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इस पाठ का सारांश बनाएं: Delhi Weather Forecast: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दिल्ली-एनसीआर (Delhi Weather) में गुरुवार को आसमान में बादल छाए रहने के साथ-साथ हल्की बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया है. दिल्ली एनसीआर का अधिकतम तापमान लगभग 34 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. गुरुवार सुबह दिल्ली-एनसीआर का तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. आईएमडी ने बताया कि बुधवार को दिल्ली-एनसीआर (Delhi Weather) के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई. बुधवार को शहर में अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस अधिक 35.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था.आर्द्रता का स्तर 63 और 88 प्रतिशत के बीच दर्ज किया गया था. भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक के जे रमेश ने इससे पहले बताया था कि अगले दो सप्ताह में भी अच्छी बारिश होने की संभावना है और बारिश के उसके आकलन में नौ फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है.
आईएमडी के नये महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया था कि जुलाई में सामान्य अनुमान के 285.3 मिलीमीटर के मुकाबले 298.3 मिलीमीटर बारिश हुई. महापात्र ने बताया कि जुलाई में सामान्य से पांच फीसदी अधिक लॉन्ग पीरियड एवरेज (एलपीए) की 105 प्रतिशत बारिश हुई. आईएमडी ने 95 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान जताया था. हालांकि, झारखंड, कर्नाटक के दक्षिण हिस्सों, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश के रायससीमा क्षेत्र, अंडमान और निकोबार द्वीप, हिमाचल प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल में जुलाई में सामान्य से कम बारिश हुई. बिहार, असम, तटीय महाराष्ट्र के कई हिस्सों में बाढ़ आ गई. जून में एलपीए की 87 फीसदी बारिश दर्ज की गई थी. इस साल मॉनसून केरल में एक सप्ताह की देरी से आठ जून को पहुंचा था. उसकी शुरुआत धीमी रही और 19 जुलाई को चार दिन की देरी से वह पूरे देश में पहुंच गया था. भारत में बारिश के आधिकारिक मौसम जून से सितंबर तक होते हैं. रमेश ने बताया था कि आगामी दो महीने में अच्छी बारिश होने की संभावना है. | यहाँ एक सारांश है:दिल्ली एनसीआर में आज बारिश की संभावना
आसमान में बादल छाए रहने के आसार
लोगों को उमस से मिल सकती है राहत | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत में इस समय खूब गर्मी पड़ रही है लेकिन सियाचिन में भारतीय जवान -60 डिग्री की जमा देने वाली ठंड में देश की सुरक्षा में डटे हुए हैं. ऐसे में जवानों का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह दिखा रहे हैं कि वहां इतनी ठंड पड़ रही है कि उनका जूस, अंडे और सब्जियां तक जम गई हैं और हथौड़े से तोड़ने पर भी इन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. वीडियो में सेना के तीन जवान मौजूद हैं. सबसे पहले एक जवान फ्रूट जूस का डब्बा खोलकर दिखाता है जोकि ठंड की वजह से जम गया है और हथौड़ा मारने पर भी टूट नहीं रहा. इसके अलावा अंडा और आलू का भी यही हाल है. ठंड की वजह से ये भी जम गए हैं और हथौड़े का प्रयोद करने पर भी टूट नहीं रहे.
सेना का एक जवान यह कहते हुए दिख रहा है कि पहाड़ों पर इस तरह के जमे हुए अंडे मिलते हैं. इसके बाद जवानों ने जमे हुए टमाटर, प्याज, आलू और अदरक को भी वीडियो में तोड़ने की कोशिश की लेकिन वह नाकाम रहे. एक जवान ने बताया कि यहां पर तापमान 70 से भी नीचे चला जाता है.
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में इस बात की झलक देखी जा सकती है कि दुनिया के सबसे ऊंचे युद्ध के मैदान में सैनिकों को हर रोज कितनी मुश्किलों का सामना करना होता है. वीडियो में तीन सैनिकों को फल जूस के खुले टेट्रा पैक को तोड़ते देखा जा सकता है, और उसे तोड़ने के बाद भी बर्फ ही निकलती है. उसके बाद वे बताते हैं कि जूस पीने के लिए उन्हें उसे उबालना पड़ता है. वीडियो से यह भी पता चलता है कि यदि आप सियाचिन में हैं तो तोड़ना आम बात है. सैनिक बताते हैं कि उन्हें अंडे तोड़ने के लिए हथौड़े की जरूरत पड़ती है.
एक ट्विटर यूजर ने लिखा है, "हमारे सैनिक सियाचिन में कितने कठिन मौसम का सामना करते हैं. इसे तथाकथित लिबरलों और सेकुलरों को भेजें, जो भारतीय सेना का मनोबल गिराने का कोई मौका नहीं छोड़ते." एक अन्य यूजर ने लिखा, "हे भगवान यह बहुत दुखद है..हमारे बहादुर और क्षमतावान सियाचिन के सैनिकों को सलाम. इन जांबाजों का जीवन इतना कठिन है." (इनपुट: IANS) | सारांश: सियाचिन में तापमान 70 से भी नीचे चला जाता है
-60 डिग्री में अंडा, आलू और प्याज बन गए पत्थर
जूस का डिब्बा खोला तो उसमें ठंड से जमा पत्थर निकला | 33 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: डॉलर की तुलना में रुपये की विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के मद्देनजर आरबीआई द्वारा किए गए प्रयासों से अंतरबैंक मुद्रा विनिमय बाजार (फॉरेक्स) में आज के शुरुआती कारोबार के दौरान डॉलर की तुलना में रुपया 13 पैसे के सुधार के साथ 60.01 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया।टिप्पणियां
फॉरेक्स बाजार में मंगलवार के कारोबार के दौरान रुपया 47 पैसे के सुधार के साथ 60.14 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था, जो आज के शुरुआती कारोबार में 13 पैसे के और सुधार के बाद 60.01 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया।
बाजार विश्लेषकों ने बताया कि विनिमय दर में सुधार के लिए आरबीआई के हस्तक्षेप और शेयर बाजार में तेजी के रुख के कारण रुपये की धारणा में सुधार आया।
फॉरेक्स बाजार में मंगलवार के कारोबार के दौरान रुपया 47 पैसे के सुधार के साथ 60.14 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था, जो आज के शुरुआती कारोबार में 13 पैसे के और सुधार के बाद 60.01 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया।
बाजार विश्लेषकों ने बताया कि विनिमय दर में सुधार के लिए आरबीआई के हस्तक्षेप और शेयर बाजार में तेजी के रुख के कारण रुपये की धारणा में सुधार आया।
बाजार विश्लेषकों ने बताया कि विनिमय दर में सुधार के लिए आरबीआई के हस्तक्षेप और शेयर बाजार में तेजी के रुख के कारण रुपये की धारणा में सुधार आया। | फॉरेक्स में आज के शुरुआती कारोबार के दौरान डॉलर की तुलना में रुपया 13 पैसे के सुधार के साथ 60.01 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली के तीन नगर निगमों के लिए रविवार को मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हो गया. मतदान को लेकर दिल्ली वालों ने उत्साह नहीं दिखाया, नतीजतन 4 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ 46 फीसदी वोटिंग दर्ज हुई. नगर निगम चुनाव के नतीजे 26 तारीख़ को आएंगे, लेकिन बीजेपी अभी से जीत के दावे कर रही है. हालांकि मतदान कम होने से बीजेपी इसके नफे नुकसान के आकलन में जुटी है.
चुनाव प्रचार में जी-जान से जुटने के बाद दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी आम आदमी दिखने की कोशिश करते नज़र आए. घर के लिए सब्ज़ी ख़रीदी. नगर निगम में उनका अपना वोट नहीं है, इसलिए उन्होंने मतदान नहीं किया, लेकिन पोलिंग बूथ का जायज़ा लेने कई जगहों पर पहुंचे. उनके और केजरीवाल के बीच मतदान के दिन भी जुबानी जंग चलती रही.
मनोज तिवारी ने कहा कि केजरीवाल जनता को धमकाने वाले बयान देते हैं और सिर्फ डेंगू और चिकनुनिया पर राजनीति कर रहे हैं. तिवारी ने कहा कि हमने केजरीवाल के खिलाफ़ इस मुद्दे को लेकर FIR भी कराई है. मनोज तिवारी ने दावा किया कि बीजेपी को 225 से अधिक सीटें हासिल होंगी.
सुबह केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन अपनी मां को लेकर मतदान करने पहुंचे. अपनी पार्टी की जीत सुनिश्चित करने नेता तो मतदान केंद्रों तक पहुंचे, लेकिन जनता में उत्साह नज़र नहीं आया. वोटिंग कम होने की वजह से बीजेपी के बड़े नेता इसके नफे नुकसान की पड़ताल में जुटे हैं. हर्षवर्धन ने दावा किया कि मोदी लहर बनी हुई है, जबकि केजरीवल के दो साल के शासन से लोग परेशान हैं, इसलिए हमारी ही सरकार बनेगी.
वहीं यह पूछे जाने पर कि क्या एमसीडी चुनाव दिल्ली में आम आदमी पार्टी सरकार के दो साल के प्रदर्शन पर जनमत संग्रह है, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बुधवार को परिणाम सामने आएंगे, हम तब देखेंगे. वहीं उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने 10 साल तक नगर निगम में सत्ता पर काबिज भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि यदि लोग गंदगी, कचरे के ढेर, भ्रष्टाचार से परेशान हैं, तो उन्हें भाजपा के खिलाफ मतदान करना चाहिए.टिप्पणियां
वहीं कांग्रेस को उम्मीद है कि मतदाता शासन-प्रशासन में उसके पुराने कामों को याद करते हुए निगम चुनाव में पार्टी की जीत सुनिश्चित करेंगे. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि दिल्ली के लोग कांग्रेस के बेहतर प्रशासन को अब याद करते हैं.
उन्होंने कहा कि नगर निगम में भाजपा और दिल्ली सरकार में आम आदमी पार्टी के कुशासन से लोग बुरी तरह से परेशान हैं, इसलिए निगम चुनाव में बेहतर प्रशासन ही मुख्य मुद्दा है. उन्होंने कहा कि भाजपा और आप के बीच जुबानी जंग से जनता आजिज आ चुकी है. दोनों पार्टियां अपनी प्रशासनिक विफलता को छुपाने के लिए आरोप-प्रत्यारोप की जुबानी जंग में जनता को उलझाने की कोशिश कर रहे हैं.
चुनाव प्रचार में जी-जान से जुटने के बाद दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी आम आदमी दिखने की कोशिश करते नज़र आए. घर के लिए सब्ज़ी ख़रीदी. नगर निगम में उनका अपना वोट नहीं है, इसलिए उन्होंने मतदान नहीं किया, लेकिन पोलिंग बूथ का जायज़ा लेने कई जगहों पर पहुंचे. उनके और केजरीवाल के बीच मतदान के दिन भी जुबानी जंग चलती रही.
मनोज तिवारी ने कहा कि केजरीवाल जनता को धमकाने वाले बयान देते हैं और सिर्फ डेंगू और चिकनुनिया पर राजनीति कर रहे हैं. तिवारी ने कहा कि हमने केजरीवाल के खिलाफ़ इस मुद्दे को लेकर FIR भी कराई है. मनोज तिवारी ने दावा किया कि बीजेपी को 225 से अधिक सीटें हासिल होंगी.
सुबह केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन अपनी मां को लेकर मतदान करने पहुंचे. अपनी पार्टी की जीत सुनिश्चित करने नेता तो मतदान केंद्रों तक पहुंचे, लेकिन जनता में उत्साह नज़र नहीं आया. वोटिंग कम होने की वजह से बीजेपी के बड़े नेता इसके नफे नुकसान की पड़ताल में जुटे हैं. हर्षवर्धन ने दावा किया कि मोदी लहर बनी हुई है, जबकि केजरीवल के दो साल के शासन से लोग परेशान हैं, इसलिए हमारी ही सरकार बनेगी.
वहीं यह पूछे जाने पर कि क्या एमसीडी चुनाव दिल्ली में आम आदमी पार्टी सरकार के दो साल के प्रदर्शन पर जनमत संग्रह है, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बुधवार को परिणाम सामने आएंगे, हम तब देखेंगे. वहीं उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने 10 साल तक नगर निगम में सत्ता पर काबिज भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि यदि लोग गंदगी, कचरे के ढेर, भ्रष्टाचार से परेशान हैं, तो उन्हें भाजपा के खिलाफ मतदान करना चाहिए.टिप्पणियां
वहीं कांग्रेस को उम्मीद है कि मतदाता शासन-प्रशासन में उसके पुराने कामों को याद करते हुए निगम चुनाव में पार्टी की जीत सुनिश्चित करेंगे. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि दिल्ली के लोग कांग्रेस के बेहतर प्रशासन को अब याद करते हैं.
उन्होंने कहा कि नगर निगम में भाजपा और दिल्ली सरकार में आम आदमी पार्टी के कुशासन से लोग बुरी तरह से परेशान हैं, इसलिए निगम चुनाव में बेहतर प्रशासन ही मुख्य मुद्दा है. उन्होंने कहा कि भाजपा और आप के बीच जुबानी जंग से जनता आजिज आ चुकी है. दोनों पार्टियां अपनी प्रशासनिक विफलता को छुपाने के लिए आरोप-प्रत्यारोप की जुबानी जंग में जनता को उलझाने की कोशिश कर रहे हैं.
सुबह केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन अपनी मां को लेकर मतदान करने पहुंचे. अपनी पार्टी की जीत सुनिश्चित करने नेता तो मतदान केंद्रों तक पहुंचे, लेकिन जनता में उत्साह नज़र नहीं आया. वोटिंग कम होने की वजह से बीजेपी के बड़े नेता इसके नफे नुकसान की पड़ताल में जुटे हैं. हर्षवर्धन ने दावा किया कि मोदी लहर बनी हुई है, जबकि केजरीवल के दो साल के शासन से लोग परेशान हैं, इसलिए हमारी ही सरकार बनेगी.
वहीं यह पूछे जाने पर कि क्या एमसीडी चुनाव दिल्ली में आम आदमी पार्टी सरकार के दो साल के प्रदर्शन पर जनमत संग्रह है, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बुधवार को परिणाम सामने आएंगे, हम तब देखेंगे. वहीं उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने 10 साल तक नगर निगम में सत्ता पर काबिज भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि यदि लोग गंदगी, कचरे के ढेर, भ्रष्टाचार से परेशान हैं, तो उन्हें भाजपा के खिलाफ मतदान करना चाहिए.टिप्पणियां
वहीं कांग्रेस को उम्मीद है कि मतदाता शासन-प्रशासन में उसके पुराने कामों को याद करते हुए निगम चुनाव में पार्टी की जीत सुनिश्चित करेंगे. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि दिल्ली के लोग कांग्रेस के बेहतर प्रशासन को अब याद करते हैं.
उन्होंने कहा कि नगर निगम में भाजपा और दिल्ली सरकार में आम आदमी पार्टी के कुशासन से लोग बुरी तरह से परेशान हैं, इसलिए निगम चुनाव में बेहतर प्रशासन ही मुख्य मुद्दा है. उन्होंने कहा कि भाजपा और आप के बीच जुबानी जंग से जनता आजिज आ चुकी है. दोनों पार्टियां अपनी प्रशासनिक विफलता को छुपाने के लिए आरोप-प्रत्यारोप की जुबानी जंग में जनता को उलझाने की कोशिश कर रहे हैं.
वहीं यह पूछे जाने पर कि क्या एमसीडी चुनाव दिल्ली में आम आदमी पार्टी सरकार के दो साल के प्रदर्शन पर जनमत संग्रह है, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बुधवार को परिणाम सामने आएंगे, हम तब देखेंगे. वहीं उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने 10 साल तक नगर निगम में सत्ता पर काबिज भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि यदि लोग गंदगी, कचरे के ढेर, भ्रष्टाचार से परेशान हैं, तो उन्हें भाजपा के खिलाफ मतदान करना चाहिए.टिप्पणियां
वहीं कांग्रेस को उम्मीद है कि मतदाता शासन-प्रशासन में उसके पुराने कामों को याद करते हुए निगम चुनाव में पार्टी की जीत सुनिश्चित करेंगे. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि दिल्ली के लोग कांग्रेस के बेहतर प्रशासन को अब याद करते हैं.
उन्होंने कहा कि नगर निगम में भाजपा और दिल्ली सरकार में आम आदमी पार्टी के कुशासन से लोग बुरी तरह से परेशान हैं, इसलिए निगम चुनाव में बेहतर प्रशासन ही मुख्य मुद्दा है. उन्होंने कहा कि भाजपा और आप के बीच जुबानी जंग से जनता आजिज आ चुकी है. दोनों पार्टियां अपनी प्रशासनिक विफलता को छुपाने के लिए आरोप-प्रत्यारोप की जुबानी जंग में जनता को उलझाने की कोशिश कर रहे हैं.
वहीं कांग्रेस को उम्मीद है कि मतदाता शासन-प्रशासन में उसके पुराने कामों को याद करते हुए निगम चुनाव में पार्टी की जीत सुनिश्चित करेंगे. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि दिल्ली के लोग कांग्रेस के बेहतर प्रशासन को अब याद करते हैं.
उन्होंने कहा कि नगर निगम में भाजपा और दिल्ली सरकार में आम आदमी पार्टी के कुशासन से लोग बुरी तरह से परेशान हैं, इसलिए निगम चुनाव में बेहतर प्रशासन ही मुख्य मुद्दा है. उन्होंने कहा कि भाजपा और आप के बीच जुबानी जंग से जनता आजिज आ चुकी है. दोनों पार्टियां अपनी प्रशासनिक विफलता को छुपाने के लिए आरोप-प्रत्यारोप की जुबानी जंग में जनता को उलझाने की कोशिश कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि नगर निगम में भाजपा और दिल्ली सरकार में आम आदमी पार्टी के कुशासन से लोग बुरी तरह से परेशान हैं, इसलिए निगम चुनाव में बेहतर प्रशासन ही मुख्य मुद्दा है. उन्होंने कहा कि भाजपा और आप के बीच जुबानी जंग से जनता आजिज आ चुकी है. दोनों पार्टियां अपनी प्रशासनिक विफलता को छुपाने के लिए आरोप-प्रत्यारोप की जुबानी जंग में जनता को उलझाने की कोशिश कर रहे हैं. | संक्षिप्त पाठ: दिल्लीवालों में MCD चुनाव को लेकर दिखी उदासीनता
मतगणना से पहले ही बीजेपी कर रही है जीत का दावा
मोदी लहर बनी हुई है, केजरीवाल सरकार से लोग परेशान : हर्षवर्धन | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले के मामले में अब कार्रवाई कार्रवाई शुरू हो गई है। जहां जगदलपुर के एसपी को सस्पेंड कर दिया गया है वहीं बस्तर के आईजी और कलेक्टर का ट्रांसफर कर दिया गया है।
सुकमा जिले में अब तक के सबसे बड़े नक्सली हमले में सुरक्षा को लेकर हुई कथित चूक के लिए प्रदेश के कुछ और आला पुलिस अफसरों पर गाज गिर सकती है। घटना के बाद से ही खुफिया तंत्र की चूक को लेकर पुलिस महकमे के आला अफसरों पर उंगलियां उठ रही थीं। मुख्यमंत्री ने इसे बेहद गंभीर मानते हुए एनआईए जांच की सहमति पहले ही दे दी है।टिप्पणियां
नक्सली हमले में कांग्रेस के बड़े नेताओं के मारे जाने के बाद देशभर में हो रही आलोचना और आसन्न चुनाव के मद्देनजर इस संकट से छुटकारा पाने के लिए सरकार ने अभी से अपने चुनावी धुरंधरों को सक्रिय कर दिया है। समझा जा रहा है कि सुकमा हमले के तमाम घटनाक्रम की गहन समीक्षा करने के बाद मुख्यमंत्री रमन सिंह एक-दो दिन में कुछ कड़े फैसले ले सकते हैं।
इसके तहत राज्य पुलिस के शीर्ष नेतृत्व में आमूलचूल परिवर्तन किया जा सकता है। घटना के पीछे सुरक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी चूक को कारण बताया गया है। इसे लेकर न केवल प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, बल्कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी राज्य सरकार पर जिम्मेदारी तय करने पर जोर दे रहे हैं।
सुकमा जिले में अब तक के सबसे बड़े नक्सली हमले में सुरक्षा को लेकर हुई कथित चूक के लिए प्रदेश के कुछ और आला पुलिस अफसरों पर गाज गिर सकती है। घटना के बाद से ही खुफिया तंत्र की चूक को लेकर पुलिस महकमे के आला अफसरों पर उंगलियां उठ रही थीं। मुख्यमंत्री ने इसे बेहद गंभीर मानते हुए एनआईए जांच की सहमति पहले ही दे दी है।टिप्पणियां
नक्सली हमले में कांग्रेस के बड़े नेताओं के मारे जाने के बाद देशभर में हो रही आलोचना और आसन्न चुनाव के मद्देनजर इस संकट से छुटकारा पाने के लिए सरकार ने अभी से अपने चुनावी धुरंधरों को सक्रिय कर दिया है। समझा जा रहा है कि सुकमा हमले के तमाम घटनाक्रम की गहन समीक्षा करने के बाद मुख्यमंत्री रमन सिंह एक-दो दिन में कुछ कड़े फैसले ले सकते हैं।
इसके तहत राज्य पुलिस के शीर्ष नेतृत्व में आमूलचूल परिवर्तन किया जा सकता है। घटना के पीछे सुरक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी चूक को कारण बताया गया है। इसे लेकर न केवल प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, बल्कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी राज्य सरकार पर जिम्मेदारी तय करने पर जोर दे रहे हैं।
नक्सली हमले में कांग्रेस के बड़े नेताओं के मारे जाने के बाद देशभर में हो रही आलोचना और आसन्न चुनाव के मद्देनजर इस संकट से छुटकारा पाने के लिए सरकार ने अभी से अपने चुनावी धुरंधरों को सक्रिय कर दिया है। समझा जा रहा है कि सुकमा हमले के तमाम घटनाक्रम की गहन समीक्षा करने के बाद मुख्यमंत्री रमन सिंह एक-दो दिन में कुछ कड़े फैसले ले सकते हैं।
इसके तहत राज्य पुलिस के शीर्ष नेतृत्व में आमूलचूल परिवर्तन किया जा सकता है। घटना के पीछे सुरक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी चूक को कारण बताया गया है। इसे लेकर न केवल प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, बल्कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी राज्य सरकार पर जिम्मेदारी तय करने पर जोर दे रहे हैं।
इसके तहत राज्य पुलिस के शीर्ष नेतृत्व में आमूलचूल परिवर्तन किया जा सकता है। घटना के पीछे सुरक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी चूक को कारण बताया गया है। इसे लेकर न केवल प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, बल्कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी राज्य सरकार पर जिम्मेदारी तय करने पर जोर दे रहे हैं। | यहाँ एक सारांश है:छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले के मामले में अब कार्रवाई कार्रवाई शुरू हो गई है। जहां जगदलपुर के एसपी को सस्पेंड कर दिया गया है वहीं बस्तर के आईजी और कलेक्टर का ट्रांसफर कर दिया गया है। | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सीआईएसएफ की मेट्रो टीम ने एक बार फिर से ईमानदारी की मिसाल पेश की है. स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले दिल्ली मेट्रो रेल की सुरक्षा में मुस्तैद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के ईमानदार जवानों ने इस बार हाथ लगे एक लाख रुपये से भरा बैग जिसका था, उसके हवाले कर दिया. सीआईएसएफ के प्रवक्ता सहायक महानिरीक्षक हेमेंद्र सिंह ने यह जानकारी आईएएनएस को दी. अर्धसैनिक बल के जवानों ने ईमानदारी की यह मिसाल 14 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले पेश की.
प्रवक्ता ने बताया कि बुधवार को दोपहर बाद शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन पर एक संदिग्ध बैग जवानों को लावारिस हालत में स्कैनर में मिला. उन्होंने जब बैग को खोलकर देखा तो उसके अंदर एक लाख रुपये नगद और अन्य जरूरी चीजें थीं. सीसीटीवी फुटेज देखने से बैग के मालिक का पता चला. सीआईएसएफ कर्मियों ने आनन-फानन में बैग मालिक की तलाश शुरू कर दी. कुछ घंटों की मेहनत के बाद बैग के मालिक प्रवीण झा (30) मिल गए. वह द्वारका के रहने वाले हैं. सीआईएसएफ के जवानों ने उन्हें रुपयों सहित बैग लौटा दिया.
प्रवीण ने सुरक्षाकर्मियों को बताया कि वह भूलवश बैग स्कैनर में छोड़ आए थे. मेट्रो जब धौला कुआं के करीब पहुंची, तब उन्हें बैग कहीं छूट जाने का ख्याल आया. भारी रकम खो जाने से चिंतित प्रवीण ने सीआईएसएफ के जवानों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, "अब मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि ईमानदारी अभी भी जिंदा है." | संक्षिप्त पाठ: मेट्रो स्टेशन पर CISF की टीम ने पेश की मिसाल
एक लाख रुपये से भरा बैग शख्स को लौटाया
शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन की घटना | 13 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तानी मूल के विवादास्पद अमेरिकी उद्योगपति मंसूर एजाज ने घोषणा की कि वह गोपनीय ज्ञापन मामले में सच्चाई बताने के लिए सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश होने के वास्ते पाकिस्तान की यात्रा करेंगे। एजाज की ओर से मीडिया को यह बयान, पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि देश में उन्हें (एजाज को) कोई खतरा नहीं है और वह जितने दिन भी देश में रहेंगे उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
हालांकि एजाज ने वह तिथि नहीं बताई, जिस दिन वह पाकिस्तान जाएंगे। लेकिन उन्होंने अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी पर यह कहते हुए हमला किया कि पूर्व राजदूत ने एक मीडिया अभियान छेड़ रखा है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं पाकिस्तान आ रहा हूं और मैं वह सच्चाई बताऊंगा, जो आप अब छुपाकर नहीं रख पाएंगे। मैं यह पूरी स्पष्टता और जोश से बताऊंगा, जिसके बाद आपको और आपके कानूनी दल को उससे भागने का मौका नहीं मिलेगा।’’
हालांकि एजाज ने वह तिथि नहीं बताई, जिस दिन वह पाकिस्तान जाएंगे। लेकिन उन्होंने अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी पर यह कहते हुए हमला किया कि पूर्व राजदूत ने एक मीडिया अभियान छेड़ रखा है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं पाकिस्तान आ रहा हूं और मैं वह सच्चाई बताऊंगा, जो आप अब छुपाकर नहीं रख पाएंगे। मैं यह पूरी स्पष्टता और जोश से बताऊंगा, जिसके बाद आपको और आपके कानूनी दल को उससे भागने का मौका नहीं मिलेगा।’’ | संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तानी मूल के विवादास्पद अमेरिकी उद्योगपति मंसूर एजाज ने घोषणा की कि वह गोपनीय ज्ञापन मामले में सच्चाई बताने के लिए सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश होने के वास्ते पाकिस्तान की यात्रा करेंगे। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश में पिछले तीन साल में अन्य प्रांतों के मुकाबले सर्वाधिक सांप्रदायिक दंगे हुए हैं।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि केवल चालू वर्ष में ही अक्टूबर तक के आंकड़ें बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर सांप्रदायिक दंगों की 104 घटनाएं हुई जिनमें 34 लोग मारे गए और 456 लोग घायल हुए।
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2009 से लेकर अक्टूबर 2012 तक के हालात पर गौर किया जाए तो वहां सांप्रदायिक दंगों की कुल 468 घटनाएं हुई हैं जिनमें करीब सौ लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।
अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश के आंकड़ें बताते हैं कि वर्ष 2009 से लेकर 2011 तक प्रांत में सांप्रदायिक दंगों की घटनाओं में कमी आई और वर्ष 2009 में जहां ऐसी 159 घटनाएं हुई तो वहीं वर्ष 2010 में यह आंकड़ा 121 और वर्ष 2011 में 84 तक सिमट गया।
लेकिन वर्ष 2012 में प्रांत में सांप्रदायिक घटनाओं की संख्या में अचानक से इजाफा हुआ और अक्टूबर तक सांप्रदायिक दंगों की 104 घटनाएं हुई जिनमें 34 लोग मारे गए और 456 घायल हुए।
गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि इसी अवधि में महाराष्ट्र में सांप्रदायिक दंगों की 83, मध्य प्रदेश में 78, गुजरात में 50, आंध्र प्रदेश में 45 और बिहार में 17 घटनाएं हुई। कुछ ऐसे भी राज्य हैं जहां इस प्रकार की कोई घटना सामने नहीं आई जिनमें अरूणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर आदि प्रमुख हैं।
सांप्रदायिक दंगों के हिसाब से उत्तर प्रदेश के बाद महाराष्ट्र की स्थिति सर्वाधिक खराब है जहां वर्ष 2009 में 128, वर्ष 2010 में 117, वर्ष 2011 में 88 तथा इस वर्ष अक्टूबर तक 83 घटनाएं सामने आईं।टिप्पणियां
इस दृष्टि से मध्य प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, केरल और आंध्र प्रदेश की स्थिति भी काफी खराब है। इस वर्ष इन राज्यों में सांप्रदायिक दंगों की क्रमश: 78, 54, 50, 46 और 45 घटनाएं हुई।
सांप्रदायिक सद्भाव के लिहाज से असम को छोड़कर पूर्वोत्तर राज्यों की स्थिति को एक उदाहरण कहा जा सकता है जहां इस वर्ष कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ। इतना ही नहीं इस क्षेत्र में त्रिपुरा और मेघालय की एकाध छुटपुट घटनाओं को छोड़कर पिछले तीन साल में सांप्रदायिक दंगे की कोई घटना नहीं हुई। इस साल असम में हुए दंगे इस रिकॉर्ड को खराब कर गए।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि केवल चालू वर्ष में ही अक्टूबर तक के आंकड़ें बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर सांप्रदायिक दंगों की 104 घटनाएं हुई जिनमें 34 लोग मारे गए और 456 लोग घायल हुए।
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2009 से लेकर अक्टूबर 2012 तक के हालात पर गौर किया जाए तो वहां सांप्रदायिक दंगों की कुल 468 घटनाएं हुई हैं जिनमें करीब सौ लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।
अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश के आंकड़ें बताते हैं कि वर्ष 2009 से लेकर 2011 तक प्रांत में सांप्रदायिक दंगों की घटनाओं में कमी आई और वर्ष 2009 में जहां ऐसी 159 घटनाएं हुई तो वहीं वर्ष 2010 में यह आंकड़ा 121 और वर्ष 2011 में 84 तक सिमट गया।
लेकिन वर्ष 2012 में प्रांत में सांप्रदायिक घटनाओं की संख्या में अचानक से इजाफा हुआ और अक्टूबर तक सांप्रदायिक दंगों की 104 घटनाएं हुई जिनमें 34 लोग मारे गए और 456 घायल हुए।
गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि इसी अवधि में महाराष्ट्र में सांप्रदायिक दंगों की 83, मध्य प्रदेश में 78, गुजरात में 50, आंध्र प्रदेश में 45 और बिहार में 17 घटनाएं हुई। कुछ ऐसे भी राज्य हैं जहां इस प्रकार की कोई घटना सामने नहीं आई जिनमें अरूणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर आदि प्रमुख हैं।
सांप्रदायिक दंगों के हिसाब से उत्तर प्रदेश के बाद महाराष्ट्र की स्थिति सर्वाधिक खराब है जहां वर्ष 2009 में 128, वर्ष 2010 में 117, वर्ष 2011 में 88 तथा इस वर्ष अक्टूबर तक 83 घटनाएं सामने आईं।टिप्पणियां
इस दृष्टि से मध्य प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, केरल और आंध्र प्रदेश की स्थिति भी काफी खराब है। इस वर्ष इन राज्यों में सांप्रदायिक दंगों की क्रमश: 78, 54, 50, 46 और 45 घटनाएं हुई।
सांप्रदायिक सद्भाव के लिहाज से असम को छोड़कर पूर्वोत्तर राज्यों की स्थिति को एक उदाहरण कहा जा सकता है जहां इस वर्ष कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ। इतना ही नहीं इस क्षेत्र में त्रिपुरा और मेघालय की एकाध छुटपुट घटनाओं को छोड़कर पिछले तीन साल में सांप्रदायिक दंगे की कोई घटना नहीं हुई। इस साल असम में हुए दंगे इस रिकॉर्ड को खराब कर गए।
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2009 से लेकर अक्टूबर 2012 तक के हालात पर गौर किया जाए तो वहां सांप्रदायिक दंगों की कुल 468 घटनाएं हुई हैं जिनमें करीब सौ लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।
अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश के आंकड़ें बताते हैं कि वर्ष 2009 से लेकर 2011 तक प्रांत में सांप्रदायिक दंगों की घटनाओं में कमी आई और वर्ष 2009 में जहां ऐसी 159 घटनाएं हुई तो वहीं वर्ष 2010 में यह आंकड़ा 121 और वर्ष 2011 में 84 तक सिमट गया।
लेकिन वर्ष 2012 में प्रांत में सांप्रदायिक घटनाओं की संख्या में अचानक से इजाफा हुआ और अक्टूबर तक सांप्रदायिक दंगों की 104 घटनाएं हुई जिनमें 34 लोग मारे गए और 456 घायल हुए।
गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि इसी अवधि में महाराष्ट्र में सांप्रदायिक दंगों की 83, मध्य प्रदेश में 78, गुजरात में 50, आंध्र प्रदेश में 45 और बिहार में 17 घटनाएं हुई। कुछ ऐसे भी राज्य हैं जहां इस प्रकार की कोई घटना सामने नहीं आई जिनमें अरूणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर आदि प्रमुख हैं।
सांप्रदायिक दंगों के हिसाब से उत्तर प्रदेश के बाद महाराष्ट्र की स्थिति सर्वाधिक खराब है जहां वर्ष 2009 में 128, वर्ष 2010 में 117, वर्ष 2011 में 88 तथा इस वर्ष अक्टूबर तक 83 घटनाएं सामने आईं।टिप्पणियां
इस दृष्टि से मध्य प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, केरल और आंध्र प्रदेश की स्थिति भी काफी खराब है। इस वर्ष इन राज्यों में सांप्रदायिक दंगों की क्रमश: 78, 54, 50, 46 और 45 घटनाएं हुई।
सांप्रदायिक सद्भाव के लिहाज से असम को छोड़कर पूर्वोत्तर राज्यों की स्थिति को एक उदाहरण कहा जा सकता है जहां इस वर्ष कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ। इतना ही नहीं इस क्षेत्र में त्रिपुरा और मेघालय की एकाध छुटपुट घटनाओं को छोड़कर पिछले तीन साल में सांप्रदायिक दंगे की कोई घटना नहीं हुई। इस साल असम में हुए दंगे इस रिकॉर्ड को खराब कर गए।
अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश के आंकड़ें बताते हैं कि वर्ष 2009 से लेकर 2011 तक प्रांत में सांप्रदायिक दंगों की घटनाओं में कमी आई और वर्ष 2009 में जहां ऐसी 159 घटनाएं हुई तो वहीं वर्ष 2010 में यह आंकड़ा 121 और वर्ष 2011 में 84 तक सिमट गया।
लेकिन वर्ष 2012 में प्रांत में सांप्रदायिक घटनाओं की संख्या में अचानक से इजाफा हुआ और अक्टूबर तक सांप्रदायिक दंगों की 104 घटनाएं हुई जिनमें 34 लोग मारे गए और 456 घायल हुए।
गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि इसी अवधि में महाराष्ट्र में सांप्रदायिक दंगों की 83, मध्य प्रदेश में 78, गुजरात में 50, आंध्र प्रदेश में 45 और बिहार में 17 घटनाएं हुई। कुछ ऐसे भी राज्य हैं जहां इस प्रकार की कोई घटना सामने नहीं आई जिनमें अरूणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर आदि प्रमुख हैं।
सांप्रदायिक दंगों के हिसाब से उत्तर प्रदेश के बाद महाराष्ट्र की स्थिति सर्वाधिक खराब है जहां वर्ष 2009 में 128, वर्ष 2010 में 117, वर्ष 2011 में 88 तथा इस वर्ष अक्टूबर तक 83 घटनाएं सामने आईं।टिप्पणियां
इस दृष्टि से मध्य प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, केरल और आंध्र प्रदेश की स्थिति भी काफी खराब है। इस वर्ष इन राज्यों में सांप्रदायिक दंगों की क्रमश: 78, 54, 50, 46 और 45 घटनाएं हुई।
सांप्रदायिक सद्भाव के लिहाज से असम को छोड़कर पूर्वोत्तर राज्यों की स्थिति को एक उदाहरण कहा जा सकता है जहां इस वर्ष कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ। इतना ही नहीं इस क्षेत्र में त्रिपुरा और मेघालय की एकाध छुटपुट घटनाओं को छोड़कर पिछले तीन साल में सांप्रदायिक दंगे की कोई घटना नहीं हुई। इस साल असम में हुए दंगे इस रिकॉर्ड को खराब कर गए।
लेकिन वर्ष 2012 में प्रांत में सांप्रदायिक घटनाओं की संख्या में अचानक से इजाफा हुआ और अक्टूबर तक सांप्रदायिक दंगों की 104 घटनाएं हुई जिनमें 34 लोग मारे गए और 456 घायल हुए।
गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि इसी अवधि में महाराष्ट्र में सांप्रदायिक दंगों की 83, मध्य प्रदेश में 78, गुजरात में 50, आंध्र प्रदेश में 45 और बिहार में 17 घटनाएं हुई। कुछ ऐसे भी राज्य हैं जहां इस प्रकार की कोई घटना सामने नहीं आई जिनमें अरूणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर आदि प्रमुख हैं।
सांप्रदायिक दंगों के हिसाब से उत्तर प्रदेश के बाद महाराष्ट्र की स्थिति सर्वाधिक खराब है जहां वर्ष 2009 में 128, वर्ष 2010 में 117, वर्ष 2011 में 88 तथा इस वर्ष अक्टूबर तक 83 घटनाएं सामने आईं।टिप्पणियां
इस दृष्टि से मध्य प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, केरल और आंध्र प्रदेश की स्थिति भी काफी खराब है। इस वर्ष इन राज्यों में सांप्रदायिक दंगों की क्रमश: 78, 54, 50, 46 और 45 घटनाएं हुई।
सांप्रदायिक सद्भाव के लिहाज से असम को छोड़कर पूर्वोत्तर राज्यों की स्थिति को एक उदाहरण कहा जा सकता है जहां इस वर्ष कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ। इतना ही नहीं इस क्षेत्र में त्रिपुरा और मेघालय की एकाध छुटपुट घटनाओं को छोड़कर पिछले तीन साल में सांप्रदायिक दंगे की कोई घटना नहीं हुई। इस साल असम में हुए दंगे इस रिकॉर्ड को खराब कर गए।
गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि इसी अवधि में महाराष्ट्र में सांप्रदायिक दंगों की 83, मध्य प्रदेश में 78, गुजरात में 50, आंध्र प्रदेश में 45 और बिहार में 17 घटनाएं हुई। कुछ ऐसे भी राज्य हैं जहां इस प्रकार की कोई घटना सामने नहीं आई जिनमें अरूणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर आदि प्रमुख हैं।
सांप्रदायिक दंगों के हिसाब से उत्तर प्रदेश के बाद महाराष्ट्र की स्थिति सर्वाधिक खराब है जहां वर्ष 2009 में 128, वर्ष 2010 में 117, वर्ष 2011 में 88 तथा इस वर्ष अक्टूबर तक 83 घटनाएं सामने आईं।टिप्पणियां
इस दृष्टि से मध्य प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, केरल और आंध्र प्रदेश की स्थिति भी काफी खराब है। इस वर्ष इन राज्यों में सांप्रदायिक दंगों की क्रमश: 78, 54, 50, 46 और 45 घटनाएं हुई।
सांप्रदायिक सद्भाव के लिहाज से असम को छोड़कर पूर्वोत्तर राज्यों की स्थिति को एक उदाहरण कहा जा सकता है जहां इस वर्ष कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ। इतना ही नहीं इस क्षेत्र में त्रिपुरा और मेघालय की एकाध छुटपुट घटनाओं को छोड़कर पिछले तीन साल में सांप्रदायिक दंगे की कोई घटना नहीं हुई। इस साल असम में हुए दंगे इस रिकॉर्ड को खराब कर गए।
सांप्रदायिक दंगों के हिसाब से उत्तर प्रदेश के बाद महाराष्ट्र की स्थिति सर्वाधिक खराब है जहां वर्ष 2009 में 128, वर्ष 2010 में 117, वर्ष 2011 में 88 तथा इस वर्ष अक्टूबर तक 83 घटनाएं सामने आईं।टिप्पणियां
इस दृष्टि से मध्य प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, केरल और आंध्र प्रदेश की स्थिति भी काफी खराब है। इस वर्ष इन राज्यों में सांप्रदायिक दंगों की क्रमश: 78, 54, 50, 46 और 45 घटनाएं हुई।
सांप्रदायिक सद्भाव के लिहाज से असम को छोड़कर पूर्वोत्तर राज्यों की स्थिति को एक उदाहरण कहा जा सकता है जहां इस वर्ष कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ। इतना ही नहीं इस क्षेत्र में त्रिपुरा और मेघालय की एकाध छुटपुट घटनाओं को छोड़कर पिछले तीन साल में सांप्रदायिक दंगे की कोई घटना नहीं हुई। इस साल असम में हुए दंगे इस रिकॉर्ड को खराब कर गए।
इस दृष्टि से मध्य प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, केरल और आंध्र प्रदेश की स्थिति भी काफी खराब है। इस वर्ष इन राज्यों में सांप्रदायिक दंगों की क्रमश: 78, 54, 50, 46 और 45 घटनाएं हुई।
सांप्रदायिक सद्भाव के लिहाज से असम को छोड़कर पूर्वोत्तर राज्यों की स्थिति को एक उदाहरण कहा जा सकता है जहां इस वर्ष कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ। इतना ही नहीं इस क्षेत्र में त्रिपुरा और मेघालय की एकाध छुटपुट घटनाओं को छोड़कर पिछले तीन साल में सांप्रदायिक दंगे की कोई घटना नहीं हुई। इस साल असम में हुए दंगे इस रिकॉर्ड को खराब कर गए।
सांप्रदायिक सद्भाव के लिहाज से असम को छोड़कर पूर्वोत्तर राज्यों की स्थिति को एक उदाहरण कहा जा सकता है जहां इस वर्ष कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ। इतना ही नहीं इस क्षेत्र में त्रिपुरा और मेघालय की एकाध छुटपुट घटनाओं को छोड़कर पिछले तीन साल में सांप्रदायिक दंगे की कोई घटना नहीं हुई। इस साल असम में हुए दंगे इस रिकॉर्ड को खराब कर गए। | यह एक सारांश है: उत्तर प्रदेश में पिछले तीन साल में अन्य प्रांतों के मुकाबले सर्वाधिक सांप्रदायिक दंगे हुए हैं। | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: घृणा अपराधों में कथित बढ़ोतरी को लेकर मचे बवाल के बीच तृणमूल कांग्रेस सांसद नुसरत जहां (Nusrat Jahan) ने भी इस मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है. घृणा अपराधों को लेकर 49 प्रतिष्ठित हस्तियों द्वारा लिखे गए पत्र की सराहना करते हुए कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय ‘भीड़ तंत्र के खौफनाक कृत्यों का सामना कर रहा है.' पत्र में नुसरत जहां ने कहा है, ‘देश में घृणा अपराधों और भीड़ हत्या की घटनाओं में जबर्दस्त वृद्धि हुई है. साल 2014-19 की अवधि में मुस्लिमों, दलितों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ सर्वाधिक घृणा अपराध हुए हैं. साल 2019 में ही 11 से अधिक घृणा अपराध हो चुके हैं और चार लोग मारे जा चुके हैं और वे सभी अल्पसंख्यक और दबे-कुचले थे.' पश्चिम बंगाल से सांसद ने दावा किया कि देशभर में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं जहां गो रक्षकों ने गोमांस खाने और मवेशी की तस्करी को लेकर अफवाह की वजह से लोगों पर हमला किया है. | यह एक सारांश है: TMC सांसद हैं नुसरत जहां
49 प्रतिष्ठित हस्तियों द्वारा लिखे गए पत्र की तारीफ की
'सरकार की सोची समझी चुप्पी और निष्क्रियता ने प्रभावित किया' | 9 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मिस्र की एक अदालत ने देश के पूर्व राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के खिलाफ मुकदमे में अपना फैसला सुनाते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है। मुबारक के खिलाफ मुकदमे का फैसला सत्ता से उनके हटने के 15 महीने बाद आया है। होस्नी मुबारक के शासनकाल में गृहमंत्री रहे हबीब अल अदली को भी उम्रक़ैद की सजा हुई है। होस्नी मुबारक के दो बेटों- गमाल और अला को कोर्ट ने भ्रष्टाचार के आरोपों से बरी कर दिया है।
मुबारक और अल आदली को सजा सुनाते हुए न्यायाधीश अहमद रफात ने कहा कि 10 महीने चली यह सुनवाई निष्पक्ष रही। उन्होंने कहा कि मिस्र की जनता को मुबारक के शासन में 30 साल तक कष्ट सहने पड़े।टिप्पणियां
गृह मंत्रालय ने अदालत के परिसरों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए थे। न्यू काहिरा की पुलिस अकादमी की दीवारों को चार मीटर बढ़ाया गया और इसके ऊपर एक मीटर तक कांटेदार तार लगाए गए। अदालत ने साथ ही सुनवाई को कवर करने के लिए किसी अन्य को इजाजत नहीं दी और केवल सरकारी टेलीविजन को ही इसकी अनुमति थी। फैसला सुनाने के बाद अदालत में विरोधी गुटों में हाथापाई देखने को मिली।
मुबारक, पूर्व गृह मंत्री हबीब अल अदली और छह अन्य के खिलाफ मामले में मौत की सजा तक हो सकती थी। मुबारक को एक अस्पताल से अदालत ले जाया जाया गया। गत वर्ष गिरफ्तारी के बाद मुबारक अस्पताल में ही हैं।
मुबारक और अल आदली को सजा सुनाते हुए न्यायाधीश अहमद रफात ने कहा कि 10 महीने चली यह सुनवाई निष्पक्ष रही। उन्होंने कहा कि मिस्र की जनता को मुबारक के शासन में 30 साल तक कष्ट सहने पड़े।टिप्पणियां
गृह मंत्रालय ने अदालत के परिसरों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए थे। न्यू काहिरा की पुलिस अकादमी की दीवारों को चार मीटर बढ़ाया गया और इसके ऊपर एक मीटर तक कांटेदार तार लगाए गए। अदालत ने साथ ही सुनवाई को कवर करने के लिए किसी अन्य को इजाजत नहीं दी और केवल सरकारी टेलीविजन को ही इसकी अनुमति थी। फैसला सुनाने के बाद अदालत में विरोधी गुटों में हाथापाई देखने को मिली।
मुबारक, पूर्व गृह मंत्री हबीब अल अदली और छह अन्य के खिलाफ मामले में मौत की सजा तक हो सकती थी। मुबारक को एक अस्पताल से अदालत ले जाया जाया गया। गत वर्ष गिरफ्तारी के बाद मुबारक अस्पताल में ही हैं।
गृह मंत्रालय ने अदालत के परिसरों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए थे। न्यू काहिरा की पुलिस अकादमी की दीवारों को चार मीटर बढ़ाया गया और इसके ऊपर एक मीटर तक कांटेदार तार लगाए गए। अदालत ने साथ ही सुनवाई को कवर करने के लिए किसी अन्य को इजाजत नहीं दी और केवल सरकारी टेलीविजन को ही इसकी अनुमति थी। फैसला सुनाने के बाद अदालत में विरोधी गुटों में हाथापाई देखने को मिली।
मुबारक, पूर्व गृह मंत्री हबीब अल अदली और छह अन्य के खिलाफ मामले में मौत की सजा तक हो सकती थी। मुबारक को एक अस्पताल से अदालत ले जाया जाया गया। गत वर्ष गिरफ्तारी के बाद मुबारक अस्पताल में ही हैं।
मुबारक, पूर्व गृह मंत्री हबीब अल अदली और छह अन्य के खिलाफ मामले में मौत की सजा तक हो सकती थी। मुबारक को एक अस्पताल से अदालत ले जाया जाया गया। गत वर्ष गिरफ्तारी के बाद मुबारक अस्पताल में ही हैं। | यहाँ एक सारांश है:मिस्र की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के खिलाफ मुकदमे में उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है। पूर्व गृहमंत्री हबीब अल अदली को भी उम्रक़ैद की सजा दी गई है, जबकि मुबारक के दो बेटों को कोर्ट ने भ्रष्टाचार के आरोपों से बरी कर दिया है। | 17 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए कमर कस ली है. लोकसभा चुनाव से करीब 3 महीने पहले पीएम नरेंद्र मोदी के फैन दोबारा सरकार बनाने को लेकर सोशल मीडिया पर प्रमोशन के लिए अथक प्रयास में जुट गए हैं. यूट्यूब पर नरेंद्र मोदी फैन के नाम से बने यूट्यूब अकाउंट पर 'मोदी वंस मोर' (Modi Once More) रैप सॉन्ग (Rap Song) रिलीज किया गया है. इस रैप सॉन्ग को दो दिन पहले ही इंटरनेट पर रिलीज किया गया है और जबरदस्त तरीके से वायरल हो गया. गाने की शुरुआत 'हर कदम अब साथ बढ़ाना है, साथ नमो के हम सबको आना है...' लिरिक्स से होती है और इसके बाद 5 साल में मोदी सरकार की उपलब्धियों को बतलाया गया है.
इसी महीने रणवीर सिंह (Ranveer Singh) की फिल्म 'गली बॉय' (Gully Boy) भी रिलीज होने जा रही है. फिल्म रिलीज से पहले पहले पीएम नरेंद्र मोदी के सपोर्ट में आया यह सॉन्ग काफी वायरल होने लगा है. यूट्यूब पर इसे कई बीजेपी सपोर्टर ने शेयर किया है. फिलहाल पीएम नरेंद्र मोदी यूथ से ज्यादा कनेक्टेड हैं और वह यूथ के साथ भी चलना चाहते हैं. इस गाने में भी यूथ ही यूथ दिखाया गया. ब्लैक एंड व्हाइट रैप सॉन्ग में म्यूजिक वीडियो शुरू होता है.
पीएम मोदी अपनी वाकपटुता के लिए पूरे विश्व में जाने जाते हैं. शनिवार को पश्चिम बंगाल के ठाकुरगढ़ में प्रधानमंत्री मोदी ने सिर्फ 14 मिनट का भाषण ही दिया. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक दुर्गापुर की रैली में अप्रत्याशित भीड़ से स्थिति बेकाबू होने लगी. भीड़ इतनी ज्यादा थी कि प्रशासन के लिए उसे संभालना चुनौती बन गया. लिहाजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण को जल्दी ही खत्म कर दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ठाकुरगढ़ की रैली के साथ आगामी लोकसभा चुनावों के लिए पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रचार अभियान की शुरुआत की. पीएम मोदी ने दुर्गापुर में 294 किलोमीटर लंबे अंदल-सैंथिया-पाकुर-मालदा रेलवे सेक्शन के इलेक्ट्रिफिकेशन को राष्ट्र को समर्पित किया. | संक्षिप्त पाठ: PM नरेंद्र मोदी पर बना म्यूजिक वीडियो
'मोदी वंस मोर' रैप सॉन्ग वायरल
इंटरनेट पर खूब सुना जा रहा | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बल्लेबाजी में खराब शुरुआत के बावजूद इंग्लैंड पर सबसे बड़ी जीत दर्ज करने से उत्साहित भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने जीत का श्रेय पूरी टीम को दिया, लेकिन स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और रविंदर जडेजा की विशेष तारीफ की, जिन्होंने उन्हें ‘गलत साबित’ किया। धोनी ने भारत की दूसरे वनडे में 127 रन से जीत के बाद कहा, प्रत्येक ने अच्छा प्रदर्शन किया। हमारी शुरुआत अच्छी नहीं रही।
सलामी बल्लेबाजों को मुश्किलें हुई, लेकिन युवराज और विराट कोहली ने हमारे लिए मंच तैयार किया। उन्होंने कहा, यह ऐसा विकेट लग रहा था, जो सपाट हो सकता है। हमें लगा था कि यह सूख जाएगा और स्पिनरों को इससे अधिक टर्न नहीं मिलेगा। अच्छा है कि मैं गलत साबित हुआ और हमारे स्पिनरों को टर्न मिला।
जडेजा और अश्विन ने मिलकर पांच विकेट लिए और भारत को बड़ी जीत दिलाने में अहम भूमिका निभायी। धोनी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी के फैसले को सही ठहराया। उन्होंने कहा, जब शुरू में तेज गेंदबाजों को इससे थोड़ा मदद मिल रही थी तब वह समय गुजारना महत्वपूर्ण था। यह ऐसा विकेट नहीं था, जिस पर टॉस जीतकर आप पहले क्षेत्ररक्षण का फैसला करो। जिम्मेदारी बल्लेबाजों की थी।
भारतीय कप्तान ने कहा कि एक समय उन्होंने 250 रन के करीब लक्ष्य देने के बारे में सोचा था। उन्होंने कहा, शुरू में जब मैं और रैना खेल रहे थे हम 240 या 250 रन तक पहुंचने के बारे में सोच रहे थे। इसके बाद जब हम जम गए तो हम 260 का लक्ष्य देने के बारे में सोचने लगे। हमने 15 रन अधिक बनाए।टिप्पणियां
धोनी ने कहा, मेरा मानना है कि यह विकेट टेस्ट मैच के लिए आदर्श था। इससे तेज गेंदबाज भी फायदा उठाते तथा स्पिनरों के लिए भी टर्न था जैसा कि हम चाहते थे।
भारत और इंग्लैंड के बीच अगला मैच 19 जनवरी को धोनी के गृहनगर रांची में खेला जाएगा और भारतीय कप्तान इससे काफी उत्साहित हैं। धोनी ने कहा, अगला मैच मेरे शहर में होगा और वह बहुत खास होगा। यहां के दर्शक वास्तव में बेजोड़ थे, लेकिन यहां की गर्मी और उमस भी नहीं भूलाई जा सकती। केरल के तेज गेंदबाज एस श्रीसंत ने कल अ5यास के दौरान गेंदबाजी की। धोनी ने कहा, ‘‘यह अच्छा है कि श्रीसंत फिट है।
जडेजा और अश्विन ने मिलकर पांच विकेट लिए और भारत को बड़ी जीत दिलाने में अहम भूमिका निभायी। धोनी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी के फैसले को सही ठहराया। उन्होंने कहा, जब शुरू में तेज गेंदबाजों को इससे थोड़ा मदद मिल रही थी तब वह समय गुजारना महत्वपूर्ण था। यह ऐसा विकेट नहीं था, जिस पर टॉस जीतकर आप पहले क्षेत्ररक्षण का फैसला करो। जिम्मेदारी बल्लेबाजों की थी।
भारतीय कप्तान ने कहा कि एक समय उन्होंने 250 रन के करीब लक्ष्य देने के बारे में सोचा था। उन्होंने कहा, शुरू में जब मैं और रैना खेल रहे थे हम 240 या 250 रन तक पहुंचने के बारे में सोच रहे थे। इसके बाद जब हम जम गए तो हम 260 का लक्ष्य देने के बारे में सोचने लगे। हमने 15 रन अधिक बनाए।टिप्पणियां
धोनी ने कहा, मेरा मानना है कि यह विकेट टेस्ट मैच के लिए आदर्श था। इससे तेज गेंदबाज भी फायदा उठाते तथा स्पिनरों के लिए भी टर्न था जैसा कि हम चाहते थे।
भारत और इंग्लैंड के बीच अगला मैच 19 जनवरी को धोनी के गृहनगर रांची में खेला जाएगा और भारतीय कप्तान इससे काफी उत्साहित हैं। धोनी ने कहा, अगला मैच मेरे शहर में होगा और वह बहुत खास होगा। यहां के दर्शक वास्तव में बेजोड़ थे, लेकिन यहां की गर्मी और उमस भी नहीं भूलाई जा सकती। केरल के तेज गेंदबाज एस श्रीसंत ने कल अ5यास के दौरान गेंदबाजी की। धोनी ने कहा, ‘‘यह अच्छा है कि श्रीसंत फिट है।
भारतीय कप्तान ने कहा कि एक समय उन्होंने 250 रन के करीब लक्ष्य देने के बारे में सोचा था। उन्होंने कहा, शुरू में जब मैं और रैना खेल रहे थे हम 240 या 250 रन तक पहुंचने के बारे में सोच रहे थे। इसके बाद जब हम जम गए तो हम 260 का लक्ष्य देने के बारे में सोचने लगे। हमने 15 रन अधिक बनाए।टिप्पणियां
धोनी ने कहा, मेरा मानना है कि यह विकेट टेस्ट मैच के लिए आदर्श था। इससे तेज गेंदबाज भी फायदा उठाते तथा स्पिनरों के लिए भी टर्न था जैसा कि हम चाहते थे।
भारत और इंग्लैंड के बीच अगला मैच 19 जनवरी को धोनी के गृहनगर रांची में खेला जाएगा और भारतीय कप्तान इससे काफी उत्साहित हैं। धोनी ने कहा, अगला मैच मेरे शहर में होगा और वह बहुत खास होगा। यहां के दर्शक वास्तव में बेजोड़ थे, लेकिन यहां की गर्मी और उमस भी नहीं भूलाई जा सकती। केरल के तेज गेंदबाज एस श्रीसंत ने कल अ5यास के दौरान गेंदबाजी की। धोनी ने कहा, ‘‘यह अच्छा है कि श्रीसंत फिट है।
धोनी ने कहा, मेरा मानना है कि यह विकेट टेस्ट मैच के लिए आदर्श था। इससे तेज गेंदबाज भी फायदा उठाते तथा स्पिनरों के लिए भी टर्न था जैसा कि हम चाहते थे।
भारत और इंग्लैंड के बीच अगला मैच 19 जनवरी को धोनी के गृहनगर रांची में खेला जाएगा और भारतीय कप्तान इससे काफी उत्साहित हैं। धोनी ने कहा, अगला मैच मेरे शहर में होगा और वह बहुत खास होगा। यहां के दर्शक वास्तव में बेजोड़ थे, लेकिन यहां की गर्मी और उमस भी नहीं भूलाई जा सकती। केरल के तेज गेंदबाज एस श्रीसंत ने कल अ5यास के दौरान गेंदबाजी की। धोनी ने कहा, ‘‘यह अच्छा है कि श्रीसंत फिट है।
भारत और इंग्लैंड के बीच अगला मैच 19 जनवरी को धोनी के गृहनगर रांची में खेला जाएगा और भारतीय कप्तान इससे काफी उत्साहित हैं। धोनी ने कहा, अगला मैच मेरे शहर में होगा और वह बहुत खास होगा। यहां के दर्शक वास्तव में बेजोड़ थे, लेकिन यहां की गर्मी और उमस भी नहीं भूलाई जा सकती। केरल के तेज गेंदबाज एस श्रीसंत ने कल अ5यास के दौरान गेंदबाजी की। धोनी ने कहा, ‘‘यह अच्छा है कि श्रीसंत फिट है। | संक्षिप्त पाठ: बल्लेबाजी में खराब शुरुआत के बावजूद इंग्लैंड पर सबसे बड़ी जीत दर्ज करने से उत्साहित भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने जीत का श्रेय पूरी टीम को दिया। | 27 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बैडमिंटन स्टार पी कश्यप के अलावा भारत के बाकी खिलाड़ियों के लिए लंदन ओलिंपिक में पहला दिन निराशाजनक रहा।
कश्यप ने बैडमिंटन स्पर्धा के पुरुष एकल वर्ग में पहले दौर में सीधे गेम में जीत दर्ज की। वहीं, वी दीजू और ज्वाला गुट्टा की मिश्रित युगल जोड़ी पहले ग्रुप मैच में हार गई। पुरुष तीरंदाजी टीम प्री क्वार्टरफाइनल चरण में ही प्रतियोगिता से बाहर हो गई। टेबल टेनिस में अंकिता दास पहले दौर में हार गई।
नौकायन में स्वर्ण सिंह एकल स्कल हीट में चौथे स्थान पर रहे लेकिन उन्हें रेपेचेज में दूसरा मौका मिलेगा।
इससे पहले एक विवाद भी पैदा हो गया जब उद्घाटन समारोह में ध्वजवाहक सुशील कुमार के साथ एक रहस्यमय महिला मार्चपास्ट में नजर आई। लाल कमीज और नीली पतलून पहने इस महिला के पूरे चक्कर में साथ रहने से भारतीय अधिकारी खासे खफा हैं और यह मसला आयोजकों के सामने उठाएंगे।टिप्पणियां
भारत के लिए दिन की शुरुआत खराब रही जब गुट्टा और दीजू की जोड़ी वेम्बले एरीना में शुरुआती ग्रुप मैच में तोंतोवी अहमद और ललियाना नातसीर की इंडोनेशियाई जोड़ी से महज 25 मिनट में 16-21, 12-21 से हार गई।
एकतरफा मुकाबले में ज्वाला और दीजू ग्रुप सी के इस मैच के दौरान एक बार भी बढ़त नहीं बना सके।
कश्यप ने बैडमिंटन स्पर्धा के पुरुष एकल वर्ग में पहले दौर में सीधे गेम में जीत दर्ज की। वहीं, वी दीजू और ज्वाला गुट्टा की मिश्रित युगल जोड़ी पहले ग्रुप मैच में हार गई। पुरुष तीरंदाजी टीम प्री क्वार्टरफाइनल चरण में ही प्रतियोगिता से बाहर हो गई। टेबल टेनिस में अंकिता दास पहले दौर में हार गई।
नौकायन में स्वर्ण सिंह एकल स्कल हीट में चौथे स्थान पर रहे लेकिन उन्हें रेपेचेज में दूसरा मौका मिलेगा।
इससे पहले एक विवाद भी पैदा हो गया जब उद्घाटन समारोह में ध्वजवाहक सुशील कुमार के साथ एक रहस्यमय महिला मार्चपास्ट में नजर आई। लाल कमीज और नीली पतलून पहने इस महिला के पूरे चक्कर में साथ रहने से भारतीय अधिकारी खासे खफा हैं और यह मसला आयोजकों के सामने उठाएंगे।टिप्पणियां
भारत के लिए दिन की शुरुआत खराब रही जब गुट्टा और दीजू की जोड़ी वेम्बले एरीना में शुरुआती ग्रुप मैच में तोंतोवी अहमद और ललियाना नातसीर की इंडोनेशियाई जोड़ी से महज 25 मिनट में 16-21, 12-21 से हार गई।
एकतरफा मुकाबले में ज्वाला और दीजू ग्रुप सी के इस मैच के दौरान एक बार भी बढ़त नहीं बना सके।
नौकायन में स्वर्ण सिंह एकल स्कल हीट में चौथे स्थान पर रहे लेकिन उन्हें रेपेचेज में दूसरा मौका मिलेगा।
इससे पहले एक विवाद भी पैदा हो गया जब उद्घाटन समारोह में ध्वजवाहक सुशील कुमार के साथ एक रहस्यमय महिला मार्चपास्ट में नजर आई। लाल कमीज और नीली पतलून पहने इस महिला के पूरे चक्कर में साथ रहने से भारतीय अधिकारी खासे खफा हैं और यह मसला आयोजकों के सामने उठाएंगे।टिप्पणियां
भारत के लिए दिन की शुरुआत खराब रही जब गुट्टा और दीजू की जोड़ी वेम्बले एरीना में शुरुआती ग्रुप मैच में तोंतोवी अहमद और ललियाना नातसीर की इंडोनेशियाई जोड़ी से महज 25 मिनट में 16-21, 12-21 से हार गई।
एकतरफा मुकाबले में ज्वाला और दीजू ग्रुप सी के इस मैच के दौरान एक बार भी बढ़त नहीं बना सके।
इससे पहले एक विवाद भी पैदा हो गया जब उद्घाटन समारोह में ध्वजवाहक सुशील कुमार के साथ एक रहस्यमय महिला मार्चपास्ट में नजर आई। लाल कमीज और नीली पतलून पहने इस महिला के पूरे चक्कर में साथ रहने से भारतीय अधिकारी खासे खफा हैं और यह मसला आयोजकों के सामने उठाएंगे।टिप्पणियां
भारत के लिए दिन की शुरुआत खराब रही जब गुट्टा और दीजू की जोड़ी वेम्बले एरीना में शुरुआती ग्रुप मैच में तोंतोवी अहमद और ललियाना नातसीर की इंडोनेशियाई जोड़ी से महज 25 मिनट में 16-21, 12-21 से हार गई।
एकतरफा मुकाबले में ज्वाला और दीजू ग्रुप सी के इस मैच के दौरान एक बार भी बढ़त नहीं बना सके।
भारत के लिए दिन की शुरुआत खराब रही जब गुट्टा और दीजू की जोड़ी वेम्बले एरीना में शुरुआती ग्रुप मैच में तोंतोवी अहमद और ललियाना नातसीर की इंडोनेशियाई जोड़ी से महज 25 मिनट में 16-21, 12-21 से हार गई।
एकतरफा मुकाबले में ज्वाला और दीजू ग्रुप सी के इस मैच के दौरान एक बार भी बढ़त नहीं बना सके।
एकतरफा मुकाबले में ज्वाला और दीजू ग्रुप सी के इस मैच के दौरान एक बार भी बढ़त नहीं बना सके। | यहाँ एक सारांश है:बैडमिंटन स्टार पी कश्यप के अलावा भारत के बाकी खिलाड़ियों के लिए लंदन ओलिंपिक में पहला दिन निराशाजनक रहा। | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत के खिलाफ उसके घरेलू मैदान पर होने वाली चार टेस्ट मैच की सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीव स्मिथ, प्रतिद्वंद्वी कप्तान विराट कोहली के खिलाफ एक खास योजना पर काम करना चाहते हैं. स्मिथ ने खुलासा किया है कि भारत के खिलाफ आगामी चार मैचों की टेस्ट सीरीज जीतने के लिए उनकी टीम आक्रामक रुख अख्तियार करेगी. इसके साथ ही उनकी टीम भारतीय टेस्ट कप्तान विराट कोहली को उकसाने की कोशिश करेगी.
भारत और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज अगले वर्ष फरवरी में खेली जानी है. स्मिथ का मानना है कि विराट को गुस्सा दिलाने से टीम इंउिया के कप्तान का ध्यान एकम हद से खेल से हट जाएगा जिसका मेहमान टीम फायदा उठाने की कोशिश करेगी. कोहली को विश्वस्तरीय खिलाड़ी करार देते हुए स्मिथ ने माना कि टीम इंडिया के कप्तान ने काफी सुधार किया है और पिछले डेढ़ साल में अपनी टीम का बेहतरीन नेतृत्व दिया है. उन्होंने कहा कि भारत ने हाल में काफी मैच जीते हैं. इसके साथ ही उन्होंने इस दौरान काफी क्रिकेट अपने घरेलू मैदान पर खेली है. टीम की बॉडी लेंग्वेज भी सुधरी है. ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने कहा, कोहली मैदान पर भावनाओं से भरे हुए नजर आते हैं, लेकिन मैं यह भी मानता हूं कि उन्होंने इस संबंध में काफी सुधार भी किया है.टिप्पणियां
स्मिथ ने कहा, 'मुझे लगता है कि अगर हम टीम के रूप में उन्हें उकसाने में कामयाब हुए और उन्हें जल्दी आउट करने में कामयाब रहे तो भारतीय टीम बिखर जाएगी.' गौरतलब है कि भारतीय टीम इस समय 18 टेस्ट मैच से अजेय है और इस प्रदर्शन में खुद विराट के अलावा ऑलराउंडर आर. अश्विन को प्रदर्शन काबिलेतारीफ रहा है. अपनी लेग स्पिन गेंदबाजी से रवींद्र जडेजा भी विपक्षी बल्लेबाजों के लिए मुश्किल का सबब बने हैं. गौरतलब है कि विराट का इस समय ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ औसत 60.76 का है और पिछले कुछ समय में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों से मैदान पर उनकी गरमागरम बहस हो चुकी है. कोहली ने हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ मुंबई टेस्ट में 235 रन बनाए थे. ऐसा करके वे एक कैलेंडर ईयर में तीन दोहरे शतक बनाने वाले पांचवें बल्लेबाज बने हैं. कोहली से पहले ऑस्ट्रेलिया के माइकल क्लार्क, रिकी पोंटिंग और डॉन ब्रेडमैन और न्यूजीलैंड के ब्रैंडन मैक्कुलम यह कमाल कर चुके हैं.
हालांकि स्मिथ ने स्वीकार किया कि भारत का यह दौरा उनके टीम के लिए आसान नहीं होगा. उन्होंने कहा कि भारत का दौरा हमेशा मुश्किलभरा होता है. हमें वहां चार टेस्ट खेलने है. हम वहां 'अंडर डॉग' बनकर जा रहे हैं ऐसे में हमारी टीम के लिए वहां अच्छा प्रदर्शन करने के अच्छे अवसर हैं. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहला टेसट 23 फरवरी 2017 से पुणे में खेला जाएगा.
भारत और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज अगले वर्ष फरवरी में खेली जानी है. स्मिथ का मानना है कि विराट को गुस्सा दिलाने से टीम इंउिया के कप्तान का ध्यान एकम हद से खेल से हट जाएगा जिसका मेहमान टीम फायदा उठाने की कोशिश करेगी. कोहली को विश्वस्तरीय खिलाड़ी करार देते हुए स्मिथ ने माना कि टीम इंडिया के कप्तान ने काफी सुधार किया है और पिछले डेढ़ साल में अपनी टीम का बेहतरीन नेतृत्व दिया है. उन्होंने कहा कि भारत ने हाल में काफी मैच जीते हैं. इसके साथ ही उन्होंने इस दौरान काफी क्रिकेट अपने घरेलू मैदान पर खेली है. टीम की बॉडी लेंग्वेज भी सुधरी है. ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने कहा, कोहली मैदान पर भावनाओं से भरे हुए नजर आते हैं, लेकिन मैं यह भी मानता हूं कि उन्होंने इस संबंध में काफी सुधार भी किया है.टिप्पणियां
स्मिथ ने कहा, 'मुझे लगता है कि अगर हम टीम के रूप में उन्हें उकसाने में कामयाब हुए और उन्हें जल्दी आउट करने में कामयाब रहे तो भारतीय टीम बिखर जाएगी.' गौरतलब है कि भारतीय टीम इस समय 18 टेस्ट मैच से अजेय है और इस प्रदर्शन में खुद विराट के अलावा ऑलराउंडर आर. अश्विन को प्रदर्शन काबिलेतारीफ रहा है. अपनी लेग स्पिन गेंदबाजी से रवींद्र जडेजा भी विपक्षी बल्लेबाजों के लिए मुश्किल का सबब बने हैं. गौरतलब है कि विराट का इस समय ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ औसत 60.76 का है और पिछले कुछ समय में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों से मैदान पर उनकी गरमागरम बहस हो चुकी है. कोहली ने हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ मुंबई टेस्ट में 235 रन बनाए थे. ऐसा करके वे एक कैलेंडर ईयर में तीन दोहरे शतक बनाने वाले पांचवें बल्लेबाज बने हैं. कोहली से पहले ऑस्ट्रेलिया के माइकल क्लार्क, रिकी पोंटिंग और डॉन ब्रेडमैन और न्यूजीलैंड के ब्रैंडन मैक्कुलम यह कमाल कर चुके हैं.
