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मुंबई, 24 अगस्त (आईएएनएस)। अभिनेता चंदन रॉय सान्याल वेब सीरीज 'भ्रम' में काम करने के लिए बिल्कुल तैयार हैं। यह सायकोलॉजिकल थ्रिलर सीरीज शिमला की पृष्ठभूमि पर आधारित होगी। चंदन ने कहा, "मैं जो किरदार निभा रहा हूं वह हटके है और एक कलाकार के लिए इस तरह के लुभावने किरदार को निभाना हमेशा संतोषजनक रहा है।
के. हरि कुमार 'भ्रम' के लेखक हैं और संगीत सिवन इसके निर्देशक हैं। इस वेब सीरीज के आठ एपिसोड्स होंगे जिनका प्रसारण सितंबर से जी5 पर होगा। इसमें कल्कि कोचलीन भी हैं।
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मुंबई, चौबीस अगस्त । अभिनेता चंदन रॉय सान्याल वेब सीरीज 'भ्रम' में काम करने के लिए बिल्कुल तैयार हैं। यह सायकोलॉजिकल थ्रिलर सीरीज शिमला की पृष्ठभूमि पर आधारित होगी। चंदन ने कहा, "मैं जो किरदार निभा रहा हूं वह हटके है और एक कलाकार के लिए इस तरह के लुभावने किरदार को निभाना हमेशा संतोषजनक रहा है। के. हरि कुमार 'भ्रम' के लेखक हैं और संगीत सिवन इसके निर्देशक हैं। इस वेब सीरीज के आठ एपिसोड्स होंगे जिनका प्रसारण सितंबर से जीपाँच पर होगा। इसमें कल्कि कोचलीन भी हैं।
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यूपी के फर्रुखाबाद पुलिस का एक कारनामा सामने आया है। एक बार फिर बर्दी की आड़ में बुजुर्ग को जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया गया। मामला बेटी की हत्या का है जिसका आरोप पिता पर लगाकर, तथ्यों की अनदेखी कर बुजुर्ग पिता को 3 साल तक सलाखों के पीछे भेज दिया। बुजुर्ग पीड़ित पिता के जेल में बंद होने की तथाकथित कहानी मृतक बेटी को जब पता चली तो कागजो में मृतक बेटी पुलिस अधीक्षक के सामने पहुंची। तब कही जाकर पुलिस की इस अनोखी कार्यवाई से पर्दा उठा।
मामला थाना मेरापुर के गांव देव सैनी का है। साल 2016 में यहां के रहने वाले 61 वर्षीय लालाराम की बेटी सोनी गायब हो गई थी। परेशान पिता ने पुलिस के पास केस दर्ज करवाते हुए बताया कि उनकी बेटी घर वापस नहीं आई है पीड़ित पिता पहले कई दिनों तक पुलिस के चक्कर काटता रहा। फिर खाकी ने ऐसी दास्तान लिख दी कि गायब बेटी का पिता ही जेल पहुंच गया। जानकारी के मुताबिक पीड़ित पिता ने ग्राम के हीओंकार अजब सिंह, बिशनदयाल, संतोष और संतोष देवी पर संदेह जाहिर करते हुए लिखित तहरीर बर्ष 2016 में दी थी लेकिन पुलिस ने उल्टा पिता को ही जबरन आरोपी बना कर बेटी की हत्या के आरोप में 302 धारा के तहत चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। विवेचना तत्कालीन इंस्पेक्टर सुनील कुमार और एसआई मोहम्मद आसिफ के जिम्मे थी। दोनों पुलिसकर्मियों ने विधि व्यवस्थाओं को ताक पर रखते हुए बता दिया कि सोनी की हत्या हो गई है और लालाराम ही उसका हत्यारा है। कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल कर दी गई। लालाराम को अपनी ही बेटी के कत्ल में निरपराध होते हुए भी 3 सालों की जेल हो गई। कुछ समय बाद, जब बेटी को यह मालूम हुआ कि उसके पिता जेल में हैं, तो वह पुलिस के पास पहुंची और खुद को जिंदा साबित करते हुए अपनी मर्जी से घर छोड़ने की बात कबूली। इसी के साथ सोनी ने पिता पर से झूठा केस हटाने की गुहार भी लगाई बेटी ने पिता पर लगे आरोपों को जब जिले के पुलिस अधीक्षक के सामने साबित किया वह मुर्दा नहीं जिन्दा है और वह अपनी मर्जी से घर छोड़ कर गयी थी, तब कही जाकर कोर्ट ने जेल में पीड़ित पिता को जेल से रिहाई मिल पायी है।
गौरतलब है कि 26 मई 2020 को सोनी ने एसपी के सामने प्रमाण पत्र और शपथ पत्र देकर खुद को जीवित बताया था। एसएसआई मोहम्मद आसिफ और इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने यह जानते हुए कि सोनी जीवित है, कूट रचित प्रपत्र विपक्षियों के इशारे पर तैयार कर गवाहों पर दबाव बनाते वह न्यायालय में धारा 302 की फर्जी चार्जशीट दाखिल कर दी थी। अब कोर्ट ने पूरे मामले में गंभीरता पूर्वक सुनवाई की है और बेटी सोनी को कोर्ट के सामने पेश होने का फरमान जारी करते हुए पीड़ित लालाराम की याचिका को स्वीकार किया है। और आरोपी पुलिस कर्मियों समेत सभी ग्राम निबासी ओंकार अजब सिंह, बिशनदयाल, संतोष और संतोष देवी पर मुकदमा दर्ज कर कोर्ट को अबगत कराने का आदेश दिया है।
पीड़ित बेगुनाह पिता समेत उसके बेटे की माने तो पुलिस ने उस समय पूरे घर को बहुत लम्बे समय तक परेशान किया और आये दिन प्रताड़ित किया। वही पीड़ित पिता ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगते हुए कहा पुलिस ने कई दिनों तक बेरहमी के साथ मारपीट कर जबरन बेटी की हत्या का जुर्म कबूल करवाया। पकडे गए दामाद को छोड़ने के लिए गरीबी के समय लाखो रूपये की रिश्वत भी ली। पीड़ित के बेटे ने बताया की पुलिस को देने के लिए पैसे की व्यवस्था नहीं थी लेकिन घर में पीला बकरे और बकरी बेच कर पुलिस को रूपये दिए, तब कही जाकर बुजुर्ग के दामाद को थाने से छोड़ा, लेकिन पीड़ित पिता को जेल भेज दिया।
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यूपी के फर्रुखाबाद पुलिस का एक कारनामा सामने आया है। एक बार फिर बर्दी की आड़ में बुजुर्ग को जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया गया। मामला बेटी की हत्या का है जिसका आरोप पिता पर लगाकर, तथ्यों की अनदेखी कर बुजुर्ग पिता को तीन साल तक सलाखों के पीछे भेज दिया। बुजुर्ग पीड़ित पिता के जेल में बंद होने की तथाकथित कहानी मृतक बेटी को जब पता चली तो कागजो में मृतक बेटी पुलिस अधीक्षक के सामने पहुंची। तब कही जाकर पुलिस की इस अनोखी कार्यवाई से पर्दा उठा। मामला थाना मेरापुर के गांव देव सैनी का है। साल दो हज़ार सोलह में यहां के रहने वाले इकसठ वर्षीय लालाराम की बेटी सोनी गायब हो गई थी। परेशान पिता ने पुलिस के पास केस दर्ज करवाते हुए बताया कि उनकी बेटी घर वापस नहीं आई है पीड़ित पिता पहले कई दिनों तक पुलिस के चक्कर काटता रहा। फिर खाकी ने ऐसी दास्तान लिख दी कि गायब बेटी का पिता ही जेल पहुंच गया। जानकारी के मुताबिक पीड़ित पिता ने ग्राम के हीओंकार अजब सिंह, बिशनदयाल, संतोष और संतोष देवी पर संदेह जाहिर करते हुए लिखित तहरीर बर्ष दो हज़ार सोलह में दी थी लेकिन पुलिस ने उल्टा पिता को ही जबरन आरोपी बना कर बेटी की हत्या के आरोप में तीन सौ दो धारा के तहत चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। विवेचना तत्कालीन इंस्पेक्टर सुनील कुमार और एसआई मोहम्मद आसिफ के जिम्मे थी। दोनों पुलिसकर्मियों ने विधि व्यवस्थाओं को ताक पर रखते हुए बता दिया कि सोनी की हत्या हो गई है और लालाराम ही उसका हत्यारा है। कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल कर दी गई। लालाराम को अपनी ही बेटी के कत्ल में निरपराध होते हुए भी तीन सालों की जेल हो गई। कुछ समय बाद, जब बेटी को यह मालूम हुआ कि उसके पिता जेल में हैं, तो वह पुलिस के पास पहुंची और खुद को जिंदा साबित करते हुए अपनी मर्जी से घर छोड़ने की बात कबूली। इसी के साथ सोनी ने पिता पर से झूठा केस हटाने की गुहार भी लगाई बेटी ने पिता पर लगे आरोपों को जब जिले के पुलिस अधीक्षक के सामने साबित किया वह मुर्दा नहीं जिन्दा है और वह अपनी मर्जी से घर छोड़ कर गयी थी, तब कही जाकर कोर्ट ने जेल में पीड़ित पिता को जेल से रिहाई मिल पायी है। गौरतलब है कि छब्बीस मई दो हज़ार बीस को सोनी ने एसपी के सामने प्रमाण पत्र और शपथ पत्र देकर खुद को जीवित बताया था। एसएसआई मोहम्मद आसिफ और इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने यह जानते हुए कि सोनी जीवित है, कूट रचित प्रपत्र विपक्षियों के इशारे पर तैयार कर गवाहों पर दबाव बनाते वह न्यायालय में धारा तीन सौ दो की फर्जी चार्जशीट दाखिल कर दी थी। अब कोर्ट ने पूरे मामले में गंभीरता पूर्वक सुनवाई की है और बेटी सोनी को कोर्ट के सामने पेश होने का फरमान जारी करते हुए पीड़ित लालाराम की याचिका को स्वीकार किया है। और आरोपी पुलिस कर्मियों समेत सभी ग्राम निबासी ओंकार अजब सिंह, बिशनदयाल, संतोष और संतोष देवी पर मुकदमा दर्ज कर कोर्ट को अबगत कराने का आदेश दिया है। पीड़ित बेगुनाह पिता समेत उसके बेटे की माने तो पुलिस ने उस समय पूरे घर को बहुत लम्बे समय तक परेशान किया और आये दिन प्रताड़ित किया। वही पीड़ित पिता ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगते हुए कहा पुलिस ने कई दिनों तक बेरहमी के साथ मारपीट कर जबरन बेटी की हत्या का जुर्म कबूल करवाया। पकडे गए दामाद को छोड़ने के लिए गरीबी के समय लाखो रूपये की रिश्वत भी ली। पीड़ित के बेटे ने बताया की पुलिस को देने के लिए पैसे की व्यवस्था नहीं थी लेकिन घर में पीला बकरे और बकरी बेच कर पुलिस को रूपये दिए, तब कही जाकर बुजुर्ग के दामाद को थाने से छोड़ा, लेकिन पीड़ित पिता को जेल भेज दिया।
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भोपाल। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास के साथ हुई चर्चा के बाद शुक्रवार सुबह 11 बजे डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल स्थगित कर दी। डॉक्टरों की मांगों को लेकर मंत्री सारंग ने हाईपावर कमेटी बनाने पर हामी भर दी है, साथ ही समय सीमा में विचार कर कमेटी द्वारा रिपोर्ट दिए जाने का आश्वासन भी दिया है। इससे पहले राजधानी समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में सुबह तक हड़ताल जारी रही। दोपहर होते ही हड़ताल स्थगित होने की घोषणा के बाद डॉक्टरों के काम पर लौटने से अस्पतालों में सामान्य दिनों की तरह कार्य शुरू हो गया। मप्र शासकीय एवं स्वशासी चिकित्सक महासंघ के संयोजक डॉ राकेश मालवीय ने बताया कि इस मामले में पहले हमारी बात चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग से हुई, जिन्हें मुख्यमंत्री ने खुद अधिकृत किया था। मुख्यमंत्री से मुलाकात हुई तो मुख्यमंत्री ने हमें बताया कि हमारी दोनों मांगे डीएसीपी लागू करना और मेडीकल कार्य में अधिकारियों की दखल अंदाजी बंद करने को लेकर एक हाई पॉवर कमेटी बनाई जाएगी। जिसमें छह विभाग के पीएस के अलावा महासंघ के तीन पदाधिकारी होंगे।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि हमारी सरकार संवाद करने वाली सरकार है। कोरोना के समय में डॉक्टरों ने बहुत अच्छा काम किया था। मंत्री सारंग ने कहा कि मैं चिकित्सा महासंघ को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने हड़ताल को स्थगित करने का फैसला लिया है।
डॉक्टरों की हड़ताल का सबसे अधिक असर सुबह से ही हमीदिया अस्पताल में देखने को मिला, जहां सुबह से ही डॉक्टर्स नहीं पहुंचे। इसके अलावा ओपीडी में ताला लगा होने के कारण पर्चे भी नहीं बने। सुबह से मरीज इलाज के लिए भटकते रहे। इसके अलावा यहां किसी तरह के कोई आॅपरेशन, जांच आदि भी नहीं हुए। वहीं जेपी अस्पताल में इक्का दुक्का डॉक्टर्स मरीजों को देखते मिले। इसके अलावा अधिकतर डॉक्टर्स के कमरे खाली ही दिखाई दिए।
डीएसीपी लागू करना।
मेडीकल कार्य में अधिकारियों की दखलअंदाजी बंद करना।
पुरानी पेंशन बहाल करना।
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भोपाल। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास के साथ हुई चर्चा के बाद शुक्रवार सुबह ग्यारह बजे डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल स्थगित कर दी। डॉक्टरों की मांगों को लेकर मंत्री सारंग ने हाईपावर कमेटी बनाने पर हामी भर दी है, साथ ही समय सीमा में विचार कर कमेटी द्वारा रिपोर्ट दिए जाने का आश्वासन भी दिया है। इससे पहले राजधानी समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में सुबह तक हड़ताल जारी रही। दोपहर होते ही हड़ताल स्थगित होने की घोषणा के बाद डॉक्टरों के काम पर लौटने से अस्पतालों में सामान्य दिनों की तरह कार्य शुरू हो गया। मप्र शासकीय एवं स्वशासी चिकित्सक महासंघ के संयोजक डॉ राकेश मालवीय ने बताया कि इस मामले में पहले हमारी बात चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग से हुई, जिन्हें मुख्यमंत्री ने खुद अधिकृत किया था। मुख्यमंत्री से मुलाकात हुई तो मुख्यमंत्री ने हमें बताया कि हमारी दोनों मांगे डीएसीपी लागू करना और मेडीकल कार्य में अधिकारियों की दखल अंदाजी बंद करने को लेकर एक हाई पॉवर कमेटी बनाई जाएगी। जिसमें छह विभाग के पीएस के अलावा महासंघ के तीन पदाधिकारी होंगे। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि हमारी सरकार संवाद करने वाली सरकार है। कोरोना के समय में डॉक्टरों ने बहुत अच्छा काम किया था। मंत्री सारंग ने कहा कि मैं चिकित्सा महासंघ को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने हड़ताल को स्थगित करने का फैसला लिया है। डॉक्टरों की हड़ताल का सबसे अधिक असर सुबह से ही हमीदिया अस्पताल में देखने को मिला, जहां सुबह से ही डॉक्टर्स नहीं पहुंचे। इसके अलावा ओपीडी में ताला लगा होने के कारण पर्चे भी नहीं बने। सुबह से मरीज इलाज के लिए भटकते रहे। इसके अलावा यहां किसी तरह के कोई आॅपरेशन, जांच आदि भी नहीं हुए। वहीं जेपी अस्पताल में इक्का दुक्का डॉक्टर्स मरीजों को देखते मिले। इसके अलावा अधिकतर डॉक्टर्स के कमरे खाली ही दिखाई दिए। डीएसीपी लागू करना। मेडीकल कार्य में अधिकारियों की दखलअंदाजी बंद करना। पुरानी पेंशन बहाल करना।
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मुंबई। बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा और अमेरिकन सिंगर निक जोनस के रिलेशनशिप की ख़बरें पिछले कुछ समय से सुर्खियां बनी हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों एक दूसरे को डेट कर रहे हैं। दरअसल, प्रियंका और निक की तस्वीरें सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रही हैं जिस वजह से दोनों के रिलेशनशिप की ख़बरों को तूल मिल रहा है।
हाल ही में प्रियंका निक की फैमिली वेडिंग में भी शामिल हुई हैं। अब प्रियंका निक जोनस के फैमिली मेंबर्स से भी मिल चुकी हैं। मीडिया ने हाल में निक के कजन केविन जोनस से बात की जो उसी शादी में पहुंचे थे जिसमें प्रियंका शामिल हुई थीं।
केविन ने बताया कि उन्होंने प्रियंका से मुलाकात की है। इस दौरान केविन ने प्रियंका की जमकर तारीफ की। केविन ने कहा कि यह मामला उनका नहीं बल्कि निक का है और निक जो चाहे कर सकते हैं। निक ने प्रियंका को लेकर अब तक घर में कोई बात नहीं की हैं लेकिन अगर वह चाहेंगे तो उनकी और प्रियंका की शादी से किसी को कोई परेशानी नहीं है।
इस बात से साफ़ यह जाहिर होता है कि निक के घरवालों को प्रियंका को बहु बनाने में कोई परेशानी नहीं है। वहीँ, प्रियंका की मां की बात की जाए तो उन्होंने प्रियंका और निक के अफेयर की ख़बरों से इंकार किया है।
न्यूयॉर्क। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कनाडाई पक्ष को आश्वासन दिया कि अगर वे खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के संबंध में विशिष्ट जानकारी प्रदान करते हैं तो कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि हम इसे देखने के लिए खुले हैं।
न्यूयॉर्क में 'काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस' में जयशंकर ने कहा, 'हमने कनाडाई लोगों से कहा कि यह भारत सरकार की नीति नहीं है। दूसरे, हमने कहा कि यदि आपके पास कुछ विशिष्ट है और यदि आपके पास कुछ प्रासंगिक है, तो हमें बताएं।
उन्होंने आगे कहा कि पिछले कुछ सालों में कनाडा में काफी संगठित अपराध हुए हैं और भारत सरकार ने इस बारे में कनाडा को काफी जानकारी दी है। जयशंकर ने कहा, बीते कुछ वर्षों में कनाडा ने वास्तव में अलगाववादी ताकतों, संगठित अपराध, हिंसा और अतिवाद से संबंधित बहुत सारे संगठित अपराध देखे हैं। वे सभी बहुत गहराई से मिश्रित हैं।
हम विशिष्टताओं और जानकारी के बारे में बात कर रहे हैं। हमने उन्हें संगठित अपराध और नेतृत्व के बारे में बहुत सारी जानकारी दी है, जो कनाडा से संचालित होती है। बड़ी संख्या में प्रत्यर्पण अनुरोध हैं। आतंकवादी नेता हैं, जिनकी पहचान की गई है।
विदेश मंत्री ने भारतीय राजनयिकों को धमकी और भारतीय वाणिज्य दूतावासों पर हमलों की इन घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि ये राजनीतिक कारणों से बहुत अनुमतिपूर्ण हैं।
जयशंकर ने आगे कहा, हमारी चिंता यह है कि राजनीतिक वजहों से यह वास्तव में बहुत अधिक अनुमतिपूर्ण है। इसलिए हमारे पास ऐसी स्थिति है, जहां हमारे राजनयिकों को धमकी दी जा रही है, हमारे वाणिज्य दूतावासों पर हमला किया जा रहा है। इसमें से बहुत कुछ को अक्सर उचित ठहराया जाता है, क्योंकि यह कहा जाता है कि लोकतंत्र इसी तरह से काम करता है।
यदि कोई मुझे कुछ विशिष्ट जानकारी देता है, तो इसे कनाडा तक सीमित नहीं होना चाहिए लेकिन, अगर कोई ऐसी घटना है जो एक मुद्दा है औऱ कोई मुझे एक सरकार के रूप में कुछ विशिष्ट जानकारी देता है, तो मैं उस पर गौर करूंगा।
पिछले हफ्ते की शुरुआत में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने एक विस्फोटक बयान दिया, जिसमें उन्होंने भारत सरकार पर खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया गया। उनके इस दावे को भारत ने स्पष्ट रूप से खारित किया है और इसेर बेतुका और प्रेरित बताया है।
आरोपों के बाद भारत ने कनाडा में अपनी वीजा सेवाओं को निलंबित कर दिया है। तनावपूर्ण संबंधों के बीच भारत ने अपने नागरिकों और कनाडा की यात्रा करने वालों के लिए एडवाइजरी जारी कर कहा है कि वे देश में बढ़ती भारत विरोधी गतिविधियों और राजनीतिक रूप से घृणा अपराधों एवं आपराधिक हिंसा के मद्देनजर अत्यधिक सावधानी बरतें।
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मुंबई। बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा और अमेरिकन सिंगर निक जोनस के रिलेशनशिप की ख़बरें पिछले कुछ समय से सुर्खियां बनी हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों एक दूसरे को डेट कर रहे हैं। दरअसल, प्रियंका और निक की तस्वीरें सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रही हैं जिस वजह से दोनों के रिलेशनशिप की ख़बरों को तूल मिल रहा है। हाल ही में प्रियंका निक की फैमिली वेडिंग में भी शामिल हुई हैं। अब प्रियंका निक जोनस के फैमिली मेंबर्स से भी मिल चुकी हैं। मीडिया ने हाल में निक के कजन केविन जोनस से बात की जो उसी शादी में पहुंचे थे जिसमें प्रियंका शामिल हुई थीं। केविन ने बताया कि उन्होंने प्रियंका से मुलाकात की है। इस दौरान केविन ने प्रियंका की जमकर तारीफ की। केविन ने कहा कि यह मामला उनका नहीं बल्कि निक का है और निक जो चाहे कर सकते हैं। निक ने प्रियंका को लेकर अब तक घर में कोई बात नहीं की हैं लेकिन अगर वह चाहेंगे तो उनकी और प्रियंका की शादी से किसी को कोई परेशानी नहीं है। इस बात से साफ़ यह जाहिर होता है कि निक के घरवालों को प्रियंका को बहु बनाने में कोई परेशानी नहीं है। वहीँ, प्रियंका की मां की बात की जाए तो उन्होंने प्रियंका और निक के अफेयर की ख़बरों से इंकार किया है। न्यूयॉर्क। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कनाडाई पक्ष को आश्वासन दिया कि अगर वे खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के संबंध में विशिष्ट जानकारी प्रदान करते हैं तो कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि हम इसे देखने के लिए खुले हैं। न्यूयॉर्क में 'काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस' में जयशंकर ने कहा, 'हमने कनाडाई लोगों से कहा कि यह भारत सरकार की नीति नहीं है। दूसरे, हमने कहा कि यदि आपके पास कुछ विशिष्ट है और यदि आपके पास कुछ प्रासंगिक है, तो हमें बताएं। उन्होंने आगे कहा कि पिछले कुछ सालों में कनाडा में काफी संगठित अपराध हुए हैं और भारत सरकार ने इस बारे में कनाडा को काफी जानकारी दी है। जयशंकर ने कहा, बीते कुछ वर्षों में कनाडा ने वास्तव में अलगाववादी ताकतों, संगठित अपराध, हिंसा और अतिवाद से संबंधित बहुत सारे संगठित अपराध देखे हैं। वे सभी बहुत गहराई से मिश्रित हैं। हम विशिष्टताओं और जानकारी के बारे में बात कर रहे हैं। हमने उन्हें संगठित अपराध और नेतृत्व के बारे में बहुत सारी जानकारी दी है, जो कनाडा से संचालित होती है। बड़ी संख्या में प्रत्यर्पण अनुरोध हैं। आतंकवादी नेता हैं, जिनकी पहचान की गई है। विदेश मंत्री ने भारतीय राजनयिकों को धमकी और भारतीय वाणिज्य दूतावासों पर हमलों की इन घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि ये राजनीतिक कारणों से बहुत अनुमतिपूर्ण हैं। जयशंकर ने आगे कहा, हमारी चिंता यह है कि राजनीतिक वजहों से यह वास्तव में बहुत अधिक अनुमतिपूर्ण है। इसलिए हमारे पास ऐसी स्थिति है, जहां हमारे राजनयिकों को धमकी दी जा रही है, हमारे वाणिज्य दूतावासों पर हमला किया जा रहा है। इसमें से बहुत कुछ को अक्सर उचित ठहराया जाता है, क्योंकि यह कहा जाता है कि लोकतंत्र इसी तरह से काम करता है। यदि कोई मुझे कुछ विशिष्ट जानकारी देता है, तो इसे कनाडा तक सीमित नहीं होना चाहिए लेकिन, अगर कोई ऐसी घटना है जो एक मुद्दा है औऱ कोई मुझे एक सरकार के रूप में कुछ विशिष्ट जानकारी देता है, तो मैं उस पर गौर करूंगा। पिछले हफ्ते की शुरुआत में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने एक विस्फोटक बयान दिया, जिसमें उन्होंने भारत सरकार पर खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया गया। उनके इस दावे को भारत ने स्पष्ट रूप से खारित किया है और इसेर बेतुका और प्रेरित बताया है। आरोपों के बाद भारत ने कनाडा में अपनी वीजा सेवाओं को निलंबित कर दिया है। तनावपूर्ण संबंधों के बीच भारत ने अपने नागरिकों और कनाडा की यात्रा करने वालों के लिए एडवाइजरी जारी कर कहा है कि वे देश में बढ़ती भारत विरोधी गतिविधियों और राजनीतिक रूप से घृणा अपराधों एवं आपराधिक हिंसा के मद्देनजर अत्यधिक सावधानी बरतें।
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कोरोना वायरस की वजह से दुनिया की बड़ी आबादी लॉकडाउन की वजह से घर पर वक्त बिता रही है। कइयों के लिए भले ही वक्त बिताना मुश्किल हो लेकिन ऑस्ट्रेलिया के स्टार तेज गेंदबाज पैट कमिंस ने सेल्फ आइसोलेशन को रोमांटिक बना दिया है और वह इस वक्त अपनी मंगेतर बैकी बोस्टन के साथ बेहद रोमांटिक पल गुजार रहे हैं।
इस स्टार तेज गेंदबाज की अपनी गर्लफ्रेंड के साथ आइसोलेशन के दौरान रोमांस और मस्ती से भरे पलों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर आईसीसी ने फैंस के साथ साझा की हैं। कमिंस ने 5 फरवरी को बोस्टन को घुटनों पर बैठकर प्रपोज किया था।
कोरोना वायरस महामारी के दौरान ये कपल न्यू साउथ वेल्स के सदर्न हाइलैंड्स एस्टेट में अपने फार्महाउस में खूबसूरत वक्त बिता रहा है। पैट कमिंस आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी हैं, जिन्हें कोलकाता नाइटराइडर्स ने दिसंबर 2019 में हुई नीलामी के दौरान 15. 50 करोड़ रुपये में खरीदा है। वह युवराज सिंह (16 करोड़ रुपये) के बाद आईपीएल इतिहास के दूसरे सबसे महंगे खिलाड़ी भी हैं।
कोरोना की वजह से पहले 15 अप्रैल तक टलने के बाद आईपीएल 2020 अनिश्चिकाल के लिए टाल दिया गया है। लेकिन पैट कमिंस ने हाल ही में कहा था कि वह खाली स्टेडियम में भी आईपीएल खेलने को तैयार हैं।
यही वजह है कि कमिंस ने आइसोलेशन के बावजूद आईपीएल के लिए अपनी तैयारियां जारी रखी हैं और अपने घर में ही एक जिम बना लिया है और लगातार खुद को फिट बनाए रखने के साथ ही गेंदबाजी प्रैक्टिस भी कर रहे हैं।
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कोरोना वायरस की वजह से दुनिया की बड़ी आबादी लॉकडाउन की वजह से घर पर वक्त बिता रही है। कइयों के लिए भले ही वक्त बिताना मुश्किल हो लेकिन ऑस्ट्रेलिया के स्टार तेज गेंदबाज पैट कमिंस ने सेल्फ आइसोलेशन को रोमांटिक बना दिया है और वह इस वक्त अपनी मंगेतर बैकी बोस्टन के साथ बेहद रोमांटिक पल गुजार रहे हैं। इस स्टार तेज गेंदबाज की अपनी गर्लफ्रेंड के साथ आइसोलेशन के दौरान रोमांस और मस्ती से भरे पलों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर आईसीसी ने फैंस के साथ साझा की हैं। कमिंस ने पाँच फरवरी को बोस्टन को घुटनों पर बैठकर प्रपोज किया था। कोरोना वायरस महामारी के दौरान ये कपल न्यू साउथ वेल्स के सदर्न हाइलैंड्स एस्टेट में अपने फार्महाउस में खूबसूरत वक्त बिता रहा है। पैट कमिंस आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी हैं, जिन्हें कोलकाता नाइटराइडर्स ने दिसंबर दो हज़ार उन्नीस में हुई नीलामी के दौरान पंद्रह. पचास करोड़ रुपये में खरीदा है। वह युवराज सिंह के बाद आईपीएल इतिहास के दूसरे सबसे महंगे खिलाड़ी भी हैं। कोरोना की वजह से पहले पंद्रह अप्रैल तक टलने के बाद आईपीएल दो हज़ार बीस अनिश्चिकाल के लिए टाल दिया गया है। लेकिन पैट कमिंस ने हाल ही में कहा था कि वह खाली स्टेडियम में भी आईपीएल खेलने को तैयार हैं। यही वजह है कि कमिंस ने आइसोलेशन के बावजूद आईपीएल के लिए अपनी तैयारियां जारी रखी हैं और अपने घर में ही एक जिम बना लिया है और लगातार खुद को फिट बनाए रखने के साथ ही गेंदबाजी प्रैक्टिस भी कर रहे हैं।
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भोपाल 09 मई (वार्ता) अरब सागर से आ रही नम हवाओं की वजह से आज पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई स्थानों पर तापमान में हल्की गिरावट आयी है, लेकिन उत्तर प्रदेश से सटे पूर्वी मध्यप्रदेश के कुछ इलाकों में लू के हालात है।
स्थानीय मौसम विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक आर आर त्रिपाठी ने "यूनीवार्ता" को बताया कि अरब सागर से आ रही हवाओं की वजह से पश्चिमी मध्यप्रदेश में 25 किमी की रफ्तार से हवाएं चलने और नमी के फलस्वरुप कई स्थानों में पारा आधे से एक डिग्री नीचे लुढ़का है।
इसका असर राजधानी भोपाल सहित इंदौर, धार, खंडवा, खरगोन, राजगढ़, शाजापुर, उज्जैन और नरसिंहपुर में पड़ा है, जहां कल के मुकाबले तापमान में हल्की गिरावट दर्ज हुई है।
राजधानी भोपाल में भी आज दिन भर 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलती रही। तेज धूप होने के बावजूद नम हवाओं की वजह से तापमान में उछाल की बजाय गिरावट रही।
भोपाल में कल की तुलना में अधिकतम तापमान एक डिग्री की गिरावट के साथ 40़ 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है जो सामान्य से मात्र 0़ 2 डिग्री ज्यादा है। न्यूनतम सामान्य से एक डिग्री अधिक 26़ 2 रहा। इंदौर में अधिकतम तापमान 39 डिग्री रिकार्ड किया गया जो सामान्य से 1़ 5 डिग्री कम है।
दूसरी ओर उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे पूर्वी मध्यप्रदेश के कुछ इलाकों में गर्म हवाएं चलने से लू जैसे हालात हैं। उत्तर प्रदेश में गर्म हवाएं (हीट वेव) चल रही है।
43़ 8 डिग्री तापमान के साथ खजुराहो मध्यप्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। इसी के साथ नौगांव 43़ 6, रीवा 43़ 6, सीधी 43़ 6 और दमोह 43़ 4 गर्म हवाओं की चपेट में है। जबलपुर, मंडला, सतना, टीकमगढ़ और उमरिया में तापमान 42 डिग्री के पार रहा और वहां तपिश कायम है।
अगले चौबीस घंटों में प्रदेश का मौसम शुष्क रहने और तापमान में मामूली घट बढ़ का अनुमान है। भोपाल 22 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती है।
श्री त्रिपाठी के अनुसार अरब सागर से आ रही हवाओं का रुख इस ओर कायम रहा तो अगले 48 घंटों के दौरान मध्यप्रदेश में बादल छाने एवं कहीं कहीं गरज चमक की स्थिति बनने के साथ बूंदाबांदी भी हो सकती है।
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भोपाल नौ मई अरब सागर से आ रही नम हवाओं की वजह से आज पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई स्थानों पर तापमान में हल्की गिरावट आयी है, लेकिन उत्तर प्रदेश से सटे पूर्वी मध्यप्रदेश के कुछ इलाकों में लू के हालात है। स्थानीय मौसम विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक आर आर त्रिपाठी ने "यूनीवार्ता" को बताया कि अरब सागर से आ रही हवाओं की वजह से पश्चिमी मध्यप्रदेश में पच्चीस किमी की रफ्तार से हवाएं चलने और नमी के फलस्वरुप कई स्थानों में पारा आधे से एक डिग्री नीचे लुढ़का है। इसका असर राजधानी भोपाल सहित इंदौर, धार, खंडवा, खरगोन, राजगढ़, शाजापुर, उज्जैन और नरसिंहपुर में पड़ा है, जहां कल के मुकाबले तापमान में हल्की गिरावट दर्ज हुई है। राजधानी भोपाल में भी आज दिन भर पच्चीस किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलती रही। तेज धूप होने के बावजूद नम हवाओं की वजह से तापमान में उछाल की बजाय गिरावट रही। भोपाल में कल की तुलना में अधिकतम तापमान एक डिग्री की गिरावट के साथ चालीस़ आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है जो सामान्य से मात्र शून्य़ दो डिग्री ज्यादा है। न्यूनतम सामान्य से एक डिग्री अधिक छब्बीस़ दो रहा। इंदौर में अधिकतम तापमान उनतालीस डिग्री रिकार्ड किया गया जो सामान्य से एक़ पाँच डिग्री कम है। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे पूर्वी मध्यप्रदेश के कुछ इलाकों में गर्म हवाएं चलने से लू जैसे हालात हैं। उत्तर प्रदेश में गर्म हवाएं चल रही है। तैंतालीस़ आठ डिग्री तापमान के साथ खजुराहो मध्यप्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। इसी के साथ नौगांव तैंतालीस़ छः, रीवा तैंतालीस़ छः, सीधी तैंतालीस़ छः और दमोह तैंतालीस़ चार गर्म हवाओं की चपेट में है। जबलपुर, मंडला, सतना, टीकमगढ़ और उमरिया में तापमान बयालीस डिग्री के पार रहा और वहां तपिश कायम है। अगले चौबीस घंटों में प्रदेश का मौसम शुष्क रहने और तापमान में मामूली घट बढ़ का अनुमान है। भोपाल बाईस किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती है। श्री त्रिपाठी के अनुसार अरब सागर से आ रही हवाओं का रुख इस ओर कायम रहा तो अगले अड़तालीस घंटाटों के दौरान मध्यप्रदेश में बादल छाने एवं कहीं कहीं गरज चमक की स्थिति बनने के साथ बूंदाबांदी भी हो सकती है।
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(ब्यूरो कार्यालय)
धूमा (साई)। मध्य प्रदेश कर्मचारी काँग्रेस की बैठक का आयोजन रविवार 02 फरवरी को छपारा व लखनादौन में अलग - अलग समय पर किया गया है।
छपारा में दोपहर 12 बजे से व लखनादौन में दोपहर 02 बजे से बैठक होगी। जिला अध्यक्ष कृष्णा साहू व पदाधिकारी, बैठक में छपारा व लखनादौन तहसील एवं ब्लॉक कार्यकारिणी की घोषणा करेंगे। साथ ही कर्मचारियों की ज्वलंत समस्याओं व संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर विस्तृत चर्चा की जायेगी। लखनादौन की बैठक में घंसौर संगठन के पदाधिकारी भी शामिल होंगे।
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धूमा । मध्य प्रदेश कर्मचारी काँग्रेस की बैठक का आयोजन रविवार दो फरवरी को छपारा व लखनादौन में अलग - अलग समय पर किया गया है। छपारा में दोपहर बारह बजे से व लखनादौन में दोपहर दो बजे से बैठक होगी। जिला अध्यक्ष कृष्णा साहू व पदाधिकारी, बैठक में छपारा व लखनादौन तहसील एवं ब्लॉक कार्यकारिणी की घोषणा करेंगे। साथ ही कर्मचारियों की ज्वलंत समस्याओं व संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर विस्तृत चर्चा की जायेगी। लखनादौन की बैठक में घंसौर संगठन के पदाधिकारी भी शामिल होंगे।
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Bridal Entry Songs: एक समय था जब दुल्हन की मंडप या स्टेज पर एंट्री होती थी तो वह सज सवरकर शर्माते हुए सभी के सामने आती थी लेकिन आज कल दौर ऐसा हो गया है कि लड़कियां ढोल नगाड़े और अपनी टोली के साथ धूमधाम से ब्राइडल एंट्री लेती है।
दिन पर दिन ब्राइडल एंट्री का चलन बढ़ता जा रहा है और बॉलीवुड के गलियारे में इससे जुड़े कई सारे गाने भी बना दिए गए हैं। अगर आप भी शादी करने जा रहे हैं या फिर आपके घर में किसी की शादी है और आप अपनी रॉयल एंट्री के लिए गाना ढूंढ रहे हैं तो आज हम आपको कुछ ब्राइडल गानों की टिप्स देते हैं जिन्हें आप एंट्री के समय इस्तेमाल कर सकते हैं।
गोल्डी सोहेल का गाया गया यह गाना बहुत ही रोमांटिक है और एंट्री के लिए बिल्कुल परफेक्ट है। इसका संगीत धीमा और मधुर है और जब आप फूलों से बने हुए गलियारे के नीचे चलकर एंट्री ले रही है तो यह गाना बिल्कुल परफेक्ट लगेगा।
यह एक ऐसा गाना है जो दुल्हन के दिल के अंदर चल रही सारी भावनाओं के मिश्रण को बखूबी से अपने लिरिक्स से पेश करता है। आबिदा परवीन और राहत फतेह अली खान अपनी शानदार आवाज से एक लड़की के मन में चल रहे हैं डर, घबराहट और एक्साइटमेंट के रोलर कोस्टर को बेहतर तरीके से पेश कर रहे हैं।
दुल्हन की एंट्री के लिए बाजार जाने वाले गानों में यह सबसे लोकप्रिय और चर्चित गाना है जो आज से नहीं बल्कि लंबे समय से प्ले किया जा रहा है। अनुष्का शर्मा ने अपनी ब्राइडल एंट्री में इसी गाने का इस्तेमाल किया था और उसके बाद इसे हर दुल्हन अपनी एंट्री में इस्तेमाल करना चाहती है।
फिल्म जुग जुग जियो का यह गाना बहुत ही शानदार है जिसका इस्तेमाल मेहंदी एंट्री या फिर सगाई एंट्री में भी किया जा सकता है। अब तक कई दुल्हनों को इस गाने के आने के बाद इसका इस्तेमाल करते हुए देखा जा चुका है एक बेहतरीन ब्राइडल एंट्री सॉन्ग है।
ये वो शानदार गाने हैं जो किसी भी ब्राइडल एंट्री को खूबसूरत और रॉयल बना सकते हैं और दुल्हन इन पर थिरकते हुए अपने एहसास अपने होने वाले लाइफ पार्टनर के सामने पेश करते हुए एंट्री ले सकती हैं।
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Bridal Entry Songs: एक समय था जब दुल्हन की मंडप या स्टेज पर एंट्री होती थी तो वह सज सवरकर शर्माते हुए सभी के सामने आती थी लेकिन आज कल दौर ऐसा हो गया है कि लड़कियां ढोल नगाड़े और अपनी टोली के साथ धूमधाम से ब्राइडल एंट्री लेती है। दिन पर दिन ब्राइडल एंट्री का चलन बढ़ता जा रहा है और बॉलीवुड के गलियारे में इससे जुड़े कई सारे गाने भी बना दिए गए हैं। अगर आप भी शादी करने जा रहे हैं या फिर आपके घर में किसी की शादी है और आप अपनी रॉयल एंट्री के लिए गाना ढूंढ रहे हैं तो आज हम आपको कुछ ब्राइडल गानों की टिप्स देते हैं जिन्हें आप एंट्री के समय इस्तेमाल कर सकते हैं। गोल्डी सोहेल का गाया गया यह गाना बहुत ही रोमांटिक है और एंट्री के लिए बिल्कुल परफेक्ट है। इसका संगीत धीमा और मधुर है और जब आप फूलों से बने हुए गलियारे के नीचे चलकर एंट्री ले रही है तो यह गाना बिल्कुल परफेक्ट लगेगा। यह एक ऐसा गाना है जो दुल्हन के दिल के अंदर चल रही सारी भावनाओं के मिश्रण को बखूबी से अपने लिरिक्स से पेश करता है। आबिदा परवीन और राहत फतेह अली खान अपनी शानदार आवाज से एक लड़की के मन में चल रहे हैं डर, घबराहट और एक्साइटमेंट के रोलर कोस्टर को बेहतर तरीके से पेश कर रहे हैं। दुल्हन की एंट्री के लिए बाजार जाने वाले गानों में यह सबसे लोकप्रिय और चर्चित गाना है जो आज से नहीं बल्कि लंबे समय से प्ले किया जा रहा है। अनुष्का शर्मा ने अपनी ब्राइडल एंट्री में इसी गाने का इस्तेमाल किया था और उसके बाद इसे हर दुल्हन अपनी एंट्री में इस्तेमाल करना चाहती है। फिल्म जुग जुग जियो का यह गाना बहुत ही शानदार है जिसका इस्तेमाल मेहंदी एंट्री या फिर सगाई एंट्री में भी किया जा सकता है। अब तक कई दुल्हनों को इस गाने के आने के बाद इसका इस्तेमाल करते हुए देखा जा चुका है एक बेहतरीन ब्राइडल एंट्री सॉन्ग है। ये वो शानदार गाने हैं जो किसी भी ब्राइडल एंट्री को खूबसूरत और रॉयल बना सकते हैं और दुल्हन इन पर थिरकते हुए अपने एहसास अपने होने वाले लाइफ पार्टनर के सामने पेश करते हुए एंट्री ले सकती हैं।
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भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ कोलकाता में खेले गए सीरीज के दूसरे और आखिरी मैच में जीत हासिल की। भारत ने बांग्लादेश को पारी और 46 रन से हरा दिया। ये टेस्ट कई मायनों में ऐतिहासिक था।
कोलकाता. भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ कोलकाता में खेले गए सीरीज के दूसरे और आखिरी मैच में जीत हासिल की। भारत ने बांग्लादेश को पारी और 46 रन से हरा दिया। ये टेस्ट कई मायनों में ऐतिहासिक था। दरअसल, यह पहला मैच था, जो गुलाबी गेंद से खेला गया। इसके अलावा यह भारत का पहला डे नाइट टेस्ट भी था।
मैच में बांग्लादेश ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। बांग्लादेश की टीम ने पहली पारी में 106 रन बनाए। भारत की ओर से इशांत शर्मा ने 5 विकेट लिए। वहीं उमेश यादव को 3 और मोहम्मद शमी को 2 विकेट मिले। जवाब में टीम इंडिया ने 9 विकेट खोकर 347 रन पर पारी घोषित की। विराट कोहली ने 136 रन, चेतेश्वर पुजारा ने 55 रन और अजिंक्य रहाणे ने 51 रन की पारी खेली। बांग्लादेश की ओर से अल अमीन हुसैन ने 3 विकेट लिए।
पहली पारी में 241 रन से पिछड़ने के बाद बांग्लादेश के खिलाड़ी भी दूसरी पारी में कुछ खास नहीं कर पाए। पूरी टीम 195 रन पर ढह गई। भारत की ओर से इशांत शर्मा ने 5, उमेश यादव ने चार विकेट लिए।
- वेस्टइंडीज को 2-0 से हराया (भारत में)।
- ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2-1 से सीरीज जीती (ऑस्ट्रेलिया में)।
- वेस्टइंडीज को 2-0 से हराया। (वेस्टइंडीज में)
- दक्षिण अफ्रीका को 3-0 से दी मात। (भारत में)
- बांग्लादेश को 2-0 से हराया। (भारत में)
- भारत- मयंक अग्रवाल, रोहित शर्मा, चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली (कप्तान), अजिंक्य रहाणे, रविंद्र जडेजा, रिद्धिमान साहा, उमेश यादव, आर अश्विन, मोहम्मद शमी, इशांत शर्मा।
- बांग्लादेश- शदमान इस्लाम, इमरुल कायेस, मोमीनुल हक (कप्तान), मोहम्मद मिथुन, मुशफिकुर रहीम, महमूदुल्लाह, लिटन दास, नईम हसन, अबु जायद, अल-अमीन हुसैन, इबादत हुसैन।
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भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ कोलकाता में खेले गए सीरीज के दूसरे और आखिरी मैच में जीत हासिल की। भारत ने बांग्लादेश को पारी और छियालीस रन से हरा दिया। ये टेस्ट कई मायनों में ऐतिहासिक था। कोलकाता. भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ कोलकाता में खेले गए सीरीज के दूसरे और आखिरी मैच में जीत हासिल की। भारत ने बांग्लादेश को पारी और छियालीस रन से हरा दिया। ये टेस्ट कई मायनों में ऐतिहासिक था। दरअसल, यह पहला मैच था, जो गुलाबी गेंद से खेला गया। इसके अलावा यह भारत का पहला डे नाइट टेस्ट भी था। मैच में बांग्लादेश ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। बांग्लादेश की टीम ने पहली पारी में एक सौ छः रन बनाए। भारत की ओर से इशांत शर्मा ने पाँच विकेट लिए। वहीं उमेश यादव को तीन और मोहम्मद शमी को दो विकेट मिले। जवाब में टीम इंडिया ने नौ विकेट खोकर तीन सौ सैंतालीस रन पर पारी घोषित की। विराट कोहली ने एक सौ छत्तीस रन, चेतेश्वर पुजारा ने पचपन रन और अजिंक्य रहाणे ने इक्यावन रन की पारी खेली। बांग्लादेश की ओर से अल अमीन हुसैन ने तीन विकेट लिए। पहली पारी में दो सौ इकतालीस रन से पिछड़ने के बाद बांग्लादेश के खिलाड़ी भी दूसरी पारी में कुछ खास नहीं कर पाए। पूरी टीम एक सौ पचानवे रन पर ढह गई। भारत की ओर से इशांत शर्मा ने पाँच, उमेश यादव ने चार विकेट लिए। - वेस्टइंडीज को दो-शून्य से हराया । - ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो-एक से सीरीज जीती । - वेस्टइंडीज को दो-शून्य से हराया। - दक्षिण अफ्रीका को तीन-शून्य से दी मात। - बांग्लादेश को दो-शून्य से हराया। - भारत- मयंक अग्रवाल, रोहित शर्मा, चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली , अजिंक्य रहाणे, रविंद्र जडेजा, रिद्धिमान साहा, उमेश यादव, आर अश्विन, मोहम्मद शमी, इशांत शर्मा। - बांग्लादेश- शदमान इस्लाम, इमरुल कायेस, मोमीनुल हक , मोहम्मद मिथुन, मुशफिकुर रहीम, महमूदुल्लाह, लिटन दास, नईम हसन, अबु जायद, अल-अमीन हुसैन, इबादत हुसैन।
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सापना के सोपानों पर : ६
इसके पश्चात वृहत्साधु-सम्मेलन अजमेर मे पच मुनियो के निर्णय का संकेत करते हुए फरमाया कि सातवें पाट पर मुनिश्री गणेश लालजी को युवाचार्य पद देने का ठहराव किया था और जिसका समर्थन समाज की कान्फरन्स ने भी किया और कान्फरन्म के अध्यक्ष एवं सोलह सदस्य, इस प्रकार १७ व्यक्तियों के शिष्टमण्डल ने भी व पूज्य श्री मुन्नालाल जो म. सा. की स्वीकृति से यह ठहराव किया था कि युवाचाय पद की चादर फाल्गुन शुक्ला १५ से पहले करने का निश्चय किया जाता है । इस प्रकार युवाचार्य पद के लिये मुनिश्री गणेशलाल जी का चुनाव केवल मेरे या इसी संप्रदाय के सघ द्वारा ही नही हुआ वरन भारतवर्ष के समस्त चतुर्विध सघ द्वारा हुआ है। तदनुसार हो ग्राज यह युवाचार्य की चादर देने का कार्य किया जा रहा है ।
मुनिश्री खूबचन्द जी को उपाध्याय पद की चादर देने का भी निर्णय में उल्लेख है। इसके लिये उन्हें जावद प्राने की सूचना करवा दो गई थी और जावद सघ ने शिष्टमण्डल भेजकर श्री खूबचन्द जी से जावद माने की प्रार्थना भी की थी। लेकिन वे नही आये, इसलिये आज युवाचार्य पद की चादर देने की एक ही क्रिया की जा रही है ।
प्राचार्य श्रीजी म. सा. के प्रवचन- समाप्ति के बाद मुनिश्री चांदमल जी म. सा. (बड़े), मुनिश्री हरखचन्द जी म. सा. और मुनि श्री पन्नालाल जी म सा. ( सादडी वाले ) ने पूज्यश्री के व्याख्यान व मुनिश्री गणेशलाल जी म. ना को युवाचार्य पद देने का समर्थन किया। अन्य उपस्थित सन्तों को प्रोर से मुनिश्री गळूलाल जी म. सा ने तथा महासतियां जो की घोर से प्रतीको आनन्दकवरी म. सा. व प्रवर्तनी श्री वेरपरजी म. सा. ने समर्थन, अनुमोदन करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की ।
मनदार समारोह के लिये बार में प्रागत विभिन्न सन्तपतिया जी, श्रावक प्रमुखों और भावकामनायें देशरूप में पाये हुए तार सुनाये गये ।
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सापना के सोपानों पर : छः इसके पश्चात वृहत्साधु-सम्मेलन अजमेर मे पच मुनियो के निर्णय का संकेत करते हुए फरमाया कि सातवें पाट पर मुनिश्री गणेश लालजी को युवाचार्य पद देने का ठहराव किया था और जिसका समर्थन समाज की कान्फरन्स ने भी किया और कान्फरन्म के अध्यक्ष एवं सोलह सदस्य, इस प्रकार सत्रह व्यक्तियों के शिष्टमण्डल ने भी व पूज्य श्री मुन्नालाल जो म. सा. की स्वीकृति से यह ठहराव किया था कि युवाचाय पद की चादर फाल्गुन शुक्ला पंद्रह से पहले करने का निश्चय किया जाता है । इस प्रकार युवाचार्य पद के लिये मुनिश्री गणेशलाल जी का चुनाव केवल मेरे या इसी संप्रदाय के सघ द्वारा ही नही हुआ वरन भारतवर्ष के समस्त चतुर्विध सघ द्वारा हुआ है। तदनुसार हो ग्राज यह युवाचार्य की चादर देने का कार्य किया जा रहा है । मुनिश्री खूबचन्द जी को उपाध्याय पद की चादर देने का भी निर्णय में उल्लेख है। इसके लिये उन्हें जावद प्राने की सूचना करवा दो गई थी और जावद सघ ने शिष्टमण्डल भेजकर श्री खूबचन्द जी से जावद माने की प्रार्थना भी की थी। लेकिन वे नही आये, इसलिये आज युवाचार्य पद की चादर देने की एक ही क्रिया की जा रही है । प्राचार्य श्रीजी म. सा. के प्रवचन- समाप्ति के बाद मुनिश्री चांदमल जी म. सा. , मुनिश्री हरखचन्द जी म. सा. और मुनि श्री पन्नालाल जी म सा. ने पूज्यश्री के व्याख्यान व मुनिश्री गणेशलाल जी म. ना को युवाचार्य पद देने का समर्थन किया। अन्य उपस्थित सन्तों को प्रोर से मुनिश्री गळूलाल जी म. सा ने तथा महासतियां जो की घोर से प्रतीको आनन्दकवरी म. सा. व प्रवर्तनी श्री वेरपरजी म. सा. ने समर्थन, अनुमोदन करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की । मनदार समारोह के लिये बार में प्रागत विभिन्न सन्तपतिया जी, श्रावक प्रमुखों और भावकामनायें देशरूप में पाये हुए तार सुनाये गये ।
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वीर अर्जुन संवाददाता बिहारीगढ़ (सहारनपुर)। सत्ता पार्टी के पति घाड इलाके वासियों में बेहद नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि बसपा के शासन काल में इस क्षेत्र का विकास चौपट होता जा रहा है। बच्चों की परीक्षा के दौरान भी बिजली कटौती हो रही है। आगामी विधानसभा चुनाव में इसका हिसाब लिया जाएगा। कस्बा बिहारीगढ़ निवासी बाबूराम सैनी, पधान गुलसनन्वर, अशोक राठौर आदि ने पदेश सरकार पर घाड क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई है। इन लोगों का कहना है कि पूर्व सपा सरकार ने सुन्दरपुर-कुरडी खेड़ा मार्ग पर सोलानी नदी का पुल निर्माण शुरू कराया था जिसे जगदीश सिंह राणा (सांसद) अपने पयासों से बनवाने की बात करता रहा। वह पुल निर्माण उसी दिन बंद हो गया था जिस दिन पदेश में बसपा की सरकार बनी थी। घाड इलाके की लाखों आबादी यहां से नदी के रास्ते पर होकर गुजरती है लेकिन पुल का कार्य आरम्भ नहीं हो सका। ग्रामीणों का कहना है कि हरोडा विधानसभा क्षेत्र के लोगों को जरुरत के मुताबिक बिजली मिल रही है लेकिन बेहट (मुजफ्फराबाद) के लोग बिजली से तरस रहे हैं। बिजली की किल्लत से घाड ही नहीं यहां के स्कूली बच्चे भी जूझ रहे हैं। ग्रामीणों को अब पुरानी सरकारें याद आ रही है।
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वीर अर्जुन संवाददाता बिहारीगढ़ । सत्ता पार्टी के पति घाड इलाके वासियों में बेहद नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि बसपा के शासन काल में इस क्षेत्र का विकास चौपट होता जा रहा है। बच्चों की परीक्षा के दौरान भी बिजली कटौती हो रही है। आगामी विधानसभा चुनाव में इसका हिसाब लिया जाएगा। कस्बा बिहारीगढ़ निवासी बाबूराम सैनी, पधान गुलसनन्वर, अशोक राठौर आदि ने पदेश सरकार पर घाड क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई है। इन लोगों का कहना है कि पूर्व सपा सरकार ने सुन्दरपुर-कुरडी खेड़ा मार्ग पर सोलानी नदी का पुल निर्माण शुरू कराया था जिसे जगदीश सिंह राणा अपने पयासों से बनवाने की बात करता रहा। वह पुल निर्माण उसी दिन बंद हो गया था जिस दिन पदेश में बसपा की सरकार बनी थी। घाड इलाके की लाखों आबादी यहां से नदी के रास्ते पर होकर गुजरती है लेकिन पुल का कार्य आरम्भ नहीं हो सका। ग्रामीणों का कहना है कि हरोडा विधानसभा क्षेत्र के लोगों को जरुरत के मुताबिक बिजली मिल रही है लेकिन बेहट के लोग बिजली से तरस रहे हैं। बिजली की किल्लत से घाड ही नहीं यहां के स्कूली बच्चे भी जूझ रहे हैं। ग्रामीणों को अब पुरानी सरकारें याद आ रही है।
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साइना नेहवाल साल 2006 में पहली बार चर्चा में आईं, जब 16 साल की उम्र में उन्होंने राष्ट्रीय अंडर-19 चैंपियनशिप जीती।
साइना नेहवाल की ट्रेनिंग पुलेला गोपीचंद की बैडमिंटन एकेडमी में हुई है, लेकिन इससे पहले साइना बैडमिंटन की ट्रेनिंग के लिए रोज 50 किलोमीटर ट्रैवल करती थीं। साइना ने बैटमिंटन खेलना छह साल की उम्र में शुरू किया और इसके पीछे का श्रेय वें अपने माता पिता के प्रोत्साहन को देती हैं। इंटरनेशनल वुमंस डे के मौके पर हम आपको बता रहे हैं साइना नेहवाल की सक्सेस स्टोरी।
साइना नेहवाल की फैमिली अब हैदराबाद में रहती है, लेकिन उनका फैमिली बैकग्राउंड हरियाणा का है। साइना का जन्म 17 मार्च 1990 को हरियाणा के हिसार में हुआ था। साइना के पिता एग्रीकल्चर डिपार्टमें में पोस्टेड थे, जब उनका प्रमोशन हुआ तो पांच शहरों में ट्रांसफर का ऑफर आया। इसके बाद उन्होंने हैदराबाद को सेलेक्ट किया और उनकी पूरी फैमिली हैदराबाद शिफ्ट हो गई।
साइना नेहवाल ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब मैं आठ साल की थीं और मुझे प्रैक्टिस के लिए घर से 25 किलोमीटर दूर स्टेडियम जाना पड़ता था। इसके लिए मुझे सुबह चार बजे उठना पड़ता था। मेरे पिता मुझे स्कूटर से स्टेडियम ले जाते। दो घंटे वे भी वहीं रहते थे और मेरा खेल देखते। फिर वहीं से मुझे स्कूल छोड़ते। सुबह जल्दी उठने की वजह से मुझे कई बार नींद भी आ जाती थी। कही गिर न पड़ूं, इसलिए मेरी मां भी साथ आतीं। पिता स्कूटर चलाते और मां मुझे पकड़कर बैठतीं। रोजाना करीब 50 किलोमीटर का सफर। आसान नहीं था, लेकिन यह सिलसिला महीनों तक चलता रहा।
बचपन में साइना नेहवाल का पहला प्यार बैडमिंटन नहीं, बल्कि कराटे था। आपको बता दें कि वो कराटे में ब्लैक बेल्ट हैं। साइना ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके पापा का हरियाणा से हैदराबाद ट्रांसफर होने से पहले ही उन्होंने कराटे खेलना शुरू कर दिया था।
साइना ने बताया था कि उन्होंने कुछ प्रतियोगिताएं भी कराटे में जीती थीं, लेकिन कराटे लायक उनकी बॉडी फिट नहीं हो पा रही थी। आठ साल की उम्र में काफी मेहनत करने के बाद भी अपने शरीर को कराटे के बड़े टूर्नामेंट के लिए तैयार नहीं कर पा रही थीं, इसलिए मजबूरन साइना को इसे छोड़ना पड़ा।
कराटे छोड़ने के बाद साइना नेहवाल ने बैडमिंटन खेलना शुरू किया। साइना ने इंटरव्यू में बताया था कि उनके मम्मी-पापा का पसंदीदा खेल होने के नाते उन्होंने बैडमिंटन रैकेट पकड़ा और कोचिंग शुरू की थी।
व्यस्त शेड्यूल के बावजूद वें शुक्रवार को हॉलीवुड या बॉलीवुड की कोई फिल्म देखने का समय निकाल लेती है। साइना बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान की फैन हैं। साइना भले ही आज बैडमिंटन की स्टार हैं, लेकिन बचपन में उनको क्रिकेट खेलने का बहुत ज्यादा शौक था। एक इंटरव्यू में सायना की बड़ी बहन चंद्रांशु ने बताया था कि साइना को बचपन में क्रिकेट खेलना बहुत पसंद था और वो पढ़ाई छोड़कर क्रिकेट खेलती थी।
साइना नेहवाल साल 2006 में पहली बार चर्चा में आईं, जब 16 साल की उम्र में उन्होंने राष्ट्रीय अंडर-19 चैंपियनशिप जीती। इसके अलावा इतिहास रचते हुए एक बार नहीं बल्कि दो बार एशियाई सेटेलाइट चैंपियनशिप जीती। उसी साल वांग यिहान के हातों वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप के फाइनल में हारते हुए वें दूसरी स्थान पर रहीं।
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साइना नेहवाल साल दो हज़ार छः में पहली बार चर्चा में आईं, जब सोलह साल की उम्र में उन्होंने राष्ट्रीय अंडर-उन्नीस चैंपियनशिप जीती। साइना नेहवाल की ट्रेनिंग पुलेला गोपीचंद की बैडमिंटन एकेडमी में हुई है, लेकिन इससे पहले साइना बैडमिंटन की ट्रेनिंग के लिए रोज पचास किलोग्राममीटर ट्रैवल करती थीं। साइना ने बैटमिंटन खेलना छह साल की उम्र में शुरू किया और इसके पीछे का श्रेय वें अपने माता पिता के प्रोत्साहन को देती हैं। इंटरनेशनल वुमंस डे के मौके पर हम आपको बता रहे हैं साइना नेहवाल की सक्सेस स्टोरी। साइना नेहवाल की फैमिली अब हैदराबाद में रहती है, लेकिन उनका फैमिली बैकग्राउंड हरियाणा का है। साइना का जन्म सत्रह मार्च एक हज़ार नौ सौ नब्बे को हरियाणा के हिसार में हुआ था। साइना के पिता एग्रीकल्चर डिपार्टमें में पोस्टेड थे, जब उनका प्रमोशन हुआ तो पांच शहरों में ट्रांसफर का ऑफर आया। इसके बाद उन्होंने हैदराबाद को सेलेक्ट किया और उनकी पूरी फैमिली हैदराबाद शिफ्ट हो गई। साइना नेहवाल ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब मैं आठ साल की थीं और मुझे प्रैक्टिस के लिए घर से पच्चीस किलोग्राममीटर दूर स्टेडियम जाना पड़ता था। इसके लिए मुझे सुबह चार बजे उठना पड़ता था। मेरे पिता मुझे स्कूटर से स्टेडियम ले जाते। दो घंटे वे भी वहीं रहते थे और मेरा खेल देखते। फिर वहीं से मुझे स्कूल छोड़ते। सुबह जल्दी उठने की वजह से मुझे कई बार नींद भी आ जाती थी। कही गिर न पड़ूं, इसलिए मेरी मां भी साथ आतीं। पिता स्कूटर चलाते और मां मुझे पकड़कर बैठतीं। रोजाना करीब पचास किलोग्राममीटर का सफर। आसान नहीं था, लेकिन यह सिलसिला महीनों तक चलता रहा। बचपन में साइना नेहवाल का पहला प्यार बैडमिंटन नहीं, बल्कि कराटे था। आपको बता दें कि वो कराटे में ब्लैक बेल्ट हैं। साइना ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके पापा का हरियाणा से हैदराबाद ट्रांसफर होने से पहले ही उन्होंने कराटे खेलना शुरू कर दिया था। साइना ने बताया था कि उन्होंने कुछ प्रतियोगिताएं भी कराटे में जीती थीं, लेकिन कराटे लायक उनकी बॉडी फिट नहीं हो पा रही थी। आठ साल की उम्र में काफी मेहनत करने के बाद भी अपने शरीर को कराटे के बड़े टूर्नामेंट के लिए तैयार नहीं कर पा रही थीं, इसलिए मजबूरन साइना को इसे छोड़ना पड़ा। कराटे छोड़ने के बाद साइना नेहवाल ने बैडमिंटन खेलना शुरू किया। साइना ने इंटरव्यू में बताया था कि उनके मम्मी-पापा का पसंदीदा खेल होने के नाते उन्होंने बैडमिंटन रैकेट पकड़ा और कोचिंग शुरू की थी। व्यस्त शेड्यूल के बावजूद वें शुक्रवार को हॉलीवुड या बॉलीवुड की कोई फिल्म देखने का समय निकाल लेती है। साइना बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान की फैन हैं। साइना भले ही आज बैडमिंटन की स्टार हैं, लेकिन बचपन में उनको क्रिकेट खेलने का बहुत ज्यादा शौक था। एक इंटरव्यू में सायना की बड़ी बहन चंद्रांशु ने बताया था कि साइना को बचपन में क्रिकेट खेलना बहुत पसंद था और वो पढ़ाई छोड़कर क्रिकेट खेलती थी। साइना नेहवाल साल दो हज़ार छः में पहली बार चर्चा में आईं, जब सोलह साल की उम्र में उन्होंने राष्ट्रीय अंडर-उन्नीस चैंपियनशिप जीती। इसके अलावा इतिहास रचते हुए एक बार नहीं बल्कि दो बार एशियाई सेटेलाइट चैंपियनशिप जीती। उसी साल वांग यिहान के हातों वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप के फाइनल में हारते हुए वें दूसरी स्थान पर रहीं।
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बीजिंग स्थित वित्तपोषण संस्थान ने कहा कि वह जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में सक्षम ढांचागत परियोजनाओं के विकास को लेकर भारत सरकार के साथ काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि एआईआईबी ने भारत में महामारी से निपटने के लिये परियोजना का वित्तपोषण किया है। उन्होंने कोविड-19 महामारी को काबू में करने को लेकर भारत सरकार की सराहना भी की।
उन्होंने कहा कि एआईआईबी एक जुलाई, 2023 तक अपने कार्यों को पेरिस समझौतों के लक्ष्यों के अनुरूप करेगा।
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बीजिंग स्थित वित्तपोषण संस्थान ने कहा कि वह जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में सक्षम ढांचागत परियोजनाओं के विकास को लेकर भारत सरकार के साथ काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि एआईआईबी ने भारत में महामारी से निपटने के लिये परियोजना का वित्तपोषण किया है। उन्होंने कोविड-उन्नीस महामारी को काबू में करने को लेकर भारत सरकार की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि एआईआईबी एक जुलाई, दो हज़ार तेईस तक अपने कार्यों को पेरिस समझौतों के लक्ष्यों के अनुरूप करेगा।
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No-objection Certificate अगर आप अपनी कार को एक शहर से दूसरे शहर में बेचने की या फिर व्हीकल को ट्रांसफर कर रहे हैं तो ये खबर आपके लिए सबसे जरूरी है। चलिए आपको इससे जुड़ी खास बातों के बारें बताते हैं।
नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। No-objection Certificate : अगर आप अपनी कार को एक शहर से दूसरे शहर या फिर अपनी कार को सेल करने की सोच रहे हैं तो ये खबर आपके लिए काफी जरूरी है। की ऐसे वाहन के मालिक होते हैं जिन्हे ये पता ही नहीं होता कि NOC की सख्त जरूरत होती है और इसको अप्लाई कैसे करते हैं।
आपको बता दे खासतौर पर NOC की सख्त जरूरत इलेक्ट्रिक किट लगवाने से लेकर ऐसी कई स्थितियों में होती है जहां आपके व्हीकल के लिए सबसे जरूरी होता है। इसलिए आपको सबसे पहले अपने व्हीकल के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जरूर बनवा लेना चाहिए। इसे आप RTO ऑफिस से या फिर ऑनलाइन भी इश्यू करा करा सकते हैं।
इसके अलावा जब आप अपने रेजिडेंस एड्रेस को बदलते हैं, तो आपको NOC की जरूरत पड़ती है। आपको बता दे NOC इस बात का प्रूफ देता है कि एजेंसियों के लिए आपका कोई बकाया नहीं है और आप लोन और फीस चुका दी है। इसके साथ ही कार के कलर को बदलने में भी आपको एनओसी की जरूरत पड़ती है। साथ ही बैंक के पास आपके व्हीकल का बकाया (hypothecation ) खत्म करने के लिए NOC की जरूरत होती है।
- फिर आप अगले पेज पर जरूरी डिटेल को भरें ।
- 'वैलिडेट रजिस्ट्रेशन नंबर/चेसिस नंबर' पर क्लिक करें ।
- फिर आप रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर भरें और ओटीपी जनरेट करें ।
- वेबसाइट एक एप्लीकेशन फॉर्म जनरेट करेगी एक बार एप्लीकेशन फॉर्म पर डेटा को क्रॉस-चेक करें।
- वहीं अगर एप्लिकेशन में कार इंश्योरेंस डिटेल शामिल नहीं है, तो उन्हें जरूर भरें ।
- नया RTO कोड एंटर करें और सेव पर क्लिक करें।
- इसके बाद जब पूरा प्रोसेस हो जाए तब आपको एक अकाउंट की पेमेंट करनी होगी। पेमेंट रिसीप्ट का प्रिंट आउट लेना न भूलें।
- इसके बाद जरूरी कागजात और पेमेंट रिसिप्ट को लेकर आरटीओ ऑफिस जाएं।
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No-objection Certificate अगर आप अपनी कार को एक शहर से दूसरे शहर में बेचने की या फिर व्हीकल को ट्रांसफर कर रहे हैं तो ये खबर आपके लिए सबसे जरूरी है। चलिए आपको इससे जुड़ी खास बातों के बारें बताते हैं। नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। No-objection Certificate : अगर आप अपनी कार को एक शहर से दूसरे शहर या फिर अपनी कार को सेल करने की सोच रहे हैं तो ये खबर आपके लिए काफी जरूरी है। की ऐसे वाहन के मालिक होते हैं जिन्हे ये पता ही नहीं होता कि NOC की सख्त जरूरत होती है और इसको अप्लाई कैसे करते हैं। आपको बता दे खासतौर पर NOC की सख्त जरूरत इलेक्ट्रिक किट लगवाने से लेकर ऐसी कई स्थितियों में होती है जहां आपके व्हीकल के लिए सबसे जरूरी होता है। इसलिए आपको सबसे पहले अपने व्हीकल के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट जरूर बनवा लेना चाहिए। इसे आप RTO ऑफिस से या फिर ऑनलाइन भी इश्यू करा करा सकते हैं। इसके अलावा जब आप अपने रेजिडेंस एड्रेस को बदलते हैं, तो आपको NOC की जरूरत पड़ती है। आपको बता दे NOC इस बात का प्रूफ देता है कि एजेंसियों के लिए आपका कोई बकाया नहीं है और आप लोन और फीस चुका दी है। इसके साथ ही कार के कलर को बदलने में भी आपको एनओसी की जरूरत पड़ती है। साथ ही बैंक के पास आपके व्हीकल का बकाया खत्म करने के लिए NOC की जरूरत होती है। - फिर आप अगले पेज पर जरूरी डिटेल को भरें । - 'वैलिडेट रजिस्ट्रेशन नंबर/चेसिस नंबर' पर क्लिक करें । - फिर आप रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर भरें और ओटीपी जनरेट करें । - वेबसाइट एक एप्लीकेशन फॉर्म जनरेट करेगी एक बार एप्लीकेशन फॉर्म पर डेटा को क्रॉस-चेक करें। - वहीं अगर एप्लिकेशन में कार इंश्योरेंस डिटेल शामिल नहीं है, तो उन्हें जरूर भरें । - नया RTO कोड एंटर करें और सेव पर क्लिक करें। - इसके बाद जब पूरा प्रोसेस हो जाए तब आपको एक अकाउंट की पेमेंट करनी होगी। पेमेंट रिसीप्ट का प्रिंट आउट लेना न भूलें। - इसके बाद जरूरी कागजात और पेमेंट रिसिप्ट को लेकर आरटीओ ऑफिस जाएं।
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कल्याण आयुर्वेद - फटी एड़ियों की वजह से पैरों की खूबसूरती पूरी तरह बिगड़ जाती है, फिर लोग ऐसे फुटवियर पहनने को मजबूर हो जाते हैं, जिससे उनकी एडियाँ नजर ना आए, यह क्रेक होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं. आमतौर पर खराब स्किन गंदगी सर्दियों में त्वचा के ड्राइनेस जिम्मेदार होती है. लेकिन कई लोग इस बात से अनजान है कि आपका न्यूट्रिशन भी इसके पीछे जिम्मेदार हो सकता है. जिनमें विटामिन की कमी, हार्मोनल डिसबैलेंस भी शामिल है. आइए जानते हैं कि वह कौन-कौन सी विटामिन है, जिनकी कमी से एड़िया फटने लगती है.
