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इस पाठ का सारांश बनाओ: कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी भारत की सबसे लोकप्रिय महिला हैं। गांधी के बाद दूसरे नम्बर पर आईसीआईसीआई बैंक की मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंदा कोचर का स्थान है। एक व्यापारिक सर्वेक्षण की गुरुवार को जारी रिपोर्ट में एक सूची में सबसे ऊपर गांधी का नाम आया है।
भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग संबद्ध मंडल (एसोचैम) तथा जी न्यूज चैनल द्वारा सम्मिलित रूप से देश भर में कराए गए एक सर्वेक्षण में 32 संस्थानों में कार्यरत कार्पोरेट जगत के 2,000 कर्मचारियों ने 20 नामों वाली महिलाओं की सूची से इन दो महिलाओं को पहला दो स्थान प्रदान किया।
राजनीतिक क्षेत्र की महिलाओं में सुषमा स्वराज को 16वां स्थान मिला जबकि तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता को 17वां स्थान हासिल हुआ।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर जारी इस सर्वेक्षण में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 20वें स्थान पर रहीं।
पेप्सिको की अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी इंद्रा नूई को इस सर्वेक्षण में तीसरी जबकि बायोकॉन लिमिटेड की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक किरन मजूमदार-शॉ को भारत की चौथी सबसे लोकप्रिय महिला चुना गया है।
फिल्मी हस्तियों की बात करें तो वहां बाजी मारी ऐश्वर्या राय बच्चन ने जिन्हें पांचवां स्थान मिला है जबकि विद्या बालन छठे स्थान पर हैं, वहीं शबाना आजमी को 13वें स्थान पर रखा गया है।
इस सर्वेक्षण में युवा महिलाओं द्वारा मतदान करवाया गया जिसमें उन्होंने मणिपुर की बॉक्सिंग चैंपियन मैरी कॉम को आठवें स्थान के लिए चुना। भारतीय बैंडमिंटन स्टार साइना नेहवाल इस सूची में नौवें स्थान पर रहीं।
पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी को 10वें स्थान के लिए चुना गया जबकि एचएसबीसी की राष्ट्रीय अध्यक्ष नैना लाल किदवई को 11वां स्थान हासिल हुआ और 12वें स्थान पर रहीं पिरामल लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड की उपाध्यक्ष स्वाति पीरामल।
इस सर्वेक्षण में छोटे पर्दे पर अपना लोहा मनवाने वाली बालाजी टेलीफिल्म्स की निर्देशक एकता कपूर भारत की 14वीं सबसे लोकप्रिय महिला चुनी गईं। उनके ठीक बाद फिल्म निर्माता एवं निर्देशक जोया अख्तर को 15वें स्थान हासिल हुआ।टिप्पणियां
सर्वेक्षण में अन्य लोकप्रिय महिलाओं में ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज की प्रबंध निदेशक विनीता बाली 18वें स्थान पर, भारतीय जैकी कॉलिंस के नाम से मशहूर प्रमुख भारतीय उपन्यासकार शोभा डे 19वें स्थान पर रहीं।
यह सर्वेक्षण जनवरी से फरवरी महीने के बीच करवाया गया जिसमें विभिन्न आयुवर्ग की महिलाओं ने हिस्सा लिया।
भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग संबद्ध मंडल (एसोचैम) तथा जी न्यूज चैनल द्वारा सम्मिलित रूप से देश भर में कराए गए एक सर्वेक्षण में 32 संस्थानों में कार्यरत कार्पोरेट जगत के 2,000 कर्मचारियों ने 20 नामों वाली महिलाओं की सूची से इन दो महिलाओं को पहला दो स्थान प्रदान किया।
राजनीतिक क्षेत्र की महिलाओं में सुषमा स्वराज को 16वां स्थान मिला जबकि तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता को 17वां स्थान हासिल हुआ।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर जारी इस सर्वेक्षण में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 20वें स्थान पर रहीं।
पेप्सिको की अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी इंद्रा नूई को इस सर्वेक्षण में तीसरी जबकि बायोकॉन लिमिटेड की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक किरन मजूमदार-शॉ को भारत की चौथी सबसे लोकप्रिय महिला चुना गया है।
फिल्मी हस्तियों की बात करें तो वहां बाजी मारी ऐश्वर्या राय बच्चन ने जिन्हें पांचवां स्थान मिला है जबकि विद्या बालन छठे स्थान पर हैं, वहीं शबाना आजमी को 13वें स्थान पर रखा गया है।
इस सर्वेक्षण में युवा महिलाओं द्वारा मतदान करवाया गया जिसमें उन्होंने मणिपुर की बॉक्सिंग चैंपियन मैरी कॉम को आठवें स्थान के लिए चुना। भारतीय बैंडमिंटन स्टार साइना नेहवाल इस सूची में नौवें स्थान पर रहीं।
पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी को 10वें स्थान के लिए चुना गया जबकि एचएसबीसी की राष्ट्रीय अध्यक्ष नैना लाल किदवई को 11वां स्थान हासिल हुआ और 12वें स्थान पर रहीं पिरामल लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड की उपाध्यक्ष स्वाति पीरामल।
इस सर्वेक्षण में छोटे पर्दे पर अपना लोहा मनवाने वाली बालाजी टेलीफिल्म्स की निर्देशक एकता कपूर भारत की 14वीं सबसे लोकप्रिय महिला चुनी गईं। उनके ठीक बाद फिल्म निर्माता एवं निर्देशक जोया अख्तर को 15वें स्थान हासिल हुआ।टिप्पणियां
सर्वेक्षण में अन्य लोकप्रिय महिलाओं में ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज की प्रबंध निदेशक विनीता बाली 18वें स्थान पर, भारतीय जैकी कॉलिंस के नाम से मशहूर प्रमुख भारतीय उपन्यासकार शोभा डे 19वें स्थान पर रहीं।
यह सर्वेक्षण जनवरी से फरवरी महीने के बीच करवाया गया जिसमें विभिन्न आयुवर्ग की महिलाओं ने हिस्सा लिया।
राजनीतिक क्षेत्र की महिलाओं में सुषमा स्वराज को 16वां स्थान मिला जबकि तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता को 17वां स्थान हासिल हुआ।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर जारी इस सर्वेक्षण में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 20वें स्थान पर रहीं।
पेप्सिको की अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी इंद्रा नूई को इस सर्वेक्षण में तीसरी जबकि बायोकॉन लिमिटेड की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक किरन मजूमदार-शॉ को भारत की चौथी सबसे लोकप्रिय महिला चुना गया है।
फिल्मी हस्तियों की बात करें तो वहां बाजी मारी ऐश्वर्या राय बच्चन ने जिन्हें पांचवां स्थान मिला है जबकि विद्या बालन छठे स्थान पर हैं, वहीं शबाना आजमी को 13वें स्थान पर रखा गया है।
इस सर्वेक्षण में युवा महिलाओं द्वारा मतदान करवाया गया जिसमें उन्होंने मणिपुर की बॉक्सिंग चैंपियन मैरी कॉम को आठवें स्थान के लिए चुना। भारतीय बैंडमिंटन स्टार साइना नेहवाल इस सूची में नौवें स्थान पर रहीं।
पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी को 10वें स्थान के लिए चुना गया जबकि एचएसबीसी की राष्ट्रीय अध्यक्ष नैना लाल किदवई को 11वां स्थान हासिल हुआ और 12वें स्थान पर रहीं पिरामल लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड की उपाध्यक्ष स्वाति पीरामल।
इस सर्वेक्षण में छोटे पर्दे पर अपना लोहा मनवाने वाली बालाजी टेलीफिल्म्स की निर्देशक एकता कपूर भारत की 14वीं सबसे लोकप्रिय महिला चुनी गईं। उनके ठीक बाद फिल्म निर्माता एवं निर्देशक जोया अख्तर को 15वें स्थान हासिल हुआ।टिप्पणियां
सर्वेक्षण में अन्य लोकप्रिय महिलाओं में ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज की प्रबंध निदेशक विनीता बाली 18वें स्थान पर, भारतीय जैकी कॉलिंस के नाम से मशहूर प्रमुख भारतीय उपन्यासकार शोभा डे 19वें स्थान पर रहीं।
यह सर्वेक्षण जनवरी से फरवरी महीने के बीच करवाया गया जिसमें विभिन्न आयुवर्ग की महिलाओं ने हिस्सा लिया।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर जारी इस सर्वेक्षण में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 20वें स्थान पर रहीं।
पेप्सिको की अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी इंद्रा नूई को इस सर्वेक्षण में तीसरी जबकि बायोकॉन लिमिटेड की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक किरन मजूमदार-शॉ को भारत की चौथी सबसे लोकप्रिय महिला चुना गया है।
फिल्मी हस्तियों की बात करें तो वहां बाजी मारी ऐश्वर्या राय बच्चन ने जिन्हें पांचवां स्थान मिला है जबकि विद्या बालन छठे स्थान पर हैं, वहीं शबाना आजमी को 13वें स्थान पर रखा गया है।
इस सर्वेक्षण में युवा महिलाओं द्वारा मतदान करवाया गया जिसमें उन्होंने मणिपुर की बॉक्सिंग चैंपियन मैरी कॉम को आठवें स्थान के लिए चुना। भारतीय बैंडमिंटन स्टार साइना नेहवाल इस सूची में नौवें स्थान पर रहीं।
पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी को 10वें स्थान के लिए चुना गया जबकि एचएसबीसी की राष्ट्रीय अध्यक्ष नैना लाल किदवई को 11वां स्थान हासिल हुआ और 12वें स्थान पर रहीं पिरामल लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड की उपाध्यक्ष स्वाति पीरामल।
इस सर्वेक्षण में छोटे पर्दे पर अपना लोहा मनवाने वाली बालाजी टेलीफिल्म्स की निर्देशक एकता कपूर भारत की 14वीं सबसे लोकप्रिय महिला चुनी गईं। उनके ठीक बाद फिल्म निर्माता एवं निर्देशक जोया अख्तर को 15वें स्थान हासिल हुआ।टिप्पणियां
सर्वेक्षण में अन्य लोकप्रिय महिलाओं में ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज की प्रबंध निदेशक विनीता बाली 18वें स्थान पर, भारतीय जैकी कॉलिंस के नाम से मशहूर प्रमुख भारतीय उपन्यासकार शोभा डे 19वें स्थान पर रहीं।
यह सर्वेक्षण जनवरी से फरवरी महीने के बीच करवाया गया जिसमें विभिन्न आयुवर्ग की महिलाओं ने हिस्सा लिया।
पेप्सिको की अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी इंद्रा नूई को इस सर्वेक्षण में तीसरी जबकि बायोकॉन लिमिटेड की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक किरन मजूमदार-शॉ को भारत की चौथी सबसे लोकप्रिय महिला चुना गया है।
फिल्मी हस्तियों की बात करें तो वहां बाजी मारी ऐश्वर्या राय बच्चन ने जिन्हें पांचवां स्थान मिला है जबकि विद्या बालन छठे स्थान पर हैं, वहीं शबाना आजमी को 13वें स्थान पर रखा गया है।
इस सर्वेक्षण में युवा महिलाओं द्वारा मतदान करवाया गया जिसमें उन्होंने मणिपुर की बॉक्सिंग चैंपियन मैरी कॉम को आठवें स्थान के लिए चुना। भारतीय बैंडमिंटन स्टार साइना नेहवाल इस सूची में नौवें स्थान पर रहीं।
पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी को 10वें स्थान के लिए चुना गया जबकि एचएसबीसी की राष्ट्रीय अध्यक्ष नैना लाल किदवई को 11वां स्थान हासिल हुआ और 12वें स्थान पर रहीं पिरामल लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड की उपाध्यक्ष स्वाति पीरामल।
इस सर्वेक्षण में छोटे पर्दे पर अपना लोहा मनवाने वाली बालाजी टेलीफिल्म्स की निर्देशक एकता कपूर भारत की 14वीं सबसे लोकप्रिय महिला चुनी गईं। उनके ठीक बाद फिल्म निर्माता एवं निर्देशक जोया अख्तर को 15वें स्थान हासिल हुआ।टिप्पणियां
सर्वेक्षण में अन्य लोकप्रिय महिलाओं में ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज की प्रबंध निदेशक विनीता बाली 18वें स्थान पर, भारतीय जैकी कॉलिंस के नाम से मशहूर प्रमुख भारतीय उपन्यासकार शोभा डे 19वें स्थान पर रहीं।
यह सर्वेक्षण जनवरी से फरवरी महीने के बीच करवाया गया जिसमें विभिन्न आयुवर्ग की महिलाओं ने हिस्सा लिया।
फिल्मी हस्तियों की बात करें तो वहां बाजी मारी ऐश्वर्या राय बच्चन ने जिन्हें पांचवां स्थान मिला है जबकि विद्या बालन छठे स्थान पर हैं, वहीं शबाना आजमी को 13वें स्थान पर रखा गया है।
इस सर्वेक्षण में युवा महिलाओं द्वारा मतदान करवाया गया जिसमें उन्होंने मणिपुर की बॉक्सिंग चैंपियन मैरी कॉम को आठवें स्थान के लिए चुना। भारतीय बैंडमिंटन स्टार साइना नेहवाल इस सूची में नौवें स्थान पर रहीं।
पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी को 10वें स्थान के लिए चुना गया जबकि एचएसबीसी की राष्ट्रीय अध्यक्ष नैना लाल किदवई को 11वां स्थान हासिल हुआ और 12वें स्थान पर रहीं पिरामल लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड की उपाध्यक्ष स्वाति पीरामल।
इस सर्वेक्षण में छोटे पर्दे पर अपना लोहा मनवाने वाली बालाजी टेलीफिल्म्स की निर्देशक एकता कपूर भारत की 14वीं सबसे लोकप्रिय महिला चुनी गईं। उनके ठीक बाद फिल्म निर्माता एवं निर्देशक जोया अख्तर को 15वें स्थान हासिल हुआ।टिप्पणियां
सर्वेक्षण में अन्य लोकप्रिय महिलाओं में ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज की प्रबंध निदेशक विनीता बाली 18वें स्थान पर, भारतीय जैकी कॉलिंस के नाम से मशहूर प्रमुख भारतीय उपन्यासकार शोभा डे 19वें स्थान पर रहीं।
यह सर्वेक्षण जनवरी से फरवरी महीने के बीच करवाया गया जिसमें विभिन्न आयुवर्ग की महिलाओं ने हिस्सा लिया।
इस सर्वेक्षण में युवा महिलाओं द्वारा मतदान करवाया गया जिसमें उन्होंने मणिपुर की बॉक्सिंग चैंपियन मैरी कॉम को आठवें स्थान के लिए चुना। भारतीय बैंडमिंटन स्टार साइना नेहवाल इस सूची में नौवें स्थान पर रहीं।
पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी को 10वें स्थान के लिए चुना गया जबकि एचएसबीसी की राष्ट्रीय अध्यक्ष नैना लाल किदवई को 11वां स्थान हासिल हुआ और 12वें स्थान पर रहीं पिरामल लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड की उपाध्यक्ष स्वाति पीरामल।
इस सर्वेक्षण में छोटे पर्दे पर अपना लोहा मनवाने वाली बालाजी टेलीफिल्म्स की निर्देशक एकता कपूर भारत की 14वीं सबसे लोकप्रिय महिला चुनी गईं। उनके ठीक बाद फिल्म निर्माता एवं निर्देशक जोया अख्तर को 15वें स्थान हासिल हुआ।टिप्पणियां
सर्वेक्षण में अन्य लोकप्रिय महिलाओं में ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज की प्रबंध निदेशक विनीता बाली 18वें स्थान पर, भारतीय जैकी कॉलिंस के नाम से मशहूर प्रमुख भारतीय उपन्यासकार शोभा डे 19वें स्थान पर रहीं।
यह सर्वेक्षण जनवरी से फरवरी महीने के बीच करवाया गया जिसमें विभिन्न आयुवर्ग की महिलाओं ने हिस्सा लिया।
पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी को 10वें स्थान के लिए चुना गया जबकि एचएसबीसी की राष्ट्रीय अध्यक्ष नैना लाल किदवई को 11वां स्थान हासिल हुआ और 12वें स्थान पर रहीं पिरामल लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड की उपाध्यक्ष स्वाति पीरामल।
इस सर्वेक्षण में छोटे पर्दे पर अपना लोहा मनवाने वाली बालाजी टेलीफिल्म्स की निर्देशक एकता कपूर भारत की 14वीं सबसे लोकप्रिय महिला चुनी गईं। उनके ठीक बाद फिल्म निर्माता एवं निर्देशक जोया अख्तर को 15वें स्थान हासिल हुआ।टिप्पणियां
सर्वेक्षण में अन्य लोकप्रिय महिलाओं में ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज की प्रबंध निदेशक विनीता बाली 18वें स्थान पर, भारतीय जैकी कॉलिंस के नाम से मशहूर प्रमुख भारतीय उपन्यासकार शोभा डे 19वें स्थान पर रहीं।
यह सर्वेक्षण जनवरी से फरवरी महीने के बीच करवाया गया जिसमें विभिन्न आयुवर्ग की महिलाओं ने हिस्सा लिया।
इस सर्वेक्षण में छोटे पर्दे पर अपना लोहा मनवाने वाली बालाजी टेलीफिल्म्स की निर्देशक एकता कपूर भारत की 14वीं सबसे लोकप्रिय महिला चुनी गईं। उनके ठीक बाद फिल्म निर्माता एवं निर्देशक जोया अख्तर को 15वें स्थान हासिल हुआ।टिप्पणियां
सर्वेक्षण में अन्य लोकप्रिय महिलाओं में ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज की प्रबंध निदेशक विनीता बाली 18वें स्थान पर, भारतीय जैकी कॉलिंस के नाम से मशहूर प्रमुख भारतीय उपन्यासकार शोभा डे 19वें स्थान पर रहीं।
यह सर्वेक्षण जनवरी से फरवरी महीने के बीच करवाया गया जिसमें विभिन्न आयुवर्ग की महिलाओं ने हिस्सा लिया।
सर्वेक्षण में अन्य लोकप्रिय महिलाओं में ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज की प्रबंध निदेशक विनीता बाली 18वें स्थान पर, भारतीय जैकी कॉलिंस के नाम से मशहूर प्रमुख भारतीय उपन्यासकार शोभा डे 19वें स्थान पर रहीं।
यह सर्वेक्षण जनवरी से फरवरी महीने के बीच करवाया गया जिसमें विभिन्न आयुवर्ग की महिलाओं ने हिस्सा लिया।
यह सर्वेक्षण जनवरी से फरवरी महीने के बीच करवाया गया जिसमें विभिन्न आयुवर्ग की महिलाओं ने हिस्सा लिया। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी भारत की सबसे लोकप्रिय महिला हैं। गांधी के बाद दूसरे नम्बर पर आईसीआईसीआई बैंक की मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंदा कोचर का स्थान है। एक व्यापारिक सर्वेक्षण की गुरुवार को जारी रिपोर्ट में एक सूची में सबसे ऊपर गांधी का न | 11 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बॉलीवुड के अग्रणी और लोकप्रिय अभिनेताओं में शुमार किए जाने वाले अभिनेता ऋतिक रोशन के पिता और फिल्म निर्माता-निर्देशक राकेश रोशन ने जानकारी दी है कि जिस तकलीफ का उपचार करने के लिए रविवार को मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में ऋतिक का ऑपरेशन किया गया, वह दरअसल फिल्म 'बैंग-बैंग' की शूटिंग के दौरान लगी थी। वैसे, रविवार को 39-वर्षीय ऋतिक के सिर की सर्जरी सफल रही, और उनके पिता ने रविवार को ही उम्मीद जताई थी कि वह अगले 48 घंटों में अस्पताल से बाहर आ जाएंगे।
राकेश रोशन ने संवाददाताओं को बताया, "ऋतिक बैंकॉक के फुकेट में 'बैंग-बैंग' के लिए शूटिंग कर रहा था... वह एक स्टंट कर रहा था, जिसमें उसे अपना पैर एक जेट में फंसाकर 30 फुट की ऊंचाई तक जाना था और फिर नीचे पानी में गोता लगाना था... जब ऋतिक इसका अभ्यास कर रहा था, वह गलत तरीके से नीचे गिरा, और उसे एहसास भी नहीं हुआ कि उसके सिर में थोड़ी-सी चोट आ गई है..."
राकेश रोशन के अनुसार, "इसी की वजह से ऋतिक के सिर में दर्द हुआ और उसने दर्दनाशक दवा लेनी शुरू की और सोचा कि तीन-चार दिन में दर्द ठीक हो जाएगा, क्योंकि उसके साथ ऐसा ही कुछ 'कहो ना प्यार है' फिल्म की शूटिंग के दौरान भी हुआ था... इस बार दर्द दवाओं से बंद तो हो गया, लेकिन एक महीने बाद फिर से शुरू हो गया..."
हाल ही में अपने बेटे के साथ अपनी आने वाली फिल्म 'कृश 3' की शूटिंग खत्म करने वाले राकेश रोशन ने बताया, "शूटिंग के बाद मुंबई वापस आने पर ऋतिक के सिर का सीटी स्कैन कराया गया था, लेकिन उसमें कुछ नहीं निकला, लेकिन दर्द चार हफ्तों तक लगातार बढ़ता रहा..."
राकेश रोशन के अनुसार, "अगली शूटिंग के लिए प्राग (चेक गणराज्य) के लिए रवाना होने से एक दिन पहले, यानि 5 जुलाई को ऋतिक ने सिरदर्द के बारे में बताया... ऋतिक ने मेरी पत्नी (पिंकी) से कहा कि 'मैं ठीक नहीं हूं... कुछ गड़बड़ है', इसलिए हमने दूसरा सीटी स्कैन और एमआरआई कराया... शनिवार सुबह हम उसे लेकर गए और हमें बताया गया कि उसके सिर में खून का एक थक्का है... 7 जुलाई को ऋतिक को हिंदुजा अस्पताल में भर्ती कराया गया..."
ऋतिक रोशन का ऑपरेशन दोपहर तीन बजे शुरू हुआ, और पूरे 50 मिनट तक चले ऑपरेशन के दौरान उनके माता-पिता और पत्नी उपस्थित रहे। राकेश रोशन ने रविवार को भी सर्जरी खत्म होने के बाद कहा था कि ऋतिक बिल्कुल ठीक हैं, और उन्हें अगले 48 घंटे में अस्पताल से बाहर आ जाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि ऋतिक पूरी तरह खतरे से बाहर हैं और पूर्ण रूप से ठीक होने की राह पर हैं।
सर्जरी से पहले भी राकेश रोशन ने बताया था, "ऋतिक के मस्तिष्क और खोपड़ी के बीच गांठ है... कह सकते हैं कि उसके दिमाग में गांठ है, मेडिकल भाषा में इसे क्रॉनिक सबड्यूरल हेमाटोमा कहते हैं... मैं और पूरा परिवार ऋतिक के साथ हैं..."
ऑपरेशन के लिए जाने से पहले ऋतिक ने स्वयं भी ट्विटर के माध्यम से अपनी सर्जरी की बात साझा की थी। उन्होंने लिखा था, "हम सब जानते हैं कि दिमाग की सहायता से ही हम अपने आसपास की खूबसूरत दुनिया रचते हैं... मैंने भी दिमाग की सहायता से कई काम किए हैं... हर किसी को दिमाग का महत्व पता होना चाहिए... दिमाग हमें देखने, सुनने, छूने, सूंघने, स्वाद चखने हर बात की ताकत देता है... यह हमें डर से जीतने और अविश्वसनीय काम करने का उत्साह देता है... शायद मेरे लिए यह वक्त दिमाग की ताकत को पूरी तरह से परखने और महसूस करने का है..."टिप्पणियां
उन्होंने आगे लिखा था, "आज (रविवार) मेरे दिमाग की सर्जरी होने वाली है... मैं चाहता हूं कि आप सबको बताऊं कि मैं जल्द से जल्द अच्छा होने के पक्के इरादे के साथ जा रहा हूं..."
उल्लेखनीय है कि सिद्धार्थ आनंद द्वारा निर्देशित 'बैंग-बैंग' में कैटरीना कैफ और ऋतिक रोशन मुख्य भूमिकाओं में हैं, और यूरोप भर में फिल्माई जा रही इस फिल्म को कुछ बहुत अच्छे स्टंट दृश्यों की जरूरत थी, जिसकी वजह से ऋतिक इस तरह का अभ्यास कर रहे थे।
राकेश रोशन ने संवाददाताओं को बताया, "ऋतिक बैंकॉक के फुकेट में 'बैंग-बैंग' के लिए शूटिंग कर रहा था... वह एक स्टंट कर रहा था, जिसमें उसे अपना पैर एक जेट में फंसाकर 30 फुट की ऊंचाई तक जाना था और फिर नीचे पानी में गोता लगाना था... जब ऋतिक इसका अभ्यास कर रहा था, वह गलत तरीके से नीचे गिरा, और उसे एहसास भी नहीं हुआ कि उसके सिर में थोड़ी-सी चोट आ गई है..."
राकेश रोशन के अनुसार, "इसी की वजह से ऋतिक के सिर में दर्द हुआ और उसने दर्दनाशक दवा लेनी शुरू की और सोचा कि तीन-चार दिन में दर्द ठीक हो जाएगा, क्योंकि उसके साथ ऐसा ही कुछ 'कहो ना प्यार है' फिल्म की शूटिंग के दौरान भी हुआ था... इस बार दर्द दवाओं से बंद तो हो गया, लेकिन एक महीने बाद फिर से शुरू हो गया..."
हाल ही में अपने बेटे के साथ अपनी आने वाली फिल्म 'कृश 3' की शूटिंग खत्म करने वाले राकेश रोशन ने बताया, "शूटिंग के बाद मुंबई वापस आने पर ऋतिक के सिर का सीटी स्कैन कराया गया था, लेकिन उसमें कुछ नहीं निकला, लेकिन दर्द चार हफ्तों तक लगातार बढ़ता रहा..."
राकेश रोशन के अनुसार, "अगली शूटिंग के लिए प्राग (चेक गणराज्य) के लिए रवाना होने से एक दिन पहले, यानि 5 जुलाई को ऋतिक ने सिरदर्द के बारे में बताया... ऋतिक ने मेरी पत्नी (पिंकी) से कहा कि 'मैं ठीक नहीं हूं... कुछ गड़बड़ है', इसलिए हमने दूसरा सीटी स्कैन और एमआरआई कराया... शनिवार सुबह हम उसे लेकर गए और हमें बताया गया कि उसके सिर में खून का एक थक्का है... 7 जुलाई को ऋतिक को हिंदुजा अस्पताल में भर्ती कराया गया..."
ऋतिक रोशन का ऑपरेशन दोपहर तीन बजे शुरू हुआ, और पूरे 50 मिनट तक चले ऑपरेशन के दौरान उनके माता-पिता और पत्नी उपस्थित रहे। राकेश रोशन ने रविवार को भी सर्जरी खत्म होने के बाद कहा था कि ऋतिक बिल्कुल ठीक हैं, और उन्हें अगले 48 घंटे में अस्पताल से बाहर आ जाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि ऋतिक पूरी तरह खतरे से बाहर हैं और पूर्ण रूप से ठीक होने की राह पर हैं।
सर्जरी से पहले भी राकेश रोशन ने बताया था, "ऋतिक के मस्तिष्क और खोपड़ी के बीच गांठ है... कह सकते हैं कि उसके दिमाग में गांठ है, मेडिकल भाषा में इसे क्रॉनिक सबड्यूरल हेमाटोमा कहते हैं... मैं और पूरा परिवार ऋतिक के साथ हैं..."
ऑपरेशन के लिए जाने से पहले ऋतिक ने स्वयं भी ट्विटर के माध्यम से अपनी सर्जरी की बात साझा की थी। उन्होंने लिखा था, "हम सब जानते हैं कि दिमाग की सहायता से ही हम अपने आसपास की खूबसूरत दुनिया रचते हैं... मैंने भी दिमाग की सहायता से कई काम किए हैं... हर किसी को दिमाग का महत्व पता होना चाहिए... दिमाग हमें देखने, सुनने, छूने, सूंघने, स्वाद चखने हर बात की ताकत देता है... यह हमें डर से जीतने और अविश्वसनीय काम करने का उत्साह देता है... शायद मेरे लिए यह वक्त दिमाग की ताकत को पूरी तरह से परखने और महसूस करने का है..."टिप्पणियां
उन्होंने आगे लिखा था, "आज (रविवार) मेरे दिमाग की सर्जरी होने वाली है... मैं चाहता हूं कि आप सबको बताऊं कि मैं जल्द से जल्द अच्छा होने के पक्के इरादे के साथ जा रहा हूं..."
उल्लेखनीय है कि सिद्धार्थ आनंद द्वारा निर्देशित 'बैंग-बैंग' में कैटरीना कैफ और ऋतिक रोशन मुख्य भूमिकाओं में हैं, और यूरोप भर में फिल्माई जा रही इस फिल्म को कुछ बहुत अच्छे स्टंट दृश्यों की जरूरत थी, जिसकी वजह से ऋतिक इस तरह का अभ्यास कर रहे थे।
राकेश रोशन के अनुसार, "इसी की वजह से ऋतिक के सिर में दर्द हुआ और उसने दर्दनाशक दवा लेनी शुरू की और सोचा कि तीन-चार दिन में दर्द ठीक हो जाएगा, क्योंकि उसके साथ ऐसा ही कुछ 'कहो ना प्यार है' फिल्म की शूटिंग के दौरान भी हुआ था... इस बार दर्द दवाओं से बंद तो हो गया, लेकिन एक महीने बाद फिर से शुरू हो गया..."
हाल ही में अपने बेटे के साथ अपनी आने वाली फिल्म 'कृश 3' की शूटिंग खत्म करने वाले राकेश रोशन ने बताया, "शूटिंग के बाद मुंबई वापस आने पर ऋतिक के सिर का सीटी स्कैन कराया गया था, लेकिन उसमें कुछ नहीं निकला, लेकिन दर्द चार हफ्तों तक लगातार बढ़ता रहा..."
राकेश रोशन के अनुसार, "अगली शूटिंग के लिए प्राग (चेक गणराज्य) के लिए रवाना होने से एक दिन पहले, यानि 5 जुलाई को ऋतिक ने सिरदर्द के बारे में बताया... ऋतिक ने मेरी पत्नी (पिंकी) से कहा कि 'मैं ठीक नहीं हूं... कुछ गड़बड़ है', इसलिए हमने दूसरा सीटी स्कैन और एमआरआई कराया... शनिवार सुबह हम उसे लेकर गए और हमें बताया गया कि उसके सिर में खून का एक थक्का है... 7 जुलाई को ऋतिक को हिंदुजा अस्पताल में भर्ती कराया गया..."
ऋतिक रोशन का ऑपरेशन दोपहर तीन बजे शुरू हुआ, और पूरे 50 मिनट तक चले ऑपरेशन के दौरान उनके माता-पिता और पत्नी उपस्थित रहे। राकेश रोशन ने रविवार को भी सर्जरी खत्म होने के बाद कहा था कि ऋतिक बिल्कुल ठीक हैं, और उन्हें अगले 48 घंटे में अस्पताल से बाहर आ जाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि ऋतिक पूरी तरह खतरे से बाहर हैं और पूर्ण रूप से ठीक होने की राह पर हैं।
सर्जरी से पहले भी राकेश रोशन ने बताया था, "ऋतिक के मस्तिष्क और खोपड़ी के बीच गांठ है... कह सकते हैं कि उसके दिमाग में गांठ है, मेडिकल भाषा में इसे क्रॉनिक सबड्यूरल हेमाटोमा कहते हैं... मैं और पूरा परिवार ऋतिक के साथ हैं..."
ऑपरेशन के लिए जाने से पहले ऋतिक ने स्वयं भी ट्विटर के माध्यम से अपनी सर्जरी की बात साझा की थी। उन्होंने लिखा था, "हम सब जानते हैं कि दिमाग की सहायता से ही हम अपने आसपास की खूबसूरत दुनिया रचते हैं... मैंने भी दिमाग की सहायता से कई काम किए हैं... हर किसी को दिमाग का महत्व पता होना चाहिए... दिमाग हमें देखने, सुनने, छूने, सूंघने, स्वाद चखने हर बात की ताकत देता है... यह हमें डर से जीतने और अविश्वसनीय काम करने का उत्साह देता है... शायद मेरे लिए यह वक्त दिमाग की ताकत को पूरी तरह से परखने और महसूस करने का है..."टिप्पणियां
उन्होंने आगे लिखा था, "आज (रविवार) मेरे दिमाग की सर्जरी होने वाली है... मैं चाहता हूं कि आप सबको बताऊं कि मैं जल्द से जल्द अच्छा होने के पक्के इरादे के साथ जा रहा हूं..."
उल्लेखनीय है कि सिद्धार्थ आनंद द्वारा निर्देशित 'बैंग-बैंग' में कैटरीना कैफ और ऋतिक रोशन मुख्य भूमिकाओं में हैं, और यूरोप भर में फिल्माई जा रही इस फिल्म को कुछ बहुत अच्छे स्टंट दृश्यों की जरूरत थी, जिसकी वजह से ऋतिक इस तरह का अभ्यास कर रहे थे।
हाल ही में अपने बेटे के साथ अपनी आने वाली फिल्म 'कृश 3' की शूटिंग खत्म करने वाले राकेश रोशन ने बताया, "शूटिंग के बाद मुंबई वापस आने पर ऋतिक के सिर का सीटी स्कैन कराया गया था, लेकिन उसमें कुछ नहीं निकला, लेकिन दर्द चार हफ्तों तक लगातार बढ़ता रहा..."
राकेश रोशन के अनुसार, "अगली शूटिंग के लिए प्राग (चेक गणराज्य) के लिए रवाना होने से एक दिन पहले, यानि 5 जुलाई को ऋतिक ने सिरदर्द के बारे में बताया... ऋतिक ने मेरी पत्नी (पिंकी) से कहा कि 'मैं ठीक नहीं हूं... कुछ गड़बड़ है', इसलिए हमने दूसरा सीटी स्कैन और एमआरआई कराया... शनिवार सुबह हम उसे लेकर गए और हमें बताया गया कि उसके सिर में खून का एक थक्का है... 7 जुलाई को ऋतिक को हिंदुजा अस्पताल में भर्ती कराया गया..."
ऋतिक रोशन का ऑपरेशन दोपहर तीन बजे शुरू हुआ, और पूरे 50 मिनट तक चले ऑपरेशन के दौरान उनके माता-पिता और पत्नी उपस्थित रहे। राकेश रोशन ने रविवार को भी सर्जरी खत्म होने के बाद कहा था कि ऋतिक बिल्कुल ठीक हैं, और उन्हें अगले 48 घंटे में अस्पताल से बाहर आ जाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि ऋतिक पूरी तरह खतरे से बाहर हैं और पूर्ण रूप से ठीक होने की राह पर हैं।
सर्जरी से पहले भी राकेश रोशन ने बताया था, "ऋतिक के मस्तिष्क और खोपड़ी के बीच गांठ है... कह सकते हैं कि उसके दिमाग में गांठ है, मेडिकल भाषा में इसे क्रॉनिक सबड्यूरल हेमाटोमा कहते हैं... मैं और पूरा परिवार ऋतिक के साथ हैं..."
ऑपरेशन के लिए जाने से पहले ऋतिक ने स्वयं भी ट्विटर के माध्यम से अपनी सर्जरी की बात साझा की थी। उन्होंने लिखा था, "हम सब जानते हैं कि दिमाग की सहायता से ही हम अपने आसपास की खूबसूरत दुनिया रचते हैं... मैंने भी दिमाग की सहायता से कई काम किए हैं... हर किसी को दिमाग का महत्व पता होना चाहिए... दिमाग हमें देखने, सुनने, छूने, सूंघने, स्वाद चखने हर बात की ताकत देता है... यह हमें डर से जीतने और अविश्वसनीय काम करने का उत्साह देता है... शायद मेरे लिए यह वक्त दिमाग की ताकत को पूरी तरह से परखने और महसूस करने का है..."टिप्पणियां
उन्होंने आगे लिखा था, "आज (रविवार) मेरे दिमाग की सर्जरी होने वाली है... मैं चाहता हूं कि आप सबको बताऊं कि मैं जल्द से जल्द अच्छा होने के पक्के इरादे के साथ जा रहा हूं..."
उल्लेखनीय है कि सिद्धार्थ आनंद द्वारा निर्देशित 'बैंग-बैंग' में कैटरीना कैफ और ऋतिक रोशन मुख्य भूमिकाओं में हैं, और यूरोप भर में फिल्माई जा रही इस फिल्म को कुछ बहुत अच्छे स्टंट दृश्यों की जरूरत थी, जिसकी वजह से ऋतिक इस तरह का अभ्यास कर रहे थे।
राकेश रोशन के अनुसार, "अगली शूटिंग के लिए प्राग (चेक गणराज्य) के लिए रवाना होने से एक दिन पहले, यानि 5 जुलाई को ऋतिक ने सिरदर्द के बारे में बताया... ऋतिक ने मेरी पत्नी (पिंकी) से कहा कि 'मैं ठीक नहीं हूं... कुछ गड़बड़ है', इसलिए हमने दूसरा सीटी स्कैन और एमआरआई कराया... शनिवार सुबह हम उसे लेकर गए और हमें बताया गया कि उसके सिर में खून का एक थक्का है... 7 जुलाई को ऋतिक को हिंदुजा अस्पताल में भर्ती कराया गया..."
ऋतिक रोशन का ऑपरेशन दोपहर तीन बजे शुरू हुआ, और पूरे 50 मिनट तक चले ऑपरेशन के दौरान उनके माता-पिता और पत्नी उपस्थित रहे। राकेश रोशन ने रविवार को भी सर्जरी खत्म होने के बाद कहा था कि ऋतिक बिल्कुल ठीक हैं, और उन्हें अगले 48 घंटे में अस्पताल से बाहर आ जाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि ऋतिक पूरी तरह खतरे से बाहर हैं और पूर्ण रूप से ठीक होने की राह पर हैं।
सर्जरी से पहले भी राकेश रोशन ने बताया था, "ऋतिक के मस्तिष्क और खोपड़ी के बीच गांठ है... कह सकते हैं कि उसके दिमाग में गांठ है, मेडिकल भाषा में इसे क्रॉनिक सबड्यूरल हेमाटोमा कहते हैं... मैं और पूरा परिवार ऋतिक के साथ हैं..."
ऑपरेशन के लिए जाने से पहले ऋतिक ने स्वयं भी ट्विटर के माध्यम से अपनी सर्जरी की बात साझा की थी। उन्होंने लिखा था, "हम सब जानते हैं कि दिमाग की सहायता से ही हम अपने आसपास की खूबसूरत दुनिया रचते हैं... मैंने भी दिमाग की सहायता से कई काम किए हैं... हर किसी को दिमाग का महत्व पता होना चाहिए... दिमाग हमें देखने, सुनने, छूने, सूंघने, स्वाद चखने हर बात की ताकत देता है... यह हमें डर से जीतने और अविश्वसनीय काम करने का उत्साह देता है... शायद मेरे लिए यह वक्त दिमाग की ताकत को पूरी तरह से परखने और महसूस करने का है..."टिप्पणियां
उन्होंने आगे लिखा था, "आज (रविवार) मेरे दिमाग की सर्जरी होने वाली है... मैं चाहता हूं कि आप सबको बताऊं कि मैं जल्द से जल्द अच्छा होने के पक्के इरादे के साथ जा रहा हूं..."
उल्लेखनीय है कि सिद्धार्थ आनंद द्वारा निर्देशित 'बैंग-बैंग' में कैटरीना कैफ और ऋतिक रोशन मुख्य भूमिकाओं में हैं, और यूरोप भर में फिल्माई जा रही इस फिल्म को कुछ बहुत अच्छे स्टंट दृश्यों की जरूरत थी, जिसकी वजह से ऋतिक इस तरह का अभ्यास कर रहे थे।
ऋतिक रोशन का ऑपरेशन दोपहर तीन बजे शुरू हुआ, और पूरे 50 मिनट तक चले ऑपरेशन के दौरान उनके माता-पिता और पत्नी उपस्थित रहे। राकेश रोशन ने रविवार को भी सर्जरी खत्म होने के बाद कहा था कि ऋतिक बिल्कुल ठीक हैं, और उन्हें अगले 48 घंटे में अस्पताल से बाहर आ जाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि ऋतिक पूरी तरह खतरे से बाहर हैं और पूर्ण रूप से ठीक होने की राह पर हैं।
सर्जरी से पहले भी राकेश रोशन ने बताया था, "ऋतिक के मस्तिष्क और खोपड़ी के बीच गांठ है... कह सकते हैं कि उसके दिमाग में गांठ है, मेडिकल भाषा में इसे क्रॉनिक सबड्यूरल हेमाटोमा कहते हैं... मैं और पूरा परिवार ऋतिक के साथ हैं..."
ऑपरेशन के लिए जाने से पहले ऋतिक ने स्वयं भी ट्विटर के माध्यम से अपनी सर्जरी की बात साझा की थी। उन्होंने लिखा था, "हम सब जानते हैं कि दिमाग की सहायता से ही हम अपने आसपास की खूबसूरत दुनिया रचते हैं... मैंने भी दिमाग की सहायता से कई काम किए हैं... हर किसी को दिमाग का महत्व पता होना चाहिए... दिमाग हमें देखने, सुनने, छूने, सूंघने, स्वाद चखने हर बात की ताकत देता है... यह हमें डर से जीतने और अविश्वसनीय काम करने का उत्साह देता है... शायद मेरे लिए यह वक्त दिमाग की ताकत को पूरी तरह से परखने और महसूस करने का है..."टिप्पणियां
उन्होंने आगे लिखा था, "आज (रविवार) मेरे दिमाग की सर्जरी होने वाली है... मैं चाहता हूं कि आप सबको बताऊं कि मैं जल्द से जल्द अच्छा होने के पक्के इरादे के साथ जा रहा हूं..."
उल्लेखनीय है कि सिद्धार्थ आनंद द्वारा निर्देशित 'बैंग-बैंग' में कैटरीना कैफ और ऋतिक रोशन मुख्य भूमिकाओं में हैं, और यूरोप भर में फिल्माई जा रही इस फिल्म को कुछ बहुत अच्छे स्टंट दृश्यों की जरूरत थी, जिसकी वजह से ऋतिक इस तरह का अभ्यास कर रहे थे।
सर्जरी से पहले भी राकेश रोशन ने बताया था, "ऋतिक के मस्तिष्क और खोपड़ी के बीच गांठ है... कह सकते हैं कि उसके दिमाग में गांठ है, मेडिकल भाषा में इसे क्रॉनिक सबड्यूरल हेमाटोमा कहते हैं... मैं और पूरा परिवार ऋतिक के साथ हैं..."
ऑपरेशन के लिए जाने से पहले ऋतिक ने स्वयं भी ट्विटर के माध्यम से अपनी सर्जरी की बात साझा की थी। उन्होंने लिखा था, "हम सब जानते हैं कि दिमाग की सहायता से ही हम अपने आसपास की खूबसूरत दुनिया रचते हैं... मैंने भी दिमाग की सहायता से कई काम किए हैं... हर किसी को दिमाग का महत्व पता होना चाहिए... दिमाग हमें देखने, सुनने, छूने, सूंघने, स्वाद चखने हर बात की ताकत देता है... यह हमें डर से जीतने और अविश्वसनीय काम करने का उत्साह देता है... शायद मेरे लिए यह वक्त दिमाग की ताकत को पूरी तरह से परखने और महसूस करने का है..."टिप्पणियां
उन्होंने आगे लिखा था, "आज (रविवार) मेरे दिमाग की सर्जरी होने वाली है... मैं चाहता हूं कि आप सबको बताऊं कि मैं जल्द से जल्द अच्छा होने के पक्के इरादे के साथ जा रहा हूं..."
उल्लेखनीय है कि सिद्धार्थ आनंद द्वारा निर्देशित 'बैंग-बैंग' में कैटरीना कैफ और ऋतिक रोशन मुख्य भूमिकाओं में हैं, और यूरोप भर में फिल्माई जा रही इस फिल्म को कुछ बहुत अच्छे स्टंट दृश्यों की जरूरत थी, जिसकी वजह से ऋतिक इस तरह का अभ्यास कर रहे थे।
ऑपरेशन के लिए जाने से पहले ऋतिक ने स्वयं भी ट्विटर के माध्यम से अपनी सर्जरी की बात साझा की थी। उन्होंने लिखा था, "हम सब जानते हैं कि दिमाग की सहायता से ही हम अपने आसपास की खूबसूरत दुनिया रचते हैं... मैंने भी दिमाग की सहायता से कई काम किए हैं... हर किसी को दिमाग का महत्व पता होना चाहिए... दिमाग हमें देखने, सुनने, छूने, सूंघने, स्वाद चखने हर बात की ताकत देता है... यह हमें डर से जीतने और अविश्वसनीय काम करने का उत्साह देता है... शायद मेरे लिए यह वक्त दिमाग की ताकत को पूरी तरह से परखने और महसूस करने का है..."टिप्पणियां
उन्होंने आगे लिखा था, "आज (रविवार) मेरे दिमाग की सर्जरी होने वाली है... मैं चाहता हूं कि आप सबको बताऊं कि मैं जल्द से जल्द अच्छा होने के पक्के इरादे के साथ जा रहा हूं..."
उल्लेखनीय है कि सिद्धार्थ आनंद द्वारा निर्देशित 'बैंग-बैंग' में कैटरीना कैफ और ऋतिक रोशन मुख्य भूमिकाओं में हैं, और यूरोप भर में फिल्माई जा रही इस फिल्म को कुछ बहुत अच्छे स्टंट दृश्यों की जरूरत थी, जिसकी वजह से ऋतिक इस तरह का अभ्यास कर रहे थे।
उन्होंने आगे लिखा था, "आज (रविवार) मेरे दिमाग की सर्जरी होने वाली है... मैं चाहता हूं कि आप सबको बताऊं कि मैं जल्द से जल्द अच्छा होने के पक्के इरादे के साथ जा रहा हूं..."
उल्लेखनीय है कि सिद्धार्थ आनंद द्वारा निर्देशित 'बैंग-बैंग' में कैटरीना कैफ और ऋतिक रोशन मुख्य भूमिकाओं में हैं, और यूरोप भर में फिल्माई जा रही इस फिल्म को कुछ बहुत अच्छे स्टंट दृश्यों की जरूरत थी, जिसकी वजह से ऋतिक इस तरह का अभ्यास कर रहे थे।
उल्लेखनीय है कि सिद्धार्थ आनंद द्वारा निर्देशित 'बैंग-बैंग' में कैटरीना कैफ और ऋतिक रोशन मुख्य भूमिकाओं में हैं, और यूरोप भर में फिल्माई जा रही इस फिल्म को कुछ बहुत अच्छे स्टंट दृश्यों की जरूरत थी, जिसकी वजह से ऋतिक इस तरह का अभ्यास कर रहे थे। | संक्षिप्त सारांश: राकेश रोशन ने बताया, "ऋतिक बैंकॉक में 'बैंग-बैंग' के लिए एक स्टंट सीन की शूटिंग कर रहा था, जिसमें उसे 30 फुट की ऊंचाई से पानी में गोता लगाना था... अभ्यास के दौरान वह गलत तरीके से नीचे गिरा, और उसके सिर में थोड़ी-सी चोट आ गई थी..." | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में बीते मंगलवार से लापता चल रहे 26 वर्षीय भारतीय युवक का शव एक कार से बरामद किया गया है।
समाचार पत्र ‘गल्फ न्यूज’ के अनुसार, केरल से ताल्लुक रखने वाले पीटी नितिन को आखिरी बार एक किराए की कार में किसी अनजान व्यक्ति के साथ देखा गया था। इस व्यक्ति को खुद नितिन ने अपना दोस्त बताया था।
पुलिस ने कार को अपने कब्जे में ले लिया है। नितिन दुबई में एक विश्वविद्यालय के कार्यालय में कार्यरत था।टिप्पणियां
अखबार के अनुसार, नितिन ने हाल ही में ड्राइविंग लाइसेंस हासिल किया था और वह पूरे यकीन के साथ वाहन नहीं चला पाता था।
बीते मंगलवार को नितिन ने किराए पर कार ली थी और अपने मित्रों को बताया था कि उसका एक दोस्त कार चलाएगा। स्थानीय समयानुसार रात 10:30 बजे वह निकला था। उसके दोस्तों ने उसका गुरुवार सुबह तक इंतजार किया और फिर पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई।
समाचार पत्र ‘गल्फ न्यूज’ के अनुसार, केरल से ताल्लुक रखने वाले पीटी नितिन को आखिरी बार एक किराए की कार में किसी अनजान व्यक्ति के साथ देखा गया था। इस व्यक्ति को खुद नितिन ने अपना दोस्त बताया था।
पुलिस ने कार को अपने कब्जे में ले लिया है। नितिन दुबई में एक विश्वविद्यालय के कार्यालय में कार्यरत था।टिप्पणियां
अखबार के अनुसार, नितिन ने हाल ही में ड्राइविंग लाइसेंस हासिल किया था और वह पूरे यकीन के साथ वाहन नहीं चला पाता था।
बीते मंगलवार को नितिन ने किराए पर कार ली थी और अपने मित्रों को बताया था कि उसका एक दोस्त कार चलाएगा। स्थानीय समयानुसार रात 10:30 बजे वह निकला था। उसके दोस्तों ने उसका गुरुवार सुबह तक इंतजार किया और फिर पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने कार को अपने कब्जे में ले लिया है। नितिन दुबई में एक विश्वविद्यालय के कार्यालय में कार्यरत था।टिप्पणियां
अखबार के अनुसार, नितिन ने हाल ही में ड्राइविंग लाइसेंस हासिल किया था और वह पूरे यकीन के साथ वाहन नहीं चला पाता था।
बीते मंगलवार को नितिन ने किराए पर कार ली थी और अपने मित्रों को बताया था कि उसका एक दोस्त कार चलाएगा। स्थानीय समयानुसार रात 10:30 बजे वह निकला था। उसके दोस्तों ने उसका गुरुवार सुबह तक इंतजार किया और फिर पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई।
अखबार के अनुसार, नितिन ने हाल ही में ड्राइविंग लाइसेंस हासिल किया था और वह पूरे यकीन के साथ वाहन नहीं चला पाता था।
बीते मंगलवार को नितिन ने किराए पर कार ली थी और अपने मित्रों को बताया था कि उसका एक दोस्त कार चलाएगा। स्थानीय समयानुसार रात 10:30 बजे वह निकला था। उसके दोस्तों ने उसका गुरुवार सुबह तक इंतजार किया और फिर पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई।
बीते मंगलवार को नितिन ने किराए पर कार ली थी और अपने मित्रों को बताया था कि उसका एक दोस्त कार चलाएगा। स्थानीय समयानुसार रात 10:30 बजे वह निकला था। उसके दोस्तों ने उसका गुरुवार सुबह तक इंतजार किया और फिर पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: केरल से ताल्लुक रखने वाले पीटी नितिन को आखिरी बार एक किराए की कार में किसी अनजान व्यक्ति के साथ देखा गया था। इस व्यक्ति को खुद नितिन ने अपना दोस्त बताया था। | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में टेस्ट शतकों का अर्धशतक पूरा करने के बाद मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर की नजरें 12 जनवरी से शुरू हो रही पांच वनडे मैचों की सीरीज के दौरान अंतरराष्ट्रीय शतकों का शतक पूरा करने पर टिकी होंगी। तेंदुलकर के अलावा भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, तेज गेंदबाज जहीर खान और ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह के पास भी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज के लिए दौरान विशिष्ट उपलब्धि हासिल करने का मौका होगा। धोनी की नजरें जहां वनडे क्रिकेट में छह हजार रन पूरे करने पर टिकी होंगी, वहीं जहीर और हरभजन 250 विकेट का आंकड़ा छूने के इरादे से उतरेंगे। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हाल में संपन्न टेस्ट शृंखला में दो शतकों के साथ अपने टेस्ट शतकों की संख्या 51 तक पहुंचाने वाले तेंदुलकर ने एकदिवसीय क्रिकेट में भी 46 शतक जड़े हैं और अगर वह आगामी पांच मैचों की शृंखला के दौरान तीन शतक और जड़ने में सफल रहते हैं, तो अंतरराष्ट्रीय शतकों का शतक पूरा करने की अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन जाएंगे और संभवत: उनका यह रिकॉर्ड लंबे समय तक कामय रहेगा। तेंदुलकर ने अब तक 442 एकदिवसीय मैचों में 45.12 की औसत से 17598 रन बनाए हैं, जिसमें 46 शतक शामिल हैं, जबकि 177 टेस्ट में उनके नाम 51 शतकों की मदद से 14692 रन दर्ज हैं। तेंदुलकर अगर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन शतक जमाने में सफल रहते हैं, तो फिर उन्हें इसी शृंखला के दौरान 18 हजार एकदिवसीय रन का आंकड़ा छूने में भी दिक्कत नहीं होनी चाहिए, जिसके लिए उन्हें 402 रन की दरकार है। दूसरी तरफ धोनी को एकदिवसीय क्रिकेट में छह हजार रन बनाने वाला दुनिया का 41वां और भारत का सातवां बल्लेबाज बनने के लिए 267 रन की दरकार है। धोनी ने अब तक 172 एकदिवसीय मैचों में 50.28 की बेहतरीन औसत के साथ 5733 रन बनाए हैं। धोनी से पहले सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली (11363), राहुल द्रविड़ (10765), मोहम्मद अहजरूद्दीन (9378), युवराज सिंह (7598) और वीरेंद्र सहवाग (7380) छह हजार रन पूरे करने वाले भारतीय बल्लेबाज हैं। गेंदबाजी की बात करें तो दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में काफी सफल रहे जहीर और हरभजन को 250 विकेट का आंकड़ा छूने के लिए क्रमश: सात और आठ विकेट की दरकार है। इन दोनों से पहले भारतीय गेंदबाजों में अनिल कुंबले (334 विकेट), जवागल श्रीनाथ (315), अजित अगरकर (288) और कपिल देव (253) यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। | यह एक सारांश है: सचिन तेंदुलकर की नजरें 12 जनवरी से शुरू हो रही पांच वनडे मैचों की सीरीज के दौरान अंतरराष्ट्रीय शतकों का शतक पूरा करने पर टिकी होंगी। | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कश्मीर में पारंपरिक विवाह मौसम में कारोबार काफी प्रभावित हुआ है, क्योंकि हजारों जोड़ों ने जम्मू कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा समाप्त किये जाने के बाद घाटी में लगायी गई पाबंदियों के मद्देनजर खर्चीली शादी के बजाय सामान्य समारोह आयोजित करने का फैसला किया है. लोगों की आवाजाही पर पाबंदी लगने के बाद चमक-दमक वाली शादियां नहीं होने के चलते मांस आपूर्तिकर्ता, विवाह में पहने जाने वाले आभूषणों के विक्रेता और वाजवान (पारंपरिक कश्मीरी व्यंजन) खानसामों का कारोबार प्रभावित हुआ है. कुछ पृष्ठों का प्रकाशन कर रहे स्थानीय दैनिक समाचारपत्रों ने एक पृष्ठ ऐसे विज्ञापनों के लिए निर्धारित कर दिया है जिसमें रिश्तेदारों और मित्रों को दिये गए विवाह आमंत्रण रद्द करने बारे में विज्ञापन प्रकाशित किये जा रहे हैं.
एक स्थानीय उर्दू दैनिक में प्रकाशित एक विज्ञापन में लिखा है, "वर्तमान स्थिति के चलते मेरे पुत्र यासिर बशीर का विवाह समारोह सामान्य तरीके से होगा. वलीमा कार्यक्रम के लिए निमंत्रण रद्द किया जा रहा है. असुविधा के लिए खेद है." एक दैनिक समाचार पत्र के सोमवार के संस्करण में ऐसे 25 से अधिक विज्ञापन हैं. इस समाचार पत्र का प्रसार शहर के सीमित क्षेत्रों में किया गया है. कई परिवारों ने विवाह का दावत समारोह रद्द करने का संदेश एक निजी टेलीविजन चैनल के जरिये देने का चयन किया. उक्त टेलीविजन चैनल लोगों की सुविधा के लिए यह वीडियो और संदेश मुफ्त में दे रहा है. अब्दुल माजिद की पुत्री का विवाह शनिवार को है. उन्होंने कहा कि गुलिस्तान न्यूज केबल नेटवर्क के साथ ही डीटीएच के विभिन्न प्लेटफार्म पर उपलब्ध है.
उन्होंने कहा, "हम जैसे लोगों के लिए विभिन्न मेहमानों तक पहुंच बनाना इस तरह से आसान हो जाता है क्योंकि उन तक पहुंच का और कोई रास्ता नहीं हैं. इस समारोहों से जुड़े कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं. वाजवान खानसामा का काम करने वाले मुश्ताक अहमद के अनुसार एक औसत विवाह समारोह में 600 से 800 मेहमान होते हैं. उन्होंने कहा, "यद्यपि हमसे अब 150 से 200 लोगों के लिए ही खाना बनाने के लिए कहा जा रहा है जिसमें मुख्य तौर पर दूल्हे और दुल्हन के नजदीकी परिवार के सदस्य और मित्र होते हैं."
अहमद ने कहा कि वर्तमान स्थिति के चलते उनकी कमाई करीब 70 प्रतिशत कम हो गई है. वहीं, मांस आपूर्तिकर्ता मोहम्मद अल्ताफ गनी ने कहा, "मैं आमतौर पर विवाह समारोह के लिए आठ से 10 क्विंटल मांस की आपूर्ति करता था लेकिन यह अब घटकर करीब दो क्विंटल रह गया है." जौहरी का काम करने वाले मोहम्मद इकबाल ने कहा कि इस मौसम में सोने की बिक्री में 50 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आ गई है क्योंकि लोगों ने विवाह में जेवरात पर अधिक खर्च करना बंद कर दिया है. | संक्षिप्त सारांश: कश्मीर में कोई खर्चीली शादी नहीं
संबंधित कारोबार प्रभावित
कश्मीर में पारंपरिक विवाह मौसम में कारोबार काफी प्रभावित हुआ | 29 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: मुंबई हमलों के आरोपी डेविड हेडली के सहयोगी तहव्वुर राणा को मिली ‘छोटी’ सजा के खिलाफ भारत, अमेरिका से उच्चतर अदालत में अपील करने और 26/11 आतंकी मामले में उसे दोषी ठहराने के लिए कह सकता है।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान स्थित आतंकी समूह लश्कर ए तैयबा को साजो सामान मुहैया कराने और डेनमार्क के अखबार पर घातक हमले की साजिश रचने के लिए राणा को 14 साल जेल की सजा से भारत निराश है। राणा को जेल की सजा पूरी होने के बाद पांच साल निगरानी में गुजारना होगा।टिप्पणियां
सूत्रों का कहना है कि जेल की सजा ‘काफी छोटी’ है और पाकिस्तानी-कनाडाई नागरिक को मुंबई आतंकी हमलों के लिए दोषी नहीं ठहराया गया जबकि हेडली के साथ उसके काफी करीबी संबंध थे।
एक सूत्र ने कहा, ‘‘कानूनी परामर्श लेने के बाद हम जेल की सजा बढाने के लिए निचली अदालत के फैसले को उच्चतर अदालत में चुनौती देने के लिए अमेरिकी अभियोजकों से कह सकते हैं। मुंबई आतंकी हमलों के आरोपों से राणा को मुक्त करने के आदेश को भी चुनौती देने के लिए कह सकते हैं।’’
सरकारी सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान स्थित आतंकी समूह लश्कर ए तैयबा को साजो सामान मुहैया कराने और डेनमार्क के अखबार पर घातक हमले की साजिश रचने के लिए राणा को 14 साल जेल की सजा से भारत निराश है। राणा को जेल की सजा पूरी होने के बाद पांच साल निगरानी में गुजारना होगा।टिप्पणियां
सूत्रों का कहना है कि जेल की सजा ‘काफी छोटी’ है और पाकिस्तानी-कनाडाई नागरिक को मुंबई आतंकी हमलों के लिए दोषी नहीं ठहराया गया जबकि हेडली के साथ उसके काफी करीबी संबंध थे।
एक सूत्र ने कहा, ‘‘कानूनी परामर्श लेने के बाद हम जेल की सजा बढाने के लिए निचली अदालत के फैसले को उच्चतर अदालत में चुनौती देने के लिए अमेरिकी अभियोजकों से कह सकते हैं। मुंबई आतंकी हमलों के आरोपों से राणा को मुक्त करने के आदेश को भी चुनौती देने के लिए कह सकते हैं।’’
सूत्रों का कहना है कि जेल की सजा ‘काफी छोटी’ है और पाकिस्तानी-कनाडाई नागरिक को मुंबई आतंकी हमलों के लिए दोषी नहीं ठहराया गया जबकि हेडली के साथ उसके काफी करीबी संबंध थे।
एक सूत्र ने कहा, ‘‘कानूनी परामर्श लेने के बाद हम जेल की सजा बढाने के लिए निचली अदालत के फैसले को उच्चतर अदालत में चुनौती देने के लिए अमेरिकी अभियोजकों से कह सकते हैं। मुंबई आतंकी हमलों के आरोपों से राणा को मुक्त करने के आदेश को भी चुनौती देने के लिए कह सकते हैं।’’
एक सूत्र ने कहा, ‘‘कानूनी परामर्श लेने के बाद हम जेल की सजा बढाने के लिए निचली अदालत के फैसले को उच्चतर अदालत में चुनौती देने के लिए अमेरिकी अभियोजकों से कह सकते हैं। मुंबई आतंकी हमलों के आरोपों से राणा को मुक्त करने के आदेश को भी चुनौती देने के लिए कह सकते हैं।’’ | सारांश: मुंबई हमलों के आरोपी डेविड हेडली के सहयोगी तहव्वुर राणा को मिली ‘छोटी’ सजा के खिलाफ भारत, अमेरिका से उच्चतर अदालत में अपील करने और 26/11 आतंकी मामले में उसे दोषी ठहराने के लिए कह सकता है। | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: केंद्र ने गरीबों को सस्ते अनाज का कानूनी अधिकार दिलाने के उद्देश्य से प्रस्तावित खाद्य सुरक्षा विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की प्रमुख सोनिया गांधी की इस दिली योजना के लागू होने से देश की 63.5 प्रतिशत आबादी को कानूनी तौर पर तय सस्ती दर से अनाज का हक हासिल हो जाएगा। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस विधेयक के मसौदे को मंजूरी दी गई। बैठक में शामिल एक वरिष्ठ मंत्री ने बताया कि इस विधेयक के मसौदे को मंजूरी मिल गई है। पिछले सप्ताह मंत्रिमंडल की बैठक में इस पर फैसला टाल दिया गया था। इस दिन इस विधेयक पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला था और कृषि मंत्री शरद पवार द्वारा अनाज की उपलब्धता और सब्सिडी का बोझ ऊंचा होने को लेकर कुछ चिंता जताई थी। अब इस विधेयक को एक-दो दिन में संसद के चालू सत्र में पेश किया जा सकता है। इस कानून के लागू होने के बाद सरकार का खाद्य सब्सिडी पर खर्च 27,663 करोड़ रुपये बढ़कर 95,000 करोड़ रुपये सालाना हो जाएगा। इस पर अमल के लिए खाद्यान्न की जरूरत मौजूदा के 5.5 करोड़ टन से बढ़कर 6.1 करोड़ टन पर पहुंच जाएगी। | सारांश: केंद्र ने गरीबों को सस्ते अनाज का कानूनी अधिकार दिलाने के उद्देश्य से प्रस्तावित खाद्य सुरक्षा विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी। | 7 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: शुक्रवार से संख्या के रूप में दिखने वाले आईपी (इंटरनेट प्रोटोकॉल) पते उपलब्ध नहीं होंगे क्योंकि इस प्रकार के उपलब्ध सभी आईपी पते आवंटित किए जा चुके हैं। लेकिन इससे इंटरनेट काम करना नहीं बंद करेगा क्योंकि पुराने आईपी एड्रेस वर्जन-4 के स्थान पर एक नई प्रणाली इंटरनेट प्रोटोकॉल वर्जन-6 (आईपीवी6) को उपयोग में लाया जाएगा। मालूम हो कि इंटरनेट से जुड़े प्रत्येक कम्प्यूटर को एक आईपी एड्रेस आवंटित किया जाता है। अब जबकि लाखों फोन ऑनलाइन हो चुके हैं, आईपी एड्रेस को संख्या के रूप में आवंटित करने में काफी दिक्कत हो रही है। इंटरनेट प्रोटोकाल (आईपी) वर्जन4 की शुरुआत 80 के दशक में की गई थी। उस समय इसे 4.1 अरब आईपी पतों के लिए तैयार किया गया था। ऐसा माना जा रहा था कि यह संख्या कभी कम नहीं पड़ेगी क्योंकि वेब का विकास करने वालों ने शुरुआती चरण में सोचा था कि इंटरनेट का उपयोग केवल शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। आईपीए एड्रेस फोन नम्बर के तौर पर काम करता है। इसके माध्यम से सर्फ करने वाला व्यक्ति वेबसाइटों तक पहुंचता है और साथ ही ईमेल भी प्राप्त करता है। यह सर्फ करने वालों को अपने गंतव्य पर पहुंचने में मदद करता है। | संक्षिप्त पाठ: लेकिन इससे इंटरनेट काम करना नहीं बंद करेगा क्योंकि पुराने आईपी एड्रेस वर्जन-4 के स्थान पर एक नई प्रणाली इंटरनेट प्रोटोकॉल वर्जन-6 (आईपीवी6) को उपयोग में लाया जाएगा। | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मशहूर अभिनेता धर्मेंद्र का कहना है कि वह बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान में खुद की छवि देखते हैं।
धर्मेंद्र ने बुधवार को रिएलिटी कार्यक्रम 'डांस इंडिया डांस-सुपरमॉम' के ऑडिशन के मौके पर कहा, मौजूदा पीढ़ी के अभिनेता मेरे बच्चों जैसे हैं। ऋतिक रोशन का अपना अलग अंदाज है और शाहरुख का अपना अलग। लेकिन सलमान खान में मैं खुद की छवि देखता हूं। वह कुछ भी कर सकता है, अजीब ढंग से नृत्य भी। वह संवेदनशील है, अच्छा नृत्य कर लेता है। वैसे, सभी अभिनेता अच्छे हैं, कौन सर्वश्रेष्ठ है ये मैं नहीं कह सकता।
धर्मेंद्र अपनी आने वाली फिल्म 'यमला पगला दीवाना 2' के प्रचार के लिए बेटे बॉबी देओल के साथ कार्यक्रम में आए थे। फिल्म में उनके बड़े बेटे सन्नी देओल ने भी काम किया है।
अपनी अजीबो गरीब नृत्य शैली के लिए मशहूर धर्मेंद्र को इस बात की खुशी है कि सनी भी अब डांस में दिलचस्पी ले रहे हैं। टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मुझे बड़ा अजीब लगता है जब कोई मुझे अच्छा नर्तक कहता है। बॉबी अच्छा नृत्य करता है। मैं अक्सर सनी से थोड़ा बहुत नृत्य सीखने को कहता था, लेकिन उसका कहना था कि जब मैंने नहीं सीखा तो वह क्यूं सीखे। लेकिन आप आने वाली फिल्मों में उसे देखेंगे तो कहेंगे कि वह नृत्य करना सीख गया है।
संगीत सिवन निर्देशित 'यमला पगला दीवाना 2' 2011 की सफल फिल्म 'यमला पगला दीवाना' का अगला संस्करण है। फिल्म 7 जून को प्रदर्शित हो रही है।
धर्मेंद्र ने बुधवार को रिएलिटी कार्यक्रम 'डांस इंडिया डांस-सुपरमॉम' के ऑडिशन के मौके पर कहा, मौजूदा पीढ़ी के अभिनेता मेरे बच्चों जैसे हैं। ऋतिक रोशन का अपना अलग अंदाज है और शाहरुख का अपना अलग। लेकिन सलमान खान में मैं खुद की छवि देखता हूं। वह कुछ भी कर सकता है, अजीब ढंग से नृत्य भी। वह संवेदनशील है, अच्छा नृत्य कर लेता है। वैसे, सभी अभिनेता अच्छे हैं, कौन सर्वश्रेष्ठ है ये मैं नहीं कह सकता।
धर्मेंद्र अपनी आने वाली फिल्म 'यमला पगला दीवाना 2' के प्रचार के लिए बेटे बॉबी देओल के साथ कार्यक्रम में आए थे। फिल्म में उनके बड़े बेटे सन्नी देओल ने भी काम किया है।
अपनी अजीबो गरीब नृत्य शैली के लिए मशहूर धर्मेंद्र को इस बात की खुशी है कि सनी भी अब डांस में दिलचस्पी ले रहे हैं। टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मुझे बड़ा अजीब लगता है जब कोई मुझे अच्छा नर्तक कहता है। बॉबी अच्छा नृत्य करता है। मैं अक्सर सनी से थोड़ा बहुत नृत्य सीखने को कहता था, लेकिन उसका कहना था कि जब मैंने नहीं सीखा तो वह क्यूं सीखे। लेकिन आप आने वाली फिल्मों में उसे देखेंगे तो कहेंगे कि वह नृत्य करना सीख गया है।
संगीत सिवन निर्देशित 'यमला पगला दीवाना 2' 2011 की सफल फिल्म 'यमला पगला दीवाना' का अगला संस्करण है। फिल्म 7 जून को प्रदर्शित हो रही है।
धर्मेंद्र अपनी आने वाली फिल्म 'यमला पगला दीवाना 2' के प्रचार के लिए बेटे बॉबी देओल के साथ कार्यक्रम में आए थे। फिल्म में उनके बड़े बेटे सन्नी देओल ने भी काम किया है।
अपनी अजीबो गरीब नृत्य शैली के लिए मशहूर धर्मेंद्र को इस बात की खुशी है कि सनी भी अब डांस में दिलचस्पी ले रहे हैं। टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मुझे बड़ा अजीब लगता है जब कोई मुझे अच्छा नर्तक कहता है। बॉबी अच्छा नृत्य करता है। मैं अक्सर सनी से थोड़ा बहुत नृत्य सीखने को कहता था, लेकिन उसका कहना था कि जब मैंने नहीं सीखा तो वह क्यूं सीखे। लेकिन आप आने वाली फिल्मों में उसे देखेंगे तो कहेंगे कि वह नृत्य करना सीख गया है।
संगीत सिवन निर्देशित 'यमला पगला दीवाना 2' 2011 की सफल फिल्म 'यमला पगला दीवाना' का अगला संस्करण है। फिल्म 7 जून को प्रदर्शित हो रही है।
अपनी अजीबो गरीब नृत्य शैली के लिए मशहूर धर्मेंद्र को इस बात की खुशी है कि सनी भी अब डांस में दिलचस्पी ले रहे हैं। टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मुझे बड़ा अजीब लगता है जब कोई मुझे अच्छा नर्तक कहता है। बॉबी अच्छा नृत्य करता है। मैं अक्सर सनी से थोड़ा बहुत नृत्य सीखने को कहता था, लेकिन उसका कहना था कि जब मैंने नहीं सीखा तो वह क्यूं सीखे। लेकिन आप आने वाली फिल्मों में उसे देखेंगे तो कहेंगे कि वह नृत्य करना सीख गया है।
संगीत सिवन निर्देशित 'यमला पगला दीवाना 2' 2011 की सफल फिल्म 'यमला पगला दीवाना' का अगला संस्करण है। फिल्म 7 जून को प्रदर्शित हो रही है।
उन्होंने कहा, मुझे बड़ा अजीब लगता है जब कोई मुझे अच्छा नर्तक कहता है। बॉबी अच्छा नृत्य करता है। मैं अक्सर सनी से थोड़ा बहुत नृत्य सीखने को कहता था, लेकिन उसका कहना था कि जब मैंने नहीं सीखा तो वह क्यूं सीखे। लेकिन आप आने वाली फिल्मों में उसे देखेंगे तो कहेंगे कि वह नृत्य करना सीख गया है।
संगीत सिवन निर्देशित 'यमला पगला दीवाना 2' 2011 की सफल फिल्म 'यमला पगला दीवाना' का अगला संस्करण है। फिल्म 7 जून को प्रदर्शित हो रही है।
संगीत सिवन निर्देशित 'यमला पगला दीवाना 2' 2011 की सफल फिल्म 'यमला पगला दीवाना' का अगला संस्करण है। फिल्म 7 जून को प्रदर्शित हो रही है। | सारांश: धर्मेन्द्र ने कहा, मुझे बड़ा अजीब लगता है जब कोई मुझे अच्छा नर्तक कहता है। बॉबी अच्छा नृत्य करता है। मैं अक्सर सनी से थोड़ा बहुत नृत्य सीखने को कहता था, लेकिन उसका कहना था कि जब मैंने नहीं सीखा तो वह क्यूं सीखे। | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने कहा है कि स्वदेशी डिजाइन से तैयार 408.06 करोड़ रुपये मूल्य का गोला-बारूद बिना आंतरिक सर्वेक्षण किए बेकार घोषित कर दिया गया।
थल सेना एवं आयुध फैक्टरी पर संसद में गुरुवार को पेश कैग रिपोर्ट के अनुसार, स्वदेशी गोला बारूद को इस तरह से अनुपयोगी घोषित करने के कारण सेना की मांग को पूरा करने के लिए 278.88 करोड़ रुपये का गोला बारूद आयात किया गया।
कैग ने कहा कि हमारी जांच में यह बात आई है कि रक्षा मंत्रालय के एकीकृत मुख्यालय दक्षिणी कमान द्वारा 2009.10 में गोला बारूद के भंडार के निरीक्षण के आधार पर 1,35,608 गोलों को अनुपयोगी घोषित कर दिया गया। 408.06 करोड़ रुपये मूल्य का गोला बारूद 10 वर्ष की निर्धारित उपयोग अवधि को पूरा नहीं कर पाए थे।
सेना ने दोषों का कारण अनुपयुक्त गुणवत्ता नियंत्रण बताया जबकि आयुध फैक्टरी ने डिजाइन में कमी की ओर इशरा किया। गोला बारूद का डिजाइन बनाने वाले रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने कहा कि अगर गोला बारूद में डिजाइन दोष था तब 1997-2005 के दौरान निर्मित एवं आपूर्ति किए गए गोला-बारूद और 2009-10 के दौरान दक्षिणी कमान को मिले गोला-बारूद में एक समान दोष प्रमाणित होने चाहिए थे।
रिपोर्ट के अनुसार इस बारे में आयुध निदेशालय, महानिदेशक गुणवत्ता आश्वासन और डीआरडीओ को मिलाकर एक कार्यदल भी गठित किया गया। कार्यबल ने सिफारिश की कि गोला-बारूद उपयोग लायक नहीं है।
कैग की रिपोर्ट के अनुसार निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत गोला बारूद में दोषों का कारण सुनिश्चित करने तथा पिछले दो वर्ष के दौरान ऐसी विफलताओं के लिए कोई गंभीर जांच नहीं की गई। हालांकि गत वषरे में इसी तरह के गोला बारूदों में ऐसी ही कमियों के संकेत के बाद 607.43 करोड़ रुपये के गोला बारूदों को छांट दिया गया। इसका उल्लेख कैग के 2003, 2005 और 2010-11 के प्रतिवेदनों में किया गया था।
रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए सम्पूर्ण गोला-बारूद के एक बड़े भाग (408.06 करोड़ रुपये मूल्य के गोले) की जांच के संबंध में सेना द्वारा की गई घोषणा की सम्पूर्णता और निष्पक्षता पर शंका उत्पन्न होती है।’’टिप्पणियां
कैग ने कहा कि जिस आधार पर गोला-बारूद को अनुपयोगी घोषित किया गया, उन दोषों की प्रकृति एवं स्रोतों के बारे में विचारों की भिन्नता को दूर करने में मंत्रालय की विफलता आयुध निदेशालय, महानिदेशक गुणता आश्वासन और डीआरडीओ में कमियों की ओर इशारा करती है।
रिपोर्ट के अनुसार गोला बारूद की गंभीर कमियों के बाद रूस के मेसर्स रोसोबोरोन एक्सपोर्ट के साथ अनुबंध के तहत 278.88 करोड़ रुपये का गोला-बारूद आयात किया गया।
थल सेना एवं आयुध फैक्टरी पर संसद में गुरुवार को पेश कैग रिपोर्ट के अनुसार, स्वदेशी गोला बारूद को इस तरह से अनुपयोगी घोषित करने के कारण सेना की मांग को पूरा करने के लिए 278.88 करोड़ रुपये का गोला बारूद आयात किया गया।
कैग ने कहा कि हमारी जांच में यह बात आई है कि रक्षा मंत्रालय के एकीकृत मुख्यालय दक्षिणी कमान द्वारा 2009.10 में गोला बारूद के भंडार के निरीक्षण के आधार पर 1,35,608 गोलों को अनुपयोगी घोषित कर दिया गया। 408.06 करोड़ रुपये मूल्य का गोला बारूद 10 वर्ष की निर्धारित उपयोग अवधि को पूरा नहीं कर पाए थे।
सेना ने दोषों का कारण अनुपयुक्त गुणवत्ता नियंत्रण बताया जबकि आयुध फैक्टरी ने डिजाइन में कमी की ओर इशरा किया। गोला बारूद का डिजाइन बनाने वाले रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने कहा कि अगर गोला बारूद में डिजाइन दोष था तब 1997-2005 के दौरान निर्मित एवं आपूर्ति किए गए गोला-बारूद और 2009-10 के दौरान दक्षिणी कमान को मिले गोला-बारूद में एक समान दोष प्रमाणित होने चाहिए थे।
रिपोर्ट के अनुसार इस बारे में आयुध निदेशालय, महानिदेशक गुणवत्ता आश्वासन और डीआरडीओ को मिलाकर एक कार्यदल भी गठित किया गया। कार्यबल ने सिफारिश की कि गोला-बारूद उपयोग लायक नहीं है।
कैग की रिपोर्ट के अनुसार निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत गोला बारूद में दोषों का कारण सुनिश्चित करने तथा पिछले दो वर्ष के दौरान ऐसी विफलताओं के लिए कोई गंभीर जांच नहीं की गई। हालांकि गत वषरे में इसी तरह के गोला बारूदों में ऐसी ही कमियों के संकेत के बाद 607.43 करोड़ रुपये के गोला बारूदों को छांट दिया गया। इसका उल्लेख कैग के 2003, 2005 और 2010-11 के प्रतिवेदनों में किया गया था।
रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए सम्पूर्ण गोला-बारूद के एक बड़े भाग (408.06 करोड़ रुपये मूल्य के गोले) की जांच के संबंध में सेना द्वारा की गई घोषणा की सम्पूर्णता और निष्पक्षता पर शंका उत्पन्न होती है।’’टिप्पणियां
कैग ने कहा कि जिस आधार पर गोला-बारूद को अनुपयोगी घोषित किया गया, उन दोषों की प्रकृति एवं स्रोतों के बारे में विचारों की भिन्नता को दूर करने में मंत्रालय की विफलता आयुध निदेशालय, महानिदेशक गुणता आश्वासन और डीआरडीओ में कमियों की ओर इशारा करती है।
रिपोर्ट के अनुसार गोला बारूद की गंभीर कमियों के बाद रूस के मेसर्स रोसोबोरोन एक्सपोर्ट के साथ अनुबंध के तहत 278.88 करोड़ रुपये का गोला-बारूद आयात किया गया।
कैग ने कहा कि हमारी जांच में यह बात आई है कि रक्षा मंत्रालय के एकीकृत मुख्यालय दक्षिणी कमान द्वारा 2009.10 में गोला बारूद के भंडार के निरीक्षण के आधार पर 1,35,608 गोलों को अनुपयोगी घोषित कर दिया गया। 408.06 करोड़ रुपये मूल्य का गोला बारूद 10 वर्ष की निर्धारित उपयोग अवधि को पूरा नहीं कर पाए थे।
सेना ने दोषों का कारण अनुपयुक्त गुणवत्ता नियंत्रण बताया जबकि आयुध फैक्टरी ने डिजाइन में कमी की ओर इशरा किया। गोला बारूद का डिजाइन बनाने वाले रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने कहा कि अगर गोला बारूद में डिजाइन दोष था तब 1997-2005 के दौरान निर्मित एवं आपूर्ति किए गए गोला-बारूद और 2009-10 के दौरान दक्षिणी कमान को मिले गोला-बारूद में एक समान दोष प्रमाणित होने चाहिए थे।
रिपोर्ट के अनुसार इस बारे में आयुध निदेशालय, महानिदेशक गुणवत्ता आश्वासन और डीआरडीओ को मिलाकर एक कार्यदल भी गठित किया गया। कार्यबल ने सिफारिश की कि गोला-बारूद उपयोग लायक नहीं है।
कैग की रिपोर्ट के अनुसार निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत गोला बारूद में दोषों का कारण सुनिश्चित करने तथा पिछले दो वर्ष के दौरान ऐसी विफलताओं के लिए कोई गंभीर जांच नहीं की गई। हालांकि गत वषरे में इसी तरह के गोला बारूदों में ऐसी ही कमियों के संकेत के बाद 607.43 करोड़ रुपये के गोला बारूदों को छांट दिया गया। इसका उल्लेख कैग के 2003, 2005 और 2010-11 के प्रतिवेदनों में किया गया था।
रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए सम्पूर्ण गोला-बारूद के एक बड़े भाग (408.06 करोड़ रुपये मूल्य के गोले) की जांच के संबंध में सेना द्वारा की गई घोषणा की सम्पूर्णता और निष्पक्षता पर शंका उत्पन्न होती है।’’टिप्पणियां
कैग ने कहा कि जिस आधार पर गोला-बारूद को अनुपयोगी घोषित किया गया, उन दोषों की प्रकृति एवं स्रोतों के बारे में विचारों की भिन्नता को दूर करने में मंत्रालय की विफलता आयुध निदेशालय, महानिदेशक गुणता आश्वासन और डीआरडीओ में कमियों की ओर इशारा करती है।
रिपोर्ट के अनुसार गोला बारूद की गंभीर कमियों के बाद रूस के मेसर्स रोसोबोरोन एक्सपोर्ट के साथ अनुबंध के तहत 278.88 करोड़ रुपये का गोला-बारूद आयात किया गया।
सेना ने दोषों का कारण अनुपयुक्त गुणवत्ता नियंत्रण बताया जबकि आयुध फैक्टरी ने डिजाइन में कमी की ओर इशरा किया। गोला बारूद का डिजाइन बनाने वाले रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने कहा कि अगर गोला बारूद में डिजाइन दोष था तब 1997-2005 के दौरान निर्मित एवं आपूर्ति किए गए गोला-बारूद और 2009-10 के दौरान दक्षिणी कमान को मिले गोला-बारूद में एक समान दोष प्रमाणित होने चाहिए थे।
रिपोर्ट के अनुसार इस बारे में आयुध निदेशालय, महानिदेशक गुणवत्ता आश्वासन और डीआरडीओ को मिलाकर एक कार्यदल भी गठित किया गया। कार्यबल ने सिफारिश की कि गोला-बारूद उपयोग लायक नहीं है।
कैग की रिपोर्ट के अनुसार निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत गोला बारूद में दोषों का कारण सुनिश्चित करने तथा पिछले दो वर्ष के दौरान ऐसी विफलताओं के लिए कोई गंभीर जांच नहीं की गई। हालांकि गत वषरे में इसी तरह के गोला बारूदों में ऐसी ही कमियों के संकेत के बाद 607.43 करोड़ रुपये के गोला बारूदों को छांट दिया गया। इसका उल्लेख कैग के 2003, 2005 और 2010-11 के प्रतिवेदनों में किया गया था।
रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए सम्पूर्ण गोला-बारूद के एक बड़े भाग (408.06 करोड़ रुपये मूल्य के गोले) की जांच के संबंध में सेना द्वारा की गई घोषणा की सम्पूर्णता और निष्पक्षता पर शंका उत्पन्न होती है।’’टिप्पणियां
कैग ने कहा कि जिस आधार पर गोला-बारूद को अनुपयोगी घोषित किया गया, उन दोषों की प्रकृति एवं स्रोतों के बारे में विचारों की भिन्नता को दूर करने में मंत्रालय की विफलता आयुध निदेशालय, महानिदेशक गुणता आश्वासन और डीआरडीओ में कमियों की ओर इशारा करती है।
रिपोर्ट के अनुसार गोला बारूद की गंभीर कमियों के बाद रूस के मेसर्स रोसोबोरोन एक्सपोर्ट के साथ अनुबंध के तहत 278.88 करोड़ रुपये का गोला-बारूद आयात किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार इस बारे में आयुध निदेशालय, महानिदेशक गुणवत्ता आश्वासन और डीआरडीओ को मिलाकर एक कार्यदल भी गठित किया गया। कार्यबल ने सिफारिश की कि गोला-बारूद उपयोग लायक नहीं है।
कैग की रिपोर्ट के अनुसार निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत गोला बारूद में दोषों का कारण सुनिश्चित करने तथा पिछले दो वर्ष के दौरान ऐसी विफलताओं के लिए कोई गंभीर जांच नहीं की गई। हालांकि गत वषरे में इसी तरह के गोला बारूदों में ऐसी ही कमियों के संकेत के बाद 607.43 करोड़ रुपये के गोला बारूदों को छांट दिया गया। इसका उल्लेख कैग के 2003, 2005 और 2010-11 के प्रतिवेदनों में किया गया था।
रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए सम्पूर्ण गोला-बारूद के एक बड़े भाग (408.06 करोड़ रुपये मूल्य के गोले) की जांच के संबंध में सेना द्वारा की गई घोषणा की सम्पूर्णता और निष्पक्षता पर शंका उत्पन्न होती है।’’टिप्पणियां
कैग ने कहा कि जिस आधार पर गोला-बारूद को अनुपयोगी घोषित किया गया, उन दोषों की प्रकृति एवं स्रोतों के बारे में विचारों की भिन्नता को दूर करने में मंत्रालय की विफलता आयुध निदेशालय, महानिदेशक गुणता आश्वासन और डीआरडीओ में कमियों की ओर इशारा करती है।
रिपोर्ट के अनुसार गोला बारूद की गंभीर कमियों के बाद रूस के मेसर्स रोसोबोरोन एक्सपोर्ट के साथ अनुबंध के तहत 278.88 करोड़ रुपये का गोला-बारूद आयात किया गया।
कैग की रिपोर्ट के अनुसार निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत गोला बारूद में दोषों का कारण सुनिश्चित करने तथा पिछले दो वर्ष के दौरान ऐसी विफलताओं के लिए कोई गंभीर जांच नहीं की गई। हालांकि गत वषरे में इसी तरह के गोला बारूदों में ऐसी ही कमियों के संकेत के बाद 607.43 करोड़ रुपये के गोला बारूदों को छांट दिया गया। इसका उल्लेख कैग के 2003, 2005 और 2010-11 के प्रतिवेदनों में किया गया था।
रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए सम्पूर्ण गोला-बारूद के एक बड़े भाग (408.06 करोड़ रुपये मूल्य के गोले) की जांच के संबंध में सेना द्वारा की गई घोषणा की सम्पूर्णता और निष्पक्षता पर शंका उत्पन्न होती है।’’टिप्पणियां
कैग ने कहा कि जिस आधार पर गोला-बारूद को अनुपयोगी घोषित किया गया, उन दोषों की प्रकृति एवं स्रोतों के बारे में विचारों की भिन्नता को दूर करने में मंत्रालय की विफलता आयुध निदेशालय, महानिदेशक गुणता आश्वासन और डीआरडीओ में कमियों की ओर इशारा करती है।
रिपोर्ट के अनुसार गोला बारूद की गंभीर कमियों के बाद रूस के मेसर्स रोसोबोरोन एक्सपोर्ट के साथ अनुबंध के तहत 278.88 करोड़ रुपये का गोला-बारूद आयात किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए सम्पूर्ण गोला-बारूद के एक बड़े भाग (408.06 करोड़ रुपये मूल्य के गोले) की जांच के संबंध में सेना द्वारा की गई घोषणा की सम्पूर्णता और निष्पक्षता पर शंका उत्पन्न होती है।’’टिप्पणियां
कैग ने कहा कि जिस आधार पर गोला-बारूद को अनुपयोगी घोषित किया गया, उन दोषों की प्रकृति एवं स्रोतों के बारे में विचारों की भिन्नता को दूर करने में मंत्रालय की विफलता आयुध निदेशालय, महानिदेशक गुणता आश्वासन और डीआरडीओ में कमियों की ओर इशारा करती है।
रिपोर्ट के अनुसार गोला बारूद की गंभीर कमियों के बाद रूस के मेसर्स रोसोबोरोन एक्सपोर्ट के साथ अनुबंध के तहत 278.88 करोड़ रुपये का गोला-बारूद आयात किया गया।
कैग ने कहा कि जिस आधार पर गोला-बारूद को अनुपयोगी घोषित किया गया, उन दोषों की प्रकृति एवं स्रोतों के बारे में विचारों की भिन्नता को दूर करने में मंत्रालय की विफलता आयुध निदेशालय, महानिदेशक गुणता आश्वासन और डीआरडीओ में कमियों की ओर इशारा करती है।
रिपोर्ट के अनुसार गोला बारूद की गंभीर कमियों के बाद रूस के मेसर्स रोसोबोरोन एक्सपोर्ट के साथ अनुबंध के तहत 278.88 करोड़ रुपये का गोला-बारूद आयात किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार गोला बारूद की गंभीर कमियों के बाद रूस के मेसर्स रोसोबोरोन एक्सपोर्ट के साथ अनुबंध के तहत 278.88 करोड़ रुपये का गोला-बारूद आयात किया गया। | संक्षिप्त सारांश: नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने कहा है कि स्वदेशी डिजाइन से तैयार 408.06 करोड़ रुपये मूल्य का गोला-बारूद बिना आंतरिक सर्वेक्षण किए बेकार घोषित कर दिया गया। | 0 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दरअसल-2014 में बॉलीवुड के मशहूर प्रोड्यूसर मोरानी के खिलाफ हैदराबाद में रेप का मामला दर्ज हुआ था. दिल्ली की रहने वाली 25 साल की एक महिला ने यह केस दर्ज करवाया है. महिला का आरोप है कि पिछले 2 साल में कई बार मोरानी ने उसका रेप किया और धमकी दी कि अगर वह पुलिस के पास गई तो वह उसकी न्यूड तस्वीरों को सर्कुलेट कर देंगे.
