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जय-जय शीतला माई की जय-जय बोलो
जयजय शीतला माई की जयजय बोलो
गंगा के नीर मैया कैसे चढ़ाय दूं
मछली ने लियो है जुठार , की जयजय बोलो
मिठया के पेड़ा मैया कैसे चढ़ाय दूं ।
चींटी ने लिये हैं जुठार की जयजय बोलो
बगिया के फूल मैया कैसे चढ़ाय दूं
भौंरे ने लिये हैं जुठार , की जयजय बोलो
घर की रसोई मैया कैसे चढ़ाय दूं
बालक ने लिये हैं... | bundeli-bns |
लहँगा बेसाहन चललन कवन दुलहा
लहँगा बेसाहन1 चललन कवन दुलहा , पएँतर2 भेल3 भिनसार हे ।
हँसि पूछे बिहँसि पूछे , सुगइ , कवन सुगइ , कहाँ परभु खेपिल4 रात हे ॥ 1 ॥
आम तर5 रसलों6 महुइआ7 तर बसलों , चंपा तर खेपली रात हे ।
काली कोइल कोरा8 पइसि सुतलों , बड़ा सुखे खेपली रात ॥ 2 ॥
डाँढ़े डाँढ़े9 पसिया10 कोइल बझवले11 पाते पाते12 कोइल छ... | magahi-mag |
दिया-बत्ती हुओ रे मिलाप बय लड़ी सांजुली
दियाबत्ती हुओ रे मिलाप , बय लड़ी सांजुली । ।
गौआबछुआ हुओ रे मिलाप , बय लड़ी सांजुली । ।
पंछीबच्चा हुओ रे मिलाप , बय लड़ी सांजुली । ।
रातदिन हुओ रे मिलाप , बय लड़ी सांजुली । ।
राजारानी हुओ रे मिलाप , बय लड़ी सांजुली । । | nimadi-noe |
इनी आम्बे जेमानी बिड़े वाजा राजा
इनी आम्बे जेमानी बिड़े वाजा राजा
इनी आम्बे जेमानी बिड़े वाजा राजा
बंझोटी या इनी आम्बे जेमानी बिडे बोले
बंझोटी या इनी आम्बे जेमानी बिडे बोले
इनी आम्बे जेमानी जोमे वाजा राजा
इनी आम्बे जेमानी जोमे वाजा राजा
बंझोटिया इनी आम्बे जेमानी जोमे बोले
बंझोटिया इनी आम्बे जेमानी जोमे बोले
इनी आम्बे च... | korku-kfq |
आल्हा ऊदल
पलटन चल गैल रुदल के मँडवा में गैल समाय
बैठल दादा है सोनवा के मँड़वा में बैठल बाय
बूढ़ा मदन सिंह नाम धराय
प्रक बेर गरजे मँडवा में जिन्ह के दलके दसो दुआर
बोलल राजा बूढ़ा मदन सिंह सारे रुदल सुनव बात हमार
कत बड़ सेखी है बघ रुदल के मोर नतनी से करै बियाह
पड़ल लड़ाइ है मँड़वा में जहवाँ पड़ल कचौंधी मार
नौ मन बुकवा उड... | bhojpuri-bho |
33
मसजद बैबुलअतीक1 मिसाल आहीखाने काबिउं डोल उतारीया ने
गोया अकसा दे नाल दी भैण दुई शायद संदली नूर उसारीया ने
पढ़न फाजल ते दरस दरवेश मुफती खूब कढ हलहोन प्रकारीया ने
तालीम मीजान2 ते सरफ बिहाई सरफ मीर भी याद पुकारीया ने
काज़ी कुतब ते कनज अनवा बारां मसऊद दीयां जिलद सवारीया ने
खानी नाल मजमूआ सुलतानियां दे अते हैरतुल फिका नव... | panjabi-pan |
नया घघरु डो माय नाया सुमारी
नया घघरु डो माय नाया सुमारी
नया घघरु डो माय नाया सुमारी
कौना जा खाधा लिजेटेन जूली डोने
कौना जा खाधा लिजेटेन जूली डोने
आफूज डोने आम सेनेवा
आफूज डोने आम सेनेवा
किमीन जा खाधा लिजेटेन जूली डोने
किमीन जा खाधा लिजेटेन जूली डोने
आफूज डोने आम सेनेवा
आफूज डोने आम सेनेवा
कुलारा जा खाधा लिजेटेन जूली डो... | korku-kfq |
हो गई स्याम बिछुरतन जीरन
हो गई स्याम बिछुरतन जीरन ,
बृज में एक अहीरन ।
कल नई परत काल की ढूँड़त ,
कालिन्दी कै तीरन ।
भरमत फिरत चित्त नई ठौरें ,
उठत करेजें पीरन ।
हमरौ जनम बिगार चले गये
डारकें मोहजँजीरन ।
वन वन व्याकुल फिरत ईसुरी
राधा भई फकीरन । | bundeli-bns |
मीठी लागै बाजरे की राबड़ी रै
मीठी लागै बाजरे की राबड़ी रै
दल चक्की से हांडी पे गेरी
नीचे लगा दी लाकड़ी रे
मीठी लागै . . .
रांध रूंध थाली में घाली
ऊपर आ गई पापड़ी रै
मीठी लागै . . . .
खाय खूय खटिया पर सूती
नींद सतावै बाखड़ी रै
मीठी लागै . . . | haryanvi-bgc |
भरथरी लोकगाथा का प्रसंग “शंकर पूजा, चम्पा को शंकर दर्शन”
हाथ म फुल धरके चढ़ावंव दीदी वो
हाथ म फुल धरके चढ़ावंव दीदी य
भोलेबाबा ल वो , शंकरजी ल ना
भोलेबाबा ल वो , दीदी शंकरजी ल वो
हाथ म फुल धरके चढ़ावंव दीदी य
भोलेबाबा ल वो , शंकरजी ल ना
भोलेबाबा ल वो , दीदी शंकरजी ल वो
बेल पान दुबी , दुधी रखेंव पूजा के थारी म
बेल पान न... | chhattisgarhi-hne |
नागरजा
सारा गोकुल वासी करद छया
तै इन्द्र की पूजा ।
कठा होई गैन तब सब स्ये
कनो बोद तब इन्द्र को बालक
केकूँ होलू जाज यो हल्ला ?
आज गोकुल का लोक ,
सुण मेरा बाला करदा इन्द्र की पूजा ।
तब बोलदू कृष्ण भगवानछोड़ा इन्द्र कीपूजा ।
आज से करला गोवर्धन पूजा ।
लाया गएपूजा को समान ,
थालू परात मा मेवा मिष्टान ,
षट् रस मीठ रस भोजन ,
ब... | garhwali-gbm |
हौनी कवउँ न जात अनूठी
हौनी कवउँ न जात अनूठी ,
जिदना जी पै रूठी ।
इक दिन रूठी राजा नल पै ,
हार लील गइ खूँटी ।
इक दिन रूठी कंसासुर पै ,
मूड़ खपरिया फूटी ।
इक दिन रूठी तो अर्जुन पै ,
भील गोपका लूटी ,
सोने की गढ़ लंक ईसुरी ,
घरी भरे में टूटी । | bundeli-bns |
आओ सइओ रल देओ नी वधाई
आओ सइओ रल देओ नी वधाई ।
मैं बर पाया राँझा माही ।
अज्ज ताँ रोज़ मुबारक चढ़िआ ,
राँझा साडे वेहड़े वड़ेआ ,
हत्थ खूण्डी मोढे कंबल धरिआ ,
चाकाँ1 शकल बणाई ।
आओ सइओ रल देओ नी वधाई ।
बुल्ले शाह इक सौदा कीता ,
पीता ज़हर प्याला पीता
ना कुझ लाहा टोटा लीता ,
दरद दुखाँ दी गठड़ी चाही ,
आओ सइओ रल देओ नी वधाई ।
म... | panjabi-pan |
मोरे मन बसे राम और सीता मोरे...