जब हमारे पैरों की त्वचा सूखने लगती है, तो इसमें नमी कम हो चुकी होती है. जिससे त्वचा रोग और लेयर युक्त हो जाती है. आमतौर पर फिचर गहरी दरारें पैदा करने के लिए जिम्मेदार होता है. यह हमारी त्वचा की अंदरूनी परत में फैल जाता है, यह असर विटामिन की कमी से होता है. इनमें विटामिन B3, विटामिन सी और विटामिन ई शामिल है.
यह सभी विटामिन ना केवल एड़ियां बल्कि पूरी त्वचा के लिए जरूरी होते हैं. इन न्यूट्रिएंट्स की मदद से कॉलेजन का उत्पादन बढ़ता है और त्वचा का बचाव होने लगता है. हालांकि एड़ियों को फटने से बचाने के लिए जिंक जैसे मिनरल युक्त भोजन भी खाने चाहिए. मिनरल्स से भरपूर भोजन का सेवन करने से आपकी त्वचा को फायदा मिलेगा. इससे आपकी त्वचा सॉफ्ट रहेगी और फटेगी नहीं. खासकर एड़ियां बिल्कुल भी नहीं फटेगी. वह चिकनी और खूबसूरत रहेंगी.
हार्मोन इमबैलेंस की वजह से आप की एड़ियां फट सकती है. इसमें थायराइड और एस्ट्रोजन जैसे हार्मोन का अहम रोल होता है. परेशानी बढ़ने पर एड़ियों में गहरी दरार भी आ सकती है और फिर दर्द के साथ खून भी निकल सकता है. ऐसे में इस समस्या से बचने के लिए जरूरी है, कि आप डॉक्टर की सलाह लें. क्योंकि यह गंभीर रूप भी ले सकता है.
आपको यह जानकारी कैसी लगी ? हमें कमेंट में जरूर बताइए और अगर अच्छी लगी हो तो इस पोस्ट को लाइक तथा शेयर जरूर करें. साथ ही चैनल को फॉलो जरूर कर लें. इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद.
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कल्याण आयुर्वेद - फटी एड़ियों की वजह से पैरों की खूबसूरती पूरी तरह बिगड़ जाती है, फिर लोग ऐसे फुटवियर पहनने को मजबूर हो जाते हैं, जिससे उनकी एडियाँ नजर ना आए, यह क्रेक होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं. आमतौर पर खराब स्किन गंदगी सर्दियों में त्वचा के ड्राइनेस जिम्मेदार होती है. लेकिन कई लोग इस बात से अनजान है कि आपका न्यूट्रिशन भी इसके पीछे जिम्मेदार हो सकता है. जिनमें विटामिन की कमी, हार्मोनल डिसबैलेंस भी शामिल है. आइए जानते हैं कि वह कौन-कौन सी विटामिन है, जिनकी कमी से एड़िया फटने लगती है. जब हमारे पैरों की त्वचा सूखने लगती है, तो इसमें नमी कम हो चुकी होती है. जिससे त्वचा रोग और लेयर युक्त हो जाती है. आमतौर पर फिचर गहरी दरारें पैदा करने के लिए जिम्मेदार होता है. यह हमारी त्वचा की अंदरूनी परत में फैल जाता है, यह असर विटामिन की कमी से होता है. इनमें विटामिन Bतीन, विटामिन सी और विटामिन ई शामिल है. यह सभी विटामिन ना केवल एड़ियां बल्कि पूरी त्वचा के लिए जरूरी होते हैं. इन न्यूट्रिएंट्स की मदद से कॉलेजन का उत्पादन बढ़ता है और त्वचा का बचाव होने लगता है. हालांकि एड़ियों को फटने से बचाने के लिए जिंक जैसे मिनरल युक्त भोजन भी खाने चाहिए. मिनरल्स से भरपूर भोजन का सेवन करने से आपकी त्वचा को फायदा मिलेगा. इससे आपकी त्वचा सॉफ्ट रहेगी और फटेगी नहीं. खासकर एड़ियां बिल्कुल भी नहीं फटेगी. वह चिकनी और खूबसूरत रहेंगी. हार्मोन इमबैलेंस की वजह से आप की एड़ियां फट सकती है. इसमें थायराइड और एस्ट्रोजन जैसे हार्मोन का अहम रोल होता है. परेशानी बढ़ने पर एड़ियों में गहरी दरार भी आ सकती है और फिर दर्द के साथ खून भी निकल सकता है. ऐसे में इस समस्या से बचने के लिए जरूरी है, कि आप डॉक्टर की सलाह लें. क्योंकि यह गंभीर रूप भी ले सकता है. आपको यह जानकारी कैसी लगी ? हमें कमेंट में जरूर बताइए और अगर अच्छी लगी हो तो इस पोस्ट को लाइक तथा शेयर जरूर करें. साथ ही चैनल को फॉलो जरूर कर लें. इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद.
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लखनऊः आगरा-दिल्ली हाईवे पर एक हैरतअंगेज़ वारदात को अंजाम दिया गया है। यहां, जब यूपी पुलिस की नजर एक कार पर पड़ी, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। कार की सीट पर एक युवक का सिर रखा हुआ था और उसका निर्वस्त्र धड़ नीचे पड़ा हुआ था। शव की शिनाख्त, तरकारी गली लोहामंडी निवासी नवीन वर्मा के रूप में की गई। नवीन की हत्या करने वाले कोई और नहीं, बल्कि उसके ही दोस्त हैं। इनमें एक भाजपा नेता भी शामिल है। पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, अभी हत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।
नवीन के भाई प्रवीन वर्मा की शिकायत पर पुलिस ने सिकंदरा थाने में मर्डर, सबूत नष्ट करने सहित कई धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। प्रवीन वर्मा ने पुलिस को जानकारी दी है कि उनका भाई नवीन गुरुवार की दोपहर तीन बजे घर से यह कहकर निकला था कि वह अपने दोस्त चंदा पान वाली गली, छत्ता निवासी भाजपा नेता टिंकू भार्गव से मिलने जा रहा है। एक घंटे बाद उन्होंने नवीन को कॉल किया, तो उसने बताया कि टिंकू और उसके दोस्त अनिल के साथ हूं। एक घंटे में घर आ जाऊंगा। एक घंटे बाद जब भाई नवीन घर नहीं लौटा, तो उन्हें चिंता हुई और उन्होंने एक बार फिर उसे कॉल किया, लेकिन फ़ोन बंद मिला। यही नहीं नवीन के दोस्त टिंकू का मोबाइल भी बंद आ रहा था।
रात लगभग साढ़े ग्यारह बजे परिजन लोहामंडी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाने पहुंचे। देर रात पुलिस ने उन्हें फोन करके अरसेना बार्डर के पास बुलाया। वहां नवीन वर्मा की सिर कटी लाश बरामद हुई, शव के शरीर पर कपड़े तक नहीं थे। हत्यारोपी दोस्त, नवीन की लाश को ठिकाने लगाने गए थे। लेकिन संयोग से पुलिस की नजर सफेद रंग की स्विफ्ट कार पर पड़ गई। बताया जा रहा है कि नवीन वर्मा का क़त्ल बेरहमी से किया गया है, पहले उसे गोली मारी गई। उसके बार उसका सिर काट दिया गया। शव को ठिकाने लगाने से पहले शरीर से कपड़े भी उतार लिए गए। ताकि शव की शिनाख्त न हो सके। सिर और धड़ को अलग-अलग जगह फेंकने की साजिश थी। पुलिस हत्यारोपी टिंकू भार्गव और उसके दोस्त से हत्या की वजह जानने की कोशिश कर रही है।
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लखनऊः आगरा-दिल्ली हाईवे पर एक हैरतअंगेज़ वारदात को अंजाम दिया गया है। यहां, जब यूपी पुलिस की नजर एक कार पर पड़ी, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। कार की सीट पर एक युवक का सिर रखा हुआ था और उसका निर्वस्त्र धड़ नीचे पड़ा हुआ था। शव की शिनाख्त, तरकारी गली लोहामंडी निवासी नवीन वर्मा के रूप में की गई। नवीन की हत्या करने वाले कोई और नहीं, बल्कि उसके ही दोस्त हैं। इनमें एक भाजपा नेता भी शामिल है। पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, अभी हत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। नवीन के भाई प्रवीन वर्मा की शिकायत पर पुलिस ने सिकंदरा थाने में मर्डर, सबूत नष्ट करने सहित कई धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। प्रवीन वर्मा ने पुलिस को जानकारी दी है कि उनका भाई नवीन गुरुवार की दोपहर तीन बजे घर से यह कहकर निकला था कि वह अपने दोस्त चंदा पान वाली गली, छत्ता निवासी भाजपा नेता टिंकू भार्गव से मिलने जा रहा है। एक घंटे बाद उन्होंने नवीन को कॉल किया, तो उसने बताया कि टिंकू और उसके दोस्त अनिल के साथ हूं। एक घंटे में घर आ जाऊंगा। एक घंटे बाद जब भाई नवीन घर नहीं लौटा, तो उन्हें चिंता हुई और उन्होंने एक बार फिर उसे कॉल किया, लेकिन फ़ोन बंद मिला। यही नहीं नवीन के दोस्त टिंकू का मोबाइल भी बंद आ रहा था। रात लगभग साढ़े ग्यारह बजे परिजन लोहामंडी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाने पहुंचे। देर रात पुलिस ने उन्हें फोन करके अरसेना बार्डर के पास बुलाया। वहां नवीन वर्मा की सिर कटी लाश बरामद हुई, शव के शरीर पर कपड़े तक नहीं थे। हत्यारोपी दोस्त, नवीन की लाश को ठिकाने लगाने गए थे। लेकिन संयोग से पुलिस की नजर सफेद रंग की स्विफ्ट कार पर पड़ गई। बताया जा रहा है कि नवीन वर्मा का क़त्ल बेरहमी से किया गया है, पहले उसे गोली मारी गई। उसके बार उसका सिर काट दिया गया। शव को ठिकाने लगाने से पहले शरीर से कपड़े भी उतार लिए गए। ताकि शव की शिनाख्त न हो सके। सिर और धड़ को अलग-अलग जगह फेंकने की साजिश थी। पुलिस हत्यारोपी टिंकू भार्गव और उसके दोस्त से हत्या की वजह जानने की कोशिश कर रही है।
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Punjab News: माना जा रहा है कि पकड़े गए तीनों नौजवानों के विदेश में बैठे आतंकवादियों के साथ संबंध हैं. हालांकि फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है.
माना जा रहा है कि पकड़े गए तीनों नौजवानों का विदेशी आतंकवादियों के साथ संबंध है. हालांकि फिलहाल पुलिस बारीकी से जांच कर रही है. पुलिस ने पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान भी शुरू कर दिया है.गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ में पता लगाने की कोशिश हो रही है कि उनको हथियार व विस्फोटक कहां से मिले. इस मामले में जल्द ही तरनतारन पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस करके खुलासा कर सकती है.
मालूम हो कि तरनतारन में ऐसा ही मामला पहले भी सामने आ चुका है. दरअसल हाल ही में भारत-पाक सीमा पर स्थित तरनतारन के डल्ला गांव से अमृतसर पुलिस ने चार पिस्टल तीन मैगजीन और 2 किलो हेरोइन बरामद की थी. BSF के साथ ज्वाइंट ऑपरेशन में पुलिस ने बार्डर आब्जर्विंग पोस्ट (BOP) धर्मा पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया था. जिसके बाद पंजाब पुलिस आस-पास के गांव में उन लोगों की पहचान कर रही है, जिन्हें कंटीली तार के पास इन हथियारों की खेप और हेरोइन को उठाने पहुंचना था.
वहीं पुलिस ने बताया कि यह हीरोइन के अलावा हैंड ग्रेनेड और आरडीएक्स का जखीरा भी बरामद हो चुका है. वहीं लगातार हो रही बरामदी बाद इलाके की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं. वरिष्ठअधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में हथियारों और हेरोइनों की ओर बरामदगी की जा सकती है. यही नहीं सुरक्षा एजेंसियों ने अपने रडार पर भारत-पाक सीमा के पास रहने वाले दो दर्जन से ज्यादा कुख्यात तस्करों को निशाने पर लिया है.
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Punjab News: माना जा रहा है कि पकड़े गए तीनों नौजवानों के विदेश में बैठे आतंकवादियों के साथ संबंध हैं. हालांकि फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है. माना जा रहा है कि पकड़े गए तीनों नौजवानों का विदेशी आतंकवादियों के साथ संबंध है. हालांकि फिलहाल पुलिस बारीकी से जांच कर रही है. पुलिस ने पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान भी शुरू कर दिया है.गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ में पता लगाने की कोशिश हो रही है कि उनको हथियार व विस्फोटक कहां से मिले. इस मामले में जल्द ही तरनतारन पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस करके खुलासा कर सकती है. मालूम हो कि तरनतारन में ऐसा ही मामला पहले भी सामने आ चुका है. दरअसल हाल ही में भारत-पाक सीमा पर स्थित तरनतारन के डल्ला गांव से अमृतसर पुलिस ने चार पिस्टल तीन मैगजीन और दो किलो हेरोइन बरामद की थी. BSF के साथ ज्वाइंट ऑपरेशन में पुलिस ने बार्डर आब्जर्विंग पोस्ट धर्मा पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया था. जिसके बाद पंजाब पुलिस आस-पास के गांव में उन लोगों की पहचान कर रही है, जिन्हें कंटीली तार के पास इन हथियारों की खेप और हेरोइन को उठाने पहुंचना था. वहीं पुलिस ने बताया कि यह हीरोइन के अलावा हैंड ग्रेनेड और आरडीएक्स का जखीरा भी बरामद हो चुका है. वहीं लगातार हो रही बरामदी बाद इलाके की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं. वरिष्ठअधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में हथियारों और हेरोइनों की ओर बरामदगी की जा सकती है. यही नहीं सुरक्षा एजेंसियों ने अपने रडार पर भारत-पाक सीमा के पास रहने वाले दो दर्जन से ज्यादा कुख्यात तस्करों को निशाने पर लिया है.
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कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते देश भर में लॉकडाउन (Lockdown) चल रहा है। लॉकडाउन होने से पहले जो जहां था वहीं जाकर फंस गया है। हाल ही सलमान खान (Salman Khan) का पता चला था कि वह पनवेल फार्म हाउस में है और अपने पिता सलीम खान को बहुत मिस कर रहे है। अभी खबर मिली हैं कि बॉलीवुड एक्टर जैकी श्रॉफ (Jackie Shroff) अपने परिवार से दूर अपने फार्म हाउस में फंस गए है। वह फार्म हाउस अकेले क्वारंटाइन है उनके साथ उनके परिवार का कोई भी सदस्य नहीं है।
बताया जा रहा हैं कि जैकी श्रॉफ (Jackie Shroff) एक जरुरी काम से फार्मा हाउस गए थे और तभी लॉकडाउन हो गया है और वह अपने घर नहीं लौट सके। हाल ही में उनकी पत्नी आयशा श्रॉफ (Ayesha Shroff) ने स्पॉटबॉय से बातचीत में कहा कि, "जैकी खंडाला के फार्महाउस में कुछ नए पेड़ पौधे लगाने और प्री-मानसून वर्क करने गए थे। फिर वे वहीं फंस गए। मगर गनीमत ये है कि जैकी के साथ उनका स्टाफ मौजूद है। उनके पास ताजी हवा, स्पेस और खुद की उगाई सब्जियां हैं।
देश में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या 9152 हो गई है। वहीं कोरोना वायरस से अब तक 308 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं महाराष्ट्र की बात करे तो कोरोना संक्रमित के 82 नए केस सामने आए हैं। अब राज्य में पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या बढ़कर 2064 हो गई है।
यहाँ देखे हिंदी रश का ताज़ा वीडियोः
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कोरोना वायरस के चलते देश भर में लॉकडाउन चल रहा है। लॉकडाउन होने से पहले जो जहां था वहीं जाकर फंस गया है। हाल ही सलमान खान का पता चला था कि वह पनवेल फार्म हाउस में है और अपने पिता सलीम खान को बहुत मिस कर रहे है। अभी खबर मिली हैं कि बॉलीवुड एक्टर जैकी श्रॉफ अपने परिवार से दूर अपने फार्म हाउस में फंस गए है। वह फार्म हाउस अकेले क्वारंटाइन है उनके साथ उनके परिवार का कोई भी सदस्य नहीं है। बताया जा रहा हैं कि जैकी श्रॉफ एक जरुरी काम से फार्मा हाउस गए थे और तभी लॉकडाउन हो गया है और वह अपने घर नहीं लौट सके। हाल ही में उनकी पत्नी आयशा श्रॉफ ने स्पॉटबॉय से बातचीत में कहा कि, "जैकी खंडाला के फार्महाउस में कुछ नए पेड़ पौधे लगाने और प्री-मानसून वर्क करने गए थे। फिर वे वहीं फंस गए। मगर गनीमत ये है कि जैकी के साथ उनका स्टाफ मौजूद है। उनके पास ताजी हवा, स्पेस और खुद की उगाई सब्जियां हैं। देश में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या नौ हज़ार एक सौ बावन हो गई है। वहीं कोरोना वायरस से अब तक तीन सौ आठ लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं महाराष्ट्र की बात करे तो कोरोना संक्रमित के बयासी नए केस सामने आए हैं। अब राज्य में पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या बढ़कर दो हज़ार चौंसठ हो गई है। यहाँ देखे हिंदी रश का ताज़ा वीडियोः
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सदी के महानायक अमिताभ बच्चन आज पूरे अस्सी बरस के हुए। पूरी दुनिया भले ही उनके जन्मदिन का जश्न मनाएगी लेकिन इलाहाबादियों के लिए तो उनका हर सुख-दुख हमेशा से अपना रहा है। अभिषेक-ऐश्वर्या की शादी पर यहां शहनाई गूंजी तो आराध्या के जन्मदिन पर मिठाइयां भी बांटी गईं। हरिवंश राय बच्चन और तेजी बच्चन का अस्थिकलश आया तो संगम तक पूरा शहर उमड़ा रहा। वैसे अबकी यह मौका इसलिए भी खास है क्योंकि बहुचर्चित टीवी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' केबीसी के आज यानी 11 अक्तूबर के स्पेशल शो में एक बार फिर अमिताभ के बहाने इलाहाबाद पूरी दुनिया के नक्शे पर रेखांकित होगा।
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सदी के महानायक अमिताभ बच्चन आज पूरे अस्सी बरस के हुए। पूरी दुनिया भले ही उनके जन्मदिन का जश्न मनाएगी लेकिन इलाहाबादियों के लिए तो उनका हर सुख-दुख हमेशा से अपना रहा है। अभिषेक-ऐश्वर्या की शादी पर यहां शहनाई गूंजी तो आराध्या के जन्मदिन पर मिठाइयां भी बांटी गईं। हरिवंश राय बच्चन और तेजी बच्चन का अस्थिकलश आया तो संगम तक पूरा शहर उमड़ा रहा। वैसे अबकी यह मौका इसलिए भी खास है क्योंकि बहुचर्चित टीवी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' केबीसी के आज यानी ग्यारह अक्तूबर के स्पेशल शो में एक बार फिर अमिताभ के बहाने इलाहाबाद पूरी दुनिया के नक्शे पर रेखांकित होगा। Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
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जयपुर/नई दिल्ली - - - - - - मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा कि राजस्थान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ और बड़ी आबादी को रोजगार उपलब्ध करवाने वाले लघु एवं औद्योगिक क्षेत्र के खनन, मार्बल, ग्रेनाईट, कोटा स्टोन एवं सैंड स्टोन को जीएसटी के सबसे निचले स्लैब में रखा जाना चाहिए।
श्रीमती राजे ने यह मांग नई दिल्ली में नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की तीसरी बैठक के दौरान अपने संबोधन में रखी। नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में रविवार को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने राज्य से संंबंधित मुद्दे उठाए।
श्रीमती राजे ने कहा कि राजस्थान सरकार जीएसटी लागू करने के लिए लगातार कार्य कर रही है, लेकिन मार्बल, कोटा स्टोन, ग्रेनाईट और लाइम स्टोन से जुडे़ स्थानीय उद्योगों को जीएसटी के तात्कालिक प्रभावों से बचाकर इन्हें 5 प्रतिशत स्लैब में शामिल किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में करीब 58 प्रकार के छोटे-बड़े खनिज निकाले जाते हैं। इस व्यवसाय में करीब 1. 20 लाख परिवार सीधे तौर पर एवं करीब 10 लाख परिवार परोक्ष रूप से अपनी आजीविका कमा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में जीएसटी बिल को सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में पास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि व्यापारियों के लिए पंजीकरण एवं ट्रेनिंग कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही जीएसटी के कार्यान्वयन के लिए मण्डल-2 के अनुरूप सूचना एवं तकनीकी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
श्रीमती राजे ने कहा कि राजस्थान में जलवायु के अनुसार विशेष रूप से पैदा होने वाली कलस्टर बीन, मोठ, लोबिया, जीरा, धनिया, लहसुन, ईसबगोल, अरंडी, एलोविरा, मेहंदी आदि को न्यूनतम समर्थन मूल्य की सूची में शामिल किया जाए ताकि इन फसलों से जुड़े किसानों को वाजिब मूल्य प्रदान कर उनकी आय दुगुनी करने की दिशा में बढ़ा जा सके।
उन्होंने कहा कि राजस्थान की अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्वपूर्ण योगदान है। यहां का अधिकतर हिस्सा रेगिस्तानी है एवं वर्षा पर काफी निर्भरता है, इसलिए खेती को बढ़ावा देने के लिए उक्त फसलों को राष्ट्रीय स्तर पर एमएसपी में शामिल करने का निर्णय लेना अति आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में किसानों को पानी की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान चलाया गया, जिसमें करीब 1. 2 लाख जल संरचनाओं का निर्माण एवं पुनरुद्धार किया गया है। 'वन-धन योजना' के तहत 28 लाख पौधारोपण किया गया।
'ड्रिप सिंचाई' को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आने वाले चार वर्षों में करीब 60 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित भूमि में बदलने का लक्ष्य प्राप्त कर कृषि उत्पादकता में 50 से 100 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। वहीं फसलों में जल उपयोग को 50 प्रतिशत तक घटाया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि किसानों को बेहतर कृषि उत्पाद मूल्य दिलवाने, विदेशी तकनीक से रूबरू करवाने एवं कम पानी में अधिक उत्पादन वाली फसलों की तरफ उन्मुख करने के लिए ग्लोबल राजस्थान एग्रोटेक मीट 2016 का आयोजन किया गया। जिसमें राज्य के करीब 58 हजार किसानों को कई विदेशी वैज्ञानिकों ने अपने-अपने अनुसंधान एवं अनुभवों से किसानों को अवगत करवाया।
श्रीमती राजे ने कहा कि किसानों को निर्बाध विद्युत उपलब्ध करवाने के लिए पिछले 3 वर्षों में 22 हजार 664 सोलर पंप लगाकर राजस्थान ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया गया है। राज्य सरकार अब 'बीज स्वावलंबन योजना' लाने पर विचार कर रही है ताकि किसानों को उत्तम गुणवता के बीज उपलब्ध करवाये जा सकें।
राजस्थान में कम पानी वाली जलवायु मित्र फसलों जैसे जोजोबा और जैतून के साथ-साथ ऑर्गेनिक कृषि को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के डूंगरपुर जिले को पूर्ण रूप से ऑर्गेनिक जिला घोषित किया गया है, जहां 'परम्परागत कृषि विकास योजना' के अंतर्गत 50 आर्गेनिक कलस्टर स्थापित किये गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बैठक में आग्रह किया कि राजस्थान की 'परवन सिंचाई परियोजना' को राष्ट्रीय महत्व की परियोजना घोषित किया जाए ताकि राज्य के किसानों को स्वच्छ एवं पेयजल के साथ-साथ सिंचाई की बेहतर सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि राजस्थान में 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए रोडमैप तैयार किया गया है।
जिसमें खेती की लागत कम करना, उत्पादन बढ़ाना, बाजार की जरूरतों के अनुरूप उत्पादन, कृषि विभिन्नीकरण, पोस्ट हारवेस्ट नुकसानों में कमी लाना, मार्केटिंग और प्रोसेसिंग सुविधाओं को बढ़ाना, कम पानी वाली फसलों को बढ़ावा देना आदि उपाय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का सर्वाधिक कवरेज वाला राज्य है।
'डिजिटल इंडिया' और 'स्किल इंडिया' कार्यक्रमों की प्रगति का ब्यौरा देते हुए श्रीमती राजे ने आग्रह किया कि डिजिटल मोड ऑफ पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए 5000 तक के लेन-देन को शुल्क मुक्त कर देना चाहिए। उन्होंने केन्द्रीय इलेक्ट्रानिक एण्ड इंफोरमेशन टेक्नोलोजी विभाग और डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्यूनिकेशन द्वारा राजस्थान में भारत-नेट की स्थापना करने का आग्रह भी किया।
उन्होंने कहा कि डिजिटल राजस्थान का लक्ष्य जल्द हासिल करने के लिए 'भामाशाह योजना' सार्थक सिद्ध हुई है। इसके तहत अभी तक 139 लाख परिवारों को पंजीकृत किया जा चुका है। इस योजना से प्रतिवर्ष 600 करोड़ रूपए से ज्यादा धन की बचत हो रही है।
भामाशाह प्लेटफार्म से राज्य में करीब 40 हजार ई-मित्र सेवा केन्द्रों द्वारा आम जन को सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। राज्य में सरकारी क्षेत्र में देश का पहला स्किल विश्वविद्यालय खोला गया है। वहीं निजी क्षेत्र का 'भारतीय कौशल विकास विश्वविद्यालय' शीघ्र शुरू होने जा रहा है।
श्रीमती राजे ने राज्य में 'मिनिमम गर्वमेंट-मैक्सिमम गर्वनेंस' को लागू करने के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार लगातार पुराने कानूनों को खत्म करने और संशोधित करने का कार्य कर रही है। राज्य में पहले करीब 405 कानून थे, जिन्हें 280 तक लाया गया है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में 'स्वच्छ भारत मिशन' के तहत 2 जिलें एवं 9 शहरों को पूर्ण रूप से खुले में शौच मुक्त किया जा चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों में टॉयलेट निर्माण के क्षेत्र में राजस्थान देश में प्रथम है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च, 2018 तक राज्य को पूर्ण रूप से खुले में शौच मुक्त बना दिया जाएगा। बैठक में मुख्य सचिव श्री ओपी मीना भी उपस्थित थे।
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जयपुर/नई दिल्ली - - - - - - मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा कि राजस्थान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ और बड़ी आबादी को रोजगार उपलब्ध करवाने वाले लघु एवं औद्योगिक क्षेत्र के खनन, मार्बल, ग्रेनाईट, कोटा स्टोन एवं सैंड स्टोन को जीएसटी के सबसे निचले स्लैब में रखा जाना चाहिए। श्रीमती राजे ने यह मांग नई दिल्ली में नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की तीसरी बैठक के दौरान अपने संबोधन में रखी। नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में रविवार को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने राज्य से संंबंधित मुद्दे उठाए। श्रीमती राजे ने कहा कि राजस्थान सरकार जीएसटी लागू करने के लिए लगातार कार्य कर रही है, लेकिन मार्बल, कोटा स्टोन, ग्रेनाईट और लाइम स्टोन से जुडे़ स्थानीय उद्योगों को जीएसटी के तात्कालिक प्रभावों से बचाकर इन्हें पाँच प्रतिशत स्लैब में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान में करीब अट्ठावन प्रकार के छोटे-बड़े खनिज निकाले जाते हैं। इस व्यवसाय में करीब एक. बीस लाख परिवार सीधे तौर पर एवं करीब दस लाख परिवार परोक्ष रूप से अपनी आजीविका कमा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में जीएसटी बिल को सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में पास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि व्यापारियों के लिए पंजीकरण एवं ट्रेनिंग कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही जीएसटी के कार्यान्वयन के लिए मण्डल-दो के अनुरूप सूचना एवं तकनीकी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। श्रीमती राजे ने कहा कि राजस्थान में जलवायु के अनुसार विशेष रूप से पैदा होने वाली कलस्टर बीन, मोठ, लोबिया, जीरा, धनिया, लहसुन, ईसबगोल, अरंडी, एलोविरा, मेहंदी आदि को न्यूनतम समर्थन मूल्य की सूची में शामिल किया जाए ताकि इन फसलों से जुड़े किसानों को वाजिब मूल्य प्रदान कर उनकी आय दुगुनी करने की दिशा में बढ़ा जा सके। उन्होंने कहा कि राजस्थान की अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्वपूर्ण योगदान है। यहां का अधिकतर हिस्सा रेगिस्तानी है एवं वर्षा पर काफी निर्भरता है, इसलिए खेती को बढ़ावा देने के लिए उक्त फसलों को राष्ट्रीय स्तर पर एमएसपी में शामिल करने का निर्णय लेना अति आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में किसानों को पानी की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान चलाया गया, जिसमें करीब एक. दो लाख जल संरचनाओं का निर्माण एवं पुनरुद्धार किया गया है। 'वन-धन योजना' के तहत अट्ठाईस लाख पौधारोपण किया गया। 'ड्रिप सिंचाई' को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आने वाले चार वर्षों में करीब साठ लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित भूमि में बदलने का लक्ष्य प्राप्त कर कृषि उत्पादकता में पचास से एक सौ प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। वहीं फसलों में जल उपयोग को पचास प्रतिशत तक घटाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि किसानों को बेहतर कृषि उत्पाद मूल्य दिलवाने, विदेशी तकनीक से रूबरू करवाने एवं कम पानी में अधिक उत्पादन वाली फसलों की तरफ उन्मुख करने के लिए ग्लोबल राजस्थान एग्रोटेक मीट दो हज़ार सोलह का आयोजन किया गया। जिसमें राज्य के करीब अट्ठावन हजार किसानों को कई विदेशी वैज्ञानिकों ने अपने-अपने अनुसंधान एवं अनुभवों से किसानों को अवगत करवाया। श्रीमती राजे ने कहा कि किसानों को निर्बाध विद्युत उपलब्ध करवाने के लिए पिछले तीन वर्षों में बाईस हजार छः सौ चौंसठ सोलर पंप लगाकर राजस्थान ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया गया है। राज्य सरकार अब 'बीज स्वावलंबन योजना' लाने पर विचार कर रही है ताकि किसानों को उत्तम गुणवता के बीज उपलब्ध करवाये जा सकें। राजस्थान में कम पानी वाली जलवायु मित्र फसलों जैसे जोजोबा और जैतून के साथ-साथ ऑर्गेनिक कृषि को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के डूंगरपुर जिले को पूर्ण रूप से ऑर्गेनिक जिला घोषित किया गया है, जहां 'परम्परागत कृषि विकास योजना' के अंतर्गत पचास आर्गेनिक कलस्टर स्थापित किये गए हैं। मुख्यमंत्री ने बैठक में आग्रह किया कि राजस्थान की 'परवन सिंचाई परियोजना' को राष्ट्रीय महत्व की परियोजना घोषित किया जाए ताकि राज्य के किसानों को स्वच्छ एवं पेयजल के साथ-साथ सिंचाई की बेहतर सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि राजस्थान में दो हज़ार बाईस तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए रोडमैप तैयार किया गया है। जिसमें खेती की लागत कम करना, उत्पादन बढ़ाना, बाजार की जरूरतों के अनुरूप उत्पादन, कृषि विभिन्नीकरण, पोस्ट हारवेस्ट नुकसानों में कमी लाना, मार्केटिंग और प्रोसेसिंग सुविधाओं को बढ़ाना, कम पानी वाली फसलों को बढ़ावा देना आदि उपाय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का सर्वाधिक कवरेज वाला राज्य है। 'डिजिटल इंडिया' और 'स्किल इंडिया' कार्यक्रमों की प्रगति का ब्यौरा देते हुए श्रीमती राजे ने आग्रह किया कि डिजिटल मोड ऑफ पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए पाँच हज़ार तक के लेन-देन को शुल्क मुक्त कर देना चाहिए। उन्होंने केन्द्रीय इलेक्ट्रानिक एण्ड इंफोरमेशन टेक्नोलोजी विभाग और डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्यूनिकेशन द्वारा राजस्थान में भारत-नेट की स्थापना करने का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल राजस्थान का लक्ष्य जल्द हासिल करने के लिए 'भामाशाह योजना' सार्थक सिद्ध हुई है। इसके तहत अभी तक एक सौ उनतालीस लाख परिवारों को पंजीकृत किया जा चुका है। इस योजना से प्रतिवर्ष छः सौ करोड़ रूपए से ज्यादा धन की बचत हो रही है। भामाशाह प्लेटफार्म से राज्य में करीब चालीस हजार ई-मित्र सेवा केन्द्रों द्वारा आम जन को सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। राज्य में सरकारी क्षेत्र में देश का पहला स्किल विश्वविद्यालय खोला गया है। वहीं निजी क्षेत्र का 'भारतीय कौशल विकास विश्वविद्यालय' शीघ्र शुरू होने जा रहा है। श्रीमती राजे ने राज्य में 'मिनिमम गर्वमेंट-मैक्सिमम गर्वनेंस' को लागू करने के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार लगातार पुराने कानूनों को खत्म करने और संशोधित करने का कार्य कर रही है। राज्य में पहले करीब चार सौ पाँच कानून थे, जिन्हें दो सौ अस्सी तक लाया गया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में 'स्वच्छ भारत मिशन' के तहत दो जिलें एवं नौ शहरों को पूर्ण रूप से खुले में शौच मुक्त किया जा चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों में टॉयलेट निर्माण के क्षेत्र में राजस्थान देश में प्रथम है। उन्होंने कहा कि इकतीस मार्च, दो हज़ार अट्ठारह तक राज्य को पूर्ण रूप से खुले में शौच मुक्त बना दिया जाएगा। बैठक में मुख्य सचिव श्री ओपी मीना भी उपस्थित थे।
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पाकिस्तान के पूर्व कप्तान जहीर अब्बास को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट संघ अर्थात आईसीसी का नया अध्यक्ष बनाया गया है । बार्बेडॉस में हुई तीन दिन की सालाना बैठक में यह फैसला लिया गया। जहीर अब्बास इस बैठक में मौजूद थे और उन्हाने वहां पर उपस्थित सभी लोगों का आभार प्रकट किया ।
नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान जहीर अब्बास को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट संघ अर्थात आईसीसी का नया अध्यक्ष बनाया गया है । बार्बेडॉस में हुई तीन दिन की सालाना बैठक में यह फैसला लिया गया। जहीर अब्बास इस बैठक में मौजूद थे और उन्हाने वहां पर उपस्थित सभी लोगों का आभार प्रकट किया ।
जहीर अब्बास का कार्यकाल एक साल का होगा। 67 साल के ज़हीर अब्बास ने पाकिस्तान की ओर से 78 टेस्ट मैच, 62 वनडे मुक़ाबले खेले हैं और अपने 22 साल के प्रथम-श्रेणी के क्रिकेट में उन्होंने 34,843 रन बनाए हैं।
गौरतलब है कि इसी साल हुए आईसीसी विश्व कप कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष नजम सेठी ने जुलाई 2016 से आईसीसी अध्यक्ष पद को सिर्फ दिग्गज पूर्व खिलाड़ी के लिए ही रखने के आईसीसी के फैसले को देखते हुए अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली थी। जिसके बाद पीसीबी ने जहीर अब्बास के नाम को भेज दिया था।
यह भी पढ़ेः संगकारा दुविधा में, संन्यास लें या अभी न लें?
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पाकिस्तान के पूर्व कप्तान जहीर अब्बास को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट संघ अर्थात आईसीसी का नया अध्यक्ष बनाया गया है । बार्बेडॉस में हुई तीन दिन की सालाना बैठक में यह फैसला लिया गया। जहीर अब्बास इस बैठक में मौजूद थे और उन्हाने वहां पर उपस्थित सभी लोगों का आभार प्रकट किया । नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान जहीर अब्बास को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट संघ अर्थात आईसीसी का नया अध्यक्ष बनाया गया है । बार्बेडॉस में हुई तीन दिन की सालाना बैठक में यह फैसला लिया गया। जहीर अब्बास इस बैठक में मौजूद थे और उन्हाने वहां पर उपस्थित सभी लोगों का आभार प्रकट किया । जहीर अब्बास का कार्यकाल एक साल का होगा। सरसठ साल के ज़हीर अब्बास ने पाकिस्तान की ओर से अठहत्तर टेस्ट मैच, बासठ वनडे मुक़ाबले खेले हैं और अपने बाईस साल के प्रथम-श्रेणी के क्रिकेट में उन्होंने चौंतीस,आठ सौ तैंतालीस रन बनाए हैं। गौरतलब है कि इसी साल हुए आईसीसी विश्व कप कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष नजम सेठी ने जुलाई दो हज़ार सोलह से आईसीसी अध्यक्ष पद को सिर्फ दिग्गज पूर्व खिलाड़ी के लिए ही रखने के आईसीसी के फैसले को देखते हुए अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली थी। जिसके बाद पीसीबी ने जहीर अब्बास के नाम को भेज दिया था। यह भी पढ़ेः संगकारा दुविधा में, संन्यास लें या अभी न लें?
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नई दिल्लीः वर्ल्ड कप क्वालिफायर के तहत जिम्बाब्वे में खेले गए सुपर-6 के मुकाबले में नीदरलैंड ने गुरुवार को बड़ा उलटफेर किया। नीदरलैंड ने अब तक उलटफेर करती आई स्कॉटलैंड को 42. 5 ओवर में 4 विकेट से शिकस्त देकर वनडे वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर लिया। नीदरलैंड के क्वालिफाई करने के बाद इस साल भारत में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप की सभी दस टीम तय हो गई हैं।
मेजबान भारत समेत आठ टीमें पहले ही क्वालिफाई कर चुकी थीं। अब श्रीलंका और नीदरलैंड नौवीं और दसवीं टीम बन गई हैं। नीदरलैंड की इस बड़ी जीत में उसके ऑलराउंडर बास डी लीड का बड़ा योगदान रहा। उन्होंने पहले 10 ओवर में 52 रन देकर 5 विकेट चटकाए। उसके बाद 277 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से 92 गेंदों में 7 चौके-5 छक्के ठोक 123 रन कूट डाले। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर बास डी लीड ने इतिहास रच दिया।
बास डी लीड वनडे क्रिकेट के इतिहास में एक मैच में शतक और 5 विकेट लेने वाले दुनिया के चौथे खिलाड़ी बन गए हैं। वह जाहिर तौर पर नीदरलैंड के लिए ये कारनामा करने वाले पहले खिलाड़ी हैं। डी लीड वेस्टइंडीज के विव रिचर्ड्स, इंग्लैंड के पॉल कॉलिंगवुड और यूएई के रोहन मुस्तफा के बाद एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में शतक बनाने और पांच विकेट लेने वाले चौथे खिलाड़ी हैं। निर्णायक मुकाबले में बास डी लीड की धमक क्रिकेटप्रेमियों को हैरान कर रही है।
खास बात यह है कि नीदरलैंड ने करीब 12 साल बाद वनडे वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया है। 2011 के बाद यह पहली बार है कि वे 50 ओवर के विश्व कप में पहुंचे हैं। पुरुषों के एकदिवसीय विश्व कप में यह नीदरलैंड की पांचवीं उपस्थिति होगी।
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नई दिल्लीः वर्ल्ड कप क्वालिफायर के तहत जिम्बाब्वे में खेले गए सुपर-छः के मुकाबले में नीदरलैंड ने गुरुवार को बड़ा उलटफेर किया। नीदरलैंड ने अब तक उलटफेर करती आई स्कॉटलैंड को बयालीस. पाँच ओवर में चार विकेट से शिकस्त देकर वनडे वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर लिया। नीदरलैंड के क्वालिफाई करने के बाद इस साल भारत में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप की सभी दस टीम तय हो गई हैं। मेजबान भारत समेत आठ टीमें पहले ही क्वालिफाई कर चुकी थीं। अब श्रीलंका और नीदरलैंड नौवीं और दसवीं टीम बन गई हैं। नीदरलैंड की इस बड़ी जीत में उसके ऑलराउंडर बास डी लीड का बड़ा योगदान रहा। उन्होंने पहले दस ओवर में बावन रन देकर पाँच विकेट चटकाए। उसके बाद दो सौ सतहत्तर रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से बानवे गेंदों में सात चौके-पाँच छक्के ठोक एक सौ तेईस रन कूट डाले। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर बास डी लीड ने इतिहास रच दिया। बास डी लीड वनडे क्रिकेट के इतिहास में एक मैच में शतक और पाँच विकेट लेने वाले दुनिया के चौथे खिलाड़ी बन गए हैं। वह जाहिर तौर पर नीदरलैंड के लिए ये कारनामा करने वाले पहले खिलाड़ी हैं। डी लीड वेस्टइंडीज के विव रिचर्ड्स, इंग्लैंड के पॉल कॉलिंगवुड और यूएई के रोहन मुस्तफा के बाद एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में शतक बनाने और पांच विकेट लेने वाले चौथे खिलाड़ी हैं। निर्णायक मुकाबले में बास डी लीड की धमक क्रिकेटप्रेमियों को हैरान कर रही है। खास बात यह है कि नीदरलैंड ने करीब बारह साल बाद वनडे वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया है। दो हज़ार ग्यारह के बाद यह पहली बार है कि वे पचास ओवर के विश्व कप में पहुंचे हैं। पुरुषों के एकदिवसीय विश्व कप में यह नीदरलैंड की पांचवीं उपस्थिति होगी।
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महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) ने अनेक पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। इस अधिसूचना के जरिए ग्रुप बी के पदों को भरा जाएगा।
इच्छुक उम्मीदवार MPSC की ऑफिशल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन (Online Application) कर सकते हैं। आवेदन करने की आखिरी तारीख 15 जुलाई तय की गई है।
उम्मीदवारों को मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट (प्रासंगिक अनुशासन) होना चाहिए।
उम्मीदवारों की आयुसीमा 18 से 38 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
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महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग ने अनेक पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। इस अधिसूचना के जरिए ग्रुप बी के पदों को भरा जाएगा। इच्छुक उम्मीदवार MPSC की ऑफिशल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की आखिरी तारीख पंद्रह जुलाई तय की गई है। उम्मीदवारों को मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट होना चाहिए। उम्मीदवारों की आयुसीमा अट्ठारह से अड़तीस वर्ष के बीच होनी चाहिए।
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लखनऊ. राम जन्मभूमि -बाबरी मस्जिद भूमि (Ram Mandir Case) विवाद पर नवंबर में फैसला आने वाला है. 70 साल पुरानी कानूनी लड़ाई अपने अंत के करीब दिख रही है तो वहीं अब मुस्लिम समुदाय (Muslim) के भीतर मतभेद सामने आ रहे हैं कि मामले को कैसे देखा जाए.
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल (rtd) ज़मीरुद्दीन शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव अनीस अंसारी सहित कुछ प्रमुख मुस्लिम बुद्धिजीवियों के एक दिन बाद, मुस्लिम पक्ष ने विवादित भूमि पर अपना पक्ष रखा. पर्सनल लॉ बोर्ड ने स्पष्ट रूप से दिए सुझाव को ठुकरा दिया है.
12 अक्टूबर को लखनऊ में होने वाली AIMPLB की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आधिकारिक तौर पर स्टैंड ऱखने की उम्मीद है, कि अयोध्या में 2. 77 एकड़ विवादित भूमि पर दावे को छोड़ने का कोई सवाल ही नहीं है.
हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय में मामले की सुनवाई से पहले महत्वपूर्ण और अंतिम बैठक से पहले ही, बोर्ड के सदस्य और उसके प्रवक्ता जफरयाब जिलानी ने संदेह की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी. न्यूज18 से बात करते हुए, उन्होंने कहा कि 'बोर्ड इस तरह की किसी भी मांग से हैरान है. '
उन्होंने आगे कहा कि मध्यस्थता वार्ता एक गतिरोध को तोड़ने में विफल रही है. हम माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष तर्क के बारे में आश्वस्त हैं और अदालत से बहुप्रतीक्षित फैसले का इंतजार कर रहे हैं. मुस्लिम बोर्ड के लिए, कानूनी हल से यह रुख नया नहीं है. बोर्ड ने अपनी पिछली बैठकों में इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया था.
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लखनऊ. राम जन्मभूमि -बाबरी मस्जिद भूमि विवाद पर नवंबर में फैसला आने वाला है. सत्तर साल पुरानी कानूनी लड़ाई अपने अंत के करीब दिख रही है तो वहीं अब मुस्लिम समुदाय के भीतर मतभेद सामने आ रहे हैं कि मामले को कैसे देखा जाए. अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल ज़मीरुद्दीन शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव अनीस अंसारी सहित कुछ प्रमुख मुस्लिम बुद्धिजीवियों के एक दिन बाद, मुस्लिम पक्ष ने विवादित भूमि पर अपना पक्ष रखा. पर्सनल लॉ बोर्ड ने स्पष्ट रूप से दिए सुझाव को ठुकरा दिया है. बारह अक्टूबर को लखनऊ में होने वाली AIMPLB की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आधिकारिक तौर पर स्टैंड ऱखने की उम्मीद है, कि अयोध्या में दो. सतहत्तर एकड़ विवादित भूमि पर दावे को छोड़ने का कोई सवाल ही नहीं है. हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय में मामले की सुनवाई से पहले महत्वपूर्ण और अंतिम बैठक से पहले ही, बोर्ड के सदस्य और उसके प्रवक्ता जफरयाब जिलानी ने संदेह की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी. न्यूजअट्ठारह से बात करते हुए, उन्होंने कहा कि 'बोर्ड इस तरह की किसी भी मांग से हैरान है. ' उन्होंने आगे कहा कि मध्यस्थता वार्ता एक गतिरोध को तोड़ने में विफल रही है. हम माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष तर्क के बारे में आश्वस्त हैं और अदालत से बहुप्रतीक्षित फैसले का इंतजार कर रहे हैं. मुस्लिम बोर्ड के लिए, कानूनी हल से यह रुख नया नहीं है. बोर्ड ने अपनी पिछली बैठकों में इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया था. .
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श्रो भोले, दिग्भ्रात वटोही, एक रास्ता अब भी है।
'इस पथ पर लुढका तो वस पाताल पुरी मे ठहरेगा।' 'इसपर वढता तो चट्टानो से पग-पग टक्कर लेगा।'
'जगल की इस भूल-भुलैया मे फँस कोई निकला है "
'वैतरनी जो पार करेगा पहले, इसको तैरेगा ।'
ताड-वृक्ष के ऊपर बैठा वृद्ध गृद्ध यह कहता है-ओो भोले, दिग्भ्रात वटोही, एक रास्ता अब भी है।'
छुडा लिए कुछ गए और कुछ खुद ही मुझको छोड चले, मैने भी उनसे मुंह मोडा जो मुझसे मुँह मोड चले,
कुछ का साथ निभाना मेरी रचि के, वस के बाहर था ।
अच्छा है, इस पथ का पथी सारे वधन तोड चले ।
तरु-कोटर के प्रदर बैठा कहता हैभारती और प्रगारे
'उन टूटे रिश्ता से तेरा एक वास्ता अव भी है।' 'श्रो भोले, दिग्भ्रात बटोही, एक रास्ता अव भी है।'
सुनी कहानी, कही कहानी, स्वय कहानी एक बना, चौथी बात किया करता है क्या कोई ससार-जना ?
कोई पूरी होती, कोई सिर्फ अधूरी रह जाती ।
सुख, दुख, दुविधा छोड किसीका अत हुआ किसम, कहना
एक डाल पर बैठा कागा घुमाकर कहता है'जिसका भेद समझना तुझको एक दास्ता अव भी है।'
'श्री भोले, दिग्भ्रात वटोही, एक रास्ता अव भी है।'
'उन टूटे रिश्तो से तेरा
एक वास्ता ध्रुव भी है।' 'जिसका भेद समझना तुझको एक दास्तां ध्रुव भी है।'
यह जीवन श्रो' ससार अधूरा इतना है, कुछ बे तोडे कुछ जोड नही सकता कोई ।
तुम जिस लतिका पर फूली हो, क्यो लगता है, तुम उसपर आज पराई हो ?
मे ऐसा अपने ताने-वाने के अदर जैसे कोई बलवाई हो ।
तुम टूटोगी तो लतिका का दिल टूटेगा, मे निकलूगा तो चादर चिरवत्ती होगी। यह जीवन श्रो' ससार अधूरा इतना है, कुछ बे तोडे कुछ जोड नही सकता कोई ।
पर इष्ट जिसे तुमने माना, मेने माना, माला उसको पहनानी है, जिसको खोजा, उसकी पूजा कर लेने म हो जाती पूर्ण कहानी है,
तुमको लतिका का मोह सताता है, सच है, आता है मुझको वडा रहम इस चादर पर, निर्माल्य देवता का वनने का व्रत लेकर हम दोनो मे से तोड नही सकता कोई ।
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श्रो भोले, दिग्भ्रात वटोही, एक रास्ता अब भी है। 'इस पथ पर लुढका तो वस पाताल पुरी मे ठहरेगा।' 'इसपर वढता तो चट्टानो से पग-पग टक्कर लेगा।' 'जगल की इस भूल-भुलैया मे फँस कोई निकला है " 'वैतरनी जो पार करेगा पहले, इसको तैरेगा ।' ताड-वृक्ष के ऊपर बैठा वृद्ध गृद्ध यह कहता है-ओो भोले, दिग्भ्रात वटोही, एक रास्ता अब भी है।' छुडा लिए कुछ गए और कुछ खुद ही मुझको छोड चले, मैने भी उनसे मुंह मोडा जो मुझसे मुँह मोड चले, कुछ का साथ निभाना मेरी रचि के, वस के बाहर था । अच्छा है, इस पथ का पथी सारे वधन तोड चले । तरु-कोटर के प्रदर बैठा कहता हैभारती और प्रगारे 'उन टूटे रिश्ता से तेरा एक वास्ता अव भी है।' 'श्रो भोले, दिग्भ्रात बटोही, एक रास्ता अव भी है।' सुनी कहानी, कही कहानी, स्वय कहानी एक बना, चौथी बात किया करता है क्या कोई ससार-जना ? कोई पूरी होती, कोई सिर्फ अधूरी रह जाती । सुख, दुख, दुविधा छोड किसीका अत हुआ किसम, कहना एक डाल पर बैठा कागा घुमाकर कहता है'जिसका भेद समझना तुझको एक दास्ता अव भी है।' 'श्री भोले, दिग्भ्रात वटोही, एक रास्ता अव भी है।' 'उन टूटे रिश्तो से तेरा एक वास्ता ध्रुव भी है।' 'जिसका भेद समझना तुझको एक दास्तां ध्रुव भी है।' यह जीवन श्रो' ससार अधूरा इतना है, कुछ बे तोडे कुछ जोड नही सकता कोई । तुम जिस लतिका पर फूली हो, क्यो लगता है, तुम उसपर आज पराई हो ? मे ऐसा अपने ताने-वाने के अदर जैसे कोई बलवाई हो । तुम टूटोगी तो लतिका का दिल टूटेगा, मे निकलूगा तो चादर चिरवत्ती होगी। यह जीवन श्रो' ससार अधूरा इतना है, कुछ बे तोडे कुछ जोड नही सकता कोई । पर इष्ट जिसे तुमने माना, मेने माना, माला उसको पहनानी है, जिसको खोजा, उसकी पूजा कर लेने म हो जाती पूर्ण कहानी है, तुमको लतिका का मोह सताता है, सच है, आता है मुझको वडा रहम इस चादर पर, निर्माल्य देवता का वनने का व्रत लेकर हम दोनो मे से तोड नही सकता कोई ।
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आचार्य निशांत भारद्वाज ने 2023 में मोदी के लिए ये भविष्यवाणी की!
देश के जाने - माने ज्योतिष आचार्य निशांत भारद्वाज ने पीएम मोदी के आने वाले समय को लेकर भविष्यवाणी की है। दुनिया के सभी देश पीएम मोदी के दाएं- बाएं नजर आ रही है चाहे वो कोई भी देश हो हर देश आज पीएम मोदी से दोस्ती करना चाहता है। पीएम मोदी देश की आन बान शान तीनों बन चुके है।
देश के जाने - माने ज्योतिष आचार्य निशांत भारद्वाज ने पीएम मोदी के आने वाले समय को लेकर भविष्यवाणी की है। दुनिया के सभी देश पीएम मोदी के दाएं- बाएं नजर आ रही है चाहे वो कोई भी देश हो हर देश आज पीएम मोदी से दोस्ती करना चाहता है। पीएम मोदी देश की आन बान शान तीनों बन चुके है। आज हर कोई पीएम मोदी के कारण भारत का जानना चाहता है और भारत के साथ कदम से कदम मिला कर चलना चाहती है। पीएम मोदी एक भाषण में कहा था कि 21वीं सदी का भारत नया भारत है आज हर कोई भारत को चाहता है।
ज्योतिष गणना के अनुसार ये बताने की कोशिश की है कि 2023 भारतीय राजनीति और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए कैसा रहेगा ...क्या कुछ कहती है उनकी ज्योतिष भविष्यवाणी आईये जानते हैं. . ज्योतिष आचार्य निशांत भारद्वाज ने भविष्यवाणी क्या मोदी के नाम रहेगा 2023? आने वाले समय में आएगा कैसा बदलाव?
आचार्य निशांत भारद्वाज ने कहा साल 2023 में भारत विरोधी टूलकिट तौयार हो रहा है। इससे पहले उन्होने गुजरात हिमाचल और एमसीडी चुनाव को लेकर भविष्य वाणी की थी जो काफी हद तक सही हुई है। इस बार उन्होने कहा कि मोदी सरकार के खिलाफ एक टूलकिट तैयार करेगी। जिसका प्रयोग मोदी के विरोध के लिए किया जाएगा। अप्रैल व मई के महीनों में विपक्षी पार्टी मोदी के खिलाफ कोई बखेड़ा खड़ा करेगा।
साथ ही उन्होने राज्यस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर भविष्यवाणी की हैं। राज्यस्थान में भारतीय जनता पार्टी के बिखराव होने के बावजूद भी चुनाव जीत लेंगी व राज्यस्थान में भाजपा पीएम मोदी के चेहरे पर चुनाव लडेंगी। साथ ही उन्होने आगे कहा कि आने वाले समय में आम आदमी पार्टी कांग्रेस की जगह लेगी। उन्होने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनावों में कांग्रेस से ज्यादा आम आदमी पार्टी को सीट मिलने की संभावना है।
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आचार्य निशांत भारद्वाज ने दो हज़ार तेईस में मोदी के लिए ये भविष्यवाणी की! देश के जाने - माने ज्योतिष आचार्य निशांत भारद्वाज ने पीएम मोदी के आने वाले समय को लेकर भविष्यवाणी की है। दुनिया के सभी देश पीएम मोदी के दाएं- बाएं नजर आ रही है चाहे वो कोई भी देश हो हर देश आज पीएम मोदी से दोस्ती करना चाहता है। पीएम मोदी देश की आन बान शान तीनों बन चुके है। देश के जाने - माने ज्योतिष आचार्य निशांत भारद्वाज ने पीएम मोदी के आने वाले समय को लेकर भविष्यवाणी की है। दुनिया के सभी देश पीएम मोदी के दाएं- बाएं नजर आ रही है चाहे वो कोई भी देश हो हर देश आज पीएम मोदी से दोस्ती करना चाहता है। पीएम मोदी देश की आन बान शान तीनों बन चुके है। आज हर कोई पीएम मोदी के कारण भारत का जानना चाहता है और भारत के साथ कदम से कदम मिला कर चलना चाहती है। पीएम मोदी एक भाषण में कहा था कि इक्कीसवीं सदी का भारत नया भारत है आज हर कोई भारत को चाहता है। ज्योतिष गणना के अनुसार ये बताने की कोशिश की है कि दो हज़ार तेईस भारतीय राजनीति और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए कैसा रहेगा ...क्या कुछ कहती है उनकी ज्योतिष भविष्यवाणी आईये जानते हैं. . ज्योतिष आचार्य निशांत भारद्वाज ने भविष्यवाणी क्या मोदी के नाम रहेगा दो हज़ार तेईस? आने वाले समय में आएगा कैसा बदलाव? आचार्य निशांत भारद्वाज ने कहा साल दो हज़ार तेईस में भारत विरोधी टूलकिट तौयार हो रहा है। इससे पहले उन्होने गुजरात हिमाचल और एमसीडी चुनाव को लेकर भविष्य वाणी की थी जो काफी हद तक सही हुई है। इस बार उन्होने कहा कि मोदी सरकार के खिलाफ एक टूलकिट तैयार करेगी। जिसका प्रयोग मोदी के विरोध के लिए किया जाएगा। अप्रैल व मई के महीनों में विपक्षी पार्टी मोदी के खिलाफ कोई बखेड़ा खड़ा करेगा। साथ ही उन्होने राज्यस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर भविष्यवाणी की हैं। राज्यस्थान में भारतीय जनता पार्टी के बिखराव होने के बावजूद भी चुनाव जीत लेंगी व राज्यस्थान में भाजपा पीएम मोदी के चेहरे पर चुनाव लडेंगी। साथ ही उन्होने आगे कहा कि आने वाले समय में आम आदमी पार्टी कांग्रेस की जगह लेगी। उन्होने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनावों में कांग्रेस से ज्यादा आम आदमी पार्टी को सीट मिलने की संभावना है।
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नईदिल्ली। हालांकि भारतीय रेलवे में ग्रीन टाॅयलेट की बात चलने लगी है। अजी बात ही क्या चलने लगी है बल्कि रेलवे में तो ट्रेन के डिब्बों में पुराने तरीके के टाॅयलेट के स्थान पर ग्रीन टाॅयलेट लगाने प्रारंभ कर दिए गए हैं लेकिन, अब रेल नेटवर्क, दुर्गंध और शौचालय के सुव्यवस्थित तरीके से न बन पाने की परेशानियों को दूर करने का प्रयास कर रहा है। इसके लिए रेल में बायो वैक्यूम टाॅयलेट लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है।
इससे यात्रियों को सुविधा होगी वहीं सफर के दौरान डिब्बों में स्वच्छता होगी और पैसेंजर्स को दुर्गंध नहीं आएगी। यह टाॅयलेट कुछ उसी तरह का है जैस हवाई जहाज में होता है। इस मामले में अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि, राजधानी और शताब्दी जैसी महत्वपूर्ण रेल सेवाओं के 100 डिब्बों में इस तरह के टाॅयलेट्स का उपयोग होगा। इसके बाद अन्य सवारी या यात्री गाड़ियों में इस तरह के टाॅयलेट का प्रबंध किया जाएगा।
बायो वैक्यूम टाॅयलेट को काफी उन्नत माना जाता है। इनका उपयोग हवाई जहाजों में होता है। इस टाॅयलेट में 1 लीटर पानी की आवश्यकता होगी। सारा मल वैक्यूम द्वारा खींच लिया जाएगा। इन टाॅयलेट्स का कुछ रेल सेवाओं में पाॅयलट आधार पर परीक्षण किया गया था।
इनके उपयोग से रेलवे में पानी के उपयोग की बचत होगी तो दूसरी ओर दुर्गंध की परेशानी नहीं होगी। फिलहाल चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में बाॅयो वैक्यूम टाॅयलेट के माध्यम से 100 डिब्बे तैयार किए जाऐंगे। उन्हें राजधानी व शताब्दी आदि प्रीमियम रेलों में जोड़ा जाएगा।
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नईदिल्ली। हालांकि भारतीय रेलवे में ग्रीन टाॅयलेट की बात चलने लगी है। अजी बात ही क्या चलने लगी है बल्कि रेलवे में तो ट्रेन के डिब्बों में पुराने तरीके के टाॅयलेट के स्थान पर ग्रीन टाॅयलेट लगाने प्रारंभ कर दिए गए हैं लेकिन, अब रेल नेटवर्क, दुर्गंध और शौचालय के सुव्यवस्थित तरीके से न बन पाने की परेशानियों को दूर करने का प्रयास कर रहा है। इसके लिए रेल में बायो वैक्यूम टाॅयलेट लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है। इससे यात्रियों को सुविधा होगी वहीं सफर के दौरान डिब्बों में स्वच्छता होगी और पैसेंजर्स को दुर्गंध नहीं आएगी। यह टाॅयलेट कुछ उसी तरह का है जैस हवाई जहाज में होता है। इस मामले में अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि, राजधानी और शताब्दी जैसी महत्वपूर्ण रेल सेवाओं के एक सौ डिब्बों में इस तरह के टाॅयलेट्स का उपयोग होगा। इसके बाद अन्य सवारी या यात्री गाड़ियों में इस तरह के टाॅयलेट का प्रबंध किया जाएगा। बायो वैक्यूम टाॅयलेट को काफी उन्नत माना जाता है। इनका उपयोग हवाई जहाजों में होता है। इस टाॅयलेट में एक लीटरटर पानी की आवश्यकता होगी। सारा मल वैक्यूम द्वारा खींच लिया जाएगा। इन टाॅयलेट्स का कुछ रेल सेवाओं में पाॅयलट आधार पर परीक्षण किया गया था। इनके उपयोग से रेलवे में पानी के उपयोग की बचत होगी तो दूसरी ओर दुर्गंध की परेशानी नहीं होगी। फिलहाल चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में बाॅयो वैक्यूम टाॅयलेट के माध्यम से एक सौ डिब्बे तैयार किए जाऐंगे। उन्हें राजधानी व शताब्दी आदि प्रीमियम रेलों में जोड़ा जाएगा।
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नोएडा. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की नोएडा (NOIDA) फेज टू थाना पुलिस और बदमाशों की आज दिनदहाड़े मुठभेड़ (Police Encounter) हो गई. मुठभेड़ में तीन बदमाशों को गोली लगी है. घायल बदमाशों की पहचान रोहित, नंदकिशोर और माखन के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार ये तीनों शातिर लुटेरे हैं. इनमें से रोहित पहले भी जेल जा चुका है. बदमाशों और पुलिस की मुठभेड़ फेज टू कोतवाली इलाके के फूल मंडी क्षेत्र में हुई. यहां चेकिंग के दौरान इन बदमाशों को रोका गया तो इन्होंने पुलिस पर फायरिंग कर दी. जवाबी फायरिंग में तीनों बदमाश घायल हो गए. तीनों ही बदमाशों को पुलिस की गोली पैर में लगी.
