनी, फोर्ड इंडिया और जनरल मोटर्स इंडिया को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख कम्पनियों ने इस साल जुलाई महीने में पिछले साल जुलाई महीने से अधिक वाहनों की बिक्री की। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी आलोच्य सप्ताह में 2.27 फीसदी या 115.85 अंकों की तेजी के साथ शुक्रवार को 5,215.70 पर बंद हुआ। पिछले सप्ताह निफ्टी 105.25 अंकों की गिरावट के साथ 5,099.85 पर बंद हुआ था। आलोच्य अवधि में बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में लगभग तीन फीसदी तेजी रही। मिडकैप 3.14 फीसदी या 185.03 अंकों की तेजी के साथ 6072.53 पर बंद हुआ। जबकि स्मॉलकैप 2.96 फीसदी या 188.10 अंकों की तेजी के साथ 6,545.70 पर बंद हुआ। गत सप्ताह सेंसेक्स में तेजी में रहने वाले प्रमुख शेयरों में रहे एनटीपीसी (8.66 फीसदी), भेल (7.88 फीसदी), सिप्ला (7.17 फीसदी), एलएंडटी (4.72 फीसदी) और सन फार्मा (4.71 फीसदी)। सेंसेक्स में इस सप्ताह गिरावट में रहने वाले शेयरों में प्रमुख रहे भारती एयरटेल (3.44 फीसदी), कोल इंडिया (2.76 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (2.39 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (0.64 फीसदी) और टाटा स्टील (0.59 फीसदी)। गत सप्ताह बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में तेजी रही। बिजली (4.97 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.70 फीसदी), रियल्टी (4.38 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (4.28 फीसदी) और तेल एवं गैस (2.47 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मौद्रिक नीति समीक्षा जारी होने के एक दिन पहले सोमवार को देश की आर्थिक विकास दर के पूर्वानुमान को घटाकर 6.5 फीसदी कर दिया और महंगाई तथा वित्तीय घाटा बढ़ने की आशंका जाहिर कर दी। आरबीआई ने आर्थिक और मौद्रिक विकास पर तिमाही रिपोर्ट में मौजूदा कारोबारी साल के लिए विकास के पूर्वानुमान को घटाकर 6.5 फीसदी कर दिया। इससे पहले उसने अप्रैल में विकास दर के 7.2 फीसदी रहने की सम्भावना जाहिर की थी। आरबीआई ने कहा, "देश का आर्थिक परिदृश्य कमजोर है। अनिश्चित वैश्विक आर्थिक स्थिति के बीच सुस्त विकास, ऊंची महंगाई दर, चालू खाता घाटा और वित्तीय घाटा तथा निवेश घटने से अर्थव्यवस्था कमजोर हुई है।" योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने मंगलवार को कहा कि मौजूदा कारोबारी साल में देश की विकास दर छह फीसदी से 6.5 फीसदी के बीच रहने की सम्भावना है। उन्होंने साथ ही कहा कि विकास दर के आठ फीसदी के पास पहुंचने में कम से कम दो साल लग जाएंगे। वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार के रूप में आखिरी बार मीडिया से मुखातिब होते हुए कौशिक बसु ने मंगलवार को कहा कि देश की विकास दर मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में छह फीसदी से कम रह सकती है, लेकिन इसके बाद इसमें वृद्धि होगी, जबकि महंगाई दर घट कर सात फीसदी तक आ जाएगी। बसु ने कहा, "पहली दो तिमाहियों में विकास दर छह फीसदी से कम रहेगी। उम्मीद है कि इसके बाद इसमें वृद्धि होगी।" 31 मार्च को समाप्त तिमही में देश की आर्थिक विकास दर 5.3 फीसदी रही, जो नौ सालों में सबसे कम है। मंगलवार को पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम को नया केंद्रीय वित्त मंत्री नियुक्त किया गया, जबकि उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी सुशील कुमार शिंदे को केंद्रीय गृह मंत्रालय का प्रभार दिया गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को सांविधिक तरलता अनुपात (एसएलआर) को 24 फीसदी से घटाकर 23 फीसदी करने की घोषणा की, जो 11 अगस्त से लागू होगा। जबकि आरबीआई ने प्रमुख नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया। आरबीआई ने मौद्रिक नीति समीक्षा में कहा, "मौजूदा स्थितियों में नीतिगत दरों में कटौती से मुद्रास्फीति का दबाव और बढ़ जाएगा।" एसएलआर में एक प्रतिशतांक की अप्रत्याशित कटौती का मकसद बाजार को कर्ज का प्रवाह बढ़ाना है। आरबीआई ने वाणिज्यिक बैंकों का ऋण देने योग्य संसाधन 62,217 करोड़ रुपये बढ़ा दिया है। भारत में एसएलआर कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं से अधिक है। मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा में आरबीआई ने रेपो दर आठ फीसदी और रिवर्स रेपो दर सात फीसदी पर बरकरार रखा। बैंक ने नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) भी 4.75 फीसदी पर बरकरार रखा। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़े के मुताबिक देश का निर्यात जून में 5.45 फीसदी गिरावट के साथ 25.07 अरब डॉलर रहा। उत्तरी अमेरिका और यूरोपीय देशों में मांग घटने के कारण लगातार दूसरे माह निर्यात में गिरावट दर्ज की गई। आयात आलोच्य अवधि में 13.46 फीसदी गिरावट के साथ 35.37 अरब डॉलर रहा, जिसके कारण इस महीने 10.3 अरब डॉलर का व्यापार घाटा रहा। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-जून 2012 की अवधि में निर्यात 75.20 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में हुए 76.50 अरब डॉलर निर्यात से 1.70 फीसदी कम है।टिप्पणियां मौजूदा कारोबारी साल के पहले तीन महीने में कुल आयात 115.25 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में दर्ज 122.74 अरब डॉलर आयात से 6.10 फीसदी कम है। बुधवार को देश की वाहन निर्माता कम्पनियों द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक टीवीएस मोटर कम्पनी, फोर्ड इंडिया और जनरल मोटर्स इंडिया को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख कम्पनियों ने इस साल जुलाई महीने में पिछले साल जुलाई महीने से अधिक वाहनों की बिक्री की। पिछले सप्ताह निफ्टी 105.25 अंकों की गिरावट के साथ 5,099.85 पर बंद हुआ था। आलोच्य अवधि में बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में लगभग तीन फीसदी तेजी रही। मिडकैप 3.14 फीसदी या 185.03 अंकों की तेजी के साथ 6072.53 पर बंद हुआ। जबकि स्मॉलकैप 2.96 फीसदी या 188.10 अंकों की तेजी के साथ 6,545.70 पर बंद हुआ। गत सप्ताह सेंसेक्स में तेजी में रहने वाले प्रमुख शेयरों में रहे एनटीपीसी (8.66 फीसदी), भेल (7.88 फीसदी), सिप्ला (7.17 फीसदी), एलएंडटी (4.72 फीसदी) और सन फार्मा (4.71 फीसदी)। सेंसेक्स में इस सप्ताह गिरावट में रहने वाले शेयरों में प्रमुख रहे भारती एयरटेल (3.44 फीसदी), कोल इंडिया (2.76 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (2.39 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (0.64 फीसदी) और टाटा स्टील (0.59 फीसदी)। गत सप्ताह बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में तेजी रही। बिजली (4.97 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.70 फीसदी), रियल्टी (4.38 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (4.28 फीसदी) और तेल एवं गैस (2.47 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मौद्रिक नीति समीक्षा जारी होने के एक दिन पहले सोमवार को देश की आर्थिक विकास दर के पूर्वानुमान को घटाकर 6.5 फीसदी कर दिया और महंगाई तथा वित्तीय घाटा बढ़ने की आशंका जाहिर कर दी। आरबीआई ने आर्थिक और मौद्रिक विकास पर तिमाही रिपोर्ट में मौजूदा कारोबारी साल के लिए विकास के पूर्वानुमान को घटाकर 6.5 फीसदी कर दिया। इससे पहले उसने अप्रैल में विकास दर के 7.2 फीसदी रहने की सम्भावना जाहिर की थी। आरबीआई ने कहा, "देश का आर्थिक परिदृश्य कमजोर है। अनिश्चित वैश्विक आर्थिक स्थिति के बीच सुस्त विकास, ऊंची महंगाई दर, चालू खाता घाटा और वित्तीय घाटा तथा निवेश घटने से अर्थव्यवस्था कमजोर हुई है।" योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने मंगलवार को कहा कि मौजूदा कारोबारी साल में देश की विकास दर छह फीसदी से 6.5 फीसदी के बीच रहने की सम्भावना है। उन्होंने साथ ही कहा कि विकास दर के आठ फीसदी के पास पहुंचने में कम से कम दो साल लग जाएंगे। वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार के रूप में आखिरी बार मीडिया से मुखातिब होते हुए कौशिक बसु ने मंगलवार को कहा कि देश की विकास दर मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में छह फीसदी से कम रह सकती है, लेकिन इसके बाद इसमें वृद्धि होगी, जबकि महंगाई दर घट कर सात फीसदी तक आ जाएगी। बसु ने कहा, "पहली दो तिमाहियों में विकास दर छह फीसदी से कम रहेगी। उम्मीद है कि इसके बाद इसमें वृद्धि होगी।" 31 मार्च को समाप्त तिमही में देश की आर्थिक विकास दर 5.3 फीसदी रही, जो नौ सालों में सबसे कम है। मंगलवार को पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम को नया केंद्रीय वित्त मंत्री नियुक्त किया गया, जबकि उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी सुशील कुमार शिंदे को केंद्रीय गृह मंत्रालय का प्रभार दिया गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को सांविधिक तरलता अनुपात (एसएलआर) को 24 फीसदी से घटाकर 23 फीसदी करने की घोषणा की, जो 11 अगस्त से लागू होगा। जबकि आरबीआई ने प्रमुख नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया। आरबीआई ने मौद्रिक नीति समीक्षा में कहा, "मौजूदा स्थितियों में नीतिगत दरों में कटौती से मुद्रास्फीति का दबाव और बढ़ जाएगा।" एसएलआर में एक प्रतिशतांक की अप्रत्याशित कटौती का मकसद बाजार को कर्ज का प्रवाह बढ़ाना है। आरबीआई ने वाणिज्यिक बैंकों का ऋण देने योग्य संसाधन 62,217 करोड़ रुपये बढ़ा दिया है। भारत में एसएलआर कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं से अधिक है। मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा में आरबीआई ने रेपो दर आठ फीसदी और रिवर्स रेपो दर सात फीसदी पर बरकरार रखा। बैंक ने नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) भी 4.75 फीसदी पर बरकरार रखा। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़े के मुताबिक देश का निर्यात जून में 5.45 फीसदी गिरावट के साथ 25.07 अरब डॉलर रहा। उत्तरी अमेरिका और यूरोपीय देशों में मांग घटने के कारण लगातार दूसरे माह निर्यात में गिरावट दर्ज की गई। आयात आलोच्य अवधि में 13.46 फीसदी गिरावट के साथ 35.37 अरब डॉलर रहा, जिसके कारण इस महीने 10.3 अरब डॉलर का व्यापार घाटा रहा। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-जून 2012 की अवधि में निर्यात 75.20 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में हुए 76.50 अरब डॉलर निर्यात से 1.70 फीसदी कम है।टिप्पणियां मौजूदा कारोबारी साल के पहले तीन महीने में कुल आयात 115.25 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में दर्ज 122.74 अरब डॉलर आयात से 6.10 फीसदी कम है। बुधवार को देश की वाहन निर्माता कम्पनियों द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक टीवीएस मोटर कम्पनी, फोर्ड इंडिया और जनरल मोटर्स इंडिया को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख कम्पनियों ने इस साल जुलाई महीने में पिछले साल जुलाई महीने से अधिक वाहनों की बिक्री की। आलोच्य अवधि में बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में लगभग तीन फीसदी तेजी रही। मिडकैप 3.14 फीसदी या 185.03 अंकों की तेजी के साथ 6072.53 पर बंद हुआ। जबकि स्मॉलकैप 2.96 फीसदी या 188.10 अंकों की तेजी के साथ 6,545.70 पर बंद हुआ। गत सप्ताह सेंसेक्स में तेजी में रहने वाले प्रमुख शेयरों में रहे एनटीपीसी (8.66 फीसदी), भेल (7.88 फीसदी), सिप्ला (7.17 फीसदी), एलएंडटी (4.72 फीसदी) और सन फार्मा (4.71 फीसदी)। सेंसेक्स में इस सप्ताह गिरावट में रहने वाले शेयरों में प्रमुख रहे भारती एयरटेल (3.44 फीसदी), कोल इंडिया (2.76 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (2.39 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (0.64 फीसदी) और टाटा स्टील (0.59 फीसदी)। गत सप्ताह बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में तेजी रही। बिजली (4.97 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.70 फीसदी), रियल्टी (4.38 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (4.28 फीसदी) और तेल एवं गैस (2.47 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मौद्रिक नीति समीक्षा जारी होने के एक दिन पहले सोमवार को देश की आर्थिक विकास दर के पूर्वानुमान को घटाकर 6.5 फीसदी कर दिया और महंगाई तथा वित्तीय घाटा बढ़ने की आशंका जाहिर कर दी। आरबीआई ने आर्थिक और मौद्रिक विकास पर तिमाही रिपोर्ट में मौजूदा कारोबारी साल के लिए विकास के पूर्वानुमान को घटाकर 6.5 फीसदी कर दिया। इससे पहले उसने अप्रैल में विकास दर के 7.2 फीसदी रहने की सम्भावना जाहिर की थी। आरबीआई ने कहा, "देश का आर्थिक परिदृश्य कमजोर है। अनिश्चित वैश्विक आर्थिक स्थिति के बीच सुस्त विकास, ऊंची महंगाई दर, चालू खाता घाटा और वित्तीय घाटा तथा निवेश घटने से अर्थव्यवस्था कमजोर हुई है।" योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने मंगलवार को कहा कि मौजूदा कारोबारी साल में देश की विकास दर छह फीसदी से 6.5 फीसदी के बीच रहने की सम्भावना है। उन्होंने साथ ही कहा कि विकास दर के आठ फीसदी के पास पहुंचने में कम से कम दो साल लग जाएंगे। वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार के रूप में आखिरी बार मीडिया से मुखातिब होते हुए कौशिक बसु ने मंगलवार को कहा कि देश की विकास दर मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में छह फीसदी से कम रह सकती है, लेकिन इसके बाद इसमें वृद्धि होगी, जबकि महंगाई दर घट कर सात फीसदी तक आ जाएगी। बसु ने कहा, "पहली दो तिमाहियों में विकास दर छह फीसदी से कम रहेगी। उम्मीद है कि इसके बाद इसमें वृद्धि होगी।" 31 मार्च को समाप्त तिमही में देश की आर्थिक विकास दर 5.3 फीसदी रही, जो नौ सालों में सबसे कम है। मंगलवार को पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम को नया केंद्रीय वित्त मंत्री नियुक्त किया गया, जबकि उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी सुशील कुमार शिंदे को केंद्रीय गृह मंत्रालय का प्रभार दिया गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को सांविधिक तरलता अनुपात (एसएलआर) को 24 फीसदी से घटाकर 23 फीसदी करने की घोषणा की, जो 11 अगस्त से लागू होगा। जबकि आरबीआई ने प्रमुख नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया। आरबीआई ने मौद्रिक नीति समीक्षा में कहा, "मौजूदा स्थितियों में नीतिगत दरों में कटौती से मुद्रास्फीति का दबाव और बढ़ जाएगा।" एसएलआर में एक प्रतिशतांक की अप्रत्याशित कटौती का मकसद बाजार को कर्ज का प्रवाह बढ़ाना है। आरबीआई ने वाणिज्यिक बैंकों का ऋण देने योग्य संसाधन 62,217 करोड़ रुपये बढ़ा दिया है। भारत में एसएलआर कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं से अधिक है। मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा में आरबीआई ने रेपो दर आठ फीसदी और रिवर्स रेपो दर सात फीसदी पर बरकरार रखा। बैंक ने नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) भी 4.75 फीसदी पर बरकरार रखा। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़े के मुताबिक देश का निर्यात जून में 5.45 फीसदी गिरावट के साथ 25.07 अरब डॉलर रहा। उत्तरी अमेरिका और यूरोपीय देशों में मांग घटने के कारण लगातार दूसरे माह निर्यात में गिरावट दर्ज की गई। आयात आलोच्य अवधि में 13.46 फीसदी गिरावट के साथ 35.37 अरब डॉलर रहा, जिसके कारण इस महीने 10.3 अरब डॉलर का व्यापार घाटा रहा। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-जून 2012 की अवधि में निर्यात 75.20 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में हुए 76.50 अरब डॉलर निर्यात से 1.70 फीसदी कम है।टिप्पणियां मौजूदा कारोबारी साल के पहले तीन महीने में कुल आयात 115.25 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में दर्ज 122.74 अरब डॉलर आयात से 6.10 फीसदी कम है। बुधवार को देश की वाहन निर्माता कम्पनियों द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक टीवीएस मोटर कम्पनी, फोर्ड इंडिया और जनरल मोटर्स इंडिया को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख कम्पनियों ने इस साल जुलाई महीने में पिछले साल जुलाई महीने से अधिक वाहनों की बिक्री की। गत सप्ताह सेंसेक्स में तेजी में रहने वाले प्रमुख शेयरों में रहे एनटीपीसी (8.66 फीसदी), भेल (7.88 फीसदी), सिप्ला (7.17 फीसदी), एलएंडटी (4.72 फीसदी) और सन फार्मा (4.71 फीसदी)। सेंसेक्स में इस सप्ताह गिरावट में रहने वाले शेयरों में प्रमुख रहे भारती एयरटेल (3.44 फीसदी), कोल इंडिया (2.76 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (2.39 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (0.64 फीसदी) और टाटा स्टील (0.59 फीसदी)। गत सप्ताह बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में तेजी रही। बिजली (4.97 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.70 फीसदी), रियल्टी (4.38 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (4.28 फीसदी) और तेल एवं गैस (2.47 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मौद्रिक नीति समीक्षा जारी होने के एक दिन पहले सोमवार को देश की आर्थिक विकास दर के पूर्वानुमान को घटाकर 6.5 फीसदी कर दिया और महंगाई तथा वित्तीय घाटा बढ़ने की आशंका जाहिर कर दी। आरबीआई ने आर्थिक और मौद्रिक विकास पर तिमाही रिपोर्ट में मौजूदा कारोबारी साल के लिए विकास के पूर्वानुमान को घटाकर 6.5 फीसदी कर दिया। इससे पहले उसने अप्रैल में विकास दर के 7.2 फीसदी रहने की सम्भावना जाहिर की थी। आरबीआई ने कहा, "देश का आर्थिक परिदृश्य कमजोर है। अनिश्चित वैश्विक आर्थिक स्थिति के बीच सुस्त विकास, ऊंची महंगाई दर, चालू खाता घाटा और वित्तीय घाटा तथा निवेश घटने से अर्थव्यवस्था कमजोर हुई है।" योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने मंगलवार को कहा कि मौजूदा कारोबारी साल में देश की विकास दर छह फीसदी से 6.5 फीसदी के बीच रहने की सम्भावना है। उन्होंने साथ ही कहा कि विकास दर के आठ फीसदी के पास पहुंचने में कम से कम दो साल लग जाएंगे। वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार के रूप में आखिरी बार मीडिया से मुखातिब होते हुए कौशिक बसु ने मंगलवार को कहा कि देश की विकास दर मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में छह फीसदी से कम रह सकती है, लेकिन इसके बाद इसमें वृद्धि होगी, जबकि महंगाई दर घट कर सात फीसदी तक आ जाएगी। बसु ने कहा, "पहली दो तिमाहियों में विकास दर छह फीसदी से कम रहेगी। उम्मीद है कि इसके बाद इसमें वृद्धि होगी।" 31 मार्च को समाप्त तिमही में देश की आर्थिक विकास दर 5.3 फीसदी रही, जो नौ सालों में सबसे कम है। मंगलवार को पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम को नया केंद्रीय वित्त मंत्री नियुक्त किया गया, जबकि उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी सुशील कुमार शिंदे को केंद्रीय गृह मंत्रालय का प्रभार दिया गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को सांविधिक तरलता अनुपात (एसएलआर) को 24 फीसदी से घटाकर 23 फीसदी करने की घोषणा की, जो 11 अगस्त से लागू होगा। जबकि आरबीआई ने प्रमुख नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया। आरबीआई ने मौद्रिक नीति समीक्षा में कहा, "मौजूदा स्थितियों में नीतिगत दरों में कटौती से मुद्रास्फीति का दबाव और बढ़ जाएगा।" एसएलआर में एक प्रतिशतांक की अप्रत्याशित कटौती का मकसद बाजार को कर्ज का प्रवाह बढ़ाना है। आरबीआई ने वाणिज्यिक बैंकों का ऋण देने योग्य संसाधन 62,217 करोड़ रुपये बढ़ा दिया है। भारत में एसएलआर कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं से अधिक है। मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा में आरबीआई ने रेपो दर आठ फीसदी और रिवर्स रेपो दर सात फीसदी पर बरकरार रखा। बैंक ने नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) भी 4.75 फीसदी पर बरकरार रखा। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़े के मुताबिक देश का निर्यात जून में 5.45 फीसदी गिरावट के साथ 25.07 अरब डॉलर रहा। उत्तरी अमेरिका और यूरोपीय देशों में मांग घटने के कारण लगातार दूसरे माह निर्यात में गिरावट दर्ज की गई। आयात आलोच्य अवधि में 13.46 फीसदी गिरावट के साथ 35.37 अरब डॉलर रहा, जिसके कारण इस महीने 10.3 अरब डॉलर का व्यापार घाटा रहा। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-जून 2012 की अवधि में निर्यात 75.20 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में हुए 76.50 अरब डॉलर निर्यात से 1.70 फीसदी कम है।टिप्पणियां मौजूदा कारोबारी साल के पहले तीन महीने में कुल आयात 115.25 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में दर्ज 122.74 अरब डॉलर आयात से 6.10 फीसदी कम है। बुधवार को देश की वाहन निर्माता कम्पनियों द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक टीवीएस मोटर कम्पनी, फोर्ड इंडिया और जनरल मोटर्स इंडिया को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख कम्पनियों ने इस साल जुलाई महीने में पिछले साल जुलाई महीने से अधिक वाहनों की बिक्री की। सेंसेक्स में इस सप्ताह गिरावट में रहने वाले शेयरों में प्रमुख रहे भारती एयरटेल (3.44 फीसदी), कोल इंडिया (2.76 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (2.39 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (0.64 फीसदी) और टाटा स्टील (0.59 फीसदी)। गत सप्ताह बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में तेजी रही। बिजली (4.97 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.70 फीसदी), रियल्टी (4.38 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (4.28 फीसदी) और तेल एवं गैस (2.47 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मौद्रिक नीति समीक्षा जारी होने के एक दिन पहले सोमवार को देश की आर्थिक विकास दर के पूर्वानुमान को घटाकर 6.5 फीसदी कर दिया और महंगाई तथा वित्तीय घाटा बढ़ने की आशंका जाहिर कर दी। आरबीआई ने आर्थिक और मौद्रिक विकास पर तिमाही रिपोर्ट में मौजूदा कारोबारी साल के लिए विकास के पूर्वानुमान को घटाकर 6.5 फीसदी कर दिया। इससे पहले उसने अप्रैल में विकास दर के 7.2 फीसदी रहने की सम्भावना जाहिर की थी। आरबीआई ने कहा, "देश का आर्थिक परिदृश्य कमजोर है। अनिश्चित वैश्विक आर्थिक स्थिति के बीच सुस्त विकास, ऊंची महंगाई दर, चालू खाता घाटा और वित्तीय घाटा तथा निवेश घटने से अर्थव्यवस्था कमजोर हुई है।" योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने मंगलवार को कहा कि मौजूदा कारोबारी साल में देश की विकास दर छह फीसदी से 6.5 फीसदी के बीच रहने की सम्भावना है। उन्होंने साथ ही कहा कि विकास दर के आठ फीसदी के पास पहुंचने में कम से कम दो साल लग जाएंगे। वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार के रूप में आखिरी बार मीडिया से मुखातिब होते हुए कौशिक बसु ने मंगलवार को कहा कि देश की विकास दर मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में छह फीसदी से कम रह सकती है, लेकिन इसके बाद इसमें वृद्धि होगी, जबकि महंगाई दर घट कर सात फीसदी तक आ जाएगी। बसु ने कहा, "पहली दो तिमाहियों में विकास दर छह फीसदी से कम रहेगी। उम्मीद है कि इसके बाद इसमें वृद्धि होगी।" 31 मार्च को समाप्त तिमही में देश की आर्थिक विकास दर 5.3 फीसदी रही, जो नौ सालों में सबसे कम है। मंगलवार को पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम को नया केंद्रीय वित्त मंत्री नियुक्त किया गया, जबकि उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी सुशील कुमार शिंदे को केंद्रीय गृह मंत्रालय का प्रभार दिया गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को सांविधिक तरलता अनुपात (एसएलआर) को 24 फीसदी से घटाकर 23 फीसदी करने की घोषणा की, जो 11 अगस्त से लागू होगा। जबकि आरबीआई ने प्रमुख नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया। आरबीआई ने मौद्रिक नीति समीक्षा में कहा, "मौजूदा स्थितियों में नीतिगत दरों में कटौती से मुद्रास्फीति का दबाव और बढ़ जाएगा।" एसएलआर में एक प्रतिशतांक की अप्रत्याशित कटौती का मकसद बाजार को कर्ज का प्रवाह बढ़ाना है। आरबीआई ने वाणिज्यिक बैंकों का ऋण देने योग्य संसाधन 62,217 करोड़ रुपये बढ़ा दिया है। भारत में एसएलआर कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं से अधिक है। मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा में आरबीआई ने रेपो दर आठ फीसदी और रिवर्स रेपो दर सात फीसदी पर बरकरार रखा। बैंक ने नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) भी 4.75 फीसदी पर बरकरार रखा। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़े के मुताबिक देश का निर्यात जून में 5.45 फीसदी गिरावट के साथ 25.07 अरब डॉलर रहा। उत्तरी अमेरिका और यूरोपीय देशों में मांग घटने के कारण लगातार दूसरे माह निर्यात में गिरावट दर्ज की गई। आयात आलोच्य अवधि में 13.46 फीसदी गिरावट के साथ 35.37 अरब डॉलर रहा, जिसके कारण इस महीने 10.3 अरब डॉलर का व्यापार घाटा रहा। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-जून 2012 की अवधि में निर्यात 75.20 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में हुए 76.50 अरब डॉलर निर्यात से 1.70 फीसदी कम है।टिप्पणियां मौजूदा कारोबारी साल के पहले तीन महीने में कुल आयात 115.25 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में दर्ज 122.74 अरब डॉलर आयात से 6.10 फीसदी कम है। बुधवार को देश की वाहन निर्माता कम्पनियों द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक टीवीएस मोटर कम्पनी, फोर्ड इंडिया और जनरल मोटर्स इंडिया को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख कम्पनियों ने इस साल जुलाई महीने में पिछले साल जुलाई महीने से अधिक वाहनों की बिक्री की। गत सप्ताह बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में तेजी रही। बिजली (4.97 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.70 फीसदी), रियल्टी (4.38 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (4.28 फीसदी) और तेल एवं गैस (2.47 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मौद्रिक नीति समीक्षा जारी होने के एक दिन पहले सोमवार को देश की आर्थिक विकास दर के पूर्वानुमान को घटाकर 6.5 फीसदी कर दिया और महंगाई तथा वित्तीय घाटा बढ़ने की आशंका जाहिर कर दी। आरबीआई ने आर्थिक और मौद्रिक विकास पर तिमाही रिपोर्ट में मौजूदा कारोबारी साल के लिए विकास के पूर्वानुमान को घटाकर 6.5 फीसदी कर दिया। इससे पहले उसने अप्रैल में विकास दर के 7.2 फीसदी रहने की सम्भावना जाहिर की थी। आरबीआई ने कहा, "देश का आर्थिक परिदृश्य कमजोर है। अनिश्चित वैश्विक आर्थिक स्थिति के बीच सुस्त विकास, ऊंची महंगाई दर, चालू खाता घाटा और वित्तीय घाटा तथा निवेश घटने से अर्थव्यवस्था कमजोर हुई है।" योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने मंगलवार को कहा कि मौजूदा कारोबारी साल में देश की विकास दर छह फीसदी से 6.5 फीसदी के बीच रहने की सम्भावना है। उन्होंने साथ ही कहा कि विकास दर के आठ फीसदी के पास पहुंचने में कम से कम दो साल लग जाएंगे। वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार के रूप में आखिरी बार मीडिया से मुखातिब होते हुए कौशिक बसु ने मंगलवार को कहा कि देश की विकास दर मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में छह फीसदी से कम रह सकती है, लेकिन इसके बाद इसमें वृद्धि होगी, जबकि महंगाई दर घट कर सात फीसदी तक आ जाएगी। बसु ने कहा, "पहली दो तिमाहियों में विकास दर छह फीसदी से कम रहेगी। उम्मीद है कि इसके बाद इसमें वृद्धि होगी।" 31 मार्च को समाप्त तिमही में देश की आर्थिक विकास दर 5.3 फीसदी रही, जो नौ सालों में सबसे कम है। मंगलवार को पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम को नया केंद्रीय वित्त मंत्री नियुक्त किया गया, जबकि उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी सुशील कुमार शिंदे को केंद्रीय गृह मंत्रालय का प्रभार दिया गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को सांविधिक तरलता अनुपात (एसएलआर) को 24 फीसदी से घटाकर 23 फीसदी करने की घोषणा की, जो 11 अगस्त से लागू होगा। जबकि आरबीआई ने प्रमुख नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया। आरबीआई ने मौद्रिक नीति समीक्षा में कहा, "मौजूदा स्थितियों में नीतिगत दरों में कटौती से मुद्रास्फीति का दबाव और बढ़ जाएगा।" एसएलआर में एक प्रतिशतांक की अप्रत्याशित कटौती का मकसद बाजार को कर्ज का प्रवाह बढ़ाना है। आरबीआई ने वाणिज्यिक बैंकों का ऋण देने योग्य संसाधन 62,217 करोड़ रुपये बढ़ा दिया है। भारत में एसएलआर कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं से अधिक है। मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा में आरबीआई ने रेपो दर आठ फीसदी और रिवर्स रेपो दर सात फीसदी पर बरकरार रखा। बैंक ने नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) भी 4.75 फीसदी पर बरकरार रखा। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़े के मुताबिक देश का निर्यात जून में 5.45 फीसदी गिरावट के साथ 25.07 अरब डॉलर रहा। उत्तरी अमेरिका और यूरोपीय देशों में मांग घटने के कारण लगातार दूसरे माह निर्यात में गिरावट दर्ज की गई। आयात आलोच्य अवधि में 13.46 फीसदी गिरावट के साथ 35.37 अरब डॉलर रहा, जिसके कारण इस महीने 10.3 अरब डॉलर का व्यापार घाटा रहा। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-जून 2012 की अवधि में निर्यात 75.20 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में हुए 76.50 अरब डॉलर निर्यात से 1.70 फीसदी कम है।टिप्पणियां मौजूदा कारोबारी साल के पहले तीन महीने में कुल आयात 115.25 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में दर्ज 122.74 अरब डॉलर आयात से 6.10 फीसदी कम है। बुधवार को देश की वाहन निर्माता कम्पनियों द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक टीवीएस मोटर कम्पनी, फोर्ड इंडिया और जनरल मोटर्स इंडिया को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख कम्पनियों ने इस साल जुलाई महीने में पिछले साल जुलाई महीने से अधिक वाहनों की बिक्री की। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मौद्रिक नीति समीक्षा जारी होने के एक दिन पहले सोमवार को देश की आर्थिक विकास दर के पूर्वानुमान को घटाकर 6.5 फीसदी कर दिया और महंगाई तथा वित्तीय घाटा बढ़ने की आशंका जाहिर कर दी। आरबीआई ने आर्थिक और मौद्रिक विकास पर तिमाही रिपोर्ट में मौजूदा कारोबारी साल के लिए विकास के पूर्वानुमान को घटाकर 6.5 फीसदी कर दिया। इससे पहले उसने अप्रैल में विकास दर के 7.2 फीसदी रहने की सम्भावना जाहिर की थी। आरबीआई ने कहा, "देश का आर्थिक परिदृश्य कमजोर है। अनिश्चित वैश्विक आर्थिक स्थिति के बीच सुस्त विकास, ऊंची महंगाई दर, चालू खाता घाटा और वित्तीय घाटा तथा निवेश घटने से अर्थव्यवस्था कमजोर हुई है।" योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने मंगलवार को कहा कि मौजूदा कारोबारी साल में देश की विकास दर छह फीसदी से 6.5 फीसदी के बीच रहने की सम्भावना है। उन्होंने साथ ही कहा कि विकास दर के आठ फीसदी के पास पहुंचने में कम से कम दो साल लग जाएंगे। वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार के रूप में आखिरी बार मीडिया से मुखातिब होते हुए कौशिक बसु ने मंगलवार को कहा कि देश की विकास दर मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में छह फीसदी से कम रह सकती है, लेकिन इसके बाद इसमें वृद्धि होगी, जबकि महंगाई दर घट कर सात फीसदी तक आ जाएगी। बसु ने कहा, "पहली दो तिमाहियों में विकास दर छह फीसदी से कम रहेगी। उम्मीद है कि इसके बाद इसमें वृद्धि होगी।" 31 मार्च को समाप्त तिमही में देश की आर्थिक विकास दर 5.3 फीसदी रही, जो नौ सालों में सबसे कम है। मंगलवार को पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम को नया केंद्रीय वित्त मंत्री नियुक्त किया गया, जबकि उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी सुशील कुमार शिंदे को केंद्रीय गृह मंत्रालय का प्रभार दिया गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को सांविधिक तरलता अनुपात (एसएलआर) को 24 फीसदी से घटाकर 23 फीसदी करने की घोषणा की, जो 11 अगस्त से लागू होगा। जबकि आरबीआई ने प्रमुख नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया। आरबीआई ने मौद्रिक नीति समीक्षा में कहा, "मौजूदा स्थितियों में नीतिगत दरों में कटौती से मुद्रास्फीति का दबाव और बढ़ जाएगा।" एसएलआर में एक प्रतिशतांक की अप्रत्याशित कटौती का मकसद बाजार को कर्ज का प्रवाह बढ़ाना है। आरबीआई ने वाणिज्यिक बैंकों का ऋण देने योग्य संसाधन 62,217 करोड़ रुपये बढ़ा दिया है। भारत में एसएलआर कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं से अधिक है। मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा में आरबीआई ने रेपो दर आठ फीसदी और रिवर्स रेपो दर सात फीसदी पर बरकरार रखा। बैंक ने नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) भी 4.75 फीसदी पर बरकरार रखा। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़े के मुताबिक देश का निर्यात जून में 5.45 फीसदी गिरावट के साथ 25.07 अरब डॉलर रहा। उत्तरी अमेरिका और यूरोपीय देशों में मांग घटने के कारण लगातार दूसरे माह निर्यात में गिरावट दर्ज की गई। आयात आलोच्य अवधि में 13.46 फीसदी गिरावट के साथ 35.37 अरब डॉलर रहा, जिसके कारण इस महीने 10.3 अरब डॉलर का व्यापार घाटा रहा। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-जून 2012 की अवधि में निर्यात 75.20 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में हुए 76.50 अरब डॉलर निर्यात से 1.70 फीसदी कम है।टिप्पणियां मौजूदा कारोबारी साल के पहले तीन महीने में कुल आयात 115.25 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में दर्ज 122.74 अरब डॉलर आयात से 6.10 फीसदी कम है। बुधवार को देश की वाहन निर्माता कम्पनियों द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक टीवीएस मोटर कम्पनी, फोर्ड इंडिया और जनरल मोटर्स इंडिया को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख कम्पनियों ने इस साल जुलाई महीने में पिछले साल जुलाई महीने से अधिक वाहनों की बिक्री की। आरबीआई ने आर्थिक और मौद्रिक विकास पर तिमाही रिपोर्ट में मौजूदा कारोबारी साल के लिए विकास के पूर्वानुमान को घटाकर 6.5 फीसदी कर दिया। इससे पहले उसने अप्रैल में विकास दर के 7.2 फीसदी रहने की सम्भावना जाहिर की थी। आरबीआई ने कहा, "देश का आर्थिक परिदृश्य कमजोर है। अनिश्चित वैश्विक आर्थिक स्थिति के बीच सुस्त विकास, ऊंची महंगाई दर, चालू खाता घाटा और वित्तीय घाटा तथा निवेश घटने से अर्थव्यवस्था कमजोर हुई है।" योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने मंगलवार को कहा कि मौजूदा कारोबारी साल में देश की विकास दर छह फीसदी से 6.5 फीसदी के बीच रहने की सम्भावना है। उन्होंने साथ ही कहा कि विकास दर के आठ फीसदी के पास पहुंचने में कम से कम दो साल लग जाएंगे। वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार के रूप में आखिरी बार मीडिया से मुखातिब होते हुए कौशिक बसु ने मंगलवार को कहा कि देश की विकास दर मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में छह फीसदी से कम रह सकती है, लेकिन इसके बाद इसमें वृद्धि होगी, जबकि महंगाई दर घट कर सात फीसदी तक आ जाएगी। बसु ने कहा, "पहली दो तिमाहियों में विकास दर छह फीसदी से कम रहेगी। उम्मीद है कि इसके बाद इसमें वृद्धि होगी।" 31 मार्च को समाप्त तिमही में देश की आर्थिक विकास दर 5.3 फीसदी रही, जो नौ सालों में सबसे कम है। मंगलवार को पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम को नया केंद्रीय वित्त मंत्री नियुक्त किया गया, जबकि उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी सुशील कुमार शिंदे को केंद्रीय गृह मंत्रालय का प्रभार दिया गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को सांविधिक तरलता अनुपात (एसएलआर) को 24 फीसदी से घटाकर 23 फीसदी करने की घोषणा की, जो 11 अगस्त से लागू होगा। जबकि आरबीआई ने प्रमुख नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया। आरबीआई ने मौद्रिक नीति समीक्षा में कहा, "मौजूदा स्थितियों में नीतिगत दरों में कटौती से मुद्रास्फीति का दबाव और बढ़ जाएगा।" एसएलआर में एक प्रतिशतांक की अप्रत्याशित कटौती का मकसद बाजार को कर्ज का प्रवाह बढ़ाना है। आरबीआई ने वाणिज्यिक बैंकों का ऋण देने योग्य संसाधन 62,217 करोड़ रुपये बढ़ा दिया है। भारत में एसएलआर कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं से अधिक है। मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा में आरबीआई ने रेपो दर आठ फीसदी और रिवर्स रेपो दर सात फीसदी पर बरकरार रखा। बैंक ने नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) भी 4.75 फीसदी पर बरकरार रखा। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़े के मुताबिक देश का निर्यात जून में 5.45 फीसदी गिरावट के साथ 25.07 अरब डॉलर रहा। उत्तरी अमेरिका और यूरोपीय देशों में मांग घटने के कारण लगातार दूसरे माह निर्यात में गिरावट दर्ज की गई। आयात आलोच्य अवधि में 13.46 फीसदी गिरावट के साथ 35.37 अरब डॉलर रहा, जिसके कारण इस महीने 10.3 अरब डॉलर का व्यापार घाटा रहा। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-जून 2012 की अवधि में निर्यात 75.20 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में हुए 76.50 अरब डॉलर निर्यात से 1.70 फीसदी कम है।टिप्पणियां मौजूदा कारोबारी साल के पहले तीन महीने में कुल आयात 115.25 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में दर्ज 122.74 अरब डॉलर आयात से 6.10 फीसदी कम है। बुधवार को देश की वाहन निर्माता कम्पनियों द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक टीवीएस मोटर कम्पनी, फोर्ड इंडिया और जनरल मोटर्स इंडिया को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख कम्पनियों ने इस साल जुलाई महीने में पिछले साल जुलाई महीने से अधिक वाहनों की बिक्री की। आरबीआई ने कहा, "देश का आर्थिक परिदृश्य कमजोर है। अनिश्चित वैश्विक आर्थिक स्थिति के बीच सुस्त विकास, ऊंची महंगाई दर, चालू खाता घाटा और वित्तीय घाटा तथा निवेश घटने से अर्थव्यवस्था कमजोर हुई है।" योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने मंगलवार को कहा कि मौजूदा कारोबारी साल में देश की विकास दर छह फीसदी से 6.5 फीसदी के बीच रहने की सम्भावना है। उन्होंने साथ ही कहा कि विकास दर के आठ फीसदी के पास पहुंचने में कम से कम दो साल लग जाएंगे। वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार के रूप में आखिरी बार मीडिया से मुखातिब होते हुए कौशिक बसु ने मंगलवार को कहा कि देश की विकास दर मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में छह फीसदी से कम रह सकती है, लेकिन इसके बाद इसमें वृद्धि होगी, जबकि महंगाई दर घट कर सात फीसदी तक आ जाएगी। बसु ने कहा, "पहली दो तिमाहियों में विकास दर छह फीसदी से कम रहेगी। उम्मीद है कि इसके बाद इसमें वृद्धि होगी।" 31 मार्च को समाप्त तिमही में देश की आर्थिक विकास दर 5.3 फीसदी रही, जो नौ सालों में सबसे कम है। मंगलवार को पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम को नया केंद्रीय वित्त मंत्री नियुक्त किया गया, जबकि उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी सुशील कुमार शिंदे को केंद्रीय गृह मंत्रालय का प्रभार दिया गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को सांविधिक तरलता अनुपात (एसएलआर) को 24 फीसदी से घटाकर 23 फीसदी करने की घोषणा की, जो 11 अगस्त से लागू होगा। जबकि आरबीआई ने प्रमुख नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया। आरबीआई ने मौद्रिक नीति समीक्षा में कहा, "मौजूदा स्थितियों में नीतिगत दरों में कटौती से मुद्रास्फीति का दबाव और बढ़ जाएगा।" एसएलआर में एक प्रतिशतांक की अप्रत्याशित कटौती का मकसद बाजार को कर्ज का प्रवाह बढ़ाना है। आरबीआई ने वाणिज्यिक बैंकों का ऋण देने योग्य संसाधन 62,217 करोड़ रुपये बढ़ा दिया है। भारत में एसएलआर कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं से अधिक है। मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा में आरबीआई ने रेपो दर आठ फीसदी और रिवर्स रेपो दर सात फीसदी पर बरकरार रखा। बैंक ने नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) भी 4.75 फीसदी पर बरकरार रखा। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़े के मुताबिक देश का निर्यात जून में 5.45 फीसदी गिरावट के साथ 25.07 अरब डॉलर रहा। उत्तरी अमेरिका और यूरोपीय देशों में मांग घटने के कारण लगातार दूसरे माह निर्यात में गिरावट दर्ज की गई। आयात आलोच्य अवधि में 13.46 फीसदी गिरावट के साथ 35.37 अरब डॉलर रहा, जिसके कारण इस महीने 10.3 अरब डॉलर का व्यापार घाटा रहा। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-जून 2012 की अवधि में निर्यात 75.20 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में हुए 76.50 अरब डॉलर निर्यात से 1.70 फीसदी कम है।टिप्पणियां मौजूदा कारोबारी साल के पहले तीन महीने में कुल आयात 115.25 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में दर्ज 122.74 अरब डॉलर आयात से 6.10 फीसदी कम है। बुधवार को देश की वाहन निर्माता कम्पनियों द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक टीवीएस मोटर कम्पनी, फोर्ड इंडिया और जनरल मोटर्स इंडिया को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख कम्पनियों ने इस साल जुलाई महीने में पिछले साल जुलाई महीने से अधिक वाहनों की बिक्री की। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने मंगलवार को कहा कि मौजूदा कारोबारी साल में देश की विकास दर छह फीसदी से 6.5 फीसदी के बीच रहने की सम्भावना है। उन्होंने साथ ही कहा कि विकास दर के आठ फीसदी के पास पहुंचने में कम से कम दो साल लग जाएंगे। वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार के रूप में आखिरी बार मीडिया से मुखातिब होते हुए कौशिक बसु ने मंगलवार को कहा कि देश की विकास दर मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में छह फीसदी से कम रह सकती है, लेकिन इसके बाद इसमें वृद्धि होगी, जबकि महंगाई दर घट कर सात फीसदी तक आ जाएगी। बसु ने कहा, "पहली दो तिमाहियों में विकास दर छह फीसदी से कम रहेगी। उम्मीद है कि इसके बाद इसमें वृद्धि होगी।" 31 मार्च को समाप्त तिमही में देश की आर्थिक विकास दर 5.3 फीसदी रही, जो नौ सालों में सबसे कम है। मंगलवार को पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम को नया केंद्रीय वित्त मंत्री नियुक्त किया गया, जबकि उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी सुशील कुमार शिंदे को केंद्रीय गृह मंत्रालय का प्रभार दिया गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को सांविधिक तरलता अनुपात (एसएलआर) को 24 फीसदी से घटाकर 23 फीसदी करने की घोषणा की, जो 11 अगस्त से लागू होगा। जबकि आरबीआई ने प्रमुख नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया। आरबीआई ने मौद्रिक नीति समीक्षा में कहा, "मौजूदा स्थितियों में नीतिगत दरों में कटौती से मुद्रास्फीति का दबाव और बढ़ जाएगा।" एसएलआर में एक प्रतिशतांक की अप्रत्याशित कटौती का मकसद बाजार को कर्ज का प्रवाह बढ़ाना है। आरबीआई ने वाणिज्यिक बैंकों का ऋण देने योग्य संसाधन 62,217 करोड़ रुपये बढ़ा दिया है। भारत में एसएलआर कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं से अधिक है। मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा में आरबीआई ने रेपो दर आठ फीसदी और रिवर्स रेपो दर सात फीसदी पर बरकरार रखा। बैंक ने नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) भी 4.75 फीसदी पर बरकरार रखा। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़े के मुताबिक देश का निर्यात जून में 5.45 फीसदी गिरावट के साथ 25.07 अरब डॉलर रहा। उत्तरी अमेरिका और यूरोपीय देशों में मांग घटने के कारण लगातार दूसरे माह निर्यात में गिरावट दर्ज की गई। आयात आलोच्य अवधि में 13.46 फीसदी गिरावट के साथ 35.37 अरब डॉलर रहा, जिसके कारण इस महीने 10.3 अरब डॉलर का व्यापार घाटा रहा। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-जून 2012 की अवधि में निर्यात 75.20 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में हुए 76.50 अरब डॉलर निर्यात से 1.70 फीसदी कम है।टिप्पणियां मौजूदा कारोबारी साल के पहले तीन महीने में कुल आयात 115.25 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में दर्ज 122.74 अरब डॉलर आयात से 6.10 फीसदी कम है। बुधवार को देश की वाहन निर्माता कम्पनियों द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक टीवीएस मोटर कम्पनी, फोर्ड इंडिया और जनरल मोटर्स इंडिया को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख कम्पनियों ने इस साल जुलाई महीने में पिछले साल जुलाई महीने से अधिक वाहनों की बिक्री की। वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार के रूप में आखिरी बार मीडिया से मुखातिब होते हुए कौशिक बसु ने मंगलवार को कहा कि देश की विकास दर मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में छह फीसदी से कम रह सकती है, लेकिन इसके बाद इसमें वृद्धि होगी, जबकि महंगाई दर घट कर सात फीसदी तक आ जाएगी। बसु ने कहा, "पहली दो तिमाहियों में विकास दर छह फीसदी से कम रहेगी। उम्मीद है कि इसके बाद इसमें वृद्धि होगी।" 31 मार्च को समाप्त तिमही में देश की आर्थिक विकास दर 5.3 फीसदी रही, जो नौ सालों में सबसे कम है। मंगलवार को पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम को नया केंद्रीय वित्त मंत्री नियुक्त किया गया, जबकि उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी सुशील कुमार शिंदे को केंद्रीय गृह मंत्रालय का प्रभार दिया गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को सांविधिक तरलता अनुपात (एसएलआर) को 24 फीसदी से घटाकर 23 फीसदी करने की घोषणा की, जो 11 अगस्त से लागू होगा। जबकि आरबीआई ने प्रमुख नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया। आरबीआई ने मौद्रिक नीति समीक्षा में कहा, "मौजूदा स्थितियों में नीतिगत दरों में कटौती से मुद्रास्फीति का दबाव और बढ़ जाएगा।" एसएलआर में एक प्रतिशतांक की अप्रत्याशित कटौती का मकसद बाजार को कर्ज का प्रवाह बढ़ाना है। आरबीआई ने वाणिज्यिक बैंकों का ऋण देने योग्य संसाधन 62,217 करोड़ रुपये बढ़ा दिया है। भारत में एसएलआर कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं से अधिक है। मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा में आरबीआई ने रेपो दर आठ फीसदी और रिवर्स रेपो दर सात फीसदी पर बरकरार रखा। बैंक ने नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) भी 4.75 फीसदी पर बरकरार रखा। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़े के मुताबिक देश का निर्यात जून में 5.45 फीसदी गिरावट के साथ 25.07 अरब डॉलर रहा। उत्तरी अमेरिका और यूरोपीय देशों में मांग घटने के कारण लगातार दूसरे माह निर्यात में गिरावट दर्ज की गई। आयात आलोच्य अवधि में 13.46 फीसदी गिरावट के साथ 35.37 अरब डॉलर रहा, जिसके कारण इस महीने 10.3 अरब डॉलर का व्यापार घाटा रहा। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-जून 2012 की अवधि में निर्यात 75.20 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में हुए 76.50 अरब डॉलर निर्यात से 1.70 फीसदी कम है।टिप्पणियां मौजूदा कारोबारी साल के पहले तीन महीने में कुल आयात 115.25 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में दर्ज 122.74 अरब डॉलर आयात से 6.10 फीसदी कम है। बुधवार को देश की वाहन निर्माता कम्पनियों द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक टीवीएस मोटर कम्पनी, फोर्ड इंडिया और जनरल मोटर्स इंडिया को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख कम्पनियों ने इस साल जुलाई महीने में पिछले साल जुलाई महीने से अधिक वाहनों की बिक्री की। बसु ने कहा, "पहली दो तिमाहियों में विकास दर छह फीसदी से कम रहेगी। उम्मीद है कि इसके बाद इसमें वृद्धि होगी।" 31 मार्च को समाप्त तिमही में देश की आर्थिक विकास दर 5.3 फीसदी रही, जो नौ सालों में सबसे कम है। मंगलवार को पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम को नया केंद्रीय वित्त मंत्री नियुक्त किया गया, जबकि उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी सुशील कुमार शिंदे को केंद्रीय गृह मंत्रालय का प्रभार दिया गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को सांविधिक तरलता अनुपात (एसएलआर) को 24 फीसदी से घटाकर 23 फीसदी करने की घोषणा की, जो 11 अगस्त से लागू होगा। जबकि आरबीआई ने प्रमुख नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया। आरबीआई ने मौद्रिक नीति समीक्षा में कहा, "मौजूदा स्थितियों में नीतिगत दरों में कटौती से मुद्रास्फीति का दबाव और बढ़ जाएगा।" एसएलआर में एक प्रतिशतांक की अप्रत्याशित कटौती का मकसद बाजार को कर्ज का प्रवाह बढ़ाना है। आरबीआई ने वाणिज्यिक बैंकों का ऋण देने योग्य संसाधन 62,217 करोड़ रुपये बढ़ा दिया है। भारत में एसएलआर कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं से अधिक है। मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा में आरबीआई ने रेपो दर आठ फीसदी और रिवर्स रेपो दर सात फीसदी पर बरकरार रखा। बैंक ने नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) भी 4.75 फीसदी पर बरकरार रखा। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़े के मुताबिक देश का निर्यात जून में 5.45 फीसदी गिरावट के साथ 25.07 अरब डॉलर रहा। उत्तरी अमेरिका और यूरोपीय देशों में मांग घटने के कारण लगातार दूसरे माह निर्यात में गिरावट दर्ज की गई। आयात आलोच्य अवधि में 13.46 फीसदी गिरावट के साथ 35.37 अरब डॉलर रहा, जिसके कारण इस महीने 10.3 अरब डॉलर का व्यापार घाटा रहा। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-जून 2012 की अवधि में निर्यात 75.20 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में हुए 76.50 अरब डॉलर निर्यात से 1.70 फीसदी कम है।टिप्पणियां मौजूदा कारोबारी साल के पहले तीन महीने में कुल आयात 115.25 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में दर्ज 122.74 अरब डॉलर आयात से 6.10 फीसदी कम है। बुधवार को देश की वाहन निर्माता कम्पनियों द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक टीवीएस मोटर कम्पनी, फोर्ड इंडिया और जनरल मोटर्स इंडिया को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख कम्पनियों ने इस साल जुलाई महीने में पिछले साल जुलाई महीने से अधिक वाहनों की बिक्री की। मंगलवार को पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम को नया केंद्रीय वित्त मंत्री नियुक्त किया गया, जबकि उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी सुशील कुमार शिंदे को केंद्रीय गृह मंत्रालय का प्रभार दिया गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को सांविधिक तरलता अनुपात (एसएलआर) को 24 फीसदी से घटाकर 23 फीसदी करने की घोषणा की, जो 11 अगस्त से लागू होगा। जबकि आरबीआई ने प्रमुख नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया। आरबीआई ने मौद्रिक नीति समीक्षा में कहा, "मौजूदा स्थितियों में नीतिगत दरों में कटौती से मुद्रास्फीति का दबाव और बढ़ जाएगा।" एसएलआर में एक प्रतिशतांक की अप्रत्याशित कटौती का मकसद बाजार को कर्ज का प्रवाह बढ़ाना है। आरबीआई ने वाणिज्यिक बैंकों का ऋण देने योग्य संसाधन 62,217 करोड़ रुपये बढ़ा दिया है। भारत में एसएलआर कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं से अधिक है। मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा में आरबीआई ने रेपो दर आठ फीसदी और रिवर्स रेपो दर सात फीसदी पर बरकरार रखा। बैंक ने नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) भी 4.75 फीसदी पर बरकरार रखा। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़े के मुताबिक देश का निर्यात जून में 5.45 फीसदी गिरावट के साथ 25.07 अरब डॉलर रहा। उत्तरी अमेरिका और यूरोपीय देशों में मांग घटने के कारण लगातार दूसरे माह निर्यात में गिरावट दर्ज की गई। आयात आलोच्य अवधि में 13.46 फीसदी गिरावट के साथ 35.37 अरब डॉलर रहा, जिसके कारण इस महीने 10.3 अरब डॉलर का व्यापार घाटा रहा। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-जून 2012 की अवधि में निर्यात 75.20 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में हुए 76.50 अरब डॉलर निर्यात से 1.70 फीसदी कम है।टिप्पणियां मौजूदा कारोबारी साल के पहले तीन महीने में कुल आयात 115.25 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में दर्ज 122.74 अरब डॉलर आयात से 6.10 फीसदी कम है। बुधवार को देश की वाहन निर्माता कम्पनियों द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक टीवीएस मोटर कम्पनी, फोर्ड इंडिया और जनरल मोटर्स इंडिया को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख कम्पनियों ने इस साल जुलाई महीने में पिछले साल जुलाई महीने से अधिक वाहनों की बिक्री की। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को सांविधिक तरलता अनुपात (एसएलआर) को 24 फीसदी से घटाकर 23 फीसदी करने की घोषणा की, जो 11 अगस्त से लागू होगा। जबकि आरबीआई ने प्रमुख नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया। आरबीआई ने मौद्रिक नीति समीक्षा में कहा, "मौजूदा स्थितियों में नीतिगत दरों में कटौती से मुद्रास्फीति का दबाव और बढ़ जाएगा।" एसएलआर में एक प्रतिशतांक की अप्रत्याशित कटौती का मकसद बाजार को कर्ज का प्रवाह बढ़ाना है। आरबीआई ने वाणिज्यिक बैंकों का ऋण देने योग्य संसाधन 62,217 करोड़ रुपये बढ़ा दिया है। भारत में एसएलआर कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं से अधिक है। मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा में आरबीआई ने रेपो दर आठ फीसदी और रिवर्स रेपो दर सात फीसदी पर बरकरार रखा। बैंक ने नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) भी 4.75 फीसदी पर बरकरार रखा। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़े के मुताबिक देश का निर्यात जून में 5.45 फीसदी गिरावट के साथ 25.07 अरब डॉलर रहा। उत्तरी अमेरिका और यूरोपीय देशों में मांग घटने के कारण लगातार दूसरे माह निर्यात में गिरावट दर्ज की गई। आयात आलोच्य अवधि में 13.46 फीसदी गिरावट के साथ 35.37 अरब डॉलर रहा, जिसके कारण इस महीने 10.3 अरब डॉलर का व्यापार घाटा रहा। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-जून 2012 की अवधि में निर्यात 75.20 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में हुए 76.50 अरब डॉलर निर्यात से 1.70 फीसदी कम है।टिप्पणियां मौजूदा कारोबारी साल के पहले तीन महीने में कुल आयात 115.25 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में दर्ज 122.74 अरब डॉलर आयात से 6.10 फीसदी कम है। बुधवार को देश की वाहन निर्माता कम्पनियों द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक टीवीएस मोटर कम्पनी, फोर्ड इंडिया और जनरल मोटर्स इंडिया को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख कम्पनियों ने इस साल जुलाई महीने में पिछले साल जुलाई महीने से अधिक वाहनों की बिक्री की। आरबीआई ने मौद्रिक नीति समीक्षा में कहा, "मौजूदा स्थितियों में नीतिगत दरों में कटौती से मुद्रास्फीति का दबाव और बढ़ जाएगा।" एसएलआर में एक प्रतिशतांक की अप्रत्याशित कटौती का मकसद बाजार को कर्ज का प्रवाह बढ़ाना है। आरबीआई ने वाणिज्यिक बैंकों का ऋण देने योग्य संसाधन 62,217 करोड़ रुपये बढ़ा दिया है। भारत में एसएलआर कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं से अधिक है। मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा में आरबीआई ने रेपो दर आठ फीसदी और रिवर्स रेपो दर सात फीसदी पर बरकरार रखा। बैंक ने नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) भी 4.75 फीसदी पर बरकरार रखा। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़े के मुताबिक देश का निर्यात जून में 5.45 फीसदी गिरावट के साथ 25.07 अरब डॉलर रहा। उत्तरी अमेरिका और यूरोपीय देशों में मांग घटने के कारण लगातार दूसरे माह निर्यात में गिरावट दर्ज की गई। आयात आलोच्य अवधि में 13.46 फीसदी गिरावट के साथ 35.37 अरब डॉलर रहा, जिसके कारण इस महीने 10.3 अरब डॉलर का व्यापार घाटा रहा। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-जून 2012 की अवधि में निर्यात 75.20 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में हुए 76.50 अरब डॉलर निर्यात से 1.70 फीसदी कम है।टिप्पणियां मौजूदा कारोबारी साल के पहले तीन महीने में कुल आयात 115.25 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में दर्ज 122.74 अरब डॉलर आयात से 6.10 फीसदी कम है। बुधवार को देश की वाहन निर्माता कम्पनियों द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक टीवीएस मोटर कम्पनी, फोर्ड इंडिया और जनरल मोटर्स इंडिया को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख कम्पनियों ने इस साल जुलाई महीने में पिछले साल जुलाई महीने से अधिक वाहनों की बिक्री की। एसएलआर में एक प्रतिशतांक की अप्रत्याशित कटौती का मकसद बाजार को कर्ज का प्रवाह बढ़ाना है। आरबीआई ने वाणिज्यिक बैंकों का ऋण देने योग्य संसाधन 62,217 करोड़ रुपये बढ़ा दिया है। भारत में एसएलआर कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं से अधिक है। मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा में आरबीआई ने रेपो दर आठ फीसदी और रिवर्स रेपो दर सात फीसदी पर बरकरार रखा। बैंक ने नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) भी 4.75 फीसदी पर बरकरार रखा। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़े के मुताबिक देश का निर्यात जून में 5.45 फीसदी गिरावट के साथ 25.07 अरब डॉलर रहा। उत्तरी अमेरिका और यूरोपीय देशों में मांग घटने के कारण लगातार दूसरे माह निर्यात में गिरावट दर्ज की गई। आयात आलोच्य अवधि में 13.46 फीसदी गिरावट के साथ 35.37 अरब डॉलर रहा, जिसके कारण इस महीने 10.3 अरब डॉलर का व्यापार घाटा रहा। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-जून 2012 की अवधि में निर्यात 75.20 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में हुए 76.50 अरब डॉलर निर्यात से 1.70 फीसदी कम है।टिप्पणियां मौजूदा कारोबारी साल के पहले तीन महीने में कुल आयात 115.25 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में दर्ज 122.74 अरब डॉलर आयात से 6.10 फीसदी कम है। बुधवार को देश की वाहन निर्माता कम्पनियों द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक टीवीएस मोटर कम्पनी, फोर्ड इंडिया और जनरल मोटर्स इंडिया को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख कम्पनियों ने इस साल जुलाई महीने में पिछले साल जुलाई महीने से अधिक वाहनों की बिक्री की। भारत में एसएलआर कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं से अधिक है। मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा में आरबीआई ने रेपो दर आठ फीसदी और रिवर्स रेपो दर सात फीसदी पर बरकरार रखा। बैंक ने नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) भी 4.75 फीसदी पर बरकरार रखा। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़े के मुताबिक देश का निर्यात जून में 5.45 फीसदी गिरावट के साथ 25.07 अरब डॉलर रहा। उत्तरी अमेरिका और यूरोपीय देशों में मांग घटने के कारण लगातार दूसरे माह निर्यात में गिरावट दर्ज की गई। आयात आलोच्य अवधि में 13.46 फीसदी गिरावट के साथ 35.37 अरब डॉलर रहा, जिसके कारण इस महीने 10.3 अरब डॉलर का व्यापार घाटा रहा। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-जून 2012 की अवधि में निर्यात 75.20 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में हुए 76.50 अरब डॉलर निर्यात से 1.70 फीसदी कम है।टिप्पणियां मौजूदा कारोबारी साल के पहले तीन महीने में कुल आयात 115.25 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में दर्ज 122.74 अरब डॉलर आयात से 6.10 फीसदी कम है। बुधवार को देश की वाहन निर्माता कम्पनियों द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक टीवीएस मोटर कम्पनी, फोर्ड इंडिया और जनरल मोटर्स इंडिया को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख कम्पनियों ने इस साल जुलाई महीने में पिछले साल जुलाई महीने से अधिक वाहनों की बिक्री की। मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा में आरबीआई ने रेपो दर आठ फीसदी और रिवर्स रेपो दर सात फीसदी पर बरकरार रखा। बैंक ने नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) भी 4.75 फीसदी पर बरकरार रखा। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़े के मुताबिक देश का निर्यात जून में 5.45 फीसदी गिरावट के साथ 25.07 अरब डॉलर रहा। उत्तरी अमेरिका और यूरोपीय देशों में मांग घटने के कारण लगातार दूसरे माह निर्यात में गिरावट दर्ज की गई। आयात आलोच्य अवधि में 13.46 फीसदी गिरावट के साथ 35.37 अरब डॉलर रहा, जिसके कारण इस महीने 10.3 अरब डॉलर का व्यापार घाटा रहा। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-जून 2012 की अवधि में निर्यात 75.20 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में हुए 76.50 अरब डॉलर निर्यात से 1.70 फीसदी कम है।टिप्पणियां मौजूदा कारोबारी साल के पहले तीन महीने में कुल आयात 115.25 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में दर्ज 122.74 अरब डॉलर आयात से 6.10 फीसदी कम है। बुधवार को देश की वाहन निर्माता कम्पनियों द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक टीवीएस मोटर कम्पनी, फोर्ड इंडिया और जनरल मोटर्स इंडिया को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख कम्पनियों ने इस साल जुलाई महीने में पिछले साल जुलाई महीने से अधिक वाहनों की बिक्री की। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़े के मुताबिक देश का निर्यात जून में 5.45 फीसदी गिरावट के साथ 25.07 अरब डॉलर रहा। उत्तरी अमेरिका और यूरोपीय देशों में मांग घटने के कारण लगातार दूसरे माह निर्यात में गिरावट दर्ज की गई। आयात आलोच्य अवधि में 13.46 फीसदी गिरावट के साथ 35.37 अरब डॉलर रहा, जिसके कारण इस महीने 10.3 अरब डॉलर का व्यापार घाटा रहा। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-जून 2012 की अवधि में निर्यात 75.20 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में हुए 76.50 अरब डॉलर निर्यात से 1.70 फीसदी कम है।टिप्पणियां मौजूदा कारोबारी साल के पहले तीन महीने में कुल आयात 115.25 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में दर्ज 122.74 अरब डॉलर आयात से 6.10 फीसदी कम है। बुधवार को देश की वाहन निर्माता कम्पनियों द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक टीवीएस मोटर कम्पनी, फोर्ड इंडिया और जनरल मोटर्स इंडिया को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख कम्पनियों ने इस साल जुलाई महीने में पिछले साल जुलाई महीने से अधिक वाहनों की बिक्री की। आयात आलोच्य अवधि में 13.46 फीसदी गिरावट के साथ 35.37 अरब डॉलर रहा, जिसके कारण इस महीने 10.3 अरब डॉलर का व्यापार घाटा रहा। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-जून 2012 की अवधि में निर्यात 75.20 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में हुए 76.50 अरब डॉलर निर्यात से 1.70 फीसदी कम है।टिप्पणियां मौजूदा कारोबारी साल के पहले तीन महीने में कुल आयात 115.25 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में दर्ज 122.74 अरब डॉलर आयात से 6.10 फीसदी कम है। बुधवार को देश की वाहन निर्माता कम्पनियों द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक टीवीएस मोटर कम्पनी, फोर्ड इंडिया और जनरल मोटर्स इंडिया को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख कम्पनियों ने इस साल जुलाई महीने में पिछले साल जुलाई महीने से अधिक वाहनों की बिक्री की। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-जून 2012 की अवधि में निर्यात 75.20 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में हुए 76.50 अरब डॉलर निर्यात से 1.70 फीसदी कम है।टिप्पणियां मौजूदा कारोबारी साल के पहले तीन महीने में कुल आयात 115.25 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में दर्ज 122.74 अरब डॉलर आयात से 6.10 फीसदी कम है। बुधवार को देश की वाहन निर्माता कम्पनियों द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक टीवीएस मोटर कम्पनी, फोर्ड इंडिया और जनरल मोटर्स इंडिया को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख कम्पनियों ने इस साल जुलाई महीने में पिछले साल जुलाई महीने से अधिक वाहनों की बिक्री की। मौजूदा कारोबारी साल के पहले तीन महीने में कुल आयात 115.25 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में दर्ज 122.74 अरब डॉलर आयात से 6.10 फीसदी कम है। बुधवार को देश की वाहन निर्माता कम्पनियों द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक टीवीएस मोटर कम्पनी, फोर्ड इंडिया और जनरल मोटर्स इंडिया को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख कम्पनियों ने इस साल जुलाई महीने में पिछले साल जुलाई महीने से अधिक वाहनों की बिक्री की। बुधवार को देश की वाहन निर्माता कम्पनियों द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक टीवीएस मोटर कम्पनी, फोर्ड इंडिया और जनरल मोटर्स इंडिया को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख कम्पनियों ने इस साल जुलाई महीने में पिछले साल जुलाई महीने से अधिक वाहनों की बिक्री की।
देश के शेयर बाजारों में लगातार तीन सप्ताह की गिरावट के बाद तेजी दर्ज की गई। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स आलोच्य अवधि में 2.13 फीसदी या 358.74 अंकों की तेजी के साथ 17,197.93 पर बंद हुआ।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ (आरएसएस) पर एक बार फिर जोरदार हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि आरएसएस बम बनाने का प्रशिक्षण देता है। मालवा के दो-दिवसीय दौरे पर आए कांग्रेस महासचिव ने गुरुवार को कहा कि वर्ष 1992 में आरएसएस के सेवा भारती के नीमच स्थित कार्यालय में बम बनाए जा रहे थे और तभी विस्फोट भी हुआ था, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि तब प्रदेश में भाजपा की सरकार थी, जिसके चलते यह मामला दबा दिया गया।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि वर्ष 1993 में जब कांग्रेस सत्ता में आई, तो इस बम कांड को फिर खोला गया और आरएसएस के कालू सिंह पथरोड़ नामक प्रचारक को गिरफ्तार किया गया था। वह सरस्वती शिशु मंदिर, खरगौन में प्राचार्य था। दिग्विजय सिंह के अनुसार, आरएसएस कहता है कि सरस्वती शिशु मंदिर बच्चों को संस्कार देते हैं, लेकिन जब वहां ऐसे प्राचार्य होंगे तो बच्चे हिंसक रास्ते पर तो जाएंगे ही और भाजपा ऐसे संगठनों का समर्थन करती है। भाजपा को कट्टरपंथी ताकतों की पोषक बताते हुए दिग्विजय ने कहा कि भाजपा के साथ अकाली दल और शिवसेना जैसे संगठन हैं, जो मूल रूप से धार्मिक उन्माद फैलाकर अन्य धर्मों के लोगों को प्रताड़ित करते हैं। दिग्विजय ने भाजपा को राज करने वाली नहीं, व्यवसाय करने वाली पार्टी बताते हुए गैमन इंडिया को सिंगरौली-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग के 900 करोड़ रुपये के ठेके दिए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पूर्व में इस कंपनी को भोपाल में हजारों करोड़ की जमीन मात्र 250 करोड़ रुपये में दे दी थी। मालवा के दो-दिवसीय दौरे पर आए कांग्रेस महासचिव ने गुरुवार को कहा कि वर्ष 1992 में आरएसएस के सेवा भारती के नीमच स्थित कार्यालय में बम बनाए जा रहे थे और तभी विस्फोट भी हुआ था, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि तब प्रदेश में भाजपा की सरकार थी, जिसके चलते यह मामला दबा दिया गया।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि वर्ष 1993 में जब कांग्रेस सत्ता में आई, तो इस बम कांड को फिर खोला गया और आरएसएस के कालू सिंह पथरोड़ नामक प्रचारक को गिरफ्तार किया गया था। वह सरस्वती शिशु मंदिर, खरगौन में प्राचार्य था। दिग्विजय सिंह के अनुसार, आरएसएस कहता है कि सरस्वती शिशु मंदिर बच्चों को संस्कार देते हैं, लेकिन जब वहां ऐसे प्राचार्य होंगे तो बच्चे हिंसक रास्ते पर तो जाएंगे ही और भाजपा ऐसे संगठनों का समर्थन करती है। भाजपा को कट्टरपंथी ताकतों की पोषक बताते हुए दिग्विजय ने कहा कि भाजपा के साथ अकाली दल और शिवसेना जैसे संगठन हैं, जो मूल रूप से धार्मिक उन्माद फैलाकर अन्य धर्मों के लोगों को प्रताड़ित करते हैं। दिग्विजय ने भाजपा को राज करने वाली नहीं, व्यवसाय करने वाली पार्टी बताते हुए गैमन इंडिया को सिंगरौली-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग के 900 करोड़ रुपये के ठेके दिए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पूर्व में इस कंपनी को भोपाल में हजारों करोड़ की जमीन मात्र 250 करोड़ रुपये में दे दी थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 1993 में जब कांग्रेस सत्ता में आई, तो इस बम कांड को फिर खोला गया और आरएसएस के कालू सिंह पथरोड़ नामक प्रचारक को गिरफ्तार किया गया था। वह सरस्वती शिशु मंदिर, खरगौन में प्राचार्य था। दिग्विजय सिंह के अनुसार, आरएसएस कहता है कि सरस्वती शिशु मंदिर बच्चों को संस्कार देते हैं, लेकिन जब वहां ऐसे प्राचार्य होंगे तो बच्चे हिंसक रास्ते पर तो जाएंगे ही और भाजपा ऐसे संगठनों का समर्थन करती है। भाजपा को कट्टरपंथी ताकतों की पोषक बताते हुए दिग्विजय ने कहा कि भाजपा के साथ अकाली दल और शिवसेना जैसे संगठन हैं, जो मूल रूप से धार्मिक उन्माद फैलाकर अन्य धर्मों के लोगों को प्रताड़ित करते हैं। दिग्विजय ने भाजपा को राज करने वाली नहीं, व्यवसाय करने वाली पार्टी बताते हुए गैमन इंडिया को सिंगरौली-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग के 900 करोड़ रुपये के ठेके दिए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पूर्व में इस कंपनी को भोपाल में हजारों करोड़ की जमीन मात्र 250 करोड़ रुपये में दे दी थी। भाजपा को कट्टरपंथी ताकतों की पोषक बताते हुए दिग्विजय ने कहा कि भाजपा के साथ अकाली दल और शिवसेना जैसे संगठन हैं, जो मूल रूप से धार्मिक उन्माद फैलाकर अन्य धर्मों के लोगों को प्रताड़ित करते हैं। दिग्विजय ने भाजपा को राज करने वाली नहीं, व्यवसाय करने वाली पार्टी बताते हुए गैमन इंडिया को सिंगरौली-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग के 900 करोड़ रुपये के ठेके दिए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पूर्व में इस कंपनी को भोपाल में हजारों करोड़ की जमीन मात्र 250 करोड़ रुपये में दे दी थी।
यहाँ एक सारांश है:कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ (आरएसएस) पर एक बार फिर जोरदार हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि आरएसएस बम बनाने का प्रशिक्षण देता है।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पंजाब से लोकसभा चुनाव (Punjab Lok Sabha Election) लड़ने वाले एक निर्दलीय उम्‍मीदवार परिणाम घोषित होते ही फूट-फूट कर रोने लगा. आप यह जानकर हैरान रह जाएंगे कि वह इसलिए नहीं रो रहा था क्‍योंकि हार गया था. दरअसल, उम्‍मीदवार के मुताबिक उसके घर में नौ सदस्‍य हैं इसके बावजूद उसे सिर्फ पांच ही वोट मिले. जालंधर संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले नीटू शटर्न वाला ने कैमरे के सामने कहा कि उनके घरवालों ने उन्‍हें धोखा दिया है.  जग बानी को द‍ि इंटरव्‍यू में अपने घर वालों से निराश नीटू कैमरे के सामने रो पड़े. यही नहीं उन्‍होंने यह भी आरोप लगाया कि परिणामों से पहले ईवीएम से भी छेड़छाड़ की गई. फिर क्‍या था देखते ही देखते यह इंटरव्‍यू क्लिप वायरल हो गई. और तो और कुछ लोग इसे चुनाव की सबसे बड़ी स्‍टोरी बता रहे हैं.  इंटरव्‍यू के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्‍या आपको सिर्फ पांच वोट मिले हैं, इस पर उन्‍होंने कहा, सर मेरे परिवार से नौ वोट हैं लेकिन मुझे सिर्फ पांच मिले.  जब उनसे पूछा गया कि क्‍या उनके परिवार ने उन्‍हें वोट दिया, उन्‍होंने कहा, नहीं सर, उन्‍होंने वोट देने में ईमानदारी नहीं बरती.  गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के परिणाम 23 मई को घोषित किए गए, जिसमें नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली बीजेपी ने देश भर में प्रचंड बहुमत हासिल किया. बीजेपी 303 सीट पर विजयी रही. हालांकि पूरे देश भर में पंजाब ही एक ऐसा राज्‍य रहा जहां, मोदी मैजिक नहीं चला. 13 लोकसभा सीटों वाले पंजाब में कांग्रेस को सबसे ज्‍यादा आठ सीटें मिली हैं, जबकि बीजेपी-अकाली दल गणबंधन को चार और आम आदमी पार्टी के उम्‍मीदवार भगवंत मान एक सीट जीतने में कामयाब रहे.