मोरे मन बसे राम और सीता । मोरे . . .
मोर मुकुट मोरे ठाकुर जी खों सोहे ,
सो कलगिन बीच राम और सीता । मोरे . . .
चंदन खोरे मोरे ठाकुर जी खों सोहे ,
सो टिपकिन बीच राम और सीता । मोरे . . .
नैनन सुरमा मोरे ठाकुर जी खों ‘सोहे’ ,
सो माला बीच
राम और सीता । मोरे . . .
पानन बिरियां मोरे ठाकुर जी खो... | bundeli-bns |
दादा हमारे नयना जोगी हैं री मइया
दादा हमारे नयना जोगी1 हैं री मइया ।
दादी हमारी मनमोहिनी री मइया ।
बलदी2 लदाये3 जोग लाद लायें जी ॥ 1 ॥
नाना हमारे नयना जोगी हैं री मइया ।
नानी हमारी मन मोहिनी री मइया ।
छकड़े4 लदाये जोग लाईं री मइया ॥ 2 ॥
अब्बा हमारे नयना जोगी हैं री मइया ।
अम्माँ हमारी मन मोहिनी री मइया ।
छकड़े लदाये जो... | magahi-mag |
361
होली सहज सुभा दी गल कीजे नाही कड़किये बोलिये गजिये नी
लख झट तरले फिरे कोई करदा दिते रब्ब दे बाझ ना रजिए नी
धयान रब्ब ते रख ना हो तती दुख औगुनां होन तां कजिए नी
असीं नजर करीए तुरत होन राजी जिन्हां रोगियां ते जा वजिए नी
चैदां तबका1 दी खबर फकीर रखन मुंह तिन्हां तों कासनूं कजिए नी
जदों हुकम विच माल ते जान होवे उस रब्ब ... | panjabi-pan |
जलमी इले आवा जा डूड प्याला माय मारे
जलमी इले आवा जा डूड प्याला माय मारे
मायडो नव लाको जरी टालान ईनी जाजोम जे मांडो बीले
मायडो नव लाको जरी टालान ईनी जाजोम जे मांडो बीले
मायडो नव लाको जरी टालान ईनी जाजोम जे मांडो बीले
रावेन बेटा जा रावेन बेटा मारे
बेटा नव लाको जरी टा लान ईनी जाजोम जे कुँवार रानी का बीले
बेटा नव लाको जरी ... | korku-kfq |
रेमेली रेमेली रेमेला आटा डो हिड़िये
रेमेली रेमेली रेमेला आटा डो हिड़िये
रेमेली रेमेली रेमेला आटा डो हिड़िये
टाराटेन जोमेडो चूरूटेन डा डो
टाराटेन जोमेडो चूरूटेन डा डो
रेमेली रेमेला आटा डो हिड़िये
रेमेली रेमेला आटा डो हिड़िये
स्रोत व्यक्ति शांतिलाल कासडे , ग्राम छुरीखाल | korku-kfq |
18
भाबी आखदी गुंडया मुंडया वे साडे नाल की रिक्तां चाइयां नी
वली जेठ ने जिहना दे फतू देवर डुब मोइयां ओह भरजाइयां नी
घरो घरी विचारदे लोक सारे सानूं केहियां फाहिआं पाइयां नी
वारस गल न बनेगी नाल साडे परना लया स्यालां दीयां जाइयां नी | panjabi-pan |
448
जदों खलक पैदा कीती रब्ब सचे बंदयां वासते कीते नी सभ पसारे
रन्नां छोकरे जिन्न शैतान रावल1 कुता कुतड़ी बकरी ऊठ सारे
टोहां मूल फसाद दा होइयां पैंदा जिन्हां सभ जगत ते मूल धारे
आदम कढ बहिश्त थी खुआर कीता ए तां डायनां धुरों ही करन कारे
एह करन फकीर चा रांझयां नूं इन्हां राजे ते राने ने सभ मारे
वारस शाह हैन हुनर विच मरदां ... | panjabi-pan |
कहाँ से जोग आयल, कहाँ जोग घुरमई गे माई
कहाँ से जोग आयल , कहाँ जोग घुरमई1 गे माई ॥ 1 ॥
दुलरइता दुलहा ही2 से जोग आयल ।
तेलिया दुहरिया3 जोग घुरमइ गे माई ।
दुलरइता देइ4 के जाके जोग लग गे माई ॥ 2 ॥ | magahi-mag |
एके तेल चढ़ेंगे-2
एक तेल चढ़गे
एक तेल चढ़गे , हो हरियर हरियर
हो हरियर हरियर
मंड़वा मे दुलरू तोर बदन कुम्हलाय
रामेवोलखन के
रामेवोलखन के दाई तेल वो चढ़त हे
दाई तेल वो चढ़त हे
कहवा के दियना दीदी करथे अंजोर
आमा अमली के
आमा अमली के दाई सीतल छईहां
दाई सीतल छईहाँ
कर देबे फूफू तोर अँचरा के छाँव
दाई के अँचरा
दाई के अँचरा वो अगि... | chhattisgarhi-hne |
जन्म गीत
एक पतासा का नव सौ टुकड़ा ।
एक टुकड़ो मने चूल्हा जगह मेकियो ।
बाळ की ममई बठीबठी चाख ,
आवते चाट न जाते की चाट ।
एक पतासा का नव सौ टुकड़ा ।
एक टुकड़ो मन झोळी जगह मेक्यो ।
बाळ की जी माय हिचकाड़ती चाट ।
एक पतासा का नव सौ टुकड़ा ।
एक टुकड़ो मन मोरी जगह मेक्यो ।
बाळा की मामी जात की चाट , आवते की चाट ।
एक पतासा का नव ... | bhili-bhb |
हम पहिरे मूगन की माला
हम पहिरे मूंगन की माला ,
हमारी कोऊ गगरी उतारो
कहां गये मोरे सैंया गोसंइयां ,
कहां गये वा रे लाला ,
हमारी कोऊ गगरी उतारो । हम पहिरे . . .
एक हाथ मोरी गगरी उतारो ,
दूजे घूंघट संभालो ,
हमारी कोऊ गगरी उतारो । हम पहिरे . . .