हालांकि स्मिथ ने स्वीकार किया कि भारत का यह दौरा उनके टीम के लिए आसान नहीं होगा. उन्होंने कहा कि भारत का दौरा हमेशा मुश्किलभरा होता है. हमें वहां चार टेस्ट खेलने है. हम वहां 'अंडर डॉग' बनकर जा रहे हैं ऐसे में हमारी टीम के लिए वहां अच्छा प्रदर्शन करने के अच्छे अवसर हैं. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहला टेसट 23 फरवरी 2017 से पुणे में खेला जाएगा.
स्मिथ ने कहा, 'मुझे लगता है कि अगर हम टीम के रूप में उन्हें उकसाने में कामयाब हुए और उन्हें जल्दी आउट करने में कामयाब रहे तो भारतीय टीम बिखर जाएगी.' गौरतलब है कि भारतीय टीम इस समय 18 टेस्ट मैच से अजेय है और इस प्रदर्शन में खुद विराट के अलावा ऑलराउंडर आर. अश्विन को प्रदर्शन काबिलेतारीफ रहा है. अपनी लेग स्पिन गेंदबाजी से रवींद्र जडेजा भी विपक्षी बल्लेबाजों के लिए मुश्किल का सबब बने हैं. गौरतलब है कि विराट का इस समय ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ औसत 60.76 का है और पिछले कुछ समय में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों से मैदान पर उनकी गरमागरम बहस हो चुकी है. कोहली ने हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ मुंबई टेस्ट में 235 रन बनाए थे. ऐसा करके वे एक कैलेंडर ईयर में तीन दोहरे शतक बनाने वाले पांचवें बल्लेबाज बने हैं. कोहली से पहले ऑस्ट्रेलिया के माइकल क्लार्क, रिकी पोंटिंग और डॉन ब्रेडमैन और न्यूजीलैंड के ब्रैंडन मैक्कुलम यह कमाल कर चुके हैं.
हालांकि स्मिथ ने स्वीकार किया कि भारत का यह दौरा उनके टीम के लिए आसान नहीं होगा. उन्होंने कहा कि भारत का दौरा हमेशा मुश्किलभरा होता है. हमें वहां चार टेस्ट खेलने है. हम वहां 'अंडर डॉग' बनकर जा रहे हैं ऐसे में हमारी टीम के लिए वहां अच्छा प्रदर्शन करने के अच्छे अवसर हैं. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहला टेसट 23 फरवरी 2017 से पुणे में खेला जाएगा.
हालांकि स्मिथ ने स्वीकार किया कि भारत का यह दौरा उनके टीम के लिए आसान नहीं होगा. उन्होंने कहा कि भारत का दौरा हमेशा मुश्किलभरा होता है. हमें वहां चार टेस्ट खेलने है. हम वहां 'अंडर डॉग' बनकर जा रहे हैं ऐसे में हमारी टीम के लिए वहां अच्छा प्रदर्शन करने के अच्छे अवसर हैं. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहला टेसट 23 फरवरी 2017 से पुणे में खेला जाएगा. | यह एक सारांश है: कहा-ऐसा करने से विराट का ध्यान एक हद तक खेल से हट जाएगा
कोहली का माना विश्वस्तरीय खिलाड़ी और बेहतरीन कप्तान
ऑस्ट्रेलियाई प्लेयर्स से कई बार हो चुकी विराट कोहली की बहस | 2 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने अमेरिका भेजे गए कथित संदेश का हवाला देते हुए कहा है कि देश में फौज द्वारा तख्तापलट किए जाने का कोई खतरा नहीं है। उस संदेश में दावा किया गया था कि राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को देश में फौजी बगावत का खतरा था। एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान के अनुसार गिलानी ने गुरुवार को कहा कि पाकिस्तान में किसी तरह की न्यायिक या फौजी बगावत के आसार नहीं हैं क्योंकि दोनों संस्थाएं लोकतांत्रिक हैं और वे व्यवस्था को बाधित नहीं करना चाहतीं। गिलानी पाकिस्तान के सरकारी टीवी चैनल पीटीवी पर 'प्राइम मिनिस्टर ऑनलाइन' कार्यक्रम के दौरान देश भर के दर्शकों के प्रश्नों के जवाब दे रहे थे। पाकिस्तानी मूल के एक अमेरिकी कारोबारी मंसूर एजाज ने आरोप लगाया था कि एक वरिष्ठ राजनयिक ने जरदारी का संदेश अमेरिका के तत्कालीन चीफ्स ऑफ स्टॉफ एडमिरल माइक मुलेन तक पहुंचाने में उनकी मदद मांगी थी। इसी कथित संदेश पर उपजे विवाद की वजह से अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत हुसैन हक्कानी को इस्तीफा देना पड़ा। उनकी जगह पूर्व मंत्री शेरी रहमान को नियुक्त किया गया है। एक अन्य प्रश्न के जवाब में गिलानी ने कहा कि सीमा चौकी पर नाटो के हमले के बाद पाकिस्तान द्वारा किया गया बॉन सम्मेलन के बहिष्कार का फैसला बदला नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि यह फैसला सामूहिक रूप से लिया गया है। गिलानी ने कहा, "अगर हमने बॉन सम्मेलन में हिस्सा लिया और कोई अन्य हमला हो गया तो उसका जिम्मेदार कौन होगा।" नाटो हेलीकॉप्टरों ने गत 26 नवम्बर को मोहमंद एजेंसी क्षेत्र की दो चौकियों पर बमबारी की थी जिसमें 24 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे। उन्होंने विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार को बॉन भेजने से इंकार किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान नए समझौते के तहत अमेरिका, नाटो और आईएसएएफ के साथ काम कर सकता है। उन्होंने कहा, "हमें सम्पर्क के नए नियम बनाने होंगे और हम नए समझौते के तहत काम कर सकते हैं।" | संक्षिप्त पाठ: गिलानी ने अमेरिका भेजे गए कथित संदेश का हवाला देते हुए कहा है कि देश में फौज द्वारा तख्तापलट किए जाने का कोई खतरा नहीं है। | 22 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार एवं केंद्रीय जहाजरानी राज्यमंत्री मुकुल राय के बेटे सुभ्रांशु राय को पश्चिम बंगाल में एक चुनावी रैली स्थल से रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन पर निर्वाचन अधिकारियों की पिटाई का आरोप है। राय के अलावा अन्य 12 लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। रैली को तृणमूल प्रमुख एवं रेल मंत्री ममता बनर्जी संबोधित कर रही थीं। उपमंडलीय पुलिस अधिकारी अजय कुमार ठाकुर ने बताया, "सुभ्रांशु को नैहाटी इलाके से गिरफ्तार किया गया। बनर्जी के जाने और रैली खत्म होने के बाद हमने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। वह अब पुलिस हिरासत में हैं।" उत्तरी 24 परगना पुलिस अधीक्षक राहुल श्रीवास्तव ने कहा, "उन्हें बनर्जी के सभा स्थल से गिरफ्तार किया गया। तृणमूल समर्थकों ने पुलिस को उन्हें गिरफ्तार करने से रोकने का पूरा प्रयास किया।" राय पर बीजपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के बोलदेघाटा में मंगलवार को निर्वाचन आयोग के अधिकारियों पर हमले के लिए भीड़ को उकसाने का आरोप है। राय 24 परगना जिले के बीजापुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। राय की गिरफ्तारी के लिए पिछले दो दिनों से छापेमारी की जा रही थी। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सुशील गुप्ता स्वयं घटनाक्रम पर नजर रखे हुए थे। राय के अलावा अन्य 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है तथा एक पुलिस अधिकारी पार्थ प्रीतम राय को निलम्बित कर दिया गया। उन पर आरोप है कि घटना के बाद थाने में मौजूद रहने पर भी उन्होंने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया। घटना के कुछ ही घंटों बाद सत्ताधारी वाम मोर्चा ने उम्मीदवार को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की थी। वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमान बोस ने यहां मीडियाकर्मियों से कहा था, "मैं चाहूंगा कि निर्वाचन आयोग और राज्य प्रशासन ऐसे उम्मीदवार को तुरंत हिरासत में ले।" | संक्षिप्त सारांश: तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार एवं केंद्रीय जहाजरानी राज्यमंत्री मुकुल राय के बेटे सुभ्रांशु राय को प. बंगाल में एक चुनावी रैली स्थल से गिरफ्तार कर लिया गया। | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: एक तरफ जहां दुनिया की दिग्गज अर्थव्यवस्थाएं एक के बाद एक ढह रही हैं और उनका रसूख कमजोर होता जा रहा है वहीं दूसरी तरफ भारतीय अर्थव्यवस्था का सितारा बुलंदी की तरफ बढ़ता जा रहा है. कुछ इसी तरह का आंकड़ा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की इस सप्ताह पेश ताजा रिपोर्ट में पेश किया गया है. सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के नॉमिनल टर्म्स के आधार पर पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत अगले पांच वर्षों में दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा और इस स्थान पर काबिज जर्मनी खिसककर पांचवें पायदान पर पहुंच जाएगा. सिर्फ इतना ही नहीं पांचवें पायदान पर काबिज ब्रिटेन दुनिया की पांच सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की फेहरिस्त से बाहर हो जाएगा. यानी यह छठे स्थान पर खिसक जाएगा.
ब्रिटेन के टॉप-5 क्लब से बाहर जाने का सबसे बड़ा कारण ब्रेक्जिट को माना जा रहा है. यूरोपीय संघ से इसके अलग होने के बाद व्यापारिक साझीदारी में इसकी कमजोर उपस्थिति को इसकी फिसलन का सबसे बड़ा कारण बताया जा रहा है. टिप्पणियां
इसकी तुलना में भारत की अर्थव्यवस्था के बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि इस देश की अर्थव्यवस्था सालाना 9.9 प्रतिशत की गति से बढ़ रही है जबकि इसकी तुलना में ब्रिटेन में यह बढ़ोतरी तकरीबन दो प्रतिशत रहने का ही अनुमान व्यक्त किया गया है.
ब्रिटेन के टॉप-5 क्लब से बाहर जाने का सबसे बड़ा कारण ब्रेक्जिट को माना जा रहा है. यूरोपीय संघ से इसके अलग होने के बाद व्यापारिक साझीदारी में इसकी कमजोर उपस्थिति को इसकी फिसलन का सबसे बड़ा कारण बताया जा रहा है. टिप्पणियां
इसकी तुलना में भारत की अर्थव्यवस्था के बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि इस देश की अर्थव्यवस्था सालाना 9.9 प्रतिशत की गति से बढ़ रही है जबकि इसकी तुलना में ब्रिटेन में यह बढ़ोतरी तकरीबन दो प्रतिशत रहने का ही अनुमान व्यक्त किया गया है.
इसकी तुलना में भारत की अर्थव्यवस्था के बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि इस देश की अर्थव्यवस्था सालाना 9.9 प्रतिशत की गति से बढ़ रही है जबकि इसकी तुलना में ब्रिटेन में यह बढ़ोतरी तकरीबन दो प्रतिशत रहने का ही अनुमान व्यक्त किया गया है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अगले पांच वर्षों में ब्रिटेन टॉप-5 क्लब से बाहर होगा
भारत लंबी छलांग लगाकर जर्मनी को चौथे स्थान से हटाएगा
भारत की अर्थव्यवस्था बेहद तेजी से आगे बढ़ रही | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: तुर्की में तख्तापलट की कोशिश के बाद वहां हुई हिंसा के मद्देनजर भारत ने आज तुर्की के सभी पक्षों से लोकतंत्र एवं चुनाव के जनादेश को समर्थन देने और रक्तपात नहीं करने की अपील की। भारत ने तुर्की में रह रहे अपने नागरिकों को घरों के भीतर रहने की सलाह दी है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्वीट किया, हम तुर्की में हो रही गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहे हैं। भारत सभी पक्षों से लोकतंत्र एवं चुनाव के जनादेश का सम्मान करने और रक्तपात नहीं करने की अपील करता है। भारत ने तुर्की में तख्तापलट की कोशिश की पृष्ठभूमि में वहां रह रहे अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे स्थिति के और स्पष्ट हो जाने तक सार्वजनिक स्थानों पर नहीं जाएं और घरों के भीतर रहें।टिप्पणियां
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया, ‘‘तुर्की में रह रहे भारतीय नागरिक: कृपया सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचें और घरों में रहें। हेल्पलाइन : अंकारा : प्लस 905303142203, इस्तांबुल : प्लस 905305671095।’’ तुर्क सेना ने सरकार गिराने की कोशिश की। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्वीट किया, हम तुर्की में हो रही गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहे हैं। भारत सभी पक्षों से लोकतंत्र एवं चुनाव के जनादेश का सम्मान करने और रक्तपात नहीं करने की अपील करता है। भारत ने तुर्की में तख्तापलट की कोशिश की पृष्ठभूमि में वहां रह रहे अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे स्थिति के और स्पष्ट हो जाने तक सार्वजनिक स्थानों पर नहीं जाएं और घरों के भीतर रहें।टिप्पणियां
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया, ‘‘तुर्की में रह रहे भारतीय नागरिक: कृपया सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचें और घरों में रहें। हेल्पलाइन : अंकारा : प्लस 905303142203, इस्तांबुल : प्लस 905305671095।’’ तुर्क सेना ने सरकार गिराने की कोशिश की। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया, ‘‘तुर्की में रह रहे भारतीय नागरिक: कृपया सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचें और घरों में रहें। हेल्पलाइन : अंकारा : प्लस 905303142203, इस्तांबुल : प्लस 905305671095।’’ तुर्क सेना ने सरकार गिराने की कोशिश की। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | तुर्की में लोकतंत्र एवं चुनाव के जनादेश को समर्थन देने की अपील
तुर्की के सभी पक्षों से रक्तपात नहीं करने की अपील
तुर्की में रह रहे भारतीय नागरिकों को घरों में रहने की सलाह | 34 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारती एयरटेल का शुद्ध मुनाफा उच्च ब्याज दर, विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव और कर के लिए धन की व्यवस्था के कारण दिसंबर 2012 को समाप्त तिमाही के दौरान 72 फीसदी लुढ़ककर 284 करोड़ रुपये रह गया। यह लगातार 12वीं तिमाही है जबकि कंपनी का संचयी मुनाफा घटा है।
भारती एयरटेल ने एक बयान में कहा कि दिसंबर 2011 की तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 1,011 करोड़ रुपये का था।
भारती एयरटेल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक सुनील भारती मित्तल ने कहा, ब्याज दरों में बढ़ोतरी, विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव के कारण नुकसान और कर के लिए धन की व्यवस्था आदि के कारण कंपनी का संचयी लाभ प्रभावित हुआ। भारती एयरटेल का शेयर बंबई स्टाक एक्सचेंज में शुरुआती कारोबार में 2.71 फीसदी गिरकर 330.20 रुपये पर पहुंच गया।टिप्पणियां
अक्तूबर से दिसंबर 2012 की तिमाही में कंपनी की कुल आय 9.5 फीसदी बढ़कर 20,239 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 18,477 करोड़ रुपये थी।
मित्तल ने कहा, मूल्य के दबाव और कच्चे माल की बढ़ती लागत के कारण हाल की तिमाहियों में बाजार स्थितियां चुनौतीपूर्ण रहीं जिससे दूरसंचार क्षेत्र और उसके मार्जिन पर असर हुआ। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि बुरा दौर खत्म हो गया है। मोबाइल टेलीफोन, टेलीमीडिया और डिजिटल सेवा मिलाकर कंपनी के कुल ग्राहकों की संख्या 26.22 करोड़ है।
भारती एयरटेल ने एक बयान में कहा कि दिसंबर 2011 की तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 1,011 करोड़ रुपये का था।
भारती एयरटेल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक सुनील भारती मित्तल ने कहा, ब्याज दरों में बढ़ोतरी, विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव के कारण नुकसान और कर के लिए धन की व्यवस्था आदि के कारण कंपनी का संचयी लाभ प्रभावित हुआ। भारती एयरटेल का शेयर बंबई स्टाक एक्सचेंज में शुरुआती कारोबार में 2.71 फीसदी गिरकर 330.20 रुपये पर पहुंच गया।टिप्पणियां
अक्तूबर से दिसंबर 2012 की तिमाही में कंपनी की कुल आय 9.5 फीसदी बढ़कर 20,239 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 18,477 करोड़ रुपये थी।
मित्तल ने कहा, मूल्य के दबाव और कच्चे माल की बढ़ती लागत के कारण हाल की तिमाहियों में बाजार स्थितियां चुनौतीपूर्ण रहीं जिससे दूरसंचार क्षेत्र और उसके मार्जिन पर असर हुआ। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि बुरा दौर खत्म हो गया है। मोबाइल टेलीफोन, टेलीमीडिया और डिजिटल सेवा मिलाकर कंपनी के कुल ग्राहकों की संख्या 26.22 करोड़ है।
भारती एयरटेल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक सुनील भारती मित्तल ने कहा, ब्याज दरों में बढ़ोतरी, विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव के कारण नुकसान और कर के लिए धन की व्यवस्था आदि के कारण कंपनी का संचयी लाभ प्रभावित हुआ। भारती एयरटेल का शेयर बंबई स्टाक एक्सचेंज में शुरुआती कारोबार में 2.71 फीसदी गिरकर 330.20 रुपये पर पहुंच गया।टिप्पणियां
अक्तूबर से दिसंबर 2012 की तिमाही में कंपनी की कुल आय 9.5 फीसदी बढ़कर 20,239 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 18,477 करोड़ रुपये थी।
मित्तल ने कहा, मूल्य के दबाव और कच्चे माल की बढ़ती लागत के कारण हाल की तिमाहियों में बाजार स्थितियां चुनौतीपूर्ण रहीं जिससे दूरसंचार क्षेत्र और उसके मार्जिन पर असर हुआ। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि बुरा दौर खत्म हो गया है। मोबाइल टेलीफोन, टेलीमीडिया और डिजिटल सेवा मिलाकर कंपनी के कुल ग्राहकों की संख्या 26.22 करोड़ है।
अक्तूबर से दिसंबर 2012 की तिमाही में कंपनी की कुल आय 9.5 फीसदी बढ़कर 20,239 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 18,477 करोड़ रुपये थी।
मित्तल ने कहा, मूल्य के दबाव और कच्चे माल की बढ़ती लागत के कारण हाल की तिमाहियों में बाजार स्थितियां चुनौतीपूर्ण रहीं जिससे दूरसंचार क्षेत्र और उसके मार्जिन पर असर हुआ। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि बुरा दौर खत्म हो गया है। मोबाइल टेलीफोन, टेलीमीडिया और डिजिटल सेवा मिलाकर कंपनी के कुल ग्राहकों की संख्या 26.22 करोड़ है।
मित्तल ने कहा, मूल्य के दबाव और कच्चे माल की बढ़ती लागत के कारण हाल की तिमाहियों में बाजार स्थितियां चुनौतीपूर्ण रहीं जिससे दूरसंचार क्षेत्र और उसके मार्जिन पर असर हुआ। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि बुरा दौर खत्म हो गया है। मोबाइल टेलीफोन, टेलीमीडिया और डिजिटल सेवा मिलाकर कंपनी के कुल ग्राहकों की संख्या 26.22 करोड़ है। | भारती एयरटेल का शुद्ध मुनाफा उच्च ब्याज दर, विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव और कर के लिए धन की व्यवस्था के कारण दिसंबर 2012 को समाप्त तिमाही के दौरान 72 फीसदी लुढ़ककर 284 करोड़ रुपये रह गया। | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: क़ानूनों में सुधार कैसे किया जाए ताकि आम आदमी को इंसाफ़ जल्दी मिले... इस बारे में रविवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों और हाइकोर्ट के न्यायाधीशों के बीच बातचीत हुई।
फ़ैसला हुआ कि अदालतें और जजों को बढ़ा कर दोगुना किया जाएगा। चीफ़ जस्टिस अल्तमस कबीर ने कहा कि फांसी की सज़ा जल्दी होनी चाहिए और परिवार वालों को उसकी जानकारी दी जानी चाहिए।
दिल्ली के विज्ञान भवन में मुख्यमंत्रियों और न्यायधीशों के सम्मेलन में कई अहम फ़ैसले हुए। इनमें 18,871 अदालतों को बढ़ाकर दोगुना यानी 37 हजार किया जाना, नाबालिग़ों और बुज़ुर्गों के ख़िलाफ़ अपराधों के लिए फ़ास्ट ट्रैक अदालतें बनाना, अदालतों का कंप्यूटरीकरण और राष्ट्रीय न्यायिक डाटा ग्रिड का बनाना और महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता बरतना शामिल हैं।
सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अल्तमस कबीर ने क़ानून के साथ साथ सामाजिक और राजनीतिक न्याय की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। टिप्पणियां
राज्यों के मुख्यमंत्रियों और हाइकोर्ट के न्यायाधीशों की इस कॉन्फ्रेंस में बुलाए तो सभी मुख्यमंत्री गए थे लेकिन पहुंचे सिर्फ़ ग्यारह।
नरेंद्र मोदी ने ताल्लुक़ों में अदालतें बनाने और तकनीक के इस्तेमाल करने की सलाह दी। सरकार ने सबकी बातें सुनकर उनपर अमल करने का भरोसा दिलाया।
फ़ैसला हुआ कि अदालतें और जजों को बढ़ा कर दोगुना किया जाएगा। चीफ़ जस्टिस अल्तमस कबीर ने कहा कि फांसी की सज़ा जल्दी होनी चाहिए और परिवार वालों को उसकी जानकारी दी जानी चाहिए।
दिल्ली के विज्ञान भवन में मुख्यमंत्रियों और न्यायधीशों के सम्मेलन में कई अहम फ़ैसले हुए। इनमें 18,871 अदालतों को बढ़ाकर दोगुना यानी 37 हजार किया जाना, नाबालिग़ों और बुज़ुर्गों के ख़िलाफ़ अपराधों के लिए फ़ास्ट ट्रैक अदालतें बनाना, अदालतों का कंप्यूटरीकरण और राष्ट्रीय न्यायिक डाटा ग्रिड का बनाना और महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता बरतना शामिल हैं।
सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अल्तमस कबीर ने क़ानून के साथ साथ सामाजिक और राजनीतिक न्याय की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। टिप्पणियां
राज्यों के मुख्यमंत्रियों और हाइकोर्ट के न्यायाधीशों की इस कॉन्फ्रेंस में बुलाए तो सभी मुख्यमंत्री गए थे लेकिन पहुंचे सिर्फ़ ग्यारह।
नरेंद्र मोदी ने ताल्लुक़ों में अदालतें बनाने और तकनीक के इस्तेमाल करने की सलाह दी। सरकार ने सबकी बातें सुनकर उनपर अमल करने का भरोसा दिलाया।
दिल्ली के विज्ञान भवन में मुख्यमंत्रियों और न्यायधीशों के सम्मेलन में कई अहम फ़ैसले हुए। इनमें 18,871 अदालतों को बढ़ाकर दोगुना यानी 37 हजार किया जाना, नाबालिग़ों और बुज़ुर्गों के ख़िलाफ़ अपराधों के लिए फ़ास्ट ट्रैक अदालतें बनाना, अदालतों का कंप्यूटरीकरण और राष्ट्रीय न्यायिक डाटा ग्रिड का बनाना और महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता बरतना शामिल हैं।
सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अल्तमस कबीर ने क़ानून के साथ साथ सामाजिक और राजनीतिक न्याय की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। टिप्पणियां
राज्यों के मुख्यमंत्रियों और हाइकोर्ट के न्यायाधीशों की इस कॉन्फ्रेंस में बुलाए तो सभी मुख्यमंत्री गए थे लेकिन पहुंचे सिर्फ़ ग्यारह।
नरेंद्र मोदी ने ताल्लुक़ों में अदालतें बनाने और तकनीक के इस्तेमाल करने की सलाह दी। सरकार ने सबकी बातें सुनकर उनपर अमल करने का भरोसा दिलाया।
सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अल्तमस कबीर ने क़ानून के साथ साथ सामाजिक और राजनीतिक न्याय की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। टिप्पणियां
राज्यों के मुख्यमंत्रियों और हाइकोर्ट के न्यायाधीशों की इस कॉन्फ्रेंस में बुलाए तो सभी मुख्यमंत्री गए थे लेकिन पहुंचे सिर्फ़ ग्यारह।
नरेंद्र मोदी ने ताल्लुक़ों में अदालतें बनाने और तकनीक के इस्तेमाल करने की सलाह दी। सरकार ने सबकी बातें सुनकर उनपर अमल करने का भरोसा दिलाया।
राज्यों के मुख्यमंत्रियों और हाइकोर्ट के न्यायाधीशों की इस कॉन्फ्रेंस में बुलाए तो सभी मुख्यमंत्री गए थे लेकिन पहुंचे सिर्फ़ ग्यारह।
नरेंद्र मोदी ने ताल्लुक़ों में अदालतें बनाने और तकनीक के इस्तेमाल करने की सलाह दी। सरकार ने सबकी बातें सुनकर उनपर अमल करने का भरोसा दिलाया।
नरेंद्र मोदी ने ताल्लुक़ों में अदालतें बनाने और तकनीक के इस्तेमाल करने की सलाह दी। सरकार ने सबकी बातें सुनकर उनपर अमल करने का भरोसा दिलाया। | संक्षिप्त सारांश: क़ानूनों में सुधार कैसे किया जाए ताकि आम आदमी को इंसाफ़ जल्दी मिले... इस बारे में रविवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों और हाइकोर्ट के न्यायाधीशों के बीच बातचीत हुई। | 0 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में विधायक भरत सिंह को कुछ अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी है। यह घटना शनिवार सुबह की है, जिसके बाद भरत सिंह को जनकपुरी के माता चानन देवी अस्पताल में भर्ती कराया गया। विधायक को तीन गोलियां लगीं- एक हाथ में और दो पेट में। तीनों गोलियों को निकाल लिया गया है, लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक हालत अब भी खतरे से बाहर नहीं कही जा सकती। विधायक पर फायरिंग करनेवाले एक हमलावर की पहचान हो गई है। मुख्य आरोपी विक्की है, जो झरोदा गांव का रहने वाला है। पुलिस को शक है कि राजनीतिक रंजिश की वजह यह गोलीबारी की गई है।
चश्मदीदों के मुताबिक हमलावर पल्सर बाइक पर सवार थे, जिसका नंबर भी नोट किया गया, लेकिन वह नंबर फर्जी निकला। विधायक भरत सिंह पर हमला उस वक्त हुआ, जब वह अपने दफ्तर आ रहे थे। दफ्तर के बाहर जब वह अपनी कार पार्क कर रहे थे, तभी लाल पल्सर पर सवार अज्ञात लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिससे बचने के लिए विधायक दफ्तर में घुसे, लेकिन हमलावर भी पीछे-पीछे वहां पहुंच गए। उस वक्त विधायक के मामा धर्मपाल भी मौजूद थे, जिसकी वजह से उन्हें भी गोली लगी है।
भरत सिंह ने चुनाव निर्दलीय जीता, लेकिन वह आईएनएलडी के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। भरत सिंह इलाके के मशहूर बाहुबली किशन पहलवान के भाई हैं, जिसका पूरे इलाके में दबदबा है। बताया जा रहा है कि किशन पहलवान और अनूप जाट के बीच लंबे समय तक गैंगवार चला। हालांकि 2004 के बाद से कोई बड़ी घटना नहीं हुई है। टिप्पणियां
इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस के कमिश्नर बीके गुप्ता ने मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से मुलाकात की। पुलिस कमिश्नर ने भरोसा दिलाया कि हमलावरों को शाम तक गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा है कि अगर किसी विधायक को किसी तरह का खतरा है, तो उन्हें पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
आईएनएलडी के अध्यक्ष ओमप्रकाश चौटाला ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि कांग्रेस के राज में कोई भी सुरक्षित नहीं है और कांग्रेस सरकार असमाजिक तत्वों पर काबू पाने की बजाय उन्हें बढ़ावा दे रही है।
चश्मदीदों के मुताबिक हमलावर पल्सर बाइक पर सवार थे, जिसका नंबर भी नोट किया गया, लेकिन वह नंबर फर्जी निकला। विधायक भरत सिंह पर हमला उस वक्त हुआ, जब वह अपने दफ्तर आ रहे थे। दफ्तर के बाहर जब वह अपनी कार पार्क कर रहे थे, तभी लाल पल्सर पर सवार अज्ञात लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिससे बचने के लिए विधायक दफ्तर में घुसे, लेकिन हमलावर भी पीछे-पीछे वहां पहुंच गए। उस वक्त विधायक के मामा धर्मपाल भी मौजूद थे, जिसकी वजह से उन्हें भी गोली लगी है।
भरत सिंह ने चुनाव निर्दलीय जीता, लेकिन वह आईएनएलडी के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। भरत सिंह इलाके के मशहूर बाहुबली किशन पहलवान के भाई हैं, जिसका पूरे इलाके में दबदबा है। बताया जा रहा है कि किशन पहलवान और अनूप जाट के बीच लंबे समय तक गैंगवार चला। हालांकि 2004 के बाद से कोई बड़ी घटना नहीं हुई है। टिप्पणियां
इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस के कमिश्नर बीके गुप्ता ने मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से मुलाकात की। पुलिस कमिश्नर ने भरोसा दिलाया कि हमलावरों को शाम तक गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा है कि अगर किसी विधायक को किसी तरह का खतरा है, तो उन्हें पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
आईएनएलडी के अध्यक्ष ओमप्रकाश चौटाला ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि कांग्रेस के राज में कोई भी सुरक्षित नहीं है और कांग्रेस सरकार असमाजिक तत्वों पर काबू पाने की बजाय उन्हें बढ़ावा दे रही है।
भरत सिंह ने चुनाव निर्दलीय जीता, लेकिन वह आईएनएलडी के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। भरत सिंह इलाके के मशहूर बाहुबली किशन पहलवान के भाई हैं, जिसका पूरे इलाके में दबदबा है। बताया जा रहा है कि किशन पहलवान और अनूप जाट के बीच लंबे समय तक गैंगवार चला। हालांकि 2004 के बाद से कोई बड़ी घटना नहीं हुई है। टिप्पणियां
इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस के कमिश्नर बीके गुप्ता ने मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से मुलाकात की। पुलिस कमिश्नर ने भरोसा दिलाया कि हमलावरों को शाम तक गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा है कि अगर किसी विधायक को किसी तरह का खतरा है, तो उन्हें पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
आईएनएलडी के अध्यक्ष ओमप्रकाश चौटाला ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि कांग्रेस के राज में कोई भी सुरक्षित नहीं है और कांग्रेस सरकार असमाजिक तत्वों पर काबू पाने की बजाय उन्हें बढ़ावा दे रही है।
इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस के कमिश्नर बीके गुप्ता ने मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से मुलाकात की। पुलिस कमिश्नर ने भरोसा दिलाया कि हमलावरों को शाम तक गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा है कि अगर किसी विधायक को किसी तरह का खतरा है, तो उन्हें पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
आईएनएलडी के अध्यक्ष ओमप्रकाश चौटाला ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि कांग्रेस के राज में कोई भी सुरक्षित नहीं है और कांग्रेस सरकार असमाजिक तत्वों पर काबू पाने की बजाय उन्हें बढ़ावा दे रही है।
आईएनएलडी के अध्यक्ष ओमप्रकाश चौटाला ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि कांग्रेस के राज में कोई भी सुरक्षित नहीं है और कांग्रेस सरकार असमाजिक तत्वों पर काबू पाने की बजाय उन्हें बढ़ावा दे रही है। | सारांश: विधायक पर फायरिंग करनेवाले एक हमलावर की पहचान हो गई है। मुख्य आरोपी विक्की है, जो झरोदा गांव का रहने वाला है। पुलिस को शक है कि राजनीतिक रंजिश की वजह यह गोलीबारी की गई है। | 31 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मध्यप्रदेश इन दिनों भीषण जल संकट की चपेट में है. शहर और गांवों में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची है. राज्य के साढ़े तीन सौ से ज्यादा नगरीय निकाय सुबह शाम पानी नहीं दे पा रहे. कुछ जगहों पर तीन तो कहीं दो दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है. यही हाल गांवों में है, जहां पानी लाने के लिए कुछ जगहों पर प्रदेश की सीमा पार करनी पड़ती है. तो कहीं सूखे कुंए में उतरकर पानी लाना पड़ता है. जानते हैं क्यों...क्योंकि सरकारी तिजोरी से पिछले 15 सालों में लगभग 35,000 करोड़ रुपये खर्च हुए लेकिन पानी मिला सिर्फ छह फीसदी ग्रामीण आबादी को ही.
नल से पानी भेजने के लिए इतने पैसे खर्च हुए, बावजूद इसके आगर मालवा जिला मुख्यालय से महज 9 किलोमीटर की दूरी पर पालड़ा गांव में 6 साल का देवराज खेल के मैदान के बजाए घंटे भर संघर्ष करता है ताकि एक बाल्टी पानी भर ले जल्दी से घर पहुंचे, बर्तन खाली करे, फिर से नलके पर उसी संघर्ष के लिए चल दे ... यह कहानी रोज की है. इसी गांव में 70 साल की धापू बाई के चेहरे पर पसीने की लकीरें उम्र को छिपा रही हैं, मगर दो घंटे की कसरत के बाद जो खुशी है वो नहीं छिप रही. घर पर आराम करने की उम्र है, लेकिन इस तरह पानी के लिए जद्दोजहद ज़िंदगी का हिस्सा है.
पानी की इस लड़ाई में उम्र का कोई बंधन नहीं, बच्चे, बूढ़े और जवान, सबकी बराबर भागीदारी है. ढाई हजार आबादी वाले पालड़ा गांव में करीब दर्जन भर हैंडपम्प और ट्यूबवेल हैं जो कि गर्मी शुरू होते ही सब दम तोड़ देते हैं. तीन साल पहले डेढ़ करोड़ रुपये से नल जल योजना का काम शुरू हुआ, लेकिन घरों में पानी आज तक नहीं पहुंचा.
कटनी जिले में सांसद आदर्श ग्राम था देवरी, पानी के लिए सांसद जी ने दो टंकियां लगवाईं. फिर भी प्यास बुझाने लोग 3-4 किलोमीटर पैदल जाते हैं. यही हाल ज़िले के बरही तहसील में भी है, जहां हैंडपंप हैं वहां गंदा पानी आता है,पाइप लाइन बिछाई गई है लेकिन अब तक चालू नहीं हुई है. नदियों में स्टॉप डैम बना है लेकिन पानी नहीं है, जहां पानी है वो अतिक्रमण की चपेट में अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है. देवास ज़िले में टैंकर पहुंचते ही, माहौल एक अजीबो-गरीब मशीन में तब्दील हो जाता है... पाइप और बाल्टी पहचानने में मुश्किल, लेकिन लोगों की यही नियति है हर गर्मी के मौसम में.
बुंदेलखंड पानी की कमी से जूझने के लिए अभिशप्त है.बुंदेलखंड पैकेज के अंतर्गत बनाई जाने वाली नल जल योजना छतरपुर जिले में एक भी चालू हालत में नहीं है, सारी बंद हैं. बड़वानी का नागलवाड़ी, दुर्गम इलाका है लोग पथरीले रास्तों से पीने का पानी भरते हैं, एक-एक गड्ढे से छानकर ... लेकिन गंदा. क्या करें, सरकार 1000 करोड़ की सिंचाई परियोजना बनाने की बात कह रही है.
डिंडोरी जिले में इन दिनों जल संकट भीषण रूप ले चुका है. लोग बूंद बूंद पानी के लिए जद्दोजहद करते नजर आ रहे हैं. लगभग सभी जल स्रोत सूखने की कगार पर हैं. गांव में हैंडपंप हवा उगल रहे हैं. जहां पानी है, वहां विवाद भी हो रहा है. पिछले दिनों पानी की समस्या से जूझ रहे कुदवारी गांव के लोगों ने तो घंटों डिंडोरी-शहडोल मार्ग को जाम कर दिया था. कुछ इसी तरह की समस्या से देवलपुर के ग्रामीण भी जूझ रहे हैं. ग्राम में नलजल योजना होने के बाद भी लोगों को पेयजल उपलब्ध नहीं हो रहा है. सारसताल में अधेड़ उम्र के मंगलू पानी की तलाश में निकले, सूखे कुंए में गिरने से उनकी मौत हो गई. गांव के डालचंद नामदेव कहते हैं उसने झांका होगा, बैलेंस नहीं होने की वजह से कुंए में गिर गया. वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवकुमार सिंह ने कहा जल संकट तो है, पर हम लोग मर्ग को गंभीरता से देख रहे हैं ये घटना हुई कैसे. शहपुरा तहसील में लोग कुंए पर कपड़ा ढंककर पानी की सुरक्षा कर रहे हैं.
कहने को तो भिंड जिला चंबल, क्वारी और सिंध इन तीन नदियों से घिरा है...भिंड की गोहद विधानसभा में दो डैम भी हैं बावजूद इसके गोहद के कई गांव आज खारे पानी की समस्या से जूझ रहे हैं. यहां तक कि लोगों को पीने के पानी के लिए भी जद्दोजहद करनी पड़ती है और जिम्मेदार हैं कि योजनाओं को सिर्फ कागज पर चलाए जा रहे हैं. बरथरा गांव के लोग पानी भरने 3 किलोमीटर दूर सिसोनिया जाते हैं. गांव वाले कहते हैं, हालात ऐसे हैं कि लोग यहां रिश्ता तक नहीं जोड़ना चाहते. जिला पंचायत सीईओ का कहना है जल्द से जल्द लोगों की समस्या दूर करने की कोशिश की जाएगी.
नरसिंहपुर जिले में नर्मदा का जल घर-घर पहुंचाने के लिए सरकार की जलावर्धन योजना के तहत बन रही पानी की टंकियों में भ्रष्टाचार की दीमक लग गई. पानी सप्लाई से पहले ही टंकियों में दरार आ गई, वो झुकने लगीं. 30 करोड़ की लागत से चिनकी घाट से नर्मदा से पाइप लाइन से पानी लाना है... दो साल पहले योजना को पूरा होना था अधूरी है... करेली, गाडरवारा हर जगह योजना देरी से चल रही है. पूरे जिले में नर्मदा में खनन से नदी संकट में है. करोड़ों की योजनाओं के जरिए और पानी खींचने से नदी का अस्तित्व खतरे में हैं. सिंगरौली जिले के देवसर की सूरत 70 सालों से नहीं बदली है. लोग गंदे नाले का पानी पीने को मजबूर हैं, लंबी दूरी तय कर चिलचिलाती धूप में पानी भरने जाते हैं.
राज्य के लगभग हर संभाग की कहानी आपने सुन लीं, अब बताते हैं ये हालात क्यों हैं. भारत सरकार के आंकड़े कहते हैं कि मध्यप्रदेश में महज 12 फीसदी ग्रामीण आबादी को ही पेयजल उपलब्ध हो पाया है. इसमें से छह फीसदी योजनाएं 2003 की हैं. जबकि इस दौरान औसतन ढाई हजार करोड़ रुपये सालाना पानी की योजनाओं पर खर्च किए गए. घोटाले सिर्फ योजनाओं में नहीं, पानी के परिवहन के नाम पर भी हुआ. दस्तावेजों की पड़ताल में पता लगा कि पिछले दो सालों में 100 से ज्यादा निकायों में टैंकरों से पानी की सप्लाई की गई, लेकिन इस बार गंभीर जल संकट के बावजूद 32 निकायों में पानी के परिवहन की जरूरत हुई, ऑडिट में पता लगा कि दो सालों में ऐसे कई निकायों में टैंकरों से आपूर्ति की गई, जहां पेयजल उपलब्धता थी.
शिवराज सिंह ने 2012 में जल निगम बनाया जिसने 6 सालों में सिर्फ 700 गांवों तक पानी पहुंचाया. सरकार अब पता कर रही है कि कौन सा जल स्त्रोत कब बना, कितना खर्च रहा. ऐसे मामलों की जांच की जाएगी जहां भारी खर्च के बावजूद स्थिति खराब है. पीएचई मंत्री सुखदेव पांसे ने कहा बीजेपी ने केवल भाषण दिया 15 साल में ... धरातल पर शून्य हैं, आज हालात ग्रामीण अंचल में 15 साल में जो काम हुआ वो भ्रष्टाचार की बलि चढ़ गया ... 2003 में जब छोड़ा था कांग्रेस ने 6 परसेंट घरों में नलजल योजना के जरिए पानी सप्लाई थी 15 साल बीत गए केवल 12 परसेंट पर लाए जबकि करोड़ों रुपये हर साल खर्चे. बुंदेलखंड पैकेज में करोड़ों रुपये आए इनकी हम जांच करवाएंगे, जांच के बाद सख्त से सख्त कार्रवाई करेंगे.
हालात ये हैं कि राज्य के 197 निकायों में ही पेयजल योजनाएं पूरी हुईं, 181 निकायों में पेयजल योजना अधूरी हैं. गांवों में 15787 नल-जल योजनाएं हैं, जिसमें 1450 नल-जल योजनाएं पूर्णत: बंद हैं, 600 योजनाएं भू-जलस्तर गिरने से बंद हो चुकी हैं.
अब ये आश्चर्य नहीं कि राज्य में हज़ारों करोड़ के ई टेंडरिंग घोटाले के तार भी पेयजल सप्लाई से ही निकले. 23 जून को राजगढ़ के बांध से हज़ार गांवों में पेयजल सप्लाई करने की योजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया लेकिन उससे पहले ये बात पकड़ में आई कि ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल में छेड़छाड़ कर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी यानी पीएचई विभाग के 3000 करोड़ रुपये के तीन टेंडरों के रेट बदले गए हैं. हालांकि उस वक्त जल संसाधन का जिम्मा संभालने वाले शिवराज के सिपहसालार मंत्री कह रहे हैं वे किसी जांच से नहीं डरते, बीजेपी विधायक नरोत्तम मिश्रा ने कहा पीने का पानी, उसी वाटर बॉडी से हमने योजना बनाई थी हर गांव में नल की टोंटी से पानी जाएगा पूरे प्रदेश में योजना लागू की. हम किसे ऑडिट से नहीं डरते हम किसी चीज से नहीं डरते हर चीज के लिये सामने खड़े हैं, आपके द्वारा भी वैसे भी.
प्रदेश के लोगों को पानी उपलब्ध करवाने के मामले में मध्यप्रदेश देश में 17वें नंबर पर है, राज्य सरकार अब 'पानी का अधिकार' कानून लागू करने की बात कह रही है, जिसके तहत पूरे साल एक परिवार को जरूरत के मुताबिक पानी की उपलब्धता रहेगी. | यहाँ एक सारांश है:मध्यप्रदेश के शहरों और गांवों में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची
छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक पानी तलाशते और ढोते हुए गुजार रहे दिन
लोग गंदा पानी छानकर इस्तेमाल करने को मजबूर | 17 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इराक के उत्तरी शहर किरकुक के निकट एक धार्मिक स्थल पर हुए हवाई हमले में 15 महिलाओं की मौत हो गई.टिप्पणियां
स्थानीय अधिकारी आमिर हुदा करम ने बताया, 'दाकुक में शिया समुदाय के एक पूजा स्थल को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमले में 15 महिलाएं मारी गईं और 50 अन्य घायल हो गईं'. चिकित्सा अधिकारियों ने मारे गए लोगों की संख्या की पुष्टि की है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
स्थानीय अधिकारी आमिर हुदा करम ने बताया, 'दाकुक में शिया समुदाय के एक पूजा स्थल को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमले में 15 महिलाएं मारी गईं और 50 अन्य घायल हो गईं'. चिकित्सा अधिकारियों ने मारे गए लोगों की संख्या की पुष्टि की है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: एक धार्मिक स्थल पर हुआ हवाई हमला.
हवाई हमले में 15 महिलाएं मारी गईं और 50 अन्य घायल हो गईं'.
चिकित्सा अधिकारियों ने मारे गए लोगों की संख्या की पुष्टि की है. | 20 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: समाजसेवी अन्ना हजारे ने एक बार फिर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर प्रहार करते हुए कहा कि वह 'रिमोट कंट्रोल' से चलते हैं वरना कोयला मंत्रालय का प्रभार संभालते हुए वह कोयला ब्लॉकों की नीलामी जरूर करवाते।
मंगलवार को मुम्बई पहुंचे अन्ना ने कहा, "कोयला घोटाले से देश के राजकोष को करीब दो लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। हो सकता है इसका सीधा लाभ प्रधानमंत्री तक नहीं पहुंचा हो लेकिन पैसा कहीं तो गया ही। इसकी जांच सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराई जानी चाहिए।" एक मई से महाराष्ट्र का पांच सप्ताह का दौरा शुरू कर चुके अन्ना बीच में दिल्ली चले गए थे।
अन्ना ने अपनी टीम में मतभेद की खबरों का खंडन भी किया। हालांकि गत रविवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर हुई संयुक्त रैली में योग गुरु बाबा रामदेव ने टीम अन्ना के प्रमुख सदस्य अरविंद केजरीवाल को झिड़की दी थी।
अन्ना ने कहा, "स्वामी रामदेव के भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी से मिलने और केजरीवाले द्वारा रैली में मंत्रियों के नाम लिए जाने के मुद्दे को लेकर हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है। छोटी सी बात को मीडिया बेवजह तूल दे रहा है।" टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि प्रधानमंत्री सहित 15 मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद टीम अन्ना अदालत की ओर रुख क्यों नहीं कर रही है, अन्ना ने कहा कि वक्त फैसला सुनाएगा, इन मंत्रियों की मियाद पूरी होगी।
अन्ना फिलहाल महाराष्ट्र में सशक्त लोकायुक्त विधेयक लाए जाने की जरूरत बताते हुए राज्यव्यापी जनजागरण अभियान में जुटे हुए हैं। उनका महाराष्ट्र दौरा छह जून को खत्म होगा।
मंगलवार को मुम्बई पहुंचे अन्ना ने कहा, "कोयला घोटाले से देश के राजकोष को करीब दो लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। हो सकता है इसका सीधा लाभ प्रधानमंत्री तक नहीं पहुंचा हो लेकिन पैसा कहीं तो गया ही। इसकी जांच सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराई जानी चाहिए।" एक मई से महाराष्ट्र का पांच सप्ताह का दौरा शुरू कर चुके अन्ना बीच में दिल्ली चले गए थे।
अन्ना ने अपनी टीम में मतभेद की खबरों का खंडन भी किया। हालांकि गत रविवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर हुई संयुक्त रैली में योग गुरु बाबा रामदेव ने टीम अन्ना के प्रमुख सदस्य अरविंद केजरीवाल को झिड़की दी थी।
अन्ना ने कहा, "स्वामी रामदेव के भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी से मिलने और केजरीवाले द्वारा रैली में मंत्रियों के नाम लिए जाने के मुद्दे को लेकर हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है। छोटी सी बात को मीडिया बेवजह तूल दे रहा है।" टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि प्रधानमंत्री सहित 15 मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद टीम अन्ना अदालत की ओर रुख क्यों नहीं कर रही है, अन्ना ने कहा कि वक्त फैसला सुनाएगा, इन मंत्रियों की मियाद पूरी होगी।
अन्ना फिलहाल महाराष्ट्र में सशक्त लोकायुक्त विधेयक लाए जाने की जरूरत बताते हुए राज्यव्यापी जनजागरण अभियान में जुटे हुए हैं। उनका महाराष्ट्र दौरा छह जून को खत्म होगा।
अन्ना ने अपनी टीम में मतभेद की खबरों का खंडन भी किया। हालांकि गत रविवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर हुई संयुक्त रैली में योग गुरु बाबा रामदेव ने टीम अन्ना के प्रमुख सदस्य अरविंद केजरीवाल को झिड़की दी थी।
अन्ना ने कहा, "स्वामी रामदेव के भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी से मिलने और केजरीवाले द्वारा रैली में मंत्रियों के नाम लिए जाने के मुद्दे को लेकर हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है। छोटी सी बात को मीडिया बेवजह तूल दे रहा है।" टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि प्रधानमंत्री सहित 15 मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद टीम अन्ना अदालत की ओर रुख क्यों नहीं कर रही है, अन्ना ने कहा कि वक्त फैसला सुनाएगा, इन मंत्रियों की मियाद पूरी होगी।
अन्ना फिलहाल महाराष्ट्र में सशक्त लोकायुक्त विधेयक लाए जाने की जरूरत बताते हुए राज्यव्यापी जनजागरण अभियान में जुटे हुए हैं। उनका महाराष्ट्र दौरा छह जून को खत्म होगा।
अन्ना ने कहा, "स्वामी रामदेव के भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी से मिलने और केजरीवाले द्वारा रैली में मंत्रियों के नाम लिए जाने के मुद्दे को लेकर हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है। छोटी सी बात को मीडिया बेवजह तूल दे रहा है।" टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि प्रधानमंत्री सहित 15 मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद टीम अन्ना अदालत की ओर रुख क्यों नहीं कर रही है, अन्ना ने कहा कि वक्त फैसला सुनाएगा, इन मंत्रियों की मियाद पूरी होगी।
अन्ना फिलहाल महाराष्ट्र में सशक्त लोकायुक्त विधेयक लाए जाने की जरूरत बताते हुए राज्यव्यापी जनजागरण अभियान में जुटे हुए हैं। उनका महाराष्ट्र दौरा छह जून को खत्म होगा।
यह पूछे जाने पर कि प्रधानमंत्री सहित 15 मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद टीम अन्ना अदालत की ओर रुख क्यों नहीं कर रही है, अन्ना ने कहा कि वक्त फैसला सुनाएगा, इन मंत्रियों की मियाद पूरी होगी।
अन्ना फिलहाल महाराष्ट्र में सशक्त लोकायुक्त विधेयक लाए जाने की जरूरत बताते हुए राज्यव्यापी जनजागरण अभियान में जुटे हुए हैं। उनका महाराष्ट्र दौरा छह जून को खत्म होगा।
अन्ना फिलहाल महाराष्ट्र में सशक्त लोकायुक्त विधेयक लाए जाने की जरूरत बताते हुए राज्यव्यापी जनजागरण अभियान में जुटे हुए हैं। उनका महाराष्ट्र दौरा छह जून को खत्म होगा। | संक्षिप्त सारांश: अन्ना हजारे ने एक बार फिर मनमोहन सिंह पर प्रहार करते हुए कहा कि वह 'रिमोट कंट्रोल' से चलते हैं वरना कोयला मंत्रालय का प्रभार संभालते हुए वह कोयला ब्लॉकों की नीलामी जरूर करवाते। | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: यदि आप यह सचमुच में जानने को बेताब हैं कि आपकी पत्नी आपको प्यार करती है या नहीं, तो बस यह गौर कीजिए कि वह कितनी बार आपको गले लगाती हैं या आपका चुंबन लेती है। 'डेली मेल' में प्रकाशित एक रिपोर्ट में एक नए सर्वेक्षण के हवाले से बताया गया है कि महिलाएं अगर अपने पति से प्यार करती हैं, तो उन्हें गले लगाती है और चुंबन लेती हैं और नखरे भी कम दिखाती हैं।
अध्ययन में पाया गया कि पुरुष स्वभाव से रोमांटिक नहीं होते हैं और वे घर के कामकाज में योगदान देकर अपना प्यार जाहिर करते हैं। इस सर्वेक्षण में 168 दंपतियों को शामिल किया गया। पुरुषों ने विभिन्न तरीकों से अपनी भावनाएं महिलाओं को जाहिर की।
एक ओर जहां महिलाओं ने नकारात्मक विचार और भावनाएं छिपाकर प्यार प्रदर्शित किया, वहीं दूसरी ओर पुरुषों ने कपड़े धोने जैसे घर के कामकाज में हाथ बंटाकर या कामुक क्रियाओं की शुरुआत करके अपना प्यार जाहिर किया। वैसे पति जो अपनी पत्नी से अधिक प्यार करते हैं, उनके सहवास करने की अधिक संभावना होती है। इस बारे में अध्ययनकर्ताओं ने बताया कि यह इस विचार का समर्थन करता है कि पुरुषों द्वारा अपने प्यार को प्रकट करने का यह एक अहम माध्यम है। टिप्पणियां
अध्ययन में दावा किया गया है कि महिलाओं की ओर से कामुक क्रियाओं की शुरुआत करने की कम संभावना होती है। यह अध्ययन 'पर्सनैलिटी एंड सोशल साइकोलॉजी बुलेटिन' में प्रकाशित हुआ है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अध्ययन में पाया गया कि पुरुष स्वभाव से रोमांटिक नहीं होते हैं और वे घर के कामकाज में योगदान देकर अपना प्यार जाहिर करते हैं। इस सर्वेक्षण में 168 दंपतियों को शामिल किया गया। पुरुषों ने विभिन्न तरीकों से अपनी भावनाएं महिलाओं को जाहिर की।
एक ओर जहां महिलाओं ने नकारात्मक विचार और भावनाएं छिपाकर प्यार प्रदर्शित किया, वहीं दूसरी ओर पुरुषों ने कपड़े धोने जैसे घर के कामकाज में हाथ बंटाकर या कामुक क्रियाओं की शुरुआत करके अपना प्यार जाहिर किया। वैसे पति जो अपनी पत्नी से अधिक प्यार करते हैं, उनके सहवास करने की अधिक संभावना होती है। इस बारे में अध्ययनकर्ताओं ने बताया कि यह इस विचार का समर्थन करता है कि पुरुषों द्वारा अपने प्यार को प्रकट करने का यह एक अहम माध्यम है। टिप्पणियां
अध्ययन में दावा किया गया है कि महिलाओं की ओर से कामुक क्रियाओं की शुरुआत करने की कम संभावना होती है। यह अध्ययन 'पर्सनैलिटी एंड सोशल साइकोलॉजी बुलेटिन' में प्रकाशित हुआ है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एक ओर जहां महिलाओं ने नकारात्मक विचार और भावनाएं छिपाकर प्यार प्रदर्शित किया, वहीं दूसरी ओर पुरुषों ने कपड़े धोने जैसे घर के कामकाज में हाथ बंटाकर या कामुक क्रियाओं की शुरुआत करके अपना प्यार जाहिर किया। वैसे पति जो अपनी पत्नी से अधिक प्यार करते हैं, उनके सहवास करने की अधिक संभावना होती है। इस बारे में अध्ययनकर्ताओं ने बताया कि यह इस विचार का समर्थन करता है कि पुरुषों द्वारा अपने प्यार को प्रकट करने का यह एक अहम माध्यम है। टिप्पणियां
अध्ययन में दावा किया गया है कि महिलाओं की ओर से कामुक क्रियाओं की शुरुआत करने की कम संभावना होती है। यह अध्ययन 'पर्सनैलिटी एंड सोशल साइकोलॉजी बुलेटिन' में प्रकाशित हुआ है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अध्ययन में दावा किया गया है कि महिलाओं की ओर से कामुक क्रियाओं की शुरुआत करने की कम संभावना होती है। यह अध्ययन 'पर्सनैलिटी एंड सोशल साइकोलॉजी बुलेटिन' में प्रकाशित हुआ है।
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: यदि आप यह सचमुच में जानने को बेताब हैं कि आपकी पत्नी आपको प्यार करती है या नहीं, तो बस यह गौर कीजिए कि वह कितनी बार आपको गले लगाती हैं या आपका चुंबन लेती है। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका ने ईशनिंदा के आरोप में एक पाकिस्तानी बच्ची की गिरफ्तारी को ‘काफी निराश’ करने वाला और वहीं राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी द्वारा इस घटना का विरोध करने की प्रशंसा की है।
विदेश विभाग की प्रवक्ता विक्टोरिया नूलैंड ने संवाददाताओं से कहा, यह मामला निश्चित रूप से निराश करने वाला है। ईशनिंदा के आरोप में पाकिस्तानी लड़की की गिरफ्तारी। नूलैंड ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति की प्रशंसा करते हुए कहा, राष्ट्रपति जरदारी ने त्वरित काम किया। हम इस्लामाबाद में इस पहल का स्वागत करते हैं।
विदेश विभाग की प्रवक्ता विक्टोरिया नूलैंड ने संवाददाताओं से कहा, यह मामला निश्चित रूप से निराश करने वाला है। ईशनिंदा के आरोप में पाकिस्तानी लड़की की गिरफ्तारी। नूलैंड ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति की प्रशंसा करते हुए कहा, राष्ट्रपति जरदारी ने त्वरित काम किया। हम इस्लामाबाद में इस पहल का स्वागत करते हैं। | संक्षिप्त पाठ: अमेरिका ने ईशनिंदा के आरोप में एक पाकिस्तानी बच्ची की गिरफ्तारी को ‘काफी निराश’ करने वाला और वहीं राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी द्वारा इस घटना का विरोध करने की प्रशंसा की है। | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की भविष्य की योजनाओं को लेकर केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने NDTV से खास बातचीत की. अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना के सवाल पर उन्होंने बताया कि पीएम मोदी की अगुवाई में दूसरी बार बीजेपी को मिली ऐतिहासिक जीत के बाद देश में अफवाहें फैलाई जाने लगीं, अल्पसंख्यकों को गुमराह करने के अभियान चलाए गए. उन्होंने कहा, 'डेवलेपमेंट विदआउट डिसक्रिमिनेशन' यानी कि 'बिना भेदभाव के विकास', 'डेवलेपमेंट विद डिग्निटी' यानी कि 'सम्मान के साथ सशक्तिकरण' के फार्मूले के साथ मोदी सरकार काम कर रही है. उन्होंने बताया कि पिछली सरकार में भी 3.18 करोड़ अल्पसंख्यकों को शैक्षणिक क्षेत्र में सशक्तिकरण के लिए छात्रवृत्ति दी. मुख्तार अब्बास नकवी के मुताबिक हमने अध्ययन किया तो पता चला कि 30 प्रतिशत उन गांवों में बिजली नहीं आती है, जहां अल्पसंख्यक समुदाय के लोग रहते हैं. जब वहां समस्याओं का समाधान हुआ तो अल्पसंख्यकों को ज्यादा फायदा मिला. क्योंकि अब तक उन्हें वोट बैंक की पॉलिटिक्स के लिए अनदेखा किया गया था.
एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि सिर्फ मुसलमान ही अल्पसंख्यक नहीं हैं. केंद्र में 6 वर्गों को अल्पसंख्यक के रूप में मान्यता दी गई है, जिनमें जैन, बौद्ध, पारसी, इसाई, मुसलमान और सिख आते हैं. इसके अलावा अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग वर्गों को अल्पसंख्यक का दर्जा दिया गया है. सरकार का वादा है कि विकास के रास्ते पर सभी एक साथ होकर चलें. लिहाजा आने वाले सालों में सरकार 5 करोड़ से ज्यादा लोगों को छात्रवृत्ति योजना से लाभान्वित करेगी.
तीन तलाक के मसले पर केंद्रीय मंत्री नकवी ने कहा कि हमने छात्रवृत्ति योजना में 50 फीसदी से ज्यादा छात्राओं को लाभान्वित किया. हज कमेटी में भी करीब 2 लाख की संख्या में महिलाएं रहीं. कुछ पुरानी प्रथाएं रही हैं जिनको खत्म किया गया है, उन्हीं प्रथाओं में ट्रिपल तलाक भी शामिल है. जिन बदलावों की मांग की गई वो भी किए गए लेकिन उस पर अब भी आपत्ति जताई जा रही है.
सबका साथ, सबका विकास के नारे में 'विश्वास' जोड़े जाने के सवाल पर मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि पीएम मोदी के पहले कार्यकाल में हमें यह विश्वास जनता के द्वारा 5 सालों के काम काज के आधार पर मिला. इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर युद्ध के मैदान में सेनापति मैदान छोड़कर भाग जाए तो सेनाएं तो सुरक्षित ठिकाना ढूंढेंगी ही. उन्होंने दावा किया कि तीन तलाक बिल जल्द ही सदन में पास हो जाएगा. तीन तलाक बिल पर जेडीयू के विरोध पर उन्होंने कहा कि अभी वो विरोध कर रहे हैं, सदन में चर्चा होगी और राय बदलेगी. उन्होंने कहा कि सदन इसलिए होता है, चर्चा के बाद बिल न सिर्फ लोकसभा में पास होगा बल्कि राज्यसभा में भी पास होगा.
मॉब लिंचिंग की बढ़ती घटनाओं के सवाल पर मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि ऐसी घटनाएं गिनती की हुई हैं. और उन पर तुरंत कार्रवाई भी हुई है. वरना पिछली सरकारों में ऐसी घटनाओं के बाद कई दिनों तक कर्फ्यू लगा रहता था, लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था लेकिन अब ऐसा नहीं होता है. हालांकि उन्होंने माना कि कुछ ऐसे तत्व हैं जो अराजकता फैला रहे हैं जिनसे जल्द ही निपटा जाएगा. मॉब लिंचिंग को लेकर मीडिया पर सवाल दागते हुए उन्होंने कहा कि सरकार के साथ-साथ मीडिया की भी जिम्मेदारी होती है कि जिन वजहों से समाज में बिखराव, टकराव या फिर उन्माद की स्थिति पैदा करें, उनसे बचना चाहिए और उनका खुलासा करना चाहिए.
दिल्ली हौजखास की घटना की जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कुछ अराजक तत्वों ने स्थिति को खराब करने की कोशिश की. लेकिन वहां के स्थानीय लोगों ने इन स्थितियों को नियंत्रित किया, उनका मुकाबला किया और फिर उन्हें परास्त भी किया. नकवी ने बताया कि राजस्थान में पहलू खान घटना में जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, उन्हें 6 महीने तक जमानत तक नहीं मिली, यूपी में आरोपियों को 24 घंटे के भीतर पकड़ा गया.
जय श्री राम नारे के राजनीतिकरण पर उन्होंने कहा कि किसी भी चीज की जबरदस्ती नहीं होनी चाहिए. हमारे देश में एकता की मिसाल इसलिए दी जाती है क्योंकि यहां बहुसंख्यक समाज के लोगों के डीएनए में सेक्यूलरिज्म और लोकतंत्र है. जब भारत और पाकिस्तान का बंटवारा हो रहा था तो हमारे देश के लोगों ने तय किया कि हम धर्म निरपेक्ष देश बनेंगे. उन्होंने कहा कि 'जबरदस्ती' ठीक नहीं है लेकिन चिढ़ाया जाना भी तो ठीक नहीं है. लोग चिढ़ाये जाने के लिए वंदेमातरम् के नारे लगाने से इनकार कर देते हैं. समाज को समझना चाहिए कि उनका विकास समावेशी तरीके से ही हो सकता है.