पता चला कि इन लोगों ने 30 सितंबर को एक ऑटो चालक के साथ लूट की और उसकी हत्या कर उसका शव फेस टू इलाके में फेंक दिया. इसके बाद ये ऑटो लेकर फरार हो गए. पुलिस ने मामले में तीनों की गिरफ्तारी कर ली है और ऑटो को बरामद भी कर लिया है.
मामले में एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि थाना फेज टू में एक शव बरामद किया गया था. शिनाख्त की गई तो वह एक ऑटो ड्राइवर निकला. जांच में पता चला कि अंगोछे से ड्राइवर को मारा गया था और उसका ऑटो लूट लिया गया था. मामले में ऑटो बरामद कर लिया गया है. वहीं तीन अभियुक्तों की पुलिस के साथ मुठभेड़ में गिरफ्तारी हुई है. एसएसपी के अनुसार इनमें से कुछ अभियुक्त पहले भी जेल जा चुके हैं.
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नोएडा. उत्तर प्रदेश की नोएडा फेज टू थाना पुलिस और बदमाशों की आज दिनदहाड़े मुठभेड़ हो गई. मुठभेड़ में तीन बदमाशों को गोली लगी है. घायल बदमाशों की पहचान रोहित, नंदकिशोर और माखन के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार ये तीनों शातिर लुटेरे हैं. इनमें से रोहित पहले भी जेल जा चुका है. बदमाशों और पुलिस की मुठभेड़ फेज टू कोतवाली इलाके के फूल मंडी क्षेत्र में हुई. यहां चेकिंग के दौरान इन बदमाशों को रोका गया तो इन्होंने पुलिस पर फायरिंग कर दी. जवाबी फायरिंग में तीनों बदमाश घायल हो गए. तीनों ही बदमाशों को पुलिस की गोली पैर में लगी. पता चला कि इन लोगों ने तीस सितंबर को एक ऑटो चालक के साथ लूट की और उसकी हत्या कर उसका शव फेस टू इलाके में फेंक दिया. इसके बाद ये ऑटो लेकर फरार हो गए. पुलिस ने मामले में तीनों की गिरफ्तारी कर ली है और ऑटो को बरामद भी कर लिया है. मामले में एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि थाना फेज टू में एक शव बरामद किया गया था. शिनाख्त की गई तो वह एक ऑटो ड्राइवर निकला. जांच में पता चला कि अंगोछे से ड्राइवर को मारा गया था और उसका ऑटो लूट लिया गया था. मामले में ऑटो बरामद कर लिया गया है. वहीं तीन अभियुक्तों की पुलिस के साथ मुठभेड़ में गिरफ्तारी हुई है. एसएसपी के अनुसार इनमें से कुछ अभियुक्त पहले भी जेल जा चुके हैं. ये भी पढ़ेंः .
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आईपीएल की ओपनिंग सेरेमनी की शुरुआत विश्व क्रिकेट की सुप्रसिद्ध आवाज रवि शास्त्री के साथ हुई. रवि शास्त्री ने हमेशा की तरह इस बार अपनी दमदार आवाज के साथ इंडियन प्रीमियर लीग की शुरुआत की.
दरअसल रवि शास्त्री और सौरव गांगुली की जुबानी जंग किसी से भी छुपी नहीं हैं. मगर ओपनिंग सेरेमनी में रवि शास्त्री ने सौरव गांगुली को प्रिंस ऑफ़ कोलकाता कहकर मैदान में बुलाया.
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आईपीएल की ओपनिंग सेरेमनी की शुरुआत विश्व क्रिकेट की सुप्रसिद्ध आवाज रवि शास्त्री के साथ हुई. रवि शास्त्री ने हमेशा की तरह इस बार अपनी दमदार आवाज के साथ इंडियन प्रीमियर लीग की शुरुआत की. दरअसल रवि शास्त्री और सौरव गांगुली की जुबानी जंग किसी से भी छुपी नहीं हैं. मगर ओपनिंग सेरेमनी में रवि शास्त्री ने सौरव गांगुली को प्रिंस ऑफ़ कोलकाता कहकर मैदान में बुलाया.
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शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ।
वेदोक्तब्राह्मणादि जाति या वर्णाश्रमधर्म के लिये ये देखेंःब्राह्मणग्रन्थ। ---- ब्राह्मणग्रन्थ हिन्दू धर्म के पवित्रतम और सर्वोच्च धर्मग्रन्थ वेदों का गद्य में व्याख्या वाला खण्ड है। ब्राह्मणग्रन्थ वैदिक वाङ्मय का वरीयता के क्रममे दूसरा हिस्सा है जिसमें गद्य रूप में देवताओं की तथा यज्ञ की रहस्यमय व्याख्या की गयी है और मन्त्रों पर भाष्य भी दिया गया है। इनकी भाषा वैदिक संस्कृत है। हर वेद का एक या एक से अधिक ब्राह्मणग्रन्थ है (हर वेद की अपनी अलग-अलग शाखा है)।आज विभिन्न वेद सम्बद्ध ये ही ब्राह्मण उपलब्ध हैंः- ब्राह्मण ग्रंथों का एक उदाहरण। बाएं तैत्तिरीय संहिता; जिसमें मंत्र (मोटे अक्षरों में) और ब्राह्मण दोनो हैं, जबकि दाहिने भाग में ऐतरेय ब्राह्मण का एक अंश।. कर्म हिंदू धर्म की वह अवधारणा है, जो एक प्रणाली के माध्यम से कार्य-कारण के सिद्धांत की व्याख्या करती है, जहां पिछले हितकर कार्यों का हितकर प्रभाव और हानिकर कार्यों का हानिकर प्रभाव प्राप्त होता है, जो पुनर्जन्म का एक चक्र बनाते हुए आत्मा के जीवन में पुनः अवतरण या पुनर्जन्म की क्रियाओं और प्रतिक्रियाओं की एक प्रणाली की रचना करती है। कहा जाता है कि कार्य-कारण सिद्धांत न केवल भौतिक दुनिया में लागू होता है, बल्कि हमारे विचारों, शब्दों, कार्यों और उन कार्यों पर भी लागू होता है जो हमारे निर्देशों पर दूसरे किया करते हैं। परमहंस स्वामी महेश्वराआनंद, मानव में छिपी शक्ति, इबेरा वरलैग, पृष्ठ 23, ISBN 3-85052-197-4 जब पुनर्जन्म का चक्र समाप्त हो जाता है, तब कहा जाता है कि उस व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है, या संसार से मुक्ति मिलती है। सभी पुनर्जन्म मानव योनि में ही नहीं होते हैं। कहते हैं कि पृथ्वी पर जन्म और मृत्यु का चक्र 84 लाख योनियों में चलता रहता है, लेकिन केवल मानव योनि में ही इस चक्र से बाहर निकलना संभव है।परमहंस स्वामी महेश्वराआनंद, मानव में छिपी शक्ति, इबेरा वरलैग, पृष्ठ 24, ISBN 3-85052-197-4 .
ब्राह्मण-ग्रन्थ और हिंदू धर्म में कर्म आम में 3 बातें हैं (यूनियनपीडिया में): ब्राह्मण-ग्रन्थ, शतपथ ब्राह्मण, हिन्दू धर्म।
वेदोक्तब्राह्मणादि जाति या वर्णाश्रमधर्म के लिये ये देखेंःब्राह्मणग्रन्थ। ---- ब्राह्मणग्रन्थ हिन्दू धर्म के पवित्रतम और सर्वोच्च धर्मग्रन्थ वेदों का गद्य में व्याख्या वाला खण्ड है। ब्राह्मणग्रन्थ वैदिक वाङ्मय का वरीयता के क्रममे दूसरा हिस्सा है जिसमें गद्य रूप में देवताओं की तथा यज्ञ की रहस्यमय व्याख्या की गयी है और मन्त्रों पर भाष्य भी दिया गया है। इनकी भाषा वैदिक संस्कृत है। हर वेद का एक या एक से अधिक ब्राह्मणग्रन्थ है (हर वेद की अपनी अलग-अलग शाखा है)।आज विभिन्न वेद सम्बद्ध ये ही ब्राह्मण उपलब्ध हैंः- ब्राह्मण ग्रंथों का एक उदाहरण। बाएं तैत्तिरीय संहिता; जिसमें मंत्र (मोटे अक्षरों में) और ब्राह्मण दोनो हैं, जबकि दाहिने भाग में ऐतरेय ब्राह्मण का एक अंश।.
शतपथ ब्राह्मण शुक्ल यजुर्वेद का ब्राह्मणग्रन्थ है। ब्राह्मण ग्रन्थों में इसे सर्वाधिक प्रमाणिक माना जाता है। .
हिन्दू धर्म (संस्कृतः सनातन धर्म) एक धर्म (या, जीवन पद्धति) है जिसके अनुयायी अधिकांशतः भारत,नेपाल और मॉरिशस में बहुमत में हैं। इसे विश्व का प्राचीनतम धर्म कहा जाता है। इसे 'वैदिक सनातन वर्णाश्रम धर्म' भी कहते हैं जिसका अर्थ है कि इसकी उत्पत्ति मानव की उत्पत्ति से भी पहले से है। विद्वान लोग हिन्दू धर्म को भारत की विभिन्न संस्कृतियों एवं परम्पराओं का सम्मिश्रण मानते हैं जिसका कोई संस्थापक नहीं है। यह धर्म अपने अन्दर कई अलग-अलग उपासना पद्धतियाँ, मत, सम्प्रदाय और दर्शन समेटे हुए हैं। अनुयायियों की संख्या के आधार पर ये विश्व का तीसरा सबसे बड़ा धर्म है। संख्या के आधार पर इसके अधिकतर उपासक भारत में हैं और प्रतिशत के आधार पर नेपाल में हैं। हालाँकि इसमें कई देवी-देवताओं की पूजा की जाती है, लेकिन वास्तव में यह एकेश्वरवादी धर्म है। इसे सनातन धर्म अथवा वैदिक धर्म भी कहते हैं। इण्डोनेशिया में इस धर्म का औपचारिक नाम "हिन्दु आगम" है। हिन्दू केवल एक धर्म या सम्प्रदाय ही नहीं है अपितु जीवन जीने की एक पद्धति है। .
ब्राह्मण-ग्रन्थ 12 संबंध है और हिंदू धर्म में कर्म 62 है। वे आम 3 में है, समानता सूचकांक 4.05% है = 3 / (12 + 62)।
यह लेख ब्राह्मण-ग्रन्थ और हिंदू धर्म में कर्म के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
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शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। वेदोक्तब्राह्मणादि जाति या वर्णाश्रमधर्म के लिये ये देखेंःब्राह्मणग्रन्थ। ---- ब्राह्मणग्रन्थ हिन्दू धर्म के पवित्रतम और सर्वोच्च धर्मग्रन्थ वेदों का गद्य में व्याख्या वाला खण्ड है। ब्राह्मणग्रन्थ वैदिक वाङ्मय का वरीयता के क्रममे दूसरा हिस्सा है जिसमें गद्य रूप में देवताओं की तथा यज्ञ की रहस्यमय व्याख्या की गयी है और मन्त्रों पर भाष्य भी दिया गया है। इनकी भाषा वैदिक संस्कृत है। हर वेद का एक या एक से अधिक ब्राह्मणग्रन्थ है ।आज विभिन्न वेद सम्बद्ध ये ही ब्राह्मण उपलब्ध हैंः- ब्राह्मण ग्रंथों का एक उदाहरण। बाएं तैत्तिरीय संहिता; जिसमें मंत्र और ब्राह्मण दोनो हैं, जबकि दाहिने भाग में ऐतरेय ब्राह्मण का एक अंश।. कर्म हिंदू धर्म की वह अवधारणा है, जो एक प्रणाली के माध्यम से कार्य-कारण के सिद्धांत की व्याख्या करती है, जहां पिछले हितकर कार्यों का हितकर प्रभाव और हानिकर कार्यों का हानिकर प्रभाव प्राप्त होता है, जो पुनर्जन्म का एक चक्र बनाते हुए आत्मा के जीवन में पुनः अवतरण या पुनर्जन्म की क्रियाओं और प्रतिक्रियाओं की एक प्रणाली की रचना करती है। कहा जाता है कि कार्य-कारण सिद्धांत न केवल भौतिक दुनिया में लागू होता है, बल्कि हमारे विचारों, शब्दों, कार्यों और उन कार्यों पर भी लागू होता है जो हमारे निर्देशों पर दूसरे किया करते हैं। परमहंस स्वामी महेश्वराआनंद, मानव में छिपी शक्ति, इबेरा वरलैग, पृष्ठ तेईस, ISBN तीन-पचासी हज़ार बावन-एक सौ सत्तानवे-चार जब पुनर्जन्म का चक्र समाप्त हो जाता है, तब कहा जाता है कि उस व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है, या संसार से मुक्ति मिलती है। सभी पुनर्जन्म मानव योनि में ही नहीं होते हैं। कहते हैं कि पृथ्वी पर जन्म और मृत्यु का चक्र चौरासी लाख योनियों में चलता रहता है, लेकिन केवल मानव योनि में ही इस चक्र से बाहर निकलना संभव है।परमहंस स्वामी महेश्वराआनंद, मानव में छिपी शक्ति, इबेरा वरलैग, पृष्ठ चौबीस, ISBN तीन-पचासी हज़ार बावन-एक सौ सत्तानवे-चार . ब्राह्मण-ग्रन्थ और हिंदू धर्म में कर्म आम में तीन बातें हैं : ब्राह्मण-ग्रन्थ, शतपथ ब्राह्मण, हिन्दू धर्म। वेदोक्तब्राह्मणादि जाति या वर्णाश्रमधर्म के लिये ये देखेंःब्राह्मणग्रन्थ। ---- ब्राह्मणग्रन्थ हिन्दू धर्म के पवित्रतम और सर्वोच्च धर्मग्रन्थ वेदों का गद्य में व्याख्या वाला खण्ड है। ब्राह्मणग्रन्थ वैदिक वाङ्मय का वरीयता के क्रममे दूसरा हिस्सा है जिसमें गद्य रूप में देवताओं की तथा यज्ञ की रहस्यमय व्याख्या की गयी है और मन्त्रों पर भाष्य भी दिया गया है। इनकी भाषा वैदिक संस्कृत है। हर वेद का एक या एक से अधिक ब्राह्मणग्रन्थ है ।आज विभिन्न वेद सम्बद्ध ये ही ब्राह्मण उपलब्ध हैंः- ब्राह्मण ग्रंथों का एक उदाहरण। बाएं तैत्तिरीय संहिता; जिसमें मंत्र और ब्राह्मण दोनो हैं, जबकि दाहिने भाग में ऐतरेय ब्राह्मण का एक अंश।. शतपथ ब्राह्मण शुक्ल यजुर्वेद का ब्राह्मणग्रन्थ है। ब्राह्मण ग्रन्थों में इसे सर्वाधिक प्रमाणिक माना जाता है। . हिन्दू धर्म एक धर्म है जिसके अनुयायी अधिकांशतः भारत,नेपाल और मॉरिशस में बहुमत में हैं। इसे विश्व का प्राचीनतम धर्म कहा जाता है। इसे 'वैदिक सनातन वर्णाश्रम धर्म' भी कहते हैं जिसका अर्थ है कि इसकी उत्पत्ति मानव की उत्पत्ति से भी पहले से है। विद्वान लोग हिन्दू धर्म को भारत की विभिन्न संस्कृतियों एवं परम्पराओं का सम्मिश्रण मानते हैं जिसका कोई संस्थापक नहीं है। यह धर्म अपने अन्दर कई अलग-अलग उपासना पद्धतियाँ, मत, सम्प्रदाय और दर्शन समेटे हुए हैं। अनुयायियों की संख्या के आधार पर ये विश्व का तीसरा सबसे बड़ा धर्म है। संख्या के आधार पर इसके अधिकतर उपासक भारत में हैं और प्रतिशत के आधार पर नेपाल में हैं। हालाँकि इसमें कई देवी-देवताओं की पूजा की जाती है, लेकिन वास्तव में यह एकेश्वरवादी धर्म है। इसे सनातन धर्म अथवा वैदिक धर्म भी कहते हैं। इण्डोनेशिया में इस धर्म का औपचारिक नाम "हिन्दु आगम" है। हिन्दू केवल एक धर्म या सम्प्रदाय ही नहीं है अपितु जीवन जीने की एक पद्धति है। . ब्राह्मण-ग्रन्थ बारह संबंध है और हिंदू धर्म में कर्म बासठ है। वे आम तीन में है, समानता सूचकांक चार.पाँच% है = तीन / । यह लेख ब्राह्मण-ग्रन्थ और हिंदू धर्म में कर्म के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
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नई दिल्ली (भाषा)। बाजार में पर्याप्त स्टॉक के बीच मौजूदा उच्चस्तर पर मांग कमजोर होने के कारण बीते सप्ताह के दौरान दिल्ली के थोक अनाज बाजार में चावल बासमती की कीमतों में लगातार दूसरे सप्ताह भी गिरावट जारी रही। हालांकि, उत्पादक क्षेत्रों से सीमित आवक के मुकाबले उपभोक्ता उद्योगों का उठान बढने के कारण कुछ अन्य मोटे अनाजों की कीमतों में मजबूती रही।
बाजार सूत्रों ने कहा कि पर्याप्त स्टॉक के मुकाबले फुटकर विक्रेताओं की कमजोर मांग के कारण मुख्यतः चावल बासमती की कीमतों पर दबाव रहा। इस बीच, सरकार ने अक्तूबर से शुरु होने वाले विपणन वर्ष 2016-17 के लिए चावल खरीद का लक्ष्य 3.3 करोड़ टन निर्धारित किया है और राज्यों को निर्देश दिया है कि वे पर्याप्त संख्या में खरीद केंद्र खोलें। चावल खरीद का काम पहले ही चालू विपणन वर्ष 2015-16 (अक्तूबर से सितंबर) के लिए तीन करोड़ टन के लक्ष्य को लांघ चुका है।
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नई दिल्ली । बाजार में पर्याप्त स्टॉक के बीच मौजूदा उच्चस्तर पर मांग कमजोर होने के कारण बीते सप्ताह के दौरान दिल्ली के थोक अनाज बाजार में चावल बासमती की कीमतों में लगातार दूसरे सप्ताह भी गिरावट जारी रही। हालांकि, उत्पादक क्षेत्रों से सीमित आवक के मुकाबले उपभोक्ता उद्योगों का उठान बढने के कारण कुछ अन्य मोटे अनाजों की कीमतों में मजबूती रही। बाजार सूत्रों ने कहा कि पर्याप्त स्टॉक के मुकाबले फुटकर विक्रेताओं की कमजोर मांग के कारण मुख्यतः चावल बासमती की कीमतों पर दबाव रहा। इस बीच, सरकार ने अक्तूबर से शुरु होने वाले विपणन वर्ष दो हज़ार सोलह-सत्रह के लिए चावल खरीद का लक्ष्य तीन.तीन करोड़ टन निर्धारित किया है और राज्यों को निर्देश दिया है कि वे पर्याप्त संख्या में खरीद केंद्र खोलें। चावल खरीद का काम पहले ही चालू विपणन वर्ष दो हज़ार पंद्रह-सोलह के लिए तीन करोड़ टन के लक्ष्य को लांघ चुका है।
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जब भारत देश को लेकर बोले आमिर खान ( Image Source : twitter )
Aamir Khan On India Statement: बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री के सबसे दमदार कलाकारों के बारे में जिक्र किया जाए तो उसमें सुपरस्टार आमिर खान का नाम जरूर शामिल होगा. अपनी कमाल के एक्टिंग के लिए आमिर खान काफी फ़ेमस हैं. हालांकि कई मौके पर अपने विवादित बयानों के चलते आमिर मुश्किलों में घिरे नज़र आए हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक बार आमिर खान भारत देश छोड़ने वाले बयान को लेकर विवाद में फंस चुके हैं. इसके बाद आमिर में देश में रहने और मरने की बात कही थी.
मैं इस देश में ही रहूंगा और यहीं मरूंगा. मेरी पत्नी ने उस दौरान बच्चों के भविष्य के मद्देनजर रखते हुए इमोशन में अपनी बात कही थी. मैं इंडस्ट्री का इकलौता ऐसा एक्टर हूं. जिसका इंडिया के बाहर एक भी घर नहीं है. मेरा जो कुछ भी है दो-चार घर इंडिया में ही हैं, तो भला मैं क्यों भारत छोड़ कर जाऊंगा. मेरे बयान का गलत मतलब निकाला और उसे बढ़ा-चढ़ा कर दिखाया गया. इस तरह से आमिर ने भारत देश को लेकर अपने बयान पर चुप्पी तोड़ी.
बीते साल आमिर खान की मोस्ट अवेटेड फिल्म लाल सिंह चड्ढा सिनेमाघरों में भारी तादाद में दर्शक जुटाने में फेल रही. सोशल मीडिया पर बायकॉट बॉलीवुड ट्रेंड की भेंट चढ़ी आमिर की लाल सिंह चड्ढा बुरी तरह फ्लॉप साबित हुई. ऐसे में अब हर कोई आमिर खान की अगली फिल्म का इंतजार कर रहे हैं. लेकिन आमिर ने अभी तक अपनी अपकमिंग फिल्म को लेकर कोई अपडेट नहीं दिया है. इसलिए हर तरफ ये बद बना हुआ है कि आखिर आमिर खान ने वाले वक्त में कौन सी फिल्म करते दिखेंगे.
यह भी पढ़ें- 'स्कैम 1992' एक्टर Hemant Kher ने हाथ जोड़कर मांगा काम, ट्वीट कर लिखा- 'ऐसा करने में बहुत सोच और शक्ति लगी'
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जब भारत देश को लेकर बोले आमिर खान Aamir Khan On India Statement: बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री के सबसे दमदार कलाकारों के बारे में जिक्र किया जाए तो उसमें सुपरस्टार आमिर खान का नाम जरूर शामिल होगा. अपनी कमाल के एक्टिंग के लिए आमिर खान काफी फ़ेमस हैं. हालांकि कई मौके पर अपने विवादित बयानों के चलते आमिर मुश्किलों में घिरे नज़र आए हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक बार आमिर खान भारत देश छोड़ने वाले बयान को लेकर विवाद में फंस चुके हैं. इसके बाद आमिर में देश में रहने और मरने की बात कही थी. मैं इस देश में ही रहूंगा और यहीं मरूंगा. मेरी पत्नी ने उस दौरान बच्चों के भविष्य के मद्देनजर रखते हुए इमोशन में अपनी बात कही थी. मैं इंडस्ट्री का इकलौता ऐसा एक्टर हूं. जिसका इंडिया के बाहर एक भी घर नहीं है. मेरा जो कुछ भी है दो-चार घर इंडिया में ही हैं, तो भला मैं क्यों भारत छोड़ कर जाऊंगा. मेरे बयान का गलत मतलब निकाला और उसे बढ़ा-चढ़ा कर दिखाया गया. इस तरह से आमिर ने भारत देश को लेकर अपने बयान पर चुप्पी तोड़ी. बीते साल आमिर खान की मोस्ट अवेटेड फिल्म लाल सिंह चड्ढा सिनेमाघरों में भारी तादाद में दर्शक जुटाने में फेल रही. सोशल मीडिया पर बायकॉट बॉलीवुड ट्रेंड की भेंट चढ़ी आमिर की लाल सिंह चड्ढा बुरी तरह फ्लॉप साबित हुई. ऐसे में अब हर कोई आमिर खान की अगली फिल्म का इंतजार कर रहे हैं. लेकिन आमिर ने अभी तक अपनी अपकमिंग फिल्म को लेकर कोई अपडेट नहीं दिया है. इसलिए हर तरफ ये बद बना हुआ है कि आखिर आमिर खान ने वाले वक्त में कौन सी फिल्म करते दिखेंगे. यह भी पढ़ें- 'स्कैम एक हज़ार नौ सौ बानवे' एक्टर Hemant Kher ने हाथ जोड़कर मांगा काम, ट्वीट कर लिखा- 'ऐसा करने में बहुत सोच और शक्ति लगी'
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पुस्तकालय का सर्वोदयवादी स्वरूप
श्री परमानन्द दोषी, एम० ए०
पुस्तकालय एक सार्वजनिक संस्था है। इसका संगठन जनतान्त्रिक आधार पर होता है । अतएव इसके संचालन से लेकर उपयोग तक के सारे कार्य इसके संगठन एवं स्वरूप के अनुरूप ही होने चाहिएँ । सभी व्यक्तियों पर इसकी समान दृष्टि रहनी चाहिए और सभी व्यक्तियों की भी इस पर समान दृष्टि रहे । सभी व्यक्तियों की समान दृष्टि पुस्तकालय पर रहे, यह लोगों की रुचि, परिस्थिति, प्रवृत्ति आदि की विभिन्नता के कारण यदि संभव न भी हो, तो भी पुस्तकालय अपनी समदर्शिता से क्यों चूके ? अपने कार्य के सर्वोदयी पक्ष को क्यों अन्धकारपूर्ण रहने दे ? उसे तो सर्वसाधारण की बिना किसी भेदभाव के निःस्वार्थ भाव से सेवा करनी है । समाज में लोगों का ऊँचा नीचा स्थान रहा करता है - रहा करे, शैक्षणिक योग्यता में भी लोग आगे-पीछे रहा करते हैं - रहा करें और धन-वैभव तथा महिमा मर्यादा में भी लोगों में पारस्परिक अन्तर हुआ करता है - हुआ करे, पर पुस्तका लय को तो उस सूर्य के समान अपनी ज्योति विकीर्ण करनी है, जो बिना किसी भेदभाव के पृथ्वी के समस्त अंग-अंशों पर अपना प्रकाश बिना किसी हिचकिचाहट और संकोच के नियमित रूप से फैलाता रहता है। सदानीरा गंगा भी अपना शीतल जल देने में कभी कोई कार्पण्य नहीं करती, जल लेने वाला चाहे जैसा भी हो । सघन वृक्ष भी अपनी छाया अपनी शरण में आने वाले समस्त प्राणियों को समभाव से दिया करते हैं। सूर्य, जलाशय, वृक्ष तथा इसी प्रकार के अन्यान्य प्राकृतिक उपादानों की भाँति पुस्तकालय को भी अपना स्वरूप ऐसा बनाना होगा, जिससे कि किसी
दिसम्बर, १६६९
व्यक्ति विशेष को यह शिकायत करने का कुयोग न मिले कि उस पुस्तकालय से उस व्यक्ति को समुचित सहयोग न उसके प्राप्त हो सका, पुस्तकालय के इसी स्वभाव के कारण, इसी स्वरूप की वजह से उसे सार्वजनिक पुस्तकालय कहा जाता है ।
पुस्तकालय को भी युगधर्म को समझना- परखना और तदनुकूल अपने कार्य-कलापों के प्रवाह को प्रवहमान होने देना होगा। यह युग व्यक्ति विशेष का युग नहीं, बल्कि व्यक्ति-व्यक्ति अर्थात् सभी का युग है । सर्वत्र सर्वोदय की भावना ज़ोर पकड़ती जा रही है। हम अपने परिवार से लेकर विश्व के समस्त राष्ट्रों तक सर्वत्र यही देखते हैं कि व्यष्टि की प्रभुता बड़ी तेजी के साथ नष्ट होती जा रही है और समष्टि की प्रभुता जमती जा रही है। आज कोई भी व्यक्ति एक की अपेक्षा अनेक की ज्यादा कदर करना चाहता है। समूह और समुदाय को अत्यधिक महत्त्व इन दिनों दिया जाने लगा है । पुस्तकालय को भी इन्हीं प्रवृत्तियों के अनुकूल अपने स्वरूप को बनाना होगा ।
आदर्श र सिद्धान्त के रूप में तो ये बातें बड़ी ही अच्छी और उपयुक्त प्रतीत होती हैं, परन्तु व्यावहारिक, रूप में जब इन्हें हम देखने की चेष्टा करते हैं, तो हमें वहाँ सर्वथा दूसरी ही तस्वीर दिखलाई पड़ती है। सर्वत्र पुस्तकालयों के द्वारा सीमित व्यक्तियों को फायदा पहुँचाया जा रहा है। सर्वत्र ही उनके संचालन में कुछ व्यक्तिविशेष ही प्रवृत्त दीख पड़ते हैं। जहाँ उनके द्वार सबके लिए खुले रहने चाहिए, वहाँ कुछ के ही प्रवेश की वहाँ सुविधा है। ज्यादा लोगों पर निषेधाज्ञा जारी है।
निषेधाज्ञा और प्रतिबन्ध मेरा तात्पर्य इस बात से नहीं है कि लोगों को पुस्तक में जाने नहीं दिया जाता है अथवा वे वहाँ न जाएँ, इसके लिए दुप्चेष्टाएँ की जाती हैं। मेरा यह है कि पुस्तकालयों का संचालन उत्साहपूर्ण ढंग से न तो किया जाता है और न आकर्षक एवं आमन्त्रणपूर्ण वहाँ का वातावरण रहता है कि लोग स्वतः पुस्तकालय में खिंचकर चले जाएं, लोगों की शिक्षा, अर्थ तथा साधन-सम्बन्धी समता भी उन्हें पुस्तकालयों में नहीं पहुँचने देती। हमारे देश में अधिकांश पुस्तकालय सशुल्क पुस्तकालय हैं, जहाँ सदस्यता शुल्क, सुरक्षा शुल्क आदि के नाम पर बिना पैसे दिये हुए उनसे सम्पर्क जोड़ा ही नहीं जा सकता । यह हुई सम्बन्धी
अब शिक्षा सम्बन्धी समर्थता को लीजिए । वैसे व्यक्ति जा पढ़े-लिखे नहीं हैं, अथवा बहुत कम पढ़े-लिखे हैं, उनके लिए पुस्तकालय में प्रायः नहीं के बराबर व्यवस्था होती है। इसी प्रकार क्षेत्रीय दलवन्दी, गुटबन्दी, जातीयता, साम्प्रदायिकता, सामाजिक ऊँचाई निचाई, राजनीतिक मतभेद आदि से पुस्तकालयों को शायद ही कहीं बचाकर रखा
७० चित्रयुक्त
सुदूर अन्तरिक्ष के पथ पर
हिन्दी के यशस्वी लेखक तथा रूसी से हिन्दी में अनुवादक, श्री महाव्रत विद्यालंकार का सोवियत वीर अन्तरिक्ष यात्री यूरी गगारिन की पुस्तक का मूलानुवाद जो उपन्यास से भी रोचक वैज्ञानिक जीवन-वृत्त है, जिसे प्रत्येक नवयुवक को पढ़ना चाहिए । मू०४.०० टैगोर-सोवियत रूस की दृष्टि में
सोवियत लेखकों के टैगोर-सम्बन्धी लेखों का संग्रह, जिनसे महाकवि रवीन्द्रनाथ टैगोर के साहित्य की रूस में जनप्रियता का दर्शन हो सकता है। प्रत्येक साहित्यप्रेमी के लिए यह पुस्तक घर में रखने योग्य है । ३.००
True Face of American Monopolist Democracy American Abroad
HARSH PUBLICATION Dayalvas, Paharidhiraj, Delhi-6
जाता है। दुष्परिणाम होता है कि लोगों का एक बहुत बड़ा दल पुस्तकालय के उपयोग से सर्वथा वंचित रह जाता है ।
अशिक्षा, रूढ़ियाँ, गलत सलत परम्पराएँ, अन्धविश्वास, दकियानूसी आदि बीमारियों से हम इस प्रकार ग्रसित हैं कि पुस्तकालय की उपयोगिता अनिवायता के कायल होना तो दूर की बात रही, उसे सोच भी नहीं सकते ।
अन्यान्य संस्थाओं की भाँति पुस्तकालय के संचालन में हम अपना या अपने प्रियपात्रों एवं अपने दल के लोगों के विशिष्ट हाथ रहना भी पसन्द करते हैं। ऐसा इसलिए कि इससे हमें सस्ती लोकप्रियता प्राप्त होती है। हमारी नामवरी की भूख मिटती है और कभी-कभी इसके नाम पर हम अर्थ तथा अन्य प्रकार की सुविधाओं से भी लाभ उठाते हैं ।
ये सारी प्रवृत्तियाँ कितनी घृणित, गर्हित, निन्दनीय और त्याज्य हैं - इसकी कल्पना हम तभी कर सकते हैं, जब हम पुस्तकालय के आधारभूत सिद्धान्त तथा उसके सर्वोदयी स्वरूप को अच्छी तरह जान लें ।
जीवन और जगत में जिस प्रकार सर्वोदय की भावना प्रबल से प्रबलतर होती जा रही है, उसी प्रकार हमें अपने पुस्तकालय के सारे कार्यों को सर्वोदय के आधार पर नियोजित करना होगा । हमें उसकी सेवाओं को इतना व्यापक, विविध और सुविस्तृत बनाना होगा। कि उनसे हमारे समाज का कोई भी व्यक्ति वंचित नहीं रहे। पुस्तकालय से यदि बड़े-बड़े विद्वानों को अपनी विद्वत्ता को संवद्धित करने में सहयोग मिले, पुस्तकालय किसी अन्वेषयक अथवा अनुसन्धायक के लिए नये तथ्यों का रहस्योद्घाटन करने में सहायक हो, किसी परीक्षार्थी को परीक्षोत्तीर्ण होने में मदद करे, किसी पुस्तक प्रेमी को अपनी पाठ्य-सामग्रियों द्वारा मानसिक खुराक प्रदान करे, तो शिक्षा के वरदान से वंचित अनपढ़ों और निरक्षरों को भी वह सहयोग दे, तभी उसका सर्वोदयी पक्ष उजागर हो सकेगा। गाँव के मास्टरजी और निठल्ले बैठे हुए ग्रेजुएट बबुआजी ग्राम-हितेषी पुस्तकालय से पुस्तकें पढ़ते रहें और बीफन मोची तथा हरखू महतो का उससे कोई ताल्लुक न रहे, तो यह पुस्तकालय की आंशिक उपयोगिता का ही परिचायक होगा। शहर के
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पुस्तकालय का सर्वोदयवादी स्वरूप श्री परमानन्द दोषी, एमशून्य एशून्य पुस्तकालय एक सार्वजनिक संस्था है। इसका संगठन जनतान्त्रिक आधार पर होता है । अतएव इसके संचालन से लेकर उपयोग तक के सारे कार्य इसके संगठन एवं स्वरूप के अनुरूप ही होने चाहिएँ । सभी व्यक्तियों पर इसकी समान दृष्टि रहनी चाहिए और सभी व्यक्तियों की भी इस पर समान दृष्टि रहे । सभी व्यक्तियों की समान दृष्टि पुस्तकालय पर रहे, यह लोगों की रुचि, परिस्थिति, प्रवृत्ति आदि की विभिन्नता के कारण यदि संभव न भी हो, तो भी पुस्तकालय अपनी समदर्शिता से क्यों चूके ? अपने कार्य के सर्वोदयी पक्ष को क्यों अन्धकारपूर्ण रहने दे ? उसे तो सर्वसाधारण की बिना किसी भेदभाव के निःस्वार्थ भाव से सेवा करनी है । समाज में लोगों का ऊँचा नीचा स्थान रहा करता है - रहा करे, शैक्षणिक योग्यता में भी लोग आगे-पीछे रहा करते हैं - रहा करें और धन-वैभव तथा महिमा मर्यादा में भी लोगों में पारस्परिक अन्तर हुआ करता है - हुआ करे, पर पुस्तका लय को तो उस सूर्य के समान अपनी ज्योति विकीर्ण करनी है, जो बिना किसी भेदभाव के पृथ्वी के समस्त अंग-अंशों पर अपना प्रकाश बिना किसी हिचकिचाहट और संकोच के नियमित रूप से फैलाता रहता है। सदानीरा गंगा भी अपना शीतल जल देने में कभी कोई कार्पण्य नहीं करती, जल लेने वाला चाहे जैसा भी हो । सघन वृक्ष भी अपनी छाया अपनी शरण में आने वाले समस्त प्राणियों को समभाव से दिया करते हैं। सूर्य, जलाशय, वृक्ष तथा इसी प्रकार के अन्यान्य प्राकृतिक उपादानों की भाँति पुस्तकालय को भी अपना स्वरूप ऐसा बनाना होगा, जिससे कि किसी दिसम्बर, एक हज़ार छः सौ उनहत्तर व्यक्ति विशेष को यह शिकायत करने का कुयोग न मिले कि उस पुस्तकालय से उस व्यक्ति को समुचित सहयोग न उसके प्राप्त हो सका, पुस्तकालय के इसी स्वभाव के कारण, इसी स्वरूप की वजह से उसे सार्वजनिक पुस्तकालय कहा जाता है । पुस्तकालय को भी युगधर्म को समझना- परखना और तदनुकूल अपने कार्य-कलापों के प्रवाह को प्रवहमान होने देना होगा। यह युग व्यक्ति विशेष का युग नहीं, बल्कि व्यक्ति-व्यक्ति अर्थात् सभी का युग है । सर्वत्र सर्वोदय की भावना ज़ोर पकड़ती जा रही है। हम अपने परिवार से लेकर विश्व के समस्त राष्ट्रों तक सर्वत्र यही देखते हैं कि व्यष्टि की प्रभुता बड़ी तेजी के साथ नष्ट होती जा रही है और समष्टि की प्रभुता जमती जा रही है। आज कोई भी व्यक्ति एक की अपेक्षा अनेक की ज्यादा कदर करना चाहता है। समूह और समुदाय को अत्यधिक महत्त्व इन दिनों दिया जाने लगा है । पुस्तकालय को भी इन्हीं प्रवृत्तियों के अनुकूल अपने स्वरूप को बनाना होगा । आदर्श र सिद्धान्त के रूप में तो ये बातें बड़ी ही अच्छी और उपयुक्त प्रतीत होती हैं, परन्तु व्यावहारिक, रूप में जब इन्हें हम देखने की चेष्टा करते हैं, तो हमें वहाँ सर्वथा दूसरी ही तस्वीर दिखलाई पड़ती है। सर्वत्र पुस्तकालयों के द्वारा सीमित व्यक्तियों को फायदा पहुँचाया जा रहा है। सर्वत्र ही उनके संचालन में कुछ व्यक्तिविशेष ही प्रवृत्त दीख पड़ते हैं। जहाँ उनके द्वार सबके लिए खुले रहने चाहिए, वहाँ कुछ के ही प्रवेश की वहाँ सुविधा है। ज्यादा लोगों पर निषेधाज्ञा जारी है। निषेधाज्ञा और प्रतिबन्ध मेरा तात्पर्य इस बात से नहीं है कि लोगों को पुस्तक में जाने नहीं दिया जाता है अथवा वे वहाँ न जाएँ, इसके लिए दुप्चेष्टाएँ की जाती हैं। मेरा यह है कि पुस्तकालयों का संचालन उत्साहपूर्ण ढंग से न तो किया जाता है और न आकर्षक एवं आमन्त्रणपूर्ण वहाँ का वातावरण रहता है कि लोग स्वतः पुस्तकालय में खिंचकर चले जाएं, लोगों की शिक्षा, अर्थ तथा साधन-सम्बन्धी समता भी उन्हें पुस्तकालयों में नहीं पहुँचने देती। हमारे देश में अधिकांश पुस्तकालय सशुल्क पुस्तकालय हैं, जहाँ सदस्यता शुल्क, सुरक्षा शुल्क आदि के नाम पर बिना पैसे दिये हुए उनसे सम्पर्क जोड़ा ही नहीं जा सकता । यह हुई सम्बन्धी अब शिक्षा सम्बन्धी समर्थता को लीजिए । वैसे व्यक्ति जा पढ़े-लिखे नहीं हैं, अथवा बहुत कम पढ़े-लिखे हैं, उनके लिए पुस्तकालय में प्रायः नहीं के बराबर व्यवस्था होती है। इसी प्रकार क्षेत्रीय दलवन्दी, गुटबन्दी, जातीयता, साम्प्रदायिकता, सामाजिक ऊँचाई निचाई, राजनीतिक मतभेद आदि से पुस्तकालयों को शायद ही कहीं बचाकर रखा सत्तर चित्रयुक्त सुदूर अन्तरिक्ष के पथ पर हिन्दी के यशस्वी लेखक तथा रूसी से हिन्दी में अनुवादक, श्री महाव्रत विद्यालंकार का सोवियत वीर अन्तरिक्ष यात्री यूरी गगारिन की पुस्तक का मूलानुवाद जो उपन्यास से भी रोचक वैज्ञानिक जीवन-वृत्त है, जिसे प्रत्येक नवयुवक को पढ़ना चाहिए । मूचार.शून्य टैगोर-सोवियत रूस की दृष्टि में सोवियत लेखकों के टैगोर-सम्बन्धी लेखों का संग्रह, जिनसे महाकवि रवीन्द्रनाथ टैगोर के साहित्य की रूस में जनप्रियता का दर्शन हो सकता है। प्रत्येक साहित्यप्रेमी के लिए यह पुस्तक घर में रखने योग्य है । तीन.शून्य True Face of American Monopolist Democracy American Abroad HARSH PUBLICATION Dayalvas, Paharidhiraj, Delhi-छः जाता है। दुष्परिणाम होता है कि लोगों का एक बहुत बड़ा दल पुस्तकालय के उपयोग से सर्वथा वंचित रह जाता है । अशिक्षा, रूढ़ियाँ, गलत सलत परम्पराएँ, अन्धविश्वास, दकियानूसी आदि बीमारियों से हम इस प्रकार ग्रसित हैं कि पुस्तकालय की उपयोगिता अनिवायता के कायल होना तो दूर की बात रही, उसे सोच भी नहीं सकते । अन्यान्य संस्थाओं की भाँति पुस्तकालय के संचालन में हम अपना या अपने प्रियपात्रों एवं अपने दल के लोगों के विशिष्ट हाथ रहना भी पसन्द करते हैं। ऐसा इसलिए कि इससे हमें सस्ती लोकप्रियता प्राप्त होती है। हमारी नामवरी की भूख मिटती है और कभी-कभी इसके नाम पर हम अर्थ तथा अन्य प्रकार की सुविधाओं से भी लाभ उठाते हैं । ये सारी प्रवृत्तियाँ कितनी घृणित, गर्हित, निन्दनीय और त्याज्य हैं - इसकी कल्पना हम तभी कर सकते हैं, जब हम पुस्तकालय के आधारभूत सिद्धान्त तथा उसके सर्वोदयी स्वरूप को अच्छी तरह जान लें । जीवन और जगत में जिस प्रकार सर्वोदय की भावना प्रबल से प्रबलतर होती जा रही है, उसी प्रकार हमें अपने पुस्तकालय के सारे कार्यों को सर्वोदय के आधार पर नियोजित करना होगा । हमें उसकी सेवाओं को इतना व्यापक, विविध और सुविस्तृत बनाना होगा। कि उनसे हमारे समाज का कोई भी व्यक्ति वंचित नहीं रहे। पुस्तकालय से यदि बड़े-बड़े विद्वानों को अपनी विद्वत्ता को संवद्धित करने में सहयोग मिले, पुस्तकालय किसी अन्वेषयक अथवा अनुसन्धायक के लिए नये तथ्यों का रहस्योद्घाटन करने में सहायक हो, किसी परीक्षार्थी को परीक्षोत्तीर्ण होने में मदद करे, किसी पुस्तक प्रेमी को अपनी पाठ्य-सामग्रियों द्वारा मानसिक खुराक प्रदान करे, तो शिक्षा के वरदान से वंचित अनपढ़ों और निरक्षरों को भी वह सहयोग दे, तभी उसका सर्वोदयी पक्ष उजागर हो सकेगा। गाँव के मास्टरजी और निठल्ले बैठे हुए ग्रेजुएट बबुआजी ग्राम-हितेषी पुस्तकालय से पुस्तकें पढ़ते रहें और बीफन मोची तथा हरखू महतो का उससे कोई ताल्लुक न रहे, तो यह पुस्तकालय की आंशिक उपयोगिता का ही परिचायक होगा। शहर के
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भोपालः मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के ससुर और साधना सिंह के पिता घनश्यामदास मसानी (88 वर्ष) का बुधवार देर शाम निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे और भोपाल के एक निजी अस्पताल में उनका ईलाज चल रहा था। जहां बुधवार देर शाम उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन पर मप्र भाजपा नेताओं ने गहरा दुख जताते हुए परिवार के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा 'मुख्यमंत्री श्री@ChouhanShivraj के ससुर एवं भाभी श्रीमती @SadhnaShivraj के पूज्य पिताजी श्री घनश्यामदास मसानी जी के निधन का दुःखद समाचार मिला। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दे एवं शोक संतप्त परिजनों को इस वज्रपात को सहने की शक्ति दे।
प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने घनश्याम मसानी के निधन पर दुख जताते हुए कहा 'मुख्यमंत्री श्री @ChouhanShivraj जी के ससुर श्री घनश्यामदास मसानी जी के निधन का दुःखद समाचार मिला। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोक संतप्त परिजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
देश दुनिया की ताजातरीन सच्ची और अच्छी खबरों को जानने के लिए बनें रहें www. dastaktimes. org के साथ। हमें फेसबुक पर फॉलों करने के लिए https://www. facebook. com/dastak. times. 9 और ट्विटर पर फॉलो करने के लिए @TimesDastak पर क्लिक करें। साथ ही देश और प्रदेश की बड़ी और चुनिंदा खबरों के 'न्यूज़-वीडियो' आप देख सकते हैं हमारे youtube चैनल https://www. youtube. com/c/DastakTimes/videos पर। तो फिर बने रहिये www. dastaktimes. org के साथ और खुद को रखिये लेटेस्ट खबरों से अपडेटेड।
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भोपालः मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के ससुर और साधना सिंह के पिता घनश्यामदास मसानी का बुधवार देर शाम निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे और भोपाल के एक निजी अस्पताल में उनका ईलाज चल रहा था। जहां बुधवार देर शाम उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन पर मप्र भाजपा नेताओं ने गहरा दुख जताते हुए परिवार के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा 'मुख्यमंत्री श्री@ChouhanShivraj के ससुर एवं भाभी श्रीमती @SadhnaShivraj के पूज्य पिताजी श्री घनश्यामदास मसानी जी के निधन का दुःखद समाचार मिला। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दे एवं शोक संतप्त परिजनों को इस वज्रपात को सहने की शक्ति दे। प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने घनश्याम मसानी के निधन पर दुख जताते हुए कहा 'मुख्यमंत्री श्री @ChouhanShivraj जी के ससुर श्री घनश्यामदास मसानी जी के निधन का दुःखद समाचार मिला। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोक संतप्त परिजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। देश दुनिया की ताजातरीन सच्ची और अच्छी खबरों को जानने के लिए बनें रहें www. dastaktimes. org के साथ। हमें फेसबुक पर फॉलों करने के लिए https://www. facebook. com/dastak. times. नौ और ट्विटर पर फॉलो करने के लिए @TimesDastak पर क्लिक करें। साथ ही देश और प्रदेश की बड़ी और चुनिंदा खबरों के 'न्यूज़-वीडियो' आप देख सकते हैं हमारे youtube चैनल https://www. youtube. com/c/DastakTimes/videos पर। तो फिर बने रहिये www. dastaktimes. org के साथ और खुद को रखिये लेटेस्ट खबरों से अपडेटेड।
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औरंगाबाद : केंद्र सरकार (Central Government) के स्मार्ट सिटी (Smart City) मिशन ने इंडिय़ा स्मार्ट सिटी अवार्ड कांटेस्ट (India Smart City Award Contest) के प्रथम चरण का परिणाम घोषित किया। इस परिणाम मेंं देश भर के 75 शहरों की क्रमवारी जाहिर की गई। उसमें औरंगाबाद शहर देश स्तर पर 14वें क्रमांक पर है। राज्य स्तर पर औरंगाबाद शहर ने दूसरा क्रमांक हासिल किया। स्मार्ट सिटी मिशन की इस सफलता और ऐतिहासिक और पर्यटन, औद्योगिक क्षेत्र वाले इस शहर का मान और बढ़ा है। इसका सारा श्रेय महानगरपालिका कमिश्नर (Municipal Commissioner) और औरंगाबाद स्मार्ट सिटी के सीईओ आस्तिककुमार पांडेय (CEO Astik Kumar Pandey) को जाता है।
केंद्र सरकार के गृहनिर्माण और शहरी कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव और स्मार्ट सिटी मिशन के संचालक कुणाल कुमार ने स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के नाम पर 4 मई 2022 को पत्र भेजा है। उस पत्र के अनुसार देश के 75 स्मार्ट सिटी की क्रमवारी दी गई है। प्रथम चरण के इंडिय़ा स्मार्ट सिटी अवार्ड कांटेस्ट में पात्र ठहरे शहर शामिल है। इन शहरों में दूसरे चरण के स्पर्धा के लिए 30 जून 2022 तक नामांकन दाखिल करने की अपील की गई है। नामांकन पेश करते समय 10 विविध उपक्रमों के लिए मिले हुए पुरस्कार विस्तृत प्रोजेक्ट अवार्ड के लिए देना होगा। इनोवेशन अवार्ड के लिए दो अवधारणाओं को प्रस्तुत करना होगा। उसके लिए सिटी अवार्ड, स्टेट अवार्ड, लीडरशीप अवार्ड और पार्टनर्स अवार्ड के लिए चार संकल्पनााएं देनी होगी।
प्रथम चरण में इंडिय़ा स्मार्ट सिटी अवार्ड कंटिस्ट में पात्र ठहरे 75 शहरों में से प्रथम 15 शहरों में महाराष्ट्र से पुणे और औरंगाबाद इन शहरों का क्रमांक लगा है। पुणे शहर 8वें स्थान पर और औरंगाबाद ने 14वां स्थान पाया। प्रथम चरण में 15 शहरों में आने के लिए औरंगाबाद ने कानपुर, कोटा, वेल्लोर, अजमेर, राजकोट, चैन्नई, कोइंबतुर जयपुर, विशाखा पटटनम, चंदीगड, अमृतसर, ग्वालियर ऐसे बड़े शहरों को पछाड़ा है। राज्य स्तर पर पुणे शहर का प्रथम और औरंगाबाद ने दूसरा स्थान पाया।
स्मार्ट सिटी के क्रमंवारी में औरंगाबाद शहर में देश में 14वां स्थान पाने पर महानगरपालिका कमिश्नर और औरंगाबाद स्मार्ट सिटी के सीईओ आस्तिककुमार पांडेय ने खुशी जाहिर करते हुए कहा यहां के नागरिकों के लिए गर्व की बात है। इस शहर में पानी की समस्या जरुर है। यह समस्या भी आगामी दो- तीन सालों में खत्म होगी। लेकिन, शहर के रास्ते, स्ट्रीट लाईट, ऐतिहासिक वस्तुओं का संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य इन महत्वपूर्ण क्षेत्र में स्मार्ट सिटी के माध्यम से बड़े पैमाने पर काम किए जा रहे है। पालकमंत्री सुभाष देसाई और स्थानीय विधायक और सांसद ने भी बहुमूल्य मार्गदर्शन किया है। स्मार्ट सिटी मिशन के सभी टीम की सफलता होने का दावा औरंगाबाद स्मार्ट सिटी के सीईओ आस्तिककुमार पांडेय ने किया।
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औरंगाबाद : केंद्र सरकार के स्मार्ट सिटी मिशन ने इंडिय़ा स्मार्ट सिटी अवार्ड कांटेस्ट के प्रथम चरण का परिणाम घोषित किया। इस परिणाम मेंं देश भर के पचहत्तर शहरों की क्रमवारी जाहिर की गई। उसमें औरंगाबाद शहर देश स्तर पर चौदहवें क्रमांक पर है। राज्य स्तर पर औरंगाबाद शहर ने दूसरा क्रमांक हासिल किया। स्मार्ट सिटी मिशन की इस सफलता और ऐतिहासिक और पर्यटन, औद्योगिक क्षेत्र वाले इस शहर का मान और बढ़ा है। इसका सारा श्रेय महानगरपालिका कमिश्नर और औरंगाबाद स्मार्ट सिटी के सीईओ आस्तिककुमार पांडेय को जाता है। केंद्र सरकार के गृहनिर्माण और शहरी कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव और स्मार्ट सिटी मिशन के संचालक कुणाल कुमार ने स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के नाम पर चार मई दो हज़ार बाईस को पत्र भेजा है। उस पत्र के अनुसार देश के पचहत्तर स्मार्ट सिटी की क्रमवारी दी गई है। प्रथम चरण के इंडिय़ा स्मार्ट सिटी अवार्ड कांटेस्ट में पात्र ठहरे शहर शामिल है। इन शहरों में दूसरे चरण के स्पर्धा के लिए तीस जून दो हज़ार बाईस तक नामांकन दाखिल करने की अपील की गई है। नामांकन पेश करते समय दस विविध उपक्रमों के लिए मिले हुए पुरस्कार विस्तृत प्रोजेक्ट अवार्ड के लिए देना होगा। इनोवेशन अवार्ड के लिए दो अवधारणाओं को प्रस्तुत करना होगा। उसके लिए सिटी अवार्ड, स्टेट अवार्ड, लीडरशीप अवार्ड और पार्टनर्स अवार्ड के लिए चार संकल्पनााएं देनी होगी। प्रथम चरण में इंडिय़ा स्मार्ट सिटी अवार्ड कंटिस्ट में पात्र ठहरे पचहत्तर शहरों में से प्रथम पंद्रह शहरों में महाराष्ट्र से पुणे और औरंगाबाद इन शहरों का क्रमांक लगा है। पुणे शहर आठवें स्थान पर और औरंगाबाद ने चौदहवां स्थान पाया। प्रथम चरण में पंद्रह शहरों में आने के लिए औरंगाबाद ने कानपुर, कोटा, वेल्लोर, अजमेर, राजकोट, चैन्नई, कोइंबतुर जयपुर, विशाखा पटटनम, चंदीगड, अमृतसर, ग्वालियर ऐसे बड़े शहरों को पछाड़ा है। राज्य स्तर पर पुणे शहर का प्रथम और औरंगाबाद ने दूसरा स्थान पाया। स्मार्ट सिटी के क्रमंवारी में औरंगाबाद शहर में देश में चौदहवां स्थान पाने पर महानगरपालिका कमिश्नर और औरंगाबाद स्मार्ट सिटी के सीईओ आस्तिककुमार पांडेय ने खुशी जाहिर करते हुए कहा यहां के नागरिकों के लिए गर्व की बात है। इस शहर में पानी की समस्या जरुर है। यह समस्या भी आगामी दो- तीन सालों में खत्म होगी। लेकिन, शहर के रास्ते, स्ट्रीट लाईट, ऐतिहासिक वस्तुओं का संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य इन महत्वपूर्ण क्षेत्र में स्मार्ट सिटी के माध्यम से बड़े पैमाने पर काम किए जा रहे है। पालकमंत्री सुभाष देसाई और स्थानीय विधायक और सांसद ने भी बहुमूल्य मार्गदर्शन किया है। स्मार्ट सिटी मिशन के सभी टीम की सफलता होने का दावा औरंगाबाद स्मार्ट सिटी के सीईओ आस्तिककुमार पांडेय ने किया।
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छत्तीसगढ़ में एक बार फिर से कल अनियमित कर्मचारी बड़ा प्रदर्शन करने वाले हैं । दरअसल, इस बार अनियमित कर्मचारी अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करेंगे और मुख्यमंत्री निवास का घेराव भी करेंगे । जानकारी के मुताबिक नियमितीकरण, पृथक कर्मचारियों की बहाली, अंशकालीन कर्मचारियों की पूर्णकालीन, आउट सोर्सिंग/ठेका बंद, दिवंगत शिक्षाकर्मियों के परिजनों को अनुकम्पन नियुक्ति नहीं होने से आहत 60 अनियमित संगठन के अनियमित कर्मचारी [संविदा, दैनिक वेतन भोगी, कलेक्टर दर, श्रमायुक्त दर पर कार्यरत श्रमिक, प्लेसमेंट, मानदेय, अशंकालिक, जाबदर, ठेका) कल धरना स्थल तुता (निमोरा) नवा रायपुर में 'अर्द्ध-नग्न धरना प्रदर्शन एवं मुख्यमंत्री निवास घेराव' कर अपनी बात शासन-प्रशासन के समक्ष रखेंगे एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपेंगे ।
इस आन्दोलन में 60 संगठनों यथा पं. सुंदरलाल शर्मा मु. वि. वि. बिलासपुर कर्मचारी संघ, अनियमित आईटी कर्मचारी-अधिकारी संघ, तकनिकी शिक्षा अंशकालीन व्याख्याता संघ, किसान मित्र संघ, प्रशिक्षित गौसेवा-पी. ए. आई. डब्लू. -मैत्री संघ, अग्निशमन कर्मचारी संघ, ग्राम पंचायत भृत्य कल्याण संघ, आई. टी. आई. सुरक्षा गार्ड संघ, जल संसाधन विभाग अनियमित दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ, जीवन दीप कर्मचारी कल्याण महासंघ, डी. एम. ऍफ़. संविदा कर्मचारी संघ, शिक्षा दूत - बीजापुर सुकमा, आबकारी अनियमित कर्मचारी संघ, अतिथि शिक्षक दंतेवाडा, ट्यूटर शिक्षक संघ कोंडागांव, शिक्षण सेवक बस्तर, स्था. अतिथि शिक्षक नारायणपुर, अतिथि शिक्षक संघ जिला कांकेर, छ. ग. अतिथि शिक्षक कल्याण संघ जिला मुंगेली, कौशल विकास प्राधिकरण (सं. प. ) काउंसलर संघ, एकलव्य आवासीय विद्यालय अतिथि शिक्षक संघ, स्पॉट बिलिंग एवं मीटर रीडर संघ, महिला पुलिस वालेंटियर संघ कोरिया-दुर्ग, प्रदेशस्तरीय ग्राम पंचायत कंप्यूटर ऑपरेटर संघ, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्या. दुर्ग दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ दुर्ग, छत्तीसगढ़ महाविद्यालय अतिथि व्याख्याता महासंघ, राज्य स्तरीय स्वास्थ्य मितानिन/ मितानिन प्रशिक्षण संघ, छत्तीसगढ़ महाविद्यालय अतिथि व्याख्याता समूह, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, ग्राम स्वराज अभियान डाटा एंट्री ऑपरेटर संघ, छ. ग. जनभागीदारी शिक्षक संघ, शा. औपचारिकेत्तर शिक्षक संघ, 102/108 कर्मचारी कल्याण संघ, छत्तीसगढ़ 112 कर्मचारी कल्याण संघ, समूह जल प्रदाय योजना कर्मचारी संघ (लो. स्वा. यां. विभाग) बेमेतरा, छ. ग. राज्य समर्थनमूल्य धान खरीदी क. आ. संघ, परिवहन कर्मचारी संघ जगदलपुर, रायपुर विकास प्राधिकरण रायपुर कर्मचारी संघ, साक्षरता कार्यक्रम समन्वयक संघ, ट्यूटर शिक्षक संघ राजनांदगांव, शाला संगवारी कर्मचारी संघ कबीरधाम, आउट सोर्से वेक्सीनेटर कर्मचारी संघ, स्कुल/कालेज जनभागी कर्मचारी संघ, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय सरगुजा कर्मचारी संघ, मेकाहारा अनियमित कर्मचारी संघ, आई. सी. एल. शिक्षक संघ, लोक निर्माण विभाग(हाईकोर्ट) कर्मचारी संघ, खनिज विभाग अनियमित कर्मचारी संघ, हाथकरघा श्रमिक कल्याण संघ, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी स्कुल कर्मचारी संघ, शहीद नन्द कुमार पटेल विश्व विद्यालय रायगढ़, मदरसा विद्यालय अतिथि शिक्षक संघ, अंशकालीन स्कुल सफाई कर्मचारी सीतापुर, वेक्सिन वाहक कर्मचारी संघ कोंडागांव, पोटाकेबिन अनुदेशक/भृत्य कल्याण संघ, अनुकम्पा नियुक्ति शिक्षाकर्मी कल्याण संघ, छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ रायपुर प. क्र. 6665, शिक्षा मितान- बीजापुर, छ. ग. शा. औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था मेहमान प्रवक्ता कल्याण संघ, अतिथि शिक्षक (विद्यामितन) संघ के अनियमित कर्मचारी सम्मिलित होंगे ।
प्रेमप्रकाश गजेन्द्र प्रांतीय सह संयोजक छत्तीसगढ़ अनियमित कर्मचारी मोर्चा ने प्रदेश के समस्त अनियमित संघ के सदस्यों से शामिल होने की अपील की है ।
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छत्तीसगढ़ में एक बार फिर से कल अनियमित कर्मचारी बड़ा प्रदर्शन करने वाले हैं । दरअसल, इस बार अनियमित कर्मचारी अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करेंगे और मुख्यमंत्री निवास का घेराव भी करेंगे । जानकारी के मुताबिक नियमितीकरण, पृथक कर्मचारियों की बहाली, अंशकालीन कर्मचारियों की पूर्णकालीन, आउट सोर्सिंग/ठेका बंद, दिवंगत शिक्षाकर्मियों के परिजनों को अनुकम्पन नियुक्ति नहीं होने से आहत साठ अनियमित संगठन के अनियमित कर्मचारी [संविदा, दैनिक वेतन भोगी, कलेक्टर दर, श्रमायुक्त दर पर कार्यरत श्रमिक, प्लेसमेंट, मानदेय, अशंकालिक, जाबदर, ठेका) कल धरना स्थल तुता नवा रायपुर में 'अर्द्ध-नग्न धरना प्रदर्शन एवं मुख्यमंत्री निवास घेराव' कर अपनी बात शासन-प्रशासन के समक्ष रखेंगे एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपेंगे । इस आन्दोलन में साठ संगठनों यथा पं. सुंदरलाल शर्मा मु. वि. वि. बिलासपुर कर्मचारी संघ, अनियमित आईटी कर्मचारी-अधिकारी संघ, तकनिकी शिक्षा अंशकालीन व्याख्याता संघ, किसान मित्र संघ, प्रशिक्षित गौसेवा-पी. ए. आई. डब्लू. -मैत्री संघ, अग्निशमन कर्मचारी संघ, ग्राम पंचायत भृत्य कल्याण संघ, आई. टी. आई. सुरक्षा गार्ड संघ, जल संसाधन विभाग अनियमित दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ, जीवन दीप कर्मचारी कल्याण महासंघ, डी. एम. ऍफ़. संविदा कर्मचारी संघ, शिक्षा दूत - बीजापुर सुकमा, आबकारी अनियमित कर्मचारी संघ, अतिथि शिक्षक दंतेवाडा, ट्यूटर शिक्षक संघ कोंडागांव, शिक्षण सेवक बस्तर, स्था. अतिथि शिक्षक नारायणपुर, अतिथि शिक्षक संघ जिला कांकेर, छ. ग. अतिथि शिक्षक कल्याण संघ जिला मुंगेली, कौशल विकास प्राधिकरण काउंसलर संघ, एकलव्य आवासीय विद्यालय अतिथि शिक्षक संघ, स्पॉट बिलिंग एवं मीटर रीडर संघ, महिला पुलिस वालेंटियर संघ कोरिया-दुर्ग, प्रदेशस्तरीय ग्राम पंचायत कंप्यूटर ऑपरेटर संघ, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्या. दुर्ग दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ दुर्ग, छत्तीसगढ़ महाविद्यालय अतिथि व्याख्याता महासंघ, राज्य स्तरीय स्वास्थ्य मितानिन/ मितानिन प्रशिक्षण संघ, छत्तीसगढ़ महाविद्यालय अतिथि व्याख्याता समूह, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, ग्राम स्वराज अभियान डाटा एंट्री ऑपरेटर संघ, छ. ग. जनभागीदारी शिक्षक संघ, शा. औपचारिकेत्तर शिक्षक संघ, एक सौ दो/एक सौ आठ कर्मचारी कल्याण संघ, छत्तीसगढ़ एक सौ बारह कर्मचारी कल्याण संघ, समूह जल प्रदाय योजना कर्मचारी संघ बेमेतरा, छ. ग. राज्य समर्थनमूल्य धान खरीदी क. आ. संघ, परिवहन कर्मचारी संघ जगदलपुर, रायपुर विकास प्राधिकरण रायपुर कर्मचारी संघ, साक्षरता कार्यक्रम समन्वयक संघ, ट्यूटर शिक्षक संघ राजनांदगांव, शाला संगवारी कर्मचारी संघ कबीरधाम, आउट सोर्से वेक्सीनेटर कर्मचारी संघ, स्कुल/कालेज जनभागी कर्मचारी संघ, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय सरगुजा कर्मचारी संघ, मेकाहारा अनियमित कर्मचारी संघ, आई. सी. एल. शिक्षक संघ, लोक निर्माण विभाग कर्मचारी संघ, खनिज विभाग अनियमित कर्मचारी संघ, हाथकरघा श्रमिक कल्याण संघ, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी स्कुल कर्मचारी संघ, शहीद नन्द कुमार पटेल विश्व विद्यालय रायगढ़, मदरसा विद्यालय अतिथि शिक्षक संघ, अंशकालीन स्कुल सफाई कर्मचारी सीतापुर, वेक्सिन वाहक कर्मचारी संघ कोंडागांव, पोटाकेबिन अनुदेशक/भृत्य कल्याण संघ, अनुकम्पा नियुक्ति शिक्षाकर्मी कल्याण संघ, छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ रायपुर प. क्र. छः हज़ार छः सौ पैंसठ, शिक्षा मितान- बीजापुर, छ. ग. शा. औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था मेहमान प्रवक्ता कल्याण संघ, अतिथि शिक्षक संघ के अनियमित कर्मचारी सम्मिलित होंगे । प्रेमप्रकाश गजेन्द्र प्रांतीय सह संयोजक छत्तीसगढ़ अनियमित कर्मचारी मोर्चा ने प्रदेश के समस्त अनियमित संघ के सदस्यों से शामिल होने की अपील की है ।
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हिमाचल के ऊना स्थित आबकारी विभाग ने देशी शराब से भरी एक पिकअप को पकड़ा है। गाड़ी से 150 संतरा मार्का देशी शराब बरामद हुई है। आबकारी विभाग ने चालक को गिरफ्तार कर पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस ने चालक के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस पता लगाने में जुटी है कि शराब किसने मंगाई थी।
प्रदेश में दिसंबर तक विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव को देखते हुए राज्य कर एवं आबकारी विभाग ऊना ने अभी से सतर्कता बढ़ा दी है। जिला उपायुक्त राज्य कर विनोद सिंह डोगरा ने 5 टीमों का गठन किया है। बुधवार को आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त अनिल कुमार, रजनीश डोगरा, राहुल, अनिल सोनी, दीपक डोगरा, मनोज सहगल, जसवंत सिंह व भाग सिंह की टीम ने थड़ा में नाका लगा रखा था।
इस दौरान टीम ने कांगड़ा की तरफ से आ रही एक पिकअप को रुकने का इशारा किया। टीम को देख पिकअप का ड्राइवर घबरा गया और वह गाड़ी को लेकर भागने लगा। टीम ने गाड़ी का पीछा कर उसे धंधढ़ी के पास पकड़ लिया। तलाशी में पिकअप से देशी शराब संतरा की 150 पेटी बरामद हुईं।
पूछताछ में ड्राइवर विभागीय अधिकारियों को शराब से संबंधित कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा पाया। सूचना पर अंब थाना SHO आशीष पठानिया भी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। ड्राइवर के अनुसार शराब कांगड़ा से लाई जा रही थी और ऊना में दी जानी थी। मगर शराब किससे लाई जा रही थी और किसको दी जानी थी इसका खुलासा अभी तक नहीं हो पाया।
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हिमाचल के ऊना स्थित आबकारी विभाग ने देशी शराब से भरी एक पिकअप को पकड़ा है। गाड़ी से एक सौ पचास संतरा मार्का देशी शराब बरामद हुई है। आबकारी विभाग ने चालक को गिरफ्तार कर पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस ने चालक के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस पता लगाने में जुटी है कि शराब किसने मंगाई थी। प्रदेश में दिसंबर तक विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव को देखते हुए राज्य कर एवं आबकारी विभाग ऊना ने अभी से सतर्कता बढ़ा दी है। जिला उपायुक्त राज्य कर विनोद सिंह डोगरा ने पाँच टीमों का गठन किया है। बुधवार को आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त अनिल कुमार, रजनीश डोगरा, राहुल, अनिल सोनी, दीपक डोगरा, मनोज सहगल, जसवंत सिंह व भाग सिंह की टीम ने थड़ा में नाका लगा रखा था। इस दौरान टीम ने कांगड़ा की तरफ से आ रही एक पिकअप को रुकने का इशारा किया। टीम को देख पिकअप का ड्राइवर घबरा गया और वह गाड़ी को लेकर भागने लगा। टीम ने गाड़ी का पीछा कर उसे धंधढ़ी के पास पकड़ लिया। तलाशी में पिकअप से देशी शराब संतरा की एक सौ पचास पेटी बरामद हुईं। पूछताछ में ड्राइवर विभागीय अधिकारियों को शराब से संबंधित कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा पाया। सूचना पर अंब थाना SHO आशीष पठानिया भी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। ड्राइवर के अनुसार शराब कांगड़ा से लाई जा रही थी और ऊना में दी जानी थी। मगर शराब किससे लाई जा रही थी और किसको दी जानी थी इसका खुलासा अभी तक नहीं हो पाया। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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सत्ताधीशों की लगातार कुर्सीपरस्त तुष्टीकरण की राजनीति के कारण भारत के कतिपय कट्टरपंथियों के मन में यह धारणा घर कर चुकी है कि अंग्रेजों के जाने के बाद अब भारत पर उनका ही शासन है ! जीहाँ इसका ताजा तरीन उदाहरण है कोलकाता की टीपू सुल्तान मस्जिद के बदनाम इमाम सैयद नूरउररहमान बरकाती का वह फतवा, जिसमें उसने मुसलमानों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ राजनैतिक जिहाद का आव्हान किया है ।
भारत की आजादी के बाद यह पहला अवसर है, जब किसी मुस्लिम मौलवी ने इस प्रकार भारत की संप्रभुता को सीधे सीधे चुनौती दी है ! यह चुनौती न केवल भारत सरकार के प्रमुख को दी गई है, बल्कि एक प्रकार से सर्वोच्च न्यायालय की भी अवमानना है, जिसने हाल ही में चुनाव के दौरान धर्म और जाति के प्रयोग को असम्बैधानिक घोषित किया है ! ऐसे समय में जबकि पांच राज्यों में चुनावी आचार संहिता लागू हो चुकी है, एक मुस्लिम मौलवी का मुसलमानों के नाम फतवा, सीधे सीधे चुनाव प्रक्रिया को धार्मिक आधार पर प्रभावित करना है ! बुकराती के इस कलंकी फतवे के बाद भाजपा ने स्वाभाविक ही उसकी गिरफ्तारी की मांग की है, किन्तु यह भी तय है कि बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी यह करने से रही ।
कुख्यात इमाम बरकाती इसके पूर्व भी मस्जिद से लाउड स्पीकर के प्रयोग के खिलाफ दिए गए कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना कर चुका है ! उसने पूर्व में प्रसिद्ध लेखिका तस्लीमा नसरीन के खिलाफ भी फतवा जारी किया था, इतना ही नहीं तो आतंकी सरगना ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद कोलकाता में जनाजा प्रदर्शन कर अपनी हठधर्मीता का प्रदर्शन किया था । कुछ दिन पहले ही इमाम ने केवल इसलिए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष के खिलाफ पथराव का फतवा जारी किया था, क्योंकि दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के खिलाफ बयान जारी किया था । सिक्यूलर राजनेताओं ने घोषित रूप से मुस्लिम कठमुल्लों को अपनी कुर्सीपरस्ती का हथियार बना लिया है !