पीड़ित महिला ने अपनी शिकायत में कहा है कि दिसंबर 2014 में अपनी एक दोस्त की शादी में उसकी मोरानी से मुलाकात हुई थी. मेहंदी और संगीत समेत शादी के बाकी फंक्शन्स में शामिल होने के लिए वह दो दिन तक वहीं रही. करीम मोरनी दुल्हन के चाचा लगते हैं और वह भी शादी के कार्यक्रम में दोनों दिन आए थे. महिला का आरोप है कि इस घटना के बाद लगातार कई बार मोरानी ने ब्लैकमेल करने की धमकी देकर उसका शारीरिक शोषण किया. जून 2016 में उसने उसे हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में एक फिल्म शूट के लिए बुलाया. वहां जिस होटल में वह रुकी थी वहां फिर से मोरानी ने उसका शोषण किया और इस तरह यह शारीरिक शोषण दिसंबर 2016 तक जारी रहा. इस केस में आईपीसी की विभिन्न धाराओं 376 (रेप), 342 (गलत तरीके से कैद करना), 506 (आपराधिक धमकी), 493 (शादीशुदा होने के बाद भी दूसरी महिला से संबंध रखना), 417 (धोखाधड़ी) और निर्भया ऐक्ट के 354सी के तहत मामला दर्ज किया गया है.
पीड़ित महिला ने अपनी शिकायत में कहा है कि दिसंबर 2014 में अपनी एक दोस्त की शादी में उसकी मोरानी से मुलाकात हुई थी. मेहंदी और संगीत समेत शादी के बाकी फंक्शन्स में शामिल होने के लिए वह दो दिन तक वहीं रही. करीम मोरनी दुल्हन के चाचा लगते हैं और वह भी शादी के कार्यक्रम में दोनों दिन आए थे. महिला का आरोप है कि इस घटना के बाद लगातार कई बार मोरानी ने ब्लैकमेल करने की धमकी देकर उसका शारीरिक शोषण किया. जून 2016 में उसने उसे हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में एक फिल्म शूट के लिए बुलाया. वहां जिस होटल में वह रुकी थी वहां फिर से मोरानी ने उसका शोषण किया और इस तरह यह शारीरिक शोषण दिसंबर 2016 तक जारी रहा. इस केस में आईपीसी की विभिन्न धाराओं 376 (रेप), 342 (गलत तरीके से कैद करना), 506 (आपराधिक धमकी), 493 (शादीशुदा होने के बाद भी दूसरी महिला से संबंध रखना), 417 (धोखाधड़ी) और निर्भया ऐक्ट के 354सी के तहत मामला दर्ज किया गया है. | संक्षिप्त पाठ: 2014 में पीड़िता ने लगाया था रेप का आरोप
सुप्रीम कोर्ट ने जमानत याचिका नामंजूर की
बॉलीवुड फिल्म निर्माता हैं करीम मोरानी | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भाजपा ने बुधवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मांग की कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन धांधली में गृह मंत्री पी चिदंबरम की भूमिका के बारे में वह अपनी चुप्पी तोड़ कर मामले को स्पष्ट करें। पार्टी प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने कहा, तत्कालीन वित्त मंत्री के रूप में चिदंबरम ने 2007 में 2जी स्पेक्ट्रम का मूल्य निर्धारण 2001 के दामों पर करने में भूमिका निभाई थी। यह बहुत ही गंभीर मामला है और प्रधानमंत्री को इस पर मौन धारण रखने का अधिकार नहीं है। सिंह को चिदंबरम की भूमिका के बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चतम न्यायालय ने आय कर विभाग से चिदंबरम के बारे में कापरेरेट लाबिस्ट नीरा राडिया और पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा के बीच फोन पर हुई उस बातचीत को उपलब्ध कराने को कहा है जिसे टैप किया गया था। सीतारमण ने कहा कि 2जी घोटाले में गृह मंत्री की भूमिका की जांच के लिए अदालत में एक याचिका भी दायर की गई है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा, इस मामले में चिदंबरम की संदिग्ध भूमिका के बारे में विभिन्न क्षेत्रों से सवाल उठने के बावजूद प्रधानमंत्री का चुप्पी साधे रखना उचित नहीं है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सीतारमण ने कहा, तत्कालीन वित्तमंत्री के रूप में चिदंबरम ने 2007 में 2जी स्पेक्ट्रम का मूल्य निर्धारण 2001 के दामों पर करने में भूमिका निभाई थी।' | 25 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कोलकाता की अपनी यात्रा को अहम करार देते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि महिला होने के बावजूद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सफलतापूर्वक राज्य में वाममोर्चा के 34 वर्षों के शासन को समाप्त किया।
गौरतलब है कि हिलेरी सात मई से तीन दिनों की भारत यात्रा पर आई थीं और पहली बार किसी अमेरिकी विदेश मंत्री ने रायटर्स बिल्डिंग में मुख्यमंत्री के साथ बैठक की। टाइम पत्रिका में हिलेरी और ममता दोनों को दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची में रखा गया है।टिप्पणियां
न्यूयॉर्क वुमेन फाउंडेशन ब्रेकफास्ट में शताब्दी पुरस्कार ग्रहण करने के बाद अपने संबोधन में हिलेरी ने कोलकाता की अपनी यात्रा को उल्लेखनीय करार दिया।
उन्होंने कहा, ‘मैं पिछले सप्ताह भारत के पूर्वी क्षेत्र पश्चिम बंगाल गई थी जहां मुझे दो उल्लेखनीय अनुभव हुए। पहला मैंने राज्य के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री से मुलाकात की जो एक महिला है और जिन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी बनाई और सफलतापूर्वक कम्यूनिस्ट पार्टी के लगभग 34 वर्षों से जारी शासन को समाप्त किया। वह अब राज्य के नौ करोड़ लोगों का प्रशासन देख रही हैं।’
गौरतलब है कि हिलेरी सात मई से तीन दिनों की भारत यात्रा पर आई थीं और पहली बार किसी अमेरिकी विदेश मंत्री ने रायटर्स बिल्डिंग में मुख्यमंत्री के साथ बैठक की। टाइम पत्रिका में हिलेरी और ममता दोनों को दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची में रखा गया है।टिप्पणियां
न्यूयॉर्क वुमेन फाउंडेशन ब्रेकफास्ट में शताब्दी पुरस्कार ग्रहण करने के बाद अपने संबोधन में हिलेरी ने कोलकाता की अपनी यात्रा को उल्लेखनीय करार दिया।
उन्होंने कहा, ‘मैं पिछले सप्ताह भारत के पूर्वी क्षेत्र पश्चिम बंगाल गई थी जहां मुझे दो उल्लेखनीय अनुभव हुए। पहला मैंने राज्य के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री से मुलाकात की जो एक महिला है और जिन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी बनाई और सफलतापूर्वक कम्यूनिस्ट पार्टी के लगभग 34 वर्षों से जारी शासन को समाप्त किया। वह अब राज्य के नौ करोड़ लोगों का प्रशासन देख रही हैं।’
न्यूयॉर्क वुमेन फाउंडेशन ब्रेकफास्ट में शताब्दी पुरस्कार ग्रहण करने के बाद अपने संबोधन में हिलेरी ने कोलकाता की अपनी यात्रा को उल्लेखनीय करार दिया।
उन्होंने कहा, ‘मैं पिछले सप्ताह भारत के पूर्वी क्षेत्र पश्चिम बंगाल गई थी जहां मुझे दो उल्लेखनीय अनुभव हुए। पहला मैंने राज्य के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री से मुलाकात की जो एक महिला है और जिन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी बनाई और सफलतापूर्वक कम्यूनिस्ट पार्टी के लगभग 34 वर्षों से जारी शासन को समाप्त किया। वह अब राज्य के नौ करोड़ लोगों का प्रशासन देख रही हैं।’
उन्होंने कहा, ‘मैं पिछले सप्ताह भारत के पूर्वी क्षेत्र पश्चिम बंगाल गई थी जहां मुझे दो उल्लेखनीय अनुभव हुए। पहला मैंने राज्य के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री से मुलाकात की जो एक महिला है और जिन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी बनाई और सफलतापूर्वक कम्यूनिस्ट पार्टी के लगभग 34 वर्षों से जारी शासन को समाप्त किया। वह अब राज्य के नौ करोड़ लोगों का प्रशासन देख रही हैं।’ | संक्षिप्त पाठ: हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि महिला होने के बावजूद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सफलतापूर्वक राज्य में वाममोर्चा के 34 वर्षों के शासन को समाप्त किया। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: शुक्रवार को शिकागो के ओहारे इंटरनैशन एयरपोर्ट में अमेरिकन एयरलाइन्स के विमान का टायर फट गया. अचानक हुए इस हादसे के बाद विमान के एक हिस्से में आग लग गई. अथॉरिटीज के मुताबिक, प्लेन उड़ाने से चंद मिनट पहले हुई यह घटना घटी. इसके तुरंत बाद यात्रियों को इमर्जेंसी रूट से विमान से उतार दिया गया. इसमें 20 लोगों के घायल होने की सूचना है.
अमेरिकन एयरलाइन की फ्लाइट संख्या 383 का बोइंग B767 के साथ यह हादसा दोपहर ढाई बजे (सेंट्रल डेलाइट टाइम, सीडीटी) हुआ. फेडरल एविएयस एडमिन्ट्रेशन के प्रवक्ता एजिलाबेथ कोरी ने कहा. शिकागो के एबीजी न्यूज स्टेशन से जारी हुई फुटेज में देखा जा सकता है कि कैसे यह विमान आग की लपटों से घिर गया है और विमान के एक और धुएं का गुबार भी इस फुटेज में देखा जा सकता है. वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे विमान के अंदर अफरा तफरी मची हुई है.
कोरी के मुताबिक, यह हादसा टायर के अचानक फट जाने की वजह से हुआ जिसके बाद टेक-ऑफ रद्द कर दिया गया. हालांकि अमेरिकन एय़ऱलाइन्स ने एक स्टेटमेंट में कहा कि विमान को 'इंजन संबंधी मैकेनिकल कारण के चलते' विमान को खाली करवाया गया. एयरलाइन ने बताया- प्लेन में 161 लोग थे और इसके क्रू के मेंबरों की संख्या थी नौ. हादसे के बाद एयरपोर्ट के दो रनवे बंद कर दिए गए. एफएए के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है. टिप्पणियां
यह देखें वीडियो...
अमेरिकन एयरलाइन की फ्लाइट संख्या 383 का बोइंग B767 के साथ यह हादसा दोपहर ढाई बजे (सेंट्रल डेलाइट टाइम, सीडीटी) हुआ. फेडरल एविएयस एडमिन्ट्रेशन के प्रवक्ता एजिलाबेथ कोरी ने कहा. शिकागो के एबीजी न्यूज स्टेशन से जारी हुई फुटेज में देखा जा सकता है कि कैसे यह विमान आग की लपटों से घिर गया है और विमान के एक और धुएं का गुबार भी इस फुटेज में देखा जा सकता है. वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे विमान के अंदर अफरा तफरी मची हुई है.
कोरी के मुताबिक, यह हादसा टायर के अचानक फट जाने की वजह से हुआ जिसके बाद टेक-ऑफ रद्द कर दिया गया. हालांकि अमेरिकन एय़ऱलाइन्स ने एक स्टेटमेंट में कहा कि विमान को 'इंजन संबंधी मैकेनिकल कारण के चलते' विमान को खाली करवाया गया. एयरलाइन ने बताया- प्लेन में 161 लोग थे और इसके क्रू के मेंबरों की संख्या थी नौ. हादसे के बाद एयरपोर्ट के दो रनवे बंद कर दिए गए. एफएए के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है. टिप्पणियां
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कोरी के मुताबिक, यह हादसा टायर के अचानक फट जाने की वजह से हुआ जिसके बाद टेक-ऑफ रद्द कर दिया गया. हालांकि अमेरिकन एय़ऱलाइन्स ने एक स्टेटमेंट में कहा कि विमान को 'इंजन संबंधी मैकेनिकल कारण के चलते' विमान को खाली करवाया गया. एयरलाइन ने बताया- प्लेन में 161 लोग थे और इसके क्रू के मेंबरों की संख्या थी नौ. हादसे के बाद एयरपोर्ट के दो रनवे बंद कर दिए गए. एफएए के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है. टिप्पणियां
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यह देखें वीडियो... | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: विमान टेक ऑफ करने ही लगा था कि टायर फट गया और आग लग गई
शिकागो के ओहारे इंटरनैशन एयरपोर्ट पर हुआ यह हादसा
इसमें 20 लोगों के घायल होने की सूचना है, आप देखें संबंधित वीडियो | 25 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पुलिस ने राजधानी देहरादून के जाखन इलाके के एक होटल में देर रात छापा मारकर वहां ‘रेव पार्टी’ कर रहे 14 लड़कियों सहित 34 युवाओं को गिरफ्तार कर लिया।टिप्पणियां
देहरादून की पुलिस क्षेत्रधिकारी (शहर) ममता वोहरा ने बताया कि युवाओं द्वारा होटल में रेव पार्टी करने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने छापा मारा और नशे में धुत होकर नाच रहे 20 लड़कों और 14 लड़कियों को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि सभी लोगों पर एक्साइज एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर फिलहाल उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया है।
ममता ने बताया कि मौके से शराब की बोतलें और ड्रग्स की भी कुछ मात्रा मिली हैं हालांकि उनमें से कितने युवक युवतियों ने एल्कोहल या ड्रग्स का सेवन किया था यह जानने के लिए सभी के खून के नमूने लेकर उन्हें टेस्ट के लिए भेजा गया है।
देहरादून की पुलिस क्षेत्रधिकारी (शहर) ममता वोहरा ने बताया कि युवाओं द्वारा होटल में रेव पार्टी करने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने छापा मारा और नशे में धुत होकर नाच रहे 20 लड़कों और 14 लड़कियों को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि सभी लोगों पर एक्साइज एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर फिलहाल उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया है।
ममता ने बताया कि मौके से शराब की बोतलें और ड्रग्स की भी कुछ मात्रा मिली हैं हालांकि उनमें से कितने युवक युवतियों ने एल्कोहल या ड्रग्स का सेवन किया था यह जानने के लिए सभी के खून के नमूने लेकर उन्हें टेस्ट के लिए भेजा गया है।
ममता ने बताया कि मौके से शराब की बोतलें और ड्रग्स की भी कुछ मात्रा मिली हैं हालांकि उनमें से कितने युवक युवतियों ने एल्कोहल या ड्रग्स का सेवन किया था यह जानने के लिए सभी के खून के नमूने लेकर उन्हें टेस्ट के लिए भेजा गया है। | यहाँ एक सारांश है:पुलिस ने राजधानी देहरादून के जाखन इलाके के एक होटल में देर रात छापा मारकर वहां ‘रेव पार्टी’ कर रहे 14 लड़कियों सहित 34 युवाओं को गिरफ्तार कर लिया। | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: महाराष्ट्र में दही हांडी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम आदेश देते कहा है कि इसमें 18 साल से कम उम्र के बच्चे भाग नहीं लेगे. साथ ही कोर्ट ने कहा है कि दही हांडी में लोगों के पिरामिड की ऊंचाई 20 फीट से ऊपर नहीं रखी जाएगी.
इसके साथ ही कोर्ट ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि 'हमने भगवान श्री कृष्ण के मक्खन चुराने के बारे में तो सुना है, लेकिन करतब दिखाते नहीं सुना.'
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने दही हांडी के खिलाफ याचिकाकर्ता स्वाती पाटिल को नोटिस जारी किया था। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि दही हांडी में साल 2011 में 156 लोग जख्मी हुए, जबकि 2015 में इनकी संख्या कई गुना बढ़ गई.टिप्पणियां
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पुरानी याचिका का निस्तारण हो चुका है, याचिका को दोबारा शुरु किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट महाराष्ट्र सरकार की दही हांडी के मामले में दाखिल अर्जी पर सुनवाई कर रहा है। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से 2014 के आदेशों में स्पष्टता देने की गुहार लगाई थी, जिसमें 12 साल तक के बच्चों को दही हांडी में हिस्सा लेने की इजाजत दी गई थी और साथ ही हाईकोर्ट के 20 फुट की ऊंचाई सीमित करने के आदेश पर रोक लगा दी थी। सरकार का कहना है कि क्या ये आदेश एक साल के लिए थे या अभी भी लागू हैं?
महाराष्ट्र सरकार की ओर से ASG तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि 11 अगस्त 2014 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि 18 साल से कम के युवक दही हांडी में हिस्सा नहीं ले सकते और इसकी ऊंचाई भी 20 फुट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। आयोजकों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी और सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाते हुए 12 साल तक के बच्चों को हिस्सा लेने की इजाजत दे दी थी और ऊंचाई के आदेश पर भी रोक लगा दी थी। लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका का निस्तारण कर दिया। ASG के मुताबिक, अब हाईकोर्ट इस मामले में अदालत की अवमानना का मामला मानते हुए सुनवाई कर रहा है. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट अपने आदेश के बारे में स्पष्ट करे कि आखिर ये छूट सिर्फ उसी साल के लिए थी या आगे भी लागू रहेगी.
इसके साथ ही कोर्ट ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि 'हमने भगवान श्री कृष्ण के मक्खन चुराने के बारे में तो सुना है, लेकिन करतब दिखाते नहीं सुना.'
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने दही हांडी के खिलाफ याचिकाकर्ता स्वाती पाटिल को नोटिस जारी किया था। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि दही हांडी में साल 2011 में 156 लोग जख्मी हुए, जबकि 2015 में इनकी संख्या कई गुना बढ़ गई.टिप्पणियां
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पुरानी याचिका का निस्तारण हो चुका है, याचिका को दोबारा शुरु किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट महाराष्ट्र सरकार की दही हांडी के मामले में दाखिल अर्जी पर सुनवाई कर रहा है। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से 2014 के आदेशों में स्पष्टता देने की गुहार लगाई थी, जिसमें 12 साल तक के बच्चों को दही हांडी में हिस्सा लेने की इजाजत दी गई थी और साथ ही हाईकोर्ट के 20 फुट की ऊंचाई सीमित करने के आदेश पर रोक लगा दी थी। सरकार का कहना है कि क्या ये आदेश एक साल के लिए थे या अभी भी लागू हैं?
महाराष्ट्र सरकार की ओर से ASG तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि 11 अगस्त 2014 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि 18 साल से कम के युवक दही हांडी में हिस्सा नहीं ले सकते और इसकी ऊंचाई भी 20 फुट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। आयोजकों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी और सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाते हुए 12 साल तक के बच्चों को हिस्सा लेने की इजाजत दे दी थी और ऊंचाई के आदेश पर भी रोक लगा दी थी। लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका का निस्तारण कर दिया। ASG के मुताबिक, अब हाईकोर्ट इस मामले में अदालत की अवमानना का मामला मानते हुए सुनवाई कर रहा है. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट अपने आदेश के बारे में स्पष्ट करे कि आखिर ये छूट सिर्फ उसी साल के लिए थी या आगे भी लागू रहेगी.
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने दही हांडी के खिलाफ याचिकाकर्ता स्वाती पाटिल को नोटिस जारी किया था। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि दही हांडी में साल 2011 में 156 लोग जख्मी हुए, जबकि 2015 में इनकी संख्या कई गुना बढ़ गई.टिप्पणियां
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पुरानी याचिका का निस्तारण हो चुका है, याचिका को दोबारा शुरु किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट महाराष्ट्र सरकार की दही हांडी के मामले में दाखिल अर्जी पर सुनवाई कर रहा है। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से 2014 के आदेशों में स्पष्टता देने की गुहार लगाई थी, जिसमें 12 साल तक के बच्चों को दही हांडी में हिस्सा लेने की इजाजत दी गई थी और साथ ही हाईकोर्ट के 20 फुट की ऊंचाई सीमित करने के आदेश पर रोक लगा दी थी। सरकार का कहना है कि क्या ये आदेश एक साल के लिए थे या अभी भी लागू हैं?
महाराष्ट्र सरकार की ओर से ASG तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि 11 अगस्त 2014 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि 18 साल से कम के युवक दही हांडी में हिस्सा नहीं ले सकते और इसकी ऊंचाई भी 20 फुट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। आयोजकों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी और सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाते हुए 12 साल तक के बच्चों को हिस्सा लेने की इजाजत दे दी थी और ऊंचाई के आदेश पर भी रोक लगा दी थी। लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका का निस्तारण कर दिया। ASG के मुताबिक, अब हाईकोर्ट इस मामले में अदालत की अवमानना का मामला मानते हुए सुनवाई कर रहा है. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट अपने आदेश के बारे में स्पष्ट करे कि आखिर ये छूट सिर्फ उसी साल के लिए थी या आगे भी लागू रहेगी.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पुरानी याचिका का निस्तारण हो चुका है, याचिका को दोबारा शुरु किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट महाराष्ट्र सरकार की दही हांडी के मामले में दाखिल अर्जी पर सुनवाई कर रहा है। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से 2014 के आदेशों में स्पष्टता देने की गुहार लगाई थी, जिसमें 12 साल तक के बच्चों को दही हांडी में हिस्सा लेने की इजाजत दी गई थी और साथ ही हाईकोर्ट के 20 फुट की ऊंचाई सीमित करने के आदेश पर रोक लगा दी थी। सरकार का कहना है कि क्या ये आदेश एक साल के लिए थे या अभी भी लागू हैं?
महाराष्ट्र सरकार की ओर से ASG तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि 11 अगस्त 2014 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि 18 साल से कम के युवक दही हांडी में हिस्सा नहीं ले सकते और इसकी ऊंचाई भी 20 फुट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। आयोजकों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी और सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाते हुए 12 साल तक के बच्चों को हिस्सा लेने की इजाजत दे दी थी और ऊंचाई के आदेश पर भी रोक लगा दी थी। लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका का निस्तारण कर दिया। ASG के मुताबिक, अब हाईकोर्ट इस मामले में अदालत की अवमानना का मामला मानते हुए सुनवाई कर रहा है. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट अपने आदेश के बारे में स्पष्ट करे कि आखिर ये छूट सिर्फ उसी साल के लिए थी या आगे भी लागू रहेगी.
महाराष्ट्र सरकार की ओर से ASG तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि 11 अगस्त 2014 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि 18 साल से कम के युवक दही हांडी में हिस्सा नहीं ले सकते और इसकी ऊंचाई भी 20 फुट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। आयोजकों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी और सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाते हुए 12 साल तक के बच्चों को हिस्सा लेने की इजाजत दे दी थी और ऊंचाई के आदेश पर भी रोक लगा दी थी। लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका का निस्तारण कर दिया। ASG के मुताबिक, अब हाईकोर्ट इस मामले में अदालत की अवमानना का मामला मानते हुए सुनवाई कर रहा है. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट अपने आदेश के बारे में स्पष्ट करे कि आखिर ये छूट सिर्फ उसी साल के लिए थी या आगे भी लागू रहेगी. | यहाँ एक सारांश है:दही हांडी में लोगों के पिरामिड की ऊंचाई 20 फीट से ऊपर नहीं रखी जाएगी : SC
18 साल से अध्ािक उम्र के लोग ही ले सकेंगे हिस्सा.
दही हांडी के खिलाफ याचिकाकर्ता स्वाती पाटिल को नोटिस जारी किया गया था. | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पूर्व भारतीय कप्तान के श्रीकांत ने गुरुवार को कहा कि वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह और गौतम गंभीर की तिकड़ी को अपना जज्बा बरकरार रखकर घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करके राष्ट्रीय टीम में वापसी करनी चाहिए। श्रीकांत ने कहा कि वापसी की कवायद में लगे किसी भी खिलाड़ी के लिए आत्मविश्वास बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है।
उन्होंने कहा, ‘‘वे युवा खिलाड़ी हैं और उनमें काफी कौशल है। वापसी के लिए सकारात्मक बने रहना जरूरी है। उन्हें वापसी की कोशिश करनी होगी। उन्हें अगले सत्र में घरेलू क्रिकेट में ध्यान देना चाहिए। पहले भी इस तरह की वापसी हुई है और मुझे पूरा विश्वास है कि वे ऐसा कर सकते हैं।’’टिप्पणियां
श्रीकांत ने कहा, ‘‘अभी काफी क्रिकेट खेली जानी है, इसलिए उनके पास मौका है।’’ गंभीर, युवराज और सहवाग को इंग्लैंड में होने वाली चौंपियन्स ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम में नहीं चुना गया। भारतीय क्रिकेटर आईपीएल में अभी जिस तरह की परिस्थिति में खेल रहे हैं, इंग्लैंड में उससे एकदम भिन्न परिस्थिति है लेकिन श्रीकांत ने कहा कि इससे खिलाड़ियों पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा, ‘अच्छी बात यह है कि खिलाड़ी लगातार क्रिकेट खेल रहे हैं। वे अच्छी फॉर्म में हैं और आईपीएल के बाद वे सही समय पर इंग्लैंड पहुंच जाएंगे इसलिए वहां की परिस्थितियों में कोई परेशानी नहीं होगी।’
उन्होंने कहा, ‘‘वे युवा खिलाड़ी हैं और उनमें काफी कौशल है। वापसी के लिए सकारात्मक बने रहना जरूरी है। उन्हें वापसी की कोशिश करनी होगी। उन्हें अगले सत्र में घरेलू क्रिकेट में ध्यान देना चाहिए। पहले भी इस तरह की वापसी हुई है और मुझे पूरा विश्वास है कि वे ऐसा कर सकते हैं।’’टिप्पणियां
श्रीकांत ने कहा, ‘‘अभी काफी क्रिकेट खेली जानी है, इसलिए उनके पास मौका है।’’ गंभीर, युवराज और सहवाग को इंग्लैंड में होने वाली चौंपियन्स ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम में नहीं चुना गया। भारतीय क्रिकेटर आईपीएल में अभी जिस तरह की परिस्थिति में खेल रहे हैं, इंग्लैंड में उससे एकदम भिन्न परिस्थिति है लेकिन श्रीकांत ने कहा कि इससे खिलाड़ियों पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा, ‘अच्छी बात यह है कि खिलाड़ी लगातार क्रिकेट खेल रहे हैं। वे अच्छी फॉर्म में हैं और आईपीएल के बाद वे सही समय पर इंग्लैंड पहुंच जाएंगे इसलिए वहां की परिस्थितियों में कोई परेशानी नहीं होगी।’
श्रीकांत ने कहा, ‘‘अभी काफी क्रिकेट खेली जानी है, इसलिए उनके पास मौका है।’’ गंभीर, युवराज और सहवाग को इंग्लैंड में होने वाली चौंपियन्स ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम में नहीं चुना गया। भारतीय क्रिकेटर आईपीएल में अभी जिस तरह की परिस्थिति में खेल रहे हैं, इंग्लैंड में उससे एकदम भिन्न परिस्थिति है लेकिन श्रीकांत ने कहा कि इससे खिलाड़ियों पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा, ‘अच्छी बात यह है कि खिलाड़ी लगातार क्रिकेट खेल रहे हैं। वे अच्छी फॉर्म में हैं और आईपीएल के बाद वे सही समय पर इंग्लैंड पहुंच जाएंगे इसलिए वहां की परिस्थितियों में कोई परेशानी नहीं होगी।’
उन्होंने कहा, ‘अच्छी बात यह है कि खिलाड़ी लगातार क्रिकेट खेल रहे हैं। वे अच्छी फॉर्म में हैं और आईपीएल के बाद वे सही समय पर इंग्लैंड पहुंच जाएंगे इसलिए वहां की परिस्थितियों में कोई परेशानी नहीं होगी।’ | संक्षिप्त पाठ: पूर्व भारतीय कप्तान के श्रीकांत ने कहा कि सहवाग, युवराज और गंभीर की तिकड़ी को अपना जज्बा बरकरार रखकर घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करके राष्ट्रीय टीम में वापसी करनी चाहिए। श्रीकांत ने कहा कि वापसी की कवायद में लगे किसी भी खिलाड़ी के लिए आत्मविश्वास बना | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक कार्यक्रम आयोजक के साथ कथित धोखाधड़ी के मामले में दायर एफआईआर के संबंध में फिल्म अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा की गिरफ्तारी पर शुक्रवार को रोक लगा दी. सोनाक्षी और चार अन्य लोगों के खिलाफ यह एफआईआर प्रमोद शर्मा नाम के व्यक्ति ने 22 फरवरी, 2019 को मुरादाबाद के कटघर पुलिस थाने में दर्ज कराई थी. एफआईआर में उसने आरोप लगाया था कि सोनाक्षी ने दिल्ली में 30 सितंबर, 2018 को एक कार्यक्रम में शामिल होने की सहमति दी थी और इसके लिए उसने 37 लाख रुपये लिए थे. हालांकि, फिल्म अभिनेत्री ने अंतिम क्षण में आने से मना कर दिया जिसकी वजह से कार्यक्रम आयोजक शर्मा को भारी नुकसान उठाना पड़ा था.
सोनाक्षी सिन्हा द्वारा दायर रिट याचिका का निस्तारण करते हुए न्यायमूर्ति नहीद अरा मुनीस और न्यायमूर्ति विरेंद्र कुमार श्रीवास्तव की पीठ ने निर्देश दिया कि पुलिस द्वारा इस मामले की जांच रिपोर्ट सौंपे जाने तक अभिनेत्री को गिरफ्तार नहीं किया जायेगा. हालांकि अदालत ने फिल्म अभिनेत्री की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए यह निर्देश भी दिया कि सोनाक्षी जांच में सहयोग करेंगी और जांच में सहयोग के लिए जब भी बुलाया जाएगा, वह पेश होंगी.
अदालत ने निर्देश दिया, “यह स्पष्ट किया जाता है कि इस दौरान याचिकाकर्ता के साथ कोई उत्पीड़न नहीं किया जाएगा.” हालांकि, अदालत ने इस याचिका में सोनाक्षी के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने का अनुरोध यह कहते हुए ठुकरा दिया कि “इस एफआईआर के अवलोकन से याचिकाकर्ता के खिलाफ इस चरण में प्रथमदृष्टया संज्ञेय अपराध का मामला प्रतीत होता है, इसलिए हमें एफआईआर रद्द करने का कोई ठोस कारण नहीं दिखता.” सोनाक्षी बॉलीवुड की प्रख्यात अभिनेत्री हैं. वह नामी अभिनेता और सांसद शत्रुघ्न सिन्हा की बेटी हैं. | संक्षिप्त पाठ: सोनाक्षी सिन्हा पर धोखाधड़ी का आरोप
हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक
जानें आखिर क्या था मामला | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत की शिल्पा सिंह बुधवार को मिस यूनिवर्स प्रतिस्पर्धा के अंतिम 10 प्रतिभागियों में जगह नहीं बना पाईं। इस प्रकार भारत का प्रतिनिधित्व कर रही 23-वर्षीय शिल्पा प्रतिस्पर्धा से बाहर हो गईं।
मिस यूनिवर्स प्रतिस्पर्धा 2012 का खिताब बुधवार को अमेरिका की ओलिविया कल्पो ने जीत लिया। इसके साथ ही देश में इस खिताब को पाने का 12 वर्षों का इंतजार और लंबा हो गया। प्रतिस्पर्धा में फिलीपींस की जेनी टगोनन को फर्स्ट रनर अप चुना गया जबकि वेनेजुएला की इरेन ईसर तीसरे स्थान पर रहीं।
शिल्पा प्रतिस्पर्धा के अंतिम 16 प्रतिभागियों में जगह बनाने में कामयाब रहीं थीं, लेकिन प्रतिस्पर्धा के अगले दौर के लिए चुने जाने से वह चूक गईं। बिहार में जन्मी शिल्पा कंप्यूटर स्नातक हैं। वह फिलहाल इंफोसिस कंपनी में कार्यरत हैं।
उल्लेखनीय है कि मिस इंडिया यूनिवर्स प्रतियोगिता 'आई एम शी' की विजेता उत्तराखंड की उर्वशी राउतेला को प्रतियोगिता में न्यूनतम उम्र सीमा से कम पाए जाने के कारण खिताब की दावेदारी गंवानी पड़ी थी। इसके बाद शिल्पा का चयन मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया गया था।
लास वेगास में आयोजित समारोह में मिस यूनिवर्स प्रतिस्पर्धा 2012 का खिताब अमेरिका की ओलिविया कल्पो ने जीता। प्रतिस्पर्धा में फिलीपींस की जेनी टगोनन को फर्स्ट रनर अप चुना गया, जबकि वेनेजुएला की इरेन ईसर तीसरे स्थान पर रहीं।टिप्पणियां
मिस यूनिवर्स 2011 रहीं अंगोला की लीला लोपेज ने प्लानेट हॉलीवुड में आयोजित भव्य समारोह में ओलिविया को मिस यूनिवर्स का ताज पहनाया।
दुनियाभर की 89 सुंदरियों ने लास वेगास में आयोजित मिस यूनिवर्स प्रतिस्पर्धा में भाग लिया था। मशहूर अमेरिकी गायक की लो ग्रीन, वेनेजुएला के बेस बॉल चैंपियन पाबलो सैंडोवाल, जापान के मशहूर शेफ माशाहारू मोरीमोतो और अमेरिकी बीच वॉलीबॉल चैंपियन केरी वाल्स जेनिंग्स प्रतिस्पर्धा के निर्णायक मंडल में शामिल थे।
मिस यूनिवर्स प्रतिस्पर्धा 2012 का खिताब बुधवार को अमेरिका की ओलिविया कल्पो ने जीत लिया। इसके साथ ही देश में इस खिताब को पाने का 12 वर्षों का इंतजार और लंबा हो गया। प्रतिस्पर्धा में फिलीपींस की जेनी टगोनन को फर्स्ट रनर अप चुना गया जबकि वेनेजुएला की इरेन ईसर तीसरे स्थान पर रहीं।
शिल्पा प्रतिस्पर्धा के अंतिम 16 प्रतिभागियों में जगह बनाने में कामयाब रहीं थीं, लेकिन प्रतिस्पर्धा के अगले दौर के लिए चुने जाने से वह चूक गईं। बिहार में जन्मी शिल्पा कंप्यूटर स्नातक हैं। वह फिलहाल इंफोसिस कंपनी में कार्यरत हैं।
उल्लेखनीय है कि मिस इंडिया यूनिवर्स प्रतियोगिता 'आई एम शी' की विजेता उत्तराखंड की उर्वशी राउतेला को प्रतियोगिता में न्यूनतम उम्र सीमा से कम पाए जाने के कारण खिताब की दावेदारी गंवानी पड़ी थी। इसके बाद शिल्पा का चयन मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया गया था।
लास वेगास में आयोजित समारोह में मिस यूनिवर्स प्रतिस्पर्धा 2012 का खिताब अमेरिका की ओलिविया कल्पो ने जीता। प्रतिस्पर्धा में फिलीपींस की जेनी टगोनन को फर्स्ट रनर अप चुना गया, जबकि वेनेजुएला की इरेन ईसर तीसरे स्थान पर रहीं।टिप्पणियां
मिस यूनिवर्स 2011 रहीं अंगोला की लीला लोपेज ने प्लानेट हॉलीवुड में आयोजित भव्य समारोह में ओलिविया को मिस यूनिवर्स का ताज पहनाया।
दुनियाभर की 89 सुंदरियों ने लास वेगास में आयोजित मिस यूनिवर्स प्रतिस्पर्धा में भाग लिया था। मशहूर अमेरिकी गायक की लो ग्रीन, वेनेजुएला के बेस बॉल चैंपियन पाबलो सैंडोवाल, जापान के मशहूर शेफ माशाहारू मोरीमोतो और अमेरिकी बीच वॉलीबॉल चैंपियन केरी वाल्स जेनिंग्स प्रतिस्पर्धा के निर्णायक मंडल में शामिल थे।
शिल्पा प्रतिस्पर्धा के अंतिम 16 प्रतिभागियों में जगह बनाने में कामयाब रहीं थीं, लेकिन प्रतिस्पर्धा के अगले दौर के लिए चुने जाने से वह चूक गईं। बिहार में जन्मी शिल्पा कंप्यूटर स्नातक हैं। वह फिलहाल इंफोसिस कंपनी में कार्यरत हैं।
उल्लेखनीय है कि मिस इंडिया यूनिवर्स प्रतियोगिता 'आई एम शी' की विजेता उत्तराखंड की उर्वशी राउतेला को प्रतियोगिता में न्यूनतम उम्र सीमा से कम पाए जाने के कारण खिताब की दावेदारी गंवानी पड़ी थी। इसके बाद शिल्पा का चयन मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया गया था।
लास वेगास में आयोजित समारोह में मिस यूनिवर्स प्रतिस्पर्धा 2012 का खिताब अमेरिका की ओलिविया कल्पो ने जीता। प्रतिस्पर्धा में फिलीपींस की जेनी टगोनन को फर्स्ट रनर अप चुना गया, जबकि वेनेजुएला की इरेन ईसर तीसरे स्थान पर रहीं।टिप्पणियां
मिस यूनिवर्स 2011 रहीं अंगोला की लीला लोपेज ने प्लानेट हॉलीवुड में आयोजित भव्य समारोह में ओलिविया को मिस यूनिवर्स का ताज पहनाया।
दुनियाभर की 89 सुंदरियों ने लास वेगास में आयोजित मिस यूनिवर्स प्रतिस्पर्धा में भाग लिया था। मशहूर अमेरिकी गायक की लो ग्रीन, वेनेजुएला के बेस बॉल चैंपियन पाबलो सैंडोवाल, जापान के मशहूर शेफ माशाहारू मोरीमोतो और अमेरिकी बीच वॉलीबॉल चैंपियन केरी वाल्स जेनिंग्स प्रतिस्पर्धा के निर्णायक मंडल में शामिल थे।
उल्लेखनीय है कि मिस इंडिया यूनिवर्स प्रतियोगिता 'आई एम शी' की विजेता उत्तराखंड की उर्वशी राउतेला को प्रतियोगिता में न्यूनतम उम्र सीमा से कम पाए जाने के कारण खिताब की दावेदारी गंवानी पड़ी थी। इसके बाद शिल्पा का चयन मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया गया था।
लास वेगास में आयोजित समारोह में मिस यूनिवर्स प्रतिस्पर्धा 2012 का खिताब अमेरिका की ओलिविया कल्पो ने जीता। प्रतिस्पर्धा में फिलीपींस की जेनी टगोनन को फर्स्ट रनर अप चुना गया, जबकि वेनेजुएला की इरेन ईसर तीसरे स्थान पर रहीं।टिप्पणियां
मिस यूनिवर्स 2011 रहीं अंगोला की लीला लोपेज ने प्लानेट हॉलीवुड में आयोजित भव्य समारोह में ओलिविया को मिस यूनिवर्स का ताज पहनाया।
दुनियाभर की 89 सुंदरियों ने लास वेगास में आयोजित मिस यूनिवर्स प्रतिस्पर्धा में भाग लिया था। मशहूर अमेरिकी गायक की लो ग्रीन, वेनेजुएला के बेस बॉल चैंपियन पाबलो सैंडोवाल, जापान के मशहूर शेफ माशाहारू मोरीमोतो और अमेरिकी बीच वॉलीबॉल चैंपियन केरी वाल्स जेनिंग्स प्रतिस्पर्धा के निर्णायक मंडल में शामिल थे।
लास वेगास में आयोजित समारोह में मिस यूनिवर्स प्रतिस्पर्धा 2012 का खिताब अमेरिका की ओलिविया कल्पो ने जीता। प्रतिस्पर्धा में फिलीपींस की जेनी टगोनन को फर्स्ट रनर अप चुना गया, जबकि वेनेजुएला की इरेन ईसर तीसरे स्थान पर रहीं।टिप्पणियां
मिस यूनिवर्स 2011 रहीं अंगोला की लीला लोपेज ने प्लानेट हॉलीवुड में आयोजित भव्य समारोह में ओलिविया को मिस यूनिवर्स का ताज पहनाया।
दुनियाभर की 89 सुंदरियों ने लास वेगास में आयोजित मिस यूनिवर्स प्रतिस्पर्धा में भाग लिया था। मशहूर अमेरिकी गायक की लो ग्रीन, वेनेजुएला के बेस बॉल चैंपियन पाबलो सैंडोवाल, जापान के मशहूर शेफ माशाहारू मोरीमोतो और अमेरिकी बीच वॉलीबॉल चैंपियन केरी वाल्स जेनिंग्स प्रतिस्पर्धा के निर्णायक मंडल में शामिल थे।
मिस यूनिवर्स 2011 रहीं अंगोला की लीला लोपेज ने प्लानेट हॉलीवुड में आयोजित भव्य समारोह में ओलिविया को मिस यूनिवर्स का ताज पहनाया।
दुनियाभर की 89 सुंदरियों ने लास वेगास में आयोजित मिस यूनिवर्स प्रतिस्पर्धा में भाग लिया था। मशहूर अमेरिकी गायक की लो ग्रीन, वेनेजुएला के बेस बॉल चैंपियन पाबलो सैंडोवाल, जापान के मशहूर शेफ माशाहारू मोरीमोतो और अमेरिकी बीच वॉलीबॉल चैंपियन केरी वाल्स जेनिंग्स प्रतिस्पर्धा के निर्णायक मंडल में शामिल थे।
दुनियाभर की 89 सुंदरियों ने लास वेगास में आयोजित मिस यूनिवर्स प्रतिस्पर्धा में भाग लिया था। मशहूर अमेरिकी गायक की लो ग्रीन, वेनेजुएला के बेस बॉल चैंपियन पाबलो सैंडोवाल, जापान के मशहूर शेफ माशाहारू मोरीमोतो और अमेरिकी बीच वॉलीबॉल चैंपियन केरी वाल्स जेनिंग्स प्रतिस्पर्धा के निर्णायक मंडल में शामिल थे। | भारत की शिल्पा सिंह मिस यूनिवर्स प्रतिस्पर्धा के अंतिम 10 प्रतिभागियों में जगह नहीं बना पाईं। इसके साथ ही देश में इस खिताब को पाने का 12 वर्षों का इंतजार और लंबा हो गया। | 1 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार ने प्रमुख तेल कंपनी ओएनजीसी में पांच प्रतिशत हिस्सेदारी का विनिवेश एक मार्च को करने का फैसला किया। प्रस्तावित ब्रिकी के लिए न्यूनतम मूल्य 290 रुपये प्रति शेयर रखा जा सकता है जिससे सरकार को लगभग 12,000-13,000 करोड़ रुपये मिलेंगे।
सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष में विनिवेश के जरिए 40,000 करोड़ रुपये जुटाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा था। ओएनजीसी में यह विनिवेश नीलामी प्रक्रिया से किया जाएगा।
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी की अध्यक्षता वाले अधिकारसंपन्न मंत्री समूह की बैठक के बाद पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी ने संवाददाताओं को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, 'नीलामी प्रक्रिया से ओएनजीसी में ब्रिकी कुछ ही दिन में होगी।'
सूत्रों का कहना है कि मंत्री समूह ने इसके लिए पांच रुपये अंकित मूल्य के शेयर का न्यूनतम मूल्य 290 रुपये रखने का फैसला किया है।
सूत्रों ने बताया कि एक दिन की नीलामी एक मार्च को सुबह सवा नौ बजे से दोपहर बाद साढ़े तीन बजे तक होगी। उन्होंने कहा कि स्टाक एक्सचेंजों को भेजे गए नोटिसों में न्यूनतम मूल्य का संकेत दिया गया है।
ओएनजीसी में सरकार की 74.14 प्रतिशत हिस्सेदारी है और उसने 42.777 करोड़ शेयर या पांच प्रतिशत इक्विटी बेचने का प्रस्ताव किया है। इस ब्रिकी में वित्तीय संस्थानों के शामिल होने की अपेक्षा है और इससे सरकार को 1,200 करोड़ रुपये मिल सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने 2011-12 के आम बजट में सरकार ने पीएसयू विनिवेश से 40,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य घोषित किया था लेकिन बीते 11 महीने में वह पीएफसी में हिस्सेदारी बेचकर केवल 1,145 करोड़ जुटा पाई है।टिप्पणियां
शेयरों की ब्रिकी संस्थागत तथा खुदरा निवेशकों को 'कीमत वरीयता' आधार पर की जाएगी।
मंत्री समूह की इसी महीने हुई बैठक में भेल में इक्विटी ब्रिकी को अगले वित्त वर्ष के लिए टालने का फैसला किया गया था।
सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष में विनिवेश के जरिए 40,000 करोड़ रुपये जुटाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा था। ओएनजीसी में यह विनिवेश नीलामी प्रक्रिया से किया जाएगा।
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी की अध्यक्षता वाले अधिकारसंपन्न मंत्री समूह की बैठक के बाद पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी ने संवाददाताओं को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, 'नीलामी प्रक्रिया से ओएनजीसी में ब्रिकी कुछ ही दिन में होगी।'
सूत्रों का कहना है कि मंत्री समूह ने इसके लिए पांच रुपये अंकित मूल्य के शेयर का न्यूनतम मूल्य 290 रुपये रखने का फैसला किया है।
सूत्रों ने बताया कि एक दिन की नीलामी एक मार्च को सुबह सवा नौ बजे से दोपहर बाद साढ़े तीन बजे तक होगी। उन्होंने कहा कि स्टाक एक्सचेंजों को भेजे गए नोटिसों में न्यूनतम मूल्य का संकेत दिया गया है।
ओएनजीसी में सरकार की 74.14 प्रतिशत हिस्सेदारी है और उसने 42.777 करोड़ शेयर या पांच प्रतिशत इक्विटी बेचने का प्रस्ताव किया है। इस ब्रिकी में वित्तीय संस्थानों के शामिल होने की अपेक्षा है और इससे सरकार को 1,200 करोड़ रुपये मिल सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने 2011-12 के आम बजट में सरकार ने पीएसयू विनिवेश से 40,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य घोषित किया था लेकिन बीते 11 महीने में वह पीएफसी में हिस्सेदारी बेचकर केवल 1,145 करोड़ जुटा पाई है।टिप्पणियां
शेयरों की ब्रिकी संस्थागत तथा खुदरा निवेशकों को 'कीमत वरीयता' आधार पर की जाएगी।
मंत्री समूह की इसी महीने हुई बैठक में भेल में इक्विटी ब्रिकी को अगले वित्त वर्ष के लिए टालने का फैसला किया गया था।
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी की अध्यक्षता वाले अधिकारसंपन्न मंत्री समूह की बैठक के बाद पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी ने संवाददाताओं को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, 'नीलामी प्रक्रिया से ओएनजीसी में ब्रिकी कुछ ही दिन में होगी।'
सूत्रों का कहना है कि मंत्री समूह ने इसके लिए पांच रुपये अंकित मूल्य के शेयर का न्यूनतम मूल्य 290 रुपये रखने का फैसला किया है।
सूत्रों ने बताया कि एक दिन की नीलामी एक मार्च को सुबह सवा नौ बजे से दोपहर बाद साढ़े तीन बजे तक होगी। उन्होंने कहा कि स्टाक एक्सचेंजों को भेजे गए नोटिसों में न्यूनतम मूल्य का संकेत दिया गया है।
ओएनजीसी में सरकार की 74.14 प्रतिशत हिस्सेदारी है और उसने 42.777 करोड़ शेयर या पांच प्रतिशत इक्विटी बेचने का प्रस्ताव किया है। इस ब्रिकी में वित्तीय संस्थानों के शामिल होने की अपेक्षा है और इससे सरकार को 1,200 करोड़ रुपये मिल सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने 2011-12 के आम बजट में सरकार ने पीएसयू विनिवेश से 40,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य घोषित किया था लेकिन बीते 11 महीने में वह पीएफसी में हिस्सेदारी बेचकर केवल 1,145 करोड़ जुटा पाई है।टिप्पणियां
शेयरों की ब्रिकी संस्थागत तथा खुदरा निवेशकों को 'कीमत वरीयता' आधार पर की जाएगी।
मंत्री समूह की इसी महीने हुई बैठक में भेल में इक्विटी ब्रिकी को अगले वित्त वर्ष के लिए टालने का फैसला किया गया था।
सूत्रों का कहना है कि मंत्री समूह ने इसके लिए पांच रुपये अंकित मूल्य के शेयर का न्यूनतम मूल्य 290 रुपये रखने का फैसला किया है।
सूत्रों ने बताया कि एक दिन की नीलामी एक मार्च को सुबह सवा नौ बजे से दोपहर बाद साढ़े तीन बजे तक होगी। उन्होंने कहा कि स्टाक एक्सचेंजों को भेजे गए नोटिसों में न्यूनतम मूल्य का संकेत दिया गया है।
ओएनजीसी में सरकार की 74.14 प्रतिशत हिस्सेदारी है और उसने 42.777 करोड़ शेयर या पांच प्रतिशत इक्विटी बेचने का प्रस्ताव किया है। इस ब्रिकी में वित्तीय संस्थानों के शामिल होने की अपेक्षा है और इससे सरकार को 1,200 करोड़ रुपये मिल सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने 2011-12 के आम बजट में सरकार ने पीएसयू विनिवेश से 40,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य घोषित किया था लेकिन बीते 11 महीने में वह पीएफसी में हिस्सेदारी बेचकर केवल 1,145 करोड़ जुटा पाई है।टिप्पणियां
शेयरों की ब्रिकी संस्थागत तथा खुदरा निवेशकों को 'कीमत वरीयता' आधार पर की जाएगी।
मंत्री समूह की इसी महीने हुई बैठक में भेल में इक्विटी ब्रिकी को अगले वित्त वर्ष के लिए टालने का फैसला किया गया था।
सूत्रों ने बताया कि एक दिन की नीलामी एक मार्च को सुबह सवा नौ बजे से दोपहर बाद साढ़े तीन बजे तक होगी। उन्होंने कहा कि स्टाक एक्सचेंजों को भेजे गए नोटिसों में न्यूनतम मूल्य का संकेत दिया गया है।
ओएनजीसी में सरकार की 74.14 प्रतिशत हिस्सेदारी है और उसने 42.777 करोड़ शेयर या पांच प्रतिशत इक्विटी बेचने का प्रस्ताव किया है। इस ब्रिकी में वित्तीय संस्थानों के शामिल होने की अपेक्षा है और इससे सरकार को 1,200 करोड़ रुपये मिल सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने 2011-12 के आम बजट में सरकार ने पीएसयू विनिवेश से 40,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य घोषित किया था लेकिन बीते 11 महीने में वह पीएफसी में हिस्सेदारी बेचकर केवल 1,145 करोड़ जुटा पाई है।टिप्पणियां
शेयरों की ब्रिकी संस्थागत तथा खुदरा निवेशकों को 'कीमत वरीयता' आधार पर की जाएगी।
मंत्री समूह की इसी महीने हुई बैठक में भेल में इक्विटी ब्रिकी को अगले वित्त वर्ष के लिए टालने का फैसला किया गया था।
ओएनजीसी में सरकार की 74.14 प्रतिशत हिस्सेदारी है और उसने 42.777 करोड़ शेयर या पांच प्रतिशत इक्विटी बेचने का प्रस्ताव किया है। इस ब्रिकी में वित्तीय संस्थानों के शामिल होने की अपेक्षा है और इससे सरकार को 1,200 करोड़ रुपये मिल सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने 2011-12 के आम बजट में सरकार ने पीएसयू विनिवेश से 40,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य घोषित किया था लेकिन बीते 11 महीने में वह पीएफसी में हिस्सेदारी बेचकर केवल 1,145 करोड़ जुटा पाई है।टिप्पणियां
शेयरों की ब्रिकी संस्थागत तथा खुदरा निवेशकों को 'कीमत वरीयता' आधार पर की जाएगी।
मंत्री समूह की इसी महीने हुई बैठक में भेल में इक्विटी ब्रिकी को अगले वित्त वर्ष के लिए टालने का फैसला किया गया था।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने 2011-12 के आम बजट में सरकार ने पीएसयू विनिवेश से 40,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य घोषित किया था लेकिन बीते 11 महीने में वह पीएफसी में हिस्सेदारी बेचकर केवल 1,145 करोड़ जुटा पाई है।टिप्पणियां
शेयरों की ब्रिकी संस्थागत तथा खुदरा निवेशकों को 'कीमत वरीयता' आधार पर की जाएगी।
मंत्री समूह की इसी महीने हुई बैठक में भेल में इक्विटी ब्रिकी को अगले वित्त वर्ष के लिए टालने का फैसला किया गया था।
शेयरों की ब्रिकी संस्थागत तथा खुदरा निवेशकों को 'कीमत वरीयता' आधार पर की जाएगी।
मंत्री समूह की इसी महीने हुई बैठक में भेल में इक्विटी ब्रिकी को अगले वित्त वर्ष के लिए टालने का फैसला किया गया था।
मंत्री समूह की इसी महीने हुई बैठक में भेल में इक्विटी ब्रिकी को अगले वित्त वर्ष के लिए टालने का फैसला किया गया था। | सरकार ने प्रमुख तेल कंपनी ओएनजीसी में पांच प्रतिशत हिस्सेदारी का विनिवेश एक मार्च को करने का फैसला किया। | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इरफान पठान ने कहा है कि वह भारतीय क्रिकेट टीम में मध्यम तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर के रूप में अपनी जगह पक्की करना चाहते हैं। भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी कई बार कह चुके हैं कि टीम में अच्छे तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर की कमी है, जो टीम को संतुलित कर सकता है और पठान का मानना है कि वह 10 ओवर फेंकने और कुछ अच्छे शॉट लगाने में सक्षम हैं।टिप्पणियां
पठान ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मैं एक गेंदबाज हूं, जो बल्लेबाजी कर सकता है। अगर आप मुझे नेट्स पर देखेंगे, तो मैं हमेशा सुनिश्चित करता हूं कि दोनों विभागों को बराबर की अहमियत दूं। जब मैं गेंदबाजी कर रहा होता हूं, तो मैं सुनिश्चित करता हूं कि मैं शुरुआत लेंथ गेंदबाजी से करूं, विविधता का इस्तेमाल करूं और इसका अंत मैं डेथ ओवर में गेंदबाजी और विविधता के साथ करने की कोशिश करता हूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘बल्लेबाजी में भी मैं ऐसा ही करता हूं। मैं सुनिश्चित करता हूं कि मैं नियमित गेंदबाजों के साथ बल्लेबाजी करूं। मैं अतिरिक्त गेंदबाजी और बल्लेबाजी करने की कोशिश करता हूं। मैच में जब मैं गेंदबाजी कर रहा होता हूं, तो मैं गेंदबाज होता हूं, जबकि बल्लेबाजी के समय मैं बल्लेबाज के रूप में सोचने का प्रयास करता हूं।’’
पठान ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मैं एक गेंदबाज हूं, जो बल्लेबाजी कर सकता है। अगर आप मुझे नेट्स पर देखेंगे, तो मैं हमेशा सुनिश्चित करता हूं कि दोनों विभागों को बराबर की अहमियत दूं। जब मैं गेंदबाजी कर रहा होता हूं, तो मैं सुनिश्चित करता हूं कि मैं शुरुआत लेंथ गेंदबाजी से करूं, विविधता का इस्तेमाल करूं और इसका अंत मैं डेथ ओवर में गेंदबाजी और विविधता के साथ करने की कोशिश करता हूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘बल्लेबाजी में भी मैं ऐसा ही करता हूं। मैं सुनिश्चित करता हूं कि मैं नियमित गेंदबाजों के साथ बल्लेबाजी करूं। मैं अतिरिक्त गेंदबाजी और बल्लेबाजी करने की कोशिश करता हूं। मैच में जब मैं गेंदबाजी कर रहा होता हूं, तो मैं गेंदबाज होता हूं, जबकि बल्लेबाजी के समय मैं बल्लेबाज के रूप में सोचने का प्रयास करता हूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘बल्लेबाजी में भी मैं ऐसा ही करता हूं। मैं सुनिश्चित करता हूं कि मैं नियमित गेंदबाजों के साथ बल्लेबाजी करूं। मैं अतिरिक्त गेंदबाजी और बल्लेबाजी करने की कोशिश करता हूं। मैच में जब मैं गेंदबाजी कर रहा होता हूं, तो मैं गेंदबाज होता हूं, जबकि बल्लेबाजी के समय मैं बल्लेबाज के रूप में सोचने का प्रयास करता हूं।’’ | सारांश: इरफान पठान ने कहा है कि वह भारतीय क्रिकेट टीम में मध्यम तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर के रूप में अपनी जगह पक्की करना चाहते हैं। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: ऊंची महंगाई दर पर कड़ा अंकुश बनाए रखने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी अल्पकालिक नीतिगत ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की और बढ़ोतरी कर दी है। केंद्रीय बैंक के इस निर्णय से बैंकों के पैसे की लागत बढ़ सकती है और ऐसे में वे वाहन, मकान और अन्य कर्ज पर ब्याज और महंगा कर देंगे। मार्च, 2010 के बाद यह 12वां मौका है, जब केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में इजाफा किया है। इस वृद्धि के बाद रिजर्व बैंक द्वारा वाणिज्यिक बैंकों से अल्पकालिक उधार के रूप में दी जाने वाली नकदी पर ब्याज (रेपो रेट) 8 से बढ़कर 8.25 प्रतिशत हो गई है। इसी तरह रिजर्व बैंक नकदी समायोजना सुविधा के तहत बैंकों से नकदी लेता है उस पर ब्याज दर (रिवर्स रेपो) 7.25 फीसदी होगी। केंद्रीय बैंक ने मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा में बैंकों के लिए आरक्षित नकदी के अनुपात (सीआरआर) और बैंक दर आदि में कोई बदलाव नहीं किया है। सीआरआर बैंकों के पर जमा का वह हिस्सा है, जिसे उन्हें केंद्रीय बैंक के पास अनिवार्य रूप से रखना होता है। इसी तरह, बैंक दर रिजर्व बैंक की दीर्घकालिक ऋणों के लिए ब्याज दर है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि अभी तक रिजर्व बैंक द्वारा उठाए गए मौद्रिक नीति को सख्त करने के उपायों से मुद्रास्फीति पर अंकुश में मदद मिली है और साथ ही मुद्रास्फीतिक संभावनाओं को भी कुछ नियंत्रित किया जा सकता है। हालांकि अभी भी यह रिजर्व बैंक के संतोषजनक स्तर से कहीं ऊंची चल रही है। यहां तथ्य यह है कि केंद्रीय बैंक द्वारा मार्च, 2010 के बाद से कई बार ब्याज दरों में वृद्धि करने के बावजूद अगस्त में कुल मुद्रास्फीति बढ़कर 9.8 प्रतिशत हो गई है। जुलाई में यह 9.2 फीसदी के स्तर पर थी। रिजर्व बैंक ने कहा कि आगे मौद्रिक नीति का रुख मुद्रास्फीति की दिशा पर निर्भर करेगा। | सारांश: ऊंची महंगाई दर पर कड़ा अंकुश बनाए रखने के लिए रिजर्व बैंक ने अल्पकालिक नीतिगत ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की और बढ़ोतरी कर दी है। | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: खलनायक के रूप में प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता शक्ति कपूर की बेटी अभिनेत्री श्रद्धा कपूर का कहना है कि उन्हें फिल्मों में अपने पिता का खलनायक बनना अच्छा नहीं लगता था।
'रॉकी', 'कुर्बानी', 'हिम्मतवाला' और 'हीरो' जैसी कई हिट फिल्मों में खलनायक का किरदार निभाने वाले शक्ति कपूर ने बॉलीवुड फिल्मों में हास्य भूमिकाएं भी की हैं, और काफी सफल रहे।
उनकी बेटी श्रद्धा ने एक साक्षात्कार में कहा, मैं उनके खलनायक बनने को लेकर उन पर चिल्लाया करती थी। मुझे इससे दुख होता था, लेकिन बाद में मेरी मां ने मुझे समझाया कि वह तो बस अभिनय कर रहे हैं। श्रद्धा ने कहा, मुझे उनकी हास्य भूमिकाएं भी बेहद पसंद हैं। असल जिंदगी में भी वह बेहद मजाकिया हैं। अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरी की बहन की बेटी श्रद्धा का कहना है कि उनके घर में अक्सर फिल्मों पर ही बातें होती हैं।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मेरे पिता और मौसी पद्मिनी मुझे अक्सर सलाह देते रहते हैं। मेरे पिता का नजरिया बेहद दिलचस्प है। श्रद्धा ने वर्ष 2010 में अमिताभ बच्चन और आर माधवन के साथ फिल्म 'तीन पत्ती' में काम किया था, जो बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही थी। इसके बाद श्रद्धा वर्ष 2011 में फिल्म 'लव का द एंड' में दिखीं, जिसने बॉक्स ऑफिस पर औसत कारोबार किया।
श्रद्धा कपूर अब मुकेश भट्ट की आने वाली फिल्म 'आशिकी 2' में आदित्य रॉय कपूर के साथ मुख्य भूमिका में दिखेंगी। फिल्म के प्रोमो रिलीज हो चुके हैं, और इसे लेकर उनका परिवार बेहद उत्साहित है।
'रॉकी', 'कुर्बानी', 'हिम्मतवाला' और 'हीरो' जैसी कई हिट फिल्मों में खलनायक का किरदार निभाने वाले शक्ति कपूर ने बॉलीवुड फिल्मों में हास्य भूमिकाएं भी की हैं, और काफी सफल रहे।
उनकी बेटी श्रद्धा ने एक साक्षात्कार में कहा, मैं उनके खलनायक बनने को लेकर उन पर चिल्लाया करती थी। मुझे इससे दुख होता था, लेकिन बाद में मेरी मां ने मुझे समझाया कि वह तो बस अभिनय कर रहे हैं। श्रद्धा ने कहा, मुझे उनकी हास्य भूमिकाएं भी बेहद पसंद हैं। असल जिंदगी में भी वह बेहद मजाकिया हैं। अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरी की बहन की बेटी श्रद्धा का कहना है कि उनके घर में अक्सर फिल्मों पर ही बातें होती हैं।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मेरे पिता और मौसी पद्मिनी मुझे अक्सर सलाह देते रहते हैं। मेरे पिता का नजरिया बेहद दिलचस्प है। श्रद्धा ने वर्ष 2010 में अमिताभ बच्चन और आर माधवन के साथ फिल्म 'तीन पत्ती' में काम किया था, जो बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही थी। इसके बाद श्रद्धा वर्ष 2011 में फिल्म 'लव का द एंड' में दिखीं, जिसने बॉक्स ऑफिस पर औसत कारोबार किया।
श्रद्धा कपूर अब मुकेश भट्ट की आने वाली फिल्म 'आशिकी 2' में आदित्य रॉय कपूर के साथ मुख्य भूमिका में दिखेंगी। फिल्म के प्रोमो रिलीज हो चुके हैं, और इसे लेकर उनका परिवार बेहद उत्साहित है।
उनकी बेटी श्रद्धा ने एक साक्षात्कार में कहा, मैं उनके खलनायक बनने को लेकर उन पर चिल्लाया करती थी। मुझे इससे दुख होता था, लेकिन बाद में मेरी मां ने मुझे समझाया कि वह तो बस अभिनय कर रहे हैं। श्रद्धा ने कहा, मुझे उनकी हास्य भूमिकाएं भी बेहद पसंद हैं। असल जिंदगी में भी वह बेहद मजाकिया हैं। अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरी की बहन की बेटी श्रद्धा का कहना है कि उनके घर में अक्सर फिल्मों पर ही बातें होती हैं।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मेरे पिता और मौसी पद्मिनी मुझे अक्सर सलाह देते रहते हैं। मेरे पिता का नजरिया बेहद दिलचस्प है। श्रद्धा ने वर्ष 2010 में अमिताभ बच्चन और आर माधवन के साथ फिल्म 'तीन पत्ती' में काम किया था, जो बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही थी। इसके बाद श्रद्धा वर्ष 2011 में फिल्म 'लव का द एंड' में दिखीं, जिसने बॉक्स ऑफिस पर औसत कारोबार किया।
श्रद्धा कपूर अब मुकेश भट्ट की आने वाली फिल्म 'आशिकी 2' में आदित्य रॉय कपूर के साथ मुख्य भूमिका में दिखेंगी। फिल्म के प्रोमो रिलीज हो चुके हैं, और इसे लेकर उनका परिवार बेहद उत्साहित है।
उन्होंने कहा, मेरे पिता और मौसी पद्मिनी मुझे अक्सर सलाह देते रहते हैं। मेरे पिता का नजरिया बेहद दिलचस्प है। श्रद्धा ने वर्ष 2010 में अमिताभ बच्चन और आर माधवन के साथ फिल्म 'तीन पत्ती' में काम किया था, जो बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही थी। इसके बाद श्रद्धा वर्ष 2011 में फिल्म 'लव का द एंड' में दिखीं, जिसने बॉक्स ऑफिस पर औसत कारोबार किया।
श्रद्धा कपूर अब मुकेश भट्ट की आने वाली फिल्म 'आशिकी 2' में आदित्य रॉय कपूर के साथ मुख्य भूमिका में दिखेंगी। फिल्म के प्रोमो रिलीज हो चुके हैं, और इसे लेकर उनका परिवार बेहद उत्साहित है।
श्रद्धा कपूर अब मुकेश भट्ट की आने वाली फिल्म 'आशिकी 2' में आदित्य रॉय कपूर के साथ मुख्य भूमिका में दिखेंगी। फिल्म के प्रोमो रिलीज हो चुके हैं, और इसे लेकर उनका परिवार बेहद उत्साहित है। | यह एक सारांश है: खलनायक के रूप में प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता शक्ति कपूर की बेटी अभिनेत्री श्रद्धा कपूर का कहना है कि उन्हें फिल्मों में अपने पिता का खलनायक बनना अच्छा नहीं लगता था। | 24 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: नाइजीरिया में रहने वाले भारतीयों को अपने निवास क्षेत्र में कम निकलने की सलाह दी गई है। बोको हाराम विद्रोही गुट की हिंसा से बचने के लिए यह परामर्श दिया गया है।
भारतीय उच्चायोग ने कहा है कि पिछले साल नाइजीरिया में रहने वाले भारतीय यहां बेतहाशा स्तर तक जा पहुंची अस्थिरता के शिकार हुए थे। कांगो शहर में हमलों के दौरान एक भारतीय की मौत हो गई थी और छह अन्य बुरी तरह जख्मी हुए थे।
एक बयान में उच्चायोग ने कहा है कि हाल के सप्ताहों में नाइजीरिया के कुछ हिस्सों में हिंसा में तेजी देखी गई है। देश के उत्तर पूर्वी हिस्से में हिंसा की कई घटनाएं हुई। तटीय क्षेत्रों में अपहरण की घटनाओं में तेजी आई है। खासतौर से गुएना की खाड़ी में समुद्री लुटेरों की सक्रियता की भी जानकारी मिली है।टिप्पणियां
इस सप्ताह के शुरू में नाइजीरियाई मीडिया ने खबर दी है कि देश के उत्तरी हिस्से में प्लेटेउ प्रांत के दक्षिणी इलाके में रियोम एवं जोस में बंदूकधारी ने चार लोगों की हत्या कर दी। एक अन्य घटना में कांगो शहर के बाहरी इलाके में बोको हाराम के लोगों ने चार पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी।
इन घटनाओं को ध्यान में रखते हुए उच्चायोग ने नाइजीरिया मे रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए पूर्व में जारी परामर्श पर जोर दिया है।
भारतीय उच्चायोग ने कहा है कि पिछले साल नाइजीरिया में रहने वाले भारतीय यहां बेतहाशा स्तर तक जा पहुंची अस्थिरता के शिकार हुए थे। कांगो शहर में हमलों के दौरान एक भारतीय की मौत हो गई थी और छह अन्य बुरी तरह जख्मी हुए थे।
एक बयान में उच्चायोग ने कहा है कि हाल के सप्ताहों में नाइजीरिया के कुछ हिस्सों में हिंसा में तेजी देखी गई है। देश के उत्तर पूर्वी हिस्से में हिंसा की कई घटनाएं हुई। तटीय क्षेत्रों में अपहरण की घटनाओं में तेजी आई है। खासतौर से गुएना की खाड़ी में समुद्री लुटेरों की सक्रियता की भी जानकारी मिली है।टिप्पणियां
इस सप्ताह के शुरू में नाइजीरियाई मीडिया ने खबर दी है कि देश के उत्तरी हिस्से में प्लेटेउ प्रांत के दक्षिणी इलाके में रियोम एवं जोस में बंदूकधारी ने चार लोगों की हत्या कर दी। एक अन्य घटना में कांगो शहर के बाहरी इलाके में बोको हाराम के लोगों ने चार पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी।
इन घटनाओं को ध्यान में रखते हुए उच्चायोग ने नाइजीरिया मे रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए पूर्व में जारी परामर्श पर जोर दिया है।
एक बयान में उच्चायोग ने कहा है कि हाल के सप्ताहों में नाइजीरिया के कुछ हिस्सों में हिंसा में तेजी देखी गई है। देश के उत्तर पूर्वी हिस्से में हिंसा की कई घटनाएं हुई। तटीय क्षेत्रों में अपहरण की घटनाओं में तेजी आई है। खासतौर से गुएना की खाड़ी में समुद्री लुटेरों की सक्रियता की भी जानकारी मिली है।टिप्पणियां
इस सप्ताह के शुरू में नाइजीरियाई मीडिया ने खबर दी है कि देश के उत्तरी हिस्से में प्लेटेउ प्रांत के दक्षिणी इलाके में रियोम एवं जोस में बंदूकधारी ने चार लोगों की हत्या कर दी। एक अन्य घटना में कांगो शहर के बाहरी इलाके में बोको हाराम के लोगों ने चार पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी।
इन घटनाओं को ध्यान में रखते हुए उच्चायोग ने नाइजीरिया मे रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए पूर्व में जारी परामर्श पर जोर दिया है।
इस सप्ताह के शुरू में नाइजीरियाई मीडिया ने खबर दी है कि देश के उत्तरी हिस्से में प्लेटेउ प्रांत के दक्षिणी इलाके में रियोम एवं जोस में बंदूकधारी ने चार लोगों की हत्या कर दी। एक अन्य घटना में कांगो शहर के बाहरी इलाके में बोको हाराम के लोगों ने चार पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी।
इन घटनाओं को ध्यान में रखते हुए उच्चायोग ने नाइजीरिया मे रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए पूर्व में जारी परामर्श पर जोर दिया है।
इन घटनाओं को ध्यान में रखते हुए उच्चायोग ने नाइजीरिया मे रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए पूर्व में जारी परामर्श पर जोर दिया है। | यह एक सारांश है: नाइजीरिया में रहने वाले भारतीयों को अपने निवास क्षेत्र में कम निकलने की सलाह दी गई है। बोको हाराम विद्रोही गुट की हिंसा से बचने के लिए यह परामर्श दिया गया है। | 21 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आनंद कुमार बने ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) की फिल्म को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला. फैन्स बड़ी तादाद में सिनेमाघरों का रुख कर रहे हैं. बॉक्स ऑफिस इंडिया डॉट कॉम के मुताबिक इस फिल्म ने दूसरे दिन नेट 17 से 18 करोड़ रुपये की कमाई की, जिसके हिसाब से ऋतिक रोशन की इस फिल्म ने अब तक करीब 29 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है.
ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) की फिल्म 'सुपर 30' (Super 30) आनंद कुमार की जिंदगी और उनके संघर्षों को बड़े पर्दे पर उतारती है. इस फिल्म में उनके जीवन की सारी घटनाओं को बेहद ही खूबसूरती के साथ दर्शाया गया है. ऋतिक रोशन और मृणाल ठाकुर (Mrunal Thakur) की इस फिल्म ने शुक्रवार (पहले दिन 12 जुलाई) को 12 करोड़ रुपये की कमाई की तो शनिवार को 17 से 18 करोड़ की कमाई की. फैन्स में इस फिल्म को देखने को उत्साह इतना था कि शुक्रवार को कई सिनेमाघरों में इस फिल्म को देखकर लोगों ने डांस करना भी शुरू कर दिया था.
ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) स्टारर फिल्म 'सुपर 30' (Super 30) की कहानी काफी इंस्पायरिंग है. इस फिल्म में ऋतिक की परफॉर्मेंस को काफी सराहना मिल रही है. ऋतिक रोशन आनंद के किरदार में अच्छे लगे हैं लेकिन कहीं उनका बिहारी भाषा बोलने का तरीका थोड़ा तंग करता है. ऋतिक रोशन को आनंद कुमार बनाने के लिए जो मेहनत की गई है इसमें भी थोड़ी चूक नज़र आती है. फ़िल्म में उनका स्किन टोन और आंखों का रंग थोड़ा खटकता है. 'सुपर 30 (Super 30)' में पंकज त्रिपाठी एक बार फिर बेहतरीन हैं तो आदित्य श्रीवास्तव की एक्टिंग भी बढ़िया है. 'सुपर 30 (Super 30)' का बजट लगभग 70 करोड़ रुपये बताया जा रहा है. | ऋतिक रोशन की फिल्म 'सुपर 30' ने दूसरे दिन कमाए इतने करोड़
'सुपर 30' का दूसरे दिन भी सिनेमाघरों में रहा राज
अब तक 29 करोड़ रुपये की कमाई की | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक स्कूल बस में लगे गैस सिलिंडर में विस्फोट हो जाने से उसमें सवार कम से कम 15 बच्चों एवं एक शिक्षक की मौत हो गई।
यह विस्फोट सुबह 7:40 बजे उस समय हुआ, जब स्कूल बस चार गांवों से बच्चों को लेकर गुजरात शहर स्थित एक निजी स्कूल के लिए जा रही थी। बस में लगभग 25 लोग सवार थे और छात्रों की उम्र आठ से 12 वर्ष के बीच थी।टिप्पणियां
इस विस्फोट में एक शिक्षक, 13 छात्रों एवं दो छात्राओं की मौत हो गई तथा आठ बच्चे एवं एक चालक घायल हो गए। हॉस्पीटल के सूत्रों ने बताया कि घायलों में कई झुलस गए हैं और कुछ बच्चे गम्भीर रूप से घायल हैं। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
विस्फोट के कारण वाहन में आग लग गई और पूरी तरह नष्ट हो गया। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में पता चला है कि गैस सिलिंडर में आग लग जाने की वजह से यह दुर्घटना हुई है।
यह विस्फोट सुबह 7:40 बजे उस समय हुआ, जब स्कूल बस चार गांवों से बच्चों को लेकर गुजरात शहर स्थित एक निजी स्कूल के लिए जा रही थी। बस में लगभग 25 लोग सवार थे और छात्रों की उम्र आठ से 12 वर्ष के बीच थी।टिप्पणियां
इस विस्फोट में एक शिक्षक, 13 छात्रों एवं दो छात्राओं की मौत हो गई तथा आठ बच्चे एवं एक चालक घायल हो गए। हॉस्पीटल के सूत्रों ने बताया कि घायलों में कई झुलस गए हैं और कुछ बच्चे गम्भीर रूप से घायल हैं। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
विस्फोट के कारण वाहन में आग लग गई और पूरी तरह नष्ट हो गया। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में पता चला है कि गैस सिलिंडर में आग लग जाने की वजह से यह दुर्घटना हुई है।
इस विस्फोट में एक शिक्षक, 13 छात्रों एवं दो छात्राओं की मौत हो गई तथा आठ बच्चे एवं एक चालक घायल हो गए। हॉस्पीटल के सूत्रों ने बताया कि घायलों में कई झुलस गए हैं और कुछ बच्चे गम्भीर रूप से घायल हैं। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
विस्फोट के कारण वाहन में आग लग गई और पूरी तरह नष्ट हो गया। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में पता चला है कि गैस सिलिंडर में आग लग जाने की वजह से यह दुर्घटना हुई है।
विस्फोट के कारण वाहन में आग लग गई और पूरी तरह नष्ट हो गया। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में पता चला है कि गैस सिलिंडर में आग लग जाने की वजह से यह दुर्घटना हुई है। | संक्षिप्त सारांश: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक स्कूल बस में लगे गैस सिलिंडर में विस्फोट हो जाने से उसमें सवार कम से कम 15 बच्चों एवं एक शिक्षक की मौत हो गई। | 23 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जूमा ने पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला की नाजुक स्थिति को देखते हुए मोजाम्बिक की अपनी यात्रा रद्द कर दी है। वह अस्पताल में मंडेला को देखने गए थे।
बीबीसी के मुताबिक, जूमा को मोजाम्बिक की राजधानी मापुटो में गुरुवार को एक क्षेत्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेना था, लेकिन उन्होंने अपना दौरा रद्द कर दिया।टिप्पणियां
एक आधिकारिक वक्तव्य में जानकारी दी गई है कि चिकित्सकों ने जूमा को मंडेला (94) की स्थिति के बारे में बताया।
महीने की शुरुआत में देश के पहले अश्वेत राष्ट्रपति मंडेला की गम्भीर स्थिति को देखते हुए उन्हें प्रीटोरिया के मेडी-क्लिनिक हर्ट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वह लम्बे समय से फेंफड़े की समस्या से ग्रसित हैं तथा उन्हें इस साल तीसरी बार अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल वह वेंटिलेटर पर हैं।
बीबीसी के मुताबिक, जूमा को मोजाम्बिक की राजधानी मापुटो में गुरुवार को एक क्षेत्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेना था, लेकिन उन्होंने अपना दौरा रद्द कर दिया।टिप्पणियां
एक आधिकारिक वक्तव्य में जानकारी दी गई है कि चिकित्सकों ने जूमा को मंडेला (94) की स्थिति के बारे में बताया।
महीने की शुरुआत में देश के पहले अश्वेत राष्ट्रपति मंडेला की गम्भीर स्थिति को देखते हुए उन्हें प्रीटोरिया के मेडी-क्लिनिक हर्ट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वह लम्बे समय से फेंफड़े की समस्या से ग्रसित हैं तथा उन्हें इस साल तीसरी बार अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल वह वेंटिलेटर पर हैं।
एक आधिकारिक वक्तव्य में जानकारी दी गई है कि चिकित्सकों ने जूमा को मंडेला (94) की स्थिति के बारे में बताया।
महीने की शुरुआत में देश के पहले अश्वेत राष्ट्रपति मंडेला की गम्भीर स्थिति को देखते हुए उन्हें प्रीटोरिया के मेडी-क्लिनिक हर्ट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वह लम्बे समय से फेंफड़े की समस्या से ग्रसित हैं तथा उन्हें इस साल तीसरी बार अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल वह वेंटिलेटर पर हैं।
महीने की शुरुआत में देश के पहले अश्वेत राष्ट्रपति मंडेला की गम्भीर स्थिति को देखते हुए उन्हें प्रीटोरिया के मेडी-क्लिनिक हर्ट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वह लम्बे समय से फेंफड़े की समस्या से ग्रसित हैं तथा उन्हें इस साल तीसरी बार अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल वह वेंटिलेटर पर हैं। | संक्षिप्त पाठ: दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जूमा ने पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला की नाजुक स्थिति को देखते हुए मोजाम्बिक की अपनी यात्रा रद्द कर दी है। वह अस्पताल में मंडेला को देखने गए थे। | 14 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बेटे की चाह रखने वाले एक पिता ने अपनी दो दिन की बेटी को निकोटीन खिलाकर मार डाला। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है।
नरेंद्र राणा (40) को सोमवार को गिरफ्तार किया गया। वह ग्वालियर के मुरार इलाके का निवासी है। राणा ने छह महीने पहले अपनी बेटी की हत्या की थी।
राणा की पत्नी अनीता ने बीते साल 17 अक्टूबर को एक बेटी को जन्म दिया था। दो दिन बाद यह बच्ची मृत पाई गई थी।टिप्पणियां
पोस्टमार्टम रिपोर्ट, जो कि पुलिस को एक महीने पहले सौंपी गई, के मुताबिक बच्ची की मौत निकोटीन के सेवन के कारण हुई है।
मुरार पुलिस स्टेशन के प्रमुख सूर्यकांत अवस्थी के मुताबिक अनीता ने पुलिस को बताया कि बेटी के जन्म के बाद राणा निराश था। अनीता के मुताबिक जिस दिन वह प्राइवेट अस्पताल के वार्ड में घुसा था, उसी दिन उनकी बच्ची मृत पाई गई थी। पूछताछ के दौरान राणा ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है।
नरेंद्र राणा (40) को सोमवार को गिरफ्तार किया गया। वह ग्वालियर के मुरार इलाके का निवासी है। राणा ने छह महीने पहले अपनी बेटी की हत्या की थी।
राणा की पत्नी अनीता ने बीते साल 17 अक्टूबर को एक बेटी को जन्म दिया था। दो दिन बाद यह बच्ची मृत पाई गई थी।टिप्पणियां
पोस्टमार्टम रिपोर्ट, जो कि पुलिस को एक महीने पहले सौंपी गई, के मुताबिक बच्ची की मौत निकोटीन के सेवन के कारण हुई है।
मुरार पुलिस स्टेशन के प्रमुख सूर्यकांत अवस्थी के मुताबिक अनीता ने पुलिस को बताया कि बेटी के जन्म के बाद राणा निराश था। अनीता के मुताबिक जिस दिन वह प्राइवेट अस्पताल के वार्ड में घुसा था, उसी दिन उनकी बच्ची मृत पाई गई थी। पूछताछ के दौरान राणा ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है।
राणा की पत्नी अनीता ने बीते साल 17 अक्टूबर को एक बेटी को जन्म दिया था। दो दिन बाद यह बच्ची मृत पाई गई थी।टिप्पणियां
पोस्टमार्टम रिपोर्ट, जो कि पुलिस को एक महीने पहले सौंपी गई, के मुताबिक बच्ची की मौत निकोटीन के सेवन के कारण हुई है।
मुरार पुलिस स्टेशन के प्रमुख सूर्यकांत अवस्थी के मुताबिक अनीता ने पुलिस को बताया कि बेटी के जन्म के बाद राणा निराश था। अनीता के मुताबिक जिस दिन वह प्राइवेट अस्पताल के वार्ड में घुसा था, उसी दिन उनकी बच्ची मृत पाई गई थी। पूछताछ के दौरान राणा ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट, जो कि पुलिस को एक महीने पहले सौंपी गई, के मुताबिक बच्ची की मौत निकोटीन के सेवन के कारण हुई है।
मुरार पुलिस स्टेशन के प्रमुख सूर्यकांत अवस्थी के मुताबिक अनीता ने पुलिस को बताया कि बेटी के जन्म के बाद राणा निराश था। अनीता के मुताबिक जिस दिन वह प्राइवेट अस्पताल के वार्ड में घुसा था, उसी दिन उनकी बच्ची मृत पाई गई थी। पूछताछ के दौरान राणा ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है।
मुरार पुलिस स्टेशन के प्रमुख सूर्यकांत अवस्थी के मुताबिक अनीता ने पुलिस को बताया कि बेटी के जन्म के बाद राणा निराश था। अनीता के मुताबिक जिस दिन वह प्राइवेट अस्पताल के वार्ड में घुसा था, उसी दिन उनकी बच्ची मृत पाई गई थी। पूछताछ के दौरान राणा ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बेटे की चाह रखने वाले एक पिता ने अपनी दो दिन की बेटी को निकोटीन खिलाकर मार डाला। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है। | 19 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुलंदशहर गैंगरेप केस की सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं. न्यायालय ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए और एक एनजीओ द्वारा मामले की सीबीआई से जांच कराए जाने की मांग स्वीकारते हुए यह अहम आदेश दिए.
इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने अदालत से कहा था कि मामले की जांच सीबीआई को स्थानांतरित किए जाने पर उसे कोई आपत्ति नहीं है.टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि बुलंदशहर गैंगरेप कांड में पुलिस ने इस वारदात को अंजाम देने वाले गैंग के सरगना सलीम बावरिया और साजिद व जुबैर को बीते सोमवार की रात मवाना से गिरफ्तार किया था. पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने गैंगरेप की योजना किठौर में बनाई थी. घटना को अंजाम देने के बाद गिरोह के सदस्य वापस किठौर आए, वहां से झारखंड और बिहार भाग गए. आरोपी 7 अगस्त को मेरठ के मवाना में आए. उनकी यहां से बिजनौर भाग जाने की योजना थी, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें धरदबोचा.
गौरतलब है कि आरोपियों ने बंदूक का भय दिखाकर एक महिला एवं उनकी नाबालिग बेटी के साथ एनएच-91 पर बुलंदशहर में उस समय गैंगरेप किया था, जब वे 29 जुलाई को अपने परिवार के साथ नोएडा से शाहजहांपुर जा रही थीं.
इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने अदालत से कहा था कि मामले की जांच सीबीआई को स्थानांतरित किए जाने पर उसे कोई आपत्ति नहीं है.टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि बुलंदशहर गैंगरेप कांड में पुलिस ने इस वारदात को अंजाम देने वाले गैंग के सरगना सलीम बावरिया और साजिद व जुबैर को बीते सोमवार की रात मवाना से गिरफ्तार किया था. पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने गैंगरेप की योजना किठौर में बनाई थी. घटना को अंजाम देने के बाद गिरोह के सदस्य वापस किठौर आए, वहां से झारखंड और बिहार भाग गए. आरोपी 7 अगस्त को मेरठ के मवाना में आए. उनकी यहां से बिजनौर भाग जाने की योजना थी, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें धरदबोचा.
गौरतलब है कि आरोपियों ने बंदूक का भय दिखाकर एक महिला एवं उनकी नाबालिग बेटी के साथ एनएच-91 पर बुलंदशहर में उस समय गैंगरेप किया था, जब वे 29 जुलाई को अपने परिवार के साथ नोएडा से शाहजहांपुर जा रही थीं.
उल्लेखनीय है कि बुलंदशहर गैंगरेप कांड में पुलिस ने इस वारदात को अंजाम देने वाले गैंग के सरगना सलीम बावरिया और साजिद व जुबैर को बीते सोमवार की रात मवाना से गिरफ्तार किया था. पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने गैंगरेप की योजना किठौर में बनाई थी. घटना को अंजाम देने के बाद गिरोह के सदस्य वापस किठौर आए, वहां से झारखंड और बिहार भाग गए. आरोपी 7 अगस्त को मेरठ के मवाना में आए. उनकी यहां से बिजनौर भाग जाने की योजना थी, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें धरदबोचा.
गौरतलब है कि आरोपियों ने बंदूक का भय दिखाकर एक महिला एवं उनकी नाबालिग बेटी के साथ एनएच-91 पर बुलंदशहर में उस समय गैंगरेप किया था, जब वे 29 जुलाई को अपने परिवार के साथ नोएडा से शाहजहांपुर जा रही थीं.
गौरतलब है कि आरोपियों ने बंदूक का भय दिखाकर एक महिला एवं उनकी नाबालिग बेटी के साथ एनएच-91 पर बुलंदशहर में उस समय गैंगरेप किया था, जब वे 29 जुलाई को अपने परिवार के साथ नोएडा से शाहजहांपुर जा रही थीं. | संक्षिप्त सारांश: कोर्ट ने स्वत: संज्ञान और NGO द्वारा केस की CBI जांच की मांग स्वीकारी
केस को सीबीआई को ट्रांस्फर करने से को आपत्ति नहीं : यूपी
महिला और उनकी नाबालिग बेटी के साथ एनएच-91 पर हुआ था गैंगरेप | 23 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने सांसद के तौर पर सोमवार को तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देते हुए कहा कि वह अपनी उत्तराधिकारी थेरेसा मे के लिए 'भटकाव' बनने से बचना चाहते हैं. गौरतलब है कि 23 जून के 'ब्रेक्जिट वोट' के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. वह साल 2001 से विटने सीट से सांसद थे. वह 2005 में कंजरवेटिव नेता बने और 2010 से 2016 तक छह साल प्रधानमंत्री रहे.