एक हाथ मोरी गगरी उतारो ,
दूजे से चूनर संभालो ,
हमारी कोऊ गगरी उतारो । हम पहिरे... | bundeli-bns |
मृत्यु गीत
पवाँ फाटियो ने सुरिमल उगिया राम ।
पवाँ फाटियो ने सुरिमल उगिया राम ॥
सास नणद क कइ क मीराबाई लात नहिं मारना राम ।
सास नणद क कइ क मीराबाई लात नहिं मारना राम ॥
उनको नाके गदड़ी को अवतार व , मीरा बाई राम ।
उनको नाके गदड़ी को अवतार व , मीरा बाई राम ॥
गदड़ी तो रूखड़े लुलाइ रा , मीराबाई राम ।
गदड़ी तो रूखड़े लुलाइ रा... | bhili-bhb |
एक दिन ले दुय दिन, दुय दिन ले आँट दिन
एक दिन ले दुय दिन
दुय दिन ले आँट दिन
धनकुल मँडालो होय रानी चो
धनकुल मँडालो होय
धनकुलसेवा करे रानी
धनकुलपुजा करे
आँट दिन ले पँदरा दिन
पँदरा दिन ले मयना दिन
धनकुल मँडालो होय रानी चो
धनकुल मँडालो होय
धनकुलसेवा करे रानी
धनकुलसेवा करे
छय मइना होए रे भगवान
सालडेड़ साल होये परभू
धनकुल मँड... | chhattisgarhi-hne |
गंगा जी को औत (बाजूबन्द गीत)
गंगा जी की औत
तराजू मां तोली लेणा , कैकी माया भौत
तराजू मां तोली लेणा , कैकी माया भौत
झंगोरा की घांण , झंगोरा की घांण
जैकी माया घनाघोरा , आंख्यूं मा पछ्याण
जैकी माया घनाघोरा , आंख्यूं मा पछ्याण
जैकी माया घनाघोरा हो . . . . .
सड़का की घूमा , सड़का की घूमा
सड़का की घूमा , सड़का की घूमा
सदानि ... | garhwali-gbm |
मेरे माही क्यों चिर लाया ए
मेरे माही क्यों चिर लाया ए ?
कह बुल्ला हुण प्रेम कहाणी ,
जिस तन लागे सो तन जाणे ,
अन्दर झिड़काँ बाहर ताने ,
नंहु ला एह सुख पाया ए ।
मेरे माही क्यों चिर लाया ए ?
नैणाँ कार रोवण दी पकड़ी ,
इक्क मरनाँ दो जग्ग दी फकड़ी1 ,
बिरहों जिन्द अवल्ली जकड़ी ,
मैं रो रो हाल वन्जाया ए ।
मेरे माही क्यों चिर ल... | panjabi-pan |
271
नाथ मीट अखीं दरगाह अंदर नाले अरज करदा नाले संगदा ए
दरगाह लोबाली1 है हक वाली ओथे आदमी बोल ना हगदा ए
आसमान जमीन दा वामसी तूं तेरा वडा पसारड़ा रग दा ए
रांझा जट फकीर हो आन बैठा रख तकवा नाम ते लंग दा ए
सभ छड बुरयाइयां बन्न तकवा लाह आसरा साक ते अंग दा ए
ऐसा इशक ने मार हैरान कीता सड़ गया सू अंग पतंग दा ए | panjabi-pan |
मन डटदा कोन्या डाटूं सूं रोज भतेरा
मन डटदा कोन्या डाटूं सूं रोज भतेरा
एक मन कहै मैं साइकल तो घुमाया करूं
एक मन कहै मोटर कार मैं चलाया करूं
रै मन डटदा कोन्यां डाटूं सूं रोज भतेरा
एक मन कहै मेरे पांच सात तो छोहरे हों
एक मन कहै सोना चांदी भी भतेरे हों
मन डटदा कोन्यां डाटूं सूं रोज भतेरा | haryanvi-bgc |
226
इक वहुटड़ी साहुरे चली सयालीं आई हीर तों लैन सुनेहयां नूं
तेरे पेकड़े चली हां एह गलों खोलह किसयां जेहयां केहयां नूं
तेरा सहुरयां तुघ प्यार केहा ताजे करे सुनहेड़ा बेहयां नूं
तेरा गभरू नाल प्यार केहा बहुछियां दसदियां ने असां जेहयां नूं
हीर आखदी ओस दे गल एवें वैर रेशमां नाल ज्यों लेहयां नूं
वारस गाफ1 ते अलफ ते लाम बोले... | panjabi-pan |
बना-बननी
मीना जडी बिंदी लेता आवजो जी , बना पैली पेसेंजर सी आवजो जी ।
आवजो आवजो आवजो जी बना पैली पेसेंजर सी आवजो जी ।
माथ सारु बीदी लाव्जो माथ सारु टीको ,
माथ सारु झूमर लेता आवजो जी बना पैली पेसेंजर सी आवजो जी ।
गल सारु हार लाव्जो गल सारु नेकलेस ,
गल सारु पेंडिल लेता आवजो जी , बना पैली पेसेंजेर सी आवजो जी ।
हाथ सारु चूड... | nimadi-noe |
मेरा भंवर ने भेजी निसानी एक ताला एक छुरी।
मेरा भंवर ने भेजी निसानी एक ताला एक छुरी ।
मेरा दिल मांगे हरी हरी फली
सास , दिल मांगे हरी हरी फली
ताला तो मेरा घर रखवाला छुरी बनारै फली ।
मेरा दिल मांगे हरी हरी फली
सास , दिल मांगे हरी हरी फली
सास दिल मांगे ताजा फली ।
जब उन फलियां नै चीरण बैठी सास नगोड़ी जली ।
जब उन फलियां ने ज... | haryanvi-bgc |
राम अर लछमण दशरथ के बेटे
राम अर लछमण दशरथ के बेटे
दोनों बणखंड जाएँ . . . हे जी कोई राम मिले भगवान
एक बण चाल्ये , दो बण चाल्ये
तीजे में लग आई प्यास . . . हे जी कोई राम मिले भगवान
ना अड़े कूआँ , ना अड़े जोहड़
ना अड़े सरवर ताल . . . हे जी कोई राम मिले भगवान
हर के घर तै उठी बदलिया
बरस रही झड़ लाए . . . हे जी कोई राम मिले भ... | haryanvi-bgc |
बबुआ बइठले नहाए त सासु निरेखेली ए
बबुआ बइठले नहाए त सासु निरेखेली ए ,
ललना कवना चेली के लोभवलु त ,
गरभ रहि जाले नू ए ।
पुत मोरे बसेले अयोध्या , पतोहिया गजओबर ए ,
ए सासु भंवरा सरीखे प्रभु अइले ,
गरभ रहि जाले नू ए ।
मोरे पिछुअरवा पटेहरवा भइया , तूहू मोरे हितवा नू ए ,
बिनी द ना रेशमऽ के जलिया त ,
छैला के भोराइवि हे ।
बिनि... | bhojpuri-bho |
374
हीर उठ बैठी पते ठीक लगे अते ठीक नशानियां सारियां ने
एह तां जोतशी पंडत आन मिलया बातां आखदा खूब करारियां ने
पते वंझली दे एस ठीक दिते ओस मझी भी साडियां चारियां ने
वारस शाह एह इलम दा धनी डाढा खोल कहे निशानियां सारियां ने | panjabi-pan |
कृष्ण ने कैसौ जुलम गुजारौ
कृष्ण ने कैसौ जुलम गुजारौ , मेरी चूँदर पे रंग डारौ ॥ टेक
रस्ता लई रोक हमारी , मारी भरभरकै पिचकारी ,
उत्पात करौ है भारी , कीनी कैसी हुशियारी । लई अकेली
घेर , न कीनी देर , श्याम गयौ आई , मो भोरी सखी की एक
पेश नहीं खाई । गयौ पिछारी ते ऊधम करके मोते
बजमारौ । मेरी . ॥ अब मोकूँ घर जानों , वहाँ लड़े ... | braj-bra |
42
चिड़ी चूकदी नाल जां टुरे पांधी पइयां चाटियां विच मधानियां नी
उठ गुसल दे वासते जा पुजे सेजां जिनां ने रात नूं मानियां नी
रांझे कूच कीता आया नदी उते साथ लदया पार मुहानियां नी
वारस शाह मियां लुडन बड़ा लोभी कुपा शहद दा लदया बानियां नी | panjabi-pan |
बुन्देलखण्ड के किसान
हम किसान बुन्देलखण्ड के हमें भूम या प्यारी है ,
ई धरती पै जलमजुगन सें हमनें काया गारी है ।
जब औरन नें गंगाजल सें अपनी बगियाँ सींचीं जू ,
तब पाठिन की जर सें हमनें स्रम की झिरें उलीचीं , जू ;
निज की बिपदा तनक न सेंटी , हमें पिरानी परपीरा ,
अपने दौरें मुरम बिछाई , बाँट दए बाहर हीरा ;
मुरकाडुभरी भोग लग... | bundeli-bns |
आई है फूलों की बहार
आई है फूलों की बहार , बधाई होवै ।
पहली बधाई याके , बाबा कू होवै ।
दादी न गाए मंगला चार , बधाई होवै । आई है फूलों . . .
