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बलरामपुरः शिक्षामित्र बोले कि जो उनके सी बात करेगा, वहीं यूपी पर राज करेगा । शिक्षामित्रों को केवल धोखा होला है। पिछली सरकारों ने शिक्षा मित्रों के हितों की अनदेखी की है। इस बार उन्हें स्थाई करने का प्रमुख है जो दल उनका भरोसा जीतने में कामयाब होग उन्हीं की सरकार यूपी में बनेगी। शिक्षामित्र दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं।
उनके साथ लगातार धोखा किया जा रहा है। शिक्षामित्रों को सरकारी नौकरी का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन वादा पूरा नहीं हो सका। शिक्षामित्रों ने बंद स्कूलों को खोला था। इस बात को सभी मानते हैं। बावजूद इसके शिक्षामित्रों के साथ न्याय नहीं किया है।
बावजूद शिक्षामित्रों को सरकार की अपहेलना सुननी पड़ती है। सरकार शिक्षामित्रों के साथ न्याय नहीं कर रही है। यह बात शिक्षामित्र संगठन बहुत दिनों तक बर्दाश्त नहीं कर सकते। राजनीतिक दल शिक्षामित्रों को सरकारी नौकरी देंगे उन्हीं की सरकार बननी तय है। तमाम शिक्षामित्रों ने सरकार की नीतियों से तंग आकर आत्महत्या की है। उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी आने वाली सरकार पर होगी।
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बलरामपुरः शिक्षामित्र बोले कि जो उनके सी बात करेगा, वहीं यूपी पर राज करेगा । शिक्षामित्रों को केवल धोखा होला है। पिछली सरकारों ने शिक्षा मित्रों के हितों की अनदेखी की है। इस बार उन्हें स्थाई करने का प्रमुख है जो दल उनका भरोसा जीतने में कामयाब होग उन्हीं की सरकार यूपी में बनेगी। शिक्षामित्र दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। उनके साथ लगातार धोखा किया जा रहा है। शिक्षामित्रों को सरकारी नौकरी का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन वादा पूरा नहीं हो सका। शिक्षामित्रों ने बंद स्कूलों को खोला था। इस बात को सभी मानते हैं। बावजूद इसके शिक्षामित्रों के साथ न्याय नहीं किया है। बावजूद शिक्षामित्रों को सरकार की अपहेलना सुननी पड़ती है। सरकार शिक्षामित्रों के साथ न्याय नहीं कर रही है। यह बात शिक्षामित्र संगठन बहुत दिनों तक बर्दाश्त नहीं कर सकते। राजनीतिक दल शिक्षामित्रों को सरकारी नौकरी देंगे उन्हीं की सरकार बननी तय है। तमाम शिक्षामित्रों ने सरकार की नीतियों से तंग आकर आत्महत्या की है। उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी आने वाली सरकार पर होगी।
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दुबई। संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति और अबू धाबी के शासक हिज हाइनेस शेख खलीफा बिन जायद अल नाहयान (Sheikh Khalifa bin Zayed Al Nahyan) का शुक्रवार को निधन हो गया। राष्ट्रपति मामलों के मंत्रालय ने यह घोषणा की है। शेख खलीफा के निधन पर यूएई, अरब, इस्लामिक राष्ट्र और दुनिया के लोगों ने संवेदना व्यक्त की है।
शेख खलीफा बिन जायद अल नाहयान ने 3 नवंबर, 2004 से संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति और अबू धाबी के शासक के रूप में काम किया। उन्हें अपने पिता स्वर्गीय महामहिम शेख जायद बिन सुल्तान अल नाहयान के उत्तराधिकारी के रूप में चुना गया था। शेख जायद बिन सुल्तान ने 1971 में संघ के बाद से 2 नवंबर, 2004 तक यूएई के पहले राष्ट्रपति के रूप में काम किया था। 2 नवंबर 2004 को उनका निधन हो गया था।
1948 में जन्मे शेख खलीफा यूएई के दूसरे राष्ट्रपति और अबू धाबी अमीरात के 16वें शासक थे। वह शेख जायद के सबसे बड़े बेटे थे। संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति बनने के बाद से शेख खलीफा ने संघीय सरकार और अबू धाबी की सरकार दोनों के एक बड़े पुनर्गठन की अध्यक्षता की। उनके शासनकाल में संयुक्त अरब अमीरात में तेजी से विकास हुआ। इससे वहां के लोगों का जीवन स्तर बढ़ा।
संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति के रूप में उनका मुख्य उद्देश्य उनके पिता शेख जायद द्वारा बताए गए रास्ते पर देश को आगे ले जाना था। उन्होंने कहा था कि शेख जायद की विरासत एक समृद्ध भविष्य की ओर हमारा मार्गदर्शन करने वाली बीकन बनी रहेगी। शेख खलीफा ने तेल और गैस क्षेत्र तथा डाउनस्ट्रीम उद्योगों के विकास को आगे बढ़ाया। इसने देश के आर्थिक विविधीकरण में सफलतापूर्वक योगदान दिया है।
उन्होंने उत्तरी अमीरात की जरूरतों का अध्ययन करने के लिए पूरे संयुक्त अरब अमीरात में व्यापक दौरे किए, जिसके दौरान उन्होंने आवास, शिक्षा और सामाजिक सेवाओं से संबंधित कई परियोजनाओं के निर्माण के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने संघीय राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के लिए नामांकन प्रणाली विकसित करने के लिए एक पहल शुरू की, जिसे संयुक्त अरब अमीरात में प्रत्यक्ष चुनाव की स्थापना की दिशा में पहले कदम के रूप में देखा गया है। शेख खलीफा एक अच्छे श्रोता, विनम्र और अपने लोगों के मामलों में गहरी दिलचस्पी रखने के लिए जाने जाते थे। वह संयुक्त अरब अमीरात और इस क्षेत्र में बहुत पसंद किए जाने वाले व्यक्ति थे।
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दुबई। संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति और अबू धाबी के शासक हिज हाइनेस शेख खलीफा बिन जायद अल नाहयान का शुक्रवार को निधन हो गया। राष्ट्रपति मामलों के मंत्रालय ने यह घोषणा की है। शेख खलीफा के निधन पर यूएई, अरब, इस्लामिक राष्ट्र और दुनिया के लोगों ने संवेदना व्यक्त की है। शेख खलीफा बिन जायद अल नाहयान ने तीन नवंबर, दो हज़ार चार से संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति और अबू धाबी के शासक के रूप में काम किया। उन्हें अपने पिता स्वर्गीय महामहिम शेख जायद बिन सुल्तान अल नाहयान के उत्तराधिकारी के रूप में चुना गया था। शेख जायद बिन सुल्तान ने एक हज़ार नौ सौ इकहत्तर में संघ के बाद से दो नवंबर, दो हज़ार चार तक यूएई के पहले राष्ट्रपति के रूप में काम किया था। दो नवंबर दो हज़ार चार को उनका निधन हो गया था। एक हज़ार नौ सौ अड़तालीस में जन्मे शेख खलीफा यूएई के दूसरे राष्ट्रपति और अबू धाबी अमीरात के सोलहवें शासक थे। वह शेख जायद के सबसे बड़े बेटे थे। संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति बनने के बाद से शेख खलीफा ने संघीय सरकार और अबू धाबी की सरकार दोनों के एक बड़े पुनर्गठन की अध्यक्षता की। उनके शासनकाल में संयुक्त अरब अमीरात में तेजी से विकास हुआ। इससे वहां के लोगों का जीवन स्तर बढ़ा। संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति के रूप में उनका मुख्य उद्देश्य उनके पिता शेख जायद द्वारा बताए गए रास्ते पर देश को आगे ले जाना था। उन्होंने कहा था कि शेख जायद की विरासत एक समृद्ध भविष्य की ओर हमारा मार्गदर्शन करने वाली बीकन बनी रहेगी। शेख खलीफा ने तेल और गैस क्षेत्र तथा डाउनस्ट्रीम उद्योगों के विकास को आगे बढ़ाया। इसने देश के आर्थिक विविधीकरण में सफलतापूर्वक योगदान दिया है। उन्होंने उत्तरी अमीरात की जरूरतों का अध्ययन करने के लिए पूरे संयुक्त अरब अमीरात में व्यापक दौरे किए, जिसके दौरान उन्होंने आवास, शिक्षा और सामाजिक सेवाओं से संबंधित कई परियोजनाओं के निर्माण के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने संघीय राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के लिए नामांकन प्रणाली विकसित करने के लिए एक पहल शुरू की, जिसे संयुक्त अरब अमीरात में प्रत्यक्ष चुनाव की स्थापना की दिशा में पहले कदम के रूप में देखा गया है। शेख खलीफा एक अच्छे श्रोता, विनम्र और अपने लोगों के मामलों में गहरी दिलचस्पी रखने के लिए जाने जाते थे। वह संयुक्त अरब अमीरात और इस क्षेत्र में बहुत पसंद किए जाने वाले व्यक्ति थे।
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पढ़ो समझो और करो : गीता प्रेस । Padho Samjho aur Karo By Geeta Press के बारे में अधिक जानकारी :
उसने कहा---एक दिन मैं झोपड़ीमें बैठा था, उघरसे एक नवयुवती ती निकली। उसे देखकर मेरा मन चञ्चल हो गया और मैं उसे अच्छी तरह देखनेके लिये खड़ा हुआ । ज्यों ही मैंने अपना एक पैर झोपड़ीके बाहर रखा, त्य ही आकाशवाणी सुनायी दी-अरे साधु ! तुझे जरा भी शर्म नहीं आती । तु तीस सालले एकान्तमें भजन कर रहा है और भक्के मामले विख्यात है। इतनेपर भी आज दु शैतानकै फेदैमें फँसने जा रहा है ।
यह सुनते ही मेरा शरीर कॉप वा । जो ग झोपडीके इर निकला था, उसको मैंने तुरंत काटकर फेंक दिया, तब यहीं बैठा हैं और प्रभु की लीला देखता हैं ! !
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पढ़ो समझो और करो : गीता प्रेस । Padho Samjho aur Karo By Geeta Press के बारे में अधिक जानकारी : उसने कहा---एक दिन मैं झोपड़ीमें बैठा था, उघरसे एक नवयुवती ती निकली। उसे देखकर मेरा मन चञ्चल हो गया और मैं उसे अच्छी तरह देखनेके लिये खड़ा हुआ । ज्यों ही मैंने अपना एक पैर झोपड़ीके बाहर रखा, त्य ही आकाशवाणी सुनायी दी-अरे साधु ! तुझे जरा भी शर्म नहीं आती । तु तीस सालले एकान्तमें भजन कर रहा है और भक्के मामले विख्यात है। इतनेपर भी आज दु शैतानकै फेदैमें फँसने जा रहा है । यह सुनते ही मेरा शरीर कॉप वा । जो ग झोपडीके इर निकला था, उसको मैंने तुरंत काटकर फेंक दिया, तब यहीं बैठा हैं और प्रभु की लीला देखता हैं ! !
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70 महिलाओं ने स्टोर के बाहर इकट्ठा होकर अपने-अपने बच्चों को बीच सड़क पर बेस्ट फीडिंग करवाई।
इस घटना पर बच्चे की मां को इतना गुस्सा आया कि उसने 70 ऐसी महिलाओं को स्टोर के बाहर इकट्ठा करके अपने अपने बच्चों को बीच सड़क पर दूध पिलाया और अपना विराध दर्ज कराया। जिसे देख स्टोर के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्टोर ने अपनी बदनामी होते देख वहां खड़ी सभी महिलाओं से माफी मांगी। तब जाकर इन महिलाओं ने अपना विरोध वापस लिया।
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सत्तर महिलाओं ने स्टोर के बाहर इकट्ठा होकर अपने-अपने बच्चों को बीच सड़क पर बेस्ट फीडिंग करवाई। इस घटना पर बच्चे की मां को इतना गुस्सा आया कि उसने सत्तर ऐसी महिलाओं को स्टोर के बाहर इकट्ठा करके अपने अपने बच्चों को बीच सड़क पर दूध पिलाया और अपना विराध दर्ज कराया। जिसे देख स्टोर के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्टोर ने अपनी बदनामी होते देख वहां खड़ी सभी महिलाओं से माफी मांगी। तब जाकर इन महिलाओं ने अपना विरोध वापस लिया।
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बिझड़ी - राजकीय महाविद्यालय बड़सर के छात्र-छात्राओं ने बस सेवा शुरू करने के संदर्भ में एसडीएम बड़सर विशाल शर्मा के माध्यम से मुख्यमंत्री व परिवहन मंत्री को ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से कालेज के छात्र-छात्राओं ने परिवहन मंत्री से अनुरोध किया है कि गलोड़ से मैहरे वाया कोटलू, दसवीं, साहडवीं, लोहारवीं व गाहलियां बस सेवा शुरू की जाए। समस्त छात्रों की ओर से आग्रह रहेगा कि यह बस सुविधा जल्द से जल्द शुरू की जाए, ताकि छात्र-छात्राओं को कालेज पहुंचने में कोई परेशानी न हो। विद्यार्थी परिषद छात्र नेता राहुल ठाकुर ने कहा कि एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री व परिवहन मंत्री को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें गलोड़ क्षेत्र में आने वाले छात्र-छात्रों को सरकारी बस सुविधा न होने के कारण काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। छात्र समय पर कालेज नहीं पहुंच पा रहे हैं। सुबह सात बजे मैहरे को सरकारी बस जाती है, उसके बाद सरकारी बस सुविधा नहीं है, जो सुबह सात बजे बस जाती है ,वह चंडीगढ़ के लिए जाती है। उसमें बैठने के लिए सीट नहीं होती और साथ में वह आठ बजे से पहले मैहरे पहुंचा देती, जबकि कालेज दस बजे शुरू होता है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त बड़सर महाविद्यालय के लिए फाहल कोटलू, साडनवी की ओर से भी बच्चे कालेज आते हैं, जिनको काफी दूर पैदल चलकर बस लेनी पड़ती है। इसलिए विद्यार्थी परिषद सुबह आठ बजे के करीब फाहल से वाया कोटलू, दसवीं, गलोड़-गाहलियां बस चलाने की मांग करती है। उन्होंने कहा कि अगर इस रूट पर 15 दिनों के भीतर बस नहीं चलाई गई, तो विद्यार्थी परिषद इकाई चक्का जाम करेगी व स्थानीय प्रशासन का घेराव करेगी। इस अवसर पर कालेज के छात्र-छात्राओं में पूनम, स्वेता, प्रियंका, आरती, कोमल, शिखा ठाकुर, विक्रम, शुभम, अभिषेक, ज्योति, दीक्षा, शिवानी, दीपिका, शिल्पा, शिवांग, आशीष, विकास, विनोद सहित अन्य उपस्थित रहे।
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बिझड़ी - राजकीय महाविद्यालय बड़सर के छात्र-छात्राओं ने बस सेवा शुरू करने के संदर्भ में एसडीएम बड़सर विशाल शर्मा के माध्यम से मुख्यमंत्री व परिवहन मंत्री को ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से कालेज के छात्र-छात्राओं ने परिवहन मंत्री से अनुरोध किया है कि गलोड़ से मैहरे वाया कोटलू, दसवीं, साहडवीं, लोहारवीं व गाहलियां बस सेवा शुरू की जाए। समस्त छात्रों की ओर से आग्रह रहेगा कि यह बस सुविधा जल्द से जल्द शुरू की जाए, ताकि छात्र-छात्राओं को कालेज पहुंचने में कोई परेशानी न हो। विद्यार्थी परिषद छात्र नेता राहुल ठाकुर ने कहा कि एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री व परिवहन मंत्री को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें गलोड़ क्षेत्र में आने वाले छात्र-छात्रों को सरकारी बस सुविधा न होने के कारण काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। छात्र समय पर कालेज नहीं पहुंच पा रहे हैं। सुबह सात बजे मैहरे को सरकारी बस जाती है, उसके बाद सरकारी बस सुविधा नहीं है, जो सुबह सात बजे बस जाती है ,वह चंडीगढ़ के लिए जाती है। उसमें बैठने के लिए सीट नहीं होती और साथ में वह आठ बजे से पहले मैहरे पहुंचा देती, जबकि कालेज दस बजे शुरू होता है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त बड़सर महाविद्यालय के लिए फाहल कोटलू, साडनवी की ओर से भी बच्चे कालेज आते हैं, जिनको काफी दूर पैदल चलकर बस लेनी पड़ती है। इसलिए विद्यार्थी परिषद सुबह आठ बजे के करीब फाहल से वाया कोटलू, दसवीं, गलोड़-गाहलियां बस चलाने की मांग करती है। उन्होंने कहा कि अगर इस रूट पर पंद्रह दिनों के भीतर बस नहीं चलाई गई, तो विद्यार्थी परिषद इकाई चक्का जाम करेगी व स्थानीय प्रशासन का घेराव करेगी। इस अवसर पर कालेज के छात्र-छात्राओं में पूनम, स्वेता, प्रियंका, आरती, कोमल, शिखा ठाकुर, विक्रम, शुभम, अभिषेक, ज्योति, दीक्षा, शिवानी, दीपिका, शिल्पा, शिवांग, आशीष, विकास, विनोद सहित अन्य उपस्थित रहे।
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मुंबई। 'ये है मोहब्बतें' (Ye hai mohabbatein) में रमन भल्ला का किरदार निभाने वाले एक्टर करण पटेल (Karan Patel) इन दिनों पत्नी अंकिता भार्गव (Ankita Bhargava) और एक साल की बेटी मेहर के साथ मालदीव में वेकेशन एन्जॉय कर रहे हैं। इस दौरान कपल ने बेटी के साथ कई फोटोज सोशल मीडिया पर शेयर की हैं। एक फोटो में करन जहां बेटी मेहर को गोद में लिए पोज देते दिख रहे हैं वहीं, एक अन्य फोटो में कपल अपनी बेटी के साथ समंदर किनारे खड़े होकर पोज दे रहा है।
पापा की गोद में सालभर की मेहर बेहद क्यूट लग रही हैं। वहीं मम्मी की गोद में मेहर स्माइल देती नजर आ रही हैं। बता दें पिछले महीने यानी दिसंबर, 2020 में ही कपल ने अपनी बेटी मेहर का फर्स्ट बर्थडे सेलिब्रेट किया था, लेकिन उसमें उन्होंने मेहर का चेहरा छुपा लिया था।
इससे पहले बेटी के बर्थडे पर फोटो शेयर करते हुए अंकिता ने लिखा था- मेरी चिड़िया, मां के रूप में मुझे चुनने के लिए तुम्हारा धन्यवाद। मैं वो सबकुछ तुम्हारे लिए करूंगी, जो मैं कर सकती हूं। मैं भगवान से प्रार्थना करती हूं कि आगे भी सभी जन्मों में तुम्हें अपनी बेटी के रूप में पाऊं।
बता दें कि अंकिता भार्गव दिसंबर] 2019 में बेटी मेहर की मां बनीं। बेटी के जन्म के करीब 12 दिन बाद कपल ने उसकी पहली झलक दिखाई थी। बेटी की फोटो शेयर करते हुए करण ने लिखा था- मैरी क्रिसमस, रब दी मेहर।
करण और अंकिता की शादी 2015 में गुजराती रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के 4 साल दोनों पहली बार पेरेंट्स बने। सालभर पहले भी करण पटेल की पत्नी प्रेग्नेंट हुई थीं लेकिन 5 महीने में ही उनका मिसकैरेज हो गया था।
अंकिता भार्गव जून, 2018 में 4 महीने की प्रेग्नेंट थीं। बच्चे के आने की खुशी में कपल ने बेबी बंप के साथ फोटोशूट भी कराया था। यही नहीं, अंकिता ने मेडिटेशन क्लास, पिलाटे और ज्यादा से ज्यादा वॉक करना भी शुरू कर दिया था ताकि उनकी पहली डिलीवरी नॉर्मल हो सके। लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। 20 जून, 2018 को उनका मिसकैरेज हो गया था।
अंकिता की डिलिवरी नवंबर में होने वाली थी और करण इसे लेकर बहुत एक्साइटेड थे। अप्रैल में उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर इस बात की अनाउंसमेंट की थी। हालांकि मिसकैरेज के बाद करण ने एक इंटरव्यू में कहा था- 'अब हम इस घटना से धीरे-धीरे उबर रहे हैं। ये एक फिल्म थी जो रिलीज नहीं हो पाई लेकिन शो हमेशा चलते रहना चाहिए'।
अंकिता और करण ने 3 मई 2015 को मुंबई में गुजराती रीति रिवाज से शादी की थी। बता दें, अंकिता ने 'संजीवनी' (2002), 'देखा एक ख्वाब' (2011-12), 'एक नई पहचान', 'सजदा तेरे प्यार में', 'रिपोर्टर्स' (2013), 'जीवनसाथी' और 'ये प्यार ना होगा कम' जैसे सीरियल्स में काम किया है।
करन पटेल ने करियर की शुरुआत 2000 में आए सीरियल 'कहानी घर-घर की' में विज्ञात के रोल से की थी। इसके बाद करन 'कसौटी जिंदगी की', 'केसर', 'काव्यांजलि', 'कसम से', 'करम अपना-अपना' और 'कस्तूरी' जैसे सीरियल्स में भी नजर आए।
बेटी मेहर के साथ करन पटेल और अंकिता भार्गव।
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मुंबई। 'ये है मोहब्बतें' में रमन भल्ला का किरदार निभाने वाले एक्टर करण पटेल इन दिनों पत्नी अंकिता भार्गव और एक साल की बेटी मेहर के साथ मालदीव में वेकेशन एन्जॉय कर रहे हैं। इस दौरान कपल ने बेटी के साथ कई फोटोज सोशल मीडिया पर शेयर की हैं। एक फोटो में करन जहां बेटी मेहर को गोद में लिए पोज देते दिख रहे हैं वहीं, एक अन्य फोटो में कपल अपनी बेटी के साथ समंदर किनारे खड़े होकर पोज दे रहा है। पापा की गोद में सालभर की मेहर बेहद क्यूट लग रही हैं। वहीं मम्मी की गोद में मेहर स्माइल देती नजर आ रही हैं। बता दें पिछले महीने यानी दिसंबर, दो हज़ार बीस में ही कपल ने अपनी बेटी मेहर का फर्स्ट बर्थडे सेलिब्रेट किया था, लेकिन उसमें उन्होंने मेहर का चेहरा छुपा लिया था। इससे पहले बेटी के बर्थडे पर फोटो शेयर करते हुए अंकिता ने लिखा था- मेरी चिड़िया, मां के रूप में मुझे चुनने के लिए तुम्हारा धन्यवाद। मैं वो सबकुछ तुम्हारे लिए करूंगी, जो मैं कर सकती हूं। मैं भगवान से प्रार्थना करती हूं कि आगे भी सभी जन्मों में तुम्हें अपनी बेटी के रूप में पाऊं। बता दें कि अंकिता भार्गव दिसंबर] दो हज़ार उन्नीस में बेटी मेहर की मां बनीं। बेटी के जन्म के करीब बारह दिन बाद कपल ने उसकी पहली झलक दिखाई थी। बेटी की फोटो शेयर करते हुए करण ने लिखा था- मैरी क्रिसमस, रब दी मेहर। करण और अंकिता की शादी दो हज़ार पंद्रह में गुजराती रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के चार साल दोनों पहली बार पेरेंट्स बने। सालभर पहले भी करण पटेल की पत्नी प्रेग्नेंट हुई थीं लेकिन पाँच महीने में ही उनका मिसकैरेज हो गया था। अंकिता भार्गव जून, दो हज़ार अट्ठारह में चार महीने की प्रेग्नेंट थीं। बच्चे के आने की खुशी में कपल ने बेबी बंप के साथ फोटोशूट भी कराया था। यही नहीं, अंकिता ने मेडिटेशन क्लास, पिलाटे और ज्यादा से ज्यादा वॉक करना भी शुरू कर दिया था ताकि उनकी पहली डिलीवरी नॉर्मल हो सके। लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। बीस जून, दो हज़ार अट्ठारह को उनका मिसकैरेज हो गया था। अंकिता की डिलिवरी नवंबर में होने वाली थी और करण इसे लेकर बहुत एक्साइटेड थे। अप्रैल में उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर इस बात की अनाउंसमेंट की थी। हालांकि मिसकैरेज के बाद करण ने एक इंटरव्यू में कहा था- 'अब हम इस घटना से धीरे-धीरे उबर रहे हैं। ये एक फिल्म थी जो रिलीज नहीं हो पाई लेकिन शो हमेशा चलते रहना चाहिए'। अंकिता और करण ने तीन मई दो हज़ार पंद्रह को मुंबई में गुजराती रीति रिवाज से शादी की थी। बता दें, अंकिता ने 'संजीवनी' , 'देखा एक ख्वाब' , 'एक नई पहचान', 'सजदा तेरे प्यार में', 'रिपोर्टर्स' , 'जीवनसाथी' और 'ये प्यार ना होगा कम' जैसे सीरियल्स में काम किया है। करन पटेल ने करियर की शुरुआत दो हज़ार में आए सीरियल 'कहानी घर-घर की' में विज्ञात के रोल से की थी। इसके बाद करन 'कसौटी जिंदगी की', 'केसर', 'काव्यांजलि', 'कसम से', 'करम अपना-अपना' और 'कस्तूरी' जैसे सीरियल्स में भी नजर आए। बेटी मेहर के साथ करन पटेल और अंकिता भार्गव।
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वैसे तो क्रिकेट के मैदान में हुआ हर मैच रोमांचक होता हैं। लेकिन कुछ मैच ऐसे होते हैं जो दर्शकों के जहन से कभी नहीं निकलते। फिर चाहे वो क्रिकेट का कोई सा भी फॉर्मेट मैच ही क्यों न हो। ऐसे मैच न सिर्फ यादगार मैच बनते हैं। बल्कि इतिहास के पन्नों में भी अपना नाम दर्ज करवा जाते हैं।
फिर चाहे वो अभी हाल ही में हुआ पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच हुआ टेस्ट मैच हो या 1982 में हुआ इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया का मैच हो जब इंग्लैंड टीम ने ऑस्ट्रेलिया टीम को तीन रन से हराया था। आइए आज इसी कड़ी में जानते हैं ऐसे पांच रोमांचक मैचों के बारें में जो आज तक किसी के भी दिमाग से नहीं निकले।
न्यूजीलैंड बनाम पाकिस्तान (2018 )
बीते सोमवार को न्यूजीलैंड और पाकिस्तान के बीच टेस्ट मैच क्रिकेट के जगत का सबसे रोमांचक मैचों में से था। पाक के एक -एक हे के साथ लोगों के दिलों की धड़कन बढ़ रही थी। पाक टीम के फैंस तो अपनी टीम की जीत के लिए दुआ भी मांगने लगे। लेकिन उस दुआ का टीम पर कोई भी असर देखने को नहीं मिला।
मैच रोमांचक जीत के हिसाब से पांचवे नंबर पर रहा। बता दे न्यूजीलैंड की टीम ने चौथे दिन पाकिस्तान की टीम पर 4 रनों के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज करके क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम लिखवा लिया।
इंग्लैंड बनाम ऑस्ट्रेलिया (1982)
साल 1982 में इंग्लैंड की टीम ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था। इस दौरे के दौरान मैचों में ऑस्ट्रेलिया की टीम ने मेजबान टीम को हराकर महज तीन रन से इन मैच को अपने नाम किया था। बता दे इंग्लैंड ने इस मैच में अपनी पहली पारी के दौरान 284 रन बनाए थे।
वहीं जबकि ऑस्ट्रेलिया की टीम ने अपनी पहली पारी के दौरान 294 रन बनाए थे। वही दूसरी पारी के दौरान इंग्लैंड की टीम ने 294 रन बनाए थे। जबकि ऑस्ट्रेलिया की टीम इस मैच में 288 रन ही बना पायी थी।
ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड (1902)
साल 1902 में ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड के बीच इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया की टीम पहली पारी में 299 रन का बड़ा स्कोर बनाने के बाद दूसरी पारी में टीम कुल 86 रन पर आल आउट हो गयी थी। वही इंग्लैंड की टीम ने पहली पारी में 262 रन बनाए थे। मैच को अपने नाम करने के लिए इंग्लैंड की टीम को 123 रन की जरूरत थी। लेकिन ये टीम महज 120 रन पर ही आलआउट हो गयी थी।
इंग्लैंड बनाम ऑस्ट्रेलिया का ये मैच 2005 में बर्मिंघम में खेला गया था। बता दे दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला बेहद ही रोमांचक था। इंग्लैंड की टीम ने पहली पारी में 407 रन का स्कोर दिया था तो वही ऑस्ट्रेलिया की टीम 308 रन आउट हो गयी थी।
वही इस मैच की दूसरी पारी के दौरान शेन वार्न में 6 विकेट गिराकर इंग्लैंड को 182 रन पर ही समेट दिया था। ऑस्ट्रेलिया को इस मैच के लिए 281 रन चाहिए थे। लेकिन ऑस्ट्रेलिया सिर्फ 279 रन पर ढेर हो गयी। जिसके बाद इंग्लैंड ने ये मैच 2 रन के साथ अपने नाम किया।
इस मुकाबले को क्रिकेट जगत के बेहद ही रोमांचक मुकाबलों में गिना जाता हैं। वेस्टइंडीज की टीम ने पहली पारी में 252 रन अपने नाम किये थे। लेकिन दूसरी पारी में वो महज 146 रन ही बना पाई थी।
वहीं लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया कीे टीम ने पहली पारी के दौरान 213 रन और दूसरी पारी के दौरान 184 रन ही बना पायी थी।
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वैसे तो क्रिकेट के मैदान में हुआ हर मैच रोमांचक होता हैं। लेकिन कुछ मैच ऐसे होते हैं जो दर्शकों के जहन से कभी नहीं निकलते। फिर चाहे वो क्रिकेट का कोई सा भी फॉर्मेट मैच ही क्यों न हो। ऐसे मैच न सिर्फ यादगार मैच बनते हैं। बल्कि इतिहास के पन्नों में भी अपना नाम दर्ज करवा जाते हैं। फिर चाहे वो अभी हाल ही में हुआ पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच हुआ टेस्ट मैच हो या एक हज़ार नौ सौ बयासी में हुआ इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया का मैच हो जब इंग्लैंड टीम ने ऑस्ट्रेलिया टीम को तीन रन से हराया था। आइए आज इसी कड़ी में जानते हैं ऐसे पांच रोमांचक मैचों के बारें में जो आज तक किसी के भी दिमाग से नहीं निकले। न्यूजीलैंड बनाम पाकिस्तान बीते सोमवार को न्यूजीलैंड और पाकिस्तान के बीच टेस्ट मैच क्रिकेट के जगत का सबसे रोमांचक मैचों में से था। पाक के एक -एक हे के साथ लोगों के दिलों की धड़कन बढ़ रही थी। पाक टीम के फैंस तो अपनी टीम की जीत के लिए दुआ भी मांगने लगे। लेकिन उस दुआ का टीम पर कोई भी असर देखने को नहीं मिला। मैच रोमांचक जीत के हिसाब से पांचवे नंबर पर रहा। बता दे न्यूजीलैंड की टीम ने चौथे दिन पाकिस्तान की टीम पर चार रनों के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज करके क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम लिखवा लिया। इंग्लैंड बनाम ऑस्ट्रेलिया साल एक हज़ार नौ सौ बयासी में इंग्लैंड की टीम ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था। इस दौरे के दौरान मैचों में ऑस्ट्रेलिया की टीम ने मेजबान टीम को हराकर महज तीन रन से इन मैच को अपने नाम किया था। बता दे इंग्लैंड ने इस मैच में अपनी पहली पारी के दौरान दो सौ चौरासी रन बनाए थे। वहीं जबकि ऑस्ट्रेलिया की टीम ने अपनी पहली पारी के दौरान दो सौ चौरानवे रन बनाए थे। वही दूसरी पारी के दौरान इंग्लैंड की टीम ने दो सौ चौरानवे रन बनाए थे। जबकि ऑस्ट्रेलिया की टीम इस मैच में दो सौ अठासी रन ही बना पायी थी। ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड साल एक हज़ार नौ सौ दो में ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड के बीच इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया की टीम पहली पारी में दो सौ निन्यानवे रन का बड़ा स्कोर बनाने के बाद दूसरी पारी में टीम कुल छियासी रन पर आल आउट हो गयी थी। वही इंग्लैंड की टीम ने पहली पारी में दो सौ बासठ रन बनाए थे। मैच को अपने नाम करने के लिए इंग्लैंड की टीम को एक सौ तेईस रन की जरूरत थी। लेकिन ये टीम महज एक सौ बीस रन पर ही आलआउट हो गयी थी। इंग्लैंड बनाम ऑस्ट्रेलिया का ये मैच दो हज़ार पाँच में बर्मिंघम में खेला गया था। बता दे दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला बेहद ही रोमांचक था। इंग्लैंड की टीम ने पहली पारी में चार सौ सात रन का स्कोर दिया था तो वही ऑस्ट्रेलिया की टीम तीन सौ आठ रन आउट हो गयी थी। वही इस मैच की दूसरी पारी के दौरान शेन वार्न में छः विकेट गिराकर इंग्लैंड को एक सौ बयासी रन पर ही समेट दिया था। ऑस्ट्रेलिया को इस मैच के लिए दो सौ इक्यासी रन चाहिए थे। लेकिन ऑस्ट्रेलिया सिर्फ दो सौ उन्यासी रन पर ढेर हो गयी। जिसके बाद इंग्लैंड ने ये मैच दो रन के साथ अपने नाम किया। इस मुकाबले को क्रिकेट जगत के बेहद ही रोमांचक मुकाबलों में गिना जाता हैं। वेस्टइंडीज की टीम ने पहली पारी में दो सौ बावन रन अपने नाम किये थे। लेकिन दूसरी पारी में वो महज एक सौ छियालीस रन ही बना पाई थी। वहीं लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया कीे टीम ने पहली पारी के दौरान दो सौ तेरह रन और दूसरी पारी के दौरान एक सौ चौरासी रन ही बना पायी थी। अगर आपकों हमारा आर्टिकल पसंद आया, तो प्लीज इसे लाइक करें। अपने दोस्तों तक ये खबर सबसे पहले पहुंचाने के लिए शेयर करें और साथ ही अगर आप कोई सुझाव देना चाहते हैं, तो प्लीज कमेंट करें। अगर आपने अब तक हमारा पेज लाइक नहीं किया हैं, तो कृपया अभी लाइक करें, जिससे लेटेस्ट अपडेट हम आपको जल्दी पहुंचा सकें।
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नयी दिल्ली, 25 मई वाहनों के लिये कल-पुर्जे बनाने वाले बॉश समूह ने मंगलवार को कहा कि उसने भारत में अपने किसी भी कर्मचारी के कोविड-19 के कारण निधन होने पर औसतन 70 लाख रुपये का बीमा कवर उपलब्ध कराया है। इसके अलावा समूह ने कहा कि उसने महामारी से निपटने के लिये राहत उपायों के लिये प्रयास तेज किये हैं।
बॉश ने यह भी कहा कि वह अपने कर्मचारियों के निधन होने की स्थिति में उनके परिवार को तीन साल तक चिकित्सा बीमा उपलब्ध कराएगा।
बयान के अनुसार कंपनी ऑक्सीजन उत्पादन इकाई में भी निवेश करेगी। ये इकाइयां कारोबार में मदद के साथ समाज की भी सेवा करेंगी।
इसके अलावा समूह अपने कर्मचारियों के निधन होने की स्थिति में उनके परिवार को मृत्यु की तारीख से तीन साल तक चिकित्सा बीमा उपलब्ध कराएगा।
Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
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नयी दिल्ली, पच्चीस मई वाहनों के लिये कल-पुर्जे बनाने वाले बॉश समूह ने मंगलवार को कहा कि उसने भारत में अपने किसी भी कर्मचारी के कोविड-उन्नीस के कारण निधन होने पर औसतन सत्तर लाख रुपये का बीमा कवर उपलब्ध कराया है। इसके अलावा समूह ने कहा कि उसने महामारी से निपटने के लिये राहत उपायों के लिये प्रयास तेज किये हैं। बॉश ने यह भी कहा कि वह अपने कर्मचारियों के निधन होने की स्थिति में उनके परिवार को तीन साल तक चिकित्सा बीमा उपलब्ध कराएगा। बयान के अनुसार कंपनी ऑक्सीजन उत्पादन इकाई में भी निवेश करेगी। ये इकाइयां कारोबार में मदद के साथ समाज की भी सेवा करेंगी। इसके अलावा समूह अपने कर्मचारियों के निधन होने की स्थिति में उनके परिवार को मृत्यु की तारीख से तीन साल तक चिकित्सा बीमा उपलब्ध कराएगा। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
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आगरा विकास फाउंडेशन और जानेमाने वकील के. सी. जैन ने बताया कि दिसंबर 2005 में सुप्रीम कोर्ट ने ताज गलियारे पर सुझाव देने के लिए एक समिति का गठन किया था. फरवरी 2006 में इसकी रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने एएसआई को कार्यवाही की योजना पेश करने का निर्देश दिया था. उसके बाद से मामला लटका पड़ा है. उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय का कहना है कि इलाके को साफ कराना हमारी जिम्मेदारी नहीं है. हम नगरपालिका अधिकारियों से बात करेंगे और उन्हें एक नोटिस भेजेंगे. आगरा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने गलियारे में एक लोहे का गेट लगवाया था, लेकिन गेट हमेशा खुला रहता है और इस अधूरे गलियारे की रखवाली के लिए वहां कोई नहीं रहता.
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आगरा विकास फाउंडेशन और जानेमाने वकील के. सी. जैन ने बताया कि दिसंबर दो हज़ार पाँच में सुप्रीम कोर्ट ने ताज गलियारे पर सुझाव देने के लिए एक समिति का गठन किया था. फरवरी दो हज़ार छः में इसकी रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने एएसआई को कार्यवाही की योजना पेश करने का निर्देश दिया था. उसके बाद से मामला लटका पड़ा है. उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय का कहना है कि इलाके को साफ कराना हमारी जिम्मेदारी नहीं है. हम नगरपालिका अधिकारियों से बात करेंगे और उन्हें एक नोटिस भेजेंगे. आगरा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने गलियारे में एक लोहे का गेट लगवाया था, लेकिन गेट हमेशा खुला रहता है और इस अधूरे गलियारे की रखवाली के लिए वहां कोई नहीं रहता.
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उत्तर प्रदेश के बांदा में मंगलवार शाम सड़क हादसे में दो दोस्तों की दर्दनाक मौत हो गई. बताया जा रहा है कि खड़े ट्रक में बाइक सवार जाकर भिड़ गए. आनन-फानन में वहां मौजूद लोगों ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया. मगर, डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
इस हादसे के बाद दोनों के परिवार में गम का माहौल है. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मामला मटौंध थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे का है. महोबा जिले के रहने दो दोस्त बाइक से अतर्रा एक शोक सभा में गए हुए थे.
वहां से शामिल होकर वापस घर लौट रहे थे कि रास्ते में सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गए. इससे बुरी तरह घायल हो गए. स्थानीय लोगों ने एम्बुलेंस से दोनों घायल को अस्पताल भेज दिया. वहां डॉक्टरों ने देखकर दोनों को मृत लाया गया घोषित कर दिया.
मृतक के परिजनों ने बताया कि मृतक कौशल बिजली विभाग में कर्मचारी था. वहीं, दीपक नगर पंचायत में सफाई कर्मचारी था. दोनों दोस्त थे. कौशल की रिश्तेदारी में किसी का निधन हो गया था. इसको लेकर वह रिश्तेदार के यहां जा रहा था.
यह बात दीपक को भी पता चला, तो वह भी कौशल के साथ चला गया. घटना के बाद से दोनों के घरों में मातम का माहौल है. उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
मामले में डीएसपी गवेंद्र पाल गौतम ने बताया कि कौशल और दीपक नाम के दो व्यक्ति बाइक से अतर्रा से महोबा जा रहे थे. थाना मटौंध क्षेत्र में खड़े ट्रक से इनकी बाइक टकरा गई. दोनों दोस्त घायल हो गए. तत्काल दोनों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया. मगर, डॉक्टरों ने दोनों को मृत बता दिया.
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उत्तर प्रदेश के बांदा में मंगलवार शाम सड़क हादसे में दो दोस्तों की दर्दनाक मौत हो गई. बताया जा रहा है कि खड़े ट्रक में बाइक सवार जाकर भिड़ गए. आनन-फानन में वहां मौजूद लोगों ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया. मगर, डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस हादसे के बाद दोनों के परिवार में गम का माहौल है. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मामला मटौंध थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे का है. महोबा जिले के रहने दो दोस्त बाइक से अतर्रा एक शोक सभा में गए हुए थे. वहां से शामिल होकर वापस घर लौट रहे थे कि रास्ते में सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गए. इससे बुरी तरह घायल हो गए. स्थानीय लोगों ने एम्बुलेंस से दोनों घायल को अस्पताल भेज दिया. वहां डॉक्टरों ने देखकर दोनों को मृत लाया गया घोषित कर दिया. मृतक के परिजनों ने बताया कि मृतक कौशल बिजली विभाग में कर्मचारी था. वहीं, दीपक नगर पंचायत में सफाई कर्मचारी था. दोनों दोस्त थे. कौशल की रिश्तेदारी में किसी का निधन हो गया था. इसको लेकर वह रिश्तेदार के यहां जा रहा था. यह बात दीपक को भी पता चला, तो वह भी कौशल के साथ चला गया. घटना के बाद से दोनों के घरों में मातम का माहौल है. उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. मामले में डीएसपी गवेंद्र पाल गौतम ने बताया कि कौशल और दीपक नाम के दो व्यक्ति बाइक से अतर्रा से महोबा जा रहे थे. थाना मटौंध क्षेत्र में खड़े ट्रक से इनकी बाइक टकरा गई. दोनों दोस्त घायल हो गए. तत्काल दोनों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया. मगर, डॉक्टरों ने दोनों को मृत बता दिया.
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काफी समय से बॉलीवुड अभिनेत्री यामी गौतम और पुलकित सम्राट के अफेयर के चर्चे चल रहे थे. पिछले दिनों यामी ने पुलकित सम्राट से ब्रेकअप कर लिया क्योंकि यामी के पैरेंट्स नहीं चाहते थे वह किसी शादी शुदा मर्द को डेट करें. काफी समय तक सुर्ख़ियों में चला यह अफेयर अब खत्म हो चूका है और दोनों ही अपनी-अपनी राहों में आगे बढ़ चुके हैं. लेकिन प्यार यदि इतनी जल्दी भुलाया जा सकता, तो बात ही क्या होती. आजकल यामी हर मुमकिन कोशिश कर रही हैं, जिससे उनके दिमाग में पुलकित का ख्याल नहीं आए.
यामी जिस रास्ते को अपना रही हैं, उसे प्यार के साइड इफेक्ट्स नाम दिया जा सकता है. इसी कड़ी में यामी ने अपने फिटनेस ट्रेनर को भी बॉयकॉट कर दिया. दरअसल, अपने अफेयर के समय यामी और पुलकित दोनों एक ही ट्रेनर के साथ अपना वर्कआउट किया करते थे और जिम भी साथ में ही जाते थे. लेकिन जैसा कि आप सभी को पता है कि अब हालात बदल चुके हैं, तो यामी भी चाहती हैं कि उनके आसपास का माहौल भी बदले. इसी के चलते उन्होंने ट्रेनर का भी रास्ता साफ़ कर दिया.
यामी अपने ब्रेकअप के बाद से इतना सतर्क हो गई हैं कि उन्होंने अपनी छोटी बहन को भी उस जिम में ना जाने की सलाह दी है. लेकिन बात करें ट्रेनर कि तो वह अभी भी पुलकित को ट्रैन कर रहे हैं. लेकिन यामी ने पुलकित के साथ-साथ ट्रेनर से भी किनारा कर लेने में अपनी भलाई समझी.
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काफी समय से बॉलीवुड अभिनेत्री यामी गौतम और पुलकित सम्राट के अफेयर के चर्चे चल रहे थे. पिछले दिनों यामी ने पुलकित सम्राट से ब्रेकअप कर लिया क्योंकि यामी के पैरेंट्स नहीं चाहते थे वह किसी शादी शुदा मर्द को डेट करें. काफी समय तक सुर्ख़ियों में चला यह अफेयर अब खत्म हो चूका है और दोनों ही अपनी-अपनी राहों में आगे बढ़ चुके हैं. लेकिन प्यार यदि इतनी जल्दी भुलाया जा सकता, तो बात ही क्या होती. आजकल यामी हर मुमकिन कोशिश कर रही हैं, जिससे उनके दिमाग में पुलकित का ख्याल नहीं आए. यामी जिस रास्ते को अपना रही हैं, उसे प्यार के साइड इफेक्ट्स नाम दिया जा सकता है. इसी कड़ी में यामी ने अपने फिटनेस ट्रेनर को भी बॉयकॉट कर दिया. दरअसल, अपने अफेयर के समय यामी और पुलकित दोनों एक ही ट्रेनर के साथ अपना वर्कआउट किया करते थे और जिम भी साथ में ही जाते थे. लेकिन जैसा कि आप सभी को पता है कि अब हालात बदल चुके हैं, तो यामी भी चाहती हैं कि उनके आसपास का माहौल भी बदले. इसी के चलते उन्होंने ट्रेनर का भी रास्ता साफ़ कर दिया. यामी अपने ब्रेकअप के बाद से इतना सतर्क हो गई हैं कि उन्होंने अपनी छोटी बहन को भी उस जिम में ना जाने की सलाह दी है. लेकिन बात करें ट्रेनर कि तो वह अभी भी पुलकित को ट्रैन कर रहे हैं. लेकिन यामी ने पुलकित के साथ-साथ ट्रेनर से भी किनारा कर लेने में अपनी भलाई समझी.
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हार्दिक पटेल शिक्षा और नौकरियों में अपने समुदाय के लोगों के लिए आरक्षण की मांग को लेकर गुजरात में हुए जबर्दस्त प्रदर्शन के बाद सुर्खियों में आये थे।
गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल 12 मार्च को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और दूसरे सीनियर नेताओं की उपस्थिति में पार्टी में शामिल हो जाएंगे। हार्दिक पटेल ने ट्वीट कर इसकी पुष्टि कर दी है। हार्दिक पटेल ने ट्वीट किया, 'समाज और देश की सेवा के अपने मकसद को एक रूप देने के लिए, मैंने फैसला लिया है कि मैं 12 मार्च को राहुल गांधी और दूसरे सीनियर नेताओं की मौदूदगी में कांग्रेस में शामिल हो जाउंगा। '
हार्दिक ने एक और ट्वीट भी किया और कहा, 'अगर कोई कानूनी दिक्कत नहीं हुई और पार्टी मुझे चुनावी राजनीति में उतारने का फैसला करती है तो मैं अपने पार्टी के फैसले के साथ रहूंगा। मैं यह कदम भारत के 125 करोड़ लोगों की सेवा के लिए उठा रहा हूं। '
पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (PASS) के संयोजक हार्दिक के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर पिछले कुछ दिनों से अटकलें जारी थी। पिछले हफ्ते गुरुवार को भी PASS की कोर समिति की राजकोट में बैठक हुई थी। तब कोर समिति की सदस्य गीता पटेल ने कहा था कि हार्दिक 12 मार्च को कांग्रेस में शामिल होंगे जब राहुल गांधी गुजरात में होंगे। हार्दिक को अहमदाबाद में एक रैली में पार्टी में शामिल किया जाएगा।
राजद्रोह के आरोपों से घिरे और जमानत पर चल रहे हार्दिक पटेल ने घोषणा की थी कि वह गुजरात से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। गीता ने कहा, 'हार्दिक अमरेली, मेहसाणा या जामनगर सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि अभी कुछ तय नहीं हुआ है। चूंकि वह कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं तो अब पार्टी ही सीट के बारे में निर्णय लेगी। '
कांग्रेस ने घोषणा की है कि राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ नेता 12 मार्च को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक और एक जनसभा के लिए अहमदाबाद में होंगे। कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक पहले 28 फरवरी को हुई थी लेकिन पाकिस्तान के बालाकोट में वायुसेना के हवाई हमले के आलोक में इसे स्थगित कर दिया गया था।
हार्दिक पटेल शिक्षा और नौकरियों में अपने समुदाय के लोगों के लिए आरक्षण की मांग को लेकर गुजरात में हुए जबर्दस्त प्रदर्शन के बाद सुर्खियों में आये थे। दिसंबर 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले भी हार्दिक ने कांग्रेस के प्रति अपने समर्थन की घोषणा की थी।
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हार्दिक पटेल शिक्षा और नौकरियों में अपने समुदाय के लोगों के लिए आरक्षण की मांग को लेकर गुजरात में हुए जबर्दस्त प्रदर्शन के बाद सुर्खियों में आये थे। गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल बारह मार्च को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और दूसरे सीनियर नेताओं की उपस्थिति में पार्टी में शामिल हो जाएंगे। हार्दिक पटेल ने ट्वीट कर इसकी पुष्टि कर दी है। हार्दिक पटेल ने ट्वीट किया, 'समाज और देश की सेवा के अपने मकसद को एक रूप देने के लिए, मैंने फैसला लिया है कि मैं बारह मार्च को राहुल गांधी और दूसरे सीनियर नेताओं की मौदूदगी में कांग्रेस में शामिल हो जाउंगा। ' हार्दिक ने एक और ट्वीट भी किया और कहा, 'अगर कोई कानूनी दिक्कत नहीं हुई और पार्टी मुझे चुनावी राजनीति में उतारने का फैसला करती है तो मैं अपने पार्टी के फैसले के साथ रहूंगा। मैं यह कदम भारत के एक सौ पच्चीस करोड़ लोगों की सेवा के लिए उठा रहा हूं। ' पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के संयोजक हार्दिक के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर पिछले कुछ दिनों से अटकलें जारी थी। पिछले हफ्ते गुरुवार को भी PASS की कोर समिति की राजकोट में बैठक हुई थी। तब कोर समिति की सदस्य गीता पटेल ने कहा था कि हार्दिक बारह मार्च को कांग्रेस में शामिल होंगे जब राहुल गांधी गुजरात में होंगे। हार्दिक को अहमदाबाद में एक रैली में पार्टी में शामिल किया जाएगा। राजद्रोह के आरोपों से घिरे और जमानत पर चल रहे हार्दिक पटेल ने घोषणा की थी कि वह गुजरात से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। गीता ने कहा, 'हार्दिक अमरेली, मेहसाणा या जामनगर सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि अभी कुछ तय नहीं हुआ है। चूंकि वह कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं तो अब पार्टी ही सीट के बारे में निर्णय लेगी। ' कांग्रेस ने घोषणा की है कि राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ नेता बारह मार्च को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक और एक जनसभा के लिए अहमदाबाद में होंगे। कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक पहले अट्ठाईस फरवरी को हुई थी लेकिन पाकिस्तान के बालाकोट में वायुसेना के हवाई हमले के आलोक में इसे स्थगित कर दिया गया था। हार्दिक पटेल शिक्षा और नौकरियों में अपने समुदाय के लोगों के लिए आरक्षण की मांग को लेकर गुजरात में हुए जबर्दस्त प्रदर्शन के बाद सुर्खियों में आये थे। दिसंबर दो हज़ार सत्रह के विधानसभा चुनाव से पहले भी हार्दिक ने कांग्रेस के प्रति अपने समर्थन की घोषणा की थी।
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आधुनिक समय की बच्चों के माता पिता विभिन्न खिलौने और उनके लिए सामान की अलमारियों पर कितना जानता है। लड़कियों गुड़िया के साथ खेलने के लिए प्यार करता हूँ। बच्चे को एक है खास तौर पर अगर बार्बी, के लिए घर उसके लिए विभिन्न फर्नीचर। हर माता पिता, बिना किसी अपवाद के, पता है कि गुड़िया घर के लिए भी एक छोटा सा गुण सब कुछ काफी बहुत सारा पैसा है। तो कैसे एक फ्रिज, एक सोफा के लिए एक गुड़िया बनाने के लिए का सवाल, अपने हाथों से एक मेज, बहुत ही प्रासंगिक है।
अगर माता-पिता कल्पना का एक छोटा सा है, यह सब सफल होने चाहिए। कैसे अपने स्वयं के हाथों से गुड़िया के लिए रेफ्रिजरेटर बनाने के लिए? जानकारी पढ़ें - और सभी स्पष्ट हो जाएगा। यहां तक कि गुड़िया का घर के सामान में विनिर्माण कौशल के बिना, हर माता पिता को आसानी से कार्य के साथ सामना कर सकते हैं।
खिलौने उत्पादों के लिए एक छोटा सा भंडारण स्थान के अधिग्रहण 2000 रूबल से कम नहीं की आवश्यकता होगी। और जब आप समझते हैं और क्या आप गुड़िया फ्रिज के अलावा घर सजाने के लिए फर्नीचर का एक बहुत खरीदने की जरूरत है, तो आप एक भाग्य खर्च करने की है।
बच्चे, खेलने के लिए बहुत ही दिलचस्प हो सकता है अगर माता-पिता स्वयं बार्बी के घर में फर्नीचर को इकट्ठा कर रहे हैं। इससे पहले कि आप एक रेफ्रिजरेटर के लिए एक गुड़िया बनाने के लिए, यह दुकान में दिखना चाहिए, यह कैसा लग रहा है। आप बस वर्तमान है, जो रसोई घर में खड़ा है के साथ एक लेआउट ले सकते हैं।
अपने हाथों से युवा गर्लफ्रेंड के लिए एक सहायक बनाने के लिए निर्णय करने के बाद, माता-पिता एक बच्चे को खुशी दे देंगे, और काफी परिवार बजट बचा सकता है।
बेशक, एक फ्रिज के लिए एक गुड़िया बनाने से पहले, इसके लिए तैयार करने और आवश्यक सामग्री प्राप्त करना चाहिए। आप की आवश्यकता होगीः
- मोटी गत्ता;
- एक ही आकार बॉक्स के दो;
- अंडे के नीचे से गत्ता पैकेजिंग;
- पारदर्शी प्लास्टिक;
- गोंद;
- कपास के फाहे;
- रंग का पेंट;
- रंग का कागज;
- सजावट के लिए छोटा सा सामान।
इन सामग्रियों को हमारी योजनाओं का एहसास है और खाद्य भंडारण के लिए एक पूर्ण जगह बनाने के लिए पर्याप्त होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात, कार्यस्थल विशाल था, यह आराम से कार्य को पूरा करने में मदद मिलेगी।
बार्बी गुड़िया फ्रिज बनाने के लिए करने से पहले सबसे अच्छा संभव तरीके से इसे पाने के लिए, आप अपने चरणों पर विचार करना चाहिए। प्राथमिकता कार्यों निम्नलिखित हो सकता हैः
- पहले यह दो बक्से के बीच एक गोंद है। बक्से के पलकों अलग अलग दिशाओं में खोला जाना चाहिए, वर्तमान फ्रिज में के रूप में।
- फिर, पहिले डिजाइन रंगीन कागज में वांछित रंग लपेटा जाता है। बेशक, चादर चिपकाया जाना चाहिए।
- इस के बाद गत्ते का चटाई, साथ ही ऊपरी भाग किया जाता है। आप कुछ मिलीमीटर उत्पाद के नीचे की तुलना में छोटे गत्ते के टुकड़े में कटौती करने की जरूरत है।
- एक साथ चिपके गत्ता टुकड़े भी कागज रंग okleit चाहिए। फिर, वे रेफ्रिजरेटर भविष्य के ऊपरी और निचले भागों में संलग्न किया जाना चाहिए।
- अगले कदम - व्यास में गत्ता बक्से के टुकड़े को काटने है। के बाद वे बॉक्स के अंदर छड़ी की जरूरत है। इस संरचना को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
- जब गोंद सूख जाता है, तो आप अलमारियों के निर्माण में संलग्न करना चाहिए। आप वर्गों की चौड़ाई पर उचित बक्सों में कटौती और उन्हें अंतरिक्ष के अंदर बड़े करीने से गोंद की जरूरत।
- अगले कदम के लिए, वर्गों इस तरह के पिछले चरण में के रूप में प्लास्टिक के काटने है। वे इस आला फ्रिज नकल उतार द्वारा गत्ते के बने अलमारियों के शीर्ष पर रखा गया है।
- बाद दो भागों में अंडे की पैकेजिंग से काटा जाना चाहिए। यह सेल दरवाजे की तरफ हो जाएगा। वे रंग और इच्छित स्थान पर गोंद सुखाने के बाद की जरूरत है।
- जब ऐसा होता है, तो आप सजावट की ज़रूरत है। पेन, कपास के फाहे का उपयोग करें। हम एक कपास पट्टी के साथ उन भागों में कटौती करने और इच्छित रंग में प्लास्टिक ट्यूब पेंट करने के लिए की जरूरत है। फिर, संभाल दरवाजा से जुड़ी है।
- यही कारण है कि एक रेफ्रिजरेटर की तरह था, यह पता सजावट करना चाहिए। ऐसा करने के लिए, यदि आप पहले काटा दरवाजा विभिन्न सामान पर छड़ी कर सकते हैं।
कार्रवाई के कार्यान्वयन के बाद एक उत्पाद पूरी तरह से गोंद सुखाने के लिए दी जानी चाहिए। जब आवश्यक होगा अवधि, हम उत्पाद प्यारी बेटी वितरित कर सकते हैं। रसोई के लिए इस सहायक के साथ एक बहुत ही रोमांचक खेल हो जाएगा।
बेशक, यह साधारण विचारों पर ध्यान केन्द्रित करना आवश्यक नहीं है। उत्पाद में समृद्धि और कल्पना infusing, आप इसे अविश्वसनीय बना सकते हैं। चमक जोड़ने के लिए, आप निम्नलिखित मदों की जरूरत हो सकता हैः
- रंग के बटन;
- छोटे मोती;
- विविध छोटे भागों;
- दीप्ति;
- मोती।
इन सभी विवरण अच्छी तरह से सजाने के उत्पादों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। खेल उज्ज्वल, संतृप्त अद्भुत बात यह है कि माता-पिता अपने हाथों से करना होगा।
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आधुनिक समय की बच्चों के माता पिता विभिन्न खिलौने और उनके लिए सामान की अलमारियों पर कितना जानता है। लड़कियों गुड़िया के साथ खेलने के लिए प्यार करता हूँ। बच्चे को एक है खास तौर पर अगर बार्बी, के लिए घर उसके लिए विभिन्न फर्नीचर। हर माता पिता, बिना किसी अपवाद के, पता है कि गुड़िया घर के लिए भी एक छोटा सा गुण सब कुछ काफी बहुत सारा पैसा है। तो कैसे एक फ्रिज, एक सोफा के लिए एक गुड़िया बनाने के लिए का सवाल, अपने हाथों से एक मेज, बहुत ही प्रासंगिक है। अगर माता-पिता कल्पना का एक छोटा सा है, यह सब सफल होने चाहिए। कैसे अपने स्वयं के हाथों से गुड़िया के लिए रेफ्रिजरेटर बनाने के लिए? जानकारी पढ़ें - और सभी स्पष्ट हो जाएगा। यहां तक कि गुड़िया का घर के सामान में विनिर्माण कौशल के बिना, हर माता पिता को आसानी से कार्य के साथ सामना कर सकते हैं। खिलौने उत्पादों के लिए एक छोटा सा भंडारण स्थान के अधिग्रहण दो हज़ार रूबल से कम नहीं की आवश्यकता होगी। और जब आप समझते हैं और क्या आप गुड़िया फ्रिज के अलावा घर सजाने के लिए फर्नीचर का एक बहुत खरीदने की जरूरत है, तो आप एक भाग्य खर्च करने की है। बच्चे, खेलने के लिए बहुत ही दिलचस्प हो सकता है अगर माता-पिता स्वयं बार्बी के घर में फर्नीचर को इकट्ठा कर रहे हैं। इससे पहले कि आप एक रेफ्रिजरेटर के लिए एक गुड़िया बनाने के लिए, यह दुकान में दिखना चाहिए, यह कैसा लग रहा है। आप बस वर्तमान है, जो रसोई घर में खड़ा है के साथ एक लेआउट ले सकते हैं। अपने हाथों से युवा गर्लफ्रेंड के लिए एक सहायक बनाने के लिए निर्णय करने के बाद, माता-पिता एक बच्चे को खुशी दे देंगे, और काफी परिवार बजट बचा सकता है। बेशक, एक फ्रिज के लिए एक गुड़िया बनाने से पहले, इसके लिए तैयार करने और आवश्यक सामग्री प्राप्त करना चाहिए। आप की आवश्यकता होगीः - मोटी गत्ता; - एक ही आकार बॉक्स के दो; - अंडे के नीचे से गत्ता पैकेजिंग; - पारदर्शी प्लास्टिक; - गोंद; - कपास के फाहे; - रंग का पेंट; - रंग का कागज; - सजावट के लिए छोटा सा सामान। इन सामग्रियों को हमारी योजनाओं का एहसास है और खाद्य भंडारण के लिए एक पूर्ण जगह बनाने के लिए पर्याप्त होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात, कार्यस्थल विशाल था, यह आराम से कार्य को पूरा करने में मदद मिलेगी। बार्बी गुड़िया फ्रिज बनाने के लिए करने से पहले सबसे अच्छा संभव तरीके से इसे पाने के लिए, आप अपने चरणों पर विचार करना चाहिए। प्राथमिकता कार्यों निम्नलिखित हो सकता हैः - पहले यह दो बक्से के बीच एक गोंद है। बक्से के पलकों अलग अलग दिशाओं में खोला जाना चाहिए, वर्तमान फ्रिज में के रूप में। - फिर, पहिले डिजाइन रंगीन कागज में वांछित रंग लपेटा जाता है। बेशक, चादर चिपकाया जाना चाहिए। - इस के बाद गत्ते का चटाई, साथ ही ऊपरी भाग किया जाता है। आप कुछ मिलीमीटर उत्पाद के नीचे की तुलना में छोटे गत्ते के टुकड़े में कटौती करने की जरूरत है। - एक साथ चिपके गत्ता टुकड़े भी कागज रंग okleit चाहिए। फिर, वे रेफ्रिजरेटर भविष्य के ऊपरी और निचले भागों में संलग्न किया जाना चाहिए। - अगले कदम - व्यास में गत्ता बक्से के टुकड़े को काटने है। के बाद वे बॉक्स के अंदर छड़ी की जरूरत है। इस संरचना को मजबूत करने में मदद मिलेगी। - जब गोंद सूख जाता है, तो आप अलमारियों के निर्माण में संलग्न करना चाहिए। आप वर्गों की चौड़ाई पर उचित बक्सों में कटौती और उन्हें अंतरिक्ष के अंदर बड़े करीने से गोंद की जरूरत। - अगले कदम के लिए, वर्गों इस तरह के पिछले चरण में के रूप में प्लास्टिक के काटने है। वे इस आला फ्रिज नकल उतार द्वारा गत्ते के बने अलमारियों के शीर्ष पर रखा गया है। - बाद दो भागों में अंडे की पैकेजिंग से काटा जाना चाहिए। यह सेल दरवाजे की तरफ हो जाएगा। वे रंग और इच्छित स्थान पर गोंद सुखाने के बाद की जरूरत है। - जब ऐसा होता है, तो आप सजावट की ज़रूरत है। पेन, कपास के फाहे का उपयोग करें। हम एक कपास पट्टी के साथ उन भागों में कटौती करने और इच्छित रंग में प्लास्टिक ट्यूब पेंट करने के लिए की जरूरत है। फिर, संभाल दरवाजा से जुड़ी है। - यही कारण है कि एक रेफ्रिजरेटर की तरह था, यह पता सजावट करना चाहिए। ऐसा करने के लिए, यदि आप पहले काटा दरवाजा विभिन्न सामान पर छड़ी कर सकते हैं। कार्रवाई के कार्यान्वयन के बाद एक उत्पाद पूरी तरह से गोंद सुखाने के लिए दी जानी चाहिए। जब आवश्यक होगा अवधि, हम उत्पाद प्यारी बेटी वितरित कर सकते हैं। रसोई के लिए इस सहायक के साथ एक बहुत ही रोमांचक खेल हो जाएगा। बेशक, यह साधारण विचारों पर ध्यान केन्द्रित करना आवश्यक नहीं है। उत्पाद में समृद्धि और कल्पना infusing, आप इसे अविश्वसनीय बना सकते हैं। चमक जोड़ने के लिए, आप निम्नलिखित मदों की जरूरत हो सकता हैः - रंग के बटन; - छोटे मोती; - विविध छोटे भागों; - दीप्ति; - मोती। इन सभी विवरण अच्छी तरह से सजाने के उत्पादों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। खेल उज्ज्वल, संतृप्त अद्भुत बात यह है कि माता-पिता अपने हाथों से करना होगा।
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एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ही शिवसेना के विधायक दल के नेता पद पर बने रहेंगे. उन्हें हटा कर अजय चौधरी को पार्टी लीडर बनाने के फैसले को खारिज कर दिया गया है.