इमाम बुर्काती ने यह फतवा ऑल इंडिया मजलिस-ए-शूरा और अखिल भारतीय अल्पसंख्यक मंच द्वारा बुलाई गई एक संयुक्त पत्रकार वार्ता में दिया । कलकत्ता प्रेस क्लब में शनिवार को आयोजित इस प्रेसवार्ता में बरकाती ने प्रधानमंत्री का सिर और दाढी मूड़ने और मुंह काला करने वाले को 25 लाख का ईनाम भी घोषित किया ।
'फतवे' की आलोचना करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय सचिव और पार्टी की ओर से पश्चिम बंगाल मामलों के प्रभारी सिद्धार्थ नाथ सिंह ने आज दिल्ली में कहा कि "हम मांग करते हैं कि ममता बनर्जी तुरंत इमाम की गिरफ्तारी के आदेश दे । देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ फतवा बेहद निंदनीय है।
सिंह ने चेतावनी दी कि यदि पश्चिम बंगाल सरकार ने इमाम के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की तो विरोध प्रदर्शन किया जायेगा ! उन्होंने कहा यह मामला भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच का नहीं है, यह एक धार्मिक नेता द्वारा देश के प्रधानमंत्री के अपमान का है जिसे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है। बरकाती ने कहा है कि मोदी साम्प्रदायिक है और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 'सांप्रदायिक सद्भाव' की प्रतीक ! देश के लोग अब ममता बनर्जी को देश का प्रधानमंत्री देखना चाहते हैं।
फतवे के पीछे की मूल भावना बेहद स्पष्ट है कि देश में अब एक नया शब्द ईजाद किया गया है - "राजनीतिक जिहाद" ! देश की प्रजातांत्रिक व्यवस्था की खामियों का उपयोग कर अब कट्टरपंथी तत्व निर्वाचित केन्द्र सरकार को गिराने और देश को एक बार फिर मुस्लिम भारत बनाने के सपने संजो रहे हैं । वे यह काम खुले आम कर रहे हैं, कोई ढके छुपे तौर पर नहीं !
मौलानाओं और इस्लामी संस्थाओं ने भारतीय लोकतंत्र, उसके प्रतिनिधि और न्याय पालिका के खिलाफ फतवे की जो रणनीति बनाई है, वह बेहद खतरनाक है। उनके होंसले बुलंद होते जा रहे हैं. और वे निकट भविष्य में भारतीय समाज के अन्य स्तंभों पर भी हमला करने से नहीं चूकेंगे ।
क्या पश्चिम बंगाल भारत से अलग है, जहाँ शरीयत कानून लागू हो चुका है ? अपने पवित्र संविधानिक उत्तरदायित्व का निर्वाह करते हुए भारतीय न्यायपालिका को भी इस मामले में स्वतः संज्ञान लेना चाहिए और इस मनोवृत्ति पर अंकुश लगाने की पहल करनी चाहिए, अन्यथा देश की भावी पीढी को बहुत अधिक कठिनाईयों का सामना करना पडेगा, और भारत एक बार फिर सोलहवीं शताब्दी के बर्बर राज में पहुँच जाएगा ।
प्रधान मंत्री के खिलाफ "राजनैतिक जिहाद" का फतवा - कठमुल्ले मानते हैं देश में आज भी मुग़ल सल्तनत !
सत्ताधीशों की लगातार कुर्सीपरस्त तुष्टीकरण की राजनीति के कारण भारत के कतिपय कट्टरपंथियों के मन में यह धारणा घर कर चुकी है कि अंग्रेजों के जाने के बाद अब भारत पर उनका ही शासन है ! जीहाँ इसका ताजा तरीन उदाहरण है कोलकाता की टीपू सुल्तान मस्जिद के बदनाम इमाम सैयद नूरउररहमान बरकाती का वह फतवा, जिसमें उसने मुसलमानों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ राजनैतिक जिहाद का आव्हान किया है ।
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सत्ताधीशों की लगातार कुर्सीपरस्त तुष्टीकरण की राजनीति के कारण भारत के कतिपय कट्टरपंथियों के मन में यह धारणा घर कर चुकी है कि अंग्रेजों के जाने के बाद अब भारत पर उनका ही शासन है ! जीहाँ इसका ताजा तरीन उदाहरण है कोलकाता की टीपू सुल्तान मस्जिद के बदनाम इमाम सैयद नूरउररहमान बरकाती का वह फतवा, जिसमें उसने मुसलमानों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ राजनैतिक जिहाद का आव्हान किया है । भारत की आजादी के बाद यह पहला अवसर है, जब किसी मुस्लिम मौलवी ने इस प्रकार भारत की संप्रभुता को सीधे सीधे चुनौती दी है ! यह चुनौती न केवल भारत सरकार के प्रमुख को दी गई है, बल्कि एक प्रकार से सर्वोच्च न्यायालय की भी अवमानना है, जिसने हाल ही में चुनाव के दौरान धर्म और जाति के प्रयोग को असम्बैधानिक घोषित किया है ! ऐसे समय में जबकि पांच राज्यों में चुनावी आचार संहिता लागू हो चुकी है, एक मुस्लिम मौलवी का मुसलमानों के नाम फतवा, सीधे सीधे चुनाव प्रक्रिया को धार्मिक आधार पर प्रभावित करना है ! बुकराती के इस कलंकी फतवे के बाद भाजपा ने स्वाभाविक ही उसकी गिरफ्तारी की मांग की है, किन्तु यह भी तय है कि बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी यह करने से रही । कुख्यात इमाम बरकाती इसके पूर्व भी मस्जिद से लाउड स्पीकर के प्रयोग के खिलाफ दिए गए कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना कर चुका है ! उसने पूर्व में प्रसिद्ध लेखिका तस्लीमा नसरीन के खिलाफ भी फतवा जारी किया था, इतना ही नहीं तो आतंकी सरगना ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद कोलकाता में जनाजा प्रदर्शन कर अपनी हठधर्मीता का प्रदर्शन किया था । कुछ दिन पहले ही इमाम ने केवल इसलिए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष के खिलाफ पथराव का फतवा जारी किया था, क्योंकि दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के खिलाफ बयान जारी किया था । सिक्यूलर राजनेताओं ने घोषित रूप से मुस्लिम कठमुल्लों को अपनी कुर्सीपरस्ती का हथियार बना लिया है ! इमाम बुर्काती ने यह फतवा ऑल इंडिया मजलिस-ए-शूरा और अखिल भारतीय अल्पसंख्यक मंच द्वारा बुलाई गई एक संयुक्त पत्रकार वार्ता में दिया । कलकत्ता प्रेस क्लब में शनिवार को आयोजित इस प्रेसवार्ता में बरकाती ने प्रधानमंत्री का सिर और दाढी मूड़ने और मुंह काला करने वाले को पच्चीस लाख का ईनाम भी घोषित किया । 'फतवे' की आलोचना करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय सचिव और पार्टी की ओर से पश्चिम बंगाल मामलों के प्रभारी सिद्धार्थ नाथ सिंह ने आज दिल्ली में कहा कि "हम मांग करते हैं कि ममता बनर्जी तुरंत इमाम की गिरफ्तारी के आदेश दे । देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ फतवा बेहद निंदनीय है। सिंह ने चेतावनी दी कि यदि पश्चिम बंगाल सरकार ने इमाम के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की तो विरोध प्रदर्शन किया जायेगा ! उन्होंने कहा यह मामला भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच का नहीं है, यह एक धार्मिक नेता द्वारा देश के प्रधानमंत्री के अपमान का है जिसे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है। बरकाती ने कहा है कि मोदी साम्प्रदायिक है और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 'सांप्रदायिक सद्भाव' की प्रतीक ! देश के लोग अब ममता बनर्जी को देश का प्रधानमंत्री देखना चाहते हैं। फतवे के पीछे की मूल भावना बेहद स्पष्ट है कि देश में अब एक नया शब्द ईजाद किया गया है - "राजनीतिक जिहाद" ! देश की प्रजातांत्रिक व्यवस्था की खामियों का उपयोग कर अब कट्टरपंथी तत्व निर्वाचित केन्द्र सरकार को गिराने और देश को एक बार फिर मुस्लिम भारत बनाने के सपने संजो रहे हैं । वे यह काम खुले आम कर रहे हैं, कोई ढके छुपे तौर पर नहीं ! मौलानाओं और इस्लामी संस्थाओं ने भारतीय लोकतंत्र, उसके प्रतिनिधि और न्याय पालिका के खिलाफ फतवे की जो रणनीति बनाई है, वह बेहद खतरनाक है। उनके होंसले बुलंद होते जा रहे हैं. और वे निकट भविष्य में भारतीय समाज के अन्य स्तंभों पर भी हमला करने से नहीं चूकेंगे । क्या पश्चिम बंगाल भारत से अलग है, जहाँ शरीयत कानून लागू हो चुका है ? अपने पवित्र संविधानिक उत्तरदायित्व का निर्वाह करते हुए भारतीय न्यायपालिका को भी इस मामले में स्वतः संज्ञान लेना चाहिए और इस मनोवृत्ति पर अंकुश लगाने की पहल करनी चाहिए, अन्यथा देश की भावी पीढी को बहुत अधिक कठिनाईयों का सामना करना पडेगा, और भारत एक बार फिर सोलहवीं शताब्दी के बर्बर राज में पहुँच जाएगा । प्रधान मंत्री के खिलाफ "राजनैतिक जिहाद" का फतवा - कठमुल्ले मानते हैं देश में आज भी मुग़ल सल्तनत ! सत्ताधीशों की लगातार कुर्सीपरस्त तुष्टीकरण की राजनीति के कारण भारत के कतिपय कट्टरपंथियों के मन में यह धारणा घर कर चुकी है कि अंग्रेजों के जाने के बाद अब भारत पर उनका ही शासन है ! जीहाँ इसका ताजा तरीन उदाहरण है कोलकाता की टीपू सुल्तान मस्जिद के बदनाम इमाम सैयद नूरउररहमान बरकाती का वह फतवा, जिसमें उसने मुसलमानों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ राजनैतिक जिहाद का आव्हान किया है ।
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मुंबई, 3 अक्टूबर। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) को जान से मारने की धमकी मिली थी। यह धमकी अविनाश वाघमारे (Avinash Waghmare) नाम एक शख्स ने शराब के नशे में 112 नंबर डायल कर पुलिस को दी थी। उसने होटल मैनेजर से पिणे के पाणी की बॉटल मांगी थी। लेकीन हॉटेल मॅनेजर ने उससे किंमत से जादा पैसे लिए उस बिल को लेकर झगड़ा हो गया था। वो इस गुस्से में होटल मैनेजर और मालिक को सबक सिखाना चाहता था। इसलिए उसने लोनावला के होटल से महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे को 112 नंबर डायल कर जान से मारने की धमकी (Threats to kill) दी।
पुलिस ने वाघमारे को हिरासत में लिया है। वह मुंबई के घाटकोपर में रहता है और मूल रूप से सांगली के आटपाटी गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। उसने पूछताछ में यह बताया कि सीएम को जान से मारने की धमकी बस एक अफवाह और झूठी सूचना थी। आरोपी ने यह बताया कि वो ये सब शराब के नशे में कर गया।
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मुंबई, तीन अक्टूबर। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को जान से मारने की धमकी मिली थी। यह धमकी अविनाश वाघमारे नाम एक शख्स ने शराब के नशे में एक सौ बारह नंबर डायल कर पुलिस को दी थी। उसने होटल मैनेजर से पिणे के पाणी की बॉटल मांगी थी। लेकीन हॉटेल मॅनेजर ने उससे किंमत से जादा पैसे लिए उस बिल को लेकर झगड़ा हो गया था। वो इस गुस्से में होटल मैनेजर और मालिक को सबक सिखाना चाहता था। इसलिए उसने लोनावला के होटल से महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे को एक सौ बारह नंबर डायल कर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने वाघमारे को हिरासत में लिया है। वह मुंबई के घाटकोपर में रहता है और मूल रूप से सांगली के आटपाटी गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। उसने पूछताछ में यह बताया कि सीएम को जान से मारने की धमकी बस एक अफवाह और झूठी सूचना थी। आरोपी ने यह बताया कि वो ये सब शराब के नशे में कर गया।
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वनप्लस सेल में ग्राहक वनप्लस पावर बैंक, वनप्लस बड्स Z वायरलेस इयरबड्स और वनप्लस बड्स TWS इयरफोन्स को डिस्काउंटेड कीमत पर खरीद सकते हैं.
वनप्लस अपने सेलेक्टेड प्रोडक्ट्स पर भारी डिस्काउंट दे रहा है. कंपनी फाइनल Horizon सेल की शुरुआत कर चुकी है जो 5 मार्च से 8 मार्च तक चल रहा है. चीनी स्मार्टफोन कंपनी ने इस दौरान लकी ड्रॉ भी चलाया है जहां अगर कोई यूजर इसमें हिस्सा लेता है तो उसे वनप्लस बैंड जीतने का मौका मिलेगा. कंपनी ने कुछ प्रोडक्ट्स को बंद कर दिया है क्योंकि कंपनी 8 मार्च के इवेंट को प्रमोट कर रही है.
ब्रैंड ने कहा है कि वो वनप्लस 9 सीरीज के लिए आइकॉनिक स्वीडिश कैमरा मेकर Hasselblad के साथ साझेदारी कर रही है. ऐसे में इस बात से यूजर्स को एक संकेत तो मिल चुका है कि कंपनी वनप्लस 9 सीरीज के कैमरा को और दमदार बना सकती है. फोन को लेकर अब तक कई लीक्स सामने आ चुके हैं लेकिन फिलहाल किसी भी लीक्स की पुष्टि नहीं हो पाई है.
वनप्लस सेल में ग्राहक वनप्लस पावर बैंक, वनप्लस बड्स Z वायरलेस इयरबड्स और वनप्लस बड्स TWS इयरफोन्स को डिस्काउंटेड कीमत पर खरीद सकते हैं. वनप्लस पावर बैंक की कीमत को 1099 रुपए से 888 रुपए तक ला दिया गया है. जबकि इसमें आपको 10,000 का पावर मिलता है. ये पावर बैंक ग्रीन और ब्लैक कलर में उपलब्ध है.
वनप्लस बड्स Z TWS इयरफोन की कीमत 2997 है जहां पहले इसकी कीमत 2849 रुपए थी. ये आपको वाइट और ग्रे कलर में मिल जाएगा. वनप्लस बड्स TWS इयरफोन की कीमत को 4990 रुपए से लेकर 4491 रुपए तक ला दिया गया है. तो अगर आप इन प्रोडक्ट्स को डिस्काउंट कीमत पर खरीदना चाहते हैं तो जल्दी करें क्योंकि ये सेल सिर्फ कल तक ही है.
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वनप्लस सेल में ग्राहक वनप्लस पावर बैंक, वनप्लस बड्स Z वायरलेस इयरबड्स और वनप्लस बड्स TWS इयरफोन्स को डिस्काउंटेड कीमत पर खरीद सकते हैं. वनप्लस अपने सेलेक्टेड प्रोडक्ट्स पर भारी डिस्काउंट दे रहा है. कंपनी फाइनल Horizon सेल की शुरुआत कर चुकी है जो पाँच मार्च से आठ मार्च तक चल रहा है. चीनी स्मार्टफोन कंपनी ने इस दौरान लकी ड्रॉ भी चलाया है जहां अगर कोई यूजर इसमें हिस्सा लेता है तो उसे वनप्लस बैंड जीतने का मौका मिलेगा. कंपनी ने कुछ प्रोडक्ट्स को बंद कर दिया है क्योंकि कंपनी आठ मार्च के इवेंट को प्रमोट कर रही है. ब्रैंड ने कहा है कि वो वनप्लस नौ सीरीज के लिए आइकॉनिक स्वीडिश कैमरा मेकर Hasselblad के साथ साझेदारी कर रही है. ऐसे में इस बात से यूजर्स को एक संकेत तो मिल चुका है कि कंपनी वनप्लस नौ सीरीज के कैमरा को और दमदार बना सकती है. फोन को लेकर अब तक कई लीक्स सामने आ चुके हैं लेकिन फिलहाल किसी भी लीक्स की पुष्टि नहीं हो पाई है. वनप्लस सेल में ग्राहक वनप्लस पावर बैंक, वनप्लस बड्स Z वायरलेस इयरबड्स और वनप्लस बड्स TWS इयरफोन्स को डिस्काउंटेड कीमत पर खरीद सकते हैं. वनप्लस पावर बैंक की कीमत को एक हज़ार निन्यानवे रुपयापए से आठ सौ अठासी रुपयापए तक ला दिया गया है. जबकि इसमें आपको दस,शून्य का पावर मिलता है. ये पावर बैंक ग्रीन और ब्लैक कलर में उपलब्ध है. वनप्लस बड्स Z TWS इयरफोन की कीमत दो हज़ार नौ सौ सत्तानवे है जहां पहले इसकी कीमत दो हज़ार आठ सौ उनचास रुपयापए थी. ये आपको वाइट और ग्रे कलर में मिल जाएगा. वनप्लस बड्स TWS इयरफोन की कीमत को चार हज़ार नौ सौ नब्बे रुपयापए से लेकर चार हज़ार चार सौ इक्यानवे रुपयापए तक ला दिया गया है. तो अगर आप इन प्रोडक्ट्स को डिस्काउंट कीमत पर खरीदना चाहते हैं तो जल्दी करें क्योंकि ये सेल सिर्फ कल तक ही है.
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सेबी ने 'सीएनबीसी आवाज' के एक कार्यक्रम के होस्ट हेमंत घई, उनकी पत्नी जया हेमंत घई और मां श्याम मोहिनी घई को पूंजी बाजार से प्रतिबंधित कर दिया।
मीडिया में एचआर हेड की जॉब तलाश रहे लोगों के लिए पार्लियामेंट्री बिजनेस में एक सुनहरा मौका है।
साल भर तमाम उतार-चढ़ावों के बीच प्रिंट मीडिया एक बार फिर रफ्तार पकड़ने लगा है और तमाम अन्य बिजनेस की तरह नुकसान से उबरने की कोशिश कर रहा है।
टेक-मीडिया स्टार्टअप 'न्यू इमर्जिंग वर्ल्ड ऑफ जर्नलिज्म' (NEWJ) के नाम एक खास उपलब्धि जुड़ गई है।
कंपनी के डिजिटल पब्लिशिंग बिजनेस को रैपिडक्यूब टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड में स्थानांतरित किए जाने को भी मंजूरी दे दी गई है।
'बीबीसी ग्लोबल न्यूज' के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल सूद और 'बीबीसी वर्ल्ड सर्विस' की हेड रूपा झा ने हमारी सहयोगी वेबसाइट 'एक्सचेंज4मीडिया' से तमाम पहलुओं पर बातचीत की।
रिधिमा भटनागर इससे पहले ET Now, News X और NDTV में अपनी जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं।
श्रुतिजीत ने यह जिम्मेदारी विनय कामत की जगह संभाली है, जिन्होंने सितंबर में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
28 अक्टूबर को माखनलाल यूनिवर्सिटी के तीन दिवसीय कार्यक्रम के समापन सत्र के दौरान 'बिजनेस वर्ल्ड' और 'एक्सचेंज4मीडिया' ग्रुप के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में 26 अक्टूबर से नवागत विद्यार्थियों के आत्मीय प्रबोधन और करियर मार्गदर्शन के लिए 'संत्रारंभ 2020' का आयोजन किया जा रहा है।
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सेबी ने 'सीएनबीसी आवाज' के एक कार्यक्रम के होस्ट हेमंत घई, उनकी पत्नी जया हेमंत घई और मां श्याम मोहिनी घई को पूंजी बाजार से प्रतिबंधित कर दिया। मीडिया में एचआर हेड की जॉब तलाश रहे लोगों के लिए पार्लियामेंट्री बिजनेस में एक सुनहरा मौका है। साल भर तमाम उतार-चढ़ावों के बीच प्रिंट मीडिया एक बार फिर रफ्तार पकड़ने लगा है और तमाम अन्य बिजनेस की तरह नुकसान से उबरने की कोशिश कर रहा है। टेक-मीडिया स्टार्टअप 'न्यू इमर्जिंग वर्ल्ड ऑफ जर्नलिज्म' के नाम एक खास उपलब्धि जुड़ गई है। कंपनी के डिजिटल पब्लिशिंग बिजनेस को रैपिडक्यूब टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड में स्थानांतरित किए जाने को भी मंजूरी दे दी गई है। 'बीबीसी ग्लोबल न्यूज' के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल सूद और 'बीबीसी वर्ल्ड सर्विस' की हेड रूपा झा ने हमारी सहयोगी वेबसाइट 'एक्सचेंजचारमीडिया' से तमाम पहलुओं पर बातचीत की। रिधिमा भटनागर इससे पहले ET Now, News X और NDTV में अपनी जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। श्रुतिजीत ने यह जिम्मेदारी विनय कामत की जगह संभाली है, जिन्होंने सितंबर में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। अट्ठाईस अक्टूबर को माखनलाल यूनिवर्सिटी के तीन दिवसीय कार्यक्रम के समापन सत्र के दौरान 'बिजनेस वर्ल्ड' और 'एक्सचेंजचारमीडिया' ग्रुप के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में छब्बीस अक्टूबर से नवागत विद्यार्थियों के आत्मीय प्रबोधन और करियर मार्गदर्शन के लिए 'संत्रारंभ दो हज़ार बीस' का आयोजन किया जा रहा है।
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मुंबई. महेश भट्ट की फिल्म 'जलेबी- द एवरलास्टिंग टेस्ट ऑफ लव का ट्रेलर रोमांस और ड्रामा से भरपूर रिलीज हुआ है. हालही में जन्माष्टमी के मौके पर फिल्म का पोस्टर रिलीज किया था.
रिया चक्रवर्ती और वरुण मित्रा स्टारर इस फिल्म का पोस्टर सोशल मीडिया पर बहुत ज्यादा ट्रोल किया था. इसमें रिया को ट्रेन की खिड़की से बॉयफ्रेंड वरुण को उलटा किस करते हुए दिखाया गया था. पोस्टर के बाद मेकर्स ने फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया.
वैसे तो महेश भट्ट की फिल्मों का म्यूजिक हमेशा अच्छा रहा है. 'जलेबी' का म्यूजिक भी सुनने में अच्छा लगता है. लेकिन ट्रेलर के कुछ सीन्स डिसअप्पोइंट करते है.
फिल्म 'जलेबी- द एवरलास्टिंग टेस्ट ऑफ लव की कहानी रिया चक्रवर्ती की है जो मुंबई से दिल्ली घूमने जिसके गाइड वरुण मित्रा दिखाए हैं रिया चक्रवर्ती को अपने गाइड वरुण मित्रा प्यार हो जाता हैं.
इस म्यूजिकल रोमांटिक फिल्म के ट्रेलर में रिया और वरुण की लव-स्टोरी को दिखाया गया है. नेचर से नटखट रिया को गाइड वरुण से प्यार हो जाता है और वह उनसे शादी कर लेती है.
शादी के बाद पहली बार वह वरुण के घर पर लहंगा या साड़ी नहीं बल्कि टॉप और पायजामा पहनकर पहुंचती है. घर में एंटर करने से पहले वह चावल से भरे कलश को ऐसे लात मारती है, जिसपर यकीन कर पाना मुश्किल लगता है. खैर इनकी लव स्टोरी आगे बढ़ती है और किन्हीं वजहों से दोनों अलग भी हो जाते ये सब जानने के लिए आपको फिल्म देखने जाना होगा.
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मुंबई. महेश भट्ट की फिल्म 'जलेबी- द एवरलास्टिंग टेस्ट ऑफ लव का ट्रेलर रोमांस और ड्रामा से भरपूर रिलीज हुआ है. हालही में जन्माष्टमी के मौके पर फिल्म का पोस्टर रिलीज किया था. रिया चक्रवर्ती और वरुण मित्रा स्टारर इस फिल्म का पोस्टर सोशल मीडिया पर बहुत ज्यादा ट्रोल किया था. इसमें रिया को ट्रेन की खिड़की से बॉयफ्रेंड वरुण को उलटा किस करते हुए दिखाया गया था. पोस्टर के बाद मेकर्स ने फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया. वैसे तो महेश भट्ट की फिल्मों का म्यूजिक हमेशा अच्छा रहा है. 'जलेबी' का म्यूजिक भी सुनने में अच्छा लगता है. लेकिन ट्रेलर के कुछ सीन्स डिसअप्पोइंट करते है. फिल्म 'जलेबी- द एवरलास्टिंग टेस्ट ऑफ लव की कहानी रिया चक्रवर्ती की है जो मुंबई से दिल्ली घूमने जिसके गाइड वरुण मित्रा दिखाए हैं रिया चक्रवर्ती को अपने गाइड वरुण मित्रा प्यार हो जाता हैं. इस म्यूजिकल रोमांटिक फिल्म के ट्रेलर में रिया और वरुण की लव-स्टोरी को दिखाया गया है. नेचर से नटखट रिया को गाइड वरुण से प्यार हो जाता है और वह उनसे शादी कर लेती है. शादी के बाद पहली बार वह वरुण के घर पर लहंगा या साड़ी नहीं बल्कि टॉप और पायजामा पहनकर पहुंचती है. घर में एंटर करने से पहले वह चावल से भरे कलश को ऐसे लात मारती है, जिसपर यकीन कर पाना मुश्किल लगता है. खैर इनकी लव स्टोरी आगे बढ़ती है और किन्हीं वजहों से दोनों अलग भी हो जाते ये सब जानने के लिए आपको फिल्म देखने जाना होगा.
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सारा ने बताया था कि उनकी मां जिनके चेहरे से करीब 10 साल से हंसी गायब थी, वह अचानक खुश हो जाती हैं, वह खूबसूरत दिखने लगती हैं और उत्साहित भी। सारा ने महसूस किया कि इसके बाद उनके पैरंटस कहीं अधिक खुश और पॉजिटिव रहने लगे हैं। उन्होंने कहा, 'मैं देख रही हूं कि मेरी मां हंसने लगी हैं, जोक मारने लगी हैं और नादानियां भी करने लगी हैं और ये चीजें मैं कई सालों से मिस कर रही थी। उन्हें फिर से ऐसे देखना काफी सुखद एहसास है। '
सैफ अली खान को उम्र में खुद से बड़ी अमृता से प्यार तभी हो गया था जब उन्होंने करियर की शुरुआत की थी। अपनी पहली फिल्म के साथ ही सैफ अली खान ने अमृता सिंह से शादी रचाकर सबको हैरान कर दिया था। इस शादी से दोनों को दो बच्चे सारा और इब्राहिम अली खान हैं। 1991 में शादी के बंधन में बंधे सैफ और अमृता ने साल 2004 में तलाक ले लिया।
वर्कफ्रंट की बात करें तो सारा अली खाना की आखिरी फिल्म 'अतरंगी रे' थी जिसे ऑडियंस ने काफी पसंद किया। फिलहाल सारा अपनी अपकमिंग फिल्म 'गैसलाइट' की शूटिंग कर रही हैं जिनमें विक्रांत मैसी हैं। इससे पहले उन्होंने विक्की कौशल के साथ एक अनटाइटल्ड फिल्म की शूटिंग खत्म की है।
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सारा ने बताया था कि उनकी मां जिनके चेहरे से करीब दस साल से हंसी गायब थी, वह अचानक खुश हो जाती हैं, वह खूबसूरत दिखने लगती हैं और उत्साहित भी। सारा ने महसूस किया कि इसके बाद उनके पैरंटस कहीं अधिक खुश और पॉजिटिव रहने लगे हैं। उन्होंने कहा, 'मैं देख रही हूं कि मेरी मां हंसने लगी हैं, जोक मारने लगी हैं और नादानियां भी करने लगी हैं और ये चीजें मैं कई सालों से मिस कर रही थी। उन्हें फिर से ऐसे देखना काफी सुखद एहसास है। ' सैफ अली खान को उम्र में खुद से बड़ी अमृता से प्यार तभी हो गया था जब उन्होंने करियर की शुरुआत की थी। अपनी पहली फिल्म के साथ ही सैफ अली खान ने अमृता सिंह से शादी रचाकर सबको हैरान कर दिया था। इस शादी से दोनों को दो बच्चे सारा और इब्राहिम अली खान हैं। एक हज़ार नौ सौ इक्यानवे में शादी के बंधन में बंधे सैफ और अमृता ने साल दो हज़ार चार में तलाक ले लिया। वर्कफ्रंट की बात करें तो सारा अली खाना की आखिरी फिल्म 'अतरंगी रे' थी जिसे ऑडियंस ने काफी पसंद किया। फिलहाल सारा अपनी अपकमिंग फिल्म 'गैसलाइट' की शूटिंग कर रही हैं जिनमें विक्रांत मैसी हैं। इससे पहले उन्होंने विक्की कौशल के साथ एक अनटाइटल्ड फिल्म की शूटिंग खत्म की है।
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मेघालय सरकार ने राज्य भर में विभिन्न तबकों से कड़ी आलोचना मिलने के बाद कैसीनो की स्थापना से इंकार कर दिया है। मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए, मेघालय के उपमुख्यमंत्री प्रेस्टन तिनसोंग ने कहा कि राज्य प्रशासन ने पहले राज्य में कैसीनो स्थापित करने के खिलाफ फैसला किया है। उन्होंने कहा, हमारे पास अभी भी कैसीनो के साथ आगे बढ़ने के लिए उपयुक्त नियमों की कमी है, और इसके अलावा, हमें इस तरह के कदम के लिए एक उपयुक्त स्थान की पहचान करने की आवश्यकता है।
हाल ही में, कई गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ), जिनमें खासी छात्र संघ (केएसयू), हाइनीवट्रेप नेशनल यूथ फ्रंट (एचएनवाईएफ), री-भोई यूथ फेडरेशन (आरबीवाईएफ), खासी जयंतिया और गारो पीपल फेडरेशन (एफकेजेजीपी), हाइनीवट्रेप इंटीग्रेटेड टेरिटोरियल ऑर्गनाइजेशन (HITO), CORP और सिनजुक की रंगबाह शोंग री भोई जिले ने कैसीनो (JACAC) के खिलाफ एक संयुक्त कार्रवाई समिति का गठन किया।
केएसयू अध्यक्ष एफ. खार्कामनी के अनुसार, जेएसी राज्य सरकार के फैसले से असहमत थे और इस बात पर जोर दिया कि अन्य राज्य जो कैसीनो संचालित करते हैं। वह मेघालय की तुलना में अधिक विकसित हैं। उन्होंने आगे कहा कि चूंकि री भोई को एक आकांक्षी जिले के रूप में मान्यता प्राप्त है, इसलिए सरकार को पूरी तरह से यहां के सरकारी कॉलेजों की शिक्षा और विस्तार पर ध्यान देना चाहिए।
इसके अतिरिक्त, डिप्टी सीएम ने आश्वासन दिया कि राज्य प्रशासन भविष्य में कैसीनो बनाने का निर्णय लेने से पहले, पारंपरिक संस्थानों, चर्चों, गैर सरकारी संगठनों सहित संबंधित हितधारकों की मंजूरी प्राप्त करेगा। टाइनसॉन्ग ने दोहराया, हम इस अवधारणा को आगे बढ़ाने पर भी विचार नहीं करेंगे, जब तक कि हमारे पास उनकी स्वीकृति न हो। हालाँकि, अभी सरकार की स्थिति स्पष्ट हैः हमारा कोई कसीनो खोलने का कोई इरादा नहीं है।
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मेघालय सरकार ने राज्य भर में विभिन्न तबकों से कड़ी आलोचना मिलने के बाद कैसीनो की स्थापना से इंकार कर दिया है। मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए, मेघालय के उपमुख्यमंत्री प्रेस्टन तिनसोंग ने कहा कि राज्य प्रशासन ने पहले राज्य में कैसीनो स्थापित करने के खिलाफ फैसला किया है। उन्होंने कहा, हमारे पास अभी भी कैसीनो के साथ आगे बढ़ने के लिए उपयुक्त नियमों की कमी है, और इसके अलावा, हमें इस तरह के कदम के लिए एक उपयुक्त स्थान की पहचान करने की आवश्यकता है। हाल ही में, कई गैर-सरकारी संगठन , जिनमें खासी छात्र संघ , हाइनीवट्रेप नेशनल यूथ फ्रंट , री-भोई यूथ फेडरेशन , खासी जयंतिया और गारो पीपल फेडरेशन , हाइनीवट्रेप इंटीग्रेटेड टेरिटोरियल ऑर्गनाइजेशन , CORP और सिनजुक की रंगबाह शोंग री भोई जिले ने कैसीनो के खिलाफ एक संयुक्त कार्रवाई समिति का गठन किया। केएसयू अध्यक्ष एफ. खार्कामनी के अनुसार, जेएसी राज्य सरकार के फैसले से असहमत थे और इस बात पर जोर दिया कि अन्य राज्य जो कैसीनो संचालित करते हैं। वह मेघालय की तुलना में अधिक विकसित हैं। उन्होंने आगे कहा कि चूंकि री भोई को एक आकांक्षी जिले के रूप में मान्यता प्राप्त है, इसलिए सरकार को पूरी तरह से यहां के सरकारी कॉलेजों की शिक्षा और विस्तार पर ध्यान देना चाहिए। इसके अतिरिक्त, डिप्टी सीएम ने आश्वासन दिया कि राज्य प्रशासन भविष्य में कैसीनो बनाने का निर्णय लेने से पहले, पारंपरिक संस्थानों, चर्चों, गैर सरकारी संगठनों सहित संबंधित हितधारकों की मंजूरी प्राप्त करेगा। टाइनसॉन्ग ने दोहराया, हम इस अवधारणा को आगे बढ़ाने पर भी विचार नहीं करेंगे, जब तक कि हमारे पास उनकी स्वीकृति न हो। हालाँकि, अभी सरकार की स्थिति स्पष्ट हैः हमारा कोई कसीनो खोलने का कोई इरादा नहीं है।
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रेल मंत्रालय सभी रेलवे स्टेशनों और सभी यात्री गाडियों में फर्स्टएड चिकित्सा सुविधाएं प्रदान कर रहा है, जिसके लिए सभी तरह की दवाओं, ड्रेसिंग सामग्री से युक्त मेडिकल बॉक्स और ऑक्सीजन सिलेंडर तथा डिलीवरी किट आदि की समुचित व्यवस्था की गई है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली के विशेषज्ञ चिकित्सकों की अनुशंसा के अनुसार ये वस्तुएं रेलगाड़ी अधीक्षक/गार्ड और स्टेशन मास्टर/स्टेशन अधीक्षकों के पास उपलब्ध कराई गई हैं।
रेल यात्रा के दौरान बीमार हो जाने अथवा घायल होने की स्थिति में यात्री प्राथमिक उपचार के लिए रेलगाड़ी अथवा स्टेशनों पर तैनात कर्मचारियों से संपर्क कर सकते हैं। रेलगाडि़यों और स्टेशनों पर तैनात कर्मचारियों जैसे टिकट चेकिंग स्टाफ, रेलगाड़ी अधीक्षकों, गार्डों, स्टेशन मास्टर आदि को प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करने का समुचित प्रशिक्षण दिया गया है। यात्रा के दौरान गंभीर चिकित्सीय आपात स्थिति होने पर यात्रियों के रूप में मौजूद चिकित्सकों की सेवाएं भी ली जा सकती हैं। ऐसे चिकित्सकों को यात्रा में रियायत दी जाती है और टीटीई के पास उपलब्ध आरक्षण चार्टों में उनकी पहचान अलग से दर्शायी जाती है, जिसे डिब्बे में भी प्रदर्शित किया जाता है। चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए मार्ग में अगले स्टेशन पर रेलवे के चिकित्सक अथवा प्राइवेट प्रेक्टिशनर का भी प्रबंध किया गया है। स्टेशन मास्टरों के पास निकटवर्ती रेलवे/सरकारी/प्राइवेट अस्पतालों/क्लिनिकों और एम्बुलेंस सेवाओं की सूची रखी गई है, जिसमें उनके पते, उपलब्ध सुविधाओं और फोन नम्बर आदि का ब्यौरा दिया गया है।
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रेल मंत्रालय सभी रेलवे स्टेशनों और सभी यात्री गाडियों में फर्स्टएड चिकित्सा सुविधाएं प्रदान कर रहा है, जिसके लिए सभी तरह की दवाओं, ड्रेसिंग सामग्री से युक्त मेडिकल बॉक्स और ऑक्सीजन सिलेंडर तथा डिलीवरी किट आदि की समुचित व्यवस्था की गई है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान , नई दिल्ली के विशेषज्ञ चिकित्सकों की अनुशंसा के अनुसार ये वस्तुएं रेलगाड़ी अधीक्षक/गार्ड और स्टेशन मास्टर/स्टेशन अधीक्षकों के पास उपलब्ध कराई गई हैं। रेल यात्रा के दौरान बीमार हो जाने अथवा घायल होने की स्थिति में यात्री प्राथमिक उपचार के लिए रेलगाड़ी अथवा स्टेशनों पर तैनात कर्मचारियों से संपर्क कर सकते हैं। रेलगाडि़यों और स्टेशनों पर तैनात कर्मचारियों जैसे टिकट चेकिंग स्टाफ, रेलगाड़ी अधीक्षकों, गार्डों, स्टेशन मास्टर आदि को प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करने का समुचित प्रशिक्षण दिया गया है। यात्रा के दौरान गंभीर चिकित्सीय आपात स्थिति होने पर यात्रियों के रूप में मौजूद चिकित्सकों की सेवाएं भी ली जा सकती हैं। ऐसे चिकित्सकों को यात्रा में रियायत दी जाती है और टीटीई के पास उपलब्ध आरक्षण चार्टों में उनकी पहचान अलग से दर्शायी जाती है, जिसे डिब्बे में भी प्रदर्शित किया जाता है। चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए मार्ग में अगले स्टेशन पर रेलवे के चिकित्सक अथवा प्राइवेट प्रेक्टिशनर का भी प्रबंध किया गया है। स्टेशन मास्टरों के पास निकटवर्ती रेलवे/सरकारी/प्राइवेट अस्पतालों/क्लिनिकों और एम्बुलेंस सेवाओं की सूची रखी गई है, जिसमें उनके पते, उपलब्ध सुविधाओं और फोन नम्बर आदि का ब्यौरा दिया गया है।
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बिलासपुर - बिलासपुर में कोरोना संक्रमण का दो मामले सामने आए है। स्वारघाट में क्वारंटाइन सेंटर में रखे गए अहमदाबाद से आए कुल 12 लोगों में से हमीरपुर का दो व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया गया है। उसकी पत्नी की रिपोर्ट नेगेटिव है, जबकि बच्चे की रिपोर्ट का अभी इंतजार है। सवंमित को उपचार के लिए चांदपुर स्थित शिवा आयुर्वेदिक कालेज में ले जाया जा रहा है। स्वारघाट व नयनादेवी क्वारंटाइन सेंटरों में रखे गए अहमदाबाद व गुरुग्राम के दो टैक्सी ड्राइवर भी कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं, जो नेरचैक में उपचाराधीन हैं। ताजा घटनाक्रम में दो और व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाए गए है। बताया जा रहा है कि अहमदाबाद से एक टैम्पो ट्रैवलर में कुल 12 लोग गत नौ मई को हिमाचल में पहुंचे थे। इनमें चालक-परिचालक के अलावा तीन-तीन बिलासपुर व हमीरपुर, 2 मंडी तथा एक-एक शिमला व कुल्लू के लोग थे। गरामोड़ा बार्डर पर कुछ लोगों में बुखार व खांसी के लक्षण पाए जाने पर उन्हें स्वारघाट में इंस्टिट्यूशन क्वारंटाइन किया गया था। गत 12 मई को उनके सैंपल कोरोना जांच के लिए आईजीएमसी शिमला भेजे गए थे। गुरुवार को आई रिपोर्ट में हमीरपुर का दो व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गए है। उसकी पत्नी की रिपोर्ट नेगेटिव हैए जबकि बच्चे की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। डीसी राजेश्वर गोयल ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि कोरोना पॉजिटिव पाए गए व्यक्तियों को चांदपुर स्थित शिवा आयुर्वेदिक कालेज में आईसोलेट किया जा रहा है। फिलहाल उसका इलाज वहीं पर किया जाएगा।
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बिलासपुर - बिलासपुर में कोरोना संक्रमण का दो मामले सामने आए है। स्वारघाट में क्वारंटाइन सेंटर में रखे गए अहमदाबाद से आए कुल बारह लोगों में से हमीरपुर का दो व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया गया है। उसकी पत्नी की रिपोर्ट नेगेटिव है, जबकि बच्चे की रिपोर्ट का अभी इंतजार है। सवंमित को उपचार के लिए चांदपुर स्थित शिवा आयुर्वेदिक कालेज में ले जाया जा रहा है। स्वारघाट व नयनादेवी क्वारंटाइन सेंटरों में रखे गए अहमदाबाद व गुरुग्राम के दो टैक्सी ड्राइवर भी कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं, जो नेरचैक में उपचाराधीन हैं। ताजा घटनाक्रम में दो और व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाए गए है। बताया जा रहा है कि अहमदाबाद से एक टैम्पो ट्रैवलर में कुल बारह लोग गत नौ मई को हिमाचल में पहुंचे थे। इनमें चालक-परिचालक के अलावा तीन-तीन बिलासपुर व हमीरपुर, दो मंडी तथा एक-एक शिमला व कुल्लू के लोग थे। गरामोड़ा बार्डर पर कुछ लोगों में बुखार व खांसी के लक्षण पाए जाने पर उन्हें स्वारघाट में इंस्टिट्यूशन क्वारंटाइन किया गया था। गत बारह मई को उनके सैंपल कोरोना जांच के लिए आईजीएमसी शिमला भेजे गए थे। गुरुवार को आई रिपोर्ट में हमीरपुर का दो व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गए है। उसकी पत्नी की रिपोर्ट नेगेटिव हैए जबकि बच्चे की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। डीसी राजेश्वर गोयल ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि कोरोना पॉजिटिव पाए गए व्यक्तियों को चांदपुर स्थित शिवा आयुर्वेदिक कालेज में आईसोलेट किया जा रहा है। फिलहाल उसका इलाज वहीं पर किया जाएगा।
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त्योहारों के शुरू होने के साथ ही बैंकों की ओर से ग्राहकों को दिए जाने वाले ऑफर्स की शुरुआत हो जाती है. ऐसे में अगर आप पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के ग्राहक हैं तो आपके लिए खुशखबरी है. बैंक ने अपने रिटेल प्रोडक्ट से सभी सर्विस चार्ज और प्रोसेसिंग फीस हटा दी है. इसका फायदा उन सभी ग्राहकों को मिलेगा जो PNB से कार या होम लोन लेने की योजना बना रहे हैं. PNB की ओर से यह जानकारी बीते मंगलवार को दी गई है.
बैंक ने कहा कि फेस्टिव सीजन में वह होम लोन, कार लोन, माय प्रॉपर्टी लोन, पर्सनल लोन, पेंशन लोन और गोल्ड लोन जैसे रिटेल प्रोडक्ट पर से सभी सर्विस और प्रोसेसिंग फीस ओर डॉक्यूमेंटेशन फीस हटा रहा है. इसके अलावा, बैंक 8. 95 प्रतिशत की ब्याज दर से शुरू होने वाले पर्सनल लोन भी ग्राहकों को ऑफर कर रहा है, जो कि अभी तक सबसे कम है. इसके अलावा बैंक 'होम लोन' पर 6. 80 प्रतिशत और 'कार लोन' पर 7. 15 प्रतिशत से शुरू होने वाले ब्याज दर का ऑफर भी दे रहा है. बैंक ने दी जाने वाली छूट को फेस्टिव बोनान्जा ऑफर नाम दिया है.
PNB की ओर से ग्राहकों का आकर्षक ब्याज दर पर होम लोन टॉप-अप ऑफर देने की भी घोषणा की गई है. उसने कहा कि ग्राहक 31 दिसंबर, 2021 तक इन ऑफर्स का लाभ उठा सकते हैं.
PNB पहले होम लोन का 0. 50 फीसदी प्रोसेसिंग और डॉक्युमेंटेशन चार्ज के रूप में लेता था. दरअसल जब भी कोई बैंक होम लोन देता है, तो ग्राहक को इसके लिए प्रोसेसिंग फीस देनी होती है. हर बैंक प्रोसेसिंग और डॉक्युमेंटेशन चार्ज अलग-अगल लेते हैं. ग्राहकों को केवल एक बार ही इस चार्ज को देना होता है.
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त्योहारों के शुरू होने के साथ ही बैंकों की ओर से ग्राहकों को दिए जाने वाले ऑफर्स की शुरुआत हो जाती है. ऐसे में अगर आप पंजाब नेशनल बैंक के ग्राहक हैं तो आपके लिए खुशखबरी है. बैंक ने अपने रिटेल प्रोडक्ट से सभी सर्विस चार्ज और प्रोसेसिंग फीस हटा दी है. इसका फायदा उन सभी ग्राहकों को मिलेगा जो PNB से कार या होम लोन लेने की योजना बना रहे हैं. PNB की ओर से यह जानकारी बीते मंगलवार को दी गई है. बैंक ने कहा कि फेस्टिव सीजन में वह होम लोन, कार लोन, माय प्रॉपर्टी लोन, पर्सनल लोन, पेंशन लोन और गोल्ड लोन जैसे रिटेल प्रोडक्ट पर से सभी सर्विस और प्रोसेसिंग फीस ओर डॉक्यूमेंटेशन फीस हटा रहा है. इसके अलावा, बैंक आठ. पचानवे प्रतिशत की ब्याज दर से शुरू होने वाले पर्सनल लोन भी ग्राहकों को ऑफर कर रहा है, जो कि अभी तक सबसे कम है. इसके अलावा बैंक 'होम लोन' पर छः. अस्सी प्रतिशत और 'कार लोन' पर सात. पंद्रह प्रतिशत से शुरू होने वाले ब्याज दर का ऑफर भी दे रहा है. बैंक ने दी जाने वाली छूट को फेस्टिव बोनान्जा ऑफर नाम दिया है. PNB की ओर से ग्राहकों का आकर्षक ब्याज दर पर होम लोन टॉप-अप ऑफर देने की भी घोषणा की गई है. उसने कहा कि ग्राहक इकतीस दिसंबर, दो हज़ार इक्कीस तक इन ऑफर्स का लाभ उठा सकते हैं. PNB पहले होम लोन का शून्य. पचास फीसदी प्रोसेसिंग और डॉक्युमेंटेशन चार्ज के रूप में लेता था. दरअसल जब भी कोई बैंक होम लोन देता है, तो ग्राहक को इसके लिए प्रोसेसिंग फीस देनी होती है. हर बैंक प्रोसेसिंग और डॉक्युमेंटेशन चार्ज अलग-अगल लेते हैं. ग्राहकों को केवल एक बार ही इस चार्ज को देना होता है.
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(१२) ज्योतिषी को चाहिए कि समतल भूमि पर अथवा फलक (काठ के तख्ते ) पर परिलेख बनावे । पूर्व कपाल में दिशाओं का जो क्रम रहता है उसके विपरीत पच्छिम कपाल में होना चाहिए अर्थात् पूर्व कपाल में जहां लब्ध क्रम - -पूर्व, दक्षिण, पच्छिम और उत्तर दिशाएँ होंगी वहां पच्छिम कपाल में क्रमानुसार पच्छिम, उत्तर, पूर्व और दक्षिण दिशाएं होंगी ।
विज्ञान भाष्य - इन श्लोकों में ग्राह्य बिम्व को स्थिर मानकर उसके जितने अंतर पर और जिस दिशा में ग्राहक का केन्द्र ग्रहण के स्पर्श, मध्य और मोक्ष काल में होता है उसको रेखागणित की सहायता से जानने की रीति बतलायी गयी है । चंद्रग्रहण में चन्द्रमा ग्राह्य और भूछाया ग्राहक होती है । सूर्य ग्रहण में सूर्य ग्राह्य और चन्द्रमा ग्राहक होता है । अब श्लोकों के क्रम से प्रत्येक रीति की व्याख्या की जाती है
श्लोक २ - चंद्रग्रहणाधिकार श्लोक २४-२५ तथा पृष्ठ ४७५-४८० में बतलाया गया है कि स्फुटवलन क्या है और इससे क्रान्तिवृत्त का ज्ञान कैसे होता है । वहाँ यह भी बतलाया गया है कि स्फुटवलन की ज्या को ७० से भाग देने पर इसकी ज्या का परिमाण अंगुलों में आ जाता है । इस प्रकार त्रिज्या का मान ४६ अंगुल के लगभग होता है क्योंकि त्रिज्या ३४३८ कलाओं की होती है जिसको ७० से भाग देने पर लब्धि ४६१ आती है जिसे पूर्णाङ्कों में ४६ ही समझना चाहिए । । इसीलिए इस श्लोक में ४६ अंगुल के व्यासार्धं का वलनाश्रित वृत्त खींचने की रीति बतलायी गयी है । इस वृत्त से स्फुटवलन बतलानेवाली रेखा सहज ही खींची जा सकती हैं । भास्कराचार्य तथा अन्य आचार्यों ने वलनाश्रित वृत्त के खींचने का नियम नहीं बतलाया है । उन्होंने केवल इतना लिखा है कि समासवृत्त पर पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण चिन्ह बनाकर स्फुटवलन के परिमाण का कोण दिशा के अनुसार बना लेना चाहिए ।
श्लोक ३ - इस श्लोक में समासवृत्त और जिस ग्रह में ग्रहण लगता है उसके बिम्ब का वृत्त अर्थात् ग्राह्य विम्ब वृत्त के खींचने की बात है । पर यह स्पष्ट नहीं बतलाया गया है कि इसका परिमाण क्या होना चाहिए । यदि ७० कलाओं का एक अंगुल माना जायगा तो समास - वृत्त और ग्राह्य विम्ब - वृत्त बहुत छोटे होंगे क्योंकि ग्राह्य बिम्बवृत्त का व्यासार्ध १६ कला अथवा एक अंगुल के चौथे भाग से भी कम होता है और समास - वृत्त का व्यासार्ध १ अंगुल के लगभग होता है । इसलिए इन वृत्तों के लिए ७० कलाओं का एक अंगुल मानते में सुविधा नहीं होगी। ऐसी दशा में चंद्रग्रहणाधिकार के २६ वें श्लोक में जिस अंगुल की चर्चा है उसे काम में लाना चाहिये ।
परन्तु उसमें अंगुल का जो मान दिया गया है वह उन्नत काल के अनुसार बदलता हुआ बतलाया गया है (देखो पृष्ठ ४८१ ) । परन्तु मैं समझता हूँ कि यदि अंगुल का परिमाण सदा ३ कला का माना जाय तो विशेष हानि नहीं हो सकती क्योंकि जैसा पृष्ठ ४८२ में बतलाया गया है वर्तन के कारण सूर्य या चन्द्रबिम्ब के आकारों में उदय या अस्त काल में ही अधिक अन्तर देख पड़ता है । अन्य समय में यह अन्तर इतना कम होता है कि उस पर विचार करने की आवश्यकता ही नहीं जान पड़ती । इसलिए यहां मैं ३ कला का एक अंगुल मानना सुगम समझता हूँ, इसमें कुछ संस्कार करने की आवश्यकता नहीं जान पड़ती ।
श्लोक ४ - इसके पूर्वार्द्ध में यह बतलाया गया है कि जिस विन्दु को केन्द्र - मानकर वलनाश्रित वृत्त, समास - वृत्त और ग्राह्यबिम्ब-वृत्त खींचने को कहा गया है उसी विन्दु से उत्तर दक्षिण और पूर्व-पच्छिम रेखाएं वि० प्र० श्लोक २-४ तथा चित्र ४४ के अनुसार खींचना चाहिए । उत्तरार्ध में यह बतलाया गया है कि चन्द्रग्रहण में स्पर्श चन्द्र-विम्ब के पूर्व भाग में होता है और मोक्ष पच्छिम भाग में होता है; परन्तु सूर्यग्रहण में स्पर्श सूर्य बिम्ब के पच्छिम भाग में होता है और मोक्ष पूर्व भाग में होता है । इसका कारण स्पष्ट है । चन्द्रमा आकाश में पूर्व की ओर चलता हुआ पृथ्वी की परिक्रमा करता है इसलिए जिस समय वह पृथ्वी की छाया में प्रवेश करने लगता है उस समय उसका पूरब वाला भाग ही पहले पहल छाया में घुसता है । इसी प्रकार चंद्र विम्ब का पच्छिम वाला भाग ही मोक्ष के समय छाया से अलग होता है । परन्तु सूर्य ग्रहण में चन्द्रबिम्ब पच्छिम से पूर्व की ओर बढ़ता हुआ सूर्य बिम्ब को ढक लेता है इसलिए स्पर्श के समय सूर्य बिम्ब का पच्छिम वाला भाग ढकने लगता है और मोक्ष के समय सूर्य बिम्ब का पूर्व वाला भाग चन्द्र बिम्ब से अलग होता है ।
श्लोक ५ - चंद्रग्रहण के स्पर्शकाल में चंद्रमा के स्फुटवलन की जो दिशा होती है पूर्व विन्दु से उसी दिशा में स्फुटवलन के अंतर पर वलनाश्रित वृत्त पर चिह्न करना चाहिए । परन्तु मोक्षकाल में स्फुट वलन की जो दिशा हो उसके विरुद्ध दिशा में पच्छिम विन्दु से यह चिह्न करना चाहिए । इन चिन्हों को वलनाग्र विन्दु कहते हैं । मोक्ष काल में दिशा के उलट देने का कारण पृष्ठ ४७६ के चित्र १०१ के स्पष्ट हो जाता है । वहां यह दिखलाया गया है कि ग्रह के प्राची अर्थात् पूर्व बिन्दु से जिस समय क्रान्तिवृत्त उत्तर की ओर होता है उसी समय प्रतीची अर्थात् पच्छिम बिन्दु से क्रान्तिवृत्त दक्खिन की ओर है । इसलिए जिस समय स्फुटवलन की दिशा उत्तर कही जाती है उस समय वह पूर्व विन्दु से उत्तर की ओर होती है न कि पच्छिम विन्दु से । परन्तु स्फुट वलन की जो दिशा चन्द्रग्रहणाविकार के २४-२५ श्लोकों से सिद्ध होती है वह पूर्व बिन्दु से ही समझी जाती है इसलिए उस नियम
के अनुसार मोक्षकालिक वलन को जो दिशा आती है वह पूर्व विन्दु के ही अनुसार आती है परन्तु चन्द्रग्रहण में मोक्ष पश्चिम विन्दु की ओर होता है इसलिए इस विन्दु से स्फुटवलन का कोण बनाने के बिए अथवा क्रान्तिवृत्त की दिशा जानने के लिए स्फुटवलन की दिशा उलट दी जाती हैं ।
ऊपर जो कुछ लिखा गया है उसके विपरीत सूर्यग्रहण में करना चाहिए । अर्थात् स्पर्श काल में स्फुटवलन की जो दिशा हो उसके विपरीत दिशा में पच्छिम विन्दु से वलनाग्र विन्दु बनाना चाहिए, परन्तु मोक्ष काल में पूर्व विन्दु से स्फुटवलन की दिशा में ही वलनाग्र विन्दु बनाना चाहिए । इसका कारण स्पष्ट है । सूर्यग्रहण में स्पर्श सूर्यबिम्ब के पच्छिम की ओर और मोक्ष पूर्व की ओर होता है । परन्तु पच्छिम की ओर स्फुटवलन की दिशा उलट जाती है जैसा ऊपर कहा गया है । इसलिए सूर्यग्रहण में स्पर्शकालिक वलन की दिशा को उलटना पड़ता है परन्तु मोक्षकालिक वलन की दिशा में कोई फेरफार नहीं करना पड़ता ।
श्लोक ६-८ - वलनाग्र विन्दु से जो रेखा वलनाश्रित वृत्त अथवा समासवृत्त था ग्राह्यविम्ब के केन्द्र तक खींची जाती है उससे केवल यह जाना जा सकता है कि क्रान्तिवृत्त की दिशा क्या है । सूर्यग्रहण में ग्राह्यबिम्ब सूर्य ही होता है और सूर्य सदैव क्रान्तिवृत्त पर रहता है इसलिए केन्द्र से वलनाग्र विन्दु तक जानेवालो रेखा क्रान्तिवृत्त ही समझी जा सकती है । परन्तु चन्द्रग्रहण में ग्राह्यबिम्ब चन्द्रमा होता है और चन्द्रमा क्रान्ति वृत्त से अपने शर के समान अन्तर पर उत्तर या दक्षिण होता है इसलिए चन्द्र बिम्ब के केन्द्र से वलनान विन्दु तक जाने वाली रेखा क्रान्तिवृत्त कदापि नहीं हो सकती । यह इसके समानान्तर होती है । चाहे सूर्यग्रहण हो चाहे चन्द्रग्रहण, दोनों दशाओं में छादक का केन्द्र वलनाग्र विन्दु से केन्द्र तक जाने वाली रेखा पर नहीं होता क्योंकि सूर्यग्रहण में छादक चन्द्रमा होता है जो क्रान्तिवृत्त पर नहीं चलता और चन्द्रग्रहण में छादक भूछाया होती है जो चंद्रमा की कक्षा में नहीं चलती इसलिए स्पर्श या मोक्ष काल में छादक के केन्द्र का पता लगाने के लिए उस विन्दु से जहाँ वलनाग्र रेखा समास - वृत्त को काटती है चन्द्र - विक्षेप के अन्तर पर समास - वृत्त तक केन्द्र से एक रेखा खींचते हैं । यह रेखा जहाँ काटती है उसे विक्षेपात्र विदु कहते हैं । स्पर्श या मोक्ष के समय छादक का
केन्द्र इसी विन्दु पर होता है । इसलिए यदि इस विन्दु को केन्द्र मानकर छादक के व्यासार्ध से एक वृत्त खींचा जाय तो यह ग्राह्यविम्ब को जहाँ स्पर्श करेगा वहीं ग्रहण का स्पर्श या मोक्ष होगा। विक्षेपात्र विन्दु से केन्द्र तक जो रेखा खींची जाती है उसमे भी स्पर्ण या मोक्ष का स्थान जाना जा सकता है क्योंकि जिस विन्दु पर छादक और छाद्य बिम्ब स्पर्श करते हैं उसी विन्दु पर विक्षेपाग्र विन्दु से केन्द्र तक
खींची जाने वाली रेखा भी ग्राह्य बिम्ब को काटती है ( देखो पृष्ठ ४६७ चित्र । इस चित्र में च को ग्राह्य बिम्ब का केन्द्र समझ लिया जाय तो च से क्रान्तिवृत्त छ प के समानान्तर जो रेखा खींची जायगी वह वेन्द्र से वलनाग्र विन्दु तक जानेवाली रेखा कही जा सकती है । भूछाया छ से इस रेखा का जो अंतर होता है वह च के शर के समान होता है । च को केन्द्र मानकर च छ के व्यासार्धं से जो वृत्त खींचा जायगा वही समासवृत्त होगा । च से जानेवाली वलनाग्र रेखा समास वृत को जहाँ काटेगी वहाँ से च छ का अंतर भी चन्द्रमा के शर के समान होगा । इस प्रकार सातवें श्लोक में बतलाये गये नियम की उपपत्ति सिद्ध हुई ।
छठें श्लोक में यह नहीं बतलाया गया है कि वलनाग्र रेखा की किस दिशा में विक्षेपात्र रेखा खींचनी चाहिए । यह ८वें श्लोक में बतलाया गया है । सूर्य ग्रहण में विक्षेपाग्र रेखा उसी दिशा में खींचनी चाहिए जिस दिशा में चन्द्रमा का शर हो अर्थात् यदि चन्द्र शर की दिशा उत्तर हो तो विक्षेपाग्र रेखा भी वलनात्र रेखा से उत्तर होनी चाहिए, और यदि चन्द्र शर दक्खिन हो तो विक्षेपाग्र रेखा वलनाग्र रेखा से दक्खिन खींचनी चाहिए । इसका कारण चित्र १०० पृष्ठ ४६७ से स्पष्ट
है । यदि इस चित्र में छ को सूर्य बिम्ब का केन्द्र मान लिया जाय और क्रान्तिवृत्त छ प को चन्द्र की कक्षा च प से उत्तर में मान लिया जाय तो चन्द्र शर दक्खिन होता है । ऐसी दशा में चन्द्रमा सूर्यबिम्व को ऐसे बिन्दु पर स्पर्श करता है जो सूर्य बिम्ब के दक्षिणार्ध में है । अर्थात् जब चन्द्रशर दक्खिन होता है तब चन्द्रमा सूर्यबिम्ब को दक्षिण की ओर स्पर्श करता है। इसी प्रकार यह सिद्ध हो सकता है कि यदि चन्द्रमा का शर उत्तर हो तो यह सूर्यबिम्ब को उत्तर की ओर स्पर्श करेगा ।
परन्तु चन्द्रग्रहण में इसके विपरीत होता है । यह भी इसी चित्र से स्पष्ट होता है, यदि छ को भूछाया का केन्द्र मान लिया जाय । चित्र में चन्द्रशर दक्खिन दिखलाया गया है । ऐसी दशा में भूछाया चन्द्रबिम्ब को ऐसे बिन्दु पर स्पर्श करती है जो चन्द्र बिम्ब के उत्तर की ओर है । इसी प्रकार यदि चंद्रशर उत्तर हो तो सिद्ध हो सकता हैं कि भूछाया चन्द्रबिस्व को दक्षिण की ओर स्पर्श करेगी । इसलिये यह नियम हो गया कि चन्द्रग्रहण में स्पर्शविन्दु की दिशा चन्द्र शर की दिशा के विपरीत होनी चाहिये अर्थात चंद्रग्रहण में विक्षेपात्र रेखा बलनाग्र रेखा से उस दिशा में खींचनी चाहिये जो चन्द्रशर की दिशा के विपरीत हो ।
१. यदि छ को सूर्य विम्ब का केन्द्र तथा इसके वृत्त को सूर्य बिम्ब मान लिया जाय तो इसी चित्र से सूर्यग्रहण के सम्बन्ध की सारी बातें जानी जा सकती है ।
मोक्ष काल के विक्षेप की दिशा भी इसी नियम के अनुसार निश्चय करनी चाहिये । यदि चन्द्रशर की दिशा दक्षिण हो तो चन्द्रग्रहण में चन्द्रमा का मोक्ष चन्द्र बिम्ब के उत्तरार्ध में होता है जैसा कि उपर्युक्त चित्र में चन्द्रमा को ची स्थिति में दिखलाया गया है । परन्तु सूर्यग्रहण में सूर्य का मोक्ष सूर्यबिम्ब के दक्षिणार्ध में होता है । इसी प्रकार यदि चन्द्रशर की दिशा उत्तर हो तो चन्द्रमा का मोक्ष चन्द्रबिम्ब के दक्षिणार्ध में और सूर्य का मोक्ष सूर्य बिम्ब के उत्तरार्ध में होता है ।
मध्य ग्रहण काल में भी विक्षेप की दिशा इसी नियम से निश्चय की जा सकती है । उसी चित्र से यह प्रकट है कि जब चन्द्र शर दक्षिण होता है तब चन्द्र ग्रहण के मध्य काल में भू छाया का केन्द्र चन्द्र-बिम्ब से उत्तर होता है परन्तु सूर्य ग्रहण के मध्य काल में चन्द्रमा सूर्य बिम्ब के केन्द्र से दक्षिण होता है । इसी प्रकार जब चंद्र शर उत्तर होता है तब चंद्र ग्रहण के मध्य काल में भू छाया का केन्द्र विम्ब से दक्षिण होता है और सूर्य ग्रहण के मध्य काल में चंद्रमा सूर्य बिम्ब के केन्द्र से उत्तर होता है ।
श्लोक ६ - चन्द्रमा के मध्यग्रहणकाल में यदि चन्द्रशर और स्फुट वलन की दिशा एक हो तो वलनाग्र विन्दु उत्तर दक्षिण रेखा से पूर्व बनाना चाहिये परन्तु यदि इनकी दिशाओं में भिन्नता हो अर्थात् स्फुटवलन उत्तर और चन्द्रशर दक्षिण हो अथवा स्फुटवलन दक्षिण और चन्द्रशर उत्तर हो तो वलनाग्र विन्दु उत्तर दक्षिण रेखा से पच्छिम होना चाहिये । परन्तु यह स्मरण रखना चाहिये कि यदि चन्द्रशर दक्षिण हो तो उत्तर विन्दु के पूर्व या पच्छिम की ओर वलनाग्र विन्दु बनाया जाय और यदि चन्द्रशर उत्तर हो तो दक्षिण-विन्दु से पूर्व या पच्छिम की ओर वलनाग्रविन्दु बनाया जाय ।
परन्तु सूर्य ग्रहण के मध्यकाल का परिलेख खींचने के लिए ऊपर जो कुछ चन्द्रग्रहण के सम्बन्ध में कहा गया है उसके विपरीत होना चाहिये । अर्थात् यदि चन्द्रशर और स्फुटवलन की दिशा एक हो तो वलनाग्र विन्दु उत्तर दक्षिण रेखा से पच्छिम की ओर और यदि इनकी दिशाओं में भिन्नता हो तो वलनाग्र विन्दु उत्तरदक्खिन रेखा से पूर्व की ओर होना चाहिये । साथ ही साथ यह भी ध्यान रहे कि यदि चन्द्रशर दक्खिन हो तो दक्खिन - विन्दु से पूर्व या पच्छिम की ओर वलनाग्र विन्दु बनाया जाय और यदि चन्द्रशर उत्तर हो तो उत्तर विन्दु से पूर्व या पच्छिम वलनाग्र विन्दु बनाया जाय । चित्र १०२ से इसका ठीक ठीक ज्ञान सहज ही हो सकता है । चन्द्रग्रहण के सम्बन्ध में जो भुछाया है वही सूर्यग्रहण के सम्बन्ध में सूर्य बिम्ब समझ लेने से यही चित्र चन्द्रग्रहण और सूर्यग्रहण दोनों के लिए काम दे सकता .