पंजाब से एक उम्‍मीदवार को केवल पांच वोट म‍िले उम्‍मीदवार का कहना था कि उनके घरवालों ने उन्‍हें वोट नहीं दिया घरवालों से नाराज उम्‍मीदवार कैमरे के सामने रो पड़ा
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['hin']
एक सारांश बनाओ: BSEB जल्द ही बिहार बोर्ड 10वीं की परीक्षा का रिजल्ट (Bihar 10th Result) जारी कर देगा. 10वीं के स्टूडेंट्स का जल्द ही खत्म होगा. Bihar Board (BSEB) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने NDTV को बताया, ''बिहार बोर्ड बहुत ही जल्द 10वीं का रिजल्ट (BSEB 10th Result) जारी करेगा. लेकिन बोर्ड ने अभी रिजल्ट जारी करने की कोई तारीख तय नहीं की है. रिजल्ट (BSEB 10th Result 2019) की तारीख तय होने के 2-3 दिन में रिजल्ट जारी किया जाएगा.'' बता दें कि कई खबरों में रिजल्ट आज या कल जारी होने की बात कही गई है. लेकिन बोर्ड ने अभी तारीख (Bihar Board 10th Result 2019 date) ही तय नहीं की है. रिजल्ट की तारीख तय होते ही हम स्टूडेंट्स को इसकी जानकारी सबसे पहले देने का प्रयास करेंगे. रिजल्ट से जुड़ी हर अपडेट के लिए NDTV Khabar के साथ जुड़े रहें. बिहार बोर्ड 10वीं की परीक्षा का रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी किया जाएगा. बिहार बोर्ड की मैट्रिक (Bihar Matric) परीक्षा में इस साल 16 लाख 60 हजार स्टूडेंट्स शामिल हुए थे. इस साल का रिजल्ट पिछले साल से बेहतक जाने की उम्मीद है. इस साल बिहार बोर्ड का 12वीं का रिजल्ट (Bihar Board 12th Result) पिछले साल से काफी बेहतर रहा है. इतना ही नहीं बोर्ड ने 12वीं का रिजल्ट मार्च में जारी कर इतिहास भी रचा है. बिहार बोर्ड इस साल सबसे पहले रिजल्ट जारी करने वाला बोर्ड बन चुका है. 12वीं की परीक्षा में इस साल 79.76 फीसदी  स्टूडेंट्स  पास हुए थे. बता दें कि इस बार बिहार बोर्ड ने रजिस्ट्रेशन से लेकर बोर्ड फॉर्म भरने की सभी प्रक्रिया ऑनलाइन कराई थी. साथ ही परीक्षा में नकल रोकने के लिए बोर्ड द्वारा कई सख्त कदम भी उठाए गए थे. बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट आप नीचे दिए गए डायरेक्ट लिंक से एक क्लिक में चेक कर पाएंगे. biharboardonline.bihar.gov.in BSEB Matric Result 2019: 10वीं के रिजल्ट की तारीख अभी तय नहीं, अधिकारी ने दी ये जानकारी
यहाँ एक सारांश है:बिहार बोर्ड जल्द ही 10वीं का रिजल्ट जारी करेगा. 10वीं का रिजल्ट की तारीख तय नहीं हुई है. रिजल्ट इस महीने ही आएगा.
15
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से पश्चिमी मिदनापुर जिले में सार्वजनिक तौर पर किसानों के प्रति राज्य सरकार की नीतियों के विषय में सवाल पूछने वाले को गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर 'जनसभा में बाधा डालने एवं पुलिस अधिकारी पर हमला' करने का आरोप लगाया गया है। स्थानीय अदालत द्वारा बाद में उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। झारग्राम जिले की पुलिस अधीक्षक भारती घोष ने बताया, "शिलादित्य चौधरी को शनिवार सुबह जनसभा में बाधा डालने, उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में प्रवेश करने एवं पुलिस अधिकारी पर हमला करने के आरोप" में गिरफ्तार किया गया।टिप्पणियां ममता बुधवार से नक्सल प्रभावित बेलपहाड़ी इलाके के दौरे पर थीं। जब वह रैली को सम्बोधित कर रही थीं तभी चौधरी ने उनसे पूछा, "किसान मर रहे हैं क्योंकि उनके पास धन नहीं है। खाली वादों से काम नहीं चलेगा। आप किसानों के लिए क्या कर रही हैं?" इन प्रश्नों से स्तब्ध ममता ने चौधरी को नक्सली की संज्ञा दी जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। यद्यपि उस दिन चौधरी को जाने दिया गया लेकिन शनिवार सुबह उसे फिर गिरफ्तार कर लिया। स्थानीय अदालत द्वारा बाद में उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। झारग्राम जिले की पुलिस अधीक्षक भारती घोष ने बताया, "शिलादित्य चौधरी को शनिवार सुबह जनसभा में बाधा डालने, उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में प्रवेश करने एवं पुलिस अधिकारी पर हमला करने के आरोप" में गिरफ्तार किया गया।टिप्पणियां ममता बुधवार से नक्सल प्रभावित बेलपहाड़ी इलाके के दौरे पर थीं। जब वह रैली को सम्बोधित कर रही थीं तभी चौधरी ने उनसे पूछा, "किसान मर रहे हैं क्योंकि उनके पास धन नहीं है। खाली वादों से काम नहीं चलेगा। आप किसानों के लिए क्या कर रही हैं?" इन प्रश्नों से स्तब्ध ममता ने चौधरी को नक्सली की संज्ञा दी जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। यद्यपि उस दिन चौधरी को जाने दिया गया लेकिन शनिवार सुबह उसे फिर गिरफ्तार कर लिया। झारग्राम जिले की पुलिस अधीक्षक भारती घोष ने बताया, "शिलादित्य चौधरी को शनिवार सुबह जनसभा में बाधा डालने, उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में प्रवेश करने एवं पुलिस अधिकारी पर हमला करने के आरोप" में गिरफ्तार किया गया।टिप्पणियां ममता बुधवार से नक्सल प्रभावित बेलपहाड़ी इलाके के दौरे पर थीं। जब वह रैली को सम्बोधित कर रही थीं तभी चौधरी ने उनसे पूछा, "किसान मर रहे हैं क्योंकि उनके पास धन नहीं है। खाली वादों से काम नहीं चलेगा। आप किसानों के लिए क्या कर रही हैं?" इन प्रश्नों से स्तब्ध ममता ने चौधरी को नक्सली की संज्ञा दी जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। यद्यपि उस दिन चौधरी को जाने दिया गया लेकिन शनिवार सुबह उसे फिर गिरफ्तार कर लिया। ममता बुधवार से नक्सल प्रभावित बेलपहाड़ी इलाके के दौरे पर थीं। जब वह रैली को सम्बोधित कर रही थीं तभी चौधरी ने उनसे पूछा, "किसान मर रहे हैं क्योंकि उनके पास धन नहीं है। खाली वादों से काम नहीं चलेगा। आप किसानों के लिए क्या कर रही हैं?" इन प्रश्नों से स्तब्ध ममता ने चौधरी को नक्सली की संज्ञा दी जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। यद्यपि उस दिन चौधरी को जाने दिया गया लेकिन शनिवार सुबह उसे फिर गिरफ्तार कर लिया। इन प्रश्नों से स्तब्ध ममता ने चौधरी को नक्सली की संज्ञा दी जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। यद्यपि उस दिन चौधरी को जाने दिया गया लेकिन शनिवार सुबह उसे फिर गिरफ्तार कर लिया।
यह एक सारांश है: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से पश्चिमी मिदनापुर जिले में सार्वजनिक तौर पर किसानों के प्रति राज्य सरकार की नीतियों के विषय में सवाल पूछने वाले को गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर 'जनसभा में बाधा डालने एवं पुलिस अधिकारी पर हमला' करने का आरोप लगाया गय
9
['hin']
एक सारांश बनाओ: वेकैंया नायडू राज्यसभा सदस्य नरेंद्र जाधव की पुस्तक के विमोचन पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे. गौरतलब है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने मंगलवार को कहा था कि लगभग 30,000 से 40,000 आतंकवादी, जिन्होंने 'अफगानिस्तान के किसी हिस्से या कश्मीर' में प्रशिक्षण लिया और लड़े, उनके मुल्क में मौजूद हैं. अमेरिका में एक कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा था कि उनकी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ सरकार के सत्ता में आने से पहले रहीं सरकारों में देश से संचालित हो रहे आतंकवादी गुटों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए राजनैतिक इच्छाशक्ति का अभाव था.     पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा था, "जब तक हम सत्ता में नहीं आए थे, सरकारों में राजनैतिक इच्छाशक्ति नहीं थी, क्योंकि जब आप आतंकी गुटों की बात करते हैं, हमारे पास अब भी 30,000 से 40,000 ऐसे सशस्त्र लोग हैं, जिन्होंने अफगानिस्तान के किसी हिस्से या कश्मीर' में प्रशिक्षण लिया और लड़े.. यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में इमरान खान ने कहा था, "पाकिस्तानी राजनीति में बड़ा बदलाव आया... 2014 में पाकिस्तानी तालिबान ने आर्मी पब्लिक स्कूल में 15 बच्चों को मार डाला था... सभी राजनैतिक दलों ने नेशनल एक्शन प्लान पर दस्तखत किए और तय किया कि उसके बाद हम किसी भी आतंकवादी गुट को पाकिस्तान के भीतर संचालित नहीं होने देंगे..."
इमरान खान के बयान पर उपराष्ट्रपति वेकैंया नायडू ने दिया रिएक्शन इमरान खान ने कहा था कि पाकिस्तान में मौजूद हैं आतंकी वेकैंया नायडू ने इसी बयान पर रिएक्शन दिया है
26
['hin']
एक सारांश बनाओ: सड़क पर वाहन चालकों द्वारा हिंसा और लूट के एक मामले में पूर्वी दिल्ली में एक पुलिस थाने के पास नशे में धुत कुछ लोगों ने 30 वर्षीय युवक के साथ कथित रूप से मारपीट की और उसे लूट लिया. यह घटना 10 अक्तूबर को उस समय घटी, जब रुपेश गौड़ कड़कड़डूमा में हॉलमार्क बैंक्वेट हॉल में एक समारोह से रात करीब 10:30 बजे अपने घर लौट रहा था. तभी पूर्वी दिल्ली में हरगोबिंद एनक्लेव के पास एक कार रुपेश को धक्का देते हुए आगे निकल गई. पुलिस ने कहा कि एक अन्य कार में बैठे व्यक्ति ने रुपेश को कथित तौर पर गाली दी, लेकिन रुपेश इसे नजरअंदाज करते हुए आगे निकल गया. जब वह आनंद विहार पुलिस थाने के पास पहुंचा तो उस कार ने रुपेश के वाहन को कई बार टक्कर मारी. जब रुपेश अपनी कार की हालत देखने बाहर निकला तो उसने दूसरी कार में बैठे लोगों को नशे में धुत पाया. उसने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उसे रिवॉल्वर के बट से पीटा गया और उन्होंने उसकी सोने की जंजीर और 8,600 रुपये की नकदी लूट ली. रुपेश ने कहा कि वे लोग उसके छोटे भाई ओम शंकर गौड़ को कार से बाहर आने की चुनौती दे रहे थे, लेकिन वह बाहर नहीं आया. वे लोग उसका मोबाइल फोन तोड़कर भाग गए ताकि वह पुलिस से संपर्क नहीं कर सके. टिप्पणियां पुलिस ने लुटेरों की कार का नंबर नोट कर उनकी तलाश शुरू कर दी है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) यह घटना 10 अक्तूबर को उस समय घटी, जब रुपेश गौड़ कड़कड़डूमा में हॉलमार्क बैंक्वेट हॉल में एक समारोह से रात करीब 10:30 बजे अपने घर लौट रहा था. तभी पूर्वी दिल्ली में हरगोबिंद एनक्लेव के पास एक कार रुपेश को धक्का देते हुए आगे निकल गई. पुलिस ने कहा कि एक अन्य कार में बैठे व्यक्ति ने रुपेश को कथित तौर पर गाली दी, लेकिन रुपेश इसे नजरअंदाज करते हुए आगे निकल गया. जब वह आनंद विहार पुलिस थाने के पास पहुंचा तो उस कार ने रुपेश के वाहन को कई बार टक्कर मारी. जब रुपेश अपनी कार की हालत देखने बाहर निकला तो उसने दूसरी कार में बैठे लोगों को नशे में धुत पाया. उसने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उसे रिवॉल्वर के बट से पीटा गया और उन्होंने उसकी सोने की जंजीर और 8,600 रुपये की नकदी लूट ली. रुपेश ने कहा कि वे लोग उसके छोटे भाई ओम शंकर गौड़ को कार से बाहर आने की चुनौती दे रहे थे, लेकिन वह बाहर नहीं आया. वे लोग उसका मोबाइल फोन तोड़कर भाग गए ताकि वह पुलिस से संपर्क नहीं कर सके. टिप्पणियां पुलिस ने लुटेरों की कार का नंबर नोट कर उनकी तलाश शुरू कर दी है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पुलिस ने कहा कि एक अन्य कार में बैठे व्यक्ति ने रुपेश को कथित तौर पर गाली दी, लेकिन रुपेश इसे नजरअंदाज करते हुए आगे निकल गया. जब वह आनंद विहार पुलिस थाने के पास पहुंचा तो उस कार ने रुपेश के वाहन को कई बार टक्कर मारी. जब रुपेश अपनी कार की हालत देखने बाहर निकला तो उसने दूसरी कार में बैठे लोगों को नशे में धुत पाया. उसने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उसे रिवॉल्वर के बट से पीटा गया और उन्होंने उसकी सोने की जंजीर और 8,600 रुपये की नकदी लूट ली. रुपेश ने कहा कि वे लोग उसके छोटे भाई ओम शंकर गौड़ को कार से बाहर आने की चुनौती दे रहे थे, लेकिन वह बाहर नहीं आया. वे लोग उसका मोबाइल फोन तोड़कर भाग गए ताकि वह पुलिस से संपर्क नहीं कर सके. टिप्पणियां पुलिस ने लुटेरों की कार का नंबर नोट कर उनकी तलाश शुरू कर दी है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जब रुपेश अपनी कार की हालत देखने बाहर निकला तो उसने दूसरी कार में बैठे लोगों को नशे में धुत पाया. उसने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उसे रिवॉल्वर के बट से पीटा गया और उन्होंने उसकी सोने की जंजीर और 8,600 रुपये की नकदी लूट ली. रुपेश ने कहा कि वे लोग उसके छोटे भाई ओम शंकर गौड़ को कार से बाहर आने की चुनौती दे रहे थे, लेकिन वह बाहर नहीं आया. वे लोग उसका मोबाइल फोन तोड़कर भाग गए ताकि वह पुलिस से संपर्क नहीं कर सके. टिप्पणियां पुलिस ने लुटेरों की कार का नंबर नोट कर उनकी तलाश शुरू कर दी है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पुलिस ने लुटेरों की कार का नंबर नोट कर उनकी तलाश शुरू कर दी है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: पहले हरगोबिंद एनक्लेव के पास एक कार रुपेश को धक्का देते हुए आगे निकली. आनंद विहार पुलिस थाने के पास मारपीट और लूटपाट का आरोप रिवॉल्वर के बट से पीटा गया : पीडि़त ने शिकायत में कहा
8
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सूचीबद्ध कंपनियों की शेयर कीमतों या कारोबार आकार में अगर किसी तरह का अप्रत्याशित उछाल आता है तो उन्हें इसका कारण शेयर बाजारों को देना होगा जिसे निवेशकों की जानकारी के लिए सार्वजनिक किया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि बाजार नियामक सेबी के साथ परामर्श से शेयर बाजारों ने शेयरों के मूल्य तथा कारोबारी आकार में असामान्य उतार-चढ़ाव को लेकर अपनी निगरानी को बढ़ाने का फैसला किया है। फिलहाल दो प्रमुख शेयर बाजार, एनएसई तथा बीएसई, सूचीबद्ध कंपनियों से कीमत से जुड़ी सूचनाओं पर आधारित उन रिपोर्टों के बारे में मिले जवाब को सार्वजनिक करते हैं, जिसके बारे में शेयर बाजारों तथा नियामक को पहले सूचित नहीं किया गया। शेयर बाजार अब इस तरह की प्रकाशित या अप्रकाशित रिपोर्ट नहीं होने पर भी शेयरों की कीमतों तथा कारोबार के आकार में असामान्य उछाल पर कंपनियों के स्पष्टीकरण को सार्वजनिक करेंगे। अगर कंपनियों का स्पष्टीकरण किसी समाचार रिपोर्ट के बारे में होगा तो शेयर बाजार उनके जवाब को बेवसाइट पर छापेंगे ताकि निवेशकों को लाभ हो। इस तरह के कदम का उद्देश्य कतिपय कंपनियों द्वारा शेयर कीमतों में गड़बड़ी के लिए प्रकाशित या अप्रकाशित रूप से ऐसी सूचनाएं फैलाने पर रोक लगाना है जो कीमतों के लिहाज से संवेदनशील होती हैं।
यहाँ एक सारांश है:शेयर बाजारों ने शेयरों के मूल्य तथा कारोबारी आकार में असामान्य उतार-चढ़ाव को लेकर अपनी निगरानी को बढ़ाने का फैसला किया है।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: आम चुनाव में हिस्सा लेने पाकिस्तान लौटे पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ को तब एक बड़ा झटका लगा जब पंजाब के कसूर सीट से उनकी उम्मीदवारी का पर्चा ख़ारिज कर दिया गया। मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ छह आपत्तियां उठाई गईं जिसे सही मानते हुए रिटर्निंग ऑफिसर ने मुशर्रफ़ को अयोग्य क़रार दे दिया। मुशर्रफ़ ने कसूर समेत चार सीटों से पर्चा भरा है। मुशर्रफ पर लगे आरोपों और इस फ़ैसले के आधार पर बाक़ी तीन सीटों कराची, इस्लामाबाद और चितराल से भी मुशर्रफ़ के पर्चे ख़ारिज करने की मांग होगी। पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट की ख़ास हिदायत है कि उम्मीदवारी की पात्रता तय करते समय संविधान की धारा 62 और 63 का ख़्याल रखा जाए। इन धाराओं के मुताबिक़ चुनाव वही लड़ सकता है जिसके ऊपर किसी तरह का कोई मामला न हो और जो बिल्कुल पाक साफ़ हो।टिप्पणियां मुशर्रफ़ पर संविधान तोड़ने के साथ-साथ बेनज़ीर भुट्टो और बलोच नेता अकबर बुग़ती की हत्या में हाथ होने का आरोप है। मुशर्रफ की मुश्किल और बढ़ सकती है क्योंकि देश से ग़द्दारी के मामले में मुशर्रफ के ख़िलाफ़ सोमवार से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो रही है। सुनवाई ख़ुद चीफ़ जस्टिस इफ़्तिख़ार चौधरी करेंगे जिन्हें मुशर्रफ़ ने अपनी तानाशाही के दौरान बर्खास्त कर नज़रबंद कर दिया था। मुशर्रफ़ ने कसूर समेत चार सीटों से पर्चा भरा है। मुशर्रफ पर लगे आरोपों और इस फ़ैसले के आधार पर बाक़ी तीन सीटों कराची, इस्लामाबाद और चितराल से भी मुशर्रफ़ के पर्चे ख़ारिज करने की मांग होगी। पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट की ख़ास हिदायत है कि उम्मीदवारी की पात्रता तय करते समय संविधान की धारा 62 और 63 का ख़्याल रखा जाए। इन धाराओं के मुताबिक़ चुनाव वही लड़ सकता है जिसके ऊपर किसी तरह का कोई मामला न हो और जो बिल्कुल पाक साफ़ हो।टिप्पणियां मुशर्रफ़ पर संविधान तोड़ने के साथ-साथ बेनज़ीर भुट्टो और बलोच नेता अकबर बुग़ती की हत्या में हाथ होने का आरोप है। मुशर्रफ की मुश्किल और बढ़ सकती है क्योंकि देश से ग़द्दारी के मामले में मुशर्रफ के ख़िलाफ़ सोमवार से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो रही है। सुनवाई ख़ुद चीफ़ जस्टिस इफ़्तिख़ार चौधरी करेंगे जिन्हें मुशर्रफ़ ने अपनी तानाशाही के दौरान बर्खास्त कर नज़रबंद कर दिया था। पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट की ख़ास हिदायत है कि उम्मीदवारी की पात्रता तय करते समय संविधान की धारा 62 और 63 का ख़्याल रखा जाए। इन धाराओं के मुताबिक़ चुनाव वही लड़ सकता है जिसके ऊपर किसी तरह का कोई मामला न हो और जो बिल्कुल पाक साफ़ हो।टिप्पणियां मुशर्रफ़ पर संविधान तोड़ने के साथ-साथ बेनज़ीर भुट्टो और बलोच नेता अकबर बुग़ती की हत्या में हाथ होने का आरोप है। मुशर्रफ की मुश्किल और बढ़ सकती है क्योंकि देश से ग़द्दारी के मामले में मुशर्रफ के ख़िलाफ़ सोमवार से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो रही है। सुनवाई ख़ुद चीफ़ जस्टिस इफ़्तिख़ार चौधरी करेंगे जिन्हें मुशर्रफ़ ने अपनी तानाशाही के दौरान बर्खास्त कर नज़रबंद कर दिया था। मुशर्रफ़ पर संविधान तोड़ने के साथ-साथ बेनज़ीर भुट्टो और बलोच नेता अकबर बुग़ती की हत्या में हाथ होने का आरोप है। मुशर्रफ की मुश्किल और बढ़ सकती है क्योंकि देश से ग़द्दारी के मामले में मुशर्रफ के ख़िलाफ़ सोमवार से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो रही है। सुनवाई ख़ुद चीफ़ जस्टिस इफ़्तिख़ार चौधरी करेंगे जिन्हें मुशर्रफ़ ने अपनी तानाशाही के दौरान बर्खास्त कर नज़रबंद कर दिया था। मुशर्रफ की मुश्किल और बढ़ सकती है क्योंकि देश से ग़द्दारी के मामले में मुशर्रफ के ख़िलाफ़ सोमवार से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो रही है। सुनवाई ख़ुद चीफ़ जस्टिस इफ़्तिख़ार चौधरी करेंगे जिन्हें मुशर्रफ़ ने अपनी तानाशाही के दौरान बर्खास्त कर नज़रबंद कर दिया था।
संक्षिप्त सारांश: आम चुनाव में हिस्सा लेने पाकिस्तान लौटे पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ को तब एक बड़ा झटका लगा जब पंजाब के कसूर सीट से उनकी उम्मीदवारी का पर्चा ख़ारिज कर दिया गया। मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ छह आपत्तियां उठाई गईं जिसे सही मानते हुए रिटर्निंग ऑफिसर ने मुशर्रफ़ क
0
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने सवाल खड़ा किया कि क्या प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के बीच तालमेल की कमी थी। मोदी ने एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ‘20 साल बाद मनमोहन सिंह एक बार फिर वित्त मंत्री बन गए हैं। पिछले 24 घंटे में उन्होंने कदम उठाए हैं और आर्थिक सुधारों के लिए नीतियों की घोषणा कर रहे हैं।’टिप्पणियां मोदी ने सवाल दागा, ‘क्या वजह थी कि प्रधानमंत्री पद पर रहते आप पिछले आठ साल में ये घोषणाएं नहीं कर सके लेकिन जब आपके वित्त मंत्री ने इस्तीफा दे दिया तो पिछले 24 घंटे में आप ये कर रहे हो।’ उन्होंने कहा, ‘क्या आपके वित्त मंत्री आपकी सुन नहीं रहे थे? या आपके तथा वित्त मंत्री के बीच समन्वय की कमी थी?’ मोदी ने कहा कि इन सवालों के जवाब प्रधानमंत्री और मुखर्जी दोनों को देने चाहिए। उन्होंने कहा, ‘क्या ऐसी रहस्य की बात है कि आपके वित्त मंत्री के इस्तीफे के बाद आपने दोगुने उत्साह से आर्थिक सुधार की प्रक्रिया शुरू कर दी।’ मोदी ने एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ‘20 साल बाद मनमोहन सिंह एक बार फिर वित्त मंत्री बन गए हैं। पिछले 24 घंटे में उन्होंने कदम उठाए हैं और आर्थिक सुधारों के लिए नीतियों की घोषणा कर रहे हैं।’टिप्पणियां मोदी ने सवाल दागा, ‘क्या वजह थी कि प्रधानमंत्री पद पर रहते आप पिछले आठ साल में ये घोषणाएं नहीं कर सके लेकिन जब आपके वित्त मंत्री ने इस्तीफा दे दिया तो पिछले 24 घंटे में आप ये कर रहे हो।’ उन्होंने कहा, ‘क्या आपके वित्त मंत्री आपकी सुन नहीं रहे थे? या आपके तथा वित्त मंत्री के बीच समन्वय की कमी थी?’ मोदी ने कहा कि इन सवालों के जवाब प्रधानमंत्री और मुखर्जी दोनों को देने चाहिए। उन्होंने कहा, ‘क्या ऐसी रहस्य की बात है कि आपके वित्त मंत्री के इस्तीफे के बाद आपने दोगुने उत्साह से आर्थिक सुधार की प्रक्रिया शुरू कर दी।’ मोदी ने सवाल दागा, ‘क्या वजह थी कि प्रधानमंत्री पद पर रहते आप पिछले आठ साल में ये घोषणाएं नहीं कर सके लेकिन जब आपके वित्त मंत्री ने इस्तीफा दे दिया तो पिछले 24 घंटे में आप ये कर रहे हो।’ उन्होंने कहा, ‘क्या आपके वित्त मंत्री आपकी सुन नहीं रहे थे? या आपके तथा वित्त मंत्री के बीच समन्वय की कमी थी?’ मोदी ने कहा कि इन सवालों के जवाब प्रधानमंत्री और मुखर्जी दोनों को देने चाहिए। उन्होंने कहा, ‘क्या ऐसी रहस्य की बात है कि आपके वित्त मंत्री के इस्तीफे के बाद आपने दोगुने उत्साह से आर्थिक सुधार की प्रक्रिया शुरू कर दी।’ मोदी ने कहा कि इन सवालों के जवाब प्रधानमंत्री और मुखर्जी दोनों को देने चाहिए। उन्होंने कहा, ‘क्या ऐसी रहस्य की बात है कि आपके वित्त मंत्री के इस्तीफे के बाद आपने दोगुने उत्साह से आर्थिक सुधार की प्रक्रिया शुरू कर दी।’
संक्षिप्त पाठ: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने सवाल खड़ा किया कि क्या प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के बीच तालमेल की कमी थी।
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: यूपी के सबसे शक्तिशाली यादव परिवार में विवाद इस समय राष्‍ट्रीय राजनीति में भी चर्चा का विषय है. राज्‍य के मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव अपने चाचा शिवपाल सिंह के खिलाफ खुलकर सामने आ गए हैं. इस घमासान में मुलायम के चचेरे भाई रामगोपाल, सीएम अखिलेश के पक्ष में हैं तो सपा सुप्रीमो ने भाई शिवपाल यादव के पक्ष में आवाज बुलंद कर रखी है. ऊपरी तौर पर यह विवाद भले ही यादव परिवार की अंदरूनी लड़ाई माना जा रहा हो, लेकिन इसके केंद्र बिंदु 60 साल के अमर सिंह हैं. मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव खुलकर अमर सिंह की पार्टी में वापसी का विरोध कर रहे हैं जबकि मुलायम और शिवपाल उनके साथ खड़े हुए हैं. (पढ़ें, मुलायम के कहने से गले मिले अखिलेश और शिवपाल, इसके बाद चाचा-भतीजा फिर भिड़े) दरअसल अमर सिंह का व्‍यक्तित्‍व ही ऐसा है. राजनीति में भले ही विवादों से घिरे रहे हों लेकिन उनकी अपरिहार्यता हमेशा बनी रही. अमर सिंह के विरोधी उन्‍हें बेहद महत्‍वाकांक्षी और साजिश रचने वाला मानते हैं तो उनके समर्थक उन्‍हें फंड रेजर और क्रा‍इसिस मैनेजमेंट का माहिर बताते हैं. शायद यही कारण रहा कि सीएम अखिलेश यादव और पार्टी के प्रमुख मुस्लिम चेहरे माने जाने वाले आजम खान के पुरजोर विरोध के बावजूद अमर सिंह की पार्टी में न सिर्फ ससम्‍मान वापसी हुई बल्कि उन्‍हें राष्‍ट्रीय महासचिव पद से नवाज दिया गया. कारोबारी अमर सिंह के बारे में कहा जाता है कि उनके संबंध सभी पार्टियों में हैं जिसके कारण वे 'संकटमोचक' के तौर पर उभरते हैं. (यूपी में घमासान : सपा बैठक में बोले शिवपाल यादव- बेटे की कसम, अखिलेश ने कहा था अलग पार्टी बनाएंगे) उनकी इस उपयोगिता के कारण ही सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने सोमवार की मीटिंग में कह दिया कि मैं अमर सिंह को नहीं छोड़ सकता.' सपा प्रमुख ने कहा, 'अमर सिंह मेरे भाई हैं. राजपूत परिवार में जन्‍मे अमर सिंह को उनकी खास सहयोगी जयाप्रदा के साथ 2010 में पार्टी से निकाल दिया गया था. सपा से निकाले जाने के बाद अमर सिंह ने लोकसभा चुनाव के दौरान राष्‍ट्रीय लोकदल के साथ हाथ मिला लिया और फतेहपुर सीकरी से चुनाव भी लड़ा लेकिन हार गए. बहरहाल सपा से बाहर रहने के बाद भी न तो मुलायम, अमर सिंह को भूल पाए और न अमर सिंह, सपा सुप्रीमो को. यूपी में विधानसभा चुनाव के पहले वे पार्टी में वापसी करने में कामयाब रहे.टिप्पणियां अमर सिंह को मुलायम का काफी विश्‍वास हासिल है. जब 2008 में यूपीए सरकार के अमेरिका के साथ प्रस्तावित परमाणु समझौते के कारण भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने अपना समर्थन वापस ले लिया था और सरकार अल्पमत में आ गई थी. कहा जाता है कि  उस समय अमर सिंह ने ही मुलायम सिंह यादव को समर्थन देने के लिए राजी किया था. समाजवादी पार्टी में कॉरपोरेट कल्‍चर लाने का श्रेय भी अमर सिंह को जाता है हालांकि इसके लिए वे विरोधियों के निशाने पर भी रहे. पैसे, बॉलीवुड और देश के ताकतवर हस्तियों तक अपनी पहुंच के लिए मशहूर अमर सिंह सपा की ओर से कई बार राज्‍यसभा सदस्‍य रह चुके हैं. संसद की कई समितियों के वे सदस्‍य रह चुके हैं.(पढ़ें, अखिलेश यादव हुए भावुक, बोले - नेता जी कहते तो इस्तीफ़ा दे देता, पार्टी में मेरा कुछ नहीं) इसके साथ ही विवादों में भी उनका नाम आ चुका है. इसमें यूपीए सरकार के पक्ष में वोट देने के लिए  3 बीजेपी सांसदों को कथित तौर पर रिश्‍वत की पेशकश करने का मामला प्रमुख है.उनके खिलाफ एक ऑडियो टेप भी आया था जिसमें दावा किया गया था कि इसमें अमर सिंह की आवाज है. अमर सिंह एक समय बॉलीवुड के सुपर स्‍टार अमिताभ बच्‍चन के भी खास सहयोगी रह चुके हैं लेकिन वक्‍त के साथ उनके संबंधों में खटास आती गई. सपा बैठक में मुलायम के अमर सिंह के पक्ष में खुलकर आने से मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव सहित उनके तमाम विरोधियों को फिलहाल तो निराशा ही हाथ लगी है.. दरअसल अमर सिंह का व्‍यक्तित्‍व ही ऐसा है. राजनीति में भले ही विवादों से घिरे रहे हों लेकिन उनकी अपरिहार्यता हमेशा बनी रही. अमर सिंह के विरोधी उन्‍हें बेहद महत्‍वाकांक्षी और साजिश रचने वाला मानते हैं तो उनके समर्थक उन्‍हें फंड रेजर और क्रा‍इसिस मैनेजमेंट का माहिर बताते हैं. शायद यही कारण रहा कि सीएम अखिलेश यादव और पार्टी के प्रमुख मुस्लिम चेहरे माने जाने वाले आजम खान के पुरजोर विरोध के बावजूद अमर सिंह की पार्टी में न सिर्फ ससम्‍मान वापसी हुई बल्कि उन्‍हें राष्‍ट्रीय महासचिव पद से नवाज दिया गया. कारोबारी अमर सिंह के बारे में कहा जाता है कि उनके संबंध सभी पार्टियों में हैं जिसके कारण वे 'संकटमोचक' के तौर पर उभरते हैं. (यूपी में घमासान : सपा बैठक में बोले शिवपाल यादव- बेटे की कसम, अखिलेश ने कहा था अलग पार्टी बनाएंगे) उनकी इस उपयोगिता के कारण ही सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने सोमवार की मीटिंग में कह दिया कि मैं अमर सिंह को नहीं छोड़ सकता.' सपा प्रमुख ने कहा, 'अमर सिंह मेरे भाई हैं. राजपूत परिवार में जन्‍मे अमर सिंह को उनकी खास सहयोगी जयाप्रदा के साथ 2010 में पार्टी से निकाल दिया गया था. सपा से निकाले जाने के बाद अमर सिंह ने लोकसभा चुनाव के दौरान राष्‍ट्रीय लोकदल के साथ हाथ मिला लिया और फतेहपुर सीकरी से चुनाव भी लड़ा लेकिन हार गए. बहरहाल सपा से बाहर रहने के बाद भी न तो मुलायम, अमर सिंह को भूल पाए और न अमर सिंह, सपा सुप्रीमो को. यूपी में विधानसभा चुनाव के पहले वे पार्टी में वापसी करने में कामयाब रहे.टिप्पणियां अमर सिंह को मुलायम का काफी विश्‍वास हासिल है. जब 2008 में यूपीए सरकार के अमेरिका के साथ प्रस्तावित परमाणु समझौते के कारण भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने अपना समर्थन वापस ले लिया था और सरकार अल्पमत में आ गई थी. कहा जाता है कि  उस समय अमर सिंह ने ही मुलायम सिंह यादव को समर्थन देने के लिए राजी किया था. समाजवादी पार्टी में कॉरपोरेट कल्‍चर लाने का श्रेय भी अमर सिंह को जाता है हालांकि इसके लिए वे विरोधियों के निशाने पर भी रहे. पैसे, बॉलीवुड और देश के ताकतवर हस्तियों तक अपनी पहुंच के लिए मशहूर अमर सिंह सपा की ओर से कई बार राज्‍यसभा सदस्‍य रह चुके हैं. संसद की कई समितियों के वे सदस्‍य रह चुके हैं.(पढ़ें, अखिलेश यादव हुए भावुक, बोले - नेता जी कहते तो इस्तीफ़ा दे देता, पार्टी में मेरा कुछ नहीं) इसके साथ ही विवादों में भी उनका नाम आ चुका है. इसमें यूपीए सरकार के पक्ष में वोट देने के लिए  3 बीजेपी सांसदों को कथित तौर पर रिश्‍वत की पेशकश करने का मामला प्रमुख है.उनके खिलाफ एक ऑडियो टेप भी आया था जिसमें दावा किया गया था कि इसमें अमर सिंह की आवाज है. अमर सिंह एक समय बॉलीवुड के सुपर स्‍टार अमिताभ बच्‍चन के भी खास सहयोगी रह चुके हैं लेकिन वक्‍त के साथ उनके संबंधों में खटास आती गई. सपा बैठक में मुलायम के अमर सिंह के पक्ष में खुलकर आने से मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव सहित उनके तमाम विरोधियों को फिलहाल तो निराशा ही हाथ लगी है.. उनकी इस उपयोगिता के कारण ही सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने सोमवार की मीटिंग में कह दिया कि मैं अमर सिंह को नहीं छोड़ सकता.' सपा प्रमुख ने कहा, 'अमर सिंह मेरे भाई हैं. राजपूत परिवार में जन्‍मे अमर सिंह को उनकी खास सहयोगी जयाप्रदा के साथ 2010 में पार्टी से निकाल दिया गया था. सपा से निकाले जाने के बाद अमर सिंह ने लोकसभा चुनाव के दौरान राष्‍ट्रीय लोकदल के साथ हाथ मिला लिया और फतेहपुर सीकरी से चुनाव भी लड़ा लेकिन हार गए. बहरहाल सपा से बाहर रहने के बाद भी न तो मुलायम, अमर सिंह को भूल पाए और न अमर सिंह, सपा सुप्रीमो को. यूपी में विधानसभा चुनाव के पहले वे पार्टी में वापसी करने में कामयाब रहे.टिप्पणियां अमर सिंह को मुलायम का काफी विश्‍वास हासिल है. जब 2008 में यूपीए सरकार के अमेरिका के साथ प्रस्तावित परमाणु समझौते के कारण भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने अपना समर्थन वापस ले लिया था और सरकार अल्पमत में आ गई थी. कहा जाता है कि  उस समय अमर सिंह ने ही मुलायम सिंह यादव को समर्थन देने के लिए राजी किया था. समाजवादी पार्टी में कॉरपोरेट कल्‍चर लाने का श्रेय भी अमर सिंह को जाता है हालांकि इसके लिए वे विरोधियों के निशाने पर भी रहे. पैसे, बॉलीवुड और देश के ताकतवर हस्तियों तक अपनी पहुंच के लिए मशहूर अमर सिंह सपा की ओर से कई बार राज्‍यसभा सदस्‍य रह चुके हैं. संसद की कई समितियों के वे सदस्‍य रह चुके हैं.(पढ़ें, अखिलेश यादव हुए भावुक, बोले - नेता जी कहते तो इस्तीफ़ा दे देता, पार्टी में मेरा कुछ नहीं) इसके साथ ही विवादों में भी उनका नाम आ चुका है. इसमें यूपीए सरकार के पक्ष में वोट देने के लिए  3 बीजेपी सांसदों को कथित तौर पर रिश्‍वत की पेशकश करने का मामला प्रमुख है.उनके खिलाफ एक ऑडियो टेप भी आया था जिसमें दावा किया गया था कि इसमें अमर सिंह की आवाज है. अमर सिंह एक समय बॉलीवुड के सुपर स्‍टार अमिताभ बच्‍चन के भी खास सहयोगी रह चुके हैं लेकिन वक्‍त के साथ उनके संबंधों में खटास आती गई. सपा बैठक में मुलायम के अमर सिंह के पक्ष में खुलकर आने से मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव सहित उनके तमाम विरोधियों को फिलहाल तो निराशा ही हाथ लगी है.. अमर सिंह को मुलायम का काफी विश्‍वास हासिल है. जब 2008 में यूपीए सरकार के अमेरिका के साथ प्रस्तावित परमाणु समझौते के कारण भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने अपना समर्थन वापस ले लिया था और सरकार अल्पमत में आ गई थी. कहा जाता है कि  उस समय अमर सिंह ने ही मुलायम सिंह यादव को समर्थन देने के लिए राजी किया था. समाजवादी पार्टी में कॉरपोरेट कल्‍चर लाने का श्रेय भी अमर सिंह को जाता है हालांकि इसके लिए वे विरोधियों के निशाने पर भी रहे. पैसे, बॉलीवुड और देश के ताकतवर हस्तियों तक अपनी पहुंच के लिए मशहूर अमर सिंह सपा की ओर से कई बार राज्‍यसभा सदस्‍य रह चुके हैं. संसद की कई समितियों के वे सदस्‍य रह चुके हैं.(पढ़ें, अखिलेश यादव हुए भावुक, बोले - नेता जी कहते तो इस्तीफ़ा दे देता, पार्टी में मेरा कुछ नहीं) इसके साथ ही विवादों में भी उनका नाम आ चुका है. इसमें यूपीए सरकार के पक्ष में वोट देने के लिए  3 बीजेपी सांसदों को कथित तौर पर रिश्‍वत की पेशकश करने का मामला प्रमुख है.उनके खिलाफ एक ऑडियो टेप भी आया था जिसमें दावा किया गया था कि इसमें अमर सिंह की आवाज है. अमर सिंह एक समय बॉलीवुड के सुपर स्‍टार अमिताभ बच्‍चन के भी खास सहयोगी रह चुके हैं लेकिन वक्‍त के साथ उनके संबंधों में खटास आती गई. सपा बैठक में मुलायम के अमर सिंह के पक्ष में खुलकर आने से मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव सहित उनके तमाम विरोधियों को फिलहाल तो निराशा ही हाथ लगी है.. इसके साथ ही विवादों में भी उनका नाम आ चुका है. इसमें यूपीए सरकार के पक्ष में वोट देने के लिए  3 बीजेपी सांसदों को कथित तौर पर रिश्‍वत की पेशकश करने का मामला प्रमुख है.उनके खिलाफ एक ऑडियो टेप भी आया था जिसमें दावा किया गया था कि इसमें अमर सिंह की आवाज है. अमर सिंह एक समय बॉलीवुड के सुपर स्‍टार अमिताभ बच्‍चन के भी खास सहयोगी रह चुके हैं लेकिन वक्‍त के साथ उनके संबंधों में खटास आती गई. सपा बैठक में मुलायम के अमर सिंह के पक्ष में खुलकर आने से मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव सहित उनके तमाम विरोधियों को फिलहाल तो निराशा ही हाथ लगी है..
संक्षिप्त पाठ: समाजवादी पार्टी के विवाद में केंद्र बिंदु बने हुए हैं अमर सिंह 2010 में पार्टी से निष्‍कासन के बाद इसी साल हुई है वापसी बैठक में मुलायम ने कहा-अमर सिंह मेरे भाई, उन्‍हें नहीं छोड़ सकता
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: लोकसभा चुनाव 2019 में मालेगांव ब्लास्ट की आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर भोपाल सीट से बीजेपी की टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं. बीजेपी के इस फैसले पर विपक्ष जहां एक तरफ हमलावर है, वहीं बीजेपी अपने फैसले के बचाव में है.  पीएम मोदी ने भोपाल लोकसभा सीट से मालेगांव विस्फोट की आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को टिकट देने के फैसले का भी बचाव किया और कहा कि वह उन लोगों के लिए ‘प्रतीक' हैं जिन्होंने हिन्दुओं को आतंकवादी बताया था. पीएम मोदी ने कहा कि प्रज्ञा वहां कांग्रेस को कड़ी चुनौती देंगी. प्रज्ञा ठाकुर को मध्य प्रदेश की भोपाल सीट से कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह के खिलाफ चुनावी मैदान में उतारा गया है. प्रधानमंत्री ने भगवा आतंक संबंधी टिप्पणियों को लेकर कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘(प्रज्ञा को उतारने का) फैसला उन लोगों को करारा जवाब है जिन्होंने पूरे धर्म और संस्कृति को आतंक से जोड़ा. ' ‘टाइम्स नाउ' समाचार चैनल को दिये साक्षात्कार में पीएम मोदी ने ये बातें कहीं.  इससे पहले मुम्बई में 26/11 के आतंकी हमले में शहीद हुए पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे के बारे में दिये गये अपने विवादित बयान पर चारों ओर से आलोचना से घिरने के बाद मालेगांव बम विस्फोट मामले में आरोपी और भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा की उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने शुक्रवार शाम को खुले मंच से माफी मांगते हुए अपना बयान वापस ले लिया. भोपाल से 45 किलोमीटर दूर बैरसिया में मंच से साध्वी ने अपना विवादित बयान वापस लेते हुए इसके लिये क्षमा मांगी है. साध्वी की सहयोगी उपमा ने कहा कि साध्वी के बयान वापस लेने के सवाल पर उनके हवाले से कहा हां, उन्होंने (साध्वी प्रज्ञा) कहा, ‘क्योंकि मैं (प्रज्ञा) किसी समय इमोशनल (भावुक) हो गयी थी. मैं (प्रज्ञा) रो रही थी. इसलिये मेरे (प्रज्ञा के) मुख से जो निकला, उसके लिये क्षमा मांगती हूं.  इससे एक दिन पहले बृहस्पतिवार शाम को भोपाल उत्तर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक में मुम्बई एटीएस के तत्कालीन प्रमुख हेमंत करकरे पर यातना देने का आरोप लगाते हुए प्रज्ञा ने कहा था, ‘मैंने उन्हें (करकरे) सर्वनाश होने का शाप दिया था और इसके सवा माह बाद आतंकवादियों ने उन्हें मार दिया.' प्रज्ञा के इस बयान के बाद शुक्रवार को साध्वी के प्रतिद्वंदी कांग्रेस के उम्मीदवार दिग्विजय सिंह ने शहीदों के बारे में विवादित बयान नहीं देने की सलाह दी जबकि भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों के संगठन आईपीएस एसोसिएशन ने साध्वी के बयान की निंदा की.  उनके इस बयान की निंदा करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘हेमंत करकरे ने भारत की रक्षा करते हुए अपना जीवन बलिदान कर दिया. उनका सम्मान किया जाना चाहिए.' साध्वी प्रज्ञा के अपने दल भाजपा ने उनके बयान से दूरी बनाते हुए कहा कि यह उनकी निजी राय है जो सालों तक उन्हें मिली शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना की वजह से हो सकती है.
सारांश: पीएम मोदी ने साध्वी का किया बचाव. साध्वी प्रज्ञा भोपाल सीट से लड़ रही हैं चुनाव. कांग्रेस की ओर से दिग्विजय सिंह हैं चुनावी मैदान में.