उद्धव ठाकरे को एक और बड़ा झटका लगा है. एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ही शिवसेना के विधायक दल के नेता पद पर बने रहेंगे. उन्हें हटा कर अजय चौधरी को पार्टी लीडर बनाने के फैसले को खारिज कर दिया गया है और अजय चौधरी की नियुक्ति को मान्यता नहीं दी गई है. इसके अलावा उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की ओर से नियुक्त किए गए सुनील प्रभु को मुख्य सचेतक बनाने के फैसले को भी रद्द किया गया है और शिंदे गुट के भरत गोगावले को शिवसेना (Shiv Sena) के चीफ व्हिप के तौर पर मान्यता दी गई है. विधानमंडल सचिवालय की ओर से लिए गए इस फैसले की सूचना पत्र भेजकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को दे दी गई है. उद्धव ठाकरे के लिए यह सबसे बड़ा झटका समझा जा रहा है. अब उनकी ओर से इस फैसले का क्या जवाब दिया जाता है, इसपर सबकी नजरें लगी हुई हैं.
विधानमंडल के इस फैसले के बाद उद्धव ठाकरे कैंप में बचे सभी विधायकों के लिए कानूनी तौर पर एक बड़ी मुश्किल सामने आ गई है. अब अगर एकनाथ शिंदे गुट की ओर से उद्धव ठाकरे कैंप के बचे हुए 16 विधायकों पर कार्रवाई की गई तो बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी. व्हिप के मामले में भी विधानमडल की ओर से शिंदे गुट के भरत गोगावले को ही मान्यता दी गई है. ऐसे में उद्धव ठाकरे कैंप के 16 विधायकों ने शिंदे गुट के व्हिप के खिलाफ जाकर महा विकास आघाड़ी के उम्मीदवार राजन साल्वी के पक्ष में मतदान किया था. ऐसे में उनपर व्हिप पालन नहीं करने के बदले अब विधायकी को अयोग्य ठहराए जाने की खतरा भी बढ़ गया है.
क्या आदित्य ठाकरे निलंबित हो जाएंगे?
ऐसे में आदित्य ठाकरे के ऊपर भी निलंबित होने का खतरा मंडरा रहा है. आदित्य ठाकरे समेत सभी 16 विधायक निलंबित हो सकते हैं. जाहिर है कि उद्धव ठाकरे कैंप इस फैसले को मान कर नहीं बैठेगा, बल्कि इसे चुनौती देगा.लेकिन फिलहाल तो संकट के बादल उद्धव ठाकरे के कैंप पर मंडरा रहे हैं. शिंदे गुट के लिए यह एक बड़ी विजय मानी जाएगी.
इस फैसले पर उद्धव ठाकरे कैंप के सांसद अरविंद सावंत ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी नेता के पद पर किसी को चुनने का अधिकार पार्टी प्रमुख को होता है. ऐसे में इस तरह के फैसले की उम्मीद नहीं थी. इस फैसले को चुनौती दी जाएगी. शिंदे गुट के प्रवक्ता दीपक केसरकर ने कहा कि 2019 में एकनाथ शिंदे को पार्टी लीडर के तौर पर चुना गया था. अब जब उनके पास बहुमत नही है तो वे एकनाथ शिंदे को पार्टी लीडर के पद से नहीं हटा सकते. उन्हें इसका अधिकार नहीं है. लोकतंत्र में जिसके साथ नंबर्स होते हैं, फैसले लेने का अधिकार उनके पास होता है.
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एकनाथ शिंदे ही शिवसेना के विधायक दल के नेता पद पर बने रहेंगे. उन्हें हटा कर अजय चौधरी को पार्टी लीडर बनाने के फैसले को खारिज कर दिया गया है. उद्धव ठाकरे को एक और बड़ा झटका लगा है. एकनाथ शिंदे ही शिवसेना के विधायक दल के नेता पद पर बने रहेंगे. उन्हें हटा कर अजय चौधरी को पार्टी लीडर बनाने के फैसले को खारिज कर दिया गया है और अजय चौधरी की नियुक्ति को मान्यता नहीं दी गई है. इसके अलावा उद्धव ठाकरे की ओर से नियुक्त किए गए सुनील प्रभु को मुख्य सचेतक बनाने के फैसले को भी रद्द किया गया है और शिंदे गुट के भरत गोगावले को शिवसेना के चीफ व्हिप के तौर पर मान्यता दी गई है. विधानमंडल सचिवालय की ओर से लिए गए इस फैसले की सूचना पत्र भेजकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को दे दी गई है. उद्धव ठाकरे के लिए यह सबसे बड़ा झटका समझा जा रहा है. अब उनकी ओर से इस फैसले का क्या जवाब दिया जाता है, इसपर सबकी नजरें लगी हुई हैं. विधानमंडल के इस फैसले के बाद उद्धव ठाकरे कैंप में बचे सभी विधायकों के लिए कानूनी तौर पर एक बड़ी मुश्किल सामने आ गई है. अब अगर एकनाथ शिंदे गुट की ओर से उद्धव ठाकरे कैंप के बचे हुए सोलह विधायकों पर कार्रवाई की गई तो बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी. व्हिप के मामले में भी विधानमडल की ओर से शिंदे गुट के भरत गोगावले को ही मान्यता दी गई है. ऐसे में उद्धव ठाकरे कैंप के सोलह विधायकों ने शिंदे गुट के व्हिप के खिलाफ जाकर महा विकास आघाड़ी के उम्मीदवार राजन साल्वी के पक्ष में मतदान किया था. ऐसे में उनपर व्हिप पालन नहीं करने के बदले अब विधायकी को अयोग्य ठहराए जाने की खतरा भी बढ़ गया है. क्या आदित्य ठाकरे निलंबित हो जाएंगे? ऐसे में आदित्य ठाकरे के ऊपर भी निलंबित होने का खतरा मंडरा रहा है. आदित्य ठाकरे समेत सभी सोलह विधायक निलंबित हो सकते हैं. जाहिर है कि उद्धव ठाकरे कैंप इस फैसले को मान कर नहीं बैठेगा, बल्कि इसे चुनौती देगा.लेकिन फिलहाल तो संकट के बादल उद्धव ठाकरे के कैंप पर मंडरा रहे हैं. शिंदे गुट के लिए यह एक बड़ी विजय मानी जाएगी. इस फैसले पर उद्धव ठाकरे कैंप के सांसद अरविंद सावंत ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी नेता के पद पर किसी को चुनने का अधिकार पार्टी प्रमुख को होता है. ऐसे में इस तरह के फैसले की उम्मीद नहीं थी. इस फैसले को चुनौती दी जाएगी. शिंदे गुट के प्रवक्ता दीपक केसरकर ने कहा कि दो हज़ार उन्नीस में एकनाथ शिंदे को पार्टी लीडर के तौर पर चुना गया था. अब जब उनके पास बहुमत नही है तो वे एकनाथ शिंदे को पार्टी लीडर के पद से नहीं हटा सकते. उन्हें इसका अधिकार नहीं है. लोकतंत्र में जिसके साथ नंबर्स होते हैं, फैसले लेने का अधिकार उनके पास होता है.
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Atiq-Ashraf shoot out at Prayagraj : यूपी के जिले प्रयागराज में दोनों बंदियों अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ अहमद की हत्या के बाद अब सवाल उठ रहे हैं. इस मुद्दे पर अब विपक्षी दलों ने सरकार को घेरा है।
सवाल उठ रहे हैं कि इन तीनों आरोपियों को गोली क्यों मारी गई, अतीक अहमद और अशरफ को पुलिस सुरक्षा में गोली मारी गई, जबकि आरोपियों ने जय श्री राम के नारे भी लगाए. अब पुलिस को जवाब मिल गया है कि आखिर ये नारें क्यों लगाए गए। शूटर सनी ने खुलासा किया है कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। (Atiq-Ashraf shoot out at Prayagraj)
अतीक अहमद और अशरफ अहमद की गोली लगने से अस्पताल के बाहर मीडिया कर्मियों की भीड़ इक्टठा हो गई थी। इस सब में तीनों आरोपी छिपे हुए थे और वे तुरंत बाहर निकले और अतीक और अशरफ पर गोलियां चला दीं। शूटर सनी ने पुलिस को बताया कि तीनों ने आत्मसमर्पण कर दिया क्योंकि वे मरना नहीं चाहते थे और 'जय श्री राम' के नारे लगाए क्योंकि वे गोलीबारी के बाद बहुत डर गए थे। (Atiq-Ashraf shoot out at Prayagraj)
हत्याकांड के तीनों आरोपियों से पुलिस ने 8 घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान उनसे कई राज खुले। पूछताछ में लवलेश तिवारी ने बताया कि वह कट्टर हिंदू था। पुलिस अस्पताल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है। तीनों जिस होटल में ठहरे थे, उसकी सीसीटीवी फुटेज भी ली जाएगी। (Atiq-Ashraf shoot out at Prayagraj)
सीएम के आदेश का मखौल, योगी सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पर यूपी वन निगम में भ्रष्टाचार पर "जीरो एक्शन"!
Natwarlal Ias Officer मणि प्रसाद मिश्रा ने सचिव बनने के लिये जन्मतिथि में की हेरा-फेरी!
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Atiq-Ashraf shoot out at Prayagraj : यूपी के जिले प्रयागराज में दोनों बंदियों अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ अहमद की हत्या के बाद अब सवाल उठ रहे हैं. इस मुद्दे पर अब विपक्षी दलों ने सरकार को घेरा है। सवाल उठ रहे हैं कि इन तीनों आरोपियों को गोली क्यों मारी गई, अतीक अहमद और अशरफ को पुलिस सुरक्षा में गोली मारी गई, जबकि आरोपियों ने जय श्री राम के नारे भी लगाए. अब पुलिस को जवाब मिल गया है कि आखिर ये नारें क्यों लगाए गए। शूटर सनी ने खुलासा किया है कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। अतीक अहमद और अशरफ अहमद की गोली लगने से अस्पताल के बाहर मीडिया कर्मियों की भीड़ इक्टठा हो गई थी। इस सब में तीनों आरोपी छिपे हुए थे और वे तुरंत बाहर निकले और अतीक और अशरफ पर गोलियां चला दीं। शूटर सनी ने पुलिस को बताया कि तीनों ने आत्मसमर्पण कर दिया क्योंकि वे मरना नहीं चाहते थे और 'जय श्री राम' के नारे लगाए क्योंकि वे गोलीबारी के बाद बहुत डर गए थे। हत्याकांड के तीनों आरोपियों से पुलिस ने आठ घंटाटे तक पूछताछ की। इस दौरान उनसे कई राज खुले। पूछताछ में लवलेश तिवारी ने बताया कि वह कट्टर हिंदू था। पुलिस अस्पताल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है। तीनों जिस होटल में ठहरे थे, उसकी सीसीटीवी फुटेज भी ली जाएगी। सीएम के आदेश का मखौल, योगी सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पर यूपी वन निगम में भ्रष्टाचार पर "जीरो एक्शन"! Natwarlal Ias Officer मणि प्रसाद मिश्रा ने सचिव बनने के लिये जन्मतिथि में की हेरा-फेरी!
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पाकुड़ः झामुमो कार्यकर्ताओं द्वारा आज फिर वार्ड नं०14 के नेशनल स्कूल में युवा पत्रकार अहसान आलम की अगुआई में वार्ड न० 14 में टीकाकरण अभियान चलाया गया। जहा झामुमो जिला अध्यक्ष श्याम यादव की उपस्थित में आम लोगो को टीका लगवाया गया। श्री यादव ने कहा की झामुमो कार्यकर्ताओं द्वारा लगातार नगर कमिटी द्वारा नगर में, एवं जिला कमिटी द्वारा पाकुड़ जिला के ग्रामीण इलाकों में टीकाकरण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जिला अध्यक्ष श्री यादव ने कहा की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आदेशानुसार झामुमो कार्यार्ताओं द्वारा लोगो को जागरूक कर लगातार टीका लगवाया जा रहा है। चुकी झारखंड सरकार का प्रथम लक्ष्य है,की कोरोनो महामारी को देश से उखाड़ फेंकने में झारखंड अग्रिम भूमिका अदा करे,और झारखंड वाशियो को इस महामारी से जल्द से जल्द मुक्ति दिलाकर आम जनमानस को सुव्यवस्थित किया जा सके। चुकी यह किसी से छिपा नहीं है की इस महामारी में झारखंड ही नही बल्कि देश की क्या स्थिति है। उन्होंने बताया की हमारा प्रयास है की पाकुड़ जिला के लोगो का जल्द से टीकाकरण संपन्न हो। उन्होंने यह भी बताया की अब लोगो में जागरूकता आई है कारणवश टीकाकरण शिविर पर आम लोग काफी संख्या में पहुंच रहे है जबकि उन्होंने उम्मीद जताई कि जिस प्रकार से टीकाकरण अभियान में तेजी आई है, पाकुड़ जिला में जल्द ही टीकाकरण संपन्न कर लिया जाएगा। वही नगर उपाध्यक्ष वंशराज गोप ने जानकारी देते हुए कहा की 4 बजे तक 170 लोगो का टीकाकरण करवाया जा चुका है एवं शिविर में लगातार लोगो का आना जारी है। बताते चले की18 प्लस के 140 लोगो ने एवं, 45 के प्लस 30 को टीका लगवाया जा चुका है।
वही मुख्य भूमिका निभाते हुए प्रकाश सिंह ने बताया की देर शाम वैक्सिनेशन सम्पन्न के बाद यह निर्णय लिया जाएगा की कल शिविर का आयोजन कहा किया जाएगा। चुकी जिला अध्यक्ष श्री श्याम यादव जी का आदेश है की आम लोगो को ज्यादा से ज्यादा सुविधा के साथ टीकाकरण कार्यक्रम संपन्न किया जाय। मौके पर जिला अल्पसंख्यक सचिव वीरेन घोष,जिला सदस्य नूर आलम,नगर सचिव रियाज अंसारी,वार्ड पार्षद कुतुबुद्दीन जी,मो रियाज अंसारी,एवं कई कार्यकर्ताओं के साथ वहां के क्षेत्रीय लोग उपस्थित थे।
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पाकुड़ः झामुमो कार्यकर्ताओं द्वारा आज फिर वार्ड नंचौदह के नेशनल स्कूल में युवा पत्रकार अहसान आलम की अगुआई में वार्ड नशून्य चौदह में टीकाकरण अभियान चलाया गया। जहा झामुमो जिला अध्यक्ष श्याम यादव की उपस्थित में आम लोगो को टीका लगवाया गया। श्री यादव ने कहा की झामुमो कार्यकर्ताओं द्वारा लगातार नगर कमिटी द्वारा नगर में, एवं जिला कमिटी द्वारा पाकुड़ जिला के ग्रामीण इलाकों में टीकाकरण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जिला अध्यक्ष श्री यादव ने कहा की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आदेशानुसार झामुमो कार्यार्ताओं द्वारा लोगो को जागरूक कर लगातार टीका लगवाया जा रहा है। चुकी झारखंड सरकार का प्रथम लक्ष्य है,की कोरोनो महामारी को देश से उखाड़ फेंकने में झारखंड अग्रिम भूमिका अदा करे,और झारखंड वाशियो को इस महामारी से जल्द से जल्द मुक्ति दिलाकर आम जनमानस को सुव्यवस्थित किया जा सके। चुकी यह किसी से छिपा नहीं है की इस महामारी में झारखंड ही नही बल्कि देश की क्या स्थिति है। उन्होंने बताया की हमारा प्रयास है की पाकुड़ जिला के लोगो का जल्द से टीकाकरण संपन्न हो। उन्होंने यह भी बताया की अब लोगो में जागरूकता आई है कारणवश टीकाकरण शिविर पर आम लोग काफी संख्या में पहुंच रहे है जबकि उन्होंने उम्मीद जताई कि जिस प्रकार से टीकाकरण अभियान में तेजी आई है, पाकुड़ जिला में जल्द ही टीकाकरण संपन्न कर लिया जाएगा। वही नगर उपाध्यक्ष वंशराज गोप ने जानकारी देते हुए कहा की चार बजे तक एक सौ सत्तर लोगो का टीकाकरण करवाया जा चुका है एवं शिविर में लगातार लोगो का आना जारी है। बताते चले कीअट्ठारह प्लस के एक सौ चालीस लोगो ने एवं, पैंतालीस के प्लस तीस को टीका लगवाया जा चुका है। वही मुख्य भूमिका निभाते हुए प्रकाश सिंह ने बताया की देर शाम वैक्सिनेशन सम्पन्न के बाद यह निर्णय लिया जाएगा की कल शिविर का आयोजन कहा किया जाएगा। चुकी जिला अध्यक्ष श्री श्याम यादव जी का आदेश है की आम लोगो को ज्यादा से ज्यादा सुविधा के साथ टीकाकरण कार्यक्रम संपन्न किया जाय। मौके पर जिला अल्पसंख्यक सचिव वीरेन घोष,जिला सदस्य नूर आलम,नगर सचिव रियाज अंसारी,वार्ड पार्षद कुतुबुद्दीन जी,मो रियाज अंसारी,एवं कई कार्यकर्ताओं के साथ वहां के क्षेत्रीय लोग उपस्थित थे।
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PART 1 -- SEC. 2] THE GAZETTE OF INDIA, NOVEMBER 23, 1968 (AGRAHAYANA 2, 1890)
उन्हें उनके नामों के आगे दिए हुए पदों पर तैनात किया है ।:श्रम अधिकारी का नाम पद जिस पर तैनात किया तैनात किए ] संख्या और पदनाभ जाने की तारीख
1. श्री पी० कृष्णस्वामी, उप-सहायक योजना अधिकारी, योजना और विकास यूनिट, आकाशवाणी महानिदेशालय नई दिल्ली।
2. श्री एम० आई० सूर्यनारायणन्, उपसहायक योजना अधि कारी योजना और विकास यूनिट, आकाशवाणी महानिदेशालय, नई दिल्ली ।
3. श्री आर० के० गौड़, उप-सहायक योजना अधिकारी, योजना
सहायक योजना अधि कारी, योजना और विकास यूनिट, आकाश वाणी महानिदेशालय, नई दिल्ली।
सहायक योजना अधिकारी, योजना और विकास यूनिट, आकाशवाणी महानिदेशालय, नई दिल्ली।
क्रम संख्या
सहायक योजना अधि कारी, योजना और विकास यूनिट, आकाशवाणी महानिदेशालय,
नई दिल्ली।
और विकास यूनिट,
आकाशवाणी महानिदेशालय, नई दिल्ली।
अधिकारी का नाम और पदनाम
1. श्री डी० एन० डे०, सहायक इंस्टालेशन इंजीनियर, रीजनल इंजीनियर (उत्तर) का कार्यालय, नई दिल्ली।
सं० 6 ( 4 ) / 68 - बी० ( ए ० ) - राष्ट्रपति ने आकाशवाणी के सहायक केन्द्र इंजीनियर संवर्ग के निम्निलिखित अधिकारियों को, उनके नामों के आगे दी हुई तारीखों से अगले आदेश तक, आकाशवाणी के केन्द्र इंजीनियर संवर्ग में स्थानापन्न रूप से नियुक्त कर उन्हें उनके नामों के आगे दिए हुए पदों पर तैनात किया है :2. श्री बी० गोपालकृष्णन्, सहायक केन्द्र इंजीनियर, आकाशवाणी, हैदराबाद ।
केन्द्र इंजीनियर, आकाशवाणी, कोहिमा ।
पद जिस पर तारीख जिस तैनात किया से तैनात किया गया
केन्द्र इंजीनियर, 22-10-68 आकाशवाणी, परभानी ।
सं० 13 / 13/68- बी० ( ए ० ) -- राष्ट्रपति ने आकाशवाणी के कलकत्ता केन्द्र में प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव श्री वी० के० घोष को, 10 अक्तूबर, 1968 ( अपराह्न) से अगले आदेश तक, तदर्थ आधार पर आकाशवाणी के सहायक केन्द्र निर्देशक संवर्ग में नियुक्ति कर उन्हें उसी केन्द्र में सहायक केन्द्र निदेशक किया है।
के० ए० अय्यर, अवर सचिव
नई दिल्ली- 1, दिनांक 6 नवम्बर 1968
सं० 1 / बी० / 22- प्रशासन-2-- राष्ट्रपति ने श्री बीर बल, आई० ए० एस० को वाणिज्य मंत्रालय, नई दिल्ली से बदली होने पर, 28 अक्तूबर 1968 से अगले आदेश तक, आकाशवाणी महानिदेशालय में उप-महानिदेशक (प्रशासन) नियुक्त किया है ।
ज्ञान स्वरूप गुप्त, उप-सचिव
नई दिल्ली- 1, दिनांक 8 नवम्बर 1968
सं० 4 / 63 / 67 - एफ० ( ए ० ) -- राष्ट्रपति ने इस मंत्रालय के केन्द्रीय सचिवालय सेवा संवर्ग के स्थायी अनुभाग अधिकारी श्री करतार सिंह को, श्री जे० आर० सदरंगानी के स्थान पर जिन्हें छुट्टी दी गई थी, 28 दिसम्बर, 1967 से 19 फरवरी, 1968 तक की अवधि के लिए भारतीय फिल्म संस्थान, पूना में स्थानापन प्रशासनिक अधिकारी नियुक्त किया था ।
सं० एफ० 4/33 / 68- एफ० ए०-- राष्ट्रपति ने आकाशवाणी, बम्बई में स्थानापन्न उप सहायक प्रादेशिक इंजीनियर श्री यू० एस० सक्सेना को 17-10-68 ( अपराल ) से, अगले आदेश तक भारतीय फिल्म इंस्टीट्यूट, पूना में स्थानापन्न रूप से प्रोफेसर् आफ साउण्ड इंजीनियरिंग नियुक्त किया है ।
बानू राम अग्रवाल, अवर सचिव
निर्माण, श्रावास तथा पूर्ति मंत्रालय (निर्माण तथा प्रावास विभाग)
सं० 4 / 11 / 68 - प्रशासन - 1-- असम सरकार से स्थानान्तरित होने पर, श्री जी० एस० सेशादरी, आई० ए० एस० ने 4 नवम्बर, 1968 के पूर्वाह्न में निर्माण, आवास तथा पूर्ति मंत्रालय के निर्माण तथा आवास विभाग में भारत सरकार के उप-सचिव के पद का कार्यभार संभाल लिया ।
शिवलाल वासुदेव, अवर सचिव
श्रम, रोजगार और पुनर्वास मंत्रालय
( श्रम और रोजगार विभाग )
नई दिल्ली, दिनांक 17 सितम्बर 1968
सं० 11/3/67- प्रशा० 1 --श्रम और रोजगार विभाग के स्थायी लाइब्रेरियन ग्रेड 1, श्री वी० सुन्दरम ने औद्योगिक विकास कार्य मंत्रालय, ( औद्योगिक विकास विभाग ) में मुख्य
1322 THE GAZETTE OF INDIA, NOVEMBER 23, 1968 (AGRAHAYANA 2, 1890)
लाईब्रेरियन के नए पद का कार्यभार संभालने के लिए 30 अगस्त, 1968 के अपराह्न को अपने पद का कार्यभार छोड़ दिया।
सं० 1/4 / 68- प्रशा० - 1 ( 1 ) -- इस विभाग के केन्द्रीय सचि वालय सेवा संवर्ग के स्थायी सहायक और मुख्य श्रमायुक्त (केन्द्रीय ) कार्यालय, नई दिल्ली के सहायक श्री एम० सी० दांरिया ने, जिन्हें इस विभाग की अधिसूचना संख्या 1/4/68-प्रशा० 1 (ii) तारीख 26 जुलाई, 1968 द्वारा 8 जुलाई, 1968 के पूर्वाह्न से 9 अगस्त, 1968 तक मुख्य श्रमायुक्त (केन्द्रीय कार्यालय, नई दिल्ली में स्थानापन्न रूप से अनुभाग अधिकारी नियुक्त किया गया था, 9 अगस्त, 1 1968 के अपराह्न को अनुभाग अधिकारी के पद का कार्यभार छोड़ दिया।
राष्ट्रपति जी, इस विभाग के स्थायी सहायक और मुख्य श्रमायुक्त (केन्द्रीय कार्यालय, नई दिल्ली के सहायक, श्री आर० दास गुप्त को श्री एस० एस० गुप्त अनुभाग अधिकारी के स्थान पर, जिन्हें छुट्टी मंजूर की गई है, 12 अगस्त, पूर्वाह्न से 28 सितम्बर, 1968 तक मुख्य श्रमायुक्त ( केन्द्रीय ) कार्यालय, नई दिल्ली में स्थानापन रूप से अनुभाग अधिकारी नियुक्त करते हैं ।
सं० 1 / 4/68-प्रशा0- 1 (iii ) -- राष्ट्रपति जी, इस विभाग के केन्द्रीय सचिवालय सेवा संवर्ग के स्थायी सहायक और मुख्य श्रमायुक्त (केन्द्रीय) कार्यालय, नई दिल्ली के सहायक, श्री एम० सी० दारिया को 5 सितम्बर, 1968 के पूर्वाह्न से दो मास तक इस विभाग में स्थानापन रूप से अनुभाग अधिकारी नियुक्त करते हैं ।
सं० 1 / 4/68- प्रशा० 1 ( iv ) -- राष्ट्रपति जी, इस विभाग के केन्द्रीय सेवा संवर्ग के स्थायी सहायक और रोजगार तथा प्रशिक्षण महानिदेशालय के सहायक श्री एम० एल० शर्मा को श्री जी० सी० सक्सेना, अनुभाग अधिकारी के स्थान पर, जिन्हें छुट्टी मंजूर की गई है, 5 सितम्बर, 1968 के पूर्वाह्न से 5 अक्तूबर, 1968 तक इस विभाग में स्थानापन्न रूप से अनुभाग अधिकारी नियुक्त करते हैं ।
दिनांक 25 सितम्बर 1968
सं० 1 / 4/68-प्रशासन - 1 ( 1 ) -- राष्ट्रपति जी, इस विभाग के केन्द्रीय सचिवालय सेवा संवर्ग के स्थायी सहायक और रोजगार तथा प्रशिक्षण महानिदेशालय, नई दिल्ली के सहायक, श्री ईश्वर दयाल को श्री आर० एल० जौहर, अनुभाग अधिकारी के स्थान पर, जिन्हें छुट्टी मंजूर की गई है, 16 सितम्बर, 1968 के पूर्वाह्न से 2 मास के लिए इस विभाग में स्थानापन्न रूप से अनुभाग अधिकारी नियुक्त करते हैं ।
सं० 1 /4/68- प्रशासन - 1 (ii) --- राष्ट्रपति जी, इस विभाग के केन्द्रीय सचिवालय सेवा संवर्ग के स्थायी सहायक और मुख्य श्रमायुत (केन्द्रीय), नई दिल्ली कार्यालय के सहायक, श्री एस० पी० डबराल को श्री जगदीश प्रसाद, अनुभाग अधिकारी के स्थान पर, जो सचिवालय प्रशिक्षण स्कूल में नवीकर पाठ्यक्रम प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, 16 सितम्बर, 1968 के पूर्वाह्न से 2 मास के लिए इस विभाग में स्थानापत्र रूप से अनुभाग अधिकारी नियुक्त करते हैं ।
[PART 1-SEC. 2
दिनांक 26 सितम्बर 1968
सं० 1 / 111 / 68 - प्रशासन - 1 -- इस विभाग के केन्द्रीय सचिवालय सेवा संवर्ग के स्थानापन अनुभाग अधिकारी और स विभाग के अनुभाग अधिकारी, श्री जगदीश प्रसाद को 16 सितम्बर, 1968 से 15 दिसम्बर, 1968 ( दोनों दिन मिलाकर ) तीन मास के लिए सचिवालय प्रशिक्षण स्कूल (गृह-कार्य मंत्रालय) में अनुभाग अधिकारी के नवीवर पाठ्यक्रम प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए प्रतिनियुक्ति पर रखा जाता है। उनकी प्रतिनियुक्ति की सारी अवधि एफ० आर०9 ( 6 ) ( ख ) ( 1 ) के अन्तर्गत डयूटी की अवधि मानी जायेगी ।
दिनांक 28 सितम्बर 1968
सं० 11 / 3 / 67 - प्रशासन - 1 -- भारत सरकार के श्रम, रोजगार और पुनर्वास मंत्रालय ( श्रम और रोजगार विभाग) के सचिव, श्रम और रोजगार विभाग के स्थायी पुस्तकाध्यक्ष, ग्रेड-2, श्री एस० पी० कुलश्रेष्ठ को 31 अगस्त, 1968 के अपराह्न से अगला आदेश जारी होने तक अस्थायी रूप से श्रम और रोजगार विभा में पुस्तकाध्यक्ष ग्रेड-1 नियुक्त करते हैं ।
दिनांक 3 अक्तूबर 1968
सं० 1 / 4 / 68 - प्रशासन - 1 -- इस विभाग के केन्द्रीय सचि वालय सेवा संवर्ग के स्थायी सहायक और इस विभाग के सहायक श्री एम० पी० रायसिंघानी ने, जिन्हें इस विभाग की अधिसूचना संख्या 1/4/68- प्रशासन - 1 (iv), तारीख 12 जुलाई, 1968 द्वारा 2 जुलाई, 1968 के पूर्वाह्न से 3 अगस्त, 1968 तक इस विभाग में स्थानापन रूप से अनुभाग अधिकारी नियुक्त किया गया था, 3 अगस्त, 1968 के अपराह्न को अनुभाग अधिकारी के पद का कार्यभार छोड़ दिया ।
दिनांक 13 नवम्बर 1968
सं० 1 /4/68- प्रशासन - 1--1 -इस विभाग के केन्द्रीय सचि वालय सेवा संवर्ग के स्थायी सहायक और इस विभाग के सहायक, श्री आर० एल० जोशी ने, जिन्हें इस विभाग की अधिसूचना सं० 1 / 4 / 68- प्रशासन - 1 (ii), तारीख 24 अगस्त 1968 द्वारा 2 अगस्त 1968 के पूर्वाह्न से 29 सितम्बर 1968 तक इस विभाग में स्थानापन्न रूप से अनुभाग अधिकारी नियुक्त किया गया था, 28 सितम्बर 1968 के अपराह्न अनुभाग अधिकारी के पद का कार्यभार छोड़ दिया ।
एच० सी० मंधानी, अवर सचिव
(पुनर्वास विभाग) राष्ट्रीय विकास बल निवेशालय
सं० 1 ( 15 ) / 66 आर० बी० डी०-- राष्ट्रीय विकास दल के दलपति ने अधिकारी मेजर एच० एन० सूर को 16-12-67 के पूर्वाह्न से राष्ट्रीय विकास दल, माना शिविर, रायपुर (मध्य प्रदेश ) के खण्ड संख्या 1 के प्रभारी अधिकारी का भार ग्रहण करने के लिए सहर्ष प्राधिकृत किया है ।
एन० केशर, प्रशासकीय अधिकारी
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PART एक -- SEC. दो] THE GAZETTE OF INDIA, NOVEMBER तेईस, एक हज़ार नौ सौ अड़सठ उन्हें उनके नामों के आगे दिए हुए पदों पर तैनात किया है ।:श्रम अधिकारी का नाम पद जिस पर तैनात किया तैनात किए ] संख्या और पदनाभ जाने की तारीख एक. श्री पीशून्य कृष्णस्वामी, उप-सहायक योजना अधिकारी, योजना और विकास यूनिट, आकाशवाणी महानिदेशालय नई दिल्ली। दो. श्री एमशून्य आईशून्य सूर्यनारायणन्, उपसहायक योजना अधि कारी योजना और विकास यूनिट, आकाशवाणी महानिदेशालय, नई दिल्ली । तीन. श्री आरशून्य केशून्य गौड़, उप-सहायक योजना अधिकारी, योजना सहायक योजना अधि कारी, योजना और विकास यूनिट, आकाश वाणी महानिदेशालय, नई दिल्ली। सहायक योजना अधिकारी, योजना और विकास यूनिट, आकाशवाणी महानिदेशालय, नई दिल्ली। क्रम संख्या सहायक योजना अधि कारी, योजना और विकास यूनिट, आकाशवाणी महानिदेशालय, नई दिल्ली। और विकास यूनिट, आकाशवाणी महानिदेशालय, नई दिल्ली। अधिकारी का नाम और पदनाम एक. श्री डीशून्य एनशून्य डेशून्य, सहायक इंस्टालेशन इंजीनियर, रीजनल इंजीनियर का कार्यालय, नई दिल्ली। संशून्य छः / अड़सठ - बीशून्य - राष्ट्रपति ने आकाशवाणी के सहायक केन्द्र इंजीनियर संवर्ग के निम्निलिखित अधिकारियों को, उनके नामों के आगे दी हुई तारीखों से अगले आदेश तक, आकाशवाणी के केन्द्र इंजीनियर संवर्ग में स्थानापन्न रूप से नियुक्त कर उन्हें उनके नामों के आगे दिए हुए पदों पर तैनात किया है :दो. श्री बीशून्य गोपालकृष्णन्, सहायक केन्द्र इंजीनियर, आकाशवाणी, हैदराबाद । केन्द्र इंजीनियर, आकाशवाणी, कोहिमा । पद जिस पर तारीख जिस तैनात किया से तैनात किया गया केन्द्र इंजीनियर, बाईस अक्टूबर अड़सठ आकाशवाणी, परभानी । संशून्य तेरह / तेरह/अड़सठ- बीशून्य -- राष्ट्रपति ने आकाशवाणी के कलकत्ता केन्द्र में प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव श्री वीशून्य केशून्य घोष को, दस अक्तूबर, एक हज़ार नौ सौ अड़सठ से अगले आदेश तक, तदर्थ आधार पर आकाशवाणी के सहायक केन्द्र निर्देशक संवर्ग में नियुक्ति कर उन्हें उसी केन्द्र में सहायक केन्द्र निदेशक किया है। केशून्य एशून्य अय्यर, अवर सचिव नई दिल्ली- एक, दिनांक छः नवम्बर एक हज़ार नौ सौ अड़सठ संशून्य एक / बीशून्य / बाईस- प्रशासन-दो-- राष्ट्रपति ने श्री बीर बल, आईशून्य एशून्य एसशून्य को वाणिज्य मंत्रालय, नई दिल्ली से बदली होने पर, अट्ठाईस अक्तूबर एक हज़ार नौ सौ अड़सठ से अगले आदेश तक, आकाशवाणी महानिदेशालय में उप-महानिदेशक नियुक्त किया है । ज्ञान स्वरूप गुप्त, उप-सचिव नई दिल्ली- एक, दिनांक आठ नवम्बर एक हज़ार नौ सौ अड़सठ संशून्य चार / तिरेसठ / सरसठ - एफशून्य -- राष्ट्रपति ने इस मंत्रालय के केन्द्रीय सचिवालय सेवा संवर्ग के स्थायी अनुभाग अधिकारी श्री करतार सिंह को, श्री जेशून्य आरशून्य सदरंगानी के स्थान पर जिन्हें छुट्टी दी गई थी, अट्ठाईस दिसम्बर, एक हज़ार नौ सौ सरसठ से उन्नीस फरवरी, एक हज़ार नौ सौ अड़सठ तक की अवधि के लिए भारतीय फिल्म संस्थान, पूना में स्थानापन प्रशासनिक अधिकारी नियुक्त किया था । संशून्य एफशून्य चार/तैंतीस / अड़सठ- एफशून्य एशून्य-- राष्ट्रपति ने आकाशवाणी, बम्बई में स्थानापन्न उप सहायक प्रादेशिक इंजीनियर श्री यूशून्य एसशून्य सक्सेना को सत्रह अक्टूबर अड़सठ से, अगले आदेश तक भारतीय फिल्म इंस्टीट्यूट, पूना में स्थानापन्न रूप से प्रोफेसर् आफ साउण्ड इंजीनियरिंग नियुक्त किया है । बानू राम अग्रवाल, अवर सचिव निर्माण, श्रावास तथा पूर्ति मंत्रालय संशून्य चार / ग्यारह / अड़सठ - प्रशासन - एक-- असम सरकार से स्थानान्तरित होने पर, श्री जीशून्य एसशून्य सेशादरी, आईशून्य एशून्य एसशून्य ने चार नवम्बर, एक हज़ार नौ सौ अड़सठ के पूर्वाह्न में निर्माण, आवास तथा पूर्ति मंत्रालय के निर्माण तथा आवास विभाग में भारत सरकार के उप-सचिव के पद का कार्यभार संभाल लिया । शिवलाल वासुदेव, अवर सचिव श्रम, रोजगार और पुनर्वास मंत्रालय नई दिल्ली, दिनांक सत्रह सितम्बर एक हज़ार नौ सौ अड़सठ संशून्य ग्यारह मार्च सरसठ- प्रशाशून्य एक --श्रम और रोजगार विभाग के स्थायी लाइब्रेरियन ग्रेड एक, श्री वीशून्य सुन्दरम ने औद्योगिक विकास कार्य मंत्रालय, में मुख्य एक हज़ार तीन सौ बाईस THE GAZETTE OF INDIA, NOVEMBER तेईस, एक हज़ार नौ सौ अड़सठ लाईब्रेरियन के नए पद का कार्यभार संभालने के लिए तीस अगस्त, एक हज़ार नौ सौ अड़सठ के अपराह्न को अपने पद का कार्यभार छोड़ दिया। संशून्य एक/चार / अड़सठ- प्रशाशून्य - एक -- इस विभाग के केन्द्रीय सचि वालय सेवा संवर्ग के स्थायी सहायक और मुख्य श्रमायुक्त कार्यालय, नई दिल्ली के सहायक श्री एमशून्य सीशून्य दांरिया ने, जिन्हें इस विभाग की अधिसूचना संख्या एक अप्रैल अड़सठ-प्रशाशून्य एक तारीख छब्बीस जुलाई, एक हज़ार नौ सौ अड़सठ द्वारा आठ जुलाई, एक हज़ार नौ सौ अड़सठ के पूर्वाह्न से नौ अगस्त, एक हज़ार नौ सौ अड़सठ तक मुख्य श्रमायुक्त कार्यालय, नई दिल्ली में स्थानापन रूप से अनुभाग अधिकारी नियुक्त करते हैं । संशून्य एक / चार/अड़सठ-प्रशाशून्य- एक -- राष्ट्रपति जी, इस विभाग के केन्द्रीय सचिवालय सेवा संवर्ग के स्थायी सहायक और मुख्य श्रमायुक्त कार्यालय, नई दिल्ली के सहायक, श्री एमशून्य सीशून्य दारिया को पाँच सितम्बर, एक हज़ार नौ सौ अड़सठ के पूर्वाह्न से दो मास तक इस विभाग में स्थानापन रूप से अनुभाग अधिकारी नियुक्त करते हैं । संशून्य एक / चार/अड़सठ- प्रशाशून्य एक -- राष्ट्रपति जी, इस विभाग के केन्द्रीय सेवा संवर्ग के स्थायी सहायक और रोजगार तथा प्रशिक्षण महानिदेशालय के सहायक श्री एमशून्य एलशून्य शर्मा को श्री जीशून्य सीशून्य सक्सेना, अनुभाग अधिकारी के स्थान पर, जिन्हें छुट्टी मंजूर की गई है, पाँच सितम्बर, एक हज़ार नौ सौ अड़सठ के पूर्वाह्न से पाँच अक्तूबर, एक हज़ार नौ सौ अड़सठ तक इस विभाग में स्थानापन्न रूप से अनुभाग अधिकारी नियुक्त करते हैं । दिनांक पच्चीस सितम्बर एक हज़ार नौ सौ अड़सठ संशून्य एक / चार/अड़सठ-प्रशासन - एक -- राष्ट्रपति जी, इस विभाग के केन्द्रीय सचिवालय सेवा संवर्ग के स्थायी सहायक और रोजगार तथा प्रशिक्षण महानिदेशालय, नई दिल्ली के सहायक, श्री ईश्वर दयाल को श्री आरशून्य एलशून्य जौहर, अनुभाग अधिकारी के स्थान पर, जिन्हें छुट्टी मंजूर की गई है, सोलह सितम्बर, एक हज़ार नौ सौ अड़सठ के पूर्वाह्न से दो मास के लिए इस विभाग में स्थानापन्न रूप से अनुभाग अधिकारी नियुक्त करते हैं । संशून्य एक /चार/अड़सठ- प्रशासन - एक --- राष्ट्रपति जी, इस विभाग के केन्द्रीय सचिवालय सेवा संवर्ग के स्थायी सहायक और मुख्य श्रमायुत , नई दिल्ली कार्यालय के सहायक, श्री एसशून्य पीशून्य डबराल को श्री जगदीश प्रसाद, अनुभाग अधिकारी के स्थान पर, जो सचिवालय प्रशिक्षण स्कूल में नवीकर पाठ्यक्रम प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, सोलह सितम्बर, एक हज़ार नौ सौ अड़सठ के पूर्वाह्न से दो मास के लिए इस विभाग में स्थानापत्र रूप से अनुभाग अधिकारी नियुक्त करते हैं । [PART एक-SEC. दो दिनांक छब्बीस सितम्बर एक हज़ार नौ सौ अड़सठ संशून्य एक / एक सौ ग्यारह / अड़सठ - प्रशासन - एक -- इस विभाग के केन्द्रीय सचिवालय सेवा संवर्ग के स्थानापन अनुभाग अधिकारी और स विभाग के अनुभाग अधिकारी, श्री जगदीश प्रसाद को सोलह सितम्बर, एक हज़ार नौ सौ अड़सठ से पंद्रह दिसम्बर, एक हज़ार नौ सौ अड़सठ तीन मास के लिए सचिवालय प्रशिक्षण स्कूल में अनुभाग अधिकारी के नवीवर पाठ्यक्रम प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए प्रतिनियुक्ति पर रखा जाता है। उनकी प्रतिनियुक्ति की सारी अवधि एफशून्य आरनौ के अन्तर्गत डयूटी की अवधि मानी जायेगी । दिनांक अट्ठाईस सितम्बर एक हज़ार नौ सौ अड़सठ संशून्य ग्यारह / तीन / सरसठ - प्रशासन - एक -- भारत सरकार के श्रम, रोजगार और पुनर्वास मंत्रालय के सचिव, श्रम और रोजगार विभाग के स्थायी पुस्तकाध्यक्ष, ग्रेड-दो, श्री एसशून्य पीशून्य कुलश्रेष्ठ को इकतीस अगस्त, एक हज़ार नौ सौ अड़सठ के अपराह्न से अगला आदेश जारी होने तक अस्थायी रूप से श्रम और रोजगार विभा में पुस्तकाध्यक्ष ग्रेड-एक नियुक्त करते हैं । दिनांक तीन अक्तूबर एक हज़ार नौ सौ अड़सठ संशून्य एक / चार / अड़सठ - प्रशासन - एक -- इस विभाग के केन्द्रीय सचि वालय सेवा संवर्ग के स्थायी सहायक और इस विभाग के सहायक श्री एमशून्य पीशून्य रायसिंघानी ने, जिन्हें इस विभाग की अधिसूचना संख्या एक अप्रैल अड़सठ- प्रशासन - एक , तारीख बारह जुलाई, एक हज़ार नौ सौ अड़सठ द्वारा दो जुलाई, एक हज़ार नौ सौ अड़सठ के पूर्वाह्न से तीन अगस्त, एक हज़ार नौ सौ अड़सठ तक इस विभाग में स्थानापन रूप से अनुभाग अधिकारी नियुक्त किया गया था, तीन अगस्त, एक हज़ार नौ सौ अड़सठ के अपराह्न को अनुभाग अधिकारी के पद का कार्यभार छोड़ दिया । दिनांक तेरह नवम्बर एक हज़ार नौ सौ अड़सठ संशून्य एक /चार/अड़सठ- प्रशासन - एक--एक -इस विभाग के केन्द्रीय सचि वालय सेवा संवर्ग के स्थायी सहायक और इस विभाग के सहायक, श्री आरशून्य एलशून्य जोशी ने, जिन्हें इस विभाग की अधिसूचना संशून्य एक / चार / अड़सठ- प्रशासन - एक , तारीख चौबीस अगस्त एक हज़ार नौ सौ अड़सठ द्वारा दो अगस्त एक हज़ार नौ सौ अड़सठ के पूर्वाह्न से उनतीस सितम्बर एक हज़ार नौ सौ अड़सठ तक इस विभाग में स्थानापन्न रूप से अनुभाग अधिकारी नियुक्त किया गया था, अट्ठाईस सितम्बर एक हज़ार नौ सौ अड़सठ के अपराह्न अनुभाग अधिकारी के पद का कार्यभार छोड़ दिया । एचशून्य सीशून्य मंधानी, अवर सचिव राष्ट्रीय विकास बल निवेशालय संशून्य एक / छयासठ आरशून्य बीशून्य डीशून्य-- राष्ट्रीय विकास दल के दलपति ने अधिकारी मेजर एचशून्य एनशून्य सूर को सोलह दिसंबर सरसठ के पूर्वाह्न से राष्ट्रीय विकास दल, माना शिविर, रायपुर के खण्ड संख्या एक के प्रभारी अधिकारी का भार ग्रहण करने के लिए सहर्ष प्राधिकृत किया है । एनशून्य केशर, प्रशासकीय अधिकारी
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अतिरिक्त शिक्षा में इसने अद्वितीय उन्नति दिखलाई है। आज वैहाँ २५० बेसिक स्कूल हैं, जिनमें ३०,००० विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा दी जाती है ।
बड़े नगरों में जो संस्थायें इनके प्रबन्ध के लिये स्थापित की गई
हैं उन्हें नगरपालिका कहते हैं । छोटे नगरों में, जिन्हें कस्बा करते हैं, नगरपालिका नहीं होतीं । भारत में कुल ७८१ नगरपालिका हैं और इनके अन्दर २ करोड़ १० लाख आदमी रहते हैं । इनकी वार्षिक आमदनी ३८ करोड़ रुपये से ऊपर है । ७१ नगरपालिका की प्रत्येक की जनसंख्या ५० हजार से ऊपर है । राज्य की सरकार नगरों में नगरपालिका की स्थापना कर सकती है । यदि किसी नगरपालिका का प्रबन्ध बुरा है, और जनता उससे सन्तुष्ट नहीं है, तो सरकार उसे अपने हाथों में ले सकती है।
नगरपालिका के सदस्यों के चुनाव के लिये नगर को कई निर्वाचन क्षेत्रों में बाँट दिया जाता है। प्रत्येक क्षेत्र को वार्ड कहते हैं । हर वार्ड से २ या ३ सदस्य चुने जाते हैं। इन्हीं को नगरपालिका का सदस्य कहा जाता है। कुछ व्यक्ति के कारण इसके सदस्य होते हैं । सदस्यों का चुनाव ५ वर्ष के लिये होता है, परन्तु राज्य की सरकार इसकी कालावधि बढ़ा सकती है। सदस्यों के साथ ही सम्पूर्ण मताधिकारी इसके प्रेसीडेन्ट का भी निर्वाचन करते हैं। प्रेसीडेन्ट नगर का कोई प्रतिष्ठित और योग्य व्यक्ति होता । इनके अतिरिक्त नगरपालिका एक्जेक्यूटिव आफिसर, इन्जीनियर, वाटर वर्क्स सुपरिन्टेडेन्ट तथा सेक्रेटरी श्रादि कर्मचारियों को नियुक्त करती है । इनकी योग्यतायें राज्य की सरकार की ओर से पहले से निर्धारित हैं ।
नगरपालिका अपने कार्य की सुविधा के लिये सारा प्रबन्ध समितियों द्वारा करती है। समितियों में प्रायः ६ से १० तक सदस्य होते हैं । सब काम कई विभागों में बाँट दिया जाता है। प्रत्येक विभाग का उत्तरदायित्व किसी न किसी समिति को सौंप दिया जाता है। निम्नलिखित समितियाँ सभी नगरपालिका में होती हैं :१ - अर्थ समिति
२ - शिक्षा समिति
३ - स्वास्थ्य समिति
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अतिरिक्त शिक्षा में इसने अद्वितीय उन्नति दिखलाई है। आज वैहाँ दो सौ पचास बेसिक स्कूल हैं, जिनमें तीस,शून्य विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा दी जाती है । बड़े नगरों में जो संस्थायें इनके प्रबन्ध के लिये स्थापित की गई हैं उन्हें नगरपालिका कहते हैं । छोटे नगरों में, जिन्हें कस्बा करते हैं, नगरपालिका नहीं होतीं । भारत में कुल सात सौ इक्यासी नगरपालिका हैं और इनके अन्दर दो करोड़ दस लाख आदमी रहते हैं । इनकी वार्षिक आमदनी अड़तीस करोड़ रुपये से ऊपर है । इकहत्तर नगरपालिका की प्रत्येक की जनसंख्या पचास हजार से ऊपर है । राज्य की सरकार नगरों में नगरपालिका की स्थापना कर सकती है । यदि किसी नगरपालिका का प्रबन्ध बुरा है, और जनता उससे सन्तुष्ट नहीं है, तो सरकार उसे अपने हाथों में ले सकती है। नगरपालिका के सदस्यों के चुनाव के लिये नगर को कई निर्वाचन क्षेत्रों में बाँट दिया जाता है। प्रत्येक क्षेत्र को वार्ड कहते हैं । हर वार्ड से दो या तीन सदस्य चुने जाते हैं। इन्हीं को नगरपालिका का सदस्य कहा जाता है। कुछ व्यक्ति के कारण इसके सदस्य होते हैं । सदस्यों का चुनाव पाँच वर्ष के लिये होता है, परन्तु राज्य की सरकार इसकी कालावधि बढ़ा सकती है। सदस्यों के साथ ही सम्पूर्ण मताधिकारी इसके प्रेसीडेन्ट का भी निर्वाचन करते हैं। प्रेसीडेन्ट नगर का कोई प्रतिष्ठित और योग्य व्यक्ति होता । इनके अतिरिक्त नगरपालिका एक्जेक्यूटिव आफिसर, इन्जीनियर, वाटर वर्क्स सुपरिन्टेडेन्ट तथा सेक्रेटरी श्रादि कर्मचारियों को नियुक्त करती है । इनकी योग्यतायें राज्य की सरकार की ओर से पहले से निर्धारित हैं । नगरपालिका अपने कार्य की सुविधा के लिये सारा प्रबन्ध समितियों द्वारा करती है। समितियों में प्रायः छः से दस तक सदस्य होते हैं । सब काम कई विभागों में बाँट दिया जाता है। प्रत्येक विभाग का उत्तरदायित्व किसी न किसी समिति को सौंप दिया जाता है। निम्नलिखित समितियाँ सभी नगरपालिका में होती हैं :एक - अर्थ समिति दो - शिक्षा समिति तीन - स्वास्थ्य समिति
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प्रथम वर्ग
इतने जीवों का व्योम-यान कैसे भर पायेगा उड़ान ?