दुजी बधाई याके , ताऊ कू होवै ।
ताई ने गाए मंगलाचार , बधाई होवै आई है फूलों . . .
तीजी बधाई याके , चाचा कू होवै ।
चाची ने गाए मंगलाचार , बधाई होवै । आई है फूलों . . .
चैथी बधाई याके ... | braj-bra |
गाँव का पंचून सोचे बात, श्रमदान मा देणहात
गाँव का पंचून सोचे बात , श्रमदान मा देणहात ।
हात की साबली हात रैन , परवाणा देखी छक्का छुटी गैन ।
पाड़ से जुइयां एक छंदा जवान , साबली चलौंदा जना काबुली खान
जनतान इनु करे यो सांसो , ये पाड़ तोड़ला हम जनु काँसो ।
ये काम से न हम मुख मोड़ला , पड़ तैं हम हातून फोड़ला ।
घणु की चोटुन प... | garhwali-gbm |
पड़तालीओ हुण आशक केहड़े?
पड़तालीओ हुण आशक केहड़े ?
नेंहु लग्गा मत्त गई गवाती ।
‘नहन1 अकबर’ ज़ात पछाती ।
साई शाह रग तों भी नेड़े ।
पड़तालीओ हुण आशक केहड़े ?
हीरे तूँ मुड़ राँझा होई ।
एह गल्ल विरला जाणे कोई ।
साईं चुक्क पवण सभ झेड़े ।
पड़तालीओ हुण आशक केहड़े ?
लै बराताँ रातीं जागे ।
नूर नबी दा बरसन लागे ।
ओह वेख असाडे वे... | panjabi-pan |
पिया मेरी किलफां ले जा
पिया मेरी किलफां ले जा , भर्या बाहण के भात
मैं कैसे जाऊं नौतन ना आई मेरे भात
हो उसनै कोई न जाणै हम ने तकेगा संसार
है तनक सी ने भैया लिया रे समझाए
पिया मेरा झूमर ले जा , भर्या बाहन के भात
मैं कैसे जाऊं नौतन ना आई मेरे भात
हो उसने कोई न जाणै हम ने तकेगा संसार
है तनक सी नै भैया लिया रे समझाए
पिया मे... | haryanvi-bgc |
हरे रामा लागे सावन के महीना
हरे रामा लागे सावन के महीना
के झूला डारो रे हारी ।
रिमझिम रिमझिम बरसत मेघा रामा ,
भीज गई सब देह कि
भीजी मोरी साड़ी रे हारी । हरे . . .
रेशम डोर चन्दन के पलना रामा ,
झूलें राधा कृष्ण कदम की डारी रे हारी । हरे . . .
दादुर मोर पपीहा बोले रामा ,
घाटघाट मोहन की मुरलिया बाजे , प्यारी रे हारी । हरे... | bundeli-bns |
झूला पड़ गयो रे आगन मे
झूला पड़ गयो रे आंगन में
बन में नाचे लागी मोर ।
को जो झूलें को जो झुलावें
को जो खींचे डोर ।
गणपति झूलें शंभु झुलावें
गौरा खींचे डोर । झूला . . .
कौना महिना जन्म भयो है
कौने नाम धरायो । झूला . . .
भर भादों में जनम भयो है
गणपति नाम धराये । झूला . . .
काहे को इन्हें भोग लगत है
काहे पे होत सवार । झूल... | bundeli-bns |
राजा के अगनवा चन्दन का विरवा
राजा के अँगनवा चन्दन का बिरवा
अछर बिछर ओखी डार हो
वो ही तरे पूरे बबुआ सोना संकल्पै
डारे लागे सुधर सुनार हो
गढ़ सोनरा तुम आंगन कंगन
गढ़ सुनरा सोलह सिंगार हो
इतना पहिन बेटी चौक में बैठी
भरहि मोतियन मांग हो
सोनवा पहिन बेटी मण्डप में आई
आवे लागे मोतियन आंसू हो
कि मोरी बेटी अन धन कम है
कि है रमै... | bundeli-bns |
309
कोई आयके रांझे दे नयन वेखे कोई मुखड़ा वेख सलाहुंदी ए
अड़ियो वेखो ते शान इस जोगड़े दी राह जांदड़े मिरग फहाउंदी ए
छोटी उमर दी दोसती नाल जिसदे दिन चार ना तोड़ निबाहुंदी ए
कोई ओढ़नी1 लाह के मगर पहुंचे धो धा भबूत जा लाहुंदी ए
कोई मुख रंझेटे नाल जोड़े तेरी तबह2 की जोगिया चाहुंदी ए
सहती लाड दे नाल चवा3 करके चा सेलियां जोग... | panjabi-pan |
214
लै वे रांझया वाह मैं ला थकी मेरे वस थीं गल बे वस होई
काज़ी मापयां भाइयां बनन तोरी मैंडी तैंडड़ी दोसती बस होई
घरी खेड़यां दे नहीं वसना में साडी उन्हां दे नाल खरखस होई
जां जीवांगी मिलांगी रब्ब मेले हाल साल तां दोसती वस होई
वारस शाह तों पुछ लै लेख मेरे होनी हीर निमाणी दी सस होई | panjabi-pan |
अंगिका बुझौवल
माटी रोॅ घोड़ा माटी रोॅ लगाम
ओकरा पर चढ़ेॅ खुदबुदिया जुआन
भात
करिया जीन लाल घोड़ा
चढ़ेॅ उतरेॅ सिपाही गोरा ।
तबा , आग , रोटी
भरलोॅ पोखरी में चान गरगराय ।
घी से भरी कड़ाही में पूआ
भरलोॅ पोखरी में टिटही नाँचै ।
बालू से भरी खपड़ी में भूजा
टुपटाप करै छैं , कपार कैन्हें फोड़ै छैं
नेङा ऐसन डेङा तोहें रात कैन्हें... | angika-anp |
जरमन ने गोला मार्या
जरमन ने गोला मार्या
जा फूट्या अम्बर में
गारद में सिपाही भाजे
रोटी छोड़ गए लंगर में
उन बीरां का के जीणा
जिन के बालम छः नम्बर में | haryanvi-bgc |
जगाओ फिर बापू के भाव
देस में कैसौ दंगा मचौ
खेल जौ सैतानन नें रचौ ,
बरै जौ जातपाँत कौ नसा
देश की कर डारी दुरदसा ,
जगाओ फिर बापू के भाव
किनारें तबइँ लगा पैऔ नाव ।
दनुजता बोलत जिन्दाबाद
मनुजता हो रइ मुरदाबाद ,
भीतरइँ भुँजत मुरादाबाद
बरेली बरत इलाहाबाद ,
देहली मेरठ मोदीनगर ,
अलीगढ़ चुरत गाजियाबाद ।
