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इस के लिए एक सारांश बनाएं: 16 दिसम्बर सामूहिक बलात्कार के दोषियों ने 23 वर्षीया पैरामेडिकल छात्रा से सामूहिक बलात्कार करने से पहले कथित रूप से जिस रामाधार नामक व्यक्ति से लूटपाट की थी उसने गुरुवार को दिल्ली की एक अदालत से कहा कि यदि उसे चलती बस से नीचे नहीं फेंका गया होता तो दोषी उसकी भी हत्या कर देते। पेशे से बढ़ई रामाधार ने मामले में अपनी गवाही के दौरान अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश दया प्रकाश के समक्ष कहा, ‘दोषी यदि मुझे नीचे नहीं फेंकते तो मेरी भी हत्या कर दी गई होती।’ रामाधार ने इससे पहले अदालत कक्ष में मौजूद चारों वयस्क दोषियों मुकेश (26), विनय शर्मा (20), पवन गुप्ता (19) और अक्षय सिंह ठाकुर (28) की पहचान की थी। उसने बताया कि उससे लूटपाट और पिटायी की थी। दोषियों ने गत वर्ष 16 दिसम्बर को दक्षिण दिल्ली में लड़की से चलती बस में बलात्कार करने से पहले कथित रूप से रामाधार को बस में फुसलाकर चढ़ाया और उससे लूटपाट की। लड़की की बाद में सिंगापुर के अस्पताल में 2 दिसम्बर को मौत हो गई थी। टिप्पणियां चारों व्यक्तियों को गत 10 सितम्बर को फास्ट ट्रैक अदालत ने सामूहिक बलात्कार मामले में दोषी करार दिया था। उन्हें सज कल सुनाई जाएगी जो फांसी भी हो सकती है। रामाधार ने अदालत को यह भी बताया कि उसने मामले की जांच के दौरान उस बस और उसके पंजीकरण नम्बर की पहचान की थी जिसमें घटना हुई थी। पेशे से बढ़ई रामाधार ने मामले में अपनी गवाही के दौरान अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश दया प्रकाश के समक्ष कहा, ‘दोषी यदि मुझे नीचे नहीं फेंकते तो मेरी भी हत्या कर दी गई होती।’ रामाधार ने इससे पहले अदालत कक्ष में मौजूद चारों वयस्क दोषियों मुकेश (26), विनय शर्मा (20), पवन गुप्ता (19) और अक्षय सिंह ठाकुर (28) की पहचान की थी। उसने बताया कि उससे लूटपाट और पिटायी की थी। दोषियों ने गत वर्ष 16 दिसम्बर को दक्षिण दिल्ली में लड़की से चलती बस में बलात्कार करने से पहले कथित रूप से रामाधार को बस में फुसलाकर चढ़ाया और उससे लूटपाट की। लड़की की बाद में सिंगापुर के अस्पताल में 2 दिसम्बर को मौत हो गई थी। टिप्पणियां चारों व्यक्तियों को गत 10 सितम्बर को फास्ट ट्रैक अदालत ने सामूहिक बलात्कार मामले में दोषी करार दिया था। उन्हें सज कल सुनाई जाएगी जो फांसी भी हो सकती है। रामाधार ने अदालत को यह भी बताया कि उसने मामले की जांच के दौरान उस बस और उसके पंजीकरण नम्बर की पहचान की थी जिसमें घटना हुई थी। दोषियों ने गत वर्ष 16 दिसम्बर को दक्षिण दिल्ली में लड़की से चलती बस में बलात्कार करने से पहले कथित रूप से रामाधार को बस में फुसलाकर चढ़ाया और उससे लूटपाट की। लड़की की बाद में सिंगापुर के अस्पताल में 2 दिसम्बर को मौत हो गई थी। टिप्पणियां चारों व्यक्तियों को गत 10 सितम्बर को फास्ट ट्रैक अदालत ने सामूहिक बलात्कार मामले में दोषी करार दिया था। उन्हें सज कल सुनाई जाएगी जो फांसी भी हो सकती है। रामाधार ने अदालत को यह भी बताया कि उसने मामले की जांच के दौरान उस बस और उसके पंजीकरण नम्बर की पहचान की थी जिसमें घटना हुई थी। चारों व्यक्तियों को गत 10 सितम्बर को फास्ट ट्रैक अदालत ने सामूहिक बलात्कार मामले में दोषी करार दिया था। उन्हें सज कल सुनाई जाएगी जो फांसी भी हो सकती है। रामाधार ने अदालत को यह भी बताया कि उसने मामले की जांच के दौरान उस बस और उसके पंजीकरण नम्बर की पहचान की थी जिसमें घटना हुई थी। रामाधार ने अदालत को यह भी बताया कि उसने मामले की जांच के दौरान उस बस और उसके पंजीकरण नम्बर की पहचान की थी जिसमें घटना हुई थी।
16 दिसम्बर सामूहिक बलात्कार के दोषियों ने 23 वर्षीया पैरामेडिकल छात्रा से सामूहिक बलात्कार करने से पहले कथित रूप से जिस रामाधार नामक व्यक्ति से लूटपाट की थी उसने गुरुवार को दिल्ली की एक अदालत से कहा कि यदि उसे चलती बस से नीचे नहीं फेंका गया होता तो दोषी उ
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली की एक अदालत ने रक्षा सौदों में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े साल 2001 के एक मामले में समता पार्टी की पूर्व अध्यक्ष जया जेटली और दो अन्य के खिलाफ आज आरोप तय किए हैं।टिप्पणियां जेटली के साथ उनकी पूर्ववर्ती पार्टी के साथी गोपाल पचरवाल और सेवानिवृत्त मेजर जनरल एस पी मुरगई विशेष सीबीआई न्यायाधीश कंवल जीत अरोड़ा के समक्ष उपस्थित हुए। उन्होंने आरोप तय करने के बाद मामले की अगली सुनवाई की तारीख 30 अप्रैल निर्धारित कर दी। अदालत ने उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी के तहत आपराधिक साजिश रचने और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए। तीनों आरोपियों ने अपना गुनाह नहीं कबूला और मुकदमे का सामना करने का फैसला किया। यह मामला समाचार पोर्टल तहलका डॉट कॉम द्वारा किए गए स्टिंग ‘ऑपरेशन वेस्ट एंड’ के आधार पर दर्ज किया गया था। यह स्टिंग रक्षा सौदों में कथित भ्रष्टाचार का खुलासा करने के लिए किया गया था। सीबीआई ने जया जेटली और अन्य के खिलाफ साल 2006 में आरोप पत्र दायर किया था। जेटली के साथ उनकी पूर्ववर्ती पार्टी के साथी गोपाल पचरवाल और सेवानिवृत्त मेजर जनरल एस पी मुरगई विशेष सीबीआई न्यायाधीश कंवल जीत अरोड़ा के समक्ष उपस्थित हुए। उन्होंने आरोप तय करने के बाद मामले की अगली सुनवाई की तारीख 30 अप्रैल निर्धारित कर दी। अदालत ने उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी के तहत आपराधिक साजिश रचने और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए। तीनों आरोपियों ने अपना गुनाह नहीं कबूला और मुकदमे का सामना करने का फैसला किया। यह मामला समाचार पोर्टल तहलका डॉट कॉम द्वारा किए गए स्टिंग ‘ऑपरेशन वेस्ट एंड’ के आधार पर दर्ज किया गया था। यह स्टिंग रक्षा सौदों में कथित भ्रष्टाचार का खुलासा करने के लिए किया गया था। सीबीआई ने जया जेटली और अन्य के खिलाफ साल 2006 में आरोप पत्र दायर किया था। अदालत ने उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी के तहत आपराधिक साजिश रचने और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए। तीनों आरोपियों ने अपना गुनाह नहीं कबूला और मुकदमे का सामना करने का फैसला किया। यह मामला समाचार पोर्टल तहलका डॉट कॉम द्वारा किए गए स्टिंग ‘ऑपरेशन वेस्ट एंड’ के आधार पर दर्ज किया गया था। यह स्टिंग रक्षा सौदों में कथित भ्रष्टाचार का खुलासा करने के लिए किया गया था। सीबीआई ने जया जेटली और अन्य के खिलाफ साल 2006 में आरोप पत्र दायर किया था।
संक्षिप्त सारांश: दिल्ली की एक अदालत ने रक्षा सौदों में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े साल 2001 के एक मामले में समता पार्टी की पूर्व अध्यक्ष जया जेटली और दो अन्य के खिलाफ आज आरोप तय किए हैं।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पंजाब के मनसा जिले में एक 20 साल के युवक का शव बरामद हुआ है. युवक की एक टांग भी काट कर अलग कर दी गई है... चंडीगढ़ से 180 किलोमीटर दूरी पर स्थित मनसा जिले में हुई यह घटना सोमवार रात हुई बताई जा रही है. युवक के गांव के छह लोगों पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस का कहना है कि सुखचैन सिंह पाली नामक यह युवक शराब की स्मगलिंग में शामिल था और विरोधी गैंग के सदस्यों द्वारा मार गिराया गया. पिछले कुछ महीनों में इन दोनों गुटों के बीच कई बार झड़प हो चुकी है. पाली के परिवार का कहना है कि उसका इसका खून किया गया क्योंकि वह दलित था. परिवार ने उसका अंतिम संस्कार तब तक करने के लिए मना कर दिया गया है जब तक कि उसकी कटी हुई टांग नहीं मिल जाती. सभी आरोपी सवर्ण समाज के हैं और गिरफ्तार कर लिए गए हैं. युवक की बॉडी को मुर्दाघर में रखा गया है.  युवक के पिता का कहना है कि सोमवार रात जब वह घर लौट रहा था जब उस पर हमला किया गया. पिता का आरोप है कि गांव के ताकतवर जमींदारों के इशारे पर यह हत्या हुई जो शराब की तस्करी में शामिल हैं. टिप्पणियां युवक की बॉडी रात 10 बजे बरामद हुई. रेशम सिंह को बेटे के दोस्तों ने फोन करके बताया था कि उस पर हमला किया गया है. तब वह पुलिस के पास मदद के लिए दौड़े. अमनदीप, बलबीर, सीता सिंह, बबरीक सिंह, हरदीप सिंह और साधु सिंह के खिलाफ पुलिस ने दर्ज कर लिया है. स्थानीय राजनेताओं ने गांव में प्रदर्शन किए और  कहा कि दलितों पर हमले किए जा रहे हैं और उनका शोषण किया जा रहा है. पिछले  साल दिसंबर में भीम तांक नामक दलित का शव भी ऐसे ही- टांग काटकर अलग कर दी गई थी- बरामद हुआ था.   पुलिस का कहना है कि सुखचैन सिंह पाली नामक यह युवक शराब की स्मगलिंग में शामिल था और विरोधी गैंग के सदस्यों द्वारा मार गिराया गया. पिछले कुछ महीनों में इन दोनों गुटों के बीच कई बार झड़प हो चुकी है. पाली के परिवार का कहना है कि उसका इसका खून किया गया क्योंकि वह दलित था. परिवार ने उसका अंतिम संस्कार तब तक करने के लिए मना कर दिया गया है जब तक कि उसकी कटी हुई टांग नहीं मिल जाती. सभी आरोपी सवर्ण समाज के हैं और गिरफ्तार कर लिए गए हैं. युवक की बॉडी को मुर्दाघर में रखा गया है.  युवक के पिता का कहना है कि सोमवार रात जब वह घर लौट रहा था जब उस पर हमला किया गया. पिता का आरोप है कि गांव के ताकतवर जमींदारों के इशारे पर यह हत्या हुई जो शराब की तस्करी में शामिल हैं. टिप्पणियां युवक की बॉडी रात 10 बजे बरामद हुई. रेशम सिंह को बेटे के दोस्तों ने फोन करके बताया था कि उस पर हमला किया गया है. तब वह पुलिस के पास मदद के लिए दौड़े. अमनदीप, बलबीर, सीता सिंह, बबरीक सिंह, हरदीप सिंह और साधु सिंह के खिलाफ पुलिस ने दर्ज कर लिया है. स्थानीय राजनेताओं ने गांव में प्रदर्शन किए और  कहा कि दलितों पर हमले किए जा रहे हैं और उनका शोषण किया जा रहा है. पिछले  साल दिसंबर में भीम तांक नामक दलित का शव भी ऐसे ही- टांग काटकर अलग कर दी गई थी- बरामद हुआ था.   युवक की बॉडी को मुर्दाघर में रखा गया है.  युवक के पिता का कहना है कि सोमवार रात जब वह घर लौट रहा था जब उस पर हमला किया गया. पिता का आरोप है कि गांव के ताकतवर जमींदारों के इशारे पर यह हत्या हुई जो शराब की तस्करी में शामिल हैं. टिप्पणियां युवक की बॉडी रात 10 बजे बरामद हुई. रेशम सिंह को बेटे के दोस्तों ने फोन करके बताया था कि उस पर हमला किया गया है. तब वह पुलिस के पास मदद के लिए दौड़े. अमनदीप, बलबीर, सीता सिंह, बबरीक सिंह, हरदीप सिंह और साधु सिंह के खिलाफ पुलिस ने दर्ज कर लिया है. स्थानीय राजनेताओं ने गांव में प्रदर्शन किए और  कहा कि दलितों पर हमले किए जा रहे हैं और उनका शोषण किया जा रहा है. पिछले  साल दिसंबर में भीम तांक नामक दलित का शव भी ऐसे ही- टांग काटकर अलग कर दी गई थी- बरामद हुआ था.   युवक की बॉडी रात 10 बजे बरामद हुई. रेशम सिंह को बेटे के दोस्तों ने फोन करके बताया था कि उस पर हमला किया गया है. तब वह पुलिस के पास मदद के लिए दौड़े. अमनदीप, बलबीर, सीता सिंह, बबरीक सिंह, हरदीप सिंह और साधु सिंह के खिलाफ पुलिस ने दर्ज कर लिया है. स्थानीय राजनेताओं ने गांव में प्रदर्शन किए और  कहा कि दलितों पर हमले किए जा रहे हैं और उनका शोषण किया जा रहा है. पिछले  साल दिसंबर में भीम तांक नामक दलित का शव भी ऐसे ही- टांग काटकर अलग कर दी गई थी- बरामद हुआ था.   स्थानीय राजनेताओं ने गांव में प्रदर्शन किए और  कहा कि दलितों पर हमले किए जा रहे हैं और उनका शोषण किया जा रहा है. पिछले  साल दिसंबर में भीम तांक नामक दलित का शव भी ऐसे ही- टांग काटकर अलग कर दी गई थी- बरामद हुआ था.
यह एक सारांश है: पंजाब के मनसा जिले में एक 20 साल के युवक का शव बरामद युवक की एक टांग भी काट कर अलग कर दी गई है परिवार का आरोप, दलित होने की वजह से हुई हत्या
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: हिमाचल प्रदेश में सोमवार को भी सामान्य से तेज बारिश जारी रही. कई जगहों पर भूस्खलन की खबर है और दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हो गए हैं. अधिकारियों ने कहा कि राज्य में सभी नदियां उफान पर हैं. मंडी जिले में हंगोई मंदिर के पास भूस्खलन की वजह से बंद हुआ चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग-21 छह घंटों के बाद सोमवार को आंशिक रूप से खोल दिया गया. इसी तरह राजधानी शिमला से 120 किलोमीटर दूर रामपुर कस्बे के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-5 तीन घंटे तक बंद रहने के बाद फिर से खोल दिया गया. सड़क खुलवाने का काम देख रहे राजस्व अधिकारी हीराचंद ने बताया कि मनाली की तरफ जाने वाली गाड़ियों को मंडी-कोटा-बजौरा की तरफ मोड़ा गया है. उन्होंने कहा कि औत में हंगोई मंदिर के पास ट्रक पर मलबा गिरने से दो लोग घायल हो गए. भूस्खलन की वजह से नाहन और राजधानी शिमला को जोड़ने वाला राजमार्ग रविवार की रात से बंद है. शिमला की तरफ जाने वाले यातायात को चंड़ीगढ़ की तरफ मोड़ा गया है. शिमला के अंदरूनी हिस्सों, सिरमौर, मंडी और कुल्लू जिलों में कई सड़कें भी बंद हैं. इससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि सतलुज, व्यास, यमुना और उनकी सहायक नदियां किन्नौर, शिमला, कुल्लू, मंडी, बिलासपुर और सिरमौर जिले में उफान पर हैं. मौसम कार्यालय के मुताबिक मंगलवार तक राज्य के कुछ जगहों पर भारी से बहुत ज्यादा भारी बारिश हो सकती है. दो दिनों के बाद बारिश में कमी आएगी.टिप्पणियां शिमला और कसौली कस्बे में क्रमश: 76 और 89 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है. राजधानी शिमला में न्यूनतम तापमान 15.9 डिग्री सेल्सियस, धर्मशाला में 16.2 और कल्पा में 14 डिग्री दर्ज किया गया है. मौसम कार्यालय के निदेशक मनमोहन सिंह ने कहा राज्य में कई जगहों पर कोहरे और बादलों के नीचे आने की वजह से दृश्यता में कमी दर्ज की गई है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इसी तरह राजधानी शिमला से 120 किलोमीटर दूर रामपुर कस्बे के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-5 तीन घंटे तक बंद रहने के बाद फिर से खोल दिया गया. सड़क खुलवाने का काम देख रहे राजस्व अधिकारी हीराचंद ने बताया कि मनाली की तरफ जाने वाली गाड़ियों को मंडी-कोटा-बजौरा की तरफ मोड़ा गया है. उन्होंने कहा कि औत में हंगोई मंदिर के पास ट्रक पर मलबा गिरने से दो लोग घायल हो गए. भूस्खलन की वजह से नाहन और राजधानी शिमला को जोड़ने वाला राजमार्ग रविवार की रात से बंद है. शिमला की तरफ जाने वाले यातायात को चंड़ीगढ़ की तरफ मोड़ा गया है. शिमला के अंदरूनी हिस्सों, सिरमौर, मंडी और कुल्लू जिलों में कई सड़कें भी बंद हैं. इससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि सतलुज, व्यास, यमुना और उनकी सहायक नदियां किन्नौर, शिमला, कुल्लू, मंडी, बिलासपुर और सिरमौर जिले में उफान पर हैं. मौसम कार्यालय के मुताबिक मंगलवार तक राज्य के कुछ जगहों पर भारी से बहुत ज्यादा भारी बारिश हो सकती है. दो दिनों के बाद बारिश में कमी आएगी.टिप्पणियां शिमला और कसौली कस्बे में क्रमश: 76 और 89 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है. राजधानी शिमला में न्यूनतम तापमान 15.9 डिग्री सेल्सियस, धर्मशाला में 16.2 और कल्पा में 14 डिग्री दर्ज किया गया है. मौसम कार्यालय के निदेशक मनमोहन सिंह ने कहा राज्य में कई जगहों पर कोहरे और बादलों के नीचे आने की वजह से दृश्यता में कमी दर्ज की गई है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भूस्खलन की वजह से नाहन और राजधानी शिमला को जोड़ने वाला राजमार्ग रविवार की रात से बंद है. शिमला की तरफ जाने वाले यातायात को चंड़ीगढ़ की तरफ मोड़ा गया है. शिमला के अंदरूनी हिस्सों, सिरमौर, मंडी और कुल्लू जिलों में कई सड़कें भी बंद हैं. इससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि सतलुज, व्यास, यमुना और उनकी सहायक नदियां किन्नौर, शिमला, कुल्लू, मंडी, बिलासपुर और सिरमौर जिले में उफान पर हैं. मौसम कार्यालय के मुताबिक मंगलवार तक राज्य के कुछ जगहों पर भारी से बहुत ज्यादा भारी बारिश हो सकती है. दो दिनों के बाद बारिश में कमी आएगी.टिप्पणियां शिमला और कसौली कस्बे में क्रमश: 76 और 89 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है. राजधानी शिमला में न्यूनतम तापमान 15.9 डिग्री सेल्सियस, धर्मशाला में 16.2 और कल्पा में 14 डिग्री दर्ज किया गया है. मौसम कार्यालय के निदेशक मनमोहन सिंह ने कहा राज्य में कई जगहों पर कोहरे और बादलों के नीचे आने की वजह से दृश्यता में कमी दर्ज की गई है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि सतलुज, व्यास, यमुना और उनकी सहायक नदियां किन्नौर, शिमला, कुल्लू, मंडी, बिलासपुर और सिरमौर जिले में उफान पर हैं. मौसम कार्यालय के मुताबिक मंगलवार तक राज्य के कुछ जगहों पर भारी से बहुत ज्यादा भारी बारिश हो सकती है. दो दिनों के बाद बारिश में कमी आएगी.टिप्पणियां शिमला और कसौली कस्बे में क्रमश: 76 और 89 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है. राजधानी शिमला में न्यूनतम तापमान 15.9 डिग्री सेल्सियस, धर्मशाला में 16.2 और कल्पा में 14 डिग्री दर्ज किया गया है. मौसम कार्यालय के निदेशक मनमोहन सिंह ने कहा राज्य में कई जगहों पर कोहरे और बादलों के नीचे आने की वजह से दृश्यता में कमी दर्ज की गई है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शिमला और कसौली कस्बे में क्रमश: 76 और 89 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है. राजधानी शिमला में न्यूनतम तापमान 15.9 डिग्री सेल्सियस, धर्मशाला में 16.2 और कल्पा में 14 डिग्री दर्ज किया गया है. मौसम कार्यालय के निदेशक मनमोहन सिंह ने कहा राज्य में कई जगहों पर कोहरे और बादलों के नीचे आने की वजह से दृश्यता में कमी दर्ज की गई है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: नाहन और शिमला को जोड़ने वाला राजमार्ग रविवार रात से बंद है शिमला के अंदरूनी हिस्सों, सिरमौर, मंडी और कुल्लू जिलों में कई सड़कें बंद कल तक राज्य के कुछ जगहों पर भारी से बहुत ज्यादा भारी बारिश हो सकती है
25
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इसमें कहा गया है, ‘‘इस समस्या का समाधान करने के लिए और आर्थिक अपराधियों को भारतीय न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र से बाहर बने रहने के माध्यम से भारतीय कानूनी प्रक्रिया से बचने से हतोत्साहित करने के उपाय के लिए भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक, 2018 अधिनियमित करने का प्रस्ताव है.’’ बीजद के भतृहरि महताब ने विधेयक के कुछ प्रावधानों पर विरोध दर्ज कराते हुए इसका दुरुपयोग होने की आशंका जताई और सरकार को इसे फिर से तैयार करके लाने की सलाह दी. हालांकि वित्त राज्य मंत्री शुक्ला ने कहा कि इसका कोई आधार नहीं है. गौरतलब है कि यह विधेयक विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे कारोबारियों द्वारा बैंकों का अरबों रुपये का कर्ज नहीं लौटाने और देश से बाहर चले जाने की पृष्ठभूमि में लाया गया है. (इनपुट भाषा से)   गौरतलब है कि यह विधेयक विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे कारोबारियों द्वारा बैंकों का अरबों रुपये का कर्ज नहीं लौटाने और देश से बाहर चले जाने की पृष्ठभूमि में लाया गया है. (इनपुट भाषा से)
संक्षिप्त पाठ: भगोड़ों से सख्ती से निपटने के लिए एक नया बिल पेश कर दिया. बिल में आर्थिक अपराधियों की संपत्ति ज़ब्त करने की बात है वित्त राज्यमंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने लोकसभा में विधेयक पेश किया
22
['hin']
एक सारांश बनाओ: श्रीनगर की डल झील की एक हाउसबोट में शनिवार को एक 24 वर्षीया ब्रिटिश महिला मृत अवस्था में पाई गई। ब्रिटिश महिला की हत्या के आरोप में गिरफ्तार इसी हाउसबोट में रह रहे नीदरलैंड्स के नागरिक ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है। यह जानकारी पुलिस ने दी। नीदरलैंड्स का यह निवासी शनिवार तड़के हाउसबोट से भाग गया था लेकिन पुलिस ने उसे दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड इलाके में गिरफ्तार कर लिया। उसे गिरफ्तार कर वापस श्रीनगर लाया गया जहां उसने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। नीदरलैंड्स निवासी पर राम मुंशी बाग पुलिस थाने में हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। मध्य कश्मीर के उप पुलिस महानिदेशक सईद अफादुल मुज्तबा ने कहा, "डे-विट रिचर्ड की गिरफ्तारी के लिए पूरे कश्मीर में एलर्ट जारी कर दिया गया था, जो शनिवार तड़के हाउसबोट छोड़कर भाग गया था। उसे काजीगुंड में गिरफ्तार किया गया।" काजीगुंड, अनंतनाग जिले से 80 किलोमीटर दूर स्थित है। उन्होंने कहा, "वह अपनी चीजें हाउसबोट में छोड़ गया था और वह पासपोर्ट लेकर भाग गया था। उसे आगे की पूछताछ के लिए श्रीनगर लाया गया है।" पुलिस सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार विदेशी नागरिक ने ब्रिटिश महिला की हत्या तो कुबूल ली है, लेकिन उसने महिला के साथ दुष्कर्म को स्वीकार नहीं किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वे ब्रिटिश महिला के शव-परीक्षण की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, ताकि पता लग सके कि हत्या से पहले महिला के साथ दुष्कर्म किया गया था या नहीं। घाटी के पुलिस प्रमुख अब्दुल गनी मीर ने इस महिला की हत्या की पुष्टि की है। मीर ने कहा, "शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अन्य न्यायिक सुबूत एकत्रित किए जा रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि उसके साथ दुष्कर्म तो नहीं हुआ।" पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शेर-ए-कश्मीर चिकित्सा विज्ञान संस्थान, सौरा के चिकित्सकों की एक टीम ने ब्रिटिश महिला के शव का परीक्षण किया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक महिला की मृत्यु चाकू से किए गए कई घावों के कारण हुई। अधिकारी पहले से ही ब्रिटिश उच्चायोग, दिल्ली के सम्पर्क में हैं तथा मृतका के पिता से इंग्लैंड में फोन पर बात भी की। 'न्यू ब्यूटी' हाउसबोट के मालिक अब्दुल रहीम शोडा ने बताया कि ब्रिटिश महिला लगभग दो महीने से हाउसबोट में रह रही थी। रिचर्ड दो दिन पहले ही यहां रहने आया था जिसका कमरा ब्रिटिश महिला के कमरे से सटा हुआ था। उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह उन्हें उसका शव मिला जिस पर चाकू के घाव थे। शोडा ने कहा, "मैंने फौरान इसकी जानकारी पुलिस को दी। झील के किनारे पहुंचने के लिए रिचर्ड ने हाउसबोट से लगे शिकारे (नाव) का इस्तेमाल किया। शिकारा, हाउसबोट से कुछ दूरी पर पलटा हुआ मिला, लेकिन वह झील के किनारे पहुंचने में कामयाब रहा।" श्रीनगर में 18 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली डल झील में 1,000 से ज्यादा हाउसबोट चलते हैं। इसके तट से सटा बड़ा बाग है जो मुगलकाल की याद दिलाता है।टिप्पणियां पिछले साल 10 लाख से ज्यादा सैलानी कश्मीर के दौरे पर आए थे जिसमें 20 हजार से ज्यादा विदेशी नागरिक थे। 1960 के दशक में ब्रिटिश रॉक बैंड के गायक जार्ज हैरीसन के हाउसबोट में रह कर महान सितारवादक पंडित रविशंकर से सितार सीखने की घटना काफी मशहूर है। नीदरलैंड्स का यह निवासी शनिवार तड़के हाउसबोट से भाग गया था लेकिन पुलिस ने उसे दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड इलाके में गिरफ्तार कर लिया। उसे गिरफ्तार कर वापस श्रीनगर लाया गया जहां उसने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। नीदरलैंड्स निवासी पर राम मुंशी बाग पुलिस थाने में हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। मध्य कश्मीर के उप पुलिस महानिदेशक सईद अफादुल मुज्तबा ने कहा, "डे-विट रिचर्ड की गिरफ्तारी के लिए पूरे कश्मीर में एलर्ट जारी कर दिया गया था, जो शनिवार तड़के हाउसबोट छोड़कर भाग गया था। उसे काजीगुंड में गिरफ्तार किया गया।" काजीगुंड, अनंतनाग जिले से 80 किलोमीटर दूर स्थित है। उन्होंने कहा, "वह अपनी चीजें हाउसबोट में छोड़ गया था और वह पासपोर्ट लेकर भाग गया था। उसे आगे की पूछताछ के लिए श्रीनगर लाया गया है।" पुलिस सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार विदेशी नागरिक ने ब्रिटिश महिला की हत्या तो कुबूल ली है, लेकिन उसने महिला के साथ दुष्कर्म को स्वीकार नहीं किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वे ब्रिटिश महिला के शव-परीक्षण की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, ताकि पता लग सके कि हत्या से पहले महिला के साथ दुष्कर्म किया गया था या नहीं। घाटी के पुलिस प्रमुख अब्दुल गनी मीर ने इस महिला की हत्या की पुष्टि की है। मीर ने कहा, "शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अन्य न्यायिक सुबूत एकत्रित किए जा रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि उसके साथ दुष्कर्म तो नहीं हुआ।" पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शेर-ए-कश्मीर चिकित्सा विज्ञान संस्थान, सौरा के चिकित्सकों की एक टीम ने ब्रिटिश महिला के शव का परीक्षण किया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक महिला की मृत्यु चाकू से किए गए कई घावों के कारण हुई। अधिकारी पहले से ही ब्रिटिश उच्चायोग, दिल्ली के सम्पर्क में हैं तथा मृतका के पिता से इंग्लैंड में फोन पर बात भी की। 'न्यू ब्यूटी' हाउसबोट के मालिक अब्दुल रहीम शोडा ने बताया कि ब्रिटिश महिला लगभग दो महीने से हाउसबोट में रह रही थी। रिचर्ड दो दिन पहले ही यहां रहने आया था जिसका कमरा ब्रिटिश महिला के कमरे से सटा हुआ था। उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह उन्हें उसका शव मिला जिस पर चाकू के घाव थे। शोडा ने कहा, "मैंने फौरान इसकी जानकारी पुलिस को दी। झील के किनारे पहुंचने के लिए रिचर्ड ने हाउसबोट से लगे शिकारे (नाव) का इस्तेमाल किया। शिकारा, हाउसबोट से कुछ दूरी पर पलटा हुआ मिला, लेकिन वह झील के किनारे पहुंचने में कामयाब रहा।" श्रीनगर में 18 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली डल झील में 1,000 से ज्यादा हाउसबोट चलते हैं। इसके तट से सटा बड़ा बाग है जो मुगलकाल की याद दिलाता है।टिप्पणियां पिछले साल 10 लाख से ज्यादा सैलानी कश्मीर के दौरे पर आए थे जिसमें 20 हजार से ज्यादा विदेशी नागरिक थे। 1960 के दशक में ब्रिटिश रॉक बैंड के गायक जार्ज हैरीसन के हाउसबोट में रह कर महान सितारवादक पंडित रविशंकर से सितार सीखने की घटना काफी मशहूर है। मध्य कश्मीर के उप पुलिस महानिदेशक सईद अफादुल मुज्तबा ने कहा, "डे-विट रिचर्ड की गिरफ्तारी के लिए पूरे कश्मीर में एलर्ट जारी कर दिया गया था, जो शनिवार तड़के हाउसबोट छोड़कर भाग गया था। उसे काजीगुंड में गिरफ्तार किया गया।" काजीगुंड, अनंतनाग जिले से 80 किलोमीटर दूर स्थित है। उन्होंने कहा, "वह अपनी चीजें हाउसबोट में छोड़ गया था और वह पासपोर्ट लेकर भाग गया था। उसे आगे की पूछताछ के लिए श्रीनगर लाया गया है।" पुलिस सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार विदेशी नागरिक ने ब्रिटिश महिला की हत्या तो कुबूल ली है, लेकिन उसने महिला के साथ दुष्कर्म को स्वीकार नहीं किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वे ब्रिटिश महिला के शव-परीक्षण की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, ताकि पता लग सके कि हत्या से पहले महिला के साथ दुष्कर्म किया गया था या नहीं। घाटी के पुलिस प्रमुख अब्दुल गनी मीर ने इस महिला की हत्या की पुष्टि की है। मीर ने कहा, "शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अन्य न्यायिक सुबूत एकत्रित किए जा रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि उसके साथ दुष्कर्म तो नहीं हुआ।" पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शेर-ए-कश्मीर चिकित्सा विज्ञान संस्थान, सौरा के चिकित्सकों की एक टीम ने ब्रिटिश महिला के शव का परीक्षण किया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक महिला की मृत्यु चाकू से किए गए कई घावों के कारण हुई। अधिकारी पहले से ही ब्रिटिश उच्चायोग, दिल्ली के सम्पर्क में हैं तथा मृतका के पिता से इंग्लैंड में फोन पर बात भी की। 'न्यू ब्यूटी' हाउसबोट के मालिक अब्दुल रहीम शोडा ने बताया कि ब्रिटिश महिला लगभग दो महीने से हाउसबोट में रह रही थी। रिचर्ड दो दिन पहले ही यहां रहने आया था जिसका कमरा ब्रिटिश महिला के कमरे से सटा हुआ था। उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह उन्हें उसका शव मिला जिस पर चाकू के घाव थे। शोडा ने कहा, "मैंने फौरान इसकी जानकारी पुलिस को दी। झील के किनारे पहुंचने के लिए रिचर्ड ने हाउसबोट से लगे शिकारे (नाव) का इस्तेमाल किया। शिकारा, हाउसबोट से कुछ दूरी पर पलटा हुआ मिला, लेकिन वह झील के किनारे पहुंचने में कामयाब रहा।" श्रीनगर में 18 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली डल झील में 1,000 से ज्यादा हाउसबोट चलते हैं। इसके तट से सटा बड़ा बाग है जो मुगलकाल की याद दिलाता है।टिप्पणियां पिछले साल 10 लाख से ज्यादा सैलानी कश्मीर के दौरे पर आए थे जिसमें 20 हजार से ज्यादा विदेशी नागरिक थे। 1960 के दशक में ब्रिटिश रॉक बैंड के गायक जार्ज हैरीसन के हाउसबोट में रह कर महान सितारवादक पंडित रविशंकर से सितार सीखने की घटना काफी मशहूर है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार विदेशी नागरिक ने ब्रिटिश महिला की हत्या तो कुबूल ली है, लेकिन उसने महिला के साथ दुष्कर्म को स्वीकार नहीं किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वे ब्रिटिश महिला के शव-परीक्षण की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, ताकि पता लग सके कि हत्या से पहले महिला के साथ दुष्कर्म किया गया था या नहीं। घाटी के पुलिस प्रमुख अब्दुल गनी मीर ने इस महिला की हत्या की पुष्टि की है। मीर ने कहा, "शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अन्य न्यायिक सुबूत एकत्रित किए जा रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि उसके साथ दुष्कर्म तो नहीं हुआ।" पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शेर-ए-कश्मीर चिकित्सा विज्ञान संस्थान, सौरा के चिकित्सकों की एक टीम ने ब्रिटिश महिला के शव का परीक्षण किया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक महिला की मृत्यु चाकू से किए गए कई घावों के कारण हुई। अधिकारी पहले से ही ब्रिटिश उच्चायोग, दिल्ली के सम्पर्क में हैं तथा मृतका के पिता से इंग्लैंड में फोन पर बात भी की। 'न्यू ब्यूटी' हाउसबोट के मालिक अब्दुल रहीम शोडा ने बताया कि ब्रिटिश महिला लगभग दो महीने से हाउसबोट में रह रही थी। रिचर्ड दो दिन पहले ही यहां रहने आया था जिसका कमरा ब्रिटिश महिला के कमरे से सटा हुआ था। उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह उन्हें उसका शव मिला जिस पर चाकू के घाव थे। शोडा ने कहा, "मैंने फौरान इसकी जानकारी पुलिस को दी। झील के किनारे पहुंचने के लिए रिचर्ड ने हाउसबोट से लगे शिकारे (नाव) का इस्तेमाल किया। शिकारा, हाउसबोट से कुछ दूरी पर पलटा हुआ मिला, लेकिन वह झील के किनारे पहुंचने में कामयाब रहा।" श्रीनगर में 18 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली डल झील में 1,000 से ज्यादा हाउसबोट चलते हैं। इसके तट से सटा बड़ा बाग है जो मुगलकाल की याद दिलाता है।टिप्पणियां पिछले साल 10 लाख से ज्यादा सैलानी कश्मीर के दौरे पर आए थे जिसमें 20 हजार से ज्यादा विदेशी नागरिक थे। 1960 के दशक में ब्रिटिश रॉक बैंड के गायक जार्ज हैरीसन के हाउसबोट में रह कर महान सितारवादक पंडित रविशंकर से सितार सीखने की घटना काफी मशहूर है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वे ब्रिटिश महिला के शव-परीक्षण की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, ताकि पता लग सके कि हत्या से पहले महिला के साथ दुष्कर्म किया गया था या नहीं। घाटी के पुलिस प्रमुख अब्दुल गनी मीर ने इस महिला की हत्या की पुष्टि की है। मीर ने कहा, "शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अन्य न्यायिक सुबूत एकत्रित किए जा रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि उसके साथ दुष्कर्म तो नहीं हुआ।" पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शेर-ए-कश्मीर चिकित्सा विज्ञान संस्थान, सौरा के चिकित्सकों की एक टीम ने ब्रिटिश महिला के शव का परीक्षण किया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक महिला की मृत्यु चाकू से किए गए कई घावों के कारण हुई। अधिकारी पहले से ही ब्रिटिश उच्चायोग, दिल्ली के सम्पर्क में हैं तथा मृतका के पिता से इंग्लैंड में फोन पर बात भी की। 'न्यू ब्यूटी' हाउसबोट के मालिक अब्दुल रहीम शोडा ने बताया कि ब्रिटिश महिला लगभग दो महीने से हाउसबोट में रह रही थी। रिचर्ड दो दिन पहले ही यहां रहने आया था जिसका कमरा ब्रिटिश महिला के कमरे से सटा हुआ था। उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह उन्हें उसका शव मिला जिस पर चाकू के घाव थे। शोडा ने कहा, "मैंने फौरान इसकी जानकारी पुलिस को दी। झील के किनारे पहुंचने के लिए रिचर्ड ने हाउसबोट से लगे शिकारे (नाव) का इस्तेमाल किया। शिकारा, हाउसबोट से कुछ दूरी पर पलटा हुआ मिला, लेकिन वह झील के किनारे पहुंचने में कामयाब रहा।" श्रीनगर में 18 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली डल झील में 1,000 से ज्यादा हाउसबोट चलते हैं। इसके तट से सटा बड़ा बाग है जो मुगलकाल की याद दिलाता है।टिप्पणियां पिछले साल 10 लाख से ज्यादा सैलानी कश्मीर के दौरे पर आए थे जिसमें 20 हजार से ज्यादा विदेशी नागरिक थे। 1960 के दशक में ब्रिटिश रॉक बैंड के गायक जार्ज हैरीसन के हाउसबोट में रह कर महान सितारवादक पंडित रविशंकर से सितार सीखने की घटना काफी मशहूर है। मीर ने कहा, "शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अन्य न्यायिक सुबूत एकत्रित किए जा रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि उसके साथ दुष्कर्म तो नहीं हुआ।" पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शेर-ए-कश्मीर चिकित्सा विज्ञान संस्थान, सौरा के चिकित्सकों की एक टीम ने ब्रिटिश महिला के शव का परीक्षण किया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक महिला की मृत्यु चाकू से किए गए कई घावों के कारण हुई। अधिकारी पहले से ही ब्रिटिश उच्चायोग, दिल्ली के सम्पर्क में हैं तथा मृतका के पिता से इंग्लैंड में फोन पर बात भी की। 'न्यू ब्यूटी' हाउसबोट के मालिक अब्दुल रहीम शोडा ने बताया कि ब्रिटिश महिला लगभग दो महीने से हाउसबोट में रह रही थी। रिचर्ड दो दिन पहले ही यहां रहने आया था जिसका कमरा ब्रिटिश महिला के कमरे से सटा हुआ था। उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह उन्हें उसका शव मिला जिस पर चाकू के घाव थे। शोडा ने कहा, "मैंने फौरान इसकी जानकारी पुलिस को दी। झील के किनारे पहुंचने के लिए रिचर्ड ने हाउसबोट से लगे शिकारे (नाव) का इस्तेमाल किया। शिकारा, हाउसबोट से कुछ दूरी पर पलटा हुआ मिला, लेकिन वह झील के किनारे पहुंचने में कामयाब रहा।" श्रीनगर में 18 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली डल झील में 1,000 से ज्यादा हाउसबोट चलते हैं। इसके तट से सटा बड़ा बाग है जो मुगलकाल की याद दिलाता है।टिप्पणियां पिछले साल 10 लाख से ज्यादा सैलानी कश्मीर के दौरे पर आए थे जिसमें 20 हजार से ज्यादा विदेशी नागरिक थे। 1960 के दशक में ब्रिटिश रॉक बैंड के गायक जार्ज हैरीसन के हाउसबोट में रह कर महान सितारवादक पंडित रविशंकर से सितार सीखने की घटना काफी मशहूर है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शेर-ए-कश्मीर चिकित्सा विज्ञान संस्थान, सौरा के चिकित्सकों की एक टीम ने ब्रिटिश महिला के शव का परीक्षण किया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक महिला की मृत्यु चाकू से किए गए कई घावों के कारण हुई। अधिकारी पहले से ही ब्रिटिश उच्चायोग, दिल्ली के सम्पर्क में हैं तथा मृतका के पिता से इंग्लैंड में फोन पर बात भी की। 'न्यू ब्यूटी' हाउसबोट के मालिक अब्दुल रहीम शोडा ने बताया कि ब्रिटिश महिला लगभग दो महीने से हाउसबोट में रह रही थी। रिचर्ड दो दिन पहले ही यहां रहने आया था जिसका कमरा ब्रिटिश महिला के कमरे से सटा हुआ था। उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह उन्हें उसका शव मिला जिस पर चाकू के घाव थे। शोडा ने कहा, "मैंने फौरान इसकी जानकारी पुलिस को दी। झील के किनारे पहुंचने के लिए रिचर्ड ने हाउसबोट से लगे शिकारे (नाव) का इस्तेमाल किया। शिकारा, हाउसबोट से कुछ दूरी पर पलटा हुआ मिला, लेकिन वह झील के किनारे पहुंचने में कामयाब रहा।" श्रीनगर में 18 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली डल झील में 1,000 से ज्यादा हाउसबोट चलते हैं। इसके तट से सटा बड़ा बाग है जो मुगलकाल की याद दिलाता है।टिप्पणियां पिछले साल 10 लाख से ज्यादा सैलानी कश्मीर के दौरे पर आए थे जिसमें 20 हजार से ज्यादा विदेशी नागरिक थे। 1960 के दशक में ब्रिटिश रॉक बैंड के गायक जार्ज हैरीसन के हाउसबोट में रह कर महान सितारवादक पंडित रविशंकर से सितार सीखने की घटना काफी मशहूर है। अधिकारी पहले से ही ब्रिटिश उच्चायोग, दिल्ली के सम्पर्क में हैं तथा मृतका के पिता से इंग्लैंड में फोन पर बात भी की। 'न्यू ब्यूटी' हाउसबोट के मालिक अब्दुल रहीम शोडा ने बताया कि ब्रिटिश महिला लगभग दो महीने से हाउसबोट में रह रही थी। रिचर्ड दो दिन पहले ही यहां रहने आया था जिसका कमरा ब्रिटिश महिला के कमरे से सटा हुआ था। उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह उन्हें उसका शव मिला जिस पर चाकू के घाव थे। शोडा ने कहा, "मैंने फौरान इसकी जानकारी पुलिस को दी। झील के किनारे पहुंचने के लिए रिचर्ड ने हाउसबोट से लगे शिकारे (नाव) का इस्तेमाल किया। शिकारा, हाउसबोट से कुछ दूरी पर पलटा हुआ मिला, लेकिन वह झील के किनारे पहुंचने में कामयाब रहा।" श्रीनगर में 18 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली डल झील में 1,000 से ज्यादा हाउसबोट चलते हैं। इसके तट से सटा बड़ा बाग है जो मुगलकाल की याद दिलाता है।टिप्पणियां पिछले साल 10 लाख से ज्यादा सैलानी कश्मीर के दौरे पर आए थे जिसमें 20 हजार से ज्यादा विदेशी नागरिक थे। 1960 के दशक में ब्रिटिश रॉक बैंड के गायक जार्ज हैरीसन के हाउसबोट में रह कर महान सितारवादक पंडित रविशंकर से सितार सीखने की घटना काफी मशहूर है। 'न्यू ब्यूटी' हाउसबोट के मालिक अब्दुल रहीम शोडा ने बताया कि ब्रिटिश महिला लगभग दो महीने से हाउसबोट में रह रही थी। रिचर्ड दो दिन पहले ही यहां रहने आया था जिसका कमरा ब्रिटिश महिला के कमरे से सटा हुआ था। उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह उन्हें उसका शव मिला जिस पर चाकू के घाव थे। शोडा ने कहा, "मैंने फौरान इसकी जानकारी पुलिस को दी। झील के किनारे पहुंचने के लिए रिचर्ड ने हाउसबोट से लगे शिकारे (नाव) का इस्तेमाल किया। शिकारा, हाउसबोट से कुछ दूरी पर पलटा हुआ मिला, लेकिन वह झील के किनारे पहुंचने में कामयाब रहा।" श्रीनगर में 18 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली डल झील में 1,000 से ज्यादा हाउसबोट चलते हैं। इसके तट से सटा बड़ा बाग है जो मुगलकाल की याद दिलाता है।टिप्पणियां पिछले साल 10 लाख से ज्यादा सैलानी कश्मीर के दौरे पर आए थे जिसमें 20 हजार से ज्यादा विदेशी नागरिक थे। 1960 के दशक में ब्रिटिश रॉक बैंड के गायक जार्ज हैरीसन के हाउसबोट में रह कर महान सितारवादक पंडित रविशंकर से सितार सीखने की घटना काफी मशहूर है। शोडा ने कहा, "मैंने फौरान इसकी जानकारी पुलिस को दी। झील के किनारे पहुंचने के लिए रिचर्ड ने हाउसबोट से लगे शिकारे (नाव) का इस्तेमाल किया। शिकारा, हाउसबोट से कुछ दूरी पर पलटा हुआ मिला, लेकिन वह झील के किनारे पहुंचने में कामयाब रहा।" श्रीनगर में 18 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली डल झील में 1,000 से ज्यादा हाउसबोट चलते हैं। इसके तट से सटा बड़ा बाग है जो मुगलकाल की याद दिलाता है।टिप्पणियां पिछले साल 10 लाख से ज्यादा सैलानी कश्मीर के दौरे पर आए थे जिसमें 20 हजार से ज्यादा विदेशी नागरिक थे। 1960 के दशक में ब्रिटिश रॉक बैंड के गायक जार्ज हैरीसन के हाउसबोट में रह कर महान सितारवादक पंडित रविशंकर से सितार सीखने की घटना काफी मशहूर है। श्रीनगर में 18 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली डल झील में 1,000 से ज्यादा हाउसबोट चलते हैं। इसके तट से सटा बड़ा बाग है जो मुगलकाल की याद दिलाता है।टिप्पणियां पिछले साल 10 लाख से ज्यादा सैलानी कश्मीर के दौरे पर आए थे जिसमें 20 हजार से ज्यादा विदेशी नागरिक थे। 1960 के दशक में ब्रिटिश रॉक बैंड के गायक जार्ज हैरीसन के हाउसबोट में रह कर महान सितारवादक पंडित रविशंकर से सितार सीखने की घटना काफी मशहूर है। पिछले साल 10 लाख से ज्यादा सैलानी कश्मीर के दौरे पर आए थे जिसमें 20 हजार से ज्यादा विदेशी नागरिक थे। 1960 के दशक में ब्रिटिश रॉक बैंड के गायक जार्ज हैरीसन के हाउसबोट में रह कर महान सितारवादक पंडित रविशंकर से सितार सीखने की घटना काफी मशहूर है। 1960 के दशक में ब्रिटिश रॉक बैंड के गायक जार्ज हैरीसन के हाउसबोट में रह कर महान सितारवादक पंडित रविशंकर से सितार सीखने की घटना काफी मशहूर है।
संक्षिप्त सारांश: कश्मीर में छुट्टियां बिता रही 24 वर्षीय एक ब्रिटिश महिला डल झील में एक हाउसबोट में मृत मिली। पुलिस ने इस सिलसिले में नीदरलैंड के एक नागरिक को गिरफ्तार किया है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका की टिटयूसविले फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेस नामक एजेंसी ने अपने एक फेसबुक पोस्ट के द्वारा एक चार साल के बच्चे के साथ हुई घटना को शेयर किया है. घटना बुधवार शाम फ्लोरिडा स्थित एक रेस्टोरेंट की है. पोस्ट में बताया गया है कि कैसे एक चार साल का मेसन नाम का छोटा बच्चा एक टॉय मशीन के अंदर फंस गया था. हालांकि यह और बात है कि बाद में उसे बचाब दल के अधिकारियों द्वारा बचा लिया गया. फायर विभाग ने फेसबुक पोस्ट में घटना की जानकारी देते हुए कहा है कि मेसन नाम का चार साल का एक छोटा बच्चा फ्लोरिडा स्थित रेस्टोरेंट में खाने का लुफ्त उठा रहा था. खाना खाते वक्त मेसन ने टॉय मशीन में रखे अपने एक पसंदीदा खिलौने को देखा और उसे लेने के लिए टॉय मशीन पर चढ़ गया.  फ्लोरिडा टुडे की रिपोर्ट के अनुसार सौभाग्य से उस वक्त रेस्टोरेंट में एक ऑफ-ड्यूटी लेफ्टिनेंट अधिकारी वहां खाना खा रहे थे जिनकी नजर मशीन में फंसे मेसन पर पड़ी. यूएसए टुडे के अनुसार बचाव दल को शाम 5.33 बजे  फोन कर सहायता के लिए बुलाया गया जिसने मौके पर पहुंच कर 5.41 पर मेसन को सुरक्षित मशीन से बाहर निकाल लिया. टिटयूसविले फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेस के चीफ ग्रेग के अनुसार छोटा मेसन मशीन के अंदर एक छोटी खिड़की से दाखिल हुआ था.टिप्पणियां खुशी की बात यह है कि बाद में मेसन को वह खिलौना दिया गया जो वह चाहता था साथ ही एक फुटबॉल और कुछ अन्य खिलौने भी दिए गए. खाना खाते वक्त मेसन ने टॉय मशीन में रखे अपने एक पसंदीदा खिलौने को देखा और उसे लेने के लिए टॉय मशीन पर चढ़ गया.  फ्लोरिडा टुडे की रिपोर्ट के अनुसार सौभाग्य से उस वक्त रेस्टोरेंट में एक ऑफ-ड्यूटी लेफ्टिनेंट अधिकारी वहां खाना खा रहे थे जिनकी नजर मशीन में फंसे मेसन पर पड़ी. यूएसए टुडे के अनुसार बचाव दल को शाम 5.33 बजे  फोन कर सहायता के लिए बुलाया गया जिसने मौके पर पहुंच कर 5.41 पर मेसन को सुरक्षित मशीन से बाहर निकाल लिया. टिटयूसविले फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेस के चीफ ग्रेग के अनुसार छोटा मेसन मशीन के अंदर एक छोटी खिड़की से दाखिल हुआ था.टिप्पणियां खुशी की बात यह है कि बाद में मेसन को वह खिलौना दिया गया जो वह चाहता था साथ ही एक फुटबॉल और कुछ अन्य खिलौने भी दिए गए. फ्लोरिडा टुडे की रिपोर्ट के अनुसार सौभाग्य से उस वक्त रेस्टोरेंट में एक ऑफ-ड्यूटी लेफ्टिनेंट अधिकारी वहां खाना खा रहे थे जिनकी नजर मशीन में फंसे मेसन पर पड़ी. यूएसए टुडे के अनुसार बचाव दल को शाम 5.33 बजे  फोन कर सहायता के लिए बुलाया गया जिसने मौके पर पहुंच कर 5.41 पर मेसन को सुरक्षित मशीन से बाहर निकाल लिया. टिटयूसविले फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेस के चीफ ग्रेग के अनुसार छोटा मेसन मशीन के अंदर एक छोटी खिड़की से दाखिल हुआ था.टिप्पणियां खुशी की बात यह है कि बाद में मेसन को वह खिलौना दिया गया जो वह चाहता था साथ ही एक फुटबॉल और कुछ अन्य खिलौने भी दिए गए. फ्लोरिडा टुडे की रिपोर्ट के अनुसार सौभाग्य से उस वक्त रेस्टोरेंट में एक ऑफ-ड्यूटी लेफ्टिनेंट अधिकारी वहां खाना खा रहे थे जिनकी नजर मशीन में फंसे मेसन पर पड़ी. यूएसए टुडे के अनुसार बचाव दल को शाम 5.33 बजे  फोन कर सहायता के लिए बुलाया गया जिसने मौके पर पहुंच कर 5.41 पर मेसन को सुरक्षित मशीन से बाहर निकाल लिया. टिटयूसविले फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेस के चीफ ग्रेग के अनुसार छोटा मेसन मशीन के अंदर एक छोटी खिड़की से दाखिल हुआ था.टिप्पणियां खुशी की बात यह है कि बाद में मेसन को वह खिलौना दिया गया जो वह चाहता था साथ ही एक फुटबॉल और कुछ अन्य खिलौने भी दिए गए. खुशी की बात यह है कि बाद में मेसन को वह खिलौना दिया गया जो वह चाहता था साथ ही एक फुटबॉल और कुछ अन्य खिलौने भी दिए गए. खुशी की बात यह है कि बाद में मेसन को वह खिलौना दिया गया जो वह चाहता था साथ ही एक फुटबॉल और कुछ अन्य खिलौने भी दिए गए.
यह एक सारांश है: फेसबुक पोस्ट के द्वारा शेयर की गई है घटना. अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित रेस्टोरेंट का है मामला. खिलौना लेने चढ़ा था 'मेसन' टॉय मशीन पर.
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हरियाणा में बलात्कार के मामलों को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दौरे के बाद एक बार फिर से हरियाणा में रेप के मामलों में इजाफा होने लगा है। दौरे के बाद से ही यहां कैथल के कलायत में रेप का मामला सामने आया तो दूसरी तरफ यमुनानगर में भी लिफ्ट देने के बहाने कार में बिठाया और जंगल में ले जाकर मासूम को हवस का शिकार बना डाला। हालांकि यमुनानगर पुलिस ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए इस नाबालिग का मेडिकल करवाने के बाद आरोपी के खिलाफ अपहरण व रेप का मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। गौरतलब है कि यमुनानगर में एक ही सप्ताह के अंदर दो रेप के मामले सामने आए हैं और दोनों ही नाबालिग लडंकियों के साथ दरिंदों ने अपनी हवस का शिकार बनाया।टिप्पणियां जानकारी के अनुसार हिमाचल के कालाआंब की रहने वाली 14 साल की पूजा नामक लड़की कालाआंब से साढौरा आ रही थी कि रास्ते में उसे एक गाड़ी चालक ने उसे लिफ्ट देने के बहाने गाड़ी में बिठा लिया और कुछ ही दूरी पर जाने के बाद गाड़ी जंगल की ओर मोड़ी और अपनी हवस का शिकार बनाकर उसे जंगल में ही छोड़ दिया और फरार हो गया। पीड़ित लड़की जैसे-तैसे अपनी घर तो पहुंच गई और इस घटना की सारी जानकारी जब उसने सुनाई तो उन्होंने तुरंत इस मामले की सूचना कालाआंब पुलिस थाने में दी, लेकिन सीमा विवाद के चलते हिमाचल पुलिस ने तो कार्रवाई नहीं की लेकिन हरियाणा के साढौरा इलाके की पुलिस ने रात के समय ही पीड़ित लड़की को यमुनानगर के ट्रॉमा सेंटर में ले जाकर उसका मेडिकल करवाया जिसमें रेप की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण, मारपीट व रेप का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है। गौरतलब है कि यमुनानगर में एक ही सप्ताह के अंदर दो रेप के मामले सामने आए हैं और दोनों ही नाबालिग लडंकियों के साथ दरिंदों ने अपनी हवस का शिकार बनाया।टिप्पणियां जानकारी के अनुसार हिमाचल के कालाआंब की रहने वाली 14 साल की पूजा नामक लड़की कालाआंब से साढौरा आ रही थी कि रास्ते में उसे एक गाड़ी चालक ने उसे लिफ्ट देने के बहाने गाड़ी में बिठा लिया और कुछ ही दूरी पर जाने के बाद गाड़ी जंगल की ओर मोड़ी और अपनी हवस का शिकार बनाकर उसे जंगल में ही छोड़ दिया और फरार हो गया। पीड़ित लड़की जैसे-तैसे अपनी घर तो पहुंच गई और इस घटना की सारी जानकारी जब उसने सुनाई तो उन्होंने तुरंत इस मामले की सूचना कालाआंब पुलिस थाने में दी, लेकिन सीमा विवाद के चलते हिमाचल पुलिस ने तो कार्रवाई नहीं की लेकिन हरियाणा के साढौरा इलाके की पुलिस ने रात के समय ही पीड़ित लड़की को यमुनानगर के ट्रॉमा सेंटर में ले जाकर उसका मेडिकल करवाया जिसमें रेप की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण, मारपीट व रेप का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है। जानकारी के अनुसार हिमाचल के कालाआंब की रहने वाली 14 साल की पूजा नामक लड़की कालाआंब से साढौरा आ रही थी कि रास्ते में उसे एक गाड़ी चालक ने उसे लिफ्ट देने के बहाने गाड़ी में बिठा लिया और कुछ ही दूरी पर जाने के बाद गाड़ी जंगल की ओर मोड़ी और अपनी हवस का शिकार बनाकर उसे जंगल में ही छोड़ दिया और फरार हो गया। पीड़ित लड़की जैसे-तैसे अपनी घर तो पहुंच गई और इस घटना की सारी जानकारी जब उसने सुनाई तो उन्होंने तुरंत इस मामले की सूचना कालाआंब पुलिस थाने में दी, लेकिन सीमा विवाद के चलते हिमाचल पुलिस ने तो कार्रवाई नहीं की लेकिन हरियाणा के साढौरा इलाके की पुलिस ने रात के समय ही पीड़ित लड़की को यमुनानगर के ट्रॉमा सेंटर में ले जाकर उसका मेडिकल करवाया जिसमें रेप की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण, मारपीट व रेप का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है। पीड़ित लड़की जैसे-तैसे अपनी घर तो पहुंच गई और इस घटना की सारी जानकारी जब उसने सुनाई तो उन्होंने तुरंत इस मामले की सूचना कालाआंब पुलिस थाने में दी, लेकिन सीमा विवाद के चलते हिमाचल पुलिस ने तो कार्रवाई नहीं की लेकिन हरियाणा के साढौरा इलाके की पुलिस ने रात के समय ही पीड़ित लड़की को यमुनानगर के ट्रॉमा सेंटर में ले जाकर उसका मेडिकल करवाया जिसमें रेप की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण, मारपीट व रेप का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है।
यहाँ एक सारांश है:हरियाणा के यमुनानगर में एक 14 वर्ष की लड़की रेप की खबर है। इस लड़की को कार में लिफ्ट देने के नाम कुछ युवाओं ने अगवा किया और रेप करने के बाद जंगल में छोड़ दिया।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: जिला प्रशासन ने दावा किया कि कीड़ों की वजह से कपास किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए उन्हें मुआवजा देने, आनुवंशिक रूप से रूपांतरित नकली बीजों का निर्माण करने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई, मूंग, उड़द और सोयाबीन के किसानों को फसल नुकसान पर 100 फीसदी की अदायगी समेत अधिकतर मांगों को मान लिया गया है. किसनों की मांग है कि बैंक अधिकारी और प्रशासन निजी तौर पर ग्राम पंचायत जा कर कर्ज माफी को अमल में लाए. कलेक्टर आस्तिक कुमार पांडे ने कल कहा था कि अधिकतम समर्थन मूल्य से संबंधित मांग को छोड़ सभी छह मांगों को मान लिया गया है. अधिकतम समर्थन मूल्य पर केंद्र सरकार को फैसला करना है. हमने सिन्हा की अगुवाई वाले प्रदर्शनकारियों से आंदोलन वापस लेने का आग्रह किया है.  कलेक्टर आस्तिक कुमार पांडे ने कल कहा था कि अधिकतम समर्थन मूल्य से संबंधित मांग को छोड़ सभी छह मांगों को मान लिया गया है. अधिकतम समर्थन मूल्य पर केंद्र सरकार को फैसला करना है. हमने सिन्हा की अगुवाई वाले प्रदर्शनकारियों से आंदोलन वापस लेने का आग्रह किया है.
संक्षिप्त सारांश: महाराष्ट्र के अकोला में प्रदर्शन कर रहे हैं पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन् यशवंत सिन्हा ने कहा, मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन स्थल नहीं छोड़ेंगे उन्होंने कहा, किसानों के प्रति सरकार का रुख गंभीर नहीं है
0
['hin']
एक सारांश बनाओ: राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मंगलवार को कहा कि भारत ने लंदन ओलिंपिक में भले ही छह पदक जीते हों लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी सफलता से देश का मान बढ़ाया है।टिप्पणियां स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने सम्बोधन के दौरान राष्ट्रपति ने कहा, "हमने बहुत अधिक पदक भले ही नहीं जीते लेकिन बीते ओलिंपिक को देखते हुए हमारे लिए यह काफी बड़ी उपलब्धि है।" "चार साल बाद जब मैं आपको फिर से सम्बोधित करूं, तब उम्मीद है कि हम अगले ओलिंपिक में इससे अधिक पदक हासिल करने में सफल रहेंगे।" स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने सम्बोधन के दौरान राष्ट्रपति ने कहा, "हमने बहुत अधिक पदक भले ही नहीं जीते लेकिन बीते ओलिंपिक को देखते हुए हमारे लिए यह काफी बड़ी उपलब्धि है।" "चार साल बाद जब मैं आपको फिर से सम्बोधित करूं, तब उम्मीद है कि हम अगले ओलिंपिक में इससे अधिक पदक हासिल करने में सफल रहेंगे।" "चार साल बाद जब मैं आपको फिर से सम्बोधित करूं, तब उम्मीद है कि हम अगले ओलिंपिक में इससे अधिक पदक हासिल करने में सफल रहेंगे।"
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मंगलवार को कहा कि भारत ने लंदन ओलिंपिक में भले ही छह पदक जीते हों लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी सफलता से देश का मान बढ़ाया है।
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के आज़मगढ़ के शिबली कॉलेज में शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा पहुंचाने के मामले में चुनाव अधिकारी और ज़िले के डीएम ने नोटिस दिया है।टिप्पणियां यह नोटिस कांग्रेस की ज़िला इकाई के अध्यक्ष, कॉलेज प्रशासन और कॉलेज के प्रिंसिपल को भी सौंपा गया है। 10 जनवरी की रात को राहुल गांधी आज़मगढ़ के सरकारी शिबली कॉलेज के गेस्ट हाउस में ठहरे थे जबकि उनके पास सर्किट हाउस में रुकने की इजाज़त थी। चुनाव अधिकारी आशुतोष द्विवेदी का कहना है कि राहुल न केवल बगैर इजाज़त कॉलेज में रुके बल्कि उन्होंने दूसरे दिन कॉलेज में छात्रों से मुलाकात भी की जो कि आचार संहिता का उल्लंघन है। यह नोटिस कांग्रेस की ज़िला इकाई के अध्यक्ष, कॉलेज प्रशासन और कॉलेज के प्रिंसिपल को भी सौंपा गया है। 10 जनवरी की रात को राहुल गांधी आज़मगढ़ के सरकारी शिबली कॉलेज के गेस्ट हाउस में ठहरे थे जबकि उनके पास सर्किट हाउस में रुकने की इजाज़त थी। चुनाव अधिकारी आशुतोष द्विवेदी का कहना है कि राहुल न केवल बगैर इजाज़त कॉलेज में रुके बल्कि उन्होंने दूसरे दिन कॉलेज में छात्रों से मुलाकात भी की जो कि आचार संहिता का उल्लंघन है। चुनाव अधिकारी आशुतोष द्विवेदी का कहना है कि राहुल न केवल बगैर इजाज़त कॉलेज में रुके बल्कि उन्होंने दूसरे दिन कॉलेज में छात्रों से मुलाकात भी की जो कि आचार संहिता का उल्लंघन है।
यह एक सारांश है: कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के आज़मगढ़ के शिबली कॉलेज में शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा पहुंचाने के मामले में चुनाव अधिकारी और ज़िले के डीएम ने नोटिस दिया है।
16
['hin']
एक सारांश बनाओ: तेजस्वी ने कहा, 'जिस बल्ब और सड़क की बात आप कर रहे हैं ना ये 2004 से 2014 यूपीए-1 और यूपीए-2 जिसमें हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष और आदरणीय लालू जी रेलमंत्री, श्री रघुवंश बाबू ग्रामीण विकास मंत्री और तत्कालीन ऊर्जा मंत्री ने दलीय राजनीति से ऊपर उठकर बिहार के विकास कार्यों के लिए असीमित फंड दिलवाए, तब जाकर बिहार को यह सब नसीब हुआ. और उनके इस असाधारण योगदान को आपने सदन से लेकर कई सार्वजनिक मंचो से स्वीकारा भी है. इसमें आपका कितना योगदान रहा यह आप अपने दिल पर हाथ रखकर पूछिए? आप 1998 से लेकर 2004 तक केंद्र में कैबिनेट मंत्री रहे लेकिन बताए कितनी राशि बिहार के विकास कार्यों के लिए दिलवाई. अगर आपको UPA और NDA के कार्यकाल में बिहार को दी गयी वित्तीय मदद पर कोई तुलनात्मक विमर्श और खुली बहस करनी हो तो मैं चुनौती के लिए तैयार हूं लेकिन आपसे आग्रह है जनता को झूठ बोल भ्रमित मत करिए.' तेजस्वी ने कहा, 'आप उस दौर में बिहार के विकास और केंद्र द्वारा सहायता को लेकर संकीर्ण और नकारात्मक सोच के साथ बंधे रहे. बहरहाल, आप ये भी कह रहे थे कि जेल से चिट्ठी लिखने वाले अगर जेल से बाहर आए तो लालटेन वाले दिन लौट आएंगे. आप बहुत घर-घर बल्ब जलाने का दावा करते हैं ना? चाचा जी आज हम बताते हैं आपके इस दावे की क्या हकीकत है? जब मुजफ्फरपुर बलात्कार कांड के बाद नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर देश के न्यायप्रिय आम नागरिकों ने ‘कैन्डल मार्च' में पहली मोमबत्ती जलाई थी ना, उस एक मोमबत्ती की रोशनी ने आपके सारे बल्ब लगाने के दावों को शर्मसार कर दिया था. बिहार की सारी रोशनी शर्मिंदा थी उस एक मोमबत्ती की लौ के आगे. आपके द्वारा बिहार को रौशन करने की पोल उस एक अकेली मोमबत्ती ने खोल दी, और बता दिया था दुनिया को कि आपके राज में कितना घिनौना स्याह अंधेरा फैला है बिहार में.' उन्होंने कहा, 'जिस तरह सरकार को जगाने के लिए मोमबत्ती की जरूरत आज भी है, जिस तरह त्यौहार पर खुशियों को मनाने के लिए दीपक की जरूरत आज भी है उसी तरह बिहार से अन्याय और राक्षसी अत्याचारों के घने काले अन्धेरों को भगाने के लिए लालटेन की जरूरत आज भी है और हमेशा रहेगी. आप जब यह कहते है कि राजद शासनकाल में बिजली के पोल और तारों पर लोग कपड़े सुखाते थे तो आप यह मान रहे है ना कि उस वक्त करंट नहीं था लेकिन बिहार में घर-घर और गांव-गांव बिजली पहुंचाने के इंफ्रास्ट्रक्चर का काम शुरू हो चुका था. जरा अब बता दीजिए, उस वक्त 2004 में आपकी एनडीए सरकार में देश में कुल बिजली उत्पादन क्षमता कितनी मेगावाट थी और यूपीए सरकार में 2014 में कितनी? खुद जवाब मिल जाएगा साहब.' तेजस्वी ने पत्र में लिखा, 'जो चलाए नफरत और हिंसा के तीर, वो क्या समझेगा बिहार की पीड़. हमारे पिता को जेल से बाहर नहीं निकलने देने का फरमान तो आप सुना रहे हैं पर एक फरमान जनता भी सुना रही है....अपनी रैली में कान लगा कर जनता की आवाज सुनिएगा जो कह रही है...आखिरी चरण का मतदान, फिर NDA होगा अर्न्तध्यान. लौटेगा सुख चैन, अब जलेगी लालटेन.' तेजस्वी ने कहा, 'याद रखिएगा सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं. देर-सवेर बिहार की जनता को न्याय मिलेगा और उनके हक की आवाज उठाने वाला भी जल्द ही उनके बीच होगा और फिर हमारे पिता ही जनता की तरफ से बिहार पर हुए एक-एक अन्याय का हिसाब जनादेश के महाचोरों से लेंगे और झूठ, धोखे और अवसरवाद को उसकी सही जगह यानी अदालत के कठघरे और फिर जेल पहुंचाएंगे क्यूंकि जेल जाने के असली हकदार आप हैं वो नहीं.'  तेजस्वी ने कहा, 'लोकतंत्र में जनता की अदालत सबसे बड़ी होती है. उनका हर फैसला हमें मंजूर है. हम लड़ेंगे, जीतेंगे और आगे बढ़ेंगे...लालटेन जलेगी, अंधेरे डरेंगे. ऐसी अभिव्यक्ति मेरे स्वभाव में नहीं है लेकिन आपके झूठ का जवाब देना जरूरी था.' तेजस्वी ने अपने पत्र के आखिर में एक शायरी भी लिखी...जो इस तरह है- वो समझाए जा रहे थे और हम समझे जा रहे थे..वो खुद न समझे , हमें समझाने के बाद भी.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: नीतीश कुमार के खिलाफ तेजस्वी यादव ने लिखा पत्र कहा- आप जनता के लिए अप्रिय हो गए, लेकिन मेरे लिए अतिप्रिय 'जो चलाए नफरत और हिंसा के तीर, वो क्या समझेगा बिहार की पीड़'
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राजधानी में समाजवादी पार्टी के विधान परिषद सदस्य के पुत्र को हाल ही में विश्वविद्यालय की शिक्षिका के साथ दुर्व्‍यवहार के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। वह एक निजी विश्वविद्यालय में छात्र है। पुलिस सूत्रों ने बताया है कि विधान परिषद में सपा के एक सदस्य प्रमोद गुप्ता के पुत्र अभिनव गुप्ता को चिनहट थाना क्षेत्र में स्थित एक निजी विश्वविद्यालय के गेट पर गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि अभिनव पर विश्वविद्यालय की एक शिक्षिका के साथ दुर्व्‍यवहार का आरोप है और इस संबंध में उसके विरूद्ध चिनहट थाने पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस सूत्रों ने बताया है कि विधान परिषद में सपा के एक सदस्य प्रमोद गुप्ता के पुत्र अभिनव गुप्ता को चिनहट थाना क्षेत्र में स्थित एक निजी विश्वविद्यालय के गेट पर गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि अभिनव पर विश्वविद्यालय की एक शिक्षिका के साथ दुर्व्‍यवहार का आरोप है और इस संबंध में उसके विरूद्ध चिनहट थाने पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
संक्षिप्त पाठ: राजधानी में समाजवादी पार्टी के विधान परिषद सदस्य के पुत्र को हाल ही में विश्वविद्यालय की शिक्षिका के साथ दुर्व्‍यवहार के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। वह एक निजी विश्वविद्यालय में छात्र है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: संयुक्त राष्ट्र ने इस्रराइल से मांग की है कि वह फलस्तीनी क्षेत्र से अवैध यहूदी बस्तियां हटाएं. अमेरिका ने इस प्रस्ताव पर वीटो करने से मना कर दिया है. यह दुलर्भतम क्षण था, जब अमेरिका ने अपने वीटो शक्ति का इस्तेमाल नहीं किया और न ही मतदान में हिस्सा लिया. अमेरिका ने 1979 के बाद पहली बार अवैध यहूदी बस्तियों पर संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव को मजबूत करते हुए इस्राइल की आलोचना की है. परिषद में उस समय तालियां बजने लगी जब सुरक्षा परिषद के बाकी 15 सदस्यों का समर्थन इस प्रस्ताव को मिल गया. सुरक्षा परिषद के इस प्रस्ताव का विरोध इस्राइल के अलावा अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कर रहे थे.टिप्पणियां ट्रंप ने इस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया करते हुए ट्विटर लिखा, ‘‘संयुक्त राष्ट्र के लिए, 20 जनवरी के बाद स्थितियां बदल जाएंगी.’’ संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत सामंथा पावर का कहना है कि अवैध यहूदी बस्तियां इस्राइल और फलस्तीन के बीच दो-राष्ट्र समाधान में बाधक बन रहा है. संयुक्त राष्ट्र ने इन अवैध यहूदी बस्तियों को अवैध करार दिया है और कहा है कि पिछले महीनों में यहां अवैध यहूदी बस्तियों का निर्माण बढ़ा है. पश्चिमी किनारे की अवैध यहूदी बस्तियों में अभी 430,000 और पूर्वी येरूशलम में 200,000 यहूदी रह रहे हैं और फलीस्तीन पूर्वी येरूशलम को भविष्य की राजधानी के रूप में देखते हैं. प्रस्ताव में मांग की गई है ‘‘इस्राइल तत्काल और पूरी तरह से अधिकृत फलस्तीनी क्षेत्र सहित पूर्वी येरूशलम से अवैध यहूदी बस्तियां निर्माण की गतिविधियों पर रोक लगाए.’’ यह दुलर्भतम क्षण था, जब अमेरिका ने अपने वीटो शक्ति का इस्तेमाल नहीं किया और न ही मतदान में हिस्सा लिया. अमेरिका ने 1979 के बाद पहली बार अवैध यहूदी बस्तियों पर संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव को मजबूत करते हुए इस्राइल की आलोचना की है. परिषद में उस समय तालियां बजने लगी जब सुरक्षा परिषद के बाकी 15 सदस्यों का समर्थन इस प्रस्ताव को मिल गया. सुरक्षा परिषद के इस प्रस्ताव का विरोध इस्राइल के अलावा अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कर रहे थे.टिप्पणियां ट्रंप ने इस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया करते हुए ट्विटर लिखा, ‘‘संयुक्त राष्ट्र के लिए, 20 जनवरी के बाद स्थितियां बदल जाएंगी.’’ संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत सामंथा पावर का कहना है कि अवैध यहूदी बस्तियां इस्राइल और फलस्तीन के बीच दो-राष्ट्र समाधान में बाधक बन रहा है. संयुक्त राष्ट्र ने इन अवैध यहूदी बस्तियों को अवैध करार दिया है और कहा है कि पिछले महीनों में यहां अवैध यहूदी बस्तियों का निर्माण बढ़ा है. पश्चिमी किनारे की अवैध यहूदी बस्तियों में अभी 430,000 और पूर्वी येरूशलम में 200,000 यहूदी रह रहे हैं और फलीस्तीन पूर्वी येरूशलम को भविष्य की राजधानी के रूप में देखते हैं. प्रस्ताव में मांग की गई है ‘‘इस्राइल तत्काल और पूरी तरह से अधिकृत फलस्तीनी क्षेत्र सहित पूर्वी येरूशलम से अवैध यहूदी बस्तियां निर्माण की गतिविधियों पर रोक लगाए.’’ परिषद में उस समय तालियां बजने लगी जब सुरक्षा परिषद के बाकी 15 सदस्यों का समर्थन इस प्रस्ताव को मिल गया. सुरक्षा परिषद के इस प्रस्ताव का विरोध इस्राइल के अलावा अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कर रहे थे.टिप्पणियां ट्रंप ने इस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया करते हुए ट्विटर लिखा, ‘‘संयुक्त राष्ट्र के लिए, 20 जनवरी के बाद स्थितियां बदल जाएंगी.’’ संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत सामंथा पावर का कहना है कि अवैध यहूदी बस्तियां इस्राइल और फलस्तीन के बीच दो-राष्ट्र समाधान में बाधक बन रहा है. संयुक्त राष्ट्र ने इन अवैध यहूदी बस्तियों को अवैध करार दिया है और कहा है कि पिछले महीनों में यहां अवैध यहूदी बस्तियों का निर्माण बढ़ा है. पश्चिमी किनारे की अवैध यहूदी बस्तियों में अभी 430,000 और पूर्वी येरूशलम में 200,000 यहूदी रह रहे हैं और फलीस्तीन पूर्वी येरूशलम को भविष्य की राजधानी के रूप में देखते हैं. प्रस्ताव में मांग की गई है ‘‘इस्राइल तत्काल और पूरी तरह से अधिकृत फलस्तीनी क्षेत्र सहित पूर्वी येरूशलम से अवैध यहूदी बस्तियां निर्माण की गतिविधियों पर रोक लगाए.’’ सुरक्षा परिषद के इस प्रस्ताव का विरोध इस्राइल के अलावा अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कर रहे थे.टिप्पणियां ट्रंप ने इस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया करते हुए ट्विटर लिखा, ‘‘संयुक्त राष्ट्र के लिए, 20 जनवरी के बाद स्थितियां बदल जाएंगी.’’ संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत सामंथा पावर का कहना है कि अवैध यहूदी बस्तियां इस्राइल और फलस्तीन के बीच दो-राष्ट्र समाधान में बाधक बन रहा है. संयुक्त राष्ट्र ने इन अवैध यहूदी बस्तियों को अवैध करार दिया है और कहा है कि पिछले महीनों में यहां अवैध यहूदी बस्तियों का निर्माण बढ़ा है. पश्चिमी किनारे की अवैध यहूदी बस्तियों में अभी 430,000 और पूर्वी येरूशलम में 200,000 यहूदी रह रहे हैं और फलीस्तीन पूर्वी येरूशलम को भविष्य की राजधानी के रूप में देखते हैं. प्रस्ताव में मांग की गई है ‘‘इस्राइल तत्काल और पूरी तरह से अधिकृत फलस्तीनी क्षेत्र सहित पूर्वी येरूशलम से अवैध यहूदी बस्तियां निर्माण की गतिविधियों पर रोक लगाए.’’ ट्रंप ने इस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया करते हुए ट्विटर लिखा, ‘‘संयुक्त राष्ट्र के लिए, 20 जनवरी के बाद स्थितियां बदल जाएंगी.’’ संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत सामंथा पावर का कहना है कि अवैध यहूदी बस्तियां इस्राइल और फलस्तीन के बीच दो-राष्ट्र समाधान में बाधक बन रहा है. संयुक्त राष्ट्र ने इन अवैध यहूदी बस्तियों को अवैध करार दिया है और कहा है कि पिछले महीनों में यहां अवैध यहूदी बस्तियों का निर्माण बढ़ा है. पश्चिमी किनारे की अवैध यहूदी बस्तियों में अभी 430,000 और पूर्वी येरूशलम में 200,000 यहूदी रह रहे हैं और फलीस्तीन पूर्वी येरूशलम को भविष्य की राजधानी के रूप में देखते हैं. प्रस्ताव में मांग की गई है ‘‘इस्राइल तत्काल और पूरी तरह से अधिकृत फलस्तीनी क्षेत्र सहित पूर्वी येरूशलम से अवैध यहूदी बस्तियां निर्माण की गतिविधियों पर रोक लगाए.’’ पश्चिमी किनारे की अवैध यहूदी बस्तियों में अभी 430,000 और पूर्वी येरूशलम में 200,000 यहूदी रह रहे हैं और फलीस्तीन पूर्वी येरूशलम को भविष्य की राजधानी के रूप में देखते हैं. प्रस्ताव में मांग की गई है ‘‘इस्राइल तत्काल और पूरी तरह से अधिकृत फलस्तीनी क्षेत्र सहित पूर्वी येरूशलम से अवैध यहूदी बस्तियां निर्माण की गतिविधियों पर रोक लगाए.’’