किसके इंगित, वल पर उड़ कर यात्रा कर पायेगा समाप्त ? चालक - विहीन यह वृत्र-शकट क्या कर लेगा वह छोर प्राप्त ?
दुर्बल के जीवन में महान बाधा, विपदाओं का वितान
पहिली नारी भी मरी दीन दिन पर दिन होकर क्षीरण, हीन
चिन्ताओं की व्याकुलता ने उसमें भर डाले थे विकार वह सदा रुग्ण ही रहती थी उठते मिटते रहते विचार
कैसे रह पाती पुष्ट-पीन ? उसकी सव इच्छाएँ विलीन
उस नारी का सुत एक शेप जो बैठा था व्याकुल विशेष
पढ़ने-लिखने के ही दिन थे, पढ़ता था वह चञ्चल किशोर असहाय वना, उसके सिर पर टूटा कष्टों का
वह रुड-मुंड था, महा क्लेश ! उजड़ा सपनों का मुक्त देश
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प्रथम वर्ग इतने जीवों का व्योम-यान कैसे भर पायेगा उड़ान ? किसके इंगित, वल पर उड़ कर यात्रा कर पायेगा समाप्त ? चालक - विहीन यह वृत्र-शकट क्या कर लेगा वह छोर प्राप्त ? दुर्बल के जीवन में महान बाधा, विपदाओं का वितान पहिली नारी भी मरी दीन दिन पर दिन होकर क्षीरण, हीन चिन्ताओं की व्याकुलता ने उसमें भर डाले थे विकार वह सदा रुग्ण ही रहती थी उठते मिटते रहते विचार कैसे रह पाती पुष्ट-पीन ? उसकी सव इच्छाएँ विलीन उस नारी का सुत एक शेप जो बैठा था व्याकुल विशेष पढ़ने-लिखने के ही दिन थे, पढ़ता था वह चञ्चल किशोर असहाय वना, उसके सिर पर टूटा कष्टों का वह रुड-मुंड था, महा क्लेश ! उजड़ा सपनों का मुक्त देश
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हमारे संवाददाता नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष विजय गोयल ने कहा कि दिल्ली की शंघाई बनाने का दावा करने वाली कांग्रेस की दिल्ली सरकार रेलमंत्री से कुछ नहीं करवा पाई। दिल्ली में रेलों व स्टेशनों पर मामूली सुविधाएं ही दे पा रहे हैं, किसी तरह की आधुनिक सुविधाएं नहीं। स्टेशन खुले पड़े हैं, किसी तरह की कोई रोक-टोक और सुरक्षा नहीं है। ट्रेनों में खानपान, रखरखाव तृतीय श्रेणी से भी बदतर है जबकि पैसे एयरकंडीशंड ट्रेनों के लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में सारा बोझ नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशनों पर आया हुआ। सरकार ने जो 2001 में 4 टर्मिनल आनंद विहार, ओखला, द्वारका व हौलम्बी कलां बनाने थे, उनमें से आनंद विहार को छोड़कर कोई अन्य नहीं बना। क्यों लाखों लोग पहले शहर में आएं और फिर शहर से बाहर जाएं। रिंग रेलवे का क्या हुआ? दिल्ली में (सेमी अर्बन सर्विसेज) ईएनयू और एमईएमयू का बुरा हाल है। उन्होंने कहा कि 17 साल बाद कांग्रेस के मंत्री ने महंगा बजट पेश किया। पहले तो अनैतिक रूप से जनवरी में पैसेंजर ट्रेनों के किराए बढ़ाए, फिर बजट में मालभाड़े के दाम बढ़ा दिए और तत्काल और सुपर फास्ट ट्रेनों के किराए बढ़ाने पर तो जनता की कमर ही टूट गई। श्री गोयल ने कहा कि कांग्रेस का अब शासन करने का कोई इरादा नहीं है। लोगों के लिए और महंगाई यूपीए सरकार करती आ रही है। इस रेल बजट से लोगों को निराशा हुई है।
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हमारे संवाददाता नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष विजय गोयल ने कहा कि दिल्ली की शंघाई बनाने का दावा करने वाली कांग्रेस की दिल्ली सरकार रेलमंत्री से कुछ नहीं करवा पाई। दिल्ली में रेलों व स्टेशनों पर मामूली सुविधाएं ही दे पा रहे हैं, किसी तरह की आधुनिक सुविधाएं नहीं। स्टेशन खुले पड़े हैं, किसी तरह की कोई रोक-टोक और सुरक्षा नहीं है। ट्रेनों में खानपान, रखरखाव तृतीय श्रेणी से भी बदतर है जबकि पैसे एयरकंडीशंड ट्रेनों के लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में सारा बोझ नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशनों पर आया हुआ। सरकार ने जो दो हज़ार एक में चार टर्मिनल आनंद विहार, ओखला, द्वारका व हौलम्बी कलां बनाने थे, उनमें से आनंद विहार को छोड़कर कोई अन्य नहीं बना। क्यों लाखों लोग पहले शहर में आएं और फिर शहर से बाहर जाएं। रिंग रेलवे का क्या हुआ? दिल्ली में ईएनयू और एमईएमयू का बुरा हाल है। उन्होंने कहा कि सत्रह साल बाद कांग्रेस के मंत्री ने महंगा बजट पेश किया। पहले तो अनैतिक रूप से जनवरी में पैसेंजर ट्रेनों के किराए बढ़ाए, फिर बजट में मालभाड़े के दाम बढ़ा दिए और तत्काल और सुपर फास्ट ट्रेनों के किराए बढ़ाने पर तो जनता की कमर ही टूट गई। श्री गोयल ने कहा कि कांग्रेस का अब शासन करने का कोई इरादा नहीं है। लोगों के लिए और महंगाई यूपीए सरकार करती आ रही है। इस रेल बजट से लोगों को निराशा हुई है।
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हम इस खबर में आपको व्हाट्सऐप में आए नए फीचर्स की जानकारी दे रहे हैं।
फेसबुक की स्वामित्व वाली कंपनी व्हाट्सऐप ने हाल ही में अपने 1. 5 बिलियन मासिक एक्टिव यूजर्स के पूरे होने की घोषणा की थी। व्हाट्सऐप पूरी दुनियाभर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले मैसेजिंग ऐप में एक बन चुका है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट में कंपनी ने दावा किया था कि व्हाट्सऐप के जरिए रोजाना 60 बिलियन मैसेज भेजे जाते हैं।
हाल ही में व्हाट्सऐप की ओर से जारी किए गए एक रिलीज में कहा गया है कि न्यू ईयर इव पर दुनियाभर में 75 अरब से ज्यादा मैसेज भेजे गए हैं जिनमें से 20 अरब मैसेज भारत से थे। ऐसा पहली बार है जब व्हाट्सऐप से इतनी ज्यादा की संख्या में मैसेज भेजे गए हैं।
एक बयान में व्हाट्सऐप ने कहा कि दुनियाभर में भेजे गए 75 अरब मैसेज में से 13 अरब से ज्यादा तस्वीरें और 5 अरब वीडियो शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि यह डाटा 31 दिसंबर को रिकॉर्ड किया गया। यह डाटा 24 घंटो का है। यह डाटा मैसेजिंग प्लेटफॉर्म की लोकप्रियता और एक्टिविटी को दर्शाता है।
व्हाट्सऐप अपने यूजर्स को लुभाने के लिए हर रोज नए-नए फीचर जारी करता रहता है। ऐसे में कंपनी ने हाल ही में कई नए फीचर्स को रोलआउट किया है। इन फीचर्स के बारे में हर यूजर्स को जानना चाहिए। हम इस खबर में आपको व्हाट्सऐप में आए नए फीचर्स की जानकारी दे रहे हैं।
व्हाट्सऐप ने आईफोन यूजर्स के लिए एक नया फीचर शुरू किया है जिसमें व्हाट्सऐप पर भेजा गया वीडियो चलाने के लिए अब यूट्यूब पर नहीं जाना होगा। इस ऐप के तहत अगर आपके व्हाट्सऐप पर कोई यूट्यूब वीडियो की लिंक आती है तो इसे देखने के लिए आपको व्हाट्सऐप से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। यूट्यूब वीडियो आपकी चैट विंडो पर ही चलने लगेगा। व्हाट्सऐप के बीटा प्रोग्राम की निगरानी करने वाली एक वेबसाइट डब्ल्यूएबीटाइंफो के अनुसार, यह फीचर का इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को ऐप्पल प्ले स्टोर पर जाकर अपना व्हाट्सऐप अपडेट करना होगा।
यूजर्स को व्हाट्सऐप पर यूट्यूब वीडियो देखने के लिए वीडियो आने पर उन्हें एक प्ले का ऑप्शन दिखेगा। इससे पहले व्हाट्सऐप पर आयी हुई यूट्यूब वीडियो की लिंक पर क्लिक करने के बाद वह वीडियो यूजर के फोन में मौजूद यूट्यूब ऐप में खुलता था।
अगर आप अपने फोटोज और वीडियोज को भेजने से पहले कस्टमाइज करना चाहते हैं तो व्हाट्सऐप ने आपके लिए नया फीचर जारी किया है। व्हाट्सऐप ने अपने ऐप में स्टीकर फीचर को जोड़ा है में अब आप फोटो और वीडियो में स्टीकर्स को ऐड कर सकते हैं।
इसके अलावा, आप ग्रुप चैट या पर्सनल चैट में भेजने वाले फोटोज और वीडियो में अपनी लोकेशन और रियल टाइम को टैग कर सकते हैं।
कंपनी ने भारतीय यूजर्स के लिए अपने पेमेंट फीचर को रोल आउट करना शुरू कर दिया है। इस फीचर की मदद से यूजर्स किसी को भी पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं।
आपको व्हॉट्सऐप सेटिंग पर जाना होगा, यहां आपको नया टैब मिलेगा जो कि पेमेंट का होगा। इसके बाद आपको बैंकों की लिस्ट मिलेगी जहां स्टेट बैंक से लेकर आईसीआईसीआई समेत सभी बड़े बैंक होंगे। इस तरह आप व्हाट्सऐप से अपने दोस्तों और परिवार वालों को पैसे भेज सकते हैं। यहां पर आपको यूपीआई के माध्यम से बैंक जोड़ने का विकल्प मिलेगा।
फिलहाल व्हाट्सऐप का पेमेंट फीचर बीटा वर्जन पर उपलब्ध कराया गया है जो कि चुनिंदा यूजर्स के पास ही है। व्हॉट्सऐप ने वीटा वर्जन 2. 18. 39 के लिए पेमेंट ऑप्शन को पेश किया है।
व्हाट्सऐप के सबसे पॉपुलर फीचर 'डिलीट फोर एवरीवन' जिसे हाल ही में लॉन्च किया गया था, में अपडेट किया जा सकता है। आपको बता दें कि इस फीचर की मदद से यूजर्स गलती से भेजे गए मैसेज को डिलीट कर सकते हैं।
व्हाट्सऐप अपने इस फीचर में अपडेट करने की तैयारी कर रही है। आपको बता दें कि व्हाट्सऐप बीटा (v2. 18. 69) पर यूजर अब 4,096 सेकेंड लगभग 68 मिनट 16 सेकेंड बाद भी डिलीट कर सकते हैं। फिलहाल इस फीचर में यूजर को मैसेज डिलीट करने के लिए केवल 7 मिनट मिलते हैं। यानी कि अब यूजर्स सेंड किए मैसेज को अपने और रिसीवर के मोबाइल से भी 1 घंटे से ज्यादा समय के बाद भी डिलीट कर सकते हैं। ये फीचर फिलहाल एंड्रॉयड यूजर्स के लिए जारी किया गया है लेकिन कंपनी इसे जल्द ही iOS यूजर्स के लिए भी पेश करने वाली है।
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हम इस खबर में आपको व्हाट्सऐप में आए नए फीचर्स की जानकारी दे रहे हैं। फेसबुक की स्वामित्व वाली कंपनी व्हाट्सऐप ने हाल ही में अपने एक. पाँच बिलियन मासिक एक्टिव यूजर्स के पूरे होने की घोषणा की थी। व्हाट्सऐप पूरी दुनियाभर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले मैसेजिंग ऐप में एक बन चुका है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट में कंपनी ने दावा किया था कि व्हाट्सऐप के जरिए रोजाना साठ बिलियन मैसेज भेजे जाते हैं। हाल ही में व्हाट्सऐप की ओर से जारी किए गए एक रिलीज में कहा गया है कि न्यू ईयर इव पर दुनियाभर में पचहत्तर अरब से ज्यादा मैसेज भेजे गए हैं जिनमें से बीस अरब मैसेज भारत से थे। ऐसा पहली बार है जब व्हाट्सऐप से इतनी ज्यादा की संख्या में मैसेज भेजे गए हैं। एक बयान में व्हाट्सऐप ने कहा कि दुनियाभर में भेजे गए पचहत्तर अरब मैसेज में से तेरह अरब से ज्यादा तस्वीरें और पाँच अरब वीडियो शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि यह डाटा इकतीस दिसंबर को रिकॉर्ड किया गया। यह डाटा चौबीस घंटाटो का है। यह डाटा मैसेजिंग प्लेटफॉर्म की लोकप्रियता और एक्टिविटी को दर्शाता है। व्हाट्सऐप अपने यूजर्स को लुभाने के लिए हर रोज नए-नए फीचर जारी करता रहता है। ऐसे में कंपनी ने हाल ही में कई नए फीचर्स को रोलआउट किया है। इन फीचर्स के बारे में हर यूजर्स को जानना चाहिए। हम इस खबर में आपको व्हाट्सऐप में आए नए फीचर्स की जानकारी दे रहे हैं। व्हाट्सऐप ने आईफोन यूजर्स के लिए एक नया फीचर शुरू किया है जिसमें व्हाट्सऐप पर भेजा गया वीडियो चलाने के लिए अब यूट्यूब पर नहीं जाना होगा। इस ऐप के तहत अगर आपके व्हाट्सऐप पर कोई यूट्यूब वीडियो की लिंक आती है तो इसे देखने के लिए आपको व्हाट्सऐप से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। यूट्यूब वीडियो आपकी चैट विंडो पर ही चलने लगेगा। व्हाट्सऐप के बीटा प्रोग्राम की निगरानी करने वाली एक वेबसाइट डब्ल्यूएबीटाइंफो के अनुसार, यह फीचर का इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को ऐप्पल प्ले स्टोर पर जाकर अपना व्हाट्सऐप अपडेट करना होगा। यूजर्स को व्हाट्सऐप पर यूट्यूब वीडियो देखने के लिए वीडियो आने पर उन्हें एक प्ले का ऑप्शन दिखेगा। इससे पहले व्हाट्सऐप पर आयी हुई यूट्यूब वीडियो की लिंक पर क्लिक करने के बाद वह वीडियो यूजर के फोन में मौजूद यूट्यूब ऐप में खुलता था। अगर आप अपने फोटोज और वीडियोज को भेजने से पहले कस्टमाइज करना चाहते हैं तो व्हाट्सऐप ने आपके लिए नया फीचर जारी किया है। व्हाट्सऐप ने अपने ऐप में स्टीकर फीचर को जोड़ा है में अब आप फोटो और वीडियो में स्टीकर्स को ऐड कर सकते हैं। इसके अलावा, आप ग्रुप चैट या पर्सनल चैट में भेजने वाले फोटोज और वीडियो में अपनी लोकेशन और रियल टाइम को टैग कर सकते हैं। कंपनी ने भारतीय यूजर्स के लिए अपने पेमेंट फीचर को रोल आउट करना शुरू कर दिया है। इस फीचर की मदद से यूजर्स किसी को भी पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं। आपको व्हॉट्सऐप सेटिंग पर जाना होगा, यहां आपको नया टैब मिलेगा जो कि पेमेंट का होगा। इसके बाद आपको बैंकों की लिस्ट मिलेगी जहां स्टेट बैंक से लेकर आईसीआईसीआई समेत सभी बड़े बैंक होंगे। इस तरह आप व्हाट्सऐप से अपने दोस्तों और परिवार वालों को पैसे भेज सकते हैं। यहां पर आपको यूपीआई के माध्यम से बैंक जोड़ने का विकल्प मिलेगा। फिलहाल व्हाट्सऐप का पेमेंट फीचर बीटा वर्जन पर उपलब्ध कराया गया है जो कि चुनिंदा यूजर्स के पास ही है। व्हॉट्सऐप ने वीटा वर्जन दो. अट्ठारह. उनतालीस के लिए पेमेंट ऑप्शन को पेश किया है। व्हाट्सऐप के सबसे पॉपुलर फीचर 'डिलीट फोर एवरीवन' जिसे हाल ही में लॉन्च किया गया था, में अपडेट किया जा सकता है। आपको बता दें कि इस फीचर की मदद से यूजर्स गलती से भेजे गए मैसेज को डिलीट कर सकते हैं। व्हाट्सऐप अपने इस फीचर में अपडेट करने की तैयारी कर रही है। आपको बता दें कि व्हाट्सऐप बीटा पर यूजर अब चार,छियानवे सेकेंड लगभग अड़सठ मिनट सोलह सेकेंड बाद भी डिलीट कर सकते हैं। फिलहाल इस फीचर में यूजर को मैसेज डिलीट करने के लिए केवल सात मिनट मिलते हैं। यानी कि अब यूजर्स सेंड किए मैसेज को अपने और रिसीवर के मोबाइल से भी एक घंटाटे से ज्यादा समय के बाद भी डिलीट कर सकते हैं। ये फीचर फिलहाल एंड्रॉयड यूजर्स के लिए जारी किया गया है लेकिन कंपनी इसे जल्द ही iOS यूजर्स के लिए भी पेश करने वाली है।
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नई दिल्ली। सरकार ने देश में जीवन रक्षक उपकरणों और कोरोना से बचाव के लिए जरूरी सामान और उपकरणों के इंपोर्ट पर छूट का ऐलान किया है। वित्त मंत्रालय के आदेश के मुताबिक वेंटिलेटर, फेस मास्क, सर्जिकल मास्क, पीपीई यानि व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण, कोरोना वायरस परीक्षण किट, और इनके निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल के इंपोर्ट पर लगने वाली बेसिक कस्टम ड्यूटी और हेल्थ सेस से छूट दी है। मंत्रालय के मुताबिक ये छूट तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है और 30 सितंबर तक जारी रहेगी।
मंत्रालय द्वारा जारी एक वक्तव्य में कहा है कि कोरोना वायरस की मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुये देश में वेंटीलेटर्स और दूसरी सामग्री की जरूरी आवश्यकता पर विचार के बाद केन्द्र सरकार ने इन सामानों पर उपकर और मूल सीमा शुल्क से छूट दे दी है।
देश में कोरोना संक्रमित लोगों के आंकड़ों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है, और संख्या 5500 के पार पहुंच गई है। सरकार अब ज्यादा बड़े पैमाने पर टेस्ट कर रही हैं, ऐसे में संक्रमण के शिकार लोगों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। आगे किसी भी चुनौती से निपटने के लिए सरकार जरूरी उपकरणों की आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है। मौजूदा कदम भी इसी कड़ी का एक हिस्सा है।
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नई दिल्ली। सरकार ने देश में जीवन रक्षक उपकरणों और कोरोना से बचाव के लिए जरूरी सामान और उपकरणों के इंपोर्ट पर छूट का ऐलान किया है। वित्त मंत्रालय के आदेश के मुताबिक वेंटिलेटर, फेस मास्क, सर्जिकल मास्क, पीपीई यानि व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण, कोरोना वायरस परीक्षण किट, और इनके निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल के इंपोर्ट पर लगने वाली बेसिक कस्टम ड्यूटी और हेल्थ सेस से छूट दी है। मंत्रालय के मुताबिक ये छूट तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है और तीस सितंबर तक जारी रहेगी। मंत्रालय द्वारा जारी एक वक्तव्य में कहा है कि कोरोना वायरस की मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुये देश में वेंटीलेटर्स और दूसरी सामग्री की जरूरी आवश्यकता पर विचार के बाद केन्द्र सरकार ने इन सामानों पर उपकर और मूल सीमा शुल्क से छूट दे दी है। देश में कोरोना संक्रमित लोगों के आंकड़ों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है, और संख्या पाँच हज़ार पाँच सौ के पार पहुंच गई है। सरकार अब ज्यादा बड़े पैमाने पर टेस्ट कर रही हैं, ऐसे में संक्रमण के शिकार लोगों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। आगे किसी भी चुनौती से निपटने के लिए सरकार जरूरी उपकरणों की आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है। मौजूदा कदम भी इसी कड़ी का एक हिस्सा है।
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विराट कोहली इस समय दुनिया के सबसे अच्छे बल्लेबाजों में से एक माने जाते है. ऐसे में अगर आप से कोई कहें कि विराट कोहली को भी किसी से डर लगता था तो शायद आप को हैरानी होगी. हाल में ही क्रिकेट की किताब में कोहली के करियर और उनके शुरूआती दौर को लेकर बात की गई है. जिसमे बताया कि कोहली को भी किसी गेंदबाज़ से डर लगता था और उस समय उन्हें ये लगने लगा था कि उनका टेस्ट करियर भी खत्म हो गया है.
आपको बता दें कि कोहली ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत वेस्टइंडीज में की थी और तीन टेस्ट मैचों में वह केवल 76 रन बना पाये थे. अपनी पहली चार टेस्ट पारियों में से तीन में फिडेल एडवर्ड्स ने उन्हें पवेलियन की राह दिखायी थी. वरिष्ठ खेल पत्रकार शिवेंद्र कुमार सिंह ने अपनी किताब 'क्रिकेट की अनसुने किस्से' में कोहली के हालात को लेकर लिखा है.
किताब में उन्होंने लिखा है कि दो टेस्ट मैच की चार पारियों में यह तीसरा मौक़ा था जब एडवर्ड्स ने उन्हें आउट किया था. विराट कोहली ने अपने क़रीबी लोगों के सामने इस बात को कबूल किया था कि उन्हें एडवर्ड्स की गेंद को 'पिक' करने में दिक्क़त हो रही है. पेंगुइन से प्रकाशित 180 पन्नों की किताब में क्रिकेट से जुड़े 50 किस्सों का वर्णन किया है जिनमें मंसूर अली खां पटौदी से लेकर वर्तमान समय के क्रिकेटरों और भारत के 2006 के पाकिस्तान दौरे से जुड़े किस्से शामिल हैं.
विराट कोहली जितने ज्यादा मैदान पर आक्रामक देखे जाते है, उसे ज्यादा वो अपनी निजी जिंदगी में शरारती है. एक बार उन्होंने दिल्ली में एक रेस्टोरेंट में अपने फ़ोन से टीवी को आवाज़ को कम ज्यादा करने शुरू कर दिया था. जिस वजह से वहां पर मौजूद लोग परेशान हो गए थे.
अगर आपकों हमारा आर्टिकल पसंद आया, तो प्लीज इसे लाइक करें. अपने दोस्तों तक ये खबर सबसे पहले पहुंचाने के लिए शेयर करें. साथ ही अगर आप कोई सुझाव देना चाहते हैं, तो प्लीज कमेंट करें. अगर आपने अब तक हमारा पेज लाइक नहीं किया हैं, तो कृपया अभी लाइक करें, जिससे लेटेस्ट अपडेट हम आपकों जल्दी पहुंचा सकें.
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विराट कोहली इस समय दुनिया के सबसे अच्छे बल्लेबाजों में से एक माने जाते है. ऐसे में अगर आप से कोई कहें कि विराट कोहली को भी किसी से डर लगता था तो शायद आप को हैरानी होगी. हाल में ही क्रिकेट की किताब में कोहली के करियर और उनके शुरूआती दौर को लेकर बात की गई है. जिसमे बताया कि कोहली को भी किसी गेंदबाज़ से डर लगता था और उस समय उन्हें ये लगने लगा था कि उनका टेस्ट करियर भी खत्म हो गया है. आपको बता दें कि कोहली ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत वेस्टइंडीज में की थी और तीन टेस्ट मैचों में वह केवल छिहत्तर रन बना पाये थे. अपनी पहली चार टेस्ट पारियों में से तीन में फिडेल एडवर्ड्स ने उन्हें पवेलियन की राह दिखायी थी. वरिष्ठ खेल पत्रकार शिवेंद्र कुमार सिंह ने अपनी किताब 'क्रिकेट की अनसुने किस्से' में कोहली के हालात को लेकर लिखा है. किताब में उन्होंने लिखा है कि दो टेस्ट मैच की चार पारियों में यह तीसरा मौक़ा था जब एडवर्ड्स ने उन्हें आउट किया था. विराट कोहली ने अपने क़रीबी लोगों के सामने इस बात को कबूल किया था कि उन्हें एडवर्ड्स की गेंद को 'पिक' करने में दिक्क़त हो रही है. पेंगुइन से प्रकाशित एक सौ अस्सी पन्नों की किताब में क्रिकेट से जुड़े पचास किस्सों का वर्णन किया है जिनमें मंसूर अली खां पटौदी से लेकर वर्तमान समय के क्रिकेटरों और भारत के दो हज़ार छः के पाकिस्तान दौरे से जुड़े किस्से शामिल हैं. विराट कोहली जितने ज्यादा मैदान पर आक्रामक देखे जाते है, उसे ज्यादा वो अपनी निजी जिंदगी में शरारती है. एक बार उन्होंने दिल्ली में एक रेस्टोरेंट में अपने फ़ोन से टीवी को आवाज़ को कम ज्यादा करने शुरू कर दिया था. जिस वजह से वहां पर मौजूद लोग परेशान हो गए थे. अगर आपकों हमारा आर्टिकल पसंद आया, तो प्लीज इसे लाइक करें. अपने दोस्तों तक ये खबर सबसे पहले पहुंचाने के लिए शेयर करें. साथ ही अगर आप कोई सुझाव देना चाहते हैं, तो प्लीज कमेंट करें. अगर आपने अब तक हमारा पेज लाइक नहीं किया हैं, तो कृपया अभी लाइक करें, जिससे लेटेस्ट अपडेट हम आपकों जल्दी पहुंचा सकें.
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इनमें ॐ चिह्नित महानुभाव ही समारोह में उपस्थित थे जिन्हें यथोचित सत्कारपूर्वक पुरस्कार की राशि और पदक अर्पित किए गए। शेष महानुभावों के पुरस्कार और पदक समारोह के अनंतर डाक द्वारा भेज दिए गए।
रात्रि में 'राज्यश्री' नाटक का अभिनय सभा के प्रधानमंत्री श्री शिवप्रसाद
जी मिश्र 'रुद्र' के निर्देशन में हुआ जो पर्याप्त सफल रहा और जिसकी भूरि भूरि सराहना दर्शकों ने की ।
नवीन भवन का शिलान्यास
सभा का कार्यविस्तार, विशेषतः स्वतंत्रताप्राप्ति के बाद से लेकर अब तक, अध्यधिक हो गया है। प्रत्येक विभाग की प्रगति स्थानसंकोच के कारण
वरुद्ध होने लगी है। अतः निश्चय किया गया है कि सभा की वर्तमान भूमि से सटी हुई पूरब और की समस्त भूमि अवाप्त कर ली जाय और उसपर लगभग चार लाख के व्यय से नवीन भवन का निर्माण कराया जाय । प्रस्तावित भवन के मानचित्र की लघ्वाकार प्रतिकृति नीचे दी जा रही हैः
इस भवन का शिलान्यास १० पौष को सांगोपांग शास्त्रीय पद्धति से हमारे प्रधान मंत्री माननीय श्री लालबहादुर जी शास्त्री ने किया। वास्तुपूजन के नंतर उत्तर श्रोरवाले मैदान में भव्य रूप से सजे हुए पंडाल में उन्हें सभा की ओर से प्रधान मंत्री श्री पंडित शिवप्रसाद मिश्र 'रुद्र' द्वारा मानपत्र अर्पित किया गया। मानपत्र के उत्तर में माननीय शास्त्री जी ने जो सारगर्भित भाषण दिया उसका मुख्यांश निम्नांकित हैं :
'वह समय श्रच दूर नहीं है जब हिंदी देश में अपना वैध एवं उचित स्थान प्रहण करेगी । संविधान ने हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिया है और जनवरी, १६६५ के बाद इसका प्रयोग देश में विभिन्न राज्यों के साथ, मुख्यतः सभी हिंदीभाषी राज्यों के साथ, सभी प्रकार के पत्रव्यवहार के लिये किया जायगा । हिंदी को किसी पर लादने का कोई प्रश्न नहीं है। हिंदी भाषी क्षेत्रों में मुख्यतः दक्षिण में, जनता उत्साह से और तीव्र गति से हिंदी सीख रखी है। इस सभा की तो स्थापना ही इसीलिये हुई थी और यहाँ के लोगों ने तो निरंतर इसके लिये प्रयत्न किया है। मैं बचपन में जब हरिश्चंद्र स्कूल का विद्यार्थी या तब प्रायः यहाँ के पुस्तकालय में पढ़ने आाया करता था। विभिन्न राज्यों ने शिक्षण संस्थाओं में हिंदी अनिवार्य बना दिया है और हिंदी की प्रगति एवं विकास के लिये सुविधाएँ प्रदान की है। धीरे धीरे हिंदी देश के सर्वसाधारण की भाषा हो जायगी और एक संपर्क भाषा बनेगी। हम लोग इसके लिये अधिक परेशान न हो । हिंदी जनता की भाषा है। देश को यह स्वीकार करना है कि
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इनमें ॐ चिह्नित महानुभाव ही समारोह में उपस्थित थे जिन्हें यथोचित सत्कारपूर्वक पुरस्कार की राशि और पदक अर्पित किए गए। शेष महानुभावों के पुरस्कार और पदक समारोह के अनंतर डाक द्वारा भेज दिए गए। रात्रि में 'राज्यश्री' नाटक का अभिनय सभा के प्रधानमंत्री श्री शिवप्रसाद जी मिश्र 'रुद्र' के निर्देशन में हुआ जो पर्याप्त सफल रहा और जिसकी भूरि भूरि सराहना दर्शकों ने की । नवीन भवन का शिलान्यास सभा का कार्यविस्तार, विशेषतः स्वतंत्रताप्राप्ति के बाद से लेकर अब तक, अध्यधिक हो गया है। प्रत्येक विभाग की प्रगति स्थानसंकोच के कारण वरुद्ध होने लगी है। अतः निश्चय किया गया है कि सभा की वर्तमान भूमि से सटी हुई पूरब और की समस्त भूमि अवाप्त कर ली जाय और उसपर लगभग चार लाख के व्यय से नवीन भवन का निर्माण कराया जाय । प्रस्तावित भवन के मानचित्र की लघ्वाकार प्रतिकृति नीचे दी जा रही हैः इस भवन का शिलान्यास दस पौष को सांगोपांग शास्त्रीय पद्धति से हमारे प्रधान मंत्री माननीय श्री लालबहादुर जी शास्त्री ने किया। वास्तुपूजन के नंतर उत्तर श्रोरवाले मैदान में भव्य रूप से सजे हुए पंडाल में उन्हें सभा की ओर से प्रधान मंत्री श्री पंडित शिवप्रसाद मिश्र 'रुद्र' द्वारा मानपत्र अर्पित किया गया। मानपत्र के उत्तर में माननीय शास्त्री जी ने जो सारगर्भित भाषण दिया उसका मुख्यांश निम्नांकित हैं : 'वह समय श्रच दूर नहीं है जब हिंदी देश में अपना वैध एवं उचित स्थान प्रहण करेगी । संविधान ने हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिया है और जनवरी, एक हज़ार छः सौ पैंसठ के बाद इसका प्रयोग देश में विभिन्न राज्यों के साथ, मुख्यतः सभी हिंदीभाषी राज्यों के साथ, सभी प्रकार के पत्रव्यवहार के लिये किया जायगा । हिंदी को किसी पर लादने का कोई प्रश्न नहीं है। हिंदी भाषी क्षेत्रों में मुख्यतः दक्षिण में, जनता उत्साह से और तीव्र गति से हिंदी सीख रखी है। इस सभा की तो स्थापना ही इसीलिये हुई थी और यहाँ के लोगों ने तो निरंतर इसके लिये प्रयत्न किया है। मैं बचपन में जब हरिश्चंद्र स्कूल का विद्यार्थी या तब प्रायः यहाँ के पुस्तकालय में पढ़ने आाया करता था। विभिन्न राज्यों ने शिक्षण संस्थाओं में हिंदी अनिवार्य बना दिया है और हिंदी की प्रगति एवं विकास के लिये सुविधाएँ प्रदान की है। धीरे धीरे हिंदी देश के सर्वसाधारण की भाषा हो जायगी और एक संपर्क भाषा बनेगी। हम लोग इसके लिये अधिक परेशान न हो । हिंदी जनता की भाषा है। देश को यह स्वीकार करना है कि
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दो साल के अंतराल के बाद, 27 मार्च 2022 से भारत से आने/जाने के लिए निर्धारित वाणिज्यिक अंतरराष्ट्रीय यात्री सेवाओं को फिर से शुरू करने के भारत सरकार के फैसले का देश के यात्रा उद्योग से संबंधित सभी हितधारकों ने स्वागत किया है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने कोविड-19 महामारी के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से 23 मार्च 2020 से अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक सेवाओं का संचालन स्थगित कर दिया था।
इससे पहले, भारत सरकार ने 15 अक्टूबर 2021 से चार्टर विमानों से आने वाले विदेशियों को नया पर्यटक वीजा देना शुरू किया था।
सामान्य अंतरराष्ट्रीय यात्री सेवाओं को फिर से शुरू करने की सराहना करते हुए, इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स के अध्यक्ष श्री राजीव मेहरा ने कहा कि इससे निश्चित रूप से भारत में पर्यटकों की संख्या में व़ृद्धि होगी और सितंबर 2020 से (जो अगले पर्यटन सीजन की शुरुआत का समय है) प्रभावित व्यवसाय के काफी हद तक पटरी पर लौटने की उम्मीद है।
पर्यटन क्षेत्र कोविड 19 महामारी से सबसे बुरी तरह से प्रभावित क्षेत्रों में से एक रहा है, जिसने पर्यटन उद्योग से संबंधित हितधारकों की आजीविका को भी प्रभावित किया। पर्यटन मंत्रालय ने मंत्रालय द्वारा अनुमोदित टूर ऑपरेटरों, ट्रैवल एजेंटों और क्षेत्रीय स्तर के पर्यटक गाइडों को रियायती दरों पर क्रेडिट गारंटी योजना के तहत ऋण के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की है।
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Posted On: दो साल के अंतराल के बाद, सत्ताईस मार्च दो हज़ार बाईस से भारत से आने/जाने के लिए निर्धारित वाणिज्यिक अंतरराष्ट्रीय यात्री सेवाओं को फिर से शुरू करने के भारत सरकार के फैसले का देश के यात्रा उद्योग से संबंधित सभी हितधारकों ने स्वागत किया है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने कोविड-उन्नीस महामारी के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से तेईस मार्च दो हज़ार बीस से अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक सेवाओं का संचालन स्थगित कर दिया था। इससे पहले, भारत सरकार ने पंद्रह अक्टूबर दो हज़ार इक्कीस से चार्टर विमानों से आने वाले विदेशियों को नया पर्यटक वीजा देना शुरू किया था। सामान्य अंतरराष्ट्रीय यात्री सेवाओं को फिर से शुरू करने की सराहना करते हुए, इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स के अध्यक्ष श्री राजीव मेहरा ने कहा कि इससे निश्चित रूप से भारत में पर्यटकों की संख्या में व़ृद्धि होगी और सितंबर दो हज़ार बीस से प्रभावित व्यवसाय के काफी हद तक पटरी पर लौटने की उम्मीद है। पर्यटन क्षेत्र कोविड उन्नीस महामारी से सबसे बुरी तरह से प्रभावित क्षेत्रों में से एक रहा है, जिसने पर्यटन उद्योग से संबंधित हितधारकों की आजीविका को भी प्रभावित किया। पर्यटन मंत्रालय ने मंत्रालय द्वारा अनुमोदित टूर ऑपरेटरों, ट्रैवल एजेंटों और क्षेत्रीय स्तर के पर्यटक गाइडों को रियायती दरों पर क्रेडिट गारंटी योजना के तहत ऋण के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की है।
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- 6 min ago ब्लैक ब्रा पहनकर फिर पूल में उतरीं शेफाली जरीवाला, सुनहरी स्किन देख लोग बोले- 'हाय मेरी दूध मलाई'
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आशा ने ट्विटर पर लिखा है कि "सानिया मिर्जा को अनावश्यक विवाद में घसीटा जा रहा है। मुझे भी एक बार एक राजनेता ने राष्ट्र विरोधी बताया था। मुझे वह बहुत हास्यास्पद लगा था। जो भी हो रहा है वो गलत है और बेबुनियाद है।
गौरतलब है कि बुधवार को तेलंगाना से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता के. लक्ष्मण ने सानिया को राज्य का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त करने पर यह कहते हुए आलोचना की कि वह एक 'गैर-स्थानीय' और 'पाकिस्तान की बहू' हैं।
जिस पर सानिया ने पलटवार करते हुए कहा था कि वह एक भारतीय हैं और 'मरते दम तक भारतीय' रहेंगी। सानिया ने कहा, "मैंने शोएब मलिक से शादी किया है, जो पाकिस्तान से हैं। मैं एक भारतीय हूं और अंतिम सांस तक भारतीय ही रहूंगी। "
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इंग्लैंड की टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर है. जहाँ पर उन्होंने पहले टी20 सीरिज में 3-2 से सीरिज अपने नाम की थी. अब इन दोनों के बीच टेस्ट सीरिज की शुरुआत होने वाली है. जिसका पहला मैच 21 नवंबर से सुबह 3:30 बजे से खेला जायेगा. जोकि बाय ओवल में होगा. एशेज के बाद इंग्लैंड की टीम अपना पहला टेस्ट मैच खेलने की तैयारी कर रही है.
माउंट मौनगानुई में 21 नवंबर गुरुवार को 19 डिग्री सेल्सियस का तापमान रहेगा. इस दिन माउंट में ह्यूमिडिटी 58% की रहेगी. वहीं 13 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलेगी. पूरे दिन धूप निकलेगी. इस मैच में बारिश की कोई संभावना नहीं है. जिसके कारण मैच में ज्यादा परेशानी बारिश नहीं पैदा करनी वाली है.
बाय ओवल के पिच पर शुरुआत में तेज गेंदबाजो का बहुत मदद मिलेगी. उसके बाद बल्लेबाजी करना आसान हो जायेगा. लेकिन उसके बाद भी बल्लेबाजो को संभाल कर खेलना होगा. यहाँ पर गेंद तीसरे दिन तक स्विंग होती रहती है.
अब तक इन दोनों टीमों में से कोई भी खिलाड़ी चोटिल नहीं हुआ है. यदि कोई खिलाड़ी चोटिल होता है तो आपको रिपोर्ट कर दिया जायेगा.
रोरी बर्न्स, डोमिनिक सिबली, जो डेनली, जो रूट (कप्तान), बेन स्टोक्स, ओली पोप, जोस बटलर (विकेटकीपर), सैम करन, जोफ्रा आर्चर, जैक लीच, स्टुअर्ट ब्रॉड, क्रिस वोक्स, मैथ्यू पार्किंसन, ज़क क्रॉली, जॉनी बैरेस्टो, साकिब महमूद.
टॉम लैथम, जीत रावल, केन विलियमसन (सी), रॉस टेलर, हेनरी निकोल्स, बीजे वाटलिंग (डब्ल्यू), कॉलिन डी ग्रैंडहोमे, मिशेल सेंटनर, टिम साउथी, नील वैगनर, ट्रेंट बाउल्ट, टॉम ब्लंडेल, टोड एस्टल, मैट हेनरी, लॉकी फर्ग्यूसन.
रोरी बर्न्स, डोमिनिक सिबली, जो डेनली, जो रूट, बेन स्टोक्स, ओली पोप, जोस बटलर, सैम करन, जोफ्रा आर्चर, जैक लीच, स्टुअर्ट ब्रॉड.
टॉम लैथम, जीत रावल, केन विलियमसन, रॉस टेलर, हेनरी निकोलस, बीजे वाटलिंग, कॉलिन डी ग्रैंडहोम, मिचेल सेंटनर, टिम साउथी, नील वैगनर, ट्रेंट बोल्ट.
केन विलियमसन, जो रूट, रोरी बर्न्स, डोमिनिक सिबली, जोस बटलर, बेन स्टोक्स, कॉलिन डी ग्रैंडहोम, मिचेल सेंटनर, जोफ्रा आर्चर, ट्रेंट बोल्ट, नील वैगनर.
अब केन विलियमसन क्रिकेट में वापसी कर रहे हैं. जिसके कारण वो बल्ले से रन बनाने का पूरा प्रयास करेंगे. जबकि पिच गेंदबाजो की मददगार होने के कारण ट्रेंट बोल्ट को टीम का उपकप्तान बनाया गया है. इन दोनों खिलाड़ियों ने पिछले कुछ समय में बहुत अच्छा प्रदर्शन करके खुद को साबित किया है.
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इंग्लैंड की टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर है. जहाँ पर उन्होंने पहले टीबीस सीरिज में तीन-दो से सीरिज अपने नाम की थी. अब इन दोनों के बीच टेस्ट सीरिज की शुरुआत होने वाली है. जिसका पहला मैच इक्कीस नवंबर से सुबह तीन:तीस बजे से खेला जायेगा. जोकि बाय ओवल में होगा. एशेज के बाद इंग्लैंड की टीम अपना पहला टेस्ट मैच खेलने की तैयारी कर रही है. माउंट मौनगानुई में इक्कीस नवंबर गुरुवार को उन्नीस डिग्री सेल्सियस का तापमान रहेगा. इस दिन माउंट में ह्यूमिडिटी अट्ठावन% की रहेगी. वहीं तेरह किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चलेगी. पूरे दिन धूप निकलेगी. इस मैच में बारिश की कोई संभावना नहीं है. जिसके कारण मैच में ज्यादा परेशानी बारिश नहीं पैदा करनी वाली है. बाय ओवल के पिच पर शुरुआत में तेज गेंदबाजो का बहुत मदद मिलेगी. उसके बाद बल्लेबाजी करना आसान हो जायेगा. लेकिन उसके बाद भी बल्लेबाजो को संभाल कर खेलना होगा. यहाँ पर गेंद तीसरे दिन तक स्विंग होती रहती है. अब तक इन दोनों टीमों में से कोई भी खिलाड़ी चोटिल नहीं हुआ है. यदि कोई खिलाड़ी चोटिल होता है तो आपको रिपोर्ट कर दिया जायेगा. रोरी बर्न्स, डोमिनिक सिबली, जो डेनली, जो रूट , बेन स्टोक्स, ओली पोप, जोस बटलर , सैम करन, जोफ्रा आर्चर, जैक लीच, स्टुअर्ट ब्रॉड, क्रिस वोक्स, मैथ्यू पार्किंसन, ज़क क्रॉली, जॉनी बैरेस्टो, साकिब महमूद. टॉम लैथम, जीत रावल, केन विलियमसन , रॉस टेलर, हेनरी निकोल्स, बीजे वाटलिंग , कॉलिन डी ग्रैंडहोमे, मिशेल सेंटनर, टिम साउथी, नील वैगनर, ट्रेंट बाउल्ट, टॉम ब्लंडेल, टोड एस्टल, मैट हेनरी, लॉकी फर्ग्यूसन. रोरी बर्न्स, डोमिनिक सिबली, जो डेनली, जो रूट, बेन स्टोक्स, ओली पोप, जोस बटलर, सैम करन, जोफ्रा आर्चर, जैक लीच, स्टुअर्ट ब्रॉड. टॉम लैथम, जीत रावल, केन विलियमसन, रॉस टेलर, हेनरी निकोलस, बीजे वाटलिंग, कॉलिन डी ग्रैंडहोम, मिचेल सेंटनर, टिम साउथी, नील वैगनर, ट्रेंट बोल्ट. केन विलियमसन, जो रूट, रोरी बर्न्स, डोमिनिक सिबली, जोस बटलर, बेन स्टोक्स, कॉलिन डी ग्रैंडहोम, मिचेल सेंटनर, जोफ्रा आर्चर, ट्रेंट बोल्ट, नील वैगनर. अब केन विलियमसन क्रिकेट में वापसी कर रहे हैं. जिसके कारण वो बल्ले से रन बनाने का पूरा प्रयास करेंगे. जबकि पिच गेंदबाजो की मददगार होने के कारण ट्रेंट बोल्ट को टीम का उपकप्तान बनाया गया है. इन दोनों खिलाड़ियों ने पिछले कुछ समय में बहुत अच्छा प्रदर्शन करके खुद को साबित किया है.