भँवर में फँसी नाव खौं दे... | bundeli-bns |
जेहि नदी कोसी माय सूतो नै थाहे
जेहि नदी कोसी माय सूतो नै थाहे ,
से नदिया देल उसर लोटाय ।
आगू आगू माता उसर लोटबे
पाछू चरै नबेलाख धेनु गाय ।
राजा शिवसिंह पोखरि खुनैलन्हि
ओहि पोखरी कोसिका कयल पयान ।
आगू आगू रानू सरदार घसना खसाबे
पाछु कोसी करे सन्मुख धार । | angika-anp |
एक कोस गेलै हे कोसी माय
एक कोस गेलै हे कोसी माय ,
दुई कोस गेलै हेऽ
तेसर कोस बिजुबन सिकार हेऽ
बघबो नै मारै हेऽ कोसी माय ,
हरिणों नै मारै हेऽ
चुनिचुनि मारै छै हेऽऽ मजूर हेऽ
सात सय मजूरबा हे कोसी माय
मारि अयले हेऽ
सात सय मजूरनी कयलें राड़ हेऽ
हकन कानै छै कोसी माय
बन के मजूरनी
कोसी मैया बारी बेस हरले सिन्दूर
नै हम खैलियो क... | angika-anp |
जगदेव पंवार
पंच देवों की सभा लगीं छई ,
शिव जी ध्यान मा छा , देवी छई पारवती ,
सभा का मुकुट तिरलोकी नारैण
तब इना बैन1 बोलदा :
क्वी दुनिया मा इनो वीर भी होलो
जो शीश काटीक दान देलो ?
जैन शीश को दान देण ,
वैन गढ़वाल को राज लेण ।
बखी बैठी छई चंचु भाट की बेटी कैड़ी कंकाली ।
तब बोलदा भगवान , हे कैड़ी कंकाली
दुनिया को तोल लौ दू... | garhwali-gbm |
म्हारा हरिया ए जुँवारा राज
म्हारा हरिया ए जुँवारा राज कि लाँबातीखा सरस बढ्या ,
म्हारा हरिया ए जुँवारा राज कि गँऊ लाल सरस बढ्या ,
गोरईसरदासजी का बाया ए क बहु गोरल सीँच लिया ,
गोर कानीरामजी का बाया ए क बहु लाडल सीँच लिया ,
भाभी सीँच न जाणोँ ए क जो पीला पड गया ,
बाइजी दो घड सीँच्या ए क लाँबातीखा सरस बढ्या ,
म्हारो सरस पटो... | nimadi-noe |
हरियर पट केरा जाजिम झारी बिछावहु हे
हरियर पट1 केरा2 जाजिम झारी बिछावहु हे ।
आयल कुलपरिवार , हरदी चढ़ावहु हे ॥ 1 ॥
हरदी चढ़ावथी3 दुलरइता दादा , सँघे4 दुलरइतो दादी हे ।
ताहि पाछे5 कुल परिवार , से हरदी चढ़ावथी हे ॥ 2 ॥ | magahi-mag |
इयानी सिरभाव जेमा डो सागे
इयानी सिरभाव जेमा डो सागे
इयानी सिरभाव जेमा डो सागे
इयानी सिरभाव कोन किमीन सागे
इयानी सिरभाव कोन किमीन सागे
इयानी सिरभाव कोनजई जामाय सागे
इयानी सिरभाव कोनजई जामाय सागे
इयानी सिरभाव घाडा डेघा सागे
इयानी सिरभाव घाडा डेघा सागे
घाडा डेघा भागायन डो जेमा डो सागे
घाडा डेघा भागायन डो जेमा डो सागे
इयान... | korku-kfq |
87
अधी डुल पई अधी खोह लई चून1 मेल के परे विच लयांवदा ए
कहया मन्नदे नहीं सउ मूल मेरा चूरी पलयों खोल विखांवदाए
नहीं चूचके नूं कोई मत देंदा पढी मार के नहीं समझांवदा ए
चाक नाल इकलड़ी जाय बेले अज कल कोई लीक लांवदा ए
जिस वेलड़े महिर ने चाक रखया ओस वेलड़े नूं पछोतांवदा ए | panjabi-pan |
हे मेरी सांझी तेरी चम्पा फूली
हे मेरी सांझी
तेरी चम्पा फुली आंगी कुरबान सांझी
हो मेरा सुसरा
तेरी डाढी लिकड़ा कचरा कुरबान सांझी
हे मेरी सासू
तेरे गिण गिण तोडूं पांसू कुरबान सांझी
हे मेरी नणदी
तेरी तोड़ घड़ा लूं अणदी कुरबान सांझी
सांझी चाली सांझ नै
गैल बसंता पूत
और सब चीज सिर पर धरी
बगल में मारा सूत | haryanvi-bgc |
492
भाबी अखियां दा रंग रतवना तैनूं हुसन चड़या अनआंवदा नी
अज धिआन तेरा असमान उते तैनूं आदमी नजर ना आंवदा नी
तेरे सुरमे दियां धाड़ियां धूड़ पइयां जिवे कटक है माल तें आंवदा नी
राजपूत मैदान विच लढ़न तेगां अगे ढाडीयां दा पुत्तर गांवदा नी
रूख होर दा होर अज दिसे तेरा चाला नवां कोई नवां आंवदा नी | panjabi-pan |
208
कुरब्ब1 विच दरगाह दे तिनां नूं जे जेहड़े हक देनाल नकाहीअन गे
जेहड़े छड के हुकम बे हुकम होए विच हाविए दोजखां डाहीअन गे
मां बाप दे हुकम विच चलन नाल शौक दे ओह विआहीअन गे
जेहड़े नाल तकबरी2 करन आकड़ बांग बकरे ईद दे ढाहीअन गे
तन पाल के जिनां खुदरूई3 कीती अगे अग्ग दे आकबत4 डाहीअन गे
वारस शाह मियां जेहडे बहुतस्याने काग वां... | panjabi-pan |
मालू राजुला
रंगीली वैराट1 मा , रन्दो छयो रंगीलो दोलाशा2
छौ राजा दोलाशाही , रंगीली को राजा
रंगीली दोलाशाही , ह्वैगे असी को विरबै3
बुडयांदी4 बगत लगी , तीजा जसी5 जोन6 ।
दोलाशाही राजा की , राणी पंवारी बतैं छै
वीं रांणी को विधाता गर्भ रई गए
एको दूजो मास लैगे , तीजो चौथो मास ,
पाँचों सातों मास लैगे , आठों नवों मास ,
दसाँ मास... | garhwali-gbm |
202
रले दिलां नूं पकड़ विछोड़ देंदे बुरी बान है तिनांह हतिआरयां नूं
नित शहर दे फिकर गलतान1 रहिंदे एहो शामत है रब्ब दयां मारयां नूं
खावन वढियां नित ईमान वेचन एह मार है काज़ियां सारयां नूं