दो से ज्यादा बच्चों को लेकर आ रहे बयानों पर पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि कोई भी देश जनसंख्या विस्फोट नहीं चाहेगा. इस मुद्दे पर राष्ट्रीय बहस होनी चाहिए और जरूरत हो तो संसद में भी होनी चाहिए. वहीं आकाश विजयवर्गीय और कुंवर प्रताप सिंह चैंपियन जैसे नेताओं के विवाद पर उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी 11 करोड़ कार्यकर्ताओं की है. ऐसे मामलों पर राज्य स्तर पर कार्रवाई होती है और पार्टी अपने स्तर पर इनसे निपटती है. इन लोगों के मामलों की भी जांच की जा रही है और जरूरत पड़ेगी तो कार्रवाई होगी. | यहाँ एक सारांश है:केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने की NDTV से खास बातचीत
मुख्तार अब्बास नकवी ने कई मुद्दों पर की खुलकर बात
बताया मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की योजनाओं के बारे में | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: ज्यादातर कर्मचारी बेहतर अवसर नहीं बल्कि अपने मौजूदा 'बॉस' से दुखी होकर नौकरी छोड़ते हैं। और तो और कर्मचारी पैसे से अधिक अच्छे कामकाजी माहौल को वरीयता देते हैं और एक खराब बॉस उनके मूड ही नहीं स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक सिद्ध हो सकता है।
उद्योग मंडल एसोचैम ने एक सर्वेक्षण में यह निष्कर्ष निकाला है। इसमें कहा गया है, 'अपने मौजूदा बॉस से ऊबकर कर्मचारी नौकरी छोड़ रहे हैं या नौकरी बदल रहे हैं।' सर्वे में लगभग 70 प्रतिशत लोगों ने कहा है कि नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारी अपने बॉस या तात्कालिक प्रभारी के खराब रवैये की शिकायत करते हैं। इसमें 2500 कार्यकारियों ने भाग लिया।
इसमें शामिल अधिकतर भागीदारों ने कहा कि उनके लिए अच्छा कामकाजी माहौल भुगतान से अधिक महत्वपूर्ण है।
इसमें कहा गया है कि खराब बॉस अपने कर्मचारियों की स्वास्थ्य दिक्कतों का कारण बन सकते हैं। टिप्पणियां
सर्वेक्षण के अनुसार 62 प्रतिशत प्रतिभागियों ने अपने बॉस की आलोचना करते हुए अपने अपने बास को 'बदजबान' बताया है।
एसोचैम के महासचिव डीएस रावत ने कहा, 'कर्मचारियों तथा प्रबंधकों के सतर्क चयन का संगठन के कारोबार ही नहीं कर्मचारियों को बनाए रखने में भी बड़ी सकारात्मक भूमिका हो सकती है।'
उद्योग मंडल एसोचैम ने एक सर्वेक्षण में यह निष्कर्ष निकाला है। इसमें कहा गया है, 'अपने मौजूदा बॉस से ऊबकर कर्मचारी नौकरी छोड़ रहे हैं या नौकरी बदल रहे हैं।' सर्वे में लगभग 70 प्रतिशत लोगों ने कहा है कि नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारी अपने बॉस या तात्कालिक प्रभारी के खराब रवैये की शिकायत करते हैं। इसमें 2500 कार्यकारियों ने भाग लिया।
इसमें शामिल अधिकतर भागीदारों ने कहा कि उनके लिए अच्छा कामकाजी माहौल भुगतान से अधिक महत्वपूर्ण है।
इसमें कहा गया है कि खराब बॉस अपने कर्मचारियों की स्वास्थ्य दिक्कतों का कारण बन सकते हैं। टिप्पणियां
सर्वेक्षण के अनुसार 62 प्रतिशत प्रतिभागियों ने अपने बॉस की आलोचना करते हुए अपने अपने बास को 'बदजबान' बताया है।
एसोचैम के महासचिव डीएस रावत ने कहा, 'कर्मचारियों तथा प्रबंधकों के सतर्क चयन का संगठन के कारोबार ही नहीं कर्मचारियों को बनाए रखने में भी बड़ी सकारात्मक भूमिका हो सकती है।'
इसमें शामिल अधिकतर भागीदारों ने कहा कि उनके लिए अच्छा कामकाजी माहौल भुगतान से अधिक महत्वपूर्ण है।
इसमें कहा गया है कि खराब बॉस अपने कर्मचारियों की स्वास्थ्य दिक्कतों का कारण बन सकते हैं। टिप्पणियां
सर्वेक्षण के अनुसार 62 प्रतिशत प्रतिभागियों ने अपने बॉस की आलोचना करते हुए अपने अपने बास को 'बदजबान' बताया है।
एसोचैम के महासचिव डीएस रावत ने कहा, 'कर्मचारियों तथा प्रबंधकों के सतर्क चयन का संगठन के कारोबार ही नहीं कर्मचारियों को बनाए रखने में भी बड़ी सकारात्मक भूमिका हो सकती है।'
इसमें कहा गया है कि खराब बॉस अपने कर्मचारियों की स्वास्थ्य दिक्कतों का कारण बन सकते हैं। टिप्पणियां
सर्वेक्षण के अनुसार 62 प्रतिशत प्रतिभागियों ने अपने बॉस की आलोचना करते हुए अपने अपने बास को 'बदजबान' बताया है।
एसोचैम के महासचिव डीएस रावत ने कहा, 'कर्मचारियों तथा प्रबंधकों के सतर्क चयन का संगठन के कारोबार ही नहीं कर्मचारियों को बनाए रखने में भी बड़ी सकारात्मक भूमिका हो सकती है।'
सर्वेक्षण के अनुसार 62 प्रतिशत प्रतिभागियों ने अपने बॉस की आलोचना करते हुए अपने अपने बास को 'बदजबान' बताया है।
एसोचैम के महासचिव डीएस रावत ने कहा, 'कर्मचारियों तथा प्रबंधकों के सतर्क चयन का संगठन के कारोबार ही नहीं कर्मचारियों को बनाए रखने में भी बड़ी सकारात्मक भूमिका हो सकती है।'
एसोचैम के महासचिव डीएस रावत ने कहा, 'कर्मचारियों तथा प्रबंधकों के सतर्क चयन का संगठन के कारोबार ही नहीं कर्मचारियों को बनाए रखने में भी बड़ी सकारात्मक भूमिका हो सकती है।' | यह एक सारांश है: ज्यादातर कर्मचारी बेहतर अवसर नहीं बल्कि अपने मौजूदा 'बॉस' से दुखी होकर नौकरी छोड़ते हैं। और तो और कर्मचारी पैसे से अधिक अच्छे कामकाजी माहौल को वरीयता देते हैं और एक खराब बॉस उनके मूड ही नहीं स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक सिद्ध हो सकता है। | 2 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वीरेंद्र सहवाग नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की अनुपस्थिति में मंगलवार को श्रीलंका के खिलाफ त्रिकोणीय एकदिवसीय क्रिकेट श्रृंखला के मैच में भारतीय टीम की अगुआई कर सकते हैं।
टीम प्रबंधन ने औपचारिक तौर पर यह घोषणा नहीं की है लेकिन हालात को देखते हुए उन्हें कप्तानी का संभावित दावेदार माना जा रहा है जबकि पार्थिव पटेल को विकेटकीपर के तौर पर टूर्नामेंट का पहला मैच खेलने को मिल सकता है।
कल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यहां धीमी ओवर गति के कारण धोनी पर एक एकदिवसीय मैच का प्रतिबंध लगाया गया है। यह उनकी टीम का एक साल के अंदर ओवर गति से जुड़ा दूसरा अपराध था।
आईसीसी मैच रैफरी के एमिरेट्स एलीट पैनल के एंडी पाइक्राफ्ट ने धोनी पर मैच फीस का 40 प्रतिशत जबकि अन्य सभी भारतीय खिलाड़ियों पर 20 प्रतिशत जुर्माना भी लगाया।
इससे पहले भारतीय टीम दो अप्रैल को श्रीलंका के खिलाफ आईसीसी विश्व कप के फाइनल में भी निर्धारित समय में ओवर नहीं फेंक पाई थी। टिप्पणियां
धोनी के खिलाफ आरोप आईसीसी एमिरेट्स एलीट पैनल के मैदानी अंपायरों स्टीव डेविस और बिली बोडेन, तीसेर अंपायर ब्रूस आक्सेनफोर्ड और चौथे अंपायर पाल राइफेल ने लगाए। धोनी ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। साथ ही टीम इंडिया और धोनी ने सजा को भी स्वीकार किया जिसके कारण औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी।
मौजूदा ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर धोनी को दूसरी बार प्रतिबंध का सामना करना पड़ा है। इससे पहले पर्थ में तीसरे टेस्ट मैच में भी धीमी ओवर गति के लिए उन पर एक मैच का प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बाद सहवाग ने एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे टेस्ट में भारतीय टीम की कमान संभाली थी।
टीम प्रबंधन ने औपचारिक तौर पर यह घोषणा नहीं की है लेकिन हालात को देखते हुए उन्हें कप्तानी का संभावित दावेदार माना जा रहा है जबकि पार्थिव पटेल को विकेटकीपर के तौर पर टूर्नामेंट का पहला मैच खेलने को मिल सकता है।
कल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यहां धीमी ओवर गति के कारण धोनी पर एक एकदिवसीय मैच का प्रतिबंध लगाया गया है। यह उनकी टीम का एक साल के अंदर ओवर गति से जुड़ा दूसरा अपराध था।
आईसीसी मैच रैफरी के एमिरेट्स एलीट पैनल के एंडी पाइक्राफ्ट ने धोनी पर मैच फीस का 40 प्रतिशत जबकि अन्य सभी भारतीय खिलाड़ियों पर 20 प्रतिशत जुर्माना भी लगाया।
इससे पहले भारतीय टीम दो अप्रैल को श्रीलंका के खिलाफ आईसीसी विश्व कप के फाइनल में भी निर्धारित समय में ओवर नहीं फेंक पाई थी। टिप्पणियां
धोनी के खिलाफ आरोप आईसीसी एमिरेट्स एलीट पैनल के मैदानी अंपायरों स्टीव डेविस और बिली बोडेन, तीसेर अंपायर ब्रूस आक्सेनफोर्ड और चौथे अंपायर पाल राइफेल ने लगाए। धोनी ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। साथ ही टीम इंडिया और धोनी ने सजा को भी स्वीकार किया जिसके कारण औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी।
मौजूदा ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर धोनी को दूसरी बार प्रतिबंध का सामना करना पड़ा है। इससे पहले पर्थ में तीसरे टेस्ट मैच में भी धीमी ओवर गति के लिए उन पर एक मैच का प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बाद सहवाग ने एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे टेस्ट में भारतीय टीम की कमान संभाली थी।
कल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यहां धीमी ओवर गति के कारण धोनी पर एक एकदिवसीय मैच का प्रतिबंध लगाया गया है। यह उनकी टीम का एक साल के अंदर ओवर गति से जुड़ा दूसरा अपराध था।
आईसीसी मैच रैफरी के एमिरेट्स एलीट पैनल के एंडी पाइक्राफ्ट ने धोनी पर मैच फीस का 40 प्रतिशत जबकि अन्य सभी भारतीय खिलाड़ियों पर 20 प्रतिशत जुर्माना भी लगाया।
इससे पहले भारतीय टीम दो अप्रैल को श्रीलंका के खिलाफ आईसीसी विश्व कप के फाइनल में भी निर्धारित समय में ओवर नहीं फेंक पाई थी। टिप्पणियां
धोनी के खिलाफ आरोप आईसीसी एमिरेट्स एलीट पैनल के मैदानी अंपायरों स्टीव डेविस और बिली बोडेन, तीसेर अंपायर ब्रूस आक्सेनफोर्ड और चौथे अंपायर पाल राइफेल ने लगाए। धोनी ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। साथ ही टीम इंडिया और धोनी ने सजा को भी स्वीकार किया जिसके कारण औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी।
मौजूदा ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर धोनी को दूसरी बार प्रतिबंध का सामना करना पड़ा है। इससे पहले पर्थ में तीसरे टेस्ट मैच में भी धीमी ओवर गति के लिए उन पर एक मैच का प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बाद सहवाग ने एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे टेस्ट में भारतीय टीम की कमान संभाली थी।
आईसीसी मैच रैफरी के एमिरेट्स एलीट पैनल के एंडी पाइक्राफ्ट ने धोनी पर मैच फीस का 40 प्रतिशत जबकि अन्य सभी भारतीय खिलाड़ियों पर 20 प्रतिशत जुर्माना भी लगाया।
इससे पहले भारतीय टीम दो अप्रैल को श्रीलंका के खिलाफ आईसीसी विश्व कप के फाइनल में भी निर्धारित समय में ओवर नहीं फेंक पाई थी। टिप्पणियां
धोनी के खिलाफ आरोप आईसीसी एमिरेट्स एलीट पैनल के मैदानी अंपायरों स्टीव डेविस और बिली बोडेन, तीसेर अंपायर ब्रूस आक्सेनफोर्ड और चौथे अंपायर पाल राइफेल ने लगाए। धोनी ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। साथ ही टीम इंडिया और धोनी ने सजा को भी स्वीकार किया जिसके कारण औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी।
मौजूदा ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर धोनी को दूसरी बार प्रतिबंध का सामना करना पड़ा है। इससे पहले पर्थ में तीसरे टेस्ट मैच में भी धीमी ओवर गति के लिए उन पर एक मैच का प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बाद सहवाग ने एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे टेस्ट में भारतीय टीम की कमान संभाली थी।
इससे पहले भारतीय टीम दो अप्रैल को श्रीलंका के खिलाफ आईसीसी विश्व कप के फाइनल में भी निर्धारित समय में ओवर नहीं फेंक पाई थी। टिप्पणियां
धोनी के खिलाफ आरोप आईसीसी एमिरेट्स एलीट पैनल के मैदानी अंपायरों स्टीव डेविस और बिली बोडेन, तीसेर अंपायर ब्रूस आक्सेनफोर्ड और चौथे अंपायर पाल राइफेल ने लगाए। धोनी ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। साथ ही टीम इंडिया और धोनी ने सजा को भी स्वीकार किया जिसके कारण औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी।
मौजूदा ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर धोनी को दूसरी बार प्रतिबंध का सामना करना पड़ा है। इससे पहले पर्थ में तीसरे टेस्ट मैच में भी धीमी ओवर गति के लिए उन पर एक मैच का प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बाद सहवाग ने एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे टेस्ट में भारतीय टीम की कमान संभाली थी।
धोनी के खिलाफ आरोप आईसीसी एमिरेट्स एलीट पैनल के मैदानी अंपायरों स्टीव डेविस और बिली बोडेन, तीसेर अंपायर ब्रूस आक्सेनफोर्ड और चौथे अंपायर पाल राइफेल ने लगाए। धोनी ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। साथ ही टीम इंडिया और धोनी ने सजा को भी स्वीकार किया जिसके कारण औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी।
मौजूदा ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर धोनी को दूसरी बार प्रतिबंध का सामना करना पड़ा है। इससे पहले पर्थ में तीसरे टेस्ट मैच में भी धीमी ओवर गति के लिए उन पर एक मैच का प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बाद सहवाग ने एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे टेस्ट में भारतीय टीम की कमान संभाली थी।
मौजूदा ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर धोनी को दूसरी बार प्रतिबंध का सामना करना पड़ा है। इससे पहले पर्थ में तीसरे टेस्ट मैच में भी धीमी ओवर गति के लिए उन पर एक मैच का प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बाद सहवाग ने एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे टेस्ट में भारतीय टीम की कमान संभाली थी। | वीरेंद्र सहवाग नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की अनुपस्थिति में मंगलवार को श्रीलंका के खिलाफ त्रिकोणीय एकदिवसीय क्रिकेट श्रृंखला के मैच में भारतीय टीम की अगुआई कर सकते हैं। | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: जब आप अगली बार 'ऑटोमेटेड टेलर मशीन' (एटीएम) से पैसा निकालने पहुंचें तो हाथों में दस्ताने पहनना या पैसा निकालने के बाद हाथ धोना न भूलें। स्वच्छता सम्बंधी जांचों में खुलासा हुआ है कि एटीएम सार्वजनिक शौचालय जितने ही गंदे होते हैं और वहां भी वही कीटाणु होते हैं जो शौचालय में होते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ब्रिटेन में कुछ एटीएम मशीनों में लगे की पैड्स पर जमी गंदगी के नमूने इकट्ठे कर उनकी जांच की। उन्होंने इन एटीएम्स के नजदीक स्थित सार्वजनिक शौचालयों से भी गंदगी के कुछ नमूने इकट्ठे किए और एक प्रयोगशाला में माइक्रोस्कोप से उसकी जांच की। समाचार पत्र 'डेली मेल' के मुताबिक दोनों स्थानों से इकट्ठे किए गए नमूनों को रातभर के लिए ऐसे ही छोड़ दिया गया ताकी उनमें मौजूद कीटाणु विकसित हो सकें। बाद में इनकी जांच करने पर पता चला कि दोनों ही स्थानों से इकट्ठे किए गए नमूनों में सूडोमोनास और बैसीलस बैक्टीरिया मौजूद थे। ये बैक्टीरिया अतिसार जैसी बीमारियां फैलाने के लिए जाने जाते हैं। बैक्टीरिया को नष्ट करने वाले उत्पाद बनाने वाली कम्पनी 'बायोकोट' के सूक्ष्मजीवविज्ञानी रिचर्ड हैस्टिंग्स कहते हैं, "हम बहुत ज्यादा इस्तेमाल होने वाली एटीएम मशीनों और सार्वजनिक शौचालयों में बैक्टीरिया संक्रमण के स्तर की तुलना करना चाहते थे।" उन्होंने कहा, "हम परिणामों से बहुत ज्यादा हैरान थे क्योंकि एटीएम मशीनों से इकट्ठे किए गए नमूनों में उतने ही बैक्टीरिया मौजूद थे जितने कि सार्वजनिक शौचालय में होते हैं।" दरअसल हाल ही में एक सर्वेक्षण हुआ था जिसमें खुलासा हुआ था कि ब्रिटेनवासी सार्वजनिक शौचालयों को उनके स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ा खतरा मानते हैं। इसके बाद 'बायोकोट' ने यह जांच की। | सारांश: जब आप अगली बार एटीएम से पैसा निकालने पहुंचें तो हाथों में दस्ताने पहनना या पैसा निकालने के बाद हाथ धोना न भूलें। | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भ्रष्टाचार, आतंकवाद, कालाधन और जाली नोटों के गोरखधंधे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का ऐलान करते हुए मंगलवार मध्यरात्रि से 500 रुपये और 1000 रुपये के नोटों के प्रचलन को खत्म करने की बड़ी घोषणा की. सत्ता संभालने के ढाई साल बाद राष्ट्र के नाम अपने पहले टीवी संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा, 'मंगलवार रात 12 बजे से 1000 रुपये और 500 रुपये के नोट वैध नहीं होंगे और ये नोट कागज के टुकड़े रह जाएंगे और उनका कोई मूल्य नहीं होगा.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है, 30 दिसंबर तक 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बैंकों और डाकघरों में जमा कराए जा सकते हैं. कुछ कारणों से जो लोग 1,000 रुपये और 500 रुपये के नोट 30 दिसंबर तक जमा नहीं करा सकेंगे, वे लोग पहचान पत्र दिखाकर 31 मार्च, 2017 तक नोट बदलवा सकेंगे. 9 नवंबर को बैंकों में पब्लिक डीलिंग नहीं होगी.कल बैंक नहीं जाएं-लेनदेन नहीं होगा, अगले दो दिनों तक कुछ एटीएम भी काम नहीं करेंगे
पीएम मोदी ने कहा कि कुछ जगहों पर अगले दो दिनों तक एटीएम काम नहीं करेंगे.अस्पतालों, सार्वजनिक क्षेत्र के पेट्रोल पंपों एवं सीएनजी गैस स्टेशनों, रेल यात्रा टिकट काउंटरों, शवदाह गृहों, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को 11 नवंबर की मध्यरात्रि तक छूट रहेगी. दुग्ध बिक्री केंद्रों, पेट्रोल एवं सीएनजी स्टेशनों आदि को स्टॉक एवं ब्रिकी का रजिस्टर रखना होगा. अस्पताल में अगले 72 घंटे तक यह छूट उपलब्ध है. नए नोटों की आपूर्ति को ध्यान में रखते हुए पहले कुछ दिनों में प्रतिदिन 10,000 रुपये और प्रति सप्ताह 20,000 रुपये की सीमा होगी. बाद के दिनों में यह सीमा बढ़ाई जाएगी....लेकिन इन जगहों पर 72 घंटे तक चलेंगे 500 और 1000 रुपये के नोट
उन्होंने कहा कि यह जानकारी गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए सभी को इसी समय एक साथ दी जा रही है. रिजर्व बैंक और अन्य बैंकों को बहुत कम समय में काफी व्यवस्था करनी है, इसलिए बुधवार को बैंक बंद रहेंगे. इसके कारण लोगों को कुछ परेशानियां पेश आएंगी, लेकिन मेरा आग्रह होगा कि देशहित में वे इन कठिनाइयों को नजरअंदाज करेंगे. हर देश के इतिहास में ऐसे क्षण आते हैं, जब व्यक्ति उस क्षण का हिस्सा बनना चाहता है और राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनना चाहता है. ऐसे गिने-चुने मौके आते हैं और यह ऐसा ही एक मौका है.
जानिए कैसे बदले जा सकते हैं 500-1000 रुपये के पुराने नोट
प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार देश में गहरी जड़ें जमा चुका है. भ्रष्टाचार, जाली मुद्रा और आतंकवाद नासूर बन चुका है और अर्थव्यवस्था को जकड़ लिया है. हमारे दुश्मन जाली नोटों के जरिये भारत में रैकेट चला रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयास से पिछले ढाई साल के दौरान 1.25 लाख करोड़ रुपये के काला धन का पता लगाया गया है.परेशान न हों अगर 500 और 1000 के नोट हैं आपके पास तो सबसे पहले ये 5 काम करें...
प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी राजनीतिक दल, सामाजिक एवं शैक्षणिक संगठन, मीडिया इसे सफल बनाने के लिए सरकार से भी बढ़कर कार्य करेंगे.टिप्पणियांयह हैं 500 और 2000 रुपये के नए नोट जो जल्द किए जाएंगे जारी...
प्रधानमंत्री ने कहा कि बैंकों और डाकघरों के कर्मचारी नई व्यवस्था को उपलब्ध समय में सफल बनाने के लिए पूरा जोर लगाएंगे. पीएम मोदी ने कहा कि चेक, बैंक ड्राफ्ट या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के भुगतान पूर्ववत रहेंगे और यह जारी रहेगा.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है, 30 दिसंबर तक 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बैंकों और डाकघरों में जमा कराए जा सकते हैं. कुछ कारणों से जो लोग 1,000 रुपये और 500 रुपये के नोट 30 दिसंबर तक जमा नहीं करा सकेंगे, वे लोग पहचान पत्र दिखाकर 31 मार्च, 2017 तक नोट बदलवा सकेंगे. 9 नवंबर को बैंकों में पब्लिक डीलिंग नहीं होगी.कल बैंक नहीं जाएं-लेनदेन नहीं होगा, अगले दो दिनों तक कुछ एटीएम भी काम नहीं करेंगे
पीएम मोदी ने कहा कि कुछ जगहों पर अगले दो दिनों तक एटीएम काम नहीं करेंगे.अस्पतालों, सार्वजनिक क्षेत्र के पेट्रोल पंपों एवं सीएनजी गैस स्टेशनों, रेल यात्रा टिकट काउंटरों, शवदाह गृहों, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को 11 नवंबर की मध्यरात्रि तक छूट रहेगी. दुग्ध बिक्री केंद्रों, पेट्रोल एवं सीएनजी स्टेशनों आदि को स्टॉक एवं ब्रिकी का रजिस्टर रखना होगा. अस्पताल में अगले 72 घंटे तक यह छूट उपलब्ध है. नए नोटों की आपूर्ति को ध्यान में रखते हुए पहले कुछ दिनों में प्रतिदिन 10,000 रुपये और प्रति सप्ताह 20,000 रुपये की सीमा होगी. बाद के दिनों में यह सीमा बढ़ाई जाएगी....लेकिन इन जगहों पर 72 घंटे तक चलेंगे 500 और 1000 रुपये के नोट
उन्होंने कहा कि यह जानकारी गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए सभी को इसी समय एक साथ दी जा रही है. रिजर्व बैंक और अन्य बैंकों को बहुत कम समय में काफी व्यवस्था करनी है, इसलिए बुधवार को बैंक बंद रहेंगे. इसके कारण लोगों को कुछ परेशानियां पेश आएंगी, लेकिन मेरा आग्रह होगा कि देशहित में वे इन कठिनाइयों को नजरअंदाज करेंगे. हर देश के इतिहास में ऐसे क्षण आते हैं, जब व्यक्ति उस क्षण का हिस्सा बनना चाहता है और राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनना चाहता है. ऐसे गिने-चुने मौके आते हैं और यह ऐसा ही एक मौका है.
जानिए कैसे बदले जा सकते हैं 500-1000 रुपये के पुराने नोट
प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार देश में गहरी जड़ें जमा चुका है. भ्रष्टाचार, जाली मुद्रा और आतंकवाद नासूर बन चुका है और अर्थव्यवस्था को जकड़ लिया है. हमारे दुश्मन जाली नोटों के जरिये भारत में रैकेट चला रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयास से पिछले ढाई साल के दौरान 1.25 लाख करोड़ रुपये के काला धन का पता लगाया गया है.परेशान न हों अगर 500 और 1000 के नोट हैं आपके पास तो सबसे पहले ये 5 काम करें...
प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी राजनीतिक दल, सामाजिक एवं शैक्षणिक संगठन, मीडिया इसे सफल बनाने के लिए सरकार से भी बढ़कर कार्य करेंगे.टिप्पणियांयह हैं 500 और 2000 रुपये के नए नोट जो जल्द किए जाएंगे जारी...
प्रधानमंत्री ने कहा कि बैंकों और डाकघरों के कर्मचारी नई व्यवस्था को उपलब्ध समय में सफल बनाने के लिए पूरा जोर लगाएंगे. पीएम मोदी ने कहा कि चेक, बैंक ड्राफ्ट या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के भुगतान पूर्ववत रहेंगे और यह जारी रहेगा.
कल बैंक नहीं जाएं-लेनदेन नहीं होगा, अगले दो दिनों तक कुछ एटीएम भी काम नहीं करेंगे
पीएम मोदी ने कहा कि कुछ जगहों पर अगले दो दिनों तक एटीएम काम नहीं करेंगे.अस्पतालों, सार्वजनिक क्षेत्र के पेट्रोल पंपों एवं सीएनजी गैस स्टेशनों, रेल यात्रा टिकट काउंटरों, शवदाह गृहों, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को 11 नवंबर की मध्यरात्रि तक छूट रहेगी. दुग्ध बिक्री केंद्रों, पेट्रोल एवं सीएनजी स्टेशनों आदि को स्टॉक एवं ब्रिकी का रजिस्टर रखना होगा. अस्पताल में अगले 72 घंटे तक यह छूट उपलब्ध है. नए नोटों की आपूर्ति को ध्यान में रखते हुए पहले कुछ दिनों में प्रतिदिन 10,000 रुपये और प्रति सप्ताह 20,000 रुपये की सीमा होगी. बाद के दिनों में यह सीमा बढ़ाई जाएगी....लेकिन इन जगहों पर 72 घंटे तक चलेंगे 500 और 1000 रुपये के नोट
उन्होंने कहा कि यह जानकारी गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए सभी को इसी समय एक साथ दी जा रही है. रिजर्व बैंक और अन्य बैंकों को बहुत कम समय में काफी व्यवस्था करनी है, इसलिए बुधवार को बैंक बंद रहेंगे. इसके कारण लोगों को कुछ परेशानियां पेश आएंगी, लेकिन मेरा आग्रह होगा कि देशहित में वे इन कठिनाइयों को नजरअंदाज करेंगे. हर देश के इतिहास में ऐसे क्षण आते हैं, जब व्यक्ति उस क्षण का हिस्सा बनना चाहता है और राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनना चाहता है. ऐसे गिने-चुने मौके आते हैं और यह ऐसा ही एक मौका है.
जानिए कैसे बदले जा सकते हैं 500-1000 रुपये के पुराने नोट
प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार देश में गहरी जड़ें जमा चुका है. भ्रष्टाचार, जाली मुद्रा और आतंकवाद नासूर बन चुका है और अर्थव्यवस्था को जकड़ लिया है. हमारे दुश्मन जाली नोटों के जरिये भारत में रैकेट चला रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयास से पिछले ढाई साल के दौरान 1.25 लाख करोड़ रुपये के काला धन का पता लगाया गया है.परेशान न हों अगर 500 और 1000 के नोट हैं आपके पास तो सबसे पहले ये 5 काम करें...
प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी राजनीतिक दल, सामाजिक एवं शैक्षणिक संगठन, मीडिया इसे सफल बनाने के लिए सरकार से भी बढ़कर कार्य करेंगे.टिप्पणियांयह हैं 500 और 2000 रुपये के नए नोट जो जल्द किए जाएंगे जारी...
प्रधानमंत्री ने कहा कि बैंकों और डाकघरों के कर्मचारी नई व्यवस्था को उपलब्ध समय में सफल बनाने के लिए पूरा जोर लगाएंगे. पीएम मोदी ने कहा कि चेक, बैंक ड्राफ्ट या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के भुगतान पूर्ववत रहेंगे और यह जारी रहेगा.
पीएम मोदी ने कहा कि कुछ जगहों पर अगले दो दिनों तक एटीएम काम नहीं करेंगे.अस्पतालों, सार्वजनिक क्षेत्र के पेट्रोल पंपों एवं सीएनजी गैस स्टेशनों, रेल यात्रा टिकट काउंटरों, शवदाह गृहों, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को 11 नवंबर की मध्यरात्रि तक छूट रहेगी. दुग्ध बिक्री केंद्रों, पेट्रोल एवं सीएनजी स्टेशनों आदि को स्टॉक एवं ब्रिकी का रजिस्टर रखना होगा. अस्पताल में अगले 72 घंटे तक यह छूट उपलब्ध है. नए नोटों की आपूर्ति को ध्यान में रखते हुए पहले कुछ दिनों में प्रतिदिन 10,000 रुपये और प्रति सप्ताह 20,000 रुपये की सीमा होगी. बाद के दिनों में यह सीमा बढ़ाई जाएगी....लेकिन इन जगहों पर 72 घंटे तक चलेंगे 500 और 1000 रुपये के नोट
उन्होंने कहा कि यह जानकारी गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए सभी को इसी समय एक साथ दी जा रही है. रिजर्व बैंक और अन्य बैंकों को बहुत कम समय में काफी व्यवस्था करनी है, इसलिए बुधवार को बैंक बंद रहेंगे. इसके कारण लोगों को कुछ परेशानियां पेश आएंगी, लेकिन मेरा आग्रह होगा कि देशहित में वे इन कठिनाइयों को नजरअंदाज करेंगे. हर देश के इतिहास में ऐसे क्षण आते हैं, जब व्यक्ति उस क्षण का हिस्सा बनना चाहता है और राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनना चाहता है. ऐसे गिने-चुने मौके आते हैं और यह ऐसा ही एक मौका है.
जानिए कैसे बदले जा सकते हैं 500-1000 रुपये के पुराने नोट
प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार देश में गहरी जड़ें जमा चुका है. भ्रष्टाचार, जाली मुद्रा और आतंकवाद नासूर बन चुका है और अर्थव्यवस्था को जकड़ लिया है. हमारे दुश्मन जाली नोटों के जरिये भारत में रैकेट चला रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयास से पिछले ढाई साल के दौरान 1.25 लाख करोड़ रुपये के काला धन का पता लगाया गया है.परेशान न हों अगर 500 और 1000 के नोट हैं आपके पास तो सबसे पहले ये 5 काम करें...
प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी राजनीतिक दल, सामाजिक एवं शैक्षणिक संगठन, मीडिया इसे सफल बनाने के लिए सरकार से भी बढ़कर कार्य करेंगे.टिप्पणियांयह हैं 500 और 2000 रुपये के नए नोट जो जल्द किए जाएंगे जारी...
प्रधानमंत्री ने कहा कि बैंकों और डाकघरों के कर्मचारी नई व्यवस्था को उपलब्ध समय में सफल बनाने के लिए पूरा जोर लगाएंगे. पीएम मोदी ने कहा कि चेक, बैंक ड्राफ्ट या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के भुगतान पूर्ववत रहेंगे और यह जारी रहेगा.
...लेकिन इन जगहों पर 72 घंटे तक चलेंगे 500 और 1000 रुपये के नोट
उन्होंने कहा कि यह जानकारी गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए सभी को इसी समय एक साथ दी जा रही है. रिजर्व बैंक और अन्य बैंकों को बहुत कम समय में काफी व्यवस्था करनी है, इसलिए बुधवार को बैंक बंद रहेंगे. इसके कारण लोगों को कुछ परेशानियां पेश आएंगी, लेकिन मेरा आग्रह होगा कि देशहित में वे इन कठिनाइयों को नजरअंदाज करेंगे. हर देश के इतिहास में ऐसे क्षण आते हैं, जब व्यक्ति उस क्षण का हिस्सा बनना चाहता है और राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनना चाहता है. ऐसे गिने-चुने मौके आते हैं और यह ऐसा ही एक मौका है.
जानिए कैसे बदले जा सकते हैं 500-1000 रुपये के पुराने नोट
प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार देश में गहरी जड़ें जमा चुका है. भ्रष्टाचार, जाली मुद्रा और आतंकवाद नासूर बन चुका है और अर्थव्यवस्था को जकड़ लिया है. हमारे दुश्मन जाली नोटों के जरिये भारत में रैकेट चला रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयास से पिछले ढाई साल के दौरान 1.25 लाख करोड़ रुपये के काला धन का पता लगाया गया है.परेशान न हों अगर 500 और 1000 के नोट हैं आपके पास तो सबसे पहले ये 5 काम करें...
प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी राजनीतिक दल, सामाजिक एवं शैक्षणिक संगठन, मीडिया इसे सफल बनाने के लिए सरकार से भी बढ़कर कार्य करेंगे.टिप्पणियांयह हैं 500 और 2000 रुपये के नए नोट जो जल्द किए जाएंगे जारी...
प्रधानमंत्री ने कहा कि बैंकों और डाकघरों के कर्मचारी नई व्यवस्था को उपलब्ध समय में सफल बनाने के लिए पूरा जोर लगाएंगे. पीएम मोदी ने कहा कि चेक, बैंक ड्राफ्ट या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के भुगतान पूर्ववत रहेंगे और यह जारी रहेगा.
उन्होंने कहा कि यह जानकारी गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए सभी को इसी समय एक साथ दी जा रही है. रिजर्व बैंक और अन्य बैंकों को बहुत कम समय में काफी व्यवस्था करनी है, इसलिए बुधवार को बैंक बंद रहेंगे. इसके कारण लोगों को कुछ परेशानियां पेश आएंगी, लेकिन मेरा आग्रह होगा कि देशहित में वे इन कठिनाइयों को नजरअंदाज करेंगे. हर देश के इतिहास में ऐसे क्षण आते हैं, जब व्यक्ति उस क्षण का हिस्सा बनना चाहता है और राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनना चाहता है. ऐसे गिने-चुने मौके आते हैं और यह ऐसा ही एक मौका है.
जानिए कैसे बदले जा सकते हैं 500-1000 रुपये के पुराने नोट
प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार देश में गहरी जड़ें जमा चुका है. भ्रष्टाचार, जाली मुद्रा और आतंकवाद नासूर बन चुका है और अर्थव्यवस्था को जकड़ लिया है. हमारे दुश्मन जाली नोटों के जरिये भारत में रैकेट चला रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयास से पिछले ढाई साल के दौरान 1.25 लाख करोड़ रुपये के काला धन का पता लगाया गया है.परेशान न हों अगर 500 और 1000 के नोट हैं आपके पास तो सबसे पहले ये 5 काम करें...
प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी राजनीतिक दल, सामाजिक एवं शैक्षणिक संगठन, मीडिया इसे सफल बनाने के लिए सरकार से भी बढ़कर कार्य करेंगे.टिप्पणियांयह हैं 500 और 2000 रुपये के नए नोट जो जल्द किए जाएंगे जारी...
प्रधानमंत्री ने कहा कि बैंकों और डाकघरों के कर्मचारी नई व्यवस्था को उपलब्ध समय में सफल बनाने के लिए पूरा जोर लगाएंगे. पीएम मोदी ने कहा कि चेक, बैंक ड्राफ्ट या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के भुगतान पूर्ववत रहेंगे और यह जारी रहेगा.
जानिए कैसे बदले जा सकते हैं 500-1000 रुपये के पुराने नोट
प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार देश में गहरी जड़ें जमा चुका है. भ्रष्टाचार, जाली मुद्रा और आतंकवाद नासूर बन चुका है और अर्थव्यवस्था को जकड़ लिया है. हमारे दुश्मन जाली नोटों के जरिये भारत में रैकेट चला रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयास से पिछले ढाई साल के दौरान 1.25 लाख करोड़ रुपये के काला धन का पता लगाया गया है.परेशान न हों अगर 500 और 1000 के नोट हैं आपके पास तो सबसे पहले ये 5 काम करें...
प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी राजनीतिक दल, सामाजिक एवं शैक्षणिक संगठन, मीडिया इसे सफल बनाने के लिए सरकार से भी बढ़कर कार्य करेंगे.टिप्पणियांयह हैं 500 और 2000 रुपये के नए नोट जो जल्द किए जाएंगे जारी...
प्रधानमंत्री ने कहा कि बैंकों और डाकघरों के कर्मचारी नई व्यवस्था को उपलब्ध समय में सफल बनाने के लिए पूरा जोर लगाएंगे. पीएम मोदी ने कहा कि चेक, बैंक ड्राफ्ट या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के भुगतान पूर्ववत रहेंगे और यह जारी रहेगा.
प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार देश में गहरी जड़ें जमा चुका है. भ्रष्टाचार, जाली मुद्रा और आतंकवाद नासूर बन चुका है और अर्थव्यवस्था को जकड़ लिया है. हमारे दुश्मन जाली नोटों के जरिये भारत में रैकेट चला रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयास से पिछले ढाई साल के दौरान 1.25 लाख करोड़ रुपये के काला धन का पता लगाया गया है.
प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी राजनीतिक दल, सामाजिक एवं शैक्षणिक संगठन, मीडिया इसे सफल बनाने के लिए सरकार से भी बढ़कर कार्य करेंगे.टिप्पणियांयह हैं 500 और 2000 रुपये के नए नोट जो जल्द किए जाएंगे जारी...
प्रधानमंत्री ने कहा कि बैंकों और डाकघरों के कर्मचारी नई व्यवस्था को उपलब्ध समय में सफल बनाने के लिए पूरा जोर लगाएंगे. पीएम मोदी ने कहा कि चेक, बैंक ड्राफ्ट या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के भुगतान पूर्ववत रहेंगे और यह जारी रहेगा.
यह हैं 500 और 2000 रुपये के नए नोट जो जल्द किए जाएंगे जारी...
प्रधानमंत्री ने कहा कि बैंकों और डाकघरों के कर्मचारी नई व्यवस्था को उपलब्ध समय में सफल बनाने के लिए पूरा जोर लगाएंगे. पीएम मोदी ने कहा कि चेक, बैंक ड्राफ्ट या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के भुगतान पूर्ववत रहेंगे और यह जारी रहेगा.
प्रधानमंत्री ने कहा कि बैंकों और डाकघरों के कर्मचारी नई व्यवस्था को उपलब्ध समय में सफल बनाने के लिए पूरा जोर लगाएंगे. पीएम मोदी ने कहा कि चेक, बैंक ड्राफ्ट या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के भुगतान पूर्ववत रहेंगे और यह जारी रहेगा. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पहचान पत्र दिखाकर 31 मार्च, 2017 तक नोट बदलवा सकेंगे
कुछ जगहों पर दो दिनों तक एटीएम काम नहीं करेंगे
9 नवंबर को बैंकों में पब्लिक डीलिंग नहीं होगी | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन के अगले स्वरूप को लेकर अन्ना हजारे और उनकी पूर्ववर्ती टीम की हुई बैठक विफल हो गई और हजारे ने टीम के टूटने की औपचारिक घोषणा की।
बैठक के बाद हजारे ने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि टीम अलग हो गई है। मैं किसी पार्टी या समूह में शामिल नहीं होऊंगा। मैं उनके प्रचार अभियान में शामिल नहीं होऊंगा। मैंने उन्हें अपना फोटो और नाम के इस्तेमाल से मना कर दिया है। आप खुद से लड़िए।’
गौरतलब है कि हजारे और उनकी पूर्ववर्ती टीम ने पिछले साल मौजूदा सरकार पर यह आरोप लगाया था कि वह करोड़ों रुपये खर्च कर उन्हें तोड़ने की कोशिश में लगी है लेकिन आज भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के अगले स्वरूप को लेकर हुई बैठक में अन्ना की अगुवाई वाला ‘टीम अन्ना’ आंदोलन बिखर गया।
अन्ना के नेतृत्व में यहां जंतर-मंतर पर भ्रष्टाचार के विरूद्ध पहला अनशन 2011 में अप्रैल महीने में हुआ था। टिप्पणियां
केजरीवाल पर हमला करते हुए हजारे ने कहा कि अगर जनता का भारी समर्थन राजनीतिक दल के गठन के पक्ष में था तो फिर आज की बैठक बुलाई ही क्यों।
बंद कमरे में यहां नौ घंटे से ज्यादा चली बैठक के बाद हजारे ने कहा कि केजरीवाल और उनके रास्ते अलग हो गए हैं। उन्होंने केजरीवाल को नई पार्टी की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा, ‘कुछ लोगों को लगता है कि पार्टी बनाने से भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा सकती है लेकिन मैं पहले से कहता रहा हूं कि चुनाव नहीं लड़ूंगा और उन्हें मेरी शुभकामनाएं रहेंगी।’
बैठक के बाद हजारे ने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि टीम अलग हो गई है। मैं किसी पार्टी या समूह में शामिल नहीं होऊंगा। मैं उनके प्रचार अभियान में शामिल नहीं होऊंगा। मैंने उन्हें अपना फोटो और नाम के इस्तेमाल से मना कर दिया है। आप खुद से लड़िए।’
गौरतलब है कि हजारे और उनकी पूर्ववर्ती टीम ने पिछले साल मौजूदा सरकार पर यह आरोप लगाया था कि वह करोड़ों रुपये खर्च कर उन्हें तोड़ने की कोशिश में लगी है लेकिन आज भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के अगले स्वरूप को लेकर हुई बैठक में अन्ना की अगुवाई वाला ‘टीम अन्ना’ आंदोलन बिखर गया।
अन्ना के नेतृत्व में यहां जंतर-मंतर पर भ्रष्टाचार के विरूद्ध पहला अनशन 2011 में अप्रैल महीने में हुआ था। टिप्पणियां
केजरीवाल पर हमला करते हुए हजारे ने कहा कि अगर जनता का भारी समर्थन राजनीतिक दल के गठन के पक्ष में था तो फिर आज की बैठक बुलाई ही क्यों।
बंद कमरे में यहां नौ घंटे से ज्यादा चली बैठक के बाद हजारे ने कहा कि केजरीवाल और उनके रास्ते अलग हो गए हैं। उन्होंने केजरीवाल को नई पार्टी की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा, ‘कुछ लोगों को लगता है कि पार्टी बनाने से भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा सकती है लेकिन मैं पहले से कहता रहा हूं कि चुनाव नहीं लड़ूंगा और उन्हें मेरी शुभकामनाएं रहेंगी।’
गौरतलब है कि हजारे और उनकी पूर्ववर्ती टीम ने पिछले साल मौजूदा सरकार पर यह आरोप लगाया था कि वह करोड़ों रुपये खर्च कर उन्हें तोड़ने की कोशिश में लगी है लेकिन आज भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के अगले स्वरूप को लेकर हुई बैठक में अन्ना की अगुवाई वाला ‘टीम अन्ना’ आंदोलन बिखर गया।
अन्ना के नेतृत्व में यहां जंतर-मंतर पर भ्रष्टाचार के विरूद्ध पहला अनशन 2011 में अप्रैल महीने में हुआ था। टिप्पणियां
केजरीवाल पर हमला करते हुए हजारे ने कहा कि अगर जनता का भारी समर्थन राजनीतिक दल के गठन के पक्ष में था तो फिर आज की बैठक बुलाई ही क्यों।
बंद कमरे में यहां नौ घंटे से ज्यादा चली बैठक के बाद हजारे ने कहा कि केजरीवाल और उनके रास्ते अलग हो गए हैं। उन्होंने केजरीवाल को नई पार्टी की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा, ‘कुछ लोगों को लगता है कि पार्टी बनाने से भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा सकती है लेकिन मैं पहले से कहता रहा हूं कि चुनाव नहीं लड़ूंगा और उन्हें मेरी शुभकामनाएं रहेंगी।’
अन्ना के नेतृत्व में यहां जंतर-मंतर पर भ्रष्टाचार के विरूद्ध पहला अनशन 2011 में अप्रैल महीने में हुआ था। टिप्पणियां
केजरीवाल पर हमला करते हुए हजारे ने कहा कि अगर जनता का भारी समर्थन राजनीतिक दल के गठन के पक्ष में था तो फिर आज की बैठक बुलाई ही क्यों।
बंद कमरे में यहां नौ घंटे से ज्यादा चली बैठक के बाद हजारे ने कहा कि केजरीवाल और उनके रास्ते अलग हो गए हैं। उन्होंने केजरीवाल को नई पार्टी की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा, ‘कुछ लोगों को लगता है कि पार्टी बनाने से भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा सकती है लेकिन मैं पहले से कहता रहा हूं कि चुनाव नहीं लड़ूंगा और उन्हें मेरी शुभकामनाएं रहेंगी।’
केजरीवाल पर हमला करते हुए हजारे ने कहा कि अगर जनता का भारी समर्थन राजनीतिक दल के गठन के पक्ष में था तो फिर आज की बैठक बुलाई ही क्यों।
बंद कमरे में यहां नौ घंटे से ज्यादा चली बैठक के बाद हजारे ने कहा कि केजरीवाल और उनके रास्ते अलग हो गए हैं। उन्होंने केजरीवाल को नई पार्टी की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा, ‘कुछ लोगों को लगता है कि पार्टी बनाने से भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा सकती है लेकिन मैं पहले से कहता रहा हूं कि चुनाव नहीं लड़ूंगा और उन्हें मेरी शुभकामनाएं रहेंगी।’
बंद कमरे में यहां नौ घंटे से ज्यादा चली बैठक के बाद हजारे ने कहा कि केजरीवाल और उनके रास्ते अलग हो गए हैं। उन्होंने केजरीवाल को नई पार्टी की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा, ‘कुछ लोगों को लगता है कि पार्टी बनाने से भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा सकती है लेकिन मैं पहले से कहता रहा हूं कि चुनाव नहीं लड़ूंगा और उन्हें मेरी शुभकामनाएं रहेंगी।’ | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन के अगले स्वरूप को लेकर अन्ना हजारे और उनकी पूर्ववर्ती टीम की हुई बैठक विफल हो गई और हजारे ने टीम के टूटने की औपचारिक घोषणा की। | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: Teeth Whitening Tips In Hindi: 4 मिनट में पीले दांत सफेद (White Teeth) चमकदार हो जाते हैं? सफेद दांत का सबसे अच्छा तरीका क्या है? सफेद दांत पाने के लिए घरेलू उपाय? पीले दांतों को सफेद कैसे चमकाएं? दांत साफ करने वाली दवा के बारे में लोग अक्सर पूछते रहते हैं. तो चलिए आज तलाशते हैं इन्हीं सवालों के जवाब... पीले दांतों को सफेद बनाने के लिए अपनाएं तरीके अगर आप जानना चाहते हैं तो यह लेख आपके लिए है. आपकी रसोई में रखे सरसों के तेल से ही 2 मिनट में आप दूर कर सकते हैं दांतों का पीलापन. तो चलिए आज हम आपको बतो हैं दांतों की सफाई के नुस्खे और दांत साफ करने का आसान तरीका, जिसमें आपको जरूरत है तो बस अपनी रसोई की ओर रुख करने की. चलिए जानते हैं कि पीले दांतों को कैसे चमकाएं और क्या हैं दांत साफ करने के आसान नुस्खे.
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पीले दांतों को सफेद करने का नुस्खा नंबर 1
अगर आपके दांत पीले हो गए हैं और उनमें कीड़ा भी लगा है, तो यकीनन आप अपने दांतों को लेकर चिंतित होंगे. लेकिन अब चिंता छोड़ें और यह नुस्खा अपनाए. इसके लिए आपको नारियल तेल लेना है. एक चम्मच नारियल तेल को अपने मुंह में 15 से 20 मिनट तक रखें. इसके बाद ब्रश कर लें. कुछ ही दिनों में दांत मोतियों से चमकने लगेंगे.
Teeth Whitening Tips: पीले दांतों को सफेद करने के लिए आप अपनी रसोई में मौजूद चीजों को इस्तेमाल कर सकते हैं.Photo Credit: iStock
कैल्शियम आपके दांतों के लिए बहुत जरूरी है. इसलिए यह नुस्खा आपको आदतों में बदलाव की सलाह देगा. यह नुस्खा आपकी पूरी सेहत के लिए फायदेमंद है. इस नुस्खे में हम आपको सलाह देते हैं अच्छे, विटामिन और पोषण से भरपूर आहार लेने की. दांतों का पीलापन कई बार शरीर में पोषण की कमी या कैल्शियम की कमी के चलते भी हो सकती है. ऐसे में आप कितने ही नुस्खे या उपाय कर लें आपके दांत सफेद नहीं होगे. तो आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आप आहार में विटामिन डी और कैल्शियम से भरपूर आहार लें.
अगर दांतों को लंबे समय तक रखना है मजबूत...
पीले दांतों को सफेद करने के लिए आप रसोई में रखी हींग का उपयोग कर सकते हैं. इसके लिए आपको करना बस यह है कि हींग पाउडर को पानी में उबा कर ठंड़ा कर लें. अब दिन में दो बार इससे कुल्ला करें. यह नुस्खा दांत के दर्द को भी कम करता है.
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रसोई में रखा बेकिंग सोडा भी दांतों का पीलापन दूर कर सकता है. आप बेकिंग सोडा को दांतों पर रगड़ने सकते हैं या फिर इसे टूथपेस्ट में मिलाकर ब्रश कर सकते हैं. आप चाहें तो इसमें नमक भी एड कर सकते हैं. यह पीले दांतों को सफेद करने का सबसे प्रचलित तरीका है.
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पीले दांतों को कैसे चमकाएं और क्या हैं दांत साफ करने के आसान नुस्खे.
कैल्शियम आपके दांतों के लिए बहुत जरूरी है. | 5 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति 26 मार्च को समाप्त हुए सप्ताह में घटकर चार महीने के निचले स्तर 9.18 प्रतिशत पर आ गई। इससे पिछले सप्ताह में खाद्य मुद्रास्फीति 9.50 प्रतिशत थी। खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति पिछली बार गत वर्ष 27 नवंबर को समाप्त हुए सप्ताह में इस स्तर से नीचे थी। साप्ताहिक आधार पर खाद्य मुद्रास्फीति में इस गिरावट के बावजूद साल दर साल आधार पर खाने-पीने की चीजें अब भी ऊंची बनी हुई है। समीक्षाधीन सप्ताह में फल एक साल पहले की तुलना में 25.40 प्रतिशत तक महंगे रहे। इसी तरह, अंडा, मीट और मछली 12.80 प्रतिशत और दूध के दाम पिछले साल इसी समय की तुलना में 3.87 प्रतिशत ऊंचे थे। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान दालों की कीमतें सालाना आधार पर 5.39 प्रतिशत तक नीचे रहीं। वार्षिक आधार पर, अनाज की कीमत 3.62 प्रतिशत बढ़ी, जबकि चावल और गेहूं की कीमतों में क्रमश: 2.08 प्रतिशत और 0.29 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं सब्जियों के दाम 11.41 प्रतिशत बढ़े। इसी तरह, आलू भी 5.30 प्रतिशत और प्याज के दाम 8.48 प्रतिशत ऊंचे थे। सप्ताह के दौरान गैर-खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति 27.56 प्रतिशत रही। उल्लेखनीय है कि पिछले वित्तवर्ष में ज्यादातर समय खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति 10 प्रतिशत से ऊपर रही। फरवरी के अंतिम सप्ताह से इसमें नरमी का रुख बना हुआ है। | संक्षिप्त पाठ: खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति 26 मार्च को समाप्त सप्ताह में घटकर 4 महीने के निचले स्तर 9.18% पर आ गई। पिछले सप्ताह में यह दर 9.50% थी। | 14 | ['hin'] |
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मुख्य आहार विशेषज्ञ पवित्रा एन राज बताती हैं, "आंवला विटामिन सी का एक अच्छा स्रोत है और प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने में मदद करता है. आंवला में हाइपोलिपिडेमिक गुण होते हैं, जो फैटी लीवर और हाइपरकोलेस्टेरोलेमिक को कम करते हैं. यह मेटाबॉलिज्म (Metabolism) यानी चयापचय में सुधार करता है और वजन कम करता है और मोटापे को रोकता है. बेहतर चयापचय का मतलब है संतुलित वजन.
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आंवला फाइबर से भरपूर होता है, जो आपके शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है, पेट को स्वस्थ रखता है, कब्ज से राहत दिलाता है और इस तरह वजन कम करने में मदद करता है. आंवला में क्रोमियम सामग्री रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने और मधुमेह और मधुमेह के रोगियों के वजन बढ़ने से रोकने में मदद करती है. आंवला में मौजूद पॉलीफेनोल सामग्री कैंसर कोशिकाओं के विकास से लड़ने में मदद करती है.''
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आहार विशेषज्ञ पवित्रा ने वजन घटाने के लिए आंवले के रस का सेवन करने के सही तरीकों के बारे में बताया. कैसे आंवला जूस से आप कम कर सकते हैं. चलिए जानते हैं - "दो चम्मच (10 ग्राम) आंवले के रस का रोजाना सेवन किया जा सकता है. या तो इसे जूस या पाउडर मिक्स पानी के साथ लिया जा सकता है. रोजाना शरीर को डिटॉक्स करने के लिए खाली पेट आंवले के रस का सेवन किया जा सकता है. लेकिन यह एसिडिटी को भी ट्रिगर कर सकता है. इसलिए अगर कोई भी संवेदनशील है, तो पहले दो से तीन गिलास पानी लेने के बाद ही इसे लें. आप रस में पानी मिलाकर भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं."
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Weight Loss Drink: तेजी से वजन घटाने के लिए थोड़ा सा आंवला जूस रोज लें.Photo Credit: iStock
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आंवला जूस निश्चित रूप से वजन घटाने की प्रक्रिया (weight loss process) को तेज करेगा. आंवला के रस के सेवन से आपको बेहतर त्वचा और बालों का स्वास्थ्य भी नजर आएगा. प्रभावी रूप से यानी तेजी से वजन घटाने के लिए, आपको अपनी दिनचर्या में सही व्यायाम को शामिल करना होगा. व्यायाम आपको कैलोरी जलाने में मदद करेगा और आंवले का रस प्रक्रिया को बढ़ाएगा और आपके वजन घटाने के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करेगा.
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(पवित्रा एन राज, मुख्य आहार विशेषज्ञ, कोलंबिया एशिया रेफरल अस्पताल यशवंतपुर)
(अस्वीकरण: यहां दी गई सामग्री या सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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आवला जूस वजन कम करने में (Amla Juice For Weight Loss) मददगार होता है.
खाली पेट आंवले के रस का सेवन किया जा सकता है. | 9 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार में कांग्रेस पार्टी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समर्थन में खुलकर सामने आई है. हालांकि कांग्रेस के बयान से भी कयास और बढ़ गए हैं कि महागठबंधन में दरार और बढ़ेगी.
बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष और शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने दो टूक शब्दों में एक तरफ नीतीश कुमार का समर्थन किया, वहीं राष्ट्रीय जनता दल को कहा कि उन्हें नीतीश पसंद नहीं हैं तो वो गठबंधन से बाहर जा सकते हैं .अशोक चौधरी का मानना है कि राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता ख़ासकर रघुवंश प्रसाद सिंह नीतीश को निशाने पर रखकर बयान देते हैं. उससे सरकार की किरकिरी होती हैं और विपक्ष को बैठे-बिठाए मुद्दा मिल जाता है. हालांकि कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के इस बयान के बाद राष्ट्रीय जनता दल को एक राजनीतिक झटका लगा हैं.
वहीं, पटना पहुंचे राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने कहा कि नीतीश कुमार महागठबंधन के नेता हैं. रघुवंश के बयान पर उन्होंने कहा कि उन्हें मालूम नहीं कि बार-बार मना करने पर भी वो ऐसे बयान क्यों देते हैं और उनसे बुलाकर बात करेंगे.
लेकिन लालू यादव सीवान के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के उस बयान पर कुछ नहीं बोले जो उन्होंने जेल से निकलने के बाद नीतीश कुमार के बारे में कहा था की वो परिस्थितियों के नेता हैं और उनका बचाव करते हुए कहा कि अगर उन्होंने अपने नेता को लेकर कुछ बोला हैं तो क्या ग़लत हैं? निश्चित रूप से लालू न नीतीश को नाराज़ करना चाहते हैं और न ही शहाबुद्दीन को.टिप्पणियां
इसी बीच, राष्ट्रीय जनता दल के एक विधायक महेश्वर यादव ने नीतीश का समर्थन करते हुए बयान दिया कि जिन लोगों के आदर्श शहाबुद्दीन बने हैं.. वो उन्हें मुबारक, लेकिन उनके जैसे लोगों के लिए नीतीश कुमार आदर्श हैं. महेश्वर ने अपने बयान में कहा हैं कि जो लोग नीतीश कुमार की सत्ता की नाव डूबाने में लगे हैं, ख़ामियाज़ा ज़्यादा उन्हीं लोगों को उठाना पड़ेगा.
उधर, मंगलवार को नीतीश कुमार इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोले. लेकिन तय हैं कि अपने ऊपर हमले के बाद आने वाले दिनों में शहाबुद्दीन के प्रति उनका रूख और कड़ा रहेगा.
बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष और शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने दो टूक शब्दों में एक तरफ नीतीश कुमार का समर्थन किया, वहीं राष्ट्रीय जनता दल को कहा कि उन्हें नीतीश पसंद नहीं हैं तो वो गठबंधन से बाहर जा सकते हैं .अशोक चौधरी का मानना है कि राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता ख़ासकर रघुवंश प्रसाद सिंह नीतीश को निशाने पर रखकर बयान देते हैं. उससे सरकार की किरकिरी होती हैं और विपक्ष को बैठे-बिठाए मुद्दा मिल जाता है. हालांकि कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के इस बयान के बाद राष्ट्रीय जनता दल को एक राजनीतिक झटका लगा हैं.
वहीं, पटना पहुंचे राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने कहा कि नीतीश कुमार महागठबंधन के नेता हैं. रघुवंश के बयान पर उन्होंने कहा कि उन्हें मालूम नहीं कि बार-बार मना करने पर भी वो ऐसे बयान क्यों देते हैं और उनसे बुलाकर बात करेंगे.
लेकिन लालू यादव सीवान के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के उस बयान पर कुछ नहीं बोले जो उन्होंने जेल से निकलने के बाद नीतीश कुमार के बारे में कहा था की वो परिस्थितियों के नेता हैं और उनका बचाव करते हुए कहा कि अगर उन्होंने अपने नेता को लेकर कुछ बोला हैं तो क्या ग़लत हैं? निश्चित रूप से लालू न नीतीश को नाराज़ करना चाहते हैं और न ही शहाबुद्दीन को.टिप्पणियां
इसी बीच, राष्ट्रीय जनता दल के एक विधायक महेश्वर यादव ने नीतीश का समर्थन करते हुए बयान दिया कि जिन लोगों के आदर्श शहाबुद्दीन बने हैं.. वो उन्हें मुबारक, लेकिन उनके जैसे लोगों के लिए नीतीश कुमार आदर्श हैं. महेश्वर ने अपने बयान में कहा हैं कि जो लोग नीतीश कुमार की सत्ता की नाव डूबाने में लगे हैं, ख़ामियाज़ा ज़्यादा उन्हीं लोगों को उठाना पड़ेगा.
उधर, मंगलवार को नीतीश कुमार इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोले. लेकिन तय हैं कि अपने ऊपर हमले के बाद आने वाले दिनों में शहाबुद्दीन के प्रति उनका रूख और कड़ा रहेगा.
वहीं, पटना पहुंचे राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने कहा कि नीतीश कुमार महागठबंधन के नेता हैं. रघुवंश के बयान पर उन्होंने कहा कि उन्हें मालूम नहीं कि बार-बार मना करने पर भी वो ऐसे बयान क्यों देते हैं और उनसे बुलाकर बात करेंगे.
लेकिन लालू यादव सीवान के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के उस बयान पर कुछ नहीं बोले जो उन्होंने जेल से निकलने के बाद नीतीश कुमार के बारे में कहा था की वो परिस्थितियों के नेता हैं और उनका बचाव करते हुए कहा कि अगर उन्होंने अपने नेता को लेकर कुछ बोला हैं तो क्या ग़लत हैं? निश्चित रूप से लालू न नीतीश को नाराज़ करना चाहते हैं और न ही शहाबुद्दीन को.टिप्पणियां
इसी बीच, राष्ट्रीय जनता दल के एक विधायक महेश्वर यादव ने नीतीश का समर्थन करते हुए बयान दिया कि जिन लोगों के आदर्श शहाबुद्दीन बने हैं.. वो उन्हें मुबारक, लेकिन उनके जैसे लोगों के लिए नीतीश कुमार आदर्श हैं. महेश्वर ने अपने बयान में कहा हैं कि जो लोग नीतीश कुमार की सत्ता की नाव डूबाने में लगे हैं, ख़ामियाज़ा ज़्यादा उन्हीं लोगों को उठाना पड़ेगा.
उधर, मंगलवार को नीतीश कुमार इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोले. लेकिन तय हैं कि अपने ऊपर हमले के बाद आने वाले दिनों में शहाबुद्दीन के प्रति उनका रूख और कड़ा रहेगा.
लेकिन लालू यादव सीवान के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के उस बयान पर कुछ नहीं बोले जो उन्होंने जेल से निकलने के बाद नीतीश कुमार के बारे में कहा था की वो परिस्थितियों के नेता हैं और उनका बचाव करते हुए कहा कि अगर उन्होंने अपने नेता को लेकर कुछ बोला हैं तो क्या ग़लत हैं? निश्चित रूप से लालू न नीतीश को नाराज़ करना चाहते हैं और न ही शहाबुद्दीन को.टिप्पणियां
इसी बीच, राष्ट्रीय जनता दल के एक विधायक महेश्वर यादव ने नीतीश का समर्थन करते हुए बयान दिया कि जिन लोगों के आदर्श शहाबुद्दीन बने हैं.. वो उन्हें मुबारक, लेकिन उनके जैसे लोगों के लिए नीतीश कुमार आदर्श हैं. महेश्वर ने अपने बयान में कहा हैं कि जो लोग नीतीश कुमार की सत्ता की नाव डूबाने में लगे हैं, ख़ामियाज़ा ज़्यादा उन्हीं लोगों को उठाना पड़ेगा.
उधर, मंगलवार को नीतीश कुमार इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोले. लेकिन तय हैं कि अपने ऊपर हमले के बाद आने वाले दिनों में शहाबुद्दीन के प्रति उनका रूख और कड़ा रहेगा.
इसी बीच, राष्ट्रीय जनता दल के एक विधायक महेश्वर यादव ने नीतीश का समर्थन करते हुए बयान दिया कि जिन लोगों के आदर्श शहाबुद्दीन बने हैं.. वो उन्हें मुबारक, लेकिन उनके जैसे लोगों के लिए नीतीश कुमार आदर्श हैं. महेश्वर ने अपने बयान में कहा हैं कि जो लोग नीतीश कुमार की सत्ता की नाव डूबाने में लगे हैं, ख़ामियाज़ा ज़्यादा उन्हीं लोगों को उठाना पड़ेगा.
उधर, मंगलवार को नीतीश कुमार इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोले. लेकिन तय हैं कि अपने ऊपर हमले के बाद आने वाले दिनों में शहाबुद्दीन के प्रति उनका रूख और कड़ा रहेगा.
उधर, मंगलवार को नीतीश कुमार इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोले. लेकिन तय हैं कि अपने ऊपर हमले के बाद आने वाले दिनों में शहाबुद्दीन के प्रति उनका रूख और कड़ा रहेगा. | यह एक सारांश है: कांग्रेस के बयान से भी कयास और बढ़ गए हैं कि महागठबंधन में दरार और बढ़ेगी
नीतीश पसंद नहीं हैं तो गठबंधन से बाहर जा सकते हैं : अशोक चौधरी
रघुवंश प्रसाद सिंह को बुलाकर बात की जाएगी : लालू यादव | 16 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: हिन्दी फिल्म 'धड़क' (मराठी फिल्म- सैराट) की तर्ज पर तीन अप्रैल, 2019 को पंजाब के लुधियाना जिले में एक दलित राजमिस्त्री राजकुमार अहिरवार की हत्या कर दी गई. हत्या के आरोप में राजकुमार के साले और उसके दोस्त को गिरफ्तार किया गया है. ककरदा गांव के मूल निवासी 24 साल के अंकित सिंह और 23 साल के भूपेंद्र सिंह को लुधियाना पुलिस की टीम ने छतरपुर पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया.
पुलिस के मुताबिक 2011 में राजकुमार ने अपने गांव की दीपा से शादी की. दीपा के परिजन ठाकुर हैं. बाद में परिवार के डर से दोनों अपने गांव से भागकर दिल्ली आ गए और बाद में लुधियाना में बस गए जहां राजकुमार राजमिस्त्री का काम करने लगे.
कुछ महीनों पहले अंकित ने अपनी बहन का पता लगाया और उससे कहा कि वह चाहता है कि उनके रिश्ते फिर से पहले जैसे हो जाएं. अप्रैल 2019 में अंकित भूपेंद्र के साथ लुधियाना गया और राजकुमार के घर पर कुछ दिनों के लिए रहा. तीन अप्रैल को अंकित और उसके दोस्त ने लुधियाना के घंटाघर इलाके से चाकू खरीदे और फिर राजकुमार को अपनी बाइक पर उन्हें रेलवे स्टेशन छोड़ने के लिए कहा.
अपने साले के प्लान से बेख़बर राजकुमार साहनेवाल शहर में एक नहर पर पहुंचा, तो अंकित ने राजकुमार का गला पीछे से काट दिया. इसके बाद वह जमीन पर गिर गया. अंकित और उसके दोस्त दोनों ने बाद में राजकुमार को कई बार चाकू से गोद दिया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उसकी मौत हो गई है. हत्या के बाद अंकित ने राजकुमार के फोन का इस्तेमाल किया और दीपा को सूचित किया कि उसने राजकुमार को परिवार और ठाकुरों की इज्ज़त के लिए मार दिया है.
मातगुंवा के पुलिस स्टेशन प्रभारी उमेश यादव ने कहा, "उन्होंने 2011 में अपने पैतृक गांव में शादी कर ली और वहां से भाग गए. अंकित 2019 में अपनी बहन के संपर्क में आया और फोन पर उससे बात करने लगा. तीन अप्रैल को उसने अपने भाई की हत्या कर दी. आईपीसी की धारा 302 के तहत साहनेवाल पुलिस थाने में एक मामला दर्ज किया गया था. अंकित अपनी बहन और बच्चों को मारने की धमकी दे रहा था. उसने हमारे वरिष्ठ अधिकारियों को भी इसकी सूचना दी और उसी के अनुसार हमने आरोपियों को गिरफ्तार किया और उन्हें पंजाब पुलिस के अधिकारियों को सौंप दिया. | यह एक सारांश है: अप्रैल 2019 में साला अंकित सिंह, भूपेंद्र के साथ लुधियाना गया
दोनों बहन के घर में रहे और चाकू खरीदकर रख लिए
राजकुमार को स्टेशन छोड़ने के लिए कहा और रास्ते में उसे मार डाला | 21 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: वनडे मैचों में भारत के सबसे उम्दा बल्लेबाजों में से एक रोहित शर्मा का मानना है कि सीमित ओवरों की कप्तानी छोड़ने वाले महेंद्र सिंह धोनी का 50 ओवर के प्रारूप में उनसे पारी शुरू कराने का फैसला उनके लिए करियर बदलने वाला था. रोहित ने विशेष इंटरव्यू में कहा, ‘मुझे लगता है कि वनडे मैचों में पारी शुरू करने के फैसले ने मेरा करियर बदल दिया और यह फैसला महेंद्र सिंह धोनी ने किया था. इसके बाद मैं बेहतर बल्लेबाज बन गया. इससे मुझे अपना खेल बेहतर तरीके से समझने में मदद मिली और मैं स्थिति के अनुसार बेहतर प्रतिक्रिया दे पाया.’ रोहित ने पहली बार 2013 की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज के दौरान सलामी बल्लेबाज की भूमिका निभाई. उन्होंने इस सीरीज में 80 के आसपास रन बनाए और फिर चैम्पियन्स ट्रॉफी में ठोस प्रदर्शन किया.
धोनी के पारी की शुरुआत के लिए कहने के संदर्भ में रोहित ने कहा, ‘वह (धोनी) मेरे पास आया और कहा कि ‘मैं चाहता हूं कि तुम पारी की शुरुआत करो क्योंकि मुझे भरोसा है कि तुम अच्छा करोगे.’ तुम कट और पुल शॉट, दोनों अच्छा खेल सकते हो इसलिए तुम्हारे अंदर सलामी बल्लेबाज के रूप में सफल होने का गुण है.’उन्होंने कहा, ‘धोनी ने मुझे कहा कि विफलताओं से हम डरे और आलोचनाओं से निराश नहीं हो. वह बड़ी तस्वीर देख रहे थे क्योंकि उस साल इंग्लैंड में चैम्पियन्स ट्रॉफी होनी थी.’रोहित के अनुसार धोनी की खिलाड़ी की क्षमताओं को परखने की क्षमता बेजोड़ है.
रोहित ने कहा, ‘इंग्लैंड में चैम्पियन्स ट्रॉफी ने मेरा भरोसा बढ़ाया कि मैं पारी की शुरुआत कर सकता हूं और मैं सुबह इंग्लैंड के हालात में सफेद गेंद से खेलने की चुनौती का सामना करने को तैयार था.’न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान रोहित को जांघ की मांसपेशियों में चोट लगी थी और वह अभी इससे उबर रहे हैं.
उन्होंने कहा, ‘आप इसे लेकर कुछ नहीं कर सकते और मैंने पहले भी इस तरह की स्थितियों का सामना किया है. मेरे लिए निराशाजनक यह है कि चोट उस समय लगी जब न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट मैचों में लगातार तीन अर्धशतक जड़ने के बाद मैं लय में था. इंग्लैंड के खिलाफ पिचें बल्लेबाजी के लिए अच्छी थी और इन पर खेलने में मजा आता.’’ करुण नायर ने इंग्लैंड के खिलाफ तिहरा शतक जड़ा. करुण के प्रदर्शन से क्या रोहित असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, यह पूछने पर रोहित ने कहा, ‘मैं कभी असुरक्षित महसूस करने वाला व्यक्ति नहीं रहा और इसका कारण यह है कि मुझे पता है कि जीवन में आगे कैसे बढ़ना है. अगर आप चोटिल नहीं हो तो क्या होता इस बारे में सोचना बेमानी है. तथ्य यह है कि करुण को मौका मिला और वह शानदार खेला और उसकी तारीफ होनी चाहिए. करुण और लोकेश राहुल जब बल्लेबाजी कर रहे थे तो मैंने थोड़ी देर देखा भी था. सीरीज में शानदार प्रदर्शन के लिए अश्विन, शमी और जडेजा को श्रेय जाता है.
जांघ की चोट के ऑपरेशन के बाद रोहित आठ हफ्ते की रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया से गुजर चुके हैं. उन्होंने बताया, ‘प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी की कोई तय तारीख मैं नहीं बता सकता. मुझे बताया गया है कि पूरी तरह से उबरने में 12 से 14 हफ्ते लगेंगे. इसका मतलब हुआ कि अभी से चार से छह हफ्ते में.’ रोहित ने कहा, ‘मैंने दौड़ना शुरू कर दिया है और अगले हफ्ते से मैं बल्लेबाजी ड्रिल शुरू करूंगा. शुरू में सामान्य अभ्यास के बाद गेंदबाजी मशीन के खिलाफ बल्लेबाजी करूंगा और फिर नेट सत्र में हिस्सा लूंगा.’ रोहित को कुछ घरेलू मैच खेलने होंगे और विजय हजारे ट्रॉफी का आयोजन अगले महीने के अंत में किया जाएगा.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया सीरीज के बारे में मुझे नहीं पता लेकिन मुझे कुछ अभ्यास मैच खेलने होंगे. मुझे मुंबई क्रिकेट संघ से बात करनी होगी कि क्या मैं कुछ क्लब मैच खेल सकता हूं. समस्या यह है कि मैं 10 साल से अधिक समय से क्लब क्रिकेट नहीं खेला हूं इसलिए मुझे मौजूदा प्रक्रिया की जानकारी नहीं है.’ रोहित ने कहा कि रिहैबिलिटेशन के दौरान उबरने के लिए समय दिया और परिवार के साथ अच्छा समय बिताया. उन्होंने कहा, ‘मैं मजबूत व्यक्ति हूं लेकिन मेरी पत्नी रितिका मुझसे भी ज्यादा मजबूत है. वह मेरी मजबूती है और जब मैं घर आता हूं तो मैं अपने काम से अपना ध्यान हटा सकता हूं और पूरी तरह से अलग चीज पर बात कर सकता हूं.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
धोनी के पारी की शुरुआत के लिए कहने के संदर्भ में रोहित ने कहा, ‘वह (धोनी) मेरे पास आया और कहा कि ‘मैं चाहता हूं कि तुम पारी की शुरुआत करो क्योंकि मुझे भरोसा है कि तुम अच्छा करोगे.’ तुम कट और पुल शॉट, दोनों अच्छा खेल सकते हो इसलिए तुम्हारे अंदर सलामी बल्लेबाज के रूप में सफल होने का गुण है.’उन्होंने कहा, ‘धोनी ने मुझे कहा कि विफलताओं से हम डरे और आलोचनाओं से निराश नहीं हो. वह बड़ी तस्वीर देख रहे थे क्योंकि उस साल इंग्लैंड में चैम्पियन्स ट्रॉफी होनी थी.’रोहित के अनुसार धोनी की खिलाड़ी की क्षमताओं को परखने की क्षमता बेजोड़ है.
रोहित ने कहा, ‘इंग्लैंड में चैम्पियन्स ट्रॉफी ने मेरा भरोसा बढ़ाया कि मैं पारी की शुरुआत कर सकता हूं और मैं सुबह इंग्लैंड के हालात में सफेद गेंद से खेलने की चुनौती का सामना करने को तैयार था.’न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान रोहित को जांघ की मांसपेशियों में चोट लगी थी और वह अभी इससे उबर रहे हैं.
उन्होंने कहा, ‘आप इसे लेकर कुछ नहीं कर सकते और मैंने पहले भी इस तरह की स्थितियों का सामना किया है. मेरे लिए निराशाजनक यह है कि चोट उस समय लगी जब न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट मैचों में लगातार तीन अर्धशतक जड़ने के बाद मैं लय में था. इंग्लैंड के खिलाफ पिचें बल्लेबाजी के लिए अच्छी थी और इन पर खेलने में मजा आता.’’ करुण नायर ने इंग्लैंड के खिलाफ तिहरा शतक जड़ा. करुण के प्रदर्शन से क्या रोहित असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, यह पूछने पर रोहित ने कहा, ‘मैं कभी असुरक्षित महसूस करने वाला व्यक्ति नहीं रहा और इसका कारण यह है कि मुझे पता है कि जीवन में आगे कैसे बढ़ना है. अगर आप चोटिल नहीं हो तो क्या होता इस बारे में सोचना बेमानी है. तथ्य यह है कि करुण को मौका मिला और वह शानदार खेला और उसकी तारीफ होनी चाहिए. करुण और लोकेश राहुल जब बल्लेबाजी कर रहे थे तो मैंने थोड़ी देर देखा भी था. सीरीज में शानदार प्रदर्शन के लिए अश्विन, शमी और जडेजा को श्रेय जाता है.
जांघ की चोट के ऑपरेशन के बाद रोहित आठ हफ्ते की रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया से गुजर चुके हैं. उन्होंने बताया, ‘प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी की कोई तय तारीख मैं नहीं बता सकता. मुझे बताया गया है कि पूरी तरह से उबरने में 12 से 14 हफ्ते लगेंगे. इसका मतलब हुआ कि अभी से चार से छह हफ्ते में.’ रोहित ने कहा, ‘मैंने दौड़ना शुरू कर दिया है और अगले हफ्ते से मैं बल्लेबाजी ड्रिल शुरू करूंगा. शुरू में सामान्य अभ्यास के बाद गेंदबाजी मशीन के खिलाफ बल्लेबाजी करूंगा और फिर नेट सत्र में हिस्सा लूंगा.’ रोहित को कुछ घरेलू मैच खेलने होंगे और विजय हजारे ट्रॉफी का आयोजन अगले महीने के अंत में किया जाएगा.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया सीरीज के बारे में मुझे नहीं पता लेकिन मुझे कुछ अभ्यास मैच खेलने होंगे. मुझे मुंबई क्रिकेट संघ से बात करनी होगी कि क्या मैं कुछ क्लब मैच खेल सकता हूं. समस्या यह है कि मैं 10 साल से अधिक समय से क्लब क्रिकेट नहीं खेला हूं इसलिए मुझे मौजूदा प्रक्रिया की जानकारी नहीं है.’ रोहित ने कहा कि रिहैबिलिटेशन के दौरान उबरने के लिए समय दिया और परिवार के साथ अच्छा समय बिताया. उन्होंने कहा, ‘मैं मजबूत व्यक्ति हूं लेकिन मेरी पत्नी रितिका मुझसे भी ज्यादा मजबूत है. वह मेरी मजबूती है और जब मैं घर आता हूं तो मैं अपने काम से अपना ध्यान हटा सकता हूं और पूरी तरह से अलग चीज पर बात कर सकता हूं.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रोहित ने कहा, ‘इंग्लैंड में चैम्पियन्स ट्रॉफी ने मेरा भरोसा बढ़ाया कि मैं पारी की शुरुआत कर सकता हूं और मैं सुबह इंग्लैंड के हालात में सफेद गेंद से खेलने की चुनौती का सामना करने को तैयार था.’न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान रोहित को जांघ की मांसपेशियों में चोट लगी थी और वह अभी इससे उबर रहे हैं.
उन्होंने कहा, ‘आप इसे लेकर कुछ नहीं कर सकते और मैंने पहले भी इस तरह की स्थितियों का सामना किया है. मेरे लिए निराशाजनक यह है कि चोट उस समय लगी जब न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट मैचों में लगातार तीन अर्धशतक जड़ने के बाद मैं लय में था. इंग्लैंड के खिलाफ पिचें बल्लेबाजी के लिए अच्छी थी और इन पर खेलने में मजा आता.’’ करुण नायर ने इंग्लैंड के खिलाफ तिहरा शतक जड़ा. करुण के प्रदर्शन से क्या रोहित असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, यह पूछने पर रोहित ने कहा, ‘मैं कभी असुरक्षित महसूस करने वाला व्यक्ति नहीं रहा और इसका कारण यह है कि मुझे पता है कि जीवन में आगे कैसे बढ़ना है. अगर आप चोटिल नहीं हो तो क्या होता इस बारे में सोचना बेमानी है. तथ्य यह है कि करुण को मौका मिला और वह शानदार खेला और उसकी तारीफ होनी चाहिए. करुण और लोकेश राहुल जब बल्लेबाजी कर रहे थे तो मैंने थोड़ी देर देखा भी था. सीरीज में शानदार प्रदर्शन के लिए अश्विन, शमी और जडेजा को श्रेय जाता है.