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार किसी भी पूजा-पाठ में पंचामृत का विशेष महत्व होता है। ऐसा माना जाता है कि बिना पंचामृत पूजा सफल नहीं होती।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार किसी भी पूजा-पाठ में पंचामृत का विशेष महत्व होता है। ऐसा माना जाता है कि बिना पंचामृत पूजा सफल नहीं होती। पंचामृत के निर्माण में 5 विशेष चीजों की आवश्यकता होती है।
ये पांच चीज हैं दूध, दही, घी, शक्कर और शहद। शास्त्रों में अलग-अलग प्रकार के पंचामृत सभी देवी-देवताओं को अर्पित करने का विधान है। परंतु विष्णु भगवान की पूजा में पंचामृत का अत्यंत विशेष महत्व माना गया है।
पंचामृत के बिना श्री हरि अथवा इनके अवतारों की पूजा नहीं हो सकती। पंचामृत के विशेष प्रयोग से विभिन्न प्रकार की समस्याएं दूर के जा सकती है।
- पंचामृत में प्रयोग किए जाने वाले दूध शरीर को पुष्टि प्रदान करता है।
- शरीर के अंदर विष को नष्ट करता है।
- मानसिक तनाव दूर करता है।
- पंचामृत में प्रयोग किए दही पाचन तंत्र मजबूत करता है।
- यह व्यक्ति की एकाग्रता को मजबूत करता है। साथ ही सुख बढ़ाता है।
- चहरे और त्वचा को कांतिवान बनाता है।
- शरीर के फालतू चर्बी को खत्म करता है।
- मनुष्य में अध्यात्मिक भाव जागृत करता है।
- धर्म के प्रति आस्था मजबूत करता है।
- परिवार में आपसी संबंध सैहार्द बनाता है।
- शरीर में उर्जा को बनाए रहता है।
- शारीरिक आलस्य को खत्म करता है।
- वाणी को मधुर रखता है।
- अनिद्रा यानि नींद की समस्या को दूर करता है।
- शारीरिक बल और पुष्टि प्रदान करता है।
- हड्डियों को मजबूत बनाए रखता है।
- आंख की समस्या को दूर कर आंख की ज्योति को बरकरार रखता है।
- शास्त्रों के अनुसार पंचामृत का निर्माण सूर्यास्त से पहले करना चाहिए।
- पंचामृत निर्माण में गाय के दूध का प्रयोग करना उत्तम माना जाता है। इसलिए यथासंभव गाय के दूध का प्रयोग करना चाहिए।
- पंचामृत तैयार करने के बाद इसमें तुलसी का पत्ता है गंगाजल भी डालना चाहिए।
- यदि शालिग्राम है तो पंचामृत में उसे स्नान कराना चाहिए।
- अथवा एक चांदी का सिक्का डालें, और भाव लें की इसके माध्यम से श्री हरि को स्नान करा रहे हैं।
- इसके बाद श्री विष्णु का स्मरण कर पंचामृत ग्रहण करना चाहिए।
- पंचामृत दोनों हाथों से ग्रहण करना चाहिए।
- पंचामृत नीचे ना गिरे इसका ध्यान रखना चाहिए।
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार किसी भी पूजा-पाठ में पंचामृत का विशेष महत्व होता है। ऐसा माना जाता है कि बिना पंचामृत पूजा सफल नहीं होती। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार किसी भी पूजा-पाठ में पंचामृत का विशेष महत्व होता है। ऐसा माना जाता है कि बिना पंचामृत पूजा सफल नहीं होती। पंचामृत के निर्माण में पाँच विशेष चीजों की आवश्यकता होती है। ये पांच चीज हैं दूध, दही, घी, शक्कर और शहद। शास्त्रों में अलग-अलग प्रकार के पंचामृत सभी देवी-देवताओं को अर्पित करने का विधान है। परंतु विष्णु भगवान की पूजा में पंचामृत का अत्यंत विशेष महत्व माना गया है। पंचामृत के बिना श्री हरि अथवा इनके अवतारों की पूजा नहीं हो सकती। पंचामृत के विशेष प्रयोग से विभिन्न प्रकार की समस्याएं दूर के जा सकती है। - पंचामृत में प्रयोग किए जाने वाले दूध शरीर को पुष्टि प्रदान करता है। - शरीर के अंदर विष को नष्ट करता है। - मानसिक तनाव दूर करता है। - पंचामृत में प्रयोग किए दही पाचन तंत्र मजबूत करता है। - यह व्यक्ति की एकाग्रता को मजबूत करता है। साथ ही सुख बढ़ाता है। - चहरे और त्वचा को कांतिवान बनाता है। - शरीर के फालतू चर्बी को खत्म करता है। - मनुष्य में अध्यात्मिक भाव जागृत करता है। - धर्म के प्रति आस्था मजबूत करता है। - परिवार में आपसी संबंध सैहार्द बनाता है। - शरीर में उर्जा को बनाए रहता है। - शारीरिक आलस्य को खत्म करता है। - वाणी को मधुर रखता है। - अनिद्रा यानि नींद की समस्या को दूर करता है। - शारीरिक बल और पुष्टि प्रदान करता है। - हड्डियों को मजबूत बनाए रखता है। - आंख की समस्या को दूर कर आंख की ज्योति को बरकरार रखता है। - शास्त्रों के अनुसार पंचामृत का निर्माण सूर्यास्त से पहले करना चाहिए। - पंचामृत निर्माण में गाय के दूध का प्रयोग करना उत्तम माना जाता है। इसलिए यथासंभव गाय के दूध का प्रयोग करना चाहिए। - पंचामृत तैयार करने के बाद इसमें तुलसी का पत्ता है गंगाजल भी डालना चाहिए। - यदि शालिग्राम है तो पंचामृत में उसे स्नान कराना चाहिए। - अथवा एक चांदी का सिक्का डालें, और भाव लें की इसके माध्यम से श्री हरि को स्नान करा रहे हैं। - इसके बाद श्री विष्णु का स्मरण कर पंचामृत ग्रहण करना चाहिए। - पंचामृत दोनों हाथों से ग्रहण करना चाहिए। - पंचामृत नीचे ना गिरे इसका ध्यान रखना चाहिए।
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फर्रुखाबाद। यूपी में लगातार हो रहे रेल हादसों में आज गुरुवार सुबह एक और रेल हादसा जुड जाता लेकिन एक युवक की समझदारी के कारण रेल हादसा टल गया। घटना यूपी के फर्रुखाबाद की है। यहां एक युवक ने अपनी समझदारी से एक ट्रेन हादसा होने से बचा लिया। दरअसल फर्रुखाबाद के श्यामनगर के पास रेल की पटरी टूटी हुई थी। यहां से कालिंदी एक्सप्रेस गुजरने वाली थी। पवन नाम के एक युवक ने इस टूटी हुई पटरी को देख लिया। इसके बाद उसने अपना लाल बनियान दिखाकर रूकवा दी। 45 मिनट कालिंदी एक्सप्रेस ट्रेन ट्रैक पर खडी रही। बाद में इसे धीमी गति से उसे रवाना कर दिया गया।
शक्तिपुंज एक्सप्रेस के 7 डिब्बे पटरी से उतरेः
वहीं यूपी के सोनभद्र में फफराकुंड इलाके में शक्तिपुंज एक्सप्रेस ट्रेन के 7 डिब्बे पटरी से उतर गई। हांलांकि गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। बताया जा रहा है कि यह हादसा पटरी टूटी होने की वजह से हुआ। शक्तिपुंज एक्सप्रेस हावडा से जबलपुर जा रही थी। ओबरा थाना क्षेत्र के फफराकुंड इलाके में रेल ट्रैक टूटी होने की वजह से इसके 7 डिब्बे पटरी से उतर गए।
विभाग की जिम्मेदारी सौंप दी गई।
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फर्रुखाबाद। यूपी में लगातार हो रहे रेल हादसों में आज गुरुवार सुबह एक और रेल हादसा जुड जाता लेकिन एक युवक की समझदारी के कारण रेल हादसा टल गया। घटना यूपी के फर्रुखाबाद की है। यहां एक युवक ने अपनी समझदारी से एक ट्रेन हादसा होने से बचा लिया। दरअसल फर्रुखाबाद के श्यामनगर के पास रेल की पटरी टूटी हुई थी। यहां से कालिंदी एक्सप्रेस गुजरने वाली थी। पवन नाम के एक युवक ने इस टूटी हुई पटरी को देख लिया। इसके बाद उसने अपना लाल बनियान दिखाकर रूकवा दी। पैंतालीस मिनट कालिंदी एक्सप्रेस ट्रेन ट्रैक पर खडी रही। बाद में इसे धीमी गति से उसे रवाना कर दिया गया। शक्तिपुंज एक्सप्रेस के सात डिब्बे पटरी से उतरेः वहीं यूपी के सोनभद्र में फफराकुंड इलाके में शक्तिपुंज एक्सप्रेस ट्रेन के सात डिब्बे पटरी से उतर गई। हांलांकि गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। बताया जा रहा है कि यह हादसा पटरी टूटी होने की वजह से हुआ। शक्तिपुंज एक्सप्रेस हावडा से जबलपुर जा रही थी। ओबरा थाना क्षेत्र के फफराकुंड इलाके में रेल ट्रैक टूटी होने की वजह से इसके सात डिब्बे पटरी से उतर गए। विभाग की जिम्मेदारी सौंप दी गई।
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समग्र स्थायित्व, उनकी स्थायित्व, उच्च शक्ति, उत्कृष्ट गुणवत्ता, कम रखरखाव, और कम वजन के लिए जाना जाता है, व्यापक रूप से ऑटोमोटिव, निर्माण, परिवहन, एयरोस्पेस और नवीकरणीय ऊर्जा उद्योगों में उपयोग किया जा रहा है। कई इंजीनियरिंग अनुप्रयोगों में उनका उपयोग पारंपरिक सामग्री पर किनारे composites प्रदान करता है। समग्र सामग्रियों का पुनर्चक्रण और निपटान एक मुद्दा है जिसे तेजी से संबोधित किया जा रहा है, क्योंकि इसे किसी भी व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली सामग्री के साथ होना चाहिए।
पहले, तकनीकी और आर्थिक बाधाओं के कारण मुख्यधारा समग्र सामग्रियों के लिए बहुत सीमित वाणिज्यिक रीसाइक्लिंग ऑपरेशन थे लेकिन अनुसंधान एवं विकास गतिविधियां बढ़ रही हैं।
शीसे रेशा एक बहुमुखी सामग्री है जो पारंपरिक सामग्री जैसे कि लकड़ी, एल्यूमीनियम और स्टील पर मूर्त क्षमता प्रदान करती है। फाइबर ग्लास कम ऊर्जा का उपयोग करके उत्पादित किया जाता है और उत्पादों में उपयोग किया जाता है जिसके परिणामस्वरूप कम कार्बन उत्सर्जन होता है। शीसे रेशा हल्के वजन होने के फायदे प्रदान करती है, फिर भी उच्च यांत्रिक शक्ति, प्रभाव प्रतिरोधी, रासायनिक, आग और जंग प्रतिरोधी है, और एक अच्छा थर्मल और विद्युत विसंवाहक है।
हालांकि पहले सूचीबद्ध सूचीबद्ध कारणों के लिए शीसे रेशा बेहद उपयोगी है, फिर भी "जीवन समाधान का अंत" की आवश्यकता है। थर्मोसेट रेजिन के साथ वर्तमान एफआरपी कंपोजिट्स बायोडग्रेड नहीं करते हैं। कई अनुप्रयोगों के लिए जहां शीसे रेशा का उपयोग किया जाता है, यह एक अच्छी बात है। हालांकि, लैंडफिल में, यह नहीं है।
शोध ने फाइबर ग्लास रीसाइक्लिंग के लिए पीसने, जलन, और पायरोलिसिस जैसे तरीकों का उपयोग किया है। पुनर्नवीनीकरण शीसे रेशा विभिन्न उद्योगों में अपना रास्ता पाता है और विभिन्न अंत उत्पादों में इसका उपयोग किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, पुनर्नवीनीकरण फाइबर कंक्रीट में संकोचन को कम करने में प्रभावी रहे हैं जिससे इसकी स्थायित्व बढ़ रही है।
कंक्रीट फर्श, फुटपाथ, फुटपाथ और curbs के लिए ठंडा समशीतोष्ण जोन में इस कंक्रीट का सबसे अच्छा इस्तेमाल किया जा सकता है।
पुनर्नवीनीकरण शीसे रेशा के लिए अन्य उपयोगों में राल में एक भराव के रूप में उपयोग किया जा रहा है, जो कुछ अनुप्रयोगों में यांत्रिक गुणों को बढ़ा सकता है। पुनर्नवीनीकरण शीसे रेशा भी इसके उत्पादों को रीसाइक्लिंग टायर उत्पादों, प्लास्टिक की लकड़ी के उत्पादों, डामर, छत टैर और कास्ट बहुलक काउंटर टॉप जैसे अन्य उत्पादों के साथ मिलकर मिला है।
कार्बन फाइबर समग्र सामग्री स्टील की तुलना में दस गुना मजबूत और एल्यूमीनियम की आठ गुना है, साथ ही दोनों सामग्रियों की तुलना में अधिक हल्का है। कार्बन फाइबर कंपोजिट्स ने विमान और अंतरिक्ष यान के हिस्सों, ऑटोमोबाइल स्प्रिंग्स, गोल्फ क्लब शाफ्ट, रेसिंग कार निकायों, मछली पकड़ने की छड़ें आदि के निर्माण में अपना रास्ता खोज लिया है।
वर्तमान वार्षिक विश्वव्यापी कार्बन फाइबर खपत 30,000 टन होने के साथ, अधिकांश अपशिष्ट लैंडफिल पर जाता है। अन्य कार्बन फाइबर कंपोजिट बनाने के लिए उनका उपयोग करने के लक्ष्य के साथ, जीवन के अंत घटकों और विनिर्माण स्क्रैप से उच्च मूल्य कार्बन फाइबर निकालने के लिए अनुसंधान आयोजित किया गया है।
पुनर्नवीनीकरण कार्बन फाइबर का उपयोग छोटे मोल्डिंग यौगिकों में छोटे, नॉनलोड-असर घटकों के लिए, चादर-मोल्डिंग यौगिक के रूप में और लोड-बेयरिंग शैल संरचनाओं में पुनर्नवीनीकरण सामग्री के रूप में किया जाता है।
पुनर्नवीनीकरण कार्बन फाइबर भी साइकिल मामलों के लिए फोन के मामलों, लैपटॉप के गोले और यहां तक कि पानी की बोतल पिंजरों में उपयोग ढूंढ रहा है।
इसकी स्थायित्व और बेहतर ताकत के कारण कई इंजीनियरिंग अनुप्रयोगों के लिए समग्र सामग्री को प्राथमिकता दी जाती है। संयुक्त सामग्रियों के उपयोगी जीवन के अंत में उचित अपशिष्ट निपटान और रीसाइक्लिंग आवश्यक है। कई वर्तमान और भविष्य के अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरणीय कानून इंजीनियरिंग सामग्रियों को ऑटोमोबाइल, पवन टर्बाइन और विमानों जैसे उनके उपयोगी जीवन जीने वाले उत्पादों से ठीक से पुनर्प्राप्त और पुनर्नवीनीकरण के लिए जरूरी बनाएंगे।
यद्यपि कई तकनीकों का विकास किया गया है जैसे मैकेनिकल रीसाइक्लिंग, थर्मल रीसाइक्लिंग, और रासायनिक रीसाइक्लिंग; वे पूरी तरह से व्यावसायीकरण होने के कगार पर हैं। समग्र सामग्रियों के लिए बेहतर रीसाइक्टेबल कंपोजिट्स और रीसाइक्लिंग प्रौद्योगिकियों को विकसित करने के लिए व्यापक अनुसंधान और विकास किया जा रहा है।
यह कंपोजिट उद्योग के सतत विकास में योगदान देगा।
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समग्र स्थायित्व, उनकी स्थायित्व, उच्च शक्ति, उत्कृष्ट गुणवत्ता, कम रखरखाव, और कम वजन के लिए जाना जाता है, व्यापक रूप से ऑटोमोटिव, निर्माण, परिवहन, एयरोस्पेस और नवीकरणीय ऊर्जा उद्योगों में उपयोग किया जा रहा है। कई इंजीनियरिंग अनुप्रयोगों में उनका उपयोग पारंपरिक सामग्री पर किनारे composites प्रदान करता है। समग्र सामग्रियों का पुनर्चक्रण और निपटान एक मुद्दा है जिसे तेजी से संबोधित किया जा रहा है, क्योंकि इसे किसी भी व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली सामग्री के साथ होना चाहिए। पहले, तकनीकी और आर्थिक बाधाओं के कारण मुख्यधारा समग्र सामग्रियों के लिए बहुत सीमित वाणिज्यिक रीसाइक्लिंग ऑपरेशन थे लेकिन अनुसंधान एवं विकास गतिविधियां बढ़ रही हैं। शीसे रेशा एक बहुमुखी सामग्री है जो पारंपरिक सामग्री जैसे कि लकड़ी, एल्यूमीनियम और स्टील पर मूर्त क्षमता प्रदान करती है। फाइबर ग्लास कम ऊर्जा का उपयोग करके उत्पादित किया जाता है और उत्पादों में उपयोग किया जाता है जिसके परिणामस्वरूप कम कार्बन उत्सर्जन होता है। शीसे रेशा हल्के वजन होने के फायदे प्रदान करती है, फिर भी उच्च यांत्रिक शक्ति, प्रभाव प्रतिरोधी, रासायनिक, आग और जंग प्रतिरोधी है, और एक अच्छा थर्मल और विद्युत विसंवाहक है। हालांकि पहले सूचीबद्ध सूचीबद्ध कारणों के लिए शीसे रेशा बेहद उपयोगी है, फिर भी "जीवन समाधान का अंत" की आवश्यकता है। थर्मोसेट रेजिन के साथ वर्तमान एफआरपी कंपोजिट्स बायोडग्रेड नहीं करते हैं। कई अनुप्रयोगों के लिए जहां शीसे रेशा का उपयोग किया जाता है, यह एक अच्छी बात है। हालांकि, लैंडफिल में, यह नहीं है। शोध ने फाइबर ग्लास रीसाइक्लिंग के लिए पीसने, जलन, और पायरोलिसिस जैसे तरीकों का उपयोग किया है। पुनर्नवीनीकरण शीसे रेशा विभिन्न उद्योगों में अपना रास्ता पाता है और विभिन्न अंत उत्पादों में इसका उपयोग किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, पुनर्नवीनीकरण फाइबर कंक्रीट में संकोचन को कम करने में प्रभावी रहे हैं जिससे इसकी स्थायित्व बढ़ रही है। कंक्रीट फर्श, फुटपाथ, फुटपाथ और curbs के लिए ठंडा समशीतोष्ण जोन में इस कंक्रीट का सबसे अच्छा इस्तेमाल किया जा सकता है। पुनर्नवीनीकरण शीसे रेशा के लिए अन्य उपयोगों में राल में एक भराव के रूप में उपयोग किया जा रहा है, जो कुछ अनुप्रयोगों में यांत्रिक गुणों को बढ़ा सकता है। पुनर्नवीनीकरण शीसे रेशा भी इसके उत्पादों को रीसाइक्लिंग टायर उत्पादों, प्लास्टिक की लकड़ी के उत्पादों, डामर, छत टैर और कास्ट बहुलक काउंटर टॉप जैसे अन्य उत्पादों के साथ मिलकर मिला है। कार्बन फाइबर समग्र सामग्री स्टील की तुलना में दस गुना मजबूत और एल्यूमीनियम की आठ गुना है, साथ ही दोनों सामग्रियों की तुलना में अधिक हल्का है। कार्बन फाइबर कंपोजिट्स ने विमान और अंतरिक्ष यान के हिस्सों, ऑटोमोबाइल स्प्रिंग्स, गोल्फ क्लब शाफ्ट, रेसिंग कार निकायों, मछली पकड़ने की छड़ें आदि के निर्माण में अपना रास्ता खोज लिया है। वर्तमान वार्षिक विश्वव्यापी कार्बन फाइबर खपत तीस,शून्य टन होने के साथ, अधिकांश अपशिष्ट लैंडफिल पर जाता है। अन्य कार्बन फाइबर कंपोजिट बनाने के लिए उनका उपयोग करने के लक्ष्य के साथ, जीवन के अंत घटकों और विनिर्माण स्क्रैप से उच्च मूल्य कार्बन फाइबर निकालने के लिए अनुसंधान आयोजित किया गया है। पुनर्नवीनीकरण कार्बन फाइबर का उपयोग छोटे मोल्डिंग यौगिकों में छोटे, नॉनलोड-असर घटकों के लिए, चादर-मोल्डिंग यौगिक के रूप में और लोड-बेयरिंग शैल संरचनाओं में पुनर्नवीनीकरण सामग्री के रूप में किया जाता है। पुनर्नवीनीकरण कार्बन फाइबर भी साइकिल मामलों के लिए फोन के मामलों, लैपटॉप के गोले और यहां तक कि पानी की बोतल पिंजरों में उपयोग ढूंढ रहा है। इसकी स्थायित्व और बेहतर ताकत के कारण कई इंजीनियरिंग अनुप्रयोगों के लिए समग्र सामग्री को प्राथमिकता दी जाती है। संयुक्त सामग्रियों के उपयोगी जीवन के अंत में उचित अपशिष्ट निपटान और रीसाइक्लिंग आवश्यक है। कई वर्तमान और भविष्य के अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरणीय कानून इंजीनियरिंग सामग्रियों को ऑटोमोबाइल, पवन टर्बाइन और विमानों जैसे उनके उपयोगी जीवन जीने वाले उत्पादों से ठीक से पुनर्प्राप्त और पुनर्नवीनीकरण के लिए जरूरी बनाएंगे। यद्यपि कई तकनीकों का विकास किया गया है जैसे मैकेनिकल रीसाइक्लिंग, थर्मल रीसाइक्लिंग, और रासायनिक रीसाइक्लिंग; वे पूरी तरह से व्यावसायीकरण होने के कगार पर हैं। समग्र सामग्रियों के लिए बेहतर रीसाइक्टेबल कंपोजिट्स और रीसाइक्लिंग प्रौद्योगिकियों को विकसित करने के लिए व्यापक अनुसंधान और विकास किया जा रहा है। यह कंपोजिट उद्योग के सतत विकास में योगदान देगा।
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क्राइम न्यूज़ः अररिया नगर थाना क्षेत्र के हनुमन्तनगर वार्ड संख्या 16 में अज्ञात चोरों ने एक माह से बंद घर में लाखों रुपये के समान,नगद समेत स्वर्णाभूषण की चोरी कर ली। घर के सभी सदस्य मकान में ताला लगाकर अररिया से बाहर गये हुए थे। लौटकर आने पर देखा कि दो कमरे का ताला और अलमीरा टूटा हुआ है और उसमें रखे समान को अज्ञात चोरों ने चोरी कर ली। मकान मालिक पद्मानन्द झा ने घर में हुई चोरी की जानकारी नगर थाना पुलिस को दी है। जिसके बाद मौके पर नगर थाना पुलिस पहुंची और मामले की जांच कर रही है।
घटना को लेकर मकान मालिक पद्मानन्द झा ने बताया कि एक माह से उनका परिवार घर से बाहर था और कमरे सहित मकान में ताला लगाकर गया हुआ था। आज सुबह आया तो देखा कि मकान सहित दोनों कमरे का ताला टूटा हुआ है और अज्ञात चोरों ने अलमारी को भी तोड़ कर उसमे रखे 20 हजार रुपये नगद,सोना और चांदी के आभूषण समेत कपड़े और अन्य कीमती सामानों की चोरी कर ली है। जिसके बाद नगर थाना पुलिस को सूचना दी गयी और पुलिस मौके पर पहुंच कर मामले की छानबीन में जुटी।
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क्राइम न्यूज़ः अररिया नगर थाना क्षेत्र के हनुमन्तनगर वार्ड संख्या सोलह में अज्ञात चोरों ने एक माह से बंद घर में लाखों रुपये के समान,नगद समेत स्वर्णाभूषण की चोरी कर ली। घर के सभी सदस्य मकान में ताला लगाकर अररिया से बाहर गये हुए थे। लौटकर आने पर देखा कि दो कमरे का ताला और अलमीरा टूटा हुआ है और उसमें रखे समान को अज्ञात चोरों ने चोरी कर ली। मकान मालिक पद्मानन्द झा ने घर में हुई चोरी की जानकारी नगर थाना पुलिस को दी है। जिसके बाद मौके पर नगर थाना पुलिस पहुंची और मामले की जांच कर रही है। घटना को लेकर मकान मालिक पद्मानन्द झा ने बताया कि एक माह से उनका परिवार घर से बाहर था और कमरे सहित मकान में ताला लगाकर गया हुआ था। आज सुबह आया तो देखा कि मकान सहित दोनों कमरे का ताला टूटा हुआ है और अज्ञात चोरों ने अलमारी को भी तोड़ कर उसमे रखे बीस हजार रुपये नगद,सोना और चांदी के आभूषण समेत कपड़े और अन्य कीमती सामानों की चोरी कर ली है। जिसके बाद नगर थाना पुलिस को सूचना दी गयी और पुलिस मौके पर पहुंच कर मामले की छानबीन में जुटी।
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साल 2016 को रिलीज हुई फिल्म 'एमएस धोनीः द अनटोल्ड स्टोरी' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत करने वाली अभिनेत्री दिशा पाटनी आज (13 जून) अपना 31वां जन्मदिन मना रही हैं। इस खास मौके पर अब अभिनेत्री के 'बागी 2' के सह-कलाकार और कथित बॉयफ्रेंड टाइगर श्रॉफ ने बेहद खास अंदाज में उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं। इसके साथ उन्होंने दिशा संग अपनी एक अनदेखी तस्वीर साझा की है।
टाइगर ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर दिशा संग अपनी एक तस्वीर साझा की है। इसके कैप्शन में उन्होंने लिखा, 'आने वाला समय सबसे अच्छा होगा। अपने पंख फैलाते रहो और प्यार और हंसी बांटते रहो। जन्मदिन मुबारक हो दिशा। ' टाइगर की मां आयशा श्रॉफ ने भी दिशा की जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने इंस्टाग्राम पर दिशा संग कुछ तस्वीरें साझा की है। इसके साथ उन्होंने लिखा, 'जन्मदिन की बधाई दिशा। मेरी सबसे पसंदीदा शॉपिंग पार्टनर। आने वाला साल सबसे अच्छा हो। '
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साल दो हज़ार सोलह को रिलीज हुई फिल्म 'एमएस धोनीः द अनटोल्ड स्टोरी' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत करने वाली अभिनेत्री दिशा पाटनी आज अपना इकतीसवां जन्मदिन मना रही हैं। इस खास मौके पर अब अभिनेत्री के 'बागी दो' के सह-कलाकार और कथित बॉयफ्रेंड टाइगर श्रॉफ ने बेहद खास अंदाज में उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं। इसके साथ उन्होंने दिशा संग अपनी एक अनदेखी तस्वीर साझा की है। टाइगर ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर दिशा संग अपनी एक तस्वीर साझा की है। इसके कैप्शन में उन्होंने लिखा, 'आने वाला समय सबसे अच्छा होगा। अपने पंख फैलाते रहो और प्यार और हंसी बांटते रहो। जन्मदिन मुबारक हो दिशा। ' टाइगर की मां आयशा श्रॉफ ने भी दिशा की जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने इंस्टाग्राम पर दिशा संग कुछ तस्वीरें साझा की है। इसके साथ उन्होंने लिखा, 'जन्मदिन की बधाई दिशा। मेरी सबसे पसंदीदा शॉपिंग पार्टनर। आने वाला साल सबसे अच्छा हो। '
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Juhi Chawla ने भारत में 5G टेक्नोलॉजी के खिलाफ खटखटाया कोर्ट का दरवाजा, दायर किया मुकदमा!
बॉलीवुड एक्ट्रेस जूही चावला एक लम्बे समय से मोबाइल टावरों से निकलने वाले हानिकारक रेडिएशन के खिलाफ लोगों में जागरुकता फैलाने की कोशिश करती रहीं हैं. इसे लेकर उन्होंने अदालत का दरवाजा भी खटखटाया है. जूही चावला ने अब भारत में 5G टेक्नोलॉजी को लागू करने के खिलाफ एक याचिका दिल्ली हाई कोर्ट में दायर की है जिसकी पहली सुनवाई आज यानि सोमवार को हो चुकी है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 जून को होगी.
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Juhi Chawla ने भारत में पाँचG टेक्नोलॉजी के खिलाफ खटखटाया कोर्ट का दरवाजा, दायर किया मुकदमा! बॉलीवुड एक्ट्रेस जूही चावला एक लम्बे समय से मोबाइल टावरों से निकलने वाले हानिकारक रेडिएशन के खिलाफ लोगों में जागरुकता फैलाने की कोशिश करती रहीं हैं. इसे लेकर उन्होंने अदालत का दरवाजा भी खटखटाया है. जूही चावला ने अब भारत में पाँचG टेक्नोलॉजी को लागू करने के खिलाफ एक याचिका दिल्ली हाई कोर्ट में दायर की है जिसकी पहली सुनवाई आज यानि सोमवार को हो चुकी है. अब इस मामले की अगली सुनवाई दो जून को होगी.
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कवि सोमनाथ द्वारा रचित प्रमुख ग्रंथों का विवरण इस प्रकार
है। रसपीयूषनिधि, शृंगारविलास, माधव विनोद, महोदव को प्रयाली या शशिनार्थवनोद, ध्रुववनोद, सुजानविलास, प्रेमपच्चीसो, संग्राम दर्पण, ब्रजेन्दविनोद रामपंचाध्यायो, रामचरित - रत्नाकर' 4 एवं युक्तिरंगिणी 12
रसपोर्यानिधि का वर्णन कवि ने 22 तरंगो ने किया है प्रथम तरंग में राजकुल का वर्षन है। दूसरे तरंग मैं कवि सोमनाथ कचि को प्रशंसा करते हैं, अपने कुल का वर्णन करते हैं, तीसरे तरंग में कवि का कथन है पिंगल को रोति समझने के लिए छेद ज्ञान आवश्यक है इसलिए सर्वप्रथम पिंगल के संबंध में ज्ञानपूर्वक कवि ने लिखा है ।
चौथे तरंग में छेद पर विचार किया गया है, उनका लक्षण उदाहरण और भेद बताया गया है।
पाँचवा तरंग वर्णवत्त वर्णन का है । छठें तरंग में काव्य का लक्षण प्रयोजन काव्य के भेद वर्णित किए गए हैं। सप्तम तरंग ध्वनि वेग, रस लक्षण एवं रसम्वामी से संबंधित है । आठवें अध्याय में श्रृंगार रस का वर्णन किया गया है उसके दो प्रकार, संयोग और वियोग बताए गए हैं। नायिका भेद का कथन स्वकीया लक्षण उदाहरण तथा कुल वधु आदि का वर्णन किया है । कवि ने स्वकीया नारी का भेद ज्येष्ठता और कनिष्ठा रूप में भी विवाह के आधार पर किया
सोमनाथ गंथावली, खण्ड 1, पू0 51-52 भूमिका सेउद्धृत हूँ
डॉ० शकुन्तला अरोरा, रीतिकालीन श्रृंगार कवियों को नैतिक दृष्टि पू
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कवि सोमनाथ द्वारा रचित प्रमुख ग्रंथों का विवरण इस प्रकार है। रसपीयूषनिधि, शृंगारविलास, माधव विनोद, महोदव को प्रयाली या शशिनार्थवनोद, ध्रुववनोद, सुजानविलास, प्रेमपच्चीसो, संग्राम दर्पण, ब्रजेन्दविनोद रामपंचाध्यायो, रामचरित - रत्नाकर' चार एवं युक्तिरंगिणी बारह रसपोर्यानिधि का वर्णन कवि ने बाईस तरंगो ने किया है प्रथम तरंग में राजकुल का वर्षन है। दूसरे तरंग मैं कवि सोमनाथ कचि को प्रशंसा करते हैं, अपने कुल का वर्णन करते हैं, तीसरे तरंग में कवि का कथन है पिंगल को रोति समझने के लिए छेद ज्ञान आवश्यक है इसलिए सर्वप्रथम पिंगल के संबंध में ज्ञानपूर्वक कवि ने लिखा है । चौथे तरंग में छेद पर विचार किया गया है, उनका लक्षण उदाहरण और भेद बताया गया है। पाँचवा तरंग वर्णवत्त वर्णन का है । छठें तरंग में काव्य का लक्षण प्रयोजन काव्य के भेद वर्णित किए गए हैं। सप्तम तरंग ध्वनि वेग, रस लक्षण एवं रसम्वामी से संबंधित है । आठवें अध्याय में श्रृंगार रस का वर्णन किया गया है उसके दो प्रकार, संयोग और वियोग बताए गए हैं। नायिका भेद का कथन स्वकीया लक्षण उदाहरण तथा कुल वधु आदि का वर्णन किया है । कवि ने स्वकीया नारी का भेद ज्येष्ठता और कनिष्ठा रूप में भी विवाह के आधार पर किया सोमनाथ गंथावली, खण्ड एक, पूशून्य इक्यावन-बावन भूमिका सेउद्धृत हूँ डॉशून्य शकुन्तला अरोरा, रीतिकालीन श्रृंगार कवियों को नैतिक दृष्टि पू
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1 रब फ़रमाता है, "मैं बाबल और उसके बाशिंदों के ख़िलाफ़ मोहलक आँधी चलाऊँगा। 2 मैं मुल्के-बाबल में ग़ैरमुल्की भेजूँगा ताकि वह उसे अनाज की तरह फटककर तबाह करें। आफ़त के दिन वह पूरे मुल्क को घेरे रखेंगे। 3 तीरअंदाज़ को तीर चलाने से रोको! फ़ौजी को ज़िरा-बकतर पहनकर लड़ने के लिए खड़े होने न दो! उनके नौजवानों को ज़िंदा मत छोड़ना बल्कि फ़ौज को सरासर नेस्तो-नाबूद कर देना!
4 तब मुल्के-बाबल में हर तरफ़ लाशें नज़र आएँगी, तलवार के चिरे हुए उस की गलियों में पड़े रहेंगे। 5 क्योंकि रब्बुल-अफ़वाज ने इसराईल और यहूदाह को अकेला *लफ़्ज़ी तरजुमा : रंडवा। नहीं छोड़ा, उनके ख़ुदा ने उन्हें तर्क नहीं किया। मुल्के-बाबल का क़ुसूर निहायत संगीन है, उसने इसराईल के क़ुद्दूस का गुनाह किया है। 6 बाबल से भाग निकलो! दौड़कर अपनी जान बचाओ, वरना तुम्हें भी बाबल के क़ुसूर का अज्र मिलेगा। क्योंकि रब के इंतक़ाम का वक़्त आ पहुँचा है, अब बाबल को मुनासिब सज़ा मिलेगी।
11 तीरों को तेज़ करो! अपना तरकश उनसे भर लो! रब मादी बादशाहों को हरकत में लाया है, क्योंकि वह बाबल को तबाह करने का इरादा रखता है। रब इंतक़ाम लेगा, अपने घर की तबाही का बदला लेगा। 12 बाबल की फ़सील के ख़िलाफ़ जंग का झंडा गाड़ दो! शहर के इर्दगिर्द पहरादारी का बंदोबस्त मज़बूत करो, हाँ मज़ीद संतरी खड़े करो। क्योंकि रब ने बाबल के बाशिंदों के ख़िलाफ़ मनसूबा बाँधकर उसका एलान किया है, और अब वह उसे पूरा करेगा।
13 ऐ बाबल बेटी, तू गहरे पानी के पास बसती और निहायत दौलतमंद हो गई है। लेकिन ख़बरदार! तेरा अंजाम क़रीब ही है, तेरी ज़िंदगी का धागा कट गया है। 14 रब्बुल-अफ़वाज ने अपने नाम की क़सम खाकर फ़रमाया है कि मैं तुझे दुश्मनों से भर दूँगा, और वह टिड्डियों के ग़ोल की तरह पूरे शहर को ढाँप लेंगे। हर जगह वह तुझ पर फ़तह के नारे लगाएँगे।
15 देखो, अल्लाह ही ने अपनी क़ुदरत से ज़मीन को ख़लक़ किया, उसी ने अपनी हिकमत से दुनिया की बुनियाद रखी, और उसी ने अपनी समझ के मुताबिक़ आसमान को ख़ैमे की तरह तान लिया। 16 उसके हुक्म पर आसमान पर पानी के ज़ख़ीरे गरजने लगते हैं। वह दुनिया की इंतहा से बादल चढ़ने देता, बारिश के साथ बिजली कड़कने देता और अपने गोदामों से हवा निकलने देता है।
17 तमाम इनसान अहमक़ और समझ से ख़ाली हैं। हर सुनार अपने बुतों के बाइस शरमिंदा हुआ है। उसके बुत धोका ही हैं, उनमें दम नहीं। 18 वह फ़ज़ूल और मज़हकाख़ेज़ हैं। अदालत के वक़्त वह नेस्त हो जाएंगे। 19 अल्लाह जो याक़ूब का मौरूसी हिस्सा है इनकी मानिंद नहीं है। वह सबका ख़ालिक़ है, और इसराईली क़ौम उसका मौरूसी हिस्सा है। रब्बुल-अफ़वाज ही उसका नाम है।
20 ऐ बाबल, तू मेरा हथोड़ा, मेरा जंगी हथियार था। तेरे ही ज़रीए मैंने क़ौमों को पाश पाश कर दिया, सलतनतों को ख़ाक में मिला दिया। 21 तेरे ही ज़रीए मैंने घोड़ों को सवारों समेत और रथों को रथबानों समेत पाश पाश कर दिया। 22 तेरे ही ज़रीए मैंने मर्दों और औरतों, बुज़ुर्गों और बच्चों, नौजवानों और कुँवारियों को पारा पारा कर दिया। 23 तेरे ही ज़रीए मैंने गल्लाबान और उसके रेवड़, किसान और उसके बैलों, गवर्नरों और सरकारी मुलाज़िमों को रेज़ा रेज़ा कर दिया।
24 लेकिन अब मैं बाबल और उसके तमाम बाशिंदों को उनकी सिय्यून के साथ बदसुलूकी का पूरा अज्र दूँगा। तुम अपनी आँखों से इसके गवाह होगे।" यह रब का फ़रमान है।
25 रब फ़रमाता है, "ऐ बाबल, पहले तू मोहलक पहाड़ था जिसने तमाम दुनिया का सत्यानास कर दिया। लेकिन अब मैं तुझसे निपट लेता हूँ। मैं अपना हाथ तेरे ख़िलाफ़ बढ़ाकर तुझे ऊँची ऊँची चटानों से पटख़ दूँगा। आख़िरकार मलबे का झुलसा हुआ ढेर ही बाक़ी रहेगा। 26 तू इतना तबाह हो जाएगा कि तेरे पत्थर न किसी मकान के कोनों के लिए, न किसी बुनियाद के लिए इस्तेमाल हो सकेंगे।" यह रब का फ़रमान है।
27 "आओ, मुल्क में जंग का झंडा गाड़ दो! अक़वाम में नरसिंगा फूँक फूँककर उन्हें बाबल के ख़िलाफ़ लड़ने के लिए मख़सूस करो! उससे लड़ने के लिए अरारात, मिन्नी और अश्कनाज़ की सलतनतों को बुलाओ! बाबल से लड़ने के लिए कमाँडर मुक़र्रर करो। घोड़े भेज दो जो टिड्डियों के हौलनाक ग़ोल की तरह उस पर टूट पड़ें। 28 अक़वाम को बाबल से लड़ने के लिए मख़सूस करो! मादी बादशाह अपने गवर्नरों, अफ़सरों और तमाम मुती ममालिक समेत तैयार हो जाएँ। 29 ज़मीन लरज़ती और थरथराती है, क्योंकि रब का मनसूबा अटल है, वह मुल्के-बाबल को यों तबाह करना चाहता है कि आइंदा उसमें कोई न रहे।
33 क्योंकि रब्बुल-अफ़वाज जो इसराईल का ख़ुदा है फ़रमाता है, "फ़सल की कटाई से पहले पहले गाहने की जगह के फ़र्श को दबा दबाकर मज़बूत किया जाता है। यही बाबल बेटी की हालत है। फ़सल की कटाई क़रीब आ गई है, और थोड़ी देर के बाद बाबल को पाँवों तले ख़ूब दबाया जाएगा।
36 रब यरूशलम से फ़रमाता है, "देख, मैं ख़ुद तेरे हक़ में लड़ूँगा, मैं ख़ुद तेरा बदला लूँगा। तब उसका समुंदर ख़ुश्क हो जाएगा, उसके चश्मे बंद हो जाएंगे। 37 बाबल मलबे का ढेर बन जाएगा। गीदड़ ही उसमें अपना घर बना लेंगे। उसे देखकर गुज़रनेवालों के रोंगटे खड़े हो जाएंगे, और वह 'तौबा तौबा' कहकर आगे निकलेंगे। कोई भी वहाँ नहीं बसेगा।
38 इस वक़्त बाबल के बाशिंदे शेरबबर की तरह दहाड़ रहे हैं, वह शेर के बच्चों की तरह ग़ुर्रा रहे हैं। 39 लेकिन रब फ़रमाता है कि वह अभी मस्त होंगे कि मैं उनके लिए ज़ियाफ़त तैयार करूँगा, एक ऐसी ज़ियाफ़त जिसमें वह मत्वाले होकर ख़ुशी के नारे मारेंगे, फिर अबदी नींद सो जाएंगे। उस नींद से वह कभी नहीं उठेंगे। 40 मैं उन्हें भेड़ के बच्चों, मेंढों और बकरों की तरह क़साई के पास ले जाऊँगा।
41 हाय, बाबल दुश्मन के क़ब्ज़े में आ गया है! जिसकी तारीफ़ पूरी दुनिया करती थी वह छीन लिया गया है! अब उसे देखकर क़ौमों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। 42 समुंदर बाबल पर चढ़ आया है, उस की गरजती लहरों ने उसे ढाँप लिया है। 43 उसके शहर रेगिस्तान बन गए हैं, अब चारों तरफ़ ख़ुश्क और वीरान बयाबान ही नज़र आता है। न कोई उसमें रहता, न उसमें से गुज़रता है।
44 मैं बाबल के देवता बेल को सज़ा देकर उसके मुँह से वह कुछ निकाल दूँगा जो उसने हड़प कर लिया था। अब से दीगर अक़वाम जौक़-दर-जौक़ उसके पास नहीं आएँगी, क्योंकि बाबल की फ़सील भी गिर गई है।
45 ऐ मेरी क़ौम, बाबल से निकल आ! हर एक अपनी जान बचाने के लिए वहाँ से भाग जाए, क्योंकि रब का शदीद ग़ज़ब उस पर नाज़िल होने को है।
46 जब अफ़वाहें मुल्क में फैल जाएँ तो हिम्मत मत हारना, न ख़ौफ़ खाना। क्योंकि हर साल कोई और अफ़वाह फैलेगी, ज़ुल्म पर ज़ुल्म और हुक्मरान पर हुक्मरान आता रहेगा। 47 क्योंकि वह वक़्त क़रीब ही है जब मैं बाबल के बुतों को सज़ा दूँगा। तब पूरे मुल्क की बेहुरमती हो जाएगी, और उसके मक़तूल उसके बीच में गिरकर पड़े रहेंगे। 48 तब आसमानो-ज़मीन और जो कुछ उनमें है बाबल पर शादियाना बजाएंगे। क्योंकि तबाहकुन दुश्मन शिमाल से उस पर हमला करने आ रहा है।" यह रब का फ़रमान है।
49 "बाबल ने पूरी दुनिया में बेशुमार लोगों को क़त्ल किया है, लेकिन अब वह ख़ुद हलाक हो जाएगा, इसलिए कि उसने इतने इसराईलियों को क़त्ल किया है।
52 लेकिन रब फ़रमाता है कि वह वक़्त आनेवाला है जब मैं बाबल के बुतों को सज़ा दूँगा। तब उसके पूरे मुल्क में मौत के घाट उतरनेवालों की आहें सुनाई देंगी। 53 ख़ाह बाबल की ताक़त आसमान तक ऊँची क्यों न हो, ख़ाह वह अपने बुलंद क़िले को कितना मज़बूत क्यों न करे तो भी वह गिर जाएगा। मैं तबाह करनेवाले फ़ौजी उस पर चढ़ा लाऊँगा।" यह रब का फ़रमान है।
59 यहूदाह के बादशाह सिदक़ियाह के चौथे साल में यरमियाह नबी ने यह कलाम सिरायाह बिन नैरियाह बिन महसियाह के सुपुर्द कर दिया जो उस वक़्त बादशाह के साथ बाबल के लिए रवाना हुआ। सफ़र का पूरा बंदोबस्त सिरायाह के हाथ में था।
यरमियाह के पैग़ामात यहाँ इख़्तिताम पर पहुँच गए हैं।
*51:5 लफ़्ज़ी तरजुमा : रंडवा।
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एक रब फ़रमाता है, "मैं बाबल और उसके बाशिंदों के ख़िलाफ़ मोहलक आँधी चलाऊँगा। दो मैं मुल्के-बाबल में ग़ैरमुल्की भेजूँगा ताकि वह उसे अनाज की तरह फटककर तबाह करें। आफ़त के दिन वह पूरे मुल्क को घेरे रखेंगे। तीन तीरअंदाज़ को तीर चलाने से रोको! फ़ौजी को ज़िरा-बकतर पहनकर लड़ने के लिए खड़े होने न दो! उनके नौजवानों को ज़िंदा मत छोड़ना बल्कि फ़ौज को सरासर नेस्तो-नाबूद कर देना! चार तब मुल्के-बाबल में हर तरफ़ लाशें नज़र आएँगी, तलवार के चिरे हुए उस की गलियों में पड़े रहेंगे। पाँच क्योंकि रब्बुल-अफ़वाज ने इसराईल और यहूदाह को अकेला *लफ़्ज़ी तरजुमा : रंडवा। नहीं छोड़ा, उनके ख़ुदा ने उन्हें तर्क नहीं किया। मुल्के-बाबल का क़ुसूर निहायत संगीन है, उसने इसराईल के क़ुद्दूस का गुनाह किया है। छः बाबल से भाग निकलो! दौड़कर अपनी जान बचाओ, वरना तुम्हें भी बाबल के क़ुसूर का अज्र मिलेगा। क्योंकि रब के इंतक़ाम का वक़्त आ पहुँचा है, अब बाबल को मुनासिब सज़ा मिलेगी। ग्यारह तीरों को तेज़ करो! अपना तरकश उनसे भर लो! रब मादी बादशाहों को हरकत में लाया है, क्योंकि वह बाबल को तबाह करने का इरादा रखता है। रब इंतक़ाम लेगा, अपने घर की तबाही का बदला लेगा। बारह बाबल की फ़सील के ख़िलाफ़ जंग का झंडा गाड़ दो! शहर के इर्दगिर्द पहरादारी का बंदोबस्त मज़बूत करो, हाँ मज़ीद संतरी खड़े करो। क्योंकि रब ने बाबल के बाशिंदों के ख़िलाफ़ मनसूबा बाँधकर उसका एलान किया है, और अब वह उसे पूरा करेगा। तेरह ऐ बाबल बेटी, तू गहरे पानी के पास बसती और निहायत दौलतमंद हो गई है। लेकिन ख़बरदार! तेरा अंजाम क़रीब ही है, तेरी ज़िंदगी का धागा कट गया है। चौदह रब्बुल-अफ़वाज ने अपने नाम की क़सम खाकर फ़रमाया है कि मैं तुझे दुश्मनों से भर दूँगा, और वह टिड्डियों के ग़ोल की तरह पूरे शहर को ढाँप लेंगे। हर जगह वह तुझ पर फ़तह के नारे लगाएँगे। पंद्रह देखो, अल्लाह ही ने अपनी क़ुदरत से ज़मीन को ख़लक़ किया, उसी ने अपनी हिकमत से दुनिया की बुनियाद रखी, और उसी ने अपनी समझ के मुताबिक़ आसमान को ख़ैमे की तरह तान लिया। सोलह उसके हुक्म पर आसमान पर पानी के ज़ख़ीरे गरजने लगते हैं। वह दुनिया की इंतहा से बादल चढ़ने देता, बारिश के साथ बिजली कड़कने देता और अपने गोदामों से हवा निकलने देता है। सत्रह तमाम इनसान अहमक़ और समझ से ख़ाली हैं। हर सुनार अपने बुतों के बाइस शरमिंदा हुआ है। उसके बुत धोका ही हैं, उनमें दम नहीं। अट्ठारह वह फ़ज़ूल और मज़हकाख़ेज़ हैं। अदालत के वक़्त वह नेस्त हो जाएंगे। उन्नीस अल्लाह जो याक़ूब का मौरूसी हिस्सा है इनकी मानिंद नहीं है। वह सबका ख़ालिक़ है, और इसराईली क़ौम उसका मौरूसी हिस्सा है। रब्बुल-अफ़वाज ही उसका नाम है। बीस ऐ बाबल, तू मेरा हथोड़ा, मेरा जंगी हथियार था। तेरे ही ज़रीए मैंने क़ौमों को पाश पाश कर दिया, सलतनतों को ख़ाक में मिला दिया। इक्कीस तेरे ही ज़रीए मैंने घोड़ों को सवारों समेत और रथों को रथबानों समेत पाश पाश कर दिया। बाईस तेरे ही ज़रीए मैंने मर्दों और औरतों, बुज़ुर्गों और बच्चों, नौजवानों और कुँवारियों को पारा पारा कर दिया। तेईस तेरे ही ज़रीए मैंने गल्लाबान और उसके रेवड़, किसान और उसके बैलों, गवर्नरों और सरकारी मुलाज़िमों को रेज़ा रेज़ा कर दिया। चौबीस लेकिन अब मैं बाबल और उसके तमाम बाशिंदों को उनकी सिय्यून के साथ बदसुलूकी का पूरा अज्र दूँगा। तुम अपनी आँखों से इसके गवाह होगे।" यह रब का फ़रमान है। पच्चीस रब फ़रमाता है, "ऐ बाबल, पहले तू मोहलक पहाड़ था जिसने तमाम दुनिया का सत्यानास कर दिया। लेकिन अब मैं तुझसे निपट लेता हूँ। मैं अपना हाथ तेरे ख़िलाफ़ बढ़ाकर तुझे ऊँची ऊँची चटानों से पटख़ दूँगा। आख़िरकार मलबे का झुलसा हुआ ढेर ही बाक़ी रहेगा। छब्बीस तू इतना तबाह हो जाएगा कि तेरे पत्थर न किसी मकान के कोनों के लिए, न किसी बुनियाद के लिए इस्तेमाल हो सकेंगे।" यह रब का फ़रमान है। सत्ताईस "आओ, मुल्क में जंग का झंडा गाड़ दो! अक़वाम में नरसिंगा फूँक फूँककर उन्हें बाबल के ख़िलाफ़ लड़ने के लिए मख़सूस करो! उससे लड़ने के लिए अरारात, मिन्नी और अश्कनाज़ की सलतनतों को बुलाओ! बाबल से लड़ने के लिए कमाँडर मुक़र्रर करो। घोड़े भेज दो जो टिड्डियों के हौलनाक ग़ोल की तरह उस पर टूट पड़ें। अट्ठाईस अक़वाम को बाबल से लड़ने के लिए मख़सूस करो! मादी बादशाह अपने गवर्नरों, अफ़सरों और तमाम मुती ममालिक समेत तैयार हो जाएँ। उनतीस ज़मीन लरज़ती और थरथराती है, क्योंकि रब का मनसूबा अटल है, वह मुल्के-बाबल को यों तबाह करना चाहता है कि आइंदा उसमें कोई न रहे। तैंतीस क्योंकि रब्बुल-अफ़वाज जो इसराईल का ख़ुदा है फ़रमाता है, "फ़सल की कटाई से पहले पहले गाहने की जगह के फ़र्श को दबा दबाकर मज़बूत किया जाता है। यही बाबल बेटी की हालत है। फ़सल की कटाई क़रीब आ गई है, और थोड़ी देर के बाद बाबल को पाँवों तले ख़ूब दबाया जाएगा। छत्तीस रब यरूशलम से फ़रमाता है, "देख, मैं ख़ुद तेरे हक़ में लड़ूँगा, मैं ख़ुद तेरा बदला लूँगा। तब उसका समुंदर ख़ुश्क हो जाएगा, उसके चश्मे बंद हो जाएंगे। सैंतीस बाबल मलबे का ढेर बन जाएगा। गीदड़ ही उसमें अपना घर बना लेंगे। उसे देखकर गुज़रनेवालों के रोंगटे खड़े हो जाएंगे, और वह 'तौबा तौबा' कहकर आगे निकलेंगे। कोई भी वहाँ नहीं बसेगा। अड़तीस इस वक़्त बाबल के बाशिंदे शेरबबर की तरह दहाड़ रहे हैं, वह शेर के बच्चों की तरह ग़ुर्रा रहे हैं। उनतालीस लेकिन रब फ़रमाता है कि वह अभी मस्त होंगे कि मैं उनके लिए ज़ियाफ़त तैयार करूँगा, एक ऐसी ज़ियाफ़त जिसमें वह मत्वाले होकर ख़ुशी के नारे मारेंगे, फिर अबदी नींद सो जाएंगे। उस नींद से वह कभी नहीं उठेंगे। चालीस मैं उन्हें भेड़ के बच्चों, मेंढों और बकरों की तरह क़साई के पास ले जाऊँगा। इकतालीस हाय, बाबल दुश्मन के क़ब्ज़े में आ गया है! जिसकी तारीफ़ पूरी दुनिया करती थी वह छीन लिया गया है! अब उसे देखकर क़ौमों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। बयालीस समुंदर बाबल पर चढ़ आया है, उस की गरजती लहरों ने उसे ढाँप लिया है। तैंतालीस उसके शहर रेगिस्तान बन गए हैं, अब चारों तरफ़ ख़ुश्क और वीरान बयाबान ही नज़र आता है। न कोई उसमें रहता, न उसमें से गुज़रता है। चौंतालीस मैं बाबल के देवता बेल को सज़ा देकर उसके मुँह से वह कुछ निकाल दूँगा जो उसने हड़प कर लिया था। अब से दीगर अक़वाम जौक़-दर-जौक़ उसके पास नहीं आएँगी, क्योंकि बाबल की फ़सील भी गिर गई है। पैंतालीस ऐ मेरी क़ौम, बाबल से निकल आ! हर एक अपनी जान बचाने के लिए वहाँ से भाग जाए, क्योंकि रब का शदीद ग़ज़ब उस पर नाज़िल होने को है। छियालीस जब अफ़वाहें मुल्क में फैल जाएँ तो हिम्मत मत हारना, न ख़ौफ़ खाना। क्योंकि हर साल कोई और अफ़वाह फैलेगी, ज़ुल्म पर ज़ुल्म और हुक्मरान पर हुक्मरान आता रहेगा। सैंतालीस क्योंकि वह वक़्त क़रीब ही है जब मैं बाबल के बुतों को सज़ा दूँगा। तब पूरे मुल्क की बेहुरमती हो जाएगी, और उसके मक़तूल उसके बीच में गिरकर पड़े रहेंगे। अड़तालीस तब आसमानो-ज़मीन और जो कुछ उनमें है बाबल पर शादियाना बजाएंगे। क्योंकि तबाहकुन दुश्मन शिमाल से उस पर हमला करने आ रहा है।" यह रब का फ़रमान है। उनचास "बाबल ने पूरी दुनिया में बेशुमार लोगों को क़त्ल किया है, लेकिन अब वह ख़ुद हलाक हो जाएगा, इसलिए कि उसने इतने इसराईलियों को क़त्ल किया है। बावन लेकिन रब फ़रमाता है कि वह वक़्त आनेवाला है जब मैं बाबल के बुतों को सज़ा दूँगा। तब उसके पूरे मुल्क में मौत के घाट उतरनेवालों की आहें सुनाई देंगी। तिरेपन ख़ाह बाबल की ताक़त आसमान तक ऊँची क्यों न हो, ख़ाह वह अपने बुलंद क़िले को कितना मज़बूत क्यों न करे तो भी वह गिर जाएगा। मैं तबाह करनेवाले फ़ौजी उस पर चढ़ा लाऊँगा।" यह रब का फ़रमान है। उनसठ यहूदाह के बादशाह सिदक़ियाह के चौथे साल में यरमियाह नबी ने यह कलाम सिरायाह बिन नैरियाह बिन महसियाह के सुपुर्द कर दिया जो उस वक़्त बादशाह के साथ बाबल के लिए रवाना हुआ। सफ़र का पूरा बंदोबस्त सिरायाह के हाथ में था। यरमियाह के पैग़ामात यहाँ इख़्तिताम पर पहुँच गए हैं। *इक्यावन:पाँच लफ़्ज़ी तरजुमा : रंडवा।
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महत्व का है। जोश विजातीय द्रव्य की एक विचित्र सूरत कर देना है । उसके खण्ड-खण्ड हो जाते हैं। उसका वजन भी बढ़ जाता है। तापमान बढ़ने का कारण यह है कि जोश से विजातीय द्रव्य के टुकड़ों में रगड़ पैदा होती है। और रगड़ से गरमी उत्पन्न होती है।
अनुकूल अवस्था में जोश से विजातीय द्रव्य जहाँ से चला है वहीं वापस किया जा सकता है और वहाँ से बाहर निकाला जा सकता है। एक उदाहरण से यह बात स्पष्ट हो सकती है। बर्फ पिघल कर पानी हो जाता है। पानी हवा और गरमी से भाफ बनता है। वही भाफ फिर जमकर बादल हो जाता है। बादल बरस कर नदियों के पानी में मिलते हैं, नदी का पानी फिर जम कर वर्फ बन जाता है। यह सब बातें गरमो और सर्दी के घटने और बढ़ने से हुई हैं। घटती हुई गरमी के कारण पानी में परिवर्तन हुये और घटती हुई सर्दी के कारण उसमें एक दूसरा परिवर्तन दिखलाई पड़ा। इसी प्रकार गरमी और सरदी के कारण शरीर के भीतर विजातीय द्रव्य में परिवर्तन होते हैं और वे उसके बाहर निकाले जा सकते हैं।
जोश पहिले पेड़ में शुरू होता है और विजातीय द्रव्य पेचिश के रूप में बाहर निकल जाता है ! किन्तु यदि अॅतड़ियां में सूखा मल है और नीचे का माग कब्ज के कारण रुका हुआ है तो जोश खाया हुआ विजातीय द्रव्य ऊपर चलता है और हमारे सर में तत्काल पीड़ा पैदा होती है उस जोश मे गरमी होती है, अतएव उसका प्रभाव हम उसी समय मालूम करते है । खुन का तापमान बढ़ जाता है और इसी दशा को हम ज्वर भी कहते है।
इस प्रकार हम देखते है कि जब विजातीय द्रव्य पेड़ मे मौजूद रहता है और वह नीचे जाने का रास्खा न पाकर ऊपर
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महत्व का है। जोश विजातीय द्रव्य की एक विचित्र सूरत कर देना है । उसके खण्ड-खण्ड हो जाते हैं। उसका वजन भी बढ़ जाता है। तापमान बढ़ने का कारण यह है कि जोश से विजातीय द्रव्य के टुकड़ों में रगड़ पैदा होती है। और रगड़ से गरमी उत्पन्न होती है। अनुकूल अवस्था में जोश से विजातीय द्रव्य जहाँ से चला है वहीं वापस किया जा सकता है और वहाँ से बाहर निकाला जा सकता है। एक उदाहरण से यह बात स्पष्ट हो सकती है। बर्फ पिघल कर पानी हो जाता है। पानी हवा और गरमी से भाफ बनता है। वही भाफ फिर जमकर बादल हो जाता है। बादल बरस कर नदियों के पानी में मिलते हैं, नदी का पानी फिर जम कर वर्फ बन जाता है। यह सब बातें गरमो और सर्दी के घटने और बढ़ने से हुई हैं। घटती हुई गरमी के कारण पानी में परिवर्तन हुये और घटती हुई सर्दी के कारण उसमें एक दूसरा परिवर्तन दिखलाई पड़ा। इसी प्रकार गरमी और सरदी के कारण शरीर के भीतर विजातीय द्रव्य में परिवर्तन होते हैं और वे उसके बाहर निकाले जा सकते हैं। जोश पहिले पेड़ में शुरू होता है और विजातीय द्रव्य पेचिश के रूप में बाहर निकल जाता है ! किन्तु यदि अॅतड़ियां में सूखा मल है और नीचे का माग कब्ज के कारण रुका हुआ है तो जोश खाया हुआ विजातीय द्रव्य ऊपर चलता है और हमारे सर में तत्काल पीड़ा पैदा होती है उस जोश मे गरमी होती है, अतएव उसका प्रभाव हम उसी समय मालूम करते है । खुन का तापमान बढ़ जाता है और इसी दशा को हम ज्वर भी कहते है। इस प्रकार हम देखते है कि जब विजातीय द्रव्य पेड़ मे मौजूद रहता है और वह नीचे जाने का रास्खा न पाकर ऊपर