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उच्चतम न्यायालय ने 1993 के मुम्बई विस्फोटों के तीन दोषियों को समर्पण के लिए ओर समय देने से मंगलवार को इनकार कर दिया। इन मुजरिमों ने राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिकाएं लंबित होने के आधार पर उन्हें समर्पण के लिए और समय देने का अनुरोध किया था। वहीं, कोर्ट ने संजय दत्त की अपील पर सुनवाई बुधवार तक के लिए टाल दी है। बताया जा रहा है कि बेंच के एक जज के आज न आने की वजह से यह सुनवाई टाल दी गई है। जैबूनिसा अनवर काजी (70), इसाक मोहम्मद हजवाने (76) और शरीफ अब्दुल गफूर पार्कर (88) उर्फ दादाभाई ने समर्पण के लिए और वक्त के लिए शीर्ष अदालत में याचिकाएं दायर की थीं। उच्चतम न्यायालय ने पूर्व में अपने आदेश में इन लोगों से कहा था कि वह खुद को सुनाई गई सजा काटने के लिए समर्पण कर दें। प्रधान न्यायाधीश अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि दया याचिका राष्ट्रपति के समक्ष लंबित होने के आधार पर समर्पण करने की अवधि बढ़ाई नहीं जा सकती है। शीर्ष अदालत ने 21 मार्च को टाडा अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा था जिसमें काजी को पांच साल कैद की सजा सुनाई गई थी। वह कैंसर से पीड़ित है। इसने निचली अदालत द्वारा हजवाने को सुनाई गई पांच साल कैद की सजा बढ़ाकर उम्रकैद में तब्दील कर दी थी। टाडा अदालत द्वारा पार्कर को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा शीर्ष अदालत ने बरकरार रखी थी। वह जेल में पहले ही 14 साल गुजार चुका है।टिप्पणियां उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश और भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष मार्कंडेय काटजू ने काजी की ओर से 18 मार्च को और अन्य दो की ओर से 10 अप्रैल को राष्ट्रपति को निवेदन भेजा था। इन लोगों की याचिकाओं में कहा गया था कि जब तक उनकी ओर से काटजू द्वारा राष्ट्रपति से किए गए निवेदन पर फैसला नहीं हो जाता तब तक उनसे समर्पण के लिए नहीं कहा जाना चाहिए। मुम्बई में 12 मार्च 1993 को हुए बम विस्फोटों में 257 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हुए थे। जैबूनिसा अनवर काजी (70), इसाक मोहम्मद हजवाने (76) और शरीफ अब्दुल गफूर पार्कर (88) उर्फ दादाभाई ने समर्पण के लिए और वक्त के लिए शीर्ष अदालत में याचिकाएं दायर की थीं। उच्चतम न्यायालय ने पूर्व में अपने आदेश में इन लोगों से कहा था कि वह खुद को सुनाई गई सजा काटने के लिए समर्पण कर दें। प्रधान न्यायाधीश अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि दया याचिका राष्ट्रपति के समक्ष लंबित होने के आधार पर समर्पण करने की अवधि बढ़ाई नहीं जा सकती है। शीर्ष अदालत ने 21 मार्च को टाडा अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा था जिसमें काजी को पांच साल कैद की सजा सुनाई गई थी। वह कैंसर से पीड़ित है। इसने निचली अदालत द्वारा हजवाने को सुनाई गई पांच साल कैद की सजा बढ़ाकर उम्रकैद में तब्दील कर दी थी। टाडा अदालत द्वारा पार्कर को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा शीर्ष अदालत ने बरकरार रखी थी। वह जेल में पहले ही 14 साल गुजार चुका है।टिप्पणियां उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश और भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष मार्कंडेय काटजू ने काजी की ओर से 18 मार्च को और अन्य दो की ओर से 10 अप्रैल को राष्ट्रपति को निवेदन भेजा था। इन लोगों की याचिकाओं में कहा गया था कि जब तक उनकी ओर से काटजू द्वारा राष्ट्रपति से किए गए निवेदन पर फैसला नहीं हो जाता तब तक उनसे समर्पण के लिए नहीं कहा जाना चाहिए। मुम्बई में 12 मार्च 1993 को हुए बम विस्फोटों में 257 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हुए थे। उच्चतम न्यायालय ने पूर्व में अपने आदेश में इन लोगों से कहा था कि वह खुद को सुनाई गई सजा काटने के लिए समर्पण कर दें। प्रधान न्यायाधीश अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि दया याचिका राष्ट्रपति के समक्ष लंबित होने के आधार पर समर्पण करने की अवधि बढ़ाई नहीं जा सकती है। शीर्ष अदालत ने 21 मार्च को टाडा अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा था जिसमें काजी को पांच साल कैद की सजा सुनाई गई थी। वह कैंसर से पीड़ित है। इसने निचली अदालत द्वारा हजवाने को सुनाई गई पांच साल कैद की सजा बढ़ाकर उम्रकैद में तब्दील कर दी थी। टाडा अदालत द्वारा पार्कर को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा शीर्ष अदालत ने बरकरार रखी थी। वह जेल में पहले ही 14 साल गुजार चुका है।टिप्पणियां उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश और भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष मार्कंडेय काटजू ने काजी की ओर से 18 मार्च को और अन्य दो की ओर से 10 अप्रैल को राष्ट्रपति को निवेदन भेजा था। इन लोगों की याचिकाओं में कहा गया था कि जब तक उनकी ओर से काटजू द्वारा राष्ट्रपति से किए गए निवेदन पर फैसला नहीं हो जाता तब तक उनसे समर्पण के लिए नहीं कहा जाना चाहिए। मुम्बई में 12 मार्च 1993 को हुए बम विस्फोटों में 257 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हुए थे। प्रधान न्यायाधीश अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि दया याचिका राष्ट्रपति के समक्ष लंबित होने के आधार पर समर्पण करने की अवधि बढ़ाई नहीं जा सकती है। शीर्ष अदालत ने 21 मार्च को टाडा अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा था जिसमें काजी को पांच साल कैद की सजा सुनाई गई थी। वह कैंसर से पीड़ित है। इसने निचली अदालत द्वारा हजवाने को सुनाई गई पांच साल कैद की सजा बढ़ाकर उम्रकैद में तब्दील कर दी थी। टाडा अदालत द्वारा पार्कर को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा शीर्ष अदालत ने बरकरार रखी थी। वह जेल में पहले ही 14 साल गुजार चुका है।टिप्पणियां उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश और भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष मार्कंडेय काटजू ने काजी की ओर से 18 मार्च को और अन्य दो की ओर से 10 अप्रैल को राष्ट्रपति को निवेदन भेजा था। इन लोगों की याचिकाओं में कहा गया था कि जब तक उनकी ओर से काटजू द्वारा राष्ट्रपति से किए गए निवेदन पर फैसला नहीं हो जाता तब तक उनसे समर्पण के लिए नहीं कहा जाना चाहिए। मुम्बई में 12 मार्च 1993 को हुए बम विस्फोटों में 257 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हुए थे। शीर्ष अदालत ने 21 मार्च को टाडा अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा था जिसमें काजी को पांच साल कैद की सजा सुनाई गई थी। वह कैंसर से पीड़ित है। इसने निचली अदालत द्वारा हजवाने को सुनाई गई पांच साल कैद की सजा बढ़ाकर उम्रकैद में तब्दील कर दी थी। टाडा अदालत द्वारा पार्कर को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा शीर्ष अदालत ने बरकरार रखी थी। वह जेल में पहले ही 14 साल गुजार चुका है।टिप्पणियां उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश और भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष मार्कंडेय काटजू ने काजी की ओर से 18 मार्च को और अन्य दो की ओर से 10 अप्रैल को राष्ट्रपति को निवेदन भेजा था। इन लोगों की याचिकाओं में कहा गया था कि जब तक उनकी ओर से काटजू द्वारा राष्ट्रपति से किए गए निवेदन पर फैसला नहीं हो जाता तब तक उनसे समर्पण के लिए नहीं कहा जाना चाहिए। मुम्बई में 12 मार्च 1993 को हुए बम विस्फोटों में 257 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हुए थे। इसने निचली अदालत द्वारा हजवाने को सुनाई गई पांच साल कैद की सजा बढ़ाकर उम्रकैद में तब्दील कर दी थी। टाडा अदालत द्वारा पार्कर को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा शीर्ष अदालत ने बरकरार रखी थी। वह जेल में पहले ही 14 साल गुजार चुका है।टिप्पणियां उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश और भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष मार्कंडेय काटजू ने काजी की ओर से 18 मार्च को और अन्य दो की ओर से 10 अप्रैल को राष्ट्रपति को निवेदन भेजा था। इन लोगों की याचिकाओं में कहा गया था कि जब तक उनकी ओर से काटजू द्वारा राष्ट्रपति से किए गए निवेदन पर फैसला नहीं हो जाता तब तक उनसे समर्पण के लिए नहीं कहा जाना चाहिए। मुम्बई में 12 मार्च 1993 को हुए बम विस्फोटों में 257 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हुए थे। टाडा अदालत द्वारा पार्कर को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा शीर्ष अदालत ने बरकरार रखी थी। वह जेल में पहले ही 14 साल गुजार चुका है।टिप्पणियां उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश और भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष मार्कंडेय काटजू ने काजी की ओर से 18 मार्च को और अन्य दो की ओर से 10 अप्रैल को राष्ट्रपति को निवेदन भेजा था। इन लोगों की याचिकाओं में कहा गया था कि जब तक उनकी ओर से काटजू द्वारा राष्ट्रपति से किए गए निवेदन पर फैसला नहीं हो जाता तब तक उनसे समर्पण के लिए नहीं कहा जाना चाहिए। मुम्बई में 12 मार्च 1993 को हुए बम विस्फोटों में 257 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हुए थे। उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश और भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष मार्कंडेय काटजू ने काजी की ओर से 18 मार्च को और अन्य दो की ओर से 10 अप्रैल को राष्ट्रपति को निवेदन भेजा था। इन लोगों की याचिकाओं में कहा गया था कि जब तक उनकी ओर से काटजू द्वारा राष्ट्रपति से किए गए निवेदन पर फैसला नहीं हो जाता तब तक उनसे समर्पण के लिए नहीं कहा जाना चाहिए। मुम्बई में 12 मार्च 1993 को हुए बम विस्फोटों में 257 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हुए थे। मुम्बई में 12 मार्च 1993 को हुए बम विस्फोटों में 257 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हुए थे।
यहाँ एक सारांश है:मुंबई धमाके के तीन दोषियों की सरेंडर करने के लिए और समय दिए जाने की मांग करने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। वहीं, कोर्ट ने संजय दत्त की अपील पर सुनवाई बुधवार तक के लिए टाल दी है।
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: वह महज 12 साल की थी, जब कुछ सामान खरीदने पुरानी दिल्ली में अपने घर के पास ही बाजार गई थी और किसी ने उसे जबरदस्ती कुछ सुंघाकर बेहोश कर दिया. जब उसकी आंखें खुली तो उसने खुद को नर्क में पाया. अब 22 साल की हो चुकी वह युवती बताती है, 'वह कमरा लड़कियों से भरा था, कुछ छोटी थीं, कुछ बड़ी... कुछ रो रही थीं, तो कुछ बेहोश... मुझसे कहा गया कि मुझे बेच दिया है और अब मैं अंबाला में हूं.' उसकी दर्द भरी दास्तान सुनते हुए जब उसके शरीर पर नजर पड़ी तो वहां चोट, खरोच और इंजेक्शनों के निशान भरे पड़े थे. अपनी दर्दनाक कहानी सुनाते हुए उसकी आंखें भर आती हैं, वह दुप्पटे से अपने आंसू पोछते हुए कहती है, 'जब मैं आंखें खोलती खुद को अलग जगह पाती थी.' पिछले महीने वह अपहर्ताओं के चंगुल से किसी तरह बच निकलने में कामयाब हुई. फिर एक बार डांसर की मदद से वह एक दशक बाद अपनी मां से मिल सकी. अब वह अपनी मां के घर ही रहती है. यहां उसकी आठ बहनें हैं, लेकिन उन्होंने भी मानो उससे नाता तोड़ लिया हो. इन दस वर्षों में उस पर भयानक जुल्म ढाए गए. वह 15,000 से 20,000 रुपयों में नौ अलग-अलग लोगों को बेची गई. उसे पीटा गया, ड्रग्स और हार्मोन्स के इंजेक्शन दिए गए और कई बार बलात्कार भी किया गया. इस दौरान उसके दो बच्चे भी हुए, लेकिन उन्हें भी उससे अलग कर दिया गया. वह कहती है, 'वे मुझे मारा करते थे और बिना खाना दिए सारा दिन खेतों में काम करवाते थे. रात को वे मुझे खाने में ड्रग्स मिलाकर देते थे और फिर मेरे साथ बलात्कार करते थे.' अपहरण किए जाने के तीन साल बाद 2009 में उसे कुछ सोने के ऐवज में 66 साल के एक बूढ़े को बेच दिया गया, जिसने गुरुद्वारे में उससे शादी की, फिर उसे हार्मोन्स के इंजेक्शन दिए गए, ताकि वह 15 साल से बड़ी दिखे. एक साल के अंदर ही उसे एक बच्चा भी हो गया. फिर दो बाद उसने एक और बेटे को जन्म दिया. लेकिन दोनों ही बेटे उससे छीन लिए गए. वह कहते हैं, 'उस बूढ़े आदमी की दो साल बाद मौत हो गई. उसके भाई और भतीजे मेरे साथ हर रात रेप करते थे. उसकी बहन ने मेरे बड़े बेटे को अपने पास रख लिया और मुझे छोटे बेटे के साथ दूसरे शख्स को बेच दिया. वहां मुझे खेतों और लोगों के घरों में काम करने को कहा गया, मेरा शरीर जवाब देने लगता था और मैं बीमार रहने लगी, तो उन्होंने मुझे फिर से बेच दिया.' आज बस वह अपने बच्चे वापस चाहती है. वह रोते हुए कहती है, 'मैं अपना बचपन खो दिया, मां और बहनों से बिछड़ गई... मैं नहीं चाहती कि मेरे बच्चे भी वैसा ही कुछ भुगते.' उसकी गवाही के बाद पुलिस ने उसका अपहरण और फिर उसका सौदा करने वाले ज्यादातर लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन उसका पति का परिवार उसके बच्चे के साथ लापता है.टिप्पणियां पुलिस बताती है, 'दिल्ली में मानव तस्करी में शामिल कम से कम दर्जन भर गैंग हैं और उनका जाल पंजाब, गुजरात और पश्चिम बंगाल तक फैला है.' पुलिस रिकॉर्ड पर अगर नजर डालें तो दिल्ली की सड़कों से हर दिन 22 बच्चे लापता हो जाते हैं. इनमें से आधी 8 से 15 साल की लड़कियां होती हैं. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पिछले साल ही 2,683 बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई. इनमें से एक तो किसी तरह बच निकलने में कामयाब हुई, लेकिन कई अब भी इसमें फंसे हैं. अब 22 साल की हो चुकी वह युवती बताती है, 'वह कमरा लड़कियों से भरा था, कुछ छोटी थीं, कुछ बड़ी... कुछ रो रही थीं, तो कुछ बेहोश... मुझसे कहा गया कि मुझे बेच दिया है और अब मैं अंबाला में हूं.' उसकी दर्द भरी दास्तान सुनते हुए जब उसके शरीर पर नजर पड़ी तो वहां चोट, खरोच और इंजेक्शनों के निशान भरे पड़े थे. अपनी दर्दनाक कहानी सुनाते हुए उसकी आंखें भर आती हैं, वह दुप्पटे से अपने आंसू पोछते हुए कहती है, 'जब मैं आंखें खोलती खुद को अलग जगह पाती थी.' पिछले महीने वह अपहर्ताओं के चंगुल से किसी तरह बच निकलने में कामयाब हुई. फिर एक बार डांसर की मदद से वह एक दशक बाद अपनी मां से मिल सकी. अब वह अपनी मां के घर ही रहती है. यहां उसकी आठ बहनें हैं, लेकिन उन्होंने भी मानो उससे नाता तोड़ लिया हो. इन दस वर्षों में उस पर भयानक जुल्म ढाए गए. वह 15,000 से 20,000 रुपयों में नौ अलग-अलग लोगों को बेची गई. उसे पीटा गया, ड्रग्स और हार्मोन्स के इंजेक्शन दिए गए और कई बार बलात्कार भी किया गया. इस दौरान उसके दो बच्चे भी हुए, लेकिन उन्हें भी उससे अलग कर दिया गया. वह कहती है, 'वे मुझे मारा करते थे और बिना खाना दिए सारा दिन खेतों में काम करवाते थे. रात को वे मुझे खाने में ड्रग्स मिलाकर देते थे और फिर मेरे साथ बलात्कार करते थे.' अपहरण किए जाने के तीन साल बाद 2009 में उसे कुछ सोने के ऐवज में 66 साल के एक बूढ़े को बेच दिया गया, जिसने गुरुद्वारे में उससे शादी की, फिर उसे हार्मोन्स के इंजेक्शन दिए गए, ताकि वह 15 साल से बड़ी दिखे. एक साल के अंदर ही उसे एक बच्चा भी हो गया. फिर दो बाद उसने एक और बेटे को जन्म दिया. लेकिन दोनों ही बेटे उससे छीन लिए गए. वह कहते हैं, 'उस बूढ़े आदमी की दो साल बाद मौत हो गई. उसके भाई और भतीजे मेरे साथ हर रात रेप करते थे. उसकी बहन ने मेरे बड़े बेटे को अपने पास रख लिया और मुझे छोटे बेटे के साथ दूसरे शख्स को बेच दिया. वहां मुझे खेतों और लोगों के घरों में काम करने को कहा गया, मेरा शरीर जवाब देने लगता था और मैं बीमार रहने लगी, तो उन्होंने मुझे फिर से बेच दिया.' आज बस वह अपने बच्चे वापस चाहती है. वह रोते हुए कहती है, 'मैं अपना बचपन खो दिया, मां और बहनों से बिछड़ गई... मैं नहीं चाहती कि मेरे बच्चे भी वैसा ही कुछ भुगते.' उसकी गवाही के बाद पुलिस ने उसका अपहरण और फिर उसका सौदा करने वाले ज्यादातर लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन उसका पति का परिवार उसके बच्चे के साथ लापता है.टिप्पणियां पुलिस बताती है, 'दिल्ली में मानव तस्करी में शामिल कम से कम दर्जन भर गैंग हैं और उनका जाल पंजाब, गुजरात और पश्चिम बंगाल तक फैला है.' पुलिस रिकॉर्ड पर अगर नजर डालें तो दिल्ली की सड़कों से हर दिन 22 बच्चे लापता हो जाते हैं. इनमें से आधी 8 से 15 साल की लड़कियां होती हैं. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पिछले साल ही 2,683 बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई. इनमें से एक तो किसी तरह बच निकलने में कामयाब हुई, लेकिन कई अब भी इसमें फंसे हैं. अपनी दर्दनाक कहानी सुनाते हुए उसकी आंखें भर आती हैं, वह दुप्पटे से अपने आंसू पोछते हुए कहती है, 'जब मैं आंखें खोलती खुद को अलग जगह पाती थी.' पिछले महीने वह अपहर्ताओं के चंगुल से किसी तरह बच निकलने में कामयाब हुई. फिर एक बार डांसर की मदद से वह एक दशक बाद अपनी मां से मिल सकी. अब वह अपनी मां के घर ही रहती है. यहां उसकी आठ बहनें हैं, लेकिन उन्होंने भी मानो उससे नाता तोड़ लिया हो. इन दस वर्षों में उस पर भयानक जुल्म ढाए गए. वह 15,000 से 20,000 रुपयों में नौ अलग-अलग लोगों को बेची गई. उसे पीटा गया, ड्रग्स और हार्मोन्स के इंजेक्शन दिए गए और कई बार बलात्कार भी किया गया. इस दौरान उसके दो बच्चे भी हुए, लेकिन उन्हें भी उससे अलग कर दिया गया. वह कहती है, 'वे मुझे मारा करते थे और बिना खाना दिए सारा दिन खेतों में काम करवाते थे. रात को वे मुझे खाने में ड्रग्स मिलाकर देते थे और फिर मेरे साथ बलात्कार करते थे.' अपहरण किए जाने के तीन साल बाद 2009 में उसे कुछ सोने के ऐवज में 66 साल के एक बूढ़े को बेच दिया गया, जिसने गुरुद्वारे में उससे शादी की, फिर उसे हार्मोन्स के इंजेक्शन दिए गए, ताकि वह 15 साल से बड़ी दिखे. एक साल के अंदर ही उसे एक बच्चा भी हो गया. फिर दो बाद उसने एक और बेटे को जन्म दिया. लेकिन दोनों ही बेटे उससे छीन लिए गए. वह कहते हैं, 'उस बूढ़े आदमी की दो साल बाद मौत हो गई. उसके भाई और भतीजे मेरे साथ हर रात रेप करते थे. उसकी बहन ने मेरे बड़े बेटे को अपने पास रख लिया और मुझे छोटे बेटे के साथ दूसरे शख्स को बेच दिया. वहां मुझे खेतों और लोगों के घरों में काम करने को कहा गया, मेरा शरीर जवाब देने लगता था और मैं बीमार रहने लगी, तो उन्होंने मुझे फिर से बेच दिया.' आज बस वह अपने बच्चे वापस चाहती है. वह रोते हुए कहती है, 'मैं अपना बचपन खो दिया, मां और बहनों से बिछड़ गई... मैं नहीं चाहती कि मेरे बच्चे भी वैसा ही कुछ भुगते.' उसकी गवाही के बाद पुलिस ने उसका अपहरण और फिर उसका सौदा करने वाले ज्यादातर लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन उसका पति का परिवार उसके बच्चे के साथ लापता है.टिप्पणियां पुलिस बताती है, 'दिल्ली में मानव तस्करी में शामिल कम से कम दर्जन भर गैंग हैं और उनका जाल पंजाब, गुजरात और पश्चिम बंगाल तक फैला है.' पुलिस रिकॉर्ड पर अगर नजर डालें तो दिल्ली की सड़कों से हर दिन 22 बच्चे लापता हो जाते हैं. इनमें से आधी 8 से 15 साल की लड़कियां होती हैं. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पिछले साल ही 2,683 बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई. इनमें से एक तो किसी तरह बच निकलने में कामयाब हुई, लेकिन कई अब भी इसमें फंसे हैं. पिछले महीने वह अपहर्ताओं के चंगुल से किसी तरह बच निकलने में कामयाब हुई. फिर एक बार डांसर की मदद से वह एक दशक बाद अपनी मां से मिल सकी. अब वह अपनी मां के घर ही रहती है. यहां उसकी आठ बहनें हैं, लेकिन उन्होंने भी मानो उससे नाता तोड़ लिया हो. इन दस वर्षों में उस पर भयानक जुल्म ढाए गए. वह 15,000 से 20,000 रुपयों में नौ अलग-अलग लोगों को बेची गई. उसे पीटा गया, ड्रग्स और हार्मोन्स के इंजेक्शन दिए गए और कई बार बलात्कार भी किया गया. इस दौरान उसके दो बच्चे भी हुए, लेकिन उन्हें भी उससे अलग कर दिया गया. वह कहती है, 'वे मुझे मारा करते थे और बिना खाना दिए सारा दिन खेतों में काम करवाते थे. रात को वे मुझे खाने में ड्रग्स मिलाकर देते थे और फिर मेरे साथ बलात्कार करते थे.' अपहरण किए जाने के तीन साल बाद 2009 में उसे कुछ सोने के ऐवज में 66 साल के एक बूढ़े को बेच दिया गया, जिसने गुरुद्वारे में उससे शादी की, फिर उसे हार्मोन्स के इंजेक्शन दिए गए, ताकि वह 15 साल से बड़ी दिखे. एक साल के अंदर ही उसे एक बच्चा भी हो गया. फिर दो बाद उसने एक और बेटे को जन्म दिया. लेकिन दोनों ही बेटे उससे छीन लिए गए. वह कहते हैं, 'उस बूढ़े आदमी की दो साल बाद मौत हो गई. उसके भाई और भतीजे मेरे साथ हर रात रेप करते थे. उसकी बहन ने मेरे बड़े बेटे को अपने पास रख लिया और मुझे छोटे बेटे के साथ दूसरे शख्स को बेच दिया. वहां मुझे खेतों और लोगों के घरों में काम करने को कहा गया, मेरा शरीर जवाब देने लगता था और मैं बीमार रहने लगी, तो उन्होंने मुझे फिर से बेच दिया.' आज बस वह अपने बच्चे वापस चाहती है. वह रोते हुए कहती है, 'मैं अपना बचपन खो दिया, मां और बहनों से बिछड़ गई... मैं नहीं चाहती कि मेरे बच्चे भी वैसा ही कुछ भुगते.' उसकी गवाही के बाद पुलिस ने उसका अपहरण और फिर उसका सौदा करने वाले ज्यादातर लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन उसका पति का परिवार उसके बच्चे के साथ लापता है.टिप्पणियां पुलिस बताती है, 'दिल्ली में मानव तस्करी में शामिल कम से कम दर्जन भर गैंग हैं और उनका जाल पंजाब, गुजरात और पश्चिम बंगाल तक फैला है.' पुलिस रिकॉर्ड पर अगर नजर डालें तो दिल्ली की सड़कों से हर दिन 22 बच्चे लापता हो जाते हैं. इनमें से आधी 8 से 15 साल की लड़कियां होती हैं. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पिछले साल ही 2,683 बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई. इनमें से एक तो किसी तरह बच निकलने में कामयाब हुई, लेकिन कई अब भी इसमें फंसे हैं. इन दस वर्षों में उस पर भयानक जुल्म ढाए गए. वह 15,000 से 20,000 रुपयों में नौ अलग-अलग लोगों को बेची गई. उसे पीटा गया, ड्रग्स और हार्मोन्स के इंजेक्शन दिए गए और कई बार बलात्कार भी किया गया. इस दौरान उसके दो बच्चे भी हुए, लेकिन उन्हें भी उससे अलग कर दिया गया. वह कहती है, 'वे मुझे मारा करते थे और बिना खाना दिए सारा दिन खेतों में काम करवाते थे. रात को वे मुझे खाने में ड्रग्स मिलाकर देते थे और फिर मेरे साथ बलात्कार करते थे.' अपहरण किए जाने के तीन साल बाद 2009 में उसे कुछ सोने के ऐवज में 66 साल के एक बूढ़े को बेच दिया गया, जिसने गुरुद्वारे में उससे शादी की, फिर उसे हार्मोन्स के इंजेक्शन दिए गए, ताकि वह 15 साल से बड़ी दिखे. एक साल के अंदर ही उसे एक बच्चा भी हो गया. फिर दो बाद उसने एक और बेटे को जन्म दिया. लेकिन दोनों ही बेटे उससे छीन लिए गए. वह कहते हैं, 'उस बूढ़े आदमी की दो साल बाद मौत हो गई. उसके भाई और भतीजे मेरे साथ हर रात रेप करते थे. उसकी बहन ने मेरे बड़े बेटे को अपने पास रख लिया और मुझे छोटे बेटे के साथ दूसरे शख्स को बेच दिया. वहां मुझे खेतों और लोगों के घरों में काम करने को कहा गया, मेरा शरीर जवाब देने लगता था और मैं बीमार रहने लगी, तो उन्होंने मुझे फिर से बेच दिया.' आज बस वह अपने बच्चे वापस चाहती है. वह रोते हुए कहती है, 'मैं अपना बचपन खो दिया, मां और बहनों से बिछड़ गई... मैं नहीं चाहती कि मेरे बच्चे भी वैसा ही कुछ भुगते.' उसकी गवाही के बाद पुलिस ने उसका अपहरण और फिर उसका सौदा करने वाले ज्यादातर लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन उसका पति का परिवार उसके बच्चे के साथ लापता है.टिप्पणियां पुलिस बताती है, 'दिल्ली में मानव तस्करी में शामिल कम से कम दर्जन भर गैंग हैं और उनका जाल पंजाब, गुजरात और पश्चिम बंगाल तक फैला है.' पुलिस रिकॉर्ड पर अगर नजर डालें तो दिल्ली की सड़कों से हर दिन 22 बच्चे लापता हो जाते हैं. इनमें से आधी 8 से 15 साल की लड़कियां होती हैं. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पिछले साल ही 2,683 बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई. इनमें से एक तो किसी तरह बच निकलने में कामयाब हुई, लेकिन कई अब भी इसमें फंसे हैं. वह कहती है, 'वे मुझे मारा करते थे और बिना खाना दिए सारा दिन खेतों में काम करवाते थे. रात को वे मुझे खाने में ड्रग्स मिलाकर देते थे और फिर मेरे साथ बलात्कार करते थे.' अपहरण किए जाने के तीन साल बाद 2009 में उसे कुछ सोने के ऐवज में 66 साल के एक बूढ़े को बेच दिया गया, जिसने गुरुद्वारे में उससे शादी की, फिर उसे हार्मोन्स के इंजेक्शन दिए गए, ताकि वह 15 साल से बड़ी दिखे. एक साल के अंदर ही उसे एक बच्चा भी हो गया. फिर दो बाद उसने एक और बेटे को जन्म दिया. लेकिन दोनों ही बेटे उससे छीन लिए गए. वह कहते हैं, 'उस बूढ़े आदमी की दो साल बाद मौत हो गई. उसके भाई और भतीजे मेरे साथ हर रात रेप करते थे. उसकी बहन ने मेरे बड़े बेटे को अपने पास रख लिया और मुझे छोटे बेटे के साथ दूसरे शख्स को बेच दिया. वहां मुझे खेतों और लोगों के घरों में काम करने को कहा गया, मेरा शरीर जवाब देने लगता था और मैं बीमार रहने लगी, तो उन्होंने मुझे फिर से बेच दिया.' आज बस वह अपने बच्चे वापस चाहती है. वह रोते हुए कहती है, 'मैं अपना बचपन खो दिया, मां और बहनों से बिछड़ गई... मैं नहीं चाहती कि मेरे बच्चे भी वैसा ही कुछ भुगते.' उसकी गवाही के बाद पुलिस ने उसका अपहरण और फिर उसका सौदा करने वाले ज्यादातर लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन उसका पति का परिवार उसके बच्चे के साथ लापता है.टिप्पणियां पुलिस बताती है, 'दिल्ली में मानव तस्करी में शामिल कम से कम दर्जन भर गैंग हैं और उनका जाल पंजाब, गुजरात और पश्चिम बंगाल तक फैला है.' पुलिस रिकॉर्ड पर अगर नजर डालें तो दिल्ली की सड़कों से हर दिन 22 बच्चे लापता हो जाते हैं. इनमें से आधी 8 से 15 साल की लड़कियां होती हैं. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पिछले साल ही 2,683 बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई. इनमें से एक तो किसी तरह बच निकलने में कामयाब हुई, लेकिन कई अब भी इसमें फंसे हैं. अपहरण किए जाने के तीन साल बाद 2009 में उसे कुछ सोने के ऐवज में 66 साल के एक बूढ़े को बेच दिया गया, जिसने गुरुद्वारे में उससे शादी की, फिर उसे हार्मोन्स के इंजेक्शन दिए गए, ताकि वह 15 साल से बड़ी दिखे. एक साल के अंदर ही उसे एक बच्चा भी हो गया. फिर दो बाद उसने एक और बेटे को जन्म दिया. लेकिन दोनों ही बेटे उससे छीन लिए गए. वह कहते हैं, 'उस बूढ़े आदमी की दो साल बाद मौत हो गई. उसके भाई और भतीजे मेरे साथ हर रात रेप करते थे. उसकी बहन ने मेरे बड़े बेटे को अपने पास रख लिया और मुझे छोटे बेटे के साथ दूसरे शख्स को बेच दिया. वहां मुझे खेतों और लोगों के घरों में काम करने को कहा गया, मेरा शरीर जवाब देने लगता था और मैं बीमार रहने लगी, तो उन्होंने मुझे फिर से बेच दिया.' आज बस वह अपने बच्चे वापस चाहती है. वह रोते हुए कहती है, 'मैं अपना बचपन खो दिया, मां और बहनों से बिछड़ गई... मैं नहीं चाहती कि मेरे बच्चे भी वैसा ही कुछ भुगते.' उसकी गवाही के बाद पुलिस ने उसका अपहरण और फिर उसका सौदा करने वाले ज्यादातर लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन उसका पति का परिवार उसके बच्चे के साथ लापता है.टिप्पणियां पुलिस बताती है, 'दिल्ली में मानव तस्करी में शामिल कम से कम दर्जन भर गैंग हैं और उनका जाल पंजाब, गुजरात और पश्चिम बंगाल तक फैला है.' पुलिस रिकॉर्ड पर अगर नजर डालें तो दिल्ली की सड़कों से हर दिन 22 बच्चे लापता हो जाते हैं. इनमें से आधी 8 से 15 साल की लड़कियां होती हैं. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पिछले साल ही 2,683 बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई. इनमें से एक तो किसी तरह बच निकलने में कामयाब हुई, लेकिन कई अब भी इसमें फंसे हैं. एक साल के अंदर ही उसे एक बच्चा भी हो गया. फिर दो बाद उसने एक और बेटे को जन्म दिया. लेकिन दोनों ही बेटे उससे छीन लिए गए. वह कहते हैं, 'उस बूढ़े आदमी की दो साल बाद मौत हो गई. उसके भाई और भतीजे मेरे साथ हर रात रेप करते थे. उसकी बहन ने मेरे बड़े बेटे को अपने पास रख लिया और मुझे छोटे बेटे के साथ दूसरे शख्स को बेच दिया. वहां मुझे खेतों और लोगों के घरों में काम करने को कहा गया, मेरा शरीर जवाब देने लगता था और मैं बीमार रहने लगी, तो उन्होंने मुझे फिर से बेच दिया.' आज बस वह अपने बच्चे वापस चाहती है. वह रोते हुए कहती है, 'मैं अपना बचपन खो दिया, मां और बहनों से बिछड़ गई... मैं नहीं चाहती कि मेरे बच्चे भी वैसा ही कुछ भुगते.' उसकी गवाही के बाद पुलिस ने उसका अपहरण और फिर उसका सौदा करने वाले ज्यादातर लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन उसका पति का परिवार उसके बच्चे के साथ लापता है.टिप्पणियां पुलिस बताती है, 'दिल्ली में मानव तस्करी में शामिल कम से कम दर्जन भर गैंग हैं और उनका जाल पंजाब, गुजरात और पश्चिम बंगाल तक फैला है.' पुलिस रिकॉर्ड पर अगर नजर डालें तो दिल्ली की सड़कों से हर दिन 22 बच्चे लापता हो जाते हैं. इनमें से आधी 8 से 15 साल की लड़कियां होती हैं. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पिछले साल ही 2,683 बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई. इनमें से एक तो किसी तरह बच निकलने में कामयाब हुई, लेकिन कई अब भी इसमें फंसे हैं. वह कहते हैं, 'उस बूढ़े आदमी की दो साल बाद मौत हो गई. उसके भाई और भतीजे मेरे साथ हर रात रेप करते थे. उसकी बहन ने मेरे बड़े बेटे को अपने पास रख लिया और मुझे छोटे बेटे के साथ दूसरे शख्स को बेच दिया. वहां मुझे खेतों और लोगों के घरों में काम करने को कहा गया, मेरा शरीर जवाब देने लगता था और मैं बीमार रहने लगी, तो उन्होंने मुझे फिर से बेच दिया.' आज बस वह अपने बच्चे वापस चाहती है. वह रोते हुए कहती है, 'मैं अपना बचपन खो दिया, मां और बहनों से बिछड़ गई... मैं नहीं चाहती कि मेरे बच्चे भी वैसा ही कुछ भुगते.' उसकी गवाही के बाद पुलिस ने उसका अपहरण और फिर उसका सौदा करने वाले ज्यादातर लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन उसका पति का परिवार उसके बच्चे के साथ लापता है.टिप्पणियां पुलिस बताती है, 'दिल्ली में मानव तस्करी में शामिल कम से कम दर्जन भर गैंग हैं और उनका जाल पंजाब, गुजरात और पश्चिम बंगाल तक फैला है.' पुलिस रिकॉर्ड पर अगर नजर डालें तो दिल्ली की सड़कों से हर दिन 22 बच्चे लापता हो जाते हैं. इनमें से आधी 8 से 15 साल की लड़कियां होती हैं. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पिछले साल ही 2,683 बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई. इनमें से एक तो किसी तरह बच निकलने में कामयाब हुई, लेकिन कई अब भी इसमें फंसे हैं. आज बस वह अपने बच्चे वापस चाहती है. वह रोते हुए कहती है, 'मैं अपना बचपन खो दिया, मां और बहनों से बिछड़ गई... मैं नहीं चाहती कि मेरे बच्चे भी वैसा ही कुछ भुगते.' उसकी गवाही के बाद पुलिस ने उसका अपहरण और फिर उसका सौदा करने वाले ज्यादातर लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन उसका पति का परिवार उसके बच्चे के साथ लापता है.टिप्पणियां पुलिस बताती है, 'दिल्ली में मानव तस्करी में शामिल कम से कम दर्जन भर गैंग हैं और उनका जाल पंजाब, गुजरात और पश्चिम बंगाल तक फैला है.' पुलिस रिकॉर्ड पर अगर नजर डालें तो दिल्ली की सड़कों से हर दिन 22 बच्चे लापता हो जाते हैं. इनमें से आधी 8 से 15 साल की लड़कियां होती हैं. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पिछले साल ही 2,683 बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई. इनमें से एक तो किसी तरह बच निकलने में कामयाब हुई, लेकिन कई अब भी इसमें फंसे हैं. उसकी गवाही के बाद पुलिस ने उसका अपहरण और फिर उसका सौदा करने वाले ज्यादातर लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन उसका पति का परिवार उसके बच्चे के साथ लापता है.टिप्पणियां पुलिस बताती है, 'दिल्ली में मानव तस्करी में शामिल कम से कम दर्जन भर गैंग हैं और उनका जाल पंजाब, गुजरात और पश्चिम बंगाल तक फैला है.' पुलिस रिकॉर्ड पर अगर नजर डालें तो दिल्ली की सड़कों से हर दिन 22 बच्चे लापता हो जाते हैं. इनमें से आधी 8 से 15 साल की लड़कियां होती हैं. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पिछले साल ही 2,683 बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई. इनमें से एक तो किसी तरह बच निकलने में कामयाब हुई, लेकिन कई अब भी इसमें फंसे हैं. पुलिस बताती है, 'दिल्ली में मानव तस्करी में शामिल कम से कम दर्जन भर गैंग हैं और उनका जाल पंजाब, गुजरात और पश्चिम बंगाल तक फैला है.' पुलिस रिकॉर्ड पर अगर नजर डालें तो दिल्ली की सड़कों से हर दिन 22 बच्चे लापता हो जाते हैं. इनमें से आधी 8 से 15 साल की लड़कियां होती हैं. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पिछले साल ही 2,683 बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई. इनमें से एक तो किसी तरह बच निकलने में कामयाब हुई, लेकिन कई अब भी इसमें फंसे हैं. पुलिस रिकॉर्ड पर अगर नजर डालें तो दिल्ली की सड़कों से हर दिन 22 बच्चे लापता हो जाते हैं. इनमें से आधी 8 से 15 साल की लड़कियां होती हैं. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पिछले साल ही 2,683 बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई. इनमें से एक तो किसी तरह बच निकलने में कामयाब हुई, लेकिन कई अब भी इसमें फंसे हैं.
सारांश: वह महिला दस वर्षों तक तस्करों के चुंगल में फंसी रही 15,000 से 20,000 रुपयों में वह नौ अलग-अलग लोगों को बेची गई इस दौरान उसके दो बच्चे हुए, लेकिन उन्हें भी उससे छीन लिया गया
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लंदन स्थित अमेरिकी दूतावास ने तीन महीने एक के बच्चे को पूछताछ के लिए समन भेजा है. इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि इस बच्चे पर आतंक फैलाने का आरोप है. बच्चे को ये दिन उसके नाना की एक मामूली गलती की वजह से देखना पड़ा. डेलीमेल की खबर के मुताबिक 62 वर्षीय पॉल केनयोन (Paul Kenyon) अपने पूरे परिवार के साथ ऑरलैंडो फ्लोरिडा जाने की तैयारी कर रहे थे. उनके साथ उनकी पत्नी कैथी (57), बेटी फाया (27), दामाद जॉन कैरेंस (31), नाती इवा (3)  और तीन महीने की हार्वे को भी जाना था. पॉल केनयोन यात्रा से पहले पूरे परिवार के लिए यात्रा प्राधिकरण (ESTA) आव्रजन फॉर्म भर रहे थे, तभी उनसे एक मामूली गलती हो गई. फॉर्म में एक कॉलम था कि क्या आप आतंकी हैं, या कभी आतंकी गतिविधियों में शामिल रहे हैं या ऐसी किसी बातों से आपका ताल्लुक है? पॉल केनयोन ने अपने तीन महीने के नाती का फॉर्म भरते हुए इस कॉलम में 'हां' का ऑप्शन सलेक्ट कर दिया. यही मामूली गलती बच्चा सहित पूरे परिवार  पर भर पड़ा. इस गलती के बाद अमेरिकी दूतावास ने बच्चे को पूछताछ के लिए बुला लिया. इसके बाद पूरे परिवार को 10 किलोमीटर की यात्रा कर लंदन स्थित अमेरिकी दूतावास में पहुंचना पड़ा. हालांकि यहां पहुंचने के बाद पॉल केनयोन ने फॉर्म भरने में हुए गलती को स्वीकार लिया. दूतावास ने भी मान लिया कि तीन महीने का बच्चा आतंकी गतिविधियों में नहीं शामिल रह सकता है. टिप्पणियां इसके बाद भी दूतावास ने बच्चे के टिकट को मान्यता नहीं दी. केनयोन को दोबारा से टिकट खरीदने को कहा. इस तरह केनयोन की गलती के चलते पूरे परिवार को तीन हजार डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा. इस घटना से सबक मिलती है कि आप जब कभी यात्रा या अन्य कामों के लिए फॉर्म भरें तो एकाग्रता बनाए रखें, वरना लेने के देने पड़ सकते हैं. इस गलती के बाद अमेरिकी दूतावास ने बच्चे को पूछताछ के लिए बुला लिया. इसके बाद पूरे परिवार को 10 किलोमीटर की यात्रा कर लंदन स्थित अमेरिकी दूतावास में पहुंचना पड़ा. हालांकि यहां पहुंचने के बाद पॉल केनयोन ने फॉर्म भरने में हुए गलती को स्वीकार लिया. दूतावास ने भी मान लिया कि तीन महीने का बच्चा आतंकी गतिविधियों में नहीं शामिल रह सकता है. टिप्पणियां इसके बाद भी दूतावास ने बच्चे के टिकट को मान्यता नहीं दी. केनयोन को दोबारा से टिकट खरीदने को कहा. इस तरह केनयोन की गलती के चलते पूरे परिवार को तीन हजार डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा. इस घटना से सबक मिलती है कि आप जब कभी यात्रा या अन्य कामों के लिए फॉर्म भरें तो एकाग्रता बनाए रखें, वरना लेने के देने पड़ सकते हैं. इसके बाद भी दूतावास ने बच्चे के टिकट को मान्यता नहीं दी. केनयोन को दोबारा से टिकट खरीदने को कहा. इस तरह केनयोन की गलती के चलते पूरे परिवार को तीन हजार डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा. इस घटना से सबक मिलती है कि आप जब कभी यात्रा या अन्य कामों के लिए फॉर्म भरें तो एकाग्रता बनाए रखें, वरना लेने के देने पड़ सकते हैं. इस घटना से सबक मिलती है कि आप जब कभी यात्रा या अन्य कामों के लिए फॉर्म भरें तो एकाग्रता बनाए रखें, वरना लेने के देने पड़ सकते हैं.
यह एक सारांश है: पूरे परिवार के लिए टिकट बुक कर रहे थे बुजुर्ग नाना ने फॉर्म भरते हुए क्या आप आतंकी हैं वाले कॉलम में हां लिख दिया अमेरिकी दूतावास ने तीन महीने के बच्चे को पूछताछ के लिए भेजा समन
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: इंग्लैंड क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन मौजूदा शृंखला में ऑस्ट्रेलिया के खराब प्रदर्शन पर तरस नहीं खाते। एंडरसन ने कहा है कि वह चाहते हैं कि उनकी टीम एशेज-2013 में 5-0 से जीत हासिल करे। समाचार पत्र 'गार्जियन' ने एंडरसन के हवाले से लिखा है, "मुझे मेहमान टीम के लिए दया नहीं आती। हम तो यह शृंखला 5-0 से जीतना चाहते हैं। यही कारण है कि हम हर मैच जीतने के लिए अपना पूरा दमखम लगा रहे हैं।" ऑस्ट्रेलिया ने 2006-07 सत्र में इंग्लैंड को 5-0 से हराया था। मौजूदा शृंखला में इंग्लिश टीम ने 2-0 की बढ़त बना रखी है। उसने ट्रेंट ब्रिज टेस्ट 14 रनों से और लार्ड्स टेस्ट 347 रनों से जीता था।टिप्पणियां एंडरसन ने अब तक ग्रीम स्वान के साथ इस शृंखला में सबसे अधिक विकेट लिए हैं। वह चाहते हैं कि तीसरे टेस्ट मैच में उनकी टीम हर हाल में जीत हासिल करे क्योंकि यह मैच उनके घरेलू मैदान ओल्ड ट्रेफर्ड में खेला जाएगा। एंडरसन ने कहा, "निश्चित तौर पर हम इस बात से खुश हैं कि हम अच्छा खेल रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद हम अपने खेल में काफी सुधार कर सकते हैं। आने वाले मैचों में हम इस ओर प्रगति करने का प्रयास करेंगे।" समाचार पत्र 'गार्जियन' ने एंडरसन के हवाले से लिखा है, "मुझे मेहमान टीम के लिए दया नहीं आती। हम तो यह शृंखला 5-0 से जीतना चाहते हैं। यही कारण है कि हम हर मैच जीतने के लिए अपना पूरा दमखम लगा रहे हैं।" ऑस्ट्रेलिया ने 2006-07 सत्र में इंग्लैंड को 5-0 से हराया था। मौजूदा शृंखला में इंग्लिश टीम ने 2-0 की बढ़त बना रखी है। उसने ट्रेंट ब्रिज टेस्ट 14 रनों से और लार्ड्स टेस्ट 347 रनों से जीता था।टिप्पणियां एंडरसन ने अब तक ग्रीम स्वान के साथ इस शृंखला में सबसे अधिक विकेट लिए हैं। वह चाहते हैं कि तीसरे टेस्ट मैच में उनकी टीम हर हाल में जीत हासिल करे क्योंकि यह मैच उनके घरेलू मैदान ओल्ड ट्रेफर्ड में खेला जाएगा। एंडरसन ने कहा, "निश्चित तौर पर हम इस बात से खुश हैं कि हम अच्छा खेल रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद हम अपने खेल में काफी सुधार कर सकते हैं। आने वाले मैचों में हम इस ओर प्रगति करने का प्रयास करेंगे।" ऑस्ट्रेलिया ने 2006-07 सत्र में इंग्लैंड को 5-0 से हराया था। मौजूदा शृंखला में इंग्लिश टीम ने 2-0 की बढ़त बना रखी है। उसने ट्रेंट ब्रिज टेस्ट 14 रनों से और लार्ड्स टेस्ट 347 रनों से जीता था।टिप्पणियां एंडरसन ने अब तक ग्रीम स्वान के साथ इस शृंखला में सबसे अधिक विकेट लिए हैं। वह चाहते हैं कि तीसरे टेस्ट मैच में उनकी टीम हर हाल में जीत हासिल करे क्योंकि यह मैच उनके घरेलू मैदान ओल्ड ट्रेफर्ड में खेला जाएगा। एंडरसन ने कहा, "निश्चित तौर पर हम इस बात से खुश हैं कि हम अच्छा खेल रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद हम अपने खेल में काफी सुधार कर सकते हैं। आने वाले मैचों में हम इस ओर प्रगति करने का प्रयास करेंगे।" एंडरसन ने अब तक ग्रीम स्वान के साथ इस शृंखला में सबसे अधिक विकेट लिए हैं। वह चाहते हैं कि तीसरे टेस्ट मैच में उनकी टीम हर हाल में जीत हासिल करे क्योंकि यह मैच उनके घरेलू मैदान ओल्ड ट्रेफर्ड में खेला जाएगा। एंडरसन ने कहा, "निश्चित तौर पर हम इस बात से खुश हैं कि हम अच्छा खेल रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद हम अपने खेल में काफी सुधार कर सकते हैं। आने वाले मैचों में हम इस ओर प्रगति करने का प्रयास करेंगे।" एंडरसन ने कहा, "निश्चित तौर पर हम इस बात से खुश हैं कि हम अच्छा खेल रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद हम अपने खेल में काफी सुधार कर सकते हैं। आने वाले मैचों में हम इस ओर प्रगति करने का प्रयास करेंगे।"
यहाँ एक सारांश है:इंग्लैंड क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन मौजूदा शृंखला में ऑस्ट्रेलिया के खराब प्रदर्शन पर तरस नहीं खाते। एंडरसन ने कहा है कि वह चाहते हैं कि उनकी टीम एशेज-2013 में 5-0 से जीत हासिल करे।
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादी संगठन के प्रमुख मसूद अजहर की पाकिस्तान में मौत के बारे में सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के बारे में खुफिया एजेंसियां पता लगाने की कोशिश कर रही हैं. अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने कहा कि उन्हें इसके अलावा कोई जानकारी नहीं है कि अजहर का सेना के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है. उसके गुर्दे खराब हो चुके हैं. पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बहावलपुर के रहने वाले अजहर ने 2000 में जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन बनाया था. वर्ष 1999 में तत्कालीन राजग सरकार ने इंडियन एयरलाइन्स के अपहृत विमान आईसी-814 को छुड़ाने के बदलने अजहर को छोड़ दिया था.  50 साल के अजहर पर 2001 के संसद हमले की साजिश रचने का, जम्मू कश्मीर विधानसभा पर आत्मघाती हमले और पठानकोट वायु सेना केंद्र तथा पुलवामा आतंकी हमले की साजिश रचने के भी आरोप हैं. अधिकारियों के अनुसार सोशल मीडिया पर आज व्यापक रूप से इस तरह की खबरें चल रही हैं कि अजहर की मौत हो चुकी है, लेकिन अभी तक इस बारे में कोई पुष्टि नहीं हुई है. पुलवामा आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवानों के शहीद होने के बाद वायु सेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश के आतंकी शिविरों को निशाना बनाया था. सरकार ने आतंकी शिविरों को तबाह करने का दावा करते हुए बड़ी सफलता मिलने की बात कही थी.  उधर, पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने सीएनएन को दिये इंटरव्यू में कहा था कि जैश प्रमुख अजहर पाकिस्तान में है और उसकी सेहत बहुत खराब है. लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अगर भारत ठोस सबूत पेश करे तो पाक सरकार उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है. कुरैशी ने कहा था, "वह मेरी जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान में है. वह इतना बीमार है कि अपने घर से नहीं निकल सकता."
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मसूद अजहर की मौत की खबरों पर पड़ताल जारी खुफिया एजेंसियों कर रही है पड़ताल अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी
19
['hin']
एक सारांश बनाओ: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि गरीबों के राशन की चोरी होती है. राशन की चोरी रोकने के लिए बड़ा कदम हम उठा रहे हैं. सभी दुकानों में पॉइंट ऑफ सेल डिवाइस लगाई जा रही हैं. राशन कार्ड आधार से लिंक होंगे और बायोमेट्रिक प्रोसेस होगा. मुख्यमंत्री केजरीवाल ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 31 मार्च तक सभी दुकानों में यह कवायद होगी. उन्होंने कहा कि गेस्ट टीचर को 17 से 20 हजार मिलता है. यह 32 से 34 हजार किया जा रहा है. उनको पक्का करने का भी काम कर रहे हैं. एलजी के पास इसकी फाइल दोबारा भेजी जा रही है. इससे 17000 टीचरों को फायदा होगा. केजरीवाल ने बताया कि 1000 मोहल्ला क्लिनिक बनाने का टारगेट तय किया गया है. इसकी सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है. सरकारी जगहों पर मोहल्ला क्लिनिक बन जाएंगे. उन्होंने कहा कि ''चार अगस्त के हाई कोर्ट के फैसले से पहले जैसे सरकार चल रही है. कई मामलों में मंजूरी एलजी की नहीं ली गई. लेकिन हमारी नीयत गलत नहीं थी. लेकिन एक-डेढ़ साल के सारे फैसले पलटने की कवायद दुर्भाग्यपूर्ण है.''टिप्पणियां मुख्यमंत्री ने सवाल उठाए कि ''एग्रीकल्चर लैंड का सर्किल बढ़ाने का फैसला पलटने से क्या किसानों से पैसा वापस लिया जाएगा? 8000 क्लास रूम बनाने की मंजूरी नहीं ली तो क्या वे तोड़े जाएंगे? मोहल्ला क्लिनिक तोड़े जाएंगे?'' उन्होंने कहा कि  डीईआरसी के चेयरमैन का अपॉइंटमेंट केंसिल करना, यह तो सही नहीं है. डीईआरसी के अभी तक के फैसलों का क्या होगा? उन्होंने कहा कि ''ट्रांसफर-पोस्टिंग में सरकार की राय नहीं ली जा रही. सरकार की कम से कम राय तो लेनी चाहिए. मनीष सिसोदिया को बुलाया है, वह जाएंगे. जिससे जरूरत पड़ेगी उससे बात करेंगे. अब सरकार सारे फैसले एलजी की मंजूरी से ले रही है. वक्फ बोर्ड के घोटाले हम निकाल रहे थे इसलिए उसे भंग कर दिया गया है.'' मुख्यमंत्री केजरीवाल ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 31 मार्च तक सभी दुकानों में यह कवायद होगी. उन्होंने कहा कि गेस्ट टीचर को 17 से 20 हजार मिलता है. यह 32 से 34 हजार किया जा रहा है. उनको पक्का करने का भी काम कर रहे हैं. एलजी के पास इसकी फाइल दोबारा भेजी जा रही है. इससे 17000 टीचरों को फायदा होगा. केजरीवाल ने बताया कि 1000 मोहल्ला क्लिनिक बनाने का टारगेट तय किया गया है. इसकी सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है. सरकारी जगहों पर मोहल्ला क्लिनिक बन जाएंगे. उन्होंने कहा कि ''चार अगस्त के हाई कोर्ट के फैसले से पहले जैसे सरकार चल रही है. कई मामलों में मंजूरी एलजी की नहीं ली गई. लेकिन हमारी नीयत गलत नहीं थी. लेकिन एक-डेढ़ साल के सारे फैसले पलटने की कवायद दुर्भाग्यपूर्ण है.''टिप्पणियां मुख्यमंत्री ने सवाल उठाए कि ''एग्रीकल्चर लैंड का सर्किल बढ़ाने का फैसला पलटने से क्या किसानों से पैसा वापस लिया जाएगा? 8000 क्लास रूम बनाने की मंजूरी नहीं ली तो क्या वे तोड़े जाएंगे? मोहल्ला क्लिनिक तोड़े जाएंगे?'' उन्होंने कहा कि  डीईआरसी के चेयरमैन का अपॉइंटमेंट केंसिल करना, यह तो सही नहीं है. डीईआरसी के अभी तक के फैसलों का क्या होगा? उन्होंने कहा कि ''ट्रांसफर-पोस्टिंग में सरकार की राय नहीं ली जा रही. सरकार की कम से कम राय तो लेनी चाहिए. मनीष सिसोदिया को बुलाया है, वह जाएंगे. जिससे जरूरत पड़ेगी उससे बात करेंगे. अब सरकार सारे फैसले एलजी की मंजूरी से ले रही है. वक्फ बोर्ड के घोटाले हम निकाल रहे थे इसलिए उसे भंग कर दिया गया है.'' केजरीवाल ने बताया कि 1000 मोहल्ला क्लिनिक बनाने का टारगेट तय किया गया है. इसकी सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है. सरकारी जगहों पर मोहल्ला क्लिनिक बन जाएंगे. उन्होंने कहा कि ''चार अगस्त के हाई कोर्ट के फैसले से पहले जैसे सरकार चल रही है. कई मामलों में मंजूरी एलजी की नहीं ली गई. लेकिन हमारी नीयत गलत नहीं थी. लेकिन एक-डेढ़ साल के सारे फैसले पलटने की कवायद दुर्भाग्यपूर्ण है.''टिप्पणियां मुख्यमंत्री ने सवाल उठाए कि ''एग्रीकल्चर लैंड का सर्किल बढ़ाने का फैसला पलटने से क्या किसानों से पैसा वापस लिया जाएगा? 8000 क्लास रूम बनाने की मंजूरी नहीं ली तो क्या वे तोड़े जाएंगे? मोहल्ला क्लिनिक तोड़े जाएंगे?'' उन्होंने कहा कि  डीईआरसी के चेयरमैन का अपॉइंटमेंट केंसिल करना, यह तो सही नहीं है. डीईआरसी के अभी तक के फैसलों का क्या होगा? उन्होंने कहा कि ''ट्रांसफर-पोस्टिंग में सरकार की राय नहीं ली जा रही. सरकार की कम से कम राय तो लेनी चाहिए. मनीष सिसोदिया को बुलाया है, वह जाएंगे. जिससे जरूरत पड़ेगी उससे बात करेंगे. अब सरकार सारे फैसले एलजी की मंजूरी से ले रही है. वक्फ बोर्ड के घोटाले हम निकाल रहे थे इसलिए उसे भंग कर दिया गया है.'' मुख्यमंत्री ने सवाल उठाए कि ''एग्रीकल्चर लैंड का सर्किल बढ़ाने का फैसला पलटने से क्या किसानों से पैसा वापस लिया जाएगा? 8000 क्लास रूम बनाने की मंजूरी नहीं ली तो क्या वे तोड़े जाएंगे? मोहल्ला क्लिनिक तोड़े जाएंगे?'' उन्होंने कहा कि  डीईआरसी के चेयरमैन का अपॉइंटमेंट केंसिल करना, यह तो सही नहीं है. डीईआरसी के अभी तक के फैसलों का क्या होगा? उन्होंने कहा कि ''ट्रांसफर-पोस्टिंग में सरकार की राय नहीं ली जा रही. सरकार की कम से कम राय तो लेनी चाहिए. मनीष सिसोदिया को बुलाया है, वह जाएंगे. जिससे जरूरत पड़ेगी उससे बात करेंगे. अब सरकार सारे फैसले एलजी की मंजूरी से ले रही है. वक्फ बोर्ड के घोटाले हम निकाल रहे थे इसलिए उसे भंग कर दिया गया है.'' उन्होंने कहा कि ''ट्रांसफर-पोस्टिंग में सरकार की राय नहीं ली जा रही. सरकार की कम से कम राय तो लेनी चाहिए. मनीष सिसोदिया को बुलाया है, वह जाएंगे. जिससे जरूरत पड़ेगी उससे बात करेंगे. अब सरकार सारे फैसले एलजी की मंजूरी से ले रही है. वक्फ बोर्ड के घोटाले हम निकाल रहे थे इसलिए उसे भंग कर दिया गया है.''
