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प्यारिआ सँभल के नेहुँ लगा प्यारिआ सँभल के नेहुँ लगा , पिच्छों पछतावेंगा । जान्दा जाह ना आवीं फेर , ओत्थे बेपरवाही ढेर , ओत्थे डहल1 खलोन्दे शेर , तूँ वी फँधिआ जावेंगा । प्यारिआ सँभल के नेहुँ लगा , पिच्छों पछतावेंगा । खूह विच्च यूसफ पायो ने , फड़ विच्च बाज़ार विकायो ने , तूँ कौडी मुल्ल पवावेंगा । प्यारिआ सँभल के नेहुँ लग...
panjabi-pan
राते बरस गओ पानी राते बरस गओ पानी काय राजा तुमने ना जानी । अंटा जो भीजे अटारी भींजी , भींजी है धुतिया पुरानी काय राजा बाग जो भींजे बगीचा भींजे माँलिन फिरे उतरानी काय राजा कुंआ है भर गओ , तला है भर गओ कहारिन फिरे बौरानी काय राजा गैयां भीजी बछिया भींजीं नदियन बढ़ गओ पानी काय राजा
bundeli-bns
207 काज़ी मां ते बाप करार कीता हीर रांझने नाल वयाहुनी ए असां ओसदे नाल चा सिदक कीता गल गोर1 दे तीक निभाहुनी ए अन्त रांझे नूं हीर परना देनी कोई रोज दी एह पराहुनी ए वारस शह ना जानदी मैं कमली खोरश2 शेर दी गधे ने डाहुनी ए
panjabi-pan
बनी ! थूंई मत जाणे बना सा ऐकला रै बनी थूंई मत जाणे बना सा ऐकला रै झमकू थूंई मत जाणे " राइवर " ऐकला रै साथे चूड़ीदार , चौपदार , हाकिम ने हवालदार कागदियों से कांमदार , काका ऊभा किल्लेदार भौमा ऊबा मज्जादार , सखाया सब लारोलार फूल बिखौरे गजरों गंधियों रै बनी थूंई मत जाणे बनासा एकला रै
rajasthani-raj
धण पिआ मताए मताइआं जी धण पिआ मताए मताइआं जी जी पिआ कहो तो चीठी लिख गेरां मेरा राजिड़ा कहो तो सांडिआं भेजां जी जी पिआ चीठी तो मजले मजले जा मेरा राजिड़ा सांडिआ जावै तावली जी जी पिआ न्योंदूंगी बाप मेरे कै सीम मेरा माईजाया सीम सधै की पीपली जी रे बीरा न्योंदूंगी बाप मेरे के खेत हाली हल बीरा जोतिआ रे रे बीरा न्योंदूंगी बाप म...
haryanvi-bgc
आसा की जोत रैंन अँदिरिया गैल भुलानी ; हिलबिलान हो गई जिँदगानी । मिरगा ढूँड़ रए कस्तूरी , आसा होत न उनकी पूरी । भरत चौकड़ीं देख मरीची कितनी नाप लई है दूरी । सेंतमेंत हो रई नादानी ; हिलबिलान हो रई जिँदगानी । कौन घरी में भाँवर पारी , घिरी बदरिया कारीकारी । धुरुब तरइया देख न पाए कैसें गैल मिलै अबढारी ? थेबौ खात फिरत अग्यान...
bundeli-bns
कर कत्तण वल ध्यान कुड़े नित्त मत्तीं देन्दी माँ धीआँ , क्यों फिरनी ऐं ऐंवें आ धीआँ , नी शरम हया ना गवा धीआँ , तूँ कदी ताँ समझ नादान कुड़े । कर कत्तण वल ध्यान कुड़े । चरखा मुफ्त तेरे हत्थ आया , पल्लिओं नहीओं कुझ खोल गवाया , नहीओं कदर मेहनत दा पाया , जद होया कम्म आसान कुड़े । कर कत्तण वल ध्यान कुड़े । चरखा बणिआ खातर तेरी...
panjabi-pan
आला जडूका सायला रे राजा सूखा जडूका सायला नहीं रे आला जडूका सायला रे राजा सूखा जडूका सायला नहीं रे आला जडूका सायला रे राजा सूखा जडूका सायला नहीं रे इंजनी जेनोमा का बंझोटी जा राजा धामू टीसो सेने मारे इंजनी जेनोमा का बंझोटी जा राजा धामू टीसो सेने मारे आमा रानी ककोटा केनवेन्ज राजा आमा रानी झूला में झूले आमा रानी ककोटा केनव...
korku-kfq
323 कच कवारिये लोहड़े दीये मारीए नी टूने हारीए आख की आहनी ए भलयां ना बुरी काहे होवनी एं काई बुरी ही फाउनी फाहनी ए असां भुखयां आन सवाल कीता केहियां गैब दियां ढुचरां डाहनी ए विचों पकीए छैल उचकीए नीराह जांदड़े मिरग पई फाहनी ए गल हो चुकी फेर छेड़नी ए होर शाख नूं मोड़ की वाहनी ए घर जान सरदारां दे भीख मंगे साडा अरश1 दा किंगर...
panjabi-pan
ऐसी को खेले तोसे होरी ऐसी को खेले तोसे होरी ॥ टेक बारबार पिचकारी मारत , तापै बाँह मरोरी । ऐसी . नन्द बाबा की गाय चराबो , हमसे करत बरजोरी । छाछ छीन खाते ग्वालिन की , करते माखन चोरी । ऐसी . चोबा चन्दन और अरगजा , अबीर लिये भर झोरी । उड़त गुलाल लाल भये बादर , केसरि भरी कमोरी । ऐसी . वृन्दावन की कुंज गलिन में , पावौं राधा ग...
braj-bra
हरियाले बन्ने चीरा तो ले दूं तेरी मौज का हरियाले बन्ने चीरा तो ले दूं तेरी मौज का सहजादे बन्ने कच्ची कली ना तोड़ियो हरियाले बन्ने मालन देगी गालियां हो तेरे ताई रंगीले बन्ने पाकन दे रस होन दे हरियाले बन्ने झुका दूंगी डालियां हो तेरे ताई हरियाले बन्ने . . .
haryanvi-bgc
ऐसी चुंदड़िया लाओ मेरे बाबा ऐसी चुंदड़िया लाओ मेरे बाबा वाऊ पै रतन जड़ाइये आधी चुनड़िया पै मानक मोती आधी पै रतन जड़ाइये चुनड़ी ओढ़ लाजो बैठी है चौक पै केस लिये छिटकाये अब का सरम रही है मेरे बाबला बैठी हूं चारों दल जोड़ कै एक आपु दल दूजा बापु दल तीजा दल राजा भातिये चौथा दल साजन का लड़का मुकुट बांध घर आइये ऐसी चुंदड़िया ...