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गुण किसके आसरे होय अर प्रदेश बिना बुन कदाचि मो नाहीं होय; यह नम है। जैसे भूमिका बिना रूखादिक कौन के आसरे होय, त्यों ही प्रवेश बिना गुण किसके आसरे होय ? ऐसा विचार करि अनुभवन भी आये है अर आशा करि प्रमाण है । बहुरि कोई मेरे ताई आनि-आनि झूद्वा ही या कहै - फलाणा ग्रंथ में या कही है । थे आर्ग तीन लोक प्रमाण प्रदेशां का श्रद्धान किया था। अब बडा ग्रंथ में ऐसे नीसर्या है । सो आत्मा का प्रदेश धर्म द्रव्य का प्रदेशा सू घाटि है । तो में ऐसा विचारू - सामान्य शास्त्र सू विशेष बलवान है । सो ऐसे हो होयगा । मेरे अनुभवन में तो कोई निरधार होता नाहीं । अर विशेष ज्ञाता दीसे नाहीं, तात में सर्वज्ञ का वचन जानि प्रमाण करूं हूं। परंतु मेरे लाई या कहे तू जड, अचेतन वा मूर्तिक है वा परिणति तं रहित है, तो या मैं कोई मानूं नाहीं; यह मेरे निःसंदेह है । या में कोटि ब्रह्मा, कोटि विष्णु, कोटि नारायण, कोटि रुद्र आनि करि या कहैं, तो में या हो जानू कि ये वावला होय गया है, के मोनै ठगिवा आया, के मेरी परीक्षा ले हैं। मैं ऐसा मानू, सो भावार्थ यहु जु ज्ञान परिणति मैं आप ही है, आप ही के होय है। सो याको जाने सो सम्यक दृष्टि होय है । याके जान्या बिना मिथ्यावृष्टि होय। और अनेक प्रकार के गुण स्वरूप वा पर्याय का स्वरूप को ज्यों-ज्यों ज्ञान होय, त्यों-त्यो जानिवो कार्यकारी होय । परंतु मनुष्यपनं या दोय का तो जानपणा अवश्य चाहिये; ऐसा लक्षरण जानना । बहुरि विशेष गुण ऐसे जानना-सो एक गुण मैं अनंत गुण हैं अर
१ अन्य दूसरे २ निर्णय
अनंत गुण में एकगुण है । अर गुण सौं गुण मिले नाहीं अर सर्व गुण सौं मिल्या है। जैसे सुवर्ण विषै भारी, पीला, चौकणा ने आदि दे अनेक गुण हैं सो क्षेत्र को अपेक्षा सर्व गुणा विषै तो पीला गुण पाइये है अर पीला गुण विठौं क्षेत्र की अपेक्षा सर्व गुण पाइये है अर क्षेत्र ही की अपेक्षा गुण मिलि रह्या है अर सर्व का प्रदेश एक ही है। अर स्वभाव की अपेक्षा सौ रूप न्यारे-न्यारे हैं। सो पोला का स्वभाव और ही है । सो ऐसे ही आत्मा के विषै जानना और द्रव्य विषै भो जानना । वा अनेक प्रकार अर्थ पर्याय वा व्यंजन पर्याय का स्वरूप ययार्थ शास्त्र के अनुसार जानना उचित है । बहुरि या जीव कूं सुख को बधवारी व घटवारी दोय प्रकार होय है सोई कहिये है। जेना ज्ञान है, तेना ही सुख है । सो ज्ञानावरणादिक का उद होते, तो सुख दुःख दोन्या का नाश होय है अर ज्ञानावरणादिक का तो क्षयोपशम होय है । अर मोह कर्म का उद होता तब जीत्र के दुःख शक्ति उत्पन्न होय है । सो सुख शक्ति तो आत्मा का निजगुण कर्म का उद विना है अर दुःख शक्ति कर्म का निमित्त करि होय है सो औपाधिक शक्ति है; कर्म का उदय मिटे जाती रहै है अर सुख शक्ति कर्म का उदय मिटे प्रगट होय है । तातें वस्तु का द्रव्यत्व स्वभाव है। बहुरि फेरि शिष्य प्रश्न कर है- हे स्वामी ! हे प्रभो ! मेरे ताई द्रव्यकर्म वा नो कर्म सौं तौ मेरा स्वभाव भिन्न न्यारा आपका प्रसाद करि दरस्या, अब्बै मेरे ताईं राग-द्वेष सूं न्यारा दिखावौ । सा अब श्रीगुरु कहँ हैं- हे शिष्य ! तू सुनि । जैसे जल कास्त्रभाव तो शीतल है अर अग्नि के निमित्त करि उष्णहोय है, सो उष्ण हुवा थकी आपणा शीतल गुणा ने भी खोगे है ।
के निमित्त करि उष्ण हौय है, सो उष्ण हुवा थका आपणा शोनल गुणा ने भी खोने है । अर आप तप्तायमान होय परिणमे है अर औरा नै भी आताप उपजाने है। पाछे काल पाय अग्नि का संयोग ज्यों-ज्यों मिटं, त्यों-त्यों जल का स्वभाव शीतल होय है अर और को आनन्दकारी होय है । तैसे यह आत्मा कषाय का निमित्त करि आकुल होय परिणमे है, सर्व निराकुलित गुण जाता रहे है, तब पर नै अनिष्ट रूप लगे है। बहुरि ज्यों-ज्यों कथाथ का निमित्त मिटता जाय है, त्यों-त्यों निराकुलित गुण प्रगट होता जाय है । अर तब पर नै इष्ट रूप लाग है, सो थोडा-सा कषाय के मिटते भी ऐसा शांतिक सुख प्रगट होय है । न जानै, परमात्मा देव के सम्पूर्ण कपाय मिट्या है अर अनंत चतुष्टय प्रगट भया है सो कंसा सुख होसो ? पणि थोडा सा निराकुलित स्वभाव को जान्या सम्पूर्ण निराकुलित स्वभाव को प्रतीति आगे है । सो शुद्ध आत्मा कैसे निराकुलित स्वभाव होसो ? ऐसा अनुभवन मैं नोका आगे हूं। बहुरि शिष्य प्रश्न करै है --हे प्रभो ! बाह्य आत्मा वा अंतरात्मा वा परमात्मा का प्रगट विह्न कह्या, ताका स्वरूप कहो । सो गुरु क है है - जैसे कोई होता हो बालक के ताई तहखाना मैं राख्या अर केतायक दिन पार्छ रात्रि नै वारं काठ्या । अर ऊने पूछे सूर्य किसी दिशा नै ऊर्ग है ? अर सूर्य का प्रकाश कैसा होय है अर सूर्य का बिंब कैसा होय है ? तब वह या कहै - मैं तो जानता नाहीं, दिशा वा प्रकाश वा सूर्य का बिंब कैसा है । फेरि ऊनै बूझे तो क्यों सूं क्यूं
२ कुछ से कुछ
बतावं । पाछे भाक? फार्ट, तब ऊनै पूछे, तब वो या कहैजेठो नै प्रकाश भया है, तंठो नै पूर्ण दिशा है अर तंठो नै सूर्य है । सो क्यों ? सूर्य बिना ऐसा प्रकाश होता नाहीं । ज्यों-ज्यों सूर्य ऊंचा चढ़, त्यौ-स्यों प्रत्यक्ष प्रकाश निर्मल होता जाय है अर निर्मल पदार्थ प्रतिभासता जाय है । कोई आनि ई नं कई सूर्य दक्षिण दिशा ने है, तो यो कदाचि मान नाहीं, औरा कूं बावला गिने के प्रत्यक्ष ये सूर्य का प्रकाश दोसे है । मैं याका कह्या कैसे मानूं ? यह मेरे निःसंदेह है, सूर्य का बिब तो मेरे ताईं नजर आवता नाहीं, पणि प्रकाश करि सूर्य का अस्तित्व होय है । सो नियम करि सूर्य बैठी नै हो है, ऐसो अवगाढ प्रतीत आगे है । बहुरि फेरि सूर्य का बिब सम्पूर्ण महा तेज प्रताप ने लिया दैदीप्यमान प्रगट भया, तब प्रकाश भो सम्पूर्ण प्रगट भया । तब पदार्थ भी जैता था, तैसा प्रतिभासवा लाग्या, तब कछु पूछना रह्या नाहीं, निर्विकल्प होय चुक्या । ऐसा दृष्टांत के अनुसार दाष्टांत जानना सोई कहिये हैं । मिथ्यात्व अवस्था मैंई पुरुष ने पूछे कि तू चैतन्य हैं, ज्ञानमयी है तो या कहैचैतन्य ज्ञान कहा कहावे ? वा चैतन्य ज्ञान मैं हूं । कोई आय ऐसे कह ह - शरीर है सो हो तू हौ वा तू सर्वज्ञ का एक अंश है, खिन मैं उपजे है, खिन में विनसे है, वा तू शून्य है तो ऐसे ही मानै । ऐसा ही हूंगा, मेरे ताई कछु खबरि परती नाहीं; बाह्य आत्मा का लक्षण है ।
बहुरि कोई पुरुष गुरु का उपदेश कह - प्रभु ! आत्मा के कर्म कैसे बंधे हैं ? श्री गुरु कह हैं- जैसे एक सिंह
उजाडि विषै तिष्ठे था। तहां हो आठ मंत्रवादी अपनी सभा विषै वन मैं था । सो सिंह उस मंत्रवादी ऊपरि कोप किया। तब वा मंत्रवादी एक- एक धूलि को चिरूठो मंत्रो सिंह का शरीर ऊपरि नाखि दोनो । सो केताक दिन पाछे एक चिमटी का निमित्त करि नाहर को ज्ञान घटि गयो अर एक किमटी का निमित्त करि देखने को शक्ति घटि गई । अर एक चिमटी का निमित्त करि नाहर दुखो हुवौ । अर एक चिमटी का निमित्त करि नाहर उजाड छोडि और ठौर गयौ अर एक चिमटी का निमित्त करि नाहर को आकार और ही रूप हवं गयौ । अर एक चिमटी का निमित्त करि नाहर हू आप को नीच रूप मानवा लाग्यो । अर एक चिमटी का निमित्त करि आपनो ज्ञान घटि गयो । ऐसे ही आठ प्रकार ज्ञानावरणादि कर्म जीवनि का राग-द्वोष करि जानादि आठ गुण को घाते हैं, ऐसा जानना । ऐसे शिष्य प्रश्न किया, ताका उत्तर गुरु दिया । सो भव्य जोवनि कूं सिद्ध का स्वरूप न जानि अर आपना स्वरूप बिपें लीन होना उचित है । सिद्ध का स्वरूप मैं अर आपना स्वरूप मैं सादृश्यपणा है । सो सिद्ध का स्वरूप नं ध्याय निज स्वरूप का ध्यान करना । घणा कहिवा करि कहा ? ऐसा ज्ञाता अपना स्वभाव को जाने है । इतिसिद्ध स्वरूप वर्णन संपूर्णम् ।
कुदेवादि का स्वरूप वर्णन
आगे कुदेवादिक का स्वरूप वर्णन करिये है । सो हे भव्य ! तू सुणि । सो देखो जगत विषं भी यह न्याय है के
१ चिकुटी भर धूल २ मंत्रित कर, भतरकर
आप सौं गुण करि अधिक होय अर के आप को उपकारी होय ताको नमस्कार करिये है वा पूजिये है। जैसे राजादिक तो गुणां करि अधिक है अर माता-पितादिक उपकार करि अधिक हैं, ताहि कूं जगत पूर्ण है अर वंदे है । ऐसा नाहीं कि राजादिकादि बड़े पुरुष तो रेयत? जन आदि रंक पुरुष ताकूं वंदे वा पूजे अर माता-पितादि पुत्रादिक कूं बंद अर पूर्णं, सो तो देखिये नाहीं । अर कदाचि मति की दीनता करि राजादिकादि बडे पुरुष होइ करि नीच पुरुष को पूर्ज अर माता-पिता भी बुद्धि की होनता करि पुत्रादिक की पूजे, तो वह जगत बिषै हास्य अर निंदा को पावै । सो कौन दृष्टांत ? जैसे सिंह होय अर स्याल की सरणित चाहै, तो वह हास्य नै पावँ हो पावै; यह युक्ति ही है । तीस्यों धर्म विर्षं अहंतादि उत्कृष्ट देव छोड़ि और कुदेव को पूर्ज, सो कांई लोक विषै हास्य कूं नाहीं पावेगा ? अर परलोक विषै नर्कादिक के दुःख अर क्लेश कू' नाहीं सहेगा ? अवश्य सहेगा । सो क्यों सहे है ? सो कहिये हैं । सो आठ कर्मा विषै मोह नाम कर्म है सो सर्व को राजा है । ताके दोष भेद हैं - एक तो चारित्रमोह अर एक दर्शनमोह । सो चारित्रमोह तो ई जीव की नाना प्रकार की कषाया करि आकुलता उपजावे है । सो कैसो है आकुलता अर कैसा है याका फल ? सो कोई जीव नाना प्रकार का संयमादि गुण करि संयुक्त हैं अर वा विषं किंचित् कषाय पावजे तो दीर्घ काल के संयमादिक करि संचित पुण्य नाश कूं प्राप्त होय है। जैसे अग्नि करि रुई को समूह भस्म होय तसे कवाय रूपो अग्नि विषें समस्त पुष्य रूप ईंधन भस्म होय है । अर कवायवान पुरुष ई जगत विषं महा निया ने पार्व
हैं। बहुरि कैसी है कवाय ? कोड्या स्त्रो का सेवन सू भी बाका पाप अनंत गुणा है । तासू भी अनंत गुणा पाप मिथ्यात्व का है। यो जीव अनादि काल को एक मिथ्यात्व करि ही संसार विषै भ्रम है । सो मिथ्यात्व उपरांत और संसार विवे उत्कृष्ट पाप है नाहीं । फेरि मोह करि ठगी गई है बुद्धि जाको, ऐसा जो संसारी जीव ताको कवायादिक तो पाप दोसे घर मिथ्यात्व पाप दोरौ नाहीं । अर शास्त्र विवँ एक मिथ्यात्व का नाश किया, ता पुरुष सर्व पाप का नाश किया । अर संसार का नाश किया सो ऐसा जानि कुदेव, कुगुरु, कुधर्म का त्याग करना । सो त्याग कहा कहिये ? सो देव अरहंत, गुरु निर्गथ कैसा, तिल-तुस मात्र परिग्रह सौ रहित ऐसा अर धर्म जिनप्रणीत दयामय कहिये । या उपरांत सर्व की हस्त जोडि नमस्कार नाहीं करना । प्राण जाय तो जावी पणि नमस्कार करना उचित नाहीं ।
अहंतादि का स्वरूप वर्णन
आगे अरह तादिक का स्वरूप वर्णन करिये है। सौ कैसे हैं अरहंत ? प्रथम तो सर्वश हैं जाका ज्ञान विषे समस्त लोकालोक के चराचर पदार्थ तीन काल सम्बन्धी एक समय विणें झलकै हैं। ऐसी तो ज्ञान की प्रभुत्व शक्ति है अर वीतरागी है। अर सर्वज्ञ होता अर वीतराग नहीं होता तो ता विषै परमेश्वरपणा सम्भवता नाहीं । अर वीतराग होता अर सर्वज्ञ न होय, तो भी पदार्था को स्वरूप अज्ञानता करि सम्पूर्ण कहा बने । अर समर्थ होता, तो ऐसा दोष
करि संयुक्त, ताको परमेश्वर कौन मानता ? तोसों जा मैं ये बोब दोष-एक तो राग-द्वेष अर एक अज्ञानयनो नहीं ते परमेश्वर हैं अर ते ही सर्वोत्कृष्ट हैं । सो ऐसा दोब दोष करि रहित एक अरहंत देव हो हैं, सो ही सर्व प्रकार पूज्य है । बहुरि जे सर्वज्ञ, वीतराग भी होता अर तारिवा समर्थ न होता, तो भी प्रभुत्वपणा मैं कसर पड जाती । सो तो जा मैं तारण शक्ति भी पायजे है । सो कोई जीव तो भगवान का स्मरण करि हो भव -- संसार - समुद्र ते तिरै हैं, केई भक्ति करि ही तिरं हैं, केई स्तुति करि ही तिरं हैं, केई ध्यान करि हो तिरं हैं; इत्यादि एक-एक गुण कूं आराधि मुक्ति कू पहुंचे। परन्तु भगवानजी नै खेद नाहीं उपजै है सो महन्त पुरुषा की अत्यन्त शक्ति है । सो आपने तो उपायन करणो पडे नाहीं अर ताका अतिशय करि सेवक तिनका स्वयमेव भला होय जाय । अर प्रतिकूल पुरुषा का स्वयमेव बुरा हो जाय । अर शक्तिहीन जे पुरुष होय हैं, ते डीला जाय अर पैला का बुरा-भला करे तब वासूं कार्य होय सिद्ध सो भी नेम नाहीं, होयवान होय । इत्यादि अहंतदेव अनंत गुणा करि शोभित हैं । बहुरि आगे जिमवाणी के अनुसार ऐसा जो जैन सिद्धान्त सर्व दोष करि रहित ता विषै सर्व तत्वा का निरूपण है । अर ता विषै मोक्ष का अर मोक्ष का स्वरूप का वर्णन है अर पूर्वापर दोष करि रहित हूँ । इत्यादि अनेक महिमानं धर्या ऐसा जिनशासन
निर्ग्रन्थ गुरु का स्वरूप
आगे निग्रंथ गुरु ताका स्वरूप कहिये हैं । जो राजलक्ष्मी नै छोडि मोक्ष के अर्थि दीक्षा घरी है अर वणिमा,
महिमा आदि रिद्धि जानै फुरी है अर मति, श्रुत, अवधि मनःपर्यय ज्ञान करि संयुक्त है, अर महा दुद्धंर तप करि संयुक्त है, अर निःकषाय है, अर अठाईस मूलगुण विषे अतिचार भी नाहीं लगाने है, अर ईया समिति नै पालता थका साढे तीन हाथ धरतो सोधता थका विहार करे
भावार्थ- कोई जीव नै विरोध्या नाहीं चाहै है । भर भाषा समिति करि हित-मित बचन बोले है, ताका वचन करि कोई जीव दुःख नाहीं पायें है । ऐसा सर्वं जीवां के विषै दयाल जगत विषै सोमं है। ऐसा सर्वोत्कृष्ट देव, गुरु, धर्म तान छोडि विचक्षण पुरुष हैं, ते कुदेवादिक ने कैसे पूजे ? प्रत्यक्ष जगत विषै ताकी होनता देखिये हैं जे-जे जगत विषै राग-द्वेषादि औगुण हैं, ते ते सर्व कुदेवादिक मैं पावजे हैं । त्याने सेया जोव का उद्धार कैसे होय ? न्या ही नै सेया उद्धार होय तो जीव का बुरा कुणी को सेया होय ? जैसे हिंसा, झूठ, चोरी, कुशील, आरंभ - परिग्रह, आदि जे महा पाप त्या करि हो स्वर्गादिक का सुख में पायजे, तो नर्कादिक का दुःख क्या करि पावजे, सो तो बेखिये नाहीं और कहिये है देखो, ई जगत विषै उत्कृष्ट वस्तु हैं, ते थोडी हैं सो प्रत्यक्ष हो देखिये हैं। हीरा, मानिक, पन्ना जगत विषं थोडा है, कंकर-पत्थर आदि बहुत हैं । बहुरि धर्मात्मा पुरुष थोडा है, पापी पुरुष बहुत है । ऐसा अनादि-निधन वस्तु का स्वभाव स्वयमेव वण्या है । ताका स्वभाव मेटिवा समर्थ कोई नाहीं । तीसूं तीर्थकरदेव ही सर्वोत्कृष्ट है सो एक क्षेत्र विषै पावजे । अर कुदेवा का
वृद कहिये समूह, ते वर्तमान काल विर्षं सासता अगणित पावजे है । सो किसा- किसा कुदेव ने पूजिजे ? अर वे परस्पर रागी- अर वे कहँ मूंन पूजो, वे कहें मूंने पूजो । बहुरि पूजिवा वाला कने? खावा ने मांगे ? अर या कहैहूं घणा दिनां को भूखी छू, सो वे ही भूखा तो औरा नै उत्कृष्ट वस्तु देवा समर्थ कैसे होसी ? जैसे कोई रंक पुरुष क्षुषा करि पोडित घर-घर सूं अन्न का कणूका २ वा रोटी का टूकर वा ओठि आदि मांगतो फिर है, अर कोई अज्ञानी पुरुष वे नवं उत्कृष्ट धनादिक सामग्री मांग, वाके अर्थि वाकी सेवा करे, तो वह पुरुष कांई हास्य नै न पाव ? पावे ही पावै । तीसूं श्रीगुरु कहँ हैं- हे भाई! तू मोह का वशि करि आंख्या देखी वस्तु नै झूठी मति मानै । जीव ई भरम बुद्धि करि ही अनादि काल कौ संसार विषें थाली मै मूंग रुले, तैसे रुल है । जैसे कोई पुरुष के आगे तो दाह ज्वर का तीव्र रोग लागि रह्या है अर फेरि अजान वैद्य तीव्र उष्णता का ही उपचार करं है, तो वह पुरुष कैसे शांतिता कूं प्राप्त होय ? त्यों ही यह जीव अनादि ते मोह करि दग्ध होय रह्या है । सो या मोह की बासना तौ या जीव के स्वयमेव बिना उपदेश ही बनि रही । ता करि तो आकुलव्याकुल महादुखी होहि । फेरि ऊपरि सू गृहीत मिथ्यात्वादिक सेय-सेय ता करि याका दुःख की कांई पूछनी है ? सो अगृहीत मिथ्यात्व बीच गृहीत मिथ्यात्व का फल अनंत गुणा खोटा है । सो तो गृहीत मिथ्यात्व द्रव्यलिंगी मुन्या सर्व प्रकार छोड्या है अर गृहीत मिथ्यात्व ताके भी अनं१ किससे २ दाना ३ दुधड़ा
तवें भाग ऐसा हलका अगृहीत मिथ्यात्व ताके पावजे है । अर नाना प्रकार का दुर्द्धर तपश्चरण करे है अर अठाईस मूलगुण पाले हैं अर बाईस परीषह सहँ हैं अर छियालीस दोष टारि आहार लेहैं अर अंश मात्र भी कषाय नाही करे है । सर्व जीव के रक्षपाल होय जगत विषै प्रवर्ते हैं। अर नाना प्रकार के शील, संयमादि गुण करि आभूषित हैं । अर नदी, पर्वत, गुफा, मसान निर्जन, सूखा वन विषै जाय ध्यान कर हैं । अर मोक्ष की अभिलाषा प्रवर्त है अर संसार का भय करि डरप है । एक मोक्ष-लक्ष्मो के ही अर्थि राजादि त्रिभूति छोडि दीक्षा घरं है। ऐसा होता संते भी कदाचि मोक्ष नाहीं पायें । क्यों नाहीं पावँ है ? याके सूक्ष्म केवलज्ञानगम्य ऐसा मिथ्यात्व का प्रबलपणा पाठी है । तातें मोक्ष का पात्र नाहीं, संसार का ही पात्र है । अर जाके बहुत प्रकार मिथ्यात्व का प्रबलपणा पायजे है, तो ताकू मोक्ष कैसे होय ? झूठ्या ही भरम बुद्धि करि मान्या, तो गर्ज है नाहीं । कौन दृष्टांत ? जैसे अज्ञानी बालक गाये का हाथी, घोरा, बैल, आदि बनावे अर वाकी सत्य मानि कर बहुत प्रीति कर है अर वा सामग्री कू पाय बहुत खुसी होय है । पीछे वाकू कोई फोर्ड वा तोडे वाले जाय तो बहुत दरेग करे अर रोबे अर छातो, माथा आदि कूटे । वाके ऐसा ज्ञान नाहीं कि ये तो झूठा कल्पित है । त्यौं ही अज्ञानी पुरुष मोही हुवा बालक कुदेवादिक ने तारण-तरण जानि सेवै है । ऐसा ज्ञान नाहीं कि ये तिरवा ने असमर्थ तो म्हाने कैसै तारिसी ? बहुरि और दृष्टांत कहिये हैं । कोई पुरुष कांच का खंड ने पाय वा विषै चितामणि रत्न की बुद्धि करे है अर या जाने है- ये चितामणि रत है
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गुण किसके आसरे होय अर प्रदेश बिना बुन कदाचि मो नाहीं होय; यह नम है। जैसे भूमिका बिना रूखादिक कौन के आसरे होय, त्यों ही प्रवेश बिना गुण किसके आसरे होय ? ऐसा विचार करि अनुभवन भी आये है अर आशा करि प्रमाण है । बहुरि कोई मेरे ताई आनि-आनि झूद्वा ही या कहै - फलाणा ग्रंथ में या कही है । थे आर्ग तीन लोक प्रमाण प्रदेशां का श्रद्धान किया था। अब बडा ग्रंथ में ऐसे नीसर्या है । सो आत्मा का प्रदेश धर्म द्रव्य का प्रदेशा सू घाटि है । तो में ऐसा विचारू - सामान्य शास्त्र सू विशेष बलवान है । सो ऐसे हो होयगा । मेरे अनुभवन में तो कोई निरधार होता नाहीं । अर विशेष ज्ञाता दीसे नाहीं, तात में सर्वज्ञ का वचन जानि प्रमाण करूं हूं। परंतु मेरे लाई या कहे तू जड, अचेतन वा मूर्तिक है वा परिणति तं रहित है, तो या मैं कोई मानूं नाहीं; यह मेरे निःसंदेह है । या में कोटि ब्रह्मा, कोटि विष्णु, कोटि नारायण, कोटि रुद्र आनि करि या कहैं, तो में या हो जानू कि ये वावला होय गया है, के मोनै ठगिवा आया, के मेरी परीक्षा ले हैं। मैं ऐसा मानू, सो भावार्थ यहु जु ज्ञान परिणति मैं आप ही है, आप ही के होय है। सो याको जाने सो सम्यक दृष्टि होय है । याके जान्या बिना मिथ्यावृष्टि होय। और अनेक प्रकार के गुण स्वरूप वा पर्याय का स्वरूप को ज्यों-ज्यों ज्ञान होय, त्यों-त्यो जानिवो कार्यकारी होय । परंतु मनुष्यपनं या दोय का तो जानपणा अवश्य चाहिये; ऐसा लक्षरण जानना । बहुरि विशेष गुण ऐसे जानना-सो एक गुण मैं अनंत गुण हैं अर एक अन्य दूसरे दो निर्णय अनंत गुण में एकगुण है । अर गुण सौं गुण मिले नाहीं अर सर्व गुण सौं मिल्या है। जैसे सुवर्ण विषै भारी, पीला, चौकणा ने आदि दे अनेक गुण हैं सो क्षेत्र को अपेक्षा सर्व गुणा विषै तो पीला गुण पाइये है अर पीला गुण विठौं क्षेत्र की अपेक्षा सर्व गुण पाइये है अर क्षेत्र ही की अपेक्षा गुण मिलि रह्या है अर सर्व का प्रदेश एक ही है। अर स्वभाव की अपेक्षा सौ रूप न्यारे-न्यारे हैं। सो पोला का स्वभाव और ही है । सो ऐसे ही आत्मा के विषै जानना और द्रव्य विषै भो जानना । वा अनेक प्रकार अर्थ पर्याय वा व्यंजन पर्याय का स्वरूप ययार्थ शास्त्र के अनुसार जानना उचित है । बहुरि या जीव कूं सुख को बधवारी व घटवारी दोय प्रकार होय है सोई कहिये है। जेना ज्ञान है, तेना ही सुख है । सो ज्ञानावरणादिक का उद होते, तो सुख दुःख दोन्या का नाश होय है अर ज्ञानावरणादिक का तो क्षयोपशम होय है । अर मोह कर्म का उद होता तब जीत्र के दुःख शक्ति उत्पन्न होय है । सो सुख शक्ति तो आत्मा का निजगुण कर्म का उद विना है अर दुःख शक्ति कर्म का निमित्त करि होय है सो औपाधिक शक्ति है; कर्म का उदय मिटे जाती रहै है अर सुख शक्ति कर्म का उदय मिटे प्रगट होय है । तातें वस्तु का द्रव्यत्व स्वभाव है। बहुरि फेरि शिष्य प्रश्न कर है- हे स्वामी ! हे प्रभो ! मेरे ताई द्रव्यकर्म वा नो कर्म सौं तौ मेरा स्वभाव भिन्न न्यारा आपका प्रसाद करि दरस्या, अब्बै मेरे ताईं राग-द्वेष सूं न्यारा दिखावौ । सा अब श्रीगुरु कहँ हैं- हे शिष्य ! तू सुनि । जैसे जल कास्त्रभाव तो शीतल है अर अग्नि के निमित्त करि उष्णहोय है, सो उष्ण हुवा थकी आपणा शीतल गुणा ने भी खोगे है । के निमित्त करि उष्ण हौय है, सो उष्ण हुवा थका आपणा शोनल गुणा ने भी खोने है । अर आप तप्तायमान होय परिणमे है अर औरा नै भी आताप उपजाने है। पाछे काल पाय अग्नि का संयोग ज्यों-ज्यों मिटं, त्यों-त्यों जल का स्वभाव शीतल होय है अर और को आनन्दकारी होय है । तैसे यह आत्मा कषाय का निमित्त करि आकुल होय परिणमे है, सर्व निराकुलित गुण जाता रहे है, तब पर नै अनिष्ट रूप लगे है। बहुरि ज्यों-ज्यों कथाथ का निमित्त मिटता जाय है, त्यों-त्यों निराकुलित गुण प्रगट होता जाय है । अर तब पर नै इष्ट रूप लाग है, सो थोडा-सा कषाय के मिटते भी ऐसा शांतिक सुख प्रगट होय है । न जानै, परमात्मा देव के सम्पूर्ण कपाय मिट्या है अर अनंत चतुष्टय प्रगट भया है सो कंसा सुख होसो ? पणि थोडा सा निराकुलित स्वभाव को जान्या सम्पूर्ण निराकुलित स्वभाव को प्रतीति आगे है । सो शुद्ध आत्मा कैसे निराकुलित स्वभाव होसो ? ऐसा अनुभवन मैं नोका आगे हूं। बहुरि शिष्य प्रश्न करै है --हे प्रभो ! बाह्य आत्मा वा अंतरात्मा वा परमात्मा का प्रगट विह्न कह्या, ताका स्वरूप कहो । सो गुरु क है है - जैसे कोई होता हो बालक के ताई तहखाना मैं राख्या अर केतायक दिन पार्छ रात्रि नै वारं काठ्या । अर ऊने पूछे सूर्य किसी दिशा नै ऊर्ग है ? अर सूर्य का प्रकाश कैसा होय है अर सूर्य का बिंब कैसा होय है ? तब वह या कहै - मैं तो जानता नाहीं, दिशा वा प्रकाश वा सूर्य का बिंब कैसा है । फेरि ऊनै बूझे तो क्यों सूं क्यूं दो कुछ से कुछ बतावं । पाछे भाक? फार्ट, तब ऊनै पूछे, तब वो या कहैजेठो नै प्रकाश भया है, तंठो नै पूर्ण दिशा है अर तंठो नै सूर्य है । सो क्यों ? सूर्य बिना ऐसा प्रकाश होता नाहीं । ज्यों-ज्यों सूर्य ऊंचा चढ़, त्यौ-स्यों प्रत्यक्ष प्रकाश निर्मल होता जाय है अर निर्मल पदार्थ प्रतिभासता जाय है । कोई आनि ई नं कई सूर्य दक्षिण दिशा ने है, तो यो कदाचि मान नाहीं, औरा कूं बावला गिने के प्रत्यक्ष ये सूर्य का प्रकाश दोसे है । मैं याका कह्या कैसे मानूं ? यह मेरे निःसंदेह है, सूर्य का बिब तो मेरे ताईं नजर आवता नाहीं, पणि प्रकाश करि सूर्य का अस्तित्व होय है । सो नियम करि सूर्य बैठी नै हो है, ऐसो अवगाढ प्रतीत आगे है । बहुरि फेरि सूर्य का बिब सम्पूर्ण महा तेज प्रताप ने लिया दैदीप्यमान प्रगट भया, तब प्रकाश भो सम्पूर्ण प्रगट भया । तब पदार्थ भी जैता था, तैसा प्रतिभासवा लाग्या, तब कछु पूछना रह्या नाहीं, निर्विकल्प होय चुक्या । ऐसा दृष्टांत के अनुसार दाष्टांत जानना सोई कहिये हैं । मिथ्यात्व अवस्था मैंई पुरुष ने पूछे कि तू चैतन्य हैं, ज्ञानमयी है तो या कहैचैतन्य ज्ञान कहा कहावे ? वा चैतन्य ज्ञान मैं हूं । कोई आय ऐसे कह ह - शरीर है सो हो तू हौ वा तू सर्वज्ञ का एक अंश है, खिन मैं उपजे है, खिन में विनसे है, वा तू शून्य है तो ऐसे ही मानै । ऐसा ही हूंगा, मेरे ताई कछु खबरि परती नाहीं; बाह्य आत्मा का लक्षण है । बहुरि कोई पुरुष गुरु का उपदेश कह - प्रभु ! आत्मा के कर्म कैसे बंधे हैं ? श्री गुरु कह हैं- जैसे एक सिंह उजाडि विषै तिष्ठे था। तहां हो आठ मंत्रवादी अपनी सभा विषै वन मैं था । सो सिंह उस मंत्रवादी ऊपरि कोप किया। तब वा मंत्रवादी एक- एक धूलि को चिरूठो मंत्रो सिंह का शरीर ऊपरि नाखि दोनो । सो केताक दिन पाछे एक चिमटी का निमित्त करि नाहर को ज्ञान घटि गयो अर एक किमटी का निमित्त करि देखने को शक्ति घटि गई । अर एक चिमटी का निमित्त करि नाहर दुखो हुवौ । अर एक चिमटी का निमित्त करि नाहर उजाड छोडि और ठौर गयौ अर एक चिमटी का निमित्त करि नाहर को आकार और ही रूप हवं गयौ । अर एक चिमटी का निमित्त करि नाहर हू आप को नीच रूप मानवा लाग्यो । अर एक चिमटी का निमित्त करि आपनो ज्ञान घटि गयो । ऐसे ही आठ प्रकार ज्ञानावरणादि कर्म जीवनि का राग-द्वोष करि जानादि आठ गुण को घाते हैं, ऐसा जानना । ऐसे शिष्य प्रश्न किया, ताका उत्तर गुरु दिया । सो भव्य जोवनि कूं सिद्ध का स्वरूप न जानि अर आपना स्वरूप बिपें लीन होना उचित है । सिद्ध का स्वरूप मैं अर आपना स्वरूप मैं सादृश्यपणा है । सो सिद्ध का स्वरूप नं ध्याय निज स्वरूप का ध्यान करना । घणा कहिवा करि कहा ? ऐसा ज्ञाता अपना स्वभाव को जाने है । इतिसिद्ध स्वरूप वर्णन संपूर्णम् । कुदेवादि का स्वरूप वर्णन आगे कुदेवादिक का स्वरूप वर्णन करिये है । सो हे भव्य ! तू सुणि । सो देखो जगत विषं भी यह न्याय है के एक चिकुटी भर धूल दो मंत्रित कर, भतरकर आप सौं गुण करि अधिक होय अर के आप को उपकारी होय ताको नमस्कार करिये है वा पूजिये है। जैसे राजादिक तो गुणां करि अधिक है अर माता-पितादिक उपकार करि अधिक हैं, ताहि कूं जगत पूर्ण है अर वंदे है । ऐसा नाहीं कि राजादिकादि बड़े पुरुष तो रेयत? जन आदि रंक पुरुष ताकूं वंदे वा पूजे अर माता-पितादि पुत्रादिक कूं बंद अर पूर्णं, सो तो देखिये नाहीं । अर कदाचि मति की दीनता करि राजादिकादि बडे पुरुष होइ करि नीच पुरुष को पूर्ज अर माता-पिता भी बुद्धि की होनता करि पुत्रादिक की पूजे, तो वह जगत बिषै हास्य अर निंदा को पावै । सो कौन दृष्टांत ? जैसे सिंह होय अर स्याल की सरणित चाहै, तो वह हास्य नै पावँ हो पावै; यह युक्ति ही है । तीस्यों धर्म विर्षं अहंतादि उत्कृष्ट देव छोड़ि और कुदेव को पूर्ज, सो कांई लोक विषै हास्य कूं नाहीं पावेगा ? अर परलोक विषै नर्कादिक के दुःख अर क्लेश कू' नाहीं सहेगा ? अवश्य सहेगा । सो क्यों सहे है ? सो कहिये हैं । सो आठ कर्मा विषै मोह नाम कर्म है सो सर्व को राजा है । ताके दोष भेद हैं - एक तो चारित्रमोह अर एक दर्शनमोह । सो चारित्रमोह तो ई जीव की नाना प्रकार की कषाया करि आकुलता उपजावे है । सो कैसो है आकुलता अर कैसा है याका फल ? सो कोई जीव नाना प्रकार का संयमादि गुण करि संयुक्त हैं अर वा विषं किंचित् कषाय पावजे तो दीर्घ काल के संयमादिक करि संचित पुण्य नाश कूं प्राप्त होय है। जैसे अग्नि करि रुई को समूह भस्म होय तसे कवाय रूपो अग्नि विषें समस्त पुष्य रूप ईंधन भस्म होय है । अर कवायवान पुरुष ई जगत विषं महा निया ने पार्व हैं। बहुरि कैसी है कवाय ? कोड्या स्त्रो का सेवन सू भी बाका पाप अनंत गुणा है । तासू भी अनंत गुणा पाप मिथ्यात्व का है। यो जीव अनादि काल को एक मिथ्यात्व करि ही संसार विषै भ्रम है । सो मिथ्यात्व उपरांत और संसार विवे उत्कृष्ट पाप है नाहीं । फेरि मोह करि ठगी गई है बुद्धि जाको, ऐसा जो संसारी जीव ताको कवायादिक तो पाप दोसे घर मिथ्यात्व पाप दोरौ नाहीं । अर शास्त्र विवँ एक मिथ्यात्व का नाश किया, ता पुरुष सर्व पाप का नाश किया । अर संसार का नाश किया सो ऐसा जानि कुदेव, कुगुरु, कुधर्म का त्याग करना । सो त्याग कहा कहिये ? सो देव अरहंत, गुरु निर्गथ कैसा, तिल-तुस मात्र परिग्रह सौ रहित ऐसा अर धर्म जिनप्रणीत दयामय कहिये । या उपरांत सर्व की हस्त जोडि नमस्कार नाहीं करना । प्राण जाय तो जावी पणि नमस्कार करना उचित नाहीं । अहंतादि का स्वरूप वर्णन आगे अरह तादिक का स्वरूप वर्णन करिये है। सौ कैसे हैं अरहंत ? प्रथम तो सर्वश हैं जाका ज्ञान विषे समस्त लोकालोक के चराचर पदार्थ तीन काल सम्बन्धी एक समय विणें झलकै हैं। ऐसी तो ज्ञान की प्रभुत्व शक्ति है अर वीतरागी है। अर सर्वज्ञ होता अर वीतराग नहीं होता तो ता विषै परमेश्वरपणा सम्भवता नाहीं । अर वीतराग होता अर सर्वज्ञ न होय, तो भी पदार्था को स्वरूप अज्ञानता करि सम्पूर्ण कहा बने । अर समर्थ होता, तो ऐसा दोष करि संयुक्त, ताको परमेश्वर कौन मानता ? तोसों जा मैं ये बोब दोष-एक तो राग-द्वेष अर एक अज्ञानयनो नहीं ते परमेश्वर हैं अर ते ही सर्वोत्कृष्ट हैं । सो ऐसा दोब दोष करि रहित एक अरहंत देव हो हैं, सो ही सर्व प्रकार पूज्य है । बहुरि जे सर्वज्ञ, वीतराग भी होता अर तारिवा समर्थ न होता, तो भी प्रभुत्वपणा मैं कसर पड जाती । सो तो जा मैं तारण शक्ति भी पायजे है । सो कोई जीव तो भगवान का स्मरण करि हो भव -- संसार - समुद्र ते तिरै हैं, केई भक्ति करि ही तिरं हैं, केई स्तुति करि ही तिरं हैं, केई ध्यान करि हो तिरं हैं; इत्यादि एक-एक गुण कूं आराधि मुक्ति कू पहुंचे। परन्तु भगवानजी नै खेद नाहीं उपजै है सो महन्त पुरुषा की अत्यन्त शक्ति है । सो आपने तो उपायन करणो पडे नाहीं अर ताका अतिशय करि सेवक तिनका स्वयमेव भला होय जाय । अर प्रतिकूल पुरुषा का स्वयमेव बुरा हो जाय । अर शक्तिहीन जे पुरुष होय हैं, ते डीला जाय अर पैला का बुरा-भला करे तब वासूं कार्य होय सिद्ध सो भी नेम नाहीं, होयवान होय । इत्यादि अहंतदेव अनंत गुणा करि शोभित हैं । बहुरि आगे जिमवाणी के अनुसार ऐसा जो जैन सिद्धान्त सर्व दोष करि रहित ता विषै सर्व तत्वा का निरूपण है । अर ता विषै मोक्ष का अर मोक्ष का स्वरूप का वर्णन है अर पूर्वापर दोष करि रहित हूँ । इत्यादि अनेक महिमानं धर्या ऐसा जिनशासन निर्ग्रन्थ गुरु का स्वरूप आगे निग्रंथ गुरु ताका स्वरूप कहिये हैं । जो राजलक्ष्मी नै छोडि मोक्ष के अर्थि दीक्षा घरी है अर वणिमा, महिमा आदि रिद्धि जानै फुरी है अर मति, श्रुत, अवधि मनःपर्यय ज्ञान करि संयुक्त है, अर महा दुद्धंर तप करि संयुक्त है, अर निःकषाय है, अर अठाईस मूलगुण विषे अतिचार भी नाहीं लगाने है, अर ईया समिति नै पालता थका साढे तीन हाथ धरतो सोधता थका विहार करे भावार्थ- कोई जीव नै विरोध्या नाहीं चाहै है । भर भाषा समिति करि हित-मित बचन बोले है, ताका वचन करि कोई जीव दुःख नाहीं पायें है । ऐसा सर्वं जीवां के विषै दयाल जगत विषै सोमं है। ऐसा सर्वोत्कृष्ट देव, गुरु, धर्म तान छोडि विचक्षण पुरुष हैं, ते कुदेवादिक ने कैसे पूजे ? प्रत्यक्ष जगत विषै ताकी होनता देखिये हैं जे-जे जगत विषै राग-द्वेषादि औगुण हैं, ते ते सर्व कुदेवादिक मैं पावजे हैं । त्याने सेया जोव का उद्धार कैसे होय ? न्या ही नै सेया उद्धार होय तो जीव का बुरा कुणी को सेया होय ? जैसे हिंसा, झूठ, चोरी, कुशील, आरंभ - परिग्रह, आदि जे महा पाप त्या करि हो स्वर्गादिक का सुख में पायजे, तो नर्कादिक का दुःख क्या करि पावजे, सो तो बेखिये नाहीं और कहिये है देखो, ई जगत विषै उत्कृष्ट वस्तु हैं, ते थोडी हैं सो प्रत्यक्ष हो देखिये हैं। हीरा, मानिक, पन्ना जगत विषं थोडा है, कंकर-पत्थर आदि बहुत हैं । बहुरि धर्मात्मा पुरुष थोडा है, पापी पुरुष बहुत है । ऐसा अनादि-निधन वस्तु का स्वभाव स्वयमेव वण्या है । ताका स्वभाव मेटिवा समर्थ कोई नाहीं । तीसूं तीर्थकरदेव ही सर्वोत्कृष्ट है सो एक क्षेत्र विषै पावजे । अर कुदेवा का वृद कहिये समूह, ते वर्तमान काल विर्षं सासता अगणित पावजे है । सो किसा- किसा कुदेव ने पूजिजे ? अर वे परस्पर रागी- अर वे कहँ मूंन पूजो, वे कहें मूंने पूजो । बहुरि पूजिवा वाला कने? खावा ने मांगे ? अर या कहैहूं घणा दिनां को भूखी छू, सो वे ही भूखा तो औरा नै उत्कृष्ट वस्तु देवा समर्थ कैसे होसी ? जैसे कोई रंक पुरुष क्षुषा करि पोडित घर-घर सूं अन्न का कणूका दो वा रोटी का टूकर वा ओठि आदि मांगतो फिर है, अर कोई अज्ञानी पुरुष वे नवं उत्कृष्ट धनादिक सामग्री मांग, वाके अर्थि वाकी सेवा करे, तो वह पुरुष कांई हास्य नै न पाव ? पावे ही पावै । तीसूं श्रीगुरु कहँ हैं- हे भाई! तू मोह का वशि करि आंख्या देखी वस्तु नै झूठी मति मानै । जीव ई भरम बुद्धि करि ही अनादि काल कौ संसार विषें थाली मै मूंग रुले, तैसे रुल है । जैसे कोई पुरुष के आगे तो दाह ज्वर का तीव्र रोग लागि रह्या है अर फेरि अजान वैद्य तीव्र उष्णता का ही उपचार करं है, तो वह पुरुष कैसे शांतिता कूं प्राप्त होय ? त्यों ही यह जीव अनादि ते मोह करि दग्ध होय रह्या है । सो या मोह की बासना तौ या जीव के स्वयमेव बिना उपदेश ही बनि रही । ता करि तो आकुलव्याकुल महादुखी होहि । फेरि ऊपरि सू गृहीत मिथ्यात्वादिक सेय-सेय ता करि याका दुःख की कांई पूछनी है ? सो अगृहीत मिथ्यात्व बीच गृहीत मिथ्यात्व का फल अनंत गुणा खोटा है । सो तो गृहीत मिथ्यात्व द्रव्यलिंगी मुन्या सर्व प्रकार छोड्या है अर गृहीत मिथ्यात्व ताके भी अनंएक किससे दो दाना तीन दुधड़ा तवें भाग ऐसा हलका अगृहीत मिथ्यात्व ताके पावजे है । अर नाना प्रकार का दुर्द्धर तपश्चरण करे है अर अठाईस मूलगुण पाले हैं अर बाईस परीषह सहँ हैं अर छियालीस दोष टारि आहार लेहैं अर अंश मात्र भी कषाय नाही करे है । सर्व जीव के रक्षपाल होय जगत विषै प्रवर्ते हैं। अर नाना प्रकार के शील, संयमादि गुण करि आभूषित हैं । अर नदी, पर्वत, गुफा, मसान निर्जन, सूखा वन विषै जाय ध्यान कर हैं । अर मोक्ष की अभिलाषा प्रवर्त है अर संसार का भय करि डरप है । एक मोक्ष-लक्ष्मो के ही अर्थि राजादि त्रिभूति छोडि दीक्षा घरं है। ऐसा होता संते भी कदाचि मोक्ष नाहीं पायें । क्यों नाहीं पावँ है ? याके सूक्ष्म केवलज्ञानगम्य ऐसा मिथ्यात्व का प्रबलपणा पाठी है । तातें मोक्ष का पात्र नाहीं, संसार का ही पात्र है । अर जाके बहुत प्रकार मिथ्यात्व का प्रबलपणा पायजे है, तो ताकू मोक्ष कैसे होय ? झूठ्या ही भरम बुद्धि करि मान्या, तो गर्ज है नाहीं । कौन दृष्टांत ? जैसे अज्ञानी बालक गाये का हाथी, घोरा, बैल, आदि बनावे अर वाकी सत्य मानि कर बहुत प्रीति कर है अर वा सामग्री कू पाय बहुत खुसी होय है । पीछे वाकू कोई फोर्ड वा तोडे वाले जाय तो बहुत दरेग करे अर रोबे अर छातो, माथा आदि कूटे । वाके ऐसा ज्ञान नाहीं कि ये तो झूठा कल्पित है । त्यौं ही अज्ञानी पुरुष मोही हुवा बालक कुदेवादिक ने तारण-तरण जानि सेवै है । ऐसा ज्ञान नाहीं कि ये तिरवा ने असमर्थ तो म्हाने कैसै तारिसी ? बहुरि और दृष्टांत कहिये हैं । कोई पुरुष कांच का खंड ने पाय वा विषै चितामणि रत्न की बुद्धि करे है अर या जाने है- ये चितामणि रत है
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दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि 'कोरोनिल' के उपयोग को लेकर बाबा रामदेव के खिलाफ डॉक्टरों के विभिन्न संगठनों द्वारा दायर मुकदमों पर वह छह अक्टूबर को सुनवाई करेगी। अदालत ने बाबा रामदेव से कहा कि वह डॉक्टरों के संगठनों की याचिकाओं पर जवाब दायर करें, जिनमें कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट में लंबित कथित रूप से समान याचिकाओं के कारण यहां सुनवाई नहीं रुकनी चाहिए। कोरोनिल पतंजलि आयुर्वेद द्वारा विकसित एक दवा है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवाई के रूप में सरकार के पास पंजीकृत है।जस्टिस अनूप जयराम भम्भानी ने गुरुवार को प्रतिवादियों रामदेव, पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड और अन्य को वादियों (डॉक्टरों के संगठन) द्वारा दी गई अर्जियों पर नोटिस जारी किया और कहा कि मैं आपको कुछ समय दूंगा। हमें (सुप्रीम कोर्ट में लंबित) रिट याचिका को देखना होगा। मैं आपके मामले पर किसी और दिन संक्षिप्त सुनवाई करूंगा।अदालत ने आदेश दिया, "सारांश यह है कि वादी 26 अगस्त के आदेश पर स्पष्टीकरण चाहते हैं। उनका कहना है कि आदेश में दिए गए निर्देशों के कारण आधी सुनवाई के बाद इस मामले पर आगे की सुनवाई नहीं रुकनी चाहिए। नोटिस जारी करें। अगली तारीख से पहले अर्जियों पर जवाब दाखिल होने दें।"डॉक्टरों ने रामदेव पर लगाया था लोगों को गुमराह करने का आरोपगौरतलब है कि डॉक्टरों के कई संगठनों/एसोसिएशन ने पिछले साल हाईकोर्ट में अर्जी देकर आरोप लगाया था कि रामदेव बहुत हद तक लोगों को गुमराह कर रहे हैं कि कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की मौत के लिए एलोपैथी जिम्मेदार है और दावा कर रहे हैं कि पतंजलि का कोरोनिल कोविड का इलाज है।वादियों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अखिल सिब्बल ने दलील दी कि वहां सुनवाई कब होगी इस पर किसी का वश नहीं है और सुप्रीम कोर्ट में तारीख कंप्यूटर से तय होती है, सुप्रीम कोर्ट में किसी अन्य द्वारा दायर याचिकाओं के कारण हाईकोर्ट में सुनवाई नहीं रुकनी चाहिए।प्रतिवादियों में से एक पतंजलि की ओर से पेश वरिष्ठ वकील इन्द्रबीर सिंह ने कहा कि उसने मौजूदा सुनवाई को सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में लाने के लिए आवेदन दे दिया है और उसके जल्दी ही सूचीबद्ध होने की संभावना है।गौरतलब है कि अदालत ने 26 अगस्त को मौखिक आदेश में कहा था कि न्यायिक औचित्य और अनुशासन के अनुसार तो सुप्रीम कोर्ट में कथित रूप से समान मुद्दे पर लंबित याचिकाओं पर कुछ स्पष्ट होने तक उसे अपने समक्ष होने वाली सुनवाई पर नियंत्रण रखना चाहिए।
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दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि 'कोरोनिल' के उपयोग को लेकर बाबा रामदेव के खिलाफ डॉक्टरों के विभिन्न संगठनों द्वारा दायर मुकदमों पर वह छह अक्टूबर को सुनवाई करेगी। अदालत ने बाबा रामदेव से कहा कि वह डॉक्टरों के संगठनों की याचिकाओं पर जवाब दायर करें, जिनमें कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट में लंबित कथित रूप से समान याचिकाओं के कारण यहां सुनवाई नहीं रुकनी चाहिए। कोरोनिल पतंजलि आयुर्वेद द्वारा विकसित एक दवा है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवाई के रूप में सरकार के पास पंजीकृत है।जस्टिस अनूप जयराम भम्भानी ने गुरुवार को प्रतिवादियों रामदेव, पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड और अन्य को वादियों द्वारा दी गई अर्जियों पर नोटिस जारी किया और कहा कि मैं आपको कुछ समय दूंगा। हमें रिट याचिका को देखना होगा। मैं आपके मामले पर किसी और दिन संक्षिप्त सुनवाई करूंगा।अदालत ने आदेश दिया, "सारांश यह है कि वादी छब्बीस अगस्त के आदेश पर स्पष्टीकरण चाहते हैं। उनका कहना है कि आदेश में दिए गए निर्देशों के कारण आधी सुनवाई के बाद इस मामले पर आगे की सुनवाई नहीं रुकनी चाहिए। नोटिस जारी करें। अगली तारीख से पहले अर्जियों पर जवाब दाखिल होने दें।"डॉक्टरों ने रामदेव पर लगाया था लोगों को गुमराह करने का आरोपगौरतलब है कि डॉक्टरों के कई संगठनों/एसोसिएशन ने पिछले साल हाईकोर्ट में अर्जी देकर आरोप लगाया था कि रामदेव बहुत हद तक लोगों को गुमराह कर रहे हैं कि कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की मौत के लिए एलोपैथी जिम्मेदार है और दावा कर रहे हैं कि पतंजलि का कोरोनिल कोविड का इलाज है।वादियों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अखिल सिब्बल ने दलील दी कि वहां सुनवाई कब होगी इस पर किसी का वश नहीं है और सुप्रीम कोर्ट में तारीख कंप्यूटर से तय होती है, सुप्रीम कोर्ट में किसी अन्य द्वारा दायर याचिकाओं के कारण हाईकोर्ट में सुनवाई नहीं रुकनी चाहिए।प्रतिवादियों में से एक पतंजलि की ओर से पेश वरिष्ठ वकील इन्द्रबीर सिंह ने कहा कि उसने मौजूदा सुनवाई को सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में लाने के लिए आवेदन दे दिया है और उसके जल्दी ही सूचीबद्ध होने की संभावना है।गौरतलब है कि अदालत ने छब्बीस अगस्त को मौखिक आदेश में कहा था कि न्यायिक औचित्य और अनुशासन के अनुसार तो सुप्रीम कोर्ट में कथित रूप से समान मुद्दे पर लंबित याचिकाओं पर कुछ स्पष्ट होने तक उसे अपने समक्ष होने वाली सुनवाई पर नियंत्रण रखना चाहिए।
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कोरोना वायरस महामारी की वजह से भारतीय बाजार में बीते दो महीनों में 25 फीसदी की गिरावट आई है. इस दौरान अमेरिकी डॉलर की तुलना में रुपये की वैल्यू में भी 5.2 फीसदी की गिरावट हुई है.
भारत के सबसे अमीर बिजनेसमैन मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की संपत्ति (नेट वर्थ) दो महीने में 28 फीसदी घट गई है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, 31 मार्च तक उनकी संपत्ति 48 बिलियन डॉलर (3.7 लाख करोड़) रह गई है. शेयर मार्केट में गिरावट की वजह से दो महीने तक उन्हें हर दिन 300 मीलियन डॉलर का नुकसान हुआ है. यानी 2 महीने में उन्हें कुल 1.3 लाख करोड़ का झटका लगा है.
हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट के मुताबिक, अब रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी की वर्ल्ड रैंकिंग 8 स्थान खिसक कर 17वीं हो गई है. वहीं, भारतीय बिजनेसमैन गौतम अडानी की संपत्ति में 37 फीसदी (6 बिलियन डॉलर) , एचसीएल टेक्नोलॉजी के शिव नादर की संपत्ति में 26 फीसदी (5 बिलियन डॉलर) और बैंकर उदय कोटक की संपत्ति में 28 फीसदी (4 बिलियन डॉलर) की गिरावट हुई है. ये तीनों ही बिजनेसमैन दुनियाभर के धनवानों की टॉप-100 की लिस्ट से बाहर हो गए हैं. अब इस लिस्ट में भारतीय के तौर पर सिर्फ मुकेश अंबानी बचे हैं.
कोरोना वायरस महामारी की वजह से भारतीय बाजार में बीते दो महीनों में 25 फीसदी की गिरावट आई है. इस दौरान अमेरिकी डॉलर की तुलना में रुपये की वैल्यू में भी 5.2 फीसदी की गिरावट हुई है. हुरुन रिपोर्ट इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर अनस रहमान ने कहा है कि मुकेश अंबानी के लिए यह काफी बड़ा झटका है.
वहीं, वैश्विक स्तर पर देखें को इस दौरान सबसे अधिक धन गंवाने वाले में मुकेश अंबानी दूसरे नंबर पर रहे हैं. फ्रांस के फैशन कारोबारी LVMH के चीफ एग्जेक्यूटिव बर्नार्ड अरलॉन्ट को 28 फीसदी (30 बिलियन डॉलर) संपत्ति गंवानी पड़ी है. उन्होंने बीते दो महीने में दुनिया में सबसे अधिक धन गंवाया है. वहीं, मशहूर अमेरिकी धनवान वारेन बफेट को भी 19 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है.
हालांकि, इस दौरान चीन के कई धनवानों को लाभ हुआ है. इसकी वजह से चीन के छह अरबपति टॉप-100 अमीरों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं.
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कोरोना वायरस महामारी की वजह से भारतीय बाजार में बीते दो महीनों में पच्चीस फीसदी की गिरावट आई है. इस दौरान अमेरिकी डॉलर की तुलना में रुपये की वैल्यू में भी पाँच.दो फीसदी की गिरावट हुई है. भारत के सबसे अमीर बिजनेसमैन मुकेश अंबानी की संपत्ति दो महीने में अट्ठाईस फीसदी घट गई है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, इकतीस मार्च तक उनकी संपत्ति अड़तालीस बिलियन डॉलर रह गई है. शेयर मार्केट में गिरावट की वजह से दो महीने तक उन्हें हर दिन तीन सौ मीलियन डॉलर का नुकसान हुआ है. यानी दो महीने में उन्हें कुल एक.तीन लाख करोड़ का झटका लगा है. हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट के मुताबिक, अब रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी की वर्ल्ड रैंकिंग आठ स्थान खिसक कर सत्रहवीं हो गई है. वहीं, भारतीय बिजनेसमैन गौतम अडानी की संपत्ति में सैंतीस फीसदी , एचसीएल टेक्नोलॉजी के शिव नादर की संपत्ति में छब्बीस फीसदी और बैंकर उदय कोटक की संपत्ति में अट्ठाईस फीसदी की गिरावट हुई है. ये तीनों ही बिजनेसमैन दुनियाभर के धनवानों की टॉप-एक सौ की लिस्ट से बाहर हो गए हैं. अब इस लिस्ट में भारतीय के तौर पर सिर्फ मुकेश अंबानी बचे हैं. कोरोना वायरस महामारी की वजह से भारतीय बाजार में बीते दो महीनों में पच्चीस फीसदी की गिरावट आई है. इस दौरान अमेरिकी डॉलर की तुलना में रुपये की वैल्यू में भी पाँच.दो फीसदी की गिरावट हुई है. हुरुन रिपोर्ट इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर अनस रहमान ने कहा है कि मुकेश अंबानी के लिए यह काफी बड़ा झटका है. वहीं, वैश्विक स्तर पर देखें को इस दौरान सबसे अधिक धन गंवाने वाले में मुकेश अंबानी दूसरे नंबर पर रहे हैं. फ्रांस के फैशन कारोबारी LVMH के चीफ एग्जेक्यूटिव बर्नार्ड अरलॉन्ट को अट्ठाईस फीसदी संपत्ति गंवानी पड़ी है. उन्होंने बीते दो महीने में दुनिया में सबसे अधिक धन गंवाया है. वहीं, मशहूर अमेरिकी धनवान वारेन बफेट को भी उन्नीस बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है. हालांकि, इस दौरान चीन के कई धनवानों को लाभ हुआ है. इसकी वजह से चीन के छह अरबपति टॉप-एक सौ अमीरों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं.