जांघ की चोट के ऑपरेशन के बाद रोहित आठ हफ्ते की रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया से गुजर चुके हैं. उन्होंने बताया, ‘प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी की कोई तय तारीख मैं नहीं बता सकता. मुझे बताया गया है कि पूरी तरह से उबरने में 12 से 14 हफ्ते लगेंगे. इसका मतलब हुआ कि अभी से चार से छह हफ्ते में.’ रोहित ने कहा, ‘मैंने दौड़ना शुरू कर दिया है और अगले हफ्ते से मैं बल्लेबाजी ड्रिल शुरू करूंगा. शुरू में सामान्य अभ्यास के बाद गेंदबाजी मशीन के खिलाफ बल्लेबाजी करूंगा और फिर नेट सत्र में हिस्सा लूंगा.’ रोहित को कुछ घरेलू मैच खेलने होंगे और विजय हजारे ट्रॉफी का आयोजन अगले महीने के अंत में किया जाएगा.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया सीरीज के बारे में मुझे नहीं पता लेकिन मुझे कुछ अभ्यास मैच खेलने होंगे. मुझे मुंबई क्रिकेट संघ से बात करनी होगी कि क्या मैं कुछ क्लब मैच खेल सकता हूं. समस्या यह है कि मैं 10 साल से अधिक समय से क्लब क्रिकेट नहीं खेला हूं इसलिए मुझे मौजूदा प्रक्रिया की जानकारी नहीं है.’ रोहित ने कहा कि रिहैबिलिटेशन के दौरान उबरने के लिए समय दिया और परिवार के साथ अच्छा समय बिताया. उन्होंने कहा, ‘मैं मजबूत व्यक्ति हूं लेकिन मेरी पत्नी रितिका मुझसे भी ज्यादा मजबूत है. वह मेरी मजबूती है और जब मैं घर आता हूं तो मैं अपने काम से अपना ध्यान हटा सकता हूं और पूरी तरह से अलग चीज पर बात कर सकता हूं.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ‘आप इसे लेकर कुछ नहीं कर सकते और मैंने पहले भी इस तरह की स्थितियों का सामना किया है. मेरे लिए निराशाजनक यह है कि चोट उस समय लगी जब न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट मैचों में लगातार तीन अर्धशतक जड़ने के बाद मैं लय में था. इंग्लैंड के खिलाफ पिचें बल्लेबाजी के लिए अच्छी थी और इन पर खेलने में मजा आता.’’ करुण नायर ने इंग्लैंड के खिलाफ तिहरा शतक जड़ा. करुण के प्रदर्शन से क्या रोहित असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, यह पूछने पर रोहित ने कहा, ‘मैं कभी असुरक्षित महसूस करने वाला व्यक्ति नहीं रहा और इसका कारण यह है कि मुझे पता है कि जीवन में आगे कैसे बढ़ना है. अगर आप चोटिल नहीं हो तो क्या होता इस बारे में सोचना बेमानी है. तथ्य यह है कि करुण को मौका मिला और वह शानदार खेला और उसकी तारीफ होनी चाहिए. करुण और लोकेश राहुल जब बल्लेबाजी कर रहे थे तो मैंने थोड़ी देर देखा भी था. सीरीज में शानदार प्रदर्शन के लिए अश्विन, शमी और जडेजा को श्रेय जाता है.
जांघ की चोट के ऑपरेशन के बाद रोहित आठ हफ्ते की रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया से गुजर चुके हैं. उन्होंने बताया, ‘प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी की कोई तय तारीख मैं नहीं बता सकता. मुझे बताया गया है कि पूरी तरह से उबरने में 12 से 14 हफ्ते लगेंगे. इसका मतलब हुआ कि अभी से चार से छह हफ्ते में.’ रोहित ने कहा, ‘मैंने दौड़ना शुरू कर दिया है और अगले हफ्ते से मैं बल्लेबाजी ड्रिल शुरू करूंगा. शुरू में सामान्य अभ्यास के बाद गेंदबाजी मशीन के खिलाफ बल्लेबाजी करूंगा और फिर नेट सत्र में हिस्सा लूंगा.’ रोहित को कुछ घरेलू मैच खेलने होंगे और विजय हजारे ट्रॉफी का आयोजन अगले महीने के अंत में किया जाएगा.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया सीरीज के बारे में मुझे नहीं पता लेकिन मुझे कुछ अभ्यास मैच खेलने होंगे. मुझे मुंबई क्रिकेट संघ से बात करनी होगी कि क्या मैं कुछ क्लब मैच खेल सकता हूं. समस्या यह है कि मैं 10 साल से अधिक समय से क्लब क्रिकेट नहीं खेला हूं इसलिए मुझे मौजूदा प्रक्रिया की जानकारी नहीं है.’ रोहित ने कहा कि रिहैबिलिटेशन के दौरान उबरने के लिए समय दिया और परिवार के साथ अच्छा समय बिताया. उन्होंने कहा, ‘मैं मजबूत व्यक्ति हूं लेकिन मेरी पत्नी रितिका मुझसे भी ज्यादा मजबूत है. वह मेरी मजबूती है और जब मैं घर आता हूं तो मैं अपने काम से अपना ध्यान हटा सकता हूं और पूरी तरह से अलग चीज पर बात कर सकता हूं.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जांघ की चोट के ऑपरेशन के बाद रोहित आठ हफ्ते की रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया से गुजर चुके हैं. उन्होंने बताया, ‘प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी की कोई तय तारीख मैं नहीं बता सकता. मुझे बताया गया है कि पूरी तरह से उबरने में 12 से 14 हफ्ते लगेंगे. इसका मतलब हुआ कि अभी से चार से छह हफ्ते में.’ रोहित ने कहा, ‘मैंने दौड़ना शुरू कर दिया है और अगले हफ्ते से मैं बल्लेबाजी ड्रिल शुरू करूंगा. शुरू में सामान्य अभ्यास के बाद गेंदबाजी मशीन के खिलाफ बल्लेबाजी करूंगा और फिर नेट सत्र में हिस्सा लूंगा.’ रोहित को कुछ घरेलू मैच खेलने होंगे और विजय हजारे ट्रॉफी का आयोजन अगले महीने के अंत में किया जाएगा.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया सीरीज के बारे में मुझे नहीं पता लेकिन मुझे कुछ अभ्यास मैच खेलने होंगे. मुझे मुंबई क्रिकेट संघ से बात करनी होगी कि क्या मैं कुछ क्लब मैच खेल सकता हूं. समस्या यह है कि मैं 10 साल से अधिक समय से क्लब क्रिकेट नहीं खेला हूं इसलिए मुझे मौजूदा प्रक्रिया की जानकारी नहीं है.’ रोहित ने कहा कि रिहैबिलिटेशन के दौरान उबरने के लिए समय दिया और परिवार के साथ अच्छा समय बिताया. उन्होंने कहा, ‘मैं मजबूत व्यक्ति हूं लेकिन मेरी पत्नी रितिका मुझसे भी ज्यादा मजबूत है. वह मेरी मजबूती है और जब मैं घर आता हूं तो मैं अपने काम से अपना ध्यान हटा सकता हूं और पूरी तरह से अलग चीज पर बात कर सकता हूं.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया सीरीज के बारे में मुझे नहीं पता लेकिन मुझे कुछ अभ्यास मैच खेलने होंगे. मुझे मुंबई क्रिकेट संघ से बात करनी होगी कि क्या मैं कुछ क्लब मैच खेल सकता हूं. समस्या यह है कि मैं 10 साल से अधिक समय से क्लब क्रिकेट नहीं खेला हूं इसलिए मुझे मौजूदा प्रक्रिया की जानकारी नहीं है.’ रोहित ने कहा कि रिहैबिलिटेशन के दौरान उबरने के लिए समय दिया और परिवार के साथ अच्छा समय बिताया. उन्होंने कहा, ‘मैं मजबूत व्यक्ति हूं लेकिन मेरी पत्नी रितिका मुझसे भी ज्यादा मजबूत है. वह मेरी मजबूती है और जब मैं घर आता हूं तो मैं अपने काम से अपना ध्यान हटा सकता हूं और पूरी तरह से अलग चीज पर बात कर सकता हूं.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: रोहित ने कहा-धोनी ने मुझसे पारी की शुरुआत करने को कहा था
जांघ के ऑपरेशन के कारण अभी क्रिकेट से बाहर हैं रोहित शर्मा
बोले-मैं मजबूत व्यक्ति हूं, मेरी पत्नी मुझसे ज्यादा मजबूत है | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मालदीव के नए राष्ट्रपति मोहम्मद वहीद हसन मंत्रिमंडल में आज एक बड़ा विस्तार करेंगे, जबकि अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने अपने दबदबे वाले शहर आदू के प्रस्तावित दौरे को स्थगित कर दिया है।
नशीद के समर्थकों का आरोप है कि आदू में उन पर (समर्थकों पर) कथित तौर पर हिंसक कार्रवाई की गई। सरकारी सूत्रों ने कहा कि नए राष्ट्रपति के ‘राष्ट्रीय एकीकृत’ सरकार की स्थापना के प्रयासों के तहत मंत्रिमंडल में आज बड़ा विस्तार किया जाएगा।
राष्ट्रपति बनने के कुछ समय बाद ही हसन ने सेवानिवृत्त मोहम्मद नाजिम को रक्षा मंत्री और अधिवक्ता मोहम्मद जमील अहमद को गृह मंत्री नियुक्त कर दिया था क्योंकि राष्ट्रीय एकीकृत मंत्रिमंडल के गठन में समय लग रहा था। वहीद ने सड़कों पर उपद्रव बंद करने और शांति स्थापना की अपील की है।टिप्पणियां
उन्होंने कल अपने बयान में कहा, ‘‘जिम्मेदार नेताओं के कदम लोगों के बीच संघर्ष का कारण नहीं होना चाहिए। जिम्मेदार नेताओं को विवादों को शांतिपूर्ण ढंग से बातचीत के जरिए सुलझाना चाहिए।’’ नशीद को आदू का दौरा करना था, लेकिन उन्होंने इसे आज सुबह स्थगित कर दिया। वह आज दोपहर आदू रवाना होने वाले थे। यह वही शहर है जहां गत वर्ष दक्षेस सम्मेलन हुआ था।
आदू नशीद की मालदीवियन डेमोकेट्रिक पार्टी के दबदबे वाला शहर है और माले के अलावा यह एकमात्र शहर है जहां उनके (नशीद के) अपदस्थ होने के बाद हिंसा हुई। पार्टी सूत्रों ने कहा, ‘‘दौरा स्थगित कर दिया गया है।’’
नशीद के समर्थकों का आरोप है कि आदू में उन पर (समर्थकों पर) कथित तौर पर हिंसक कार्रवाई की गई। सरकारी सूत्रों ने कहा कि नए राष्ट्रपति के ‘राष्ट्रीय एकीकृत’ सरकार की स्थापना के प्रयासों के तहत मंत्रिमंडल में आज बड़ा विस्तार किया जाएगा।
राष्ट्रपति बनने के कुछ समय बाद ही हसन ने सेवानिवृत्त मोहम्मद नाजिम को रक्षा मंत्री और अधिवक्ता मोहम्मद जमील अहमद को गृह मंत्री नियुक्त कर दिया था क्योंकि राष्ट्रीय एकीकृत मंत्रिमंडल के गठन में समय लग रहा था। वहीद ने सड़कों पर उपद्रव बंद करने और शांति स्थापना की अपील की है।टिप्पणियां
उन्होंने कल अपने बयान में कहा, ‘‘जिम्मेदार नेताओं के कदम लोगों के बीच संघर्ष का कारण नहीं होना चाहिए। जिम्मेदार नेताओं को विवादों को शांतिपूर्ण ढंग से बातचीत के जरिए सुलझाना चाहिए।’’ नशीद को आदू का दौरा करना था, लेकिन उन्होंने इसे आज सुबह स्थगित कर दिया। वह आज दोपहर आदू रवाना होने वाले थे। यह वही शहर है जहां गत वर्ष दक्षेस सम्मेलन हुआ था।
आदू नशीद की मालदीवियन डेमोकेट्रिक पार्टी के दबदबे वाला शहर है और माले के अलावा यह एकमात्र शहर है जहां उनके (नशीद के) अपदस्थ होने के बाद हिंसा हुई। पार्टी सूत्रों ने कहा, ‘‘दौरा स्थगित कर दिया गया है।’’
राष्ट्रपति बनने के कुछ समय बाद ही हसन ने सेवानिवृत्त मोहम्मद नाजिम को रक्षा मंत्री और अधिवक्ता मोहम्मद जमील अहमद को गृह मंत्री नियुक्त कर दिया था क्योंकि राष्ट्रीय एकीकृत मंत्रिमंडल के गठन में समय लग रहा था। वहीद ने सड़कों पर उपद्रव बंद करने और शांति स्थापना की अपील की है।टिप्पणियां
उन्होंने कल अपने बयान में कहा, ‘‘जिम्मेदार नेताओं के कदम लोगों के बीच संघर्ष का कारण नहीं होना चाहिए। जिम्मेदार नेताओं को विवादों को शांतिपूर्ण ढंग से बातचीत के जरिए सुलझाना चाहिए।’’ नशीद को आदू का दौरा करना था, लेकिन उन्होंने इसे आज सुबह स्थगित कर दिया। वह आज दोपहर आदू रवाना होने वाले थे। यह वही शहर है जहां गत वर्ष दक्षेस सम्मेलन हुआ था।
आदू नशीद की मालदीवियन डेमोकेट्रिक पार्टी के दबदबे वाला शहर है और माले के अलावा यह एकमात्र शहर है जहां उनके (नशीद के) अपदस्थ होने के बाद हिंसा हुई। पार्टी सूत्रों ने कहा, ‘‘दौरा स्थगित कर दिया गया है।’’
उन्होंने कल अपने बयान में कहा, ‘‘जिम्मेदार नेताओं के कदम लोगों के बीच संघर्ष का कारण नहीं होना चाहिए। जिम्मेदार नेताओं को विवादों को शांतिपूर्ण ढंग से बातचीत के जरिए सुलझाना चाहिए।’’ नशीद को आदू का दौरा करना था, लेकिन उन्होंने इसे आज सुबह स्थगित कर दिया। वह आज दोपहर आदू रवाना होने वाले थे। यह वही शहर है जहां गत वर्ष दक्षेस सम्मेलन हुआ था।
आदू नशीद की मालदीवियन डेमोकेट्रिक पार्टी के दबदबे वाला शहर है और माले के अलावा यह एकमात्र शहर है जहां उनके (नशीद के) अपदस्थ होने के बाद हिंसा हुई। पार्टी सूत्रों ने कहा, ‘‘दौरा स्थगित कर दिया गया है।’’
आदू नशीद की मालदीवियन डेमोकेट्रिक पार्टी के दबदबे वाला शहर है और माले के अलावा यह एकमात्र शहर है जहां उनके (नशीद के) अपदस्थ होने के बाद हिंसा हुई। पार्टी सूत्रों ने कहा, ‘‘दौरा स्थगित कर दिया गया है।’’ | यह एक सारांश है: मालदीव के नए राष्ट्रपति वहीद हसन मंत्रिमंडल में बड़ा विस्तार करेंगे, जबकि अपदस्थ राष्ट्रपति नशीद ने अपने दबदबे वाले शहर आदू के दौरे को स्थगित कर दिया है। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: टेस्ट और वनडे सीरीज में सफाये के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा है कि खिलाड़ियों की चोटों और किस्मत का साथ नहीं मिलने से उनकी टीम को इंग्लैंड दौरे पर यह हश्र झेलना पड़ा। भारत को चार टेस्ट मैचों की शृंखला में 0-4 और पांच वनडे मैचों की शृंखला में 0-3 से पराजय झेलनी पड़ी। धोनी ने पांचवां और आखिरी वनडे डकवर्थ लुईस प्रणाली के आधार पर हारने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, मैंने पिछले पांच साल में इतनी चोटें नहीं देखीं। करीब नौ से 11 खिलाड़ी एक शृंखला में चोटिल हो गए। वनडे सीरीज में किस्मत ने हमारा साथ नहीं दिया। उन्होंने कहा, पहले दो टेस्ट में सिर्फ तीन गेंदबाज हमारे पास थे। गेंदबाजी कमजोर होने का दबाव बल्लेबाजों पर पड़ता है। सिर्फ एक विभाग के दम पर लगातार अच्छा नहीं खेला जा सकता। धोनी ने कहा, यदि पहले टेस्ट में जहीर होता, तो हमें दूसरी पारी में फायदा मिलता। हालात ही अलग होते। वैसे अहम यह है कि हमने क्या किया। जो हो गया, उस पर दुखी होने से कोई फायदा नहीं। भारतीय कप्तान ने हालांकि कहा कि अगले महीने पांच वनडे मैचों के लिए इंग्लैंड की टीम जब भारत आएगी, तो उनके जेहन में बदले जैसी कोई बात नहीं होगी। उन्होंने कहा, ऐसा नहीं सोचना चाहिए। यदि दिमाग में बदले की बात होगी, तो आप छटपटाने लगेंगे और पूरी टीम पर दबाव बनेगा। बेसिक्स पर ध्यान देना जरूरी है। | संक्षिप्त पाठ: भारतीय कप्तान धोनी ने कहा है कि खिलाड़ियों की चोटों और किस्मत का साथ नहीं मिलने से उनकी टीम को इंग्लैंड दौरे पर यह हश्र झेलना पड़ा। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली में पैरा मेडिकल की 23 वर्षीय छात्रा से गैंगरेप और अब हत्या के मामले में गिरफ्तार छह लोगों में से पांच की तिहाड़ जेल में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। उन्हें जेल अधिकारियों ने एक अतिसुरक्षित सेल में भेज दिया है। इससे पहले भी जेल में दो आरोपियों की जेल में अन्य कैदियों ने जोरदार पिटाई की थी।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि गैंगरेप पीड़िता की मौत के बाद पुलिस ने उन्हें अतिसुरक्षित सेल में डाल दिया है। इस मामले में गिरफ्तार छठा आरोपी एक अव्यस्क है जिसे सुधारगृह में रखा गया है।टिप्पणियां
इस लड़की के साथ दिल्ली में 16 दिसंबर की रात चलती बस में सामूहिक बलात्कार और फिर उस पर क्रूरतापूर्वक हमला किया गया था। लड़की को गंभीर हालत में चलती बस से फेंक दिया गया था।
सरकार ने उसे एयर एंबुलेन्स से सिंगापुर स्थित अंग प्रतिरोपण की अत्याधुनिक सुविधाओं वाले अस्पताल में इलाज के लिए भेजा। यहां आने से पहले पीड़ित दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती थीं, जहां तीन ऑपरेशन किए गए। वहां भी अधिकतर समय उन्हें वेन्टीलेटर पर ही रखा गया था। चोट और संक्रमण की वजह से डॉक्टरों ने उनकी आंत का बहुत बड़ा हिस्सा निकाल दिया था।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि गैंगरेप पीड़िता की मौत के बाद पुलिस ने उन्हें अतिसुरक्षित सेल में डाल दिया है। इस मामले में गिरफ्तार छठा आरोपी एक अव्यस्क है जिसे सुधारगृह में रखा गया है।टिप्पणियां
इस लड़की के साथ दिल्ली में 16 दिसंबर की रात चलती बस में सामूहिक बलात्कार और फिर उस पर क्रूरतापूर्वक हमला किया गया था। लड़की को गंभीर हालत में चलती बस से फेंक दिया गया था।
सरकार ने उसे एयर एंबुलेन्स से सिंगापुर स्थित अंग प्रतिरोपण की अत्याधुनिक सुविधाओं वाले अस्पताल में इलाज के लिए भेजा। यहां आने से पहले पीड़ित दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती थीं, जहां तीन ऑपरेशन किए गए। वहां भी अधिकतर समय उन्हें वेन्टीलेटर पर ही रखा गया था। चोट और संक्रमण की वजह से डॉक्टरों ने उनकी आंत का बहुत बड़ा हिस्सा निकाल दिया था।
इस लड़की के साथ दिल्ली में 16 दिसंबर की रात चलती बस में सामूहिक बलात्कार और फिर उस पर क्रूरतापूर्वक हमला किया गया था। लड़की को गंभीर हालत में चलती बस से फेंक दिया गया था।
सरकार ने उसे एयर एंबुलेन्स से सिंगापुर स्थित अंग प्रतिरोपण की अत्याधुनिक सुविधाओं वाले अस्पताल में इलाज के लिए भेजा। यहां आने से पहले पीड़ित दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती थीं, जहां तीन ऑपरेशन किए गए। वहां भी अधिकतर समय उन्हें वेन्टीलेटर पर ही रखा गया था। चोट और संक्रमण की वजह से डॉक्टरों ने उनकी आंत का बहुत बड़ा हिस्सा निकाल दिया था।
सरकार ने उसे एयर एंबुलेन्स से सिंगापुर स्थित अंग प्रतिरोपण की अत्याधुनिक सुविधाओं वाले अस्पताल में इलाज के लिए भेजा। यहां आने से पहले पीड़ित दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती थीं, जहां तीन ऑपरेशन किए गए। वहां भी अधिकतर समय उन्हें वेन्टीलेटर पर ही रखा गया था। चोट और संक्रमण की वजह से डॉक्टरों ने उनकी आंत का बहुत बड़ा हिस्सा निकाल दिया था। | यहाँ एक सारांश है:दिल्ली में पैरा मेडिकल की 23 वर्षीय छात्रा से गैंगरेप और अब हत्या के मामले में गिरफ्तार छह लोगों में से पांच की तिहाड़ जेल में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। उन्हें जेल अधिकारियों ने एक अतिसुरक्षित सेल में भेज दिया है। | 18 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: रेलवे भर्ती बोर्ड (Railway Recruitment Board) आज ग्रुप डी की परीक्षा का रिजल्ट (RRB Result) जारी कर देगा. रिजल्ट (RRB Group D Result) 3 बजे के बाद जारी किया जाएगा. उम्मीदवार अपने रीजन की आरआरबी वेबसाइट पर जाकर अपना रिजल्ट (RRB Group D Result 2018-19) चेक कर पाएंगे. उम्मीदवारों को अपना रिजल्ट चेक करने के लिए रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि की मदद से लॉग इन करना होगा. अगर आप अपना रजिस्ट्रेशन नंबर भूल गए हैं तो वेबसाइट पर दिए Forgot Registration Number के लिंक पर क्लिक कर अपना रजिस्ट्रेशन नंबर हासिल कर सकते हैं. बता दें कि ग्रुप डी की परीक्षा के लिए पिछले साल फरवरी में नोटिफिकेशन जारी किया गया था. ग्रुप डी (RRB Group D) के 62 हजार 907 पदों पर पहली स्टेज में कम्प्यूटर बेस्ड परीक्षा आयोजित की गई थी. कम्प्यूटर बेस्ड परीक्षा 17 सितंबर से 17 दिसंबर तक आयोजित की गई थी. ग्रुप डी के पदों पर 1 करोड़ 90 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जबकि इस परीक्षा में 1 करोड़ 17 लाख उम्मीदवारों ने भाग लिया था.
RRB Group D Result Live Updates: आज आएगा 1 करोड़ 17 लाख उम्मीदवारों का रिजल्ट, यहां चेक करें हर अपडेट
उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलों कर मोबाइल पर अपना रिजल्ट चेक कर पाएंगे.
RRB Group D Result: आज आएगा ग्रुप डी का रिजल्ट, ये हैं वेबसाइट्स के डायरेक्ट लिंक
आरआरबी की सभी वेबसाइट्स नीचे दी गई हैं. | संक्षिप्त पाठ: ग्रुप डी का रिजल्ट 4 मार्च को जारी होगा.
रिजल्ट दोपहर 3 बजे के बाद जारी होगा.
रिजल्ट सभी आरआरबी वेबसाइट्स पर जारी होगा. | 30 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार मुंबई गोवा राजमार्ग का सौंदर्यीकरण अमेरिका में लॉस एंजलिस व सैन फ्रांसिस्को को जोड़ने वाली सड़क की तर्ज पर करना चाहती है ताकि इसे विश्वस्तरीय दर्जे का बनाया जा सके. सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने हैदराबाद में भारतीय सड़क कांग्रेस के सम्मेलन में यह जानकारी दी.
उन्होंने कहा, ‘हमें सोचना होगा कि प्राकृतिक सुंदरता का इस्तेमाल करते हुए हम अपने सड़क मार्गों का सौंदर्यीकरण कैसे कर सकते हैं. केंद्र सरकार राजमार्गों के किनारे विभिन्न तरह की सुविधाएं बढ़ाने की प्रक्रिया में है. उल्लेखनीय है कि गडकरी दो महीने पहले जब अमेरिका गये थे तो उन्होंने सैन फ्रांसिस्को से लॉस एंजलिस राजमार्ग पर यात्रा की थी. इस दौरान उन्होंने यह देखा कि सड़कों व सड़क किनारों का सौंदर्यीकरण किस तरह से किया जा सकता है.
गडकरी ने कहा, ‘प्रक्रिया जारी है. लोगों को अपनी सड़क यात्रा का आनंद लेना चाहिए.’ गडकरी ने कहा कि उनके मंत्रालय ने 2,000 रेलवे ओवरब्रिज बनाने पर आने वाली लागत का अनुमान तैयार किया है और इस तरह के काम के लिए जिलों में ‘प्री कास्ट’ केंद्रों का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि जल्द ही 35,000 किलोमीटर सड़क को राष्ट्रीय राजमार्गों के रूप में उन्नत किया जाएगा. टिप्पणियां
गडकरी ने कहा कि जब उन्होंने सड़क परिवहन मंत्रालय का कार्यभार संभाला तब 3.75 लाख करोड़ रुपये की 403 सड़क परियोजनाएं अटकी पड़ी थीं. किसी में भूमि अधिग्रहण की समस्या थी तो किसी परियोजना में पर्यावरण और वन मंजूरी नहीं मिल रही थी. उन्होंने कहा कि इनमें से 95 प्रतिशत परियोजनाओं के समक्ष अब कोई अड़चन नहीं है, उन्हें दूर कर लिया गया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ‘हमें सोचना होगा कि प्राकृतिक सुंदरता का इस्तेमाल करते हुए हम अपने सड़क मार्गों का सौंदर्यीकरण कैसे कर सकते हैं. केंद्र सरकार राजमार्गों के किनारे विभिन्न तरह की सुविधाएं बढ़ाने की प्रक्रिया में है. उल्लेखनीय है कि गडकरी दो महीने पहले जब अमेरिका गये थे तो उन्होंने सैन फ्रांसिस्को से लॉस एंजलिस राजमार्ग पर यात्रा की थी. इस दौरान उन्होंने यह देखा कि सड़कों व सड़क किनारों का सौंदर्यीकरण किस तरह से किया जा सकता है.
गडकरी ने कहा, ‘प्रक्रिया जारी है. लोगों को अपनी सड़क यात्रा का आनंद लेना चाहिए.’ गडकरी ने कहा कि उनके मंत्रालय ने 2,000 रेलवे ओवरब्रिज बनाने पर आने वाली लागत का अनुमान तैयार किया है और इस तरह के काम के लिए जिलों में ‘प्री कास्ट’ केंद्रों का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि जल्द ही 35,000 किलोमीटर सड़क को राष्ट्रीय राजमार्गों के रूप में उन्नत किया जाएगा. टिप्पणियां
गडकरी ने कहा कि जब उन्होंने सड़क परिवहन मंत्रालय का कार्यभार संभाला तब 3.75 लाख करोड़ रुपये की 403 सड़क परियोजनाएं अटकी पड़ी थीं. किसी में भूमि अधिग्रहण की समस्या थी तो किसी परियोजना में पर्यावरण और वन मंजूरी नहीं मिल रही थी. उन्होंने कहा कि इनमें से 95 प्रतिशत परियोजनाओं के समक्ष अब कोई अड़चन नहीं है, उन्हें दूर कर लिया गया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गडकरी ने कहा, ‘प्रक्रिया जारी है. लोगों को अपनी सड़क यात्रा का आनंद लेना चाहिए.’ गडकरी ने कहा कि उनके मंत्रालय ने 2,000 रेलवे ओवरब्रिज बनाने पर आने वाली लागत का अनुमान तैयार किया है और इस तरह के काम के लिए जिलों में ‘प्री कास्ट’ केंद्रों का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि जल्द ही 35,000 किलोमीटर सड़क को राष्ट्रीय राजमार्गों के रूप में उन्नत किया जाएगा. टिप्पणियां
गडकरी ने कहा कि जब उन्होंने सड़क परिवहन मंत्रालय का कार्यभार संभाला तब 3.75 लाख करोड़ रुपये की 403 सड़क परियोजनाएं अटकी पड़ी थीं. किसी में भूमि अधिग्रहण की समस्या थी तो किसी परियोजना में पर्यावरण और वन मंजूरी नहीं मिल रही थी. उन्होंने कहा कि इनमें से 95 प्रतिशत परियोजनाओं के समक्ष अब कोई अड़चन नहीं है, उन्हें दूर कर लिया गया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गडकरी ने कहा कि जब उन्होंने सड़क परिवहन मंत्रालय का कार्यभार संभाला तब 3.75 लाख करोड़ रुपये की 403 सड़क परियोजनाएं अटकी पड़ी थीं. किसी में भूमि अधिग्रहण की समस्या थी तो किसी परियोजना में पर्यावरण और वन मंजूरी नहीं मिल रही थी. उन्होंने कहा कि इनमें से 95 प्रतिशत परियोजनाओं के समक्ष अब कोई अड़चन नहीं है, उन्हें दूर कर लिया गया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: सरकार हाईवे के किनारे विभिन्न तरह की सुविधाएं बढ़ाने की प्रक्रिया में है
35,000 किलोमीटर सड़क को राष्ट्रीय राजमार्गों के रूप में उन्नत किया जाएगा
95 प्रतिशत परियोजनाओं की सभी अड़चनों को दूर कर लिया गया है | 10 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारत ने जापान के कोबे शहर में जारी एशियाई एथलेटिक्स के तीसरे दिन मयूखा जॉनी और ओम प्रकाश करहाना की मदद से दो कांस्य पदक प्राप्त किए। मयूखा ने तिहरी कूद में और ओम प्रकाश ने शॉट पुट में पदक प्राप्त किया। चैम्पियनशिप के पहले दिन लम्बी कूद में स्वर्ण जीतने वाली मयूखा ने अपने चौथे प्रयास में 14.11 मीटर की छलांग लगाकर तीसरा स्थान हासिल किया। मयूखा ने नया राष्ट्रीय रिकार्ड कायम किया। इस स्पर्धा में हिस्सा ले रही एक अन्य भारतीय पी. मलियाखल एंथनी ने निराश किया। मलियाखल 13.63 मीटर के साथ सातवें स्थान पर रहीं। चीन की झेई लिमेई ने 14.5 मीटर के साथ स्वर्ण जीता। पुरुषों के शॉट पुट में ओम प्रकाश ने 19.47 मीटर तक चक्का फेंककर कांस्य जीता। चीनी ताइपे के मिंग चांग ने 20.14 मीटर के साथ पहला स्थान हासिल किया। इस स्पर्धा में भारत के सौरव विज ने भी हिस्सा लिया लेकिन वह 18.72 मीटर के साथ चौथे स्थान पर रहे। भारत को पुरुषों की 800 मीटर दौड़ में रविवार को पदक मिलने के आसार हैं क्योंकि धमंडा राम और एस. जोसफ फाइनल के लिए क्वालीफाई कर गए हैं। भारत ने इस चैम्पियनशिप में अब तक एक स्वर्ण, एक रजत और पांच कांस्य पदक जीते हैं। विकास गौड़ा ने पहले दिन गोला फेंक स्पर्धा में रजत जीता था। इसके अलावा डेकाथलन में भरत इंदर सिंह, चक्का फेंक में हरवंत कौर और महिलाओं की 1500 मीटर दौड़ में ओपी जैसा कांस्य जीत चुकी हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारत ने जापान के कोबे शहर में जारी एशियाई एथलेटिक्स के तीसरे दिन मयूखा जॉनी और ओम प्रकाश करहाना की मदद से दो कांस्य पदक प्राप्त किए। | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका और पाकिस्तान के बीच रिश्तों आई तल्खी के एक साल बाद अमेरिकी अधिकारी अब आतंकवाद के खिलाफ अपने इस सहयोगी देश के साथ रिश्तों की नई हद तय करने में जुटे हैं। इस कदम के तहत अमेरिका पाकिस्तान के साथ आतंकवाद विरोधी गठबंधन को सीमित करेगा। इसमें आतंकवादियों के खिलाफ चुनिंदा ड्रोन हमले होंगे और सहायता राशि में भी कमी की जाएगी। न्यूयार्क टाइम्स ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट में कहा है, अमेरिका इस सचाई का सामना कर रहा है कि उसकी पाकिस्तान के साथ व्यापक सुरक्षा भागीदारी का समय समाप्त हो चुका है। ऐसे में अमेरिकी अधिकारी एक बेहद सीमित मात्रा में आतंकवाद विरोधी गठबंधन को बचाने के प्रयासों में जुटे हैं। हालांकि उन्हें एहसास है कि इससे आतंकवादियों के खिलाफ हमले करने की उनकी क्षमता पेचीदा हो जाएगी और अफगानिस्तान में आपूर्ति भी प्रभावित होगी। न्यूयार्क टाइम्स ने अमेरिकी और पाक अधिकारियों के हवाले से कहा है कि इस सीमित गठबंधन के तहत अमेरिका को अपने ड्रोन हमलों को सीमित करना होगा, जमीनी स्तर पर अपने सैनिकों और जासूसों की संख्या घटानी होगी तथा पाकिस्तान के जरिए अफगानिस्तान में गठबंधन सैनिकों के लिए आपूर्ति के लिए अधिक प्रयास करने होंगे। अधिकारियों ने बताया है कि इस नए कदम के तहत पाकिस्तान को दी जाने वाली अमेरिकी सहायता में भी कमी होगी। | सारांश: अमेरिका पाक के साथ आतंकवाद विरोधी गठबंधन को सीमित करेगा। इसमें आतंकियों के खिलाफ ड्रोन हमले होंगे और सहायता राशि में कमी की जाएगी। | 7 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 के फाइनल मुकाबले में रविवार को जब दो भारतीय क्रिकेट दिग्गज सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में उतरे तो यह मैच एक और वजह से उनके और उनके प्रशंसकों के लिए खास रहा।
राजस्थान रायल्स के कप्तान द्रविड़ के लिए जहां यह आखिरी अंतरराष्ट्रीय ट्वेंटी-20 मैच रहा, वहीं तेंदुलकर अब सिर्फ अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में ही शिरकत करते नजर आएंगे।
मतलब दोनों ही खिलाड़ियों के लिए यह मैच रंगीन जर्सी में खेला गया आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच था। भारतीय क्रिकेट टीम के दोनों पूर्व कप्तानों ने रविवार को मैच के लिए टॉस से पहले कुछ देर बातचीत करते हुए व्यतीत किए।
द्रविड़ ने कहा कि अंतिम बार तेंदुलकर के खिलाफ खेलना बहुत मजेदार होगा। द्रविड़ ने कहा, "आखिरी बार के लिए यह अच्छा है। मजेदार बात यह है कि हमने रंगीन जर्सी में एक-दूसरे के खिलाफ काफी खेला है। आपको अवश्य याद रखना चाहिए कि तेंदुलकर क्रिकेट में मुझसे सात वर्ष वरिष्ठ हैं।"
तेंदुलकर ने अपने उस टेस्ट मैच का स्मरण किया जब द्रविड़ पहली बार उनकी कप्तानी में खेले थे। तेंदुलकर ने कहा, "जहां तक मुझे याद है, मैंने 1993 या 94 में विल्स ट्रॉफी के दौरान टेस्ट क्रिकेट में कप्तानी की थी, और द्रविड़ पहली बार तब मेरी कप्तानी में सफेद जर्सी में उतरे थे। मेरी टीम में द्रविड़ कभी भी तीसरे स्थान बल्लेबाजी करने उतरेंगे।"टिप्पणियां
तेंदुलकर ने द्रविड़ की जमकर सराहना की और कहा, "उसे चुनौतियों से प्यार है, मुझे पता है कि हम राहुल पर भरोसा कर सकते हैं।"
द्रविड़ ने कहा कि चैम्पियंस लीग युवाओं के लिए बेहतरीन अनुभव प्रदान करने वाली प्रतियोगिता है। तेंदुलकर ने भी द्रविड़ की बात पर सहमति व्यक्त की।
राजस्थान रायल्स के कप्तान द्रविड़ के लिए जहां यह आखिरी अंतरराष्ट्रीय ट्वेंटी-20 मैच रहा, वहीं तेंदुलकर अब सिर्फ अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में ही शिरकत करते नजर आएंगे।
मतलब दोनों ही खिलाड़ियों के लिए यह मैच रंगीन जर्सी में खेला गया आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच था। भारतीय क्रिकेट टीम के दोनों पूर्व कप्तानों ने रविवार को मैच के लिए टॉस से पहले कुछ देर बातचीत करते हुए व्यतीत किए।
द्रविड़ ने कहा कि अंतिम बार तेंदुलकर के खिलाफ खेलना बहुत मजेदार होगा। द्रविड़ ने कहा, "आखिरी बार के लिए यह अच्छा है। मजेदार बात यह है कि हमने रंगीन जर्सी में एक-दूसरे के खिलाफ काफी खेला है। आपको अवश्य याद रखना चाहिए कि तेंदुलकर क्रिकेट में मुझसे सात वर्ष वरिष्ठ हैं।"
तेंदुलकर ने अपने उस टेस्ट मैच का स्मरण किया जब द्रविड़ पहली बार उनकी कप्तानी में खेले थे। तेंदुलकर ने कहा, "जहां तक मुझे याद है, मैंने 1993 या 94 में विल्स ट्रॉफी के दौरान टेस्ट क्रिकेट में कप्तानी की थी, और द्रविड़ पहली बार तब मेरी कप्तानी में सफेद जर्सी में उतरे थे। मेरी टीम में द्रविड़ कभी भी तीसरे स्थान बल्लेबाजी करने उतरेंगे।"टिप्पणियां
तेंदुलकर ने द्रविड़ की जमकर सराहना की और कहा, "उसे चुनौतियों से प्यार है, मुझे पता है कि हम राहुल पर भरोसा कर सकते हैं।"
द्रविड़ ने कहा कि चैम्पियंस लीग युवाओं के लिए बेहतरीन अनुभव प्रदान करने वाली प्रतियोगिता है। तेंदुलकर ने भी द्रविड़ की बात पर सहमति व्यक्त की।
मतलब दोनों ही खिलाड़ियों के लिए यह मैच रंगीन जर्सी में खेला गया आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच था। भारतीय क्रिकेट टीम के दोनों पूर्व कप्तानों ने रविवार को मैच के लिए टॉस से पहले कुछ देर बातचीत करते हुए व्यतीत किए।
द्रविड़ ने कहा कि अंतिम बार तेंदुलकर के खिलाफ खेलना बहुत मजेदार होगा। द्रविड़ ने कहा, "आखिरी बार के लिए यह अच्छा है। मजेदार बात यह है कि हमने रंगीन जर्सी में एक-दूसरे के खिलाफ काफी खेला है। आपको अवश्य याद रखना चाहिए कि तेंदुलकर क्रिकेट में मुझसे सात वर्ष वरिष्ठ हैं।"
तेंदुलकर ने अपने उस टेस्ट मैच का स्मरण किया जब द्रविड़ पहली बार उनकी कप्तानी में खेले थे। तेंदुलकर ने कहा, "जहां तक मुझे याद है, मैंने 1993 या 94 में विल्स ट्रॉफी के दौरान टेस्ट क्रिकेट में कप्तानी की थी, और द्रविड़ पहली बार तब मेरी कप्तानी में सफेद जर्सी में उतरे थे। मेरी टीम में द्रविड़ कभी भी तीसरे स्थान बल्लेबाजी करने उतरेंगे।"टिप्पणियां
तेंदुलकर ने द्रविड़ की जमकर सराहना की और कहा, "उसे चुनौतियों से प्यार है, मुझे पता है कि हम राहुल पर भरोसा कर सकते हैं।"
द्रविड़ ने कहा कि चैम्पियंस लीग युवाओं के लिए बेहतरीन अनुभव प्रदान करने वाली प्रतियोगिता है। तेंदुलकर ने भी द्रविड़ की बात पर सहमति व्यक्त की।
द्रविड़ ने कहा कि अंतिम बार तेंदुलकर के खिलाफ खेलना बहुत मजेदार होगा। द्रविड़ ने कहा, "आखिरी बार के लिए यह अच्छा है। मजेदार बात यह है कि हमने रंगीन जर्सी में एक-दूसरे के खिलाफ काफी खेला है। आपको अवश्य याद रखना चाहिए कि तेंदुलकर क्रिकेट में मुझसे सात वर्ष वरिष्ठ हैं।"
तेंदुलकर ने अपने उस टेस्ट मैच का स्मरण किया जब द्रविड़ पहली बार उनकी कप्तानी में खेले थे। तेंदुलकर ने कहा, "जहां तक मुझे याद है, मैंने 1993 या 94 में विल्स ट्रॉफी के दौरान टेस्ट क्रिकेट में कप्तानी की थी, और द्रविड़ पहली बार तब मेरी कप्तानी में सफेद जर्सी में उतरे थे। मेरी टीम में द्रविड़ कभी भी तीसरे स्थान बल्लेबाजी करने उतरेंगे।"टिप्पणियां
तेंदुलकर ने द्रविड़ की जमकर सराहना की और कहा, "उसे चुनौतियों से प्यार है, मुझे पता है कि हम राहुल पर भरोसा कर सकते हैं।"
द्रविड़ ने कहा कि चैम्पियंस लीग युवाओं के लिए बेहतरीन अनुभव प्रदान करने वाली प्रतियोगिता है। तेंदुलकर ने भी द्रविड़ की बात पर सहमति व्यक्त की।
तेंदुलकर ने अपने उस टेस्ट मैच का स्मरण किया जब द्रविड़ पहली बार उनकी कप्तानी में खेले थे। तेंदुलकर ने कहा, "जहां तक मुझे याद है, मैंने 1993 या 94 में विल्स ट्रॉफी के दौरान टेस्ट क्रिकेट में कप्तानी की थी, और द्रविड़ पहली बार तब मेरी कप्तानी में सफेद जर्सी में उतरे थे। मेरी टीम में द्रविड़ कभी भी तीसरे स्थान बल्लेबाजी करने उतरेंगे।"टिप्पणियां
तेंदुलकर ने द्रविड़ की जमकर सराहना की और कहा, "उसे चुनौतियों से प्यार है, मुझे पता है कि हम राहुल पर भरोसा कर सकते हैं।"
द्रविड़ ने कहा कि चैम्पियंस लीग युवाओं के लिए बेहतरीन अनुभव प्रदान करने वाली प्रतियोगिता है। तेंदुलकर ने भी द्रविड़ की बात पर सहमति व्यक्त की।
तेंदुलकर ने द्रविड़ की जमकर सराहना की और कहा, "उसे चुनौतियों से प्यार है, मुझे पता है कि हम राहुल पर भरोसा कर सकते हैं।"
द्रविड़ ने कहा कि चैम्पियंस लीग युवाओं के लिए बेहतरीन अनुभव प्रदान करने वाली प्रतियोगिता है। तेंदुलकर ने भी द्रविड़ की बात पर सहमति व्यक्त की।
द्रविड़ ने कहा कि चैम्पियंस लीग युवाओं के लिए बेहतरीन अनुभव प्रदान करने वाली प्रतियोगिता है। तेंदुलकर ने भी द्रविड़ की बात पर सहमति व्यक्त की। | यह एक सारांश है: चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 के फाइनल मुकाबले में रविवार को जब दो भारतीय क्रिकेट दिग्गज सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में उतरे तो यह मैच एक और वजह से उनके और उनके प्रशंसकों के लिए खास रहा। | 16 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: मशहूर कमेंटेटर और समीक्षक रवि शास्त्री ने टीम इंडिया के कोच पद के लिए आवेदन करने का फैसला किया है. गौरतलब है कि 80 टेस्ट और 150 वनडे में भारतीय क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके शास्त्री वर्ष 2014 से 2016 तक टीम का डायरेक्टर पद भी संभाल चुके हैं. उनके मार्गदर्शन में भारतीय टीम वर्ष 2015 के वर्ल्डकप में सेमीफाइनल तक पहुंची थी. शास्त्री ने पिछले वर्ष भी कोच पद के लिए आवेदन किया था लेकिन अनिल कुंबले को उन पर तरजीह दी गई थी. कप्तान विराट कोहली के साथ कथित मतभेद को लेकर कुंबले ने हाल ही में टीम इंडिया के कोच पद से इस्तीफा दे दिया है.टिप्पणियां
कुंबले का बतौर कोच एक साल का अनुबंध आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के बाद खत्म हो गया था और उन्होंने अपने अनुबंध को बढ़ाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई. इस्तीफे के बाद अपने ट्विटर अकाउंट पर एक बयान जारी करते हुए कुंबले ने लिखा था कि टीम इंडिया को कप्तान के मन में मेरी शैली को लेकर परेशानी है. ऐसे में बेहतर यही होगा कि मैं यह जिम्मेदारी उस व्यक्ति को सौंप दूं तो कोच चुनने वाली तीन सदस्यीय समिति (CAC)और बीसीसीआई के लिहाज से फिट बैठता हो.
55 वर्षीय रवि शास्त्री ने 80 टेस्ट में 3830 रन बनाने के अलावा 151 विकेट भी हासिल किए. वनडे में वे 3108 रन बनाने के साथ 129 विकेट भी हासिल कर चुके हैं. शास्त्री वर्ष 1983 में कपिलदेव के नेतृत्व में वर्ल्डकप जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य रह चुके हैं. ऑस्ट्रेलिया में वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ क्रिकेट में वे 'चैंपियन ऑफ चैंपियंस' रहे थे और उन्हें पुरस्कार के रूप में ऑडी कार दी गई थी.
कुंबले का बतौर कोच एक साल का अनुबंध आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के बाद खत्म हो गया था और उन्होंने अपने अनुबंध को बढ़ाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई. इस्तीफे के बाद अपने ट्विटर अकाउंट पर एक बयान जारी करते हुए कुंबले ने लिखा था कि टीम इंडिया को कप्तान के मन में मेरी शैली को लेकर परेशानी है. ऐसे में बेहतर यही होगा कि मैं यह जिम्मेदारी उस व्यक्ति को सौंप दूं तो कोच चुनने वाली तीन सदस्यीय समिति (CAC)और बीसीसीआई के लिहाज से फिट बैठता हो.
55 वर्षीय रवि शास्त्री ने 80 टेस्ट में 3830 रन बनाने के अलावा 151 विकेट भी हासिल किए. वनडे में वे 3108 रन बनाने के साथ 129 विकेट भी हासिल कर चुके हैं. शास्त्री वर्ष 1983 में कपिलदेव के नेतृत्व में वर्ल्डकप जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य रह चुके हैं. ऑस्ट्रेलिया में वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ क्रिकेट में वे 'चैंपियन ऑफ चैंपियंस' रहे थे और उन्हें पुरस्कार के रूप में ऑडी कार दी गई थी.
55 वर्षीय रवि शास्त्री ने 80 टेस्ट में 3830 रन बनाने के अलावा 151 विकेट भी हासिल किए. वनडे में वे 3108 रन बनाने के साथ 129 विकेट भी हासिल कर चुके हैं. शास्त्री वर्ष 1983 में कपिलदेव के नेतृत्व में वर्ल्डकप जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य रह चुके हैं. ऑस्ट्रेलिया में वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ क्रिकेट में वे 'चैंपियन ऑफ चैंपियंस' रहे थे और उन्हें पुरस्कार के रूप में ऑडी कार दी गई थी. | संक्षिप्त पाठ: वर्ष 2014 से 2016 तक टीम डायरेक्टर का पद संभाल चुके हैं
उनके मार्गदर्शन में टीम वर्ल्डकप 2015 के सेमीफाइनल में पहुंची थी
भारत के लिए 80 टेस्ट और 150 वनडे मैच खेल चुके हैं शास्त्री | 30 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता भारत के मनोज कुमार अजरबैजान के बाकू में जारी विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप के दूसरे दौर में प्रवेश कर गए हैं। मनोज (64 किलोग्राम) ने लाइट वेल्टर वर्ग में शुक्रवार को पहले दौर के मुकाबले में बहामास के वालेंटीनो नोल्स को 17-11 से हरा दिया। इस प्रतिष्ठित चैम्पियनिशप के दूसरे दौर में पहुंचने वाले मनोज भारत के छठे मुक्केबाज हैं। इससे पहले, एल.देवेंद्रो (49 किलोग्राम), सुरंजय सिंह (52 किलोग्राम), अखिल कुमार (56 किलोग्राम), दिनेश कुमार (81 किलोग्राम) और विकास कृष्णन (69 किलोग्राम) अपने-अपने शुरुआती मुकाबले जीतकर दूसरे दौर में प्रवेश कर गए हैं। मनोज ने राष्ट्रमंडल खेलों के कांस्य पदक विजेता नोल्स पर शरू से दबाव बनाए रखा और उन्होंने इसे अंत तक कायम रखा। उल्लेखनीय कि मनोज इस चैम्पियनशिप में दूसरी बार हिस्सा ले रहे हैं। अगले दौर में मनोज का मुकाबला विश्व के छठी वरीयता प्राप्त यूरोपियन चैम्पियन आयरलैंड के रेमंड मॉयलेटे से रविवार को होगा। मॉयलेट ने पहले दौर में लात्विया के आर्टर्स अहमेतोव्स को 16-11 से पराजित किया। | राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता भारत के मनोज कुमार अजरबैजान के बाकू में जारी विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप के दूसरे दौर में प्रवेश कर गए हैं। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड के साथ विवादों में घिरे आक्रामक बल्लेबाज क्रिस गेल को भारत के खिलाफ 4 जून से शुरू हो रहे ट्वेंटी-20 और वनडे सीरीज के पहले दो मैचों के लिए घोषित राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं दी गई। डब्ल्यूआईसीबी ने एक बयान में कहा, चयन समिति, डब्ल्यूआईसीबी प्रबंधन और वेस्टइंडीज टीम प्रबंधन के बीच बैठक के बाद वेस्टइंडीज टीम में चयन के लिए क्रिस गेल के नाम पर विचार नहीं किया गया। बयान के अनुसार, जमैका में रेडियो इंटरव्यू में गेल की टिप्पणी के बाद चयन समिति इस बैठक को जरूरी मानती थी। हाल में पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज के लिए अनदेखी के बाद गेल ने डब्ल्यूआईसीबी पर निशाना साधते हुए दावा किया था कि हाल में चोटों की समस्या के दौरान बोर्ड ने उन्हें अकेला छोड़ दिया। डब्ल्यूआईसीबी ने इसके बाद कहा कि इस बल्लेबाज की पूरी देखभाल की गई और उन्होंने आईपीएल खेलने के लिए भारत जाने से पहले बोर्ड को सूचित नहीं किया। गेल ने आईपीएल में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दो शतक की मदद से सर्वाधिक 608 रन बनाए थे। इसके बावजूद उन्हें डेरेन सैमी की कप्तानी वाली टीम में जगह नहीं मिली। | संक्षिप्त सारांश: वेस्टइंडीज बोर्ड के साथ विवादों में घिरे क्रिस गेल को भारत के खिलाफ शुरू हो रहे वनडे सीरीज के पहले दो मैचों के लिए टीम में जगह नहीं दी गई। | 0 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आगरा के सदर बाजार और फतेहपुर सीकरी थानों में शनिवार को हुई हिंसा और पुलिसकर्मियों पर हमले के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज हुई हैं. 35 लोग नामज़द हैं. 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफ़आईआर दर्ज की गई है. दरअसल- हिंदू संगठन के कुछ लोगों ने शुक्रवार को मोबिन नाम के एक शख़्स की पिटाई कर दी थी, जिसके आरोप में पांच लोगों को गिरफ़्तार किया गया था. बाद में शनिवार को हिंदूवादी संगठन के लोग अपने लोगों को रिहा करवाने के लिए फ़तेहपुर सीकरी थाने पहुंचे और वहां हंगामा कर दिया, जिसे देखते हुए पुलिस पांचों आरोपियों को सदर बाज़ार थाने लेकर गई. भीड़ वहां भी पहुंच गई और वहां भी हंगामा कर दिया. पुलिसवालों पर पथराव किया और थाने में तोड़फोड़ की और सब इंस्पेक्टर की बाइक जला दी.
सपा नेता नरेश अग्रवाल ने घटना की निंदा की है. उन्होंने कहा है कि तमाम आपराधिक तत्व भगवा दुपट्टा डाले हुए हैं. थानों, अस्पतालों पर हमले कर रहे हैं.लड़के- लड़कियों को परेशान कर रहे हैं. टिप्पणियां
एनसीपी के नेता नवाब मलिक ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद यूपी में जंगलराज की शुरुआत हो गई. बजरंग दल और दूसरे कई संगठनों के हौसले बढ़ गए हैं.
जेडीयू के नेता राजीव रंजन ने कहा कि योगी आदित्यनाथ को यूपी में बड़ा जनादेश मिला है.जनता को उम्मीद है कि योगी अपनी पुरानी छवि बदलेंगे. योगी बजरंग दल औऱ अपने कार्यकर्ताओं को छवि को सुधारें.
सपा नेता नरेश अग्रवाल ने घटना की निंदा की है. उन्होंने कहा है कि तमाम आपराधिक तत्व भगवा दुपट्टा डाले हुए हैं. थानों, अस्पतालों पर हमले कर रहे हैं.लड़के- लड़कियों को परेशान कर रहे हैं. टिप्पणियां
एनसीपी के नेता नवाब मलिक ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद यूपी में जंगलराज की शुरुआत हो गई. बजरंग दल और दूसरे कई संगठनों के हौसले बढ़ गए हैं.
जेडीयू के नेता राजीव रंजन ने कहा कि योगी आदित्यनाथ को यूपी में बड़ा जनादेश मिला है.जनता को उम्मीद है कि योगी अपनी पुरानी छवि बदलेंगे. योगी बजरंग दल औऱ अपने कार्यकर्ताओं को छवि को सुधारें.
एनसीपी के नेता नवाब मलिक ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद यूपी में जंगलराज की शुरुआत हो गई. बजरंग दल और दूसरे कई संगठनों के हौसले बढ़ गए हैं.
जेडीयू के नेता राजीव रंजन ने कहा कि योगी आदित्यनाथ को यूपी में बड़ा जनादेश मिला है.जनता को उम्मीद है कि योगी अपनी पुरानी छवि बदलेंगे. योगी बजरंग दल औऱ अपने कार्यकर्ताओं को छवि को सुधारें.
जेडीयू के नेता राजीव रंजन ने कहा कि योगी आदित्यनाथ को यूपी में बड़ा जनादेश मिला है.जनता को उम्मीद है कि योगी अपनी पुरानी छवि बदलेंगे. योगी बजरंग दल औऱ अपने कार्यकर्ताओं को छवि को सुधारें. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मामले में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज हुईं.
हिन्दू संगठन के लोगों पर मारपीट का आरोप
पुलिसवालों पर पथराव और थाने में मारपीट | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उच्चतम न्यायालय ने समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता अमर सिंह की शीर्ष राजनीतिज्ञों और बॉलीवुड हस्तियों के साथ टेलीफोन पर हुई बातचीत की टैप की गई सामग्री प्रसारित अथवा प्रकाशित करने को लेकर मीडिया पर लगाई गई रोक को हटा लिया। न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी और न्यायमूर्ति एके गांगुली ने इस बारे में सिंह की ओर से दाखिल याचिका को खारिज करने के साथ ही गत 27 फरवरी को दिए गए अपने उस अंतरिम आदेश को भी वापस ले लिया, जिसमें उसने मीडिया को अमर सिंह की बातचीत से संबंधित टैप सामग्री को सार्वजनिक नहीं करने को कहा था। पीठ ने साथ ही यह भी कहा कि अमर सिंह ने इस मामले में अदालत से तथ्यों को छुपाया है। अदालत ने हालांकि कहा कि अमर सिंह अपना फोन अवैध रूप से टैप करने के लिए रिलायंस इंफोकॉम के खिलाफ मामला दायर कर सकते हैं। पीठ की ओर से फैसला लिखने वाले न्यायमूर्ति गांगुली ने कहा कि इस मामले में केंद्र सरकार या उसके किसी विभाग के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता, क्योंकि सिंह का टेलीफोन टैप करने में वे शामिल नहीं थे। पीठ ने गत 29 मार्च को सिंह की ओर से दायर याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, क्योंकि वह उनका (सिंह) और गैर-सरकारी संगठन द सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (सीपीआईएल) का पक्ष सुनना चाहती थी। सीपीआईएल ने सिंह की ओर से दाखिल याचिका का विरोध करते हुए उनकी सभी टैप बातचीतों को सार्वजनिक करने का आदेश देने की मांग की थी। उच्चतम न्यायालय ने गत 27 फरवरी, 2006 को इलेक्ट्रॉनिक चैनलों और प्रिंट मीडिया पर सिंह सहित सभी की बातचीत टैपों की सामग्री के प्रकाशन और प्रसारण पर रोक लगा दी थी। जब सिंह की टेलीफोन बातचीतों को टैप किया गया था उस समय वह समाजवादी पार्टी के महासचिव थे। उन्होंने इससे पहले कांग्रेस एवं निजी टेलीकॉम प्रदाता कंपनी रिलायंस इंफोकॉम के इस टैपिंग में हाथ होने के आरोप लगाए थे। उन्होंने बाद में कांग्रेस के खिलाफ लगाए गए आरोपों को वापस ले लिया था। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सुप्रीम कोर्ट ने अमर सिंह की राजनीतिज्ञों व फिल्मी हस्तियों से फोन पर हुई बातचीत की टैप की गई सामग्री प्रसारित करने पर लगाई गई रोक को हटा लिया। | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान ने 9/11 हमलों के बाद अमेरिका का साथ देकर बड़ी भूल की. उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों को वो वादा नहीं करना चाहिये था जिसे वे पूरा नहीं कर सकीं. खान ने विदेश संबंधों की परिषद (CFR) में यह भी कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कम से कम ये उम्मीद करते हैं कि वो भारत से कश्मीर से कर्फ्यू हटाने का आग्रह करे. उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को रद्द कर भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव, शिमला समझौते और अपने खुद के संविधान को दरकिनार किया है. खान ने कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र से कश्मीर में अपनी भूमिका निभाने को कहेंगे.
पाकिस्तान कश्मीर के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने की कोशिश करता रहा है, लेकिन भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को रद्द किया जाना उसका 'आंतरिक मामला' है. पूर्व अमेरिकी रक्षा सचिव जेम्स मैटिस ने हाल ही में टिप्पणी की थी कि वह पाकिस्तान को उन सभी देशों के बीच 'सबसे खतरनाक' मानते हैं, जिनसे अभी तक उनका पाला पड़ा है. इस बारे में पूछे जाने पर इमरान खाना ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि मैटिस पूरी तरह से समझते हैं कि पाकिस्तान कट्टरपंथी क्यों बना.' खान ने कहा कि पाकिस्तान ने 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में अलकायदा के हमलों के बाद आतंकवाद के खिलाफ जंग में अमेरिका का साथ देकर बड़ी भूल की.
इमरान खान ने तत्कालीन सैन्य शासक जनरल परवेज मुशर्रफ द्वारा अमेरिका का साथ देने के फैसले की ओर इशारा करते हुए कहा, 'मुझे लगता है कि पिछली सरकारों को वो वादा नहीं करना चाहिए था जिसे वे पूरा नहीं कर सकीं.' पाकिस्तान उन तीन देशों में से एक था जिसने 2001 में अमेरिकी हमले से पहले अफगानिस्तान में तालिबान सरकार को मान्यता दी थी. 9/11 के हमलों के बाद अफगानिस्तान पर अमेरिकी हमले में पाकिस्तान ने तालिबान के खिलाफ अमेरिकी सेना को समर्थन दिया. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पिछली सरकारों को वो वादा नहीं करना चाहिये था जिसे वे पूरा नहीं कर सकीं
खान ने कहा, वह संयुक्त राष्ट्र से कश्मीर में अपनी भूमिका निभाने को कहेंगे
तालिबान सरकार को मान्यता देने वाले देशों में शामिल था पाकिस्तान | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने रविवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर जैसी जगहों पर ग्लोबल वार्मिंग, पारिस्थितिकीय बदलाव और पाकिस्तानी सैनिकों की गोलीबारी की वजह से हिमस्खलन की घटनाएं हो रहीं हैं. जनरल रावत ने सोनमर्ग में 25 जनवरी को हिमस्खलन की घटना में जान गंवाने वाले मेजर अमित सागर को श्रद्धांजलि देने के बाद संवाददाताओं से कहा, 'पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा संघर्षविराम उल्लंघन और भारी हथियारों के इस्तेमाल से मिट्टी को नुकसान पहुंचता है, और भूस्खलन का खतरा होता है. ग्लोबल वार्मिंग से भी ग्लेशियरों में दरार पड़ रही है.'
सेना प्रमुख ने प्रादेशिक सेना (टेरिटोरियल आर्मी) के अधिकारी मेजर अमित सागर के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वहां कठिन परिस्थितियों के बावजूद वह स्वेच्छा से डटे रहे.
कश्मीर घाटी में पिछले सप्ताह से हिमस्खलन और बर्फबारी से जुड़ी घटनाओं में सेना के 15 जवानों समेत 21 लोगों की मौत हो चुकी है. रावत ने कहा कि राज्य में पिछले 72 घंटे से भारी बर्फबारी हो रही है और अगले दो से तीन दिन ऐसे ही हालात रहने की संभावना है. टिप्पणियां
उन्होंने कहा, 'ग्लोबल वार्मिंग की वजह से ग्लेशियरों में दरार पड़ रही है. ऐसे इलाकों में हिमस्खलन हुआ जहां पहले इस तरह के मामले नहीं देखे गए.' सेना प्रमुख ने कहा, 'बड़े स्तर पर संघर्षविराम उल्लंघन हुआ है और भारी हथियारों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. कई बार इससे मिट्टी पर असर पड़ता है.' उन्होंने कहा कि सेना उन जगहों से जवानों को हटा लेती है, जहां भूस्खलन की आशंका रहती है. हालांकि कुछ चौकियां आतंकवाद के लिहाज से संवेदनशील होती हैं. जनरल रावत ने कहा कि हमारे सैनिक इस खतरे का सामना कर रहे हैं. कठिनाइयों के बावजूद वे अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सेना प्रमुख ने प्रादेशिक सेना (टेरिटोरियल आर्मी) के अधिकारी मेजर अमित सागर के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वहां कठिन परिस्थितियों के बावजूद वह स्वेच्छा से डटे रहे.
कश्मीर घाटी में पिछले सप्ताह से हिमस्खलन और बर्फबारी से जुड़ी घटनाओं में सेना के 15 जवानों समेत 21 लोगों की मौत हो चुकी है. रावत ने कहा कि राज्य में पिछले 72 घंटे से भारी बर्फबारी हो रही है और अगले दो से तीन दिन ऐसे ही हालात रहने की संभावना है. टिप्पणियां
उन्होंने कहा, 'ग्लोबल वार्मिंग की वजह से ग्लेशियरों में दरार पड़ रही है. ऐसे इलाकों में हिमस्खलन हुआ जहां पहले इस तरह के मामले नहीं देखे गए.' सेना प्रमुख ने कहा, 'बड़े स्तर पर संघर्षविराम उल्लंघन हुआ है और भारी हथियारों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. कई बार इससे मिट्टी पर असर पड़ता है.' उन्होंने कहा कि सेना उन जगहों से जवानों को हटा लेती है, जहां भूस्खलन की आशंका रहती है. हालांकि कुछ चौकियां आतंकवाद के लिहाज से संवेदनशील होती हैं. जनरल रावत ने कहा कि हमारे सैनिक इस खतरे का सामना कर रहे हैं. कठिनाइयों के बावजूद वे अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कश्मीर घाटी में पिछले सप्ताह से हिमस्खलन और बर्फबारी से जुड़ी घटनाओं में सेना के 15 जवानों समेत 21 लोगों की मौत हो चुकी है. रावत ने कहा कि राज्य में पिछले 72 घंटे से भारी बर्फबारी हो रही है और अगले दो से तीन दिन ऐसे ही हालात रहने की संभावना है. टिप्पणियां
उन्होंने कहा, 'ग्लोबल वार्मिंग की वजह से ग्लेशियरों में दरार पड़ रही है. ऐसे इलाकों में हिमस्खलन हुआ जहां पहले इस तरह के मामले नहीं देखे गए.' सेना प्रमुख ने कहा, 'बड़े स्तर पर संघर्षविराम उल्लंघन हुआ है और भारी हथियारों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. कई बार इससे मिट्टी पर असर पड़ता है.' उन्होंने कहा कि सेना उन जगहों से जवानों को हटा लेती है, जहां भूस्खलन की आशंका रहती है. हालांकि कुछ चौकियां आतंकवाद के लिहाज से संवेदनशील होती हैं. जनरल रावत ने कहा कि हमारे सैनिक इस खतरे का सामना कर रहे हैं. कठिनाइयों के बावजूद वे अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, 'ग्लोबल वार्मिंग की वजह से ग्लेशियरों में दरार पड़ रही है. ऐसे इलाकों में हिमस्खलन हुआ जहां पहले इस तरह के मामले नहीं देखे गए.' सेना प्रमुख ने कहा, 'बड़े स्तर पर संघर्षविराम उल्लंघन हुआ है और भारी हथियारों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. कई बार इससे मिट्टी पर असर पड़ता है.' उन्होंने कहा कि सेना उन जगहों से जवानों को हटा लेती है, जहां भूस्खलन की आशंका रहती है. हालांकि कुछ चौकियां आतंकवाद के लिहाज से संवेदनशील होती हैं. जनरल रावत ने कहा कि हमारे सैनिक इस खतरे का सामना कर रहे हैं. कठिनाइयों के बावजूद वे अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: 'ऐसे इलाकों में हिमस्खलन हुआ जहां पहले इस तरह के मामले नहीं देखे गए'
'पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा भारी हथियारों के इस्तेमाल से मिट्टी को नुकसान'
'ग्लोबल वार्मिंग से भी ग्लेशियरों में दरार पड़ रही है' | 0 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: 2007 में हुए समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट केस में एनआईए को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। एनआईए ने मध्प्रदेश पुलिस की मदद से उज्जैन से राजेंद्र चौधरी उर्फ समंदर दास को गिरफ़्तार कर लिया है।टिप्पणियां
राजेंद्र चौधरी पर आरोप है कि उसने पाकिस्तान जाने वाली ट्रेन में बम रखा था। एनआईए चौधरी के पीछे साल 2010 से लगी हुई थी। गिरफ्तारी के बाद मध्यप्रदेश कोर्ट में पेश कर एनआईए ने उसे ट्रांजिट रिमांड पर ले लिया है।
समझौता एक्सप्रेस मामले में यह चौथी गिरफ़्तारी है। एजेंसी ने पहले ही कमल चौहान, असीमानंद और लोकेश शर्मा को इस विस्फोट में कथित रूप से शामिल होने पर गिरफ़्तार कर लिया था।
राजेंद्र चौधरी पर आरोप है कि उसने पाकिस्तान जाने वाली ट्रेन में बम रखा था। एनआईए चौधरी के पीछे साल 2010 से लगी हुई थी। गिरफ्तारी के बाद मध्यप्रदेश कोर्ट में पेश कर एनआईए ने उसे ट्रांजिट रिमांड पर ले लिया है।
समझौता एक्सप्रेस मामले में यह चौथी गिरफ़्तारी है। एजेंसी ने पहले ही कमल चौहान, असीमानंद और लोकेश शर्मा को इस विस्फोट में कथित रूप से शामिल होने पर गिरफ़्तार कर लिया था।
समझौता एक्सप्रेस मामले में यह चौथी गिरफ़्तारी है। एजेंसी ने पहले ही कमल चौहान, असीमानंद और लोकेश शर्मा को इस विस्फोट में कथित रूप से शामिल होने पर गिरफ़्तार कर लिया था। | यह एक सारांश है: 2007 में हुए समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट केस में एनआईए को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। एनआईए ने मध्प्रदेश पुलिस की मदद से उज्जैन से राजेंद्र चौधरी उर्फ समंदर दास को गिरफ़्तार कर लिया है। | 16 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: योगी सरकार ने मंगलवार देर रात प्रधान गृह सचिव अरविंद कुमार सहित 26 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए और कुछ के विभागों में फेरबदल भी किया. कुमार की जगह अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी को गृह विभाग का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है. अवस्थी अभी सूचना, धार्मिक कार्य, गृह, खुफिया, वीजा पासपोर्ट, जेल प्रशासन एवं सुधार तथा सतर्कता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हैं. उनके पास सीईओ यूपीईआईडीए और यूपीएसएचए का भी प्रभार बरकरार रखा गया है.
कुमार को परिवहन विभाग में भेजा गया है. देर रात जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार दीपक त्रिवेदी अध्यक्ष, राजस्व परिषद बनाए गए हैं जबकि आर के तिवारी एपीसी उत्तर प्रदेश के अलावा प्रमुख सचिव, उच्च शिक्षा भी बने रहेंगे.
नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव खादी को सूक्ष्म लघु उद्योग का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है. विज्ञप्ति के अनुसार कुल 26 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया गया है. | सारांश: योगी सरकार ने यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया
प्रधान गृह सचिव समेत 26 IAS अधिकारियों का हुआ तबादला
अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी को गृह विभाग का अतिरिक्त कार्यभार | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देश के पांच राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति की है. साथ ही केंद्रशासित प्रदेश अरुणाचल प्रदेश में भी नए उपराज्यपाल को नियुक्त किया गया है. सत्यपाल मलिक को बिहार का राज्यपाल बनाया गया है. प्रोफेसर जगदीश मुखी असम के राज्यपाल नियुक्त किए गए हैं.
बनवारी लाल पुरोहित तमिलनाडु के राज्यपाल बनाए गए हैं. अभी तक तमिलनाडु के राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार महाराष्ट्र के राज्यपाल सी. विद्यासागर राव संभाल रहे थे.टिप्पणियां
वहीं गंगा प्रसाद को मेघालय का राज्यपाल बनाया गया है. बीडी मिश्रा को अरुणाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया है. एडमिरल (रिटायर्ड) देवेंद्र कुमार जोशी केंद्रशासित प्रदेश अंडमान निकोबार के लेफ्टिनेंट गवर्नर होंगे.
पूर्व सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सत्यपाल मलिक को बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया है. राष्ट्रपति पद के लिए रामनाथ कोविंद के भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर नामांकित किए जाने के बाद से यह पद रिक्त था. इस साल जुलाई में वह राष्ट्रपति के तौर पर निर्वाचित हुए.
बनवारी लाल पुरोहित तमिलनाडु के राज्यपाल बनाए गए हैं. अभी तक तमिलनाडु के राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार महाराष्ट्र के राज्यपाल सी. विद्यासागर राव संभाल रहे थे.टिप्पणियां
वहीं गंगा प्रसाद को मेघालय का राज्यपाल बनाया गया है. बीडी मिश्रा को अरुणाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया है. एडमिरल (रिटायर्ड) देवेंद्र कुमार जोशी केंद्रशासित प्रदेश अंडमान निकोबार के लेफ्टिनेंट गवर्नर होंगे.
पूर्व सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सत्यपाल मलिक को बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया है. राष्ट्रपति पद के लिए रामनाथ कोविंद के भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर नामांकित किए जाने के बाद से यह पद रिक्त था. इस साल जुलाई में वह राष्ट्रपति के तौर पर निर्वाचित हुए.
वहीं गंगा प्रसाद को मेघालय का राज्यपाल बनाया गया है. बीडी मिश्रा को अरुणाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया है. एडमिरल (रिटायर्ड) देवेंद्र कुमार जोशी केंद्रशासित प्रदेश अंडमान निकोबार के लेफ्टिनेंट गवर्नर होंगे.