रब्ब दोजखां नूं भरे पा बालन केहा दोश है असां विचारयां नूं
वारस शाह मियां बनी बहुत औखी नाहीं जानदे सां इनहां कारयां नूं | panjabi-pan |
देखो खेते किसनवा जाय रहे
देखो खेते किसनवा जाय रहें ,
वे तो मस्ती में हैं कछु गाय रहें ,
गर्मी की तपती दोपहरिया ,
उनखों तनकऊ नाहिं खबरिया ,
सिर पे धरके चले गठरिया ,
वे तो तन मन की सुध बुध भुलाय रहे ।
मेहनत खेतन में वे करते ,
मेहनत से तनकऊ नहिं डरते , माटी में अन्न उगाते ,
देखो खेतन में हल खो चलाय रहे ।
कभऊंकभऊं ओला पड़ ... | bundeli-bns |
कोई मांगी कढ़ाई ना देय मेरा दिल हलुवै नै
कोई मांगी कढ़ाई ना देय मेरा दिल हलुवै नै ।
जैसे तैसे मैंने लई कढ़ाई सासू जी आटा ना देय
मेरा दिल हलुवै नै ।
जैसे तैसे मैंने आटा लीया जिठाणी मीठा ना देय
मेरा दिल हलुवै नै ।
जैसे तैसे मैंने मीठा लीया द्योराणी घी ना देय
मेरा दिल हलुवै नै ।
जैसे तैसे मैंने घी भी लीया नणदल चूल्हा ना द... | haryanvi-bgc |
हरियो रूमाळ
चाहे बिक जाये हरियो रूमाळ
बैठूंगी मोटर कार में
चाहे सास बिको चाहे ससुर बिको
चाहे बिक जाये नणद छिनार
बैठूंगी मोटर कार में
चाहे देवर बिको चाहे देराणी बिको
चाहे बिक जाये सारा रूमाळ
बैठूंगी मोटर कार में
चाहे जेठ बिको चाहे जेठाणी बिको
चाहे बिक जाये हरियो रूमाळ
बैठूंगी मोटर कार में
चाहे बलम बिको चाहे सौंक बिको
चा... | rajasthani-raj |
भजन
टेक मयली गोदड़ी साधु धोई लेणा ।
उजळी कर लेणा , मयली गोदड़ी साधु धोई लेणा ।
गोदड़ी बणी रे गुरु ज्ञान की , हीरा लाल लगाया ,
मयली गोदड़ी साधु धोई लेणा ।
काय की बणि रे साधु गोदड़ी , कायन केरा धागा
कायन केरा धागा ,
कोण पुरुष दरजी भया , कोण सिवण हारा ,
मयली गोदड़ी साधु धोई लेणा , उजळी कर लेणा
मयली गोदड़ी . . .
चौक2 जल की... | bhili-bhb |
सेन्दुर सम्भाल के उथईहा ए सुन्दर बर
सेन्दुर सम्भाल के उथ ईहा ए सुन्दर बर
सेन्दुर सम्भाल के उथईहा ए सुन्दर बर ।
माता पिता कन्यादान तोह्के कैले हो
आंखी के पुतरी बनैहा ए सुन्दर बर ।
मात पिता अपनी प्यारी बिटिउआ के
आंखी के पुतरी बनैहा ए सुन्दर बर । | bhojpuri-bho |
बाजरे की रोटी पोई रै हलिड़ा
बाजरे की रोटी पोई रै हलिड़ा
बथुए का रांधा रै साग
आठ बलधां का रै हलिड़ा नीरणा
बार हलिड़ा की छाक
बरसन लागी रै हलिड़ा बादली | haryanvi-bgc |
46
सैईं वंझीं चनाब दा अंत नाहीं डुब मरेंगा ठिल्ल ना सजना ओ
चाहड़ मोढयां ते तैनूं पार लाइए कोई जान तूं ढिल ना सजना ओ
साडी अकल शहूर1 तूं खस लीती रिहा कख दा वॅल ना सजना ओ
वारस शाह मियां तेरे चौखने2 हां साडा कालजा सॅल ना सजना ओ | panjabi-pan |
दादा लखिया की बदशाही
दादा लखिया1 की बदशाही , सहानी2 लाड़ो3 के मेहँदी रचाई ॥ 1 ॥
नाना लखिया की बदशाही सहानी लाड़ो के हाथ मेहँदी लगाई ॥ 2 ॥
बाबा लखिया की बदशाही सहानी लाड़ो के हाथ मेहँदी रचाई ॥ 3 ॥
चाचा लखिया की बदशाही सहानी लाड़ो के हाथ मेहँदी रचाई ।
भइया लखिया की बदशाही सहानी लाड़ो के हाथ मेहँदी रचाई ॥ 4 ॥ | magahi-mag |
सदा थिर रहियो जी अविचल रहियो
सदा थिर रहियो जी अविचल रहियो जी लाडो तेरी जोड़िया ?
बाबा बोई हैं बाबल बोई हैं सुहागों की क्यारियां
चाचा बोई हैं भय्या बोई हैं सुहागों की क्यारियां
मामा बोई हैं जीजा बोई हैं सुहागों की क्यारियां
दादी सींचे री अम्मा सींचे री लोटा भर झारियां
चाची सींचे री भाभी सींचे री लोटा भर झारियां
मामी सीं... | haryanvi-bgc |
पत रखियो सब जन की मोरी मैया पत...
पत रखियो सब जन की मोरी मैया । पत . . .
मैया के मड़पे चम्पा धनेरो ।
महक भरी फुलवन की ।
मोरी मैया . . .
मैया के मड़ पे गौयें धनेरी
बाढ़ भई बछड़न की ।
मोरी मैया . . .
मैया के मड़ में भक्त बहुत हैं
भीड़ भई लड़कन की ।
मोरी मैया . . .
मैया के मड़ में जज्ञ रचो है
हवन होय गुड़ घी को ।
मोरी मैय... | bundeli-bns |
मृत्यु गीत
पावो फाटियो ने सुरिमल उगिया रे भँवरा ।
पावो फाटियो ने सुरिमल उगिया रे भँवरा ॥
जीविता क तो नि दी रोटी रे भँवरा ।
जीविता क तो नि दी रोटी रे भँवरा ॥
मरिया पाछे बेटो लाड़ु उड़ाया रे भँवरा ।
मरिया पाछे बेटो लाड़ु उड़ाया रे भँवरा ॥
जीविता क तो बेटो कपड़ा नि पेराया रे भँवरा ।
जीविता क तो बेटो कपड़ा नि पेराया रे भँव... | bhili-bhb |
धीरे चलो मै हारी लक्ष्मण
धीरे चलो मैं हारी लक्ष्मण
धीरे चलो मैं हारी । ।
एक तो नारी दूजे सुकुमारी ,
तीजे मजल की मारी ,
संकरी गलियां कांटे कटीले ,
फारत हैं तन की सारी । लक्ष्मण . . .