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देहरादून। केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती इन दिनों उत्तराखंड के दौरे पर आई हुई हैं। उमा देवभूमि को अपना मायका बताती हैं। उन्होंने ने यहां बदरीनाथ धाम की शीतकालीन पूजा स्थली नृसिंह मंदिर में पूजा-अर्चना की। वहां से औली जाना चाहती थीं लेकिन भारी बर्फबारी के चलते उन्हें आईटीबीपी गेस्ट हाउस में रुकना पड़ा।
उमा भारती विष्णुप्रयाग में पूजा-अर्चना कर सकती हैं। भाजपा की फायर ब्रांड नेता उमा दो दिन से क्षेत्र में हैं, लेकिन उन्होंने खुद को इन दिनों चल रही विधानसभा चुनाव की गहमागहमी से दूर रखा है। वह सिर्फ निजी कार्यक्रमों में भाग ले रही हैं।
केंद्रीय मंत्री उमा भारती 26 जनवरी को चमोली प्रवास पर पहुंची और उन्होंने जोशीमठ में नृसिंह मंदिर में पूजा-अर्चना कर आमजन की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद वह औली के लिए रवाना हो गईं। बताते हैं कि शाम को वापस लौटते वक्त जोरदार बर्फबारी हो गई।
इससे मार्ग पर वाहन के फंसने का खतरा था। ऐसे में उन्होंने सुनील स्थित आइटीबीपी गेस्ट हाउस में रुकना उचित समझा। शुक्रवार सुबह वह औली से विष्णुप्रयाग के निकट मारवाड़ी स्थित जेपी गेस्ट हाउस चली गईं।
बता दें कि प्रदेश में 15 फरवरी को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है। वहीं उमा बीजेपी की स्टार प्रचारक भी हैं। ऐसा माना जा रहा है कि उनके यहां रहने से बीजेपी मजबूत होगी।
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देहरादून। केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती इन दिनों उत्तराखंड के दौरे पर आई हुई हैं। उमा देवभूमि को अपना मायका बताती हैं। उन्होंने ने यहां बदरीनाथ धाम की शीतकालीन पूजा स्थली नृसिंह मंदिर में पूजा-अर्चना की। वहां से औली जाना चाहती थीं लेकिन भारी बर्फबारी के चलते उन्हें आईटीबीपी गेस्ट हाउस में रुकना पड़ा। उमा भारती विष्णुप्रयाग में पूजा-अर्चना कर सकती हैं। भाजपा की फायर ब्रांड नेता उमा दो दिन से क्षेत्र में हैं, लेकिन उन्होंने खुद को इन दिनों चल रही विधानसभा चुनाव की गहमागहमी से दूर रखा है। वह सिर्फ निजी कार्यक्रमों में भाग ले रही हैं। केंद्रीय मंत्री उमा भारती छब्बीस जनवरी को चमोली प्रवास पर पहुंची और उन्होंने जोशीमठ में नृसिंह मंदिर में पूजा-अर्चना कर आमजन की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद वह औली के लिए रवाना हो गईं। बताते हैं कि शाम को वापस लौटते वक्त जोरदार बर्फबारी हो गई। इससे मार्ग पर वाहन के फंसने का खतरा था। ऐसे में उन्होंने सुनील स्थित आइटीबीपी गेस्ट हाउस में रुकना उचित समझा। शुक्रवार सुबह वह औली से विष्णुप्रयाग के निकट मारवाड़ी स्थित जेपी गेस्ट हाउस चली गईं। बता दें कि प्रदेश में पंद्रह फरवरी को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है। वहीं उमा बीजेपी की स्टार प्रचारक भी हैं। ऐसा माना जा रहा है कि उनके यहां रहने से बीजेपी मजबूत होगी।
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तेजपुरः देश में विवादित बयान देने की जैसे होड़ सी लग गई है. इस मामले में सभी पार्टियों के नेता एक-दूसरे से एक कदम आगे रहने के लिए आतुर नजर आ रहे हैं. ताजा मामला असम का है, जहां तेजपुर से बीजेपी सांसद आर. पी. शर्मा ने इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए एक और विवादित बयान दे डाला. सांसद शर्मा ने कहा, 'जो लोग बलात्कार जैसे जघन्य अपराध करते हैं, उन्हें सबके सामने गोली मार दी जानी चाहिए. ' उन्होंने आगे कहा कि जो महिलाओं का सम्मान नहीं करते, उनके साथ भी ऐसा ही किया जाना चाहिए.
तेजपुर के सांसद शर्मा ने ऐसे वक्त में बयान दिया है जब बीते 24 मार्च को असम के नगांव जिले के धनियाभेती लालगंज गांव में 5वीं में पढ़ने वाली एक मासूम के साथ गैंगरेप किया गया. आरोपियों ने उसे हवस का शिकार बनाने के बाद आग के हवाले कर दिया. पीड़ित बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई थी. पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को पकड़ा है. दोनों नाबालिग हैं. बताया जा रहा है कि आरोपियों ने पुलिस के सामने अपना गुनाह भी कबूल कर लिया है. पुलिस तीन अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है.
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तेजपुरः देश में विवादित बयान देने की जैसे होड़ सी लग गई है. इस मामले में सभी पार्टियों के नेता एक-दूसरे से एक कदम आगे रहने के लिए आतुर नजर आ रहे हैं. ताजा मामला असम का है, जहां तेजपुर से बीजेपी सांसद आर. पी. शर्मा ने इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए एक और विवादित बयान दे डाला. सांसद शर्मा ने कहा, 'जो लोग बलात्कार जैसे जघन्य अपराध करते हैं, उन्हें सबके सामने गोली मार दी जानी चाहिए. ' उन्होंने आगे कहा कि जो महिलाओं का सम्मान नहीं करते, उनके साथ भी ऐसा ही किया जाना चाहिए. तेजपुर के सांसद शर्मा ने ऐसे वक्त में बयान दिया है जब बीते चौबीस मार्च को असम के नगांव जिले के धनियाभेती लालगंज गांव में पाँचवीं में पढ़ने वाली एक मासूम के साथ गैंगरेप किया गया. आरोपियों ने उसे हवस का शिकार बनाने के बाद आग के हवाले कर दिया. पीड़ित बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई थी. पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को पकड़ा है. दोनों नाबालिग हैं. बताया जा रहा है कि आरोपियों ने पुलिस के सामने अपना गुनाह भी कबूल कर लिया है. पुलिस तीन अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है.
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आपने निश्चित रूप से बेन ब्रूनो के काम को देखा है- उसके ग्राहकों के छेड़छाड़ किए गए परिणाम दुनिया भर में मूवी स्क्रीन पर पेश किए गए हैं। ब्रूनो को हॉलीवुड के गुप्त हथियार के रूप में जाना जाता है, चुनिंदा कुछ लोगों में से एक है कि ए-लिस्ट एक्टर्स कॉल करते हैं जब वे एक बड़ी बजट कार्रवाई भूमिका निभाते हैं और दुबला मांसपेशियों के तेजी से स्लैब जोड़ने की आवश्यकता होती है।
ब्रूनो कहते हैं, "जब मैं किसी व्यक्ति को एक हिस्से के आकार में मदद करता हूं, तो हम मुख्य रूप से अपने ऊपरी शरीर के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करते हैं।" अपनी छाती, बाहों, कंधे, और पीछे क्यों? ब्रूनो कहते हैं, "बस सुपरमैन को देखो- एक बड़ा ऊपरी शरीर आपको क्या देखता है, और दिखाता है कि आप आकार में हैं।"
समस्या यह है कि ज्यादातर पुरुष अपने ऊपरी आधे को सभी गलत प्रशिक्षण देते हैं। खराब अभ्यासों का चयन करने से, पर्याप्त परिश्रम नहीं कर रहे हैं, या पूरी तरह से अपने निचले शरीर को देखकर, परिणाम असंतुलन और चोट से, समय और प्रयास बर्बाद करने के लिए हैं। एक चीज जो आप शायद ही कभी देखते हैंः परिणाम जो आप चाहते हैं।
ब्रूनो का बीमार यही कारण है कि वह अधिक मांसपेशियों को ऊपर बनाने के लिए अपने जाने-जाने के कार्यक्रम को प्रकट करने पर सहमत हुए हैं। से अंतिम ऊपरी शरीर पुरुषों का स्वास्थ्य वह वही कार्यक्रम है जिसका इस्तेमाल उसने बड़े-छोटे ग्रीक देवताओं में सबसे कमजोर, नरम लोगों को बदलने के लिए किया है।
कार्यक्रम कठिन है, लेकिन यह काम करता है। बर्नो के हाथ से चुने गए कदमों के साथ अपने ऊपरी शरीर को हथौड़ा करके, आप अपनी मांसपेशियों को जल्दी से अनुकूलित करने और वसा को बहाल करते समय नई मांसपेशियों पर पैक करने में सदमे डाल देंगे।
लेकिन आप कड़ी मेहनत नहीं करेंगे, आप भी बेहतर काम करेंगे। ब्रूनो कहते हैं, "जादू" अभ्यास में है और सप्ताहों और महीनों में वे कैसे बुने जाते हैं। से अंतिम ऊपरी शरीर पुरुषों का स्वास्थ्य अत्याधुनिक, मांसपेशियों के निर्माण दर्शनों के कुछ हद तक आराम करता है जो अभी तक ब्रूनो में विफल नहीं हुए हैं। यहां महज कुछ हैं।
ब्रूनो कहते हैं, "यहां तक कि यदि आपका लक्ष्य एक बड़ा ऊपरी शरीर बनाना है," आपको अपने निचले शरीर को भी काम करने की ज़रूरत है। "इसके दो कारण हैं। ब्रूनो कहते हैं, "सबसे पहले, कोई भी चिकन पैर नहीं चाहता है।" "दूसरा, निचले शरीर के व्यायाम अधिक चयापचय कर लगते हैं, जिससे आप पूरे कार्यक्रम में दुबला रह सकते हैं।"
ब्रूनो कहते हैं, लेकिन एक पकड़ हैः "मैं केवल निम्न-शरीर की चाल चुनता हूं जो आपके अंतिम लक्ष्य पर वापस आते हैंः एक बड़ा ऊपरी शरीर बनाते हैं।"
नतीजतन, आपको ब्रूनो की अल्टीमेट ऊपरी बॉडी प्लान में उदाहरण के लिए, लोहे के बैक स्क्वाट के समान सामान्य निचले शरीर "मांसपेशियों के निर्माण के स्टेपल" नहीं मिलेगा। "इस तरह के व्यायाम अच्छे हैं, लेकिन वे आपके ऊपरी शरीर को उतने फायदे नहीं देते हैं," वे कहते हैं।
इसके बजाए, ब्रूनो का कार्यक्रम अपरंपरागत स्क्वाट और डेडलिफ्ट भिन्नताओं पर केंद्रित है जो आपके बाहों, पीठ, कंधे और कोर को जितना ही आपके पैरों पर हथियार देते हैं।
वह जो निचले शरीर के आंदोलनों को चुनता है वह इतना प्रभावी है कि आपको केवल एक कसरत करने की आवश्यकता होगी। सिर्फ यह जानना चाहते हैं कि कितना प्रभावी है? भारी जाल बार deadlifts कोशिश करें।
यहां यह कैसे करेंः वजन के साथ एक ट्रैप बार लोड करें, आप केवल आठ बार उठा सकते हैं और इसके अंदर खड़े हो सकते हैं, आपके पैर कंधे-चौड़ाई। अपने कूल्हों और घुटनों पर झुकाएं और हैंडल पकड़ो। अपने कोर को ब्रेस करें और अपनी निचली पीठ को सीधे रखें जब आप अपना धड़ खींचें और बार के साथ sanding, अपने कूल्हों को आगे बढ़ाएं। रोकें। मंजिल पर बार को कम करें और दोहराएं। आठ प्रतिनिधि करो यह एक सेट है। चार कुल करो।
अपने ऊपरी शरीर को और भी कठिन बनाने के लिए, प्रत्येक प्रतिनिधि के शीर्ष पर तीन से पांच सेकंड तक रोकें। (यदि आपके जिम में जाल बार नहीं है, तो आप भारी केटलबेल गोबलेट स्क्वाट से भी इसी तरह के प्रभाव प्राप्त कर सकते हैं।)
जबकि डेडलिफ्ट को निचले शरीर के व्यायाम के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जो आपके पक्षों पर भारी भार रखता है-जैसा कि आप जाल बार भिन्नता के दौरान करते हैं-आपकी पकड़, बाहों, कंधे और पीठ को उजागर करेंगे। आपके ऊपरी शरीर को आपके निचले शरीर जितना ही चुनौती दी जाएगी।
बेंच प्रेस सोमवार को लिफ्टर्स के बीच एक निकट-सांस्कृतिक गुणवत्ता है। और जब बेंच प्रेस के कुछ गंभीर लाभ होते हैं, तो आप यह जानकर आश्चर्यचकित हो सकते हैं कि यह अत्यधिक हो सकता है कि आपका ऊपरी शरीर उतना उच्चारण नहीं है जितना आप चाहें।
बहुत अधिक बेंच दबाने से आपकी छाती की मांसपेशियों को मजबूत किया जाता है। उन तंग मांसपेशियों को आपके कंधों को एक फिसल गई स्थिति में आगे खींचें, जो आपको क्सीसिमोडो जैसा दिख सकता है।
ब्रूनो कहते हैं, "यह उलझन में लगता है, लेकिन कई लोगों के लिए तुरंत आपके जैसे दिखने का सबसे तेज़ तरीका है कि आपके ऊपरी शरीर में आपकी मुद्रा में सुधार करना है।"
ऐसा करने का तरीकाः अपनी ताकत को संतुलित करें। ब्रूनो कहते हैं, पुरुषों के स्वास्थ्य अल्टीमेट ऊपरी बॉडी में शामिल महत्वपूर्ण रोइंग अभ्यासों के मुट्ठी भर करके, आप अपनी छाती के विपरीत मांसपेशियों को काम करेंगे। यह सभी दबाने का विरोध करता है, और बदले में, आपके कंधे के ब्लेड को वापस खींचता है, इसलिए आप लंबा खड़े होते हैं और मजबूत दिखते हैं।
एक हफ्ते में किए गए सभी कसरत में अभ्यास का विश्लेषण करें। बेंच प्रेस या पुशअप जैसे प्रत्येक दो "धक्का" अभ्यासों के लिए, आपको छाती-समर्थित डंबेल पंक्तियों, पुलअप, या बारबेल पंक्तियों जैसे तीन "खींचने" अभ्यास करना चाहिए। (क्या कोई डंबेल नहीं है? हम इन्हें सीएपी बारबेल से पसंद करते हैं।)
एक फिल्म स्टार के बारे में सोचें जो बहुमूल्य डॉलर की संपत्ति है। ब्रूनो करता है एथलीटों की तरह, उन्हें अपने लक्ष्यों को मारने के लिए कड़ी मेहनत करने की ज़रूरत होती है-बिना खुद को चोट पहुंचाए। यदि एक अभिनेता जिम में खुद को चोट पहुंचाता है, तो वह अपना प्राथमिक उद्देश्य निकाल देता है। सबसे अच्छा, एक पूरे मूवी उत्पादन को कुछ दिनों तक पकड़ लिया जाता है, स्टूडियो की सैकड़ों हजारों डॉलर खर्च होती है।सबसे बुरी स्थिति में, अभिनेता इतने लंबे समय तक पीछे हट गया है कि वह कभी भी फट नहीं पाएगा, और स्टूडियो को एक योजना बी मिलनी चाहिए।
ब्रूनो कहते हैं, आपको अपने शरीर को बहुमूल्य डॉलर की संपत्ति की तरह व्यवहार करना चाहिए। वह कहता है, आपके पास केवल एक शरीर है। "और चोटों से परहेज करने से आप लगातार कड़ी मेहनत कर सकते हैं, और यह प्रगति के लिए असली रहस्य है।"
ब्रूनो कहते हैं, सबसे अच्छा अभ्यास कम जोखिम, उच्च इनाम है। इसका मतलब है कि वे अधिक तकनीकी अभ्यास के सभी मांसपेशियों के निर्माण लाभ प्रदान करते हैं, लेकिन आपको जोखिम में नहीं डालते हैं।
ब्रूनो के पसंदीदा ऊपरी- और निचले शरीर की चाल, उदाहरण के लिए, क्रमशः कम-इनलाइन डंबेल बेंच प्रेस और बल्गेरियाई स्प्लिट स्क्वाट हैं। पूर्व कंधे की समस्याओं के कम जोखिम के साथ लोहे की बेंच प्रेस के लाभ प्रदान करता है, जबकि उत्तरार्द्ध आपके निचले आधे हिस्से को एक लोहे का बैक स्क्वाट जितना कठिन बनाता है, लेकिन आपकी पीठ, घुटनों या कूल्हों को चोट पहुंचाने की संभावना कम होती है। (टॉमी कॉपर से यह संपीड़न घुटने आस्तीन भी मदद कर सकता है।)
उनके से अंतिम ऊपरी शरीर पुरुषों का स्वास्थ्य उन लोगों की तरह चाल से भरा हुआ है, जिसका मतलब है कि आपकी लंबी चोटों से आपको इन वर्कआउट्स पर मुकाबला करने से पीछे नहीं रखा जाएगा।
अविश्वसनीय रूप से फट जाना शुरू करना चाहते हैं? आज ब्रूनो से पुरुषों के स्वास्थ्य परम ऊपरी शरीर की अपनी प्रति प्राप्त करें!
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आपने निश्चित रूप से बेन ब्रूनो के काम को देखा है- उसके ग्राहकों के छेड़छाड़ किए गए परिणाम दुनिया भर में मूवी स्क्रीन पर पेश किए गए हैं। ब्रूनो को हॉलीवुड के गुप्त हथियार के रूप में जाना जाता है, चुनिंदा कुछ लोगों में से एक है कि ए-लिस्ट एक्टर्स कॉल करते हैं जब वे एक बड़ी बजट कार्रवाई भूमिका निभाते हैं और दुबला मांसपेशियों के तेजी से स्लैब जोड़ने की आवश्यकता होती है। ब्रूनो कहते हैं, "जब मैं किसी व्यक्ति को एक हिस्से के आकार में मदद करता हूं, तो हम मुख्य रूप से अपने ऊपरी शरीर के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करते हैं।" अपनी छाती, बाहों, कंधे, और पीछे क्यों? ब्रूनो कहते हैं, "बस सुपरमैन को देखो- एक बड़ा ऊपरी शरीर आपको क्या देखता है, और दिखाता है कि आप आकार में हैं।" समस्या यह है कि ज्यादातर पुरुष अपने ऊपरी आधे को सभी गलत प्रशिक्षण देते हैं। खराब अभ्यासों का चयन करने से, पर्याप्त परिश्रम नहीं कर रहे हैं, या पूरी तरह से अपने निचले शरीर को देखकर, परिणाम असंतुलन और चोट से, समय और प्रयास बर्बाद करने के लिए हैं। एक चीज जो आप शायद ही कभी देखते हैंः परिणाम जो आप चाहते हैं। ब्रूनो का बीमार यही कारण है कि वह अधिक मांसपेशियों को ऊपर बनाने के लिए अपने जाने-जाने के कार्यक्रम को प्रकट करने पर सहमत हुए हैं। से अंतिम ऊपरी शरीर पुरुषों का स्वास्थ्य वह वही कार्यक्रम है जिसका इस्तेमाल उसने बड़े-छोटे ग्रीक देवताओं में सबसे कमजोर, नरम लोगों को बदलने के लिए किया है। कार्यक्रम कठिन है, लेकिन यह काम करता है। बर्नो के हाथ से चुने गए कदमों के साथ अपने ऊपरी शरीर को हथौड़ा करके, आप अपनी मांसपेशियों को जल्दी से अनुकूलित करने और वसा को बहाल करते समय नई मांसपेशियों पर पैक करने में सदमे डाल देंगे। लेकिन आप कड़ी मेहनत नहीं करेंगे, आप भी बेहतर काम करेंगे। ब्रूनो कहते हैं, "जादू" अभ्यास में है और सप्ताहों और महीनों में वे कैसे बुने जाते हैं। से अंतिम ऊपरी शरीर पुरुषों का स्वास्थ्य अत्याधुनिक, मांसपेशियों के निर्माण दर्शनों के कुछ हद तक आराम करता है जो अभी तक ब्रूनो में विफल नहीं हुए हैं। यहां महज कुछ हैं। ब्रूनो कहते हैं, "यहां तक कि यदि आपका लक्ष्य एक बड़ा ऊपरी शरीर बनाना है," आपको अपने निचले शरीर को भी काम करने की ज़रूरत है। "इसके दो कारण हैं। ब्रूनो कहते हैं, "सबसे पहले, कोई भी चिकन पैर नहीं चाहता है।" "दूसरा, निचले शरीर के व्यायाम अधिक चयापचय कर लगते हैं, जिससे आप पूरे कार्यक्रम में दुबला रह सकते हैं।" ब्रूनो कहते हैं, लेकिन एक पकड़ हैः "मैं केवल निम्न-शरीर की चाल चुनता हूं जो आपके अंतिम लक्ष्य पर वापस आते हैंः एक बड़ा ऊपरी शरीर बनाते हैं।" नतीजतन, आपको ब्रूनो की अल्टीमेट ऊपरी बॉडी प्लान में उदाहरण के लिए, लोहे के बैक स्क्वाट के समान सामान्य निचले शरीर "मांसपेशियों के निर्माण के स्टेपल" नहीं मिलेगा। "इस तरह के व्यायाम अच्छे हैं, लेकिन वे आपके ऊपरी शरीर को उतने फायदे नहीं देते हैं," वे कहते हैं। इसके बजाए, ब्रूनो का कार्यक्रम अपरंपरागत स्क्वाट और डेडलिफ्ट भिन्नताओं पर केंद्रित है जो आपके बाहों, पीठ, कंधे और कोर को जितना ही आपके पैरों पर हथियार देते हैं। वह जो निचले शरीर के आंदोलनों को चुनता है वह इतना प्रभावी है कि आपको केवल एक कसरत करने की आवश्यकता होगी। सिर्फ यह जानना चाहते हैं कि कितना प्रभावी है? भारी जाल बार deadlifts कोशिश करें। यहां यह कैसे करेंः वजन के साथ एक ट्रैप बार लोड करें, आप केवल आठ बार उठा सकते हैं और इसके अंदर खड़े हो सकते हैं, आपके पैर कंधे-चौड़ाई। अपने कूल्हों और घुटनों पर झुकाएं और हैंडल पकड़ो। अपने कोर को ब्रेस करें और अपनी निचली पीठ को सीधे रखें जब आप अपना धड़ खींचें और बार के साथ sanding, अपने कूल्हों को आगे बढ़ाएं। रोकें। मंजिल पर बार को कम करें और दोहराएं। आठ प्रतिनिधि करो यह एक सेट है। चार कुल करो। अपने ऊपरी शरीर को और भी कठिन बनाने के लिए, प्रत्येक प्रतिनिधि के शीर्ष पर तीन से पांच सेकंड तक रोकें। जबकि डेडलिफ्ट को निचले शरीर के व्यायाम के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जो आपके पक्षों पर भारी भार रखता है-जैसा कि आप जाल बार भिन्नता के दौरान करते हैं-आपकी पकड़, बाहों, कंधे और पीठ को उजागर करेंगे। आपके ऊपरी शरीर को आपके निचले शरीर जितना ही चुनौती दी जाएगी। बेंच प्रेस सोमवार को लिफ्टर्स के बीच एक निकट-सांस्कृतिक गुणवत्ता है। और जब बेंच प्रेस के कुछ गंभीर लाभ होते हैं, तो आप यह जानकर आश्चर्यचकित हो सकते हैं कि यह अत्यधिक हो सकता है कि आपका ऊपरी शरीर उतना उच्चारण नहीं है जितना आप चाहें। बहुत अधिक बेंच दबाने से आपकी छाती की मांसपेशियों को मजबूत किया जाता है। उन तंग मांसपेशियों को आपके कंधों को एक फिसल गई स्थिति में आगे खींचें, जो आपको क्सीसिमोडो जैसा दिख सकता है। ब्रूनो कहते हैं, "यह उलझन में लगता है, लेकिन कई लोगों के लिए तुरंत आपके जैसे दिखने का सबसे तेज़ तरीका है कि आपके ऊपरी शरीर में आपकी मुद्रा में सुधार करना है।" ऐसा करने का तरीकाः अपनी ताकत को संतुलित करें। ब्रूनो कहते हैं, पुरुषों के स्वास्थ्य अल्टीमेट ऊपरी बॉडी में शामिल महत्वपूर्ण रोइंग अभ्यासों के मुट्ठी भर करके, आप अपनी छाती के विपरीत मांसपेशियों को काम करेंगे। यह सभी दबाने का विरोध करता है, और बदले में, आपके कंधे के ब्लेड को वापस खींचता है, इसलिए आप लंबा खड़े होते हैं और मजबूत दिखते हैं। एक हफ्ते में किए गए सभी कसरत में अभ्यास का विश्लेषण करें। बेंच प्रेस या पुशअप जैसे प्रत्येक दो "धक्का" अभ्यासों के लिए, आपको छाती-समर्थित डंबेल पंक्तियों, पुलअप, या बारबेल पंक्तियों जैसे तीन "खींचने" अभ्यास करना चाहिए। एक फिल्म स्टार के बारे में सोचें जो बहुमूल्य डॉलर की संपत्ति है। ब्रूनो करता है एथलीटों की तरह, उन्हें अपने लक्ष्यों को मारने के लिए कड़ी मेहनत करने की ज़रूरत होती है-बिना खुद को चोट पहुंचाए। यदि एक अभिनेता जिम में खुद को चोट पहुंचाता है, तो वह अपना प्राथमिक उद्देश्य निकाल देता है। सबसे अच्छा, एक पूरे मूवी उत्पादन को कुछ दिनों तक पकड़ लिया जाता है, स्टूडियो की सैकड़ों हजारों डॉलर खर्च होती है।सबसे बुरी स्थिति में, अभिनेता इतने लंबे समय तक पीछे हट गया है कि वह कभी भी फट नहीं पाएगा, और स्टूडियो को एक योजना बी मिलनी चाहिए। ब्रूनो कहते हैं, आपको अपने शरीर को बहुमूल्य डॉलर की संपत्ति की तरह व्यवहार करना चाहिए। वह कहता है, आपके पास केवल एक शरीर है। "और चोटों से परहेज करने से आप लगातार कड़ी मेहनत कर सकते हैं, और यह प्रगति के लिए असली रहस्य है।" ब्रूनो कहते हैं, सबसे अच्छा अभ्यास कम जोखिम, उच्च इनाम है। इसका मतलब है कि वे अधिक तकनीकी अभ्यास के सभी मांसपेशियों के निर्माण लाभ प्रदान करते हैं, लेकिन आपको जोखिम में नहीं डालते हैं। ब्रूनो के पसंदीदा ऊपरी- और निचले शरीर की चाल, उदाहरण के लिए, क्रमशः कम-इनलाइन डंबेल बेंच प्रेस और बल्गेरियाई स्प्लिट स्क्वाट हैं। पूर्व कंधे की समस्याओं के कम जोखिम के साथ लोहे की बेंच प्रेस के लाभ प्रदान करता है, जबकि उत्तरार्द्ध आपके निचले आधे हिस्से को एक लोहे का बैक स्क्वाट जितना कठिन बनाता है, लेकिन आपकी पीठ, घुटनों या कूल्हों को चोट पहुंचाने की संभावना कम होती है। उनके से अंतिम ऊपरी शरीर पुरुषों का स्वास्थ्य उन लोगों की तरह चाल से भरा हुआ है, जिसका मतलब है कि आपकी लंबी चोटों से आपको इन वर्कआउट्स पर मुकाबला करने से पीछे नहीं रखा जाएगा। अविश्वसनीय रूप से फट जाना शुरू करना चाहते हैं? आज ब्रूनो से पुरुषों के स्वास्थ्य परम ऊपरी शरीर की अपनी प्रति प्राप्त करें!
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- #New Zealandन्यूजीलैंड क्रिकेट के 'बेदखल' लीजेंड ट्रेंट बोल्ट के नेशनल टीम के लिए 'सपने'
New Zealand vs England, 2nd Test Day 4: न्यूजीलैंड और इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच में न्यूजीलैंड की टीम ने शानदार वापसी की है। फॉलोऑन के बाद बल्लेबाजी के लिए उतरी न्यूजीलैंड की टीम मैच में काफी मजबूत स्थिति में पहुंच गई है। न्यूजीलैंड ने अब 200 से अधिक रनों की लीड इंग्लैंड को देकर मैच में अपना पक्ष मजबूत कर लिया है। न्यूजीलैंड को इस पोजिशन पर लाने में पूर्व कप्तान केन विलियमसन का बड़ा हाथ रहा है।
करीब दो महीने बाद केन विलिमयन के बल्ले से शतक निकला है। न्यूजीलैंड को मैच में वापसी के लिए ऐसी पारी की ही जरूरत थी, विलियमसन ने शतक जड़कर न्यूजीलैंड को मैच में वापसी करा दी है। मुश्किल परिस्थितियों में अपने घर पर विलियमसन 14वां शतक जड़ने में सफल रहे। इसके साथ ही उन्होंने कई बड़े रिकॉर्ड को भी अपने नाम कर लिया। केन विलियमसन अपने टेस्ट करियर में अब तक 26 शतक जड़ चुके हैं।
न्यूजीलैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में केन विलियमसन अब टॉप पर पहुंच गए हैं। रॉस टेलर का रिकॉर्ड तोड़ते हुए केन विलियमसन ने अब यह बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। विलियमसन से पहले टेलर न्यूजीलैंड के लिए टेस्ट में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज थे। टेलर ने 7683 रन बनाए थे, लेकिन विलियमसन अब उनसे आगे निकल चुके हैं।
इंग्लैंड के खिलाफ शतक जड़ते ही केन विलियमसन ने पूर्व भारतीय खिलाड़ी सौरव गांगुली और वीरेंद्र सहवाग से भी आगे निकल गए हैं। दरअसल, इंटरनेशनल क्रिकेट में विलियमसन ने अपना 39वां शतक लगाकर सहवाग-गांगुली को पछाड़ दिया है। इसके अलावा इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज एलेस्टर कुक को भी केन विलियमसन ने पछाड़ने का काम किया। विलियमसन की शतकीय पारी की बदौलत न्यूजीलैंड ने खबर लिखे जाने तक 156 ओवर में 245 रनों की लीड ले ली है।
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- #New Zealandन्यूजीलैंड क्रिकेट के 'बेदखल' लीजेंड ट्रेंट बोल्ट के नेशनल टीम के लिए 'सपने' New Zealand vs England, दोnd Test Day चार: न्यूजीलैंड और इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच में न्यूजीलैंड की टीम ने शानदार वापसी की है। फॉलोऑन के बाद बल्लेबाजी के लिए उतरी न्यूजीलैंड की टीम मैच में काफी मजबूत स्थिति में पहुंच गई है। न्यूजीलैंड ने अब दो सौ से अधिक रनों की लीड इंग्लैंड को देकर मैच में अपना पक्ष मजबूत कर लिया है। न्यूजीलैंड को इस पोजिशन पर लाने में पूर्व कप्तान केन विलियमसन का बड़ा हाथ रहा है। करीब दो महीने बाद केन विलिमयन के बल्ले से शतक निकला है। न्यूजीलैंड को मैच में वापसी के लिए ऐसी पारी की ही जरूरत थी, विलियमसन ने शतक जड़कर न्यूजीलैंड को मैच में वापसी करा दी है। मुश्किल परिस्थितियों में अपने घर पर विलियमसन चौदहवां शतक जड़ने में सफल रहे। इसके साथ ही उन्होंने कई बड़े रिकॉर्ड को भी अपने नाम कर लिया। केन विलियमसन अपने टेस्ट करियर में अब तक छब्बीस शतक जड़ चुके हैं। न्यूजीलैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में केन विलियमसन अब टॉप पर पहुंच गए हैं। रॉस टेलर का रिकॉर्ड तोड़ते हुए केन विलियमसन ने अब यह बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। विलियमसन से पहले टेलर न्यूजीलैंड के लिए टेस्ट में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज थे। टेलर ने सात हज़ार छः सौ तिरासी रन बनाए थे, लेकिन विलियमसन अब उनसे आगे निकल चुके हैं। इंग्लैंड के खिलाफ शतक जड़ते ही केन विलियमसन ने पूर्व भारतीय खिलाड़ी सौरव गांगुली और वीरेंद्र सहवाग से भी आगे निकल गए हैं। दरअसल, इंटरनेशनल क्रिकेट में विलियमसन ने अपना उनतालीसवां शतक लगाकर सहवाग-गांगुली को पछाड़ दिया है। इसके अलावा इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज एलेस्टर कुक को भी केन विलियमसन ने पछाड़ने का काम किया। विलियमसन की शतकीय पारी की बदौलत न्यूजीलैंड ने खबर लिखे जाने तक एक सौ छप्पन ओवर में दो सौ पैंतालीस रनों की लीड ले ली है।
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मानव संसाधन मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। मीडिया से बातचीत करते हुए श्री जावड़ेकर ने बताया कि दाखिले के दौरान छात्रों को सहूलियत देने की दिशा में एक कदम उठाया गया है जिसके तहत फीस रीफंड और संस्थानों द्वारा मूल प्रमाण पत्रों को रखने संबंधी यूजीसी ने अधिसूचना जारी की है।
उन्होंने आगे कहा कि कुछ संस्थानों द्वारा जबरन और उनकी लोभ की नीयत की वजह से अपने देश के छात्रों को प्रवेश के दौरान कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। इसे देखते हुए छात्रों को सहूलियत देने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने फीस रीफंड करने और संस्थानों द्वारा मूल प्रमाण पत्रों को रखने संबंधी एक अधिसूचना जारी की है। अब एडमिशन फॉर्म जमा करते समय छात्रों को कोई भी असली दस्तावेज या प्रमाणपत्र देने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही अगर छात्र अपना एडमिशन वापस लेते हैं तो संस्थानों को उनकी फीस वापस करनी होगी। श्री जावड़ेकर ने बताया कि यह अधिसूचना यूजीसी एक्ट की धारा 2(एफ) के तहत चलने वाले विश्वविद्यालयों द्वारा संचालित स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध कार्यक्रमों के लिए लागू होगी। साथ ही यूजीसी एक्ट की धारा 3 के तहत आने वाले कॉलेजों और डीम्ड संस्थानों में भी यह अधिसूचना लागू होगी।
यह अधिसूचना निम्न शैक्षिक संस्थानों में प्रवेश की मांग करने वाले छात्रों को निम्नलिखित तरीके से सहायता करेगीः
- संस्थान केवल उस सेमेस्टर/वर्ष के लिए शुल्क ले सकते हैं जिसमें एक छात्र अकादमिक गतिविधियों में शामिल होना चाहता है।
- एडमिशन वापस लेने की स्थिति में संस्थानों को छात्रों की फीस वापस करनी होगी। यह काम निम्नलिखित तरीके से किया जाएगा।
I. 100 फीसदी- यदि कोई छात्र प्रवेश की औपचारिक रूप से अधिसूचित अंतिम तिथि से 15 दिन या उससे पहले एडमिशन वापस लेने का फैसला करता है तो उसकी पूरी फीस वापस कर दी जाएगी। प्रोसेसिंग फीस के तौर पर छात्र द्वारा दी गई फीस का 5% काटा जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 5000 रुपये होगी।
II. 90 फीसदी- यदि कोई छात्र प्रवेश की औपचारिक रूप से अधिसूचित अंतिम तिथि से 15 दिन पहले दाखिला वापस लेने का फैसला करता है तो उसकी 90% फीस लौटा दी जाएगी।
III. 80 फीसदी- यदि कोई छात्र प्रवेश की औपचारिक रूप से अधिसूचित अंतिम तिथि के 15 दिनों के अंदर दाखिला वापस लेता है।
IV. 50 फीसदी- यदि कोई छात्र प्रवेश की औपचारिक रूप से अधिसूचित अंतिम तिथि के 16 दिनों या 30 दिनों के बीच दाखिला वापस लेने का फैसला करता है।
V. शून्य- यदि कोई छात्र प्रवेश की औपचारिक रूप से अधिसूचित अंतिम तिथि के 30 दिनों के बाद एडमिशन वापस लेने का निर्णय लेता है तो उसे फीस लौटाई नहीं जाएगी।
VI. संपूर्ण कॉशन मनी और सिक्यूरिटी डिपॉजिट, जो फीस का हिस्सा नहीं है, वह पूरी तरह से वापस कर दी जाएगी।
VII. छात्र द्वारा एडमिशन वापस लेने का आवेदन देने के 15 दिनों के भीतर संस्थानों को उनकी फीस वापस करनी होगी।
एडमिशन फॉर्म भरते समय किसी भी छात्र को ओरिजिनल एकेडमिक या पर्सनल प्रमाणपत्र मसलन मार्कशीट, स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट आदि जमा करने की जरूरत नहीं होगी। यदि आवश्यक हो, तो संबंधित संस्थान केवल मूल प्रमाण पत्र के साथ सत्यापन सुनिश्चित करेगा और इन प्रमाणपत्रों को तुरंत छात्रों को वापस कर दिया जाएगा। कोई भी संस्थान इन प्रमाणपत्र को अपने कब्जे में नहीं रख सकता है।
· कोई भी संस्थान आवेदकों को अध्ययन के दौरान किसी भी समय संस्थागत प्रॉस्पेक्टस खरीदना अनिवार्य नहीं बना सकता है।
· सभी संस्थानों को अपनी वेबसाइट और प्रॉस्पेक्टस में संस्थानों की स्थिति, इसकी संबद्धता, मान्यता की स्थिति, भौतिक संपत्तियों और सुविधाओं, पाठ्यक्रम, विभिन्न कार्यक्रमों के लिए देय विभिन्न प्रकार की फीस के बारे में जानकारी देने की आवश्यकता होगी। साथ ही आवेदक के लिए एक पूरे कार्यक्रम के लिए देय कुल शुल्क, प्रवेश की अंतिम तिथि, संकायों का विवरण, गवर्निंग निकायों के सदस्यों और निकायों की बैठक के मिनट, आय के स्रोत, वित्तीय स्थिति और इसके कार्यकलाप के बारे में कोई अन्य जानकारी आदि वेबसाइट और प्रॉस्पेक्टस में पूरी तरह से होना चाहिए।
· यूजीसी (शिकायत निवारण) अधिनियम, 2012 के प्रावधानों के अनुसार सभी संस्थानों में शिकायतों के निवारण की व्यवस्था होनी चाहिए। इसका विवरण संस्थान की वेबसाइट पर होना चाहिए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि आवेदन करने के बाद सभी शिकायतों का निपटारा 30 दिनों के भीतर कर दिया जाए।
· यह अधिसूचना संस्थानों की चूक के खिलाफ सख्त दंडकारी कार्रवाइयों का अधिकार प्रदान करती है।
I. यूजीसी से अनुदान प्राप्त करने के लिए फिटनेस की घोषणा की वापसी।
II. संस्थानों को जारी अनुदान को रोका जा सकता है।
III. सामान्य या विशेष कार्यक्रमों के लिए यूजीसी से घोषित सहायता प्राप्त करने से संस्थानों को वंचित किया जा सकता है।
IV. अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए संस्थानों को अखबारों, मीडिया और आयोग की वेबसाइट पर में नोटिस देना होगा ताकि सभी को सूचना मुहैया कराई जा सके।
V. विश्वविद्यालयों से कॉलेजों या संस्थानों की संबद्धता समाप्त करने की सिफारिश की जा सकती है।
VI. संस्थान के डीम्ड होने की स्थिति में केंद्र सरकार से डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा वापस लेने की सिफारिश की जा सकती है।
VII. राज्य सरकारों के अधिनियम के तहत स्थापित विश्वविद्यालय के मामले में उचित कार्रवाई के लिए उपयुक्त राज्य सरकारों से सिफारिश की जाएगी।
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मानव संसाधन मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। मीडिया से बातचीत करते हुए श्री जावड़ेकर ने बताया कि दाखिले के दौरान छात्रों को सहूलियत देने की दिशा में एक कदम उठाया गया है जिसके तहत फीस रीफंड और संस्थानों द्वारा मूल प्रमाण पत्रों को रखने संबंधी यूजीसी ने अधिसूचना जारी की है। उन्होंने आगे कहा कि कुछ संस्थानों द्वारा जबरन और उनकी लोभ की नीयत की वजह से अपने देश के छात्रों को प्रवेश के दौरान कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। इसे देखते हुए छात्रों को सहूलियत देने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने फीस रीफंड करने और संस्थानों द्वारा मूल प्रमाण पत्रों को रखने संबंधी एक अधिसूचना जारी की है। अब एडमिशन फॉर्म जमा करते समय छात्रों को कोई भी असली दस्तावेज या प्रमाणपत्र देने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही अगर छात्र अपना एडमिशन वापस लेते हैं तो संस्थानों को उनकी फीस वापस करनी होगी। श्री जावड़ेकर ने बताया कि यह अधिसूचना यूजीसी एक्ट की धारा दो के तहत चलने वाले विश्वविद्यालयों द्वारा संचालित स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध कार्यक्रमों के लिए लागू होगी। साथ ही यूजीसी एक्ट की धारा तीन के तहत आने वाले कॉलेजों और डीम्ड संस्थानों में भी यह अधिसूचना लागू होगी। यह अधिसूचना निम्न शैक्षिक संस्थानों में प्रवेश की मांग करने वाले छात्रों को निम्नलिखित तरीके से सहायता करेगीः - संस्थान केवल उस सेमेस्टर/वर्ष के लिए शुल्क ले सकते हैं जिसमें एक छात्र अकादमिक गतिविधियों में शामिल होना चाहता है। - एडमिशन वापस लेने की स्थिति में संस्थानों को छात्रों की फीस वापस करनी होगी। यह काम निम्नलिखित तरीके से किया जाएगा। I. एक सौ फीसदी- यदि कोई छात्र प्रवेश की औपचारिक रूप से अधिसूचित अंतिम तिथि से पंद्रह दिन या उससे पहले एडमिशन वापस लेने का फैसला करता है तो उसकी पूरी फीस वापस कर दी जाएगी। प्रोसेसिंग फीस के तौर पर छात्र द्वारा दी गई फीस का पाँच% काटा जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा पाँच हज़ार रुपयापये होगी। II. नब्बे फीसदी- यदि कोई छात्र प्रवेश की औपचारिक रूप से अधिसूचित अंतिम तिथि से पंद्रह दिन पहले दाखिला वापस लेने का फैसला करता है तो उसकी नब्बे% फीस लौटा दी जाएगी। III. अस्सी फीसदी- यदि कोई छात्र प्रवेश की औपचारिक रूप से अधिसूचित अंतिम तिथि के पंद्रह दिनों के अंदर दाखिला वापस लेता है। IV. पचास फीसदी- यदि कोई छात्र प्रवेश की औपचारिक रूप से अधिसूचित अंतिम तिथि के सोलह दिनों या तीस दिनों के बीच दाखिला वापस लेने का फैसला करता है। V. शून्य- यदि कोई छात्र प्रवेश की औपचारिक रूप से अधिसूचित अंतिम तिथि के तीस दिनों के बाद एडमिशन वापस लेने का निर्णय लेता है तो उसे फीस लौटाई नहीं जाएगी। VI. संपूर्ण कॉशन मनी और सिक्यूरिटी डिपॉजिट, जो फीस का हिस्सा नहीं है, वह पूरी तरह से वापस कर दी जाएगी। VII. छात्र द्वारा एडमिशन वापस लेने का आवेदन देने के पंद्रह दिनों के भीतर संस्थानों को उनकी फीस वापस करनी होगी। एडमिशन फॉर्म भरते समय किसी भी छात्र को ओरिजिनल एकेडमिक या पर्सनल प्रमाणपत्र मसलन मार्कशीट, स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट आदि जमा करने की जरूरत नहीं होगी। यदि आवश्यक हो, तो संबंधित संस्थान केवल मूल प्रमाण पत्र के साथ सत्यापन सुनिश्चित करेगा और इन प्रमाणपत्रों को तुरंत छात्रों को वापस कर दिया जाएगा। कोई भी संस्थान इन प्रमाणपत्र को अपने कब्जे में नहीं रख सकता है। · कोई भी संस्थान आवेदकों को अध्ययन के दौरान किसी भी समय संस्थागत प्रॉस्पेक्टस खरीदना अनिवार्य नहीं बना सकता है। · सभी संस्थानों को अपनी वेबसाइट और प्रॉस्पेक्टस में संस्थानों की स्थिति, इसकी संबद्धता, मान्यता की स्थिति, भौतिक संपत्तियों और सुविधाओं, पाठ्यक्रम, विभिन्न कार्यक्रमों के लिए देय विभिन्न प्रकार की फीस के बारे में जानकारी देने की आवश्यकता होगी। साथ ही आवेदक के लिए एक पूरे कार्यक्रम के लिए देय कुल शुल्क, प्रवेश की अंतिम तिथि, संकायों का विवरण, गवर्निंग निकायों के सदस्यों और निकायों की बैठक के मिनट, आय के स्रोत, वित्तीय स्थिति और इसके कार्यकलाप के बारे में कोई अन्य जानकारी आदि वेबसाइट और प्रॉस्पेक्टस में पूरी तरह से होना चाहिए। · यूजीसी अधिनियम, दो हज़ार बारह के प्रावधानों के अनुसार सभी संस्थानों में शिकायतों के निवारण की व्यवस्था होनी चाहिए। इसका विवरण संस्थान की वेबसाइट पर होना चाहिए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि आवेदन करने के बाद सभी शिकायतों का निपटारा तीस दिनों के भीतर कर दिया जाए। · यह अधिसूचना संस्थानों की चूक के खिलाफ सख्त दंडकारी कार्रवाइयों का अधिकार प्रदान करती है। I. यूजीसी से अनुदान प्राप्त करने के लिए फिटनेस की घोषणा की वापसी। II. संस्थानों को जारी अनुदान को रोका जा सकता है। III. सामान्य या विशेष कार्यक्रमों के लिए यूजीसी से घोषित सहायता प्राप्त करने से संस्थानों को वंचित किया जा सकता है। IV. अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए संस्थानों को अखबारों, मीडिया और आयोग की वेबसाइट पर में नोटिस देना होगा ताकि सभी को सूचना मुहैया कराई जा सके। V. विश्वविद्यालयों से कॉलेजों या संस्थानों की संबद्धता समाप्त करने की सिफारिश की जा सकती है। VI. संस्थान के डीम्ड होने की स्थिति में केंद्र सरकार से डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा वापस लेने की सिफारिश की जा सकती है। VII. राज्य सरकारों के अधिनियम के तहत स्थापित विश्वविद्यालय के मामले में उचित कार्रवाई के लिए उपयुक्त राज्य सरकारों से सिफारिश की जाएगी।
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मेष राशिफल (Aries Rashifal)
अगर आप चाहते हैं कि सबका समर्थन मिले तो आज आप अपने व्यवहार में थोड़ा परिवर्तन लाएं.
वृष राशिफल (Taurus Rashifal)
आपके जितने भी छोटे काम हैं उन्हें जल्द से जल्द निपटा लें क्योंकि आपको बहुत जल्दी बहुत बड़ा काम मिलने वाला है जिसे पूरा करने के लिए आपको बहुत एकाग्रता की जरूरत पड़ेगी.
मिथुन राशिफल (Gemini Rashifal)
आज आप किसी ऐसे दोस्त से मिल सकते हैं जिसे आप काफी दिनों से नहीं मिले थे और इस दोस्त का मिलना आपके लिए सरप्राइज होगा. नया साल आने वाला है तो इस नए साल की खुशियों को इस पुराने दोस्त के साथ मनाएं.
कर्क राशिफल (Cancer Rashifal)
थोडा खाली समय निकालें अपने लिए और अपने किसी करीबी के साथ वक्त बिताएं. आपको अच्छा लगेगा.
सिंह राशिफल (Leo Rashifal)
आज दूसरों के साथ अपने विचार रखने पर आपको थोड़ा ध्यान रखने की जरूरत है. कहीं गलती से ऐसी बात न बोल दें जिससे लोगों को बुरा लग जाए. इस बात पर जरा गौर कीजिए.
कन्या राशिफल (Virgo Rashifal)
आज आपका करीबी आपसे मदद की उम्मीद कर सकता है और आपसे मदद मांग भी सकता है. उसकी मदद करने में पीछे न हटें.
तुला राशिफल (Libra Rashifal)
हर रिश्ते को आगे बढ़ाने के लिए आपसी समझ जरूरी होती है. आपका रिश्ता भी यही मांग कर रहा है. आज जितना हो सके अपना वक्त उस दिल के रिश्ते को दें जो आपने किसी के साथ जोड़ा है.
वृश्चिक राशिफल (Scorpio Rashifal)
जो फाइनेंशियल इश्यू आपको काफी दिनों से परेशान कर रहे थे आज आपको उसका हल मिल सकता है. इसलिए आज आपकी चिंता खत्म हो जाएगी.
धनु राशिफल (Sagittarius Rashifal)
आपका दिल आपसे कुछ कहने की कोशिश कर रहा है लेकिन आप अपने दिल को सुनने के लिए तैयार नहीं हैं. आज अपनी दिल की सुनें. वह आपसे क्या कहना चाहता है उसे जानने की कोशिश करें और आपका दिल आपसे जैसा कहता है बस वैसा ही करें.
मकर राशिफल (Capricorn Rashifal)
कोई ऐसा इंपॉर्टेंट इश्यू आज आपके सामने खड़ा हो सकता है जिसको लेकर आपको निर्णय लेने में बहुत प्रॉब्लम होगी. जो भी आपको सही लगता है उसी का साथ दें. जो गलत है उसका साथ बिलकुल न दें.
कुंभ राशिफल (Aquarius Rashifal)
बहुत सारी अच्छी-अच्छी चीजें आपका इंतजार कर रही हैं. पिछले दिनों आपने जो भी प्रॉब्लम सहे हैं ये उसका मीठा फल है. तो आज उस मीठे फल को खाने के लिए तैयार रहें.
मीन राशिफल (Pisces Rashifal)
आज का दिन है अपने कॅरियर को लेकर कोई बोल्ड स्टेप उठाने का. आप जिस भी फील्ड में जाने चाहते हैं पहले उस फील्ड के बारे काफी जानकारी इकट्ठा करें उसके बाद अपने कदम को आगे बढ़ाएं. तरक्की आपकी कदम चूमेगी.
Daily Rashifal for 27 December, 2011 on Jagran Horoscope Blog.
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मेष राशिफल अगर आप चाहते हैं कि सबका समर्थन मिले तो आज आप अपने व्यवहार में थोड़ा परिवर्तन लाएं. वृष राशिफल आपके जितने भी छोटे काम हैं उन्हें जल्द से जल्द निपटा लें क्योंकि आपको बहुत जल्दी बहुत बड़ा काम मिलने वाला है जिसे पूरा करने के लिए आपको बहुत एकाग्रता की जरूरत पड़ेगी. मिथुन राशिफल आज आप किसी ऐसे दोस्त से मिल सकते हैं जिसे आप काफी दिनों से नहीं मिले थे और इस दोस्त का मिलना आपके लिए सरप्राइज होगा. नया साल आने वाला है तो इस नए साल की खुशियों को इस पुराने दोस्त के साथ मनाएं. कर्क राशिफल थोडा खाली समय निकालें अपने लिए और अपने किसी करीबी के साथ वक्त बिताएं. आपको अच्छा लगेगा. सिंह राशिफल आज दूसरों के साथ अपने विचार रखने पर आपको थोड़ा ध्यान रखने की जरूरत है. कहीं गलती से ऐसी बात न बोल दें जिससे लोगों को बुरा लग जाए. इस बात पर जरा गौर कीजिए. कन्या राशिफल आज आपका करीबी आपसे मदद की उम्मीद कर सकता है और आपसे मदद मांग भी सकता है. उसकी मदद करने में पीछे न हटें. तुला राशिफल हर रिश्ते को आगे बढ़ाने के लिए आपसी समझ जरूरी होती है. आपका रिश्ता भी यही मांग कर रहा है. आज जितना हो सके अपना वक्त उस दिल के रिश्ते को दें जो आपने किसी के साथ जोड़ा है. वृश्चिक राशिफल जो फाइनेंशियल इश्यू आपको काफी दिनों से परेशान कर रहे थे आज आपको उसका हल मिल सकता है. इसलिए आज आपकी चिंता खत्म हो जाएगी. धनु राशिफल आपका दिल आपसे कुछ कहने की कोशिश कर रहा है लेकिन आप अपने दिल को सुनने के लिए तैयार नहीं हैं. आज अपनी दिल की सुनें. वह आपसे क्या कहना चाहता है उसे जानने की कोशिश करें और आपका दिल आपसे जैसा कहता है बस वैसा ही करें. मकर राशिफल कोई ऐसा इंपॉर्टेंट इश्यू आज आपके सामने खड़ा हो सकता है जिसको लेकर आपको निर्णय लेने में बहुत प्रॉब्लम होगी. जो भी आपको सही लगता है उसी का साथ दें. जो गलत है उसका साथ बिलकुल न दें. कुंभ राशिफल बहुत सारी अच्छी-अच्छी चीजें आपका इंतजार कर रही हैं. पिछले दिनों आपने जो भी प्रॉब्लम सहे हैं ये उसका मीठा फल है. तो आज उस मीठे फल को खाने के लिए तैयार रहें. मीन राशिफल आज का दिन है अपने कॅरियर को लेकर कोई बोल्ड स्टेप उठाने का. आप जिस भी फील्ड में जाने चाहते हैं पहले उस फील्ड के बारे काफी जानकारी इकट्ठा करें उसके बाद अपने कदम को आगे बढ़ाएं. तरक्की आपकी कदम चूमेगी. Daily Rashifal for सत्ताईस दिसंबरember, दो हज़ार ग्यारह on Jagran Horoscope Blog.
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गया और उसके कामों में सहायता दी गयी । १६२० एक संस्था क्यूरी के नाम से बनायी गयी जिसका उद्देश्य रेडियम भवन के लिये धन एकत्र करना और उसके वैज्ञानिक तथा उपचार सम्बन्धी काम को सहायता देना था।
१६२२ में चिकित्सक परिषद के पैंतीस सदस्यों ने अपने सहयोगी सदस्यों को यह पत्र भेजा -"हम लोगों का विचार है कि रेडियम तथा क्यूरी थिरैपी द्वारा उपचार के आविष्कार के उपलक्ष में श्रीमती क्यूरी को सदस्य बना कर एकेडेमी परिषद अपने को सम्मानित करेगी ।"
अपने ढङ्ग का यह एक क्रांतिकारी पत्र था। आज तक न केवल किसी स्त्री को एकेडेमी की सदस्यता प्राप्त हुई थी, अपितु किसी को भी बिना उम्मीदवार बने स्वतः निर्वाचित नहीं किया गया था । चौसठ सदस्यों ने उत्साह पूर्वक इस पर हस्ताक्षर किया और सब उम्मीदवारों ने श्रीमती क्यूरी के पक्ष में स्थान रित कर दिया ।
७ फरवरी १६२२ को निर्वाचन हुआ । एकेडेमी के सभापति ने ये शब्द कहे - "एक महान वैज्ञानिक, एक विशाल हृदय की महिला जो अपने काम में सदा लगन और अनासक्त भाव से लगी रही है, तथा एक देश भक्त होने के नाते जिसने युद्ध और शान्ति में अपने कर्तव्य से भी अधिक कर दिखाया है । हम लोग आपको नमस्कार करते हैं। आपका यहाँ होना हमें यह अवसर देगा कि हम आपके नाम की प्रभुता तथा आपके उदाहरण से नैतिक लाभ उठा सकें। हम लोग आपको धन्यवाद देते हैं। हम लोगों में आपका होना हमारे लिये गौरव की बात है। एकेडेमी में प्रवेश करनेवाली आप पहली महिला हैं परन्तु दूसरी कौन स्त्री से अधिक योग्य हो सकती
१९२३ में 'क्यूरी स्मारक संस्था ने रेडियम के आविष्कार की
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गया और उसके कामों में सहायता दी गयी । एक हज़ार छः सौ बीस एक संस्था क्यूरी के नाम से बनायी गयी जिसका उद्देश्य रेडियम भवन के लिये धन एकत्र करना और उसके वैज्ञानिक तथा उपचार सम्बन्धी काम को सहायता देना था। एक हज़ार छः सौ बाईस में चिकित्सक परिषद के पैंतीस सदस्यों ने अपने सहयोगी सदस्यों को यह पत्र भेजा -"हम लोगों का विचार है कि रेडियम तथा क्यूरी थिरैपी द्वारा उपचार के आविष्कार के उपलक्ष में श्रीमती क्यूरी को सदस्य बना कर एकेडेमी परिषद अपने को सम्मानित करेगी ।" अपने ढङ्ग का यह एक क्रांतिकारी पत्र था। आज तक न केवल किसी स्त्री को एकेडेमी की सदस्यता प्राप्त हुई थी, अपितु किसी को भी बिना उम्मीदवार बने स्वतः निर्वाचित नहीं किया गया था । चौसठ सदस्यों ने उत्साह पूर्वक इस पर हस्ताक्षर किया और सब उम्मीदवारों ने श्रीमती क्यूरी के पक्ष में स्थान रित कर दिया । सात फरवरी एक हज़ार छः सौ बाईस को निर्वाचन हुआ । एकेडेमी के सभापति ने ये शब्द कहे - "एक महान वैज्ञानिक, एक विशाल हृदय की महिला जो अपने काम में सदा लगन और अनासक्त भाव से लगी रही है, तथा एक देश भक्त होने के नाते जिसने युद्ध और शान्ति में अपने कर्तव्य से भी अधिक कर दिखाया है । हम लोग आपको नमस्कार करते हैं। आपका यहाँ होना हमें यह अवसर देगा कि हम आपके नाम की प्रभुता तथा आपके उदाहरण से नैतिक लाभ उठा सकें। हम लोग आपको धन्यवाद देते हैं। हम लोगों में आपका होना हमारे लिये गौरव की बात है। एकेडेमी में प्रवेश करनेवाली आप पहली महिला हैं परन्तु दूसरी कौन स्त्री से अधिक योग्य हो सकती एक हज़ार नौ सौ तेईस में 'क्यूरी स्मारक संस्था ने रेडियम के आविष्कार की
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बेंगलुरू, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। कर्नाटक में पिछले 19 घंटों के दौरान कोरोनावायरस के आठ नए मामले सामने आए। इसके साथ ही राज्य में संक्रमितों की संख्या 511 हो गई है।
आठ नए मामलों में, पांच पुरुष और तीन महिलाएं हैं, जिनमें एक 13 साल का लड़का भी शामिल है।
आठ नए मामलों में से, पांच पहले के मामलों के संपर्क में रहे हैं, जबकि लड़का एन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) से पीड़ित है।
नए मामलों में, दक्षिण कन्नड़, जामखंडी, बगलकोट और विजयपुरा से दो-दो और बेंगलुरू शहरी और नागमंगला, मंड्या से एक-एक शामिल हैं।
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बेंगलुरू, सत्ताईस अप्रैल । कर्नाटक में पिछले उन्नीस घंटाटों के दौरान कोरोनावायरस के आठ नए मामले सामने आए। इसके साथ ही राज्य में संक्रमितों की संख्या पाँच सौ ग्यारह हो गई है। आठ नए मामलों में, पांच पुरुष और तीन महिलाएं हैं, जिनमें एक तेरह साल का लड़का भी शामिल है। आठ नए मामलों में से, पांच पहले के मामलों के संपर्क में रहे हैं, जबकि लड़का एन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी से पीड़ित है। नए मामलों में, दक्षिण कन्नड़, जामखंडी, बगलकोट और विजयपुरा से दो-दो और बेंगलुरू शहरी और नागमंगला, मंड्या से एक-एक शामिल हैं।
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एम्सटरडमः नीदरलैंड के उट्रेक्ट शहर में सोमवार को गोलीबारी में कुछ लोगों के घायल होने की खबर है. उट्रेक्ट पुलिस के ट्विटर अकाउंट में कहा गया है कि गोलीबारी की घटना में कई लोगों के घायल होने की खबर है. लोगों की मदद के लिए हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं. इस घटना में एक शख्स के मौत की भी खबर है.