पूर्व सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सत्यपाल मलिक को बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया है. राष्ट्रपति पद के लिए रामनाथ कोविंद के भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर नामांकित किए जाने के बाद से यह पद रिक्त था. इस साल जुलाई में वह राष्ट्रपति के तौर पर निर्वाचित हुए.
पूर्व सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सत्यपाल मलिक को बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया है. राष्ट्रपति पद के लिए रामनाथ कोविंद के भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर नामांकित किए जाने के बाद से यह पद रिक्त था. इस साल जुलाई में वह राष्ट्रपति के तौर पर निर्वाचित हुए. | यह एक सारांश है: सत्यपाल मलिक बिहार के राज्यपाल बनाए गए
असम के राज्यपाल होंगे जगदीश मुखी
बनवारी लाल पुरोहित को तमिलनाडु का गवर्नर बनाया गया | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गायिका निकोल शेर्जिन्गर जल्द ही अपने पूर्व प्रेमी लुइस हैमिल्टन से मिलने के लिए मोनाको की उड़ान भरने की योजना बना रही हैं।
ब्रिटिश रिएलिटी शो 'द एक्स फैक्टर' की निर्णायक निकोल शेर्जिन्गर पांच साल तक प्रेम संबंध बने रहने के बाद हाल ही में फार्मूला-वन रेस विजेता लुइस हैमिल्टन से अलग हुई थीं, हालांकि इसके बाद लुइस सुलह की इच्छा जाहिर कर चुके हैं।टिप्पणियां
वेबसाइट डेलीस्टार.को.यूके (dailystar.co.uk) ने एक सूत्र के हवाले से बताया, "लुइस (हैमिल्टन) लगभग एक महीने तक रेसिंग नहीं कर रहे हैं... उधर निकोल (शेर्जिन्गर) को शो से थोड़ा खाली वक्त मिला है, इसलिए उन्होंने लुइस से मिलने जाने का निर्णय लिया..."
सूत्र के मुताबिक, "वे दोनों फोन पर लगातार बात कर रहे हैं... लुइस ने यह भी कहा है कि वह निकोल को दोबारा पाना चाहते हैं..."
ब्रिटिश रिएलिटी शो 'द एक्स फैक्टर' की निर्णायक निकोल शेर्जिन्गर पांच साल तक प्रेम संबंध बने रहने के बाद हाल ही में फार्मूला-वन रेस विजेता लुइस हैमिल्टन से अलग हुई थीं, हालांकि इसके बाद लुइस सुलह की इच्छा जाहिर कर चुके हैं।टिप्पणियां
वेबसाइट डेलीस्टार.को.यूके (dailystar.co.uk) ने एक सूत्र के हवाले से बताया, "लुइस (हैमिल्टन) लगभग एक महीने तक रेसिंग नहीं कर रहे हैं... उधर निकोल (शेर्जिन्गर) को शो से थोड़ा खाली वक्त मिला है, इसलिए उन्होंने लुइस से मिलने जाने का निर्णय लिया..."
सूत्र के मुताबिक, "वे दोनों फोन पर लगातार बात कर रहे हैं... लुइस ने यह भी कहा है कि वह निकोल को दोबारा पाना चाहते हैं..."
वेबसाइट डेलीस्टार.को.यूके (dailystar.co.uk) ने एक सूत्र के हवाले से बताया, "लुइस (हैमिल्टन) लगभग एक महीने तक रेसिंग नहीं कर रहे हैं... उधर निकोल (शेर्जिन्गर) को शो से थोड़ा खाली वक्त मिला है, इसलिए उन्होंने लुइस से मिलने जाने का निर्णय लिया..."
सूत्र के मुताबिक, "वे दोनों फोन पर लगातार बात कर रहे हैं... लुइस ने यह भी कहा है कि वह निकोल को दोबारा पाना चाहते हैं..."
सूत्र के मुताबिक, "वे दोनों फोन पर लगातार बात कर रहे हैं... लुइस ने यह भी कहा है कि वह निकोल को दोबारा पाना चाहते हैं..." | यहाँ एक सारांश है:एक वेबसाइट ने एक सूत्र के हवाले से बताया, "लुइस हैमिल्टन एक महीने तक रेसिंग नहीं कर रहे हैं... उधर निकोल शेर्जिन्गर को शो से थोड़ा खाली वक्त मिला है, इसलिए उन्होंने लुइस से मिलने जाने का निर्णय लिया..." | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने सोमवार को अपना छठा और यूपीए-2 सरकार का तीसरा आम बजट पेश करते हुए आम नागरिकों को कुछ राहत देते हुए करमुक्त आयसीमा को 1.6 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.8 लाख रुपये करने का प्रस्ताव किया है। दो ही महीनों में पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के मद्देनजर वित्तमंत्री ने आम आदमी को राहत देने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनके तहत अब 62 के स्थान पर 60 वर्ष के नागरिक वरिष्ठ माने जाएंगे, जिन्हें 2.5 लाख तक की आय पर कर नहीं देना होगा। इसके अतिरिक्त 80 वर्ष से अधिक आयु वाले 'अतिवरिष्ठ' नागरिक माने जाएंगे, जिनके लिए करमुक्त आयसीमा पांच लाख होगी। वित्तमंत्री ने वर्ष 2011-12 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में नौ प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद भी जताई है, तथा दावा किया है कि महंगाई अगले साल कम हो जाएगी। इसके अतिरिक्त श्री मुखर्जी ने कैश सब्सिडी के लिए सरकार द्वारा समिति बनाए जाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि एलपीजी, खाद तथा कैरोसिन में कैश सब्सिडी दी जाएगी, जो 2012 से लागू होगी। वित्तमंत्री ने भ्रष्टाचार से लड़ने की जरूरत बताते हुए मिलजुल-कर इस दिशा में काम करने का आहृवान किया। सरकार ने शिक्षा क्षेत्र के लिए भी 52 हज़ार करोड़ रुपये, तथा भारत निर्माण के लिए 58 हज़ार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने घोषणा की कि समय पर कर्ज चुकाने वाले किसानों को तीन प्रतिशत की छूट मिलेगी, जबकि अब 25 लाख तक के होम लोन सुरक्षित माने जाएंगे, पहले यह सीमा 20 लाख थी। इसके अतिरिक्त सरकार 15 लाख तक होम लोन पर छूट के तौर पर ब्याज पर एक फीसदी सब्सिडी देगी। सरकार ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना का बजट भी बढ़ाकर 7,866 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। ग्रामीण बैंकों को भी नए वित्त वर्ष में 5,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी दी जाएगी। वित्तमंत्री के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में अभी काफी कुछ करना बाकी है। वित्तमंत्री के अनुसार सरकार ने वर्ष 2011-12 में 40 हजार करोड़ के विनिवेश का लक्ष्य तय किया है, तथा नए बैंक लाइसेंस देने के संबंध में विधेयक भी इसी सत्र में लाए जाने की घोषणा की गई है। वित्तमंत्री ने महंगाई के घटने का दावा करते हुए कहा कि चीनी-दाल की कीमतों में कमी आई है तथा अगले साल महंगाई कम हो जाएगी। उन्होंने कहा कि खाने-पीने की महंगाई दर में कमी आई है, और वह 20.2 से 9.3 फीसदी हो गई है, तथा थोक-खुदरा भाव में ज्यादा अंतर है। उन्होंने कहा कि 2014-15 तक घाटा पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है तथा टैक्स प्रणाली को और सरल बनाया जाएगा। तथा जनरल सर्विस टैक्स (GST) को देशभर में लागू करने के लिए विधेयक लाया जाएगा।उद्योगों की प्रोत्साहन पैकेज वापसी की दिशा में कोई बड़ा कदम नहीं उठाया गया और उत्पाद एवं सीमा शुल्क की शीर्ष मानक दरों में बदलाव नहीं किया गया है। सेवाकर को 10 प्रतिशत पर यथावत रखा गया और कई अन्य सेवाओं को इसके दायरे में लाने की घोषणा की गई। घरेलू कंपनियों पर कर बोझ को कुछ हल्का करते हुए वित्तमंत्री ने कंपनियों पर लगने वाले 7.5 प्रतिशत अधिभार की दर को घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया। हालांकि उन्होंने न्यूनतम वैकल्पिक कर (मैट) दर को घटाने के बजाय 18 से बढ़ाकर 18.5 प्रतिशत कर दी। उद्योग जगत की मांग थी कि मैट दर सामान्य कंपनी कर की आधी होनी चाहिए। वित्तमंत्री ने सामाजिक क्षेत्र की विभिन्न योजनाओं के लिए बजट आवंटन पिछले साल की तुलना में 17 प्रतिशत बढ़ाकर 1,60,887 करोड़ रुपये रखने का प्रस्ताव किया है। यह राशि कुल योजना आवंटन का 36.4 प्रतिशत है। एकीकृत बाल विकास योजना के तहत आंगनबाड़ी कार्यकताओं की लंबे समय से चली आ रही मांग पर गौर करते हुए वित्तमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकताओं का मेहनताना 1,500 से बढ़ाकर 3,000 रुपये और आंगनबाड़ी सहायकों का पारिश्रमिक 750 से बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह कर दिया। यह व्यवस्था अप्रैल, 2011 से लागू होगी। इससे देशभर में 22 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायक लाभान्वित होंगे। बजट में अगले वित्त वर्ष में भारत निर्माण योजना के लिए कुल मिलाकर 58,000 करोड रुपये का प्रावधान किया गया है, मौजूदा वित्तवर्ष की तुलना में यह 10,000 करोड़ रुपये अधिक है। भारत निर्माण योजना में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, त्वरित सिंचाई योजना, राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना, इंदिरा आवास योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना और ग्रामीण टेलीफोनी योजना शमिल है। मुखर्जी ने बजट पेश करते हुए कहा कि चालू वित्तवर्ष में देश का विकास तीव्र और व्यापक रहा है। अर्थव्यवस्था संकट से उभरकर विकास के पथ पर वापस आ गई है। कृषि क्षेत्र में फिर से वृद्धि दिखाई दी है और उद्योग जगत अपनी पूर्व तेजी पर लौट रहा है। सेवा क्षेत्र में दो अंक की वृद्धि हुई है तथा राजकोषीय मजबूती की दिशा में उठाये कदम प्रभावी रहे हैं। इससे निकट भविष्य में द्विअंकीय वृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। | सारांश: समय पर कर्ज चुकाने वाले किसानों को छूट मिलेगी, करमुक्त आयसीमा को बढ़ाकर 1.8 लाख रुपये करने का प्रस्ताव किया गया है। | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सुप्रीम कोर्ट से फैसले की गाज भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के साथ राज्य क्रिकेट संघों पर भी गिरी है, सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं महाराष्ट्र और गुजरात जो अपने एक से ज्यादा वोटों के बूते दशकों से भारतीय क्रिकेट के प्रशासन में दबदबा बनाए हुए थे।
लोढा कमेटी के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर के बाद मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष 75 साल के शरद पवार, सौराष्ट्र क्रिकेट संघ के सर्वेसर्वा 72 साल के निरंजन शाह, तमिलनाडु क्रिकेट असोसिएशन के अध्यक्ष 71 साल के एन श्रीनिवासन, देश में और अपने राज्य में क्रिकेट चलाने के लिए इन क्षेत्रीय क्षत्रपों को सुप्रीम कोर्ट ने आउट करार दिया है।टिप्पणियां
यही नहीं महाराष्ट्र और गुजरात क्रिकेट संघों को एक वोट तक सीमित कर सर्वोच्च अदालत ने उनके कद को भी कम दिया है। इस फैसले के बाद मुंबई क्रिकेट असोसिएशन के संयुक्त सचिव उन्मेश खानविलकर ने कहा, 'हमने रविवार को मैनेजिंग कमेटी की बैठक बुलाई है ये देखने के लिए कि हमारे पास क्या विकल्प हैं। एमसीए 70 साल के अधिकतक आयु सीमा की वजह से इस फैसले से सीधा प्रभावित हो रहा है।'
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के पास इस मामले में अब ज्यादा विकल्प नहीं हैं, इसलिए उसकी प्रतिक्रिया भी बेहद नपीतुली है। बोर्ड के सीईओ राहुल जौहरी ने कहा हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं, हम आदेश को पढ़ रहे हैं फिलहाल इस स्थिति में नहीं हैं कि विशेष रूप से किसी एक सुझाव पर टिप्पणी करें।
सुप्रीम कोर्ट ने सुधारों को लागू करने के लिए बीसीसीआई को 6 महीने का वक्त दिया है, लेकिन ज्यादातर राज्य क्रिकेट संघों को लगता है कि आदेश का पालन करने में उन्हें इससे ज्यादा वक्त लग सकता है।
लोढा कमेटी के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर के बाद मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष 75 साल के शरद पवार, सौराष्ट्र क्रिकेट संघ के सर्वेसर्वा 72 साल के निरंजन शाह, तमिलनाडु क्रिकेट असोसिएशन के अध्यक्ष 71 साल के एन श्रीनिवासन, देश में और अपने राज्य में क्रिकेट चलाने के लिए इन क्षेत्रीय क्षत्रपों को सुप्रीम कोर्ट ने आउट करार दिया है।टिप्पणियां
यही नहीं महाराष्ट्र और गुजरात क्रिकेट संघों को एक वोट तक सीमित कर सर्वोच्च अदालत ने उनके कद को भी कम दिया है। इस फैसले के बाद मुंबई क्रिकेट असोसिएशन के संयुक्त सचिव उन्मेश खानविलकर ने कहा, 'हमने रविवार को मैनेजिंग कमेटी की बैठक बुलाई है ये देखने के लिए कि हमारे पास क्या विकल्प हैं। एमसीए 70 साल के अधिकतक आयु सीमा की वजह से इस फैसले से सीधा प्रभावित हो रहा है।'
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के पास इस मामले में अब ज्यादा विकल्प नहीं हैं, इसलिए उसकी प्रतिक्रिया भी बेहद नपीतुली है। बोर्ड के सीईओ राहुल जौहरी ने कहा हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं, हम आदेश को पढ़ रहे हैं फिलहाल इस स्थिति में नहीं हैं कि विशेष रूप से किसी एक सुझाव पर टिप्पणी करें।
सुप्रीम कोर्ट ने सुधारों को लागू करने के लिए बीसीसीआई को 6 महीने का वक्त दिया है, लेकिन ज्यादातर राज्य क्रिकेट संघों को लगता है कि आदेश का पालन करने में उन्हें इससे ज्यादा वक्त लग सकता है।
यही नहीं महाराष्ट्र और गुजरात क्रिकेट संघों को एक वोट तक सीमित कर सर्वोच्च अदालत ने उनके कद को भी कम दिया है। इस फैसले के बाद मुंबई क्रिकेट असोसिएशन के संयुक्त सचिव उन्मेश खानविलकर ने कहा, 'हमने रविवार को मैनेजिंग कमेटी की बैठक बुलाई है ये देखने के लिए कि हमारे पास क्या विकल्प हैं। एमसीए 70 साल के अधिकतक आयु सीमा की वजह से इस फैसले से सीधा प्रभावित हो रहा है।'
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के पास इस मामले में अब ज्यादा विकल्प नहीं हैं, इसलिए उसकी प्रतिक्रिया भी बेहद नपीतुली है। बोर्ड के सीईओ राहुल जौहरी ने कहा हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं, हम आदेश को पढ़ रहे हैं फिलहाल इस स्थिति में नहीं हैं कि विशेष रूप से किसी एक सुझाव पर टिप्पणी करें।
सुप्रीम कोर्ट ने सुधारों को लागू करने के लिए बीसीसीआई को 6 महीने का वक्त दिया है, लेकिन ज्यादातर राज्य क्रिकेट संघों को लगता है कि आदेश का पालन करने में उन्हें इससे ज्यादा वक्त लग सकता है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के पास इस मामले में अब ज्यादा विकल्प नहीं हैं, इसलिए उसकी प्रतिक्रिया भी बेहद नपीतुली है। बोर्ड के सीईओ राहुल जौहरी ने कहा हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं, हम आदेश को पढ़ रहे हैं फिलहाल इस स्थिति में नहीं हैं कि विशेष रूप से किसी एक सुझाव पर टिप्पणी करें।
सुप्रीम कोर्ट ने सुधारों को लागू करने के लिए बीसीसीआई को 6 महीने का वक्त दिया है, लेकिन ज्यादातर राज्य क्रिकेट संघों को लगता है कि आदेश का पालन करने में उन्हें इससे ज्यादा वक्त लग सकता है। | संक्षिप्त सारांश: बीसीसीआई में क्षेत्रीय क्षत्रपों को सुप्रीम कोर्ट ने आउट करार दिया है
कमेटी की सिफारिशें लागू करने के लिए BCCI को 6 महीने का वक्त
दशकों से क्रिकेट के प्रशासन में दबदबा बनाए हुए थे क्षेत्रीय क्षत्रप | 0 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र सरकार ने बैलगाड़ी दौड़ आयोजन को कानूनन संरक्षण देने के लिए संशोधन बिल पेश किया. महाराष्ट्र विधानमंडल के दोनों सदनों ने इस संशोधन को एकमत से अनुमति दी. लेकिन बीजेपी के अंदर ही इसे लेकर विरोध सामने आया है. सत्ता पक्ष के एक विधायक ने इसे जानवरों पर अत्याचार बताया. हालांकि सदन में उनको अनसुना करके विधेयक को मंजूरी दे दी गई.
महाराष्ट्र के पशुसंवर्धन मंत्री महादेव जानकर ने एनडीटीवी इंडिया से कहा कि राज्य की सांस्कृतिक परंपराओं को बरकरार रखने और बैलों की 35 मूल प्रजातियों को बचाने के लिए यह बदलाव का प्रस्ताव लाया गया है. बैलों पर ज्यादती न हो इसलिए संशोधन में विशेष प्रावधान किया गया है. इसके उल्लंघन पर 5 लाख रुपये का जुर्माना या तीन साल की कैद की सजा दी जाएगी.
अपने कानून को और सक्षम बनाने के लिए राज्य सरकार ने दौड़ के आयोजन का अधिकार स्थानीय पुलिस से छीन लिया है. अब जिलाधिकारी की अनुमति से बैलगाड़ी दौड़ का आयोजन किया जा सकेगा. टिप्पणियां
लेकिन, जहा अलग-अलग दलों ने इस बिल के संशोधन का समर्थन किया, बीजेपी में ही इस संशोधन को लेकर विरोध सामने आया है. बीजेपी विधायक मंगलप्रभात लोढा ने विधानसभा में अपना विरोध व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि ऐसी दौड़ में जानवरों से अक्सर बुरा बर्ताव होता है. इसे देखते हुए सरकार कानून में बदलाव न करे.
हालांकि सदन ने इस विरोध को अनदेखा कर बहुमत के आधार पर कानून में संशोधन को मंजूरी दी.
महाराष्ट्र के पशुसंवर्धन मंत्री महादेव जानकर ने एनडीटीवी इंडिया से कहा कि राज्य की सांस्कृतिक परंपराओं को बरकरार रखने और बैलों की 35 मूल प्रजातियों को बचाने के लिए यह बदलाव का प्रस्ताव लाया गया है. बैलों पर ज्यादती न हो इसलिए संशोधन में विशेष प्रावधान किया गया है. इसके उल्लंघन पर 5 लाख रुपये का जुर्माना या तीन साल की कैद की सजा दी जाएगी.
अपने कानून को और सक्षम बनाने के लिए राज्य सरकार ने दौड़ के आयोजन का अधिकार स्थानीय पुलिस से छीन लिया है. अब जिलाधिकारी की अनुमति से बैलगाड़ी दौड़ का आयोजन किया जा सकेगा. टिप्पणियां
लेकिन, जहा अलग-अलग दलों ने इस बिल के संशोधन का समर्थन किया, बीजेपी में ही इस संशोधन को लेकर विरोध सामने आया है. बीजेपी विधायक मंगलप्रभात लोढा ने विधानसभा में अपना विरोध व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि ऐसी दौड़ में जानवरों से अक्सर बुरा बर्ताव होता है. इसे देखते हुए सरकार कानून में बदलाव न करे.
हालांकि सदन ने इस विरोध को अनदेखा कर बहुमत के आधार पर कानून में संशोधन को मंजूरी दी.
अपने कानून को और सक्षम बनाने के लिए राज्य सरकार ने दौड़ के आयोजन का अधिकार स्थानीय पुलिस से छीन लिया है. अब जिलाधिकारी की अनुमति से बैलगाड़ी दौड़ का आयोजन किया जा सकेगा. टिप्पणियां
लेकिन, जहा अलग-अलग दलों ने इस बिल के संशोधन का समर्थन किया, बीजेपी में ही इस संशोधन को लेकर विरोध सामने आया है. बीजेपी विधायक मंगलप्रभात लोढा ने विधानसभा में अपना विरोध व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि ऐसी दौड़ में जानवरों से अक्सर बुरा बर्ताव होता है. इसे देखते हुए सरकार कानून में बदलाव न करे.
हालांकि सदन ने इस विरोध को अनदेखा कर बहुमत के आधार पर कानून में संशोधन को मंजूरी दी.
लेकिन, जहा अलग-अलग दलों ने इस बिल के संशोधन का समर्थन किया, बीजेपी में ही इस संशोधन को लेकर विरोध सामने आया है. बीजेपी विधायक मंगलप्रभात लोढा ने विधानसभा में अपना विरोध व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि ऐसी दौड़ में जानवरों से अक्सर बुरा बर्ताव होता है. इसे देखते हुए सरकार कानून में बदलाव न करे.
हालांकि सदन ने इस विरोध को अनदेखा कर बहुमत के आधार पर कानून में संशोधन को मंजूरी दी.
हालांकि सदन ने इस विरोध को अनदेखा कर बहुमत के आधार पर कानून में संशोधन को मंजूरी दी. | बीजेपी के विधायक ने उठाया जानवरों पर अत्याचार का सवाल
सांस्कृतिक परंपराओं को बरकरार रखने के लिए संशोधन
बैलों पर ज्यादती न हो इसके लिए विशेष प्रावधान किया गया | 28 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर जिन 89 लोगों को पद्म सम्मान दिए जाने की घोषणा की, उनमें से एक नाम को अंतिम समय में सूची से हटाया गया. हालांकि मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उससे पहले जम्मू-कश्मीर के दिवंगत नेता मुफ्ती मोहम्मद सईद का नाम सूची में शामिल था. उल्लेखनीय है कि नवंबर 2014 में जम्मू-कश्मीर में हुए विधानसभा चुनाव के बाद पीडीपी-बीजेपी ने सरकार बनाई थी. उस दौरान पीडीपी नेता मुफ्ती मोहम्मद सईद राज्य के मुख्यमंत्री बने थे लेकिन पिछले साल जनवरी में उनका बीमारी के बाद निधन हो गया.
अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने इस बार के पद्म सम्मान के लिए उनके नाम का चुनाव भी किया था लेकिन सूत्रों के मुताबिक परिवार के ज्यादा इच्छुक नहीं होने के चलते अंतिम समय में उनका नाम हटा दिया गया. उल्लेखनीय है कि सईद केंद्रीय गृह मंत्री भी रहे.
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अंतिम नाम तय किए जाने से पहले गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इससे संबंधित कई लोगों से बातचीत की थी और उसके बाद ही सूची को अंतिम रूप दिया गया. सईद के मामले में जब परिवार से राय ली गई तो उनके बहुत इच्छुक नहीं होने के चलते अंतिम लिस्ट से उनका नाम हटा दिया गया. टिप्पणियां
गौरतलब है कि सईद के बाद उनकी राजनीतिक वारिस पुत्री महबूबा मुफ्ती को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया. वह जम्मू-कश्मीर की पहली महिला मुख्यमंत्री हैं.
उल्लेखनीय है कि इस बार पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पीए संगमा और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा को मरणोपरांत पद्म विभूषण सम्मान दिया गया.
अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने इस बार के पद्म सम्मान के लिए उनके नाम का चुनाव भी किया था लेकिन सूत्रों के मुताबिक परिवार के ज्यादा इच्छुक नहीं होने के चलते अंतिम समय में उनका नाम हटा दिया गया. उल्लेखनीय है कि सईद केंद्रीय गृह मंत्री भी रहे.
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अंतिम नाम तय किए जाने से पहले गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इससे संबंधित कई लोगों से बातचीत की थी और उसके बाद ही सूची को अंतिम रूप दिया गया. सईद के मामले में जब परिवार से राय ली गई तो उनके बहुत इच्छुक नहीं होने के चलते अंतिम लिस्ट से उनका नाम हटा दिया गया. टिप्पणियां
गौरतलब है कि सईद के बाद उनकी राजनीतिक वारिस पुत्री महबूबा मुफ्ती को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया. वह जम्मू-कश्मीर की पहली महिला मुख्यमंत्री हैं.
उल्लेखनीय है कि इस बार पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पीए संगमा और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा को मरणोपरांत पद्म विभूषण सम्मान दिया गया.
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अंतिम नाम तय किए जाने से पहले गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इससे संबंधित कई लोगों से बातचीत की थी और उसके बाद ही सूची को अंतिम रूप दिया गया. सईद के मामले में जब परिवार से राय ली गई तो उनके बहुत इच्छुक नहीं होने के चलते अंतिम लिस्ट से उनका नाम हटा दिया गया. टिप्पणियां
गौरतलब है कि सईद के बाद उनकी राजनीतिक वारिस पुत्री महबूबा मुफ्ती को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया. वह जम्मू-कश्मीर की पहली महिला मुख्यमंत्री हैं.
उल्लेखनीय है कि इस बार पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पीए संगमा और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा को मरणोपरांत पद्म विभूषण सम्मान दिया गया.
गौरतलब है कि सईद के बाद उनकी राजनीतिक वारिस पुत्री महबूबा मुफ्ती को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया. वह जम्मू-कश्मीर की पहली महिला मुख्यमंत्री हैं.
उल्लेखनीय है कि इस बार पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पीए संगमा और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा को मरणोपरांत पद्म विभूषण सम्मान दिया गया.
उल्लेखनीय है कि इस बार पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पीए संगमा और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा को मरणोपरांत पद्म विभूषण सम्मान दिया गया. | संक्षिप्त सारांश: मुफ्ती मोहम्मद सईद का पिछले साल निधन हुआ
उससे पहले वह जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रहे
पीए संगमा और सुंदरलाल पटवा को मरणोपरांत पद्म सम्मान दिया गया | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय मूल के 24 वर्षीय एक व्यक्ति को पत्नी की हत्या करने के जुर्म में आज कम से कम छह साल की सजा सुनाई गई। एएपी की खबर में कहा गया है कि वर्ष 2009 में चमनजोत सिंह ने अपने वैवाहिक जीवन में कड़वाहट आने के बाद पत्नी के गले को बॉक्स कटर से कम से कम आठ बार काटा और फिर गला घोंटकर उसे मार डाला।
बहरहाल, न्यू साउथ वेल्स स्थित सुप्रीम कोर्ट के ज्यूरी ने यह माना कि आरोपी को उसकी पत्नी ने यह कह कर उकसाया कि उसने (पत्नी ने) उसे (पति को) कभी नहीं चाहा और वह (पत्नी) एक अन्य व्यक्ति को चाहती है।
सिडनी पश्चिम में चमनजोत ने 29 दिसंबर 2009 को अपनी पत्नी मनप्रीत कौर को मार डाला था। अदालत ने उसे हत्या का नहीं बल्कि मानवहत्या का दोषी ठहराया।टिप्पणियां
यह भी पाया गया कि मनप्रीत के भाई ने आरोपी के साथ फोन पर बातचीत के दौरान आपत्तिजनक टिप्प्णियां की थीं जिससे सिंह ने आपा खो दिया था। जज पीटर मैक्क्लेन ने चमनजोत को सजा सुनाते हुए कहा कि सिंह को सजा पूरी होने के बाद स्वदेश भेजना होगा।
मृतक की बहन ने इस बात से इनकार किया कि उसकी बहन किसी अन्य व्यक्ति को चाहती थी। उसने कहा कि इस बात के कोई सबूत नहीं मिले।
बहरहाल, न्यू साउथ वेल्स स्थित सुप्रीम कोर्ट के ज्यूरी ने यह माना कि आरोपी को उसकी पत्नी ने यह कह कर उकसाया कि उसने (पत्नी ने) उसे (पति को) कभी नहीं चाहा और वह (पत्नी) एक अन्य व्यक्ति को चाहती है।
सिडनी पश्चिम में चमनजोत ने 29 दिसंबर 2009 को अपनी पत्नी मनप्रीत कौर को मार डाला था। अदालत ने उसे हत्या का नहीं बल्कि मानवहत्या का दोषी ठहराया।टिप्पणियां
यह भी पाया गया कि मनप्रीत के भाई ने आरोपी के साथ फोन पर बातचीत के दौरान आपत्तिजनक टिप्प्णियां की थीं जिससे सिंह ने आपा खो दिया था। जज पीटर मैक्क्लेन ने चमनजोत को सजा सुनाते हुए कहा कि सिंह को सजा पूरी होने के बाद स्वदेश भेजना होगा।
मृतक की बहन ने इस बात से इनकार किया कि उसकी बहन किसी अन्य व्यक्ति को चाहती थी। उसने कहा कि इस बात के कोई सबूत नहीं मिले।
सिडनी पश्चिम में चमनजोत ने 29 दिसंबर 2009 को अपनी पत्नी मनप्रीत कौर को मार डाला था। अदालत ने उसे हत्या का नहीं बल्कि मानवहत्या का दोषी ठहराया।टिप्पणियां
यह भी पाया गया कि मनप्रीत के भाई ने आरोपी के साथ फोन पर बातचीत के दौरान आपत्तिजनक टिप्प्णियां की थीं जिससे सिंह ने आपा खो दिया था। जज पीटर मैक्क्लेन ने चमनजोत को सजा सुनाते हुए कहा कि सिंह को सजा पूरी होने के बाद स्वदेश भेजना होगा।
मृतक की बहन ने इस बात से इनकार किया कि उसकी बहन किसी अन्य व्यक्ति को चाहती थी। उसने कहा कि इस बात के कोई सबूत नहीं मिले।
यह भी पाया गया कि मनप्रीत के भाई ने आरोपी के साथ फोन पर बातचीत के दौरान आपत्तिजनक टिप्प्णियां की थीं जिससे सिंह ने आपा खो दिया था। जज पीटर मैक्क्लेन ने चमनजोत को सजा सुनाते हुए कहा कि सिंह को सजा पूरी होने के बाद स्वदेश भेजना होगा।
मृतक की बहन ने इस बात से इनकार किया कि उसकी बहन किसी अन्य व्यक्ति को चाहती थी। उसने कहा कि इस बात के कोई सबूत नहीं मिले।
मृतक की बहन ने इस बात से इनकार किया कि उसकी बहन किसी अन्य व्यक्ति को चाहती थी। उसने कहा कि इस बात के कोई सबूत नहीं मिले। | संक्षिप्त पाठ: भारतीय मूल के 24 वर्षीय एक व्यक्ति को पत्नी की हत्या करने के जुर्म में आज कम से कम छह साल की सजा सुनाई गई। | 27 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस गुजरात के अपने नाराज वरिष्ठ नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री नरहरि अमीन को मना नहीं पाई है। अमीन ने पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार नहीं करने की धमकी दी थी।टिप्पणियां
अमीन से बातचीत के लिए कांग्रेस नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला आए, लेकिन दोनों तरफ से बातचीत के नतीजे को लेकर कुछ नहीं बताया गया है। शुक्ला ने केवल यह कहा, अमीन गुजरात के काफी कद्दावर नेता हैं। मैंने उनसे बातचीत की है, लेकिन उसके बारे में नहीं खुलासा करूंगा।
हालांकि, सूत्रों ने बताया कि अमीन ने शुक्ला से कहा कि वह किसी भी स्थिति में पार्टी के लिए काम नहीं करेंगे। अमीन को आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया है। अमीन ने अपने समर्थकों से पार्टी में पदों और स्थानीय निकायों से इस्तीफा देने को कहा है।
अमीन से बातचीत के लिए कांग्रेस नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला आए, लेकिन दोनों तरफ से बातचीत के नतीजे को लेकर कुछ नहीं बताया गया है। शुक्ला ने केवल यह कहा, अमीन गुजरात के काफी कद्दावर नेता हैं। मैंने उनसे बातचीत की है, लेकिन उसके बारे में नहीं खुलासा करूंगा।
हालांकि, सूत्रों ने बताया कि अमीन ने शुक्ला से कहा कि वह किसी भी स्थिति में पार्टी के लिए काम नहीं करेंगे। अमीन को आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया है। अमीन ने अपने समर्थकों से पार्टी में पदों और स्थानीय निकायों से इस्तीफा देने को कहा है।
हालांकि, सूत्रों ने बताया कि अमीन ने शुक्ला से कहा कि वह किसी भी स्थिति में पार्टी के लिए काम नहीं करेंगे। अमीन को आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया है। अमीन ने अपने समर्थकों से पार्टी में पदों और स्थानीय निकायों से इस्तीफा देने को कहा है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कांग्रेस गुजरात के अपने नाराज वरिष्ठ नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री नरहरि अमीन को मना नहीं पाई है। अमीन से बातचीत के लिए राजीव शुक्ला आए थे, लेकिन दोनों तरफ से बातचीत के नतीजे को लेकर कुछ नहीं बताया गया है। | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अरविंद केजरीवाल, कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के इस्तीफे पर अड़े हैं। उनका आरोप है कि खुर्शीद के ट्रस्ट ने सरकार से मिले पैसों का गलत इस्तेमाल किया है।
अब एनडीटीवी को इस ट्रस्ट से जुड़ी सीएजी की ड्राफ्ट रिपोर्ट हाथ लगी है, जिसमें यह कहा गया है कि शारीरिक चुनौतियों के शिकार लोगों के लिए दिए गए फंड के इस्तेमाल में कई अनियमितताएं मिली हैं।टिप्पणियां
ड्राफ्ट रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार से 2009−10 के दौरान ट्रस्ट को 71.5 लाख रुपये का फंड मिला, जो उत्तर प्रदेश के 17 जिलों में विकलांगो को उनकी जरूरत के सामान बांटने के लिए था, लेकिन उसका पूरा इस्तेमाल नहीं किया गया। साथ ही ट्रस्ट ने गलत सूचनाएं भी दीं।
वहीं, शनिवार को कानून मंत्री सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद ने अपने ट्रस्ट पर लगे आरोपों की सफाई में कहा कि उन्होंने खुद जांच की मांग की है। उनके मुताबिक अगर उन्होंने कोई घोटाला किया होता, तो वह जांच के लिए कभी तैयार नहीं होतीं। लुईस खुर्शीद ने केजरीवाल को झूठा बताते हुए कहा है कि इस मामले में कोई सीएजी रिपोर्ट है ही नहीं।
अब एनडीटीवी को इस ट्रस्ट से जुड़ी सीएजी की ड्राफ्ट रिपोर्ट हाथ लगी है, जिसमें यह कहा गया है कि शारीरिक चुनौतियों के शिकार लोगों के लिए दिए गए फंड के इस्तेमाल में कई अनियमितताएं मिली हैं।टिप्पणियां
ड्राफ्ट रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार से 2009−10 के दौरान ट्रस्ट को 71.5 लाख रुपये का फंड मिला, जो उत्तर प्रदेश के 17 जिलों में विकलांगो को उनकी जरूरत के सामान बांटने के लिए था, लेकिन उसका पूरा इस्तेमाल नहीं किया गया। साथ ही ट्रस्ट ने गलत सूचनाएं भी दीं।
वहीं, शनिवार को कानून मंत्री सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद ने अपने ट्रस्ट पर लगे आरोपों की सफाई में कहा कि उन्होंने खुद जांच की मांग की है। उनके मुताबिक अगर उन्होंने कोई घोटाला किया होता, तो वह जांच के लिए कभी तैयार नहीं होतीं। लुईस खुर्शीद ने केजरीवाल को झूठा बताते हुए कहा है कि इस मामले में कोई सीएजी रिपोर्ट है ही नहीं।
ड्राफ्ट रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार से 2009−10 के दौरान ट्रस्ट को 71.5 लाख रुपये का फंड मिला, जो उत्तर प्रदेश के 17 जिलों में विकलांगो को उनकी जरूरत के सामान बांटने के लिए था, लेकिन उसका पूरा इस्तेमाल नहीं किया गया। साथ ही ट्रस्ट ने गलत सूचनाएं भी दीं।
वहीं, शनिवार को कानून मंत्री सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद ने अपने ट्रस्ट पर लगे आरोपों की सफाई में कहा कि उन्होंने खुद जांच की मांग की है। उनके मुताबिक अगर उन्होंने कोई घोटाला किया होता, तो वह जांच के लिए कभी तैयार नहीं होतीं। लुईस खुर्शीद ने केजरीवाल को झूठा बताते हुए कहा है कि इस मामले में कोई सीएजी रिपोर्ट है ही नहीं।
वहीं, शनिवार को कानून मंत्री सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद ने अपने ट्रस्ट पर लगे आरोपों की सफाई में कहा कि उन्होंने खुद जांच की मांग की है। उनके मुताबिक अगर उन्होंने कोई घोटाला किया होता, तो वह जांच के लिए कभी तैयार नहीं होतीं। लुईस खुर्शीद ने केजरीवाल को झूठा बताते हुए कहा है कि इस मामले में कोई सीएजी रिपोर्ट है ही नहीं। | संक्षिप्त पाठ: सलमान खुर्शीद और उनकी पत्नी के ट्रस्ट से जुड़ी सीएजी की ड्राफ्ट रिपोर्ट में कहा गया है कि शारीरिक चुनौतियों के शिकार लोगों के लिए दिए गए फंड के इस्तेमाल में अनियमितताएं बरती गईं। | 27 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना धनगर जाति को आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि भारत से प्रेम करने वाले मुस्लिमों के अधिकारों के लिए लड़ेंगे. महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले जाहिर तौर पर सहयोगी भाजपा का हवाला देते हुए उद्धव ने कहा कि 'शिव सैनिकों को धोखा देने की कभी हिम्मत न करें. हालांकि उन्होंने इसके साथ यह भी कहा कि भाजपा-शिवसेना गठबंधन वास्तविक है और उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा के गठजोड़ की तरह नहीं है जो सिर्फ सत्ता के लालच पर आधारित था, इसलिए लोगों ने उन्हें खारिज कर दिया.'
ठाकरे ने कहा कि 'सरकार के अगले एजेंडे में अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण और समान नागरिक संहिता को लाना होना चाहिए.' बीजेपी से गठबंधन को लेकर उन्होंने कहा कि 'अगर भाजपा से नहीं तो क्या हमें कांग्रेस का समर्थन करना चाहिए था? जिसने जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 को रद्द करने और राजद्रोह कानून का विरोध किया है.'
विजयादशमी पर आयोजित कार्यक्रम में उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे ने पहले शस्त्र पूजा की और फिर कार्य पुस्तिका का विमोचन किया. उद्धव ठाकरे ने कहा कि ' मैं कल से सोच रहा हूं कि ऐसा योग कम ही आता है, एक महीने में दो विजयादशमी. एक आज एक चुनाव के बाद. उन्होंने कहा कि शिव प्रभु ने देश को भगवा रंग दिया है. वही भगवा लेकर मैं आया हूं. पिछले दिनों प्रधानमंत्री ने कहा कि राम मंदिर का कोर्ट में केस है. बीस साल से है...फैसला जल्द आएगा, आना ही चहिए. मुझे देश में राम मंदिर चाहिए वो बनना ही चाहिए.'
उद्धव ठाकरे ने कहा कि 'इस राज्य में सभी जाति-धर्म के लोग हैं. देशभक्त मुसलमान भी हैं. सत्ता तो मुझे चहिए ही, किसी भी परिस्थिति में चाहिए. गठबंधन किया. किसी को लग रहा होगा कि शिवसेना झुक गई. चंद्रकांत पाटिल ने कहा हमारी मजबूरी समझिए.' उन्होंने कहा कि 'देश से प्रेम करने वाले मुसलमानों का भी स्वागत है. देशभक्त मुसलामानों के न्याय अधिकार के लिए शिवसेना संघर्ष करेगी.'
उन्होंने कहा कि 'लोकसभा चुनाव में दो गठबंधन हुए, एक शिवसेना-बीजपी के बीच दूसरा उत्तरप्रदेश में सपा और बसपा के बीच. परिणाम क्या हुआ? हमारे गठबंधन की जीत हुई क्योंकि यह प्रामाणिक थी, सिर्फ सत्ता के लिए नहीं थी. हम हिंदुत्व के लिए गठबंधन बीजेपी से नहीं तो क्या 370 का समर्थन करने वाली कांग्रेस से करते?'
उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस-एनसीपी को निशाना बनते हुए कहा कि 'पहले यह तय करो कि नेता कौन है? शरद पवार या फिर जिनके लिए उन्होंने कांग्रेस छोड़ी, सोनिया गांधी? कह रहे हैं कि शरद पवार ने लड़ाई लड़ी और ईडी डर गई, बदले की राजनीति चल रही है. फिर साल 2000 में तुमने क्या किया? किस कानून के तहत शिवसैनिकों पर मुकदमे किए? 1992 में बाबरी अयोध्या में गिरी, दंगा कहां हुआ मुंबई में? तब शरद पवार की राज्य में सरकार थी. शिवसेना ने मुंबई में हिंदुओं को बचाया. क्या किया आपने? आज कह रहे हैं कि बदले की राजनीति चल रही है?'
शिवसेना प्रमुख ने कहा कि 'मैं अमित भाई (अमित शाह) को कह रहा हूं कि संपूर्ण देश में बांग्लादेशी घुसपैठियों को निकालना है. देश मे समान नागरिक कायदा जरूरी है. यह भी शिवसेना प्रमुख (बाल ठाकरे) का सपना था. शिवसेना सरकार में आएगी, सरकार में रहेगी.' उन्होंने कहा कि 'शिवसेना पहले झुनका-भाकर केंद्र लाई थी, अब सरकार आने के बाद 10 रुपये थाली भोजन देगी. तीन सौ यूनिट तक बिजली बिल में भी 30 फीसदी कमी लाई जाएगी. एक रुपया में हेल्थ चेकअप होगा. किसानों को पूरी कर्जमाफी देंगे. हेल्थ चेकअप केंद्र बनाएंगे.' उन्होंने कहा कि 'सत्ता आती है, जाती है, फिर आती है, पर अगर सिर में सत्ता घुस जाए तो उसकी खैर नहीं होती है. विनम्र होना चाहिए.'
उध्दव ठाकरे ने अपने भाषण में मुख्यमंत्री पद पर शिवसेना की दावेदारी तो लेकर कुछ नहीं कहा. | दशहरा सम्मेलन के जरिए शिवसेना ने मुंबई में किया शक्ति प्रदर्शन
कांग्रेस-एनसीपी से पूछा, तय करो कि नेता कौन, शरद पवार या सोनिया?
कहा- एक महीने में दो विजयादशमी, एक आज एक चुनाव के बाद | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बिहार के पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती अपनाई है. हत्या के इस मामले में छह आरोपियों को फिलहाल जमानत नहीं मिलेगी. सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश देते हुए तीन और अहम आदेश जारी किए हैं.
पहला आदेश है कि सीबीआई तीन महीने के भीतर जांच पूरी करे. दूसरा आदेश है कि सिवान के सेशन जज सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट दाख़िल कर बताए कि शहाबुद्दीन और तेज प्रताप को समारोह में बुके देने वाले फ़ोटो के वक़्त आरोपी मोहम्मद कैफ़ और मोहम्मेद जावेद को क्या भगोड़ा घोषित किया गया था या गैर-ज़मानती वारंट जारी किया गया था या कोई और कार्रवाई की गई थी या नहीं. तीसरा आदेश है कि सीबीआई को स्टेट्स रिपोर्ट को दाख़िल करने को कहा है.
सुप्रीम कोर्ट में बिहार सरकार ने शहाबुद्दीन और तेज प्रताप का बचाव करते हुए कहा- जब आरोपी की फोटो दोनों के साथ आई तब आरोपी के खिलाफ कोई गैर-जमानती वारंट नहीं हुआ था. वहीं तेजप्रताप और शहाबुद्दीन ने कहा है कि वह एक पब्लिक समारोह में आरोपियों से मिले थे और यह सब अचानक था. वैसे भी उस वक्त उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी नहीं हुए थे. सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार के वकील से पूछा कि मामले में किस धारा के तहत चार्जशीट दाखिल हुई तो वे बता नहीं पाए. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा- हम केस को दिल्ली ट्रांसफर कर देंगे. अगली सुनवाई 28 नवंबर को होगी. टिप्पणियां
बिहार के सिवान में पत्रकार राजदेव हत्या मामले में उनकी पत्नी आशा रंजन द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करते हुए ये आदेश दिए. याचिका में केस को दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग की गई है. साथ ही आरोपी को शरण देने के मामले में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव और RJD नेता शहाबुद्दीन पर आरोपी को शरण देने के मामले में FIR दर्ज करने की मांग की गई है. सुप्रीम कोर्ट ने दोनों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. वहीं सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल कर राजदेव हत्याकांड की सुनवाई बिहार से बाहर ट्रांसफर करने का विरोध किया है. बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में शनिवार को पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड मामले में जवाब दाखिल कर दिया है.
बिहार सरकार ने अपने जवाब में कहा है कि इस मामले की सुनवाई बिहार में ही होनी चाहिए. बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि पीड़ित परिवार की सुरक्षा के सभी इंतजाम किए गए है. इतना ही नहीं बिहार सरकार ने कहा कि सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है और वे सीबीआई को जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में शहाबुद्दीन और तेज प्रताप यादव को नोटिस जारी कर पूछा था कि क्यों ना उनके खिलाफ आरोपियों को शरण देने का मामला चलाया जाए ?
पहला आदेश है कि सीबीआई तीन महीने के भीतर जांच पूरी करे. दूसरा आदेश है कि सिवान के सेशन जज सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट दाख़िल कर बताए कि शहाबुद्दीन और तेज प्रताप को समारोह में बुके देने वाले फ़ोटो के वक़्त आरोपी मोहम्मद कैफ़ और मोहम्मेद जावेद को क्या भगोड़ा घोषित किया गया था या गैर-ज़मानती वारंट जारी किया गया था या कोई और कार्रवाई की गई थी या नहीं. तीसरा आदेश है कि सीबीआई को स्टेट्स रिपोर्ट को दाख़िल करने को कहा है.
सुप्रीम कोर्ट में बिहार सरकार ने शहाबुद्दीन और तेज प्रताप का बचाव करते हुए कहा- जब आरोपी की फोटो दोनों के साथ आई तब आरोपी के खिलाफ कोई गैर-जमानती वारंट नहीं हुआ था. वहीं तेजप्रताप और शहाबुद्दीन ने कहा है कि वह एक पब्लिक समारोह में आरोपियों से मिले थे और यह सब अचानक था. वैसे भी उस वक्त उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी नहीं हुए थे. सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार के वकील से पूछा कि मामले में किस धारा के तहत चार्जशीट दाखिल हुई तो वे बता नहीं पाए. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा- हम केस को दिल्ली ट्रांसफर कर देंगे. अगली सुनवाई 28 नवंबर को होगी. टिप्पणियां
बिहार के सिवान में पत्रकार राजदेव हत्या मामले में उनकी पत्नी आशा रंजन द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करते हुए ये आदेश दिए. याचिका में केस को दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग की गई है. साथ ही आरोपी को शरण देने के मामले में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव और RJD नेता शहाबुद्दीन पर आरोपी को शरण देने के मामले में FIR दर्ज करने की मांग की गई है. सुप्रीम कोर्ट ने दोनों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. वहीं सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल कर राजदेव हत्याकांड की सुनवाई बिहार से बाहर ट्रांसफर करने का विरोध किया है. बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में शनिवार को पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड मामले में जवाब दाखिल कर दिया है.
बिहार सरकार ने अपने जवाब में कहा है कि इस मामले की सुनवाई बिहार में ही होनी चाहिए. बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि पीड़ित परिवार की सुरक्षा के सभी इंतजाम किए गए है. इतना ही नहीं बिहार सरकार ने कहा कि सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है और वे सीबीआई को जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में शहाबुद्दीन और तेज प्रताप यादव को नोटिस जारी कर पूछा था कि क्यों ना उनके खिलाफ आरोपियों को शरण देने का मामला चलाया जाए ?
सुप्रीम कोर्ट में बिहार सरकार ने शहाबुद्दीन और तेज प्रताप का बचाव करते हुए कहा- जब आरोपी की फोटो दोनों के साथ आई तब आरोपी के खिलाफ कोई गैर-जमानती वारंट नहीं हुआ था. वहीं तेजप्रताप और शहाबुद्दीन ने कहा है कि वह एक पब्लिक समारोह में आरोपियों से मिले थे और यह सब अचानक था. वैसे भी उस वक्त उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी नहीं हुए थे. सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार के वकील से पूछा कि मामले में किस धारा के तहत चार्जशीट दाखिल हुई तो वे बता नहीं पाए. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा- हम केस को दिल्ली ट्रांसफर कर देंगे. अगली सुनवाई 28 नवंबर को होगी. टिप्पणियां
बिहार के सिवान में पत्रकार राजदेव हत्या मामले में उनकी पत्नी आशा रंजन द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करते हुए ये आदेश दिए. याचिका में केस को दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग की गई है. साथ ही आरोपी को शरण देने के मामले में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव और RJD नेता शहाबुद्दीन पर आरोपी को शरण देने के मामले में FIR दर्ज करने की मांग की गई है. सुप्रीम कोर्ट ने दोनों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. वहीं सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल कर राजदेव हत्याकांड की सुनवाई बिहार से बाहर ट्रांसफर करने का विरोध किया है. बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में शनिवार को पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड मामले में जवाब दाखिल कर दिया है.
बिहार सरकार ने अपने जवाब में कहा है कि इस मामले की सुनवाई बिहार में ही होनी चाहिए. बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि पीड़ित परिवार की सुरक्षा के सभी इंतजाम किए गए है. इतना ही नहीं बिहार सरकार ने कहा कि सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है और वे सीबीआई को जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में शहाबुद्दीन और तेज प्रताप यादव को नोटिस जारी कर पूछा था कि क्यों ना उनके खिलाफ आरोपियों को शरण देने का मामला चलाया जाए ?
बिहार के सिवान में पत्रकार राजदेव हत्या मामले में उनकी पत्नी आशा रंजन द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करते हुए ये आदेश दिए. याचिका में केस को दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग की गई है. साथ ही आरोपी को शरण देने के मामले में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव और RJD नेता शहाबुद्दीन पर आरोपी को शरण देने के मामले में FIR दर्ज करने की मांग की गई है. सुप्रीम कोर्ट ने दोनों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. वहीं सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल कर राजदेव हत्याकांड की सुनवाई बिहार से बाहर ट्रांसफर करने का विरोध किया है. बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में शनिवार को पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड मामले में जवाब दाखिल कर दिया है.
बिहार सरकार ने अपने जवाब में कहा है कि इस मामले की सुनवाई बिहार में ही होनी चाहिए. बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि पीड़ित परिवार की सुरक्षा के सभी इंतजाम किए गए है. इतना ही नहीं बिहार सरकार ने कहा कि सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है और वे सीबीआई को जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में शहाबुद्दीन और तेज प्रताप यादव को नोटिस जारी कर पूछा था कि क्यों ना उनके खिलाफ आरोपियों को शरण देने का मामला चलाया जाए ?
बिहार सरकार ने अपने जवाब में कहा है कि इस मामले की सुनवाई बिहार में ही होनी चाहिए. बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि पीड़ित परिवार की सुरक्षा के सभी इंतजाम किए गए है. इतना ही नहीं बिहार सरकार ने कहा कि सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है और वे सीबीआई को जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में शहाबुद्दीन और तेज प्रताप यादव को नोटिस जारी कर पूछा था कि क्यों ना उनके खिलाफ आरोपियों को शरण देने का मामला चलाया जाए ? | सारांश: बिहार के पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त हुआ
सुप्रीम कोर्ट ने तीन अहम आदेश जारी किए हैं
छह आरोपियों को फ़िलहाल ज़मानत नहीं देने का आदेश भी | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली में अनियमित बिजली और पानी के बिलों के विरोध में अरविंद केजरीवाल का अनशन जारी है। आज इस अनशन का तीसरा दिन है। अब तक 36 हजार लोगों ने केजरीवाल को फॉर्म भरकर यह आश्वासन दिया है कि वे बिजली और पानी का बिल नहीं भरेंगे।टिप्पणियां
पार्टी की नई रणनीति के मुताबिक, अब केजरीवाल अनशन के दौरान लोगों के घर भी जाएंगे। केजरीवाल ने कहा कि उपवास पर केवल वह शाम को बैठेंगे ताकि उनसे मिलने आने वालों और पार्टी के कामकाज पर कोई असर न पड़े। बेमियादी अनशन के दूसरे दिन रविवार को केजरीवाल ने कहा कि वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं और अनशन से फिलहाल उन्हें किसी तरह की कोई कमजोरी महसूस नहीं हो रही है।
उन्होंने कहा कि लोगों का भरपूर समर्थन उनके अनशन को मिल रहा है और इसकी बदौलत वह अपने आंदोलन को जारी रखेंगे। केजरीवाल ने लोगों से अनियमित बिलों को न भरने और लोगों को उनके आंदोलन में सहयोग करने की अपील की। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली की बिजली कंपनियों को भारी मुनाफा हो रहा है और यह सारा मुनाफा आम जनता की जेब को काटकर निकाला जा रहा है।
पार्टी की नई रणनीति के मुताबिक, अब केजरीवाल अनशन के दौरान लोगों के घर भी जाएंगे। केजरीवाल ने कहा कि उपवास पर केवल वह शाम को बैठेंगे ताकि उनसे मिलने आने वालों और पार्टी के कामकाज पर कोई असर न पड़े। बेमियादी अनशन के दूसरे दिन रविवार को केजरीवाल ने कहा कि वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं और अनशन से फिलहाल उन्हें किसी तरह की कोई कमजोरी महसूस नहीं हो रही है।
उन्होंने कहा कि लोगों का भरपूर समर्थन उनके अनशन को मिल रहा है और इसकी बदौलत वह अपने आंदोलन को जारी रखेंगे। केजरीवाल ने लोगों से अनियमित बिलों को न भरने और लोगों को उनके आंदोलन में सहयोग करने की अपील की। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली की बिजली कंपनियों को भारी मुनाफा हो रहा है और यह सारा मुनाफा आम जनता की जेब को काटकर निकाला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि लोगों का भरपूर समर्थन उनके अनशन को मिल रहा है और इसकी बदौलत वह अपने आंदोलन को जारी रखेंगे। केजरीवाल ने लोगों से अनियमित बिलों को न भरने और लोगों को उनके आंदोलन में सहयोग करने की अपील की। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली की बिजली कंपनियों को भारी मुनाफा हो रहा है और यह सारा मुनाफा आम जनता की जेब को काटकर निकाला जा रहा है। | यहाँ एक सारांश है:दिल्ली में अनियमित बिजली और पानी के बिलों के विरोध में अरविंद केजरीवाल का अनशन जारी है। आज इस अनशन का तीसरा दिन है। | 4 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वीरेंद्र सहवाग के आने से भले ही भारत की वापसी की उम्मीदें जगी हो, लेकिन इंग्लैंड के पूर्व कप्तान इयान बॉथम का मानना है कि मेजबान टीम 4-0 से शृंखला जीत सकती है। बॉथम ने डेली मिरर ने अपने कॉलम में लिखा, मुझे कोई कारण नहीं दिखता कि इंग्लैंड 4-0 से क्यों नहीं जीत सकता। ऐसा करने से उसे कौन रोक सकता है। भारत का मौजूदा बल्लेबाजी क्रम तो कतई नहीं। उन्होंने कहा, वीरेंद्र सहवाग तीसरा मैच खेल रहे हैं और गौतम गंभीर भी फिट हो गए हैं। उन्होंने कहा, यदि उन्हें लगता है कि ये दोनों पासा पलट देंगे, तो दोबारा सोचने की जरूरत है। सहवाग बिना किसी मैच अभ्यास के पारी की शुरुआत करेंगे और वह भी इंग्लैंड के मौजूदा आक्रमण के खिलाफ। यह उतना आसान नहीं है। बॉथम ने कहा कि राहुल द्रविड़ को छोड़कर भारतीय बल्लेबाजी कमजोर नजर आ रही है। उन्होंने कहा, सिर्फ राहुल द्रविड़ ने कुछ जुझारूपन और तकनीक दिखाई है, जो इतने साल तक कामयाब रहने के लिए जरूरी है। वीवीएस लक्ष्मण और सचिन तेंदुलकर जैसे खिलाड़ियों की काबिलियत पर मुझे शक नहीं है, लेकिन उन्होंने अभी इसकी झलक ही दिखाई है कि वे क्या कर सकते हैं। बॉथम ने कहा कि इंग्लैंड को उसी टीम को बरकरार रखना चाहिए, जिसने दूसरा टेस्ट 319 रन से जीता था। उन्होंने कहा, इंग्लैंड को उन्हीं 11 खिलाड़ियों के साथ उतरना चाहिए, जिन्होंने विश्व की सर्वश्रेष्ठ टेस्ट टीम को हराया था। उन्होंने कहा, टिम ब्रेसनन, स्टुअर्ट ब्राड, इयान बेल और मैट प्रायर एक बार फिर टीम को जीत दिला सकते हैं। इसके साथ ही नंबर वन का ताज मिल जाएगा, जिसका बेसब्री से इंतजार है। बॉथम ने कहा कि क्रिस ट्रेमलेट के फिट होने पर भी तेज गेंदबाज ब्रेसनन को अंतिम एकादश में शामिल किया जाना चाहिए। | सहवाग के आने से भले ही भारत की वापसी की उम्मीदें जगी हो, लेकिन इयान बॉथम का मानना है कि मेजबान टीम 4-0 से शृंखला जीत सकती है। | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: लियाकत शाह की गिरफ़्तारी की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी करेगी। यह फैसला गृह मंत्रालय ने किया है। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि लियाकत शाह पर दिल्ली पुलिस का दावा गलत है।
लियाक़त शाह के मामले के बाद सरकारी सूत्रों से एनडीटीवी को मिली ख़बर के मुताबिक सरकार आतंकवादियों के सरेंडर और पुनर्वास की नीतियों में बदलाव की तैयारी कर रही है। सोमवार को केन्द्र ने एनआईए को लियाकत शाह मामले की जांच सौंपी है।
आतंक के आरोप में गिरफ़्तार सैयद लियाकत शाह की गिरफ्तारी पर दिल्ली पुलिस को तगड़ा झटका लगा है। गिरफ़्तारी को लेकर दिल्ली पुलिस और जम्मू−कश्मीर पुलिस के बीच विवाद के बाद मामले की जांच नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी को सौंप दी गई है।
जम्मू−कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की शिकायत के बाद गृह मंत्रालय ने यह फ़ैसला किया। इसके फौरन बाद दिल्ली के पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार ने सफ़ाई दी। उन्होंने कहा कि लियाकत शाह को हमने अपनी सूचना के आधार पर पकड़ा है, स्पेशल सेल ने सही किया है।
उधर, सैयद लियाकत शाह की गिरफ्तारी का मामला जम्मू कश्मीर विधान सभा में भी गूंजा है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि दिल्ली पुलिस कह रही है कि आतंकवादी को पकड़ा है वहीं राज्य पुलिस का कहना है कि वह आत्मसमर्पण कर चुका है।
लियाक़त के परिवार और जम्मू−कश्मीर पुलिस का दावा है कि लियाक़त शाह सरेंडर करने के लिए पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते भारत आ रहा था और दिल्ली पुलिस ने उसे बीच में ही पकड़ लिया। उधर, दिल्ली पुलिस का दावा है कि लियाक़त शाह हिज्बुल मुजाहिदीन का आतंकवादी है। लियाकत और उसके साथी दिल्ली में फिदायीन हमला करने की तैयारी में थे और उसकी ही निशानदेही पर जामा मस्जिद इलाके के एक गेस्ट हाउस से भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद किए गए।टिप्पणियां
पुलिस ने उस संदिग्ध आतंकी का सीसीटीवी फुटेज और स्केच भी जारी किया जो गेस्ट हाउस में हथियार और विस्फोट से भरा बैग लेकर आया था। दिल्ली पुलिस अब संदिग्ध की फुटेज मामले से जुड़े सभी दस्तावेज गेस्ट हाउस से बरामद हथियारों और विस्फोटकों की जानकारी एनआईए को सौंप देगी।
इसके साथ ही एनआईए लियाकत को अपनी हिरासत में लेने के लिए कोर्ट में अर्जी देगी।
लियाक़त शाह के मामले के बाद सरकारी सूत्रों से एनडीटीवी को मिली ख़बर के मुताबिक सरकार आतंकवादियों के सरेंडर और पुनर्वास की नीतियों में बदलाव की तैयारी कर रही है। सोमवार को केन्द्र ने एनआईए को लियाकत शाह मामले की जांच सौंपी है।
आतंक के आरोप में गिरफ़्तार सैयद लियाकत शाह की गिरफ्तारी पर दिल्ली पुलिस को तगड़ा झटका लगा है। गिरफ़्तारी को लेकर दिल्ली पुलिस और जम्मू−कश्मीर पुलिस के बीच विवाद के बाद मामले की जांच नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी को सौंप दी गई है।
जम्मू−कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की शिकायत के बाद गृह मंत्रालय ने यह फ़ैसला किया। इसके फौरन बाद दिल्ली के पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार ने सफ़ाई दी। उन्होंने कहा कि लियाकत शाह को हमने अपनी सूचना के आधार पर पकड़ा है, स्पेशल सेल ने सही किया है।
उधर, सैयद लियाकत शाह की गिरफ्तारी का मामला जम्मू कश्मीर विधान सभा में भी गूंजा है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि दिल्ली पुलिस कह रही है कि आतंकवादी को पकड़ा है वहीं राज्य पुलिस का कहना है कि वह आत्मसमर्पण कर चुका है।
लियाक़त के परिवार और जम्मू−कश्मीर पुलिस का दावा है कि लियाक़त शाह सरेंडर करने के लिए पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते भारत आ रहा था और दिल्ली पुलिस ने उसे बीच में ही पकड़ लिया। उधर, दिल्ली पुलिस का दावा है कि लियाक़त शाह हिज्बुल मुजाहिदीन का आतंकवादी है। लियाकत और उसके साथी दिल्ली में फिदायीन हमला करने की तैयारी में थे और उसकी ही निशानदेही पर जामा मस्जिद इलाके के एक गेस्ट हाउस से भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद किए गए।टिप्पणियां
पुलिस ने उस संदिग्ध आतंकी का सीसीटीवी फुटेज और स्केच भी जारी किया जो गेस्ट हाउस में हथियार और विस्फोट से भरा बैग लेकर आया था। दिल्ली पुलिस अब संदिग्ध की फुटेज मामले से जुड़े सभी दस्तावेज गेस्ट हाउस से बरामद हथियारों और विस्फोटकों की जानकारी एनआईए को सौंप देगी।
इसके साथ ही एनआईए लियाकत को अपनी हिरासत में लेने के लिए कोर्ट में अर्जी देगी।
आतंक के आरोप में गिरफ़्तार सैयद लियाकत शाह की गिरफ्तारी पर दिल्ली पुलिस को तगड़ा झटका लगा है। गिरफ़्तारी को लेकर दिल्ली पुलिस और जम्मू−कश्मीर पुलिस के बीच विवाद के बाद मामले की जांच नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी को सौंप दी गई है।
जम्मू−कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की शिकायत के बाद गृह मंत्रालय ने यह फ़ैसला किया। इसके फौरन बाद दिल्ली के पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार ने सफ़ाई दी। उन्होंने कहा कि लियाकत शाह को हमने अपनी सूचना के आधार पर पकड़ा है, स्पेशल सेल ने सही किया है।
उधर, सैयद लियाकत शाह की गिरफ्तारी का मामला जम्मू कश्मीर विधान सभा में भी गूंजा है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि दिल्ली पुलिस कह रही है कि आतंकवादी को पकड़ा है वहीं राज्य पुलिस का कहना है कि वह आत्मसमर्पण कर चुका है।
लियाक़त के परिवार और जम्मू−कश्मीर पुलिस का दावा है कि लियाक़त शाह सरेंडर करने के लिए पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते भारत आ रहा था और दिल्ली पुलिस ने उसे बीच में ही पकड़ लिया। उधर, दिल्ली पुलिस का दावा है कि लियाक़त शाह हिज्बुल मुजाहिदीन का आतंकवादी है। लियाकत और उसके साथी दिल्ली में फिदायीन हमला करने की तैयारी में थे और उसकी ही निशानदेही पर जामा मस्जिद इलाके के एक गेस्ट हाउस से भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद किए गए।टिप्पणियां
पुलिस ने उस संदिग्ध आतंकी का सीसीटीवी फुटेज और स्केच भी जारी किया जो गेस्ट हाउस में हथियार और विस्फोट से भरा बैग लेकर आया था। दिल्ली पुलिस अब संदिग्ध की फुटेज मामले से जुड़े सभी दस्तावेज गेस्ट हाउस से बरामद हथियारों और विस्फोटकों की जानकारी एनआईए को सौंप देगी।
इसके साथ ही एनआईए लियाकत को अपनी हिरासत में लेने के लिए कोर्ट में अर्जी देगी।
जम्मू−कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की शिकायत के बाद गृह मंत्रालय ने यह फ़ैसला किया। इसके फौरन बाद दिल्ली के पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार ने सफ़ाई दी। उन्होंने कहा कि लियाकत शाह को हमने अपनी सूचना के आधार पर पकड़ा है, स्पेशल सेल ने सही किया है।
उधर, सैयद लियाकत शाह की गिरफ्तारी का मामला जम्मू कश्मीर विधान सभा में भी गूंजा है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि दिल्ली पुलिस कह रही है कि आतंकवादी को पकड़ा है वहीं राज्य पुलिस का कहना है कि वह आत्मसमर्पण कर चुका है।
लियाक़त के परिवार और जम्मू−कश्मीर पुलिस का दावा है कि लियाक़त शाह सरेंडर करने के लिए पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते भारत आ रहा था और दिल्ली पुलिस ने उसे बीच में ही पकड़ लिया। उधर, दिल्ली पुलिस का दावा है कि लियाक़त शाह हिज्बुल मुजाहिदीन का आतंकवादी है। लियाकत और उसके साथी दिल्ली में फिदायीन हमला करने की तैयारी में थे और उसकी ही निशानदेही पर जामा मस्जिद इलाके के एक गेस्ट हाउस से भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद किए गए।टिप्पणियां
पुलिस ने उस संदिग्ध आतंकी का सीसीटीवी फुटेज और स्केच भी जारी किया जो गेस्ट हाउस में हथियार और विस्फोट से भरा बैग लेकर आया था। दिल्ली पुलिस अब संदिग्ध की फुटेज मामले से जुड़े सभी दस्तावेज गेस्ट हाउस से बरामद हथियारों और विस्फोटकों की जानकारी एनआईए को सौंप देगी।
इसके साथ ही एनआईए लियाकत को अपनी हिरासत में लेने के लिए कोर्ट में अर्जी देगी।
उधर, सैयद लियाकत शाह की गिरफ्तारी का मामला जम्मू कश्मीर विधान सभा में भी गूंजा है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि दिल्ली पुलिस कह रही है कि आतंकवादी को पकड़ा है वहीं राज्य पुलिस का कहना है कि वह आत्मसमर्पण कर चुका है।
लियाक़त के परिवार और जम्मू−कश्मीर पुलिस का दावा है कि लियाक़त शाह सरेंडर करने के लिए पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते भारत आ रहा था और दिल्ली पुलिस ने उसे बीच में ही पकड़ लिया। उधर, दिल्ली पुलिस का दावा है कि लियाक़त शाह हिज्बुल मुजाहिदीन का आतंकवादी है। लियाकत और उसके साथी दिल्ली में फिदायीन हमला करने की तैयारी में थे और उसकी ही निशानदेही पर जामा मस्जिद इलाके के एक गेस्ट हाउस से भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद किए गए।टिप्पणियां
पुलिस ने उस संदिग्ध आतंकी का सीसीटीवी फुटेज और स्केच भी जारी किया जो गेस्ट हाउस में हथियार और विस्फोट से भरा बैग लेकर आया था। दिल्ली पुलिस अब संदिग्ध की फुटेज मामले से जुड़े सभी दस्तावेज गेस्ट हाउस से बरामद हथियारों और विस्फोटकों की जानकारी एनआईए को सौंप देगी।
इसके साथ ही एनआईए लियाकत को अपनी हिरासत में लेने के लिए कोर्ट में अर्जी देगी।
लियाक़त के परिवार और जम्मू−कश्मीर पुलिस का दावा है कि लियाक़त शाह सरेंडर करने के लिए पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते भारत आ रहा था और दिल्ली पुलिस ने उसे बीच में ही पकड़ लिया। उधर, दिल्ली पुलिस का दावा है कि लियाक़त शाह हिज्बुल मुजाहिदीन का आतंकवादी है। लियाकत और उसके साथी दिल्ली में फिदायीन हमला करने की तैयारी में थे और उसकी ही निशानदेही पर जामा मस्जिद इलाके के एक गेस्ट हाउस से भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद किए गए।टिप्पणियां
पुलिस ने उस संदिग्ध आतंकी का सीसीटीवी फुटेज और स्केच भी जारी किया जो गेस्ट हाउस में हथियार और विस्फोट से भरा बैग लेकर आया था। दिल्ली पुलिस अब संदिग्ध की फुटेज मामले से जुड़े सभी दस्तावेज गेस्ट हाउस से बरामद हथियारों और विस्फोटकों की जानकारी एनआईए को सौंप देगी।
इसके साथ ही एनआईए लियाकत को अपनी हिरासत में लेने के लिए कोर्ट में अर्जी देगी।
पुलिस ने उस संदिग्ध आतंकी का सीसीटीवी फुटेज और स्केच भी जारी किया जो गेस्ट हाउस में हथियार और विस्फोट से भरा बैग लेकर आया था। दिल्ली पुलिस अब संदिग्ध की फुटेज मामले से जुड़े सभी दस्तावेज गेस्ट हाउस से बरामद हथियारों और विस्फोटकों की जानकारी एनआईए को सौंप देगी।
इसके साथ ही एनआईए लियाकत को अपनी हिरासत में लेने के लिए कोर्ट में अर्जी देगी।
इसके साथ ही एनआईए लियाकत को अपनी हिरासत में लेने के लिए कोर्ट में अर्जी देगी। | लियाकत शाह की गिरफ़्तारी की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी करेगी। यह फैसला गृह मंत्रालय ने किया है। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि लियाकत शाह पर दिल्ली पुलिस का दावा गलत है। | 1 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता और पूर्व सांसद संजय निरूपम ने केंद्र सरकार पर हर मोर्चे पर विफल होने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश में किसानों की आत्महत्या के मामलों में इजाफा हुआ है. निरूपम ने सोमवार यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘केंद्र में मोदी सरकार के तीन वर्ष पूरे होने जा रहे हैं. सच तो यह है कि मोदी सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है, चाहे वह किसानों का मामला हो, रोजगार का क्षेत्र हो या सीमा की सुरक्षा को लेकर हो. उन्होंने कहा कि देश में नौजवान कष्ट में है, सेना के जवानों के सर काटे जा रहे है और किसान प्रतिदिन आत्महत्या कर रहे हैं .’ कांग्रेस नेता ने दावा किया कि महाराष्ट्र में हर रोज 13 किसान आत्महत्या कर रहे हैं और छत्तीसगढ़ में किसानों की आत्महत्या करने का सिलसिला थमा नहीं है. मोदी सरकार के पिछले तीन वष्रो में 2014 में 12360, 2015 में 12602 और वर्ष 2016 में 14000 किसानों ने आत्महत्या की है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘जब केंद्र में यूपीए की सरकार थी तब किसानों की समस्या का निदान किया गया था और रिण मुक्ति का पैकेज देकर रिण ग्रस्त किसानाो की समस्या का निराकरण करने का प्रयास किया गया था. भाजपा सरकार ने पूंजीपतियो का एक लाख 54 हजार करोड़ रूपए का कर्ज माफ किया है, जबकि हमारे अन्नदाता को फूटी-कौड़ी भी सरकार की तरफ से नहीं दिया गया.’ निरूपम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिवर्ष दो करोड़ बेरोजगारों को रोजगार देने का वादा किया था लेकिन बेरोजगारों को नौकरी देने में सरकार पूरी तरह विफल रही है.