संक्षिप्त सारांश: अमेरिका ने इस प्रस्ताव पर वीटो करने से मना कर दिया है. अमेरिका ने 1979 के बाद पहली बार इस्राइल की आलोचना की है. उस समय तालियां बजीं जब सुरक्षा परिषद में इस प्रस्ताव को समर्थन मिला.
0
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: इंग्लैण्ड और वेस्ट इंडीज़ के बीच दो करोड़ डॉलर का टी-20 क्रिकेट मैच कराने के बाद खेलजगत की सुखिर्यों में आए अमेरिकी व्यवसायी एलेन स्टैनफोर्ड को निवेशकों के साथ धोखाधड़ी का दोषी पाए जाने पर 110 साल जेल में बिताने की सजा सुनाई गई है। टेक्सास के इस फाइनेंसर को धोखाधड़ी के 13 आरोपों में दोषी पाया गया है, और उस पर निवेशकों के सात अरब अमेरिकी डॉलर की धोखाधड़ी का आरोप है। ईएसपीएनक्रिकइन्फो की खबर के मुताबिक स्टैनफोर्ड को 230 साल की सजा देने की मांग की गई थी।टिप्पणियां स्टैनफोर्ड को अमेरिका के नियामकों की जांच के बाद वर्ष 2009 में गिरफ्तार किया गया था, हालांकि उसने किसी भी तरह का गलत काम किया होने से इनकार किया है। स्टैनफोर्ड ने मामले की सुनवाई के दौरान जिला न्यायाधीश डेविड हिटनर से कहा, "मैंने किसी के साथ धोखेबाजी नहीं की। मैं यहां दया या माफी मांगने या खुद को आपकी दया पर छोड़ने नहीं आया हूं। मैंने कोई पोंजी स्कीम नहीं चलाई। मैंने किसी के साथ धोखेबाजी नहीं की।" स्टैनफोर्ड को वर्ष 2006 में 'नाइट' की उपाधि भी दी गई थी, लेकिन बाद में यह उपाधि उनसे वापस ले ली गई। टेक्सास के इस फाइनेंसर को धोखाधड़ी के 13 आरोपों में दोषी पाया गया है, और उस पर निवेशकों के सात अरब अमेरिकी डॉलर की धोखाधड़ी का आरोप है। ईएसपीएनक्रिकइन्फो की खबर के मुताबिक स्टैनफोर्ड को 230 साल की सजा देने की मांग की गई थी।टिप्पणियां स्टैनफोर्ड को अमेरिका के नियामकों की जांच के बाद वर्ष 2009 में गिरफ्तार किया गया था, हालांकि उसने किसी भी तरह का गलत काम किया होने से इनकार किया है। स्टैनफोर्ड ने मामले की सुनवाई के दौरान जिला न्यायाधीश डेविड हिटनर से कहा, "मैंने किसी के साथ धोखेबाजी नहीं की। मैं यहां दया या माफी मांगने या खुद को आपकी दया पर छोड़ने नहीं आया हूं। मैंने कोई पोंजी स्कीम नहीं चलाई। मैंने किसी के साथ धोखेबाजी नहीं की।" स्टैनफोर्ड को वर्ष 2006 में 'नाइट' की उपाधि भी दी गई थी, लेकिन बाद में यह उपाधि उनसे वापस ले ली गई। स्टैनफोर्ड को अमेरिका के नियामकों की जांच के बाद वर्ष 2009 में गिरफ्तार किया गया था, हालांकि उसने किसी भी तरह का गलत काम किया होने से इनकार किया है। स्टैनफोर्ड ने मामले की सुनवाई के दौरान जिला न्यायाधीश डेविड हिटनर से कहा, "मैंने किसी के साथ धोखेबाजी नहीं की। मैं यहां दया या माफी मांगने या खुद को आपकी दया पर छोड़ने नहीं आया हूं। मैंने कोई पोंजी स्कीम नहीं चलाई। मैंने किसी के साथ धोखेबाजी नहीं की।" स्टैनफोर्ड को वर्ष 2006 में 'नाइट' की उपाधि भी दी गई थी, लेकिन बाद में यह उपाधि उनसे वापस ले ली गई। स्टैनफोर्ड को वर्ष 2006 में 'नाइट' की उपाधि भी दी गई थी, लेकिन बाद में यह उपाधि उनसे वापस ले ली गई।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इंग्लैण्ड-वेस्ट इंडीज़ के बीच दो करोड़ डॉलर का टी-20 मैच कराने वाले अमेरिकी व्यवसायी एलेन स्टैनफोर्ड को धोखाधड़ी का दोषी पाए जाने पर 110 साल कैद की सजा सुनाई गई है।
25
['hin']
एक सारांश बनाओ: ऑस्कर पुरस्कार से सम्मानित हॉलीवुड अभिनेत्री नटाली पोर्टमैन ने डियोर के एक विज्ञापन के लिए फोटोग्राफर मारियो सोरेंटी से निर्वस्त्र तस्वीरें खिंचवाई हैं।टिप्पणियां डेली मेल की खबरों के मुताबिक, हाल ही में बेंजामिन मिलीपीड से शादी करने वाली नटाली पोर्टमैन ने इस ब्रांड के नए 'डियोरस्किन न्यूड रेंज' के प्रचार के लिए ये निर्वस्त्र तस्वीरें खिंचवाईं। इनमें से एक तस्वीर में नटाली ने अपने चेहरे को बालों से ढक रखा है और अर्धनग्न अवस्था में एक कुर्सी पर बैठी हुई हैं। दूसरी तस्वीर में वह कैमरे के सामने बालों से अपने वक्षस्थल को ढककर खड़ी हुई हैं। डेली मेल की खबरों के मुताबिक, हाल ही में बेंजामिन मिलीपीड से शादी करने वाली नटाली पोर्टमैन ने इस ब्रांड के नए 'डियोरस्किन न्यूड रेंज' के प्रचार के लिए ये निर्वस्त्र तस्वीरें खिंचवाईं। इनमें से एक तस्वीर में नटाली ने अपने चेहरे को बालों से ढक रखा है और अर्धनग्न अवस्था में एक कुर्सी पर बैठी हुई हैं। दूसरी तस्वीर में वह कैमरे के सामने बालों से अपने वक्षस्थल को ढककर खड़ी हुई हैं। इनमें से एक तस्वीर में नटाली ने अपने चेहरे को बालों से ढक रखा है और अर्धनग्न अवस्था में एक कुर्सी पर बैठी हुई हैं। दूसरी तस्वीर में वह कैमरे के सामने बालों से अपने वक्षस्थल को ढककर खड़ी हुई हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ऑस्कर पुरस्कार से सम्मानित हॉलीवुड अभिनेत्री नटाली पोर्टमैन ने डियोर के एक विज्ञापन के लिए फोटोग्राफर मारियो सोरेंटी से निर्वस्त्र तस्वीरें खिंचवाई हैं।
32
['hin']
एक सारांश बनाओ: युवा सांसद के रूप में प्रणब मुखर्जी ने अपनी बहन से कहा था कि वह अगले जन्म में राष्ट्रपति भवन में कुलीन प्रजाति के घोड़े के रूप में जन्म लेना चाहते हैं तो बहन ने तभी कहा था, "राष्ट्रपति का घोड़ा क्यों बनोगे, तुम इसी जीवन में राष्ट्रपति बनोगे।" मुखर्जी (76) से 10 साल बड़ी उनकी बहन अन्नपूर्णा देवी ने बीते समय को याद करते हुए कहा कि मुखर्जी पहली बार सांसद बने थे। भाई-बहन नई दिल्ली में मुखर्जी के आधिकारिक आवास के बरामदे में चाय की चुस्कियों के बीच बातचीत कर रहे थे, जब अन्नपूर्णा ने भाई के राष्ट्रपति बनने के बारे में भविष्यवाणी की थी। अन्नपूर्णा ने कहा, "मुखर्जी के आवास से राष्ट्रपति भवन दूर नहीं था और बरामदे से हम घोड़ों को ले जाने वाले रास्ते को देख सकते थे। हम घोड़ों की देखभाल करने वालों और उन्हें खिलाने-पिलाने वालों को देख सकते थे।" अन्नपूर्णा ने कहा, "मुखर्जी ने कहा था कि जब मैं मरूंगा तो राष्ट्रपति का घोड़ा बन जाऊंगा। इसके बाद मैंने कहा, राष्ट्रपति का घोड़ा क्यों बनोगे, तुम इसी जीवन में राष्ट्रपति बनोगे।" टिप्पणियां वह खुश हैं कि उनकी भविष्यवाणी सही साबित हुई, लेकिन वह इस बात से दुखी भी हैं कि नई दिल्ली में होने वाले मुखर्जी के शपथ-ग्रहण समारोह में वह नहीं जा पाएंगी, क्योंकि अधिक उम्र की वजह से उन्हें जाने-आने में परेशानी होती है। उन्होंने कहा, "बचपन में मुखर्जी बहुत नटखट था। वह मुझसे रुकने के लिए कहता और मुझे उसके लिए खड़ा होना पड़ता.. यदि मैं आगे बढ़ जाती तो वह मेरे बाल खींचकर मुझसे कहता, 'क्या मैंने तुम्हें रुकने के लिए नहीं कहा था'?" शपथ-ग्रहण समारोह में नहीं शरीक हो पाने पर दुख जताते हुए उन्होंने कहा, "मैं उसे राष्ट्रपति पद की शपथ लेते हुए अपनी आंखों से नहीं देख पाऊंगी, इससे मैं थोड़ी दुखी हूं।" मुखर्जी (76) से 10 साल बड़ी उनकी बहन अन्नपूर्णा देवी ने बीते समय को याद करते हुए कहा कि मुखर्जी पहली बार सांसद बने थे। भाई-बहन नई दिल्ली में मुखर्जी के आधिकारिक आवास के बरामदे में चाय की चुस्कियों के बीच बातचीत कर रहे थे, जब अन्नपूर्णा ने भाई के राष्ट्रपति बनने के बारे में भविष्यवाणी की थी। अन्नपूर्णा ने कहा, "मुखर्जी के आवास से राष्ट्रपति भवन दूर नहीं था और बरामदे से हम घोड़ों को ले जाने वाले रास्ते को देख सकते थे। हम घोड़ों की देखभाल करने वालों और उन्हें खिलाने-पिलाने वालों को देख सकते थे।" अन्नपूर्णा ने कहा, "मुखर्जी ने कहा था कि जब मैं मरूंगा तो राष्ट्रपति का घोड़ा बन जाऊंगा। इसके बाद मैंने कहा, राष्ट्रपति का घोड़ा क्यों बनोगे, तुम इसी जीवन में राष्ट्रपति बनोगे।" टिप्पणियां वह खुश हैं कि उनकी भविष्यवाणी सही साबित हुई, लेकिन वह इस बात से दुखी भी हैं कि नई दिल्ली में होने वाले मुखर्जी के शपथ-ग्रहण समारोह में वह नहीं जा पाएंगी, क्योंकि अधिक उम्र की वजह से उन्हें जाने-आने में परेशानी होती है। उन्होंने कहा, "बचपन में मुखर्जी बहुत नटखट था। वह मुझसे रुकने के लिए कहता और मुझे उसके लिए खड़ा होना पड़ता.. यदि मैं आगे बढ़ जाती तो वह मेरे बाल खींचकर मुझसे कहता, 'क्या मैंने तुम्हें रुकने के लिए नहीं कहा था'?" शपथ-ग्रहण समारोह में नहीं शरीक हो पाने पर दुख जताते हुए उन्होंने कहा, "मैं उसे राष्ट्रपति पद की शपथ लेते हुए अपनी आंखों से नहीं देख पाऊंगी, इससे मैं थोड़ी दुखी हूं।" अन्नपूर्णा ने कहा, "मुखर्जी के आवास से राष्ट्रपति भवन दूर नहीं था और बरामदे से हम घोड़ों को ले जाने वाले रास्ते को देख सकते थे। हम घोड़ों की देखभाल करने वालों और उन्हें खिलाने-पिलाने वालों को देख सकते थे।" अन्नपूर्णा ने कहा, "मुखर्जी ने कहा था कि जब मैं मरूंगा तो राष्ट्रपति का घोड़ा बन जाऊंगा। इसके बाद मैंने कहा, राष्ट्रपति का घोड़ा क्यों बनोगे, तुम इसी जीवन में राष्ट्रपति बनोगे।" टिप्पणियां वह खुश हैं कि उनकी भविष्यवाणी सही साबित हुई, लेकिन वह इस बात से दुखी भी हैं कि नई दिल्ली में होने वाले मुखर्जी के शपथ-ग्रहण समारोह में वह नहीं जा पाएंगी, क्योंकि अधिक उम्र की वजह से उन्हें जाने-आने में परेशानी होती है। उन्होंने कहा, "बचपन में मुखर्जी बहुत नटखट था। वह मुझसे रुकने के लिए कहता और मुझे उसके लिए खड़ा होना पड़ता.. यदि मैं आगे बढ़ जाती तो वह मेरे बाल खींचकर मुझसे कहता, 'क्या मैंने तुम्हें रुकने के लिए नहीं कहा था'?" शपथ-ग्रहण समारोह में नहीं शरीक हो पाने पर दुख जताते हुए उन्होंने कहा, "मैं उसे राष्ट्रपति पद की शपथ लेते हुए अपनी आंखों से नहीं देख पाऊंगी, इससे मैं थोड़ी दुखी हूं।" अन्नपूर्णा ने कहा, "मुखर्जी ने कहा था कि जब मैं मरूंगा तो राष्ट्रपति का घोड़ा बन जाऊंगा। इसके बाद मैंने कहा, राष्ट्रपति का घोड़ा क्यों बनोगे, तुम इसी जीवन में राष्ट्रपति बनोगे।" टिप्पणियां वह खुश हैं कि उनकी भविष्यवाणी सही साबित हुई, लेकिन वह इस बात से दुखी भी हैं कि नई दिल्ली में होने वाले मुखर्जी के शपथ-ग्रहण समारोह में वह नहीं जा पाएंगी, क्योंकि अधिक उम्र की वजह से उन्हें जाने-आने में परेशानी होती है। उन्होंने कहा, "बचपन में मुखर्जी बहुत नटखट था। वह मुझसे रुकने के लिए कहता और मुझे उसके लिए खड़ा होना पड़ता.. यदि मैं आगे बढ़ जाती तो वह मेरे बाल खींचकर मुझसे कहता, 'क्या मैंने तुम्हें रुकने के लिए नहीं कहा था'?" शपथ-ग्रहण समारोह में नहीं शरीक हो पाने पर दुख जताते हुए उन्होंने कहा, "मैं उसे राष्ट्रपति पद की शपथ लेते हुए अपनी आंखों से नहीं देख पाऊंगी, इससे मैं थोड़ी दुखी हूं।" वह खुश हैं कि उनकी भविष्यवाणी सही साबित हुई, लेकिन वह इस बात से दुखी भी हैं कि नई दिल्ली में होने वाले मुखर्जी के शपथ-ग्रहण समारोह में वह नहीं जा पाएंगी, क्योंकि अधिक उम्र की वजह से उन्हें जाने-आने में परेशानी होती है। उन्होंने कहा, "बचपन में मुखर्जी बहुत नटखट था। वह मुझसे रुकने के लिए कहता और मुझे उसके लिए खड़ा होना पड़ता.. यदि मैं आगे बढ़ जाती तो वह मेरे बाल खींचकर मुझसे कहता, 'क्या मैंने तुम्हें रुकने के लिए नहीं कहा था'?" शपथ-ग्रहण समारोह में नहीं शरीक हो पाने पर दुख जताते हुए उन्होंने कहा, "मैं उसे राष्ट्रपति पद की शपथ लेते हुए अपनी आंखों से नहीं देख पाऊंगी, इससे मैं थोड़ी दुखी हूं।" शपथ-ग्रहण समारोह में नहीं शरीक हो पाने पर दुख जताते हुए उन्होंने कहा, "मैं उसे राष्ट्रपति पद की शपथ लेते हुए अपनी आंखों से नहीं देख पाऊंगी, इससे मैं थोड़ी दुखी हूं।"
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: युवा सांसद के रूप में प्रणब मुखर्जी ने अपनी बहन से कहा था कि वह अगले जन्म में राष्ट्रपति भवन में कुलीन प्रजाति के घोड़े के रूप में जन्म लेना चाहते हैं तो बहन ने तभी कहा था, "राष्ट्रपति का घोड़ा क्यों बनोगे, तुम इसी जीवन में राष्ट्रपति बनोगे।"
32
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र पुलिस ने उन दो लड़कियों के खिलाफ मामला वापस लेने का फैसला किया है, जिन्हें शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के अंतिम संस्कार के दौरान मुंबई बंद के खिलाफ फेसबुक पर टिप्पणी करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस महानिदेशक संजीव दयाल ने कहा, पालघर से दो लड़कियों की गिरफ्तारी के मामले में कोई आरोपपत्र दायर नहीं किया जाएगा। मामले में समापन रिपोर्ट दायर की जाएगी। अदालत में पुलिस द्वारा आम तौर पर समापन रिपोर्ट तब दायर की जाती है, जब जांचकर्ता इस निष्कर्ष पर पहुंचते हैं कि आरोपियों के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता।टिप्पणियां 21-वर्षीय लड़कियों शाहीन धड़ा और रेनु श्रीनिवासन को तब गिरफ्तार किया गया था, जब शाहीन ने 18 नवंबर को ठाकरे के अंतिम संस्कार की वजह से मुंबई बंद पर फेसबुक पर टिप्पणी की थी। रेनु ने इस टिप्पणी को 'लाइक' किया था। दोनों को बाद में जमानत मिल गई थी। शाहीन ने हालांकि, ठाकरे का नाम नहीं लिया था। शिवसेना के एक स्थानीय नेता ने लड़कियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर दोनों को 19 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के इस कदम की काफी निंदा हुई थी। पुलिस महानिदेशक संजीव दयाल ने कहा, पालघर से दो लड़कियों की गिरफ्तारी के मामले में कोई आरोपपत्र दायर नहीं किया जाएगा। मामले में समापन रिपोर्ट दायर की जाएगी। अदालत में पुलिस द्वारा आम तौर पर समापन रिपोर्ट तब दायर की जाती है, जब जांचकर्ता इस निष्कर्ष पर पहुंचते हैं कि आरोपियों के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता।टिप्पणियां 21-वर्षीय लड़कियों शाहीन धड़ा और रेनु श्रीनिवासन को तब गिरफ्तार किया गया था, जब शाहीन ने 18 नवंबर को ठाकरे के अंतिम संस्कार की वजह से मुंबई बंद पर फेसबुक पर टिप्पणी की थी। रेनु ने इस टिप्पणी को 'लाइक' किया था। दोनों को बाद में जमानत मिल गई थी। शाहीन ने हालांकि, ठाकरे का नाम नहीं लिया था। शिवसेना के एक स्थानीय नेता ने लड़कियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर दोनों को 19 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के इस कदम की काफी निंदा हुई थी। 21-वर्षीय लड़कियों शाहीन धड़ा और रेनु श्रीनिवासन को तब गिरफ्तार किया गया था, जब शाहीन ने 18 नवंबर को ठाकरे के अंतिम संस्कार की वजह से मुंबई बंद पर फेसबुक पर टिप्पणी की थी। रेनु ने इस टिप्पणी को 'लाइक' किया था। दोनों को बाद में जमानत मिल गई थी। शाहीन ने हालांकि, ठाकरे का नाम नहीं लिया था। शिवसेना के एक स्थानीय नेता ने लड़कियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर दोनों को 19 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के इस कदम की काफी निंदा हुई थी। शाहीन ने हालांकि, ठाकरे का नाम नहीं लिया था। शिवसेना के एक स्थानीय नेता ने लड़कियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर दोनों को 19 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के इस कदम की काफी निंदा हुई थी।
संक्षिप्त सारांश: महाराष्ट्र पुलिस ने उन दो लड़कियों के खिलाफ मामला वापस लेने का फैसला किया है, जिन्हें बाल ठाकरे के अंतिम संस्कार के दौरान मुंबई बंद के खिलाफ फेसबुक पर टिप्पणी करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी पैठ बनानेकी कोशिश कर रही कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी अयोध्या में होंगी. प्रियंका गांधी हनुमान गढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगी, फिर एक रोड शो करेंगी. लेकिन वह रामलाल के दर्शन नहीं जाएंगी गौरतलब है कि  उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी  हनुमान गढ़ी मंदिर में पूजा करने गए थे लेकिन वह भी रामलला के दर्शन करने नहीं गए थे. उस समय कांग्रेस के नेताओं का कहना था कि राहुल गांधी का विवादित स्थल पर जाना ठीक नहीं होगा. प्रियंका गांधी अयोध्या ऐसे समय जा रही हैं जब विवादित स्थल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक मध्यस्थता समिति का गठन किया है और सभी पक्षों से बातचीत की जा रही है. वहीं उत्तर प्रदेश में अयोध्या विवाद ही एक ऐसा मुद्दा था जिसने कांग्रेस को उत्तर प्रदेश से पूरी साफ कर दिया था.  जिस समय बाबरी मस्जिद गिराई थी केंद्र में कांग्रेस की ही सरकार थी और मुस्लिमों एक तरह से संदेश गया था कि तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के ढुलमुल रवैये की वजह से मस्जिद गिरा दी गई. वहीं दूसरी ओर बीजेपी नेता राम मंदिर आंदोलन में बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रहे थे और उन्होंने हिंदू वोटों को अपने पाले में कर लिया था.  हालांकि एक यह भी सच्चाई है कि शाहबानो प्रकरण में हाथ जला चुके राजीव गांधी ने ही एक प्रधानमंत्री रहते हुए विवादित स्थल का ताला खुलवाने का आदेश दिया था. कुल मिलाकर अयोध्या मुद्दे पर कांग्रेस के लिए हमेशा उहापोह की स्थिति रही है.
यह एक सारांश है: प्रियंका का अयोध्या दौरा क्या हैं सियासी मायने हनुमानगढ़ी में करेंगी दर्शन
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश विधानसभा की अमेठी सीट से कांग्रेस प्रत्याशी अमिता सिंह अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सपा के गायत्री प्रसाद प्रजापति से करीब सात हजार मतों से पराजित हुईं। सपा ने यह सीट कांग्रेस से छीनी है। सीतापुर की बिसवां सीट से सपा के रामपाल यादव ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बसपा के निर्मल वर्मा को 7,387 मतों से हराया। सपा ने बसपा से यह सीट छीनी है।टिप्पणियां छाता सीट से राष्ट्रीय लोकदल के तेजपाल सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बसपा के चौधरी लक्ष्मीनारायण को 14,392 मतों से हराया। इटावा से सपा के माता प्रसाद पांडेय ने जीत हासिल की है, जबकि जेवर की सीट बीएसपी के वेदराम भाटी ने जीती है। गाजियाबाद और मुरादनगर में बसपा तथा धौलाना में सपा प्रत्याशी ने जीत हासिल की है। गाजियाबाद में बसपा प्रत्याशी सुरेश बंसल ने भाजपा के अतुल गर्ग को 12,095 मतों से हराया। मुरादनगर में बसपा के बहाव चौधरी ने सपा प्रत्याशी और पूर्व मंत्री राजपाल त्यागी को पराजित किया। गाजियाबाद की ही धोलाना सीट पर सपा के धर्मेंद्र तोमर ने बसपा के असलम को पराजित किया। साहिबाबाद सीट पर बसपा बढ़त बनाए हुए है। नवसृजित सेवता सीट से सपा के महेंद्र प्रताप सिंह ने कांग्रेस के अम्मार रिजवी को 2,446 मतों से हराया। मथुरा की मांट सीट से केंद्रीय मंत्री अजित सिंह के पुत्र और रालोद उम्मीदवार जयंत चौधरी ने पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री श्याम सुंदर शर्मा को 16,757 मतों से पराजित किया। सीतापुर की बिसवां सीट से सपा के रामपाल यादव ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बसपा के निर्मल वर्मा को 7,387 मतों से हराया। सपा ने बसपा से यह सीट छीनी है।टिप्पणियां छाता सीट से राष्ट्रीय लोकदल के तेजपाल सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बसपा के चौधरी लक्ष्मीनारायण को 14,392 मतों से हराया। इटावा से सपा के माता प्रसाद पांडेय ने जीत हासिल की है, जबकि जेवर की सीट बीएसपी के वेदराम भाटी ने जीती है। गाजियाबाद और मुरादनगर में बसपा तथा धौलाना में सपा प्रत्याशी ने जीत हासिल की है। गाजियाबाद में बसपा प्रत्याशी सुरेश बंसल ने भाजपा के अतुल गर्ग को 12,095 मतों से हराया। मुरादनगर में बसपा के बहाव चौधरी ने सपा प्रत्याशी और पूर्व मंत्री राजपाल त्यागी को पराजित किया। गाजियाबाद की ही धोलाना सीट पर सपा के धर्मेंद्र तोमर ने बसपा के असलम को पराजित किया। साहिबाबाद सीट पर बसपा बढ़त बनाए हुए है। नवसृजित सेवता सीट से सपा के महेंद्र प्रताप सिंह ने कांग्रेस के अम्मार रिजवी को 2,446 मतों से हराया। मथुरा की मांट सीट से केंद्रीय मंत्री अजित सिंह के पुत्र और रालोद उम्मीदवार जयंत चौधरी ने पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री श्याम सुंदर शर्मा को 16,757 मतों से पराजित किया। छाता सीट से राष्ट्रीय लोकदल के तेजपाल सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बसपा के चौधरी लक्ष्मीनारायण को 14,392 मतों से हराया। इटावा से सपा के माता प्रसाद पांडेय ने जीत हासिल की है, जबकि जेवर की सीट बीएसपी के वेदराम भाटी ने जीती है। गाजियाबाद और मुरादनगर में बसपा तथा धौलाना में सपा प्रत्याशी ने जीत हासिल की है। गाजियाबाद में बसपा प्रत्याशी सुरेश बंसल ने भाजपा के अतुल गर्ग को 12,095 मतों से हराया। मुरादनगर में बसपा के बहाव चौधरी ने सपा प्रत्याशी और पूर्व मंत्री राजपाल त्यागी को पराजित किया। गाजियाबाद की ही धोलाना सीट पर सपा के धर्मेंद्र तोमर ने बसपा के असलम को पराजित किया। साहिबाबाद सीट पर बसपा बढ़त बनाए हुए है। नवसृजित सेवता सीट से सपा के महेंद्र प्रताप सिंह ने कांग्रेस के अम्मार रिजवी को 2,446 मतों से हराया। मथुरा की मांट सीट से केंद्रीय मंत्री अजित सिंह के पुत्र और रालोद उम्मीदवार जयंत चौधरी ने पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री श्याम सुंदर शर्मा को 16,757 मतों से पराजित किया। गाजियाबाद और मुरादनगर में बसपा तथा धौलाना में सपा प्रत्याशी ने जीत हासिल की है। गाजियाबाद में बसपा प्रत्याशी सुरेश बंसल ने भाजपा के अतुल गर्ग को 12,095 मतों से हराया। मुरादनगर में बसपा के बहाव चौधरी ने सपा प्रत्याशी और पूर्व मंत्री राजपाल त्यागी को पराजित किया। गाजियाबाद की ही धोलाना सीट पर सपा के धर्मेंद्र तोमर ने बसपा के असलम को पराजित किया। साहिबाबाद सीट पर बसपा बढ़त बनाए हुए है। नवसृजित सेवता सीट से सपा के महेंद्र प्रताप सिंह ने कांग्रेस के अम्मार रिजवी को 2,446 मतों से हराया। मथुरा की मांट सीट से केंद्रीय मंत्री अजित सिंह के पुत्र और रालोद उम्मीदवार जयंत चौधरी ने पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री श्याम सुंदर शर्मा को 16,757 मतों से पराजित किया।
सारांश: उत्तर प्रदेश विधानसभा की अमेठी सीट से कांग्रेस प्रत्याशी अमिता सिंह सपा के गायत्री प्रसाद प्रजापति से करीब सात हजार मतों से पराजित हुईं।
7
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: झारखंड के लोहरदगा से गिरफ्तार की गई महिला नक्सली कमांडर सुनीता उर्फ शांति ने नक्सल आंदोलन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पुरुष नक्सली कमांडर महिला नक्सलियों का बंदूक की नोक पर यौन शोषण करते हैं और उन्हें नक्सली गतिविधि के लिए मजबूर किया जाता है। कई मामलों में पुलिस को वांछित सुनीता को एक सूचना के आधार पर लोहरदगा पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार किया था। भाकपा माओवादी नक्सली संगठन में छह माह पूर्व कथित तौर पर बंदूक की नोक पर सुनीता को शामिल किया गया था। उसने पुलिस को बताया कि नक्सली बंदूक के जोर पर ही सारे काम उससे और अन्य महिला नक्सलियों से करवाते हैं। संगठन में घाघरा गांव की रहने वाली पूनम कुमारी को भी यौन शोषण से बदहाल होने पर भागने का प्रयास करते समय उसने पुरुष कमांडरों के आदेश पर स्वयं को स्टेनगन से गोली मार दी थी, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी। 20 वर्षीय सुनीता ने लोहरदगा के एसडीपीओ रामगुलाम शर्मा को पूछताछ में यह बातें बताई और पत्रकारों के समक्ष भी येबातें स्वीकार कीं। सुनीता ने बताया कि स्वयं उसका उस समय बंदूक के जोर पर माओवादियों ने अपहरण कर लिया था, जब वह अपनी बहन के घर गई हुई थी। माओवादियों ने उसे जबरन हथियारों के प्रशिक्षण के लिए छत्तीसगढ़ भेज दिया, जहां से प्रशिक्षण देकर वापस झारखंड लाए और यहां उन्होंने उससे अनेक नक्सल गतिविधियों को अंजाम दिलाया। उसने बताया कि वह पुरुष कमांडरों के इशारों पर लोगों की हत्या, आगजनी, लूटपाट और बारूदी सुरंगे बिछाने का काम करती थी। एक बार बीच में भाग कर जब वह अपने घर वापस आ गई, तो नक्सलियों ने उसकी बहन के परिजनों को अपहृत कर लिया और मारा-पीटा और कहा कि जब तक सुनीता वापस नहीं आएगी, वह उन्हें प्रताड़ित करते रहेंगे। उसने बताया कि उसके साथ जितनी भी लड़कियां नक्सलियों के साथ थी सभी को दैहिक शोषण जबरन किया जाता था ओर उनमें से अनेक गर्भवती भी हो जाती थी, तो उनका गर्भपात कराया जाता था। उसने बताया कि एक बार जब स्वयं वह तीन माह की गर्भवती हो गई, तो उससे कई बार बलात्कार करने वाले एकलाल लोहरा नक्सली ने लोहरदगा के अखोरी कालोनी में एक घर में 15 हजार रुपये देकर उसका गर्भपात करवाया। उसने बताया कि नक्सली संगठनों में लड़कियों की स्थिति बहुत ही शोचनीय है और शायद ही कोई महिला नक्सली स्वेच्छा से इन संगठनों में काम करती है।
यह एक सारांश है: झारखंड के लोहरदगा से गिरफ्तार नक्सली सुनीता ने कहा है कि पुरुष नक्सली कमांडर महिला नक्सलियों का बंदूक की नोक पर यौन शोषण करते हैं।
16
['hin']
एक सारांश बनाओ: अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु मुद्दे को लेकर भारी खींचतान के बीच भारत ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले दिन ऐसे राजनीतिक विवादों से बचने पर जोर दिया जिनके कारण विश्व का तेल बाजार प्रभावित होता हो और देशों के बीच व्यापार में बाधा उत्पन्न होती हो।टिप्पणियां पांच प्रमुख विकासशील देशों-ब्राजील, रूस, भारत ,चीन और दक्षिण अफ्रीका के इस मंच की चौथी शिखर बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने यह भी कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच विकासशील देशों के विकास की जरूरतों के लिए एक अलग ‘‘ साउथ-साउथ बैंक’’ गठित करने के प्रस्ताव की ‘और गहराई से’ समीक्षा करने पर सहमति बनी है। सम्मेलन में ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार में वृद्धि के उपायों पर चर्चा के साथ साथ क्षेत्रीय स्थिति की समीक्षा की जाएगी। सिंह ने ब्रिक्स के सदस्य देशों से अपील की कि वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में व्यवस्थागत सुधार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर एक स्वर में बोलें। ‘दिल्ली शिखर सम्मेलन’ में बा्रजील की राष्ट्रपति दिलमा रोसेफ, चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओं, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा और रूस के राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव भाग ले रहे हैं। प्रधानमंत्री सिंह ने कहा, ‘हमें ऐसे राजनीतिक विवादों से कतई दूर रहना चाहिए जिनसे वैश्विक ऊर्जा (तेल) बाजार में अस्थिरता पैदा होती है और व्यापार प्रवाह प्रभावित होता है। हमें आर्थिक वृद्धि में फिर से तेजी लाने के लिए नीतियों में समन्वय भी सुनिश्चत करना चाहिए।’ पांच प्रमुख विकासशील देशों-ब्राजील, रूस, भारत ,चीन और दक्षिण अफ्रीका के इस मंच की चौथी शिखर बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने यह भी कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच विकासशील देशों के विकास की जरूरतों के लिए एक अलग ‘‘ साउथ-साउथ बैंक’’ गठित करने के प्रस्ताव की ‘और गहराई से’ समीक्षा करने पर सहमति बनी है। सम्मेलन में ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार में वृद्धि के उपायों पर चर्चा के साथ साथ क्षेत्रीय स्थिति की समीक्षा की जाएगी। सिंह ने ब्रिक्स के सदस्य देशों से अपील की कि वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में व्यवस्थागत सुधार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर एक स्वर में बोलें। ‘दिल्ली शिखर सम्मेलन’ में बा्रजील की राष्ट्रपति दिलमा रोसेफ, चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओं, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा और रूस के राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव भाग ले रहे हैं। प्रधानमंत्री सिंह ने कहा, ‘हमें ऐसे राजनीतिक विवादों से कतई दूर रहना चाहिए जिनसे वैश्विक ऊर्जा (तेल) बाजार में अस्थिरता पैदा होती है और व्यापार प्रवाह प्रभावित होता है। हमें आर्थिक वृद्धि में फिर से तेजी लाने के लिए नीतियों में समन्वय भी सुनिश्चत करना चाहिए।’ प्रधानमंत्री सिंह ने कहा, ‘हमें ऐसे राजनीतिक विवादों से कतई दूर रहना चाहिए जिनसे वैश्विक ऊर्जा (तेल) बाजार में अस्थिरता पैदा होती है और व्यापार प्रवाह प्रभावित होता है। हमें आर्थिक वृद्धि में फिर से तेजी लाने के लिए नीतियों में समन्वय भी सुनिश्चत करना चाहिए।’
संक्षिप्त पाठ: अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु मुद्दे को लेकर भारी खींचतान के बीच भारत ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले दिन ऐसे राजनीतिक विवादों से बचने पर जोर दिया।
30
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट ने आज दंतचिकित्सक राजेश तलवार और उनकी पत्नी नूपुर की उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने आरुषि-हेमराज हत्याकांड मामले की सुनवाई में 14 गवाहों को तलब करने की मांग की थी। न्यायमूर्ति बीएस चौहान और न्यायमूर्ति दीपक मिसरा की पीठ ने निचली अदालत के फैसले को तलवार दंपति द्वारा सीधे अपने समक्ष चुनौती दिए जाने पर भी कड़ी आपत्ति जताई और उनसे हाईकोर्ट से संपर्क करने को कहा। पीठ ने कहा, हमारा इरादा ऐसे संवेदनशील मामले में हस्तक्षेप का नहीं है। सीधे सुप्रीम कोर्ट से संपर्क करना गलत प्रक्रिया है। आज के आदेश के बाद निचली अदालत अब तलवार दंपति के बयान दर्ज करने की अपनी कार्रवाई के साथ आगे बढ़ सकती है। तलवार दंपति के खिलाफ उनकी किशोरवय बेटी आरुषि और नौकर हेमराज की हत्या के मामले में सुनवाई चल रही है। सीबीआई की विशेष अदालत ने एडीजी (कानून और व्यवस्था) तथा सीबीआई के संयुक्त निर्देशक अरुण कुमार सहित 14 अतिरिक्त गवाहों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाने का तलवार दंपति का आग्रह खारिज कर दिया था। तब तलवार दंपति ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष सीबीआई अदालत के इस फैसले को चुनौती दी थी। निचली अदालत ने 6 मई को तलवार दंपति की याचिका खारिज करते हुए मामले के मुख्य आरोपियों राजेश एवं नूपुर के बयान दर्ज करने का आदेश दिया था। सीबीआई के जांच अधिकारी एजीएल कौल मामले में अभियोजन पक्ष के अंतिम गवाह हैं और उनका बयान पहले ही दर्ज किया जा चुका है। जांच एजेंसी का पक्ष है कि पांच साल पहले 14 वर्षीय आरुषि को उसके ही अभिभावकों ने मार डाला था और कोई बाहरी व्यक्ति वहां मौजूद नहीं था।टिप्पणियां सीबीआई जांच की अगुवाई करने वाले कौल ने विशेष अदालत में अपनी गवाही में कहा कि एजेंसी की जांच में तलवार दंपति के आवास में किसी तीसरे व्यक्ति के प्रवेश के कोई प्रमाण नहीं मिले। 16 मई 2008 की रात आरूषि अपने बेडरूम में मृत पाई थी और उसका गला कटा हुआ था। आरुषि की हत्या का शुरुआती संदेह उनके घर के नौकर हेमराज पर गया, लेकिन बाद में उसका शव नोएडा के जलवायु विहार स्थित तलवार दंपति के आवास की छत पर मिला। न्यायमूर्ति बीएस चौहान और न्यायमूर्ति दीपक मिसरा की पीठ ने निचली अदालत के फैसले को तलवार दंपति द्वारा सीधे अपने समक्ष चुनौती दिए जाने पर भी कड़ी आपत्ति जताई और उनसे हाईकोर्ट से संपर्क करने को कहा। पीठ ने कहा, हमारा इरादा ऐसे संवेदनशील मामले में हस्तक्षेप का नहीं है। सीधे सुप्रीम कोर्ट से संपर्क करना गलत प्रक्रिया है। आज के आदेश के बाद निचली अदालत अब तलवार दंपति के बयान दर्ज करने की अपनी कार्रवाई के साथ आगे बढ़ सकती है। तलवार दंपति के खिलाफ उनकी किशोरवय बेटी आरुषि और नौकर हेमराज की हत्या के मामले में सुनवाई चल रही है। सीबीआई की विशेष अदालत ने एडीजी (कानून और व्यवस्था) तथा सीबीआई के संयुक्त निर्देशक अरुण कुमार सहित 14 अतिरिक्त गवाहों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाने का तलवार दंपति का आग्रह खारिज कर दिया था। तब तलवार दंपति ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष सीबीआई अदालत के इस फैसले को चुनौती दी थी। निचली अदालत ने 6 मई को तलवार दंपति की याचिका खारिज करते हुए मामले के मुख्य आरोपियों राजेश एवं नूपुर के बयान दर्ज करने का आदेश दिया था। सीबीआई के जांच अधिकारी एजीएल कौल मामले में अभियोजन पक्ष के अंतिम गवाह हैं और उनका बयान पहले ही दर्ज किया जा चुका है। जांच एजेंसी का पक्ष है कि पांच साल पहले 14 वर्षीय आरुषि को उसके ही अभिभावकों ने मार डाला था और कोई बाहरी व्यक्ति वहां मौजूद नहीं था।टिप्पणियां सीबीआई जांच की अगुवाई करने वाले कौल ने विशेष अदालत में अपनी गवाही में कहा कि एजेंसी की जांच में तलवार दंपति के आवास में किसी तीसरे व्यक्ति के प्रवेश के कोई प्रमाण नहीं मिले। 16 मई 2008 की रात आरूषि अपने बेडरूम में मृत पाई थी और उसका गला कटा हुआ था। आरुषि की हत्या का शुरुआती संदेह उनके घर के नौकर हेमराज पर गया, लेकिन बाद में उसका शव नोएडा के जलवायु विहार स्थित तलवार दंपति के आवास की छत पर मिला। पीठ ने कहा, हमारा इरादा ऐसे संवेदनशील मामले में हस्तक्षेप का नहीं है। सीधे सुप्रीम कोर्ट से संपर्क करना गलत प्रक्रिया है। आज के आदेश के बाद निचली अदालत अब तलवार दंपति के बयान दर्ज करने की अपनी कार्रवाई के साथ आगे बढ़ सकती है। तलवार दंपति के खिलाफ उनकी किशोरवय बेटी आरुषि और नौकर हेमराज की हत्या के मामले में सुनवाई चल रही है। सीबीआई की विशेष अदालत ने एडीजी (कानून और व्यवस्था) तथा सीबीआई के संयुक्त निर्देशक अरुण कुमार सहित 14 अतिरिक्त गवाहों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाने का तलवार दंपति का आग्रह खारिज कर दिया था। तब तलवार दंपति ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष सीबीआई अदालत के इस फैसले को चुनौती दी थी। निचली अदालत ने 6 मई को तलवार दंपति की याचिका खारिज करते हुए मामले के मुख्य आरोपियों राजेश एवं नूपुर के बयान दर्ज करने का आदेश दिया था। सीबीआई के जांच अधिकारी एजीएल कौल मामले में अभियोजन पक्ष के अंतिम गवाह हैं और उनका बयान पहले ही दर्ज किया जा चुका है। जांच एजेंसी का पक्ष है कि पांच साल पहले 14 वर्षीय आरुषि को उसके ही अभिभावकों ने मार डाला था और कोई बाहरी व्यक्ति वहां मौजूद नहीं था।टिप्पणियां सीबीआई जांच की अगुवाई करने वाले कौल ने विशेष अदालत में अपनी गवाही में कहा कि एजेंसी की जांच में तलवार दंपति के आवास में किसी तीसरे व्यक्ति के प्रवेश के कोई प्रमाण नहीं मिले। 16 मई 2008 की रात आरूषि अपने बेडरूम में मृत पाई थी और उसका गला कटा हुआ था। आरुषि की हत्या का शुरुआती संदेह उनके घर के नौकर हेमराज पर गया, लेकिन बाद में उसका शव नोएडा के जलवायु विहार स्थित तलवार दंपति के आवास की छत पर मिला। तलवार दंपति के खिलाफ उनकी किशोरवय बेटी आरुषि और नौकर हेमराज की हत्या के मामले में सुनवाई चल रही है। सीबीआई की विशेष अदालत ने एडीजी (कानून और व्यवस्था) तथा सीबीआई के संयुक्त निर्देशक अरुण कुमार सहित 14 अतिरिक्त गवाहों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाने का तलवार दंपति का आग्रह खारिज कर दिया था। तब तलवार दंपति ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष सीबीआई अदालत के इस फैसले को चुनौती दी थी। निचली अदालत ने 6 मई को तलवार दंपति की याचिका खारिज करते हुए मामले के मुख्य आरोपियों राजेश एवं नूपुर के बयान दर्ज करने का आदेश दिया था। सीबीआई के जांच अधिकारी एजीएल कौल मामले में अभियोजन पक्ष के अंतिम गवाह हैं और उनका बयान पहले ही दर्ज किया जा चुका है। जांच एजेंसी का पक्ष है कि पांच साल पहले 14 वर्षीय आरुषि को उसके ही अभिभावकों ने मार डाला था और कोई बाहरी व्यक्ति वहां मौजूद नहीं था।टिप्पणियां सीबीआई जांच की अगुवाई करने वाले कौल ने विशेष अदालत में अपनी गवाही में कहा कि एजेंसी की जांच में तलवार दंपति के आवास में किसी तीसरे व्यक्ति के प्रवेश के कोई प्रमाण नहीं मिले। 16 मई 2008 की रात आरूषि अपने बेडरूम में मृत पाई थी और उसका गला कटा हुआ था। आरुषि की हत्या का शुरुआती संदेह उनके घर के नौकर हेमराज पर गया, लेकिन बाद में उसका शव नोएडा के जलवायु विहार स्थित तलवार दंपति के आवास की छत पर मिला। सीबीआई की विशेष अदालत ने एडीजी (कानून और व्यवस्था) तथा सीबीआई के संयुक्त निर्देशक अरुण कुमार सहित 14 अतिरिक्त गवाहों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाने का तलवार दंपति का आग्रह खारिज कर दिया था। तब तलवार दंपति ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष सीबीआई अदालत के इस फैसले को चुनौती दी थी। निचली अदालत ने 6 मई को तलवार दंपति की याचिका खारिज करते हुए मामले के मुख्य आरोपियों राजेश एवं नूपुर के बयान दर्ज करने का आदेश दिया था। सीबीआई के जांच अधिकारी एजीएल कौल मामले में अभियोजन पक्ष के अंतिम गवाह हैं और उनका बयान पहले ही दर्ज किया जा चुका है। जांच एजेंसी का पक्ष है कि पांच साल पहले 14 वर्षीय आरुषि को उसके ही अभिभावकों ने मार डाला था और कोई बाहरी व्यक्ति वहां मौजूद नहीं था।टिप्पणियां सीबीआई जांच की अगुवाई करने वाले कौल ने विशेष अदालत में अपनी गवाही में कहा कि एजेंसी की जांच में तलवार दंपति के आवास में किसी तीसरे व्यक्ति के प्रवेश के कोई प्रमाण नहीं मिले। 16 मई 2008 की रात आरूषि अपने बेडरूम में मृत पाई थी और उसका गला कटा हुआ था। आरुषि की हत्या का शुरुआती संदेह उनके घर के नौकर हेमराज पर गया, लेकिन बाद में उसका शव नोएडा के जलवायु विहार स्थित तलवार दंपति के आवास की छत पर मिला। निचली अदालत ने 6 मई को तलवार दंपति की याचिका खारिज करते हुए मामले के मुख्य आरोपियों राजेश एवं नूपुर के बयान दर्ज करने का आदेश दिया था। सीबीआई के जांच अधिकारी एजीएल कौल मामले में अभियोजन पक्ष के अंतिम गवाह हैं और उनका बयान पहले ही दर्ज किया जा चुका है। जांच एजेंसी का पक्ष है कि पांच साल पहले 14 वर्षीय आरुषि को उसके ही अभिभावकों ने मार डाला था और कोई बाहरी व्यक्ति वहां मौजूद नहीं था।टिप्पणियां सीबीआई जांच की अगुवाई करने वाले कौल ने विशेष अदालत में अपनी गवाही में कहा कि एजेंसी की जांच में तलवार दंपति के आवास में किसी तीसरे व्यक्ति के प्रवेश के कोई प्रमाण नहीं मिले। 16 मई 2008 की रात आरूषि अपने बेडरूम में मृत पाई थी और उसका गला कटा हुआ था। आरुषि की हत्या का शुरुआती संदेह उनके घर के नौकर हेमराज पर गया, लेकिन बाद में उसका शव नोएडा के जलवायु विहार स्थित तलवार दंपति के आवास की छत पर मिला। जांच एजेंसी का पक्ष है कि पांच साल पहले 14 वर्षीय आरुषि को उसके ही अभिभावकों ने मार डाला था और कोई बाहरी व्यक्ति वहां मौजूद नहीं था।टिप्पणियां सीबीआई जांच की अगुवाई करने वाले कौल ने विशेष अदालत में अपनी गवाही में कहा कि एजेंसी की जांच में तलवार दंपति के आवास में किसी तीसरे व्यक्ति के प्रवेश के कोई प्रमाण नहीं मिले। 16 मई 2008 की रात आरूषि अपने बेडरूम में मृत पाई थी और उसका गला कटा हुआ था। आरुषि की हत्या का शुरुआती संदेह उनके घर के नौकर हेमराज पर गया, लेकिन बाद में उसका शव नोएडा के जलवायु विहार स्थित तलवार दंपति के आवास की छत पर मिला। सीबीआई जांच की अगुवाई करने वाले कौल ने विशेष अदालत में अपनी गवाही में कहा कि एजेंसी की जांच में तलवार दंपति के आवास में किसी तीसरे व्यक्ति के प्रवेश के कोई प्रमाण नहीं मिले। 16 मई 2008 की रात आरूषि अपने बेडरूम में मृत पाई थी और उसका गला कटा हुआ था। आरुषि की हत्या का शुरुआती संदेह उनके घर के नौकर हेमराज पर गया, लेकिन बाद में उसका शव नोएडा के जलवायु विहार स्थित तलवार दंपति के आवास की छत पर मिला। आरुषि की हत्या का शुरुआती संदेह उनके घर के नौकर हेमराज पर गया, लेकिन बाद में उसका शव नोएडा के जलवायु विहार स्थित तलवार दंपति के आवास की छत पर मिला।
यहाँ एक सारांश है:सुप्रीम कोर्ट में आरुषि-हेमराज डबल मर्डर केस मामले में तलवार दंपति की अर्जी खारिज हो गई है। अब उन्हें निचली अदालत में गवाही देनी होगी, जिसके वह खिलाफ थे।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश में कारों की बिक्री इस साल मई में 2.78 प्रतिशत बढ़कर 1,63,229 इकाई रही। इससे पूर्व वर्ष के इसी महीने में यह 1,58,809 इकाई थी।टिप्पणियां सोसाइटी ऑफ इंडियन आटोमोबाइल मैनुफैक्चर्स (सियाम) के आंकड़ों के अनुसार आलोच्य महीने में मोटरसाइकिल की बिक्री 7.24 प्रतिशत बढ़कर 8,87,634 इकाई रही जो इससे पूर्व वर्ष के इसी महीने में 8,27,746 इकाई थी। स्कूटर समेत दोपहिया वाहनों की कुल बिक्री इस वर्ष मई महीने में 11.40 प्रतिशत बढ़कर 11,92,688 इकाई रही जो इससे पूर्व वर्ष के इसी महीने में 10,70,603 इकाई थी। सियाम के मुताबिक मई महीने में वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 9.12 प्रतिशत बढ़कर 62,025 इकाई रही जो एक वर्ष इसी महीने में 56,841 इकाई थी। कुल मिलाकर सभी श्रेणियों के वाहनों की बिक्री मई 2012 में 10.52 प्रतिशत बढ़कर 15,13,032 इकाई रही जो इससे पूर्व वर्ष के इसी महीने में 13,69,070 इकाई थी। सोसाइटी ऑफ इंडियन आटोमोबाइल मैनुफैक्चर्स (सियाम) के आंकड़ों के अनुसार आलोच्य महीने में मोटरसाइकिल की बिक्री 7.24 प्रतिशत बढ़कर 8,87,634 इकाई रही जो इससे पूर्व वर्ष के इसी महीने में 8,27,746 इकाई थी। स्कूटर समेत दोपहिया वाहनों की कुल बिक्री इस वर्ष मई महीने में 11.40 प्रतिशत बढ़कर 11,92,688 इकाई रही जो इससे पूर्व वर्ष के इसी महीने में 10,70,603 इकाई थी। सियाम के मुताबिक मई महीने में वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 9.12 प्रतिशत बढ़कर 62,025 इकाई रही जो एक वर्ष इसी महीने में 56,841 इकाई थी। कुल मिलाकर सभी श्रेणियों के वाहनों की बिक्री मई 2012 में 10.52 प्रतिशत बढ़कर 15,13,032 इकाई रही जो इससे पूर्व वर्ष के इसी महीने में 13,69,070 इकाई थी। सियाम के मुताबिक मई महीने में वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 9.12 प्रतिशत बढ़कर 62,025 इकाई रही जो एक वर्ष इसी महीने में 56,841 इकाई थी। कुल मिलाकर सभी श्रेणियों के वाहनों की बिक्री मई 2012 में 10.52 प्रतिशत बढ़कर 15,13,032 इकाई रही जो इससे पूर्व वर्ष के इसी महीने में 13,69,070 इकाई थी।
सारांश: देश में कारों की बिक्री इस साल मई में 2.78 प्रतिशत बढ़कर 1,63,229 इकाई रही। इससे पूर्व वर्ष के इसी महीने में यह 1,58,809 इकाई थी।
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को उस अर्जी पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया जिसमें फर्जी डिग्री विवाद में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को तलब करने की मांग की गई है. स्मृति के खिलाफ एक शिकायत में आरोप लगाया गया है उन्होंने विभिन्न चुनाव लड़ने के लिए चुनाव आयोग में दाखिल हलफनामों में अपनी शैक्षणिक योग्यता के बारे में गलत सूचनाएं दी. मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट हरविंदर सिंह ने शिकायतकर्ता और स्वतंत्र लेखक अहमर खान की ओर से दी गई दलीलें सुनने और चुनाव आयोग एवं दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर स्मृति की शैक्षणिक डिग्रियों के बारे में सौंपी गई रिपोर्टों के अध्ययन के बाद कहा कि इस मामले में 15 सितंबर को आदेश सुनाया जाएगा. इससे पहले, चुनाव आयोग की ओर से पेश हुए एक अधिकारी ने अदालत को बताया कि स्मृति की ओर से उनकी शैक्षणिक योग्यता के बारे में दाखिल किए गए दस्तावेज मिल नहीं पा रहे. बहरहाल, चुनाव आयोग ने कहा कि यह जानकारी उनकी वेबसाइट पर उपलब्ध है. अदालत के पहले के निर्देश के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय ने भी कहा था कि स्मृति के 1996 के बीए पाठ्यक्रम से जुड़े दस्तावेज नहीं मिल पा रहे. साल 2004 के लोकसभा चुनाव के दौरान स्मृति ने अपने हलफनामे में 1996 में बीए पाठ्यक्रम करने का जिक्र किया था.टिप्पणियां अदालत ने पिछले साल 20 नवंबर को शिकायतकर्ता की वह अर्जी विचारार्थ मंजूर कर ली थी जिसमें चुनाव आयोग और दिल्ली यूनिवर्सिटी के अधिकारियों को यह निर्देश देने की मांग की गई थी कि वेस्मृति की शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेजों को पेश करें. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि स्मृति ने 2004, 2011 और 2014 में चुनाव आयोग के समक्ष दाखिल हलफनामों में अपनी शैक्षणिक योग्यता के बारे में जानबूझकर गलत जानकारी दी और इस मुद्दे पर चिंताएं जताए जाने के बाद भी कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया. खान ने आरोप लगाया था कि स्मृति ने चुनाव आयोग के समक्ष दाखिल हलफनामों में अपनी शैक्षणिक योग्यता के बारे में जानबूझकर गुमराह करने वाली सूचना दी थी और जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 125 और आईपीसी के प्रावधानों के तहत यदि कोई उम्मीदवार जानबूझकर गलत जानकारी देता है तो उसे सजा दी जा सकती है. मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट हरविंदर सिंह ने शिकायतकर्ता और स्वतंत्र लेखक अहमर खान की ओर से दी गई दलीलें सुनने और चुनाव आयोग एवं दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर स्मृति की शैक्षणिक डिग्रियों के बारे में सौंपी गई रिपोर्टों के अध्ययन के बाद कहा कि इस मामले में 15 सितंबर को आदेश सुनाया जाएगा. इससे पहले, चुनाव आयोग की ओर से पेश हुए एक अधिकारी ने अदालत को बताया कि स्मृति की ओर से उनकी शैक्षणिक योग्यता के बारे में दाखिल किए गए दस्तावेज मिल नहीं पा रहे. बहरहाल, चुनाव आयोग ने कहा कि यह जानकारी उनकी वेबसाइट पर उपलब्ध है. अदालत के पहले के निर्देश के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय ने भी कहा था कि स्मृति के 1996 के बीए पाठ्यक्रम से जुड़े दस्तावेज नहीं मिल पा रहे. साल 2004 के लोकसभा चुनाव के दौरान स्मृति ने अपने हलफनामे में 1996 में बीए पाठ्यक्रम करने का जिक्र किया था.टिप्पणियां अदालत ने पिछले साल 20 नवंबर को शिकायतकर्ता की वह अर्जी विचारार्थ मंजूर कर ली थी जिसमें चुनाव आयोग और दिल्ली यूनिवर्सिटी के अधिकारियों को यह निर्देश देने की मांग की गई थी कि वेस्मृति की शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेजों को पेश करें. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि स्मृति ने 2004, 2011 और 2014 में चुनाव आयोग के समक्ष दाखिल हलफनामों में अपनी शैक्षणिक योग्यता के बारे में जानबूझकर गलत जानकारी दी और इस मुद्दे पर चिंताएं जताए जाने के बाद भी कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया. खान ने आरोप लगाया था कि स्मृति ने चुनाव आयोग के समक्ष दाखिल हलफनामों में अपनी शैक्षणिक योग्यता के बारे में जानबूझकर गुमराह करने वाली सूचना दी थी और जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 125 और आईपीसी के प्रावधानों के तहत यदि कोई उम्मीदवार जानबूझकर गलत जानकारी देता है तो उसे सजा दी जा सकती है. इससे पहले, चुनाव आयोग की ओर से पेश हुए एक अधिकारी ने अदालत को बताया कि स्मृति की ओर से उनकी शैक्षणिक योग्यता के बारे में दाखिल किए गए दस्तावेज मिल नहीं पा रहे. बहरहाल, चुनाव आयोग ने कहा कि यह जानकारी उनकी वेबसाइट पर उपलब्ध है. अदालत के पहले के निर्देश के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय ने भी कहा था कि स्मृति के 1996 के बीए पाठ्यक्रम से जुड़े दस्तावेज नहीं मिल पा रहे. साल 2004 के लोकसभा चुनाव के दौरान स्मृति ने अपने हलफनामे में 1996 में बीए पाठ्यक्रम करने का जिक्र किया था.टिप्पणियां अदालत ने पिछले साल 20 नवंबर को शिकायतकर्ता की वह अर्जी विचारार्थ मंजूर कर ली थी जिसमें चुनाव आयोग और दिल्ली यूनिवर्सिटी के अधिकारियों को यह निर्देश देने की मांग की गई थी कि वेस्मृति की शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेजों को पेश करें. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि स्मृति ने 2004, 2011 और 2014 में चुनाव आयोग के समक्ष दाखिल हलफनामों में अपनी शैक्षणिक योग्यता के बारे में जानबूझकर गलत जानकारी दी और इस मुद्दे पर चिंताएं जताए जाने के बाद भी कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया. खान ने आरोप लगाया था कि स्मृति ने चुनाव आयोग के समक्ष दाखिल हलफनामों में अपनी शैक्षणिक योग्यता के बारे में जानबूझकर गुमराह करने वाली सूचना दी थी और जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 125 और आईपीसी के प्रावधानों के तहत यदि कोई उम्मीदवार जानबूझकर गलत जानकारी देता है तो उसे सजा दी जा सकती है. अदालत के पहले के निर्देश के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय ने भी कहा था कि स्मृति के 1996 के बीए पाठ्यक्रम से जुड़े दस्तावेज नहीं मिल पा रहे. साल 2004 के लोकसभा चुनाव के दौरान स्मृति ने अपने हलफनामे में 1996 में बीए पाठ्यक्रम करने का जिक्र किया था.टिप्पणियां अदालत ने पिछले साल 20 नवंबर को शिकायतकर्ता की वह अर्जी विचारार्थ मंजूर कर ली थी जिसमें चुनाव आयोग और दिल्ली यूनिवर्सिटी के अधिकारियों को यह निर्देश देने की मांग की गई थी कि वेस्मृति की शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेजों को पेश करें. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि स्मृति ने 2004, 2011 और 2014 में चुनाव आयोग के समक्ष दाखिल हलफनामों में अपनी शैक्षणिक योग्यता के बारे में जानबूझकर गलत जानकारी दी और इस मुद्दे पर चिंताएं जताए जाने के बाद भी कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया. खान ने आरोप लगाया था कि स्मृति ने चुनाव आयोग के समक्ष दाखिल हलफनामों में अपनी शैक्षणिक योग्यता के बारे में जानबूझकर गुमराह करने वाली सूचना दी थी और जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 125 और आईपीसी के प्रावधानों के तहत यदि कोई उम्मीदवार जानबूझकर गलत जानकारी देता है तो उसे सजा दी जा सकती है. अदालत ने पिछले साल 20 नवंबर को शिकायतकर्ता की वह अर्जी विचारार्थ मंजूर कर ली थी जिसमें चुनाव आयोग और दिल्ली यूनिवर्सिटी के अधिकारियों को यह निर्देश देने की मांग की गई थी कि वेस्मृति की शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेजों को पेश करें. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि स्मृति ने 2004, 2011 और 2014 में चुनाव आयोग के समक्ष दाखिल हलफनामों में अपनी शैक्षणिक योग्यता के बारे में जानबूझकर गलत जानकारी दी और इस मुद्दे पर चिंताएं जताए जाने के बाद भी कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया. खान ने आरोप लगाया था कि स्मृति ने चुनाव आयोग के समक्ष दाखिल हलफनामों में अपनी शैक्षणिक योग्यता के बारे में जानबूझकर गुमराह करने वाली सूचना दी थी और जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 125 और आईपीसी के प्रावधानों के तहत यदि कोई उम्मीदवार जानबूझकर गलत जानकारी देता है तो उसे सजा दी जा सकती है. खान ने आरोप लगाया था कि स्मृति ने चुनाव आयोग के समक्ष दाखिल हलफनामों में अपनी शैक्षणिक योग्यता के बारे में जानबूझकर गुमराह करने वाली सूचना दी थी और जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 125 और आईपीसी के प्रावधानों के तहत यदि कोई उम्मीदवार जानबूझकर गलत जानकारी देता है तो उसे सजा दी जा सकती है.