haryanvi-bgc
कटोरनि पियली कोसिला रानी, अउरो सुमिन्त्रा रानी हे कटोरनि1 पियली कोसिला रानी , अउरो सुमिन्त्रा रानी हे । ए ललना , सिलि2 धोइ पियलन केकइ रानी , तीनों रानी गरभ से हे ॥ 1 ॥ कोसिला रानी के मुँह पियराएल , देह दुबराएल3 हे । ए ललना , दसरथ मनहिं अनन्दे , कोसिला जरि4 रोपली हे ॥ 2 ॥ आधी राति बीतले पहर राति बीतले हे । ए ललना , कोसि...
magahi-mag
प्यारे बिन मसलत उठ जाणा प्यारे बिन मसलत उठ जाणा , तूँ कदे ताँ होए सिआणा । कर लै चावड़1 चार दिवाड़े , थीसें अंत निमाणा । जुल्म करें की लोक सतावें , क्यों कीओ उलट कहाणा । जिस बाटे दा माण करें तूँ , सो भी संग ना जाणा । खामोश शहर नूँ वेख हमेशा , सारा जग इस माहि समाणा । भर भर पूरे लंघावे डाढा , मलकुल2 मौत मुहाणा । ऐथे जितने...
panjabi-pan
576 लै के चलया अपने देस वले चल नढिए रब्ब दिवाई ए नी चैधरानिए तखत हजारे दिए पंजां पीरां नूं वत घिणाईए नी कढ खेड़यां तों रब्ब दिती ए तूं अते मुलक पहाड़ पहुंचाईए नी हीर आखया ऐव जे जा वड़सां रन्नां आखसन उधली आईए नी घत जादुड़ा देयों ने परी ठगी हूर आदमी दे हत्थ आईए नी वारस शाह परेम दी जड़ी घती मसतानड़ी चा बनाईए नी
panjabi-pan
तुमको मैं टोना करूँगी रे तुमको मैं टोना करूँगी रे , बाली1 भोली का दुलहा ॥ 1 ॥ सेहरे में टोना भेजा , सेहरा बाँधि2 आया रे , मेरा असला3 दमदवा । तुझको मैं टोना करूँगी रे , बाली भोली का दुलहा । तुझको मैं टोना करूँगी रे , मेरा नेवता4 दमदवा । तुझको मैं टोना करूँगी रे , मेरा झुकता5 दमदवा ॥ 2 ॥ जोड़े में टोना भेजा पेन्हि6 आया र...
magahi-mag
हे लठ्याली तू कैकी बौराण छ? हे लठ्याली1 तू कैकी बौराण छ ? धुँवाँसी धुपली2 , पाणी सी पतली , केलासी गलखी , नौण3सी गुँदगी , दिवा जसी जोत , कैकी बौराण छ ? इनी मेरी होंदी जिकुड़ी4 मा सेंदी5 । बादल सी झड़ी , दूबला6 सी लड़ी , भीमल सी सेटकी7 लाबू8 सीठेलकी , फ्यूँली9 कीसी कली , कैकी बौराण छ ? नाक मा छ तोता , जीभ मा क्वील , आँख्...
garhwali-gbm
121 रांझे आखया आउ खां बैठ हीरे कोई खूब तदबीर बनाइए नी माओं बाप तेरे दिलगीर हुंदे किवें ओहनां ते बात छपाइए नी मिठी नायन नूं सद के गल कीजे जे तूं कहें तेरे घर आइए नी मैं सयालां दे वेहड़े वड़ां नाहीं मैथों हीर नूं नित पुचाइए नी दिने रात तेरे घर मेल साडा साडे सिर अहिसान चढ़ाइए नी हीर पंज मोहरां हथ दितियां नी किवें मिठीए डौ...
panjabi-pan
कोई बरसन लागी काली बादली! कोई बरसन लागी काली बादली " डौलै तै डौलै , हालीड़ा , मैं फिरी मन्ने किते न पाया थारा खेत । " बरसन लागी काली बादली " कोई चार बुलदांका , हालीड़ा , नीरना दोए जणिएँ की छाक " बरसन लागी काली बादली " कितरज बोया , हालीड़ा , बाजरा ? कोई कितरज बोई जवार ? " बरसन लागी काली बादली " थलियाँ तै बोया , गोरी धन ...
haryanvi-bgc
पाँच बधावा म्हारे ये भल आया पाँच बधावा म्हारे ये भल आया आया तो कई ऐ म्हारा देस में पेलो बधावो म्हारा ससरा घर भेज्यो दूसरो बधावो म्हारा बाप क्यां तीसरो बधावो म्हारा जेठ क्यां भेज्यों चौथो बधावो म्हारा बीर क्यां पाँचबो बधावो धन री कूंख से लाणी जासे सरब सुख होय हो ससरा सपूतां सूं सरंबद रेस्यां बापरे बल आपने सासू सपूती सूं...
malvi-mup
झनकारो झनकारो झनकारो झनकारो झनकारो झनकारो गौरी प्यारो लगो तेरो झनकारो २ तुम हो बृज की सुन्दर गोरी , मैं मथुरा को मतवारो चुंदरि चादर सभी रंगे हैं , फागुन ऐसे रखवारो । गौरी प्यारो… सब सखिया मिल खेल रहे हैं , दिलवर को दिल है न्यारो गौरी प्यारो… अब के फागुन अर्ज करत हूँ , दिल कर दे मतवारो गौरी प्यारो… भृज मण्डल सब धूम मची ...
kumaoni-kfy
दर्शन कूँ आनाकानी मत करै वारे लाँगुरिया दर्शन कूँ आनाकानी मत करै , मैंने बोली है करौली की जात ॥ लँगुरिया . वारे लाँगुरिया नैनन सुरमा मैंने सार कै , कोई बिन्दी लगाय लई माथ ॥ लँगुरिया . वारे लाँगुरिया हाथन में कंगन मैंने पहिर लगये , और मेंहदीउ लगाय लई हाथ ॥ लँगुरिया . वारे लाँगुरिया साड़ी तो पहिरी टैरालीन की , कोई साया त...
braj-bra
फूली जालो काँस ब्बै, फूली जालो काँस फूली जालो काँस1 ब्बै , फूली जालो काँस , म्योलड़ी2 बासदी ब्बै , फूलदा बुराँस हिंसर की काँडी ब्वै , हिंसर की काँडी , मौली3 गैन डाली ब्बै , हरी ह्वैन डाँडी4 । गौड़ी देली दूद ब्बै , गौड़ी देली दूद , मेरी जिकूड़ी5 लगी ब्बै , तेरी खूद6 । काखड़ी को रैतू ब्वै , काखड़ी को रैतू , मैं खूद लगी ब...