चित्र नं० १०२
छ = भू छाया या सूर्य विश्व का केन्द्र । च== चन्द्र विम्ब का केन्द्र जब चन्द्रशर दक्षिण है।
चा = चन्द्र बिम्ब का केन्द्र जब चन्द्रशर उत्तर है ।
पू = उस विम्ब का पूर्व विन्दु जिसकी परिधि पर यह अक्षर है । प= उस विम्ब का पच्छिम विन्दु जिसकी परिधि पर यह अक्षर है । उ = उस विम्ब का उत्तर विन्दु जिसकी परिधि पर यह अक्षर है । द = उस विम्ब का दक्षिण विन्दु जिसकी परिधि पर यह अक्षर है । क्राक्रा = क्रान्तिवृत्त
कक = कदम्बप्रोत वृत्त
क्रिक्रि या क्रिक्री चन्द्रमा के केन्द्र से जाता हुआ क्रान्तिवृत्त के समानान्तर वृत्त
इस चित्र में स्फुटवलन उत्तर की ओर दिखलाया गया है। इसलिए प्रत्येक विम्ब के केन्द्र से जाती हुई पू प रेखा के पू विन्दु से क्रान्तिवृत्त क्र का उत्तर की ओर है । इस चित्र से नीचे लिखी बातें स्वयम्सिद्ध हैं :( १ ) चन्द्र ग्रहण के समय जब चन्द्रमा च पर और भू छाया छ पर हो -
चन्द्र शर दक्षिण । भू छाया का केन्द्र छ चन्द्रमा के उत्तर विन्दु
स्फुटवलन उत्तर
उ से पच्छिम की ओर
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ज्योतिषी को चाहिए कि समतल भूमि पर अथवा फलक पर परिलेख बनावे । पूर्व कपाल में दिशाओं का जो क्रम रहता है उसके विपरीत पच्छिम कपाल में होना चाहिए अर्थात् पूर्व कपाल में जहां लब्ध क्रम - -पूर्व, दक्षिण, पच्छिम और उत्तर दिशाएँ होंगी वहां पच्छिम कपाल में क्रमानुसार पच्छिम, उत्तर, पूर्व और दक्षिण दिशाएं होंगी । विज्ञान भाष्य - इन श्लोकों में ग्राह्य बिम्व को स्थिर मानकर उसके जितने अंतर पर और जिस दिशा में ग्राहक का केन्द्र ग्रहण के स्पर्श, मध्य और मोक्ष काल में होता है उसको रेखागणित की सहायता से जानने की रीति बतलायी गयी है । चंद्रग्रहण में चन्द्रमा ग्राह्य और भूछाया ग्राहक होती है । सूर्य ग्रहण में सूर्य ग्राह्य और चन्द्रमा ग्राहक होता है । अब श्लोकों के क्रम से प्रत्येक रीति की व्याख्या की जाती है श्लोक दो - चंद्रग्रहणाधिकार श्लोक चौबीस-पच्चीस तथा पृष्ठ चार सौ पचहत्तर-चार सौ अस्सी में बतलाया गया है कि स्फुटवलन क्या है और इससे क्रान्तिवृत्त का ज्ञान कैसे होता है । वहाँ यह भी बतलाया गया है कि स्फुटवलन की ज्या को सत्तर से भाग देने पर इसकी ज्या का परिमाण अंगुलों में आ जाता है । इस प्रकार त्रिज्या का मान छियालीस अंगुल के लगभग होता है क्योंकि त्रिज्या तीन हज़ार चार सौ अड़तीस कलाओं की होती है जिसको सत्तर से भाग देने पर लब्धि चार सौ इकसठ आती है जिसे पूर्णाङ्कों में छियालीस ही समझना चाहिए । । इसीलिए इस श्लोक में छियालीस अंगुल के व्यासार्धं का वलनाश्रित वृत्त खींचने की रीति बतलायी गयी है । इस वृत्त से स्फुटवलन बतलानेवाली रेखा सहज ही खींची जा सकती हैं । भास्कराचार्य तथा अन्य आचार्यों ने वलनाश्रित वृत्त के खींचने का नियम नहीं बतलाया है । उन्होंने केवल इतना लिखा है कि समासवृत्त पर पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण चिन्ह बनाकर स्फुटवलन के परिमाण का कोण दिशा के अनुसार बना लेना चाहिए । श्लोक तीन - इस श्लोक में समासवृत्त और जिस ग्रह में ग्रहण लगता है उसके बिम्ब का वृत्त अर्थात् ग्राह्य विम्ब वृत्त के खींचने की बात है । पर यह स्पष्ट नहीं बतलाया गया है कि इसका परिमाण क्या होना चाहिए । यदि सत्तर कलाओं का एक अंगुल माना जायगा तो समास - वृत्त और ग्राह्य विम्ब - वृत्त बहुत छोटे होंगे क्योंकि ग्राह्य बिम्बवृत्त का व्यासार्ध सोलह कला अथवा एक अंगुल के चौथे भाग से भी कम होता है और समास - वृत्त का व्यासार्ध एक अंगुल के लगभग होता है । इसलिए इन वृत्तों के लिए सत्तर कलाओं का एक अंगुल मानते में सुविधा नहीं होगी। ऐसी दशा में चंद्रग्रहणाधिकार के छब्बीस वें श्लोक में जिस अंगुल की चर्चा है उसे काम में लाना चाहिये । परन्तु उसमें अंगुल का जो मान दिया गया है वह उन्नत काल के अनुसार बदलता हुआ बतलाया गया है । परन्तु मैं समझता हूँ कि यदि अंगुल का परिमाण सदा तीन कला का माना जाय तो विशेष हानि नहीं हो सकती क्योंकि जैसा पृष्ठ चार सौ बयासी में बतलाया गया है वर्तन के कारण सूर्य या चन्द्रबिम्ब के आकारों में उदय या अस्त काल में ही अधिक अन्तर देख पड़ता है । अन्य समय में यह अन्तर इतना कम होता है कि उस पर विचार करने की आवश्यकता ही नहीं जान पड़ती । इसलिए यहां मैं तीन कला का एक अंगुल मानना सुगम समझता हूँ, इसमें कुछ संस्कार करने की आवश्यकता नहीं जान पड़ती । श्लोक चार - इसके पूर्वार्द्ध में यह बतलाया गया है कि जिस विन्दु को केन्द्र - मानकर वलनाश्रित वृत्त, समास - वृत्त और ग्राह्यबिम्ब-वृत्त खींचने को कहा गया है उसी विन्दु से उत्तर दक्षिण और पूर्व-पच्छिम रेखाएं विशून्य प्रशून्य श्लोक दो-चार तथा चित्र चौंतालीस के अनुसार खींचना चाहिए । उत्तरार्ध में यह बतलाया गया है कि चन्द्रग्रहण में स्पर्श चन्द्र-विम्ब के पूर्व भाग में होता है और मोक्ष पच्छिम भाग में होता है; परन्तु सूर्यग्रहण में स्पर्श सूर्य बिम्ब के पच्छिम भाग में होता है और मोक्ष पूर्व भाग में होता है । इसका कारण स्पष्ट है । चन्द्रमा आकाश में पूर्व की ओर चलता हुआ पृथ्वी की परिक्रमा करता है इसलिए जिस समय वह पृथ्वी की छाया में प्रवेश करने लगता है उस समय उसका पूरब वाला भाग ही पहले पहल छाया में घुसता है । इसी प्रकार चंद्र विम्ब का पच्छिम वाला भाग ही मोक्ष के समय छाया से अलग होता है । परन्तु सूर्य ग्रहण में चन्द्रबिम्ब पच्छिम से पूर्व की ओर बढ़ता हुआ सूर्य बिम्ब को ढक लेता है इसलिए स्पर्श के समय सूर्य बिम्ब का पच्छिम वाला भाग ढकने लगता है और मोक्ष के समय सूर्य बिम्ब का पूर्व वाला भाग चन्द्र बिम्ब से अलग होता है । श्लोक पाँच - चंद्रग्रहण के स्पर्शकाल में चंद्रमा के स्फुटवलन की जो दिशा होती है पूर्व विन्दु से उसी दिशा में स्फुटवलन के अंतर पर वलनाश्रित वृत्त पर चिह्न करना चाहिए । परन्तु मोक्षकाल में स्फुट वलन की जो दिशा हो उसके विरुद्ध दिशा में पच्छिम विन्दु से यह चिह्न करना चाहिए । इन चिन्हों को वलनाग्र विन्दु कहते हैं । मोक्ष काल में दिशा के उलट देने का कारण पृष्ठ चार सौ छिहत्तर के चित्र एक सौ एक के स्पष्ट हो जाता है । वहां यह दिखलाया गया है कि ग्रह के प्राची अर्थात् पूर्व बिन्दु से जिस समय क्रान्तिवृत्त उत्तर की ओर होता है उसी समय प्रतीची अर्थात् पच्छिम बिन्दु से क्रान्तिवृत्त दक्खिन की ओर है । इसलिए जिस समय स्फुटवलन की दिशा उत्तर कही जाती है उस समय वह पूर्व विन्दु से उत्तर की ओर होती है न कि पच्छिम विन्दु से । परन्तु स्फुट वलन की जो दिशा चन्द्रग्रहणाविकार के चौबीस-पच्चीस श्लोकों से सिद्ध होती है वह पूर्व बिन्दु से ही समझी जाती है इसलिए उस नियम के अनुसार मोक्षकालिक वलन को जो दिशा आती है वह पूर्व विन्दु के ही अनुसार आती है परन्तु चन्द्रग्रहण में मोक्ष पश्चिम विन्दु की ओर होता है इसलिए इस विन्दु से स्फुटवलन का कोण बनाने के बिए अथवा क्रान्तिवृत्त की दिशा जानने के लिए स्फुटवलन की दिशा उलट दी जाती हैं । ऊपर जो कुछ लिखा गया है उसके विपरीत सूर्यग्रहण में करना चाहिए । अर्थात् स्पर्श काल में स्फुटवलन की जो दिशा हो उसके विपरीत दिशा में पच्छिम विन्दु से वलनाग्र विन्दु बनाना चाहिए, परन्तु मोक्ष काल में पूर्व विन्दु से स्फुटवलन की दिशा में ही वलनाग्र विन्दु बनाना चाहिए । इसका कारण स्पष्ट है । सूर्यग्रहण में स्पर्श सूर्यबिम्ब के पच्छिम की ओर और मोक्ष पूर्व की ओर होता है । परन्तु पच्छिम की ओर स्फुटवलन की दिशा उलट जाती है जैसा ऊपर कहा गया है । इसलिए सूर्यग्रहण में स्पर्शकालिक वलन की दिशा को उलटना पड़ता है परन्तु मोक्षकालिक वलन की दिशा में कोई फेरफार नहीं करना पड़ता । श्लोक छः-आठ - वलनाग्र विन्दु से जो रेखा वलनाश्रित वृत्त अथवा समासवृत्त था ग्राह्यविम्ब के केन्द्र तक खींची जाती है उससे केवल यह जाना जा सकता है कि क्रान्तिवृत्त की दिशा क्या है । सूर्यग्रहण में ग्राह्यबिम्ब सूर्य ही होता है और सूर्य सदैव क्रान्तिवृत्त पर रहता है इसलिए केन्द्र से वलनाग्र विन्दु तक जानेवालो रेखा क्रान्तिवृत्त ही समझी जा सकती है । परन्तु चन्द्रग्रहण में ग्राह्यबिम्ब चन्द्रमा होता है और चन्द्रमा क्रान्ति वृत्त से अपने शर के समान अन्तर पर उत्तर या दक्षिण होता है इसलिए चन्द्र बिम्ब के केन्द्र से वलनान विन्दु तक जाने वाली रेखा क्रान्तिवृत्त कदापि नहीं हो सकती । यह इसके समानान्तर होती है । चाहे सूर्यग्रहण हो चाहे चन्द्रग्रहण, दोनों दशाओं में छादक का केन्द्र वलनाग्र विन्दु से केन्द्र तक जाने वाली रेखा पर नहीं होता क्योंकि सूर्यग्रहण में छादक चन्द्रमा होता है जो क्रान्तिवृत्त पर नहीं चलता और चन्द्रग्रहण में छादक भूछाया होती है जो चंद्रमा की कक्षा में नहीं चलती इसलिए स्पर्श या मोक्ष काल में छादक के केन्द्र का पता लगाने के लिए उस विन्दु से जहाँ वलनाग्र रेखा समास - वृत्त को काटती है चन्द्र - विक्षेप के अन्तर पर समास - वृत्त तक केन्द्र से एक रेखा खींचते हैं । यह रेखा जहाँ काटती है उसे विक्षेपात्र विदु कहते हैं । स्पर्श या मोक्ष के समय छादक का केन्द्र इसी विन्दु पर होता है । इसलिए यदि इस विन्दु को केन्द्र मानकर छादक के व्यासार्ध से एक वृत्त खींचा जाय तो यह ग्राह्यविम्ब को जहाँ स्पर्श करेगा वहीं ग्रहण का स्पर्श या मोक्ष होगा। विक्षेपात्र विन्दु से केन्द्र तक जो रेखा खींची जाती है उसमे भी स्पर्ण या मोक्ष का स्थान जाना जा सकता है क्योंकि जिस विन्दु पर छादक और छाद्य बिम्ब स्पर्श करते हैं उसी विन्दु पर विक्षेपाग्र विन्दु से केन्द्र तक खींची जाने वाली रेखा भी ग्राह्य बिम्ब को काटती है चन्द्र ग्रहण के समय जब चन्द्रमा च पर और भू छाया छ पर हो - चन्द्र शर दक्षिण । भू छाया का केन्द्र छ चन्द्रमा के उत्तर विन्दु स्फुटवलन उत्तर उ से पच्छिम की ओर
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4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
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चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
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भारत के विराट कोहली ने शनिवार (10 दिसंबर) को यहां जारी बल्लेबाजों की आईसीसी रैंकिंग में अपना दूसरा स्थान बरकरार रखा जबकि ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर उनसे महज दो अंक पीछे तीसरे स्थान पर हैं। वॉर्नर पहले कोहली से 62 अंक से पिछड़ रहे थे लेकिन शुक्रवार (9 दिसंबर) को मेलबर्न में समाप्त हुई न्यूजीलैंड के खिलाफ चैपल-हैडली सीरीज में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने यह बढ़त महज दो अंक की कर ली जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने 3-0 से जीत दर्ज की। वॉर्नर तीन मैचों में 299 रन बनाकर सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे जिससे उन्होंने अपनी तीसरे नंबर की रैंकिंग मजबूत कर ली। दक्षिण अफ्रीका के एबी डिविलियर्स अब भी नंबर एक रैंकिंग पर काबिज बल्लेबाज हैं, वह कोहली से 13 अंक आगे हैं। नंबर एक स्थान के लिये जद्दोजहद अगले महीने फिर शुरू होगी जब कोहली के इंग्लैंड के खिलाफ 15 से 23 जनवरी तक तीन मैचों की सीरीज में खेलने की उम्मीद है। वॉर्नर पाकिस्तान के खिलाफ 13 से 26 जनवरी तक होने वाले पांच मैचों की सीरीज में मैदान में उतरेंगे और डिविलियर्स श्रीलंका के खिलाफ 28 जनवरी से 10 फरवरी तक पांच एक दिवसीय सीरीज में दक्षिण अफ्रीका की अगुवाई करेंगे। न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज मार्टिन गुप्टिल और ऑस्ट्रेलिया की स्टीव स्मिथ, मिशेल मार्श और जोश हेजलवुड की तिकड़ी ने भी कैरियर की ऊंची रैंकिंग हासिल कर ली है।
गुप्टिल को सीरीज में 193 रन का फायदा मिला जिससे उन्हें दो पायदान का लाभ मिला। इससे वह छठे स्थान पर पहुंच गये। स्मिथ छह पायदान की छलांग से 10वें स्थान पर पहुंच गये हैं, उन्होंने सीरीज में 236 रन का योगदान दिया था। मार्श तीन पायदान के फायदे से 22वें स्थान पर पहुंच गये। पैट क्यूमिंस ने 47वें स्थान पर वापसी की है जबकि अन्य गेंदबाजों ने ऊपर की ओर कदम बढ़ाये हैं जिसमें जेम्स फॉकनर (23वें, दो पायदान की छलांग) और मिशेल सैंटनर (50वें, 16 पायदान की छलांग) शामिल हैं। ट्रेंट बोल्ट ने अपना नंबर एक स्थान कायम रखा। वह दक्षिण अफ्रीका के इमरान ताहिर से आठ अंक ऊपर हैं जिसमें वेस्टइंडीज के सुनील नरेन एक अंक पीछे तीसरे स्थान पर हैं। ऑल राउंडर खिलाड़ियों की सूची में कोई बदलाव नहीं हुआ है जिसमें बांग्लादेश के शकिब अल हसन शीर्ष पर हैं, जिसके बाद एंजेलो मैथ्यूज, मोहम्मद नबी, जेम्स फॉकनर और मिशेल मार्श काबिज हैं। आईसीसी वनडे टीम रैंकिंग में नंबर एक टीम ऑस्ट्रेलिया के 118 से बढ़कर 120 अंक हो गये हैं। न्यूजीलैंड पिछड़ कर भारत के बाद चौथे स्थान पर खिसक गयी। न्यूजीलैंड ने सीरीज की शुरुआत 112 अंक से की थी लेकिन 0-3 से मिली हार का मतलब उसके अंक 109 अंक हो गये।
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भारत के विराट कोहली ने शनिवार को यहां जारी बल्लेबाजों की आईसीसी रैंकिंग में अपना दूसरा स्थान बरकरार रखा जबकि ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर उनसे महज दो अंक पीछे तीसरे स्थान पर हैं। वॉर्नर पहले कोहली से बासठ अंक से पिछड़ रहे थे लेकिन शुक्रवार को मेलबर्न में समाप्त हुई न्यूजीलैंड के खिलाफ चैपल-हैडली सीरीज में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने यह बढ़त महज दो अंक की कर ली जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने तीन-शून्य से जीत दर्ज की। वॉर्नर तीन मैचों में दो सौ निन्यानवे रन बनाकर सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे जिससे उन्होंने अपनी तीसरे नंबर की रैंकिंग मजबूत कर ली। दक्षिण अफ्रीका के एबी डिविलियर्स अब भी नंबर एक रैंकिंग पर काबिज बल्लेबाज हैं, वह कोहली से तेरह अंक आगे हैं। नंबर एक स्थान के लिये जद्दोजहद अगले महीने फिर शुरू होगी जब कोहली के इंग्लैंड के खिलाफ पंद्रह से तेईस जनवरी तक तीन मैचों की सीरीज में खेलने की उम्मीद है। वॉर्नर पाकिस्तान के खिलाफ तेरह से छब्बीस जनवरी तक होने वाले पांच मैचों की सीरीज में मैदान में उतरेंगे और डिविलियर्स श्रीलंका के खिलाफ अट्ठाईस जनवरी से दस फरवरी तक पांच एक दिवसीय सीरीज में दक्षिण अफ्रीका की अगुवाई करेंगे। न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज मार्टिन गुप्टिल और ऑस्ट्रेलिया की स्टीव स्मिथ, मिशेल मार्श और जोश हेजलवुड की तिकड़ी ने भी कैरियर की ऊंची रैंकिंग हासिल कर ली है। गुप्टिल को सीरीज में एक सौ तिरानवे रन का फायदा मिला जिससे उन्हें दो पायदान का लाभ मिला। इससे वह छठे स्थान पर पहुंच गये। स्मिथ छह पायदान की छलांग से दसवें स्थान पर पहुंच गये हैं, उन्होंने सीरीज में दो सौ छत्तीस रन का योगदान दिया था। मार्श तीन पायदान के फायदे से बाईसवें स्थान पर पहुंच गये। पैट क्यूमिंस ने सैंतालीसवें स्थान पर वापसी की है जबकि अन्य गेंदबाजों ने ऊपर की ओर कदम बढ़ाये हैं जिसमें जेम्स फॉकनर और मिशेल सैंटनर शामिल हैं। ट्रेंट बोल्ट ने अपना नंबर एक स्थान कायम रखा। वह दक्षिण अफ्रीका के इमरान ताहिर से आठ अंक ऊपर हैं जिसमें वेस्टइंडीज के सुनील नरेन एक अंक पीछे तीसरे स्थान पर हैं। ऑल राउंडर खिलाड़ियों की सूची में कोई बदलाव नहीं हुआ है जिसमें बांग्लादेश के शकिब अल हसन शीर्ष पर हैं, जिसके बाद एंजेलो मैथ्यूज, मोहम्मद नबी, जेम्स फॉकनर और मिशेल मार्श काबिज हैं। आईसीसी वनडे टीम रैंकिंग में नंबर एक टीम ऑस्ट्रेलिया के एक सौ अट्ठारह से बढ़कर एक सौ बीस अंक हो गये हैं। न्यूजीलैंड पिछड़ कर भारत के बाद चौथे स्थान पर खिसक गयी। न्यूजीलैंड ने सीरीज की शुरुआत एक सौ बारह अंक से की थी लेकिन शून्य-तीन से मिली हार का मतलब उसके अंक एक सौ नौ अंक हो गये।
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वलथाटी ने अब चार्जर्स को किया `फ्यूज'
हैदराबाद, (भाषा)। युवा पाल वलथाटी ने आक्रामक बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी दमदार प्रदर्शन करते हुए आज यहां इंडियन प्रीमियर लीग में किंग्स इलेवन पंजाब को डेक्कन चार्जर्स पर आ" विकेट की जीत दिलाई। चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ पिछले मैच में नाबाद शतक जड़ने वाले वलथाटी ने 29 रन पर चार विकेट चटकाने के बाद बल्ले से एक बार फिर धमाल दिखाते हुए 47 गेंद में आ" चौकों और पांच छक्कों की मदद से 75 रन बनाये। कप्तान एडम गिलक्रिस्ट ः61ः ने उनका अच्छा साथ निभाया और दोनें ने पहले विकेट के लिए 14 ओवर में 136 रन जोड़े जिससे टीम 14 गेंद शेष रहते दो विकेट के नुकसान पर 166 रन बनाकर आसान जीत दर्ज करने में सफल रही। इससे पहले डेक्कन चार्जर्स ने शिखर धवन ः45ः, कप्तान कुमार संगकारा ः35ः और डेनियल क्रिस्टियन ः14 गेंद में 30 रनः की उम्दा पारियों की मदद से आ" विकेट पर 165 रन बनाये थे। हार से शुरूआत करने वाले किंग्स इलेवन की तीन मैचों में यह लगातार दूसरी जीत है जबकि चार्जर्स को चार मैचों में तीसरी बार शिकस्त झेलनी पड़ी। गिलक्रिस्ट और वलथाटी की जोड़ी ने किंग्स इलेवन को "ाsस शुरूआत दिलाई। गिलक्रिस्ट ने डेल स्टेन की पारी की पहली ही गेंद को चार रन के लिए भेजा जबकि वलथाटी ने भी उन पर दो चौके मारे। वलथाटी ने इसके बाद इशांत की गेंद को प्वाइंट के उढपर से छह रन के लिए भेजा। वह हालांकि भाग्यशाली रहे जब इसी ओवर में वह कैच हो गये लेकिन अंपायर ने इसे नोबाल करार किया। वलथाटी की आक्रामकता पर अंकुश लगाने की कोशिश में चार्जर्स के कप्तान कुमार संगकारा ने गेंद मनप्रीत गोनी को थमाई जिसका स्वागत दायें हाथ के इस बल्लेबाज ने लगातार गेंद पर दो चौकों और छक्के के साथ किया। उन्हें गोनी के इस ओवर में चार चौके और एक छक्के सहित 23 रन बटोरे और इस दौरान सिर्फ 4 . 3 ओवर में टीम का स्कोर 50 रन तक पहुंचाया। गिलक्रिस्ट ने भी आक्रामक तेवर दिखाते हुए गोनी के ओवर में चौका और छक्का जड़ने के बाद डेनियल क्रिस्टियन का स्वागत छक्के और चौके के साथ किया। उन्होंने अमित मिश्रा की गेंद पर सीधा छक्का जड़कर सिर्फ 30 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया और साझेदारी को 9 . 3 ओवर में 100 रन के पार पहुंचाया। वलथाटी ने भी इसके बाद जेपी डुमिनी पर छक्का जड़कर 35 गेंद में अर्धशतक पूरा किया जबकि ओवर की अंतिम गेंद को भी छह रन के लिए भेजा। मिश्रा ने हालांकि अगले ओवर में गिलक्रिस्ट को रवि तेजा के हाथों कैच कराकर पंजाब की टीम को पहला झटका दिया लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। गिलक्रिस्ट ने 46 गेंद का सामना करते हुए पांच चौके और तीन छक्के जड़े। वलथाटी पर हालांकि गिलक्रिस्ट के आउट होने का कोई असर नहीं पड़ा और उन्होंने मिश्रा को सम्मान देने की बजाय उनके अगले एावर में छक्का जड़ने के बाद चौका भी मारा। वह हालांकि अंतिम गेंद पर लांग आन पर इशांत शर्मा को कैच दे बै"s। किंग्स इलेवन को अंतिम चार ओवर में जीत के लिए 15 रन की दरकार थी और अभिषेक नायर ःनाबाद 13ः और दिनेश कार्तिक ःनाबाद 03ः ने उसे लक्ष्य तक पहुंचा दिया।
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वलथाटी ने अब चार्जर्स को किया `फ्यूज' हैदराबाद, । युवा पाल वलथाटी ने आक्रामक बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी दमदार प्रदर्शन करते हुए आज यहां इंडियन प्रीमियर लीग में किंग्स इलेवन पंजाब को डेक्कन चार्जर्स पर आ" विकेट की जीत दिलाई। चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ पिछले मैच में नाबाद शतक जड़ने वाले वलथाटी ने उनतीस रन पर चार विकेट चटकाने के बाद बल्ले से एक बार फिर धमाल दिखाते हुए सैंतालीस गेंद में आ" चौकों और पांच छक्कों की मदद से पचहत्तर रन बनाये। कप्तान एडम गिलक्रिस्ट ःइकसठः ने उनका अच्छा साथ निभाया और दोनें ने पहले विकेट के लिए चौदह ओवर में एक सौ छत्तीस रन जोड़े जिससे टीम चौदह गेंद शेष रहते दो विकेट के नुकसान पर एक सौ छयासठ रन बनाकर आसान जीत दर्ज करने में सफल रही। इससे पहले डेक्कन चार्जर्स ने शिखर धवन ःपैंतालीसः, कप्तान कुमार संगकारा ःपैंतीसः और डेनियल क्रिस्टियन ःचौदह गेंद में तीस रनः की उम्दा पारियों की मदद से आ" विकेट पर एक सौ पैंसठ रन बनाये थे। हार से शुरूआत करने वाले किंग्स इलेवन की तीन मैचों में यह लगातार दूसरी जीत है जबकि चार्जर्स को चार मैचों में तीसरी बार शिकस्त झेलनी पड़ी। गिलक्रिस्ट और वलथाटी की जोड़ी ने किंग्स इलेवन को "ाsस शुरूआत दिलाई। गिलक्रिस्ट ने डेल स्टेन की पारी की पहली ही गेंद को चार रन के लिए भेजा जबकि वलथाटी ने भी उन पर दो चौके मारे। वलथाटी ने इसके बाद इशांत की गेंद को प्वाइंट के उढपर से छह रन के लिए भेजा। वह हालांकि भाग्यशाली रहे जब इसी ओवर में वह कैच हो गये लेकिन अंपायर ने इसे नोबाल करार किया। वलथाटी की आक्रामकता पर अंकुश लगाने की कोशिश में चार्जर्स के कप्तान कुमार संगकारा ने गेंद मनप्रीत गोनी को थमाई जिसका स्वागत दायें हाथ के इस बल्लेबाज ने लगातार गेंद पर दो चौकों और छक्के के साथ किया। उन्हें गोनी के इस ओवर में चार चौके और एक छक्के सहित तेईस रन बटोरे और इस दौरान सिर्फ चार . तीन ओवर में टीम का स्कोर पचास रन तक पहुंचाया। गिलक्रिस्ट ने भी आक्रामक तेवर दिखाते हुए गोनी के ओवर में चौका और छक्का जड़ने के बाद डेनियल क्रिस्टियन का स्वागत छक्के और चौके के साथ किया। उन्होंने अमित मिश्रा की गेंद पर सीधा छक्का जड़कर सिर्फ तीस गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया और साझेदारी को नौ . तीन ओवर में एक सौ रन के पार पहुंचाया। वलथाटी ने भी इसके बाद जेपी डुमिनी पर छक्का जड़कर पैंतीस गेंद में अर्धशतक पूरा किया जबकि ओवर की अंतिम गेंद को भी छह रन के लिए भेजा। मिश्रा ने हालांकि अगले ओवर में गिलक्रिस्ट को रवि तेजा के हाथों कैच कराकर पंजाब की टीम को पहला झटका दिया लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। गिलक्रिस्ट ने छियालीस गेंद का सामना करते हुए पांच चौके और तीन छक्के जड़े। वलथाटी पर हालांकि गिलक्रिस्ट के आउट होने का कोई असर नहीं पड़ा और उन्होंने मिश्रा को सम्मान देने की बजाय उनके अगले एावर में छक्का जड़ने के बाद चौका भी मारा। वह हालांकि अंतिम गेंद पर लांग आन पर इशांत शर्मा को कैच दे बै"s। किंग्स इलेवन को अंतिम चार ओवर में जीत के लिए पंद्रह रन की दरकार थी और अभिषेक नायर ःनाबाद तेरहः और दिनेश कार्तिक ःनाबाद तीनः ने उसे लक्ष्य तक पहुंचा दिया।
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- #Thailandथाईलैंड में मिलिट्री राज का खात्मा, विपक्ष की आंधी में उड़ गये सेना के प्रधानमंत्री. . . जानें कैसी होगी सरकार?
थाइलैंड। थाईलैंड के एंग थोग प्रांत में एक तीन साल के भाई-बहन की शादी का मामला सामने आया है। दोनों की शादी के पीछे इनके मां-पापा ने पिछले जन्म में दोनों के जीवनसाथी होने की बात कही है।
एंग थोग में हुई ये शादी ना सिर्फ थाइलैंड बल्कि दुनियाभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। तीन साल के तिकात और तविसा जुड़वा भाई-बहन हैं। हाल ही में दोनों दूल्हा-दुल्हन बन गए।
इनके माता-पिता ने दोनों को सजाया और पारंपरिक अंदाज में शादी कराई। दोनों की शादी में मेहमान भी बड़ी संख्या में पहुंचे और बाकायदा खाने-पीने का भी शानदार इंतजाम किया गया।
जब जुड़वा भाई-बहनों की शादी की बाबत इनके मां-पापा से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि ऐसा करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ये दोनों पिछले जन्म में एक-दूसरे के पति-पत्नी थे।
बच्चों के पिता-पिता का कहना है कि अगर दोनों शादी ना की गई तो इन दोनों बच्चों में से एक की मौत हो जाएगी। ऐसे में इनकी शादी इनके अच्छे भविष्य और जिंदगी के लिए जरूरी है।
शादी के दौरान जहां दुल्हन पारंपरिक ड्रेस में दिखीं तो वहीं दूल्हा पेंट-शर्ट में दिखा। इस दौरान पहुंचे मेहमानों ने नए दुल्हा-दुल्हन को तोहफे भी दिए।
शादी में आए लोगों का कहना है कि कानूनी तौर पर तो इस शादी को मान्यता नहीं है लेकिन बच्चों के मां-बाप के विश्वास को देखते हुए शादी में लोगों ने खूब आनंद किया।
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- #Thailandथाईलैंड में मिलिट्री राज का खात्मा, विपक्ष की आंधी में उड़ गये सेना के प्रधानमंत्री. . . जानें कैसी होगी सरकार? थाइलैंड। थाईलैंड के एंग थोग प्रांत में एक तीन साल के भाई-बहन की शादी का मामला सामने आया है। दोनों की शादी के पीछे इनके मां-पापा ने पिछले जन्म में दोनों के जीवनसाथी होने की बात कही है। एंग थोग में हुई ये शादी ना सिर्फ थाइलैंड बल्कि दुनियाभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। तीन साल के तिकात और तविसा जुड़वा भाई-बहन हैं। हाल ही में दोनों दूल्हा-दुल्हन बन गए। इनके माता-पिता ने दोनों को सजाया और पारंपरिक अंदाज में शादी कराई। दोनों की शादी में मेहमान भी बड़ी संख्या में पहुंचे और बाकायदा खाने-पीने का भी शानदार इंतजाम किया गया। जब जुड़वा भाई-बहनों की शादी की बाबत इनके मां-पापा से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि ऐसा करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ये दोनों पिछले जन्म में एक-दूसरे के पति-पत्नी थे। बच्चों के पिता-पिता का कहना है कि अगर दोनों शादी ना की गई तो इन दोनों बच्चों में से एक की मौत हो जाएगी। ऐसे में इनकी शादी इनके अच्छे भविष्य और जिंदगी के लिए जरूरी है। शादी के दौरान जहां दुल्हन पारंपरिक ड्रेस में दिखीं तो वहीं दूल्हा पेंट-शर्ट में दिखा। इस दौरान पहुंचे मेहमानों ने नए दुल्हा-दुल्हन को तोहफे भी दिए। शादी में आए लोगों का कहना है कि कानूनी तौर पर तो इस शादी को मान्यता नहीं है लेकिन बच्चों के मां-बाप के विश्वास को देखते हुए शादी में लोगों ने खूब आनंद किया।
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शिक्षण समय कई बार मुश्किल और निराशाजनक हो सकता है। लेकिन हाथ से चलने और अभ्यास के बहुत सारे अवधारणा छड़ी में मदद करेंगे। जूडी घड़ियों बच्चों के उपयोग के लिए उत्कृष्ट घड़ियों हैं जब घंटे के हाथों की चाल चलती है, जब वास्तविक हाथ की तरह। मंच से विचार यहां दिए गए हैंः
" समय बताने के लिए, आप मजबूत पेपर और बीच में एक ब्रैड का उपयोग कर घड़ी बना सकते हैं, और समय बताने का अभ्यास कर सकते हैं।
"मैंने 1 ग्रेड के अंत तक समय और पैसा नहीं पेश किया था। एक बार जब आप अंशों को ढंक लेते हैं तो" चौथाई अतीत "और" आधे अतीत "को समझना आसान होता है।
"मेरे बेटे के लिए, क्योंकि वह 5 से गिनने के बारे में सीखा था, मैंने उसे अपनी घड़ी पर 5 के द्वारा गिनने के लिए सिखाया।
"मेरे बेटे को समय बताने के लिए सिखाने के लिए, एक बार जब वह मूल बातें समझ गए तो हम एक दुकान में गए और उसने अपनी जेब घड़ी को उठाया जिसने उसकी आंख पकड़ ली।
"मुझे एहसास हुआ कि यदि आप निम्नलिखित हाथों को नाम देते हैं तो यह सहायक होता हैः
~ दूसरा हाथ = दूसरा हाथ (इसे वही रखें)
आप अब या बाद में समझा सकते हैं कि इसे वास्तव में "नाम हाथ" नहीं कहा जाता है, लेकिन इससे अब सीखना आसान हो जाएगा।
समय के शीर्ष पर समय पढ़ाने से शुरू करें। घड़ी को 3:00 बजे रखें और पूछें "नाम किस नंबर पर इंगित करता है? " जब वह कहता है, "3" कहता है "इसका मतलब है कि यह 3 बजे है। "
इसे 4 में बदलें। "अब नाम किस समय इंगित करता है? " आदि।
इसे कुछ बार बाद में मिलाएं।
एक बार बच्चे को यह समझने के बाद, उसे एक समय बनाने के लिए कहें और बताएं कि यह क्या है।
बच्चों को घड़ियों पर समय बताने में मदद करें कैथी मूर द्वारा यह वीडियो आपको यह निर्धारित करने में मदद करेगा कि आपका बच्चा घड़ियों के बारे में जानने के लिए तैयार है या नहीं, और आपको कुछ सरल टूल दिखाते हैं जो समय सिखाने में मदद करते हैं।
संबंधित संसाधनः
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शिक्षण समय कई बार मुश्किल और निराशाजनक हो सकता है। लेकिन हाथ से चलने और अभ्यास के बहुत सारे अवधारणा छड़ी में मदद करेंगे। जूडी घड़ियों बच्चों के उपयोग के लिए उत्कृष्ट घड़ियों हैं जब घंटे के हाथों की चाल चलती है, जब वास्तविक हाथ की तरह। मंच से विचार यहां दिए गए हैंः " समय बताने के लिए, आप मजबूत पेपर और बीच में एक ब्रैड का उपयोग कर घड़ी बना सकते हैं, और समय बताने का अभ्यास कर सकते हैं। "मैंने एक ग्रेड के अंत तक समय और पैसा नहीं पेश किया था। एक बार जब आप अंशों को ढंक लेते हैं तो" चौथाई अतीत "और" आधे अतीत "को समझना आसान होता है। "मेरे बेटे के लिए, क्योंकि वह पाँच से गिनने के बारे में सीखा था, मैंने उसे अपनी घड़ी पर पाँच के द्वारा गिनने के लिए सिखाया। "मेरे बेटे को समय बताने के लिए सिखाने के लिए, एक बार जब वह मूल बातें समझ गए तो हम एक दुकान में गए और उसने अपनी जेब घड़ी को उठाया जिसने उसकी आंख पकड़ ली। "मुझे एहसास हुआ कि यदि आप निम्नलिखित हाथों को नाम देते हैं तो यह सहायक होता हैः ~ दूसरा हाथ = दूसरा हाथ आप अब या बाद में समझा सकते हैं कि इसे वास्तव में "नाम हाथ" नहीं कहा जाता है, लेकिन इससे अब सीखना आसान हो जाएगा। समय के शीर्ष पर समय पढ़ाने से शुरू करें। घड़ी को तीन:शून्य बजे रखें और पूछें "नाम किस नंबर पर इंगित करता है? " जब वह कहता है, "तीन" कहता है "इसका मतलब है कि यह तीन बजे है। " इसे चार में बदलें। "अब नाम किस समय इंगित करता है? " आदि। इसे कुछ बार बाद में मिलाएं। एक बार बच्चे को यह समझने के बाद, उसे एक समय बनाने के लिए कहें और बताएं कि यह क्या है। बच्चों को घड़ियों पर समय बताने में मदद करें कैथी मूर द्वारा यह वीडियो आपको यह निर्धारित करने में मदद करेगा कि आपका बच्चा घड़ियों के बारे में जानने के लिए तैयार है या नहीं, और आपको कुछ सरल टूल दिखाते हैं जो समय सिखाने में मदद करते हैं। संबंधित संसाधनः
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Pnb Bank Scam हाई कोर्ट में अपीली सुनवाई नीरव मोदी जीत जाते हैं तो भारत सरकार उनका प्रत्यर्पण तब तक नहीं करा सकती जब तक सुप्रीम कोर्ट से जनता के महत्व के बिंदु पर अपील करने की अनुमति नहीं ले लेती।
लंदन, प्रेट्र। ब्रिटेन की एक अदालत ने दो अरब डालर के पीएनबी बैंक घोटाले में आरोपित नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण की निरंतरता अपील पर सुनवाई शुरू की है। 51 वर्षीय हीरा कारोबारी नीरव ने पिछले साल ही अपने मानसिक स्वास्थ्य के आधार पर अपने प्रत्यर्पण के आदेश पर रोक लगाने के लिए अपील की है।
लार्ड जस्टिस जर्मी स्टुअर्ट-स्मिथ और जस्टिस राबर्ट जे की अध्यक्षता में पिछले साल दिसंबर हाई कोर्ट में एक शुरुआती सुनवाई हुई जिसमें यह देखना था कि वेस्टमिनस्टर मेजिस्ट्रेट कोर्ट के डिस्ट्रिक्ट जज सैम गूजी की फरवरी, 2021 की रूलिंग हीरा कारोबारी के प्रत्यर्पण के पक्ष में दिए फैसले से उसके आत्महत्या करने का खतरा बढ़ता है कि नहीं। निरंतरता अपील की सुनवाई इसी हफ्ते फिर होनी है। इस पर फैसला भी जल्दी आ सकता है।
अगर हाई कोर्ट में अपीली सुनवाई नीरव मोदी जीत जाते हैं तो भारत सरकार उनका प्रत्यर्पण तब तक नहीं करा सकती जब तक सुप्रीम कोर्ट से जनता के महत्व के बिंदु पर अपील करने की अनुमति नहीं ले लेती। लेकिन अगर इसका उल्टा हुआ और नीरव मोदी यह अपील हार जाते हैं तो वह हाई कोर्ट के फैसले के 14 दिन के अंदर जनता के महत्व के बिंदु पर सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकते हैं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट में भी अपील करना आसान नहीं है, क्योंकि यह तभी संभव है जब हाई कोर्ट यह प्रमाणित करे कि केस में कानून का आधार जनता के अत्यधिक महत्व का है। ब्रिटेन की अदालतों के सभी विकल्प तलाश लेने के बाद भी नीरव मोदी के पास प्रत्यर्पण से बच निकलने के लिए आखिरी विकल्प यूरोपियन कोर्ट आफ ह्यूमन राइट (ECHR) का कथित रूल नंबर-39 भी होगा।
इस मामले से संबंधित अधिकारियों के अनुसार भारत सरकार ने नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के बाद भारत की जेल में उसके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की देखरेख का पूरा ब्योरा ब्रिटिश सरकार और अदालतों को दे रखा है। दोनों पक्ष मौजूदा अदालत में अपना पक्ष रखेंगे और उसी आधार पर फैसला सुनाया जाएगा। नीरव मोदी मार्च, 2019 से लंदन स्थित वांड्सवर्थ जेल में कैद है।
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Pnb Bank Scam हाई कोर्ट में अपीली सुनवाई नीरव मोदी जीत जाते हैं तो भारत सरकार उनका प्रत्यर्पण तब तक नहीं करा सकती जब तक सुप्रीम कोर्ट से जनता के महत्व के बिंदु पर अपील करने की अनुमति नहीं ले लेती। लंदन, प्रेट्र। ब्रिटेन की एक अदालत ने दो अरब डालर के पीएनबी बैंक घोटाले में आरोपित नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण की निरंतरता अपील पर सुनवाई शुरू की है। इक्यावन वर्षीय हीरा कारोबारी नीरव ने पिछले साल ही अपने मानसिक स्वास्थ्य के आधार पर अपने प्रत्यर्पण के आदेश पर रोक लगाने के लिए अपील की है। लार्ड जस्टिस जर्मी स्टुअर्ट-स्मिथ और जस्टिस राबर्ट जे की अध्यक्षता में पिछले साल दिसंबर हाई कोर्ट में एक शुरुआती सुनवाई हुई जिसमें यह देखना था कि वेस्टमिनस्टर मेजिस्ट्रेट कोर्ट के डिस्ट्रिक्ट जज सैम गूजी की फरवरी, दो हज़ार इक्कीस की रूलिंग हीरा कारोबारी के प्रत्यर्पण के पक्ष में दिए फैसले से उसके आत्महत्या करने का खतरा बढ़ता है कि नहीं। निरंतरता अपील की सुनवाई इसी हफ्ते फिर होनी है। इस पर फैसला भी जल्दी आ सकता है। अगर हाई कोर्ट में अपीली सुनवाई नीरव मोदी जीत जाते हैं तो भारत सरकार उनका प्रत्यर्पण तब तक नहीं करा सकती जब तक सुप्रीम कोर्ट से जनता के महत्व के बिंदु पर अपील करने की अनुमति नहीं ले लेती। लेकिन अगर इसका उल्टा हुआ और नीरव मोदी यह अपील हार जाते हैं तो वह हाई कोर्ट के फैसले के चौदह दिन के अंदर जनता के महत्व के बिंदु पर सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकते हैं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट में भी अपील करना आसान नहीं है, क्योंकि यह तभी संभव है जब हाई कोर्ट यह प्रमाणित करे कि केस में कानून का आधार जनता के अत्यधिक महत्व का है। ब्रिटेन की अदालतों के सभी विकल्प तलाश लेने के बाद भी नीरव मोदी के पास प्रत्यर्पण से बच निकलने के लिए आखिरी विकल्प यूरोपियन कोर्ट आफ ह्यूमन राइट का कथित रूल नंबर-उनतालीस भी होगा। इस मामले से संबंधित अधिकारियों के अनुसार भारत सरकार ने नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के बाद भारत की जेल में उसके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की देखरेख का पूरा ब्योरा ब्रिटिश सरकार और अदालतों को दे रखा है। दोनों पक्ष मौजूदा अदालत में अपना पक्ष रखेंगे और उसी आधार पर फैसला सुनाया जाएगा। नीरव मोदी मार्च, दो हज़ार उन्नीस से लंदन स्थित वांड्सवर्थ जेल में कैद है।
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मानसून के मौसम का इंतजार हर किसी को बेसब्री से होता है, ऐसा इसलिए क्योंकि इस मौसम में बारिश होने पर समोसे खाने और चाय पीने का मजा ही कुछ और है।
ऐसे में बारिश की बूंदों की थपकी हर किसी को भाती है लेकिन घर के बाहर पैर रखते ही कीचड़, जाम और नालों के जाम होने की वजह से हर किसी का दिमाग खराब हो जाता है। इतना ही नहीं बारिश के मौसम में बीमारियों के होने का भी खतरा बना रहता है। आइए आपको बताते हैं कि मानसून के मौसम में आपको कौन कौन सी बीमारियां हो सकती हैं।
मानसून के मौसम में मलेरिया की शिकायत अक्सर आती रहती हैं, ऐसा इसलिए क्योंकि बारिश की वजह से सड़कों या नालों में जमे हुए पानी में मच्छर पनपते रहते हैं, जिनमें से कुछ मलेरिया के मच्छर भी होते हैं, ऐसे में आपको अपनी पानी की टंकी को साफ करते रहना चाहिए। इतना ही नहीं आस पास अगर किसी तरह का पानी इकट्ठा हुआ हो तो उसे भी फेंक देना चाहिए। बुखार, मांसपेशियों में दर्द और कंपकंपाना मलेरिया के लक्षण होते हैं।
डेंगू का मच्छर नालियों में ही नहीं साफ पानी में भी पैदा हो सकता है, इसलिए पानी को हमेशा ढंक कर रखें और आस पास पानी इकट्ठा ना होने दें। डेंगू की बीमारी के लक्षण जोड़ों, शरीर में दर्द हो सकते हैं। ऐसे में आप पूरे कपड़े पहनकर ही रखें।
चिकनगुनिया मच्छरों के काटने से होता है। यह मच्छर रुके हुए पानी में प्रजनन करते हैं, और दिन में ही काटते हैं। चिकनगुनिया में आपको बुखार, जोड़ों में दर्द आदि लक्षण देखने को मिलता है। इसमें आप इंसेक्ट रिपेलेंट का इस्तेमाल कर सकते हैं।
टायफायड एक ऐसी बीमारी हैं, जो पानी से पैदा होती हैं, अक्सर यह मानसून के दौरान होती हैं। यह दुषित पानी और खाने से फैलती है। इस बीमारी के लक्षण सर्दी, गले में खराश, बुखार आदि हो सकते हैं।
पीलिया दूषित पानी और भोजन खाने के कारण होता हैं, पीलिया के लक्षण पीला मूत्र, उल्टी, कमजोरी आदि होते हैं। ऐसे में आप उबला पानी पिएं और बाहर का खाना खाना बिल्कुल छोड़ दें।
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मानसून के मौसम का इंतजार हर किसी को बेसब्री से होता है, ऐसा इसलिए क्योंकि इस मौसम में बारिश होने पर समोसे खाने और चाय पीने का मजा ही कुछ और है। ऐसे में बारिश की बूंदों की थपकी हर किसी को भाती है लेकिन घर के बाहर पैर रखते ही कीचड़, जाम और नालों के जाम होने की वजह से हर किसी का दिमाग खराब हो जाता है। इतना ही नहीं बारिश के मौसम में बीमारियों के होने का भी खतरा बना रहता है। आइए आपको बताते हैं कि मानसून के मौसम में आपको कौन कौन सी बीमारियां हो सकती हैं। मानसून के मौसम में मलेरिया की शिकायत अक्सर आती रहती हैं, ऐसा इसलिए क्योंकि बारिश की वजह से सड़कों या नालों में जमे हुए पानी में मच्छर पनपते रहते हैं, जिनमें से कुछ मलेरिया के मच्छर भी होते हैं, ऐसे में आपको अपनी पानी की टंकी को साफ करते रहना चाहिए। इतना ही नहीं आस पास अगर किसी तरह का पानी इकट्ठा हुआ हो तो उसे भी फेंक देना चाहिए। बुखार, मांसपेशियों में दर्द और कंपकंपाना मलेरिया के लक्षण होते हैं। डेंगू का मच्छर नालियों में ही नहीं साफ पानी में भी पैदा हो सकता है, इसलिए पानी को हमेशा ढंक कर रखें और आस पास पानी इकट्ठा ना होने दें। डेंगू की बीमारी के लक्षण जोड़ों, शरीर में दर्द हो सकते हैं। ऐसे में आप पूरे कपड़े पहनकर ही रखें। चिकनगुनिया मच्छरों के काटने से होता है। यह मच्छर रुके हुए पानी में प्रजनन करते हैं, और दिन में ही काटते हैं। चिकनगुनिया में आपको बुखार, जोड़ों में दर्द आदि लक्षण देखने को मिलता है। इसमें आप इंसेक्ट रिपेलेंट का इस्तेमाल कर सकते हैं। टायफायड एक ऐसी बीमारी हैं, जो पानी से पैदा होती हैं, अक्सर यह मानसून के दौरान होती हैं। यह दुषित पानी और खाने से फैलती है। इस बीमारी के लक्षण सर्दी, गले में खराश, बुखार आदि हो सकते हैं। पीलिया दूषित पानी और भोजन खाने के कारण होता हैं, पीलिया के लक्षण पीला मूत्र, उल्टी, कमजोरी आदि होते हैं। ऐसे में आप उबला पानी पिएं और बाहर का खाना खाना बिल्कुल छोड़ दें।
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आईबीएम द्वारा वैश्विक स्तर पर किए गए एक सर्वेक्षण में करीब एक तिहाई आईटी पेशेवरों ने कहा कि उनका काम अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग करना है जबकि 43 फीसदी प्रतिभागियों ने कहा कि उनकी कंपनी कोविड-19 वैश्विक महामारी के परिणामस्वरूप कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर काफी जोर दे रही है। आईबीएम के 'ग्लोबल एआई एडॉप्शन इंडेक्स 2021' से पता चलता है कि पिछले साल एआई को अपनाने की रफ्तार लगभग स्थिर रही लेकिन वैश्विक महामारी के मद्देनजर बदलती कारोबारी जरूरतों के कारण एआई पर जोर दिख रहा है। भारत के बारे में इस प्रकार की जानकारी हासिल हुईः
करीब 53 फीसदी भारतीय आईटी पेशेवरों ने कहा कि उनकी कंपनी ने कोविड-19 वैश्विक महामारी के मद्देनजर एआई की रफ्तार बढ़ा दी है। अधिकतर भारतीय आईटी पेशेवरों (43 फीसदी) का कहना था कि वे कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण सुरक्षा और खतरों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
भारतीय आईटी पेशेवरों को आमतौर पर सीमित विशेषज्ञता अथवा ज्ञान (52 फीसदी) दिख सकता है और एआई को अपनाने में डेटा संबंधी जटिलता और डेटा कक्ष (50 फीसदी) सबसे बड़ी बाधा दिख रही है।
भारत में लगभग सभी (95 फीसदी) आईटी पेशेवरों का मानना है कि उनके कारोबारियों के लिए यह गंभीर और काफी महत्त्वपूर्ण है कि वे एआई के आउटपुट को उचित, सुरक्षित और भरोसेमंद होने का विश्वास करें।
भारतीय आईटी पेशेवरों ने उच्च मूल्य वाले कार्य को सशक्त करने के लिए काफी हद तक स्वचालित प्रक्रियाओं (54 फीसदी) पर जोर दिया जबकि 52 फीसदी ने तीसरे पक्ष की साझेदारी के दमदार परिवेश पर जोर दिया और 51 फीसदी ने आचार पर बल दिया। एआई प्रदाताओं का आकलन करते समय इन कारकों पर विचार करना चाहिए।
अधिकतर भारतीय आईटी पेशेवरों (62 फीसदी) का कहना था कि उनकी कंपनी स्वचालन सॉफ्टवेयर अथवा टूल्स का उपयोग करने के लिए प्रक्रियाओं और कार्यों में बेहतर कुशलता को बढ़ावा देने पर विचार कर रही है।
करीब 54 फीसदी भारतीय आईटी पेशेवरों ने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण स्वचालन सॉफ्टवेयर अथवा टूल्स का उपयोग करने के लिए ग्राहकों के निर्णय को प्रभावित करने के लिए बातचीत के बेहतर तरीके की आवश्यकता है।
हरेक चार में से तीन यानी 78 फीसदी भारतीय आईटी पेशेवरों का मानना है कि जहां कहीं भी डेटा की संभावना है वहां एआई परियोजनाओं को शुरू करना उनकी कंपनी के लिए महत्त्वपूर्ण होगा।
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आईबीएम द्वारा वैश्विक स्तर पर किए गए एक सर्वेक्षण में करीब एक तिहाई आईटी पेशेवरों ने कहा कि उनका काम अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करना है जबकि तैंतालीस फीसदी प्रतिभागियों ने कहा कि उनकी कंपनी कोविड-उन्नीस वैश्विक महामारी के परिणामस्वरूप कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर काफी जोर दे रही है। आईबीएम के 'ग्लोबल एआई एडॉप्शन इंडेक्स दो हज़ार इक्कीस' से पता चलता है कि पिछले साल एआई को अपनाने की रफ्तार लगभग स्थिर रही लेकिन वैश्विक महामारी के मद्देनजर बदलती कारोबारी जरूरतों के कारण एआई पर जोर दिख रहा है। भारत के बारे में इस प्रकार की जानकारी हासिल हुईः करीब तिरेपन फीसदी भारतीय आईटी पेशेवरों ने कहा कि उनकी कंपनी ने कोविड-उन्नीस वैश्विक महामारी के मद्देनजर एआई की रफ्तार बढ़ा दी है। अधिकतर भारतीय आईटी पेशेवरों का कहना था कि वे कोविड-उन्नीस वैश्विक महामारी के कारण सुरक्षा और खतरों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। भारतीय आईटी पेशेवरों को आमतौर पर सीमित विशेषज्ञता अथवा ज्ञान दिख सकता है और एआई को अपनाने में डेटा संबंधी जटिलता और डेटा कक्ष सबसे बड़ी बाधा दिख रही है। भारत में लगभग सभी आईटी पेशेवरों का मानना है कि उनके कारोबारियों के लिए यह गंभीर और काफी महत्त्वपूर्ण है कि वे एआई के आउटपुट को उचित, सुरक्षित और भरोसेमंद होने का विश्वास करें। भारतीय आईटी पेशेवरों ने उच्च मूल्य वाले कार्य को सशक्त करने के लिए काफी हद तक स्वचालित प्रक्रियाओं पर जोर दिया जबकि बावन फीसदी ने तीसरे पक्ष की साझेदारी के दमदार परिवेश पर जोर दिया और इक्यावन फीसदी ने आचार पर बल दिया। एआई प्रदाताओं का आकलन करते समय इन कारकों पर विचार करना चाहिए। अधिकतर भारतीय आईटी पेशेवरों का कहना था कि उनकी कंपनी स्वचालन सॉफ्टवेयर अथवा टूल्स का उपयोग करने के लिए प्रक्रियाओं और कार्यों में बेहतर कुशलता को बढ़ावा देने पर विचार कर रही है। करीब चौवन फीसदी भारतीय आईटी पेशेवरों ने कहा कि कोविड-उन्नीस वैश्विक महामारी के कारण स्वचालन सॉफ्टवेयर अथवा टूल्स का उपयोग करने के लिए ग्राहकों के निर्णय को प्रभावित करने के लिए बातचीत के बेहतर तरीके की आवश्यकता है। हरेक चार में से तीन यानी अठहत्तर फीसदी भारतीय आईटी पेशेवरों का मानना है कि जहां कहीं भी डेटा की संभावना है वहां एआई परियोजनाओं को शुरू करना उनकी कंपनी के लिए महत्त्वपूर्ण होगा।
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योग गुरू रामदेव की पतंजलि एक बार फिर से मुसीबतों में घिरती दिख रही है। पतंजलि के कच्ची घानी सरसों तेल पर आने वाले विज्ञापन के खिलाफ देश में तेल और दिलहन उद्योग संगठन सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया यानि एसईए ऐक्शन लेने की तैयारी में हैं। एसईए इसके खिलाफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानि FSSAI और देश में विज्ञापनों के मानक तय करने वाली संस्था एडवर्टाइजिंग स्टेंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया यानि ASCI में शिकायत करने वाली है। एसईए का कहना है कि पतंजलि के इस तेल वाले विज्ञापन में बाबा रामदेव बताते हैं कि बाजार में मिलने वाले कच्ची घानी सरसों तेल की खुलकर बुराई करते हैं। उनमें मिलावट का जिक्र का करते हैं।
विज्ञापन जारी रखावहीं इसके साथ ही पतंजलि द्वारा तैयार किए जाने वाले कच्ची घानी सरसों तेल के इस्तेमाल को बढ़ावा देते दिखाई देते हैं। ऐसे में एसईए के प्रेसिडेंट प्रवीण लुंकड़ का कहना है कि ये विज्ञापन सॉल्वेंट प्लांटों के जरिए तैयार होने वाले तेल के बारे में भ्रामक और गलत जानकारी दे रहा है। लोगों को गुमराह करने का करने का प्रयास कर रहे हैं। जो कि उपभोक्ताओं के लिए भी ठीक नही है। उनके इस विज्ञापन को शिकायत के बाद हटाने को बोला गया था लेकिन बावजूद इसके पतंजलि ने चैनलों पर यह विज्ञापन नहीं बंद किया था। जो कि पूरी तरह से गलत है। वह विज्ञापन के नियमों का भी उल्लंघन कर रही है।
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योग गुरू रामदेव की पतंजलि एक बार फिर से मुसीबतों में घिरती दिख रही है। पतंजलि के कच्ची घानी सरसों तेल पर आने वाले विज्ञापन के खिलाफ देश में तेल और दिलहन उद्योग संगठन सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया यानि एसईए ऐक्शन लेने की तैयारी में हैं। एसईए इसके खिलाफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानि FSSAI और देश में विज्ञापनों के मानक तय करने वाली संस्था एडवर्टाइजिंग स्टेंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया यानि ASCI में शिकायत करने वाली है। एसईए का कहना है कि पतंजलि के इस तेल वाले विज्ञापन में बाबा रामदेव बताते हैं कि बाजार में मिलने वाले कच्ची घानी सरसों तेल की खुलकर बुराई करते हैं। उनमें मिलावट का जिक्र का करते हैं। विज्ञापन जारी रखावहीं इसके साथ ही पतंजलि द्वारा तैयार किए जाने वाले कच्ची घानी सरसों तेल के इस्तेमाल को बढ़ावा देते दिखाई देते हैं। ऐसे में एसईए के प्रेसिडेंट प्रवीण लुंकड़ का कहना है कि ये विज्ञापन सॉल्वेंट प्लांटों के जरिए तैयार होने वाले तेल के बारे में भ्रामक और गलत जानकारी दे रहा है। लोगों को गुमराह करने का करने का प्रयास कर रहे हैं। जो कि उपभोक्ताओं के लिए भी ठीक नही है। उनके इस विज्ञापन को शिकायत के बाद हटाने को बोला गया था लेकिन बावजूद इसके पतंजलि ने चैनलों पर यह विज्ञापन नहीं बंद किया था। जो कि पूरी तरह से गलत है। वह विज्ञापन के नियमों का भी उल्लंघन कर रही है।
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गाना 'झूमे जो पठान' (Jhoome Jo Pathaan) रिलीज के पहले ही सुपरहिट हो चुका है। शाहरुख- दीपिका का गाना #JhoomeJoPathaan न सिर्फ ट्विटर पर ट्रेंड हो रहा है बल्कि यूट्यूब पर भी रिकॉर्ड बना चुका है।
सुपरस्टार शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) ने जब फिल्म पठान (Pathaan) का ऐलान किया था, तभी से उनके फैन्स सातवें आसमान पर हैं और फिल्म के हर फोटो- वीडियो को बेशुमार प्यार दे रहे हैं। पठान के ट्रेलर (Pathaan Trailer) के हिट होने के बाद उसका पहला गाना बेशरम रंग (Besharam Rang) भी ट्रेंड हुआ, हालांकि इस पर विवाद भी हुआ। वहीं अब उसका दूसरा गाना 'झूमे जो पठान' (Jhoome Jo Pathaan) रिलीज के पहले ही सुपरहिट हो चुका है। शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) का गाना #JhoomeJoPathaan न सिर्फ ट्विटर (Twitter) पर ट्रेंड हो रहा है बल्कि यूट्यूब (YouTube) पर भी रिकॉर्ड बना चुका है। इस रिपोर्ट में समझें ये पूरा गणित. . ।
कैसे रिलीज से पहले ही हिट हो गया 'झूमे जो पठान'
शाहरुख खान, दीपिका पादुकोण और जॉन अब्राहम के साथ ही साथ पठान की पूरी टीम इस बात का ऐलान कर चुकी है कि फिल्म का दूसरा गाना 'झूमे जो पठान' आज सुबह 11 बजे रिलीज होगा। गाना, यशराज फिल्म्स के यूट्यूब अकाउंट पर करीब 2 घंटे में प्रीमियर हो जाएगा। लेकिन सॉन्ग की रिलीज से पहले ही इसे एक लाख 14 हजार से अधिक लाइक्स मिल चुके हैं। जो अपने आप में एक बड़ा सक्सेस रिकॉर्ड है। वहीं उम्मीद की जा रही है कि रिलीज के बाद ये लाइक्स और व्यूज तेजी से बढ़ेंगे। सिर्फ यूट्यूब ही नहीं बल्कि ट्विटर पर भी #JhoomeJoPathaan और #ShahRukhKhan ट्रेंड कर रहा है, जिस पर कीब 40 हजार ट्वीट्स हो चुके हैं।
क्या इस पर होगा विवाद?