15 सितंबर को अदालत सुनाएगी आदेश ईरानी पर विभिन्न चुनावों में अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता बताने का आरोप चुनाव आयोग ने कही थी शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज न मिलने की बात
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राजस्थान विधानसभा में एक अभूतपूर्व घटना में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के विधायक भवानी सिंह राजावत ने सत्ता पक्ष की ओर चप्पल फेंकी। विधानसभा ने बाद में उन्हें इस आरोप में सदन की सदस्यता से एक साल के लिए निलंबित कर दिया। राजस्थान विधान सभा के इतिहास में संभवत यह पहला मौका था जब प्रतिपक्ष दल के विधायक ने सत्ता पक्ष की ओर चप्पल फेंकी। सदन में इस घटना के दौरान सदन के नेता मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष वसुंधरा राजे मौजूद नहीं थी। सरकारी मुख्य सचेतक विरेंद्र बेनीवाल ने इस संबंध में एक प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि भाजपा विधायक प्रमिला कुंडेरा और कांग्रेस विधायक डॉ. रघु शर्मा के बीच कथित भूमि विवाद को लेकर तीखे आरोप प्रत्यारोप के बीच भाजपा विधायक भवानी सिंह राजावत ने सत्ता पक्ष की ओर एक महिला विधायक की चप्पल फेंकी। बेनीवाल ने राजावत के इस कृत्य को निंदनीय मानते हुए भाजपा विधायक भवानी सिंह राजावत को सदन की सदस्यता से एक साल के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव रखा। सभापति सुरेंद्र जाड़ावत ने प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित घोषित कर भवानी सिंह राजावत को विधानसभा की सदस्यता से एक साल के लिए निलंबित कर दिया। सभापति सुरेन्द्र जाडावत ने भाजपा विधायक भवानी सिंह राजावत को एक साल के लिए निलम्बित करने के प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित करने के बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चित समय के लिए स्थगित कर दी। सदन ने शोरशराबे और हंगामे के बीच राजस्थान लोक सेवाओं के प्रदान करने की गारंटी अधिनियम 2011 को ध्वनिमत से पारित कर दिया।
यह एक सारांश है: राजस्थान विधानसभा में एक अभूतपूर्व घटना में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के विधायक भवानी सिंह राजावत ने सत्ता पक्ष की ओर चप्पल फेंकी।
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: एक अमेरिकी बौद्धिक संगठन की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान और दक्षिण-मध्य एशिया में तालिबान तथा दूसरे जिहादी संगठनों के तहत काम कर रहे आतंकवादी गुट पाकिस्तान के परमाणु ढांचे के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। वाशिंगटन आधारित बौद्धिक संगठन फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि एक तरफ तो पाकिस्तान अपने परमाणु हथियारों का जखीरा बढ़ाता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इनके पाकिस्तानी नियो-तालिबान के हाथों में जाने का खतरा बढ़ता जा रहा है। एफएएस की ओर से जारी एनैटोमाइजिंग नॉन-स्टेट थ्रैट्स टू पाकिस्तान्स न्यूक्लियर इन्फ्रास्ट्रक्चर : द पाकिस्तानी नियो-तालिबान रिपोर्ट में कहा गया है, पाकिस्तान के परमाणु ढांचे को सबसे बड़ा खतरा पाकिस्तान और दक्षिण-मध्य एशिया में पैदा हो रहे जिहादियों से है। द वॉल स्ट्रीट जनरल के मुताबिक यह रिपोर्ट भारत और अमेरिका, दोनों स्थानों पर चिंता पैदा करने वाली है क्योंकि दोनों ही देशों में, हाल ही में पाकिस्तान के ऐबटाबाद में अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद इस्लामाबाद के प्रति आम राय प्रतिकूल होती जा रही है।
यह एक सारांश है: एशिया में तालिबान तथा दूसरे जिहादी संगठनों के तहत काम कर रहे आतंकवादी गुट पाकिस्तान के परमाणु ढांचे के लिए सबसे बड़ा खतराहैं।
24
['hin']
एक सारांश बनाओ: देश की पहली वातानुकूलित डबलडेकर ट्रेन जल्दी ही हावड़ा-धनबाद के बीच शुरू हो सकती है। इस ट्रेन को रेलवे सुरक्षा मुख्य आयुक्त (सीसीआरएस) की ओर से सुरक्षा संबंधी हरी झंडी मिल गई है। रेल मंत्रालय के एक आला अधिकारी ने बताया कि परीक्षण के दौरान जो समस्याएं आ रहीं थीं, उन्हें भी दूर कर दिया गया है। आठ डिब्बों वाली हावड़ा-धनबाद एसी डबलडेकर ट्रेन जल्दी ही चलाई जा सकती है। इस ट्रेन में शताब्दी की तरह सिर्फ बैठने की व्यवस्था होगी। ट्रेन के हर डिब्बे में 128 यात्री बैठ सकेंगे, जबकि शताब्दी के एक डिब्बे में 78 यात्री बैठ सकते हैं। हालांकि एसी डबलडेकर ट्रेन के डिब्बों की डिजाइनिंग 130 से 160 किमी प्रति घंटा की गति से चलने के हिसाब से की गई है, लेकिन सीसीआरएस की ओर से इसे 100 से 110 किमी प्रति घंटे के बीच की गति पर चलाने के लिए हरी झंडी दी गई है। उन्होंने बताया कि इस ट्रेन का किराया और इसे चलाने के समय के बारे में अभी फैसला किया जा रहा है।
यहाँ एक सारांश है:आठ डिब्बों वाली हावड़ा-धनबाद एसी डबलडेकर ट्रेन जल्दी ही चलाई जा सकती है। इस ट्रेन में शताब्दी की तरह सिर्फ बैठने की व्यवस्था होगी।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: नोटबंदी की पहल से पहले छोटे नोटों की भारी मांग का पूर्वानुमान लगाते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों से केवल 100 रुपये के नोट प्रदान करने वाले एटीएम लगाने को कहा था. प्रधानमंत्री द्वारा गत 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा से छह दिन पहले 2 नवंबर को आरबीआई ने बैंकों को केवल 100 रुपये के नोट प्रदान करने के लिए उनके 10 प्रतिशत एटीएम को 'रीकैलीब्रेट' करने को कहा था. आरबीआई ने यह निर्देश गत 2 नवंबर को जारी अपने एक परिपत्र डीसीएम (सीसी) क्रमांक 1170/03.41.01/2016-17 के जरिए दिया था. कितने बैंकों ने इस निर्देश का पालन किया, यह ज्ञात नहीं है. लेकिन, एटीएम पर लगी लंबी कतारें और देश भर में अफरातफरी का माहौल संकेत दे रहा है कि इस निर्देश की अनदेखी की गई होगी. प्रयोग के तौर पर 10 प्रतिशत एटीएम को 'रीकैलीब्रेट' करने के संबंध में आरबीआई ने कहा था, 'आवश्यक संख्या में मशीनों को समरूप बनाने के लिए प्रक्रिया जटिल नहीं है. बैंकों को 15 दिनों के अंदर यह कवायद पूरी करने और अनुपालन रपट देने को कहा गया है.' टिप्पणियां आरबीआई ने काफी पहले इस साल गत मई महीने में भी केवल सौ रुपये के नोट प्रदान करने वाले एटीएम की स्थापना के लिए प्रोत्साहन राशि देने का वादा किया था. गत 5 मई को जारी आरबीआई के परिपत्र के अनुसार, केंद्रीय बैंक ने इस तरह के 2 लाख रुपये तक की लागत वाले एटीएम के लिए 50 प्रतिशत भुगतान करने का वचन दिया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आरबीआई ने यह निर्देश गत 2 नवंबर को जारी अपने एक परिपत्र डीसीएम (सीसी) क्रमांक 1170/03.41.01/2016-17 के जरिए दिया था. कितने बैंकों ने इस निर्देश का पालन किया, यह ज्ञात नहीं है. लेकिन, एटीएम पर लगी लंबी कतारें और देश भर में अफरातफरी का माहौल संकेत दे रहा है कि इस निर्देश की अनदेखी की गई होगी. प्रयोग के तौर पर 10 प्रतिशत एटीएम को 'रीकैलीब्रेट' करने के संबंध में आरबीआई ने कहा था, 'आवश्यक संख्या में मशीनों को समरूप बनाने के लिए प्रक्रिया जटिल नहीं है. बैंकों को 15 दिनों के अंदर यह कवायद पूरी करने और अनुपालन रपट देने को कहा गया है.' टिप्पणियां आरबीआई ने काफी पहले इस साल गत मई महीने में भी केवल सौ रुपये के नोट प्रदान करने वाले एटीएम की स्थापना के लिए प्रोत्साहन राशि देने का वादा किया था. गत 5 मई को जारी आरबीआई के परिपत्र के अनुसार, केंद्रीय बैंक ने इस तरह के 2 लाख रुपये तक की लागत वाले एटीएम के लिए 50 प्रतिशत भुगतान करने का वचन दिया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) प्रयोग के तौर पर 10 प्रतिशत एटीएम को 'रीकैलीब्रेट' करने के संबंध में आरबीआई ने कहा था, 'आवश्यक संख्या में मशीनों को समरूप बनाने के लिए प्रक्रिया जटिल नहीं है. बैंकों को 15 दिनों के अंदर यह कवायद पूरी करने और अनुपालन रपट देने को कहा गया है.' टिप्पणियां आरबीआई ने काफी पहले इस साल गत मई महीने में भी केवल सौ रुपये के नोट प्रदान करने वाले एटीएम की स्थापना के लिए प्रोत्साहन राशि देने का वादा किया था. गत 5 मई को जारी आरबीआई के परिपत्र के अनुसार, केंद्रीय बैंक ने इस तरह के 2 लाख रुपये तक की लागत वाले एटीएम के लिए 50 प्रतिशत भुगतान करने का वचन दिया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आरबीआई ने काफी पहले इस साल गत मई महीने में भी केवल सौ रुपये के नोट प्रदान करने वाले एटीएम की स्थापना के लिए प्रोत्साहन राशि देने का वादा किया था. गत 5 मई को जारी आरबीआई के परिपत्र के अनुसार, केंद्रीय बैंक ने इस तरह के 2 लाख रुपये तक की लागत वाले एटीएम के लिए 50 प्रतिशत भुगतान करने का वचन दिया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: 2 नवंबर को आरबीआई ने बैंकों के लिए जारी किया था निर्देश सिर्फ 100 रुपये के नोट वाले 10% एटीएम लगाने को कहा गया था ऐसे संकेत हैं कि इस निर्देश की अनदेखी की गई
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने शनिवार को पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) के निधन पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने उनकी पत्नी संगीता जेटली (Sangeeta Jaitley)  को लिखे एक पत्र में कहा कि अरुण जेटली ने राजनीतिक दायरे से बाहर जाकर दोस्तों को आकर्षित किया और उन्होंने अंत तक अदम्य साहस के साथ क्रूर बीमारी का मुकाबला किया.  इससे पहले दिन में, सोनिया गांधी ने उनके घर जाकर संगीता जेटली को गले लगाते हुए अपनी संवेदना व्यक्त की थी. संगीता जेटली को लिखे पत्र में सोनिया गांधी ने कहा, "मैं आपके पति के निधन के बारे में सुनकर बहुत दुखी हूं."  उन्होंने कहा कि अरुण जेटली एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने राजनीतिक दायरे से बाहर और जीवन के हर पड़ाव पर दोस्तों और प्रशंसकों को आकर्षित किया है.  सोनिया गांधी ने कहा, "कैबिनेट में किसी भी पद पर रहते हुए, राज्यसभा में विपक्ष के नेता के रूप में, और सर्वोच्च न्यायालय में एक वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में उनकी तीक्ष्ण बुद्धि , क्षमता और उनका संचार कौशल स्पष्ट था" उन्होंने कहा, "अरुण जेटली ने अपनी क्रूर बीमारी का अंत तक बहुत साहस के साथ मुकाबला किया. उनका जाना और भी दुखद है क्योंकि अभी वह बहुत जवान थे, उनके पास राष्ट्रीय जीवन में योगदान देने के लिए बहुत कुछ था." उन्होंने पत्र में लिखा, "इस दुःख की घड़ी में शब्द सांत्वना के लिए थोड़े हैं, लेकिन मैं चाहती थी कि आप, आपका बेटा और आपकी बेटी को पता चले कि मैं आपका दुख साझा करती हूं. अरुणजी को शांति मिले.''
यहाँ एक सारांश है:सोनिया गांधी ने संगीता जेटली को लिखा पत्र कहा- मैं आपका दुख साझा करती हूं शनिवार को हुआ था अरुण जेटली का निधन
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मंत्री न बनाए जाने से नाराज कांग्रेस विधायक और जय आदिवासी युवा संगठन के संस्थापक डॉ हीरालाल अलावा ने नया राज्य बनाने की मांग कर दी है. धार जिले के मनावर से कांग्रेस विधायक ने आदिवासी राज्य 'भीलिस्तान' की मांग कर दी है. हालांकि पार्टी इसे उनका व्यक्तिगत मत मानती है.        डॉ अलावा की आदिवासी युवाओं में गहरी पैठ है. उन्होंने एम्स से एमबीबीएस की पढ़ाई की है. चुनाव से पहले उन्होंने जयस छोड़ पंजे को पकड़ा. पहले मंत्री नहीं बनाए जाने से नाराज़ थे, अब आदिवासियों के लिए अलग राज्य मांग रहे हैं. उन्होंने मांग की है कि भील प्रदेश बनाकर यहां पांच के बजाय छह शेड्यूल बनाकर स्वशासी प्रदेश का दर्जा देकर स्वशासी जिले और तहसील बनाए जाएं ताकि वहां के आदिवासियों की पहचान, परंपरा का संरक्षण किया जा सके. मध्यप्रदेश की आबादी में 21 प्रतिशत आदिवासी हैं. विधानसभा की 230 सीटों में से 47 एसटी के लिए आरक्षित हैं. इसमें से भी 49 फीसदी पश्चिमी जिलों यानी मालवा निमाड़ से हैं. मालवा-निमाड़ के यह इलाके भील आदिवासी बहुल हैं. इन्हीं सीटों पर जयस का प्रभाव है. उसी के साथ मिलकर कांग्रेस ने बीजेपी के इस गढ़ को ढहाया था.  हालांकि फिलहाल पार्टी को अलग प्रदेश की मांग गैरजरूरी लग रही है. कांग्रेस के कोषाध्यक्ष गोविंद गोयल ने कहा मध्यप्रदेश में कांग्रेस के साथ 121 विधायक हैं. सबको मंत्री नहीं बना सकते, लेकिन वे अपने इलाके का मंत्री बनकर विकास करना चाहते हैं. मैं नहीं सोचता प्रदेश में किसी नए विभाजन की ज़रूरत है. बीजेपी इस मामले में कांग्रेस को घेरते हुए इसे गंभीर मसला बता रही है. बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा कांग्रेस अपने ही विधायक की मांग पर क्या कहती है. केवल नकारने से काम नहीं चलेगा. क्या इसे हतोत्साहित करने का प्रयास कांग्रेस कर रही है. कमलनाथ जी का कोई बयान नहीं आया है. ये छोटा मामला नहीं बड़ा मामला है.    बहरहाल मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस की सरकार बनते ही अब लोकसभा चुनाव से पहले अलग भील प्रदेश की मांग के सियासी मायने भी निकाले जाने शुरू हो गए हैं. कहीं ये उस संदेश को देने का कोशिश तो नहीं कि अगर आदिवासियों की अनदेखी की तो पार्टी इसका खामियाजा लोकसभा चुनाव में भुगतने के लिए तैयार रहे.
संक्षिप्त पाठ: कहा- आदिवासियों की पहचान, परंपरा के संरक्षण के लिए हो अलग प्रदेश कांग्रेस ने कहा- पार्टी के साथ 121 विधायक, सबको मंत्री नहीं बना सकते बीजेपी ने कहा- मांग को केवल नकारना काफी नहीं, इसे हतोत्साहित करे कांग्रेस
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बॉलीवुड एक्टर ऋषि कपूर (Rishi Kapoor) आज अपना 67 वां जन्मदिन मना रहे हैं. हालांकि अब भी एक्टर वापस अपने देश नहीं लौटे हैं. बता दें ऋषि कपूर (Rishi Kapoor) न्यूयॉर्क में इलाज करवा रहे हैं और उम्मीद की जा रही है कि वे जल्द ही भारत लौट आएंगे. डिंपल कपाड़िया के साथ फिल्म 'बॉबी (Bobby)' से बॉलीवुड में डेब्यू करने वाले ऋषि कपूर को स्टार्स के साथ-साथ फैन्स भी अपनी-अपनी तरह से बर्थडे की शुभकामनाएं दे रहे हैं. ऋषि कपूर के जन्मदिन के मौके पर जानिए उनसे जुड़ी अनसुनी बातें. 1- ऋषि कपूर (Rishi Kapoor) ने एक्टिंग की शुरुआत अपने पापा राज कपूर की फिल्म 'मेरा नाम जोकर (Mera Naam Joker)' से की थी. इस फिल्म में उन्होंने राज कपूर के बचपन का किरदार निभाया था. 2- ऋषि कपूर ने एक्टिंग के साथ-साथ डायरेक्शन में भी हाथ आजमाया. उन्होंने साल 1999 में आई ऐश्वर्या राय और अक्षय खन्ना स्टारर फिल्म 'आ अब लौट चलें (Aa Ab Laut Chalein)' को डायरेक्ट किया था.  3- एक्टर ऋषि कपूर (Rishi Kapoor) को 'मेरा नाम जोकर' के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया था. 4- ऋषि कपूर (Rishi Kapoor) ने 1980 में एक्ट्रेस नीतू सिंह के साथ शादी की. नीतू उनके साथ करीब 15 फिल्मों में काम कर चुकी थीं. 5- हाल ही में एक्टर ऋषि कपूर (Rishi Kapoor) और अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) की फिल्म '102 नॉट ऑउट (102 Not Out)' आई, इस फिल्म से ऋषि और अमिताभ करीब 27 साल बाद एक बार फिर बड़े पर्दे पर नजर आए.
संक्षिप्त सारांश: 67 साल के हुए ऋषि कपूर जानिए उनकी जिंदगी से जुड़ी खास बातें एक्टिंग के साथ-साथ डायरेक्शन में भी आजमा चुके हैं हाथ
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सरकार ने पोंजी योजनाओं से निपटने और भेदिया कारोबार रोकने के लिए सेबी को गुरुवार को और अधिकार दिए। इसके तहत बाजार नियामक फोन कॉल रिकॉर्ड मांगने के साथ ही तलाशी तथा जब्ती की भी कार्रवाई कर सकता है। केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) को और शक्तियां दिए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने के एक दिन बाद राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने प्रतिभूति कानून में संशोधन से संबद्ध अध्यादेश आज जारी किया। आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘सरकार का मानना है कि इन संशोधनों से सेबी को उन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने के कानूनी अधिकार मिल गए हैं जो भोले-भाले निवेशकों को चूना लगाने के लिए नए-नए तरीके खोजती हैं। पोंजी योजनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए जाने को लेकर सरकार की हो रही निंदा के बीच बयान में कहा गया है, ‘अध्यादेश जारी होना, प्रतिभूति बाजार में अनियमितताओं और धोखाधड़ी पर तेजी एवं तत्परता के साथ लगाम लगाने को लेकर सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शता है।’ संशोधित कानून के तहत सेबी 100 करोड़ रुपये या अधिक मूल्य के किसी भी धन जुटाने की योजना का नियमन कर सकता है और नियमों का पालन न करने की स्थिति में संपत्ति जब्त कर सकता है। साथ ही सेबी के चेयरमैन के पास तलाशी तथा जब्ती कार्रवाई का आदेश देने का अधिकार होगा। बयान के अनुसार बाजार नियामक के पास प्रतिभूति लेन-देन मामले की उसके द्वारा की जा रही जांच के सिलसिले में किसी भी व्यक्ति या इकाई से टेलीफोन कॉल डेटा रिकॉर्ड मांगने समेत सूचना प्राप्त करने का अधिकार होगा। अध्यादेश में सेबी संबंधी मामलों के तेजी से निपटान के लिए विशेष अदालतों का गठन करने का प्रावधान है। बयान के अनुसार, ‘इस अध्यादेश में सेबी से जुड़े मामलों के लिए विशेष अदालतें गठित करने का प्रावधान है। इससे लंबित मामलों के निपटान में तेजी आएगी।’ इसमें कहा गया है कि कानून में संशोधन से कोष जुटाने के मामले में साधनों के उपयोग के संदर्भ में जो नियामकीय कमी या ‘ओवरलैपिंग’ हैं, वे दूर होंगी। हालांकि सामूहिक निवेश योजनाएं सेबी की जांच के दायरे में आती हैं, पर जब नियामक को अवैध तरीके से कोष जुटाने को लेकर शिकायतें मिलती हैं तो कुछ कंपनियां दावा करती हैं कि वे सीआईएस नियमन के दायरे में नहीं आती।टिप्पणियां बयान के अनुसार, ‘कानून में संशोधन होने के बाद अब सेबी के पास 100 करोड़ रुपये या उससे अधिक की धन संग्रह वाली योजनाओं के नियमन का अधिकार होगा। साथ ही नियमों का अनुपालन न करने की स्थिति में वह संपत्ति जब्त कर सकेगा। सेबी के चेयरमैन के पास पोंजी योजनाओं पर अंकुश लगाने के लिये तलाशी तथा जब्ती कार्रवाई का आदेश देने का अधिकार होगा।’ पश्चिम बंगाल में सारदा समूह द्वारा चिट फंड घोटाले को लेकर काफी विरोध प्रदर्शन हुआ। इस घोटाले के कारण हजारों निवेशकों को गाढ़ी मेहनत की कमाई गंवानी पड़ी। सेबी तथा गृह मंत्रालय, दूरसंचार विभाग, कारपोरेट कार्य मंत्रालय तथा वित्तीय सेवा विभाग समेत अन्य मंत्रालयों तथा विभागों के साथ विचार-विमर्श के बाद सेबी कानून, एससीआर कानून तथा डिपोजिटरीज कानून में संशोधन को अंतिम रूप दिया गया। केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) को और शक्तियां दिए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने के एक दिन बाद राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने प्रतिभूति कानून में संशोधन से संबद्ध अध्यादेश आज जारी किया। आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘सरकार का मानना है कि इन संशोधनों से सेबी को उन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने के कानूनी अधिकार मिल गए हैं जो भोले-भाले निवेशकों को चूना लगाने के लिए नए-नए तरीके खोजती हैं। पोंजी योजनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए जाने को लेकर सरकार की हो रही निंदा के बीच बयान में कहा गया है, ‘अध्यादेश जारी होना, प्रतिभूति बाजार में अनियमितताओं और धोखाधड़ी पर तेजी एवं तत्परता के साथ लगाम लगाने को लेकर सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शता है।’ संशोधित कानून के तहत सेबी 100 करोड़ रुपये या अधिक मूल्य के किसी भी धन जुटाने की योजना का नियमन कर सकता है और नियमों का पालन न करने की स्थिति में संपत्ति जब्त कर सकता है। साथ ही सेबी के चेयरमैन के पास तलाशी तथा जब्ती कार्रवाई का आदेश देने का अधिकार होगा। बयान के अनुसार बाजार नियामक के पास प्रतिभूति लेन-देन मामले की उसके द्वारा की जा रही जांच के सिलसिले में किसी भी व्यक्ति या इकाई से टेलीफोन कॉल डेटा रिकॉर्ड मांगने समेत सूचना प्राप्त करने का अधिकार होगा। अध्यादेश में सेबी संबंधी मामलों के तेजी से निपटान के लिए विशेष अदालतों का गठन करने का प्रावधान है। बयान के अनुसार, ‘इस अध्यादेश में सेबी से जुड़े मामलों के लिए विशेष अदालतें गठित करने का प्रावधान है। इससे लंबित मामलों के निपटान में तेजी आएगी।’ इसमें कहा गया है कि कानून में संशोधन से कोष जुटाने के मामले में साधनों के उपयोग के संदर्भ में जो नियामकीय कमी या ‘ओवरलैपिंग’ हैं, वे दूर होंगी। हालांकि सामूहिक निवेश योजनाएं सेबी की जांच के दायरे में आती हैं, पर जब नियामक को अवैध तरीके से कोष जुटाने को लेकर शिकायतें मिलती हैं तो कुछ कंपनियां दावा करती हैं कि वे सीआईएस नियमन के दायरे में नहीं आती।टिप्पणियां बयान के अनुसार, ‘कानून में संशोधन होने के बाद अब सेबी के पास 100 करोड़ रुपये या उससे अधिक की धन संग्रह वाली योजनाओं के नियमन का अधिकार होगा। साथ ही नियमों का अनुपालन न करने की स्थिति में वह संपत्ति जब्त कर सकेगा। सेबी के चेयरमैन के पास पोंजी योजनाओं पर अंकुश लगाने के लिये तलाशी तथा जब्ती कार्रवाई का आदेश देने का अधिकार होगा।’ पश्चिम बंगाल में सारदा समूह द्वारा चिट फंड घोटाले को लेकर काफी विरोध प्रदर्शन हुआ। इस घोटाले के कारण हजारों निवेशकों को गाढ़ी मेहनत की कमाई गंवानी पड़ी। सेबी तथा गृह मंत्रालय, दूरसंचार विभाग, कारपोरेट कार्य मंत्रालय तथा वित्तीय सेवा विभाग समेत अन्य मंत्रालयों तथा विभागों के साथ विचार-विमर्श के बाद सेबी कानून, एससीआर कानून तथा डिपोजिटरीज कानून में संशोधन को अंतिम रूप दिया गया। आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘सरकार का मानना है कि इन संशोधनों से सेबी को उन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने के कानूनी अधिकार मिल गए हैं जो भोले-भाले निवेशकों को चूना लगाने के लिए नए-नए तरीके खोजती हैं। पोंजी योजनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए जाने को लेकर सरकार की हो रही निंदा के बीच बयान में कहा गया है, ‘अध्यादेश जारी होना, प्रतिभूति बाजार में अनियमितताओं और धोखाधड़ी पर तेजी एवं तत्परता के साथ लगाम लगाने को लेकर सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शता है।’ संशोधित कानून के तहत सेबी 100 करोड़ रुपये या अधिक मूल्य के किसी भी धन जुटाने की योजना का नियमन कर सकता है और नियमों का पालन न करने की स्थिति में संपत्ति जब्त कर सकता है। साथ ही सेबी के चेयरमैन के पास तलाशी तथा जब्ती कार्रवाई का आदेश देने का अधिकार होगा। बयान के अनुसार बाजार नियामक के पास प्रतिभूति लेन-देन मामले की उसके द्वारा की जा रही जांच के सिलसिले में किसी भी व्यक्ति या इकाई से टेलीफोन कॉल डेटा रिकॉर्ड मांगने समेत सूचना प्राप्त करने का अधिकार होगा। अध्यादेश में सेबी संबंधी मामलों के तेजी से निपटान के लिए विशेष अदालतों का गठन करने का प्रावधान है। बयान के अनुसार, ‘इस अध्यादेश में सेबी से जुड़े मामलों के लिए विशेष अदालतें गठित करने का प्रावधान है। इससे लंबित मामलों के निपटान में तेजी आएगी।’ इसमें कहा गया है कि कानून में संशोधन से कोष जुटाने के मामले में साधनों के उपयोग के संदर्भ में जो नियामकीय कमी या ‘ओवरलैपिंग’ हैं, वे दूर होंगी। हालांकि सामूहिक निवेश योजनाएं सेबी की जांच के दायरे में आती हैं, पर जब नियामक को अवैध तरीके से कोष जुटाने को लेकर शिकायतें मिलती हैं तो कुछ कंपनियां दावा करती हैं कि वे सीआईएस नियमन के दायरे में नहीं आती।टिप्पणियां बयान के अनुसार, ‘कानून में संशोधन होने के बाद अब सेबी के पास 100 करोड़ रुपये या उससे अधिक की धन संग्रह वाली योजनाओं के नियमन का अधिकार होगा। साथ ही नियमों का अनुपालन न करने की स्थिति में वह संपत्ति जब्त कर सकेगा। सेबी के चेयरमैन के पास पोंजी योजनाओं पर अंकुश लगाने के लिये तलाशी तथा जब्ती कार्रवाई का आदेश देने का अधिकार होगा।’ पश्चिम बंगाल में सारदा समूह द्वारा चिट फंड घोटाले को लेकर काफी विरोध प्रदर्शन हुआ। इस घोटाले के कारण हजारों निवेशकों को गाढ़ी मेहनत की कमाई गंवानी पड़ी। सेबी तथा गृह मंत्रालय, दूरसंचार विभाग, कारपोरेट कार्य मंत्रालय तथा वित्तीय सेवा विभाग समेत अन्य मंत्रालयों तथा विभागों के साथ विचार-विमर्श के बाद सेबी कानून, एससीआर कानून तथा डिपोजिटरीज कानून में संशोधन को अंतिम रूप दिया गया। पोंजी योजनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए जाने को लेकर सरकार की हो रही निंदा के बीच बयान में कहा गया है, ‘अध्यादेश जारी होना, प्रतिभूति बाजार में अनियमितताओं और धोखाधड़ी पर तेजी एवं तत्परता के साथ लगाम लगाने को लेकर सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शता है।’ संशोधित कानून के तहत सेबी 100 करोड़ रुपये या अधिक मूल्य के किसी भी धन जुटाने की योजना का नियमन कर सकता है और नियमों का पालन न करने की स्थिति में संपत्ति जब्त कर सकता है। साथ ही सेबी के चेयरमैन के पास तलाशी तथा जब्ती कार्रवाई का आदेश देने का अधिकार होगा। बयान के अनुसार बाजार नियामक के पास प्रतिभूति लेन-देन मामले की उसके द्वारा की जा रही जांच के सिलसिले में किसी भी व्यक्ति या इकाई से टेलीफोन कॉल डेटा रिकॉर्ड मांगने समेत सूचना प्राप्त करने का अधिकार होगा। अध्यादेश में सेबी संबंधी मामलों के तेजी से निपटान के लिए विशेष अदालतों का गठन करने का प्रावधान है। बयान के अनुसार, ‘इस अध्यादेश में सेबी से जुड़े मामलों के लिए विशेष अदालतें गठित करने का प्रावधान है। इससे लंबित मामलों के निपटान में तेजी आएगी।’ इसमें कहा गया है कि कानून में संशोधन से कोष जुटाने के मामले में साधनों के उपयोग के संदर्भ में जो नियामकीय कमी या ‘ओवरलैपिंग’ हैं, वे दूर होंगी। हालांकि सामूहिक निवेश योजनाएं सेबी की जांच के दायरे में आती हैं, पर जब नियामक को अवैध तरीके से कोष जुटाने को लेकर शिकायतें मिलती हैं तो कुछ कंपनियां दावा करती हैं कि वे सीआईएस नियमन के दायरे में नहीं आती।टिप्पणियां बयान के अनुसार, ‘कानून में संशोधन होने के बाद अब सेबी के पास 100 करोड़ रुपये या उससे अधिक की धन संग्रह वाली योजनाओं के नियमन का अधिकार होगा। साथ ही नियमों का अनुपालन न करने की स्थिति में वह संपत्ति जब्त कर सकेगा। सेबी के चेयरमैन के पास पोंजी योजनाओं पर अंकुश लगाने के लिये तलाशी तथा जब्ती कार्रवाई का आदेश देने का अधिकार होगा।’ पश्चिम बंगाल में सारदा समूह द्वारा चिट फंड घोटाले को लेकर काफी विरोध प्रदर्शन हुआ। इस घोटाले के कारण हजारों निवेशकों को गाढ़ी मेहनत की कमाई गंवानी पड़ी। सेबी तथा गृह मंत्रालय, दूरसंचार विभाग, कारपोरेट कार्य मंत्रालय तथा वित्तीय सेवा विभाग समेत अन्य मंत्रालयों तथा विभागों के साथ विचार-विमर्श के बाद सेबी कानून, एससीआर कानून तथा डिपोजिटरीज कानून में संशोधन को अंतिम रूप दिया गया। संशोधित कानून के तहत सेबी 100 करोड़ रुपये या अधिक मूल्य के किसी भी धन जुटाने की योजना का नियमन कर सकता है और नियमों का पालन न करने की स्थिति में संपत्ति जब्त कर सकता है। साथ ही सेबी के चेयरमैन के पास तलाशी तथा जब्ती कार्रवाई का आदेश देने का अधिकार होगा। बयान के अनुसार बाजार नियामक के पास प्रतिभूति लेन-देन मामले की उसके द्वारा की जा रही जांच के सिलसिले में किसी भी व्यक्ति या इकाई से टेलीफोन कॉल डेटा रिकॉर्ड मांगने समेत सूचना प्राप्त करने का अधिकार होगा। अध्यादेश में सेबी संबंधी मामलों के तेजी से निपटान के लिए विशेष अदालतों का गठन करने का प्रावधान है। बयान के अनुसार, ‘इस अध्यादेश में सेबी से जुड़े मामलों के लिए विशेष अदालतें गठित करने का प्रावधान है। इससे लंबित मामलों के निपटान में तेजी आएगी।’ इसमें कहा गया है कि कानून में संशोधन से कोष जुटाने के मामले में साधनों के उपयोग के संदर्भ में जो नियामकीय कमी या ‘ओवरलैपिंग’ हैं, वे दूर होंगी। हालांकि सामूहिक निवेश योजनाएं सेबी की जांच के दायरे में आती हैं, पर जब नियामक को अवैध तरीके से कोष जुटाने को लेकर शिकायतें मिलती हैं तो कुछ कंपनियां दावा करती हैं कि वे सीआईएस नियमन के दायरे में नहीं आती।टिप्पणियां बयान के अनुसार, ‘कानून में संशोधन होने के बाद अब सेबी के पास 100 करोड़ रुपये या उससे अधिक की धन संग्रह वाली योजनाओं के नियमन का अधिकार होगा। साथ ही नियमों का अनुपालन न करने की स्थिति में वह संपत्ति जब्त कर सकेगा। सेबी के चेयरमैन के पास पोंजी योजनाओं पर अंकुश लगाने के लिये तलाशी तथा जब्ती कार्रवाई का आदेश देने का अधिकार होगा।’ पश्चिम बंगाल में सारदा समूह द्वारा चिट फंड घोटाले को लेकर काफी विरोध प्रदर्शन हुआ। इस घोटाले के कारण हजारों निवेशकों को गाढ़ी मेहनत की कमाई गंवानी पड़ी। सेबी तथा गृह मंत्रालय, दूरसंचार विभाग, कारपोरेट कार्य मंत्रालय तथा वित्तीय सेवा विभाग समेत अन्य मंत्रालयों तथा विभागों के साथ विचार-विमर्श के बाद सेबी कानून, एससीआर कानून तथा डिपोजिटरीज कानून में संशोधन को अंतिम रूप दिया गया। बयान के अनुसार बाजार नियामक के पास प्रतिभूति लेन-देन मामले की उसके द्वारा की जा रही जांच के सिलसिले में किसी भी व्यक्ति या इकाई से टेलीफोन कॉल डेटा रिकॉर्ड मांगने समेत सूचना प्राप्त करने का अधिकार होगा। अध्यादेश में सेबी संबंधी मामलों के तेजी से निपटान के लिए विशेष अदालतों का गठन करने का प्रावधान है। बयान के अनुसार, ‘इस अध्यादेश में सेबी से जुड़े मामलों के लिए विशेष अदालतें गठित करने का प्रावधान है। इससे लंबित मामलों के निपटान में तेजी आएगी।’ इसमें कहा गया है कि कानून में संशोधन से कोष जुटाने के मामले में साधनों के उपयोग के संदर्भ में जो नियामकीय कमी या ‘ओवरलैपिंग’ हैं, वे दूर होंगी। हालांकि सामूहिक निवेश योजनाएं सेबी की जांच के दायरे में आती हैं, पर जब नियामक को अवैध तरीके से कोष जुटाने को लेकर शिकायतें मिलती हैं तो कुछ कंपनियां दावा करती हैं कि वे सीआईएस नियमन के दायरे में नहीं आती।टिप्पणियां बयान के अनुसार, ‘कानून में संशोधन होने के बाद अब सेबी के पास 100 करोड़ रुपये या उससे अधिक की धन संग्रह वाली योजनाओं के नियमन का अधिकार होगा। साथ ही नियमों का अनुपालन न करने की स्थिति में वह संपत्ति जब्त कर सकेगा। सेबी के चेयरमैन के पास पोंजी योजनाओं पर अंकुश लगाने के लिये तलाशी तथा जब्ती कार्रवाई का आदेश देने का अधिकार होगा।’ पश्चिम बंगाल में सारदा समूह द्वारा चिट फंड घोटाले को लेकर काफी विरोध प्रदर्शन हुआ। इस घोटाले के कारण हजारों निवेशकों को गाढ़ी मेहनत की कमाई गंवानी पड़ी। सेबी तथा गृह मंत्रालय, दूरसंचार विभाग, कारपोरेट कार्य मंत्रालय तथा वित्तीय सेवा विभाग समेत अन्य मंत्रालयों तथा विभागों के साथ विचार-विमर्श के बाद सेबी कानून, एससीआर कानून तथा डिपोजिटरीज कानून में संशोधन को अंतिम रूप दिया गया। बयान के अनुसार, ‘इस अध्यादेश में सेबी से जुड़े मामलों के लिए विशेष अदालतें गठित करने का प्रावधान है। इससे लंबित मामलों के निपटान में तेजी आएगी।’ इसमें कहा गया है कि कानून में संशोधन से कोष जुटाने के मामले में साधनों के उपयोग के संदर्भ में जो नियामकीय कमी या ‘ओवरलैपिंग’ हैं, वे दूर होंगी। हालांकि सामूहिक निवेश योजनाएं सेबी की जांच के दायरे में आती हैं, पर जब नियामक को अवैध तरीके से कोष जुटाने को लेकर शिकायतें मिलती हैं तो कुछ कंपनियां दावा करती हैं कि वे सीआईएस नियमन के दायरे में नहीं आती।टिप्पणियां बयान के अनुसार, ‘कानून में संशोधन होने के बाद अब सेबी के पास 100 करोड़ रुपये या उससे अधिक की धन संग्रह वाली योजनाओं के नियमन का अधिकार होगा। साथ ही नियमों का अनुपालन न करने की स्थिति में वह संपत्ति जब्त कर सकेगा। सेबी के चेयरमैन के पास पोंजी योजनाओं पर अंकुश लगाने के लिये तलाशी तथा जब्ती कार्रवाई का आदेश देने का अधिकार होगा।’ पश्चिम बंगाल में सारदा समूह द्वारा चिट फंड घोटाले को लेकर काफी विरोध प्रदर्शन हुआ। इस घोटाले के कारण हजारों निवेशकों को गाढ़ी मेहनत की कमाई गंवानी पड़ी। सेबी तथा गृह मंत्रालय, दूरसंचार विभाग, कारपोरेट कार्य मंत्रालय तथा वित्तीय सेवा विभाग समेत अन्य मंत्रालयों तथा विभागों के साथ विचार-विमर्श के बाद सेबी कानून, एससीआर कानून तथा डिपोजिटरीज कानून में संशोधन को अंतिम रूप दिया गया। इसमें कहा गया है कि कानून में संशोधन से कोष जुटाने के मामले में साधनों के उपयोग के संदर्भ में जो नियामकीय कमी या ‘ओवरलैपिंग’ हैं, वे दूर होंगी। हालांकि सामूहिक निवेश योजनाएं सेबी की जांच के दायरे में आती हैं, पर जब नियामक को अवैध तरीके से कोष जुटाने को लेकर शिकायतें मिलती हैं तो कुछ कंपनियां दावा करती हैं कि वे सीआईएस नियमन के दायरे में नहीं आती।टिप्पणियां बयान के अनुसार, ‘कानून में संशोधन होने के बाद अब सेबी के पास 100 करोड़ रुपये या उससे अधिक की धन संग्रह वाली योजनाओं के नियमन का अधिकार होगा। साथ ही नियमों का अनुपालन न करने की स्थिति में वह संपत्ति जब्त कर सकेगा। सेबी के चेयरमैन के पास पोंजी योजनाओं पर अंकुश लगाने के लिये तलाशी तथा जब्ती कार्रवाई का आदेश देने का अधिकार होगा।’ पश्चिम बंगाल में सारदा समूह द्वारा चिट फंड घोटाले को लेकर काफी विरोध प्रदर्शन हुआ। इस घोटाले के कारण हजारों निवेशकों को गाढ़ी मेहनत की कमाई गंवानी पड़ी। सेबी तथा गृह मंत्रालय, दूरसंचार विभाग, कारपोरेट कार्य मंत्रालय तथा वित्तीय सेवा विभाग समेत अन्य मंत्रालयों तथा विभागों के साथ विचार-विमर्श के बाद सेबी कानून, एससीआर कानून तथा डिपोजिटरीज कानून में संशोधन को अंतिम रूप दिया गया। हालांकि सामूहिक निवेश योजनाएं सेबी की जांच के दायरे में आती हैं, पर जब नियामक को अवैध तरीके से कोष जुटाने को लेकर शिकायतें मिलती हैं तो कुछ कंपनियां दावा करती हैं कि वे सीआईएस नियमन के दायरे में नहीं आती।टिप्पणियां बयान के अनुसार, ‘कानून में संशोधन होने के बाद अब सेबी के पास 100 करोड़ रुपये या उससे अधिक की धन संग्रह वाली योजनाओं के नियमन का अधिकार होगा। साथ ही नियमों का अनुपालन न करने की स्थिति में वह संपत्ति जब्त कर सकेगा। सेबी के चेयरमैन के पास पोंजी योजनाओं पर अंकुश लगाने के लिये तलाशी तथा जब्ती कार्रवाई का आदेश देने का अधिकार होगा।’ पश्चिम बंगाल में सारदा समूह द्वारा चिट फंड घोटाले को लेकर काफी विरोध प्रदर्शन हुआ। इस घोटाले के कारण हजारों निवेशकों को गाढ़ी मेहनत की कमाई गंवानी पड़ी। सेबी तथा गृह मंत्रालय, दूरसंचार विभाग, कारपोरेट कार्य मंत्रालय तथा वित्तीय सेवा विभाग समेत अन्य मंत्रालयों तथा विभागों के साथ विचार-विमर्श के बाद सेबी कानून, एससीआर कानून तथा डिपोजिटरीज कानून में संशोधन को अंतिम रूप दिया गया। बयान के अनुसार, ‘कानून में संशोधन होने के बाद अब सेबी के पास 100 करोड़ रुपये या उससे अधिक की धन संग्रह वाली योजनाओं के नियमन का अधिकार होगा। साथ ही नियमों का अनुपालन न करने की स्थिति में वह संपत्ति जब्त कर सकेगा। सेबी के चेयरमैन के पास पोंजी योजनाओं पर अंकुश लगाने के लिये तलाशी तथा जब्ती कार्रवाई का आदेश देने का अधिकार होगा।’ पश्चिम बंगाल में सारदा समूह द्वारा चिट फंड घोटाले को लेकर काफी विरोध प्रदर्शन हुआ। इस घोटाले के कारण हजारों निवेशकों को गाढ़ी मेहनत की कमाई गंवानी पड़ी। सेबी तथा गृह मंत्रालय, दूरसंचार विभाग, कारपोरेट कार्य मंत्रालय तथा वित्तीय सेवा विभाग समेत अन्य मंत्रालयों तथा विभागों के साथ विचार-विमर्श के बाद सेबी कानून, एससीआर कानून तथा डिपोजिटरीज कानून में संशोधन को अंतिम रूप दिया गया। पश्चिम बंगाल में सारदा समूह द्वारा चिट फंड घोटाले को लेकर काफी विरोध प्रदर्शन हुआ। इस घोटाले के कारण हजारों निवेशकों को गाढ़ी मेहनत की कमाई गंवानी पड़ी। सेबी तथा गृह मंत्रालय, दूरसंचार विभाग, कारपोरेट कार्य मंत्रालय तथा वित्तीय सेवा विभाग समेत अन्य मंत्रालयों तथा विभागों के साथ विचार-विमर्श के बाद सेबी कानून, एससीआर कानून तथा डिपोजिटरीज कानून में संशोधन को अंतिम रूप दिया गया।
संक्षिप्त पाठ: सरकार ने पोंजी योजनाओं से निपटने और भेदिया कारोबार रोकने के लिए सेबी को गुरुवार को और अधिकार दिए। इसके तहत बाजार नियामक फोन कॉल रिकॉर्ड मांगने के साथ ही तलाशी तथा जब्ती की भी कार्रवाई कर सकता है।
27
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सलमान खान (Salman Khan) इन दिनों फिल्म 'दबंग 3 (Dabangg 3)' की तैयारी में लगे हुए हैं. इसके अलावा सलमान खान (Salman Khan) 2020 में ईद के मौके पर फिल्म 'इंशाअल्लाह (Inshallah)' के जरिए भी पर्दे पर धमाल मचाने वाले थे. लेकिन भाईजान के एक ट्वीट ने उन्हें और आलिया भट्ट (Alia Bhatt) की जोड़ी को पर्दे पर आने से तो रोका ही, साथ ही फैंस का भी सपना तोड़ दिया. लेकिन, हाल ही में 'इंशाअल्लाह (Inshallah)' और सलमान खान (Salman Khan) से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है कि भाईजान ने फिल्म संजय लीला भंसाली (Sanjay Leela Bhansali) के कारण नहीं, बल्कि आलिया भट्ट की वजह से छोड़ी है.  ई-टाइम्स की खबर के मुताबिक सलमान खान (Salman Khan) और 'इंशाअल्लाह (Inshallah)' से जुड़े कुछ लोगों ने कहा था कि सलमान खान ने फिल्म की स्क्रिप्ट और आलिया भट्ट के साथ 'किसिंग सीन्स' की वजह से फिल्म छोड़ी है. लेकिन फिल्म से जुड़े करीबी सूत्रों ने बताया, 'संजय लीला भंसाली और सलमान खान पिछली कई फिल्मों में भी काम कर चुके हैं और फिल्म निर्माता उन्हें अच्छे से जानते हैं. संजय लीला भंसाली इस बात से भी अवगत हैं कि सलमान खान 'इंशाअल्लाह' में फिल्माने वाले किसी भी किसिंग सीन के लिए तैयार नहीं होंगे. इस लिहाज से सलमान खान ने 'इंशाअल्लाह' किसिंग या आलिया भट्ट के वजह से नहीं छोड़ी है, बल्कि इसके पीछे कई अन्य कारण हैं.' मुंबई मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक सलमान खान (Salman Khan) के बाद अब 'इंशाअल्लाह (Inshallah)' में ऋतिक रोशन आलिया भट्ट के साथ मुख्य भूमिका में दिखाई देंगे. हालांकि, इस बात की अधिकारिक सूचना मिलना अभी बाकी है. वहीं, सलमान खान की बात करें तो उनकी अपकमिंग फिल्म दबंग 3 इसी साल 20 दिसंबर को रिलीज होने वाली है. इस फिल्म में उनके साथ सोनाक्षी सिन्हा भी मुख्य भूमिका में नजर आएंगी.
यह एक सारांश है: सलमान खान और 'इंशाअल्लाह' को लेकर हुआ खुलासा 'इंशाअल्लाह' में सलमान की जगह ऋतिक रोशन आएंगे नजर फिल्म की स्क्रिप्ट बनी थी 'इंशाअल्लाह' को छोड़ने का कारण
9
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: एक शीर्ष भारतीय सैन्य अधिकारी ने यहां सोमवार को कहा कि पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति उस देश को जम्मू एवं कश्मीर मुद्दे पर अपनी नीति में बदलाव नहीं लाने देगी। वह आतंकवादियों को लगातार भारत में भेज रहा है। भारतीय सेना के 16वें कोर के जनरल ऑफिसर कामांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल एनपी नेहरा ने यहां 'मैपिंग पाकिस्तान' विषय पर एक सेमिनार का उद्घाटन करते हुए कहा, "पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति चाहे जैसा भी हो, वह अपनी कश्मीर नीति में बदलाव नहीं लाएगा।" बाद में संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान 'लगातार घुसपैठ करा रहा है। वह सीमापार से आतंकवादियों को भेज रहा है, लेकिन सेना सतर्क है और उनके प्रयासों को विफल करने के लिए दिन-रात एक किए हुई है'। उल्लेखनीय है कि जेनरल नेहरा के अधीनस्थ जवान भारत और पाकिस्तान के बीच बंटे कश्मीर की सरजमीं पर बनी नियंत्रण रेखा के लगभग 400 किलोमीटर हिस्से की चौकसी कर रहे हैं।
सारांश: एक शीर्ष भारतीय सैन्य अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति उस देश को जम्मू एवं कश्मीर मुद्दे पर अपनी नीति में बदलाव नहीं लाने देगी।
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बैंकों से पासबुक और स्टेटमेंट में लेन-देन के बारे में 'पर्याप्त ब्योरा' देने को कहा है ताकि ग्राहक उसकी पूरी जांच कर सके. इससे पहले, रिजर्व बैंक ने पासबुक (स्टेटमेंट) में गूढ़ तरीके से ब्योरा दर्ज नहीं करें और सुनिश्चत किया जाए कि संक्षिप्त में उपयुक्त तरीके से जानकारी दी जाए ताकि जमाकर्ताओं को समस्या नहीं हो. हालांकि रिजर्व बैंक ने कहा कि उसकी जानकारी में आया है कि कई बैंक अभी भी पर्याप्त ब्योरा उपलब्ध नहीं दे रहे. केंद्रीय बैंक ने ब्योरे की सूची देते हुए कहा है, बेहतर ग्राहक सेवा के हित में यह निर्णय किया गया है कि बैंक खातों में 'एंट्री' के मामले में संक्षेप में उपयुक्त ब्योरा दें.टिप्पणियां बैंकों द्वारा पासबुक में उपलब्ध ब्योरे में पाने वाले का नाम, लेन-देन का तरीका, शुल्क की प्रकृति- शुल्क, कमीशन, जुर्माना आदि- तथा लोन अकाउंट शामिल है. (न्यूज एजेंसी भाषा से इनपुट)   इससे पहले, रिजर्व बैंक ने पासबुक (स्टेटमेंट) में गूढ़ तरीके से ब्योरा दर्ज नहीं करें और सुनिश्चत किया जाए कि संक्षिप्त में उपयुक्त तरीके से जानकारी दी जाए ताकि जमाकर्ताओं को समस्या नहीं हो. हालांकि रिजर्व बैंक ने कहा कि उसकी जानकारी में आया है कि कई बैंक अभी भी पर्याप्त ब्योरा उपलब्ध नहीं दे रहे. केंद्रीय बैंक ने ब्योरे की सूची देते हुए कहा है, बेहतर ग्राहक सेवा के हित में यह निर्णय किया गया है कि बैंक खातों में 'एंट्री' के मामले में संक्षेप में उपयुक्त ब्योरा दें.टिप्पणियां बैंकों द्वारा पासबुक में उपलब्ध ब्योरे में पाने वाले का नाम, लेन-देन का तरीका, शुल्क की प्रकृति- शुल्क, कमीशन, जुर्माना आदि- तथा लोन अकाउंट शामिल है. (न्यूज एजेंसी भाषा से इनपुट)   हालांकि रिजर्व बैंक ने कहा कि उसकी जानकारी में आया है कि कई बैंक अभी भी पर्याप्त ब्योरा उपलब्ध नहीं दे रहे. केंद्रीय बैंक ने ब्योरे की सूची देते हुए कहा है, बेहतर ग्राहक सेवा के हित में यह निर्णय किया गया है कि बैंक खातों में 'एंट्री' के मामले में संक्षेप में उपयुक्त ब्योरा दें.टिप्पणियां बैंकों द्वारा पासबुक में उपलब्ध ब्योरे में पाने वाले का नाम, लेन-देन का तरीका, शुल्क की प्रकृति- शुल्क, कमीशन, जुर्माना आदि- तथा लोन अकाउंट शामिल है. (न्यूज एजेंसी भाषा से इनपुट)   बैंकों द्वारा पासबुक में उपलब्ध ब्योरे में पाने वाले का नाम, लेन-देन का तरीका, शुल्क की प्रकृति- शुल्क, कमीशन, जुर्माना आदि- तथा लोन अकाउंट शामिल है. (न्यूज एजेंसी भाषा से इनपुट)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: RBI ने बैंकों से पासबुक में लेन-देन का 'पर्याप्त ब्योरा' देने को कहा है कहा है कि गूढ़ तरीके से ब्योरा दर्ज नहीं करें, ढंग से दर्ज करें ऐसा इसलिए करने को कहा है ताकि जमाकर्ताओं को समस्या नहीं हो
11
['hin']
एक सारांश बनाओ: योग गुरू रामदेव ने शनिवार को कहा कि वह योग को लोकप्रिय बनाने के लिए दुनिया भर में 10,000 पतंजलि तंदुरूस्ती और स्वास्थ्य केंद्र शुरू करने की योजना बना रहे हैं. गुजरात सरकार एक जगह पर योग करने वाले लोगों की सबसे ज्यादा संख्या के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाने के मकसद के साथ रामदेव के सहयोग से (21 जून को) योग दिवस पर यहां जीएमडीसी मैदान में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने वाली है.टिप्पणियां रामदेव ने पत्रकारों से कहा, 'हम पूरी दुनिया में योग को लोकप्रिय बनाएंगे. हम देश में 1,000 केंद्रों के साथ विश्व में 10,000 पतंजलि तंदुरूस्ती और स्वास्थ्य केंद्र खोलेंगे'. (इनपुट भाषा से) गुजरात सरकार एक जगह पर योग करने वाले लोगों की सबसे ज्यादा संख्या के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाने के मकसद के साथ रामदेव के सहयोग से (21 जून को) योग दिवस पर यहां जीएमडीसी मैदान में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने वाली है.टिप्पणियां रामदेव ने पत्रकारों से कहा, 'हम पूरी दुनिया में योग को लोकप्रिय बनाएंगे. हम देश में 1,000 केंद्रों के साथ विश्व में 10,000 पतंजलि तंदुरूस्ती और स्वास्थ्य केंद्र खोलेंगे'. (इनपुट भाषा से) रामदेव ने पत्रकारों से कहा, 'हम पूरी दुनिया में योग को लोकप्रिय बनाएंगे. हम देश में 1,000 केंद्रों के साथ विश्व में 10,000 पतंजलि तंदुरूस्ती और स्वास्थ्य केंद्र खोलेंगे'. (इनपुट भाषा से) (इनपुट भाषा से)
यहाँ एक सारांश है:योग को लोकप्रिय बनाने के लिए दुनियाभर में स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र खोलेंगे. देश में 1,000 स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र खोलने की योजना. योग दिवस पर जीएमडीसी मैदान में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित होगा.
15
['hin']
एक सारांश बनाओ: वाशिंगटन के पीयर्स काउंटी के एक शहर में जलस्रोत के पास एमट्रैक यात्री ट्रेन के कुछ डिब्बे रविवार को पटरी से उतर गए. इस दुर्घटना में लोगों के मामूली रूप से घायल होने की खबरें हैं. पीयर्स काउंटी शेरिफ के कार्यालय ने ट्विटर पर कहा कि कल स्टीलाकूम के पास एक जलस्रोत के नजदीक एमट्रैक कास्केड्स ट्रेन के पटरी से उतरने के कारण लोगों को हल्की चोटें आई हैं. यह ट्रेन कनाडा के वेंकूवर और ओरेगन के यूजीन-स्प्रिंगफील्ड के बीच चलती है.टिप्पणियां एमट्रैक स्थानीय समयानुसार दोपहर ढाई बजे पटरी से उतरी. 267 यात्रियों को ले जा रही ट्रेन चैंबर्स बे गोल्फ कोर्स के पास पटरी से उतरी. वर्ष 2015 में यूएस ओपन यहीं हुआ था. कंपनी ने बताया कि सभी यात्रियों को निकाल लिया गया और वैकल्पिक वाहन उपलब्ध कराए गए. पीयर्स काउंटी शेरिफ के कार्यालय ने ट्विटर पर कहा कि कल स्टीलाकूम के पास एक जलस्रोत के नजदीक एमट्रैक कास्केड्स ट्रेन के पटरी से उतरने के कारण लोगों को हल्की चोटें आई हैं. यह ट्रेन कनाडा के वेंकूवर और ओरेगन के यूजीन-स्प्रिंगफील्ड के बीच चलती है.टिप्पणियां एमट्रैक स्थानीय समयानुसार दोपहर ढाई बजे पटरी से उतरी. 267 यात्रियों को ले जा रही ट्रेन चैंबर्स बे गोल्फ कोर्स के पास पटरी से उतरी. वर्ष 2015 में यूएस ओपन यहीं हुआ था. कंपनी ने बताया कि सभी यात्रियों को निकाल लिया गया और वैकल्पिक वाहन उपलब्ध कराए गए. एमट्रैक स्थानीय समयानुसार दोपहर ढाई बजे पटरी से उतरी. 267 यात्रियों को ले जा रही ट्रेन चैंबर्स बे गोल्फ कोर्स के पास पटरी से उतरी. वर्ष 2015 में यूएस ओपन यहीं हुआ था. कंपनी ने बताया कि सभी यात्रियों को निकाल लिया गया और वैकल्पिक वाहन उपलब्ध कराए गए. कंपनी ने बताया कि सभी यात्रियों को निकाल लिया गया और वैकल्पिक वाहन उपलब्ध कराए गए.
यह एक सारांश है: यर्स काउंटी के एक शहर में जलस्रोत के पास हादसा. एमट्रैक यात्री ट्रेन के कुछ डिब्बे रविवार को पटरी से उतर गए. इस दुर्घटना में लोगों के मामूली रूप से घायल होने की खबरें हैं.