garhwali-gbm
540 छड देस जहान उजाड़ मली अजे जट नहीं पिछा छडदे ने असां छडया एह ना मूल छडन वैरी मुढ कदीम तो हड दे ने लीही पई मेरे उते झाड़यां दी पास जान नाही पिंज गड दे ने वारस शाह जहान तों अक पए कल फकीर हुण लद दे ने
panjabi-pan
आओ राधा नहाण चलां मेरे राम आओ राधा नहाण चलां मेरे राम । म्हारा तो नहीं ए चलान दूधां मैं रम रही मेरे राम । दूधां का कैसा हे गमान , आवै बिलाई पी जावै हरे राम ।
haryanvi-bgc
412 नवी नोचिए गुझिए यारने नी कारे हथीए चाक दिये पयारीए नी पहले कम सवार हो बहे नियारी बेली घर लै जाए तूं डारीए नी आप भली हो बहें ते असीं बुरियां करे खचरपो1 रूप शिंगारीए नी आ जोगी नूं लईं छुडा साथों तुसां दोहां दी पैज सवारीए नी वारस शाह हथ फड़े दी लाज हुंदी साथ करीए ते पार उतारीए नी
panjabi-pan
ये मोरांगी डो ये मोरांगी आमानी ये मोरांगी डो ये मोरांगी आमानी ये मोरांगी डो ये मोरांगी आमानी ये मोरांगी डो ये मोरांगी आमानी उरा टोले मा अरुकेन डो मोरांगी रे उरा टोले मा अरुकेन डो मोरांगी रे इयां उरा कजलीवन डो बिंदरावनेन नी आरु मारे इयां उरा कजलीवन डो बिंदरावनेन नी आरु मारे इयां उरा कजलीवन डो बिंदरावनेन नी आरु मारे ये म...
korku-kfq
ईसुरी की फाग-16 ऐसी पिचकारी की घालन , कहाँ सीख लई लालन कपड़ा भींज गये बड़बड़ के , जड़े हते जर तारन अपुन फिरत भींजे सो भींजे , भिंजै जात ब्रजबालन तिन्नी तरें छुअत छाती हो , लगत पीक गइ गालन ईसुर अज मदन मोहन नें , कर डारी बेहालन ।
bundeli-bns
जीजी रलमिल गुड़ियां खेलती तूं चाली जीजा के साथ जीजी रलमिल गुड़ियां खेलती तूं चाली जीजा के साथ बाहण चाली सासरे । जीजा सुसरा का कहा मत गेरिये सुसरा धरम का बाप बाहण चाली सासरे । जीजी सासू का कहा मत गेरिये सासू धरम की मां बाहण चाली सासरे । जीजी जीजा का कहा मत गेरिये कटैं तेरे दिन रात बाहण चाली सासरे । देवर संग का सुहेलड़ा ...
haryanvi-bgc
विवाह गीत मेहंदी गीत घोड़ी के गीत
rajasthani-raj
320 सच आख तूं रावला कहे सहती तेरा जिऊ केहड़ी गल लोड़दा ए वेहड़े वड़दयां रिकतां छेड़ीयां ने कंडा विच कलेजे दे बोड़दा ए बादशाहां दे बाग विच नाल चावड़ फिरे फुल गुलाब दा तोडदा ए वारस शाह नूं शुतर1 मुहार बाझों डांग नाल कोई भुण मोड़दा ए
panjabi-pan
शीश रामदेव जी ने पागा विराजे शीश रामदेव जी ने पागा विराजे पेचा रो अदक सरूप हाथ मजीरा रामदेव जी ने खांदे तंदूरा रा अदक सरूप रूणीजा मंे रमी रया हो कान में रामदेव जी ने मोती बिराजे चूनी रो अदक सरूप गळे रामदेव जी ने कंठी बिराजे डोरा रो अदक सरूप अंगे रामदेव जी ने बागी बिराजे केसर रो अदक सरूप हात रामदेव जी ने पोंची बिराजे कड...
malvi-mup
एक दिन करो सिंगार नार ने एक दिन करो सिंगार नार ने तीहर पहर ली , सीसो लियो हाथ रेख दो नैनन बीच गही । लगा लियो अखियन में कजरा , या ढब ले रहो झिमार उठै ज्यों सावन को बदरा । नार इक सुआ सारी है , इत उत के चोटी परी लगे जैसे नागिन कारी है । आए रहे अंगिया पै जलसा , पीछे के चोटी बन्धी धरे दो सोरन के कलसा । नार में सोने की हंसली...
haryanvi-bgc
335 असीं सहतीए डरिये ना मूल तैथों तिखे दीदड़े1 तैंडड़े सार2 दे नी हाथी नहीं तसवीर दा किला ढाहे शेर फवियां3 तों नहीं हार दे नी कहे कावां दे ढोर ना कदी मोए भूंड अखियां कदे ना मारदे नी फट हैन लड़ाई दे असल ढाई होर कूड़ पसार पसार दे नी इके मारना इके ते आप मरना इके नठ जाना अगे सार दे नी हिंमत सुसत बरूत4 शुकीन भारे ओह गभरू कि...
panjabi-pan
नन्हीं नन्हीं कउड़िया दुलहा, फाँड़ा बान्हीं लेल नन्हीं नन्हीं कउड़िया दुलहा , फाँड़ा1 बान्हीं लेल । चलि गेल अहो दुलहा , हाजीपुर हटिया ॥ 1 ॥ उहा2 से लावल3 दुलरू , मजुरवा4 लगल बेनियाँ । घामा5 के घमाएल कवन दुलहा , डोलाए मांगे हे बेनियाँ ॥ 2 ॥ कइरो डोलाऊँ परभु , मजुरवा लगल हे बेनियाँ । तोरो कवन बहिनी चोराइ लेलन हे बेनियाँ ...
magahi-mag
लीम म लिमोलई लागी श्रावण महिनो आयो जी लीम म लिमोलई लागी , श्रावण महिनो आयो जी । हमारा तो मोठा भाई तुम खऽ नींद कसी आवऽ जी । । तुम्हारी तो छोटी बहेण सासरिया मऽ झूरऽ जी । झूरऽ तेखऽ झूरऽ देओ हमनी झूरनऽ देवां जी । ।
nimadi-noe
रुमाल लेता जैजो जी दिल्डो देता जैजो म्हारी लाल ननद बाई रा बीरा रे रूमाल म्हारो लेता जैजो छोटी ननद बाई रा बीरा रे रूमाल म्हारो लेता जैजो लेता जैजो जी दिल्डो देता जैजो छोटी ननद बाई रा बीरा रे रूमाल म्हारो लेता जैजो म्हारी लाल ननद बाई रा बीरा रे रूमाल म्हारो लेता जैजो आप रे कारण म्हे तो बाग़ लगायो सा घुमण रे मिस आजो नैना ...