कैमरन (49) ने 24 जून को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दिया था. हालांकि उन्होंने शुरुआत में संकेत दिया था कि वह मे के नेतृत्व के तहत टोरी सांसद बने रहेंगे लेकिन अब उन्होंने इस भूमिका को छोड़ने का फैसला किया क्योंकि वह भटकाव टालना चाहते हैं. कैमरन ने एक बयान में कहा कि विटने में अब एक उपचुनाव होगा और वह कंजरवेटिव उम्मीदवार की जीत में मदद के लिए सब कुछ करेंगे.टिप्पणियां
बहरहाल, यह साफ नहीं है कि कैमरन की आगे की क्या योजना है लेकिन उन्होंने कहा कि वह वेस्टमिंस्टर से बाहर के जीवन को लेकर आशावादी हैं लेकिन वह जन सेवा और देश की सेवा करते रहना चाहते हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कैमरन (49) ने 24 जून को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दिया था. हालांकि उन्होंने शुरुआत में संकेत दिया था कि वह मे के नेतृत्व के तहत टोरी सांसद बने रहेंगे लेकिन अब उन्होंने इस भूमिका को छोड़ने का फैसला किया क्योंकि वह भटकाव टालना चाहते हैं. कैमरन ने एक बयान में कहा कि विटने में अब एक उपचुनाव होगा और वह कंजरवेटिव उम्मीदवार की जीत में मदद के लिए सब कुछ करेंगे.टिप्पणियां
बहरहाल, यह साफ नहीं है कि कैमरन की आगे की क्या योजना है लेकिन उन्होंने कहा कि वह वेस्टमिंस्टर से बाहर के जीवन को लेकर आशावादी हैं लेकिन वह जन सेवा और देश की सेवा करते रहना चाहते हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बहरहाल, यह साफ नहीं है कि कैमरन की आगे की क्या योजना है लेकिन उन्होंने कहा कि वह वेस्टमिंस्टर से बाहर के जीवन को लेकर आशावादी हैं लेकिन वह जन सेवा और देश की सेवा करते रहना चाहते हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:तत्काल प्रभाव से दिया इस्तीफा
ब्रेक्जिट वोट के बाद छोड़ा था पीएम पद
थेरेसा मे के लिए भटकाव बनने से बचना चाहते हैं | 17 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जिम्बाब्वे के क्वींस क्लब मैदान पर शनिवार को हुए पांचवें और शृंखला के अखिरी एकदिवसीय मैच में भी भारत ने अमित मिश्रा (48/6) की शानदार गेंदबाजी की बदौलत मेजबान टीम को सात विकेटों से हरा दिया।
भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे से मिले 164 रनों के लक्ष्य के जवाब में तीन विकेट खोकर 96 गेंद शेष रहते 167 रन बना लिए।
भारत की शुरुआत विकेट के साथ हुई, जब पहले ओवर की चौथी गेंद पर चेतेश्वर पुजारा बिना खाता खोले शून्य के योग पर काइल जार्विस की गेंद पर बोल्ड हो गए।
इसके बाद हालांकि दूसरे विकेट के लिए शिखर धवन (41) ने अजिंक्य रहाणे (50) के साथ 55 रनों की साझेदारी की। धवन भी 11वें ओवर की तीसरी गेंद पर जार्विस का शिकार हुए और विकेट के पीछे ब्रेंडन टेलर के हाथों लपके गए। धवन ने 38 गेंदों का सामना किया और छह चौके तथा एक छक्का लगाया।
रहाणे 28वें ओवर की दूसरी गेंद पर पवेलियन लौटने वाले भारत के अंतिम बल्लेबाज थे। इससे पहले उन्होंने हालांकि रविंद्र जडेजा (नाबाद 48) के साथ तीसरे विकेट के लिए 71 रन जोड़े। रहाणे ने 66 गेंदों में चार चौके और एक छक्का लगाया।
भारत को जडेजा और दिनेश कार्तिक की जोड़ी ने इसके बाद बिना किसी नुकसान के लक्ष्य तक पहुंचा दिया। जडेजा ने आखिरी पलों में कुछ आकर्षक शॉट लगाए तथा 77 गेंदों का सामना कर चार चौके और दो छक्के जड़े। जिम्बाब्वे की तरफ से जार्विस को दो और मैल्कम वॉलर को एक विकेट मिला।
इससे पहले, टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे की न सिर्फ शुरुआत खराब रही, बल्कि शुरुआती पांच विकेट तक कोई भी अच्छी साझेदारी तक नहीं हो सकी। सलामी बल्लेबाज हेमिल्टन मसाकाद्जा (32) ने ही कुछ हद तक संघर्ष करने का प्रयास किया।
एक समय 22.1 ओवरों में 72 रन पर पांच विकेट गंवा चुकी जिम्बाब्वे की टीम के लिए छठे विकेट की साझेदारी में सीन विलियम्स (51) और एल्टन चिगुम्बुरा (17) ने 50 रन जोड़कर अपनी टीम को थोड़ा स्थायित्व प्रदान किया। इसके बाद हालांकि शेष बल्लेबाज 41 रन ही जोड़ सके।
भारत की तरफ से शृंखला में शानदार फॉर्म में चल रहे अमित मिश्रा ने इस मैच में छह विकेट लेने के साथ ही शृंखला में 18 विकेट हासिल कर लिए और भारत की तरफ से किसी शृंखला में सर्वाधिक विकेट लेने के एस. श्रीसंत के रिकॉर्ड की बराबरी की। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों में फंसे श्रीसंत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ सात मैचों की शृंखला में इतने ही विकेट हासिल किए थे।टिप्पणियां
मिश्रा के अलावा जयदेव उनादकत ने भी कसी हुई गेंदबाजी की और छह ओवरों में 1.33 के औसत से मात्र आठ रन देकर एक विकेट भी चटकाया।
इस जीत के साथ ही भारत ने जिम्बाब्वे का पांच एकदिवसीय मैचों की शृंखला में सफाया कर दिया, और पांचों मैच जीत लिए।
भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे से मिले 164 रनों के लक्ष्य के जवाब में तीन विकेट खोकर 96 गेंद शेष रहते 167 रन बना लिए।
भारत की शुरुआत विकेट के साथ हुई, जब पहले ओवर की चौथी गेंद पर चेतेश्वर पुजारा बिना खाता खोले शून्य के योग पर काइल जार्विस की गेंद पर बोल्ड हो गए।
इसके बाद हालांकि दूसरे विकेट के लिए शिखर धवन (41) ने अजिंक्य रहाणे (50) के साथ 55 रनों की साझेदारी की। धवन भी 11वें ओवर की तीसरी गेंद पर जार्विस का शिकार हुए और विकेट के पीछे ब्रेंडन टेलर के हाथों लपके गए। धवन ने 38 गेंदों का सामना किया और छह चौके तथा एक छक्का लगाया।
रहाणे 28वें ओवर की दूसरी गेंद पर पवेलियन लौटने वाले भारत के अंतिम बल्लेबाज थे। इससे पहले उन्होंने हालांकि रविंद्र जडेजा (नाबाद 48) के साथ तीसरे विकेट के लिए 71 रन जोड़े। रहाणे ने 66 गेंदों में चार चौके और एक छक्का लगाया।
भारत को जडेजा और दिनेश कार्तिक की जोड़ी ने इसके बाद बिना किसी नुकसान के लक्ष्य तक पहुंचा दिया। जडेजा ने आखिरी पलों में कुछ आकर्षक शॉट लगाए तथा 77 गेंदों का सामना कर चार चौके और दो छक्के जड़े। जिम्बाब्वे की तरफ से जार्विस को दो और मैल्कम वॉलर को एक विकेट मिला।
इससे पहले, टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे की न सिर्फ शुरुआत खराब रही, बल्कि शुरुआती पांच विकेट तक कोई भी अच्छी साझेदारी तक नहीं हो सकी। सलामी बल्लेबाज हेमिल्टन मसाकाद्जा (32) ने ही कुछ हद तक संघर्ष करने का प्रयास किया।
एक समय 22.1 ओवरों में 72 रन पर पांच विकेट गंवा चुकी जिम्बाब्वे की टीम के लिए छठे विकेट की साझेदारी में सीन विलियम्स (51) और एल्टन चिगुम्बुरा (17) ने 50 रन जोड़कर अपनी टीम को थोड़ा स्थायित्व प्रदान किया। इसके बाद हालांकि शेष बल्लेबाज 41 रन ही जोड़ सके।
भारत की तरफ से शृंखला में शानदार फॉर्म में चल रहे अमित मिश्रा ने इस मैच में छह विकेट लेने के साथ ही शृंखला में 18 विकेट हासिल कर लिए और भारत की तरफ से किसी शृंखला में सर्वाधिक विकेट लेने के एस. श्रीसंत के रिकॉर्ड की बराबरी की। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों में फंसे श्रीसंत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ सात मैचों की शृंखला में इतने ही विकेट हासिल किए थे।टिप्पणियां
मिश्रा के अलावा जयदेव उनादकत ने भी कसी हुई गेंदबाजी की और छह ओवरों में 1.33 के औसत से मात्र आठ रन देकर एक विकेट भी चटकाया।
इस जीत के साथ ही भारत ने जिम्बाब्वे का पांच एकदिवसीय मैचों की शृंखला में सफाया कर दिया, और पांचों मैच जीत लिए।
भारत की शुरुआत विकेट के साथ हुई, जब पहले ओवर की चौथी गेंद पर चेतेश्वर पुजारा बिना खाता खोले शून्य के योग पर काइल जार्विस की गेंद पर बोल्ड हो गए।
इसके बाद हालांकि दूसरे विकेट के लिए शिखर धवन (41) ने अजिंक्य रहाणे (50) के साथ 55 रनों की साझेदारी की। धवन भी 11वें ओवर की तीसरी गेंद पर जार्विस का शिकार हुए और विकेट के पीछे ब्रेंडन टेलर के हाथों लपके गए। धवन ने 38 गेंदों का सामना किया और छह चौके तथा एक छक्का लगाया।
रहाणे 28वें ओवर की दूसरी गेंद पर पवेलियन लौटने वाले भारत के अंतिम बल्लेबाज थे। इससे पहले उन्होंने हालांकि रविंद्र जडेजा (नाबाद 48) के साथ तीसरे विकेट के लिए 71 रन जोड़े। रहाणे ने 66 गेंदों में चार चौके और एक छक्का लगाया।
भारत को जडेजा और दिनेश कार्तिक की जोड़ी ने इसके बाद बिना किसी नुकसान के लक्ष्य तक पहुंचा दिया। जडेजा ने आखिरी पलों में कुछ आकर्षक शॉट लगाए तथा 77 गेंदों का सामना कर चार चौके और दो छक्के जड़े। जिम्बाब्वे की तरफ से जार्विस को दो और मैल्कम वॉलर को एक विकेट मिला।
इससे पहले, टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे की न सिर्फ शुरुआत खराब रही, बल्कि शुरुआती पांच विकेट तक कोई भी अच्छी साझेदारी तक नहीं हो सकी। सलामी बल्लेबाज हेमिल्टन मसाकाद्जा (32) ने ही कुछ हद तक संघर्ष करने का प्रयास किया।
एक समय 22.1 ओवरों में 72 रन पर पांच विकेट गंवा चुकी जिम्बाब्वे की टीम के लिए छठे विकेट की साझेदारी में सीन विलियम्स (51) और एल्टन चिगुम्बुरा (17) ने 50 रन जोड़कर अपनी टीम को थोड़ा स्थायित्व प्रदान किया। इसके बाद हालांकि शेष बल्लेबाज 41 रन ही जोड़ सके।
भारत की तरफ से शृंखला में शानदार फॉर्म में चल रहे अमित मिश्रा ने इस मैच में छह विकेट लेने के साथ ही शृंखला में 18 विकेट हासिल कर लिए और भारत की तरफ से किसी शृंखला में सर्वाधिक विकेट लेने के एस. श्रीसंत के रिकॉर्ड की बराबरी की। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों में फंसे श्रीसंत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ सात मैचों की शृंखला में इतने ही विकेट हासिल किए थे।टिप्पणियां
मिश्रा के अलावा जयदेव उनादकत ने भी कसी हुई गेंदबाजी की और छह ओवरों में 1.33 के औसत से मात्र आठ रन देकर एक विकेट भी चटकाया।
इस जीत के साथ ही भारत ने जिम्बाब्वे का पांच एकदिवसीय मैचों की शृंखला में सफाया कर दिया, और पांचों मैच जीत लिए।
इसके बाद हालांकि दूसरे विकेट के लिए शिखर धवन (41) ने अजिंक्य रहाणे (50) के साथ 55 रनों की साझेदारी की। धवन भी 11वें ओवर की तीसरी गेंद पर जार्विस का शिकार हुए और विकेट के पीछे ब्रेंडन टेलर के हाथों लपके गए। धवन ने 38 गेंदों का सामना किया और छह चौके तथा एक छक्का लगाया।
रहाणे 28वें ओवर की दूसरी गेंद पर पवेलियन लौटने वाले भारत के अंतिम बल्लेबाज थे। इससे पहले उन्होंने हालांकि रविंद्र जडेजा (नाबाद 48) के साथ तीसरे विकेट के लिए 71 रन जोड़े। रहाणे ने 66 गेंदों में चार चौके और एक छक्का लगाया।
भारत को जडेजा और दिनेश कार्तिक की जोड़ी ने इसके बाद बिना किसी नुकसान के लक्ष्य तक पहुंचा दिया। जडेजा ने आखिरी पलों में कुछ आकर्षक शॉट लगाए तथा 77 गेंदों का सामना कर चार चौके और दो छक्के जड़े। जिम्बाब्वे की तरफ से जार्विस को दो और मैल्कम वॉलर को एक विकेट मिला।
इससे पहले, टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे की न सिर्फ शुरुआत खराब रही, बल्कि शुरुआती पांच विकेट तक कोई भी अच्छी साझेदारी तक नहीं हो सकी। सलामी बल्लेबाज हेमिल्टन मसाकाद्जा (32) ने ही कुछ हद तक संघर्ष करने का प्रयास किया।
एक समय 22.1 ओवरों में 72 रन पर पांच विकेट गंवा चुकी जिम्बाब्वे की टीम के लिए छठे विकेट की साझेदारी में सीन विलियम्स (51) और एल्टन चिगुम्बुरा (17) ने 50 रन जोड़कर अपनी टीम को थोड़ा स्थायित्व प्रदान किया। इसके बाद हालांकि शेष बल्लेबाज 41 रन ही जोड़ सके।
भारत की तरफ से शृंखला में शानदार फॉर्म में चल रहे अमित मिश्रा ने इस मैच में छह विकेट लेने के साथ ही शृंखला में 18 विकेट हासिल कर लिए और भारत की तरफ से किसी शृंखला में सर्वाधिक विकेट लेने के एस. श्रीसंत के रिकॉर्ड की बराबरी की। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों में फंसे श्रीसंत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ सात मैचों की शृंखला में इतने ही विकेट हासिल किए थे।टिप्पणियां
मिश्रा के अलावा जयदेव उनादकत ने भी कसी हुई गेंदबाजी की और छह ओवरों में 1.33 के औसत से मात्र आठ रन देकर एक विकेट भी चटकाया।
इस जीत के साथ ही भारत ने जिम्बाब्वे का पांच एकदिवसीय मैचों की शृंखला में सफाया कर दिया, और पांचों मैच जीत लिए।
रहाणे 28वें ओवर की दूसरी गेंद पर पवेलियन लौटने वाले भारत के अंतिम बल्लेबाज थे। इससे पहले उन्होंने हालांकि रविंद्र जडेजा (नाबाद 48) के साथ तीसरे विकेट के लिए 71 रन जोड़े। रहाणे ने 66 गेंदों में चार चौके और एक छक्का लगाया।
भारत को जडेजा और दिनेश कार्तिक की जोड़ी ने इसके बाद बिना किसी नुकसान के लक्ष्य तक पहुंचा दिया। जडेजा ने आखिरी पलों में कुछ आकर्षक शॉट लगाए तथा 77 गेंदों का सामना कर चार चौके और दो छक्के जड़े। जिम्बाब्वे की तरफ से जार्विस को दो और मैल्कम वॉलर को एक विकेट मिला।
इससे पहले, टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे की न सिर्फ शुरुआत खराब रही, बल्कि शुरुआती पांच विकेट तक कोई भी अच्छी साझेदारी तक नहीं हो सकी। सलामी बल्लेबाज हेमिल्टन मसाकाद्जा (32) ने ही कुछ हद तक संघर्ष करने का प्रयास किया।
एक समय 22.1 ओवरों में 72 रन पर पांच विकेट गंवा चुकी जिम्बाब्वे की टीम के लिए छठे विकेट की साझेदारी में सीन विलियम्स (51) और एल्टन चिगुम्बुरा (17) ने 50 रन जोड़कर अपनी टीम को थोड़ा स्थायित्व प्रदान किया। इसके बाद हालांकि शेष बल्लेबाज 41 रन ही जोड़ सके।
भारत की तरफ से शृंखला में शानदार फॉर्म में चल रहे अमित मिश्रा ने इस मैच में छह विकेट लेने के साथ ही शृंखला में 18 विकेट हासिल कर लिए और भारत की तरफ से किसी शृंखला में सर्वाधिक विकेट लेने के एस. श्रीसंत के रिकॉर्ड की बराबरी की। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों में फंसे श्रीसंत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ सात मैचों की शृंखला में इतने ही विकेट हासिल किए थे।टिप्पणियां
मिश्रा के अलावा जयदेव उनादकत ने भी कसी हुई गेंदबाजी की और छह ओवरों में 1.33 के औसत से मात्र आठ रन देकर एक विकेट भी चटकाया।
इस जीत के साथ ही भारत ने जिम्बाब्वे का पांच एकदिवसीय मैचों की शृंखला में सफाया कर दिया, और पांचों मैच जीत लिए।
भारत को जडेजा और दिनेश कार्तिक की जोड़ी ने इसके बाद बिना किसी नुकसान के लक्ष्य तक पहुंचा दिया। जडेजा ने आखिरी पलों में कुछ आकर्षक शॉट लगाए तथा 77 गेंदों का सामना कर चार चौके और दो छक्के जड़े। जिम्बाब्वे की तरफ से जार्विस को दो और मैल्कम वॉलर को एक विकेट मिला।
इससे पहले, टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे की न सिर्फ शुरुआत खराब रही, बल्कि शुरुआती पांच विकेट तक कोई भी अच्छी साझेदारी तक नहीं हो सकी। सलामी बल्लेबाज हेमिल्टन मसाकाद्जा (32) ने ही कुछ हद तक संघर्ष करने का प्रयास किया।
एक समय 22.1 ओवरों में 72 रन पर पांच विकेट गंवा चुकी जिम्बाब्वे की टीम के लिए छठे विकेट की साझेदारी में सीन विलियम्स (51) और एल्टन चिगुम्बुरा (17) ने 50 रन जोड़कर अपनी टीम को थोड़ा स्थायित्व प्रदान किया। इसके बाद हालांकि शेष बल्लेबाज 41 रन ही जोड़ सके।
भारत की तरफ से शृंखला में शानदार फॉर्म में चल रहे अमित मिश्रा ने इस मैच में छह विकेट लेने के साथ ही शृंखला में 18 विकेट हासिल कर लिए और भारत की तरफ से किसी शृंखला में सर्वाधिक विकेट लेने के एस. श्रीसंत के रिकॉर्ड की बराबरी की। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों में फंसे श्रीसंत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ सात मैचों की शृंखला में इतने ही विकेट हासिल किए थे।टिप्पणियां
मिश्रा के अलावा जयदेव उनादकत ने भी कसी हुई गेंदबाजी की और छह ओवरों में 1.33 के औसत से मात्र आठ रन देकर एक विकेट भी चटकाया।
इस जीत के साथ ही भारत ने जिम्बाब्वे का पांच एकदिवसीय मैचों की शृंखला में सफाया कर दिया, और पांचों मैच जीत लिए।
इससे पहले, टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे की न सिर्फ शुरुआत खराब रही, बल्कि शुरुआती पांच विकेट तक कोई भी अच्छी साझेदारी तक नहीं हो सकी। सलामी बल्लेबाज हेमिल्टन मसाकाद्जा (32) ने ही कुछ हद तक संघर्ष करने का प्रयास किया।
एक समय 22.1 ओवरों में 72 रन पर पांच विकेट गंवा चुकी जिम्बाब्वे की टीम के लिए छठे विकेट की साझेदारी में सीन विलियम्स (51) और एल्टन चिगुम्बुरा (17) ने 50 रन जोड़कर अपनी टीम को थोड़ा स्थायित्व प्रदान किया। इसके बाद हालांकि शेष बल्लेबाज 41 रन ही जोड़ सके।
भारत की तरफ से शृंखला में शानदार फॉर्म में चल रहे अमित मिश्रा ने इस मैच में छह विकेट लेने के साथ ही शृंखला में 18 विकेट हासिल कर लिए और भारत की तरफ से किसी शृंखला में सर्वाधिक विकेट लेने के एस. श्रीसंत के रिकॉर्ड की बराबरी की। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों में फंसे श्रीसंत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ सात मैचों की शृंखला में इतने ही विकेट हासिल किए थे।टिप्पणियां
मिश्रा के अलावा जयदेव उनादकत ने भी कसी हुई गेंदबाजी की और छह ओवरों में 1.33 के औसत से मात्र आठ रन देकर एक विकेट भी चटकाया।
इस जीत के साथ ही भारत ने जिम्बाब्वे का पांच एकदिवसीय मैचों की शृंखला में सफाया कर दिया, और पांचों मैच जीत लिए।
एक समय 22.1 ओवरों में 72 रन पर पांच विकेट गंवा चुकी जिम्बाब्वे की टीम के लिए छठे विकेट की साझेदारी में सीन विलियम्स (51) और एल्टन चिगुम्बुरा (17) ने 50 रन जोड़कर अपनी टीम को थोड़ा स्थायित्व प्रदान किया। इसके बाद हालांकि शेष बल्लेबाज 41 रन ही जोड़ सके।
भारत की तरफ से शृंखला में शानदार फॉर्म में चल रहे अमित मिश्रा ने इस मैच में छह विकेट लेने के साथ ही शृंखला में 18 विकेट हासिल कर लिए और भारत की तरफ से किसी शृंखला में सर्वाधिक विकेट लेने के एस. श्रीसंत के रिकॉर्ड की बराबरी की। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों में फंसे श्रीसंत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ सात मैचों की शृंखला में इतने ही विकेट हासिल किए थे।टिप्पणियां
मिश्रा के अलावा जयदेव उनादकत ने भी कसी हुई गेंदबाजी की और छह ओवरों में 1.33 के औसत से मात्र आठ रन देकर एक विकेट भी चटकाया।
इस जीत के साथ ही भारत ने जिम्बाब्वे का पांच एकदिवसीय मैचों की शृंखला में सफाया कर दिया, और पांचों मैच जीत लिए।
भारत की तरफ से शृंखला में शानदार फॉर्म में चल रहे अमित मिश्रा ने इस मैच में छह विकेट लेने के साथ ही शृंखला में 18 विकेट हासिल कर लिए और भारत की तरफ से किसी शृंखला में सर्वाधिक विकेट लेने के एस. श्रीसंत के रिकॉर्ड की बराबरी की। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों में फंसे श्रीसंत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ सात मैचों की शृंखला में इतने ही विकेट हासिल किए थे।टिप्पणियां
मिश्रा के अलावा जयदेव उनादकत ने भी कसी हुई गेंदबाजी की और छह ओवरों में 1.33 के औसत से मात्र आठ रन देकर एक विकेट भी चटकाया।
इस जीत के साथ ही भारत ने जिम्बाब्वे का पांच एकदिवसीय मैचों की शृंखला में सफाया कर दिया, और पांचों मैच जीत लिए।
मिश्रा के अलावा जयदेव उनादकत ने भी कसी हुई गेंदबाजी की और छह ओवरों में 1.33 के औसत से मात्र आठ रन देकर एक विकेट भी चटकाया।
इस जीत के साथ ही भारत ने जिम्बाब्वे का पांच एकदिवसीय मैचों की शृंखला में सफाया कर दिया, और पांचों मैच जीत लिए।
इस जीत के साथ ही भारत ने जिम्बाब्वे का पांच एकदिवसीय मैचों की शृंखला में सफाया कर दिया, और पांचों मैच जीत लिए। | सारांश: जिम्बाब्वे के क्वींस क्लब मैदान पर शनिवार को हुए पांचवें और शृंखला के अखिरी एकदिवसीय मैच में भी भारत ने अमित मिश्रा (48/6) की शानदार गेंदबाजी की बदौलत मेजबान टीम को सात विकेटों से हरा दिया। | 31 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नवंबर 2016 में यूपी के कानपुर में हुई रेल दुर्घटना के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है. इनमें से एक आरोपी ने स्वीकार किया है कि ट्रैक पर ब्लास्ट करने की वजह से दुर्घटना हुई है. इस हादसे के पीछे पाकिस्तानी खूफिया एजेंसी ISI के हाथ होने की शंका है. यूपी के आंतकरोधी दस्ते (ATS) ने गुरुवार को कहा कि आरोपी मोतीलाल पासवान ने स्वीकार किया है कि उसने प्रेशर कूकर में बारूद भरकर उसे ट्रैक पर बिछाया था. बता दें कि पिछले साल नवंबर में इंदौर-पटना एक्सप्रेस कानपुर से 100 किमो दूर ट्रैक से उतर गई थी जिसमें 150 लोग मारे गए थे.
बताया जा रहा है कि मोतीलाल पासवान ने कबूल किया है कि एक 10 लीटर के प्रेशर कूकर को IED यानि एक विस्फोटक डिवाइस के रूप में तैयार किया गया था. 20 नवंबर को हादसे के बाद प्रशासन को इस बात का शक था कि यह सब ट्रैक में हुई गड़बड़ी की वजह से हुआ है.
इस हफ्ते मोती पासवान, उमा शंकर पटेल और मुकेश यादव को बिहार के पूर्व चंपारन जिले से हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान इन तीनों ने स्वीकार किया कि ISI के कहने पर इन्होंने भारतीय रेलवे को निशाना बनाया. एटीएस ने कहा कि वह दुर्घटनास्थल पर एक बार फिर फोरेंसिक जांच करेंगे. कानपुर रेल हादसा : आईएसआई की साजिश को लेकर एनआईए ने शुरू की जांचकानपुर ट्रेन हादसा या साजिश ? जौनपुर के युवक का मुंबई में चौंका देने वाला खुलासाअखिलेश ने रेल हादसे के घायलों को आर्थिक मदद का ऐलान कियाटिप्पणियां
एटीएस ने यह भी बताया कि मोतीलाल पासवान का दावा है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर 28 दिसंबर को कानपुर देहात में भी एक और दुर्घटना को अंजाम दिया था. इस ऑपरेशन में 7 लोग शामिल थे और इसके मास्टरमाइंड का नाम बृज किशोर गिरी था जिसे हाल ही में नेपाल पुलिस ने गिरफ्तार किया था और इस वक्त वह अस्पताल में भर्ती है. एटीएस का कहना है कि वह बयान की पुष्टि कर रहे हैं.
इसके अलावा एटीएस ने यह भी कहा है कि 25 लाख रुपये के खर्चे पर इस हादसे का अंजाम देने वाले शख्स का नाम शमशुल हुडा है जिसके ISI से लिंक हैं और वह दिल्ली में रहता है. उसी के कहने पर बृजकिशोर गिरी और बाकी के लोगों ने ट्रैक पर IED बिछाया था. पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों का कहना है कि बृजकिशोर गिरी ने इस काम के लिए इन सबको पैसे दिए थे.
बताया जा रहा है कि मोतीलाल पासवान ने कबूल किया है कि एक 10 लीटर के प्रेशर कूकर को IED यानि एक विस्फोटक डिवाइस के रूप में तैयार किया गया था. 20 नवंबर को हादसे के बाद प्रशासन को इस बात का शक था कि यह सब ट्रैक में हुई गड़बड़ी की वजह से हुआ है.
इस हफ्ते मोती पासवान, उमा शंकर पटेल और मुकेश यादव को बिहार के पूर्व चंपारन जिले से हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान इन तीनों ने स्वीकार किया कि ISI के कहने पर इन्होंने भारतीय रेलवे को निशाना बनाया. एटीएस ने कहा कि वह दुर्घटनास्थल पर एक बार फिर फोरेंसिक जांच करेंगे. कानपुर रेल हादसा : आईएसआई की साजिश को लेकर एनआईए ने शुरू की जांचकानपुर ट्रेन हादसा या साजिश ? जौनपुर के युवक का मुंबई में चौंका देने वाला खुलासाअखिलेश ने रेल हादसे के घायलों को आर्थिक मदद का ऐलान कियाटिप्पणियां
एटीएस ने यह भी बताया कि मोतीलाल पासवान का दावा है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर 28 दिसंबर को कानपुर देहात में भी एक और दुर्घटना को अंजाम दिया था. इस ऑपरेशन में 7 लोग शामिल थे और इसके मास्टरमाइंड का नाम बृज किशोर गिरी था जिसे हाल ही में नेपाल पुलिस ने गिरफ्तार किया था और इस वक्त वह अस्पताल में भर्ती है. एटीएस का कहना है कि वह बयान की पुष्टि कर रहे हैं.
इसके अलावा एटीएस ने यह भी कहा है कि 25 लाख रुपये के खर्चे पर इस हादसे का अंजाम देने वाले शख्स का नाम शमशुल हुडा है जिसके ISI से लिंक हैं और वह दिल्ली में रहता है. उसी के कहने पर बृजकिशोर गिरी और बाकी के लोगों ने ट्रैक पर IED बिछाया था. पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों का कहना है कि बृजकिशोर गिरी ने इस काम के लिए इन सबको पैसे दिए थे.
इस हफ्ते मोती पासवान, उमा शंकर पटेल और मुकेश यादव को बिहार के पूर्व चंपारन जिले से हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान इन तीनों ने स्वीकार किया कि ISI के कहने पर इन्होंने भारतीय रेलवे को निशाना बनाया. एटीएस ने कहा कि वह दुर्घटनास्थल पर एक बार फिर फोरेंसिक जांच करेंगे. कानपुर रेल हादसा : आईएसआई की साजिश को लेकर एनआईए ने शुरू की जांचकानपुर ट्रेन हादसा या साजिश ? जौनपुर के युवक का मुंबई में चौंका देने वाला खुलासाअखिलेश ने रेल हादसे के घायलों को आर्थिक मदद का ऐलान कियाटिप्पणियां
एटीएस ने यह भी बताया कि मोतीलाल पासवान का दावा है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर 28 दिसंबर को कानपुर देहात में भी एक और दुर्घटना को अंजाम दिया था. इस ऑपरेशन में 7 लोग शामिल थे और इसके मास्टरमाइंड का नाम बृज किशोर गिरी था जिसे हाल ही में नेपाल पुलिस ने गिरफ्तार किया था और इस वक्त वह अस्पताल में भर्ती है. एटीएस का कहना है कि वह बयान की पुष्टि कर रहे हैं.
इसके अलावा एटीएस ने यह भी कहा है कि 25 लाख रुपये के खर्चे पर इस हादसे का अंजाम देने वाले शख्स का नाम शमशुल हुडा है जिसके ISI से लिंक हैं और वह दिल्ली में रहता है. उसी के कहने पर बृजकिशोर गिरी और बाकी के लोगों ने ट्रैक पर IED बिछाया था. पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों का कहना है कि बृजकिशोर गिरी ने इस काम के लिए इन सबको पैसे दिए थे.
कानपुर रेल हादसा : आईएसआई की साजिश को लेकर एनआईए ने शुरू की जांचकानपुर ट्रेन हादसा या साजिश ? जौनपुर के युवक का मुंबई में चौंका देने वाला खुलासाअखिलेश ने रेल हादसे के घायलों को आर्थिक मदद का ऐलान कियाटिप्पणियां
एटीएस ने यह भी बताया कि मोतीलाल पासवान का दावा है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर 28 दिसंबर को कानपुर देहात में भी एक और दुर्घटना को अंजाम दिया था. इस ऑपरेशन में 7 लोग शामिल थे और इसके मास्टरमाइंड का नाम बृज किशोर गिरी था जिसे हाल ही में नेपाल पुलिस ने गिरफ्तार किया था और इस वक्त वह अस्पताल में भर्ती है. एटीएस का कहना है कि वह बयान की पुष्टि कर रहे हैं.
इसके अलावा एटीएस ने यह भी कहा है कि 25 लाख रुपये के खर्चे पर इस हादसे का अंजाम देने वाले शख्स का नाम शमशुल हुडा है जिसके ISI से लिंक हैं और वह दिल्ली में रहता है. उसी के कहने पर बृजकिशोर गिरी और बाकी के लोगों ने ट्रैक पर IED बिछाया था. पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों का कहना है कि बृजकिशोर गिरी ने इस काम के लिए इन सबको पैसे दिए थे.
एटीएस ने यह भी बताया कि मोतीलाल पासवान का दावा है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर 28 दिसंबर को कानपुर देहात में भी एक और दुर्घटना को अंजाम दिया था. इस ऑपरेशन में 7 लोग शामिल थे और इसके मास्टरमाइंड का नाम बृज किशोर गिरी था जिसे हाल ही में नेपाल पुलिस ने गिरफ्तार किया था और इस वक्त वह अस्पताल में भर्ती है. एटीएस का कहना है कि वह बयान की पुष्टि कर रहे हैं.
इसके अलावा एटीएस ने यह भी कहा है कि 25 लाख रुपये के खर्चे पर इस हादसे का अंजाम देने वाले शख्स का नाम शमशुल हुडा है जिसके ISI से लिंक हैं और वह दिल्ली में रहता है. उसी के कहने पर बृजकिशोर गिरी और बाकी के लोगों ने ट्रैक पर IED बिछाया था. पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों का कहना है कि बृजकिशोर गिरी ने इस काम के लिए इन सबको पैसे दिए थे.
इसके अलावा एटीएस ने यह भी कहा है कि 25 लाख रुपये के खर्चे पर इस हादसे का अंजाम देने वाले शख्स का नाम शमशुल हुडा है जिसके ISI से लिंक हैं और वह दिल्ली में रहता है. उसी के कहने पर बृजकिशोर गिरी और बाकी के लोगों ने ट्रैक पर IED बिछाया था. पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों का कहना है कि बृजकिशोर गिरी ने इस काम के लिए इन सबको पैसे दिए थे. | यहाँ एक सारांश है:कानपुर ट्रेन हादसा पिछले साल नवंबर में हुआ था
पुलिस के मुताबिक हादसे के पीछे ISI का हाथ हो सकता है
बताया गया कि ट्रैक उड़ाने के लिए 10 लीटर के प्रेशर कूकर का इस्तेमाल हुआ | 17 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: नौसेना अध्यक्ष एडमिरल निर्मल वर्मा ने सोमवार को कहा कि नौसेना जवाबी परमाणु हमले की क्षमता हासिल करने के लिए तैयार है और भारत के पास जल्द ही ‘विश्वसनीय और सुरक्षित’ परमाणु रोधी ‘त्रयी’ मौजूद होगा।
एडमिरल वर्मा ने कहा कि भारत की ‘पहले प्रयोग नहीं करने की नीति’ को देखते हुए इस तरह की एक परमाणु त्रयी (जवाबी कार्रवाई के लिए जमीन, हवा और समुद्र आधारित हथियार प्रणाली) जरूरी है।
भारत के नौवहन सुरक्षा विश्लेषण करते हुए एडमिरल वर्मा ने लंदन में रॉयल नेवी के एक कार्यक्रम में कहा कि भारत में इस बात की समझ बढ़ रही है कि देश की नियति घनिष्ठ रूप से हमारे नौवहन नियति से जुड़ी हुई है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘विश्वसनीय और सुरक्षित जवाबी कार्रवाई क्षमता अत्यावश्यक है। नौसेना इस त्रयी को पूरा करने जा रही है और इसके बाद हमारे नौवहन और परमाणु सिद्धांत को एक साथ लायेंगे ताकि हमारा परमाणु बीमा समुद्र से आये।’’
उल्लेखनीय है कि भारत जमीनी, हवाई और समुद्र आधारित हथियार प्रणाली विकसित कर रहा है ताकि हमला होने की सूरत में जवाबी कार्रवाई की जा सके। ऐसा माना जाता है कि भारत के पास पहले से ही जमीन और हवाई रास्ते से जवाबी कार्रवाई करने की क्षमता है।
एडमिरल वर्मा ने कहा कि भारत की ‘पहले प्रयोग नहीं करने की नीति’ को देखते हुए इस तरह की एक परमाणु त्रयी (जवाबी कार्रवाई के लिए जमीन, हवा और समुद्र आधारित हथियार प्रणाली) जरूरी है।
भारत के नौवहन सुरक्षा विश्लेषण करते हुए एडमिरल वर्मा ने लंदन में रॉयल नेवी के एक कार्यक्रम में कहा कि भारत में इस बात की समझ बढ़ रही है कि देश की नियति घनिष्ठ रूप से हमारे नौवहन नियति से जुड़ी हुई है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘विश्वसनीय और सुरक्षित जवाबी कार्रवाई क्षमता अत्यावश्यक है। नौसेना इस त्रयी को पूरा करने जा रही है और इसके बाद हमारे नौवहन और परमाणु सिद्धांत को एक साथ लायेंगे ताकि हमारा परमाणु बीमा समुद्र से आये।’’
उल्लेखनीय है कि भारत जमीनी, हवाई और समुद्र आधारित हथियार प्रणाली विकसित कर रहा है ताकि हमला होने की सूरत में जवाबी कार्रवाई की जा सके। ऐसा माना जाता है कि भारत के पास पहले से ही जमीन और हवाई रास्ते से जवाबी कार्रवाई करने की क्षमता है।
भारत के नौवहन सुरक्षा विश्लेषण करते हुए एडमिरल वर्मा ने लंदन में रॉयल नेवी के एक कार्यक्रम में कहा कि भारत में इस बात की समझ बढ़ रही है कि देश की नियति घनिष्ठ रूप से हमारे नौवहन नियति से जुड़ी हुई है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘विश्वसनीय और सुरक्षित जवाबी कार्रवाई क्षमता अत्यावश्यक है। नौसेना इस त्रयी को पूरा करने जा रही है और इसके बाद हमारे नौवहन और परमाणु सिद्धांत को एक साथ लायेंगे ताकि हमारा परमाणु बीमा समुद्र से आये।’’
उल्लेखनीय है कि भारत जमीनी, हवाई और समुद्र आधारित हथियार प्रणाली विकसित कर रहा है ताकि हमला होने की सूरत में जवाबी कार्रवाई की जा सके। ऐसा माना जाता है कि भारत के पास पहले से ही जमीन और हवाई रास्ते से जवाबी कार्रवाई करने की क्षमता है।
उन्होंने कहा, ‘‘विश्वसनीय और सुरक्षित जवाबी कार्रवाई क्षमता अत्यावश्यक है। नौसेना इस त्रयी को पूरा करने जा रही है और इसके बाद हमारे नौवहन और परमाणु सिद्धांत को एक साथ लायेंगे ताकि हमारा परमाणु बीमा समुद्र से आये।’’
उल्लेखनीय है कि भारत जमीनी, हवाई और समुद्र आधारित हथियार प्रणाली विकसित कर रहा है ताकि हमला होने की सूरत में जवाबी कार्रवाई की जा सके। ऐसा माना जाता है कि भारत के पास पहले से ही जमीन और हवाई रास्ते से जवाबी कार्रवाई करने की क्षमता है।
उल्लेखनीय है कि भारत जमीनी, हवाई और समुद्र आधारित हथियार प्रणाली विकसित कर रहा है ताकि हमला होने की सूरत में जवाबी कार्रवाई की जा सके। ऐसा माना जाता है कि भारत के पास पहले से ही जमीन और हवाई रास्ते से जवाबी कार्रवाई करने की क्षमता है। | संक्षिप्त सारांश: नौसेना अध्यक्ष एडमिरल निर्मल वर्मा ने सोमवार को कहा कि नौसेना जवाबी परमाणु हमले की क्षमता हासिल करने के लिए तैयार है और भारत के पास जल्द ही ‘विश्वसनीय और सुरक्षित’ परमाणु रोधी ‘त्रयी’ मौजूद होगा। | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पार्ट टाइम गेंदबाज मनोज तिवारी (61/4) के करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी और उसके बाद विराट कोहली (नाबाद 128) और सुरेश रैना (नाबाद 58) के बीच पांचवें विकेट के बीच हुई 146 रनों की अटूट साझेदारी की बदौलत भारत ने श्रीलंका को चौथे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में मंगलवार को छह विकेट से हरा दिया।
इस प्रकार मेहमान टीम ने शृंखला पर भी कब्जा कर लिया है। भारत शृंखला में 3-1 से आगे हो गया है। श्रीलंका की ओर से रखे गए 252 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 46 गेंद शेष रहते चार विकेट के नुकसान पर 255 रन बनाए। कोहली ने 119 गेंदों पर 12 चौके और एक छक्का लगाया जबकि रैना ने 51 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया।
भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और पारी के पहले ओवर की पांचवीं गेंद पर लसिथ मलिंगा ने सलामी बल्लेबाज गौतम गम्भीर को बोल्ड कर भारत को तगड़ा झटका दिया। गम्भीर खाता भी नहीं खोल सके।
शुरुआत में गम्भीर का विकेट खोने के बाद वीरेंद्र सहवाग ने विराट कोहली के साथ मिलकर पारी को सम्भालने की कोशिश की और दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 52 रनों की साझेदारी की।
सहवाग को 34 रन के निजी योग पर एंजेलो मैथ्यूज की गेंद पर स्थानापन्न खिलाड़ी सचित्रा सेनानायके ने कैच किया। पिछले तीन मुकाबलों की तरह रोहित शर्मा यहां भी कुछ खास नहीं कर सके और वह चार रन बनाकर पवेलियन लौट गए। उन्हें नुवान प्रदीप ने पगबाधा आउट किया।
इसके बाद इस दौरे पर पहली बार टीम में शामिल किए गए तिवारी ने कोहली के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी उठाई। दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 49 रन जोड़े।
तिवारी को 21 रन के निजी योग पर जीवन मेंडिस ने पगबाधा आउट किया। श्रीलंका की ओर से मलिंगा, मैथ्यूज, प्रदीप और मेंडिस ने एक-एक विकेट झटका।
इससे पहले, श्रीलंका ने निर्धारित 50 ओवरों में आठ विकेट पर 251 रन बनाए। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत अच्छी रही।
श्रीलंका की ओर से उपुल थरंगा और तिलकरत्ने दिलशान ने पारी की शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने अपनी टीम को शानदार शुरुआत दिलाते हुए पहले विकेट के लिए 91 रन जोड़े।
श्रीलंका का पहला विकेट दिलशान के रूप में गिरा। दिलशान को 42 रन के निजी योग पर अशोक डिंडा की गेंद पर विकेट कीपर महेंद्र सिंह धोनी ने विकेट के पीछे लपका। दिलशान ने सात चौके लगाए।
दिलशान के आउट होने के बाद थरंगा भी 51 रन बनाकर रविचंद्रन अश्विन की गेंद पर धोनी के हाथों स्टम्प आउट हो गए। थरंगा ने 73 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया।
विकेट कीपर बल्लेबाज दिनेश चांदीमल ने 28 रनों का योगदान दिया। उन्हें तिवारी ने इरफान पठान के हाथों कैच कराया। चांदीमल ने लाहिरू थिरिमान्ने के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 50 रन जोड़े।
इसके बाद कप्तान माहेला जयवर्धने कुछ खास नहीं कर सके और वह तीन रन बनाकर सहवाग की गेंद पर धोनी के हाथों कैच आउट हो गए।
श्रीलंका का पांचवां विकेट मैथ्यूज के रूप में गिरा, जिन्हें 14 रन के निजी योग पर तिवारी ने कोहली के हाथों कैच कराया।
मेंडिस कुछ खास नहीं कर सके और वह 17 रन के निजी योग पर तिवारी की गेंद पर बोल्ड हो गए। इसके बाद तिवारी ने हरफनमौला थिसारा परेरा को दो रन के निजी योग पर रैना के हाथों कैच करा दिया।टिप्पणियां
थिरिमान्ने के रूप में श्रीलंका का आठवां विकेट गिरा। थिरिमान्ने को अश्विन ने 47 रन के निजी योग पर बोल्ड किया। रंगना हेराथ (17) और मलिंगा (15) नाबाद लौटे।
भारत की ओर से तिवारी ने सर्वाधिक चार जबकि अश्विन ने दो विकेट झटके वहीं डिंडा और सहवाग के खाते में एक-एक विकेट गया।
इस प्रकार मेहमान टीम ने शृंखला पर भी कब्जा कर लिया है। भारत शृंखला में 3-1 से आगे हो गया है। श्रीलंका की ओर से रखे गए 252 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 46 गेंद शेष रहते चार विकेट के नुकसान पर 255 रन बनाए। कोहली ने 119 गेंदों पर 12 चौके और एक छक्का लगाया जबकि रैना ने 51 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया।
भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और पारी के पहले ओवर की पांचवीं गेंद पर लसिथ मलिंगा ने सलामी बल्लेबाज गौतम गम्भीर को बोल्ड कर भारत को तगड़ा झटका दिया। गम्भीर खाता भी नहीं खोल सके।
शुरुआत में गम्भीर का विकेट खोने के बाद वीरेंद्र सहवाग ने विराट कोहली के साथ मिलकर पारी को सम्भालने की कोशिश की और दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 52 रनों की साझेदारी की।
सहवाग को 34 रन के निजी योग पर एंजेलो मैथ्यूज की गेंद पर स्थानापन्न खिलाड़ी सचित्रा सेनानायके ने कैच किया। पिछले तीन मुकाबलों की तरह रोहित शर्मा यहां भी कुछ खास नहीं कर सके और वह चार रन बनाकर पवेलियन लौट गए। उन्हें नुवान प्रदीप ने पगबाधा आउट किया।
इसके बाद इस दौरे पर पहली बार टीम में शामिल किए गए तिवारी ने कोहली के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी उठाई। दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 49 रन जोड़े।
तिवारी को 21 रन के निजी योग पर जीवन मेंडिस ने पगबाधा आउट किया। श्रीलंका की ओर से मलिंगा, मैथ्यूज, प्रदीप और मेंडिस ने एक-एक विकेट झटका।
इससे पहले, श्रीलंका ने निर्धारित 50 ओवरों में आठ विकेट पर 251 रन बनाए। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत अच्छी रही।
श्रीलंका की ओर से उपुल थरंगा और तिलकरत्ने दिलशान ने पारी की शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने अपनी टीम को शानदार शुरुआत दिलाते हुए पहले विकेट के लिए 91 रन जोड़े।
श्रीलंका का पहला विकेट दिलशान के रूप में गिरा। दिलशान को 42 रन के निजी योग पर अशोक डिंडा की गेंद पर विकेट कीपर महेंद्र सिंह धोनी ने विकेट के पीछे लपका। दिलशान ने सात चौके लगाए।
दिलशान के आउट होने के बाद थरंगा भी 51 रन बनाकर रविचंद्रन अश्विन की गेंद पर धोनी के हाथों स्टम्प आउट हो गए। थरंगा ने 73 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया।
विकेट कीपर बल्लेबाज दिनेश चांदीमल ने 28 रनों का योगदान दिया। उन्हें तिवारी ने इरफान पठान के हाथों कैच कराया। चांदीमल ने लाहिरू थिरिमान्ने के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 50 रन जोड़े।
इसके बाद कप्तान माहेला जयवर्धने कुछ खास नहीं कर सके और वह तीन रन बनाकर सहवाग की गेंद पर धोनी के हाथों कैच आउट हो गए।
श्रीलंका का पांचवां विकेट मैथ्यूज के रूप में गिरा, जिन्हें 14 रन के निजी योग पर तिवारी ने कोहली के हाथों कैच कराया।
मेंडिस कुछ खास नहीं कर सके और वह 17 रन के निजी योग पर तिवारी की गेंद पर बोल्ड हो गए। इसके बाद तिवारी ने हरफनमौला थिसारा परेरा को दो रन के निजी योग पर रैना के हाथों कैच करा दिया।टिप्पणियां
थिरिमान्ने के रूप में श्रीलंका का आठवां विकेट गिरा। थिरिमान्ने को अश्विन ने 47 रन के निजी योग पर बोल्ड किया। रंगना हेराथ (17) और मलिंगा (15) नाबाद लौटे।
भारत की ओर से तिवारी ने सर्वाधिक चार जबकि अश्विन ने दो विकेट झटके वहीं डिंडा और सहवाग के खाते में एक-एक विकेट गया।
भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और पारी के पहले ओवर की पांचवीं गेंद पर लसिथ मलिंगा ने सलामी बल्लेबाज गौतम गम्भीर को बोल्ड कर भारत को तगड़ा झटका दिया। गम्भीर खाता भी नहीं खोल सके।
शुरुआत में गम्भीर का विकेट खोने के बाद वीरेंद्र सहवाग ने विराट कोहली के साथ मिलकर पारी को सम्भालने की कोशिश की और दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 52 रनों की साझेदारी की।
सहवाग को 34 रन के निजी योग पर एंजेलो मैथ्यूज की गेंद पर स्थानापन्न खिलाड़ी सचित्रा सेनानायके ने कैच किया। पिछले तीन मुकाबलों की तरह रोहित शर्मा यहां भी कुछ खास नहीं कर सके और वह चार रन बनाकर पवेलियन लौट गए। उन्हें नुवान प्रदीप ने पगबाधा आउट किया।
इसके बाद इस दौरे पर पहली बार टीम में शामिल किए गए तिवारी ने कोहली के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी उठाई। दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 49 रन जोड़े।
तिवारी को 21 रन के निजी योग पर जीवन मेंडिस ने पगबाधा आउट किया। श्रीलंका की ओर से मलिंगा, मैथ्यूज, प्रदीप और मेंडिस ने एक-एक विकेट झटका।
इससे पहले, श्रीलंका ने निर्धारित 50 ओवरों में आठ विकेट पर 251 रन बनाए। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत अच्छी रही।
श्रीलंका की ओर से उपुल थरंगा और तिलकरत्ने दिलशान ने पारी की शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने अपनी टीम को शानदार शुरुआत दिलाते हुए पहले विकेट के लिए 91 रन जोड़े।
श्रीलंका का पहला विकेट दिलशान के रूप में गिरा। दिलशान को 42 रन के निजी योग पर अशोक डिंडा की गेंद पर विकेट कीपर महेंद्र सिंह धोनी ने विकेट के पीछे लपका। दिलशान ने सात चौके लगाए।
दिलशान के आउट होने के बाद थरंगा भी 51 रन बनाकर रविचंद्रन अश्विन की गेंद पर धोनी के हाथों स्टम्प आउट हो गए। थरंगा ने 73 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया।
विकेट कीपर बल्लेबाज दिनेश चांदीमल ने 28 रनों का योगदान दिया। उन्हें तिवारी ने इरफान पठान के हाथों कैच कराया। चांदीमल ने लाहिरू थिरिमान्ने के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 50 रन जोड़े।
इसके बाद कप्तान माहेला जयवर्धने कुछ खास नहीं कर सके और वह तीन रन बनाकर सहवाग की गेंद पर धोनी के हाथों कैच आउट हो गए।
श्रीलंका का पांचवां विकेट मैथ्यूज के रूप में गिरा, जिन्हें 14 रन के निजी योग पर तिवारी ने कोहली के हाथों कैच कराया।
मेंडिस कुछ खास नहीं कर सके और वह 17 रन के निजी योग पर तिवारी की गेंद पर बोल्ड हो गए। इसके बाद तिवारी ने हरफनमौला थिसारा परेरा को दो रन के निजी योग पर रैना के हाथों कैच करा दिया।टिप्पणियां
थिरिमान्ने के रूप में श्रीलंका का आठवां विकेट गिरा। थिरिमान्ने को अश्विन ने 47 रन के निजी योग पर बोल्ड किया। रंगना हेराथ (17) और मलिंगा (15) नाबाद लौटे।
भारत की ओर से तिवारी ने सर्वाधिक चार जबकि अश्विन ने दो विकेट झटके वहीं डिंडा और सहवाग के खाते में एक-एक विकेट गया।
शुरुआत में गम्भीर का विकेट खोने के बाद वीरेंद्र सहवाग ने विराट कोहली के साथ मिलकर पारी को सम्भालने की कोशिश की और दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 52 रनों की साझेदारी की।
सहवाग को 34 रन के निजी योग पर एंजेलो मैथ्यूज की गेंद पर स्थानापन्न खिलाड़ी सचित्रा सेनानायके ने कैच किया। पिछले तीन मुकाबलों की तरह रोहित शर्मा यहां भी कुछ खास नहीं कर सके और वह चार रन बनाकर पवेलियन लौट गए। उन्हें नुवान प्रदीप ने पगबाधा आउट किया।
इसके बाद इस दौरे पर पहली बार टीम में शामिल किए गए तिवारी ने कोहली के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी उठाई। दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 49 रन जोड़े।
तिवारी को 21 रन के निजी योग पर जीवन मेंडिस ने पगबाधा आउट किया। श्रीलंका की ओर से मलिंगा, मैथ्यूज, प्रदीप और मेंडिस ने एक-एक विकेट झटका।
इससे पहले, श्रीलंका ने निर्धारित 50 ओवरों में आठ विकेट पर 251 रन बनाए। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत अच्छी रही।
श्रीलंका की ओर से उपुल थरंगा और तिलकरत्ने दिलशान ने पारी की शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने अपनी टीम को शानदार शुरुआत दिलाते हुए पहले विकेट के लिए 91 रन जोड़े।
श्रीलंका का पहला विकेट दिलशान के रूप में गिरा। दिलशान को 42 रन के निजी योग पर अशोक डिंडा की गेंद पर विकेट कीपर महेंद्र सिंह धोनी ने विकेट के पीछे लपका। दिलशान ने सात चौके लगाए।
दिलशान के आउट होने के बाद थरंगा भी 51 रन बनाकर रविचंद्रन अश्विन की गेंद पर धोनी के हाथों स्टम्प आउट हो गए। थरंगा ने 73 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया।
विकेट कीपर बल्लेबाज दिनेश चांदीमल ने 28 रनों का योगदान दिया। उन्हें तिवारी ने इरफान पठान के हाथों कैच कराया। चांदीमल ने लाहिरू थिरिमान्ने के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 50 रन जोड़े।
इसके बाद कप्तान माहेला जयवर्धने कुछ खास नहीं कर सके और वह तीन रन बनाकर सहवाग की गेंद पर धोनी के हाथों कैच आउट हो गए।
श्रीलंका का पांचवां विकेट मैथ्यूज के रूप में गिरा, जिन्हें 14 रन के निजी योग पर तिवारी ने कोहली के हाथों कैच कराया।
मेंडिस कुछ खास नहीं कर सके और वह 17 रन के निजी योग पर तिवारी की गेंद पर बोल्ड हो गए। इसके बाद तिवारी ने हरफनमौला थिसारा परेरा को दो रन के निजी योग पर रैना के हाथों कैच करा दिया।टिप्पणियां
थिरिमान्ने के रूप में श्रीलंका का आठवां विकेट गिरा। थिरिमान्ने को अश्विन ने 47 रन के निजी योग पर बोल्ड किया। रंगना हेराथ (17) और मलिंगा (15) नाबाद लौटे।
भारत की ओर से तिवारी ने सर्वाधिक चार जबकि अश्विन ने दो विकेट झटके वहीं डिंडा और सहवाग के खाते में एक-एक विकेट गया।
सहवाग को 34 रन के निजी योग पर एंजेलो मैथ्यूज की गेंद पर स्थानापन्न खिलाड़ी सचित्रा सेनानायके ने कैच किया। पिछले तीन मुकाबलों की तरह रोहित शर्मा यहां भी कुछ खास नहीं कर सके और वह चार रन बनाकर पवेलियन लौट गए। उन्हें नुवान प्रदीप ने पगबाधा आउट किया।
इसके बाद इस दौरे पर पहली बार टीम में शामिल किए गए तिवारी ने कोहली के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी उठाई। दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 49 रन जोड़े।
तिवारी को 21 रन के निजी योग पर जीवन मेंडिस ने पगबाधा आउट किया। श्रीलंका की ओर से मलिंगा, मैथ्यूज, प्रदीप और मेंडिस ने एक-एक विकेट झटका।
इससे पहले, श्रीलंका ने निर्धारित 50 ओवरों में आठ विकेट पर 251 रन बनाए। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत अच्छी रही।
श्रीलंका की ओर से उपुल थरंगा और तिलकरत्ने दिलशान ने पारी की शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने अपनी टीम को शानदार शुरुआत दिलाते हुए पहले विकेट के लिए 91 रन जोड़े।
श्रीलंका का पहला विकेट दिलशान के रूप में गिरा। दिलशान को 42 रन के निजी योग पर अशोक डिंडा की गेंद पर विकेट कीपर महेंद्र सिंह धोनी ने विकेट के पीछे लपका। दिलशान ने सात चौके लगाए।
दिलशान के आउट होने के बाद थरंगा भी 51 रन बनाकर रविचंद्रन अश्विन की गेंद पर धोनी के हाथों स्टम्प आउट हो गए। थरंगा ने 73 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया।
विकेट कीपर बल्लेबाज दिनेश चांदीमल ने 28 रनों का योगदान दिया। उन्हें तिवारी ने इरफान पठान के हाथों कैच कराया। चांदीमल ने लाहिरू थिरिमान्ने के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 50 रन जोड़े।
इसके बाद कप्तान माहेला जयवर्धने कुछ खास नहीं कर सके और वह तीन रन बनाकर सहवाग की गेंद पर धोनी के हाथों कैच आउट हो गए।
श्रीलंका का पांचवां विकेट मैथ्यूज के रूप में गिरा, जिन्हें 14 रन के निजी योग पर तिवारी ने कोहली के हाथों कैच कराया।
मेंडिस कुछ खास नहीं कर सके और वह 17 रन के निजी योग पर तिवारी की गेंद पर बोल्ड हो गए। इसके बाद तिवारी ने हरफनमौला थिसारा परेरा को दो रन के निजी योग पर रैना के हाथों कैच करा दिया।टिप्पणियां
थिरिमान्ने के रूप में श्रीलंका का आठवां विकेट गिरा। थिरिमान्ने को अश्विन ने 47 रन के निजी योग पर बोल्ड किया। रंगना हेराथ (17) और मलिंगा (15) नाबाद लौटे।
भारत की ओर से तिवारी ने सर्वाधिक चार जबकि अश्विन ने दो विकेट झटके वहीं डिंडा और सहवाग के खाते में एक-एक विकेट गया।
इसके बाद इस दौरे पर पहली बार टीम में शामिल किए गए तिवारी ने कोहली के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी उठाई। दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 49 रन जोड़े।
तिवारी को 21 रन के निजी योग पर जीवन मेंडिस ने पगबाधा आउट किया। श्रीलंका की ओर से मलिंगा, मैथ्यूज, प्रदीप और मेंडिस ने एक-एक विकेट झटका।
इससे पहले, श्रीलंका ने निर्धारित 50 ओवरों में आठ विकेट पर 251 रन बनाए। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत अच्छी रही।
श्रीलंका की ओर से उपुल थरंगा और तिलकरत्ने दिलशान ने पारी की शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने अपनी टीम को शानदार शुरुआत दिलाते हुए पहले विकेट के लिए 91 रन जोड़े।
श्रीलंका का पहला विकेट दिलशान के रूप में गिरा। दिलशान को 42 रन के निजी योग पर अशोक डिंडा की गेंद पर विकेट कीपर महेंद्र सिंह धोनी ने विकेट के पीछे लपका। दिलशान ने सात चौके लगाए।
दिलशान के आउट होने के बाद थरंगा भी 51 रन बनाकर रविचंद्रन अश्विन की गेंद पर धोनी के हाथों स्टम्प आउट हो गए। थरंगा ने 73 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया।
विकेट कीपर बल्लेबाज दिनेश चांदीमल ने 28 रनों का योगदान दिया। उन्हें तिवारी ने इरफान पठान के हाथों कैच कराया। चांदीमल ने लाहिरू थिरिमान्ने के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 50 रन जोड़े।
इसके बाद कप्तान माहेला जयवर्धने कुछ खास नहीं कर सके और वह तीन रन बनाकर सहवाग की गेंद पर धोनी के हाथों कैच आउट हो गए।
श्रीलंका का पांचवां विकेट मैथ्यूज के रूप में गिरा, जिन्हें 14 रन के निजी योग पर तिवारी ने कोहली के हाथों कैच कराया।
मेंडिस कुछ खास नहीं कर सके और वह 17 रन के निजी योग पर तिवारी की गेंद पर बोल्ड हो गए। इसके बाद तिवारी ने हरफनमौला थिसारा परेरा को दो रन के निजी योग पर रैना के हाथों कैच करा दिया।टिप्पणियां
थिरिमान्ने के रूप में श्रीलंका का आठवां विकेट गिरा। थिरिमान्ने को अश्विन ने 47 रन के निजी योग पर बोल्ड किया। रंगना हेराथ (17) और मलिंगा (15) नाबाद लौटे।
भारत की ओर से तिवारी ने सर्वाधिक चार जबकि अश्विन ने दो विकेट झटके वहीं डिंडा और सहवाग के खाते में एक-एक विकेट गया।
तिवारी को 21 रन के निजी योग पर जीवन मेंडिस ने पगबाधा आउट किया। श्रीलंका की ओर से मलिंगा, मैथ्यूज, प्रदीप और मेंडिस ने एक-एक विकेट झटका।
इससे पहले, श्रीलंका ने निर्धारित 50 ओवरों में आठ विकेट पर 251 रन बनाए। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत अच्छी रही।
श्रीलंका की ओर से उपुल थरंगा और तिलकरत्ने दिलशान ने पारी की शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने अपनी टीम को शानदार शुरुआत दिलाते हुए पहले विकेट के लिए 91 रन जोड़े।
श्रीलंका का पहला विकेट दिलशान के रूप में गिरा। दिलशान को 42 रन के निजी योग पर अशोक डिंडा की गेंद पर विकेट कीपर महेंद्र सिंह धोनी ने विकेट के पीछे लपका। दिलशान ने सात चौके लगाए।
दिलशान के आउट होने के बाद थरंगा भी 51 रन बनाकर रविचंद्रन अश्विन की गेंद पर धोनी के हाथों स्टम्प आउट हो गए। थरंगा ने 73 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया।
विकेट कीपर बल्लेबाज दिनेश चांदीमल ने 28 रनों का योगदान दिया। उन्हें तिवारी ने इरफान पठान के हाथों कैच कराया। चांदीमल ने लाहिरू थिरिमान्ने के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 50 रन जोड़े।
इसके बाद कप्तान माहेला जयवर्धने कुछ खास नहीं कर सके और वह तीन रन बनाकर सहवाग की गेंद पर धोनी के हाथों कैच आउट हो गए।
श्रीलंका का पांचवां विकेट मैथ्यूज के रूप में गिरा, जिन्हें 14 रन के निजी योग पर तिवारी ने कोहली के हाथों कैच कराया।
मेंडिस कुछ खास नहीं कर सके और वह 17 रन के निजी योग पर तिवारी की गेंद पर बोल्ड हो गए। इसके बाद तिवारी ने हरफनमौला थिसारा परेरा को दो रन के निजी योग पर रैना के हाथों कैच करा दिया।टिप्पणियां
थिरिमान्ने के रूप में श्रीलंका का आठवां विकेट गिरा। थिरिमान्ने को अश्विन ने 47 रन के निजी योग पर बोल्ड किया। रंगना हेराथ (17) और मलिंगा (15) नाबाद लौटे।
भारत की ओर से तिवारी ने सर्वाधिक चार जबकि अश्विन ने दो विकेट झटके वहीं डिंडा और सहवाग के खाते में एक-एक विकेट गया।
इससे पहले, श्रीलंका ने निर्धारित 50 ओवरों में आठ विकेट पर 251 रन बनाए। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत अच्छी रही।
श्रीलंका की ओर से उपुल थरंगा और तिलकरत्ने दिलशान ने पारी की शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने अपनी टीम को शानदार शुरुआत दिलाते हुए पहले विकेट के लिए 91 रन जोड़े।
श्रीलंका का पहला विकेट दिलशान के रूप में गिरा। दिलशान को 42 रन के निजी योग पर अशोक डिंडा की गेंद पर विकेट कीपर महेंद्र सिंह धोनी ने विकेट के पीछे लपका। दिलशान ने सात चौके लगाए।
दिलशान के आउट होने के बाद थरंगा भी 51 रन बनाकर रविचंद्रन अश्विन की गेंद पर धोनी के हाथों स्टम्प आउट हो गए। थरंगा ने 73 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया।
विकेट कीपर बल्लेबाज दिनेश चांदीमल ने 28 रनों का योगदान दिया। उन्हें तिवारी ने इरफान पठान के हाथों कैच कराया। चांदीमल ने लाहिरू थिरिमान्ने के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 50 रन जोड़े।
इसके बाद कप्तान माहेला जयवर्धने कुछ खास नहीं कर सके और वह तीन रन बनाकर सहवाग की गेंद पर धोनी के हाथों कैच आउट हो गए।
श्रीलंका का पांचवां विकेट मैथ्यूज के रूप में गिरा, जिन्हें 14 रन के निजी योग पर तिवारी ने कोहली के हाथों कैच कराया।
मेंडिस कुछ खास नहीं कर सके और वह 17 रन के निजी योग पर तिवारी की गेंद पर बोल्ड हो गए। इसके बाद तिवारी ने हरफनमौला थिसारा परेरा को दो रन के निजी योग पर रैना के हाथों कैच करा दिया।टिप्पणियां
थिरिमान्ने के रूप में श्रीलंका का आठवां विकेट गिरा। थिरिमान्ने को अश्विन ने 47 रन के निजी योग पर बोल्ड किया। रंगना हेराथ (17) और मलिंगा (15) नाबाद लौटे।
भारत की ओर से तिवारी ने सर्वाधिक चार जबकि अश्विन ने दो विकेट झटके वहीं डिंडा और सहवाग के खाते में एक-एक विकेट गया।
श्रीलंका की ओर से उपुल थरंगा और तिलकरत्ने दिलशान ने पारी की शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने अपनी टीम को शानदार शुरुआत दिलाते हुए पहले विकेट के लिए 91 रन जोड़े।
श्रीलंका का पहला विकेट दिलशान के रूप में गिरा। दिलशान को 42 रन के निजी योग पर अशोक डिंडा की गेंद पर विकेट कीपर महेंद्र सिंह धोनी ने विकेट के पीछे लपका। दिलशान ने सात चौके लगाए।
दिलशान के आउट होने के बाद थरंगा भी 51 रन बनाकर रविचंद्रन अश्विन की गेंद पर धोनी के हाथों स्टम्प आउट हो गए। थरंगा ने 73 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया।
विकेट कीपर बल्लेबाज दिनेश चांदीमल ने 28 रनों का योगदान दिया। उन्हें तिवारी ने इरफान पठान के हाथों कैच कराया। चांदीमल ने लाहिरू थिरिमान्ने के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 50 रन जोड़े।
इसके बाद कप्तान माहेला जयवर्धने कुछ खास नहीं कर सके और वह तीन रन बनाकर सहवाग की गेंद पर धोनी के हाथों कैच आउट हो गए।
श्रीलंका का पांचवां विकेट मैथ्यूज के रूप में गिरा, जिन्हें 14 रन के निजी योग पर तिवारी ने कोहली के हाथों कैच कराया।
मेंडिस कुछ खास नहीं कर सके और वह 17 रन के निजी योग पर तिवारी की गेंद पर बोल्ड हो गए। इसके बाद तिवारी ने हरफनमौला थिसारा परेरा को दो रन के निजी योग पर रैना के हाथों कैच करा दिया।टिप्पणियां
थिरिमान्ने के रूप में श्रीलंका का आठवां विकेट गिरा। थिरिमान्ने को अश्विन ने 47 रन के निजी योग पर बोल्ड किया। रंगना हेराथ (17) और मलिंगा (15) नाबाद लौटे।
भारत की ओर से तिवारी ने सर्वाधिक चार जबकि अश्विन ने दो विकेट झटके वहीं डिंडा और सहवाग के खाते में एक-एक विकेट गया।
श्रीलंका का पहला विकेट दिलशान के रूप में गिरा। दिलशान को 42 रन के निजी योग पर अशोक डिंडा की गेंद पर विकेट कीपर महेंद्र सिंह धोनी ने विकेट के पीछे लपका। दिलशान ने सात चौके लगाए।
दिलशान के आउट होने के बाद थरंगा भी 51 रन बनाकर रविचंद्रन अश्विन की गेंद पर धोनी के हाथों स्टम्प आउट हो गए। थरंगा ने 73 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया।
विकेट कीपर बल्लेबाज दिनेश चांदीमल ने 28 रनों का योगदान दिया। उन्हें तिवारी ने इरफान पठान के हाथों कैच कराया। चांदीमल ने लाहिरू थिरिमान्ने के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 50 रन जोड़े।
इसके बाद कप्तान माहेला जयवर्धने कुछ खास नहीं कर सके और वह तीन रन बनाकर सहवाग की गेंद पर धोनी के हाथों कैच आउट हो गए।
श्रीलंका का पांचवां विकेट मैथ्यूज के रूप में गिरा, जिन्हें 14 रन के निजी योग पर तिवारी ने कोहली के हाथों कैच कराया।
मेंडिस कुछ खास नहीं कर सके और वह 17 रन के निजी योग पर तिवारी की गेंद पर बोल्ड हो गए। इसके बाद तिवारी ने हरफनमौला थिसारा परेरा को दो रन के निजी योग पर रैना के हाथों कैच करा दिया।टिप्पणियां
थिरिमान्ने के रूप में श्रीलंका का आठवां विकेट गिरा। थिरिमान्ने को अश्विन ने 47 रन के निजी योग पर बोल्ड किया। रंगना हेराथ (17) और मलिंगा (15) नाबाद लौटे।
भारत की ओर से तिवारी ने सर्वाधिक चार जबकि अश्विन ने दो विकेट झटके वहीं डिंडा और सहवाग के खाते में एक-एक विकेट गया।
दिलशान के आउट होने के बाद थरंगा भी 51 रन बनाकर रविचंद्रन अश्विन की गेंद पर धोनी के हाथों स्टम्प आउट हो गए। थरंगा ने 73 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया।
विकेट कीपर बल्लेबाज दिनेश चांदीमल ने 28 रनों का योगदान दिया। उन्हें तिवारी ने इरफान पठान के हाथों कैच कराया। चांदीमल ने लाहिरू थिरिमान्ने के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 50 रन जोड़े।
इसके बाद कप्तान माहेला जयवर्धने कुछ खास नहीं कर सके और वह तीन रन बनाकर सहवाग की गेंद पर धोनी के हाथों कैच आउट हो गए।
श्रीलंका का पांचवां विकेट मैथ्यूज के रूप में गिरा, जिन्हें 14 रन के निजी योग पर तिवारी ने कोहली के हाथों कैच कराया।
मेंडिस कुछ खास नहीं कर सके और वह 17 रन के निजी योग पर तिवारी की गेंद पर बोल्ड हो गए। इसके बाद तिवारी ने हरफनमौला थिसारा परेरा को दो रन के निजी योग पर रैना के हाथों कैच करा दिया।टिप्पणियां
थिरिमान्ने के रूप में श्रीलंका का आठवां विकेट गिरा। थिरिमान्ने को अश्विन ने 47 रन के निजी योग पर बोल्ड किया। रंगना हेराथ (17) और मलिंगा (15) नाबाद लौटे।
भारत की ओर से तिवारी ने सर्वाधिक चार जबकि अश्विन ने दो विकेट झटके वहीं डिंडा और सहवाग के खाते में एक-एक विकेट गया।
विकेट कीपर बल्लेबाज दिनेश चांदीमल ने 28 रनों का योगदान दिया। उन्हें तिवारी ने इरफान पठान के हाथों कैच कराया। चांदीमल ने लाहिरू थिरिमान्ने के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 50 रन जोड़े।
इसके बाद कप्तान माहेला जयवर्धने कुछ खास नहीं कर सके और वह तीन रन बनाकर सहवाग की गेंद पर धोनी के हाथों कैच आउट हो गए।
श्रीलंका का पांचवां विकेट मैथ्यूज के रूप में गिरा, जिन्हें 14 रन के निजी योग पर तिवारी ने कोहली के हाथों कैच कराया।
मेंडिस कुछ खास नहीं कर सके और वह 17 रन के निजी योग पर तिवारी की गेंद पर बोल्ड हो गए। इसके बाद तिवारी ने हरफनमौला थिसारा परेरा को दो रन के निजी योग पर रैना के हाथों कैच करा दिया।टिप्पणियां
थिरिमान्ने के रूप में श्रीलंका का आठवां विकेट गिरा। थिरिमान्ने को अश्विन ने 47 रन के निजी योग पर बोल्ड किया। रंगना हेराथ (17) और मलिंगा (15) नाबाद लौटे।
भारत की ओर से तिवारी ने सर्वाधिक चार जबकि अश्विन ने दो विकेट झटके वहीं डिंडा और सहवाग के खाते में एक-एक विकेट गया।
इसके बाद कप्तान माहेला जयवर्धने कुछ खास नहीं कर सके और वह तीन रन बनाकर सहवाग की गेंद पर धोनी के हाथों कैच आउट हो गए।
श्रीलंका का पांचवां विकेट मैथ्यूज के रूप में गिरा, जिन्हें 14 रन के निजी योग पर तिवारी ने कोहली के हाथों कैच कराया।
मेंडिस कुछ खास नहीं कर सके और वह 17 रन के निजी योग पर तिवारी की गेंद पर बोल्ड हो गए। इसके बाद तिवारी ने हरफनमौला थिसारा परेरा को दो रन के निजी योग पर रैना के हाथों कैच करा दिया।टिप्पणियां
थिरिमान्ने के रूप में श्रीलंका का आठवां विकेट गिरा। थिरिमान्ने को अश्विन ने 47 रन के निजी योग पर बोल्ड किया। रंगना हेराथ (17) और मलिंगा (15) नाबाद लौटे।
भारत की ओर से तिवारी ने सर्वाधिक चार जबकि अश्विन ने दो विकेट झटके वहीं डिंडा और सहवाग के खाते में एक-एक विकेट गया।
श्रीलंका का पांचवां विकेट मैथ्यूज के रूप में गिरा, जिन्हें 14 रन के निजी योग पर तिवारी ने कोहली के हाथों कैच कराया।
मेंडिस कुछ खास नहीं कर सके और वह 17 रन के निजी योग पर तिवारी की गेंद पर बोल्ड हो गए। इसके बाद तिवारी ने हरफनमौला थिसारा परेरा को दो रन के निजी योग पर रैना के हाथों कैच करा दिया।टिप्पणियां
थिरिमान्ने के रूप में श्रीलंका का आठवां विकेट गिरा। थिरिमान्ने को अश्विन ने 47 रन के निजी योग पर बोल्ड किया। रंगना हेराथ (17) और मलिंगा (15) नाबाद लौटे।
भारत की ओर से तिवारी ने सर्वाधिक चार जबकि अश्विन ने दो विकेट झटके वहीं डिंडा और सहवाग के खाते में एक-एक विकेट गया।
थिरिमान्ने के रूप में श्रीलंका का आठवां विकेट गिरा। थिरिमान्ने को अश्विन ने 47 रन के निजी योग पर बोल्ड किया। रंगना हेराथ (17) और मलिंगा (15) नाबाद लौटे।
भारत की ओर से तिवारी ने सर्वाधिक चार जबकि अश्विन ने दो विकेट झटके वहीं डिंडा और सहवाग के खाते में एक-एक विकेट गया।
भारत की ओर से तिवारी ने सर्वाधिक चार जबकि अश्विन ने दो विकेट झटके वहीं डिंडा और सहवाग के खाते में एक-एक विकेट गया। | सारांश: कामचलाऊ स्पिनर मनोज तिवारी की शानदार गेंदबाजी तथा बेहतरीन फार्म में चल रहे युवा बल्लेबाज विराट कोहली की दर्शनीय शतकीय पारी से भारत ने श्रीलंका को चौथे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में 46 गेंद शेष रहते हुए छह विकेट से शिकस्त देकर शृंखला में 3-1 की अज | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अप्रत्याशित कदम उठाते हुए शुक्रवार को अपनी मुख्य नीतिगत दरों में 0.25 फीसदी की वृद्धि कर दी। बैंक के इस कदम से आवास, वाहन तथा अन्य प्रकार के ऋण महंगे हो जाएंगे। बैंक के कदम से शेयर बाजारों और रुपये में गिरावट देखी गई।
आरबीआई के नए गवर्नर रघुराम राजन ने पहली बार वित्त वर्ष 2013-14 की मध्य तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा में अपने पूर्ववर्ती डी. सुब्बाराव द्वारा लिए गए फैसलों को आंशिक रूप से वापस लिया। राजन ने चार सितंबर 2013 को आरबीआई गवर्नर का पद संभाला था।
राजन ने रेपो दर को 0.25 फीसदी बढ़ा कर 7.5 फीसदी कर दिया। रेपो दर वह दर है, जिस पर वाणिज्यिक बैंक आरबीआई से कर्ज लेते हैं। इसके साथ ही रिवर्स रेपो दर को भी 6.25 फीसदी से बढ़ाकर 6.5 फीसदी कर दिया गया। रिवर्स रेपो दर वह ब्याज दर है, जो आरबीआई वाणिज्यिक बैंकों को अल्पावधिक जमा पर देता है।
रेपो दर और रिवर्स रेपो दर के आधार पर वाणिज्यिक बैंक उपभोक्ताओं के लिए दर तय करते हैं। इनके बढ़ने से आवास, वाहन तथा अन्य प्रकार के ऋण पर लगने वाली ब्याज दरें बढ़ जाएंगी और विकास दर पर बुरा असर पड़ेगा, जो पहले से ही कम है।
आरबीआई के फैसले का शेयर बाजारों पर नकारात्मक असर हुआ और बंबई स्टॉक एक्सचेंज के संवेदी सूचकांक सेंसेक्स में 382.93 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। रुपया भी फिसलकर डॉलर के मुकाबले 62.61 तक पहुंच गया।
नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) को चार फीसदी के स्तर पर बरकरार रखा गया है। सीआरआर धन का वह अनुपात है, जो वाणिज्यिक बैंकों को रिजर्व बैंक के पास रखना होता है।
आरबीआई ने सीमांत स्थाई सुविधा (एमएसएफ) दर को तत्काल प्रभाव से 75 आधार अंक घटाकर 10.25 फीसदी से 9.5 फीसदी कर दिया।
रिजर्व बैंक ने डॉलर के मुकाबले रुपये में जारी अवमूल्यन को रोकने और रुपये को मजबूती देने के लिए मध्य जुलाई में एमएसएफ को बढ़ाकर 10.25 फीसदी कर दिया था।
आरबीआई के बयान के मुताबिक सीआरआर का न्यूनतम दैनिक मेंटेनेंस भी जरूरत के 99 फीसदी से घटाकर 95 फीसदी कर दिया गया है, जो 21 सितंबर से लागू होगा।
गवर्नर राजन ने मौद्रिक नीति की घोषणा के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि रिजर्व बैंक ने विकास और महंगाई के विकल्पों बीच संतुलन साधने की कोशिश की है। उन्होंने कहा, "रिजर्व बैंक की प्राथमिकता हमेशा से ही महंगाई और विकास दोनों रही है।"
आरबीआई के फैसले से सहमति जताते हुए योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा, "मेरे खयाल से यह एक संतुलित बयान है। उन्होंने ऐसा काम किया है, जिससे एक ओर तरलता भी बढ़ेगी और यह भी संकेत जाएगा कि बैंक महंगाई को लेकर चिंतित है।"
भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष प्रतीप चौधरी ने कहा कि इससे उधार और जमा दरें बढ़ेंगी। स्टेट बैंक ने एक दिन पहले ही सावधि जमा योजना पर मिलने वाली ब्याज दरों में वृद्धि की थी।
कुछ ही दिनों पहले जारी सरकारी आंकड़ों में महंगाई में वृद्धि दर्ज की गई थी। अगस्त महीने के लिए जारी आंकड़े में थोक मूल्यों पर आधारित समग्र महंगाई दर 6.1 फीसदी और खाद्य महंगाई दर 18 फीसदी से अधिक रही थी।
बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की राहत संबंधी घोषणा के बारे में उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए बाहर से मिली राहत का उपयोग हमें अपनी प्रणाली को बुलेट प्रूफ बनाने में करना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमें नहीं भूलना चाहिए कि राहत वापसी का टाला जाना सिर्फ टाला जाना है। इस अवधि का उपयोग हमें राष्ट्रीय आय-व्यय और विकास एजेंडे को बुलेट प्रूफ बनाने में करना चाहिए, ताकि आम आदमी और निवेशक दोनों को भरोसा मिले।"
उल्लेखनीय है कि बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने प्रति माह 85 अरब डॉलर बांड खरीदारी कार्यक्रम को जारी रखने का फैसला किया। राहत कार्यक्रम के बंद होने की आशंका से पिछले कुछ महीने से बाजार में काफी बिकवाली दर्ज की जा रही थी।टिप्पणियां
आरबीआई के कदम पर फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की अध्यक्ष नैना लाल किदवई ने कहा, "रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि हमारे लिए अप्रत्याशित है।" उन्होंने कहा कि उद्योग जगत को उम्मीद थी कि दर में या तो कटौती होगी या इसे जस का तस छोड़ दिया जाएगा, लेकिन वृद्धि से निवेश पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
भारतीय उद्योग परिसंघ के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, "रेपो दर में वृद्धि को टाला जा सकता था, क्योंकि उद्योग पहले से ही महंगी पूंजी और इसकी कम उपलब्धता से जूझ रहा है।"
आरबीआई के नए गवर्नर रघुराम राजन ने पहली बार वित्त वर्ष 2013-14 की मध्य तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा में अपने पूर्ववर्ती डी. सुब्बाराव द्वारा लिए गए फैसलों को आंशिक रूप से वापस लिया। राजन ने चार सितंबर 2013 को आरबीआई गवर्नर का पद संभाला था।
राजन ने रेपो दर को 0.25 फीसदी बढ़ा कर 7.5 फीसदी कर दिया। रेपो दर वह दर है, जिस पर वाणिज्यिक बैंक आरबीआई से कर्ज लेते हैं। इसके साथ ही रिवर्स रेपो दर को भी 6.25 फीसदी से बढ़ाकर 6.5 फीसदी कर दिया गया। रिवर्स रेपो दर वह ब्याज दर है, जो आरबीआई वाणिज्यिक बैंकों को अल्पावधिक जमा पर देता है।
रेपो दर और रिवर्स रेपो दर के आधार पर वाणिज्यिक बैंक उपभोक्ताओं के लिए दर तय करते हैं। इनके बढ़ने से आवास, वाहन तथा अन्य प्रकार के ऋण पर लगने वाली ब्याज दरें बढ़ जाएंगी और विकास दर पर बुरा असर पड़ेगा, जो पहले से ही कम है।
आरबीआई के फैसले का शेयर बाजारों पर नकारात्मक असर हुआ और बंबई स्टॉक एक्सचेंज के संवेदी सूचकांक सेंसेक्स में 382.93 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। रुपया भी फिसलकर डॉलर के मुकाबले 62.61 तक पहुंच गया।
नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) को चार फीसदी के स्तर पर बरकरार रखा गया है। सीआरआर धन का वह अनुपात है, जो वाणिज्यिक बैंकों को रिजर्व बैंक के पास रखना होता है।
आरबीआई ने सीमांत स्थाई सुविधा (एमएसएफ) दर को तत्काल प्रभाव से 75 आधार अंक घटाकर 10.25 फीसदी से 9.5 फीसदी कर दिया।
रिजर्व बैंक ने डॉलर के मुकाबले रुपये में जारी अवमूल्यन को रोकने और रुपये को मजबूती देने के लिए मध्य जुलाई में एमएसएफ को बढ़ाकर 10.25 फीसदी कर दिया था।
आरबीआई के बयान के मुताबिक सीआरआर का न्यूनतम दैनिक मेंटेनेंस भी जरूरत के 99 फीसदी से घटाकर 95 फीसदी कर दिया गया है, जो 21 सितंबर से लागू होगा।
गवर्नर राजन ने मौद्रिक नीति की घोषणा के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि रिजर्व बैंक ने विकास और महंगाई के विकल्पों बीच संतुलन साधने की कोशिश की है। उन्होंने कहा, "रिजर्व बैंक की प्राथमिकता हमेशा से ही महंगाई और विकास दोनों रही है।"
आरबीआई के फैसले से सहमति जताते हुए योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा, "मेरे खयाल से यह एक संतुलित बयान है। उन्होंने ऐसा काम किया है, जिससे एक ओर तरलता भी बढ़ेगी और यह भी संकेत जाएगा कि बैंक महंगाई को लेकर चिंतित है।"
भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष प्रतीप चौधरी ने कहा कि इससे उधार और जमा दरें बढ़ेंगी। स्टेट बैंक ने एक दिन पहले ही सावधि जमा योजना पर मिलने वाली ब्याज दरों में वृद्धि की थी।
कुछ ही दिनों पहले जारी सरकारी आंकड़ों में महंगाई में वृद्धि दर्ज की गई थी। अगस्त महीने के लिए जारी आंकड़े में थोक मूल्यों पर आधारित समग्र महंगाई दर 6.1 फीसदी और खाद्य महंगाई दर 18 फीसदी से अधिक रही थी।
बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की राहत संबंधी घोषणा के बारे में उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए बाहर से मिली राहत का उपयोग हमें अपनी प्रणाली को बुलेट प्रूफ बनाने में करना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमें नहीं भूलना चाहिए कि राहत वापसी का टाला जाना सिर्फ टाला जाना है। इस अवधि का उपयोग हमें राष्ट्रीय आय-व्यय और विकास एजेंडे को बुलेट प्रूफ बनाने में करना चाहिए, ताकि आम आदमी और निवेशक दोनों को भरोसा मिले।"
उल्लेखनीय है कि बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने प्रति माह 85 अरब डॉलर बांड खरीदारी कार्यक्रम को जारी रखने का फैसला किया। राहत कार्यक्रम के बंद होने की आशंका से पिछले कुछ महीने से बाजार में काफी बिकवाली दर्ज की जा रही थी।टिप्पणियां
आरबीआई के कदम पर फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की अध्यक्ष नैना लाल किदवई ने कहा, "रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि हमारे लिए अप्रत्याशित है।" उन्होंने कहा कि उद्योग जगत को उम्मीद थी कि दर में या तो कटौती होगी या इसे जस का तस छोड़ दिया जाएगा, लेकिन वृद्धि से निवेश पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
भारतीय उद्योग परिसंघ के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, "रेपो दर में वृद्धि को टाला जा सकता था, क्योंकि उद्योग पहले से ही महंगी पूंजी और इसकी कम उपलब्धता से जूझ रहा है।"
राजन ने रेपो दर को 0.25 फीसदी बढ़ा कर 7.5 फीसदी कर दिया। रेपो दर वह दर है, जिस पर वाणिज्यिक बैंक आरबीआई से कर्ज लेते हैं। इसके साथ ही रिवर्स रेपो दर को भी 6.25 फीसदी से बढ़ाकर 6.5 फीसदी कर दिया गया। रिवर्स रेपो दर वह ब्याज दर है, जो आरबीआई वाणिज्यिक बैंकों को अल्पावधिक जमा पर देता है।
रेपो दर और रिवर्स रेपो दर के आधार पर वाणिज्यिक बैंक उपभोक्ताओं के लिए दर तय करते हैं। इनके बढ़ने से आवास, वाहन तथा अन्य प्रकार के ऋण पर लगने वाली ब्याज दरें बढ़ जाएंगी और विकास दर पर बुरा असर पड़ेगा, जो पहले से ही कम है।
आरबीआई के फैसले का शेयर बाजारों पर नकारात्मक असर हुआ और बंबई स्टॉक एक्सचेंज के संवेदी सूचकांक सेंसेक्स में 382.93 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। रुपया भी फिसलकर डॉलर के मुकाबले 62.61 तक पहुंच गया।
नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) को चार फीसदी के स्तर पर बरकरार रखा गया है। सीआरआर धन का वह अनुपात है, जो वाणिज्यिक बैंकों को रिजर्व बैंक के पास रखना होता है।
आरबीआई ने सीमांत स्थाई सुविधा (एमएसएफ) दर को तत्काल प्रभाव से 75 आधार अंक घटाकर 10.25 फीसदी से 9.5 फीसदी कर दिया।
रिजर्व बैंक ने डॉलर के मुकाबले रुपये में जारी अवमूल्यन को रोकने और रुपये को मजबूती देने के लिए मध्य जुलाई में एमएसएफ को बढ़ाकर 10.25 फीसदी कर दिया था।
आरबीआई के बयान के मुताबिक सीआरआर का न्यूनतम दैनिक मेंटेनेंस भी जरूरत के 99 फीसदी से घटाकर 95 फीसदी कर दिया गया है, जो 21 सितंबर से लागू होगा।
गवर्नर राजन ने मौद्रिक नीति की घोषणा के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि रिजर्व बैंक ने विकास और महंगाई के विकल्पों बीच संतुलन साधने की कोशिश की है। उन्होंने कहा, "रिजर्व बैंक की प्राथमिकता हमेशा से ही महंगाई और विकास दोनों रही है।"
आरबीआई के फैसले से सहमति जताते हुए योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा, "मेरे खयाल से यह एक संतुलित बयान है। उन्होंने ऐसा काम किया है, जिससे एक ओर तरलता भी बढ़ेगी और यह भी संकेत जाएगा कि बैंक महंगाई को लेकर चिंतित है।"
भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष प्रतीप चौधरी ने कहा कि इससे उधार और जमा दरें बढ़ेंगी। स्टेट बैंक ने एक दिन पहले ही सावधि जमा योजना पर मिलने वाली ब्याज दरों में वृद्धि की थी।
कुछ ही दिनों पहले जारी सरकारी आंकड़ों में महंगाई में वृद्धि दर्ज की गई थी। अगस्त महीने के लिए जारी आंकड़े में थोक मूल्यों पर आधारित समग्र महंगाई दर 6.1 फीसदी और खाद्य महंगाई दर 18 फीसदी से अधिक रही थी।
बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की राहत संबंधी घोषणा के बारे में उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए बाहर से मिली राहत का उपयोग हमें अपनी प्रणाली को बुलेट प्रूफ बनाने में करना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमें नहीं भूलना चाहिए कि राहत वापसी का टाला जाना सिर्फ टाला जाना है। इस अवधि का उपयोग हमें राष्ट्रीय आय-व्यय और विकास एजेंडे को बुलेट प्रूफ बनाने में करना चाहिए, ताकि आम आदमी और निवेशक दोनों को भरोसा मिले।"
उल्लेखनीय है कि बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने प्रति माह 85 अरब डॉलर बांड खरीदारी कार्यक्रम को जारी रखने का फैसला किया। राहत कार्यक्रम के बंद होने की आशंका से पिछले कुछ महीने से बाजार में काफी बिकवाली दर्ज की जा रही थी।टिप्पणियां
आरबीआई के कदम पर फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की अध्यक्ष नैना लाल किदवई ने कहा, "रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि हमारे लिए अप्रत्याशित है।" उन्होंने कहा कि उद्योग जगत को उम्मीद थी कि दर में या तो कटौती होगी या इसे जस का तस छोड़ दिया जाएगा, लेकिन वृद्धि से निवेश पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
भारतीय उद्योग परिसंघ के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, "रेपो दर में वृद्धि को टाला जा सकता था, क्योंकि उद्योग पहले से ही महंगी पूंजी और इसकी कम उपलब्धता से जूझ रहा है।"
रेपो दर और रिवर्स रेपो दर के आधार पर वाणिज्यिक बैंक उपभोक्ताओं के लिए दर तय करते हैं। इनके बढ़ने से आवास, वाहन तथा अन्य प्रकार के ऋण पर लगने वाली ब्याज दरें बढ़ जाएंगी और विकास दर पर बुरा असर पड़ेगा, जो पहले से ही कम है।
आरबीआई के फैसले का शेयर बाजारों पर नकारात्मक असर हुआ और बंबई स्टॉक एक्सचेंज के संवेदी सूचकांक सेंसेक्स में 382.93 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। रुपया भी फिसलकर डॉलर के मुकाबले 62.61 तक पहुंच गया।
नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) को चार फीसदी के स्तर पर बरकरार रखा गया है। सीआरआर धन का वह अनुपात है, जो वाणिज्यिक बैंकों को रिजर्व बैंक के पास रखना होता है।
आरबीआई ने सीमांत स्थाई सुविधा (एमएसएफ) दर को तत्काल प्रभाव से 75 आधार अंक घटाकर 10.25 फीसदी से 9.5 फीसदी कर दिया।
रिजर्व बैंक ने डॉलर के मुकाबले रुपये में जारी अवमूल्यन को रोकने और रुपये को मजबूती देने के लिए मध्य जुलाई में एमएसएफ को बढ़ाकर 10.25 फीसदी कर दिया था।
आरबीआई के बयान के मुताबिक सीआरआर का न्यूनतम दैनिक मेंटेनेंस भी जरूरत के 99 फीसदी से घटाकर 95 फीसदी कर दिया गया है, जो 21 सितंबर से लागू होगा।
गवर्नर राजन ने मौद्रिक नीति की घोषणा के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि रिजर्व बैंक ने विकास और महंगाई के विकल्पों बीच संतुलन साधने की कोशिश की है। उन्होंने कहा, "रिजर्व बैंक की प्राथमिकता हमेशा से ही महंगाई और विकास दोनों रही है।"
आरबीआई के फैसले से सहमति जताते हुए योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा, "मेरे खयाल से यह एक संतुलित बयान है। उन्होंने ऐसा काम किया है, जिससे एक ओर तरलता भी बढ़ेगी और यह भी संकेत जाएगा कि बैंक महंगाई को लेकर चिंतित है।"
भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष प्रतीप चौधरी ने कहा कि इससे उधार और जमा दरें बढ़ेंगी। स्टेट बैंक ने एक दिन पहले ही सावधि जमा योजना पर मिलने वाली ब्याज दरों में वृद्धि की थी।
कुछ ही दिनों पहले जारी सरकारी आंकड़ों में महंगाई में वृद्धि दर्ज की गई थी। अगस्त महीने के लिए जारी आंकड़े में थोक मूल्यों पर आधारित समग्र महंगाई दर 6.1 फीसदी और खाद्य महंगाई दर 18 फीसदी से अधिक रही थी।
बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की राहत संबंधी घोषणा के बारे में उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए बाहर से मिली राहत का उपयोग हमें अपनी प्रणाली को बुलेट प्रूफ बनाने में करना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमें नहीं भूलना चाहिए कि राहत वापसी का टाला जाना सिर्फ टाला जाना है। इस अवधि का उपयोग हमें राष्ट्रीय आय-व्यय और विकास एजेंडे को बुलेट प्रूफ बनाने में करना चाहिए, ताकि आम आदमी और निवेशक दोनों को भरोसा मिले।"
उल्लेखनीय है कि बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने प्रति माह 85 अरब डॉलर बांड खरीदारी कार्यक्रम को जारी रखने का फैसला किया। राहत कार्यक्रम के बंद होने की आशंका से पिछले कुछ महीने से बाजार में काफी बिकवाली दर्ज की जा रही थी।टिप्पणियां
आरबीआई के कदम पर फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की अध्यक्ष नैना लाल किदवई ने कहा, "रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि हमारे लिए अप्रत्याशित है।" उन्होंने कहा कि उद्योग जगत को उम्मीद थी कि दर में या तो कटौती होगी या इसे जस का तस छोड़ दिया जाएगा, लेकिन वृद्धि से निवेश पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
भारतीय उद्योग परिसंघ के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, "रेपो दर में वृद्धि को टाला जा सकता था, क्योंकि उद्योग पहले से ही महंगी पूंजी और इसकी कम उपलब्धता से जूझ रहा है।"
आरबीआई के फैसले का शेयर बाजारों पर नकारात्मक असर हुआ और बंबई स्टॉक एक्सचेंज के संवेदी सूचकांक सेंसेक्स में 382.93 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। रुपया भी फिसलकर डॉलर के मुकाबले 62.61 तक पहुंच गया।
नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) को चार फीसदी के स्तर पर बरकरार रखा गया है। सीआरआर धन का वह अनुपात है, जो वाणिज्यिक बैंकों को रिजर्व बैंक के पास रखना होता है।
आरबीआई ने सीमांत स्थाई सुविधा (एमएसएफ) दर को तत्काल प्रभाव से 75 आधार अंक घटाकर 10.25 फीसदी से 9.5 फीसदी कर दिया।
रिजर्व बैंक ने डॉलर के मुकाबले रुपये में जारी अवमूल्यन को रोकने और रुपये को मजबूती देने के लिए मध्य जुलाई में एमएसएफ को बढ़ाकर 10.25 फीसदी कर दिया था।
आरबीआई के बयान के मुताबिक सीआरआर का न्यूनतम दैनिक मेंटेनेंस भी जरूरत के 99 फीसदी से घटाकर 95 फीसदी कर दिया गया है, जो 21 सितंबर से लागू होगा।
गवर्नर राजन ने मौद्रिक नीति की घोषणा के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि रिजर्व बैंक ने विकास और महंगाई के विकल्पों बीच संतुलन साधने की कोशिश की है। उन्होंने कहा, "रिजर्व बैंक की प्राथमिकता हमेशा से ही महंगाई और विकास दोनों रही है।"
आरबीआई के फैसले से सहमति जताते हुए योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा, "मेरे खयाल से यह एक संतुलित बयान है। उन्होंने ऐसा काम किया है, जिससे एक ओर तरलता भी बढ़ेगी और यह भी संकेत जाएगा कि बैंक महंगाई को लेकर चिंतित है।"
भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष प्रतीप चौधरी ने कहा कि इससे उधार और जमा दरें बढ़ेंगी। स्टेट बैंक ने एक दिन पहले ही सावधि जमा योजना पर मिलने वाली ब्याज दरों में वृद्धि की थी।
कुछ ही दिनों पहले जारी सरकारी आंकड़ों में महंगाई में वृद्धि दर्ज की गई थी। अगस्त महीने के लिए जारी आंकड़े में थोक मूल्यों पर आधारित समग्र महंगाई दर 6.1 फीसदी और खाद्य महंगाई दर 18 फीसदी से अधिक रही थी।
बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की राहत संबंधी घोषणा के बारे में उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए बाहर से मिली राहत का उपयोग हमें अपनी प्रणाली को बुलेट प्रूफ बनाने में करना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमें नहीं भूलना चाहिए कि राहत वापसी का टाला जाना सिर्फ टाला जाना है। इस अवधि का उपयोग हमें राष्ट्रीय आय-व्यय और विकास एजेंडे को बुलेट प्रूफ बनाने में करना चाहिए, ताकि आम आदमी और निवेशक दोनों को भरोसा मिले।"
उल्लेखनीय है कि बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने प्रति माह 85 अरब डॉलर बांड खरीदारी कार्यक्रम को जारी रखने का फैसला किया। राहत कार्यक्रम के बंद होने की आशंका से पिछले कुछ महीने से बाजार में काफी बिकवाली दर्ज की जा रही थी।टिप्पणियां
आरबीआई के कदम पर फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की अध्यक्ष नैना लाल किदवई ने कहा, "रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि हमारे लिए अप्रत्याशित है।" उन्होंने कहा कि उद्योग जगत को उम्मीद थी कि दर में या तो कटौती होगी या इसे जस का तस छोड़ दिया जाएगा, लेकिन वृद्धि से निवेश पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
भारतीय उद्योग परिसंघ के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, "रेपो दर में वृद्धि को टाला जा सकता था, क्योंकि उद्योग पहले से ही महंगी पूंजी और इसकी कम उपलब्धता से जूझ रहा है।"
नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) को चार फीसदी के स्तर पर बरकरार रखा गया है। सीआरआर धन का वह अनुपात है, जो वाणिज्यिक बैंकों को रिजर्व बैंक के पास रखना होता है।
आरबीआई ने सीमांत स्थाई सुविधा (एमएसएफ) दर को तत्काल प्रभाव से 75 आधार अंक घटाकर 10.25 फीसदी से 9.5 फीसदी कर दिया।
रिजर्व बैंक ने डॉलर के मुकाबले रुपये में जारी अवमूल्यन को रोकने और रुपये को मजबूती देने के लिए मध्य जुलाई में एमएसएफ को बढ़ाकर 10.25 फीसदी कर दिया था।
आरबीआई के बयान के मुताबिक सीआरआर का न्यूनतम दैनिक मेंटेनेंस भी जरूरत के 99 फीसदी से घटाकर 95 फीसदी कर दिया गया है, जो 21 सितंबर से लागू होगा।
गवर्नर राजन ने मौद्रिक नीति की घोषणा के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि रिजर्व बैंक ने विकास और महंगाई के विकल्पों बीच संतुलन साधने की कोशिश की है। उन्होंने कहा, "रिजर्व बैंक की प्राथमिकता हमेशा से ही महंगाई और विकास दोनों रही है।"
आरबीआई के फैसले से सहमति जताते हुए योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा, "मेरे खयाल से यह एक संतुलित बयान है। उन्होंने ऐसा काम किया है, जिससे एक ओर तरलता भी बढ़ेगी और यह भी संकेत जाएगा कि बैंक महंगाई को लेकर चिंतित है।"
भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष प्रतीप चौधरी ने कहा कि इससे उधार और जमा दरें बढ़ेंगी। स्टेट बैंक ने एक दिन पहले ही सावधि जमा योजना पर मिलने वाली ब्याज दरों में वृद्धि की थी।
कुछ ही दिनों पहले जारी सरकारी आंकड़ों में महंगाई में वृद्धि दर्ज की गई थी। अगस्त महीने के लिए जारी आंकड़े में थोक मूल्यों पर आधारित समग्र महंगाई दर 6.1 फीसदी और खाद्य महंगाई दर 18 फीसदी से अधिक रही थी।
बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की राहत संबंधी घोषणा के बारे में उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए बाहर से मिली राहत का उपयोग हमें अपनी प्रणाली को बुलेट प्रूफ बनाने में करना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमें नहीं भूलना चाहिए कि राहत वापसी का टाला जाना सिर्फ टाला जाना है। इस अवधि का उपयोग हमें राष्ट्रीय आय-व्यय और विकास एजेंडे को बुलेट प्रूफ बनाने में करना चाहिए, ताकि आम आदमी और निवेशक दोनों को भरोसा मिले।"
उल्लेखनीय है कि बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने प्रति माह 85 अरब डॉलर बांड खरीदारी कार्यक्रम को जारी रखने का फैसला किया। राहत कार्यक्रम के बंद होने की आशंका से पिछले कुछ महीने से बाजार में काफी बिकवाली दर्ज की जा रही थी।टिप्पणियां
आरबीआई के कदम पर फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की अध्यक्ष नैना लाल किदवई ने कहा, "रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि हमारे लिए अप्रत्याशित है।" उन्होंने कहा कि उद्योग जगत को उम्मीद थी कि दर में या तो कटौती होगी या इसे जस का तस छोड़ दिया जाएगा, लेकिन वृद्धि से निवेश पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
भारतीय उद्योग परिसंघ के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, "रेपो दर में वृद्धि को टाला जा सकता था, क्योंकि उद्योग पहले से ही महंगी पूंजी और इसकी कम उपलब्धता से जूझ रहा है।"
आरबीआई ने सीमांत स्थाई सुविधा (एमएसएफ) दर को तत्काल प्रभाव से 75 आधार अंक घटाकर 10.25 फीसदी से 9.5 फीसदी कर दिया।
रिजर्व बैंक ने डॉलर के मुकाबले रुपये में जारी अवमूल्यन को रोकने और रुपये को मजबूती देने के लिए मध्य जुलाई में एमएसएफ को बढ़ाकर 10.25 फीसदी कर दिया था।
आरबीआई के बयान के मुताबिक सीआरआर का न्यूनतम दैनिक मेंटेनेंस भी जरूरत के 99 फीसदी से घटाकर 95 फीसदी कर दिया गया है, जो 21 सितंबर से लागू होगा।
गवर्नर राजन ने मौद्रिक नीति की घोषणा के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि रिजर्व बैंक ने विकास और महंगाई के विकल्पों बीच संतुलन साधने की कोशिश की है। उन्होंने कहा, "रिजर्व बैंक की प्राथमिकता हमेशा से ही महंगाई और विकास दोनों रही है।"
आरबीआई के फैसले से सहमति जताते हुए योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा, "मेरे खयाल से यह एक संतुलित बयान है। उन्होंने ऐसा काम किया है, जिससे एक ओर तरलता भी बढ़ेगी और यह भी संकेत जाएगा कि बैंक महंगाई को लेकर चिंतित है।"
भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष प्रतीप चौधरी ने कहा कि इससे उधार और जमा दरें बढ़ेंगी। स्टेट बैंक ने एक दिन पहले ही सावधि जमा योजना पर मिलने वाली ब्याज दरों में वृद्धि की थी।
कुछ ही दिनों पहले जारी सरकारी आंकड़ों में महंगाई में वृद्धि दर्ज की गई थी। अगस्त महीने के लिए जारी आंकड़े में थोक मूल्यों पर आधारित समग्र महंगाई दर 6.1 फीसदी और खाद्य महंगाई दर 18 फीसदी से अधिक रही थी।
बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की राहत संबंधी घोषणा के बारे में उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए बाहर से मिली राहत का उपयोग हमें अपनी प्रणाली को बुलेट प्रूफ बनाने में करना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमें नहीं भूलना चाहिए कि राहत वापसी का टाला जाना सिर्फ टाला जाना है। इस अवधि का उपयोग हमें राष्ट्रीय आय-व्यय और विकास एजेंडे को बुलेट प्रूफ बनाने में करना चाहिए, ताकि आम आदमी और निवेशक दोनों को भरोसा मिले।"
उल्लेखनीय है कि बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने प्रति माह 85 अरब डॉलर बांड खरीदारी कार्यक्रम को जारी रखने का फैसला किया। राहत कार्यक्रम के बंद होने की आशंका से पिछले कुछ महीने से बाजार में काफी बिकवाली दर्ज की जा रही थी।टिप्पणियां