उन्होंने कहा, ‘पूरे देश में चुने हुए व्यक्तियों के खिलाफ सिर्फ बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है. पी. चिदंबरम और लालू प्रसाद के यहां छापेमारी की गयी है लेकिन भ्रष्टाचार में डूबे भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है. छत्तीसगढ़ में नान घोटाला, चावल घोटाला, पीडीएस घोटाले की जांच नहीं हो रही है. केवल विपक्ष के नेताओं को ही परेशान किया जा रहा है.
उन्होंने कहा, ‘जब केंद्र में यूपीए की सरकार थी तब किसानों की समस्या का निदान किया गया था और रिण मुक्ति का पैकेज देकर रिण ग्रस्त किसानाो की समस्या का निराकरण करने का प्रयास किया गया था. भाजपा सरकार ने पूंजीपतियो का एक लाख 54 हजार करोड़ रूपए का कर्ज माफ किया है, जबकि हमारे अन्नदाता को फूटी-कौड़ी भी सरकार की तरफ से नहीं दिया गया.’ निरूपम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिवर्ष दो करोड़ बेरोजगारों को रोजगार देने का वादा किया था लेकिन बेरोजगारों को नौकरी देने में सरकार पूरी तरह विफल रही है.
उन्होंने कहा, ‘पूरे देश में चुने हुए व्यक्तियों के खिलाफ सिर्फ बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है. पी. चिदंबरम और लालू प्रसाद के यहां छापेमारी की गयी है लेकिन भ्रष्टाचार में डूबे भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है. छत्तीसगढ़ में नान घोटाला, चावल घोटाला, पीडीएस घोटाले की जांच नहीं हो रही है. केवल विपक्ष के नेताओं को ही परेशान किया जा रहा है.
उन्होंने कहा, ‘पूरे देश में चुने हुए व्यक्तियों के खिलाफ सिर्फ बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है. पी. चिदंबरम और लालू प्रसाद के यहां छापेमारी की गयी है लेकिन भ्रष्टाचार में डूबे भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है. छत्तीसगढ़ में नान घोटाला, चावल घोटाला, पीडीएस घोटाले की जांच नहीं हो रही है. केवल विपक्ष के नेताओं को ही परेशान किया जा रहा है. | सारांश: केंद्र में मोदी सरकार के तीन वर्ष पूरे होने जा रहे हैं
छत्तीसगढ़ में किसानों की आत्महत्या करने का सिलसिला थमा नहीं है
केंद्र में मोदी सरकार के तीन वर्ष पूरे होने जा रहे हैं | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: ब्राजील के एक चिकित्सक पर अस्पताल की शैया खाली कराने के लिए सात मरीजों की हत्या करने का संदेह है। दक्षिणी ब्राजील की इस घटना को लेकर 300 अन्य मरीजों की हत्या किए जाने की जांच की जा रही है। यह जानकारी जांचकर्ताओं ने दी।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक स्वास्थ्य मंत्रालय के जांचकर्ता मारियो लोबाटो के नेतृत्व में एक टीम पिछले सात वर्षों के दौरान दक्षिण पराना प्रांत के शहर कुरिटिबा में इवैन्गेलिको अस्पताल में वर्जीनिया सोआर्स की देखरेख वाले सघन चिकित्सा कक्ष में हुई 1,872 मौतों की जांच कर रही है।
सरकारी अभियोजकों के मुताबिक सोआर्स और उसकी चिकित्सा टीम ने इकाई में भर्ती मरीजों की पेशियों को शिथिल करने वाली दवा दी और उनकी ऑक्सीजन आपूर्ति कम कर दी जिससे श्वास में अवरोध पैदा हुआ।
अभियोजकों ने कहा है कि इस बात का खुलासा टेलीफोन टैपिंग से हुआ जिसमें उन्होंने पाया कि सोआर्स ने इकाई के बिस्तरों को खाली करने के लिए मरीजों की हत्या की है।
56 वर्षीया विधवा चिकित्सक तीन अन्य चिकित्सकों और तीन नर्सों और एक फीजियोथेरापिस्ट के साथ फरवरी में गिरफ्तार की गई थी। सभी को सात हत्याओं का आरोपी बनाया गया है।टिप्पणियां
रविवार को लोबाटो ने ब्राजील के ग्लोबो टीवी को बताया कि 20 मौतें संदिग्ध लग रही हैं और अन्य 300 मौतों की जांच की जा रही है। सभी में पेशी ढीली करने और ऑक्सीजन की कमी के लक्षण पाए गए हैं।
यदि अभियोजक साबित कर देते हैं कि सोआर्स ने 300 रोगियों की हत्या की है तो यह दुनिया का सबसे भीषणतम श्रृंखलाबद्ध हत्या माना जाएगा। गिरफ्तारी के समय सोआर्स ने आरोपों से इनकार किया था।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक स्वास्थ्य मंत्रालय के जांचकर्ता मारियो लोबाटो के नेतृत्व में एक टीम पिछले सात वर्षों के दौरान दक्षिण पराना प्रांत के शहर कुरिटिबा में इवैन्गेलिको अस्पताल में वर्जीनिया सोआर्स की देखरेख वाले सघन चिकित्सा कक्ष में हुई 1,872 मौतों की जांच कर रही है।
सरकारी अभियोजकों के मुताबिक सोआर्स और उसकी चिकित्सा टीम ने इकाई में भर्ती मरीजों की पेशियों को शिथिल करने वाली दवा दी और उनकी ऑक्सीजन आपूर्ति कम कर दी जिससे श्वास में अवरोध पैदा हुआ।
अभियोजकों ने कहा है कि इस बात का खुलासा टेलीफोन टैपिंग से हुआ जिसमें उन्होंने पाया कि सोआर्स ने इकाई के बिस्तरों को खाली करने के लिए मरीजों की हत्या की है।
56 वर्षीया विधवा चिकित्सक तीन अन्य चिकित्सकों और तीन नर्सों और एक फीजियोथेरापिस्ट के साथ फरवरी में गिरफ्तार की गई थी। सभी को सात हत्याओं का आरोपी बनाया गया है।टिप्पणियां
रविवार को लोबाटो ने ब्राजील के ग्लोबो टीवी को बताया कि 20 मौतें संदिग्ध लग रही हैं और अन्य 300 मौतों की जांच की जा रही है। सभी में पेशी ढीली करने और ऑक्सीजन की कमी के लक्षण पाए गए हैं।
यदि अभियोजक साबित कर देते हैं कि सोआर्स ने 300 रोगियों की हत्या की है तो यह दुनिया का सबसे भीषणतम श्रृंखलाबद्ध हत्या माना जाएगा। गिरफ्तारी के समय सोआर्स ने आरोपों से इनकार किया था।
सरकारी अभियोजकों के मुताबिक सोआर्स और उसकी चिकित्सा टीम ने इकाई में भर्ती मरीजों की पेशियों को शिथिल करने वाली दवा दी और उनकी ऑक्सीजन आपूर्ति कम कर दी जिससे श्वास में अवरोध पैदा हुआ।
अभियोजकों ने कहा है कि इस बात का खुलासा टेलीफोन टैपिंग से हुआ जिसमें उन्होंने पाया कि सोआर्स ने इकाई के बिस्तरों को खाली करने के लिए मरीजों की हत्या की है।
56 वर्षीया विधवा चिकित्सक तीन अन्य चिकित्सकों और तीन नर्सों और एक फीजियोथेरापिस्ट के साथ फरवरी में गिरफ्तार की गई थी। सभी को सात हत्याओं का आरोपी बनाया गया है।टिप्पणियां
रविवार को लोबाटो ने ब्राजील के ग्लोबो टीवी को बताया कि 20 मौतें संदिग्ध लग रही हैं और अन्य 300 मौतों की जांच की जा रही है। सभी में पेशी ढीली करने और ऑक्सीजन की कमी के लक्षण पाए गए हैं।
यदि अभियोजक साबित कर देते हैं कि सोआर्स ने 300 रोगियों की हत्या की है तो यह दुनिया का सबसे भीषणतम श्रृंखलाबद्ध हत्या माना जाएगा। गिरफ्तारी के समय सोआर्स ने आरोपों से इनकार किया था।
अभियोजकों ने कहा है कि इस बात का खुलासा टेलीफोन टैपिंग से हुआ जिसमें उन्होंने पाया कि सोआर्स ने इकाई के बिस्तरों को खाली करने के लिए मरीजों की हत्या की है।
56 वर्षीया विधवा चिकित्सक तीन अन्य चिकित्सकों और तीन नर्सों और एक फीजियोथेरापिस्ट के साथ फरवरी में गिरफ्तार की गई थी। सभी को सात हत्याओं का आरोपी बनाया गया है।टिप्पणियां
रविवार को लोबाटो ने ब्राजील के ग्लोबो टीवी को बताया कि 20 मौतें संदिग्ध लग रही हैं और अन्य 300 मौतों की जांच की जा रही है। सभी में पेशी ढीली करने और ऑक्सीजन की कमी के लक्षण पाए गए हैं।
यदि अभियोजक साबित कर देते हैं कि सोआर्स ने 300 रोगियों की हत्या की है तो यह दुनिया का सबसे भीषणतम श्रृंखलाबद्ध हत्या माना जाएगा। गिरफ्तारी के समय सोआर्स ने आरोपों से इनकार किया था।
56 वर्षीया विधवा चिकित्सक तीन अन्य चिकित्सकों और तीन नर्सों और एक फीजियोथेरापिस्ट के साथ फरवरी में गिरफ्तार की गई थी। सभी को सात हत्याओं का आरोपी बनाया गया है।टिप्पणियां
रविवार को लोबाटो ने ब्राजील के ग्लोबो टीवी को बताया कि 20 मौतें संदिग्ध लग रही हैं और अन्य 300 मौतों की जांच की जा रही है। सभी में पेशी ढीली करने और ऑक्सीजन की कमी के लक्षण पाए गए हैं।
यदि अभियोजक साबित कर देते हैं कि सोआर्स ने 300 रोगियों की हत्या की है तो यह दुनिया का सबसे भीषणतम श्रृंखलाबद्ध हत्या माना जाएगा। गिरफ्तारी के समय सोआर्स ने आरोपों से इनकार किया था।
रविवार को लोबाटो ने ब्राजील के ग्लोबो टीवी को बताया कि 20 मौतें संदिग्ध लग रही हैं और अन्य 300 मौतों की जांच की जा रही है। सभी में पेशी ढीली करने और ऑक्सीजन की कमी के लक्षण पाए गए हैं।
यदि अभियोजक साबित कर देते हैं कि सोआर्स ने 300 रोगियों की हत्या की है तो यह दुनिया का सबसे भीषणतम श्रृंखलाबद्ध हत्या माना जाएगा। गिरफ्तारी के समय सोआर्स ने आरोपों से इनकार किया था।
यदि अभियोजक साबित कर देते हैं कि सोआर्स ने 300 रोगियों की हत्या की है तो यह दुनिया का सबसे भीषणतम श्रृंखलाबद्ध हत्या माना जाएगा। गिरफ्तारी के समय सोआर्स ने आरोपों से इनकार किया था। | संक्षिप्त सारांश: ब्राजील के एक चिकित्सक पर अस्पताल की शैया खाली कराने के लिए सात मरीजों की हत्या करने का संदेह है। दक्षिणी ब्राजील की इस घटना को लेकर 300 अन्य मरीजों की हत्या किए जाने की जांच की जा रही है। यह जानकारी जांचकर्ताओं ने दी। | 0 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राज बब्बर (Raj Babbar) कांग्रेस की टिकट पर उत्तर प्रदेश की फतेहपुर सीकरी (Fatehpur Sikri) लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं और उनका मुकाबला बहुजन समाज पार्टी (BSP) के गुड्डू पंडित (Guddu Pandit) से है. लेकिन चुनावी माहौल में ऐसा लगता है कि सभी नेताओं ने बदजुबानी में एक दूसरे के साथ होड़ लगा रखी है. हाल ही में आजम खान (Azam Khan) ने विवादास्पद बात कही थी और उसके बाद अब गुड्डू पंडित (Guddu Pandit) ने भी राज बब्बर (Raj Babbar) को निशाना बनाते हुए मर्यादा की सारी सीमाएं ही लांघ दीं. गुड्डू पंडित का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और अब बॉलीवुड से भी इसे लेकर जोरदार रिएक्शन आ गया है. बॉलीवुड एक्टर कमाल आर खान (Kamaal R Khan) ने ट्वीट करके जनता को लेकर ही सवालिया निशान लगा दिया है क्योंकि इस वीडियो में गुड्डू पंडित के बिगड़े बोल के बावजूद जनता उनकी जय-जयकार कर रही है.
फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीट से BSP उम्मीदवार गुड्डू पंडित (Guddu Pandit) ने भाषा की सीमा लांघते और धमकी भरे लहजे में राज बब्बर (Raj Babbar) को कहा, 'सुन लो राज बब्बर के कु#$, तुमको और तुम्हारे नेता नचनिया को दौड़ा-दौड़ा के जूतों से मारूंगा जो झूठ फैलाया समाज में. जहां मिलेगा, गंगा मां की सौगंध तुझे जूतों से मारूंगा, तुझे और तेरे दलालों को.' हालांकि इससे पहले भी गुड्डू पंडित पर आचार संहिता के उल्लंघन का केस दर्ज हो चुका है. सोमवार को फतेहपुर सीकरी में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की रैली हुई थी.
फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीट से BSP उम्मीदवार गुड्डू पंडित (Guddu Pandit) के राज बब्बर (Raj Babbar) पर इस हमले के तुरंत बाद बॉलीवुड एक्टर-प्रोड्यूसर कमाल आर खान (Kamaal R Khan) ने रिएक्शन दिया है और जनता की समझ पर ही सवालिया निशान लगा दिया है. कमाल आर खान (Kamaal R Khan) ने ट्वीट कर लिखा हैः ये गुड्डू पंडित कैसे गलत हो सकता है, जब सारे के सारे लोग उनके गालियां निकालने पर उसकी जय-जयकार कर रहे हैं?...' इस सोशल मीडिया पर बेबाक राय रखने वाले KRK ने गुड्डू पंडित पर निशाना साधा है. | संक्षिप्त सारांश: बीएसपी उम्मीदवार हैं गुड्डू पंडित
राज बब्बर से है उनका मुकाबला
गुड्डू ने राज बब्बर को कहे अपशब्द | 10 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हरियाणा सरकार ने बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु, जिम्नास्ट दीपा कर्मकार, धावक ललिता बाबर को ओलिंपिक खेलों में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है. चंडीगढ़ में जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, ये घोषणाएं मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने की.
रियो में बैडमिंटन स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली सिंधु को 50 लाख रुपये नकद पुरस्कार दिया जाएगा, जबकि ललिता बाबर और दीपा कर्मकार दोनों को 15-15 लाख रुपये की नकद राशि पुरस्कार स्वरूप दी जाएगी.
एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि रियो में कांस्य पदक जीतने वाली साक्षी मलिक के कोच को भी 10 लाख रुपये की राशि दी जाएगी. मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा कि हरियाणा से बाहर की इन ओलिंपिक खिलाड़ियों को पुरस्कार देने का यह फैसला समूचे देश की लड़कियों को खेल में आगे बढ़ने और राष्ट्र का गौरव बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगा.टिप्पणियां
राज्य सरकार की खेल नीति को ध्यान में रखते हुए साक्षी मलिक को ढाई करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा. नीति के तहत ओलिंपिक में हरियाणा से स्वर्ण पदक विजेता को छह करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को चार करोड़ और कांस्य पदक विजेता को ढाई करोड़ रुपये दिए जाते हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रियो में बैडमिंटन स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली सिंधु को 50 लाख रुपये नकद पुरस्कार दिया जाएगा, जबकि ललिता बाबर और दीपा कर्मकार दोनों को 15-15 लाख रुपये की नकद राशि पुरस्कार स्वरूप दी जाएगी.
एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि रियो में कांस्य पदक जीतने वाली साक्षी मलिक के कोच को भी 10 लाख रुपये की राशि दी जाएगी. मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा कि हरियाणा से बाहर की इन ओलिंपिक खिलाड़ियों को पुरस्कार देने का यह फैसला समूचे देश की लड़कियों को खेल में आगे बढ़ने और राष्ट्र का गौरव बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगा.टिप्पणियां
राज्य सरकार की खेल नीति को ध्यान में रखते हुए साक्षी मलिक को ढाई करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा. नीति के तहत ओलिंपिक में हरियाणा से स्वर्ण पदक विजेता को छह करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को चार करोड़ और कांस्य पदक विजेता को ढाई करोड़ रुपये दिए जाते हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि रियो में कांस्य पदक जीतने वाली साक्षी मलिक के कोच को भी 10 लाख रुपये की राशि दी जाएगी. मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा कि हरियाणा से बाहर की इन ओलिंपिक खिलाड़ियों को पुरस्कार देने का यह फैसला समूचे देश की लड़कियों को खेल में आगे बढ़ने और राष्ट्र का गौरव बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगा.टिप्पणियां
राज्य सरकार की खेल नीति को ध्यान में रखते हुए साक्षी मलिक को ढाई करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा. नीति के तहत ओलिंपिक में हरियाणा से स्वर्ण पदक विजेता को छह करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को चार करोड़ और कांस्य पदक विजेता को ढाई करोड़ रुपये दिए जाते हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
राज्य सरकार की खेल नीति को ध्यान में रखते हुए साक्षी मलिक को ढाई करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा. नीति के तहत ओलिंपिक में हरियाणा से स्वर्ण पदक विजेता को छह करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को चार करोड़ और कांस्य पदक विजेता को ढाई करोड़ रुपये दिए जाते हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: पीवी सिंधु को 50 लाख रुपये नकद पुरस्कार दिया जाएगा.
ललिता बाबर और दीपा कर्मकार को 15-15 लाख रुपये दिए जाएंगे.
साक्षी मलिक के कोच को भी 10 लाख रुपये की राशि दी जाएगी. | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बलिया जिले के बैरिया क्षेत्र से भाजपा विधायक सिंह ने फिल्म अभिनेता शाह के हाल के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि शाह बनावटी बात बोल रहे हैं. उनकी मानसिकता भारतीय नहीं है. उन्होंने कहा कि शाह को कश्मीरी पंडितों का दर्द समझ नहीं आया. पाक सीमा पर सैनिकों के मारे जाते समय उनका दर्द अभिनेता को समझ नहीं आता. हनुमान जी की जाति को लेकर छिड़े विवाद पर उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि हनुमान जी को मुस्लिम से लेकर दलित व अन्य सभी वर्ग के लोग स्वीकार कर रहे हैं.
बता दें, मशहूर अभिनेता नसीरूद्दीन शाह ने पिछले दिनों एक बयान में कहा था कि देश के हालात बहुत बुरे हैं और उन्हें इस पर गुस्सा आता है. उन्होंने कहा था कि हाल में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हुई हिंसा में साफ़ देखा गया कि आज देश में गाय की जान की कीमत एक पुलिस अफसर की जान से ज्यादा है. समाज में चारों तरफ जहर फैल चुका है और अब इसे से रोक पाना मुश्किल है. शाह के बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की जा रही है. इसके साथ ही शाह ने कहा था कि उन्हें अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर फिक्र होती है.
इसके बाद उनके बयान पर काफी बवाल मचा था. इसी दौरान तीखी प्रतिक्रियाओं के बीच अभिनेता आशुतोष राणा ने शाह का बचाव करते हुए कहा था कि अपनी बात रखने पर किसी का 'सामाजिक ट्रायल' नहीं होना चाहिए.
राणा ने कहा थी कि सभी लोगों को अपने मन की बात साझा करने का अधिकार है और स्वतंत्रता का मतलब भी यही होता है. देश में अगर कोई अपने मन की बात रखता है तो क्या उसका सामाजिक ट्रायल होना चाहिए? उन्होंने कहा कि घर या परिवार के सदस्य की तरफ से कोई प्रतिक्रिया आती है तो उस पर विचार होना चाहिए. मन की बात कहने पर इस तरह के विवाद खड़ा करने से क्या देश की अर्थव्यवस्था सुधर जाएगी या आमदनी बढ़ जाएगी. राणा ने कहा कि इस तरह के विवाद करने से क्या रोजगार बढ़ सकता है? इसलिए हम सबको किसी के मन की बात का सामाजिक ट्रायल नहीं करना चाहिए बल्कि उन बातों को गम्भीरता से सुनना चाहिए. | भाजपा विधायक का विवादित बयान.
कहा- पाकिस्तान चले जाएं शाह.
बयान को बताया बनावटी बात. | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्र सरकार पर हमला जारी रखते हुए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि वह 'आतंक' पर कड़ाई से लगाम लगाने के अपने वादे को पूरा करने में नाकाम रही है। हालांकि उन्होंने आशा जताई कि नरेंद्र मोदी सरकार 'सब कुछ ठीक कर देगी' क्योंकि देश की 'आखिरी उम्मीद' उन्हीं पर टिकी है। उद्धव ने कहा कि सरकार ने 'आतंक पर नरम रुख' अपना रखा है। उन्होंने कहा कि वे इसके विशेषज्ञ तो नहीं हैं लेकिन वे देश और जनता की नब्ज महसूस कर सकते हैं।
पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में सोमवार को अपने साक्षात्कार के दूसरे भाग में उद्धव ने कहा, ''देश में आतंकी हमलों या कट्टरपंथ की जो भी घटनाएं हो रही हैं, मुझे लगता है कि यह सरकार उनसे अच्छी तरह निबट सकती है खासकर इसलिए क्योंकि वह सत्ता में दो साल पूरे कर चुकी है। लेकिन मुझे उम्मीद है कि मोदी सब कुछ ठीक कर देंगे।''
कश्मीर के हालात और ''भारत के आंतरिक मामलों में पाकिस्तान के बढ़ते दखल'' के मसले पर उन्होंने कहा, ''इसके पीछे क्या वजह है यह हम सभी जानते हैं। ऐसे समय हमें संतों की बताई बात याद आती है..कथनी और करनी एक होना। ऐसा करने वाले लोग सम्मानीय हैं। दुर्भाग्य से भारत को अभी तक ऐसा शासक नहीं मिला है जिसकी कथनी और करनी समान हो (आतंक को खत्म करने के बारे में)।''
यह पूछे जाने पर कि महाराष्ट्र में उनकी पार्टी भी महाराष्ट्र तथा केंद्र में सत्ता में साझीदार है फिर वे सरकार पर हमलावर क्यों होते हैं तो 56 वर्षीय नेता ने कहा, ''सरकार को लेकर हमारा कदम बिलकुल स्पष्ट है। हम चाहते हैं कि यह सरकार आराम से चले ताकि देश और लोगों के साथ जो वादे किए गए हैं वह पूरे किए जा सकें। लेकिन जब हमें लगता है कि सरकार अपने रास्ते से भटक रही है तो हमें उसके बारे में आवाज उठाने का पूरा अधिकार है।''
उद्धव ने कहा, ''मोदी सरकार देश की आखिरी उम्मीद है इसलिए हम संपर्क में हो या ना हो, इस बात से इतर सरकार को अच्छा काम कर खुद को साबित करना चाहिए।'' उन्होंने उन अटकलों को खारिज कर दिया कि राज्य और केंद्र में मंत्री पदों के आवंटन को लेकर शिवसेना और भाजपा के बीच मतभेद हैं।
शिवसेना प्रमुख ने कहा, ''कौन कहता है कि हमें सही विभाग नहीं मिले। मीडिया है जो बेवजह यह ढोल पीट रहा है।'' उन्होंने कहा कि उनके और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच कोई खटास नहीं है ''लेकिन भाजपा को (दिल्ली में) पार्टी के उच्चाधिकारियों और मुख्यमंत्री एवं हमारे बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए कुछ करना चाहिए।'' शिवसेना नेता ने साथ ही पिछले दो सालों के अपने कामकाज को प्रचारित करने के लिए कोई कसर ना छोड़ने के मोदी सरकार के कदम का भी बचाव किया।
उन्होंने कहा, ''एक निश्चित सीमा तक अपनी (सरकार की) उपलब्धियों का प्रचार करना ठीक है ताकि देश के लोगों को पता हो कि वे किस दिशा में जा रहे हैं।'' उद्धव ने कहा,''लेकिन यह (विज्ञापन) कुछ ही समय तक चल सकता है। अंत में अगर आज आपने काम नहीं किया तो कल आप मुश्किल में होंगे।"टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें लगता है कि देश की अर्थव्यवस्था गलत रास्ते पर है, उन्होंने कहा, ''मैं ऐसा नहीं सोचता। अगर कुछ चीजों (योजनाएं) में समय लगता है तो आपको मनमाफिक परिणाम हासिल करने के लिए इंतजार करना पड़ेगा। मैं मानता हूं कि अर्थव्यवस्था के पुनरूद्धार में कुछ समय लगेगा लेकिन हमें कम से कम ऐसा महसूस होना चाहिए कि हम सही दिशा में बढ़ रहे हैं।"(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में सोमवार को अपने साक्षात्कार के दूसरे भाग में उद्धव ने कहा, ''देश में आतंकी हमलों या कट्टरपंथ की जो भी घटनाएं हो रही हैं, मुझे लगता है कि यह सरकार उनसे अच्छी तरह निबट सकती है खासकर इसलिए क्योंकि वह सत्ता में दो साल पूरे कर चुकी है। लेकिन मुझे उम्मीद है कि मोदी सब कुछ ठीक कर देंगे।''
कश्मीर के हालात और ''भारत के आंतरिक मामलों में पाकिस्तान के बढ़ते दखल'' के मसले पर उन्होंने कहा, ''इसके पीछे क्या वजह है यह हम सभी जानते हैं। ऐसे समय हमें संतों की बताई बात याद आती है..कथनी और करनी एक होना। ऐसा करने वाले लोग सम्मानीय हैं। दुर्भाग्य से भारत को अभी तक ऐसा शासक नहीं मिला है जिसकी कथनी और करनी समान हो (आतंक को खत्म करने के बारे में)।''
यह पूछे जाने पर कि महाराष्ट्र में उनकी पार्टी भी महाराष्ट्र तथा केंद्र में सत्ता में साझीदार है फिर वे सरकार पर हमलावर क्यों होते हैं तो 56 वर्षीय नेता ने कहा, ''सरकार को लेकर हमारा कदम बिलकुल स्पष्ट है। हम चाहते हैं कि यह सरकार आराम से चले ताकि देश और लोगों के साथ जो वादे किए गए हैं वह पूरे किए जा सकें। लेकिन जब हमें लगता है कि सरकार अपने रास्ते से भटक रही है तो हमें उसके बारे में आवाज उठाने का पूरा अधिकार है।''
उद्धव ने कहा, ''मोदी सरकार देश की आखिरी उम्मीद है इसलिए हम संपर्क में हो या ना हो, इस बात से इतर सरकार को अच्छा काम कर खुद को साबित करना चाहिए।'' उन्होंने उन अटकलों को खारिज कर दिया कि राज्य और केंद्र में मंत्री पदों के आवंटन को लेकर शिवसेना और भाजपा के बीच मतभेद हैं।
शिवसेना प्रमुख ने कहा, ''कौन कहता है कि हमें सही विभाग नहीं मिले। मीडिया है जो बेवजह यह ढोल पीट रहा है।'' उन्होंने कहा कि उनके और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच कोई खटास नहीं है ''लेकिन भाजपा को (दिल्ली में) पार्टी के उच्चाधिकारियों और मुख्यमंत्री एवं हमारे बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए कुछ करना चाहिए।'' शिवसेना नेता ने साथ ही पिछले दो सालों के अपने कामकाज को प्रचारित करने के लिए कोई कसर ना छोड़ने के मोदी सरकार के कदम का भी बचाव किया।
उन्होंने कहा, ''एक निश्चित सीमा तक अपनी (सरकार की) उपलब्धियों का प्रचार करना ठीक है ताकि देश के लोगों को पता हो कि वे किस दिशा में जा रहे हैं।'' उद्धव ने कहा,''लेकिन यह (विज्ञापन) कुछ ही समय तक चल सकता है। अंत में अगर आज आपने काम नहीं किया तो कल आप मुश्किल में होंगे।"टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें लगता है कि देश की अर्थव्यवस्था गलत रास्ते पर है, उन्होंने कहा, ''मैं ऐसा नहीं सोचता। अगर कुछ चीजों (योजनाएं) में समय लगता है तो आपको मनमाफिक परिणाम हासिल करने के लिए इंतजार करना पड़ेगा। मैं मानता हूं कि अर्थव्यवस्था के पुनरूद्धार में कुछ समय लगेगा लेकिन हमें कम से कम ऐसा महसूस होना चाहिए कि हम सही दिशा में बढ़ रहे हैं।"(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कश्मीर के हालात और ''भारत के आंतरिक मामलों में पाकिस्तान के बढ़ते दखल'' के मसले पर उन्होंने कहा, ''इसके पीछे क्या वजह है यह हम सभी जानते हैं। ऐसे समय हमें संतों की बताई बात याद आती है..कथनी और करनी एक होना। ऐसा करने वाले लोग सम्मानीय हैं। दुर्भाग्य से भारत को अभी तक ऐसा शासक नहीं मिला है जिसकी कथनी और करनी समान हो (आतंक को खत्म करने के बारे में)।''
यह पूछे जाने पर कि महाराष्ट्र में उनकी पार्टी भी महाराष्ट्र तथा केंद्र में सत्ता में साझीदार है फिर वे सरकार पर हमलावर क्यों होते हैं तो 56 वर्षीय नेता ने कहा, ''सरकार को लेकर हमारा कदम बिलकुल स्पष्ट है। हम चाहते हैं कि यह सरकार आराम से चले ताकि देश और लोगों के साथ जो वादे किए गए हैं वह पूरे किए जा सकें। लेकिन जब हमें लगता है कि सरकार अपने रास्ते से भटक रही है तो हमें उसके बारे में आवाज उठाने का पूरा अधिकार है।''
उद्धव ने कहा, ''मोदी सरकार देश की आखिरी उम्मीद है इसलिए हम संपर्क में हो या ना हो, इस बात से इतर सरकार को अच्छा काम कर खुद को साबित करना चाहिए।'' उन्होंने उन अटकलों को खारिज कर दिया कि राज्य और केंद्र में मंत्री पदों के आवंटन को लेकर शिवसेना और भाजपा के बीच मतभेद हैं।
शिवसेना प्रमुख ने कहा, ''कौन कहता है कि हमें सही विभाग नहीं मिले। मीडिया है जो बेवजह यह ढोल पीट रहा है।'' उन्होंने कहा कि उनके और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच कोई खटास नहीं है ''लेकिन भाजपा को (दिल्ली में) पार्टी के उच्चाधिकारियों और मुख्यमंत्री एवं हमारे बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए कुछ करना चाहिए।'' शिवसेना नेता ने साथ ही पिछले दो सालों के अपने कामकाज को प्रचारित करने के लिए कोई कसर ना छोड़ने के मोदी सरकार के कदम का भी बचाव किया।
उन्होंने कहा, ''एक निश्चित सीमा तक अपनी (सरकार की) उपलब्धियों का प्रचार करना ठीक है ताकि देश के लोगों को पता हो कि वे किस दिशा में जा रहे हैं।'' उद्धव ने कहा,''लेकिन यह (विज्ञापन) कुछ ही समय तक चल सकता है। अंत में अगर आज आपने काम नहीं किया तो कल आप मुश्किल में होंगे।"टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें लगता है कि देश की अर्थव्यवस्था गलत रास्ते पर है, उन्होंने कहा, ''मैं ऐसा नहीं सोचता। अगर कुछ चीजों (योजनाएं) में समय लगता है तो आपको मनमाफिक परिणाम हासिल करने के लिए इंतजार करना पड़ेगा। मैं मानता हूं कि अर्थव्यवस्था के पुनरूद्धार में कुछ समय लगेगा लेकिन हमें कम से कम ऐसा महसूस होना चाहिए कि हम सही दिशा में बढ़ रहे हैं।"(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह पूछे जाने पर कि महाराष्ट्र में उनकी पार्टी भी महाराष्ट्र तथा केंद्र में सत्ता में साझीदार है फिर वे सरकार पर हमलावर क्यों होते हैं तो 56 वर्षीय नेता ने कहा, ''सरकार को लेकर हमारा कदम बिलकुल स्पष्ट है। हम चाहते हैं कि यह सरकार आराम से चले ताकि देश और लोगों के साथ जो वादे किए गए हैं वह पूरे किए जा सकें। लेकिन जब हमें लगता है कि सरकार अपने रास्ते से भटक रही है तो हमें उसके बारे में आवाज उठाने का पूरा अधिकार है।''
उद्धव ने कहा, ''मोदी सरकार देश की आखिरी उम्मीद है इसलिए हम संपर्क में हो या ना हो, इस बात से इतर सरकार को अच्छा काम कर खुद को साबित करना चाहिए।'' उन्होंने उन अटकलों को खारिज कर दिया कि राज्य और केंद्र में मंत्री पदों के आवंटन को लेकर शिवसेना और भाजपा के बीच मतभेद हैं।
शिवसेना प्रमुख ने कहा, ''कौन कहता है कि हमें सही विभाग नहीं मिले। मीडिया है जो बेवजह यह ढोल पीट रहा है।'' उन्होंने कहा कि उनके और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच कोई खटास नहीं है ''लेकिन भाजपा को (दिल्ली में) पार्टी के उच्चाधिकारियों और मुख्यमंत्री एवं हमारे बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए कुछ करना चाहिए।'' शिवसेना नेता ने साथ ही पिछले दो सालों के अपने कामकाज को प्रचारित करने के लिए कोई कसर ना छोड़ने के मोदी सरकार के कदम का भी बचाव किया।
उन्होंने कहा, ''एक निश्चित सीमा तक अपनी (सरकार की) उपलब्धियों का प्रचार करना ठीक है ताकि देश के लोगों को पता हो कि वे किस दिशा में जा रहे हैं।'' उद्धव ने कहा,''लेकिन यह (विज्ञापन) कुछ ही समय तक चल सकता है। अंत में अगर आज आपने काम नहीं किया तो कल आप मुश्किल में होंगे।"टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें लगता है कि देश की अर्थव्यवस्था गलत रास्ते पर है, उन्होंने कहा, ''मैं ऐसा नहीं सोचता। अगर कुछ चीजों (योजनाएं) में समय लगता है तो आपको मनमाफिक परिणाम हासिल करने के लिए इंतजार करना पड़ेगा। मैं मानता हूं कि अर्थव्यवस्था के पुनरूद्धार में कुछ समय लगेगा लेकिन हमें कम से कम ऐसा महसूस होना चाहिए कि हम सही दिशा में बढ़ रहे हैं।"(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उद्धव ने कहा, ''मोदी सरकार देश की आखिरी उम्मीद है इसलिए हम संपर्क में हो या ना हो, इस बात से इतर सरकार को अच्छा काम कर खुद को साबित करना चाहिए।'' उन्होंने उन अटकलों को खारिज कर दिया कि राज्य और केंद्र में मंत्री पदों के आवंटन को लेकर शिवसेना और भाजपा के बीच मतभेद हैं।
शिवसेना प्रमुख ने कहा, ''कौन कहता है कि हमें सही विभाग नहीं मिले। मीडिया है जो बेवजह यह ढोल पीट रहा है।'' उन्होंने कहा कि उनके और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच कोई खटास नहीं है ''लेकिन भाजपा को (दिल्ली में) पार्टी के उच्चाधिकारियों और मुख्यमंत्री एवं हमारे बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए कुछ करना चाहिए।'' शिवसेना नेता ने साथ ही पिछले दो सालों के अपने कामकाज को प्रचारित करने के लिए कोई कसर ना छोड़ने के मोदी सरकार के कदम का भी बचाव किया।
उन्होंने कहा, ''एक निश्चित सीमा तक अपनी (सरकार की) उपलब्धियों का प्रचार करना ठीक है ताकि देश के लोगों को पता हो कि वे किस दिशा में जा रहे हैं।'' उद्धव ने कहा,''लेकिन यह (विज्ञापन) कुछ ही समय तक चल सकता है। अंत में अगर आज आपने काम नहीं किया तो कल आप मुश्किल में होंगे।"टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें लगता है कि देश की अर्थव्यवस्था गलत रास्ते पर है, उन्होंने कहा, ''मैं ऐसा नहीं सोचता। अगर कुछ चीजों (योजनाएं) में समय लगता है तो आपको मनमाफिक परिणाम हासिल करने के लिए इंतजार करना पड़ेगा। मैं मानता हूं कि अर्थव्यवस्था के पुनरूद्धार में कुछ समय लगेगा लेकिन हमें कम से कम ऐसा महसूस होना चाहिए कि हम सही दिशा में बढ़ रहे हैं।"(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
शिवसेना प्रमुख ने कहा, ''कौन कहता है कि हमें सही विभाग नहीं मिले। मीडिया है जो बेवजह यह ढोल पीट रहा है।'' उन्होंने कहा कि उनके और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच कोई खटास नहीं है ''लेकिन भाजपा को (दिल्ली में) पार्टी के उच्चाधिकारियों और मुख्यमंत्री एवं हमारे बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए कुछ करना चाहिए।'' शिवसेना नेता ने साथ ही पिछले दो सालों के अपने कामकाज को प्रचारित करने के लिए कोई कसर ना छोड़ने के मोदी सरकार के कदम का भी बचाव किया।
उन्होंने कहा, ''एक निश्चित सीमा तक अपनी (सरकार की) उपलब्धियों का प्रचार करना ठीक है ताकि देश के लोगों को पता हो कि वे किस दिशा में जा रहे हैं।'' उद्धव ने कहा,''लेकिन यह (विज्ञापन) कुछ ही समय तक चल सकता है। अंत में अगर आज आपने काम नहीं किया तो कल आप मुश्किल में होंगे।"टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें लगता है कि देश की अर्थव्यवस्था गलत रास्ते पर है, उन्होंने कहा, ''मैं ऐसा नहीं सोचता। अगर कुछ चीजों (योजनाएं) में समय लगता है तो आपको मनमाफिक परिणाम हासिल करने के लिए इंतजार करना पड़ेगा। मैं मानता हूं कि अर्थव्यवस्था के पुनरूद्धार में कुछ समय लगेगा लेकिन हमें कम से कम ऐसा महसूस होना चाहिए कि हम सही दिशा में बढ़ रहे हैं।"(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ''एक निश्चित सीमा तक अपनी (सरकार की) उपलब्धियों का प्रचार करना ठीक है ताकि देश के लोगों को पता हो कि वे किस दिशा में जा रहे हैं।'' उद्धव ने कहा,''लेकिन यह (विज्ञापन) कुछ ही समय तक चल सकता है। अंत में अगर आज आपने काम नहीं किया तो कल आप मुश्किल में होंगे।"टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें लगता है कि देश की अर्थव्यवस्था गलत रास्ते पर है, उन्होंने कहा, ''मैं ऐसा नहीं सोचता। अगर कुछ चीजों (योजनाएं) में समय लगता है तो आपको मनमाफिक परिणाम हासिल करने के लिए इंतजार करना पड़ेगा। मैं मानता हूं कि अर्थव्यवस्था के पुनरूद्धार में कुछ समय लगेगा लेकिन हमें कम से कम ऐसा महसूस होना चाहिए कि हम सही दिशा में बढ़ रहे हैं।"(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें लगता है कि देश की अर्थव्यवस्था गलत रास्ते पर है, उन्होंने कहा, ''मैं ऐसा नहीं सोचता। अगर कुछ चीजों (योजनाएं) में समय लगता है तो आपको मनमाफिक परिणाम हासिल करने के लिए इंतजार करना पड़ेगा। मैं मानता हूं कि अर्थव्यवस्था के पुनरूद्धार में कुछ समय लगेगा लेकिन हमें कम से कम ऐसा महसूस होना चाहिए कि हम सही दिशा में बढ़ रहे हैं।"(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: कहा- सरकार ने आतंक पर नरम रुख अपना रखा है
मंत्री पदों के आवंटन को लेकर शिवसेना और भाजपा के बीच मतभेद नहीं
मीडिया बेवजह दोनों दलों के बीच रिश्तों के बारे में ढोल पीट रहा है | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आईपीएल-4 शुरू हो रहा है और ऐसे में क्रिकेट से मुकाबला करने इस शुक्रवार सिनेमाघरों में पहुंची है अक्षय कुमार निर्माता-अभिनेता अक्षय कुमार की फिल्म 'थैंक्यू'। फिल्म 'थैंक्यू'…तीन बिज़नेस पार्टनर दोस्तों पर है जो शादीशुदा जिंदगी से खुश हैं लेकिन पराई औरतों के साथ ऐश करने से बाज नहीं आते। फिल्म में ये हैं…इरफ़ान ख़ान, बॉबी देओल और सुनील शेट्टी। जब भी ये दोस्त बीवियों की पकड़ में आते हैं बहाने बनाकर बच निकलते हैं लेकिन इनकी अय्याशियों पर तब ग्रहण लग जाता है जब तीनों दोस्तों की बीवियां अपने पतियों की कारगुज़ारियों का भंडाफोड़ करने के लिए प्राइवेट डिटेक्टिव किशन उर्फ अक्षय कुमार को हायर कर लेती हैं। इस मुसीबत से निकलने के लिए भी तीनों दोस्त अक्षय कुमार के पास ही पहुंचते हैं। कुछ अच्छे डायलॉग्स के साथ फर्स्ट हाफ तो फिर भी इंटरटेन करता है लेकिन सेकेंड हाफ में बोरियत ज्यादा है। इरफ़ान ख़ान और अक्षय कुमार ने अच्छा काम किया लेकिन स्क्रीप्ट के सामने इनकी एक्टिंग को भी घुटने टेकने पड़े। सोनम और सेलीना से बेहतर रिमी सेन नज़र आईं। 'थैंक्यू' में डांस नंबर्स की भरमार है लेकिन मल्लिका शेरावत का ये आइटम नंबर मुन्नी और शीला से बहुत पीछे है। लगता है डायरेक्टर अनीस बज्मी शादी से बाहर ऐश करने वाले मर्दों पर फिल्म बनाने में स्पेशलाइज़ेशन करना चाहते हैं। इसीलिए 'थैंक्यू' की थीम भी नो एंट्री जैसी है। लेकिन कम से कम कहानी तो नई ढूंढ लीजिए। 'थैंक्यू' से मिलती जुलती कहानी शादी नंबर वन और लाइफ पार्टनर जैसी कई फिल्मों में दिखी है। फिर भी थोड़ा बहुत हंसाने के लिए थैंक्यू । इस फिल्म के लिए मेरी रेटिंग है 2 स्टार। | सारांश: फिल्म 'थैंक्यू'तीन बिज़नेस पार्टनर दोस्तों पर है जो शादीशुदा जिंदगी से खुश हैं लेकिन पराई औरतों के साथ ऐश करने से बाज नहीं आते। | 20 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मुंबई के ठहाका क्लब के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी व्यक्ति के घर के बाहर एकत्र होना और जोर-जोर से ठहाका लगाना उचित नहीं है।टिप्पणियां
एक परिवार की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि शीतल जॉगिंग एसोसिएशन नाम के ठहाका क्लब के सदस्य उपनगरीय कुर्ला में शीतल तलाव में एकत्र हुए और जोर-जोर से ठहाका लगाया, जिससे मानसिक व्यथा, दर्द और सार्वजनिक बाधा पैदा हुई।
न्यायमूर्ति एसए बोबाडे और न्यायमूर्ति मृदुला भाटकर की पीठ ने मंगलवार को पुलिस से एक हफ्ते के भीतर सूचित करने को कहा कि ठहाका क्लब पर इलाके के लोगों के लिए परेशानी बनने से रोकने के लिए क्या कार्रवाई करने की योजना है। पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने विनोबा भावे नगर थाने के वरिष्ठ निरीक्षक को निर्देश दिया था कि वह इस बात को सुनिश्चित करें कि क्लब द्वारा इस तरह की कोई परेशानी नहीं पैदा हो।
एक परिवार की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि शीतल जॉगिंग एसोसिएशन नाम के ठहाका क्लब के सदस्य उपनगरीय कुर्ला में शीतल तलाव में एकत्र हुए और जोर-जोर से ठहाका लगाया, जिससे मानसिक व्यथा, दर्द और सार्वजनिक बाधा पैदा हुई।
न्यायमूर्ति एसए बोबाडे और न्यायमूर्ति मृदुला भाटकर की पीठ ने मंगलवार को पुलिस से एक हफ्ते के भीतर सूचित करने को कहा कि ठहाका क्लब पर इलाके के लोगों के लिए परेशानी बनने से रोकने के लिए क्या कार्रवाई करने की योजना है। पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने विनोबा भावे नगर थाने के वरिष्ठ निरीक्षक को निर्देश दिया था कि वह इस बात को सुनिश्चित करें कि क्लब द्वारा इस तरह की कोई परेशानी नहीं पैदा हो।
न्यायमूर्ति एसए बोबाडे और न्यायमूर्ति मृदुला भाटकर की पीठ ने मंगलवार को पुलिस से एक हफ्ते के भीतर सूचित करने को कहा कि ठहाका क्लब पर इलाके के लोगों के लिए परेशानी बनने से रोकने के लिए क्या कार्रवाई करने की योजना है। पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने विनोबा भावे नगर थाने के वरिष्ठ निरीक्षक को निर्देश दिया था कि वह इस बात को सुनिश्चित करें कि क्लब द्वारा इस तरह की कोई परेशानी नहीं पैदा हो। | संक्षिप्त पाठ: मुंबई के ठहाका क्लब के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी व्यक्ति के घर के बाहर एकत्र होना और जोर-जोर से ठहाका लगाना उचित नहीं है। | 22 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अभिनेता धर्मेंद्र ने स्वीकार किया है कि शराब पीने की उनकी आदत ने उन्हें अभिनेता के तौर पर गहरा नुकसान पहुंचाया, लेकिन अब वह अपनी फिल्मों के साथ वापसी कर रहे हैं।
‘यमला पगला दीवाना 2’ में अपने बेटों बॉबी और सनी के साथ अभिनय करने वाले 77 वर्षीय अभिनेता ने कहा कि अब वह फिल्म निर्माण की प्रक्रिया समझते हैं और उसे गंभीरता से लेते हैं। ‘यमला पगला दीवाना 2’ के प्रमोशन के लिए यहां आए धर्मेंद्र ने कहा, मैं अब शराब नहीं पीता। मैंने शराब पीने की आदत से खुद को अभिनेता के तौर पर नष्ट कर दिया था। अब मैं मानवता में विश्वास रखता हूं और मैंने फिल्म निर्माण सीख लिया है। हम तीनों ने इस फिल्म के लिए बहुत मेहनत की है। धर्मेंद्र ने अपने खराब होते स्वास्थ्य के कारण 2011 में शराब छोड़ दी थी। ‘यमला पगला दीवाना 2’ इस शुक्रवार को रिलीज होगी।
‘यमला पगला दीवाना 2’ में अपने बेटों बॉबी और सनी के साथ अभिनय करने वाले 77 वर्षीय अभिनेता ने कहा कि अब वह फिल्म निर्माण की प्रक्रिया समझते हैं और उसे गंभीरता से लेते हैं। ‘यमला पगला दीवाना 2’ के प्रमोशन के लिए यहां आए धर्मेंद्र ने कहा, मैं अब शराब नहीं पीता। मैंने शराब पीने की आदत से खुद को अभिनेता के तौर पर नष्ट कर दिया था। अब मैं मानवता में विश्वास रखता हूं और मैंने फिल्म निर्माण सीख लिया है। हम तीनों ने इस फिल्म के लिए बहुत मेहनत की है। धर्मेंद्र ने अपने खराब होते स्वास्थ्य के कारण 2011 में शराब छोड़ दी थी। ‘यमला पगला दीवाना 2’ इस शुक्रवार को रिलीज होगी। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अभिनेता धर्मेंद्र ने स्वीकार किया है कि शराब पीने की उनकी आदत ने उन्हें अभिनेता के तौर पर गहरा नुकसान पहुंचाया, लेकिन अब वह अपनी फिल्मों के साथ वापसी कर रहे हैं। | 32 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जैक्सन (32) के दोस्त और परिवार के सदस्य उसकी मौत का शोक मना रहे हैं। संबंधियों का कहना है कि वह सभ्य और अच्छा इंसान था। रविवार सुबह एक बंदूकधारी ने उसकी और दो अन्य पुलिस अधिकारियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। टिप्पणियां
बैटन रूज पुलिस विभाग में सारजंट डॉन कोप्पोला जूनियर ने मारे गए एक और पुलिस अधिकारी की पहचान 41 वर्षीय मैथ्यू गेराल्ड के रूप में की है। उसे पुलिस विभाग में काम करते हुए एक साल भी पूरा नहीं हुआ था। ईस्ट बैटन रूज पेरिश शेरिफ के कार्यालय की प्रवक्ता केसी रेबॉर्न हिक्स ने बताया कि तीसरा अधिकारी 45 वर्षीय ब्राड गाराफोला था जो गत 24 साल से इस विभाग में काम कर रहा था।
फेसबुक पोस्ट में जैक्सन ने लिखा था कि वर्दी में वे लोगों को भयानक लगते हैं लेकिन सामान्य कपड़ों में लोग उन्हें खतरा मानते हैं। उसने लिखा, ‘‘छोटे से जीवन में मैंने बहुत कुछ अनुभव किया है लेकिन बीते तीन दिनों ने मुझे गहराई तक हिलाकर रख दिया है।’’ यह संदेश आठ जुलाई को बैटन रूज में पुलिस द्वारा एक अश्वेत की हत्या के ठीक तीन दिन बाद लिखा गया था। यह घटना देश में बेहद तनावपूर्ण हफ्ते की शुरूआत थी। देश का इतिहास नस्ली भेदभाव से भरा हुआ है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बैटन रूज पुलिस विभाग में सारजंट डॉन कोप्पोला जूनियर ने मारे गए एक और पुलिस अधिकारी की पहचान 41 वर्षीय मैथ्यू गेराल्ड के रूप में की है। उसे पुलिस विभाग में काम करते हुए एक साल भी पूरा नहीं हुआ था। ईस्ट बैटन रूज पेरिश शेरिफ के कार्यालय की प्रवक्ता केसी रेबॉर्न हिक्स ने बताया कि तीसरा अधिकारी 45 वर्षीय ब्राड गाराफोला था जो गत 24 साल से इस विभाग में काम कर रहा था।
फेसबुक पोस्ट में जैक्सन ने लिखा था कि वर्दी में वे लोगों को भयानक लगते हैं लेकिन सामान्य कपड़ों में लोग उन्हें खतरा मानते हैं। उसने लिखा, ‘‘छोटे से जीवन में मैंने बहुत कुछ अनुभव किया है लेकिन बीते तीन दिनों ने मुझे गहराई तक हिलाकर रख दिया है।’’ यह संदेश आठ जुलाई को बैटन रूज में पुलिस द्वारा एक अश्वेत की हत्या के ठीक तीन दिन बाद लिखा गया था। यह घटना देश में बेहद तनावपूर्ण हफ्ते की शुरूआत थी। देश का इतिहास नस्ली भेदभाव से भरा हुआ है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: बैटन रूज में हुई गोलीबारी में हुई थी पुलिस अधिकारी की मौत।
फेसबुक पोस्ट में अधिकारी ने खुद को बताया भावनात्मक रूप से थका हुआ।
अधिकारी पिछले 10 सोलों से पुलिस विभाग में सेवाएं दे रहे थे। | 16 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: विधानसभा चुनाव परिणाम के 12 दिन बाद बीजेपी ने शिवसेना के साथ मिलकर सरकार बनाने पर जोर देते हुए बातचीत के लिए 24 घंटे दरवाजे खुले होने का दावा किया. अब गेंद शिवसेना के पाले में है. कोर कमिटी की ढाई घंटे लंबी मीटिंग के बाद बाहर निकलकर बीजेपी नेताओं ने दावा किया कि सरकार गठबंधन की बनेगी और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में बनेगी. बीजेपी नेता सुधीर मुनगंटीवार ने तो दावा किया कि बीजेपी शिवसेना के पास प्रस्ताव भी भेज चुकी है. लेकिन प्रस्ताव क्या है और फॉर्मूला क्या होगा, ये पत्ते खोलने से उन्होंने इनकार कर दिया. मुनगंटीवार ने सरकार गठन को लेकर शिवसेना के साथ चल रहे गतिरोध में संभावित सफलता मिलने का मंगलवार को संकेत देते हुए कहा कि किसी भी क्षण ‘अच्छी खबर' आ सकती है. उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘किसी भी समय सरकार गठन को लेकर अच्छी खबर आ सकती है.''
बैठक में भाग लेने वाले भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि वे अब शिवसेना की ओर से प्रस्ताव का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘‘हमने महाराष्ट्र में पार्टी के विधायक दल के नेता के रूप में फडणवीस को पूरा समर्थन दिया है.''
भाजपा नेता गिरीश महाजन ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी अपने सहयोगी दल शिवसेना के साथ मुख्यमंत्री पद साझा करने को लेकर बातचीत करने के लिये तैयार नहीं है और देवेन्द्र फडणवीस ही अगले मुख्यमंत्री बनेंगे. राज्य की मौजूदा सरकार में वरिष्ठ मंत्री महाजन ने सरकार गठन के लिये वार्ता शुरू करने से पहले शिवसेना की 'लिखित आश्वासन' की मांग को भी खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, "हमने तय किया है कि फडणवीस ही अगले पांच वर्ष के लिये मुख्यमंत्री होंगे. भाजपा अन्य विभागों को लेकर शिवसेना के साथ बातचीत के लिये तैयार है. शिवसेना की 'लिखित आश्वासन' की मांग पर भाजपा नेता ने कहा, "हम भारत-पाकिस्तान तो हैं नहीं कि बातचीत नहीं कर सकते. दोनों दलों के नेता मिलकर सत्ता साझा करने के फॉर्मूले पर बात कर सकते हैं. ऐसी बातों की लिखित में मांग करने का कोई मतलब नहीं है."
बीजेपी दावा तो कर रही है कि सरकार महायुति की बनेगी और देवेन्द्र फडणवीस के नेतृत्व में ही बनेगी लेकिन कैसे, इसका जवाब देने से बच रही है. सवाल है क्या शिवसेना बिना मुख्यमंत्री पद लिए मानेगी और किस किमत पर?
इस बीच कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं ने एक साथ राज्यपाल से मुलाकात की. नेताओं ने जहां राज्यपाल से किसानों की हालात पर बात की तो वहीं किसानों की दुर्दशा के लिए एक बार फिर से मौजूदा सरकार को ज़िम्मेदार बताया. विपक्ष के नेताओं ने जहां सत्ता को लेकर कुछ साफ तौर पर नहीं कहा लेकिन एक साथ बड़ी संख्या में आकर एक बार फिर से विपक्ष ने ग्रकीं महाराष्ट्र में यह संदेश देने की कोशिश की की केवल उन्हें किसानों के मौजूदा हालात पर फिक्र है. | यह एक सारांश है: 'किसी भी समय सरकार गठन को लेकर अच्छी खबर आ सकती है'
भाजपा अन्य विभागों को लेकर शिवसेना के साथ बातचीत के लिये तैयार
कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं ने एक साथ राज्यपाल से मुलाकात की | 16 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सरकार स्वतंत्र भारत के सबसे बड़े कर सुधार कहे जा रहे जीएसटी की शुरुआत देश की आजादी की उद्घोषणा के कार्यक्रम की तर्ज पर करने जा रही है. इस नई अप्रत्यक्ष कर प्रणाली की शुरुआत 30 जून की आधी रात को संसद के ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष में होगी जहां 15 अगस्त 1947 की आधी रात को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने ऐतिहासिक भाषण -tryst with destiny- दिया था.
सरकार संभवत: पहली बार नई कराधान प्रणाली शुरू करने के लिये केंद्रीय कक्ष का उपयोग करेगी. नई अप्रत्यक्ष कर प्रणाली 2,000 अरब डॉलर से अधिक अर्थव्यवस्था को नया रूप देगी. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जीएसटी लागू होने की पूर्व संध्या पर कार्यक्रम संभवत: 30 जून को रात 11 बजे शुरू होगा और मध्यरात्रि तक चलेगा. एक जुलाई से जीएसटी लागू होना है. आधी रात को घंटा बजेगा जो यह रेखांकित करेगा जीएसटी आ गया है.टिप्पणियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम में मुख्य वक्ता होंगे जहां राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भी आमंत्रित किया जाएगा. पूर्व संप्रग सरकार में मुखर्जी जब वित्त मंत्री थे, उन्होंने जीएसटी विधेयक को आगे बढ़ाया था. वहां पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी मौजूद होंगे. इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा भी केंद्रीय कक्ष में मौजूद रहेंगे. सूत्रों ने कहा कि सभी राज्यों के सीएम को भी बुलाया जाएगा क्योंकि जीएसटी राजकोषीय संघवाद की दिशा में अप्रत्याशित मुहिम को प्रतिबिंबित करता है. जीएसटी परिषद के सदस्य अतिथि होंगे.
केंद्र एवं राज्य सरकारों को एक साथ लाने वाली जीएसटी परिषद की 17 बार बैठक हुई ताकि नई कर व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा सके. पहले जीएसटी की शुरुआत विज्ञान भवन से होनी थी लेकिन नई कर संहिता की अहमियत को देखते हुए केंद्रीय हाल को बेहतर विकल्प माना गया. नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था एक दर्जन से अधिक शुल्कों को स्वयं में समाहित कर एकल बाजार तैयार करेगा जिसकी आबादी अमेरिका, यूरोप, ब्राजील, मैक्सिको तथा जापान को मिलाकर अधिक है. (न्यूज एजेंसी भाषा से इनपुट)
सरकार संभवत: पहली बार नई कराधान प्रणाली शुरू करने के लिये केंद्रीय कक्ष का उपयोग करेगी. नई अप्रत्यक्ष कर प्रणाली 2,000 अरब डॉलर से अधिक अर्थव्यवस्था को नया रूप देगी. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जीएसटी लागू होने की पूर्व संध्या पर कार्यक्रम संभवत: 30 जून को रात 11 बजे शुरू होगा और मध्यरात्रि तक चलेगा. एक जुलाई से जीएसटी लागू होना है. आधी रात को घंटा बजेगा जो यह रेखांकित करेगा जीएसटी आ गया है.टिप्पणियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम में मुख्य वक्ता होंगे जहां राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भी आमंत्रित किया जाएगा. पूर्व संप्रग सरकार में मुखर्जी जब वित्त मंत्री थे, उन्होंने जीएसटी विधेयक को आगे बढ़ाया था. वहां पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी मौजूद होंगे. इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा भी केंद्रीय कक्ष में मौजूद रहेंगे. सूत्रों ने कहा कि सभी राज्यों के सीएम को भी बुलाया जाएगा क्योंकि जीएसटी राजकोषीय संघवाद की दिशा में अप्रत्याशित मुहिम को प्रतिबिंबित करता है. जीएसटी परिषद के सदस्य अतिथि होंगे.
केंद्र एवं राज्य सरकारों को एक साथ लाने वाली जीएसटी परिषद की 17 बार बैठक हुई ताकि नई कर व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा सके. पहले जीएसटी की शुरुआत विज्ञान भवन से होनी थी लेकिन नई कर संहिता की अहमियत को देखते हुए केंद्रीय हाल को बेहतर विकल्प माना गया. नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था एक दर्जन से अधिक शुल्कों को स्वयं में समाहित कर एकल बाजार तैयार करेगा जिसकी आबादी अमेरिका, यूरोप, ब्राजील, मैक्सिको तथा जापान को मिलाकर अधिक है. (न्यूज एजेंसी भाषा से इनपुट)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम में मुख्य वक्ता होंगे जहां राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भी आमंत्रित किया जाएगा. पूर्व संप्रग सरकार में मुखर्जी जब वित्त मंत्री थे, उन्होंने जीएसटी विधेयक को आगे बढ़ाया था. वहां पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी मौजूद होंगे. इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा भी केंद्रीय कक्ष में मौजूद रहेंगे. सूत्रों ने कहा कि सभी राज्यों के सीएम को भी बुलाया जाएगा क्योंकि जीएसटी राजकोषीय संघवाद की दिशा में अप्रत्याशित मुहिम को प्रतिबिंबित करता है. जीएसटी परिषद के सदस्य अतिथि होंगे.