rajasthani-raj
245 खाब रात दा जग दियां सभ गलां धन माल नूं मूल ना झूरिए नी पंज भूत विकार ते उदर पानी नाल सबर संतोख दे पूरिए नी एहो दुख ते सुख समान जाने जेहे शाल मशरू तेहे भूरिए नी भोग आतमा दा रस कस त्यागो वारस गुरु नूं कहे वडूरिए नी
panjabi-pan
नानी-सी गाय गटर-गैंगणी सौ पूला खाय नानीसी गाय गटरगैंगणी , सौ पूला खाय , माता जमुना को पाणी पे , न्हार सामऽ जाय , ला ओ माय बकेड़ी ।
nimadi-noe
कान्हा बरसाणे में आ जाइयो बुलागी राधा प्यारी कान्हा बरसाणे में आ जाइयो बुलागी राधा प्यारी जो कान्हा तू राह न जाने डोले डोले आ जाइयो बुलागी राधा प्यारी ताता पानी धरिया ततेरा , तेरी गर्ज पड़े तो नहा जाइयो बुलागी राधा प्यारी पतली ते पतली पोई फुलकियां तेरी गर्ज पड़े तो खा जाइयो बुलागी राधा प्यारी
haryanvi-bgc
ईसुरी की फाग-22 तोरे नैना मतबारे तिन घायल कर डारे खंजन खरल सैल से पैने बरछन से अनयारे तरबारन सैं कमती नइयाँ इनसें सबरई हारे ' ईसुर ' चले जात गैलारे टेर बुला कैं मारे । भावार्थ प्रिये , तुम्हारे नयन बहुत मतवाले हैं , जिन्होंने घायल कर दिया है । ये खंजन जैसे आकर्षक , विष के बुझे हुए , पर्वत शिखर की तरह नुकीले हैं और बरछी...
bundeli-bns
गोरी गोर बियासनी बच्ची मोरनी ए गोरी गोर बियासनी बच्ची मोरनी ए गोरे बाबुल की धीय बच्ची मोरनी ए हाय हाय बच्ची मोरनी ए के रे रोऊं सराह कै बच्ची मोरनी ए के रे सुहावन बोल किन तेरा डिब्बा खोलियां किन तेरा किया सिंगार हिय बधूं उस माय का कैसे किया सिंगार आंखों पट्टी देय ली छाती वज्र किवाड़ इस जानी का बाहुड़ै वहां गया ना बाहुड़...
haryanvi-bgc
435 करामात लगायके शहर फूकां जड़ां खेड़यां दियां मुढों पट सुटां फौजदार वांगूं दयां फूक अगा कर मुलक नूं चैड़ चपट सुटां नाल फौज नाही पकड़ कुआरियां नूं हथ पैर ते नक कन कट सुटां सहती हथ आवे पकड़ चूंडियां तों वांग टाट दी तपड़ी छट सुटां पंज पीर जे बोहड़न आन मैंनूं दुख दरद कजीअड़े पट सुटां हुकम रब्ब दे नाल मैं काल जीभा मगर लग ...
panjabi-pan
आव रे चांद भैंसी बान्ध " आव रे चांद , भैंसी बान्ध । चन्दा बाबा चन्दी दऽ घीं मऽ रोटी वालई दऽ । नाना भाई खऽ भावऽ नी , न झुमका लाड़ी आवऽ नी । "
nimadi-noe
कन्नी बुन्दे सोहणे, सिर ते छ्त्ते सै मणाँ दे (जांगली ढोला) कन्नी बुन्दे सोहणे , सिर ते छत्ते सै मणाँ दे उत्थे देवीं बाबला , जित्थे टाल्ह वणाँ दे बहाँ चढ़ कचावे , कराँ सैल झनाँ दे हिकनाँ नूँ वर ढहि पहुते , पुन्ने हिकना दे झोली पये बाल थणाँ दे भावार्थ ' कानों में सुन्दर बालियाँ हैं , सिर पर सौसौ मन के केश , हे पिता , मेर...
panjabi-pan
334 रीस जोगियां दी तैथों नहीं हुंदी हवसां1 केहियां जटां रखाइयां दियां बेशरम दी मुठ जयों पूछ पिदी जेहियां मुंजरां2 बेट3 दी धाइयां दियां तानसैन जिहा राग नहीं हुंदा लख मतां जे होन अताइयां दियां तेरी चराचर बिरकदी4 जीभ ऐवें जिवें जुतियां मरकदियां साइयां दियां सिर मुंन दाढ़ी खेह लाइयां ई कदरां डिठयो एडियां चाइयां दियां मुंडय...
panjabi-pan
रंडुवा तो रोवै आधी रात रंडुवा तो रोवै आधी रात सपने में देखी कामनी कोई ना पीसे उसका पीसना कोई ना पूछै उसकी बात हिलक हिलक रंडुवा रो रहा भाभी ने पूछी बात सपने में देखी कामनी कोई न रोटी बणा देवे उसे कोई न पूछे उसकी बात सपने में देखी कामनी
haryanvi-bgc
मैं तुझे पूछूँ लाड़ो बीबी, एके बाल नव कँगही मैं तुझे पूछूँ लाड़ो बीबी , एके1 बाल नव कँगही2 । किनने3 तेरा बाल सँवारा है ? ॥ 1 ॥ दादी जो मेरी कवन दीदी बीबी , एके बाल नव कँगही । वही दादी बाल सँवारा है ॥ 2 ॥ मैं तुझे पूछूँ लाड़ो बीबी , एके बाल नव कँगही । किनने तेरा बाल सँवारा है ? ॥ 3 ॥ नानी जो मेरी कवन नानी बीबी , एके बाल...
magahi-mag
नांनी नांनी बूंदियां हे सावन का मेरा झूलणा नांनी नांनी बूंदियां हे सावन का मेरा झूलणा एक झूला डाला मैंने बाबल के राज में बाबल के राज में संग की सहेली हे सावन का मेरा झूलणा नांनी नांनी बूंदियां हे सावन का मेरा झूलना ए झूला डाला मैंने भैया के राज में भैया के राज में गोद भतीजा हे सावन का मेरा झूलना नांनी नांनी बूंदियां हे...
haryanvi-bgc
वीरांगना अवंतीबाई इनकी शौर्यगाथा पर बाबू वृन्दावनलाल वर्मा ने ‘रामगढ़ की रानी’ उपन्यास लिखा है तथा केंद्रीय सरकार ने इनकी स्मृति में विशेष डाक टिकट जारी किया है । धन्न भूम भई मनकेड़ी की , जितै अवतरीं रानी , जुगनजुगन नौ जाहर हो गई उनकी अमर कहानी ; बड़े प्रेम सैं चबा चुकी तीं , देसप्रेम कौ बीरा , जियतजियत नौ ई धरनी की , ...