सारांश: गरीबों के राशन की चोरी रोकेगी दिल्ली सरकार राशन वितरण के लिए होगी बायोमेट्रिक व्यवस्था गेस्ट टीचर को दिए जाएंगे 32 से 34 हजार रुपये
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली में शनिवार की सुबह इस मौसम में अब तक की सबसे ठंडी सुबह रही, जब पारा ठिठुरकर 3.3 पर आ गिरा। मौसम विभाग ने बताया कि आज का न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री नीचे और कल के छह डिग्री तापमान से काफी नीचे रहा। कल का अधिकतम तापमान अब तक का सबसे कम 19.9 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के सूत्रों का कहना है कि रविवार को क्रिसमस की सुबह पारा और गिरकर दो डिग्री सेल्सियस पर आ सकता है और आज से भी ज्यादा ठंड पड़ सकती है। कल का अधिकतम तापमान भी 19 डिग्री सेल्सियस तक आ जाने का अनुमान है। अभी तक इस मौसम का सबसे ठंडा दिन 16 दिसंबर था, जिस दिन न्यूनतम तापमान गिरकर 4. 7 डिग्री सेल्सियस पर आ गया था और अधिकतम तापमान 21.7 डिग्री पर था। पिछले साल 22 दिसंबर को न्यूनतम तापमान गिरकर 5.2 डिग्री सेल्सियस पर आ गया था। पिछले एक दशक का सबसे कम न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री 12 दिसंबर, 2005 को रिकॉर्ड किया गया था। इसके अलावा सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस 15 दिसंबर, 2003 को रिकॉर्ड किया गया था।
यह एक सारांश है: मौसम विभाग का कहना है कि रविवार को क्रिसमस की सुबह पारा और गिरकर दो डिग्री सेल्सियस पर आ सकता है और आज से भी ज्यादा ठंड पड़ सकती है।
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: हथियार खरीद के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अधीन राष्ट्रीय रक्षा उत्पादन आयोग (एनडीएमसी) के गठन की अनुशंसा की है। इसका कहना है कि इससे देश में कम से कम 10 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष नौकरियों का सृजन होगा। सीआईआई ने बोस्टन कंसलटेंसी ग्रुप के साथ मिलकर एक सर्वेक्षण के बाद सरकार को यह अनुशंसा की है। 'क्रिएटिंग अ वाइब्रेंट डोमेस्टिक डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर' नाम से यह सर्वेक्षण रिपोर्ट सोमवार को जारी की गई। रिपोर्ट में सीआईआई और बोस्टन कंसलटेंसी ग्रुप ने कुछ मामलों में 49 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति देने का प्रस्ताव भी रखा है। साथ ही रक्षा क्षेत्र में निजी भागीदारी को प्रोत्साहन देने के लिए रक्षा उद्योग चैम्पियंस अथवा रक्षा उद्योग रत्न जैसी अवधारणाओं को पुनर्जीवित करने की अनुशंसा भी की। रिपोर्ट जारी करते हुए सीआईआई के राष्ट्रीय रक्षा परिषद के अध्यक्ष व एचसीएल के संस्थापक अजय चौधरी ने कहा कि परमाणु ऊर्जा आयोग तथा अंतरिक्ष आयोग के समान ही एनडीएमसी के गठन की आवश्यकता है, जो पीएमओ के अधीन हो और इसके जरिये पीएमओ सीधे तौर पर देश के रक्षा निर्माण क्षेत्र पर निगरानी रख सके। चौधरी ने कहा, "रक्षा उद्योग रत्न को जल्द से जल्द पुराने स्वरूप में लाया जाना चाहिए।"टिप्पणियां स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट ने मार्च में एक रिपोर्ट में भारत को वर्ष 2007 से 2011 के बीच हथियारों का सबसे बड़ा आयातक बताया है। देश अपनी रक्षा जरूरतों का करीब 70 प्रतिशत वैश्विक बाजार से आयात करता है, जबकि 30 प्रतिशत आवश्यकताओं की पूर्ति घरेलू बाजारों से करता है। रिपोर्ट में अगले 10 साल में घरेलू बाजार से हथियारों की खरीद का प्रतिशत 30 से बढ़ाकर 75 फीसदी करने की अनुशंसा की गई है। इसमें कहा गया गया है कि एनडीएमसी के गठन से देश में कम से कम 10 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष नौकरियों का सृजन होगा, अन्यथा 70 प्रतिशत रक्षा आयात पर खर्च होने वाली करीब 70 अरब डॉलर की राशि से अमेरिका, यूरोप तथा अन्य देशों में नौकरियों का सृजन होगा। सीआईआई ने बोस्टन कंसलटेंसी ग्रुप के साथ मिलकर एक सर्वेक्षण के बाद सरकार को यह अनुशंसा की है। 'क्रिएटिंग अ वाइब्रेंट डोमेस्टिक डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर' नाम से यह सर्वेक्षण रिपोर्ट सोमवार को जारी की गई। रिपोर्ट में सीआईआई और बोस्टन कंसलटेंसी ग्रुप ने कुछ मामलों में 49 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति देने का प्रस्ताव भी रखा है। साथ ही रक्षा क्षेत्र में निजी भागीदारी को प्रोत्साहन देने के लिए रक्षा उद्योग चैम्पियंस अथवा रक्षा उद्योग रत्न जैसी अवधारणाओं को पुनर्जीवित करने की अनुशंसा भी की। रिपोर्ट जारी करते हुए सीआईआई के राष्ट्रीय रक्षा परिषद के अध्यक्ष व एचसीएल के संस्थापक अजय चौधरी ने कहा कि परमाणु ऊर्जा आयोग तथा अंतरिक्ष आयोग के समान ही एनडीएमसी के गठन की आवश्यकता है, जो पीएमओ के अधीन हो और इसके जरिये पीएमओ सीधे तौर पर देश के रक्षा निर्माण क्षेत्र पर निगरानी रख सके। चौधरी ने कहा, "रक्षा उद्योग रत्न को जल्द से जल्द पुराने स्वरूप में लाया जाना चाहिए।"टिप्पणियां स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट ने मार्च में एक रिपोर्ट में भारत को वर्ष 2007 से 2011 के बीच हथियारों का सबसे बड़ा आयातक बताया है। देश अपनी रक्षा जरूरतों का करीब 70 प्रतिशत वैश्विक बाजार से आयात करता है, जबकि 30 प्रतिशत आवश्यकताओं की पूर्ति घरेलू बाजारों से करता है। रिपोर्ट में अगले 10 साल में घरेलू बाजार से हथियारों की खरीद का प्रतिशत 30 से बढ़ाकर 75 फीसदी करने की अनुशंसा की गई है। इसमें कहा गया गया है कि एनडीएमसी के गठन से देश में कम से कम 10 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष नौकरियों का सृजन होगा, अन्यथा 70 प्रतिशत रक्षा आयात पर खर्च होने वाली करीब 70 अरब डॉलर की राशि से अमेरिका, यूरोप तथा अन्य देशों में नौकरियों का सृजन होगा। रिपोर्ट में सीआईआई और बोस्टन कंसलटेंसी ग्रुप ने कुछ मामलों में 49 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति देने का प्रस्ताव भी रखा है। साथ ही रक्षा क्षेत्र में निजी भागीदारी को प्रोत्साहन देने के लिए रक्षा उद्योग चैम्पियंस अथवा रक्षा उद्योग रत्न जैसी अवधारणाओं को पुनर्जीवित करने की अनुशंसा भी की। रिपोर्ट जारी करते हुए सीआईआई के राष्ट्रीय रक्षा परिषद के अध्यक्ष व एचसीएल के संस्थापक अजय चौधरी ने कहा कि परमाणु ऊर्जा आयोग तथा अंतरिक्ष आयोग के समान ही एनडीएमसी के गठन की आवश्यकता है, जो पीएमओ के अधीन हो और इसके जरिये पीएमओ सीधे तौर पर देश के रक्षा निर्माण क्षेत्र पर निगरानी रख सके। चौधरी ने कहा, "रक्षा उद्योग रत्न को जल्द से जल्द पुराने स्वरूप में लाया जाना चाहिए।"टिप्पणियां स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट ने मार्च में एक रिपोर्ट में भारत को वर्ष 2007 से 2011 के बीच हथियारों का सबसे बड़ा आयातक बताया है। देश अपनी रक्षा जरूरतों का करीब 70 प्रतिशत वैश्विक बाजार से आयात करता है, जबकि 30 प्रतिशत आवश्यकताओं की पूर्ति घरेलू बाजारों से करता है। रिपोर्ट में अगले 10 साल में घरेलू बाजार से हथियारों की खरीद का प्रतिशत 30 से बढ़ाकर 75 फीसदी करने की अनुशंसा की गई है। इसमें कहा गया गया है कि एनडीएमसी के गठन से देश में कम से कम 10 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष नौकरियों का सृजन होगा, अन्यथा 70 प्रतिशत रक्षा आयात पर खर्च होने वाली करीब 70 अरब डॉलर की राशि से अमेरिका, यूरोप तथा अन्य देशों में नौकरियों का सृजन होगा। रिपोर्ट जारी करते हुए सीआईआई के राष्ट्रीय रक्षा परिषद के अध्यक्ष व एचसीएल के संस्थापक अजय चौधरी ने कहा कि परमाणु ऊर्जा आयोग तथा अंतरिक्ष आयोग के समान ही एनडीएमसी के गठन की आवश्यकता है, जो पीएमओ के अधीन हो और इसके जरिये पीएमओ सीधे तौर पर देश के रक्षा निर्माण क्षेत्र पर निगरानी रख सके। चौधरी ने कहा, "रक्षा उद्योग रत्न को जल्द से जल्द पुराने स्वरूप में लाया जाना चाहिए।"टिप्पणियां स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट ने मार्च में एक रिपोर्ट में भारत को वर्ष 2007 से 2011 के बीच हथियारों का सबसे बड़ा आयातक बताया है। देश अपनी रक्षा जरूरतों का करीब 70 प्रतिशत वैश्विक बाजार से आयात करता है, जबकि 30 प्रतिशत आवश्यकताओं की पूर्ति घरेलू बाजारों से करता है। रिपोर्ट में अगले 10 साल में घरेलू बाजार से हथियारों की खरीद का प्रतिशत 30 से बढ़ाकर 75 फीसदी करने की अनुशंसा की गई है। इसमें कहा गया गया है कि एनडीएमसी के गठन से देश में कम से कम 10 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष नौकरियों का सृजन होगा, अन्यथा 70 प्रतिशत रक्षा आयात पर खर्च होने वाली करीब 70 अरब डॉलर की राशि से अमेरिका, यूरोप तथा अन्य देशों में नौकरियों का सृजन होगा। चौधरी ने कहा, "रक्षा उद्योग रत्न को जल्द से जल्द पुराने स्वरूप में लाया जाना चाहिए।"टिप्पणियां स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट ने मार्च में एक रिपोर्ट में भारत को वर्ष 2007 से 2011 के बीच हथियारों का सबसे बड़ा आयातक बताया है। देश अपनी रक्षा जरूरतों का करीब 70 प्रतिशत वैश्विक बाजार से आयात करता है, जबकि 30 प्रतिशत आवश्यकताओं की पूर्ति घरेलू बाजारों से करता है। रिपोर्ट में अगले 10 साल में घरेलू बाजार से हथियारों की खरीद का प्रतिशत 30 से बढ़ाकर 75 फीसदी करने की अनुशंसा की गई है। इसमें कहा गया गया है कि एनडीएमसी के गठन से देश में कम से कम 10 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष नौकरियों का सृजन होगा, अन्यथा 70 प्रतिशत रक्षा आयात पर खर्च होने वाली करीब 70 अरब डॉलर की राशि से अमेरिका, यूरोप तथा अन्य देशों में नौकरियों का सृजन होगा। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट ने मार्च में एक रिपोर्ट में भारत को वर्ष 2007 से 2011 के बीच हथियारों का सबसे बड़ा आयातक बताया है। देश अपनी रक्षा जरूरतों का करीब 70 प्रतिशत वैश्विक बाजार से आयात करता है, जबकि 30 प्रतिशत आवश्यकताओं की पूर्ति घरेलू बाजारों से करता है। रिपोर्ट में अगले 10 साल में घरेलू बाजार से हथियारों की खरीद का प्रतिशत 30 से बढ़ाकर 75 फीसदी करने की अनुशंसा की गई है। इसमें कहा गया गया है कि एनडीएमसी के गठन से देश में कम से कम 10 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष नौकरियों का सृजन होगा, अन्यथा 70 प्रतिशत रक्षा आयात पर खर्च होने वाली करीब 70 अरब डॉलर की राशि से अमेरिका, यूरोप तथा अन्य देशों में नौकरियों का सृजन होगा। रिपोर्ट में अगले 10 साल में घरेलू बाजार से हथियारों की खरीद का प्रतिशत 30 से बढ़ाकर 75 फीसदी करने की अनुशंसा की गई है। इसमें कहा गया गया है कि एनडीएमसी के गठन से देश में कम से कम 10 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष नौकरियों का सृजन होगा, अन्यथा 70 प्रतिशत रक्षा आयात पर खर्च होने वाली करीब 70 अरब डॉलर की राशि से अमेरिका, यूरोप तथा अन्य देशों में नौकरियों का सृजन होगा।
यह एक सारांश है: हथियार खरीद के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अधीन राष्ट्रीय रक्षा उत्पादन आयोग (एनडीएमसी) के गठन की अनुशंसा की है।
24
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र में वाशिम जिले के मालेगांव में सोमवार को एक तेंदुए की भूख से मौत हो गई। सुबह कवरधरी इलाके में लोगों ने तेंदुए को कमजोर और असहाय देखा फिर वन-विभाग को सूचना दी। वन कर्मी उसे पकड़कर अकोला के अस्पताल में ले गए लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।   अकोला के डॉ पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय में पशु चिकित्सकों ने लगभग चार घंटे तक उसे बचाने की कोशिश की लेकिन बचा नहीं पाए। इलाके के वन अधिकारी राम खोपड़े ने बताया कवरधरी के शिवार क्षेत्र से हम उसे लेकर आए। पीकेवी के डॉक्टरों ने बहुत मेहनत की लेकिन उसने दम तोड़ दिया।   डॉक्टरों की जांच में पता लगा कि तेंदुआ कई दिनों से भूखा था। खून की जांच में उसके ट्रिपॅनसोमियासिस से ग्रसित होने की बात भी सामने आई। डॉक्टरों ने फौरन ड्रिप चढ़ाना शुरू किया। दो बोतल सलाईन चढ़ने के बाद उसने कुछ हरकत की लेकिन बाद में दम तोड़ दिया।
संक्षिप्त सारांश: अकोला के पशु चिकित्सा अस्पताल में बचाने की कोशिश नाकाम जांच में पता चला कि कई दिनों से भूखा था तेंदुआ वाशिम जिले के मालेगांव में लोगों को मिला था असहाय तेंदुआ
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अनिल अंबानी समूह ने स्पष्ट किया है कि बाजार नियामक सेबी की जांच का निपटान कंपनी की स्वैच्छिक शर्तों पर हुआ है। बाजार नियामक ने रिलायंस इंफ्रा और आरएनआरएल या उसके निदेशकों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है। बाजार नियामक सेबी ने शुक्रवार को समूह की कंपनियों- रिलायंस इंफ्रा और आरएनआरएल के खिलाफ प्रतिभूति बाजार नियमों के संभावित उल्लंघन मामले को शुल्क लेकर निपटाने की घोषणा की थी। इसके साथ ही इन कंपनियों पर 2012 तक शेयर बाजार में निवेश पर रोक लगा दी गई थी। साथ ही अनिल अंबानी सहित कंपनी के निदेशकों पर शेयरों में दिसंबर 2011 तक निवेश करने पर रोक लगाने का फैसला किया गया था। समूह ने शनिवार को कहा कि सेबी ने इन कंपनियों या उनके निदेशकों पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया है और इस मामले को स्वैच्छिक शर्तों के आधार पर निपटाया गया है। रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, कंपनी या उसके निदेशकों पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगा है। जैसा कि सेबी के आदेश में कहा गया है कि यह मामला आपसी सहमति से निपटाया गया है। कंपनी का यह बयान शुक्रवार के सेबी के आदेश के बाद आया है। सेबी ने इन कंपनियों से 50 करोड़ रुपये का शुल्क भरवाकर इनके खिलाफ जांच खत्म करने की घोषणा की थी। समूह ने कहा है कि शर्त के अनुसार, 50 करोड़ रुपये का शुल्क कंपनी के निदेशक ही चुकाएंगे और इससे इन कंपनियों पर किसी तरह का वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। सेबी के आदेश के अनुसार, इन कंपनियों के चेयरमैन अनिल अंबानी और चार अन्य निदेशकों ने कुछ शर्तों के तहत सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में निवेश न करने की पेशकश की थी। ऐसे मामलों को निपटाने के लिए जांच के दायरे वाली कंपनियां मामले को निपटाने के लिए प्रस्ताव रखती हैं और यह सेबी पर निर्भर करता है कि वह इन शर्तों को स्वीकार करे या नहीं। रिलायंस इंफ्रा और आरएनआरएल जहां शेयर बाजार में 2012 तक निवेश नहीं कर सकेंगी, वहीं अनिल अंबानी और अन्य निदेशक दिसंबर, 2011 तक शेयरों में निवेश नहीं कर सकेंगे। हालांकि, इन कंपनियों और अधिकारियों के म्यूचुअल फंड, प्राथमिक बाजार, पुनखर्रीद और खुली पेशकश पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। सेबी के आदेश में जिन अन्य अधिकारियों के नाम शामिल हैं, उनमें रिलायंस इंफ्रा के उपाध्यक्ष सतीश सेठ और तीन निदेशक एससी गुप्ता, ललित जालान और जेपी चलसानी शामिल हैं। यह मामला इन कंपनियों द्वारा अनिल अंबानी समूह की एक अन्य कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस के शेयर सौदों से जुड़ा है। इसके अलावा इन कंपनियों द्वारा विदेशी निवेश नियमों के कथित उल्लंघन की भी जांच की जा रही थी।
यहाँ एक सारांश है:अनिल अंबानी समूह ने स्पष्ट किया है कि बाजार नियामक सेबी की जांच का निपटान कंपनी की स्वैच्छिक शर्तों पर हुआ है।
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: केंद्रीय कारपोरेट मामलों के मंत्री एम. वीरप्पा मोइली ने सोमवार को कहा कि सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम बनाने के समय में जो 'खामियां' रह गई थीं, उन पर विचार करने की जरूरत है। भारतीय वाणिज्य परिसंघ की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री ने कहा, "आरटीआई अधिनियम के कई पहलू हैं। इसका इस्तेमाल ब्लैकमेल करने के लिए नहीं किया जा सकता, बल्कि इसे जनहित में इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इसके निर्माण के समय ही इसमें कुछ खामियां रह गई थीं, जिस पर विचार करने की जरूरत है। इसका अर्थ यह नहीं है कि हमें इसमें संशोधन करने की आवश्यकता है।" उन्होंने कहा, "आरटीआई का इस्तेमाल कुछ राजनीतिक दलों के एजेंडे के लिए नहीं किया जा सकता। कुछ लोगों का एजेंडा निर्माण न होकर विध्वंस है। ऐसे लोग देश को अस्थिर देखना चाहते हैं।" आरटीआई पर राष्ट्रीय बहस का आह्वान करते हुए मोइली ने कहा कि यह देश में सहभागितापूर्ण लोकतंत्र के निर्माण का साधन है। मोइली का बयान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा आरटीआई अधिनियम की 'गहन समीक्षा' की आवश्यकता बताने के तीन दिन बाद आया है। उन्होंने कहा था कि आरटीआई से सरकार के कामकाज में बाधा नहीं आनी चाहिए। नौकरशाही में क्षमता निर्माण की आवश्यकता पर बल देते हुए मोइली ने कहा, "उन्हें (नौकरशाहों को) जानना चाहिए कि आरटीआई की चुनौतियों से कैसे निपटा जाए। मैं समझता हूं कि प्रशासन में इसे लेकर खामी है।" क्षमता निर्माण प्रक्रिया के बारे में पूछे जाने पर मोइली ने कहा, "अधिकारियों को फाइल लिखने के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए। मंत्रियों को भी यह जानना चाहिए कि क्या लिखा जाए और कैसे लिखा जाए।"
संक्षिप्त सारांश: मोइली ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम बनाने के समय में जो 'खामियां' रह गई थीं, उन पर विचार करने की जरूरत है।
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को पूर्व विमान परिचारिका गीतिका शर्मा को खुदकुशी के लिए विवश करने के आरोपी हरियाणा के पूर्व गृह राज्य मंत्री गोपाल गोयल कांडा की पुलिस हिरासत अवधि तीन दिन के लिए बढ़ा दी। इससे पहले अदालत ने कांडा को सात दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेजा था। उसे 18 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था।   पुलिस ने कांडा की हिरासत अवधि और सात दिन बढ़ाने के लिए अर्जी लगाई थी लेकिन महानगर दंडाधिकारी देवेंदर कुमार जांगला ने कांडा से आगे की पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत तीन दिन के लिए बढ़ा दी। पुलिस का कहना था कि गीतिका को फोन और एसएमएस के लिए इस्तेमाल होने वाले तीन फोन की उसे बरामदगी करनी है। इसके साथ ही पुलिस गीतिका को दिए गए कम्पनी के फोन भी बरामद करना चाहती जिसे गीतिका ने नौकरी छोड़ने के बाद कम्पनी को लौटा दिया था। जांचकर्ताओं ने कहा कि ये चारों फोन बरामदगी से ही कॉल डिटेल और एसएमएस का डाटा मिल सकेगा। पुलिस ने कहा कि वह कांडा के दुबई दौरे की भी जांच करना चाहती है क्योंकि उस समय गीतिका दुबई स्थित कम्पनी में ही काम करती थी। इसके अलावा पुलिस पूर्व मंत्री की कम्पनी के कुछ कर्मचारियों के बारे में भी विवरण जुटाना चाहती है। ज्ञात हो कि 23 वर्षीय युवती गीतिका कांडा के स्वामित्व वाली एमडीएलआर एयरलाइंस में विमान परिचारिका रह चुकी थी। यह एयरलाइंस अब बंद हो चुकी है। गीतिका ने दो पन्नों के अपने सुसाइड नोट में कांडा और उनकी कम्पनी की एक अधिकारी अरुणा चड्ढा पर प्रताड़ित कर खुदकुशी के लिए विवश करने का आरोप लगाया था।टिप्पणियां उसने चार-पांच अगस्त की दरम्यानी रात को उत्तरी दिल्ली के अशोक विहार इलाके में स्थित अपने घर में खुदकुशी कर ली थी। कांडा और अरुणा आरोपों को झुठला रहे हैं। उल्लेखनीय है कि दो हफ्ते तक फरार रहने के बाद कांडा ने शनिवार को दिल्ली के एक पुलिस थाने में आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने कांडा की हिरासत अवधि और सात दिन बढ़ाने के लिए अर्जी लगाई थी लेकिन महानगर दंडाधिकारी देवेंदर कुमार जांगला ने कांडा से आगे की पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत तीन दिन के लिए बढ़ा दी। पुलिस का कहना था कि गीतिका को फोन और एसएमएस के लिए इस्तेमाल होने वाले तीन फोन की उसे बरामदगी करनी है। इसके साथ ही पुलिस गीतिका को दिए गए कम्पनी के फोन भी बरामद करना चाहती जिसे गीतिका ने नौकरी छोड़ने के बाद कम्पनी को लौटा दिया था। जांचकर्ताओं ने कहा कि ये चारों फोन बरामदगी से ही कॉल डिटेल और एसएमएस का डाटा मिल सकेगा। पुलिस ने कहा कि वह कांडा के दुबई दौरे की भी जांच करना चाहती है क्योंकि उस समय गीतिका दुबई स्थित कम्पनी में ही काम करती थी। इसके अलावा पुलिस पूर्व मंत्री की कम्पनी के कुछ कर्मचारियों के बारे में भी विवरण जुटाना चाहती है। ज्ञात हो कि 23 वर्षीय युवती गीतिका कांडा के स्वामित्व वाली एमडीएलआर एयरलाइंस में विमान परिचारिका रह चुकी थी। यह एयरलाइंस अब बंद हो चुकी है। गीतिका ने दो पन्नों के अपने सुसाइड नोट में कांडा और उनकी कम्पनी की एक अधिकारी अरुणा चड्ढा पर प्रताड़ित कर खुदकुशी के लिए विवश करने का आरोप लगाया था।टिप्पणियां उसने चार-पांच अगस्त की दरम्यानी रात को उत्तरी दिल्ली के अशोक विहार इलाके में स्थित अपने घर में खुदकुशी कर ली थी। कांडा और अरुणा आरोपों को झुठला रहे हैं। उल्लेखनीय है कि दो हफ्ते तक फरार रहने के बाद कांडा ने शनिवार को दिल्ली के एक पुलिस थाने में आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना था कि गीतिका को फोन और एसएमएस के लिए इस्तेमाल होने वाले तीन फोन की उसे बरामदगी करनी है। इसके साथ ही पुलिस गीतिका को दिए गए कम्पनी के फोन भी बरामद करना चाहती जिसे गीतिका ने नौकरी छोड़ने के बाद कम्पनी को लौटा दिया था। जांचकर्ताओं ने कहा कि ये चारों फोन बरामदगी से ही कॉल डिटेल और एसएमएस का डाटा मिल सकेगा। पुलिस ने कहा कि वह कांडा के दुबई दौरे की भी जांच करना चाहती है क्योंकि उस समय गीतिका दुबई स्थित कम्पनी में ही काम करती थी। इसके अलावा पुलिस पूर्व मंत्री की कम्पनी के कुछ कर्मचारियों के बारे में भी विवरण जुटाना चाहती है। ज्ञात हो कि 23 वर्षीय युवती गीतिका कांडा के स्वामित्व वाली एमडीएलआर एयरलाइंस में विमान परिचारिका रह चुकी थी। यह एयरलाइंस अब बंद हो चुकी है। गीतिका ने दो पन्नों के अपने सुसाइड नोट में कांडा और उनकी कम्पनी की एक अधिकारी अरुणा चड्ढा पर प्रताड़ित कर खुदकुशी के लिए विवश करने का आरोप लगाया था।टिप्पणियां उसने चार-पांच अगस्त की दरम्यानी रात को उत्तरी दिल्ली के अशोक विहार इलाके में स्थित अपने घर में खुदकुशी कर ली थी। कांडा और अरुणा आरोपों को झुठला रहे हैं। उल्लेखनीय है कि दो हफ्ते तक फरार रहने के बाद कांडा ने शनिवार को दिल्ली के एक पुलिस थाने में आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इसके साथ ही पुलिस गीतिका को दिए गए कम्पनी के फोन भी बरामद करना चाहती जिसे गीतिका ने नौकरी छोड़ने के बाद कम्पनी को लौटा दिया था। जांचकर्ताओं ने कहा कि ये चारों फोन बरामदगी से ही कॉल डिटेल और एसएमएस का डाटा मिल सकेगा। पुलिस ने कहा कि वह कांडा के दुबई दौरे की भी जांच करना चाहती है क्योंकि उस समय गीतिका दुबई स्थित कम्पनी में ही काम करती थी। इसके अलावा पुलिस पूर्व मंत्री की कम्पनी के कुछ कर्मचारियों के बारे में भी विवरण जुटाना चाहती है। ज्ञात हो कि 23 वर्षीय युवती गीतिका कांडा के स्वामित्व वाली एमडीएलआर एयरलाइंस में विमान परिचारिका रह चुकी थी। यह एयरलाइंस अब बंद हो चुकी है। गीतिका ने दो पन्नों के अपने सुसाइड नोट में कांडा और उनकी कम्पनी की एक अधिकारी अरुणा चड्ढा पर प्रताड़ित कर खुदकुशी के लिए विवश करने का आरोप लगाया था।टिप्पणियां उसने चार-पांच अगस्त की दरम्यानी रात को उत्तरी दिल्ली के अशोक विहार इलाके में स्थित अपने घर में खुदकुशी कर ली थी। कांडा और अरुणा आरोपों को झुठला रहे हैं। उल्लेखनीय है कि दो हफ्ते तक फरार रहने के बाद कांडा ने शनिवार को दिल्ली के एक पुलिस थाने में आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। जांचकर्ताओं ने कहा कि ये चारों फोन बरामदगी से ही कॉल डिटेल और एसएमएस का डाटा मिल सकेगा। पुलिस ने कहा कि वह कांडा के दुबई दौरे की भी जांच करना चाहती है क्योंकि उस समय गीतिका दुबई स्थित कम्पनी में ही काम करती थी। इसके अलावा पुलिस पूर्व मंत्री की कम्पनी के कुछ कर्मचारियों के बारे में भी विवरण जुटाना चाहती है। ज्ञात हो कि 23 वर्षीय युवती गीतिका कांडा के स्वामित्व वाली एमडीएलआर एयरलाइंस में विमान परिचारिका रह चुकी थी। यह एयरलाइंस अब बंद हो चुकी है। गीतिका ने दो पन्नों के अपने सुसाइड नोट में कांडा और उनकी कम्पनी की एक अधिकारी अरुणा चड्ढा पर प्रताड़ित कर खुदकुशी के लिए विवश करने का आरोप लगाया था।टिप्पणियां उसने चार-पांच अगस्त की दरम्यानी रात को उत्तरी दिल्ली के अशोक विहार इलाके में स्थित अपने घर में खुदकुशी कर ली थी। कांडा और अरुणा आरोपों को झुठला रहे हैं। उल्लेखनीय है कि दो हफ्ते तक फरार रहने के बाद कांडा ने शनिवार को दिल्ली के एक पुलिस थाने में आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। ज्ञात हो कि 23 वर्षीय युवती गीतिका कांडा के स्वामित्व वाली एमडीएलआर एयरलाइंस में विमान परिचारिका रह चुकी थी। यह एयरलाइंस अब बंद हो चुकी है। गीतिका ने दो पन्नों के अपने सुसाइड नोट में कांडा और उनकी कम्पनी की एक अधिकारी अरुणा चड्ढा पर प्रताड़ित कर खुदकुशी के लिए विवश करने का आरोप लगाया था।टिप्पणियां उसने चार-पांच अगस्त की दरम्यानी रात को उत्तरी दिल्ली के अशोक विहार इलाके में स्थित अपने घर में खुदकुशी कर ली थी। कांडा और अरुणा आरोपों को झुठला रहे हैं। उल्लेखनीय है कि दो हफ्ते तक फरार रहने के बाद कांडा ने शनिवार को दिल्ली के एक पुलिस थाने में आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसने चार-पांच अगस्त की दरम्यानी रात को उत्तरी दिल्ली के अशोक विहार इलाके में स्थित अपने घर में खुदकुशी कर ली थी। कांडा और अरुणा आरोपों को झुठला रहे हैं। उल्लेखनीय है कि दो हफ्ते तक फरार रहने के बाद कांडा ने शनिवार को दिल्ली के एक पुलिस थाने में आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उल्लेखनीय है कि दो हफ्ते तक फरार रहने के बाद कांडा ने शनिवार को दिल्ली के एक पुलिस थाने में आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को पूर्व विमान परिचारिका गीतिका शर्मा को खुदकुशी के लिए विवश करने के आरोपी हरियाणा के पूर्व गृह राज्य मंत्री गोपाल गोयल कांडा की पुलिस हिरासत अवधि तीन दिन के लिए बढ़ा दी।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उद्योगपति राहुल बजाज (Rahul Bajaj) के 'डर का माहौल' संबंधी बयान के बाद अब उद्योगपति किरण मजूमदार शॉ (Kiran Mazumdar Shaw) ने बयान दिया है. उन्होंने कहा, 'सरकार को सुझावों के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए, बजाए इसके कि वो केवल अपने समर्थकों की बात को ही सुने.' इससे पहले किरण मजूमदार शॉ ने ट्वीट भी किया था कि इंडिया इंक को अछूत समझ लिया गया है और सरकार आलोचना को पसंद नहीं करती है. बायोकॉन के चेयरमैन ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अमित शाह की सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद भाजपा के विभिन्न नेताओं के बयानों का अनुसरण करना पड़ा, जो सही नहीं हैं. 66 साल की शॉ ने एनडीटीवी से कहा, 'अभी आर्थिक मंदी है. जो संभव है, उसे देखने के लिए उन्हें कई आवाजों को और कई तिमाहियों का अनुसरण करना चाहिए. यदि वे केवल उन आवाजों को सुनते हैं जो उन्हें लगता है कि उनके समर्थक हैं और दूसरों को राष्ट्र-विरोधी या सरकार-विरोधी मानकर नहीं सुनना चाहते हैं, तो हम सभी सुझावों को प्राप्त नहीं करने जा रहे हैं.'  शॉ ने कहा, 'मुझे अभी भी विश्वास है कि वो हमारे साथ आर्म के विस्तार पर डीलिंग कर रहे हैं.' शॉ ने राहुल बजाज को कॉरपोरेट इंडिया की एक मजबूत आवाज के रूप में परिभाषित किया और उन्होंने अमित शाह के जवाब को सरकार की तरफ से एक सही प्रतिक्रिया बताया. शॉ ने सवाल किया कि सरकार की आलोचना को राष्ट्र विरोधी और सरकार विरोधी की तरह क्यों देखा जाता है? शॉ ने कहा, 'इंडिया इंक को राहत मिली कि मिस्टर बजाज ने सवाल किया. मुझे नहीं लगता कि किसी को मिस्टर बजाज पर हमला करना चाहिए. हमें अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करना चाहिए. इसे राजनीतिक प्रवचन नहीं बनाना चाहिए.' शॉ ने यह बयान बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय को संदर्भित करते हुए कही. दरअसल मालवीय ने मिस्टर बजाज का समर्थन करने पर एक राजनीतिक मकसद होने का आरोप लगाया था. जिस पर शॉ ने कहा, 'यह हास्यास्पद है. मैं यूपीए -2 की बेहद अराजनैतिक और आलोचनात्मक हूं.' वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने संसद में उद्योगपति राहुल बजाज (Rahul Bajaj) के गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) से पूछे गए सवाल के संदर्भ में कहा कि मोदी सरकार आलोचनाओं को सुनती है और उसका जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहती है. निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह कहना गलत है कि मोदी सरकार आलोचना नहीं सुनती है. कॉरपोरेट कर में कटौती से जुड़े संशोधन वाले 'कराधान विधि (संशोधन) विधेयक 2019' पर लोकसभा में चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि यह सरकार आलोचना सुनती है और सकारात्मक ढंग से जवाब देती है तथा कदम भी उठाती है.  बता दें कि हालही में उद्योगपति राहुल बजाज ने कहा था कि लोग सरकार की निंदा करने में डरते हैं. बजाज के बयान पर गृह मंत्री अमित शाह ने प्रतिक्रिया भी दी थी.
संक्षिप्त पाठ: उद्योगपति राहुल बजाज के बयान के बाद बोलीं किरण मजूमदार शॉ 'आलोचना को पसंद नहीं करती है सरकार' 'सरकार को सुझावों के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए'
27
['hin']
एक सारांश बनाओ: कांग्रेस आगामी लोकसभा चुनाव में  पश्चिम बंगाल में अकेले ही चुनाव लड़ने जा रही है. इसकी जानकारी पार्टी एक वरिष्ठ नेता ने दी. उन्होंने बताया कि वाम दलों के साथ पार्टी की चल रही बातचीत बेनतीजा रही है. ऐसे में पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव में अकेले ही मैदान में उतरेगी. पश्चिम बंगाल कांग्रेस के लिए एक और ऐसा राज्य हो गया है जहां उसकी सीट बंटवारें को लेकर दूसरी विपक्षी पार्टियों से बात बन पाई है. पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि हमनें अपने तरफ से काफी कोशिशें की लेकिन बात नहीं बन पाई. वहीं सीपीआईएम के स्टेट सेक्रेटरी सूर्यकांत मिश्रा ने कहा कि जब तक कांग्रेस की तरफ से इसे लेकर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आ जाती वह कुछ नहीं कहेंगे. दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने कहा था कि डेढ़ लाख करोड़ रुपये इनकम टैक्स दिल्ली केंद्र को देता है, बदले में सिर्फ 325 करोड़ मिलता है. दिल्ली देश मे दूसरा सबसे ज़्यादा टैक्स देती है. दिल्ली में दो लाख से ज्यादा वैकेंसी हैं, लेकिन निकाल नहीं सकते. दिल्ली पूर्ण राज्य बनेगा तो नए रोजगार, नए कॉलेज की सुविधा होगी. दिल्ली वालों को नौकरी में 85 फीसदी आरक्षण देंगे. अगर पूर्ण राज्य हो तो दिल्ली में इतने स्कूल-कॉलेज खोल देंगे कि किसी को बाहर जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी. अड़चनों के बाद भी हमने अपने हिस्से के खूब काम किए. दिल्ली सरकार के पास पूरी पॉवर नही होगी तो कैसे काम चलेगा' कांग्रेस के साथ गठबंधन पर उन्होंने कहा, 'मीडिया में कांग्रेस की तरफ से लगातार गठबंधन की जानकारी आ रही है. हमारे अंदरूनी सर्वे के मुताबिक पूर्ण राज्य के मुद्दे पर कांग्रेस के साथ जाए बिना सातों सीट जीत रहे हैं.' इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के बाद हमने पूछा कि भाजपा को फायदा होगा या नुकसान? 56 फीसदी लोगों ने कहा कि नुकसान होगा. हम कह रहे हैं कि चुनाव के पहले लफड़ा जरूर करवाएंगे.
सारांश: वाम दलों से हो रही थी सीटों को लेकर बात पार्टी प्रमुख ने किया ऐलान लोकसभा चुनाव को लेकर होना था गठबंधन
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: वैश्विक हथियारों की बिक्री पिछले पांच वर्षों में 1990 के बाद शीर्ष पर है. भारत इस सूची में पहले स्थान पर काबिज है क्योंकि वह दुनिया में सबसे बड़ा हथियार आयातक बन गया है. यानी विदेशों से भारत की हथियार खरीद चीन और पाकिस्तान से अधिक है. स्टॉकहोम के एक थिंकटैंक ने मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में दावा किया. स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीपरी) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार 2012 से 2016 के बीच दुनिया के कुल शस्त्र आयात में भारत की हिस्सेदारी 13 प्रतिशत रही जो सभी देशों में सर्वाधिक है. जानेमाने बौद्धिक संगठन का कहना है, "भारत 2012 से 2016 में बड़े हथियारों का दुनिया का सबसे बड़ा आयातक था और दुनिया के कुल आयात में 13 प्रतिशत हिस्सेदारी उसकी रही." रिपोर्ट के अनुसार 2007-2011 और 2012-16 के बीच भारत का शस्त्र आयात 43 प्रतिशत बढ़ गया और पिछले चार साल में उसकी वैश्विक खरीद उसके क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वियों चीन और पाकिस्तान से कहीं अधिक थी.टिप्पणियां रिपोर्ट में उल्लेख है कि पिछले पांच साल में बड़े हथियारों का व्यापार शीतयुद्ध के बाद से सर्वाधिक हो गया है और इसके लिए पश्चिम एशिया और एशिया में मांग में तेजी मुख्य कारक है. रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादातर खाड़ी देश अपने-अपने क्षेत्रों में युद्धरत हैं और ईरान के साथ उनके संबंध तनावपूर्ण हैं. 2012-16 तक सऊदी अरब में हथियारों का आयात पिछले पांच की तुलना में 212 फीसदी बढ़ गया.   भारत ने अपने पड़ोसी देशों पाकिस्तान और चीन के साथ संबंध बहुत अच्छे नहीं होने के अपनी सैन्य शक्ति मजबूत की है. चूंकि चीन पूरे एशिया में प्रभुत्व जमा रहा है और अरबों डॉलर पाकिस्तान में रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिहाज से निवेश कर रहा है, ऐसे में भारत ने भी अमेरिका और अन्य देशों से से रक्षा सहयोग को मजबूत किया है. जानेमाने बौद्धिक संगठन का कहना है, "भारत 2012 से 2016 में बड़े हथियारों का दुनिया का सबसे बड़ा आयातक था और दुनिया के कुल आयात में 13 प्रतिशत हिस्सेदारी उसकी रही." रिपोर्ट के अनुसार 2007-2011 और 2012-16 के बीच भारत का शस्त्र आयात 43 प्रतिशत बढ़ गया और पिछले चार साल में उसकी वैश्विक खरीद उसके क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वियों चीन और पाकिस्तान से कहीं अधिक थी.टिप्पणियां रिपोर्ट में उल्लेख है कि पिछले पांच साल में बड़े हथियारों का व्यापार शीतयुद्ध के बाद से सर्वाधिक हो गया है और इसके लिए पश्चिम एशिया और एशिया में मांग में तेजी मुख्य कारक है. रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादातर खाड़ी देश अपने-अपने क्षेत्रों में युद्धरत हैं और ईरान के साथ उनके संबंध तनावपूर्ण हैं. 2012-16 तक सऊदी अरब में हथियारों का आयात पिछले पांच की तुलना में 212 फीसदी बढ़ गया.   भारत ने अपने पड़ोसी देशों पाकिस्तान और चीन के साथ संबंध बहुत अच्छे नहीं होने के अपनी सैन्य शक्ति मजबूत की है. चूंकि चीन पूरे एशिया में प्रभुत्व जमा रहा है और अरबों डॉलर पाकिस्तान में रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिहाज से निवेश कर रहा है, ऐसे में भारत ने भी अमेरिका और अन्य देशों से से रक्षा सहयोग को मजबूत किया है. रिपोर्ट में उल्लेख है कि पिछले पांच साल में बड़े हथियारों का व्यापार शीतयुद्ध के बाद से सर्वाधिक हो गया है और इसके लिए पश्चिम एशिया और एशिया में मांग में तेजी मुख्य कारक है. रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादातर खाड़ी देश अपने-अपने क्षेत्रों में युद्धरत हैं और ईरान के साथ उनके संबंध तनावपूर्ण हैं. 2012-16 तक सऊदी अरब में हथियारों का आयात पिछले पांच की तुलना में 212 फीसदी बढ़ गया.   भारत ने अपने पड़ोसी देशों पाकिस्तान और चीन के साथ संबंध बहुत अच्छे नहीं होने के अपनी सैन्य शक्ति मजबूत की है. चूंकि चीन पूरे एशिया में प्रभुत्व जमा रहा है और अरबों डॉलर पाकिस्तान में रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिहाज से निवेश कर रहा है, ऐसे में भारत ने भी अमेरिका और अन्य देशों से से रक्षा सहयोग को मजबूत किया है. भारत ने अपने पड़ोसी देशों पाकिस्तान और चीन के साथ संबंध बहुत अच्छे नहीं होने के अपनी सैन्य शक्ति मजबूत की है. चूंकि चीन पूरे एशिया में प्रभुत्व जमा रहा है और अरबों डॉलर पाकिस्तान में रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिहाज से निवेश कर रहा है, ऐसे में भारत ने भी अमेरिका और अन्य देशों से से रक्षा सहयोग को मजबूत किया है.
यहाँ एक सारांश है:वैश्विक हथियारों की बिक्री पिछले पांच वर्षों में 1990 के बाद शीर्ष पर भारत इस सूची में पहले स्थान पर काबिज हो गया है विदेशों से भारत की शस्त्र खरीद चीन और पाकिस्तान से अधिक है
4
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: निजी क्षेत्र के देश के सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई का एकीकृत शुद्ध लाभ चालूवित्त वर्ष 2012-13 की दूसरी तिमाही में 20 प्रतिशत बढ़कर 2,390.37 करोड़ रुपये रहा। इससे पूर्व वित्तवर्ष 2011-12 की इसी तिमाही में बैंक का शुद्ध लाभ 1,991.68 करोड़ रुपये था।टिप्पणियां आईसीआईसीआई बैंक ने बंबई शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि चालू वित्तवर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान बैंक की कुल आय बढ़कर 18,609.43 करोड़ रुपये रही, जो इससे पूर्व वित्तवर्ष की समान तिमाही में 16,110.61 करोड़ रुपये थी। एकल आधार पर बैंक की शुद्ध आय आलोच्य तिमाही के दौरान 30.13 प्रतिशत बढ़कर 1,956.11 करोड़ रुपये रही, जो इससे पूर्व वित्तवर्ष की इसी तिमाही में 1,503.19 करोड़ रुपये थी। आलोच्य तिमाही के दौरान बैंक की कुल आय 12,069.30 करोड़ रुपये रही, जो इससे पूर्व वित्तवर्ष की इसी तिमाही में 9,897.17 करोड़ रुपये थी। आईसीआईसीआई बैंक ने बंबई शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि चालू वित्तवर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान बैंक की कुल आय बढ़कर 18,609.43 करोड़ रुपये रही, जो इससे पूर्व वित्तवर्ष की समान तिमाही में 16,110.61 करोड़ रुपये थी। एकल आधार पर बैंक की शुद्ध आय आलोच्य तिमाही के दौरान 30.13 प्रतिशत बढ़कर 1,956.11 करोड़ रुपये रही, जो इससे पूर्व वित्तवर्ष की इसी तिमाही में 1,503.19 करोड़ रुपये थी। आलोच्य तिमाही के दौरान बैंक की कुल आय 12,069.30 करोड़ रुपये रही, जो इससे पूर्व वित्तवर्ष की इसी तिमाही में 9,897.17 करोड़ रुपये थी। एकल आधार पर बैंक की शुद्ध आय आलोच्य तिमाही के दौरान 30.13 प्रतिशत बढ़कर 1,956.11 करोड़ रुपये रही, जो इससे पूर्व वित्तवर्ष की इसी तिमाही में 1,503.19 करोड़ रुपये थी। आलोच्य तिमाही के दौरान बैंक की कुल आय 12,069.30 करोड़ रुपये रही, जो इससे पूर्व वित्तवर्ष की इसी तिमाही में 9,897.17 करोड़ रुपये थी।
निजी क्षेत्र के देश के सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई का एकीकृत शुद्ध लाभ चालूवित्त वर्ष 2012-13 की दूसरी तिमाही में 20 प्रतिशत बढ़कर 2,390.37 करोड़ रुपये रहा।
28
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आज महिलाओं का दिन यानी अंतराष्ट्रीय महिला दिवस (Women's Day 2019) है. दुनियाभर में महिला दिवस (Women's Day) मनाया जा रहा है. इस साल की थीम 'बैलेंस फॉर बेटर' है. इस साल इसी थीम पर महिला दिवस (Women's Day 2019) सेलीब्रेट किया जा रहा है. भारत सहित कई देशों में महिलाओं के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. भारत में पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं आगे बढ़ रही हैं. वो अपना मुकाम खुद तय कर रही हैं. आर्ट हो या फिर बिजनेस, सभी क्षेत्रों में भारतीय महिलाएं आगे बढ़ रही हैं. ऐसी ही भारतीय महिला हैं सावित्री जिंदल (Savitri Jindal), जो भारत की सबसे अमीर महिला हैं. उन्होंने बिजनेस सेक्टर में कामयाबी हासिल की है. Forbes की खबर के मुताबिक, सावित्री जिंदल (Savitri Jindal) दुनिया के सबसे अमीर लोगों में 290वें स्थान पर हैं. 8 मार्च 2019 तक उनकी कमाई 6.5 बिलियन डॉलर (4,55,47 करोड़ रुपये) है. भारत के सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में वो 14वें नंबर पर आती हैं. वो जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (Jindal Steel And Power Ltd.) की चेयरपर्सन हैं. जिंदल ग्रुप के फाउंडर उनके पति ओम प्रकाश जिंदल (O.P Jindal) हैं. उनके निधन के बाद वो कंपनी की चेयरपर्सन बनीं. (सावित्री जिंदल के छोटे बेटे नवीन जिंदल.)   उनके पति ओपी. जिंदल की मौत 2005 में हेलीकॉप्टर क्रैश की वजह से हुई थी. सावित्री जिंदल के चार बेटे (पृथ्वीराज, सज्जन, रतन और नवीन जिंदल) हैं. बड़े बेटे पृथ्वीराज जिंदल Jindal SAW Ltd. के चेयरमैन हैं. सज्जन जिंदल JSW Energy के चेयरमैन हैं. रतन सिंह कंपनी के डायरेक्टर हैं और छोटे बेटे नवीन ने 'जिंदल स्टील' की कामन संभाल रखी है.   68 वर्षीय सावित्री जिंदल का जन्म 20 मार्च 1950 को हरियाणा के हिसार में हुआ था. 2005 में उनकी मृत्यु के बाद सावित्री जिंदल ने हिसार की राजनीति में कदम रखा और विधायक बनीं. 2014 लोकसभा चुनाव में सावित्री जिंदल को भाजपा के डॉ. कमल गुप्ता हरा चुके हैं.
संक्षिप्त सारांश: भारत की सबसे अमीर महिला हैं सावित्री जिंदल. फोर्ब्स के मुताबिक, उनकी कमाई 6.5 बिलियन डॉलर (4,55,47 करोड़ रुपये) है. भारत के सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में वो 14वें नंबर पर आती हैं.
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कॉन्ट्रोवर्सियल रियलिटी शो 'बिग बॉस' के 10 सीजनों के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ जब खराब व्यवहार की वजह से घर के दो सदस्यों को बिना नॉमिनेशन के घर से बाहर निकाल दिया गया हो. दिसंबर में सलमान खान ने प्रियंका जग्गा को घर छोड़ने के लिए कहा था वहीं पिछले सप्ताह 'बिग बॉस' ने गार्ड्स भेजकर स्वामी ओम को घर से बाहर निकाला. घर से बाहर निकाले जाने के बाद स्वामी ओम 'बिग बॉस' और शो के होस्ट सलमान खान के बारे में काफी कुछ कह रहे हैं. न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में स्वामी ओम ने दावा किया कि उनके बाहर आने से शो की टीआरपी शून्य हो गई है. इसलिए सलमान खान और शो के मेकर्स उनसे प्रार्थना कर रहे हैं कि वाइल्ड कार्ड प्रतिभागी के तौर पर वह शो में वापस आ जाएं. उन्होंने एएनआई से आगे कहा, 'मैंने कह दिया है कि मैं 10 जनवरी को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में प्रेस कॉन्फ्रेंस ले रहा हूं. सलमान वहां आकर मेरे सामने नाक रगड़कर माफी मांगेंगे तो ही मैं शो पर जाऊंगा.' टिप्पणियां हालांकि घर से बाहर आने के बाद 'बिग बॉस' के लिए दिबांग को दिए इंटरव्यू में स्वामी ओम ने धमकी देते हुए कहा था कि यदि दो हफ्तों के अंदर उन्हें शो में वापस नहीं बुलाया गया तो वह फिनाले नहीं होने देंगे. न्यूज एजेंसी एएनआई से उन्होंने कहा, 'सलमान खान गद्दार हैं, 28 जनवरी को फिनाले में मैं अपने साथ एक लाख लोगों को लेकर जाउंगा और सलमान खान को लाल-पीला होते तक पीटूंगा. मैं सलमान को जान से नहीं मारूंगा क्योंकि मैं उन्हें तड़पाना चाहता हूं.' बताते चलें कि स्वामी ओम 'बिग बॉस 10' के सबसे कुख्यात प्रतिभागी रहे हैं, जिनकी घर के हर सदस्य से लड़ाई हुई, उन्होंने लड़कियों के कपड़ों पर कमेंट किया, बानी जे से कहा कि उनकी मां मर जाए, रोहन मेहरा का टास्क खराब करने की कोशिश की, किचन एरिया में पेशाब किया, वॉशरूम का दरवाजा तोड़ा, घरवालों के सामने कपड़े उतार कर बैठे. अपने क्रिमिनल मामलों की सुनवाई के लिए स्वामी ओम कई बार घर से बाहर भी आए, लेकिन इन सबके बावजूद 'बिग बॉस' ने उन्हें घर में बनाए रखा. लेकिन पिछले सप्ताह बानी जे और स्वामी ओम के बीच हुए कैप्टेंसी टास्क के दौरान स्वामी ओम ने बानी और रोहन मेहरा पर अपना पेशाब डाल दिया जिसके बाद 'बिग बॉस' के सब्र का बांध भी टूट गया और घर के अंदर सिक्युरिटी गार्ड भेजकर उन्होंने स्वामी ओम को घर से बाहर निकाल दिया. घर से बाहर निकाले जाने के बाद स्वामी ओम 'बिग बॉस' और शो के होस्ट सलमान खान के बारे में काफी कुछ कह रहे हैं. न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में स्वामी ओम ने दावा किया कि उनके बाहर आने से शो की टीआरपी शून्य हो गई है. इसलिए सलमान खान और शो के मेकर्स उनसे प्रार्थना कर रहे हैं कि वाइल्ड कार्ड प्रतिभागी के तौर पर वह शो में वापस आ जाएं. उन्होंने एएनआई से आगे कहा, 'मैंने कह दिया है कि मैं 10 जनवरी को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में प्रेस कॉन्फ्रेंस ले रहा हूं. सलमान वहां आकर मेरे सामने नाक रगड़कर माफी मांगेंगे तो ही मैं शो पर जाऊंगा.' टिप्पणियां हालांकि घर से बाहर आने के बाद 'बिग बॉस' के लिए दिबांग को दिए इंटरव्यू में स्वामी ओम ने धमकी देते हुए कहा था कि यदि दो हफ्तों के अंदर उन्हें शो में वापस नहीं बुलाया गया तो वह फिनाले नहीं होने देंगे. न्यूज एजेंसी एएनआई से उन्होंने कहा, 'सलमान खान गद्दार हैं, 28 जनवरी को फिनाले में मैं अपने साथ एक लाख लोगों को लेकर जाउंगा और सलमान खान को लाल-पीला होते तक पीटूंगा. मैं सलमान को जान से नहीं मारूंगा क्योंकि मैं उन्हें तड़पाना चाहता हूं.' बताते चलें कि स्वामी ओम 'बिग बॉस 10' के सबसे कुख्यात प्रतिभागी रहे हैं, जिनकी घर के हर सदस्य से लड़ाई हुई, उन्होंने लड़कियों के कपड़ों पर कमेंट किया, बानी जे से कहा कि उनकी मां मर जाए, रोहन मेहरा का टास्क खराब करने की कोशिश की, किचन एरिया में पेशाब किया, वॉशरूम का दरवाजा तोड़ा, घरवालों के सामने कपड़े उतार कर बैठे. अपने क्रिमिनल मामलों की सुनवाई के लिए स्वामी ओम कई बार घर से बाहर भी आए, लेकिन इन सबके बावजूद 'बिग बॉस' ने उन्हें घर में बनाए रखा. लेकिन पिछले सप्ताह बानी जे और स्वामी ओम के बीच हुए कैप्टेंसी टास्क के दौरान स्वामी ओम ने बानी और रोहन मेहरा पर अपना पेशाब डाल दिया जिसके बाद 'बिग बॉस' के सब्र का बांध भी टूट गया और घर के अंदर सिक्युरिटी गार्ड भेजकर उन्होंने स्वामी ओम को घर से बाहर निकाल दिया. उन्होंने एएनआई से आगे कहा, 'मैंने कह दिया है कि मैं 10 जनवरी को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में प्रेस कॉन्फ्रेंस ले रहा हूं. सलमान वहां आकर मेरे सामने नाक रगड़कर माफी मांगेंगे तो ही मैं शो पर जाऊंगा.' टिप्पणियां हालांकि घर से बाहर आने के बाद 'बिग बॉस' के लिए दिबांग को दिए इंटरव्यू में स्वामी ओम ने धमकी देते हुए कहा था कि यदि दो हफ्तों के अंदर उन्हें शो में वापस नहीं बुलाया गया तो वह फिनाले नहीं होने देंगे. न्यूज एजेंसी एएनआई से उन्होंने कहा, 'सलमान खान गद्दार हैं, 28 जनवरी को फिनाले में मैं अपने साथ एक लाख लोगों को लेकर जाउंगा और सलमान खान को लाल-पीला होते तक पीटूंगा. मैं सलमान को जान से नहीं मारूंगा क्योंकि मैं उन्हें तड़पाना चाहता हूं.' बताते चलें कि स्वामी ओम 'बिग बॉस 10' के सबसे कुख्यात प्रतिभागी रहे हैं, जिनकी घर के हर सदस्य से लड़ाई हुई, उन्होंने लड़कियों के कपड़ों पर कमेंट किया, बानी जे से कहा कि उनकी मां मर जाए, रोहन मेहरा का टास्क खराब करने की कोशिश की, किचन एरिया में पेशाब किया, वॉशरूम का दरवाजा तोड़ा, घरवालों के सामने कपड़े उतार कर बैठे. अपने क्रिमिनल मामलों की सुनवाई के लिए स्वामी ओम कई बार घर से बाहर भी आए, लेकिन इन सबके बावजूद 'बिग बॉस' ने उन्हें घर में बनाए रखा. लेकिन पिछले सप्ताह बानी जे और स्वामी ओम के बीच हुए कैप्टेंसी टास्क के दौरान स्वामी ओम ने बानी और रोहन मेहरा पर अपना पेशाब डाल दिया जिसके बाद 'बिग बॉस' के सब्र का बांध भी टूट गया और घर के अंदर सिक्युरिटी गार्ड भेजकर उन्होंने स्वामी ओम को घर से बाहर निकाल दिया. हालांकि घर से बाहर आने के बाद 'बिग बॉस' के लिए दिबांग को दिए इंटरव्यू में स्वामी ओम ने धमकी देते हुए कहा था कि यदि दो हफ्तों के अंदर उन्हें शो में वापस नहीं बुलाया गया तो वह फिनाले नहीं होने देंगे. न्यूज एजेंसी एएनआई से उन्होंने कहा, 'सलमान खान गद्दार हैं, 28 जनवरी को फिनाले में मैं अपने साथ एक लाख लोगों को लेकर जाउंगा और सलमान खान को लाल-पीला होते तक पीटूंगा. मैं सलमान को जान से नहीं मारूंगा क्योंकि मैं उन्हें तड़पाना चाहता हूं.' बताते चलें कि स्वामी ओम 'बिग बॉस 10' के सबसे कुख्यात प्रतिभागी रहे हैं, जिनकी घर के हर सदस्य से लड़ाई हुई, उन्होंने लड़कियों के कपड़ों पर कमेंट किया, बानी जे से कहा कि उनकी मां मर जाए, रोहन मेहरा का टास्क खराब करने की कोशिश की, किचन एरिया में पेशाब किया, वॉशरूम का दरवाजा तोड़ा, घरवालों के सामने कपड़े उतार कर बैठे. अपने क्रिमिनल मामलों की सुनवाई के लिए स्वामी ओम कई बार घर से बाहर भी आए, लेकिन इन सबके बावजूद 'बिग बॉस' ने उन्हें घर में बनाए रखा. लेकिन पिछले सप्ताह बानी जे और स्वामी ओम के बीच हुए कैप्टेंसी टास्क के दौरान स्वामी ओम ने बानी और रोहन मेहरा पर अपना पेशाब डाल दिया जिसके बाद 'बिग बॉस' के सब्र का बांध भी टूट गया और घर के अंदर सिक्युरिटी गार्ड भेजकर उन्होंने स्वामी ओम को घर से बाहर निकाल दिया. बताते चलें कि स्वामी ओम 'बिग बॉस 10' के सबसे कुख्यात प्रतिभागी रहे हैं, जिनकी घर के हर सदस्य से लड़ाई हुई, उन्होंने लड़कियों के कपड़ों पर कमेंट किया, बानी जे से कहा कि उनकी मां मर जाए, रोहन मेहरा का टास्क खराब करने की कोशिश की, किचन एरिया में पेशाब किया, वॉशरूम का दरवाजा तोड़ा, घरवालों के सामने कपड़े उतार कर बैठे. अपने क्रिमिनल मामलों की सुनवाई के लिए स्वामी ओम कई बार घर से बाहर भी आए, लेकिन इन सबके बावजूद 'बिग बॉस' ने उन्हें घर में बनाए रखा. लेकिन पिछले सप्ताह बानी जे और स्वामी ओम के बीच हुए कैप्टेंसी टास्क के दौरान स्वामी ओम ने बानी और रोहन मेहरा पर अपना पेशाब डाल दिया जिसके बाद 'बिग बॉस' के सब्र का बांध भी टूट गया और घर के अंदर सिक्युरिटी गार्ड भेजकर उन्होंने स्वामी ओम को घर से बाहर निकाल दिया.
पिछले सप्ताह स्वामी ओम को 'बिग बॉस' के घर से निकाला गया था बाहर. टास्क के दौरान निंदनीय हरकत की वजह से 'बिग बॉस' ने दी कड़ी सजा. स्वामी ओम ने दी शो का फिनाले नहीं होने देने की धमकी.
34
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत की विकास दर इस साल 5.5 फीसदी से 6.5 फीसदी के बीच रहेगी। यह कहना है वित्त मंत्रालय के चीफ इकनॉमिक एडवाइजर रघुराम राजन का।टिप्पणियां एनडीटीवी से खास बातचीत में रघुराम ने कहा कि देश में हो रहे निवेश में लगातार कमी आ रही है, जिसकी वजह से विकास की रफ्तार उतनी तेज नहीं हो पा रही है, जितनी की उम्मीद की जा रही थी। साथ ही उन्होंने कहा कि जहां तक विकास की रफ्तार की बात है तो यह 8 से 9 फीसदी के बीच रहने का अनुमान है। इसमें अभी कुछ सालों का वक्त लग सकता है। एनडीटीवी से खास बातचीत में रघुराम ने कहा कि देश में हो रहे निवेश में लगातार कमी आ रही है, जिसकी वजह से विकास की रफ्तार उतनी तेज नहीं हो पा रही है, जितनी की उम्मीद की जा रही थी। साथ ही उन्होंने कहा कि जहां तक विकास की रफ्तार की बात है तो यह 8 से 9 फीसदी के बीच रहने का अनुमान है। इसमें अभी कुछ सालों का वक्त लग सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि जहां तक विकास की रफ्तार की बात है तो यह 8 से 9 फीसदी के बीच रहने का अनुमान है। इसमें अभी कुछ सालों का वक्त लग सकता है।
भारत की विकास दर इस साल 5.5 फीसदी से 6.5 फीसदी के बीच रहेगी। यह कहना है वित्त मंत्रालय के चीफ इकनॉमिक एडवाइजर रघुराम राजन का।
28
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान में अगर एक यातायात पुलिसकर्मी ने थोड़ी मुश्तैदी दिखाई होती तो दुनिया के सबसे खूंखार दहशतगर्द ओसामा बिन लादेन को आठ साल पहले ही गिरफ्त में ले लिया जाता क्योंकि ओसामा उस कार में सवार था जिसे तेज रफ्तार की वजह से रोका गया था। कार को जब रोका गया तो ओसामा के भरोसेमंद व्यक्ति ने तत्काल मामले को संभाल लिया और अल कायदा का तत्कालीन सरगना पुलिस की गिरफ्त में आने से पहले ही निकल लिया।टिप्पणियां यह खुलासा पाकिस्तान में अल कायदा के सदस्य रहे इब्राहीम की पत्नी मरियम ने किया है। उसने बताया कि स्वात में किस तरह ओसामा पुलिस की आंखों से बच गया था। ऐबटाबाद आयोग की रिपोर्ट में मरियम के हवाले से कहा गया है, ‘उसने बताया कि लंबे कद वाले अरबी (ओसामा) और उसके परिवार को स्वात के एक बाजार में रोका गया था। तेज रफ्तार कार में बैठे इन लोगों को एक पुलिसकर्मी ने रोका था।’ परंतु इब्राहीम ने तत्काल मामले में दखल दिया और कार में बैठे ओसामा पर पुलिसकर्मी की नजर नहीं पड़ी। कार को जब रोका गया तो ओसामा के भरोसेमंद व्यक्ति ने तत्काल मामले को संभाल लिया और अल कायदा का तत्कालीन सरगना पुलिस की गिरफ्त में आने से पहले ही निकल लिया।टिप्पणियां यह खुलासा पाकिस्तान में अल कायदा के सदस्य रहे इब्राहीम की पत्नी मरियम ने किया है। उसने बताया कि स्वात में किस तरह ओसामा पुलिस की आंखों से बच गया था। ऐबटाबाद आयोग की रिपोर्ट में मरियम के हवाले से कहा गया है, ‘उसने बताया कि लंबे कद वाले अरबी (ओसामा) और उसके परिवार को स्वात के एक बाजार में रोका गया था। तेज रफ्तार कार में बैठे इन लोगों को एक पुलिसकर्मी ने रोका था।’ परंतु इब्राहीम ने तत्काल मामले में दखल दिया और कार में बैठे ओसामा पर पुलिसकर्मी की नजर नहीं पड़ी। यह खुलासा पाकिस्तान में अल कायदा के सदस्य रहे इब्राहीम की पत्नी मरियम ने किया है। उसने बताया कि स्वात में किस तरह ओसामा पुलिस की आंखों से बच गया था। ऐबटाबाद आयोग की रिपोर्ट में मरियम के हवाले से कहा गया है, ‘उसने बताया कि लंबे कद वाले अरबी (ओसामा) और उसके परिवार को स्वात के एक बाजार में रोका गया था। तेज रफ्तार कार में बैठे इन लोगों को एक पुलिसकर्मी ने रोका था।’ परंतु इब्राहीम ने तत्काल मामले में दखल दिया और कार में बैठे ओसामा पर पुलिसकर्मी की नजर नहीं पड़ी। ऐबटाबाद आयोग की रिपोर्ट में मरियम के हवाले से कहा गया है, ‘उसने बताया कि लंबे कद वाले अरबी (ओसामा) और उसके परिवार को स्वात के एक बाजार में रोका गया था। तेज रफ्तार कार में बैठे इन लोगों को एक पुलिसकर्मी ने रोका था।’ परंतु इब्राहीम ने तत्काल मामले में दखल दिया और कार में बैठे ओसामा पर पुलिसकर्मी की नजर नहीं पड़ी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तान में अगर एक यातायात पुलिसकर्मी ने थोड़ी मुश्तैदी दिखाई होती तो दुनिया के सबसे खूंखार दहशतगर्द ओसामा बिन लादेन को आठ साल पहले ही गिरफ्त में ले लिया जाता क्योंकि ओसामा उस कार में सवार था जिसे तेज रफ्तार की वजह से रोका गया था।
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: रिजर्व बैंक गवर्नर डी. सुब्बाराव ने कहा है कि दुनिया में मंदी के बाद एक मंदी का खतरा फिर खड़ा हो गया है, ऐसे में केन्द्रीय बैंकों पर वैश्विक आर्थिक समस्याओं से निपटने की जिम्मेदारी होगी। न्यूयार्क विश्वविद्यालय के स्टर्न स्कूल ऑफ बिजनेस में एक कार्यक्रम में सुब्बाराव ने कहा मंदी से निपटने की जिम्मेदारी केन्द्रीय बैंकों पर होगी। मौद्रिक प्रोत्साहनों के जरिए इस स्थिति उन्हें निपटना होगा। पिछले कुछ महीनों के दौरान मंदी एक बार फिर दिखने लगी है, विकसित देशों में सरकारें नीतिगत जाम की स्थिति में फंसी हैं। वह अल्पकालिक वित्तीय प्रोत्साहनों और दीर्घकालिक वित्तीय मजबूती के बीच संतुलन बिठाने में पसोपेश की स्थिति में हैं। सुब्बाराव ने कहा कि यह संकट बुद्धीजीवियों के समक्ष कई मामलों में चुनौती के समान है। मेरा अपना अनुभव रहा है कि दुनिया की वास्तविक समस्याएं पढ़ने वाली किताबों के समाधान से कहीं ज्यादा जटिल हैं। रिजर्व बैंक गवर्नर ने इससे पहले अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की बैठक में कहा, समय हाथ से निकला जा रहा है और इसके साथ ही समस्याओं के निदान भी नहीं सूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूरो क्षेत्र में सरकारी ऋण का संकट काफी गहरा रहा है। इसके साथ ही अमेरिका को भी आर्थिक संकट सता रहा है इससे पूरी दुनिया काफी दबाव में है। दोनों अपने आप में काफी बड़ा जोखिम हैं। यदि दोनों ही संकट साथ-साथ बढ़ते हैं तो व्यापार, वित्त और विश्वास के मामले में व्यापक प्रभाव पड़ेगा। रिजर्व बैंक गवर्नर विश्व बैंक और आईएमएफ की बैठकों में भाग लेने के लिए अमेरिका में हैं।
संक्षिप्त पाठ: सुब्बाराव ने कहा कि दुनिया में मंदी का खतरा फिर खड़ा हो गया है। ऐसे में केन्द्रीय बैंकों पर वैश्विक आर्थिक समस्याओं से निपटने की जिम्मेदारी होगी।
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पिछले कई दिनों से जारी अटकलों के बाद अब यह साफ हो गया है कि पाकिस्तान की महिला टीम क्रिकेट विश्वकप में भाग लेने के लिए भारत आएगी और उनके मैच कटक में आयोजित होंगे। सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि पाकिस्तान की टीम ग्रुप बी के सारे मुकाबले कटक में खेलेगी, जबकि ग्रुप ए के मैच मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम में खेले जाएंगे। यह टूर्नामेंट 31 जनवरी से शुरू हो रहा है। इससे पूर्व, बीसीसीआई ने कहा था कि टूर्नामेंट के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे। बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा था कि हम संबंधित राज्यों से बातचीत कर रहे हैं। सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि पाकिस्तान की टीम ग्रुप बी के सारे मुकाबले कटक में खेलेगी, जबकि ग्रुप ए के मैच मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम में खेले जाएंगे। यह टूर्नामेंट 31 जनवरी से शुरू हो रहा है। इससे पूर्व, बीसीसीआई ने कहा था कि टूर्नामेंट के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे। बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा था कि हम संबंधित राज्यों से बातचीत कर रहे हैं।
पिछले कई दिनों से जारी अटकलों के बाद अब यह साफ हो गया है कि पाकिस्तान की महिला टीम क्रिकेट विश्वकप में भाग लेने के लिए भारत आएगी और उनके मैच कटक में आयोजित होंगे।
1
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भाजपा की सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को छोटी-छोटी चीजें नहीं मिल रही हैं. बीमार लोगों को दवा नहीं मिल रही है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को तो बस उत्तर प्रदेश का चुनाव दिख रहा है. मुलायम ने कहा कि भाजपा को जनता की कोई परवाह नहीं है. ये लोग किसी भी कीमत पर उत्तर प्रदेश के चुनाव में जीत चाहते हैं. उन्होंने कहा कि नोट बंद होने से कल एक महिला की सदमे में मौत हो गई. आम जनता को जरूरत का सामान नहीं मिल रहा. देश की पूरी जनता इस समय बेहद परेशान है. उन्होंने कहा कि भाजपा ने काला धन वापस लाने का वादा पूरा नहीं किया तो भारत में ही नोट बंद करा दिए. कालाधन को लेकर भाजपा ने झूठ बोला था. इन लोगों ने कालाधन देश में वापस लाने का वादा किया था. सपा अध्यक्ष ने कहा, हम भी चाहते हैं कि चुनाव में काला धन न लगे. काला धन की लड़ाई सपा ने लड़ी. काला धन के खिलाफ हम भी हैं. एकाएक मोदी ने नोट बंद किए, यह ठीक नहीं है. नोट बंद होने से सोने के दाम बहुत बढ़े. सोने का दाम 30 से 45 हजार रुपये तोला हो गया. हालांकि यूपी महागठबंधन बनाने को लेकर 'जनता परिवार' के नेताओं में बातचीत के बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को कहा कि सत्ताधारी सपा अपने दम पर चुनाव लड़ सकती है, लेकिन गठबंधन करने से 300 सीटें हासिल हो सकती हैं.टिप्पणियां अखिलेश ने हालांकि कहा कि गठबंधन बनाना आसान नहीं है. उन्होंने कहा, 'नेताजी का अनुभव लंबा है. जो लोग गठबंधन से जुड़ना चाहते हैं, वे नेताजी से दूर भी रहे हैं और पास भी रहे हैं.' कांग्रेस के चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) के साथ मुलाकात के बारे में अखिलेश ने कहा कि पीके ने उनसे मिलने का समय मांगा था, उन्हें समय दे दिया ताकि कोई यह ना कहने पाए कि उनसे मिला नहीं. बैठक बढ़िया रही. (इनपुट्स एजेंसी से भी) उन्होंने कहा कि नोट बंद होने से कल एक महिला की सदमे में मौत हो गई. आम जनता को जरूरत का सामान नहीं मिल रहा. देश की पूरी जनता इस समय बेहद परेशान है. उन्होंने कहा कि भाजपा ने काला धन वापस लाने का वादा पूरा नहीं किया तो भारत में ही नोट बंद करा दिए. कालाधन को लेकर भाजपा ने झूठ बोला था. इन लोगों ने कालाधन देश में वापस लाने का वादा किया था. सपा अध्यक्ष ने कहा, हम भी चाहते हैं कि चुनाव में काला धन न लगे. काला धन की लड़ाई सपा ने लड़ी. काला धन के खिलाफ हम भी हैं. एकाएक मोदी ने नोट बंद किए, यह ठीक नहीं है. नोट बंद होने से सोने के दाम बहुत बढ़े. सोने का दाम 30 से 45 हजार रुपये तोला हो गया. हालांकि यूपी महागठबंधन बनाने को लेकर 'जनता परिवार' के नेताओं में बातचीत के बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को कहा कि सत्ताधारी सपा अपने दम पर चुनाव लड़ सकती है, लेकिन गठबंधन करने से 300 सीटें हासिल हो सकती हैं.टिप्पणियां अखिलेश ने हालांकि कहा कि गठबंधन बनाना आसान नहीं है. उन्होंने कहा, 'नेताजी का अनुभव लंबा है. जो लोग गठबंधन से जुड़ना चाहते हैं, वे नेताजी से दूर भी रहे हैं और पास भी रहे हैं.' कांग्रेस के चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) के साथ मुलाकात के बारे में अखिलेश ने कहा कि पीके ने उनसे मिलने का समय मांगा था, उन्हें समय दे दिया ताकि कोई यह ना कहने पाए कि उनसे मिला नहीं. बैठक बढ़िया रही. (इनपुट्स एजेंसी से भी) उन्होंने कहा कि भाजपा ने काला धन वापस लाने का वादा पूरा नहीं किया तो भारत में ही नोट बंद करा दिए. कालाधन को लेकर भाजपा ने झूठ बोला था. इन लोगों ने कालाधन देश में वापस लाने का वादा किया था. सपा अध्यक्ष ने कहा, हम भी चाहते हैं कि चुनाव में काला धन न लगे. काला धन की लड़ाई सपा ने लड़ी. काला धन के खिलाफ हम भी हैं. एकाएक मोदी ने नोट बंद किए, यह ठीक नहीं है. नोट बंद होने से सोने के दाम बहुत बढ़े. सोने का दाम 30 से 45 हजार रुपये तोला हो गया. हालांकि यूपी महागठबंधन बनाने को लेकर 'जनता परिवार' के नेताओं में बातचीत के बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को कहा कि सत्ताधारी सपा अपने दम पर चुनाव लड़ सकती है, लेकिन गठबंधन करने से 300 सीटें हासिल हो सकती हैं.टिप्पणियां अखिलेश ने हालांकि कहा कि गठबंधन बनाना आसान नहीं है. उन्होंने कहा, 'नेताजी का अनुभव लंबा है. जो लोग गठबंधन से जुड़ना चाहते हैं, वे नेताजी से दूर भी रहे हैं और पास भी रहे हैं.' कांग्रेस के चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) के साथ मुलाकात के बारे में अखिलेश ने कहा कि पीके ने उनसे मिलने का समय मांगा था, उन्हें समय दे दिया ताकि कोई यह ना कहने पाए कि उनसे मिला नहीं. बैठक बढ़िया रही. (इनपुट्स एजेंसी से भी) सपा अध्यक्ष ने कहा, हम भी चाहते हैं कि चुनाव में काला धन न लगे. काला धन की लड़ाई सपा ने लड़ी. काला धन के खिलाफ हम भी हैं. एकाएक मोदी ने नोट बंद किए, यह ठीक नहीं है. नोट बंद होने से सोने के दाम बहुत बढ़े. सोने का दाम 30 से 45 हजार रुपये तोला हो गया. हालांकि यूपी महागठबंधन बनाने को लेकर 'जनता परिवार' के नेताओं में बातचीत के बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को कहा कि सत्ताधारी सपा अपने दम पर चुनाव लड़ सकती है, लेकिन गठबंधन करने से 300 सीटें हासिल हो सकती हैं.टिप्पणियां अखिलेश ने हालांकि कहा कि गठबंधन बनाना आसान नहीं है. उन्होंने कहा, 'नेताजी का अनुभव लंबा है. जो लोग गठबंधन से जुड़ना चाहते हैं, वे नेताजी से दूर भी रहे हैं और पास भी रहे हैं.' कांग्रेस के चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) के साथ मुलाकात के बारे में अखिलेश ने कहा कि पीके ने उनसे मिलने का समय मांगा था, उन्हें समय दे दिया ताकि कोई यह ना कहने पाए कि उनसे मिला नहीं. बैठक बढ़िया रही. (इनपुट्स एजेंसी से भी) हालांकि यूपी महागठबंधन बनाने को लेकर 'जनता परिवार' के नेताओं में बातचीत के बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को कहा कि सत्ताधारी सपा अपने दम पर चुनाव लड़ सकती है, लेकिन गठबंधन करने से 300 सीटें हासिल हो सकती हैं.टिप्पणियां अखिलेश ने हालांकि कहा कि गठबंधन बनाना आसान नहीं है. उन्होंने कहा, 'नेताजी का अनुभव लंबा है. जो लोग गठबंधन से जुड़ना चाहते हैं, वे नेताजी से दूर भी रहे हैं और पास भी रहे हैं.' कांग्रेस के चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) के साथ मुलाकात के बारे में अखिलेश ने कहा कि पीके ने उनसे मिलने का समय मांगा था, उन्हें समय दे दिया ताकि कोई यह ना कहने पाए कि उनसे मिला नहीं. बैठक बढ़िया रही. (इनपुट्स एजेंसी से भी) अखिलेश ने हालांकि कहा कि गठबंधन बनाना आसान नहीं है. उन्होंने कहा, 'नेताजी का अनुभव लंबा है. जो लोग गठबंधन से जुड़ना चाहते हैं, वे नेताजी से दूर भी रहे हैं और पास भी रहे हैं.' कांग्रेस के चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) के साथ मुलाकात के बारे में अखिलेश ने कहा कि पीके ने उनसे मिलने का समय मांगा था, उन्हें समय दे दिया ताकि कोई यह ना कहने पाए कि उनसे मिला नहीं. बैठक बढ़िया रही. (इनपुट्स एजेंसी से भी) (इनपुट्स एजेंसी से भी)
संक्षिप्त सारांश: बीजेपी को सिर्फ आने वाला चुनाव दिख रहा है नोटबंदी से पूरे देश में अराजकता का माहौल है हफ्ते या 10 दिन के लिए यह फैसला वापस होना चाहिए
23
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार बेचैनी की शिकायत होने के बाद अपनी सांगली यात्रा बीच में ही छोड़कर आराम करने पुणे आ गए। राकांपा सूत्रों ने बताया कि सांगली जाने के दौरान कोल्हापुर में पवार को बेचैनी महसूस हुई। स्थानीय चिकित्सकों ने उनकी स्वास्थ्य जांच की और पूरी तरह से आराम करने की सलाह दी। दिक्कत होने के बाद वह हेलीकॉप्टर से पुणे पहुंचे और फिर शिवाजीनगर स्थित अपने आवास चले गए। सूत्रों ने बताया है कि राकांपा अध्यक्ष शहर आने के बाद चलकर अपनी कार तक गए और चिंता करने की कोई बात नहीं है। पवार को सांगली में सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के साथ एक कार्यक्रम को संबोधित करना था। पार्टी प्रवक्ता नबाव मलिक ने कहा कि पवार का स्वास्थ्य ठीक है और वह पुणे में अपने अवास पर आराम कर रहे हैं। टिप्पणियां पार्टी प्रवक्ता अंकुश काकडे ने कहा, ‘पवार शिवाजीनगर इलाके में अपने घर में आराम कर रहे हैं और उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है।' पाटी सूत्रों ने बताया कि पवार को शर्करा स्तर में कमी की शिकायत रही है। वह सोमवार को बेंगलुरु रवाना होंगे। राकांपा सूत्रों ने बताया कि सांगली जाने के दौरान कोल्हापुर में पवार को बेचैनी महसूस हुई। स्थानीय चिकित्सकों ने उनकी स्वास्थ्य जांच की और पूरी तरह से आराम करने की सलाह दी। दिक्कत होने के बाद वह हेलीकॉप्टर से पुणे पहुंचे और फिर शिवाजीनगर स्थित अपने आवास चले गए। सूत्रों ने बताया है कि राकांपा अध्यक्ष शहर आने के बाद चलकर अपनी कार तक गए और चिंता करने की कोई बात नहीं है। पवार को सांगली में सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के साथ एक कार्यक्रम को संबोधित करना था। पार्टी प्रवक्ता नबाव मलिक ने कहा कि पवार का स्वास्थ्य ठीक है और वह पुणे में अपने अवास पर आराम कर रहे हैं। टिप्पणियां पार्टी प्रवक्ता अंकुश काकडे ने कहा, ‘पवार शिवाजीनगर इलाके में अपने घर में आराम कर रहे हैं और उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है।' पाटी सूत्रों ने बताया कि पवार को शर्करा स्तर में कमी की शिकायत रही है। वह सोमवार को बेंगलुरु रवाना होंगे। सूत्रों ने बताया है कि राकांपा अध्यक्ष शहर आने के बाद चलकर अपनी कार तक गए और चिंता करने की कोई बात नहीं है। पवार को सांगली में सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के साथ एक कार्यक्रम को संबोधित करना था। पार्टी प्रवक्ता नबाव मलिक ने कहा कि पवार का स्वास्थ्य ठीक है और वह पुणे में अपने अवास पर आराम कर रहे हैं। टिप्पणियां पार्टी प्रवक्ता अंकुश काकडे ने कहा, ‘पवार शिवाजीनगर इलाके में अपने घर में आराम कर रहे हैं और उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है।' पाटी सूत्रों ने बताया कि पवार को शर्करा स्तर में कमी की शिकायत रही है। वह सोमवार को बेंगलुरु रवाना होंगे। पार्टी प्रवक्ता नबाव मलिक ने कहा कि पवार का स्वास्थ्य ठीक है और वह पुणे में अपने अवास पर आराम कर रहे हैं। टिप्पणियां पार्टी प्रवक्ता अंकुश काकडे ने कहा, ‘पवार शिवाजीनगर इलाके में अपने घर में आराम कर रहे हैं और उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है।' पाटी सूत्रों ने बताया कि पवार को शर्करा स्तर में कमी की शिकायत रही है। वह सोमवार को बेंगलुरु रवाना होंगे। पार्टी प्रवक्ता अंकुश काकडे ने कहा, ‘पवार शिवाजीनगर इलाके में अपने घर में आराम कर रहे हैं और उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है।' पाटी सूत्रों ने बताया कि पवार को शर्करा स्तर में कमी की शिकायत रही है। वह सोमवार को बेंगलुरु रवाना होंगे। पाटी सूत्रों ने बताया कि पवार को शर्करा स्तर में कमी की शिकायत रही है। वह सोमवार को बेंगलुरु रवाना होंगे।
सारांश: केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार बेचैनी की शिकायत होने के बाद अपनी सांगली यात्रा बीच में ही छोड़कर आराम करने पुणे आ गए।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बीजेपी की सहयोगी पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) के सदस्य गुरुवार को लोकसभा में सरकार द्वारा पेश किए गए तीन तलाक विधेयक का विरोध करते हुए सदन से बाहर चले गए. इस दौरान पार्टी ने कहा कि इस मुद्दे पर मुस्लिम समुदाय के नेताओं की सहायता से जन जागरूकता पैदा करने की जरूरत है. मुस्लिम महिलाओं (विवाह पर अधिकारों का संरक्षण) विधेयक, 2019 पर चर्चा के दौरान जद (यू) के सदस्य राजीव रंजन सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी का मानना है कि इस विधेयक से समाज को नुकसान होगा. उन्होंने कहा, "बिल समाज में एक अलग भावना पैदा करेगा, क्योंकि कोई भी नहीं चाहता है कि पत्नी और पति के बीच संबंधों में मतभेद हो." सिंह ने कहा कि तीन तलाक एक सामाजिक मुद्दा है और इसे सामाजिक स्तर पर हल किया जाना चाहिए. रंजन सिंह ने कहा, "एक पति और पत्नी के बीच का रिश्ता आपसी स्वीकृति पर आधारित होता है. आप एक कानून बनाकर रिश्ते का फैसला नहीं कर सकते. कोई भी पति और पत्नी के बीच के लगाव और प्यार को खत्म नहीं करना चाहता. अगर आप कानून का इस्तेमाल कर इसे रोकते हैं तो यह एक एक विशेष समुदाय को चोट पहुंचाएगा." सांसद ने कहा, "कोई भी तलाक को पसंद नहीं करेगा। आपको इसे उस समुदाय पर छोड़ देना चाहिए. सरकार को केवल सार्वजनिक जागरूकता पैदा करने का प्रयास करना चाहिए." सिंह ने कहा कि 2017 में सर्वोच्च न्यायालय में मामले की सुनवाई का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अदालत को आश्वासन दिया था कि वह ट्रिपल तलाक पर मुस्लिम समुदाय में जागरूकता लाने में मदद करेगा. इसके बाद सांसद ने कहा कि सरकार को उस समुदाय के प्रमुख सदस्यों की मदद से समाज में जागरूकता पैदा करनी चाहिए. सरकार के स्वच्छता अभियान का हवाला देते हुए सांसद ने पूछा कि स्वच्छता पर कोई कानून क्यों नहीं था और अपराधियों को जेल क्यों नहीं हो रही थी. अन्य कानूनों के दुरुपयोग का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, "आपने दहेज विरोधी कानून और धारा 498 बनाया, लेकिन इन कानूनों का दुरुपयोग किया जा रहा है. इसलिए आप ऐसा कोई अन्य कानून बनाएंगे, तो इसका भी दुरुपयोग किया जाएगा." सिंह ने पूछा, "कौन साबित करेगा कि पति ने तीन तालक कहा है या नहीं?" गौरतलब है कि विधेयक में तीन तलाक पर अंकुश लगाने के साथ पति को तीन साल की जेल का प्रावधान है. इसका उद्देश्य विवाहित मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करना और पतियों द्वारा तीन तलाक मांगने पर रोक लगाना है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सार्वजनिक रूप से तीन तलाक विधेयक का विरोध किया है. तीन तलाक के अलावा भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी जद (यू) का उससे अन्य मुद्दों जैसे अनुच्छेद-370, यूनिफॉर्म सिविल कोड और अयोध्या में प्रस्तावित भव्य राम मंदिर पर भी मतभेद है.