आरबीआई के कदम पर फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की अध्यक्ष नैना लाल किदवई ने कहा, "रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि हमारे लिए अप्रत्याशित है।" उन्होंने कहा कि उद्योग जगत को उम्मीद थी कि दर में या तो कटौती होगी या इसे जस का तस छोड़ दिया जाएगा, लेकिन वृद्धि से निवेश पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
भारतीय उद्योग परिसंघ के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, "रेपो दर में वृद्धि को टाला जा सकता था, क्योंकि उद्योग पहले से ही महंगी पूंजी और इसकी कम उपलब्धता से जूझ रहा है।"
रिजर्व बैंक ने डॉलर के मुकाबले रुपये में जारी अवमूल्यन को रोकने और रुपये को मजबूती देने के लिए मध्य जुलाई में एमएसएफ को बढ़ाकर 10.25 फीसदी कर दिया था।
आरबीआई के बयान के मुताबिक सीआरआर का न्यूनतम दैनिक मेंटेनेंस भी जरूरत के 99 फीसदी से घटाकर 95 फीसदी कर दिया गया है, जो 21 सितंबर से लागू होगा।
गवर्नर राजन ने मौद्रिक नीति की घोषणा के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि रिजर्व बैंक ने विकास और महंगाई के विकल्पों बीच संतुलन साधने की कोशिश की है। उन्होंने कहा, "रिजर्व बैंक की प्राथमिकता हमेशा से ही महंगाई और विकास दोनों रही है।"
आरबीआई के फैसले से सहमति जताते हुए योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा, "मेरे खयाल से यह एक संतुलित बयान है। उन्होंने ऐसा काम किया है, जिससे एक ओर तरलता भी बढ़ेगी और यह भी संकेत जाएगा कि बैंक महंगाई को लेकर चिंतित है।"
भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष प्रतीप चौधरी ने कहा कि इससे उधार और जमा दरें बढ़ेंगी। स्टेट बैंक ने एक दिन पहले ही सावधि जमा योजना पर मिलने वाली ब्याज दरों में वृद्धि की थी।
कुछ ही दिनों पहले जारी सरकारी आंकड़ों में महंगाई में वृद्धि दर्ज की गई थी। अगस्त महीने के लिए जारी आंकड़े में थोक मूल्यों पर आधारित समग्र महंगाई दर 6.1 फीसदी और खाद्य महंगाई दर 18 फीसदी से अधिक रही थी।
बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की राहत संबंधी घोषणा के बारे में उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए बाहर से मिली राहत का उपयोग हमें अपनी प्रणाली को बुलेट प्रूफ बनाने में करना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमें नहीं भूलना चाहिए कि राहत वापसी का टाला जाना सिर्फ टाला जाना है। इस अवधि का उपयोग हमें राष्ट्रीय आय-व्यय और विकास एजेंडे को बुलेट प्रूफ बनाने में करना चाहिए, ताकि आम आदमी और निवेशक दोनों को भरोसा मिले।"
उल्लेखनीय है कि बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने प्रति माह 85 अरब डॉलर बांड खरीदारी कार्यक्रम को जारी रखने का फैसला किया। राहत कार्यक्रम के बंद होने की आशंका से पिछले कुछ महीने से बाजार में काफी बिकवाली दर्ज की जा रही थी।टिप्पणियां
आरबीआई के कदम पर फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की अध्यक्ष नैना लाल किदवई ने कहा, "रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि हमारे लिए अप्रत्याशित है।" उन्होंने कहा कि उद्योग जगत को उम्मीद थी कि दर में या तो कटौती होगी या इसे जस का तस छोड़ दिया जाएगा, लेकिन वृद्धि से निवेश पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
भारतीय उद्योग परिसंघ के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, "रेपो दर में वृद्धि को टाला जा सकता था, क्योंकि उद्योग पहले से ही महंगी पूंजी और इसकी कम उपलब्धता से जूझ रहा है।"
आरबीआई के बयान के मुताबिक सीआरआर का न्यूनतम दैनिक मेंटेनेंस भी जरूरत के 99 फीसदी से घटाकर 95 फीसदी कर दिया गया है, जो 21 सितंबर से लागू होगा।
गवर्नर राजन ने मौद्रिक नीति की घोषणा के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि रिजर्व बैंक ने विकास और महंगाई के विकल्पों बीच संतुलन साधने की कोशिश की है। उन्होंने कहा, "रिजर्व बैंक की प्राथमिकता हमेशा से ही महंगाई और विकास दोनों रही है।"
आरबीआई के फैसले से सहमति जताते हुए योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा, "मेरे खयाल से यह एक संतुलित बयान है। उन्होंने ऐसा काम किया है, जिससे एक ओर तरलता भी बढ़ेगी और यह भी संकेत जाएगा कि बैंक महंगाई को लेकर चिंतित है।"
भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष प्रतीप चौधरी ने कहा कि इससे उधार और जमा दरें बढ़ेंगी। स्टेट बैंक ने एक दिन पहले ही सावधि जमा योजना पर मिलने वाली ब्याज दरों में वृद्धि की थी।
कुछ ही दिनों पहले जारी सरकारी आंकड़ों में महंगाई में वृद्धि दर्ज की गई थी। अगस्त महीने के लिए जारी आंकड़े में थोक मूल्यों पर आधारित समग्र महंगाई दर 6.1 फीसदी और खाद्य महंगाई दर 18 फीसदी से अधिक रही थी।
बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की राहत संबंधी घोषणा के बारे में उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए बाहर से मिली राहत का उपयोग हमें अपनी प्रणाली को बुलेट प्रूफ बनाने में करना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमें नहीं भूलना चाहिए कि राहत वापसी का टाला जाना सिर्फ टाला जाना है। इस अवधि का उपयोग हमें राष्ट्रीय आय-व्यय और विकास एजेंडे को बुलेट प्रूफ बनाने में करना चाहिए, ताकि आम आदमी और निवेशक दोनों को भरोसा मिले।"
उल्लेखनीय है कि बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने प्रति माह 85 अरब डॉलर बांड खरीदारी कार्यक्रम को जारी रखने का फैसला किया। राहत कार्यक्रम के बंद होने की आशंका से पिछले कुछ महीने से बाजार में काफी बिकवाली दर्ज की जा रही थी।टिप्पणियां
आरबीआई के कदम पर फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की अध्यक्ष नैना लाल किदवई ने कहा, "रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि हमारे लिए अप्रत्याशित है।" उन्होंने कहा कि उद्योग जगत को उम्मीद थी कि दर में या तो कटौती होगी या इसे जस का तस छोड़ दिया जाएगा, लेकिन वृद्धि से निवेश पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
भारतीय उद्योग परिसंघ के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, "रेपो दर में वृद्धि को टाला जा सकता था, क्योंकि उद्योग पहले से ही महंगी पूंजी और इसकी कम उपलब्धता से जूझ रहा है।"
गवर्नर राजन ने मौद्रिक नीति की घोषणा के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि रिजर्व बैंक ने विकास और महंगाई के विकल्पों बीच संतुलन साधने की कोशिश की है। उन्होंने कहा, "रिजर्व बैंक की प्राथमिकता हमेशा से ही महंगाई और विकास दोनों रही है।"
आरबीआई के फैसले से सहमति जताते हुए योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा, "मेरे खयाल से यह एक संतुलित बयान है। उन्होंने ऐसा काम किया है, जिससे एक ओर तरलता भी बढ़ेगी और यह भी संकेत जाएगा कि बैंक महंगाई को लेकर चिंतित है।"
भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष प्रतीप चौधरी ने कहा कि इससे उधार और जमा दरें बढ़ेंगी। स्टेट बैंक ने एक दिन पहले ही सावधि जमा योजना पर मिलने वाली ब्याज दरों में वृद्धि की थी।
कुछ ही दिनों पहले जारी सरकारी आंकड़ों में महंगाई में वृद्धि दर्ज की गई थी। अगस्त महीने के लिए जारी आंकड़े में थोक मूल्यों पर आधारित समग्र महंगाई दर 6.1 फीसदी और खाद्य महंगाई दर 18 फीसदी से अधिक रही थी।
बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की राहत संबंधी घोषणा के बारे में उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए बाहर से मिली राहत का उपयोग हमें अपनी प्रणाली को बुलेट प्रूफ बनाने में करना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमें नहीं भूलना चाहिए कि राहत वापसी का टाला जाना सिर्फ टाला जाना है। इस अवधि का उपयोग हमें राष्ट्रीय आय-व्यय और विकास एजेंडे को बुलेट प्रूफ बनाने में करना चाहिए, ताकि आम आदमी और निवेशक दोनों को भरोसा मिले।"
उल्लेखनीय है कि बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने प्रति माह 85 अरब डॉलर बांड खरीदारी कार्यक्रम को जारी रखने का फैसला किया। राहत कार्यक्रम के बंद होने की आशंका से पिछले कुछ महीने से बाजार में काफी बिकवाली दर्ज की जा रही थी।टिप्पणियां
आरबीआई के कदम पर फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की अध्यक्ष नैना लाल किदवई ने कहा, "रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि हमारे लिए अप्रत्याशित है।" उन्होंने कहा कि उद्योग जगत को उम्मीद थी कि दर में या तो कटौती होगी या इसे जस का तस छोड़ दिया जाएगा, लेकिन वृद्धि से निवेश पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
भारतीय उद्योग परिसंघ के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, "रेपो दर में वृद्धि को टाला जा सकता था, क्योंकि उद्योग पहले से ही महंगी पूंजी और इसकी कम उपलब्धता से जूझ रहा है।"
आरबीआई के फैसले से सहमति जताते हुए योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा, "मेरे खयाल से यह एक संतुलित बयान है। उन्होंने ऐसा काम किया है, जिससे एक ओर तरलता भी बढ़ेगी और यह भी संकेत जाएगा कि बैंक महंगाई को लेकर चिंतित है।"
भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष प्रतीप चौधरी ने कहा कि इससे उधार और जमा दरें बढ़ेंगी। स्टेट बैंक ने एक दिन पहले ही सावधि जमा योजना पर मिलने वाली ब्याज दरों में वृद्धि की थी।
कुछ ही दिनों पहले जारी सरकारी आंकड़ों में महंगाई में वृद्धि दर्ज की गई थी। अगस्त महीने के लिए जारी आंकड़े में थोक मूल्यों पर आधारित समग्र महंगाई दर 6.1 फीसदी और खाद्य महंगाई दर 18 फीसदी से अधिक रही थी।
बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की राहत संबंधी घोषणा के बारे में उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए बाहर से मिली राहत का उपयोग हमें अपनी प्रणाली को बुलेट प्रूफ बनाने में करना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमें नहीं भूलना चाहिए कि राहत वापसी का टाला जाना सिर्फ टाला जाना है। इस अवधि का उपयोग हमें राष्ट्रीय आय-व्यय और विकास एजेंडे को बुलेट प्रूफ बनाने में करना चाहिए, ताकि आम आदमी और निवेशक दोनों को भरोसा मिले।"
उल्लेखनीय है कि बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने प्रति माह 85 अरब डॉलर बांड खरीदारी कार्यक्रम को जारी रखने का फैसला किया। राहत कार्यक्रम के बंद होने की आशंका से पिछले कुछ महीने से बाजार में काफी बिकवाली दर्ज की जा रही थी।टिप्पणियां
आरबीआई के कदम पर फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की अध्यक्ष नैना लाल किदवई ने कहा, "रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि हमारे लिए अप्रत्याशित है।" उन्होंने कहा कि उद्योग जगत को उम्मीद थी कि दर में या तो कटौती होगी या इसे जस का तस छोड़ दिया जाएगा, लेकिन वृद्धि से निवेश पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
भारतीय उद्योग परिसंघ के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, "रेपो दर में वृद्धि को टाला जा सकता था, क्योंकि उद्योग पहले से ही महंगी पूंजी और इसकी कम उपलब्धता से जूझ रहा है।"
भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष प्रतीप चौधरी ने कहा कि इससे उधार और जमा दरें बढ़ेंगी। स्टेट बैंक ने एक दिन पहले ही सावधि जमा योजना पर मिलने वाली ब्याज दरों में वृद्धि की थी।
कुछ ही दिनों पहले जारी सरकारी आंकड़ों में महंगाई में वृद्धि दर्ज की गई थी। अगस्त महीने के लिए जारी आंकड़े में थोक मूल्यों पर आधारित समग्र महंगाई दर 6.1 फीसदी और खाद्य महंगाई दर 18 फीसदी से अधिक रही थी।
बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की राहत संबंधी घोषणा के बारे में उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए बाहर से मिली राहत का उपयोग हमें अपनी प्रणाली को बुलेट प्रूफ बनाने में करना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमें नहीं भूलना चाहिए कि राहत वापसी का टाला जाना सिर्फ टाला जाना है। इस अवधि का उपयोग हमें राष्ट्रीय आय-व्यय और विकास एजेंडे को बुलेट प्रूफ बनाने में करना चाहिए, ताकि आम आदमी और निवेशक दोनों को भरोसा मिले।"
उल्लेखनीय है कि बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने प्रति माह 85 अरब डॉलर बांड खरीदारी कार्यक्रम को जारी रखने का फैसला किया। राहत कार्यक्रम के बंद होने की आशंका से पिछले कुछ महीने से बाजार में काफी बिकवाली दर्ज की जा रही थी।टिप्पणियां
आरबीआई के कदम पर फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की अध्यक्ष नैना लाल किदवई ने कहा, "रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि हमारे लिए अप्रत्याशित है।" उन्होंने कहा कि उद्योग जगत को उम्मीद थी कि दर में या तो कटौती होगी या इसे जस का तस छोड़ दिया जाएगा, लेकिन वृद्धि से निवेश पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
भारतीय उद्योग परिसंघ के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, "रेपो दर में वृद्धि को टाला जा सकता था, क्योंकि उद्योग पहले से ही महंगी पूंजी और इसकी कम उपलब्धता से जूझ रहा है।"
कुछ ही दिनों पहले जारी सरकारी आंकड़ों में महंगाई में वृद्धि दर्ज की गई थी। अगस्त महीने के लिए जारी आंकड़े में थोक मूल्यों पर आधारित समग्र महंगाई दर 6.1 फीसदी और खाद्य महंगाई दर 18 फीसदी से अधिक रही थी।
बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की राहत संबंधी घोषणा के बारे में उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए बाहर से मिली राहत का उपयोग हमें अपनी प्रणाली को बुलेट प्रूफ बनाने में करना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमें नहीं भूलना चाहिए कि राहत वापसी का टाला जाना सिर्फ टाला जाना है। इस अवधि का उपयोग हमें राष्ट्रीय आय-व्यय और विकास एजेंडे को बुलेट प्रूफ बनाने में करना चाहिए, ताकि आम आदमी और निवेशक दोनों को भरोसा मिले।"
उल्लेखनीय है कि बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने प्रति माह 85 अरब डॉलर बांड खरीदारी कार्यक्रम को जारी रखने का फैसला किया। राहत कार्यक्रम के बंद होने की आशंका से पिछले कुछ महीने से बाजार में काफी बिकवाली दर्ज की जा रही थी।टिप्पणियां
आरबीआई के कदम पर फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की अध्यक्ष नैना लाल किदवई ने कहा, "रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि हमारे लिए अप्रत्याशित है।" उन्होंने कहा कि उद्योग जगत को उम्मीद थी कि दर में या तो कटौती होगी या इसे जस का तस छोड़ दिया जाएगा, लेकिन वृद्धि से निवेश पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
भारतीय उद्योग परिसंघ के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, "रेपो दर में वृद्धि को टाला जा सकता था, क्योंकि उद्योग पहले से ही महंगी पूंजी और इसकी कम उपलब्धता से जूझ रहा है।"
बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की राहत संबंधी घोषणा के बारे में उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए बाहर से मिली राहत का उपयोग हमें अपनी प्रणाली को बुलेट प्रूफ बनाने में करना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमें नहीं भूलना चाहिए कि राहत वापसी का टाला जाना सिर्फ टाला जाना है। इस अवधि का उपयोग हमें राष्ट्रीय आय-व्यय और विकास एजेंडे को बुलेट प्रूफ बनाने में करना चाहिए, ताकि आम आदमी और निवेशक दोनों को भरोसा मिले।"
उल्लेखनीय है कि बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने प्रति माह 85 अरब डॉलर बांड खरीदारी कार्यक्रम को जारी रखने का फैसला किया। राहत कार्यक्रम के बंद होने की आशंका से पिछले कुछ महीने से बाजार में काफी बिकवाली दर्ज की जा रही थी।टिप्पणियां
आरबीआई के कदम पर फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की अध्यक्ष नैना लाल किदवई ने कहा, "रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि हमारे लिए अप्रत्याशित है।" उन्होंने कहा कि उद्योग जगत को उम्मीद थी कि दर में या तो कटौती होगी या इसे जस का तस छोड़ दिया जाएगा, लेकिन वृद्धि से निवेश पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
भारतीय उद्योग परिसंघ के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, "रेपो दर में वृद्धि को टाला जा सकता था, क्योंकि उद्योग पहले से ही महंगी पूंजी और इसकी कम उपलब्धता से जूझ रहा है।"
उल्लेखनीय है कि बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने प्रति माह 85 अरब डॉलर बांड खरीदारी कार्यक्रम को जारी रखने का फैसला किया। राहत कार्यक्रम के बंद होने की आशंका से पिछले कुछ महीने से बाजार में काफी बिकवाली दर्ज की जा रही थी।टिप्पणियां
आरबीआई के कदम पर फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की अध्यक्ष नैना लाल किदवई ने कहा, "रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि हमारे लिए अप्रत्याशित है।" उन्होंने कहा कि उद्योग जगत को उम्मीद थी कि दर में या तो कटौती होगी या इसे जस का तस छोड़ दिया जाएगा, लेकिन वृद्धि से निवेश पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
भारतीय उद्योग परिसंघ के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, "रेपो दर में वृद्धि को टाला जा सकता था, क्योंकि उद्योग पहले से ही महंगी पूंजी और इसकी कम उपलब्धता से जूझ रहा है।"
आरबीआई के कदम पर फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की अध्यक्ष नैना लाल किदवई ने कहा, "रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि हमारे लिए अप्रत्याशित है।" उन्होंने कहा कि उद्योग जगत को उम्मीद थी कि दर में या तो कटौती होगी या इसे जस का तस छोड़ दिया जाएगा, लेकिन वृद्धि से निवेश पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
भारतीय उद्योग परिसंघ के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, "रेपो दर में वृद्धि को टाला जा सकता था, क्योंकि उद्योग पहले से ही महंगी पूंजी और इसकी कम उपलब्धता से जूझ रहा है।"
भारतीय उद्योग परिसंघ के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, "रेपो दर में वृद्धि को टाला जा सकता था, क्योंकि उद्योग पहले से ही महंगी पूंजी और इसकी कम उपलब्धता से जूझ रहा है।" | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अप्रत्याशित कदम उठाते हुए शुक्रवार को अपनी मुख्य नीतिगत दरों में 0.25 फीसदी की वृद्धि कर दी। बैंक के इस कदम से आवास, वाहन तथा अन्य प्रकार के ऋण महंगे हो जाएंगे। बैंक के कदम से शेयर बाजारों और रुपये में गिरावट देखी गई। | 25 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: श्रीलंका में चल रही आईसीसी टी-20 विश्वकप के ग्रुप चरण में इग्लैंड पर बड़ी जीत की बदौलत भारत चार स्थान की छलांग लगाते हुए नवीनतम रिलायंस आईसीसी टी-20 चैम्पियनशिप तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गया।
भारत ने ग्रुप (ए) मैच में गत चैम्पियन इंग्लैंड को 90 रन से हराया था, जिससे महेंद्र सिंह धोनी की टीम के 116 रेटिंग अंक हो गए हैं। इस करारी हार के साथ इंग्लैंड एक स्थान खिसकते हुए 124 अंक के साथ दूसरे पायदान पर है। दक्षिण अफ्रीका टी-20 विश्व चैम्पियनशिप की शुरुआत दुनिया की नंबर एक टी-20 टीम के रूप में करेगा।
इस बीच सुरेश रैना टी-20 खिलाड़ियों की रैंकिंग में शीर्ष 10 में शामिल एकमात्र भारतीय हैं। रैना की रैंकिंग में दो स्थान की गिरावट आई है, लेकिन इसके बावजूद वह 730 अंक के साथ पांचवें स्थान पर हैं।
भारत के सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर तीन स्थान के फायदे के साथ 13वें स्थान पर पहुंच गए हैं। न्यूजीलैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज ब्रैंडन मैकुलम शीर्ष पर बने हुए हैं, जबकि वेस्टइंडीज के क्रिस गेल दूसरे स्थान पर हैं। बांग्लादेश के खिलाफ टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास की सर्वाधिक 123 रन की पारी खेलने वाले मैकुलम ने कैरियर के सर्वश्रेष्ठ 849 रेटिंग अंक हासिल किए हैं।
ऑस्ट्रेलिया के शेन वाटसन चार स्थान की छलांग के साथ कैरियर की सर्वश्रेष्ठ तीसरी रैंकिंग पर हैं। आयरलैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ लगातार दो मैन ऑफ द मैच जीतने वाले वाटसन ने कैरियर के सर्वाधिक 758 रेटिंग अंक भी जुटाए हैं।
एशिया के बल्लेबाजों को बल्लेबाजी रैंकिग में सबसे अधिक फायदा हुआ है। श्रीलंका के कुमार संगकारा तीन स्थान के फायदे के साथ शीर्ष 10 में शामिल हो गए हैं। वह आठवें स्थान पर हैं। इसके अलावा विराट कोहली (10 स्थान का फायदा), 19वें, रोहित शर्मा (12 स्थान का फायदा) 26वें, नासिर जमशेद (51 स्थान का फायदा) 32वें, साकिब अल हसन (29 स्थान का फायदा) 37वें और इमरान नजीर (42 स्थान का फायदा) 43वें स्थान पर हैं।
भारत का कोई भी गेंदबाज शीर्ष 10 में शामिल नहीं। पाकिस्तान के सईद अजमल, इंग्लैंड के ग्रीम स्वान और श्रीलंका के अजंता मेंडिस की स्पिन तिकड़ी गेंदबाजी रैंकिंग में पहले तीन स्थान पर चल रही है।टिप्पणियां
टीम में वापसी करने वाले ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने शीर्ष 20 में जगह बना ली है। वह पांच स्थान के फायदे से 17वें स्थान पर हैं। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 12 रन देकर चार विकेट चटकाए थे, जो टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत की ओर से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
आयरलैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ आलराउंड प्रदर्शन की बदौलत वाटसन आलराउंडरों की सूची में शीर्ष पर बने हुए हैं। पाकिस्तान के कप्तान मोहम्मद हफीज दूसरे स्थान पर हैं।
भारत ने ग्रुप (ए) मैच में गत चैम्पियन इंग्लैंड को 90 रन से हराया था, जिससे महेंद्र सिंह धोनी की टीम के 116 रेटिंग अंक हो गए हैं। इस करारी हार के साथ इंग्लैंड एक स्थान खिसकते हुए 124 अंक के साथ दूसरे पायदान पर है। दक्षिण अफ्रीका टी-20 विश्व चैम्पियनशिप की शुरुआत दुनिया की नंबर एक टी-20 टीम के रूप में करेगा।
इस बीच सुरेश रैना टी-20 खिलाड़ियों की रैंकिंग में शीर्ष 10 में शामिल एकमात्र भारतीय हैं। रैना की रैंकिंग में दो स्थान की गिरावट आई है, लेकिन इसके बावजूद वह 730 अंक के साथ पांचवें स्थान पर हैं।
भारत के सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर तीन स्थान के फायदे के साथ 13वें स्थान पर पहुंच गए हैं। न्यूजीलैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज ब्रैंडन मैकुलम शीर्ष पर बने हुए हैं, जबकि वेस्टइंडीज के क्रिस गेल दूसरे स्थान पर हैं। बांग्लादेश के खिलाफ टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास की सर्वाधिक 123 रन की पारी खेलने वाले मैकुलम ने कैरियर के सर्वश्रेष्ठ 849 रेटिंग अंक हासिल किए हैं।
ऑस्ट्रेलिया के शेन वाटसन चार स्थान की छलांग के साथ कैरियर की सर्वश्रेष्ठ तीसरी रैंकिंग पर हैं। आयरलैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ लगातार दो मैन ऑफ द मैच जीतने वाले वाटसन ने कैरियर के सर्वाधिक 758 रेटिंग अंक भी जुटाए हैं।
एशिया के बल्लेबाजों को बल्लेबाजी रैंकिग में सबसे अधिक फायदा हुआ है। श्रीलंका के कुमार संगकारा तीन स्थान के फायदे के साथ शीर्ष 10 में शामिल हो गए हैं। वह आठवें स्थान पर हैं। इसके अलावा विराट कोहली (10 स्थान का फायदा), 19वें, रोहित शर्मा (12 स्थान का फायदा) 26वें, नासिर जमशेद (51 स्थान का फायदा) 32वें, साकिब अल हसन (29 स्थान का फायदा) 37वें और इमरान नजीर (42 स्थान का फायदा) 43वें स्थान पर हैं।
भारत का कोई भी गेंदबाज शीर्ष 10 में शामिल नहीं। पाकिस्तान के सईद अजमल, इंग्लैंड के ग्रीम स्वान और श्रीलंका के अजंता मेंडिस की स्पिन तिकड़ी गेंदबाजी रैंकिंग में पहले तीन स्थान पर चल रही है।टिप्पणियां
टीम में वापसी करने वाले ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने शीर्ष 20 में जगह बना ली है। वह पांच स्थान के फायदे से 17वें स्थान पर हैं। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 12 रन देकर चार विकेट चटकाए थे, जो टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत की ओर से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
आयरलैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ आलराउंड प्रदर्शन की बदौलत वाटसन आलराउंडरों की सूची में शीर्ष पर बने हुए हैं। पाकिस्तान के कप्तान मोहम्मद हफीज दूसरे स्थान पर हैं।
इस बीच सुरेश रैना टी-20 खिलाड़ियों की रैंकिंग में शीर्ष 10 में शामिल एकमात्र भारतीय हैं। रैना की रैंकिंग में दो स्थान की गिरावट आई है, लेकिन इसके बावजूद वह 730 अंक के साथ पांचवें स्थान पर हैं।
भारत के सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर तीन स्थान के फायदे के साथ 13वें स्थान पर पहुंच गए हैं। न्यूजीलैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज ब्रैंडन मैकुलम शीर्ष पर बने हुए हैं, जबकि वेस्टइंडीज के क्रिस गेल दूसरे स्थान पर हैं। बांग्लादेश के खिलाफ टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास की सर्वाधिक 123 रन की पारी खेलने वाले मैकुलम ने कैरियर के सर्वश्रेष्ठ 849 रेटिंग अंक हासिल किए हैं।
ऑस्ट्रेलिया के शेन वाटसन चार स्थान की छलांग के साथ कैरियर की सर्वश्रेष्ठ तीसरी रैंकिंग पर हैं। आयरलैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ लगातार दो मैन ऑफ द मैच जीतने वाले वाटसन ने कैरियर के सर्वाधिक 758 रेटिंग अंक भी जुटाए हैं।
एशिया के बल्लेबाजों को बल्लेबाजी रैंकिग में सबसे अधिक फायदा हुआ है। श्रीलंका के कुमार संगकारा तीन स्थान के फायदे के साथ शीर्ष 10 में शामिल हो गए हैं। वह आठवें स्थान पर हैं। इसके अलावा विराट कोहली (10 स्थान का फायदा), 19वें, रोहित शर्मा (12 स्थान का फायदा) 26वें, नासिर जमशेद (51 स्थान का फायदा) 32वें, साकिब अल हसन (29 स्थान का फायदा) 37वें और इमरान नजीर (42 स्थान का फायदा) 43वें स्थान पर हैं।
भारत का कोई भी गेंदबाज शीर्ष 10 में शामिल नहीं। पाकिस्तान के सईद अजमल, इंग्लैंड के ग्रीम स्वान और श्रीलंका के अजंता मेंडिस की स्पिन तिकड़ी गेंदबाजी रैंकिंग में पहले तीन स्थान पर चल रही है।टिप्पणियां
टीम में वापसी करने वाले ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने शीर्ष 20 में जगह बना ली है। वह पांच स्थान के फायदे से 17वें स्थान पर हैं। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 12 रन देकर चार विकेट चटकाए थे, जो टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत की ओर से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
आयरलैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ आलराउंड प्रदर्शन की बदौलत वाटसन आलराउंडरों की सूची में शीर्ष पर बने हुए हैं। पाकिस्तान के कप्तान मोहम्मद हफीज दूसरे स्थान पर हैं।
भारत के सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर तीन स्थान के फायदे के साथ 13वें स्थान पर पहुंच गए हैं। न्यूजीलैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज ब्रैंडन मैकुलम शीर्ष पर बने हुए हैं, जबकि वेस्टइंडीज के क्रिस गेल दूसरे स्थान पर हैं। बांग्लादेश के खिलाफ टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास की सर्वाधिक 123 रन की पारी खेलने वाले मैकुलम ने कैरियर के सर्वश्रेष्ठ 849 रेटिंग अंक हासिल किए हैं।
ऑस्ट्रेलिया के शेन वाटसन चार स्थान की छलांग के साथ कैरियर की सर्वश्रेष्ठ तीसरी रैंकिंग पर हैं। आयरलैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ लगातार दो मैन ऑफ द मैच जीतने वाले वाटसन ने कैरियर के सर्वाधिक 758 रेटिंग अंक भी जुटाए हैं।
एशिया के बल्लेबाजों को बल्लेबाजी रैंकिग में सबसे अधिक फायदा हुआ है। श्रीलंका के कुमार संगकारा तीन स्थान के फायदे के साथ शीर्ष 10 में शामिल हो गए हैं। वह आठवें स्थान पर हैं। इसके अलावा विराट कोहली (10 स्थान का फायदा), 19वें, रोहित शर्मा (12 स्थान का फायदा) 26वें, नासिर जमशेद (51 स्थान का फायदा) 32वें, साकिब अल हसन (29 स्थान का फायदा) 37वें और इमरान नजीर (42 स्थान का फायदा) 43वें स्थान पर हैं।
भारत का कोई भी गेंदबाज शीर्ष 10 में शामिल नहीं। पाकिस्तान के सईद अजमल, इंग्लैंड के ग्रीम स्वान और श्रीलंका के अजंता मेंडिस की स्पिन तिकड़ी गेंदबाजी रैंकिंग में पहले तीन स्थान पर चल रही है।टिप्पणियां
टीम में वापसी करने वाले ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने शीर्ष 20 में जगह बना ली है। वह पांच स्थान के फायदे से 17वें स्थान पर हैं। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 12 रन देकर चार विकेट चटकाए थे, जो टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत की ओर से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
आयरलैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ आलराउंड प्रदर्शन की बदौलत वाटसन आलराउंडरों की सूची में शीर्ष पर बने हुए हैं। पाकिस्तान के कप्तान मोहम्मद हफीज दूसरे स्थान पर हैं।
ऑस्ट्रेलिया के शेन वाटसन चार स्थान की छलांग के साथ कैरियर की सर्वश्रेष्ठ तीसरी रैंकिंग पर हैं। आयरलैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ लगातार दो मैन ऑफ द मैच जीतने वाले वाटसन ने कैरियर के सर्वाधिक 758 रेटिंग अंक भी जुटाए हैं।
एशिया के बल्लेबाजों को बल्लेबाजी रैंकिग में सबसे अधिक फायदा हुआ है। श्रीलंका के कुमार संगकारा तीन स्थान के फायदे के साथ शीर्ष 10 में शामिल हो गए हैं। वह आठवें स्थान पर हैं। इसके अलावा विराट कोहली (10 स्थान का फायदा), 19वें, रोहित शर्मा (12 स्थान का फायदा) 26वें, नासिर जमशेद (51 स्थान का फायदा) 32वें, साकिब अल हसन (29 स्थान का फायदा) 37वें और इमरान नजीर (42 स्थान का फायदा) 43वें स्थान पर हैं।
भारत का कोई भी गेंदबाज शीर्ष 10 में शामिल नहीं। पाकिस्तान के सईद अजमल, इंग्लैंड के ग्रीम स्वान और श्रीलंका के अजंता मेंडिस की स्पिन तिकड़ी गेंदबाजी रैंकिंग में पहले तीन स्थान पर चल रही है।टिप्पणियां
टीम में वापसी करने वाले ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने शीर्ष 20 में जगह बना ली है। वह पांच स्थान के फायदे से 17वें स्थान पर हैं। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 12 रन देकर चार विकेट चटकाए थे, जो टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत की ओर से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
आयरलैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ आलराउंड प्रदर्शन की बदौलत वाटसन आलराउंडरों की सूची में शीर्ष पर बने हुए हैं। पाकिस्तान के कप्तान मोहम्मद हफीज दूसरे स्थान पर हैं।
एशिया के बल्लेबाजों को बल्लेबाजी रैंकिग में सबसे अधिक फायदा हुआ है। श्रीलंका के कुमार संगकारा तीन स्थान के फायदे के साथ शीर्ष 10 में शामिल हो गए हैं। वह आठवें स्थान पर हैं। इसके अलावा विराट कोहली (10 स्थान का फायदा), 19वें, रोहित शर्मा (12 स्थान का फायदा) 26वें, नासिर जमशेद (51 स्थान का फायदा) 32वें, साकिब अल हसन (29 स्थान का फायदा) 37वें और इमरान नजीर (42 स्थान का फायदा) 43वें स्थान पर हैं।
भारत का कोई भी गेंदबाज शीर्ष 10 में शामिल नहीं। पाकिस्तान के सईद अजमल, इंग्लैंड के ग्रीम स्वान और श्रीलंका के अजंता मेंडिस की स्पिन तिकड़ी गेंदबाजी रैंकिंग में पहले तीन स्थान पर चल रही है।टिप्पणियां
टीम में वापसी करने वाले ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने शीर्ष 20 में जगह बना ली है। वह पांच स्थान के फायदे से 17वें स्थान पर हैं। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 12 रन देकर चार विकेट चटकाए थे, जो टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत की ओर से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
आयरलैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ आलराउंड प्रदर्शन की बदौलत वाटसन आलराउंडरों की सूची में शीर्ष पर बने हुए हैं। पाकिस्तान के कप्तान मोहम्मद हफीज दूसरे स्थान पर हैं।
भारत का कोई भी गेंदबाज शीर्ष 10 में शामिल नहीं। पाकिस्तान के सईद अजमल, इंग्लैंड के ग्रीम स्वान और श्रीलंका के अजंता मेंडिस की स्पिन तिकड़ी गेंदबाजी रैंकिंग में पहले तीन स्थान पर चल रही है।टिप्पणियां
टीम में वापसी करने वाले ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने शीर्ष 20 में जगह बना ली है। वह पांच स्थान के फायदे से 17वें स्थान पर हैं। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 12 रन देकर चार विकेट चटकाए थे, जो टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत की ओर से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
आयरलैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ आलराउंड प्रदर्शन की बदौलत वाटसन आलराउंडरों की सूची में शीर्ष पर बने हुए हैं। पाकिस्तान के कप्तान मोहम्मद हफीज दूसरे स्थान पर हैं।
टीम में वापसी करने वाले ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने शीर्ष 20 में जगह बना ली है। वह पांच स्थान के फायदे से 17वें स्थान पर हैं। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 12 रन देकर चार विकेट चटकाए थे, जो टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत की ओर से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
आयरलैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ आलराउंड प्रदर्शन की बदौलत वाटसन आलराउंडरों की सूची में शीर्ष पर बने हुए हैं। पाकिस्तान के कप्तान मोहम्मद हफीज दूसरे स्थान पर हैं।
आयरलैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ आलराउंड प्रदर्शन की बदौलत वाटसन आलराउंडरों की सूची में शीर्ष पर बने हुए हैं। पाकिस्तान के कप्तान मोहम्मद हफीज दूसरे स्थान पर हैं। | संक्षिप्त सारांश: श्रीलंका में चल रही आईसीसी टी-20 विश्वकप के ग्रुप चरण में इग्लैंड पर बड़ी जीत की बदौलत भारत चार स्थान की छलांग लगाते हुए नवीनतम रिलायंस आईसीसी टी-20 चैम्पियनशिप तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गया। | 8 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बॉलीवुड एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui) की बहन सायमा तमशी सिद्दीकी (Syama Tamshi Siddiqui) का कैंसर से लंबी लड़ाई लड़ने के बाद निधन हो गया. इस बात की जानकारी खुद नवाजुद्दीन सिद्दीकी के पारिवारिक सूत्रों ने रविवार को दी. एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी की बहन सायमा तमशी सिद्दीकी की उम्र महज 26 वर्ष थी. बताया जा रहा है कि सायमा सिद्दीकी 18 वर्ष की उम्र से ही ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित थीं और बीते शनिवार को ही उन्होंने इस बीमारी से लड़ते-लड़ते दुनिया को अलविदा कह दिया.
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बहन सायमा तमशी सिद्दीकी (Syama Tamshi Siddiqui) के निधन के समय नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui) अमेरिका में अपने प्रोजेक्ट 'नो लैंड्स मैन' की शूटिंग कर रहे थे. सायमा का अंतिम संस्कार रविवार को उत्तर प्रदेश के बुढ़ाना में ही किया गया. एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दकी ने पिछले साल अक्टूबर में ट्विटर पर अपनी बहन सायमा को उनके 25वें जन्मदिन की बधाई दी थी, साथ ही उन्होंने उनकी बीमारी के बारे में भी बताया था. उन्होंने अपनी बहन के लिए किए ट्वीट में लिखा था, "मेरी बहन को 18 साल की उम्र में ही एडवांस स्टेज के ब्रेस्ट कैंसर का पता चला था लेकिन उसकी ऊर्जा और उत्साह ही है कि वह तमाम बाधाओं के बाद भी खड़ी है. उन्होंने लिखा था कि वह 25 साल की हो गई हैं और अब भी संघर्ष कर रही हैं."
वर्क फ्रंट की बात करें तो नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui) आखिरी बार फिल्म 'मोतीचूर चकनाचूर' (Motichoor Chaknachoor) में नजर आए थे. इस फिल्म में उनके साथ एक्ट्रेस अथिया शेट्टी भी मुख्य भूमिका में नजर आई थीं. फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला था. इसके अलावा एक्टर जल्द ही 'बोले चूड़ियां' में भी नजर आने वाले हैं. इस फिल्म में उनके साथ एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया अहम भूमिका में दिखाई देंगी. | यहाँ एक सारांश है:नवाजुद्दीन सिद्दीकी की बहन सायमा का 26 वर्ष की उम्र में निधन
8 साल से ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित थीं एक्टर की बहन
सायमा के निधन के वक्त अमेरिका में थे नवाजुद्दीन सिद्दीकी | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कोयला ब्लॉक आवंटन पर संसद में सफाई देते हुए नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट को खारिज कर दिया और उसे 'विवादास्पद' एवं 'गलत' करार दिया। प्रधानमंत्री अपने बयान से हालांकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को संतुष्ट नहीं कर पाए। भाजपा अब भी उनके इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है। पार्टी ने कहा है कि इस कथित घोटाले से कांग्रेस ने 'मोटा माल' कमाया है।
सीएजी की रिपोर्ट पर लोकसभा और राज्यसभा में अपने बयान में मनमोहन सिंह ने अपना तथा अपनी सरकार का बचाव किया। उन्होंने कहा, "मैं सदस्यों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि कोयला मंत्रालय का प्रभार मेरे पास होने के नाते मैं इस मंत्रालय के सभी निर्णयों की पूरी जिम्मेदारी लेता हूं। मैं कहना चाहता हूं कि अनियमितता का कोई भी आरोप निराधार एवं तथ्यहीन है।"
भाजपा के सदस्यों के हंगामे के कारण प्रधानमंत्री का बयान लोकसभा और राज्यसभा में नहीं सुना जा सका। भाजपा सीएजी की रिपोर्ट पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से इस्तीफे की मांग कर रही है। सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि कोयला ब्लॉक के आवंटन में पारदर्शिता नहीं बरते जाने के कारण सरकारी खजाने को 1.86 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
सीएजी की रिपोर्ट को 'विवादास्पद' व 'गलत' करार देते हुए प्रधानमंत्री ने इसे संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) के समक्ष चुनौती देने की बात कही। संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं देश को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हमारा पक्ष मजबूत व विश्वसनीय है। सीएजी का आकलन विवादास्पद है और हम इसे पीएसी के समक्ष चुनौती देंगे।" उन्होंने विपक्षी दल भाजपा से कहा कि वह संसद की कार्यवाही चलने दे। उन्होंने कहा कि वह इस बात से दुखी हैं कि संसद के दोनों सदनों में कामकाज नहीं होने दिया जा रहा और भाजपा संसद की कार्यवाही नहीं चलने देने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें संसद में अपनी बात रखने तथा लोगों तक इसे पहुंचाने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आम तौर पर वह अपनी प्रायोजित आलोचनाओं का जवाब नहीं देते। लेकिन इस बार वह अपनी बात रखने देने का मौका चाहते हैं।
प्रधानमंत्री के बयान पर निराशा जताते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी गांधीनगर में संवाददाताओं से कहा, "प्रधानमंत्री ने यदि किसी पर हमला किया है तो वह सीएजी है। यह आश्चर्यचकित करने वाला है। उनके इस बयान से हमें निराशा हुई है।"
इस बीच, लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नैतिक जिम्मेदारी लें। राजस्व को हुए नुकसान के लिए प्रधानमंत्री जिम्मेदार हैं। इसलिए हम चाहते हैं कि वह इस्तीफा दें।" उन्होंने कहा कि बगैर नीलामी के जिन निजी कम्पनियों को कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए, उन्हें रद्द किए जाए और नए सिरे से उनकी नीलामी हो।
सुषमा ने कहा कि सीएजी ने कोयला ब्लॉक आवंटन में जिस राजस्व के नुकसान की बात कही है, उससे कांग्रेस ने 'मोटा माल' कमाया है। जेटली ने इस अवसर पर कहा कि प्रधनमंत्री को पूरे प्रकरण के लिए विशेष जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए जिसके चलते कि संसद ठप पड़ी है। भाजपा नेताओं का यह बयान उस वक्त आया जब कुछ ही घंटे पहले प्रधानमंत्री ने संसद में इस मसले पर बयान दिया।
जेटली ने कहा कि सरकार को निजी कम्पनियों को दिए सभी 142 कोयला ब्लॉक आवंटनों को रद्द कर नए सिरे से नीलामी आरम्भ करनी चाहिए। उन्होंने कहा, "ऐसा किया जाएगा तभी सच्चाई का पता लगेगा और पता चलेगा कि प्रधानमंत्री के बयान में कितनी सच्चाई है। आवंटन इसलिए रद्द किया जाना चाहिए क्योंकि भ्रष्ट तरीके से जनता के लूटे गए पैसों से मजा लेने की अनुमति किसी को भी नहीं दी जा सकती।"
संसद में दिए गए प्रधानमंत्री के बयान की निंदा करते हुए जेटली ने कहा, "कांग्रेस की यही प्रवृति रही है कि यदि आप सीएजी को बदल नहीं सकते तो उसका अपमान करो।" उन्होंने कहा, "पहले तो प्रधानमंत्री ने सारी जिम्मेदारी अपने ऊपर ली और फिर धीरे-धीरे सारी जिम्मेदारी किसी और पर मढ़ दी।" उन्होंने इसके लिए संघीय व्यवस्था, शासन की संसदीय प्रणाली, कानून मंत्रालय और सीएजी पर ठीकरा फोड़ डाला।
सुषमा ने इस बीच यह जानकारी दी कि 1993 से 2005 के बीच यदि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के छह वर्षो के कार्यकाल के दौरान 70 कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए तो कांग्रेस के नेतृत्व में संप्रग सरकार ने 2006 से 2010 के बीच 142 कोयला ब्लॉक आवंटित किए।
सुषमा ने उन खबरों को भी गलत बताया जिनमें कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग के मुद्दे पर राजग के घटक दलों में मतभेद है। उन्होंने ऐलान किया, "भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में यदि भाजपा को अकेले ही चलना पड़े तो हम वह लड़ाई लड़ेंगे।"
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कहा है कि सीएजी ने जिन कोयला ब्लॉक आवंटनों को दोषपूर्ण पाया है, उसे रद्द कर उनकी नीलामी की जाए। माकपा नेता सीतराम येचुरी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस दावे को भी खारिज किया जिसमें उन्होंने कहा था कि पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों ने कोयला ब्लॉक की नीलामी का विरोध किया था और उसके आवंटन की मांग की थी।टिप्पणियां
येचुरी ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि 2004 से जब से कांग्रेस सत्ता में आई है तब से लेकर अब तक जितनी भी निजी कम्पनियों को कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए हैं, उन्हें रद्द किया जाए। "इनकी नीलामी की जा सकती है।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो भी कारण गिनाए उनमें इस बात का कोई जिक्र नहीं है कि जून 2004 से इस साल के अगस्त तक क्यों नहीं पारदर्शी या प्रतियोगी नीलामी प्रक्रिया अपनाई गई।
इससे पहले, सोमवार को लगातार पांचवें दिन विपक्ष के हंगामे के चलते कोई कामकाज नहीं हो सका। हंगामे के बीच ही प्रधानमंत्री ने दोनों सदनों में अपना बयान दिया। बयान के बावजूद हंगामा जारी रहने के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही तीन बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।
सीएजी की रिपोर्ट पर लोकसभा और राज्यसभा में अपने बयान में मनमोहन सिंह ने अपना तथा अपनी सरकार का बचाव किया। उन्होंने कहा, "मैं सदस्यों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि कोयला मंत्रालय का प्रभार मेरे पास होने के नाते मैं इस मंत्रालय के सभी निर्णयों की पूरी जिम्मेदारी लेता हूं। मैं कहना चाहता हूं कि अनियमितता का कोई भी आरोप निराधार एवं तथ्यहीन है।"
भाजपा के सदस्यों के हंगामे के कारण प्रधानमंत्री का बयान लोकसभा और राज्यसभा में नहीं सुना जा सका। भाजपा सीएजी की रिपोर्ट पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से इस्तीफे की मांग कर रही है। सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि कोयला ब्लॉक के आवंटन में पारदर्शिता नहीं बरते जाने के कारण सरकारी खजाने को 1.86 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
सीएजी की रिपोर्ट को 'विवादास्पद' व 'गलत' करार देते हुए प्रधानमंत्री ने इसे संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) के समक्ष चुनौती देने की बात कही। संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं देश को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हमारा पक्ष मजबूत व विश्वसनीय है। सीएजी का आकलन विवादास्पद है और हम इसे पीएसी के समक्ष चुनौती देंगे।" उन्होंने विपक्षी दल भाजपा से कहा कि वह संसद की कार्यवाही चलने दे। उन्होंने कहा कि वह इस बात से दुखी हैं कि संसद के दोनों सदनों में कामकाज नहीं होने दिया जा रहा और भाजपा संसद की कार्यवाही नहीं चलने देने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें संसद में अपनी बात रखने तथा लोगों तक इसे पहुंचाने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आम तौर पर वह अपनी प्रायोजित आलोचनाओं का जवाब नहीं देते। लेकिन इस बार वह अपनी बात रखने देने का मौका चाहते हैं।
प्रधानमंत्री के बयान पर निराशा जताते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी गांधीनगर में संवाददाताओं से कहा, "प्रधानमंत्री ने यदि किसी पर हमला किया है तो वह सीएजी है। यह आश्चर्यचकित करने वाला है। उनके इस बयान से हमें निराशा हुई है।"
इस बीच, लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नैतिक जिम्मेदारी लें। राजस्व को हुए नुकसान के लिए प्रधानमंत्री जिम्मेदार हैं। इसलिए हम चाहते हैं कि वह इस्तीफा दें।" उन्होंने कहा कि बगैर नीलामी के जिन निजी कम्पनियों को कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए, उन्हें रद्द किए जाए और नए सिरे से उनकी नीलामी हो।
सुषमा ने कहा कि सीएजी ने कोयला ब्लॉक आवंटन में जिस राजस्व के नुकसान की बात कही है, उससे कांग्रेस ने 'मोटा माल' कमाया है। जेटली ने इस अवसर पर कहा कि प्रधनमंत्री को पूरे प्रकरण के लिए विशेष जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए जिसके चलते कि संसद ठप पड़ी है। भाजपा नेताओं का यह बयान उस वक्त आया जब कुछ ही घंटे पहले प्रधानमंत्री ने संसद में इस मसले पर बयान दिया।
जेटली ने कहा कि सरकार को निजी कम्पनियों को दिए सभी 142 कोयला ब्लॉक आवंटनों को रद्द कर नए सिरे से नीलामी आरम्भ करनी चाहिए। उन्होंने कहा, "ऐसा किया जाएगा तभी सच्चाई का पता लगेगा और पता चलेगा कि प्रधानमंत्री के बयान में कितनी सच्चाई है। आवंटन इसलिए रद्द किया जाना चाहिए क्योंकि भ्रष्ट तरीके से जनता के लूटे गए पैसों से मजा लेने की अनुमति किसी को भी नहीं दी जा सकती।"
संसद में दिए गए प्रधानमंत्री के बयान की निंदा करते हुए जेटली ने कहा, "कांग्रेस की यही प्रवृति रही है कि यदि आप सीएजी को बदल नहीं सकते तो उसका अपमान करो।" उन्होंने कहा, "पहले तो प्रधानमंत्री ने सारी जिम्मेदारी अपने ऊपर ली और फिर धीरे-धीरे सारी जिम्मेदारी किसी और पर मढ़ दी।" उन्होंने इसके लिए संघीय व्यवस्था, शासन की संसदीय प्रणाली, कानून मंत्रालय और सीएजी पर ठीकरा फोड़ डाला।
सुषमा ने इस बीच यह जानकारी दी कि 1993 से 2005 के बीच यदि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के छह वर्षो के कार्यकाल के दौरान 70 कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए तो कांग्रेस के नेतृत्व में संप्रग सरकार ने 2006 से 2010 के बीच 142 कोयला ब्लॉक आवंटित किए।
सुषमा ने उन खबरों को भी गलत बताया जिनमें कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग के मुद्दे पर राजग के घटक दलों में मतभेद है। उन्होंने ऐलान किया, "भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में यदि भाजपा को अकेले ही चलना पड़े तो हम वह लड़ाई लड़ेंगे।"
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कहा है कि सीएजी ने जिन कोयला ब्लॉक आवंटनों को दोषपूर्ण पाया है, उसे रद्द कर उनकी नीलामी की जाए। माकपा नेता सीतराम येचुरी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस दावे को भी खारिज किया जिसमें उन्होंने कहा था कि पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों ने कोयला ब्लॉक की नीलामी का विरोध किया था और उसके आवंटन की मांग की थी।टिप्पणियां
येचुरी ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि 2004 से जब से कांग्रेस सत्ता में आई है तब से लेकर अब तक जितनी भी निजी कम्पनियों को कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए हैं, उन्हें रद्द किया जाए। "इनकी नीलामी की जा सकती है।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो भी कारण गिनाए उनमें इस बात का कोई जिक्र नहीं है कि जून 2004 से इस साल के अगस्त तक क्यों नहीं पारदर्शी या प्रतियोगी नीलामी प्रक्रिया अपनाई गई।
इससे पहले, सोमवार को लगातार पांचवें दिन विपक्ष के हंगामे के चलते कोई कामकाज नहीं हो सका। हंगामे के बीच ही प्रधानमंत्री ने दोनों सदनों में अपना बयान दिया। बयान के बावजूद हंगामा जारी रहने के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही तीन बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।
भाजपा के सदस्यों के हंगामे के कारण प्रधानमंत्री का बयान लोकसभा और राज्यसभा में नहीं सुना जा सका। भाजपा सीएजी की रिपोर्ट पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से इस्तीफे की मांग कर रही है। सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि कोयला ब्लॉक के आवंटन में पारदर्शिता नहीं बरते जाने के कारण सरकारी खजाने को 1.86 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
सीएजी की रिपोर्ट को 'विवादास्पद' व 'गलत' करार देते हुए प्रधानमंत्री ने इसे संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) के समक्ष चुनौती देने की बात कही। संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं देश को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हमारा पक्ष मजबूत व विश्वसनीय है। सीएजी का आकलन विवादास्पद है और हम इसे पीएसी के समक्ष चुनौती देंगे।" उन्होंने विपक्षी दल भाजपा से कहा कि वह संसद की कार्यवाही चलने दे। उन्होंने कहा कि वह इस बात से दुखी हैं कि संसद के दोनों सदनों में कामकाज नहीं होने दिया जा रहा और भाजपा संसद की कार्यवाही नहीं चलने देने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें संसद में अपनी बात रखने तथा लोगों तक इसे पहुंचाने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आम तौर पर वह अपनी प्रायोजित आलोचनाओं का जवाब नहीं देते। लेकिन इस बार वह अपनी बात रखने देने का मौका चाहते हैं।
प्रधानमंत्री के बयान पर निराशा जताते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी गांधीनगर में संवाददाताओं से कहा, "प्रधानमंत्री ने यदि किसी पर हमला किया है तो वह सीएजी है। यह आश्चर्यचकित करने वाला है। उनके इस बयान से हमें निराशा हुई है।"
इस बीच, लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नैतिक जिम्मेदारी लें। राजस्व को हुए नुकसान के लिए प्रधानमंत्री जिम्मेदार हैं। इसलिए हम चाहते हैं कि वह इस्तीफा दें।" उन्होंने कहा कि बगैर नीलामी के जिन निजी कम्पनियों को कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए, उन्हें रद्द किए जाए और नए सिरे से उनकी नीलामी हो।
सुषमा ने कहा कि सीएजी ने कोयला ब्लॉक आवंटन में जिस राजस्व के नुकसान की बात कही है, उससे कांग्रेस ने 'मोटा माल' कमाया है। जेटली ने इस अवसर पर कहा कि प्रधनमंत्री को पूरे प्रकरण के लिए विशेष जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए जिसके चलते कि संसद ठप पड़ी है। भाजपा नेताओं का यह बयान उस वक्त आया जब कुछ ही घंटे पहले प्रधानमंत्री ने संसद में इस मसले पर बयान दिया।
जेटली ने कहा कि सरकार को निजी कम्पनियों को दिए सभी 142 कोयला ब्लॉक आवंटनों को रद्द कर नए सिरे से नीलामी आरम्भ करनी चाहिए। उन्होंने कहा, "ऐसा किया जाएगा तभी सच्चाई का पता लगेगा और पता चलेगा कि प्रधानमंत्री के बयान में कितनी सच्चाई है। आवंटन इसलिए रद्द किया जाना चाहिए क्योंकि भ्रष्ट तरीके से जनता के लूटे गए पैसों से मजा लेने की अनुमति किसी को भी नहीं दी जा सकती।"
संसद में दिए गए प्रधानमंत्री के बयान की निंदा करते हुए जेटली ने कहा, "कांग्रेस की यही प्रवृति रही है कि यदि आप सीएजी को बदल नहीं सकते तो उसका अपमान करो।" उन्होंने कहा, "पहले तो प्रधानमंत्री ने सारी जिम्मेदारी अपने ऊपर ली और फिर धीरे-धीरे सारी जिम्मेदारी किसी और पर मढ़ दी।" उन्होंने इसके लिए संघीय व्यवस्था, शासन की संसदीय प्रणाली, कानून मंत्रालय और सीएजी पर ठीकरा फोड़ डाला।
सुषमा ने इस बीच यह जानकारी दी कि 1993 से 2005 के बीच यदि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के छह वर्षो के कार्यकाल के दौरान 70 कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए तो कांग्रेस के नेतृत्व में संप्रग सरकार ने 2006 से 2010 के बीच 142 कोयला ब्लॉक आवंटित किए।
सुषमा ने उन खबरों को भी गलत बताया जिनमें कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग के मुद्दे पर राजग के घटक दलों में मतभेद है। उन्होंने ऐलान किया, "भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में यदि भाजपा को अकेले ही चलना पड़े तो हम वह लड़ाई लड़ेंगे।"
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कहा है कि सीएजी ने जिन कोयला ब्लॉक आवंटनों को दोषपूर्ण पाया है, उसे रद्द कर उनकी नीलामी की जाए। माकपा नेता सीतराम येचुरी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस दावे को भी खारिज किया जिसमें उन्होंने कहा था कि पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों ने कोयला ब्लॉक की नीलामी का विरोध किया था और उसके आवंटन की मांग की थी।टिप्पणियां
येचुरी ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि 2004 से जब से कांग्रेस सत्ता में आई है तब से लेकर अब तक जितनी भी निजी कम्पनियों को कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए हैं, उन्हें रद्द किया जाए। "इनकी नीलामी की जा सकती है।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो भी कारण गिनाए उनमें इस बात का कोई जिक्र नहीं है कि जून 2004 से इस साल के अगस्त तक क्यों नहीं पारदर्शी या प्रतियोगी नीलामी प्रक्रिया अपनाई गई।
इससे पहले, सोमवार को लगातार पांचवें दिन विपक्ष के हंगामे के चलते कोई कामकाज नहीं हो सका। हंगामे के बीच ही प्रधानमंत्री ने दोनों सदनों में अपना बयान दिया। बयान के बावजूद हंगामा जारी रहने के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही तीन बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।
सीएजी की रिपोर्ट को 'विवादास्पद' व 'गलत' करार देते हुए प्रधानमंत्री ने इसे संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) के समक्ष चुनौती देने की बात कही। संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं देश को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हमारा पक्ष मजबूत व विश्वसनीय है। सीएजी का आकलन विवादास्पद है और हम इसे पीएसी के समक्ष चुनौती देंगे।" उन्होंने विपक्षी दल भाजपा से कहा कि वह संसद की कार्यवाही चलने दे। उन्होंने कहा कि वह इस बात से दुखी हैं कि संसद के दोनों सदनों में कामकाज नहीं होने दिया जा रहा और भाजपा संसद की कार्यवाही नहीं चलने देने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें संसद में अपनी बात रखने तथा लोगों तक इसे पहुंचाने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आम तौर पर वह अपनी प्रायोजित आलोचनाओं का जवाब नहीं देते। लेकिन इस बार वह अपनी बात रखने देने का मौका चाहते हैं।
प्रधानमंत्री के बयान पर निराशा जताते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी गांधीनगर में संवाददाताओं से कहा, "प्रधानमंत्री ने यदि किसी पर हमला किया है तो वह सीएजी है। यह आश्चर्यचकित करने वाला है। उनके इस बयान से हमें निराशा हुई है।"
इस बीच, लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नैतिक जिम्मेदारी लें। राजस्व को हुए नुकसान के लिए प्रधानमंत्री जिम्मेदार हैं। इसलिए हम चाहते हैं कि वह इस्तीफा दें।" उन्होंने कहा कि बगैर नीलामी के जिन निजी कम्पनियों को कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए, उन्हें रद्द किए जाए और नए सिरे से उनकी नीलामी हो।
सुषमा ने कहा कि सीएजी ने कोयला ब्लॉक आवंटन में जिस राजस्व के नुकसान की बात कही है, उससे कांग्रेस ने 'मोटा माल' कमाया है। जेटली ने इस अवसर पर कहा कि प्रधनमंत्री को पूरे प्रकरण के लिए विशेष जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए जिसके चलते कि संसद ठप पड़ी है। भाजपा नेताओं का यह बयान उस वक्त आया जब कुछ ही घंटे पहले प्रधानमंत्री ने संसद में इस मसले पर बयान दिया।
जेटली ने कहा कि सरकार को निजी कम्पनियों को दिए सभी 142 कोयला ब्लॉक आवंटनों को रद्द कर नए सिरे से नीलामी आरम्भ करनी चाहिए। उन्होंने कहा, "ऐसा किया जाएगा तभी सच्चाई का पता लगेगा और पता चलेगा कि प्रधानमंत्री के बयान में कितनी सच्चाई है। आवंटन इसलिए रद्द किया जाना चाहिए क्योंकि भ्रष्ट तरीके से जनता के लूटे गए पैसों से मजा लेने की अनुमति किसी को भी नहीं दी जा सकती।"
संसद में दिए गए प्रधानमंत्री के बयान की निंदा करते हुए जेटली ने कहा, "कांग्रेस की यही प्रवृति रही है कि यदि आप सीएजी को बदल नहीं सकते तो उसका अपमान करो।" उन्होंने कहा, "पहले तो प्रधानमंत्री ने सारी जिम्मेदारी अपने ऊपर ली और फिर धीरे-धीरे सारी जिम्मेदारी किसी और पर मढ़ दी।" उन्होंने इसके लिए संघीय व्यवस्था, शासन की संसदीय प्रणाली, कानून मंत्रालय और सीएजी पर ठीकरा फोड़ डाला।
सुषमा ने इस बीच यह जानकारी दी कि 1993 से 2005 के बीच यदि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के छह वर्षो के कार्यकाल के दौरान 70 कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए तो कांग्रेस के नेतृत्व में संप्रग सरकार ने 2006 से 2010 के बीच 142 कोयला ब्लॉक आवंटित किए।
सुषमा ने उन खबरों को भी गलत बताया जिनमें कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग के मुद्दे पर राजग के घटक दलों में मतभेद है। उन्होंने ऐलान किया, "भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में यदि भाजपा को अकेले ही चलना पड़े तो हम वह लड़ाई लड़ेंगे।"
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कहा है कि सीएजी ने जिन कोयला ब्लॉक आवंटनों को दोषपूर्ण पाया है, उसे रद्द कर उनकी नीलामी की जाए। माकपा नेता सीतराम येचुरी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस दावे को भी खारिज किया जिसमें उन्होंने कहा था कि पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों ने कोयला ब्लॉक की नीलामी का विरोध किया था और उसके आवंटन की मांग की थी।टिप्पणियां
येचुरी ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि 2004 से जब से कांग्रेस सत्ता में आई है तब से लेकर अब तक जितनी भी निजी कम्पनियों को कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए हैं, उन्हें रद्द किया जाए। "इनकी नीलामी की जा सकती है।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो भी कारण गिनाए उनमें इस बात का कोई जिक्र नहीं है कि जून 2004 से इस साल के अगस्त तक क्यों नहीं पारदर्शी या प्रतियोगी नीलामी प्रक्रिया अपनाई गई।
इससे पहले, सोमवार को लगातार पांचवें दिन विपक्ष के हंगामे के चलते कोई कामकाज नहीं हो सका। हंगामे के बीच ही प्रधानमंत्री ने दोनों सदनों में अपना बयान दिया। बयान के बावजूद हंगामा जारी रहने के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही तीन बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें संसद में अपनी बात रखने तथा लोगों तक इसे पहुंचाने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आम तौर पर वह अपनी प्रायोजित आलोचनाओं का जवाब नहीं देते। लेकिन इस बार वह अपनी बात रखने देने का मौका चाहते हैं।
प्रधानमंत्री के बयान पर निराशा जताते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी गांधीनगर में संवाददाताओं से कहा, "प्रधानमंत्री ने यदि किसी पर हमला किया है तो वह सीएजी है। यह आश्चर्यचकित करने वाला है। उनके इस बयान से हमें निराशा हुई है।"
इस बीच, लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नैतिक जिम्मेदारी लें। राजस्व को हुए नुकसान के लिए प्रधानमंत्री जिम्मेदार हैं। इसलिए हम चाहते हैं कि वह इस्तीफा दें।" उन्होंने कहा कि बगैर नीलामी के जिन निजी कम्पनियों को कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए, उन्हें रद्द किए जाए और नए सिरे से उनकी नीलामी हो।
सुषमा ने कहा कि सीएजी ने कोयला ब्लॉक आवंटन में जिस राजस्व के नुकसान की बात कही है, उससे कांग्रेस ने 'मोटा माल' कमाया है। जेटली ने इस अवसर पर कहा कि प्रधनमंत्री को पूरे प्रकरण के लिए विशेष जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए जिसके चलते कि संसद ठप पड़ी है। भाजपा नेताओं का यह बयान उस वक्त आया जब कुछ ही घंटे पहले प्रधानमंत्री ने संसद में इस मसले पर बयान दिया।
जेटली ने कहा कि सरकार को निजी कम्पनियों को दिए सभी 142 कोयला ब्लॉक आवंटनों को रद्द कर नए सिरे से नीलामी आरम्भ करनी चाहिए। उन्होंने कहा, "ऐसा किया जाएगा तभी सच्चाई का पता लगेगा और पता चलेगा कि प्रधानमंत्री के बयान में कितनी सच्चाई है। आवंटन इसलिए रद्द किया जाना चाहिए क्योंकि भ्रष्ट तरीके से जनता के लूटे गए पैसों से मजा लेने की अनुमति किसी को भी नहीं दी जा सकती।"
संसद में दिए गए प्रधानमंत्री के बयान की निंदा करते हुए जेटली ने कहा, "कांग्रेस की यही प्रवृति रही है कि यदि आप सीएजी को बदल नहीं सकते तो उसका अपमान करो।" उन्होंने कहा, "पहले तो प्रधानमंत्री ने सारी जिम्मेदारी अपने ऊपर ली और फिर धीरे-धीरे सारी जिम्मेदारी किसी और पर मढ़ दी।" उन्होंने इसके लिए संघीय व्यवस्था, शासन की संसदीय प्रणाली, कानून मंत्रालय और सीएजी पर ठीकरा फोड़ डाला।
सुषमा ने इस बीच यह जानकारी दी कि 1993 से 2005 के बीच यदि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के छह वर्षो के कार्यकाल के दौरान 70 कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए तो कांग्रेस के नेतृत्व में संप्रग सरकार ने 2006 से 2010 के बीच 142 कोयला ब्लॉक आवंटित किए।
सुषमा ने उन खबरों को भी गलत बताया जिनमें कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग के मुद्दे पर राजग के घटक दलों में मतभेद है। उन्होंने ऐलान किया, "भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में यदि भाजपा को अकेले ही चलना पड़े तो हम वह लड़ाई लड़ेंगे।"
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कहा है कि सीएजी ने जिन कोयला ब्लॉक आवंटनों को दोषपूर्ण पाया है, उसे रद्द कर उनकी नीलामी की जाए। माकपा नेता सीतराम येचुरी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस दावे को भी खारिज किया जिसमें उन्होंने कहा था कि पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों ने कोयला ब्लॉक की नीलामी का विरोध किया था और उसके आवंटन की मांग की थी।टिप्पणियां
येचुरी ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि 2004 से जब से कांग्रेस सत्ता में आई है तब से लेकर अब तक जितनी भी निजी कम्पनियों को कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए हैं, उन्हें रद्द किया जाए। "इनकी नीलामी की जा सकती है।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो भी कारण गिनाए उनमें इस बात का कोई जिक्र नहीं है कि जून 2004 से इस साल के अगस्त तक क्यों नहीं पारदर्शी या प्रतियोगी नीलामी प्रक्रिया अपनाई गई।
इससे पहले, सोमवार को लगातार पांचवें दिन विपक्ष के हंगामे के चलते कोई कामकाज नहीं हो सका। हंगामे के बीच ही प्रधानमंत्री ने दोनों सदनों में अपना बयान दिया। बयान के बावजूद हंगामा जारी रहने के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही तीन बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।
प्रधानमंत्री के बयान पर निराशा जताते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी गांधीनगर में संवाददाताओं से कहा, "प्रधानमंत्री ने यदि किसी पर हमला किया है तो वह सीएजी है। यह आश्चर्यचकित करने वाला है। उनके इस बयान से हमें निराशा हुई है।"
इस बीच, लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नैतिक जिम्मेदारी लें। राजस्व को हुए नुकसान के लिए प्रधानमंत्री जिम्मेदार हैं। इसलिए हम चाहते हैं कि वह इस्तीफा दें।" उन्होंने कहा कि बगैर नीलामी के जिन निजी कम्पनियों को कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए, उन्हें रद्द किए जाए और नए सिरे से उनकी नीलामी हो।
सुषमा ने कहा कि सीएजी ने कोयला ब्लॉक आवंटन में जिस राजस्व के नुकसान की बात कही है, उससे कांग्रेस ने 'मोटा माल' कमाया है। जेटली ने इस अवसर पर कहा कि प्रधनमंत्री को पूरे प्रकरण के लिए विशेष जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए जिसके चलते कि संसद ठप पड़ी है। भाजपा नेताओं का यह बयान उस वक्त आया जब कुछ ही घंटे पहले प्रधानमंत्री ने संसद में इस मसले पर बयान दिया।
जेटली ने कहा कि सरकार को निजी कम्पनियों को दिए सभी 142 कोयला ब्लॉक आवंटनों को रद्द कर नए सिरे से नीलामी आरम्भ करनी चाहिए। उन्होंने कहा, "ऐसा किया जाएगा तभी सच्चाई का पता लगेगा और पता चलेगा कि प्रधानमंत्री के बयान में कितनी सच्चाई है। आवंटन इसलिए रद्द किया जाना चाहिए क्योंकि भ्रष्ट तरीके से जनता के लूटे गए पैसों से मजा लेने की अनुमति किसी को भी नहीं दी जा सकती।"
संसद में दिए गए प्रधानमंत्री के बयान की निंदा करते हुए जेटली ने कहा, "कांग्रेस की यही प्रवृति रही है कि यदि आप सीएजी को बदल नहीं सकते तो उसका अपमान करो।" उन्होंने कहा, "पहले तो प्रधानमंत्री ने सारी जिम्मेदारी अपने ऊपर ली और फिर धीरे-धीरे सारी जिम्मेदारी किसी और पर मढ़ दी।" उन्होंने इसके लिए संघीय व्यवस्था, शासन की संसदीय प्रणाली, कानून मंत्रालय और सीएजी पर ठीकरा फोड़ डाला।
सुषमा ने इस बीच यह जानकारी दी कि 1993 से 2005 के बीच यदि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के छह वर्षो के कार्यकाल के दौरान 70 कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए तो कांग्रेस के नेतृत्व में संप्रग सरकार ने 2006 से 2010 के बीच 142 कोयला ब्लॉक आवंटित किए।
सुषमा ने उन खबरों को भी गलत बताया जिनमें कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग के मुद्दे पर राजग के घटक दलों में मतभेद है। उन्होंने ऐलान किया, "भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में यदि भाजपा को अकेले ही चलना पड़े तो हम वह लड़ाई लड़ेंगे।"
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कहा है कि सीएजी ने जिन कोयला ब्लॉक आवंटनों को दोषपूर्ण पाया है, उसे रद्द कर उनकी नीलामी की जाए। माकपा नेता सीतराम येचुरी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस दावे को भी खारिज किया जिसमें उन्होंने कहा था कि पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों ने कोयला ब्लॉक की नीलामी का विरोध किया था और उसके आवंटन की मांग की थी।टिप्पणियां
येचुरी ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि 2004 से जब से कांग्रेस सत्ता में आई है तब से लेकर अब तक जितनी भी निजी कम्पनियों को कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए हैं, उन्हें रद्द किया जाए। "इनकी नीलामी की जा सकती है।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो भी कारण गिनाए उनमें इस बात का कोई जिक्र नहीं है कि जून 2004 से इस साल के अगस्त तक क्यों नहीं पारदर्शी या प्रतियोगी नीलामी प्रक्रिया अपनाई गई।
इससे पहले, सोमवार को लगातार पांचवें दिन विपक्ष के हंगामे के चलते कोई कामकाज नहीं हो सका। हंगामे के बीच ही प्रधानमंत्री ने दोनों सदनों में अपना बयान दिया। बयान के बावजूद हंगामा जारी रहने के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही तीन बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।
इस बीच, लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नैतिक जिम्मेदारी लें। राजस्व को हुए नुकसान के लिए प्रधानमंत्री जिम्मेदार हैं। इसलिए हम चाहते हैं कि वह इस्तीफा दें।" उन्होंने कहा कि बगैर नीलामी के जिन निजी कम्पनियों को कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए, उन्हें रद्द किए जाए और नए सिरे से उनकी नीलामी हो।
सुषमा ने कहा कि सीएजी ने कोयला ब्लॉक आवंटन में जिस राजस्व के नुकसान की बात कही है, उससे कांग्रेस ने 'मोटा माल' कमाया है। जेटली ने इस अवसर पर कहा कि प्रधनमंत्री को पूरे प्रकरण के लिए विशेष जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए जिसके चलते कि संसद ठप पड़ी है। भाजपा नेताओं का यह बयान उस वक्त आया जब कुछ ही घंटे पहले प्रधानमंत्री ने संसद में इस मसले पर बयान दिया।
जेटली ने कहा कि सरकार को निजी कम्पनियों को दिए सभी 142 कोयला ब्लॉक आवंटनों को रद्द कर नए सिरे से नीलामी आरम्भ करनी चाहिए। उन्होंने कहा, "ऐसा किया जाएगा तभी सच्चाई का पता लगेगा और पता चलेगा कि प्रधानमंत्री के बयान में कितनी सच्चाई है। आवंटन इसलिए रद्द किया जाना चाहिए क्योंकि भ्रष्ट तरीके से जनता के लूटे गए पैसों से मजा लेने की अनुमति किसी को भी नहीं दी जा सकती।"
संसद में दिए गए प्रधानमंत्री के बयान की निंदा करते हुए जेटली ने कहा, "कांग्रेस की यही प्रवृति रही है कि यदि आप सीएजी को बदल नहीं सकते तो उसका अपमान करो।" उन्होंने कहा, "पहले तो प्रधानमंत्री ने सारी जिम्मेदारी अपने ऊपर ली और फिर धीरे-धीरे सारी जिम्मेदारी किसी और पर मढ़ दी।" उन्होंने इसके लिए संघीय व्यवस्था, शासन की संसदीय प्रणाली, कानून मंत्रालय और सीएजी पर ठीकरा फोड़ डाला।
सुषमा ने इस बीच यह जानकारी दी कि 1993 से 2005 के बीच यदि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के छह वर्षो के कार्यकाल के दौरान 70 कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए तो कांग्रेस के नेतृत्व में संप्रग सरकार ने 2006 से 2010 के बीच 142 कोयला ब्लॉक आवंटित किए।
सुषमा ने उन खबरों को भी गलत बताया जिनमें कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग के मुद्दे पर राजग के घटक दलों में मतभेद है। उन्होंने ऐलान किया, "भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में यदि भाजपा को अकेले ही चलना पड़े तो हम वह लड़ाई लड़ेंगे।"
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कहा है कि सीएजी ने जिन कोयला ब्लॉक आवंटनों को दोषपूर्ण पाया है, उसे रद्द कर उनकी नीलामी की जाए। माकपा नेता सीतराम येचुरी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस दावे को भी खारिज किया जिसमें उन्होंने कहा था कि पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों ने कोयला ब्लॉक की नीलामी का विरोध किया था और उसके आवंटन की मांग की थी।टिप्पणियां
येचुरी ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि 2004 से जब से कांग्रेस सत्ता में आई है तब से लेकर अब तक जितनी भी निजी कम्पनियों को कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए हैं, उन्हें रद्द किया जाए। "इनकी नीलामी की जा सकती है।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो भी कारण गिनाए उनमें इस बात का कोई जिक्र नहीं है कि जून 2004 से इस साल के अगस्त तक क्यों नहीं पारदर्शी या प्रतियोगी नीलामी प्रक्रिया अपनाई गई।
इससे पहले, सोमवार को लगातार पांचवें दिन विपक्ष के हंगामे के चलते कोई कामकाज नहीं हो सका। हंगामे के बीच ही प्रधानमंत्री ने दोनों सदनों में अपना बयान दिया। बयान के बावजूद हंगामा जारी रहने के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही तीन बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।
सुषमा ने कहा कि सीएजी ने कोयला ब्लॉक आवंटन में जिस राजस्व के नुकसान की बात कही है, उससे कांग्रेस ने 'मोटा माल' कमाया है। जेटली ने इस अवसर पर कहा कि प्रधनमंत्री को पूरे प्रकरण के लिए विशेष जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए जिसके चलते कि संसद ठप पड़ी है। भाजपा नेताओं का यह बयान उस वक्त आया जब कुछ ही घंटे पहले प्रधानमंत्री ने संसद में इस मसले पर बयान दिया।
जेटली ने कहा कि सरकार को निजी कम्पनियों को दिए सभी 142 कोयला ब्लॉक आवंटनों को रद्द कर नए सिरे से नीलामी आरम्भ करनी चाहिए। उन्होंने कहा, "ऐसा किया जाएगा तभी सच्चाई का पता लगेगा और पता चलेगा कि प्रधानमंत्री के बयान में कितनी सच्चाई है। आवंटन इसलिए रद्द किया जाना चाहिए क्योंकि भ्रष्ट तरीके से जनता के लूटे गए पैसों से मजा लेने की अनुमति किसी को भी नहीं दी जा सकती।"
संसद में दिए गए प्रधानमंत्री के बयान की निंदा करते हुए जेटली ने कहा, "कांग्रेस की यही प्रवृति रही है कि यदि आप सीएजी को बदल नहीं सकते तो उसका अपमान करो।" उन्होंने कहा, "पहले तो प्रधानमंत्री ने सारी जिम्मेदारी अपने ऊपर ली और फिर धीरे-धीरे सारी जिम्मेदारी किसी और पर मढ़ दी।" उन्होंने इसके लिए संघीय व्यवस्था, शासन की संसदीय प्रणाली, कानून मंत्रालय और सीएजी पर ठीकरा फोड़ डाला।
सुषमा ने इस बीच यह जानकारी दी कि 1993 से 2005 के बीच यदि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के छह वर्षो के कार्यकाल के दौरान 70 कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए तो कांग्रेस के नेतृत्व में संप्रग सरकार ने 2006 से 2010 के बीच 142 कोयला ब्लॉक आवंटित किए।
सुषमा ने उन खबरों को भी गलत बताया जिनमें कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग के मुद्दे पर राजग के घटक दलों में मतभेद है। उन्होंने ऐलान किया, "भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में यदि भाजपा को अकेले ही चलना पड़े तो हम वह लड़ाई लड़ेंगे।"
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कहा है कि सीएजी ने जिन कोयला ब्लॉक आवंटनों को दोषपूर्ण पाया है, उसे रद्द कर उनकी नीलामी की जाए। माकपा नेता सीतराम येचुरी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस दावे को भी खारिज किया जिसमें उन्होंने कहा था कि पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों ने कोयला ब्लॉक की नीलामी का विरोध किया था और उसके आवंटन की मांग की थी।टिप्पणियां
येचुरी ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि 2004 से जब से कांग्रेस सत्ता में आई है तब से लेकर अब तक जितनी भी निजी कम्पनियों को कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए हैं, उन्हें रद्द किया जाए। "इनकी नीलामी की जा सकती है।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो भी कारण गिनाए उनमें इस बात का कोई जिक्र नहीं है कि जून 2004 से इस साल के अगस्त तक क्यों नहीं पारदर्शी या प्रतियोगी नीलामी प्रक्रिया अपनाई गई।
इससे पहले, सोमवार को लगातार पांचवें दिन विपक्ष के हंगामे के चलते कोई कामकाज नहीं हो सका। हंगामे के बीच ही प्रधानमंत्री ने दोनों सदनों में अपना बयान दिया। बयान के बावजूद हंगामा जारी रहने के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही तीन बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।
जेटली ने कहा कि सरकार को निजी कम्पनियों को दिए सभी 142 कोयला ब्लॉक आवंटनों को रद्द कर नए सिरे से नीलामी आरम्भ करनी चाहिए। उन्होंने कहा, "ऐसा किया जाएगा तभी सच्चाई का पता लगेगा और पता चलेगा कि प्रधानमंत्री के बयान में कितनी सच्चाई है। आवंटन इसलिए रद्द किया जाना चाहिए क्योंकि भ्रष्ट तरीके से जनता के लूटे गए पैसों से मजा लेने की अनुमति किसी को भी नहीं दी जा सकती।"
संसद में दिए गए प्रधानमंत्री के बयान की निंदा करते हुए जेटली ने कहा, "कांग्रेस की यही प्रवृति रही है कि यदि आप सीएजी को बदल नहीं सकते तो उसका अपमान करो।" उन्होंने कहा, "पहले तो प्रधानमंत्री ने सारी जिम्मेदारी अपने ऊपर ली और फिर धीरे-धीरे सारी जिम्मेदारी किसी और पर मढ़ दी।" उन्होंने इसके लिए संघीय व्यवस्था, शासन की संसदीय प्रणाली, कानून मंत्रालय और सीएजी पर ठीकरा फोड़ डाला।
सुषमा ने इस बीच यह जानकारी दी कि 1993 से 2005 के बीच यदि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के छह वर्षो के कार्यकाल के दौरान 70 कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए तो कांग्रेस के नेतृत्व में संप्रग सरकार ने 2006 से 2010 के बीच 142 कोयला ब्लॉक आवंटित किए।
सुषमा ने उन खबरों को भी गलत बताया जिनमें कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग के मुद्दे पर राजग के घटक दलों में मतभेद है। उन्होंने ऐलान किया, "भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में यदि भाजपा को अकेले ही चलना पड़े तो हम वह लड़ाई लड़ेंगे।"
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कहा है कि सीएजी ने जिन कोयला ब्लॉक आवंटनों को दोषपूर्ण पाया है, उसे रद्द कर उनकी नीलामी की जाए। माकपा नेता सीतराम येचुरी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस दावे को भी खारिज किया जिसमें उन्होंने कहा था कि पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों ने कोयला ब्लॉक की नीलामी का विरोध किया था और उसके आवंटन की मांग की थी।टिप्पणियां
येचुरी ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि 2004 से जब से कांग्रेस सत्ता में आई है तब से लेकर अब तक जितनी भी निजी कम्पनियों को कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए हैं, उन्हें रद्द किया जाए। "इनकी नीलामी की जा सकती है।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो भी कारण गिनाए उनमें इस बात का कोई जिक्र नहीं है कि जून 2004 से इस साल के अगस्त तक क्यों नहीं पारदर्शी या प्रतियोगी नीलामी प्रक्रिया अपनाई गई।
इससे पहले, सोमवार को लगातार पांचवें दिन विपक्ष के हंगामे के चलते कोई कामकाज नहीं हो सका। हंगामे के बीच ही प्रधानमंत्री ने दोनों सदनों में अपना बयान दिया। बयान के बावजूद हंगामा जारी रहने के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही तीन बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।
संसद में दिए गए प्रधानमंत्री के बयान की निंदा करते हुए जेटली ने कहा, "कांग्रेस की यही प्रवृति रही है कि यदि आप सीएजी को बदल नहीं सकते तो उसका अपमान करो।" उन्होंने कहा, "पहले तो प्रधानमंत्री ने सारी जिम्मेदारी अपने ऊपर ली और फिर धीरे-धीरे सारी जिम्मेदारी किसी और पर मढ़ दी।" उन्होंने इसके लिए संघीय व्यवस्था, शासन की संसदीय प्रणाली, कानून मंत्रालय और सीएजी पर ठीकरा फोड़ डाला।
सुषमा ने इस बीच यह जानकारी दी कि 1993 से 2005 के बीच यदि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के छह वर्षो के कार्यकाल के दौरान 70 कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए तो कांग्रेस के नेतृत्व में संप्रग सरकार ने 2006 से 2010 के बीच 142 कोयला ब्लॉक आवंटित किए।
सुषमा ने उन खबरों को भी गलत बताया जिनमें कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग के मुद्दे पर राजग के घटक दलों में मतभेद है। उन्होंने ऐलान किया, "भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में यदि भाजपा को अकेले ही चलना पड़े तो हम वह लड़ाई लड़ेंगे।"
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कहा है कि सीएजी ने जिन कोयला ब्लॉक आवंटनों को दोषपूर्ण पाया है, उसे रद्द कर उनकी नीलामी की जाए। माकपा नेता सीतराम येचुरी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस दावे को भी खारिज किया जिसमें उन्होंने कहा था कि पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों ने कोयला ब्लॉक की नीलामी का विरोध किया था और उसके आवंटन की मांग की थी।टिप्पणियां
येचुरी ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि 2004 से जब से कांग्रेस सत्ता में आई है तब से लेकर अब तक जितनी भी निजी कम्पनियों को कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए हैं, उन्हें रद्द किया जाए। "इनकी नीलामी की जा सकती है।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो भी कारण गिनाए उनमें इस बात का कोई जिक्र नहीं है कि जून 2004 से इस साल के अगस्त तक क्यों नहीं पारदर्शी या प्रतियोगी नीलामी प्रक्रिया अपनाई गई।
इससे पहले, सोमवार को लगातार पांचवें दिन विपक्ष के हंगामे के चलते कोई कामकाज नहीं हो सका। हंगामे के बीच ही प्रधानमंत्री ने दोनों सदनों में अपना बयान दिया। बयान के बावजूद हंगामा जारी रहने के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही तीन बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।
सुषमा ने इस बीच यह जानकारी दी कि 1993 से 2005 के बीच यदि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के छह वर्षो के कार्यकाल के दौरान 70 कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए तो कांग्रेस के नेतृत्व में संप्रग सरकार ने 2006 से 2010 के बीच 142 कोयला ब्लॉक आवंटित किए।
सुषमा ने उन खबरों को भी गलत बताया जिनमें कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग के मुद्दे पर राजग के घटक दलों में मतभेद है। उन्होंने ऐलान किया, "भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में यदि भाजपा को अकेले ही चलना पड़े तो हम वह लड़ाई लड़ेंगे।"
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कहा है कि सीएजी ने जिन कोयला ब्लॉक आवंटनों को दोषपूर्ण पाया है, उसे रद्द कर उनकी नीलामी की जाए। माकपा नेता सीतराम येचुरी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस दावे को भी खारिज किया जिसमें उन्होंने कहा था कि पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों ने कोयला ब्लॉक की नीलामी का विरोध किया था और उसके आवंटन की मांग की थी।टिप्पणियां
येचुरी ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि 2004 से जब से कांग्रेस सत्ता में आई है तब से लेकर अब तक जितनी भी निजी कम्पनियों को कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए हैं, उन्हें रद्द किया जाए। "इनकी नीलामी की जा सकती है।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो भी कारण गिनाए उनमें इस बात का कोई जिक्र नहीं है कि जून 2004 से इस साल के अगस्त तक क्यों नहीं पारदर्शी या प्रतियोगी नीलामी प्रक्रिया अपनाई गई।
इससे पहले, सोमवार को लगातार पांचवें दिन विपक्ष के हंगामे के चलते कोई कामकाज नहीं हो सका। हंगामे के बीच ही प्रधानमंत्री ने दोनों सदनों में अपना बयान दिया। बयान के बावजूद हंगामा जारी रहने के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही तीन बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।
सुषमा ने उन खबरों को भी गलत बताया जिनमें कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग के मुद्दे पर राजग के घटक दलों में मतभेद है। उन्होंने ऐलान किया, "भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में यदि भाजपा को अकेले ही चलना पड़े तो हम वह लड़ाई लड़ेंगे।"
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कहा है कि सीएजी ने जिन कोयला ब्लॉक आवंटनों को दोषपूर्ण पाया है, उसे रद्द कर उनकी नीलामी की जाए। माकपा नेता सीतराम येचुरी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस दावे को भी खारिज किया जिसमें उन्होंने कहा था कि पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों ने कोयला ब्लॉक की नीलामी का विरोध किया था और उसके आवंटन की मांग की थी।टिप्पणियां
येचुरी ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि 2004 से जब से कांग्रेस सत्ता में आई है तब से लेकर अब तक जितनी भी निजी कम्पनियों को कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए हैं, उन्हें रद्द किया जाए। "इनकी नीलामी की जा सकती है।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो भी कारण गिनाए उनमें इस बात का कोई जिक्र नहीं है कि जून 2004 से इस साल के अगस्त तक क्यों नहीं पारदर्शी या प्रतियोगी नीलामी प्रक्रिया अपनाई गई।
इससे पहले, सोमवार को लगातार पांचवें दिन विपक्ष के हंगामे के चलते कोई कामकाज नहीं हो सका। हंगामे के बीच ही प्रधानमंत्री ने दोनों सदनों में अपना बयान दिया। बयान के बावजूद हंगामा जारी रहने के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही तीन बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कहा है कि सीएजी ने जिन कोयला ब्लॉक आवंटनों को दोषपूर्ण पाया है, उसे रद्द कर उनकी नीलामी की जाए। माकपा नेता सीतराम येचुरी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस दावे को भी खारिज किया जिसमें उन्होंने कहा था कि पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों ने कोयला ब्लॉक की नीलामी का विरोध किया था और उसके आवंटन की मांग की थी।टिप्पणियां
येचुरी ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि 2004 से जब से कांग्रेस सत्ता में आई है तब से लेकर अब तक जितनी भी निजी कम्पनियों को कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए हैं, उन्हें रद्द किया जाए। "इनकी नीलामी की जा सकती है।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो भी कारण गिनाए उनमें इस बात का कोई जिक्र नहीं है कि जून 2004 से इस साल के अगस्त तक क्यों नहीं पारदर्शी या प्रतियोगी नीलामी प्रक्रिया अपनाई गई।
इससे पहले, सोमवार को लगातार पांचवें दिन विपक्ष के हंगामे के चलते कोई कामकाज नहीं हो सका। हंगामे के बीच ही प्रधानमंत्री ने दोनों सदनों में अपना बयान दिया। बयान के बावजूद हंगामा जारी रहने के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही तीन बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।
येचुरी ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि 2004 से जब से कांग्रेस सत्ता में आई है तब से लेकर अब तक जितनी भी निजी कम्पनियों को कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए हैं, उन्हें रद्द किया जाए। "इनकी नीलामी की जा सकती है।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो भी कारण गिनाए उनमें इस बात का कोई जिक्र नहीं है कि जून 2004 से इस साल के अगस्त तक क्यों नहीं पारदर्शी या प्रतियोगी नीलामी प्रक्रिया अपनाई गई।
इससे पहले, सोमवार को लगातार पांचवें दिन विपक्ष के हंगामे के चलते कोई कामकाज नहीं हो सका। हंगामे के बीच ही प्रधानमंत्री ने दोनों सदनों में अपना बयान दिया। बयान के बावजूद हंगामा जारी रहने के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही तीन बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।
इससे पहले, सोमवार को लगातार पांचवें दिन विपक्ष के हंगामे के चलते कोई कामकाज नहीं हो सका। हंगामे के बीच ही प्रधानमंत्री ने दोनों सदनों में अपना बयान दिया। बयान के बावजूद हंगामा जारी रहने के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही तीन बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। | प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कोयला ब्लॉक आवंटन पर संसद में सफाई देते हुए नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट को खारिज कर दिया और उसे 'विवादास्पद' एवं 'गलत' करार दिया। प्रधानमंत्री अपने बयान से हालांकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को संतुष्ट नहीं | 26 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राज्य इकाई प्रमुख के पद से हटाए जाने के बाद पिछले सप्ताह ही तंवर ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया था. अब उनका कहना है कि वह उन उम्मीदवारों का समर्थन करेंगे, जो अच्छी छवि के हैं. तंवर ने कहा, 'शुरू में मैंने 85 पार का नारा दिया था, लेकिन अब यह कांग्रेस ही होगी जो कम से कम 85 सीटों पर हार जाएगी.' उन्होंने फिलहाल रोहतक में अपना आधार बनाया है, जो कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का गढ़ माना जाता है.