bundeli-bns
175 हीर आखया रांझया कहर होया एथों उठ के चल जे चलना ई दोवें उठ के लंबड़े राह1 पईए कोई असां ने देस ना मलना ई जदों झुगड़े वड़ी मैं खेड़यां दे किसे असां नूं मोड़ ना घलना ई मां बाप ने जदों वयाह दिती कोई असंा दा जोर ना चलना ई असीं इशक दे आन मैदान रूझे2 बुरा सूरमे नूं रनों भजना ई वारस शाह दे इशक फिराक दौड़े एह कटक फिर आख किस ...
panjabi-pan
उड़े हो गुलाल रोली हो रसिया उड़े हो गुलाल रोली हो रसिया केसर कस्तूरी की चमचाई उड़े हो गुलाल रोली हो रसिया भर पिचकारी मेरे माथे पै मारी बिन्दी की आब उतारी हो रसिया आज बृज में होली हो रसिया भर पिचकारी मेरे मुखड़े पै मारी बेसर की आब उतारी हो रसिया आज बृज में होली हो रसिया भर पिचकारी मेरे छाती पै मारी माला की आब उतारी हो र...
haryanvi-bgc
459 सहती खोलके थाल विच धयान कीता खंड चावलां दा थाल हो गया छुटा तोर फकीर दे मोजजे1 दा विचों कुफर पाजी परे हो गया जेहड़ा चलया निकल यकीन आहा करामात नूं देख खलो गया गरम गजब दी आतशों आप आहा बरफ कसफ2 दे नाल समो गया जिस नाल फकीरां दे अड़ी बधी ओह आपना आप वगो गया पेवे डाढयां माड़यां केहा लेखा ओस खोह लया ओह हो गया मरन वखत होया स...
panjabi-pan
247 जोगी छड जहान फकीर होए एस जग विच बहुत खुआरियां ने लैन देन तेदगा अनियां करना लुट खुट ते चोरियां यारियां ने ओह पुरख निरब्बान पद जा पहुंचे पंज इंदरियां जिनां ने मारियां ने जोग दे के करो निहाल मैंनूं कहिया जिउ ते घुंढियां चाढ़ियां ने एस जट गरीब नूं तार तिवें जिवें अगलीयां संगतां तारियां ने वारस शाह मियां रब्ब शरम रखे जो...
panjabi-pan
बरसे महाराज झड़ाझड़ियाँ बरसे महाराज झड़ाझड़ियाँ , सो धरती जैजैकार करै । पानी कौ पहलौ गिरो , मुतियन की लर झिलमिला उठी , कुछ सौंधीसौंधी महँक जगी , सोई माटी कुलबिला उठी ; बह चलीं उरतियाँ गलिनगलिन , लरकन की गोलें जुरयाईं , कलकत उघरारे निकर परे , वे खेल चले चाईमाई ; सबनें जीऐसौ पाओ है , या अमरित की रसधार झरै । भर गुच्छन जमन...
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आया अयोध्या वाला कुवर दो आया अयोध्या वाला कुवर दो १ राजा जनक तो जग में हो ठाड़ा शोभा वर्णी न जाई उठ सभा दल देखण लागी उग्या भवन का तारा . . . कुवर दो . . . २ यो रे धनुष कोई सी हाले न डोले , लख जोधा आजमाया रावण सरीका पड्या खिसाणा भवपती गरब हरायाँ . . . कुवर दो . . . ३ लक्ष्मण सुणो बंधु रे भाई , गुरु की नी आज्ञा पाई डावी ...
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373 जिस जट दे खेत नूं अग्ग लगी ओह रहिवां1 वढके गाह लया लावेहार2 राखे विदा होए ना उमैद हो के जट राह लया जेहड़े बाज तों काउं ने कूंज खोही सबर शुकर कर बाज फना लया दुनियां छड उदासियां पैहन लइयां सयद वारसों हुण वारस शाह होया
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ऐ रानी डो ऐ रानी ऐ रानी डो ऐ रानी ऐ रानी डो ऐ रानी साडी डरमे घोरा फलगो बिचायो डो रानी बोले साडी डरमे घोरा फलगो बिचायो डो रानी बोले ऐ रानी डो ऐ रानी बोले ऐ रानी डो ऐ रानी बोले साडी डरमे घोरा फलगो बिचायो डो रानी बोले साडी डरमे घोरा फलगो बिचायो डो रानी बोले ऐ राजा जा राजा बोले ऐ राजा जा राजा बोले चो सन्ठी साडी डरमे घोरा फ...
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163 हीर पुछके आपने माहीए नूं लिखवा जवाब चा टोरया ई तुसां लिखया ते असां वाचया ई सानूं वावदयां ही लगा झोरया ई असां धीदो नूं चा महींवाल कीता कदी टोरना तेनहीं लोड़या ई कदे पान ना वल फेर ते पहुंचे शीशा चूर होया किसे जोड़या ई गंगा गइयां न हडियां मुड़दियां ने गए वकत नूं किसे ना मोड़या ई हथों छुटके तीर ना कदे मिलदे वारस छडना त...
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सर्प दंश से सम्बन्धित मंत्र बड़वा नीम की पाँच टहनी पत्ते वाली लेता है और पीड़ित व्यक्ति के सामने बैठकर सर्प का जहर उतारने के लिए मंत्र बोलता है , नीम की टहनियों को पीड़ित व्यक्ति के सिर से झाड़ा डालता है । जिसे सर्प काटा हो उसे पूर्व दिशा की ओर मुँह करके जमीन पर बैठा देते हैं , लाल धागा भीलट बाबा की मान लेकर बड़वा पीड़...
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340 आ नढीए गैब क्यों चाया ई साडे नाल की रिकता1 चाइयां नी बेकसां दा कोई ना रब्ब बाझों तुसीं दोवं ननाण भरजाइयां नी जेहड़ा रब्ब दे नाम ते भला करसी अगे मिलनगियां ओस भलाइयां नी अगे तिन्हां दा हाल ज़बून2 होसी अखीं वेख करन जो बुरयाइयां नी
panjabi-pan
नाई की तेरे लाम्बे लाम्बे खेस नाई की तेरे लाम्बे लाम्बे खेस आधे बिछा ल्यो आधे ओढ़ ल्यो राजा जी मेरी मां के पाले खेस क्यूंकर बिछा ल्यूं क्यूंकर ओढ ल्यूं राजा जी तेरी चाल सरूप जणू रै हाथी घूमै गाल मैं राजा जी तेरा बोल सरूप जणू रै पपीहा बोल्या रेल का नाई की तेरा बोल सरूप जणू रै कोयल बोली बाग में नाई की तेरी चाल सरूप जणू म...