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: भोजपुरी सिनेमा (Bhojpuri Cimema) में होली का अपना महत्व है, और होली के गाने जमकर रिलीज किए जाते हैं. भोजपुरी सिनेमा के होली के सॉन्ग काफी पॉपुलर हो रहे हैं, और यूट्यूब पर वायरल भी हो रहे हैं. होली आने से पहले ही भोजपुरी के इन गानों की काफी धूम मचना शुरू हो गई है. सोशल मीडिया पर तरह-तरह के गाने आ रहे हैं. मजेदार यह कि इन गानों जहां प्यार की मस्ती और होली के रंग दिख रहे हैं, वहीं प्रेमिका को मनाने के भी कई तरीके हैं. कुछ ऐसा ही भोजपुरी एक्टर व पॉवर स्टार पवन सिंह (Pawan Singh) का होली का गाना 'बबुआन की जान...' यूट्यूब पर खूब धमाल मचा रहा है. इस गाने में वह अपनी रूठी प्रेमिका को मना रहे हैं. इस भोजपुरी गाने में पवन सिंह  (Pawan Singh) और अक्षरा सिंह (Akshara Singh) हैं. इसे अभी तक 99 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है.     'बबुआन की जान...' सॉन्ग को पवन सिंह  (Pawan Singh) और अक्षरा सिंह (Akshara Singh) ने गाया है. इस मजेदार गाने को मनोज मतलबी ने लिखा है. होली के इस मौसम में भोजपुरी सितारों के वीडियो जमकर वायरल हो रहे हैं. इससे पहले निरहुआ (Nirahua) और आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey) का होली सॉन्ग वायरल हुआ था और उसके बाद खेसारी लाल यादव और चांदनी सिंह के गाने ने भी जमकर धूम मचाई थी.  अब पवन सिंह  (Pawan Singh) और अक्षरा सिंह (Akshara Singh) की जोड़ी धमाल मचाने आ गई है. पवन सिंह (Pawan Singh) भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार हैं और उनकी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन भी रहता है. देखना यह है कि दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' और खेसारी लाल यादव की तरह उनका गाना भी दर्शकों को और कितना पसंद आता है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भोजपुरी होली सॉन्ग की धूम होली से पहले यूट्यूब पर धमाल लोगों को खूब आ रहा पसंद
32
['hin']
एक सारांश बनाओ: मुंबई पुलिस ने तस्करों के एक ऐसे गिरोह को पकड़ने का दावा किया है जिनके पास से 350 साल पुरानी तोप बरामद की गई है। एक गुप्त सूचना के आधार पर मुंबई की धारावी पुलिस ने टी जंक्शन के पास जाल बिछाकर तीन लोगों को हिरासत में लिया। गिरफ्त में आए शख्स की पहचान सुरेन्द्र बंसी (45 साल), विजयेन्द्र चौहान (32 साल) और पाल सिंह (52 साल) के तौर पर हुई है। डीसीपी कुलकर्णी के मुताबिक तोप का यह बैरल पाल सिंह हरियाणा से लेकर आया था और उसका दावा है कि वह उसके पूर्वजों के ज़माने से ही उसके पास है। प्राथमिक जांच में तीनों आरोपियों ने पुलिस को बताया की बैरल अष्टधातु की होने की वजह से उन्होंने इसकी कीमत एक करोड़ रुपये लगाई थी लेकिन मामला 65 लाख रुपये में ही तय हो पाया।टिप्पणियां हालांकि पुलिस जांच में यह साफ़ नहीं हो पाया कि क्या यह बैरल अष्टधातु से बनी है। पुलिस ने मामले की जानकारी पुरातत्व विभाग को भी दे दी है ताकि वह इस बात की पुष्टि कर पाए की क्या यह तोप 350 साल पुरानी है या नहीं। एक गुप्त सूचना के आधार पर मुंबई की धारावी पुलिस ने टी जंक्शन के पास जाल बिछाकर तीन लोगों को हिरासत में लिया। गिरफ्त में आए शख्स की पहचान सुरेन्द्र बंसी (45 साल), विजयेन्द्र चौहान (32 साल) और पाल सिंह (52 साल) के तौर पर हुई है। डीसीपी कुलकर्णी के मुताबिक तोप का यह बैरल पाल सिंह हरियाणा से लेकर आया था और उसका दावा है कि वह उसके पूर्वजों के ज़माने से ही उसके पास है। प्राथमिक जांच में तीनों आरोपियों ने पुलिस को बताया की बैरल अष्टधातु की होने की वजह से उन्होंने इसकी कीमत एक करोड़ रुपये लगाई थी लेकिन मामला 65 लाख रुपये में ही तय हो पाया।टिप्पणियां हालांकि पुलिस जांच में यह साफ़ नहीं हो पाया कि क्या यह बैरल अष्टधातु से बनी है। पुलिस ने मामले की जानकारी पुरातत्व विभाग को भी दे दी है ताकि वह इस बात की पुष्टि कर पाए की क्या यह तोप 350 साल पुरानी है या नहीं। गिरफ्त में आए शख्स की पहचान सुरेन्द्र बंसी (45 साल), विजयेन्द्र चौहान (32 साल) और पाल सिंह (52 साल) के तौर पर हुई है। डीसीपी कुलकर्णी के मुताबिक तोप का यह बैरल पाल सिंह हरियाणा से लेकर आया था और उसका दावा है कि वह उसके पूर्वजों के ज़माने से ही उसके पास है। प्राथमिक जांच में तीनों आरोपियों ने पुलिस को बताया की बैरल अष्टधातु की होने की वजह से उन्होंने इसकी कीमत एक करोड़ रुपये लगाई थी लेकिन मामला 65 लाख रुपये में ही तय हो पाया।टिप्पणियां हालांकि पुलिस जांच में यह साफ़ नहीं हो पाया कि क्या यह बैरल अष्टधातु से बनी है। पुलिस ने मामले की जानकारी पुरातत्व विभाग को भी दे दी है ताकि वह इस बात की पुष्टि कर पाए की क्या यह तोप 350 साल पुरानी है या नहीं। डीसीपी कुलकर्णी के मुताबिक तोप का यह बैरल पाल सिंह हरियाणा से लेकर आया था और उसका दावा है कि वह उसके पूर्वजों के ज़माने से ही उसके पास है। प्राथमिक जांच में तीनों आरोपियों ने पुलिस को बताया की बैरल अष्टधातु की होने की वजह से उन्होंने इसकी कीमत एक करोड़ रुपये लगाई थी लेकिन मामला 65 लाख रुपये में ही तय हो पाया।टिप्पणियां हालांकि पुलिस जांच में यह साफ़ नहीं हो पाया कि क्या यह बैरल अष्टधातु से बनी है। पुलिस ने मामले की जानकारी पुरातत्व विभाग को भी दे दी है ताकि वह इस बात की पुष्टि कर पाए की क्या यह तोप 350 साल पुरानी है या नहीं। प्राथमिक जांच में तीनों आरोपियों ने पुलिस को बताया की बैरल अष्टधातु की होने की वजह से उन्होंने इसकी कीमत एक करोड़ रुपये लगाई थी लेकिन मामला 65 लाख रुपये में ही तय हो पाया।टिप्पणियां हालांकि पुलिस जांच में यह साफ़ नहीं हो पाया कि क्या यह बैरल अष्टधातु से बनी है। पुलिस ने मामले की जानकारी पुरातत्व विभाग को भी दे दी है ताकि वह इस बात की पुष्टि कर पाए की क्या यह तोप 350 साल पुरानी है या नहीं। हालांकि पुलिस जांच में यह साफ़ नहीं हो पाया कि क्या यह बैरल अष्टधातु से बनी है। पुलिस ने मामले की जानकारी पुरातत्व विभाग को भी दे दी है ताकि वह इस बात की पुष्टि कर पाए की क्या यह तोप 350 साल पुरानी है या नहीं। पुलिस ने मामले की जानकारी पुरातत्व विभाग को भी दे दी है ताकि वह इस बात की पुष्टि कर पाए की क्या यह तोप 350 साल पुरानी है या नहीं।
यह एक सारांश है: मुंबई पुलिस ने तस्करों के एक ऐसे गिरोह को पकड़ने का दावा किया है जिनके पास से 350 साल पुरानी तोप बरामद की गई है।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को एक ऐसा ‘‘सर्व स्वीकृत नेता’’ करार दिया जिन्होंने सार्वजनिक जीवन में भारतीय मूल्य कायम किए. भागवत ने आरएसएस के ट्विटर हैंडल का इस्तेमाल करते हुए ट्वीट किया, ‘‘वाजपेयी एक प्रखर दृढ एवं सर्व स्वीकृत नेता और महान व्यक्तित्व थे जिन्होंने भारतीय संस्कृति एवं मूल्यों को राष्ट्र जीवन में प्रतिष्ठित किया.’’ उन्होंने कहा कि वाजपेयी के निधन से पैदा हुई शून्यता हमेशा बनी रहेगी. भागवत ने कहा, ‘‘दिवंगत नेता को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करने में हम राष्ट्र के साथ हैं.’’   भारतीय संस्कृति एवं मूल्यों को अपने विचार और आचरण द्वारा राष्ट्र जीवन में प्रतिष्ठित करने वाले, एक प्रखर दृढ एवं सर्व स्वीकृत व्यक्तित्व हम सब के बीच में से चला गया। समाज जीवन में इस शून्यता को भरना आसान नहीं होगा। उनकी पुण्य स्मृति में शत शत नमन : मोहन भागवत एवं सुरेश भैया जोशी — RSS (@RSSorg) August 16, 2018 बता दें कि भारतीय राजनीति के अजातशत्रु कहे जाने वाले बीजेपी नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में गुरुवार को निधन हो गया. वह बीते 11 जून से एम्स में भर्ती थे. 93 वर्षीयवाजपेयी ने गुरुवार शाम 5:05 बजे अंतिम सांस ली. बुधवार को उनकी हालत गंभीर हो गई और उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया था. भागवत ने आरएसएस के ट्विटर हैंडल का इस्तेमाल करते हुए ट्वीट किया, ‘‘वाजपेयी एक प्रखर दृढ एवं सर्व स्वीकृत नेता और महान व्यक्तित्व थे जिन्होंने भारतीय संस्कृति एवं मूल्यों को राष्ट्र जीवन में प्रतिष्ठित किया.’’ उन्होंने कहा कि वाजपेयी के निधन से पैदा हुई शून्यता हमेशा बनी रहेगी. भागवत ने कहा, ‘‘दिवंगत नेता को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करने में हम राष्ट्र के साथ हैं.’’   भारतीय संस्कृति एवं मूल्यों को अपने विचार और आचरण द्वारा राष्ट्र जीवन में प्रतिष्ठित करने वाले, एक प्रखर दृढ एवं सर्व स्वीकृत व्यक्तित्व हम सब के बीच में से चला गया। समाज जीवन में इस शून्यता को भरना आसान नहीं होगा। उनकी पुण्य स्मृति में शत शत नमन : मोहन भागवत एवं सुरेश भैया जोशी — RSS (@RSSorg) August 16, 2018 बता दें कि भारतीय राजनीति के अजातशत्रु कहे जाने वाले बीजेपी नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में गुरुवार को निधन हो गया. वह बीते 11 जून से एम्स में भर्ती थे. 93 वर्षीयवाजपेयी ने गुरुवार शाम 5:05 बजे अंतिम सांस ली. बुधवार को उनकी हालत गंभीर हो गई और उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया था. भारतीय संस्कृति एवं मूल्यों को अपने विचार और आचरण द्वारा राष्ट्र जीवन में प्रतिष्ठित करने वाले, एक प्रखर दृढ एवं सर्व स्वीकृत व्यक्तित्व हम सब के बीच में से चला गया। समाज जीवन में इस शून्यता को भरना आसान नहीं होगा। उनकी पुण्य स्मृति में शत शत नमन : मोहन भागवत एवं सुरेश भैया जोशी
सारांश: कहा- वाजपेयी ने सार्वजनिक जीवन में भारतीय मूल्य कायम किए भारतीय संस्कृति एवं मूल्यों को राष्ट्र जीवन में प्रतिष्ठित किया वाजपेयी के निधन से पैदा हुई शून्यता हमेशा बनी रहेगी
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केरल से लापता एक युवा गर्भवती महिला सहित 17 लोगों के आतंकी संगठन आईएसआईएस से जुड़ने का संदेह है। यह महिला यहां डेंटिस्‍ट बनने के लिए पढ़ाई कर रही थी। यह महिला नेशनल सिक्युरिटी गार्ड (एनएसजी) कमांडो की बहन है। बिंदु कुमार उन माता-पिता में शामिल थीं जिन्‍होंने पिछले सप्‍ताह में केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन से मुलाकात की और लापता 'बच्‍चों' की तलाश में मदद की गुहार लगाई। मुख्यमंत्री विजयन को ज्ञापन सौंपने वाली बिंदु ने यहां कहा, 'मुख्यमंत्री ने मुझे बताया कि मामले में जांच आगे बढ़ रही है।' बिंदु ने कहा कि उसकी 25 वर्षीय बेटी निमिशा अपने पति के साथ गत 16 मई को घर आई थी और 18 मई को फोन कर बताया कि वह कुछ काम से श्रीलंका जा रही है।' मेरे बार-बार पूछने पर भी उसने यह नहीं बताया कि वह कहां से फोन कर रही है। उन्होंने कहा, 'चार जून तक मुझे संदेश मिला करते थे, लेकिन इसके बाद बेटी के बारे में कोई सूचना नहीं है।' बिंदु ने कहा कि उसकी बेटी निमिशा जब एक ईसाई युवक से मिली और उससे शादी की, उस समय वह कासरगोड में डेंटल की अंतिम वर्ष की विद्यार्थी थी। बाद में निमिशा ने पति के साथ धर्म परिवर्तन कर लिया।   बिंदु कुमार ने अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्‍स को बताया, 'मेरे बच्चे धार्मिक और देशभक्त है। मेरा बेटा सेना में अफसर बनना चाहता था और मेरी बेटी ने मेडिकल प्रोफेशन चुना।' बिंदु ने पिछली बार अपनी बेटी को देखा तो उसे बुरका में देखकर उन्‍हें झटका लगा। बिंदु ने बताया कि बेटी जब डेंटिस्ट की पढ़ाई कर रही थी तब उसने नवंबर में पलक्कड़ के एक ईसाई व्यक्ति से शादी कर ली।  ये दोनों अब इस्‍लाम धर्म स्वीकार कर चुके हैं। बिंदु ने बताया, 'वह बेहतरीन स्‍टूडेंट थी..मैंने उसे वापस लौटने का संदेश दिया और कहा कि वह जैसे भी रहना चाहती है, मुझे स्‍वीकार है। जवाब में उसने संदेश दिया, मैं यहां खुश हूं, इस्‍लाम अच्‍छा धर्म है।' मां के अनुसार, 'उसने (बेटी ने) कहा, वह हिजाब के साथ आना चाहती है, क्‍या आपको यह मंजूर है। मैंने कहा-हां, उसके बाद वह आयी और मेरे साथ कुछ समय बिताया। मां ने बताया, मेरी बेटी कुछ दिनों में अपने पति के पास वापस लौट गई। उसके बाद मैंने सुना कि वह श्रीलंका गई है। 5 जून से हमारे बीच संवाद बंद हैं। मई में मेरी बेटी ने वाट्स एप पर संदेश भेजा था। बिंदु के अनुसार, मेरी बेटी ने मेरे बार-बार पूछने पर भी यह नहीं बताया कि वह कहां से फोन कर रही है। उसने बताया कि वह किसी और के वाई-फाई का इस्तेमाल मुझे मैसेज भेजने में कर रही है।टिप्पणियां बिंदु को टीवी चैनलों के जरिये यह पता चलने पर गहरा झटका लगा कि 17 लोग लापता हैं और संदेह है कि इन्‍होंने ISIS ज्वॉइन कर लिया है। बिंदु कुमार के अनुसार, उन्हें अपने दामाद के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, सिर्फ यही पता है कि वह 32 वर्ष का है और उसने एमबीए किया है। खास बात यह है कि इस व्यक्ति के परिवार ने भी पुलिस और सरकार के पास मदद की गुहार लगाई है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बिंदु कुमार उन माता-पिता में शामिल थीं जिन्‍होंने पिछले सप्‍ताह में केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन से मुलाकात की और लापता 'बच्‍चों' की तलाश में मदद की गुहार लगाई। मुख्यमंत्री विजयन को ज्ञापन सौंपने वाली बिंदु ने यहां कहा, 'मुख्यमंत्री ने मुझे बताया कि मामले में जांच आगे बढ़ रही है।' बिंदु ने कहा कि उसकी 25 वर्षीय बेटी निमिशा अपने पति के साथ गत 16 मई को घर आई थी और 18 मई को फोन कर बताया कि वह कुछ काम से श्रीलंका जा रही है।' मेरे बार-बार पूछने पर भी उसने यह नहीं बताया कि वह कहां से फोन कर रही है। उन्होंने कहा, 'चार जून तक मुझे संदेश मिला करते थे, लेकिन इसके बाद बेटी के बारे में कोई सूचना नहीं है।' बिंदु ने कहा कि उसकी बेटी निमिशा जब एक ईसाई युवक से मिली और उससे शादी की, उस समय वह कासरगोड में डेंटल की अंतिम वर्ष की विद्यार्थी थी। बाद में निमिशा ने पति के साथ धर्म परिवर्तन कर लिया।   बिंदु कुमार ने अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्‍स को बताया, 'मेरे बच्चे धार्मिक और देशभक्त है। मेरा बेटा सेना में अफसर बनना चाहता था और मेरी बेटी ने मेडिकल प्रोफेशन चुना।' बिंदु ने पिछली बार अपनी बेटी को देखा तो उसे बुरका में देखकर उन्‍हें झटका लगा। बिंदु ने बताया कि बेटी जब डेंटिस्ट की पढ़ाई कर रही थी तब उसने नवंबर में पलक्कड़ के एक ईसाई व्यक्ति से शादी कर ली।  ये दोनों अब इस्‍लाम धर्म स्वीकार कर चुके हैं। बिंदु ने बताया, 'वह बेहतरीन स्‍टूडेंट थी..मैंने उसे वापस लौटने का संदेश दिया और कहा कि वह जैसे भी रहना चाहती है, मुझे स्‍वीकार है। जवाब में उसने संदेश दिया, मैं यहां खुश हूं, इस्‍लाम अच्‍छा धर्म है।' मां के अनुसार, 'उसने (बेटी ने) कहा, वह हिजाब के साथ आना चाहती है, क्‍या आपको यह मंजूर है। मैंने कहा-हां, उसके बाद वह आयी और मेरे साथ कुछ समय बिताया। मां ने बताया, मेरी बेटी कुछ दिनों में अपने पति के पास वापस लौट गई। उसके बाद मैंने सुना कि वह श्रीलंका गई है। 5 जून से हमारे बीच संवाद बंद हैं। मई में मेरी बेटी ने वाट्स एप पर संदेश भेजा था। बिंदु के अनुसार, मेरी बेटी ने मेरे बार-बार पूछने पर भी यह नहीं बताया कि वह कहां से फोन कर रही है। उसने बताया कि वह किसी और के वाई-फाई का इस्तेमाल मुझे मैसेज भेजने में कर रही है।टिप्पणियां बिंदु को टीवी चैनलों के जरिये यह पता चलने पर गहरा झटका लगा कि 17 लोग लापता हैं और संदेह है कि इन्‍होंने ISIS ज्वॉइन कर लिया है। बिंदु कुमार के अनुसार, उन्हें अपने दामाद के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, सिर्फ यही पता है कि वह 32 वर्ष का है और उसने एमबीए किया है। खास बात यह है कि इस व्यक्ति के परिवार ने भी पुलिस और सरकार के पास मदद की गुहार लगाई है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, 'चार जून तक मुझे संदेश मिला करते थे, लेकिन इसके बाद बेटी के बारे में कोई सूचना नहीं है।' बिंदु ने कहा कि उसकी बेटी निमिशा जब एक ईसाई युवक से मिली और उससे शादी की, उस समय वह कासरगोड में डेंटल की अंतिम वर्ष की विद्यार्थी थी। बाद में निमिशा ने पति के साथ धर्म परिवर्तन कर लिया।   बिंदु कुमार ने अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्‍स को बताया, 'मेरे बच्चे धार्मिक और देशभक्त है। मेरा बेटा सेना में अफसर बनना चाहता था और मेरी बेटी ने मेडिकल प्रोफेशन चुना।' बिंदु ने पिछली बार अपनी बेटी को देखा तो उसे बुरका में देखकर उन्‍हें झटका लगा। बिंदु ने बताया कि बेटी जब डेंटिस्ट की पढ़ाई कर रही थी तब उसने नवंबर में पलक्कड़ के एक ईसाई व्यक्ति से शादी कर ली।  ये दोनों अब इस्‍लाम धर्म स्वीकार कर चुके हैं। बिंदु ने बताया, 'वह बेहतरीन स्‍टूडेंट थी..मैंने उसे वापस लौटने का संदेश दिया और कहा कि वह जैसे भी रहना चाहती है, मुझे स्‍वीकार है। जवाब में उसने संदेश दिया, मैं यहां खुश हूं, इस्‍लाम अच्‍छा धर्म है।' मां के अनुसार, 'उसने (बेटी ने) कहा, वह हिजाब के साथ आना चाहती है, क्‍या आपको यह मंजूर है। मैंने कहा-हां, उसके बाद वह आयी और मेरे साथ कुछ समय बिताया। मां ने बताया, मेरी बेटी कुछ दिनों में अपने पति के पास वापस लौट गई। उसके बाद मैंने सुना कि वह श्रीलंका गई है। 5 जून से हमारे बीच संवाद बंद हैं। मई में मेरी बेटी ने वाट्स एप पर संदेश भेजा था। बिंदु के अनुसार, मेरी बेटी ने मेरे बार-बार पूछने पर भी यह नहीं बताया कि वह कहां से फोन कर रही है। उसने बताया कि वह किसी और के वाई-फाई का इस्तेमाल मुझे मैसेज भेजने में कर रही है।टिप्पणियां बिंदु को टीवी चैनलों के जरिये यह पता चलने पर गहरा झटका लगा कि 17 लोग लापता हैं और संदेह है कि इन्‍होंने ISIS ज्वॉइन कर लिया है। बिंदु कुमार के अनुसार, उन्हें अपने दामाद के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, सिर्फ यही पता है कि वह 32 वर्ष का है और उसने एमबीए किया है। खास बात यह है कि इस व्यक्ति के परिवार ने भी पुलिस और सरकार के पास मदद की गुहार लगाई है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मां ने बताया, मेरी बेटी कुछ दिनों में अपने पति के पास वापस लौट गई। उसके बाद मैंने सुना कि वह श्रीलंका गई है। 5 जून से हमारे बीच संवाद बंद हैं। मई में मेरी बेटी ने वाट्स एप पर संदेश भेजा था। बिंदु के अनुसार, मेरी बेटी ने मेरे बार-बार पूछने पर भी यह नहीं बताया कि वह कहां से फोन कर रही है। उसने बताया कि वह किसी और के वाई-फाई का इस्तेमाल मुझे मैसेज भेजने में कर रही है।टिप्पणियां बिंदु को टीवी चैनलों के जरिये यह पता चलने पर गहरा झटका लगा कि 17 लोग लापता हैं और संदेह है कि इन्‍होंने ISIS ज्वॉइन कर लिया है। बिंदु कुमार के अनुसार, उन्हें अपने दामाद के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, सिर्फ यही पता है कि वह 32 वर्ष का है और उसने एमबीए किया है। खास बात यह है कि इस व्यक्ति के परिवार ने भी पुलिस और सरकार के पास मदद की गुहार लगाई है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बिंदु को टीवी चैनलों के जरिये यह पता चलने पर गहरा झटका लगा कि 17 लोग लापता हैं और संदेह है कि इन्‍होंने ISIS ज्वॉइन कर लिया है। बिंदु कुमार के अनुसार, उन्हें अपने दामाद के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, सिर्फ यही पता है कि वह 32 वर्ष का है और उसने एमबीए किया है। खास बात यह है कि इस व्यक्ति के परिवार ने भी पुलिस और सरकार के पास मदद की गुहार लगाई है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: महिला की मां ने CM विजयन से मिलकर लगाई मामले में मदद की गुहार डेंटिस्ट बनने के लिए पढ़ाई कर रही थी, बाद में ईसाई युवक से की शादी महिला ने बाद में अपने पति के साथ धर्म परिवर्तन कर लिया
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पिछले साल वोजेस दो बार मैदान पर घायल होकर गिरे थे. नवंबर, 2016 वाली घटना से करीब सात महीने पहले मई में इंग्लिश काउंटी मिडिलसेक्स की कप्तानी करते वक्त भी वह मैदान पर घायल होकर गिर गए थे. बाद में उन्होंने बताया था कि इसका असर उन पर अगले दस दिन तक रहा था. 37 साल के एडम वोजेस ने 20 टेस्ट मैचों में 61.87 के औसत से 1485 रन (सर्वाधिक 269* रन) बनाए हैं. इन 20 टेस्ट में उनके नाम 5 शतक और 4 अर्द्धशतकीय पारियां हैं. 31 वनडे में उनके नाम एक शतकीय पारी है और उन्होंने 870 रन बनाए हैं. टी-20 में उन्होंने 139 रन बनाए हैं. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए 35 साल की उम्र में पदार्पण किया था और शतक जड़ा था. वह पदार्पण मैच में शतक लगाने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं. उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ पदार्पण करते हुए नाबाद 130 रनों की पारी खेली थी. (इनपुट एजेंसी से भी) उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए 35 साल की उम्र में पदार्पण किया था और शतक जड़ा था. वह पदार्पण मैच में शतक लगाने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं. उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ पदार्पण करते हुए नाबाद 130 रनों की पारी खेली थी. (इनपुट एजेंसी से भी)
सारांश: पिछले साल नवंबर में सिर पर गेंद लगने से हुए थे घायल टेस्ट मैच में 61 से अधिक का औसत रखते हैं वोजेस 269 रन रहा है एडम वोजेस का टेस्ट में बेस्ट स्कोर
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने रघुराम राजन को भारतीय रिजर्व बैंक का नया गवर्नर नियुक्त किए जाने का स्वागत किया, लेकिन साथ ही उन्हें सलाह दी कि वह केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता के मुद्दे पर सरकार से समझौता न करें और न ही उसके सामने झुकें। पूर्व वित्तमंत्री तथा बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा ने राजन की नियुक्ति पर कहा, मैं उनको शुभकामनाएं देता हूं। वे अच्छे युवा हैं। उन्होंने कहा कि राजन के पूर्ववर्ती डी सुब्बाराव ने भी सरकार के पसंदीदा गवर्नर के रूप में काम शुरू किया था, हालांकि बाद में हालात बिगड़ गए। सिन्हा ने कहा, राजन केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता के मुद्दे पर सरकार से समझौता न करें, न ही उसके सामने झुकें। पूर्व वित्तमंत्री तथा बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा ने राजन की नियुक्ति पर कहा, मैं उनको शुभकामनाएं देता हूं। वे अच्छे युवा हैं। उन्होंने कहा कि राजन के पूर्ववर्ती डी सुब्बाराव ने भी सरकार के पसंदीदा गवर्नर के रूप में काम शुरू किया था, हालांकि बाद में हालात बिगड़ गए। सिन्हा ने कहा, राजन केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता के मुद्दे पर सरकार से समझौता न करें, न ही उसके सामने झुकें।
यहाँ एक सारांश है:पूर्व वित्तमंत्री तथा बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा ने रघुराम राजन की नियुक्ति पर कहा, वह (राजन) केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता के मुद्दे पर सरकार से समझौता न करें, न ही उसके सामने झुकें।
18
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: 'इमेज कन्सल्टेन्ट' इमाम सिद्दिकी को रियलिटी शो 'बिग बॉस' में रहते हुए सुपर स्टार सलमान खान के साथ तकरार होने का कोई पछतावा नहीं है। इस रियलिटी शो की एक कड़ी में इमाम की शो के प्रस्तोता सलमान खान के साथ तकरार हुई थी। इमाम ने यहां तक कह दिया था कि सलमान के 'टिपिकल स्टाइल' का समय खत्म हो चुका है। इमाम ने कहा, तकरार अच्छी नहीं थी और अवांछित थी। मेरे विचार से मुझे यथार्थ को देखना चाहिए था। वह बड़े सुपर स्टार हैं। मुझे शर्म तो आती है, पर कोई पछतावा नहीं है। क्या इमाम, सलमान से मिलकर इस मामले पर स्थिति स्पष्ट करना या इसे सुलझाना चाहेंगे? इस पर उनका जवाब था, मुझे क्यों उनसे मिलना चाहिए...क्यों इस बारे में उनसे बातचीत करनी चाहिए?टिप्पणियां 'बिग बॉस' का समापन शनिवार रात हुआ। शो में टीवी अदाकारा उर्वशी ढोलकिया विजेता रहीं और उनसे बहुत ही कम वोटों के अंतर से पीछे रह गए इमाम दूसरे स्थान पर आए। इमाम ने कहा, मुझे खुशी है कि उर्वशी शो की विजेता रहीं। वह मेरी बहन की तरह हैं। वह जैसी हैं और जिस तरह अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही हैं, उसका मैं सम्मान करता हूं। उन्होंने कहा, मुझे खुशी है कि मैं हार गया। उनके जीतने पर मुझे बेहद खुशी है। शो के दौरान इमाम की उनके प्रतिभागियों से अक्सर तकरार होती थी। इस पर उनका कहना है, यह सब मैंने दर्शकों के मनोरंजन के लिए किया। इस रियलिटी शो की एक कड़ी में इमाम की शो के प्रस्तोता सलमान खान के साथ तकरार हुई थी। इमाम ने यहां तक कह दिया था कि सलमान के 'टिपिकल स्टाइल' का समय खत्म हो चुका है। इमाम ने कहा, तकरार अच्छी नहीं थी और अवांछित थी। मेरे विचार से मुझे यथार्थ को देखना चाहिए था। वह बड़े सुपर स्टार हैं। मुझे शर्म तो आती है, पर कोई पछतावा नहीं है। क्या इमाम, सलमान से मिलकर इस मामले पर स्थिति स्पष्ट करना या इसे सुलझाना चाहेंगे? इस पर उनका जवाब था, मुझे क्यों उनसे मिलना चाहिए...क्यों इस बारे में उनसे बातचीत करनी चाहिए?टिप्पणियां 'बिग बॉस' का समापन शनिवार रात हुआ। शो में टीवी अदाकारा उर्वशी ढोलकिया विजेता रहीं और उनसे बहुत ही कम वोटों के अंतर से पीछे रह गए इमाम दूसरे स्थान पर आए। इमाम ने कहा, मुझे खुशी है कि उर्वशी शो की विजेता रहीं। वह मेरी बहन की तरह हैं। वह जैसी हैं और जिस तरह अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही हैं, उसका मैं सम्मान करता हूं। उन्होंने कहा, मुझे खुशी है कि मैं हार गया। उनके जीतने पर मुझे बेहद खुशी है। शो के दौरान इमाम की उनके प्रतिभागियों से अक्सर तकरार होती थी। इस पर उनका कहना है, यह सब मैंने दर्शकों के मनोरंजन के लिए किया। इमाम ने कहा, तकरार अच्छी नहीं थी और अवांछित थी। मेरे विचार से मुझे यथार्थ को देखना चाहिए था। वह बड़े सुपर स्टार हैं। मुझे शर्म तो आती है, पर कोई पछतावा नहीं है। क्या इमाम, सलमान से मिलकर इस मामले पर स्थिति स्पष्ट करना या इसे सुलझाना चाहेंगे? इस पर उनका जवाब था, मुझे क्यों उनसे मिलना चाहिए...क्यों इस बारे में उनसे बातचीत करनी चाहिए?टिप्पणियां 'बिग बॉस' का समापन शनिवार रात हुआ। शो में टीवी अदाकारा उर्वशी ढोलकिया विजेता रहीं और उनसे बहुत ही कम वोटों के अंतर से पीछे रह गए इमाम दूसरे स्थान पर आए। इमाम ने कहा, मुझे खुशी है कि उर्वशी शो की विजेता रहीं। वह मेरी बहन की तरह हैं। वह जैसी हैं और जिस तरह अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही हैं, उसका मैं सम्मान करता हूं। उन्होंने कहा, मुझे खुशी है कि मैं हार गया। उनके जीतने पर मुझे बेहद खुशी है। शो के दौरान इमाम की उनके प्रतिभागियों से अक्सर तकरार होती थी। इस पर उनका कहना है, यह सब मैंने दर्शकों के मनोरंजन के लिए किया। 'बिग बॉस' का समापन शनिवार रात हुआ। शो में टीवी अदाकारा उर्वशी ढोलकिया विजेता रहीं और उनसे बहुत ही कम वोटों के अंतर से पीछे रह गए इमाम दूसरे स्थान पर आए। इमाम ने कहा, मुझे खुशी है कि उर्वशी शो की विजेता रहीं। वह मेरी बहन की तरह हैं। वह जैसी हैं और जिस तरह अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही हैं, उसका मैं सम्मान करता हूं। उन्होंने कहा, मुझे खुशी है कि मैं हार गया। उनके जीतने पर मुझे बेहद खुशी है। शो के दौरान इमाम की उनके प्रतिभागियों से अक्सर तकरार होती थी। इस पर उनका कहना है, यह सब मैंने दर्शकों के मनोरंजन के लिए किया। उन्होंने कहा, मुझे खुशी है कि मैं हार गया। उनके जीतने पर मुझे बेहद खुशी है। शो के दौरान इमाम की उनके प्रतिभागियों से अक्सर तकरार होती थी। इस पर उनका कहना है, यह सब मैंने दर्शकों के मनोरंजन के लिए किया।
यहाँ एक सारांश है:इमाम सिद्दिकी ने कहा, मुझे खुशी है कि उर्वशी शो की विजेता रहीं। वह मेरी बहन की तरह हैं। वह जैसी हैं और जिस तरह अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही हैं, उसका मैं सम्मान करता हूं।
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: रेलवे में ग्रुप डी (RRB Group D) के पदों पर हुई भर्ती परीक्षा में भाग लेने वाले उम्मीदवारों का इंतजार अब खत्म होने वाला है. ग्रुप डी का रिजल्ट (RRB Group D Result) जल्द जारी कर दिया जाएगा. रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने NDTV को बताया कि ग्रुप डी का रिजल्ट (RRB Result 2019) इस महीने के अंत तक जारी किया जाएगा. हम जल्द से जल्द रिजल्ट (Group D Result) जारी करने का प्रयास कर रहे हैं. बता दें कि रिजल्ट (RRB D Result) जारी होने से पहले एक नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा जिसमें रिजल्ट जारी होने की तारीख दी गई होगी. यानी कि 25, 26 या 27 फरवरी को रिजल्ट (Railway Group D Result) जारी होने की तारीख से संबंधित नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा. जबकि मीडिया में रिपोर्ट्स में रिजल्ट (RRB Group D Result 2019) 27 या 28 फरवरी को जारी होने की बात कही गई है. ऐसे में उम्मीदवारों को अपने रीजन की आरआरबी वेबसाइट पर रेगुलर विजिट करते रहना चाहिए. उम्मीदवार अपना रिजल्ट अपने रीजन की वेबसाइट पर ही चेक कर पाएंगे. रिजल्ट चेक करने के लिए उम्मीदवारों को रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि की मदद से लॉग इन करना होगा.
ग्रुप डी का रिजल्ट इस महीने के अंत तक जारी किया जाएगा. नोटिफिकेशन 25, 26 या 27 फरवरी को जारी किया जा सकता है. परीक्षा पिछले साल हुई थी.
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['hin']
एक सारांश बनाओ: 'लेडीज वर्सेज रिक्की बहल' फिल्म रिक्की यानी रणवीर सिंह नाम के जालसाज पर है जो लड़कियों से फ्लर्ट कर उन्हें बेवकूफ बनाकर पैसा उड़ा लेता है। लेकिन तीन लड़कियां रिक्की को ढूंढकर अपना पैसा वसूलने की बात ठान लेती हैं। तीनों रिक्की के सामने एक स्मार्ट सेल्सगर्ल अनुष्का शर्मा को लाती हैं जो रिक्की को उल्लू बना सके लेकिन आईआईएम से ग्रेजुएट लड़की दीपानिता शर्मा रिक्की से हुसैन की पेंटिंग खरीदते वक्त कोई खास जांच पड़ताल नहीं करती। सक्सेसफुल बिजनेसमैन डॉक्यूमेंट्स देखे बगैर रिक्की से प्रॉपर्टी डील करके टोकन दे देता है। क्या फिल्ममेकर्स ने आडियंस को भी उतना ही कमजोर दिमाग समझ लिया गया है जितनी फिल्म में दिखाई गई लड़कियां जो रिक्की के मिलने पर उसे पुलिस को नहीं देतीं बल्कि उस पर आगे भी पैसा खर्च करती हैं और 15 साल से जालसाजी कर रहा रिक्की बेवकूफ भी बन जाता है। फर्स्ट हाफ ठीक है, सेकेंड ढीला है और क्लाइमैक्स अच्छा। रणवीर सिंह, अनुष्का शर्मा और अदिति शर्मा की अच्छी एक्टिंग लेकिन दिल्ली की चुलबुली लड़की के रोल में सबसे इंप्रेसिव है परिणिती चोपड़ा। हबीब फैसल के लिखे कुछ डायलॉग्स बड़े मज़ेदार हैं। 'लेडीज़ वर्सेज रिक्की बहल' बड़ी एवरेज फिल्म है। फिल्म के लिए मेरी रेटिंग है 2.5 स्टार।
यहाँ एक सारांश है:'लेडीज वर्सेज रिक्की बहल' फिल्म रिक्की यानी रणवीर सिंह नाम के जालसाज पर है जो लड़कियों से फ्लर्ट कर उन्हें बेवकूफ बनाकर पैसा उड़ा लेता है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रतापगढ़ के कुंडा में सीओ के तौर पर तैनात पुलिस उपाधीक्षक जियाउल हक हत्याकांड मामले में रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया। मामले में उनके दो करीबियों को गिरफ्तार किया गया और तीन पुलिसकर्मी निलंबित किए गए, लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई। पीड़ित परिवार की मांग पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) से कराने के आदेश दे दिए। सीओ की पत्नी परवीन आजाद की शिकायत पर राजा भैया के खिलाफ हत्या की साजिश रचने व उनके सात समर्थकों के खिलाफ प्रतापगढ़ में हत्या में शामिल होने का मुकदमा रविवार को दर्ज किया गया। मामले में अब तक गुडडू सिंह और राजीव सिंह को गिरफ्तार किया गया, जो राजा भैया के करीबी बताए जा रहे हैं। मामले को तूल पकड़ता देख राजा भैया ने सुबह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से लखनऊ में मुलाकात करके अपना इस्तीफा सौंप दिया। उनका इस्तीफा भी स्वीकार कर लिया गया। इस्तीफे को नाकाफी बताते हुए विपक्षी दलों ने विधानसभा में राजा भैया की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। बहुजन समाज पार्टी नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि सीओ की हत्या सुनियोजित ढंग से कराई गई। अखिलेश सरकार को एक मिनट भी सत्ता में रहने का अधिकार नहीं है। इस्तीफा देने के बाद राजा भैया ने सदन के साथ-साथ मीडिया को भी अपनी सफाई दी। राजा भैया ने अपनी सफाई में कहा, "मेरा सीओ हत्याकांड से कोई लेना देना नहीं है। मुझे सीओ की हत्या करवाने की क्या जरूरत थी अगर सीओ से मुझे कोई समस्या होती तो मैं तबादला करवा देता। मेरी सरकार थी और मैं मंत्री पद पर था।" उन्होंने कहा, "सीओ करीब छह महीने से कुंडा में तैनात थे। वह बहुत अच्छे और सरल स्वभाव के अधिकारी थे। मुझे उनसे कोई दिक्कत नहीं थी। उल्टा मैंने सुना कि वह खुद कहते थे कि कुंडा में कोई राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं किया जाता। काम करने के लिए यह अच्छी जगह है।" राजा भैया ने कहा, "जो लोग मुझे मंत्री पद से हटाना चाहते थे वे कामयाब हो गए। लेकिन अब फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर असली दोषियों को सजा नहीं मिल पाएगी।" राजा भैया के इस्तीफे के बाद पुलिस महानिदेशक एसी शर्मा को देवरिया भेजकर मुख्यमंत्री अखिलेश को लगा था कि कठोर कारवाई की मांग को लेकर धरना पर बैठा सीओ का परिवार अंतिम संस्कार के लिए राजी हो जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पुलिस महानिदेशक को गांव में परिजनों और स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। परिवार की मांग थी कि जब तक मुख्यमंत्री स्वयं आकर सीबीआई जांच का ऐलान नहीं करेंगे, अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। हालात से मजबूर मुख्यमंत्री अखिलेश शाम को लखनऊ से देवरिया के लिए रवाना हुए और सीओ के पैतृक गांव- नूनखार जुवाफार जाकर परिजनों से मिलकर हत्याकांड की सीबीआई जांच का ऐलान किया। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये आर्थिक मदद, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और पूरे मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए। मुख्यमंत्री से आश्वासन मिलने के बाद हक का परिवार अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हुआ। अखिलेश ने कहा कि राज्य सरकार घटना को लेकर बहुत आहत है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा चाहे वह कोई भी हो। उन्होंने कहा कि अगर पूर्व कैबिनेट मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया हत्याकांड में दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ भी कठोर कारवाई होगी। इससे पहले राज्य सरकार ने सीओ हत्याकांड में घटना के दिन उन्हें मौके पर अकेले छोड़कर भागने वाले तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अरुण कुमार ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि कुंडा कोतवाली के प्रभारी सर्वेश मिश्रा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक विनय कुमार सिंह और सीओ के गनर इमरान को निलंबित कर दिया गया है। इस बात की जांच की जा रही है कि ये पुलिसकर्मी किन परिस्थितियों में अपने अधिकारी को मौके पर अकेला छोड़कर भागे।टिप्पणियां इससे पहले, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आजम खान ने हक को अकेला छोड़कर भागने वाले पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा था कि हमले के वक्त भागने वाले पुलिसकर्मी या तो कायर थे या हत्या की साजिश में शामिल थे। ऐसे पुलिसकर्मियों को नौकरी में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उल्लेखनीय है कि कुंडा क्षेत्र के वलीपुर गांव में शनिवार देर रात दो गुटों के बीच हुई गोलीबारी की घटना में गांव के प्रधान नन्हें सहित दो लोगों की हत्या कर दी गई। घटना को नियंत्रित करने पहुंचे कुंडा के सीओ जिला उल हक की भी हिंसा के दौरान भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई थी। सीओ की पत्नी परवीन आजाद की शिकायत पर राजा भैया के खिलाफ हत्या की साजिश रचने व उनके सात समर्थकों के खिलाफ प्रतापगढ़ में हत्या में शामिल होने का मुकदमा रविवार को दर्ज किया गया। मामले में अब तक गुडडू सिंह और राजीव सिंह को गिरफ्तार किया गया, जो राजा भैया के करीबी बताए जा रहे हैं। मामले को तूल पकड़ता देख राजा भैया ने सुबह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से लखनऊ में मुलाकात करके अपना इस्तीफा सौंप दिया। उनका इस्तीफा भी स्वीकार कर लिया गया। इस्तीफे को नाकाफी बताते हुए विपक्षी दलों ने विधानसभा में राजा भैया की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। बहुजन समाज पार्टी नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि सीओ की हत्या सुनियोजित ढंग से कराई गई। अखिलेश सरकार को एक मिनट भी सत्ता में रहने का अधिकार नहीं है। इस्तीफा देने के बाद राजा भैया ने सदन के साथ-साथ मीडिया को भी अपनी सफाई दी। राजा भैया ने अपनी सफाई में कहा, "मेरा सीओ हत्याकांड से कोई लेना देना नहीं है। मुझे सीओ की हत्या करवाने की क्या जरूरत थी अगर सीओ से मुझे कोई समस्या होती तो मैं तबादला करवा देता। मेरी सरकार थी और मैं मंत्री पद पर था।" उन्होंने कहा, "सीओ करीब छह महीने से कुंडा में तैनात थे। वह बहुत अच्छे और सरल स्वभाव के अधिकारी थे। मुझे उनसे कोई दिक्कत नहीं थी। उल्टा मैंने सुना कि वह खुद कहते थे कि कुंडा में कोई राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं किया जाता। काम करने के लिए यह अच्छी जगह है।" राजा भैया ने कहा, "जो लोग मुझे मंत्री पद से हटाना चाहते थे वे कामयाब हो गए। लेकिन अब फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर असली दोषियों को सजा नहीं मिल पाएगी।" राजा भैया के इस्तीफे के बाद पुलिस महानिदेशक एसी शर्मा को देवरिया भेजकर मुख्यमंत्री अखिलेश को लगा था कि कठोर कारवाई की मांग को लेकर धरना पर बैठा सीओ का परिवार अंतिम संस्कार के लिए राजी हो जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पुलिस महानिदेशक को गांव में परिजनों और स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। परिवार की मांग थी कि जब तक मुख्यमंत्री स्वयं आकर सीबीआई जांच का ऐलान नहीं करेंगे, अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। हालात से मजबूर मुख्यमंत्री अखिलेश शाम को लखनऊ से देवरिया के लिए रवाना हुए और सीओ के पैतृक गांव- नूनखार जुवाफार जाकर परिजनों से मिलकर हत्याकांड की सीबीआई जांच का ऐलान किया। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये आर्थिक मदद, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और पूरे मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए। मुख्यमंत्री से आश्वासन मिलने के बाद हक का परिवार अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हुआ। अखिलेश ने कहा कि राज्य सरकार घटना को लेकर बहुत आहत है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा चाहे वह कोई भी हो। उन्होंने कहा कि अगर पूर्व कैबिनेट मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया हत्याकांड में दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ भी कठोर कारवाई होगी। इससे पहले राज्य सरकार ने सीओ हत्याकांड में घटना के दिन उन्हें मौके पर अकेले छोड़कर भागने वाले तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अरुण कुमार ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि कुंडा कोतवाली के प्रभारी सर्वेश मिश्रा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक विनय कुमार सिंह और सीओ के गनर इमरान को निलंबित कर दिया गया है। इस बात की जांच की जा रही है कि ये पुलिसकर्मी किन परिस्थितियों में अपने अधिकारी को मौके पर अकेला छोड़कर भागे।टिप्पणियां इससे पहले, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आजम खान ने हक को अकेला छोड़कर भागने वाले पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा था कि हमले के वक्त भागने वाले पुलिसकर्मी या तो कायर थे या हत्या की साजिश में शामिल थे। ऐसे पुलिसकर्मियों को नौकरी में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उल्लेखनीय है कि कुंडा क्षेत्र के वलीपुर गांव में शनिवार देर रात दो गुटों के बीच हुई गोलीबारी की घटना में गांव के प्रधान नन्हें सहित दो लोगों की हत्या कर दी गई। घटना को नियंत्रित करने पहुंचे कुंडा के सीओ जिला उल हक की भी हिंसा के दौरान भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई थी। मामले को तूल पकड़ता देख राजा भैया ने सुबह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से लखनऊ में मुलाकात करके अपना इस्तीफा सौंप दिया। उनका इस्तीफा भी स्वीकार कर लिया गया। इस्तीफे को नाकाफी बताते हुए विपक्षी दलों ने विधानसभा में राजा भैया की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। बहुजन समाज पार्टी नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि सीओ की हत्या सुनियोजित ढंग से कराई गई। अखिलेश सरकार को एक मिनट भी सत्ता में रहने का अधिकार नहीं है। इस्तीफा देने के बाद राजा भैया ने सदन के साथ-साथ मीडिया को भी अपनी सफाई दी। राजा भैया ने अपनी सफाई में कहा, "मेरा सीओ हत्याकांड से कोई लेना देना नहीं है। मुझे सीओ की हत्या करवाने की क्या जरूरत थी अगर सीओ से मुझे कोई समस्या होती तो मैं तबादला करवा देता। मेरी सरकार थी और मैं मंत्री पद पर था।" उन्होंने कहा, "सीओ करीब छह महीने से कुंडा में तैनात थे। वह बहुत अच्छे और सरल स्वभाव के अधिकारी थे। मुझे उनसे कोई दिक्कत नहीं थी। उल्टा मैंने सुना कि वह खुद कहते थे कि कुंडा में कोई राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं किया जाता। काम करने के लिए यह अच्छी जगह है।" राजा भैया ने कहा, "जो लोग मुझे मंत्री पद से हटाना चाहते थे वे कामयाब हो गए। लेकिन अब फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर असली दोषियों को सजा नहीं मिल पाएगी।" राजा भैया के इस्तीफे के बाद पुलिस महानिदेशक एसी शर्मा को देवरिया भेजकर मुख्यमंत्री अखिलेश को लगा था कि कठोर कारवाई की मांग को लेकर धरना पर बैठा सीओ का परिवार अंतिम संस्कार के लिए राजी हो जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पुलिस महानिदेशक को गांव में परिजनों और स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। परिवार की मांग थी कि जब तक मुख्यमंत्री स्वयं आकर सीबीआई जांच का ऐलान नहीं करेंगे, अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। हालात से मजबूर मुख्यमंत्री अखिलेश शाम को लखनऊ से देवरिया के लिए रवाना हुए और सीओ के पैतृक गांव- नूनखार जुवाफार जाकर परिजनों से मिलकर हत्याकांड की सीबीआई जांच का ऐलान किया। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये आर्थिक मदद, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और पूरे मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए। मुख्यमंत्री से आश्वासन मिलने के बाद हक का परिवार अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हुआ। अखिलेश ने कहा कि राज्य सरकार घटना को लेकर बहुत आहत है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा चाहे वह कोई भी हो। उन्होंने कहा कि अगर पूर्व कैबिनेट मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया हत्याकांड में दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ भी कठोर कारवाई होगी। इससे पहले राज्य सरकार ने सीओ हत्याकांड में घटना के दिन उन्हें मौके पर अकेले छोड़कर भागने वाले तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अरुण कुमार ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि कुंडा कोतवाली के प्रभारी सर्वेश मिश्रा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक विनय कुमार सिंह और सीओ के गनर इमरान को निलंबित कर दिया गया है। इस बात की जांच की जा रही है कि ये पुलिसकर्मी किन परिस्थितियों में अपने अधिकारी को मौके पर अकेला छोड़कर भागे।टिप्पणियां इससे पहले, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आजम खान ने हक को अकेला छोड़कर भागने वाले पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा था कि हमले के वक्त भागने वाले पुलिसकर्मी या तो कायर थे या हत्या की साजिश में शामिल थे। ऐसे पुलिसकर्मियों को नौकरी में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उल्लेखनीय है कि कुंडा क्षेत्र के वलीपुर गांव में शनिवार देर रात दो गुटों के बीच हुई गोलीबारी की घटना में गांव के प्रधान नन्हें सहित दो लोगों की हत्या कर दी गई। घटना को नियंत्रित करने पहुंचे कुंडा के सीओ जिला उल हक की भी हिंसा के दौरान भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई थी। इस्तीफे को नाकाफी बताते हुए विपक्षी दलों ने विधानसभा में राजा भैया की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। बहुजन समाज पार्टी नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि सीओ की हत्या सुनियोजित ढंग से कराई गई। अखिलेश सरकार को एक मिनट भी सत्ता में रहने का अधिकार नहीं है। इस्तीफा देने के बाद राजा भैया ने सदन के साथ-साथ मीडिया को भी अपनी सफाई दी। राजा भैया ने अपनी सफाई में कहा, "मेरा सीओ हत्याकांड से कोई लेना देना नहीं है। मुझे सीओ की हत्या करवाने की क्या जरूरत थी अगर सीओ से मुझे कोई समस्या होती तो मैं तबादला करवा देता। मेरी सरकार थी और मैं मंत्री पद पर था।" उन्होंने कहा, "सीओ करीब छह महीने से कुंडा में तैनात थे। वह बहुत अच्छे और सरल स्वभाव के अधिकारी थे। मुझे उनसे कोई दिक्कत नहीं थी। उल्टा मैंने सुना कि वह खुद कहते थे कि कुंडा में कोई राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं किया जाता। काम करने के लिए यह अच्छी जगह है।" राजा भैया ने कहा, "जो लोग मुझे मंत्री पद से हटाना चाहते थे वे कामयाब हो गए। लेकिन अब फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर असली दोषियों को सजा नहीं मिल पाएगी।" राजा भैया के इस्तीफे के बाद पुलिस महानिदेशक एसी शर्मा को देवरिया भेजकर मुख्यमंत्री अखिलेश को लगा था कि कठोर कारवाई की मांग को लेकर धरना पर बैठा सीओ का परिवार अंतिम संस्कार के लिए राजी हो जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पुलिस महानिदेशक को गांव में परिजनों और स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। परिवार की मांग थी कि जब तक मुख्यमंत्री स्वयं आकर सीबीआई जांच का ऐलान नहीं करेंगे, अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। हालात से मजबूर मुख्यमंत्री अखिलेश शाम को लखनऊ से देवरिया के लिए रवाना हुए और सीओ के पैतृक गांव- नूनखार जुवाफार जाकर परिजनों से मिलकर हत्याकांड की सीबीआई जांच का ऐलान किया। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये आर्थिक मदद, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और पूरे मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए। मुख्यमंत्री से आश्वासन मिलने के बाद हक का परिवार अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हुआ। अखिलेश ने कहा कि राज्य सरकार घटना को लेकर बहुत आहत है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा चाहे वह कोई भी हो। उन्होंने कहा कि अगर पूर्व कैबिनेट मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया हत्याकांड में दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ भी कठोर कारवाई होगी। इससे पहले राज्य सरकार ने सीओ हत्याकांड में घटना के दिन उन्हें मौके पर अकेले छोड़कर भागने वाले तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अरुण कुमार ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि कुंडा कोतवाली के प्रभारी सर्वेश मिश्रा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक विनय कुमार सिंह और सीओ के गनर इमरान को निलंबित कर दिया गया है। इस बात की जांच की जा रही है कि ये पुलिसकर्मी किन परिस्थितियों में अपने अधिकारी को मौके पर अकेला छोड़कर भागे।टिप्पणियां इससे पहले, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आजम खान ने हक को अकेला छोड़कर भागने वाले पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा था कि हमले के वक्त भागने वाले पुलिसकर्मी या तो कायर थे या हत्या की साजिश में शामिल थे। ऐसे पुलिसकर्मियों को नौकरी में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उल्लेखनीय है कि कुंडा क्षेत्र के वलीपुर गांव में शनिवार देर रात दो गुटों के बीच हुई गोलीबारी की घटना में गांव के प्रधान नन्हें सहित दो लोगों की हत्या कर दी गई। घटना को नियंत्रित करने पहुंचे कुंडा के सीओ जिला उल हक की भी हिंसा के दौरान भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई थी। इस्तीफा देने के बाद राजा भैया ने सदन के साथ-साथ मीडिया को भी अपनी सफाई दी। राजा भैया ने अपनी सफाई में कहा, "मेरा सीओ हत्याकांड से कोई लेना देना नहीं है। मुझे सीओ की हत्या करवाने की क्या जरूरत थी अगर सीओ से मुझे कोई समस्या होती तो मैं तबादला करवा देता। मेरी सरकार थी और मैं मंत्री पद पर था।" उन्होंने कहा, "सीओ करीब छह महीने से कुंडा में तैनात थे। वह बहुत अच्छे और सरल स्वभाव के अधिकारी थे। मुझे उनसे कोई दिक्कत नहीं थी। उल्टा मैंने सुना कि वह खुद कहते थे कि कुंडा में कोई राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं किया जाता। काम करने के लिए यह अच्छी जगह है।" राजा भैया ने कहा, "जो लोग मुझे मंत्री पद से हटाना चाहते थे वे कामयाब हो गए। लेकिन अब फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर असली दोषियों को सजा नहीं मिल पाएगी।" राजा भैया के इस्तीफे के बाद पुलिस महानिदेशक एसी शर्मा को देवरिया भेजकर मुख्यमंत्री अखिलेश को लगा था कि कठोर कारवाई की मांग को लेकर धरना पर बैठा सीओ का परिवार अंतिम संस्कार के लिए राजी हो जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पुलिस महानिदेशक को गांव में परिजनों और स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। परिवार की मांग थी कि जब तक मुख्यमंत्री स्वयं आकर सीबीआई जांच का ऐलान नहीं करेंगे, अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। हालात से मजबूर मुख्यमंत्री अखिलेश शाम को लखनऊ से देवरिया के लिए रवाना हुए और सीओ के पैतृक गांव- नूनखार जुवाफार जाकर परिजनों से मिलकर हत्याकांड की सीबीआई जांच का ऐलान किया। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये आर्थिक मदद, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और पूरे मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए। मुख्यमंत्री से आश्वासन मिलने के बाद हक का परिवार अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हुआ। अखिलेश ने कहा कि राज्य सरकार घटना को लेकर बहुत आहत है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा चाहे वह कोई भी हो। उन्होंने कहा कि अगर पूर्व कैबिनेट मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया हत्याकांड में दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ भी कठोर कारवाई होगी। इससे पहले राज्य सरकार ने सीओ हत्याकांड में घटना के दिन उन्हें मौके पर अकेले छोड़कर भागने वाले तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अरुण कुमार ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि कुंडा कोतवाली के प्रभारी सर्वेश मिश्रा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक विनय कुमार सिंह और सीओ के गनर इमरान को निलंबित कर दिया गया है। इस बात की जांच की जा रही है कि ये पुलिसकर्मी किन परिस्थितियों में अपने अधिकारी को मौके पर अकेला छोड़कर भागे।टिप्पणियां इससे पहले, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आजम खान ने हक को अकेला छोड़कर भागने वाले पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा था कि हमले के वक्त भागने वाले पुलिसकर्मी या तो कायर थे या हत्या की साजिश में शामिल थे। ऐसे पुलिसकर्मियों को नौकरी में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उल्लेखनीय है कि कुंडा क्षेत्र के वलीपुर गांव में शनिवार देर रात दो गुटों के बीच हुई गोलीबारी की घटना में गांव के प्रधान नन्हें सहित दो लोगों की हत्या कर दी गई। घटना को नियंत्रित करने पहुंचे कुंडा के सीओ जिला उल हक की भी हिंसा के दौरान भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई थी। राजा भैया ने कहा, "जो लोग मुझे मंत्री पद से हटाना चाहते थे वे कामयाब हो गए। लेकिन अब फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर असली दोषियों को सजा नहीं मिल पाएगी।" राजा भैया के इस्तीफे के बाद पुलिस महानिदेशक एसी शर्मा को देवरिया भेजकर मुख्यमंत्री अखिलेश को लगा था कि कठोर कारवाई की मांग को लेकर धरना पर बैठा सीओ का परिवार अंतिम संस्कार के लिए राजी हो जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पुलिस महानिदेशक को गांव में परिजनों और स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। परिवार की मांग थी कि जब तक मुख्यमंत्री स्वयं आकर सीबीआई जांच का ऐलान नहीं करेंगे, अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। हालात से मजबूर मुख्यमंत्री अखिलेश शाम को लखनऊ से देवरिया के लिए रवाना हुए और सीओ के पैतृक गांव- नूनखार जुवाफार जाकर परिजनों से मिलकर हत्याकांड की सीबीआई जांच का ऐलान किया। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये आर्थिक मदद, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और पूरे मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए। मुख्यमंत्री से आश्वासन मिलने के बाद हक का परिवार अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हुआ। अखिलेश ने कहा कि राज्य सरकार घटना को लेकर बहुत आहत है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा चाहे वह कोई भी हो। उन्होंने कहा कि अगर पूर्व कैबिनेट मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया हत्याकांड में दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ भी कठोर कारवाई होगी। इससे पहले राज्य सरकार ने सीओ हत्याकांड में घटना के दिन उन्हें मौके पर अकेले छोड़कर भागने वाले तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अरुण कुमार ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि कुंडा कोतवाली के प्रभारी सर्वेश मिश्रा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक विनय कुमार सिंह और सीओ के गनर इमरान को निलंबित कर दिया गया है। इस बात की जांच की जा रही है कि ये पुलिसकर्मी किन परिस्थितियों में अपने अधिकारी को मौके पर अकेला छोड़कर भागे।टिप्पणियां इससे पहले, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आजम खान ने हक को अकेला छोड़कर भागने वाले पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा था कि हमले के वक्त भागने वाले पुलिसकर्मी या तो कायर थे या हत्या की साजिश में शामिल थे। ऐसे पुलिसकर्मियों को नौकरी में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उल्लेखनीय है कि कुंडा क्षेत्र के वलीपुर गांव में शनिवार देर रात दो गुटों के बीच हुई गोलीबारी की घटना में गांव के प्रधान नन्हें सहित दो लोगों की हत्या कर दी गई। घटना को नियंत्रित करने पहुंचे कुंडा के सीओ जिला उल हक की भी हिंसा के दौरान भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई थी। राजा भैया के इस्तीफे के बाद पुलिस महानिदेशक एसी शर्मा को देवरिया भेजकर मुख्यमंत्री अखिलेश को लगा था कि कठोर कारवाई की मांग को लेकर धरना पर बैठा सीओ का परिवार अंतिम संस्कार के लिए राजी हो जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पुलिस महानिदेशक को गांव में परिजनों और स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। परिवार की मांग थी कि जब तक मुख्यमंत्री स्वयं आकर सीबीआई जांच का ऐलान नहीं करेंगे, अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। हालात से मजबूर मुख्यमंत्री अखिलेश शाम को लखनऊ से देवरिया के लिए रवाना हुए और सीओ के पैतृक गांव- नूनखार जुवाफार जाकर परिजनों से मिलकर हत्याकांड की सीबीआई जांच का ऐलान किया। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये आर्थिक मदद, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और पूरे मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए। मुख्यमंत्री से आश्वासन मिलने के बाद हक का परिवार अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हुआ। अखिलेश ने कहा कि राज्य सरकार घटना को लेकर बहुत आहत है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा चाहे वह कोई भी हो। उन्होंने कहा कि अगर पूर्व कैबिनेट मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया हत्याकांड में दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ भी कठोर कारवाई होगी। इससे पहले राज्य सरकार ने सीओ हत्याकांड में घटना के दिन उन्हें मौके पर अकेले छोड़कर भागने वाले तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अरुण कुमार ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि कुंडा कोतवाली के प्रभारी सर्वेश मिश्रा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक विनय कुमार सिंह और सीओ के गनर इमरान को निलंबित कर दिया गया है। इस बात की जांच की जा रही है कि ये पुलिसकर्मी किन परिस्थितियों में अपने अधिकारी को मौके पर अकेला छोड़कर भागे।टिप्पणियां इससे पहले, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आजम खान ने हक को अकेला छोड़कर भागने वाले पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा था कि हमले के वक्त भागने वाले पुलिसकर्मी या तो कायर थे या हत्या की साजिश में शामिल थे। ऐसे पुलिसकर्मियों को नौकरी में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उल्लेखनीय है कि कुंडा क्षेत्र के वलीपुर गांव में शनिवार देर रात दो गुटों के बीच हुई गोलीबारी की घटना में गांव के प्रधान नन्हें सहित दो लोगों की हत्या कर दी गई। घटना को नियंत्रित करने पहुंचे कुंडा के सीओ जिला उल हक की भी हिंसा के दौरान भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई थी। पुलिस महानिदेशक को गांव में परिजनों और स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। परिवार की मांग थी कि जब तक मुख्यमंत्री स्वयं आकर सीबीआई जांच का ऐलान नहीं करेंगे, अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। हालात से मजबूर मुख्यमंत्री अखिलेश शाम को लखनऊ से देवरिया के लिए रवाना हुए और सीओ के पैतृक गांव- नूनखार जुवाफार जाकर परिजनों से मिलकर हत्याकांड की सीबीआई जांच का ऐलान किया। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये आर्थिक मदद, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और पूरे मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए। मुख्यमंत्री से आश्वासन मिलने के बाद हक का परिवार अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हुआ। अखिलेश ने कहा कि राज्य सरकार घटना को लेकर बहुत आहत है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा चाहे वह कोई भी हो। उन्होंने कहा कि अगर पूर्व कैबिनेट मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया हत्याकांड में दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ भी कठोर कारवाई होगी। इससे पहले राज्य सरकार ने सीओ हत्याकांड में घटना के दिन उन्हें मौके पर अकेले छोड़कर भागने वाले तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अरुण कुमार ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि कुंडा कोतवाली के प्रभारी सर्वेश मिश्रा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक विनय कुमार सिंह और सीओ के गनर इमरान को निलंबित कर दिया गया है। इस बात की जांच की जा रही है कि ये पुलिसकर्मी किन परिस्थितियों में अपने अधिकारी को मौके पर अकेला छोड़कर भागे।टिप्पणियां इससे पहले, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आजम खान ने हक को अकेला छोड़कर भागने वाले पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा था कि हमले के वक्त भागने वाले पुलिसकर्मी या तो कायर थे या हत्या की साजिश में शामिल थे। ऐसे पुलिसकर्मियों को नौकरी में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उल्लेखनीय है कि कुंडा क्षेत्र के वलीपुर गांव में शनिवार देर रात दो गुटों के बीच हुई गोलीबारी की घटना में गांव के प्रधान नन्हें सहित दो लोगों की हत्या कर दी गई। घटना को नियंत्रित करने पहुंचे कुंडा के सीओ जिला उल हक की भी हिंसा के दौरान भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई थी। हालात से मजबूर मुख्यमंत्री अखिलेश शाम को लखनऊ से देवरिया के लिए रवाना हुए और सीओ के पैतृक गांव- नूनखार जुवाफार जाकर परिजनों से मिलकर हत्याकांड की सीबीआई जांच का ऐलान किया। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये आर्थिक मदद, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और पूरे मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए। मुख्यमंत्री से आश्वासन मिलने के बाद हक का परिवार अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हुआ। अखिलेश ने कहा कि राज्य सरकार घटना को लेकर बहुत आहत है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा चाहे वह कोई भी हो। उन्होंने कहा कि अगर पूर्व कैबिनेट मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया हत्याकांड में दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ भी कठोर कारवाई होगी। इससे पहले राज्य सरकार ने सीओ हत्याकांड में घटना के दिन उन्हें मौके पर अकेले छोड़कर भागने वाले तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अरुण कुमार ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि कुंडा कोतवाली के प्रभारी सर्वेश मिश्रा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक विनय कुमार सिंह और सीओ के गनर इमरान को निलंबित कर दिया गया है। इस बात की जांच की जा रही है कि ये पुलिसकर्मी किन परिस्थितियों में अपने अधिकारी को मौके पर अकेला छोड़कर भागे।टिप्पणियां इससे पहले, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आजम खान ने हक को अकेला छोड़कर भागने वाले पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा था कि हमले के वक्त भागने वाले पुलिसकर्मी या तो कायर थे या हत्या की साजिश में शामिल थे। ऐसे पुलिसकर्मियों को नौकरी में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उल्लेखनीय है कि कुंडा क्षेत्र के वलीपुर गांव में शनिवार देर रात दो गुटों के बीच हुई गोलीबारी की घटना में गांव के प्रधान नन्हें सहित दो लोगों की हत्या कर दी गई। घटना को नियंत्रित करने पहुंचे कुंडा के सीओ जिला उल हक की भी हिंसा के दौरान भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई थी। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये आर्थिक मदद, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और पूरे मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए। मुख्यमंत्री से आश्वासन मिलने के बाद हक का परिवार अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हुआ। अखिलेश ने कहा कि राज्य सरकार घटना को लेकर बहुत आहत है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा चाहे वह कोई भी हो। उन्होंने कहा कि अगर पूर्व कैबिनेट मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया हत्याकांड में दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ भी कठोर कारवाई होगी। इससे पहले राज्य सरकार ने सीओ हत्याकांड में घटना के दिन उन्हें मौके पर अकेले छोड़कर भागने वाले तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अरुण कुमार ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि कुंडा कोतवाली के प्रभारी सर्वेश मिश्रा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक विनय कुमार सिंह और सीओ के गनर इमरान को निलंबित कर दिया गया है। इस बात की जांच की जा रही है कि ये पुलिसकर्मी किन परिस्थितियों में अपने अधिकारी को मौके पर अकेला छोड़कर भागे।टिप्पणियां इससे पहले, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आजम खान ने हक को अकेला छोड़कर भागने वाले पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा था कि हमले के वक्त भागने वाले पुलिसकर्मी या तो कायर थे या हत्या की साजिश में शामिल थे। ऐसे पुलिसकर्मियों को नौकरी में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उल्लेखनीय है कि कुंडा क्षेत्र के वलीपुर गांव में शनिवार देर रात दो गुटों के बीच हुई गोलीबारी की घटना में गांव के प्रधान नन्हें सहित दो लोगों की हत्या कर दी गई। घटना को नियंत्रित करने पहुंचे कुंडा के सीओ जिला उल हक की भी हिंसा के दौरान भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई थी। अखिलेश ने कहा कि राज्य सरकार घटना को लेकर बहुत आहत है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा चाहे वह कोई भी हो। उन्होंने कहा कि अगर पूर्व कैबिनेट मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया हत्याकांड में दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ भी कठोर कारवाई होगी। इससे पहले राज्य सरकार ने सीओ हत्याकांड में घटना के दिन उन्हें मौके पर अकेले छोड़कर भागने वाले तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अरुण कुमार ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि कुंडा कोतवाली के प्रभारी सर्वेश मिश्रा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक विनय कुमार सिंह और सीओ के गनर इमरान को निलंबित कर दिया गया है। इस बात की जांच की जा रही है कि ये पुलिसकर्मी किन परिस्थितियों में अपने अधिकारी को मौके पर अकेला छोड़कर भागे।टिप्पणियां इससे पहले, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आजम खान ने हक को अकेला छोड़कर भागने वाले पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा था कि हमले के वक्त भागने वाले पुलिसकर्मी या तो कायर थे या हत्या की साजिश में शामिल थे। ऐसे पुलिसकर्मियों को नौकरी में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उल्लेखनीय है कि कुंडा क्षेत्र के वलीपुर गांव में शनिवार देर रात दो गुटों के बीच हुई गोलीबारी की घटना में गांव के प्रधान नन्हें सहित दो लोगों की हत्या कर दी गई। घटना को नियंत्रित करने पहुंचे कुंडा के सीओ जिला उल हक की भी हिंसा के दौरान भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई थी। इससे पहले राज्य सरकार ने सीओ हत्याकांड में घटना के दिन उन्हें मौके पर अकेले छोड़कर भागने वाले तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अरुण कुमार ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि कुंडा कोतवाली के प्रभारी सर्वेश मिश्रा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक विनय कुमार सिंह और सीओ के गनर इमरान को निलंबित कर दिया गया है। इस बात की जांच की जा रही है कि ये पुलिसकर्मी किन परिस्थितियों में अपने अधिकारी को मौके पर अकेला छोड़कर भागे।टिप्पणियां इससे पहले, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आजम खान ने हक को अकेला छोड़कर भागने वाले पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा था कि हमले के वक्त भागने वाले पुलिसकर्मी या तो कायर थे या हत्या की साजिश में शामिल थे। ऐसे पुलिसकर्मियों को नौकरी में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उल्लेखनीय है कि कुंडा क्षेत्र के वलीपुर गांव में शनिवार देर रात दो गुटों के बीच हुई गोलीबारी की घटना में गांव के प्रधान नन्हें सहित दो लोगों की हत्या कर दी गई। घटना को नियंत्रित करने पहुंचे कुंडा के सीओ जिला उल हक की भी हिंसा के दौरान भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई थी। उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अरुण कुमार ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि कुंडा कोतवाली के प्रभारी सर्वेश मिश्रा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक विनय कुमार सिंह और सीओ के गनर इमरान को निलंबित कर दिया गया है। इस बात की जांच की जा रही है कि ये पुलिसकर्मी किन परिस्थितियों में अपने अधिकारी को मौके पर अकेला छोड़कर भागे।टिप्पणियां इससे पहले, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आजम खान ने हक को अकेला छोड़कर भागने वाले पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा था कि हमले के वक्त भागने वाले पुलिसकर्मी या तो कायर थे या हत्या की साजिश में शामिल थे। ऐसे पुलिसकर्मियों को नौकरी में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उल्लेखनीय है कि कुंडा क्षेत्र के वलीपुर गांव में शनिवार देर रात दो गुटों के बीच हुई गोलीबारी की घटना में गांव के प्रधान नन्हें सहित दो लोगों की हत्या कर दी गई। घटना को नियंत्रित करने पहुंचे कुंडा के सीओ जिला उल हक की भी हिंसा के दौरान भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई थी। इससे पहले, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आजम खान ने हक को अकेला छोड़कर भागने वाले पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा था कि हमले के वक्त भागने वाले पुलिसकर्मी या तो कायर थे या हत्या की साजिश में शामिल थे। ऐसे पुलिसकर्मियों को नौकरी में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उल्लेखनीय है कि कुंडा क्षेत्र के वलीपुर गांव में शनिवार देर रात दो गुटों के बीच हुई गोलीबारी की घटना में गांव के प्रधान नन्हें सहित दो लोगों की हत्या कर दी गई। घटना को नियंत्रित करने पहुंचे कुंडा के सीओ जिला उल हक की भी हिंसा के दौरान भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई थी। उल्लेखनीय है कि कुंडा क्षेत्र के वलीपुर गांव में शनिवार देर रात दो गुटों के बीच हुई गोलीबारी की घटना में गांव के प्रधान नन्हें सहित दो लोगों की हत्या कर दी गई। घटना को नियंत्रित करने पहुंचे कुंडा के सीओ जिला उल हक की भी हिंसा के दौरान भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई थी।
यहाँ एक सारांश है:प्रतापगढ़ के कुंडा में सीओ के तौर पर तैनात पुलिस उपाधीक्षक जियाउल हक हत्याकांड मामले में रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया। मामले में उनके दो करीबियों को गिरफ्तार किया गया और तीन पुलिसकर्मी निलंबित किए गए, लेकिन उनकी गिरफ्तारी
4
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: श्रीलंका बनाम न्यूजीलैंड मुकाबले में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। श्रीलंकाई टीम इंग्लैंड को करारी शिकस्त देकर अंतिम चार में पहुंचने में कामयाब हुई है वहीं न्यूजीलैंड की टीम विश्व कप में खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही दक्षिण अफ्रीका को हराकर सेमीफाइनल में पहुंची है।  विश्व कप में श्रीलंका की टीम चौथी बार सेमीफाइनल में पहुंची है। श्रीलंका पहली बार 1996 विश्व कप खिताब पर कब्जा जमाया था। इसके बाद वह 2003 और 2007 में भी विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है। श्रीलंकाई टीम 2007 विश्व कप का उपविजेता रही थी। न्यूजीलैंड की टीम विश्व कप में छठी बार सेमीफाइनल खेलेगी। न्यूजीलैंड की टीम 1975 और 1979 के विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंची थी इसके अलावा वर्ष 1992 में भी वह सेमीफाइनल तक का सफर तय करने में सफल हुई थी। इसके बाद वर्ष 1999 और 2007 में भी कीवी टीम अंतिम चार में जगह बनाई थी। श्रीलंका विश्व कप खिताब जीतने के प्रबल दावेदारों में शामिल है। श्रीलंकाई टीम को तेज शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी सलामी बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान और उपुल थरंगा के कंधों पर होगी। दिलशान और थरंगा बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं वहीं मध्यक्रम में कप्तान कुमार संगकारा और पूर्व कप्तान माहेला जयवर्धने के ऊपर बड़ी जिम्मेदारी होगी। तेज गेंदबाजी का आक्रमण लसिथ मलिंगा और नुवान कुलासेकरा के कंधों पर होगा वहीं स्पिन का भार महान गेंदबाज मुथैया मुरलीधरन और रंगना हेराथ उठाएंगे। दूसरी ओर, न्यूजीलैंड की टीम में सलामी बल्लेबाजी की जिम्मेदारी विकेट कीपर बल्लेबाज ब्रेंडन मैक्लम और मार्टिन गुपटिल उठाएंगे वहीं मध्यक्रम में विस्फोटक बल्लेबाज जेसी राइडर और रॉस टेलर टीम को मजबूती प्रदान करेंगे। तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी टिम साउदी और हरफनमौला जैकब ओरम के कंधों पर होगा वहीं स्पिन की जिम्मेदारी खुद कप्तान डेनियल विटोरी और नेथन मैक्लम सम्भालेंगे। कुल मिलाकर मुकाबला रोचक होने की उम्मीद की जा रही है क्योंकि एक ओर जहां पिछले बार की उपविजेता श्रीलंकाई टीम खिताब जीतने के और करीब पहुंचना चाहेगी वहीं न्यूजीलैंड के लिए पहली बार खिताबी दौड़ में पहुंचने के लिए यह सुनहरा मौका है।
सारांश: श्रीलंका बनाम न्यूजीलैंड मुकाबले में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है।
31
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका ने लीबिया की लगभग 30 अरब डॉलर की सम्पत्ति जब्त कर ली है। लीबिया के तानाशाह शासक मुअम्मार गद्दाफी की ताकत कम करने के मकसद से यह कदम उठाया गया है। राजकोष विभाग में आतंकवाद एवं वित्तीय खुफिया मामलों के प्रमुख अधिकारी डेविड कोहेन ने सोमवार को कहा कि अमेरिका के इतिहास में यह इस तरह की अब तक की सबसे बड़ी वित्तीय कार्रवाई है। अमेरिकी अधिकारियों ने पिछले शुक्रवार को लीबिया पर प्रतिबंध लगाए थे और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने शनिवार को सर्वसम्मति से लीबिया पर एक प्रस्ताव पारित किया था। राष्ट्रपति बराक ओबामा ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए सोमवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून से मुलाकात की थी। बाद में बान ने संवाददाताओं से कहा था कि इस दिशा में और अधिक कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता है। बान ने कहा कि जब गद्दाफी ने लीबियाई जनता के खिलाफ युद्ध की घोषणा की तभी उन्होंने अपनी वैधानिकता खो दी थी। उन्होंने कहा, "इस स्थिति को किसी भी तरह से स्वीकार नहीं किया जा सकता। मैं उम्मीद करता हूं और उनसे आग्रह करता हूं कि वे लोगों की बात सुनें। उनके लिए मेरा यही संदेश है।" अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की बैठक में कहा कि सभी विकल्प खुले हुए हैं। उन्होंने कहा था, "गद्दाफी और उनके सहयोगियों को अंतरराष्ट्रीय कानूनी दायित्वों और शालीनता के उल्लंघन के लिए उनके द्वारा की गई कार्रवाईयों की पूरी जवाबदेही लेनी चाहिए।" क्लिंटन ने कहा, "उन्होंने अपने कार्यो से सरकार चलाने की वैधानिकता खो दी है।" संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी दूत सुसान राइस का कहना है कि गद्दाफी भ्रमित हो गए हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने ही लोगों का कत्लेआम कर रहे हैं जो बताता है कि वह सरकार चलाने के लिए कितने अयोग्य हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अमेरिका ने लीबिया की 30 अरब डॉलर की सम्पत्ति जब्त कर ली है। गद्दाफी की ताकत कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार द्वारा मायावती शासनकाल में बनाये गए आठ जिलों के नाम सोमवार को बदलने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने कहा कि ऐसा करके सपा सरकार ने दलित महापुरुषों और इतिहास का अपमान किया है और इसके लिए समाज और इतिहास उन्हें कभी माफ नहीं करेगा। बसपा प्रमुख मायावती ने सोमवार शाम एक बयान जारी कर कहा कि जिलों के नाम बदलने की चर्चा मीडिया में काफी पहले से आ रही थी, लेकिन उनको ये भरोसा नहीं था कि दुर्भावना के तहत काम करते हुए सपा सरकार दलित व अन्य पिछड़े वर्गो में जन्मे महापुरुषों और गुरुओं के प्रति नफरत में इस हद तक तक आगे चली जाएगी कि उनके नाम पर रखे गए जिलों के नाम तक बदलकर उनका अपमान करने पर उतारू हो जाएगी। मायावती ने कहा कि सपा सरकार के आज के फैसले की जितनी निंदा की जाए उतनी कम है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम काले अक्षरों में दर्ज करवा लिया है। उन्होंने कहा कि त्याग और संघर्ष करने वाले दलित महापुरुषों का अपमान करने वालों को पहले भी समाज सबक सिखा चुका है और निश्चित ही समाज आने वाले दिनों में इस प्रकार के लगातार अपमानों को बर्दाश्त नहीं करेगा।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि आज मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में सपा सरकार ने आठ जिलों के नाम बदलने का ऐलान किया। पंचशीलनगर का नाम बदलकर हापुड़, प्रबुद्धनगर का शामली, महामाया नगर का हाथरस, कांशीराम नगर का कासगंज, रमाबाईनगर का कानपुर देहात, ज्योतिबाफुले नगर का अमरोहा, भीमनगर का बहजोई और छत्रपति शाहूजी महाराज नगर का गौरीगंज कर दिया गया। कैबिनेट की बैठक में लखनऊ स्थित छत्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय का नाम फिर से किंग जॉर्ज मेडिकल युनिवर्सिटी (केजीएमयू) कर दिया गया। बसपा प्रमुख मायावती ने सोमवार शाम एक बयान जारी कर कहा कि जिलों के नाम बदलने की चर्चा मीडिया में काफी पहले से आ रही थी, लेकिन उनको ये भरोसा नहीं था कि दुर्भावना के तहत काम करते हुए सपा सरकार दलित व अन्य पिछड़े वर्गो में जन्मे महापुरुषों और गुरुओं के प्रति नफरत में इस हद तक तक आगे चली जाएगी कि उनके नाम पर रखे गए जिलों के नाम तक बदलकर उनका अपमान करने पर उतारू हो जाएगी। मायावती ने कहा कि सपा सरकार के आज के फैसले की जितनी निंदा की जाए उतनी कम है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम काले अक्षरों में दर्ज करवा लिया है। उन्होंने कहा कि त्याग और संघर्ष करने वाले दलित महापुरुषों का अपमान करने वालों को पहले भी समाज सबक सिखा चुका है और निश्चित ही समाज आने वाले दिनों में इस प्रकार के लगातार अपमानों को बर्दाश्त नहीं करेगा।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि आज मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में सपा सरकार ने आठ जिलों के नाम बदलने का ऐलान किया। पंचशीलनगर का नाम बदलकर हापुड़, प्रबुद्धनगर का शामली, महामाया नगर का हाथरस, कांशीराम नगर का कासगंज, रमाबाईनगर का कानपुर देहात, ज्योतिबाफुले नगर का अमरोहा, भीमनगर का बहजोई और छत्रपति शाहूजी महाराज नगर का गौरीगंज कर दिया गया। कैबिनेट की बैठक में लखनऊ स्थित छत्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय का नाम फिर से किंग जॉर्ज मेडिकल युनिवर्सिटी (केजीएमयू) कर दिया गया। मायावती ने कहा कि सपा सरकार के आज के फैसले की जितनी निंदा की जाए उतनी कम है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम काले अक्षरों में दर्ज करवा लिया है। उन्होंने कहा कि त्याग और संघर्ष करने वाले दलित महापुरुषों का अपमान करने वालों को पहले भी समाज सबक सिखा चुका है और निश्चित ही समाज आने वाले दिनों में इस प्रकार के लगातार अपमानों को बर्दाश्त नहीं करेगा।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि आज मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में सपा सरकार ने आठ जिलों के नाम बदलने का ऐलान किया। पंचशीलनगर का नाम बदलकर हापुड़, प्रबुद्धनगर का शामली, महामाया नगर का हाथरस, कांशीराम नगर का कासगंज, रमाबाईनगर का कानपुर देहात, ज्योतिबाफुले नगर का अमरोहा, भीमनगर का बहजोई और छत्रपति शाहूजी महाराज नगर का गौरीगंज कर दिया गया। कैबिनेट की बैठक में लखनऊ स्थित छत्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय का नाम फिर से किंग जॉर्ज मेडिकल युनिवर्सिटी (केजीएमयू) कर दिया गया। उन्होंने कहा कि त्याग और संघर्ष करने वाले दलित महापुरुषों का अपमान करने वालों को पहले भी समाज सबक सिखा चुका है और निश्चित ही समाज आने वाले दिनों में इस प्रकार के लगातार अपमानों को बर्दाश्त नहीं करेगा।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि आज मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में सपा सरकार ने आठ जिलों के नाम बदलने का ऐलान किया। पंचशीलनगर का नाम बदलकर हापुड़, प्रबुद्धनगर का शामली, महामाया नगर का हाथरस, कांशीराम नगर का कासगंज, रमाबाईनगर का कानपुर देहात, ज्योतिबाफुले नगर का अमरोहा, भीमनगर का बहजोई और छत्रपति शाहूजी महाराज नगर का गौरीगंज कर दिया गया। कैबिनेट की बैठक में लखनऊ स्थित छत्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय का नाम फिर से किंग जॉर्ज मेडिकल युनिवर्सिटी (केजीएमयू) कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि आज मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में सपा सरकार ने आठ जिलों के नाम बदलने का ऐलान किया। पंचशीलनगर का नाम बदलकर हापुड़, प्रबुद्धनगर का शामली, महामाया नगर का हाथरस, कांशीराम नगर का कासगंज, रमाबाईनगर का कानपुर देहात, ज्योतिबाफुले नगर का अमरोहा, भीमनगर का बहजोई और छत्रपति शाहूजी महाराज नगर का गौरीगंज कर दिया गया। कैबिनेट की बैठक में लखनऊ स्थित छत्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय का नाम फिर से किंग जॉर्ज मेडिकल युनिवर्सिटी (केजीएमयू) कर दिया गया। कैबिनेट की बैठक में लखनऊ स्थित छत्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय का नाम फिर से किंग जॉर्ज मेडिकल युनिवर्सिटी (केजीएमयू) कर दिया गया।
यहाँ एक सारांश है:मायावती ने कहा कि सपा सरकार के आज के फैसले की जितनी निंदा की जाए उतनी कम है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम काले अक्षरों में दर्ज करवा लिया है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद समाजवादी कुनबे के दोबारा एकजुट होने की खबरें आ रही थीं, लेकिन अब सपा से अलग होकर अपनी अलग पार्टी बनाने वाले शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Singh Yadav) ने इन खबरों पर विराम लगा दिया है. प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के प्रमुख शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Singh Yadav) ने शुक्रवार को यहां कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ अब उनका चैप्टर बंद हो गया है. शिवपाल ने लखनऊ में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा, "लोकसभा चुनाव से पहले हमने पहल की थी कि हमको भी गठबंधन में शामिल किया जाए. जब हमको अच्छा जवाब नहीं मिला तो हमने भी सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े कर दिए थे. इसलिए हमने समाजवादी पार्टी का चैप्टर बंद कर दिया है" .  शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Singh Yadav) ने कहा कि अब तो समाजवादी पार्टी में शामिल होने या फिर उनके साथ कोई भी बात करने का सारा अध्याय बंद हो चुका है. शिवपाल ने घर वापसी के सवाल को खारिज करते हुए कहा कि उनकी पार्टी के किसी भी राजनीतिक दल में विलय की कोई संभावना नहीं है और "हमने तय किया है कि 2022 का विधानसभा चुनाव जोरदार तरीके से लड़ेंगे". शिवपाल ने कहा, "हम और हमारी पार्टी विधानसभा उपचुनाव के साथ ही 2022 के विधानसभा चुनाव पर ध्यान दे रहे हैं. कई दलों के नेता हमारी पार्टी में शामिल होने के लिए संपर्क में हैं. समय आने पर उनको भी शामिल करेंगे। 2022 में हम उत्तर प्रदेश में सरकार बनाएंगे" यादव ने कार्यकर्ताओं को विधानसभा चुनाव की तैयारी करने के निर्देश भी दिए.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: शिवपाल सिंह यादव ने दिया बड़ा कहा- सपा के साथ सारे अध्याय बंद अब अकेले ही लड़ेंगे सारे चुनाव
11
['hin']
एक सारांश बनाओ: इंग्लैंड क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज केविन पीटरसन 19 फरवरी से 2 अप्रैल तक भारतीय उपमहाद्वीप में आयोजित होने वाले आईसीसी क्रिकेट विश्व कप के बाद एकदिवसीय क्रिकेट से संन्यास ले लेंगे। पीटरसन की प्राथमिकता टेस्ट और अंतरराष्ट्रीय ट्वेंटी-20 क्रिकेट है। पीटरसन अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए यह कदम उठा सकते हैं। समाचार पत्र 'डेली मेल' ने सूत्रों के हवालों से बताया है कि 30 वर्षीय पीटरसन अपनी पत्नी जेस और बेटे डायलन के साथ अधिक से अधिक समय बिताना चाहते हैं। अखबार के मुताबिक पीटरसन का मानना है कि आधुनिक क्रिकेट के व्यस्त कार्यक्रमों को देखते हुए खिलाड़ियों के लिए यह संभव नहीं है कि वह क्रिकेट के सभी प्रारूपों में हिस्सा ले सकें। पत्र लिखता है, पीटरसन यदि ऐसा कुछ करते हैं तो यह उनके लिए जोखिम भरा फैसला हो सकता है, क्योंकि अभी वह इंग्लैंड की टेस्ट और ट्वेंटी-20 टीम में उपलब्ध हैं और वह जब तक खेलना चाहें खेल सकते हैं। हाल में इंग्लैंड की टीम पांच महीने बाद स्वदेश लौटी थी। ऑस्ट्रेलिया में एशेज शृंखला और कॉमनवेल्थ बैंक एकदिवसीय शृंखला खेलने के बाद इंग्लैंड के खिलाड़ी मात्र चार दिन ही अपने परिवार के साथ बिता पाए और अब वह विश्व कप में भाग लेने के लिए बांग्लादेश के लिए रवाना हो चुके हैं। इससे पहले, पीटरसन ने विश्व कप के लंबे कार्यक्रम को हास्यास्पद बताया था। विश्व कप से पहले इंग्लैंड का पहला अभ्यास मैच कनाडा से 16 फरवरी को होगा। इंग्लैंड को विश्व कप में भारत, दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज, बांग्लादेश, आयरलैंड और नीदरलैंड्स के साथ ग्रुप 'बी' में रखा गया है।
यह एक सारांश है: 'डेली मेल' ने सूत्रों के हवालों से बताया है कि 30 वर्षीय पीटरसन अपनी पत्नी जेस और बेटे डायलन के साथ अधिक से अधिक समय बिताना चाहते हैं।
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: टोरंटो जा रहे एयर इंडिया विमान में एक महिला ने बच्ची को जन्म दिया। विमान की सेवा में बिना किसी बाधा के कजाखस्तान के 34 हजार फुट ऊपर हवा में नन्ही परी का इस दुनिया में आगमन हुआ। अमृतसर की रहने वाली आठ महीने की गर्भवती कुलजीत कौर मध्यरात्रि को आईजीआई हवाई अड्डे से अपने पति के साथ एयर इंडिया के दिल्ली-टोरंटो विमान में सवार हुई थी। एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि विमान ने रात पौने दो बजे उडान भरी थी और करीब साढ़े तीन बजे जब यह विमान कजाखस्तान के ऊपर उड़ रहा था, तभी कुलजीत को प्रसव पीड़ा हुई। इसके बाद केबिन क्रू को तुरंत सूचित किया गया और फिर स्थिति के बारे में कैप्टन को अलर्ट किया गया। विमान में सवार एक महिला डॉक्टर ने कुलजीत की मदद की। पायलट ने घोषणा की कि अगर जरूरत पड़ी तो वह विमान को किसी करीबी हवाई अड्डे पर उतार सकते हैं, लेकिन सामान्य प्रसव हुआ। अधिकारी ने कहा, सामान्य प्रसव हुआ और जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ्य हैं। इसलिए पायलट ने विमान का संचालन जारी रखा और यह विमान आज टोरंटो में उतरेगा।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: विमान की सेवा में बिना किसी बाधा के कजाखस्तान के 34 हजार फुट ऊपर हवा में नन्ही परी का इस दुनिया में आगमन हुआ।
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत के विश्व कप विजेता कप्तान कपिल देव का मानना है कि सचिन तेंदुलकर का राष्ट्रीय टीम के कप्तान के रूप में असफल रहने का कारण यह भी था कि उन्होंने कभी चयनकर्ताओं को यह नहीं बताया कि उन्हें कैसी टीम चाहिए। कपिल ने मंगलवार रात लीडरशिप पर पैनल चर्चा के दौरान कहा, सचिन ने कभी चयनकर्ताओं को यह संकेत नहीं दिया कि, मैं इन खिलाड़ियों को टीम में चाहता हूं। मुश्किल बात यह थी वह खुद को अपने तक सीमित रखते थे और हमें कहना पड़ता था कि सचिन आपको जाकर ऐसा कहना चाहिए। उन्होंने कहा, लेकिन उन्हें लगता था कि, मैं उनसे नहीं कह सकता, उन्हें पता होना चाहिए। जब आप लीडर होते हो तो आपको सीनियर प्रबंधन के पास जाकर यह कहना ही होगा कि आपको इस तरह की टीम की जरूरत है। तेंदुलकर ने 25 टेस्ट मैचों में भारत की अगुवाई की जिसमें से चार में जीत मिली जबकि नौ में हार। इसमें ऑस्ट्रेलिया से 1999 में 0-3 और इसके बाद दक्षिण अफ्रीका से घरेलू सरजमीं पर मिली 0-2 की हार भी शामिल है। तेंदुलकर को जब 1999 में दूसरी बार कप्तान बनाया गया था तो कपिल टीम के कोच थे। देश के एकमात्र विश्व कप विजेता कप्तान ने इसके साथ ही कहा कि वह भी टीम की अगुवाई करने के लिये काफी युवा थे और तब सुनील गावस्कर इसके लिये सही व्यक्ति थे। कपिल जब कप्तान बने थे तब उनकी उम्र 23 साल थी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: तेंदुलकर का कप्तान के रूप में असफल रहने का कारण यह भी था कि उन्होंने कभी चयनकर्ताओं को यह नहीं बताया कि उन्हें कैसी टीम चाहिए।
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: एबीवीपी के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट के वायरल होने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय की एक छात्रा ने आरोप लगाया है कि उसे दुष्कर्म करने की धमकी मिली है. करगिल शहीद कैप्टन मनदीप सिंह की बेटी गुरमेहर कौर ने कहा उसके रुख के कारण उसे नफरत भरे संदेश मिले हैं. वह लेडी श्री राम कॉलेज की छात्रा है. उसने एनडीटीवी से कहा, "सोशल मीडिया पर मुझे काफी धमकी मिल रही है. मुझे लगता है कि यह बहुत डरावना है जब लोग आपको हिंसा या दुष्कर्म की धमकी देते हैं." उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद के नाम पर दुष्कर्म की धमकी देना सही नहीं है. उनके बयान को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित चौतरफा समर्थन मिला है.टिप्पणियां गौरतलब है कि बीते बुधवार को रामजस कॉलेज के सेमिनार में जेएनयू के छात्र उमर खालिद को वक्ता के तौर पर बुलाए जाने का एबीवीपी के छात्र विरोध करने पहुंचे थे. विरोध हिंसक होने पर करीब 20 छात्र घायल हो गए थे. उमर खालिद राजद्रोह के मामले में आरोपी हैं. डीयू की छात्रा गुरमेहर ने 140 शब्दों के फेसबुक पोस्ट में हंगामे का वर्णन किया है. गुरमेहर एबीवीपी के खिलाफ 'टायरनी ऑफ फियर' नाम से फेसबुक कैंपने भी चला रही है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है.   इस घटना के विरोध में लेडी श्रीराम कॉलेज की छात्रा गुरमेहर ने अपना फेसबुक प्रोफाइल तस्वीर बदल दिया. इस तस्वीर में लिखा था, 'मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा हूं, मैं एबीवीपी से नहीं डरी हूं. मैं अकेली नहीं हूं. देश का हर छात्र मेरे साथ ही. #StudentsAgainstABVP.' कुछ ही देर में  गुरमेहर का पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. उसपर भारी संख्या में कमेंट आने शुरू हो गए. जालंधर की रहने वाली शहीद की बेटी ने एबीवीपी की हरकत को क्रूर और लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है. उसने एनडीटीवी से कहा, "सोशल मीडिया पर मुझे काफी धमकी मिल रही है. मुझे लगता है कि यह बहुत डरावना है जब लोग आपको हिंसा या दुष्कर्म की धमकी देते हैं." उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद के नाम पर दुष्कर्म की धमकी देना सही नहीं है. उनके बयान को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित चौतरफा समर्थन मिला है.टिप्पणियां गौरतलब है कि बीते बुधवार को रामजस कॉलेज के सेमिनार में जेएनयू के छात्र उमर खालिद को वक्ता के तौर पर बुलाए जाने का एबीवीपी के छात्र विरोध करने पहुंचे थे. विरोध हिंसक होने पर करीब 20 छात्र घायल हो गए थे. उमर खालिद राजद्रोह के मामले में आरोपी हैं. डीयू की छात्रा गुरमेहर ने 140 शब्दों के फेसबुक पोस्ट में हंगामे का वर्णन किया है. गुरमेहर एबीवीपी के खिलाफ 'टायरनी ऑफ फियर' नाम से फेसबुक कैंपने भी चला रही है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है.   इस घटना के विरोध में लेडी श्रीराम कॉलेज की छात्रा गुरमेहर ने अपना फेसबुक प्रोफाइल तस्वीर बदल दिया. इस तस्वीर में लिखा था, 'मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा हूं, मैं एबीवीपी से नहीं डरी हूं. मैं अकेली नहीं हूं. देश का हर छात्र मेरे साथ ही. #StudentsAgainstABVP.' कुछ ही देर में  गुरमेहर का पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. उसपर भारी संख्या में कमेंट आने शुरू हो गए. जालंधर की रहने वाली शहीद की बेटी ने एबीवीपी की हरकत को क्रूर और लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है. गौरतलब है कि बीते बुधवार को रामजस कॉलेज के सेमिनार में जेएनयू के छात्र उमर खालिद को वक्ता के तौर पर बुलाए जाने का एबीवीपी के छात्र विरोध करने पहुंचे थे. विरोध हिंसक होने पर करीब 20 छात्र घायल हो गए थे. उमर खालिद राजद्रोह के मामले में आरोपी हैं. डीयू की छात्रा गुरमेहर ने 140 शब्दों के फेसबुक पोस्ट में हंगामे का वर्णन किया है. गुरमेहर एबीवीपी के खिलाफ 'टायरनी ऑफ फियर' नाम से फेसबुक कैंपने भी चला रही है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है.   इस घटना के विरोध में लेडी श्रीराम कॉलेज की छात्रा गुरमेहर ने अपना फेसबुक प्रोफाइल तस्वीर बदल दिया. इस तस्वीर में लिखा था, 'मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा हूं, मैं एबीवीपी से नहीं डरी हूं. मैं अकेली नहीं हूं. देश का हर छात्र मेरे साथ ही. #StudentsAgainstABVP.' कुछ ही देर में  गुरमेहर का पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. उसपर भारी संख्या में कमेंट आने शुरू हो गए. जालंधर की रहने वाली शहीद की बेटी ने एबीवीपी की हरकत को क्रूर और लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है. कुछ ही देर में  गुरमेहर का पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. उसपर भारी संख्या में कमेंट आने शुरू हो गए. जालंधर की रहने वाली शहीद की बेटी ने एबीवीपी की हरकत को क्रूर और लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है.