उन्होंने अपने अगले कदम के लिए समर्थकों को प्रतीक्षा करने के लिए कहा है. अनुसूचित जाति से आने वाले तंवर की जगह कांग्रेस ने कुमारी शैलजा को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है, जो इसी वर्ग से आती हैं. तंवर के निकलने से हुए नुकसान को नियंत्रित करने के लिए कांग्रेस पार्टी के पास बहुत कम समय है. हरियाणा में चुनाव की संभावनाओं पर चर्चा कर रहे तीन कांग्रेस नेताओं के एक वायरल वीडियो ने स्थिति को और भी खराब बना दिया है.
इस बीच, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि तंवर को भाजपा में नहीं लिया जाएगा. इस पर सवाल पूछे जाने पर कि तंवर ने कहा कि वह भाजपा में शामिल होने के इच्छुक नहीं हैं, लेकिन भगवा पार्टी ने उनसे कई बार संपर्क जरूर किया था. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कांग्रेस को हराने के लिए पूरा जोर लगाएंगे अशोक तंवर
हाल ही में कांग्रेस पार्टी से अशोक तंवर ने दिया है इस्तीफा
टिकट बंटवारे से नाराज थे हरियाणा कांग्रेस के पूर्व प्रमुख | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत ने कहा कि चीन उसके लिए पाकिस्तान से ज्यादा चिंता का कारण है क्योंकि उसकी शक्ति का प्रभाव देश में अनेक क्षेत्रों में होता है।
विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि भारत के वैश्विक दृष्टिकोण में चीन अधिक महत्वपूर्ण है और दोनों देशों के बीच रिश्ते क्षेत्र को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जहां तक पाकिस्तान की बात है उसका प्रभाव सीमित है।
वह इन सवालों का जवाब दे रहे थे कि चीन के साथ सीमा विवाद या पाकिस्तान के साथ विश्वास में कमी में से भारत के लिए अधिक बड़ी चुनौती कौन सी है।टिप्पणियां
खुर्शीद ने कहा, ‘चीन हमारे वैश्विक दृष्टिकोण से जरूर अधिक महत्वपूर्ण है। अर्थव्यवस्था के मामले में महत्वपूर्ण है। स्थिरता के मामले में और एशिया एवं दक्षिण एशिया पर हमारी मित्रता एवं समझ की स्थिरता के प्रभाव के मामले में अधिक महत्वपूर्ण है। जहां तक पाकिस्तान की बात है प्रभाव सीमित है।’ उन्होंने कहा, ‘चीन बड़ी तस्वीर का हिस्सा है और उस तस्वीर में शामिल होने के नाते पाकिस्तान भी महत्वपूर्ण हिस्सा है और अगर पाकिस्तान का सही रंग नहीं हुआ तो यह तस्वीर बिगड़ सकती है।’
म्यांमार की तीन दिन की यात्रा से लौटते वक्त मंत्री ने कहा, ‘चीन को हम हर जगह अनेक स्तरों पर शामिल करते हैं। चीन एशिया और अफ्रीका में और अन्य कहीं भी बहुत बहुत महत्वपूर्ण साझेदार हो सकता है। हम संयुक्त राष्ट्र में जैसा चाहते हैं उसमें चीन महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा।’
विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि भारत के वैश्विक दृष्टिकोण में चीन अधिक महत्वपूर्ण है और दोनों देशों के बीच रिश्ते क्षेत्र को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जहां तक पाकिस्तान की बात है उसका प्रभाव सीमित है।
वह इन सवालों का जवाब दे रहे थे कि चीन के साथ सीमा विवाद या पाकिस्तान के साथ विश्वास में कमी में से भारत के लिए अधिक बड़ी चुनौती कौन सी है।टिप्पणियां
खुर्शीद ने कहा, ‘चीन हमारे वैश्विक दृष्टिकोण से जरूर अधिक महत्वपूर्ण है। अर्थव्यवस्था के मामले में महत्वपूर्ण है। स्थिरता के मामले में और एशिया एवं दक्षिण एशिया पर हमारी मित्रता एवं समझ की स्थिरता के प्रभाव के मामले में अधिक महत्वपूर्ण है। जहां तक पाकिस्तान की बात है प्रभाव सीमित है।’ उन्होंने कहा, ‘चीन बड़ी तस्वीर का हिस्सा है और उस तस्वीर में शामिल होने के नाते पाकिस्तान भी महत्वपूर्ण हिस्सा है और अगर पाकिस्तान का सही रंग नहीं हुआ तो यह तस्वीर बिगड़ सकती है।’
म्यांमार की तीन दिन की यात्रा से लौटते वक्त मंत्री ने कहा, ‘चीन को हम हर जगह अनेक स्तरों पर शामिल करते हैं। चीन एशिया और अफ्रीका में और अन्य कहीं भी बहुत बहुत महत्वपूर्ण साझेदार हो सकता है। हम संयुक्त राष्ट्र में जैसा चाहते हैं उसमें चीन महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा।’
वह इन सवालों का जवाब दे रहे थे कि चीन के साथ सीमा विवाद या पाकिस्तान के साथ विश्वास में कमी में से भारत के लिए अधिक बड़ी चुनौती कौन सी है।टिप्पणियां
खुर्शीद ने कहा, ‘चीन हमारे वैश्विक दृष्टिकोण से जरूर अधिक महत्वपूर्ण है। अर्थव्यवस्था के मामले में महत्वपूर्ण है। स्थिरता के मामले में और एशिया एवं दक्षिण एशिया पर हमारी मित्रता एवं समझ की स्थिरता के प्रभाव के मामले में अधिक महत्वपूर्ण है। जहां तक पाकिस्तान की बात है प्रभाव सीमित है।’ उन्होंने कहा, ‘चीन बड़ी तस्वीर का हिस्सा है और उस तस्वीर में शामिल होने के नाते पाकिस्तान भी महत्वपूर्ण हिस्सा है और अगर पाकिस्तान का सही रंग नहीं हुआ तो यह तस्वीर बिगड़ सकती है।’
म्यांमार की तीन दिन की यात्रा से लौटते वक्त मंत्री ने कहा, ‘चीन को हम हर जगह अनेक स्तरों पर शामिल करते हैं। चीन एशिया और अफ्रीका में और अन्य कहीं भी बहुत बहुत महत्वपूर्ण साझेदार हो सकता है। हम संयुक्त राष्ट्र में जैसा चाहते हैं उसमें चीन महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा।’
खुर्शीद ने कहा, ‘चीन हमारे वैश्विक दृष्टिकोण से जरूर अधिक महत्वपूर्ण है। अर्थव्यवस्था के मामले में महत्वपूर्ण है। स्थिरता के मामले में और एशिया एवं दक्षिण एशिया पर हमारी मित्रता एवं समझ की स्थिरता के प्रभाव के मामले में अधिक महत्वपूर्ण है। जहां तक पाकिस्तान की बात है प्रभाव सीमित है।’ उन्होंने कहा, ‘चीन बड़ी तस्वीर का हिस्सा है और उस तस्वीर में शामिल होने के नाते पाकिस्तान भी महत्वपूर्ण हिस्सा है और अगर पाकिस्तान का सही रंग नहीं हुआ तो यह तस्वीर बिगड़ सकती है।’
म्यांमार की तीन दिन की यात्रा से लौटते वक्त मंत्री ने कहा, ‘चीन को हम हर जगह अनेक स्तरों पर शामिल करते हैं। चीन एशिया और अफ्रीका में और अन्य कहीं भी बहुत बहुत महत्वपूर्ण साझेदार हो सकता है। हम संयुक्त राष्ट्र में जैसा चाहते हैं उसमें चीन महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा।’
म्यांमार की तीन दिन की यात्रा से लौटते वक्त मंत्री ने कहा, ‘चीन को हम हर जगह अनेक स्तरों पर शामिल करते हैं। चीन एशिया और अफ्रीका में और अन्य कहीं भी बहुत बहुत महत्वपूर्ण साझेदार हो सकता है। हम संयुक्त राष्ट्र में जैसा चाहते हैं उसमें चीन महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा।’ | संक्षिप्त सारांश: भारत ने कहा कि चीन उसके लिए पाकिस्तान से ज्यादा चिंता का कारण है क्योंकि उसकी शक्ति का प्रभाव देश में अनेक क्षेत्रों में होता है। | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अयोध्या मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में दूसरी सबसे बड़ी सुनवाई होगी. कोर्ट में 17 अक्टूबर तक कुल 41 दिन की सुनवाई होगी. इससे पहले मौलिक अधिकारों को लेकर केशवानंद भारती बनाम केरल केस में 13 जजों के पीठ ने पांच महीने में 68 दिन सुनवाई की थी. यह सुनवाई 31 अक्टूबर 1972 से शुरू होकर 23 मार्च 1973 तक चली थी. जबकि 2017 में आधार की अनिवार्यता के मामले की सुनवाई 38 दिन चली थी. शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की 37 दिन की सुनवाई पूरी हुई.
अयोध्या केस में शुक्रवार को मुस्लिम पक्ष की ओर से राजीव धवन ने बहस की. उनसे जस्टिस चंद्रचूड़ ने पूछा कि क्या इस बात का कोई सबूत है कि बाबर ने भी मस्जिद को कोई इमदाद दी हो? धवन ने कहा कि उस दौर में इसका कोई सबूत हमारे पास नहीं है. सबूत मंदिर के दावेदारों के पास भी नहीं है, सिवाय कहानियों के. धवन ने कहा कि सन 1855 में एक निहंग वहां आया. उसने वहां गुरु गोविंद सिंह की पूजा की और निशान लगा दिया था. बाद में सारी चीजें हटाई गईं. उसी दौरान बैरागियों ने रातोंरात वहां बाहर एक चबूतरा बना दिया और पूजा करने लगे.
धवन ने कहा कि ब्रिटिश हुकूमत के गवर्नर जनरल और फैज़ाबाद के डिप्टी कमिश्नर ने भी पहले बाबर के फरमान के मुताबिक मस्जिद की देखभाल और रखरखाव के लिए रेंट फ्री गांव दिए फिर राजस्व वाले गांव दिए. आर्थिक मदद की वजह से ही दूसरे पक्ष का एडवर्स पजेशन नहीं हो सका. सन 1934 में मस्जिद पर हमले के बाद नुकसान की भरपाई और मस्जिद की साफ-सफाई के लिए मुस्लिमों को मुआवजा भी दिया गया.
इससे पहले प्रधान न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा है कि पीठ शनिवार को सुनवाई नहीं करेगी. मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट अनुच्छेद 142 के तहत मिली अपरिहार्य शक्तियों के तहत दोनों ही पक्षों कि गतिविधियों को ध्यान में रखकर इस मामले का निपटारा करें. उन्होंने कहा कि इस मामले में मस्जिद पर जबरन कब्जा किया गया. लोगों को धर्म के नाम पर उकसाया गया, रथयात्रा निकाली गई, लंबित मामले में दबाव बनाया गया. धवन ने कहा कि मस्जिद ध्वस्त की गई और उस समय मुख्यमंत्री रहे कल्याण सिंह ने एक दिन कि जेल अवमानना के चलते काटी थी. अदालत से गुजारिश है कि तमाम घटनाओं को ध्यान में रखे.
राजीव धवन ने कहा कि हम कैसे देखते हैं कि इतिहास महत्वपूर्ण है. केके नय्यर के खिलाफ लगे आरोप पब्लिक डोमेन में हैं. गलत तरीके से आरोप लगाए गए. एक व्यक्ति को भी वहां पर सोने तक की इजाजत नहीं थी. मुस्लिम पक्ष के वकील धवन ने कहा कि मस्जिद वह है जहां कोई अल्लाह का नाम लेता है, नमाज अदा करता है. इसी बीच जस्टिस बोबड़े ने पूछा कि क्या क्या मस्जिद दैवीय है? इस पर धवन ने जवाब दिया कि यह हमेशा से ही दैवीय रहती है. जस्टिस बोबड़े ने फिर पूछा कि क्या यह अल्लाह को समर्पित होती है? धवन ने जवाब दिया, 'हम दिन में 5 बार नमाज पढ़ते हैं अल्लाह का नाम लेते हैं. यह अल्लाह को समर्पित ही है.' धवन ने इसके आगे रेस ज्यूडिकाटा को लेकर दलील देते हुए कहा कि जब 1934 में दंगा फसाद के बाद ही ये तय हो गया था कि हिन्दू बाहर पूजा करेंगे तो 22/23 दिसंबर 1949 की रात हिन्दू इमारत में कैसे गए? ट्रेसपासिंग की गई थी.
उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 12 के जरिए देश भर के सार्वजनिक संस्थान भी नियमित किए गए. 1934 में दंगों के दौरान इमारत को नुकसान पहुंचा और धारा 144 लगाई गई. धवन ने इतिहास की बातों का जिक्र करते हुए कहा कि बाबर पर मन्दिर तोड़कर मस्जिद बनाने का इल्जाम लगाया जाता है. बाबर कोई विध्वंसक नहीं था. मस्जिद तो मीर बाकी ने बनाई वह भी एक सूफी के कहने पर. धवन ने इसके आगे एक लाइन कही, 'है राम के वजूद पर हिन्दोस्तां को नाज़ अहले नज़र समझते हैं उसको इमाम ए हिन्द!'
धवन ने कहा कि कोई भी अयोध्या को राम के जन्म स्थान के रूप में मना नहीं कर रहा है. यह विवाद बहुत पहले ही सुलझ गया होता अगर यह स्वीकार कर लिया जाता कि राम केंद्रीय गुंबद के नीचे पैदा नहीं हुए थे. हिंदुओं ने जोर देकर कहा है कि राम केंद्रीय गुंबद के नीचे पैदा हु्ए थे. सटीक जन्म स्थान ही मामले का मूल है. धवन ने पूछा कि क्या वे मूर्ति या भूमि या भूमि के ऊपर मूर्ति की पूजा कर रहे थे. वे प्रतिकूल कब्जे या सीमा से प्रतिबंधित नहीं होना चाहते हैं. एक भूमि जो 1989 तक शून्य थी अब एक न्यायिक व्यक्तित्व है.
हिंदू कोर्ट को कानून का एक नया शासन बनाने के लिए कह रहे हैं. धवन ने कहा कि मध्यस्थता से पहले ट्विटर और सोशल मीडिया पर फैलाया गया था कि 500 मस्जिदें ऐसी है जिसकी लिस्ट तैयार की गई है, जो मंदिर की जगह पर बनाई गई है. रामलला विराजमान के वकील सीएस वैद्यनाथन ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि कोर्ट को इस तरह से ड्रामा नहीं होना चाहिए. धवन ने कहा कि हिन्दू पार्टी की तरफ से मध्यस्थता की बातों को भी मीडिया में बताया गया. इस पर भी सीएस वैद्यनाथन ने आपत्ति जताई और कहा कि इस तरह के आरोप कोर्ट में नहीं लगाने चाहिए. | संक्षिप्त सारांश: पहले सभी पक्षों को 18 अक्टूबर तक बहस पूरी करने के लिए कहा था
केस में 14 अक्टूबर को मुस्लिम पक्ष की ओर से धवन बहस जारी रखेंगे
बाकी सब पक्षकार 15-16 को दलीलें देंगे, 17 अक्टूबर को सुनवाई पूरी होगी | 10 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने अपने युवा साथियों को शनिवार से शुरू होने वाली सीमित ओवर की सीरीज में वेस्टइंडीज को हल्के में नहीं लेने की सलाह दी। वेस्टइंडीज का दौरा कर रही भारतीय टीम के सबसे सीनियर खिलाड़ी हरभजन ने कहा कि कैरेबियाई टीम में अब भी कुछ बेहतरीन खिलाड़ी मौजूद हैं। उन्होंने कहा, हम उन्हें हल्के में नहीं लेना चाहते, क्योंकि उनके पास कुछ बेहतरीन खिलाड़ी मौजूद हैं। हरभजन ने कहा कि भारतीय टीम में सीनियर खिलाड़ियों की अनुपस्थिति से युवाओं को टीम में अपनी जगह पक्की करने और अपने चयन को सही ठहराने का मौका मिलेगा। भारतीय टीम के उप कप्तान ने कहा, इन नए खिलाड़ियों में से काफी ने पहले भी अच्छा प्रदर्शन किया है। यह युवा खिलाड़ियों के लिए शानदार प्रदर्शन कर टीम में अपनी जगह पक्की करने का बढ़िया मौका है। टीम इंडिया कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह और तेज गेंदबाज जहीर खान के बिना यहां आई है। हरभजन को हालांकि पूरा भरोसा है कि इन स्टार खिलाड़ियों की अनुपस्थिति में भी टीम शृंखला जीतने में सफल रहेगी। | यहाँ एक सारांश है:हरभजन सिंह ने अपने युवा साथियों को शनिवार से शुरू होने वाली सीमित ओवर की सीरीज में वेस्टइंडीज को हल्के में नहीं लेने की सलाह दी। | 17 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने आज विराट कोहली की अगुवाई वाली मौजूदा टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि खिलाड़ियों का यह दल अगले दशक तक खेलता रहेगा जिससे भारत विश्व क्रिकेट में अपना दबदबा बनाएगा.
तेंदुलकर यहां बीसीसीआई के 500वें टेस्ट के जश्न के मौके पर आए हुए हैं. उन्होंने ‘स्टार स्पोर्ट्स’ से कहा, ‘हमारी टीम का संयोजन अद्भुत है. इन खिलाड़ियों की सर्वश्रेष्ठ बात यह है कि ये युवा हैं और ये कुछ समय के लिये खेलेंगे. मैं इस टीम को आठ से 10 वर्ष तक खेलते हुए और विश्व क्रिकेट पर दबदबा बनाते हुए देखने की उम्मीद कर रहा हूं.’ तेंदुलकर भारत के 500 टेस्ट में से 40 प्रतिशत यानी 200 मैचों में खेल चुके हैं और वह टीम के संयोजन को देखकर खुश हैं.
उन्होंने कहा, ‘हमारे पास आक्रामकता है और यह संतुलन सचमुच बढ़िया है. अगर हम इन्हीं खिलाड़ियों के साथ डटे रहे तो हमारे लिये आगे के दिन काफी अच्छे होंगे, निश्चित रूप से इसमें यहां वहां कुछ बदलाव जरूर होंगे, लेकिन अगर खिलाड़ी फिट हैं और बेहतर स्थिति में हैं तो ऐसा जरूर होगा.’ भारतीय टीम के 500वें टेस्ट के बारे में उन्होंने कहा, ‘इतिहास का हिस्सा होने के नाते मैं विश्वास करना चाहूंगा कि हम भी अगली पीढ़ी को प्रभावित करने में और कुछ छाप छोड़ने में शामिल रहे.’
तेंदुलकर ने हालांकि कहा कि खेल को चलाने का काम देखने वालों को बल्ले और गेंद में उचित संतुलन ढूंढने की कोशिश करनी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘बल्ले और गेंद से बेहतरीन संतुलन होना चाहिए. संतुलन ठीक नहीं है क्योंकि यह बल्लेबाजों के ज्यादा पक्ष में हैं, इसे सही होना चाहिए. टी20 में बल्लेबाज गेंदबाजों को धुन देते हैं. वनडे मैचों में 300 रन अब ज्यादा सुरक्षित लक्ष्य नहीं रह गया है. इसमें एक प्रारूप होना चाहिए जिसमें गेंदबाज बल्ले पर भारी पड़ें.’टिप्पणियां
विश्व क्रिकेट में सर्वाधिक रन जुटाने वाले इस बल्लेबाज ने पिच को ‘कानपुर का खास विकेट’ करार दिया. उन्होंने कहा, ‘न्यूजीलैंड मैच में चौथी पारी खेलेगी. यह सकारात्मक संकेत है. टेस्ट क्रिकेट यही जानने के बारे में हैं कि कब रफ्तार पकड़नी चाहिए, कब धीमा हो जाना चाहिए, किस तरह मैच को पूरे पांच दिन तक खेला जाए.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
तेंदुलकर यहां बीसीसीआई के 500वें टेस्ट के जश्न के मौके पर आए हुए हैं. उन्होंने ‘स्टार स्पोर्ट्स’ से कहा, ‘हमारी टीम का संयोजन अद्भुत है. इन खिलाड़ियों की सर्वश्रेष्ठ बात यह है कि ये युवा हैं और ये कुछ समय के लिये खेलेंगे. मैं इस टीम को आठ से 10 वर्ष तक खेलते हुए और विश्व क्रिकेट पर दबदबा बनाते हुए देखने की उम्मीद कर रहा हूं.’ तेंदुलकर भारत के 500 टेस्ट में से 40 प्रतिशत यानी 200 मैचों में खेल चुके हैं और वह टीम के संयोजन को देखकर खुश हैं.
उन्होंने कहा, ‘हमारे पास आक्रामकता है और यह संतुलन सचमुच बढ़िया है. अगर हम इन्हीं खिलाड़ियों के साथ डटे रहे तो हमारे लिये आगे के दिन काफी अच्छे होंगे, निश्चित रूप से इसमें यहां वहां कुछ बदलाव जरूर होंगे, लेकिन अगर खिलाड़ी फिट हैं और बेहतर स्थिति में हैं तो ऐसा जरूर होगा.’ भारतीय टीम के 500वें टेस्ट के बारे में उन्होंने कहा, ‘इतिहास का हिस्सा होने के नाते मैं विश्वास करना चाहूंगा कि हम भी अगली पीढ़ी को प्रभावित करने में और कुछ छाप छोड़ने में शामिल रहे.’
तेंदुलकर ने हालांकि कहा कि खेल को चलाने का काम देखने वालों को बल्ले और गेंद में उचित संतुलन ढूंढने की कोशिश करनी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘बल्ले और गेंद से बेहतरीन संतुलन होना चाहिए. संतुलन ठीक नहीं है क्योंकि यह बल्लेबाजों के ज्यादा पक्ष में हैं, इसे सही होना चाहिए. टी20 में बल्लेबाज गेंदबाजों को धुन देते हैं. वनडे मैचों में 300 रन अब ज्यादा सुरक्षित लक्ष्य नहीं रह गया है. इसमें एक प्रारूप होना चाहिए जिसमें गेंदबाज बल्ले पर भारी पड़ें.’टिप्पणियां
विश्व क्रिकेट में सर्वाधिक रन जुटाने वाले इस बल्लेबाज ने पिच को ‘कानपुर का खास विकेट’ करार दिया. उन्होंने कहा, ‘न्यूजीलैंड मैच में चौथी पारी खेलेगी. यह सकारात्मक संकेत है. टेस्ट क्रिकेट यही जानने के बारे में हैं कि कब रफ्तार पकड़नी चाहिए, कब धीमा हो जाना चाहिए, किस तरह मैच को पूरे पांच दिन तक खेला जाए.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ‘हमारे पास आक्रामकता है और यह संतुलन सचमुच बढ़िया है. अगर हम इन्हीं खिलाड़ियों के साथ डटे रहे तो हमारे लिये आगे के दिन काफी अच्छे होंगे, निश्चित रूप से इसमें यहां वहां कुछ बदलाव जरूर होंगे, लेकिन अगर खिलाड़ी फिट हैं और बेहतर स्थिति में हैं तो ऐसा जरूर होगा.’ भारतीय टीम के 500वें टेस्ट के बारे में उन्होंने कहा, ‘इतिहास का हिस्सा होने के नाते मैं विश्वास करना चाहूंगा कि हम भी अगली पीढ़ी को प्रभावित करने में और कुछ छाप छोड़ने में शामिल रहे.’
तेंदुलकर ने हालांकि कहा कि खेल को चलाने का काम देखने वालों को बल्ले और गेंद में उचित संतुलन ढूंढने की कोशिश करनी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘बल्ले और गेंद से बेहतरीन संतुलन होना चाहिए. संतुलन ठीक नहीं है क्योंकि यह बल्लेबाजों के ज्यादा पक्ष में हैं, इसे सही होना चाहिए. टी20 में बल्लेबाज गेंदबाजों को धुन देते हैं. वनडे मैचों में 300 रन अब ज्यादा सुरक्षित लक्ष्य नहीं रह गया है. इसमें एक प्रारूप होना चाहिए जिसमें गेंदबाज बल्ले पर भारी पड़ें.’टिप्पणियां
विश्व क्रिकेट में सर्वाधिक रन जुटाने वाले इस बल्लेबाज ने पिच को ‘कानपुर का खास विकेट’ करार दिया. उन्होंने कहा, ‘न्यूजीलैंड मैच में चौथी पारी खेलेगी. यह सकारात्मक संकेत है. टेस्ट क्रिकेट यही जानने के बारे में हैं कि कब रफ्तार पकड़नी चाहिए, कब धीमा हो जाना चाहिए, किस तरह मैच को पूरे पांच दिन तक खेला जाए.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
तेंदुलकर ने हालांकि कहा कि खेल को चलाने का काम देखने वालों को बल्ले और गेंद में उचित संतुलन ढूंढने की कोशिश करनी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘बल्ले और गेंद से बेहतरीन संतुलन होना चाहिए. संतुलन ठीक नहीं है क्योंकि यह बल्लेबाजों के ज्यादा पक्ष में हैं, इसे सही होना चाहिए. टी20 में बल्लेबाज गेंदबाजों को धुन देते हैं. वनडे मैचों में 300 रन अब ज्यादा सुरक्षित लक्ष्य नहीं रह गया है. इसमें एक प्रारूप होना चाहिए जिसमें गेंदबाज बल्ले पर भारी पड़ें.’टिप्पणियां
विश्व क्रिकेट में सर्वाधिक रन जुटाने वाले इस बल्लेबाज ने पिच को ‘कानपुर का खास विकेट’ करार दिया. उन्होंने कहा, ‘न्यूजीलैंड मैच में चौथी पारी खेलेगी. यह सकारात्मक संकेत है. टेस्ट क्रिकेट यही जानने के बारे में हैं कि कब रफ्तार पकड़नी चाहिए, कब धीमा हो जाना चाहिए, किस तरह मैच को पूरे पांच दिन तक खेला जाए.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विश्व क्रिकेट में सर्वाधिक रन जुटाने वाले इस बल्लेबाज ने पिच को ‘कानपुर का खास विकेट’ करार दिया. उन्होंने कहा, ‘न्यूजीलैंड मैच में चौथी पारी खेलेगी. यह सकारात्मक संकेत है. टेस्ट क्रिकेट यही जानने के बारे में हैं कि कब रफ्तार पकड़नी चाहिए, कब धीमा हो जाना चाहिए, किस तरह मैच को पूरे पांच दिन तक खेला जाए.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:विराट कोहली की टीम के ज्यादातर खिलाड़ी युवा
मौजूदा क्रिकेट में संतुलन बल्लेबाजों के पक्ष में ज्यादा है
एक प्रारूप ऐसा हों जिसमें बॉलर, बल्लेबाज पर भारी पड़े | 17 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: 'आसमान से गिरे खजूर पर अटके' वाली कहावत तो आपने सुनी होगी. ऐसा ही एक वाकया रूस में देखने को मिला. यहां एक शख्स चौथी मंजिल की बालकनी से किसी कारण से फिसलकर नीचे गिर गया. इसे इत्तेफाक कहिए कि वह शख्स घर के बाहर लगे पेड़ पर जाकर लटक गया. इस तरह उसकी जान बच गई.
जब यह हादसा हुआ, उस समय बगल के फ्लैट में मौजूद एक शख्स कैमरे के साथ बालकनी में मौजूद था. उसने पूरे घटनाक्रम को कैमरे में कैद कर लिया. यह घटना सेंट्रल रूस की है.टिप्पणियां
डेली मेल की खबर के मुताबिक इस वीडियो को आप देखेंगे तो उस शख्स को नीचे गिरते देख घबरा जाएंगे. लगेगा शायद अब इस शख्स की जान चली जाएगी, लेकिन अगले ही पल आपकी जान में जान आ जाएगी. आप देखेंगे कि वह शख्स बालकनी से गिरने के बाद पेड़ की टहनियों के बीच जाकर फंस जाता है.
हादसे का शिकार हुए शख्स की पहचान नहीं हो पाई है और न ही इस घटनाक्रम को कैमरे में कैद करने वाले पड़ोसी के बारे में पता चला है. ये दोनों लोग चाहे जो भी हों पर इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जरा सोचिए, चौथी मंजिल से गिरने के बाद भी सुरक्षित बचने वाला शख्स कैसा अनुभव कर रहा होगा?
जब यह हादसा हुआ, उस समय बगल के फ्लैट में मौजूद एक शख्स कैमरे के साथ बालकनी में मौजूद था. उसने पूरे घटनाक्रम को कैमरे में कैद कर लिया. यह घटना सेंट्रल रूस की है.टिप्पणियां
डेली मेल की खबर के मुताबिक इस वीडियो को आप देखेंगे तो उस शख्स को नीचे गिरते देख घबरा जाएंगे. लगेगा शायद अब इस शख्स की जान चली जाएगी, लेकिन अगले ही पल आपकी जान में जान आ जाएगी. आप देखेंगे कि वह शख्स बालकनी से गिरने के बाद पेड़ की टहनियों के बीच जाकर फंस जाता है.
हादसे का शिकार हुए शख्स की पहचान नहीं हो पाई है और न ही इस घटनाक्रम को कैमरे में कैद करने वाले पड़ोसी के बारे में पता चला है. ये दोनों लोग चाहे जो भी हों पर इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जरा सोचिए, चौथी मंजिल से गिरने के बाद भी सुरक्षित बचने वाला शख्स कैसा अनुभव कर रहा होगा?
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डेली मेल की खबर के मुताबिक इस वीडियो को आप देखेंगे तो उस शख्स को नीचे गिरते देख घबरा जाएंगे. लगेगा शायद अब इस शख्स की जान चली जाएगी, लेकिन अगले ही पल आपकी जान में जान आ जाएगी. आप देखेंगे कि वह शख्स बालकनी से गिरने के बाद पेड़ की टहनियों के बीच जाकर फंस जाता है.
हादसे का शिकार हुए शख्स की पहचान नहीं हो पाई है और न ही इस घटनाक्रम को कैमरे में कैद करने वाले पड़ोसी के बारे में पता चला है. ये दोनों लोग चाहे जो भी हों पर इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जरा सोचिए, चौथी मंजिल से गिरने के बाद भी सुरक्षित बचने वाला शख्स कैसा अनुभव कर रहा होगा?
डेली मेल की खबर के मुताबिक इस वीडियो को आप देखेंगे तो उस शख्स को नीचे गिरते देख घबरा जाएंगे. लगेगा शायद अब इस शख्स की जान चली जाएगी, लेकिन अगले ही पल आपकी जान में जान आ जाएगी. आप देखेंगे कि वह शख्स बालकनी से गिरने के बाद पेड़ की टहनियों के बीच जाकर फंस जाता है.
हादसे का शिकार हुए शख्स की पहचान नहीं हो पाई है और न ही इस घटनाक्रम को कैमरे में कैद करने वाले पड़ोसी के बारे में पता चला है. ये दोनों लोग चाहे जो भी हों पर इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जरा सोचिए, चौथी मंजिल से गिरने के बाद भी सुरक्षित बचने वाला शख्स कैसा अनुभव कर रहा होगा?
हादसे का शिकार हुए शख्स की पहचान नहीं हो पाई है और न ही इस घटनाक्रम को कैमरे में कैद करने वाले पड़ोसी के बारे में पता चला है. ये दोनों लोग चाहे जो भी हों पर इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जरा सोचिए, चौथी मंजिल से गिरने के बाद भी सुरक्षित बचने वाला शख्स कैसा अनुभव कर रहा होगा? | चौथी मंजिल की बालकनी से फिसलकर गिरा शख्स
घर के बाहर लगे पेड़ों पर अटकने से बची जान
पड़ोसी के कैमरे में कैद हुआ पूरा घटनाक्रम | 6 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की समीक्षा के लिए मशहूर डॉन आर्गस का मानना है कि युवा खिलाड़ियों के लिए भारत में खेलना सबसे कठिन है।
पहले दो टेस्ट में भारत की हार के बारे में आर्गस ने कहा कि यह तो तय था कि इन खिलाड़ियों को मुश्किलें आएंगी जो टीम में दिग्गजों की जगह ले रहे हैं।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, अब तक नई प्रतिभाओं को तलाशने और तराशने में इन्होंने अच्छी भूमिका निभाई, लेकिन भारत में खेलना युवाओं के लिए सबसे कठिन है और यह हम देख ही रहे हैं। आर्गस ने कहा कि इस समय इस समस्या का कोई समाधान नहीं है, लेकिन हड़बड़ाने से बचना होगा। उन्होंने कोचिंग के ढांचे में स्पिन गेंदबाजों को तवज्जो नहीं दिए जाने पर चिंता जताई। उन्होंने यह भी कहा कि बिग बैश लीग से खिलाड़ियों का ध्यान टेस्ट क्रिकेट से नहीं हटना चाहिए।
उन्होंने सिडनी मार्निंग हेराल्ड से कहा, सभी को तुरंत फुरत सफलता चाहिए। चाहे कॉरपोरेट हो, फुटबॉल क्लब या क्रिकेट क्लब लेकिन बदलाव के दौर से गुजरते समय संयम रखना जरूरी होता है।
पहले दो टेस्ट में भारत की हार के बारे में आर्गस ने कहा कि यह तो तय था कि इन खिलाड़ियों को मुश्किलें आएंगी जो टीम में दिग्गजों की जगह ले रहे हैं।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, अब तक नई प्रतिभाओं को तलाशने और तराशने में इन्होंने अच्छी भूमिका निभाई, लेकिन भारत में खेलना युवाओं के लिए सबसे कठिन है और यह हम देख ही रहे हैं। आर्गस ने कहा कि इस समय इस समस्या का कोई समाधान नहीं है, लेकिन हड़बड़ाने से बचना होगा। उन्होंने कोचिंग के ढांचे में स्पिन गेंदबाजों को तवज्जो नहीं दिए जाने पर चिंता जताई। उन्होंने यह भी कहा कि बिग बैश लीग से खिलाड़ियों का ध्यान टेस्ट क्रिकेट से नहीं हटना चाहिए।
उन्होंने सिडनी मार्निंग हेराल्ड से कहा, सभी को तुरंत फुरत सफलता चाहिए। चाहे कॉरपोरेट हो, फुटबॉल क्लब या क्रिकेट क्लब लेकिन बदलाव के दौर से गुजरते समय संयम रखना जरूरी होता है।
उन्होंने कहा, अब तक नई प्रतिभाओं को तलाशने और तराशने में इन्होंने अच्छी भूमिका निभाई, लेकिन भारत में खेलना युवाओं के लिए सबसे कठिन है और यह हम देख ही रहे हैं। आर्गस ने कहा कि इस समय इस समस्या का कोई समाधान नहीं है, लेकिन हड़बड़ाने से बचना होगा। उन्होंने कोचिंग के ढांचे में स्पिन गेंदबाजों को तवज्जो नहीं दिए जाने पर चिंता जताई। उन्होंने यह भी कहा कि बिग बैश लीग से खिलाड़ियों का ध्यान टेस्ट क्रिकेट से नहीं हटना चाहिए।
उन्होंने सिडनी मार्निंग हेराल्ड से कहा, सभी को तुरंत फुरत सफलता चाहिए। चाहे कॉरपोरेट हो, फुटबॉल क्लब या क्रिकेट क्लब लेकिन बदलाव के दौर से गुजरते समय संयम रखना जरूरी होता है।
उन्होंने सिडनी मार्निंग हेराल्ड से कहा, सभी को तुरंत फुरत सफलता चाहिए। चाहे कॉरपोरेट हो, फुटबॉल क्लब या क्रिकेट क्लब लेकिन बदलाव के दौर से गुजरते समय संयम रखना जरूरी होता है। | संक्षिप्त सारांश: ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की समीक्षा के लिए मशहूर डॉन आर्गस का मानना है कि युवा खिलाड़ियों के लिए भारत में खेलना सबसे कठिन है। | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: विराट कोहली ने जोनाथन ट्राट के साथ तीखी बहस की जब अंपायर कुमार धर्मसेना ने चौथे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट के चौथे दिन इंग्लैंड के इस बल्लेबाज के खिलाफ भारत की अपील ठुकरा दी।
ट्राट इंग्लैंड की दूसरी पारी में जब 43 रन बनकार खेल रहे थे तब उन्होंने तेज गेंदबाज इशांत शर्मा की शार्ट गेंद को कट करने का प्रयास किया जिसे महेंद्र सिंह धोनी ने लपक लिया और इसे खुशी में हवा में उछाल दिया। धर्मसेना ने हालांकि धोनी और भारतीय टीम के अन्य सदस्यों की अपील को ठुकरा दिया।
धर्मसेना के विश्वसनीय अपील ठुकराने के बाद कोहली बल्लेबाज के पास गए और उन्होंने उन्हें कुछ बोला जिसके बाद स्क्वायर लेग अंपायर रोड टकर ने भारतीय कप्तान धोनी को बुलाया और उनसे बात की।
टीवी रीप्ले में भी यह स्पष्ट नहीं था कि गेंद ने ट्राट के बल्ले का किनारा लिया है या नहीं। टिप्पणियां
बाद में आफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भी ट्राट के साथ बहस की जब यह बल्लेबाज गेंदबाजी छोर पर खड़ा था और इस आफ स्पिनर के गेंद फेंकने से पहले ही क्रीज से बाहर निकल गया।
अश्विन गेंद फेंकने से पहले ही रुक गए और उन्होंने ट्राट को चेतावनी दी कि वह क्रीज से बाहर नही निकलें अन्यथा वह उसे रन आउट कर देंगे।
ट्राट इंग्लैंड की दूसरी पारी में जब 43 रन बनकार खेल रहे थे तब उन्होंने तेज गेंदबाज इशांत शर्मा की शार्ट गेंद को कट करने का प्रयास किया जिसे महेंद्र सिंह धोनी ने लपक लिया और इसे खुशी में हवा में उछाल दिया। धर्मसेना ने हालांकि धोनी और भारतीय टीम के अन्य सदस्यों की अपील को ठुकरा दिया।
धर्मसेना के विश्वसनीय अपील ठुकराने के बाद कोहली बल्लेबाज के पास गए और उन्होंने उन्हें कुछ बोला जिसके बाद स्क्वायर लेग अंपायर रोड टकर ने भारतीय कप्तान धोनी को बुलाया और उनसे बात की।
टीवी रीप्ले में भी यह स्पष्ट नहीं था कि गेंद ने ट्राट के बल्ले का किनारा लिया है या नहीं। टिप्पणियां
बाद में आफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भी ट्राट के साथ बहस की जब यह बल्लेबाज गेंदबाजी छोर पर खड़ा था और इस आफ स्पिनर के गेंद फेंकने से पहले ही क्रीज से बाहर निकल गया।
अश्विन गेंद फेंकने से पहले ही रुक गए और उन्होंने ट्राट को चेतावनी दी कि वह क्रीज से बाहर नही निकलें अन्यथा वह उसे रन आउट कर देंगे।
धर्मसेना के विश्वसनीय अपील ठुकराने के बाद कोहली बल्लेबाज के पास गए और उन्होंने उन्हें कुछ बोला जिसके बाद स्क्वायर लेग अंपायर रोड टकर ने भारतीय कप्तान धोनी को बुलाया और उनसे बात की।
टीवी रीप्ले में भी यह स्पष्ट नहीं था कि गेंद ने ट्राट के बल्ले का किनारा लिया है या नहीं। टिप्पणियां
बाद में आफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भी ट्राट के साथ बहस की जब यह बल्लेबाज गेंदबाजी छोर पर खड़ा था और इस आफ स्पिनर के गेंद फेंकने से पहले ही क्रीज से बाहर निकल गया।
अश्विन गेंद फेंकने से पहले ही रुक गए और उन्होंने ट्राट को चेतावनी दी कि वह क्रीज से बाहर नही निकलें अन्यथा वह उसे रन आउट कर देंगे।
टीवी रीप्ले में भी यह स्पष्ट नहीं था कि गेंद ने ट्राट के बल्ले का किनारा लिया है या नहीं। टिप्पणियां
बाद में आफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भी ट्राट के साथ बहस की जब यह बल्लेबाज गेंदबाजी छोर पर खड़ा था और इस आफ स्पिनर के गेंद फेंकने से पहले ही क्रीज से बाहर निकल गया।
अश्विन गेंद फेंकने से पहले ही रुक गए और उन्होंने ट्राट को चेतावनी दी कि वह क्रीज से बाहर नही निकलें अन्यथा वह उसे रन आउट कर देंगे।
बाद में आफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भी ट्राट के साथ बहस की जब यह बल्लेबाज गेंदबाजी छोर पर खड़ा था और इस आफ स्पिनर के गेंद फेंकने से पहले ही क्रीज से बाहर निकल गया।
अश्विन गेंद फेंकने से पहले ही रुक गए और उन्होंने ट्राट को चेतावनी दी कि वह क्रीज से बाहर नही निकलें अन्यथा वह उसे रन आउट कर देंगे।
अश्विन गेंद फेंकने से पहले ही रुक गए और उन्होंने ट्राट को चेतावनी दी कि वह क्रीज से बाहर नही निकलें अन्यथा वह उसे रन आउट कर देंगे। | संक्षिप्त सारांश: विराट कोहली ने जोनाथन ट्राट के साथ तीखी बहस की जब अंपायर कुमार धर्मसेना ने चौथे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट के चौथे दिन इंग्लैंड के इस बल्लेबाज के खिलाफ भारत की अपील ठुकरा दी। | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: मुंबई की एक अदालत ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे के खिलाफ जारी वारंट बुधवार को उनके पेश होने के बाद रद्द कर दिया।
यह मामला अक्टूबर, 2008 में उपनगरीय क्षेत्र बांद्रा के एक कॉलेज में रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षा के दौरान हिंसा से जुड़ा हुआ है। यह वारंट राज ठाकरे के बांद्रा अदालत में पेश नहीं होने पर 10 जून को जारी किया गया था। ठाकरे आज अदालत में पेश हुए। इसके बाद वारंट रद्द कर दिया गया।टिप्पणियां
इस बीच, संबंधित घटनाक्रम में ठाकरे ने मामले में बरी किए जाने का अनुरोध किया और कहा कि कॉलेज में परीक्षा के दौरान जब हिंसा हुई, उस समय वह वहां मौजूद नहीं थे। उन्होंने यह दलील भी दी कि हिंसा में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।
अदालत ने बरी करने संबंधी ठाकरे के आवेदन पर अभियोजक से 1 जुलाई तक जवाब देने को कहा है। पुलिस ने नवंबर, 2009 में एमएनएस प्रमुख और पार्टी के 20 कार्यकर्ताओं के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। आरोपपत्र में 31 गवाहों का जिक्र किया गया था, जिनमें 14 महाराष्ट्र के हैं।
यह मामला अक्टूबर, 2008 में उपनगरीय क्षेत्र बांद्रा के एक कॉलेज में रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षा के दौरान हिंसा से जुड़ा हुआ है। यह वारंट राज ठाकरे के बांद्रा अदालत में पेश नहीं होने पर 10 जून को जारी किया गया था। ठाकरे आज अदालत में पेश हुए। इसके बाद वारंट रद्द कर दिया गया।टिप्पणियां
इस बीच, संबंधित घटनाक्रम में ठाकरे ने मामले में बरी किए जाने का अनुरोध किया और कहा कि कॉलेज में परीक्षा के दौरान जब हिंसा हुई, उस समय वह वहां मौजूद नहीं थे। उन्होंने यह दलील भी दी कि हिंसा में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।
अदालत ने बरी करने संबंधी ठाकरे के आवेदन पर अभियोजक से 1 जुलाई तक जवाब देने को कहा है। पुलिस ने नवंबर, 2009 में एमएनएस प्रमुख और पार्टी के 20 कार्यकर्ताओं के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। आरोपपत्र में 31 गवाहों का जिक्र किया गया था, जिनमें 14 महाराष्ट्र के हैं।
इस बीच, संबंधित घटनाक्रम में ठाकरे ने मामले में बरी किए जाने का अनुरोध किया और कहा कि कॉलेज में परीक्षा के दौरान जब हिंसा हुई, उस समय वह वहां मौजूद नहीं थे। उन्होंने यह दलील भी दी कि हिंसा में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।
अदालत ने बरी करने संबंधी ठाकरे के आवेदन पर अभियोजक से 1 जुलाई तक जवाब देने को कहा है। पुलिस ने नवंबर, 2009 में एमएनएस प्रमुख और पार्टी के 20 कार्यकर्ताओं के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। आरोपपत्र में 31 गवाहों का जिक्र किया गया था, जिनमें 14 महाराष्ट्र के हैं।
अदालत ने बरी करने संबंधी ठाकरे के आवेदन पर अभियोजक से 1 जुलाई तक जवाब देने को कहा है। पुलिस ने नवंबर, 2009 में एमएनएस प्रमुख और पार्टी के 20 कार्यकर्ताओं के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। आरोपपत्र में 31 गवाहों का जिक्र किया गया था, जिनमें 14 महाराष्ट्र के हैं। | मुंबई की एक अदालत ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे के खिलाफ जारी वारंट बुधवार को उनके पेश होने के बाद रद्द कर दिया। | 34 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बाढ़ से प्रभावित उत्तराखंड को आपदा से उबारने के लिए रविवार को राजधानी देहरादून में सर्वदलीय बैठक बुलाई गई। इस बैठक में सभी दलों के नुमाइंदो ने संकट की इस घड़ी से निपटने के लिए अपने अपने सुझाव दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और उनकी सरकार के मंत्रियों के अलावा बीजेपी पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और केंद्रीय जल संसाधन मंत्री हरीश रावत भी शामिल हुए।टिप्पणियां
बैठक के बाद निशंक ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने सरकार को दो तरह के मास्टर प्लान बनाने का सुझाव दिया है। एक तुरंत लागू किए जाने वाले सुझाव और दूसरे भविष्य के लिए उठाए जाने वाले कदम हैं।
बैठक में शामिल सभी नेताओं ने कहा कि लोगों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराना उनकी पहली प्राथमिकता है और इसके लिए वे सभी मिलकर काम करेंगे।
बैठक में मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और उनकी सरकार के मंत्रियों के अलावा बीजेपी पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और केंद्रीय जल संसाधन मंत्री हरीश रावत भी शामिल हुए।टिप्पणियां
बैठक के बाद निशंक ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने सरकार को दो तरह के मास्टर प्लान बनाने का सुझाव दिया है। एक तुरंत लागू किए जाने वाले सुझाव और दूसरे भविष्य के लिए उठाए जाने वाले कदम हैं।
बैठक में शामिल सभी नेताओं ने कहा कि लोगों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराना उनकी पहली प्राथमिकता है और इसके लिए वे सभी मिलकर काम करेंगे।
बैठक के बाद निशंक ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने सरकार को दो तरह के मास्टर प्लान बनाने का सुझाव दिया है। एक तुरंत लागू किए जाने वाले सुझाव और दूसरे भविष्य के लिए उठाए जाने वाले कदम हैं।
बैठक में शामिल सभी नेताओं ने कहा कि लोगों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराना उनकी पहली प्राथमिकता है और इसके लिए वे सभी मिलकर काम करेंगे।
बैठक में शामिल सभी नेताओं ने कहा कि लोगों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराना उनकी पहली प्राथमिकता है और इसके लिए वे सभी मिलकर काम करेंगे। | सारांश: बैठक में मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और उनकी सरकार के मंत्रियों के अलावा बीजेपी पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और केंद्रीय जल संसाधन मंत्री हरीश रावत भी शामिल हुए। | 20 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे जामिया मिल्लिया विश्वविद्यालय और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ हुई हिंसा का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है और इस मामले की सुनवाई मंगलवार को होगी. आपको बता दें कि वकील इंदिरा जयसिंह इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी है. उनकी अर्जी को संज्ञान में लेते हुए प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे ने कहा है कि वह चाहते हैं कि हिंसा रुके. अर्जी पर सुनवाई करते हुए प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे ने सरकार को आदेश दिया कि वह सभी को मेडिकल सुविधा देने का इंतजाम करे. जस्टिस बोबडे ने कहा कि हम ये नहीं कह रहे हैं कि कौन जिम्मेदार है. हम बस चाहते हैं कि अभी कोर्ट में शांति बनाए रखें. यह मामला हमारा समाने आने दीजिये फिर हम देखेंगे. CJI ने कहा कि बसों को आग लगाई गई है. सरकारी संपतियों को नुकसान पहुंचाया गया. प्रधान न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता को फटकारते हुए कहा कि यह क्या तरीका है? CJI ने कहा कि इस मामले में हम शांत माहौल मे तय करेंगे. ऐसे माहौल मैं मामले को कैसे सुना जा सकता है. हम देखेंगे कि हम क्या कर सकते हैं. प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना बंद हो. इस पर इंदिरा जय सिंह ने कहा कि पुलिस आग लगा रही है. इस दौरान इंदिरा जयसिंह ने इतनी जोर-जोर से बोला कि कोर्ट को कहना पड़ा कि पहले आप माइक बंद करें.
इंदिरा जय सिंह ने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय सहित सारे देश में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हिंसा की जा रही है कई लोग अस्पताल में पडे हैं और उनके खिलाफ ही FIR दर्ज की गई है, गिरफ्तार हुए हैं. यह मानवाधिकार का गंभीर उल्लंघन है. जामिया में पुलिस ने ही बसें जलाईं हैं. इसके साथ ही कई वकीलों ने कहा कि कई छात्र गायब हैं. इस पर प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि हिंसा रुकनी चाहिए, हम यह चाहते हैं. बोबडे ने कहा कि हमारे पास अनुभव है कि कैसे दंगा कैसे होता है. हम ऐसे माहौल में कोई फैसला नहीं दे सकते हैं. हम पहले सुनवाई करेंगे फिर देखेंगे कि किसने दंगा किया.
उधर उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने सोमवार को एनडीटीवी से बात करते हुए कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कैम्पस को खाली कराकर सभी छात्रों को घर भेजा जा रहा है. रविवार को जामिया के छात्रों के साथ बर्बरता के बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों ने भी प्रदर्शन किया, प्रदर्शन के दौरान छात्रों की पुलिस से झड़प हो गई. डीजीपी ने कहा, 'हम आज अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को खाली करवा रहे हैं और सभी छात्रों को घर भेजा रहा है. हमें पुलिस द्वारा किसी भी बर्बरता की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है.' | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: छात्रों के साथ हिंसा का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट
मंगलवार को होगी सुनवाई
इंदिरा जयसिंह ने उठाया है मुद्दा | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत की दिग्गज फर्राटा धावक दुती चंद का पुराना 'लिंग विवाद' आगामी 22वें एशियन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप से ठीक पहले एक बार फिर उठ खड़ा हुआ है, हालांकि दुती का कहना है कि वह इससे चिंतित नहीं है और अपना पूरा ध्यान चैम्पियनशिप में लगा रही हैं. दूती ने मंगलवार को कहा, "अभी मैं इस विवाद के बारे में नहीं सोच रही हूं. मेरा ध्यान पूरी तरह एशियन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप पर है. मेरे पास वकील और सलाहकार हैं, वही तय करेंगे की हायपरएंड्रोजीनिज्म मामले में क्या करना है." दुती ने वहीं यह भी स्वीकार किया है कि उन पर इसे लेकर थोड़ा दबाव है.
उन्होंने कहा, "इस विवाद के चलते 2015 मेरे लिए काफी दुर्भाग्यशाली रहा. मैंने इससे खुद को बाहर निकाला और 2016 में कई खेलों में हिस्सा लिया और कई मेडल भी जीते. हालांकि इससे मैं थोड़ी घबराई रहती हूं, लेकिन इसका असर मैं अपने प्रदर्शन पर नहीं पड़ने दूंगी." अंतर्राष्ट्रीय एथलेटिक्स महासंघ (आईएएएफ) ने मंगलवार को कहा है कि वह इस 'लिंग विवाद' को लेकर एकबार फिर खेल पंचाट न्यायालय (सीएएस) में जाएगी और अपनी हायपरएंड्रोजीनिज्म नीति के बारे में और सूबत पेश करेगी." हालांकि उसका यह फैसला चैम्पियनशिप में दुती को हिस्सा लेने से नहीं रोक सकता. आईएएएफ के अध्यक्ष सेबास्टियन को ने कहा कि दुती इन खेलों में हिस्सा ले सकती हैं.
उन्होंने कहा, "इसी साल अगस्त में लंदन विश्व चैम्पियनशिप में दुती के हिस्सा लेने पर भी कोई परेशानी नहीं है. अगर वह क्वालीफाई कर पाती हैं तो वह हिस्सा ले सकती हैं." दुती को 2014 में भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने आईएएएफ की हायपरएंड्रोजीनिज्म नीति के तहत निलंबित कर दिया था, जब उनके स्वास्थ्य जांच में यह पता चला था कि उनका शरीर निर्धारित स्तर से कहीं अधिक मात्रा में अमूमन पुरुषों में पाए जाने वाले हार्मोन का श्राव करता है. ओडिशा की रहने वाली दुती ने आईएएफ की हायपरएंड्रोजीनिज्म नीति को सीएएस में चुनौती दी थी. टिप्पणियां
सीएएस ने जुलाई 2015 में अंतरिम आदेश जारी करते हुए आईएएएफ की हायपरएंड्रोजीनिज्म ग्रस्त खिलाड़ियों को महिला वर्ग में न खेलने देने की नीति को अधीकतम दो साल के लिए खारिज कर दिया था. सीएएस ने कहा था कि आईएएएफ वैज्ञानिक तथ्य पेश करे कि इस पदार्थ का शरीर में तय मात्रा से ज्यादा होना और हायपरएंड्रोजीनिज्म ग्रस्त खिलाड़ियों द्वारा बेहतर प्रदर्शन करने के बीच कोई संबंध है. अपने इस आदेश के बाद सीएएस ने दुती को अगले दो साल तक सभी अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में खेलने की अनुमति दे दी थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, "इस विवाद के चलते 2015 मेरे लिए काफी दुर्भाग्यशाली रहा. मैंने इससे खुद को बाहर निकाला और 2016 में कई खेलों में हिस्सा लिया और कई मेडल भी जीते. हालांकि इससे मैं थोड़ी घबराई रहती हूं, लेकिन इसका असर मैं अपने प्रदर्शन पर नहीं पड़ने दूंगी." अंतर्राष्ट्रीय एथलेटिक्स महासंघ (आईएएएफ) ने मंगलवार को कहा है कि वह इस 'लिंग विवाद' को लेकर एकबार फिर खेल पंचाट न्यायालय (सीएएस) में जाएगी और अपनी हायपरएंड्रोजीनिज्म नीति के बारे में और सूबत पेश करेगी." हालांकि उसका यह फैसला चैम्पियनशिप में दुती को हिस्सा लेने से नहीं रोक सकता. आईएएएफ के अध्यक्ष सेबास्टियन को ने कहा कि दुती इन खेलों में हिस्सा ले सकती हैं.
उन्होंने कहा, "इसी साल अगस्त में लंदन विश्व चैम्पियनशिप में दुती के हिस्सा लेने पर भी कोई परेशानी नहीं है. अगर वह क्वालीफाई कर पाती हैं तो वह हिस्सा ले सकती हैं." दुती को 2014 में भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने आईएएएफ की हायपरएंड्रोजीनिज्म नीति के तहत निलंबित कर दिया था, जब उनके स्वास्थ्य जांच में यह पता चला था कि उनका शरीर निर्धारित स्तर से कहीं अधिक मात्रा में अमूमन पुरुषों में पाए जाने वाले हार्मोन का श्राव करता है. ओडिशा की रहने वाली दुती ने आईएएफ की हायपरएंड्रोजीनिज्म नीति को सीएएस में चुनौती दी थी. टिप्पणियां
सीएएस ने जुलाई 2015 में अंतरिम आदेश जारी करते हुए आईएएएफ की हायपरएंड्रोजीनिज्म ग्रस्त खिलाड़ियों को महिला वर्ग में न खेलने देने की नीति को अधीकतम दो साल के लिए खारिज कर दिया था. सीएएस ने कहा था कि आईएएएफ वैज्ञानिक तथ्य पेश करे कि इस पदार्थ का शरीर में तय मात्रा से ज्यादा होना और हायपरएंड्रोजीनिज्म ग्रस्त खिलाड़ियों द्वारा बेहतर प्रदर्शन करने के बीच कोई संबंध है. अपने इस आदेश के बाद सीएएस ने दुती को अगले दो साल तक सभी अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में खेलने की अनुमति दे दी थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, "इसी साल अगस्त में लंदन विश्व चैम्पियनशिप में दुती के हिस्सा लेने पर भी कोई परेशानी नहीं है. अगर वह क्वालीफाई कर पाती हैं तो वह हिस्सा ले सकती हैं." दुती को 2014 में भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने आईएएएफ की हायपरएंड्रोजीनिज्म नीति के तहत निलंबित कर दिया था, जब उनके स्वास्थ्य जांच में यह पता चला था कि उनका शरीर निर्धारित स्तर से कहीं अधिक मात्रा में अमूमन पुरुषों में पाए जाने वाले हार्मोन का श्राव करता है. ओडिशा की रहने वाली दुती ने आईएएफ की हायपरएंड्रोजीनिज्म नीति को सीएएस में चुनौती दी थी. टिप्पणियां
सीएएस ने जुलाई 2015 में अंतरिम आदेश जारी करते हुए आईएएएफ की हायपरएंड्रोजीनिज्म ग्रस्त खिलाड़ियों को महिला वर्ग में न खेलने देने की नीति को अधीकतम दो साल के लिए खारिज कर दिया था. सीएएस ने कहा था कि आईएएएफ वैज्ञानिक तथ्य पेश करे कि इस पदार्थ का शरीर में तय मात्रा से ज्यादा होना और हायपरएंड्रोजीनिज्म ग्रस्त खिलाड़ियों द्वारा बेहतर प्रदर्शन करने के बीच कोई संबंध है. अपने इस आदेश के बाद सीएएस ने दुती को अगले दो साल तक सभी अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में खेलने की अनुमति दे दी थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सीएएस ने जुलाई 2015 में अंतरिम आदेश जारी करते हुए आईएएएफ की हायपरएंड्रोजीनिज्म ग्रस्त खिलाड़ियों को महिला वर्ग में न खेलने देने की नीति को अधीकतम दो साल के लिए खारिज कर दिया था. सीएएस ने कहा था कि आईएएएफ वैज्ञानिक तथ्य पेश करे कि इस पदार्थ का शरीर में तय मात्रा से ज्यादा होना और हायपरएंड्रोजीनिज्म ग्रस्त खिलाड़ियों द्वारा बेहतर प्रदर्शन करने के बीच कोई संबंध है. अपने इस आदेश के बाद सीएएस ने दुती को अगले दो साल तक सभी अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में खेलने की अनुमति दे दी थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दुती चंद ने कहा, मेरा पूरा ध्यान चैंपियनशिप पर है
विवाद के कारण वर्ष 2015 मेरे लिए दुर्भाग्यशाली रहा
लिंग विवाद को खेल पंचाट में ले जा रहा है आईएएएफ | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: हॉलीवुड की सफल फिल्म 'मेन इन ब्लैक' के नायक विल स्मिथ ने 16 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता स्विटजरलैंड के अनुभवी खिलाड़ी रोजर फेडरर को मैड्रिड ओपन मास्टर्स टेनिस टूर्नामेंट का एकल खिताब जीतने पर एक नायाब तोहफा दिया है। स्मिथ ने फेडरर को 'मेन इन ब्लैक' ब्रांड का एक सुंदर सूट भेंट किया।टिप्पणियां
स्मिथ इन दिनों अपनी आगामी फिल्म 'मेन इन ब्लैक-3' के प्रोमोशन के लिए यूरोप में हैं। इस दौरान वह रविवार को मैड्रिड ओपन फाइनल देखने पहुंचे थे। उनके साथ उनकी पत्नी जेडा भी थीं। मैच के दौरान स्मिथ ने दर्शकों से स्पेनिश में बात की।
मैच के बाद स्मिथ ने फेडरर को सलीके से फ्रेम किया गया एक काले रंग का सूट तोहफे में दिया। इसे लेकर फेडरर काफी खुश नजर आए। दोनों ने सेंटर कोर्ट पर फोटोग्राफरों को पोज भी दिया। उल्लेखनीय है कि फेडरर ने रविवार को खेले गए फाइनल में चेक गणराज्य के टॉमस बर्डिच को 3-6, 7-5, 7-5 से हराया।
स्मिथ इन दिनों अपनी आगामी फिल्म 'मेन इन ब्लैक-3' के प्रोमोशन के लिए यूरोप में हैं। इस दौरान वह रविवार को मैड्रिड ओपन फाइनल देखने पहुंचे थे। उनके साथ उनकी पत्नी जेडा भी थीं। मैच के दौरान स्मिथ ने दर्शकों से स्पेनिश में बात की।
मैच के बाद स्मिथ ने फेडरर को सलीके से फ्रेम किया गया एक काले रंग का सूट तोहफे में दिया। इसे लेकर फेडरर काफी खुश नजर आए। दोनों ने सेंटर कोर्ट पर फोटोग्राफरों को पोज भी दिया। उल्लेखनीय है कि फेडरर ने रविवार को खेले गए फाइनल में चेक गणराज्य के टॉमस बर्डिच को 3-6, 7-5, 7-5 से हराया।
मैच के बाद स्मिथ ने फेडरर को सलीके से फ्रेम किया गया एक काले रंग का सूट तोहफे में दिया। इसे लेकर फेडरर काफी खुश नजर आए। दोनों ने सेंटर कोर्ट पर फोटोग्राफरों को पोज भी दिया। उल्लेखनीय है कि फेडरर ने रविवार को खेले गए फाइनल में चेक गणराज्य के टॉमस बर्डिच को 3-6, 7-5, 7-5 से हराया। | संक्षिप्त पाठ: विल स्मिथ ने 16 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता रोजर फेडरर को मैड्रिड ओपन मास्टर्स टेनिस टूर्नामेंट का खिताब जीतने पर 'मेन इन ब्लैक' ब्रांड का एक सुंदर सूट भेंट किया। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: संप्रग की प्रमुख सहयोगी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने आज रक्षा राज्यमंत्री एमएम पल्लम राजू के बयान पर आपत्ति जताते हुए केंद्र पर तमिलनाडु की भावनाओं से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। पल्लम राजू ने कहा था कि भारत श्रीलंकाई रक्षाकर्मियों को प्रशिक्षण देना जारी रखेगा।
द्रमुक प्रमुख एम करुणानिधि ने एक बयान में कहा, (राजू के) इस जवाब से समझा जा सकता है कि केंद्र तमिलनाडु और उसके लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचा रहा है। श्रीलंकाई रक्षाकर्मियों को प्रशिक्षण देने के मामले में तमिलनाडु में राजनैतिक पार्टियों के विरोध का सामना कर रहे राजू ने सोमवार को कहा था कि यह प्रशिक्षण जारी रहेगा।
राजू ने कहा था, श्रीलंका एक मित्र देश है और यह प्रशिक्षण जारी रहेगा। कई बार स्थानीय सरकारों द्वारा कुछ आपत्तियां जताई जाती हैं, जिन्हें हमें ध्यान में रखना होता है।
द्रमुख प्रमुख ने कहा कि लिट्टे के खिलाफ 2009 में लड़ाई के बाद श्रीलंका, चीन और पाकिस्तान को भारत से ज्यादा करीबी मित्र मान रहा था। 29 अगस्त को चीनी रक्षामंत्री के श्रीलंका आने का कार्यक्रम तय था। इसके अलावा एक उच्चस्तरीय चीनी प्रतिनिधिमंडल ने भी 15 सितंबर को वहां आना था। चीन ने श्रीलंका में 36 हजार करोड़ की 14 परियोजनाएं तो लगाई ही हैं, साथ ही उसने विमान खरीदने के लिए एक समझौता भी किया है।टिप्पणियां
यह कहते हुए करुणानिधि ने सवाल उठाया, भारत श्रीलंका को अपना मित्र कैसे बता सकता है, जबकि चीन उसे भारत से छह गुना ज्यादा मदद मुहैया करा रहा है। इस एकपक्षीय संबंध को दोस्ती कैसे कहा जा सकता है? राजू के बयान पर प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप की मांग करते हुए करुणानिधि ने कहा कि तमिलनाडु के वेलिंग्टन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे दो श्रीलंकाई अफसरों को वापस भेजा जाना चाहिए और यहां श्रीलंका के किसी रक्षाकर्मी का प्रशिक्षण नहीं होना चाहिए।
द्रमुक प्रमुख ने तमिलनाडु में विरोध के बावजूद श्रीलंकाई रक्षाकर्मियों के प्रशिक्षण को जारी रखने के लिए संप्रग सरकार की आलोचना की और कहा कि भारत को तुरंत ही ऐसे अभ्यास बंद करने चाहिए।
द्रमुक प्रमुख एम करुणानिधि ने एक बयान में कहा, (राजू के) इस जवाब से समझा जा सकता है कि केंद्र तमिलनाडु और उसके लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचा रहा है। श्रीलंकाई रक्षाकर्मियों को प्रशिक्षण देने के मामले में तमिलनाडु में राजनैतिक पार्टियों के विरोध का सामना कर रहे राजू ने सोमवार को कहा था कि यह प्रशिक्षण जारी रहेगा।
राजू ने कहा था, श्रीलंका एक मित्र देश है और यह प्रशिक्षण जारी रहेगा। कई बार स्थानीय सरकारों द्वारा कुछ आपत्तियां जताई जाती हैं, जिन्हें हमें ध्यान में रखना होता है।
द्रमुख प्रमुख ने कहा कि लिट्टे के खिलाफ 2009 में लड़ाई के बाद श्रीलंका, चीन और पाकिस्तान को भारत से ज्यादा करीबी मित्र मान रहा था। 29 अगस्त को चीनी रक्षामंत्री के श्रीलंका आने का कार्यक्रम तय था। इसके अलावा एक उच्चस्तरीय चीनी प्रतिनिधिमंडल ने भी 15 सितंबर को वहां आना था। चीन ने श्रीलंका में 36 हजार करोड़ की 14 परियोजनाएं तो लगाई ही हैं, साथ ही उसने विमान खरीदने के लिए एक समझौता भी किया है।टिप्पणियां
यह कहते हुए करुणानिधि ने सवाल उठाया, भारत श्रीलंका को अपना मित्र कैसे बता सकता है, जबकि चीन उसे भारत से छह गुना ज्यादा मदद मुहैया करा रहा है। इस एकपक्षीय संबंध को दोस्ती कैसे कहा जा सकता है? राजू के बयान पर प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप की मांग करते हुए करुणानिधि ने कहा कि तमिलनाडु के वेलिंग्टन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे दो श्रीलंकाई अफसरों को वापस भेजा जाना चाहिए और यहां श्रीलंका के किसी रक्षाकर्मी का प्रशिक्षण नहीं होना चाहिए।
द्रमुक प्रमुख ने तमिलनाडु में विरोध के बावजूद श्रीलंकाई रक्षाकर्मियों के प्रशिक्षण को जारी रखने के लिए संप्रग सरकार की आलोचना की और कहा कि भारत को तुरंत ही ऐसे अभ्यास बंद करने चाहिए।
राजू ने कहा था, श्रीलंका एक मित्र देश है और यह प्रशिक्षण जारी रहेगा। कई बार स्थानीय सरकारों द्वारा कुछ आपत्तियां जताई जाती हैं, जिन्हें हमें ध्यान में रखना होता है।
द्रमुख प्रमुख ने कहा कि लिट्टे के खिलाफ 2009 में लड़ाई के बाद श्रीलंका, चीन और पाकिस्तान को भारत से ज्यादा करीबी मित्र मान रहा था। 29 अगस्त को चीनी रक्षामंत्री के श्रीलंका आने का कार्यक्रम तय था। इसके अलावा एक उच्चस्तरीय चीनी प्रतिनिधिमंडल ने भी 15 सितंबर को वहां आना था। चीन ने श्रीलंका में 36 हजार करोड़ की 14 परियोजनाएं तो लगाई ही हैं, साथ ही उसने विमान खरीदने के लिए एक समझौता भी किया है।टिप्पणियां
यह कहते हुए करुणानिधि ने सवाल उठाया, भारत श्रीलंका को अपना मित्र कैसे बता सकता है, जबकि चीन उसे भारत से छह गुना ज्यादा मदद मुहैया करा रहा है। इस एकपक्षीय संबंध को दोस्ती कैसे कहा जा सकता है? राजू के बयान पर प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप की मांग करते हुए करुणानिधि ने कहा कि तमिलनाडु के वेलिंग्टन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे दो श्रीलंकाई अफसरों को वापस भेजा जाना चाहिए और यहां श्रीलंका के किसी रक्षाकर्मी का प्रशिक्षण नहीं होना चाहिए।
द्रमुक प्रमुख ने तमिलनाडु में विरोध के बावजूद श्रीलंकाई रक्षाकर्मियों के प्रशिक्षण को जारी रखने के लिए संप्रग सरकार की आलोचना की और कहा कि भारत को तुरंत ही ऐसे अभ्यास बंद करने चाहिए।
द्रमुख प्रमुख ने कहा कि लिट्टे के खिलाफ 2009 में लड़ाई के बाद श्रीलंका, चीन और पाकिस्तान को भारत से ज्यादा करीबी मित्र मान रहा था। 29 अगस्त को चीनी रक्षामंत्री के श्रीलंका आने का कार्यक्रम तय था। इसके अलावा एक उच्चस्तरीय चीनी प्रतिनिधिमंडल ने भी 15 सितंबर को वहां आना था। चीन ने श्रीलंका में 36 हजार करोड़ की 14 परियोजनाएं तो लगाई ही हैं, साथ ही उसने विमान खरीदने के लिए एक समझौता भी किया है।टिप्पणियां
यह कहते हुए करुणानिधि ने सवाल उठाया, भारत श्रीलंका को अपना मित्र कैसे बता सकता है, जबकि चीन उसे भारत से छह गुना ज्यादा मदद मुहैया करा रहा है। इस एकपक्षीय संबंध को दोस्ती कैसे कहा जा सकता है? राजू के बयान पर प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप की मांग करते हुए करुणानिधि ने कहा कि तमिलनाडु के वेलिंग्टन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे दो श्रीलंकाई अफसरों को वापस भेजा जाना चाहिए और यहां श्रीलंका के किसी रक्षाकर्मी का प्रशिक्षण नहीं होना चाहिए।
द्रमुक प्रमुख ने तमिलनाडु में विरोध के बावजूद श्रीलंकाई रक्षाकर्मियों के प्रशिक्षण को जारी रखने के लिए संप्रग सरकार की आलोचना की और कहा कि भारत को तुरंत ही ऐसे अभ्यास बंद करने चाहिए।
यह कहते हुए करुणानिधि ने सवाल उठाया, भारत श्रीलंका को अपना मित्र कैसे बता सकता है, जबकि चीन उसे भारत से छह गुना ज्यादा मदद मुहैया करा रहा है। इस एकपक्षीय संबंध को दोस्ती कैसे कहा जा सकता है? राजू के बयान पर प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप की मांग करते हुए करुणानिधि ने कहा कि तमिलनाडु के वेलिंग्टन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे दो श्रीलंकाई अफसरों को वापस भेजा जाना चाहिए और यहां श्रीलंका के किसी रक्षाकर्मी का प्रशिक्षण नहीं होना चाहिए।
द्रमुक प्रमुख ने तमिलनाडु में विरोध के बावजूद श्रीलंकाई रक्षाकर्मियों के प्रशिक्षण को जारी रखने के लिए संप्रग सरकार की आलोचना की और कहा कि भारत को तुरंत ही ऐसे अभ्यास बंद करने चाहिए।
द्रमुक प्रमुख ने तमिलनाडु में विरोध के बावजूद श्रीलंकाई रक्षाकर्मियों के प्रशिक्षण को जारी रखने के लिए संप्रग सरकार की आलोचना की और कहा कि भारत को तुरंत ही ऐसे अभ्यास बंद करने चाहिए। | संप्रग की प्रमुख सहयोगी द्रमुक ने आज रक्षा राज्यमंत्री एमएम पल्लम राजू के बयान पर आपत्ति जताते हुए केंद्र पर तमिलनाडु की भावनाओं से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। | 1 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के कलेक्टर एलेक्स पाल मेनन को माओवादी तीन मई को रिहा कर देंगे। माओवादियों ने मंगलवार की रात संवाददाताओं को भेजे एक संदेश में कहा है कि वह ताडमेटला गांव की जनता के सामने तीन मई को कलेक्टर एलेक्स पाल मेनन को अपने मध्यस्थ बीडी शर्मा और प्रोफेसर हरगोपाल को सौंप देंगे।
माओवादियों ने अपने संदेश में कहा है कि उनके मध्यस्थों बीडी शर्मा और प्रोफेसर हरगोपाल ने राज्य के विभिन्न जेलों में बंद माओवादियों को रिहा कराने के लिए राज्य सरकार के साथ समझौता किया है।
माओवादियों ने कहा है कि वह अपने मध्यस्थों के आभारी है जिन्होंने अपने स्तर पर बेहतरीन कार्य किया है।
उन्होंने कहा है कि वह तीन मई को कलेक्टर मेनन को ताडमेटला की जनता के सामने मध्यस्थों के हवाले करने के लिए तैयार है। छत्तीसगढ के सुकमा जिले के कलेक्टर एलेक्स पाल मेनन की रिहाई के लिए राज्य सरकार और माओवादियां के मध्यस्थों के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किया गया है। जिसके तहत राज्य की जेलों में बंद माओवादियों के मामलों की जांच और सुनवाई के लिए एक उच्चाधिकार समिति बनाई जाएगी।
इस समझौते के तहत नक्सलियों को कलेक्टर मेनन को दो मई को रिहा करना था। लेकिन माओवादियों ने संवाददाताओं को संदेश भेजकर मेनन को तीन मई को रिहा करने की बात कही है।
इधर मुख्यमंत्री रमन सिंह के प्रमुख सचिव एन बैजेंद्र कुमार ने भाषा के साथ बातचीत के दौरान कहा कि उन्हें मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी मिली है। तथा वह इसका स्वागत करते है। राज्य सरकार मेनन की सकुशल रिहाई का इंतजार कर रही है।टिप्पणियां
सुकमा जिले के कलेक्टर एलेक्स पाल मेनन का माओवादियों ने 21 अप्रैल को जिले के मांझीपारा गांव से अपहरण कर लिया था तथा उनके दो सुरक्षा कर्मियों को गोली मार दी थी। इसके बाद मेनन की रिहाई के लिए राज्य सरकार के मध्यस्थ मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव निर्मला बुच और छत्तीसगढ के पूर्व मुख्य सचिव एसके मिश्रा तथा माओवादियों की ओर से मध्यस्थ पूर्व प्रशासनिक अधिकारी बीडी शर्मा और प्रोफेसर हरगोपाल के बीच बातचीत शुरू की गई।
पांच दौर की लंबी बातचीत के बाद सोमवार को राज्य सरकार और माओवादियों के मध्यस्थों के बीच एक एमझौते पर हस्ताक्षर किया गया तथा कलेक्टर मेनन की रिहाई का रास्ता साफ हुआ।
माओवादियों ने अपने संदेश में कहा है कि उनके मध्यस्थों बीडी शर्मा और प्रोफेसर हरगोपाल ने राज्य के विभिन्न जेलों में बंद माओवादियों को रिहा कराने के लिए राज्य सरकार के साथ समझौता किया है।
माओवादियों ने कहा है कि वह अपने मध्यस्थों के आभारी है जिन्होंने अपने स्तर पर बेहतरीन कार्य किया है।
उन्होंने कहा है कि वह तीन मई को कलेक्टर मेनन को ताडमेटला की जनता के सामने मध्यस्थों के हवाले करने के लिए तैयार है। छत्तीसगढ के सुकमा जिले के कलेक्टर एलेक्स पाल मेनन की रिहाई के लिए राज्य सरकार और माओवादियां के मध्यस्थों के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किया गया है। जिसके तहत राज्य की जेलों में बंद माओवादियों के मामलों की जांच और सुनवाई के लिए एक उच्चाधिकार समिति बनाई जाएगी।
इस समझौते के तहत नक्सलियों को कलेक्टर मेनन को दो मई को रिहा करना था। लेकिन माओवादियों ने संवाददाताओं को संदेश भेजकर मेनन को तीन मई को रिहा करने की बात कही है।
इधर मुख्यमंत्री रमन सिंह के प्रमुख सचिव एन बैजेंद्र कुमार ने भाषा के साथ बातचीत के दौरान कहा कि उन्हें मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी मिली है। तथा वह इसका स्वागत करते है। राज्य सरकार मेनन की सकुशल रिहाई का इंतजार कर रही है।टिप्पणियां
सुकमा जिले के कलेक्टर एलेक्स पाल मेनन का माओवादियों ने 21 अप्रैल को जिले के मांझीपारा गांव से अपहरण कर लिया था तथा उनके दो सुरक्षा कर्मियों को गोली मार दी थी। इसके बाद मेनन की रिहाई के लिए राज्य सरकार के मध्यस्थ मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव निर्मला बुच और छत्तीसगढ के पूर्व मुख्य सचिव एसके मिश्रा तथा माओवादियों की ओर से मध्यस्थ पूर्व प्रशासनिक अधिकारी बीडी शर्मा और प्रोफेसर हरगोपाल के बीच बातचीत शुरू की गई।
पांच दौर की लंबी बातचीत के बाद सोमवार को राज्य सरकार और माओवादियों के मध्यस्थों के बीच एक एमझौते पर हस्ताक्षर किया गया तथा कलेक्टर मेनन की रिहाई का रास्ता साफ हुआ।
उन्होंने कहा है कि वह तीन मई को कलेक्टर मेनन को ताडमेटला की जनता के सामने मध्यस्थों के हवाले करने के लिए तैयार है। छत्तीसगढ के सुकमा जिले के कलेक्टर एलेक्स पाल मेनन की रिहाई के लिए राज्य सरकार और माओवादियां के मध्यस्थों के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किया गया है। जिसके तहत राज्य की जेलों में बंद माओवादियों के मामलों की जांच और सुनवाई के लिए एक उच्चाधिकार समिति बनाई जाएगी।
इस समझौते के तहत नक्सलियों को कलेक्टर मेनन को दो मई को रिहा करना था। लेकिन माओवादियों ने संवाददाताओं को संदेश भेजकर मेनन को तीन मई को रिहा करने की बात कही है।
इधर मुख्यमंत्री रमन सिंह के प्रमुख सचिव एन बैजेंद्र कुमार ने भाषा के साथ बातचीत के दौरान कहा कि उन्हें मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी मिली है। तथा वह इसका स्वागत करते है। राज्य सरकार मेनन की सकुशल रिहाई का इंतजार कर रही है।टिप्पणियां
सुकमा जिले के कलेक्टर एलेक्स पाल मेनन का माओवादियों ने 21 अप्रैल को जिले के मांझीपारा गांव से अपहरण कर लिया था तथा उनके दो सुरक्षा कर्मियों को गोली मार दी थी। इसके बाद मेनन की रिहाई के लिए राज्य सरकार के मध्यस्थ मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव निर्मला बुच और छत्तीसगढ के पूर्व मुख्य सचिव एसके मिश्रा तथा माओवादियों की ओर से मध्यस्थ पूर्व प्रशासनिक अधिकारी बीडी शर्मा और प्रोफेसर हरगोपाल के बीच बातचीत शुरू की गई।
पांच दौर की लंबी बातचीत के बाद सोमवार को राज्य सरकार और माओवादियों के मध्यस्थों के बीच एक एमझौते पर हस्ताक्षर किया गया तथा कलेक्टर मेनन की रिहाई का रास्ता साफ हुआ।
इस समझौते के तहत नक्सलियों को कलेक्टर मेनन को दो मई को रिहा करना था। लेकिन माओवादियों ने संवाददाताओं को संदेश भेजकर मेनन को तीन मई को रिहा करने की बात कही है।
इधर मुख्यमंत्री रमन सिंह के प्रमुख सचिव एन बैजेंद्र कुमार ने भाषा के साथ बातचीत के दौरान कहा कि उन्हें मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी मिली है। तथा वह इसका स्वागत करते है। राज्य सरकार मेनन की सकुशल रिहाई का इंतजार कर रही है।टिप्पणियां
सुकमा जिले के कलेक्टर एलेक्स पाल मेनन का माओवादियों ने 21 अप्रैल को जिले के मांझीपारा गांव से अपहरण कर लिया था तथा उनके दो सुरक्षा कर्मियों को गोली मार दी थी। इसके बाद मेनन की रिहाई के लिए राज्य सरकार के मध्यस्थ मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव निर्मला बुच और छत्तीसगढ के पूर्व मुख्य सचिव एसके मिश्रा तथा माओवादियों की ओर से मध्यस्थ पूर्व प्रशासनिक अधिकारी बीडी शर्मा और प्रोफेसर हरगोपाल के बीच बातचीत शुरू की गई।
पांच दौर की लंबी बातचीत के बाद सोमवार को राज्य सरकार और माओवादियों के मध्यस्थों के बीच एक एमझौते पर हस्ताक्षर किया गया तथा कलेक्टर मेनन की रिहाई का रास्ता साफ हुआ।
इधर मुख्यमंत्री रमन सिंह के प्रमुख सचिव एन बैजेंद्र कुमार ने भाषा के साथ बातचीत के दौरान कहा कि उन्हें मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी मिली है। तथा वह इसका स्वागत करते है। राज्य सरकार मेनन की सकुशल रिहाई का इंतजार कर रही है।टिप्पणियां
सुकमा जिले के कलेक्टर एलेक्स पाल मेनन का माओवादियों ने 21 अप्रैल को जिले के मांझीपारा गांव से अपहरण कर लिया था तथा उनके दो सुरक्षा कर्मियों को गोली मार दी थी। इसके बाद मेनन की रिहाई के लिए राज्य सरकार के मध्यस्थ मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव निर्मला बुच और छत्तीसगढ के पूर्व मुख्य सचिव एसके मिश्रा तथा माओवादियों की ओर से मध्यस्थ पूर्व प्रशासनिक अधिकारी बीडी शर्मा और प्रोफेसर हरगोपाल के बीच बातचीत शुरू की गई।
पांच दौर की लंबी बातचीत के बाद सोमवार को राज्य सरकार और माओवादियों के मध्यस्थों के बीच एक एमझौते पर हस्ताक्षर किया गया तथा कलेक्टर मेनन की रिहाई का रास्ता साफ हुआ।
सुकमा जिले के कलेक्टर एलेक्स पाल मेनन का माओवादियों ने 21 अप्रैल को जिले के मांझीपारा गांव से अपहरण कर लिया था तथा उनके दो सुरक्षा कर्मियों को गोली मार दी थी। इसके बाद मेनन की रिहाई के लिए राज्य सरकार के मध्यस्थ मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव निर्मला बुच और छत्तीसगढ के पूर्व मुख्य सचिव एसके मिश्रा तथा माओवादियों की ओर से मध्यस्थ पूर्व प्रशासनिक अधिकारी बीडी शर्मा और प्रोफेसर हरगोपाल के बीच बातचीत शुरू की गई।
पांच दौर की लंबी बातचीत के बाद सोमवार को राज्य सरकार और माओवादियों के मध्यस्थों के बीच एक एमझौते पर हस्ताक्षर किया गया तथा कलेक्टर मेनन की रिहाई का रास्ता साफ हुआ।
पांच दौर की लंबी बातचीत के बाद सोमवार को राज्य सरकार और माओवादियों के मध्यस्थों के बीच एक एमझौते पर हस्ताक्षर किया गया तथा कलेक्टर मेनन की रिहाई का रास्ता साफ हुआ। | संक्षिप्त सारांश: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के कलेक्टर एलेक्स पाल मेनन को माओवादी तीन मई को रिहा कर देंगे। | 8 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: योग गुरु बाबा रामदेव आमरण अनशन पर न बैठें इसके लिए सरकार ने एड़ी−चोटी का ज़ोर लगा दिया लेकिन बाबा अपने फ़ैसले से टस से मस नहीं हुए। सरकार के 4 बड़े−बड़े मंत्री भी उन्हें नहीं मना पाए हैं। करीब ढाई घंटे तक बाबा के साथ बैठक चली। दोनों पक्षों ने बैठक को पॉज़िटिव बताया लेकिन विदेशों से काला धन मंगाने पर अड़े रामदेव ने दोहराया है कि 4 जून से दिल्ली में सत्याग्रह होकर रहेगा। रामलीला मैदान महीने भर के लिए बुक है वहां बड़े−बड़े शामियाने लग रहे हैं 500 कूलर चलते रहेंगे रामदेव के लिए अलग इंतजाम है। एक एसी ICU भी तैयार हो रहा है। काले धन के ख़िलाफ़ योग गुरु बाबा रामदेव के अनशन और सत्याग्रह को शुरू होने में अब सिर्फ दो दिन बचे हैं। दिल्ली में योग गुरु के इस प्रयास को पूरा समर्थन मिल रहा है। बुधवार को दिल्ली के अशोक विहार इलाक़े में बाबा के सत्याग्रह के समथर्न में एक बैठक बुलाई गई जिसमें बाबा के हज़ारों समर्थक शामिल हुए। और इन्होंने लाखों रुपये का चेक बाबा रामदेव के सत्याग्रह को सफल बनाने के लिए दिया। बाबा के निकट सहयोगी बालकृष्ण ने लोगों से कहा कि भले ही सरकार बाबा रामदेव के अनशन को रोकने की कोशिश कर रही हो। लेकिन अब पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता। | सारांश: रामलीला मैदान महीने भर के लिए बुक है वहां बड़े−बड़े शामियाने लग रहे हैं 500 कूलर चलते रहेंगे रामदेव के लिए अलग इंतजाम है। | 5 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत-पाकिस्तान के बीच विश्व कप क्रिकेट सेमीफाइनल मैच देखने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा अपने पाकिस्तानी समकक्ष को न्योता दिए जाने के बाद शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने अब मोहाली स्टेडियम में पाकिस्तानी टीम के नमाज अदा करने पर ऐतराज जताया है। ठाकरे ने अपने मुखपत्र सामना में कहा है, पाकिस्तान टीम अपने कमरों में नमाज अदा कर सकती है, लेकिन मैदान पर ऐसा करके (मोहाली स्टेडियम में) उन्होंने धर्मयुद्ध का आह्वान किया है। शिवसेना प्रमुख ने कहा, टैंक, सेना, तोपखाना और मिसाइलें मोहाली में तैनात की गई हैं। क्या इनकी तैनाती महज मैच को लेकर है? ऐसी तैयारी तो अन्य मैचों के दौरान दिखाई नहीं देती। पाकिस्तानियों के लिए ही ऐसा क्यों होना चाहिए? गौरतलब है कि इससे पहले ठाकरे ने कहा था, यदि पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और वहां के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी मैच देखने के लिए शांति के नाम पर बुलाए जाते हैं, तो कसाब और अफजल गुरु के साथ अन्याय क्यों किया जाना चाहिए। शिवसेना भारत-पाक क्रिकेट संबंधों का यह कहते हुए विरोध कर रही है कि भारतीय सैनिक सीमा पर पाकिस्तानी से लड़ते हुए शहीद हो रहे हैं और इसलिए हमारे देश को पड़ोसी देश के साथ संबंध कायम नहीं करना चाहिए। | संक्षिप्त पाठ: बाल ठाकरे ने कहा है, पाकिस्तानी टीम अपने कमरों में नमाज अदा कर सकती है, लेकिन मैदान पर ऐसा करके उन्होंने धर्मयुद्ध का आह्वान किया है। | 22 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मध्य प्रदेश में आरटीआई कार्यकर्ता शहला मसूद हत्याकांड में भाजपा ने अपने राज्यसभा सदस्य तरुण विजय के बचाव में आते हुए कहा कि घटना से राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। भाजपा नेता राजीव प्रताप रूड़ी ने कहा, मुझे लगता है कि यह पूरी तरह बकवास है। यदि किसी की दोस्ती है या किसी वजह से समर्थन कर रहा है, इसका मतलब यह नहीं कि वह शामिल है। तरुण विजय पत्रकार रहे हैं और कई विषयों पर समर्थन जताते रहे हैं। यह दुखद घटना घटी। जिसमें जांच जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि तरुण विजय से पूछताछ करने का पुलिस का फैसला पार्टी के लिए शर्मिंदगी वाला नहीं है। किसी संसद सदस्य के खिलाफ आरोप मढ़ना गलत है। हत्याकांड में जांचकर्ता संसद सदस्य से भी सवाल जवाब कर सकते हैं। उन्होंने कहा, यह शर्मिंदगी की बात नहीं है। यह राजनीतिक हालात है जो बनाए गए हैं। वह बहुत सम्माननीय और मर्यादित हैं। हम उनकी पृष्ठभूमि और लोगों में उनके आधार को जानते हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: शहला मसूद हत्याकांड में भाजपा ने तरुण विजय के बचाव में आते हुए कहा कि घटना से राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। | 19 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रिलायंस जियो गीगाफाइबर (Reliance Jio GigaFiber) के साथ यूज़र्स को सिर्फ 600 रुपये प्रति माह में ब्रॉडबैंड-लैंडलाइन-टीवी की कॉम्बो सर्विस की सुविधा मिल सकती है। यह जानकारी एक मीडिया रिपोर्ट से सामने आई है। 1,000 रुपये तक में स्मार्ट होम नेटवर्क भी उपलब्ध कराया जाएगा। इस नेटवर्क से कम से कम 40 डिवाइस को कनेक्ट किया जा सकेगा। रिलायंस जियो ने पिछले साल अगस्त में Jio GigaFiber ब्रॉडबैंड सर्विस को लॉन्च किया था लेकिन अभी यह चुनिंदा क्षेत्रों में ही उपलब्ध है। Reliance Jio GigaFiber सब्सक्राइबर्स को 4,500 रुपये का वन-टाइम सिक्योरिटी डिपॉजिट देना होगा।
अभी जियो गीगाफाइबर प्रीव्यू ऑफर के अंतर्गत उपलब्ध है। यूज़र्स को हर माह 100 एमबी प्रति सेकेंड की स्पीड से 100 जीबी डेटा दिया जा रहा है। लाइवमिंट की रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस जियो (Reliance Jio) अपनी जियो गीगाफाइबर सर्विस के विस्तार की योजना बना रही है, इसके अलावा 600 रुपये प्रति माह में ब्रॉडबैंड-लैंडलाइन-टीवी की कॉम्बो सर्विस दी जाएगी। नई सर्विस के अंतर्गत सब्सक्राइबर्स को अनलिमिटेड वॉयस कॉल, 600 टीवी चैनल के साथ 100 एमबी प्रति सेकेंड की स्पीड वाली ब्रॉडबैंड सर्विस मिलेगी।
यह भी पढ़ें- Jio Gigafiber ब्रॉडबैंड कनेक्शन से जुड़े आपके सवाल और उनके जवाब...