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145 मुंह उंगलां घत के कहनसभे कारे करन थीं एह ना संगदा ए साडियां मंमियां टोंहदा छेड़ गलां पिछों होएके सुथणां सुंघदा ए सानूं कठियां करें ते आप पिछों सान होएके टपदा रिंगदा ए नाल बन्न के जोग नूं जोअ देंदा गुतां बन्न के खिचदा टंगदा ए तेड़ां लाह घाई ते फिरे भौंदा भऊं भऊं मूतदा ते नाले त्रिंगदा ए वारस शाह उजाड़ विच जाय के ते ...
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जौ गीवहां को उबटणों राय चमेली का तेल जौ गीवहां को उबटणों राय चमेली का तेल अत लाडो बैठ्यो उबटणै मैल झड़े झड़ मैं पड़े नूर चढै गोरे अंग अत लाडो बैठ्यो उबटणै आ मेरी मायड़ देख ले तम देख्या सुख होय अत लाडो बैठ्यो उबटणै आ मेरी भुआ देखल्यो तमने आरतड़ा रो चाव अत लाडो बैठ्यो उबटणै
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कैसे खेले जइबू सावन में कजरिया कैसे खेले जइबू सावन में कजरिया बदरिया घेरि आइल ननदी तू तौ जात हौ अकेली कौनो संग न सहेली गुण्डा रोकि लींहें तोहरी डगरिया बदरिया घेरि आइल ननदी भौजी बोलेलू तू बोली सुनिके लागल हमरा गोली काहे पड़ल बाड़ू हमरी नगरिया बदरिया घेरि आइल ननदी केतने दामुल फाँसी चढ़िगे केतने गोली खाके मरिगे केतने पीसत...
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भोर बीरन हो रओ भोर , दूदसीं डूबन लगीं तरइयाँ । बड़ी भुजाई नें बखरी कौ , टालटकोरा कर लऔ । माते जू के बड़े कुआ कौ , मीठौ पानी भर लऔ । मुरगन नें दई बाँग , डरइयँन बोली श्याम चिरइयाँ । बीरन हो रऔ भोरदूदसी डूबन लगीं तरइयाँ । मानकुँवर ने सारन कौ सब , कूराकरकट भर लऔ । दूद देत गइयनभैंसन खौं , दन्नों दर कैं घर दऔ । सौकारूँ कर ले...
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सूजैं इन आँखन अलबेली सूजैं इन आँखन अलबेली जग मैं रजऊ अकेली । भरकें मूठ गुलाल , धन्न वे , जिनके ऊपर मेली । भागवान जिनने पिचकारी , रजऊ के ऊपर ठेली । ई मइनाँ की आवन हम पै , मिली , मसा के झेली । अपकी बेराँ उननें ईसुर फाग सासरें खेली ।
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कई रेती में पीपल छाया कई रेती में पीपल छाया कई गेरा कुंडा खणाया हो म्हारा गेरा गजानन्द आया कई दाऊजी रे मन भाया कई माता बई हरक बवाया म्हारा गेरा गजानन्द आया कई काकोजी रे मन भाया कई काकीजी मोतीड़े बदाय । कई भैया रे मन भाया कई भाभी बई कंकूड़े बदाया कई मामाजी रा मन भाया कई मामाजी हिदड़े बदाया
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भानु भौंपेलो हिंडवाणी कोट मा रन्दो1 छयो2 हंसा हिंडवाण , वो त होलो अनमातो3 धनमातो4 जैकी बार5 छन तिवारी , बत्तीस नीमदरी6 , मट्टी जसो अन्न होलो , ढुंग्यों7 जसो धन , बार छन बेटा जैका , अठार छन नाती । तब हिण्डवाणी कोट मा पड़े , बार बरस को अकाल , देखा बड़ा पेड़ा , न लायान भूक , छोटा न पड्यान दूख । हिण्डवाणी कोट मा , कनी तराइ...
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इक मेरी अख काशनी नी इक मेरी अख काशनी , दूजा रात दे उन्नींद्रे ने मारेआ , शीशे ते तरेड़ पै गयी , वाल वौंदी ने धयान जदों मारेआ , इक मेरी अख . . . . इक मेरी सस्स चंदरी , भैड़ी रोही दे किकर तों काली , गल्लेकथ्थे वीर भुन्नदी नाले दवे मेरे माँपयां नू गाली , नी क़ेहडा उस चंदरी दा , नी मैं लाचीयाँ दा बाग उजाड़आ , इक मेरी अख का...
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मनख्या बाघ लोगूँ कु खेती कु काम नी होये पूरू1 , यो निभागी बाघ होईगे शुरू एकी2 जागान3 बल हैकी4 जागा जाँद , जनानी चोरीक नौनोऊँ छ खाँद कनो निरभागी यो बाग गीजी5 , हमारी आँखी आँसुन भीजी एकी जनानी वैन मारे धाड़ो , मैं कू बाड़ी पकौण को करे भाड़ो । तैं को मालिक बवराँदो6 भौत , ये पापी बागक कब औली मौत ? तै डाँडा का ऐंच दुगड़ी गौ...
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सावां गीत ऊँचा मां भाले रे ढेड्या सरग मारी भाणिंगलो नेचो मां भाले रे ढेड्या सरग मारी भाणिंगलो खाटले मां बसेरे ढेड्या सरग मारी भाणिंगलो उटले मां बसेरे ढेड्या सरग मारी भाणिंगलो सावां लाने वालों को बधाकर स्वागत कर घर में ले जाते हैं फिर औरतें गीत गाती हैं । सावां लाने वालो को कहती हैं कि तुम ऊपर आसमान की ओर मत देखो सरग आस...
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भाँवर गीत मारो कवचड़ा पर , ढेड्या दासे झुणी । कवच आजड़ झांजड़ करे , ढेड्या दासे झुणी । पुर्यो चुली मेकण आयो , पुरयो धड़धड़ कांपे वो । विवाह के दिन फेरे के समय दूल्हे का छोटा भाई दुल्हन के लिए चोली लेकर दुल्हन के घर में जाता है । स्त्रियाँ कहती हैं ले लड़के मेरा कवच का घर है , भागना मत । कवच हिलती है तुझे लग जाएगी , भाग...
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पानी भारेन जाऊसे वो मोरी मायू पानी भारेन जाऊसे वो मोरी मायू घर का सासू घाघर रोके भागी भागी से आई से जावा मारो बेटी भागी भागी के आई जा मैं कैसी आऊंसे वो मोरी मायू रास्ता में मिले होय तो सोटी न मारे रोटी पावन जाऊंसे वो मोरी मायू घर का जिठानी चूला न रोके भागी भागी से आई से जावा मारो बेटी भागी भागी के आई जा स्रोत व्यक्ति श...