यहाँ एक सारांश है:गुरमेहर कौर ने कहा उसके रुख के कारण उसे नफरत भरे संदेश मिले हैं कहा - मुझे काफी धमकी मिल रही है, यह बहुत डरावना है गुरमेहर एबीवीपी के खिलाफ फेसबुक कैंपने चलाया था
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बंबई शेयर बाजार ने प्रात: सत्र में बाजार में भारी उतार-चढ़ाव की प्रवृत्ति को थामने के उपाय के तहत अपने यहां सूचीबद्ध 4,000 से अधिक शेयरों में बाजार खुलने से पहले काल आक्शन यानी क्रय बिक्रय की बोलियां आमंत्रित करने की शुरूआत की शुक्रवार को घोषणा की। इस व्यवस्था के तहत खरीद और बिक्री के लिए आयी बोलियों के आधार पर बाजार के लिए इन शेयरों के प्रारंभिक मूल्य तय किए जाएंगे। बंबई शेयर बाजार :बीएसई: ने उच्च उतार-चढ़ाव को रोकने और बाजार में निवेशकों को आकषिर्त करने के इरादे से यह पहल की है। नेशनल स्टाक एक्सचेंज पहले यह शुरू कर चुका है। बीएसई ने अपने सदस्य ब्रोकरों को परिपत्र जारी कर कहा कि वह वह चार अप्रैल से प्री-ओपन काल आक्शन शुरू करेगा। यह कारोबार उन सभी शेयरों के लिये होगा जो बीएसई में सूचीबद्ध हैं। बीएसई और एनएसई दोनों 18 अक्तूबर 2010 से प्री-ओपन काल आक्शन सुविधा शुरू कर चुके हैं। बाजार नियामक सेबी ने पिछले साल जुलाई में इसकी मंजूरी दी थी। बाजार खुलने से पहले काल आक्शन 9 बजे शुरू होता है और 15 मिनट तक जारी रहता है।
सारांश: इस व्यवस्था के तहत खरीद और बिक्री के लिए आयी बोलियों के आधार पर बाजार के लिए इन शेयरों के प्रारंभिक मूल्य तय किए जाएंगे।
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: शुरुआत अमेरिका ने की थी, चीनी सामान पर टैरिफ बढ़ाने का ऐलान किया, फिर यूरोपियन यूनियन और भारत भी इसकी जद में आए और अब भारत ने कई अमेरिकी सामानों पर ड्यूटी बढ़ा दी है. व्यापार समझौतों के इस दौर में ये नए व्यापार युद्ध की शुरुआत है. 27 फरवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया था कि "प्रधानमंत्री (मोदी) जिनको मैं एक शानदार शख्स मानता हूं, उन्होंने मुझे एक दिन फोन किया और कहा कि वे (हार्ली डेविडसन पर) ड्यूटी में कमी कर रहे हैं. मैंने कहा, ठीक है. लेकिन अब तक कुछ नहीं हो सका है. यानी अब तक कुछ नहीं मिला है. उन्होंने 50 फीसदी ले लिया और सोचा कि वो घटा रहे हैं, जैसे कि कोई फायदा दे रहे हैं. लेकिन ये कोई मदद नहीं है." इस साल की शुरुआत में अमेरिका की आइकॉनिक हार्ली डेविडसन जैसी बाइकों पर कस्टम ड्यूटी 100 फीसदी से घटाकर 50 फीसदी करने के भारत के फैसले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ये नाराज़गी सार्वजनिक तौर पर जताई थी. गुरुवार को वे थोड़े खुश ज़रूर हुए होंगे क्योंकि भारत ने 800 सीसी से ऊपर की बाइकों पर कस्टम ड्यूटी नहीं बढ़ाने का फैसला किया है. हालांकि गुरुवार से अमेरिका से भारत आने वाले 29 सामानों पर अब ज़्यादा आयात शुल्क लगेगा. इनमें ड्राई फ्रूट्स, श्रिम्प्स, और कैमिकल्स शामिल हैं. इससे भारत को 24 करोड़ डॉलर सालाना कमाई का अनुमान है. इसके पहले 9 मार्च को अमेरिका ने स्टील और एल्यूमिनियम के आयात पर शुल्क बढ़ाया था जिससे भारत को स्टील के निर्यात पर 19.86 करोड़ डॉलर और एल्यूमिनियम पर 4.22 करोड़ डॉलर के नुकसान का अंदेशा है.टिप्पणियां यानी ये भारत की जवाबी कार्रवाई है. अब भारत ने देसी चने, छोले और मसूर दाल जैसे खाने-पीने के सामान पर 7 फ़ीसदी से 60 फ़ीसदी तक आयात शुल्क बढ़ा दिया. साफ है, इस फैसले के ज़रिए भारत ने अमेरिका को एक कड़ा संदेश दिया है. ये एक नए ट्रेड वार की शुरूआत है. हालांकि ये आगे किस दिशा में आगे जाएगा और किस मोड़ पर रूकेगा ये तस्वीर साफ नहीं है. इतना ज़रूर है कि कि इस कड़े फैसले के ज़रिए भारत ने अमेरिका को ये संदेश ज़रूर दे दिया है कि भारत अपने आर्थिक हितों से कोई समझौता नहीं करेगा. 27 फरवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया था कि "प्रधानमंत्री (मोदी) जिनको मैं एक शानदार शख्स मानता हूं, उन्होंने मुझे एक दिन फोन किया और कहा कि वे (हार्ली डेविडसन पर) ड्यूटी में कमी कर रहे हैं. मैंने कहा, ठीक है. लेकिन अब तक कुछ नहीं हो सका है. यानी अब तक कुछ नहीं मिला है. उन्होंने 50 फीसदी ले लिया और सोचा कि वो घटा रहे हैं, जैसे कि कोई फायदा दे रहे हैं. लेकिन ये कोई मदद नहीं है." इस साल की शुरुआत में अमेरिका की आइकॉनिक हार्ली डेविडसन जैसी बाइकों पर कस्टम ड्यूटी 100 फीसदी से घटाकर 50 फीसदी करने के भारत के फैसले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ये नाराज़गी सार्वजनिक तौर पर जताई थी. गुरुवार को वे थोड़े खुश ज़रूर हुए होंगे क्योंकि भारत ने 800 सीसी से ऊपर की बाइकों पर कस्टम ड्यूटी नहीं बढ़ाने का फैसला किया है. हालांकि गुरुवार से अमेरिका से भारत आने वाले 29 सामानों पर अब ज़्यादा आयात शुल्क लगेगा. इनमें ड्राई फ्रूट्स, श्रिम्प्स, और कैमिकल्स शामिल हैं. इससे भारत को 24 करोड़ डॉलर सालाना कमाई का अनुमान है. इसके पहले 9 मार्च को अमेरिका ने स्टील और एल्यूमिनियम के आयात पर शुल्क बढ़ाया था जिससे भारत को स्टील के निर्यात पर 19.86 करोड़ डॉलर और एल्यूमिनियम पर 4.22 करोड़ डॉलर के नुकसान का अंदेशा है.टिप्पणियां यानी ये भारत की जवाबी कार्रवाई है. अब भारत ने देसी चने, छोले और मसूर दाल जैसे खाने-पीने के सामान पर 7 फ़ीसदी से 60 फ़ीसदी तक आयात शुल्क बढ़ा दिया. साफ है, इस फैसले के ज़रिए भारत ने अमेरिका को एक कड़ा संदेश दिया है. ये एक नए ट्रेड वार की शुरूआत है. हालांकि ये आगे किस दिशा में आगे जाएगा और किस मोड़ पर रूकेगा ये तस्वीर साफ नहीं है. इतना ज़रूर है कि कि इस कड़े फैसले के ज़रिए भारत ने अमेरिका को ये संदेश ज़रूर दे दिया है कि भारत अपने आर्थिक हितों से कोई समझौता नहीं करेगा. इस साल की शुरुआत में अमेरिका की आइकॉनिक हार्ली डेविडसन जैसी बाइकों पर कस्टम ड्यूटी 100 फीसदी से घटाकर 50 फीसदी करने के भारत के फैसले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ये नाराज़गी सार्वजनिक तौर पर जताई थी. गुरुवार को वे थोड़े खुश ज़रूर हुए होंगे क्योंकि भारत ने 800 सीसी से ऊपर की बाइकों पर कस्टम ड्यूटी नहीं बढ़ाने का फैसला किया है. हालांकि गुरुवार से अमेरिका से भारत आने वाले 29 सामानों पर अब ज़्यादा आयात शुल्क लगेगा. इनमें ड्राई फ्रूट्स, श्रिम्प्स, और कैमिकल्स शामिल हैं. इससे भारत को 24 करोड़ डॉलर सालाना कमाई का अनुमान है. इसके पहले 9 मार्च को अमेरिका ने स्टील और एल्यूमिनियम के आयात पर शुल्क बढ़ाया था जिससे भारत को स्टील के निर्यात पर 19.86 करोड़ डॉलर और एल्यूमिनियम पर 4.22 करोड़ डॉलर के नुकसान का अंदेशा है.टिप्पणियां यानी ये भारत की जवाबी कार्रवाई है. अब भारत ने देसी चने, छोले और मसूर दाल जैसे खाने-पीने के सामान पर 7 फ़ीसदी से 60 फ़ीसदी तक आयात शुल्क बढ़ा दिया. साफ है, इस फैसले के ज़रिए भारत ने अमेरिका को एक कड़ा संदेश दिया है. ये एक नए ट्रेड वार की शुरूआत है. हालांकि ये आगे किस दिशा में आगे जाएगा और किस मोड़ पर रूकेगा ये तस्वीर साफ नहीं है. इतना ज़रूर है कि कि इस कड़े फैसले के ज़रिए भारत ने अमेरिका को ये संदेश ज़रूर दे दिया है कि भारत अपने आर्थिक हितों से कोई समझौता नहीं करेगा. गुरुवार को वे थोड़े खुश ज़रूर हुए होंगे क्योंकि भारत ने 800 सीसी से ऊपर की बाइकों पर कस्टम ड्यूटी नहीं बढ़ाने का फैसला किया है. हालांकि गुरुवार से अमेरिका से भारत आने वाले 29 सामानों पर अब ज़्यादा आयात शुल्क लगेगा. इनमें ड्राई फ्रूट्स, श्रिम्प्स, और कैमिकल्स शामिल हैं. इससे भारत को 24 करोड़ डॉलर सालाना कमाई का अनुमान है. इसके पहले 9 मार्च को अमेरिका ने स्टील और एल्यूमिनियम के आयात पर शुल्क बढ़ाया था जिससे भारत को स्टील के निर्यात पर 19.86 करोड़ डॉलर और एल्यूमिनियम पर 4.22 करोड़ डॉलर के नुकसान का अंदेशा है.टिप्पणियां यानी ये भारत की जवाबी कार्रवाई है. अब भारत ने देसी चने, छोले और मसूर दाल जैसे खाने-पीने के सामान पर 7 फ़ीसदी से 60 फ़ीसदी तक आयात शुल्क बढ़ा दिया. साफ है, इस फैसले के ज़रिए भारत ने अमेरिका को एक कड़ा संदेश दिया है. ये एक नए ट्रेड वार की शुरूआत है. हालांकि ये आगे किस दिशा में आगे जाएगा और किस मोड़ पर रूकेगा ये तस्वीर साफ नहीं है. इतना ज़रूर है कि कि इस कड़े फैसले के ज़रिए भारत ने अमेरिका को ये संदेश ज़रूर दे दिया है कि भारत अपने आर्थिक हितों से कोई समझौता नहीं करेगा. इसके पहले 9 मार्च को अमेरिका ने स्टील और एल्यूमिनियम के आयात पर शुल्क बढ़ाया था जिससे भारत को स्टील के निर्यात पर 19.86 करोड़ डॉलर और एल्यूमिनियम पर 4.22 करोड़ डॉलर के नुकसान का अंदेशा है.टिप्पणियां यानी ये भारत की जवाबी कार्रवाई है. अब भारत ने देसी चने, छोले और मसूर दाल जैसे खाने-पीने के सामान पर 7 फ़ीसदी से 60 फ़ीसदी तक आयात शुल्क बढ़ा दिया. साफ है, इस फैसले के ज़रिए भारत ने अमेरिका को एक कड़ा संदेश दिया है. ये एक नए ट्रेड वार की शुरूआत है. हालांकि ये आगे किस दिशा में आगे जाएगा और किस मोड़ पर रूकेगा ये तस्वीर साफ नहीं है. इतना ज़रूर है कि कि इस कड़े फैसले के ज़रिए भारत ने अमेरिका को ये संदेश ज़रूर दे दिया है कि भारत अपने आर्थिक हितों से कोई समझौता नहीं करेगा. यानी ये भारत की जवाबी कार्रवाई है. अब भारत ने देसी चने, छोले और मसूर दाल जैसे खाने-पीने के सामान पर 7 फ़ीसदी से 60 फ़ीसदी तक आयात शुल्क बढ़ा दिया. साफ है, इस फैसले के ज़रिए भारत ने अमेरिका को एक कड़ा संदेश दिया है. ये एक नए ट्रेड वार की शुरूआत है. हालांकि ये आगे किस दिशा में आगे जाएगा और किस मोड़ पर रूकेगा ये तस्वीर साफ नहीं है. इतना ज़रूर है कि कि इस कड़े फैसले के ज़रिए भारत ने अमेरिका को ये संदेश ज़रूर दे दिया है कि भारत अपने आर्थिक हितों से कोई समझौता नहीं करेगा. साफ है, इस फैसले के ज़रिए भारत ने अमेरिका को एक कड़ा संदेश दिया है. ये एक नए ट्रेड वार की शुरूआत है. हालांकि ये आगे किस दिशा में आगे जाएगा और किस मोड़ पर रूकेगा ये तस्वीर साफ नहीं है. इतना ज़रूर है कि कि इस कड़े फैसले के ज़रिए भारत ने अमेरिका को ये संदेश ज़रूर दे दिया है कि भारत अपने आर्थिक हितों से कोई समझौता नहीं करेगा.
हार्ली डेविडसन पर कस्टम ड्यूटी 100 फीसदी से 50 फीसदी की थी भारत के फैसले से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप थे नाराज़ अमेरिका ने स्टील और एल्यूमिनियम पर आयात शुल्क बढ़ाया था
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जर्मनी यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच आठ समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं. बर्लिन में पीएम नरेंद्र मोदी और जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने कहा कि हमने आतंकवाद और जलवायु के मुद्दे पर चर्चा की है. दुनिया के सामने आतंकवाद समेत कई चुनौतियां है. मानवतावादी शक्तियों को एकजुट होना होगा. पीएम मोदी ने यहां यह भी कहा कि हम एक-दूसरे के लिए बने हैं. भारत-जर्मनी के बीच 8 समझौते हुए हैंरेलवे के आधुनिकीकरण के लिए जर्मन कंपनियों से सहयोगस्टार्टअप के लिए जर्मन कंपनियों गंगा सफाई में भी जर्मनी सहयोग कर रहा हैदुनिया के सामने आतंकवाद समेत कई चुनौतियांस्मार्ट सिटी बनाने में भी जर्मनी से सहयोगमेक इन इंडिया के लिए जर्मनी कंपनियों का स्वागतलोकतांत्रिक मूल्य ताकत देते हैंजर्मनी यूरोपीय संघ में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार है और देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश :एफडीआई: का सबसे अग्रणी स्रोत है
यहाँ एक सारांश है:गंगा सफाई में भी जर्मनी सहयोग कर रहा है स्मार्ट सिटी बनाने में जर्मनी से सहयोग मेक इन इंडिया के लिए जर्मनी कंपनियों का स्वागत
4
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर डी सुब्बाराव ने यह कहकर दरों में कटौती की सम्भावना खारिज कर दी कि महंगाई अब भी काफी अधिक है और आरबीआई पूरी तरह सावधान है। एक कार्यक्रम के इतर मौके पर सुब्बाराव ने संवाददाताओं से यहां कहा, "7.45 फीसदी पर महंगाई दर निश्चित रूप से काफी अधिक है।" सुब्बाराव ने कहा कि रिजर्व बैंक महंगाई और आर्थिक विकास दोनों के ही प्रति सजग है। उन्होंने कहा, "हम हमेशा सावधान रहते हैं-विकास के प्रति सावधान और निश्चित रूप से महंगाई के प्रति भी।" रिजर्व बैंक ने अप्रैल में की गई समीक्षा में नीतिगत दरों में 0.50 फीसदी कटौती की थी, लेकिन उसके बाद से इसे यथावत रखा है। उद्योग जगत और यहां तक कि सरकार भी रिजर्व बैंक से दरों में कटौती करने के लिए कह रही है, ताकि लगभग एक दशक के निचले स्तर पर पहुंच चुकी आर्थिक विकास दर को ऊंचा उठाया जा सके। टिप्पणियां रिजर्व बैंक ने 2012-13 की मौद्रिक नीति की दूसरी तिमाही की समीक्षा की 30 अक्टूबर की घोषणा में नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) में 0.25 फीसदी कटौती की थी, लेकिन रेपो और रिवर्स रेपो दर को यथावत रखा था। सख्त मौद्रिक नीति के कारण बाजार में निराशा छाई हुई हुई है और वित्त मंत्री पी चिदम्बरम इस पर नाराजगी जता चुके हैं। एक कार्यक्रम के इतर मौके पर सुब्बाराव ने संवाददाताओं से यहां कहा, "7.45 फीसदी पर महंगाई दर निश्चित रूप से काफी अधिक है।" सुब्बाराव ने कहा कि रिजर्व बैंक महंगाई और आर्थिक विकास दोनों के ही प्रति सजग है। उन्होंने कहा, "हम हमेशा सावधान रहते हैं-विकास के प्रति सावधान और निश्चित रूप से महंगाई के प्रति भी।" रिजर्व बैंक ने अप्रैल में की गई समीक्षा में नीतिगत दरों में 0.50 फीसदी कटौती की थी, लेकिन उसके बाद से इसे यथावत रखा है। उद्योग जगत और यहां तक कि सरकार भी रिजर्व बैंक से दरों में कटौती करने के लिए कह रही है, ताकि लगभग एक दशक के निचले स्तर पर पहुंच चुकी आर्थिक विकास दर को ऊंचा उठाया जा सके। टिप्पणियां रिजर्व बैंक ने 2012-13 की मौद्रिक नीति की दूसरी तिमाही की समीक्षा की 30 अक्टूबर की घोषणा में नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) में 0.25 फीसदी कटौती की थी, लेकिन रेपो और रिवर्स रेपो दर को यथावत रखा था। सख्त मौद्रिक नीति के कारण बाजार में निराशा छाई हुई हुई है और वित्त मंत्री पी चिदम्बरम इस पर नाराजगी जता चुके हैं। सुब्बाराव ने कहा कि रिजर्व बैंक महंगाई और आर्थिक विकास दोनों के ही प्रति सजग है। उन्होंने कहा, "हम हमेशा सावधान रहते हैं-विकास के प्रति सावधान और निश्चित रूप से महंगाई के प्रति भी।" रिजर्व बैंक ने अप्रैल में की गई समीक्षा में नीतिगत दरों में 0.50 फीसदी कटौती की थी, लेकिन उसके बाद से इसे यथावत रखा है। उद्योग जगत और यहां तक कि सरकार भी रिजर्व बैंक से दरों में कटौती करने के लिए कह रही है, ताकि लगभग एक दशक के निचले स्तर पर पहुंच चुकी आर्थिक विकास दर को ऊंचा उठाया जा सके। टिप्पणियां रिजर्व बैंक ने 2012-13 की मौद्रिक नीति की दूसरी तिमाही की समीक्षा की 30 अक्टूबर की घोषणा में नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) में 0.25 फीसदी कटौती की थी, लेकिन रेपो और रिवर्स रेपो दर को यथावत रखा था। सख्त मौद्रिक नीति के कारण बाजार में निराशा छाई हुई हुई है और वित्त मंत्री पी चिदम्बरम इस पर नाराजगी जता चुके हैं। रिजर्व बैंक ने अप्रैल में की गई समीक्षा में नीतिगत दरों में 0.50 फीसदी कटौती की थी, लेकिन उसके बाद से इसे यथावत रखा है। उद्योग जगत और यहां तक कि सरकार भी रिजर्व बैंक से दरों में कटौती करने के लिए कह रही है, ताकि लगभग एक दशक के निचले स्तर पर पहुंच चुकी आर्थिक विकास दर को ऊंचा उठाया जा सके। टिप्पणियां रिजर्व बैंक ने 2012-13 की मौद्रिक नीति की दूसरी तिमाही की समीक्षा की 30 अक्टूबर की घोषणा में नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) में 0.25 फीसदी कटौती की थी, लेकिन रेपो और रिवर्स रेपो दर को यथावत रखा था। सख्त मौद्रिक नीति के कारण बाजार में निराशा छाई हुई हुई है और वित्त मंत्री पी चिदम्बरम इस पर नाराजगी जता चुके हैं। उद्योग जगत और यहां तक कि सरकार भी रिजर्व बैंक से दरों में कटौती करने के लिए कह रही है, ताकि लगभग एक दशक के निचले स्तर पर पहुंच चुकी आर्थिक विकास दर को ऊंचा उठाया जा सके। टिप्पणियां रिजर्व बैंक ने 2012-13 की मौद्रिक नीति की दूसरी तिमाही की समीक्षा की 30 अक्टूबर की घोषणा में नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) में 0.25 फीसदी कटौती की थी, लेकिन रेपो और रिवर्स रेपो दर को यथावत रखा था। सख्त मौद्रिक नीति के कारण बाजार में निराशा छाई हुई हुई है और वित्त मंत्री पी चिदम्बरम इस पर नाराजगी जता चुके हैं। रिजर्व बैंक ने 2012-13 की मौद्रिक नीति की दूसरी तिमाही की समीक्षा की 30 अक्टूबर की घोषणा में नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) में 0.25 फीसदी कटौती की थी, लेकिन रेपो और रिवर्स रेपो दर को यथावत रखा था। सख्त मौद्रिक नीति के कारण बाजार में निराशा छाई हुई हुई है और वित्त मंत्री पी चिदम्बरम इस पर नाराजगी जता चुके हैं। सख्त मौद्रिक नीति के कारण बाजार में निराशा छाई हुई हुई है और वित्त मंत्री पी चिदम्बरम इस पर नाराजगी जता चुके हैं।
आरबीआई के गवर्नर डी सुब्बाराव ने यह कहकर दरों में कटौती की सम्भावना खारिज कर दी कि महंगाई अब भी काफी अधिक है और आरबीआई पूरी तरह सावधान है।
6
['hin']
एक सारांश बनाओ: स्विट्जरलैंड के स्टान वावरिंका ने दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी एंडी मरे को हराकर फ्रेंच ओपन फाइनल में प्रवेश कर लिया है. इस जीत के साथ ही वावरिंका पिछले 44 साल में यहां खिताबी मुकाबले में जगह बनाने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं. 2015 के चैम्पियन का सामना अब नौ बार के विजेता रफेल नडाल या डोमिनिक थियेम से होगा. अमेरिकी ओपन चैम्पियन 32 बरस के वावरिंका ने चार घंटे 34 मिनट तक चला यह मुकाबला 6-7 (6/8), 6-3, 5-7, 7-6 (7/3), 6-1 से जीता और अब उनकी नजरें चौथे ग्रैंडस्लैम खिताब पर होगी.वह निकी पिलिच के बाद रोलां गैरो पर फाइनल में पहुंचने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं. निकी ने 1973 में 33 बरस की उम्र में फाइनल में जगह बनाई थी.टिप्पणियां उधर, महिला एकल वर्ग में तीसरी वरीय रोमानिया की टेनिस खिलाड़ी सिमोना हालेप ने गुरुवार को फाइनल में प्रवेश कर लिया. उनका मुकाबला फाइनल में लातविया की जेलेना ओस्टापेंको से होगा. हालेप ने दूसरे सेमीफाइनल में दूसरी वरीय चेक गणराज्य की कैरोलिना प्लिस्कोवा को मात देते हुए फाइनल में कदम रखा. हालेप ने प्लिस्कोवा को 6-4, 3-6, 6-3 से मात देते हुए फाइनल का टिकट पक्का किया. पहला सेट हारने के बाद प्लिस्कोवा ने दूसरे सेट में वापसी की लेकिन अपने इस प्रदर्शन को वह तीसरे सेट में जारी नहीं रख पाईं और हालेप ने इस सेट पर कब्जा जमाते हुए फाइनल में जगह बनाई. हालेप से पहले ही फाइनल में पहुंच चुकीं ओस्टापेंको ने स्विट्जरलैंड की टिमए बाकसिन्ज्की को पहले सेमीफाइनल मुकाबले में मात दी. ओस्टापेंको को फाइनल में जाने के लिए काफी पसीना बहाना पड़ा. उन्होंने टिमए को दो घंटे 24 मिनट तक चले मुकाबले में 7-6 (7-4), 3-6, 6-3 से मात दी. दोनों खिलाड़ियों ने आठ-आठ ब्रेक प्वाइंट हासिल किए. पहला सेट हारने के बाद टिमए ने वापसी की और दूसरा सेट अपने नाम करते हुए मुकाबला तीसरे सेट में ले गईं. अंतिम सेट में ओस्टापेंको ने बाजी मारी और फाइनल में प्रवेश किया. अमेरिकी ओपन चैम्पियन 32 बरस के वावरिंका ने चार घंटे 34 मिनट तक चला यह मुकाबला 6-7 (6/8), 6-3, 5-7, 7-6 (7/3), 6-1 से जीता और अब उनकी नजरें चौथे ग्रैंडस्लैम खिताब पर होगी.वह निकी पिलिच के बाद रोलां गैरो पर फाइनल में पहुंचने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं. निकी ने 1973 में 33 बरस की उम्र में फाइनल में जगह बनाई थी.टिप्पणियां उधर, महिला एकल वर्ग में तीसरी वरीय रोमानिया की टेनिस खिलाड़ी सिमोना हालेप ने गुरुवार को फाइनल में प्रवेश कर लिया. उनका मुकाबला फाइनल में लातविया की जेलेना ओस्टापेंको से होगा. हालेप ने दूसरे सेमीफाइनल में दूसरी वरीय चेक गणराज्य की कैरोलिना प्लिस्कोवा को मात देते हुए फाइनल में कदम रखा. हालेप ने प्लिस्कोवा को 6-4, 3-6, 6-3 से मात देते हुए फाइनल का टिकट पक्का किया. पहला सेट हारने के बाद प्लिस्कोवा ने दूसरे सेट में वापसी की लेकिन अपने इस प्रदर्शन को वह तीसरे सेट में जारी नहीं रख पाईं और हालेप ने इस सेट पर कब्जा जमाते हुए फाइनल में जगह बनाई. हालेप से पहले ही फाइनल में पहुंच चुकीं ओस्टापेंको ने स्विट्जरलैंड की टिमए बाकसिन्ज्की को पहले सेमीफाइनल मुकाबले में मात दी. ओस्टापेंको को फाइनल में जाने के लिए काफी पसीना बहाना पड़ा. उन्होंने टिमए को दो घंटे 24 मिनट तक चले मुकाबले में 7-6 (7-4), 3-6, 6-3 से मात दी. दोनों खिलाड़ियों ने आठ-आठ ब्रेक प्वाइंट हासिल किए. पहला सेट हारने के बाद टिमए ने वापसी की और दूसरा सेट अपने नाम करते हुए मुकाबला तीसरे सेट में ले गईं. अंतिम सेट में ओस्टापेंको ने बाजी मारी और फाइनल में प्रवेश किया. उधर, महिला एकल वर्ग में तीसरी वरीय रोमानिया की टेनिस खिलाड़ी सिमोना हालेप ने गुरुवार को फाइनल में प्रवेश कर लिया. उनका मुकाबला फाइनल में लातविया की जेलेना ओस्टापेंको से होगा. हालेप ने दूसरे सेमीफाइनल में दूसरी वरीय चेक गणराज्य की कैरोलिना प्लिस्कोवा को मात देते हुए फाइनल में कदम रखा. हालेप ने प्लिस्कोवा को 6-4, 3-6, 6-3 से मात देते हुए फाइनल का टिकट पक्का किया. पहला सेट हारने के बाद प्लिस्कोवा ने दूसरे सेट में वापसी की लेकिन अपने इस प्रदर्शन को वह तीसरे सेट में जारी नहीं रख पाईं और हालेप ने इस सेट पर कब्जा जमाते हुए फाइनल में जगह बनाई. हालेप से पहले ही फाइनल में पहुंच चुकीं ओस्टापेंको ने स्विट्जरलैंड की टिमए बाकसिन्ज्की को पहले सेमीफाइनल मुकाबले में मात दी. ओस्टापेंको को फाइनल में जाने के लिए काफी पसीना बहाना पड़ा. उन्होंने टिमए को दो घंटे 24 मिनट तक चले मुकाबले में 7-6 (7-4), 3-6, 6-3 से मात दी. दोनों खिलाड़ियों ने आठ-आठ ब्रेक प्वाइंट हासिल किए. पहला सेट हारने के बाद टिमए ने वापसी की और दूसरा सेट अपने नाम करते हुए मुकाबला तीसरे सेट में ले गईं. अंतिम सेट में ओस्टापेंको ने बाजी मारी और फाइनल में प्रवेश किया. हालेप से पहले ही फाइनल में पहुंच चुकीं ओस्टापेंको ने स्विट्जरलैंड की टिमए बाकसिन्ज्की को पहले सेमीफाइनल मुकाबले में मात दी. ओस्टापेंको को फाइनल में जाने के लिए काफी पसीना बहाना पड़ा. उन्होंने टिमए को दो घंटे 24 मिनट तक चले मुकाबले में 7-6 (7-4), 3-6, 6-3 से मात दी. दोनों खिलाड़ियों ने आठ-आठ ब्रेक प्वाइंट हासिल किए. पहला सेट हारने के बाद टिमए ने वापसी की और दूसरा सेट अपने नाम करते हुए मुकाबला तीसरे सेट में ले गईं. अंतिम सेट में ओस्टापेंको ने बाजी मारी और फाइनल में प्रवेश किया.
संक्षिप्त सारांश: 44 साल में फाइनल में पहुंचने वाले सबसे बुजुर्ग खिलाड़ी बने करीब साढ़े चार घंटे में सेमीफाइनल में जीत हासिल की महिला वर्ग में हालेप-जेलेना के बीच होगा फाइनल
8
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दरों में चौथाई फीसद की वृद्धि से संपत्ति बाजार की धारणा कुछ प्रभावित होगी। हालांकि, रीयल एस्टेट कंपनियों और सलाहकारों का मानना है कि घर की मांग और कीमतों में कोई बहुत अधिक प्रभाव नहीं पड़ेगा। जोंस लैंग लासाले इंडिया के चेयरमैन एवं कंट्री हेड अनुज पुरी ने कहा, रेपो और रिवर्स रेपो दर दोनों में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि से मांग की धारणा पर असर पड़ेगा, पर वास्तव में इससे मांग में कमी नहीं आएगी। पुरी ने कहा कि हो सकता है कि घर के खरीदार अपने निर्णय में कुछ विलंब करें और इससे सौदा पूरा होने में देरी हो। मकान की कीमतों के बारे में पूछे जाने पर पुरी ने कहा कि मेट्रो शहरों में इससे कीमतों पर असर नहीं पड़ेगा। डीएलएफ समूह के कार्यकारी निदेशक राजीव तलवार ने कहा कि अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर मजबूत है। ऐसे में प्रापर्टी की मांग और कीमतों पर नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। तलवार ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ब्याज दरों में वृद्धि होगी। पार्श्वनाथ डेवलपर के चेयरमैन प्रदीप जैन ने कहा कि दरों में वृद्धि का लघु अवधि के लिए कुछ असर हो सकता है, पर इसका मांग पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। एसोटेक के प्रबंध निदेशक संजीव श्रीवास्तव ने कहा कि नीतिगत दरों में वृद्धि की संभावना थी। इससे संपत्ति बाजार की धारणा थोड़ी प्रभावित होगी, पर इसका मांग पर कोई खास असर नहीं होगा क्योंकि नोएडा सहित कई बाजारों में घर की कीमतें काफी प्रतिस्पर्धी हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: हालांकि, रीयल एस्टेट कंपनियों और सलाहकारों का मानना है कि घर की मांग और कीमतों में कोई बहुत अधिक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: पेट्रोल कीमतों पर तेल कंपनियों ने सरकार को अल्टीमेटम दे दिया है। तेल कंपनियों की तरफ से इंडियन ऑयल ने सरकार को जानकारी दी है कि उन्हें फिलहाल प्रति लीटर सात रुपये सड़सठ पैसे का नुकसान हो रहा है। और हर दिन तेल कंपनियां तकरीबन 48 करोड़ का नुकसान उठा रही हैं। कंपनी का कहना है कि अगर कीमतों में इजाफा नहीं किया जाता तो देश की जरूरत को वह पूरा नहीं कर पाएगी। गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल की वजह से कंपनियों का नुकसान काफी बढ़ गया है। तेल कंपनियों की मांग है कि पेट्रोल की कीमतों में 9 रुपये 20 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की जाए। इसमें घाटे के साथ 20 फीसदी सर्विस टैक्स की रकम भी शामिल है। गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल की वजह से कंपनियों का नुकसान काफी बढ़ गया है। तेल कंपनियों की मांग है कि पेट्रोल की कीमतों में 9 रुपये 20 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की जाए। इसमें घाटे के साथ 20 फीसदी सर्विस टैक्स की रकम भी शामिल है।
यह एक सारांश है: पेट्रोल कीमतों पर तेल कंपनियों ने सरकार को अल्टीमेटम दे दिया है। तेल कंपनियों की तरफ से इंडियन ऑयल ने सरकार को जानकारी दी है कि उन्हें फिलहाल प्रति लीटर सात रुपये सड़सठ पैसे का नुकसान हो रहा है।
21
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा में विपक्षी सदस्य ने सीता की जन्मस्थली से जुड़ा एक सवाल किया. इसके लिखित जवाब को लेकर संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने जवाब में कहा था कि ‘सीता की जन्मस्थली आस्था का विषय है जो प्रत्यक्ष प्रमाण पर निर्भर नहीं करता. विपक्षी सदस्यों ने महेश शर्मा पर उस समय निशाना साधा जब वह प्रश्नकाल के दौरान बिहार में सीता की जन्मस्थली से जुड़े पूरक सवालों का जवाब दे रहे थे. विपक्षी दलों के सांसदों के शर्मा पर अन्य सवाल दागे जाने पर उन्होंने अपने जवाब का बचाव किया और कहा कि सीता की जन्मस्थली को लेकर कोई प्रश्नचिह्न नहीं लगाया गया है और सदस्यों को उनका लिखित उत्तर पूरा पढ़ना चाहिए था. अपने लिखित उत्तर में उन्होंने कहा था, ‘‘भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने अब तक सीतामढ़ी जिला में कोई उत्खनन नहीं किया है. अत: उसके पास सीतामढ़ी के सीता की जन्मस्थली के रूप में होने से संबंधित कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं हैं. उन्होंने यह भी कहा कि वाल्मीकि रामायण में सीता के मिथिला क्षेत्र में जन्म होने का उल्लेख किया गया है.’’ टिप्पणियां भाजपा सदस्य प्रभात झा ने पूरक सवाल के जरिए सीतामढ़ी क्षेत्र के विकास का ब्यौरा मांगा था और कहा कि वहां कोई विवाद भी नहीं है. शर्मा ने कहा कि सरकार ने रामायण परिपथ (सर्किट) की योजना बनायी है जिसमें सीतामढी को शामिल किया गया है.   विपक्षी दलों के सांसदों के शर्मा पर अन्य सवाल दागे जाने पर उन्होंने अपने जवाब का बचाव किया और कहा कि सीता की जन्मस्थली को लेकर कोई प्रश्नचिह्न नहीं लगाया गया है और सदस्यों को उनका लिखित उत्तर पूरा पढ़ना चाहिए था. अपने लिखित उत्तर में उन्होंने कहा था, ‘‘भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने अब तक सीतामढ़ी जिला में कोई उत्खनन नहीं किया है. अत: उसके पास सीतामढ़ी के सीता की जन्मस्थली के रूप में होने से संबंधित कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं हैं. उन्होंने यह भी कहा कि वाल्मीकि रामायण में सीता के मिथिला क्षेत्र में जन्म होने का उल्लेख किया गया है.’’ टिप्पणियां भाजपा सदस्य प्रभात झा ने पूरक सवाल के जरिए सीतामढ़ी क्षेत्र के विकास का ब्यौरा मांगा था और कहा कि वहां कोई विवाद भी नहीं है. शर्मा ने कहा कि सरकार ने रामायण परिपथ (सर्किट) की योजना बनायी है जिसमें सीतामढी को शामिल किया गया है.   अपने लिखित उत्तर में उन्होंने कहा था, ‘‘भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने अब तक सीतामढ़ी जिला में कोई उत्खनन नहीं किया है. अत: उसके पास सीतामढ़ी के सीता की जन्मस्थली के रूप में होने से संबंधित कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं हैं. उन्होंने यह भी कहा कि वाल्मीकि रामायण में सीता के मिथिला क्षेत्र में जन्म होने का उल्लेख किया गया है.’’ टिप्पणियां भाजपा सदस्य प्रभात झा ने पूरक सवाल के जरिए सीतामढ़ी क्षेत्र के विकास का ब्यौरा मांगा था और कहा कि वहां कोई विवाद भी नहीं है. शर्मा ने कहा कि सरकार ने रामायण परिपथ (सर्किट) की योजना बनायी है जिसमें सीतामढी को शामिल किया गया है.   भाजपा सदस्य प्रभात झा ने पूरक सवाल के जरिए सीतामढ़ी क्षेत्र के विकास का ब्यौरा मांगा था और कहा कि वहां कोई विवाद भी नहीं है. शर्मा ने कहा कि सरकार ने रामायण परिपथ (सर्किट) की योजना बनायी है जिसमें सीतामढी को शामिल किया गया है.
सारांश: विपक्षी सदस्य ने सीता की जन्मस्थली से जुड़ा एक सवाल किया संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने लिखित जवाब दिया विपक्ष ने की जवाब की आलोचना.
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सरबजीत सिंह की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें 'भारत का वीर सपूत' करार दिया। प्रधानमंत्री ने लाहौर जेल में सरबजीत पर हुए प्राणघातक हमले के बाद इस मामले में मानवीय रवैया नहीं अपनाने के लिए पाकिस्तान को आड़े हाथ लिया। लाहौर जेल में पिछले हफ्ते हुए हमले में आई चोटों से सरबजीत सिंह की मौत के चंद घंटे बाद प्रधानमंत्री ने एक बयान में कहा कि 'बर्बर और कातिलाना हमले' के जिम्मेदार अपराधियों को न्याय के कठघरे में लाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार 49-वर्षीय सरबजीत का शव घर लाने और उनके परिवार से सलाह-मशविरा कर उनका अंतिम संस्कार करने के इंतजाम करेगी।टिप्पणियां प्रधानमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा, मैं सरबजीत सिंह के निधन से अत्यंत दुखी हूं। वह भारत के वीर सपूत थे, जिन्होंने अपनी पीड़ा का सामना अत्यंत दिलेरी के साथ किया। उन्होंने कहा, विशेष तौर पर यह खेदजनक है कि पाकिस्तान सरकार ने मामले में मानवीय रवैया अपनाने के लिए भारत सरकार, सरबजीत के परिवार और भारत तथा पाकिस्तान के समाज के लोगों के आग्रह पर ध्यान नहीं दिया। मनमोहन ने कहा कि समूचे राष्ट्र की संवेदनाएं सरबजीत के परिवार के साथ हैं। उन्होंने कहा, ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें, जो उन्हें जीवन में नहीं मिल पाई। लाहौर जेल में पिछले हफ्ते हुए हमले में आई चोटों से सरबजीत सिंह की मौत के चंद घंटे बाद प्रधानमंत्री ने एक बयान में कहा कि 'बर्बर और कातिलाना हमले' के जिम्मेदार अपराधियों को न्याय के कठघरे में लाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार 49-वर्षीय सरबजीत का शव घर लाने और उनके परिवार से सलाह-मशविरा कर उनका अंतिम संस्कार करने के इंतजाम करेगी।टिप्पणियां प्रधानमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा, मैं सरबजीत सिंह के निधन से अत्यंत दुखी हूं। वह भारत के वीर सपूत थे, जिन्होंने अपनी पीड़ा का सामना अत्यंत दिलेरी के साथ किया। उन्होंने कहा, विशेष तौर पर यह खेदजनक है कि पाकिस्तान सरकार ने मामले में मानवीय रवैया अपनाने के लिए भारत सरकार, सरबजीत के परिवार और भारत तथा पाकिस्तान के समाज के लोगों के आग्रह पर ध्यान नहीं दिया। मनमोहन ने कहा कि समूचे राष्ट्र की संवेदनाएं सरबजीत के परिवार के साथ हैं। उन्होंने कहा, ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें, जो उन्हें जीवन में नहीं मिल पाई। प्रधानमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा, मैं सरबजीत सिंह के निधन से अत्यंत दुखी हूं। वह भारत के वीर सपूत थे, जिन्होंने अपनी पीड़ा का सामना अत्यंत दिलेरी के साथ किया। उन्होंने कहा, विशेष तौर पर यह खेदजनक है कि पाकिस्तान सरकार ने मामले में मानवीय रवैया अपनाने के लिए भारत सरकार, सरबजीत के परिवार और भारत तथा पाकिस्तान के समाज के लोगों के आग्रह पर ध्यान नहीं दिया। मनमोहन ने कहा कि समूचे राष्ट्र की संवेदनाएं सरबजीत के परिवार के साथ हैं। उन्होंने कहा, ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें, जो उन्हें जीवन में नहीं मिल पाई। मनमोहन ने कहा कि समूचे राष्ट्र की संवेदनाएं सरबजीत के परिवार के साथ हैं। उन्होंने कहा, ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें, जो उन्हें जीवन में नहीं मिल पाई।
प्रधानमंत्री ने सरबजीत पर हुए प्राणघातक हमले के बाद इस मामले में मानवीय रवैया नहीं अपनाने के लिए पाकिस्तान को आड़े हाथ लिया और कहा कि 'बर्बर और कातिलाना हमले' के जिम्मेदार अपराधियों को न्याय के कठघरे में लाया जाना चाहिए।
34
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अपने पिता द्वारा कथित तौर पर प्रताड़ित, अपनी जिंदगी के लिए जूझ रही तीन महीने की आफरीन का उपचार कर रहे डॉक्टरों ने कहा है कि उसके स्वस्थ होने में कम से कम तीन सप्ताह का समय लग जाएगा। वाणी विलास अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि वह अभी भी वेंटिलेटर पर है और उसे खून चढ़ाया जा रहा है। उसे स्वस्थ होने में तीन सप्ताह का समय लगेगा। आफरीन को रविवार को इस अस्पताल की सघन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था।टिप्पणियां डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची की शारीरिक स्थिति अभी ठीक नहीं है। हमें डर है कि उसके मस्तिष्क की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। बच्ची को वेंटिलेटर से हटाए जाने के बाद ही हम उसकी स्थिति का आकलन कर सकेंगे । बच्ची के सिर में गंभीर चोटें हैं और जांघ और नितंबों पर काटे जाने के निशान हैं। बच्ची के पिता उमर फारूख ने पुलिस के सामने स्वीकार किया है कि उसने अपनी बेटी को जान से मारने का प्रयास किया क्योंकि उसे एक बेटे की ख्वाहिश थी बेटी की नहीं। पुलिस ने बताया कि 25 वर्षीय व्यक्ति ने स्वीकार किया कि उसने पहले भी कई मौकों पर अपनी बेटी को मारने का प्रयास किया था। वाणी विलास अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि वह अभी भी वेंटिलेटर पर है और उसे खून चढ़ाया जा रहा है। उसे स्वस्थ होने में तीन सप्ताह का समय लगेगा। आफरीन को रविवार को इस अस्पताल की सघन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था।टिप्पणियां डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची की शारीरिक स्थिति अभी ठीक नहीं है। हमें डर है कि उसके मस्तिष्क की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। बच्ची को वेंटिलेटर से हटाए जाने के बाद ही हम उसकी स्थिति का आकलन कर सकेंगे । बच्ची के सिर में गंभीर चोटें हैं और जांघ और नितंबों पर काटे जाने के निशान हैं। बच्ची के पिता उमर फारूख ने पुलिस के सामने स्वीकार किया है कि उसने अपनी बेटी को जान से मारने का प्रयास किया क्योंकि उसे एक बेटे की ख्वाहिश थी बेटी की नहीं। पुलिस ने बताया कि 25 वर्षीय व्यक्ति ने स्वीकार किया कि उसने पहले भी कई मौकों पर अपनी बेटी को मारने का प्रयास किया था। डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची की शारीरिक स्थिति अभी ठीक नहीं है। हमें डर है कि उसके मस्तिष्क की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। बच्ची को वेंटिलेटर से हटाए जाने के बाद ही हम उसकी स्थिति का आकलन कर सकेंगे । बच्ची के सिर में गंभीर चोटें हैं और जांघ और नितंबों पर काटे जाने के निशान हैं। बच्ची के पिता उमर फारूख ने पुलिस के सामने स्वीकार किया है कि उसने अपनी बेटी को जान से मारने का प्रयास किया क्योंकि उसे एक बेटे की ख्वाहिश थी बेटी की नहीं। पुलिस ने बताया कि 25 वर्षीय व्यक्ति ने स्वीकार किया कि उसने पहले भी कई मौकों पर अपनी बेटी को मारने का प्रयास किया था। बच्ची के पिता उमर फारूख ने पुलिस के सामने स्वीकार किया है कि उसने अपनी बेटी को जान से मारने का प्रयास किया क्योंकि उसे एक बेटे की ख्वाहिश थी बेटी की नहीं। पुलिस ने बताया कि 25 वर्षीय व्यक्ति ने स्वीकार किया कि उसने पहले भी कई मौकों पर अपनी बेटी को मारने का प्रयास किया था।
यहाँ एक सारांश है:बेंगलुरु के एक सरकारी अस्पताल वाणी विलास में 3 महीने की बच्ची आफरीन के पैरों में कुछ मूवमेंट दिखी है लेकिन उसकी हालत अभी भी खराब है।
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चार टेस्ट मैचों की सीरीज में अब तक खेले गए दोनों मैचों में दोनों ही टीमों के कई खिलाड़ियों ने कैच छोड़े हैं. इनमें से कई कैच तो निर्णायक साबित हुए हैं. जैसे कि पुणे टेस्ट की दूसरी पारी में कंगारू कप्तान स्टीव स्मिथ को तीन जीवनदान मिले और उन्होंने इसका जमकर फायदा उठाया. इस परिणाम यह हुआ कि ऑस्ट्रेलिया ने भारत के सामने विशाल लक्ष्य खड़ा कर दिया और टीम इंडिया अंत में हार गई. बेंगलुरू टेस्ट में कुछ ऐसा ही टीम इंडिया के बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा के साथ हुआ और उनकी पारी से ही भारत सुरक्षित लक्ष्य दे पाया. हालांकि इन सबके बीच कुछ शानदार कैच भी लपके गए, जिनमें से कुछ तो ग्रेट कैच की कैटेगरी में रहे. इन ग्रेट कैचों में टीम इंडिया के एक क्रिकेटर को दो कैच भी शामिल हैं... वास्तव में जब एमएस धोनी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था, तो चयनकर्ताओं को उनके स्थान पर एक ऐसे खिलाड़ी की तलाश थी, जो विकेट के पीछे और आगे दोनों जगह कमाल दिखा सके, क्योंकि धोनी जैसे खिलाड़ी की जगह भरना आसान नहीं था. चयनकर्ताओं ने धोनी की जगह पर ऋद्धिमान साहा को मौके दिए और धीरे-धीरे करके साहा ने अपनी छाप छोड़नी शुरू कर दी है. साहा ने नकेवल बल्ले से कमाल किया है, बल्कि विकेटकीपर के रूप में भी प्रभावी रहे हैं. खासतौर पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जारी वर्तमान सीरीज में तो उन्होंने कमाल की कीपिंग की है. सबसे पहले उन्होंने पुणे टेस्ट में सबको हतप्रभ किया, फिर बेंगलुरू में भी गजब का कैच पकड़कर सबको अपना कायल बना लिया. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने दो मैचों में दो वर्ल्ड क्लास कैच पकड़े हैं, जो फैन्स के लिए अविस्मरणीय बन गए हैं. हालांकि जब साहा से पूछा गया कि उनके लिए कौन-सा कैच ज्यादा उच्च कोटि का रहा, तो उन्होंने कहा कि उनकी नजर में पुणे टेस्ट मैच के दौरान लिया गया कैच बेंगलुरू में टेस्ट मैच के कैच से कहीं अधिक कठिन था. वैसे देखा जाए, तो साहा की पसंद सही भी नजर आती है, क्योंकि पुणे टेस्ट में उन्होंने जो कैच पकड़ा था, उसमें रिएक्शन टाइम बहुत कम था, वह भी गेंदबाजी पर तेज गेंदबाज थे. उन्होंने तेज गेंदबाज उमेश यादव की गेंद पर यह कैच पकड़ा था, जो मैथ्यू वेड का था. उमेश की गेंद लेग साइड में वेड के बल्ले का किनारा छूकर पीछे गई और साहा ने उसको दाहिनी ओर डाइव लगाते हुए लपका था.टिप्पणियां बेंगलुरू टेस्ट की बात करें तो साहा ने यह कैच स्पिन गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन की गेंद पर लपका था. चूंकि स्पिनर की गेंद धीमी होती है. ऐसे में उनके पास रिएक्शन समय पुणे की तुलना में ज्यादा था. यह कैच ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज स्टीव ओकीफी था, जिसे उन्होंने आगे की ओर डाइव लगाकर लपका था. साहा अब ऑस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट के खिलाफ खेलने की इच्छा रखते हैं, हालांकि गिलक्रिस्ट अब संन्यास ले चुके हैं. ऐसे में साहा को उनके खिलाफ खेलने का मौका आईपीएल में ही मिल सकता है. साहा ने कहा भी है, "मैं आईपीएल में उनके साथ खेल चुका हूं. अगर उनके खिलाफ खेलने का मौका मिले तो यह शानदार अनुभव होगा." वास्तव में जब एमएस धोनी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था, तो चयनकर्ताओं को उनके स्थान पर एक ऐसे खिलाड़ी की तलाश थी, जो विकेट के पीछे और आगे दोनों जगह कमाल दिखा सके, क्योंकि धोनी जैसे खिलाड़ी की जगह भरना आसान नहीं था. चयनकर्ताओं ने धोनी की जगह पर ऋद्धिमान साहा को मौके दिए और धीरे-धीरे करके साहा ने अपनी छाप छोड़नी शुरू कर दी है. साहा ने नकेवल बल्ले से कमाल किया है, बल्कि विकेटकीपर के रूप में भी प्रभावी रहे हैं. खासतौर पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जारी वर्तमान सीरीज में तो उन्होंने कमाल की कीपिंग की है. सबसे पहले उन्होंने पुणे टेस्ट में सबको हतप्रभ किया, फिर बेंगलुरू में भी गजब का कैच पकड़कर सबको अपना कायल बना लिया. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने दो मैचों में दो वर्ल्ड क्लास कैच पकड़े हैं, जो फैन्स के लिए अविस्मरणीय बन गए हैं. हालांकि जब साहा से पूछा गया कि उनके लिए कौन-सा कैच ज्यादा उच्च कोटि का रहा, तो उन्होंने कहा कि उनकी नजर में पुणे टेस्ट मैच के दौरान लिया गया कैच बेंगलुरू में टेस्ट मैच के कैच से कहीं अधिक कठिन था. वैसे देखा जाए, तो साहा की पसंद सही भी नजर आती है, क्योंकि पुणे टेस्ट में उन्होंने जो कैच पकड़ा था, उसमें रिएक्शन टाइम बहुत कम था, वह भी गेंदबाजी पर तेज गेंदबाज थे. उन्होंने तेज गेंदबाज उमेश यादव की गेंद पर यह कैच पकड़ा था, जो मैथ्यू वेड का था. उमेश की गेंद लेग साइड में वेड के बल्ले का किनारा छूकर पीछे गई और साहा ने उसको दाहिनी ओर डाइव लगाते हुए लपका था.टिप्पणियां बेंगलुरू टेस्ट की बात करें तो साहा ने यह कैच स्पिन गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन की गेंद पर लपका था. चूंकि स्पिनर की गेंद धीमी होती है. ऐसे में उनके पास रिएक्शन समय पुणे की तुलना में ज्यादा था. यह कैच ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज स्टीव ओकीफी था, जिसे उन्होंने आगे की ओर डाइव लगाकर लपका था. साहा अब ऑस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट के खिलाफ खेलने की इच्छा रखते हैं, हालांकि गिलक्रिस्ट अब संन्यास ले चुके हैं. ऐसे में साहा को उनके खिलाफ खेलने का मौका आईपीएल में ही मिल सकता है. साहा ने कहा भी है, "मैं आईपीएल में उनके साथ खेल चुका हूं. अगर उनके खिलाफ खेलने का मौका मिले तो यह शानदार अनुभव होगा." ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने दो मैचों में दो वर्ल्ड क्लास कैच पकड़े हैं, जो फैन्स के लिए अविस्मरणीय बन गए हैं. हालांकि जब साहा से पूछा गया कि उनके लिए कौन-सा कैच ज्यादा उच्च कोटि का रहा, तो उन्होंने कहा कि उनकी नजर में पुणे टेस्ट मैच के दौरान लिया गया कैच बेंगलुरू में टेस्ट मैच के कैच से कहीं अधिक कठिन था. वैसे देखा जाए, तो साहा की पसंद सही भी नजर आती है, क्योंकि पुणे टेस्ट में उन्होंने जो कैच पकड़ा था, उसमें रिएक्शन टाइम बहुत कम था, वह भी गेंदबाजी पर तेज गेंदबाज थे. उन्होंने तेज गेंदबाज उमेश यादव की गेंद पर यह कैच पकड़ा था, जो मैथ्यू वेड का था. उमेश की गेंद लेग साइड में वेड के बल्ले का किनारा छूकर पीछे गई और साहा ने उसको दाहिनी ओर डाइव लगाते हुए लपका था.टिप्पणियां बेंगलुरू टेस्ट की बात करें तो साहा ने यह कैच स्पिन गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन की गेंद पर लपका था. चूंकि स्पिनर की गेंद धीमी होती है. ऐसे में उनके पास रिएक्शन समय पुणे की तुलना में ज्यादा था. यह कैच ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज स्टीव ओकीफी था, जिसे उन्होंने आगे की ओर डाइव लगाकर लपका था. साहा अब ऑस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट के खिलाफ खेलने की इच्छा रखते हैं, हालांकि गिलक्रिस्ट अब संन्यास ले चुके हैं. ऐसे में साहा को उनके खिलाफ खेलने का मौका आईपीएल में ही मिल सकता है. साहा ने कहा भी है, "मैं आईपीएल में उनके साथ खेल चुका हूं. अगर उनके खिलाफ खेलने का मौका मिले तो यह शानदार अनुभव होगा." वैसे देखा जाए, तो साहा की पसंद सही भी नजर आती है, क्योंकि पुणे टेस्ट में उन्होंने जो कैच पकड़ा था, उसमें रिएक्शन टाइम बहुत कम था, वह भी गेंदबाजी पर तेज गेंदबाज थे. उन्होंने तेज गेंदबाज उमेश यादव की गेंद पर यह कैच पकड़ा था, जो मैथ्यू वेड का था. उमेश की गेंद लेग साइड में वेड के बल्ले का किनारा छूकर पीछे गई और साहा ने उसको दाहिनी ओर डाइव लगाते हुए लपका था.टिप्पणियां बेंगलुरू टेस्ट की बात करें तो साहा ने यह कैच स्पिन गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन की गेंद पर लपका था. चूंकि स्पिनर की गेंद धीमी होती है. ऐसे में उनके पास रिएक्शन समय पुणे की तुलना में ज्यादा था. यह कैच ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज स्टीव ओकीफी था, जिसे उन्होंने आगे की ओर डाइव लगाकर लपका था. साहा अब ऑस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट के खिलाफ खेलने की इच्छा रखते हैं, हालांकि गिलक्रिस्ट अब संन्यास ले चुके हैं. ऐसे में साहा को उनके खिलाफ खेलने का मौका आईपीएल में ही मिल सकता है. साहा ने कहा भी है, "मैं आईपीएल में उनके साथ खेल चुका हूं. अगर उनके खिलाफ खेलने का मौका मिले तो यह शानदार अनुभव होगा." बेंगलुरू टेस्ट की बात करें तो साहा ने यह कैच स्पिन गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन की गेंद पर लपका था. चूंकि स्पिनर की गेंद धीमी होती है. ऐसे में उनके पास रिएक्शन समय पुणे की तुलना में ज्यादा था. यह कैच ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज स्टीव ओकीफी था, जिसे उन्होंने आगे की ओर डाइव लगाकर लपका था. साहा अब ऑस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट के खिलाफ खेलने की इच्छा रखते हैं, हालांकि गिलक्रिस्ट अब संन्यास ले चुके हैं. ऐसे में साहा को उनके खिलाफ खेलने का मौका आईपीएल में ही मिल सकता है. साहा ने कहा भी है, "मैं आईपीएल में उनके साथ खेल चुका हूं. अगर उनके खिलाफ खेलने का मौका मिले तो यह शानदार अनुभव होगा." साहा अब ऑस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट के खिलाफ खेलने की इच्छा रखते हैं, हालांकि गिलक्रिस्ट अब संन्यास ले चुके हैं. ऐसे में साहा को उनके खिलाफ खेलने का मौका आईपीएल में ही मिल सकता है. साहा ने कहा भी है, "मैं आईपीएल में उनके साथ खेल चुका हूं. अगर उनके खिलाफ खेलने का मौका मिले तो यह शानदार अनुभव होगा."