जियो गीगाफाइबर के अंतर्गत लैंडलाइन और टीवी सर्विस को अगले तीन महीने तक उपलब्ध करा दिया जाएगा और यह सर्विस एक साल के लिए फ्री हो सकती है। कहा जा रहा है कि कॉम्बो सर्विस को ऑप्टिकल नेटवर्क टर्मिनल (ONT) राउटर के जरिए दिया जाएगा। राउटर से 40-45 डिवाइस ( मोबाइल फोन, स्मार्ट टीवी, लैपटॉप आदि) को कनेक्ट किया जा सकेगा। 40 अतिरिक्त डिवाइस को स्मार्ट होम नेटवर्क से कनेक्ट करने के लिए यूज़र को 1,000 रुपये तक का भुगतान करना पड़ सकता है।
पिछले महीने सामने आई एक रिपोर्ट में कहा गया था कि Reliance Jio अपने Jio GigaFiber के लिए ट्रिपल प्ले प्लान (Triple Play Plan) की टेस्टिंग कर रही है। कहा जा रहा था कि सिंगल मंथली पैकेज में ट्रिपल प्ले प्लान के साथ यूज़र को जियो गीगाफाइबर (Jio Gigafiber), जियो होम टीवी और जियो ऐप्स का एक्सेस दिया जाएगा। पिछले साल मई में भी यह जानकारी सामने आई थी कि जियो गीगाफाइबर के प्लान की कीमत 1,000 रुपये से कम हो सकती है।
याद करा दें कि Reliance Jio ने पिछले साल अगस्त में जियो गीगाफाइबर (Jio GigaFiber) ब्रॉडबैंड सर्विस को लॉन्च किया था। सर्विस को व्यवसायिक रूप से अभी लॉन्च नहीं किया गया लेकिन फिर भी चुनिंदा क्षेत्रों में 100 एमबी प्रति सेकेंड की स्पीड से 100 जीबी डेटा प्रति माह मुहैया कराया जा रहा है। रिलायंस जियो गीगाफाइबर सर्विस लेने के लिए 4,500 रुपये का सिक्योरिटी डिपॉजिट देना होगा जोकि रिफंडेबल है। | Reliance Jio दे सकती है ब्रॉडबैंड-लैंडलाइन-टीवी का कॉम्बो
लैंडलाइन और टीवी सर्विस को अगले तीन महीने तक उपलब्ध कराया जा सकता है
Jio Gigafiber के अंतगर्त प्रति माह 600 रुपये में मिल सकती कॉम्बो सर्विस | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बिहार के विभिन्न हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने से महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई। रविवार को अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि आकाशीय बिजली से औरंगाबाद जिले में छह, बांका में पांच, जमुई में तीन, सुपौल में दो लोगों की और भोजपुर, कटिहार, पटना, गया और रोहतास जिलों में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई और दर्जन भर से ज्यादा लोग घायल हो गए।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया, "आकशीय बिजली गिरने से औरंगाबाद में शनिवार की शाम मैंदान में खेल रहे चार बच्चों और रविवार को धान लगा रहे दो किसानों की मौत हो गई।"टिप्पणियां
रविवार को सुपौल में एक निजी विद्यालय परिसर में बिजली गिरने से प्रचार्य सहित दो लोगों की मौत हो गई और आधा दर्जन लोग घायल हो गए।
बिहार में मानसून सत्र के दौरान आकाशीय बिजली गिरना सामान्य है।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि आकाशीय बिजली से औरंगाबाद जिले में छह, बांका में पांच, जमुई में तीन, सुपौल में दो लोगों की और भोजपुर, कटिहार, पटना, गया और रोहतास जिलों में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई और दर्जन भर से ज्यादा लोग घायल हो गए।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया, "आकशीय बिजली गिरने से औरंगाबाद में शनिवार की शाम मैंदान में खेल रहे चार बच्चों और रविवार को धान लगा रहे दो किसानों की मौत हो गई।"टिप्पणियां
रविवार को सुपौल में एक निजी विद्यालय परिसर में बिजली गिरने से प्रचार्य सहित दो लोगों की मौत हो गई और आधा दर्जन लोग घायल हो गए।
बिहार में मानसून सत्र के दौरान आकाशीय बिजली गिरना सामान्य है।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया, "आकशीय बिजली गिरने से औरंगाबाद में शनिवार की शाम मैंदान में खेल रहे चार बच्चों और रविवार को धान लगा रहे दो किसानों की मौत हो गई।"टिप्पणियां
रविवार को सुपौल में एक निजी विद्यालय परिसर में बिजली गिरने से प्रचार्य सहित दो लोगों की मौत हो गई और आधा दर्जन लोग घायल हो गए।
बिहार में मानसून सत्र के दौरान आकाशीय बिजली गिरना सामान्य है।
रविवार को सुपौल में एक निजी विद्यालय परिसर में बिजली गिरने से प्रचार्य सहित दो लोगों की मौत हो गई और आधा दर्जन लोग घायल हो गए।
बिहार में मानसून सत्र के दौरान आकाशीय बिजली गिरना सामान्य है।
बिहार में मानसून सत्र के दौरान आकाशीय बिजली गिरना सामान्य है। | संक्षिप्त सारांश: बिहार के विभिन्न हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने से महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई। रविवार को अधिकारियों ने यह जानकारी दी। | 0 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पूर्व कप्तान कपिल देव को लगता है कि महेंद्र सिंह धोनी की टीम को इंग्लैंड के खिलाफ मैच जीतना चाहिए था और टीम की गेंदबाजी चिंता का विषय है। कपिल से जब भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, हम देख सकते हैं कि गेंदबाजी कमजोर है। मुझे यह कहने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, अगर आप गेंदबाजों की तुलना टीम के बल्लेबाजों से करें तो हां, निश्चित रूप से गेंदबाजी कमजोर है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे बिलकुल गेंदबाजी नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, ये वही गेंदबाज हैं जिन्होंने पिछले दो वर्षों में भारत को कई मैचों में जीत दिलायी है। बांग्लादेश और इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजी काफी शानदार थी लेकिन गेंदबाजों ने निराश किया। पहले मैच में भारतीय बल्लेबाजों ने 370 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था लेकिन बांग्लादेश ने 283 रन बनाकर बेहतरीन बल्लेबाजी प्रदर्शन किया। दूसरे मैच में इंग्लैंड ने कप्तान एंड्रयू स्ट्रास की अगुवाई में भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करते हुए मुकाबला टाई कराने में सफलता हासिल की थी। वर्ष 1983 विश्व कप विजेता टीम के कप्तान कपिल ने कहा, अगर आप पिछले दो मैचों में गेंदबाजी प्रदर्शन के बारे में बात करें तो हमारा गेंदबाजी प्रयास स्तरीय नहीं था। लेकिन अगर हमारे गेंदबाजों ने पहले दो मैचों में खराब गेंदबाजी की तो इसका मतलब यह नहीं है कि उन्होंने विकेट हासिल नहीं किये थे। कपिल ने कहा, पिछले दो साल में खेले गये मैचों में ये वही गेंदबाज थे जिन्होंने शानदार प्रदर्शन करके भारत के लिये कई मैच जीते हैं। मैं सचमुच उनकी आलोचना नहीं करना चाहता। हालांकि कपिल ने स्वीकार किया कि कुछ हद तक आलोचनायें तो होनी थी क्योंकि भारत को 338 रन का असंभव लक्ष्य बनाकर इंग्लैंड को परास्त करना चाहिए था। उन्होंने यहां एक कार्यक्रम के दौरान कहा, मैं आलोचना नहीं करना चाहता। लेकिन हां एक स्तर पर देखा जाये तो आपने 338 रन का लक्ष्य खड़ा किया और इसके बावजूद आप टाई ही कर सके। मेरा मतलब है कि इंग्लैंड ने बेहतरीन क्रिकेट खेला और मेरे हिसाब से वे जीत गये। 338 रन के बाद हमें हारना या मैच टाई नहीं कराना चाहिए था। मैं निराश था। | यह एक सारांश है: कपिल से जब गेंदबाजों के प्रदर्शन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, हम देख सकते हैं कि गेंदबाजी कमजोर है। मुझे यह कहने की जरूरत नहीं है। | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में रहने वाले एक 16 साल के लड़के को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि उसे अपनी एक फेसबुक पोस्ट के लिए 39 दिनों तक बाल सुधार गृह में रहना होगा. दरअसल, पूरा मामला पिछले साल अगस्त का है, जब पीड़ित लड़के ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के दिन अपने फेसबुक वॉल पर एक पोस्ट लिखा. इस पोस्ट में उसने अटल बिहारी वाजपेयी को बाबरी मस्जिद विध्वंस के लिए जिम्मेदार बताया था. लड़के का यह पोस्ट उस दौरान काफी वायरल हुआ औऱ बाद में पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. इस मामले की जांच के बाद पुलिस ने पहले लड़के को पकड़ा और उसे 39 दिनों तक हिरासत में रखा गया. इस घटना का लड़के के परिवार और खुद उसपर ऐसा प्रभाव पड़ा कि उसने औरउसके परिवार ने यह तय किया कि वह पत्रकार प्रशांत कनौजिया की गिरफ्तारी को लेकर फेसबुक पर कुछ भी नहीं लिखेंगे.
पिछले साल उस पोस्ट के वायरल होने के बाद पहले यूपी पुलिस मेरठ स्थित उसके गांव पहुंची. उसके परिवार से लड़के के बारे में पूछताछ की गई. चुकि लड़का पुलिस के पहुंचने से पहले ही दिल्ली आ गया था इस वजह से पुलिस ने उसके पिता को पूछताछ के लिए जेवर स्थित पुलिस थाने आने को कहा. बाद में इसकी सूचना लड़के को दी गई और आखिरकार लड़के ने अगले ही दिन पुलिस की पूछताछ में हिस्सा लिया. इसके बाद ही उसके पिता को थाने से छोड़ा गया.
एनडीटीवी से बातचीत में लड़के ने बताया कि उस दौरान मुझे पता चला था कि मेरे पोस्ट को आरएसएस और बजरंग दल वाले अपने-अपने फेसबुक पेज पर लगा रहे हैं और वायरल भी कर रहे हैं. पोस्ट लिखने के एक दिन बाद ही मुझे पता चला कि मेरे खिलाफ एक मुकदमा दर्ज कराया गया है. शिकायत हिंदू जागरण मंच द्वारा की गई थी.
पुलिस ने बाद में लड़के को दो समुदाय के बीच द्वेष फैलाने के आरोप में बाल सुधार गृह भेज दिया. साथ ही उसपर कई और चार्ज भी लगाए गए. पीड़ित लड़के के 23 वर्षीय भाई को भी अपने छोटे भाई की पोस्ट को शेयर करने की सजा दी गई. उसके खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया. हालांकि उसे बाद में जमानत मिल गई थी.
बाल सुधार गृह और हिरासत में रहकर निकल लड़के ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि मैं एक डॉक्टर बनना चाहता हूं. उसने बताया कि उसकी जिंदगी के वो 39 दिन काफी भयावक थे. मैं ऐसे परिवार से आता हूं जहां कोई नशा नहीं करता लेकिन हिरासत में मुझे ऐसे बच्चों के साथ रखा गया जहां हर कोई नशा कर रहा था. वहां का खाना भी उतना अच्छा नहीं था. जहां मुझे रखा गया था उस जगह मेरे अलावा जितने भी बच्चे थे वो सब नशा करते थे. उन्हें हर नशे की आदत लग चुकी थी. मैं NEET की तैयारी कर रहा था ताकि मैं डॉक्टर बन सकूं. लेकिन इस घटना ने मेरे करियर पर ही दाग सा लगा दिया है. अपने खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की वजह से अब डर लगता है कि क्या मैं डॉक्टर बन पाऊंगा.
हालांकि, इस घटना के बाद उसे सामाजिक तौर पर लोगों के बहिष्कार को झेलना पड़ा. और उसे इस बात का सबसे ज्यादा दुख है. मुझे इस घटना के बाद काफी लोगों का साथ मिला लेकिन मेरे दोस्तों की संख्या पहले की तुलना में काफी कम हो गई. पता नहीं कहां से इसे एक सांप्रदायिकता रूप दे दिया गया. वो लोग ऐसा सोचते हैं कि चुकि मैंने अटल बिहारी वाजपेयी जी के बारे में ऐसा लिखा इसलिए मैं एक कट्टर मुसलमान हूं. इससे बहुत दिक्कत हुई. हालांकि सोशल मीडिया पर जो मेरे दोस्त हैं उन्होंने मेरा पूरा साथ दिया. वो कहते हैं कि मैनें कुछ भी गलत नहीं किया है. मुझे मेरे गैर-मुसलमान दोस्तों ने पूरी तरह से छोड़ दिया है. वो मुझसे बात तक नहीं करते हैं. हालांकि कुछ स्कूल समय के दोस्त हैं जो बात करते हैं लेकिन ऐसे दोस्त भी कम ही हैं. | यहाँ एक सारांश है:अटल बिहारी वाजपेयी को लेकर किया था पोस्ट
डॉक्टर बनना चाहता है लड़का
पिछले साल का है पूरा मामला | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेट कप्तान वसीम अकरम का मानना है कि भारत को विश्व टी-20 चैंपियनशिप में तूफानी तेज गेंदबाजी की कमी खल रही है। उन्होंने साथ ही कहा कि जहीर खान के खराब फॉर्म को देखते हुए भारत को सुपर-8 के बाकी बचे मैचों में अशोक डिंडा को मौका देना चाहिए।
बकौल अकरम, निश्चित तौर पर भारत को तूफानी तेज गेंदबाज की कमी खल रही है। उन्होंने कहा, देखिए पैट कमिंस और मिशेल स्टार्क ने किस तरह से कोलंबो की धीमी पिच पर भी प्रभाव छोड़ा। अशोक डिंडा को मौका देना कैसा रहेगा? वह 140 किमी प्रति घंटा के आसपास की रफ्तार से गेंदबाजी करता है। उसकी लाइन और लेंग्थ अच्छी है और वह धीमी गेंद का इस्तेमाल चतुराई से करता है।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहने के बाद जहीर खान दबाव में है। भारत को अपने पहले सुपर-8 मैच में ऑस्ट्रेलिया के हाथों नौ विकेट की हार का सामना करना पड़ा था और उसे 'करो या मरो' के मुकाबले में रविवार को पाकिस्तान के खिलाफ खेलना है। टिप्पणियां
अकरम ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ करारी शिकस्त के बावजूद भारतीय टीम पाकिस्तान के खिलाफ पूरी ताकत के साथ वार करने की कोशिश करेगी।
अकरम ने कहा, मुझे यकीन है कि धोनी अपने बल्लेबाजी क्रम की कमी को दूर कर लेगा। टीम के मनोबल पर भले ही असर पड़ा हो, लेकिन यह तथ्य कि उसे रविवार को पाकिस्तान का सामना करना है, भारत में नई जान भर देगा। उन्होंने कहा, यही भारत बनाम पाकिस्तान मुकाबलों का जादू है। यह टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ मैच होगा और दोनों टीमें कौशल और दिमागी द्वंद्व के इस मैच में नई शुरुआत करेंगी।
बकौल अकरम, निश्चित तौर पर भारत को तूफानी तेज गेंदबाज की कमी खल रही है। उन्होंने कहा, देखिए पैट कमिंस और मिशेल स्टार्क ने किस तरह से कोलंबो की धीमी पिच पर भी प्रभाव छोड़ा। अशोक डिंडा को मौका देना कैसा रहेगा? वह 140 किमी प्रति घंटा के आसपास की रफ्तार से गेंदबाजी करता है। उसकी लाइन और लेंग्थ अच्छी है और वह धीमी गेंद का इस्तेमाल चतुराई से करता है।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहने के बाद जहीर खान दबाव में है। भारत को अपने पहले सुपर-8 मैच में ऑस्ट्रेलिया के हाथों नौ विकेट की हार का सामना करना पड़ा था और उसे 'करो या मरो' के मुकाबले में रविवार को पाकिस्तान के खिलाफ खेलना है। टिप्पणियां
अकरम ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ करारी शिकस्त के बावजूद भारतीय टीम पाकिस्तान के खिलाफ पूरी ताकत के साथ वार करने की कोशिश करेगी।
अकरम ने कहा, मुझे यकीन है कि धोनी अपने बल्लेबाजी क्रम की कमी को दूर कर लेगा। टीम के मनोबल पर भले ही असर पड़ा हो, लेकिन यह तथ्य कि उसे रविवार को पाकिस्तान का सामना करना है, भारत में नई जान भर देगा। उन्होंने कहा, यही भारत बनाम पाकिस्तान मुकाबलों का जादू है। यह टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ मैच होगा और दोनों टीमें कौशल और दिमागी द्वंद्व के इस मैच में नई शुरुआत करेंगी।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहने के बाद जहीर खान दबाव में है। भारत को अपने पहले सुपर-8 मैच में ऑस्ट्रेलिया के हाथों नौ विकेट की हार का सामना करना पड़ा था और उसे 'करो या मरो' के मुकाबले में रविवार को पाकिस्तान के खिलाफ खेलना है। टिप्पणियां
अकरम ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ करारी शिकस्त के बावजूद भारतीय टीम पाकिस्तान के खिलाफ पूरी ताकत के साथ वार करने की कोशिश करेगी।
अकरम ने कहा, मुझे यकीन है कि धोनी अपने बल्लेबाजी क्रम की कमी को दूर कर लेगा। टीम के मनोबल पर भले ही असर पड़ा हो, लेकिन यह तथ्य कि उसे रविवार को पाकिस्तान का सामना करना है, भारत में नई जान भर देगा। उन्होंने कहा, यही भारत बनाम पाकिस्तान मुकाबलों का जादू है। यह टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ मैच होगा और दोनों टीमें कौशल और दिमागी द्वंद्व के इस मैच में नई शुरुआत करेंगी।
अकरम ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ करारी शिकस्त के बावजूद भारतीय टीम पाकिस्तान के खिलाफ पूरी ताकत के साथ वार करने की कोशिश करेगी।
अकरम ने कहा, मुझे यकीन है कि धोनी अपने बल्लेबाजी क्रम की कमी को दूर कर लेगा। टीम के मनोबल पर भले ही असर पड़ा हो, लेकिन यह तथ्य कि उसे रविवार को पाकिस्तान का सामना करना है, भारत में नई जान भर देगा। उन्होंने कहा, यही भारत बनाम पाकिस्तान मुकाबलों का जादू है। यह टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ मैच होगा और दोनों टीमें कौशल और दिमागी द्वंद्व के इस मैच में नई शुरुआत करेंगी।
अकरम ने कहा, मुझे यकीन है कि धोनी अपने बल्लेबाजी क्रम की कमी को दूर कर लेगा। टीम के मनोबल पर भले ही असर पड़ा हो, लेकिन यह तथ्य कि उसे रविवार को पाकिस्तान का सामना करना है, भारत में नई जान भर देगा। उन्होंने कहा, यही भारत बनाम पाकिस्तान मुकाबलों का जादू है। यह टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ मैच होगा और दोनों टीमें कौशल और दिमागी द्वंद्व के इस मैच में नई शुरुआत करेंगी। | पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेट कप्तान वसीम अकरम का मानना है कि जहीर खान के खराब फॉर्म को देखते हुए भारत को सुपर-8 के बाकी बचे मैचों में अशोक डिंडा को मौका देना चाहिए। | 1 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भ्रष्टाचार के खिलाफ अनशन कर रहे योग गुरु की सेहत में अब पहले के मुकाबले सुधार है। अब वह गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) से बाहर हैं। हिमालयन अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसएल जेठानी ने बाबा रामदेव के आईसीयू से बाहर किए जाने की जानकारी दी। बाबा को ग्लूकोज चढ़ाया गया, जिसके बाद उनकी हालत में सुधार आया। रामदेव अब बातचीत भी कर रहे हैं। इससे पहले जेठानी ने कहा, रामदेव के यकृत में थोड़ी गड़बड़ी आई थी लेकिन गुर्दा सामान्य रूप से काम कर रहा है। वह होश में हैं। उनका रक्तचाप 110-78 है और नाड़ी की गति 60 है। उन्होंने कहा, वह बात कर रहे हैं और कोई दिक्कत नहीं है। उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जीएस मार्तोलिया ने कहा कि 46 वर्षीय योग गुरु को अस्पताल लाने के तुरंत बाद आईसीयू में भर्ती कराया गया जहां चिकित्सकों की दो टीम ने उनका परीक्षण किया। चिकित्सकों ने कहा कि रामदेव को नस के जरिये ग्लूकोज और सामान्य सलाइन दिया जा रहा है जिसके बाद उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है। हरिद्वार में पतंजलि योगपीठ से 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित देहरादून के अस्पताल में उन्हें शाम चार बजे लाया गया। योगपीठ में वह भ्रष्टाचार और विदेशों में जमा काले धन को वापस लाने के मुद्दे पर अनशन कर रहे हैं। | संक्षिप्त सारांश: भ्रष्टाचार के खिलाफ अनशन कर रहे योग गुरु की सेहत में अब पहले के मुकाबले सुधार है। अब वह गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) से बाहर हैं। | 10 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली भाभरा के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सहजता के मंगलवार को उस वक्त कायल हो गये, जब उन्होंने एक छोटे से आग्रह पर सरकारी औपचारिकताओं को दरकिनार करते हुये अपना काफिला रुकवाया और बोहरा समुदाय के लोगों का आत्मीय स्वागत कबूल किया।
तगड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच मोदी का काफिला जब चंद्रशेखर आजाद नगर (पुराना नाम भाभरा) की तंग गलियों से गुजरा, तो लोग प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए अपने घरों के बाहर खड़े हो गये। इस बीच बोहरा समाज के कुछ लोगों ने मोदी के काफिले के आगे खड़े होकर उनके स्वागत में हाथ हिलाया और उनसे रुकने का अनुरोध किया।
मोदी ने इस अनुरोध को स्वीकारते हुये अपनी काले रंग की गाड़ी रुकवाई। वह गाड़ी से उतरे और बोहरा समुदाय की ओर से भेंट की गई शॉल कबूल की ।
मोदी '70 साल आजादी-याद करो कुर्बानी' अभियान की शुरुआत के लिए आजाद की जन्मस्थली पहुंचे थे। उन्होंने भाभरा में आजाद के स्मारक पहुंचकर अमर शहीद को श्रद्धा सुमन अर्पित किये। मोदी, आजाद की जन्मस्थली पहुंचने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री हैं । टिप्पणियां
मध्य प्रदेश की मौजूदा भाजपा सरकार ने अमर शहीद के सम्मान में करीब 15,000 की आबादी वाले भाभरा कस्बे का नाम बदलकर चंद्रशेखर आजाद नगर कर दिया था। इसके साथ ही, उस झोपड़ी को स्मारक में तब्दील कर दिया था जहां 23 जुलाई, 1906 को आजाद ने जन्म लिया था। मोदी के आगमन के मद्देनजर इस स्मारक को खास तौर पर सजाया गया था।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
तगड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच मोदी का काफिला जब चंद्रशेखर आजाद नगर (पुराना नाम भाभरा) की तंग गलियों से गुजरा, तो लोग प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए अपने घरों के बाहर खड़े हो गये। इस बीच बोहरा समाज के कुछ लोगों ने मोदी के काफिले के आगे खड़े होकर उनके स्वागत में हाथ हिलाया और उनसे रुकने का अनुरोध किया।
मोदी ने इस अनुरोध को स्वीकारते हुये अपनी काले रंग की गाड़ी रुकवाई। वह गाड़ी से उतरे और बोहरा समुदाय की ओर से भेंट की गई शॉल कबूल की ।
मोदी '70 साल आजादी-याद करो कुर्बानी' अभियान की शुरुआत के लिए आजाद की जन्मस्थली पहुंचे थे। उन्होंने भाभरा में आजाद के स्मारक पहुंचकर अमर शहीद को श्रद्धा सुमन अर्पित किये। मोदी, आजाद की जन्मस्थली पहुंचने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री हैं । टिप्पणियां
मध्य प्रदेश की मौजूदा भाजपा सरकार ने अमर शहीद के सम्मान में करीब 15,000 की आबादी वाले भाभरा कस्बे का नाम बदलकर चंद्रशेखर आजाद नगर कर दिया था। इसके साथ ही, उस झोपड़ी को स्मारक में तब्दील कर दिया था जहां 23 जुलाई, 1906 को आजाद ने जन्म लिया था। मोदी के आगमन के मद्देनजर इस स्मारक को खास तौर पर सजाया गया था।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मोदी ने इस अनुरोध को स्वीकारते हुये अपनी काले रंग की गाड़ी रुकवाई। वह गाड़ी से उतरे और बोहरा समुदाय की ओर से भेंट की गई शॉल कबूल की ।
मोदी '70 साल आजादी-याद करो कुर्बानी' अभियान की शुरुआत के लिए आजाद की जन्मस्थली पहुंचे थे। उन्होंने भाभरा में आजाद के स्मारक पहुंचकर अमर शहीद को श्रद्धा सुमन अर्पित किये। मोदी, आजाद की जन्मस्थली पहुंचने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री हैं । टिप्पणियां
मध्य प्रदेश की मौजूदा भाजपा सरकार ने अमर शहीद के सम्मान में करीब 15,000 की आबादी वाले भाभरा कस्बे का नाम बदलकर चंद्रशेखर आजाद नगर कर दिया था। इसके साथ ही, उस झोपड़ी को स्मारक में तब्दील कर दिया था जहां 23 जुलाई, 1906 को आजाद ने जन्म लिया था। मोदी के आगमन के मद्देनजर इस स्मारक को खास तौर पर सजाया गया था।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मोदी '70 साल आजादी-याद करो कुर्बानी' अभियान की शुरुआत के लिए आजाद की जन्मस्थली पहुंचे थे। उन्होंने भाभरा में आजाद के स्मारक पहुंचकर अमर शहीद को श्रद्धा सुमन अर्पित किये। मोदी, आजाद की जन्मस्थली पहुंचने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री हैं । टिप्पणियां
मध्य प्रदेश की मौजूदा भाजपा सरकार ने अमर शहीद के सम्मान में करीब 15,000 की आबादी वाले भाभरा कस्बे का नाम बदलकर चंद्रशेखर आजाद नगर कर दिया था। इसके साथ ही, उस झोपड़ी को स्मारक में तब्दील कर दिया था जहां 23 जुलाई, 1906 को आजाद ने जन्म लिया था। मोदी के आगमन के मद्देनजर इस स्मारक को खास तौर पर सजाया गया था।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मध्य प्रदेश की मौजूदा भाजपा सरकार ने अमर शहीद के सम्मान में करीब 15,000 की आबादी वाले भाभरा कस्बे का नाम बदलकर चंद्रशेखर आजाद नगर कर दिया था। इसके साथ ही, उस झोपड़ी को स्मारक में तब्दील कर दिया था जहां 23 जुलाई, 1906 को आजाद ने जन्म लिया था। मोदी के आगमन के मद्देनजर इस स्मारक को खास तौर पर सजाया गया था।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: पीएम मोदी बोहरा समुदाय के लोगों के आग्रह पर रुके
उनकी तरफ से भेंट की गई शॉल कबूल की
उस दौरान सरकारी औपचारिकताओं को दरकिनार किया | 5 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: गोडसे पर दिए गए बयान के मामले में भोपाल से बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर एक बार फिर लोकसभा में माफी मांगी है. अपना बयान पढ़ते हुए प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि उन्होंने नाथूराम गोडसे को देशभक्त नहीं कहा है लेकिन अगर फिर भी किसी को ठेस पहुंची है तो वह माफी मांगती हैं. इससे पहले प्रज्ञा ठाकुर ने महात्मा गांधी के हत्यारे गोडसे को देशभक्त बताने वाले अपने बयान पर लोकसभा में सफाई दी और कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया. प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि मेरे बयान को गलत ढंग से प्रस्तुत किया गया. मैं महात्मा गांधी का सम्मान करती हूं. इसके साथ ही उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और कहा कि मुझे अदालत ने दोषी करार नहीं दिया है, लेकिन मुझे खुलेआम आतंकवादी कहा गया. यह कानूनन अपराध है और एक महिला के नाते मेरी गरिमा का अपमान है और बीजेपी सांसद ने राहुल गांधी विशेषाधिकारी हनन का भी शिकायत भी की है. वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि वह लोकसभा में विवादित बयान देने वाली भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह को 'आतंकवादी' बताने वाली अपनी टिप्पणी पर कायम हैं. उन्होंने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, गोडसे भी हिंसा का प्रयोग करता था और यह (प्रज्ञा) भी हिंसा का प्रयोग करती हैं.' यह पूछे जाने पर क्या वह प्रज्ञा को 'आतंकवादी' बताने वाली टिप्पणी पर कायम हैं तो गांधी ने कहा, 'हां! जो मैंने ट्वीट पर लिखा है, उस पर कायम हूं.' | संक्षिप्त पाठ: प्रज्ञा ठाकुर ने लोकसभा में दोबारा माफी मांगी
कहा- मैंने नाथूराम गोडसे को देशभक्त नहीं कहा
प्रज्ञा ठाकुर के बयान पर संसद में हंगामा | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भाजपा के वरिष्ठ नेता सैयद शाहनवाज़ हुसैन (Shahnawaz Hussain) ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा दिए जाने का विरोध करते हुए 'मुस्लिम बुद्धिजीवियों' पर निशाना साधा और कहा कि अनुच्छेद 35 ए (Article 35A) 'इस्लाम के खिलाफ' था. पूर्वी चंपारण जिला मुख्यालय मोतिहारी में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता हुसैन ने आरोप लगाया कि निरस्त संवैधानिक प्रावधान ने जम्मू-कश्मीर के बाहर के किसी व्यक्ति से शादी करने की स्थिति में पैतृक संपत्ति पर महिला के अधिकार को छीन लिया था, जो शरिया के खिलाफ था. उन्होंने कहा कि जो मुस्लिम बुद्धिजीवी जम्मू-कश्मीर को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार की कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं और इसे हिंदू बनाम मुस्लिम मुद्दा बना रहे हैं, उनसे एक सवाल है कि क्या उन्हें लगता है कि अनुच्छेद 35 ए इस्लाम के शरिया कानून के अनुसार था.
प्रवर्तन निदेशालय ने नक्सली कमांडरों की दो करोड़ 89 लाख रूपये की जब्त की संपत्ति
हुसैन ने कहा कि शरिया कानून के अनुसार एक बच्ची को उसके माता-पिता से विरासत में मिली संपत्ति पर उसके अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता है. लेकिन अनुच्छेद 35ए ने उसे शर्तिया बना दिया था. निश्चित रूप से संविधान द्वारा प्रदत्त समानता के अधिकार के उल्लंघन के अलावा यह इस्लाम के उसूलों के खिलाफ था.
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मुस्लिम बुद्धिजीवियों को इस मुद्दे पर आत्मनिरीक्षण करना चाहिए. पूरे देश में एनआरसी लागू करने के केंद्रीय मंत्री अमित शाह के बयान का बचाव करते हुए कि हुसैन ने पूछा कि लोगों को इससे क्या समस्या है. उन्होंने कहा कि दुनिया का कोई भी देश अवैध रूप से अपनी सीमाओं को पार करने वाले लोगों को बर्दाश्त नहीं करता है.
हम भारत में अवैध आव्रजन की अनुमति देने की उम्मीद नहीं कर सकते हैं. भाजपा नेता ने अगले साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में मान्यता देने के मुद्दे पर अपनी पार्टी के राज्य स्तरीय नेताओं और जदयू के बीच हालिया विवाद को तूल नहीं देने पर जोर दिया.
गोवा में आज GST काउंसिल की बैठक, क्या ऑटो सेक्टर को मंदी से उबारने के लिए कर सकती है टैक्स कटौती?
उन्होंने कहा कि भाजपा अभी महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड में विधानसभा चुनावों की तैयारी में व्यस्त है और संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्री पार्टी का चेहरा हैं. हुसैन ने कहा कि ऐसा पहली बार होने जा रहा है जब कोई अमेरिकी राष्ट्रपति अपनी धरती पर भारतीय प्रधानमंत्री के साथ मंच साझा करेंगे. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीत भारत के बढ़े हुए अंतरराष्ट्रीय दबदबे को दिखाता है. हमें इस पर गर्व होना चाहिए. | यहाँ एक सारांश है:इस्लाम के खिलाफ था अनुच्छेद 35A- शाहनवाज हुसैन
मुस्लिम बुद्धिजीवी इसे हिंदू बनाम मुस्लिम मुद्दा बना रहे हैं- हुसैन
बुद्धिजीवियों को इस मुद्दे पर आत्मनिरीक्षण करना चाहिए- हुसैन | 18 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने राहुल द्रविड़ को विवादास्पद तरीके से आउट दिए जाने के बाद निर्णय समीक्षा प्रणाली (डीआरएस) की सटीकता पर सवाल उठाए। द्रविड़ को तीसरे अंपायर ने आउट दे दिया था, जबकि टीवी रीप्ले से साफ लग रहा था कि गेंद उनके बल्ले से लगकर नहीं गई है। धोनी ने इंग्लैंड के खिलाफ शनिवार को बारिश के कारण रद्द कर दिए गए मैच के प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, इस फैसले को लेकर कुछ बातें साफ थी। हॉट स्पॉट में कोई निशान नहीं था। देखने पर भी नहीं लग रहा था कि गेंद बल्ले से लगी है और अंपायर ने भी नॉट आउट दिया था। इस तरह के मामलों में बल्लेबाज को संदेह का लाभ मिलता है। उन्होंने कहा, मैं अब भी समझ नहीं पा रहा हूं कि उन्हें कैसे आउट दिया गया। क्या इसके लिये स्निकोमीटर की मदद ली गई? क्या स्निको के उपयोग की अनुमति है? क्या ऑडियो टेक्नीशियन की मदद ली गई? या तीसरे अंपायर ने उन्हें आउट दे दिया। इस तरह के कई सवाल पूछे जा सकते हैं। बल्लेबाज को संदेह का लाभ क्यों नहीं दिया गया। इसके अलावा धोनी भारतीय टीम में चोटिल खिलाड़ियों की बढ़ती संख्या से भी चिंतित हैं। सचिन तेंदुलकर और रोहित शर्मा इस सूची में जुड़ने वाले नए नाम हैं। उन्होंने कहा, शुरू में मैंने कहा था कि जो कुछ हुआ उसका हम कुछ नहीं कर सकते, लेकिन उसके बाद लगातार चोटिल खिलाड़ियों की संख्या बढ़ रही है। तेंदुलकर की दाहिने पांव की अंगुलियों में जलन है, तो रोहित भारतीय पारी के दौरान चोटिल हो गए थे। उनके दायें पांव की अंगुली में फ्रैक्चर हो गया है। धोनी ने पुष्टि की कि टीम ने रोहित के स्थान पर नए खिलाड़ी को भेजने के लिये कहा है। दायें हाथ का यह बल्लेबाज पूरी शृंखला में नहीं खेल पाएगा। उन्होंने कहा, रोहित विशेषज्ञ चिकित्सक के पास जाएगा और यह तय है कि वह इस शृंखला में आगे नहीं खेल पाएगा। तेंदुलकर भी विशेषज्ञ के पास जाएंगे। उनकी चोट पुरानी है, जो उभर गई है। उन्होंने पिछली शाम को हमारे साथ अभ्यास किया, लेकिन सुबह वह फिट नहीं थे। धोनी ने कहा, इस शृंखला में काफी कुछ घटा है। अब यही (मैच रद्द होना) बचा था। उनके लिए 12 ओवर में 130 रन बनाना मुश्किल होता। यह मुश्किल लक्ष्य था, क्योंकि हमने पहले सात ओवर में अच्छी गेंदबाजी की थी। भारतीय कप्तान ने 50 ओवर में सात विकेट पर 274 रन बनाने के लिए अपने शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, सलामी बल्लेबाजों ने अच्छी बल्लेबाजी की। नई गेंद की चमक उतारना महत्वपूर्ण था। साल के इस समय में शुरू में वह स्विंग लेती है। हम अच्छी साझेदारियां चाहते थे। रहाणे के आउट होने के बाद पार्थिव ने सुनिश्चित किया कि वह कुछ भागीदारियां निभाएंगे, जिससे निचले क्रम के बल्लेबाज तेजी से रन बना सकें। | संक्षिप्त पाठ: भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने राहुल द्रविड़ को विवादास्पद तरीके से आउट दिए जाने के बाद डीआरएस की सटीकता पर सवाल उठाए। | 30 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सलामी बल्लेबाज टॉम लाथम के करियर की सर्वश्रेष्ठ 137 रन की पारी के बाद जिमी नीशाम और लोकी फर्ग्युसन की धारदार गेंदबाजी से न्यूजीलैंड ने पहले वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट मैच में आज यहां बांग्लादेश को 77 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई. न्यूजीलैंड ने लैथम और कोलिन मुनरो (87) के बीच पांचवें विकेट की 158 रन की साझेदारी की बदौलत सात विकेट पर 341 रन बनाए. इसके जवाब में बांग्लादेश ने नीशाम (36 रन पर तीन विकेट) और फर्ग्युसन (54 रन पर तीन विकेट) की उम्दा गेंदबाजी के सामने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए और साकिब अल हसन (59), मोसादेक हुसैन (नाबाद 50) और मुशफिकुर रहीम (42) की पारियों के बावजूद टीम 44.5 ओवर में 264 रन पर ढेर हो गई.
न्यूजीलैंड की ओर से टिम साउथी ने भी 63 रन देकर दो विकेट चटकाए. बांग्लादेश की शुरुआत काफी खराब रही और उसने 81 रन पर ही चार विकेट गंवा दिए थे. साकिब और मुशफिकुर ने इसके बाद पांचवें विकेट के लिए 63 रन जोड़कर पारी को संभाला. साकिब ने आक्रामक रवैया अपनाया और इस साझेदारी में 47 रन जोड़े. साकिब अपना अर्धशतक पूरा करने के बाद फर्ग्युसन की गेंद पर साउथी को कैच दे बैठे. उन्होंने 54 गेंद का सामना करते हुए पांच चौके और दो छक्के मारे. मुशफिकुर 42 रन बनाने के बाद रिटायर हर्ट हुए. निचले क्रम में मोसादेक हुसैन ने उम्दा पारी खेली लेकिन टीम को जीत नहीं दिला पाए.
इससे पहले लाथम 47 ओवर से अधिक समय तक क्रीज पर डटे रहे और उन्होंने 121 गेंद की अपनी पारी में चार छक्के और सात चौके मारे. न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसले करने के बाद अच्छी गति से रन बनाए लेकिन शीर्ष क्रम में किसी ने भी लाथम का लंबा साथ नहीं निभाया. मार्टिन गुप्टिल ने एक छक्का और चौका जड़ा लेकिन सिर्फ 15 रन बनाने के बाद मुस्तफिजुर रहमान की धीमी गेंद पर मिड ऑफ पर सौम्य सरकार को कैच दे बैठे. कप्तान विलियमसन 31 रन बनाने के बाद तास्किन अहमद का शिकार बने जबकि नील ब्रूम (22) भी अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल पाए. जिमी नीशाम जब 28वें ओवर में पेवेलियन लौटे तो टीम का स्कोर चार विकेट पर 158 रन हो गया.टिप्पणियां
लाथम और मुनरो ने इसके बाद टीम का स्कोर 300 रन के पार पहुंचाया. साकिब अल हसन ने मुनरो को आउट करके इस साझेदारी को तोड़ा. मुनरो ने 61 गेंद की अपनी पारी के दौरान आठ चौके और चार छक्के मारे. लाथम ने इस दौरान 110 रन के अपने सर्वश्रेष्ठ स्कोर को पीछे छोड़ा जो उन्होंने पिछले साल जिंबाब्वे के खिलाफ बनाया था. वह अंतत: 48वें ओवर में मुस्तफिजुर की गेंद पर विकेटकीपर मुशफिकुर रहमान को कैच दे बैठे. बांग्लादेश की ओर से साकिब ने 69 रन देकर तीन जबकि मुस्तफिजुर और तास्किन ने दो-दो विकेट चटकाए.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
न्यूजीलैंड की ओर से टिम साउथी ने भी 63 रन देकर दो विकेट चटकाए. बांग्लादेश की शुरुआत काफी खराब रही और उसने 81 रन पर ही चार विकेट गंवा दिए थे. साकिब और मुशफिकुर ने इसके बाद पांचवें विकेट के लिए 63 रन जोड़कर पारी को संभाला. साकिब ने आक्रामक रवैया अपनाया और इस साझेदारी में 47 रन जोड़े. साकिब अपना अर्धशतक पूरा करने के बाद फर्ग्युसन की गेंद पर साउथी को कैच दे बैठे. उन्होंने 54 गेंद का सामना करते हुए पांच चौके और दो छक्के मारे. मुशफिकुर 42 रन बनाने के बाद रिटायर हर्ट हुए. निचले क्रम में मोसादेक हुसैन ने उम्दा पारी खेली लेकिन टीम को जीत नहीं दिला पाए.
इससे पहले लाथम 47 ओवर से अधिक समय तक क्रीज पर डटे रहे और उन्होंने 121 गेंद की अपनी पारी में चार छक्के और सात चौके मारे. न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसले करने के बाद अच्छी गति से रन बनाए लेकिन शीर्ष क्रम में किसी ने भी लाथम का लंबा साथ नहीं निभाया. मार्टिन गुप्टिल ने एक छक्का और चौका जड़ा लेकिन सिर्फ 15 रन बनाने के बाद मुस्तफिजुर रहमान की धीमी गेंद पर मिड ऑफ पर सौम्य सरकार को कैच दे बैठे. कप्तान विलियमसन 31 रन बनाने के बाद तास्किन अहमद का शिकार बने जबकि नील ब्रूम (22) भी अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल पाए. जिमी नीशाम जब 28वें ओवर में पेवेलियन लौटे तो टीम का स्कोर चार विकेट पर 158 रन हो गया.टिप्पणियां
लाथम और मुनरो ने इसके बाद टीम का स्कोर 300 रन के पार पहुंचाया. साकिब अल हसन ने मुनरो को आउट करके इस साझेदारी को तोड़ा. मुनरो ने 61 गेंद की अपनी पारी के दौरान आठ चौके और चार छक्के मारे. लाथम ने इस दौरान 110 रन के अपने सर्वश्रेष्ठ स्कोर को पीछे छोड़ा जो उन्होंने पिछले साल जिंबाब्वे के खिलाफ बनाया था. वह अंतत: 48वें ओवर में मुस्तफिजुर की गेंद पर विकेटकीपर मुशफिकुर रहमान को कैच दे बैठे. बांग्लादेश की ओर से साकिब ने 69 रन देकर तीन जबकि मुस्तफिजुर और तास्किन ने दो-दो विकेट चटकाए.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इससे पहले लाथम 47 ओवर से अधिक समय तक क्रीज पर डटे रहे और उन्होंने 121 गेंद की अपनी पारी में चार छक्के और सात चौके मारे. न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसले करने के बाद अच्छी गति से रन बनाए लेकिन शीर्ष क्रम में किसी ने भी लाथम का लंबा साथ नहीं निभाया. मार्टिन गुप्टिल ने एक छक्का और चौका जड़ा लेकिन सिर्फ 15 रन बनाने के बाद मुस्तफिजुर रहमान की धीमी गेंद पर मिड ऑफ पर सौम्य सरकार को कैच दे बैठे. कप्तान विलियमसन 31 रन बनाने के बाद तास्किन अहमद का शिकार बने जबकि नील ब्रूम (22) भी अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल पाए. जिमी नीशाम जब 28वें ओवर में पेवेलियन लौटे तो टीम का स्कोर चार विकेट पर 158 रन हो गया.टिप्पणियां
लाथम और मुनरो ने इसके बाद टीम का स्कोर 300 रन के पार पहुंचाया. साकिब अल हसन ने मुनरो को आउट करके इस साझेदारी को तोड़ा. मुनरो ने 61 गेंद की अपनी पारी के दौरान आठ चौके और चार छक्के मारे. लाथम ने इस दौरान 110 रन के अपने सर्वश्रेष्ठ स्कोर को पीछे छोड़ा जो उन्होंने पिछले साल जिंबाब्वे के खिलाफ बनाया था. वह अंतत: 48वें ओवर में मुस्तफिजुर की गेंद पर विकेटकीपर मुशफिकुर रहमान को कैच दे बैठे. बांग्लादेश की ओर से साकिब ने 69 रन देकर तीन जबकि मुस्तफिजुर और तास्किन ने दो-दो विकेट चटकाए.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
लाथम और मुनरो ने इसके बाद टीम का स्कोर 300 रन के पार पहुंचाया. साकिब अल हसन ने मुनरो को आउट करके इस साझेदारी को तोड़ा. मुनरो ने 61 गेंद की अपनी पारी के दौरान आठ चौके और चार छक्के मारे. लाथम ने इस दौरान 110 रन के अपने सर्वश्रेष्ठ स्कोर को पीछे छोड़ा जो उन्होंने पिछले साल जिंबाब्वे के खिलाफ बनाया था. वह अंतत: 48वें ओवर में मुस्तफिजुर की गेंद पर विकेटकीपर मुशफिकुर रहमान को कैच दे बैठे. बांग्लादेश की ओर से साकिब ने 69 रन देकर तीन जबकि मुस्तफिजुर और तास्किन ने दो-दो विकेट चटकाए.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:137 रन की पारी में लाथम ने 4 छक्के, 7 चौके लगाए
पहले बैटिंग करते हुए न्यूजीलैंड ने बनाए 341 रन
जवाब में बांग्लादेश की टीम 264 रन बनाकर ढेर हुई | 17 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश में सबसे कम उम्र के मैराथन धावक बनकर इतिहास रचने वाले और फिर गुमनामी में लगभग खो जाने वाले बुधिया सिंह को अब उम्मीद है कि उनके जीवन पर बनने वाली फिल्म उनके करियर को फिर से गति प्रदान करेगी।
बुधिया सिंह ने चार वर्ष की उम्र में भुवनेश्वर से पुरी तक की 65 किमी की दूरी सात घंटे और दो मिनट में दौड़कर तय की थी। उसे 2006 में लिम्का बुक ऑफ रिकार्डस में देश के सबसे कम उम्र के मैराथन धावक के रूप में शामिल किया गया था। बुधिया के जीवन पर बन रही फिल्म का नाम ‘बुधिया सिंह- बॉर्न टू रन’ है, जिसे सौमेंद्र पाधी ने निर्देशित किया है।
बुधिया ने कहा कि वह यह जानकर बहुत खुश था कि उस पर एक फिल्म बनाई जा रही है और इसमें उसके कोच की भूमिका में मनोज बाजपेयी हैं। उसने कहा, ‘मेरी मां और बहन भी बहुत खुश हुई। निर्देशक ने मुझसे कहा था कि मेरे जीवन पर एक फिल्म बनाई जा रही है और इसमें मनोज बाजपेयाी होंगे।’ पांच वर्ष की उम्र में बुधिया ने अपने कोच बिरंची दास की मदद से 48 मैराथन में भाग लिया था। फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने के बाद बुधिया को मनोज बाजपेयी और अपने असली कोच के बीच की समानताओं का अहसास हुआ। 2008 में उसके कोच की मौत हो गई थी।टिप्पणियां
अब 14 वर्ष का बुधिया एक अच्छा कोच चाहता है जो उसे उसे सपनों को साकार करने में मदद कर सके। उसने कहा, ‘मैं बस एक अच्छा कोच और एक अच्छा प्रशिक्षण चाहता हूं। ओडिशा में कई अन्य राज्यों में बहुत सारे बच्चे दौड़ना चाहते हैं लेकिन उन्हें अवसर नहीं मिलता। भगवान ने हमें यहां एक मकसद के लिए भेजा है। हर किसी में कुछ प्रतिभा होती है।’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बुधिया सिंह ने चार वर्ष की उम्र में भुवनेश्वर से पुरी तक की 65 किमी की दूरी सात घंटे और दो मिनट में दौड़कर तय की थी। उसे 2006 में लिम्का बुक ऑफ रिकार्डस में देश के सबसे कम उम्र के मैराथन धावक के रूप में शामिल किया गया था। बुधिया के जीवन पर बन रही फिल्म का नाम ‘बुधिया सिंह- बॉर्न टू रन’ है, जिसे सौमेंद्र पाधी ने निर्देशित किया है।
बुधिया ने कहा कि वह यह जानकर बहुत खुश था कि उस पर एक फिल्म बनाई जा रही है और इसमें उसके कोच की भूमिका में मनोज बाजपेयी हैं। उसने कहा, ‘मेरी मां और बहन भी बहुत खुश हुई। निर्देशक ने मुझसे कहा था कि मेरे जीवन पर एक फिल्म बनाई जा रही है और इसमें मनोज बाजपेयाी होंगे।’ पांच वर्ष की उम्र में बुधिया ने अपने कोच बिरंची दास की मदद से 48 मैराथन में भाग लिया था। फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने के बाद बुधिया को मनोज बाजपेयी और अपने असली कोच के बीच की समानताओं का अहसास हुआ। 2008 में उसके कोच की मौत हो गई थी।टिप्पणियां
अब 14 वर्ष का बुधिया एक अच्छा कोच चाहता है जो उसे उसे सपनों को साकार करने में मदद कर सके। उसने कहा, ‘मैं बस एक अच्छा कोच और एक अच्छा प्रशिक्षण चाहता हूं। ओडिशा में कई अन्य राज्यों में बहुत सारे बच्चे दौड़ना चाहते हैं लेकिन उन्हें अवसर नहीं मिलता। भगवान ने हमें यहां एक मकसद के लिए भेजा है। हर किसी में कुछ प्रतिभा होती है।’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बुधिया ने कहा कि वह यह जानकर बहुत खुश था कि उस पर एक फिल्म बनाई जा रही है और इसमें उसके कोच की भूमिका में मनोज बाजपेयी हैं। उसने कहा, ‘मेरी मां और बहन भी बहुत खुश हुई। निर्देशक ने मुझसे कहा था कि मेरे जीवन पर एक फिल्म बनाई जा रही है और इसमें मनोज बाजपेयाी होंगे।’ पांच वर्ष की उम्र में बुधिया ने अपने कोच बिरंची दास की मदद से 48 मैराथन में भाग लिया था। फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने के बाद बुधिया को मनोज बाजपेयी और अपने असली कोच के बीच की समानताओं का अहसास हुआ। 2008 में उसके कोच की मौत हो गई थी।टिप्पणियां
अब 14 वर्ष का बुधिया एक अच्छा कोच चाहता है जो उसे उसे सपनों को साकार करने में मदद कर सके। उसने कहा, ‘मैं बस एक अच्छा कोच और एक अच्छा प्रशिक्षण चाहता हूं। ओडिशा में कई अन्य राज्यों में बहुत सारे बच्चे दौड़ना चाहते हैं लेकिन उन्हें अवसर नहीं मिलता। भगवान ने हमें यहां एक मकसद के लिए भेजा है। हर किसी में कुछ प्रतिभा होती है।’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अब 14 वर्ष का बुधिया एक अच्छा कोच चाहता है जो उसे उसे सपनों को साकार करने में मदद कर सके। उसने कहा, ‘मैं बस एक अच्छा कोच और एक अच्छा प्रशिक्षण चाहता हूं। ओडिशा में कई अन्य राज्यों में बहुत सारे बच्चे दौड़ना चाहते हैं लेकिन उन्हें अवसर नहीं मिलता। भगवान ने हमें यहां एक मकसद के लिए भेजा है। हर किसी में कुछ प्रतिभा होती है।’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: चार साल की उम्र में दौड़कर पूरी की थी 65 किमी की दूरी
जीवन पर बनी फिल्म का नाम है 'बुधिया सिंह- बॉर्न टू रन'
फिल्म में बुधिया के कोच की भूमिका में हैं मनोज बाजपेयी | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: केरल के तिरुवनंतपुरम में डॉक्टरों ने एक व्यक्ति के शरीर में 22 वर्ष पहले घुसी एक सुई को बाहर निकाला. 12 साल की उम्र में खेलने के दौरान उसके शरीर में यह सुई घुस गई थी.
व्यक्ति की उम्र अब 34 वर्ष है. दो सप्ताह पहले ही वह अपने शरीर के पिछले हिस्से में भीषण दर्द और सूजन की शिकायत लेकर डॉक्टरों के पास गया था. यहां के मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने बताया कि उसके शरीर का स्कैन करने पर उसके बाएं कूल्हे में एक सुई होने का पता चला.
बचपन में खेलने के दौरान दुर्घटनावश यह सुई इस व्यक्ति के शरीर में घुस गई थी. उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसके शरीर में इस सुई को नहीं ढूंढ सके और उसके परिवार के सदस्य भी अंतत: घटना भूल गए.
कुछ दिन पहले किरण कुमार नामक इस व्यक्ति को शरीर के उस हिस्से में दर्द और सूजन की शिकायत होने पर यहां के मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां उसके पूरे शरीर का परीक्षण किया गया जिसमें इस जंग लगी सुई होने का खुलासा हुआ. बहरहाल, कल दो घंटे के ऑपरेशन के बाद इस सुई को उसके शरीर से बाहर निकाल लिया गया. टिप्पणियां
हड्डी रोग एवं एनेस्थीसिया विशेषज्ञ सहित डॉक्टरों के एक दल ने ऑपरेशन किया. ऑपरेशन के बाद कुमार स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
व्यक्ति की उम्र अब 34 वर्ष है. दो सप्ताह पहले ही वह अपने शरीर के पिछले हिस्से में भीषण दर्द और सूजन की शिकायत लेकर डॉक्टरों के पास गया था. यहां के मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने बताया कि उसके शरीर का स्कैन करने पर उसके बाएं कूल्हे में एक सुई होने का पता चला.
बचपन में खेलने के दौरान दुर्घटनावश यह सुई इस व्यक्ति के शरीर में घुस गई थी. उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसके शरीर में इस सुई को नहीं ढूंढ सके और उसके परिवार के सदस्य भी अंतत: घटना भूल गए.
कुछ दिन पहले किरण कुमार नामक इस व्यक्ति को शरीर के उस हिस्से में दर्द और सूजन की शिकायत होने पर यहां के मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां उसके पूरे शरीर का परीक्षण किया गया जिसमें इस जंग लगी सुई होने का खुलासा हुआ. बहरहाल, कल दो घंटे के ऑपरेशन के बाद इस सुई को उसके शरीर से बाहर निकाल लिया गया. टिप्पणियां
हड्डी रोग एवं एनेस्थीसिया विशेषज्ञ सहित डॉक्टरों के एक दल ने ऑपरेशन किया. ऑपरेशन के बाद कुमार स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बचपन में खेलने के दौरान दुर्घटनावश यह सुई इस व्यक्ति के शरीर में घुस गई थी. उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसके शरीर में इस सुई को नहीं ढूंढ सके और उसके परिवार के सदस्य भी अंतत: घटना भूल गए.
कुछ दिन पहले किरण कुमार नामक इस व्यक्ति को शरीर के उस हिस्से में दर्द और सूजन की शिकायत होने पर यहां के मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां उसके पूरे शरीर का परीक्षण किया गया जिसमें इस जंग लगी सुई होने का खुलासा हुआ. बहरहाल, कल दो घंटे के ऑपरेशन के बाद इस सुई को उसके शरीर से बाहर निकाल लिया गया. टिप्पणियां
हड्डी रोग एवं एनेस्थीसिया विशेषज्ञ सहित डॉक्टरों के एक दल ने ऑपरेशन किया. ऑपरेशन के बाद कुमार स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कुछ दिन पहले किरण कुमार नामक इस व्यक्ति को शरीर के उस हिस्से में दर्द और सूजन की शिकायत होने पर यहां के मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां उसके पूरे शरीर का परीक्षण किया गया जिसमें इस जंग लगी सुई होने का खुलासा हुआ. बहरहाल, कल दो घंटे के ऑपरेशन के बाद इस सुई को उसके शरीर से बाहर निकाल लिया गया. टिप्पणियां
हड्डी रोग एवं एनेस्थीसिया विशेषज्ञ सहित डॉक्टरों के एक दल ने ऑपरेशन किया. ऑपरेशन के बाद कुमार स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हड्डी रोग एवं एनेस्थीसिया विशेषज्ञ सहित डॉक्टरों के एक दल ने ऑपरेशन किया. ऑपरेशन के बाद कुमार स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: 12 साल की उम्र में खेलने के दौरान कूल्हे में घुस गई थी सुई
शरीर का स्कैन करने पर बाएं कूल्हे में सुई होने का पता चला
दो घंटे के ऑपरेशन के बाद किरण कुमार को सुई से मिली मुक्ति | 7 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) पर अधिकार हासिल करने में असफल रही दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार अब आंदोलन चलाएगी. दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि पार्टी दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर जनता के सामने जाएगी.
दिल्ली सरकार बनाम उपराज्यपाल मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से दिल्ली सरकार को तगड़ा झटका लगा है. फैसले के मुताबिक एसीबी, जांच आयोगों आदि पर केंद्र का अधिकार है. वहीं बिजली और जमीन के सर्किल रेट पर राज्य सरकार का अधिकार बताया गया है. अब आदमी पार्टी ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाने की रणनीति बनाई है. इसके जरिए जहां वह केंद्र पर दबाव बना सकेगी वहीं आने वाले लोकसभा चुनाव में दिल्ली में इस मुद्दे को भुनाने के लिए जुगत लगाएगी.
आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक एवं कैबिनेट मंत्री गोपाल राय ने कहा कि पिछले चार साल से केंद्र सरकार दिल्ली की जनता के साथ अन्याय कर रही है. दिल्ली सरकार के सभी कामों में अड़चनें डाली जा रही हैं. इसके समाधान के लिए हमने हरसंभव प्रयास किए परंतु कोई सकारात्मक परिणाम नहीं आए. हमारी सरकार बनने के बाद मई 2015 में केंद्र के गृह मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी करके दिल्ली सरकार की शक्तियों को छीनने का प्रयास किया. इस संदर्भ में हमने केंद्र के समक्ष भी अपना पक्ष रखा और दिल्ली के उप राज्यपाल के समक्ष भी अपना पक्ष रखा परंतु कहीं से कोई समाधान नहीं निकला. अंततः विवश होकर हमें न्यायपालिका का दरवाजा खटखटाना पड़ा.
गोपाल राय ने कहा कि हमने हाई कोर्ट में इस संदर्भ में अपना पक्ष रखा और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट में भी अपना पक्ष रखा. दोनों ही जगह पर तारीख तो मिली, पर दिल्ली की जनता को इंसाफ नहीं मिला. लोकतंत्र में सबसे बड़ी अदालत जनता की अदालत होती है. पार्टी ने फैसला किया है कि इस मुद्दे को लेकर अब हम दिल्ली की जनता के बीच जाएंगे और बड़े स्तर पर एक आंदोलन शुरू करेंगे.
गोपाल राय ने कहा है कि दिल्ली के लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. इनमें प्रमुख समस्याएं हैं-
1. दिल्ली वासियों के वोट की कीमत देश के अन्य भागो से आधी क्यों?
2. दिल्ली की मेहनती जनता सवा लाख करोड़ का टैक्स केंद्र को देती है, दिल्ली को वापस क्यों मिलता है केवल 325 करोड़?
3. दिल्ली के कॉलेजों में क्यों नहीं होता दिल्ली से 12वीं पास करने वाले छात्रों का दाखिला? कहां जाएं दिल्ली के छात्र?
4. दिल्ली में नौजवान क्यों भटक रहे हैं नौकरियों के लिए? कौन देगा जवाब लाखों रिक्त पड़े पदों का?
5. दिल्ली वालों की सुरक्षा किसके जिम्मे है? दिल्ली पुलिस है किसके प्रति जवाबदेह?
6. दिल्ली की चुनी हुई सरकार जनता के हितों में फैसले क्यों नहीं ले सकती? अंग्रेजों के जमाने से थोपे हुए वायसराय-एलजी साहब अफसरों-कर्मचारियों की ट्रांसफर पोस्टिंग कैसे करते हैं?
7. दिल्ली के लोगों की जमीन पर दिल्ली के लोगों के लिए स्कूल अस्पताल बनाने के लिए केंद्र सरकार से क्यों गिड़गिड़ाना पड़ता हैं.
8. दिल्ली में भ्रष्टाचार रोकने वाली ACB को केंद्र सरकार ने क्यों छीना.
9. साढ़े तीन साल बाद भी जन लोकपाल विधेयक क्यों पास नहीं होता.
10. दिल्ली वालों के काम करने के लिए मुख्यमंत्री को अपने केबिनेट के साथ नौ दिन तक LG हाउस में धरना-अनशन करना पड़ता है.
गोपाल राय ने कहा दिल्ली की जनता ने केंद्र सरकार का भी समर्थन किया था. दिल्ली की सातों लोकसभा सीटों पर भाजपा के प्रत्याशियों को जिताकर लोकसभा में भेजा था, परंतु भाजपा ने दिल्ली की जनता के साथ फिर भी सौतेला व्यवहार किया. हमें उम्मीद थी कि शायद न्यायालय से दिल्ली की जनता को कुछ राहत मिलेगी, परंतु वहां से भी कोई समाधान नहीं मिला. अंततः पार्टी ने तय किया है कि दिल्ली में एक आंदोलन किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि दिल्ली की सातों लोकसभा सीटों पर आम आदमी पार्टी के प्रत्याशियों को जिताने के लिए, देश में गठबंधन की सरकार बनाने के लिए और दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए पार्टी दिल्ली की जनता के बीच जाएगी और व्यापक स्तर पर आंदोलन करेगी. पार्टी ने तय किया है कि 23 फरवरी को अपने सभी विधायकों के साथ आंदोलन को लेकर रणनीति बनाएगी. 24 फरवरी को दिल्ली के 1000 पदाधिकारियों के साथ मीटिंग करके इन रणनीतियों को कार्यान्वित करने पर चर्चा की जाएगी. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: राय ने कहा- केंद्र सरकार नहीं चाहती कि दिल्ली से भ्रष्टाचार खत्म हो
23 फरवरी को 'आप' सभी विधायकों के साथ आंदोलन की रणनीति बनाएगी
24 फरवरी को पार्टी के पदाधिकारियों के साथ रणनीति पर होगी चर्चा | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ एक दिन की निजी भारत यात्रा पूरी कर शनिवार की शाम पाकिस्तान के लिए रवाना हो गए।
पाक प्रधानमंत्री उनके परिजनों एवं उनके साथ आए सदस्यों ने अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में जियारत करने के बाद जयपुर के सांगानेर हवाई अडडे से पाकिस्तान के लिए रवाना हुए।
पुलिस सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ अपने परिजनों और अन्य सदस्यों के साथ अजमेर दरगाह में जियारत की। पाक प्रधानमंत्री हेलीकाप्टर से घुघरा (अजमेर) हेलीपेड से रवाना होकर जयपुर स्थित सांगानेर हवाई अडडे पहुंचे। जयपुर से वह विमान से पाकिस्तान के लिए रवाना हो गए।टिप्पणियां
पाक प्रधानमंत्री आज सुबह पाकिस्तान से जयपुर पहुंचने के बाद पांच सितारा होटल रामबाग में गए जहां विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद की ओर से उन्हें भोज दिया गया। पाक प्रधानमंत्री कुछ देर विश्राम करने के बाद तीसरे पहर हेलीकॉप्टर से अजमेर गए।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की यात्रा को देखते हुए जयपुर और अजमेर में सुरक्षा के जबरदस्त प्रबंध किए गए थे। जयपुर के रामबाग होटल के समक्ष कुछ संगठनों ने परवेज अशरफ की यात्रा ओर विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद द्वारा दिए गए भोज के विरोध में प्रदर्शन किया।
पाक प्रधानमंत्री उनके परिजनों एवं उनके साथ आए सदस्यों ने अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में जियारत करने के बाद जयपुर के सांगानेर हवाई अडडे से पाकिस्तान के लिए रवाना हुए।
पुलिस सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ अपने परिजनों और अन्य सदस्यों के साथ अजमेर दरगाह में जियारत की। पाक प्रधानमंत्री हेलीकाप्टर से घुघरा (अजमेर) हेलीपेड से रवाना होकर जयपुर स्थित सांगानेर हवाई अडडे पहुंचे। जयपुर से वह विमान से पाकिस्तान के लिए रवाना हो गए।टिप्पणियां
पाक प्रधानमंत्री आज सुबह पाकिस्तान से जयपुर पहुंचने के बाद पांच सितारा होटल रामबाग में गए जहां विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद की ओर से उन्हें भोज दिया गया। पाक प्रधानमंत्री कुछ देर विश्राम करने के बाद तीसरे पहर हेलीकॉप्टर से अजमेर गए।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की यात्रा को देखते हुए जयपुर और अजमेर में सुरक्षा के जबरदस्त प्रबंध किए गए थे। जयपुर के रामबाग होटल के समक्ष कुछ संगठनों ने परवेज अशरफ की यात्रा ओर विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद द्वारा दिए गए भोज के विरोध में प्रदर्शन किया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ अपने परिजनों और अन्य सदस्यों के साथ अजमेर दरगाह में जियारत की। पाक प्रधानमंत्री हेलीकाप्टर से घुघरा (अजमेर) हेलीपेड से रवाना होकर जयपुर स्थित सांगानेर हवाई अडडे पहुंचे। जयपुर से वह विमान से पाकिस्तान के लिए रवाना हो गए।टिप्पणियां
पाक प्रधानमंत्री आज सुबह पाकिस्तान से जयपुर पहुंचने के बाद पांच सितारा होटल रामबाग में गए जहां विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद की ओर से उन्हें भोज दिया गया। पाक प्रधानमंत्री कुछ देर विश्राम करने के बाद तीसरे पहर हेलीकॉप्टर से अजमेर गए।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की यात्रा को देखते हुए जयपुर और अजमेर में सुरक्षा के जबरदस्त प्रबंध किए गए थे। जयपुर के रामबाग होटल के समक्ष कुछ संगठनों ने परवेज अशरफ की यात्रा ओर विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद द्वारा दिए गए भोज के विरोध में प्रदर्शन किया।
पाक प्रधानमंत्री आज सुबह पाकिस्तान से जयपुर पहुंचने के बाद पांच सितारा होटल रामबाग में गए जहां विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद की ओर से उन्हें भोज दिया गया। पाक प्रधानमंत्री कुछ देर विश्राम करने के बाद तीसरे पहर हेलीकॉप्टर से अजमेर गए।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की यात्रा को देखते हुए जयपुर और अजमेर में सुरक्षा के जबरदस्त प्रबंध किए गए थे। जयपुर के रामबाग होटल के समक्ष कुछ संगठनों ने परवेज अशरफ की यात्रा ओर विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद द्वारा दिए गए भोज के विरोध में प्रदर्शन किया।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की यात्रा को देखते हुए जयपुर और अजमेर में सुरक्षा के जबरदस्त प्रबंध किए गए थे। जयपुर के रामबाग होटल के समक्ष कुछ संगठनों ने परवेज अशरफ की यात्रा ओर विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद द्वारा दिए गए भोज के विरोध में प्रदर्शन किया। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ अपने पूरे परिवार के साथ अजमेर शरीफ में जियारत करने गए। उन्होंने अजमेर रवाना होने से पहले भारत के विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद से जयपुर में मुलाकात की। | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अरब प्रायद्वीप में अल कायदा का प्रमुख चेहरा बन चुका अमेरिकी मूल का खूंखार आतंकवादी अनवार अल-अवलाकी यमन में एक हवाई हमले में मारा गया। अवलाकी का मारा जाना अल कायदा के लिए ओसामा बिन लादेन के खात्मे के बाद दूसरा सबसे बड़ा झटका है। यमन सरकार के अधिकारी ने यमनी राजधानी सना में बताया कि यमन और अमेरिका के बीच खुफिया सूचनाओं की साझेदारी से अभियान को अंजाम दिया गया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार अमेरिका में जन्मे अवलाकी (40) अरब प्रायद्वीप में अल कायदा के बाहरी अभियान का प्रमुख था। यमन के रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि हवाई हमला अवलाकी के काफिले पर किया गया। उन्होंने इस हमले के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी है । पहले से ही आशंका थी कि अरब प्रायद्धीप में अल कायदा का सबसे बड़ा चेहरा अवलाकी यमन में छिपा हुआ है। बीते दो मई को पाकिस्तान के ऐबटाबाद में ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद अल कायदा का यह दूसरा खूंखार आतंकी मारा गया है। | यहाँ एक सारांश है:अवलाकी का मारा जाना अल कायदा के लिए ओसामा बिन लादेन के खात्मे के बाद दूसरा सबसे बड़ा झटका है। | 18 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी को विकास के लिए विभिन्न देशों को सस्ता कर्ज देने वाले बहुपक्षीय वित्तीय संगठन एशियाई विकास बैंक यानी एडीबी के निदेशक मंडल का अध्यक्ष चुना गया है। एडीबी का मुख्यालय मनीला में है। एडीबी की 45वीं वार्षिक आम सभा में भारत को गौरवान्वित करने वाले एक अन्य निर्णय के तहत इसका 46वां वार्षिक सम्मेलन अगले वर्ष दिल्ली में कराने की घोषणा की गई।
वित्तमंत्री ने एडीबी के निदेशक मंडल की अध्यक्षता का दायित्व स्वीकार करते हुए बैठक के समापन सत्र में कहा कि भारत को अध्यक्षता स्वीकार कर बहुत खुशी है। भारत 1966 में एडीबी का संस्थापक सदस्य था, पर इस संस्था ने उसके दो दशक बाद भारत को ऋण सहायता देनी शुरू की।टिप्पणियां
मुखर्जी ने भारत के साथ एडीबी के सहयोग के बारे में कहा, कि यह 25 सालों की साझेदारी उत्साहजनक और चुनौतीपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि वह गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
एडीबी के सचिव राबर्ट डाउसन ने बताया कि एडीबी भारत को 2012-14 की तीन साल की अवधि में समावेशी और पर्यावरणीय सुरक्षा के साथ विकास की योजनाओं के संचालन के लिए कुल 6.24 अरब डॉलर का ऋण देने वाला है। यह ऋण परिवहन, ऊर्जा, शहरी विकास, कृषि एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंध, वित्त तथा शिक्षा के लिए होगा।
वित्तमंत्री ने एडीबी के निदेशक मंडल की अध्यक्षता का दायित्व स्वीकार करते हुए बैठक के समापन सत्र में कहा कि भारत को अध्यक्षता स्वीकार कर बहुत खुशी है। भारत 1966 में एडीबी का संस्थापक सदस्य था, पर इस संस्था ने उसके दो दशक बाद भारत को ऋण सहायता देनी शुरू की।टिप्पणियां
मुखर्जी ने भारत के साथ एडीबी के सहयोग के बारे में कहा, कि यह 25 सालों की साझेदारी उत्साहजनक और चुनौतीपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि वह गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
एडीबी के सचिव राबर्ट डाउसन ने बताया कि एडीबी भारत को 2012-14 की तीन साल की अवधि में समावेशी और पर्यावरणीय सुरक्षा के साथ विकास की योजनाओं के संचालन के लिए कुल 6.24 अरब डॉलर का ऋण देने वाला है। यह ऋण परिवहन, ऊर्जा, शहरी विकास, कृषि एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंध, वित्त तथा शिक्षा के लिए होगा।
मुखर्जी ने भारत के साथ एडीबी के सहयोग के बारे में कहा, कि यह 25 सालों की साझेदारी उत्साहजनक और चुनौतीपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि वह गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
एडीबी के सचिव राबर्ट डाउसन ने बताया कि एडीबी भारत को 2012-14 की तीन साल की अवधि में समावेशी और पर्यावरणीय सुरक्षा के साथ विकास की योजनाओं के संचालन के लिए कुल 6.24 अरब डॉलर का ऋण देने वाला है। यह ऋण परिवहन, ऊर्जा, शहरी विकास, कृषि एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंध, वित्त तथा शिक्षा के लिए होगा।
एडीबी के सचिव राबर्ट डाउसन ने बताया कि एडीबी भारत को 2012-14 की तीन साल की अवधि में समावेशी और पर्यावरणीय सुरक्षा के साथ विकास की योजनाओं के संचालन के लिए कुल 6.24 अरब डॉलर का ऋण देने वाला है। यह ऋण परिवहन, ऊर्जा, शहरी विकास, कृषि एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंध, वित्त तथा शिक्षा के लिए होगा। | वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी को विकास के लिए विभिन्न देशों को सस्ता कर्ज देने वाले बहुपक्षीय वित्तीय संगठन एशियाई विकास बैंक यानी एडीबी के निदेशक मंडल का अध्यक्ष चुना गया है। | 28 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने मौजूदा वित्तमंत्री पी चिदंबरम पर फोन टैपिंग कराने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। यशवंत सिन्हा का कहना है कि उन्होंने एयरसेल-मैक्सिस डील में चिदंबरम की भूमिका के बारे में सवाल उठाए थे, जिसकी वजह से उस दौरान गृहमंत्री रहे चिदंबरम ने इंटेलिजेंस ब्यूरो को आदेश देकर उनका फोन टैप करवाया।टिप्पणियां
रांची में एक संवाददाता सम्मेलन में यह गंभीर आरोप लगाते हुए सिन्हा ने कहा कि फोन टैपिंग जैसी इन हरकतों से वह डरते नहीं हैं और कांग्रेस लाख प्रयास कर ले, लेकिन उनकी पार्टी उसके भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगी।
उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस की आदत है कि वह अपने खिलाफ बोलने वालों के खिलाफ किसी भी हद तक जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी ने लाखों करोड़ रुपये के कोयला खदान घोटाले में अपनी सरकार के घिरने के बाद शर्मिंदगी महसूस करने की बजाय अपने सांसदों को बीजेपी पर पलटवार करने की नसीहत दी है। यशवंत सिन्हा ने आरोप लगाया, सोनिया गांधी घमंडी हैं और इसी कारण उन्होंने कांग्रेसी सांसदों और नेताओं को बीजेपी पर पलटवार करने को कहा है।
रांची में एक संवाददाता सम्मेलन में यह गंभीर आरोप लगाते हुए सिन्हा ने कहा कि फोन टैपिंग जैसी इन हरकतों से वह डरते नहीं हैं और कांग्रेस लाख प्रयास कर ले, लेकिन उनकी पार्टी उसके भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगी।
उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस की आदत है कि वह अपने खिलाफ बोलने वालों के खिलाफ किसी भी हद तक जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी ने लाखों करोड़ रुपये के कोयला खदान घोटाले में अपनी सरकार के घिरने के बाद शर्मिंदगी महसूस करने की बजाय अपने सांसदों को बीजेपी पर पलटवार करने की नसीहत दी है। यशवंत सिन्हा ने आरोप लगाया, सोनिया गांधी घमंडी हैं और इसी कारण उन्होंने कांग्रेसी सांसदों और नेताओं को बीजेपी पर पलटवार करने को कहा है।
उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस की आदत है कि वह अपने खिलाफ बोलने वालों के खिलाफ किसी भी हद तक जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी ने लाखों करोड़ रुपये के कोयला खदान घोटाले में अपनी सरकार के घिरने के बाद शर्मिंदगी महसूस करने की बजाय अपने सांसदों को बीजेपी पर पलटवार करने की नसीहत दी है। यशवंत सिन्हा ने आरोप लगाया, सोनिया गांधी घमंडी हैं और इसी कारण उन्होंने कांग्रेसी सांसदों और नेताओं को बीजेपी पर पलटवार करने को कहा है। | यह एक सारांश है: बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि उन्होंने एयरसेल-मैक्सिस डील में चिदंबरम की भूमिका पर सवाल उठाए थे, जिस वजह से उस दौरान गृहमंत्री रहे चिदंबरम ने आईबी को आदेश देकर उनका फोन टैप करवाया। | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बांग्लादेश ने न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में बारिश से बाधित पहले दिन गुरुवार को तीन विकेट के नुकसान पर 154 रन बना लिए हैं. पहले दिन 40.2 ओवरों का खेल ही संभव हो सका. मैच में दो बार बारिश ने खलल डाला.