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179 रांझे आखया मूंहों की बोलना ए घुट वट के दुखड़ा पीवना ई मेरे सबर दी दाद जे रब्ब दिती खेड़े हीर सयाल ना जीवना ई सबर दिलां दे मार जहान पटन उच्ची कासनूं असां बकीवना ई तुसीं कमलियां इशक थीं नहीं वाकफ नेहुं लावणा निंम दा पीवना ई वारस शाह जे चुप थीं दाद पाईए उची बोलयां वहीं विहीवना1 ई
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नीम्ब के लागी निम्बोली दादा हो नीम्ब के लागी निम्बोली दादा हो समधी की रीतगी न्यौली दादा हो कन्या नै दो परणाय दादा हो जांडां के लागी झींझ दादा हो समधी नै आ गई नींद दादा हो कन्या नै दो परणाय दादा हो आकां कै लागै डोडे दादा हो समधी के जुड़ गये गोडे दादा हो कन्या नै दो परणाय दादा हो
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464 सानूं बखश अलाह दे नाम मियां साथों भुलयां एह गुनाह होया कचा शीर पीता वंदा सदा भुले धुरों आदमों भुलना राह होया आदम भुल के कणक नूं खा बैठा झट जंनतों हुकम फनाह होया शैतान उसताद फरिशतयां दा भला सजदयों किधर दे राह होया मुढों रूह भला कौल दे वड़या जुसा छड के अंत फनाह होया कारूं भुल जकात थी शुभ होया वाहद ओस ते कहर अलाह होया...
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आजा-बे हीरा मोर जोहथों रद्‍दा तोर आजाबे हीरा मोर आजाबे हीरा मोर जोहथों रद्‍दा तोर थाड़े घठोंधा मा रे असाढ़ करथे घुरुरघारर सावन म बरसे झिमिरझामर तोर सुरता म रो रोके बोहागे आंखी के काजर भींजगे लुगरा के छोर सुहावे नहीं अंगना घरदुवार बिरखाहे सुर सिंगार तोर बिना चारो कोती लगथे कुलुप अंधियार आके कर दे अंजोर आँसू चलथे झरझरझर ...
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पाँच लाडू पाँच धरिया पाँच लाडू पाँच धरिया फलाणा राय पाँच पड़िया नाचरे म्हारा गणपति गणपतियो तो नाचेगो सेरी में धूम मचायेगो नाचरे म्हारा गणपति
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लैवौ राम नाम इक सच्चा लैवौ राम नाम इक सच्चा । दूर होय दुख दच्चा । हिरनाकस पिहलाद के लानैं । कौन तमासो रच्चा । सबरे बरतन पके अबाके , बो बर्तन रऔ कच्चा । बरत आग सैं कूँदत आ गए , मनजारो के बच्चा । लैलै राम निकारौ , ईसुर , मिल्लादुल्लाफुच्चा ।
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28 आख रांझया भा की बनी तेरे देस बाप दा छड सिधार नाहीं वीरा अम्बड़ी जाया जा नाहीं सानूं नाल फिराक1 दे मार नाहीं एह बांदियां असीं गुलाम तेरे कोई होर विचार विचार नाहीं बखश एह गुनाह तूं भाबियां नूं कौन जंमिआ जो गुनहगार नाहीं
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मेंहदी गीत खेड़िखड़ि काइ रेते कर्या । खेड़िखड़ि काइ रेते कर्या । जड़ि गुयो मेहंदी नो बीज । हात रंग्या पाय रंग्या । जड़ि गुयो मेहंदी नो बीज । रंग चुवे । हे बनी जमीन मंे हल चलाकर , मेहंदी का बीज ढूँढा । बीज बोया , तब जाकर मेहंदी का पौधा तैयार हुआ । वही मेहंदी हमने तेरे हाथपैर में लगा दी है । देखो मेहंदी का रंग कैसे खिल र...
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445 आ सहतीए वासता रब्ब दा ई नाल भाबियां दे मिठा बोलीए नी होईए पीड़ वंडावड़े शहदियां दे जहर बिछूआं वांग ना घोलीए नी कम बंद होवे परदेसियां दा नाल मेहर दे गंड नूं खोलीए नी तेरे जही ननान हो मेल करनी जिऊ जान भी उस तों घोलीए नी जोगी चल मनाईए बाग विचों हथ बन्न के मिठड़ा बोलीए नी जो कुझ कहे सो सिरे ते मन लईए गमी शादियों मूल ना...
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147 वार घतियां कौन बलाए कुता दुरकार के परां ना मारदे हो असां भईअड़े पिटियां हथ लाया तुसीं एतनी गल न नितारदे हो फरफेजियां मकरियां ठकरियां नूं 1 मूंह ला के चा विगाड़दे हो मुठी मुठी हां ऐड अपराध पैंदा धीयां सद के परहे विच मारदे हो एह लुचा मुशटंइड़ा असीं कुड़ियां अजे सच ते झूठ नितारदे हो पुरूष होय के पढियां नाल घुलदा तुसीं...
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आयो महीनो भादों को आयो महीनो भादों को । मन समझादूं1 बौत2 । या मिली जादों स्वामी जी या प्रभु देदो मौत ।
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आओ फकीरो मेले चलीए आओ फकीरो मेले चलीए , आरफ का सुण वाजा रे । अनहद शब्द सुणो बहु रंगी , तजीए भेख प्याज़ा रे । अनहद वाजा सरब मिलापी , नित्त वैरी सिरनाजा रे । मेरे बाज्झों मेला औतर , रूढ़ ग्या मूल व्याजा रे । करन फकीरी रस्ता आशक , कायम करो मन बाजा रे । बन्दा रब्ब भ्यों इक्क मगर सुक्ख , बुल्ला पड़ा जहान बराजा रे ।
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कालू भण्डारी होलो कालू भण्डारी मालू1 मा को माल , अन्न का कौठारा2 छा वैका , वसती3 का भण्डारा । गाडू4 घटड़े5 छई , धारू6 मरूड़े7 , धनमातो8 छौ , अनमातो9 , जोवनमातो छौ कालू स्यो भण्डारी । कालू भण्डारी छौ जब सोल बरस को , आदी रात मा तैं सुपिनो होयो , सुपिना मा देखे बैन स्या ध्यानमाला , देखे वैन वरफानी काँठो10 बरफानी कांठा देख...
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जेरेमा रेपे डो कोवा हेचकेन जेरेमा रेपे डो कोवा हेचकेन जेरेमा रेपे डो कोवा हेचकेन आम्बे नी पाला रोकोमा रोको डो साडी मारे आम्बे नी पाला रोकोमा रोको डो साडी मारे देठ जाने डो भूट जाने देठ जाने डो भूट जाने डोरानी आम्बे पाला रोकामारो कोडो साडी मारे डोरानी आम्बे पाला रोकामारो कोडो साडी मारे स्रोत व्यक्ति संगीता , ग्राम कुकड़ा...