संक्षिप्त पाठ: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 4 टेस्ट मैचों की सीरीज है फिलहाल दोनों के बीच टेस्ट सीरीज 1-1 से बराबरी पर है दोनों ही टीमों से सीरीज में अब तक कई कैच छूटे हैं
22
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारतीय रेल (Indian Railway) द्वारा परिचालित ट्रेनों में मिलने वाले भोजन के पैकेट (Food Packets) पर अब बार कोड (Barcode) होगा, जिससे रेलवे के अधिकारी और यात्री यह पता लगा पाएंगे कि भोजन किस किचेन में तैयार किया गया. इससे भोजन की गुणवत्ता को लेकर रेलयात्रियों द्वारा की जाने वाली शिकायतों में कमी आएगी. रेलमंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को लोगों को ई-दृष्टि डैशबोर्ड समर्पित किया. इस मौके पर उन्होंने कहा, 'ट्रेनों में आईआरसीटीसी द्वारा मुहैया करवाए जाने वाले पके हुए सभी प्रकार के खाद्य पदार्थो के पैकेट पर बार कोड होगा, जिसके साथ किचेन का नंबर और पैकिंग का समय दिया होगा.'  गोयल ने कहा कि भोजन पर पैकिंग किए जाने वाले इंडियन कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) के किचेन का नंबर के साथ-साथ यह भी दिया होगा कि पैकिंग कब किया गया. रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र द्वारा बनाए गए नए डैशबोर्ड से डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट रेलदृष्टि डॉट क्रिस डॉट ओआरजी डॉट इन पर पहुंच बनाया जा सकता है. इसमें पूरे देश के आइआरसीटीसी के मुख्य किचेन की तस्वीरें भी लाइव दिखेंगी.  रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "आईआरसीटीसी के साथ सालाना बैठक के दौरान रेलमंत्री ने यात्रियों को मुहैया करवाए जाने वाले भोजन के पैकेट पर बार कोड लगाने का आइडिया दिया था." उन्होंने कहा कि आईआरसीटीसी बार कोड के विकल्प पर काम कर रही है और इसकी कीमत व उपयोगिता की समीक्षा की जा रही है. अधिकारी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बार कोड के साथ भोजन के पैकेट अप्रैल के अंत या मई तक मिलने लगेंगे. आईआरसीटीसी के 32 आधारभूत किचेन हैं जहां से ट्रेनों में यात्रियों को भोजन मुहैया करवाया जाता है. भोजन की गुणवत्ता और वेंडरों द्वारा भोजन के अधिक पैसे लेने की शिकायतों को लेकर रेलवे की आलोचना होती रही है.  ऑथेंटिकेशन सर्विस प्रोवाइडर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट उमेश गुप्ता ने रेलवे के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा, 'रेलवे अगर भोजन के पैकेट पर बारकोड के साथ होलोग्राम और पता लगाने की प्रणाली का जिक्र करे तो अच्छा होगा जिससे भोजन की पैकेजिंग के साथ छेड़छाड़ नहीं होगी.' (इनपुट-आईएएनएस)
यह एक सारांश है: ट्रेनों में मिलने वाले भोजन के पैकेज पर होगा बार कोड. रेलमंत्री पीयूष गोयल ने लोगों को ई-दृष्टि डैशबोर्ड समर्पित किया. सभी प्रकार के खाद्य पदार्थो के पैकेट पर बार कोड होगा.
21
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University) ने अलग-अलग कॉलेजों में ग्रेजुएशन प्रोग्राम में एडमिशन के लिए पहली कट-ऑफ लिस्‍ट (DU Cut Off List) जारी कर दी है. इस साल आवेदकों में आर्ट के विषयों के लिए ज्‍यादा क्रेज देखा गया. सबसे ज्यादा कट-ऑफ डीयू के हिन्दू कॉलेज (Hindu College) ने पॉलिटिकल साइंस के लिए 99 फीसदी की जारी की है. इसके बाद लेडी श्रीराम कॉलेज (Lady Sri Ram) ने बीए प्रोग्राम और साइकोलॉजी ऑनर्स के लिए 98.75 फीसदी की कट-ऑफ जारी की है. डीयू के कुछ कॉलेजों में इस साल कट-ऑफ लिस्‍ट (DU Cut Off list 2019) पहले से थोड़ी ज्‍यादा गई है. हालांकि कई कॉलेज ऐसे भी हैं जिनके कुछ कोर्सेज की कट-ऑफ 90 फीसदी के नीचे है. हिन्दू कॉलेज ने साइंस प्रोग्राम के लिए भी सबसे ज्यादा कट-ऑफ जारी की है. फिजिक्‍स ऑनर्स के लिए इस कॉलेज ने 98.3 फीसदी की कट-ऑफ जारी की है. कम्‍प्‍यूटर साइंस के लिए सबसे ज्‍यादा 98 फीसदी कट-ऑफ एसजीटीबी खालसा कॉलेज और 97 फीसदी कट-ऑफ हंसराज कॉलेज ने जारी की है.  बीकॉम (ऑनर्स) के लिए सबसे ज्‍यादा 98.75 फीसदी कट-ऑफ श्री राम कॉलेज ऑफ कार्मस ने जारी की है.  इस साल दिल्‍ली यूनिवर्सिटी ने बीए प्रोग्राम के लिए अलग से कट-ऑफ जारी की. बीए प्रोग्राम के लिए लेडी श्री राम कॉलेज फॉर विमेन ने सबसे ज्‍यादा 98.75 फीसदी की कट-ऑफ जारी की है.   दाखिला नियमों के तहत, आवेदक को कट-ऑफ सूची देखने के बाद डीयू की वेबसाइट पर प्रोग्राम और कॉलेज का चयन करना होगा. साथ ही दखिला पर्ची का प्रिंट लेकर जरूरी दस्तावेजों के साथ संबंधित कॉलेज जाना होगा. गौरतलब है कि पिछले साल की सबसे ज्यादा कट ऑफ लेडी श्रीराम कॉलेज ने जारी की थी. उसने बीए प्रोग्राम के लिए 98.75 फीसदी की कट ऑफ जारी की थी.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: डीयू ने पहली कट-ऑफ जारी कर दी है सबसे ज्‍यादा कट-ऑफ हिन्‍दू कॉलेज ने जारी की है पॉलिटिकल साइंस की सबसे ज्‍यादा 99 फीसदी कट-ऑफ गई है
19
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि कोयला ब्लॉक आवंटन के मुद्दे पर वह संसद की कार्यवाही आगे भी बाधित करती रहेगी। पार्टी का कहना है कि बहस कराने मात्र का कोई मतलब नहीं है जब तक कि निर्णय लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई न हो और जवाबदेही तय न हो।   भाजपा के पूर्व अध्यक्ष एम वेंकैया नायडू ने कहा कि जब तक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस्तीफा नहीं दे देते तब तक उनकी पार्टी संसद नहीं चलने देगी। उन्होंने कहा कि जब तक प्रधानमंत्री इस्तीफा नहीं दे देते और सभी कोयला ब्लॉक आवंटन रद्द नहीं किए जाते और निष्पक्ष जांच नहीं कराई जाती तब तक भाजपा इस लड़ाई को सड़कों पर लड़ेगी।   नायडू ने कहा, 'जब तक प्रधानमंत्री अपना इस्तीफा नहीं दे देते हम संसद की कार्यवाही बाधित करते रहेंगे।' उन्होंने कहा कि इस सरकार को जाना चाहिए क्योंकि उसके राज में एक से बढ़कर एक घोटाले हुए हैं और वह आर्थिक और कृषि के मोर्चे पर भी विफल रही है। उन्होंने कहा, 'जनता अब तय करेगी। इस गतिरोध को दूर करने की जिम्मेदारी सरकार की है।'उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के समक्ष जाने को तैयार है जबकि कांग्रेस डरी हुई है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि कोयला ब्लॉक आवंटन के मुद्दे पर वह संसद की कार्यवाही आगे भी बाधित करती रहेगी। पार्टी का कहना है कि बहस कराने मात्र का कोई मतलब नहीं है जब तक कि निर्णय लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई न हो और जवाबदेही तय न हो।
32
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कपिल सिब्बल कह चुके हैं कि रामलीला ग्राउंट के बारे में फैसला पार्टी और सरकार दोनों के स्तर पर लिया गया था। सोमवार को जिस तरह से पार्टी ने रामदेव पर हमला बोला है और उससे पहले सरकार ने जो कार्रवाई की थी सिब्बल की बातें सही लगती हैं। लेकिन एनडीटीवी की नीता शर्मा की रिपोर्ट बताती है कि सरकार के मंत्री एक जून को एयरपोर्ट पर रामदेव का सिर्फ स्वागत करने नहीं गए थे बल्कि तैयारी पूरी थी कि अगर रामदेव अड़ गए तो वहीं हिरासत में ले लिए जाएं। एयरपोर्ट पर प्रणब मुखर्जी, कपिल सिब्बल, सुबोधकांत सहाय और पवन बंसल को बातचीत के लिए भेजने का फैसला सीसीपीए यानी संसदीय मामलों की कैबिनेट कमेटी में लिया गया और शनिवार रात की कार्रवाई का फैसला उसी शाम सरकार ने हाई लेवल पर तब लिया जब बाबा तीन बार अपनी बात से पलट चुके थे। पहला मौका तब आया जब एयरपोर्ट पर मौजूद अधिकारियों के पास बाबा को हिरासत में लेने का आदेश तब भी थालेकिन बात बनती लगी तो शांत रहे। दूसरा मौका तब आया जब क्लैरिजेज होटल में बातचीत के वक्त भी अफसरों के पास हिरासत मे लेने के आदेश थे लेकिन बाबा की चिट्ठी ने उन्हें बचा लिया। जिसमें उन्होंने समझौते का वादा किया था। तीसरा मौका तब, जब बाबा रामदेव ने सरकार से एक दिन का अनशन और तीन दिनों के तप की इजाज़त मांगी थी इस शर्त पर कि वो शुक्रवार को शाम चार बजे समझौते का ऐलान कर देंगे। लेकिन जब बाबा पलटे तो शाम पांच बचे हुई बैठक में कार्रवाई का फैसला हो गया।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सरकार के मंत्री एक जून को एयरपोर्ट पर रामदेव का सिर्फ स्वागत करने नहीं गए थे बल्कि तैयारी पूरी थी कि अगर रामदेव अड़ गए तो वहीं हिरासत में ले लिए जाएं।
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दक्षिण कोरिया में बाल यौन शोषण के लिए दोषी पाए गए एक व्यक्ति को यहां की अदालत ने नपुंसक बनाने के आदेश दिए हैं। देश में यह ऐसा पहला मामला है।टिप्पणियां समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, सियोल दक्षिणी जिला अदालत ने 31-वर्षीय पायो को 15 साल की कैद की सजा सुनाई है। जेल में ही उसे ऐसी दवाएं दी जाएंगी, जिससे उसके भीतर यौन इच्छा समाप्त की जा सके। न्यायालय ने कहा कि पायो 'स्वयं पर नियंत्रण' रखने में अक्षम है। उसे नवंबर 2011 से मई 2012 के बीच पांच किशोरों के साथ दुष्कर्म करने के लिए दोषी ठहराया गया है। उसने यौन वीडियो इंटरनेट पर प्रसारित करने की धमकी भी दी थी। पायो के आपराधिक आंकड़े अगले 10 साल के लिए सार्वजनिक रहेंगे। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, सियोल दक्षिणी जिला अदालत ने 31-वर्षीय पायो को 15 साल की कैद की सजा सुनाई है। जेल में ही उसे ऐसी दवाएं दी जाएंगी, जिससे उसके भीतर यौन इच्छा समाप्त की जा सके। न्यायालय ने कहा कि पायो 'स्वयं पर नियंत्रण' रखने में अक्षम है। उसे नवंबर 2011 से मई 2012 के बीच पांच किशोरों के साथ दुष्कर्म करने के लिए दोषी ठहराया गया है। उसने यौन वीडियो इंटरनेट पर प्रसारित करने की धमकी भी दी थी। पायो के आपराधिक आंकड़े अगले 10 साल के लिए सार्वजनिक रहेंगे। न्यायालय ने कहा कि पायो 'स्वयं पर नियंत्रण' रखने में अक्षम है। उसे नवंबर 2011 से मई 2012 के बीच पांच किशोरों के साथ दुष्कर्म करने के लिए दोषी ठहराया गया है। उसने यौन वीडियो इंटरनेट पर प्रसारित करने की धमकी भी दी थी। पायो के आपराधिक आंकड़े अगले 10 साल के लिए सार्वजनिक रहेंगे।
यहाँ एक सारांश है:दक्षिण कोरिया में बाल यौन शोषण के लिए दोषी पाए गए एक व्यक्ति को यहां की अदालत ने नपुंसक बनाने के आदेश दिए हैं। देश में यह ऐसा पहला मामला है।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय मतदाताओं को और सबल बनाते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक फैसले में कहा कि एक जीवंत लोकतंत्र में मतदाताओं के पास इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और मतपत्रों पर इनमें से कोई नहीं (एनओटीए) विकल्प के जरिए सभी उम्मीदवारों को खारिज करने के नकारात्मक मतदान का अधिकार होना जरूरी है। चुनाव आयोग ने कहा कि प्रत्याशी को 'नकारने का अधिकार' विकल्प आसन्न विधानसभा चुनावों में मुहैया कराना व्यवहार्यता का विषय है। यदि चुनाव आयोग ईवीएम में इस विकल्प को शामिल करने में सक्षम हुआ तो इस वर्ष के अंत तक पांच राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनावों और अगले वर्ष होने वाले आम चुनाव में मतदाताओं को यह विकल्प चुनने का अधिकार मिल जाएगा। इस प्रावधान के लागू होने के बाद भारत ऐसी व्यवस्था वाले 13 देशों की कतार में खड़ा हो जाएगा। वर्तमान में फ्रांस, बेल्जियम, ब्राजील, यूनान, बांग्लादेश, फिनलैंड, स्वीडन, अमेरिका, कोलंबिया और स्पेन आदि देशों में ऐसी व्यवस्था लागू है। सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस फैसले की सराहना की है। सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी. सतशिवम और न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई और न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की पीठ ने कहा, "एक जीवंत लोकतंत्र में मतदाताओं के पास इनमें से कोई नहीं का विकल्प चुनने का अवसर होना चाहिए। इससे राजनीतिक दलों को स्वस्थ प्रत्याशी चुनने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। यह स्थिति स्पष्ट रूप से हमें नकारात्मक मतदान की नितांत जरूरत को दर्शाता है।" अदालत ने अपने फैसले में कहा, "हम इस नजरिए से सहमत हैं कि नकारात्मक मतदान के अधिकार का प्रावधान किए जाने से राजनीतिक प्रक्रिया में स्वच्छता आएगी और यह खास तौर से बड़े पैमाने पर लोगों की भागीदारी के उद्देश्य को भी पूरा करेगा।" न्यायालय ने निर्वाचन आयोग को ईवीएम मशीन में एनओटीए के लिए अतिरिक्त बटन और मतपत्र में इस विकल्प का प्रावधान करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने इसके साथ ही सरकार से निर्वाचन आयोग को एनओटीए विकल्प पेश करने में हर तरह की मदद देने का भी निर्देश दिया। मतदाताओं के इनमें से कोई नहीं का अधिकार और गोपनीयता को बरकरार रखते हुए अदालत ने व्यवस्था दी कि चुनाव संचालन नियमावली का 41(2) व (3) और 49-ओ भारतीय जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 128 और संविधान के अनुच्छेद 19(1)(अ) के विपरीत है। दोनों नियम मतदान की गोपनीयता का उल्लंघन करते हैं। पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) ने 2004 में सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर कर कहा था कि जो मतदाता ईवीएम में सूचीबद्ध किसी को वोट नहीं देना चाहते, उन्हें नकारात्मक मतदान का अधिकार होना चाहिए। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करने वाली पार्टियों ने इसे भारतीय राजनीति पर दूरगामी असर डालने वाला बताया है। कांग्रेस के मीडिया सेल के प्रमुख अजय माकन ने कहा, "सैद्धांतिक रूप से हमें इससे कोई समस्या नहीं है, लेकिन कुछ मुद्दे हैं जिसके लिए हम पूरे फैसले का अध्ययन करना चाहते हैं।" गुजरात के मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ने अपने ब्लॉग में कहा है, "मैं पूरे हृदय से इसका स्वागत करता हूं। मुझे पूरा भरोसा है कि इसका हमारी राजनीति पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा।"टिप्पणियां आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने कहा, "हम इस फैसले का स्वागत करते हैं। यह चुनाव सुधार की प्रक्रिया में बड़ा कदम है, लेकिन यह सिर्फ पहला कदम है।" बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने संवाददाताओं से कहा, "हम फैसले का स्वागत करते हैं। बाबासाहेब अंबेडकर हमेशा इसके पक्ष में थे।" चुनाव आयोग ने कहा कि प्रत्याशी को 'नकारने का अधिकार' विकल्प आसन्न विधानसभा चुनावों में मुहैया कराना व्यवहार्यता का विषय है। यदि चुनाव आयोग ईवीएम में इस विकल्प को शामिल करने में सक्षम हुआ तो इस वर्ष के अंत तक पांच राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनावों और अगले वर्ष होने वाले आम चुनाव में मतदाताओं को यह विकल्प चुनने का अधिकार मिल जाएगा। इस प्रावधान के लागू होने के बाद भारत ऐसी व्यवस्था वाले 13 देशों की कतार में खड़ा हो जाएगा। वर्तमान में फ्रांस, बेल्जियम, ब्राजील, यूनान, बांग्लादेश, फिनलैंड, स्वीडन, अमेरिका, कोलंबिया और स्पेन आदि देशों में ऐसी व्यवस्था लागू है। सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस फैसले की सराहना की है। सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी. सतशिवम और न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई और न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की पीठ ने कहा, "एक जीवंत लोकतंत्र में मतदाताओं के पास इनमें से कोई नहीं का विकल्प चुनने का अवसर होना चाहिए। इससे राजनीतिक दलों को स्वस्थ प्रत्याशी चुनने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। यह स्थिति स्पष्ट रूप से हमें नकारात्मक मतदान की नितांत जरूरत को दर्शाता है।" अदालत ने अपने फैसले में कहा, "हम इस नजरिए से सहमत हैं कि नकारात्मक मतदान के अधिकार का प्रावधान किए जाने से राजनीतिक प्रक्रिया में स्वच्छता आएगी और यह खास तौर से बड़े पैमाने पर लोगों की भागीदारी के उद्देश्य को भी पूरा करेगा।" न्यायालय ने निर्वाचन आयोग को ईवीएम मशीन में एनओटीए के लिए अतिरिक्त बटन और मतपत्र में इस विकल्प का प्रावधान करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने इसके साथ ही सरकार से निर्वाचन आयोग को एनओटीए विकल्प पेश करने में हर तरह की मदद देने का भी निर्देश दिया। मतदाताओं के इनमें से कोई नहीं का अधिकार और गोपनीयता को बरकरार रखते हुए अदालत ने व्यवस्था दी कि चुनाव संचालन नियमावली का 41(2) व (3) और 49-ओ भारतीय जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 128 और संविधान के अनुच्छेद 19(1)(अ) के विपरीत है। दोनों नियम मतदान की गोपनीयता का उल्लंघन करते हैं। पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) ने 2004 में सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर कर कहा था कि जो मतदाता ईवीएम में सूचीबद्ध किसी को वोट नहीं देना चाहते, उन्हें नकारात्मक मतदान का अधिकार होना चाहिए। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करने वाली पार्टियों ने इसे भारतीय राजनीति पर दूरगामी असर डालने वाला बताया है। कांग्रेस के मीडिया सेल के प्रमुख अजय माकन ने कहा, "सैद्धांतिक रूप से हमें इससे कोई समस्या नहीं है, लेकिन कुछ मुद्दे हैं जिसके लिए हम पूरे फैसले का अध्ययन करना चाहते हैं।" गुजरात के मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ने अपने ब्लॉग में कहा है, "मैं पूरे हृदय से इसका स्वागत करता हूं। मुझे पूरा भरोसा है कि इसका हमारी राजनीति पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा।"टिप्पणियां आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने कहा, "हम इस फैसले का स्वागत करते हैं। यह चुनाव सुधार की प्रक्रिया में बड़ा कदम है, लेकिन यह सिर्फ पहला कदम है।" बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने संवाददाताओं से कहा, "हम फैसले का स्वागत करते हैं। बाबासाहेब अंबेडकर हमेशा इसके पक्ष में थे।" इस प्रावधान के लागू होने के बाद भारत ऐसी व्यवस्था वाले 13 देशों की कतार में खड़ा हो जाएगा। वर्तमान में फ्रांस, बेल्जियम, ब्राजील, यूनान, बांग्लादेश, फिनलैंड, स्वीडन, अमेरिका, कोलंबिया और स्पेन आदि देशों में ऐसी व्यवस्था लागू है। सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस फैसले की सराहना की है। सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी. सतशिवम और न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई और न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की पीठ ने कहा, "एक जीवंत लोकतंत्र में मतदाताओं के पास इनमें से कोई नहीं का विकल्प चुनने का अवसर होना चाहिए। इससे राजनीतिक दलों को स्वस्थ प्रत्याशी चुनने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। यह स्थिति स्पष्ट रूप से हमें नकारात्मक मतदान की नितांत जरूरत को दर्शाता है।" अदालत ने अपने फैसले में कहा, "हम इस नजरिए से सहमत हैं कि नकारात्मक मतदान के अधिकार का प्रावधान किए जाने से राजनीतिक प्रक्रिया में स्वच्छता आएगी और यह खास तौर से बड़े पैमाने पर लोगों की भागीदारी के उद्देश्य को भी पूरा करेगा।" न्यायालय ने निर्वाचन आयोग को ईवीएम मशीन में एनओटीए के लिए अतिरिक्त बटन और मतपत्र में इस विकल्प का प्रावधान करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने इसके साथ ही सरकार से निर्वाचन आयोग को एनओटीए विकल्प पेश करने में हर तरह की मदद देने का भी निर्देश दिया। मतदाताओं के इनमें से कोई नहीं का अधिकार और गोपनीयता को बरकरार रखते हुए अदालत ने व्यवस्था दी कि चुनाव संचालन नियमावली का 41(2) व (3) और 49-ओ भारतीय जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 128 और संविधान के अनुच्छेद 19(1)(अ) के विपरीत है। दोनों नियम मतदान की गोपनीयता का उल्लंघन करते हैं। पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) ने 2004 में सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर कर कहा था कि जो मतदाता ईवीएम में सूचीबद्ध किसी को वोट नहीं देना चाहते, उन्हें नकारात्मक मतदान का अधिकार होना चाहिए। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करने वाली पार्टियों ने इसे भारतीय राजनीति पर दूरगामी असर डालने वाला बताया है। कांग्रेस के मीडिया सेल के प्रमुख अजय माकन ने कहा, "सैद्धांतिक रूप से हमें इससे कोई समस्या नहीं है, लेकिन कुछ मुद्दे हैं जिसके लिए हम पूरे फैसले का अध्ययन करना चाहते हैं।" गुजरात के मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ने अपने ब्लॉग में कहा है, "मैं पूरे हृदय से इसका स्वागत करता हूं। मुझे पूरा भरोसा है कि इसका हमारी राजनीति पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा।"टिप्पणियां आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने कहा, "हम इस फैसले का स्वागत करते हैं। यह चुनाव सुधार की प्रक्रिया में बड़ा कदम है, लेकिन यह सिर्फ पहला कदम है।" बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने संवाददाताओं से कहा, "हम फैसले का स्वागत करते हैं। बाबासाहेब अंबेडकर हमेशा इसके पक्ष में थे।" सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी. सतशिवम और न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई और न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की पीठ ने कहा, "एक जीवंत लोकतंत्र में मतदाताओं के पास इनमें से कोई नहीं का विकल्प चुनने का अवसर होना चाहिए। इससे राजनीतिक दलों को स्वस्थ प्रत्याशी चुनने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। यह स्थिति स्पष्ट रूप से हमें नकारात्मक मतदान की नितांत जरूरत को दर्शाता है।" अदालत ने अपने फैसले में कहा, "हम इस नजरिए से सहमत हैं कि नकारात्मक मतदान के अधिकार का प्रावधान किए जाने से राजनीतिक प्रक्रिया में स्वच्छता आएगी और यह खास तौर से बड़े पैमाने पर लोगों की भागीदारी के उद्देश्य को भी पूरा करेगा।" न्यायालय ने निर्वाचन आयोग को ईवीएम मशीन में एनओटीए के लिए अतिरिक्त बटन और मतपत्र में इस विकल्प का प्रावधान करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने इसके साथ ही सरकार से निर्वाचन आयोग को एनओटीए विकल्प पेश करने में हर तरह की मदद देने का भी निर्देश दिया। मतदाताओं के इनमें से कोई नहीं का अधिकार और गोपनीयता को बरकरार रखते हुए अदालत ने व्यवस्था दी कि चुनाव संचालन नियमावली का 41(2) व (3) और 49-ओ भारतीय जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 128 और संविधान के अनुच्छेद 19(1)(अ) के विपरीत है। दोनों नियम मतदान की गोपनीयता का उल्लंघन करते हैं। पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) ने 2004 में सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर कर कहा था कि जो मतदाता ईवीएम में सूचीबद्ध किसी को वोट नहीं देना चाहते, उन्हें नकारात्मक मतदान का अधिकार होना चाहिए। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करने वाली पार्टियों ने इसे भारतीय राजनीति पर दूरगामी असर डालने वाला बताया है। कांग्रेस के मीडिया सेल के प्रमुख अजय माकन ने कहा, "सैद्धांतिक रूप से हमें इससे कोई समस्या नहीं है, लेकिन कुछ मुद्दे हैं जिसके लिए हम पूरे फैसले का अध्ययन करना चाहते हैं।" गुजरात के मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ने अपने ब्लॉग में कहा है, "मैं पूरे हृदय से इसका स्वागत करता हूं। मुझे पूरा भरोसा है कि इसका हमारी राजनीति पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा।"टिप्पणियां आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने कहा, "हम इस फैसले का स्वागत करते हैं। यह चुनाव सुधार की प्रक्रिया में बड़ा कदम है, लेकिन यह सिर्फ पहला कदम है।" बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने संवाददाताओं से कहा, "हम फैसले का स्वागत करते हैं। बाबासाहेब अंबेडकर हमेशा इसके पक्ष में थे।" अदालत ने अपने फैसले में कहा, "हम इस नजरिए से सहमत हैं कि नकारात्मक मतदान के अधिकार का प्रावधान किए जाने से राजनीतिक प्रक्रिया में स्वच्छता आएगी और यह खास तौर से बड़े पैमाने पर लोगों की भागीदारी के उद्देश्य को भी पूरा करेगा।" न्यायालय ने निर्वाचन आयोग को ईवीएम मशीन में एनओटीए के लिए अतिरिक्त बटन और मतपत्र में इस विकल्प का प्रावधान करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने इसके साथ ही सरकार से निर्वाचन आयोग को एनओटीए विकल्प पेश करने में हर तरह की मदद देने का भी निर्देश दिया। मतदाताओं के इनमें से कोई नहीं का अधिकार और गोपनीयता को बरकरार रखते हुए अदालत ने व्यवस्था दी कि चुनाव संचालन नियमावली का 41(2) व (3) और 49-ओ भारतीय जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 128 और संविधान के अनुच्छेद 19(1)(अ) के विपरीत है। दोनों नियम मतदान की गोपनीयता का उल्लंघन करते हैं। पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) ने 2004 में सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर कर कहा था कि जो मतदाता ईवीएम में सूचीबद्ध किसी को वोट नहीं देना चाहते, उन्हें नकारात्मक मतदान का अधिकार होना चाहिए। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करने वाली पार्टियों ने इसे भारतीय राजनीति पर दूरगामी असर डालने वाला बताया है। कांग्रेस के मीडिया सेल के प्रमुख अजय माकन ने कहा, "सैद्धांतिक रूप से हमें इससे कोई समस्या नहीं है, लेकिन कुछ मुद्दे हैं जिसके लिए हम पूरे फैसले का अध्ययन करना चाहते हैं।" गुजरात के मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ने अपने ब्लॉग में कहा है, "मैं पूरे हृदय से इसका स्वागत करता हूं। मुझे पूरा भरोसा है कि इसका हमारी राजनीति पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा।"टिप्पणियां आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने कहा, "हम इस फैसले का स्वागत करते हैं। यह चुनाव सुधार की प्रक्रिया में बड़ा कदम है, लेकिन यह सिर्फ पहला कदम है।" बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने संवाददाताओं से कहा, "हम फैसले का स्वागत करते हैं। बाबासाहेब अंबेडकर हमेशा इसके पक्ष में थे।" न्यायालय ने निर्वाचन आयोग को ईवीएम मशीन में एनओटीए के लिए अतिरिक्त बटन और मतपत्र में इस विकल्प का प्रावधान करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने इसके साथ ही सरकार से निर्वाचन आयोग को एनओटीए विकल्प पेश करने में हर तरह की मदद देने का भी निर्देश दिया। मतदाताओं के इनमें से कोई नहीं का अधिकार और गोपनीयता को बरकरार रखते हुए अदालत ने व्यवस्था दी कि चुनाव संचालन नियमावली का 41(2) व (3) और 49-ओ भारतीय जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 128 और संविधान के अनुच्छेद 19(1)(अ) के विपरीत है। दोनों नियम मतदान की गोपनीयता का उल्लंघन करते हैं। पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) ने 2004 में सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर कर कहा था कि जो मतदाता ईवीएम में सूचीबद्ध किसी को वोट नहीं देना चाहते, उन्हें नकारात्मक मतदान का अधिकार होना चाहिए। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करने वाली पार्टियों ने इसे भारतीय राजनीति पर दूरगामी असर डालने वाला बताया है। कांग्रेस के मीडिया सेल के प्रमुख अजय माकन ने कहा, "सैद्धांतिक रूप से हमें इससे कोई समस्या नहीं है, लेकिन कुछ मुद्दे हैं जिसके लिए हम पूरे फैसले का अध्ययन करना चाहते हैं।" गुजरात के मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ने अपने ब्लॉग में कहा है, "मैं पूरे हृदय से इसका स्वागत करता हूं। मुझे पूरा भरोसा है कि इसका हमारी राजनीति पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा।"टिप्पणियां आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने कहा, "हम इस फैसले का स्वागत करते हैं। यह चुनाव सुधार की प्रक्रिया में बड़ा कदम है, लेकिन यह सिर्फ पहला कदम है।" बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने संवाददाताओं से कहा, "हम फैसले का स्वागत करते हैं। बाबासाहेब अंबेडकर हमेशा इसके पक्ष में थे।" मतदाताओं के इनमें से कोई नहीं का अधिकार और गोपनीयता को बरकरार रखते हुए अदालत ने व्यवस्था दी कि चुनाव संचालन नियमावली का 41(2) व (3) और 49-ओ भारतीय जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 128 और संविधान के अनुच्छेद 19(1)(अ) के विपरीत है। दोनों नियम मतदान की गोपनीयता का उल्लंघन करते हैं। पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) ने 2004 में सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर कर कहा था कि जो मतदाता ईवीएम में सूचीबद्ध किसी को वोट नहीं देना चाहते, उन्हें नकारात्मक मतदान का अधिकार होना चाहिए। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करने वाली पार्टियों ने इसे भारतीय राजनीति पर दूरगामी असर डालने वाला बताया है। कांग्रेस के मीडिया सेल के प्रमुख अजय माकन ने कहा, "सैद्धांतिक रूप से हमें इससे कोई समस्या नहीं है, लेकिन कुछ मुद्दे हैं जिसके लिए हम पूरे फैसले का अध्ययन करना चाहते हैं।" गुजरात के मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ने अपने ब्लॉग में कहा है, "मैं पूरे हृदय से इसका स्वागत करता हूं। मुझे पूरा भरोसा है कि इसका हमारी राजनीति पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा।"टिप्पणियां आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने कहा, "हम इस फैसले का स्वागत करते हैं। यह चुनाव सुधार की प्रक्रिया में बड़ा कदम है, लेकिन यह सिर्फ पहला कदम है।" बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने संवाददाताओं से कहा, "हम फैसले का स्वागत करते हैं। बाबासाहेब अंबेडकर हमेशा इसके पक्ष में थे।" पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) ने 2004 में सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर कर कहा था कि जो मतदाता ईवीएम में सूचीबद्ध किसी को वोट नहीं देना चाहते, उन्हें नकारात्मक मतदान का अधिकार होना चाहिए। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करने वाली पार्टियों ने इसे भारतीय राजनीति पर दूरगामी असर डालने वाला बताया है। कांग्रेस के मीडिया सेल के प्रमुख अजय माकन ने कहा, "सैद्धांतिक रूप से हमें इससे कोई समस्या नहीं है, लेकिन कुछ मुद्दे हैं जिसके लिए हम पूरे फैसले का अध्ययन करना चाहते हैं।" गुजरात के मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ने अपने ब्लॉग में कहा है, "मैं पूरे हृदय से इसका स्वागत करता हूं। मुझे पूरा भरोसा है कि इसका हमारी राजनीति पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा।"टिप्पणियां आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने कहा, "हम इस फैसले का स्वागत करते हैं। यह चुनाव सुधार की प्रक्रिया में बड़ा कदम है, लेकिन यह सिर्फ पहला कदम है।" बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने संवाददाताओं से कहा, "हम फैसले का स्वागत करते हैं। बाबासाहेब अंबेडकर हमेशा इसके पक्ष में थे।" सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करने वाली पार्टियों ने इसे भारतीय राजनीति पर दूरगामी असर डालने वाला बताया है। कांग्रेस के मीडिया सेल के प्रमुख अजय माकन ने कहा, "सैद्धांतिक रूप से हमें इससे कोई समस्या नहीं है, लेकिन कुछ मुद्दे हैं जिसके लिए हम पूरे फैसले का अध्ययन करना चाहते हैं।" गुजरात के मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ने अपने ब्लॉग में कहा है, "मैं पूरे हृदय से इसका स्वागत करता हूं। मुझे पूरा भरोसा है कि इसका हमारी राजनीति पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा।"टिप्पणियां आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने कहा, "हम इस फैसले का स्वागत करते हैं। यह चुनाव सुधार की प्रक्रिया में बड़ा कदम है, लेकिन यह सिर्फ पहला कदम है।" बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने संवाददाताओं से कहा, "हम फैसले का स्वागत करते हैं। बाबासाहेब अंबेडकर हमेशा इसके पक्ष में थे।" कांग्रेस के मीडिया सेल के प्रमुख अजय माकन ने कहा, "सैद्धांतिक रूप से हमें इससे कोई समस्या नहीं है, लेकिन कुछ मुद्दे हैं जिसके लिए हम पूरे फैसले का अध्ययन करना चाहते हैं।" गुजरात के मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ने अपने ब्लॉग में कहा है, "मैं पूरे हृदय से इसका स्वागत करता हूं। मुझे पूरा भरोसा है कि इसका हमारी राजनीति पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा।"टिप्पणियां आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने कहा, "हम इस फैसले का स्वागत करते हैं। यह चुनाव सुधार की प्रक्रिया में बड़ा कदम है, लेकिन यह सिर्फ पहला कदम है।" बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने संवाददाताओं से कहा, "हम फैसले का स्वागत करते हैं। बाबासाहेब अंबेडकर हमेशा इसके पक्ष में थे।" गुजरात के मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ने अपने ब्लॉग में कहा है, "मैं पूरे हृदय से इसका स्वागत करता हूं। मुझे पूरा भरोसा है कि इसका हमारी राजनीति पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा।"टिप्पणियां आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने कहा, "हम इस फैसले का स्वागत करते हैं। यह चुनाव सुधार की प्रक्रिया में बड़ा कदम है, लेकिन यह सिर्फ पहला कदम है।" बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने संवाददाताओं से कहा, "हम फैसले का स्वागत करते हैं। बाबासाहेब अंबेडकर हमेशा इसके पक्ष में थे।" आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने कहा, "हम इस फैसले का स्वागत करते हैं। यह चुनाव सुधार की प्रक्रिया में बड़ा कदम है, लेकिन यह सिर्फ पहला कदम है।" बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने संवाददाताओं से कहा, "हम फैसले का स्वागत करते हैं। बाबासाहेब अंबेडकर हमेशा इसके पक्ष में थे।" बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने संवाददाताओं से कहा, "हम फैसले का स्वागत करते हैं। बाबासाहेब अंबेडकर हमेशा इसके पक्ष में थे।"
यह एक सारांश है: भारतीय मतदाताओं को और सबल बनाते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक फैसले में कहा कि एक जीवंत लोकतंत्र में मतदाताओं के पास ईवीएम और मतपत्रों पर इनमें से कोई नहीं विकल्प के जरिए सभी उम्मीदवारों को खारिज करने के नकारात्मक मतदान का अधिकार होना ज
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने गुरुवार को कहा कि भारतीय क्रिकेटर लंबे सत्र में खेलने के लिए तैयार हैं और आगे के व्यस्त कार्यक्रम के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से फिट हैं। धोनी ने कहा, ‘‘टीम शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह फिट है। शारीरिक और मानसिक पहलू के हिसाब से (आईपीएल के बाद) डेढ़ महीने का विश्राम काफी अच्छा रहा।’’ उन्होंने नई राष्ट्रीय टी-20 जर्सी के लांच के अवसर पर कहा, ‘‘यहां तक कि श्रीलंका दौरे (जहां टीम ने पांच वनडे और एकमात्र टी-20 मैच खेला) में भी प्रत्येक मैच के बीच में हमें विश्राम मिला। हम आगे के व्यस्त कार्यक्रम के लिए तैयार हैं।’’ धोनी ने कहा, ‘‘हम धीरे-धीरे टेस्ट ढांचे में ढल जाएंगे और फिर टी-20 में। आगे काफी क्रिकेट खेली जानी है जो आईपीएल तक चलेगी। हमें प्रत्येक 15 दिन में आगे की रणनीति बनानी होगी।’’ धोनी न्यूजीलैंड के खिलाफ 23 अगस्त से हैदराबाद में शुरू होने वाली टेस्ट शृंखला के संदर्भ में बात कर रहे थे। न्यूजीलैंड की टीम दो टेस्ट मैच खेलने के बाद दो टी-20 मैच भी खेलेगी। इसके बाद श्रीलंका में आईसीसी ट्वेंटी-20 चैंपियनशिप का आयोजन किया जाएगा जो 18 सितंबर से 8 अक्तूबर तक चलेगी। इसी सत्र में आईपीएल से इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की टीमें भारतीय दौरे पर आएंगी। वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह, विराट कोहली, इरफान पठान, अजिंक्या रहाणे और रोहित शर्मा भी भारतीय टीम की टी-20 जर्सी के लॉन्च पर उपस्थित थे। कैंसर से उबरकर टीम में वापसी करने वाले युवराज ने कहा कि उन्होंने पिछले दो महीने से बेंगलुरु की राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में कड़ा अभ्यास किया है और वह अच्छा महसूस कर रहे हैं लेकिन क्रिकेट से लंबे समय तक दूर रहने के कारण थोड़ा नर्वस भी हैं।टिप्पणियां न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 और विश्वकप टी-20 के लिए टीम में चुने गए युवराज ने कहा, ‘‘मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं। मैंने पिछले दो महीने से काफी मेहनत की है। मैं नर्वस हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे (भारत की तरफ से खेलने का) दूसरा मौका मिलेगा। मुझे ऐसा महसूस हो रहा है जैसे कि यह मेरा पहला मैच हो।’’ नई टी-20 जर्सी के बारे में धोनी ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वे नहीं जानते कि इसको तैयार करने के लिए जो शोध किया गया है उससे टीम अतिरिक्त रन जुटाने में सफल रहेगी या नहीं। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हम इसे पहनकर निश्चित तौर पर अधिक सहज महसूस करेंगे।’’ भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘यह अच्छी शुरुआत है। जब लोग चैनल बदलते हैं तो वे सफेद पोशाक में खेल देखते हैं और तुरंत पता चल जाता है कि यह टेस्ट क्रिकेट है तथा टीम नीली पोशाक में है तो यह एकदिवसीय क्रिकेट है। अब हमारे पास टी-20 की शर्ट है तथा इस टी-शर्ट और प्रारूप के बीच मजबूत संबंध पैदा होगा।’’ उन्होंने नई राष्ट्रीय टी-20 जर्सी के लांच के अवसर पर कहा, ‘‘यहां तक कि श्रीलंका दौरे (जहां टीम ने पांच वनडे और एकमात्र टी-20 मैच खेला) में भी प्रत्येक मैच के बीच में हमें विश्राम मिला। हम आगे के व्यस्त कार्यक्रम के लिए तैयार हैं।’’ धोनी ने कहा, ‘‘हम धीरे-धीरे टेस्ट ढांचे में ढल जाएंगे और फिर टी-20 में। आगे काफी क्रिकेट खेली जानी है जो आईपीएल तक चलेगी। हमें प्रत्येक 15 दिन में आगे की रणनीति बनानी होगी।’’ धोनी न्यूजीलैंड के खिलाफ 23 अगस्त से हैदराबाद में शुरू होने वाली टेस्ट शृंखला के संदर्भ में बात कर रहे थे। न्यूजीलैंड की टीम दो टेस्ट मैच खेलने के बाद दो टी-20 मैच भी खेलेगी। इसके बाद श्रीलंका में आईसीसी ट्वेंटी-20 चैंपियनशिप का आयोजन किया जाएगा जो 18 सितंबर से 8 अक्तूबर तक चलेगी। इसी सत्र में आईपीएल से इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की टीमें भारतीय दौरे पर आएंगी। वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह, विराट कोहली, इरफान पठान, अजिंक्या रहाणे और रोहित शर्मा भी भारतीय टीम की टी-20 जर्सी के लॉन्च पर उपस्थित थे। कैंसर से उबरकर टीम में वापसी करने वाले युवराज ने कहा कि उन्होंने पिछले दो महीने से बेंगलुरु की राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में कड़ा अभ्यास किया है और वह अच्छा महसूस कर रहे हैं लेकिन क्रिकेट से लंबे समय तक दूर रहने के कारण थोड़ा नर्वस भी हैं।टिप्पणियां न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 और विश्वकप टी-20 के लिए टीम में चुने गए युवराज ने कहा, ‘‘मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं। मैंने पिछले दो महीने से काफी मेहनत की है। मैं नर्वस हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे (भारत की तरफ से खेलने का) दूसरा मौका मिलेगा। मुझे ऐसा महसूस हो रहा है जैसे कि यह मेरा पहला मैच हो।’’ नई टी-20 जर्सी के बारे में धोनी ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वे नहीं जानते कि इसको तैयार करने के लिए जो शोध किया गया है उससे टीम अतिरिक्त रन जुटाने में सफल रहेगी या नहीं। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हम इसे पहनकर निश्चित तौर पर अधिक सहज महसूस करेंगे।’’ भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘यह अच्छी शुरुआत है। जब लोग चैनल बदलते हैं तो वे सफेद पोशाक में खेल देखते हैं और तुरंत पता चल जाता है कि यह टेस्ट क्रिकेट है तथा टीम नीली पोशाक में है तो यह एकदिवसीय क्रिकेट है। अब हमारे पास टी-20 की शर्ट है तथा इस टी-शर्ट और प्रारूप के बीच मजबूत संबंध पैदा होगा।’’ धोनी न्यूजीलैंड के खिलाफ 23 अगस्त से हैदराबाद में शुरू होने वाली टेस्ट शृंखला के संदर्भ में बात कर रहे थे। न्यूजीलैंड की टीम दो टेस्ट मैच खेलने के बाद दो टी-20 मैच भी खेलेगी। इसके बाद श्रीलंका में आईसीसी ट्वेंटी-20 चैंपियनशिप का आयोजन किया जाएगा जो 18 सितंबर से 8 अक्तूबर तक चलेगी। इसी सत्र में आईपीएल से इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की टीमें भारतीय दौरे पर आएंगी। वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह, विराट कोहली, इरफान पठान, अजिंक्या रहाणे और रोहित शर्मा भी भारतीय टीम की टी-20 जर्सी के लॉन्च पर उपस्थित थे। कैंसर से उबरकर टीम में वापसी करने वाले युवराज ने कहा कि उन्होंने पिछले दो महीने से बेंगलुरु की राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में कड़ा अभ्यास किया है और वह अच्छा महसूस कर रहे हैं लेकिन क्रिकेट से लंबे समय तक दूर रहने के कारण थोड़ा नर्वस भी हैं।टिप्पणियां न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 और विश्वकप टी-20 के लिए टीम में चुने गए युवराज ने कहा, ‘‘मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं। मैंने पिछले दो महीने से काफी मेहनत की है। मैं नर्वस हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे (भारत की तरफ से खेलने का) दूसरा मौका मिलेगा। मुझे ऐसा महसूस हो रहा है जैसे कि यह मेरा पहला मैच हो।’’ नई टी-20 जर्सी के बारे में धोनी ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वे नहीं जानते कि इसको तैयार करने के लिए जो शोध किया गया है उससे टीम अतिरिक्त रन जुटाने में सफल रहेगी या नहीं। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हम इसे पहनकर निश्चित तौर पर अधिक सहज महसूस करेंगे।’’ भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘यह अच्छी शुरुआत है। जब लोग चैनल बदलते हैं तो वे सफेद पोशाक में खेल देखते हैं और तुरंत पता चल जाता है कि यह टेस्ट क्रिकेट है तथा टीम नीली पोशाक में है तो यह एकदिवसीय क्रिकेट है। अब हमारे पास टी-20 की शर्ट है तथा इस टी-शर्ट और प्रारूप के बीच मजबूत संबंध पैदा होगा।’’ इसी सत्र में आईपीएल से इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की टीमें भारतीय दौरे पर आएंगी। वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह, विराट कोहली, इरफान पठान, अजिंक्या रहाणे और रोहित शर्मा भी भारतीय टीम की टी-20 जर्सी के लॉन्च पर उपस्थित थे। कैंसर से उबरकर टीम में वापसी करने वाले युवराज ने कहा कि उन्होंने पिछले दो महीने से बेंगलुरु की राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में कड़ा अभ्यास किया है और वह अच्छा महसूस कर रहे हैं लेकिन क्रिकेट से लंबे समय तक दूर रहने के कारण थोड़ा नर्वस भी हैं।टिप्पणियां न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 और विश्वकप टी-20 के लिए टीम में चुने गए युवराज ने कहा, ‘‘मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं। मैंने पिछले दो महीने से काफी मेहनत की है। मैं नर्वस हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे (भारत की तरफ से खेलने का) दूसरा मौका मिलेगा। मुझे ऐसा महसूस हो रहा है जैसे कि यह मेरा पहला मैच हो।’’ नई टी-20 जर्सी के बारे में धोनी ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वे नहीं जानते कि इसको तैयार करने के लिए जो शोध किया गया है उससे टीम अतिरिक्त रन जुटाने में सफल रहेगी या नहीं। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हम इसे पहनकर निश्चित तौर पर अधिक सहज महसूस करेंगे।’’ भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘यह अच्छी शुरुआत है। जब लोग चैनल बदलते हैं तो वे सफेद पोशाक में खेल देखते हैं और तुरंत पता चल जाता है कि यह टेस्ट क्रिकेट है तथा टीम नीली पोशाक में है तो यह एकदिवसीय क्रिकेट है। अब हमारे पास टी-20 की शर्ट है तथा इस टी-शर्ट और प्रारूप के बीच मजबूत संबंध पैदा होगा।’’ कैंसर से उबरकर टीम में वापसी करने वाले युवराज ने कहा कि उन्होंने पिछले दो महीने से बेंगलुरु की राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में कड़ा अभ्यास किया है और वह अच्छा महसूस कर रहे हैं लेकिन क्रिकेट से लंबे समय तक दूर रहने के कारण थोड़ा नर्वस भी हैं।टिप्पणियां न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 और विश्वकप टी-20 के लिए टीम में चुने गए युवराज ने कहा, ‘‘मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं। मैंने पिछले दो महीने से काफी मेहनत की है। मैं नर्वस हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे (भारत की तरफ से खेलने का) दूसरा मौका मिलेगा। मुझे ऐसा महसूस हो रहा है जैसे कि यह मेरा पहला मैच हो।’’ नई टी-20 जर्सी के बारे में धोनी ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वे नहीं जानते कि इसको तैयार करने के लिए जो शोध किया गया है उससे टीम अतिरिक्त रन जुटाने में सफल रहेगी या नहीं। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हम इसे पहनकर निश्चित तौर पर अधिक सहज महसूस करेंगे।’’ भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘यह अच्छी शुरुआत है। जब लोग चैनल बदलते हैं तो वे सफेद पोशाक में खेल देखते हैं और तुरंत पता चल जाता है कि यह टेस्ट क्रिकेट है तथा टीम नीली पोशाक में है तो यह एकदिवसीय क्रिकेट है। अब हमारे पास टी-20 की शर्ट है तथा इस टी-शर्ट और प्रारूप के बीच मजबूत संबंध पैदा होगा।’’ न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 और विश्वकप टी-20 के लिए टीम में चुने गए युवराज ने कहा, ‘‘मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं। मैंने पिछले दो महीने से काफी मेहनत की है। मैं नर्वस हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे (भारत की तरफ से खेलने का) दूसरा मौका मिलेगा। मुझे ऐसा महसूस हो रहा है जैसे कि यह मेरा पहला मैच हो।’’ नई टी-20 जर्सी के बारे में धोनी ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वे नहीं जानते कि इसको तैयार करने के लिए जो शोध किया गया है उससे टीम अतिरिक्त रन जुटाने में सफल रहेगी या नहीं। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हम इसे पहनकर निश्चित तौर पर अधिक सहज महसूस करेंगे।’’ भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘यह अच्छी शुरुआत है। जब लोग चैनल बदलते हैं तो वे सफेद पोशाक में खेल देखते हैं और तुरंत पता चल जाता है कि यह टेस्ट क्रिकेट है तथा टीम नीली पोशाक में है तो यह एकदिवसीय क्रिकेट है। अब हमारे पास टी-20 की शर्ट है तथा इस टी-शर्ट और प्रारूप के बीच मजबूत संबंध पैदा होगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हम इसे पहनकर निश्चित तौर पर अधिक सहज महसूस करेंगे।’’ भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘यह अच्छी शुरुआत है। जब लोग चैनल बदलते हैं तो वे सफेद पोशाक में खेल देखते हैं और तुरंत पता चल जाता है कि यह टेस्ट क्रिकेट है तथा टीम नीली पोशाक में है तो यह एकदिवसीय क्रिकेट है। अब हमारे पास टी-20 की शर्ट है तथा इस टी-शर्ट और प्रारूप के बीच मजबूत संबंध पैदा होगा।’’
यह एक सारांश है: कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने गुरुवार को कहा कि भारतीय क्रिकेटर लंबे सत्र में खेलने के लिए तैयार हैं और आगे के व्यस्त कार्यक्रम के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से फिट हैं।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: शेयर बाजार में अगले सप्ताह वायदा एवं विकल्प (एफएंडओ) सौदे की परिपक्वता के कारण इस सेगमेंट के निवेशक अगले महीने के लिए अपने पोजीशन में बदलाव करेंगे, जिसके कारण बाजार में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनेगी। गुरुवार 25 जुलाई को इस महीने के डेरीवेटिव सौदे की अवधि पूरी हो जाएगी। अगले सप्ताह बाजार में निवेशकों का ध्यान मौजूदा कारोबारी साल की पहली तिमाही में कंपनी के परिणामों पर टिका रहेगा। निवेशक कंपनियों के परिणामों के साथ निकट भविष्य में कंपनी की योजना और अनुमानों के आधार पर भावी निवेश का फैसला करेंगे। अगले सप्ताह परिणाम की घोषणा करने वाली प्रमुख कंपनियों में सोमवार को एशियन पेंट्स और एलएंडटी, मंगलवार को एलएंडटी फाइनेंस होल्डिंग्स और इंडिया इंफोलाइन, बुधवार को अंबुजा सीमेंट्स, यस बैंक और हीरो मोटोकॉर्प, गुरुवार को आईटीसी, मारुति सुजुकी और जी एंटरटेनमेंट तथा शुक्रवार को हिंदुस्तान यूनिलीवर, नेस्ले इंडिया, टाटा कॉफी और विप्रो अपने परिणामों की घोषणा करेंगी। निवेशक अगले सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक की वर्ष 2013-14 की मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा का भी इंतजार कर सकते हैं, जिसकी घोषणा 30 जुलाई को होगी। 5 अगस्त से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र का भी निवेशकों के निवेश फैसले पर असर हो सकता है। इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक संसद में पेश होने की उम्मीद है। इनमें प्रमुख हैं भूमि अधिग्रहण विधेयक, बीमा विधेयक, पेंशन विधेयक, कंपनी विधेयक और प्रत्यक्ष कर संहिता विधेयक। आने वाले कुछ सप्ताहों में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति के कारण शेयर बाजारों के सूचकांकों के ऊपर की ओर बढ़ने की उम्मीद कम है। शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के दिशानिर्देश के मुताबिक सूचीबद्ध कंपनियों में प्रमोटर की हिस्सेदारी घटानी होगी और आम निवेशकों को एक निश्चित अनुपात में हिस्सेदारी देनी होगी। निजी सूचीबद्ध कंपनियों के लिए कंपनी में प्रमोटर की हिस्सेदारी की ऊपरी सीमा 75 फीसदी और सरकारी सूचीबद्ध कंपनियों में प्रमोटरों की हिस्सेदारी की ऊपरी सीमा 90 फीसदी तय की गई है। सेबी के आदेश के मुताबिक निजी कंपनियों के संस्थापकों को अपनी हिस्सेदारी घटाकर अधिकतम 75 फीसदी के दायरे में लाने के लिए समय सीमा 30 जून निर्धारित थी, जबकि सरकारी कंपनियों को आठ अगस्त तक सेबी के आदेश पालन करना होगा। वर्ष 2014 में सरकारी कंपनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कंपनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिलीजुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है। और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त सेंसेक्स से बाहर बड़ी संख्या में शेयरों में काफी गिरावट चल रही है, इसे देखते हुए निवेशक बॉटमअप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। अगले सप्ताह बाजार में निवेशकों का ध्यान मौजूदा कारोबारी साल की पहली तिमाही में कंपनी के परिणामों पर टिका रहेगा। निवेशक कंपनियों के परिणामों के साथ निकट भविष्य में कंपनी की योजना और अनुमानों के आधार पर भावी निवेश का फैसला करेंगे। अगले सप्ताह परिणाम की घोषणा करने वाली प्रमुख कंपनियों में सोमवार को एशियन पेंट्स और एलएंडटी, मंगलवार को एलएंडटी फाइनेंस होल्डिंग्स और इंडिया इंफोलाइन, बुधवार को अंबुजा सीमेंट्स, यस बैंक और हीरो मोटोकॉर्प, गुरुवार को आईटीसी, मारुति सुजुकी और जी एंटरटेनमेंट तथा शुक्रवार को हिंदुस्तान यूनिलीवर, नेस्ले इंडिया, टाटा कॉफी और विप्रो अपने परिणामों की घोषणा करेंगी। निवेशक अगले सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक की वर्ष 2013-14 की मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा का भी इंतजार कर सकते हैं, जिसकी घोषणा 30 जुलाई को होगी। 5 अगस्त से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र का भी निवेशकों के निवेश फैसले पर असर हो सकता है। इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक संसद में पेश होने की उम्मीद है। इनमें प्रमुख हैं भूमि अधिग्रहण विधेयक, बीमा विधेयक, पेंशन विधेयक, कंपनी विधेयक और प्रत्यक्ष कर संहिता विधेयक। आने वाले कुछ सप्ताहों में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति के कारण शेयर बाजारों के सूचकांकों के ऊपर की ओर बढ़ने की उम्मीद कम है। शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के दिशानिर्देश के मुताबिक सूचीबद्ध कंपनियों में प्रमोटर की हिस्सेदारी घटानी होगी और आम निवेशकों को एक निश्चित अनुपात में हिस्सेदारी देनी होगी। निजी सूचीबद्ध कंपनियों के लिए कंपनी में प्रमोटर की हिस्सेदारी की ऊपरी सीमा 75 फीसदी और सरकारी सूचीबद्ध कंपनियों में प्रमोटरों की हिस्सेदारी की ऊपरी सीमा 90 फीसदी तय की गई है। सेबी के आदेश के मुताबिक निजी कंपनियों के संस्थापकों को अपनी हिस्सेदारी घटाकर अधिकतम 75 फीसदी के दायरे में लाने के लिए समय सीमा 30 जून निर्धारित थी, जबकि सरकारी कंपनियों को आठ अगस्त तक सेबी के आदेश पालन करना होगा। वर्ष 2014 में सरकारी कंपनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कंपनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिलीजुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है। और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त सेंसेक्स से बाहर बड़ी संख्या में शेयरों में काफी गिरावट चल रही है, इसे देखते हुए निवेशक बॉटमअप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। अगले सप्ताह परिणाम की घोषणा करने वाली प्रमुख कंपनियों में सोमवार को एशियन पेंट्स और एलएंडटी, मंगलवार को एलएंडटी फाइनेंस होल्डिंग्स और इंडिया इंफोलाइन, बुधवार को अंबुजा सीमेंट्स, यस बैंक और हीरो मोटोकॉर्प, गुरुवार को आईटीसी, मारुति सुजुकी और जी एंटरटेनमेंट तथा शुक्रवार को हिंदुस्तान यूनिलीवर, नेस्ले इंडिया, टाटा कॉफी और विप्रो अपने परिणामों की घोषणा करेंगी। निवेशक अगले सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक की वर्ष 2013-14 की मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा का भी इंतजार कर सकते हैं, जिसकी घोषणा 30 जुलाई को होगी। 5 अगस्त से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र का भी निवेशकों के निवेश फैसले पर असर हो सकता है। इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक संसद में पेश होने की उम्मीद है। इनमें प्रमुख हैं भूमि अधिग्रहण विधेयक, बीमा विधेयक, पेंशन विधेयक, कंपनी विधेयक और प्रत्यक्ष कर संहिता विधेयक। आने वाले कुछ सप्ताहों में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति के कारण शेयर बाजारों के सूचकांकों के ऊपर की ओर बढ़ने की उम्मीद कम है। शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के दिशानिर्देश के मुताबिक सूचीबद्ध कंपनियों में प्रमोटर की हिस्सेदारी घटानी होगी और आम निवेशकों को एक निश्चित अनुपात में हिस्सेदारी देनी होगी। निजी सूचीबद्ध कंपनियों के लिए कंपनी में प्रमोटर की हिस्सेदारी की ऊपरी सीमा 75 फीसदी और सरकारी सूचीबद्ध कंपनियों में प्रमोटरों की हिस्सेदारी की ऊपरी सीमा 90 फीसदी तय की गई है। सेबी के आदेश के मुताबिक निजी कंपनियों के संस्थापकों को अपनी हिस्सेदारी घटाकर अधिकतम 75 फीसदी के दायरे में लाने के लिए समय सीमा 30 जून निर्धारित थी, जबकि सरकारी कंपनियों को आठ अगस्त तक सेबी के आदेश पालन करना होगा। वर्ष 2014 में सरकारी कंपनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कंपनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिलीजुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है। और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त सेंसेक्स से बाहर बड़ी संख्या में शेयरों में काफी गिरावट चल रही है, इसे देखते हुए निवेशक बॉटमअप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। निवेशक अगले सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक की वर्ष 2013-14 की मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा का भी इंतजार कर सकते हैं, जिसकी घोषणा 30 जुलाई को होगी। 5 अगस्त से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र का भी निवेशकों के निवेश फैसले पर असर हो सकता है। इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक संसद में पेश होने की उम्मीद है। इनमें प्रमुख हैं भूमि अधिग्रहण विधेयक, बीमा विधेयक, पेंशन विधेयक, कंपनी विधेयक और प्रत्यक्ष कर संहिता विधेयक। आने वाले कुछ सप्ताहों में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति के कारण शेयर बाजारों के सूचकांकों के ऊपर की ओर बढ़ने की उम्मीद कम है। शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के दिशानिर्देश के मुताबिक सूचीबद्ध कंपनियों में प्रमोटर की हिस्सेदारी घटानी होगी और आम निवेशकों को एक निश्चित अनुपात में हिस्सेदारी देनी होगी। निजी सूचीबद्ध कंपनियों के लिए कंपनी में प्रमोटर की हिस्सेदारी की ऊपरी सीमा 75 फीसदी और सरकारी सूचीबद्ध कंपनियों में प्रमोटरों की हिस्सेदारी की ऊपरी सीमा 90 फीसदी तय की गई है। सेबी के आदेश के मुताबिक निजी कंपनियों के संस्थापकों को अपनी हिस्सेदारी घटाकर अधिकतम 75 फीसदी के दायरे में लाने के लिए समय सीमा 30 जून निर्धारित थी, जबकि सरकारी कंपनियों को आठ अगस्त तक सेबी के आदेश पालन करना होगा। वर्ष 2014 में सरकारी कंपनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कंपनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिलीजुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है। और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त सेंसेक्स से बाहर बड़ी संख्या में शेयरों में काफी गिरावट चल रही है, इसे देखते हुए निवेशक बॉटमअप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। 5 अगस्त से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र का भी निवेशकों के निवेश फैसले पर असर हो सकता है। इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक संसद में पेश होने की उम्मीद है। इनमें प्रमुख हैं भूमि अधिग्रहण विधेयक, बीमा विधेयक, पेंशन विधेयक, कंपनी विधेयक और प्रत्यक्ष कर संहिता विधेयक। आने वाले कुछ सप्ताहों में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति के कारण शेयर बाजारों के सूचकांकों के ऊपर की ओर बढ़ने की उम्मीद कम है। शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के दिशानिर्देश के मुताबिक सूचीबद्ध कंपनियों में प्रमोटर की हिस्सेदारी घटानी होगी और आम निवेशकों को एक निश्चित अनुपात में हिस्सेदारी देनी होगी। निजी सूचीबद्ध कंपनियों के लिए कंपनी में प्रमोटर की हिस्सेदारी की ऊपरी सीमा 75 फीसदी और सरकारी सूचीबद्ध कंपनियों में प्रमोटरों की हिस्सेदारी की ऊपरी सीमा 90 फीसदी तय की गई है। सेबी के आदेश के मुताबिक निजी कंपनियों के संस्थापकों को अपनी हिस्सेदारी घटाकर अधिकतम 75 फीसदी के दायरे में लाने के लिए समय सीमा 30 जून निर्धारित थी, जबकि सरकारी कंपनियों को आठ अगस्त तक सेबी के आदेश पालन करना होगा। वर्ष 2014 में सरकारी कंपनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कंपनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिलीजुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है। और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त सेंसेक्स से बाहर बड़ी संख्या में शेयरों में काफी गिरावट चल रही है, इसे देखते हुए निवेशक बॉटमअप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। आने वाले कुछ सप्ताहों में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति के कारण शेयर बाजारों के सूचकांकों के ऊपर की ओर बढ़ने की उम्मीद कम है। शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के दिशानिर्देश के मुताबिक सूचीबद्ध कंपनियों में प्रमोटर की हिस्सेदारी घटानी होगी और आम निवेशकों को एक निश्चित अनुपात में हिस्सेदारी देनी होगी। निजी सूचीबद्ध कंपनियों के लिए कंपनी में प्रमोटर की हिस्सेदारी की ऊपरी सीमा 75 फीसदी और सरकारी सूचीबद्ध कंपनियों में प्रमोटरों की हिस्सेदारी की ऊपरी सीमा 90 फीसदी तय की गई है। सेबी के आदेश के मुताबिक निजी कंपनियों के संस्थापकों को अपनी हिस्सेदारी घटाकर अधिकतम 75 फीसदी के दायरे में लाने के लिए समय सीमा 30 जून निर्धारित थी, जबकि सरकारी कंपनियों को आठ अगस्त तक सेबी के आदेश पालन करना होगा। वर्ष 2014 में सरकारी कंपनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कंपनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिलीजुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है। और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त सेंसेक्स से बाहर बड़ी संख्या में शेयरों में काफी गिरावट चल रही है, इसे देखते हुए निवेशक बॉटमअप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। निजी सूचीबद्ध कंपनियों के लिए कंपनी में प्रमोटर की हिस्सेदारी की ऊपरी सीमा 75 फीसदी और सरकारी सूचीबद्ध कंपनियों में प्रमोटरों की हिस्सेदारी की ऊपरी सीमा 90 फीसदी तय की गई है। सेबी के आदेश के मुताबिक निजी कंपनियों के संस्थापकों को अपनी हिस्सेदारी घटाकर अधिकतम 75 फीसदी के दायरे में लाने के लिए समय सीमा 30 जून निर्धारित थी, जबकि सरकारी कंपनियों को आठ अगस्त तक सेबी के आदेश पालन करना होगा। वर्ष 2014 में सरकारी कंपनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कंपनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिलीजुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है। और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त सेंसेक्स से बाहर बड़ी संख्या में शेयरों में काफी गिरावट चल रही है, इसे देखते हुए निवेशक बॉटमअप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। सेबी के आदेश के मुताबिक निजी कंपनियों के संस्थापकों को अपनी हिस्सेदारी घटाकर अधिकतम 75 फीसदी के दायरे में लाने के लिए समय सीमा 30 जून निर्धारित थी, जबकि सरकारी कंपनियों को आठ अगस्त तक सेबी के आदेश पालन करना होगा। वर्ष 2014 में सरकारी कंपनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कंपनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिलीजुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है। और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त सेंसेक्स से बाहर बड़ी संख्या में शेयरों में काफी गिरावट चल रही है, इसे देखते हुए निवेशक बॉटमअप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। वर्ष 2014 में सरकारी कंपनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कंपनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिलीजुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है। और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त सेंसेक्स से बाहर बड़ी संख्या में शेयरों में काफी गिरावट चल रही है, इसे देखते हुए निवेशक बॉटमअप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिलीजुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है। और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त सेंसेक्स से बाहर बड़ी संख्या में शेयरों में काफी गिरावट चल रही है, इसे देखते हुए निवेशक बॉटमअप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। बाजार में इस वक्त सेंसेक्स से बाहर बड़ी संख्या में शेयरों में काफी गिरावट चल रही है, इसे देखते हुए निवेशक बॉटमअप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: शेयर बाजार में अगले सप्ताह वायदा एवं विकल्प (एफएंडओ) सौदे की परिपक्वता के कारण इस सेगमेंट के निवेशक अगले महीने के लिए अपने पोजीशन में बदलाव करेंगे, जिसके कारण बाजार में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनेगी। गुरुवार 25 जुलाई को इस महीने के डेरीवेटिव सौदे की अवधि पूर
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कोलकाता में शनिवार रात एक तेज रफ्तार जगुआर कार की चपेट में आने से दो बांग्लादेशी नागरिकों की मौत हो गई, जबकि एक घायल हो गया.  ये लोग भारी बारिश से बचने के लिए कोलकाता यातायात पुलिस की चौकी के पास खड़े थे. तभी एक मर्सडीज कार को टक्कर मारते हुए तेज रफ्तार जगुआर कार इन लोगों के ऊपर चढ़ गई, जिसमें एक महिला और पुरुष की मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि दुर्घटना शुक्रवार देर रात 1:50 बजे शेक्सपीयर सारणी और लउडॉन रोड क्रासिंग के नजदीक हुई. मृतकों की पहचान 35 वर्षीय काजी मोहम्मद मियांउल आलम और 28 वर्षीय फरहाना इस्लाम तानिया के तौर पर हुई है. ये लोग कोलकाता इलाज कराने के लिए आए थे.  पुलिस ने पीड़ितों को सरकारी एसएसकेएम अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया, जबकि तीसरे शख्स का अस्पताल में इलाज चल रहा है. ये सभी लोग खाना खाने के बाद भारी बारिश से बचने के लिए शेक्सपीयर सारणी चौकी के पास खड़े हो गए थे और होटल जाने के लिए टैक्सी का इंतजार कर रहे थे.  बताया गया है कि जगुआर चला रहा आरोपी शख्स अरसलान परवेज मौके से फरार हो गया है. वह शहर की मशहूर रेस्तरां श्रृंखला 'अरसलान' के मालिक का बेटा है और एडिनबर्ग में एक पढ़ाई करता है. वह फिलहाल छुट्टियों पर घर आया हुआ था. इस घटना में दूसरी मर्सडीज कार के चालक को मामूली चोटें आई हैं. फिलहाल दोनों वाहनों को शेक्सपीयर सारणी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है. हादसे की पूरी जानकारी के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है और आरोपी की तलाश की जा रही है.