केंद्र एवं राज्य सरकारों को एक साथ लाने वाली जीएसटी परिषद की 17 बार बैठक हुई ताकि नई कर व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा सके. पहले जीएसटी की शुरुआत विज्ञान भवन से होनी थी लेकिन नई कर संहिता की अहमियत को देखते हुए केंद्रीय हाल को बेहतर विकल्प माना गया. नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था एक दर्जन से अधिक शुल्कों को स्वयं में समाहित कर एकल बाजार तैयार करेगा जिसकी आबादी अमेरिका, यूरोप, ब्राजील, मैक्सिको तथा जापान को मिलाकर अधिक है. (न्यूज एजेंसी भाषा से इनपुट)
केंद्र एवं राज्य सरकारों को एक साथ लाने वाली जीएसटी परिषद की 17 बार बैठक हुई ताकि नई कर व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा सके. पहले जीएसटी की शुरुआत विज्ञान भवन से होनी थी लेकिन नई कर संहिता की अहमियत को देखते हुए केंद्रीय हाल को बेहतर विकल्प माना गया. नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था एक दर्जन से अधिक शुल्कों को स्वयं में समाहित कर एकल बाजार तैयार करेगा जिसकी आबादी अमेरिका, यूरोप, ब्राजील, मैक्सिको तथा जापान को मिलाकर अधिक है. (न्यूज एजेंसी भाषा से इनपुट) | संक्षिप्त पाठ: GST की शुरुआत 30 जून आधी रात को संसद के ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष में होगी
संभवत: 30 जून को रात 11 बजे शुरू होगा कार्यक्रम और मध्यरात्रि तक चलेगा
आधी रात को घंटा बजेगा जो यह रेखांकित करेगा जीएसटी आ गया है | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दुबई की बिन खादिम कंपनी के तेल वाहक जहाज अल वतूल पर तैनात कराए गए नौ भारतीय युवकों का अभी तक कोई अता-पता नहीं है। थक हारकर परिजनों ने अहमदाबाद हाईकोर्ट की शरण ली है। परिजनों का कहना है कि सरकार और आरोपी सी-हॉर्स अकादमी इस मामले में ढिलाई बरत रहे हैं। लापता नाविकों में से एक भूपेंद्र सिंह के पिता राजेंद्र सिंह चौधरी द्वारा गत 24 मार्च को सी-हॉर्स अकादमी ऑफ मर्चेंट नेवी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के बाद अदालत ने 29 जून को मामले की सुनवाई की। मामला कुछ इस तरह है कि वलसाड के भूपेंद्र सिंह, जयपुर के विकास चौधरी, भूमराम रूंदला और रतिराम जाट (दोनों भाई), रांची के अमित कुमार, लुधियाना के जितेंद्र सिंह, भिवानी के विक्रम सिंह, रेवाड़ी के नरेंद्र कुमार, महाराष्ट्र के प्रकाश जाधव तथा अलीगढ़ के श्रवण सिंह ने हैदराबाद स्थित इस मर्चेंट नेवी प्रशिक्षण संस्थान में प्रवेश लिया था। कोर्स के दौरान ही ऑन बोर्ड ट्रेनिंग और नौकरी का वादा किए जाने के चलते इन छात्रों को एजेंटों के जरिए दुबई की बिन खादिम कंपनी के तेल वाहक जहाज अल वतूल पर तैनाती करा दी गई। युवकों ने अपने परिजनों को बताया था कि वे शारजाह से ईरान तेल के आयात-निर्यात करने वाले जहाज पर तैनात हैं। पिछले साल माह फरवरी के अंतिम सप्ताह में ये लोग शारजाह के लिए रवाना हुए और अप्रैल तक ये लोग अपने परिजनों से संपर्क करते रहे। बाद में पता लगा कि अल वतूल जहाज को ईरानी कोस्टल गार्ड ने अपने कब्जे में ले लिया है। ज्यादा छानबीन की गई तो पता चला कि जहाज रास्ता भटककर ईरानी सीमा में चला गया और जहाज पर तैनात सभी कर्मियों को तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। 15 मई, 2010 को इनमें से एक युवक श्रवण सिंह की मौत हो गई। लापता नाविकों के परिजनों ने बंदर अब्बास स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास से संपर्क किया। लेकिन आश्वासनों के अलावा कोई खास मदद नहीं मिली। इस संबंध में सभी लापता नाविकों के परिजन अभी तक राष्ट्रपति प्रतिभादेवी सिंह पाटिल और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगा चुके हैं। पिछले दिनों जंतर-मंतर पर अनशन भी किया जा चुका है। लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। संबंधित स्टोरी पढ़ें...गायब हैं भारतीय युवक, कुछ नहीं करता दूतावास... | सारांश: दुबई की बिन खादिम कंपनी के तेल वाहक जहाज अल वतूल पर तैनात कराए गए नौ भारतीय युवकों का अभी तक कोई अता-पता नहीं है। | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय बैंकिंग तंत्र तथा पूंजी बाजार में ईरानी धन के प्रवाह को रोकने के लिए रिजर्व बैंक और सेबी जल्द नई चेतावनी जारी करेंगे। इसमें वे अपने दायरे में आने वाली इकाइयों को ईरानी संपर्कों वाली इकाइयों और कोषों से सजग रहने को कहेंगे।
यह चेतावनी अगले कुछ दिन में जारी होने की उम्मीद है। ईरान पर वैश्विक अंतर सरकारी एजेंसी फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) द्वारा पिछले महीने मनी-लांड्रिंग और आतंकवाद के वित्त पोषण पर दिशा-निर्देशों के आधार पर यह चेतावनी जारी की जाएगी।
अपने परमाणु कार्यक्रम तथा संदिग्ध आतंकवादी गतिविधियों की वजह से ईरान को लगातार अमेरिकी और यूरोपीय प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि भारत और कुछ अन्य देशों को ईरान से तेल आयात जैसे मामलों में इन प्रतिबंधों से छूट मिली हुई है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत चूंकि एफएटीएफ का सदस्य है इसलिए वह उसके द्वारा जारी वैश्विक चेतावनी को काफी गंभीरता से लेता है। इसी के मद्देनजर सरकार ने ईरान के बारे में मिले मशविरे को रिजर्व बैंक और सेबी के पास आगे की कार्रवाई के लिए भेजा है। एफएटीएफ ने हाल में मनी-लांड्रिंग तथा आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने के लिए भारत के प्रयासों की सराहना की है।
भारत में वित्तीय गतिविधियों का अधिकांश नियमन रिजर्व बैंक और सेबी द्वारा किया जाता है। एफएटीएफ मनी-लांड्रिंग रोकने तथा आतंकवाद के वित्तपोषण की गतिविधियों पर अंकुश के लिए मानक तय करने वाली वैश्विक एजेंसी है। उसने ईरान की पहचान ऐसे ठिकाने के रूप में की है जिससे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली को जोखिम हो सकता है।
आईएटीएफ द्वारा पिछले महीने जारी ताजा चेतावनी के अनुसार भारत और अन्य सदस्य देशों को ईरान और उत्तरी कोरिया से आने वाले मनी-लांड्रिंग तथा आतंकवाद के लिए धन के प्रवाह के जोखिमों से निपटने के लिए बचाव उपाय करने चाहिए।
एफएटीएफ विशेष रूप से आतंकवाद के लिए धन की के प्रवाह तथा अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली को गंभीर जोखिम से बचाने के लिए सुझाए गए उपाय करने में ईरान की विफलता से चिंतित है।टिप्पणियां
एफएटीएफ ने इन देशों से कहा है कि वे ईरानी वित्तीय संस्थानों द्वारा उनके यहां शाखा या सहायक इकाई खोलने के आग्रह पर विचार करते समय मनी-लांड्रिंग तथा आतंकवाद के वित्तपोषण के जोखिम का भी ध्यान रखें।
एफएटीएफ ने कहा कि ईरान से आतंकवाद के वित्तपोषण के लगातार उठने वाले खतरों के मद्देनजर ये देश पहले उठाए जा चुके कदमों पर ध्यान देने के अलावा मौजूदा को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करें। उत्तरी कोरिया के मामले में भी इसी तरह की चेतावनी जारी की गई है।
यह चेतावनी अगले कुछ दिन में जारी होने की उम्मीद है। ईरान पर वैश्विक अंतर सरकारी एजेंसी फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) द्वारा पिछले महीने मनी-लांड्रिंग और आतंकवाद के वित्त पोषण पर दिशा-निर्देशों के आधार पर यह चेतावनी जारी की जाएगी।
अपने परमाणु कार्यक्रम तथा संदिग्ध आतंकवादी गतिविधियों की वजह से ईरान को लगातार अमेरिकी और यूरोपीय प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि भारत और कुछ अन्य देशों को ईरान से तेल आयात जैसे मामलों में इन प्रतिबंधों से छूट मिली हुई है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत चूंकि एफएटीएफ का सदस्य है इसलिए वह उसके द्वारा जारी वैश्विक चेतावनी को काफी गंभीरता से लेता है। इसी के मद्देनजर सरकार ने ईरान के बारे में मिले मशविरे को रिजर्व बैंक और सेबी के पास आगे की कार्रवाई के लिए भेजा है। एफएटीएफ ने हाल में मनी-लांड्रिंग तथा आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने के लिए भारत के प्रयासों की सराहना की है।
भारत में वित्तीय गतिविधियों का अधिकांश नियमन रिजर्व बैंक और सेबी द्वारा किया जाता है। एफएटीएफ मनी-लांड्रिंग रोकने तथा आतंकवाद के वित्तपोषण की गतिविधियों पर अंकुश के लिए मानक तय करने वाली वैश्विक एजेंसी है। उसने ईरान की पहचान ऐसे ठिकाने के रूप में की है जिससे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली को जोखिम हो सकता है।
आईएटीएफ द्वारा पिछले महीने जारी ताजा चेतावनी के अनुसार भारत और अन्य सदस्य देशों को ईरान और उत्तरी कोरिया से आने वाले मनी-लांड्रिंग तथा आतंकवाद के लिए धन के प्रवाह के जोखिमों से निपटने के लिए बचाव उपाय करने चाहिए।
एफएटीएफ विशेष रूप से आतंकवाद के लिए धन की के प्रवाह तथा अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली को गंभीर जोखिम से बचाने के लिए सुझाए गए उपाय करने में ईरान की विफलता से चिंतित है।टिप्पणियां
एफएटीएफ ने इन देशों से कहा है कि वे ईरानी वित्तीय संस्थानों द्वारा उनके यहां शाखा या सहायक इकाई खोलने के आग्रह पर विचार करते समय मनी-लांड्रिंग तथा आतंकवाद के वित्तपोषण के जोखिम का भी ध्यान रखें।
एफएटीएफ ने कहा कि ईरान से आतंकवाद के वित्तपोषण के लगातार उठने वाले खतरों के मद्देनजर ये देश पहले उठाए जा चुके कदमों पर ध्यान देने के अलावा मौजूदा को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करें। उत्तरी कोरिया के मामले में भी इसी तरह की चेतावनी जारी की गई है।
अपने परमाणु कार्यक्रम तथा संदिग्ध आतंकवादी गतिविधियों की वजह से ईरान को लगातार अमेरिकी और यूरोपीय प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि भारत और कुछ अन्य देशों को ईरान से तेल आयात जैसे मामलों में इन प्रतिबंधों से छूट मिली हुई है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत चूंकि एफएटीएफ का सदस्य है इसलिए वह उसके द्वारा जारी वैश्विक चेतावनी को काफी गंभीरता से लेता है। इसी के मद्देनजर सरकार ने ईरान के बारे में मिले मशविरे को रिजर्व बैंक और सेबी के पास आगे की कार्रवाई के लिए भेजा है। एफएटीएफ ने हाल में मनी-लांड्रिंग तथा आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने के लिए भारत के प्रयासों की सराहना की है।
भारत में वित्तीय गतिविधियों का अधिकांश नियमन रिजर्व बैंक और सेबी द्वारा किया जाता है। एफएटीएफ मनी-लांड्रिंग रोकने तथा आतंकवाद के वित्तपोषण की गतिविधियों पर अंकुश के लिए मानक तय करने वाली वैश्विक एजेंसी है। उसने ईरान की पहचान ऐसे ठिकाने के रूप में की है जिससे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली को जोखिम हो सकता है।
आईएटीएफ द्वारा पिछले महीने जारी ताजा चेतावनी के अनुसार भारत और अन्य सदस्य देशों को ईरान और उत्तरी कोरिया से आने वाले मनी-लांड्रिंग तथा आतंकवाद के लिए धन के प्रवाह के जोखिमों से निपटने के लिए बचाव उपाय करने चाहिए।
एफएटीएफ विशेष रूप से आतंकवाद के लिए धन की के प्रवाह तथा अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली को गंभीर जोखिम से बचाने के लिए सुझाए गए उपाय करने में ईरान की विफलता से चिंतित है।टिप्पणियां
एफएटीएफ ने इन देशों से कहा है कि वे ईरानी वित्तीय संस्थानों द्वारा उनके यहां शाखा या सहायक इकाई खोलने के आग्रह पर विचार करते समय मनी-लांड्रिंग तथा आतंकवाद के वित्तपोषण के जोखिम का भी ध्यान रखें।
एफएटीएफ ने कहा कि ईरान से आतंकवाद के वित्तपोषण के लगातार उठने वाले खतरों के मद्देनजर ये देश पहले उठाए जा चुके कदमों पर ध्यान देने के अलावा मौजूदा को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करें। उत्तरी कोरिया के मामले में भी इसी तरह की चेतावनी जारी की गई है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत चूंकि एफएटीएफ का सदस्य है इसलिए वह उसके द्वारा जारी वैश्विक चेतावनी को काफी गंभीरता से लेता है। इसी के मद्देनजर सरकार ने ईरान के बारे में मिले मशविरे को रिजर्व बैंक और सेबी के पास आगे की कार्रवाई के लिए भेजा है। एफएटीएफ ने हाल में मनी-लांड्रिंग तथा आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने के लिए भारत के प्रयासों की सराहना की है।
भारत में वित्तीय गतिविधियों का अधिकांश नियमन रिजर्व बैंक और सेबी द्वारा किया जाता है। एफएटीएफ मनी-लांड्रिंग रोकने तथा आतंकवाद के वित्तपोषण की गतिविधियों पर अंकुश के लिए मानक तय करने वाली वैश्विक एजेंसी है। उसने ईरान की पहचान ऐसे ठिकाने के रूप में की है जिससे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली को जोखिम हो सकता है।
आईएटीएफ द्वारा पिछले महीने जारी ताजा चेतावनी के अनुसार भारत और अन्य सदस्य देशों को ईरान और उत्तरी कोरिया से आने वाले मनी-लांड्रिंग तथा आतंकवाद के लिए धन के प्रवाह के जोखिमों से निपटने के लिए बचाव उपाय करने चाहिए।
एफएटीएफ विशेष रूप से आतंकवाद के लिए धन की के प्रवाह तथा अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली को गंभीर जोखिम से बचाने के लिए सुझाए गए उपाय करने में ईरान की विफलता से चिंतित है।टिप्पणियां
एफएटीएफ ने इन देशों से कहा है कि वे ईरानी वित्तीय संस्थानों द्वारा उनके यहां शाखा या सहायक इकाई खोलने के आग्रह पर विचार करते समय मनी-लांड्रिंग तथा आतंकवाद के वित्तपोषण के जोखिम का भी ध्यान रखें।
एफएटीएफ ने कहा कि ईरान से आतंकवाद के वित्तपोषण के लगातार उठने वाले खतरों के मद्देनजर ये देश पहले उठाए जा चुके कदमों पर ध्यान देने के अलावा मौजूदा को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करें। उत्तरी कोरिया के मामले में भी इसी तरह की चेतावनी जारी की गई है।
भारत में वित्तीय गतिविधियों का अधिकांश नियमन रिजर्व बैंक और सेबी द्वारा किया जाता है। एफएटीएफ मनी-लांड्रिंग रोकने तथा आतंकवाद के वित्तपोषण की गतिविधियों पर अंकुश के लिए मानक तय करने वाली वैश्विक एजेंसी है। उसने ईरान की पहचान ऐसे ठिकाने के रूप में की है जिससे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली को जोखिम हो सकता है।
आईएटीएफ द्वारा पिछले महीने जारी ताजा चेतावनी के अनुसार भारत और अन्य सदस्य देशों को ईरान और उत्तरी कोरिया से आने वाले मनी-लांड्रिंग तथा आतंकवाद के लिए धन के प्रवाह के जोखिमों से निपटने के लिए बचाव उपाय करने चाहिए।
एफएटीएफ विशेष रूप से आतंकवाद के लिए धन की के प्रवाह तथा अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली को गंभीर जोखिम से बचाने के लिए सुझाए गए उपाय करने में ईरान की विफलता से चिंतित है।टिप्पणियां
एफएटीएफ ने इन देशों से कहा है कि वे ईरानी वित्तीय संस्थानों द्वारा उनके यहां शाखा या सहायक इकाई खोलने के आग्रह पर विचार करते समय मनी-लांड्रिंग तथा आतंकवाद के वित्तपोषण के जोखिम का भी ध्यान रखें।
एफएटीएफ ने कहा कि ईरान से आतंकवाद के वित्तपोषण के लगातार उठने वाले खतरों के मद्देनजर ये देश पहले उठाए जा चुके कदमों पर ध्यान देने के अलावा मौजूदा को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करें। उत्तरी कोरिया के मामले में भी इसी तरह की चेतावनी जारी की गई है।
आईएटीएफ द्वारा पिछले महीने जारी ताजा चेतावनी के अनुसार भारत और अन्य सदस्य देशों को ईरान और उत्तरी कोरिया से आने वाले मनी-लांड्रिंग तथा आतंकवाद के लिए धन के प्रवाह के जोखिमों से निपटने के लिए बचाव उपाय करने चाहिए।
एफएटीएफ विशेष रूप से आतंकवाद के लिए धन की के प्रवाह तथा अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली को गंभीर जोखिम से बचाने के लिए सुझाए गए उपाय करने में ईरान की विफलता से चिंतित है।टिप्पणियां
एफएटीएफ ने इन देशों से कहा है कि वे ईरानी वित्तीय संस्थानों द्वारा उनके यहां शाखा या सहायक इकाई खोलने के आग्रह पर विचार करते समय मनी-लांड्रिंग तथा आतंकवाद के वित्तपोषण के जोखिम का भी ध्यान रखें।
एफएटीएफ ने कहा कि ईरान से आतंकवाद के वित्तपोषण के लगातार उठने वाले खतरों के मद्देनजर ये देश पहले उठाए जा चुके कदमों पर ध्यान देने के अलावा मौजूदा को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करें। उत्तरी कोरिया के मामले में भी इसी तरह की चेतावनी जारी की गई है।
एफएटीएफ विशेष रूप से आतंकवाद के लिए धन की के प्रवाह तथा अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली को गंभीर जोखिम से बचाने के लिए सुझाए गए उपाय करने में ईरान की विफलता से चिंतित है।टिप्पणियां
एफएटीएफ ने इन देशों से कहा है कि वे ईरानी वित्तीय संस्थानों द्वारा उनके यहां शाखा या सहायक इकाई खोलने के आग्रह पर विचार करते समय मनी-लांड्रिंग तथा आतंकवाद के वित्तपोषण के जोखिम का भी ध्यान रखें।
एफएटीएफ ने कहा कि ईरान से आतंकवाद के वित्तपोषण के लगातार उठने वाले खतरों के मद्देनजर ये देश पहले उठाए जा चुके कदमों पर ध्यान देने के अलावा मौजूदा को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करें। उत्तरी कोरिया के मामले में भी इसी तरह की चेतावनी जारी की गई है।
एफएटीएफ ने इन देशों से कहा है कि वे ईरानी वित्तीय संस्थानों द्वारा उनके यहां शाखा या सहायक इकाई खोलने के आग्रह पर विचार करते समय मनी-लांड्रिंग तथा आतंकवाद के वित्तपोषण के जोखिम का भी ध्यान रखें।
एफएटीएफ ने कहा कि ईरान से आतंकवाद के वित्तपोषण के लगातार उठने वाले खतरों के मद्देनजर ये देश पहले उठाए जा चुके कदमों पर ध्यान देने के अलावा मौजूदा को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करें। उत्तरी कोरिया के मामले में भी इसी तरह की चेतावनी जारी की गई है।
एफएटीएफ ने कहा कि ईरान से आतंकवाद के वित्तपोषण के लगातार उठने वाले खतरों के मद्देनजर ये देश पहले उठाए जा चुके कदमों पर ध्यान देने के अलावा मौजूदा को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करें। उत्तरी कोरिया के मामले में भी इसी तरह की चेतावनी जारी की गई है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारतीय बैंकिंग तंत्र तथा पूंजी बाजार में ईरानी धन के प्रवाह को रोकने के लिए रिजर्व बैंक और सेबी जल्द नई चेतावनी जारी करेंगे। इसमें वे अपने दायरे में आने वाली इकाइयों को ईरानी संपर्कों वाली इकाइयों और कोषों से सजग रहने को कहेंगे। | 25 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अगर आपके पास पुराने 500 रुपए के नोट अभी भी पड़े हुए हैं तो बता दें कि टोल प्लाजा पर पुराने 500 के नोट अब दिसंबर 15 तक चलेंगे. सभी नेशनल हाइवे पर बने हुए टोल प्लाजा पर अब आप क्रेडिट/डेबिट कार्ड या फिर ई-वॉलेट से भी भुगतान कर सकेंगे.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी कर हिदायत दी है कि वो सभी टोल प्लाजा पर अतिरिक्त पुलिस बंदोबस्त करे, ताकि यात्रियों को कोई दिक्कत न आए. साथ ही वहां पर अगर कानून-व्यवस्था में कोई बाधा आ रही है, तो उस पर भी ध्यान दे.टिप्पणियां
मंत्रालय ने देश के सभी मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर कहा है की वे इसका प्रबंध करें कि सभी नेशनल हाइवे पर बने टोल प्लाजा पर लोग डेबिट या फिर क्रेडिट कार्ड से भुगतान कर सकें. केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त आयुक्त दिलीप कुमार ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि न सिर्फ कार्ड, बल्कि ई-वॉलेट से भी भुगतान किया जा सकते हैं और पुराने 500 के नोट भी 15 दिसंबर तक इन सभी टोल प्लाजा पर लिए जाएंगे.
मंत्रालय का आकलन है कि नए नोट मार्केट में न होने की वजह से नेशनल हाइवे में लोगों को काफी दिक्कतें हो रही हैं. जगह-जगह लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं, जिसके चलते कानून-व्यवस्था पर असर पड़ रहा है. यही वजह है कि सभी राज्यों को कहा गया है कि वो हाइवे पर अतिरिक्त पुलिस बलों को तैनात करे और मजिस्ट्रेट भी वहां रखें, ताकि लोगों को कोई तकलीफ न हो. टोल कलेक्शन सभी नेशनल हाइवे पर 2 दिसंबर से शुरू कर दी गई है.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी कर हिदायत दी है कि वो सभी टोल प्लाजा पर अतिरिक्त पुलिस बंदोबस्त करे, ताकि यात्रियों को कोई दिक्कत न आए. साथ ही वहां पर अगर कानून-व्यवस्था में कोई बाधा आ रही है, तो उस पर भी ध्यान दे.टिप्पणियां
मंत्रालय ने देश के सभी मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर कहा है की वे इसका प्रबंध करें कि सभी नेशनल हाइवे पर बने टोल प्लाजा पर लोग डेबिट या फिर क्रेडिट कार्ड से भुगतान कर सकें. केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त आयुक्त दिलीप कुमार ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि न सिर्फ कार्ड, बल्कि ई-वॉलेट से भी भुगतान किया जा सकते हैं और पुराने 500 के नोट भी 15 दिसंबर तक इन सभी टोल प्लाजा पर लिए जाएंगे.
मंत्रालय का आकलन है कि नए नोट मार्केट में न होने की वजह से नेशनल हाइवे में लोगों को काफी दिक्कतें हो रही हैं. जगह-जगह लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं, जिसके चलते कानून-व्यवस्था पर असर पड़ रहा है. यही वजह है कि सभी राज्यों को कहा गया है कि वो हाइवे पर अतिरिक्त पुलिस बलों को तैनात करे और मजिस्ट्रेट भी वहां रखें, ताकि लोगों को कोई तकलीफ न हो. टोल कलेक्शन सभी नेशनल हाइवे पर 2 दिसंबर से शुरू कर दी गई है.
मंत्रालय ने देश के सभी मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर कहा है की वे इसका प्रबंध करें कि सभी नेशनल हाइवे पर बने टोल प्लाजा पर लोग डेबिट या फिर क्रेडिट कार्ड से भुगतान कर सकें. केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त आयुक्त दिलीप कुमार ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि न सिर्फ कार्ड, बल्कि ई-वॉलेट से भी भुगतान किया जा सकते हैं और पुराने 500 के नोट भी 15 दिसंबर तक इन सभी टोल प्लाजा पर लिए जाएंगे.
मंत्रालय का आकलन है कि नए नोट मार्केट में न होने की वजह से नेशनल हाइवे में लोगों को काफी दिक्कतें हो रही हैं. जगह-जगह लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं, जिसके चलते कानून-व्यवस्था पर असर पड़ रहा है. यही वजह है कि सभी राज्यों को कहा गया है कि वो हाइवे पर अतिरिक्त पुलिस बलों को तैनात करे और मजिस्ट्रेट भी वहां रखें, ताकि लोगों को कोई तकलीफ न हो. टोल कलेक्शन सभी नेशनल हाइवे पर 2 दिसंबर से शुरू कर दी गई है.
मंत्रालय का आकलन है कि नए नोट मार्केट में न होने की वजह से नेशनल हाइवे में लोगों को काफी दिक्कतें हो रही हैं. जगह-जगह लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं, जिसके चलते कानून-व्यवस्था पर असर पड़ रहा है. यही वजह है कि सभी राज्यों को कहा गया है कि वो हाइवे पर अतिरिक्त पुलिस बलों को तैनात करे और मजिस्ट्रेट भी वहां रखें, ताकि लोगों को कोई तकलीफ न हो. टोल कलेक्शन सभी नेशनल हाइवे पर 2 दिसंबर से शुरू कर दी गई है. | संक्षिप्त पाठ: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को जारी की एडवाइजरी
हाइवे पर अतिरिक्त पुलिस बलों की तैनाती करने का निर्देश
क्रेडिट/डेबिट कार्ड या फिर ई-वॉलेट से भी भुगतान कर सकेंगे | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: डरावनी फिल्म 'राज-3' के प्रचार प्रसार में व्यस्त बॉलीवुड अभिनेतत्री बिपाशा बसु को उनके दाहिने हाथ में चोट लग गई।टिप्पणियां
बिपाशा बसु ने ट्विटर पर लिखा, हां मैं बुरी तरह से गिर गई और मेरे दाहिने हाथ में चोट लग गई है। मैं अब पूरी तरह से ठीक हूं। थोड़ी-सी खरोंच आई है। चिंता करने के लिए धन्यवाद।
वैसे 'राज-3' से भट्ट कैंप में वापसी कर रही बिपाशा को इस फिल्म से काफी उम्मीदें हैं। उनके साथ इस फिल्म में इमरान हाशमी और ईशा गुप्ता काम कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि फिल्म में ईशा का भी दमदार रोल है।
बिपाशा बसु ने ट्विटर पर लिखा, हां मैं बुरी तरह से गिर गई और मेरे दाहिने हाथ में चोट लग गई है। मैं अब पूरी तरह से ठीक हूं। थोड़ी-सी खरोंच आई है। चिंता करने के लिए धन्यवाद।
वैसे 'राज-3' से भट्ट कैंप में वापसी कर रही बिपाशा को इस फिल्म से काफी उम्मीदें हैं। उनके साथ इस फिल्म में इमरान हाशमी और ईशा गुप्ता काम कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि फिल्म में ईशा का भी दमदार रोल है।
वैसे 'राज-3' से भट्ट कैंप में वापसी कर रही बिपाशा को इस फिल्म से काफी उम्मीदें हैं। उनके साथ इस फिल्म में इमरान हाशमी और ईशा गुप्ता काम कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि फिल्म में ईशा का भी दमदार रोल है। | संक्षिप्त पाठ: बिपाशा बसु ने ट्विटर पर लिखा, हां, मैं बुरी तरह से गिर गई और मेरे दाहिने हाथ में चोट लग गई है। मैं अब पूरी तरह से ठीक हूं। थोड़ी-सी खरोंच आई है। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दुनिया में मुस्लिमों की सबसे बड़ी आबादी वाले देश इंडोनेशिया ने अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी को शिक्षा और ज्ञान की हिन्दू देवी सरस्वती की 16 फुट ऊंची प्रतिमा भेंट की है।
कमल के एक फूल के ऊपर खड़ी देवी सरस्वती की यह प्रतिमा वाशिंगटन में स्थित भारतीय दूतावास से कुछ ही दूरी पर लगाई गई है। इस प्रतिमा के पास ही महात्मा गांधी की एक मूर्ति लगी है जो यहां कई साल पहले स्थापित की गई थी।
इंडोनेशिया की कुल आबादी में हिन्दुओं की संख्या केवल तीन प्रतिशत है। व्हाइट हाउस से लगभग एक मील की दूरी पर लगाई गयी इस मूर्ति का आधिकारिक रूप से लोकार्पण किया जाना बाकी है लेकिन यह पहले ही शहर के लोगों और यहां आने वाले पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन गई है।
इंडोनेशियाई दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘सरस्वती हिन्दुओं की देवी हैं। इंडोनेशिया के बाली में मुख्य रूप से इसी धर्म के लोग रहते हैं और इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम आबादी वाला देश है। सरस्वती की मूर्ति का चयन किसी धार्मिक आधार पर नहीं किया गया बल्कि इसका चयन प्रतीकात्मक मूल्यों पर किया गया जो व्यापक सहयोग के तहत इंडोनेशिया-अमेरिका के संबंध, विशेषकर शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क, के समानांतर हैं।’’
वाशिंगटन डीसी को दिए गए इस सांस्कृतिक उपहार के निर्माण का काम इस साल मध्य अप्रैल में शुरू किया गया था और केवल पांच हफ्तों में इसे पूरा कर लिया गया। 4.9 मीटर ऊंची इस मूर्ति का निर्माण बाली के पांच मूर्तिकारों ने किया जिनका नेतृत्व आई न्योमन सुदर्व नाम के मूर्तिकार ने किया।
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘यह मूर्ति बाली की कला को दर्शाती है।’’ मूर्ति में देवी सरस्वती के चार हाथ दर्शाए गए हैं जो अलग-अलग संदेश देते हैं। इनमें से एक हाथ में एक अक्षमाला है जो ज्ञान की अनवरत प्रक्रिया को दर्शाता है, दो हाथ में वीणा बजा रहे है जो कला एवं संस्कृति का प्रतीक है और तीसरे में एक पांडुलिपि है तो ज्ञान के स्त्रोत को दिखाता है।टिप्पणियां
साथ ही सरस्वती जिस कमल पर खड़ी हंै वह ज्ञान की पवित्रता को दर्शाता है और हंस ज्ञान से मिलने वाले विवेक का प्रतीक है।
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘यह मूर्ति सांस्कृतिक प्रतीकों का रूप है। हम उम्मीद करते हैं कि इसकी स्थापना से हमें अपने विविधतापूर्ण समाज में आपसी समझ के महत्व को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।’’
कमल के एक फूल के ऊपर खड़ी देवी सरस्वती की यह प्रतिमा वाशिंगटन में स्थित भारतीय दूतावास से कुछ ही दूरी पर लगाई गई है। इस प्रतिमा के पास ही महात्मा गांधी की एक मूर्ति लगी है जो यहां कई साल पहले स्थापित की गई थी।
इंडोनेशिया की कुल आबादी में हिन्दुओं की संख्या केवल तीन प्रतिशत है। व्हाइट हाउस से लगभग एक मील की दूरी पर लगाई गयी इस मूर्ति का आधिकारिक रूप से लोकार्पण किया जाना बाकी है लेकिन यह पहले ही शहर के लोगों और यहां आने वाले पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन गई है।
इंडोनेशियाई दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘सरस्वती हिन्दुओं की देवी हैं। इंडोनेशिया के बाली में मुख्य रूप से इसी धर्म के लोग रहते हैं और इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम आबादी वाला देश है। सरस्वती की मूर्ति का चयन किसी धार्मिक आधार पर नहीं किया गया बल्कि इसका चयन प्रतीकात्मक मूल्यों पर किया गया जो व्यापक सहयोग के तहत इंडोनेशिया-अमेरिका के संबंध, विशेषकर शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क, के समानांतर हैं।’’
वाशिंगटन डीसी को दिए गए इस सांस्कृतिक उपहार के निर्माण का काम इस साल मध्य अप्रैल में शुरू किया गया था और केवल पांच हफ्तों में इसे पूरा कर लिया गया। 4.9 मीटर ऊंची इस मूर्ति का निर्माण बाली के पांच मूर्तिकारों ने किया जिनका नेतृत्व आई न्योमन सुदर्व नाम के मूर्तिकार ने किया।
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘यह मूर्ति बाली की कला को दर्शाती है।’’ मूर्ति में देवी सरस्वती के चार हाथ दर्शाए गए हैं जो अलग-अलग संदेश देते हैं। इनमें से एक हाथ में एक अक्षमाला है जो ज्ञान की अनवरत प्रक्रिया को दर्शाता है, दो हाथ में वीणा बजा रहे है जो कला एवं संस्कृति का प्रतीक है और तीसरे में एक पांडुलिपि है तो ज्ञान के स्त्रोत को दिखाता है।टिप्पणियां
साथ ही सरस्वती जिस कमल पर खड़ी हंै वह ज्ञान की पवित्रता को दर्शाता है और हंस ज्ञान से मिलने वाले विवेक का प्रतीक है।
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘यह मूर्ति सांस्कृतिक प्रतीकों का रूप है। हम उम्मीद करते हैं कि इसकी स्थापना से हमें अपने विविधतापूर्ण समाज में आपसी समझ के महत्व को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।’’
इंडोनेशिया की कुल आबादी में हिन्दुओं की संख्या केवल तीन प्रतिशत है। व्हाइट हाउस से लगभग एक मील की दूरी पर लगाई गयी इस मूर्ति का आधिकारिक रूप से लोकार्पण किया जाना बाकी है लेकिन यह पहले ही शहर के लोगों और यहां आने वाले पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन गई है।
इंडोनेशियाई दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘सरस्वती हिन्दुओं की देवी हैं। इंडोनेशिया के बाली में मुख्य रूप से इसी धर्म के लोग रहते हैं और इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम आबादी वाला देश है। सरस्वती की मूर्ति का चयन किसी धार्मिक आधार पर नहीं किया गया बल्कि इसका चयन प्रतीकात्मक मूल्यों पर किया गया जो व्यापक सहयोग के तहत इंडोनेशिया-अमेरिका के संबंध, विशेषकर शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क, के समानांतर हैं।’’
वाशिंगटन डीसी को दिए गए इस सांस्कृतिक उपहार के निर्माण का काम इस साल मध्य अप्रैल में शुरू किया गया था और केवल पांच हफ्तों में इसे पूरा कर लिया गया। 4.9 मीटर ऊंची इस मूर्ति का निर्माण बाली के पांच मूर्तिकारों ने किया जिनका नेतृत्व आई न्योमन सुदर्व नाम के मूर्तिकार ने किया।
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘यह मूर्ति बाली की कला को दर्शाती है।’’ मूर्ति में देवी सरस्वती के चार हाथ दर्शाए गए हैं जो अलग-अलग संदेश देते हैं। इनमें से एक हाथ में एक अक्षमाला है जो ज्ञान की अनवरत प्रक्रिया को दर्शाता है, दो हाथ में वीणा बजा रहे है जो कला एवं संस्कृति का प्रतीक है और तीसरे में एक पांडुलिपि है तो ज्ञान के स्त्रोत को दिखाता है।टिप्पणियां
साथ ही सरस्वती जिस कमल पर खड़ी हंै वह ज्ञान की पवित्रता को दर्शाता है और हंस ज्ञान से मिलने वाले विवेक का प्रतीक है।
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘यह मूर्ति सांस्कृतिक प्रतीकों का रूप है। हम उम्मीद करते हैं कि इसकी स्थापना से हमें अपने विविधतापूर्ण समाज में आपसी समझ के महत्व को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।’’
इंडोनेशियाई दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘सरस्वती हिन्दुओं की देवी हैं। इंडोनेशिया के बाली में मुख्य रूप से इसी धर्म के लोग रहते हैं और इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम आबादी वाला देश है। सरस्वती की मूर्ति का चयन किसी धार्मिक आधार पर नहीं किया गया बल्कि इसका चयन प्रतीकात्मक मूल्यों पर किया गया जो व्यापक सहयोग के तहत इंडोनेशिया-अमेरिका के संबंध, विशेषकर शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क, के समानांतर हैं।’’
वाशिंगटन डीसी को दिए गए इस सांस्कृतिक उपहार के निर्माण का काम इस साल मध्य अप्रैल में शुरू किया गया था और केवल पांच हफ्तों में इसे पूरा कर लिया गया। 4.9 मीटर ऊंची इस मूर्ति का निर्माण बाली के पांच मूर्तिकारों ने किया जिनका नेतृत्व आई न्योमन सुदर्व नाम के मूर्तिकार ने किया।
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘यह मूर्ति बाली की कला को दर्शाती है।’’ मूर्ति में देवी सरस्वती के चार हाथ दर्शाए गए हैं जो अलग-अलग संदेश देते हैं। इनमें से एक हाथ में एक अक्षमाला है जो ज्ञान की अनवरत प्रक्रिया को दर्शाता है, दो हाथ में वीणा बजा रहे है जो कला एवं संस्कृति का प्रतीक है और तीसरे में एक पांडुलिपि है तो ज्ञान के स्त्रोत को दिखाता है।टिप्पणियां
साथ ही सरस्वती जिस कमल पर खड़ी हंै वह ज्ञान की पवित्रता को दर्शाता है और हंस ज्ञान से मिलने वाले विवेक का प्रतीक है।
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘यह मूर्ति सांस्कृतिक प्रतीकों का रूप है। हम उम्मीद करते हैं कि इसकी स्थापना से हमें अपने विविधतापूर्ण समाज में आपसी समझ के महत्व को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।’’
वाशिंगटन डीसी को दिए गए इस सांस्कृतिक उपहार के निर्माण का काम इस साल मध्य अप्रैल में शुरू किया गया था और केवल पांच हफ्तों में इसे पूरा कर लिया गया। 4.9 मीटर ऊंची इस मूर्ति का निर्माण बाली के पांच मूर्तिकारों ने किया जिनका नेतृत्व आई न्योमन सुदर्व नाम के मूर्तिकार ने किया।
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘यह मूर्ति बाली की कला को दर्शाती है।’’ मूर्ति में देवी सरस्वती के चार हाथ दर्शाए गए हैं जो अलग-अलग संदेश देते हैं। इनमें से एक हाथ में एक अक्षमाला है जो ज्ञान की अनवरत प्रक्रिया को दर्शाता है, दो हाथ में वीणा बजा रहे है जो कला एवं संस्कृति का प्रतीक है और तीसरे में एक पांडुलिपि है तो ज्ञान के स्त्रोत को दिखाता है।टिप्पणियां
साथ ही सरस्वती जिस कमल पर खड़ी हंै वह ज्ञान की पवित्रता को दर्शाता है और हंस ज्ञान से मिलने वाले विवेक का प्रतीक है।
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘यह मूर्ति सांस्कृतिक प्रतीकों का रूप है। हम उम्मीद करते हैं कि इसकी स्थापना से हमें अपने विविधतापूर्ण समाज में आपसी समझ के महत्व को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।’’
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘यह मूर्ति बाली की कला को दर्शाती है।’’ मूर्ति में देवी सरस्वती के चार हाथ दर्शाए गए हैं जो अलग-अलग संदेश देते हैं। इनमें से एक हाथ में एक अक्षमाला है जो ज्ञान की अनवरत प्रक्रिया को दर्शाता है, दो हाथ में वीणा बजा रहे है जो कला एवं संस्कृति का प्रतीक है और तीसरे में एक पांडुलिपि है तो ज्ञान के स्त्रोत को दिखाता है।टिप्पणियां
साथ ही सरस्वती जिस कमल पर खड़ी हंै वह ज्ञान की पवित्रता को दर्शाता है और हंस ज्ञान से मिलने वाले विवेक का प्रतीक है।
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘यह मूर्ति सांस्कृतिक प्रतीकों का रूप है। हम उम्मीद करते हैं कि इसकी स्थापना से हमें अपने विविधतापूर्ण समाज में आपसी समझ के महत्व को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।’’
साथ ही सरस्वती जिस कमल पर खड़ी हंै वह ज्ञान की पवित्रता को दर्शाता है और हंस ज्ञान से मिलने वाले विवेक का प्रतीक है।
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘यह मूर्ति सांस्कृतिक प्रतीकों का रूप है। हम उम्मीद करते हैं कि इसकी स्थापना से हमें अपने विविधतापूर्ण समाज में आपसी समझ के महत्व को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।’’
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘यह मूर्ति सांस्कृतिक प्रतीकों का रूप है। हम उम्मीद करते हैं कि इसकी स्थापना से हमें अपने विविधतापूर्ण समाज में आपसी समझ के महत्व को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।’’ | संक्षिप्त सारांश: दुनिया में मुस्लिमों की सबसे बड़ी आबादी वाले देश इंडोनेशिया ने अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी को शिक्षा और ज्ञान की हिन्दू देवी सरस्वती की 16 फुट ऊंची प्रतिमा भेंट की है। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: इटली में रविवार शाम एक सड़क हादसे में कम से कम 39 लोग मारे गए और नौ लोग घायल हुए। स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, कैंपेनिया प्रांत के एवेलिनो कस्बे में शाम 8.30 बजे एक पर्यटक बस गार्ड रेल से टकराकर पहाड़ी से 30 मीटर नीचे गिर गई। बस में 48 लोग सवार थे।टिप्पणियां
बच्चों सहित बस में सवार 39 लोग हादसे में मारे गए जबकि नौ लोग घायल हुए। घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत नाजुक है।
दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चला है और मामले की छानबीन जारी है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, कैंपेनिया प्रांत के एवेलिनो कस्बे में शाम 8.30 बजे एक पर्यटक बस गार्ड रेल से टकराकर पहाड़ी से 30 मीटर नीचे गिर गई। बस में 48 लोग सवार थे।टिप्पणियां
बच्चों सहित बस में सवार 39 लोग हादसे में मारे गए जबकि नौ लोग घायल हुए। घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत नाजुक है।
दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चला है और मामले की छानबीन जारी है।
बच्चों सहित बस में सवार 39 लोग हादसे में मारे गए जबकि नौ लोग घायल हुए। घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत नाजुक है।
दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चला है और मामले की छानबीन जारी है।
दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चला है और मामले की छानबीन जारी है। | सारांश: समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, कैंपेनिया प्रांत के एवेलिनो कस्बे में शाम 8.30 बजे एक पर्यटक बस गार्ड रेल से टकराकर पहाड़ी से 30 मीटर नीचे गिर गई। बस में 48 लोग सवार थे। | 7 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सोशल मीडिया पर सक्रिय दिल्ली सरकार, खासकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सरकार के अधिकारियों को ट्विटर, फेसबुक और वॉट्सऐप का इस्तेमाल सिखाने के लिए प्रशिक्षण देने का फैसला किया है.
दिल्ली सरकार का सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग सोशल मीडिया के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम की रूपरेखा तैयार करेगा. सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अधिकारियों को इस तरह का प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवाने का उद्देश्य यह है कि वे मंत्रियों के साथ सोशल मीडिया के जरिए जल्द संपर्क साध सकें.टिप्पणियां
अधिकारी ने बताया कि यौन उत्पीड़न मामले में फंसे महिला एवं बाल विकास मंत्री संदीप कुमार की बर्खास्तगी की घोषणा केजरीवाल ने ट्विटर के जरिए ही की थी.
सूचना प्रोद्यौगिकी विभाग के साथ एक बैठक में उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया को बताया गया था कि फिलहाल विभाग के अधिकारियों को एमएस पॉवर पॉइंट, एमएस एक्सेल और माइक्रोसॉफ्ट वर्ड समेत कंप्यूटर का केवल मूलभूत ज्ञान ही दिया जाता है. तब सिसौदिया ने कहा कि विभाग को दिल्ली सरकार के लिए काम कर रहे अधिकारियों को वर्तमान पाठ्यक्रम के साथ सोशल मीडिया के इस्तेमाल का प्रशिक्षण भी देना चाहिए. उन्होंने बताया कि सरकार के ज्यादातर अधिकारियों को वॉट्सऐप इस्तेमाल करना भी नहीं आता है.
दिल्ली सरकार का सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग सोशल मीडिया के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम की रूपरेखा तैयार करेगा. सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अधिकारियों को इस तरह का प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवाने का उद्देश्य यह है कि वे मंत्रियों के साथ सोशल मीडिया के जरिए जल्द संपर्क साध सकें.टिप्पणियां
अधिकारी ने बताया कि यौन उत्पीड़न मामले में फंसे महिला एवं बाल विकास मंत्री संदीप कुमार की बर्खास्तगी की घोषणा केजरीवाल ने ट्विटर के जरिए ही की थी.
सूचना प्रोद्यौगिकी विभाग के साथ एक बैठक में उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया को बताया गया था कि फिलहाल विभाग के अधिकारियों को एमएस पॉवर पॉइंट, एमएस एक्सेल और माइक्रोसॉफ्ट वर्ड समेत कंप्यूटर का केवल मूलभूत ज्ञान ही दिया जाता है. तब सिसौदिया ने कहा कि विभाग को दिल्ली सरकार के लिए काम कर रहे अधिकारियों को वर्तमान पाठ्यक्रम के साथ सोशल मीडिया के इस्तेमाल का प्रशिक्षण भी देना चाहिए. उन्होंने बताया कि सरकार के ज्यादातर अधिकारियों को वॉट्सऐप इस्तेमाल करना भी नहीं आता है.
अधिकारी ने बताया कि यौन उत्पीड़न मामले में फंसे महिला एवं बाल विकास मंत्री संदीप कुमार की बर्खास्तगी की घोषणा केजरीवाल ने ट्विटर के जरिए ही की थी.
सूचना प्रोद्यौगिकी विभाग के साथ एक बैठक में उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया को बताया गया था कि फिलहाल विभाग के अधिकारियों को एमएस पॉवर पॉइंट, एमएस एक्सेल और माइक्रोसॉफ्ट वर्ड समेत कंप्यूटर का केवल मूलभूत ज्ञान ही दिया जाता है. तब सिसौदिया ने कहा कि विभाग को दिल्ली सरकार के लिए काम कर रहे अधिकारियों को वर्तमान पाठ्यक्रम के साथ सोशल मीडिया के इस्तेमाल का प्रशिक्षण भी देना चाहिए. उन्होंने बताया कि सरकार के ज्यादातर अधिकारियों को वॉट्सऐप इस्तेमाल करना भी नहीं आता है.
सूचना प्रोद्यौगिकी विभाग के साथ एक बैठक में उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया को बताया गया था कि फिलहाल विभाग के अधिकारियों को एमएस पॉवर पॉइंट, एमएस एक्सेल और माइक्रोसॉफ्ट वर्ड समेत कंप्यूटर का केवल मूलभूत ज्ञान ही दिया जाता है. तब सिसौदिया ने कहा कि विभाग को दिल्ली सरकार के लिए काम कर रहे अधिकारियों को वर्तमान पाठ्यक्रम के साथ सोशल मीडिया के इस्तेमाल का प्रशिक्षण भी देना चाहिए. उन्होंने बताया कि सरकार के ज्यादातर अधिकारियों को वॉट्सऐप इस्तेमाल करना भी नहीं आता है. | सरकार के अधिकारियों को ट्विटर, फेसबुक और वॉट्सएप यूज करना सिखाया जाएगा
सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग इसकी रूपरेखा तैयार करेगा
ज्यादातर अधिकारियों को वॉट्सएप इस्तेमाल करना भी नहीं आता है | 28 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: Mission Mangal Box Office Collection Day 14: बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार (Akshay Kumar) और विद्या बालन (Vidya Balan) स्टारर फिल्म 'मिशन मंगल (Mission Mangal)' बॉक्स ऑफिस पर कमाई के रिकॉर्ड तोड़ रही है. फिल्म देश के साथ-साथ विदेशों में भी जोरदार कमाई कर रही है. फिल्म समीक्षक तरण आर्दर्श के अनुसार अब इस फिल्म को महाराष्ट्र में टैक्स फ्री कर दिया गया है. ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर लगातार कमाई कर रही है. अनुमान के मुताबिक, बुधवार यानी चौदहवें दिन 'मिशन मंगल' ने 2.50 करोड़ रुपये की कमाई की है. इस हिसाब से फिल्म ने अब तक करीब 165.50 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया, हालांकि इस फिल्म की कमाई को लेकर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
बॉक्स ऑफिस इंडिया डॉट कॉम के मुताबिक, अक्षय कुमार (Akshay Kumar) की इस फिल्म ने आमिर खान की 'तारे जमीन पर' और शाहरुख खान की 'चक दे इंडिया' के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. अक्षय कुमार, विद्या बालन, तापसी पन्नू (Tapsee Pannu) और सोनाक्षी सिन्हा स्टारर इस फिल्म की कहानी लोगों को काफी पसंद आ रही है. ये फिल्म महिला सशक्तिकरण का उदाहरण पेश करती है.
बता दें कि 'मिशन मंगल (Mission Mangal)' की शुरुआत GSLV सी-39 नाम के मिशन फेल होने से शुरू होती है. इसके मिशन डायरेक्टर राकेश धवन (Akshay Kumar) और प्रोजेक्ट डायरेक्टर तारा शिंदे (Vidya Balan) होते हैं. मिशन फेल होने की वजह से राकेश धवन को मार्स मिशन के लिए शिफ्ट कर देते हैं और GSLV सी-39 प्रोजेक्ट के लिए नासा से आए साइंटिस्ट को कमान सौंप देते है. फिर निराश होकर घर में बैठी तारा को पूड़ी तलने की विधि से मार्स मिशन का प्रोजेक्ट सूझता है, जिसके लिए दोबारा नई टीम तैयार की जाती है. इसमें शरमन जोशी, सोनाक्षी सिन्हा, तापसी पन्नू, कीर्ति कुल्हारी, नित्या मेनन और एचजी दत्तात्रेय शामिल होते हैं. | यहाँ एक सारांश है:'मिशन मंगल' का बॉक्स ऑफिस पर दमदार प्रदर्शन
फिल्म ने की रिकॉर्डतोड़ कमाई
तोड़ा 'तारे जमीन पर' का रिकॉर्ड | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पटना के अपहृत स्कूली छात्र 17 वर्षीय रोहित की हत्या उसी के मित्रों ने की थी और उसका शव बोरवेल में डाल दिया था। इस मामले में अब तक रोहित के दो मित्रों को गिरफ्तार कर लिया गया है। फुलवारीशरीफ थानाक्षेत्र के एक बोरवेल में 30 फुट नीचे फंसे रोहित का शव बुधवार को पुलिस ने बरामद किया था। पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) आलोक कुमार ने गुरुवार को बताया कि इस मामले में रोहित के दो दोस्तों 21 वर्षीय विशाल और 20 वर्षीय आनंद को गिरफ्तार किया गया है। एसएसपी ने बताया कि रोहित ने इसी वर्ष 10 वीं की परीक्षा दी थी। उसके कोचिंग सेंटर से रविवार को विशाल और आनंद ने उसे बहला-फुसला कर अगवा कर लिया। उसके बाद उसे घटनास्थल के पास ले आए। पहले उन्होंने रोहित का गला दबाया, फिर धारदार हथियार से से गला काट दिया। शव को ठिकाने लगाने के क्रम में रोहित का मोबाइल गिर गया जिससे फिरौती की साजिश पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि विशाल अपनी बहन की शादी करना चाहता था जिसके लिए उसे पैसे की आवश्यकता थी। इसीलिए उसने रोहित को अगवा करने की योजना बनाई थी, जिसमें आनंद को भी उसने शामिल किया। दोनों गिरफ्तार लोगों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। उल्लेखनीय है कि रोहित शास्त्रीनगर थाना स्थित मजिस्ट्रेट कॉलोनी के अपने घर से पिछले रविवार को एक कोचिंग संस्थान में पढ़ने गया था परंतु रात को जब रोहित नहीं लौटा तो उसके परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस हरकत में आई, स्कूटी राजाबाजार के शेखपुरा मोड़ से उसी रात पुलिस ने बरामद कर ली। पुलिस ने इस मामले में पूरी गोपनीयता बरतते हुए स्कूटी पर मिले खून के धब्बों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। बुधवार को पांच घंटे की मशक्कत के बाद एक बोरवेल से रोहित का शव बरामद किया गया। पटना के पुलिस अधीक्षक (नगर) शिवदीप लांडे ने बताया कि 180 फुट गहरे बोरवेल में रोहित की हत्या कर शव को डाला गया था जो 30 फुट पर जाकर फंस गया था। रोहित के शव निकालने के लिए जेसीबी मशीन और गैस कटर का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस अभी इस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने रोहित के शव के पास से उसका मोबाइल फोन तथा बोरवेल के बाहर कूड़े से उसका स्कूल बैग बरामद किया। उल्लेखनीय है कि रोहित के पिता संजय कुमार पटना के ही एक सरकारी कार्यालय में कनिष्ठ अभियंता के पद पर कार्यरत हैं। | संक्षिप्त पाठ: पटना के अपहृत स्कूली छात्र 17 वर्षीय रोहित की हत्या उसी के मित्रों ने की थी और उसका शव बोरवेल में डाल दिया था। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अफगानिस्तान के कंधार प्रांत में रविवार को एक बस के सड़क किनारे हुए बम विस्फोट की चपेट में आ जाने से कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई।टिप्पणियां
एक सुरक्षा अधिकारी के मुताबिक, मिनीबस रविवार तड़के हेलमंड प्रांत से कंधार जा रही थी। बम सड़क किनारे रखा हुआ था। बस में सवार सभी आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
अधिकारी ने काबुल से 450 किलोमीटर दूर रखे इस बम के लिए तालिबानी आतंकवादियों को दोषी ठहराया है, वैसे तालिबान की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
एक सुरक्षा अधिकारी के मुताबिक, मिनीबस रविवार तड़के हेलमंड प्रांत से कंधार जा रही थी। बम सड़क किनारे रखा हुआ था। बस में सवार सभी आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
अधिकारी ने काबुल से 450 किलोमीटर दूर रखे इस बम के लिए तालिबानी आतंकवादियों को दोषी ठहराया है, वैसे तालिबान की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
अधिकारी ने काबुल से 450 किलोमीटर दूर रखे इस बम के लिए तालिबानी आतंकवादियों को दोषी ठहराया है, वैसे तालिबान की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। | सारांश: अफगानिस्तान के कंधार प्रांत में रविवार को एक बस के सड़क किनारे हुए बम विस्फोट की चपेट में आ जाने से कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई। | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर सुबीर गोकर्ण ने कहा कि ब्याज दरें और बढ़ने के आसार नहीं हैं, लेकिन रुपये में उतार-चढ़ाव के चलते रिजर्व बैंक मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप कर सकता है।टिप्पणियां
गोकर्ण ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में आर्थिक वृद्धि और मुद्रास्फीति के बीच स्थिति काफी संतुलित हुई है और ब्याज दरें और बढ़ने की संभावना नहीं है।
गोकर्ण ने कहा, ‘आर्थिक वृद्धि को लेकर जोखिम की चिंता पिछले कुछ महीनों में बढ़ी है। मौद्रिक नीति चक्र के चरम पर पहुंच गया है।’ उन्होंने कहा, ‘हाल के सप्ताह में रुपया थोड़ा स्थिर हुआ है।’
गोकर्ण ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में आर्थिक वृद्धि और मुद्रास्फीति के बीच स्थिति काफी संतुलित हुई है और ब्याज दरें और बढ़ने की संभावना नहीं है।
गोकर्ण ने कहा, ‘आर्थिक वृद्धि को लेकर जोखिम की चिंता पिछले कुछ महीनों में बढ़ी है। मौद्रिक नीति चक्र के चरम पर पहुंच गया है।’ उन्होंने कहा, ‘हाल के सप्ताह में रुपया थोड़ा स्थिर हुआ है।’
गोकर्ण ने कहा, ‘आर्थिक वृद्धि को लेकर जोखिम की चिंता पिछले कुछ महीनों में बढ़ी है। मौद्रिक नीति चक्र के चरम पर पहुंच गया है।’ उन्होंने कहा, ‘हाल के सप्ताह में रुपया थोड़ा स्थिर हुआ है।’ | संक्षिप्त पाठ: रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर सुबीर गोकर्ण ने कहा कि ब्याज दरें और बढ़ने के आसार नहीं हैं, लेकिन रुपये में उतार-चढ़ाव के चलते रिजर्व बैंक मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप कर सकता है। | 27 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बार-बार कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला बोला। मोदी ने राहुल को उनके उस बयान के लिए आड़े हाथ लिया जिसमें कांग्रेस नेता ने कहा था कि ‘एक आदमी कुछ नहीं कर सकता’। मोदी ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उनकी पार्टी हाल ही में जयपुर में हुए सम्मेलन में किए गए वादों से पीछे हट रही है।
5 मई को होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने राहुल को ‘सोने का चम्मच लेकर पैदा हुआ नेता’ करार दिया और कहा कि ‘एक आदमी बहुत कुछ कर सकता है।’ इसके बाद मोदी ने देश के एकीकरण में सरदार बल्लभ भाई पटेल की भूमिका, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के ‘जय जवान, जय किसान’ के नारे का उल्लेख किया जिसने देश में खाद्यान उत्पादन में क्रांति ला दी और देश आज खाद्यान के मामले में आत्मनिर्भर हो गया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जयपुर सम्मेलन में वादा किया था कि उन लोगों को टिकट नहीं दिया जाएगा जो भारी मतों से हारे हैं, कांग्रेस नेताओं के रिश्तेदार हैं और अपराधी हैं। मोदी ने कहा, ‘‘कांग्रेस ने अपने वादों पर पानी फेर दिया। कर्नाटक चुनाव में उसने क्या 15 हजार से अधिक वोटों से हारने वालों, कांग्रेस नेताओं के रिश्तेदारों और अपराधियों को टिकट नहीं दिया है?’’
मोदी ने कहा कि भारत में संस्कृति यह रही है कि मां जो कुछ कहती है, बच्चे उसका पालन करते हैं। उसके बाद मोदी ने सोनिया गांधी के इस बयान का जिक्र किया कि ‘सत्ता जहर है’। उन्होंने कहा कि मां कहती हैं, ‘‘सत्ता जहर है’’ और बेटा (राहुल गांधी) पार्टी के लिए सत्ता की मांग करते हुए कर्नाटक आता है। राहुल गांधी का नाम लिए बगैर उन्होंने उनकी खिल्ली उड़ाते हुए कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष तो कर्नाटक के मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार का भी नाम भी नहीं बोल पाएंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल ने चुनाव अभियान के दौरान कर्नाटक की छवि खराब करने की कोशिश की और उन्होंने मांग की कि वह राज्य की जनता से माफी मांगें। उन्होंने 2-जी घोटाले की ओर संकेत करते हुए कहा, ‘‘साहस तो देखिए, वे भ्रष्टाचार पर बोलते हैं।’’ उन्होंने सरबजीत सिंह प्रकरण और चीनी घुसपैठ से संप्रग के निपटने के तौर तरीके की आलोचना करते हुए कहा कि देश ने ऐसी कमजोर केंद्र सरकार कभी नहीं देखी।टिप्पणियां
मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में सत्ता के सभी केंद्र होने के बाद भी दिल्ली सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा, ‘जब आप दिल्ली की सुरक्षा नहीं कर सकते तो आप कैसे कर्नाटक की सुरक्षा करेंगे।’ कर्नाटक में भाजपा के शासन के दौरान पार्टी में आंतरिक कलह की ओर इशारा करते हुए मोदी ने गुजरात से उसकी तुलना करने की कोशिश की और कहा कि उनका राज्य भी 1995 और 2000 के बीच ऐसी ही दिक्कतों से गुजरा क्योंकि पार्टी सीखने के चरण में थी और उसे कोई प्रशासनिक अनुभव नहीं था।
उन्होंने कहा कि लेकिन 2000 में गुजरात में भाजपा सत्ता में लौटी। उन्होंने विश्वास जताया कि कर्नाटक में भी पार्टी सत्ता में लौटेगी।
5 मई को होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने राहुल को ‘सोने का चम्मच लेकर पैदा हुआ नेता’ करार दिया और कहा कि ‘एक आदमी बहुत कुछ कर सकता है।’ इसके बाद मोदी ने देश के एकीकरण में सरदार बल्लभ भाई पटेल की भूमिका, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के ‘जय जवान, जय किसान’ के नारे का उल्लेख किया जिसने देश में खाद्यान उत्पादन में क्रांति ला दी और देश आज खाद्यान के मामले में आत्मनिर्भर हो गया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जयपुर सम्मेलन में वादा किया था कि उन लोगों को टिकट नहीं दिया जाएगा जो भारी मतों से हारे हैं, कांग्रेस नेताओं के रिश्तेदार हैं और अपराधी हैं। मोदी ने कहा, ‘‘कांग्रेस ने अपने वादों पर पानी फेर दिया। कर्नाटक चुनाव में उसने क्या 15 हजार से अधिक वोटों से हारने वालों, कांग्रेस नेताओं के रिश्तेदारों और अपराधियों को टिकट नहीं दिया है?’’
मोदी ने कहा कि भारत में संस्कृति यह रही है कि मां जो कुछ कहती है, बच्चे उसका पालन करते हैं। उसके बाद मोदी ने सोनिया गांधी के इस बयान का जिक्र किया कि ‘सत्ता जहर है’। उन्होंने कहा कि मां कहती हैं, ‘‘सत्ता जहर है’’ और बेटा (राहुल गांधी) पार्टी के लिए सत्ता की मांग करते हुए कर्नाटक आता है। राहुल गांधी का नाम लिए बगैर उन्होंने उनकी खिल्ली उड़ाते हुए कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष तो कर्नाटक के मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार का भी नाम भी नहीं बोल पाएंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल ने चुनाव अभियान के दौरान कर्नाटक की छवि खराब करने की कोशिश की और उन्होंने मांग की कि वह राज्य की जनता से माफी मांगें। उन्होंने 2-जी घोटाले की ओर संकेत करते हुए कहा, ‘‘साहस तो देखिए, वे भ्रष्टाचार पर बोलते हैं।’’ उन्होंने सरबजीत सिंह प्रकरण और चीनी घुसपैठ से संप्रग के निपटने के तौर तरीके की आलोचना करते हुए कहा कि देश ने ऐसी कमजोर केंद्र सरकार कभी नहीं देखी।टिप्पणियां
मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में सत्ता के सभी केंद्र होने के बाद भी दिल्ली सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा, ‘जब आप दिल्ली की सुरक्षा नहीं कर सकते तो आप कैसे कर्नाटक की सुरक्षा करेंगे।’ कर्नाटक में भाजपा के शासन के दौरान पार्टी में आंतरिक कलह की ओर इशारा करते हुए मोदी ने गुजरात से उसकी तुलना करने की कोशिश की और कहा कि उनका राज्य भी 1995 और 2000 के बीच ऐसी ही दिक्कतों से गुजरा क्योंकि पार्टी सीखने के चरण में थी और उसे कोई प्रशासनिक अनुभव नहीं था।
उन्होंने कहा कि लेकिन 2000 में गुजरात में भाजपा सत्ता में लौटी। उन्होंने विश्वास जताया कि कर्नाटक में भी पार्टी सत्ता में लौटेगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जयपुर सम्मेलन में वादा किया था कि उन लोगों को टिकट नहीं दिया जाएगा जो भारी मतों से हारे हैं, कांग्रेस नेताओं के रिश्तेदार हैं और अपराधी हैं। मोदी ने कहा, ‘‘कांग्रेस ने अपने वादों पर पानी फेर दिया। कर्नाटक चुनाव में उसने क्या 15 हजार से अधिक वोटों से हारने वालों, कांग्रेस नेताओं के रिश्तेदारों और अपराधियों को टिकट नहीं दिया है?’’
मोदी ने कहा कि भारत में संस्कृति यह रही है कि मां जो कुछ कहती है, बच्चे उसका पालन करते हैं। उसके बाद मोदी ने सोनिया गांधी के इस बयान का जिक्र किया कि ‘सत्ता जहर है’। उन्होंने कहा कि मां कहती हैं, ‘‘सत्ता जहर है’’ और बेटा (राहुल गांधी) पार्टी के लिए सत्ता की मांग करते हुए कर्नाटक आता है। राहुल गांधी का नाम लिए बगैर उन्होंने उनकी खिल्ली उड़ाते हुए कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष तो कर्नाटक के मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार का भी नाम भी नहीं बोल पाएंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल ने चुनाव अभियान के दौरान कर्नाटक की छवि खराब करने की कोशिश की और उन्होंने मांग की कि वह राज्य की जनता से माफी मांगें। उन्होंने 2-जी घोटाले की ओर संकेत करते हुए कहा, ‘‘साहस तो देखिए, वे भ्रष्टाचार पर बोलते हैं।’’ उन्होंने सरबजीत सिंह प्रकरण और चीनी घुसपैठ से संप्रग के निपटने के तौर तरीके की आलोचना करते हुए कहा कि देश ने ऐसी कमजोर केंद्र सरकार कभी नहीं देखी।टिप्पणियां
मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में सत्ता के सभी केंद्र होने के बाद भी दिल्ली सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा, ‘जब आप दिल्ली की सुरक्षा नहीं कर सकते तो आप कैसे कर्नाटक की सुरक्षा करेंगे।’ कर्नाटक में भाजपा के शासन के दौरान पार्टी में आंतरिक कलह की ओर इशारा करते हुए मोदी ने गुजरात से उसकी तुलना करने की कोशिश की और कहा कि उनका राज्य भी 1995 और 2000 के बीच ऐसी ही दिक्कतों से गुजरा क्योंकि पार्टी सीखने के चरण में थी और उसे कोई प्रशासनिक अनुभव नहीं था।
उन्होंने कहा कि लेकिन 2000 में गुजरात में भाजपा सत्ता में लौटी। उन्होंने विश्वास जताया कि कर्नाटक में भी पार्टी सत्ता में लौटेगी।
मोदी ने कहा कि भारत में संस्कृति यह रही है कि मां जो कुछ कहती है, बच्चे उसका पालन करते हैं। उसके बाद मोदी ने सोनिया गांधी के इस बयान का जिक्र किया कि ‘सत्ता जहर है’। उन्होंने कहा कि मां कहती हैं, ‘‘सत्ता जहर है’’ और बेटा (राहुल गांधी) पार्टी के लिए सत्ता की मांग करते हुए कर्नाटक आता है। राहुल गांधी का नाम लिए बगैर उन्होंने उनकी खिल्ली उड़ाते हुए कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष तो कर्नाटक के मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार का भी नाम भी नहीं बोल पाएंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल ने चुनाव अभियान के दौरान कर्नाटक की छवि खराब करने की कोशिश की और उन्होंने मांग की कि वह राज्य की जनता से माफी मांगें। उन्होंने 2-जी घोटाले की ओर संकेत करते हुए कहा, ‘‘साहस तो देखिए, वे भ्रष्टाचार पर बोलते हैं।’’ उन्होंने सरबजीत सिंह प्रकरण और चीनी घुसपैठ से संप्रग के निपटने के तौर तरीके की आलोचना करते हुए कहा कि देश ने ऐसी कमजोर केंद्र सरकार कभी नहीं देखी।टिप्पणियां
मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में सत्ता के सभी केंद्र होने के बाद भी दिल्ली सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा, ‘जब आप दिल्ली की सुरक्षा नहीं कर सकते तो आप कैसे कर्नाटक की सुरक्षा करेंगे।’ कर्नाटक में भाजपा के शासन के दौरान पार्टी में आंतरिक कलह की ओर इशारा करते हुए मोदी ने गुजरात से उसकी तुलना करने की कोशिश की और कहा कि उनका राज्य भी 1995 और 2000 के बीच ऐसी ही दिक्कतों से गुजरा क्योंकि पार्टी सीखने के चरण में थी और उसे कोई प्रशासनिक अनुभव नहीं था।
उन्होंने कहा कि लेकिन 2000 में गुजरात में भाजपा सत्ता में लौटी। उन्होंने विश्वास जताया कि कर्नाटक में भी पार्टी सत्ता में लौटेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल ने चुनाव अभियान के दौरान कर्नाटक की छवि खराब करने की कोशिश की और उन्होंने मांग की कि वह राज्य की जनता से माफी मांगें। उन्होंने 2-जी घोटाले की ओर संकेत करते हुए कहा, ‘‘साहस तो देखिए, वे भ्रष्टाचार पर बोलते हैं।’’ उन्होंने सरबजीत सिंह प्रकरण और चीनी घुसपैठ से संप्रग के निपटने के तौर तरीके की आलोचना करते हुए कहा कि देश ने ऐसी कमजोर केंद्र सरकार कभी नहीं देखी।टिप्पणियां
मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में सत्ता के सभी केंद्र होने के बाद भी दिल्ली सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा, ‘जब आप दिल्ली की सुरक्षा नहीं कर सकते तो आप कैसे कर्नाटक की सुरक्षा करेंगे।’ कर्नाटक में भाजपा के शासन के दौरान पार्टी में आंतरिक कलह की ओर इशारा करते हुए मोदी ने गुजरात से उसकी तुलना करने की कोशिश की और कहा कि उनका राज्य भी 1995 और 2000 के बीच ऐसी ही दिक्कतों से गुजरा क्योंकि पार्टी सीखने के चरण में थी और उसे कोई प्रशासनिक अनुभव नहीं था।
उन्होंने कहा कि लेकिन 2000 में गुजरात में भाजपा सत्ता में लौटी। उन्होंने विश्वास जताया कि कर्नाटक में भी पार्टी सत्ता में लौटेगी।
मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में सत्ता के सभी केंद्र होने के बाद भी दिल्ली सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा, ‘जब आप दिल्ली की सुरक्षा नहीं कर सकते तो आप कैसे कर्नाटक की सुरक्षा करेंगे।’ कर्नाटक में भाजपा के शासन के दौरान पार्टी में आंतरिक कलह की ओर इशारा करते हुए मोदी ने गुजरात से उसकी तुलना करने की कोशिश की और कहा कि उनका राज्य भी 1995 और 2000 के बीच ऐसी ही दिक्कतों से गुजरा क्योंकि पार्टी सीखने के चरण में थी और उसे कोई प्रशासनिक अनुभव नहीं था।
उन्होंने कहा कि लेकिन 2000 में गुजरात में भाजपा सत्ता में लौटी। उन्होंने विश्वास जताया कि कर्नाटक में भी पार्टी सत्ता में लौटेगी।
उन्होंने कहा कि लेकिन 2000 में गुजरात में भाजपा सत्ता में लौटी। उन्होंने विश्वास जताया कि कर्नाटक में भी पार्टी सत्ता में लौटेगी। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मोदी ने राहुल को उनके उस बयान के लिए आड़े हाथ लिया जिसमें कांग्रेस नेता ने कहा था कि ‘एक आदमी कुछ नहीं कर सकता’। मोदी ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उनकी पार्टी हाल ही में जयपुर में हुए सम्मेलन में किए गए वादों से पीछे हट रही है। | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कांग्रेस और संप्रग सरकार के पृथक तेलंगाना राज्य के गठन की दिशा में बढ़ने के बीच आंध्र और रायलसीमा क्षेत्र के मंत्रियों और सांसदों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात कर आंध्र प्रदेश के किसी तरह के विभाजन का विरोध किया।
केन्द्रीय मंत्री एमएम पल्लम राजु, केएस राव, चिरंजीव और डी पुरंदेश्वरी तथा सांसद बापीराजु और अनंतरामी रेड्डी ने एक प्रतिनिधिमंडल के रूप में प्रधानमंत्री से मुलाकात की और एकीकृत आंध्र प्रदेश को यथावत बनाए रखने की वकालत की।
सूत्रों के अनुसार प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री से कहा कि पृथक तेलंगाना राज्य का गठन राज्य और देश के हित में नहीं होगा।
शुक्रवार को पृथक तेलंगाना राज्य के गठन की मांग के मुद्दे पर कांग्रेस नेतृत्व और राज्य कांग्रेस नेतृत्व के बीच उच्चस्तरीय बातचीत हुई थी। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में कांग्रेस कोर ग्रुप की भी बैठक हुई जिसमें इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई।
कांग्रेस महासचिव और आंध्र प्रदेश मामलों के प्रभारी दिग्विजय सिंह और पूर्व प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने आंध प्रदेश के मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी, उपमुख्यमंत्री दामोदर राजनरसिंहा और प्रदेश कांग्रेस प्रमुख बोत्सा सत्यनारायण से अलग-अलग बातचीत की।
समझा जाता है कि इन दोनों नेताओं ने राज्य नेतृत्व को यह बता दिया है कि पार्टी ने पृथक तेलंगाना राज्य के गठन पर अपना मन बना लिया है और इसकी घोषणा अब केवल समय की बात रह गई है।
दूसरी ओर, प्रदेश के आसन्न बंटवारे के विरोध में राज्य के रायलसीमा और आंध्र क्षेत्रों में शनिवार को विरोध प्रदर्शन हुए।
विभिन्न राजनीतिक, गैर राजनीतिक संगठनों और छात्रों ने रैली निकाली, मानव शृंखला बनाई और सीमांध्र के कुछ हिस्सों में बंद का आयोजन किया। राज्य के दोनों क्षेत्रों को एक साथ सीमांध्र कहा जाता है।
सामाख्या आंध्र या एकजुट आंध्र छात्र संयुक्त समिति की ओर से आहूत बंद के कारण शिक्षण संस्थान बंद रहे।
कांग्रेस कोर समिति की शुक्रवार की बैठक में तेलंगाना को पृथक राज्य के रूप में अलग करने पर सैद्धांतिक सहमति बनने का संकेत उभर कर सामने आने के एक दिन बाद तटीय आंध्र के शहरों और रायलसीमा के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू हो गया है।
नेल्लौर में सैकड़ों छात्र रैली में शामिल हुए और केंद्र सरकार से राज्य के बंटवारे का प्रयास टालने की मांग की। कांग्रेस विधायक अनाम विवेकानंद रेड्डी ने भी रैली को संबोधित किया।टिप्पणियां
अनंतपुर में प्रदर्शनकारियों ने तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) विधायक पी. केशव के घर का घेराव किया और संयुक्त राज्य के समर्थन में उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की प्रस्तावित बैठक के फैसले के बाद वह अपने फैसले की घोषणा करेंगे। सीडब्ल्यूसी की बैठक में ही तेलंगाना की मांग पर अंतिम फैसला लिए जाने की संभावना है।
राज्य के बंटवारे का विरोध करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कड़प्पा में धर्मदाय मंत्री सी. रामचंद्रैया के आवास का भी घेराव किया।
केन्द्रीय मंत्री एमएम पल्लम राजु, केएस राव, चिरंजीव और डी पुरंदेश्वरी तथा सांसद बापीराजु और अनंतरामी रेड्डी ने एक प्रतिनिधिमंडल के रूप में प्रधानमंत्री से मुलाकात की और एकीकृत आंध्र प्रदेश को यथावत बनाए रखने की वकालत की।
सूत्रों के अनुसार प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री से कहा कि पृथक तेलंगाना राज्य का गठन राज्य और देश के हित में नहीं होगा।
शुक्रवार को पृथक तेलंगाना राज्य के गठन की मांग के मुद्दे पर कांग्रेस नेतृत्व और राज्य कांग्रेस नेतृत्व के बीच उच्चस्तरीय बातचीत हुई थी। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में कांग्रेस कोर ग्रुप की भी बैठक हुई जिसमें इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई।
कांग्रेस महासचिव और आंध्र प्रदेश मामलों के प्रभारी दिग्विजय सिंह और पूर्व प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने आंध प्रदेश के मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी, उपमुख्यमंत्री दामोदर राजनरसिंहा और प्रदेश कांग्रेस प्रमुख बोत्सा सत्यनारायण से अलग-अलग बातचीत की।
समझा जाता है कि इन दोनों नेताओं ने राज्य नेतृत्व को यह बता दिया है कि पार्टी ने पृथक तेलंगाना राज्य के गठन पर अपना मन बना लिया है और इसकी घोषणा अब केवल समय की बात रह गई है।
दूसरी ओर, प्रदेश के आसन्न बंटवारे के विरोध में राज्य के रायलसीमा और आंध्र क्षेत्रों में शनिवार को विरोध प्रदर्शन हुए।
विभिन्न राजनीतिक, गैर राजनीतिक संगठनों और छात्रों ने रैली निकाली, मानव शृंखला बनाई और सीमांध्र के कुछ हिस्सों में बंद का आयोजन किया। राज्य के दोनों क्षेत्रों को एक साथ सीमांध्र कहा जाता है।
सामाख्या आंध्र या एकजुट आंध्र छात्र संयुक्त समिति की ओर से आहूत बंद के कारण शिक्षण संस्थान बंद रहे।
कांग्रेस कोर समिति की शुक्रवार की बैठक में तेलंगाना को पृथक राज्य के रूप में अलग करने पर सैद्धांतिक सहमति बनने का संकेत उभर कर सामने आने के एक दिन बाद तटीय आंध्र के शहरों और रायलसीमा के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू हो गया है।
नेल्लौर में सैकड़ों छात्र रैली में शामिल हुए और केंद्र सरकार से राज्य के बंटवारे का प्रयास टालने की मांग की। कांग्रेस विधायक अनाम विवेकानंद रेड्डी ने भी रैली को संबोधित किया।टिप्पणियां
अनंतपुर में प्रदर्शनकारियों ने तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) विधायक पी. केशव के घर का घेराव किया और संयुक्त राज्य के समर्थन में उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की प्रस्तावित बैठक के फैसले के बाद वह अपने फैसले की घोषणा करेंगे। सीडब्ल्यूसी की बैठक में ही तेलंगाना की मांग पर अंतिम फैसला लिए जाने की संभावना है।
राज्य के बंटवारे का विरोध करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कड़प्पा में धर्मदाय मंत्री सी. रामचंद्रैया के आवास का भी घेराव किया।
सूत्रों के अनुसार प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री से कहा कि पृथक तेलंगाना राज्य का गठन राज्य और देश के हित में नहीं होगा।
शुक्रवार को पृथक तेलंगाना राज्य के गठन की मांग के मुद्दे पर कांग्रेस नेतृत्व और राज्य कांग्रेस नेतृत्व के बीच उच्चस्तरीय बातचीत हुई थी। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में कांग्रेस कोर ग्रुप की भी बैठक हुई जिसमें इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई।
कांग्रेस महासचिव और आंध्र प्रदेश मामलों के प्रभारी दिग्विजय सिंह और पूर्व प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने आंध प्रदेश के मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी, उपमुख्यमंत्री दामोदर राजनरसिंहा और प्रदेश कांग्रेस प्रमुख बोत्सा सत्यनारायण से अलग-अलग बातचीत की।
समझा जाता है कि इन दोनों नेताओं ने राज्य नेतृत्व को यह बता दिया है कि पार्टी ने पृथक तेलंगाना राज्य के गठन पर अपना मन बना लिया है और इसकी घोषणा अब केवल समय की बात रह गई है।
दूसरी ओर, प्रदेश के आसन्न बंटवारे के विरोध में राज्य के रायलसीमा और आंध्र क्षेत्रों में शनिवार को विरोध प्रदर्शन हुए।
विभिन्न राजनीतिक, गैर राजनीतिक संगठनों और छात्रों ने रैली निकाली, मानव शृंखला बनाई और सीमांध्र के कुछ हिस्सों में बंद का आयोजन किया। राज्य के दोनों क्षेत्रों को एक साथ सीमांध्र कहा जाता है।
सामाख्या आंध्र या एकजुट आंध्र छात्र संयुक्त समिति की ओर से आहूत बंद के कारण शिक्षण संस्थान बंद रहे।
कांग्रेस कोर समिति की शुक्रवार की बैठक में तेलंगाना को पृथक राज्य के रूप में अलग करने पर सैद्धांतिक सहमति बनने का संकेत उभर कर सामने आने के एक दिन बाद तटीय आंध्र के शहरों और रायलसीमा के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू हो गया है।
नेल्लौर में सैकड़ों छात्र रैली में शामिल हुए और केंद्र सरकार से राज्य के बंटवारे का प्रयास टालने की मांग की। कांग्रेस विधायक अनाम विवेकानंद रेड्डी ने भी रैली को संबोधित किया।टिप्पणियां
अनंतपुर में प्रदर्शनकारियों ने तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) विधायक पी. केशव के घर का घेराव किया और संयुक्त राज्य के समर्थन में उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की प्रस्तावित बैठक के फैसले के बाद वह अपने फैसले की घोषणा करेंगे। सीडब्ल्यूसी की बैठक में ही तेलंगाना की मांग पर अंतिम फैसला लिए जाने की संभावना है।
राज्य के बंटवारे का विरोध करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कड़प्पा में धर्मदाय मंत्री सी. रामचंद्रैया के आवास का भी घेराव किया।
शुक्रवार को पृथक तेलंगाना राज्य के गठन की मांग के मुद्दे पर कांग्रेस नेतृत्व और राज्य कांग्रेस नेतृत्व के बीच उच्चस्तरीय बातचीत हुई थी। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में कांग्रेस कोर ग्रुप की भी बैठक हुई जिसमें इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई।
कांग्रेस महासचिव और आंध्र प्रदेश मामलों के प्रभारी दिग्विजय सिंह और पूर्व प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने आंध प्रदेश के मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी, उपमुख्यमंत्री दामोदर राजनरसिंहा और प्रदेश कांग्रेस प्रमुख बोत्सा सत्यनारायण से अलग-अलग बातचीत की।
समझा जाता है कि इन दोनों नेताओं ने राज्य नेतृत्व को यह बता दिया है कि पार्टी ने पृथक तेलंगाना राज्य के गठन पर अपना मन बना लिया है और इसकी घोषणा अब केवल समय की बात रह गई है।
दूसरी ओर, प्रदेश के आसन्न बंटवारे के विरोध में राज्य के रायलसीमा और आंध्र क्षेत्रों में शनिवार को विरोध प्रदर्शन हुए।
विभिन्न राजनीतिक, गैर राजनीतिक संगठनों और छात्रों ने रैली निकाली, मानव शृंखला बनाई और सीमांध्र के कुछ हिस्सों में बंद का आयोजन किया। राज्य के दोनों क्षेत्रों को एक साथ सीमांध्र कहा जाता है।
सामाख्या आंध्र या एकजुट आंध्र छात्र संयुक्त समिति की ओर से आहूत बंद के कारण शिक्षण संस्थान बंद रहे।
कांग्रेस कोर समिति की शुक्रवार की बैठक में तेलंगाना को पृथक राज्य के रूप में अलग करने पर सैद्धांतिक सहमति बनने का संकेत उभर कर सामने आने के एक दिन बाद तटीय आंध्र के शहरों और रायलसीमा के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू हो गया है।
नेल्लौर में सैकड़ों छात्र रैली में शामिल हुए और केंद्र सरकार से राज्य के बंटवारे का प्रयास टालने की मांग की। कांग्रेस विधायक अनाम विवेकानंद रेड्डी ने भी रैली को संबोधित किया।टिप्पणियां
अनंतपुर में प्रदर्शनकारियों ने तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) विधायक पी. केशव के घर का घेराव किया और संयुक्त राज्य के समर्थन में उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की प्रस्तावित बैठक के फैसले के बाद वह अपने फैसले की घोषणा करेंगे। सीडब्ल्यूसी की बैठक में ही तेलंगाना की मांग पर अंतिम फैसला लिए जाने की संभावना है।
राज्य के बंटवारे का विरोध करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कड़प्पा में धर्मदाय मंत्री सी. रामचंद्रैया के आवास का भी घेराव किया।
कांग्रेस महासचिव और आंध्र प्रदेश मामलों के प्रभारी दिग्विजय सिंह और पूर्व प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने आंध प्रदेश के मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी, उपमुख्यमंत्री दामोदर राजनरसिंहा और प्रदेश कांग्रेस प्रमुख बोत्सा सत्यनारायण से अलग-अलग बातचीत की।
समझा जाता है कि इन दोनों नेताओं ने राज्य नेतृत्व को यह बता दिया है कि पार्टी ने पृथक तेलंगाना राज्य के गठन पर अपना मन बना लिया है और इसकी घोषणा अब केवल समय की बात रह गई है।
दूसरी ओर, प्रदेश के आसन्न बंटवारे के विरोध में राज्य के रायलसीमा और आंध्र क्षेत्रों में शनिवार को विरोध प्रदर्शन हुए।
विभिन्न राजनीतिक, गैर राजनीतिक संगठनों और छात्रों ने रैली निकाली, मानव शृंखला बनाई और सीमांध्र के कुछ हिस्सों में बंद का आयोजन किया। राज्य के दोनों क्षेत्रों को एक साथ सीमांध्र कहा जाता है।
सामाख्या आंध्र या एकजुट आंध्र छात्र संयुक्त समिति की ओर से आहूत बंद के कारण शिक्षण संस्थान बंद रहे।
कांग्रेस कोर समिति की शुक्रवार की बैठक में तेलंगाना को पृथक राज्य के रूप में अलग करने पर सैद्धांतिक सहमति बनने का संकेत उभर कर सामने आने के एक दिन बाद तटीय आंध्र के शहरों और रायलसीमा के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू हो गया है।
नेल्लौर में सैकड़ों छात्र रैली में शामिल हुए और केंद्र सरकार से राज्य के बंटवारे का प्रयास टालने की मांग की। कांग्रेस विधायक अनाम विवेकानंद रेड्डी ने भी रैली को संबोधित किया।टिप्पणियां
अनंतपुर में प्रदर्शनकारियों ने तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) विधायक पी. केशव के घर का घेराव किया और संयुक्त राज्य के समर्थन में उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की प्रस्तावित बैठक के फैसले के बाद वह अपने फैसले की घोषणा करेंगे। सीडब्ल्यूसी की बैठक में ही तेलंगाना की मांग पर अंतिम फैसला लिए जाने की संभावना है।
राज्य के बंटवारे का विरोध करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कड़प्पा में धर्मदाय मंत्री सी. रामचंद्रैया के आवास का भी घेराव किया।
समझा जाता है कि इन दोनों नेताओं ने राज्य नेतृत्व को यह बता दिया है कि पार्टी ने पृथक तेलंगाना राज्य के गठन पर अपना मन बना लिया है और इसकी घोषणा अब केवल समय की बात रह गई है।
दूसरी ओर, प्रदेश के आसन्न बंटवारे के विरोध में राज्य के रायलसीमा और आंध्र क्षेत्रों में शनिवार को विरोध प्रदर्शन हुए।
विभिन्न राजनीतिक, गैर राजनीतिक संगठनों और छात्रों ने रैली निकाली, मानव शृंखला बनाई और सीमांध्र के कुछ हिस्सों में बंद का आयोजन किया। राज्य के दोनों क्षेत्रों को एक साथ सीमांध्र कहा जाता है।
सामाख्या आंध्र या एकजुट आंध्र छात्र संयुक्त समिति की ओर से आहूत बंद के कारण शिक्षण संस्थान बंद रहे।
कांग्रेस कोर समिति की शुक्रवार की बैठक में तेलंगाना को पृथक राज्य के रूप में अलग करने पर सैद्धांतिक सहमति बनने का संकेत उभर कर सामने आने के एक दिन बाद तटीय आंध्र के शहरों और रायलसीमा के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू हो गया है।
नेल्लौर में सैकड़ों छात्र रैली में शामिल हुए और केंद्र सरकार से राज्य के बंटवारे का प्रयास टालने की मांग की। कांग्रेस विधायक अनाम विवेकानंद रेड्डी ने भी रैली को संबोधित किया।टिप्पणियां
अनंतपुर में प्रदर्शनकारियों ने तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) विधायक पी. केशव के घर का घेराव किया और संयुक्त राज्य के समर्थन में उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की प्रस्तावित बैठक के फैसले के बाद वह अपने फैसले की घोषणा करेंगे। सीडब्ल्यूसी की बैठक में ही तेलंगाना की मांग पर अंतिम फैसला लिए जाने की संभावना है।
राज्य के बंटवारे का विरोध करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कड़प्पा में धर्मदाय मंत्री सी. रामचंद्रैया के आवास का भी घेराव किया।
दूसरी ओर, प्रदेश के आसन्न बंटवारे के विरोध में राज्य के रायलसीमा और आंध्र क्षेत्रों में शनिवार को विरोध प्रदर्शन हुए।
विभिन्न राजनीतिक, गैर राजनीतिक संगठनों और छात्रों ने रैली निकाली, मानव शृंखला बनाई और सीमांध्र के कुछ हिस्सों में बंद का आयोजन किया। राज्य के दोनों क्षेत्रों को एक साथ सीमांध्र कहा जाता है।
सामाख्या आंध्र या एकजुट आंध्र छात्र संयुक्त समिति की ओर से आहूत बंद के कारण शिक्षण संस्थान बंद रहे।
कांग्रेस कोर समिति की शुक्रवार की बैठक में तेलंगाना को पृथक राज्य के रूप में अलग करने पर सैद्धांतिक सहमति बनने का संकेत उभर कर सामने आने के एक दिन बाद तटीय आंध्र के शहरों और रायलसीमा के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू हो गया है।
नेल्लौर में सैकड़ों छात्र रैली में शामिल हुए और केंद्र सरकार से राज्य के बंटवारे का प्रयास टालने की मांग की। कांग्रेस विधायक अनाम विवेकानंद रेड्डी ने भी रैली को संबोधित किया।टिप्पणियां
अनंतपुर में प्रदर्शनकारियों ने तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) विधायक पी. केशव के घर का घेराव किया और संयुक्त राज्य के समर्थन में उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की प्रस्तावित बैठक के फैसले के बाद वह अपने फैसले की घोषणा करेंगे। सीडब्ल्यूसी की बैठक में ही तेलंगाना की मांग पर अंतिम फैसला लिए जाने की संभावना है।
राज्य के बंटवारे का विरोध करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कड़प्पा में धर्मदाय मंत्री सी. रामचंद्रैया के आवास का भी घेराव किया।
विभिन्न राजनीतिक, गैर राजनीतिक संगठनों और छात्रों ने रैली निकाली, मानव शृंखला बनाई और सीमांध्र के कुछ हिस्सों में बंद का आयोजन किया। राज्य के दोनों क्षेत्रों को एक साथ सीमांध्र कहा जाता है।
सामाख्या आंध्र या एकजुट आंध्र छात्र संयुक्त समिति की ओर से आहूत बंद के कारण शिक्षण संस्थान बंद रहे।
कांग्रेस कोर समिति की शुक्रवार की बैठक में तेलंगाना को पृथक राज्य के रूप में अलग करने पर सैद्धांतिक सहमति बनने का संकेत उभर कर सामने आने के एक दिन बाद तटीय आंध्र के शहरों और रायलसीमा के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू हो गया है।
नेल्लौर में सैकड़ों छात्र रैली में शामिल हुए और केंद्र सरकार से राज्य के बंटवारे का प्रयास टालने की मांग की। कांग्रेस विधायक अनाम विवेकानंद रेड्डी ने भी रैली को संबोधित किया।टिप्पणियां
अनंतपुर में प्रदर्शनकारियों ने तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) विधायक पी. केशव के घर का घेराव किया और संयुक्त राज्य के समर्थन में उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की प्रस्तावित बैठक के फैसले के बाद वह अपने फैसले की घोषणा करेंगे। सीडब्ल्यूसी की बैठक में ही तेलंगाना की मांग पर अंतिम फैसला लिए जाने की संभावना है।
राज्य के बंटवारे का विरोध करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कड़प्पा में धर्मदाय मंत्री सी. रामचंद्रैया के आवास का भी घेराव किया।
सामाख्या आंध्र या एकजुट आंध्र छात्र संयुक्त समिति की ओर से आहूत बंद के कारण शिक्षण संस्थान बंद रहे।
कांग्रेस कोर समिति की शुक्रवार की बैठक में तेलंगाना को पृथक राज्य के रूप में अलग करने पर सैद्धांतिक सहमति बनने का संकेत उभर कर सामने आने के एक दिन बाद तटीय आंध्र के शहरों और रायलसीमा के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू हो गया है।
नेल्लौर में सैकड़ों छात्र रैली में शामिल हुए और केंद्र सरकार से राज्य के बंटवारे का प्रयास टालने की मांग की। कांग्रेस विधायक अनाम विवेकानंद रेड्डी ने भी रैली को संबोधित किया।टिप्पणियां
अनंतपुर में प्रदर्शनकारियों ने तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) विधायक पी. केशव के घर का घेराव किया और संयुक्त राज्य के समर्थन में उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की प्रस्तावित बैठक के फैसले के बाद वह अपने फैसले की घोषणा करेंगे। सीडब्ल्यूसी की बैठक में ही तेलंगाना की मांग पर अंतिम फैसला लिए जाने की संभावना है।
राज्य के बंटवारे का विरोध करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कड़प्पा में धर्मदाय मंत्री सी. रामचंद्रैया के आवास का भी घेराव किया।
कांग्रेस कोर समिति की शुक्रवार की बैठक में तेलंगाना को पृथक राज्य के रूप में अलग करने पर सैद्धांतिक सहमति बनने का संकेत उभर कर सामने आने के एक दिन बाद तटीय आंध्र के शहरों और रायलसीमा के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू हो गया है।
नेल्लौर में सैकड़ों छात्र रैली में शामिल हुए और केंद्र सरकार से राज्य के बंटवारे का प्रयास टालने की मांग की। कांग्रेस विधायक अनाम विवेकानंद रेड्डी ने भी रैली को संबोधित किया।टिप्पणियां
अनंतपुर में प्रदर्शनकारियों ने तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) विधायक पी. केशव के घर का घेराव किया और संयुक्त राज्य के समर्थन में उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की प्रस्तावित बैठक के फैसले के बाद वह अपने फैसले की घोषणा करेंगे। सीडब्ल्यूसी की बैठक में ही तेलंगाना की मांग पर अंतिम फैसला लिए जाने की संभावना है।
राज्य के बंटवारे का विरोध करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कड़प्पा में धर्मदाय मंत्री सी. रामचंद्रैया के आवास का भी घेराव किया।
नेल्लौर में सैकड़ों छात्र रैली में शामिल हुए और केंद्र सरकार से राज्य के बंटवारे का प्रयास टालने की मांग की। कांग्रेस विधायक अनाम विवेकानंद रेड्डी ने भी रैली को संबोधित किया।टिप्पणियां
अनंतपुर में प्रदर्शनकारियों ने तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) विधायक पी. केशव के घर का घेराव किया और संयुक्त राज्य के समर्थन में उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की प्रस्तावित बैठक के फैसले के बाद वह अपने फैसले की घोषणा करेंगे। सीडब्ल्यूसी की बैठक में ही तेलंगाना की मांग पर अंतिम फैसला लिए जाने की संभावना है।
राज्य के बंटवारे का विरोध करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कड़प्पा में धर्मदाय मंत्री सी. रामचंद्रैया के आवास का भी घेराव किया।
अनंतपुर में प्रदर्शनकारियों ने तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) विधायक पी. केशव के घर का घेराव किया और संयुक्त राज्य के समर्थन में उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की प्रस्तावित बैठक के फैसले के बाद वह अपने फैसले की घोषणा करेंगे। सीडब्ल्यूसी की बैठक में ही तेलंगाना की मांग पर अंतिम फैसला लिए जाने की संभावना है।
राज्य के बंटवारे का विरोध करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कड़प्पा में धर्मदाय मंत्री सी. रामचंद्रैया के आवास का भी घेराव किया।
राज्य के बंटवारे का विरोध करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कड़प्पा में धर्मदाय मंत्री सी. रामचंद्रैया के आवास का भी घेराव किया। | यह एक सारांश है: कांग्रेस और संप्रग सरकार के पृथक तेलंगाना राज्य के गठन की दिशा में बढ़ने के बीच आंध्र और रायलसीमा क्षेत्र के मंत्रियों और सांसदों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात कर आंध्र प्रदेश के किसी तरह के विभाजन का विरोध किया। | 24 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रतन टाटा के काबिल वारिस के खोज की वर्षों चली लंबी कवायद 2012 में साइरस पल्लोनजी मिस्त्री (48) पर ठहरी और उनको इस ग्रुप के चेयरमैन की कमान सौंप दी गई. जिस ऊंचाई और रुतबे तक रतन टाटा ने ग्रुप को पहुंचाया, उससे भी कई गुना ऊंचे लक्ष्य के साथ इस आयरिश-इंडियन बिजनेसमैन को कमान सौंपी गई.