सारांश: जेडीयू ने तीन तलाक विधेयक का किया विरोध कहा- जन जागरूकता की है जरूरत 'बिल समाज में एक अलग भावना पैदा करेगा'
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['hin']
एक सारांश बनाओ: महंगाई की मार झेल रहे पाकिस्तान में न सिर्फ खाने-पीने की आम चीजों की कीमतें आसमान छू रही हैं, बल्कि पेट्रोल-डीजल के साथ दूध की कीमत भी आम आदमी के पहुंच के बाहर हो गई है. पिछले महीने वहां पेट्रोल  कीमत 117.83 रुपये (पाकिस्तानी रुपया) प्रति लीटर तक पहुंच गई थी और डीजल की कीमत 132.47 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई थी, जबकि वहां, दूध की कीमत 140 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुकी है. इस तरह से अब पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल से भी महंगा दूध बिक रहा है. पाकिस्तान में दूध जैसी रोजमर्रा की चीजों की कीमत पहले से ही बढ़ी हुई थी और अब मुहर्रम के अवसर पर यह कीमतें सातवें आसमान पर पहुंच गई है. देश के सबसे बड़े शहर कराची और सिंध प्रांत में दूध की कीमत एक सौ चालीस रुपये (पाकिस्तानी) प्रति लीटर तक पहुंच गई है. पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस न्यूज की रिपोर्ट में यह जानकारी देते हुए कहा गया है कि 'डेयरी माफिया' मुहर्रम के अवसर पर दूध की बढ़ी मांग के बीच नागरिकों से लूटमार पर उतर आया है और मनमानी कीमत वसूल रहा है. मोहर्रम की नौ और दस तारीख को लोगों के बीच बांटने के लिए दूध का शरबत, खीर आदि बनाई जाती है. बढ़ी मांग के बीच दूध विक्रेताओं ने दाम बेतहाशा बढ़ा दिए. वहीं, पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से आम जनता को राहत देने के लिए सितंबर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमश: 4.59 रुपये और 5.33 रुपये की कटौती की, लेकिन इसके बाद भी पेट्रोल-डीजल क्रमश: 113.24 रुपये और 127.24 रुपये की कीमत पर बिक रहा है. इसके अलावा लाइट डीजल ऑयल (एलडीओ) की कीमत 97.52 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई थी, जिसमें कटौती के बाद सितंबर में यह 91.89 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रही है. इसी तरह से पाकिस्तान में केरोसीन तेल की कीमत 103.84 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई थी, जिसके बाद सरकार ने सितंबर माह के लिए उसमें 4.27 रुपये की कमी की और अब यह 99.57 रुपये प्रति लीटर की दर पर उपलब्ध है. पाकिस्तान में सीएनजी की कीमत 85.50 रुपये प्रति किलो है. पाकिस्तान में पेट्रोलियम पदार्थो पर 17 फीसदी जीएसटी लगता है. अब वहां पेट्रोलियम पदार्थो की कीमतों की समीक्षा एक महीने बाद की जाएगी. इस तरह से दूध की जो कीमत पाकिस्तान की सरकार ने तय की, वह भी कोई कम नहीं है. सरकार ने एक लीटर दूध की कीमत 94 रुपये लीटर तय की हुई है, लेकिन यह कभी भी एक सौ दस रुपये लीटर से कम पर नहीं मिलता. अब मुहर्रम में यह एक सौ चालीस रुपये लीटर तक पहुंच गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि दूध की दुकानें हर समय खुली रखने के बजाए सुबह और शाम के समय चंद घंटे के लिए ही खोली जा रही हैं. ऐसे में दूध का मिलना कोई आसान काम नहीं रह गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि दूध के थोक विक्रेताओं का कहना है कि उन्होंने दूध के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं की है. मांग अधिक होने से दुकानदार इसका फायदा उठा रहे होंगे, उनकी इसमें कोई गलती नहीं है. सिंध सरकार ने कहा है कि उसने मामले का संज्ञान लिया है और डेयरी फार्म मालिकों के साथ 13 सितम्बर को एक बैठक बुलाई है. गौरतलब है कि भारत का एक रुपया, पाकिस्तान के 2.18 रुपये के बराबर है.
यहाँ एक सारांश है:पाकिस्तान में न सिर्फ खाने-पीने की आम चीजों की कीमतें आसमान छू रही हैं पेट्रोल-डीजल के साथ दूध की कीमत भी आम आदमी के पहुंच के बाहर हो गई है कराची और सिंध प्रांत में दूध की कीमत एक सौ चालीस रुपए प्रति लीटर
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय हॉकी टीम को ग्रुप बी के अपने अंतिम लीग मैच में बेल्जियम के हाथों 0-3 की शिकस्त के साथ लंदन ओलिंपिक खेलों में लगातार पांचवीं हार का सामना करना पड़ा जिससे टीम लीग चरण में एक भी अंक नहीं जुटा सकी। इसके अलावा रंजीत महेश्वरी और मुक्केबाजी में पदक के दावेदार विजेंदर सिंह भी अपनी अपनी स्पर्धाओं से बाहर हो गए। माइक नोब्स की हॉकी टीम लीग चरण के बाद एक भी अंक नहीं जुटा सकी और अपने ग्रुप में अंतिम स्थान पर रही। आठ बार की चैम्पियन टीम भारत को बीजिंग ओलिंपिक 2008 में क्वालीफाई करने में नाकाम रहने के बाद आठ साल बाद ओलिंपिक  में खेलने का मौका मिला था लेकिन टीम ने बेहर निराश किया।टिप्पणियां भारतीय टीम का लक्ष्य अब 12 टीमों के टूर्नामेंट में अंतिम स्थान पर आने से बचने का होगा। उसे 11वें और 12वें स्थान के प्ले ऑफ मुकाबले में 11 अगस्त को ग्रुप ए में अंतिम स्थान पर रहे दक्षिण अफ्रीका से भिड़ना है। भारत की चुनौती अब तक कुछ ही स्पर्धाओं तक सीमित रह गई है तब भारत को सोमवार देर रात एक और झटका लगा जब बीजिंग खेलों के कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज विजेंदर 75 किग्रा वर्ग में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी और 81 किग्रा के पूर्व विश्व चैम्पियन उज्बेकिस्तान के अबोस अतोएव से क्वार्टर फाइनल में 13-17 से हार गए। माइक नोब्स की हॉकी टीम लीग चरण के बाद एक भी अंक नहीं जुटा सकी और अपने ग्रुप में अंतिम स्थान पर रही। आठ बार की चैम्पियन टीम भारत को बीजिंग ओलिंपिक 2008 में क्वालीफाई करने में नाकाम रहने के बाद आठ साल बाद ओलिंपिक  में खेलने का मौका मिला था लेकिन टीम ने बेहर निराश किया।टिप्पणियां भारतीय टीम का लक्ष्य अब 12 टीमों के टूर्नामेंट में अंतिम स्थान पर आने से बचने का होगा। उसे 11वें और 12वें स्थान के प्ले ऑफ मुकाबले में 11 अगस्त को ग्रुप ए में अंतिम स्थान पर रहे दक्षिण अफ्रीका से भिड़ना है। भारत की चुनौती अब तक कुछ ही स्पर्धाओं तक सीमित रह गई है तब भारत को सोमवार देर रात एक और झटका लगा जब बीजिंग खेलों के कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज विजेंदर 75 किग्रा वर्ग में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी और 81 किग्रा के पूर्व विश्व चैम्पियन उज्बेकिस्तान के अबोस अतोएव से क्वार्टर फाइनल में 13-17 से हार गए। आठ बार की चैम्पियन टीम भारत को बीजिंग ओलिंपिक 2008 में क्वालीफाई करने में नाकाम रहने के बाद आठ साल बाद ओलिंपिक  में खेलने का मौका मिला था लेकिन टीम ने बेहर निराश किया।टिप्पणियां भारतीय टीम का लक्ष्य अब 12 टीमों के टूर्नामेंट में अंतिम स्थान पर आने से बचने का होगा। उसे 11वें और 12वें स्थान के प्ले ऑफ मुकाबले में 11 अगस्त को ग्रुप ए में अंतिम स्थान पर रहे दक्षिण अफ्रीका से भिड़ना है। भारत की चुनौती अब तक कुछ ही स्पर्धाओं तक सीमित रह गई है तब भारत को सोमवार देर रात एक और झटका लगा जब बीजिंग खेलों के कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज विजेंदर 75 किग्रा वर्ग में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी और 81 किग्रा के पूर्व विश्व चैम्पियन उज्बेकिस्तान के अबोस अतोएव से क्वार्टर फाइनल में 13-17 से हार गए। भारतीय टीम का लक्ष्य अब 12 टीमों के टूर्नामेंट में अंतिम स्थान पर आने से बचने का होगा। उसे 11वें और 12वें स्थान के प्ले ऑफ मुकाबले में 11 अगस्त को ग्रुप ए में अंतिम स्थान पर रहे दक्षिण अफ्रीका से भिड़ना है। भारत की चुनौती अब तक कुछ ही स्पर्धाओं तक सीमित रह गई है तब भारत को सोमवार देर रात एक और झटका लगा जब बीजिंग खेलों के कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज विजेंदर 75 किग्रा वर्ग में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी और 81 किग्रा के पूर्व विश्व चैम्पियन उज्बेकिस्तान के अबोस अतोएव से क्वार्टर फाइनल में 13-17 से हार गए। भारत की चुनौती अब तक कुछ ही स्पर्धाओं तक सीमित रह गई है तब भारत को सोमवार देर रात एक और झटका लगा जब बीजिंग खेलों के कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज विजेंदर 75 किग्रा वर्ग में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी और 81 किग्रा के पूर्व विश्व चैम्पियन उज्बेकिस्तान के अबोस अतोएव से क्वार्टर फाइनल में 13-17 से हार गए।
सारांश: भारतीय हॉकी टीम को ग्रुप बी के अपने अंतिम लीग मैच में बेल्जियम के हाथों 0-3 की शिकस्त के साथ लंदन ओलिंपिक खेलों में लगातार पांचवीं हार का सामना करना पड़ा जिससे टीम लीग चरण में एक भी अंक नहीं जुटा सकी।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: छत्तीसगढ़ में परिवर्तन रैली से लौट रहे कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं पर सुकमा जिले में शनिवार को हुए हमले के बाद इलाके के वन क्षेत्र में सुरक्षा बल नक्सलियों की तलाश में जुट गए हैं। इस बीच रायपुर पहुंचे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने स्थिति की समीक्षा के राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह के साथ बैठक की। एक अधिकारी ने मारे गए लोगों और घायलों का ब्योरा विभिन्न अस्पतालों से जुटाने के बाद नक्सली हमले में 30 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है। प्रारंभिक रिपोर्ट में 16 लोगों के मारे जाने और 25 के घायल होने की जानकारी दी गई थी। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने यहां रविवार को छत्तीसगढ़ के राज्यपाल शेखर दत्त और मुख्यमंत्री रमन सिंह के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की। दरभा घाटी में जवानों ने सबसे पहले उस जगह का जायजा लिया, जहां बारूदी सुरंग विस्फोट किया गया था। उन्होंने हमले का शिकार बनी कारों का भी निरीक्षण किया। घना जंगली इलाका होने के कारण सुरक्षाकर्मियों को कठिनाई हो रही है। सुबह से लगातार हो रही बारिश के कारण तलाशी अभियान में बाधा पड़ी है। उधर, राजभवन में प्रधानमंत्री ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात का जायजा लिया। बैठक में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह, राज्य के मुख्य सचिव सुनील कुमार, पुलिस महानिदेशक रामनिवास, केंद्र एवं राज्य के गृह विभाग के आला अधिकारी भी शामिल हुए।टिप्पणियां इससे पहले प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नक्सली हमले में घायलों से रविवार को मुलाकात की। प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष ने रायपुर के अस्पताल में जाकर घायलों से मुलाकात करने के अलावा घायलों के परिजनों से भी मिले। दोनों नेता इसके बाद प्रदेश कांग्रेस भवन पहुंचे, जहां शोकसभा में शामिल होकर मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। एक अधिकारी ने मारे गए लोगों और घायलों का ब्योरा विभिन्न अस्पतालों से जुटाने के बाद नक्सली हमले में 30 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है। प्रारंभिक रिपोर्ट में 16 लोगों के मारे जाने और 25 के घायल होने की जानकारी दी गई थी। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने यहां रविवार को छत्तीसगढ़ के राज्यपाल शेखर दत्त और मुख्यमंत्री रमन सिंह के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की। दरभा घाटी में जवानों ने सबसे पहले उस जगह का जायजा लिया, जहां बारूदी सुरंग विस्फोट किया गया था। उन्होंने हमले का शिकार बनी कारों का भी निरीक्षण किया। घना जंगली इलाका होने के कारण सुरक्षाकर्मियों को कठिनाई हो रही है। सुबह से लगातार हो रही बारिश के कारण तलाशी अभियान में बाधा पड़ी है। उधर, राजभवन में प्रधानमंत्री ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात का जायजा लिया। बैठक में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह, राज्य के मुख्य सचिव सुनील कुमार, पुलिस महानिदेशक रामनिवास, केंद्र एवं राज्य के गृह विभाग के आला अधिकारी भी शामिल हुए।टिप्पणियां इससे पहले प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नक्सली हमले में घायलों से रविवार को मुलाकात की। प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष ने रायपुर के अस्पताल में जाकर घायलों से मुलाकात करने के अलावा घायलों के परिजनों से भी मिले। दोनों नेता इसके बाद प्रदेश कांग्रेस भवन पहुंचे, जहां शोकसभा में शामिल होकर मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने यहां रविवार को छत्तीसगढ़ के राज्यपाल शेखर दत्त और मुख्यमंत्री रमन सिंह के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की। दरभा घाटी में जवानों ने सबसे पहले उस जगह का जायजा लिया, जहां बारूदी सुरंग विस्फोट किया गया था। उन्होंने हमले का शिकार बनी कारों का भी निरीक्षण किया। घना जंगली इलाका होने के कारण सुरक्षाकर्मियों को कठिनाई हो रही है। सुबह से लगातार हो रही बारिश के कारण तलाशी अभियान में बाधा पड़ी है। उधर, राजभवन में प्रधानमंत्री ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात का जायजा लिया। बैठक में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह, राज्य के मुख्य सचिव सुनील कुमार, पुलिस महानिदेशक रामनिवास, केंद्र एवं राज्य के गृह विभाग के आला अधिकारी भी शामिल हुए।टिप्पणियां इससे पहले प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नक्सली हमले में घायलों से रविवार को मुलाकात की। प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष ने रायपुर के अस्पताल में जाकर घायलों से मुलाकात करने के अलावा घायलों के परिजनों से भी मिले। दोनों नेता इसके बाद प्रदेश कांग्रेस भवन पहुंचे, जहां शोकसभा में शामिल होकर मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। दरभा घाटी में जवानों ने सबसे पहले उस जगह का जायजा लिया, जहां बारूदी सुरंग विस्फोट किया गया था। उन्होंने हमले का शिकार बनी कारों का भी निरीक्षण किया। घना जंगली इलाका होने के कारण सुरक्षाकर्मियों को कठिनाई हो रही है। सुबह से लगातार हो रही बारिश के कारण तलाशी अभियान में बाधा पड़ी है। उधर, राजभवन में प्रधानमंत्री ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात का जायजा लिया। बैठक में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह, राज्य के मुख्य सचिव सुनील कुमार, पुलिस महानिदेशक रामनिवास, केंद्र एवं राज्य के गृह विभाग के आला अधिकारी भी शामिल हुए।टिप्पणियां इससे पहले प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नक्सली हमले में घायलों से रविवार को मुलाकात की। प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष ने रायपुर के अस्पताल में जाकर घायलों से मुलाकात करने के अलावा घायलों के परिजनों से भी मिले। दोनों नेता इसके बाद प्रदेश कांग्रेस भवन पहुंचे, जहां शोकसभा में शामिल होकर मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उधर, राजभवन में प्रधानमंत्री ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात का जायजा लिया। बैठक में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह, राज्य के मुख्य सचिव सुनील कुमार, पुलिस महानिदेशक रामनिवास, केंद्र एवं राज्य के गृह विभाग के आला अधिकारी भी शामिल हुए।टिप्पणियां इससे पहले प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नक्सली हमले में घायलों से रविवार को मुलाकात की। प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष ने रायपुर के अस्पताल में जाकर घायलों से मुलाकात करने के अलावा घायलों के परिजनों से भी मिले। दोनों नेता इसके बाद प्रदेश कांग्रेस भवन पहुंचे, जहां शोकसभा में शामिल होकर मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इससे पहले प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नक्सली हमले में घायलों से रविवार को मुलाकात की। प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष ने रायपुर के अस्पताल में जाकर घायलों से मुलाकात करने के अलावा घायलों के परिजनों से भी मिले। दोनों नेता इसके बाद प्रदेश कांग्रेस भवन पहुंचे, जहां शोकसभा में शामिल होकर मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। दोनों नेता इसके बाद प्रदेश कांग्रेस भवन पहुंचे, जहां शोकसभा में शामिल होकर मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
संक्षिप्त सारांश: छत्तीसगढ़ में परिवर्तन रैली से लौट रहे कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं पर सुकमा जिले में शनिवार को हुए हमले के बाद इलाके के वन क्षेत्र में सुरक्षा बल नक्सलियों की तलाश में जुट गए हैं।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय मूल की ब्रिटिश महिला ने बलात्कार और यौन अपराधों की पीड़िताओं के लिए अपनी किस्म का देश का पहला मैटर्निटी क्लिनिक खोला है. क्लिनिक खोलने वाली महिला खुद भी बलात्कार का दंश झेल चुकी है. इस क्लिनिक में महिलाओं की देखरेख विशेष तौर पर प्रशिक्षित मिडवाइफ और मनोविज्ञानी करेंगे. भारतीय मूल की इस महिला ने 'माइ बॉडी बैक प्रोजेक्ट' शुरू किया है, जिसने लंदन के बार्ट्स हैल्थ एनएचएस ट्रस्ट के साथ मिलकर संयुक्त रूप से इस नए मैटर्निटी क्लिनिक की स्थापना की है. क्लिनिक में महिलाओं को मिडवाइफ, मनोविज्ञानियों और शिशुरोग विशेषज्ञ प्रसव पूर्व अतिरिक्त मदद भी देंगे. अगर यह पहल सफल रहती है, तो इसे ब्रिटेन के दूसरे अस्पतालों में भी शुरू किया जाएगा. महिला ने बताया, 'उनके साथ क्या गुजरा उन्हें यह बताने की जरूरत नहीं है. हालांकि अगर वे बताना चाहती हैं, तो इसकी मनाही भी नहीं है. हम उन्हें मुलाकात का समय देंगे और फिर वहां से उन्हें चुनेंगे.' क्लिनिक में प्रसव पूर्व कक्षाएं भी लगेंगी और स्तनपान पर सलाह भी दी जाएगी. यौन हमलों की शिकार महिलाओं के लिए इनमें कुछ परिवर्तन किए गए हैं. यहां स्त्री रोगों से संबंधित खास जांच और प्रसव पीड़ा के बाद मानसिक स्वास्थ्य सहायता भी दी जाएगी. टिप्पणियां क्लिनिक शुरू करने वाली महिला जब किशोरवय की थी, तब उनका बलात्कार हुआ था. अगस्त 2015 में उन्होंने यौन हिंसा की शिकार महिलाओं के लिए रॉयल लंदन हॉस्पिटल में सेक्सुअल हैल्थ क्लिनिक खोला था. इस सेवा का लाभ अब तक 800 से ज्यादा महिलाएं उठा चुकी हैं. स्कॉटलैंड के ग्लासगो में भी ऐसी इकाई खोलने की योजना है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भारतीय मूल की इस महिला ने 'माइ बॉडी बैक प्रोजेक्ट' शुरू किया है, जिसने लंदन के बार्ट्स हैल्थ एनएचएस ट्रस्ट के साथ मिलकर संयुक्त रूप से इस नए मैटर्निटी क्लिनिक की स्थापना की है. क्लिनिक में महिलाओं को मिडवाइफ, मनोविज्ञानियों और शिशुरोग विशेषज्ञ प्रसव पूर्व अतिरिक्त मदद भी देंगे. अगर यह पहल सफल रहती है, तो इसे ब्रिटेन के दूसरे अस्पतालों में भी शुरू किया जाएगा. महिला ने बताया, 'उनके साथ क्या गुजरा उन्हें यह बताने की जरूरत नहीं है. हालांकि अगर वे बताना चाहती हैं, तो इसकी मनाही भी नहीं है. हम उन्हें मुलाकात का समय देंगे और फिर वहां से उन्हें चुनेंगे.' क्लिनिक में प्रसव पूर्व कक्षाएं भी लगेंगी और स्तनपान पर सलाह भी दी जाएगी. यौन हमलों की शिकार महिलाओं के लिए इनमें कुछ परिवर्तन किए गए हैं. यहां स्त्री रोगों से संबंधित खास जांच और प्रसव पीड़ा के बाद मानसिक स्वास्थ्य सहायता भी दी जाएगी. टिप्पणियां क्लिनिक शुरू करने वाली महिला जब किशोरवय की थी, तब उनका बलात्कार हुआ था. अगस्त 2015 में उन्होंने यौन हिंसा की शिकार महिलाओं के लिए रॉयल लंदन हॉस्पिटल में सेक्सुअल हैल्थ क्लिनिक खोला था. इस सेवा का लाभ अब तक 800 से ज्यादा महिलाएं उठा चुकी हैं. स्कॉटलैंड के ग्लासगो में भी ऐसी इकाई खोलने की योजना है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) महिला ने बताया, 'उनके साथ क्या गुजरा उन्हें यह बताने की जरूरत नहीं है. हालांकि अगर वे बताना चाहती हैं, तो इसकी मनाही भी नहीं है. हम उन्हें मुलाकात का समय देंगे और फिर वहां से उन्हें चुनेंगे.' क्लिनिक में प्रसव पूर्व कक्षाएं भी लगेंगी और स्तनपान पर सलाह भी दी जाएगी. यौन हमलों की शिकार महिलाओं के लिए इनमें कुछ परिवर्तन किए गए हैं. यहां स्त्री रोगों से संबंधित खास जांच और प्रसव पीड़ा के बाद मानसिक स्वास्थ्य सहायता भी दी जाएगी. टिप्पणियां क्लिनिक शुरू करने वाली महिला जब किशोरवय की थी, तब उनका बलात्कार हुआ था. अगस्त 2015 में उन्होंने यौन हिंसा की शिकार महिलाओं के लिए रॉयल लंदन हॉस्पिटल में सेक्सुअल हैल्थ क्लिनिक खोला था. इस सेवा का लाभ अब तक 800 से ज्यादा महिलाएं उठा चुकी हैं. स्कॉटलैंड के ग्लासगो में भी ऐसी इकाई खोलने की योजना है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) क्लिनिक शुरू करने वाली महिला जब किशोरवय की थी, तब उनका बलात्कार हुआ था. अगस्त 2015 में उन्होंने यौन हिंसा की शिकार महिलाओं के लिए रॉयल लंदन हॉस्पिटल में सेक्सुअल हैल्थ क्लिनिक खोला था. इस सेवा का लाभ अब तक 800 से ज्यादा महिलाएं उठा चुकी हैं. स्कॉटलैंड के ग्लासगो में भी ऐसी इकाई खोलने की योजना है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: रेप पीड़िताओं के लिए अपनी किस्म का ब्रिटेन का पहला क्लिनिक है यहां महिलाओं की देखरेख विशेष तौर पर ट्रेन्ड मिडवाइफ और मनोविज्ञानी करेंगे क्लिनिक खोलने वाली महिला खुद भी बलात्कार का दंश झेल चुकी है
31
['hin']
एक सारांश बनाओ: इस साहसी जोड़े के सलाहकार वेस्टर्न माउंटेन स्पोर्ट्स के अध्यक्ष विनोद काम्बोज ने कहा कि एडवेंचर स्पोर्ट्स के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए जोड़े ने अपनी शादी को एक उदाहरण के रूप में पेश करने का निर्णय लिया. जयदीप और रेशमा की शादी उनके माता-पिता द्वारा तय की गई थी और यह अनोखी शादी रविवार सुबह गांव भट्टली से करीब 15 किलोमीटर दूर विशालगढ़ और पनहला की 3000 फुट ऊंची चोटियों के बीच घाटी के ऊपर आसमान में सम्पन्न हुई. काम्बोज ने कहा, "हालांकि जाधव इस अनोखी शादी के लिए पूरी तरह तैयार थे, लेकिन उनकी भावी पत्नी रेशमा के लिए हवा में रोमांच का यह पहला मौका था और वह इससे थोड़ा घबरा रही थीं.लेकिन वह भी उत्साह से इसके लिए तैयार हो गई." हवा में हुई यह अनोखी शादी पंडित सूरज ढोली ने संपन्न करवाई.शादी में 1,000 ग्रामीणों समेत 1,200 से ज्यादा लोग शरीक हुए. पंडित ढोली ने बीच हवा में शादी के मंत्रोच्चार किए और पवित्र अग्नि के इर्द-गिर्द सात फेरों को छोड़कर सभी रीतियां सम्पन्न की.ढोली ने मंत्र पढ़े, जिन्हें शादी में उपस्थित नीचे खड़े मेहमानों ने कॉर्डलेस माइक्रोफोन की मदद से सुना. जयदीप ने हवा में लटकते हुए ही रेशमा के गले में मंगलसूत्र पहनाया और दोनों ने एक-दूसरे के गले में वरमाला डाली.बादलों और हल्की बूंदा-बांदी के बीच इस अनोखी शादी का पूरा माहौल बेहद रूमानी नजर आ रहा था.टिप्पणियां काम्बोज ने कहा कि हवा में शादी के लिए तैयारियां शुक्रवार से ही शुरू हो गई थीं और इसके लिए भावी दुल्हन रेशमा को प्रशिक्षण भी दिया गया था. रोमांच से भरपूर इस शादी के लिए तकनीकी सहायता और उपकरण मुंबई के मलय एडवेंचर्स के अध्यक्ष महिबूब मुजावर और कोल्हापुर के हिल राइडर्स एंड हाइकर्स ग्रुप ने उपलब्ध कराए थे.काम्बोज ने कहा कि शादी का पूरा खर्च करीब 50,000 रुपये आया है, जिसे वेस्टर्न माउंटेन स्पोर्ट्स, कोल्हापुर समेत तीन संगठनों ने उठाया है. जयदीप और रेशमा की शादी उनके माता-पिता द्वारा तय की गई थी और यह अनोखी शादी रविवार सुबह गांव भट्टली से करीब 15 किलोमीटर दूर विशालगढ़ और पनहला की 3000 फुट ऊंची चोटियों के बीच घाटी के ऊपर आसमान में सम्पन्न हुई. काम्बोज ने कहा, "हालांकि जाधव इस अनोखी शादी के लिए पूरी तरह तैयार थे, लेकिन उनकी भावी पत्नी रेशमा के लिए हवा में रोमांच का यह पहला मौका था और वह इससे थोड़ा घबरा रही थीं.लेकिन वह भी उत्साह से इसके लिए तैयार हो गई." हवा में हुई यह अनोखी शादी पंडित सूरज ढोली ने संपन्न करवाई.शादी में 1,000 ग्रामीणों समेत 1,200 से ज्यादा लोग शरीक हुए. पंडित ढोली ने बीच हवा में शादी के मंत्रोच्चार किए और पवित्र अग्नि के इर्द-गिर्द सात फेरों को छोड़कर सभी रीतियां सम्पन्न की.ढोली ने मंत्र पढ़े, जिन्हें शादी में उपस्थित नीचे खड़े मेहमानों ने कॉर्डलेस माइक्रोफोन की मदद से सुना. जयदीप ने हवा में लटकते हुए ही रेशमा के गले में मंगलसूत्र पहनाया और दोनों ने एक-दूसरे के गले में वरमाला डाली.बादलों और हल्की बूंदा-बांदी के बीच इस अनोखी शादी का पूरा माहौल बेहद रूमानी नजर आ रहा था.टिप्पणियां काम्बोज ने कहा कि हवा में शादी के लिए तैयारियां शुक्रवार से ही शुरू हो गई थीं और इसके लिए भावी दुल्हन रेशमा को प्रशिक्षण भी दिया गया था. रोमांच से भरपूर इस शादी के लिए तकनीकी सहायता और उपकरण मुंबई के मलय एडवेंचर्स के अध्यक्ष महिबूब मुजावर और कोल्हापुर के हिल राइडर्स एंड हाइकर्स ग्रुप ने उपलब्ध कराए थे.काम्बोज ने कहा कि शादी का पूरा खर्च करीब 50,000 रुपये आया है, जिसे वेस्टर्न माउंटेन स्पोर्ट्स, कोल्हापुर समेत तीन संगठनों ने उठाया है. काम्बोज ने कहा, "हालांकि जाधव इस अनोखी शादी के लिए पूरी तरह तैयार थे, लेकिन उनकी भावी पत्नी रेशमा के लिए हवा में रोमांच का यह पहला मौका था और वह इससे थोड़ा घबरा रही थीं.लेकिन वह भी उत्साह से इसके लिए तैयार हो गई." हवा में हुई यह अनोखी शादी पंडित सूरज ढोली ने संपन्न करवाई.शादी में 1,000 ग्रामीणों समेत 1,200 से ज्यादा लोग शरीक हुए. पंडित ढोली ने बीच हवा में शादी के मंत्रोच्चार किए और पवित्र अग्नि के इर्द-गिर्द सात फेरों को छोड़कर सभी रीतियां सम्पन्न की.ढोली ने मंत्र पढ़े, जिन्हें शादी में उपस्थित नीचे खड़े मेहमानों ने कॉर्डलेस माइक्रोफोन की मदद से सुना. जयदीप ने हवा में लटकते हुए ही रेशमा के गले में मंगलसूत्र पहनाया और दोनों ने एक-दूसरे के गले में वरमाला डाली.बादलों और हल्की बूंदा-बांदी के बीच इस अनोखी शादी का पूरा माहौल बेहद रूमानी नजर आ रहा था.टिप्पणियां काम्बोज ने कहा कि हवा में शादी के लिए तैयारियां शुक्रवार से ही शुरू हो गई थीं और इसके लिए भावी दुल्हन रेशमा को प्रशिक्षण भी दिया गया था. रोमांच से भरपूर इस शादी के लिए तकनीकी सहायता और उपकरण मुंबई के मलय एडवेंचर्स के अध्यक्ष महिबूब मुजावर और कोल्हापुर के हिल राइडर्स एंड हाइकर्स ग्रुप ने उपलब्ध कराए थे.काम्बोज ने कहा कि शादी का पूरा खर्च करीब 50,000 रुपये आया है, जिसे वेस्टर्न माउंटेन स्पोर्ट्स, कोल्हापुर समेत तीन संगठनों ने उठाया है. पंडित ढोली ने बीच हवा में शादी के मंत्रोच्चार किए और पवित्र अग्नि के इर्द-गिर्द सात फेरों को छोड़कर सभी रीतियां सम्पन्न की.ढोली ने मंत्र पढ़े, जिन्हें शादी में उपस्थित नीचे खड़े मेहमानों ने कॉर्डलेस माइक्रोफोन की मदद से सुना. जयदीप ने हवा में लटकते हुए ही रेशमा के गले में मंगलसूत्र पहनाया और दोनों ने एक-दूसरे के गले में वरमाला डाली.बादलों और हल्की बूंदा-बांदी के बीच इस अनोखी शादी का पूरा माहौल बेहद रूमानी नजर आ रहा था.टिप्पणियां काम्बोज ने कहा कि हवा में शादी के लिए तैयारियां शुक्रवार से ही शुरू हो गई थीं और इसके लिए भावी दुल्हन रेशमा को प्रशिक्षण भी दिया गया था. रोमांच से भरपूर इस शादी के लिए तकनीकी सहायता और उपकरण मुंबई के मलय एडवेंचर्स के अध्यक्ष महिबूब मुजावर और कोल्हापुर के हिल राइडर्स एंड हाइकर्स ग्रुप ने उपलब्ध कराए थे.काम्बोज ने कहा कि शादी का पूरा खर्च करीब 50,000 रुपये आया है, जिसे वेस्टर्न माउंटेन स्पोर्ट्स, कोल्हापुर समेत तीन संगठनों ने उठाया है. जयदीप ने हवा में लटकते हुए ही रेशमा के गले में मंगलसूत्र पहनाया और दोनों ने एक-दूसरे के गले में वरमाला डाली.बादलों और हल्की बूंदा-बांदी के बीच इस अनोखी शादी का पूरा माहौल बेहद रूमानी नजर आ रहा था.टिप्पणियां काम्बोज ने कहा कि हवा में शादी के लिए तैयारियां शुक्रवार से ही शुरू हो गई थीं और इसके लिए भावी दुल्हन रेशमा को प्रशिक्षण भी दिया गया था. रोमांच से भरपूर इस शादी के लिए तकनीकी सहायता और उपकरण मुंबई के मलय एडवेंचर्स के अध्यक्ष महिबूब मुजावर और कोल्हापुर के हिल राइडर्स एंड हाइकर्स ग्रुप ने उपलब्ध कराए थे.काम्बोज ने कहा कि शादी का पूरा खर्च करीब 50,000 रुपये आया है, जिसे वेस्टर्न माउंटेन स्पोर्ट्स, कोल्हापुर समेत तीन संगठनों ने उठाया है. काम्बोज ने कहा कि हवा में शादी के लिए तैयारियां शुक्रवार से ही शुरू हो गई थीं और इसके लिए भावी दुल्हन रेशमा को प्रशिक्षण भी दिया गया था. रोमांच से भरपूर इस शादी के लिए तकनीकी सहायता और उपकरण मुंबई के मलय एडवेंचर्स के अध्यक्ष महिबूब मुजावर और कोल्हापुर के हिल राइडर्स एंड हाइकर्स ग्रुप ने उपलब्ध कराए थे.काम्बोज ने कहा कि शादी का पूरा खर्च करीब 50,000 रुपये आया है, जिसे वेस्टर्न माउंटेन स्पोर्ट्स, कोल्हापुर समेत तीन संगठनों ने उठाया है. रोमांच से भरपूर इस शादी के लिए तकनीकी सहायता और उपकरण मुंबई के मलय एडवेंचर्स के अध्यक्ष महिबूब मुजावर और कोल्हापुर के हिल राइडर्स एंड हाइकर्स ग्रुप ने उपलब्ध कराए थे.काम्बोज ने कहा कि शादी का पूरा खर्च करीब 50,000 रुपये आया है, जिसे वेस्टर्न माउंटेन स्पोर्ट्स, कोल्हापुर समेत तीन संगठनों ने उठाया है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दो पहाड़ों की ख़ाई के बीच तारों से लटक कर शादी की दूल्हा-दुल्हन ने एक-दूसरे को 270 फ़ीट की ऊंचाई पर वरमाला पहनाई. एडवेंचर पसंद लोगों को यह तरीका भा रहा है
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: रमेश तौरानी ने दो फिल्मों के लिए अक्षय कुमार के साथ अनुबंध किया है। बताया जाता है कि यह अनुबंध 80 करोड़ रुपये का है।टिप्पणियां टिप्स के रमेश तौरानी ने बताया, "हमने अक्षय कुमार से अगली दो फिल्मों के लिए अनुबंध किया है। पहली फिल्म की शूटिंग केपटाउन में जुलाई के पहले हफ्ते से शुरू होगी। फिल्म का निर्देशन साजिद और फरहाद करेंगे जिन्होंने 'बोल बच्चन', 'गोलमाल रिटर्न्‍स' और 'हाफसफुल 2' के संवाद लिखे थे। यह कॉमेडी फिल्म है। दूसरी फिल्म 2014 में शुरू होगी और अभी निर्देशक के बारे में फैसला नहीं किया है।" तौरानी ने अनुबंध की राशि के बारे में बताने से मना कर दिया और कहा, "मुझे इसके बारे में बात करने की इजाजत नहीं है, मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।' उन्होंने कहा 'मैं हमेशा अक्षय के साथ काम करना चाहता था। वह बॉलीवुड के अनुशासित कलाकारों में एक हैं और यह मेरी उनके साथ पहली फिल्म होगी।" टिप्स के रमेश तौरानी ने बताया, "हमने अक्षय कुमार से अगली दो फिल्मों के लिए अनुबंध किया है। पहली फिल्म की शूटिंग केपटाउन में जुलाई के पहले हफ्ते से शुरू होगी। फिल्म का निर्देशन साजिद और फरहाद करेंगे जिन्होंने 'बोल बच्चन', 'गोलमाल रिटर्न्‍स' और 'हाफसफुल 2' के संवाद लिखे थे। यह कॉमेडी फिल्म है। दूसरी फिल्म 2014 में शुरू होगी और अभी निर्देशक के बारे में फैसला नहीं किया है।" तौरानी ने अनुबंध की राशि के बारे में बताने से मना कर दिया और कहा, "मुझे इसके बारे में बात करने की इजाजत नहीं है, मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।' उन्होंने कहा 'मैं हमेशा अक्षय के साथ काम करना चाहता था। वह बॉलीवुड के अनुशासित कलाकारों में एक हैं और यह मेरी उनके साथ पहली फिल्म होगी।" तौरानी ने अनुबंध की राशि के बारे में बताने से मना कर दिया और कहा, "मुझे इसके बारे में बात करने की इजाजत नहीं है, मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।' उन्होंने कहा 'मैं हमेशा अक्षय के साथ काम करना चाहता था। वह बॉलीवुड के अनुशासित कलाकारों में एक हैं और यह मेरी उनके साथ पहली फिल्म होगी।"
संक्षिप्त सारांश: रमेश तौरानी ने दो फिल्मों के लिए अक्षय कुमार के साथ अनुबंध किया है। बताया जाता है कि यह अनुबंध 80 करोड़ रुपये का है।
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: नार्वे द्वारा दो भारतीय बच्चों की वीजा अवधि बढ़ाए जाने के लिए प्रयास किए जाने पर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बुधवार को कहा कि वे बच्चे न तो अनाथ हैं और न ही ऐसा है कि वे किसी देश के नागरिक नहीं हैं तथा उन्हें भारत का संरक्षण प्राप्त है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरूद्दीन ने यहां कहा कि बच्चे अनाथ नहीं हैं और न न ही ऐसा है कि उन्हें किसी देश की नागरिकता नहीं हैं। उन्हें भारत का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि बच्चों के आवास परमिट के विस्तार के लिए आवेदन उनके अभिभावकों की ओर से किया जाना चाहिए या भारत की ओर से होना चाहिए।टिप्पणियां उनकी प्रतिक्रिया उन खबरों पर आयी है कि बच्चों की वीजा अवधि अगले महीने पूरी हो रही है और नार्वे के अधिकारी उसे बढ़ाए जाने का प्रयास कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि प्रवासी दंपति सागरिका और अनुरूप भट्टाचार्य पर अपने बच्चों की ठीक से परवरिश नहीं करने का आरोप है। नार्वे के अधिकारियों ने पिछले साल मई में बच्चों को उनसे ले लिया था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरूद्दीन ने यहां कहा कि बच्चे अनाथ नहीं हैं और न न ही ऐसा है कि उन्हें किसी देश की नागरिकता नहीं हैं। उन्हें भारत का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि बच्चों के आवास परमिट के विस्तार के लिए आवेदन उनके अभिभावकों की ओर से किया जाना चाहिए या भारत की ओर से होना चाहिए।टिप्पणियां उनकी प्रतिक्रिया उन खबरों पर आयी है कि बच्चों की वीजा अवधि अगले महीने पूरी हो रही है और नार्वे के अधिकारी उसे बढ़ाए जाने का प्रयास कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि प्रवासी दंपति सागरिका और अनुरूप भट्टाचार्य पर अपने बच्चों की ठीक से परवरिश नहीं करने का आरोप है। नार्वे के अधिकारियों ने पिछले साल मई में बच्चों को उनसे ले लिया था। उनकी प्रतिक्रिया उन खबरों पर आयी है कि बच्चों की वीजा अवधि अगले महीने पूरी हो रही है और नार्वे के अधिकारी उसे बढ़ाए जाने का प्रयास कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि प्रवासी दंपति सागरिका और अनुरूप भट्टाचार्य पर अपने बच्चों की ठीक से परवरिश नहीं करने का आरोप है। नार्वे के अधिकारियों ने पिछले साल मई में बच्चों को उनसे ले लिया था। उल्लेखनीय है कि प्रवासी दंपति सागरिका और अनुरूप भट्टाचार्य पर अपने बच्चों की ठीक से परवरिश नहीं करने का आरोप है। नार्वे के अधिकारियों ने पिछले साल मई में बच्चों को उनसे ले लिया था।
सारांश: नार्वे द्वारा दो भारतीय बच्चों की वीजा अवधि बढ़ाए जाने के लिए प्रयास किए जाने पर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वे बच्चे न तो अनाथ हैं और न ही ऐसा है कि वे किसी देश के नागरिक नहीं हैं तथा उन्हें भारत का संरक्षण प्राप्त है।
7
['hin']
एक सारांश बनाओ: अर्थव्यवस्था के तीव्र वृद्धि की राह पर लौटने की उम्मीदें उस समय धूमिल पड़ती दिखीं जब दिवाली की पूर्व संध्या पर जारी सरकारी आंकड़ों में औद्योगिक उत्पादन और निर्यात में गिरावट तथा खुदरा बाजार की महंगाई में वृद्धि दर्ज की गई। बहुचर्चित 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी में भी उत्साह नहीं दिखाई दिया। पहले दिन दूरसंचार कंपनियों ने ज्यादा रचि नहीं दिखाई। ऐसे में स्पेक्ट्रम नीलामी से सरकार को 40,000 करोड़ जुटा लेने की उम्मीदें भी सिरे चढ़ती नजर नहीं आतीं हैं।टिप्पणियां विनिर्माण क्षेत्र के खराब प्रदर्शन से सितंबर माह में औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) में 0.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई जबकि एक साल पहले इसी महीने में आईआईपी में 2.5 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई थी। एक महीना पहले अगस्त, 2012 में औद्योगिक उत्पादन में सालाना आधार पर 2.3 प्रतिशत वृद्धि रही थी। देश के निर्यात कारोबार में भी गिरावट का दौर रहा। एक साल पहले की तुलना में अक्तूबर 2012 में निर्यात में 1.63 प्रतिशत गिरावट आ गई और व्यापार घाटा 21 अरब डॉलर की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। हालांकि, पिछले माह की तुलना में यह गिरावट कुछ कम रही है। बहुचर्चित 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी में भी उत्साह नहीं दिखाई दिया। पहले दिन दूरसंचार कंपनियों ने ज्यादा रचि नहीं दिखाई। ऐसे में स्पेक्ट्रम नीलामी से सरकार को 40,000 करोड़ जुटा लेने की उम्मीदें भी सिरे चढ़ती नजर नहीं आतीं हैं।टिप्पणियां विनिर्माण क्षेत्र के खराब प्रदर्शन से सितंबर माह में औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) में 0.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई जबकि एक साल पहले इसी महीने में आईआईपी में 2.5 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई थी। एक महीना पहले अगस्त, 2012 में औद्योगिक उत्पादन में सालाना आधार पर 2.3 प्रतिशत वृद्धि रही थी। देश के निर्यात कारोबार में भी गिरावट का दौर रहा। एक साल पहले की तुलना में अक्तूबर 2012 में निर्यात में 1.63 प्रतिशत गिरावट आ गई और व्यापार घाटा 21 अरब डॉलर की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। हालांकि, पिछले माह की तुलना में यह गिरावट कुछ कम रही है। विनिर्माण क्षेत्र के खराब प्रदर्शन से सितंबर माह में औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) में 0.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई जबकि एक साल पहले इसी महीने में आईआईपी में 2.5 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई थी। एक महीना पहले अगस्त, 2012 में औद्योगिक उत्पादन में सालाना आधार पर 2.3 प्रतिशत वृद्धि रही थी। देश के निर्यात कारोबार में भी गिरावट का दौर रहा। एक साल पहले की तुलना में अक्तूबर 2012 में निर्यात में 1.63 प्रतिशत गिरावट आ गई और व्यापार घाटा 21 अरब डॉलर की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। हालांकि, पिछले माह की तुलना में यह गिरावट कुछ कम रही है। देश के निर्यात कारोबार में भी गिरावट का दौर रहा। एक साल पहले की तुलना में अक्तूबर 2012 में निर्यात में 1.63 प्रतिशत गिरावट आ गई और व्यापार घाटा 21 अरब डॉलर की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। हालांकि, पिछले माह की तुलना में यह गिरावट कुछ कम रही है।
अर्थव्यवस्था के तीव्र वृद्धि की राह पर लौटने की उम्मीदें उस समय धूमिल पड़ती दिखीं जब दिवाली की पूर्व संध्या पर जारी सरकारी आंकड़ों में औद्योगिक उत्पादन और निर्यात में गिरावट तथा खुदरा बाजार की महंगाई में वृद्धि दर्ज की गई।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बेस्ट बेकरी मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने 5 लोगों को सबूतों के आभाव में रिहा कर दिया लेकिन 4 लोगो की आजीवन कारावास की सजा को कायम रखी। हाई कोर्ट ने यह फैसला बेस्ट बेकरी में काम करने वाले 4 चश्मदीदों के आधार पर दिया लेकिन बॉम्बे हाई कोर्ट का आखिरी फैसला चौंकाने वाला था। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में जहां बेकरी में काम करने वाले गवाहों को 3-3 लाख रुपये की सहायता राशि मुहैया करवाई वहीं यास्मीन शेख को भी 3 लाख रुपयों का हर्जाना देने को कहा। हाई कोर्ट ने कहा गुजरात सरकार यह पैसा 8 हफ्तों के भीतर हाई कोर्ट में जमा करवाए। हालांकि हाई कोर्ट के इस फैसले पर विशेष सरकारी वकील मंजुला राव ने हैरानी जाहिर की। एनडीटीवी इंडिया से विशेष बातचीत करते हुए मंजुला राव ने कहा कि, "मैं हाई कोर्ट के इस फैसले से हैरान हूं। यास्मीन ने दावा किया था कि उसे गवाही के लिए पैसे दिए गए थे। इसका मतलब साफ़ है कि उसने अदालत में झूठ बोला।" यास्मीन को दिए गए हर्जाने के बारे में राव ने कहा, "हम तो चाहते थे कि यास्मीन पर भी जाहिरा शेख की तरह गलत गवाही देने के आरोप में मुकदमा चले और उसे सजा हो लेकिन हाई कोर्ट ने उसे हर्जाना दे दिया।" मंजुला राव ने कहा की हाई कोर्ट का फैसला पढ़ने के बाद ही यह सोचा जाएगा कि बरी किए गए 5 आरोपियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका देनी है या नहीं।टिप्पणियां राव ने कहा की पुनर्विचार याचिका देने का आखिरी फैसला गुजरात सरकार का होगा। अपने फैसले में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से दंगों में पीड़ित गवाहों को विटनेस प्रोटेक्शन प्रोग्राम के तहत न सिर्फ मदद देने बल्कि उनके पुनर्वास के लिए भी काम करने की बात कही। हाई कोर्ट ने यह फैसला बेस्ट बेकरी में काम करने वाले 4 चश्मदीदों के आधार पर दिया लेकिन बॉम्बे हाई कोर्ट का आखिरी फैसला चौंकाने वाला था। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में जहां बेकरी में काम करने वाले गवाहों को 3-3 लाख रुपये की सहायता राशि मुहैया करवाई वहीं यास्मीन शेख को भी 3 लाख रुपयों का हर्जाना देने को कहा। हाई कोर्ट ने कहा गुजरात सरकार यह पैसा 8 हफ्तों के भीतर हाई कोर्ट में जमा करवाए। हालांकि हाई कोर्ट के इस फैसले पर विशेष सरकारी वकील मंजुला राव ने हैरानी जाहिर की। एनडीटीवी इंडिया से विशेष बातचीत करते हुए मंजुला राव ने कहा कि, "मैं हाई कोर्ट के इस फैसले से हैरान हूं। यास्मीन ने दावा किया था कि उसे गवाही के लिए पैसे दिए गए थे। इसका मतलब साफ़ है कि उसने अदालत में झूठ बोला।" यास्मीन को दिए गए हर्जाने के बारे में राव ने कहा, "हम तो चाहते थे कि यास्मीन पर भी जाहिरा शेख की तरह गलत गवाही देने के आरोप में मुकदमा चले और उसे सजा हो लेकिन हाई कोर्ट ने उसे हर्जाना दे दिया।" मंजुला राव ने कहा की हाई कोर्ट का फैसला पढ़ने के बाद ही यह सोचा जाएगा कि बरी किए गए 5 आरोपियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका देनी है या नहीं।टिप्पणियां राव ने कहा की पुनर्विचार याचिका देने का आखिरी फैसला गुजरात सरकार का होगा। अपने फैसले में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से दंगों में पीड़ित गवाहों को विटनेस प्रोटेक्शन प्रोग्राम के तहत न सिर्फ मदद देने बल्कि उनके पुनर्वास के लिए भी काम करने की बात कही। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में जहां बेकरी में काम करने वाले गवाहों को 3-3 लाख रुपये की सहायता राशि मुहैया करवाई वहीं यास्मीन शेख को भी 3 लाख रुपयों का हर्जाना देने को कहा। हाई कोर्ट ने कहा गुजरात सरकार यह पैसा 8 हफ्तों के भीतर हाई कोर्ट में जमा करवाए। हालांकि हाई कोर्ट के इस फैसले पर विशेष सरकारी वकील मंजुला राव ने हैरानी जाहिर की। एनडीटीवी इंडिया से विशेष बातचीत करते हुए मंजुला राव ने कहा कि, "मैं हाई कोर्ट के इस फैसले से हैरान हूं। यास्मीन ने दावा किया था कि उसे गवाही के लिए पैसे दिए गए थे। इसका मतलब साफ़ है कि उसने अदालत में झूठ बोला।" यास्मीन को दिए गए हर्जाने के बारे में राव ने कहा, "हम तो चाहते थे कि यास्मीन पर भी जाहिरा शेख की तरह गलत गवाही देने के आरोप में मुकदमा चले और उसे सजा हो लेकिन हाई कोर्ट ने उसे हर्जाना दे दिया।" मंजुला राव ने कहा की हाई कोर्ट का फैसला पढ़ने के बाद ही यह सोचा जाएगा कि बरी किए गए 5 आरोपियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका देनी है या नहीं।टिप्पणियां राव ने कहा की पुनर्विचार याचिका देने का आखिरी फैसला गुजरात सरकार का होगा। अपने फैसले में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से दंगों में पीड़ित गवाहों को विटनेस प्रोटेक्शन प्रोग्राम के तहत न सिर्फ मदद देने बल्कि उनके पुनर्वास के लिए भी काम करने की बात कही। एनडीटीवी इंडिया से विशेष बातचीत करते हुए मंजुला राव ने कहा कि, "मैं हाई कोर्ट के इस फैसले से हैरान हूं। यास्मीन ने दावा किया था कि उसे गवाही के लिए पैसे दिए गए थे। इसका मतलब साफ़ है कि उसने अदालत में झूठ बोला।" यास्मीन को दिए गए हर्जाने के बारे में राव ने कहा, "हम तो चाहते थे कि यास्मीन पर भी जाहिरा शेख की तरह गलत गवाही देने के आरोप में मुकदमा चले और उसे सजा हो लेकिन हाई कोर्ट ने उसे हर्जाना दे दिया।" मंजुला राव ने कहा की हाई कोर्ट का फैसला पढ़ने के बाद ही यह सोचा जाएगा कि बरी किए गए 5 आरोपियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका देनी है या नहीं।टिप्पणियां राव ने कहा की पुनर्विचार याचिका देने का आखिरी फैसला गुजरात सरकार का होगा। अपने फैसले में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से दंगों में पीड़ित गवाहों को विटनेस प्रोटेक्शन प्रोग्राम के तहत न सिर्फ मदद देने बल्कि उनके पुनर्वास के लिए भी काम करने की बात कही। यास्मीन को दिए गए हर्जाने के बारे में राव ने कहा, "हम तो चाहते थे कि यास्मीन पर भी जाहिरा शेख की तरह गलत गवाही देने के आरोप में मुकदमा चले और उसे सजा हो लेकिन हाई कोर्ट ने उसे हर्जाना दे दिया।" मंजुला राव ने कहा की हाई कोर्ट का फैसला पढ़ने के बाद ही यह सोचा जाएगा कि बरी किए गए 5 आरोपियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका देनी है या नहीं।टिप्पणियां राव ने कहा की पुनर्विचार याचिका देने का आखिरी फैसला गुजरात सरकार का होगा। अपने फैसले में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से दंगों में पीड़ित गवाहों को विटनेस प्रोटेक्शन प्रोग्राम के तहत न सिर्फ मदद देने बल्कि उनके पुनर्वास के लिए भी काम करने की बात कही। मंजुला राव ने कहा की हाई कोर्ट का फैसला पढ़ने के बाद ही यह सोचा जाएगा कि बरी किए गए 5 आरोपियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका देनी है या नहीं।टिप्पणियां राव ने कहा की पुनर्विचार याचिका देने का आखिरी फैसला गुजरात सरकार का होगा। अपने फैसले में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से दंगों में पीड़ित गवाहों को विटनेस प्रोटेक्शन प्रोग्राम के तहत न सिर्फ मदद देने बल्कि उनके पुनर्वास के लिए भी काम करने की बात कही। राव ने कहा की पुनर्विचार याचिका देने का आखिरी फैसला गुजरात सरकार का होगा। अपने फैसले में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से दंगों में पीड़ित गवाहों को विटनेस प्रोटेक्शन प्रोग्राम के तहत न सिर्फ मदद देने बल्कि उनके पुनर्वास के लिए भी काम करने की बात कही। अपने फैसले में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से दंगों में पीड़ित गवाहों को विटनेस प्रोटेक्शन प्रोग्राम के तहत न सिर्फ मदद देने बल्कि उनके पुनर्वास के लिए भी काम करने की बात कही।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बेस्ट बेकरी मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने 5 लोगों को सबूतों के आभाव में रिहा कर दिया लेकिन 4 लोगो की आजीवन कारावास की सजा को कायम रखी।
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए भाजपा ने आज कहा कि बड़े नोटों को अमान्य करने के कदम के जरिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कालाधन और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की दिशा में काम कर रहे हैं और इस संदर्भ में प्रतिद्वन्द्वी दल उनके खिलाफ ‘गोलबंद’ हो गए हैं. बड़े नोटों को अमान्य करने के कदम को ‘लक्षित हमला’ करार देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने दावा किया कि सामान्य नागरिक इस कदम के समर्थन में हैं और अब यह जन आंदोलन की शक्ल ले चुका है. उन्होंने कहा कि परेशानियों के बावजूद आम आदमी इस निर्णय के साथ है. शर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि दूसरी ओर विपक्षी दल इस आंदोलन को पटरी से उतारने के लिए विभिन्न प्रकार की अफवाहें फैलाकर ‘साजिश’ रच रहे हैं लेकिन देश कालाधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में मोदी के साथ है. भाजपा नेता ने कहा, ‘‘मोदी सरकार जहां कालाधन और भ्रष्टाचार को व्यवस्था से बाहर निकालने के लिए दिन रात काम कर रही है, वहीं विपक्षी दल उन्हें हटाने के लिए गोलबंद हो गए हैं.’’ सपा और बसपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यह अवसरवादी दल बड़े नोटों को अमान्य करने के कदम की सफलता पर सवाल उठा रहे हैं. वे लोग कहां थे जब कांग्रेस ने 10 वर्षों के कुशासन के दौरान विभिन्न घोटालों के जरिए आम लोगों को लूटने का काम किया. टिप्पणियां शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पर उंगुली उठाने की बजाए सपा और बसपा ने केंद्र में कांग्रेस की तत्कालीन सरकार का समर्थन किया था. केंद्र सरकार के इस निर्णय को ऐतिहासिक करार देते हुए उन्होंने कहा कि इसे चुनाव सुधार की तरफ एक कदम के रूप में देखा जाना चाहिए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बड़े नोटों को अमान्य करने के कदम को ‘लक्षित हमला’ करार देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने दावा किया कि सामान्य नागरिक इस कदम के समर्थन में हैं और अब यह जन आंदोलन की शक्ल ले चुका है. उन्होंने कहा कि परेशानियों के बावजूद आम आदमी इस निर्णय के साथ है. शर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि दूसरी ओर विपक्षी दल इस आंदोलन को पटरी से उतारने के लिए विभिन्न प्रकार की अफवाहें फैलाकर ‘साजिश’ रच रहे हैं लेकिन देश कालाधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में मोदी के साथ है. भाजपा नेता ने कहा, ‘‘मोदी सरकार जहां कालाधन और भ्रष्टाचार को व्यवस्था से बाहर निकालने के लिए दिन रात काम कर रही है, वहीं विपक्षी दल उन्हें हटाने के लिए गोलबंद हो गए हैं.’’ सपा और बसपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यह अवसरवादी दल बड़े नोटों को अमान्य करने के कदम की सफलता पर सवाल उठा रहे हैं. वे लोग कहां थे जब कांग्रेस ने 10 वर्षों के कुशासन के दौरान विभिन्न घोटालों के जरिए आम लोगों को लूटने का काम किया. टिप्पणियां शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पर उंगुली उठाने की बजाए सपा और बसपा ने केंद्र में कांग्रेस की तत्कालीन सरकार का समर्थन किया था. केंद्र सरकार के इस निर्णय को ऐतिहासिक करार देते हुए उन्होंने कहा कि इसे चुनाव सुधार की तरफ एक कदम के रूप में देखा जाना चाहिए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि दूसरी ओर विपक्षी दल इस आंदोलन को पटरी से उतारने के लिए विभिन्न प्रकार की अफवाहें फैलाकर ‘साजिश’ रच रहे हैं लेकिन देश कालाधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में मोदी के साथ है. भाजपा नेता ने कहा, ‘‘मोदी सरकार जहां कालाधन और भ्रष्टाचार को व्यवस्था से बाहर निकालने के लिए दिन रात काम कर रही है, वहीं विपक्षी दल उन्हें हटाने के लिए गोलबंद हो गए हैं.’’ सपा और बसपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यह अवसरवादी दल बड़े नोटों को अमान्य करने के कदम की सफलता पर सवाल उठा रहे हैं. वे लोग कहां थे जब कांग्रेस ने 10 वर्षों के कुशासन के दौरान विभिन्न घोटालों के जरिए आम लोगों को लूटने का काम किया. टिप्पणियां शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पर उंगुली उठाने की बजाए सपा और बसपा ने केंद्र में कांग्रेस की तत्कालीन सरकार का समर्थन किया था. केंद्र सरकार के इस निर्णय को ऐतिहासिक करार देते हुए उन्होंने कहा कि इसे चुनाव सुधार की तरफ एक कदम के रूप में देखा जाना चाहिए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भाजपा नेता ने कहा, ‘‘मोदी सरकार जहां कालाधन और भ्रष्टाचार को व्यवस्था से बाहर निकालने के लिए दिन रात काम कर रही है, वहीं विपक्षी दल उन्हें हटाने के लिए गोलबंद हो गए हैं.’’ सपा और बसपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यह अवसरवादी दल बड़े नोटों को अमान्य करने के कदम की सफलता पर सवाल उठा रहे हैं. वे लोग कहां थे जब कांग्रेस ने 10 वर्षों के कुशासन के दौरान विभिन्न घोटालों के जरिए आम लोगों को लूटने का काम किया. टिप्पणियां शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पर उंगुली उठाने की बजाए सपा और बसपा ने केंद्र में कांग्रेस की तत्कालीन सरकार का समर्थन किया था. केंद्र सरकार के इस निर्णय को ऐतिहासिक करार देते हुए उन्होंने कहा कि इसे चुनाव सुधार की तरफ एक कदम के रूप में देखा जाना चाहिए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पर उंगुली उठाने की बजाए सपा और बसपा ने केंद्र में कांग्रेस की तत्कालीन सरकार का समर्थन किया था. केंद्र सरकार के इस निर्णय को ऐतिहासिक करार देते हुए उन्होंने कहा कि इसे चुनाव सुधार की तरफ एक कदम के रूप में देखा जाना चाहिए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:सामान्य नागरिक सरकार के कदम के समर्थन में अफवाहें फैलाकर साजिश रच रहे हैं विपक्षी दल सपा और बसपा अवसरवादी दल
4
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट टीम के वरिष्ठ सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने मंगलवार को कहा कि टीम में शामिल सलामी बल्लेबाजों को बारी-बारी से आजमाया जाएगा। सहवाग के अलावा गौतम गम्भीर और सचिन तेंदुलकर के रूप में भारत के पास दो अन्य सलामी बल्लेबाज हैं। सहवाग ने यह साफ करना चाहा कि वह मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के साथ खेले गए पहले मुकाबले में क्यों नहीं खेल सके थे। सहवाग के मुताबिक अगर वह पर्थ में खेले तो सचिन या फिर गम्भीर में से किसी एक को उनके लिए जगह खाली करना होगा।टिप्पणियां सहवाग ने बुधवार को श्रीलंका के साथ होने वाले एकदिवसीय मुकाबले से पहले कहा, "हम अपने सलामी बल्लेबाजों को बारी-बारी से आजमा रहे हैं। मेलबर्न में मैं बाहर बैठा था, हो सकता है बुधवार को किसी और की बारी हो। यह भी हो सकता है कि मैं एक बार फिर मैदान से बाहर रहूं।" सहवाग ने कहा कि टीम प्रबंधन ने आगामी 50 ओवर विश्व कप, जिसका आयोजन आस्ट्रेलिया में ही होना है, को देखते हुए युवा खिलाड़ियों को लगातार मौका देने का फैसला किया है और इसी के तहत सुरेश रैना और रोहित शर्मा मेलबर्न में खेले थे जबकि तीन में से एक सलामी बल्लेबाज को आराम दिया गया था। सहवाग ने कहा, "हमारी नीति बिल्कुल साफ है। हम 2015 में यहां होने वाले विश्व कप देखते हुए अपने युवा खिलाड़ियों को अधिक से अधिक मौका देना चाहते हैं। हम हर युवा खिलाड़ी को आस्ट्रेलिया में खेलने का मौका देना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि युवा खिलाड़ी हालात में खुद को ढालने का प्रयास करें। हमारे पास कई अच्छे युवा खिलाड़ी हैं और उन्हें निखारना जरूरी हो गया है।" सहवाग ने बुधवार को श्रीलंका के साथ होने वाले एकदिवसीय मुकाबले से पहले कहा, "हम अपने सलामी बल्लेबाजों को बारी-बारी से आजमा रहे हैं। मेलबर्न में मैं बाहर बैठा था, हो सकता है बुधवार को किसी और की बारी हो। यह भी हो सकता है कि मैं एक बार फिर मैदान से बाहर रहूं।" सहवाग ने कहा कि टीम प्रबंधन ने आगामी 50 ओवर विश्व कप, जिसका आयोजन आस्ट्रेलिया में ही होना है, को देखते हुए युवा खिलाड़ियों को लगातार मौका देने का फैसला किया है और इसी के तहत सुरेश रैना और रोहित शर्मा मेलबर्न में खेले थे जबकि तीन में से एक सलामी बल्लेबाज को आराम दिया गया था। सहवाग ने कहा, "हमारी नीति बिल्कुल साफ है। हम 2015 में यहां होने वाले विश्व कप देखते हुए अपने युवा खिलाड़ियों को अधिक से अधिक मौका देना चाहते हैं। हम हर युवा खिलाड़ी को आस्ट्रेलिया में खेलने का मौका देना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि युवा खिलाड़ी हालात में खुद को ढालने का प्रयास करें। हमारे पास कई अच्छे युवा खिलाड़ी हैं और उन्हें निखारना जरूरी हो गया है।" सहवाग ने कहा, "हमारी नीति बिल्कुल साफ है। हम 2015 में यहां होने वाले विश्व कप देखते हुए अपने युवा खिलाड़ियों को अधिक से अधिक मौका देना चाहते हैं। हम हर युवा खिलाड़ी को आस्ट्रेलिया में खेलने का मौका देना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि युवा खिलाड़ी हालात में खुद को ढालने का प्रयास करें। हमारे पास कई अच्छे युवा खिलाड़ी हैं और उन्हें निखारना जरूरी हो गया है।"
यह एक सारांश है: भारतीय क्रिकेट टीम के वरिष्ठ सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने मंगलवार को कहा कि टीम में शामिल सलामी बल्लेबाजों को बारी-बारी से आजमाया जाएगा।
9
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में पुलिस ने मादक पदार्थो की तस्करी में लिप्त छह लोगों को लगभग एक करोड़ रुपये की हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक जिले के परतापुर इलाके में रविवार रात पुलिस और विशेष कारवाई बल (एसओजी) की संयुक्त कार्रवाई के दौरान इन तस्करों को गिरफ्तार किया गया। परतापुर थाना प्रभारी बीपी पुष्कर ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तस्करों में से कुछ नोएडा और गाजियाबाद के संस्थानों से विभिन्न कोर्स कर रहे हैं। सभी लोग उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन लोगों को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वे अपने किसी ग्राहक को हेरोइन बेचने की फिराक में थे। पुष्कर ने कहा कि प्रारम्भिक जांच के मुताबिक गिरफ्तार लोग पिछले दो-तीन वर्षों से इस धंधे में शामिल हैं। गाजियाबाद तथा नोएडा के अलावे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी ये लोग नशीले पदार्थों की आपूर्ति करते थे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में पुलिस ने मादक पदार्थो की तस्करी में लिप्त छह लोगों को लगभग एक करोड़ रुपये की हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया।