बता दें कि पठान के पहले गाने बेशरम रंग पर काफी विवाद देखने को मिल रहा है। भगवा बिकिनी विवाद संसद तक पहुंच चुका है और सेलेब्स से लेकर नेता तक इस पर अपनी बात कह रहे हैं। ऐसे में एक ओर जहां झूमे जो पठान के लिए एक्साइटमेंट है तो दूसरी ओर कई लोगों की नजर इस पर भी है कि क्या बेशरम रंग की तरह इस पर कोई विवाद होगा? कुछ ऐसे ही कमेंट्स इस पोस्ट पर हैं, कुछ कह रहे हैं कि अब इस गाने पर विवाद नहीं होना चाहिए, जबकि कुछ का कहना है कि शाहरुख-दीपिका अब कैसे हिन्दुत्व का मजाक उड़ाएंगे ये हमें देखना है।
25 जनवरी को रिलीज होगी 'पठान'
गौरतलब है कि पठान, 25 जनवरी को रिलीज होगी। पठान एक पैन इंडिया फिल्म है, जो हिंदी के साथ ही अन्य साउथ की भाषओं में भी रिलीज होगी। फिल्म में दीपिका और शाहरुख के साथ ही जॉन नजर आएंगे। फिल्म में जॉन अब्राहम विलेन बने हैं। कुछ वक्त पहले फिल्म का ट्रेलर रिलीज हुआ था, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया था। फिल्म में जोरदार एक्शन देखने को मिलेगा, जिसके लिए हर कोई एक्साइटिड है। ट्रेड एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ा रिकॉर्ड बना सकती है।
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गाना 'झूमे जो पठान' रिलीज के पहले ही सुपरहिट हो चुका है। शाहरुख- दीपिका का गाना #JhoomeJoPathaan न सिर्फ ट्विटर पर ट्रेंड हो रहा है बल्कि यूट्यूब पर भी रिकॉर्ड बना चुका है। सुपरस्टार शाहरुख खान ने जब फिल्म पठान का ऐलान किया था, तभी से उनके फैन्स सातवें आसमान पर हैं और फिल्म के हर फोटो- वीडियो को बेशुमार प्यार दे रहे हैं। पठान के ट्रेलर के हिट होने के बाद उसका पहला गाना बेशरम रंग भी ट्रेंड हुआ, हालांकि इस पर विवाद भी हुआ। वहीं अब उसका दूसरा गाना 'झूमे जो पठान' रिलीज के पहले ही सुपरहिट हो चुका है। शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण का गाना #JhoomeJoPathaan न सिर्फ ट्विटर पर ट्रेंड हो रहा है बल्कि यूट्यूब पर भी रिकॉर्ड बना चुका है। इस रिपोर्ट में समझें ये पूरा गणित. . । कैसे रिलीज से पहले ही हिट हो गया 'झूमे जो पठान' शाहरुख खान, दीपिका पादुकोण और जॉन अब्राहम के साथ ही साथ पठान की पूरी टीम इस बात का ऐलान कर चुकी है कि फिल्म का दूसरा गाना 'झूमे जो पठान' आज सुबह ग्यारह बजे रिलीज होगा। गाना, यशराज फिल्म्स के यूट्यूब अकाउंट पर करीब दो घंटाटे में प्रीमियर हो जाएगा। लेकिन सॉन्ग की रिलीज से पहले ही इसे एक लाख चौदह हजार से अधिक लाइक्स मिल चुके हैं। जो अपने आप में एक बड़ा सक्सेस रिकॉर्ड है। वहीं उम्मीद की जा रही है कि रिलीज के बाद ये लाइक्स और व्यूज तेजी से बढ़ेंगे। सिर्फ यूट्यूब ही नहीं बल्कि ट्विटर पर भी #JhoomeJoPathaan और #ShahRukhKhan ट्रेंड कर रहा है, जिस पर कीब चालीस हजार ट्वीट्स हो चुके हैं। क्या इस पर होगा विवाद? बता दें कि पठान के पहले गाने बेशरम रंग पर काफी विवाद देखने को मिल रहा है। भगवा बिकिनी विवाद संसद तक पहुंच चुका है और सेलेब्स से लेकर नेता तक इस पर अपनी बात कह रहे हैं। ऐसे में एक ओर जहां झूमे जो पठान के लिए एक्साइटमेंट है तो दूसरी ओर कई लोगों की नजर इस पर भी है कि क्या बेशरम रंग की तरह इस पर कोई विवाद होगा? कुछ ऐसे ही कमेंट्स इस पोस्ट पर हैं, कुछ कह रहे हैं कि अब इस गाने पर विवाद नहीं होना चाहिए, जबकि कुछ का कहना है कि शाहरुख-दीपिका अब कैसे हिन्दुत्व का मजाक उड़ाएंगे ये हमें देखना है। पच्चीस जनवरी को रिलीज होगी 'पठान' गौरतलब है कि पठान, पच्चीस जनवरी को रिलीज होगी। पठान एक पैन इंडिया फिल्म है, जो हिंदी के साथ ही अन्य साउथ की भाषओं में भी रिलीज होगी। फिल्म में दीपिका और शाहरुख के साथ ही जॉन नजर आएंगे। फिल्म में जॉन अब्राहम विलेन बने हैं। कुछ वक्त पहले फिल्म का ट्रेलर रिलीज हुआ था, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया था। फिल्म में जोरदार एक्शन देखने को मिलेगा, जिसके लिए हर कोई एक्साइटिड है। ट्रेड एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ा रिकॉर्ड बना सकती है।
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भोपाल, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के शारदा विहार आवासीय विद्यालय में गुरुवार से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक शुरू हो गई है। इस बैठक में संघ के पिछले छह माह और आगामी गतिविधियों व देश की वर्तमान स्थिति पर चर्चा होगी।
संघ की आज सुबह बैठक का विधिवत शुभारंभ संघ प्रमुख मोहन भागवत और अन्य पदाधिकारियों ने दीप प्रज्जवलित कर किया। यह बैठक 14 अक्टूबर तक चलेगी। इस बैठक में 11 क्षेत्रों के अधिकारी और 42 प्रांतों के प्रचारक हिस्सा ले रहे हैं। कुल मिलाकर 300 प्रतिनिधियों की उपस्थिति का अनुमान है।
आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी के अनुसार, इस बैठक में वनवासी कल्याण आश्रम, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, विश्व हिंदू परिषद, किसान संघ, विद्या भारती और भाजपा के राष्ट्रीय के पदाधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।
इस बैठक में केरल में भाजपा और आरएसएस के कार्यकर्ताओं पर हमले, रोहिंग्या मुसलमानों की स्थिति, केंद्र सरकार की उपलब्धियों, आगामी विधानसभा चुनाव पर गहन विचार मंथन के आसार हैं।
यह चुनाव अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की अगली बैठक से पहले हो जाएंगे। मंडल की साल में दो बार मार्च और अक्टूबर में बैठक होती है।
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भोपाल, बारह अक्टूबर । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के शारदा विहार आवासीय विद्यालय में गुरुवार से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक शुरू हो गई है। इस बैठक में संघ के पिछले छह माह और आगामी गतिविधियों व देश की वर्तमान स्थिति पर चर्चा होगी। संघ की आज सुबह बैठक का विधिवत शुभारंभ संघ प्रमुख मोहन भागवत और अन्य पदाधिकारियों ने दीप प्रज्जवलित कर किया। यह बैठक चौदह अक्टूबर तक चलेगी। इस बैठक में ग्यारह क्षेत्रों के अधिकारी और बयालीस प्रांतों के प्रचारक हिस्सा ले रहे हैं। कुल मिलाकर तीन सौ प्रतिनिधियों की उपस्थिति का अनुमान है। आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी के अनुसार, इस बैठक में वनवासी कल्याण आश्रम, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, विश्व हिंदू परिषद, किसान संघ, विद्या भारती और भाजपा के राष्ट्रीय के पदाधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। इस बैठक में केरल में भाजपा और आरएसएस के कार्यकर्ताओं पर हमले, रोहिंग्या मुसलमानों की स्थिति, केंद्र सरकार की उपलब्धियों, आगामी विधानसभा चुनाव पर गहन विचार मंथन के आसार हैं। यह चुनाव अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की अगली बैठक से पहले हो जाएंगे। मंडल की साल में दो बार मार्च और अक्टूबर में बैठक होती है।
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ट्रक के यू-टर्न लेते हुए तेज स्पीड में कार घुस गई। कार में सवार दो भाई घायल हो गए। पुलिस ने दोनों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। हादसा सीकर के रींगस थाना क्षेत्र में हुआ।
एएसआई छगनलाल ने बताया कि आज सुबह चौंमू के रहने वाले दो सगे भाई गिरधारी लाल और प्रहलाद सैनी कार से रींगस जा रहे थे। एक ट्रक सीकर से रींगस की तरफ आ रहा था। ट्रक रींगस औद्योगिक क्षेत्र की तरफ मुड़ने लगा। इस दौरान कार तेज स्पीड के कारण ट्रक में जा घुसी। कार सवार दोनों भाई घायल हो गए। घायलों को रींगस सीएचसी में भर्ती करवाया गया। पुलिस ने ट्रक और कार जब्त किया।
सोमवार रात भी ऐसा ही हादसा हुआ। ट्रक के घुमाव लेने पर तेज स्पीड लोक परिवहन बस टकराकर पलटी खा गई। बस में सवार 21 सवारियां घायल हो गई थी। तीन सवारियों का गंभीर हालत में जयपुर रैफर किया गया।
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ट्रक के यू-टर्न लेते हुए तेज स्पीड में कार घुस गई। कार में सवार दो भाई घायल हो गए। पुलिस ने दोनों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। हादसा सीकर के रींगस थाना क्षेत्र में हुआ। एएसआई छगनलाल ने बताया कि आज सुबह चौंमू के रहने वाले दो सगे भाई गिरधारी लाल और प्रहलाद सैनी कार से रींगस जा रहे थे। एक ट्रक सीकर से रींगस की तरफ आ रहा था। ट्रक रींगस औद्योगिक क्षेत्र की तरफ मुड़ने लगा। इस दौरान कार तेज स्पीड के कारण ट्रक में जा घुसी। कार सवार दोनों भाई घायल हो गए। घायलों को रींगस सीएचसी में भर्ती करवाया गया। पुलिस ने ट्रक और कार जब्त किया। सोमवार रात भी ऐसा ही हादसा हुआ। ट्रक के घुमाव लेने पर तेज स्पीड लोक परिवहन बस टकराकर पलटी खा गई। बस में सवार इक्कीस सवारियां घायल हो गई थी। तीन सवारियों का गंभीर हालत में जयपुर रैफर किया गया। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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लगभग हर घर में कम से कम एक रेशमी रेशम के प्रतिनिधियों में से एक है। नम्र और यहां तक कि कुछ तपस्वी पौधों को मालिकों की अत्यधिक देखभाल की आवश्यकता नहीं है। इस मामले में, उनके सामान्य विकास के लिए, यह जानना महत्वपूर्ण है कि कैक्टस किस तरह की मिट्टी को प्यार करता है, और तदनुसार, इसे उपयुक्त मिट्टी प्रदान करने के लिए।
कैक्टस किस मिट्टी में उगता है?
यह ज्ञात है कि प्रकृति में कैक्टि मुख्य रूप से रेगिस्तानी क्षेत्रों में बढ़ती है। जमीन काफी खराब है, लेकिन साथ ही, यह एक मोटा ढीला संरचना है। प्राकृतिक परिस्थितियों में मिट्टी की प्रतिक्रिया कमजोर अम्लीय है।
कई तरह के कैक्टि हैं जो रेगिस्तान में नहीं रहते हैं, बल्कि जंगलों में रहते हैं। उनके लिए, अच्छी हवा और पानी पारगम्यता के साथ एक और ढीली मिट्टी का उपयोग किया जाता है।
कैक्टस के लिए किस तरह की मिट्टी की आवश्यकता है?
चूंकि जंगली में रेशम के इन प्रतिनिधियों की रहने वाली स्थितियां अलग-अलग हैं, इसलिए इन सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए रोपण के लिए मिट्टी का चयन किया जाना चाहिए। सच है, कभी-कभी उन्हें निर्धारित करना इतना आसान नहीं होता है। इसलिए, हम अनुशंसा करते हैं कि आप रूट सिस्टम के प्रकार पर ध्यान केंद्रित करें।
यदि आपके पालतू जानवर की लंबी जड़ें हैं , तो उसके लिए कैक्टि के लिए मिट्टी तैयार करना बेहतर होता है, जिसमें निम्नलिखित भाग होते हैंः
- पत्ती की भूमि का एक हिस्सा;
- एक सोद भूमि के ढाई भागों;
- एक हिस्सा मोटे रेत।
इस मिश्रण में पानी पारगम्यता में सुधार करने के लिए, आप थोड़ा पीट जोड़ सकते हैं। कुछ उत्पादक कुचल पत्थर या कंकड़ जोड़ने की सलाह देते हैं।
एक मिट्टी के लिए एक सतही जड़ प्रणाली के साथ कैक्टि लगाने के लिए, तो उनके लिए घटक और उनकी संख्या कुछ अलग हैंः
- टर्फ ग्राउंड का एक हिस्सा;
- नदी रेत का एक हिस्सा;
- पत्तेदार पृथ्वी का एक हिस्सा;
- एक ईंट टुकड़े का एक हिस्सा।
यदि आपको अंतिम घटक के साथ समस्या है, तो इसे कंकड़ या पर्लाइट से प्रतिस्थापित करें।
वैसे, उन लोगों के लिए जो कैक्टि के लिए मिट्टी तैयार करने में लगे हुए हैं, आपके पास कोई समय या बस कोई इच्छा नहीं है, फूलों की दुकानें तैयार किए गए मिश्रण प्रदान करती हैं।
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लगभग हर घर में कम से कम एक रेशमी रेशम के प्रतिनिधियों में से एक है। नम्र और यहां तक कि कुछ तपस्वी पौधों को मालिकों की अत्यधिक देखभाल की आवश्यकता नहीं है। इस मामले में, उनके सामान्य विकास के लिए, यह जानना महत्वपूर्ण है कि कैक्टस किस तरह की मिट्टी को प्यार करता है, और तदनुसार, इसे उपयुक्त मिट्टी प्रदान करने के लिए। कैक्टस किस मिट्टी में उगता है? यह ज्ञात है कि प्रकृति में कैक्टि मुख्य रूप से रेगिस्तानी क्षेत्रों में बढ़ती है। जमीन काफी खराब है, लेकिन साथ ही, यह एक मोटा ढीला संरचना है। प्राकृतिक परिस्थितियों में मिट्टी की प्रतिक्रिया कमजोर अम्लीय है। कई तरह के कैक्टि हैं जो रेगिस्तान में नहीं रहते हैं, बल्कि जंगलों में रहते हैं। उनके लिए, अच्छी हवा और पानी पारगम्यता के साथ एक और ढीली मिट्टी का उपयोग किया जाता है। कैक्टस के लिए किस तरह की मिट्टी की आवश्यकता है? चूंकि जंगली में रेशम के इन प्रतिनिधियों की रहने वाली स्थितियां अलग-अलग हैं, इसलिए इन सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए रोपण के लिए मिट्टी का चयन किया जाना चाहिए। सच है, कभी-कभी उन्हें निर्धारित करना इतना आसान नहीं होता है। इसलिए, हम अनुशंसा करते हैं कि आप रूट सिस्टम के प्रकार पर ध्यान केंद्रित करें। यदि आपके पालतू जानवर की लंबी जड़ें हैं , तो उसके लिए कैक्टि के लिए मिट्टी तैयार करना बेहतर होता है, जिसमें निम्नलिखित भाग होते हैंः - पत्ती की भूमि का एक हिस्सा; - एक सोद भूमि के ढाई भागों; - एक हिस्सा मोटे रेत। इस मिश्रण में पानी पारगम्यता में सुधार करने के लिए, आप थोड़ा पीट जोड़ सकते हैं। कुछ उत्पादक कुचल पत्थर या कंकड़ जोड़ने की सलाह देते हैं। एक मिट्टी के लिए एक सतही जड़ प्रणाली के साथ कैक्टि लगाने के लिए, तो उनके लिए घटक और उनकी संख्या कुछ अलग हैंः - टर्फ ग्राउंड का एक हिस्सा; - नदी रेत का एक हिस्सा; - पत्तेदार पृथ्वी का एक हिस्सा; - एक ईंट टुकड़े का एक हिस्सा। यदि आपको अंतिम घटक के साथ समस्या है, तो इसे कंकड़ या पर्लाइट से प्रतिस्थापित करें। वैसे, उन लोगों के लिए जो कैक्टि के लिए मिट्टी तैयार करने में लगे हुए हैं, आपके पास कोई समय या बस कोई इच्छा नहीं है, फूलों की दुकानें तैयार किए गए मिश्रण प्रदान करती हैं।
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अक्टूबर महीना पर्यटन माह हो गया है क्योंकि पर्यटन पर्व समारोह आज तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर गया। देशव्यापी पर्यटन पर्व समारोह में योग सत्र तथा जयपुर में होम स्टे ओनरों के लिए समुदाय तथा हितधारक संवेदीकरण कार्यक्रम शामिल किये गए। गोवा में स्ट्रीट फूड वेंडरों, आन्ध्र प्रदेश के नेल्लोर में दुकानदारों, रिक्शाचालकों तथा ऑटोरिक्शा चालकों के लिए कार्यक्रम आयोजित किये गए। आज ईटानगर, अरूणाचल प्रदेश. ग्वालियर, त्रिवेन्द्रम तथा हैदराबाद में स्वच्छता कार्यक्रम चलाए गए। पूरे देश में होटल प्रबंधन संस्थान ने विशेष रूप से डिजाइन किए गए कचरा बैग का वितरण किया।
गया और सीतामढ़ी में नेहरू युवा केंद्रों द्वारा पर्यटन और युवा भागीदारी के महत्व पर व्याख्यानों और विचार-विमर्श के साथ युवा संसद का आयोजन किया। पूर्वी चंपारण और नालंदा में जिला स्तरीय कार्यक्रम हुए तथा ओडिशा के पांच जिलों में नदी, जलाशयों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय ने ईटानगर में रैली, शिलांग में साहासिक गतिविधि तथा मेघालय में उमियाम में जल क्रीडा प्रोत्साहन कार्यक्रम का आयोजन किया। हरियाणा, असम, मेघालय, मध्य प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र और केरल की सरकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनी, पर्यटन उद्योग के लिए कार्यशाला, निबंध लेखन तथा विद्यार्थियों के लिए चित्रकारी कैंटिन प्रतियोगिता का आयोजन किया। संस्कृति मंत्रालय ने पर्यटन मंत्रालय के साथ जयपुर के गोंविद देव जी मंदिर में प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्य गुरु डॉ. सोनल मानसिंह द्वारा शास्त्रीय नृत्य 'कृष्ण लीला' का प्रदर्शन।
केरल, मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, उत्तरप्रदेश तथा महाराष्ट्र की सरकारों ने सांस्कृति संध्या, संवेदीकरण कार्यक्रम और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया।
विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करके अन्य केंद्रिय मंत्रालय भी पर्यटन पर्व में भाग ले रहे हैं। रेल मंत्रालय ने देश में कुछ प्रमुख रेल स्टेशनों को रोशनी से सजाया है। नागर विमानन मंत्रालय के अंतर्गत देश के प्रमुख हवाईअड्डों पर रोशनी की गई है। देखो अपना देश फोटो प्रतियोगिता, अतुल्य भारत क्विज, देखो अपना देश ब्लॉग प्रतियोगिता के लिए माईगोव प्लेटफार्म पर बड़ी संख्या में लोग ऑनलाइन शामिल हुए हैं। दूरदर्शन पर स्माइल इंडिया स्माइल फोटो प्रतियोगिता चल रही है।
भारतीय पर्यटन कार्यालयों ने आईएचएम के सहयोग से संवेदीकरण कार्यक्रम नुक्कड नाटक, हेरीटेज वॉक और स्थानीय जनता और हितधारकों के लिए कार्यशालाओं का आयोजन किया।
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अक्टूबर महीना पर्यटन माह हो गया है क्योंकि पर्यटन पर्व समारोह आज तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर गया। देशव्यापी पर्यटन पर्व समारोह में योग सत्र तथा जयपुर में होम स्टे ओनरों के लिए समुदाय तथा हितधारक संवेदीकरण कार्यक्रम शामिल किये गए। गोवा में स्ट्रीट फूड वेंडरों, आन्ध्र प्रदेश के नेल्लोर में दुकानदारों, रिक्शाचालकों तथा ऑटोरिक्शा चालकों के लिए कार्यक्रम आयोजित किये गए। आज ईटानगर, अरूणाचल प्रदेश. ग्वालियर, त्रिवेन्द्रम तथा हैदराबाद में स्वच्छता कार्यक्रम चलाए गए। पूरे देश में होटल प्रबंधन संस्थान ने विशेष रूप से डिजाइन किए गए कचरा बैग का वितरण किया। गया और सीतामढ़ी में नेहरू युवा केंद्रों द्वारा पर्यटन और युवा भागीदारी के महत्व पर व्याख्यानों और विचार-विमर्श के साथ युवा संसद का आयोजन किया। पूर्वी चंपारण और नालंदा में जिला स्तरीय कार्यक्रम हुए तथा ओडिशा के पांच जिलों में नदी, जलाशयों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय ने ईटानगर में रैली, शिलांग में साहासिक गतिविधि तथा मेघालय में उमियाम में जल क्रीडा प्रोत्साहन कार्यक्रम का आयोजन किया। हरियाणा, असम, मेघालय, मध्य प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र और केरल की सरकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनी, पर्यटन उद्योग के लिए कार्यशाला, निबंध लेखन तथा विद्यार्थियों के लिए चित्रकारी कैंटिन प्रतियोगिता का आयोजन किया। संस्कृति मंत्रालय ने पर्यटन मंत्रालय के साथ जयपुर के गोंविद देव जी मंदिर में प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्य गुरु डॉ. सोनल मानसिंह द्वारा शास्त्रीय नृत्य 'कृष्ण लीला' का प्रदर्शन। केरल, मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, उत्तरप्रदेश तथा महाराष्ट्र की सरकारों ने सांस्कृति संध्या, संवेदीकरण कार्यक्रम और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करके अन्य केंद्रिय मंत्रालय भी पर्यटन पर्व में भाग ले रहे हैं। रेल मंत्रालय ने देश में कुछ प्रमुख रेल स्टेशनों को रोशनी से सजाया है। नागर विमानन मंत्रालय के अंतर्गत देश के प्रमुख हवाईअड्डों पर रोशनी की गई है। देखो अपना देश फोटो प्रतियोगिता, अतुल्य भारत क्विज, देखो अपना देश ब्लॉग प्रतियोगिता के लिए माईगोव प्लेटफार्म पर बड़ी संख्या में लोग ऑनलाइन शामिल हुए हैं। दूरदर्शन पर स्माइल इंडिया स्माइल फोटो प्रतियोगिता चल रही है। भारतीय पर्यटन कार्यालयों ने आईएचएम के सहयोग से संवेदीकरण कार्यक्रम नुक्कड नाटक, हेरीटेज वॉक और स्थानीय जनता और हितधारकों के लिए कार्यशालाओं का आयोजन किया।
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कुलपति प्रो. सुषमा यादव (VC Prof. Sushma Yadav) को यह अवसर यूजीसी में उनके अहम योगदान को देखते हुए दिया गया है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को मजबूत तथा सार्थक बनाना रहेगा। उनके अनुसार उनकी पहली प्राथकिता उच्च नारी शिक्षा रहेगी।
गांव खानपुर कलां में स्थित बीपीएस महिला विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुषमा यादव (VC Prof. Sushma Yadav) को केन्द्र सरकार ने फिर से और 3 साल के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की सदस्य मनोनीत( Member Nominated) किया है। उन्हें यह अवसर यूजीसी में उनके अहम योगदान को देखते हुए दिया गया है।
प्रो. सुषमा यादव ने अपने मनोनयन के लिए पीएम नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय शिक्षा मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को मजबूत तथा सार्थक बनाना रहेगा। उनके अनुसार उनकी पहली प्राथकिता उच्च नारी शिक्षा रहेगी। महिला विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डा. रितु बजाज और अन्य अधिकारियों ने प्रो. सुषमा यादव को पुनः यूजीसी की सदस्य बनाए जाने पर बधाई दी है।
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कुलपति प्रो. सुषमा यादव को यह अवसर यूजीसी में उनके अहम योगदान को देखते हुए दिया गया है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को मजबूत तथा सार्थक बनाना रहेगा। उनके अनुसार उनकी पहली प्राथकिता उच्च नारी शिक्षा रहेगी। गांव खानपुर कलां में स्थित बीपीएस महिला विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुषमा यादव को केन्द्र सरकार ने फिर से और तीन साल के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की सदस्य मनोनीत किया है। उन्हें यह अवसर यूजीसी में उनके अहम योगदान को देखते हुए दिया गया है। प्रो. सुषमा यादव ने अपने मनोनयन के लिए पीएम नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय शिक्षा मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को मजबूत तथा सार्थक बनाना रहेगा। उनके अनुसार उनकी पहली प्राथकिता उच्च नारी शिक्षा रहेगी। महिला विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डा. रितु बजाज और अन्य अधिकारियों ने प्रो. सुषमा यादव को पुनः यूजीसी की सदस्य बनाए जाने पर बधाई दी है।
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वे बाल, वृद्ध और अनमेल विवाह तथा सुधार सम्बन्धी उद्देश्यों के पालन में आदर्श व्यवहार प्रकट करने में असमर्थ रहते हैं । इसलिए तबतक न तो सच्चे सुधार ही सफल हो सकते हैं और न धर्म तथा प्राचीन संस्कृति की ही रक्षा हो सकती है, जब तक मारवाड़ी जाति का आधा अंग - महिला समाज निर्जीव बना रहेगा । उसको जागृत करना पश्चिमी भावों को लाना नहीं है । जब हमारे पूर्वजों के समय में राजस्थान का महिलासमाज जीवित जागृत था और पुरुषों के प्रत्येक कार्य में समान रूप से उपयोगी था, तब आज वह क्यों इस निर्जीव दशा में रहे ।
मारवाड़ी समाज के अनेक युवक, जो विदेशों से लौटकर आते हैं, वे स्त्री- समाज को सर्वथा पश्चिमीय रंग-ढंग में देखना चाहते हैं। वे अपने ज्ञान की शान में, प्रगतिशील समाज सेवकों को विश्वासघाती कहते हैं । हमें उनकी बुद्धि पर तरस आता है। वे पश्चिम की नकल करने जाते हैं, पर यह नहीं सोचते कि, उसके लिए भी अक्ल की जरूरत है । एक किसान जल, वायु और जमीन की अनुकूलता देखकर, उसी ढंग की खेती करता है। अमृतसर में जहां बढ़िया चावल उत्पन्न होते हैं, वहां बंगाल का पाट कैसे उपजाया जा सकता है । सुधार क्षेत्र में भी देश, काल और परिस्थिति के अनुसार सुधार होते हैं । योरप की अनेक बातें सचाई से हमारे समाज के लिए अनुकूल नहीं हैं। हमारी संस्कृति, हमारा देश और हमारा समाज उन्हें आंखें बन्दकर् नहीं अपना सकता। अगर हम मूर्खता-वश नकल करने दौड़ेंगे, तो कहीं के न रहेंगे। अपनी संस्कृति के आधार पर काल की प्रगति के अनुसार सामाजिक कृतियों सुधार होना वांछनीय है । यदि पुरातनवादी समाज को मृतप्राय बनानेवाली जीर्ण-शीर्ण रूढ़ियों को मानने के लिए दुराग्रह करें, उन्हीं को धर्म बतलावें, तो कौन उनका समर्थन करेगा ? इसी प्रकार मारवाड़ी समाज के लिए बालक बालिकाओं की सह-शिक्षा, अमर्यादित रहन-सहन और पश्चिमीय ढंग से कारबार में भाग लेने आदि के कार्य हमारे स्त्रीXXI
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वे बाल, वृद्ध और अनमेल विवाह तथा सुधार सम्बन्धी उद्देश्यों के पालन में आदर्श व्यवहार प्रकट करने में असमर्थ रहते हैं । इसलिए तबतक न तो सच्चे सुधार ही सफल हो सकते हैं और न धर्म तथा प्राचीन संस्कृति की ही रक्षा हो सकती है, जब तक मारवाड़ी जाति का आधा अंग - महिला समाज निर्जीव बना रहेगा । उसको जागृत करना पश्चिमी भावों को लाना नहीं है । जब हमारे पूर्वजों के समय में राजस्थान का महिलासमाज जीवित जागृत था और पुरुषों के प्रत्येक कार्य में समान रूप से उपयोगी था, तब आज वह क्यों इस निर्जीव दशा में रहे । मारवाड़ी समाज के अनेक युवक, जो विदेशों से लौटकर आते हैं, वे स्त्री- समाज को सर्वथा पश्चिमीय रंग-ढंग में देखना चाहते हैं। वे अपने ज्ञान की शान में, प्रगतिशील समाज सेवकों को विश्वासघाती कहते हैं । हमें उनकी बुद्धि पर तरस आता है। वे पश्चिम की नकल करने जाते हैं, पर यह नहीं सोचते कि, उसके लिए भी अक्ल की जरूरत है । एक किसान जल, वायु और जमीन की अनुकूलता देखकर, उसी ढंग की खेती करता है। अमृतसर में जहां बढ़िया चावल उत्पन्न होते हैं, वहां बंगाल का पाट कैसे उपजाया जा सकता है । सुधार क्षेत्र में भी देश, काल और परिस्थिति के अनुसार सुधार होते हैं । योरप की अनेक बातें सचाई से हमारे समाज के लिए अनुकूल नहीं हैं। हमारी संस्कृति, हमारा देश और हमारा समाज उन्हें आंखें बन्दकर् नहीं अपना सकता। अगर हम मूर्खता-वश नकल करने दौड़ेंगे, तो कहीं के न रहेंगे। अपनी संस्कृति के आधार पर काल की प्रगति के अनुसार सामाजिक कृतियों सुधार होना वांछनीय है । यदि पुरातनवादी समाज को मृतप्राय बनानेवाली जीर्ण-शीर्ण रूढ़ियों को मानने के लिए दुराग्रह करें, उन्हीं को धर्म बतलावें, तो कौन उनका समर्थन करेगा ? इसी प्रकार मारवाड़ी समाज के लिए बालक बालिकाओं की सह-शिक्षा, अमर्यादित रहन-सहन और पश्चिमीय ढंग से कारबार में भाग लेने आदि के कार्य हमारे स्त्रीXXI
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IPL 2021: बेन स्टोक्स (Ben Stokes) को अंगुली में फ्रेक्चर के चलते राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) का साथ बीच में ही छोड़ना पड़ा था.
इंग्लैंड के ऑलराउंडर बेन स्टोक्स (Ben Stokes) IPL 2021 से बाहर हो चुके हैं. अंगुली में फ्रेक्चर के चलते उन्हें राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) का साथ बीच में ही छोड़ना पड़ा. उन्हें पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच में चोट लगी थी. अब उन्होंने IPL 2021 में चेन्नई की पिच को लेकर नाराजगी जाहिर की है. बेन स्टोक्स ने चेपॉक की पिच को कचरा बताया है. उनका कहना है कि यहां की खराब होती पिच पर कम स्कोर वाले मैच इंडियन प्रीमियर लीग का मजा किरकिरा कर सकते हैं. उन्होंने यह बात 23 अप्रैल को मुंबई इंडियन्स की टीम के पंजाब किंग्स के खिलाफ बमुश्किल छह विकेट पर 131 रन तक पहुंचने के बाद कही. उनका मानना है कि रोमांचक मुकाबले के लिये 160 से 170 रन का स्कोर होना जरूरी है.
बेन स्टोक्स ने ट्वीट किया, 'उम्मीद है कि आईपीएल के आगे बढ़ने के साथ विकेट अधिक खराब नहीं होंगे. विकेट खराब होने के कारण 130-140 के स्कोर बन रहे हैं जबकि 160-170 तक का स्कोर जरूरी है.' चेन्नई में 23 अप्रैल तक नौ आईपीएल मैचों की मेजबानी की. इस दौरान केवल दो अवसरों पर पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम 170 से अधिक का स्कोर बना पायी. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर ने कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ 204 रन जबकि नाइट राइडर्स ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 187 रन बनाए थे. इनके अलावा बाकी मैचों में स्कोर काफी कम रहे हैं.
Hope the wickets don't get worse as the @IPL gets deeper into the tournament..160/170 minimum not scraping to 130/140 cause the wickets are trash..
आईपीएल 2021 में चेन्नई के मैदान में 150 और 152 रन तक के स्कोर भी डिफेंड हुए हैं. साथ ही 136 और 120 रन के लक्ष्य को हासिल करने में भी काफी मुश्किल हुई है. इसके उलट मुंबई में बड़े स्कोर देखने को मिले हैं. यहां आठ में से यहां दो मैचों में 200 से ज्यादा के स्कोर बने हैं और इनमें से एक बार तो 200 प्लस स्कोर सफलता से हासिल हो गया. वहीं दूसरी बार भी पीछा करने वाली टीम भी लक्ष्य के करीब पहुंच गई. बाकी मैचों में दो मैच को छोड़ दें तो बाकी मैचों में पहले बैटिंग करने वाली टीम 180 से ऊपर का स्कोर बनाने में कामयाब रही है.
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IPL दो हज़ार इक्कीस: बेन स्टोक्स को अंगुली में फ्रेक्चर के चलते राजस्थान रॉयल्स का साथ बीच में ही छोड़ना पड़ा था. इंग्लैंड के ऑलराउंडर बेन स्टोक्स IPL दो हज़ार इक्कीस से बाहर हो चुके हैं. अंगुली में फ्रेक्चर के चलते उन्हें राजस्थान रॉयल्स का साथ बीच में ही छोड़ना पड़ा. उन्हें पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच में चोट लगी थी. अब उन्होंने IPL दो हज़ार इक्कीस में चेन्नई की पिच को लेकर नाराजगी जाहिर की है. बेन स्टोक्स ने चेपॉक की पिच को कचरा बताया है. उनका कहना है कि यहां की खराब होती पिच पर कम स्कोर वाले मैच इंडियन प्रीमियर लीग का मजा किरकिरा कर सकते हैं. उन्होंने यह बात तेईस अप्रैल को मुंबई इंडियन्स की टीम के पंजाब किंग्स के खिलाफ बमुश्किल छह विकेट पर एक सौ इकतीस रन तक पहुंचने के बाद कही. उनका मानना है कि रोमांचक मुकाबले के लिये एक सौ साठ से एक सौ सत्तर रन का स्कोर होना जरूरी है. बेन स्टोक्स ने ट्वीट किया, 'उम्मीद है कि आईपीएल के आगे बढ़ने के साथ विकेट अधिक खराब नहीं होंगे. विकेट खराब होने के कारण एक सौ तीस-एक सौ चालीस के स्कोर बन रहे हैं जबकि एक सौ साठ-एक सौ सत्तर तक का स्कोर जरूरी है.' चेन्नई में तेईस अप्रैल तक नौ आईपीएल मैचों की मेजबानी की. इस दौरान केवल दो अवसरों पर पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम एक सौ सत्तर से अधिक का स्कोर बना पायी. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर ने कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ दो सौ चार रन जबकि नाइट राइडर्स ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ एक सौ सत्तासी रन बनाए थे. इनके अलावा बाकी मैचों में स्कोर काफी कम रहे हैं. Hope the wickets don't get worse as the @IPL gets deeper into the tournament..एक सौ साठ/एक सौ सत्तर minimum not scraping to एक सौ तीस/एक सौ चालीस cause the wickets are trash.. आईपीएल दो हज़ार इक्कीस में चेन्नई के मैदान में एक सौ पचास और एक सौ बावन रन तक के स्कोर भी डिफेंड हुए हैं. साथ ही एक सौ छत्तीस और एक सौ बीस रन के लक्ष्य को हासिल करने में भी काफी मुश्किल हुई है. इसके उलट मुंबई में बड़े स्कोर देखने को मिले हैं. यहां आठ में से यहां दो मैचों में दो सौ से ज्यादा के स्कोर बने हैं और इनमें से एक बार तो दो सौ प्लस स्कोर सफलता से हासिल हो गया. वहीं दूसरी बार भी पीछा करने वाली टीम भी लक्ष्य के करीब पहुंच गई. बाकी मैचों में दो मैच को छोड़ दें तो बाकी मैचों में पहले बैटिंग करने वाली टीम एक सौ अस्सी से ऊपर का स्कोर बनाने में कामयाब रही है.
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Mohammad Shami: पाकिस्तान की हार पर भिड़े मोहम्मद शमी और अख्तर, लिखा 'It's call karma'
भारत के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने इंग्लैंड को वर्ल्ड चैंपियन बनने पर बधाई दी है और पाकिस्तान की गेंदबाजी की तारीफ भी की है। साथ ही उन्होंने शोएब अख्तर के एक पोस्ट को शेयर कर लिखा है कि यह सब कर्मा है।
नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। इंग्लैंड की टीम टी20 वर्ल्ड कप 2022 का चैंपियन बन गई है। एमसीजी में खेले गए फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड ने पाकिस्तान टीम को 5 विकेट से हराकर इस ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। इंग्लैंड के लिए जीत के हीरो रहे बेन स्टोक्स, जिन्होंने आखिर तक बल्लेबाजी की और 52 रन बनाकर मैच फिनिश किया। इससे पहले पाकिस्तान की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 137 रन बनाए थे। पाकिस्तान की तरफ से सर्वाधिक 38 रन शान मसूद ने बनाए। उनके अलावा बाबर आजम ने 32 रन की पारी खेली।
सेमीफाइनल में इंग्लैंड के हाथों मिली टीम इंडिया की हार को लेकर शोएब अख्तर ने तीखी टिप्पणी करते हुए टीम इंडिया के बारे में कहा था कि वह फाइनल डिजर्व नहीं करती थी। अब जब टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराया तो शोएब अख्तर ने सोशल मीडिया पर टूटे दिल का इमोजी शेयर किया। उनके इस पोस्ट को टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने शेयर करते हुए लिखा कि सॉरी ब्रदर इट्स कॉल कर्मा।
इतना ही नहीं मोहम्मद शमी ने इंग्लैंड को टी20 वर्ल्ड चैंपियन बनने पर बधाई भी दी। उन्होंने इंग्लैंड की इस जीत को वेल डिजर्व बताया और बेन स्टोक्स की इनिंग की तारीफ भी की। उन्होंने साथ ही पाकिस्तान की गेंदबाजी की भी तारीफ की।
टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में टीम इंडिया को इंग्लैंड ने एक तरफा तरीके से 10 विकेट से हराया था। उस मैच में जोस बटलर ने 80 और एलेक्स हेल्स ने 86 रन की नाबाद पारी खेली थी। उस मैच में टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट खोकर 168 रन बनाए थे। भारत की तरफ से सर्वाधिक 63 रन की पारी हार्दिक पांड्या ने खेली थी।
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Mohammad Shami: पाकिस्तान की हार पर भिड़े मोहम्मद शमी और अख्तर, लिखा 'It's call karma' भारत के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने इंग्लैंड को वर्ल्ड चैंपियन बनने पर बधाई दी है और पाकिस्तान की गेंदबाजी की तारीफ भी की है। साथ ही उन्होंने शोएब अख्तर के एक पोस्ट को शेयर कर लिखा है कि यह सब कर्मा है। नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। इंग्लैंड की टीम टीबीस वर्ल्ड कप दो हज़ार बाईस का चैंपियन बन गई है। एमसीजी में खेले गए फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड ने पाकिस्तान टीम को पाँच विकेट से हराकर इस ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। इंग्लैंड के लिए जीत के हीरो रहे बेन स्टोक्स, जिन्होंने आखिर तक बल्लेबाजी की और बावन रन बनाकर मैच फिनिश किया। इससे पहले पाकिस्तान की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए एक सौ सैंतीस रन बनाए थे। पाकिस्तान की तरफ से सर्वाधिक अड़तीस रन शान मसूद ने बनाए। उनके अलावा बाबर आजम ने बत्तीस रन की पारी खेली। सेमीफाइनल में इंग्लैंड के हाथों मिली टीम इंडिया की हार को लेकर शोएब अख्तर ने तीखी टिप्पणी करते हुए टीम इंडिया के बारे में कहा था कि वह फाइनल डिजर्व नहीं करती थी। अब जब टीबीस वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को पाँच विकेट से हराया तो शोएब अख्तर ने सोशल मीडिया पर टूटे दिल का इमोजी शेयर किया। उनके इस पोस्ट को टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने शेयर करते हुए लिखा कि सॉरी ब्रदर इट्स कॉल कर्मा। इतना ही नहीं मोहम्मद शमी ने इंग्लैंड को टीबीस वर्ल्ड चैंपियन बनने पर बधाई भी दी। उन्होंने इंग्लैंड की इस जीत को वेल डिजर्व बताया और बेन स्टोक्स की इनिंग की तारीफ भी की। उन्होंने साथ ही पाकिस्तान की गेंदबाजी की भी तारीफ की। टीबीस वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में टीम इंडिया को इंग्लैंड ने एक तरफा तरीके से दस विकेट से हराया था। उस मैच में जोस बटलर ने अस्सी और एलेक्स हेल्स ने छियासी रन की नाबाद पारी खेली थी। उस मैच में टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए छः विकेट खोकर एक सौ अड़सठ रन बनाए थे। भारत की तरफ से सर्वाधिक तिरेसठ रन की पारी हार्दिक पांड्या ने खेली थी।
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व्यक्तिवादी सिद्धान्त
अराजकवादी के सदृश व्यक्तिवादी भी हर प्रकार के नियंत्रण को बुरा मानता है और राष्ट्र की हर प्रकार की शक्ति के विस्तार को व्यक्तिगत स्वाधीनता द्वारा ही प्राप्त समझता है । पर अराजकवाद के विपरीत वह राष्ट्र को इसलिये जरूरी समझता है अगर वह नहीं रहेगा तो एक व्यक्ति का स्वार्थ दूसरों के अधिकारों का अपहरण करेगा। व्यक्तिवादी सिद्धान्तानुसार राष्ट्र की शक्ति का विस्तार नहीं तक होना चाहिये जहां तक वह शान्ति, अमन एवं सुरक्षास्थापना में समर्थ हो सके । इससे आगे यह अपेक्षित नहीं। व्यक्तिवादी यह कभी नहीं चाहता कि राष्ट्र के हाथ में विधान निर्माण, गरीब बेकारों की सहायता एवं शिक्षा आदि की व्यवस्था रहे। राष्ट्र, पुलिस संस्था के अतिरिक्त अधिक आगे नहीं जाने पाये। केवल शान्ति स्थापन, अपराधियों को दंड देना, आदि ही उसके कार्य हो । यह कार्य समाप्त होने पर उसके कर्तव्यों की इतिश्री हो जाती है।
व्यक्तिवादी के अनुकूल प्रमाण
( क ) मनुष्य का वास्तविक उद्देश्य अपनी शक्ति का उम हद तक विकाश करना है जहां वह पूर्णता को प्राप्त हो जाय राष्ट्र इस प्रकार के वैयक्तिक विकास के लिये दारुण नियन्त्रण का काम करता है। इस प्रकार के कार्य राष्ट्रीय एकता के लिये जरूरी है समाज को एक जायज स्तर पर ले जाना ही राष्ट्र का काम है। राष्ट्र मौलिकता की चूर चूर करता एवं व्यक्तिगत चरित्र को समाप्त करता है।
( स ) व्यक्तिवाद वैज्ञानिक आधार पर टिका हुआ है साथ इसका संचालन होता है। यह सभी को
क्योंकि विकासवाद के साथ
विकास का समान अवसर
प्रदान कर योग्यतमःवशेष की नीति को चरितार्थ करता हैं ।
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व्यक्तिवादी सिद्धान्त अराजकवादी के सदृश व्यक्तिवादी भी हर प्रकार के नियंत्रण को बुरा मानता है और राष्ट्र की हर प्रकार की शक्ति के विस्तार को व्यक्तिगत स्वाधीनता द्वारा ही प्राप्त समझता है । पर अराजकवाद के विपरीत वह राष्ट्र को इसलिये जरूरी समझता है अगर वह नहीं रहेगा तो एक व्यक्ति का स्वार्थ दूसरों के अधिकारों का अपहरण करेगा। व्यक्तिवादी सिद्धान्तानुसार राष्ट्र की शक्ति का विस्तार नहीं तक होना चाहिये जहां तक वह शान्ति, अमन एवं सुरक्षास्थापना में समर्थ हो सके । इससे आगे यह अपेक्षित नहीं। व्यक्तिवादी यह कभी नहीं चाहता कि राष्ट्र के हाथ में विधान निर्माण, गरीब बेकारों की सहायता एवं शिक्षा आदि की व्यवस्था रहे। राष्ट्र, पुलिस संस्था के अतिरिक्त अधिक आगे नहीं जाने पाये। केवल शान्ति स्थापन, अपराधियों को दंड देना, आदि ही उसके कार्य हो । यह कार्य समाप्त होने पर उसके कर्तव्यों की इतिश्री हो जाती है। व्यक्तिवादी के अनुकूल प्रमाण मनुष्य का वास्तविक उद्देश्य अपनी शक्ति का उम हद तक विकाश करना है जहां वह पूर्णता को प्राप्त हो जाय राष्ट्र इस प्रकार के वैयक्तिक विकास के लिये दारुण नियन्त्रण का काम करता है। इस प्रकार के कार्य राष्ट्रीय एकता के लिये जरूरी है समाज को एक जायज स्तर पर ले जाना ही राष्ट्र का काम है। राष्ट्र मौलिकता की चूर चूर करता एवं व्यक्तिगत चरित्र को समाप्त करता है। व्यक्तिवाद वैज्ञानिक आधार पर टिका हुआ है साथ इसका संचालन होता है। यह सभी को क्योंकि विकासवाद के साथ विकास का समान अवसर प्रदान कर योग्यतमःवशेष की नीति को चरितार्थ करता हैं ।
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बीते वर्ष 3 अक्टूबर को खेड़ा ज़िले में एक मस्जिद के पास गरबा कार्यक्रम का विरोध किए जाने के बाद हिंदू-मुस्लिम समुदाय के बीच विवाद हुआ था. इससे संबंधित एक वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी मुस्लिम युवकों को खंबे से बांधकर लाठियों से पीटते दिखे थे. पीड़ितों ने 15 पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी.
नई दिल्लीः गुजरात हाईकोर्ट में अपने हलफनामे में खेड़ा ज़िले के पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार गढ़िया ने अक्टूबर 2022 में उंधेला गांव में मुस्लिम युवकों को सार्वजनिक रूप से पीटने वाले पुलिस अधिकारियों के कृत्य को सही ठहराया है.
मालूम हो कि बीते वर्ष 3 अक्टूबर को खेड़ा ज़िले के एक गांव में एक मस्जिद के पास गरबा कार्यक्रम का विरोध किए जाने के बाद हिंदू और मुस्लिम समुदाय के बीच विवाद हो गया था. घटना से संबंधित एक वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी कुछ मुस्लिम युवकों को पोल से बांधकर उन्हें लाठियों से पीटते नज़र आए थे.
सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में सादे कपड़ों में पिटाई करते नजर आ रहे लोगों की पहचान खेड़ा जिले की स्थानीय क्राइम ब्रांच (एलसीबी) इकाई के पुलिसकर्मियों के रूप में की गई.
घटना के बाद अक्टूबर में पीड़ित जहीरमिया मालेक (62 वर्ष), मकसूदाबानू मालेक (45 वर्ष), सहदमिया मालेक (23 वर्ष), शकीलमिया मालेक (24 वर्ष) और शहीदराजा मालेक (25) ने 15 पुलिसकर्मियों के खिलाफ गुजरात हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी.
इन पुलिसकर्मियों में पुलिस महानिरीक्षक (आईजी- अहमदाबाद रेंज), खेड़ा पुलिस अधीक्षक (एसपी), मटर थाने के 10 कॉन्स्टेबल और स्थानीय क्राइम ब्रांच (एलसीबी) के तीन अधिकारी शामिल हैं. इसी केस पर गुजरात हाईकोर्ट सुनवाई कर रहा है.
याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका में डीके बसु बनाम पश्चिम बंगाल राज्य मामले का हवाला दिया है, जिसमें शीर्ष अदालत ने कानूनी प्रावधान किए जाने तक गिरफ्तारी और हिरासत के दौरान पुलिस के लिए बुनियादी 'दिशानिर्देशों' का पालन करना निर्धारित किया था.
यह आरोप लगाते हुए कि पुलिस अधिकारियों ने इन दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया, याचिकाकर्ताओं ने पुलिसकर्मियों पर अदालत की अवमानना का मुकदमा चलाने के साथ मुआवजे की भी मांग की है.
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, पिटाई में शामिल होने के आरोपी पुलिसकर्मियों ने भी हलफनामे के दो सेट दायर किए हैं. एक सेट में पिटाई को उचित ठहराते हुए कहा गया है कि पीड़ितों की आपराधिक पृष्ठभूमि थी और इसलिए कानून और व्यवस्था की रक्षा करना आवश्यक था, और दूसरे सेट में कहा गया है कि अदालत की अवमानना करने संबंधी याचिका सुनवाई योग्य नहीं है क्योंकि वे केवल अपने कर्तव्यों के दायरे में काम कर रहे थे.
गौरतलब है कि पुलिस की हिंसा के तुरंत बाद गुजरात के गृह मंत्री हर्ष सांघवी ने इसे 'अच्छा कार्य' बताते हुए पुलिसकर्मियों की प्रशंसा की थी.
जैसा कि द वायर ने एक रिपोर्ट में बताया था कि उंधेला के मुस्लिम निवासियों ने इस कथित क्रूरता का विरोध करने के लिए 2022 के विधानसभा चुनावों का बहिष्कार किया था. हालांकि, उनका विरोध प्रशासन और राजनीतिक दलों द्वारा नजरअंदाज कर दिया गया था.
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बीते वर्ष तीन अक्टूबर को खेड़ा ज़िले में एक मस्जिद के पास गरबा कार्यक्रम का विरोध किए जाने के बाद हिंदू-मुस्लिम समुदाय के बीच विवाद हुआ था. इससे संबंधित एक वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी मुस्लिम युवकों को खंबे से बांधकर लाठियों से पीटते दिखे थे. पीड़ितों ने पंद्रह पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. नई दिल्लीः गुजरात हाईकोर्ट में अपने हलफनामे में खेड़ा ज़िले के पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार गढ़िया ने अक्टूबर दो हज़ार बाईस में उंधेला गांव में मुस्लिम युवकों को सार्वजनिक रूप से पीटने वाले पुलिस अधिकारियों के कृत्य को सही ठहराया है. मालूम हो कि बीते वर्ष तीन अक्टूबर को खेड़ा ज़िले के एक गांव में एक मस्जिद के पास गरबा कार्यक्रम का विरोध किए जाने के बाद हिंदू और मुस्लिम समुदाय के बीच विवाद हो गया था. घटना से संबंधित एक वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी कुछ मुस्लिम युवकों को पोल से बांधकर उन्हें लाठियों से पीटते नज़र आए थे. सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में सादे कपड़ों में पिटाई करते नजर आ रहे लोगों की पहचान खेड़ा जिले की स्थानीय क्राइम ब्रांच इकाई के पुलिसकर्मियों के रूप में की गई. घटना के बाद अक्टूबर में पीड़ित जहीरमिया मालेक , मकसूदाबानू मालेक , सहदमिया मालेक , शकीलमिया मालेक और शहीदराजा मालेक ने पंद्रह पुलिसकर्मियों के खिलाफ गुजरात हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी. इन पुलिसकर्मियों में पुलिस महानिरीक्षक , खेड़ा पुलिस अधीक्षक , मटर थाने के दस कॉन्स्टेबल और स्थानीय क्राइम ब्रांच के तीन अधिकारी शामिल हैं. इसी केस पर गुजरात हाईकोर्ट सुनवाई कर रहा है. याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका में डीके बसु बनाम पश्चिम बंगाल राज्य मामले का हवाला दिया है, जिसमें शीर्ष अदालत ने कानूनी प्रावधान किए जाने तक गिरफ्तारी और हिरासत के दौरान पुलिस के लिए बुनियादी 'दिशानिर्देशों' का पालन करना निर्धारित किया था. यह आरोप लगाते हुए कि पुलिस अधिकारियों ने इन दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया, याचिकाकर्ताओं ने पुलिसकर्मियों पर अदालत की अवमानना का मुकदमा चलाने के साथ मुआवजे की भी मांग की है. इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, पिटाई में शामिल होने के आरोपी पुलिसकर्मियों ने भी हलफनामे के दो सेट दायर किए हैं. एक सेट में पिटाई को उचित ठहराते हुए कहा गया है कि पीड़ितों की आपराधिक पृष्ठभूमि थी और इसलिए कानून और व्यवस्था की रक्षा करना आवश्यक था, और दूसरे सेट में कहा गया है कि अदालत की अवमानना करने संबंधी याचिका सुनवाई योग्य नहीं है क्योंकि वे केवल अपने कर्तव्यों के दायरे में काम कर रहे थे. गौरतलब है कि पुलिस की हिंसा के तुरंत बाद गुजरात के गृह मंत्री हर्ष सांघवी ने इसे 'अच्छा कार्य' बताते हुए पुलिसकर्मियों की प्रशंसा की थी. जैसा कि द वायर ने एक रिपोर्ट में बताया था कि उंधेला के मुस्लिम निवासियों ने इस कथित क्रूरता का विरोध करने के लिए दो हज़ार बाईस के विधानसभा चुनावों का बहिष्कार किया था. हालांकि, उनका विरोध प्रशासन और राजनीतिक दलों द्वारा नजरअंदाज कर दिया गया था.
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अनहेल्दी लाइफस्टाइल हमें कई तरह की बीमारियों से घेर रही है, इन्हीं में से एक है कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना।
हाई कोलेस्ट्रॉल के चलते खून की नसों में प्लाक जमने लगता है जो आगे चलकर हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी जानलेवा बीमारियों का कारण बन सकता है।
ऐसे में समय रहते इसे कंट्रोल करना बेहद जरूरी है। यहां हम आपको 5 ऐसी आम चीजों के बारे में बता रहे हैं, जो कोलेस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करने में असरदार साबित हो सकती हैं।
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, शहद रक्त वाहिकाओं की परत में खराब कोलेस्ट्रॉल को जाने से रोकता है।
प्रतिदिन एक लहसुन की कली चबाने से बॉडी में बैड कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम किया जा सकता है।
हल्दी नसों में जमा कोलेस्ट्रॉल को पिघलाकर बॉडी से बाहर निकालने में असरदार साबित हो सकती है।
धनिया के बीज भी हाइपोग्लाइसेमिक गुणों के चलते हाई कोलेस्ट्रॉल को कम करने में आपकी मदद कर सकते हैं।
इन सब के अलावा आंवला भी हार्ट को हेल्दी रखने और कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में आपकी मदद कर सकता है।
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अनहेल्दी लाइफस्टाइल हमें कई तरह की बीमारियों से घेर रही है, इन्हीं में से एक है कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना। हाई कोलेस्ट्रॉल के चलते खून की नसों में प्लाक जमने लगता है जो आगे चलकर हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी जानलेवा बीमारियों का कारण बन सकता है। ऐसे में समय रहते इसे कंट्रोल करना बेहद जरूरी है। यहां हम आपको पाँच ऐसी आम चीजों के बारे में बता रहे हैं, जो कोलेस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करने में असरदार साबित हो सकती हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, शहद रक्त वाहिकाओं की परत में खराब कोलेस्ट्रॉल को जाने से रोकता है। प्रतिदिन एक लहसुन की कली चबाने से बॉडी में बैड कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम किया जा सकता है। हल्दी नसों में जमा कोलेस्ट्रॉल को पिघलाकर बॉडी से बाहर निकालने में असरदार साबित हो सकती है। धनिया के बीज भी हाइपोग्लाइसेमिक गुणों के चलते हाई कोलेस्ट्रॉल को कम करने में आपकी मदद कर सकते हैं। इन सब के अलावा आंवला भी हार्ट को हेल्दी रखने और कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में आपकी मदद कर सकता है।
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बॉलीवुड अभिनेत्री Madhuri Dixit ने दक्षिण के मशहूर अभिनेता Rajinikanth के साथ फिल्म करने से इंकार कर दिया है। Actually she don't want to be a sister of Rajinikanth।
Madhuri Dixit ने Twitter पर लिखा, मैं Rajneekant के साथ फिल्म करना पसंद करूंगी लेकिन अभी मुझे उनकी बहन की भूमिका मिली थी, मुझे सही भूमिका के लिए इंतजार करना होगा।
Madhuri Dixit 1987 में 61 वर्षीय Rajinikanth के साथ उत्तर दक्षिण फिल्म में अभिनय कर चुकी हैं।
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बॉलीवुड अभिनेत्री Madhuri Dixit ने दक्षिण के मशहूर अभिनेता Rajinikanth के साथ फिल्म करने से इंकार कर दिया है। Actually she don't want to be a sister of Rajinikanth। Madhuri Dixit ने Twitter पर लिखा, मैं Rajneekant के साथ फिल्म करना पसंद करूंगी लेकिन अभी मुझे उनकी बहन की भूमिका मिली थी, मुझे सही भूमिका के लिए इंतजार करना होगा। Madhuri Dixit एक हज़ार नौ सौ सत्तासी में इकसठ वर्षीय Rajinikanth के साथ उत्तर दक्षिण फिल्म में अभिनय कर चुकी हैं।
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Aligarh News: महंत का विवादित बयान, स्वामी प्रसाद मौर्य को बताया असुर, कहा-उनका भी होगा वध!