ऐसा दूसरी बार हुआ जब कमान गैर टाटा सरनेम वाले शख्स के हाथों में दी गई. उनसे पहले टाटा खानदान से बाहर के नौरोजी सक्लतवाला 1932 में कंपनी के प्रमुख रहे थे.साइरस के पिता पल्लोनजी मिस्त्री कंस्ट्रक्शन क्षेत्र की दिग्गज हस्ती माने जाते हैं. मीडिया से दूर रहने वाले पल्लोनजी वर्षों तक भारत के 10 सबसे अमीर हस्तियों में शामिल रहे हैं. रतन टाटा ने उनको अपना काबिल उत्तराधिकारी कहा और 'द इकोनॉमिस्ट' ने तब भारत और ब्रिटेन का सबसे महत्वपूर्ण उद्योगपति करार दिया.
साइरस के दादा ने 1930 के दशक में पहली बार टाटा संस के शेयर खरीदे. शेयरों की यह हिस्सेदारी 2011 में पल्लोनजी मिस्त्री के पास बढ़कर 18.5 प्रतिशत तक हो गई. उनकी पूरे टाटा ग्रुप में सबसे बड़ी हिस्सेदारी है. साइरस के पास आयरलैंड की नागरिकता है.
टाटा ग्रुप की स्थापना 1868 में हुई थी. करीब 15 दशकों के इतिहास में साइरस मिस्त्री टाटा समूह के छठे चेयरमैन बनाए गए. 100 से भी अधिक बिजनेस क्षेत्रों में यह कंपनी सक्रिय रही है. इससे पहले रतन टाटा के हाथों में जब कंपनी की कमान सौंपी गई थी तब समूह का राजस्व छह अरब डॉलर था लेकिन उन्होंने इसे दो दशकों के भीतर नई ऊंचाईयों तक पहुंचाते हुए 2012 में कंपनी की कमान जब साइरस को सौंपी तब तक कंपनी की हैसियत 100 अरब डॉलर तक पहुंच चुकी थी.टिप्पणियां
2021 में कंपनी के राजस्व को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ साइरस को कमान दी गई थी. उससे पहले 2006 से वे कंपनी के एक निदेशक के रूप में कार्यरत रहे. पूर्व में मिस्त्री शापूरजी पालोंजी समूह के प्रबंध निदेशक थे. मिस्त्री ने 1990 में लंदन की इंपीरियल कॉलेज से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक किया. 1997 में उन्होंने लंदन बिज़नेस स्कूल से मैनेजमेंट में एमएससी किया.
लेकिन हालिया वर्षों में सामाजिक रूप से जवाबदेह माना जाने वाला इस ग्रुप की वित्तीय सेहत में गिरावट दर्ज की गई है. हाल में इस सिलसिले में ''द इकोनॉमिस्ट'' में 'मिस्त्रीज़ एलीफेंट' के नाम से एक आर्टिकल भी प्रकाशित हुआ था. उसमें बताया गया था कि टीसीएस जैसी चुनिंदा कंपनियों को छोड़कर टाटा समूह की अनेक कंपनियों प्रदर्शन के स्तर पर संघर्ष करती दिख रही हैं. उनके कमतर प्रदर्शन को अब साइरस की विदाई के साथ जोड़कर देखा जा रहा है.
ऐसा दूसरी बार हुआ जब कमान गैर टाटा सरनेम वाले शख्स के हाथों में दी गई. उनसे पहले टाटा खानदान से बाहर के नौरोजी सक्लतवाला 1932 में कंपनी के प्रमुख रहे थे.साइरस के पिता पल्लोनजी मिस्त्री कंस्ट्रक्शन क्षेत्र की दिग्गज हस्ती माने जाते हैं. मीडिया से दूर रहने वाले पल्लोनजी वर्षों तक भारत के 10 सबसे अमीर हस्तियों में शामिल रहे हैं. रतन टाटा ने उनको अपना काबिल उत्तराधिकारी कहा और 'द इकोनॉमिस्ट' ने तब भारत और ब्रिटेन का सबसे महत्वपूर्ण उद्योगपति करार दिया.
साइरस के दादा ने 1930 के दशक में पहली बार टाटा संस के शेयर खरीदे. शेयरों की यह हिस्सेदारी 2011 में पल्लोनजी मिस्त्री के पास बढ़कर 18.5 प्रतिशत तक हो गई. उनकी पूरे टाटा ग्रुप में सबसे बड़ी हिस्सेदारी है. साइरस के पास आयरलैंड की नागरिकता है.
टाटा ग्रुप की स्थापना 1868 में हुई थी. करीब 15 दशकों के इतिहास में साइरस मिस्त्री टाटा समूह के छठे चेयरमैन बनाए गए. 100 से भी अधिक बिजनेस क्षेत्रों में यह कंपनी सक्रिय रही है. इससे पहले रतन टाटा के हाथों में जब कंपनी की कमान सौंपी गई थी तब समूह का राजस्व छह अरब डॉलर था लेकिन उन्होंने इसे दो दशकों के भीतर नई ऊंचाईयों तक पहुंचाते हुए 2012 में कंपनी की कमान जब साइरस को सौंपी तब तक कंपनी की हैसियत 100 अरब डॉलर तक पहुंच चुकी थी.टिप्पणियां
2021 में कंपनी के राजस्व को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ साइरस को कमान दी गई थी. उससे पहले 2006 से वे कंपनी के एक निदेशक के रूप में कार्यरत रहे. पूर्व में मिस्त्री शापूरजी पालोंजी समूह के प्रबंध निदेशक थे. मिस्त्री ने 1990 में लंदन की इंपीरियल कॉलेज से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक किया. 1997 में उन्होंने लंदन बिज़नेस स्कूल से मैनेजमेंट में एमएससी किया.
लेकिन हालिया वर्षों में सामाजिक रूप से जवाबदेह माना जाने वाला इस ग्रुप की वित्तीय सेहत में गिरावट दर्ज की गई है. हाल में इस सिलसिले में ''द इकोनॉमिस्ट'' में 'मिस्त्रीज़ एलीफेंट' के नाम से एक आर्टिकल भी प्रकाशित हुआ था. उसमें बताया गया था कि टीसीएस जैसी चुनिंदा कंपनियों को छोड़कर टाटा समूह की अनेक कंपनियों प्रदर्शन के स्तर पर संघर्ष करती दिख रही हैं. उनके कमतर प्रदर्शन को अब साइरस की विदाई के साथ जोड़कर देखा जा रहा है.
साइरस के दादा ने 1930 के दशक में पहली बार टाटा संस के शेयर खरीदे. शेयरों की यह हिस्सेदारी 2011 में पल्लोनजी मिस्त्री के पास बढ़कर 18.5 प्रतिशत तक हो गई. उनकी पूरे टाटा ग्रुप में सबसे बड़ी हिस्सेदारी है. साइरस के पास आयरलैंड की नागरिकता है.
टाटा ग्रुप की स्थापना 1868 में हुई थी. करीब 15 दशकों के इतिहास में साइरस मिस्त्री टाटा समूह के छठे चेयरमैन बनाए गए. 100 से भी अधिक बिजनेस क्षेत्रों में यह कंपनी सक्रिय रही है. इससे पहले रतन टाटा के हाथों में जब कंपनी की कमान सौंपी गई थी तब समूह का राजस्व छह अरब डॉलर था लेकिन उन्होंने इसे दो दशकों के भीतर नई ऊंचाईयों तक पहुंचाते हुए 2012 में कंपनी की कमान जब साइरस को सौंपी तब तक कंपनी की हैसियत 100 अरब डॉलर तक पहुंच चुकी थी.टिप्पणियां
2021 में कंपनी के राजस्व को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ साइरस को कमान दी गई थी. उससे पहले 2006 से वे कंपनी के एक निदेशक के रूप में कार्यरत रहे. पूर्व में मिस्त्री शापूरजी पालोंजी समूह के प्रबंध निदेशक थे. मिस्त्री ने 1990 में लंदन की इंपीरियल कॉलेज से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक किया. 1997 में उन्होंने लंदन बिज़नेस स्कूल से मैनेजमेंट में एमएससी किया.
लेकिन हालिया वर्षों में सामाजिक रूप से जवाबदेह माना जाने वाला इस ग्रुप की वित्तीय सेहत में गिरावट दर्ज की गई है. हाल में इस सिलसिले में ''द इकोनॉमिस्ट'' में 'मिस्त्रीज़ एलीफेंट' के नाम से एक आर्टिकल भी प्रकाशित हुआ था. उसमें बताया गया था कि टीसीएस जैसी चुनिंदा कंपनियों को छोड़कर टाटा समूह की अनेक कंपनियों प्रदर्शन के स्तर पर संघर्ष करती दिख रही हैं. उनके कमतर प्रदर्शन को अब साइरस की विदाई के साथ जोड़कर देखा जा रहा है.
टाटा ग्रुप की स्थापना 1868 में हुई थी. करीब 15 दशकों के इतिहास में साइरस मिस्त्री टाटा समूह के छठे चेयरमैन बनाए गए. 100 से भी अधिक बिजनेस क्षेत्रों में यह कंपनी सक्रिय रही है. इससे पहले रतन टाटा के हाथों में जब कंपनी की कमान सौंपी गई थी तब समूह का राजस्व छह अरब डॉलर था लेकिन उन्होंने इसे दो दशकों के भीतर नई ऊंचाईयों तक पहुंचाते हुए 2012 में कंपनी की कमान जब साइरस को सौंपी तब तक कंपनी की हैसियत 100 अरब डॉलर तक पहुंच चुकी थी.टिप्पणियां
2021 में कंपनी के राजस्व को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ साइरस को कमान दी गई थी. उससे पहले 2006 से वे कंपनी के एक निदेशक के रूप में कार्यरत रहे. पूर्व में मिस्त्री शापूरजी पालोंजी समूह के प्रबंध निदेशक थे. मिस्त्री ने 1990 में लंदन की इंपीरियल कॉलेज से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक किया. 1997 में उन्होंने लंदन बिज़नेस स्कूल से मैनेजमेंट में एमएससी किया.
लेकिन हालिया वर्षों में सामाजिक रूप से जवाबदेह माना जाने वाला इस ग्रुप की वित्तीय सेहत में गिरावट दर्ज की गई है. हाल में इस सिलसिले में ''द इकोनॉमिस्ट'' में 'मिस्त्रीज़ एलीफेंट' के नाम से एक आर्टिकल भी प्रकाशित हुआ था. उसमें बताया गया था कि टीसीएस जैसी चुनिंदा कंपनियों को छोड़कर टाटा समूह की अनेक कंपनियों प्रदर्शन के स्तर पर संघर्ष करती दिख रही हैं. उनके कमतर प्रदर्शन को अब साइरस की विदाई के साथ जोड़कर देखा जा रहा है.
2021 में कंपनी के राजस्व को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ साइरस को कमान दी गई थी. उससे पहले 2006 से वे कंपनी के एक निदेशक के रूप में कार्यरत रहे. पूर्व में मिस्त्री शापूरजी पालोंजी समूह के प्रबंध निदेशक थे. मिस्त्री ने 1990 में लंदन की इंपीरियल कॉलेज से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक किया. 1997 में उन्होंने लंदन बिज़नेस स्कूल से मैनेजमेंट में एमएससी किया.
लेकिन हालिया वर्षों में सामाजिक रूप से जवाबदेह माना जाने वाला इस ग्रुप की वित्तीय सेहत में गिरावट दर्ज की गई है. हाल में इस सिलसिले में ''द इकोनॉमिस्ट'' में 'मिस्त्रीज़ एलीफेंट' के नाम से एक आर्टिकल भी प्रकाशित हुआ था. उसमें बताया गया था कि टीसीएस जैसी चुनिंदा कंपनियों को छोड़कर टाटा समूह की अनेक कंपनियों प्रदर्शन के स्तर पर संघर्ष करती दिख रही हैं. उनके कमतर प्रदर्शन को अब साइरस की विदाई के साथ जोड़कर देखा जा रहा है.
लेकिन हालिया वर्षों में सामाजिक रूप से जवाबदेह माना जाने वाला इस ग्रुप की वित्तीय सेहत में गिरावट दर्ज की गई है. हाल में इस सिलसिले में ''द इकोनॉमिस्ट'' में 'मिस्त्रीज़ एलीफेंट' के नाम से एक आर्टिकल भी प्रकाशित हुआ था. उसमें बताया गया था कि टीसीएस जैसी चुनिंदा कंपनियों को छोड़कर टाटा समूह की अनेक कंपनियों प्रदर्शन के स्तर पर संघर्ष करती दिख रही हैं. उनके कमतर प्रदर्शन को अब साइरस की विदाई के साथ जोड़कर देखा जा रहा है. | यह एक सारांश है: 2012 में टाटा ग्रुप के चेयरमैन बने
रतन टाटा के वारिस के रूप में कंपनी की कमान सौंपी गई
हालिया दौर में ग्रुप की कई कंपनियों का प्रदर्शन कमजोर | 16 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: आंध्र प्रदेश के खम्मम जिले में मंगलवार को एक निजी स्कूल की बस नहर में जा गिरी। इस हादसे में कम से कम 12 बच्चों की मौत हो गई और 20 घायल हो गए।
पुलिस के मुताबिक यह हादसा हैदराबाद से लगभग 250 किलोमीटर दूर खम्मम जिले के चंद्रूगोडा मंडल (खंड) में तुंगाराम के समीप हुआ।
मरने वाले बच्चों की उम्र 10 से 12 वर्ष के बीच बताई गई है। सात शवों की पहचान कर ली गई है।
कोठागुडेम कस्बे के समीप वेपालागाड्डा स्थित एलवी रेड्डी स्कूल के छात्र पढ़ाई के बाद घर लौट रहे थे, उसी दौरान एक पुल पर बस के चालक ने नियंत्रण खो दिया। पुल पर रेलिंग नहीं थी। इस बस में लगभग 50 छात्र सवार थे।टिप्पणियां
नहर में पानी ज्यादा नहीं था, इसलिए कोई शव बहा नहीं।
पुलिस और अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने स्थानीय लागों की मदद से राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है।
पुलिस के मुताबिक यह हादसा हैदराबाद से लगभग 250 किलोमीटर दूर खम्मम जिले के चंद्रूगोडा मंडल (खंड) में तुंगाराम के समीप हुआ।
मरने वाले बच्चों की उम्र 10 से 12 वर्ष के बीच बताई गई है। सात शवों की पहचान कर ली गई है।
कोठागुडेम कस्बे के समीप वेपालागाड्डा स्थित एलवी रेड्डी स्कूल के छात्र पढ़ाई के बाद घर लौट रहे थे, उसी दौरान एक पुल पर बस के चालक ने नियंत्रण खो दिया। पुल पर रेलिंग नहीं थी। इस बस में लगभग 50 छात्र सवार थे।टिप्पणियां
नहर में पानी ज्यादा नहीं था, इसलिए कोई शव बहा नहीं।
पुलिस और अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने स्थानीय लागों की मदद से राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है।
मरने वाले बच्चों की उम्र 10 से 12 वर्ष के बीच बताई गई है। सात शवों की पहचान कर ली गई है।
कोठागुडेम कस्बे के समीप वेपालागाड्डा स्थित एलवी रेड्डी स्कूल के छात्र पढ़ाई के बाद घर लौट रहे थे, उसी दौरान एक पुल पर बस के चालक ने नियंत्रण खो दिया। पुल पर रेलिंग नहीं थी। इस बस में लगभग 50 छात्र सवार थे।टिप्पणियां
नहर में पानी ज्यादा नहीं था, इसलिए कोई शव बहा नहीं।
पुलिस और अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने स्थानीय लागों की मदद से राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है।
कोठागुडेम कस्बे के समीप वेपालागाड्डा स्थित एलवी रेड्डी स्कूल के छात्र पढ़ाई के बाद घर लौट रहे थे, उसी दौरान एक पुल पर बस के चालक ने नियंत्रण खो दिया। पुल पर रेलिंग नहीं थी। इस बस में लगभग 50 छात्र सवार थे।टिप्पणियां
नहर में पानी ज्यादा नहीं था, इसलिए कोई शव बहा नहीं।
पुलिस और अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने स्थानीय लागों की मदद से राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है।
नहर में पानी ज्यादा नहीं था, इसलिए कोई शव बहा नहीं।
पुलिस और अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने स्थानीय लागों की मदद से राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है।
पुलिस और अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने स्थानीय लागों की मदद से राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है। | संक्षिप्त पाठ: आंध्र प्रदेश के खम्मम जिले में मंगलवार को एक निजी स्कूल की बस नहर में जा गिरी। इस हादसे में कम से कम 12 बच्चों की मौत हो गई और 20 घायल हो गए। | 30 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: लोकसभा और राज्यसभा में लोकपाल के मुद्दे पर सदन की भावना अभिव्यक्त होने के बाद इस बात को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई कि यह प्रस्ताव था या नहीं। ऐसी स्थिति इसलिए उत्पन्न हुई क्योंकि सरकार के प्रबंधक और विपक्ष के लोग पहले ऐसी योजनाओं की बात कर रहे थे जिसके तहत दोनों सदनों में अन्ना हजारे की ओर से उठाए गए तीन प्रमुख मुद्दों पर ध्वनिमत से प्रस्ताव पारित किया जाएगा। कांग्रेस के उप प्रमुख व्हिप संदीप दीक्षित सहित कई अन्य सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया कि यह प्रस्ताव है जिसे सदस्यों ने ध्वनिमत से पारित किया है। विपक्षी सदस्य भी इसे लेकर भ्रमित थे क्या यह प्रस्ताव है अथवा सदन की भावना। राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली यह जानने के लिए वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से सम्पर्क किया कि संसद के ऊपरी सदन ने वास्तव में क्या पारित किया है। संसदीय कार्य राज्य मंत्री राजीव शुक्ला का यह मानना था कि सदन की भावना और प्रस्ताव एक ही बात है। मुखर्जी ने यद्यपि कहा कि सदन की भावना लोकसभा और राज्यसभा में सदस्यों की ओर से मेजे थपथपाने से प्रतिबिंबित हुआ। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लोकपाल मुद्दे पर सदन की भावना को अभिव्यक्त किए जाने को जनता की इच्छा करार दिया। | संक्षिप्त पाठ: संसद में लोकपाल मुद्दे पर सदन की भावना अभिव्यक्त होने के बाद इस बात को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई कि यह प्रस्ताव था या नहीं। | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आज पहली बार फोन पर बात की और दोनों देशों के बीच संबंधों के ‘‘अत्यंत असंतोषजनक हालात’’ को सामान्य करने एवं आतंकवाद से पैदा हो रहे खतरे से निपटने को लेकर मिलकर काम करने की आवश्यकता पर सहमति जताई.
ट्रंप ने एक बयान में कहा कि पुतिन ने ‘‘ऐतिहासिक चुनाव जीतने पर बधाई देने के लिए’’ उन्हें फोन किया. दोनों नेताओं ने साझे खतरों, रणनीतिक आर्थिक मामलों एवं अमेरिका-रूस के ऐतिहासिक संबंधों समेत विभिन्न मामलों पर चर्चा की.
पुतिन ट्रंप को पिछले बुधवार को सबसे पहले बधाई देने वाले नेताओं में शामिल हैं. उन्होंने ट्रंप के विजेता बनने के करीब एक घंटे बाद उन्हें टेलीग्राम भेजा लेकिन दोनों ने इससे पहले न तो मुलाकात की और न ही बातचीत की.
ट्रंप के सत्ता हस्तांतरण दल ने एक बयान में कहा, ‘‘नवनिर्वाचित ट्रंप ने राष्ट्रपति पुतिन से कहा कि वह रूस एवं रूस के लोगों के साथ मजबूत एवं स्थायी संबंध स्थापित करने के बहुत इच्छुक हैं.’’ क्रेेमलिन ने कहा कि पुतिन एवं ट्रंप ने दोनों देशों के बीच ‘‘अत्यंत असंतोषजनक स्थिति’’ को रेखांकित किया और ‘‘उन्हें सामान्य बनाने के लिए संयुक्त रूप से सक्रिय कार्य करने की आवश्यकता की घोषणा की.’’
दोनों नेताओं ने कहा कि वे उन्हें (द्विपक्षीय संबंधों को) रचनात्मक सहयोग के ढांचे में लाने के लिए काम करेंगे. क्रेमलिन ने रूस के नेता के हवाले से कहा कि ये नए संबंध ‘‘एक दूसरे के घरेलू मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने और समानता, एवं आपसी सम्मान के सिद्धांतों पर’’ आधारित होंगे.
बयान में कहा गया कि पुतिन एवं ट्रंप ने ‘‘सबसे बड़े वैश्विक शत्रु’’- अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद एवं अतिवाद के खिलाफ लड़ने पर सहमति व्यक्त की. इसमें कहा गया है कि अधिकारी दोनों नेताओं के बीच एक व्यक्तिगत बैठक आयोजित करने पर काम कर रहे हैं.
अमेरिका के राष्ट्रपति पद की मुहिम के दौरान वरिष्ठ अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों ने रूस पर डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी के कम्प्यूटर हैक करने और वे ईमेल जारी करने का आरोप लगाया था जो हिलेरी क्लिंटन की मुहिम के लिए शर्मिंदगी भरे साबित हुए जबकि पुतिन ने हैकिंग में सरकार की किसी भी प्रकार की भूमिका से इनकार किया है.
दोनों देशों के बीच हालिया वषरें में संबंधों में कड़वाहट आई है जबकि आठ साल तक राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभालने वाले ओबामा ने रूस के साथ संबंधों में सुधार की अपील की थी.टिप्पणियां
रूस एवं अमेरिका उत्तर कोरिया एवं ईरान जैसे मामलों पर मिलकर काम कर रहे हैं लेकिन सीरिया के मामले पर दोनों में खुले तौर पर मतभेद की स्थिति है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ट्रंप ने एक बयान में कहा कि पुतिन ने ‘‘ऐतिहासिक चुनाव जीतने पर बधाई देने के लिए’’ उन्हें फोन किया. दोनों नेताओं ने साझे खतरों, रणनीतिक आर्थिक मामलों एवं अमेरिका-रूस के ऐतिहासिक संबंधों समेत विभिन्न मामलों पर चर्चा की.
पुतिन ट्रंप को पिछले बुधवार को सबसे पहले बधाई देने वाले नेताओं में शामिल हैं. उन्होंने ट्रंप के विजेता बनने के करीब एक घंटे बाद उन्हें टेलीग्राम भेजा लेकिन दोनों ने इससे पहले न तो मुलाकात की और न ही बातचीत की.
ट्रंप के सत्ता हस्तांतरण दल ने एक बयान में कहा, ‘‘नवनिर्वाचित ट्रंप ने राष्ट्रपति पुतिन से कहा कि वह रूस एवं रूस के लोगों के साथ मजबूत एवं स्थायी संबंध स्थापित करने के बहुत इच्छुक हैं.’’ क्रेेमलिन ने कहा कि पुतिन एवं ट्रंप ने दोनों देशों के बीच ‘‘अत्यंत असंतोषजनक स्थिति’’ को रेखांकित किया और ‘‘उन्हें सामान्य बनाने के लिए संयुक्त रूप से सक्रिय कार्य करने की आवश्यकता की घोषणा की.’’
दोनों नेताओं ने कहा कि वे उन्हें (द्विपक्षीय संबंधों को) रचनात्मक सहयोग के ढांचे में लाने के लिए काम करेंगे. क्रेमलिन ने रूस के नेता के हवाले से कहा कि ये नए संबंध ‘‘एक दूसरे के घरेलू मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने और समानता, एवं आपसी सम्मान के सिद्धांतों पर’’ आधारित होंगे.
बयान में कहा गया कि पुतिन एवं ट्रंप ने ‘‘सबसे बड़े वैश्विक शत्रु’’- अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद एवं अतिवाद के खिलाफ लड़ने पर सहमति व्यक्त की. इसमें कहा गया है कि अधिकारी दोनों नेताओं के बीच एक व्यक्तिगत बैठक आयोजित करने पर काम कर रहे हैं.
अमेरिका के राष्ट्रपति पद की मुहिम के दौरान वरिष्ठ अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों ने रूस पर डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी के कम्प्यूटर हैक करने और वे ईमेल जारी करने का आरोप लगाया था जो हिलेरी क्लिंटन की मुहिम के लिए शर्मिंदगी भरे साबित हुए जबकि पुतिन ने हैकिंग में सरकार की किसी भी प्रकार की भूमिका से इनकार किया है.
दोनों देशों के बीच हालिया वषरें में संबंधों में कड़वाहट आई है जबकि आठ साल तक राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभालने वाले ओबामा ने रूस के साथ संबंधों में सुधार की अपील की थी.टिप्पणियां
रूस एवं अमेरिका उत्तर कोरिया एवं ईरान जैसे मामलों पर मिलकर काम कर रहे हैं लेकिन सीरिया के मामले पर दोनों में खुले तौर पर मतभेद की स्थिति है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पुतिन ट्रंप को पिछले बुधवार को सबसे पहले बधाई देने वाले नेताओं में शामिल हैं. उन्होंने ट्रंप के विजेता बनने के करीब एक घंटे बाद उन्हें टेलीग्राम भेजा लेकिन दोनों ने इससे पहले न तो मुलाकात की और न ही बातचीत की.
ट्रंप के सत्ता हस्तांतरण दल ने एक बयान में कहा, ‘‘नवनिर्वाचित ट्रंप ने राष्ट्रपति पुतिन से कहा कि वह रूस एवं रूस के लोगों के साथ मजबूत एवं स्थायी संबंध स्थापित करने के बहुत इच्छुक हैं.’’ क्रेेमलिन ने कहा कि पुतिन एवं ट्रंप ने दोनों देशों के बीच ‘‘अत्यंत असंतोषजनक स्थिति’’ को रेखांकित किया और ‘‘उन्हें सामान्य बनाने के लिए संयुक्त रूप से सक्रिय कार्य करने की आवश्यकता की घोषणा की.’’
दोनों नेताओं ने कहा कि वे उन्हें (द्विपक्षीय संबंधों को) रचनात्मक सहयोग के ढांचे में लाने के लिए काम करेंगे. क्रेमलिन ने रूस के नेता के हवाले से कहा कि ये नए संबंध ‘‘एक दूसरे के घरेलू मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने और समानता, एवं आपसी सम्मान के सिद्धांतों पर’’ आधारित होंगे.
बयान में कहा गया कि पुतिन एवं ट्रंप ने ‘‘सबसे बड़े वैश्विक शत्रु’’- अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद एवं अतिवाद के खिलाफ लड़ने पर सहमति व्यक्त की. इसमें कहा गया है कि अधिकारी दोनों नेताओं के बीच एक व्यक्तिगत बैठक आयोजित करने पर काम कर रहे हैं.
अमेरिका के राष्ट्रपति पद की मुहिम के दौरान वरिष्ठ अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों ने रूस पर डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी के कम्प्यूटर हैक करने और वे ईमेल जारी करने का आरोप लगाया था जो हिलेरी क्लिंटन की मुहिम के लिए शर्मिंदगी भरे साबित हुए जबकि पुतिन ने हैकिंग में सरकार की किसी भी प्रकार की भूमिका से इनकार किया है.
दोनों देशों के बीच हालिया वषरें में संबंधों में कड़वाहट आई है जबकि आठ साल तक राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभालने वाले ओबामा ने रूस के साथ संबंधों में सुधार की अपील की थी.टिप्पणियां
रूस एवं अमेरिका उत्तर कोरिया एवं ईरान जैसे मामलों पर मिलकर काम कर रहे हैं लेकिन सीरिया के मामले पर दोनों में खुले तौर पर मतभेद की स्थिति है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ट्रंप के सत्ता हस्तांतरण दल ने एक बयान में कहा, ‘‘नवनिर्वाचित ट्रंप ने राष्ट्रपति पुतिन से कहा कि वह रूस एवं रूस के लोगों के साथ मजबूत एवं स्थायी संबंध स्थापित करने के बहुत इच्छुक हैं.’’ क्रेेमलिन ने कहा कि पुतिन एवं ट्रंप ने दोनों देशों के बीच ‘‘अत्यंत असंतोषजनक स्थिति’’ को रेखांकित किया और ‘‘उन्हें सामान्य बनाने के लिए संयुक्त रूप से सक्रिय कार्य करने की आवश्यकता की घोषणा की.’’
दोनों नेताओं ने कहा कि वे उन्हें (द्विपक्षीय संबंधों को) रचनात्मक सहयोग के ढांचे में लाने के लिए काम करेंगे. क्रेमलिन ने रूस के नेता के हवाले से कहा कि ये नए संबंध ‘‘एक दूसरे के घरेलू मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने और समानता, एवं आपसी सम्मान के सिद्धांतों पर’’ आधारित होंगे.
बयान में कहा गया कि पुतिन एवं ट्रंप ने ‘‘सबसे बड़े वैश्विक शत्रु’’- अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद एवं अतिवाद के खिलाफ लड़ने पर सहमति व्यक्त की. इसमें कहा गया है कि अधिकारी दोनों नेताओं के बीच एक व्यक्तिगत बैठक आयोजित करने पर काम कर रहे हैं.
अमेरिका के राष्ट्रपति पद की मुहिम के दौरान वरिष्ठ अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों ने रूस पर डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी के कम्प्यूटर हैक करने और वे ईमेल जारी करने का आरोप लगाया था जो हिलेरी क्लिंटन की मुहिम के लिए शर्मिंदगी भरे साबित हुए जबकि पुतिन ने हैकिंग में सरकार की किसी भी प्रकार की भूमिका से इनकार किया है.
दोनों देशों के बीच हालिया वषरें में संबंधों में कड़वाहट आई है जबकि आठ साल तक राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभालने वाले ओबामा ने रूस के साथ संबंधों में सुधार की अपील की थी.टिप्पणियां
रूस एवं अमेरिका उत्तर कोरिया एवं ईरान जैसे मामलों पर मिलकर काम कर रहे हैं लेकिन सीरिया के मामले पर दोनों में खुले तौर पर मतभेद की स्थिति है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दोनों नेताओं ने कहा कि वे उन्हें (द्विपक्षीय संबंधों को) रचनात्मक सहयोग के ढांचे में लाने के लिए काम करेंगे. क्रेमलिन ने रूस के नेता के हवाले से कहा कि ये नए संबंध ‘‘एक दूसरे के घरेलू मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने और समानता, एवं आपसी सम्मान के सिद्धांतों पर’’ आधारित होंगे.
बयान में कहा गया कि पुतिन एवं ट्रंप ने ‘‘सबसे बड़े वैश्विक शत्रु’’- अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद एवं अतिवाद के खिलाफ लड़ने पर सहमति व्यक्त की. इसमें कहा गया है कि अधिकारी दोनों नेताओं के बीच एक व्यक्तिगत बैठक आयोजित करने पर काम कर रहे हैं.
अमेरिका के राष्ट्रपति पद की मुहिम के दौरान वरिष्ठ अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों ने रूस पर डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी के कम्प्यूटर हैक करने और वे ईमेल जारी करने का आरोप लगाया था जो हिलेरी क्लिंटन की मुहिम के लिए शर्मिंदगी भरे साबित हुए जबकि पुतिन ने हैकिंग में सरकार की किसी भी प्रकार की भूमिका से इनकार किया है.
दोनों देशों के बीच हालिया वषरें में संबंधों में कड़वाहट आई है जबकि आठ साल तक राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभालने वाले ओबामा ने रूस के साथ संबंधों में सुधार की अपील की थी.टिप्पणियां
रूस एवं अमेरिका उत्तर कोरिया एवं ईरान जैसे मामलों पर मिलकर काम कर रहे हैं लेकिन सीरिया के मामले पर दोनों में खुले तौर पर मतभेद की स्थिति है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बयान में कहा गया कि पुतिन एवं ट्रंप ने ‘‘सबसे बड़े वैश्विक शत्रु’’- अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद एवं अतिवाद के खिलाफ लड़ने पर सहमति व्यक्त की. इसमें कहा गया है कि अधिकारी दोनों नेताओं के बीच एक व्यक्तिगत बैठक आयोजित करने पर काम कर रहे हैं.
अमेरिका के राष्ट्रपति पद की मुहिम के दौरान वरिष्ठ अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों ने रूस पर डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी के कम्प्यूटर हैक करने और वे ईमेल जारी करने का आरोप लगाया था जो हिलेरी क्लिंटन की मुहिम के लिए शर्मिंदगी भरे साबित हुए जबकि पुतिन ने हैकिंग में सरकार की किसी भी प्रकार की भूमिका से इनकार किया है.
दोनों देशों के बीच हालिया वषरें में संबंधों में कड़वाहट आई है जबकि आठ साल तक राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभालने वाले ओबामा ने रूस के साथ संबंधों में सुधार की अपील की थी.टिप्पणियां
रूस एवं अमेरिका उत्तर कोरिया एवं ईरान जैसे मामलों पर मिलकर काम कर रहे हैं लेकिन सीरिया के मामले पर दोनों में खुले तौर पर मतभेद की स्थिति है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अमेरिका के राष्ट्रपति पद की मुहिम के दौरान वरिष्ठ अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों ने रूस पर डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी के कम्प्यूटर हैक करने और वे ईमेल जारी करने का आरोप लगाया था जो हिलेरी क्लिंटन की मुहिम के लिए शर्मिंदगी भरे साबित हुए जबकि पुतिन ने हैकिंग में सरकार की किसी भी प्रकार की भूमिका से इनकार किया है.
दोनों देशों के बीच हालिया वषरें में संबंधों में कड़वाहट आई है जबकि आठ साल तक राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभालने वाले ओबामा ने रूस के साथ संबंधों में सुधार की अपील की थी.टिप्पणियां
रूस एवं अमेरिका उत्तर कोरिया एवं ईरान जैसे मामलों पर मिलकर काम कर रहे हैं लेकिन सीरिया के मामले पर दोनों में खुले तौर पर मतभेद की स्थिति है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दोनों देशों के बीच हालिया वषरें में संबंधों में कड़वाहट आई है जबकि आठ साल तक राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभालने वाले ओबामा ने रूस के साथ संबंधों में सुधार की अपील की थी.टिप्पणियां
रूस एवं अमेरिका उत्तर कोरिया एवं ईरान जैसे मामलों पर मिलकर काम कर रहे हैं लेकिन सीरिया के मामले पर दोनों में खुले तौर पर मतभेद की स्थिति है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रूस एवं अमेरिका उत्तर कोरिया एवं ईरान जैसे मामलों पर मिलकर काम कर रहे हैं लेकिन सीरिया के मामले पर दोनों में खुले तौर पर मतभेद की स्थिति है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन ने पहली बार फोन पर बात की
अमेरिका-रूस के ऐतिहासिक संबंधों समेत विभिन्न मामलों पर चर्चा
रूस के साथ मजबूत संबंध बनाने के इच्छुक हैं ट्रंप | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: हरियाणा के झज्जर जिले में कैदियों को ले जा रहे वाहन पर शनिवार शाम अज्ञात बदमाशों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में तीन कैदियों की मौत हो गई, जबकि दो पुलिसकर्मी घायल हो गए।
पुलिस ने बताया कि कैदियों को ले जा रहे वाहन पर झज्जर जिले के दुलीना गांव में हमला हुआ।
पुलिस के मुताबिक हमले में मारे गए कैदियों की पहचान अनिल, श्रीभगवान एवं दिलबाग के रूप में हुई है। इनमें से श्रीभगवान एवं दिलभाग भाई थे, इनकी एक हत्या में कथित संलिप्तता पर गिरफ्तारी हुई थी।
पुलिस ने बताया कि गोलीबारी में दो पुलिसकर्मी विनोद कुमार और विकास घायल हुए। घायल पुलिसकर्मियों को रोहतक के आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस वाहन पर हमला गिरोहों के बीच दुश्मनी का परिणाम हो सकता है। टिप्पणियां
कैदियों को शनिवार को सुनवाई के लिए गुड़गांव से रोहतक लाया जा रहा था, लेकिन हमले के बाद उन्हें वापस ले जाया गया।
झज्जर जिले में पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, "पुलिस वाहन को पहले एक ट्रक ने टक्कर मारी। इसके बाद तीन से चार गाड़ियों में सवार होकर आए सशस्त्र बदमाशों ने कैदियों और पुलिसकर्मियों पर अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दी। औचक हमले के बावजूद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की।"
पुलिस ने बताया कि कैदियों को ले जा रहे वाहन पर झज्जर जिले के दुलीना गांव में हमला हुआ।
पुलिस के मुताबिक हमले में मारे गए कैदियों की पहचान अनिल, श्रीभगवान एवं दिलबाग के रूप में हुई है। इनमें से श्रीभगवान एवं दिलभाग भाई थे, इनकी एक हत्या में कथित संलिप्तता पर गिरफ्तारी हुई थी।
पुलिस ने बताया कि गोलीबारी में दो पुलिसकर्मी विनोद कुमार और विकास घायल हुए। घायल पुलिसकर्मियों को रोहतक के आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस वाहन पर हमला गिरोहों के बीच दुश्मनी का परिणाम हो सकता है। टिप्पणियां
कैदियों को शनिवार को सुनवाई के लिए गुड़गांव से रोहतक लाया जा रहा था, लेकिन हमले के बाद उन्हें वापस ले जाया गया।
झज्जर जिले में पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, "पुलिस वाहन को पहले एक ट्रक ने टक्कर मारी। इसके बाद तीन से चार गाड़ियों में सवार होकर आए सशस्त्र बदमाशों ने कैदियों और पुलिसकर्मियों पर अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दी। औचक हमले के बावजूद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की।"
पुलिस के मुताबिक हमले में मारे गए कैदियों की पहचान अनिल, श्रीभगवान एवं दिलबाग के रूप में हुई है। इनमें से श्रीभगवान एवं दिलभाग भाई थे, इनकी एक हत्या में कथित संलिप्तता पर गिरफ्तारी हुई थी।
पुलिस ने बताया कि गोलीबारी में दो पुलिसकर्मी विनोद कुमार और विकास घायल हुए। घायल पुलिसकर्मियों को रोहतक के आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस वाहन पर हमला गिरोहों के बीच दुश्मनी का परिणाम हो सकता है। टिप्पणियां
कैदियों को शनिवार को सुनवाई के लिए गुड़गांव से रोहतक लाया जा रहा था, लेकिन हमले के बाद उन्हें वापस ले जाया गया।
झज्जर जिले में पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, "पुलिस वाहन को पहले एक ट्रक ने टक्कर मारी। इसके बाद तीन से चार गाड़ियों में सवार होकर आए सशस्त्र बदमाशों ने कैदियों और पुलिसकर्मियों पर अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दी। औचक हमले के बावजूद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की।"
पुलिस ने बताया कि गोलीबारी में दो पुलिसकर्मी विनोद कुमार और विकास घायल हुए। घायल पुलिसकर्मियों को रोहतक के आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस वाहन पर हमला गिरोहों के बीच दुश्मनी का परिणाम हो सकता है। टिप्पणियां
कैदियों को शनिवार को सुनवाई के लिए गुड़गांव से रोहतक लाया जा रहा था, लेकिन हमले के बाद उन्हें वापस ले जाया गया।
झज्जर जिले में पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, "पुलिस वाहन को पहले एक ट्रक ने टक्कर मारी। इसके बाद तीन से चार गाड़ियों में सवार होकर आए सशस्त्र बदमाशों ने कैदियों और पुलिसकर्मियों पर अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दी। औचक हमले के बावजूद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की।"
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस वाहन पर हमला गिरोहों के बीच दुश्मनी का परिणाम हो सकता है। टिप्पणियां
कैदियों को शनिवार को सुनवाई के लिए गुड़गांव से रोहतक लाया जा रहा था, लेकिन हमले के बाद उन्हें वापस ले जाया गया।
झज्जर जिले में पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, "पुलिस वाहन को पहले एक ट्रक ने टक्कर मारी। इसके बाद तीन से चार गाड़ियों में सवार होकर आए सशस्त्र बदमाशों ने कैदियों और पुलिसकर्मियों पर अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दी। औचक हमले के बावजूद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की।"
कैदियों को शनिवार को सुनवाई के लिए गुड़गांव से रोहतक लाया जा रहा था, लेकिन हमले के बाद उन्हें वापस ले जाया गया।
झज्जर जिले में पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, "पुलिस वाहन को पहले एक ट्रक ने टक्कर मारी। इसके बाद तीन से चार गाड़ियों में सवार होकर आए सशस्त्र बदमाशों ने कैदियों और पुलिसकर्मियों पर अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दी। औचक हमले के बावजूद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की।"
झज्जर जिले में पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, "पुलिस वाहन को पहले एक ट्रक ने टक्कर मारी। इसके बाद तीन से चार गाड़ियों में सवार होकर आए सशस्त्र बदमाशों ने कैदियों और पुलिसकर्मियों पर अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दी। औचक हमले के बावजूद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की।" | संक्षिप्त सारांश: हरियाणा के झज्जर जिले में कैदियों को ले जा रहे वाहन पर शनिवार शाम अज्ञात बदमाशों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में तीन कैदियों की मौत हो गई, जबकि दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उप-राज्यपाल को दिल्ली का प्रशासनिक प्रमुख बताए जाने के शीर्ष कोर्ट के आदेश के खिलाफ दिल्ली सरकार की अपीलों पर सुनवाई के लिए संविधान पीठ जल्द गठित करने के अनुरोध पर वह विचार करेगा.
इस मामले को दिल्ली सरकार ने प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष रखा था. पीठ ने कहा, ‘हम देखेंगे कि यह ग्रीष्मकालीन अवकाश से पहले आएगा या बाद में.’ दिल्ली सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल सुब्रमण्यम ने पीठ से कहा कि मामले को पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ के समक्ष भेजा गया है और अदालत ने मामले को भेजने से पहले कहा था कि यह एक अत्यावश्यक मामला है.
उन्होंने पीठ से कहा कि अदालत ने संविधान पीठ के जल्द गठन की खातिर इस मामले को प्रधान न्यायाधीश के समक्ष रखने की इजाजत दी थी. पीठ में न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ तथा न्यायमूर्ति एसके कौल भी हैं.
गत 15 फरवरी को न्यायमूर्ति एके सीकरी और न्यायमूर्ति आरके अग्रवाल की पीठ ने उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ आप सरकार की अर्जियों को संविधान पीठ में भेज दिया था. इस फैसले में उच्च न्यायालय ने कहा था कि दिल्ली राज्य नहीं है और उपराज्यपाल ही यहां के प्रशासनिक प्रमुख हैं. पीठ ने कहा था कि इस मामले से कानून और संविधान के महत्वपूर्ण प्रश्न जुड़े हुए हैं और इस पर फैसला संविधान पीठ को ही लेना चाहिए.
हालांकि पीठ ने प्रधान न्यायाधीश खेहर द्वारा गठित की जाने वाली संविधान पीठ के समक्ष भेजे जाने वाले प्रश्न तैयार नहीं किए और केंद्र तथा दिल्ली सरकार से अपने मामले में बड़ी पीठ के समक्ष दलीलें रखने को कहा.
दिल्ली सरकार ने दो फरवरी को शीर्ष अदालत से कहा था कि विधानसभा के अधिकार क्षेत्र में आने वाले मामलों पर उसे विशेष कार्यकारी शक्तियां हासिल हैं और केंद्र, राष्ट्रपति या उपराज्यपाल इसमें दखल नहीं दे सकते.
इस पर शीर्ष अदालत ने कहा था कि यह सही है कि चुनी गई सरकार के पास कुछ श्क्तियां होनी चाहिए लेकिन अब देखना यह है कि यह दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के मुताबिक हों या फिर जैसा कि दिल्ली सरकार का मानना है उसके मुताबिक.टिप्पणियां
दिल्ली सरकार ने पीठ से कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की सरकार के पास लोकव्यवस्था, भूमि मामलों और पुलिस को छोड़कर राज्य और समवर्ती सूचियों की अन्य सभी प्रविष्टियों से संबंधित विशेषाधिकार प्राप्त हैं, जिसमें केंद्र सरकार, राष्ट्रपति या उपराज्यपाल की कोई भूमिका या दखल देने का अधिकार नहीं है. दिल्ली सरकार ने कहा कि वह संविधान की धारा 239-एए के तहत दिए गए विशेष दर्जे की ही मांग कर रही है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस मामले को दिल्ली सरकार ने प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष रखा था. पीठ ने कहा, ‘हम देखेंगे कि यह ग्रीष्मकालीन अवकाश से पहले आएगा या बाद में.’ दिल्ली सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल सुब्रमण्यम ने पीठ से कहा कि मामले को पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ के समक्ष भेजा गया है और अदालत ने मामले को भेजने से पहले कहा था कि यह एक अत्यावश्यक मामला है.
उन्होंने पीठ से कहा कि अदालत ने संविधान पीठ के जल्द गठन की खातिर इस मामले को प्रधान न्यायाधीश के समक्ष रखने की इजाजत दी थी. पीठ में न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ तथा न्यायमूर्ति एसके कौल भी हैं.
गत 15 फरवरी को न्यायमूर्ति एके सीकरी और न्यायमूर्ति आरके अग्रवाल की पीठ ने उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ आप सरकार की अर्जियों को संविधान पीठ में भेज दिया था. इस फैसले में उच्च न्यायालय ने कहा था कि दिल्ली राज्य नहीं है और उपराज्यपाल ही यहां के प्रशासनिक प्रमुख हैं. पीठ ने कहा था कि इस मामले से कानून और संविधान के महत्वपूर्ण प्रश्न जुड़े हुए हैं और इस पर फैसला संविधान पीठ को ही लेना चाहिए.
हालांकि पीठ ने प्रधान न्यायाधीश खेहर द्वारा गठित की जाने वाली संविधान पीठ के समक्ष भेजे जाने वाले प्रश्न तैयार नहीं किए और केंद्र तथा दिल्ली सरकार से अपने मामले में बड़ी पीठ के समक्ष दलीलें रखने को कहा.
दिल्ली सरकार ने दो फरवरी को शीर्ष अदालत से कहा था कि विधानसभा के अधिकार क्षेत्र में आने वाले मामलों पर उसे विशेष कार्यकारी शक्तियां हासिल हैं और केंद्र, राष्ट्रपति या उपराज्यपाल इसमें दखल नहीं दे सकते.
इस पर शीर्ष अदालत ने कहा था कि यह सही है कि चुनी गई सरकार के पास कुछ श्क्तियां होनी चाहिए लेकिन अब देखना यह है कि यह दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के मुताबिक हों या फिर जैसा कि दिल्ली सरकार का मानना है उसके मुताबिक.टिप्पणियां
दिल्ली सरकार ने पीठ से कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की सरकार के पास लोकव्यवस्था, भूमि मामलों और पुलिस को छोड़कर राज्य और समवर्ती सूचियों की अन्य सभी प्रविष्टियों से संबंधित विशेषाधिकार प्राप्त हैं, जिसमें केंद्र सरकार, राष्ट्रपति या उपराज्यपाल की कोई भूमिका या दखल देने का अधिकार नहीं है. दिल्ली सरकार ने कहा कि वह संविधान की धारा 239-एए के तहत दिए गए विशेष दर्जे की ही मांग कर रही है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने पीठ से कहा कि अदालत ने संविधान पीठ के जल्द गठन की खातिर इस मामले को प्रधान न्यायाधीश के समक्ष रखने की इजाजत दी थी. पीठ में न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ तथा न्यायमूर्ति एसके कौल भी हैं.
गत 15 फरवरी को न्यायमूर्ति एके सीकरी और न्यायमूर्ति आरके अग्रवाल की पीठ ने उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ आप सरकार की अर्जियों को संविधान पीठ में भेज दिया था. इस फैसले में उच्च न्यायालय ने कहा था कि दिल्ली राज्य नहीं है और उपराज्यपाल ही यहां के प्रशासनिक प्रमुख हैं. पीठ ने कहा था कि इस मामले से कानून और संविधान के महत्वपूर्ण प्रश्न जुड़े हुए हैं और इस पर फैसला संविधान पीठ को ही लेना चाहिए.
हालांकि पीठ ने प्रधान न्यायाधीश खेहर द्वारा गठित की जाने वाली संविधान पीठ के समक्ष भेजे जाने वाले प्रश्न तैयार नहीं किए और केंद्र तथा दिल्ली सरकार से अपने मामले में बड़ी पीठ के समक्ष दलीलें रखने को कहा.
दिल्ली सरकार ने दो फरवरी को शीर्ष अदालत से कहा था कि विधानसभा के अधिकार क्षेत्र में आने वाले मामलों पर उसे विशेष कार्यकारी शक्तियां हासिल हैं और केंद्र, राष्ट्रपति या उपराज्यपाल इसमें दखल नहीं दे सकते.
इस पर शीर्ष अदालत ने कहा था कि यह सही है कि चुनी गई सरकार के पास कुछ श्क्तियां होनी चाहिए लेकिन अब देखना यह है कि यह दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के मुताबिक हों या फिर जैसा कि दिल्ली सरकार का मानना है उसके मुताबिक.टिप्पणियां
दिल्ली सरकार ने पीठ से कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की सरकार के पास लोकव्यवस्था, भूमि मामलों और पुलिस को छोड़कर राज्य और समवर्ती सूचियों की अन्य सभी प्रविष्टियों से संबंधित विशेषाधिकार प्राप्त हैं, जिसमें केंद्र सरकार, राष्ट्रपति या उपराज्यपाल की कोई भूमिका या दखल देने का अधिकार नहीं है. दिल्ली सरकार ने कहा कि वह संविधान की धारा 239-एए के तहत दिए गए विशेष दर्जे की ही मांग कर रही है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गत 15 फरवरी को न्यायमूर्ति एके सीकरी और न्यायमूर्ति आरके अग्रवाल की पीठ ने उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ आप सरकार की अर्जियों को संविधान पीठ में भेज दिया था. इस फैसले में उच्च न्यायालय ने कहा था कि दिल्ली राज्य नहीं है और उपराज्यपाल ही यहां के प्रशासनिक प्रमुख हैं. पीठ ने कहा था कि इस मामले से कानून और संविधान के महत्वपूर्ण प्रश्न जुड़े हुए हैं और इस पर फैसला संविधान पीठ को ही लेना चाहिए.
हालांकि पीठ ने प्रधान न्यायाधीश खेहर द्वारा गठित की जाने वाली संविधान पीठ के समक्ष भेजे जाने वाले प्रश्न तैयार नहीं किए और केंद्र तथा दिल्ली सरकार से अपने मामले में बड़ी पीठ के समक्ष दलीलें रखने को कहा.
दिल्ली सरकार ने दो फरवरी को शीर्ष अदालत से कहा था कि विधानसभा के अधिकार क्षेत्र में आने वाले मामलों पर उसे विशेष कार्यकारी शक्तियां हासिल हैं और केंद्र, राष्ट्रपति या उपराज्यपाल इसमें दखल नहीं दे सकते.
इस पर शीर्ष अदालत ने कहा था कि यह सही है कि चुनी गई सरकार के पास कुछ श्क्तियां होनी चाहिए लेकिन अब देखना यह है कि यह दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के मुताबिक हों या फिर जैसा कि दिल्ली सरकार का मानना है उसके मुताबिक.टिप्पणियां
दिल्ली सरकार ने पीठ से कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की सरकार के पास लोकव्यवस्था, भूमि मामलों और पुलिस को छोड़कर राज्य और समवर्ती सूचियों की अन्य सभी प्रविष्टियों से संबंधित विशेषाधिकार प्राप्त हैं, जिसमें केंद्र सरकार, राष्ट्रपति या उपराज्यपाल की कोई भूमिका या दखल देने का अधिकार नहीं है. दिल्ली सरकार ने कहा कि वह संविधान की धारा 239-एए के तहत दिए गए विशेष दर्जे की ही मांग कर रही है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हालांकि पीठ ने प्रधान न्यायाधीश खेहर द्वारा गठित की जाने वाली संविधान पीठ के समक्ष भेजे जाने वाले प्रश्न तैयार नहीं किए और केंद्र तथा दिल्ली सरकार से अपने मामले में बड़ी पीठ के समक्ष दलीलें रखने को कहा.
दिल्ली सरकार ने दो फरवरी को शीर्ष अदालत से कहा था कि विधानसभा के अधिकार क्षेत्र में आने वाले मामलों पर उसे विशेष कार्यकारी शक्तियां हासिल हैं और केंद्र, राष्ट्रपति या उपराज्यपाल इसमें दखल नहीं दे सकते.
इस पर शीर्ष अदालत ने कहा था कि यह सही है कि चुनी गई सरकार के पास कुछ श्क्तियां होनी चाहिए लेकिन अब देखना यह है कि यह दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के मुताबिक हों या फिर जैसा कि दिल्ली सरकार का मानना है उसके मुताबिक.टिप्पणियां
दिल्ली सरकार ने पीठ से कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की सरकार के पास लोकव्यवस्था, भूमि मामलों और पुलिस को छोड़कर राज्य और समवर्ती सूचियों की अन्य सभी प्रविष्टियों से संबंधित विशेषाधिकार प्राप्त हैं, जिसमें केंद्र सरकार, राष्ट्रपति या उपराज्यपाल की कोई भूमिका या दखल देने का अधिकार नहीं है. दिल्ली सरकार ने कहा कि वह संविधान की धारा 239-एए के तहत दिए गए विशेष दर्जे की ही मांग कर रही है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिल्ली सरकार ने दो फरवरी को शीर्ष अदालत से कहा था कि विधानसभा के अधिकार क्षेत्र में आने वाले मामलों पर उसे विशेष कार्यकारी शक्तियां हासिल हैं और केंद्र, राष्ट्रपति या उपराज्यपाल इसमें दखल नहीं दे सकते.
इस पर शीर्ष अदालत ने कहा था कि यह सही है कि चुनी गई सरकार के पास कुछ श्क्तियां होनी चाहिए लेकिन अब देखना यह है कि यह दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के मुताबिक हों या फिर जैसा कि दिल्ली सरकार का मानना है उसके मुताबिक.टिप्पणियां
दिल्ली सरकार ने पीठ से कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की सरकार के पास लोकव्यवस्था, भूमि मामलों और पुलिस को छोड़कर राज्य और समवर्ती सूचियों की अन्य सभी प्रविष्टियों से संबंधित विशेषाधिकार प्राप्त हैं, जिसमें केंद्र सरकार, राष्ट्रपति या उपराज्यपाल की कोई भूमिका या दखल देने का अधिकार नहीं है. दिल्ली सरकार ने कहा कि वह संविधान की धारा 239-एए के तहत दिए गए विशेष दर्जे की ही मांग कर रही है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस पर शीर्ष अदालत ने कहा था कि यह सही है कि चुनी गई सरकार के पास कुछ श्क्तियां होनी चाहिए लेकिन अब देखना यह है कि यह दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के मुताबिक हों या फिर जैसा कि दिल्ली सरकार का मानना है उसके मुताबिक.टिप्पणियां
दिल्ली सरकार ने पीठ से कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की सरकार के पास लोकव्यवस्था, भूमि मामलों और पुलिस को छोड़कर राज्य और समवर्ती सूचियों की अन्य सभी प्रविष्टियों से संबंधित विशेषाधिकार प्राप्त हैं, जिसमें केंद्र सरकार, राष्ट्रपति या उपराज्यपाल की कोई भूमिका या दखल देने का अधिकार नहीं है. दिल्ली सरकार ने कहा कि वह संविधान की धारा 239-एए के तहत दिए गए विशेष दर्जे की ही मांग कर रही है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिल्ली सरकार ने पीठ से कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की सरकार के पास लोकव्यवस्था, भूमि मामलों और पुलिस को छोड़कर राज्य और समवर्ती सूचियों की अन्य सभी प्रविष्टियों से संबंधित विशेषाधिकार प्राप्त हैं, जिसमें केंद्र सरकार, राष्ट्रपति या उपराज्यपाल की कोई भूमिका या दखल देने का अधिकार नहीं है. दिल्ली सरकार ने कहा कि वह संविधान की धारा 239-एए के तहत दिए गए विशेष दर्जे की ही मांग कर रही है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: SC ने कहा- यह सही है कि चुनी गई सरकार के पास कुछ श्क्तियां होनी चाहिए
SC कह चुका है कि दिल्ली राज्य नहीं है और LG ही प्रशासनिक प्रमुख हैं
दिल्ली सरकार ने कहा, कुछ मामलों में उसे विशेष कार्यकारी शक्तियां मिली हैं | 11 | ['hin'] |
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