गैल चलत मोह प्यास लगत है ,
दूजे पवन प्रचारी । लक्ष्मण धीरे चलो . . . | bundeli-bns |
50
लोकां आखिया मियां तूं कौण हुंना ? आणि किस ने अन्न खवालिया ई
तेरी सूरत तां बहुत मलूक दिसे ऐडा जफर1 तूं कास नूं जालिया ई
अंग साक तूं छड के नस आयों बुढी माऊं ते बाप नूं गालिया ई
ओहले अखियां दे तैनूं किवें कीता किन्नां दूतियां दा कौल पालिया ई | panjabi-pan |
बन्ना ए कित बाजा रे बाजिया
बन्ना ए कित बाजा रे बाजिया ,
बन्ना ए कित घरा रे निसान छोटा छेल उतर्या बाग मैं ।
तेरी बंदड़ी रे कह्वै रै बन्ना ,
तूंए सबेरी सबेरी आय छोटा छेल उतर्या बाग मैं ।
बंदड़ी गहणा घड़ावण मैं गया ,
सुनरे ने ला दई बार रे छोटा छेल उतर्या बाग मैं ।
बंदड़ा गहणा घड़ावै तेरा दादा जी तेरा ताऊ जी ,
तूं तड़कै ए ... | haryanvi-bgc |
चललन कवन साही बजना बजाइ हे
चललन कवन साही1 बजना2 बजाइ हे ।
दहकि3 चिरइया सब उठलन चेहाइ4 हे ॥ 1 ॥
का तुहूँ चिरइया सब उठलऽ चेहाइ हे ।
हमरा कवन पुता बियाहल5 जाइ हे ॥ 2 ॥
बइठलन कवन साही जाजिम डसाइ6 हे ।
जँघिया कवन पुता कचरल7 पान हे ॥ 3 ॥
बइठलन कवन भँडुआ खरइ8 डसाइ हे ।
जँघिया9 दुलारी बेटी लट छटकाइ10 हे ॥ 4 ॥
फेंकलन कवन दुलहा ... | magahi-mag |
उतरहि राज से ऐली माँ हे कोसिका हे
उतरहि राज से ऐली माँ हे कोसिका हे
पश्चिम केने जाय कोसीमाय असीधार ।
हरदी रंगल साड़ी गे कोसी माय
सिनुरा भोगारल
अंचरा करै छी महामहि
जुन छेडु जनु छेडु
छोड़ा रे मलहवा ,
हमछी बिन पुरूषक नारि । । | angika-anp |
बिदाई
1
ये बेरा गाये जाने वाला गीत म कन्या ओकर दाई , ददा , भाई अउ सब्बो मयारूमन के पिरा भरे होथे । दाई ह दुख म इंहा तक की डारथे…
बेटी के संचरत जान पाइतेंव
अंडी के पान ला खा लेतेंव
कोखिया ला पार लेतेंव बांझ
बेटी ह घलो कतार हो जथे । वहू अनजान संग बने रिस्ता ले दुखी हे , जे ओला जीवन भरबर ओकर घर ले बिलग करके लेगत हे । ओकर ... | chhattisgarhi-hne |
339
असां जादूड़े घोलके सभ पीते करां बाबरे जादूआं मालयां नूं
राजे भोज1 जेहे कीते चा घोड़े नहीं जानदा साडयां चालयां नूं
सिर कप रसालू2 नूं वखत पाया घर मकर3 होया सीता वासते भेद वखालयां नूं
रावन लंक लुटायके गिरद4 होया सीता वासते भेद वखालयां नूं
सके भाइयां नूं करन नफर5 राजे अते राज बहांवदे सालयां नूं
यूसफ बंद6 विच पा जहीर7 क... | panjabi-pan |
लहेरियो
इण लहेरिये रा नौ सौ रुपया रोकड़ा सा
म्हाने ल्याईदो नी बादिला ढोला लहेरियो सा
म्हाने ल्याईदो नी बाईसा रा बीरा लहेरियो सा
म्हाने ल्याईदो ल्याईदो ल्याईदो ढोला लहेरियो सा
म्हाने ल्याईदो नी बादिला ढोला लहेरियो सा
म्हारा सुसराजी तो दिल्ली रा राजवी सा
म्हारा सासूजी तो गढ़ रा मालक सा
इण लहेरिये रा नौ सौ रुपया रोकड़ा सा... | rajasthani-raj |
कैसो च भण्डारी तेरो मलेथ?
‘कैसो च भण्डारी तेरो मलेथ ? ’
”कैसो च भण्डारी तेरो मलेथ ?
देखी भलो ऐन सैवो तेरो मलेथ । “
”ढलकदी1 कूल2 मेरा मलेथ
गाँऊ मुड़े को धारो मेरा मलेथ
पालिंगा3 को बाड़ी मेरा मलेथ
छोलिंग बिजोरा4 मेरा मलेथ
गांयियों को गुठधार5 मेरा मलेथ
भैंस्यों का खरक6 मेरा मलेथ
बैजूका बांदूका7 लड़का8 मेरा मलेथ
वैखूका9 डस... | garhwali-gbm |
टूरीनी हरीन झूडी डोर जनी
टूरीनी हरीन झूडी डोर जनी
सुबान डोर जनी रोसवा
टूरीनी हरीन झूडी डोर जनी
सुबान डोर जनी रोसवा
चोजमा सन्टी डोरानी रोसावा
चोजमा सन्टी डोरानी रोसावा
कडैया सन्टी वाडो रजनी रोसवा
कडैया सन्टी वाडो रजनी रोसवा
स्रोत व्यक्ति शिवनारायण , ग्राम बंदी | korku-kfq |
सो जा वा रे वीर तुम तो सो जाओ वा रे वीर
सो जा वा रें वीर , तुम तो सो जाओ वा रे वीर ।
बीरन की बलैयां ले गईं जमुना के तीर । ।
वर पे डाले पालना , पीपल पे डारी डोर ।
जो लों कन्हैंया सोवन लागे ऊपर बोली मोर ।
सो लो मोरे लाड़ले , तुम जब लो होने भोर ।
आवतजावत झोंका देहों , कबहूं न टूटे डोर ।
माई गई है मायके , बीरन गये ससुराल ।... | bundeli-bns |
लाडो सोई सोई उठि जांगियां
लाडो सोई सोई उठि जांगियां
अपने बाबा जी से वर मांगियां
या तो बाबा मुझे चन्दा दे दो
या तो फूल गुलाब का
बाबा हमें चन्द्र सलोना दे दो
बाबा हमें साजन के घर भेजो | haryanvi-bgc |
लाग्या लाग्या, लाग्या नैण
लाग्या लाग्या , लाग्या नैण
कँईया लाग्या जी थाँहसू नैण
जाग्याजाग्या दिन और रैण
कँईया लाग्या जी थाँहसू नैण
अजी किस विध लाग्या जी थांहसू नैण
काहै लाग्या जी थांहसू नैण
लाग्या लाग्या , लाग्या नैण
अंतरा १
नित ड्योढी रा काग उडाऊं
दिवलो आलियां सांझ जगाऊं
ऊँची अटारी बैठ उडीकूं
बाटाँ थान्हारी दिन और रैण... | rajasthani-raj |
210
काज़ी आखदा एह जो रोड़ पका हीर झगड़यां नाल ना हारदी ए
ल्याओ पढ़ो नकाह मूंह बन्न इसदा मता कोई फसाद गुजारदी ए
छड मसजदां डेरियां विच वढ़दी छड बकरियां सूरियां चारदी ए
वारस शाह मधानिएं हीर जटी इशक दहींदा घिउ नितारदी ए | panjabi-pan |