Aligarh News: रामचरितमानस पर विवादित बयान देने के बाद से स्वामी प्रसाद मौर्या पर धर्मगुरुओं और राजनेताओं की ओर से चौतरफा जुबानी हमले हो रहे हैं, हिंदू महासभा से जुड़ी एक महामंडलेश्वर ने मौर्या के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
Aligarh News: एक निजी चैनल के कार्यक्रम के दौरान महंत राजू दास पर हुए हमले को महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती ने अमानवीय कृत्य बताया है। उन्होंने कहा कि राजनेताओं या उनके समर्थकों द्वारा साधु-संतों पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। गौरतलब है कि इससे पहले महंत राजू दास के द्वारा स्वामी प्रसाद मौर्य का सिर तन से जुदा करने वाले को 21 लाख रुपये का इनाम देने का विवादित बयान भी दिया गया था और लखनऊ के एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में दोनों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई थी।
अलीगढ़ में नौरंगाबाद स्थित अखिल भारत हिंदू महासभा के कार्यालय पर महासभा की सचिव और महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य ने इस बात की पुष्टि कर दी कि वह असुर हैं। जब जब धर्म और संत की हानि होती है तब असुरों का अंत होता है, उनका भी वध होगा। उन्होंने हमारी रामचरितमानस और श्रीमद्भागवत गीता का अपमान किया, स्वामी प्रसाद मौर्य की विनाश काले विपरीत बुद्धि वाली स्थिति है। इस आसुरी प्रवृत्ति को स्वामी प्रसाद मौर्य सामाजिक रूप से प्रकट कर रहे हैं अब उनका अंत निश्चित है, इसके लिए वह तैयार रहें।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी चेतावनी दी है कि जो संगत कर रखी है उससे दूर हट जाएं। अच्छे लोगों के बीच में बैठे, नहीं तो उनसे जुड़े हुए सभी लोगों का विनाश तय है। अलीगढ़ में कुछ दिन पहले रामचरितमानस पर विवादित बयान देने के बाद से तमाम हिन्दूवादी संगठनों से जुड़े लोग तरह-तरह से अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। गौरतलब है की बुधवार को स्वामी प्रसाद मौर्य समर्थकों और अयोध्या की हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास के बीच हुई हाथापाई के हुई थी, जिसके बाद से दोनों ही पक्षों से जुड़े लोग अपने-अपने तरीके से प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं।
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Aligarh News: महंत का विवादित बयान, स्वामी प्रसाद मौर्य को बताया असुर, कहा-उनका भी होगा वध! Aligarh News: रामचरितमानस पर विवादित बयान देने के बाद से स्वामी प्रसाद मौर्या पर धर्मगुरुओं और राजनेताओं की ओर से चौतरफा जुबानी हमले हो रहे हैं, हिंदू महासभा से जुड़ी एक महामंडलेश्वर ने मौर्या के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। Aligarh News: एक निजी चैनल के कार्यक्रम के दौरान महंत राजू दास पर हुए हमले को महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती ने अमानवीय कृत्य बताया है। उन्होंने कहा कि राजनेताओं या उनके समर्थकों द्वारा साधु-संतों पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। गौरतलब है कि इससे पहले महंत राजू दास के द्वारा स्वामी प्रसाद मौर्य का सिर तन से जुदा करने वाले को इक्कीस लाख रुपये का इनाम देने का विवादित बयान भी दिया गया था और लखनऊ के एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में दोनों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई थी। अलीगढ़ में नौरंगाबाद स्थित अखिल भारत हिंदू महासभा के कार्यालय पर महासभा की सचिव और महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य ने इस बात की पुष्टि कर दी कि वह असुर हैं। जब जब धर्म और संत की हानि होती है तब असुरों का अंत होता है, उनका भी वध होगा। उन्होंने हमारी रामचरितमानस और श्रीमद्भागवत गीता का अपमान किया, स्वामी प्रसाद मौर्य की विनाश काले विपरीत बुद्धि वाली स्थिति है। इस आसुरी प्रवृत्ति को स्वामी प्रसाद मौर्य सामाजिक रूप से प्रकट कर रहे हैं अब उनका अंत निश्चित है, इसके लिए वह तैयार रहें। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी चेतावनी दी है कि जो संगत कर रखी है उससे दूर हट जाएं। अच्छे लोगों के बीच में बैठे, नहीं तो उनसे जुड़े हुए सभी लोगों का विनाश तय है। अलीगढ़ में कुछ दिन पहले रामचरितमानस पर विवादित बयान देने के बाद से तमाम हिन्दूवादी संगठनों से जुड़े लोग तरह-तरह से अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। गौरतलब है की बुधवार को स्वामी प्रसाद मौर्य समर्थकों और अयोध्या की हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास के बीच हुई हाथापाई के हुई थी, जिसके बाद से दोनों ही पक्षों से जुड़े लोग अपने-अपने तरीके से प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं।
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अगर तीनों रिचार्ज प्लान की तुलना करें तो इस कीमत के आसपास आने वाले इन तीनों कंपनियों के प्लान वैसे तो लगभग एक जैसे हैं, लेकिन प्रतिदिन डेटा के मामले में वोडाफोन आइडिया काफी बेहतर है। वोडाफोन आइडिया प्रतिदन 4 जीबी डेटा दे रहा है, जबकि जियो और एयरटेल प्रतिदिन 2 जीबी डेटा दे रहे हैं। वहीं इसी कीमत में एयरटेल काफी ऐप्स के फ्री सब्सक्रिप्शन दे रहा है। तो चलिए बताते है कि प्रीपेड रिचार्ज प्लान में मिलने वाले अनलिमिटेड वॉयस कॉल, डेटा बेनिफिट और एसएमएस समेत मिलने वाली सभी चीजों के बारे में।
वोडाफोन आइडिया के 449 रुपये में आने वाले प्रीपेड रिचार्ज प्लान में ग्राहकों को ये फायदे मिलते हैं। अगर सबसे पहले इस प्लान की वैधता की बात की जाए तो वीआई के 449 रुपये के रिचार्ज प्लान की वैधता 56 दिन की है। डेटा की बात करें तो इस रिचार्ज प्लान में 4 जीबी डेटा प्रति दिन मिलता है। अन्य फायदों की बात करें तो इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉल और रोजाना 100 एसएमएस मिलते हैं। इन सब से अलग इसमें जी5 ऐप और वोडाफोन प्ले का फ्री सब्सक्रिप्शन मिलता है।
बात करें अगर दूसरे टेलिकॉम कंपनी की तो रिलायंस जियो के पास भी इसी रेंज में जबरदस्त प्लान है। कंपनी के इस प्रीपेड रिचार्ज प्लान में 2 जीबी प्रति दिन के हिसाब से कुल 112 जीबी डेटा मिलता है, जिसके बाद में 64kbps की स्पीड से डेटा चलता है। वहीं अगर वैधता की बात की जाए तो इस प्लान की वैधता 56 दिन है। इसके अलावा इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉल और 100 एसएमएस प्रतिदन मिलते हैं। वहीं इस प्लान में जियो ऐप्स का कॉम्प्लीमेंट्री सब्सक्रिप्शन मिलता है।
भारती एयरटेल की बात करें तो इस प्रीपेड रिचार्ज प्लान में रोजाना 2जीबी डेटा मिलता है। वहीं अगर वैधता की बात की जाए तो एयरटेल के इस प्रीपेड रिचार्ज प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉल और 100 एसएमएस प्रतिदिन मिलते हैं। वहीं अगर वैधता की बात की जाए तो यह प्लान 56 दिन है। अन्य फायदों की बात की जाए तो इस प्लान में अमेजन प्राइम का 30 दिन के लिए मोबाइल एडिशन फ्री ट्रायल, फ्री हेलो ट्यून्स, एयरटेल एक्सट्रीम प्रीमियम, Wynk म्यूजिक फ्री, फ्री ऑनलाइन कोर्स और फास्टैग पर 100 रुपये का कैशबैक मिलता है।
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अगर तीनों रिचार्ज प्लान की तुलना करें तो इस कीमत के आसपास आने वाले इन तीनों कंपनियों के प्लान वैसे तो लगभग एक जैसे हैं, लेकिन प्रतिदिन डेटा के मामले में वोडाफोन आइडिया काफी बेहतर है। वोडाफोन आइडिया प्रतिदन चार जीबी डेटा दे रहा है, जबकि जियो और एयरटेल प्रतिदिन दो जीबी डेटा दे रहे हैं। वहीं इसी कीमत में एयरटेल काफी ऐप्स के फ्री सब्सक्रिप्शन दे रहा है। तो चलिए बताते है कि प्रीपेड रिचार्ज प्लान में मिलने वाले अनलिमिटेड वॉयस कॉल, डेटा बेनिफिट और एसएमएस समेत मिलने वाली सभी चीजों के बारे में। वोडाफोन आइडिया के चार सौ उनचास रुपयापये में आने वाले प्रीपेड रिचार्ज प्लान में ग्राहकों को ये फायदे मिलते हैं। अगर सबसे पहले इस प्लान की वैधता की बात की जाए तो वीआई के चार सौ उनचास रुपयापये के रिचार्ज प्लान की वैधता छप्पन दिन की है। डेटा की बात करें तो इस रिचार्ज प्लान में चार जीबी डेटा प्रति दिन मिलता है। अन्य फायदों की बात करें तो इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉल और रोजाना एक सौ एसएमएस मिलते हैं। इन सब से अलग इसमें जीपाँच ऐप और वोडाफोन प्ले का फ्री सब्सक्रिप्शन मिलता है। बात करें अगर दूसरे टेलिकॉम कंपनी की तो रिलायंस जियो के पास भी इसी रेंज में जबरदस्त प्लान है। कंपनी के इस प्रीपेड रिचार्ज प्लान में दो जीबी प्रति दिन के हिसाब से कुल एक सौ बारह जीबी डेटा मिलता है, जिसके बाद में चौंसठkbps की स्पीड से डेटा चलता है। वहीं अगर वैधता की बात की जाए तो इस प्लान की वैधता छप्पन दिन है। इसके अलावा इस प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉल और एक सौ एसएमएस प्रतिदन मिलते हैं। वहीं इस प्लान में जियो ऐप्स का कॉम्प्लीमेंट्री सब्सक्रिप्शन मिलता है। भारती एयरटेल की बात करें तो इस प्रीपेड रिचार्ज प्लान में रोजाना दोजीबी डेटा मिलता है। वहीं अगर वैधता की बात की जाए तो एयरटेल के इस प्रीपेड रिचार्ज प्लान में अनलिमिटेड वॉयस कॉल और एक सौ एसएमएस प्रतिदिन मिलते हैं। वहीं अगर वैधता की बात की जाए तो यह प्लान छप्पन दिन है। अन्य फायदों की बात की जाए तो इस प्लान में अमेजन प्राइम का तीस दिन के लिए मोबाइल एडिशन फ्री ट्रायल, फ्री हेलो ट्यून्स, एयरटेल एक्सट्रीम प्रीमियम, Wynk म्यूजिक फ्री, फ्री ऑनलाइन कोर्स और फास्टैग पर एक सौ रुपयापये का कैशबैक मिलता है।
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सोशल मीडिया पर आजकल हॉलीवुड से लेकर बॉलीवुड की कई एक्टे्रस अपनी हॉट फोटो शेयर कर सनसनी मचा देती है।
Rocking my Calvin Klein set from @runway96 ?
अक्सर इंस्ट्राग्राम पर कई एक्टे्रस अपना हॉट फोटोशूट डालकर लोगों को रोमांचित कर डालती है।
@thecelebtv launched today! Chat 1-on-1 with my girlfriends now at Celeb. tv!
लोग इस फोटोशूट को देखकर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रिया देते हैं।
इन्हीं एक्ट्रेस के नक्शे कदम पर चलने वाली मॉडल जेलिनी ओचोआ आजकल बेहद सुर्खियों में है।
इनकी हॉट और सेक्सी फोटो इंटनेट पर तेजी से वायरल हो रही है।
I had my wings cut off so that I couldn't fly but I found a way to do so with out them.
दरअसल मॉडल जेलिनी ओचोआ ने हाल के दिनों में कुछ शानदार सेक्सी फोटो इंस्टाग्राम पर डाली थी जिसके बाद उनके हुस्न को लेकर खूब चर्चा देखने को मिल रही है।
लोग इतने दीवाने है कि इंस्टाग्राम पर इनके 1000000 से भी ज्यादा फॉलोवर है।
मॉडल जेलिनी ओचोआ देखने में बला की खूबसूरत है और किम कार्दाशियन को भी टक्कर दे रही है।
इनका फिगर बेहद हॉट है। किम कार्दाशियन की तरह दिखने वाली इस मॉडल ने अपने शरीर के हर हिस्से की खूबसूरती देखने लायक है।
वह अपने शरीर को और सुंदर रखने के लिए फिटनेस में घंटों समय बिताती है।
Manifesting all the good things into my life. #2018 ? ? ❤️? ? ? ?
फिटनेस पाने के लिए ट्रेनिंग पर भी इनका जोर देखने को मिलता है।
People look at me and think I'm mean because I have a resting bitch face and don't smile at them but what they don't know is that I have facial paralysis due to nerve damage. Shit happens ? ? ♀️ and sometimes we have to learn to live with it. I'm still a happy girl with a huge heart and those who don't accept me the way I am are always welcomed to leave ? ? ? ♀️? ? ♂️#illevenholdthedoorforyou (the pics where I'm smiling are before I got facial paralysis) this happened to me on January 14 of this year 2017. . before this date I was able to smile and laugh all I wanted.
जेलिनी की लगातार फोटो और उनके पेज और इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा लोकप्रियता देखने को मिल रही है।
कुल मिलाकर इस मॉडल की खूबसूरती के आगे कई हॉलीवुड की एक्टे्रस भी पानी भरती नजर आयेंगी।
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सोशल मीडिया पर आजकल हॉलीवुड से लेकर बॉलीवुड की कई एक्टे्रस अपनी हॉट फोटो शेयर कर सनसनी मचा देती है। Rocking my Calvin Klein set from @runwayछियानवे ? अक्सर इंस्ट्राग्राम पर कई एक्टे्रस अपना हॉट फोटोशूट डालकर लोगों को रोमांचित कर डालती है। @thecelebtv launched today! Chat एक-on-एक with my girlfriends now at Celeb. tv! लोग इस फोटोशूट को देखकर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रिया देते हैं। इन्हीं एक्ट्रेस के नक्शे कदम पर चलने वाली मॉडल जेलिनी ओचोआ आजकल बेहद सुर्खियों में है। इनकी हॉट और सेक्सी फोटो इंटनेट पर तेजी से वायरल हो रही है। I had my wings cut off so that I couldn't fly but I found a way to do so with out them. दरअसल मॉडल जेलिनी ओचोआ ने हाल के दिनों में कुछ शानदार सेक्सी फोटो इंस्टाग्राम पर डाली थी जिसके बाद उनके हुस्न को लेकर खूब चर्चा देखने को मिल रही है। लोग इतने दीवाने है कि इंस्टाग्राम पर इनके दस लाख से भी ज्यादा फॉलोवर है। मॉडल जेलिनी ओचोआ देखने में बला की खूबसूरत है और किम कार्दाशियन को भी टक्कर दे रही है। इनका फिगर बेहद हॉट है। किम कार्दाशियन की तरह दिखने वाली इस मॉडल ने अपने शरीर के हर हिस्से की खूबसूरती देखने लायक है। वह अपने शरीर को और सुंदर रखने के लिए फिटनेस में घंटों समय बिताती है। Manifesting all the good things into my life. #दो हज़ार अट्ठारह ? ? ❤️? ? ? ? फिटनेस पाने के लिए ट्रेनिंग पर भी इनका जोर देखने को मिलता है। People look at me and think I'm mean because I have a resting bitch face and don't smile at them but what they don't know is that I have facial paralysis due to nerve damage. Shit happens ? ? ♀️ and sometimes we have to learn to live with it. I'm still a happy girl with a huge heart and those who don't accept me the way I am are always welcomed to leave ? ? ? ♀️? ? ♂️#illevenholdthedoorforyou this happened to me on January चौदह of this year दो हज़ार सत्रह. . before this date I was able to smile and laugh all I wanted. जेलिनी की लगातार फोटो और उनके पेज और इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा लोकप्रियता देखने को मिल रही है। कुल मिलाकर इस मॉडल की खूबसूरती के आगे कई हॉलीवुड की एक्टे्रस भी पानी भरती नजर आयेंगी।
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हरिद्वारः चीफ मेडिकल ऑफिसर (सीएमओ) सरोज नैथानी के मुताबकि एक महिला जिसमें कोरोना वायरस के लक्षण पाए गए। एक अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। डॉक्टर नैथानी ने बताया कि यह मृतक महिला 6 मार्च को अमेरिका से लौटी थी। तबीयत बिगड़ने के बाद उसे रविवार सुबह भेल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मेडिकल सेंटर के डॉक्टरों ने तुरंत कोरोना वायरस टेस्ट के लिए उसके सेंपल लिए। उत्तराखंड राज्य स्वास्थ्य विभाग इस मामले को देख रहा है।
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के अनुसार, रविवार देर रात भारत में कोरोना वायरस के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 396 हो गई। इस बीच, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने बताया कि देश में COVID-19 के कारण मरने वालों की संख्या बिहार में एक 38 वर्षीय व्यक्ति की मृत्यु के बाद 7 हो गई।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, महाराष्ट्र में सबसे अधिक 67 कोरोनो वायरस के मामले पाए गए हैं, इसके बाद केरल में 52 और दिल्ली में 29 हैं। उत्तर प्रदेश में 27, तेलंगाना में 22, राजस्थान में 24 और हरियाणा में 21 मामले दर्ज किए गए हैं। कर्नाटक में 26 मरीज हैं, पंजाब में 21 मामले हैं, जबकि गुजरात में 18 मामले हैं। लद्दाख में 13 और तमिलनाडु में 6 मामले दर्ज किए गए हैं।
इस बीच, चंडीगढ़ और आंध्र प्रदेश ने पांच-पांच मामले दर्ज किए। मध्य प्रदेश, जम्मू और कश्मीर और पश्चिम बंगाल ने चार-चार मामले दर्ज किए। उत्तराखंड में तीन मामले दर्ज किए गए, जबकि बिहार, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश ने 2 मामले दर्ज किए। पुदुचेरी और छत्तीसगढ़ ने एक-एक मामले की जानकारी मिली है।
Times Now Navbharat पर पढ़ें India News in Hindi, साथ ही ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें ।
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हरिद्वारः चीफ मेडिकल ऑफिसर सरोज नैथानी के मुताबकि एक महिला जिसमें कोरोना वायरस के लक्षण पाए गए। एक अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। डॉक्टर नैथानी ने बताया कि यह मृतक महिला छः मार्च को अमेरिका से लौटी थी। तबीयत बिगड़ने के बाद उसे रविवार सुबह भेल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मेडिकल सेंटर के डॉक्टरों ने तुरंत कोरोना वायरस टेस्ट के लिए उसके सेंपल लिए। उत्तराखंड राज्य स्वास्थ्य विभाग इस मामले को देख रहा है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के अनुसार, रविवार देर रात भारत में कोरोना वायरस के कुल मामलों की संख्या बढ़कर तीन सौ छियानवे हो गई। इस बीच, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने बताया कि देश में COVID-उन्नीस के कारण मरने वालों की संख्या बिहार में एक अड़तीस वर्षीय व्यक्ति की मृत्यु के बाद सात हो गई। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, महाराष्ट्र में सबसे अधिक सरसठ कोरोनो वायरस के मामले पाए गए हैं, इसके बाद केरल में बावन और दिल्ली में उनतीस हैं। उत्तर प्रदेश में सत्ताईस, तेलंगाना में बाईस, राजस्थान में चौबीस और हरियाणा में इक्कीस मामले दर्ज किए गए हैं। कर्नाटक में छब्बीस मरीज हैं, पंजाब में इक्कीस मामले हैं, जबकि गुजरात में अट्ठारह मामले हैं। लद्दाख में तेरह और तमिलनाडु में छः मामले दर्ज किए गए हैं। इस बीच, चंडीगढ़ और आंध्र प्रदेश ने पांच-पांच मामले दर्ज किए। मध्य प्रदेश, जम्मू और कश्मीर और पश्चिम बंगाल ने चार-चार मामले दर्ज किए। उत्तराखंड में तीन मामले दर्ज किए गए, जबकि बिहार, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश ने दो मामले दर्ज किए। पुदुचेरी और छत्तीसगढ़ ने एक-एक मामले की जानकारी मिली है। Times Now Navbharat पर पढ़ें India News in Hindi, साथ ही ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें ।
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उग्र आंदोलन से घबराए भाजपा नेतृत्व ने दो फैसले किए। एक यह कि हरियाणा में जाटों को आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार अगले विधानसभा सत्र में विधेयक लाएगी। दूसरे, केंद्रीय सेवाओं में ओबीसी आरक्षण की जाटों की मांग पर विचार करने के लिए केंद्रीय मंत्री वेंकया नायडू की अध्यक्षता में एक समिति गठित कर दी गई है। दोनों घोषणाएं हिंसक शक्ल अख्तियार कर चुके आंदोलन के आगे सरकार के झुकने का ही संकेत देती हैं।
लिहाजा, यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आरक्षण का निर्धारण राजनीतिक दबाव पैदा कर सकने की ताकत से होगा, या मानकों के हिसाब से? जाटों को आरक्षण का हकदार बनाने के प्रयास को सुप्रीम कोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है। गौरतलब है कि 2014 में यूपीए सरकार ने जाटों को केंद्रीय सेवाओं में ओबीसी आरक्षण देने का फैसला किया था। इसके राजनीतिक कोण को इसी से समझा जा सकता है कि लोकसभा चुनाव की घोषणा से महज एक दिन पहले इसकी अधिसूचना जारी हुई थी। तमाम समाजवैज्ञानिकों तथा कानूनविदों ने इस पर हैरानी जताई थी। न्यायिक समीक्षा में भी वह निर्णय नहीं टिक सका।
साल भर बाद सर्वोच्च अदालत ने अधिसूचना खारिज कर दी, यह कहते हुए कि जाट पिछड़े वर्ग में नहीं माने जा सकते। अदालत ने यह सवाल भी पूछा था कि एक नए समुदाय को लाभार्थी बनाने का फैसला करने से पहले राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की राय क्यों नहीं ली गई? जो गलती यूपीए सरकार ने की थी, क्या वही राजग सरकार भी करने जा रही है? सितंबर 1992 में ही राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने कह दिया था कि जाट पिछड़े वर्ग में नहीं आते। इसके अलावा, हरियाणा में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग, दो बार, 1995 में और 2011 में, जाटों के लिए ओबीसी आरक्षण की मांग को अमान्य कर चुका है।
जाट आरक्षण के लिए यूपीए सरकार की अधिसूचना को रद््द करते हुए सर्वोच्च अदालत ने यह सवाल भी उठाया था कि ओबीसी की सूची में लाभार्थी समुदायों की संख्या जरूर बढ़ी है, पर किसी को उससे बाहर क्यों नहीं किया गया? क्या सूची में शामिल समुदायों में से कोई पिछड़ेपन से बाहर नहीं आ सका है? फिर, ओबीसी आरक्षण शुरू होने के समय से देश में हुई प्रगति के बारे में हम क्या कहेंगे? दरअसल, जरूरत ओबीसी का दायरा बढ़ाने की नहीं, उन समुदायों के असंतोष को समझने की है जो पहले कभी अपने को पिछड़ा नहीं मानते थे, पर आज आरक्षण की खातिर पिछड़े वर्ग में शामिल होने को बेचैन हैं। जाटों से पहले, पिछले साल गुजरात में पाटीदार और पिछले महीने आंध्र प्रदेश में कापु समुदाय के लोग ओबीसी आरक्षण के लिए उग्र आंदोलन कर चुके हैं।
इसी तरह गुर्जर, खुद को ओबीसी से अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर कई बार सड़कों पर उतर चुके हैं। चूंकि ये बड़ी संख्या वाली जातियां हैं और अपने-अपने इलाकों में चुनाव का रुख बदलने की ताकत रखती हैं, इसलिए राजनीतिक दल उनकी मांग को गलत कहने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। पर इन जातियों के असंतोष को आरक्षण की तरफ मोड़ने के बजाय उसकी तह में जाने की जरूरत है। खेती-किसानी से जुड़े रहे बेहतर माली हालत वाले समुदाय भी आज क्षुब्ध हैं, क्योंकि खेती घाटे का धंधा बनती गई है और इसमें वे अपना भविष्य नहीं देख पाते। हमारी राजनीति की समस्या यह है कि उसमें वास्तविक समस्याओं से जूझने के बजाय भावनात्मक मुद््दों का सहारा लेने और उन्हें तूल देने का रुझान और जोर पकड़ रहा है।
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उग्र आंदोलन से घबराए भाजपा नेतृत्व ने दो फैसले किए। एक यह कि हरियाणा में जाटों को आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार अगले विधानसभा सत्र में विधेयक लाएगी। दूसरे, केंद्रीय सेवाओं में ओबीसी आरक्षण की जाटों की मांग पर विचार करने के लिए केंद्रीय मंत्री वेंकया नायडू की अध्यक्षता में एक समिति गठित कर दी गई है। दोनों घोषणाएं हिंसक शक्ल अख्तियार कर चुके आंदोलन के आगे सरकार के झुकने का ही संकेत देती हैं। लिहाजा, यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आरक्षण का निर्धारण राजनीतिक दबाव पैदा कर सकने की ताकत से होगा, या मानकों के हिसाब से? जाटों को आरक्षण का हकदार बनाने के प्रयास को सुप्रीम कोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है। गौरतलब है कि दो हज़ार चौदह में यूपीए सरकार ने जाटों को केंद्रीय सेवाओं में ओबीसी आरक्षण देने का फैसला किया था। इसके राजनीतिक कोण को इसी से समझा जा सकता है कि लोकसभा चुनाव की घोषणा से महज एक दिन पहले इसकी अधिसूचना जारी हुई थी। तमाम समाजवैज्ञानिकों तथा कानूनविदों ने इस पर हैरानी जताई थी। न्यायिक समीक्षा में भी वह निर्णय नहीं टिक सका। साल भर बाद सर्वोच्च अदालत ने अधिसूचना खारिज कर दी, यह कहते हुए कि जाट पिछड़े वर्ग में नहीं माने जा सकते। अदालत ने यह सवाल भी पूछा था कि एक नए समुदाय को लाभार्थी बनाने का फैसला करने से पहले राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की राय क्यों नहीं ली गई? जो गलती यूपीए सरकार ने की थी, क्या वही राजग सरकार भी करने जा रही है? सितंबर एक हज़ार नौ सौ बानवे में ही राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने कह दिया था कि जाट पिछड़े वर्ग में नहीं आते। इसके अलावा, हरियाणा में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग, दो बार, एक हज़ार नौ सौ पचानवे में और दो हज़ार ग्यारह में, जाटों के लिए ओबीसी आरक्षण की मांग को अमान्य कर चुका है। जाट आरक्षण के लिए यूपीए सरकार की अधिसूचना को रद््द करते हुए सर्वोच्च अदालत ने यह सवाल भी उठाया था कि ओबीसी की सूची में लाभार्थी समुदायों की संख्या जरूर बढ़ी है, पर किसी को उससे बाहर क्यों नहीं किया गया? क्या सूची में शामिल समुदायों में से कोई पिछड़ेपन से बाहर नहीं आ सका है? फिर, ओबीसी आरक्षण शुरू होने के समय से देश में हुई प्रगति के बारे में हम क्या कहेंगे? दरअसल, जरूरत ओबीसी का दायरा बढ़ाने की नहीं, उन समुदायों के असंतोष को समझने की है जो पहले कभी अपने को पिछड़ा नहीं मानते थे, पर आज आरक्षण की खातिर पिछड़े वर्ग में शामिल होने को बेचैन हैं। जाटों से पहले, पिछले साल गुजरात में पाटीदार और पिछले महीने आंध्र प्रदेश में कापु समुदाय के लोग ओबीसी आरक्षण के लिए उग्र आंदोलन कर चुके हैं। इसी तरह गुर्जर, खुद को ओबीसी से अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर कई बार सड़कों पर उतर चुके हैं। चूंकि ये बड़ी संख्या वाली जातियां हैं और अपने-अपने इलाकों में चुनाव का रुख बदलने की ताकत रखती हैं, इसलिए राजनीतिक दल उनकी मांग को गलत कहने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। पर इन जातियों के असंतोष को आरक्षण की तरफ मोड़ने के बजाय उसकी तह में जाने की जरूरत है। खेती-किसानी से जुड़े रहे बेहतर माली हालत वाले समुदाय भी आज क्षुब्ध हैं, क्योंकि खेती घाटे का धंधा बनती गई है और इसमें वे अपना भविष्य नहीं देख पाते। हमारी राजनीति की समस्या यह है कि उसमें वास्तविक समस्याओं से जूझने के बजाय भावनात्मक मुद््दों का सहारा लेने और उन्हें तूल देने का रुझान और जोर पकड़ रहा है।
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India News (इंडिया न्यूज़), Varanasi, वाराणसीः शहर में जी-20 की बैठक चल रही है। इस बैठक के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर भी वाराणसी (Varanasi) में मौजूद हैं। बैठक के लिए शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया है। बैठक में भाग लेने के लिए जी-20 देशों के प्रतिनिधि भी शहर में हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर सीएम योगी की एक तस्वीर वायरल हो रही है। इस तस्वीर में सीएम योगी विदेशी प्रतिनिधियों के सामने नजर आ रहे हैं।
सीएम योगी और विदेशी प्रतिनिधियों की जो फोटो वायरल हो रही है वह होटल ताज की है। सीएम योगी होटल ताज में डिनर कर रहे विदेशी मेहमानों की अगवानी कर रहे थे। वहीं एक टेबल पर बैठे दो विदेशी प्रतिनिधियों ने सीएम योगी के झुमके की तारीफ की। वहीं टेबल पर शराब की बोतल भी रखी है। इस फोटो के आधार पर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की कहानियां चल रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि शराब पीते पकड़े जाने पर विदेशी महिलाओं ने कान पकड़कर माफी मांगी।
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India News , Varanasi, वाराणसीः शहर में जी-बीस की बैठक चल रही है। इस बैठक के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर भी वाराणसी में मौजूद हैं। बैठक के लिए शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया है। बैठक में भाग लेने के लिए जी-बीस देशों के प्रतिनिधि भी शहर में हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर सीएम योगी की एक तस्वीर वायरल हो रही है। इस तस्वीर में सीएम योगी विदेशी प्रतिनिधियों के सामने नजर आ रहे हैं। सीएम योगी और विदेशी प्रतिनिधियों की जो फोटो वायरल हो रही है वह होटल ताज की है। सीएम योगी होटल ताज में डिनर कर रहे विदेशी मेहमानों की अगवानी कर रहे थे। वहीं एक टेबल पर बैठे दो विदेशी प्रतिनिधियों ने सीएम योगी के झुमके की तारीफ की। वहीं टेबल पर शराब की बोतल भी रखी है। इस फोटो के आधार पर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की कहानियां चल रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि शराब पीते पकड़े जाने पर विदेशी महिलाओं ने कान पकड़कर माफी मांगी।
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फिल्म, 1 9 76 में स्क्रीन पर रिलीज़ हुई"भाग्य की विडंबना, या एक हल्की भाप के साथ!" लाखों दर्शकों के लिए अभी भी दिलचस्प है। इस फिल्म के लिए धन्यवाद कि कई सोवियत नागरिक घर पर जाने वाली पोलिश अभिनेत्री से परिचित हो गए। महान महिमा के अलावा, इस आकर्षक महिला को एक भयंकर दुःख से गुजरना पड़ा। 20 से अधिक वर्षों के लिए, बारबरा ब्रिस्का अपनी आत्मा में दर्दनाक बोझ पीड़ित कर रही है - एक कार दुर्घटना में अभिनेत्री की बेटी की मौत हो गई थी।
नाडिया शेवेलेवा की भूमिका में कल्पना करना मुश्किल हैबारबरा ब्राइस्की, और एक और अभिनेत्री। साथ ही साथ अन्य अभिनेता एंड्रयू सॉफ्ट में जगह नहीं लगा सकते हैं। अपनी फिल्म रियाज़ानोव के मुख्य पात्रों की पसंद में बस याद नहीं आया। सबसे पहले, आलोचकों को परेशान किया गया थाः क्या वास्तव में सोवियत अभिनेत्री में यह था कि नादिया खेलने के योग्य नहीं थे?
वैसे, कई लोगों ने इस भूमिका की कोशिश की -Lyudmila Gurchenko, वैलेंटाइना Talyzina, एंटोनिना Shuranova, स्वेतलाना Nemolyayeva, ओल्गा Volkova और मरीना मेरिमसन। किसी भी तरह फिल्म के रचनाकारों ने महसूस किया कि नादिया की भूमिका से निपटने का सबसे अच्छा तरीका बारबरा ब्राइस्का द्वारा प्रबंधित किया जाएगा। बेटी (उसके साथ त्रासदी 1 99 3 में हुई) ने अपने पसंदीदा काम में अभिनेत्री के हित को ढका दिया। हालांकि अभिनय करियर में ब्रिस्की की गतिविधि बहुत पहले घटने लगी - बस "भाग्य की लौह ..." में शूटिंग के बाद।
5 जून, 1 9 41 को स्कॉट्निकी के पोलिश शहर मेंएक तालाब और ड्रेसमेकर की पुत्री - बारबरा ब्राइस्का का जन्म हुआ था। पड़ोसी शहर में उन्होंने थिएटर और सिनेमा के हायर स्कूल से स्नातक की उपाधि प्राप्त की, और पहले से ही 1 9 58 में पहली बार "गैलोशेस ऑफ हैप्पीनेस" फिल्म में स्क्रीन पर दिखाई दिया। उनके लिए असली सफलता केवल आठ साल बाद आई, जब बारबरा ने लगातार तीन फिल्मों में अभिनय किया।
अभिनेत्री की लोकप्रियता न केवल अपने मूल में हैदेश, लेकिन यूगोस्लाविया, चेकोस्लोवाकिया, बुल्गारिया और जीडीआर में भी। 1 9 76 तक, सोवियत दर्शक उन्हें न केवल विदेशी फिल्मों में जान सकते थे, क्योंकि उन्होंने सोवियत निदेशकों द्वारा गोली मार दी गई दो फिल्मों में हिस्सा लिया था। यह "शहरों और वर्षों" और "लिबरेशन" के बारे में है। ऐसी अविश्वसनीय सफलता होने के बाद, अभिनेत्री वास्तव में खुश थी। बारबरा की बेटी के साथ क्या हुआ, उसके लिए यह आंतरिक खुशी उसके जीवन के अंत तक जारी रह सकती है। ब्राइसस्का इस त्रासदी के बारे में बहुत चिंतित था।
सोवियत के बीच विशाल सफलता के बादनागरिक बारबरा ब्राइस्की को अपनी मूल भूमि में स्पष्ट रूप से गिरने वाले ब्याज के साथ मुलाकात की गई थी। कई ने उसे एक गद्दार माना। लोकप्रिय महिला के लोकप्रिय पात्रों में बदलाव की वजह से एक महिला को फिल्माने के लिए शायद ही कभी आमंत्रित किया जाना शुरू हो गया। दर्शकों को आक्रामक और दृढ़ नायिकाओं का अधिक शौक था, और यह ब्राइस्काया में बस वहां नहीं था।
अभिनय में एक लंबे ब्रेक के बाद2000 की शुरुआत से उन्होंने नाटकीय प्रस्तुतियों में भाग लेने लगे और रूसी, यूक्रेनी और पोलिश सिनेमा में कई भूमिका निभाई। अपनी बेटी की मौत के बाद, बारबरा कोसमल, अभिनेत्री अभी भी पूरी तरह से ठीक नहीं हो सकती है। कोई भी भूमिका कभी भी उसकी पूर्व उत्साह में वापस नहीं आ सकती है।
बारबरा ब्राइल्स्का के जीवन में कई पुरुष थे।उनमें से दो के साथ वह आधिकारिक तौर पर शादी कर ली गई थी। अभिनेत्री के मुताबिक, वह केवल अपने जीवन को एक सुन्दर आदमी से जोड़ सकती थी, और फिर भी उनमें से प्रत्येक के साथ नहीं। ब्रिसल्का ने अपने पहले आधिकारिक पति से मुलाकात की जब वह केवल सत्रह थीं। बारबरा स्कूल से स्नातक होने के तुरंत बाद, उनके अशांत रिश्ते विवाह में समाप्त हुए। कानों से प्यार में एक लड़की, अपने पति के अनुरोध पर, नाटकीय कला को पूरी तरह से परिवार को समर्पित करने के लिए शिक्षण देने के लिए छोड़ दिया। एक साल बाद, उसने अभी भी फिल्म "द फारोन" में अभिनय किया, जहां वह जेर्ज़ी ज़ेलनिक से मिलता है।
उनके पास भावुक है, लेकिन छोटा हैएक उपन्यास, जिसमें बारबरा के प्यारे पति अपनी आंखें बंद कर देते हैं। हालांकि, एक और प्रसिद्ध पोलिश अभिनेता के साथ दूसरी प्रेम कहानी के बाद, जिसके साथ उसे सेट को विभाजित करना पड़ा, उसकी शादी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह उपन्यास था जिसने अभिनेत्री के अनुसार अपने पहले संघ को नष्ट कर दिया, उसके जीवन में सबसे उत्साही प्यार के साथ। उन्होंने जो शादी की योजना बनाई वह नहीं हुई।
इसके बाद, बारबरा गहरे में गिर जाता हैअवसाद, जिससे यह एक नया शौक पाने में मदद करता है। उनकी वस्तु एक स्त्री रोग विशेषज्ञ लुडविग कोसमल थी। उनकी शादी 18 साल तक चली, जो आश्चर्यजनक है, एक आदमी के भारी चरित्र और उनकी पत्नी के निरंतर विश्वासघात को देखते हुए। अपने पति पर बदला लेने के लिए, बारबरा ने फिल्म "एनाटॉमी ऑफ लव" के लिए घृणित रूप से वापस ले लिया, जहां एक बार नग्न में दर्शकों के सामने नहीं दिखाई देता था। इस भूमिका के बाद, वह अपने देश में एक सेक्स प्रतीक बन गई।
1 9 73 में, इस विवाह से, एक बेटी दिखाई देती है,बारबरा कोसमल। लड़की की तस्वीर ने अपनी मां के साथ अपनी महान समानता की गवाही दी है, जिसने उसे अपनी मां से कम गौरवशाली भविष्य का वादा किया था। मां के नाम से बेटी को बुलाकर ब्रायल्स्का ने उसे साबित कर दिया कि वह उसका जैविक पिता था।
बारबरा ब्राइल्स्का ने कहा, बस्या की बेटी अंदर थीउनके परिवार को बहुत लंबे समय से प्रतीक्षित बच्चा। इससे पहले, उसे कई गर्भपात हुआ था। और जब बहुत कम उम्मीदें थीं, उनकी बेटी जीवित रहने में कामयाब रही। डॉक्टरों ने कई दिनों तक अपने जीवन के लिए लड़ा। फिर वे जीते। हालांकि, लड़की को लंबे जीवन जीने के लिए कभी नियत नहीं किया गया था।
बारबरा ब्रिस्का, जिनकी बेटी असाधारण थीसुंदर और प्रतिभाशाली, उसके क्रोविनशकोय पर बहुत गर्व है। उत्कृष्ट बाहरी डेटा ने लड़की को मॉडलिंग व्यवसाय करने की अनुमति दी। लेकिन, इसके अलावा, वह अपनी मां के चरणों में पालन करना चाहती थी - पहले से ही पंद्रह वर्ष की उम्र में उसने पहली बार फिल्म में उसके साथ अभिनय किया था। इसके अलावा, बसिया कोसमल में कई और एपिसोडिक भूमिकाएं थीं।
जेर्ज़ी हॉफमैन की फिल्म "फायर एंड" में मुख्य पात्र की भूमिकातलवार "बारबरा कोसमल कभी नहीं खेला, और इसका कारण उसकी अप्रत्याशित, दुखद मौत थी। लड़की ने 1 99 3 में अपनी जिंदगी खो दी, जिससे उसकी मां के दिल में गहराई से खून बह रहा था।
अपरिवर्तनीय के आधार पर परिवार में लगातार घोटालेधर्मनिरपेक्ष जीवन और तूफानी दलों के साथ-साथ कई अन्य कारणों के लिए लुडविग के प्यार ने अभी भी विवाह को विघटित कर दिया है। तलाक के अशांत उपन्यासों के बाद, बारबरा ब्रिस्का के प्रेम मामलों ने उन्हें लंबे समय से प्रतीक्षित महिला खुशी नहीं दी। हालांकि, इस समय तक, अभिनेत्री ने पूरी तरह से अन्य चीजों से खुशी प्राप्त करना सीखा है।
विशाल खुशी Brylskaya अपने बच्चों को लाया।1 9 82 में, जब अभिनेत्री 42 वर्ष की हो गई, तो उसका जीवन वास्तव में वफादार आदमी था - एक छोटा बेटा। लुडविग और बासिया कोसमल उनके लिए बन गए जो उन्होंने खुद को समर्पित करने का फैसला किया। 1 99 3 की दुखद घटनाओं के बाद, केवल बेटा अभिनेत्री के जीवन में ही रहा।
15 मई, 1 99 3 का सबसे भयानक दिन थाबारबरा ब्राइल्स्का का अनुभव हुआ - उसकी बेटी उस दिन दुखद रूप से मर गई। यह सब तब हुआ जब एक लड़की, जो फरवरी में केवल 20 वर्ष की थी, शहर के बाहर आराम करने के लिए अपने प्रेमी, सवेली नाम से यात्रा कर रही थी। उस समय, जवान आदमी के पास एक छोटा सा ड्राइविंग अनुभव थाः उसे कुछ महीने पहले अधिकार मिला।
ड्राइविंग का थोड़ा सा अनुभव होने के कारण, सवेली बस नहीं करता हैबारी पर नियंत्रण के साथ मुकाबला और पूरी गति से पेड़ में उड़ गया। दुर्घटना के बाद के कुछ मिनटों में लड़की जीवित बनी रही, उसने कई बार अपनी आँखें खोली। लड़के की चिल्लाहट के नीचे लड़की थोड़ी देर बाद मर गईः "बासिया, मर मत जाओ!"
बारबरा कोसमल, जिसमें से फोटो पृष्ठों से भरा थापोलिश और विदेशी पत्रिकाओं, मौत के समय एक सफल मॉडल और एक महत्वाकांक्षी अभिनेत्री थी। उसके साथ हुई दुर्घटना लड़की और उसकी मां की प्रतिभा के सभी प्रेमियों के लिए एक बड़ा झटका बन गई। लेकिन वह निश्चित रूप से ब्रैस्की के लिए एक त्रासदी बन गई। बारबरा कोसमल, जिनके अंतिम संस्कार ने उनके सभी प्रशंसकों को एक साथ लाया, उनकी मां की आंखों के सामने लंबे समय तक खड़े थे। बारबरा ने उसे कविता लिखी, लगातार अपनी तस्वीरों को देखा और बिना किसी घटना के दूसरों को अपनी बेटी के बारे में बात की। लगभग तीन साल ब्रिस्का गहरे अवसाद में रहे - व्यावहारिक रूप से घर नहीं छोड़ा, शराब में दुःख डूब गया और अपनी बेटी को याद किया।
कुछ समय बाद, अभिनेत्री को एहसास हुआउसने अपने छोटे बेटे को छोड़ दिया, और उसका पूरा ध्यान उसके पास बदल दिया। महिला के अनुसार, उसने उसे आत्महत्या से बचाया। लुडविग पर सभी अनुचित प्यार पर फैलते हुए, उसने उसे खराब कर दिया। केवल कई सालों बाद, बारबरा अतीत में त्रासदी छोड़ने में सक्षम था, हालांकि अब तक अप्रत्याशित हिस्टिक्स उसके साथ होता है।
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फिल्म, एक नौ छिहत्तर में स्क्रीन पर रिलीज़ हुई"भाग्य की विडंबना, या एक हल्की भाप के साथ!" लाखों दर्शकों के लिए अभी भी दिलचस्प है। इस फिल्म के लिए धन्यवाद कि कई सोवियत नागरिक घर पर जाने वाली पोलिश अभिनेत्री से परिचित हो गए। महान महिमा के अलावा, इस आकर्षक महिला को एक भयंकर दुःख से गुजरना पड़ा। बीस से अधिक वर्षों के लिए, बारबरा ब्रिस्का अपनी आत्मा में दर्दनाक बोझ पीड़ित कर रही है - एक कार दुर्घटना में अभिनेत्री की बेटी की मौत हो गई थी। नाडिया शेवेलेवा की भूमिका में कल्पना करना मुश्किल हैबारबरा ब्राइस्की, और एक और अभिनेत्री। साथ ही साथ अन्य अभिनेता एंड्रयू सॉफ्ट में जगह नहीं लगा सकते हैं। अपनी फिल्म रियाज़ानोव के मुख्य पात्रों की पसंद में बस याद नहीं आया। सबसे पहले, आलोचकों को परेशान किया गया थाः क्या वास्तव में सोवियत अभिनेत्री में यह था कि नादिया खेलने के योग्य नहीं थे? वैसे, कई लोगों ने इस भूमिका की कोशिश की -Lyudmila Gurchenko, वैलेंटाइना Talyzina, एंटोनिना Shuranova, स्वेतलाना Nemolyayeva, ओल्गा Volkova और मरीना मेरिमसन। किसी भी तरह फिल्म के रचनाकारों ने महसूस किया कि नादिया की भूमिका से निपटने का सबसे अच्छा तरीका बारबरा ब्राइस्का द्वारा प्रबंधित किया जाएगा। बेटी ने अपने पसंदीदा काम में अभिनेत्री के हित को ढका दिया। हालांकि अभिनय करियर में ब्रिस्की की गतिविधि बहुत पहले घटने लगी - बस "भाग्य की लौह ..." में शूटिंग के बाद। पाँच जून, एक नौ इकतालीस को स्कॉट्निकी के पोलिश शहर मेंएक तालाब और ड्रेसमेकर की पुत्री - बारबरा ब्राइस्का का जन्म हुआ था। पड़ोसी शहर में उन्होंने थिएटर और सिनेमा के हायर स्कूल से स्नातक की उपाधि प्राप्त की, और पहले से ही एक नौ अट्ठावन में पहली बार "गैलोशेस ऑफ हैप्पीनेस" फिल्म में स्क्रीन पर दिखाई दिया। उनके लिए असली सफलता केवल आठ साल बाद आई, जब बारबरा ने लगातार तीन फिल्मों में अभिनय किया। अभिनेत्री की लोकप्रियता न केवल अपने मूल में हैदेश, लेकिन यूगोस्लाविया, चेकोस्लोवाकिया, बुल्गारिया और जीडीआर में भी। एक नौ छिहत्तर तक, सोवियत दर्शक उन्हें न केवल विदेशी फिल्मों में जान सकते थे, क्योंकि उन्होंने सोवियत निदेशकों द्वारा गोली मार दी गई दो फिल्मों में हिस्सा लिया था। यह "शहरों और वर्षों" और "लिबरेशन" के बारे में है। ऐसी अविश्वसनीय सफलता होने के बाद, अभिनेत्री वास्तव में खुश थी। बारबरा की बेटी के साथ क्या हुआ, उसके लिए यह आंतरिक खुशी उसके जीवन के अंत तक जारी रह सकती है। ब्राइसस्का इस त्रासदी के बारे में बहुत चिंतित था। सोवियत के बीच विशाल सफलता के बादनागरिक बारबरा ब्राइस्की को अपनी मूल भूमि में स्पष्ट रूप से गिरने वाले ब्याज के साथ मुलाकात की गई थी। कई ने उसे एक गद्दार माना। लोकप्रिय महिला के लोकप्रिय पात्रों में बदलाव की वजह से एक महिला को फिल्माने के लिए शायद ही कभी आमंत्रित किया जाना शुरू हो गया। दर्शकों को आक्रामक और दृढ़ नायिकाओं का अधिक शौक था, और यह ब्राइस्काया में बस वहां नहीं था। अभिनय में एक लंबे ब्रेक के बाददो हज़ार की शुरुआत से उन्होंने नाटकीय प्रस्तुतियों में भाग लेने लगे और रूसी, यूक्रेनी और पोलिश सिनेमा में कई भूमिका निभाई। अपनी बेटी की मौत के बाद, बारबरा कोसमल, अभिनेत्री अभी भी पूरी तरह से ठीक नहीं हो सकती है। कोई भी भूमिका कभी भी उसकी पूर्व उत्साह में वापस नहीं आ सकती है। बारबरा ब्राइल्स्का के जीवन में कई पुरुष थे।उनमें से दो के साथ वह आधिकारिक तौर पर शादी कर ली गई थी। अभिनेत्री के मुताबिक, वह केवल अपने जीवन को एक सुन्दर आदमी से जोड़ सकती थी, और फिर भी उनमें से प्रत्येक के साथ नहीं। ब्रिसल्का ने अपने पहले आधिकारिक पति से मुलाकात की जब वह केवल सत्रह थीं। बारबरा स्कूल से स्नातक होने के तुरंत बाद, उनके अशांत रिश्ते विवाह में समाप्त हुए। कानों से प्यार में एक लड़की, अपने पति के अनुरोध पर, नाटकीय कला को पूरी तरह से परिवार को समर्पित करने के लिए शिक्षण देने के लिए छोड़ दिया। एक साल बाद, उसने अभी भी फिल्म "द फारोन" में अभिनय किया, जहां वह जेर्ज़ी ज़ेलनिक से मिलता है। उनके पास भावुक है, लेकिन छोटा हैएक उपन्यास, जिसमें बारबरा के प्यारे पति अपनी आंखें बंद कर देते हैं। हालांकि, एक और प्रसिद्ध पोलिश अभिनेता के साथ दूसरी प्रेम कहानी के बाद, जिसके साथ उसे सेट को विभाजित करना पड़ा, उसकी शादी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह उपन्यास था जिसने अभिनेत्री के अनुसार अपने पहले संघ को नष्ट कर दिया, उसके जीवन में सबसे उत्साही प्यार के साथ। उन्होंने जो शादी की योजना बनाई वह नहीं हुई। इसके बाद, बारबरा गहरे में गिर जाता हैअवसाद, जिससे यह एक नया शौक पाने में मदद करता है। उनकी वस्तु एक स्त्री रोग विशेषज्ञ लुडविग कोसमल थी। उनकी शादी अट्ठारह साल तक चली, जो आश्चर्यजनक है, एक आदमी के भारी चरित्र और उनकी पत्नी के निरंतर विश्वासघात को देखते हुए। अपने पति पर बदला लेने के लिए, बारबरा ने फिल्म "एनाटॉमी ऑफ लव" के लिए घृणित रूप से वापस ले लिया, जहां एक बार नग्न में दर्शकों के सामने नहीं दिखाई देता था। इस भूमिका के बाद, वह अपने देश में एक सेक्स प्रतीक बन गई। एक नौ तिहत्तर में, इस विवाह से, एक बेटी दिखाई देती है,बारबरा कोसमल। लड़की की तस्वीर ने अपनी मां के साथ अपनी महान समानता की गवाही दी है, जिसने उसे अपनी मां से कम गौरवशाली भविष्य का वादा किया था। मां के नाम से बेटी को बुलाकर ब्रायल्स्का ने उसे साबित कर दिया कि वह उसका जैविक पिता था। बारबरा ब्राइल्स्का ने कहा, बस्या की बेटी अंदर थीउनके परिवार को बहुत लंबे समय से प्रतीक्षित बच्चा। इससे पहले, उसे कई गर्भपात हुआ था। और जब बहुत कम उम्मीदें थीं, उनकी बेटी जीवित रहने में कामयाब रही। डॉक्टरों ने कई दिनों तक अपने जीवन के लिए लड़ा। फिर वे जीते। हालांकि, लड़की को लंबे जीवन जीने के लिए कभी नियत नहीं किया गया था। बारबरा ब्रिस्का, जिनकी बेटी असाधारण थीसुंदर और प्रतिभाशाली, उसके क्रोविनशकोय पर बहुत गर्व है। उत्कृष्ट बाहरी डेटा ने लड़की को मॉडलिंग व्यवसाय करने की अनुमति दी। लेकिन, इसके अलावा, वह अपनी मां के चरणों में पालन करना चाहती थी - पहले से ही पंद्रह वर्ष की उम्र में उसने पहली बार फिल्म में उसके साथ अभिनय किया था। इसके अलावा, बसिया कोसमल में कई और एपिसोडिक भूमिकाएं थीं। जेर्ज़ी हॉफमैन की फिल्म "फायर एंड" में मुख्य पात्र की भूमिकातलवार "बारबरा कोसमल कभी नहीं खेला, और इसका कारण उसकी अप्रत्याशित, दुखद मौत थी। लड़की ने एक निन्यानवे तीन में अपनी जिंदगी खो दी, जिससे उसकी मां के दिल में गहराई से खून बह रहा था। अपरिवर्तनीय के आधार पर परिवार में लगातार घोटालेधर्मनिरपेक्ष जीवन और तूफानी दलों के साथ-साथ कई अन्य कारणों के लिए लुडविग के प्यार ने अभी भी विवाह को विघटित कर दिया है। तलाक के अशांत उपन्यासों के बाद, बारबरा ब्रिस्का के प्रेम मामलों ने उन्हें लंबे समय से प्रतीक्षित महिला खुशी नहीं दी। हालांकि, इस समय तक, अभिनेत्री ने पूरी तरह से अन्य चीजों से खुशी प्राप्त करना सीखा है। विशाल खुशी Brylskaya अपने बच्चों को लाया।एक नौ बयासी में, जब अभिनेत्री बयालीस वर्ष की हो गई, तो उसका जीवन वास्तव में वफादार आदमी था - एक छोटा बेटा। लुडविग और बासिया कोसमल उनके लिए बन गए जो उन्होंने खुद को समर्पित करने का फैसला किया। एक निन्यानवे तीन की दुखद घटनाओं के बाद, केवल बेटा अभिनेत्री के जीवन में ही रहा। पंद्रह मई, एक निन्यानवे तीन का सबसे भयानक दिन थाबारबरा ब्राइल्स्का का अनुभव हुआ - उसकी बेटी उस दिन दुखद रूप से मर गई। यह सब तब हुआ जब एक लड़की, जो फरवरी में केवल बीस वर्ष की थी, शहर के बाहर आराम करने के लिए अपने प्रेमी, सवेली नाम से यात्रा कर रही थी। उस समय, जवान आदमी के पास एक छोटा सा ड्राइविंग अनुभव थाः उसे कुछ महीने पहले अधिकार मिला। ड्राइविंग का थोड़ा सा अनुभव होने के कारण, सवेली बस नहीं करता हैबारी पर नियंत्रण के साथ मुकाबला और पूरी गति से पेड़ में उड़ गया। दुर्घटना के बाद के कुछ मिनटों में लड़की जीवित बनी रही, उसने कई बार अपनी आँखें खोली। लड़के की चिल्लाहट के नीचे लड़की थोड़ी देर बाद मर गईः "बासिया, मर मत जाओ!" बारबरा कोसमल, जिसमें से फोटो पृष्ठों से भरा थापोलिश और विदेशी पत्रिकाओं, मौत के समय एक सफल मॉडल और एक महत्वाकांक्षी अभिनेत्री थी। उसके साथ हुई दुर्घटना लड़की और उसकी मां की प्रतिभा के सभी प्रेमियों के लिए एक बड़ा झटका बन गई। लेकिन वह निश्चित रूप से ब्रैस्की के लिए एक त्रासदी बन गई। बारबरा कोसमल, जिनके अंतिम संस्कार ने उनके सभी प्रशंसकों को एक साथ लाया, उनकी मां की आंखों के सामने लंबे समय तक खड़े थे। बारबरा ने उसे कविता लिखी, लगातार अपनी तस्वीरों को देखा और बिना किसी घटना के दूसरों को अपनी बेटी के बारे में बात की। लगभग तीन साल ब्रिस्का गहरे अवसाद में रहे - व्यावहारिक रूप से घर नहीं छोड़ा, शराब में दुःख डूब गया और अपनी बेटी को याद किया। कुछ समय बाद, अभिनेत्री को एहसास हुआउसने अपने छोटे बेटे को छोड़ दिया, और उसका पूरा ध्यान उसके पास बदल दिया। महिला के अनुसार, उसने उसे आत्महत्या से बचाया। लुडविग पर सभी अनुचित प्यार पर फैलते हुए, उसने उसे खराब कर दिया। केवल कई सालों बाद, बारबरा अतीत में त्रासदी छोड़ने में सक्षम था, हालांकि अब तक अप्रत्याशित हिस्टिक्स उसके साथ होता है।
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Tren 4 fili ezdi :Sri Lanka'da yolcu treninin fil sürüsüne çarpması sonucu dört fil yaşamını yitirdi. Zaman zaman benzer kazaların meydana geldiği Sri Lanka'da son kazanın şimdiye kadar olan en ölümlü kaza olduğu belirtiliyor.
श्रीलंका के समाचार पत्रों के अनुसार, श्रीलंका की राजधानी कोलंबो जाने वाली पैसेंजर ट्रेन, राजधानी के उत्तर में 250 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मदु ओच चेडिकुलम शहरों के बीच जंगल में हाथियों के झुंड में गिर गई। क्षेत्र के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक हाथी शावक दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद एक्सएनयूएमएक्स मीटर की ओर बढ़ गया।
इस तथ्य के बावजूद कि हाथियों को श्रीलंका में पवित्र माना जाता है, हर साल लगभग सौ हाथियों को दुर्घटनाओं या नाराज किसानों द्वारा मार दिया जाता है।
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Tren चार fili ezdi :Sri Lanka'da yolcu treninin fil sürüsüne çarpması sonucu dört fil yaşamını yitirdi. Zaman zaman benzer kazaların meydana geldiği Sri Lanka'da son kazanın şimdiye kadar olan en ölümlü kaza olduğu belirtiliyor. श्रीलंका के समाचार पत्रों के अनुसार, श्रीलंका की राजधानी कोलंबो जाने वाली पैसेंजर ट्रेन, राजधानी के उत्तर में दो सौ पचास किलोग्राममीटर की दूरी पर स्थित मदु ओच चेडिकुलम शहरों के बीच जंगल में हाथियों के झुंड में गिर गई। क्षेत्र के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक हाथी शावक दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद एक्सएनयूएमएक्स मीटर की ओर बढ़ गया। इस तथ्य के बावजूद कि हाथियों को श्रीलंका में पवित्र माना जाता है, हर साल लगभग सौ हाथियों को दुर्घटनाओं या नाराज किसानों द्वारा मार दिया जाता है।
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HC ने योगी सरकार से कहा- 8 हफ्ते में बताएं जाट समुदाय को पिछड़े वर्ग में रखना है या नहीं?
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को 8 हफ्ते में जाट समुदाय को पिछड़े वर्ग में रखने या न रखने पर निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
इलाहाबादः इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को 8 हफ्ते में जाट समुदाय को पिछड़े वर्ग में रखने या न रखने पर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के राम सिंह केस के निर्देशों की अवहेलना नहीं की जा सकती।
आंकड़े न होने के आधार पर निर्णय लेने से नहीं बचा जा सकता। अगर आंकड़े नहीं है तो वह एक कमेटी गठित कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने जाट समुदाय को पिछड़े वर्ग से अलग करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने इस आदेश का पालन करने का निर्देश दिया था। पालन न करने पर यह याचिका दायर की गई है। जस्टिस अरुण टंडन और जस्टिस रेखा दीक्षित की खंडपीठ ने यह निर्णय मानवीर की याचिका पर दिया है।
इससे पहले भी हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को पिछड़े वर्ग से जाटों के बारे में निर्णय लेने का निर्देश दिया था। लेकिन आंकड़े नहीं होने के आधार पर सरकार ने निर्णय लेने में असमर्थता व्यक्त की और प्रत्यावेदन निरस्त कर दिया। जिसे चुनौती दी गई थी।
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HC ने योगी सरकार से कहा- आठ हफ्ते में बताएं जाट समुदाय को पिछड़े वर्ग में रखना है या नहीं? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को आठ हफ्ते में जाट समुदाय को पिछड़े वर्ग में रखने या न रखने पर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। इलाहाबादः इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को आठ हफ्ते में जाट समुदाय को पिछड़े वर्ग में रखने या न रखने पर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के राम सिंह केस के निर्देशों की अवहेलना नहीं की जा सकती। आंकड़े न होने के आधार पर निर्णय लेने से नहीं बचा जा सकता। अगर आंकड़े नहीं है तो वह एक कमेटी गठित कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने जाट समुदाय को पिछड़े वर्ग से अलग करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने इस आदेश का पालन करने का निर्देश दिया था। पालन न करने पर यह याचिका दायर की गई है। जस्टिस अरुण टंडन और जस्टिस रेखा दीक्षित की खंडपीठ ने यह निर्णय मानवीर की याचिका पर दिया है। इससे पहले भी हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को पिछड़े वर्ग से जाटों के बारे में निर्णय लेने का निर्देश दिया था। लेकिन आंकड़े नहीं होने के आधार पर सरकार ने निर्णय लेने में असमर्थता व्यक्त की और प्रत्यावेदन निरस्त कर दिया। जिसे चुनौती दी गई थी।
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फालसा में एंटीऑक्सीडेंट मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, कैल्शियम, पोटेशियम, सोडियम, आयरन आदि पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो स्वस्थ शरीर के लिए बहुत जरूरी हैं।
आयुर्वेद में काफी प्राचीन काल से ही फालसों का उपयोग होता चला आ रहा है। खट्टे मीठे स्वाद के कारण इसे बहुत पसंद किया जाता है। फालसे को नमक, कालीमिर्च और चाट मसाला मिलाकर खाया जाता है। कई अध्ययनों में इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि यह चेहरे की जलन और कालेपन को दूर करने के साथ ही हृदय रोग, डायबिटीज और लीवर रोग के लिए लाभदायक है। इसके अलावा यह शरीर में पानी की कमी दूर करता है। फालसा में एंटीऑक्सीडेंट मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, कैल्शियम, पोटेशियम, सोडियम, आयरन आदि पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो स्वस्थ शरीर के लिए बहुत जरूरी हैं। चलिए जानते हैं इनके नियमित सेवन से आपको क्या-क्या फायदे होते हैं।
एक अध्ययन के अनुसार, फालसा खाने से आपको रक्त संबंधी विकार से बचने में मदद मिलती है। इस फल में विटामिन सी की प्रचुर मात्रा होती है। जो आपके शरीर के लौह तत्व का अवशोषण कर रक्त संबंधी सभी विकारों को दूर कर देता है।
बारिश और गर्मी के मौसम में अक्सर फुंसी-फोड़े हो ही जाते हैं। यदि आप इनसे बचाव चाहते हैं तो फालसा का उपयोग अवश्य करें। फालसा के पेड़ की पत्तियां तथा छाल भी बहुत से रोगों का खात्मा करने के लिए कारगर होती हैं।
फालसे के पेड़ की छाल का लेप करने से शारीरिक पीड़ा दूर होती है। इसका लेप करने से गठिया रोग में भी लाभ होता है। फालसे के पेड़ की छाल का काढ़ा सेवन करने से गठिया का रोग मिट जाता है।
फालसा में विटामिन सी होता है जो शरीर में आयरन को अवशोषण करने में सहायक होता है। इसे लगातार एक महीने तक खाने से ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित किया जा सकता है।
अगर आपका पेट हमेशा खराब रहता है, तो आपके लिए फालसे का रस बेहतर है। फालसे के रस में गुलाब जल, मिश्री मिलाकर रोज पानी के साथ लेने से पेट की तकलीफे दूर होती हैं। इतना ही नहीं रोजाना थोड़ी अजवाइन को सेंक कर फालसे के रस में मिलाकर हल्का गर्म करके खाने से पेट की गर्मी खत्म होती है।
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फालसा में एंटीऑक्सीडेंट मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, कैल्शियम, पोटेशियम, सोडियम, आयरन आदि पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो स्वस्थ शरीर के लिए बहुत जरूरी हैं। आयुर्वेद में काफी प्राचीन काल से ही फालसों का उपयोग होता चला आ रहा है। खट्टे मीठे स्वाद के कारण इसे बहुत पसंद किया जाता है। फालसे को नमक, कालीमिर्च और चाट मसाला मिलाकर खाया जाता है। कई अध्ययनों में इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि यह चेहरे की जलन और कालेपन को दूर करने के साथ ही हृदय रोग, डायबिटीज और लीवर रोग के लिए लाभदायक है। इसके अलावा यह शरीर में पानी की कमी दूर करता है। फालसा में एंटीऑक्सीडेंट मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, कैल्शियम, पोटेशियम, सोडियम, आयरन आदि पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो स्वस्थ शरीर के लिए बहुत जरूरी हैं। चलिए जानते हैं इनके नियमित सेवन से आपको क्या-क्या फायदे होते हैं। एक अध्ययन के अनुसार, फालसा खाने से आपको रक्त संबंधी विकार से बचने में मदद मिलती है। इस फल में विटामिन सी की प्रचुर मात्रा होती है। जो आपके शरीर के लौह तत्व का अवशोषण कर रक्त संबंधी सभी विकारों को दूर कर देता है। बारिश और गर्मी के मौसम में अक्सर फुंसी-फोड़े हो ही जाते हैं। यदि आप इनसे बचाव चाहते हैं तो फालसा का उपयोग अवश्य करें। फालसा के पेड़ की पत्तियां तथा छाल भी बहुत से रोगों का खात्मा करने के लिए कारगर होती हैं। फालसे के पेड़ की छाल का लेप करने से शारीरिक पीड़ा दूर होती है। इसका लेप करने से गठिया रोग में भी लाभ होता है। फालसे के पेड़ की छाल का काढ़ा सेवन करने से गठिया का रोग मिट जाता है। फालसा में विटामिन सी होता है जो शरीर में आयरन को अवशोषण करने में सहायक होता है। इसे लगातार एक महीने तक खाने से ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित किया जा सकता है। अगर आपका पेट हमेशा खराब रहता है, तो आपके लिए फालसे का रस बेहतर है। फालसे के रस में गुलाब जल, मिश्री मिलाकर रोज पानी के साथ लेने से पेट की तकलीफे दूर होती हैं। इतना ही नहीं रोजाना थोड़ी अजवाइन को सेंक कर फालसे के रस में मिलाकर हल्का गर्म करके खाने से पेट की गर्मी खत्म होती है।
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"इस साल के अंत तक, प्रिमोर्स्की टेरिटरी और सखालिन क्षेत्र में तैनात बीबीओ मोटराइज्ड राइफल इकाइयां लेर -3 मानवरहित हवाई वाहन प्राप्त करेंगी। आधुनिक यूएवी के कई सेटों को इन सैन्य इकाइयों तक पहुंचाया जाएगा, "आरआईए ने गोर्डीव के शब्दों को उद्धृत किया। "समाचार".
प्रेस सेवा के प्रमुख ने कहा कि अभ्यास की प्रगति की निगरानी करने, सैन्य सुविधाओं की स्थिति की जांच करने और इलाके का अध्ययन करने के लिए ड्रोन का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा, इस यूएवी के संशोधनों में से एक का उपयोग करके, रेडियो हस्तक्षेप का उपयोग करके दुश्मन के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को दबाना संभव है।
2013-2014 में, पूर्वी सैन्य जिले की इकाइयों को पहले से ही विभिन्न उद्देश्यों के लिए रूसी मानवरहित हवाई वाहनों के 30 से अधिक सेट मिले हैं।
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"इस साल के अंत तक, प्रिमोर्स्की टेरिटरी और सखालिन क्षेत्र में तैनात बीबीओ मोटराइज्ड राइफल इकाइयां लेर -तीन मानवरहित हवाई वाहन प्राप्त करेंगी। आधुनिक यूएवी के कई सेटों को इन सैन्य इकाइयों तक पहुंचाया जाएगा, "आरआईए ने गोर्डीव के शब्दों को उद्धृत किया। "समाचार". प्रेस सेवा के प्रमुख ने कहा कि अभ्यास की प्रगति की निगरानी करने, सैन्य सुविधाओं की स्थिति की जांच करने और इलाके का अध्ययन करने के लिए ड्रोन का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा, इस यूएवी के संशोधनों में से एक का उपयोग करके, रेडियो हस्तक्षेप का उपयोग करके दुश्मन के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को दबाना संभव है। दो हज़ार तेरह-दो हज़ार चौदह में, पूर्वी सैन्य जिले की इकाइयों को पहले से ही विभिन्न उद्देश्यों के लिए रूसी मानवरहित हवाई वाहनों के तीस से अधिक सेट मिले हैं।
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राँचीः झारखंड के हजारीबाग में धोखे से प्रतिबंधित माँस और शराब को परोसा गया. जब लोगों को इस बारे में पता चला कि यह माँस प्रतिबंधित है तो उन्होंने इस का विरोध किया। इस घटना को अंजाम देने वाले आरोपित पहले से ही तैयार थे। नतीजतन आरोपियों ने सभी को हथियार दिखाए, धमकाया और चुप रहने को कहा, अब तुम्हारा धर्म बदल गया है। बता दें, यह मामला बानगी है जिस क़दर धर्म को धोखे या ज़ोर-जबरदस्ती तरीके से तब्दील किया जाता है. लोगों को गुमराह किया जाता है.
बहरहाल आपको बता दें, यह अनोखा मामला नहीं है बल्कि यह मामला धर्मांतरण के इस अंधे खेल की पहचान है, जो दिन-ब-दिन ताकत हासिल करता जा रहा है. खास बात यह है कि लोगों को न सिर्फ धर्म बदलने की धमकी दी जाती है, बल्कि उन्हें बिना किसी खौफ के धमकाया और पीटा जाता है और जबरदस्ती भी की जाती है। सबसे अहम बात यह है कि यह धर्म परिवर्तन कानूनी या धार्मिक तौर पर नहीं हो रहा है। इसके लिए धर्म के ठेकेदारों ने बड़े ही अनोखे और हैरान करने वाले नियम-कायदे बना रखे हैं.