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किसिआं बान्ना हे न्योंदिए किसिआं बान्ना हे न्योंदिए घर किसिआं के हे जा यू बनवाड़ा हे न्योंदिए सिरी राम बन्ना हे न्योंदिए घर राम जी के हे जा यू बनवाड़ा हे न्योंदिए फीडे मारे हे मोचड़े चाले हे नान्हड़ी चाल चादर ओढ़े ए तीन पटी बैठ भाईआं के हे बीच यू बनवाड़ा हे न्योंदिए
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ताकतवर बलवान बना ताकतवर बलवान बना , क्यूं भुंडी सकल बनाई रे के बुज्झेगा मन मेरे की घणी मुसीबत आई रे दइ्र खुदा ने टांग बड़ी जो दो दो गज तक जाती रे ऊपर बोज्झा लदे घणा जब तीन तीन बल खाती रे पेट उभरमा छाती चठमा इडर से सज जाती रे लगें रगड़के इडर के ना मिलता कोई हिमाती रे धन धन तेरे नाती तेरी माता बाबल भाई रे के बुज्झेगा मन ...
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तेरे माथे मुकुट विराज रह्यौ श्री गोवर्धन महाराज , महाराज तेरे माथे मुकुट बिराज रह्यौ तौपे पान चढ़े , तौपे फूल चढे़ , तो पै पान . . . और चढ़े दूध की धार , हाँ धार । तेरे माथे . तेरे गले में कण्ठा सोह रह्यौ , तेरे गले में . . . तेरी झाँकी बनी विशाल , विशाल , तेरे माथे मुकुट विराज रह्यौ । श्री . तेरी झाँकी बनी विशाल , विश...
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गगा को मान बड़ा भारी गंगा को मान बड़ा भारी , चलो बहनों मुक्ती सुधारी । तारन के लाने सहज में न आई , तप करके भागीरथ निकारी । चलो दीदी . . . . गंगा की धार शम्भू रोकी जटन में भोला शिवत्रिपुरारी । चलो दीदी . . . . तीरथ व्रत ऐसे चारों तरफ हैं गंगा की महिमा है न्यारी । चलो दीदी . . . . जावे के लाने कछु अड़चन नैयां दिन भर चले ...
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परोस दिये भाजी लड्डू पूरी पकवान जी परोस दिये भाजी लड्डू पूरी पकवान जी जीमो जीमो समधी पंच पकवान जी बताओ बताओ समधी अपनी बात जी मां हमारी चांदनी और बाबुल पूनो का चांद जी हमारे सारे भाई राज कुंवर बहन रानी राधिका जी बहू हमारी चम्पा की कली सोभा है रनिवास की मां तुम्हारी नटनी और बाप तुम्हारा बटुआ जी तुम सारे भाई बनजारे बहन तु...
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नाचो डी टेन हाजे डाई नाचो डी टेन हाजे नाचो डी टेन हाजे डाई नाचो डी टेन हाजे नाचो डी टेन हाजे डाई नाचो डी टेन हाजे नाचो डी टेन हाजे डाई नाचो डी टेन हाजे आमा कोन डो आमा किमिन हल्दी घाटो चोखा चावल मेंढा बोकरा समाले जे ढाई आमा बोको आमा किमिन हल्दी घाटी चोखा आमा रानी आमा कोन की हल्दी स्रोत व्यक्ति सीताराम बैठ , ग्राम टेमलाव...
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लीली घोड़िया बर असबरवा लीली घोड़िया बर असबरवा , हाथ सोबरन के साँट1 हे सखी । राति देखल घर मोरे आयल , पेन्हि ओढ़ि धीय जमाइ2 हे सखी ॥ 1 ॥ औंठीपौंठी3 सूतल सारी4 सरहजबा5 पोथानी6 सूतल नीचे सास हे । ओते सुतूँ7ओते सुतूँ सासु पंडिताइन , लगि जयतो8 पेरवा9 के धूर हे ॥ 2 ॥ किया तोंहे हउ बाबू सात पाँच के जलमल , किया मलहोरिया10 तोहर ...
magahi-mag
पातर-पातर गोरिया के पतरी कमरिया पातरपातर गोरिया के पतरी कमरिया मोर सँवरिया रे पतरी डगरिया धैले जाय पातर लपलप गोर पतरी अंगुरिया मोर सँवरिया रे लचकत पनिया के जाय सड़िया के आरीआरी गोटवा के जारी मोर सँवरिया रे मटकत रहिया के जाय गावेले महेंदर मिसिर दूहो रे पुरुबिया मोरे सँवरिया रे , देखते में जिया ना अघाय ।
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तेरौ जनम सुफल है जाय तेरौ जनम सुफल है जाय लगायलै रज ब्रजधाम की । टेक । काट दें पाप तेरे ब्रजराज , लगाय लै परिकम्मा गिर्राज बनें सब तेरे बिगड़े काज । दोहा काम तेरे बिगड़े सभी , दें बनाय वृजचन्द । करते भव से पार हैं , वे माधवचन्द मुकुन्द ॥ हृदय के पट खोल और , करि झाँकी श्याम की ॥ 1 ॥ मानसी गंगा कर स्नान , प्रेम से चरनामृ...
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अफई उफून मोनई तुरीया अफई उफून मोनई तुरीया अफई उफून मोनई तुरीया लिजा टियानेन इनी का टइईया लिजा टियानेन इनी का टइईया पोलका टियायेन इनी का टड़ईया पोलका टियायेन इनी का टड़ईया बिगड़ी फड़ीयेन इनी का टड़ईया बिगड़ी फड़ीयेन इनी का टड़ईया जाम लज्जेन इनी का टड़ई जाम लज्जेन इनी का टड़ई जाम लज्जेन इनी का टड़ई स्रोत व्यक्ति परसराम प...
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इंज सेनेवा सेनेवा जा राजा गावां सिरेन इंज सेनेवा सेनेवा जा राजा गावां सिरेन इंज सेनेवा सेनेवा जा राजा गावां सिरेन गाना बजना जा सेने बोले गाना बजना जा सेने बोले बाकीमा सेने इयां रानी गावां सिरेन बाकीमा सेने इयां रानी गावां सिरेन गाना बजना डो बाकी सेने गाना बजना डो बाकी सेने गाँव का लोग जले डो रानी गावां सिरेन गाँव का लो...
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192 डारां खूबां दीयां मेलणां दे मेल आइयां हूरपरी दी होश गवांदियां ने लख जटियां मुशक पलटियां ते आण पदमनी वाग सुहांदियां ने बारां जात ते सत सनात1 ढुकी रंग रंग दीयां सूरतां आंदियां ने परीजात जटेटियां नैण खूनी नाल हेक महीन दे गानदियां ने उते भोछन सन पंज पलिए2 दे अते लुंगियां तेड़ झनादियां ने नाल आरसी मुखड़ा देख सुन्दर खोल ...
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