न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर बांग्लादेश को पहले बल्लेबाजी करने के लिए आमंत्रित किया. मेहमानों की शुरुआत अच्छी नहीं रही और 16 के कुल स्कोर पर टिम साउदी में इमरुल कयास (1) को पेवेलियन लौटा दिया. दूसरे छोर पर खड़े तमीम इकबाल (56) ने मोमीनुल हक (नाबाद 64) के साथ पारी को आगे बढ़ाया. 11वें ओवर में बारिश ने दस्तक दी और अंपायरों ने मैच रोकने के फैसला किया. कुछ देर बाद बारिश के रुकने के बाद मैच पुन: शुरु हुआ. मैच शुरू होने के बाद तमीम ने 13वें ओवर में अपना अर्धशतक पूरा किया, लेकिन अगले ही ओवर में ट्रेंट बोल्ट ने उन्हें आउट किया.टिप्पणियां
तमीम ने अपनी पारी में 50 गेंदों का सामना किया और 11 चौके लगाए. मेहमूदुल्लाह (26) ने मोमीनुल का साथ दिया और रनगति को बनाए रखा. दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 85 रनों की साझेदारी की. 145 के कुल स्कोर पर निल वैग्नर ने मेहमूदुल्लाह को आउट कर किवी टीम को तीसरी सफलता दिलाई. शाकिब अल हसन (नाबाद 5) को मैदान पर कदम रखे हुए ज्यादा देर नहीं हुई थी कि बारिश ने एक बार फिर दस्तक दी जिसके बाद बाकी का खेल होने की स्थिति को देखकर अंपायरों ने दिन का खेल खत्म करने की घोषणा कर दी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर बांग्लादेश को पहले बल्लेबाजी करने के लिए आमंत्रित किया. मेहमानों की शुरुआत अच्छी नहीं रही और 16 के कुल स्कोर पर टिम साउदी में इमरुल कयास (1) को पेवेलियन लौटा दिया. दूसरे छोर पर खड़े तमीम इकबाल (56) ने मोमीनुल हक (नाबाद 64) के साथ पारी को आगे बढ़ाया. 11वें ओवर में बारिश ने दस्तक दी और अंपायरों ने मैच रोकने के फैसला किया. कुछ देर बाद बारिश के रुकने के बाद मैच पुन: शुरु हुआ. मैच शुरू होने के बाद तमीम ने 13वें ओवर में अपना अर्धशतक पूरा किया, लेकिन अगले ही ओवर में ट्रेंट बोल्ट ने उन्हें आउट किया.टिप्पणियां
तमीम ने अपनी पारी में 50 गेंदों का सामना किया और 11 चौके लगाए. मेहमूदुल्लाह (26) ने मोमीनुल का साथ दिया और रनगति को बनाए रखा. दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 85 रनों की साझेदारी की. 145 के कुल स्कोर पर निल वैग्नर ने मेहमूदुल्लाह को आउट कर किवी टीम को तीसरी सफलता दिलाई. शाकिब अल हसन (नाबाद 5) को मैदान पर कदम रखे हुए ज्यादा देर नहीं हुई थी कि बारिश ने एक बार फिर दस्तक दी जिसके बाद बाकी का खेल होने की स्थिति को देखकर अंपायरों ने दिन का खेल खत्म करने की घोषणा कर दी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
तमीम ने अपनी पारी में 50 गेंदों का सामना किया और 11 चौके लगाए. मेहमूदुल्लाह (26) ने मोमीनुल का साथ दिया और रनगति को बनाए रखा. दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 85 रनों की साझेदारी की. 145 के कुल स्कोर पर निल वैग्नर ने मेहमूदुल्लाह को आउट कर किवी टीम को तीसरी सफलता दिलाई. शाकिब अल हसन (नाबाद 5) को मैदान पर कदम रखे हुए ज्यादा देर नहीं हुई थी कि बारिश ने एक बार फिर दस्तक दी जिसके बाद बाकी का खेल होने की स्थिति को देखकर अंपायरों ने दिन का खेल खत्म करने की घोषणा कर दी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: बारिश के कारण पहले दिन केवल 40 ओवर का खेल हो पाया
न्यूजीलैंड ने टॉस जीता, बांग्लादेश को बैटिंग के लिए बुलाया
तमीम ने 56 रन बनाए, 64 रन पर नाबाद है मोमीनुल हक | 33 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दक्षिण 24 परगना जिला में झूठी शान की खातिर हत्या करने का एक घृणित मामला सामने आया है। रिक्शा चालक के साथ विवाहेतर संबंध के शक में एक युवक ने सरेआम अपनी छोटी बहन का सिर काट दिया।
पुलिस ने बताया कि अपनी बहन का कटा हुआ सिर हाथ में लेकर 29-वर्षीय युवक महताब आलम खुद नदिआल पुलिस थाने पहुंचा और तलवार के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने बताया कि उसने अपना अपराध कबूल लिया है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि विवाह और दो बच्चों के बाद महिला अपने प्रेमी रिक्शेवाले के साथ भाग गई थी, जिसके बाद उसके परिवारजनों ने पुलिस के पास उसकी गुमशुदगी की रपट लिखाई थी।टिप्पणियां
पुलिस ने बताया कि कपड़े का कारोबार करने वाले युवक ने अपनी बहन को रिक्शावाले के साथ रहते देखा। इसके बाद वह वहां गया और उसे खींचकर सड़क पर सभी के सामने ले आया। इसके बाद उसने भीड़ के सामने ही तलवार से उसका सिर काट डाला।
पुलिस उपायुक्त (पोर्ट संभाग) महबूब रहमान ने कहा, कि इसके बाद युवक के परिजन पुलिस थाने पहुंचे। उन्होंने कहा, उसकी हत्या का निर्णय परिजनों का नहीं था। उसके भाई ने अपना आपा खो दिया था, जिसके कारण अपनी बहन की हत्या करने का एकतरफा फैसला किया।
पुलिस ने बताया कि अपनी बहन का कटा हुआ सिर हाथ में लेकर 29-वर्षीय युवक महताब आलम खुद नदिआल पुलिस थाने पहुंचा और तलवार के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने बताया कि उसने अपना अपराध कबूल लिया है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि विवाह और दो बच्चों के बाद महिला अपने प्रेमी रिक्शेवाले के साथ भाग गई थी, जिसके बाद उसके परिवारजनों ने पुलिस के पास उसकी गुमशुदगी की रपट लिखाई थी।टिप्पणियां
पुलिस ने बताया कि कपड़े का कारोबार करने वाले युवक ने अपनी बहन को रिक्शावाले के साथ रहते देखा। इसके बाद वह वहां गया और उसे खींचकर सड़क पर सभी के सामने ले आया। इसके बाद उसने भीड़ के सामने ही तलवार से उसका सिर काट डाला।
पुलिस उपायुक्त (पोर्ट संभाग) महबूब रहमान ने कहा, कि इसके बाद युवक के परिजन पुलिस थाने पहुंचे। उन्होंने कहा, उसकी हत्या का निर्णय परिजनों का नहीं था। उसके भाई ने अपना आपा खो दिया था, जिसके कारण अपनी बहन की हत्या करने का एकतरफा फैसला किया।
उल्लेखनीय है कि विवाह और दो बच्चों के बाद महिला अपने प्रेमी रिक्शेवाले के साथ भाग गई थी, जिसके बाद उसके परिवारजनों ने पुलिस के पास उसकी गुमशुदगी की रपट लिखाई थी।टिप्पणियां
पुलिस ने बताया कि कपड़े का कारोबार करने वाले युवक ने अपनी बहन को रिक्शावाले के साथ रहते देखा। इसके बाद वह वहां गया और उसे खींचकर सड़क पर सभी के सामने ले आया। इसके बाद उसने भीड़ के सामने ही तलवार से उसका सिर काट डाला।
पुलिस उपायुक्त (पोर्ट संभाग) महबूब रहमान ने कहा, कि इसके बाद युवक के परिजन पुलिस थाने पहुंचे। उन्होंने कहा, उसकी हत्या का निर्णय परिजनों का नहीं था। उसके भाई ने अपना आपा खो दिया था, जिसके कारण अपनी बहन की हत्या करने का एकतरफा फैसला किया।
पुलिस ने बताया कि कपड़े का कारोबार करने वाले युवक ने अपनी बहन को रिक्शावाले के साथ रहते देखा। इसके बाद वह वहां गया और उसे खींचकर सड़क पर सभी के सामने ले आया। इसके बाद उसने भीड़ के सामने ही तलवार से उसका सिर काट डाला।
पुलिस उपायुक्त (पोर्ट संभाग) महबूब रहमान ने कहा, कि इसके बाद युवक के परिजन पुलिस थाने पहुंचे। उन्होंने कहा, उसकी हत्या का निर्णय परिजनों का नहीं था। उसके भाई ने अपना आपा खो दिया था, जिसके कारण अपनी बहन की हत्या करने का एकतरफा फैसला किया।
पुलिस उपायुक्त (पोर्ट संभाग) महबूब रहमान ने कहा, कि इसके बाद युवक के परिजन पुलिस थाने पहुंचे। उन्होंने कहा, उसकी हत्या का निर्णय परिजनों का नहीं था। उसके भाई ने अपना आपा खो दिया था, जिसके कारण अपनी बहन की हत्या करने का एकतरफा फैसला किया। | यहाँ एक सारांश है:दक्षिण 24 परगना जिला में झूठी शान की खातिर हत्या करने का एक घृणित मामला सामने आया है। रिक्शा चालक के साथ विवाहेतर संबंध के शक में एक युवक ने सरेआम अपनी छोटी बहन का सिर काट दिया। | 15 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कोलकाता में जून, 2015 में जिस शख्स को घर में अपनी बड़ी बहन और दो पालतू कुत्तों के कंकाल के साथ रहते पाया गया था, उसे मंगलवार को मृत पाया गया. 45 साल के पार्थ डे का जला हुआ शव उनके अपार्टमेंट के बाथरूम में मिला. यहां वहां पिछले कछ महीनों से रह रहे थे. अंदेशा है कि डे ने खुदकुशी कर ली. पड़ोसियों की ओर से मिली शिकायत के बाद पुलिस की टीम जब फ्लैट पर पहुंची तो उन्हें बाथरूम में डे का जला हुआ शव मिला. उनके शव के पास से एक पेट्रोल की बोतल और माचिस की डिब्बी बरामद हुई है.टिप्पणियां
डे को कुछ महीने पहले एक 'होम' से रिहा कर दिया गया था, जिसके बाद से वह इस फ्लैट में अकेले रह रहे थे. जून, 2015 में पार्थ डे के पिता अरबिंद डे का शव भी कुछ इसी हाल में रॉबिनसन स्ट्रीट स्थित उनके घर से मिला था. पुलिस की तहकीकात में जो खुलासा हुआ वह दिल दहलाने वाला था. अरबिंद डे का जला हुआ शव घर में बाथरूम में पड़ा मिला था. इसके बाद पुलिस ने उनके बेटे पार्थ को एक कंकाल के साथ पाया. कंकाल को पूरे कपड़े पहनाए गए थे.
बाद में पता चला कि पार्थ अपनी बड़ी बहन देबजानी डे के कंकाल के साथ पिछले छह महीनों से रह रहे थे. पार्थ ने पुलिस को बताया था कि उनके दो पालतू कुत्तों की मौत के बाद उनकी 50 साल की बड़ी बहन ने भूखे रहकर जान दे दी थी. घर में कुत्तों के कंकाल भी बरामद हुए थे. पुलिस के मुताबिक अरबिंद डे को कई महीनों तक यह पता नहीं चल सका था कि उनकी बेटी की मौत हो चुकी है और घर में उसका कंकाल पड़ा हुआ है.
डे को कुछ महीने पहले एक 'होम' से रिहा कर दिया गया था, जिसके बाद से वह इस फ्लैट में अकेले रह रहे थे. जून, 2015 में पार्थ डे के पिता अरबिंद डे का शव भी कुछ इसी हाल में रॉबिनसन स्ट्रीट स्थित उनके घर से मिला था. पुलिस की तहकीकात में जो खुलासा हुआ वह दिल दहलाने वाला था. अरबिंद डे का जला हुआ शव घर में बाथरूम में पड़ा मिला था. इसके बाद पुलिस ने उनके बेटे पार्थ को एक कंकाल के साथ पाया. कंकाल को पूरे कपड़े पहनाए गए थे.
बाद में पता चला कि पार्थ अपनी बड़ी बहन देबजानी डे के कंकाल के साथ पिछले छह महीनों से रह रहे थे. पार्थ ने पुलिस को बताया था कि उनके दो पालतू कुत्तों की मौत के बाद उनकी 50 साल की बड़ी बहन ने भूखे रहकर जान दे दी थी. घर में कुत्तों के कंकाल भी बरामद हुए थे. पुलिस के मुताबिक अरबिंद डे को कई महीनों तक यह पता नहीं चल सका था कि उनकी बेटी की मौत हो चुकी है और घर में उसका कंकाल पड़ा हुआ है.
बाद में पता चला कि पार्थ अपनी बड़ी बहन देबजानी डे के कंकाल के साथ पिछले छह महीनों से रह रहे थे. पार्थ ने पुलिस को बताया था कि उनके दो पालतू कुत्तों की मौत के बाद उनकी 50 साल की बड़ी बहन ने भूखे रहकर जान दे दी थी. घर में कुत्तों के कंकाल भी बरामद हुए थे. पुलिस के मुताबिक अरबिंद डे को कई महीनों तक यह पता नहीं चल सका था कि उनकी बेटी की मौत हो चुकी है और घर में उसका कंकाल पड़ा हुआ है. | यहाँ एक सारांश है:पार्थ डे का जला हुआ शव बाथरूम में मिला
शव के पास पेट्रोल की बोतल और माचिस की डिब्बी मिली
2015 में पार्थ को अपनी बहन के कंकाल के साथ रहते पाया गया था | 15 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सराहना करते हुए भाजपा ने साल 1980 में उनके भाषण को ‘प्रेरणादायक’ और ‘चाहतपूर्ण’ बताया जबकि राहुल गांधी के जयपुर भाषण को ‘विपक्षी नेता’ का व्याख्यान करार देते हुए खारिज कर दिया।
भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘वह (राहुल गांधी) सत्तारूढ़ पार्टी के बजाय निश्चित तौर विपक्षी नेता के तरह बोले।’टिप्पणियां
राजीव के भाषण का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं याद कर सकती हूं कि जब राजीव गांधी ने अपनी पार्टी में बड़ी भूमिका संभाली थी तो वह इस बारे में बेहद चाहतपूर्ण ढंग से बोले थे कि पार्टी को कैसे सत्ता के दलालों के चंगुल से मुक्त किया जाए। वह बेहद, बेहद प्रेरणादायक भाषण था।’
कांग्रेस चिंतन शिविर में राहुल के संबोधन का जिक्र करते हुए भाजपा नेता ने कहा, ‘राहुल गांधी आदर्शवाद के बारे में काफी बोले। मुझे उम्मीद है कि उन्होंने जो कुछ भी कहा, उसमें से वह अधिकतर बातें पहले अपनी खुद की पार्टी में लागू करेंगे। यदि उन्हें कभी प्रधानमंत्री बनना है तो उन्हें देश के सामने यह साबित करना चाहिए कि वह इन बातों को अपनी पार्टी में लागू करने में कामयाब हुए हैं। इसके लिए उन्हें शुभकामनाएं।’
भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘वह (राहुल गांधी) सत्तारूढ़ पार्टी के बजाय निश्चित तौर विपक्षी नेता के तरह बोले।’टिप्पणियां
राजीव के भाषण का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं याद कर सकती हूं कि जब राजीव गांधी ने अपनी पार्टी में बड़ी भूमिका संभाली थी तो वह इस बारे में बेहद चाहतपूर्ण ढंग से बोले थे कि पार्टी को कैसे सत्ता के दलालों के चंगुल से मुक्त किया जाए। वह बेहद, बेहद प्रेरणादायक भाषण था।’
कांग्रेस चिंतन शिविर में राहुल के संबोधन का जिक्र करते हुए भाजपा नेता ने कहा, ‘राहुल गांधी आदर्शवाद के बारे में काफी बोले। मुझे उम्मीद है कि उन्होंने जो कुछ भी कहा, उसमें से वह अधिकतर बातें पहले अपनी खुद की पार्टी में लागू करेंगे। यदि उन्हें कभी प्रधानमंत्री बनना है तो उन्हें देश के सामने यह साबित करना चाहिए कि वह इन बातों को अपनी पार्टी में लागू करने में कामयाब हुए हैं। इसके लिए उन्हें शुभकामनाएं।’
राजीव के भाषण का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं याद कर सकती हूं कि जब राजीव गांधी ने अपनी पार्टी में बड़ी भूमिका संभाली थी तो वह इस बारे में बेहद चाहतपूर्ण ढंग से बोले थे कि पार्टी को कैसे सत्ता के दलालों के चंगुल से मुक्त किया जाए। वह बेहद, बेहद प्रेरणादायक भाषण था।’
कांग्रेस चिंतन शिविर में राहुल के संबोधन का जिक्र करते हुए भाजपा नेता ने कहा, ‘राहुल गांधी आदर्शवाद के बारे में काफी बोले। मुझे उम्मीद है कि उन्होंने जो कुछ भी कहा, उसमें से वह अधिकतर बातें पहले अपनी खुद की पार्टी में लागू करेंगे। यदि उन्हें कभी प्रधानमंत्री बनना है तो उन्हें देश के सामने यह साबित करना चाहिए कि वह इन बातों को अपनी पार्टी में लागू करने में कामयाब हुए हैं। इसके लिए उन्हें शुभकामनाएं।’
कांग्रेस चिंतन शिविर में राहुल के संबोधन का जिक्र करते हुए भाजपा नेता ने कहा, ‘राहुल गांधी आदर्शवाद के बारे में काफी बोले। मुझे उम्मीद है कि उन्होंने जो कुछ भी कहा, उसमें से वह अधिकतर बातें पहले अपनी खुद की पार्टी में लागू करेंगे। यदि उन्हें कभी प्रधानमंत्री बनना है तो उन्हें देश के सामने यह साबित करना चाहिए कि वह इन बातों को अपनी पार्टी में लागू करने में कामयाब हुए हैं। इसके लिए उन्हें शुभकामनाएं।’ | यह एक सारांश है: पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सराहना करते हुए भाजपा ने साल 1980 में उनके भाषण को ‘प्रेरणादायक’ और ‘चाहतपूर्ण’ बताया जबकि राहुल गांधी के जयपुर भाषण को ‘विपक्षी नेता’ का व्याख्यान करार देते हुए खारिज कर दिया। | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: क्रिकेट का विश्व कप जीतने के बाद भारतीय खिलाड़ियों की ब्रांड वैल्यू अब नई ऊंचाइयों पर होगी। यानी अब उन्हें विभिन्न उत्पादों के प्रचार-प्रसार के लिए अधिक राशि की पेशकश की जाएगी। इस जीत से कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के साथ साथ युवराज सिंह और अपेक्षाकृत नए खिलाड़ी विराट कोहली, सुरेश रैना को अच्छा खासा लाभ तत्काल होने का अनुमान है। सचिन तेंदुलकर तो इस लिहाज से पहले ही बहुत मजबूत है लेकिन विश्व कप में जीत उनकी ब्रांड वैल्यू को नए सिरे से चमक देगी। खेल प्रबंधन कंपनी पीएमजी के मुख्य परिचालन अधिकारी मलराय डीसूजा ने कहा, 'टीम इंडिया की ब्रांड वैल्यू कई गुणा बढ़ेगी। अनेक ब्रांड तथा कंपनियां क्रिकेटरों को खुद से जोड़ना चाहेंगी। इस जीत का लाभ केवल बड़े खिलाड़ियों को नहीं होगा बल्कि अन्य युवा खिलाड़ी भी फायदे में रहेंगे।' उन्होंने कहा कि इस जीत के बाद खिलाडियों के प्रचार-प्रसार शुल्क में 20 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है। इसके अलावा उनसे अपने उत्पादों का प्रचार करवाने वाली कंपनियों की संख्या भी बढ़ेगी। | यह एक सारांश है: इस जीत से कप्तान धोनी के साथ-साथ युवराज और अपेक्षाकृत नए खिलाड़ी विराट कोहली, सुरेश रैना को अच्छा खासा लाभ तत्काल होने का अनुमान है। | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री ने राजनीति की नई बिसात बिछा दी है. उन्होंने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस समेत सभी पक्षों को सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करने के लिए न्योता दे दिया है. लेकिन दिलचस्प बात ये है कि जो चिट्ठी महबूबा ने लिखी है वो पीडीपी के प्रेसिडेंट के नाते लिखी है, ना की जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री के तौर पर.
अपनी चिट्ठी में महबूबा ने कहा कि घाटी की समस्याओं के समाधान के लिए सार्थक और विश्वसनीय राजनीतिक बातचीत में हुर्रियत समेत समाज के सभी वर्गों को शामिल किया जाना चाहिए. राज्य में बीजेपी के साथ गठबंधन सरकार चला रहीं महबूबा ने ये भी कहा कि देश की लीडरशिप को बिना देरी किए हुर्रियत समेत सभी वर्गों से बातचीत करनी चाहिए ताकि सार्थक संवाद हो सके और जम्मू-कश्मीर में शांति स्थापित की जा सके.
वैसे बीजेपी कश्मीर मुद्दे पर हुर्रियत से बातचीत करने का विरोध कर रही है. ऐसे में दोनों गठबंधन सहयोगियों की अलग-अलग राय से मतभेद पैदा हो गए हैं. माना जा रहा है कि अपनी इस अपील के ज़रिए महबूबा अपना वोट बैंक कन्सॉलिडेट कर रही है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने एनडीटीवी इंडिया को बताया, 'बीजेपी ने अपना स्टैंड साफ़ कर दिया है लेकिन अब महबूबा ने पलटवार किया है.' टिप्पणियां
जानकारों का ये भी कहना है की महबूबा ने अपना रुख कड़ा कर लिया है. महबूबा ने अपनी चिट्ठी में लिखा है, 'आप लोगों को जो समय ठीक लगे वो बता दें ताकि जो लोग दिल्ली से आ रहे हैं वो आपसे मिल सकें.'
महबूबा मुफ्ती ने ये भी कहा, ''संवाद इस तरह किया जाए जिससे मसले का समाधान हो और जम्मू कश्मीर में अमन एक हकीकत बन सके.'' भारत प्रशासित कश्मीर में इस साल जुलाई में हिज्बुल कमांडर बुरहान वानी की सुरक्षाबलों के हाथ मौत के बाद हिंसा ख़त्म ही नहीं हो रही है.
अपनी चिट्ठी में महबूबा ने कहा कि घाटी की समस्याओं के समाधान के लिए सार्थक और विश्वसनीय राजनीतिक बातचीत में हुर्रियत समेत समाज के सभी वर्गों को शामिल किया जाना चाहिए. राज्य में बीजेपी के साथ गठबंधन सरकार चला रहीं महबूबा ने ये भी कहा कि देश की लीडरशिप को बिना देरी किए हुर्रियत समेत सभी वर्गों से बातचीत करनी चाहिए ताकि सार्थक संवाद हो सके और जम्मू-कश्मीर में शांति स्थापित की जा सके.
वैसे बीजेपी कश्मीर मुद्दे पर हुर्रियत से बातचीत करने का विरोध कर रही है. ऐसे में दोनों गठबंधन सहयोगियों की अलग-अलग राय से मतभेद पैदा हो गए हैं. माना जा रहा है कि अपनी इस अपील के ज़रिए महबूबा अपना वोट बैंक कन्सॉलिडेट कर रही है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने एनडीटीवी इंडिया को बताया, 'बीजेपी ने अपना स्टैंड साफ़ कर दिया है लेकिन अब महबूबा ने पलटवार किया है.' टिप्पणियां
जानकारों का ये भी कहना है की महबूबा ने अपना रुख कड़ा कर लिया है. महबूबा ने अपनी चिट्ठी में लिखा है, 'आप लोगों को जो समय ठीक लगे वो बता दें ताकि जो लोग दिल्ली से आ रहे हैं वो आपसे मिल सकें.'
महबूबा मुफ्ती ने ये भी कहा, ''संवाद इस तरह किया जाए जिससे मसले का समाधान हो और जम्मू कश्मीर में अमन एक हकीकत बन सके.'' भारत प्रशासित कश्मीर में इस साल जुलाई में हिज्बुल कमांडर बुरहान वानी की सुरक्षाबलों के हाथ मौत के बाद हिंसा ख़त्म ही नहीं हो रही है.
वैसे बीजेपी कश्मीर मुद्दे पर हुर्रियत से बातचीत करने का विरोध कर रही है. ऐसे में दोनों गठबंधन सहयोगियों की अलग-अलग राय से मतभेद पैदा हो गए हैं. माना जा रहा है कि अपनी इस अपील के ज़रिए महबूबा अपना वोट बैंक कन्सॉलिडेट कर रही है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने एनडीटीवी इंडिया को बताया, 'बीजेपी ने अपना स्टैंड साफ़ कर दिया है लेकिन अब महबूबा ने पलटवार किया है.' टिप्पणियां
जानकारों का ये भी कहना है की महबूबा ने अपना रुख कड़ा कर लिया है. महबूबा ने अपनी चिट्ठी में लिखा है, 'आप लोगों को जो समय ठीक लगे वो बता दें ताकि जो लोग दिल्ली से आ रहे हैं वो आपसे मिल सकें.'
महबूबा मुफ्ती ने ये भी कहा, ''संवाद इस तरह किया जाए जिससे मसले का समाधान हो और जम्मू कश्मीर में अमन एक हकीकत बन सके.'' भारत प्रशासित कश्मीर में इस साल जुलाई में हिज्बुल कमांडर बुरहान वानी की सुरक्षाबलों के हाथ मौत के बाद हिंसा ख़त्म ही नहीं हो रही है.
जानकारों का ये भी कहना है की महबूबा ने अपना रुख कड़ा कर लिया है. महबूबा ने अपनी चिट्ठी में लिखा है, 'आप लोगों को जो समय ठीक लगे वो बता दें ताकि जो लोग दिल्ली से आ रहे हैं वो आपसे मिल सकें.'
महबूबा मुफ्ती ने ये भी कहा, ''संवाद इस तरह किया जाए जिससे मसले का समाधान हो और जम्मू कश्मीर में अमन एक हकीकत बन सके.'' भारत प्रशासित कश्मीर में इस साल जुलाई में हिज्बुल कमांडर बुरहान वानी की सुरक्षाबलों के हाथ मौत के बाद हिंसा ख़त्म ही नहीं हो रही है.
महबूबा मुफ्ती ने ये भी कहा, ''संवाद इस तरह किया जाए जिससे मसले का समाधान हो और जम्मू कश्मीर में अमन एक हकीकत बन सके.'' भारत प्रशासित कश्मीर में इस साल जुलाई में हिज्बुल कमांडर बुरहान वानी की सुरक्षाबलों के हाथ मौत के बाद हिंसा ख़त्म ही नहीं हो रही है. | संक्षिप्त पाठ: बीजेपी कश्मीर मुद्दे पर हुर्रियत से बातचीत करने का विरोध कर रही है
जानकारों का ये भी कहना है की महबूबा ने अपना रुख कड़ा कर लिया है
जो चिट्ठी महबूबा ने लिखी है वो पीडीपी के प्रेसिडेंट के नाते लिखी है | 22 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: खगोलशास्त्रियों ने एक ऐसे ग्रह के खोजने का दावा किया है, जो दो सूर्य की परिक्रमा करता है। यह ठीक उसी तरह का है जैसा फिल्म स्टार वार्स में काल्पनिक ग्रह टैटूइन को दिखाया गया है। नासा के केप्लर अंतरिक्षयान से पता लगाने वाले एक अंतरराष्ट्रीय दल ने कहा कि यह केप्लर-16बी ग्रह पृथ्वी से करीब 200 प्रकाश वर्ष दूर है और संभवत: जमे हुए पत्थर और गैस का बना हुआ है और इसका आकार शनि ग्रह के बराबर है। यह दो तारों की परिक्रमा कर रहा है और ये तारे भी एक-दूसरे की परिक्रमा कर रहे हैं। इनमें से एक का आकार हमारे सूर्य का तिहाई है, जबकि दूसरा सूर्य के पांचवें हिस्से के बराबर है। प्रत्येक तारे को एक चक्र पूरा करने में 229 दिन का समय लगता है और प्रत्येक तीन हफ्ते पर एक-दूसरे के पर ग्रहण उत्पन्न करते हैं। इस दल के सदस्य और वाशिंगटन डीसी के कारनेजी इंस्टिट्यूशन फोर साइंस में अनुसंधानकर्ता अलान बोस के हवाले से मीडिया में कहा गया है कि दोनों तारों के एक-दूसरे के अत्यंत निकट होने की वजह से कभी भी लगातार सूर्य का प्रकाश प्राप्त नहीं होता है। मीडिया के मुताबिक, वे दोनों प्रत्येक 20.5 दिन में एक-दूसरे के निकट ग्रहण के तौर आते हैं और उसके बाद अलग हो जाते हैं। अलगाव में बढ़ोतरी होने से वे अलग-अलग अवधियों में डूबते हैं। दल ने केप्लर अंतरिक्षयान द्वारा संग्रहित आंकडों में असमान्य सिंग्नलों को देखकर इस ग्रह की खोज की। | सारांश: खगोलशास्त्रियों ने ऐसे ग्रह को खोजा है, जो दो सूर्य की परिक्रमा करता है। यह वैसा ही है, जैसा फिल्म स्टार वार्स में काल्पनिक ग्रह टैटूइन है। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: गणतंत्र दिवस के मौके पर श्रीनगर के लालचौक पर तिरंगा फहराने की भाजपा की योजना के बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि इस पवित्र मौके पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। इस पूरे मामले पर प्रधानमंत्री की ओर से पहली बार बयान दिया गया है। इस पर भाजपा ने सिंह पर पलटवार करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री देश को नीचा दिखा रहे हैं और उनका बयान अलगाववादियों का हौसला बढ़ाने वाला है। भारतीय जनता युवा मोर्चा की ओर से निकाली गई राष्ट्रीय एकता यात्रा का मकसद 26 जनवरी को लाल चौक पर तिरंगा फहराना है। यह यात्रा शनिवार को हिमाचल प्रदेश में प्रवेश कर गई। प्रधानमंत्री ने अपने बयान में कहा कि जम्मू कश्मीर जैसे संवेदनशील राज्य में शांति में व्यवधान नहीं पैदा किया जाना चाहिए। सिंह ने कहा, मैं उम्मीद करता हूं कि सभी नागरिक और राजनीतिक दल इस आह्वान को मानेंगे और ऐसा कुछ भी नहीं करेंगे जिससे शांति और सौहार्द में व्यवधान उत्पन्न हो या गणतंत्र दिवस की गरिमा को कोई चोट पहुंचे। | गणतंत्र दिवस पर श्रीनगर के लालचौक पर तिरंगा फहराने की भाजपा की योजना के बीच प्रधानमंत्री ने कहा कि इस पवित्र मौके पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार को लगता है कि बड़े सितारों की लोकप्रियता के सहारे फिल्में चलने का दौर अब खत्म हो चुका है और अब बॉक्स ऑफिस पर वे ही फिल्में चल रही हैं, जिनकी विषयवस्तु बढ़िया है।टिप्पणियां
एक साक्षात्कार में अक्षय ने कहा, ऐसा नहीं है कि फिल्म से किसी बड़े सितारे का नाम जुड़ा है तो वह हिट हो ही जाएगी। सिर्फ अच्छी फिल्में ही अच्छा प्रदर्शन करती हैं। अगर फिल्म की कहानी और विषय-वस्तु बढ़िया है तो फिल्म चलती है। कई बार बड़े सितारों की फिल्में भी बॉक्स ऑफिस पर नहीं चलतीं। अब वह समय गया जब बड़े सितारों की फिल्में हर बार बॉक्स ऑफिस पर सफल हो जाया करती थीं। अक्षय एंथनी डीसूजा की ‘बॉस’ में दिखाई देंगे। यह फिल्म मलयालम फिल्म ‘पोक्किरी राजा’ का रीमेक है।
अक्षय ने कहा, जब मैंने यह फिल्म देखी तो मुझे यह बहुत पसंद आई। फिल्म में मनोरंजन, हास्य और मार-धाड़ वाले 12 सीक्वेंस हैं। यह दो भाइयों और एक पिता की कहानी है। यही वजह है कि मैंने यह फिल्म की। मेरा संबंध मेरे पिता के साथ बेहद अच्छा था इसीलिए मैंने ‘वक्त’, ‘एक रिश्ता’, ‘जानवर’ जैसी फिल्में बनाईं। इस लिहाज से यह मेरी चौथी फिल्म है। अपने बेटे आरव के साथ संबंध के बारे में अक्षय ने कहा, हमारे बीच बहुत अच्छा संबंध है। उसे मेरी सारी फिल्में पसंद हैं। एक बेटा अपने पिता की सारी फिल्में पसंद करता है। उसके लिए उसके पिता सुपरमैन होते हैं। उसे एक्शन फिल्में पसंद हैं। अक्षय ने बताया कि ‘बॉस’ में कई बेहद मुश्किल एक्शन सीक्वेंस और स्टंट हैं।
एक साक्षात्कार में अक्षय ने कहा, ऐसा नहीं है कि फिल्म से किसी बड़े सितारे का नाम जुड़ा है तो वह हिट हो ही जाएगी। सिर्फ अच्छी फिल्में ही अच्छा प्रदर्शन करती हैं। अगर फिल्म की कहानी और विषय-वस्तु बढ़िया है तो फिल्म चलती है। कई बार बड़े सितारों की फिल्में भी बॉक्स ऑफिस पर नहीं चलतीं। अब वह समय गया जब बड़े सितारों की फिल्में हर बार बॉक्स ऑफिस पर सफल हो जाया करती थीं। अक्षय एंथनी डीसूजा की ‘बॉस’ में दिखाई देंगे। यह फिल्म मलयालम फिल्म ‘पोक्किरी राजा’ का रीमेक है।
अक्षय ने कहा, जब मैंने यह फिल्म देखी तो मुझे यह बहुत पसंद आई। फिल्म में मनोरंजन, हास्य और मार-धाड़ वाले 12 सीक्वेंस हैं। यह दो भाइयों और एक पिता की कहानी है। यही वजह है कि मैंने यह फिल्म की। मेरा संबंध मेरे पिता के साथ बेहद अच्छा था इसीलिए मैंने ‘वक्त’, ‘एक रिश्ता’, ‘जानवर’ जैसी फिल्में बनाईं। इस लिहाज से यह मेरी चौथी फिल्म है। अपने बेटे आरव के साथ संबंध के बारे में अक्षय ने कहा, हमारे बीच बहुत अच्छा संबंध है। उसे मेरी सारी फिल्में पसंद हैं। एक बेटा अपने पिता की सारी फिल्में पसंद करता है। उसके लिए उसके पिता सुपरमैन होते हैं। उसे एक्शन फिल्में पसंद हैं। अक्षय ने बताया कि ‘बॉस’ में कई बेहद मुश्किल एक्शन सीक्वेंस और स्टंट हैं।
अक्षय ने कहा, जब मैंने यह फिल्म देखी तो मुझे यह बहुत पसंद आई। फिल्म में मनोरंजन, हास्य और मार-धाड़ वाले 12 सीक्वेंस हैं। यह दो भाइयों और एक पिता की कहानी है। यही वजह है कि मैंने यह फिल्म की। मेरा संबंध मेरे पिता के साथ बेहद अच्छा था इसीलिए मैंने ‘वक्त’, ‘एक रिश्ता’, ‘जानवर’ जैसी फिल्में बनाईं। इस लिहाज से यह मेरी चौथी फिल्म है। अपने बेटे आरव के साथ संबंध के बारे में अक्षय ने कहा, हमारे बीच बहुत अच्छा संबंध है। उसे मेरी सारी फिल्में पसंद हैं। एक बेटा अपने पिता की सारी फिल्में पसंद करता है। उसके लिए उसके पिता सुपरमैन होते हैं। उसे एक्शन फिल्में पसंद हैं। अक्षय ने बताया कि ‘बॉस’ में कई बेहद मुश्किल एक्शन सीक्वेंस और स्टंट हैं। | संक्षिप्त पाठ: अक्षय ने कहा कि मेरा संबंध मेरे पिता के साथ बेहद अच्छा था इसीलिए मैंने ‘वक्त’, ‘एक रिश्ता’, ‘जानवर’ जैसी फिल्में बनाईं। इस लिहाज से यह मेरी चौथी फिल्म है। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: वैज्ञानिकों के अनुसार युवा तारे अंतरिक्ष में प्रति घंटा करीब 2,00,000 किलोमीटर की रफ्तार से पानी की बौछारें फेंकते हैं। नीदरलैन्ड के लेडेन विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के अनुसार इस खोज से सूर्य के जीवन के प्रारंभिक चरण पर नया प्रकाश पड़ सकता है। 'डेली मेल' के अनुसार वैज्ञानिकों ने धरती से करीब 750 प्रकाश वर्ष दूर पेरसेअस तारामंडल में स्थित एक प्रोटोस्टार (युवा तारे) पर हुआ यह नजारा देखा। तारे की उम्र 1,00,000 साल से अधिक नहीं है और उसके चारों ओर गैस एवं धूल का गुबार अभी भी है, जिससे इसकी उत्पत्ति हुई। वैज्ञानिकों ने यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की हर्शेल अंतरिक्ष बेधशाला में लगे पराबैगनी उपकरणों से इस गुबार के भीतर झांककर इस तारे का पता लगाया। उन्होंने पाया कि तारे के चारों ओर हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के एटम परिक्रमा कर रहे हैं। इसके बाद उन्होंने इन एटमों का रास्ता ढूंढा और नतीजे पर पहुंचे कि तारे पर पानी बनता है। वैज्ञानिकों ने पाया कि तारे के उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव पर तापमान 1,00,000 डिग्री सेल्सियस है, जो पानी को गैस के रूप में परिवर्तित कर देता है। यह गैस जब पास के पदार्थ से टकराती है, तो जल्द ठंड होकर तरल पदार्थ में बदल जाती है। प्रमुख अनुसंधानकर्ता लार्स क्रिस्टेन्सेन के हवाले से बताया गया, जब हम इन धाराओं की तस्वीर देखते हैं, तो यह अमेजन नदी से हर सेकेन्ड बहने वाले पानी की गति से 10 करोड़ अधिक गुना प्रतीत होती है। हम 2,00,000 किलोमीटर प्रति घंटे की गति की बात कर रहे हैं यानी मशीनगन से निकलने वाली गोली की रफ्तार से 80 गुना अधिक। क्रिस्टेन्सेन और उनका दल इस खोज से काफी उत्साहित है, क्योंकि इससे सूर्य के जीवन के प्रारंभिक चरण पर नया प्रकाश पड़ेगा। क्रिस्टेन्सेन ने कहा, हम यह समझने लगे हैं कि सूर्य की तरह के हर तारे अपनी युवावस्था में एक ऊर्जावान चरण से गुजरते हैं। इस चरण में वे काफी तेज गति से पदार्थ फेंकते हैं, जिसका एक हिस्सा अब हम जानते हैं कि पानी है। उन्होंने कहा कि पेरसेअस में जो परिघटना हमने देखी, वह सभी तारों के युवा काल में कुछ समय के लिए घटती है। | सारांश: वैज्ञानिकों के अनुसार युवा तारे अंतरिक्ष में प्रति घंटा करीब 2,00,000 किलोमीटर की रफ्तार से पानी की बौछारें फेंकते हैं। इस खोज से सूर्य के जीवन के प्रारंभिक चरण पर नया प्रकाश पड़ सकता है। | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: शुरू से ही टूर्नामेंट के प्रबल दावेदार भारत पहला ऐसा देश बन गया है जिसने अपनी सरजमीं पर फाइनल में जीत दर्ज करके विश्व कप जीता। भारत ने शनिवार कोवानखेड़े स्टेडियम में श्रीलंका को छह विकेट से मात दी। इससे पहले अभी तक कभी कोई मेजबान देश अपने देश में फाइनल खेलकर विजयी नहीं बना था। इंग्लैंड ने चार बार :1975 से 1983 और 1999: विश्व कप की मेजबानी की लेकिन उसे अब भी पहली सफलता का इंतजार है। इनमें से पहले दो विश्व कप में वेस्टइंडीज बकि 1983 में भारत चैंपियन बना था। भारत ने 1987 में पहली बार पाकिस्तान के साथ मिलकर मेजबानी की थी लेकिन तब ऑस्ट्रेलिया ने खिताब जीता था। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने जब 1992 में मेजबानी की तो पाकिस्तान चैंपियन बनने में सफल रहा था। इसके चार साल बाद भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका ने विश्व कप आयोजन किया था । श्रीलंका तब चैंपियन बना था लेकिन उस समय फाइनल मैच पाकिस्तानी शहर लाहौर में खेला गया था। इंग्लैंड में फिर 1999 में टूर्नामेंट का आयोजन किया गया लेकिन तब आस्ट्रेलिया ने खिताब जीता। ऑस्ट्रेलिया ने इसके बाद 2003 में दक्षिण अफ्रीका और 2007 में वेस्टइंडीज में खेले गये विश्व कप में भी बाजी मारी थी। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: शुरू से ही टूर्नामेंट के प्रबल दावेदार भारत पहला ऐसा देश बन गया है जिसने अपनी सरजमीं पर फाइनल में जीत दर्ज करके विश्व कप जीता। | 19 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: तीन तलाक के मामले में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है. हलफनामे में बोर्ड ने कहा कि पर्सनल लॉ को सामाजिक सुधार के नाम पर दोबारा से नहीं लिखा जा सकता. तलाक की वैधता सुप्रीम कोर्ट तय नहीं कर सकता है.टिप्पणियां
पहले कई मामलों में सुप्रीम कोर्ट ये मामला तय कर चुका है. मुस्लिम पर्सनल लॉ कोई कानून नहीं है जिसे चुनौती दी जा सके, बल्कि ये कुरान से लिया गया है. ये इस्लाम धर्म से संबंधित सांस्कृतिक मुद्दा है.
बोर्ड ने हलफनामा में कहा, तलाक, शादी और देखरेख अलग-अलग धर्म में अलग-अलग हैं. एक धर्म के अधिकार को लेकर कोर्ट फैसला नहीं दे सकता. कुरान के मुताबिक तलाक अवांछनीय है लेकिन जरूरत पड़ने पर दिया जा सकता है. इस्लाम में ये पॉलिसी है कि अगर दंपती के बीच में संबंध खराब हो चुके हैं तो शादी को खत्म कर दिया जाए. तीन तलाक को इजाजत है क्योंकि पति सही से निर्णय ले सकता है, वो जल्दबाजी में फैसला नहीं लेते. तीन तलाक तभी इस्तेमाल किया जाता है जब वैलिड ग्राउंड हो.
पहले कई मामलों में सुप्रीम कोर्ट ये मामला तय कर चुका है. मुस्लिम पर्सनल लॉ कोई कानून नहीं है जिसे चुनौती दी जा सके, बल्कि ये कुरान से लिया गया है. ये इस्लाम धर्म से संबंधित सांस्कृतिक मुद्दा है.
बोर्ड ने हलफनामा में कहा, तलाक, शादी और देखरेख अलग-अलग धर्म में अलग-अलग हैं. एक धर्म के अधिकार को लेकर कोर्ट फैसला नहीं दे सकता. कुरान के मुताबिक तलाक अवांछनीय है लेकिन जरूरत पड़ने पर दिया जा सकता है. इस्लाम में ये पॉलिसी है कि अगर दंपती के बीच में संबंध खराब हो चुके हैं तो शादी को खत्म कर दिया जाए. तीन तलाक को इजाजत है क्योंकि पति सही से निर्णय ले सकता है, वो जल्दबाजी में फैसला नहीं लेते. तीन तलाक तभी इस्तेमाल किया जाता है जब वैलिड ग्राउंड हो.
बोर्ड ने हलफनामा में कहा, तलाक, शादी और देखरेख अलग-अलग धर्म में अलग-अलग हैं. एक धर्म के अधिकार को लेकर कोर्ट फैसला नहीं दे सकता. कुरान के मुताबिक तलाक अवांछनीय है लेकिन जरूरत पड़ने पर दिया जा सकता है. इस्लाम में ये पॉलिसी है कि अगर दंपती के बीच में संबंध खराब हो चुके हैं तो शादी को खत्म कर दिया जाए. तीन तलाक को इजाजत है क्योंकि पति सही से निर्णय ले सकता है, वो जल्दबाजी में फैसला नहीं लेते. तीन तलाक तभी इस्तेमाल किया जाता है जब वैलिड ग्राउंड हो. | पर्सनल लॉ को सामाजिक सुधार के नाम पर दोबारा से नहीं लिखा जा सकता : बोर्ड
मुस्लिम पर्सनल लॉ कोई कानून नहीं है जिसे चुनौती दी जा सके : बोर्ड
कुरान के अनुसार तलाक अवांछनीय, लेकिन जरूरत पड़ने पर दिया जा सकता है:बोर्ड | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने रविवार को कहा कि पार्टी को विधानसभा चुनावों से पहले नेता का नाम पेश न करने की आम प्रवृत्ति अब त्याग देना चाहिए।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी ने कहा कि कांग्रेस को यह अहसास होना चाहिए कि एक राष्ट्रीय पार्टी को राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दोनों महत्वाकांक्षाएं पूरी करनी है।
उन्होंने कहा ‘एक राष्ट्रीय पार्टी होने के नाते प्रत्येक राज्य में हम संतुलन बनाए बिना सफल नहीं होंगे।’ जोगी चाहते हैं कि कांग्रेस भी 15 माह बाद होने जा रहे लोकसभा चुनावों से पहले प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दे।
यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस को विधानसभा चुनावों से पहले नेता पेश करना चाहिए, उन्होंने कहा ‘यह मेरी निजी राय है कि निर्णय राज्यवार लिया जाना चाहिए और एक आम नियम का पालन नहीं करना चाहिए।’ जोगी ने कहा ‘प्रत्येक राज्य में परिस्थितियों के अनुसार, हमें नेता की घोषणा करना चाहिए या नहीं करना चाहिए। हमने हिमाचल प्रदेश में नेता पेश किया और परिणाम भी मिला जबकि पहले हम नेता को पेश नहीं करते थे फिर भी हमें नतीजे मिलते थे।’
67 वर्षीय नेता ने कहा कि पार्टी में नेता को पेश न करना आम चलन रहा है। निर्वाचित विधायकों की राय लेने के बाद पर्यवेक्षक भेजे जाते हैं और फिर अंतिम निर्णय कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा किया जाता है।
हालिया वर्षों में यह पहला मौका है जब किसी कांग्रेस नेता ने इस मुद्दे पर खुल कर बोला है। करीब एक दशक पहले मध्यप्रदेश से अलग हो कर जब छत्तीसगढ़ अस्तित्व में आया था तो जोगी इस राज्य के पहले मुख्यमंत्री बने थे। इस साल के आखिर में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान और दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने हैं।
जोगी से पूछा गया कि क्या कांग्रेस को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा करनी चाहिए। इस पर उनका जवाब सकारात्मक था। उन्होंने कहा ‘हमें कहना चाहिए कि देश का अगला नेता नेहरू गांधी परिवार से होगा। यह मेरी निजी राय है।’ उन्होंने कहा ‘कांग्रेस में ज्यादातर लोगों को लगता है कि समय आ गया है और उन्हें देश का नेतृत्व करना चाहिए और सब कुछ परिवार की पसंद पर निर्भर होगा। अगर वह चाहें, तो लोग उन्हें हाथोंहाथ लेंगे। अगर वे न चाहें तो आप कुछ नहीं कर सकते।’
जोगी ने कहा कि तेलंगाना मुद्दे पर जल्द निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि कांग्रेस के लिए आंध्रप्रदेश एक प्रमुख राज्य है।
जब कांग्रेस विपक्ष में थी तो जोगी इसके राष्ट्रीय प्रवक्ता थे। उनसे भविष्य में गठबंधन के बारे में पूछने के साथ-साथ सवाल किया गया कि क्या कांग्रेस को सभी पूर्व पार्टी सदस्यों को वापस आने के लिए कहना चाहिए। लेकिन उन्होंने जवाब टाल दिया।
जोगी ने कहा कि पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने वरिष्ठ नेता एके एंटनी की अगुवाई में एक समिति बनाई है जो इस मामले पर विचार कर रही है। समिति ही चुनाव पूर्व और चुनाव के बाद के सहयोगियों के बारे में फैसला करेगी और अंतिम मंजूरी के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष तथा अध्यक्ष को इसे सौंपेगी।
पार्टी में चर्चा है कि चुनाव पूर्व गठबंधन केवल महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल और झारखंड सहित कुछ गिनेचुने राज्यों में ही होगा। जोगी को लगता है कि अगर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित किए जाते हैं तो कांग्रेस को कोई खतरा नहीं होगा।
उन्होंने कहा ‘मेरी राय में मोदी राष्ट्रीय नेता नहीं हैं। भारत समर्थकों में उनकी स्वीकार्यता नहीं है। जबकि हमारा नेतृत्व हकीकत में अखिल भारतीय नेता की हैसियत रखता है, चाहे वह सोनिया गांधी हों या राहुल गांधी, वे पूरे देश के नेता हैं, किसी राज्य या क्षेत्र के नहीं।’ जोगी ने कहा ‘मोदी गुजरात के नेता के तौर पर देखे जाते हैं। उन्हें अन्य राज्यों में अभी स्वीकार्यता हासिल करनी है। वर्ष 2002 के दंगे देश को उन्हें स्वीकारने की अनुमति कभी नहीं देंगे।’टिप्पणियां
उन्हें यह भी लगता है कि अगले लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को फायदा होगा क्योंकि भाजपा में सब कुछ व्यवस्थित नहीं है।
जोगी ने कहा ‘वे अपने नेता, नीतियों आदि पर निर्णय करने की स्थिति में नहीं हैं, पार्टी में खुली बगावत हो रही है और वह एक एक कर राज्यों में हारती जा रही है.. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, झारखंड.. कर्नाटक में वह हारने वाले हैं क्योंकि वहां उनकी हालत बहुत खराब है। मुझे गंभीरता से लगता है कि हम प्रतिस्पर्धी नहीं हैं।’
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी ने कहा कि कांग्रेस को यह अहसास होना चाहिए कि एक राष्ट्रीय पार्टी को राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दोनों महत्वाकांक्षाएं पूरी करनी है।
उन्होंने कहा ‘एक राष्ट्रीय पार्टी होने के नाते प्रत्येक राज्य में हम संतुलन बनाए बिना सफल नहीं होंगे।’ जोगी चाहते हैं कि कांग्रेस भी 15 माह बाद होने जा रहे लोकसभा चुनावों से पहले प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दे।
यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस को विधानसभा चुनावों से पहले नेता पेश करना चाहिए, उन्होंने कहा ‘यह मेरी निजी राय है कि निर्णय राज्यवार लिया जाना चाहिए और एक आम नियम का पालन नहीं करना चाहिए।’ जोगी ने कहा ‘प्रत्येक राज्य में परिस्थितियों के अनुसार, हमें नेता की घोषणा करना चाहिए या नहीं करना चाहिए। हमने हिमाचल प्रदेश में नेता पेश किया और परिणाम भी मिला जबकि पहले हम नेता को पेश नहीं करते थे फिर भी हमें नतीजे मिलते थे।’
67 वर्षीय नेता ने कहा कि पार्टी में नेता को पेश न करना आम चलन रहा है। निर्वाचित विधायकों की राय लेने के बाद पर्यवेक्षक भेजे जाते हैं और फिर अंतिम निर्णय कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा किया जाता है।
हालिया वर्षों में यह पहला मौका है जब किसी कांग्रेस नेता ने इस मुद्दे पर खुल कर बोला है। करीब एक दशक पहले मध्यप्रदेश से अलग हो कर जब छत्तीसगढ़ अस्तित्व में आया था तो जोगी इस राज्य के पहले मुख्यमंत्री बने थे। इस साल के आखिर में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान और दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने हैं।
जोगी से पूछा गया कि क्या कांग्रेस को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा करनी चाहिए। इस पर उनका जवाब सकारात्मक था। उन्होंने कहा ‘हमें कहना चाहिए कि देश का अगला नेता नेहरू गांधी परिवार से होगा। यह मेरी निजी राय है।’ उन्होंने कहा ‘कांग्रेस में ज्यादातर लोगों को लगता है कि समय आ गया है और उन्हें देश का नेतृत्व करना चाहिए और सब कुछ परिवार की पसंद पर निर्भर होगा। अगर वह चाहें, तो लोग उन्हें हाथोंहाथ लेंगे। अगर वे न चाहें तो आप कुछ नहीं कर सकते।’
जोगी ने कहा कि तेलंगाना मुद्दे पर जल्द निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि कांग्रेस के लिए आंध्रप्रदेश एक प्रमुख राज्य है।
जब कांग्रेस विपक्ष में थी तो जोगी इसके राष्ट्रीय प्रवक्ता थे। उनसे भविष्य में गठबंधन के बारे में पूछने के साथ-साथ सवाल किया गया कि क्या कांग्रेस को सभी पूर्व पार्टी सदस्यों को वापस आने के लिए कहना चाहिए। लेकिन उन्होंने जवाब टाल दिया।
जोगी ने कहा कि पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने वरिष्ठ नेता एके एंटनी की अगुवाई में एक समिति बनाई है जो इस मामले पर विचार कर रही है। समिति ही चुनाव पूर्व और चुनाव के बाद के सहयोगियों के बारे में फैसला करेगी और अंतिम मंजूरी के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष तथा अध्यक्ष को इसे सौंपेगी।
पार्टी में चर्चा है कि चुनाव पूर्व गठबंधन केवल महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल और झारखंड सहित कुछ गिनेचुने राज्यों में ही होगा। जोगी को लगता है कि अगर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित किए जाते हैं तो कांग्रेस को कोई खतरा नहीं होगा।
उन्होंने कहा ‘मेरी राय में मोदी राष्ट्रीय नेता नहीं हैं। भारत समर्थकों में उनकी स्वीकार्यता नहीं है। जबकि हमारा नेतृत्व हकीकत में अखिल भारतीय नेता की हैसियत रखता है, चाहे वह सोनिया गांधी हों या राहुल गांधी, वे पूरे देश के नेता हैं, किसी राज्य या क्षेत्र के नहीं।’ जोगी ने कहा ‘मोदी गुजरात के नेता के तौर पर देखे जाते हैं। उन्हें अन्य राज्यों में अभी स्वीकार्यता हासिल करनी है। वर्ष 2002 के दंगे देश को उन्हें स्वीकारने की अनुमति कभी नहीं देंगे।’टिप्पणियां
उन्हें यह भी लगता है कि अगले लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को फायदा होगा क्योंकि भाजपा में सब कुछ व्यवस्थित नहीं है।
जोगी ने कहा ‘वे अपने नेता, नीतियों आदि पर निर्णय करने की स्थिति में नहीं हैं, पार्टी में खुली बगावत हो रही है और वह एक एक कर राज्यों में हारती जा रही है.. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, झारखंड.. कर्नाटक में वह हारने वाले हैं क्योंकि वहां उनकी हालत बहुत खराब है। मुझे गंभीरता से लगता है कि हम प्रतिस्पर्धी नहीं हैं।’
उन्होंने कहा ‘एक राष्ट्रीय पार्टी होने के नाते प्रत्येक राज्य में हम संतुलन बनाए बिना सफल नहीं होंगे।’ जोगी चाहते हैं कि कांग्रेस भी 15 माह बाद होने जा रहे लोकसभा चुनावों से पहले प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दे।
यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस को विधानसभा चुनावों से पहले नेता पेश करना चाहिए, उन्होंने कहा ‘यह मेरी निजी राय है कि निर्णय राज्यवार लिया जाना चाहिए और एक आम नियम का पालन नहीं करना चाहिए।’ जोगी ने कहा ‘प्रत्येक राज्य में परिस्थितियों के अनुसार, हमें नेता की घोषणा करना चाहिए या नहीं करना चाहिए। हमने हिमाचल प्रदेश में नेता पेश किया और परिणाम भी मिला जबकि पहले हम नेता को पेश नहीं करते थे फिर भी हमें नतीजे मिलते थे।’
67 वर्षीय नेता ने कहा कि पार्टी में नेता को पेश न करना आम चलन रहा है। निर्वाचित विधायकों की राय लेने के बाद पर्यवेक्षक भेजे जाते हैं और फिर अंतिम निर्णय कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा किया जाता है।
हालिया वर्षों में यह पहला मौका है जब किसी कांग्रेस नेता ने इस मुद्दे पर खुल कर बोला है। करीब एक दशक पहले मध्यप्रदेश से अलग हो कर जब छत्तीसगढ़ अस्तित्व में आया था तो जोगी इस राज्य के पहले मुख्यमंत्री बने थे। इस साल के आखिर में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान और दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने हैं।
जोगी से पूछा गया कि क्या कांग्रेस को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा करनी चाहिए। इस पर उनका जवाब सकारात्मक था। उन्होंने कहा ‘हमें कहना चाहिए कि देश का अगला नेता नेहरू गांधी परिवार से होगा। यह मेरी निजी राय है।’ उन्होंने कहा ‘कांग्रेस में ज्यादातर लोगों को लगता है कि समय आ गया है और उन्हें देश का नेतृत्व करना चाहिए और सब कुछ परिवार की पसंद पर निर्भर होगा। अगर वह चाहें, तो लोग उन्हें हाथोंहाथ लेंगे। अगर वे न चाहें तो आप कुछ नहीं कर सकते।’
जोगी ने कहा कि तेलंगाना मुद्दे पर जल्द निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि कांग्रेस के लिए आंध्रप्रदेश एक प्रमुख राज्य है।
जब कांग्रेस विपक्ष में थी तो जोगी इसके राष्ट्रीय प्रवक्ता थे। उनसे भविष्य में गठबंधन के बारे में पूछने के साथ-साथ सवाल किया गया कि क्या कांग्रेस को सभी पूर्व पार्टी सदस्यों को वापस आने के लिए कहना चाहिए। लेकिन उन्होंने जवाब टाल दिया।
जोगी ने कहा कि पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने वरिष्ठ नेता एके एंटनी की अगुवाई में एक समिति बनाई है जो इस मामले पर विचार कर रही है। समिति ही चुनाव पूर्व और चुनाव के बाद के सहयोगियों के बारे में फैसला करेगी और अंतिम मंजूरी के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष तथा अध्यक्ष को इसे सौंपेगी।
पार्टी में चर्चा है कि चुनाव पूर्व गठबंधन केवल महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल और झारखंड सहित कुछ गिनेचुने राज्यों में ही होगा। जोगी को लगता है कि अगर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित किए जाते हैं तो कांग्रेस को कोई खतरा नहीं होगा।
उन्होंने कहा ‘मेरी राय में मोदी राष्ट्रीय नेता नहीं हैं। भारत समर्थकों में उनकी स्वीकार्यता नहीं है। जबकि हमारा नेतृत्व हकीकत में अखिल भारतीय नेता की हैसियत रखता है, चाहे वह सोनिया गांधी हों या राहुल गांधी, वे पूरे देश के नेता हैं, किसी राज्य या क्षेत्र के नहीं।’ जोगी ने कहा ‘मोदी गुजरात के नेता के तौर पर देखे जाते हैं। उन्हें अन्य राज्यों में अभी स्वीकार्यता हासिल करनी है। वर्ष 2002 के दंगे देश को उन्हें स्वीकारने की अनुमति कभी नहीं देंगे।’टिप्पणियां
उन्हें यह भी लगता है कि अगले लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को फायदा होगा क्योंकि भाजपा में सब कुछ व्यवस्थित नहीं है।
जोगी ने कहा ‘वे अपने नेता, नीतियों आदि पर निर्णय करने की स्थिति में नहीं हैं, पार्टी में खुली बगावत हो रही है और वह एक एक कर राज्यों में हारती जा रही है.. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, झारखंड.. कर्नाटक में वह हारने वाले हैं क्योंकि वहां उनकी हालत बहुत खराब है। मुझे गंभीरता से लगता है कि हम प्रतिस्पर्धी नहीं हैं।’
यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस को विधानसभा चुनावों से पहले नेता पेश करना चाहिए, उन्होंने कहा ‘यह मेरी निजी राय है कि निर्णय राज्यवार लिया जाना चाहिए और एक आम नियम का पालन नहीं करना चाहिए।’ जोगी ने कहा ‘प्रत्येक राज्य में परिस्थितियों के अनुसार, हमें नेता की घोषणा करना चाहिए या नहीं करना चाहिए। हमने हिमाचल प्रदेश में नेता पेश किया और परिणाम भी मिला जबकि पहले हम नेता को पेश नहीं करते थे फिर भी हमें नतीजे मिलते थे।’
67 वर्षीय नेता ने कहा कि पार्टी में नेता को पेश न करना आम चलन रहा है। निर्वाचित विधायकों की राय लेने के बाद पर्यवेक्षक भेजे जाते हैं और फिर अंतिम निर्णय कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा किया जाता है।
हालिया वर्षों में यह पहला मौका है जब किसी कांग्रेस नेता ने इस मुद्दे पर खुल कर बोला है। करीब एक दशक पहले मध्यप्रदेश से अलग हो कर जब छत्तीसगढ़ अस्तित्व में आया था तो जोगी इस राज्य के पहले मुख्यमंत्री बने थे। इस साल के आखिर में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान और दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने हैं।
जोगी से पूछा गया कि क्या कांग्रेस को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा करनी चाहिए। इस पर उनका जवाब सकारात्मक था। उन्होंने कहा ‘हमें कहना चाहिए कि देश का अगला नेता नेहरू गांधी परिवार से होगा। यह मेरी निजी राय है।’ उन्होंने कहा ‘कांग्रेस में ज्यादातर लोगों को लगता है कि समय आ गया है और उन्हें देश का नेतृत्व करना चाहिए और सब कुछ परिवार की पसंद पर निर्भर होगा। अगर वह चाहें, तो लोग उन्हें हाथोंहाथ लेंगे। अगर वे न चाहें तो आप कुछ नहीं कर सकते।’
जोगी ने कहा कि तेलंगाना मुद्दे पर जल्द निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि कांग्रेस के लिए आंध्रप्रदेश एक प्रमुख राज्य है।
जब कांग्रेस विपक्ष में थी तो जोगी इसके राष्ट्रीय प्रवक्ता थे। उनसे भविष्य में गठबंधन के बारे में पूछने के साथ-साथ सवाल किया गया कि क्या कांग्रेस को सभी पूर्व पार्टी सदस्यों को वापस आने के लिए कहना चाहिए। लेकिन उन्होंने जवाब टाल दिया।
जोगी ने कहा कि पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने वरिष्ठ नेता एके एंटनी की अगुवाई में एक समिति बनाई है जो इस मामले पर विचार कर रही है। समिति ही चुनाव पूर्व और चुनाव के बाद के सहयोगियों के बारे में फैसला करेगी और अंतिम मंजूरी के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष तथा अध्यक्ष को इसे सौंपेगी।
पार्टी में चर्चा है कि चुनाव पूर्व गठबंधन केवल महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल और झारखंड सहित कुछ गिनेचुने राज्यों में ही होगा। जोगी को लगता है कि अगर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित किए जाते हैं तो कांग्रेस को कोई खतरा नहीं होगा।
उन्होंने कहा ‘मेरी राय में मोदी राष्ट्रीय नेता नहीं हैं। भारत समर्थकों में उनकी स्वीकार्यता नहीं है। जबकि हमारा नेतृत्व हकीकत में अखिल भारतीय नेता की हैसियत रखता है, चाहे वह सोनिया गांधी हों या राहुल गांधी, वे पूरे देश के नेता हैं, किसी राज्य या क्षेत्र के नहीं।’ जोगी ने कहा ‘मोदी गुजरात के नेता के तौर पर देखे जाते हैं। उन्हें अन्य राज्यों में अभी स्वीकार्यता हासिल करनी है। वर्ष 2002 के दंगे देश को उन्हें स्वीकारने की अनुमति कभी नहीं देंगे।’टिप्पणियां
उन्हें यह भी लगता है कि अगले लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को फायदा होगा क्योंकि भाजपा में सब कुछ व्यवस्थित नहीं है।
जोगी ने कहा ‘वे अपने नेता, नीतियों आदि पर निर्णय करने की स्थिति में नहीं हैं, पार्टी में खुली बगावत हो रही है और वह एक एक कर राज्यों में हारती जा रही है.. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, झारखंड.. कर्नाटक में वह हारने वाले हैं क्योंकि वहां उनकी हालत बहुत खराब है। मुझे गंभीरता से लगता है कि हम प्रतिस्पर्धी नहीं हैं।’
67 वर्षीय नेता ने कहा कि पार्टी में नेता को पेश न करना आम चलन रहा है। निर्वाचित विधायकों की राय लेने के बाद पर्यवेक्षक भेजे जाते हैं और फिर अंतिम निर्णय कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा किया जाता है।
हालिया वर्षों में यह पहला मौका है जब किसी कांग्रेस नेता ने इस मुद्दे पर खुल कर बोला है। करीब एक दशक पहले मध्यप्रदेश से अलग हो कर जब छत्तीसगढ़ अस्तित्व में आया था तो जोगी इस राज्य के पहले मुख्यमंत्री बने थे। इस साल के आखिर में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान और दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने हैं।
जोगी से पूछा गया कि क्या कांग्रेस को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा करनी चाहिए। इस पर उनका जवाब सकारात्मक था। उन्होंने कहा ‘हमें कहना चाहिए कि देश का अगला नेता नेहरू गांधी परिवार से होगा। यह मेरी निजी राय है।’ उन्होंने कहा ‘कांग्रेस में ज्यादातर लोगों को लगता है कि समय आ गया है और उन्हें देश का नेतृत्व करना चाहिए और सब कुछ परिवार की पसंद पर निर्भर होगा। अगर वह चाहें, तो लोग उन्हें हाथोंहाथ लेंगे। अगर वे न चाहें तो आप कुछ नहीं कर सकते।’
जोगी ने कहा कि तेलंगाना मुद्दे पर जल्द निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि कांग्रेस के लिए आंध्रप्रदेश एक प्रमुख राज्य है।
जब कांग्रेस विपक्ष में थी तो जोगी इसके राष्ट्रीय प्रवक्ता थे। उनसे भविष्य में गठबंधन के बारे में पूछने के साथ-साथ सवाल किया गया कि क्या कांग्रेस को सभी पूर्व पार्टी सदस्यों को वापस आने के लिए कहना चाहिए। लेकिन उन्होंने जवाब टाल दिया।
जोगी ने कहा कि पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने वरिष्ठ नेता एके एंटनी की अगुवाई में एक समिति बनाई है जो इस मामले पर विचार कर रही है। समिति ही चुनाव पूर्व और चुनाव के बाद के सहयोगियों के बारे में फैसला करेगी और अंतिम मंजूरी के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष तथा अध्यक्ष को इसे सौंपेगी।
पार्टी में चर्चा है कि चुनाव पूर्व गठबंधन केवल महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल और झारखंड सहित कुछ गिनेचुने राज्यों में ही होगा। जोगी को लगता है कि अगर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित किए जाते हैं तो कांग्रेस को कोई खतरा नहीं होगा।
उन्होंने कहा ‘मेरी राय में मोदी राष्ट्रीय नेता नहीं हैं। भारत समर्थकों में उनकी स्वीकार्यता नहीं है। जबकि हमारा नेतृत्व हकीकत में अखिल भारतीय नेता की हैसियत रखता है, चाहे वह सोनिया गांधी हों या राहुल गांधी, वे पूरे देश के नेता हैं, किसी राज्य या क्षेत्र के नहीं।’ जोगी ने कहा ‘मोदी गुजरात के नेता के तौर पर देखे जाते हैं। उन्हें अन्य राज्यों में अभी स्वीकार्यता हासिल करनी है। वर्ष 2002 के दंगे देश को उन्हें स्वीकारने की अनुमति कभी नहीं देंगे।’टिप्पणियां
उन्हें यह भी लगता है कि अगले लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को फायदा होगा क्योंकि भाजपा में सब कुछ व्यवस्थित नहीं है।
जोगी ने कहा ‘वे अपने नेता, नीतियों आदि पर निर्णय करने की स्थिति में नहीं हैं, पार्टी में खुली बगावत हो रही है और वह एक एक कर राज्यों में हारती जा रही है.. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, झारखंड.. कर्नाटक में वह हारने वाले हैं क्योंकि वहां उनकी हालत बहुत खराब है। मुझे गंभीरता से लगता है कि हम प्रतिस्पर्धी नहीं हैं।’
हालिया वर्षों में यह पहला मौका है जब किसी कांग्रेस नेता ने इस मुद्दे पर खुल कर बोला है। करीब एक दशक पहले मध्यप्रदेश से अलग हो कर जब छत्तीसगढ़ अस्तित्व में आया था तो जोगी इस राज्य के पहले मुख्यमंत्री बने थे। इस साल के आखिर में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान और दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने हैं।
जोगी से पूछा गया कि क्या कांग्रेस को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा करनी चाहिए। इस पर उनका जवाब सकारात्मक था। उन्होंने कहा ‘हमें कहना चाहिए कि देश का अगला नेता नेहरू गांधी परिवार से होगा। यह मेरी निजी राय है।’ उन्होंने कहा ‘कांग्रेस में ज्यादातर लोगों को लगता है कि समय आ गया है और उन्हें देश का नेतृत्व करना चाहिए और सब कुछ परिवार की पसंद पर निर्भर होगा। अगर वह चाहें, तो लोग उन्हें हाथोंहाथ लेंगे। अगर वे न चाहें तो आप कुछ नहीं कर सकते।’
जोगी ने कहा कि तेलंगाना मुद्दे पर जल्द निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि कांग्रेस के लिए आंध्रप्रदेश एक प्रमुख राज्य है।
जब कांग्रेस विपक्ष में थी तो जोगी इसके राष्ट्रीय प्रवक्ता थे। उनसे भविष्य में गठबंधन के बारे में पूछने के साथ-साथ सवाल किया गया कि क्या कांग्रेस को सभी पूर्व पार्टी सदस्यों को वापस आने के लिए कहना चाहिए। लेकिन उन्होंने जवाब टाल दिया।
जोगी ने कहा कि पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने वरिष्ठ नेता एके एंटनी की अगुवाई में एक समिति बनाई है जो इस मामले पर विचार कर रही है। समिति ही चुनाव पूर्व और चुनाव के बाद के सहयोगियों के बारे में फैसला करेगी और अंतिम मंजूरी के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष तथा अध्यक्ष को इसे सौंपेगी।
पार्टी में चर्चा है कि चुनाव पूर्व गठबंधन केवल महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल और झारखंड सहित कुछ गिनेचुने राज्यों में ही होगा। जोगी को लगता है कि अगर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित किए जाते हैं तो कांग्रेस को कोई खतरा नहीं होगा।
उन्होंने कहा ‘मेरी राय में मोदी राष्ट्रीय नेता नहीं हैं। भारत समर्थकों में उनकी स्वीकार्यता नहीं है। जबकि हमारा नेतृत्व हकीकत में अखिल भारतीय नेता की हैसियत रखता है, चाहे वह सोनिया गांधी हों या राहुल गांधी, वे पूरे देश के नेता हैं, किसी राज्य या क्षेत्र के नहीं।’ जोगी ने कहा ‘मोदी गुजरात के नेता के तौर पर देखे जाते हैं। उन्हें अन्य राज्यों में अभी स्वीकार्यता हासिल करनी है। वर्ष 2002 के दंगे देश को उन्हें स्वीकारने की अनुमति कभी नहीं देंगे।’टिप्पणियां
उन्हें यह भी लगता है कि अगले लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को फायदा होगा क्योंकि भाजपा में सब कुछ व्यवस्थित नहीं है।
जोगी ने कहा ‘वे अपने नेता, नीतियों आदि पर निर्णय करने की स्थिति में नहीं हैं, पार्टी में खुली बगावत हो रही है और वह एक एक कर राज्यों में हारती जा रही है.. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, झारखंड.. कर्नाटक में वह हारने वाले हैं क्योंकि वहां उनकी हालत बहुत खराब है। मुझे गंभीरता से लगता है कि हम प्रतिस्पर्धी नहीं हैं।’
जोगी से पूछा गया कि क्या कांग्रेस को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा करनी चाहिए। इस पर उनका जवाब सकारात्मक था। उन्होंने कहा ‘हमें कहना चाहिए कि देश का अगला नेता नेहरू गांधी परिवार से होगा। यह मेरी निजी राय है।’ उन्होंने कहा ‘कांग्रेस में ज्यादातर लोगों को लगता है कि समय आ गया है और उन्हें देश का नेतृत्व करना चाहिए और सब कुछ परिवार की पसंद पर निर्भर होगा। अगर वह चाहें, तो लोग उन्हें हाथोंहाथ लेंगे। अगर वे न चाहें तो आप कुछ नहीं कर सकते।’
जोगी ने कहा कि तेलंगाना मुद्दे पर जल्द निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि कांग्रेस के लिए आंध्रप्रदेश एक प्रमुख राज्य है।
जब कांग्रेस विपक्ष में थी तो जोगी इसके राष्ट्रीय प्रवक्ता थे। उनसे भविष्य में गठबंधन के बारे में पूछने के साथ-साथ सवाल किया गया कि क्या कांग्रेस को सभी पूर्व पार्टी सदस्यों को वापस आने के लिए कहना चाहिए। लेकिन उन्होंने जवाब टाल दिया।
जोगी ने कहा कि पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने वरिष्ठ नेता एके एंटनी की अगुवाई में एक समिति बनाई है जो इस मामले पर विचार कर रही है। समिति ही चुनाव पूर्व और चुनाव के बाद के सहयोगियों के बारे में फैसला करेगी और अंतिम मंजूरी के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष तथा अध्यक्ष को इसे सौंपेगी।
पार्टी में चर्चा है कि चुनाव पूर्व गठबंधन केवल महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल और झारखंड सहित कुछ गिनेचुने राज्यों में ही होगा। जोगी को लगता है कि अगर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित किए जाते हैं तो कांग्रेस को कोई खतरा नहीं होगा।
उन्होंने कहा ‘मेरी राय में मोदी राष्ट्रीय नेता नहीं हैं। भारत समर्थकों में उनकी स्वीकार्यता नहीं है। जबकि हमारा नेतृत्व हकीकत में अखिल भारतीय नेता की हैसियत रखता है, चाहे वह सोनिया गांधी हों या राहुल गांधी, वे पूरे देश के नेता हैं, किसी राज्य या क्षेत्र के नहीं।’ जोगी ने कहा ‘मोदी गुजरात के नेता के तौर पर देखे जाते हैं। उन्हें अन्य राज्यों में अभी स्वीकार्यता हासिल करनी है। वर्ष 2002 के दंगे देश को उन्हें स्वीकारने की अनुमति कभी नहीं देंगे।’टिप्पणियां
उन्हें यह भी लगता है कि अगले लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को फायदा होगा क्योंकि भाजपा में सब कुछ व्यवस्थित नहीं है।
जोगी ने कहा ‘वे अपने नेता, नीतियों आदि पर निर्णय करने की स्थिति में नहीं हैं, पार्टी में खुली बगावत हो रही है और वह एक एक कर राज्यों में हारती जा रही है.. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, झारखंड.. कर्नाटक में वह हारने वाले हैं क्योंकि वहां उनकी हालत बहुत खराब है। मुझे गंभीरता से लगता है कि हम प्रतिस्पर्धी नहीं हैं।’
जोगी ने कहा कि तेलंगाना मुद्दे पर जल्द निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि कांग्रेस के लिए आंध्रप्रदेश एक प्रमुख राज्य है।
जब कांग्रेस विपक्ष में थी तो जोगी इसके राष्ट्रीय प्रवक्ता थे। उनसे भविष्य में गठबंधन के बारे में पूछने के साथ-साथ सवाल किया गया कि क्या कांग्रेस को सभी पूर्व पार्टी सदस्यों को वापस आने के लिए कहना चाहिए। लेकिन उन्होंने जवाब टाल दिया।
जोगी ने कहा कि पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने वरिष्ठ नेता एके एंटनी की अगुवाई में एक समिति बनाई है जो इस मामले पर विचार कर रही है। समिति ही चुनाव पूर्व और चुनाव के बाद के सहयोगियों के बारे में फैसला करेगी और अंतिम मंजूरी के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष तथा अध्यक्ष को इसे सौंपेगी।
पार्टी में चर्चा है कि चुनाव पूर्व गठबंधन केवल महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल और झारखंड सहित कुछ गिनेचुने राज्यों में ही होगा। जोगी को लगता है कि अगर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित किए जाते हैं तो कांग्रेस को कोई खतरा नहीं होगा।
उन्होंने कहा ‘मेरी राय में मोदी राष्ट्रीय नेता नहीं हैं। भारत समर्थकों में उनकी स्वीकार्यता नहीं है। जबकि हमारा नेतृत्व हकीकत में अखिल भारतीय नेता की हैसियत रखता है, चाहे वह सोनिया गांधी हों या राहुल गांधी, वे पूरे देश के नेता हैं, किसी राज्य या क्षेत्र के नहीं।’ जोगी ने कहा ‘मोदी गुजरात के नेता के तौर पर देखे जाते हैं। उन्हें अन्य राज्यों में अभी स्वीकार्यता हासिल करनी है। वर्ष 2002 के दंगे देश को उन्हें स्वीकारने की अनुमति कभी नहीं देंगे।’टिप्पणियां
उन्हें यह भी लगता है कि अगले लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को फायदा होगा क्योंकि भाजपा में सब कुछ व्यवस्थित नहीं है।
जोगी ने कहा ‘वे अपने नेता, नीतियों आदि पर निर्णय करने की स्थिति में नहीं हैं, पार्टी में खुली बगावत हो रही है और वह एक एक कर राज्यों में हारती जा रही है.. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, झारखंड.. कर्नाटक में वह हारने वाले हैं क्योंकि वहां उनकी हालत बहुत खराब है। मुझे गंभीरता से लगता है कि हम प्रतिस्पर्धी नहीं हैं।’
जब कांग्रेस विपक्ष में थी तो जोगी इसके राष्ट्रीय प्रवक्ता थे। उनसे भविष्य में गठबंधन के बारे में पूछने के साथ-साथ सवाल किया गया कि क्या कांग्रेस को सभी पूर्व पार्टी सदस्यों को वापस आने के लिए कहना चाहिए। लेकिन उन्होंने जवाब टाल दिया।
जोगी ने कहा कि पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने वरिष्ठ नेता एके एंटनी की अगुवाई में एक समिति बनाई है जो इस मामले पर विचार कर रही है। समिति ही चुनाव पूर्व और चुनाव के बाद के सहयोगियों के बारे में फैसला करेगी और अंतिम मंजूरी के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष तथा अध्यक्ष को इसे सौंपेगी।
पार्टी में चर्चा है कि चुनाव पूर्व गठबंधन केवल महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल और झारखंड सहित कुछ गिनेचुने राज्यों में ही होगा। जोगी को लगता है कि अगर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित किए जाते हैं तो कांग्रेस को कोई खतरा नहीं होगा।
उन्होंने कहा ‘मेरी राय में मोदी राष्ट्रीय नेता नहीं हैं। भारत समर्थकों में उनकी स्वीकार्यता नहीं है। जबकि हमारा नेतृत्व हकीकत में अखिल भारतीय नेता की हैसियत रखता है, चाहे वह सोनिया गांधी हों या राहुल गांधी, वे पूरे देश के नेता हैं, किसी राज्य या क्षेत्र के नहीं।’ जोगी ने कहा ‘मोदी गुजरात के नेता के तौर पर देखे जाते हैं। उन्हें अन्य राज्यों में अभी स्वीकार्यता हासिल करनी है। वर्ष 2002 के दंगे देश को उन्हें स्वीकारने की अनुमति कभी नहीं देंगे।’टिप्पणियां
उन्हें यह भी लगता है कि अगले लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को फायदा होगा क्योंकि भाजपा में सब कुछ व्यवस्थित नहीं है।
जोगी ने कहा ‘वे अपने नेता, नीतियों आदि पर निर्णय करने की स्थिति में नहीं हैं, पार्टी में खुली बगावत हो रही है और वह एक एक कर राज्यों में हारती जा रही है.. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, झारखंड.. कर्नाटक में वह हारने वाले हैं क्योंकि वहां उनकी हालत बहुत खराब है। मुझे गंभीरता से लगता है कि हम प्रतिस्पर्धी नहीं हैं।’
जोगी ने कहा कि पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने वरिष्ठ नेता एके एंटनी की अगुवाई में एक समिति बनाई है जो इस मामले पर विचार कर रही है। समिति ही चुनाव पूर्व और चुनाव के बाद के सहयोगियों के बारे में फैसला करेगी और अंतिम मंजूरी के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष तथा अध्यक्ष को इसे सौंपेगी।
पार्टी में चर्चा है कि चुनाव पूर्व गठबंधन केवल महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल और झारखंड सहित कुछ गिनेचुने राज्यों में ही होगा। जोगी को लगता है कि अगर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित किए जाते हैं तो कांग्रेस को कोई खतरा नहीं होगा।
उन्होंने कहा ‘मेरी राय में मोदी राष्ट्रीय नेता नहीं हैं। भारत समर्थकों में उनकी स्वीकार्यता नहीं है। जबकि हमारा नेतृत्व हकीकत में अखिल भारतीय नेता की हैसियत रखता है, चाहे वह सोनिया गांधी हों या राहुल गांधी, वे पूरे देश के नेता हैं, किसी राज्य या क्षेत्र के नहीं।’ जोगी ने कहा ‘मोदी गुजरात के नेता के तौर पर देखे जाते हैं। उन्हें अन्य राज्यों में अभी स्वीकार्यता हासिल करनी है। वर्ष 2002 के दंगे देश को उन्हें स्वीकारने की अनुमति कभी नहीं देंगे।’टिप्पणियां
उन्हें यह भी लगता है कि अगले लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को फायदा होगा क्योंकि भाजपा में सब कुछ व्यवस्थित नहीं है।
जोगी ने कहा ‘वे अपने नेता, नीतियों आदि पर निर्णय करने की स्थिति में नहीं हैं, पार्टी में खुली बगावत हो रही है और वह एक एक कर राज्यों में हारती जा रही है.. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, झारखंड.. कर्नाटक में वह हारने वाले हैं क्योंकि वहां उनकी हालत बहुत खराब है। मुझे गंभीरता से लगता है कि हम प्रतिस्पर्धी नहीं हैं।’
पार्टी में चर्चा है कि चुनाव पूर्व गठबंधन केवल महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल और झारखंड सहित कुछ गिनेचुने राज्यों में ही होगा। जोगी को लगता है कि अगर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित किए जाते हैं तो कांग्रेस को कोई खतरा नहीं होगा।
उन्होंने कहा ‘मेरी राय में मोदी राष्ट्रीय नेता नहीं हैं। भारत समर्थकों में उनकी स्वीकार्यता नहीं है। जबकि हमारा नेतृत्व हकीकत में अखिल भारतीय नेता की हैसियत रखता है, चाहे वह सोनिया गांधी हों या राहुल गांधी, वे पूरे देश के नेता हैं, किसी राज्य या क्षेत्र के नहीं।’ जोगी ने कहा ‘मोदी गुजरात के नेता के तौर पर देखे जाते हैं। उन्हें अन्य राज्यों में अभी स्वीकार्यता हासिल करनी है। वर्ष 2002 के दंगे देश को उन्हें स्वीकारने की अनुमति कभी नहीं देंगे।’टिप्पणियां
उन्हें यह भी लगता है कि अगले लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को फायदा होगा क्योंकि भाजपा में सब कुछ व्यवस्थित नहीं है।
जोगी ने कहा ‘वे अपने नेता, नीतियों आदि पर निर्णय करने की स्थिति में नहीं हैं, पार्टी में खुली बगावत हो रही है और वह एक एक कर राज्यों में हारती जा रही है.. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, झारखंड.. कर्नाटक में वह हारने वाले हैं क्योंकि वहां उनकी हालत बहुत खराब है। मुझे गंभीरता से लगता है कि हम प्रतिस्पर्धी नहीं हैं।’
उन्होंने कहा ‘मेरी राय में मोदी राष्ट्रीय नेता नहीं हैं। भारत समर्थकों में उनकी स्वीकार्यता नहीं है। जबकि हमारा नेतृत्व हकीकत में अखिल भारतीय नेता की हैसियत रखता है, चाहे वह सोनिया गांधी हों या राहुल गांधी, वे पूरे देश के नेता हैं, किसी राज्य या क्षेत्र के नहीं।’ जोगी ने कहा ‘मोदी गुजरात के नेता के तौर पर देखे जाते हैं। उन्हें अन्य राज्यों में अभी स्वीकार्यता हासिल करनी है। वर्ष 2002 के दंगे देश को उन्हें स्वीकारने की अनुमति कभी नहीं देंगे।’टिप्पणियां
उन्हें यह भी लगता है कि अगले लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को फायदा होगा क्योंकि भाजपा में सब कुछ व्यवस्थित नहीं है।
जोगी ने कहा ‘वे अपने नेता, नीतियों आदि पर निर्णय करने की स्थिति में नहीं हैं, पार्टी में खुली बगावत हो रही है और वह एक एक कर राज्यों में हारती जा रही है.. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, झारखंड.. कर्नाटक में वह हारने वाले हैं क्योंकि वहां उनकी हालत बहुत खराब है। मुझे गंभीरता से लगता है कि हम प्रतिस्पर्धी नहीं हैं।’
उन्हें यह भी लगता है कि अगले लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को फायदा होगा क्योंकि भाजपा में सब कुछ व्यवस्थित नहीं है।
जोगी ने कहा ‘वे अपने नेता, नीतियों आदि पर निर्णय करने की स्थिति में नहीं हैं, पार्टी में खुली बगावत हो रही है और वह एक एक कर राज्यों में हारती जा रही है.. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, झारखंड.. कर्नाटक में वह हारने वाले हैं क्योंकि वहां उनकी हालत बहुत खराब है। मुझे गंभीरता से लगता है कि हम प्रतिस्पर्धी नहीं हैं।’
जोगी ने कहा ‘वे अपने नेता, नीतियों आदि पर निर्णय करने की स्थिति में नहीं हैं, पार्टी में खुली बगावत हो रही है और वह एक एक कर राज्यों में हारती जा रही है.. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, झारखंड.. कर्नाटक में वह हारने वाले हैं क्योंकि वहां उनकी हालत बहुत खराब है। मुझे गंभीरता से लगता है कि हम प्रतिस्पर्धी नहीं हैं।’ | छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी ने कहा कि कांग्रेस को यह अहसास होना चाहिए कि एक राष्ट्रीय पार्टी को राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दोनों महत्वाकांक्षाएं पूरी करनी है। | 1 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सलमान खान (Salman Khan) ईद 2020 पर अपनी फिल्म 'इंशाअल्लाह (Inshallah)' के जरिए फैंस से ईदी लेने आने वाले थे. लेकिन सलमान खान के एक ट्वीट ने 'इंशाअल्लाह (Inshallah)' को लेकर फैंस के सारे सपनों को तोड़ दिया. लेकिन हाल ही में आईफा अवॉर्ड्स (IIFA 2019) के दौरान सलमान खान (Salman Khan) ने 'इंशाअल्लाह (Inshallah)' को लेकर खुलासा किया है. सलमान खान आईफा 2019 के दौरान अपनी अपकमिंग फिल्म 'दबंग 3' के को-स्टार के साथ अवॉर्ड शो में पहुंचे, जहां रिपोर्टर्स ने उनसे फिल्म 'इंशाअल्लाह (Inshallah)' से जुड़े सवाल भी किए. इस दौरान सलमान खान (Salman Khan) ने फिल्म की मेकिंग के बारे में कई बातें बताईं.