पुलिस के मुताबिक, इस घटना में आतंकी शामिल हो सकते हैं. लोगों से अपील की है कि वह घटनास्थल से दूर रहें और सुरक्षाबलों को उनका काम करने दें.
The police is investigating the shooting at the #24oktoberplein in Utrecht this morning. An possible terrorist motif is part of the investigation.
A shooting occurred on the #24oktoberplein in #Utrecht. The incident has been reported at 10. 45 hour. Multiple people have been injured. The surrounding area has been cordoned off and we are investigating the matter.
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एम्सटरडमः नीदरलैंड के उट्रेक्ट शहर में सोमवार को गोलीबारी में कुछ लोगों के घायल होने की खबर है. उट्रेक्ट पुलिस के ट्विटर अकाउंट में कहा गया है कि गोलीबारी की घटना में कई लोगों के घायल होने की खबर है. लोगों की मदद के लिए हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं. इस घटना में एक शख्स के मौत की भी खबर है. पुलिस के मुताबिक, इस घटना में आतंकी शामिल हो सकते हैं. लोगों से अपील की है कि वह घटनास्थल से दूर रहें और सुरक्षाबलों को उनका काम करने दें. The police is investigating the shooting at the #चौबीसoktoberplein in Utrecht this morning. An possible terrorist motif is part of the investigation. A shooting occurred on the #चौबीसoktoberplein in #Utrecht. The incident has been reported at दस. पैंतालीस hour. Multiple people have been injured. The surrounding area has been cordoned off and we are investigating the matter.
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शिमला - कुसुम्पटी के विधायक अनिरुद्ध सिंह ने रविवार को कुसुम्पटी में लोगों की समस्याएं सुनी। इस दौरान लोगों ने बतया कि कुसुम्पटी बाजार में न तो सफाई की व्यवस्था दुरुस्त है और न ही यहां पर पैदल रास्तों की हालत ठीक है। हालांकि कुछ समय पहले ही निगम की ओर से यहां एलईडी लाइटें लगाई गईं, लेकिन लोगों का कहना है कि यहां पर जो लाइटें लगी उनमें से अधिकतर लाइटें सही दिशा में नहीं लगाई गइर्ं साथ ही कुसुम्पटी बाजार में शौचालय भी नहीं है। विधायक अनिरुद्ध सिंह ने लोगों को उनकी समस्याओं को जल्द पूरा करने आश्वासन दिया। विधायक ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की छोटी-छोटी समस्याएं हैं उन्हें हल करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन कुछ अधिकारियों की लापरवाही के कारण लोगों को इन समस्याओं से दो-चार होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कुसुम्पटी बाजार में प्राथमिक पाठशाला के पुराने भवन के स्थान पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पार्किंग निर्माण करने का ऐलान किया है। इसे लेकर औपचारिकताएं पूरी की ली गई हैं, लेकिन विभागीय खींचतान के कारण योजना सिरे नहीं चढ़ पा रही हैं। इस दौरान लोगों ने चौथे दिन पानी मिलने की समस्या भी विधायक के समक्ष रखी। इस पर उन्होंने कहा कि कुसुम्पटी के लिए गिरि या गुम्मा से अलटरनेट के तौर पर पानी की आपूर्ति के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली गर्मियोंं में कुसुम्पटी वासियों को पानी की किल्लत नहीं झेलनी होगी। लोगों ने इस दौरान कुसुम्पटी से आईजीएमसी के लिए बस चलाने की भी मांग की, ताकि आईजीएमसी जाने वाले मरीजों को परेशानी का सामना न करना पड़े। इस पर विधायक ने कहा कि इस मामले को भी संबंधित विभाग से उठाएंगे।
नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस तैयार है। हमेशा ही कांगे्रस को नगर निगम में मर्ज क्षेत्र से ही लीड मिली है। आगे भी मिलेगी। विधायक अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि अभी यह देखना है कि नगर निगम के चुनाव चिन्ह पर हो रहे हैं या इसके बिना हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि चुनाव चिन्ह पर होते हैं, तो निश्चित तौर से इसमें कांग्रेस की जीत होगी।
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शिमला - कुसुम्पटी के विधायक अनिरुद्ध सिंह ने रविवार को कुसुम्पटी में लोगों की समस्याएं सुनी। इस दौरान लोगों ने बतया कि कुसुम्पटी बाजार में न तो सफाई की व्यवस्था दुरुस्त है और न ही यहां पर पैदल रास्तों की हालत ठीक है। हालांकि कुछ समय पहले ही निगम की ओर से यहां एलईडी लाइटें लगाई गईं, लेकिन लोगों का कहना है कि यहां पर जो लाइटें लगी उनमें से अधिकतर लाइटें सही दिशा में नहीं लगाई गइर्ं साथ ही कुसुम्पटी बाजार में शौचालय भी नहीं है। विधायक अनिरुद्ध सिंह ने लोगों को उनकी समस्याओं को जल्द पूरा करने आश्वासन दिया। विधायक ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की छोटी-छोटी समस्याएं हैं उन्हें हल करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन कुछ अधिकारियों की लापरवाही के कारण लोगों को इन समस्याओं से दो-चार होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कुसुम्पटी बाजार में प्राथमिक पाठशाला के पुराने भवन के स्थान पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पार्किंग निर्माण करने का ऐलान किया है। इसे लेकर औपचारिकताएं पूरी की ली गई हैं, लेकिन विभागीय खींचतान के कारण योजना सिरे नहीं चढ़ पा रही हैं। इस दौरान लोगों ने चौथे दिन पानी मिलने की समस्या भी विधायक के समक्ष रखी। इस पर उन्होंने कहा कि कुसुम्पटी के लिए गिरि या गुम्मा से अलटरनेट के तौर पर पानी की आपूर्ति के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली गर्मियोंं में कुसुम्पटी वासियों को पानी की किल्लत नहीं झेलनी होगी। लोगों ने इस दौरान कुसुम्पटी से आईजीएमसी के लिए बस चलाने की भी मांग की, ताकि आईजीएमसी जाने वाले मरीजों को परेशानी का सामना न करना पड़े। इस पर विधायक ने कहा कि इस मामले को भी संबंधित विभाग से उठाएंगे। नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस तैयार है। हमेशा ही कांगे्रस को नगर निगम में मर्ज क्षेत्र से ही लीड मिली है। आगे भी मिलेगी। विधायक अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि अभी यह देखना है कि नगर निगम के चुनाव चिन्ह पर हो रहे हैं या इसके बिना हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि चुनाव चिन्ह पर होते हैं, तो निश्चित तौर से इसमें कांग्रेस की जीत होगी।
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रामपुर बुशहर-रामपुर में बाहरी स्थानों से प्रवेश करने वाला कोई भी व्यक्ति अब सीधा क्वांरटाइन सेंटर जाएगा, इसके लिए स्थानीय प्रशासन ने 15 स्थान चयनित किए हैं, जिसमें लोगो को क्वांरटाइन करने के साथ-साथ उनके खाने पीने की भी उचित व्यवस्था की गई है। यह निर्णय सोमवार को उपमंडलाधिकारी रामपुर नरेंद्र चौहान की अध्यक्षता मे संपन्न हुई एक विशेष बैठक के दौरान लिया गया। बैठक मे मौजूद रहे विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने कोरोना वायरस की रोकथाम को लेकर समीक्षा की। इस दौरान उपमंडलाधिकारी ने कोविड-19 की मौजूदा स्थिति का भी जायजा लिया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि संबंधित क्षेत्रों के बीडीओ के माध्यम से घर घर जाकर आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जाएंगे, जिसके लिए जरूरी दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। एसडीएम ने कहा कि कफर्यू के दौरान अभी 900 जरूरतमंद लोगों तक राशन पहुंचा दिया गया और 1500 के करीब लोग हैं जो किसी ठेकेदार के पास काम करते हैं तो उन्हें ठेकेदार के माध्यम से राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है, ताकि किसी राशन की कोई कमी न रहे। उन्होंने कहा कि उपमंडल की जितनी भी तहसील व उप तहसील हैं वहां पर खंड विकास अधिकारी के माध्यम से दवाइयां, बच्चों की किताबें व जरूरी सामान घर द्वार तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि कम से कम लोग घरों से बाहर निकले। इसके लिए पहले की लोगों से ऑर्डर ले लिए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में सब्जी व राशन उपलब्ध करवाने के लिए प्रशासन की ओर से अनुमति दी गई है। उपमंडल के लगभग सभी क्षेत्रों की ओर सब्जियों व राशन की सप्लाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि रामपुर शहर व नजदीक लगते क्षेत्रों में एसडीएम कार्यालय से होम डीलीवरी दी जा रही हैए जिसमें अभी तक दो दर्जन से अधिक लोगों तक हर तरह की सहायता पहुंचाई जा चुकी है। बैठक मे विशेष तौर पर निर्णय लिया गया कि अब रामपुर में बाहरी स्थानों से आने वाले किसी भी व्यक्ति को सीधे क्वांरटाइन किया जाएगा।
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रामपुर बुशहर-रामपुर में बाहरी स्थानों से प्रवेश करने वाला कोई भी व्यक्ति अब सीधा क्वांरटाइन सेंटर जाएगा, इसके लिए स्थानीय प्रशासन ने पंद्रह स्थान चयनित किए हैं, जिसमें लोगो को क्वांरटाइन करने के साथ-साथ उनके खाने पीने की भी उचित व्यवस्था की गई है। यह निर्णय सोमवार को उपमंडलाधिकारी रामपुर नरेंद्र चौहान की अध्यक्षता मे संपन्न हुई एक विशेष बैठक के दौरान लिया गया। बैठक मे मौजूद रहे विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने कोरोना वायरस की रोकथाम को लेकर समीक्षा की। इस दौरान उपमंडलाधिकारी ने कोविड-उन्नीस की मौजूदा स्थिति का भी जायजा लिया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि संबंधित क्षेत्रों के बीडीओ के माध्यम से घर घर जाकर आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जाएंगे, जिसके लिए जरूरी दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। एसडीएम ने कहा कि कफर्यू के दौरान अभी नौ सौ जरूरतमंद लोगों तक राशन पहुंचा दिया गया और एक हज़ार पाँच सौ के करीब लोग हैं जो किसी ठेकेदार के पास काम करते हैं तो उन्हें ठेकेदार के माध्यम से राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है, ताकि किसी राशन की कोई कमी न रहे। उन्होंने कहा कि उपमंडल की जितनी भी तहसील व उप तहसील हैं वहां पर खंड विकास अधिकारी के माध्यम से दवाइयां, बच्चों की किताबें व जरूरी सामान घर द्वार तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि कम से कम लोग घरों से बाहर निकले। इसके लिए पहले की लोगों से ऑर्डर ले लिए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में सब्जी व राशन उपलब्ध करवाने के लिए प्रशासन की ओर से अनुमति दी गई है। उपमंडल के लगभग सभी क्षेत्रों की ओर सब्जियों व राशन की सप्लाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि रामपुर शहर व नजदीक लगते क्षेत्रों में एसडीएम कार्यालय से होम डीलीवरी दी जा रही हैए जिसमें अभी तक दो दर्जन से अधिक लोगों तक हर तरह की सहायता पहुंचाई जा चुकी है। बैठक मे विशेष तौर पर निर्णय लिया गया कि अब रामपुर में बाहरी स्थानों से आने वाले किसी भी व्यक्ति को सीधे क्वांरटाइन किया जाएगा।
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घोड़ों की आढ़त लगाई थी, प्रति वर्ष दस हज़ार घोड़े फारस से मावर आते थे जिनकी क़ीमत बाईस लाख दीनार था ।
रशीदुद्दीन के मतानुसार जमालुद्दीन १२६३ ई० में कायल का अधि कारी हुआ था और उसका भाई तक़ीउद्दीन उसका नायक था - यही व्यक्ति सुन्दर पाण्य का मन्त्री रह चुका था । पाण्य राज ने जमालुद्दीन के पुत्र फ़ख़रुद्दीन अहमद को दूत बनाकर चीन के महाराज वुवुलेखाँ के साथ १२८६ ई० में भेजा था ।
इब्नवत्ता का कहना है कि तामिल प्रान्त में जब कि मदुरा का हाकिम ग़यासुद्दीन अद्दमनानी था -- राजा पीरवल्लाल की सेना में बीस हज़ार मुसलमानों का एक दस्ता था । राजा के सूबेदार हरि अफ्फा ओडयार की आधीनता में होनावर मुसलमान हाकिम थे ।
पाठक देखेंगे कि सातवीं शताब्दी में दक्षिण में मुसलमान व्यापारी किस ढङ्ग पर आकर धीरे-धीरे सैनिक, सेनानायक, मन्त्री, बेड़ों के अधिपति दूत, अध्यक्ष और हाकिम तक बन गये ।
परन्तु दक्षिण में जिस प्रकार चुपचाप इस्लाम भारत में जड़ जमा रहा था - उत्तर में इसका रूप कुछ और ही था । मुलतान और सिन्ध को विजय कर क़ासिम लौट गया, तब लगभग तीन सौ वर्ष तक और कोई आक्रमण नहीं हुआ । इस समय पच्छिम प्रान्त पर कुछ मुसलमान शासक थेपरन्तु काठियावाड़ गुजरात कोकण - दायवल- सोमनाथ भडोच, खंबायत, सिहान, चोल में इनकी बस्तियाँ बस रही थीं । काबुल में एक ब्राह्मण राजा राज्य करता था । परस्पर के झगड़े खूब थे । परन्तु मुसलमानों से सभी को दिलचस्पी थी - यह अद्भुत बात है । सुलेमान सौदागर ने लिखा है'वल्हार' (बल्लभिराय) के बराबर अरबों से हिन्दुस्तान में कोई राजा प्रेम नहीं करता ।
आठवीं शताब्दी के अन्त में अफग़ागिस्तान भी मुसलमानी तलवार के आधीन हो गया था । और अफग़ानों ने अब खैबर घाटी से छोटे-छोटे धावे मारने प्रारम्भ कर दिये थे ।
अठारहवीं शताब्दी में एक तुर्की गुलाम सुबुक्तगीन जो खुरासान को और गज़नी दखल कर बैठा था, भारत में घुस आया । उस समय पंजाब
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घोड़ों की आढ़त लगाई थी, प्रति वर्ष दस हज़ार घोड़े फारस से मावर आते थे जिनकी क़ीमत बाईस लाख दीनार था । रशीदुद्दीन के मतानुसार जमालुद्दीन एक हज़ार दो सौ तिरेसठ ईशून्य में कायल का अधि कारी हुआ था और उसका भाई तक़ीउद्दीन उसका नायक था - यही व्यक्ति सुन्दर पाण्य का मन्त्री रह चुका था । पाण्य राज ने जमालुद्दीन के पुत्र फ़ख़रुद्दीन अहमद को दूत बनाकर चीन के महाराज वुवुलेखाँ के साथ एक हज़ार दो सौ छियासी ईशून्य में भेजा था । इब्नवत्ता का कहना है कि तामिल प्रान्त में जब कि मदुरा का हाकिम ग़यासुद्दीन अद्दमनानी था -- राजा पीरवल्लाल की सेना में बीस हज़ार मुसलमानों का एक दस्ता था । राजा के सूबेदार हरि अफ्फा ओडयार की आधीनता में होनावर मुसलमान हाकिम थे । पाठक देखेंगे कि सातवीं शताब्दी में दक्षिण में मुसलमान व्यापारी किस ढङ्ग पर आकर धीरे-धीरे सैनिक, सेनानायक, मन्त्री, बेड़ों के अधिपति दूत, अध्यक्ष और हाकिम तक बन गये । परन्तु दक्षिण में जिस प्रकार चुपचाप इस्लाम भारत में जड़ जमा रहा था - उत्तर में इसका रूप कुछ और ही था । मुलतान और सिन्ध को विजय कर क़ासिम लौट गया, तब लगभग तीन सौ वर्ष तक और कोई आक्रमण नहीं हुआ । इस समय पच्छिम प्रान्त पर कुछ मुसलमान शासक थेपरन्तु काठियावाड़ गुजरात कोकण - दायवल- सोमनाथ भडोच, खंबायत, सिहान, चोल में इनकी बस्तियाँ बस रही थीं । काबुल में एक ब्राह्मण राजा राज्य करता था । परस्पर के झगड़े खूब थे । परन्तु मुसलमानों से सभी को दिलचस्पी थी - यह अद्भुत बात है । सुलेमान सौदागर ने लिखा है'वल्हार' के बराबर अरबों से हिन्दुस्तान में कोई राजा प्रेम नहीं करता । आठवीं शताब्दी के अन्त में अफग़ागिस्तान भी मुसलमानी तलवार के आधीन हो गया था । और अफग़ानों ने अब खैबर घाटी से छोटे-छोटे धावे मारने प्रारम्भ कर दिये थे । अठारहवीं शताब्दी में एक तुर्की गुलाम सुबुक्तगीन जो खुरासान को और गज़नी दखल कर बैठा था, भारत में घुस आया । उस समय पंजाब
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को वेंच देते हैं. वहां विप शास्त्र से अकाले रीवा २ मारे जाते हैं. इन दीनो की करुणा करने वाला कौन है? ऐसी तिथंच गति में अपना जीव अनंत वक्त उ. पजके दुःख भोगव आया है.
३ मनुष्य गति - मनकी इच्छा मुजव साधन कर सके सो मनुष्य के ३०३ भेद, अस्सी, मस्सीकस्सी, यह तीन कर्म कर उपजीविका करे सो कर्म भृमी मनुष्य इनकी उत्पत्ति के १५ क्षेत्रः-१ भरत १ ऐरावत, १ महाविदेह यह तीन क्षेत्र जंबुदिप में; और यही दो दो होनेसे ६ क्षेत्र घातकी खंडमें, और चोही ६ पुष्करा द्वीपमे यों ३+६+६=१५. वरोक तीनही प्रकारके कर्म विना दश प्रकारके कल्पवृक्ष
? हथयार (शास्त्र) से २ लिखने का ३कृपाण (खेती) * १ मतंगा वृक्ष-मधुर रस दे. २ भिंगा वृक्ष व रतन दे. रे तुडी येगा वृक्ष वार्जित्र सुणावे, ४ दिव वृक्ष-दीवा जैसा प्रकाश करे. ५ जोड़े वृक्ष = सूर्य जैसा प्रकाश करे. ६ चितगा वृक्ष-विचित्र रंग के पुष्प हारदे ७ चित इति भोजन है. ८ मन वेगा वृक्षत न जडित भूषण देहिं गहने अच्छा मकान दे. और १० अनियाना वृशष्ट यन्त्र दे. ३० अकर्म भौमी और ५६ अंतर टिप में रहने वाले मनुष्यों की इन १० कल्प वृक्ष से इच्छा पूरी होती है..
से उपजीवका होचे. सो कर्म अकर्म भूमी मनुष्य के ३० क्षेत्र १ हेम वय, २ अरण वय, ३ हरीवास, १ रमक वास, ५ देव कुरू ६ उचर कुरू, यह ६ क्षेत्र, संदीप में, यहीदोदो क्षेत्र होने से १२ क्षेत्र धात की खंड में, और येही १२ क्षेत्र पुष्करा द्विपमें यों ६+१२+१२=३० जेबुद्वीप में के चुली हेमवंत और शिखरी पर्वत से आट २ वादों (खुणे) लवण समु हमें गढ़ है. उन्हें एकेक दाहोंपे सात २ द्वीप हैं तो आठ दाहोंपे ७४८-५६ अंतर द्विप हुबे, इनपर अक
र्म भूमि से मनुष्य रहते हैं. यह १५+३०+५६=१११ • मनुष्य के क्षेत्र हैं. इन में जो मनुष्य होते हैं उनके दोपर्यात और अपर्याप्त, यह २०२ हुये और १०१ अपपति मनुष्य जो १४ स्थान में समूर्छिम
कार, ४ मघेण-नाकक मेटमेहामें. ५ उसे उलटीमें पनि मग मी (पीस) में, ०.२ के.-मुक [] नं. १० मुके पुल परिमारे शुक पहल पीछे सिजनम, मृत्यूचीफे कलेवर में
१२. श्री गुरुमे 13 नगर के नामें, और ४ के के गये अदानी स्थानमें [ शीट छुपे तुने अ होते हैं.]
(स्वभावने) उत्पन्न होते हैं वो अर्थातही मरते हैं. इस लिये १०१ भेद उनके यो सर्व मिल ३०३ व मनु प्य के हुये.
कर्म भूने में महा विदेह छोड बाकी के क्षेत्र में के आरे की प्रवर्ती में कभी पुलिक सुखकी वृद्धि और कभी ह नी होती है. सदा एकसा न रहना वा भी दुःन काढीकारण है. और महा विदेह से सदा चतुर्थ कल प्रवर्तता है, तो वहीं भी विचित प्रकारके मनुष्य है. मतलय की जहां कर्म कर के उपजीका है वहां दुःख ही है; अस्सी हथीयार उपजीका कर ने वाले, कसाई होके बेचारे गरीब निपराधी जीवों की घात कर. महा जव्वर पाप उपराजते हैं, सिपाइ यो होके अपराधी और निरपराधी को विनाकारणभी मारते हैं कितनेक राजादिक महाभारत संग्राम पर ते हैं तो कितनेक स्वकृटुंब का संहारही कर डासते हैं तो बेचारे एकेंद्रियादिकका तो कहनाही क्या? शल अनर्थकाही कारण है. शत्र हाथमे आयाकी प्र णाम हिमामय हुये. मसी लिखाड़ के कर्म कर उपजीविका चलाने वाले वणिकादिक कसाई, कुंडे, क लाल, दाणेका, लोहेका धातुका वगैरे अयोग्य व्यपार कर गजा उपरांत वजन उठाये, गामडे में भटकते हैं
गुलामी करते हैं, वगैरे महा कष्ट सहते हैं. कस्सी कृषी (खेती) के कर्म में अनेक एकेंद्री से पचद्री तक जी. बीघात करने हैं, शीत ताप क्षुधा तृपादि महा ५ष्ट सहते हैं महा मेहनत से तीनही अंतू व्यतिकृात करते हैं. अच्छी वृत मान कालकी स्थितीका व्याल कर ने मालम होता है कि द्रव्य (धन) है तो यहूत स्थान कुटुंबकी अंतराय रहती है, कुटुंब है तो दरिद्रता रहती है. धन कुटुंय दोनो है तो संप नहीं, शरीर रोगीला सदा क्लेश, लेने देनेका इज्जनका, वगैरे अनेक दुःख भु क रहे हैं. किरनेक बेचारे गरीब हैं, उन को अपने पेट भरनेकी ही मुशीयन पड़ रही है तो अन्य कुटुम्यका निर्वाह करना तो दूरही रहा किरनेक अंगोपांग हीन ले लंगडे, अन्धे, पहरे वगैरे हैं, किस्नेक अनायं ग्लेच्छ दशमें उत्पन्न हवे; फक नाम माझ मनुष्य हैं, उनके कर्म भी खराब है, धर्मके नाममेभी नहीं समजने है, मनुष्यका अहार करते हैं, यन्त्र रगत रहते हैं, मा स, अग्नि, पुर्याआदि से व्यभिचारका कुछ विचार नहीं है. जंगदमें भटक २ जन्म ते करते हैं. अकर्म भूमि के क्षेत्रमं उत्पन्न हुये मनुष्य देव कुरू उत्तर कुरू में सुबकी उत्कृष्टता है हरीवास काम में सुबकी सध्यता है और ही निश्मा
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को वेंच देते हैं. वहां विप शास्त्र से अकाले रीवा दो मारे जाते हैं. इन दीनो की करुणा करने वाला कौन है? ऐसी तिथंच गति में अपना जीव अनंत वक्त उ. पजके दुःख भोगव आया है. तीन मनुष्य गति - मनकी इच्छा मुजव साधन कर सके सो मनुष्य के तीन सौ तीन भेद, अस्सी, मस्सीकस्सी, यह तीन कर्म कर उपजीविका करे सो कर्म भृमी मनुष्य इनकी उत्पत्ति के पंद्रह क्षेत्रः-एक भरत एक ऐरावत, एक महाविदेह यह तीन क्षेत्र जंबुदिप में; और यही दो दो होनेसे छः क्षेत्र घातकी खंडमें, और चोही छः पुष्करा द्वीपमे यों तीन+छः+छः=पंद्रह. वरोक तीनही प्रकारके कर्म विना दश प्रकारके कल्पवृक्ष ? हथयार से दो लिखने का तीनकृपाण * एक मतंगा वृक्ष-मधुर रस दे. दो भिंगा वृक्ष व रतन दे. रे तुडी येगा वृक्ष वार्जित्र सुणावे, चार दिव वृक्ष-दीवा जैसा प्रकाश करे. पाँच जोड़े वृक्ष = सूर्य जैसा प्रकाश करे. छः चितगा वृक्ष-विचित्र रंग के पुष्प हारदे सात चित इति भोजन है. आठ मन वेगा वृक्षत न जडित भूषण देहिं गहने अच्छा मकान दे. और दस अनियाना वृशष्ट यन्त्र दे. तीस अकर्म भौमी और छप्पन अंतर टिप में रहने वाले मनुष्यों की इन दस कल्प वृक्ष से इच्छा पूरी होती है.. से उपजीवका होचे. सो कर्म अकर्म भूमी मनुष्य के तीस क्षेत्र एक हेम वय, दो अरण वय, तीन हरीवास, एक रमक वास, पाँच देव कुरू छः उचर कुरू, यह छः क्षेत्र, संदीप में, यहीदोदो क्षेत्र होने से बारह क्षेत्र धात की खंड में, और येही बारह क्षेत्र पुष्करा द्विपमें यों छः+बारह+बारह=तीस जेबुद्वीप में के चुली हेमवंत और शिखरी पर्वत से आट दो वादों लवण समु हमें गढ़ है. उन्हें एकेक दाहोंपे सात दो द्वीप हैं तो आठ दाहोंपे सात सौ अड़तालीस-छप्पन अंतर द्विप हुबे, इनपर अक र्म भूमि से मनुष्य रहते हैं. यह पंद्रह+तीस+छप्पन=एक सौ ग्यारह • मनुष्य के क्षेत्र हैं. इन में जो मनुष्य होते हैं उनके दोपर्यात और अपर्याप्त, यह दो सौ दो हुये और एक सौ एक अपपति मनुष्य जो चौदह स्थान में समूर्छिम कार, चार मघेण-नाकक मेटमेहामें. पाँच उसे उलटीमें पनि मग मी में, शून्य.दो के.-मुक [] नं. दस मुके पुल परिमारे शुक पहल पीछे सिजनम, मृत्यूचीफे कलेवर में बारह. श्री गुरुमे तेरह नगर के नामें, और चार के के गये अदानी स्थानमें [ शीट छुपे तुने अ होते हैं.] उत्पन्न होते हैं वो अर्थातही मरते हैं. इस लिये एक सौ एक भेद उनके यो सर्व मिल तीन सौ तीन व मनु प्य के हुये. कर्म भूने में महा विदेह छोड बाकी के क्षेत्र में के आरे की प्रवर्ती में कभी पुलिक सुखकी वृद्धि और कभी ह नी होती है. सदा एकसा न रहना वा भी दुःन काढीकारण है. और महा विदेह से सदा चतुर्थ कल प्रवर्तता है, तो वहीं भी विचित प्रकारके मनुष्य है. मतलय की जहां कर्म कर के उपजीका है वहां दुःख ही है; अस्सी हथीयार उपजीका कर ने वाले, कसाई होके बेचारे गरीब निपराधी जीवों की घात कर. महा जव्वर पाप उपराजते हैं, सिपाइ यो होके अपराधी और निरपराधी को विनाकारणभी मारते हैं कितनेक राजादिक महाभारत संग्राम पर ते हैं तो कितनेक स्वकृटुंब का संहारही कर डासते हैं तो बेचारे एकेंद्रियादिकका तो कहनाही क्या? शल अनर्थकाही कारण है. शत्र हाथमे आयाकी प्र णाम हिमामय हुये. मसी लिखाड़ के कर्म कर उपजीविका चलाने वाले वणिकादिक कसाई, कुंडे, क लाल, दाणेका, लोहेका धातुका वगैरे अयोग्य व्यपार कर गजा उपरांत वजन उठाये, गामडे में भटकते हैं गुलामी करते हैं, वगैरे महा कष्ट सहते हैं. कस्सी कृषी के कर्म में अनेक एकेंद्री से पचद्री तक जी. बीघात करने हैं, शीत ताप क्षुधा तृपादि महा पाँचष्ट सहते हैं महा मेहनत से तीनही अंतू व्यतिकृात करते हैं. अच्छी वृत मान कालकी स्थितीका व्याल कर ने मालम होता है कि द्रव्य है तो यहूत स्थान कुटुंबकी अंतराय रहती है, कुटुंब है तो दरिद्रता रहती है. धन कुटुंय दोनो है तो संप नहीं, शरीर रोगीला सदा क्लेश, लेने देनेका इज्जनका, वगैरे अनेक दुःख भु क रहे हैं. किरनेक बेचारे गरीब हैं, उन को अपने पेट भरनेकी ही मुशीयन पड़ रही है तो अन्य कुटुम्यका निर्वाह करना तो दूरही रहा किरनेक अंगोपांग हीन ले लंगडे, अन्धे, पहरे वगैरे हैं, किस्नेक अनायं ग्लेच्छ दशमें उत्पन्न हवे; फक नाम माझ मनुष्य हैं, उनके कर्म भी खराब है, धर्मके नाममेभी नहीं समजने है, मनुष्यका अहार करते हैं, यन्त्र रगत रहते हैं, मा स, अग्नि, पुर्याआदि से व्यभिचारका कुछ विचार नहीं है. जंगदमें भटक दो जन्म ते करते हैं. अकर्म भूमि के क्षेत्रमं उत्पन्न हुये मनुष्य देव कुरू उत्तर कुरू में सुबकी उत्कृष्टता है हरीवास काम में सुबकी सध्यता है और ही निश्मा
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बराइटा कार्बोनिका ( Baryta Carbonica )
बराइटा मे नही । इसके अतिरिक्त साइलीशिया मे बराइटा की तरह मानसिक बौनापन नही होता । सूके के रोग के विषय मे हमने एब्रोटेनम मे सूके की बीमारी मे अन्य औषधियो की आपसी तुलना की है ।
(३) प्रन्थियो का बढ़ जाना, टासिल का सूजना - इस रोगी की 'ग्रन्थिया' (Glands) बढ़ जाती है, सख्त हो जाती है, गले, जाघ, पेट मे गिल्टिया पड जाती है । गिल्टिया बढ जाये और मास-पेशिया सूक जायें-- शरीर बौना और मन गावदी - यह मूर्त-चित्रण है इस रोगी का जिसे वैराइटा कार्ब ठीक कर देता है । गले पर, अर्थात् टासिल पर इस औषधि का विशेष प्रभाव है। ज़रा-सी सर्दी लगने मे टासिल वढ़ जाता है, कभी-कभी पक जाता है।
टांसिल मे बंराइटा, बेलाडोना, हिपर तथा कैमोमिला की तुलना-वेलाडोना और हिपर मे टासिल का आक्रमण यकायक होता है, वेग से होता है, जिस रात सर्दो लगी उसी रात टासिल सूज जाता है और पक भी जल्दी ही जाता है, परन्तु बैराइटा मे एक रात की सर्दी मे उसी दिन टासिल नही सूजता, इसे कुछ दिन लग जाते हैं, पकता भी एकदम नही, धीरे-धीरे पकता है । कैमोमिला के टासिल की सूजन मे कान मे भी दर्द होता है, गर्मी पहुचाने से आराम मिलता है, रोगी बडा चिडचिडा हो जाता है। दर्द इस वेग से आता है कि चिकित्सक इसे बेलाडोना का दर्द समझ सकता है ।
(४) वृद्ध-पुरुषो का बच्चों का-सा आचरण -- वृद्ध पुरुष बच्चो का सा आचरण करने लगते हैं, स्मृति-शक्ति लुप्त हो जाती है, चलतेहुए डगमगाते हैं, वच्चो का-सा स्वभाव हो जाता है। बेराइटा कार्ब का चरित्रगत-लक्षण यह है कि रोगी का सर्वांगीण विकास रुक जाता है -- चाहे बच्चे का हो युवा का हो, वृद्ध का हो । जब यह देखा जाय कि सत्तर वर्ष का व्यक्ति बच्चे की तरह आचरण कर रहा है, तब समझना चाहिये कि उसका विकास रुक गया है, उसे बैराइटा लाभ करेगा ।
(५) वृद्ध पुरुषो की खासी――चुढापे मे कई लोगो को ऐसी खासी घेर लेती है जो उनका पीछा ही नही छोडती । छाती मे घडघडाहट हुआ करती है । इस प्रकार की खासी के लिये कुछ इनी गिनी औषधिया है जिनमे बैराइटा एक है । इसके अतिरिक्त सेनेगा, ऐमोनियम कार्ब और बराइटा म्यूर भी इस प्रकार की खासी के लिये उपयोगी हैं ।
जब किसी ७०-८० वर्ष के वृद्ध को हर समय छाती मे खासी की घडघडाहट हो जो गर्मी के दिनो मे ठीक रहे, सर्दी के दिनो मे इस प्रकार की खासी से परेशान हो जाय, और इसके सिवाय दूसरा कोई लक्षण न हो, तो ऐमोनियम कार्ब बहुत श्रेष्ठ दवा है ।
(६) शीत-प्रधान रोगी (Chilly patient) --होम्योपैथी मे यह
होम्योपैथिक औपवियों का सजीव चित्रण
जानना आवश्यक है कि रोगी शीत प्रधान हैं या ऊष्णता- प्रधान, उसे सर्दी अधिक सताती है या गर्मी । आयुर्वेद मे इसे प्रकृति कहते हैं। कई लोग कफ प्रकृति के होते हैं, कई वात प्रकृति के --ये दोनो 'शीत प्रधान (Chilly patients ) हैं। शीत- प्रधान रोगी के लिये गीत प्रधान औषधि का ही निर्वाचन करना होता है, ऊष्णता प्रधान रोगी के लिये ऊष्ण औषधि का निर्वाचन करना होता है क्योंकि होम्योपैथी का सिद्धान्त 'मम सम शमयति' का है । एलोपैथी, आयुर्वेद तथा यूनानी मे ठडे मिजाज के रोगी को गर्म दवा दी जायगी, गर्म मिजाज़ के रोगी को ठंडी दवा दी जायगी । होम्योपैथी में इसमे उल्टा है~-क्यो उल्टा है उसका विवरण हम पुस्तक की भूमिका मे दे चुके है। जैसे आयुर्वेद में यह जानना आवश्यक है कि रोगी वात-पित्त-कफ में से किस प्रकृति का है, वैसे होम्योपयों में भी यह जानना आवश्यक है कि रोगी शीत प्रधान हे या ऊष्णता प्रधान है । औषधि का निर्वाचन करते हुए यह मूल सिद्धान्त है । इसीलिये होम्योपैथ रोगी से बडी बारीकियो से पूछा करते है कि तुम्हें ठड पसन्द हे या गर्मी पसन्द है, तुम कमरे में आते ही सिडकी-दरवाजे खोल देना चाहते हो या उन्हें वन्द कर देना चाहते हो। हमने यथासभव प्रत्येक औषधि के विषय मे औषधि की 'प्रकृति' (Modality) के नीचे यह देने का यत्न किया है कि रोगी की शिकायतें ठंड से बढती है या गर्मी से बढनी है । यह जानकर कि रोगी किस प्रकृति का है, होम्योपैथ को औषधि का निर्वा चन करने में सहायता मिलती है। अगर किसी रोग मे दो औपधियों के सव लक्षण मिलते हो, परन्तु एक औषधि शीत प्रधान हो और दूसरी ऊष्णता प्रधान हो, तो औषधि का निर्वाचन करते हुए चिकित्सक को गीत प्रधान रोगी के लिये शीतप्रधान औषधि का निर्वाचन करना होगा, ऊष्णता प्रधान रोगी के लिये ऊष्णताप्रधान औषधि का निर्वाचन करना होगा। जैसे आयुर्वेद मे वात-पित्त-कफ प्रकृति को निदान तथा चिकित्सा मे मुख्य माना गया है, वैसे होम्योपैथी मे भी सर्दीगर्मी को मुख्य माना गया है, फर्क यह है कि आयुर्वेद में प्रकृति के तीन भाग किये गये है -- वात, पित्त, कफ, और होम्योपैथी मे 'प्रकृति' (Modality) के दो भाग किये गये है - सर्दी और गर्मी । सर्दी का भेद करते हुए 'ख उक-सर्दी' (Dry cold) तथा 'नमीदार- सर्दी' (Wet cold ) --- ये दो भाग भी किये जाते है क्योंकि कई रोगियो पर नमी का प्रभाव विशेष होता है -- वर्षा ऋतु का ।
बैराइटा कार्ब शीन - प्रधान औषधि है। रोगी ठडक सहन नहीं कर सकता । शरीर को ढके रखना चाहता है। कमरे के खिडकी-दरवाजे बन्द रखना पसन्द करता है। इतना ध्यान देने की बात है कि यद्यपि उसकी अन्य सर्व शिकायते ठंड लगने से बढ़ जाती है, उसका सिर दर्द ठड से घटता है, सिर पर गर्मी लगने से नकलीफ होती है। मपूर्ण शरीर तथा मिर का एक-दूसरे से विपरीतभाव अन्य भी अनेक औषधियों में पाया जाता है। उदाहरणार्थ, फॉसफोरस, आर्सेनिक भी शीत
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बराइटा कार्बोनिका बराइटा मे नही । इसके अतिरिक्त साइलीशिया मे बराइटा की तरह मानसिक बौनापन नही होता । सूके के रोग के विषय मे हमने एब्रोटेनम मे सूके की बीमारी मे अन्य औषधियो की आपसी तुलना की है । प्रन्थियो का बढ़ जाना, टासिल का सूजना - इस रोगी की 'ग्रन्थिया' बढ़ जाती है, सख्त हो जाती है, गले, जाघ, पेट मे गिल्टिया पड जाती है । गिल्टिया बढ जाये और मास-पेशिया सूक जायें-- शरीर बौना और मन गावदी - यह मूर्त-चित्रण है इस रोगी का जिसे वैराइटा कार्ब ठीक कर देता है । गले पर, अर्थात् टासिल पर इस औषधि का विशेष प्रभाव है। ज़रा-सी सर्दी लगने मे टासिल वढ़ जाता है, कभी-कभी पक जाता है। टांसिल मे बंराइटा, बेलाडोना, हिपर तथा कैमोमिला की तुलना-वेलाडोना और हिपर मे टासिल का आक्रमण यकायक होता है, वेग से होता है, जिस रात सर्दो लगी उसी रात टासिल सूज जाता है और पक भी जल्दी ही जाता है, परन्तु बैराइटा मे एक रात की सर्दी मे उसी दिन टासिल नही सूजता, इसे कुछ दिन लग जाते हैं, पकता भी एकदम नही, धीरे-धीरे पकता है । कैमोमिला के टासिल की सूजन मे कान मे भी दर्द होता है, गर्मी पहुचाने से आराम मिलता है, रोगी बडा चिडचिडा हो जाता है। दर्द इस वेग से आता है कि चिकित्सक इसे बेलाडोना का दर्द समझ सकता है । वृद्ध-पुरुषो का बच्चों का-सा आचरण -- वृद्ध पुरुष बच्चो का सा आचरण करने लगते हैं, स्मृति-शक्ति लुप्त हो जाती है, चलतेहुए डगमगाते हैं, वच्चो का-सा स्वभाव हो जाता है। बेराइटा कार्ब का चरित्रगत-लक्षण यह है कि रोगी का सर्वांगीण विकास रुक जाता है -- चाहे बच्चे का हो युवा का हो, वृद्ध का हो । जब यह देखा जाय कि सत्तर वर्ष का व्यक्ति बच्चे की तरह आचरण कर रहा है, तब समझना चाहिये कि उसका विकास रुक गया है, उसे बैराइटा लाभ करेगा । वृद्ध पुरुषो की खासी――चुढापे मे कई लोगो को ऐसी खासी घेर लेती है जो उनका पीछा ही नही छोडती । छाती मे घडघडाहट हुआ करती है । इस प्रकार की खासी के लिये कुछ इनी गिनी औषधिया है जिनमे बैराइटा एक है । इसके अतिरिक्त सेनेगा, ऐमोनियम कार्ब और बराइटा म्यूर भी इस प्रकार की खासी के लिये उपयोगी हैं । जब किसी सत्तर-अस्सी वर्ष के वृद्ध को हर समय छाती मे खासी की घडघडाहट हो जो गर्मी के दिनो मे ठीक रहे, सर्दी के दिनो मे इस प्रकार की खासी से परेशान हो जाय, और इसके सिवाय दूसरा कोई लक्षण न हो, तो ऐमोनियम कार्ब बहुत श्रेष्ठ दवा है । शीत-प्रधान रोगी --होम्योपैथी मे यह होम्योपैथिक औपवियों का सजीव चित्रण जानना आवश्यक है कि रोगी शीत प्रधान हैं या ऊष्णता- प्रधान, उसे सर्दी अधिक सताती है या गर्मी । आयुर्वेद मे इसे प्रकृति कहते हैं। कई लोग कफ प्रकृति के होते हैं, कई वात प्रकृति के --ये दोनो 'शीत प्रधान हैं। शीत- प्रधान रोगी के लिये गीत प्रधान औषधि का ही निर्वाचन करना होता है, ऊष्णता प्रधान रोगी के लिये ऊष्ण औषधि का निर्वाचन करना होता है क्योंकि होम्योपैथी का सिद्धान्त 'मम सम शमयति' का है । एलोपैथी, आयुर्वेद तथा यूनानी मे ठडे मिजाज के रोगी को गर्म दवा दी जायगी, गर्म मिजाज़ के रोगी को ठंडी दवा दी जायगी । होम्योपैथी में इसमे उल्टा है~-क्यो उल्टा है उसका विवरण हम पुस्तक की भूमिका मे दे चुके है। जैसे आयुर्वेद में यह जानना आवश्यक है कि रोगी वात-पित्त-कफ में से किस प्रकृति का है, वैसे होम्योपयों में भी यह जानना आवश्यक है कि रोगी शीत प्रधान हे या ऊष्णता प्रधान है । औषधि का निर्वाचन करते हुए यह मूल सिद्धान्त है । इसीलिये होम्योपैथ रोगी से बडी बारीकियो से पूछा करते है कि तुम्हें ठड पसन्द हे या गर्मी पसन्द है, तुम कमरे में आते ही सिडकी-दरवाजे खोल देना चाहते हो या उन्हें वन्द कर देना चाहते हो। हमने यथासभव प्रत्येक औषधि के विषय मे औषधि की 'प्रकृति' के नीचे यह देने का यत्न किया है कि रोगी की शिकायतें ठंड से बढती है या गर्मी से बढनी है । यह जानकर कि रोगी किस प्रकृति का है, होम्योपैथ को औषधि का निर्वा चन करने में सहायता मिलती है। अगर किसी रोग मे दो औपधियों के सव लक्षण मिलते हो, परन्तु एक औषधि शीत प्रधान हो और दूसरी ऊष्णता प्रधान हो, तो औषधि का निर्वाचन करते हुए चिकित्सक को गीत प्रधान रोगी के लिये शीतप्रधान औषधि का निर्वाचन करना होगा, ऊष्णता प्रधान रोगी के लिये ऊष्णताप्रधान औषधि का निर्वाचन करना होगा। जैसे आयुर्वेद मे वात-पित्त-कफ प्रकृति को निदान तथा चिकित्सा मे मुख्य माना गया है, वैसे होम्योपैथी मे भी सर्दीगर्मी को मुख्य माना गया है, फर्क यह है कि आयुर्वेद में प्रकृति के तीन भाग किये गये है -- वात, पित्त, कफ, और होम्योपैथी मे 'प्रकृति' के दो भाग किये गये है - सर्दी और गर्मी । सर्दी का भेद करते हुए 'ख उक-सर्दी' तथा 'नमीदार- सर्दी' --- ये दो भाग भी किये जाते है क्योंकि कई रोगियो पर नमी का प्रभाव विशेष होता है -- वर्षा ऋतु का । बैराइटा कार्ब शीन - प्रधान औषधि है। रोगी ठडक सहन नहीं कर सकता । शरीर को ढके रखना चाहता है। कमरे के खिडकी-दरवाजे बन्द रखना पसन्द करता है। इतना ध्यान देने की बात है कि यद्यपि उसकी अन्य सर्व शिकायते ठंड लगने से बढ़ जाती है, उसका सिर दर्द ठड से घटता है, सिर पर गर्मी लगने से नकलीफ होती है। मपूर्ण शरीर तथा मिर का एक-दूसरे से विपरीतभाव अन्य भी अनेक औषधियों में पाया जाता है। उदाहरणार्थ, फॉसफोरस, आर्सेनिक भी शीत
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अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आपराधिक आरोपों का सामना करने वाले इतिहास में संयुक्त राज्य अमेरिका के एकमात्र पूर्व प्रमुख बन गए हैं।
याद करें कि 4 अप्रैल को, न्यूयॉर्क की एक अदालत ने ट्रम्प को आरोपों की पूरी सूची पेश करते हुए औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया था। हालाँकि, गुप्त दस्तावेज़ों के मामले में ट्रम्प के आरोप सबसे गंभीर माने जाते हैं।
और 9 जून को मियामी की एक अदालत ने ट्रम्प के खिलाफ 37 मामलों में आपराधिक आरोप दायर किए। कुछ अमेरिकी मीडिया आउटलेट्स का कहना है कि संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति को 400 साल तक की सजा का सामना करना पड़ सकता है (अमेरिकी आपराधिक व्यवहार में, विभिन्न लेखों के तहत शर्तों को संक्षेप में प्रस्तुत किया जाता है)।
हालाँकि, इन सबके बावजूद, यह ज्ञात हो गया कि ट्रम्प अभी भी 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में भाग ले सकेंगे। विशेष रूप से, ऐसा निष्कर्ष मियामी की अदालत के अभियोग से निकाला जा सकता है, जिसमें कहा गया है कि ट्रम्प के खिलाफ आरोप सार्वजनिक पद धारण करने पर प्रतिबंध का प्रावधान नहीं करते हैं। नतीजतन, ट्रम्प, जैसा कि योजना बनाई गई है, अगले साल रिपब्लिकन पार्टी से अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में भाग लेने में सक्षम होंगे, जब तक कि निश्चित रूप से, भविष्य में, कुछ अमेरिकी अदालत एक नए फैसले से इसे रोक नहीं देती।
ट्रम्प के अनुसार, उनका वर्तमान आपराधिक मुकदमा 2024 में आगामी राष्ट्रपति चुनाव में उनके नामांकन से जुड़ा हुआ है।
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अमेरिका के पैंतालीसवें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आपराधिक आरोपों का सामना करने वाले इतिहास में संयुक्त राज्य अमेरिका के एकमात्र पूर्व प्रमुख बन गए हैं। याद करें कि चार अप्रैल को, न्यूयॉर्क की एक अदालत ने ट्रम्प को आरोपों की पूरी सूची पेश करते हुए औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया था। हालाँकि, गुप्त दस्तावेज़ों के मामले में ट्रम्प के आरोप सबसे गंभीर माने जाते हैं। और नौ जून को मियामी की एक अदालत ने ट्रम्प के खिलाफ सैंतीस मामलों में आपराधिक आरोप दायर किए। कुछ अमेरिकी मीडिया आउटलेट्स का कहना है कि संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति को चार सौ साल तक की सजा का सामना करना पड़ सकता है । हालाँकि, इन सबके बावजूद, यह ज्ञात हो गया कि ट्रम्प अभी भी दो हज़ार चौबीस के राष्ट्रपति चुनाव में भाग ले सकेंगे। विशेष रूप से, ऐसा निष्कर्ष मियामी की अदालत के अभियोग से निकाला जा सकता है, जिसमें कहा गया है कि ट्रम्प के खिलाफ आरोप सार्वजनिक पद धारण करने पर प्रतिबंध का प्रावधान नहीं करते हैं। नतीजतन, ट्रम्प, जैसा कि योजना बनाई गई है, अगले साल रिपब्लिकन पार्टी से अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में भाग लेने में सक्षम होंगे, जब तक कि निश्चित रूप से, भविष्य में, कुछ अमेरिकी अदालत एक नए फैसले से इसे रोक नहीं देती। ट्रम्प के अनुसार, उनका वर्तमान आपराधिक मुकदमा दो हज़ार चौबीस में आगामी राष्ट्रपति चुनाव में उनके नामांकन से जुड़ा हुआ है।
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नूंह हिंसाः एकतरफ़ा गिरफ़्तारी की बात कितनी सच? क्या है बबलू और तय्यब की कहानी?
ग्राउंड रिपोर्ट पार्ट-2: बुलडोज़र एक्शन के शिकार ग़रीब मुसलमान !
हरियाणा की सांप्रदायिक हिंसा पर मोदी की चुप्पी क्या कहती है?
नूंह गुरुग्राम में फैली नफ़रती हिंसा, जलाने की एक बड़ी साजिश!
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नूंह हिंसाः एकतरफ़ा गिरफ़्तारी की बात कितनी सच? क्या है बबलू और तय्यब की कहानी? ग्राउंड रिपोर्ट पार्ट-दो: बुलडोज़र एक्शन के शिकार ग़रीब मुसलमान ! हरियाणा की सांप्रदायिक हिंसा पर मोदी की चुप्पी क्या कहती है? नूंह गुरुग्राम में फैली नफ़रती हिंसा, जलाने की एक बड़ी साजिश!