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के लोलाब में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ में तीन आतंकवादी ढेर हो गए, जबकि सुरक्षा बलों के दो जवान घायल हो गए। पुलिस के एक आला अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ में अब तक तीन आतंकवादी मारे जा चुके हैं। मुठभेड़ अभी जारी है। सूत्रों ने बताया कि स्थानीय पुलिस और 18 राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों ने इलाके में विदेशी आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद गुरुवार सुबह लोलाब के मैदानपोरा गांव में खोजी और घेराबंदी अभियान शुरू किया। दोनों पक्षों की ओर से गोलीबारी नहीं हुई, क्योंकि सुरक्षा बल सुनिश्चित करना चाहते थे कि अभियान शुरू होने के पहले इमारत से सभी नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाए। सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा बलों की घेराबंदी के बाद मकान से सभी पुरुष बाहर निकल आए, वहीं मकान मालिक की पत्नी और उसकी पुत्री एक घंटे से भी ज्यादा समय तक घर में फंसी रहीं। उन्होंने बताया कि दोनों के बाहर निकल आने के बाद सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच कार्रवाई शुरू हुई। सूत्रों के मुताबिक, आखिरी जानकारी आने तक दोनों पक्षों के बीच मुठभेड़ जारी थी। अभियान में दो जवानों के घायल होने की खबर है। निवासियों के मुताबिक, मकान में लश्कर-ए-तैयबा के एक आला कमांडर समेत पांच आतंकवादी मौजूद थे।
यह एक सारांश है: कुपवाड़ा के लोलाब में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में तीन आतंकवादी ढेर हो गए, जबकि सुरक्षा बलों के दो जवान घायल हो गए।
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बाबा रामदेव के अनशन से रुपहले पर्दे के अदाकार भी जुड़ते नजर आ रहे हैं। इस कड़ी के तहत रामलीला मैदान में भोजपुरी गायक और अभिनेता मनोज तिवारी पहुंचे और उन्होंने वहां मौजूद लोगों का देशभक्ति गीत और लोकगीत गाकर जमकर उत्साह बढ़ाया। तिवारी सुबह 10 बजे रामलीला मैदान पहुंचे। उन्होंने कहा कि अदाकारों को अपनी छवि की चिंता होती है। लेकिन आज रामलीला मैदान पर आने के बाद उन्हें भरोसा है कि लोग उन्हें हमेशा एक अच्छे मकसद के लिए हो रहे इस अनशन से जुड़ने के लिए याद रखेंगे। तिवारी ने सबसे पहले भारत का रहने वाला हूं, भारत की बात सुनाता हूं और ऐ मेरे वतन के लोगों जैसे गीत गाए। इसके बाद उन्होंने दो-तीन भोजपुरी गीत गाकर भी लोगों का मनोरंजन किया। तिवारी अपने साथी साजिंदों के साथ रामलीला मैदान में पहुंचे थे। रामदेव के समर्थन में सुबह से आई मुख्य शख्सियतों में साध्वी ऋतंभरा और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि मौलवी रिजवी शामिल हैं।
संक्षिप्त सारांश: रामलीला मैदान में भोजपुरी गायक और अभिनेता मनोज तिवारी पहुंचे और उन्होंने देशभक्ति गीत और लोकगीत गाकर लोगों का उत्साह बढ़ाया।
0
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पतंजलि की स्थापना योगगुरु बाबा रामदेव के सहयोग से वर्ष 2006 में की गई, जो शैम्पू से लेकर दंतमंजन (टूथपेस्ट भी) तक सब कुछ बनाती है... पिछले साल 5,000 करोड़ रुपये के कारोबार का आंकड़ा पार कर लेने वाले आयुर्वेद के इस साम्राज्य में बाबा रामदेव की भले ही कोई हिस्सेदारी नहीं है, लेकिन इसका चेहरा वही हैं...   पतंजलि के चेहरे बाबा रामदेव की बालकृष्ण के इस कारोबार में कोई हिस्सेदारी नहीं अगर शान-ओ-शौकत की बात करें, तो दफ्तर में मौजूद बालकृष्ण के आसपास सिर्फ काले-सफेद रंग की एक रेंजरोवर कार नज़र आती है, जिससे वह घर से दफ्तर आते-जाते हैं, या पतंजलि परिसर के एक हिस्से से दूसरे में जाया करते हैं, क्योंकि हरिद्वार में बना यह परिसर 150 एकड़ में फैला हुआ है... यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें आरामदायक सवारी में आनंद आता है, उनका जवाब था, "कार के बारे में नहीं सोचा, सुरक्षा के बारे में सोचना बेहतर था..." इस पर बाबा रामदेव ने कहा, "मैंने उन्हें मजबूर किया था कि यही कार खरीदें... हम बहुत यात्रा करते हैं, और मजबूत कार की सुरक्षा में रहना बेहतर होता है... हम महंगी चीज़ों की परवाह नहीं करते..." इसी के साथ उन्होंने बेहद साधारण-सा मोबाइल फोन भी निकालकर दिखाया, जो उनके मुताबिक 2,000 रुपये का था... हालांकि बालकृष्ण ने स्वीकार किया कि उनके पास आईफोन है... दोनों मित्रों की पहली मुलाकात आज से 30 साल पहले हरियाणा के गुरुकुल में हुई थी, जहां वे पढ़ते थे, और जल्द ही वे एक दूसरे के करीब आ गए थे...   बालकृष्ण शर्मीले हैं, बाबा रामदेव मीडिया-फ्रेंडली हैं... बालकृष्ण कुछ मोटे हैं, जबकि बाबा रामदेव सैकड़ों-हज़ारों लोगों या टीवी कैमरे के सामने अपने पतले-दुबले शरीर की मदद से कठिन से कठिन आसन भी आसानी से कर लिया करते हैं... उनका कामकाजी रिश्ता भी बिल्कुल अनूठा है... बाबा रामदेव अपने सबसे करीबी सहयोगी को 'बिज़नेस पार्टनर नहीं, आध्यात्मिक दोस्त' कहकर पुकारते हैं, जबकि बालकृष्ण कहते हैं, "हमारे बीच बोर्ड मीटिंग जैसा कुछ नहीं होता... कभी-कभी वह मेरे पास कोई आइडिया लेकर आते हैं, और वह पहले से जानते हैं कि मुझे क्या चाहिए..." वैसे आइडिया तो कभी भी यूं ही चलते-फिरते मिल जाया करते हैं... अब जीन्स को डिज़ाइन करने और उन्हें बनाने के बारे में ही लीजिए... बालकृष्ण के अनुसार, "हुआ यू था कि एक पत्रकार रामदेव जी का इंटरव्यू ले रहा था, और उसने जीन्स पहनी थी... उन्होंने उस पर कुछ कहा, तो पत्रकार ने मज़ाक में कहा कि आप लोग इन्हें क्यों नहीं बनाते, तो हमने भी सोचा - क्यों नहीं...?" बस, तभी से जाने-माने और ट्रेंडी कहलाने वाले ब्रांडों की तरफ से संयुक्त उपक्रम लगाने के लिए पेशकशों की बाढ़-सी आई हुई है... दरअसल, पतंजलि की कामयाबी के पीछे स्वदेशी या स्वदेश-निर्मित पर ज़ोर देना रहा है... वैसे, जीन्स में क्या स्वदेशी है, पूछे जाने पर बालकृष्ण ने हंसते हुए कहा, "उन्हें स्थानीय सब्ज़ियों से रंग लेकर रंगा जा सकता है..."   पतंजलि के प्रमुख बालकृष्ण के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने एक भी दिन छुट्टी नहीं ली 'आचार्य' की सम्मानसूचक उपाधि बालकृष्ण को बाबा रामदेव ने ही प्रदान की, और यह पतंजलि की परम्परा का हिस्सा है... इसके अलावा यह भी मशहूर है कि बालकृष्ण कभी एक दिन की भी छुट्टी नहीं लिया करते... जिस वक्त हम उनसे इंटरव्यू कर रहे थे, वह तब भी हरिद्वार स्थित मुख्यालय में एक नया हर्बल पार्क और म्यूज़ियम तैयार करवाने में व्यस्त थे...टिप्पणियां अपनी बिल्कुल नई प्रयोगशाला दिखाते हुए बालकृष्ण ने कहा, "मैं चाहता हूं कि हमारे रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक सहायता उपलब्ध हो..." और उसी समय बाहर उन ट्रकों की लाइन लगी हुई थी, जो मक्खन को हरिद्वार ले जाएंगे, जहां उसमें से घी निकाला जाएगा. वैसे, पतंजलि का सबसे ज़्यादा बिकने वाला उत्पाद यह घी ही है... आलोचकों का कहना है कि बालकृष्ण के खिलाफ फर्ज़ी पासपोर्ट (क्योंकि उनके माता-पिता नेपाल से हैं) और शैक्षिक योग्यताओं (डिग्रियों) से जुड़े मामले बंद करवाने में बाबा रामदेव का साथ तथा उनके द्वारा भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का प्रचार किया जाना काम आया, जबकि एक मामले में तो जांच सीबीआई के हवाले थी... निंदा करने वालों का यह भी कहना है कि यह मात्र संयोग नहीं हो सकता कि केंद्र में बीजेपी की सरकार के बनने के साथ ही पतंजलि ने तरक्की के आसमान को छूना शुरू कर दिया... लेकिन बालकृष्ण का कहना है, "इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि केंद्र सरकार हमारे पक्ष में है... हमें राज्य सरकार की ज़्यादा ज़रूरत पड़ती है, जो हमेशा से हमारे खिलाफ हैं..." उत्तराखंड में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के बारे में बात करते हुए बालकृष्ण ने बताया, "हर छोटी से छोटी चीज़ के लिए, हर अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए वे हमें परेशान करते हैं..." अगर शान-ओ-शौकत की बात करें, तो दफ्तर में मौजूद बालकृष्ण के आसपास सिर्फ काले-सफेद रंग की एक रेंजरोवर कार नज़र आती है, जिससे वह घर से दफ्तर आते-जाते हैं, या पतंजलि परिसर के एक हिस्से से दूसरे में जाया करते हैं, क्योंकि हरिद्वार में बना यह परिसर 150 एकड़ में फैला हुआ है... यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें आरामदायक सवारी में आनंद आता है, उनका जवाब था, "कार के बारे में नहीं सोचा, सुरक्षा के बारे में सोचना बेहतर था..." इस पर बाबा रामदेव ने कहा, "मैंने उन्हें मजबूर किया था कि यही कार खरीदें... हम बहुत यात्रा करते हैं, और मजबूत कार की सुरक्षा में रहना बेहतर होता है... हम महंगी चीज़ों की परवाह नहीं करते..." इसी के साथ उन्होंने बेहद साधारण-सा मोबाइल फोन भी निकालकर दिखाया, जो उनके मुताबिक 2,000 रुपये का था... हालांकि बालकृष्ण ने स्वीकार किया कि उनके पास आईफोन है... दोनों मित्रों की पहली मुलाकात आज से 30 साल पहले हरियाणा के गुरुकुल में हुई थी, जहां वे पढ़ते थे, और जल्द ही वे एक दूसरे के करीब आ गए थे...   बालकृष्ण शर्मीले हैं, बाबा रामदेव मीडिया-फ्रेंडली हैं... बालकृष्ण कुछ मोटे हैं, जबकि बाबा रामदेव सैकड़ों-हज़ारों लोगों या टीवी कैमरे के सामने अपने पतले-दुबले शरीर की मदद से कठिन से कठिन आसन भी आसानी से कर लिया करते हैं... उनका कामकाजी रिश्ता भी बिल्कुल अनूठा है... बाबा रामदेव अपने सबसे करीबी सहयोगी को 'बिज़नेस पार्टनर नहीं, आध्यात्मिक दोस्त' कहकर पुकारते हैं, जबकि बालकृष्ण कहते हैं, "हमारे बीच बोर्ड मीटिंग जैसा कुछ नहीं होता... कभी-कभी वह मेरे पास कोई आइडिया लेकर आते हैं, और वह पहले से जानते हैं कि मुझे क्या चाहिए..." वैसे आइडिया तो कभी भी यूं ही चलते-फिरते मिल जाया करते हैं... अब जीन्स को डिज़ाइन करने और उन्हें बनाने के बारे में ही लीजिए... बालकृष्ण के अनुसार, "हुआ यू था कि एक पत्रकार रामदेव जी का इंटरव्यू ले रहा था, और उसने जीन्स पहनी थी... उन्होंने उस पर कुछ कहा, तो पत्रकार ने मज़ाक में कहा कि आप लोग इन्हें क्यों नहीं बनाते, तो हमने भी सोचा - क्यों नहीं...?" बस, तभी से जाने-माने और ट्रेंडी कहलाने वाले ब्रांडों की तरफ से संयुक्त उपक्रम लगाने के लिए पेशकशों की बाढ़-सी आई हुई है... दरअसल, पतंजलि की कामयाबी के पीछे स्वदेशी या स्वदेश-निर्मित पर ज़ोर देना रहा है... वैसे, जीन्स में क्या स्वदेशी है, पूछे जाने पर बालकृष्ण ने हंसते हुए कहा, "उन्हें स्थानीय सब्ज़ियों से रंग लेकर रंगा जा सकता है..."   पतंजलि के प्रमुख बालकृष्ण के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने एक भी दिन छुट्टी नहीं ली 'आचार्य' की सम्मानसूचक उपाधि बालकृष्ण को बाबा रामदेव ने ही प्रदान की, और यह पतंजलि की परम्परा का हिस्सा है... इसके अलावा यह भी मशहूर है कि बालकृष्ण कभी एक दिन की भी छुट्टी नहीं लिया करते... जिस वक्त हम उनसे इंटरव्यू कर रहे थे, वह तब भी हरिद्वार स्थित मुख्यालय में एक नया हर्बल पार्क और म्यूज़ियम तैयार करवाने में व्यस्त थे...टिप्पणियां अपनी बिल्कुल नई प्रयोगशाला दिखाते हुए बालकृष्ण ने कहा, "मैं चाहता हूं कि हमारे रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक सहायता उपलब्ध हो..." और उसी समय बाहर उन ट्रकों की लाइन लगी हुई थी, जो मक्खन को हरिद्वार ले जाएंगे, जहां उसमें से घी निकाला जाएगा. वैसे, पतंजलि का सबसे ज़्यादा बिकने वाला उत्पाद यह घी ही है... आलोचकों का कहना है कि बालकृष्ण के खिलाफ फर्ज़ी पासपोर्ट (क्योंकि उनके माता-पिता नेपाल से हैं) और शैक्षिक योग्यताओं (डिग्रियों) से जुड़े मामले बंद करवाने में बाबा रामदेव का साथ तथा उनके द्वारा भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का प्रचार किया जाना काम आया, जबकि एक मामले में तो जांच सीबीआई के हवाले थी... निंदा करने वालों का यह भी कहना है कि यह मात्र संयोग नहीं हो सकता कि केंद्र में बीजेपी की सरकार के बनने के साथ ही पतंजलि ने तरक्की के आसमान को छूना शुरू कर दिया... लेकिन बालकृष्ण का कहना है, "इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि केंद्र सरकार हमारे पक्ष में है... हमें राज्य सरकार की ज़्यादा ज़रूरत पड़ती है, जो हमेशा से हमारे खिलाफ हैं..." उत्तराखंड में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के बारे में बात करते हुए बालकृष्ण ने बताया, "हर छोटी से छोटी चीज़ के लिए, हर अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए वे हमें परेशान करते हैं..." यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें आरामदायक सवारी में आनंद आता है, उनका जवाब था, "कार के बारे में नहीं सोचा, सुरक्षा के बारे में सोचना बेहतर था..." इस पर बाबा रामदेव ने कहा, "मैंने उन्हें मजबूर किया था कि यही कार खरीदें... हम बहुत यात्रा करते हैं, और मजबूत कार की सुरक्षा में रहना बेहतर होता है... हम महंगी चीज़ों की परवाह नहीं करते..." इसी के साथ उन्होंने बेहद साधारण-सा मोबाइल फोन भी निकालकर दिखाया, जो उनके मुताबिक 2,000 रुपये का था... हालांकि बालकृष्ण ने स्वीकार किया कि उनके पास आईफोन है... दोनों मित्रों की पहली मुलाकात आज से 30 साल पहले हरियाणा के गुरुकुल में हुई थी, जहां वे पढ़ते थे, और जल्द ही वे एक दूसरे के करीब आ गए थे...   बालकृष्ण शर्मीले हैं, बाबा रामदेव मीडिया-फ्रेंडली हैं... बालकृष्ण कुछ मोटे हैं, जबकि बाबा रामदेव सैकड़ों-हज़ारों लोगों या टीवी कैमरे के सामने अपने पतले-दुबले शरीर की मदद से कठिन से कठिन आसन भी आसानी से कर लिया करते हैं... उनका कामकाजी रिश्ता भी बिल्कुल अनूठा है... बाबा रामदेव अपने सबसे करीबी सहयोगी को 'बिज़नेस पार्टनर नहीं, आध्यात्मिक दोस्त' कहकर पुकारते हैं, जबकि बालकृष्ण कहते हैं, "हमारे बीच बोर्ड मीटिंग जैसा कुछ नहीं होता... कभी-कभी वह मेरे पास कोई आइडिया लेकर आते हैं, और वह पहले से जानते हैं कि मुझे क्या चाहिए..." वैसे आइडिया तो कभी भी यूं ही चलते-फिरते मिल जाया करते हैं... अब जीन्स को डिज़ाइन करने और उन्हें बनाने के बारे में ही लीजिए... बालकृष्ण के अनुसार, "हुआ यू था कि एक पत्रकार रामदेव जी का इंटरव्यू ले रहा था, और उसने जीन्स पहनी थी... उन्होंने उस पर कुछ कहा, तो पत्रकार ने मज़ाक में कहा कि आप लोग इन्हें क्यों नहीं बनाते, तो हमने भी सोचा - क्यों नहीं...?" बस, तभी से जाने-माने और ट्रेंडी कहलाने वाले ब्रांडों की तरफ से संयुक्त उपक्रम लगाने के लिए पेशकशों की बाढ़-सी आई हुई है... दरअसल, पतंजलि की कामयाबी के पीछे स्वदेशी या स्वदेश-निर्मित पर ज़ोर देना रहा है... वैसे, जीन्स में क्या स्वदेशी है, पूछे जाने पर बालकृष्ण ने हंसते हुए कहा, "उन्हें स्थानीय सब्ज़ियों से रंग लेकर रंगा जा सकता है..."   पतंजलि के प्रमुख बालकृष्ण के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने एक भी दिन छुट्टी नहीं ली 'आचार्य' की सम्मानसूचक उपाधि बालकृष्ण को बाबा रामदेव ने ही प्रदान की, और यह पतंजलि की परम्परा का हिस्सा है... इसके अलावा यह भी मशहूर है कि बालकृष्ण कभी एक दिन की भी छुट्टी नहीं लिया करते... जिस वक्त हम उनसे इंटरव्यू कर रहे थे, वह तब भी हरिद्वार स्थित मुख्यालय में एक नया हर्बल पार्क और म्यूज़ियम तैयार करवाने में व्यस्त थे...टिप्पणियां अपनी बिल्कुल नई प्रयोगशाला दिखाते हुए बालकृष्ण ने कहा, "मैं चाहता हूं कि हमारे रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक सहायता उपलब्ध हो..." और उसी समय बाहर उन ट्रकों की लाइन लगी हुई थी, जो मक्खन को हरिद्वार ले जाएंगे, जहां उसमें से घी निकाला जाएगा. वैसे, पतंजलि का सबसे ज़्यादा बिकने वाला उत्पाद यह घी ही है... आलोचकों का कहना है कि बालकृष्ण के खिलाफ फर्ज़ी पासपोर्ट (क्योंकि उनके माता-पिता नेपाल से हैं) और शैक्षिक योग्यताओं (डिग्रियों) से जुड़े मामले बंद करवाने में बाबा रामदेव का साथ तथा उनके द्वारा भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का प्रचार किया जाना काम आया, जबकि एक मामले में तो जांच सीबीआई के हवाले थी... निंदा करने वालों का यह भी कहना है कि यह मात्र संयोग नहीं हो सकता कि केंद्र में बीजेपी की सरकार के बनने के साथ ही पतंजलि ने तरक्की के आसमान को छूना शुरू कर दिया... लेकिन बालकृष्ण का कहना है, "इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि केंद्र सरकार हमारे पक्ष में है... हमें राज्य सरकार की ज़्यादा ज़रूरत पड़ती है, जो हमेशा से हमारे खिलाफ हैं..." उत्तराखंड में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के बारे में बात करते हुए बालकृष्ण ने बताया, "हर छोटी से छोटी चीज़ के लिए, हर अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए वे हमें परेशान करते हैं..." दोनों मित्रों की पहली मुलाकात आज से 30 साल पहले हरियाणा के गुरुकुल में हुई थी, जहां वे पढ़ते थे, और जल्द ही वे एक दूसरे के करीब आ गए थे...   बालकृष्ण शर्मीले हैं, बाबा रामदेव मीडिया-फ्रेंडली हैं... बालकृष्ण कुछ मोटे हैं, जबकि बाबा रामदेव सैकड़ों-हज़ारों लोगों या टीवी कैमरे के सामने अपने पतले-दुबले शरीर की मदद से कठिन से कठिन आसन भी आसानी से कर लिया करते हैं... उनका कामकाजी रिश्ता भी बिल्कुल अनूठा है... बाबा रामदेव अपने सबसे करीबी सहयोगी को 'बिज़नेस पार्टनर नहीं, आध्यात्मिक दोस्त' कहकर पुकारते हैं, जबकि बालकृष्ण कहते हैं, "हमारे बीच बोर्ड मीटिंग जैसा कुछ नहीं होता... कभी-कभी वह मेरे पास कोई आइडिया लेकर आते हैं, और वह पहले से जानते हैं कि मुझे क्या चाहिए..." वैसे आइडिया तो कभी भी यूं ही चलते-फिरते मिल जाया करते हैं... अब जीन्स को डिज़ाइन करने और उन्हें बनाने के बारे में ही लीजिए... बालकृष्ण के अनुसार, "हुआ यू था कि एक पत्रकार रामदेव जी का इंटरव्यू ले रहा था, और उसने जीन्स पहनी थी... उन्होंने उस पर कुछ कहा, तो पत्रकार ने मज़ाक में कहा कि आप लोग इन्हें क्यों नहीं बनाते, तो हमने भी सोचा - क्यों नहीं...?" बस, तभी से जाने-माने और ट्रेंडी कहलाने वाले ब्रांडों की तरफ से संयुक्त उपक्रम लगाने के लिए पेशकशों की बाढ़-सी आई हुई है... दरअसल, पतंजलि की कामयाबी के पीछे स्वदेशी या स्वदेश-निर्मित पर ज़ोर देना रहा है... वैसे, जीन्स में क्या स्वदेशी है, पूछे जाने पर बालकृष्ण ने हंसते हुए कहा, "उन्हें स्थानीय सब्ज़ियों से रंग लेकर रंगा जा सकता है..."   पतंजलि के प्रमुख बालकृष्ण के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने एक भी दिन छुट्टी नहीं ली 'आचार्य' की सम्मानसूचक उपाधि बालकृष्ण को बाबा रामदेव ने ही प्रदान की, और यह पतंजलि की परम्परा का हिस्सा है... इसके अलावा यह भी मशहूर है कि बालकृष्ण कभी एक दिन की भी छुट्टी नहीं लिया करते... जिस वक्त हम उनसे इंटरव्यू कर रहे थे, वह तब भी हरिद्वार स्थित मुख्यालय में एक नया हर्बल पार्क और म्यूज़ियम तैयार करवाने में व्यस्त थे...टिप्पणियां अपनी बिल्कुल नई प्रयोगशाला दिखाते हुए बालकृष्ण ने कहा, "मैं चाहता हूं कि हमारे रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक सहायता उपलब्ध हो..." और उसी समय बाहर उन ट्रकों की लाइन लगी हुई थी, जो मक्खन को हरिद्वार ले जाएंगे, जहां उसमें से घी निकाला जाएगा. वैसे, पतंजलि का सबसे ज़्यादा बिकने वाला उत्पाद यह घी ही है... आलोचकों का कहना है कि बालकृष्ण के खिलाफ फर्ज़ी पासपोर्ट (क्योंकि उनके माता-पिता नेपाल से हैं) और शैक्षिक योग्यताओं (डिग्रियों) से जुड़े मामले बंद करवाने में बाबा रामदेव का साथ तथा उनके द्वारा भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का प्रचार किया जाना काम आया, जबकि एक मामले में तो जांच सीबीआई के हवाले थी... निंदा करने वालों का यह भी कहना है कि यह मात्र संयोग नहीं हो सकता कि केंद्र में बीजेपी की सरकार के बनने के साथ ही पतंजलि ने तरक्की के आसमान को छूना शुरू कर दिया... लेकिन बालकृष्ण का कहना है, "इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि केंद्र सरकार हमारे पक्ष में है... हमें राज्य सरकार की ज़्यादा ज़रूरत पड़ती है, जो हमेशा से हमारे खिलाफ हैं..." उत्तराखंड में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के बारे में बात करते हुए बालकृष्ण ने बताया, "हर छोटी से छोटी चीज़ के लिए, हर अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए वे हमें परेशान करते हैं..." वैसे आइडिया तो कभी भी यूं ही चलते-फिरते मिल जाया करते हैं... अब जीन्स को डिज़ाइन करने और उन्हें बनाने के बारे में ही लीजिए... बालकृष्ण के अनुसार, "हुआ यू था कि एक पत्रकार रामदेव जी का इंटरव्यू ले रहा था, और उसने जीन्स पहनी थी... उन्होंने उस पर कुछ कहा, तो पत्रकार ने मज़ाक में कहा कि आप लोग इन्हें क्यों नहीं बनाते, तो हमने भी सोचा - क्यों नहीं...?" बस, तभी से जाने-माने और ट्रेंडी कहलाने वाले ब्रांडों की तरफ से संयुक्त उपक्रम लगाने के लिए पेशकशों की बाढ़-सी आई हुई है... दरअसल, पतंजलि की कामयाबी के पीछे स्वदेशी या स्वदेश-निर्मित पर ज़ोर देना रहा है... वैसे, जीन्स में क्या स्वदेशी है, पूछे जाने पर बालकृष्ण ने हंसते हुए कहा, "उन्हें स्थानीय सब्ज़ियों से रंग लेकर रंगा जा सकता है..."   पतंजलि के प्रमुख बालकृष्ण के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने एक भी दिन छुट्टी नहीं ली 'आचार्य' की सम्मानसूचक उपाधि बालकृष्ण को बाबा रामदेव ने ही प्रदान की, और यह पतंजलि की परम्परा का हिस्सा है... इसके अलावा यह भी मशहूर है कि बालकृष्ण कभी एक दिन की भी छुट्टी नहीं लिया करते... जिस वक्त हम उनसे इंटरव्यू कर रहे थे, वह तब भी हरिद्वार स्थित मुख्यालय में एक नया हर्बल पार्क और म्यूज़ियम तैयार करवाने में व्यस्त थे...टिप्पणियां अपनी बिल्कुल नई प्रयोगशाला दिखाते हुए बालकृष्ण ने कहा, "मैं चाहता हूं कि हमारे रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक सहायता उपलब्ध हो..." और उसी समय बाहर उन ट्रकों की लाइन लगी हुई थी, जो मक्खन को हरिद्वार ले जाएंगे, जहां उसमें से घी निकाला जाएगा. वैसे, पतंजलि का सबसे ज़्यादा बिकने वाला उत्पाद यह घी ही है... आलोचकों का कहना है कि बालकृष्ण के खिलाफ फर्ज़ी पासपोर्ट (क्योंकि उनके माता-पिता नेपाल से हैं) और शैक्षिक योग्यताओं (डिग्रियों) से जुड़े मामले बंद करवाने में बाबा रामदेव का साथ तथा उनके द्वारा भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का प्रचार किया जाना काम आया, जबकि एक मामले में तो जांच सीबीआई के हवाले थी... निंदा करने वालों का यह भी कहना है कि यह मात्र संयोग नहीं हो सकता कि केंद्र में बीजेपी की सरकार के बनने के साथ ही पतंजलि ने तरक्की के आसमान को छूना शुरू कर दिया... लेकिन बालकृष्ण का कहना है, "इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि केंद्र सरकार हमारे पक्ष में है... हमें राज्य सरकार की ज़्यादा ज़रूरत पड़ती है, जो हमेशा से हमारे खिलाफ हैं..." उत्तराखंड में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के बारे में बात करते हुए बालकृष्ण ने बताया, "हर छोटी से छोटी चीज़ के लिए, हर अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए वे हमें परेशान करते हैं..." बस, तभी से जाने-माने और ट्रेंडी कहलाने वाले ब्रांडों की तरफ से संयुक्त उपक्रम लगाने के लिए पेशकशों की बाढ़-सी आई हुई है... दरअसल, पतंजलि की कामयाबी के पीछे स्वदेशी या स्वदेश-निर्मित पर ज़ोर देना रहा है... वैसे, जीन्स में क्या स्वदेशी है, पूछे जाने पर बालकृष्ण ने हंसते हुए कहा, "उन्हें स्थानीय सब्ज़ियों से रंग लेकर रंगा जा सकता है..."   पतंजलि के प्रमुख बालकृष्ण के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने एक भी दिन छुट्टी नहीं ली 'आचार्य' की सम्मानसूचक उपाधि बालकृष्ण को बाबा रामदेव ने ही प्रदान की, और यह पतंजलि की परम्परा का हिस्सा है... इसके अलावा यह भी मशहूर है कि बालकृष्ण कभी एक दिन की भी छुट्टी नहीं लिया करते... जिस वक्त हम उनसे इंटरव्यू कर रहे थे, वह तब भी हरिद्वार स्थित मुख्यालय में एक नया हर्बल पार्क और म्यूज़ियम तैयार करवाने में व्यस्त थे...टिप्पणियां अपनी बिल्कुल नई प्रयोगशाला दिखाते हुए बालकृष्ण ने कहा, "मैं चाहता हूं कि हमारे रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक सहायता उपलब्ध हो..." और उसी समय बाहर उन ट्रकों की लाइन लगी हुई थी, जो मक्खन को हरिद्वार ले जाएंगे, जहां उसमें से घी निकाला जाएगा. वैसे, पतंजलि का सबसे ज़्यादा बिकने वाला उत्पाद यह घी ही है... आलोचकों का कहना है कि बालकृष्ण के खिलाफ फर्ज़ी पासपोर्ट (क्योंकि उनके माता-पिता नेपाल से हैं) और शैक्षिक योग्यताओं (डिग्रियों) से जुड़े मामले बंद करवाने में बाबा रामदेव का साथ तथा उनके द्वारा भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का प्रचार किया जाना काम आया, जबकि एक मामले में तो जांच सीबीआई के हवाले थी... निंदा करने वालों का यह भी कहना है कि यह मात्र संयोग नहीं हो सकता कि केंद्र में बीजेपी की सरकार के बनने के साथ ही पतंजलि ने तरक्की के आसमान को छूना शुरू कर दिया... लेकिन बालकृष्ण का कहना है, "इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि केंद्र सरकार हमारे पक्ष में है... हमें राज्य सरकार की ज़्यादा ज़रूरत पड़ती है, जो हमेशा से हमारे खिलाफ हैं..." उत्तराखंड में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के बारे में बात करते हुए बालकृष्ण ने बताया, "हर छोटी से छोटी चीज़ के लिए, हर अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए वे हमें परेशान करते हैं..." अपनी बिल्कुल नई प्रयोगशाला दिखाते हुए बालकृष्ण ने कहा, "मैं चाहता हूं कि हमारे रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक सहायता उपलब्ध हो..." और उसी समय बाहर उन ट्रकों की लाइन लगी हुई थी, जो मक्खन को हरिद्वार ले जाएंगे, जहां उसमें से घी निकाला जाएगा. वैसे, पतंजलि का सबसे ज़्यादा बिकने वाला उत्पाद यह घी ही है... आलोचकों का कहना है कि बालकृष्ण के खिलाफ फर्ज़ी पासपोर्ट (क्योंकि उनके माता-पिता नेपाल से हैं) और शैक्षिक योग्यताओं (डिग्रियों) से जुड़े मामले बंद करवाने में बाबा रामदेव का साथ तथा उनके द्वारा भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का प्रचार किया जाना काम आया, जबकि एक मामले में तो जांच सीबीआई के हवाले थी... निंदा करने वालों का यह भी कहना है कि यह मात्र संयोग नहीं हो सकता कि केंद्र में बीजेपी की सरकार के बनने के साथ ही पतंजलि ने तरक्की के आसमान को छूना शुरू कर दिया... लेकिन बालकृष्ण का कहना है, "इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि केंद्र सरकार हमारे पक्ष में है... हमें राज्य सरकार की ज़्यादा ज़रूरत पड़ती है, जो हमेशा से हमारे खिलाफ हैं..." उत्तराखंड में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के बारे में बात करते हुए बालकृष्ण ने बताया, "हर छोटी से छोटी चीज़ के लिए, हर अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए वे हमें परेशान करते हैं..." आलोचकों का कहना है कि बालकृष्ण के खिलाफ फर्ज़ी पासपोर्ट (क्योंकि उनके माता-पिता नेपाल से हैं) और शैक्षिक योग्यताओं (डिग्रियों) से जुड़े मामले बंद करवाने में बाबा रामदेव का साथ तथा उनके द्वारा भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का प्रचार किया जाना काम आया, जबकि एक मामले में तो जांच सीबीआई के हवाले थी... निंदा करने वालों का यह भी कहना है कि यह मात्र संयोग नहीं हो सकता कि केंद्र में बीजेपी की सरकार के बनने के साथ ही पतंजलि ने तरक्की के आसमान को छूना शुरू कर दिया... लेकिन बालकृष्ण का कहना है, "इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि केंद्र सरकार हमारे पक्ष में है... हमें राज्य सरकार की ज़्यादा ज़रूरत पड़ती है, जो हमेशा से हमारे खिलाफ हैं..." उत्तराखंड में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के बारे में बात करते हुए बालकृष्ण ने बताया, "हर छोटी से छोटी चीज़ के लिए, हर अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए वे हमें परेशान करते हैं..."
संक्षिप्त सारांश: 43-वर्षीय आचार्य बालकृष्ण पतंजलि आयुर्वेद के प्रमुख हैं ब्रांड का चेहरा बाबा रामदेव हैं, लेकिन कोई हिस्सेदारी नहीं है शानदार कारोबार करने वाली पतंजलि अब बाज़ार में जीन्स लेकर आ रही है
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में गुरुवार को आतंकवादियों ने एक बैंक से 11 लाख रुपये लूट लिए. एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि आतंकियों ने पुलवामा जिले के रंतीपुरा में जम्मू-कश्मीर बैंक की शाखा में लूट की वारदात को अंजाम दिया. आतंकियों की संख्या का पता नहीं चल सका. वे 11 लाख रुपये लूटकर फरार हो गए. इस घटना के तुरंत बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन स्थानीय निवासियों ने उन पर पथराव शुरू कर दिया. लूटी गई रकम में से 16,000 रुपये बंद हो चुके नोटों में है और बाकी वैध मुद्रा है. 8 नवंबर को 500 रुपये और 1,000 रुपये के नोटों को बंद करने की केंद्र की घोषणा के बाद से आतंकियों द्वारा बैंक लूट की यह तीसरी घटना है.टिप्पणियां 8 दिसंबर को चार आतंकियों ने पुलवामा जिले के अरिहल में जम्मू-कश्मीर बैंक की एक शाखा से करीब 10 लाख रुपये लूट लिए थे. इससे पहले 21 नवंबर को आतंकियों ने मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के चरार-ए-शरीफ इलाके में एक बैंक से 13 लाख रुपये लूटे थे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस घटना के तुरंत बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन स्थानीय निवासियों ने उन पर पथराव शुरू कर दिया. लूटी गई रकम में से 16,000 रुपये बंद हो चुके नोटों में है और बाकी वैध मुद्रा है. 8 नवंबर को 500 रुपये और 1,000 रुपये के नोटों को बंद करने की केंद्र की घोषणा के बाद से आतंकियों द्वारा बैंक लूट की यह तीसरी घटना है.टिप्पणियां 8 दिसंबर को चार आतंकियों ने पुलवामा जिले के अरिहल में जम्मू-कश्मीर बैंक की एक शाखा से करीब 10 लाख रुपये लूट लिए थे. इससे पहले 21 नवंबर को आतंकियों ने मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के चरार-ए-शरीफ इलाके में एक बैंक से 13 लाख रुपये लूटे थे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) 8 दिसंबर को चार आतंकियों ने पुलवामा जिले के अरिहल में जम्मू-कश्मीर बैंक की एक शाखा से करीब 10 लाख रुपये लूट लिए थे. इससे पहले 21 नवंबर को आतंकियों ने मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के चरार-ए-शरीफ इलाके में एक बैंक से 13 लाख रुपये लूटे थे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: रंतीपुरा में जम्मू-कश्मीर बैंक की शाखा में लूट लूटी गई रकम में से 16,000 रुपये बंद हो चुके नोटों में नोटबंदी के बाद राज्य में आतंकियों द्वारा बैंक लूटने की तीसरी घटना
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पॉल बाबा बनकर उभरे ऑस्ट्रेलिया के महान लेग स्पिनर शेन वार्न ने मोहाली में भारत-पाकिस्तान के बीच खेले गए महामुकाबले में भारत की आठ रन से रोमांचक जीत की भविष्यवाणी की थी। भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए मैच टाई की सटीक भविष्यणवाणी कर सुखिर्यों में आए वार्न ने इस बेहद रोमांचक मैच में भारत के जीत की भविष्यवाणी की थी। आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स टीम के कप्तान और कोच वार्न ने क्रिकेट के इस महाकुंभ में भविष्यणवाणी करते हुए ट्विटर पर लिखा, आज की भविष्यवाणी। भारत 8 रन से पाकिस्तान से यह मैच जीत लेगा। मैं अपने पाकिस्तानी मित्रों से माफी चाहूंगा। वार्न की इस टिप्पणी पर राजस्थान रॉयल्स टीम की मालकिन शिल्पा शेट्टी ने कहा, वार्न मैं तुम्हारी भविष्यवाणी को बेहद पंसद करती हूं, क्योंकि तुम्हारी 99 प्रतिशत भविष्यवाणी सही साबित होती हैं। अंगुलियां उठ गई हैं वार्नी। मैच शुरू होने से पहले वार्न ने लिखा, भारत और पाकिस्तान के बीच एक बड़ा मुकाबला। विजेता को चुनना मुश्किल है। जो भी पहले बल्लेबाजी करेगा, उसका पलड़ा भारी रहेगा। भारत को एक रोमांचक मुकाबले में मैच जीतना चाहिए। गौरतलब है कि जर्मन ऑक्टोपस पॉल ने फुटबॉल विश्वकप मुकाबलों में सटीक भविष्यवाणी की थी।
यहाँ एक सारांश है:पॉल बाबा बनकर उभरे शेन वार्न ने मोहाली में भारत-पाक के बीच खेले गए महामुकाबले में भारत की आठ रन से रोमांचक जीत की भविष्यवाणी की थी।
12
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बीजेपी संसदीय दल की बैठक में  '70 साल आजादी, याद करो कुर्बानी' कार्यक्रम पर चर्चा हुई है. बैठक में वेंकैया नायडू ने इस कार्यक्रम से संबंधित प्रेजेंटेशन दिया. पीएम मोदी 9 अगस्त को इस कार्यक्रम को लॉन्च करेंगे.टिप्पणियां इस कार्यक्रम से जुड़ी खास जानकारियां.... इस कार्यक्रम के लिए 75 मंत्री पूरे देश में महत्वपूर्ण जगहों पर जाएंगे.स्वतंत्रता आंदोलन के महत्वपूर्ण कार्यक्रम और स्थल को याद किया जाएगा.राष्ट्रीय महापुरुषों के साथ क्षेत्रीय महापुरुषों को भी याद किया जाएगा, जो स्वतंत्रता आंदोलन के हीरो रहे हैं.कई रचनात्मक कार्यक्रम किए जाएंगे.इन कार्यक्रमों के साथ ही सरकार के विकास कार्यों को भी बताया जाएगा.महिला मंत्री और सांसद सीमा पर जाकर सैनिकों को राखी बांधेंगी.सभी मंत्रालय अपने कार्यक्रम करेंगे .एक सप्ताह तक देशभक्ति वाली फिल्म और स्वतंत्रता आंदोलन के नायकों के भाषणों के अंश प्रसारित होंगे. वेंकैया ने बताया, ‘‘इसका मूल विचार जनता के बीच देशभक्ति की भावना को दोबारा जगाना है ताकि आजादी की लड़ाई लड़ने वाले हमारे नेताओं के बलिदानों को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके और उनकी बहादुरी को याद किया जा सके।’’ काकोरी प्रकरण, जलियांवाला बाग कांड, दांडी मार्च और भारत छोड़ो आंदोलन जैसी घटनाओं का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े स्थानों का दौरा करेंगे और नेताओं के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। उन्होंने कहा, ‘‘काकोरी, भारत छोड़ो आंदोलन और दांडी मार्च को याद किया जाएगा ताकि युवा पीढ़ी इनसे प्रेरणा ले सके। प्रधानमंत्री 9 अगस्त को इस अभियान की शुरुआत करेंगे।’’ पार्टी 15 अगस्त से 22 अगस्त तक तिरंगा यात्रा निकालेगी। (इनपुट्स भाषा से भी) इस कार्यक्रम से जुड़ी खास जानकारियां.... इस कार्यक्रम के लिए 75 मंत्री पूरे देश में महत्वपूर्ण जगहों पर जाएंगे.स्वतंत्रता आंदोलन के महत्वपूर्ण कार्यक्रम और स्थल को याद किया जाएगा.राष्ट्रीय महापुरुषों के साथ क्षेत्रीय महापुरुषों को भी याद किया जाएगा, जो स्वतंत्रता आंदोलन के हीरो रहे हैं.कई रचनात्मक कार्यक्रम किए जाएंगे.इन कार्यक्रमों के साथ ही सरकार के विकास कार्यों को भी बताया जाएगा.महिला मंत्री और सांसद सीमा पर जाकर सैनिकों को राखी बांधेंगी.सभी मंत्रालय अपने कार्यक्रम करेंगे .एक सप्ताह तक देशभक्ति वाली फिल्म और स्वतंत्रता आंदोलन के नायकों के भाषणों के अंश प्रसारित होंगे. वेंकैया ने बताया, ‘‘इसका मूल विचार जनता के बीच देशभक्ति की भावना को दोबारा जगाना है ताकि आजादी की लड़ाई लड़ने वाले हमारे नेताओं के बलिदानों को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके और उनकी बहादुरी को याद किया जा सके।’’ काकोरी प्रकरण, जलियांवाला बाग कांड, दांडी मार्च और भारत छोड़ो आंदोलन जैसी घटनाओं का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े स्थानों का दौरा करेंगे और नेताओं के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। उन्होंने कहा, ‘‘काकोरी, भारत छोड़ो आंदोलन और दांडी मार्च को याद किया जाएगा ताकि युवा पीढ़ी इनसे प्रेरणा ले सके। प्रधानमंत्री 9 अगस्त को इस अभियान की शुरुआत करेंगे।’’ पार्टी 15 अगस्त से 22 अगस्त तक तिरंगा यात्रा निकालेगी। (इनपुट्स भाषा से भी) (इनपुट्स भाषा से भी)
संक्षिप्त पाठ: महिला मंत्री और सांसद सीमा पर जाकर सैनिकों को राखी बांधेंगी. इस कार्यक्रम के लिए 75 मंत्री पूरे देश में महत्वपूर्ण जगहों पर जाएंगे. सभी मंत्रालय अपने कार्यक्रम करेंगे .
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्‍ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हवाईअड्डे पर एक महिला यात्री के पास से 2 किलोग्राम से ज्‍यादा सोना बरामद किया गया है. एयर इंटेलिजेंस यूनिट (एआईयू) ने सोमवार को बताया कि उन्‍होंने दुबई से दिल्‍ली आई एक महिला यात्री को हिरासत में लिया है.टिप्पणियां महिला के पास से 64,38,960 रुपये मूल्‍य का सोना बरामद किया गया है. एआईयू द्वारा जारी बयान के अनुसार 21-22 अगस्‍त की दरमियानी रात को शक होने पर फरहात उन्‍नीसा नाम की महिला यात्री को रोका गया. महिला हैदराबाद की रहने वाली है और वह दुबई से आने वाली जेट एयरवेज की फ्लाइट से उतरी थी. बयान के अनुसार उन्‍नीसा की जांच के बाद अधिकारियों ने करीब 2 किलो 160 ग्राम सोना बरामद किया. उनके अनुसार यह सोना महिला ने अपने अंत:वस्‍त्रों में छुपा रखा था. सोने को तुरंत जब्‍त कर लिया गया और महिला को गिरफ्तार कर लिया गया. उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है. महिला के पास से 64,38,960 रुपये मूल्‍य का सोना बरामद किया गया है. एआईयू द्वारा जारी बयान के अनुसार 21-22 अगस्‍त की दरमियानी रात को शक होने पर फरहात उन्‍नीसा नाम की महिला यात्री को रोका गया. महिला हैदराबाद की रहने वाली है और वह दुबई से आने वाली जेट एयरवेज की फ्लाइट से उतरी थी. बयान के अनुसार उन्‍नीसा की जांच के बाद अधिकारियों ने करीब 2 किलो 160 ग्राम सोना बरामद किया. उनके अनुसार यह सोना महिला ने अपने अंत:वस्‍त्रों में छुपा रखा था. सोने को तुरंत जब्‍त कर लिया गया और महिला को गिरफ्तार कर लिया गया. उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है. बयान के अनुसार उन्‍नीसा की जांच के बाद अधिकारियों ने करीब 2 किलो 160 ग्राम सोना बरामद किया. उनके अनुसार यह सोना महिला ने अपने अंत:वस्‍त्रों में छुपा रखा था. सोने को तुरंत जब्‍त कर लिया गया और महिला को गिरफ्तार कर लिया गया. उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है.
संक्षिप्त सारांश: महिला के पास से 64,38,960 रुपये मूल्‍य का सोना बरामद किया गया है अधिकारियों के अनुसार यह सोना महिला ने अपने अंत:वस्‍त्रों में छुपा रखा था शक होने पर फरहात उन्‍नीसा नाम की महिला यात्री को रोका गया
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सियासी उठापटक के बीच राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के विधायक दल की बैठक जारी है. बताया जा रहा है कि एनसीपी (NCP) के 54 विधायकों में से 48 विधायक बैठक में हिस्‍सा लेने पहुंचे हैं. पहले खबर आई थी कि 9 बागी विधायक दिल्‍ली जा रहे हैं लेकिन बाद में उनमें से दो शरद पवार (Sharad Pawar) के पास लौट आए. उसके बाद 7 विधायकों के प्राइवेट चार्टर्ड प्‍लेन से दिल्‍ली जाने की खबर आई. लेकिन धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) जो सुबह तक अजित पवार के साथ थे, वो भी बाद में बैठक के लिए पहुंच गए जहां तालियां बजाकर उनका स्‍वागत किया गया. खबर लिखे जाने तक अजित पवार (Ajit Pawar) समेत केवल 5 विधायक पार्टी की विधायक दल की बैठक में नहीं पहुंचे हैं और उन पर दल बदल कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है. इससे पहले दिनभर चले घटनाक्रम में सुबह सुबह देवेंद्र फडणवीस ने मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली और अजित पवार को उप मुख्‍यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई जिसकी किसी ने उम्‍मीद भी नहीं की थी. उसके बाद सबसे पहले शिवसेना नेता संजय राउत की प्रेस कांफ्रेंस हुई और उन्‍होंने सारी कहानी के लिए अजित पवार को दोषी के रूप में पेश किया. संजय राउत ने कहा कि अजित पवार पर पहले से ही संदेह था. रात की बैठक में वो आंख मिलाकर बात नहीं कर रहा था. जिसके मन में गलत करने की बात होती है उसका बॉडी लैग्‍वेंज दिखने लगता है. रात के अंधेरे में ही पाप किए जाते हैं. संजय राउत ने कहा कि अजित पवार ने महाराष्‍ट्र की जनता और शिवाजी महाराज के विचारों के साथ विश्‍वासघात किया है. शरद पवार के साथ धोखा किया है.  संजय राउत की प्रेस कांफ्रेंस के बाद महाराष्‍ट्र में हुए 'महासियासी' खेल पर एनसीपी प्रमुख नेता शरद पवार और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने संयुक्‍त प्रेस कांफ्रेंस की. शरद पवार ने कहा कि शिवसेना की अगुआई में हम सभी एकजुट थें और एकजुट रहेंगे. प्रेस कांफ्रेंस में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि हम जो करते हैं दिन के उजाले में करते हैं. बीजेपी का खेल सारा देश देख रहा है. उन्‍होंने कहा कि ये लोकतंत्र के नाम पर खिलवाड़ हो रहा है.  प्रेस कांफ्रेंस में शरद पवार ने कहा कि अजित पवार के पास 54 विधायकों के हस्‍ताक्षर वाली चिट्ठी है. हम अजित के खिलाफ एक्‍शन लेंगे. उन्‍होंने कहा कि अजित पवार से ऐसी उम्‍मीद कतई नहीं थी. पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में शरद पवार ने कहा कि मुझे कोई चिंता नहीं है, मेरे साथ पहले भी ऐसा हो चुका है. पवार ने कहा कि हमारे पास नंबर है, सरकार हम ही बनाएंगे. उन्‍होंने कहा कि ये सरकार सदन में अपना बहुमत साबित नहीं कर पाएगी. एनसीपी और शिवसेना की साझा प्रेस कांफ्रेंस के बाद कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता अहमद पटेल और मल्लिकार्जुन खड़गे प्रेस कांफ्रेंस के लिए आए. प्रेस कांफ्रेंस की शुरुआत अहमद पटेल ने की और कहा कि महाराष्‍ट्र में जो सरकार बनाने के लिए दावा पेश किया गया उसकी सत्‍यता जांची नहीं गई. कोई वेरिफिकेशन नहीं किया गया. ये बेशर्मी की हद है. अहमद पटेल ने कहा कि सभी विधायक हमारे साथ हैं और बीजेपी का सामना करने के लिए मजबूती से साथ खड़े हैं. उन्‍होंने कहा कि सहयोगी पार्टी से सलाह लेने में समय लगा लेकिन सरकार बनाने को लेकर देरी नहीं हुई. अहमद पटेल ने कहा कि आज सुबह में जो भी कांड हुआ उसकी आलोचना करने के सिवा में मेरे पास कोई शब्‍द नहीं है. इससे पहले सुबह 8 बजे बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने एनसीपी के समर्थन से महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री पद की और एनसीपी नेता अजित पवार ने उपमुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली. आपको बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा की 288 सीटों के लिए 21 अक्टूबर को चुनाव हुए थे और 24 अक्टूबर को परिणाम आए थे. चुनाव में बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली थीं. किसी भी पार्टी या गठबंधन के सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करने के बाद 12 नवंबर को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था.
यह एक सारांश है: महाराष्ट्र में एनसीपी की बैठक जारी धनंजय मुंडे समेत 48 विधायक पहुंचे बागियों पर लटकी तलवार
24
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स आज 176 अंक की तेजी के साथ खुला। इंफोसिस का वित्तीय परिणाम तीसरी तिमाही में बेहतर रहने के बाद मुख्य रूप से आईटी क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में तेजी से बाजार में मजबूती आई। इसके अलावा वैश्विक बाजार में मजबूत रुख से भी कारोबारी धारणा को मजबूती मिली। तीस प्रमुख शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 176.25 अंक या 0.89 प्रतिशत की बढ़त के साथ 19,839.80 पर खुला। आईटी, प्रौद्योगिकी, उपभोक्ता टिकाउ तथा धातु क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में तेजी आई। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50.20 अंक या 0.84 प्रतिशत की तेजी के साथ 6,018.85 अंक पर खुला।टिप्पणियां कारोबारियों के अनुसार, सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी इंफोसिस का वित्तीय परिणाम तीसरी तिमाही में उम्मीद से बेहतर रहने के कारण कारोबारी धारणा को बल मिला। इसके अलावा, अमेरिकी बाजार में तेजी के बाद एशिया के अन्य बाजारों में मजबूत रुख से भी घरेलू शेयर बाजार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। इंफोसिस का शुद्ध लाभ अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में 2,369 करोड़ रुपये रहा। इस खबर से कंपनी का शेयर शुरुआती कारोबार 12.43 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,609 रुपये पर पहुंच गया। इसके अलावा वैश्विक बाजार में मजबूत रुख से भी कारोबारी धारणा को मजबूती मिली। तीस प्रमुख शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 176.25 अंक या 0.89 प्रतिशत की बढ़त के साथ 19,839.80 पर खुला। आईटी, प्रौद्योगिकी, उपभोक्ता टिकाउ तथा धातु क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में तेजी आई। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50.20 अंक या 0.84 प्रतिशत की तेजी के साथ 6,018.85 अंक पर खुला।टिप्पणियां कारोबारियों के अनुसार, सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी इंफोसिस का वित्तीय परिणाम तीसरी तिमाही में उम्मीद से बेहतर रहने के कारण कारोबारी धारणा को बल मिला। इसके अलावा, अमेरिकी बाजार में तेजी के बाद एशिया के अन्य बाजारों में मजबूत रुख से भी घरेलू शेयर बाजार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। इंफोसिस का शुद्ध लाभ अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में 2,369 करोड़ रुपये रहा। इस खबर से कंपनी का शेयर शुरुआती कारोबार 12.43 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,609 रुपये पर पहुंच गया। तीस प्रमुख शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 176.25 अंक या 0.89 प्रतिशत की बढ़त के साथ 19,839.80 पर खुला। आईटी, प्रौद्योगिकी, उपभोक्ता टिकाउ तथा धातु क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में तेजी आई। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50.20 अंक या 0.84 प्रतिशत की तेजी के साथ 6,018.85 अंक पर खुला।टिप्पणियां कारोबारियों के अनुसार, सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी इंफोसिस का वित्तीय परिणाम तीसरी तिमाही में उम्मीद से बेहतर रहने के कारण कारोबारी धारणा को बल मिला। इसके अलावा, अमेरिकी बाजार में तेजी के बाद एशिया के अन्य बाजारों में मजबूत रुख से भी घरेलू शेयर बाजार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। इंफोसिस का शुद्ध लाभ अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में 2,369 करोड़ रुपये रहा। इस खबर से कंपनी का शेयर शुरुआती कारोबार 12.43 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,609 रुपये पर पहुंच गया। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50.20 अंक या 0.84 प्रतिशत की तेजी के साथ 6,018.85 अंक पर खुला।टिप्पणियां कारोबारियों के अनुसार, सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी इंफोसिस का वित्तीय परिणाम तीसरी तिमाही में उम्मीद से बेहतर रहने के कारण कारोबारी धारणा को बल मिला। इसके अलावा, अमेरिकी बाजार में तेजी के बाद एशिया के अन्य बाजारों में मजबूत रुख से भी घरेलू शेयर बाजार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। इंफोसिस का शुद्ध लाभ अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में 2,369 करोड़ रुपये रहा। इस खबर से कंपनी का शेयर शुरुआती कारोबार 12.43 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,609 रुपये पर पहुंच गया। कारोबारियों के अनुसार, सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी इंफोसिस का वित्तीय परिणाम तीसरी तिमाही में उम्मीद से बेहतर रहने के कारण कारोबारी धारणा को बल मिला। इसके अलावा, अमेरिकी बाजार में तेजी के बाद एशिया के अन्य बाजारों में मजबूत रुख से भी घरेलू शेयर बाजार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। इंफोसिस का शुद्ध लाभ अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में 2,369 करोड़ रुपये रहा। इस खबर से कंपनी का शेयर शुरुआती कारोबार 12.43 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,609 रुपये पर पहुंच गया। इंफोसिस का शुद्ध लाभ अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में 2,369 करोड़ रुपये रहा। इस खबर से कंपनी का शेयर शुरुआती कारोबार 12.43 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,609 रुपये पर पहुंच गया।
इंफोसिस का वित्तीय परिणाम तीसरी तिमाही में बेहतर रहने के बाद मुख्य रूप से आईटी क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में तेजी से बाजार में मजबूती आई।
28
['hin']
एक सारांश बनाओ: काबुल में हाल में हुए तालिबान के हमले के बाद भारत, अफगानिस्तान में रह रहे अपने नागरिकों और हितों को लेकर सतर्क है। यह जानकारी मंगलवार को आधिकारिक सूत्रों ने दी। एक सूत्र ने कहा, "जहां तक भारत का सवाल है, हाल के हमलों में हमारे हितों को निशाना नहीं बनाया गया था। हमने वहां लगभग 3,000 लोगों को नियुक्त किया है, इसलिए हमें सतर्क रहना है। इस तरह की कोई स्थिति कुछ चिंता पैदा करती है।" आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि अफगानिस्तान में भारतीय राजदूत गौतम मुखोपाध्याय हाल के आतंकवादी हमले के बाद जमीनी हालात के बारे में लगातार ताजा जानकारी भेज रहे हैं।टिप्पणियां सूत्रों ने कहा कि अफगानिस्तान में कई सारी सामाजिक-आर्थिक पुनर्निर्माण की गतिविधियों में लगे भारतीय सुरक्षित हैं। ज्ञात हो कि अफगानिस्तान की राजधानी में तालिबान आतंकवादियों द्वारा किया गया हमला 18 घंटे बाद सोमवार को समाप्त हुआ था। इसमें 36 आतंकवादियों सहित 48 लोग मारे गए थे। एक सूत्र ने कहा, "जहां तक भारत का सवाल है, हाल के हमलों में हमारे हितों को निशाना नहीं बनाया गया था। हमने वहां लगभग 3,000 लोगों को नियुक्त किया है, इसलिए हमें सतर्क रहना है। इस तरह की कोई स्थिति कुछ चिंता पैदा करती है।" आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि अफगानिस्तान में भारतीय राजदूत गौतम मुखोपाध्याय हाल के आतंकवादी हमले के बाद जमीनी हालात के बारे में लगातार ताजा जानकारी भेज रहे हैं।टिप्पणियां सूत्रों ने कहा कि अफगानिस्तान में कई सारी सामाजिक-आर्थिक पुनर्निर्माण की गतिविधियों में लगे भारतीय सुरक्षित हैं। ज्ञात हो कि अफगानिस्तान की राजधानी में तालिबान आतंकवादियों द्वारा किया गया हमला 18 घंटे बाद सोमवार को समाप्त हुआ था। इसमें 36 आतंकवादियों सहित 48 लोग मारे गए थे। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि अफगानिस्तान में भारतीय राजदूत गौतम मुखोपाध्याय हाल के आतंकवादी हमले के बाद जमीनी हालात के बारे में लगातार ताजा जानकारी भेज रहे हैं।टिप्पणियां सूत्रों ने कहा कि अफगानिस्तान में कई सारी सामाजिक-आर्थिक पुनर्निर्माण की गतिविधियों में लगे भारतीय सुरक्षित हैं। ज्ञात हो कि अफगानिस्तान की राजधानी में तालिबान आतंकवादियों द्वारा किया गया हमला 18 घंटे बाद सोमवार को समाप्त हुआ था। इसमें 36 आतंकवादियों सहित 48 लोग मारे गए थे। सूत्रों ने कहा कि अफगानिस्तान में कई सारी सामाजिक-आर्थिक पुनर्निर्माण की गतिविधियों में लगे भारतीय सुरक्षित हैं। ज्ञात हो कि अफगानिस्तान की राजधानी में तालिबान आतंकवादियों द्वारा किया गया हमला 18 घंटे बाद सोमवार को समाप्त हुआ था। इसमें 36 आतंकवादियों सहित 48 लोग मारे गए थे। ज्ञात हो कि अफगानिस्तान की राजधानी में तालिबान आतंकवादियों द्वारा किया गया हमला 18 घंटे बाद सोमवार को समाप्त हुआ था। इसमें 36 आतंकवादियों सहित 48 लोग मारे गए थे।
सारांश: काबुल में हाल में हुए तालिबान के हमले के बाद भारत, अफगानिस्तान में रह रहे अपने नागरिकों और हितों को लेकर सतर्क है।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने मंगलवार को कहा कि रिजर्व बैंक के नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में 0.5 प्रतिशत की कटौती के निर्णय से नकदी की स्थिति में सुधार के साथ आर्थिक वृद्धि को गति मिलेगी और इससे मुद्रास्फीति भी नहीं बढ़ेगी। रिजर्व बैंक के इस कदम से बैंकों के पास 32,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी होगी।टिप्पणियां मुखर्जी ने कहा, ‘रिजर्व बैंक की घोषणा से मुद्रा बाजार में नकदी की समस्या दूर होनी चाहिए। पिछले दो-तीन महीने से नकदी की स्थिति तंग थी..इससे आर्थिक वृद्धि के नीचे जाने का जोखिम कम होने के साथ मुद्रास्फीति में और नरमी आएगी।’ उन्होंने कहा, ‘बैंकों के पास कर्ज देने के लिये अब ज्यादा पैसा होगा। मुद्रास्फीति दबाव के कारण उन्होंने ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया..मैं रिजर्व बैंक के निर्णय का स्वागत करता हूं।’ रिजर्व बैंक ने आज मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा में सीआरआर 0.5 प्रतिशत घटाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया। बहरहाल, वित्त मंत्री ने रिजर्व बैंक के कदम से ब्याज दरों पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में कुछ भी कहने से मना कर दिया। रिजर्व बैंक के राजकोषीय घाटा के बारे में की गयी टिप्पणी के बारे में मुखर्जी ने कहा कि सरकार इस दिशा में कदम उठा रही है और 2012-13 के बजट में इस बारे में घोषणा की जाएगी। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि उच्च राजकोषीय घाटा के कारण वह ब्याज दरों में कटौती नहीं कर पा रही है। मुखर्जी ने कहा, ‘रिजर्व बैंक की घोषणा से मुद्रा बाजार में नकदी की समस्या दूर होनी चाहिए। पिछले दो-तीन महीने से नकदी की स्थिति तंग थी..इससे आर्थिक वृद्धि के नीचे जाने का जोखिम कम होने के साथ मुद्रास्फीति में और नरमी आएगी।’ उन्होंने कहा, ‘बैंकों के पास कर्ज देने के लिये अब ज्यादा पैसा होगा। मुद्रास्फीति दबाव के कारण उन्होंने ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया..मैं रिजर्व बैंक के निर्णय का स्वागत करता हूं।’ रिजर्व बैंक ने आज मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा में सीआरआर 0.5 प्रतिशत घटाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया। बहरहाल, वित्त मंत्री ने रिजर्व बैंक के कदम से ब्याज दरों पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में कुछ भी कहने से मना कर दिया। रिजर्व बैंक के राजकोषीय घाटा के बारे में की गयी टिप्पणी के बारे में मुखर्जी ने कहा कि सरकार इस दिशा में कदम उठा रही है और 2012-13 के बजट में इस बारे में घोषणा की जाएगी। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि उच्च राजकोषीय घाटा के कारण वह ब्याज दरों में कटौती नहीं कर पा रही है। बहरहाल, वित्त मंत्री ने रिजर्व बैंक के कदम से ब्याज दरों पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में कुछ भी कहने से मना कर दिया। रिजर्व बैंक के राजकोषीय घाटा के बारे में की गयी टिप्पणी के बारे में मुखर्जी ने कहा कि सरकार इस दिशा में कदम उठा रही है और 2012-13 के बजट में इस बारे में घोषणा की जाएगी। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि उच्च राजकोषीय घाटा के कारण वह ब्याज दरों में कटौती नहीं कर पा रही है।
यह एक सारांश है: वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि रिजर्व बैंक के सीआरआर में 0.5 प्रतिशत की कटौती के निर्णय से नकदी की स्थिति में सुधार के साथ आर्थिक वृद्धि को गति मिलेगी।
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: विमान में कथित तौर पर अश्लील हरकत करने वाले 56-वर्षीय व्यक्ति को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने कहा कि यह घटना शनिवार की है. यह विमान दिल्ली से हैदराबाद आ रहा था.टिप्पणियां पुलिस के अनुसार 44 साल की एक महिला ने आरोपी के खिलाफ शिकायत की, तब यह घटना प्रकाश में आई. यह व्यक्ति दिल्ली के रोहिणी इलाके का रहने वाला है. अपनी शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि उसने अपने बगल में बैठे इस व्यक्ति को पैंट की जिप खोलकर अश्लील हरकत करते देखा. महिला ने इस बारे में चालक दल के लोगों को बताया और फिर उसे दूसरी सीट दी गई. हवाई अड्डे पर विमान उतरने के बाद व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस के अनुसार 44 साल की एक महिला ने आरोपी के खिलाफ शिकायत की, तब यह घटना प्रकाश में आई. यह व्यक्ति दिल्ली के रोहिणी इलाके का रहने वाला है. अपनी शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि उसने अपने बगल में बैठे इस व्यक्ति को पैंट की जिप खोलकर अश्लील हरकत करते देखा. महिला ने इस बारे में चालक दल के लोगों को बताया और फिर उसे दूसरी सीट दी गई. हवाई अड्डे पर विमान उतरने के बाद व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया. अपनी शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि उसने अपने बगल में बैठे इस व्यक्ति को पैंट की जिप खोलकर अश्लील हरकत करते देखा. महिला ने इस बारे में चालक दल के लोगों को बताया और फिर उसे दूसरी सीट दी गई. हवाई अड्डे पर विमान उतरने के बाद व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया.