सारांश: तेज रफ्तार जगुआर ने 2 बांग्लादेशियों को रौंदा हादसे में 2 की मौत 1 घायल आरोपी मौके से हुआ फरार
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: राजनीतिक एवं आर्थिक संकट का सामना कर रहे वेनेजुएला में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के विरोधियों ने लोगों से सड़क पर उतरकर विरोध करने की अपील की है. मादुरो के विरोधियों ने वेनेजुएला के लोगों को सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने और सेना से मादुरो का साथ छोड़ने की अपील की है. साथ ही अपनी शक्तियों को मजबूत करने के लिए उठाए मादुरो के कदम को ‘तख्तापलट’ करने की कोशिश करार दिया है. भोजन की कमी और हिंसक अपराधों का सामना कर रहे संकटग्रस्त देश में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है. 1992 से अब तक तीन बार सेना तख्तापलट की कोशिश कर चुकी है. मादुरो को अपने खेमे से कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था. अटॉर्नी जनरल लुईसा ओर्तिगा ने सरकारी टेलीविजन पर इन फैसलों को संविधान तोड़ने वाला करार दिया था. इसके बाद उनके खेमे में विभााजन के संकेत दिखे थे. देश के उच्चतम न्यायालय ने विधान मंडल से उसकी शक्तियों और सांसदों के विशेष अधिकार ले लिए थे जिसके बाद मादुरो के विरोधियों एवं राजनीतिक समीक्षकों ने तख्तापलट के आरोप लगाए थे. अंतरराष्ट्रीय शक्तियों ने भी इस कदम की आलोचना की थी. बहरहाल सरकार ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया. टिप्पणियां समाजवादी राष्ट्रपति ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘वेनेजुएला में, संविधान, नागरिक, राजनीति और मानवाधिकार और जनसत्ता पूरे प्रभाव में है.’ मादुरो ने अपने भाषण में ओर्तिगा के बयान पर प्रतिक्रिया करते हुए संकल्प लिया कि अटॉर्नी जनरल और अदालत के बीच ‘गतिरोध का समाधान बातचीत और संविधान के जरिए किया जाएगा.’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भोजन की कमी और हिंसक अपराधों का सामना कर रहे संकटग्रस्त देश में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है. 1992 से अब तक तीन बार सेना तख्तापलट की कोशिश कर चुकी है. मादुरो को अपने खेमे से कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था. अटॉर्नी जनरल लुईसा ओर्तिगा ने सरकारी टेलीविजन पर इन फैसलों को संविधान तोड़ने वाला करार दिया था. इसके बाद उनके खेमे में विभााजन के संकेत दिखे थे. देश के उच्चतम न्यायालय ने विधान मंडल से उसकी शक्तियों और सांसदों के विशेष अधिकार ले लिए थे जिसके बाद मादुरो के विरोधियों एवं राजनीतिक समीक्षकों ने तख्तापलट के आरोप लगाए थे. अंतरराष्ट्रीय शक्तियों ने भी इस कदम की आलोचना की थी. बहरहाल सरकार ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया. टिप्पणियां समाजवादी राष्ट्रपति ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘वेनेजुएला में, संविधान, नागरिक, राजनीति और मानवाधिकार और जनसत्ता पूरे प्रभाव में है.’ मादुरो ने अपने भाषण में ओर्तिगा के बयान पर प्रतिक्रिया करते हुए संकल्प लिया कि अटॉर्नी जनरल और अदालत के बीच ‘गतिरोध का समाधान बातचीत और संविधान के जरिए किया जाएगा.’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) देश के उच्चतम न्यायालय ने विधान मंडल से उसकी शक्तियों और सांसदों के विशेष अधिकार ले लिए थे जिसके बाद मादुरो के विरोधियों एवं राजनीतिक समीक्षकों ने तख्तापलट के आरोप लगाए थे. अंतरराष्ट्रीय शक्तियों ने भी इस कदम की आलोचना की थी. बहरहाल सरकार ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया. टिप्पणियां समाजवादी राष्ट्रपति ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘वेनेजुएला में, संविधान, नागरिक, राजनीति और मानवाधिकार और जनसत्ता पूरे प्रभाव में है.’ मादुरो ने अपने भाषण में ओर्तिगा के बयान पर प्रतिक्रिया करते हुए संकल्प लिया कि अटॉर्नी जनरल और अदालत के बीच ‘गतिरोध का समाधान बातचीत और संविधान के जरिए किया जाएगा.’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) समाजवादी राष्ट्रपति ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘वेनेजुएला में, संविधान, नागरिक, राजनीति और मानवाधिकार और जनसत्ता पूरे प्रभाव में है.’ मादुरो ने अपने भाषण में ओर्तिगा के बयान पर प्रतिक्रिया करते हुए संकल्प लिया कि अटॉर्नी जनरल और अदालत के बीच ‘गतिरोध का समाधान बातचीत और संविधान के जरिए किया जाएगा.’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: वेनेजुएला के राष्ट्रपति के विरोधियों ने लोगों से विरोध करने की अपील की मादुरो के कदम को ‘तख्तापलट’ करने की कोशिश करार दिया गया हिंसक अपराधों का सामना कर रहे संकटग्रस्त देश में अनिश्चितता जारी है
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली डेयरडेविल्स के कप्तान महेला जयवर्धने अपनी टीम के चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में हाईवेल्ड लायंस से हारने से काफी निराश हैं। जयवर्धने ने कहा कि उनकी टीम दबाव में आ जाती है। जयवर्धने ने आक्रामक डेविड वार्नर को अंतिम एकादश में शामिल करने के लिए खुद को लाइन-अप से बाहर कर दिया, लेकिन इस कदम का कोई फायदा नहीं हुआ, क्योंकि दिल्ली की टीम 140 रन के लक्ष्य का पीछा करती हुए 22 रन से पिछड़ गई।टिप्पणियां दिल्ली के केवल तीन बल्लेबाज ही दोहरे अंक का स्कोर बना सके। जयवर्धने ने मैच के बाद कहा, हम पूरे टूर्नामेंट में काफी अच्छा क्रिकेट खेलते हैं, लेकिन जब बड़े मैचों की बात आती है तो हम सही जज्बा नहीं ढूंढ पाते। कहा जा सकता है कि दबाव में आ जाते हैं। बीते समय में भी ऐसा हो चुका है इसलिए जब भी हम बड़े मैच खेलते हैं तो हमारे दिमाग में यह बात आ जाती है। उन्होंने कहा, डेयरडेविल्स के साथ यह मेरा पहला सत्र है। मैं आपस में इसी बारे में बात करना चाहता हूं। हमारी टीम में सीनियर खिलाड़ी भी हैं और इस कमी को दूर सकते हैं। हम इस स्तर तक इसलिए पहुंचे हैं, क्योंकि हमारी टीम अच्छी है और हम अच्छा प्रदर्शन करते हैं। जयवर्धने ने आक्रामक डेविड वार्नर को अंतिम एकादश में शामिल करने के लिए खुद को लाइन-अप से बाहर कर दिया, लेकिन इस कदम का कोई फायदा नहीं हुआ, क्योंकि दिल्ली की टीम 140 रन के लक्ष्य का पीछा करती हुए 22 रन से पिछड़ गई।टिप्पणियां दिल्ली के केवल तीन बल्लेबाज ही दोहरे अंक का स्कोर बना सके। जयवर्धने ने मैच के बाद कहा, हम पूरे टूर्नामेंट में काफी अच्छा क्रिकेट खेलते हैं, लेकिन जब बड़े मैचों की बात आती है तो हम सही जज्बा नहीं ढूंढ पाते। कहा जा सकता है कि दबाव में आ जाते हैं। बीते समय में भी ऐसा हो चुका है इसलिए जब भी हम बड़े मैच खेलते हैं तो हमारे दिमाग में यह बात आ जाती है। उन्होंने कहा, डेयरडेविल्स के साथ यह मेरा पहला सत्र है। मैं आपस में इसी बारे में बात करना चाहता हूं। हमारी टीम में सीनियर खिलाड़ी भी हैं और इस कमी को दूर सकते हैं। हम इस स्तर तक इसलिए पहुंचे हैं, क्योंकि हमारी टीम अच्छी है और हम अच्छा प्रदर्शन करते हैं। दिल्ली के केवल तीन बल्लेबाज ही दोहरे अंक का स्कोर बना सके। जयवर्धने ने मैच के बाद कहा, हम पूरे टूर्नामेंट में काफी अच्छा क्रिकेट खेलते हैं, लेकिन जब बड़े मैचों की बात आती है तो हम सही जज्बा नहीं ढूंढ पाते। कहा जा सकता है कि दबाव में आ जाते हैं। बीते समय में भी ऐसा हो चुका है इसलिए जब भी हम बड़े मैच खेलते हैं तो हमारे दिमाग में यह बात आ जाती है। उन्होंने कहा, डेयरडेविल्स के साथ यह मेरा पहला सत्र है। मैं आपस में इसी बारे में बात करना चाहता हूं। हमारी टीम में सीनियर खिलाड़ी भी हैं और इस कमी को दूर सकते हैं। हम इस स्तर तक इसलिए पहुंचे हैं, क्योंकि हमारी टीम अच्छी है और हम अच्छा प्रदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा, डेयरडेविल्स के साथ यह मेरा पहला सत्र है। मैं आपस में इसी बारे में बात करना चाहता हूं। हमारी टीम में सीनियर खिलाड़ी भी हैं और इस कमी को दूर सकते हैं। हम इस स्तर तक इसलिए पहुंचे हैं, क्योंकि हमारी टीम अच्छी है और हम अच्छा प्रदर्शन करते हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दिल्ली डेयरडेविल्स के कप्तान महेला जयवर्धने अपनी टीम के चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में हाईवेल्ड लायंस से हारने से काफी निराश हैं।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया के अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) का प्रबंध निदेशक बनने की संभावनाएं धूमिल पड़ गई हैं। माना जा रहा है कि इस पद की दौड़ में अहलूवालिया की उम्र उनके आड़े आ गई है। आईएमएफ में भारत के प्रतिनिधि अरविंद विरमानी ने कहा कि उम्र अहलूवालिया के पक्ष में नहीं है। नियमों के अनुसार 65 साल से अधिक की आयु का व्यक्ति इस पद के लिए पात्र नहीं होता। यौन प्रताड़ना के आरोप में आईएमएफ के प्रबंध निदेशक डोमिनिक स्ट्रॉस कान के इस्तीफे के बाद अहलूवालिया को इसका प्रबंध निदेशक बनाए जाने की अटकलें चल रही थीं। आईएमएफ के कार्यकारी निदेशक विरमानी ने एनडीटीवी से कहा, मेरे विचार में वह इस पद के लिए श्रेष्ठ उम्मीदवार होते पर नियमों के अनुसार आईएमएफ का प्रमुख 65 साल या कम की आयु का होना चाहिए। जब तक इन नियमों में बदलाव नहीं होता है, अहलूवालिया इस पद के दावेदार नहीं हो सकते। अहलूवालिया की उम्र 67 साल है। आईएमएफ के नियमों के अनुसार प्रबंध निदेशक का अनुबंध पांच साल के लिए होता है। कार्यकारी बोर्ड की मंजूरी के बाद उसका कार्यकाल इतनी ही अवधि या कुछ कम समय के लिए बढ़ाया जा सकता है। कान के इस्तीफे के बाद से विभिन्न देशों से आईएमएफ प्रमुख पद के लिए कई नाम सामने आए हैं। फ्रांस की वित्तमंत्री क्रिस्टीन लागार्डे ने बुधवार को इस पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की। भारत सहित कई विकासशील देशों ने इस पर चिंता जताई है।
संक्षिप्त सारांश: योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया के अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का प्रबंध निदेशक बनने की संभावनाएं धूमिल पड़ गई हैं।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अगले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के राजग के उम्मीदवार के तौर पर वरिष्ठ भाजपा नेता यशवंत सिन्हा की ओर से गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम की हिमायत किए जाने के एक दिन बाद शिवसेना ने आज इस पद के लिए लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज के नाम का समर्थन किया। राजग के अहम घटक शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा, हम महसूस करते हैं कि सुषमा स्वराज प्रधानमंत्री पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवार हैं। राउत ने कहा कि शिवसेना के दिवंगत पूर्व प्रमुख बाल ठाकरे ने भी प्रधानमंत्री पद के राजग के उम्मीदवार के लिए सुषमा के नाम की हिमायत की थी। इस बीच बीजेपी से छह साल के लिए निलंबित राम जेठमलानी भी नरेंद्र मोदी को लेकर यशवंत सिन्हा के समर्थन में उतर गए हैं। राम जेठमलानी ने कहा कि प्रधानमंत्री पद के लिए देश का मूड नरेंद्र मोदी के पक्ष में है।टिप्पणियां उधर, शिवसेना ने राजकोट में एक मैच में पाकिस्तानी क्रिकेट टीम को खेलने की इजाजत देने पर भाजपा के हिन्दुत्व के ‘पोस्टर ब्यॉय’ माने जाने वाले मोदी की हाल ही में कड़ी आलोचना की थी। शिवसेना मुखपत्र ‘सामना’ में एक संपादकीय में कहा गया था कि पाकिस्तान के साथ भारत के तल्ख रिश्तों के चलते जहां गुजरात सरकार ने ‘वाइब्रैंट गुजरात’ सम्मेलन में शामिल होने आए 22 सदस्यीय पाकिस्तानी शिष्टमंडल को लौटा दिया, एक पखवाड़ा पहले समूची पाकिस्तानी क्रिकेट टीम राजकोट में खेल रही थी। सामना के संपादकीय में लिखा गया था, अगर मोदी सरकार ने उसी तरह पाकिस्तानी क्रिकेटरों को लौटा दिया होता तो राष्ट्रवाद के मुद्दे पर गुजरात की एक और उपलब्धि होती। महाराष्ट्र और गुजरात को पाकिस्तानियों के साथ लड़ने के लिए हाथ मिलाना चाहिए। राजग के अहम घटक शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा, हम महसूस करते हैं कि सुषमा स्वराज प्रधानमंत्री पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवार हैं। राउत ने कहा कि शिवसेना के दिवंगत पूर्व प्रमुख बाल ठाकरे ने भी प्रधानमंत्री पद के राजग के उम्मीदवार के लिए सुषमा के नाम की हिमायत की थी। इस बीच बीजेपी से छह साल के लिए निलंबित राम जेठमलानी भी नरेंद्र मोदी को लेकर यशवंत सिन्हा के समर्थन में उतर गए हैं। राम जेठमलानी ने कहा कि प्रधानमंत्री पद के लिए देश का मूड नरेंद्र मोदी के पक्ष में है।टिप्पणियां उधर, शिवसेना ने राजकोट में एक मैच में पाकिस्तानी क्रिकेट टीम को खेलने की इजाजत देने पर भाजपा के हिन्दुत्व के ‘पोस्टर ब्यॉय’ माने जाने वाले मोदी की हाल ही में कड़ी आलोचना की थी। शिवसेना मुखपत्र ‘सामना’ में एक संपादकीय में कहा गया था कि पाकिस्तान के साथ भारत के तल्ख रिश्तों के चलते जहां गुजरात सरकार ने ‘वाइब्रैंट गुजरात’ सम्मेलन में शामिल होने आए 22 सदस्यीय पाकिस्तानी शिष्टमंडल को लौटा दिया, एक पखवाड़ा पहले समूची पाकिस्तानी क्रिकेट टीम राजकोट में खेल रही थी। सामना के संपादकीय में लिखा गया था, अगर मोदी सरकार ने उसी तरह पाकिस्तानी क्रिकेटरों को लौटा दिया होता तो राष्ट्रवाद के मुद्दे पर गुजरात की एक और उपलब्धि होती। महाराष्ट्र और गुजरात को पाकिस्तानियों के साथ लड़ने के लिए हाथ मिलाना चाहिए। इस बीच बीजेपी से छह साल के लिए निलंबित राम जेठमलानी भी नरेंद्र मोदी को लेकर यशवंत सिन्हा के समर्थन में उतर गए हैं। राम जेठमलानी ने कहा कि प्रधानमंत्री पद के लिए देश का मूड नरेंद्र मोदी के पक्ष में है।टिप्पणियां उधर, शिवसेना ने राजकोट में एक मैच में पाकिस्तानी क्रिकेट टीम को खेलने की इजाजत देने पर भाजपा के हिन्दुत्व के ‘पोस्टर ब्यॉय’ माने जाने वाले मोदी की हाल ही में कड़ी आलोचना की थी। शिवसेना मुखपत्र ‘सामना’ में एक संपादकीय में कहा गया था कि पाकिस्तान के साथ भारत के तल्ख रिश्तों के चलते जहां गुजरात सरकार ने ‘वाइब्रैंट गुजरात’ सम्मेलन में शामिल होने आए 22 सदस्यीय पाकिस्तानी शिष्टमंडल को लौटा दिया, एक पखवाड़ा पहले समूची पाकिस्तानी क्रिकेट टीम राजकोट में खेल रही थी। सामना के संपादकीय में लिखा गया था, अगर मोदी सरकार ने उसी तरह पाकिस्तानी क्रिकेटरों को लौटा दिया होता तो राष्ट्रवाद के मुद्दे पर गुजरात की एक और उपलब्धि होती। महाराष्ट्र और गुजरात को पाकिस्तानियों के साथ लड़ने के लिए हाथ मिलाना चाहिए। उधर, शिवसेना ने राजकोट में एक मैच में पाकिस्तानी क्रिकेट टीम को खेलने की इजाजत देने पर भाजपा के हिन्दुत्व के ‘पोस्टर ब्यॉय’ माने जाने वाले मोदी की हाल ही में कड़ी आलोचना की थी। शिवसेना मुखपत्र ‘सामना’ में एक संपादकीय में कहा गया था कि पाकिस्तान के साथ भारत के तल्ख रिश्तों के चलते जहां गुजरात सरकार ने ‘वाइब्रैंट गुजरात’ सम्मेलन में शामिल होने आए 22 सदस्यीय पाकिस्तानी शिष्टमंडल को लौटा दिया, एक पखवाड़ा पहले समूची पाकिस्तानी क्रिकेट टीम राजकोट में खेल रही थी। सामना के संपादकीय में लिखा गया था, अगर मोदी सरकार ने उसी तरह पाकिस्तानी क्रिकेटरों को लौटा दिया होता तो राष्ट्रवाद के मुद्दे पर गुजरात की एक और उपलब्धि होती। महाराष्ट्र और गुजरात को पाकिस्तानियों के साथ लड़ने के लिए हाथ मिलाना चाहिए। शिवसेना मुखपत्र ‘सामना’ में एक संपादकीय में कहा गया था कि पाकिस्तान के साथ भारत के तल्ख रिश्तों के चलते जहां गुजरात सरकार ने ‘वाइब्रैंट गुजरात’ सम्मेलन में शामिल होने आए 22 सदस्यीय पाकिस्तानी शिष्टमंडल को लौटा दिया, एक पखवाड़ा पहले समूची पाकिस्तानी क्रिकेट टीम राजकोट में खेल रही थी। सामना के संपादकीय में लिखा गया था, अगर मोदी सरकार ने उसी तरह पाकिस्तानी क्रिकेटरों को लौटा दिया होता तो राष्ट्रवाद के मुद्दे पर गुजरात की एक और उपलब्धि होती। महाराष्ट्र और गुजरात को पाकिस्तानियों के साथ लड़ने के लिए हाथ मिलाना चाहिए।
सारांश: एनडीए के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की बहस में शिवसेना भी कूद गई है। पार्टी ने याद किया बाल ठाकरे ने सुषमा स्वराज के पक्ष में अपनी राय जताई थी।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: A post shared by @mahi7781 on Feb 21, 2017 at 6:08pm PST अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आने से पहले धोनी खड़गपुर रेलवे स्टेशन पर टीटी थे. उन्होंने यहां 2000 से लेकर 2005 तक नौकरी की थी. धोनी ने लंबे समय तक रेलवे की टीम की तरफ से भी क्रिकेट खेला है. रेलवे की टीम से खेलते हुए उन्हें क्रिकेट में शुरुआती पहचान मिली थी. मालूम हो कि महेंद्र सिंह धोनी ने हाल ही में भारत के वनडे और टी20 की कप्तानी छोड़ी है. कप्तानी छोड़ने के बाद उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ वनडे में शतक और टी20 में अर्धशतक जमाकर अपने दमखम को साबित किया था. दो दिन पहले धोनी को आईपीएल की राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स की कप्तानी से हटाया गया या फिर उन्होंने खुद छोड़ी इस पर विवाद होता रहा, लेकिन उन्होंने अपने राज्य की कप्तानी करना स्वीकार कर लिया. धोनी 25 फरवरी से शुरू होने वाले विजय हजारे ट्रॉफी में झारखंड की टक्कर कर्नाटक से होगी, जिसमें वो कप्तानी करेंगे. धोनी ने इससे पहले कभी भी झारखंड की कप्तानी नहीं की है। इस बार झारखंड की टीम में शाहबाज नदीम, इशान किशन, वरुण एरॉन जैसे खिलाड़ी हैं. धोनी को महंगी और हैवी गाड़ियों का शौक है. उनके पास 'हमर' के अलावा ऑडी Q7, लैंड रोवर फ्रीलेंडर, GMC Sierra, Ferrari 599, Mitsubishi Outlander, पजेरो SFX, टोयोटा कोरोला, कस्टम बिल्ट स्कॉर्पियो (ओपन) जैसी फोन व्हीलर गाड़ियां हैं.टिप्पणियां उनके बाइक कलेक्शन में यामाहा के कई पुराने मॉडल से लेकर कई लग्जरी बाइक्स शामिल हैं, जैसे कॉन्फेडरेट X132 हैलकेट, कावासाकी निंजा, हार्ले डेविडसन, रॉयल एनफील्ड, डुकाटी 1098 और टीवीएस अपाचे आदि. टीम इंडिया के सबसे सफल कप्तान धोनी के पास 11 से ज्यादा बाइक्स हैं.   मालूम हो कि महेंद्र सिंह धोनी ने हाल ही में भारत के वनडे और टी20 की कप्तानी छोड़ी है. कप्तानी छोड़ने के बाद उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ वनडे में शतक और टी20 में अर्धशतक जमाकर अपने दमखम को साबित किया था. दो दिन पहले धोनी को आईपीएल की राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स की कप्तानी से हटाया गया या फिर उन्होंने खुद छोड़ी इस पर विवाद होता रहा, लेकिन उन्होंने अपने राज्य की कप्तानी करना स्वीकार कर लिया. धोनी 25 फरवरी से शुरू होने वाले विजय हजारे ट्रॉफी में झारखंड की टक्कर कर्नाटक से होगी, जिसमें वो कप्तानी करेंगे. धोनी ने इससे पहले कभी भी झारखंड की कप्तानी नहीं की है। इस बार झारखंड की टीम में शाहबाज नदीम, इशान किशन, वरुण एरॉन जैसे खिलाड़ी हैं. धोनी को महंगी और हैवी गाड़ियों का शौक है. उनके पास 'हमर' के अलावा ऑडी Q7, लैंड रोवर फ्रीलेंडर, GMC Sierra, Ferrari 599, Mitsubishi Outlander, पजेरो SFX, टोयोटा कोरोला, कस्टम बिल्ट स्कॉर्पियो (ओपन) जैसी फोन व्हीलर गाड़ियां हैं.टिप्पणियां उनके बाइक कलेक्शन में यामाहा के कई पुराने मॉडल से लेकर कई लग्जरी बाइक्स शामिल हैं, जैसे कॉन्फेडरेट X132 हैलकेट, कावासाकी निंजा, हार्ले डेविडसन, रॉयल एनफील्ड, डुकाटी 1098 और टीवीएस अपाचे आदि. टीम इंडिया के सबसे सफल कप्तान धोनी के पास 11 से ज्यादा बाइक्स हैं.   धोनी 25 फरवरी से शुरू होने वाले विजय हजारे ट्रॉफी में झारखंड की टक्कर कर्नाटक से होगी, जिसमें वो कप्तानी करेंगे. धोनी ने इससे पहले कभी भी झारखंड की कप्तानी नहीं की है। इस बार झारखंड की टीम में शाहबाज नदीम, इशान किशन, वरुण एरॉन जैसे खिलाड़ी हैं. धोनी को महंगी और हैवी गाड़ियों का शौक है. उनके पास 'हमर' के अलावा ऑडी Q7, लैंड रोवर फ्रीलेंडर, GMC Sierra, Ferrari 599, Mitsubishi Outlander, पजेरो SFX, टोयोटा कोरोला, कस्टम बिल्ट स्कॉर्पियो (ओपन) जैसी फोन व्हीलर गाड़ियां हैं.टिप्पणियां उनके बाइक कलेक्शन में यामाहा के कई पुराने मॉडल से लेकर कई लग्जरी बाइक्स शामिल हैं, जैसे कॉन्फेडरेट X132 हैलकेट, कावासाकी निंजा, हार्ले डेविडसन, रॉयल एनफील्ड, डुकाटी 1098 और टीवीएस अपाचे आदि. टीम इंडिया के सबसे सफल कप्तान धोनी के पास 11 से ज्यादा बाइक्स हैं.   धोनी को महंगी और हैवी गाड़ियों का शौक है. उनके पास 'हमर' के अलावा ऑडी Q7, लैंड रोवर फ्रीलेंडर, GMC Sierra, Ferrari 599, Mitsubishi Outlander, पजेरो SFX, टोयोटा कोरोला, कस्टम बिल्ट स्कॉर्पियो (ओपन) जैसी फोन व्हीलर गाड़ियां हैं.टिप्पणियां उनके बाइक कलेक्शन में यामाहा के कई पुराने मॉडल से लेकर कई लग्जरी बाइक्स शामिल हैं, जैसे कॉन्फेडरेट X132 हैलकेट, कावासाकी निंजा, हार्ले डेविडसन, रॉयल एनफील्ड, डुकाटी 1098 और टीवीएस अपाचे आदि. टीम इंडिया के सबसे सफल कप्तान धोनी के पास 11 से ज्यादा बाइक्स हैं.   उनके बाइक कलेक्शन में यामाहा के कई पुराने मॉडल से लेकर कई लग्जरी बाइक्स शामिल हैं, जैसे कॉन्फेडरेट X132 हैलकेट, कावासाकी निंजा, हार्ले डेविडसन, रॉयल एनफील्ड, डुकाटी 1098 और टीवीएस अपाचे आदि. टीम इंडिया के सबसे सफल कप्तान धोनी के पास 11 से ज्यादा बाइक्स हैं.
सारांश: धोनी ने 13 साल बाद की ट्रेन की सवारी. धोनी के साथ झारखंड के क्रिकेटरों ने की यात्रा. 2000-2005 तक रेलवे में टीटी की नौकरी कर चुके हैं धोनी.
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के हाथों लगातार दो मैच में हार से आहत इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टेयर कुक ने सोमवार को कहा कि उनके खिलाड़ी अभी अपनी क्षमता का भरपूर प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी तीन मैच में उनके कुछ खिलाड़ी बेहतर खेल दिखाकर पासा पलटने में सफल रहेंगे। कुक ने इंग्लैंड की दूसरे मैच में आठ विकेट से हार के बाद कहा, सचमुच दो मैच में बड़ी हार चिंता का कारण है। कहीं न कहीं कुछ गड़बड़ है और मुझे लगता है कि हमारे बल्लेबाज अपनी पूरी क्षमता से नहीं खेल पा रहे हैं। हमारे कई खिलाड़ी 30 और 40 रन बना रहे हैं और मैं जानता हूं कि इससे मैच नहीं जीता जा सकता। उन्होंने कहा, इन हार के बाद सवाल उठने लालिमी हैं लेकिन हमें अपनी क्षमता पर पूरा भरोसा है और हम वापसी करने का माद्दा रखते हैं। इंग्लैंड के कप्तान से जब पूछा गया कि क्या आगे टीम में कुछ बदलाव किया जाएगा, उन्होंने कहा, हमें अपनी क्षमता पर भरोसा है। मुझे अपने खिलाड़ियों पर पूरा विश्वास है। हम किसी भी समय अपनी अच्छी फार्म में लौट सकते हैं। कुक ने माना कि दो बड़ी हार से उनकी टीम की भिन्न परिस्थितियों में खेलने की क्षमता पर सवाल उठने लगेंगे। उन्होंने कहा, यह स्वाभाविक है लेकिन हमारे पास प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं जो किसी भी परिस्थिति में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। मुझे लगता है कि पहले दो मैच में हम पूरी तरह से बेसिक्स पर ध्यान नहीं दे पाये। कुक ने कहा कि टास जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला गलत नहीं था। उन्होंने कहा, मैं यह कह सकता हूं कि टास जीतने से हमारी शुरुआत अच्छी रही थी लेकिन हम आगे उसका फायदा नहीं उठा पाये। इंग्लैंड के कप्तान ने इस बात को भी अस्वीकार कर दिया कि टीम श्रृंखला के लिये पूरी तरह से तैयार नहीं थी। उन्होंने कहा, हमने दो अ5यास मैच खेले थे और उनमें अच्छा प्रदर्शन किया था। अब इन मैचों में उसी तरह की फार्म दिखाये जाने की जरूरत है। कुक ने गौतम गंभीर और विराट कोहली भी जमकर तारीफ की जिन्होंने तीसरे विकेट के लिये रिकार्ड 209 रन की साझेदारी की। उन्होंने कहा, गंभीर और विराट ने हमें दिखाया कि मैच जीतने के लिये क्या जरूरी है। इस जीत का पूरा श्रेय उन्हें जाता है।
संक्षिप्त पाठ: भारत के हाथों लगातार दो मैच में हार से आहत इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टेयर कुक ने कहा कि उनके खिलाड़ी अभी अपनी क्षमता का भरपूर प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं।
14
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: खुदरा बाजार में प्याज के दाम जल्द ही नरम पड़ने की उम्मीद है। अफगानिस्तान से प्याज की आवक होने के बाद थोक बाजार में प्याज के दाम 10 रुपये किलो घट गए हैं। सरकार ने प्याज का न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) बढ़ाकर 900 डॉलर प्रति टन कर दिया है। इसके एक दिन बाद प्याज के दाम नरम पड़े हैं। खाद्य और उपभोक्ता मामले मंत्री केवी थॉमस ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने दिल्ली सरकार को प्राथमिकता के साथ प्याज उपलब्ध कराने की पेशकश की है, ताकि राष्ट्रीय राजधानी में इसके दाम नीचे लाए जा सकें। प्याज व्यापारी संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र बुद्धिराज ने कहा, अफगानिस्तान से प्याज की अतिरिक्त आवक शुरू होने से थोक बाजार में दाम 10 रुपये घटकर 50 रुपये किलो रह गए। व्यापारियों ने प्याज के दाम में आई गिरावट को नासिक की लासलगांव मंडी में आई गिरावट से भी जोड़कर देखा। यहीं से पूरे देश में प्याज के दाम का रुख तय होता है।टिप्पणियां व्यापारियों ने बताया कि अफगानिस्तान से करीब 1,500 से 2,000 क्विंटल प्याज की आवक स्थानीय आजादपुर मंडी में हुई। पंजाब के व्यापारियों ने अटारी-वाघा सीमा से अफगानिस्तान से प्याज का आयात शुरू किया है। गुरुवार को अफगानिस्तान से 400 टन प्याज आया था और व्यापारियों का कहना है कि 2,000 टन और प्याज की आवक अगले एक सप्ताह के दौरान होगी। शहरी में मदर डेयरी केंद्रों पर प्याज 60 रुपये किलो बिक रहा है। थोक बाजार में दाम घटने के बाद इनमें भी दाम कम होंगे। सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी से जब प्याज के ऊंचे दाम के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, प्याज के दाम में मौसमी उतार-चढ़ाव रहता है। उम्मीद है कि सप्ताह भर में या जैसे ही आपूर्ति में सुधार होगा दाम स्थिर हो जाएंगे। खाद्य और उपभोक्ता मामले मंत्री केवी थॉमस ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने दिल्ली सरकार को प्राथमिकता के साथ प्याज उपलब्ध कराने की पेशकश की है, ताकि राष्ट्रीय राजधानी में इसके दाम नीचे लाए जा सकें। प्याज व्यापारी संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र बुद्धिराज ने कहा, अफगानिस्तान से प्याज की अतिरिक्त आवक शुरू होने से थोक बाजार में दाम 10 रुपये घटकर 50 रुपये किलो रह गए। व्यापारियों ने प्याज के दाम में आई गिरावट को नासिक की लासलगांव मंडी में आई गिरावट से भी जोड़कर देखा। यहीं से पूरे देश में प्याज के दाम का रुख तय होता है।टिप्पणियां व्यापारियों ने बताया कि अफगानिस्तान से करीब 1,500 से 2,000 क्विंटल प्याज की आवक स्थानीय आजादपुर मंडी में हुई। पंजाब के व्यापारियों ने अटारी-वाघा सीमा से अफगानिस्तान से प्याज का आयात शुरू किया है। गुरुवार को अफगानिस्तान से 400 टन प्याज आया था और व्यापारियों का कहना है कि 2,000 टन और प्याज की आवक अगले एक सप्ताह के दौरान होगी। शहरी में मदर डेयरी केंद्रों पर प्याज 60 रुपये किलो बिक रहा है। थोक बाजार में दाम घटने के बाद इनमें भी दाम कम होंगे। सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी से जब प्याज के ऊंचे दाम के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, प्याज के दाम में मौसमी उतार-चढ़ाव रहता है। उम्मीद है कि सप्ताह भर में या जैसे ही आपूर्ति में सुधार होगा दाम स्थिर हो जाएंगे। प्याज व्यापारी संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र बुद्धिराज ने कहा, अफगानिस्तान से प्याज की अतिरिक्त आवक शुरू होने से थोक बाजार में दाम 10 रुपये घटकर 50 रुपये किलो रह गए। व्यापारियों ने प्याज के दाम में आई गिरावट को नासिक की लासलगांव मंडी में आई गिरावट से भी जोड़कर देखा। यहीं से पूरे देश में प्याज के दाम का रुख तय होता है।टिप्पणियां व्यापारियों ने बताया कि अफगानिस्तान से करीब 1,500 से 2,000 क्विंटल प्याज की आवक स्थानीय आजादपुर मंडी में हुई। पंजाब के व्यापारियों ने अटारी-वाघा सीमा से अफगानिस्तान से प्याज का आयात शुरू किया है। गुरुवार को अफगानिस्तान से 400 टन प्याज आया था और व्यापारियों का कहना है कि 2,000 टन और प्याज की आवक अगले एक सप्ताह के दौरान होगी। शहरी में मदर डेयरी केंद्रों पर प्याज 60 रुपये किलो बिक रहा है। थोक बाजार में दाम घटने के बाद इनमें भी दाम कम होंगे। सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी से जब प्याज के ऊंचे दाम के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, प्याज के दाम में मौसमी उतार-चढ़ाव रहता है। उम्मीद है कि सप्ताह भर में या जैसे ही आपूर्ति में सुधार होगा दाम स्थिर हो जाएंगे। व्यापारियों ने बताया कि अफगानिस्तान से करीब 1,500 से 2,000 क्विंटल प्याज की आवक स्थानीय आजादपुर मंडी में हुई। पंजाब के व्यापारियों ने अटारी-वाघा सीमा से अफगानिस्तान से प्याज का आयात शुरू किया है। गुरुवार को अफगानिस्तान से 400 टन प्याज आया था और व्यापारियों का कहना है कि 2,000 टन और प्याज की आवक अगले एक सप्ताह के दौरान होगी। शहरी में मदर डेयरी केंद्रों पर प्याज 60 रुपये किलो बिक रहा है। थोक बाजार में दाम घटने के बाद इनमें भी दाम कम होंगे। सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी से जब प्याज के ऊंचे दाम के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, प्याज के दाम में मौसमी उतार-चढ़ाव रहता है। उम्मीद है कि सप्ताह भर में या जैसे ही आपूर्ति में सुधार होगा दाम स्थिर हो जाएंगे। शहरी में मदर डेयरी केंद्रों पर प्याज 60 रुपये किलो बिक रहा है। थोक बाजार में दाम घटने के बाद इनमें भी दाम कम होंगे। सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी से जब प्याज के ऊंचे दाम के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, प्याज के दाम में मौसमी उतार-चढ़ाव रहता है। उम्मीद है कि सप्ताह भर में या जैसे ही आपूर्ति में सुधार होगा दाम स्थिर हो जाएंगे।
यहाँ एक सारांश है:खाद्य और उपभोक्ता मामले मंत्री केवी थॉमस ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने दिल्ली सरकार को प्राथमिकता के साथ प्याज उपलब्ध कराने की पेशकश की है, ताकि राष्ट्रीय राजधानी में इसके दाम नीचे लाए जा सकें।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पुणे में एक दर्दनाक हादसे में एक तेज रफ्तार कार ने सड़क पार करने के लिए इंतजार कर रहे दो बच्चों समेत पांच लोगों को कुचल दिया. इस भीषण दुर्घटना की तस्वीरें सीसीटीवी में कैद हुई हैं. कार ने इन लोगों को इतनी जोर की टक्कर मारी कि उनमें से दो लोग 30 फीट दूर जाकर गिरे. दो अन्य लोग वाहन के नीचे घिसटते चले गए. 3 साल की ईशा विश्वकर्मा की मौके पर ही मौत हो गई. उसकी मां पूजा विश्वकर्मा ने भी करीब 24 घंटे तक जिंदगी के लिए संघर्ष करने के बाद मंगलवार को दम तोड़ दिया. कार चला रही महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है. यह हादसा सोमवार करीब 2:45 पर हुआ. सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि पूजा विश्वकर्मा अपनी बेटी ईशा को गोद में लिए हुए डिवाइडर पर खड़ी होकर ट्रैफिक रुकने का इंतजार कर रही है. तीन अन्य लोग उसके पास खड़े हैं. उन लोगों की पहचान साजिद शेख, उनकी बहन निशा और उनके 4 साल के भांजे सईद अली के रूप में की गई. साजिद शेख अपने साथ भारी बैग लिए हुए थे.टिप्पणियां जब ये सभी लोग सड़क पार करने की कोशिश कर रहे थे, तब अधिकतर गाड़ियां धीमी हो गईं, लेकिन तभी ग्रे कलर का वाहन तेजी से आया और डिवाइडर पर चढ़ गया. धुएं के गुबार के बीच डिवाइडर टूट गया और सभी लोग हवा में उछलते नजर आए. कार ने एक तरफ झटका खाया, फिर डिवाइडर के एक खंभे से जा टकराई और आखिरकार 15 फीट दूर जाकर रुक गई. पूजा विश्वकर्मा बीच सड़क पर गिरी हुई थी. घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों का कहना है कि वे सभी अपनी जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं. कार चला रही महिला सुजाता श्रॉफ को गिरफ्तार कर लिया गया है. उसके खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने और गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने कहा कि सुजाता ने बताया कि उसे अचानक झपकी लग गई और कार से उसने नियंत्रण खो दिया था. सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि पूजा विश्वकर्मा अपनी बेटी ईशा को गोद में लिए हुए डिवाइडर पर खड़ी होकर ट्रैफिक रुकने का इंतजार कर रही है. तीन अन्य लोग उसके पास खड़े हैं. उन लोगों की पहचान साजिद शेख, उनकी बहन निशा और उनके 4 साल के भांजे सईद अली के रूप में की गई. साजिद शेख अपने साथ भारी बैग लिए हुए थे.टिप्पणियां जब ये सभी लोग सड़क पार करने की कोशिश कर रहे थे, तब अधिकतर गाड़ियां धीमी हो गईं, लेकिन तभी ग्रे कलर का वाहन तेजी से आया और डिवाइडर पर चढ़ गया. धुएं के गुबार के बीच डिवाइडर टूट गया और सभी लोग हवा में उछलते नजर आए. कार ने एक तरफ झटका खाया, फिर डिवाइडर के एक खंभे से जा टकराई और आखिरकार 15 फीट दूर जाकर रुक गई. पूजा विश्वकर्मा बीच सड़क पर गिरी हुई थी. घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों का कहना है कि वे सभी अपनी जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं. कार चला रही महिला सुजाता श्रॉफ को गिरफ्तार कर लिया गया है. उसके खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने और गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने कहा कि सुजाता ने बताया कि उसे अचानक झपकी लग गई और कार से उसने नियंत्रण खो दिया था. जब ये सभी लोग सड़क पार करने की कोशिश कर रहे थे, तब अधिकतर गाड़ियां धीमी हो गईं, लेकिन तभी ग्रे कलर का वाहन तेजी से आया और डिवाइडर पर चढ़ गया. धुएं के गुबार के बीच डिवाइडर टूट गया और सभी लोग हवा में उछलते नजर आए. कार ने एक तरफ झटका खाया, फिर डिवाइडर के एक खंभे से जा टकराई और आखिरकार 15 फीट दूर जाकर रुक गई. पूजा विश्वकर्मा बीच सड़क पर गिरी हुई थी. घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों का कहना है कि वे सभी अपनी जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं. कार चला रही महिला सुजाता श्रॉफ को गिरफ्तार कर लिया गया है. उसके खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने और गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने कहा कि सुजाता ने बताया कि उसे अचानक झपकी लग गई और कार से उसने नियंत्रण खो दिया था. कार चला रही महिला सुजाता श्रॉफ को गिरफ्तार कर लिया गया है. उसके खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने और गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने कहा कि सुजाता ने बताया कि उसे अचानक झपकी लग गई और कार से उसने नियंत्रण खो दिया था.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: डिवाइडर पर खड़े होकर ट्रैफिक रुकने का इंतजार कर रहे थे 5 लोग बेकाबू कार जोरदार टक्कर मारते हुए डिवाइडर पर चढ़ गई बच्ची की मौके पर ही मौत, मां ने 24 घंटे बाद तोड़ दिया दम
25
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: यह एक ऐसा अनुसंधान है जो शायद महिलाओं का पसंदीदा विषय हो सकता है- पुरुष महिलाओं की तुलना में सेक्स चर्चा अधिक करते हैं। लेकिन जब महिलाएं इस विषय पर चर्चा करती हैं तो इसे सुनना वाकई मजेदार होता है क्योंकि वे पुरुषों की तुलना में कहीं अधिक व्यापक और विचारशील भाषा का इस्तेमाल करती हैं। मैनचेस्टर विश्वविद्यालय के मनोविज्ञानी जियोफ्री बीटी के नेतृत्व में एक दल ने पुरुष और महिला वार्ता पर किए गए 56 अध्ययनों की समीक्षा की। डेली मेल के अनुसार, बीटी ने पाया कि 24 पुरुषों ने हर रोज अधिक शब्दों का इस्तेमाल किया। प्रो. बीटी ने इसके बाद अपने ही प्रयोग किए और विभिन्न विषयों पर 50 वार्तालाप की रिकार्डिंग की। इसके बाद उन्होंने स्वयंसेवकों को ऐसी स्क्रिप्ट दी जिनका हर पांचवां शब्द छूटा हुआ था और उन्होंने उनसे इन शब्दों को भरने के लिए कहा। उन्होंने कहा, महिलाओं द्वारा बोले जाने वाले शब्दों का अनुमान लगा पाना कठिन था क्योंकि वे भाषा का कहीं अधिक सतर्कतापूर्वक इस्तेमाल करती हैं। उदाहरण के लिए, प्रशंसा करने के लिए पुरुष शानदार और अच्छा जैसे ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं जिनका अनुमान आसानी से लगाया जा सकता है। पुरुष द्वारा सामान्य तौर पर इस प्रकार प्रशंसा की जाएगी, आज आप वाकई अच्छे लग रहे हैं। जबकि इसके विपरीत महिला इसी बात को इस प्रकार पेश करेगी... मुझे वाकई आपकी जैकेट प्यारी लगी। आपने इसे कहां से खरीदा? कुल मिलाकर पुरुषों के शब्दों का अनुमान 81 प्रतिशत मौकों पर लगाया जा सकता है जबकि महिलाओं के मामले में यह संख्या 71 प्रतिशत है।
जब महिलाएं इस विषय पर चर्चा करती हैं तो इसे सुनना वाकई मजेदार होता है क्योंकि वे पुरुषों की तुलना में कहीं अधिक व्यापक और विचारशील भाषा का इस्तेमाल करती हैं।
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पश्चिमी देशों की ओर से मांग बढ़ने के कारण देश का निर्यात मई माह में बढ़कर 25.9 अरब डॉलर पर पहुंच गया। जो पिछले साल के इसी माह की तुलना में 56.9 प्रतिशत अधिक है।  हालांकि, इस दौरान आयात कारोबार में भी 54.1 प्रतिशत की उंची वृद्धि दर्ज की गई। आयात कारोबार भी मई में 40.9 अरब डॉलर का रहा। इस लिहाज से मई 2011 में 15 अरब डालर का व्यापार घाटा दर्ज किया गया। वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर ने संवाददाताओं से कहा, यह पिछले चार साल में आयात कारोबार के सबसे ऊंचे आंकड़े हैं। एक साल पहले मई में निर्यात कारोबार में जहां 35 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई थी वहीं आयात वृद्धि 27.4 प्रतिशत था। खुल्लर ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से मई के बीच निर्यात कारोबार पिछले वर्ष के इन्हीं दो महीनों की तुलना में 45.3 प्रतिशत बढ़कर 49.8 अरब डॉलर हो गया। उन्होंने कहा, निर्यात में तीव्र वृद्धि का रूझान बना हुआ है। जहां तक आयात का मामला है इन दो महीनों में आयात वृद्धि 33.3 प्रतिशत रही और कुल 73.7 अरब डॉलर का आयात किया गया। बहरहाल, दो महीनों की अवधि में व्यापार घाटा 23.9 अरब डॉलर रहा।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पश्चिमी देशों की ओर से मांग बढ़ने के कारण देश का निर्यात मई माह में बढ़कर 25.9 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
25
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हॉलीवुड अभिनेत्री जेसिका अल्बा के मुताबिक उनका जीवन सम्पूर्ण नहीं है, क्योंकि वह परिवार को पर्याप्त समय नहीं दे पाती हैं। दो बच्चियों की मां जेसिका का कहना है कि वह अपने परिवार के साथ ज़्यादा से ज़्यादा वक्त बिताना चाहती हैं, लेकिन व्यस्तताओं के कारण ऐसा कर नहीं पातीं। वेबसाइट शोबिज़स्पाई.कॉम ने जेसिका के हवाले से कहा, "यह सम्पूर्ण नहीं है। मैं लगातार विचार कर रही हूं कि मुझे अपने परिवार के साथ ज़्यादा समय बिताना चाहिए। मैंने अपने कार्यालय में बच्चों के लिए एक स्थान समर्पित कर दिया है, जहां बच्चे आरामदायक महसूस करते हैं, लेकिन हर दिन नया होता है।" वेबसाइट शोबिज़स्पाई.कॉम ने जेसिका के हवाले से कहा, "यह सम्पूर्ण नहीं है। मैं लगातार विचार कर रही हूं कि मुझे अपने परिवार के साथ ज़्यादा समय बिताना चाहिए। मैंने अपने कार्यालय में बच्चों के लिए एक स्थान समर्पित कर दिया है, जहां बच्चे आरामदायक महसूस करते हैं, लेकिन हर दिन नया होता है।"
सारांश: हॉलीवुड अभिनेत्री के मुताबिक वह अपनी दो बच्चियों के साथ ज़्यादा वक्त बिताना चाहती हैं, लेकिन व्यस्तताओं के कारण ऐसा कर नहीं पातीं।
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: टीम अन्ना के कई सदस्यों को लेकर चल रहे विवादों के बीच सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने गुरुवार को कहा कि वह स्वास्थ्य कारणों से अपना मौन व्रत जारी रखेंगे। हजारे ने कहा, मेरा स्वास्थ्य अब भी मुझे मौन व्रत तोड़ने की अनुमति नहीं दे रहा है। मेरे पैरों में अभी भी कुछ सूजन है और घुटना मुझे काफी परेशान कर रहा है। मौन व्रत मेरे शरीर को अंदर और बाहर से ठीक करने में मदद करता है। उन्होंने लिखा, लोगों के साथ मौखिक बातचीत करना मेरे लिए काफी श्रमसाध्य है और यह मुझे काफी कमजोर बनाता है। मैंने अपनी शारीरिक स्थिति को देखते हुए फैसला किया है कि मौनव्रत जारी रहेगा। 74 वर्षीय गांधीवादी अन्ना हजारे ने 16 अक्टूबर से अपने पैतृक गांव रालेगण सिद्धि में आत्मशांति के लिए मौनव्रत धारण किया हुआ है। हजारे का यह फैसला विवादों में फंसी टीम अन्ना की कोर कमेटी की बैठक के दो दिन पहले आया है। टीम अन्ना के खिलाफ ताजा विवाद किरण बेदी को लेकर है, जिन पर अपने यात्रा बिल को बढ़ाकर लेने का आरोप है। अपने हालिया ब्लॉग में अन्ना हजारे ने किरण बेदी का बचाव किया था।
टीम अन्ना के कई सदस्यों को लेकर चल रहे विवादों के बीच अन्ना हजारे ने गुरुवार को कहा कि वह स्वास्थ्य कारणों से अपना मौन व्रत जारी रखेंगे।
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: सुप्रीम कोर्ट में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने हलफनामा दाखिल किया. हलफनामे में अनुराग ठाकुर ने कहा है कि अगर सुप्रीम कोर्ट को लगता है कि उन्होंने कोर्ट के आदेशों में बाधा पहुंचाने की कोशिश की तो वे बिना शर्त और साफ तौर पर मांगी मांगते हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को क्षीण करने का कभी उनका उद्देश्य नहीं रहा. अनुराग ठाकुर ने हलफनामे में कहा है कि वे कम उम्र में ही पब्लिक लाइफ में आ गए थे और तीन बार से लोकसभा के सदस्य रहे हैं. उनके मन में सुप्रीम कोर्ट के प्रति उच्च सम्मान है. उन्होंने न तो कोई झूठा हलफनामा दाखिल किया और न ही वे किसी तरह से कोर्ट के आदेशों में दखल देना चाहते थे.  उन्होंने सिर्फ आईसीसी के चेयरमैन शशांक मनोहर से दुबई में इस मुद्दे पर सिर्फ उनका पक्ष पूछा था क्योंकि बीसीसीआई का चेयरमैन रहते वक्त उनकी यही राय थी. सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करने से पहले 2015 में केपटाउन में शशांक मनोहर ने खुद जवाब का ड्राफ्ट तैयार कराया था और कहा था कि इस जवाब में कोई दिक्कत नहीं है. दरअसल दो जनवरी को लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू करने को लेकर अड़ियल रुख अपनाए बीसीसीआई के खिलाफ तीखे तेवर अपनाते हुए कोर्ट ने ठाकुर को पद से हटाने के साथ-साथ कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था. उनसे पूछा गया है कि उनके खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला क्यों न चलाया जाए? सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर आरोप साबित हुए तो ठाकुर को जेल भी जाना पड़ सकता है. टिप्पणियां अनुराग ठाकुर पर आरोप था कि उन्होंने आईसीसी के अध्यक्ष शशांक मनोहर को कहा था कि वह (आईसीसी) ऐसा पत्र जारी करे जिसमें यह लिखा हो कि अगर लोढ़ा पैनल को इजाजत दी जाती है तो इसे बोर्ड के काम में सरकारी दखलअंदाजी माना जाएगा और बीसीसीआई की सदस्यता रद्द भी हो सकती है. हालांकि ठाकुर ने इस आरोप से इनकार किया था. गौरतलब है कि क्रिकेट प्रशासन में सुधार के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित लोढा समिति की कुछ सिफारिशों को अपनाने को लेकर बीसीसीआई अड़ियल रुख अपनाए हुए था. इनमें अधिकारियों की उम्र, कार्यकाल, एक राज्य एक वोट जैसी सिफारिशें शामिल हैं. कोर्ट ने एक अहम फैसले में बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर को उनके पद से हटाने का फैसला दिया था. कोर्ट ने सचिव अजय शिर्के को भी उनके पद से हटा दिया था और चार प्रशासक नियुक्त किए थे. चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली बेंच ने अपने फैसले में अनुराग ठाकुर से पूछा था कि आखिर उनके खिलाफ एक्शन क्यों न लिया जाए? अनुराग ठाकुर ने हलफनामे में कहा है कि वे कम उम्र में ही पब्लिक लाइफ में आ गए थे और तीन बार से लोकसभा के सदस्य रहे हैं. उनके मन में सुप्रीम कोर्ट के प्रति उच्च सम्मान है. उन्होंने न तो कोई झूठा हलफनामा दाखिल किया और न ही वे किसी तरह से कोर्ट के आदेशों में दखल देना चाहते थे.  उन्होंने सिर्फ आईसीसी के चेयरमैन शशांक मनोहर से दुबई में इस मुद्दे पर सिर्फ उनका पक्ष पूछा था क्योंकि बीसीसीआई का चेयरमैन रहते वक्त उनकी यही राय थी. सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करने से पहले 2015 में केपटाउन में शशांक मनोहर ने खुद जवाब का ड्राफ्ट तैयार कराया था और कहा था कि इस जवाब में कोई दिक्कत नहीं है. दरअसल दो जनवरी को लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू करने को लेकर अड़ियल रुख अपनाए बीसीसीआई के खिलाफ तीखे तेवर अपनाते हुए कोर्ट ने ठाकुर को पद से हटाने के साथ-साथ कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था. उनसे पूछा गया है कि उनके खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला क्यों न चलाया जाए? सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर आरोप साबित हुए तो ठाकुर को जेल भी जाना पड़ सकता है. टिप्पणियां अनुराग ठाकुर पर आरोप था कि उन्होंने आईसीसी के अध्यक्ष शशांक मनोहर को कहा था कि वह (आईसीसी) ऐसा पत्र जारी करे जिसमें यह लिखा हो कि अगर लोढ़ा पैनल को इजाजत दी जाती है तो इसे बोर्ड के काम में सरकारी दखलअंदाजी माना जाएगा और बीसीसीआई की सदस्यता रद्द भी हो सकती है. हालांकि ठाकुर ने इस आरोप से इनकार किया था. गौरतलब है कि क्रिकेट प्रशासन में सुधार के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित लोढा समिति की कुछ सिफारिशों को अपनाने को लेकर बीसीसीआई अड़ियल रुख अपनाए हुए था. इनमें अधिकारियों की उम्र, कार्यकाल, एक राज्य एक वोट जैसी सिफारिशें शामिल हैं. कोर्ट ने एक अहम फैसले में बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर को उनके पद से हटाने का फैसला दिया था. कोर्ट ने सचिव अजय शिर्के को भी उनके पद से हटा दिया था और चार प्रशासक नियुक्त किए थे. चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली बेंच ने अपने फैसले में अनुराग ठाकुर से पूछा था कि आखिर उनके खिलाफ एक्शन क्यों न लिया जाए? दरअसल दो जनवरी को लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू करने को लेकर अड़ियल रुख अपनाए बीसीसीआई के खिलाफ तीखे तेवर अपनाते हुए कोर्ट ने ठाकुर को पद से हटाने के साथ-साथ कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था. उनसे पूछा गया है कि उनके खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला क्यों न चलाया जाए? सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर आरोप साबित हुए तो ठाकुर को जेल भी जाना पड़ सकता है. टिप्पणियां अनुराग ठाकुर पर आरोप था कि उन्होंने आईसीसी के अध्यक्ष शशांक मनोहर को कहा था कि वह (आईसीसी) ऐसा पत्र जारी करे जिसमें यह लिखा हो कि अगर लोढ़ा पैनल को इजाजत दी जाती है तो इसे बोर्ड के काम में सरकारी दखलअंदाजी माना जाएगा और बीसीसीआई की सदस्यता रद्द भी हो सकती है. हालांकि ठाकुर ने इस आरोप से इनकार किया था. गौरतलब है कि क्रिकेट प्रशासन में सुधार के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित लोढा समिति की कुछ सिफारिशों को अपनाने को लेकर बीसीसीआई अड़ियल रुख अपनाए हुए था. इनमें अधिकारियों की उम्र, कार्यकाल, एक राज्य एक वोट जैसी सिफारिशें शामिल हैं. कोर्ट ने एक अहम फैसले में बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर को उनके पद से हटाने का फैसला दिया था. कोर्ट ने सचिव अजय शिर्के को भी उनके पद से हटा दिया था और चार प्रशासक नियुक्त किए थे. चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली बेंच ने अपने फैसले में अनुराग ठाकुर से पूछा था कि आखिर उनके खिलाफ एक्शन क्यों न लिया जाए? अनुराग ठाकुर पर आरोप था कि उन्होंने आईसीसी के अध्यक्ष शशांक मनोहर को कहा था कि वह (आईसीसी) ऐसा पत्र जारी करे जिसमें यह लिखा हो कि अगर लोढ़ा पैनल को इजाजत दी जाती है तो इसे बोर्ड के काम में सरकारी दखलअंदाजी माना जाएगा और बीसीसीआई की सदस्यता रद्द भी हो सकती है. हालांकि ठाकुर ने इस आरोप से इनकार किया था. गौरतलब है कि क्रिकेट प्रशासन में सुधार के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित लोढा समिति की कुछ सिफारिशों को अपनाने को लेकर बीसीसीआई अड़ियल रुख अपनाए हुए था. इनमें अधिकारियों की उम्र, कार्यकाल, एक राज्य एक वोट जैसी सिफारिशें शामिल हैं. कोर्ट ने एक अहम फैसले में बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर को उनके पद से हटाने का फैसला दिया था. कोर्ट ने सचिव अजय शिर्के को भी उनके पद से हटा दिया था और चार प्रशासक नियुक्त किए थे. चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली बेंच ने अपने फैसले में अनुराग ठाकुर से पूछा था कि आखिर उनके खिलाफ एक्शन क्यों न लिया जाए? गौरतलब है कि क्रिकेट प्रशासन में सुधार के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित लोढा समिति की कुछ सिफारिशों को अपनाने को लेकर बीसीसीआई अड़ियल रुख अपनाए हुए था. इनमें अधिकारियों की उम्र, कार्यकाल, एक राज्य एक वोट जैसी सिफारिशें शामिल हैं. कोर्ट ने एक अहम फैसले में बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर को उनके पद से हटाने का फैसला दिया था. कोर्ट ने सचिव अजय शिर्के को भी उनके पद से हटा दिया था और चार प्रशासक नियुक्त किए थे. चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली बेंच ने अपने फैसले में अनुराग ठाकुर से पूछा था कि आखिर उनके खिलाफ एक्शन क्यों न लिया जाए?
बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष को परजूरी और अवमानना के नोटिस का मामला कहा, किसी तरह से कोर्ट के आदेशों में दखल देना नहीं चाहते थे लोढा समिति की कुछ सिफारिशों पर बीसीसीआई अड़ियल रुख अपनाए रहा
26
['hin']
एक सारांश बनाओ: सामूहिक बलात्कार की घटना को लेकर इंडिया गेट के नजदीक लगातार दूसरे दिन हो रहे प्रदर्शन के बाद दिल्ली मेट्रो ने घोषणा की कि मध्य दिल्ली में स्थित सात मेट्रो स्टेशन सोमवार को भी बंद रहेंगे। प्रगति मैदान, मंडी हाउस, पटेल चौक, केन्द्रीय सचिवालय, उद्योग भवन, खान मार्केट और रेस कोर्स स्टेशन भी बंद रहेंगे। हालांकि, रविवार को बंद रहे बारखंभा रोड स्टेशन को सोमवार को भी खुला रखा जाएगा। स्टेशनों को बंद रखने का फैसला दिल्ली पुलिस के निर्देश के बाद लिया गया है।टिप्पणियां डीएमआरसी अधिकारियों ने बताया कि यह स्टेशन तब तक बंद रहेंगे जब तक डीएमआरसी को दिल्ली पुलिस का आदेश नहीं मिल जाता है। हालांकि केन्द्रीय सचिवालय स्टेशन पर मेट्रो की अदला-बदली की जा सकती है। एक युवती के साथ हुए सामूहिक बलात्कार के बाद सत्ता के केन्द्र रायसिना हिल पर प्रदर्शन के बाद यह निर्णय लिया गया है। प्रगति मैदान, मंडी हाउस, पटेल चौक, केन्द्रीय सचिवालय, उद्योग भवन, खान मार्केट और रेस कोर्स स्टेशन भी बंद रहेंगे। हालांकि, रविवार को बंद रहे बारखंभा रोड स्टेशन को सोमवार को भी खुला रखा जाएगा। स्टेशनों को बंद रखने का फैसला दिल्ली पुलिस के निर्देश के बाद लिया गया है।टिप्पणियां डीएमआरसी अधिकारियों ने बताया कि यह स्टेशन तब तक बंद रहेंगे जब तक डीएमआरसी को दिल्ली पुलिस का आदेश नहीं मिल जाता है। हालांकि केन्द्रीय सचिवालय स्टेशन पर मेट्रो की अदला-बदली की जा सकती है। एक युवती के साथ हुए सामूहिक बलात्कार के बाद सत्ता के केन्द्र रायसिना हिल पर प्रदर्शन के बाद यह निर्णय लिया गया है। हालांकि, रविवार को बंद रहे बारखंभा रोड स्टेशन को सोमवार को भी खुला रखा जाएगा। स्टेशनों को बंद रखने का फैसला दिल्ली पुलिस के निर्देश के बाद लिया गया है।टिप्पणियां डीएमआरसी अधिकारियों ने बताया कि यह स्टेशन तब तक बंद रहेंगे जब तक डीएमआरसी को दिल्ली पुलिस का आदेश नहीं मिल जाता है। हालांकि केन्द्रीय सचिवालय स्टेशन पर मेट्रो की अदला-बदली की जा सकती है। एक युवती के साथ हुए सामूहिक बलात्कार के बाद सत्ता के केन्द्र रायसिना हिल पर प्रदर्शन के बाद यह निर्णय लिया गया है। डीएमआरसी अधिकारियों ने बताया कि यह स्टेशन तब तक बंद रहेंगे जब तक डीएमआरसी को दिल्ली पुलिस का आदेश नहीं मिल जाता है। हालांकि केन्द्रीय सचिवालय स्टेशन पर मेट्रो की अदला-बदली की जा सकती है। एक युवती के साथ हुए सामूहिक बलात्कार के बाद सत्ता के केन्द्र रायसिना हिल पर प्रदर्शन के बाद यह निर्णय लिया गया है। एक युवती के साथ हुए सामूहिक बलात्कार के बाद सत्ता के केन्द्र रायसिना हिल पर प्रदर्शन के बाद यह निर्णय लिया गया है।
संक्षिप्त सारांश: सामूहिक बलात्कार की घटना को लेकर इंडिया गेट के नजदीक लगातार दूसरे दिन हो रहे प्रदर्शन के बाद दिल्ली मेट्रो ने घोषणा की कि मध्य दिल्ली में स्थित सात मेट्रो स्टेशन सोमवार को भी बंद रहेंगे।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: महाराष्ट्र के धुलिया दंगा मामले में सरकार के आदेश के बाद छह पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। धुलिया में हुए दंगों में छह लोगों की मौत हो गई थी तथा 200 अन्य लोग घायल हो गए थे। कहा जा रहा है कि दंगों के बाद पुलिसवाले भी तोड़-फोड़ और आगजनी में शामिल थे। गौरतलब है कि महाराष्ट्र के धुलिया में 6 जनवरी को दो समुदायों में संघर्ष के बाद भीड़ पर पुलिस की गोलीबारी में छह लोगों की मौत हो गई जबकि 200 अन्य घायल हो गए जिनमें अधिकतर पुलिसकर्मी थे।टिप्पणियां एक होटल में छोटी-मोटी बात को लेकर हिंसा शुरू हो गई जो माचिबाजार और माधवपुरा इलाके में फैल गई थी। अधिकारी ने कहा था कि संघर्ष की वजह चार लोगों के समूह द्वारा होटल के बिल का भुगतान नहीं करना है। जब होटल के कर्मचारियों ने उन्हें पीट दिया तब वे चले गए और बड़ी संख्या में लोगों को लेकर आए गौरतलब है कि महाराष्ट्र के धुलिया में 6 जनवरी को दो समुदायों में संघर्ष के बाद भीड़ पर पुलिस की गोलीबारी में छह लोगों की मौत हो गई जबकि 200 अन्य घायल हो गए जिनमें अधिकतर पुलिसकर्मी थे।टिप्पणियां एक होटल में छोटी-मोटी बात को लेकर हिंसा शुरू हो गई जो माचिबाजार और माधवपुरा इलाके में फैल गई थी। अधिकारी ने कहा था कि संघर्ष की वजह चार लोगों के समूह द्वारा होटल के बिल का भुगतान नहीं करना है। जब होटल के कर्मचारियों ने उन्हें पीट दिया तब वे चले गए और बड़ी संख्या में लोगों को लेकर आए एक होटल में छोटी-मोटी बात को लेकर हिंसा शुरू हो गई जो माचिबाजार और माधवपुरा इलाके में फैल गई थी। अधिकारी ने कहा था कि संघर्ष की वजह चार लोगों के समूह द्वारा होटल के बिल का भुगतान नहीं करना है। जब होटल के कर्मचारियों ने उन्हें पीट दिया तब वे चले गए और बड़ी संख्या में लोगों को लेकर आए अधिकारी ने कहा था कि संघर्ष की वजह चार लोगों के समूह द्वारा होटल के बिल का भुगतान नहीं करना है। जब होटल के कर्मचारियों ने उन्हें पीट दिया तब वे चले गए और बड़ी संख्या में लोगों को लेकर आए
संक्षिप्त सारांश: महाराष्ट्र के धुलिया दंगा मामले में सरकार के आदेश के बाद छह पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। धुलिया में हुए दंगों में छह लोगों की मौत हो गई थी तथा 200 अन्य लोग घायल हो गए थे।
0
['hin']
एक सारांश बनाओ: रविचंद्रन अश्विन (12 विकेट) और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (224) के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत भारतीय क्रिकेट टीम ने एमए चिदम्बरम स्टेडियम में खेले गए पहले टेस्ट मैच में मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया को आठ विकेट से हरा दिया। इस बड़ी जीत के साथ भारत ने चार मैचों की इस सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। धोनी को उनके पहले दोहरे शतक के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। अश्विन के करियर की श्रेष्ठ गेंदबाजी की बदौलरत भारत ने ऑस्ट्रेलिया को पारी में 380 रनों पर समेटने के बाद धोनी (224) और विराट कोहली (107) की शानदार शतकीय पारियों की मदद से अपनी पहली पारी में 572 रन बनाए। इस तरह उसने पहली पारी के आधार पर 192 रनों की बढ़त हासिल की। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने अश्विन के नेतृत्व में एक बार फिर उम्दा प्रदर्शन किया और ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी 241 रनों पर समेट दी। अश्विन ने दूसरी पारी में भी पांच विकेट लिए। दूसरी पारी में रवींद्र जडेजा ने भी तीन विकेट झटके और साथ साथ अपना 100वां टेस्ट खेल रहे स्टार स्पिनर हरभजन सिंह ने भी दो सफलता हासिल की। मैच के पांचवें दिन भारत को 50 रनों का लक्ष्य मिला, जिसे उसने मुरली विजय (6) और वीरेंद्र सहवाग (19) के विकेट खोकर हासिल कर लिया। सहवाग ने अपनी 23 गेंदों की पारी में तीन चौके लगाए। चेतेश्वर पुजारा आठ और सचिन तेंदुलकर 14 रनों पर नाबाद लौटे। सचिन की पारी में दो छक्के शामिल हैं। सचिन ने विकेट पर आते ही दो लगातार छक्के लगाकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। भारत को मैच के चौथे दिन ही पारी की जीत मिलती दिख रही थी लेकिन मोएसिस हेनरिक्स (81) और नेथन लियोन (11) ने अपनी संघर्षशक्ति के दम पर मैच को पांचवें दिन तक खींच दिया। इन दोनों 175 रनों पर नौ विकेट गिरने के बाद स्कोर को 241 रनों तक पहुंचाया। अपना पहला टेस्ट खेल रहे हेनरिक्स 81 रनों पर नाबाद लौटे जबकि लियोन 11 रन बनाकर आउट हुए। लियोन ने 77 गेंदों का सामना करते हुए एक चौका लगाया। उनका विकेट रवींद्र जडेजा ने लिया। पहली पारी में भी अर्धशतक लगाकर रिकार्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराने वाले हेनरिक्स ने अपनी 148 गेंदों की नाबाद पारी में छह चौके और दो छक्के लगाए। मैच के चौथे दिन सोमवार की समाप्ति तक आस्ट्रेलिया ने नौ विकेट पर 232 रन बनाए थे। हेनरिक्स 75 और लियोन आठ रनों पर नाबाद लौटे थे। भारत की ओर रविचंद्रन अश्विन ने पांच, जडेजा ने तीन और हरभजन सिंह ने दो विकेट लिए। दूसरा टेस्ट मैच 2 मार्च से हैदराबाद के उप्पल स्थित राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच के बाद मेहमान कप्तान माइकल क्लार्क ने कहा, भारत को जीत का सारा श्रेय देना चाहिए। धौनी ने शानदार पारी खेली। उनकी पारी ने हमारी मुश्किल बढ़ाई और फिर अश्विन ने हमारा काम और कठिन कर दिया। भारत को पूरे अंक मिलते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि दूसरे टेस्ट मैच के साथ हमारा खेल सुधरेगा।टिप्पणियां चेन्नई की विकेट को लेकर क्लार्क ने कहा, यह विकेट अच्छी थी। पहली पारी में यह अच्छा खेल रही थी लेकिन दूसरी पारी में इस पर खेलने में दिक्कत हुई। हम अपनी हार के लिए पिच को दोषी नहीं बता सकते। हम इतना ही कहेंगे कि हम खराब खेले और हार गए। भारतीय कप्तान धोनी ने चेन्नई को खास स्थान बताते हुए कहा, मैंने यहां काफी समय बिताया है। मैंने अपना यहां पहला टेस्ट खेला है। आईपीएल में भी मैंने यहां कई मैच खेले हैं। अच्छा लगा कि मेरी पारी से टीम को जीत मिली। मैंने विकेट पर आते ही तेजी से रन बनाने की ठान ली थी। मैं जानता था कि कैच लेने के लिए कई खिलाड़ी आसपास हैं और यही कारण है कि मैंने हर बार तेज शॉट लगाने की कोशिश की। यह मेरे लिए अच्छा रहा। अश्विन के करियर की श्रेष्ठ गेंदबाजी की बदौलरत भारत ने ऑस्ट्रेलिया को पारी में 380 रनों पर समेटने के बाद धोनी (224) और विराट कोहली (107) की शानदार शतकीय पारियों की मदद से अपनी पहली पारी में 572 रन बनाए। इस तरह उसने पहली पारी के आधार पर 192 रनों की बढ़त हासिल की। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने अश्विन के नेतृत्व में एक बार फिर उम्दा प्रदर्शन किया और ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी 241 रनों पर समेट दी। अश्विन ने दूसरी पारी में भी पांच विकेट लिए। दूसरी पारी में रवींद्र जडेजा ने भी तीन विकेट झटके और साथ साथ अपना 100वां टेस्ट खेल रहे स्टार स्पिनर हरभजन सिंह ने भी दो सफलता हासिल की। मैच के पांचवें दिन भारत को 50 रनों का लक्ष्य मिला, जिसे उसने मुरली विजय (6) और वीरेंद्र सहवाग (19) के विकेट खोकर हासिल कर लिया। सहवाग ने अपनी 23 गेंदों की पारी में तीन चौके लगाए। चेतेश्वर पुजारा आठ और सचिन तेंदुलकर 14 रनों पर नाबाद लौटे। सचिन की पारी में दो छक्के शामिल हैं। सचिन ने विकेट पर आते ही दो लगातार छक्के लगाकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। भारत को मैच के चौथे दिन ही पारी की जीत मिलती दिख रही थी लेकिन मोएसिस हेनरिक्स (81) और नेथन लियोन (11) ने अपनी संघर्षशक्ति के दम पर मैच को पांचवें दिन तक खींच दिया। इन दोनों 175 रनों पर नौ विकेट गिरने के बाद स्कोर को 241 रनों तक पहुंचाया। अपना पहला टेस्ट खेल रहे हेनरिक्स 81 रनों पर नाबाद लौटे जबकि लियोन 11 रन बनाकर आउट हुए। लियोन ने 77 गेंदों का सामना करते हुए एक चौका लगाया। उनका विकेट रवींद्र जडेजा ने लिया। पहली पारी में भी अर्धशतक लगाकर रिकार्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराने वाले हेनरिक्स ने अपनी 148 गेंदों की नाबाद पारी में छह चौके और दो छक्के लगाए। मैच के चौथे दिन सोमवार की समाप्ति तक आस्ट्रेलिया ने नौ विकेट पर 232 रन बनाए थे। हेनरिक्स 75 और लियोन आठ रनों पर नाबाद लौटे थे। भारत की ओर रविचंद्रन अश्विन ने पांच, जडेजा ने तीन और हरभजन सिंह ने दो विकेट लिए। दूसरा टेस्ट मैच 2 मार्च से हैदराबाद के उप्पल स्थित राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच के बाद मेहमान कप्तान माइकल क्लार्क ने कहा, भारत को जीत का सारा श्रेय देना चाहिए। धौनी ने शानदार पारी खेली। उनकी पारी ने हमारी मुश्किल बढ़ाई और फिर अश्विन ने हमारा काम और कठिन कर दिया। भारत को पूरे अंक मिलते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि दूसरे टेस्ट मैच के साथ हमारा खेल सुधरेगा।टिप्पणियां चेन्नई की विकेट को लेकर क्लार्क ने कहा, यह विकेट अच्छी थी। पहली पारी में यह अच्छा खेल रही थी लेकिन दूसरी पारी में इस पर खेलने में दिक्कत हुई। हम अपनी हार के लिए पिच को दोषी नहीं बता सकते। हम इतना ही कहेंगे कि हम खराब खेले और हार गए। भारतीय कप्तान धोनी ने चेन्नई को खास स्थान बताते हुए कहा, मैंने यहां काफी समय बिताया है। मैंने अपना यहां पहला टेस्ट खेला है। आईपीएल में भी मैंने यहां कई मैच खेले हैं। अच्छा लगा कि मेरी पारी से टीम को जीत मिली। मैंने विकेट पर आते ही तेजी से रन बनाने की ठान ली थी। मैं जानता था कि कैच लेने के लिए कई खिलाड़ी आसपास हैं और यही कारण है कि मैंने हर बार तेज शॉट लगाने की कोशिश की। यह मेरे लिए अच्छा रहा। इस तरह उसने पहली पारी के आधार पर 192 रनों की बढ़त हासिल की। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने अश्विन के नेतृत्व में एक बार फिर उम्दा प्रदर्शन किया और ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी 241 रनों पर समेट दी। अश्विन ने दूसरी पारी में भी पांच विकेट लिए। दूसरी पारी में रवींद्र जडेजा ने भी तीन विकेट झटके और साथ साथ अपना 100वां टेस्ट खेल रहे स्टार स्पिनर हरभजन सिंह ने भी दो सफलता हासिल की। मैच के पांचवें दिन भारत को 50 रनों का लक्ष्य मिला, जिसे उसने मुरली विजय (6) और वीरेंद्र सहवाग (19) के विकेट खोकर हासिल कर लिया। सहवाग ने अपनी 23 गेंदों की पारी में तीन चौके लगाए। चेतेश्वर पुजारा आठ और सचिन तेंदुलकर 14 रनों पर नाबाद लौटे। सचिन की पारी में दो छक्के शामिल हैं। सचिन ने विकेट पर आते ही दो लगातार छक्के लगाकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। भारत को मैच के चौथे दिन ही पारी की जीत मिलती दिख रही थी लेकिन मोएसिस हेनरिक्स (81) और नेथन लियोन (11) ने अपनी संघर्षशक्ति के दम पर मैच को पांचवें दिन तक खींच दिया। इन दोनों 175 रनों पर नौ विकेट गिरने के बाद स्कोर को 241 रनों तक पहुंचाया। अपना पहला टेस्ट खेल रहे हेनरिक्स 81 रनों पर नाबाद लौटे जबकि लियोन 11 रन बनाकर आउट हुए। लियोन ने 77 गेंदों का सामना करते हुए एक चौका लगाया। उनका विकेट रवींद्र जडेजा ने लिया। पहली पारी में भी अर्धशतक लगाकर रिकार्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराने वाले हेनरिक्स ने अपनी 148 गेंदों की नाबाद पारी में छह चौके और दो छक्के लगाए। मैच के चौथे दिन सोमवार की समाप्ति तक आस्ट्रेलिया ने नौ विकेट पर 232 रन बनाए थे। हेनरिक्स 75 और लियोन आठ रनों पर नाबाद लौटे थे। भारत की ओर रविचंद्रन अश्विन ने पांच, जडेजा ने तीन और हरभजन सिंह ने दो विकेट लिए। दूसरा टेस्ट मैच 2 मार्च से हैदराबाद के उप्पल स्थित राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच के बाद मेहमान कप्तान माइकल क्लार्क ने कहा, भारत को जीत का सारा श्रेय देना चाहिए। धौनी ने शानदार पारी खेली। उनकी पारी ने हमारी मुश्किल बढ़ाई और फिर अश्विन ने हमारा काम और कठिन कर दिया। भारत को पूरे अंक मिलते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि दूसरे टेस्ट मैच के साथ हमारा खेल सुधरेगा।टिप्पणियां चेन्नई की विकेट को लेकर क्लार्क ने कहा, यह विकेट अच्छी थी। पहली पारी में यह अच्छा खेल रही थी लेकिन दूसरी पारी में इस पर खेलने में दिक्कत हुई। हम अपनी हार के लिए पिच को दोषी नहीं बता सकते। हम इतना ही कहेंगे कि हम खराब खेले और हार गए। भारतीय कप्तान धोनी ने चेन्नई को खास स्थान बताते हुए कहा, मैंने यहां काफी समय बिताया है। मैंने अपना यहां पहला टेस्ट खेला है। आईपीएल में भी मैंने यहां कई मैच खेले हैं। अच्छा लगा कि मेरी पारी से टीम को जीत मिली। मैंने विकेट पर आते ही तेजी से रन बनाने की ठान ली थी। मैं जानता था कि कैच लेने के लिए कई खिलाड़ी आसपास हैं और यही कारण है कि मैंने हर बार तेज शॉट लगाने की कोशिश की। यह मेरे लिए अच्छा रहा। अश्विन ने दूसरी पारी में भी पांच विकेट लिए। दूसरी पारी में रवींद्र जडेजा ने भी तीन विकेट झटके और साथ साथ अपना 100वां टेस्ट खेल रहे स्टार स्पिनर हरभजन सिंह ने भी दो सफलता हासिल की। मैच के पांचवें दिन भारत को 50 रनों का लक्ष्य मिला, जिसे उसने मुरली विजय (6) और वीरेंद्र सहवाग (19) के विकेट खोकर हासिल कर लिया। सहवाग ने अपनी 23 गेंदों की पारी में तीन चौके लगाए। चेतेश्वर पुजारा आठ और सचिन तेंदुलकर 14 रनों पर नाबाद लौटे। सचिन की पारी में दो छक्के शामिल हैं। सचिन ने विकेट पर आते ही दो लगातार छक्के लगाकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। भारत को मैच के चौथे दिन ही पारी की जीत मिलती दिख रही थी लेकिन मोएसिस हेनरिक्स (81) और नेथन लियोन (11) ने अपनी संघर्षशक्ति के दम पर मैच को पांचवें दिन तक खींच दिया। इन दोनों 175 रनों पर नौ विकेट गिरने के बाद स्कोर को 241 रनों तक पहुंचाया। अपना पहला टेस्ट खेल रहे हेनरिक्स 81 रनों पर नाबाद लौटे जबकि लियोन 11 रन बनाकर आउट हुए। लियोन ने 77 गेंदों का सामना करते हुए एक चौका लगाया। उनका विकेट रवींद्र जडेजा ने लिया। पहली पारी में भी अर्धशतक लगाकर रिकार्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराने वाले हेनरिक्स ने अपनी 148 गेंदों की नाबाद पारी में छह चौके और दो छक्के लगाए। मैच के चौथे दिन सोमवार की समाप्ति तक आस्ट्रेलिया ने नौ विकेट पर 232 रन बनाए थे। हेनरिक्स 75 और लियोन आठ रनों पर नाबाद लौटे थे। भारत की ओर रविचंद्रन अश्विन ने पांच, जडेजा ने तीन और हरभजन सिंह ने दो विकेट लिए। दूसरा टेस्ट मैच 2 मार्च से हैदराबाद के उप्पल स्थित राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच के बाद मेहमान कप्तान माइकल क्लार्क ने कहा, भारत को जीत का सारा श्रेय देना चाहिए। धौनी ने शानदार पारी खेली। उनकी पारी ने हमारी मुश्किल बढ़ाई और फिर अश्विन ने हमारा काम और कठिन कर दिया। भारत को पूरे अंक मिलते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि दूसरे टेस्ट मैच के साथ हमारा खेल सुधरेगा।टिप्पणियां चेन्नई की विकेट को लेकर क्लार्क ने कहा, यह विकेट अच्छी थी। पहली पारी में यह अच्छा खेल रही थी लेकिन दूसरी पारी में इस पर खेलने में दिक्कत हुई। हम अपनी हार के लिए पिच को दोषी नहीं बता सकते। हम इतना ही कहेंगे कि हम खराब खेले और हार गए। भारतीय कप्तान धोनी ने चेन्नई को खास स्थान बताते हुए कहा, मैंने यहां काफी समय बिताया है। मैंने अपना यहां पहला टेस्ट खेला है। आईपीएल में भी मैंने यहां कई मैच खेले हैं। अच्छा लगा कि मेरी पारी से टीम को जीत मिली। मैंने विकेट पर आते ही तेजी से रन बनाने की ठान ली थी। मैं जानता था कि कैच लेने के लिए कई खिलाड़ी आसपास हैं और यही कारण है कि मैंने हर बार तेज शॉट लगाने की कोशिश की। यह मेरे लिए अच्छा रहा। मैच के पांचवें दिन भारत को 50 रनों का लक्ष्य मिला, जिसे उसने मुरली विजय (6) और वीरेंद्र सहवाग (19) के विकेट खोकर हासिल कर लिया। सहवाग ने अपनी 23 गेंदों की पारी में तीन चौके लगाए। चेतेश्वर पुजारा आठ और सचिन तेंदुलकर 14 रनों पर नाबाद लौटे। सचिन की पारी में दो छक्के शामिल हैं। सचिन ने विकेट पर आते ही दो लगातार छक्के लगाकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। भारत को मैच के चौथे दिन ही पारी की जीत मिलती दिख रही थी लेकिन मोएसिस हेनरिक्स (81) और नेथन लियोन (11) ने अपनी संघर्षशक्ति के दम पर मैच को पांचवें दिन तक खींच दिया। इन दोनों 175 रनों पर नौ विकेट गिरने के बाद स्कोर को 241 रनों तक पहुंचाया। अपना पहला टेस्ट खेल रहे हेनरिक्स 81 रनों पर नाबाद लौटे जबकि लियोन 11 रन बनाकर आउट हुए। लियोन ने 77 गेंदों का सामना करते हुए एक चौका लगाया। उनका विकेट रवींद्र जडेजा ने लिया। पहली पारी में भी अर्धशतक लगाकर रिकार्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराने वाले हेनरिक्स ने अपनी 148 गेंदों की नाबाद पारी में छह चौके और दो छक्के लगाए। मैच के चौथे दिन सोमवार की समाप्ति तक आस्ट्रेलिया ने नौ विकेट पर 232 रन बनाए थे। हेनरिक्स 75 और लियोन आठ रनों पर नाबाद लौटे थे। भारत की ओर रविचंद्रन अश्विन ने पांच, जडेजा ने तीन और हरभजन सिंह ने दो विकेट लिए। दूसरा टेस्ट मैच 2 मार्च से हैदराबाद के उप्पल स्थित राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच के बाद मेहमान कप्तान माइकल क्लार्क ने कहा, भारत को जीत का सारा श्रेय देना चाहिए। धौनी ने शानदार पारी खेली। उनकी पारी ने हमारी मुश्किल बढ़ाई और फिर अश्विन ने हमारा काम और कठिन कर दिया। भारत को पूरे अंक मिलते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि दूसरे टेस्ट मैच के साथ हमारा खेल सुधरेगा।टिप्पणियां चेन्नई की विकेट को लेकर क्लार्क ने कहा, यह विकेट अच्छी थी। पहली पारी में यह अच्छा खेल रही थी लेकिन दूसरी पारी में इस पर खेलने में दिक्कत हुई। हम अपनी हार के लिए पिच को दोषी नहीं बता सकते। हम इतना ही कहेंगे कि हम खराब खेले और हार गए। भारतीय कप्तान धोनी ने चेन्नई को खास स्थान बताते हुए कहा, मैंने यहां काफी समय बिताया है। मैंने अपना यहां पहला टेस्ट खेला है। आईपीएल में भी मैंने यहां कई मैच खेले हैं। अच्छा लगा कि मेरी पारी से टीम को जीत मिली। मैंने विकेट पर आते ही तेजी से रन बनाने की ठान ली थी। मैं जानता था कि कैच लेने के लिए कई खिलाड़ी आसपास हैं और यही कारण है कि मैंने हर बार तेज शॉट लगाने की कोशिश की। यह मेरे लिए अच्छा रहा। चेतेश्वर पुजारा आठ और सचिन तेंदुलकर 14 रनों पर नाबाद लौटे। सचिन की पारी में दो छक्के शामिल हैं। सचिन ने विकेट पर आते ही दो लगातार छक्के लगाकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। भारत को मैच के चौथे दिन ही पारी की जीत मिलती दिख रही थी लेकिन मोएसिस हेनरिक्स (81) और नेथन लियोन (11) ने अपनी संघर्षशक्ति के दम पर मैच को पांचवें दिन तक खींच दिया। इन दोनों 175 रनों पर नौ विकेट गिरने के बाद स्कोर को 241 रनों तक पहुंचाया। अपना पहला टेस्ट खेल रहे हेनरिक्स 81 रनों पर नाबाद लौटे जबकि लियोन 11 रन बनाकर आउट हुए। लियोन ने 77 गेंदों का सामना करते हुए एक चौका लगाया। उनका विकेट रवींद्र जडेजा ने लिया। पहली पारी में भी अर्धशतक लगाकर रिकार्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराने वाले हेनरिक्स ने अपनी 148 गेंदों की नाबाद पारी में छह चौके और दो छक्के लगाए। मैच के चौथे दिन सोमवार की समाप्ति तक आस्ट्रेलिया ने नौ विकेट पर 232 रन बनाए थे। हेनरिक्स 75 और लियोन आठ रनों पर नाबाद लौटे थे। भारत की ओर रविचंद्रन अश्विन ने पांच, जडेजा ने तीन और हरभजन सिंह ने दो विकेट लिए। दूसरा टेस्ट मैच 2 मार्च से हैदराबाद के उप्पल स्थित राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच के बाद मेहमान कप्तान माइकल क्लार्क ने कहा, भारत को जीत का सारा श्रेय देना चाहिए। धौनी ने शानदार पारी खेली। उनकी पारी ने हमारी मुश्किल बढ़ाई और फिर अश्विन ने हमारा काम और कठिन कर दिया। भारत को पूरे अंक मिलते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि दूसरे टेस्ट मैच के साथ हमारा खेल सुधरेगा।टिप्पणियां चेन्नई की विकेट को लेकर क्लार्क ने कहा, यह विकेट अच्छी थी। पहली पारी में यह अच्छा खेल रही थी लेकिन दूसरी पारी में इस पर खेलने में दिक्कत हुई। हम अपनी हार के लिए पिच को दोषी नहीं बता सकते। हम इतना ही कहेंगे कि हम खराब खेले और हार गए। भारतीय कप्तान धोनी ने चेन्नई को खास स्थान बताते हुए कहा, मैंने यहां काफी समय बिताया है। मैंने अपना यहां पहला टेस्ट खेला है। आईपीएल में भी मैंने यहां कई मैच खेले हैं। अच्छा लगा कि मेरी पारी से टीम को जीत मिली। मैंने विकेट पर आते ही तेजी से रन बनाने की ठान ली थी। मैं जानता था कि कैच लेने के लिए कई खिलाड़ी आसपास हैं और यही कारण है कि मैंने हर बार तेज शॉट लगाने की कोशिश की। यह मेरे लिए अच्छा रहा। भारत को मैच के चौथे दिन ही पारी की जीत मिलती दिख रही थी लेकिन मोएसिस हेनरिक्स (81) और नेथन लियोन (11) ने अपनी संघर्षशक्ति के दम पर मैच को पांचवें दिन तक खींच दिया। इन दोनों 175 रनों पर नौ विकेट गिरने के बाद स्कोर को 241 रनों तक पहुंचाया। अपना पहला टेस्ट खेल रहे हेनरिक्स 81 रनों पर नाबाद लौटे जबकि लियोन 11 रन बनाकर आउट हुए। लियोन ने 77 गेंदों का सामना करते हुए एक चौका लगाया। उनका विकेट रवींद्र जडेजा ने लिया। पहली पारी में भी अर्धशतक लगाकर रिकार्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराने वाले हेनरिक्स ने अपनी 148 गेंदों की नाबाद पारी में छह चौके और दो छक्के लगाए। मैच के चौथे दिन सोमवार की समाप्ति तक आस्ट्रेलिया ने नौ विकेट पर 232 रन बनाए थे। हेनरिक्स 75 और लियोन आठ रनों पर नाबाद लौटे थे। भारत की ओर रविचंद्रन अश्विन ने पांच, जडेजा ने तीन और हरभजन सिंह ने दो विकेट लिए। दूसरा टेस्ट मैच 2 मार्च से हैदराबाद के उप्पल स्थित राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच के बाद मेहमान कप्तान माइकल क्लार्क ने कहा, भारत को जीत का सारा श्रेय देना चाहिए। धौनी ने शानदार पारी खेली। उनकी पारी ने हमारी मुश्किल बढ़ाई और फिर अश्विन ने हमारा काम और कठिन कर दिया। भारत को पूरे अंक मिलते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि दूसरे टेस्ट मैच के साथ हमारा खेल सुधरेगा।टिप्पणियां चेन्नई की विकेट को लेकर क्लार्क ने कहा, यह विकेट अच्छी थी। पहली पारी में यह अच्छा खेल रही थी लेकिन दूसरी पारी में इस पर खेलने में दिक्कत हुई। हम अपनी हार के लिए पिच को दोषी नहीं बता सकते। हम इतना ही कहेंगे कि हम खराब खेले और हार गए। भारतीय कप्तान धोनी ने चेन्नई को खास स्थान बताते हुए कहा, मैंने यहां काफी समय बिताया है। मैंने अपना यहां पहला टेस्ट खेला है। आईपीएल में भी मैंने यहां कई मैच खेले हैं। अच्छा लगा कि मेरी पारी से टीम को जीत मिली। मैंने विकेट पर आते ही तेजी से रन बनाने की ठान ली थी। मैं जानता था कि कैच लेने के लिए कई खिलाड़ी आसपास हैं और यही कारण है कि मैंने हर बार तेज शॉट लगाने की कोशिश की। यह मेरे लिए अच्छा रहा। अपना पहला टेस्ट खेल रहे हेनरिक्स 81 रनों पर नाबाद लौटे जबकि लियोन 11 रन बनाकर आउट हुए। लियोन ने 77 गेंदों का सामना करते हुए एक चौका लगाया। उनका विकेट रवींद्र जडेजा ने लिया। पहली पारी में भी अर्धशतक लगाकर रिकार्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराने वाले हेनरिक्स ने अपनी 148 गेंदों की नाबाद पारी में छह चौके और दो छक्के लगाए। मैच के चौथे दिन सोमवार की समाप्ति तक आस्ट्रेलिया ने नौ विकेट पर 232 रन बनाए थे। हेनरिक्स 75 और लियोन आठ रनों पर नाबाद लौटे थे। भारत की ओर रविचंद्रन अश्विन ने पांच, जडेजा ने तीन और हरभजन सिंह ने दो विकेट लिए। दूसरा टेस्ट मैच 2 मार्च से हैदराबाद के उप्पल स्थित राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच के बाद मेहमान कप्तान माइकल क्लार्क ने कहा, भारत को जीत का सारा श्रेय देना चाहिए। धौनी ने शानदार पारी खेली। उनकी पारी ने हमारी मुश्किल बढ़ाई और फिर अश्विन ने हमारा काम और कठिन कर दिया। भारत को पूरे अंक मिलते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि दूसरे टेस्ट मैच के साथ हमारा खेल सुधरेगा।टिप्पणियां चेन्नई की विकेट को लेकर क्लार्क ने कहा, यह विकेट अच्छी थी। पहली पारी में यह अच्छा खेल रही थी लेकिन दूसरी पारी में इस पर खेलने में दिक्कत हुई। हम अपनी हार के लिए पिच को दोषी नहीं बता सकते। हम इतना ही कहेंगे कि हम खराब खेले और हार गए। भारतीय कप्तान धोनी ने चेन्नई को खास स्थान बताते हुए कहा, मैंने यहां काफी समय बिताया है। मैंने अपना यहां पहला टेस्ट खेला है। आईपीएल में भी मैंने यहां कई मैच खेले हैं। अच्छा लगा कि मेरी पारी से टीम को जीत मिली। मैंने विकेट पर आते ही तेजी से रन बनाने की ठान ली थी। मैं जानता था कि कैच लेने के लिए कई खिलाड़ी आसपास हैं और यही कारण है कि मैंने हर बार तेज शॉट लगाने की कोशिश की। यह मेरे लिए अच्छा रहा। पहली पारी में भी अर्धशतक लगाकर रिकार्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराने वाले हेनरिक्स ने अपनी 148 गेंदों की नाबाद पारी में छह चौके और दो छक्के लगाए। मैच के चौथे दिन सोमवार की समाप्ति तक आस्ट्रेलिया ने नौ विकेट पर 232 रन बनाए थे। हेनरिक्स 75 और लियोन आठ रनों पर नाबाद लौटे थे। भारत की ओर रविचंद्रन अश्विन ने पांच, जडेजा ने तीन और हरभजन सिंह ने दो विकेट लिए। दूसरा टेस्ट मैच 2 मार्च से हैदराबाद के उप्पल स्थित राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच के बाद मेहमान कप्तान माइकल क्लार्क ने कहा, भारत को जीत का सारा श्रेय देना चाहिए। धौनी ने शानदार पारी खेली। उनकी पारी ने हमारी मुश्किल बढ़ाई और फिर अश्विन ने हमारा काम और कठिन कर दिया। भारत को पूरे अंक मिलते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि दूसरे टेस्ट मैच के साथ हमारा खेल सुधरेगा।टिप्पणियां चेन्नई की विकेट को लेकर क्लार्क ने कहा, यह विकेट अच्छी थी। पहली पारी में यह अच्छा खेल रही थी लेकिन दूसरी पारी में इस पर खेलने में दिक्कत हुई। हम अपनी हार के लिए पिच को दोषी नहीं बता सकते। हम इतना ही कहेंगे कि हम खराब खेले और हार गए। भारतीय कप्तान धोनी ने चेन्नई को खास स्थान बताते हुए कहा, मैंने यहां काफी समय बिताया है। मैंने अपना यहां पहला टेस्ट खेला है। आईपीएल में भी मैंने यहां कई मैच खेले हैं। अच्छा लगा कि मेरी पारी से टीम को जीत मिली। मैंने विकेट पर आते ही तेजी से रन बनाने की ठान ली थी। मैं जानता था कि कैच लेने के लिए कई खिलाड़ी आसपास हैं और यही कारण है कि मैंने हर बार तेज शॉट लगाने की कोशिश की। यह मेरे लिए अच्छा रहा। मैच के चौथे दिन सोमवार की समाप्ति तक आस्ट्रेलिया ने नौ विकेट पर 232 रन बनाए थे। हेनरिक्स 75 और लियोन आठ रनों पर नाबाद लौटे थे। भारत की ओर रविचंद्रन अश्विन ने पांच, जडेजा ने तीन और हरभजन सिंह ने दो विकेट लिए। दूसरा टेस्ट मैच 2 मार्च से हैदराबाद के उप्पल स्थित राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच के बाद मेहमान कप्तान माइकल क्लार्क ने कहा, भारत को जीत का सारा श्रेय देना चाहिए। धौनी ने शानदार पारी खेली। उनकी पारी ने हमारी मुश्किल बढ़ाई और फिर अश्विन ने हमारा काम और कठिन कर दिया। भारत को पूरे अंक मिलते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि दूसरे टेस्ट मैच के साथ हमारा खेल सुधरेगा।टिप्पणियां चेन्नई की विकेट को लेकर क्लार्क ने कहा, यह विकेट अच्छी थी। पहली पारी में यह अच्छा खेल रही थी लेकिन दूसरी पारी में इस पर खेलने में दिक्कत हुई। हम अपनी हार के लिए पिच को दोषी नहीं बता सकते। हम इतना ही कहेंगे कि हम खराब खेले और हार गए। भारतीय कप्तान धोनी ने चेन्नई को खास स्थान बताते हुए कहा, मैंने यहां काफी समय बिताया है। मैंने अपना यहां पहला टेस्ट खेला है। आईपीएल में भी मैंने यहां कई मैच खेले हैं। अच्छा लगा कि मेरी पारी से टीम को जीत मिली। मैंने विकेट पर आते ही तेजी से रन बनाने की ठान ली थी। मैं जानता था कि कैच लेने के लिए कई खिलाड़ी आसपास हैं और यही कारण है कि मैंने हर बार तेज शॉट लगाने की कोशिश की। यह मेरे लिए अच्छा रहा। दूसरा टेस्ट मैच 2 मार्च से हैदराबाद के उप्पल स्थित राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच के बाद मेहमान कप्तान माइकल क्लार्क ने कहा, भारत को जीत का सारा श्रेय देना चाहिए। धौनी ने शानदार पारी खेली। उनकी पारी ने हमारी मुश्किल बढ़ाई और फिर अश्विन ने हमारा काम और कठिन कर दिया। भारत को पूरे अंक मिलते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि दूसरे टेस्ट मैच के साथ हमारा खेल सुधरेगा।टिप्पणियां चेन्नई की विकेट को लेकर क्लार्क ने कहा, यह विकेट अच्छी थी। पहली पारी में यह अच्छा खेल रही थी लेकिन दूसरी पारी में इस पर खेलने में दिक्कत हुई। हम अपनी हार के लिए पिच को दोषी नहीं बता सकते। हम इतना ही कहेंगे कि हम खराब खेले और हार गए। भारतीय कप्तान धोनी ने चेन्नई को खास स्थान बताते हुए कहा, मैंने यहां काफी समय बिताया है। मैंने अपना यहां पहला टेस्ट खेला है। आईपीएल में भी मैंने यहां कई मैच खेले हैं। अच्छा लगा कि मेरी पारी से टीम को जीत मिली। मैंने विकेट पर आते ही तेजी से रन बनाने की ठान ली थी। मैं जानता था कि कैच लेने के लिए कई खिलाड़ी आसपास हैं और यही कारण है कि मैंने हर बार तेज शॉट लगाने की कोशिश की। यह मेरे लिए अच्छा रहा। मैच के बाद मेहमान कप्तान माइकल क्लार्क ने कहा, भारत को जीत का सारा श्रेय देना चाहिए। धौनी ने शानदार पारी खेली। उनकी पारी ने हमारी मुश्किल बढ़ाई और फिर अश्विन ने हमारा काम और कठिन कर दिया। भारत को पूरे अंक मिलते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि दूसरे टेस्ट मैच के साथ हमारा खेल सुधरेगा।टिप्पणियां चेन्नई की विकेट को लेकर क्लार्क ने कहा, यह विकेट अच्छी थी। पहली पारी में यह अच्छा खेल रही थी लेकिन दूसरी पारी में इस पर खेलने में दिक्कत हुई। हम अपनी हार के लिए पिच को दोषी नहीं बता सकते। हम इतना ही कहेंगे कि हम खराब खेले और हार गए। भारतीय कप्तान धोनी ने चेन्नई को खास स्थान बताते हुए कहा, मैंने यहां काफी समय बिताया है। मैंने अपना यहां पहला टेस्ट खेला है। आईपीएल में भी मैंने यहां कई मैच खेले हैं। अच्छा लगा कि मेरी पारी से टीम को जीत मिली। मैंने विकेट पर आते ही तेजी से रन बनाने की ठान ली थी। मैं जानता था कि कैच लेने के लिए कई खिलाड़ी आसपास हैं और यही कारण है कि मैंने हर बार तेज शॉट लगाने की कोशिश की। यह मेरे लिए अच्छा रहा। चेन्नई की विकेट को लेकर क्लार्क ने कहा, यह विकेट अच्छी थी। पहली पारी में यह अच्छा खेल रही थी लेकिन दूसरी पारी में इस पर खेलने में दिक्कत हुई। हम अपनी हार के लिए पिच को दोषी नहीं बता सकते। हम इतना ही कहेंगे कि हम खराब खेले और हार गए। भारतीय कप्तान धोनी ने चेन्नई को खास स्थान बताते हुए कहा, मैंने यहां काफी समय बिताया है। मैंने अपना यहां पहला टेस्ट खेला है। आईपीएल में भी मैंने यहां कई मैच खेले हैं। अच्छा लगा कि मेरी पारी से टीम को जीत मिली। मैंने विकेट पर आते ही तेजी से रन बनाने की ठान ली थी। मैं जानता था कि कैच लेने के लिए कई खिलाड़ी आसपास हैं और यही कारण है कि मैंने हर बार तेज शॉट लगाने की कोशिश की। यह मेरे लिए अच्छा रहा। भारतीय कप्तान धोनी ने चेन्नई को खास स्थान बताते हुए कहा, मैंने यहां काफी समय बिताया है। मैंने अपना यहां पहला टेस्ट खेला है। आईपीएल में भी मैंने यहां कई मैच खेले हैं। अच्छा लगा कि मेरी पारी से टीम को जीत मिली। मैंने विकेट पर आते ही तेजी से रन बनाने की ठान ली थी। मैं जानता था कि कैच लेने के लिए कई खिलाड़ी आसपास हैं और यही कारण है कि मैंने हर बार तेज शॉट लगाने की कोशिश की। यह मेरे लिए अच्छा रहा।
यहाँ एक सारांश है:भारतीय क्रिकेट टीम ने एमए चिदम्बरम स्टेडियम में खेले गए पहले टेस्ट मैच में मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया को आठ विकेट से हरा दिया। इस बड़ी जीत के साथ भारत ने चार मैचों की इस सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तराखंड के अल्मोड़ा में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि नोटबंदी से गरीब लोगों पर जबरदस्त चोट पड़ी है. इस नोटबंदी की वजह से 100 से ज्यादा लोग मर चुके हैं, उन्हें लोकसभा में याद करना चाहिए था. राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने जो सवाल पीएम से पूछे उसका उन्हें कोई जवाब नहीं मिला. जहां गुरुवार को राहुल गांधी ने पीएम मोदी के रवैये पर तंज कसते हुए गालिब का शेर पढ़ा था. वहीं शुक्रवार को उन्होंने बशीर बद्र को याद करते हुए कहा कि 'लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में, तुम तरस नहीं ख़ाते बस्तियां जलाने में..' राहुल गांधी के भाषण के मुख्य अंश - कांग्रेस भ्रष्टाचार को मिटाना चाहती है. भ्रष्टाचार के खिलाफ किसी भी कदम के हम साथ हैं. नोटबंदी काले धन के खिलाफ निर्णय नहीं था. नोटबंदी आर्थिक डकैती थी. मजदूरों का मजाक उड़ाया गया. हिन्दुस्तान को दो भागों में बांट दिया है. एक तरफ 1 प्रतिशत सुपर रिच लोग, दूसरी तरफ 99 प्रतिशत ईमानदार. 50 परिवारों को धन का ज्यादा भाग दिया गया. कालाधन 99 प्रतिशत ईमानदार लोगों के पास नहीं है. कालाधन सुपर रिच 1 प्रतिशत लोगों के पास है.टिप्पणियां इससे पहले गुरुवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने यूपी के बहराइच में चुनावी रैली को संबोधित किया था. वहां राहुल ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री उनके सवालों के जवाब देने से बच रहे हैं. उन्होंने कहा था कि ' मैंने उनसे दो तीन सवाल पूछे जिसके जवाब नहीं दिए गए लेकिन जो सवाल पूछ रहे थे उसका मज़ाक उड़ाया गया.' गांधी ने यह बात करते हुए मिर्ज़ा ग़ालिब का शेर पढ़ा और कहा 'हर एक बात पे कहते हो कि तू क्या है...तुम्हीं कहो कि यह अंदाज़-ए-गुफ्तगू क्या है.' वहीं वाराणसी दौरे पर गए पीएम मोदी ने गुरुवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के 'भूकंप' वाले बयान का जवाब दिया. राहुल गांधी का नाम लिए बिना पीएम मोदी ने कहा 'जबसे युवा नेता ने बोलना सीखा और बोलाना शुरू किया है मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं है. 2009 में पता ही नहीं चलता था कि इस पैकेट में क्या है. अब पता चला है. अगर वह न बोलते तो भूकंप आ जाता. देश को इतना बड़ा भूकंप झेलना पड़ता कि 10 साल तक भी देश नहीं उभर पाता. अच्छा है उन्होंने बोलना शुरू किया है. अब 'भूकंप' का कोई चांस नहीं है.' राहुल गांधी के भाषण के मुख्य अंश - कांग्रेस भ्रष्टाचार को मिटाना चाहती है. भ्रष्टाचार के खिलाफ किसी भी कदम के हम साथ हैं. नोटबंदी काले धन के खिलाफ निर्णय नहीं था. नोटबंदी आर्थिक डकैती थी. मजदूरों का मजाक उड़ाया गया. हिन्दुस्तान को दो भागों में बांट दिया है. एक तरफ 1 प्रतिशत सुपर रिच लोग, दूसरी तरफ 99 प्रतिशत ईमानदार. 50 परिवारों को धन का ज्यादा भाग दिया गया. कालाधन 99 प्रतिशत ईमानदार लोगों के पास नहीं है. कालाधन सुपर रिच 1 प्रतिशत लोगों के पास है.टिप्पणियां इससे पहले गुरुवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने यूपी के बहराइच में चुनावी रैली को संबोधित किया था. वहां राहुल ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री उनके सवालों के जवाब देने से बच रहे हैं. उन्होंने कहा था कि ' मैंने उनसे दो तीन सवाल पूछे जिसके जवाब नहीं दिए गए लेकिन जो सवाल पूछ रहे थे उसका मज़ाक उड़ाया गया.' गांधी ने यह बात करते हुए मिर्ज़ा ग़ालिब का शेर पढ़ा और कहा 'हर एक बात पे कहते हो कि तू क्या है...तुम्हीं कहो कि यह अंदाज़-ए-गुफ्तगू क्या है.' वहीं वाराणसी दौरे पर गए पीएम मोदी ने गुरुवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के 'भूकंप' वाले बयान का जवाब दिया. राहुल गांधी का नाम लिए बिना पीएम मोदी ने कहा 'जबसे युवा नेता ने बोलना सीखा और बोलाना शुरू किया है मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं है. 2009 में पता ही नहीं चलता था कि इस पैकेट में क्या है. अब पता चला है. अगर वह न बोलते तो भूकंप आ जाता. देश को इतना बड़ा भूकंप झेलना पड़ता कि 10 साल तक भी देश नहीं उभर पाता. अच्छा है उन्होंने बोलना शुरू किया है. अब 'भूकंप' का कोई चांस नहीं है.' कांग्रेस भ्रष्टाचार को मिटाना चाहती है. भ्रष्टाचार के खिलाफ किसी भी कदम के हम साथ हैं. नोटबंदी काले धन के खिलाफ निर्णय नहीं था. नोटबंदी आर्थिक डकैती थी. मजदूरों का मजाक उड़ाया गया. हिन्दुस्तान को दो भागों में बांट दिया है. एक तरफ 1 प्रतिशत सुपर रिच लोग, दूसरी तरफ 99 प्रतिशत ईमानदार. 50 परिवारों को धन का ज्यादा भाग दिया गया. कालाधन 99 प्रतिशत ईमानदार लोगों के पास नहीं है. कालाधन सुपर रिच 1 प्रतिशत लोगों के पास है.टिप्पणियां इससे पहले गुरुवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने यूपी के बहराइच में चुनावी रैली को संबोधित किया था. वहां राहुल ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री उनके सवालों के जवाब देने से बच रहे हैं. उन्होंने कहा था कि ' मैंने उनसे दो तीन सवाल पूछे जिसके जवाब नहीं दिए गए लेकिन जो सवाल पूछ रहे थे उसका मज़ाक उड़ाया गया.' गांधी ने यह बात करते हुए मिर्ज़ा ग़ालिब का शेर पढ़ा और कहा 'हर एक बात पे कहते हो कि तू क्या है...तुम्हीं कहो कि यह अंदाज़-ए-गुफ्तगू क्या है.' वहीं वाराणसी दौरे पर गए पीएम मोदी ने गुरुवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के 'भूकंप' वाले बयान का जवाब दिया. राहुल गांधी का नाम लिए बिना पीएम मोदी ने कहा 'जबसे युवा नेता ने बोलना सीखा और बोलाना शुरू किया है मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं है. 2009 में पता ही नहीं चलता था कि इस पैकेट में क्या है. अब पता चला है. अगर वह न बोलते तो भूकंप आ जाता. देश को इतना बड़ा भूकंप झेलना पड़ता कि 10 साल तक भी देश नहीं उभर पाता. अच्छा है उन्होंने बोलना शुरू किया है. अब 'भूकंप' का कोई चांस नहीं है.' इससे पहले गुरुवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने यूपी के बहराइच में चुनावी रैली को संबोधित किया था. वहां राहुल ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री उनके सवालों के जवाब देने से बच रहे हैं. उन्होंने कहा था कि ' मैंने उनसे दो तीन सवाल पूछे जिसके जवाब नहीं दिए गए लेकिन जो सवाल पूछ रहे थे उसका मज़ाक उड़ाया गया.' गांधी ने यह बात करते हुए मिर्ज़ा ग़ालिब का शेर पढ़ा और कहा 'हर एक बात पे कहते हो कि तू क्या है...तुम्हीं कहो कि यह अंदाज़-ए-गुफ्तगू क्या है.' वहीं वाराणसी दौरे पर गए पीएम मोदी ने गुरुवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के 'भूकंप' वाले बयान का जवाब दिया. राहुल गांधी का नाम लिए बिना पीएम मोदी ने कहा 'जबसे युवा नेता ने बोलना सीखा और बोलाना शुरू किया है मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं है. 2009 में पता ही नहीं चलता था कि इस पैकेट में क्या है. अब पता चला है. अगर वह न बोलते तो भूकंप आ जाता. देश को इतना बड़ा भूकंप झेलना पड़ता कि 10 साल तक भी देश नहीं उभर पाता. अच्छा है उन्होंने बोलना शुरू किया है. अब 'भूकंप' का कोई चांस नहीं है.' वहीं वाराणसी दौरे पर गए पीएम मोदी ने गुरुवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के 'भूकंप' वाले बयान का जवाब दिया. राहुल गांधी का नाम लिए बिना पीएम मोदी ने कहा 'जबसे युवा नेता ने बोलना सीखा और बोलाना शुरू किया है मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं है. 2009 में पता ही नहीं चलता था कि इस पैकेट में क्या है. अब पता चला है. अगर वह न बोलते तो भूकंप आ जाता. देश को इतना बड़ा भूकंप झेलना पड़ता कि 10 साल तक भी देश नहीं उभर पाता. अच्छा है उन्होंने बोलना शुरू किया है. अब 'भूकंप' का कोई चांस नहीं है.'
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अल्मोड़ा में राहुल गांधी ने फिर साधा पीएम मोदी पर निशाना उन्होंने कहा कि नोटबंदी दरअसल गरीबों को लगने वाली सबसे बड़ी चोट है साथ ही उन्होंने नोटबंदी को आर्थिक डकैती बताया
25
['hin']
एक सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि नई दूरसंचार नीति-2011 में गांव-गांव तक बेहतर और सस्ती दूरसंचार सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया जाएगा, ताकि देश के हर नागरकि को दूरसंचार क्रांति का लाभ उठाने का अवसर प्राप्त हो सके। सिंह ने दूरसंचार विभाग और उद्योग मंडल फिक्की द्वारा आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी इंडिया टेलीकॉम 2011 का उद्घाटन करते हुए कहा, राष्ट्रीय दूरसंचार नीति-2011 में ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों तक सस्ती और अच्छी दूरसंचार सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष बल होगा। मुझे विश्वास है कि इस नीति से तीव्र आर्थिक वृद्धि के हमारे लक्ष्य के हासिल होने में मदद मिलेगी। तीव्र आर्थिक वृद्धि का लाभ देश के हर नागरिक को मिलता है। प्रधानमंत्री ने ब्राडबैंड कनेक्शन के माध्यम से दी जाने वाली तीव्रगति की इंटरनेट सेवाओं को तीव्र आर्थिक वृद्धि और समावेशी विकास का कारगर हथियार बताते हुए कहा कि सरकार दो साल में हर ग्राम पंचायत को ब्राडबैंड नेटवर्क से जोडने का प्रयास कर रही है और इसके लिए प्रारंभिक 40,000 करोड़ रुपये के निवेश से राष्ट्रीय ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क बनाने की योजना है। सिंह ने कहा, हमारी सरकार का प्रयास है कि देश में हर गांव पंचायत ब्राडबैंड से जुड़ जाए। चूंकि गांव पंचायातों की जरूरत को देखते हुए ऊंचे बैंडविड्थ की जरूरत होगी, इसलिए वहां फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क पहुंचाना जरूरी है। प्रधानमंत्री ने कहा, अगले दो साल में यह काम पूरा करने के लिए हाल में हमारी सरकार ने राष्ट्रीय ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क (एनओएफएन) योजना मंजूर की है। इसके प्रथमिक चरण की लागत 20,000 करोड आंकी गई है तथा इस नेटवर्क से सेवाओं को निजी ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए निजी क्षेत्र की कंपनियों द्वारा भी इतनी ही राशि के निवेश की जरूरत होगी। इस योजना से गांवों के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि सेवाओं को हासिल करने में बहुत आसानी होने तथा इससे और कई लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि ब्रांडबैंड का प्रसार आर्थिक वृद्धि में बड़ा सहायक है। इसका प्रसार 10 प्रतिशत बढ़ने से अर्थव्यवस्था में औसतन 1.3 प्रतिशत की वृद्धि होती है। सिंह ने कहा कि भारत आज दुनिया का सबसे तेजी से फैलता दूरसंचार बाजार है। यहां हर महीने 1.8 करोड़ ग्राहक जुड़ रहे हैं। 2000 में जहां 100 में दो व्यक्तियों के पास मोबाइल फोन था, वहां यह अनुपात अब अगस्त, 2011 में बढ़कर 72.1 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने कहा कि देश में टेलीफोन सेवाओं की दरें भी सबसे कम है और यह सब प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने वाली नीति तथा निजी क्षेत्र के नवप्रवर्तन और उद्यमशीलता का नतीजा है।
संक्षिप्त सारांश: प्रधानमंत्री ने कहा है कि नई दूरसंचार नीति-2011 में गांव-गांव तक बेहतर और सस्ती दूरसंचार सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया जाएगा।
8
['hin']
एक सारांश बनाओ: Kumkum Bhagya Written Update: सीरियल 'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' में इन दिनों काफी हंगामा चल रहा है. प्राची तो जेल से बाहर आ गई है लेकिन अब पुलिस ने ड्रग्स बेचने के आरोप में रणवीर के पकड़ लिया है. इसको लेकर प्राची काफी परेशान है. मुग्धा चापेकर (Mugdha Chapekar) के शो 'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' के पिछले एपिसोड में प्राची असली आरोपी को पकड़ने की कोशिश करती है लेकिन बाद में रणवीर को जेल में बंद देख हैरान हो जाती है. प्राची इंस्पेक्टर को समझाने की पूरी कोशिश करती है कि एक बार फिर उन्होंने गलत आदमी को गिरफ्तार कर लिया है. दूसरी ओर अभी और विक्रम पुलिस स्टेशन पहुंचते हैं लेकिन वहां उन्हें पता चलता है कि रणवीर ने गुनाह कबूल कर लिया है. सीरियल 'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' के पिछले एपिसोड में दिखाया गया कि जब रणवीर से अभी और विक्रम इस बारे में पूछते हैं तो वह कहता है कि उसने ये सिर्फ इसलिए किया क्योंकि वो अभी को ज्यादा परेशान नहीं देख पा रहा था. हालांकि रिया को जब पता चलता है कि रणवीर ने प्राची के लिए कुर्बानी दी है, तो वो गुस्सा हो जाती है. सृति झा (Sriti Jha) और शब्बीर आहलुवालिया (Shabir Ahluwalia) के  शो 'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' के अपकमिंग एपिसोड में दिखाया जाएगा कि अभी अपने चौकीदार के घर जाएगा. वहां पहुंचने पर उसे निश की चौकीदार के साथ फोटो मिल जाती है. जब अभी, चौकीदार से फोटो को लेकर सवाल करेगा तो चौकीदार वहां से भागने की कोशिश करेगा. अब देखना होगा कि क्या निश, रिया की सच्चाई बताएगा.
सीरियल 'कुमकुम भाग्य' में जानें आज क्या होगा! क्या आज खुलेगा रिया का राज रणवीर ने कबूला गुनाह
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय टीम गुरुवार को लंदन में क्वार्टरफाइनल में मलेशिया के हाथों 2-3 की शिकस्त झेलकर हाकी विश्व लीग सेमीफाइनल से बाहर हो गयी. यह कड़ा मुकाबला रहा, जिसमें दोनों टीमों ने काफी तेज खेल दिखाया. लेकिन इस हार के लिए भारतीयों को खुद को दोषी ठहराना होगा क्योंकि उन्होंने शुरू के 20 मिनट काफी लचर खेल दिखाया और कुछ बेकार डिफेंस ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया. भारत ने सात पेनल्टी कॉर्नर गंवाये, जिसमें से तीन का मलेशिया ने फायदा उठाकर गोल दागे. राजी रहीम (19वें और 48वें मिनट) ने दो जबकि तेंगकु ताजुद्दीन ने एक गोल दागा. भारत के लिए गोल रमनदीप सिंह (24वें और 26वें मिनट) ने किये. इस जीत की बदौलत मलेशिया ने अगले साल भारत में होने वाले विश्व कप के लिए क्वालीफाई कर लिया. भारत के लिए यह दो से कम महीनों में मलेशिया के खिलाफ दूसरी हार है. रोलेंट ओल्टमेंस के खिलाड़ियों को पिछले महीने अजलन शाह कप में इसी प्रतिद्वंद्वी से 0-1 से पराजय का मुंह देखना पड़ा था. अब मलेशियाई टीम शनिवार को होने वाले सेमीफाइनल में मौजूदा ओलिंपिक चैम्पियन और दुनिया की नंबर एक टीम अर्जेटीना से भिड़ेगी. अर्जेटीना ने इस मैच से पहले क्वार्टरफाइनल में पाकिस्तान को मात दी. विश्व रैंकिंग में छठे स्थान पर काबिज भारतीय टीम को 14वें स्थान पर काबिज मलेशिया के खिलाफ प्रबल दावेदार माना जा रहा था लेकिन नतीजा उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और मैच के शुरुआती 23 मिनट तो काफी खराब रहे. भारतीय खिलाड़ी काफी धीमे थे और थके हुए लग रहे थे. वहीं मलेशियाई टीम का डिफेंस काफी एकजुट था और उसने भारत की बैकलाइन को परेशान भी किया. मलेशिया ने दबाव बनाकर दो पेनल्टी कॉर्नर हासिल किये लेकिन दोनों बरबाद हो गये. पहला क्वार्टर गोलरहित रहा. मलेशिया ने आक्रामक खेल जारी रखा और 17वें मिनट में नाबिल नूर अकेले भारतीय सर्कल में पहुंच गये लेकिन गोलकीपर विकास दहिया ने उन्हें रोक दिया. दो मिनट बाद उसने दूसरा पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन इस बार दहिया रहीम को नहीं रोक सके. एक मिनट बाद मलेशिया ने अपनी बढ़त दोगुनी कर दी, जिसमें ताजुद्दीन ने चौथे पेनल्टी कॉर्नर में गोल किया. दो गोल से पिछड़ने के बाद भारत ने मजबूत वापसी करते हुए दो मिनट के अंदर दो गोल दाग दिये. रमनदीप ने सुमित के क्रॉस पर शानदार गोल किया. दो मिनट बाद वह फिर से सही समय पर सही जगह पहुंच गये और उन्होंने टीम को 2-2 से बराबरी दिला दी. छोर बदलने के बाद भारतीयों ने दबदबा बनाये रखा और तेजी से दो पेनल्टी कार्नर हासिल किये लेकिन एक बार फिर हरमनप्रीत सिंह विफल रहे.टिप्पणियां भारतीयों ने जहां आक्रामक हॉकी खेली, वहीं मलेशियाई खिलाड़ियों ने रक्षात्मक और जवाबी हमला करने को तरजीह दी. मलेशिया की यह रणनीति कारगर रही और उन्होंने 48वें मिनट में दो और पेनल्टी कॉर्नर बनाये, जिसमें से दूसरे में रहीम ने दिन का अपना दूसरा गोल किया. भारतीयों ने अंतिम 10 मिनट में काफी आक्रामकता दिखायी और उन्हें गोल करने के तीन मौके भी मिले, पर वे इसमें गोल नहीं कर सके और हार को नहीं टाल सके.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) रोलेंट ओल्टमेंस के खिलाड़ियों को पिछले महीने अजलन शाह कप में इसी प्रतिद्वंद्वी से 0-1 से पराजय का मुंह देखना पड़ा था. अब मलेशियाई टीम शनिवार को होने वाले सेमीफाइनल में मौजूदा ओलिंपिक चैम्पियन और दुनिया की नंबर एक टीम अर्जेटीना से भिड़ेगी. अर्जेटीना ने इस मैच से पहले क्वार्टरफाइनल में पाकिस्तान को मात दी. विश्व रैंकिंग में छठे स्थान पर काबिज भारतीय टीम को 14वें स्थान पर काबिज मलेशिया के खिलाफ प्रबल दावेदार माना जा रहा था लेकिन नतीजा उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और मैच के शुरुआती 23 मिनट तो काफी खराब रहे. भारतीय खिलाड़ी काफी धीमे थे और थके हुए लग रहे थे. वहीं मलेशियाई टीम का डिफेंस काफी एकजुट था और उसने भारत की बैकलाइन को परेशान भी किया. मलेशिया ने दबाव बनाकर दो पेनल्टी कॉर्नर हासिल किये लेकिन दोनों बरबाद हो गये. पहला क्वार्टर गोलरहित रहा. मलेशिया ने आक्रामक खेल जारी रखा और 17वें मिनट में नाबिल नूर अकेले भारतीय सर्कल में पहुंच गये लेकिन गोलकीपर विकास दहिया ने उन्हें रोक दिया. दो मिनट बाद उसने दूसरा पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन इस बार दहिया रहीम को नहीं रोक सके. एक मिनट बाद मलेशिया ने अपनी बढ़त दोगुनी कर दी, जिसमें ताजुद्दीन ने चौथे पेनल्टी कॉर्नर में गोल किया. दो गोल से पिछड़ने के बाद भारत ने मजबूत वापसी करते हुए दो मिनट के अंदर दो गोल दाग दिये. रमनदीप ने सुमित के क्रॉस पर शानदार गोल किया. दो मिनट बाद वह फिर से सही समय पर सही जगह पहुंच गये और उन्होंने टीम को 2-2 से बराबरी दिला दी. छोर बदलने के बाद भारतीयों ने दबदबा बनाये रखा और तेजी से दो पेनल्टी कार्नर हासिल किये लेकिन एक बार फिर हरमनप्रीत सिंह विफल रहे.टिप्पणियां भारतीयों ने जहां आक्रामक हॉकी खेली, वहीं मलेशियाई खिलाड़ियों ने रक्षात्मक और जवाबी हमला करने को तरजीह दी. मलेशिया की यह रणनीति कारगर रही और उन्होंने 48वें मिनट में दो और पेनल्टी कॉर्नर बनाये, जिसमें से दूसरे में रहीम ने दिन का अपना दूसरा गोल किया. भारतीयों ने अंतिम 10 मिनट में काफी आक्रामकता दिखायी और उन्हें गोल करने के तीन मौके भी मिले, पर वे इसमें गोल नहीं कर सके और हार को नहीं टाल सके.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) विश्व रैंकिंग में छठे स्थान पर काबिज भारतीय टीम को 14वें स्थान पर काबिज मलेशिया के खिलाफ प्रबल दावेदार माना जा रहा था लेकिन नतीजा उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और मैच के शुरुआती 23 मिनट तो काफी खराब रहे. भारतीय खिलाड़ी काफी धीमे थे और थके हुए लग रहे थे. वहीं मलेशियाई टीम का डिफेंस काफी एकजुट था और उसने भारत की बैकलाइन को परेशान भी किया. मलेशिया ने दबाव बनाकर दो पेनल्टी कॉर्नर हासिल किये लेकिन दोनों बरबाद हो गये. पहला क्वार्टर गोलरहित रहा. मलेशिया ने आक्रामक खेल जारी रखा और 17वें मिनट में नाबिल नूर अकेले भारतीय सर्कल में पहुंच गये लेकिन गोलकीपर विकास दहिया ने उन्हें रोक दिया. दो मिनट बाद उसने दूसरा पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन इस बार दहिया रहीम को नहीं रोक सके. एक मिनट बाद मलेशिया ने अपनी बढ़त दोगुनी कर दी, जिसमें ताजुद्दीन ने चौथे पेनल्टी कॉर्नर में गोल किया. दो गोल से पिछड़ने के बाद भारत ने मजबूत वापसी करते हुए दो मिनट के अंदर दो गोल दाग दिये. रमनदीप ने सुमित के क्रॉस पर शानदार गोल किया. दो मिनट बाद वह फिर से सही समय पर सही जगह पहुंच गये और उन्होंने टीम को 2-2 से बराबरी दिला दी. छोर बदलने के बाद भारतीयों ने दबदबा बनाये रखा और तेजी से दो पेनल्टी कार्नर हासिल किये लेकिन एक बार फिर हरमनप्रीत सिंह विफल रहे.टिप्पणियां भारतीयों ने जहां आक्रामक हॉकी खेली, वहीं मलेशियाई खिलाड़ियों ने रक्षात्मक और जवाबी हमला करने को तरजीह दी. मलेशिया की यह रणनीति कारगर रही और उन्होंने 48वें मिनट में दो और पेनल्टी कॉर्नर बनाये, जिसमें से दूसरे में रहीम ने दिन का अपना दूसरा गोल किया. भारतीयों ने अंतिम 10 मिनट में काफी आक्रामकता दिखायी और उन्हें गोल करने के तीन मौके भी मिले, पर वे इसमें गोल नहीं कर सके और हार को नहीं टाल सके.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दो गोल से पिछड़ने के बाद भारत ने मजबूत वापसी करते हुए दो मिनट के अंदर दो गोल दाग दिये. रमनदीप ने सुमित के क्रॉस पर शानदार गोल किया. दो मिनट बाद वह फिर से सही समय पर सही जगह पहुंच गये और उन्होंने टीम को 2-2 से बराबरी दिला दी. छोर बदलने के बाद भारतीयों ने दबदबा बनाये रखा और तेजी से दो पेनल्टी कार्नर हासिल किये लेकिन एक बार फिर हरमनप्रीत सिंह विफल रहे.टिप्पणियां भारतीयों ने जहां आक्रामक हॉकी खेली, वहीं मलेशियाई खिलाड़ियों ने रक्षात्मक और जवाबी हमला करने को तरजीह दी. मलेशिया की यह रणनीति कारगर रही और उन्होंने 48वें मिनट में दो और पेनल्टी कॉर्नर बनाये, जिसमें से दूसरे में रहीम ने दिन का अपना दूसरा गोल किया. भारतीयों ने अंतिम 10 मिनट में काफी आक्रामकता दिखायी और उन्हें गोल करने के तीन मौके भी मिले, पर वे इसमें गोल नहीं कर सके और हार को नहीं टाल सके.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भारतीयों ने जहां आक्रामक हॉकी खेली, वहीं मलेशियाई खिलाड़ियों ने रक्षात्मक और जवाबी हमला करने को तरजीह दी. मलेशिया की यह रणनीति कारगर रही और उन्होंने 48वें मिनट में दो और पेनल्टी कॉर्नर बनाये, जिसमें से दूसरे में रहीम ने दिन का अपना दूसरा गोल किया. भारतीयों ने अंतिम 10 मिनट में काफी आक्रामकता दिखायी और उन्हें गोल करने के तीन मौके भी मिले, पर वे इसमें गोल नहीं कर सके और हार को नहीं टाल सके.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: भारतीय खिलाड़ी काफी धीमे थे और थके हुए लग रहे थे दो गोल से पिछड़ने के बाद भारत ने मजबूत वापसी की भारतीय टीम को मलेशिया के खिलाफ प्रबल दावेदार माना जा रहा था
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मुजफ्फरनगर दंगों को भड़काने के आरोपी उत्तर प्रदेश के भाजपा विधायक भारतेंदु सिंह को गिरफ्तार करने आई पुलिस टीम को बैरंग लौटना पड़ा।टिप्पणियां पुलिस सूत्रों ने बताया कि उत्तर प्रदेश की एक पुलिस टीम भाजपा विधायक को गिरफ्तार करने देहरादून के मालसी पार्क स्थित एक मकान पर पहुंची जहां वह ठहरे हुए थे। जैसे ही पुलिस वहां पहुंची, सिंह ने इसकी सूचना मसूरी के भाजपा विधायक गणेश जोशी को दे दी जिसके बाद वह अपने समर्थकों सहित मौके पर पहुंच गए और पुलिस से गिरफ्तारी वारंट दिखाने को कहा। पुलिस द्वारा यह कहने पर कि सिंह के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के आधार पर वह उसे गिरफ्तार करने आई है, जोशी और उनके समर्थकों ने हंगामा मचा दिया जिसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस को वहां से बैरंग लौटने पर मजबूर होना पड़ा। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उत्तर प्रदेश की एक पुलिस टीम भाजपा विधायक को गिरफ्तार करने देहरादून के मालसी पार्क स्थित एक मकान पर पहुंची जहां वह ठहरे हुए थे। जैसे ही पुलिस वहां पहुंची, सिंह ने इसकी सूचना मसूरी के भाजपा विधायक गणेश जोशी को दे दी जिसके बाद वह अपने समर्थकों सहित मौके पर पहुंच गए और पुलिस से गिरफ्तारी वारंट दिखाने को कहा। पुलिस द्वारा यह कहने पर कि सिंह के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के आधार पर वह उसे गिरफ्तार करने आई है, जोशी और उनके समर्थकों ने हंगामा मचा दिया जिसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस को वहां से बैरंग लौटने पर मजबूर होना पड़ा। पुलिस द्वारा यह कहने पर कि सिंह के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के आधार पर वह उसे गिरफ्तार करने आई है, जोशी और उनके समर्थकों ने हंगामा मचा दिया जिसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस को वहां से बैरंग लौटने पर मजबूर होना पड़ा।
मुजफ्फरनगर दंगों को भड़काने के आरोपी उत्तर प्रदेश के भाजपा विधायक भारतेंदु सिंह को गिरफ्तार करने आई पुलिस टीम को बैरंग लौटना पड़ा।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में आए विनाशकारी भूकंप में मरनेवालों की संख्या बढ़कर आज 350 के करीब पहुंच गई। दूसरी ओर सैनिक और बचाव दल अब भी राहत अभियान में जुटे हुए हैं तथा मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है। बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 7.7 की तीव्रता के भूकंप में कम से कम 350 लोग मारे गए हैं। सबसे ज्यादा मौतें अवारान जिले में हुई हैं। प्रांतीय सरकार के प्रवक्ता जान बुलेदी ने कहा, मुझे मरने वालों की संख्या और बढ़ने का डर है। बचाव दल के लोग अब भी अरावान जिले के दूरदराज के कुछ इलाकों में नहीं पहुंच सके हैं, क्योंकि इन स्थानों पर संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। राष्ट्रीय आपदा प्राधिकरण के प्रमुख मेजर जनरल मुहम्मद सईद अलीम ने संवाददाताओं को बताया कि 271 लोगों की मौत तथा 246 लोगों के घायल होने की जानकारी मिली है। कुछ दूसरे अधिकारियों ने कहा कि 327 शव अवारान और केछ में बरामद किए गए हैं। टिप्पणियां अधिकारियों का कहना है कि मरनेवालों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि दुर्गम इलाके और सड़कों के अभाव में बचाव दल बलूचिस्तान के कई दूरदराज के इलाकों तक आज नहीं पहुंच पाए। आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, भूकंप में 300,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। बहुत सारे लोगों तक खाना, पानी तथा रहने की सुविधा नहीं पहुंचाई जा सकी है। अधिकारियों ने कहा कि गर्म मौसम के कारण स्थिति ज्यादा विकट हो गई। बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 7.7 की तीव्रता के भूकंप में कम से कम 350 लोग मारे गए हैं। सबसे ज्यादा मौतें अवारान जिले में हुई हैं। प्रांतीय सरकार के प्रवक्ता जान बुलेदी ने कहा, मुझे मरने वालों की संख्या और बढ़ने का डर है। बचाव दल के लोग अब भी अरावान जिले के दूरदराज के कुछ इलाकों में नहीं पहुंच सके हैं, क्योंकि इन स्थानों पर संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। राष्ट्रीय आपदा प्राधिकरण के प्रमुख मेजर जनरल मुहम्मद सईद अलीम ने संवाददाताओं को बताया कि 271 लोगों की मौत तथा 246 लोगों के घायल होने की जानकारी मिली है। कुछ दूसरे अधिकारियों ने कहा कि 327 शव अवारान और केछ में बरामद किए गए हैं। टिप्पणियां अधिकारियों का कहना है कि मरनेवालों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि दुर्गम इलाके और सड़कों के अभाव में बचाव दल बलूचिस्तान के कई दूरदराज के इलाकों तक आज नहीं पहुंच पाए। आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, भूकंप में 300,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। बहुत सारे लोगों तक खाना, पानी तथा रहने की सुविधा नहीं पहुंचाई जा सकी है। अधिकारियों ने कहा कि गर्म मौसम के कारण स्थिति ज्यादा विकट हो गई। प्रांतीय सरकार के प्रवक्ता जान बुलेदी ने कहा, मुझे मरने वालों की संख्या और बढ़ने का डर है। बचाव दल के लोग अब भी अरावान जिले के दूरदराज के कुछ इलाकों में नहीं पहुंच सके हैं, क्योंकि इन स्थानों पर संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। राष्ट्रीय आपदा प्राधिकरण के प्रमुख मेजर जनरल मुहम्मद सईद अलीम ने संवाददाताओं को बताया कि 271 लोगों की मौत तथा 246 लोगों के घायल होने की जानकारी मिली है। कुछ दूसरे अधिकारियों ने कहा कि 327 शव अवारान और केछ में बरामद किए गए हैं। टिप्पणियां अधिकारियों का कहना है कि मरनेवालों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि दुर्गम इलाके और सड़कों के अभाव में बचाव दल बलूचिस्तान के कई दूरदराज के इलाकों तक आज नहीं पहुंच पाए। आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, भूकंप में 300,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। बहुत सारे लोगों तक खाना, पानी तथा रहने की सुविधा नहीं पहुंचाई जा सकी है। अधिकारियों ने कहा कि गर्म मौसम के कारण स्थिति ज्यादा विकट हो गई। राष्ट्रीय आपदा प्राधिकरण के प्रमुख मेजर जनरल मुहम्मद सईद अलीम ने संवाददाताओं को बताया कि 271 लोगों की मौत तथा 246 लोगों के घायल होने की जानकारी मिली है। कुछ दूसरे अधिकारियों ने कहा कि 327 शव अवारान और केछ में बरामद किए गए हैं। टिप्पणियां अधिकारियों का कहना है कि मरनेवालों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि दुर्गम इलाके और सड़कों के अभाव में बचाव दल बलूचिस्तान के कई दूरदराज के इलाकों तक आज नहीं पहुंच पाए। आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, भूकंप में 300,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। बहुत सारे लोगों तक खाना, पानी तथा रहने की सुविधा नहीं पहुंचाई जा सकी है। अधिकारियों ने कहा कि गर्म मौसम के कारण स्थिति ज्यादा विकट हो गई। अधिकारियों का कहना है कि मरनेवालों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि दुर्गम इलाके और सड़कों के अभाव में बचाव दल बलूचिस्तान के कई दूरदराज के इलाकों तक आज नहीं पहुंच पाए। आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, भूकंप में 300,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। बहुत सारे लोगों तक खाना, पानी तथा रहने की सुविधा नहीं पहुंचाई जा सकी है। अधिकारियों ने कहा कि गर्म मौसम के कारण स्थिति ज्यादा विकट हो गई। आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, भूकंप में 300,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। बहुत सारे लोगों तक खाना, पानी तथा रहने की सुविधा नहीं पहुंचाई जा सकी है। अधिकारियों ने कहा कि गर्म मौसम के कारण स्थिति ज्यादा विकट हो गई।
यहाँ एक सारांश है:बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 7.7 की तीव्रता के भूकंप में कम से कम 350 लोग मारे गए हैं। सबसे ज्यादा मौतें अवारान जिले में हुई हैं।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: गुजरात के गिर से 80 फुट गहरे कुएं में गिरे शेर के बच्चे को काफी मशक्कत के बाद निकाला गया. दो साल के शेर के इस बच्चे को निकालने में वन विभाग के अधिकारियों को लगभग 6 घंटे मशक्कत करनी पड़ी. यह हादसा शुक्रवार की रात उस समय हुआ जब सोमनाथ जिले के गिर स्थित अमरपुर गांव में दो साल की शेरनी कुएं में गिर गई.  गांव वालों ने शनिवार की सुबह कुछ आवाजें सुनीं, जब वे कुएं के करीब पहुंचे तो उसमें उन्हें शेर का बच्चा दिखा. गांव वालों ने वन अधिकारियों को तुरंत इसकी सूचना दी. इसके बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने शेरनी के बच्चे को बिना किसी नुकसान के सफलतापूर्वक निकाल लिया.टिप्पणियां समाचार एजेंसी ANI द्वारा टि्वटर पर शेयर किए गए एक वीडियो में आप देख सकेंगे कि कैसे वन विभाग के अधिकारियों ने दो साल की शेरनी को बिना किसी नुकसान पहुंचे निकाला. इसके बाद उसे वन विभाग केंद्र ले जाया गया. जहां से उसे प्राथमिक उपचार के बाद उसे दोबारा जंगल में छोड़ दिया जाएगा.    गांव वालों ने शनिवार की सुबह कुछ आवाजें सुनीं, जब वे कुएं के करीब पहुंचे तो उसमें उन्हें शेर का बच्चा दिखा. गांव वालों ने वन अधिकारियों को तुरंत इसकी सूचना दी. इसके बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने शेरनी के बच्चे को बिना किसी नुकसान के सफलतापूर्वक निकाल लिया.टिप्पणियां समाचार एजेंसी ANI द्वारा टि्वटर पर शेयर किए गए एक वीडियो में आप देख सकेंगे कि कैसे वन विभाग के अधिकारियों ने दो साल की शेरनी को बिना किसी नुकसान पहुंचे निकाला. इसके बाद उसे वन विभाग केंद्र ले जाया गया. जहां से उसे प्राथमिक उपचार के बाद उसे दोबारा जंगल में छोड़ दिया जाएगा.    समाचार एजेंसी ANI द्वारा टि्वटर पर शेयर किए गए एक वीडियो में आप देख सकेंगे कि कैसे वन विभाग के अधिकारियों ने दो साल की शेरनी को बिना किसी नुकसान पहुंचे निकाला. इसके बाद उसे वन विभाग केंद्र ले जाया गया. जहां से उसे प्राथमिक उपचार के बाद उसे दोबारा जंगल में छोड़ दिया जाएगा.    समाचार एजेंसी ANI द्वारा टि्वटर पर शेयर किए गए एक वीडियो में आप देख सकेंगे कि कैसे वन विभाग के अधिकारियों ने दो साल की शेरनी को बिना किसी नुकसान पहुंचे निकाला. इसके बाद उसे वन विभाग केंद्र ले जाया गया. जहां से उसे प्राथमिक उपचार के बाद उसे दोबारा जंगल में छोड़ दिया जाएगा.
यह एक सारांश है: गुजरात के गिर में शुक्रवार रात कुएं में गिरी थी 2 साल की शेरनी वन विभाग की टीम ने बिना नुकसान पहुंचे शेर के बच्चे को निकाला प्राथमिक उपचार के बाद उसे दोबारा जंगल में छोड़ दिया जाएगा
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: डीएमके मंत्रियों एमके अलागिरि और दयानिधि मारन ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की और समझा जाता है कि उनसे तमिलनाडु में सीटों के तालमेल के मुद्दे पर दोनों दलों के बीच उत्पन्न गतिरोध पर बातचीत की। बैठक डीएमके के उस फैसले के कुछ घंटों बाद हुई जिसमें उसने अपने छह मंत्रियों को सरकार से वापस बुलाने के कदम को मंगलवार तक के लिए टाल दिया था।इससे पहले, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की मंत्रिपरिषद में शामिल डीएमके के सदस्यों का अपने पदों से इस्तीफा देने का फैसला अगले 24 घंटों के लिए टाल दिया गया। केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत के बाद डीएमके की ओर से यह फैसला किया गया। उपमुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने चेन्नई में पत्रकारों से चर्चा में कहा, "केंद्रीय मंत्रियों के इस्तीफे का फैसला मंगलवार को लिया जाएगा।" डीएमके के मंत्रियों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से शाम छह बजे मिलने का समय लिया था। इस दौरान वे प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंपने वाले थे। डीएमके ने कांग्रेस से सात वर्ष पुराना नाता तोड़ते हुए सरकार को केवल 'मुद्दों पर आधारित समर्थन देने' की रविवार को घोषणा की थी। डीएमके कोटे से केंद्र सरकार में दो कैबिनेट मंत्री रसायन व ऊर्वरक मंत्री एम. के अलागिरी और कपड़ा मंत्री दयानिधि मारन हैं जबकि चार राज्य मंत्री एसएस पलानीमणिक्कम (वित्त), एस. जगतरक्षकन (सूचना व प्रसारण), डी. नेपोलियन (सामाजिक न्याय व अधिकारिता) तथा एस. गांधीसेल्वन (स्वास्थ्य व परिवार कल्याण) हैं। पूर्व में कांग्रेस और डीएमके नेताओं के बीच कई दौर की बातचीत हुई। इन बैठकों का ही फलसफा था कि डीएमके ने मंत्रियों के इस्तीफे का फैसला टाल दिया। संप्रग सरकार में शामिल डीएमके के मंत्री प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंपने के लिए सोमवार सुबह दिल्ली पहुंच गए थे। गतिरोध को दूर करने के प्रयासों के तहत संसद भवन में केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल, आजाद और केंद्रीय कपड़ा मंत्री व डीएमके के वरिष्ठ नेता दयानिधि मारन के बीच बैठक हुई। बैठक के बाद संवाददाताओं को सम्बोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा, "कोई समाधान नहीं निकला है और गतिरोध जारी है।" आजाद तमिलनाडु के प्रभारी भी हैं। बहरहाल, कांग्रेस नेताओं का कहना है कि डीएमके के इस रुख से सरकार की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने आईएएनएस को बताया, "संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार को कोई खतरा नहीं है।" इस बीच, वाम दलों ने तमिलनाडु में सत्ताधारी डीएमके के साथ दोबारा गठबंधन की सम्भावना से साफ इनकार किया है। वाम दल 2009 में डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन से अलग हो गए थे। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेताओं ने कहा है कि वे 13 अप्रैल के विधानसभा चुनाव के लिए आल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के साथ सीटों का तालमेल करने के लिए वचनबद्ध हैं। माकपा के एक नेता ने कहा, "डीएमके नेतृत्व वाले मोर्चे से हाथ मिलाने से स्पष्ट इनकार है। इस तरह की कोई सम्भावना नहीं है।" भाकपा के एक नेता ने कहा, "इस तरह की कोई सम्भावना नहीं बनती। डीएमके केंद्र सरकार के जनविरोधी निर्णयों में भागीदार है।" डीएमके के साथ वामदलों के सम्भावित गठबंधन के बारे में तब कयास लगाया जाने लगा, जब डीएमके ने मनमोहन सिंह सरकार से अलग होने का शनिवार को अचानक निर्णय लिया। लोकसभा में डीएमके के 18 सांसद हैं और उनमें से छह केंद्र सरकार में मंत्री हैं। वर्ष 2006 में भाकपा और माकपा ने डीएमके के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था और दोनों दलों ने क्रमश: छह और नौ सीटें जीती थीं। लेकिन 2009 में मनमोहन सिंह सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद वामदल डीएमके से अलग हो गए थे।
सारांश: समझा जाता है कि उन्होंने तमिलनाडु में सीटों के तालमेल के मुद्दे पर दोनों दलों के बीच उत्पन्न गतिरोध पर बातचीत की।
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['hin']