86
हीर ढाह के आखया मियां चाचा चूरी देह जे जीऊणा लोड़ना एं
नहीं ते मारके जिंद गवा देसों मैंनूं किसे ना हटकणा होड़ना एं
बन्ह हथ ते पैर लटका देसां लड़ लड़कियां नाल की जोड़ना एं
चूरी देह खां नाल हया आपे वारस शाह दे नाल अजोड़ना एं | panjabi-pan |
311
लागे हथ जे पकड़ पछाड़ सटों तेरे नाल करसां तां तूं जानसै वे
हिक हिक कसां भन्न लिंग तेरे तदों राब नूं खूब पछानसै वे
वेहड़े वड़े तां भन्नांगी टिंड तेरी तदों शुकर बजा लयानसै वे
गदे1 वांग जा जूड़ के घड़ां तैनूं तदों छट तदबीर दी छानसै वे
सहती उठ के घरां नूं घूक चली मंगन आवसें तां मैंनूं जानसै वे
वारस शाह वांगू तेरी करां ... | panjabi-pan |
403
चीना रब्ब ने रिजक बना दिता ऐब घरीना त्रखड़ी जुखयां दा
अन्न चीने दा खाईए नाल लसी सुआद आंवदा टुकड़यां रूखयां दा
बनन पिंनीयां एसदे चावलां दीयां माई बाप है नगयां भुखयां दा
वारस शाह मियां नवां नजर आया एह चालड़ा लुचयां खुचयां दा | panjabi-pan |
कद की देखूं थी बाट माई
कद की देखूं थी बाट माई जाए सब तै रे पहला न्योतियां
कित सी अक लाई सै वार सब तै रे पहला न्योतियां
तेरी भावज ने ला दई वार अपना हे कुंवर सजावतीं
कद की देखूं बाट सब तै रे पहला न्योतियां
दर्जी ने लाई सै वार कपड़े सिवावतीं
सुनरै ने लाई सै वार तेरा हे हंसला घड़ावतीं
तै कित जाइ्र सै वार भाई जाए सब तै रे प... | haryanvi-bgc |
सुआ गीत-4
तरी नरी नहा नरी नही नरी ना ना रे सुअना
मोर नयना जोगी , लेतेंव पांव ल पखार
रे सुअना तुलसी में दियना बार
अग्धन महीना अगम भइये
रे सुअना बादर रोवय ओस डार
पूस सलाफा धुकत हवह
रे सुअना किटकिट करय मोर दांत
माध कोइलिया आमा रुख कुहके
रे सुअना मारत मदन के मार
फागुन फीका जोड़ी बिन लागय
रे सुअना काला देवय रंग डार
चइत जंवा... | chhattisgarhi-hne |
फाग गीत
मारा आँगना मा भाँगड़ी नु झाड़
ढोला मारुजी पीवे रे तम्बाकू ।
सासरा मा मारी सासुरी नु दख
पीयरा मा आऊ मारी आई नु लाड़
मारी आई जी नु लाड़ ।
ढोला मारुजी पीवे रे तम्बाकू
मारा आँगना मा भाँगड़ी नु झाड़
सासरा मा जाऊँ मारा सुसरा नु दख
ढोला मारुजी पीवे रे तम्बाकू . . . ।
पीयरा मा आऊँ बाजी नु लाड़
ढोला मारुजी पीवे रे तम्बा... | bhili-bhb |
भँवर म्हाने खेलण दयो गणगौर
इस गीत में पत्नि पति से गणगौर उत्सव में शृंगार पदार्थ लाकर देने का निवेदन करती है . . .
भँवर म्हाने खेलण दयो गणगौर
ऐसी म्हारी
लाड बरण का बीर
भँवर म्हाने पूजन दयो गणगौर
माथे पे मेमद ल्याओ ऐसी
म्हारी रखडी रतन जडायो
भँवर म्हाने चूडला ल्याओ
भँवर म्हारे पाँव मैं पायल ल्याओ
ऐसा म्हारा
बिछुआ जुटणा ब... | rajasthani-raj |
की जाणा मैं कोई
की जाणा मैं कोई वे अड़िआ , की जाणा मैं कोई
जे कोई अन्दर बोले चाले , जात असाडी सोई ।
जिस दे नाल मैं नेहुँ लगाया , ओहो जेही होई ।
की जाणा मैं कोई ।
चिट्टी चादर लाह सुट्ट कुड़ीए , पहल फकीराँ दी लोई ।
चिट्टी चादर नूँ दाग लग्गेगा , लोई नूँ दाग न कोई ।
की जाणा मैं कोई ।
अलफ पछाता बे पछाती , ते तलावत1 होई ।
सी... | panjabi-pan |
बना तुम किनका बुलाया रे जल्दी आया
बना तुम किनका बुलाया रे जल्दी आया ।
बनी थारा पिताजी न लिख्यो कागज भेज्यो ,
बनी हम उनका बुलाया रे जल्दी आयो । ।
बनी म्हारा हाथी झूलऽ द्वार ,
म्हारा यहाँ घोड़ा की घमसाण ,
म्हारी चाँदनी पर चौसर खेलणऽ आवजो । ।
बना म्हारी हलुदी भर्यो अंग ,
म्हारी पाटी मऽ गुलाल
म्हारी चोटी मऽ अत्तर ,
बना म्ह... | nimadi-noe |
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भाबी एस जे गधे दी अड़ी अधी असीं रन्नां भी चैंचल हारियां हां
देह मारया एस जहान ताजा असीं रोज मीसाक1 दियां मारियां हां
जे एह जिद दी छुरी है हो बैठा असीं रन्नां भी तेज कटारियां हां
एह गुंडयां विच है पैर धरदा नहीं बांकियां एस तों डारियां हां
मरद रंग महल हन इशरतां2 दे असीं जौक3 दे मजे दियां नारियां हां
एस चाक दी कौन मजा... | panjabi-pan |
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रांझे आखया लुटदी हीर दौलत जरम1 गालिए तां भेत पा लईए
रंग होर वटाय के जा वड़ीए नाल हीर दे अंग लगा लईए
इक होवना रिहा फकीर मैथों जरा इतना भी वस ला लईए
मखन पालया चिकना नरम पिंडा जरा सवाह दे विच रला लईए
किसे जोगी तों सिखीए सेहर2 कोई चेले होए के कन्न पड़ा लईए
अगे लोकां दे झगड़े बाल सेके जरा आपने नूं चिनग ला लईए
अगे झंग सय... | panjabi-pan |
बाबू, दादी पूछतूँ ह घड़ी रे घड़ी
बाबू , दादी पूछतूँ ह1 घड़ी रे घड़ी ।
बाबू कइसन2 बनल हौ3 ससुर के गली ॥ 1 ॥
मामा4 का तूँ पूछऽ हऽ5 घड़ी रे घड़ी ।
मामा , सोने के मढ़ल ससुर के गली ॥ 2 ॥
बाबू , झुट्ठो बड़ाई हमरा से करी ।
कादो कीचड़ भरल हे ससुर के गली ॥ 3 ॥
बाबू , भूल गेलऽ आपन बाबू के गली ॥ 4 ॥ | magahi-mag |
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