सारांश: दिल्ली से हैदराबाद आ रहा था विमान महिला के बगल वाली सीट पर बैठा था यह शख्स आरोपी दिल्ली के रोहिणी इलाके का रहने वाला है
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को महारत्न का दर्जा देने के नियमों में गुरुवार को ढील दी। इससे और अधिक कंपनियां महारत्न का दर्जा हासिल कर सकेंगी। लोक उपक्रम विभाग द्वारा जारी नए दिशानिर्देशों के मुताबिक, महारत्न का दर्जा हासिल करने के लिए पिछले तीन साल के दौरान एक कंपनी का औसत सालाना कारोबार 20,000 करोड़ रुपये होना चाहिए जो पहले 25,000 करोड़ रुपये था। विभाग के पत्र में कहा गया है, केंद्र सरकार की कंपनियों को महारत्न का दर्जा देने के नियमों में ढील दी गई है ताकि ये कंपनियां देश और देश से बाहर प्रतिस्पर्धा की चुनौतियों का प्रभावी तरीके से मुकाबला कर सकें एवं कारोबार का विस्तार कर सकें। नए दिशानिर्देशों के मुताबिक, पिछले लगातार तीन वर्ष के दौरान सालाना 10,000 करोड़ रुपये की नेटवर्थ और 2,500 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाने वाली कंपनियां महारत्न का दर्जा हासिल कर सकेंगी। इससे पहले, महारत्न का दर्जा हासिल करने के लिए पिछले तीन साल में कंपनियों की वाषिर्क नेटवर्थ 15,000 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 5,000 करोड़ रुपये होना आवश्यक था। इस समय, चार महारत्न कंपनियां. ओएनजीसी, इंडियन आयल, सेल और एनटीपीसी हैं। महारत्न दर्जा प्राप्त कंपनी एक परियोजना में 5,000 करोड़ रुपये तक का निवेश का निर्णय स्वतंत्र रूप से ले सकती है, जबकि नवरत्न कंपनियों के लिए यह निवेश सीमा 1,000 करोड़ रुपये है। सरकार ने दिसंबर 2009 में महारत्न दर्जा देने की योजना शुरु की थी। नवरत्न कंपनियों की श्रेणी में कोल इंडिया लिमिटेड, भेल, एनएमडीसी और गेल सहित सार्वजनिक क्षेत्र की 15 कंपनियां शामिल हैं।
सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को महारत्न का दर्जा देने के नियमों में गुरुवार को ढील दी। इससे और अधिक कंपनियां महारत्न का दर्जा हासिल कर सकेंगी।
34
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: खबरों के मुताबिक पुलिस उस आदमी तक तो पहुंच गई लेकिन फिर दोबारा ऐसा न करने की चेतावनी देकर उसे छोड़ दिया. टिप्पणियां अभी कुछ दिनों पहले ही एक और वीडियो सामने आया था जिसमें एक प्रेग्‍नेंट महिला ने बच्‍चे को 'सबक सिखाने' के लिए उसे जान-बूझकर गिरा दिया था. स्‍थानीय खबरों के मुताबिक घटना के बाद गिरने से बच्‍चा चोटिल हो गया और उसे दो दिन तक अस्‍पताल में रहना पड़ा.  महिला के इस बर्ताव की खूब आलोचना हुई थी. बाद में महिला ने बच्‍चे के घरवालों से माफी भी मांगी थी.   अभी कुछ दिनों पहले ही एक और वीडियो सामने आया था जिसमें एक प्रेग्‍नेंट महिला ने बच्‍चे को 'सबक सिखाने' के लिए उसे जान-बूझकर गिरा दिया था. स्‍थानीय खबरों के मुताबिक घटना के बाद गिरने से बच्‍चा चोटिल हो गया और उसे दो दिन तक अस्‍पताल में रहना पड़ा.  महिला के इस बर्ताव की खूब आलोचना हुई थी. बाद में महिला ने बच्‍चे के घरवालों से माफी भी मांगी थी.   महिला के इस बर्ताव की खूब आलोचना हुई थी. बाद में महिला ने बच्‍चे के घरवालों से माफी भी मांगी थी.
संक्षिप्त सारांश: कई लाख कोशिश कर लो लेकिन बच्‍चे मानते ही नहीं ठीक इसी तरह एक लड़की स्‍कूल न जाने की जिद पर अड़ी हुई थी फिर क्‍या था उस बच्‍ची के पिता उसे बांधकर स्‍कूल ले गए
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बीती रात से प्रदेश के अधिकांश भागों में लगातार हो रही बारिश और खराब मौसम के चलते सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान पार्टी की आजमगढ़ जिले में होने वाली चुनावी जनसभा में नहीं पहुंच सके। सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने बताया कि चूंकि मौसम बहुत खराब था इसलिए यादव और खान लखनऊ से आजमगढ़ नहीं पहुंच सके और उनका कार्यक्रम अन्तिम समय पर रद्द करना पडा। गौरतलब है कि पिछले 12 घंटों से ज्यादा समय से उत्तर प्रदेश के कई भागों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है जिससे जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। चौधरी ने बताया कि सपा मुखिया आजमगढ़ जाने के लिए पूरी तरह तैयार थे लेकिन दोपहर ढाई बजे तक जब मौसम साफ नहीं हुआ तो उनका कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। हालांकि आजमगढ़ के आईटीआई मैदान में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रैली का आयोजन किया गया जिसको बलराम यादव सहित कई वरिष्ठ नेताओ ने संबोधित किया। भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ताओं ने रैली हिस्सा लिया।
सारांश: खराब मौसम के चलते सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और आजम खान पार्टी की आजमगढ़ जिले में होने वाली चुनावी जनसभा में नहीं पहुंच सके।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: चीन, दक्षिण कोरिया और इंडानेशिया की महिला बैडमिंटन युगल खिलाड़ियों के मैच फिक्सिंग में फंसने के बाद भारत ने बुधवार को अन्य मैचों पर सवाल उठाते हुए आयोजन समिति से जापान और चीनी ताइपै की खिलाड़ियों के ग्रुप मैच को खेल भावना के अंतर्गत नहीं खेलने के संदर्भ में विरोध दर्ज कराया था लेकिन इसे खारिज कर दिया गया। भारतीय बैडमिंटन संघ (बाइ) के अध्यक्ष अखिलेश दास गुप्ता ने बुधवार को कहा कि सबूतों की कमी के कारण इस अधिकारिक विरोध को खारिज कर दिया। दास गुप्ता ने कहा, ‘‘बाइ की तरफ से हमने यह कहते हुए विरोध दर्ज किया था कि जापान और चीनी ताइपै के बीच मैच भी फिक्स था जिसमें जापान ने जानबूझकर मैच खो दिया ताकि अगले राउंड में उसे बेहतर ड्रा मिल सके। इसी कारण भारत को अगले राउंड में क्वालीफाई करने का मौका नहीं मिला।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अब, उन्होंने हमारा विरोध खारिज कर दिया है। हम भी इससे हैरान हैं। एक दिन पहले हमने चीनी ताइपै को हराया और वे क्वालीफाई कर गये हैं और हमें इसलिये क्वालीफाई नहीं किया गया क्योंकि जापानी टीम जानबूझकर हार गयी।’’ दास गुप्ता ने कहा, ‘‘वे कहते हैं कि खिलाड़ियों को आरोपी ठहराने के लिये वे सबूत नहीं ढूंढ पाये। इस आधार पर उन्होंने हमारी अपील खारिज कर दी।’’ भारतीय खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा महिला युगल में दो मैच जीतने के बावजूद बाहर हो गयी थी जिसके बाद भारत ने खेलों के आयोजकों से आधिकारिक विरोध दर्ज कराया था। भारतीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद ने कहा, ‘‘हमने आधिकारिक रूप से शिकायत दर्ज की है और आयोजन समिति से जापान और चीनी ताइपे के मैचों को देखने को कहा है कि ये मैच खेल भावना के अंतर्गत खेले गये थे या नहीं। मुझे लगता है कि ये खेल भावना में नहीं खेले गये थे।’’ बीती रात ज्वाला और अश्विनी पोनप्पा महज एक अंक से क्वार्टरफाइनल में प्रवेश करने से चूक गयी, हालांकि उन्होंने सिंगापुर की शिंता मुलिया सारी और लेई याओ को ग्रुप बी के अंतिम मैच में 21-16, 21-15 से हरा दिया था। भारतीय टीम जीत की संख्या में जापान और ताइपे के साथ संयुक्त रूप से बराबरी पर थी। भारत के बीती रात अंतिम ग्रुप से पहले दुनिया की पांचवें नंबर की जापानी जोड़ी मिजुकी फुजी और रेका काकिवा एक अन्य मुकाबले में दुनिया की 10वीं रैंकिंग की चीनी ताइपे की चेंग वेन सिंग और चिएन यु चिन से 19-21, 11-21 से उलटफेर से हार गयी थी। गोपीचंद ने कहा, ‘‘हम जिस मैच की बात कर रहे हैं, वह महिला युगल है। यह बात साफ है कि दोनों टीमें हारना चाहती थीं। उम्मीद है कि इस संबंध में कोई कार्रवाई की जायेगी। प्रणाली को बदलने की जरूरत है क्योंकि अगर खिलाड़ियों के पास विकल्प हों तो यह कहना उचित होगा कि चीनी टीम क्वार्टरफाइनल में नहीं भिड़ना चाहती थी। न तो इंडोनेशिया या कोरियाई टीम क्वार्टरफाइनल में चीन से खेलना चाहेगी।’’ गोपीचंद ने कहा, ‘‘इसलिये खिलाड़ी इस प्रणाली का इस्तेमाल पदक जीतने के लिये करने की कोशिश कर रहे हैं। वे क्या सोच रहे हैं, यह सही भी है। लेकिन हमें सुनिश्चित करना होगा कि प्रणाली फूलप्रूफ रहे और खिलाड़ियों को जानबूझकर हारने की अनुमति नहीं दी जाये।’’ गोपीचंद ने यह भी कहा, ‘‘इसके लिये एक सुझाव भी था कि सभी मैच साथ साथ खेले जायें ताकि खिलाड़ियों को आंकड़ों की गणना कर परिणाम के साथ छेड़छाड़ करने का कोई मौका नहीं मिले और हर कोई जीत के लिये खेले।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप चीन का रिकार्ड देखो तो, उन्होंने ऐसा कई बार किया है। वे ऐसा कई वर्षों से करते हुए आये हैं। खिलाड़ी और अधिकारी भी इस बारे में जानते हैं।’’ ज्वाला और अश्विनी तालिका में तीन अंक के अंतर से तीसरे स्थान पर रहीं जबकि चीनी ताइपै और जापान ने ग्रुप से क्वार्टरफाइनल के लिये क्वालीफाई किया। ताइपै, जापान और भारत प्रत्येक ने दो-दो मैच जीते और एक मैच गंवाये। लेकिन जब अंतर की गणना की गयी तो भारत तीसरे स्थान पर पहुंच गया। राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली युगल जोड़ी की खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा ने कहा कि वे पूरी तरह से निराश हैं। ज्वाला ने कहा, ‘‘हम पूरी तरह से निराश हैं। हम इतना अच्छा खेले फिर भी क्वालीफाई नहीं कर पाये क्योंकि कोई अन्य टीम जानबूझकर मैच हार रही है। हमने ओलिंपिक के लिये इतनी कड़ी मेहनत की थी और हम परिणाम देखकर हैरान रह गये।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘जरा देखिये किस तरह से जापानी जोड़ी चीनी ताइपै की जोड़ी से हार गयी । मैं नहीं जानती कि वे क्या सोच रही थीं लेकिन यह निराशाजनक है। इस तरह की घटनाओं से खिलाड़ी ओलिंपिक की गरिमा को नुकसान पहुंचा रहे हैं।’’ ज्वाला ने कहा कि बैडमिंटन विश्व महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) को भी जानबूझकर मैच हारने वाली इन खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘अब समय आ गया है कि बीडब्ल्यूएफ को सिर्फ इन मुद्दों को उठाना नहीं बल्कि इन खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। इंटरनेट पर यूट्यूब वीडियो उपलब्ध है, उन्हें उचित रूप से इसकी जांच करनी चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम इससे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं लेकिन हम उम्मीद कर रहे हैं कि कोई कार्रवाई की जायेगी।’’ भारतीय बैडमिंटन संघ (बाइ) के अध्यक्ष अखिलेश दास गुप्ता ने बुधवार को कहा कि सबूतों की कमी के कारण इस अधिकारिक विरोध को खारिज कर दिया। दास गुप्ता ने कहा, ‘‘बाइ की तरफ से हमने यह कहते हुए विरोध दर्ज किया था कि जापान और चीनी ताइपै के बीच मैच भी फिक्स था जिसमें जापान ने जानबूझकर मैच खो दिया ताकि अगले राउंड में उसे बेहतर ड्रा मिल सके। इसी कारण भारत को अगले राउंड में क्वालीफाई करने का मौका नहीं मिला।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अब, उन्होंने हमारा विरोध खारिज कर दिया है। हम भी इससे हैरान हैं। एक दिन पहले हमने चीनी ताइपै को हराया और वे क्वालीफाई कर गये हैं और हमें इसलिये क्वालीफाई नहीं किया गया क्योंकि जापानी टीम जानबूझकर हार गयी।’’ दास गुप्ता ने कहा, ‘‘वे कहते हैं कि खिलाड़ियों को आरोपी ठहराने के लिये वे सबूत नहीं ढूंढ पाये। इस आधार पर उन्होंने हमारी अपील खारिज कर दी।’’ भारतीय खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा महिला युगल में दो मैच जीतने के बावजूद बाहर हो गयी थी जिसके बाद भारत ने खेलों के आयोजकों से आधिकारिक विरोध दर्ज कराया था। भारतीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद ने कहा, ‘‘हमने आधिकारिक रूप से शिकायत दर्ज की है और आयोजन समिति से जापान और चीनी ताइपे के मैचों को देखने को कहा है कि ये मैच खेल भावना के अंतर्गत खेले गये थे या नहीं। मुझे लगता है कि ये खेल भावना में नहीं खेले गये थे।’’ बीती रात ज्वाला और अश्विनी पोनप्पा महज एक अंक से क्वार्टरफाइनल में प्रवेश करने से चूक गयी, हालांकि उन्होंने सिंगापुर की शिंता मुलिया सारी और लेई याओ को ग्रुप बी के अंतिम मैच में 21-16, 21-15 से हरा दिया था। भारतीय टीम जीत की संख्या में जापान और ताइपे के साथ संयुक्त रूप से बराबरी पर थी। भारत के बीती रात अंतिम ग्रुप से पहले दुनिया की पांचवें नंबर की जापानी जोड़ी मिजुकी फुजी और रेका काकिवा एक अन्य मुकाबले में दुनिया की 10वीं रैंकिंग की चीनी ताइपे की चेंग वेन सिंग और चिएन यु चिन से 19-21, 11-21 से उलटफेर से हार गयी थी। गोपीचंद ने कहा, ‘‘हम जिस मैच की बात कर रहे हैं, वह महिला युगल है। यह बात साफ है कि दोनों टीमें हारना चाहती थीं। उम्मीद है कि इस संबंध में कोई कार्रवाई की जायेगी। प्रणाली को बदलने की जरूरत है क्योंकि अगर खिलाड़ियों के पास विकल्प हों तो यह कहना उचित होगा कि चीनी टीम क्वार्टरफाइनल में नहीं भिड़ना चाहती थी। न तो इंडोनेशिया या कोरियाई टीम क्वार्टरफाइनल में चीन से खेलना चाहेगी।’’ गोपीचंद ने कहा, ‘‘इसलिये खिलाड़ी इस प्रणाली का इस्तेमाल पदक जीतने के लिये करने की कोशिश कर रहे हैं। वे क्या सोच रहे हैं, यह सही भी है। लेकिन हमें सुनिश्चित करना होगा कि प्रणाली फूलप्रूफ रहे और खिलाड़ियों को जानबूझकर हारने की अनुमति नहीं दी जाये।’’ गोपीचंद ने यह भी कहा, ‘‘इसके लिये एक सुझाव भी था कि सभी मैच साथ साथ खेले जायें ताकि खिलाड़ियों को आंकड़ों की गणना कर परिणाम के साथ छेड़छाड़ करने का कोई मौका नहीं मिले और हर कोई जीत के लिये खेले।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप चीन का रिकार्ड देखो तो, उन्होंने ऐसा कई बार किया है। वे ऐसा कई वर्षों से करते हुए आये हैं। खिलाड़ी और अधिकारी भी इस बारे में जानते हैं।’’ ज्वाला और अश्विनी तालिका में तीन अंक के अंतर से तीसरे स्थान पर रहीं जबकि चीनी ताइपै और जापान ने ग्रुप से क्वार्टरफाइनल के लिये क्वालीफाई किया। ताइपै, जापान और भारत प्रत्येक ने दो-दो मैच जीते और एक मैच गंवाये। लेकिन जब अंतर की गणना की गयी तो भारत तीसरे स्थान पर पहुंच गया। राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली युगल जोड़ी की खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा ने कहा कि वे पूरी तरह से निराश हैं। ज्वाला ने कहा, ‘‘हम पूरी तरह से निराश हैं। हम इतना अच्छा खेले फिर भी क्वालीफाई नहीं कर पाये क्योंकि कोई अन्य टीम जानबूझकर मैच हार रही है। हमने ओलिंपिक के लिये इतनी कड़ी मेहनत की थी और हम परिणाम देखकर हैरान रह गये।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘जरा देखिये किस तरह से जापानी जोड़ी चीनी ताइपै की जोड़ी से हार गयी । मैं नहीं जानती कि वे क्या सोच रही थीं लेकिन यह निराशाजनक है। इस तरह की घटनाओं से खिलाड़ी ओलिंपिक की गरिमा को नुकसान पहुंचा रहे हैं।’’ ज्वाला ने कहा कि बैडमिंटन विश्व महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) को भी जानबूझकर मैच हारने वाली इन खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘अब समय आ गया है कि बीडब्ल्यूएफ को सिर्फ इन मुद्दों को उठाना नहीं बल्कि इन खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। इंटरनेट पर यूट्यूब वीडियो उपलब्ध है, उन्हें उचित रूप से इसकी जांच करनी चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम इससे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं लेकिन हम उम्मीद कर रहे हैं कि कोई कार्रवाई की जायेगी।’’ दास गुप्ता ने कहा, ‘‘बाइ की तरफ से हमने यह कहते हुए विरोध दर्ज किया था कि जापान और चीनी ताइपै के बीच मैच भी फिक्स था जिसमें जापान ने जानबूझकर मैच खो दिया ताकि अगले राउंड में उसे बेहतर ड्रा मिल सके। इसी कारण भारत को अगले राउंड में क्वालीफाई करने का मौका नहीं मिला।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अब, उन्होंने हमारा विरोध खारिज कर दिया है। हम भी इससे हैरान हैं। एक दिन पहले हमने चीनी ताइपै को हराया और वे क्वालीफाई कर गये हैं और हमें इसलिये क्वालीफाई नहीं किया गया क्योंकि जापानी टीम जानबूझकर हार गयी।’’ दास गुप्ता ने कहा, ‘‘वे कहते हैं कि खिलाड़ियों को आरोपी ठहराने के लिये वे सबूत नहीं ढूंढ पाये। इस आधार पर उन्होंने हमारी अपील खारिज कर दी।’’ भारतीय खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा महिला युगल में दो मैच जीतने के बावजूद बाहर हो गयी थी जिसके बाद भारत ने खेलों के आयोजकों से आधिकारिक विरोध दर्ज कराया था। भारतीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद ने कहा, ‘‘हमने आधिकारिक रूप से शिकायत दर्ज की है और आयोजन समिति से जापान और चीनी ताइपे के मैचों को देखने को कहा है कि ये मैच खेल भावना के अंतर्गत खेले गये थे या नहीं। मुझे लगता है कि ये खेल भावना में नहीं खेले गये थे।’’ बीती रात ज्वाला और अश्विनी पोनप्पा महज एक अंक से क्वार्टरफाइनल में प्रवेश करने से चूक गयी, हालांकि उन्होंने सिंगापुर की शिंता मुलिया सारी और लेई याओ को ग्रुप बी के अंतिम मैच में 21-16, 21-15 से हरा दिया था। भारतीय टीम जीत की संख्या में जापान और ताइपे के साथ संयुक्त रूप से बराबरी पर थी। भारत के बीती रात अंतिम ग्रुप से पहले दुनिया की पांचवें नंबर की जापानी जोड़ी मिजुकी फुजी और रेका काकिवा एक अन्य मुकाबले में दुनिया की 10वीं रैंकिंग की चीनी ताइपे की चेंग वेन सिंग और चिएन यु चिन से 19-21, 11-21 से उलटफेर से हार गयी थी। गोपीचंद ने कहा, ‘‘हम जिस मैच की बात कर रहे हैं, वह महिला युगल है। यह बात साफ है कि दोनों टीमें हारना चाहती थीं। उम्मीद है कि इस संबंध में कोई कार्रवाई की जायेगी। प्रणाली को बदलने की जरूरत है क्योंकि अगर खिलाड़ियों के पास विकल्प हों तो यह कहना उचित होगा कि चीनी टीम क्वार्टरफाइनल में नहीं भिड़ना चाहती थी। न तो इंडोनेशिया या कोरियाई टीम क्वार्टरफाइनल में चीन से खेलना चाहेगी।’’ गोपीचंद ने कहा, ‘‘इसलिये खिलाड़ी इस प्रणाली का इस्तेमाल पदक जीतने के लिये करने की कोशिश कर रहे हैं। वे क्या सोच रहे हैं, यह सही भी है। लेकिन हमें सुनिश्चित करना होगा कि प्रणाली फूलप्रूफ रहे और खिलाड़ियों को जानबूझकर हारने की अनुमति नहीं दी जाये।’’ गोपीचंद ने यह भी कहा, ‘‘इसके लिये एक सुझाव भी था कि सभी मैच साथ साथ खेले जायें ताकि खिलाड़ियों को आंकड़ों की गणना कर परिणाम के साथ छेड़छाड़ करने का कोई मौका नहीं मिले और हर कोई जीत के लिये खेले।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप चीन का रिकार्ड देखो तो, उन्होंने ऐसा कई बार किया है। वे ऐसा कई वर्षों से करते हुए आये हैं। खिलाड़ी और अधिकारी भी इस बारे में जानते हैं।’’ ज्वाला और अश्विनी तालिका में तीन अंक के अंतर से तीसरे स्थान पर रहीं जबकि चीनी ताइपै और जापान ने ग्रुप से क्वार्टरफाइनल के लिये क्वालीफाई किया। ताइपै, जापान और भारत प्रत्येक ने दो-दो मैच जीते और एक मैच गंवाये। लेकिन जब अंतर की गणना की गयी तो भारत तीसरे स्थान पर पहुंच गया। राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली युगल जोड़ी की खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा ने कहा कि वे पूरी तरह से निराश हैं। ज्वाला ने कहा, ‘‘हम पूरी तरह से निराश हैं। हम इतना अच्छा खेले फिर भी क्वालीफाई नहीं कर पाये क्योंकि कोई अन्य टीम जानबूझकर मैच हार रही है। हमने ओलिंपिक के लिये इतनी कड़ी मेहनत की थी और हम परिणाम देखकर हैरान रह गये।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘जरा देखिये किस तरह से जापानी जोड़ी चीनी ताइपै की जोड़ी से हार गयी । मैं नहीं जानती कि वे क्या सोच रही थीं लेकिन यह निराशाजनक है। इस तरह की घटनाओं से खिलाड़ी ओलिंपिक की गरिमा को नुकसान पहुंचा रहे हैं।’’ ज्वाला ने कहा कि बैडमिंटन विश्व महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) को भी जानबूझकर मैच हारने वाली इन खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘अब समय आ गया है कि बीडब्ल्यूएफ को सिर्फ इन मुद्दों को उठाना नहीं बल्कि इन खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। इंटरनेट पर यूट्यूब वीडियो उपलब्ध है, उन्हें उचित रूप से इसकी जांच करनी चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम इससे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं लेकिन हम उम्मीद कर रहे हैं कि कोई कार्रवाई की जायेगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अब, उन्होंने हमारा विरोध खारिज कर दिया है। हम भी इससे हैरान हैं। एक दिन पहले हमने चीनी ताइपै को हराया और वे क्वालीफाई कर गये हैं और हमें इसलिये क्वालीफाई नहीं किया गया क्योंकि जापानी टीम जानबूझकर हार गयी।’’ दास गुप्ता ने कहा, ‘‘वे कहते हैं कि खिलाड़ियों को आरोपी ठहराने के लिये वे सबूत नहीं ढूंढ पाये। इस आधार पर उन्होंने हमारी अपील खारिज कर दी।’’ भारतीय खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा महिला युगल में दो मैच जीतने के बावजूद बाहर हो गयी थी जिसके बाद भारत ने खेलों के आयोजकों से आधिकारिक विरोध दर्ज कराया था। भारतीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद ने कहा, ‘‘हमने आधिकारिक रूप से शिकायत दर्ज की है और आयोजन समिति से जापान और चीनी ताइपे के मैचों को देखने को कहा है कि ये मैच खेल भावना के अंतर्गत खेले गये थे या नहीं। मुझे लगता है कि ये खेल भावना में नहीं खेले गये थे।’’ बीती रात ज्वाला और अश्विनी पोनप्पा महज एक अंक से क्वार्टरफाइनल में प्रवेश करने से चूक गयी, हालांकि उन्होंने सिंगापुर की शिंता मुलिया सारी और लेई याओ को ग्रुप बी के अंतिम मैच में 21-16, 21-15 से हरा दिया था। भारतीय टीम जीत की संख्या में जापान और ताइपे के साथ संयुक्त रूप से बराबरी पर थी। भारत के बीती रात अंतिम ग्रुप से पहले दुनिया की पांचवें नंबर की जापानी जोड़ी मिजुकी फुजी और रेका काकिवा एक अन्य मुकाबले में दुनिया की 10वीं रैंकिंग की चीनी ताइपे की चेंग वेन सिंग और चिएन यु चिन से 19-21, 11-21 से उलटफेर से हार गयी थी। गोपीचंद ने कहा, ‘‘हम जिस मैच की बात कर रहे हैं, वह महिला युगल है। यह बात साफ है कि दोनों टीमें हारना चाहती थीं। उम्मीद है कि इस संबंध में कोई कार्रवाई की जायेगी। प्रणाली को बदलने की जरूरत है क्योंकि अगर खिलाड़ियों के पास विकल्प हों तो यह कहना उचित होगा कि चीनी टीम क्वार्टरफाइनल में नहीं भिड़ना चाहती थी। न तो इंडोनेशिया या कोरियाई टीम क्वार्टरफाइनल में चीन से खेलना चाहेगी।’’ गोपीचंद ने कहा, ‘‘इसलिये खिलाड़ी इस प्रणाली का इस्तेमाल पदक जीतने के लिये करने की कोशिश कर रहे हैं। वे क्या सोच रहे हैं, यह सही भी है। लेकिन हमें सुनिश्चित करना होगा कि प्रणाली फूलप्रूफ रहे और खिलाड़ियों को जानबूझकर हारने की अनुमति नहीं दी जाये।’’ गोपीचंद ने यह भी कहा, ‘‘इसके लिये एक सुझाव भी था कि सभी मैच साथ साथ खेले जायें ताकि खिलाड़ियों को आंकड़ों की गणना कर परिणाम के साथ छेड़छाड़ करने का कोई मौका नहीं मिले और हर कोई जीत के लिये खेले।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप चीन का रिकार्ड देखो तो, उन्होंने ऐसा कई बार किया है। वे ऐसा कई वर्षों से करते हुए आये हैं। खिलाड़ी और अधिकारी भी इस बारे में जानते हैं।’’ ज्वाला और अश्विनी तालिका में तीन अंक के अंतर से तीसरे स्थान पर रहीं जबकि चीनी ताइपै और जापान ने ग्रुप से क्वार्टरफाइनल के लिये क्वालीफाई किया। ताइपै, जापान और भारत प्रत्येक ने दो-दो मैच जीते और एक मैच गंवाये। लेकिन जब अंतर की गणना की गयी तो भारत तीसरे स्थान पर पहुंच गया। राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली युगल जोड़ी की खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा ने कहा कि वे पूरी तरह से निराश हैं। ज्वाला ने कहा, ‘‘हम पूरी तरह से निराश हैं। हम इतना अच्छा खेले फिर भी क्वालीफाई नहीं कर पाये क्योंकि कोई अन्य टीम जानबूझकर मैच हार रही है। हमने ओलिंपिक के लिये इतनी कड़ी मेहनत की थी और हम परिणाम देखकर हैरान रह गये।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘जरा देखिये किस तरह से जापानी जोड़ी चीनी ताइपै की जोड़ी से हार गयी । मैं नहीं जानती कि वे क्या सोच रही थीं लेकिन यह निराशाजनक है। इस तरह की घटनाओं से खिलाड़ी ओलिंपिक की गरिमा को नुकसान पहुंचा रहे हैं।’’ ज्वाला ने कहा कि बैडमिंटन विश्व महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) को भी जानबूझकर मैच हारने वाली इन खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘अब समय आ गया है कि बीडब्ल्यूएफ को सिर्फ इन मुद्दों को उठाना नहीं बल्कि इन खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। इंटरनेट पर यूट्यूब वीडियो उपलब्ध है, उन्हें उचित रूप से इसकी जांच करनी चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम इससे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं लेकिन हम उम्मीद कर रहे हैं कि कोई कार्रवाई की जायेगी।’’ भारतीय खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा महिला युगल में दो मैच जीतने के बावजूद बाहर हो गयी थी जिसके बाद भारत ने खेलों के आयोजकों से आधिकारिक विरोध दर्ज कराया था। भारतीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद ने कहा, ‘‘हमने आधिकारिक रूप से शिकायत दर्ज की है और आयोजन समिति से जापान और चीनी ताइपे के मैचों को देखने को कहा है कि ये मैच खेल भावना के अंतर्गत खेले गये थे या नहीं। मुझे लगता है कि ये खेल भावना में नहीं खेले गये थे।’’ बीती रात ज्वाला और अश्विनी पोनप्पा महज एक अंक से क्वार्टरफाइनल में प्रवेश करने से चूक गयी, हालांकि उन्होंने सिंगापुर की शिंता मुलिया सारी और लेई याओ को ग्रुप बी के अंतिम मैच में 21-16, 21-15 से हरा दिया था। भारतीय टीम जीत की संख्या में जापान और ताइपे के साथ संयुक्त रूप से बराबरी पर थी। भारत के बीती रात अंतिम ग्रुप से पहले दुनिया की पांचवें नंबर की जापानी जोड़ी मिजुकी फुजी और रेका काकिवा एक अन्य मुकाबले में दुनिया की 10वीं रैंकिंग की चीनी ताइपे की चेंग वेन सिंग और चिएन यु चिन से 19-21, 11-21 से उलटफेर से हार गयी थी। गोपीचंद ने कहा, ‘‘हम जिस मैच की बात कर रहे हैं, वह महिला युगल है। यह बात साफ है कि दोनों टीमें हारना चाहती थीं। उम्मीद है कि इस संबंध में कोई कार्रवाई की जायेगी। प्रणाली को बदलने की जरूरत है क्योंकि अगर खिलाड़ियों के पास विकल्प हों तो यह कहना उचित होगा कि चीनी टीम क्वार्टरफाइनल में नहीं भिड़ना चाहती थी। न तो इंडोनेशिया या कोरियाई टीम क्वार्टरफाइनल में चीन से खेलना चाहेगी।’’ गोपीचंद ने कहा, ‘‘इसलिये खिलाड़ी इस प्रणाली का इस्तेमाल पदक जीतने के लिये करने की कोशिश कर रहे हैं। वे क्या सोच रहे हैं, यह सही भी है। लेकिन हमें सुनिश्चित करना होगा कि प्रणाली फूलप्रूफ रहे और खिलाड़ियों को जानबूझकर हारने की अनुमति नहीं दी जाये।’’ गोपीचंद ने यह भी कहा, ‘‘इसके लिये एक सुझाव भी था कि सभी मैच साथ साथ खेले जायें ताकि खिलाड़ियों को आंकड़ों की गणना कर परिणाम के साथ छेड़छाड़ करने का कोई मौका नहीं मिले और हर कोई जीत के लिये खेले।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप चीन का रिकार्ड देखो तो, उन्होंने ऐसा कई बार किया है। वे ऐसा कई वर्षों से करते हुए आये हैं। खिलाड़ी और अधिकारी भी इस बारे में जानते हैं।’’ ज्वाला और अश्विनी तालिका में तीन अंक के अंतर से तीसरे स्थान पर रहीं जबकि चीनी ताइपै और जापान ने ग्रुप से क्वार्टरफाइनल के लिये क्वालीफाई किया। ताइपै, जापान और भारत प्रत्येक ने दो-दो मैच जीते और एक मैच गंवाये। लेकिन जब अंतर की गणना की गयी तो भारत तीसरे स्थान पर पहुंच गया। राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली युगल जोड़ी की खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा ने कहा कि वे पूरी तरह से निराश हैं। ज्वाला ने कहा, ‘‘हम पूरी तरह से निराश हैं। हम इतना अच्छा खेले फिर भी क्वालीफाई नहीं कर पाये क्योंकि कोई अन्य टीम जानबूझकर मैच हार रही है। हमने ओलिंपिक के लिये इतनी कड़ी मेहनत की थी और हम परिणाम देखकर हैरान रह गये।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘जरा देखिये किस तरह से जापानी जोड़ी चीनी ताइपै की जोड़ी से हार गयी । मैं नहीं जानती कि वे क्या सोच रही थीं लेकिन यह निराशाजनक है। इस तरह की घटनाओं से खिलाड़ी ओलिंपिक की गरिमा को नुकसान पहुंचा रहे हैं।’’ ज्वाला ने कहा कि बैडमिंटन विश्व महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) को भी जानबूझकर मैच हारने वाली इन खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘अब समय आ गया है कि बीडब्ल्यूएफ को सिर्फ इन मुद्दों को उठाना नहीं बल्कि इन खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। इंटरनेट पर यूट्यूब वीडियो उपलब्ध है, उन्हें उचित रूप से इसकी जांच करनी चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम इससे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं लेकिन हम उम्मीद कर रहे हैं कि कोई कार्रवाई की जायेगी।’’ भारतीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद ने कहा, ‘‘हमने आधिकारिक रूप से शिकायत दर्ज की है और आयोजन समिति से जापान और चीनी ताइपे के मैचों को देखने को कहा है कि ये मैच खेल भावना के अंतर्गत खेले गये थे या नहीं। मुझे लगता है कि ये खेल भावना में नहीं खेले गये थे।’’ बीती रात ज्वाला और अश्विनी पोनप्पा महज एक अंक से क्वार्टरफाइनल में प्रवेश करने से चूक गयी, हालांकि उन्होंने सिंगापुर की शिंता मुलिया सारी और लेई याओ को ग्रुप बी के अंतिम मैच में 21-16, 21-15 से हरा दिया था। भारतीय टीम जीत की संख्या में जापान और ताइपे के साथ संयुक्त रूप से बराबरी पर थी। भारत के बीती रात अंतिम ग्रुप से पहले दुनिया की पांचवें नंबर की जापानी जोड़ी मिजुकी फुजी और रेका काकिवा एक अन्य मुकाबले में दुनिया की 10वीं रैंकिंग की चीनी ताइपे की चेंग वेन सिंग और चिएन यु चिन से 19-21, 11-21 से उलटफेर से हार गयी थी। गोपीचंद ने कहा, ‘‘हम जिस मैच की बात कर रहे हैं, वह महिला युगल है। यह बात साफ है कि दोनों टीमें हारना चाहती थीं। उम्मीद है कि इस संबंध में कोई कार्रवाई की जायेगी। प्रणाली को बदलने की जरूरत है क्योंकि अगर खिलाड़ियों के पास विकल्प हों तो यह कहना उचित होगा कि चीनी टीम क्वार्टरफाइनल में नहीं भिड़ना चाहती थी। न तो इंडोनेशिया या कोरियाई टीम क्वार्टरफाइनल में चीन से खेलना चाहेगी।’’ गोपीचंद ने कहा, ‘‘इसलिये खिलाड़ी इस प्रणाली का इस्तेमाल पदक जीतने के लिये करने की कोशिश कर रहे हैं। वे क्या सोच रहे हैं, यह सही भी है। लेकिन हमें सुनिश्चित करना होगा कि प्रणाली फूलप्रूफ रहे और खिलाड़ियों को जानबूझकर हारने की अनुमति नहीं दी जाये।’’ गोपीचंद ने यह भी कहा, ‘‘इसके लिये एक सुझाव भी था कि सभी मैच साथ साथ खेले जायें ताकि खिलाड़ियों को आंकड़ों की गणना कर परिणाम के साथ छेड़छाड़ करने का कोई मौका नहीं मिले और हर कोई जीत के लिये खेले।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप चीन का रिकार्ड देखो तो, उन्होंने ऐसा कई बार किया है। वे ऐसा कई वर्षों से करते हुए आये हैं। खिलाड़ी और अधिकारी भी इस बारे में जानते हैं।’’ ज्वाला और अश्विनी तालिका में तीन अंक के अंतर से तीसरे स्थान पर रहीं जबकि चीनी ताइपै और जापान ने ग्रुप से क्वार्टरफाइनल के लिये क्वालीफाई किया। ताइपै, जापान और भारत प्रत्येक ने दो-दो मैच जीते और एक मैच गंवाये। लेकिन जब अंतर की गणना की गयी तो भारत तीसरे स्थान पर पहुंच गया। राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली युगल जोड़ी की खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा ने कहा कि वे पूरी तरह से निराश हैं। ज्वाला ने कहा, ‘‘हम पूरी तरह से निराश हैं। हम इतना अच्छा खेले फिर भी क्वालीफाई नहीं कर पाये क्योंकि कोई अन्य टीम जानबूझकर मैच हार रही है। हमने ओलिंपिक के लिये इतनी कड़ी मेहनत की थी और हम परिणाम देखकर हैरान रह गये।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘जरा देखिये किस तरह से जापानी जोड़ी चीनी ताइपै की जोड़ी से हार गयी । मैं नहीं जानती कि वे क्या सोच रही थीं लेकिन यह निराशाजनक है। इस तरह की घटनाओं से खिलाड़ी ओलिंपिक की गरिमा को नुकसान पहुंचा रहे हैं।’’ ज्वाला ने कहा कि बैडमिंटन विश्व महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) को भी जानबूझकर मैच हारने वाली इन खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘अब समय आ गया है कि बीडब्ल्यूएफ को सिर्फ इन मुद्दों को उठाना नहीं बल्कि इन खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। इंटरनेट पर यूट्यूब वीडियो उपलब्ध है, उन्हें उचित रूप से इसकी जांच करनी चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम इससे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं लेकिन हम उम्मीद कर रहे हैं कि कोई कार्रवाई की जायेगी।’’ बीती रात ज्वाला और अश्विनी पोनप्पा महज एक अंक से क्वार्टरफाइनल में प्रवेश करने से चूक गयी, हालांकि उन्होंने सिंगापुर की शिंता मुलिया सारी और लेई याओ को ग्रुप बी के अंतिम मैच में 21-16, 21-15 से हरा दिया था। भारतीय टीम जीत की संख्या में जापान और ताइपे के साथ संयुक्त रूप से बराबरी पर थी। भारत के बीती रात अंतिम ग्रुप से पहले दुनिया की पांचवें नंबर की जापानी जोड़ी मिजुकी फुजी और रेका काकिवा एक अन्य मुकाबले में दुनिया की 10वीं रैंकिंग की चीनी ताइपे की चेंग वेन सिंग और चिएन यु चिन से 19-21, 11-21 से उलटफेर से हार गयी थी। गोपीचंद ने कहा, ‘‘हम जिस मैच की बात कर रहे हैं, वह महिला युगल है। यह बात साफ है कि दोनों टीमें हारना चाहती थीं। उम्मीद है कि इस संबंध में कोई कार्रवाई की जायेगी। प्रणाली को बदलने की जरूरत है क्योंकि अगर खिलाड़ियों के पास विकल्प हों तो यह कहना उचित होगा कि चीनी टीम क्वार्टरफाइनल में नहीं भिड़ना चाहती थी। न तो इंडोनेशिया या कोरियाई टीम क्वार्टरफाइनल में चीन से खेलना चाहेगी।’’ गोपीचंद ने कहा, ‘‘इसलिये खिलाड़ी इस प्रणाली का इस्तेमाल पदक जीतने के लिये करने की कोशिश कर रहे हैं। वे क्या सोच रहे हैं, यह सही भी है। लेकिन हमें सुनिश्चित करना होगा कि प्रणाली फूलप्रूफ रहे और खिलाड़ियों को जानबूझकर हारने की अनुमति नहीं दी जाये।’’ गोपीचंद ने यह भी कहा, ‘‘इसके लिये एक सुझाव भी था कि सभी मैच साथ साथ खेले जायें ताकि खिलाड़ियों को आंकड़ों की गणना कर परिणाम के साथ छेड़छाड़ करने का कोई मौका नहीं मिले और हर कोई जीत के लिये खेले।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप चीन का रिकार्ड देखो तो, उन्होंने ऐसा कई बार किया है। वे ऐसा कई वर्षों से करते हुए आये हैं। खिलाड़ी और अधिकारी भी इस बारे में जानते हैं।’’ ज्वाला और अश्विनी तालिका में तीन अंक के अंतर से तीसरे स्थान पर रहीं जबकि चीनी ताइपै और जापान ने ग्रुप से क्वार्टरफाइनल के लिये क्वालीफाई किया। ताइपै, जापान और भारत प्रत्येक ने दो-दो मैच जीते और एक मैच गंवाये। लेकिन जब अंतर की गणना की गयी तो भारत तीसरे स्थान पर पहुंच गया। राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली युगल जोड़ी की खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा ने कहा कि वे पूरी तरह से निराश हैं। ज्वाला ने कहा, ‘‘हम पूरी तरह से निराश हैं। हम इतना अच्छा खेले फिर भी क्वालीफाई नहीं कर पाये क्योंकि कोई अन्य टीम जानबूझकर मैच हार रही है। हमने ओलिंपिक के लिये इतनी कड़ी मेहनत की थी और हम परिणाम देखकर हैरान रह गये।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘जरा देखिये किस तरह से जापानी जोड़ी चीनी ताइपै की जोड़ी से हार गयी । मैं नहीं जानती कि वे क्या सोच रही थीं लेकिन यह निराशाजनक है। इस तरह की घटनाओं से खिलाड़ी ओलिंपिक की गरिमा को नुकसान पहुंचा रहे हैं।’’ ज्वाला ने कहा कि बैडमिंटन विश्व महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) को भी जानबूझकर मैच हारने वाली इन खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘अब समय आ गया है कि बीडब्ल्यूएफ को सिर्फ इन मुद्दों को उठाना नहीं बल्कि इन खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। इंटरनेट पर यूट्यूब वीडियो उपलब्ध है, उन्हें उचित रूप से इसकी जांच करनी चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम इससे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं लेकिन हम उम्मीद कर रहे हैं कि कोई कार्रवाई की जायेगी।’’ गोपीचंद ने कहा, ‘‘हम जिस मैच की बात कर रहे हैं, वह महिला युगल है। यह बात साफ है कि दोनों टीमें हारना चाहती थीं। उम्मीद है कि इस संबंध में कोई कार्रवाई की जायेगी। प्रणाली को बदलने की जरूरत है क्योंकि अगर खिलाड़ियों के पास विकल्प हों तो यह कहना उचित होगा कि चीनी टीम क्वार्टरफाइनल में नहीं भिड़ना चाहती थी। न तो इंडोनेशिया या कोरियाई टीम क्वार्टरफाइनल में चीन से खेलना चाहेगी।’’ गोपीचंद ने कहा, ‘‘इसलिये खिलाड़ी इस प्रणाली का इस्तेमाल पदक जीतने के लिये करने की कोशिश कर रहे हैं। वे क्या सोच रहे हैं, यह सही भी है। लेकिन हमें सुनिश्चित करना होगा कि प्रणाली फूलप्रूफ रहे और खिलाड़ियों को जानबूझकर हारने की अनुमति नहीं दी जाये।’’ गोपीचंद ने यह भी कहा, ‘‘इसके लिये एक सुझाव भी था कि सभी मैच साथ साथ खेले जायें ताकि खिलाड़ियों को आंकड़ों की गणना कर परिणाम के साथ छेड़छाड़ करने का कोई मौका नहीं मिले और हर कोई जीत के लिये खेले।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप चीन का रिकार्ड देखो तो, उन्होंने ऐसा कई बार किया है। वे ऐसा कई वर्षों से करते हुए आये हैं। खिलाड़ी और अधिकारी भी इस बारे में जानते हैं।’’ ज्वाला और अश्विनी तालिका में तीन अंक के अंतर से तीसरे स्थान पर रहीं जबकि चीनी ताइपै और जापान ने ग्रुप से क्वार्टरफाइनल के लिये क्वालीफाई किया। ताइपै, जापान और भारत प्रत्येक ने दो-दो मैच जीते और एक मैच गंवाये। लेकिन जब अंतर की गणना की गयी तो भारत तीसरे स्थान पर पहुंच गया। राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली युगल जोड़ी की खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा ने कहा कि वे पूरी तरह से निराश हैं। ज्वाला ने कहा, ‘‘हम पूरी तरह से निराश हैं। हम इतना अच्छा खेले फिर भी क्वालीफाई नहीं कर पाये क्योंकि कोई अन्य टीम जानबूझकर मैच हार रही है। हमने ओलिंपिक के लिये इतनी कड़ी मेहनत की थी और हम परिणाम देखकर हैरान रह गये।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘जरा देखिये किस तरह से जापानी जोड़ी चीनी ताइपै की जोड़ी से हार गयी । मैं नहीं जानती कि वे क्या सोच रही थीं लेकिन यह निराशाजनक है। इस तरह की घटनाओं से खिलाड़ी ओलिंपिक की गरिमा को नुकसान पहुंचा रहे हैं।’’ ज्वाला ने कहा कि बैडमिंटन विश्व महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) को भी जानबूझकर मैच हारने वाली इन खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘अब समय आ गया है कि बीडब्ल्यूएफ को सिर्फ इन मुद्दों को उठाना नहीं बल्कि इन खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। इंटरनेट पर यूट्यूब वीडियो उपलब्ध है, उन्हें उचित रूप से इसकी जांच करनी चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम इससे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं लेकिन हम उम्मीद कर रहे हैं कि कोई कार्रवाई की जायेगी।’’ गोपीचंद ने कहा, ‘‘इसलिये खिलाड़ी इस प्रणाली का इस्तेमाल पदक जीतने के लिये करने की कोशिश कर रहे हैं। वे क्या सोच रहे हैं, यह सही भी है। लेकिन हमें सुनिश्चित करना होगा कि प्रणाली फूलप्रूफ रहे और खिलाड़ियों को जानबूझकर हारने की अनुमति नहीं दी जाये।’’ गोपीचंद ने यह भी कहा, ‘‘इसके लिये एक सुझाव भी था कि सभी मैच साथ साथ खेले जायें ताकि खिलाड़ियों को आंकड़ों की गणना कर परिणाम के साथ छेड़छाड़ करने का कोई मौका नहीं मिले और हर कोई जीत के लिये खेले।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप चीन का रिकार्ड देखो तो, उन्होंने ऐसा कई बार किया है। वे ऐसा कई वर्षों से करते हुए आये हैं। खिलाड़ी और अधिकारी भी इस बारे में जानते हैं।’’ ज्वाला और अश्विनी तालिका में तीन अंक के अंतर से तीसरे स्थान पर रहीं जबकि चीनी ताइपै और जापान ने ग्रुप से क्वार्टरफाइनल के लिये क्वालीफाई किया। ताइपै, जापान और भारत प्रत्येक ने दो-दो मैच जीते और एक मैच गंवाये। लेकिन जब अंतर की गणना की गयी तो भारत तीसरे स्थान पर पहुंच गया। राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली युगल जोड़ी की खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा ने कहा कि वे पूरी तरह से निराश हैं। ज्वाला ने कहा, ‘‘हम पूरी तरह से निराश हैं। हम इतना अच्छा खेले फिर भी क्वालीफाई नहीं कर पाये क्योंकि कोई अन्य टीम जानबूझकर मैच हार रही है। हमने ओलिंपिक के लिये इतनी कड़ी मेहनत की थी और हम परिणाम देखकर हैरान रह गये।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘जरा देखिये किस तरह से जापानी जोड़ी चीनी ताइपै की जोड़ी से हार गयी । मैं नहीं जानती कि वे क्या सोच रही थीं लेकिन यह निराशाजनक है। इस तरह की घटनाओं से खिलाड़ी ओलिंपिक की गरिमा को नुकसान पहुंचा रहे हैं।’’ ज्वाला ने कहा कि बैडमिंटन विश्व महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) को भी जानबूझकर मैच हारने वाली इन खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘अब समय आ गया है कि बीडब्ल्यूएफ को सिर्फ इन मुद्दों को उठाना नहीं बल्कि इन खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। इंटरनेट पर यूट्यूब वीडियो उपलब्ध है, उन्हें उचित रूप से इसकी जांच करनी चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम इससे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं लेकिन हम उम्मीद कर रहे हैं कि कोई कार्रवाई की जायेगी।’’ गोपीचंद ने यह भी कहा, ‘‘इसके लिये एक सुझाव भी था कि सभी मैच साथ साथ खेले जायें ताकि खिलाड़ियों को आंकड़ों की गणना कर परिणाम के साथ छेड़छाड़ करने का कोई मौका नहीं मिले और हर कोई जीत के लिये खेले।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप चीन का रिकार्ड देखो तो, उन्होंने ऐसा कई बार किया है। वे ऐसा कई वर्षों से करते हुए आये हैं। खिलाड़ी और अधिकारी भी इस बारे में जानते हैं।’’ ज्वाला और अश्विनी तालिका में तीन अंक के अंतर से तीसरे स्थान पर रहीं जबकि चीनी ताइपै और जापान ने ग्रुप से क्वार्टरफाइनल के लिये क्वालीफाई किया। ताइपै, जापान और भारत प्रत्येक ने दो-दो मैच जीते और एक मैच गंवाये। लेकिन जब अंतर की गणना की गयी तो भारत तीसरे स्थान पर पहुंच गया। राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली युगल जोड़ी की खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा ने कहा कि वे पूरी तरह से निराश हैं। ज्वाला ने कहा, ‘‘हम पूरी तरह से निराश हैं। हम इतना अच्छा खेले फिर भी क्वालीफाई नहीं कर पाये क्योंकि कोई अन्य टीम जानबूझकर मैच हार रही है। हमने ओलिंपिक के लिये इतनी कड़ी मेहनत की थी और हम परिणाम देखकर हैरान रह गये।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘जरा देखिये किस तरह से जापानी जोड़ी चीनी ताइपै की जोड़ी से हार गयी । मैं नहीं जानती कि वे क्या सोच रही थीं लेकिन यह निराशाजनक है। इस तरह की घटनाओं से खिलाड़ी ओलिंपिक की गरिमा को नुकसान पहुंचा रहे हैं।’’ ज्वाला ने कहा कि बैडमिंटन विश्व महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) को भी जानबूझकर मैच हारने वाली इन खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘अब समय आ गया है कि बीडब्ल्यूएफ को सिर्फ इन मुद्दों को उठाना नहीं बल्कि इन खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। इंटरनेट पर यूट्यूब वीडियो उपलब्ध है, उन्हें उचित रूप से इसकी जांच करनी चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम इससे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं लेकिन हम उम्मीद कर रहे हैं कि कोई कार्रवाई की जायेगी।’’ ताइपै, जापान और भारत प्रत्येक ने दो-दो मैच जीते और एक मैच गंवाये। लेकिन जब अंतर की गणना की गयी तो भारत तीसरे स्थान पर पहुंच गया। राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली युगल जोड़ी की खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा ने कहा कि वे पूरी तरह से निराश हैं। ज्वाला ने कहा, ‘‘हम पूरी तरह से निराश हैं। हम इतना अच्छा खेले फिर भी क्वालीफाई नहीं कर पाये क्योंकि कोई अन्य टीम जानबूझकर मैच हार रही है। हमने ओलिंपिक के लिये इतनी कड़ी मेहनत की थी और हम परिणाम देखकर हैरान रह गये।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘जरा देखिये किस तरह से जापानी जोड़ी चीनी ताइपै की जोड़ी से हार गयी । मैं नहीं जानती कि वे क्या सोच रही थीं लेकिन यह निराशाजनक है। इस तरह की घटनाओं से खिलाड़ी ओलिंपिक की गरिमा को नुकसान पहुंचा रहे हैं।’’ ज्वाला ने कहा कि बैडमिंटन विश्व महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) को भी जानबूझकर मैच हारने वाली इन खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘अब समय आ गया है कि बीडब्ल्यूएफ को सिर्फ इन मुद्दों को उठाना नहीं बल्कि इन खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। इंटरनेट पर यूट्यूब वीडियो उपलब्ध है, उन्हें उचित रूप से इसकी जांच करनी चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम इससे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं लेकिन हम उम्मीद कर रहे हैं कि कोई कार्रवाई की जायेगी।’’ ज्वाला ने कहा, ‘‘हम पूरी तरह से निराश हैं। हम इतना अच्छा खेले फिर भी क्वालीफाई नहीं कर पाये क्योंकि कोई अन्य टीम जानबूझकर मैच हार रही है। हमने ओलिंपिक के लिये इतनी कड़ी मेहनत की थी और हम परिणाम देखकर हैरान रह गये।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘जरा देखिये किस तरह से जापानी जोड़ी चीनी ताइपै की जोड़ी से हार गयी । मैं नहीं जानती कि वे क्या सोच रही थीं लेकिन यह निराशाजनक है। इस तरह की घटनाओं से खिलाड़ी ओलिंपिक की गरिमा को नुकसान पहुंचा रहे हैं।’’ ज्वाला ने कहा कि बैडमिंटन विश्व महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) को भी जानबूझकर मैच हारने वाली इन खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘अब समय आ गया है कि बीडब्ल्यूएफ को सिर्फ इन मुद्दों को उठाना नहीं बल्कि इन खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। इंटरनेट पर यूट्यूब वीडियो उपलब्ध है, उन्हें उचित रूप से इसकी जांच करनी चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम इससे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं लेकिन हम उम्मीद कर रहे हैं कि कोई कार्रवाई की जायेगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जरा देखिये किस तरह से जापानी जोड़ी चीनी ताइपै की जोड़ी से हार गयी । मैं नहीं जानती कि वे क्या सोच रही थीं लेकिन यह निराशाजनक है। इस तरह की घटनाओं से खिलाड़ी ओलिंपिक की गरिमा को नुकसान पहुंचा रहे हैं।’’ ज्वाला ने कहा कि बैडमिंटन विश्व महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) को भी जानबूझकर मैच हारने वाली इन खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘अब समय आ गया है कि बीडब्ल्यूएफ को सिर्फ इन मुद्दों को उठाना नहीं बल्कि इन खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। इंटरनेट पर यूट्यूब वीडियो उपलब्ध है, उन्हें उचित रूप से इसकी जांच करनी चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम इससे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं लेकिन हम उम्मीद कर रहे हैं कि कोई कार्रवाई की जायेगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अब समय आ गया है कि बीडब्ल्यूएफ को सिर्फ इन मुद्दों को उठाना नहीं बल्कि इन खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। इंटरनेट पर यूट्यूब वीडियो उपलब्ध है, उन्हें उचित रूप से इसकी जांच करनी चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम इससे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं लेकिन हम उम्मीद कर रहे हैं कि कोई कार्रवाई की जायेगी।’’
चीन, दक्षिण कोरिया और इंडानेशिया की महिला बैडमिंटन युगल खिलाड़ियों के मैच फिक्सिंग में फंसने के बाद भारत ने बुधवार को अन्य मैचों पर सवाल उठाते हुए आयोजन समिति से जापान और चीनी ताइपै की खिलाड़ियों के ग्रुप मैच को खेल भावना के अंतर्गत नहीं खेलने के संदर्भ म
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['hin']
एक सारांश बनाओ: टीम अन्ना की मुंबई में तीन दिन के अनशन की तैयारी के बीच सरकार ने कहा है कि लोकपाल बिल किसी के द्वारा सड़कों या मैदानों में पास नहीं किया जा सकता और वह इस मामले से सख्ती से निपटेगी। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी नारायणसामी ने संवाददाताओं से कहा कि पांच सदस्यों की एक टीम सरकार पर एक विधेयक पारित करने के लिए दबाव नहीं डाल सकती। विधेयक को संसद में मतदान के बाद ही पारित किया जा सकता है। सिर्फ संसद ही विधेयक पारित कर सकती है। कोई भी सड़क या मैदान पर ऐसा नहीं कर सकता। वह संसद की तरफ से फैसला नहीं कर सकते। हम इससे सख्ती से निपटेंगे। नारायणसामी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब टीम अन्ना ने संसद में पेश किए गए लोकपाल विधेयक को कमजोर बताकर नामंजूर कर दिया है और इस मामले पर एक बार फिर सरकार के साथ दो-दो हाथ करने पर आमादा है। अन्ना हजारे सशक्त लोकपाल के समर्थन में 27 दिसंबर को मुंबई में तीन दिन के अनशन पर बैठने वाले हैं। उनकी मांग है कि सीबीआई को लोकपाल के दायरे में लाया जाए और अनशन के जरिए वह सरकार पर ऐसा करने के लिए दबाव बनाना चाहते हैं। इस विधेयक पर संसद के शीतकालीन अधिवेशन की विस्तारित अवधि के दौरान मंगलवार से बहस शुरू होनी है। भाजपा सहित विभिन्न विपक्षी दलों ने भी विधेयक के मौजूदा स्वरूप की आलोचना की है और वह अल्पसंख्यक आरक्षण मुद्दे पर सरकार से टकराव के मूड में है।
संक्षिप्त पाठ: अन्ना के अनशन की तैयारी के बीच सरकार ने कहा कि लोकपाल बिल सड़कों या मैदानों में पास नहीं किया जा सकता और वह मामले से सख्ती से निपटेगी।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में आईपीएल के चौथे संस्करण के अंतर्गत शनिवार को खेले जाने वाले लीग मुकाबले में किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ दिल्ली डेयर डेविल्स की टीम जीत दर्जकर टूर्नामेंट में वापसी करना चाहेगी। दो बार सेमीफाइनल में पहुंच चुकी डेयर डेविल्स की टीम आईपीएल-4 में अब तक अच्छा प्रदर्शन करने में असफल रही है। दूसरी ओर, पंजाब की टीम लगातार चौथा मुकाबला जीतकर अपनी दावेदारी और पुख्ता करना चाहेगी। डेयर डेविल्स और पंजाब ने इस प्रतियोगिता में हार के साथ शुरुआत की है। डेयर डेविल्स ने शुरुआती दो मुकाबले गंवाकर पुणे वॉरियर्स के साथ खेले गए तीसरे मैच में तीन विकेट से जीत हासिल की थी, वहीं चौथे मुकाबले में उसे डेक्कन चार्जर्स ने 16 रनों से हराया था। पंजाब ने पहले मुकाबले में हार से सबक लेते हुए अगले तीनों मुकाबलों में जीत दर्ज की है। सहवाग की कप्तानी में डेयर डेविल्स इस मुकाबले को जीतकर अंक तालिका में ऊपर आना चाहेगा। डेयर डेविल्स की ओर से विस्फोटक सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर और वीरेंद्र सहवाग ने अपने शानदार फॉर्म में आने के संकेत दे दिए हैं, वहीं मध्यक्रम में हरफनमौला वेणुगोपाल राव, एरॉन फिंच, नमन ओझा, योगेश नागर और मैथ्यू वेड जैसे धुरंधर बल्लेबाज हैं जो अपनी बल्लेबाजी से कभी भी मैच का रुख मोड़ सकते हैं। वार्नर ने डेक्कन चार्जर्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में 51 रनों की पारी खेली थी, लेकिन इस मुकाबले को डेयर डेविल्स हार गया था। कप्तान सहवाग के लिए उनके गेंदबाजों का खराब फॉर्म चिंता का विषय बना हुआ है। इरफान पठान और उमेश यादव अब तक असरहीन रहे हैं, जबकि मोर्ने मोर्केल, अजित अगरकर, एंड्रयू मैक्डोनाल्ड और वरुण एरॉन विकल्प के रूप में मौजूद रहेंगे। दूसरी ओर, पंजाब को तेज शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी कप्तान एडम गिलक्रिस्ट और सलामी बल्लेबाज पॉल वाल्थटी के कंधों पर होगा। वाल्थटी इन दिनों बेहतरीन फॉर्म में हैं और उनसे टीम को काफी उम्मीदें हैं। वाल्थटी ने इस प्रतियोगिता में अब तक चार मुकाबले खेले हैं और उन्होंने 82.33 की औसत से 247 रन बनाए हैं। आईपीएल के मौजूदा सत्र में वाल्थटी सर्वाधिक रन बनाने के मामले में शीर्ष पर हैं। मध्यक्रम में शॉन मार्श, दिनेश कार्तिक, अभिषेक नायर, सनी सिंह और रेयान मैक्लॉरेन जैसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं जो टीम को मजूबती प्रदान करेंगे।