सलमान खान (Salman Khan) ने रिपोर्टर्स के सवालों का जवाब देते हुए कहा, "वर्तमान में 'इंशाअल्लाह (Inshallah)' नहीं बनाई जा रही हैं. 'इंशाअल्लाह' बनेगी, लेकिन मेरे साथ नहीं बनाई जा रही." सलमान खान ने आईफा अवॉर्ड्स के दौरान महेश मांजरेकर की बेटी साई मांजरेकर का भी परिचय कराया. सलमान खान ने साईं के बारे में बताते हुए कहा, "यह काफी अजीब है कि इस गाला इवेंट में कुछ समय पहले सोनाक्षी सिन्हा को रैंप पर पेश किया गया था, लेकिन अब इनकी बारी है." साई के बारे में एक रिपोर्टर ने सलमान खान से सवाल किया कि क्या वह भी सिल्वर स्क्रीन पर अपना जादू बिखेरेंगी. इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा, "इंशाअल्लाह! मैं फिल्म के बारे में बात नहीं कर रहा हूं."
मुंबई मिरर की रिपॉर्ट के मुताबिक अब संजय लीला भंसाली की 'इंशाअल्लाह (Inshallah)' में सलमान खान (Salman Khan) की जगह ऋतिक रोशन नजर आएंगे. वहीं, भाईजान इन दिनों फिल्म 'दबंग 3' की तैयारी में लगे हुए हैं. इस फिल्म में उनके साथ सोनाक्षी सिन्हा भी मुख्य भूमिका निभाती नजर आएंगी. उनकी यह फिल्म इसी साल 20 दिसंबर को रिलीज
होगी. | संक्षिप्त सारांश: 'इंशाअल्लाह' को लेकर सलमान खान ने किया एक और खुलासा
भाईजान ने बताई फिल्म की मेकिंग से जुड़ी बात
दबंग 3 से धमाल मचाने वाले हैं सलमान खान | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) दक्षिण कोलकाता में एक चुनावी रैली में कहा, "उनका अंतिम संस्कार यहां स्थित केइरतला घाट पर हुआ था. उन्होंने देश की एकता के लिए काम किया." वरिष्ठ भाजपा नेता ने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख पर नेशनल कांफ्रेंस के उमर अब्दुल्ला जैसे नेताओं के साथ विपक्षी गठबंधन बनाने के लिए निशाना साधा जिन्होंने जम्मू एवं कश्मीर के लिए अलग प्रधानमंत्री के पद को फिर से बहाल करने की मांग उठाई है.
निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) कहा, "आप का उन लोगों से ताल्लुक है जो यह सोचते हैं कि देश में दो प्रधानमंत्री होना चाहिए. क्या एस.पी मुखर्जी का बलिदान व्यर्थ हो जाएगा? क्या आप उन्हें समर्थन देंगी? मैं आपसे पूछना चाहती हूं कि क्या देश में एक कार्यकारी प्रमुख, एक संविधान, एक राष्ट्रीय झंडा होना चाहिए कि नहीं. मैं आपसे पूछना चाहती हूं कि क्या आपको उनका बलिदान याद है?"
(इनपुट एजेंसी से) | यह एक सारांश है: निर्मला सीतारमण का ममता बनर्जी पर हमला
तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया
बोलीं- TMC यानी तुष्टिकरण माफिया | 24 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को शहर की एक अदालत को बताया कि जाने माने वकील शांति भूषण की नेता मुलायम सिंह यादव और अमर सिंह से कथित बातचीत वाली सीडी से छेड़छाड़ नहीं की गई है। दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने कहा कि केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) और भारतीय कम्प्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल (सीईआरटी-इन) के विचारों के अनुसार सीडी के साथ कोई संपादन या छेड़छाड़ नहीं की गई है। पुलिस ने यह भी कहा कि राज्यसभा सदस्य अमर सिंह से पूछताछ के दौरान भी उन्होंने पुष्टि की थी कि सीडी का एक हिस्सा उनकी मुलायम सिंह यादव के साथ हुई बातचीत का है। मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट विनोद यादव के समक्ष दाखिल अपनी रिपोर्ट में पुलिस ने कहा कि सीएफएसएल दिल्ली और सीईआरटी-इन के विचार एक समान हैं। सीईआरटी-इन को सूचना प्रौद्योगिकी में अनुभव प्राप्त है और उसने सीएफएसएल दिल्ली के विचारों की पुष्टि की है। दोनों रिपोर्टों पर यकीन नहीं करने का कोई कारण नहीं है। पुलिस ने कहा, राज्यसभा सदस्य अमर सिंह ने भी उनके और मुलायम सिंह यादव के बीच हुई बातचीत के हिस्से की पुष्टि की है। लिहाजा, अब तक की जांच के दौरान यह साबित हो चुका है कि जो सीडी सवालों के घेरे में है, उससे छेड़छाड़ नहीं हुई है। दिल्ली पुलिस ने भूषण की शिकायत पर दर्ज किए गए मामले को बंद करने की भी अनुमति मांगते हुए कहा है कि जालसाजी होने के उनके आरोप को साबित करने के लिए ठोस सबूत नहीं हैं। | यहाँ एक सारांश है:दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि शांति भूषण की मुलायम सिंह यादव और अमर सिंह से कथित बातचीत वाली सीडी से छेड़छाड़ नहीं की गई है। | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अभिनेता अर्जुन रामपाल पर कैमरामैन के साथा मारपीट करने का आरोप लगा है. बताया जा रहा है कि अर्जुन रामपाल शनिवार को दिल्ली के फाइव स्टार होटल में ठहरे हुए थे. शनिवार रात करीब साढ़े तीन बजे होटल में कैमरामैन शोभित ने उनकी तस्वीर लेने की कोशिश की तो वे नाराज हो गए. आरोप है कि अर्जुन रामपाल ने कैमरामैन का कैमरा छीनकर उसके सिर पर वार कर दिया. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक कैमरे के वार से शोभित का सिर फट गया है और उससे खून निकलने लगा. पीडित कैमरामैन ने दिल्ली पुलिस के सामने अर्जुन रामपाल के इस बर्ताव की शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस मामले में आगे कार्रवाई में जुट गई है. वहीं घायल कैमरामैन का प्राथमिक उपचार करा दिया गया है.
मालूम हो कि अभिनेता अर्जुन रामपाल की फिल्म 'डैडी' इसी साल रिलीज होने वाली है. इसमें वह गैंगस्टर से नेता बने अरुण गवली की भूमिका में दिखाई देंगे.
अर्जुन रामपाल हिंदी फिल्मों के अभिनेता, निर्माता और मॉडल हैं. उनके निभाए गए कई किरदारों के लिए उनकी काफी प्रशंसा भी हुई है.उन्हें फिल्म 'रॉक आन' के लिए सहायक अभिनेता के तौर पर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार अौर फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिल चुका है. टिप्पणियां
अर्जुन रामपाल ने अपना करियर बतौर मॉडल शुरू किया था. बाद में उन्होंने एक्टर, प्रोड्यूसर और टीवी होस्ट के रुप में भी पहचान बनाई. अर्जुन ने अपना एक्टिंग डेब्यू साल 2001 में फिल्म 'प्यार इश्क और मोहब्बत' से किया था. इस फिल्म में उनका किरदार एक मॉडल का ही था.
उन्होंने अपने अभिनय और काबिलियत से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा नवोदित अभिनेता के तौर पर उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार में नामांकन भी मिला स्टार स्क्रीन और आइफा अवॉर्ड्स में उन्हें नवोदित अभिनेता का पुरस्कार भी मिला, मगर अर्जुन रामपाल को पहली कमर्शियल सफलता साल 2007 में आई फिल्म 'ओम शांति ओम' से मिली थी. हालांकि इस फिल्म में अर्जुन रामपाल ने विलेन का किरदार निभाया था.
मालूम हो कि अभिनेता अर्जुन रामपाल की फिल्म 'डैडी' इसी साल रिलीज होने वाली है. इसमें वह गैंगस्टर से नेता बने अरुण गवली की भूमिका में दिखाई देंगे.
अर्जुन रामपाल हिंदी फिल्मों के अभिनेता, निर्माता और मॉडल हैं. उनके निभाए गए कई किरदारों के लिए उनकी काफी प्रशंसा भी हुई है.उन्हें फिल्म 'रॉक आन' के लिए सहायक अभिनेता के तौर पर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार अौर फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिल चुका है. टिप्पणियां
अर्जुन रामपाल ने अपना करियर बतौर मॉडल शुरू किया था. बाद में उन्होंने एक्टर, प्रोड्यूसर और टीवी होस्ट के रुप में भी पहचान बनाई. अर्जुन ने अपना एक्टिंग डेब्यू साल 2001 में फिल्म 'प्यार इश्क और मोहब्बत' से किया था. इस फिल्म में उनका किरदार एक मॉडल का ही था.
उन्होंने अपने अभिनय और काबिलियत से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा नवोदित अभिनेता के तौर पर उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार में नामांकन भी मिला स्टार स्क्रीन और आइफा अवॉर्ड्स में उन्हें नवोदित अभिनेता का पुरस्कार भी मिला, मगर अर्जुन रामपाल को पहली कमर्शियल सफलता साल 2007 में आई फिल्म 'ओम शांति ओम' से मिली थी. हालांकि इस फिल्म में अर्जुन रामपाल ने विलेन का किरदार निभाया था.
अर्जुन रामपाल हिंदी फिल्मों के अभिनेता, निर्माता और मॉडल हैं. उनके निभाए गए कई किरदारों के लिए उनकी काफी प्रशंसा भी हुई है.उन्हें फिल्म 'रॉक आन' के लिए सहायक अभिनेता के तौर पर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार अौर फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिल चुका है. टिप्पणियां
अर्जुन रामपाल ने अपना करियर बतौर मॉडल शुरू किया था. बाद में उन्होंने एक्टर, प्रोड्यूसर और टीवी होस्ट के रुप में भी पहचान बनाई. अर्जुन ने अपना एक्टिंग डेब्यू साल 2001 में फिल्म 'प्यार इश्क और मोहब्बत' से किया था. इस फिल्म में उनका किरदार एक मॉडल का ही था.
उन्होंने अपने अभिनय और काबिलियत से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा नवोदित अभिनेता के तौर पर उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार में नामांकन भी मिला स्टार स्क्रीन और आइफा अवॉर्ड्स में उन्हें नवोदित अभिनेता का पुरस्कार भी मिला, मगर अर्जुन रामपाल को पहली कमर्शियल सफलता साल 2007 में आई फिल्म 'ओम शांति ओम' से मिली थी. हालांकि इस फिल्म में अर्जुन रामपाल ने विलेन का किरदार निभाया था.
अर्जुन रामपाल ने अपना करियर बतौर मॉडल शुरू किया था. बाद में उन्होंने एक्टर, प्रोड्यूसर और टीवी होस्ट के रुप में भी पहचान बनाई. अर्जुन ने अपना एक्टिंग डेब्यू साल 2001 में फिल्म 'प्यार इश्क और मोहब्बत' से किया था. इस फिल्म में उनका किरदार एक मॉडल का ही था.
उन्होंने अपने अभिनय और काबिलियत से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा नवोदित अभिनेता के तौर पर उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार में नामांकन भी मिला स्टार स्क्रीन और आइफा अवॉर्ड्स में उन्हें नवोदित अभिनेता का पुरस्कार भी मिला, मगर अर्जुन रामपाल को पहली कमर्शियल सफलता साल 2007 में आई फिल्म 'ओम शांति ओम' से मिली थी. हालांकि इस फिल्म में अर्जुन रामपाल ने विलेन का किरदार निभाया था.
उन्होंने अपने अभिनय और काबिलियत से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा नवोदित अभिनेता के तौर पर उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार में नामांकन भी मिला स्टार स्क्रीन और आइफा अवॉर्ड्स में उन्हें नवोदित अभिनेता का पुरस्कार भी मिला, मगर अर्जुन रामपाल को पहली कमर्शियल सफलता साल 2007 में आई फिल्म 'ओम शांति ओम' से मिली थी. हालांकि इस फिल्म में अर्जुन रामपाल ने विलेन का किरदार निभाया था. | सारांश: अभिनेता अर्जुन रामपाल ने फोटो जर्नलिस्ट से की मारपीट
फोटो जर्नलिस्ट ने अर्जुन के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत
गैंगस्टर अरुण गवली की बायोपिक में काम कर रहे हैं अर्जुन | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इस शनिवार को बेहद दुखद हादसे में आनंद भास्कर नाम के एक फिल्मकार की मौत हो गई। ग्रीन पार्क बाज़ार में सड़क किनारे लगे एक एसी की खुली हुई वायीरग से उन्हें करंट लग गया।
परिवार ने देखते−देखते अपना मुखिया खो दिया लेकिन दिल्ली के तमाम बाज़ारों में ऐसी खुली वायरिंग अब भी देखी जा रही है जो किसी के लिए भी जानलेवा हो सकती है।टिप्पणियां
ग्रीन पार्क बाज़ार में सड़क के किनारे कई एयर कंडीशनर के तार अब भी वैसे ही खुले पड़े हैं जबकि शनिवार दोपहर को इन तारों की वजह से एक गेट में आए करेंट ने भास्कर की जान ले ली थी।
33 साल के फिल्मकार आनंद भास्कर अपने पूरे परिवार के साथ इस बाज़ार में ख़रीदारी के लिए आए हुए थे। उस दिन तेज़ बारिश हो रही थी सड़क पर पानी भरा था। उन्होंने गेट खोलकर अपनी नानी को गाड़ी में बिठाने की कोशिश की लेकिन एक ज़ोरदार झटके से नीचे जा गिरे।
परिवार ने देखते−देखते अपना मुखिया खो दिया लेकिन दिल्ली के तमाम बाज़ारों में ऐसी खुली वायरिंग अब भी देखी जा रही है जो किसी के लिए भी जानलेवा हो सकती है।टिप्पणियां
ग्रीन पार्क बाज़ार में सड़क के किनारे कई एयर कंडीशनर के तार अब भी वैसे ही खुले पड़े हैं जबकि शनिवार दोपहर को इन तारों की वजह से एक गेट में आए करेंट ने भास्कर की जान ले ली थी।
33 साल के फिल्मकार आनंद भास्कर अपने पूरे परिवार के साथ इस बाज़ार में ख़रीदारी के लिए आए हुए थे। उस दिन तेज़ बारिश हो रही थी सड़क पर पानी भरा था। उन्होंने गेट खोलकर अपनी नानी को गाड़ी में बिठाने की कोशिश की लेकिन एक ज़ोरदार झटके से नीचे जा गिरे।
ग्रीन पार्क बाज़ार में सड़क के किनारे कई एयर कंडीशनर के तार अब भी वैसे ही खुले पड़े हैं जबकि शनिवार दोपहर को इन तारों की वजह से एक गेट में आए करेंट ने भास्कर की जान ले ली थी।
33 साल के फिल्मकार आनंद भास्कर अपने पूरे परिवार के साथ इस बाज़ार में ख़रीदारी के लिए आए हुए थे। उस दिन तेज़ बारिश हो रही थी सड़क पर पानी भरा था। उन्होंने गेट खोलकर अपनी नानी को गाड़ी में बिठाने की कोशिश की लेकिन एक ज़ोरदार झटके से नीचे जा गिरे।
33 साल के फिल्मकार आनंद भास्कर अपने पूरे परिवार के साथ इस बाज़ार में ख़रीदारी के लिए आए हुए थे। उस दिन तेज़ बारिश हो रही थी सड़क पर पानी भरा था। उन्होंने गेट खोलकर अपनी नानी को गाड़ी में बिठाने की कोशिश की लेकिन एक ज़ोरदार झटके से नीचे जा गिरे। | संक्षिप्त पाठ: इस शनिवार को बेहद दुखद हादसे में आनंद भास्कर नाम के एक फिल्मकार की मौत हो गई। ग्रीन पार्क बाज़ार में सड़क किनारे लगे एक एसी की खुली हुई वायीरग से उन्हें करंट लग गया। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट विवादास्पद इस्लामी उपदेशक जाकिर नाइक के एक एनजीओ से 50 लाख रुपये का चंदा मिलने की खबरों से विवादों में घिर गया है, हालांकि पैसा लौटा दिया गया है. नाइक पर युवाओं में कट्टरपंथी भावना भरने का आरोप है.
नाइक के इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन को 'प्राथमिकता सूची' में रखने वाले केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार एनजीओ ने राजीव गांधी फाउंडेशन से संबद्ध संस्था राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट (आरजीसीटी) को 2011 में चंदा दिया था. यह संस्था बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने में और जरूरतमंदों को अस्पताल खर्च उठाने के लिए धन प्रदान करने के क्षेत्रों में काम करती है.
पंजीकृत गैर सरकारी संगठन आरजीसीटी की स्थापना 2002 में की गई थी. इसका उद्देश्य देश के वंचितों, खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्र के गरीबों की विकास जरूरतों पर ध्यान देना है. यह संगठन उत्तर प्रदेश और हरियाणा के अति गरीब क्षेत्रों में काम करता है.
इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) के प्रवक्ता आरिफ मलिक ने कहा कि एनजीओ आरजीसीटी को धन दिया गया था. यह संगठन भी 2011 में एफसीआरए के तहत पंजीकृत था. ढाका के एक रेस्तरां में आतंकी हमले के बाद इस साल जुलाई में धन लौटा दिया गया.
मलिक ने कहा, 'हमें इस साल जुलाई में पैसा वापस मिल गया, जिसकी वजह एनजीओ को ही अच्छी तरह पता होगी. हालांकि मेरा कहना है कि यह एनजीओ अलग क्यों हो गया. हमने अन्य एनजीओ को भी पैसा दिया.'
मलिक ने कहा सरकार को दिसंबर 2014 से 2015 की शुरुआत तक चली कुछ महीने की जांच के दौरान रत्तीभर भी सबूत नहीं मिला, जिसके बाद संगठन पर पाबंदी लगाने की पूर्व नियोजित धारणा से सरकार काम कर रही है. उन्होंने कहा, 'मेरा सीधा सा सवाल है. क्या चंदा देने में कुछ गलत था?'
इस्लामी उपदेशक नाइक द्वारा संचालित आईआरएफ इन आरोपों के कारण विवाद में घिरा है कि वह आतंकवाद के लिए युवाओं को उकसाता है. आईआरएफ प्रवक्ता ने कहा कि नई सरकार के काबिज होने के बाद पूरी जांच की गई, लेकिन उन्हें संस्था के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिल सका.
उन्होंने कहा, 'मैं पूछता हूं कि हमारा एफसीआरए लाइसेंस का अगस्त 2016 में नवीनीकरण क्यों किया गया? ऐसा इसलिए क्योंकि अधिकारी नियम पुस्तिका के अनुसार चले और बाहरी दबाव में नहीं थे. सरकार ने उसके बाद से इन अधिकारियों को निलंबित कर दिया.'
गृह मंत्रालय ने आईआरएफ के लाइसेंस का नवीनीकरण करने के मामले में विदेशी विभाग की अगुवाई कर रहे संयुक्त संचिव जी.के. द्विवेदी और तीन अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया था. यह विभाग एफसीआरए से संबंधित मुद्दों को देखता है.
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने चंदा लिए जाने की बात स्वीकार की है, लेकिन दावा किया कि यह मांगा नहीं गया था. सिंघवी ने कहा कि आईआरएफ पर आतंकवाद और जबरन धर्मांतरण के आरोपों में फंसने से पहले चंदा लिया गया था. उन्होंने कहा कि उस समय नाइक का एनजीओ निगरानी सूची में नहीं था.टिप्पणियां
सिंघवी के हवाले से कहा गया, 'चंदे का पता अचानक से चला जब हालिया घटनाक्रम घटा. कुछ महीने पहले धन वापस कर दिया गया.' विदेशी योगदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत पंजीकृत आईआरएफ जैसे संगठनों को विदेश से प्राप्त धन को एफसीआरए के तहत पंजीकृत दूसरे संगठनों को पैसा देने की अनुमति है. आरजीएफ और आरजीसीटी दोनों के पास एफसीआरए लाइसेंस है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
नाइक के इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन को 'प्राथमिकता सूची' में रखने वाले केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार एनजीओ ने राजीव गांधी फाउंडेशन से संबद्ध संस्था राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट (आरजीसीटी) को 2011 में चंदा दिया था. यह संस्था बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने में और जरूरतमंदों को अस्पताल खर्च उठाने के लिए धन प्रदान करने के क्षेत्रों में काम करती है.
पंजीकृत गैर सरकारी संगठन आरजीसीटी की स्थापना 2002 में की गई थी. इसका उद्देश्य देश के वंचितों, खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्र के गरीबों की विकास जरूरतों पर ध्यान देना है. यह संगठन उत्तर प्रदेश और हरियाणा के अति गरीब क्षेत्रों में काम करता है.
इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) के प्रवक्ता आरिफ मलिक ने कहा कि एनजीओ आरजीसीटी को धन दिया गया था. यह संगठन भी 2011 में एफसीआरए के तहत पंजीकृत था. ढाका के एक रेस्तरां में आतंकी हमले के बाद इस साल जुलाई में धन लौटा दिया गया.
मलिक ने कहा, 'हमें इस साल जुलाई में पैसा वापस मिल गया, जिसकी वजह एनजीओ को ही अच्छी तरह पता होगी. हालांकि मेरा कहना है कि यह एनजीओ अलग क्यों हो गया. हमने अन्य एनजीओ को भी पैसा दिया.'
मलिक ने कहा सरकार को दिसंबर 2014 से 2015 की शुरुआत तक चली कुछ महीने की जांच के दौरान रत्तीभर भी सबूत नहीं मिला, जिसके बाद संगठन पर पाबंदी लगाने की पूर्व नियोजित धारणा से सरकार काम कर रही है. उन्होंने कहा, 'मेरा सीधा सा सवाल है. क्या चंदा देने में कुछ गलत था?'
इस्लामी उपदेशक नाइक द्वारा संचालित आईआरएफ इन आरोपों के कारण विवाद में घिरा है कि वह आतंकवाद के लिए युवाओं को उकसाता है. आईआरएफ प्रवक्ता ने कहा कि नई सरकार के काबिज होने के बाद पूरी जांच की गई, लेकिन उन्हें संस्था के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिल सका.
उन्होंने कहा, 'मैं पूछता हूं कि हमारा एफसीआरए लाइसेंस का अगस्त 2016 में नवीनीकरण क्यों किया गया? ऐसा इसलिए क्योंकि अधिकारी नियम पुस्तिका के अनुसार चले और बाहरी दबाव में नहीं थे. सरकार ने उसके बाद से इन अधिकारियों को निलंबित कर दिया.'
गृह मंत्रालय ने आईआरएफ के लाइसेंस का नवीनीकरण करने के मामले में विदेशी विभाग की अगुवाई कर रहे संयुक्त संचिव जी.के. द्विवेदी और तीन अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया था. यह विभाग एफसीआरए से संबंधित मुद्दों को देखता है.
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने चंदा लिए जाने की बात स्वीकार की है, लेकिन दावा किया कि यह मांगा नहीं गया था. सिंघवी ने कहा कि आईआरएफ पर आतंकवाद और जबरन धर्मांतरण के आरोपों में फंसने से पहले चंदा लिया गया था. उन्होंने कहा कि उस समय नाइक का एनजीओ निगरानी सूची में नहीं था.टिप्पणियां
सिंघवी के हवाले से कहा गया, 'चंदे का पता अचानक से चला जब हालिया घटनाक्रम घटा. कुछ महीने पहले धन वापस कर दिया गया.' विदेशी योगदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत पंजीकृत आईआरएफ जैसे संगठनों को विदेश से प्राप्त धन को एफसीआरए के तहत पंजीकृत दूसरे संगठनों को पैसा देने की अनुमति है. आरजीएफ और आरजीसीटी दोनों के पास एफसीआरए लाइसेंस है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पंजीकृत गैर सरकारी संगठन आरजीसीटी की स्थापना 2002 में की गई थी. इसका उद्देश्य देश के वंचितों, खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्र के गरीबों की विकास जरूरतों पर ध्यान देना है. यह संगठन उत्तर प्रदेश और हरियाणा के अति गरीब क्षेत्रों में काम करता है.
इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) के प्रवक्ता आरिफ मलिक ने कहा कि एनजीओ आरजीसीटी को धन दिया गया था. यह संगठन भी 2011 में एफसीआरए के तहत पंजीकृत था. ढाका के एक रेस्तरां में आतंकी हमले के बाद इस साल जुलाई में धन लौटा दिया गया.
मलिक ने कहा, 'हमें इस साल जुलाई में पैसा वापस मिल गया, जिसकी वजह एनजीओ को ही अच्छी तरह पता होगी. हालांकि मेरा कहना है कि यह एनजीओ अलग क्यों हो गया. हमने अन्य एनजीओ को भी पैसा दिया.'
मलिक ने कहा सरकार को दिसंबर 2014 से 2015 की शुरुआत तक चली कुछ महीने की जांच के दौरान रत्तीभर भी सबूत नहीं मिला, जिसके बाद संगठन पर पाबंदी लगाने की पूर्व नियोजित धारणा से सरकार काम कर रही है. उन्होंने कहा, 'मेरा सीधा सा सवाल है. क्या चंदा देने में कुछ गलत था?'
इस्लामी उपदेशक नाइक द्वारा संचालित आईआरएफ इन आरोपों के कारण विवाद में घिरा है कि वह आतंकवाद के लिए युवाओं को उकसाता है. आईआरएफ प्रवक्ता ने कहा कि नई सरकार के काबिज होने के बाद पूरी जांच की गई, लेकिन उन्हें संस्था के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिल सका.
उन्होंने कहा, 'मैं पूछता हूं कि हमारा एफसीआरए लाइसेंस का अगस्त 2016 में नवीनीकरण क्यों किया गया? ऐसा इसलिए क्योंकि अधिकारी नियम पुस्तिका के अनुसार चले और बाहरी दबाव में नहीं थे. सरकार ने उसके बाद से इन अधिकारियों को निलंबित कर दिया.'
गृह मंत्रालय ने आईआरएफ के लाइसेंस का नवीनीकरण करने के मामले में विदेशी विभाग की अगुवाई कर रहे संयुक्त संचिव जी.के. द्विवेदी और तीन अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया था. यह विभाग एफसीआरए से संबंधित मुद्दों को देखता है.
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने चंदा लिए जाने की बात स्वीकार की है, लेकिन दावा किया कि यह मांगा नहीं गया था. सिंघवी ने कहा कि आईआरएफ पर आतंकवाद और जबरन धर्मांतरण के आरोपों में फंसने से पहले चंदा लिया गया था. उन्होंने कहा कि उस समय नाइक का एनजीओ निगरानी सूची में नहीं था.टिप्पणियां
सिंघवी के हवाले से कहा गया, 'चंदे का पता अचानक से चला जब हालिया घटनाक्रम घटा. कुछ महीने पहले धन वापस कर दिया गया.' विदेशी योगदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत पंजीकृत आईआरएफ जैसे संगठनों को विदेश से प्राप्त धन को एफसीआरए के तहत पंजीकृत दूसरे संगठनों को पैसा देने की अनुमति है. आरजीएफ और आरजीसीटी दोनों के पास एफसीआरए लाइसेंस है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) के प्रवक्ता आरिफ मलिक ने कहा कि एनजीओ आरजीसीटी को धन दिया गया था. यह संगठन भी 2011 में एफसीआरए के तहत पंजीकृत था. ढाका के एक रेस्तरां में आतंकी हमले के बाद इस साल जुलाई में धन लौटा दिया गया.
मलिक ने कहा, 'हमें इस साल जुलाई में पैसा वापस मिल गया, जिसकी वजह एनजीओ को ही अच्छी तरह पता होगी. हालांकि मेरा कहना है कि यह एनजीओ अलग क्यों हो गया. हमने अन्य एनजीओ को भी पैसा दिया.'
मलिक ने कहा सरकार को दिसंबर 2014 से 2015 की शुरुआत तक चली कुछ महीने की जांच के दौरान रत्तीभर भी सबूत नहीं मिला, जिसके बाद संगठन पर पाबंदी लगाने की पूर्व नियोजित धारणा से सरकार काम कर रही है. उन्होंने कहा, 'मेरा सीधा सा सवाल है. क्या चंदा देने में कुछ गलत था?'
इस्लामी उपदेशक नाइक द्वारा संचालित आईआरएफ इन आरोपों के कारण विवाद में घिरा है कि वह आतंकवाद के लिए युवाओं को उकसाता है. आईआरएफ प्रवक्ता ने कहा कि नई सरकार के काबिज होने के बाद पूरी जांच की गई, लेकिन उन्हें संस्था के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिल सका.
उन्होंने कहा, 'मैं पूछता हूं कि हमारा एफसीआरए लाइसेंस का अगस्त 2016 में नवीनीकरण क्यों किया गया? ऐसा इसलिए क्योंकि अधिकारी नियम पुस्तिका के अनुसार चले और बाहरी दबाव में नहीं थे. सरकार ने उसके बाद से इन अधिकारियों को निलंबित कर दिया.'
गृह मंत्रालय ने आईआरएफ के लाइसेंस का नवीनीकरण करने के मामले में विदेशी विभाग की अगुवाई कर रहे संयुक्त संचिव जी.के. द्विवेदी और तीन अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया था. यह विभाग एफसीआरए से संबंधित मुद्दों को देखता है.
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने चंदा लिए जाने की बात स्वीकार की है, लेकिन दावा किया कि यह मांगा नहीं गया था. सिंघवी ने कहा कि आईआरएफ पर आतंकवाद और जबरन धर्मांतरण के आरोपों में फंसने से पहले चंदा लिया गया था. उन्होंने कहा कि उस समय नाइक का एनजीओ निगरानी सूची में नहीं था.टिप्पणियां
सिंघवी के हवाले से कहा गया, 'चंदे का पता अचानक से चला जब हालिया घटनाक्रम घटा. कुछ महीने पहले धन वापस कर दिया गया.' विदेशी योगदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत पंजीकृत आईआरएफ जैसे संगठनों को विदेश से प्राप्त धन को एफसीआरए के तहत पंजीकृत दूसरे संगठनों को पैसा देने की अनुमति है. आरजीएफ और आरजीसीटी दोनों के पास एफसीआरए लाइसेंस है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मलिक ने कहा, 'हमें इस साल जुलाई में पैसा वापस मिल गया, जिसकी वजह एनजीओ को ही अच्छी तरह पता होगी. हालांकि मेरा कहना है कि यह एनजीओ अलग क्यों हो गया. हमने अन्य एनजीओ को भी पैसा दिया.'
मलिक ने कहा सरकार को दिसंबर 2014 से 2015 की शुरुआत तक चली कुछ महीने की जांच के दौरान रत्तीभर भी सबूत नहीं मिला, जिसके बाद संगठन पर पाबंदी लगाने की पूर्व नियोजित धारणा से सरकार काम कर रही है. उन्होंने कहा, 'मेरा सीधा सा सवाल है. क्या चंदा देने में कुछ गलत था?'
इस्लामी उपदेशक नाइक द्वारा संचालित आईआरएफ इन आरोपों के कारण विवाद में घिरा है कि वह आतंकवाद के लिए युवाओं को उकसाता है. आईआरएफ प्रवक्ता ने कहा कि नई सरकार के काबिज होने के बाद पूरी जांच की गई, लेकिन उन्हें संस्था के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिल सका.
उन्होंने कहा, 'मैं पूछता हूं कि हमारा एफसीआरए लाइसेंस का अगस्त 2016 में नवीनीकरण क्यों किया गया? ऐसा इसलिए क्योंकि अधिकारी नियम पुस्तिका के अनुसार चले और बाहरी दबाव में नहीं थे. सरकार ने उसके बाद से इन अधिकारियों को निलंबित कर दिया.'
गृह मंत्रालय ने आईआरएफ के लाइसेंस का नवीनीकरण करने के मामले में विदेशी विभाग की अगुवाई कर रहे संयुक्त संचिव जी.के. द्विवेदी और तीन अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया था. यह विभाग एफसीआरए से संबंधित मुद्दों को देखता है.
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने चंदा लिए जाने की बात स्वीकार की है, लेकिन दावा किया कि यह मांगा नहीं गया था. सिंघवी ने कहा कि आईआरएफ पर आतंकवाद और जबरन धर्मांतरण के आरोपों में फंसने से पहले चंदा लिया गया था. उन्होंने कहा कि उस समय नाइक का एनजीओ निगरानी सूची में नहीं था.टिप्पणियां
सिंघवी के हवाले से कहा गया, 'चंदे का पता अचानक से चला जब हालिया घटनाक्रम घटा. कुछ महीने पहले धन वापस कर दिया गया.' विदेशी योगदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत पंजीकृत आईआरएफ जैसे संगठनों को विदेश से प्राप्त धन को एफसीआरए के तहत पंजीकृत दूसरे संगठनों को पैसा देने की अनुमति है. आरजीएफ और आरजीसीटी दोनों के पास एफसीआरए लाइसेंस है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मलिक ने कहा सरकार को दिसंबर 2014 से 2015 की शुरुआत तक चली कुछ महीने की जांच के दौरान रत्तीभर भी सबूत नहीं मिला, जिसके बाद संगठन पर पाबंदी लगाने की पूर्व नियोजित धारणा से सरकार काम कर रही है. उन्होंने कहा, 'मेरा सीधा सा सवाल है. क्या चंदा देने में कुछ गलत था?'
इस्लामी उपदेशक नाइक द्वारा संचालित आईआरएफ इन आरोपों के कारण विवाद में घिरा है कि वह आतंकवाद के लिए युवाओं को उकसाता है. आईआरएफ प्रवक्ता ने कहा कि नई सरकार के काबिज होने के बाद पूरी जांच की गई, लेकिन उन्हें संस्था के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिल सका.
उन्होंने कहा, 'मैं पूछता हूं कि हमारा एफसीआरए लाइसेंस का अगस्त 2016 में नवीनीकरण क्यों किया गया? ऐसा इसलिए क्योंकि अधिकारी नियम पुस्तिका के अनुसार चले और बाहरी दबाव में नहीं थे. सरकार ने उसके बाद से इन अधिकारियों को निलंबित कर दिया.'
गृह मंत्रालय ने आईआरएफ के लाइसेंस का नवीनीकरण करने के मामले में विदेशी विभाग की अगुवाई कर रहे संयुक्त संचिव जी.के. द्विवेदी और तीन अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया था. यह विभाग एफसीआरए से संबंधित मुद्दों को देखता है.
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने चंदा लिए जाने की बात स्वीकार की है, लेकिन दावा किया कि यह मांगा नहीं गया था. सिंघवी ने कहा कि आईआरएफ पर आतंकवाद और जबरन धर्मांतरण के आरोपों में फंसने से पहले चंदा लिया गया था. उन्होंने कहा कि उस समय नाइक का एनजीओ निगरानी सूची में नहीं था.टिप्पणियां
सिंघवी के हवाले से कहा गया, 'चंदे का पता अचानक से चला जब हालिया घटनाक्रम घटा. कुछ महीने पहले धन वापस कर दिया गया.' विदेशी योगदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत पंजीकृत आईआरएफ जैसे संगठनों को विदेश से प्राप्त धन को एफसीआरए के तहत पंजीकृत दूसरे संगठनों को पैसा देने की अनुमति है. आरजीएफ और आरजीसीटी दोनों के पास एफसीआरए लाइसेंस है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस्लामी उपदेशक नाइक द्वारा संचालित आईआरएफ इन आरोपों के कारण विवाद में घिरा है कि वह आतंकवाद के लिए युवाओं को उकसाता है. आईआरएफ प्रवक्ता ने कहा कि नई सरकार के काबिज होने के बाद पूरी जांच की गई, लेकिन उन्हें संस्था के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिल सका.
उन्होंने कहा, 'मैं पूछता हूं कि हमारा एफसीआरए लाइसेंस का अगस्त 2016 में नवीनीकरण क्यों किया गया? ऐसा इसलिए क्योंकि अधिकारी नियम पुस्तिका के अनुसार चले और बाहरी दबाव में नहीं थे. सरकार ने उसके बाद से इन अधिकारियों को निलंबित कर दिया.'
गृह मंत्रालय ने आईआरएफ के लाइसेंस का नवीनीकरण करने के मामले में विदेशी विभाग की अगुवाई कर रहे संयुक्त संचिव जी.के. द्विवेदी और तीन अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया था. यह विभाग एफसीआरए से संबंधित मुद्दों को देखता है.
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने चंदा लिए जाने की बात स्वीकार की है, लेकिन दावा किया कि यह मांगा नहीं गया था. सिंघवी ने कहा कि आईआरएफ पर आतंकवाद और जबरन धर्मांतरण के आरोपों में फंसने से पहले चंदा लिया गया था. उन्होंने कहा कि उस समय नाइक का एनजीओ निगरानी सूची में नहीं था.टिप्पणियां
सिंघवी के हवाले से कहा गया, 'चंदे का पता अचानक से चला जब हालिया घटनाक्रम घटा. कुछ महीने पहले धन वापस कर दिया गया.' विदेशी योगदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत पंजीकृत आईआरएफ जैसे संगठनों को विदेश से प्राप्त धन को एफसीआरए के तहत पंजीकृत दूसरे संगठनों को पैसा देने की अनुमति है. आरजीएफ और आरजीसीटी दोनों के पास एफसीआरए लाइसेंस है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, 'मैं पूछता हूं कि हमारा एफसीआरए लाइसेंस का अगस्त 2016 में नवीनीकरण क्यों किया गया? ऐसा इसलिए क्योंकि अधिकारी नियम पुस्तिका के अनुसार चले और बाहरी दबाव में नहीं थे. सरकार ने उसके बाद से इन अधिकारियों को निलंबित कर दिया.'
गृह मंत्रालय ने आईआरएफ के लाइसेंस का नवीनीकरण करने के मामले में विदेशी विभाग की अगुवाई कर रहे संयुक्त संचिव जी.के. द्विवेदी और तीन अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया था. यह विभाग एफसीआरए से संबंधित मुद्दों को देखता है.
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने चंदा लिए जाने की बात स्वीकार की है, लेकिन दावा किया कि यह मांगा नहीं गया था. सिंघवी ने कहा कि आईआरएफ पर आतंकवाद और जबरन धर्मांतरण के आरोपों में फंसने से पहले चंदा लिया गया था. उन्होंने कहा कि उस समय नाइक का एनजीओ निगरानी सूची में नहीं था.टिप्पणियां
सिंघवी के हवाले से कहा गया, 'चंदे का पता अचानक से चला जब हालिया घटनाक्रम घटा. कुछ महीने पहले धन वापस कर दिया गया.' विदेशी योगदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत पंजीकृत आईआरएफ जैसे संगठनों को विदेश से प्राप्त धन को एफसीआरए के तहत पंजीकृत दूसरे संगठनों को पैसा देने की अनुमति है. आरजीएफ और आरजीसीटी दोनों के पास एफसीआरए लाइसेंस है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गृह मंत्रालय ने आईआरएफ के लाइसेंस का नवीनीकरण करने के मामले में विदेशी विभाग की अगुवाई कर रहे संयुक्त संचिव जी.के. द्विवेदी और तीन अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया था. यह विभाग एफसीआरए से संबंधित मुद्दों को देखता है.
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने चंदा लिए जाने की बात स्वीकार की है, लेकिन दावा किया कि यह मांगा नहीं गया था. सिंघवी ने कहा कि आईआरएफ पर आतंकवाद और जबरन धर्मांतरण के आरोपों में फंसने से पहले चंदा लिया गया था. उन्होंने कहा कि उस समय नाइक का एनजीओ निगरानी सूची में नहीं था.टिप्पणियां
सिंघवी के हवाले से कहा गया, 'चंदे का पता अचानक से चला जब हालिया घटनाक्रम घटा. कुछ महीने पहले धन वापस कर दिया गया.' विदेशी योगदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत पंजीकृत आईआरएफ जैसे संगठनों को विदेश से प्राप्त धन को एफसीआरए के तहत पंजीकृत दूसरे संगठनों को पैसा देने की अनुमति है. आरजीएफ और आरजीसीटी दोनों के पास एफसीआरए लाइसेंस है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने चंदा लिए जाने की बात स्वीकार की है, लेकिन दावा किया कि यह मांगा नहीं गया था. सिंघवी ने कहा कि आईआरएफ पर आतंकवाद और जबरन धर्मांतरण के आरोपों में फंसने से पहले चंदा लिया गया था. उन्होंने कहा कि उस समय नाइक का एनजीओ निगरानी सूची में नहीं था.टिप्पणियां
सिंघवी के हवाले से कहा गया, 'चंदे का पता अचानक से चला जब हालिया घटनाक्रम घटा. कुछ महीने पहले धन वापस कर दिया गया.' विदेशी योगदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत पंजीकृत आईआरएफ जैसे संगठनों को विदेश से प्राप्त धन को एफसीआरए के तहत पंजीकृत दूसरे संगठनों को पैसा देने की अनुमति है. आरजीएफ और आरजीसीटी दोनों के पास एफसीआरए लाइसेंस है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सिंघवी के हवाले से कहा गया, 'चंदे का पता अचानक से चला जब हालिया घटनाक्रम घटा. कुछ महीने पहले धन वापस कर दिया गया.' विदेशी योगदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत पंजीकृत आईआरएफ जैसे संगठनों को विदेश से प्राप्त धन को एफसीआरए के तहत पंजीकृत दूसरे संगठनों को पैसा देने की अनुमति है. आरजीएफ और आरजीसीटी दोनों के पास एफसीआरए लाइसेंस है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:नाइक पर युवाओं में कट्टरपंथी भावना भरने का आरोप है
जाकिर नाइक के एनजीओ पर आरोप लगने के बाद आरजीसीटी ने चंदा लौटाया
जाकिर नाइक के एनजीओ ने आरजीसीटी को 2011 में चंदा दिया था | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत, जापान और अमेरिका के बीच पहली त्रिपक्षीय वार्ता वाशिंगटन में 19 दिसम्बर को होने जा रही है। इस बातचीत में तीनों देशों के बीच एशिया प्रशांत क्षेत्र के कई सारे मुद्दों पर चर्चा होगी। इस वार्ता को चीन के खिलाफ एक गोलबंदी के रूप में देखा जा रहा है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मार्क टोनर ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा, "यह बैठक एशिया प्रशांत क्षेत्र के कई सारे मुद्दों पर व्यापक चर्चा करने का एक अवसर होगा।" टोनर ने कहा कि बैठक का खास एजेंडा अभी तय किया जा रहा है, "लेकिन जाहिर है कि तीन प्रमुख प्रशांत लोकतंत्रों के रूप में हम भारत और जापान के साथ फलदायी बातचीत के लिए उत्सुक हैं।" यह पूछे जाने पर कि हिंद महासागर के देश भारत को प्रशांत क्षेत्र के एक लोकतंत्र के रूप में बैठक में क्यों आमंत्रित किया गया है, टोनर ने कहा, "क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करने के लिए यह हमारे लिए एक बदलाव है।" यह पूछे जाने पर कि ऑस्ट्रेलिया को बैठक में क्यों नहीं आमंत्रित किया गया, टोनर ने कहा कि यह बैठक पूरी तरह समग्र नहीं है। उन्होंने कहा, "मैं ऑस्ट्रेलिया के बारे में नहीं जानता। ये सभी वार्ताएं पूरी तरह समग्र नहीं होतीं। वैसे भी हमारे लिए यह क्षेत्र के तीन प्रमुख लोकतंत्रों के साथ बातचीत करने का एक मौका है।" इसके पहले यह वार्ता आठ अक्टूबर को टोक्यो में होने वाली थी। लेकिन अमेरिका के अनुरोध पर इसे स्थगित कर दिया गया था। इस बैठक की पेशकश टोक्यो द्वारा की गई थी और तत्कालीन विदेश सचिव निरुपमा राव के अप्रैल 2011 में हुए जापान दौरे के दौरान इसे अंतिम रूप दिया गया था। यह वार्ता घोषित पूर्वोन्मुखी नीति (लुक इस्ट पॉलिसी) और साथ ही उत्तर एशिया के साथ जुड़ाव से आगे जाने के नई दिल्ली के प्रयास का भी हिस्सा है। जानकार सूत्रों ने कहा कि इस त्रिपक्षीय बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (राजनीतिक), अशोक मुखर्जी करेंगे। विदेश मंत्रालय में अमेरिकी मामलों के प्रभारी संयुक्त सचिव जावेद अशरफ और पूर्वी एशियाई मामलों के प्रभारी संयुक्त सचिव गौतम बाम्बेवाले सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मुखर्जी के साथ होंगे। अमेरिका की ओर से पूर्व एशिया एवं प्रशांत मामलों के सहायक विदेश मंत्री, कुर्ट कैम्पेल बैठक में शिरकत कर सकते हैं। जापान की ओर से वहां के विदेश मंत्रालय में पूर्वी एशिया के महानिदेशक बैठक में हिस्सा लेंगे। इस त्रिपक्षीय बैठक की योजना लम्बे समय से चल रही थी। लेकिन पहली बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब पूर्वी एशिया में चीन तेजी के साथ अपना प्रभुत्व बढ़ा रहा है, और अमेरिका एशिया प्रशांत क्षेत्र के साथ अपने जुड़ाव को बढ़ाना चाहता है। एशिया प्रशांत क्षेत्र में कुछ तेजी के साथ बढ़ रही अर्थव्यवस्थाएं भी हैं। अमेरिका इस क्षेत्र में एक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए भारत को भी बढ़ावा दे रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने म्यांमार के साथ वाशिंगटन के आदान-प्रदान को गति देने का मार्ग प्रशस्त करने के लिए हाल ही में उस देश का दौरा किया था। तीनों पक्षों ने हालांकि स्पष्ट किया है कि यह त्रिपक्षीय वार्ता चीन के खिलाफ नहीं है, लेकिन बीजिंग इस आयोजन को लेकर असहज महसूस कर रहा है। | सारांश: इस बातचीत में तीनों देशों के बीच एशिया प्रशांत क्षेत्र के कई सारे मुद्दों पर चर्चा होगी। इस वार्ता को चीन के खिलाफ एक गोलबंदी के रूप में देखा जा रहा है। | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: यूरो क्षेत्र में राजनीतिक एवं आर्थिक समस्याओं को लेकर चिंता से एशियाई कारोबार में कच्चे तेल की कीमत में आज नरमी रही।टिप्पणियां
न्यूयॉर्क का मुख्य अनुबंध वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड की कीमत जून डिलीवरी के लिए 39 सेंट्स घटकर 96.62 डॉलर प्रति बैरल रही। इसी प्रकार, ब्रेंट नार्थ-सी क्रूड की कीमत जून डिलीवरी के लिए 58 सेंट्स घटकर 112.15 डॉलर प्रति बैरल रही।
बाजार जानकारों के अनुसार मुख्य रूप से यूरो क्षेत्र में राजनीतिक एवं आर्थिक समस्याओं को लेकर चिंता से तेल की कीमत में नरमी आई है।
न्यूयॉर्क का मुख्य अनुबंध वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड की कीमत जून डिलीवरी के लिए 39 सेंट्स घटकर 96.62 डॉलर प्रति बैरल रही। इसी प्रकार, ब्रेंट नार्थ-सी क्रूड की कीमत जून डिलीवरी के लिए 58 सेंट्स घटकर 112.15 डॉलर प्रति बैरल रही।
बाजार जानकारों के अनुसार मुख्य रूप से यूरो क्षेत्र में राजनीतिक एवं आर्थिक समस्याओं को लेकर चिंता से तेल की कीमत में नरमी आई है।
बाजार जानकारों के अनुसार मुख्य रूप से यूरो क्षेत्र में राजनीतिक एवं आर्थिक समस्याओं को लेकर चिंता से तेल की कीमत में नरमी आई है। | यह एक सारांश है: यूरो क्षेत्र में राजनीतिक एवं आर्थिक समस्याओं को लेकर चिंता से एशियाई कारोबार में कच्चे तेल की कीमत में आज नरमी रही। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने एनडीटीवी से खास बातचीत में कहा है कि वह प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं हैं। राजनाथ ने कहा कि वह पीएम बनने नहीं, पीएम बनाने आए हैं।टिप्पणियां
बीजेपी महासचिव वरुण गांधी के राजनाथ में अटल बिहारी वाजपेयी की छवि दिखने से जुड़े सवाल में राजनाथ ने कहा कि वह कभी भी अटल या आडवाणी नहीं हो सकते।
राजनाथ ने कहा कि जेडीयू−बीजेपी के रिश्ते बहुत पुराने हैं और जेडीयू पर अविश्वास की कोई वजह नहीं है। उन्होंने कहा कि आम चुनाव में अभी वक्त है, इसलिए पीएम पद का उम्मीदवार कौन होगा, इसकी अटकले लगाना सही नहीं होगा।
बीजेपी महासचिव वरुण गांधी के राजनाथ में अटल बिहारी वाजपेयी की छवि दिखने से जुड़े सवाल में राजनाथ ने कहा कि वह कभी भी अटल या आडवाणी नहीं हो सकते।
राजनाथ ने कहा कि जेडीयू−बीजेपी के रिश्ते बहुत पुराने हैं और जेडीयू पर अविश्वास की कोई वजह नहीं है। उन्होंने कहा कि आम चुनाव में अभी वक्त है, इसलिए पीएम पद का उम्मीदवार कौन होगा, इसकी अटकले लगाना सही नहीं होगा।
राजनाथ ने कहा कि जेडीयू−बीजेपी के रिश्ते बहुत पुराने हैं और जेडीयू पर अविश्वास की कोई वजह नहीं है। उन्होंने कहा कि आम चुनाव में अभी वक्त है, इसलिए पीएम पद का उम्मीदवार कौन होगा, इसकी अटकले लगाना सही नहीं होगा। | सारांश: बीजेपी महासचिव वरुण गांधी के राजनाथ में अटल बिहारी वाजपेयी की छवि दिखने से जुड़े सवाल में राजनाथ ने कहा कि वह कभी भी अटल या आडवाणी नहीं हो सकते। | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी का शुद्ध लाभ 31 मार्च, 2013 को समाप्त चौथी तिमाही में 1,147.5 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही के लाभ से 79.4 फीसदी अधिक है।
कंपनी ने कहा है कि 'एर्टिगा', 'डिजायर' और 'स्विफ्ट' मॉडल की बिक्री बढ़ने से उसका मुनाफा बढ़ा है। इससे पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को 639.8 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। मारुति सुजुकी इंडिया निदेशक मंडल ने वर्ष 2012-13 के लिए कंपनी के शेयरधारकों को 160 प्रतिशत लाभांश देने की सिफारिश की है। इस हिसाब से कंपनी के 5 रुपये के शेयर पर शेयरधारकों को 8 रुपये का लाभांश मिलेगा।
इससे पहले, कंपनी ने 2011-12 में 150 प्रतिशत की दर से लाभांश दिया था। मार्च में समाप्त चौथी तिमाही के दौरान कंपनी का एकल बिक्री कारोबार भी 9.4 फीसदी बढ़ोतरी के साथ 12,566.6 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। जो पिछले साल की इसी तिमाही में 11,486.4 करोड़ रुपये रहा था।टिप्पणियां
जनवरी से मार्च तिमाही में कंपनी ने कुल 3,43,709 वाहनों की बिक्री की, जो पिछले साल की समान तिमाही से 4.6 फीसद कम है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने कुल 3,60,334 वाहन बेचे थे। परिणामों पर प्रतिक्रिया में कंपनी ने कहा, एर्टिगा, डिजायर और स्विफ्ट जैसे नए मॉडल वाली कारों की बिक्री बढ़ने से कंपनी का मुनाफा बढ़ा है।
पिछले पूरे वित्तवर्ष के दौरान कंपनी का एकल शुद्ध लाभ 40.7 फीसदी बढ़ोतरी के साथ 2,300 करोड़ रुपये रहा है, जो इससे पिछले वर्ष 1,635.1 करोड़ रुपये रहा था। वित्तवर्ष 2012-13 के दौरान कंपनी का बिक्री कारोबार 21.4 फीसदी बढ़कर 42,122.9 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल 34,705.9 करोड़ रुपये रहा था। हालांकि इस अवधि में कंपनी की बिक्री 3.3 फीसदी घटकर 11,33,695 वाहन रही, जबकि इससे पिछले वर्ष कंपनी ने 11,71,434 वाहन बेचे थे।
कंपनी ने कहा है कि 'एर्टिगा', 'डिजायर' और 'स्विफ्ट' मॉडल की बिक्री बढ़ने से उसका मुनाफा बढ़ा है। इससे पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को 639.8 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। मारुति सुजुकी इंडिया निदेशक मंडल ने वर्ष 2012-13 के लिए कंपनी के शेयरधारकों को 160 प्रतिशत लाभांश देने की सिफारिश की है। इस हिसाब से कंपनी के 5 रुपये के शेयर पर शेयरधारकों को 8 रुपये का लाभांश मिलेगा।
इससे पहले, कंपनी ने 2011-12 में 150 प्रतिशत की दर से लाभांश दिया था। मार्च में समाप्त चौथी तिमाही के दौरान कंपनी का एकल बिक्री कारोबार भी 9.4 फीसदी बढ़ोतरी के साथ 12,566.6 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। जो पिछले साल की इसी तिमाही में 11,486.4 करोड़ रुपये रहा था।टिप्पणियां
जनवरी से मार्च तिमाही में कंपनी ने कुल 3,43,709 वाहनों की बिक्री की, जो पिछले साल की समान तिमाही से 4.6 फीसद कम है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने कुल 3,60,334 वाहन बेचे थे। परिणामों पर प्रतिक्रिया में कंपनी ने कहा, एर्टिगा, डिजायर और स्विफ्ट जैसे नए मॉडल वाली कारों की बिक्री बढ़ने से कंपनी का मुनाफा बढ़ा है।
पिछले पूरे वित्तवर्ष के दौरान कंपनी का एकल शुद्ध लाभ 40.7 फीसदी बढ़ोतरी के साथ 2,300 करोड़ रुपये रहा है, जो इससे पिछले वर्ष 1,635.1 करोड़ रुपये रहा था। वित्तवर्ष 2012-13 के दौरान कंपनी का बिक्री कारोबार 21.4 फीसदी बढ़कर 42,122.9 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल 34,705.9 करोड़ रुपये रहा था। हालांकि इस अवधि में कंपनी की बिक्री 3.3 फीसदी घटकर 11,33,695 वाहन रही, जबकि इससे पिछले वर्ष कंपनी ने 11,71,434 वाहन बेचे थे।
इससे पहले, कंपनी ने 2011-12 में 150 प्रतिशत की दर से लाभांश दिया था। मार्च में समाप्त चौथी तिमाही के दौरान कंपनी का एकल बिक्री कारोबार भी 9.4 फीसदी बढ़ोतरी के साथ 12,566.6 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। जो पिछले साल की इसी तिमाही में 11,486.4 करोड़ रुपये रहा था।टिप्पणियां
जनवरी से मार्च तिमाही में कंपनी ने कुल 3,43,709 वाहनों की बिक्री की, जो पिछले साल की समान तिमाही से 4.6 फीसद कम है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने कुल 3,60,334 वाहन बेचे थे। परिणामों पर प्रतिक्रिया में कंपनी ने कहा, एर्टिगा, डिजायर और स्विफ्ट जैसे नए मॉडल वाली कारों की बिक्री बढ़ने से कंपनी का मुनाफा बढ़ा है।
पिछले पूरे वित्तवर्ष के दौरान कंपनी का एकल शुद्ध लाभ 40.7 फीसदी बढ़ोतरी के साथ 2,300 करोड़ रुपये रहा है, जो इससे पिछले वर्ष 1,635.1 करोड़ रुपये रहा था। वित्तवर्ष 2012-13 के दौरान कंपनी का बिक्री कारोबार 21.4 फीसदी बढ़कर 42,122.9 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल 34,705.9 करोड़ रुपये रहा था। हालांकि इस अवधि में कंपनी की बिक्री 3.3 फीसदी घटकर 11,33,695 वाहन रही, जबकि इससे पिछले वर्ष कंपनी ने 11,71,434 वाहन बेचे थे।
जनवरी से मार्च तिमाही में कंपनी ने कुल 3,43,709 वाहनों की बिक्री की, जो पिछले साल की समान तिमाही से 4.6 फीसद कम है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने कुल 3,60,334 वाहन बेचे थे। परिणामों पर प्रतिक्रिया में कंपनी ने कहा, एर्टिगा, डिजायर और स्विफ्ट जैसे नए मॉडल वाली कारों की बिक्री बढ़ने से कंपनी का मुनाफा बढ़ा है।
पिछले पूरे वित्तवर्ष के दौरान कंपनी का एकल शुद्ध लाभ 40.7 फीसदी बढ़ोतरी के साथ 2,300 करोड़ रुपये रहा है, जो इससे पिछले वर्ष 1,635.1 करोड़ रुपये रहा था। वित्तवर्ष 2012-13 के दौरान कंपनी का बिक्री कारोबार 21.4 फीसदी बढ़कर 42,122.9 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल 34,705.9 करोड़ रुपये रहा था। हालांकि इस अवधि में कंपनी की बिक्री 3.3 फीसदी घटकर 11,33,695 वाहन रही, जबकि इससे पिछले वर्ष कंपनी ने 11,71,434 वाहन बेचे थे।
पिछले पूरे वित्तवर्ष के दौरान कंपनी का एकल शुद्ध लाभ 40.7 फीसदी बढ़ोतरी के साथ 2,300 करोड़ रुपये रहा है, जो इससे पिछले वर्ष 1,635.1 करोड़ रुपये रहा था। वित्तवर्ष 2012-13 के दौरान कंपनी का बिक्री कारोबार 21.4 फीसदी बढ़कर 42,122.9 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल 34,705.9 करोड़ रुपये रहा था। हालांकि इस अवधि में कंपनी की बिक्री 3.3 फीसदी घटकर 11,33,695 वाहन रही, जबकि इससे पिछले वर्ष कंपनी ने 11,71,434 वाहन बेचे थे। | संक्षिप्त पाठ: देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी का शुद्ध लाभ 31 मार्च, 2013 को समाप्त चौथी तिमाही में 1,147.5 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही के लाभ से 79.4 फीसदी अधिक है। | 27 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राहुल गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तथा अन्य विपक्षी नेताओं की मंगलवार की बैठक और संवाददाता सम्मेलन में वामपंथी पार्टियों के शामिल नहीं होने के बाद विपक्ष की एकता में दरार के बारे में पूछने पर येचुरी ने कहा कि 'एकता बनी हुई है.' मार्क्सवादी नेता ने विपक्षी दलों के बीच एकता के लिए उनके बीच उचित विचार-विमर्श पर भी जोर दिया. टिप्पणियां
येचुरी ने संवाददाताओं से कहा, 'सरकार के लिए यह जरूरी था कि वह अध्यादेश लाती अन्यथा नोटबंदी की पहल अवैध हो जाती, संसद सत्र के दौरान उन्हें संबंधित कानून में संशोधन करना चाहिए था.' उन्होंने कहा, 'अध्यादेश का रास्ता अपनाने की जरूरत नहीं है, लेकिन शीत सत्र के दौरान संसद में इस तरह के कानून का सामना करने के डर से मोदी सरकार ने पिछले दरवाजे का सहारा लिया है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
येचुरी ने संवाददाताओं से कहा, 'सरकार के लिए यह जरूरी था कि वह अध्यादेश लाती अन्यथा नोटबंदी की पहल अवैध हो जाती, संसद सत्र के दौरान उन्हें संबंधित कानून में संशोधन करना चाहिए था.' उन्होंने कहा, 'अध्यादेश का रास्ता अपनाने की जरूरत नहीं है, लेकिन शीत सत्र के दौरान संसद में इस तरह के कानून का सामना करने के डर से मोदी सरकार ने पिछले दरवाजे का सहारा लिया है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: 'अध्यादेश के लिए मोदी सरकार ने पिछले दरवाजे का सहारा लिया'
'नोटबंदी के खिलाफ विपक्षी एकता बनी हुई है'
'नोटबंदी से लोगों को हो रही परेशानी का जल्द समाधान हो' | 14 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गीतिका शर्मा खुदकुशी मामले में दिल्ली पुलिस हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा से आज पूछताछ करेगी। इससे पहले मंगलवार को पुलिस ने गोपाल कांडा को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा था। हालांकि गोपाल कांडा अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बता रहे हैं।
कांडा की अब बंद हो चुकी एयरलाइंस एमडीएलआर की पूर्व एयर होस्टेस 23 वर्षीय गीतिका शर्मा ने रविवार को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। उसका शव अशोक विहार के उसके आवास से बरामद किया गया था। सुसाइड नोट में गीतिका ने कांडा और एमडीएलआर की अधिकारी अरुणा चड्ढा पर उसे परेशान करने का आरोप लगाया है।
गीतिका के परिवार ने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है और वह चाहता है कि पूर्व मंत्री की जल्द गिरफ्तारी हो।
पुलिस ने अरुणा चड्ढा और अंकित अहलूवालिया को भी पूछताछ के लिए उपस्थित होने का नोटिस जारी किया है।
इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग का एक दल भी जांच कर रहा है। इस दल की एक सदस्य ने कहा, ‘जांच अभी शुरुआती दौर में है। हमने लड़की के माता-पिता और भाई से बात की है। अब हम कांडा और दूसरे लोगों से बात करेंगे। इसके बाद अपनी रिपोर्ट सौंपेगे।’
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को हरियाणा के पूर्व गृह राज्यमंत्री गोपाल गोयल कांडा के आवास और फार्महाउस पर छापेमारी की। उनके खिलाफ 23 वर्षीया पूर्व विमान परिचारिका गीतिका शर्मा को खुदकुशी के लिए बाध्य करने का मामला दर्ज है। तलाशी के दौरान पुलिस ने कुछ कागजात, लैपटॉप और सीडी बरामद की।
दिल्ली पुलिस ने सिविल लाइंस स्थित कांडा के आवास की एक घंटे तक तलाशी ली। इसके बाद उनके फार्महाउस पर छापेमारी की।
एक निरीक्षक स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में छापेमारी के लिए गई टीम ने कुछ कागजात और सीडी को अपने कब्जे में लिया। छापेमारी के दौरान कांडा के कई समर्थक और हरियाणा पुलिस के कर्मी उनके आवास पर जुटे हुए थे।
चार सदस्यीय पुलिस टीम ने कांडा के परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए। इस टीम में एक महिला कांस्टेबल भी थी, लेकिन उसने इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
टीम के सदस्यों को कांडा के आवास से कुछ फाइलें बाहर ले जाते देखा गया।
एक सूत्र ने बताया, "कांडा के फार्म हाउस से एक लैपटॉप और कुछ कम्यूटर सीडी को कब्जे में लिया गया।" वहीं कांडा के करीबी सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस की टीम एक नोटिस देने आई थी।
ज्ञात हो कि बंद हो चुकी एमडीएलआर एयरलाइंस की पूर्व विमान परिचारिका गीतिका शर्मा ने रविवार को उत्तरी दिल्ली के अशोक विहार स्थित अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। सुसाइड नोट में उसने इतना बड़ा कदम उठाने के लिए कांडा को जिम्मेदार ठहराया है।टिप्पणियां
कांडा अक्टूबर 2009 के विधानसभा चुनाव में हरियाणा के सिरसा से निर्दलीय विधायक निर्वाचित हुए थे। उन्हें बाद में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया था।
प्रॉपर्टी डीलर से राजनेता बने कांडा करोड़पति हैं। वह कभी पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) नेता ओमप्रकाश चौटाला के करीबी माने जाते थे, लेकिन बाद में कांडा ने उनसे दूरी बना ली।
कांडा की अब बंद हो चुकी एयरलाइंस एमडीएलआर की पूर्व एयर होस्टेस 23 वर्षीय गीतिका शर्मा ने रविवार को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। उसका शव अशोक विहार के उसके आवास से बरामद किया गया था। सुसाइड नोट में गीतिका ने कांडा और एमडीएलआर की अधिकारी अरुणा चड्ढा पर उसे परेशान करने का आरोप लगाया है।
गीतिका के परिवार ने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है और वह चाहता है कि पूर्व मंत्री की जल्द गिरफ्तारी हो।
पुलिस ने अरुणा चड्ढा और अंकित अहलूवालिया को भी पूछताछ के लिए उपस्थित होने का नोटिस जारी किया है।
इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग का एक दल भी जांच कर रहा है। इस दल की एक सदस्य ने कहा, ‘जांच अभी शुरुआती दौर में है। हमने लड़की के माता-पिता और भाई से बात की है। अब हम कांडा और दूसरे लोगों से बात करेंगे। इसके बाद अपनी रिपोर्ट सौंपेगे।’
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को हरियाणा के पूर्व गृह राज्यमंत्री गोपाल गोयल कांडा के आवास और फार्महाउस पर छापेमारी की। उनके खिलाफ 23 वर्षीया पूर्व विमान परिचारिका गीतिका शर्मा को खुदकुशी के लिए बाध्य करने का मामला दर्ज है। तलाशी के दौरान पुलिस ने कुछ कागजात, लैपटॉप और सीडी बरामद की।
दिल्ली पुलिस ने सिविल लाइंस स्थित कांडा के आवास की एक घंटे तक तलाशी ली। इसके बाद उनके फार्महाउस पर छापेमारी की।
एक निरीक्षक स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में छापेमारी के लिए गई टीम ने कुछ कागजात और सीडी को अपने कब्जे में लिया। छापेमारी के दौरान कांडा के कई समर्थक और हरियाणा पुलिस के कर्मी उनके आवास पर जुटे हुए थे।
चार सदस्यीय पुलिस टीम ने कांडा के परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए। इस टीम में एक महिला कांस्टेबल भी थी, लेकिन उसने इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
टीम के सदस्यों को कांडा के आवास से कुछ फाइलें बाहर ले जाते देखा गया।
एक सूत्र ने बताया, "कांडा के फार्म हाउस से एक लैपटॉप और कुछ कम्यूटर सीडी को कब्जे में लिया गया।" वहीं कांडा के करीबी सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस की टीम एक नोटिस देने आई थी।
ज्ञात हो कि बंद हो चुकी एमडीएलआर एयरलाइंस की पूर्व विमान परिचारिका गीतिका शर्मा ने रविवार को उत्तरी दिल्ली के अशोक विहार स्थित अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। सुसाइड नोट में उसने इतना बड़ा कदम उठाने के लिए कांडा को जिम्मेदार ठहराया है।टिप्पणियां
कांडा अक्टूबर 2009 के विधानसभा चुनाव में हरियाणा के सिरसा से निर्दलीय विधायक निर्वाचित हुए थे। उन्हें बाद में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया था।
प्रॉपर्टी डीलर से राजनेता बने कांडा करोड़पति हैं। वह कभी पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) नेता ओमप्रकाश चौटाला के करीबी माने जाते थे, लेकिन बाद में कांडा ने उनसे दूरी बना ली।
गीतिका के परिवार ने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है और वह चाहता है कि पूर्व मंत्री की जल्द गिरफ्तारी हो।
पुलिस ने अरुणा चड्ढा और अंकित अहलूवालिया को भी पूछताछ के लिए उपस्थित होने का नोटिस जारी किया है।
इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग का एक दल भी जांच कर रहा है। इस दल की एक सदस्य ने कहा, ‘जांच अभी शुरुआती दौर में है। हमने लड़की के माता-पिता और भाई से बात की है। अब हम कांडा और दूसरे लोगों से बात करेंगे। इसके बाद अपनी रिपोर्ट सौंपेगे।’
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को हरियाणा के पूर्व गृह राज्यमंत्री गोपाल गोयल कांडा के आवास और फार्महाउस पर छापेमारी की। उनके खिलाफ 23 वर्षीया पूर्व विमान परिचारिका गीतिका शर्मा को खुदकुशी के लिए बाध्य करने का मामला दर्ज है। तलाशी के दौरान पुलिस ने कुछ कागजात, लैपटॉप और सीडी बरामद की।
दिल्ली पुलिस ने सिविल लाइंस स्थित कांडा के आवास की एक घंटे तक तलाशी ली। इसके बाद उनके फार्महाउस पर छापेमारी की।
एक निरीक्षक स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में छापेमारी के लिए गई टीम ने कुछ कागजात और सीडी को अपने कब्जे में लिया। छापेमारी के दौरान कांडा के कई समर्थक और हरियाणा पुलिस के कर्मी उनके आवास पर जुटे हुए थे।
चार सदस्यीय पुलिस टीम ने कांडा के परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए। इस टीम में एक महिला कांस्टेबल भी थी, लेकिन उसने इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
टीम के सदस्यों को कांडा के आवास से कुछ फाइलें बाहर ले जाते देखा गया।
एक सूत्र ने बताया, "कांडा के फार्म हाउस से एक लैपटॉप और कुछ कम्यूटर सीडी को कब्जे में लिया गया।" वहीं कांडा के करीबी सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस की टीम एक नोटिस देने आई थी।
ज्ञात हो कि बंद हो चुकी एमडीएलआर एयरलाइंस की पूर्व विमान परिचारिका गीतिका शर्मा ने रविवार को उत्तरी दिल्ली के अशोक विहार स्थित अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। सुसाइड नोट में उसने इतना बड़ा कदम उठाने के लिए कांडा को जिम्मेदार ठहराया है।टिप्पणियां
कांडा अक्टूबर 2009 के विधानसभा चुनाव में हरियाणा के सिरसा से निर्दलीय विधायक निर्वाचित हुए थे। उन्हें बाद में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया था।
प्रॉपर्टी डीलर से राजनेता बने कांडा करोड़पति हैं। वह कभी पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) नेता ओमप्रकाश चौटाला के करीबी माने जाते थे, लेकिन बाद में कांडा ने उनसे दूरी बना ली।
पुलिस ने अरुणा चड्ढा और अंकित अहलूवालिया को भी पूछताछ के लिए उपस्थित होने का नोटिस जारी किया है।
इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग का एक दल भी जांच कर रहा है। इस दल की एक सदस्य ने कहा, ‘जांच अभी शुरुआती दौर में है। हमने लड़की के माता-पिता और भाई से बात की है। अब हम कांडा और दूसरे लोगों से बात करेंगे। इसके बाद अपनी रिपोर्ट सौंपेगे।’
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को हरियाणा के पूर्व गृह राज्यमंत्री गोपाल गोयल कांडा के आवास और फार्महाउस पर छापेमारी की। उनके खिलाफ 23 वर्षीया पूर्व विमान परिचारिका गीतिका शर्मा को खुदकुशी के लिए बाध्य करने का मामला दर्ज है। तलाशी के दौरान पुलिस ने कुछ कागजात, लैपटॉप और सीडी बरामद की।
दिल्ली पुलिस ने सिविल लाइंस स्थित कांडा के आवास की एक घंटे तक तलाशी ली। इसके बाद उनके फार्महाउस पर छापेमारी की।
एक निरीक्षक स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में छापेमारी के लिए गई टीम ने कुछ कागजात और सीडी को अपने कब्जे में लिया। छापेमारी के दौरान कांडा के कई समर्थक और हरियाणा पुलिस के कर्मी उनके आवास पर जुटे हुए थे।
चार सदस्यीय पुलिस टीम ने कांडा के परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए। इस टीम में एक महिला कांस्टेबल भी थी, लेकिन उसने इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
टीम के सदस्यों को कांडा के आवास से कुछ फाइलें बाहर ले जाते देखा गया।
एक सूत्र ने बताया, "कांडा के फार्म हाउस से एक लैपटॉप और कुछ कम्यूटर सीडी को कब्जे में लिया गया।" वहीं कांडा के करीबी सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस की टीम एक नोटिस देने आई थी।
ज्ञात हो कि बंद हो चुकी एमडीएलआर एयरलाइंस की पूर्व विमान परिचारिका गीतिका शर्मा ने रविवार को उत्तरी दिल्ली के अशोक विहार स्थित अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। सुसाइड नोट में उसने इतना बड़ा कदम उठाने के लिए कांडा को जिम्मेदार ठहराया है।टिप्पणियां
कांडा अक्टूबर 2009 के विधानसभा चुनाव में हरियाणा के सिरसा से निर्दलीय विधायक निर्वाचित हुए थे। उन्हें बाद में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया था।
प्रॉपर्टी डीलर से राजनेता बने कांडा करोड़पति हैं। वह कभी पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) नेता ओमप्रकाश चौटाला के करीबी माने जाते थे, लेकिन बाद में कांडा ने उनसे दूरी बना ली।
इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग का एक दल भी जांच कर रहा है। इस दल की एक सदस्य ने कहा, ‘जांच अभी शुरुआती दौर में है। हमने लड़की के माता-पिता और भाई से बात की है। अब हम कांडा और दूसरे लोगों से बात करेंगे। इसके बाद अपनी रिपोर्ट सौंपेगे।’
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को हरियाणा के पूर्व गृह राज्यमंत्री गोपाल गोयल कांडा के आवास और फार्महाउस पर छापेमारी की। उनके खिलाफ 23 वर्षीया पूर्व विमान परिचारिका गीतिका शर्मा को खुदकुशी के लिए बाध्य करने का मामला दर्ज है। तलाशी के दौरान पुलिस ने कुछ कागजात, लैपटॉप और सीडी बरामद की।
दिल्ली पुलिस ने सिविल लाइंस स्थित कांडा के आवास की एक घंटे तक तलाशी ली। इसके बाद उनके फार्महाउस पर छापेमारी की।
एक निरीक्षक स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में छापेमारी के लिए गई टीम ने कुछ कागजात और सीडी को अपने कब्जे में लिया। छापेमारी के दौरान कांडा के कई समर्थक और हरियाणा पुलिस के कर्मी उनके आवास पर जुटे हुए थे।
चार सदस्यीय पुलिस टीम ने कांडा के परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए। इस टीम में एक महिला कांस्टेबल भी थी, लेकिन उसने इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
टीम के सदस्यों को कांडा के आवास से कुछ फाइलें बाहर ले जाते देखा गया।
एक सूत्र ने बताया, "कांडा के फार्म हाउस से एक लैपटॉप और कुछ कम्यूटर सीडी को कब्जे में लिया गया।" वहीं कांडा के करीबी सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस की टीम एक नोटिस देने आई थी।
ज्ञात हो कि बंद हो चुकी एमडीएलआर एयरलाइंस की पूर्व विमान परिचारिका गीतिका शर्मा ने रविवार को उत्तरी दिल्ली के अशोक विहार स्थित अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। सुसाइड नोट में उसने इतना बड़ा कदम उठाने के लिए कांडा को जिम्मेदार ठहराया है।टिप्पणियां
कांडा अक्टूबर 2009 के विधानसभा चुनाव में हरियाणा के सिरसा से निर्दलीय विधायक निर्वाचित हुए थे। उन्हें बाद में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया था।
प्रॉपर्टी डीलर से राजनेता बने कांडा करोड़पति हैं। वह कभी पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) नेता ओमप्रकाश चौटाला के करीबी माने जाते थे, लेकिन बाद में कांडा ने उनसे दूरी बना ली।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को हरियाणा के पूर्व गृह राज्यमंत्री गोपाल गोयल कांडा के आवास और फार्महाउस पर छापेमारी की। उनके खिलाफ 23 वर्षीया पूर्व विमान परिचारिका गीतिका शर्मा को खुदकुशी के लिए बाध्य करने का मामला दर्ज है। तलाशी के दौरान पुलिस ने कुछ कागजात, लैपटॉप और सीडी बरामद की।
दिल्ली पुलिस ने सिविल लाइंस स्थित कांडा के आवास की एक घंटे तक तलाशी ली। इसके बाद उनके फार्महाउस पर छापेमारी की।
एक निरीक्षक स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में छापेमारी के लिए गई टीम ने कुछ कागजात और सीडी को अपने कब्जे में लिया। छापेमारी के दौरान कांडा के कई समर्थक और हरियाणा पुलिस के कर्मी उनके आवास पर जुटे हुए थे।
चार सदस्यीय पुलिस टीम ने कांडा के परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए। इस टीम में एक महिला कांस्टेबल भी थी, लेकिन उसने इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
टीम के सदस्यों को कांडा के आवास से कुछ फाइलें बाहर ले जाते देखा गया।
एक सूत्र ने बताया, "कांडा के फार्म हाउस से एक लैपटॉप और कुछ कम्यूटर सीडी को कब्जे में लिया गया।" वहीं कांडा के करीबी सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस की टीम एक नोटिस देने आई थी।
ज्ञात हो कि बंद हो चुकी एमडीएलआर एयरलाइंस की पूर्व विमान परिचारिका गीतिका शर्मा ने रविवार को उत्तरी दिल्ली के अशोक विहार स्थित अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। सुसाइड नोट में उसने इतना बड़ा कदम उठाने के लिए कांडा को जिम्मेदार ठहराया है।टिप्पणियां
कांडा अक्टूबर 2009 के विधानसभा चुनाव में हरियाणा के सिरसा से निर्दलीय विधायक निर्वाचित हुए थे। उन्हें बाद में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया था।
प्रॉपर्टी डीलर से राजनेता बने कांडा करोड़पति हैं। वह कभी पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) नेता ओमप्रकाश चौटाला के करीबी माने जाते थे, लेकिन बाद में कांडा ने उनसे दूरी बना ली।
दिल्ली पुलिस ने सिविल लाइंस स्थित कांडा के आवास की एक घंटे तक तलाशी ली। इसके बाद उनके फार्महाउस पर छापेमारी की।
एक निरीक्षक स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में छापेमारी के लिए गई टीम ने कुछ कागजात और सीडी को अपने कब्जे में लिया। छापेमारी के दौरान कांडा के कई समर्थक और हरियाणा पुलिस के कर्मी उनके आवास पर जुटे हुए थे।
चार सदस्यीय पुलिस टीम ने कांडा के परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए। इस टीम में एक महिला कांस्टेबल भी थी, लेकिन उसने इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
टीम के सदस्यों को कांडा के आवास से कुछ फाइलें बाहर ले जाते देखा गया।
एक सूत्र ने बताया, "कांडा के फार्म हाउस से एक लैपटॉप और कुछ कम्यूटर सीडी को कब्जे में लिया गया।" वहीं कांडा के करीबी सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस की टीम एक नोटिस देने आई थी।
ज्ञात हो कि बंद हो चुकी एमडीएलआर एयरलाइंस की पूर्व विमान परिचारिका गीतिका शर्मा ने रविवार को उत्तरी दिल्ली के अशोक विहार स्थित अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। सुसाइड नोट में उसने इतना बड़ा कदम उठाने के लिए कांडा को जिम्मेदार ठहराया है।टिप्पणियां
कांडा अक्टूबर 2009 के विधानसभा चुनाव में हरियाणा के सिरसा से निर्दलीय विधायक निर्वाचित हुए थे। उन्हें बाद में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया था।
प्रॉपर्टी डीलर से राजनेता बने कांडा करोड़पति हैं। वह कभी पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) नेता ओमप्रकाश चौटाला के करीबी माने जाते थे, लेकिन बाद में कांडा ने उनसे दूरी बना ली।
एक निरीक्षक स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में छापेमारी के लिए गई टीम ने कुछ कागजात और सीडी को अपने कब्जे में लिया। छापेमारी के दौरान कांडा के कई समर्थक और हरियाणा पुलिस के कर्मी उनके आवास पर जुटे हुए थे।
चार सदस्यीय पुलिस टीम ने कांडा के परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए। इस टीम में एक महिला कांस्टेबल भी थी, लेकिन उसने इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
टीम के सदस्यों को कांडा के आवास से कुछ फाइलें बाहर ले जाते देखा गया।
एक सूत्र ने बताया, "कांडा के फार्म हाउस से एक लैपटॉप और कुछ कम्यूटर सीडी को कब्जे में लिया गया।" वहीं कांडा के करीबी सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस की टीम एक नोटिस देने आई थी।
ज्ञात हो कि बंद हो चुकी एमडीएलआर एयरलाइंस की पूर्व विमान परिचारिका गीतिका शर्मा ने रविवार को उत्तरी दिल्ली के अशोक विहार स्थित अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। सुसाइड नोट में उसने इतना बड़ा कदम उठाने के लिए कांडा को जिम्मेदार ठहराया है।टिप्पणियां
कांडा अक्टूबर 2009 के विधानसभा चुनाव में हरियाणा के सिरसा से निर्दलीय विधायक निर्वाचित हुए थे। उन्हें बाद में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया था।
प्रॉपर्टी डीलर से राजनेता बने कांडा करोड़पति हैं। वह कभी पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) नेता ओमप्रकाश चौटाला के करीबी माने जाते थे, लेकिन बाद में कांडा ने उनसे दूरी बना ली।
चार सदस्यीय पुलिस टीम ने कांडा के परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए। इस टीम में एक महिला कांस्टेबल भी थी, लेकिन उसने इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
टीम के सदस्यों को कांडा के आवास से कुछ फाइलें बाहर ले जाते देखा गया।
एक सूत्र ने बताया, "कांडा के फार्म हाउस से एक लैपटॉप और कुछ कम्यूटर सीडी को कब्जे में लिया गया।" वहीं कांडा के करीबी सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस की टीम एक नोटिस देने आई थी।
ज्ञात हो कि बंद हो चुकी एमडीएलआर एयरलाइंस की पूर्व विमान परिचारिका गीतिका शर्मा ने रविवार को उत्तरी दिल्ली के अशोक विहार स्थित अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। सुसाइड नोट में उसने इतना बड़ा कदम उठाने के लिए कांडा को जिम्मेदार ठहराया है।टिप्पणियां
कांडा अक्टूबर 2009 के विधानसभा चुनाव में हरियाणा के सिरसा से निर्दलीय विधायक निर्वाचित हुए थे। उन्हें बाद में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया था।
प्रॉपर्टी डीलर से राजनेता बने कांडा करोड़पति हैं। वह कभी पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) नेता ओमप्रकाश चौटाला के करीबी माने जाते थे, लेकिन बाद में कांडा ने उनसे दूरी बना ली।
टीम के सदस्यों को कांडा के आवास से कुछ फाइलें बाहर ले जाते देखा गया।
एक सूत्र ने बताया, "कांडा के फार्म हाउस से एक लैपटॉप और कुछ कम्यूटर सीडी को कब्जे में लिया गया।" वहीं कांडा के करीबी सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस की टीम एक नोटिस देने आई थी।
ज्ञात हो कि बंद हो चुकी एमडीएलआर एयरलाइंस की पूर्व विमान परिचारिका गीतिका शर्मा ने रविवार को उत्तरी दिल्ली के अशोक विहार स्थित अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। सुसाइड नोट में उसने इतना बड़ा कदम उठाने के लिए कांडा को जिम्मेदार ठहराया है।टिप्पणियां
कांडा अक्टूबर 2009 के विधानसभा चुनाव में हरियाणा के सिरसा से निर्दलीय विधायक निर्वाचित हुए थे। उन्हें बाद में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया था।
प्रॉपर्टी डीलर से राजनेता बने कांडा करोड़पति हैं। वह कभी पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) नेता ओमप्रकाश चौटाला के करीबी माने जाते थे, लेकिन बाद में कांडा ने उनसे दूरी बना ली।
एक सूत्र ने बताया, "कांडा के फार्म हाउस से एक लैपटॉप और कुछ कम्यूटर सीडी को कब्जे में लिया गया।" वहीं कांडा के करीबी सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस की टीम एक नोटिस देने आई थी।
ज्ञात हो कि बंद हो चुकी एमडीएलआर एयरलाइंस की पूर्व विमान परिचारिका गीतिका शर्मा ने रविवार को उत्तरी दिल्ली के अशोक विहार स्थित अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। सुसाइड नोट में उसने इतना बड़ा कदम उठाने के लिए कांडा को जिम्मेदार ठहराया है।टिप्पणियां
कांडा अक्टूबर 2009 के विधानसभा चुनाव में हरियाणा के सिरसा से निर्दलीय विधायक निर्वाचित हुए थे। उन्हें बाद में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया था।
प्रॉपर्टी डीलर से राजनेता बने कांडा करोड़पति हैं। वह कभी पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) नेता ओमप्रकाश चौटाला के करीबी माने जाते थे, लेकिन बाद में कांडा ने उनसे दूरी बना ली।
ज्ञात हो कि बंद हो चुकी एमडीएलआर एयरलाइंस की पूर्व विमान परिचारिका गीतिका शर्मा ने रविवार को उत्तरी दिल्ली के अशोक विहार स्थित अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। सुसाइड नोट में उसने इतना बड़ा कदम उठाने के लिए कांडा को जिम्मेदार ठहराया है।टिप्पणियां
कांडा अक्टूबर 2009 के विधानसभा चुनाव में हरियाणा के सिरसा से निर्दलीय विधायक निर्वाचित हुए थे। उन्हें बाद में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया था।
प्रॉपर्टी डीलर से राजनेता बने कांडा करोड़पति हैं। वह कभी पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) नेता ओमप्रकाश चौटाला के करीबी माने जाते थे, लेकिन बाद में कांडा ने उनसे दूरी बना ली।
कांडा अक्टूबर 2009 के विधानसभा चुनाव में हरियाणा के सिरसा से निर्दलीय विधायक निर्वाचित हुए थे। उन्हें बाद में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया था।
प्रॉपर्टी डीलर से राजनेता बने कांडा करोड़पति हैं। वह कभी पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) नेता ओमप्रकाश चौटाला के करीबी माने जाते थे, लेकिन बाद में कांडा ने उनसे दूरी बना ली।
प्रॉपर्टी डीलर से राजनेता बने कांडा करोड़पति हैं। वह कभी पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) नेता ओमप्रकाश चौटाला के करीबी माने जाते थे, लेकिन बाद में कांडा ने उनसे दूरी बना ली। | संक्षिप्त पाठ: गीतिका शर्मा खुदकुशी मामले में दिल्ली पुलिस हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा से आज पूछताछ करेगी। हालांकि गोपाल अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बता रहे हैं। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली में भाई दूज पर डीटीसी की नॉन-एसी बसों में आज महिलाएं मुफ्त सफर कर सकती हैं। परिवहन मंत्री रमांकांत गोस्वामी ने कहा कि सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक महिलाएं डीटीसी की सभी साधारण बसों और गैर-एसी लो फ्लोर में नि:शुल्क यात्रा कर सकेंगी।टिप्पणियां
वहीं भाई दूज के मौके पर दिल्ली मेट्रो ने भी खास इंतजाम किए हैं। यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसलिए मेट्रो आज अतिरिक्त फेरे लगाएगी। डीएमआरसी ने बताया कि भीड़ को देखते हुए मेट्रो अतिरिक्त 200 फेरे लगाएगी।
डीएमआरसी ने आज मेट्रो के सभी टिकट काउंटर खुले रखने का फैसला किया है, ताकि टिकट काउंटरों पर भीड़ कम रहे। डीएमआरसी के इस खास इंतजाम का फायदा वैशाली−द्वारका और नोएडा−द्वारका रूट के यात्रियों को मिलेगा। इन दोनों रूटों पर ही मेट्रो के अतिरिक्त 100 फेरे लगेंगे।
वहीं भाई दूज के मौके पर दिल्ली मेट्रो ने भी खास इंतजाम किए हैं। यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसलिए मेट्रो आज अतिरिक्त फेरे लगाएगी। डीएमआरसी ने बताया कि भीड़ को देखते हुए मेट्रो अतिरिक्त 200 फेरे लगाएगी।
डीएमआरसी ने आज मेट्रो के सभी टिकट काउंटर खुले रखने का फैसला किया है, ताकि टिकट काउंटरों पर भीड़ कम रहे। डीएमआरसी के इस खास इंतजाम का फायदा वैशाली−द्वारका और नोएडा−द्वारका रूट के यात्रियों को मिलेगा। इन दोनों रूटों पर ही मेट्रो के अतिरिक्त 100 फेरे लगेंगे।
डीएमआरसी ने आज मेट्रो के सभी टिकट काउंटर खुले रखने का फैसला किया है, ताकि टिकट काउंटरों पर भीड़ कम रहे। डीएमआरसी के इस खास इंतजाम का फायदा वैशाली−द्वारका और नोएडा−द्वारका रूट के यात्रियों को मिलेगा। इन दोनों रूटों पर ही मेट्रो के अतिरिक्त 100 फेरे लगेंगे। | दिल्ली में भाई दूज पर सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक महिलाएं डीटीसी की सभी साधारण बसों और गैर-एसी लो फ्लोर में नि:शुल्क यात्रा कर सकेंगी। | 34 | ['hin'] |
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