ऐसे ही एक नहीं बल्कि सैकड़ों मामले में धोखे से प्रतिबंधित माँस खिलाकर धर्म परिवर्तन का प्रयास किया गया, वहीं इससे पहले झारखंड के साहिबगंज जिले में इसे खाने से मना करने पर एक युवक की पिटाई कर दी गई. उसी तरह, कई सारे जिहाद के मामलों में यह सामने आया कि शादी के बाद लड़की को वर्जित माँस खाने के लिए मजबूर किया गया हो या फिर गुमराह करके खिलाया हो और न खाने पर मार-पिटाई की गई हो.
राजस्थान के जोधपुर में गरीबों को खाना मुहैया कर धर्म बदलवाने का मामला सामने आया है. इस मामले को लेकर पिछले साल मई में भी प्रदर्शन हुए थे। बिहार में रहने वाले परिवार ने कहा कि उन्हें अपना पेट पालने के लिए धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया था। इसी तरह, मध्य प्रदेश के इंदौर में, एक पति-पत्नी ने लगभग 400 लोगों को बीआरजी कॉलेज कैंपस में रात के खाने पर बुलाया था। पुलिस पहुंची तो भगदड़ मच गई। जांच की गई तो मामला धर्मांतरण का निकला।
कानपुर के एक इलाके में बीते दिनों धर्म परिवर्तन के कई कारण सामने आए थे. खबरों के मुताबिक, पहले वहां मौजूद लोगों को पर्चे बांटे गए, फिर पढ़ने के लिए किताब दी गई। इसके बाद उन्हें शैतान का भय दिखाया गया। उनकी तमाम परेशानियों के लिए शैतान को जिम्मेदार बताया गया है। उनसे कहा गया कि जब तुम अपना धर्म बदलोगे तब यह शैतान दूर हो जाएगा और इसका फल तुम्हें तभी मिलेगा।
कानपुर के घाटमपुर में गरीब परिवार भ्रष्टाचार और शादी का लालच देकर धर्म परिवर्तन करवा रहे हैं. जानकारी के मुताबिक गरीब परिवारों के युवकों को यह कहकर शादी करने का लालच दिया जाता है कि शादी के बाद उनका धर्म बदल जाएगा और उन्हें पूजा छोड़नी पड़ेगी. इसके लिए उन्हें 10 हजार रुपए तक का लालच या रिश्वत भी मिलती है। इस मामले में पुलिस ने करीब दस लोगों को गिरफ्तार भी किया था.
धर्म को तब्दील करने के लिए अंधविश्वास की हद पार कर दी जाती है। बता दें, बनारस में राजेश नाम के एक हिंदू ने कई साल पहले ईसाई धर्म अपना लिया था. जब पूछताछ की गई, तो उसने दावा किया कि उसकी बहन 16 साल से ब्लड कैंसर से पीड़ित थी और बिस्तर पर पड़ी थी। एक पवित्र पुस्तक को पढ़ने से वह एकदम से ठीक हो गई. इसी तरह साल 2014 में शिवसेना के एक नेता ने ईसाई धर्म अपना लिया था। उसने कहा कि उसके बचने की कोई उम्मीद नहीं थी, उसे ऑपरेटिंग टेबल पर मृत करार कर दिया गया। बहन और दोस्तों की प्रेयर के बाद वह जीवित हो गया. अब वह एक पास्टर हैं.
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उर्फी ने पहनी एयरपोर्ट पर ब्रा, लोग बोले ये क्या है......?
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राँचीः झारखंड के हजारीबाग में धोखे से प्रतिबंधित माँस और शराब को परोसा गया. जब लोगों को इस बारे में पता चला कि यह माँस प्रतिबंधित है तो उन्होंने इस का विरोध किया। इस घटना को अंजाम देने वाले आरोपित पहले से ही तैयार थे। नतीजतन आरोपियों ने सभी को हथियार दिखाए, धमकाया और चुप रहने को कहा, अब तुम्हारा धर्म बदल गया है। बता दें, यह मामला बानगी है जिस क़दर धर्म को धोखे या ज़ोर-जबरदस्ती तरीके से तब्दील किया जाता है. लोगों को गुमराह किया जाता है. बहरहाल आपको बता दें, यह अनोखा मामला नहीं है बल्कि यह मामला धर्मांतरण के इस अंधे खेल की पहचान है, जो दिन-ब-दिन ताकत हासिल करता जा रहा है. खास बात यह है कि लोगों को न सिर्फ धर्म बदलने की धमकी दी जाती है, बल्कि उन्हें बिना किसी खौफ के धमकाया और पीटा जाता है और जबरदस्ती भी की जाती है। सबसे अहम बात यह है कि यह धर्म परिवर्तन कानूनी या धार्मिक तौर पर नहीं हो रहा है। इसके लिए धर्म के ठेकेदारों ने बड़े ही अनोखे और हैरान करने वाले नियम-कायदे बना रखे हैं. ऐसे ही एक नहीं बल्कि सैकड़ों मामले में धोखे से प्रतिबंधित माँस खिलाकर धर्म परिवर्तन का प्रयास किया गया, वहीं इससे पहले झारखंड के साहिबगंज जिले में इसे खाने से मना करने पर एक युवक की पिटाई कर दी गई. उसी तरह, कई सारे जिहाद के मामलों में यह सामने आया कि शादी के बाद लड़की को वर्जित माँस खाने के लिए मजबूर किया गया हो या फिर गुमराह करके खिलाया हो और न खाने पर मार-पिटाई की गई हो. राजस्थान के जोधपुर में गरीबों को खाना मुहैया कर धर्म बदलवाने का मामला सामने आया है. इस मामले को लेकर पिछले साल मई में भी प्रदर्शन हुए थे। बिहार में रहने वाले परिवार ने कहा कि उन्हें अपना पेट पालने के लिए धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया था। इसी तरह, मध्य प्रदेश के इंदौर में, एक पति-पत्नी ने लगभग चार सौ लोगों को बीआरजी कॉलेज कैंपस में रात के खाने पर बुलाया था। पुलिस पहुंची तो भगदड़ मच गई। जांच की गई तो मामला धर्मांतरण का निकला। कानपुर के एक इलाके में बीते दिनों धर्म परिवर्तन के कई कारण सामने आए थे. खबरों के मुताबिक, पहले वहां मौजूद लोगों को पर्चे बांटे गए, फिर पढ़ने के लिए किताब दी गई। इसके बाद उन्हें शैतान का भय दिखाया गया। उनकी तमाम परेशानियों के लिए शैतान को जिम्मेदार बताया गया है। उनसे कहा गया कि जब तुम अपना धर्म बदलोगे तब यह शैतान दूर हो जाएगा और इसका फल तुम्हें तभी मिलेगा। कानपुर के घाटमपुर में गरीब परिवार भ्रष्टाचार और शादी का लालच देकर धर्म परिवर्तन करवा रहे हैं. जानकारी के मुताबिक गरीब परिवारों के युवकों को यह कहकर शादी करने का लालच दिया जाता है कि शादी के बाद उनका धर्म बदल जाएगा और उन्हें पूजा छोड़नी पड़ेगी. इसके लिए उन्हें दस हजार रुपए तक का लालच या रिश्वत भी मिलती है। इस मामले में पुलिस ने करीब दस लोगों को गिरफ्तार भी किया था. धर्म को तब्दील करने के लिए अंधविश्वास की हद पार कर दी जाती है। बता दें, बनारस में राजेश नाम के एक हिंदू ने कई साल पहले ईसाई धर्म अपना लिया था. जब पूछताछ की गई, तो उसने दावा किया कि उसकी बहन सोलह साल से ब्लड कैंसर से पीड़ित थी और बिस्तर पर पड़ी थी। एक पवित्र पुस्तक को पढ़ने से वह एकदम से ठीक हो गई. इसी तरह साल दो हज़ार चौदह में शिवसेना के एक नेता ने ईसाई धर्म अपना लिया था। उसने कहा कि उसके बचने की कोई उम्मीद नहीं थी, उसे ऑपरेटिंग टेबल पर मृत करार कर दिया गया। बहन और दोस्तों की प्रेयर के बाद वह जीवित हो गया. अब वह एक पास्टर हैं. यह भी पढ़ेंः उर्फी ने पहनी एयरपोर्ट पर ब्रा, लोग बोले ये क्या है......?
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बीजिंगः भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में महीनों तक चले बॉर्डर विवाद को लेकर दोनों के बीच शनिवार को कॉर्प्स कमांडर स्तर की मीटिंग हुई। वहीं, मीटिंग से एक दिन पूर्व चीन सरकार ने अपने मुखपत्र में कहा है दी कि वह एक इंच भी क्षेत्र नहीं छोड़ेगा। हालांकि, मुखपत्र में बीजिंग ने कहा कि वह नई दिल्ली के साथ अच्छे पड़ोसी रिश्ते चाहता है।
ग्लोबल टाइम्स में प्रकाशित लेख में कहा गया है कि चीन भारत की दुर्गति नहीं करना चाहता। बीते कई दशकों में अच्छे-पड़ोसी संबंध चीन की मूल राष्ट्रीय नीति रही है और चीन बॉर्डर विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का पालन करता है। हमारे पास भारत को अपना दुश्मन बनाने की कोई वजह नहीं है। इसमें स्पष्ट कहा गया है कि चीन एक इंच भी भूमि नहीं छोड़ेगा। भारत एक रणनीतिक गलतफहमी पैदा कर चीन के इलाके में घुसा, किन्तु चीन ने कभी इसकी निंदा नहीं की। हालांकि, चीन मजबूत प्रतिवाद करने के लिए विवश है।
चीन ने कहा कि हमारा मानना है कि भारत अच्छी तरह जानता है कि चीन, सीमा क्षेत्र के साथ किसी भी चीन-भारत आर्मी ऑपरेशन में नुकसान नहीं पहुंचाएगा। अखबार में कहा गया कि भारत चीन-भारत सहयोग के साथ एक शांतिपूर्ण वैश्विक माहौल का आनंद उठाएगा। इसमें कहा गया है कि यदि दोनों देश सीमा विवाद को लेकर आमने-सामने आते हैं, तो पूरा हिमालय क्षेत्र और भारतीय उपमहाद्वीप इससे अस्थिर हो जाएगा। कोई भी बाहरी ताकत इसे बदल नहीं पाएगी। सीमा क्षेत्र के साथ शांति स्थापित करना और दोस्ताना सहयोग दोनों देशों के लिए लाभकारी होगा।
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बीजिंगः भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में महीनों तक चले बॉर्डर विवाद को लेकर दोनों के बीच शनिवार को कॉर्प्स कमांडर स्तर की मीटिंग हुई। वहीं, मीटिंग से एक दिन पूर्व चीन सरकार ने अपने मुखपत्र में कहा है दी कि वह एक इंच भी क्षेत्र नहीं छोड़ेगा। हालांकि, मुखपत्र में बीजिंग ने कहा कि वह नई दिल्ली के साथ अच्छे पड़ोसी रिश्ते चाहता है। ग्लोबल टाइम्स में प्रकाशित लेख में कहा गया है कि चीन भारत की दुर्गति नहीं करना चाहता। बीते कई दशकों में अच्छे-पड़ोसी संबंध चीन की मूल राष्ट्रीय नीति रही है और चीन बॉर्डर विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का पालन करता है। हमारे पास भारत को अपना दुश्मन बनाने की कोई वजह नहीं है। इसमें स्पष्ट कहा गया है कि चीन एक इंच भी भूमि नहीं छोड़ेगा। भारत एक रणनीतिक गलतफहमी पैदा कर चीन के इलाके में घुसा, किन्तु चीन ने कभी इसकी निंदा नहीं की। हालांकि, चीन मजबूत प्रतिवाद करने के लिए विवश है। चीन ने कहा कि हमारा मानना है कि भारत अच्छी तरह जानता है कि चीन, सीमा क्षेत्र के साथ किसी भी चीन-भारत आर्मी ऑपरेशन में नुकसान नहीं पहुंचाएगा। अखबार में कहा गया कि भारत चीन-भारत सहयोग के साथ एक शांतिपूर्ण वैश्विक माहौल का आनंद उठाएगा। इसमें कहा गया है कि यदि दोनों देश सीमा विवाद को लेकर आमने-सामने आते हैं, तो पूरा हिमालय क्षेत्र और भारतीय उपमहाद्वीप इससे अस्थिर हो जाएगा। कोई भी बाहरी ताकत इसे बदल नहीं पाएगी। सीमा क्षेत्र के साथ शांति स्थापित करना और दोस्ताना सहयोग दोनों देशों के लिए लाभकारी होगा।
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नई दिल्लीः
Kadha To Increase Immunity : आम सर्दी-जुकाम हो या कोरोना से लड़ने के लिए इम्यूनिटी बढ़ानी हो, हमें काढ़े की ही याद आती है. दादी और मां के हाथ का काढ़ा सभी को नहीं मिलता और जब खुद बनाना हो तो हम जाने अनजाने में अपनी सेहत से खिलवाड़ कर लेते हैं. काढ़े (kadha) में कई तरह के मसाले और जड़ी-बूटियां डलती हैं जिनकी मात्रा का बराबर ध्यान रखना जरूरी है. ये जितना फायदेमंद है उतने ही इसके दुष्प्रभाव भी हैं अगर आप सावधानी नहीं बरतते. आइए जानें कि काढ़ा बनाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और कौन-सी गलतियां नहीं करनी चाहिए.
- वो कहते हैं ना कि अति किसी भी चीज की बुरी होती है. ये काढ़े के संदर्भ में भी बिल्कुल ठीक बैठता है. जब आप काढ़ा (kadha) बनाएं तो किसी भी सामग्री को जरूरत से ज्यादा ना डालें खासकर मसालों को. ज्यादा मात्रा में मसाले डालने से कब्ज की समस्या भी हो सकती है. साथ ही, मासिक धर्म का अनियमित होना भी इसका एक दुष्प्रभाव है.
- काढ़ा रोजाना एक से ज्यादा बार, वो भी केवल एक कप से ज्यादा, नहीं पीना चाहिए. रोजाना ज्यादा काढ़ा (kadha) पीने से लीवर में इन्फेक्शन की समस्या हो सकती है. ये लीवर फेलियर का कारण भी बन सकता है.
- काढ़ा एक-साथ ना बहुत ज्यादा मात्रा में बनाना चाहिए और ना बहुत ज्यादा पीना चाहिए. कोरोना के डर से काढ़े (kadha) को आप पानी का रिप्लेसेंट बनाकर ना पीने लगें इस बात का ध्यान रखें. इससे हार्टबर्न की समस्या हो सकती है.
- लौंग, दालचीनी, सोंठ, काली मिर्च, इलायची आदि गर्म होते हैं जिससे शरीर में जरूरत से ज्यादा गर्माहट होने पर नाक से खून निकलने, छाले और एसिडिटी की समस्या हो सकती है.
- प्राकृतिक के नाम पर किसी भी चीज का काढ़ा ना बनाने लगें. जैसे हर पीली चीज सोना नहीं होती वैसे ही हर हरी चीज सेहत के लिए फायदेमंद नहीं होती.
- काढ़े में एक चुटकी से ज्यादा काली मिर्च ना डालें, अदरक और हल्दी कम डालें. हल्दी ज्यादा डालने से डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है.
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नई दिल्लीः Kadha To Increase Immunity : आम सर्दी-जुकाम हो या कोरोना से लड़ने के लिए इम्यूनिटी बढ़ानी हो, हमें काढ़े की ही याद आती है. दादी और मां के हाथ का काढ़ा सभी को नहीं मिलता और जब खुद बनाना हो तो हम जाने अनजाने में अपनी सेहत से खिलवाड़ कर लेते हैं. काढ़े में कई तरह के मसाले और जड़ी-बूटियां डलती हैं जिनकी मात्रा का बराबर ध्यान रखना जरूरी है. ये जितना फायदेमंद है उतने ही इसके दुष्प्रभाव भी हैं अगर आप सावधानी नहीं बरतते. आइए जानें कि काढ़ा बनाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और कौन-सी गलतियां नहीं करनी चाहिए. - वो कहते हैं ना कि अति किसी भी चीज की बुरी होती है. ये काढ़े के संदर्भ में भी बिल्कुल ठीक बैठता है. जब आप काढ़ा बनाएं तो किसी भी सामग्री को जरूरत से ज्यादा ना डालें खासकर मसालों को. ज्यादा मात्रा में मसाले डालने से कब्ज की समस्या भी हो सकती है. साथ ही, मासिक धर्म का अनियमित होना भी इसका एक दुष्प्रभाव है. - काढ़ा रोजाना एक से ज्यादा बार, वो भी केवल एक कप से ज्यादा, नहीं पीना चाहिए. रोजाना ज्यादा काढ़ा पीने से लीवर में इन्फेक्शन की समस्या हो सकती है. ये लीवर फेलियर का कारण भी बन सकता है. - काढ़ा एक-साथ ना बहुत ज्यादा मात्रा में बनाना चाहिए और ना बहुत ज्यादा पीना चाहिए. कोरोना के डर से काढ़े को आप पानी का रिप्लेसेंट बनाकर ना पीने लगें इस बात का ध्यान रखें. इससे हार्टबर्न की समस्या हो सकती है. - लौंग, दालचीनी, सोंठ, काली मिर्च, इलायची आदि गर्म होते हैं जिससे शरीर में जरूरत से ज्यादा गर्माहट होने पर नाक से खून निकलने, छाले और एसिडिटी की समस्या हो सकती है. - प्राकृतिक के नाम पर किसी भी चीज का काढ़ा ना बनाने लगें. जैसे हर पीली चीज सोना नहीं होती वैसे ही हर हरी चीज सेहत के लिए फायदेमंद नहीं होती. - काढ़े में एक चुटकी से ज्यादा काली मिर्च ना डालें, अदरक और हल्दी कम डालें. हल्दी ज्यादा डालने से डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है.
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कांग्रेस के मीडिया हेड ने कहा कि देश में सिर्फ 40 लोगों को Z+ सुरक्षा मिली है, फिर भी सरकार को इस 'ठग' के बारे में पता नहीं चला। खेड़ा ने सवाल किया, "क्या पीएमओ के किसी अफसर को Z+ सुरक्षा मिल सकती है? "
खुद को PMO का अतिरिक्त निदेशक बताकर एक शख्स ने पुलिस सुरक्षा हासिल करके LOC का कई महीनों तक दौरा किया। इतना ही नहीं उसने इस दौरान सरकारी महमान बनकर सारी सुविधाएं भी लीं।
साउथ दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगों के एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें भारतीय और नाइजीरियान नागरिक शामिल हैं।
दिल्ली में पुलिस ने ओला स्कूटी बेचने के नाम पर ठगी करने के एक गैंग का पर्दाफाश किया है। आरोपियों ने बेंगलुरु में रहकर ओला स्कूटी की एक फर्जी वेबसाइट डिजाइन की।
जब यह तीनों युवक कुवैत पहुंचे तो इनको यहां बकरी चराने का काम दिय गया। अब ना तो इन्हें वहां अच्छी सैलरी मिल रही, ना ही खाने पीने की मूलभूत सुविधाएं। खैर, ऐसा कुछ आपके साथ ना हो, इसके लिए हम आपको पांच आसान तरीके बता रहे हैं, जिन्हें अपना कर आप इन ठगों से बच सकते हैं।
दिल्ली पुलिस ने चीन की एक बड़ी साजिश को बेनकाब किया है। दिल्ली पुलिस के साइबर सेल ने चीनी एप्प के जरिये हजारों लोगों को लूटने वाले गोरखधंधे का भंडाफोड़ किया है।
उत्तराखंड पुलिस ने कोरोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में एक फर्जी कंपनी के 2 अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी के लोगों ने आवर्ती जमा (RD) और सावधि जमा (FD) के नाम पर निवेशकों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की थी।
अपनी तरह के पहले मामले में 3 लोगों ने 'प्रधानमंत्री शिशु योजना' के नाम पर 2 फर्जी वेबसाइट बनाकर देशभर में 15 हजार लोगों को चूना लगा दिया।
विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे धोखेबाजों के देश छोड़कर भाग जाने पर लगाम लगाने के लिए एक अंतर मंत्रालयी समिति ने पासपोर्ट कानून को कड़ा करने का सुझाव दिया है।
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कांग्रेस के मीडिया हेड ने कहा कि देश में सिर्फ चालीस लोगों को Z+ सुरक्षा मिली है, फिर भी सरकार को इस 'ठग' के बारे में पता नहीं चला। खेड़ा ने सवाल किया, "क्या पीएमओ के किसी अफसर को Z+ सुरक्षा मिल सकती है? " खुद को PMO का अतिरिक्त निदेशक बताकर एक शख्स ने पुलिस सुरक्षा हासिल करके LOC का कई महीनों तक दौरा किया। इतना ही नहीं उसने इस दौरान सरकारी महमान बनकर सारी सुविधाएं भी लीं। साउथ दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगों के एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें भारतीय और नाइजीरियान नागरिक शामिल हैं। दिल्ली में पुलिस ने ओला स्कूटी बेचने के नाम पर ठगी करने के एक गैंग का पर्दाफाश किया है। आरोपियों ने बेंगलुरु में रहकर ओला स्कूटी की एक फर्जी वेबसाइट डिजाइन की। जब यह तीनों युवक कुवैत पहुंचे तो इनको यहां बकरी चराने का काम दिय गया। अब ना तो इन्हें वहां अच्छी सैलरी मिल रही, ना ही खाने पीने की मूलभूत सुविधाएं। खैर, ऐसा कुछ आपके साथ ना हो, इसके लिए हम आपको पांच आसान तरीके बता रहे हैं, जिन्हें अपना कर आप इन ठगों से बच सकते हैं। दिल्ली पुलिस ने चीन की एक बड़ी साजिश को बेनकाब किया है। दिल्ली पुलिस के साइबर सेल ने चीनी एप्प के जरिये हजारों लोगों को लूटने वाले गोरखधंधे का भंडाफोड़ किया है। उत्तराखंड पुलिस ने कोरोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में एक फर्जी कंपनी के दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी के लोगों ने आवर्ती जमा और सावधि जमा के नाम पर निवेशकों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की थी। अपनी तरह के पहले मामले में तीन लोगों ने 'प्रधानमंत्री शिशु योजना' के नाम पर दो फर्जी वेबसाइट बनाकर देशभर में पंद्रह हजार लोगों को चूना लगा दिया। विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे धोखेबाजों के देश छोड़कर भाग जाने पर लगाम लगाने के लिए एक अंतर मंत्रालयी समिति ने पासपोर्ट कानून को कड़ा करने का सुझाव दिया है।
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नवलपरासी, १२ अप्रिल । नवलपरासी जिला बर्दघाट स्थित बुलिंगटार गाउंपालिका में एक जीप दुर्घटना होने के कारण एक व्यक्ति का निधन हुआ है और ८ लोग घायल हुए हैं । भारतीपुर से दलदले की ओर जा रहे ग१ज ५३३७ नम्बर के जीप बुलिंगटार- ५ और ६ के बीच में पड़नेवाला सिमार्दी में दुर्घटना हुई है । घायलों में से अधिकांश की अवस्था गम्भीर है । घटनास्थल दलदल से ३५ किलोमिटर उत्तर की ओर है । घटनास्थल में अभी तक पुलिस नहीं पहुंच पा रही है ।
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नवलपरासी, बारह अप्रिल । नवलपरासी जिला बर्दघाट स्थित बुलिंगटार गाउंपालिका में एक जीप दुर्घटना होने के कारण एक व्यक्ति का निधन हुआ है और आठ लोग घायल हुए हैं । भारतीपुर से दलदले की ओर जा रहे गएकज पाँच हज़ार तीन सौ सैंतीस नम्बर के जीप बुलिंगटार- पाँच और छः के बीच में पड़नेवाला सिमार्दी में दुर्घटना हुई है । घायलों में से अधिकांश की अवस्था गम्भीर है । घटनास्थल दलदल से पैंतीस किलोग्राममिटर उत्तर की ओर है । घटनास्थल में अभी तक पुलिस नहीं पहुंच पा रही है ।
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2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह अपनी पार्टी के "संपर्क फॉर समर्थन" अभियान पर निकले हुए हैं।
2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह अपनी पार्टी के 'संपर्क फॉर समर्थन' अभियान पर निकले हुए हैं। इस अभियान के तहत अमित शाह देश की बड़ी हस्तियों से मुलाकात कर रहे हैं।
अमित शाह मुंबई में सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन करने के बाद इसी कड़ी में आज शाम एनडीए में सहयोगी शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात करने मुंबई स्थित मातोश्री पहुंचे हैं।
जानकारी के लिए आपको बता दें कि अमित शाह की इस मुलाकात का मकसद शिवसेना के गिले-शिकवे दूर करना है। दरअसल, केंद्र और महाराष्ट्र सरकार में भाजपा की सहयोगी शिवसेना पिछले कुछ समय से नाराज चल रही है।
भाजपा होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले शिवसेना को मनाना चाहती है, क्योंकि एकजुट विपक्ष से निपटने के लिए भाजपा के सामने अपने सहयोगी दलों को साधने की रणनीति अपनाना जरूरी है।
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दो हज़ार उन्नीस में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह अपनी पार्टी के "संपर्क फॉर समर्थन" अभियान पर निकले हुए हैं। दो हज़ार उन्नीस में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह अपनी पार्टी के 'संपर्क फॉर समर्थन' अभियान पर निकले हुए हैं। इस अभियान के तहत अमित शाह देश की बड़ी हस्तियों से मुलाकात कर रहे हैं। अमित शाह मुंबई में सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन करने के बाद इसी कड़ी में आज शाम एनडीए में सहयोगी शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात करने मुंबई स्थित मातोश्री पहुंचे हैं। जानकारी के लिए आपको बता दें कि अमित शाह की इस मुलाकात का मकसद शिवसेना के गिले-शिकवे दूर करना है। दरअसल, केंद्र और महाराष्ट्र सरकार में भाजपा की सहयोगी शिवसेना पिछले कुछ समय से नाराज चल रही है। भाजपा होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले शिवसेना को मनाना चाहती है, क्योंकि एकजुट विपक्ष से निपटने के लिए भाजपा के सामने अपने सहयोगी दलों को साधने की रणनीति अपनाना जरूरी है।
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खबर के अनुसार बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन लि. (कम्फेड) की ओर से मंगलवार को बढ़ी कीमत की घोषणा कर दी जाएगी। नई कीमत राज्य के सभी जिलों में 11 नवंबर से लागू हो जाएगी और लोगों को नई कीमत पर सुधा दूध मिलेगी।
आपको बता दें की 46 रुपये प्रति लीटर का सुधा दूध 11 नवंबर 2021 से 49 रुपये प्रति लीटर मिलेगा। वहीं 43 रुपये का दूध 11 नवंबर से 46 रुपये में मिलेगा। इसको लेकर जल्द दिशा निर्देश जारी किया जायेगा। इसका सीधा असर आम आदमी पर पड़ेगा।
वहीं पनीर के 200 ग्राम के पैकेट पर पांच रुपये की बढ़ोतरी की गई है। लोगों को 11 नवंबर से 200 ग्राम पनीर पांच रुपये महंगा मिलेगा। हालांकि बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन लि. (कम्फेड) ने घी और दही की कीमतों में बढ़ोत्तरी नहीं की हैं।
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खबर के अनुसार बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन लि. की ओर से मंगलवार को बढ़ी कीमत की घोषणा कर दी जाएगी। नई कीमत राज्य के सभी जिलों में ग्यारह नवंबर से लागू हो जाएगी और लोगों को नई कीमत पर सुधा दूध मिलेगी। आपको बता दें की छियालीस रुपयापये प्रति लीटर का सुधा दूध ग्यारह नवंबर दो हज़ार इक्कीस से उनचास रुपयापये प्रति लीटर मिलेगा। वहीं तैंतालीस रुपयापये का दूध ग्यारह नवंबर से छियालीस रुपयापये में मिलेगा। इसको लेकर जल्द दिशा निर्देश जारी किया जायेगा। इसका सीधा असर आम आदमी पर पड़ेगा। वहीं पनीर के दो सौ ग्राम के पैकेट पर पांच रुपये की बढ़ोतरी की गई है। लोगों को ग्यारह नवंबर से दो सौ ग्राम पनीर पांच रुपये महंगा मिलेगा। हालांकि बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन लि. ने घी और दही की कीमतों में बढ़ोत्तरी नहीं की हैं।
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भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी (Nirav Modi) के खिलाफ ब्रिटेन (Britain) में चल रहे प्रत्यर्पण मामले में फैसला एक दिसंबर के बाद सुनाया जाएगा।
लंदन। भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी (Nirav Modi) के खिलाफ ब्रिटेन (Britain) में चल रहे प्रत्यर्पण मामले में फैसला एक दिसंबर के बाद सुनाया जाएगा। वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत (Westminster magistrate court) में गुरुवार को निर्धारित सुनवाई के दौरान जिला न्यायाधीश सैमुअल गूजी ने मामले की सात से 11 सितंबर के बीच दूसरे चरण की सुनवाई की तारीख निर्धारित की। अगले महीने होने वाले सुनवाई के दूसरे चरण में 49 वर्षीय भगोड़े नीरव मोदी के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला स्थापित करने पर बहस पूरी हो जाने की उम्मीद है। भारतीय अधिकारियों ने नीरव के प्रत्यर्पण का अनुरोध किया है और इस वर्ष की शुरुआत में ब्रिटिश गृहमंत्री प्रीति पटेल ने इसे प्रमाणित किया था।
नीरव मोदी पर सबूतों के गायब करने और गवाहों को धमकी देने का भी आरोप है। अदालत ने तीन नवंबर को अतिरिक्त सुनवाई भी निर्धारित की है। इसके बाद एक दिसंबर को दोनों पक्ष अपनी अंतिम दलीलें देंगे। नीरव मोदी पिछले साल मार्च में अपनी गिरफ्तारी के बाद से दक्षिण-पश्चिम लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद है और वह सात सितंबर को मुकदमे की सुनवाई शुरू होने तक हिरासत में रहेगा। उनका बचाव कर रही टीम ने इंग्लैंड की सबसे भीड़भाड़ वाली जेलों में से एक वैंड्सवर्थ में नीरव मोदी के बिगड़ते मानसिक स्वास्थ्य के बारे में भी चिंता जताई है।
उल्लेखनीय है कि नीरव मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक (PNB) को करीब 13 हजार करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है। फरवरी 2018 में जब पीएनबी घोटाला देश के सामने आया था, तभी नीरव मोदी फरार हो गया। उसके बाद उसे लंदन में गिरफ्तार किया गया। तब से लेकर अब तक उसकी देश में कई करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। नीरव के प्रत्यर्पण के लिए भारत निरंतर प्रयास कर रहा है।
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भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी के खिलाफ ब्रिटेन में चल रहे प्रत्यर्पण मामले में फैसला एक दिसंबर के बाद सुनाया जाएगा। लंदन। भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी के खिलाफ ब्रिटेन में चल रहे प्रत्यर्पण मामले में फैसला एक दिसंबर के बाद सुनाया जाएगा। वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत में गुरुवार को निर्धारित सुनवाई के दौरान जिला न्यायाधीश सैमुअल गूजी ने मामले की सात से ग्यारह सितंबर के बीच दूसरे चरण की सुनवाई की तारीख निर्धारित की। अगले महीने होने वाले सुनवाई के दूसरे चरण में उनचास वर्षीय भगोड़े नीरव मोदी के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला स्थापित करने पर बहस पूरी हो जाने की उम्मीद है। भारतीय अधिकारियों ने नीरव के प्रत्यर्पण का अनुरोध किया है और इस वर्ष की शुरुआत में ब्रिटिश गृहमंत्री प्रीति पटेल ने इसे प्रमाणित किया था। नीरव मोदी पर सबूतों के गायब करने और गवाहों को धमकी देने का भी आरोप है। अदालत ने तीन नवंबर को अतिरिक्त सुनवाई भी निर्धारित की है। इसके बाद एक दिसंबर को दोनों पक्ष अपनी अंतिम दलीलें देंगे। नीरव मोदी पिछले साल मार्च में अपनी गिरफ्तारी के बाद से दक्षिण-पश्चिम लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद है और वह सात सितंबर को मुकदमे की सुनवाई शुरू होने तक हिरासत में रहेगा। उनका बचाव कर रही टीम ने इंग्लैंड की सबसे भीड़भाड़ वाली जेलों में से एक वैंड्सवर्थ में नीरव मोदी के बिगड़ते मानसिक स्वास्थ्य के बारे में भी चिंता जताई है। उल्लेखनीय है कि नीरव मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक को करीब तेरह हजार करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है। फरवरी दो हज़ार अट्ठारह में जब पीएनबी घोटाला देश के सामने आया था, तभी नीरव मोदी फरार हो गया। उसके बाद उसे लंदन में गिरफ्तार किया गया। तब से लेकर अब तक उसकी देश में कई करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। नीरव के प्रत्यर्पण के लिए भारत निरंतर प्रयास कर रहा है।
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Petrol Diesel Price Today: सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों (Oil Company) के ताजा आंकड़े के अनुसार, पेट्रोल की कीमत में आज बुधवार 30 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 35 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल का रेट 102. 94 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 108. 96 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। डीजल की कीमत भी दिल्ली में 91. 42 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 99. 17 रुपये प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर को छू गई है।
Petrol Diesel Price Today दिल्ली समेत देशभर में पेट्रोल और डीजल (Petrol Diesel) के दामों में बढ़ने का सिलसिला लगा हुआ है। आम जनता महंगाई से त्राहीमान कर रही है। लेकिन केंद्र सरकार (Central Government) दामों को कंट्रोल करने में सक्षम नहीं हो पा रही। दोनों ही ईंधन की कीमतें (Fuel Price) अब रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंच गई हैं। इस महीने लगातार पांचवीं बार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा देखा गया है। सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों (Oil Company) के ताजा आंकड़े के अनुसार, पेट्रोल की कीमत में आज बुधवार 30 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 35 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल का रेट 102. 94 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 108. 96 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। डीजल की कीमत भी दिल्ली में 91. 42 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 99. 17 रुपये प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर को छू गई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतें 2014 के बाद अपने उच्चतम स्तर पर हैं। वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट 81 डॉलर प्रति बैरल के पार है। जिससे देश भर में भी ईंधन के दाम बढ़ने के साथ पेट्रोल-डीजल पर महंगाई की मार थम नहीं रही है। स्थानीय करों के आधार पर राज्यों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अलग-अलग होती हैं। अक्टूबर में एक हफ्ते से भी कम समय में पेट्रोल की कीमतों में पांचवीं वृद्धि हुई है। 24 सितंबर से अब तक डीजल की कीमत में 2 रुपये 80 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है। जबकि पेट्रोल 28 सितंबर से अब तक 1 रुपये 80 पैसे प्रति लीटर महंगा हो चुका है।
इस महीने में अब तक सिर्फ एक दिन (04 अक्टूबर) पेट्रोल-डीजल के रेट स्थिर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमत के आधार पर पेट्रोल और डीजल की कीमत प्रतिदिन अपडेट की जाती है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियां कीमतों की समीक्षा के बाद रोज पेट्रोल और डीजल के दाम तय करती हैं। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम तेल कंपनियां हर दिन सुबह विभिन्न शहरों की पेट्रोल और डीजल की कीमतों की जानकारी अपडेट करती हैं।
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Petrol Diesel Price Today: सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों के ताजा आंकड़े के अनुसार, पेट्रोल की कीमत में आज बुधवार तीस पैसे प्रति लीटर और डीजल में पैंतीस पैसे की बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल का रेट एक सौ दो. चौरानवे रुपयापये प्रति लीटर और मुंबई में एक सौ आठ. छियानवे रुपयापये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। डीजल की कीमत भी दिल्ली में इक्यानवे. बयालीस रुपयापये प्रति लीटर और मुंबई में निन्यानवे. सत्रह रुपयापये प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर को छू गई है। Petrol Diesel Price Today दिल्ली समेत देशभर में पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ने का सिलसिला लगा हुआ है। आम जनता महंगाई से त्राहीमान कर रही है। लेकिन केंद्र सरकार दामों को कंट्रोल करने में सक्षम नहीं हो पा रही। दोनों ही ईंधन की कीमतें अब रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंच गई हैं। इस महीने लगातार पांचवीं बार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा देखा गया है। सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों के ताजा आंकड़े के अनुसार, पेट्रोल की कीमत में आज बुधवार तीस पैसे प्रति लीटर और डीजल में पैंतीस पैसे की बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल का रेट एक सौ दो. चौरानवे रुपयापये प्रति लीटर और मुंबई में एक सौ आठ. छियानवे रुपयापये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। डीजल की कीमत भी दिल्ली में इक्यानवे. बयालीस रुपयापये प्रति लीटर और मुंबई में निन्यानवे. सत्रह रुपयापये प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर को छू गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतें दो हज़ार चौदह के बाद अपने उच्चतम स्तर पर हैं। वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट इक्यासी डॉलर प्रति बैरल के पार है। जिससे देश भर में भी ईंधन के दाम बढ़ने के साथ पेट्रोल-डीजल पर महंगाई की मार थम नहीं रही है। स्थानीय करों के आधार पर राज्यों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अलग-अलग होती हैं। अक्टूबर में एक हफ्ते से भी कम समय में पेट्रोल की कीमतों में पांचवीं वृद्धि हुई है। चौबीस सितंबर से अब तक डीजल की कीमत में दो रुपयापये अस्सी प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है। जबकि पेट्रोल अट्ठाईस सितंबर से अब तक एक रुपयापये अस्सी पैसे प्रति लीटर महंगा हो चुका है। इस महीने में अब तक सिर्फ एक दिन पेट्रोल-डीजल के रेट स्थिर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमत के आधार पर पेट्रोल और डीजल की कीमत प्रतिदिन अपडेट की जाती है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियां कीमतों की समीक्षा के बाद रोज पेट्रोल और डीजल के दाम तय करती हैं। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम तेल कंपनियां हर दिन सुबह विभिन्न शहरों की पेट्रोल और डीजल की कीमतों की जानकारी अपडेट करती हैं।
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दरअसल आपको बता दें कि नाटे पिछले 32 साल से पुलिस और आम जनता की आंखों में धूल झोंककर मौलवी के रूप में छुपकर घूम रहा था। यही नहीं, इस दौरान इसने ट्रिपल तलाक की पीड़ित मुस्लिम महिलाओं का हलाला के नाम पर यौन शोषण भी किया। आफताब उर्फ नाटे पर इलाहाबाद पुलिस ने 12 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। एसपी सिटी सिद्धार्थ शंकर मीणा के मुताबिक नाटे 1985 से फरार चल रहा था।
SP सिटी के मुताबिक नाटे खुद को हलाला निकाह एक्सपर्ट भी बताता था। नाटे ने 39 मुस्लिम महिलाओं का तलाक के बाद हलाला करवाया । 33 सालों में उसने खुद को सिद्ध मौलाना बताकर दर्जन से ज्यादा शागिर्दों की टीम बनाई थी। ये शागिर्द उसके तंत्र-मंत्र का प्रचार प्रसार करते थे। इस धोखेबाजी के बिजनेस के लिए उसने अपना नेटवर्क तैयार किया था। पुलिस से बचने के लिए नाटे महीने-15 दिन में सिम कार्ड चेंज कर देता था। पुलिस ने लगातार नाटे की फैमिली का नंबर सर्विलांस पर रखा और नाटे की लोकेशन का पता लगाया।
गिरफ्तार होने के बाद नाटे ने बताया- वह इलाहाबाद के शाहगंज थाना क्षेत्र में रहता था। 1981 में मोहल्ले के लड़के मोहम्मद अजमत ने उसकी भांजी से छेड़खानी की थी। उसकी हरकत ने उसे इतना गुस्सा आया कि उसे गोली से उड़ा दिया। दो साल बाद 1983 में मुझे जिला कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सजा के खिलाफ उसने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की और दो साल बाद 1985 में जमानत भी मिल गई। जेल से बाहर आते ही वह शहर से भाग गया।
बॉलीवुड स्टाइल में हुई गिरफ्तारी 26 एनकाउंटर कर चुके इंस्पेक्टर अनिरुद्ध सिंह ने बताया उन्होंने एक महीने पहले इसकी तलाश तेज की। 15 दिन पहले खबर मिली कि आफताब उर्फ नाटे कौशांबी एक प्रोग्राम में आ रहा है। वहां पहुंचे तो वो चकमा दे कर निकल गया। उसके फैमिली मेंबर्स का फोन सर्विलांस पर रखा गया, जिससे उसके पुराने साथी नवाब के बारे में पता चला। फिर उसने नाटे की डीटेल्स बताईं। कहा कि नाटे पीर बाबा की मजार पर एक मेंटल आदमी की झाड़-फूंक करने आया था। वहां जाकर काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने नाटे को गिरफ्तार किया ।
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दरअसल आपको बता दें कि नाटे पिछले बत्तीस साल से पुलिस और आम जनता की आंखों में धूल झोंककर मौलवी के रूप में छुपकर घूम रहा था। यही नहीं, इस दौरान इसने ट्रिपल तलाक की पीड़ित मुस्लिम महिलाओं का हलाला के नाम पर यौन शोषण भी किया। आफताब उर्फ नाटे पर इलाहाबाद पुलिस ने बारह हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। एसपी सिटी सिद्धार्थ शंकर मीणा के मुताबिक नाटे एक हज़ार नौ सौ पचासी से फरार चल रहा था। SP सिटी के मुताबिक नाटे खुद को हलाला निकाह एक्सपर्ट भी बताता था। नाटे ने उनतालीस मुस्लिम महिलाओं का तलाक के बाद हलाला करवाया । तैंतीस सालों में उसने खुद को सिद्ध मौलाना बताकर दर्जन से ज्यादा शागिर्दों की टीम बनाई थी। ये शागिर्द उसके तंत्र-मंत्र का प्रचार प्रसार करते थे। इस धोखेबाजी के बिजनेस के लिए उसने अपना नेटवर्क तैयार किया था। पुलिस से बचने के लिए नाटे महीने-पंद्रह दिन में सिम कार्ड चेंज कर देता था। पुलिस ने लगातार नाटे की फैमिली का नंबर सर्विलांस पर रखा और नाटे की लोकेशन का पता लगाया। गिरफ्तार होने के बाद नाटे ने बताया- वह इलाहाबाद के शाहगंज थाना क्षेत्र में रहता था। एक हज़ार नौ सौ इक्यासी में मोहल्ले के लड़के मोहम्मद अजमत ने उसकी भांजी से छेड़खानी की थी। उसकी हरकत ने उसे इतना गुस्सा आया कि उसे गोली से उड़ा दिया। दो साल बाद एक हज़ार नौ सौ तिरासी में मुझे जिला कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सजा के खिलाफ उसने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की और दो साल बाद एक हज़ार नौ सौ पचासी में जमानत भी मिल गई। जेल से बाहर आते ही वह शहर से भाग गया। बॉलीवुड स्टाइल में हुई गिरफ्तारी छब्बीस एनकाउंटर कर चुके इंस्पेक्टर अनिरुद्ध सिंह ने बताया उन्होंने एक महीने पहले इसकी तलाश तेज की। पंद्रह दिन पहले खबर मिली कि आफताब उर्फ नाटे कौशांबी एक प्रोग्राम में आ रहा है। वहां पहुंचे तो वो चकमा दे कर निकल गया। उसके फैमिली मेंबर्स का फोन सर्विलांस पर रखा गया, जिससे उसके पुराने साथी नवाब के बारे में पता चला। फिर उसने नाटे की डीटेल्स बताईं। कहा कि नाटे पीर बाबा की मजार पर एक मेंटल आदमी की झाड़-फूंक करने आया था। वहां जाकर काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने नाटे को गिरफ्तार किया ।
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आइडिया सेल्यूलर के वोडाफोन इंडिया के साथ विलय से आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी का शेयर सोमवार को करीब 10 प्रतिशत लुढ़क गया। इससे मार्केट कैप घट गया।
कारोबार के आखिरी घंटे में बिकवाली दबाव से बंबई शेयर बाजार में आज शुरआती बढ़त गायब हो गई और सेंसेक्स 90 अंक गिरकर 27,746. 66 अंक पर बंद हुआ।
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आइडिया सेल्यूलर के वोडाफोन इंडिया के साथ विलय से आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी का शेयर सोमवार को करीब दस प्रतिशत लुढ़क गया। इससे मार्केट कैप घट गया। कारोबार के आखिरी घंटे में बिकवाली दबाव से बंबई शेयर बाजार में आज शुरआती बढ़त गायब हो गई और सेंसेक्स नब्बे अंक गिरकर सत्ताईस,सात सौ छियालीस. छयासठ अंक पर बंद हुआ।
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उत्तराखंड के उत्तरकाशी से बेहद ही दुखद खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक जिले के पुरोला ब्लॉक में एक ट्रक दुर्घटनाग्रस्त होकर मकान के ऊपर गिर गया।
हादसे में तीन लोगों के नीचे दबे होने की खबर है। बताया जा रहा है कि हादसे के शिकार हुए लोगों में से एक को बचा लिया गया है, जबकि दो अन्य लोगों के मारे जाने की जानकारी सामने आई है।
खबर लिखे जाने तक दो लोगों की मौत की खबर है। वहीं बताया जा रहा है कि ट्रक को मकान के ऊपर से हटा लिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो पुरोला में भवन निर्माण के लिए रोड़ी लेकर जा रहा ट्रक कोर्ट रोड़ पर मार्ग संकरा होने के कारण वो अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे एक मकान पर पटल गया।
खबरों की माने तो हादसे में नीचे तीन लोग दब गए थे, जिनमें से एक को आसपास मौजूद लोगों ने बचा लिया। जबकि दो लोगों को बचाया नहीं जा सका।
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उत्तराखंड के उत्तरकाशी से बेहद ही दुखद खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक जिले के पुरोला ब्लॉक में एक ट्रक दुर्घटनाग्रस्त होकर मकान के ऊपर गिर गया। हादसे में तीन लोगों के नीचे दबे होने की खबर है। बताया जा रहा है कि हादसे के शिकार हुए लोगों में से एक को बचा लिया गया है, जबकि दो अन्य लोगों के मारे जाने की जानकारी सामने आई है। खबर लिखे जाने तक दो लोगों की मौत की खबर है। वहीं बताया जा रहा है कि ट्रक को मकान के ऊपर से हटा लिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो पुरोला में भवन निर्माण के लिए रोड़ी लेकर जा रहा ट्रक कोर्ट रोड़ पर मार्ग संकरा होने के कारण वो अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे एक मकान पर पटल गया। खबरों की माने तो हादसे में नीचे तीन लोग दब गए थे, जिनमें से एक को आसपास मौजूद लोगों ने बचा लिया। जबकि दो लोगों को बचाया नहीं जा सका।
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पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का मंगलवार रात निधन हो गया। वह 67 वर्ष की थीं। जैसे ही सुषमा के निधन की खबर आई, वैसे ही पूरे देश में शोक का माहौल फैल गया।
कद्दावर नेता सुषमा स्वराज के निधन की खबर से हर किसी को धक्का लगा है। आम जनता से लेकर नेता हर कोई इस मौके पर दुख व्यक्त कर रहा है।
बॉलीवुड भी इससे अछूता नहीं है। कई सेलेब्स सुषमा स्वराज के निधन पर दुख प्रकट कर चुके हैं।
She blessed us with opening muhurat clap for our film #AANmenatwork in 2002.
(अन्य खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें। आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं। )
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पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का मंगलवार रात निधन हो गया। वह सरसठ वर्ष की थीं। जैसे ही सुषमा के निधन की खबर आई, वैसे ही पूरे देश में शोक का माहौल फैल गया। कद्दावर नेता सुषमा स्वराज के निधन की खबर से हर किसी को धक्का लगा है। आम जनता से लेकर नेता हर कोई इस मौके पर दुख व्यक्त कर रहा है। बॉलीवुड भी इससे अछूता नहीं है। कई सेलेब्स सुषमा स्वराज के निधन पर दुख प्रकट कर चुके हैं। She blessed us with opening muhurat clap for our film #AANmenatwork in दो हज़ार दो.
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सेवन करानेसे ही उसका अवकाश सुरक्षित रहेगा। ऐसे योजन से बच्चे को किसी भी प्रकारको वीमारी नहीं होगी, और चचेका विकास पूर्ण होगा। किं बहुना - बरेके विकासपर ही मानवसमाजका विकास निर्भर है।
जद आटा बोल (दूध ) कर पिलाया जाता था तव भारत में द्रोण पुत्र अश्वस्थामा जैसे वीर एवं मानव-ऊसर उत्पन्न होते थे । अन्नका घोल छोड़कर जबसे हम पशु दुग्ध लेने लगे तबसे हमारी क्या शक्ति है. इसे सच लोग देख सकते हैं ।
अवकाश विशेषतया स्थूल मेदा ( चर्थी ) बढ़ानेवाले आहार जैसे - वृत, घृतसे बने हुए पदार्थ, आमिष, पशु-दुग्ध, छेना, भावा इत्यादि गरिष्ठ पदार्थोंसे शनैः शनैः अवरुद्ध होता है। क्योंकि त्थुल मेदा चढ़ानेवाले पदार्थों के सेवन करनेसे शरीर प्रारम्भमें - स्थूल हो जाता है। कुछ शक्ति-सी भी मालूम होतो है, परन्तु वह शक्ति स्थायी नहीं होती, अतः मेदासे पुष्ट शरीर देखने में · तो मोटा-ताजा लगता है; परन्तु कमजोर, सुस्त, ढोला और आलसी होता है ।
बच्चेका शरीर छोटा, सुकुमार और कोमल होता है। अतः - उपरोक्त आहार वश्चेके विकाशको तो रोकते ही हैं, इसके अतिरिक्त नाना प्रकारके उदररोग जैसे, - पेटका बढ़ना, पेटका निकलना, हाथ-पैरोंका पतला होना आदि उत्पन्न करके अन्ततोगत्वा मृत्यु तक भी कर देते हैं। आजकल भारतवर्ष में
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सेवन करानेसे ही उसका अवकाश सुरक्षित रहेगा। ऐसे योजन से बच्चे को किसी भी प्रकारको वीमारी नहीं होगी, और चचेका विकास पूर्ण होगा। किं बहुना - बरेके विकासपर ही मानवसमाजका विकास निर्भर है। जद आटा बोल कर पिलाया जाता था तव भारत में द्रोण पुत्र अश्वस्थामा जैसे वीर एवं मानव-ऊसर उत्पन्न होते थे । अन्नका घोल छोड़कर जबसे हम पशु दुग्ध लेने लगे तबसे हमारी क्या शक्ति है. इसे सच लोग देख सकते हैं । अवकाश विशेषतया स्थूल मेदा बढ़ानेवाले आहार जैसे - वृत, घृतसे बने हुए पदार्थ, आमिष, पशु-दुग्ध, छेना, भावा इत्यादि गरिष्ठ पदार्थोंसे शनैः शनैः अवरुद्ध होता है। क्योंकि त्थुल मेदा चढ़ानेवाले पदार्थों के सेवन करनेसे शरीर प्रारम्भमें - स्थूल हो जाता है। कुछ शक्ति-सी भी मालूम होतो है, परन्तु वह शक्ति स्थायी नहीं होती, अतः मेदासे पुष्ट शरीर देखने में · तो मोटा-ताजा लगता है; परन्तु कमजोर, सुस्त, ढोला और आलसी होता है । बच्चेका शरीर छोटा, सुकुमार और कोमल होता है। अतः - उपरोक्त आहार वश्चेके विकाशको तो रोकते ही हैं, इसके अतिरिक्त नाना प्रकारके उदररोग जैसे, - पेटका बढ़ना, पेटका निकलना, हाथ-पैरोंका पतला होना आदि उत्पन्न करके अन्ततोगत्वा मृत्यु तक भी कर देते हैं। आजकल भारतवर्ष में
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नयी दिल्ली,छह फरवरी दिल्ली सरकार ने स्कूल प्रबंधन समितियों के अभिभावकों के संपर्क कार्यक्रम के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिसमें स्कूल प्रमुखों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है कि माता-पिता के पास प्रशासन तक अपनी समस्याओं को पहुंचाने के लिए एक व्यवस्था हो।
तीन फरवरी को जारी आदेश में दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने कहा कि स्कूल प्रबंधन समितियों (एसएमसी) को स्कूल प्रशासन में अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने और अभिभावकों और स्कूल के बीच एक माध्यम के रूप में कार्य करने लिए बनाया गया था।
हालांकि दिल्ली शिक्षा सुधारों पर बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए निदेशालय ने कहा कि स्कूलों में एसएमसी के सक्रिय रूप से शामिल होने के बावजूद 63 फीसदी अभिभावकों को एसएमसी के बारे में पता नहीं है।
दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक एसएमसी सदस्य अपने इलाके में 50 छात्रों और उनके परिवारों के साथ संबंध बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होगी और कार्यक्रम में 'स्कूल मित्र' को भी शामिल करने पर विचार करेगी।
प्रत्येक स्कूल मित्र पर टेलीफोन कॉल या घर जाकर 50 छात्रों के परिजनों के संपर्क में रहने की जिम्मेदारी होगी।
परिपत्र में कहा गया है, "एसएमसी सदस्यों और स्कूल मित्र को स्कूल में जो भी गतिविधियां चल रही हैं, उसके बारे में माता-पिता के साथ संपर्क साधने की जरूरत है और यदि उनके बच्चों की शिक्षा के संबंध में कोई मामला तो उस बारे में उनकी बात सुनेंगे।
Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
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नयी दिल्ली,छह फरवरी दिल्ली सरकार ने स्कूल प्रबंधन समितियों के अभिभावकों के संपर्क कार्यक्रम के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिसमें स्कूल प्रमुखों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है कि माता-पिता के पास प्रशासन तक अपनी समस्याओं को पहुंचाने के लिए एक व्यवस्था हो। तीन फरवरी को जारी आदेश में दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने कहा कि स्कूल प्रबंधन समितियों को स्कूल प्रशासन में अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने और अभिभावकों और स्कूल के बीच एक माध्यम के रूप में कार्य करने लिए बनाया गया था। हालांकि दिल्ली शिक्षा सुधारों पर बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए निदेशालय ने कहा कि स्कूलों में एसएमसी के सक्रिय रूप से शामिल होने के बावजूद तिरेसठ फीसदी अभिभावकों को एसएमसी के बारे में पता नहीं है। दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक एसएमसी सदस्य अपने इलाके में पचास छात्रों और उनके परिवारों के साथ संबंध बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होगी और कार्यक्रम में 'स्कूल मित्र' को भी शामिल करने पर विचार करेगी। प्रत्येक स्कूल मित्र पर टेलीफोन कॉल या घर जाकर पचास छात्रों के परिजनों के संपर्क में रहने की जिम्मेदारी होगी। परिपत्र में कहा गया है, "एसएमसी सदस्यों और स्कूल मित्र को स्कूल में जो भी गतिविधियां चल रही हैं, उसके बारे में माता-पिता के साथ संपर्क साधने की जरूरत है और यदि उनके बच्चों की शिक्षा के संबंध में कोई मामला तो उस बारे में उनकी बात सुनेंगे। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
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भिंडः मध्यप्रदेश के भिंड जिले में आने वाले दो दिवसों में भीषण बाढ़ की चेतावनी जिला प्रशासन ने जारी की है। बताया जा रहा है कि चम्बल नदी का जलस्तर अगले दो दिनों में 128 मीटर तक जाने की सम्भावना है जो कि खतरे के निशान से 9 मीटर ऊपर होगा।
बता दें कि जिले से गुजरी चम्बल नदी में कुछ दिनों पहले अटेर में आया बाढ़ का ख़तरा टल गया था। लेकिन अब पहले से भयावह रूप में चंबल सैलाब लेकर आ रही है। भिंड कलेक्टर के मुताबिक़ गांधी सागर डैम से बुधवार को 12500 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है जो अगले तीन दिनों में भिंड जिले में प्रवेश करेगा। इस स्थिति में उदीमोड़ घाट पर चम्बल का जलस्तर 128 मीटर तक जाने की सम्भावना है।
जिले के उदीमोड़ घाट पर चम्बल का खतरे का निशान 119. 1 मीटर पर है। ऐसे में बताया जा रहा है कि पहले से ही चम्बल का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर 119. 9 पर है। ऐसे में गांधी सागर डैम से छोड़ा गया। पानी जब ज़िले में प्रवेश करेगा तो अटेर इलाक़े में तबाही मचाएगा। अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि, ये बाढ़ पिछले वर्षों में आयी बाढ़ से ज़्यादा प्रभावित करेगी।
जिला प्रशासन के मुताबिक इस सम्भावित बाढ़ में इलाके के 25 से ज्यादा गांव रोड से कट जाएंगे। ऐसे में इस आपदा से निबटने के लिए तीन एसडीआरएफ़ टीम में तैनात की जा रही है जिनके एक अटेर में स्टैंडबाई पर रहेगी। एक टीम देवालय,नावली वृंदावन,खेराहट सहित डूब प्रभावित क्षेत्रों को को कवर करेगी वही दूसरी टीम सुरपुरा इलाके में तैनात की गयी है।
इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग को भी सूचित किया गया है कि इन क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं को भी चिन्हित करें। ज़रूरत लगने पर शिफ़्ट भी किया जाए। प्रशासन इस आपदा से निबटने की तैयारी में जुटा हुआ है। इधर सिंध नदी में भी मड़ीखेड़ा और मोहिनी डैम से लगातार पानी छोड़े जाने से भी सिंध किनारे बसे गांव में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पिछले साल इंदुर्खी गांव में बाढ़ से सिंध पर बना पुल तक टूट गया था और अब दोबारा बाढ़ गांव में दस्तक देने को तैयार है। पुल के पास पानी आ चुका है और देर रात तक गांव में सिंध का पानी आ जाने की आशंका जताई जा रही है।
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भिंडः मध्यप्रदेश के भिंड जिले में आने वाले दो दिवसों में भीषण बाढ़ की चेतावनी जिला प्रशासन ने जारी की है। बताया जा रहा है कि चम्बल नदी का जलस्तर अगले दो दिनों में एक सौ अट्ठाईस मीटर तक जाने की सम्भावना है जो कि खतरे के निशान से नौ मीटर ऊपर होगा। बता दें कि जिले से गुजरी चम्बल नदी में कुछ दिनों पहले अटेर में आया बाढ़ का ख़तरा टल गया था। लेकिन अब पहले से भयावह रूप में चंबल सैलाब लेकर आ रही है। भिंड कलेक्टर के मुताबिक़ गांधी सागर डैम से बुधवार को बारह हज़ार पाँच सौ क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है जो अगले तीन दिनों में भिंड जिले में प्रवेश करेगा। इस स्थिति में उदीमोड़ घाट पर चम्बल का जलस्तर एक सौ अट्ठाईस मीटर तक जाने की सम्भावना है। जिले के उदीमोड़ घाट पर चम्बल का खतरे का निशान एक सौ उन्नीस. एक मीटर पर है। ऐसे में बताया जा रहा है कि पहले से ही चम्बल का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर एक सौ उन्नीस. नौ पर है। ऐसे में गांधी सागर डैम से छोड़ा गया। पानी जब ज़िले में प्रवेश करेगा तो अटेर इलाक़े में तबाही मचाएगा। अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि, ये बाढ़ पिछले वर्षों में आयी बाढ़ से ज़्यादा प्रभावित करेगी। जिला प्रशासन के मुताबिक इस सम्भावित बाढ़ में इलाके के पच्चीस से ज्यादा गांव रोड से कट जाएंगे। ऐसे में इस आपदा से निबटने के लिए तीन एसडीआरएफ़ टीम में तैनात की जा रही है जिनके एक अटेर में स्टैंडबाई पर रहेगी। एक टीम देवालय,नावली वृंदावन,खेराहट सहित डूब प्रभावित क्षेत्रों को को कवर करेगी वही दूसरी टीम सुरपुरा इलाके में तैनात की गयी है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग को भी सूचित किया गया है कि इन क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं को भी चिन्हित करें। ज़रूरत लगने पर शिफ़्ट भी किया जाए। प्रशासन इस आपदा से निबटने की तैयारी में जुटा हुआ है। इधर सिंध नदी में भी मड़ीखेड़ा और मोहिनी डैम से लगातार पानी छोड़े जाने से भी सिंध किनारे बसे गांव में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पिछले साल इंदुर्खी गांव में बाढ़ से सिंध पर बना पुल तक टूट गया था और अब दोबारा बाढ़ गांव में दस्तक देने को तैयार है। पुल के पास पानी आ चुका है और देर रात तक गांव में सिंध का पानी आ जाने की आशंका जताई जा रही है।
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राजधानी भोपाल में खुला तेल बेचना एक कारोबारी को महंगा पड़ा है। शुक्रवार को फूड एंड सेफ्टी डिपॉर्टमेंट की टीम ने एक ऑइल मिल पर जांच की और 40 टन सोयाबीन-पामोलीन ऑइल जब्त किया। जिला प्रशासन मिल का लाइसेंस कैंसिल करेगा। इसे लेकर प्रोसेस शुरू की गई है।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने शुक्रवार दोपहर में आजाद मार्केट स्थित शंकर ऑइल मिल का निरीक्षण किया। मिल में सोयाबीन और पामोलीन तेल की पैकिंग के साथ खुले तेल का विक्रय होना पाया गया है, जो खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के अंतर्गत प्रतिबंधित है। नियमों के उल्लंघन में कारोबार होना पाए जाने के कारण अभिहित अधिकारी संयुक्त कलेक्टर संजय श्रीवास्तव द्वारा प्रतिष्ठान की खाद्य अनुज्ञप्ति निलंबित की जा रही है।
टीम ने बताया कि मौके पर लगभग 30 टन सोयाबीन तेल और 10 टन पामोलीन तेल मिला। जिसे जब्त किया गया है। आगे की नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। बता दें कि भोपाल के थोक किराना मार्केट से सैकड़ों टन तेल की खपत शहर समेत आसपास के जिलों में होती है। कई दुकानदार खुला तेल भी बेच रहे हैं, जबकि इस पर प्रतिबंध लगा हुआ है।
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राजधानी भोपाल में खुला तेल बेचना एक कारोबारी को महंगा पड़ा है। शुक्रवार को फूड एंड सेफ्टी डिपॉर्टमेंट की टीम ने एक ऑइल मिल पर जांच की और चालीस टन सोयाबीन-पामोलीन ऑइल जब्त किया। जिला प्रशासन मिल का लाइसेंस कैंसिल करेगा। इसे लेकर प्रोसेस शुरू की गई है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने शुक्रवार दोपहर में आजाद मार्केट स्थित शंकर ऑइल मिल का निरीक्षण किया। मिल में सोयाबीन और पामोलीन तेल की पैकिंग के साथ खुले तेल का विक्रय होना पाया गया है, जो खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के अंतर्गत प्रतिबंधित है। नियमों के उल्लंघन में कारोबार होना पाए जाने के कारण अभिहित अधिकारी संयुक्त कलेक्टर संजय श्रीवास्तव द्वारा प्रतिष्ठान की खाद्य अनुज्ञप्ति निलंबित की जा रही है। टीम ने बताया कि मौके पर लगभग तीस टन सोयाबीन तेल और दस टन पामोलीन तेल मिला। जिसे जब्त किया गया है। आगे की नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। बता दें कि भोपाल के थोक किराना मार्केट से सैकड़ों टन तेल की खपत शहर समेत आसपास के जिलों में होती है। कई दुकानदार खुला तेल भी बेच रहे हैं, जबकि इस पर प्रतिबंध लगा हुआ है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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देवली में सोमवार को विश्व हिंदू परिषद, मां दुर्गा सेवा समिति एवं सकल हिंदू समाज द्वारा भव्य कावड़ यात्रा का आयोजन किया गया।
विहिप के प्रखंड अध्यक्ष कृष्ण गोपाल शर्मा ने बताया कि कावड़ यात्रा बोरडा गणेश मंदिर स्थित बनास नदी पर विधि विधान एवं पूजा अर्चना के पश्चात कावड़िए कावड़ में जल भरकर दोपहर 12:15 बजे गणेश जी से रवाना हुई, जो दोपहर 3 बजे बगीची के बालाजी स्थित मंदिर में एकत्रित हुई।
रास्ते में भामाशाहों द्वारा कावडियों को अल्पाहार दिया गया। बाद में बगीची के बालाजी से पारंपरिक झांझ, मंजीरे, खड़ताल, ढोल, डमरु के संगीतमय माहौल के साथ कावड़ यात्रा रवाना हुई। जो छतरी चौराहा से पुलिस स्टेशन, बस स्टैंड होते हुए पेट्रोल पंप से कॉलेज के सामने से पटेल नगर में प्रवेश कर टेलीफोन एक्सचेंज होते हुए सीआईएसएफ के सामने से ममता सर्किल होकर बंगाली कॉलोनी पहुंचकर भोले बाबा का अभिषेक पूजा अर्चना के साथ संपन्न हुई।
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देवली में सोमवार को विश्व हिंदू परिषद, मां दुर्गा सेवा समिति एवं सकल हिंदू समाज द्वारा भव्य कावड़ यात्रा का आयोजन किया गया। विहिप के प्रखंड अध्यक्ष कृष्ण गोपाल शर्मा ने बताया कि कावड़ यात्रा बोरडा गणेश मंदिर स्थित बनास नदी पर विधि विधान एवं पूजा अर्चना के पश्चात कावड़िए कावड़ में जल भरकर दोपहर बारह:पंद्रह बजे गणेश जी से रवाना हुई, जो दोपहर तीन बजे बगीची के बालाजी स्थित मंदिर में एकत्रित हुई। रास्ते में भामाशाहों द्वारा कावडियों को अल्पाहार दिया गया। बाद में बगीची के बालाजी से पारंपरिक झांझ, मंजीरे, खड़ताल, ढोल, डमरु के संगीतमय माहौल के साथ कावड़ यात्रा रवाना हुई। जो छतरी चौराहा से पुलिस स्टेशन, बस स्टैंड होते हुए पेट्रोल पंप से कॉलेज के सामने से पटेल नगर में प्रवेश कर टेलीफोन एक्सचेंज होते हुए सीआईएसएफ के सामने से ममता सर्किल होकर बंगाली कॉलोनी पहुंचकर भोले बाबा का अभिषेक पूजा अर्चना के साथ संपन्न हुई। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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