संक्षिप्त सारांश: फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में लीग मुकाबले में किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ दिल्ली डेयर डेविल्स की टीम जीत दर्जकर टूर्नामेंट में वापसी करना चाहेगी।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: झारखण्ड में अर्जुन मुंडा द्वारा मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने और मंत्रिमंडल द्वारा विधानसभा भंग किए जाने की सिफारिश करने के बाद राज्यपाल सैयद अहमद ने केंद्र सरकार से राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की है। यदि ऐसा होता है तो गत 12 वर्षों में राज्य में तीसरी बार राष्ट्रपति शासन लगेगा। मुंडा के इस्तीफे से उभरी राजनीतिक परिस्थिति पर राज्यपाल ने मंगलवार रात केंद्रीय गृह मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट भेज दी। केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने इसकी पुष्टि करते हुए नई दिल्ली में कहा, "झारखंड के राज्यपाल से मुझे प्राथमिक रिपोर्ट मिली है। मैं इसे देखूंगा। निर्णय के लिए कुछ समय इंतजार कीजिए।" सूत्रों के मुताबिक राज्यपाल ने अपनी रिपोर्ट में विधानसभा भंग करने की मंत्रिमंडल की सिफारिश को नजरअंदाज करते हुए इसे फिलहाल के लिए निलंबित रखने और साथ ही राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की सिफारिश की है। दूसरी ओर झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेताओं ने नई सरकार के गठन की सम्भावना तलाशने के लिए कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की है। झामुमो सूत्रों ने बुधवार को कहा कि झारखण्ड के निवर्तमान उपमुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तथा पार्टी के अन्य नेता, कांग्रेस नेताओं से नई दिल्ली में बातचीत कर रहे हैं और सरकार गठन की संभावनाएं तलाश रहे हैं। झामुमो अध्यक्ष शिबू सोरेन के बेटे हेमंत ने कहा, "हम मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करेंगे।" इस बीच, रांची से कांग्रेस सांसद व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने यहां राज्यपाल से मुलाकात की। उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि वह मुंडा की सिफारिशों को नजरअंदाज करें। झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने ने राज्यपाल से कहा कि वह विधानसभा भंग कर चुनाव के निर्देश दें। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने पटना में कहा कि विधानसभा में निलम्बित रखा जाए और राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। उन्होंने कहा कि नए सरकार के गठन की संभावना जरूर तलाशी जानी चाहिए।टिप्पणियां मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने मंगलवार को झामुमो द्वारा औपचारिक रूप से समर्थन वापस लेने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। झामुमो की समर्थन वापसी के बाद मुंडा सरकार 82 सदस्यीय विधानसभा में अल्पमत में आ गई थी। कांग्रेस के झारखण्ड प्रभारी शकील अहमद ने कहा कि उनकी पार्टी राज्यपाल के निर्णय के बाद कोई रुख स्पष्ट करेगी। राज्य मंत्रिमंडल ने झामुमो द्वारा औपचारिक रूप से समर्थन वापस लिए जाने से कुछ समय पहले ही राज्यपाल से विधानसभा भंग करने की अनुशंसा की थी। मुंडा के इस्तीफे से उभरी राजनीतिक परिस्थिति पर राज्यपाल ने मंगलवार रात केंद्रीय गृह मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट भेज दी। केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने इसकी पुष्टि करते हुए नई दिल्ली में कहा, "झारखंड के राज्यपाल से मुझे प्राथमिक रिपोर्ट मिली है। मैं इसे देखूंगा। निर्णय के लिए कुछ समय इंतजार कीजिए।" सूत्रों के मुताबिक राज्यपाल ने अपनी रिपोर्ट में विधानसभा भंग करने की मंत्रिमंडल की सिफारिश को नजरअंदाज करते हुए इसे फिलहाल के लिए निलंबित रखने और साथ ही राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की सिफारिश की है। दूसरी ओर झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेताओं ने नई सरकार के गठन की सम्भावना तलाशने के लिए कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की है। झामुमो सूत्रों ने बुधवार को कहा कि झारखण्ड के निवर्तमान उपमुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तथा पार्टी के अन्य नेता, कांग्रेस नेताओं से नई दिल्ली में बातचीत कर रहे हैं और सरकार गठन की संभावनाएं तलाश रहे हैं। झामुमो अध्यक्ष शिबू सोरेन के बेटे हेमंत ने कहा, "हम मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करेंगे।" इस बीच, रांची से कांग्रेस सांसद व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने यहां राज्यपाल से मुलाकात की। उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि वह मुंडा की सिफारिशों को नजरअंदाज करें। झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने ने राज्यपाल से कहा कि वह विधानसभा भंग कर चुनाव के निर्देश दें। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने पटना में कहा कि विधानसभा में निलम्बित रखा जाए और राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। उन्होंने कहा कि नए सरकार के गठन की संभावना जरूर तलाशी जानी चाहिए।टिप्पणियां मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने मंगलवार को झामुमो द्वारा औपचारिक रूप से समर्थन वापस लेने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। झामुमो की समर्थन वापसी के बाद मुंडा सरकार 82 सदस्यीय विधानसभा में अल्पमत में आ गई थी। कांग्रेस के झारखण्ड प्रभारी शकील अहमद ने कहा कि उनकी पार्टी राज्यपाल के निर्णय के बाद कोई रुख स्पष्ट करेगी। राज्य मंत्रिमंडल ने झामुमो द्वारा औपचारिक रूप से समर्थन वापस लिए जाने से कुछ समय पहले ही राज्यपाल से विधानसभा भंग करने की अनुशंसा की थी। केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने इसकी पुष्टि करते हुए नई दिल्ली में कहा, "झारखंड के राज्यपाल से मुझे प्राथमिक रिपोर्ट मिली है। मैं इसे देखूंगा। निर्णय के लिए कुछ समय इंतजार कीजिए।" सूत्रों के मुताबिक राज्यपाल ने अपनी रिपोर्ट में विधानसभा भंग करने की मंत्रिमंडल की सिफारिश को नजरअंदाज करते हुए इसे फिलहाल के लिए निलंबित रखने और साथ ही राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की सिफारिश की है। दूसरी ओर झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेताओं ने नई सरकार के गठन की सम्भावना तलाशने के लिए कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की है। झामुमो सूत्रों ने बुधवार को कहा कि झारखण्ड के निवर्तमान उपमुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तथा पार्टी के अन्य नेता, कांग्रेस नेताओं से नई दिल्ली में बातचीत कर रहे हैं और सरकार गठन की संभावनाएं तलाश रहे हैं। झामुमो अध्यक्ष शिबू सोरेन के बेटे हेमंत ने कहा, "हम मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करेंगे।" इस बीच, रांची से कांग्रेस सांसद व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने यहां राज्यपाल से मुलाकात की। उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि वह मुंडा की सिफारिशों को नजरअंदाज करें। झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने ने राज्यपाल से कहा कि वह विधानसभा भंग कर चुनाव के निर्देश दें। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने पटना में कहा कि विधानसभा में निलम्बित रखा जाए और राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। उन्होंने कहा कि नए सरकार के गठन की संभावना जरूर तलाशी जानी चाहिए।टिप्पणियां मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने मंगलवार को झामुमो द्वारा औपचारिक रूप से समर्थन वापस लेने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। झामुमो की समर्थन वापसी के बाद मुंडा सरकार 82 सदस्यीय विधानसभा में अल्पमत में आ गई थी। कांग्रेस के झारखण्ड प्रभारी शकील अहमद ने कहा कि उनकी पार्टी राज्यपाल के निर्णय के बाद कोई रुख स्पष्ट करेगी। राज्य मंत्रिमंडल ने झामुमो द्वारा औपचारिक रूप से समर्थन वापस लिए जाने से कुछ समय पहले ही राज्यपाल से विधानसभा भंग करने की अनुशंसा की थी। सूत्रों के मुताबिक राज्यपाल ने अपनी रिपोर्ट में विधानसभा भंग करने की मंत्रिमंडल की सिफारिश को नजरअंदाज करते हुए इसे फिलहाल के लिए निलंबित रखने और साथ ही राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की सिफारिश की है। दूसरी ओर झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेताओं ने नई सरकार के गठन की सम्भावना तलाशने के लिए कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की है। झामुमो सूत्रों ने बुधवार को कहा कि झारखण्ड के निवर्तमान उपमुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तथा पार्टी के अन्य नेता, कांग्रेस नेताओं से नई दिल्ली में बातचीत कर रहे हैं और सरकार गठन की संभावनाएं तलाश रहे हैं। झामुमो अध्यक्ष शिबू सोरेन के बेटे हेमंत ने कहा, "हम मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करेंगे।" इस बीच, रांची से कांग्रेस सांसद व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने यहां राज्यपाल से मुलाकात की। उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि वह मुंडा की सिफारिशों को नजरअंदाज करें। झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने ने राज्यपाल से कहा कि वह विधानसभा भंग कर चुनाव के निर्देश दें। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने पटना में कहा कि विधानसभा में निलम्बित रखा जाए और राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। उन्होंने कहा कि नए सरकार के गठन की संभावना जरूर तलाशी जानी चाहिए।टिप्पणियां मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने मंगलवार को झामुमो द्वारा औपचारिक रूप से समर्थन वापस लेने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। झामुमो की समर्थन वापसी के बाद मुंडा सरकार 82 सदस्यीय विधानसभा में अल्पमत में आ गई थी। कांग्रेस के झारखण्ड प्रभारी शकील अहमद ने कहा कि उनकी पार्टी राज्यपाल के निर्णय के बाद कोई रुख स्पष्ट करेगी। राज्य मंत्रिमंडल ने झामुमो द्वारा औपचारिक रूप से समर्थन वापस लिए जाने से कुछ समय पहले ही राज्यपाल से विधानसभा भंग करने की अनुशंसा की थी। दूसरी ओर झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेताओं ने नई सरकार के गठन की सम्भावना तलाशने के लिए कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की है। झामुमो सूत्रों ने बुधवार को कहा कि झारखण्ड के निवर्तमान उपमुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तथा पार्टी के अन्य नेता, कांग्रेस नेताओं से नई दिल्ली में बातचीत कर रहे हैं और सरकार गठन की संभावनाएं तलाश रहे हैं। झामुमो अध्यक्ष शिबू सोरेन के बेटे हेमंत ने कहा, "हम मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करेंगे।" इस बीच, रांची से कांग्रेस सांसद व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने यहां राज्यपाल से मुलाकात की। उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि वह मुंडा की सिफारिशों को नजरअंदाज करें। झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने ने राज्यपाल से कहा कि वह विधानसभा भंग कर चुनाव के निर्देश दें। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने पटना में कहा कि विधानसभा में निलम्बित रखा जाए और राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। उन्होंने कहा कि नए सरकार के गठन की संभावना जरूर तलाशी जानी चाहिए।टिप्पणियां मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने मंगलवार को झामुमो द्वारा औपचारिक रूप से समर्थन वापस लेने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। झामुमो की समर्थन वापसी के बाद मुंडा सरकार 82 सदस्यीय विधानसभा में अल्पमत में आ गई थी। कांग्रेस के झारखण्ड प्रभारी शकील अहमद ने कहा कि उनकी पार्टी राज्यपाल के निर्णय के बाद कोई रुख स्पष्ट करेगी। राज्य मंत्रिमंडल ने झामुमो द्वारा औपचारिक रूप से समर्थन वापस लिए जाने से कुछ समय पहले ही राज्यपाल से विधानसभा भंग करने की अनुशंसा की थी। झामुमो सूत्रों ने बुधवार को कहा कि झारखण्ड के निवर्तमान उपमुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तथा पार्टी के अन्य नेता, कांग्रेस नेताओं से नई दिल्ली में बातचीत कर रहे हैं और सरकार गठन की संभावनाएं तलाश रहे हैं। झामुमो अध्यक्ष शिबू सोरेन के बेटे हेमंत ने कहा, "हम मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करेंगे।" इस बीच, रांची से कांग्रेस सांसद व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने यहां राज्यपाल से मुलाकात की। उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि वह मुंडा की सिफारिशों को नजरअंदाज करें। झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने ने राज्यपाल से कहा कि वह विधानसभा भंग कर चुनाव के निर्देश दें। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने पटना में कहा कि विधानसभा में निलम्बित रखा जाए और राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। उन्होंने कहा कि नए सरकार के गठन की संभावना जरूर तलाशी जानी चाहिए।टिप्पणियां मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने मंगलवार को झामुमो द्वारा औपचारिक रूप से समर्थन वापस लेने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। झामुमो की समर्थन वापसी के बाद मुंडा सरकार 82 सदस्यीय विधानसभा में अल्पमत में आ गई थी। कांग्रेस के झारखण्ड प्रभारी शकील अहमद ने कहा कि उनकी पार्टी राज्यपाल के निर्णय के बाद कोई रुख स्पष्ट करेगी। राज्य मंत्रिमंडल ने झामुमो द्वारा औपचारिक रूप से समर्थन वापस लिए जाने से कुछ समय पहले ही राज्यपाल से विधानसभा भंग करने की अनुशंसा की थी। झामुमो अध्यक्ष शिबू सोरेन के बेटे हेमंत ने कहा, "हम मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करेंगे।" इस बीच, रांची से कांग्रेस सांसद व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने यहां राज्यपाल से मुलाकात की। उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि वह मुंडा की सिफारिशों को नजरअंदाज करें। झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने ने राज्यपाल से कहा कि वह विधानसभा भंग कर चुनाव के निर्देश दें। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने पटना में कहा कि विधानसभा में निलम्बित रखा जाए और राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। उन्होंने कहा कि नए सरकार के गठन की संभावना जरूर तलाशी जानी चाहिए।टिप्पणियां मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने मंगलवार को झामुमो द्वारा औपचारिक रूप से समर्थन वापस लेने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। झामुमो की समर्थन वापसी के बाद मुंडा सरकार 82 सदस्यीय विधानसभा में अल्पमत में आ गई थी। कांग्रेस के झारखण्ड प्रभारी शकील अहमद ने कहा कि उनकी पार्टी राज्यपाल के निर्णय के बाद कोई रुख स्पष्ट करेगी। राज्य मंत्रिमंडल ने झामुमो द्वारा औपचारिक रूप से समर्थन वापस लिए जाने से कुछ समय पहले ही राज्यपाल से विधानसभा भंग करने की अनुशंसा की थी। इस बीच, रांची से कांग्रेस सांसद व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने यहां राज्यपाल से मुलाकात की। उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि वह मुंडा की सिफारिशों को नजरअंदाज करें। झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने ने राज्यपाल से कहा कि वह विधानसभा भंग कर चुनाव के निर्देश दें। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने पटना में कहा कि विधानसभा में निलम्बित रखा जाए और राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। उन्होंने कहा कि नए सरकार के गठन की संभावना जरूर तलाशी जानी चाहिए।टिप्पणियां मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने मंगलवार को झामुमो द्वारा औपचारिक रूप से समर्थन वापस लेने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। झामुमो की समर्थन वापसी के बाद मुंडा सरकार 82 सदस्यीय विधानसभा में अल्पमत में आ गई थी। कांग्रेस के झारखण्ड प्रभारी शकील अहमद ने कहा कि उनकी पार्टी राज्यपाल के निर्णय के बाद कोई रुख स्पष्ट करेगी। राज्य मंत्रिमंडल ने झामुमो द्वारा औपचारिक रूप से समर्थन वापस लिए जाने से कुछ समय पहले ही राज्यपाल से विधानसभा भंग करने की अनुशंसा की थी। झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने ने राज्यपाल से कहा कि वह विधानसभा भंग कर चुनाव के निर्देश दें। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने पटना में कहा कि विधानसभा में निलम्बित रखा जाए और राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। उन्होंने कहा कि नए सरकार के गठन की संभावना जरूर तलाशी जानी चाहिए।टिप्पणियां मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने मंगलवार को झामुमो द्वारा औपचारिक रूप से समर्थन वापस लेने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। झामुमो की समर्थन वापसी के बाद मुंडा सरकार 82 सदस्यीय विधानसभा में अल्पमत में आ गई थी। कांग्रेस के झारखण्ड प्रभारी शकील अहमद ने कहा कि उनकी पार्टी राज्यपाल के निर्णय के बाद कोई रुख स्पष्ट करेगी। राज्य मंत्रिमंडल ने झामुमो द्वारा औपचारिक रूप से समर्थन वापस लिए जाने से कुछ समय पहले ही राज्यपाल से विधानसभा भंग करने की अनुशंसा की थी। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने पटना में कहा कि विधानसभा में निलम्बित रखा जाए और राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। उन्होंने कहा कि नए सरकार के गठन की संभावना जरूर तलाशी जानी चाहिए।टिप्पणियां मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने मंगलवार को झामुमो द्वारा औपचारिक रूप से समर्थन वापस लेने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। झामुमो की समर्थन वापसी के बाद मुंडा सरकार 82 सदस्यीय विधानसभा में अल्पमत में आ गई थी। कांग्रेस के झारखण्ड प्रभारी शकील अहमद ने कहा कि उनकी पार्टी राज्यपाल के निर्णय के बाद कोई रुख स्पष्ट करेगी। राज्य मंत्रिमंडल ने झामुमो द्वारा औपचारिक रूप से समर्थन वापस लिए जाने से कुछ समय पहले ही राज्यपाल से विधानसभा भंग करने की अनुशंसा की थी। मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने मंगलवार को झामुमो द्वारा औपचारिक रूप से समर्थन वापस लेने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। झामुमो की समर्थन वापसी के बाद मुंडा सरकार 82 सदस्यीय विधानसभा में अल्पमत में आ गई थी। कांग्रेस के झारखण्ड प्रभारी शकील अहमद ने कहा कि उनकी पार्टी राज्यपाल के निर्णय के बाद कोई रुख स्पष्ट करेगी। राज्य मंत्रिमंडल ने झामुमो द्वारा औपचारिक रूप से समर्थन वापस लिए जाने से कुछ समय पहले ही राज्यपाल से विधानसभा भंग करने की अनुशंसा की थी। कांग्रेस के झारखण्ड प्रभारी शकील अहमद ने कहा कि उनकी पार्टी राज्यपाल के निर्णय के बाद कोई रुख स्पष्ट करेगी। राज्य मंत्रिमंडल ने झामुमो द्वारा औपचारिक रूप से समर्थन वापस लिए जाने से कुछ समय पहले ही राज्यपाल से विधानसभा भंग करने की अनुशंसा की थी।
यहाँ एक सारांश है:झारखण्ड में अर्जुन मुंडा द्वारा मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने और मंत्रिमंडल द्वारा विधानसभा भंग किए जाने की सिफारिश करने के बाद राज्यपाल सैयद अहमद ने केंद्र सरकार से राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की है।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: एक माह के मध्यावकाश के बाद संसद सत्र के दूसरे चरण का पहला दिन दोनों सदनों में हंगामे के साथ शुरू हुआ। सदस्यों ने दिल्ली में पांच वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म, कोयला घोटाला और 2जी स्पेक्ट्रम मामले पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की मसौदा रपट पर चिंता व्यक्त की, जिसके कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। लोकसभा की कार्यवाही जहां मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई, वहीं राज्यसभा की कार्यवाही दो बजे तक कई बार स्थगित हुई। दो बजे के बाद राज्यसभा में पांच वर्ष की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म एवं बर्बरता के मुद्दे पर चर्चा हुई। राज्यसभा के अधिकतर सदस्यों ने बच्ची के साथ दुष्कर्म के आरोपियों को मृत्युदंड दिए जाने की मांग की। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती, दुष्कर्म एवं बर्बरता की शिकार बच्ची की हालत में जहां सुधार हो रहा है, वहीं इस कुकृत्य के खिलाफ दिल्लीभर में व्यापक प्रदर्शन किए जा रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की नेता मायावती ने कहा, "हमने बजट सत्र के प्रथम चरण में एक सख्त कानून का निर्माण किया, लेकिन अब उसमें संशोधन किए जाने और उसे ज्यादा सख्त बनाए जाने की आवश्यकता है। इस तरह के मामलों में सुनवाई के लिए निश्चित समयसीमा निर्धारित की जानी चाहिए और अपराधियों को मृत्युदंड दिया जाना चाहिए।" भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्य माया सिंह ने भी मायावती का समर्थन किया और बच्चों के साथ दुष्कर्म के अपराधियों को तत्काल मृत्युदंड दिए जाने की मांग की। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की बात का हवाला देते हुए माया सिंह ने कहा कि देश में महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। सोनिया गांधी ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कार्रवाई किए जाने की मांग की थी। माया ने दुष्कर्म रोधी विधेयक को और ज्यादा सख्त किए जाने की मांग की और सवालिया लहजे में कहा, "सत्ता किसके हाथ में है? कार्रवाई कौन करेगा?" मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि दुष्कर्म और अपराधों में इजाफा पुलिस की कार्यप्रणाली पर ही प्रश्न नहीं खड़ा करता बल्कि समाज में बढ़ रहे भ्रष्टाचार और कुछ बहुत ही गंभीर खामियों की तरफ इशारा करता है। यह एक ऐसा मुद्दा है जिसे ठीक करने के लिए सदन को अवश्य ही कुछ करना चाहिए। येचुरी ने बढ़ते अपराधों के लिए समाज में व्याप्त पितृसत्तात्मक संस्कृति को भी जिम्मेदार ठहराया। समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्य रामगोपाल यादव ने कहा, "हमें उन कारणों की तलाश करनी होगी जो लोगों के मस्तिष्क को प्रदूषित कर रहे हैं।" लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने एक वक्तव्य दिया। शिंदे ने कहा, "संयुक्त पुलिस आयुक्त (सतर्कता) को मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। वह इस मामले में स्थानीय पुलिस पर पीड़िता के पिता को मामला दबाने के लिए रुपये दिए जाने के आरोपों की भी जांच करेंगे।" इस दौरान भाजपा सदस्यों ने शिंदे के इस्तीफे की मांग करते हुए खूब शोर-शराबा किया, जिसके कारण लोकसभा की कार्यवाही कई बार बाधित हुई और उसके बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। दिल्ली में ही पिछले वर्ष 16 दिसम्बर को हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना को याद करते हुए लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा, "इस तरह की घटनाओं पर सिर्फ कानून के जरिए काबू नहीं पाया जा सकता। बच्चों एवं महिलाओं के साथ होने वाले इस तरह के आमनवीय कुकृत्यों पर समाज और लोगों की मानसिकता में परिवर्तन लाकर ही लगाम लगाया जा सकता है। निश्चित ही मेरे साथ इस सदन के सभी सदस्य इस बर्बरतापूर्ण घटना की निंदा करते हैं और बच्ची के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से प्रार्थना करते हैं।" इससे पहले लोकसभा में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ दिल्ली में हुई धक्का-मुक्की और पृथक तेलंगाना राज्य बनाए जाने जैसे मुद्दे उठाए गए।टिप्पणियां राज्यसभा में सभापति हामिद अंसारी ने प्रश्नकाल स्थगित करने से सम्बंधित आठ नोटिसों में से एआईएडीएमके के नेता वी. मैत्रेयन की कोयला आवंटन घोटाला मामले में सीबीआई की भूमिका से संबंधित नोटिस को यह कहकर स्वीकार किया कि उनका नोटिस सबसे पहले आया था। इसके बाद राज्यसभा में नोटिस देने वाले अन्य नेताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। शोर-शराबे के चलते दो बजे तक के लिए स्थगित किए जाने से पहले राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। लोकसभा की कार्यवाही जहां मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई, वहीं राज्यसभा की कार्यवाही दो बजे तक कई बार स्थगित हुई। दो बजे के बाद राज्यसभा में पांच वर्ष की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म एवं बर्बरता के मुद्दे पर चर्चा हुई। राज्यसभा के अधिकतर सदस्यों ने बच्ची के साथ दुष्कर्म के आरोपियों को मृत्युदंड दिए जाने की मांग की। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती, दुष्कर्म एवं बर्बरता की शिकार बच्ची की हालत में जहां सुधार हो रहा है, वहीं इस कुकृत्य के खिलाफ दिल्लीभर में व्यापक प्रदर्शन किए जा रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की नेता मायावती ने कहा, "हमने बजट सत्र के प्रथम चरण में एक सख्त कानून का निर्माण किया, लेकिन अब उसमें संशोधन किए जाने और उसे ज्यादा सख्त बनाए जाने की आवश्यकता है। इस तरह के मामलों में सुनवाई के लिए निश्चित समयसीमा निर्धारित की जानी चाहिए और अपराधियों को मृत्युदंड दिया जाना चाहिए।" भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्य माया सिंह ने भी मायावती का समर्थन किया और बच्चों के साथ दुष्कर्म के अपराधियों को तत्काल मृत्युदंड दिए जाने की मांग की। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की बात का हवाला देते हुए माया सिंह ने कहा कि देश में महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। सोनिया गांधी ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कार्रवाई किए जाने की मांग की थी। माया ने दुष्कर्म रोधी विधेयक को और ज्यादा सख्त किए जाने की मांग की और सवालिया लहजे में कहा, "सत्ता किसके हाथ में है? कार्रवाई कौन करेगा?" मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि दुष्कर्म और अपराधों में इजाफा पुलिस की कार्यप्रणाली पर ही प्रश्न नहीं खड़ा करता बल्कि समाज में बढ़ रहे भ्रष्टाचार और कुछ बहुत ही गंभीर खामियों की तरफ इशारा करता है। यह एक ऐसा मुद्दा है जिसे ठीक करने के लिए सदन को अवश्य ही कुछ करना चाहिए। येचुरी ने बढ़ते अपराधों के लिए समाज में व्याप्त पितृसत्तात्मक संस्कृति को भी जिम्मेदार ठहराया। समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्य रामगोपाल यादव ने कहा, "हमें उन कारणों की तलाश करनी होगी जो लोगों के मस्तिष्क को प्रदूषित कर रहे हैं।" लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने एक वक्तव्य दिया। शिंदे ने कहा, "संयुक्त पुलिस आयुक्त (सतर्कता) को मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। वह इस मामले में स्थानीय पुलिस पर पीड़िता के पिता को मामला दबाने के लिए रुपये दिए जाने के आरोपों की भी जांच करेंगे।" इस दौरान भाजपा सदस्यों ने शिंदे के इस्तीफे की मांग करते हुए खूब शोर-शराबा किया, जिसके कारण लोकसभा की कार्यवाही कई बार बाधित हुई और उसके बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। दिल्ली में ही पिछले वर्ष 16 दिसम्बर को हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना को याद करते हुए लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा, "इस तरह की घटनाओं पर सिर्फ कानून के जरिए काबू नहीं पाया जा सकता। बच्चों एवं महिलाओं के साथ होने वाले इस तरह के आमनवीय कुकृत्यों पर समाज और लोगों की मानसिकता में परिवर्तन लाकर ही लगाम लगाया जा सकता है। निश्चित ही मेरे साथ इस सदन के सभी सदस्य इस बर्बरतापूर्ण घटना की निंदा करते हैं और बच्ची के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से प्रार्थना करते हैं।" इससे पहले लोकसभा में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ दिल्ली में हुई धक्का-मुक्की और पृथक तेलंगाना राज्य बनाए जाने जैसे मुद्दे उठाए गए।टिप्पणियां राज्यसभा में सभापति हामिद अंसारी ने प्रश्नकाल स्थगित करने से सम्बंधित आठ नोटिसों में से एआईएडीएमके के नेता वी. मैत्रेयन की कोयला आवंटन घोटाला मामले में सीबीआई की भूमिका से संबंधित नोटिस को यह कहकर स्वीकार किया कि उनका नोटिस सबसे पहले आया था। इसके बाद राज्यसभा में नोटिस देने वाले अन्य नेताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। शोर-शराबे के चलते दो बजे तक के लिए स्थगित किए जाने से पहले राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती, दुष्कर्म एवं बर्बरता की शिकार बच्ची की हालत में जहां सुधार हो रहा है, वहीं इस कुकृत्य के खिलाफ दिल्लीभर में व्यापक प्रदर्शन किए जा रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की नेता मायावती ने कहा, "हमने बजट सत्र के प्रथम चरण में एक सख्त कानून का निर्माण किया, लेकिन अब उसमें संशोधन किए जाने और उसे ज्यादा सख्त बनाए जाने की आवश्यकता है। इस तरह के मामलों में सुनवाई के लिए निश्चित समयसीमा निर्धारित की जानी चाहिए और अपराधियों को मृत्युदंड दिया जाना चाहिए।" भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्य माया सिंह ने भी मायावती का समर्थन किया और बच्चों के साथ दुष्कर्म के अपराधियों को तत्काल मृत्युदंड दिए जाने की मांग की। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की बात का हवाला देते हुए माया सिंह ने कहा कि देश में महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। सोनिया गांधी ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कार्रवाई किए जाने की मांग की थी। माया ने दुष्कर्म रोधी विधेयक को और ज्यादा सख्त किए जाने की मांग की और सवालिया लहजे में कहा, "सत्ता किसके हाथ में है? कार्रवाई कौन करेगा?" मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि दुष्कर्म और अपराधों में इजाफा पुलिस की कार्यप्रणाली पर ही प्रश्न नहीं खड़ा करता बल्कि समाज में बढ़ रहे भ्रष्टाचार और कुछ बहुत ही गंभीर खामियों की तरफ इशारा करता है। यह एक ऐसा मुद्दा है जिसे ठीक करने के लिए सदन को अवश्य ही कुछ करना चाहिए। येचुरी ने बढ़ते अपराधों के लिए समाज में व्याप्त पितृसत्तात्मक संस्कृति को भी जिम्मेदार ठहराया। समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्य रामगोपाल यादव ने कहा, "हमें उन कारणों की तलाश करनी होगी जो लोगों के मस्तिष्क को प्रदूषित कर रहे हैं।" लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने एक वक्तव्य दिया। शिंदे ने कहा, "संयुक्त पुलिस आयुक्त (सतर्कता) को मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। वह इस मामले में स्थानीय पुलिस पर पीड़िता के पिता को मामला दबाने के लिए रुपये दिए जाने के आरोपों की भी जांच करेंगे।" इस दौरान भाजपा सदस्यों ने शिंदे के इस्तीफे की मांग करते हुए खूब शोर-शराबा किया, जिसके कारण लोकसभा की कार्यवाही कई बार बाधित हुई और उसके बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। दिल्ली में ही पिछले वर्ष 16 दिसम्बर को हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना को याद करते हुए लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा, "इस तरह की घटनाओं पर सिर्फ कानून के जरिए काबू नहीं पाया जा सकता। बच्चों एवं महिलाओं के साथ होने वाले इस तरह के आमनवीय कुकृत्यों पर समाज और लोगों की मानसिकता में परिवर्तन लाकर ही लगाम लगाया जा सकता है। निश्चित ही मेरे साथ इस सदन के सभी सदस्य इस बर्बरतापूर्ण घटना की निंदा करते हैं और बच्ची के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से प्रार्थना करते हैं।" इससे पहले लोकसभा में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ दिल्ली में हुई धक्का-मुक्की और पृथक तेलंगाना राज्य बनाए जाने जैसे मुद्दे उठाए गए।टिप्पणियां राज्यसभा में सभापति हामिद अंसारी ने प्रश्नकाल स्थगित करने से सम्बंधित आठ नोटिसों में से एआईएडीएमके के नेता वी. मैत्रेयन की कोयला आवंटन घोटाला मामले में सीबीआई की भूमिका से संबंधित नोटिस को यह कहकर स्वीकार किया कि उनका नोटिस सबसे पहले आया था। इसके बाद राज्यसभा में नोटिस देने वाले अन्य नेताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। शोर-शराबे के चलते दो बजे तक के लिए स्थगित किए जाने से पहले राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की नेता मायावती ने कहा, "हमने बजट सत्र के प्रथम चरण में एक सख्त कानून का निर्माण किया, लेकिन अब उसमें संशोधन किए जाने और उसे ज्यादा सख्त बनाए जाने की आवश्यकता है। इस तरह के मामलों में सुनवाई के लिए निश्चित समयसीमा निर्धारित की जानी चाहिए और अपराधियों को मृत्युदंड दिया जाना चाहिए।" भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्य माया सिंह ने भी मायावती का समर्थन किया और बच्चों के साथ दुष्कर्म के अपराधियों को तत्काल मृत्युदंड दिए जाने की मांग की। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की बात का हवाला देते हुए माया सिंह ने कहा कि देश में महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। सोनिया गांधी ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कार्रवाई किए जाने की मांग की थी। माया ने दुष्कर्म रोधी विधेयक को और ज्यादा सख्त किए जाने की मांग की और सवालिया लहजे में कहा, "सत्ता किसके हाथ में है? कार्रवाई कौन करेगा?" मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि दुष्कर्म और अपराधों में इजाफा पुलिस की कार्यप्रणाली पर ही प्रश्न नहीं खड़ा करता बल्कि समाज में बढ़ रहे भ्रष्टाचार और कुछ बहुत ही गंभीर खामियों की तरफ इशारा करता है। यह एक ऐसा मुद्दा है जिसे ठीक करने के लिए सदन को अवश्य ही कुछ करना चाहिए। येचुरी ने बढ़ते अपराधों के लिए समाज में व्याप्त पितृसत्तात्मक संस्कृति को भी जिम्मेदार ठहराया। समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्य रामगोपाल यादव ने कहा, "हमें उन कारणों की तलाश करनी होगी जो लोगों के मस्तिष्क को प्रदूषित कर रहे हैं।" लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने एक वक्तव्य दिया। शिंदे ने कहा, "संयुक्त पुलिस आयुक्त (सतर्कता) को मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। वह इस मामले में स्थानीय पुलिस पर पीड़िता के पिता को मामला दबाने के लिए रुपये दिए जाने के आरोपों की भी जांच करेंगे।" इस दौरान भाजपा सदस्यों ने शिंदे के इस्तीफे की मांग करते हुए खूब शोर-शराबा किया, जिसके कारण लोकसभा की कार्यवाही कई बार बाधित हुई और उसके बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। दिल्ली में ही पिछले वर्ष 16 दिसम्बर को हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना को याद करते हुए लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा, "इस तरह की घटनाओं पर सिर्फ कानून के जरिए काबू नहीं पाया जा सकता। बच्चों एवं महिलाओं के साथ होने वाले इस तरह के आमनवीय कुकृत्यों पर समाज और लोगों की मानसिकता में परिवर्तन लाकर ही लगाम लगाया जा सकता है। निश्चित ही मेरे साथ इस सदन के सभी सदस्य इस बर्बरतापूर्ण घटना की निंदा करते हैं और बच्ची के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से प्रार्थना करते हैं।" इससे पहले लोकसभा में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ दिल्ली में हुई धक्का-मुक्की और पृथक तेलंगाना राज्य बनाए जाने जैसे मुद्दे उठाए गए।टिप्पणियां राज्यसभा में सभापति हामिद अंसारी ने प्रश्नकाल स्थगित करने से सम्बंधित आठ नोटिसों में से एआईएडीएमके के नेता वी. मैत्रेयन की कोयला आवंटन घोटाला मामले में सीबीआई की भूमिका से संबंधित नोटिस को यह कहकर स्वीकार किया कि उनका नोटिस सबसे पहले आया था। इसके बाद राज्यसभा में नोटिस देने वाले अन्य नेताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। शोर-शराबे के चलते दो बजे तक के लिए स्थगित किए जाने से पहले राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्य माया सिंह ने भी मायावती का समर्थन किया और बच्चों के साथ दुष्कर्म के अपराधियों को तत्काल मृत्युदंड दिए जाने की मांग की। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की बात का हवाला देते हुए माया सिंह ने कहा कि देश में महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। सोनिया गांधी ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कार्रवाई किए जाने की मांग की थी। माया ने दुष्कर्म रोधी विधेयक को और ज्यादा सख्त किए जाने की मांग की और सवालिया लहजे में कहा, "सत्ता किसके हाथ में है? कार्रवाई कौन करेगा?" मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि दुष्कर्म और अपराधों में इजाफा पुलिस की कार्यप्रणाली पर ही प्रश्न नहीं खड़ा करता बल्कि समाज में बढ़ रहे भ्रष्टाचार और कुछ बहुत ही गंभीर खामियों की तरफ इशारा करता है। यह एक ऐसा मुद्दा है जिसे ठीक करने के लिए सदन को अवश्य ही कुछ करना चाहिए। येचुरी ने बढ़ते अपराधों के लिए समाज में व्याप्त पितृसत्तात्मक संस्कृति को भी जिम्मेदार ठहराया। समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्य रामगोपाल यादव ने कहा, "हमें उन कारणों की तलाश करनी होगी जो लोगों के मस्तिष्क को प्रदूषित कर रहे हैं।" लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने एक वक्तव्य दिया। शिंदे ने कहा, "संयुक्त पुलिस आयुक्त (सतर्कता) को मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। वह इस मामले में स्थानीय पुलिस पर पीड़िता के पिता को मामला दबाने के लिए रुपये दिए जाने के आरोपों की भी जांच करेंगे।" इस दौरान भाजपा सदस्यों ने शिंदे के इस्तीफे की मांग करते हुए खूब शोर-शराबा किया, जिसके कारण लोकसभा की कार्यवाही कई बार बाधित हुई और उसके बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। दिल्ली में ही पिछले वर्ष 16 दिसम्बर को हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना को याद करते हुए लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा, "इस तरह की घटनाओं पर सिर्फ कानून के जरिए काबू नहीं पाया जा सकता। बच्चों एवं महिलाओं के साथ होने वाले इस तरह के आमनवीय कुकृत्यों पर समाज और लोगों की मानसिकता में परिवर्तन लाकर ही लगाम लगाया जा सकता है। निश्चित ही मेरे साथ इस सदन के सभी सदस्य इस बर्बरतापूर्ण घटना की निंदा करते हैं और बच्ची के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से प्रार्थना करते हैं।" इससे पहले लोकसभा में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ दिल्ली में हुई धक्का-मुक्की और पृथक तेलंगाना राज्य बनाए जाने जैसे मुद्दे उठाए गए।टिप्पणियां राज्यसभा में सभापति हामिद अंसारी ने प्रश्नकाल स्थगित करने से सम्बंधित आठ नोटिसों में से एआईएडीएमके के नेता वी. मैत्रेयन की कोयला आवंटन घोटाला मामले में सीबीआई की भूमिका से संबंधित नोटिस को यह कहकर स्वीकार किया कि उनका नोटिस सबसे पहले आया था। इसके बाद राज्यसभा में नोटिस देने वाले अन्य नेताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। शोर-शराबे के चलते दो बजे तक के लिए स्थगित किए जाने से पहले राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की बात का हवाला देते हुए माया सिंह ने कहा कि देश में महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। सोनिया गांधी ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कार्रवाई किए जाने की मांग की थी। माया ने दुष्कर्म रोधी विधेयक को और ज्यादा सख्त किए जाने की मांग की और सवालिया लहजे में कहा, "सत्ता किसके हाथ में है? कार्रवाई कौन करेगा?" मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि दुष्कर्म और अपराधों में इजाफा पुलिस की कार्यप्रणाली पर ही प्रश्न नहीं खड़ा करता बल्कि समाज में बढ़ रहे भ्रष्टाचार और कुछ बहुत ही गंभीर खामियों की तरफ इशारा करता है। यह एक ऐसा मुद्दा है जिसे ठीक करने के लिए सदन को अवश्य ही कुछ करना चाहिए। येचुरी ने बढ़ते अपराधों के लिए समाज में व्याप्त पितृसत्तात्मक संस्कृति को भी जिम्मेदार ठहराया। समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्य रामगोपाल यादव ने कहा, "हमें उन कारणों की तलाश करनी होगी जो लोगों के मस्तिष्क को प्रदूषित कर रहे हैं।" लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने एक वक्तव्य दिया। शिंदे ने कहा, "संयुक्त पुलिस आयुक्त (सतर्कता) को मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। वह इस मामले में स्थानीय पुलिस पर पीड़िता के पिता को मामला दबाने के लिए रुपये दिए जाने के आरोपों की भी जांच करेंगे।" इस दौरान भाजपा सदस्यों ने शिंदे के इस्तीफे की मांग करते हुए खूब शोर-शराबा किया, जिसके कारण लोकसभा की कार्यवाही कई बार बाधित हुई और उसके बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। दिल्ली में ही पिछले वर्ष 16 दिसम्बर को हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना को याद करते हुए लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा, "इस तरह की घटनाओं पर सिर्फ कानून के जरिए काबू नहीं पाया जा सकता। बच्चों एवं महिलाओं के साथ होने वाले इस तरह के आमनवीय कुकृत्यों पर समाज और लोगों की मानसिकता में परिवर्तन लाकर ही लगाम लगाया जा सकता है। निश्चित ही मेरे साथ इस सदन के सभी सदस्य इस बर्बरतापूर्ण घटना की निंदा करते हैं और बच्ची के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से प्रार्थना करते हैं।" इससे पहले लोकसभा में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ दिल्ली में हुई धक्का-मुक्की और पृथक तेलंगाना राज्य बनाए जाने जैसे मुद्दे उठाए गए।टिप्पणियां राज्यसभा में सभापति हामिद अंसारी ने प्रश्नकाल स्थगित करने से सम्बंधित आठ नोटिसों में से एआईएडीएमके के नेता वी. मैत्रेयन की कोयला आवंटन घोटाला मामले में सीबीआई की भूमिका से संबंधित नोटिस को यह कहकर स्वीकार किया कि उनका नोटिस सबसे पहले आया था। इसके बाद राज्यसभा में नोटिस देने वाले अन्य नेताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। शोर-शराबे के चलते दो बजे तक के लिए स्थगित किए जाने से पहले राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। माया ने दुष्कर्म रोधी विधेयक को और ज्यादा सख्त किए जाने की मांग की और सवालिया लहजे में कहा, "सत्ता किसके हाथ में है? कार्रवाई कौन करेगा?" मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि दुष्कर्म और अपराधों में इजाफा पुलिस की कार्यप्रणाली पर ही प्रश्न नहीं खड़ा करता बल्कि समाज में बढ़ रहे भ्रष्टाचार और कुछ बहुत ही गंभीर खामियों की तरफ इशारा करता है। यह एक ऐसा मुद्दा है जिसे ठीक करने के लिए सदन को अवश्य ही कुछ करना चाहिए। येचुरी ने बढ़ते अपराधों के लिए समाज में व्याप्त पितृसत्तात्मक संस्कृति को भी जिम्मेदार ठहराया। समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्य रामगोपाल यादव ने कहा, "हमें उन कारणों की तलाश करनी होगी जो लोगों के मस्तिष्क को प्रदूषित कर रहे हैं।" लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने एक वक्तव्य दिया। शिंदे ने कहा, "संयुक्त पुलिस आयुक्त (सतर्कता) को मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। वह इस मामले में स्थानीय पुलिस पर पीड़िता के पिता को मामला दबाने के लिए रुपये दिए जाने के आरोपों की भी जांच करेंगे।" इस दौरान भाजपा सदस्यों ने शिंदे के इस्तीफे की मांग करते हुए खूब शोर-शराबा किया, जिसके कारण लोकसभा की कार्यवाही कई बार बाधित हुई और उसके बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। दिल्ली में ही पिछले वर्ष 16 दिसम्बर को हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना को याद करते हुए लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा, "इस तरह की घटनाओं पर सिर्फ कानून के जरिए काबू नहीं पाया जा सकता। बच्चों एवं महिलाओं के साथ होने वाले इस तरह के आमनवीय कुकृत्यों पर समाज और लोगों की मानसिकता में परिवर्तन लाकर ही लगाम लगाया जा सकता है। निश्चित ही मेरे साथ इस सदन के सभी सदस्य इस बर्बरतापूर्ण घटना की निंदा करते हैं और बच्ची के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से प्रार्थना करते हैं।" इससे पहले लोकसभा में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ दिल्ली में हुई धक्का-मुक्की और पृथक तेलंगाना राज्य बनाए जाने जैसे मुद्दे उठाए गए।टिप्पणियां राज्यसभा में सभापति हामिद अंसारी ने प्रश्नकाल स्थगित करने से सम्बंधित आठ नोटिसों में से एआईएडीएमके के नेता वी. मैत्रेयन की कोयला आवंटन घोटाला मामले में सीबीआई की भूमिका से संबंधित नोटिस को यह कहकर स्वीकार किया कि उनका नोटिस सबसे पहले आया था। इसके बाद राज्यसभा में नोटिस देने वाले अन्य नेताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। शोर-शराबे के चलते दो बजे तक के लिए स्थगित किए जाने से पहले राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि दुष्कर्म और अपराधों में इजाफा पुलिस की कार्यप्रणाली पर ही प्रश्न नहीं खड़ा करता बल्कि समाज में बढ़ रहे भ्रष्टाचार और कुछ बहुत ही गंभीर खामियों की तरफ इशारा करता है। यह एक ऐसा मुद्दा है जिसे ठीक करने के लिए सदन को अवश्य ही कुछ करना चाहिए। येचुरी ने बढ़ते अपराधों के लिए समाज में व्याप्त पितृसत्तात्मक संस्कृति को भी जिम्मेदार ठहराया। समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्य रामगोपाल यादव ने कहा, "हमें उन कारणों की तलाश करनी होगी जो लोगों के मस्तिष्क को प्रदूषित कर रहे हैं।" लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने एक वक्तव्य दिया। शिंदे ने कहा, "संयुक्त पुलिस आयुक्त (सतर्कता) को मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। वह इस मामले में स्थानीय पुलिस पर पीड़िता के पिता को मामला दबाने के लिए रुपये दिए जाने के आरोपों की भी जांच करेंगे।" इस दौरान भाजपा सदस्यों ने शिंदे के इस्तीफे की मांग करते हुए खूब शोर-शराबा किया, जिसके कारण लोकसभा की कार्यवाही कई बार बाधित हुई और उसके बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। दिल्ली में ही पिछले वर्ष 16 दिसम्बर को हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना को याद करते हुए लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा, "इस तरह की घटनाओं पर सिर्फ कानून के जरिए काबू नहीं पाया जा सकता। बच्चों एवं महिलाओं के साथ होने वाले इस तरह के आमनवीय कुकृत्यों पर समाज और लोगों की मानसिकता में परिवर्तन लाकर ही लगाम लगाया जा सकता है। निश्चित ही मेरे साथ इस सदन के सभी सदस्य इस बर्बरतापूर्ण घटना की निंदा करते हैं और बच्ची के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से प्रार्थना करते हैं।" इससे पहले लोकसभा में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ दिल्ली में हुई धक्का-मुक्की और पृथक तेलंगाना राज्य बनाए जाने जैसे मुद्दे उठाए गए।टिप्पणियां राज्यसभा में सभापति हामिद अंसारी ने प्रश्नकाल स्थगित करने से सम्बंधित आठ नोटिसों में से एआईएडीएमके के नेता वी. मैत्रेयन की कोयला आवंटन घोटाला मामले में सीबीआई की भूमिका से संबंधित नोटिस को यह कहकर स्वीकार किया कि उनका नोटिस सबसे पहले आया था। इसके बाद राज्यसभा में नोटिस देने वाले अन्य नेताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। शोर-शराबे के चलते दो बजे तक के लिए स्थगित किए जाने से पहले राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। येचुरी ने बढ़ते अपराधों के लिए समाज में व्याप्त पितृसत्तात्मक संस्कृति को भी जिम्मेदार ठहराया। समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्य रामगोपाल यादव ने कहा, "हमें उन कारणों की तलाश करनी होगी जो लोगों के मस्तिष्क को प्रदूषित कर रहे हैं।" लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने एक वक्तव्य दिया। शिंदे ने कहा, "संयुक्त पुलिस आयुक्त (सतर्कता) को मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। वह इस मामले में स्थानीय पुलिस पर पीड़िता के पिता को मामला दबाने के लिए रुपये दिए जाने के आरोपों की भी जांच करेंगे।" इस दौरान भाजपा सदस्यों ने शिंदे के इस्तीफे की मांग करते हुए खूब शोर-शराबा किया, जिसके कारण लोकसभा की कार्यवाही कई बार बाधित हुई और उसके बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। दिल्ली में ही पिछले वर्ष 16 दिसम्बर को हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना को याद करते हुए लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा, "इस तरह की घटनाओं पर सिर्फ कानून के जरिए काबू नहीं पाया जा सकता। बच्चों एवं महिलाओं के साथ होने वाले इस तरह के आमनवीय कुकृत्यों पर समाज और लोगों की मानसिकता में परिवर्तन लाकर ही लगाम लगाया जा सकता है। निश्चित ही मेरे साथ इस सदन के सभी सदस्य इस बर्बरतापूर्ण घटना की निंदा करते हैं और बच्ची के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से प्रार्थना करते हैं।" इससे पहले लोकसभा में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ दिल्ली में हुई धक्का-मुक्की और पृथक तेलंगाना राज्य बनाए जाने जैसे मुद्दे उठाए गए।टिप्पणियां राज्यसभा में सभापति हामिद अंसारी ने प्रश्नकाल स्थगित करने से सम्बंधित आठ नोटिसों में से एआईएडीएमके के नेता वी. मैत्रेयन की कोयला आवंटन घोटाला मामले में सीबीआई की भूमिका से संबंधित नोटिस को यह कहकर स्वीकार किया कि उनका नोटिस सबसे पहले आया था। इसके बाद राज्यसभा में नोटिस देने वाले अन्य नेताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। शोर-शराबे के चलते दो बजे तक के लिए स्थगित किए जाने से पहले राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्य रामगोपाल यादव ने कहा, "हमें उन कारणों की तलाश करनी होगी जो लोगों के मस्तिष्क को प्रदूषित कर रहे हैं।" लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने एक वक्तव्य दिया। शिंदे ने कहा, "संयुक्त पुलिस आयुक्त (सतर्कता) को मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। वह इस मामले में स्थानीय पुलिस पर पीड़िता के पिता को मामला दबाने के लिए रुपये दिए जाने के आरोपों की भी जांच करेंगे।" इस दौरान भाजपा सदस्यों ने शिंदे के इस्तीफे की मांग करते हुए खूब शोर-शराबा किया, जिसके कारण लोकसभा की कार्यवाही कई बार बाधित हुई और उसके बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। दिल्ली में ही पिछले वर्ष 16 दिसम्बर को हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना को याद करते हुए लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा, "इस तरह की घटनाओं पर सिर्फ कानून के जरिए काबू नहीं पाया जा सकता। बच्चों एवं महिलाओं के साथ होने वाले इस तरह के आमनवीय कुकृत्यों पर समाज और लोगों की मानसिकता में परिवर्तन लाकर ही लगाम लगाया जा सकता है। निश्चित ही मेरे साथ इस सदन के सभी सदस्य इस बर्बरतापूर्ण घटना की निंदा करते हैं और बच्ची के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से प्रार्थना करते हैं।" इससे पहले लोकसभा में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ दिल्ली में हुई धक्का-मुक्की और पृथक तेलंगाना राज्य बनाए जाने जैसे मुद्दे उठाए गए।टिप्पणियां राज्यसभा में सभापति हामिद अंसारी ने प्रश्नकाल स्थगित करने से सम्बंधित आठ नोटिसों में से एआईएडीएमके के नेता वी. मैत्रेयन की कोयला आवंटन घोटाला मामले में सीबीआई की भूमिका से संबंधित नोटिस को यह कहकर स्वीकार किया कि उनका नोटिस सबसे पहले आया था। इसके बाद राज्यसभा में नोटिस देने वाले अन्य नेताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। शोर-शराबे के चलते दो बजे तक के लिए स्थगित किए जाने से पहले राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने एक वक्तव्य दिया। शिंदे ने कहा, "संयुक्त पुलिस आयुक्त (सतर्कता) को मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। वह इस मामले में स्थानीय पुलिस पर पीड़िता के पिता को मामला दबाने के लिए रुपये दिए जाने के आरोपों की भी जांच करेंगे।" इस दौरान भाजपा सदस्यों ने शिंदे के इस्तीफे की मांग करते हुए खूब शोर-शराबा किया, जिसके कारण लोकसभा की कार्यवाही कई बार बाधित हुई और उसके बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। दिल्ली में ही पिछले वर्ष 16 दिसम्बर को हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना को याद करते हुए लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा, "इस तरह की घटनाओं पर सिर्फ कानून के जरिए काबू नहीं पाया जा सकता। बच्चों एवं महिलाओं के साथ होने वाले इस तरह के आमनवीय कुकृत्यों पर समाज और लोगों की मानसिकता में परिवर्तन लाकर ही लगाम लगाया जा सकता है। निश्चित ही मेरे साथ इस सदन के सभी सदस्य इस बर्बरतापूर्ण घटना की निंदा करते हैं और बच्ची के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से प्रार्थना करते हैं।" इससे पहले लोकसभा में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ दिल्ली में हुई धक्का-मुक्की और पृथक तेलंगाना राज्य बनाए जाने जैसे मुद्दे उठाए गए।टिप्पणियां राज्यसभा में सभापति हामिद अंसारी ने प्रश्नकाल स्थगित करने से सम्बंधित आठ नोटिसों में से एआईएडीएमके के नेता वी. मैत्रेयन की कोयला आवंटन घोटाला मामले में सीबीआई की भूमिका से संबंधित नोटिस को यह कहकर स्वीकार किया कि उनका नोटिस सबसे पहले आया था। इसके बाद राज्यसभा में नोटिस देने वाले अन्य नेताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। शोर-शराबे के चलते दो बजे तक के लिए स्थगित किए जाने से पहले राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। इस दौरान भाजपा सदस्यों ने शिंदे के इस्तीफे की मांग करते हुए खूब शोर-शराबा किया, जिसके कारण लोकसभा की कार्यवाही कई बार बाधित हुई और उसके बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। दिल्ली में ही पिछले वर्ष 16 दिसम्बर को हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना को याद करते हुए लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा, "इस तरह की घटनाओं पर सिर्फ कानून के जरिए काबू नहीं पाया जा सकता। बच्चों एवं महिलाओं के साथ होने वाले इस तरह के आमनवीय कुकृत्यों पर समाज और लोगों की मानसिकता में परिवर्तन लाकर ही लगाम लगाया जा सकता है। निश्चित ही मेरे साथ इस सदन के सभी सदस्य इस बर्बरतापूर्ण घटना की निंदा करते हैं और बच्ची के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से प्रार्थना करते हैं।" इससे पहले लोकसभा में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ दिल्ली में हुई धक्का-मुक्की और पृथक तेलंगाना राज्य बनाए जाने जैसे मुद्दे उठाए गए।टिप्पणियां राज्यसभा में सभापति हामिद अंसारी ने प्रश्नकाल स्थगित करने से सम्बंधित आठ नोटिसों में से एआईएडीएमके के नेता वी. मैत्रेयन की कोयला आवंटन घोटाला मामले में सीबीआई की भूमिका से संबंधित नोटिस को यह कहकर स्वीकार किया कि उनका नोटिस सबसे पहले आया था। इसके बाद राज्यसभा में नोटिस देने वाले अन्य नेताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। शोर-शराबे के चलते दो बजे तक के लिए स्थगित किए जाने से पहले राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। दिल्ली में ही पिछले वर्ष 16 दिसम्बर को हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना को याद करते हुए लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा, "इस तरह की घटनाओं पर सिर्फ कानून के जरिए काबू नहीं पाया जा सकता। बच्चों एवं महिलाओं के साथ होने वाले इस तरह के आमनवीय कुकृत्यों पर समाज और लोगों की मानसिकता में परिवर्तन लाकर ही लगाम लगाया जा सकता है। निश्चित ही मेरे साथ इस सदन के सभी सदस्य इस बर्बरतापूर्ण घटना की निंदा करते हैं और बच्ची के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से प्रार्थना करते हैं।" इससे पहले लोकसभा में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ दिल्ली में हुई धक्का-मुक्की और पृथक तेलंगाना राज्य बनाए जाने जैसे मुद्दे उठाए गए।टिप्पणियां राज्यसभा में सभापति हामिद अंसारी ने प्रश्नकाल स्थगित करने से सम्बंधित आठ नोटिसों में से एआईएडीएमके के नेता वी. मैत्रेयन की कोयला आवंटन घोटाला मामले में सीबीआई की भूमिका से संबंधित नोटिस को यह कहकर स्वीकार किया कि उनका नोटिस सबसे पहले आया था। इसके बाद राज्यसभा में नोटिस देने वाले अन्य नेताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। शोर-शराबे के चलते दो बजे तक के लिए स्थगित किए जाने से पहले राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। इससे पहले लोकसभा में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ दिल्ली में हुई धक्का-मुक्की और पृथक तेलंगाना राज्य बनाए जाने जैसे मुद्दे उठाए गए।टिप्पणियां राज्यसभा में सभापति हामिद अंसारी ने प्रश्नकाल स्थगित करने से सम्बंधित आठ नोटिसों में से एआईएडीएमके के नेता वी. मैत्रेयन की कोयला आवंटन घोटाला मामले में सीबीआई की भूमिका से संबंधित नोटिस को यह कहकर स्वीकार किया कि उनका नोटिस सबसे पहले आया था। इसके बाद राज्यसभा में नोटिस देने वाले अन्य नेताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। शोर-शराबे के चलते दो बजे तक के लिए स्थगित किए जाने से पहले राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। राज्यसभा में सभापति हामिद अंसारी ने प्रश्नकाल स्थगित करने से सम्बंधित आठ नोटिसों में से एआईएडीएमके के नेता वी. मैत्रेयन की कोयला आवंटन घोटाला मामले में सीबीआई की भूमिका से संबंधित नोटिस को यह कहकर स्वीकार किया कि उनका नोटिस सबसे पहले आया था। इसके बाद राज्यसभा में नोटिस देने वाले अन्य नेताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। शोर-शराबे के चलते दो बजे तक के लिए स्थगित किए जाने से पहले राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद राज्यसभा में नोटिस देने वाले अन्य नेताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। शोर-शराबे के चलते दो बजे तक के लिए स्थगित किए जाने से पहले राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।
सारांश: एक माह के मध्यावकाश के बाद संसद सत्र के दूसरे चरण का पहला दिन दोनों सदनों में हंगामे के साथ शुरू हुआ।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव और उनके परिवार को आय से अधिक संपत्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है. कोर्ट ने कहा कि इस मामले में हम सीबीआई से स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल करने को नहीं कह सकते. इस केस में कोर्ट 13 दिसंबर 2012 को ही आदेश जारी कर चुका है कि सीबीआई खुद इस मामले की जांच करे.टिप्पणियां याचिकाकर्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी ने याचिका दाखिल कर मामले में नियमित FIR दर्ज करने की मांग की थी. कोर्ट में याचिकाकर्ता ने कहा है कि 2007 में उनके आरोपों पर सीबीआई ने प्राथमिक जांच में मामला बनने की बात भी कही थी, फिर भी अभी तक नियमित केस दर्ज नहीं किया गया. चतुर्वेदी ने कहा कि चार अलग-अलग अर्जियों पर 10 फरवरी 2009 को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, लेकिन फैसला अब तक नहीं सुनाया गया है. विश्वनाथ चतुर्वेदी ने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव, यूपी सीएम अखिलेश यादव, कन्नौज से लोकसभा सांसद डिंपल यादव और मुलायम के दूसरे बेटे प्रतीक यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का आरोप लगाया है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने डिंपल यादव को इससे अलग कर दिया था, क्योंकि उस वक्त डिंपल सार्वजनिक पद पर नहीं थीं. याचिकाकर्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी ने याचिका दाखिल कर मामले में नियमित FIR दर्ज करने की मांग की थी. कोर्ट में याचिकाकर्ता ने कहा है कि 2007 में उनके आरोपों पर सीबीआई ने प्राथमिक जांच में मामला बनने की बात भी कही थी, फिर भी अभी तक नियमित केस दर्ज नहीं किया गया. चतुर्वेदी ने कहा कि चार अलग-अलग अर्जियों पर 10 फरवरी 2009 को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, लेकिन फैसला अब तक नहीं सुनाया गया है. विश्वनाथ चतुर्वेदी ने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव, यूपी सीएम अखिलेश यादव, कन्नौज से लोकसभा सांसद डिंपल यादव और मुलायम के दूसरे बेटे प्रतीक यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का आरोप लगाया है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने डिंपल यादव को इससे अलग कर दिया था, क्योंकि उस वक्त डिंपल सार्वजनिक पद पर नहीं थीं. विश्वनाथ चतुर्वेदी ने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव, यूपी सीएम अखिलेश यादव, कन्नौज से लोकसभा सांसद डिंपल यादव और मुलायम के दूसरे बेटे प्रतीक यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का आरोप लगाया है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने डिंपल यादव को इससे अलग कर दिया था, क्योंकि उस वक्त डिंपल सार्वजनिक पद पर नहीं थीं.
संक्षिप्त पाठ: सीबीआई से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को नहीं कह सकते याचिकाकर्ता ने नियमित FIR दर्ज करने की मांग की थी मुलायम, अखिलेश के साथ प्रतीक का नाम भी शामिल
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: Stress: क्यों होता है हमें स्ट्रेस, जानें स्ट्रेस दूर करने के उपाय धनतेरस पर सोना या सोने से बनी चीजों को खरीदना शुभ माना जाता है. लेकिन क्या आप जानते है कि सोना पहनने भी जितना सुंदर लगता है उससे कहीं ज्यादा वह आपकी सेहत को फबता है... कैसे, तो जनाब आयुर्वेद में सोने को कई तरह से दवाओं में इस्तेमाल किया जाता है. जी हां, आपने सही पढ़ा. असल में सोना स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा माना जाता है. दवाईयों के साथ-साथ कई मिठाईयों पर सोने के वर्क का इस्तेमाल किया जाता है. तो चलिए आज जानते हैं सोने के सेहत को होने वाले फायदों के बारे में. Health Tips: त्योहारों में कैसे रखें सेहत का ख्याल, ये टिप्स आएंगे काम Ginger Tea Health Benefits: अदरक की चाय करेगी कमाल! जानें अदरक के गजब फायदे - आयुर्वेद में सोने को स्किन प्रॉब्लम्स, हृदय, रक्त शुद्धिकरण, मानसिक स्वास्थ्य और बॉडी टेंपरेचर और ब्लड फ्लो के लिए भी लाभकारी माना जाता है.  - माना जाता है कि सोने की भस्म शरीर के सभी अंगों को स्वस्थ रखने और उनकी क्षमता को बढ़ाने में मददगार होती है. - सोने की भस्म का इस्तेमाल किसी पुरानी बीमारी को ठीक करने के लिए भी किया जाता है. युवा झेल रहे हैं बॉडी इमेज डिसऑर्डर, जानिए क्या है यह - मानसिक रोगों के इलाज में भी स्वर्ण भस्म का इस्तेमाल किया जाता है. - होम्योपैथकि डॉक्टर स्वाति भाद्वाज के अनुसार सोने से तैयार की जाने वाले कुछ दवाएं होती हैं. ये दवा याददाश्त, एकाग्रता और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छी होती हैं. Hypertension Diet: हाई ब्लड प्रेशर से रहना है दूर, तो अपनाएं ये तरीके... Dhanteras 2019: मानसिक रोगों के इलाज में भी स्वर्ण भस्म का इस्तेमाल किया जाता है - डॉक्टर स्वाति के अनुसार सोने से तैयार इन दवाओं का इस्तेमाल अवसाद, मस्तिष्क की सूजन और मधुमेह जैसे रोगों में भी किया जाता है. जानें हाई ब्लड प्रेशर के इफेक्ट्स, कैसे लाइफस्टाइल में बदलाव कर इसे करा जा सकता है कंट्रोल - दिल की सेहत के लिए भी सोने को अच्छा माना गया है. होम्योपैथी में भी बहुत सी ऐसी दवाएं मौजूद हैं, तो आयुर्वेद में भी स्वर्ण भस्म को दिल के रोगों और दिल की अच्छी सेहत के लिए इस्तेमाल किया जाता है. How to Prevent Pimples: खान-पान और तनाव से बढ़ सकते हैं मुंहासे, यहां पढ़े मुंहासों के घरेलू उपचार - आयुर्वेद के अनुसार स्वर्ण भस्म ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मददगार होता है. - आयुर्वेद में सोने से तैयार भस्म को लेने के कई फायदे माने जाते हैं. इन्हीं में से एक है कि यह दिल और इसकी मांसपेशियों को सशक्त बनाता है. - इसमें मौजूद तत्व इम्यूनिटी बढ़ाने में भी मदद करते हैं. बालों व त्वचा पर पड़ता है तनाव का असर... और खबरों के लिए क्लिक करें Reduced Sex Drive? 6 सुपरफूड जो बढ़ाएंगे आपकी लिबिडो डिलीवरी के बाद रखें ब्लड प्रेशर पर नजर, हो सकता है दिल को खतरा... अगर आप भी पीते हैं 'चाय', तो हाई बीपी के हो सकते हैं शिकार आलू खाने से होते हैं ये 4 नुकसान, क्या आपको पता है... कैंसर के खतरे को कम करता है अमरूद, और भी कई हैं फायदे Benefits of Spinach: पालक के 4 आश्चर्यजनक फायदे, जिनके बारे में नहीं जानते आप! प्रेगनेंसी में क्यों होता है डिप्रेशन, शोध में पता चला दोनों का नाता डिप्रेशन की वजह हो सकता है आपका आहार, जानें कैसे
यहाँ एक सारांश है:धनतेरस में सोने की खरीददारी की जाती है. इस बार धनतेरस में जानें सोने के स्वास्थ्य लाभ. सोना मिठाइयों के वर्क और दवाईयों में भी इस्तेमाल किया जाता है.
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['hin']