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बहुत दिनों के बाद आज कुछ राशियों के लव लाइफ पर बप्पा की नजर बनी रहेगी। जिससे उन्हें प्यार ही प्यार मिल सकता हैं तथा उनके प्रेम जीवन में सुख और शांति आ सकती हैं। आज इन्ही राशियों के बारे में जानने की कोशिश करेंगे की वो कौन सी राशि हैं जिस राशि के लोगों के लव लाइफ पर बप्पा की नजर बनी रहेगी। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से।
कन्या और कुंभ राशि, राशिफल में शामिल कन्या और कुंभ राशि के लव लाइफ पर आज बप्पा की नजर बनी रहेगी। जिससे इन्हे प्यार ही प्यार मिल सकता हैं तथा इनके प्रेम जीवन में आने वाली हर समस्या समाप्त हो सकती हैं। इस राशि के जातक एक सफल जीवन का आनंद ले सकते हैं। लव पार्टनर की ओर से इन्हे सच्चा प्यार मिल सकता हैं। ये लोग प्रेम की दुनिया बसा सकते हैं। गणपति जी की उपासना करना इनके लव लाइफ के लिए लाभकारी रहेगा।
मकर और तुला राशि, बहुत दिनों के बाद आज मकर और तुला राशि के लव लाइफ पर बप्पा की कृपा हो सकती हैं। जिससे इन्हे प्यार ही प्यार मिल सकता हैं। इस राशि के जातक अपने लव पार्टनर के साथ किसी यात्रा पर जा सकते हैं और अपने लव लाइफ को सेलिब्रेट कर सकते हैं। यह समय इनके लव लाइफ के लिए सबसे अनुकूल हैं। बप्पा की कृपा से इनके लव लाइफ की सभी परेशानी दूर हो सकती हैं। इनके लिए भगवान गणेश का दर्शन करना उत्तम रहेगा।
मिथुन और वृष राशि, राशिफल में शामिल मिथुन और वृष राशि के लव लाइफ पर बप्पा की कृपा हो सकती हैं। जिससे इनके प्रेम जीवन में सुख और शांति आ सकती हैं तथा इन्हे प्यार ही प्यार मिल सकता हैं। इस राशि के जातक एक सफल प्रेम जीवन का आनंद ले सकते हैं। इनके प्रेम जीवन में आने वाली हर समस्या समाप्त हो सकती हैं। यह समय इनके प्रेम जीवन के लिए सबसे बेहतर हैं। इनके लिए भगवान गणेश की आराधना करना शुभ रहेगा।
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बहुत दिनों के बाद आज कुछ राशियों के लव लाइफ पर बप्पा की नजर बनी रहेगी। जिससे उन्हें प्यार ही प्यार मिल सकता हैं तथा उनके प्रेम जीवन में सुख और शांति आ सकती हैं। आज इन्ही राशियों के बारे में जानने की कोशिश करेंगे की वो कौन सी राशि हैं जिस राशि के लोगों के लव लाइफ पर बप्पा की नजर बनी रहेगी। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से। कन्या और कुंभ राशि, राशिफल में शामिल कन्या और कुंभ राशि के लव लाइफ पर आज बप्पा की नजर बनी रहेगी। जिससे इन्हे प्यार ही प्यार मिल सकता हैं तथा इनके प्रेम जीवन में आने वाली हर समस्या समाप्त हो सकती हैं। इस राशि के जातक एक सफल जीवन का आनंद ले सकते हैं। लव पार्टनर की ओर से इन्हे सच्चा प्यार मिल सकता हैं। ये लोग प्रेम की दुनिया बसा सकते हैं। गणपति जी की उपासना करना इनके लव लाइफ के लिए लाभकारी रहेगा। मकर और तुला राशि, बहुत दिनों के बाद आज मकर और तुला राशि के लव लाइफ पर बप्पा की कृपा हो सकती हैं। जिससे इन्हे प्यार ही प्यार मिल सकता हैं। इस राशि के जातक अपने लव पार्टनर के साथ किसी यात्रा पर जा सकते हैं और अपने लव लाइफ को सेलिब्रेट कर सकते हैं। यह समय इनके लव लाइफ के लिए सबसे अनुकूल हैं। बप्पा की कृपा से इनके लव लाइफ की सभी परेशानी दूर हो सकती हैं। इनके लिए भगवान गणेश का दर्शन करना उत्तम रहेगा। मिथुन और वृष राशि, राशिफल में शामिल मिथुन और वृष राशि के लव लाइफ पर बप्पा की कृपा हो सकती हैं। जिससे इनके प्रेम जीवन में सुख और शांति आ सकती हैं तथा इन्हे प्यार ही प्यार मिल सकता हैं। इस राशि के जातक एक सफल प्रेम जीवन का आनंद ले सकते हैं। इनके प्रेम जीवन में आने वाली हर समस्या समाप्त हो सकती हैं। यह समय इनके प्रेम जीवन के लिए सबसे बेहतर हैं। इनके लिए भगवान गणेश की आराधना करना शुभ रहेगा।
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VLCC फेमिना मिस इंडिया 2020 का आयोजन 10 फरवरी को किया गया। इस इवेंट में फेमिना मिस इंडिया 2020 का खिताब 23 साल की फाइनेंशियल एक्सचेंज इनफॉर्मेशन एनालिस्ट मानसा वाराणसी ने अपने नाम किया।
मुंबई. ऋषि कपूर के साथ फिल्म 'हिना' में हिना का किरदार प्ले करने वाली पाकिस्तानी एक्ट्रेस जेबा बख्तियार ने राजीव कपूर के निधन पर शोक व्यक्त किया है। बता दें कि फिल्म 'हिना' का प्रोडक्शन राजीव कपूर ने ही किया था। वो एक एक्टर होने के साथ-साथ एक कमाल के निर्माता और निर्देशक भी थे। हाल ही में दिल का दौरा पड़ने के चलते उनका निधन हो गया था, जिसके बाद पूरा कपूर खानदान और बॉलीवुड इंडस्ड्री सदमे में है। इस मौके पर सभी साथ में इकट्ठा हुए।
मुंबई. सुष्मिता सेन सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। वो फैंस के साथ खुद से जुड़े अपडेट्स शेयर करती रहती हैं। ऐसे में हाल ही में उन्होंने एक पोस्ट इंस्टाग्राम पर शेयर की है, जिससे फैंस काफी कन्फ्यूज हैं कि क्या उन्होंने ये बातें अपने ब्वॉयफ्रेंड रोहमन शॉल के बारे में सोचते हुए लिखा है। गौरतलब है कि सुष्मिता और रोहमन बीते काफी वक्त से रिलेशनशिप में हैं और दोनों की तस्वीरें आए दिन सोशल मीडिया पर वायरल होती रहती हैं।
कंगना रनोट ने डायरेक्टर रजी घई के साथ फोटो शेयर कर लिखा- मेरे साथ कई फेमस डायरेक्टर्स ने अपने करियर की शुरुआत की। लेकिन जैसे ही वो सफल हुए वे केवल खान, कपूर और कुमार के पीछे भागने लगे। प्रिय दोस्तों जब हमारे चीफ रजी घई टॉप के फिल्म निर्माता बन जाएं तो कृपया उन्हें एक बार महिला केंद्रित फिल्में बनाने के लिए याद दिलाइएगा। बता दें कि कंगना की फिल्म धाकड़ को रजनीश रजी घई निर्देशित कर रहे हैं। इस फिल्म में कंगना एक एजेंट अग्नि की भूमिका निभा रही है। यह फिल्म इसी साल अक्टूबर में रिलीज होने वाली है। फिल्म में कंगना के साथ अर्जुन रामपाल और दिव्या दत्ता भी नजर आएंगे।
इस साल के ऑस्कर अवॉर्ड्स में भारत की तरफ से ऑफिशियल एंट्री में भेजी गई मलयालम फिल्म 'जल्लीकट्टू' रेस से बाहर हो गई है। टॉप 5 फिल्मों के लिए चुनी गईं 15 फीचर फिल्मों में ये अपनी जगह पक्की नहीं कर पाई है।
एक्ट्रेस सनी लियोनी को केरल हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली। 29 लाख की धोखाधड़ी मामले में कोर्ट की तरफ से एक्ट्रेस की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। सनी की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट की ओर से ये महत्वपूर्ण फैसला सुनाया गया है।
राजीव कपूर का दिल का दौरा पड़ने से मंगलवार को 58 साल की उम्र में निधन हो गया था। राजीव की भाभी नीतू सिंह ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर कर देवर के चौथे को लेकर जानकारी दी। नीतू ने बताया- कोरोना महामारी को देखते हुए राजीव का चौथा नहीं होगा। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया गया है। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। राजीव ने अपने करियर की शुरुआत फिल्म एक जाम है हम से की थी। 1983 में आई ये फिल्म सुपरहिट रही थी लेकिन पहली ही फिल्म हिट होने के बाद भी राजीव का करियर फ्लॉप ही रहा।
मुंबई. बॉलीवुड ने 9 फरवरी को एक और कलाकार खो दिया। राज कपूर के सबसे छोटे बेटे राजीव कपूर का 58 साल की उम्र में कार्डिएक अरेस्ट से निधन हो गया। आखिरी समय में जब राजीव की तबीयत अचानक बिगड़ी तो उनके भाई पास के हॉस्पिटल में उन्हें लेकर भागे लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। खबरों की मानें तो करीना के चाचा राजीव 14 फरवरी को अपनी कमबैक फिल्म 'तुलसीदास जूनियर' के लिए इंटरव्यू देने वाले थे। ऐसे में अब ये भी पता चला है कि उन्होंने निधन से एक दिन पहले अपने स्कूल के दोस्त से फोन पर बात की थी।
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VLCC फेमिना मिस इंडिया दो हज़ार बीस का आयोजन दस फरवरी को किया गया। इस इवेंट में फेमिना मिस इंडिया दो हज़ार बीस का खिताब तेईस साल की फाइनेंशियल एक्सचेंज इनफॉर्मेशन एनालिस्ट मानसा वाराणसी ने अपने नाम किया। मुंबई. ऋषि कपूर के साथ फिल्म 'हिना' में हिना का किरदार प्ले करने वाली पाकिस्तानी एक्ट्रेस जेबा बख्तियार ने राजीव कपूर के निधन पर शोक व्यक्त किया है। बता दें कि फिल्म 'हिना' का प्रोडक्शन राजीव कपूर ने ही किया था। वो एक एक्टर होने के साथ-साथ एक कमाल के निर्माता और निर्देशक भी थे। हाल ही में दिल का दौरा पड़ने के चलते उनका निधन हो गया था, जिसके बाद पूरा कपूर खानदान और बॉलीवुड इंडस्ड्री सदमे में है। इस मौके पर सभी साथ में इकट्ठा हुए। मुंबई. सुष्मिता सेन सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। वो फैंस के साथ खुद से जुड़े अपडेट्स शेयर करती रहती हैं। ऐसे में हाल ही में उन्होंने एक पोस्ट इंस्टाग्राम पर शेयर की है, जिससे फैंस काफी कन्फ्यूज हैं कि क्या उन्होंने ये बातें अपने ब्वॉयफ्रेंड रोहमन शॉल के बारे में सोचते हुए लिखा है। गौरतलब है कि सुष्मिता और रोहमन बीते काफी वक्त से रिलेशनशिप में हैं और दोनों की तस्वीरें आए दिन सोशल मीडिया पर वायरल होती रहती हैं। कंगना रनोट ने डायरेक्टर रजी घई के साथ फोटो शेयर कर लिखा- मेरे साथ कई फेमस डायरेक्टर्स ने अपने करियर की शुरुआत की। लेकिन जैसे ही वो सफल हुए वे केवल खान, कपूर और कुमार के पीछे भागने लगे। प्रिय दोस्तों जब हमारे चीफ रजी घई टॉप के फिल्म निर्माता बन जाएं तो कृपया उन्हें एक बार महिला केंद्रित फिल्में बनाने के लिए याद दिलाइएगा। बता दें कि कंगना की फिल्म धाकड़ को रजनीश रजी घई निर्देशित कर रहे हैं। इस फिल्म में कंगना एक एजेंट अग्नि की भूमिका निभा रही है। यह फिल्म इसी साल अक्टूबर में रिलीज होने वाली है। फिल्म में कंगना के साथ अर्जुन रामपाल और दिव्या दत्ता भी नजर आएंगे। इस साल के ऑस्कर अवॉर्ड्स में भारत की तरफ से ऑफिशियल एंट्री में भेजी गई मलयालम फिल्म 'जल्लीकट्टू' रेस से बाहर हो गई है। टॉप पाँच फिल्मों के लिए चुनी गईं पंद्रह फीचर फिल्मों में ये अपनी जगह पक्की नहीं कर पाई है। एक्ट्रेस सनी लियोनी को केरल हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली। उनतीस लाख की धोखाधड़ी मामले में कोर्ट की तरफ से एक्ट्रेस की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। सनी की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट की ओर से ये महत्वपूर्ण फैसला सुनाया गया है। राजीव कपूर का दिल का दौरा पड़ने से मंगलवार को अट्ठावन साल की उम्र में निधन हो गया था। राजीव की भाभी नीतू सिंह ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर कर देवर के चौथे को लेकर जानकारी दी। नीतू ने बताया- कोरोना महामारी को देखते हुए राजीव का चौथा नहीं होगा। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया गया है। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। राजीव ने अपने करियर की शुरुआत फिल्म एक जाम है हम से की थी। एक हज़ार नौ सौ तिरासी में आई ये फिल्म सुपरहिट रही थी लेकिन पहली ही फिल्म हिट होने के बाद भी राजीव का करियर फ्लॉप ही रहा। मुंबई. बॉलीवुड ने नौ फरवरी को एक और कलाकार खो दिया। राज कपूर के सबसे छोटे बेटे राजीव कपूर का अट्ठावन साल की उम्र में कार्डिएक अरेस्ट से निधन हो गया। आखिरी समय में जब राजीव की तबीयत अचानक बिगड़ी तो उनके भाई पास के हॉस्पिटल में उन्हें लेकर भागे लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। खबरों की मानें तो करीना के चाचा राजीव चौदह फरवरी को अपनी कमबैक फिल्म 'तुलसीदास जूनियर' के लिए इंटरव्यू देने वाले थे। ऐसे में अब ये भी पता चला है कि उन्होंने निधन से एक दिन पहले अपने स्कूल के दोस्त से फोन पर बात की थी।
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यह 'ए' सीरीज का पहला स्मार्टफोन होगा, जो केवल ऑनलाइन प्लेटफार्म पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा.
दक्षिण कोरिया की प्रौद्योगिकी दिग्गज सैमसंग भारत में अपने प्रसिद्ध 'ए' सीरीज के नए 2018 संस्करण को जनवरी के दूसरे हफ्ते में लांच करेगी। उद्योग सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि नए डिवाइस को 10 जनवरी को लांच किया जाएगा तथा यह 'ए' सीरीज का पहला स्मार्टफोन होगा, जो केवल ऑनलाइन प्लेटफार्म पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा.
सूत्रों ने आगे कहा कि 'गैलेक्सी ए8' और 'गैलेक्सी ए8प्लस' जिसमें फ्लैगशिप स्मार्टफोन के फीचर्स हैं, को पिछले महीने वैश्विक बाजारों में लांच किया गया था, इसका केवल एक संस्करण अमेजन इंडिया पर बिक्री के लिए उपलब्ध है।ये डिवाइस 'इंफिनिटी डिस्प्ले' के साथ आते हैं, जो पहले कंपनी के फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स में ही उपलब्ध था, जिनमें गैलेक्सी एस8, एस8प्लस और नोट 8 शामिल थे.
सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के अध्यक्ष (ग्लोबल प्रोडक्ट प्लानिंग, मोबाइल कम्यूनिकेशन बिजनेस) जून्हो पार्क ने एक बयान में कहा, "गैलेक्सी ए8 (2008) और ए8प्लस (2018) के रिलीज के साथ ही हम फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स के फीचर्स लेकर आ रहे हैं, जैसे 'इंफिनिटी डिस्प्ले' और हमारा पहला ड्यूअल अगला कैमरा 'लाइव फोकस' के साथ।" अन्य फीचर्स में मोबाइल पेमेंट और डिजिटल वॉलेट सेवा (एमएसटी के साथ) 'सैमसंग पे', आईपी68 जलरोधी, धूल प्रतिरोधी और यूएसबी टाइप-सी के साथ फास्ट चार्जिग शामिल है.
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यह 'ए' सीरीज का पहला स्मार्टफोन होगा, जो केवल ऑनलाइन प्लेटफार्म पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा. दक्षिण कोरिया की प्रौद्योगिकी दिग्गज सैमसंग भारत में अपने प्रसिद्ध 'ए' सीरीज के नए दो हज़ार अट्ठारह संस्करण को जनवरी के दूसरे हफ्ते में लांच करेगी। उद्योग सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि नए डिवाइस को दस जनवरी को लांच किया जाएगा तथा यह 'ए' सीरीज का पहला स्मार्टफोन होगा, जो केवल ऑनलाइन प्लेटफार्म पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा. सूत्रों ने आगे कहा कि 'गैलेक्सी एआठ' और 'गैलेक्सी एआठप्लस' जिसमें फ्लैगशिप स्मार्टफोन के फीचर्स हैं, को पिछले महीने वैश्विक बाजारों में लांच किया गया था, इसका केवल एक संस्करण अमेजन इंडिया पर बिक्री के लिए उपलब्ध है।ये डिवाइस 'इंफिनिटी डिस्प्ले' के साथ आते हैं, जो पहले कंपनी के फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स में ही उपलब्ध था, जिनमें गैलेक्सी एसआठ, एसआठप्लस और नोट आठ शामिल थे. सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के अध्यक्ष जून्हो पार्क ने एक बयान में कहा, "गैलेक्सी एआठ और एआठप्लस के रिलीज के साथ ही हम फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स के फीचर्स लेकर आ रहे हैं, जैसे 'इंफिनिटी डिस्प्ले' और हमारा पहला ड्यूअल अगला कैमरा 'लाइव फोकस' के साथ।" अन्य फीचर्स में मोबाइल पेमेंट और डिजिटल वॉलेट सेवा 'सैमसंग पे', आईपीअड़सठ जलरोधी, धूल प्रतिरोधी और यूएसबी टाइप-सी के साथ फास्ट चार्जिग शामिल है.
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Umesh Yadav; भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज का तीसरा मैच इंदौर में खेला जा रहा है. टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया लेकिन मैदान पर यह फैसला सही साबित नहीं हुआ. टीम इंडिया महज 109 रन पर आउट हो गई. ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम इंडिया को दूसरे सत्र में ही ऑल आउट कर दिया. मैथ्यू कुह्नमैन ने 5 विकेट लिए जबकि नाथन लियोन ने 3 विकेट और टॉड मर्फी ने एक विकेट लिया. भारतीय तेज गेंदबाज उमेश यादव ने तीन महत्वपूर्ण विकेट लेकर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को रोक दिया.
भारतीय सरजमीं पर 100 विकेट पूरे किए (Umesh Yadav completes 100 Test wickets in India)
ऑस्ट्रेलिया की पारी की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही. ऑस्ट्रेलिया ने अपना पहला विकेट जल्दी गंवा दिया लेकिन लबुशने और ख्वाजा ने अपना काम किया. पहले दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 156/4 था. लेकिन दूसरे दिन की शुरुआत में ही भारतीय गेंदबाजों ने अपना जलवा दिखाया और ऑस्ट्रेलिया को 197 रन पर ऑल आउट कर दिया. जिसमें उमेश यादव ने 3 अहम विकेट लिए. इसी के साथ उमेश ने भारतीय सरजमीं पर टेस्ट में अपने 100 विकेट भी पूरे कर लिए. उमेश यादव भारत में 100 टेस्ट विकेट पूरे करने वाले 13वें भारतीय गेंदबाज बन गए हैं.
आपको बता दें की 23 फरवरी को उमेश यादव के पिता तिलक यादव का निधन हुआ था. स्वर्गीय तिलक यादव कोयला खदानों में काम करते थे. उन्होंने ही उमेश को क्रिकेटर बनने के लिए प्रेरित किया था. अपने पिता को खोने के बाद, उमेश यादव ने भारतीय क्रिकेट टीम में वापसी की. उमेश अभी पिता के जाने की गम से पूरी तरह उबरे भी नहीं थे कि उन्होंने इंदौर टेस्ट के दूसरे दिन ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को अपनी गेंदबाजी का जलवा दिखाया. इससे पहले बल्लेबाजी करते हुए भी उमेश ने दो छक्के और एक चौके की मदद से 17 रन बनाए थे.
तिलक यादव का 74 साल की उम्र में निधन हुआ. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वे पिछले कुछ महीनों से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज नागपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा था. हालत में सुधार न होने पर उन्हें घर लाया गया, लेकिन उनकी जल्द ही मृत्यु हो गई.
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Umesh Yadav; भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज का तीसरा मैच इंदौर में खेला जा रहा है. टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया लेकिन मैदान पर यह फैसला सही साबित नहीं हुआ. टीम इंडिया महज एक सौ नौ रन पर आउट हो गई. ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम इंडिया को दूसरे सत्र में ही ऑल आउट कर दिया. मैथ्यू कुह्नमैन ने पाँच विकेट लिए जबकि नाथन लियोन ने तीन विकेट और टॉड मर्फी ने एक विकेट लिया. भारतीय तेज गेंदबाज उमेश यादव ने तीन महत्वपूर्ण विकेट लेकर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को रोक दिया. भारतीय सरजमीं पर एक सौ विकेट पूरे किए ऑस्ट्रेलिया की पारी की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही. ऑस्ट्रेलिया ने अपना पहला विकेट जल्दी गंवा दिया लेकिन लबुशने और ख्वाजा ने अपना काम किया. पहले दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया का स्कोर एक सौ छप्पन/चार था. लेकिन दूसरे दिन की शुरुआत में ही भारतीय गेंदबाजों ने अपना जलवा दिखाया और ऑस्ट्रेलिया को एक सौ सत्तानवे रन पर ऑल आउट कर दिया. जिसमें उमेश यादव ने तीन अहम विकेट लिए. इसी के साथ उमेश ने भारतीय सरजमीं पर टेस्ट में अपने एक सौ विकेट भी पूरे कर लिए. उमेश यादव भारत में एक सौ टेस्ट विकेट पूरे करने वाले तेरहवें भारतीय गेंदबाज बन गए हैं. आपको बता दें की तेईस फरवरी को उमेश यादव के पिता तिलक यादव का निधन हुआ था. स्वर्गीय तिलक यादव कोयला खदानों में काम करते थे. उन्होंने ही उमेश को क्रिकेटर बनने के लिए प्रेरित किया था. अपने पिता को खोने के बाद, उमेश यादव ने भारतीय क्रिकेट टीम में वापसी की. उमेश अभी पिता के जाने की गम से पूरी तरह उबरे भी नहीं थे कि उन्होंने इंदौर टेस्ट के दूसरे दिन ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को अपनी गेंदबाजी का जलवा दिखाया. इससे पहले बल्लेबाजी करते हुए भी उमेश ने दो छक्के और एक चौके की मदद से सत्रह रन बनाए थे. तिलक यादव का चौहत्तर साल की उम्र में निधन हुआ. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वे पिछले कुछ महीनों से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज नागपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा था. हालत में सुधार न होने पर उन्हें घर लाया गया, लेकिन उनकी जल्द ही मृत्यु हो गई.
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हेल्थ डेस्कः आज के वर्तमान समय में बहुत सी महिलाएं ऐसी हैं जिनके बच्चेदानी में सूजन की समस्या होती हैं। इस समस्या के कारण महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं तथा महिलाएं खुद को अस्वस्थ महसूस करती हैं। आज इसी विषय में जानने की कोशिश करेंगे कुछ ऐसी गलत आदतों के बारे में जिन आदतों के कारण बच्चेदानी में सूजन की समस्या होती हैं। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से।
1 . जंक फ़ूड का अधिक सेवन, अगर कोई महिला जंक फ़ूड का अधिक सेवन करती हैं तो इससे उसके बच्चेदानी में सूजन की समस्या हो सकती हैं। क्यों की जंक फ़ूड में कई तरह के ऐसे हानिकारक तत्व मौजूद होते हैं जो बच्चेदानी की परत को कमजोर करने का काम करते हैं। इससे बच्चेदानी में गांठ या सूजन बनने लगता हैं। इसलिए महिलाओं को ज्यादा जंक फ़ूड का सेवन नहीं करनी चाहिए। ये उनके हेल्थ के लिए खतरनाक साबित होता हैं।
2 . सिगरेट का अधिक सेवन, दरअसल सिगरेट के अधिक सेवन करने से बच्चेदानी में ब्लड का सर्कुलेशन सही तरीकों से नहीं हो पाता हैं। साथ ही साथ बच्चेदानी में ऑक्सीजन की भी कमी होने लगती हैं। जिससे बच्चेदानी में सूजन की समस्या जन्म ले सकती हैं। इसलिए महिलाओं को सिगरेट का सेवन नहीं करनी चाहिए और प्रदूषण वाले जगह से दूर रहना चाहिए।
3 . पर्याप्त नींद ना लेना, अगर कोई महिला पर्याप्त नींद नहीं लेती हैं तो इससे उनके बच्चेदानी में सूजन की समस्या हो सकती है। क्यों की पर्याप्त नींद नहीं लेने से महिलाओं की बच्चेदानी में संकुचन आने लगता हैं और बच्चेदानी की कोशिकाएं कमजोर हो जाती हैं। इसलिए महिलाओं को इस बात का ख्याल रखना चाहिए और प्रतिदिन कम से कम 7 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए।
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हेल्थ डेस्कः आज के वर्तमान समय में बहुत सी महिलाएं ऐसी हैं जिनके बच्चेदानी में सूजन की समस्या होती हैं। इस समस्या के कारण महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं तथा महिलाएं खुद को अस्वस्थ महसूस करती हैं। आज इसी विषय में जानने की कोशिश करेंगे कुछ ऐसी गलत आदतों के बारे में जिन आदतों के कारण बच्चेदानी में सूजन की समस्या होती हैं। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से। एक . जंक फ़ूड का अधिक सेवन, अगर कोई महिला जंक फ़ूड का अधिक सेवन करती हैं तो इससे उसके बच्चेदानी में सूजन की समस्या हो सकती हैं। क्यों की जंक फ़ूड में कई तरह के ऐसे हानिकारक तत्व मौजूद होते हैं जो बच्चेदानी की परत को कमजोर करने का काम करते हैं। इससे बच्चेदानी में गांठ या सूजन बनने लगता हैं। इसलिए महिलाओं को ज्यादा जंक फ़ूड का सेवन नहीं करनी चाहिए। ये उनके हेल्थ के लिए खतरनाक साबित होता हैं। दो . सिगरेट का अधिक सेवन, दरअसल सिगरेट के अधिक सेवन करने से बच्चेदानी में ब्लड का सर्कुलेशन सही तरीकों से नहीं हो पाता हैं। साथ ही साथ बच्चेदानी में ऑक्सीजन की भी कमी होने लगती हैं। जिससे बच्चेदानी में सूजन की समस्या जन्म ले सकती हैं। इसलिए महिलाओं को सिगरेट का सेवन नहीं करनी चाहिए और प्रदूषण वाले जगह से दूर रहना चाहिए। तीन . पर्याप्त नींद ना लेना, अगर कोई महिला पर्याप्त नींद नहीं लेती हैं तो इससे उनके बच्चेदानी में सूजन की समस्या हो सकती है। क्यों की पर्याप्त नींद नहीं लेने से महिलाओं की बच्चेदानी में संकुचन आने लगता हैं और बच्चेदानी की कोशिकाएं कमजोर हो जाती हैं। इसलिए महिलाओं को इस बात का ख्याल रखना चाहिए और प्रतिदिन कम से कम सात घंटाटे की नींद जरूर लेनी चाहिए।
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वृन्दावन लाल वर्मा, न्वास और कला
भारत की नारियों के बलिदान की इन्हीं कहानियों ने सदा से साम्राज्य वादियों के कछुड़ाये हैं। उनके ये बलिदान कभी भी व्यर्थ नहीं गये ।
'मृगनयनी' में अटल और लाखी का बलिदान भी सद व श्रमर रहेगा । लाखी के मृत्यु के समय कहे गये शब्द समाज और धर्म के ठेकेदारों की आँख खोलने के लिये क्या पर्याप्त न होंगे ?
लाखी गढ़ी के ऊपर अकेले ही पहरा दे रही है। दुश्मन के सिपाही गढ़ी में चढ़ने की कोशिश कर रहे हैं । लाखी भाँप गई। एक तीर चलाया । दुश्मनों में भगदड़ मच गई । एक तीर उधर से भी चला और लाखी की पसलियों के जोड़ में घुस गया ! 'उसे खाँसी आ गई और खाँसी के साथ मुंह से रक्त की फुहार छूट पड़ी ।' रक्त बराबर निकल रहा था। उसने पुकारा । मशाल वाले दौड़ पड़े । लाखी के मुंह से कराह के साथ निकला - 'मेरे स्वामी को, स्वामी को बुला दो ।" अटल आ गया और लाखी से लिपटने को हुआ । 'लाखी ने उठी हुई गदेली को हिलाकर वर्जित किया मानों रक्षा करने वाले नाग ने फन हिलाया हो । पतली सी मुस्कान फूटकर वहीं विलीन हो गई । कुछ नहीं एक भीख मांगती हूँ । अपनीजात पोत में । ··· अटल की आँख में भी नहीं था । आकृति भयंकर थी । उसने चिता के हाथ जोड़े और मन में कहा- मैं ब्याह अवश्य करूंगा, बहुत जल्द ही करूंगा।
"प्रातः काल पौ फटी । उसकी रेखायें साँक नदी की लहरों पर मचलीं और एक तीर अटल की आँखों में धसकर अटक गया। अटल गिर पड़ा । थक तो गया ही था इसलिए घाव ने बहुत कम लंकेश पहुंचाया । एक कल्पना झिलमिला गई । मैं ब्याह करूँगा उसी के साथ जहाँ वह गई है और मैं जा रहा हूं । " अटल के प्राण निकल गये ।
अटल और लाखी का बलिदान उज्वल अक्षरों में इतिहास के पन्नों पर हो गया। ये ही वे दृश्य हैं जो भुलाये नहीं भूलते और वर्मा जी जिन्हें कथा को मार्मिक बनाने के लिये, उसे उपयुक्त क्लाइमैक्स पर पहुँचाने के लिये सुरक्षित रख लेते हैं । सारा उपन्यास स्मृति से ओझल हो जाय पर इन चित्रों के रंग नही धुल सकते वरन् समय के साथ साथ उनमें और भी चमक आती रहती है ।
'प्रेम की भेंट' में दुर्बल हृदया सरस्वती अन्त तक साड़ी के उस टुकड़े को लिये रहती है जो कम्मोद के फाड़ने से बच गया था और जिसमें लिखा था प्रेम की - भेंट ! समाज की रूढ़ियाँ सरस्वती और धीरज को एक नहीं होने देतीं, समाज के
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वृन्दावन लाल वर्मा, न्वास और कला भारत की नारियों के बलिदान की इन्हीं कहानियों ने सदा से साम्राज्य वादियों के कछुड़ाये हैं। उनके ये बलिदान कभी भी व्यर्थ नहीं गये । 'मृगनयनी' में अटल और लाखी का बलिदान भी सद व श्रमर रहेगा । लाखी के मृत्यु के समय कहे गये शब्द समाज और धर्म के ठेकेदारों की आँख खोलने के लिये क्या पर्याप्त न होंगे ? लाखी गढ़ी के ऊपर अकेले ही पहरा दे रही है। दुश्मन के सिपाही गढ़ी में चढ़ने की कोशिश कर रहे हैं । लाखी भाँप गई। एक तीर चलाया । दुश्मनों में भगदड़ मच गई । एक तीर उधर से भी चला और लाखी की पसलियों के जोड़ में घुस गया ! 'उसे खाँसी आ गई और खाँसी के साथ मुंह से रक्त की फुहार छूट पड़ी ।' रक्त बराबर निकल रहा था। उसने पुकारा । मशाल वाले दौड़ पड़े । लाखी के मुंह से कराह के साथ निकला - 'मेरे स्वामी को, स्वामी को बुला दो ।" अटल आ गया और लाखी से लिपटने को हुआ । 'लाखी ने उठी हुई गदेली को हिलाकर वर्जित किया मानों रक्षा करने वाले नाग ने फन हिलाया हो । पतली सी मुस्कान फूटकर वहीं विलीन हो गई । कुछ नहीं एक भीख मांगती हूँ । अपनीजात पोत में । ··· अटल की आँख में भी नहीं था । आकृति भयंकर थी । उसने चिता के हाथ जोड़े और मन में कहा- मैं ब्याह अवश्य करूंगा, बहुत जल्द ही करूंगा। "प्रातः काल पौ फटी । उसकी रेखायें साँक नदी की लहरों पर मचलीं और एक तीर अटल की आँखों में धसकर अटक गया। अटल गिर पड़ा । थक तो गया ही था इसलिए घाव ने बहुत कम लंकेश पहुंचाया । एक कल्पना झिलमिला गई । मैं ब्याह करूँगा उसी के साथ जहाँ वह गई है और मैं जा रहा हूं । " अटल के प्राण निकल गये । अटल और लाखी का बलिदान उज्वल अक्षरों में इतिहास के पन्नों पर हो गया। ये ही वे दृश्य हैं जो भुलाये नहीं भूलते और वर्मा जी जिन्हें कथा को मार्मिक बनाने के लिये, उसे उपयुक्त क्लाइमैक्स पर पहुँचाने के लिये सुरक्षित रख लेते हैं । सारा उपन्यास स्मृति से ओझल हो जाय पर इन चित्रों के रंग नही धुल सकते वरन् समय के साथ साथ उनमें और भी चमक आती रहती है । 'प्रेम की भेंट' में दुर्बल हृदया सरस्वती अन्त तक साड़ी के उस टुकड़े को लिये रहती है जो कम्मोद के फाड़ने से बच गया था और जिसमें लिखा था प्रेम की - भेंट ! समाज की रूढ़ियाँ सरस्वती और धीरज को एक नहीं होने देतीं, समाज के
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13 अक्तूबर 539 वर्ष ईसापूर्व को ईरान में हख़ामनेशी शासन श्रंखला की स्थापना करने वाले शासक कोरूश ने एतिहासिक नगर बाबिल पर विजय प्राप्त की।
12 अकतूबर सन 1901 ईसवी को अमरीका के राष्ट्रपति थियोडोर रूज़वेल्ट ने राष्ट्रपति भवन का नाम एक्ज़ीक्यूटिव मेनसन से बदल कर व्हाइट हाउस कर दिया था।
10 अक्तूबर सन 2011 ईसवी को ग़ज़ल गायकी में विशेष पहचान बनाने वाले भारतीय गायक जगजीत सिंह का दिमाग़ की रग फट जाने से निधन हुआ।
हमने मानवाधिकार के आधार के संबंध में इस्लाम और पश्चिम के दृष्टिकोण में अंतर का उल्लेख किया था।
इस्लाम की दृष्टि में सभी लोग एक समान हैं।
आपको याद होगा कि पिछले कार्यक्रम में दमावंद ज़िले से आपको परिचित कराया था।
दमावंद ज़िलादमावंद एक हरा भरा इलाक़ा है।
इस समय हालीवुड अमरीका के विदेश मंत्रालय, युद्ध मंत्रालय पेंटागोन और ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए से बढ़कर वाशिंग्टन की नीतियों को आगे ले जाने में प्रभावी भूमिका निभा रहा ह।
9 अकतूबर सन 1876 को पहली बार टेलीफोन पर आउट वायर के जरिए दो तरफा बातचीत हुई थी।
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तेरह अक्तूबर पाँच सौ उनतालीस वर्ष ईसापूर्व को ईरान में हख़ामनेशी शासन श्रंखला की स्थापना करने वाले शासक कोरूश ने एतिहासिक नगर बाबिल पर विजय प्राप्त की। बारह अकतूबर सन एक हज़ार नौ सौ एक ईसवी को अमरीका के राष्ट्रपति थियोडोर रूज़वेल्ट ने राष्ट्रपति भवन का नाम एक्ज़ीक्यूटिव मेनसन से बदल कर व्हाइट हाउस कर दिया था। दस अक्तूबर सन दो हज़ार ग्यारह ईसवी को ग़ज़ल गायकी में विशेष पहचान बनाने वाले भारतीय गायक जगजीत सिंह का दिमाग़ की रग फट जाने से निधन हुआ। हमने मानवाधिकार के आधार के संबंध में इस्लाम और पश्चिम के दृष्टिकोण में अंतर का उल्लेख किया था। इस्लाम की दृष्टि में सभी लोग एक समान हैं। आपको याद होगा कि पिछले कार्यक्रम में दमावंद ज़िले से आपको परिचित कराया था। दमावंद ज़िलादमावंद एक हरा भरा इलाक़ा है। इस समय हालीवुड अमरीका के विदेश मंत्रालय, युद्ध मंत्रालय पेंटागोन और ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए से बढ़कर वाशिंग्टन की नीतियों को आगे ले जाने में प्रभावी भूमिका निभा रहा ह। नौ अकतूबर सन एक हज़ार आठ सौ छिहत्तर को पहली बार टेलीफोन पर आउट वायर के जरिए दो तरफा बातचीत हुई थी।
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किया गया है । इतना और ज्ञातव्य है कि (1) सतसई में प्रयुक्त अधिकाश क्रियाए कर्तरि प्रयोग मे हैं ।
(२) कुछ क्रियाए कर्मरिग प्रयोग में भी पाई जाती हैं, जिनके द्वारा क्रियाओ का कर्म स्पष्ट है, उनके कर्ता का उल्लेख नहीं मिलता । इसमे फारसी आदि के तद्रूप भी प्राप्त होते हैं । यथा -
कतिपय - राजस्थानी भाषा के शब्दों के प्रयोग मे भी द्रष्टव्य हैं । यथामोसर (१२) प्रवार (१२) दुखा की खान (६६) मिनख (६४४) ओसर (१२) सॅमझसी (३३०) खोसिलेय ( २३५ ) पायसी (६३६) अनेक देशज शब्दो के प्रयोग पाये जाते हैं । यथा --
(२२१) बुगला (२२१ ) परेवा (३१५) भोत (४०५) आादि हिन्दी के तद्भव रूपो के प्रयोग भी पाये जाते हैं । यथा - -
श्रौगुन (७८) तिया, जुर (६१) सरवस (४७०) प्रान - (६) रतन (१५) चिंतामनि (१५) घरी (२०) परगट ( ३२ ) मारग (४६) चरन (५६) अलप (३०७) निरवाह (६३) इत्यादि
कतिपय प्रपत्र श भाषा के शब्द भी प्रयुक्त हुए हैं । यथाजुद्ध (१११) जुत्त (१४३) जदपि (२८६) इत्यादि । कतिपय संस्कृत के शब्द भी द्रष्टव्य हैं । यथा ---
विपदा ( १४७) दीनानाथ (४२) पथ्यापथ्य (१४२ ) अंतिथिदान (१७६) एक मात सुतभ्रात (१८०) विबुध (२६६) क्षुधा (२५) तुषा (२५) भवार्णव (७४) इत्यादि एकाधस्थल पर 'एवजुत' ( एव + जुत) जैसे रूप भी मिलते हैं, जिनमे प्ररवीहिन्दी को मिश्ररण लक्षित होता है । भाषा में प्राय छोटे-छोटे प्रचलित समस्त रूपो का ही प्रयोग किया गया है, परन्तु कही-कही प्रत्युग्रचित (१३६) दयाभिलाष (१३३) जैसे शब्दों के प्रयोग भी हैं, जो उनके संस्कृत ज्ञान को ससूचित करते हैं। कहावतो तथा मुहावरों के प्रयोग भी दिखाई देते हैं । यथा - तेता पाव पसारिये जेती लाबी सौर (२६१) ढील न कीजिए (४२) पर्यो रहू तुम चरनतट (४३) काटे पाप पहार ( ३३६ ) मेलो क्यो न कपूर मे हीग न होय मुवास ( ३४२ ) पोलो घट सूधो सदा ( ३४१ ) सपन दूध पिलाइये विप ही के दातार ( ३८१) जीने से मरना भला ( ४०३ ) इत्यादि । अलकार योजनासतसई मे तीनो प्रकार के अलकार दिखाई देते हैं । शब्दालकारो मे छेकानुप्रास, वृत्यानुप्रास, वीप्सा, लाटानुप्राम आदि का तथा अर्थालकारो मे उपमा, दृष्टान्त,
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किया गया है । इतना और ज्ञातव्य है कि सतसई में प्रयुक्त अधिकाश क्रियाए कर्तरि प्रयोग मे हैं । कुछ क्रियाए कर्मरिग प्रयोग में भी पाई जाती हैं, जिनके द्वारा क्रियाओ का कर्म स्पष्ट है, उनके कर्ता का उल्लेख नहीं मिलता । इसमे फारसी आदि के तद्रूप भी प्राप्त होते हैं । यथा - कतिपय - राजस्थानी भाषा के शब्दों के प्रयोग मे भी द्रष्टव्य हैं । यथामोसर प्रवार दुखा की खान मिनख ओसर सॅमझसी खोसिलेय पायसी अनेक देशज शब्दो के प्रयोग पाये जाते हैं । यथा -- बुगला परेवा भोत आादि हिन्दी के तद्भव रूपो के प्रयोग भी पाये जाते हैं । यथा - - श्रौगुन तिया, जुर सरवस प्रान - रतन चिंतामनि घरी परगट मारग चरन अलप निरवाह इत्यादि कतिपय प्रपत्र श भाषा के शब्द भी प्रयुक्त हुए हैं । यथाजुद्ध जुत्त जदपि इत्यादि । कतिपय संस्कृत के शब्द भी द्रष्टव्य हैं । यथा --- विपदा दीनानाथ पथ्यापथ्य अंतिथिदान एक मात सुतभ्रात विबुध क्षुधा तुषा भवार्णव इत्यादि एकाधस्थल पर 'एवजुत' जैसे रूप भी मिलते हैं, जिनमे प्ररवीहिन्दी को मिश्ररण लक्षित होता है । भाषा में प्राय छोटे-छोटे प्रचलित समस्त रूपो का ही प्रयोग किया गया है, परन्तु कही-कही प्रत्युग्रचित दयाभिलाष जैसे शब्दों के प्रयोग भी हैं, जो उनके संस्कृत ज्ञान को ससूचित करते हैं। कहावतो तथा मुहावरों के प्रयोग भी दिखाई देते हैं । यथा - तेता पाव पसारिये जेती लाबी सौर ढील न कीजिए पर्यो रहू तुम चरनतट काटे पाप पहार मेलो क्यो न कपूर मे हीग न होय मुवास पोलो घट सूधो सदा सपन दूध पिलाइये विप ही के दातार जीने से मरना भला इत्यादि । अलकार योजनासतसई मे तीनो प्रकार के अलकार दिखाई देते हैं । शब्दालकारो मे छेकानुप्रास, वृत्यानुप्रास, वीप्सा, लाटानुप्राम आदि का तथा अर्थालकारो मे उपमा, दृष्टान्त,
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ग्रेटर नोएडा, 18 मईः ग्रेटर नोएडा के शिव नादर विश्वविद्यालय में बीए थर्ड ईयर सोशियोलॉजी में पढ़ने वाले छात्र ने साथी छात्रा की गोली मारकर की हत्या कर दी है. छात्रा की हत्या करने के बाद छात्र ने खुद को भी गोली मारकर मौत के घाट उतार लिया. छात्रा को गोली मारने का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें गोली लगने से ठीक पहले छात्रा अपने बचाव के लिए छात्र से हाथापाई करती दिखाई दे रही है.
सामने आई सीसीटीवी में यह साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि छात्र ने पहले कुछ देर छात्रा से बातचीत की और उसके बाद छात्रा अपने बचाव के लिए छात्र से हाथापाई करने लगी. जिसके बाद छात्र ने उसे नीचे गिरा कर गोलियां मार दी. गोली लगने के बाद छात्रा नीचे ही गिरी रही और छात्र अपने साथ लाए बैग में पिस्टल को रख कर वहां से जाता हुआ दिखाई दे रहा है. पता चला है कि कुछ दिन पहले ही छात्र और छात्रा में अंदर हो गई थी और दोनों एक दूसरे से बातचीत नहीं कर रहे थे.
यह पूरी घटना कॉलेज कैंपस के अंदर ही हुई है, फिलहाल पुलिस हर तरीके के जांच में जुटी हुई है, पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छात्र के पास आकर बंदूक कहां से आई. पुलिस ने यह भी बताया कि छात्र और छात्रा काफी गहरे दोस्त बताए जा रहे हैं. फिलहाल इस घटना के बाद से कॉलेज कैंपस में काफी दहशत का माहौल है. पुलिस हर बारीक मुद्दे पर जांच कर रही है. शिव नादर कॉलेज ग्रेटर नोएडा के दादरी थाना इलाके में पड़ता है.
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ग्रेटर नोएडा, अट्ठारह मईः ग्रेटर नोएडा के शिव नादर विश्वविद्यालय में बीए थर्ड ईयर सोशियोलॉजी में पढ़ने वाले छात्र ने साथी छात्रा की गोली मारकर की हत्या कर दी है. छात्रा की हत्या करने के बाद छात्र ने खुद को भी गोली मारकर मौत के घाट उतार लिया. छात्रा को गोली मारने का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें गोली लगने से ठीक पहले छात्रा अपने बचाव के लिए छात्र से हाथापाई करती दिखाई दे रही है. सामने आई सीसीटीवी में यह साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि छात्र ने पहले कुछ देर छात्रा से बातचीत की और उसके बाद छात्रा अपने बचाव के लिए छात्र से हाथापाई करने लगी. जिसके बाद छात्र ने उसे नीचे गिरा कर गोलियां मार दी. गोली लगने के बाद छात्रा नीचे ही गिरी रही और छात्र अपने साथ लाए बैग में पिस्टल को रख कर वहां से जाता हुआ दिखाई दे रहा है. पता चला है कि कुछ दिन पहले ही छात्र और छात्रा में अंदर हो गई थी और दोनों एक दूसरे से बातचीत नहीं कर रहे थे. यह पूरी घटना कॉलेज कैंपस के अंदर ही हुई है, फिलहाल पुलिस हर तरीके के जांच में जुटी हुई है, पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छात्र के पास आकर बंदूक कहां से आई. पुलिस ने यह भी बताया कि छात्र और छात्रा काफी गहरे दोस्त बताए जा रहे हैं. फिलहाल इस घटना के बाद से कॉलेज कैंपस में काफी दहशत का माहौल है. पुलिस हर बारीक मुद्दे पर जांच कर रही है. शिव नादर कॉलेज ग्रेटर नोएडा के दादरी थाना इलाके में पड़ता है.
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पीएम मोदी मायावती के इस बड़े सपने को करेंगे पूरा....
वाराणसी ,भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल उत्तर प्रदेश के वाराणसी पहुंच रहे हैं। वह यहां पर करोड़ों रुपये की योजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इन्हीं योजनाओं में प्रस्तावित संत रविदास का स्मारक भी शामिल है। संत रविदास की जन्मस्थली में बनाया जाने वाला यह वह स्मारक है, जिसे बनाने का सपना बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने देखा था, लेकिन इसे अब भारतीय जनता पार्टी की सरकार पूरा करने जा रही है।
पीएम मोदी, मायावती के उस सपने को पूरा कर रहे हैं, जो कभी उनके मौजूदा गठबंधन सहयोगी समाजवादी पार्टी और बीएसपी की सरकार में देखा गया था। साल 1997 में एसपी कार्यकर्ताओं के हिंसक विरोध के बाद वह मुख्यमंत्री तो बन गईं, लेकिन रविदास स्मारक बनाने में विफल रहीं। पीएम मोदी मंगलवार को संत रविदास की जयंती पर रविदास मंदिर जाएंगे और रविदास जन्मस्थली क्षेत्र विकास परियोजना का शिलान्यास करेंगे। इस परियोजना के तहत रविदास मंदिर में एक पार्क, एक लंगर हॉल और द्रष्टा की प्रतिमा शामिल होगी।
पीएम दो साल बाद दूसरी बार माघी पूर्णिमा के दिन 642 वें प्रकाशोत्सव में संत रविदास की जन्मभूमि बेगमपुरा आ रहे हैं। मंदिर में रहने के दौरान प्रधानमंत्री स्वर्ण पालकी के दर्शन करेंगे तो मंदिर के तहखाने में बुलेट प्रूफ शीशे में रखी उस कठौती को देखेंगे, जिसमे भरे पानी को रविदास ने गंगाजल मान 'मन का मैल' साफ करने का संदेश दिया था। इसके अलावा लंगर हॉल में प्रसाद ग्रहण करेंगे।
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पीएम मोदी मायावती के इस बड़े सपने को करेंगे पूरा.... वाराणसी ,भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल उत्तर प्रदेश के वाराणसी पहुंच रहे हैं। वह यहां पर करोड़ों रुपये की योजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इन्हीं योजनाओं में प्रस्तावित संत रविदास का स्मारक भी शामिल है। संत रविदास की जन्मस्थली में बनाया जाने वाला यह वह स्मारक है, जिसे बनाने का सपना बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने देखा था, लेकिन इसे अब भारतीय जनता पार्टी की सरकार पूरा करने जा रही है। पीएम मोदी, मायावती के उस सपने को पूरा कर रहे हैं, जो कभी उनके मौजूदा गठबंधन सहयोगी समाजवादी पार्टी और बीएसपी की सरकार में देखा गया था। साल एक हज़ार नौ सौ सत्तानवे में एसपी कार्यकर्ताओं के हिंसक विरोध के बाद वह मुख्यमंत्री तो बन गईं, लेकिन रविदास स्मारक बनाने में विफल रहीं। पीएम मोदी मंगलवार को संत रविदास की जयंती पर रविदास मंदिर जाएंगे और रविदास जन्मस्थली क्षेत्र विकास परियोजना का शिलान्यास करेंगे। इस परियोजना के तहत रविदास मंदिर में एक पार्क, एक लंगर हॉल और द्रष्टा की प्रतिमा शामिल होगी। पीएम दो साल बाद दूसरी बार माघी पूर्णिमा के दिन छः सौ बयालीस वें प्रकाशोत्सव में संत रविदास की जन्मभूमि बेगमपुरा आ रहे हैं। मंदिर में रहने के दौरान प्रधानमंत्री स्वर्ण पालकी के दर्शन करेंगे तो मंदिर के तहखाने में बुलेट प्रूफ शीशे में रखी उस कठौती को देखेंगे, जिसमे भरे पानी को रविदास ने गंगाजल मान 'मन का मैल' साफ करने का संदेश दिया था। इसके अलावा लंगर हॉल में प्रसाद ग्रहण करेंगे।
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इस भाग में बुंदेलखंड में चना उत्पादन की उन्नत तकनीकी, मिलने वाली उन्नत प्रजातियाँ, कीट प्रबंधन एवं अन्य संबंधित जानकारी दी गयी है।
इस भाग में जिले की विभिन्न जानकारियाें का दिया गया है।
इस भाग में छत्तरपुर जिले के पर्यटन स्थल की जानकारी दी गई है।
इस भाग में छत्तरपुर जिले की जनसांख्यिकी के बारे में जानकारी दी गई है।
इस भाग में छत्तरपुर जिले के हेल्पलाइन नंबर दिये गये हैं।
इस भाग में छत्तरपुर जिले की नागरिक सेवाओं की जानकारी दी गई है।
इस भाग में मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के मझगुवां खुर्द में खराब जलापूर्ति की वजह से महिलाओं की दशकों पुरानी कठिनाई और दर्द को दूर करने के लिए जल जीवन मिशन की सफलता के बारे में बताया गया है।
इस लेख में प्रसिद्ध वैज्ञानिकों, कहानियों,कविताओं, चुटकुलों, जीव जन्तुओं का अनोखा संसार और विज्ञान बच्चों के लिए किये गए कुछ प्रयोगों का विस्तृत उल्लेख है।
इस भाग में भेड़ की विभिन्न नस्लों सहित, एक वाणिज्यिक भेड़ फार्म की स्थापना करना, रोग प्रबंधन, चारा प्रबंधन और वित्तीय सहायता आदि की जानकारी को शामिल किया जाता है।
सिद्ध प्रणाली भारत में दवा की सबसे पुरानी प्रणालियों में से एक है। 'सिद्ध' शब्द का अर्थ है उपलब्धियां और सिद्ध, संत पुरुष होते थे जो दवा में परिणाम हासिल करते थे। है। इस भाग में इन्हीं परिणामों और उनका वर्तमान उपयोग बताया गया है।
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इस भाग में बुंदेलखंड में चना उत्पादन की उन्नत तकनीकी, मिलने वाली उन्नत प्रजातियाँ, कीट प्रबंधन एवं अन्य संबंधित जानकारी दी गयी है। इस भाग में जिले की विभिन्न जानकारियाें का दिया गया है। इस भाग में छत्तरपुर जिले के पर्यटन स्थल की जानकारी दी गई है। इस भाग में छत्तरपुर जिले की जनसांख्यिकी के बारे में जानकारी दी गई है। इस भाग में छत्तरपुर जिले के हेल्पलाइन नंबर दिये गये हैं। इस भाग में छत्तरपुर जिले की नागरिक सेवाओं की जानकारी दी गई है। इस भाग में मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के मझगुवां खुर्द में खराब जलापूर्ति की वजह से महिलाओं की दशकों पुरानी कठिनाई और दर्द को दूर करने के लिए जल जीवन मिशन की सफलता के बारे में बताया गया है। इस लेख में प्रसिद्ध वैज्ञानिकों, कहानियों,कविताओं, चुटकुलों, जीव जन्तुओं का अनोखा संसार और विज्ञान बच्चों के लिए किये गए कुछ प्रयोगों का विस्तृत उल्लेख है। इस भाग में भेड़ की विभिन्न नस्लों सहित, एक वाणिज्यिक भेड़ फार्म की स्थापना करना, रोग प्रबंधन, चारा प्रबंधन और वित्तीय सहायता आदि की जानकारी को शामिल किया जाता है। सिद्ध प्रणाली भारत में दवा की सबसे पुरानी प्रणालियों में से एक है। 'सिद्ध' शब्द का अर्थ है उपलब्धियां और सिद्ध, संत पुरुष होते थे जो दवा में परिणाम हासिल करते थे। है। इस भाग में इन्हीं परिणामों और उनका वर्तमान उपयोग बताया गया है।
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शहर के बीचो बीच व्यस्त सड़क पर स्थित एक लोकप्रिय रेस्त्रां के बाहर रविवार रात परिष्कृत विस्फोटक उपकरण (आइइडी) से कम तीव्रता वाले विस्फोट में एक महिला की मौत हो गई और जबकि एक पुरुष घायल हो गया। पुलिस इस विस्फोट की हर नजरिए से जांच कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री एस सिद्धारमैया से बातचीत कर उन्हें केंद्र की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
नगर पुलिस के आयुक्त एमएन रेड्डी ने संवाददाताओं को बताया कि महिला की पहचान भवानी के रूप में हुई है। वह तमिलनाडु की रहने वाली थी और बंगलुरु घूमने आई थी। विस्फोट के छर्रे सिर पर लगने के कारण बुरी तरह घायल होने के बाद उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि दूसरे व्यक्ति की पहचान कार्तिक के रूप में हुई है जो खतरे से बाहर है।
विस्फोट भीड़भाड़ वाली चर्च स्ट्रीट पर प्रसिद्ध रेस्त्रां कोकोनट ग्रोव के पास रात करीब साढ़े आठ बजे हुआ। यह जगह ब्रिगेड रोड के समीप है, जहां कई बार और रेस्त्रां हैं। वहां सप्ताहांत में युवा वर्ग की चहल पहल बढ़ जाती है। [caption id="attachment_11381" align="aligncenter" width="600"] बेंगलुरु के चर्च स्ट्रीट इलाके में रविवार रात करीब 8. 30 बजे एक रेस्तरां के बाहर हुए धमाके में एक महिला की मौत हो गई है और एक युवक घायल हो गया। (फोटोः भाषा)[/caption] रेड्डी ने संवाददाताओं से कहा कि विस्फोट में घायल भवानी और कार्तिक को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाके को पुलिस ने घेर लिया। उन्होंने कहा कि विस्फोट की किसी ने भी जिम्मेदारी नहीं ली है। इससे पहले रेड्डी ने बताया था,'रात करीब साढ़े आठ बजे कोकोनट ग्रोव नाम रेस्त्रां के बाहर चर्च रोड पर विस्फोट की आवाज सुनी गई। हमें पता चला है कि कुछ अपराधियों ने आइइडी का इस्तेमाल किया। इस विस्फोट में दो लोग घायल हुए हैं। ' रेड्डी ने कहा कि जहां तक मौजूदा जानकारी की बात है, आइईडी का इस्तेमाल कम क्षमता वाले बम की तरह किया गया। इसके छर्रे लोगों को लगे और वे घायल हो गए। हमारे पास यही सूचना है। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री एस सिद्धारमैया से बातचीत कर उन्हें केंद्र की ओर से हर प्रकार की मदद का आश्वासन दिया। सिंह ने बताया कि सिद्धारमैया ने उन्हें स्थिति से अवगत कराया है। विस्फोट की खबर आने के बाद गृह मंत्री ने ट्वीट किया,'कर्नाटक के मुख्यमंत्री श्री एस सिद्धारमैया से बंगलुरु विस्फोट के बारे में बातचीत की। उन्होंने स्थिति के बारे में अवगत कराया। केंद्र सभी प्रकार की सहायता देने के लिए तैयार है। ' बंगलुरु के पुलिस आयुक्त ने कहा कि शहर भर में पुलिस बल को तैनात किया जा रहा है। कर्नाटक राज्य रिजर्व पुलिस से अतिरिक्त बल मंगाया गया है। आतंरिक सुरक्षा प्रभाग के विशेषज्ञ, फारेंसिक टीम, खोजी कुत्ते और तोड़फोड़ निरोधक दल को मौके पर रवाना किया गया है।
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शहर के बीचो बीच व्यस्त सड़क पर स्थित एक लोकप्रिय रेस्त्रां के बाहर रविवार रात परिष्कृत विस्फोटक उपकरण से कम तीव्रता वाले विस्फोट में एक महिला की मौत हो गई और जबकि एक पुरुष घायल हो गया। पुलिस इस विस्फोट की हर नजरिए से जांच कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री एस सिद्धारमैया से बातचीत कर उन्हें केंद्र की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। नगर पुलिस के आयुक्त एमएन रेड्डी ने संवाददाताओं को बताया कि महिला की पहचान भवानी के रूप में हुई है। वह तमिलनाडु की रहने वाली थी और बंगलुरु घूमने आई थी। विस्फोट के छर्रे सिर पर लगने के कारण बुरी तरह घायल होने के बाद उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि दूसरे व्यक्ति की पहचान कार्तिक के रूप में हुई है जो खतरे से बाहर है। विस्फोट भीड़भाड़ वाली चर्च स्ट्रीट पर प्रसिद्ध रेस्त्रां कोकोनट ग्रोव के पास रात करीब साढ़े आठ बजे हुआ। यह जगह ब्रिगेड रोड के समीप है, जहां कई बार और रेस्त्रां हैं। वहां सप्ताहांत में युवा वर्ग की चहल पहल बढ़ जाती है। [caption id="attachment_ग्यारह हज़ार तीन सौ इक्यासी" align="aligncenter" width="छः सौ"] बेंगलुरु के चर्च स्ट्रीट इलाके में रविवार रात करीब आठ. तीस बजे एक रेस्तरां के बाहर हुए धमाके में एक महिला की मौत हो गई है और एक युवक घायल हो गया। [/caption] रेड्डी ने संवाददाताओं से कहा कि विस्फोट में घायल भवानी और कार्तिक को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाके को पुलिस ने घेर लिया। उन्होंने कहा कि विस्फोट की किसी ने भी जिम्मेदारी नहीं ली है। इससे पहले रेड्डी ने बताया था,'रात करीब साढ़े आठ बजे कोकोनट ग्रोव नाम रेस्त्रां के बाहर चर्च रोड पर विस्फोट की आवाज सुनी गई। हमें पता चला है कि कुछ अपराधियों ने आइइडी का इस्तेमाल किया। इस विस्फोट में दो लोग घायल हुए हैं। ' रेड्डी ने कहा कि जहां तक मौजूदा जानकारी की बात है, आइईडी का इस्तेमाल कम क्षमता वाले बम की तरह किया गया। इसके छर्रे लोगों को लगे और वे घायल हो गए। हमारे पास यही सूचना है। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री एस सिद्धारमैया से बातचीत कर उन्हें केंद्र की ओर से हर प्रकार की मदद का आश्वासन दिया। सिंह ने बताया कि सिद्धारमैया ने उन्हें स्थिति से अवगत कराया है। विस्फोट की खबर आने के बाद गृह मंत्री ने ट्वीट किया,'कर्नाटक के मुख्यमंत्री श्री एस सिद्धारमैया से बंगलुरु विस्फोट के बारे में बातचीत की। उन्होंने स्थिति के बारे में अवगत कराया। केंद्र सभी प्रकार की सहायता देने के लिए तैयार है। ' बंगलुरु के पुलिस आयुक्त ने कहा कि शहर भर में पुलिस बल को तैनात किया जा रहा है। कर्नाटक राज्य रिजर्व पुलिस से अतिरिक्त बल मंगाया गया है। आतंरिक सुरक्षा प्रभाग के विशेषज्ञ, फारेंसिक टीम, खोजी कुत्ते और तोड़फोड़ निरोधक दल को मौके पर रवाना किया गया है।
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इंडिया न्यूज, नई दिल्ली । V Srinivasa Raju : महाराणा प्रताप सेना ने दक्षिण भारत में अपने संगठन के विस्तार को आगे बढ़ाते हुए प्रखर हिंदूवादी नेता वी श्रीनिवास राजू को दक्षिण भारत का प्रभारी नियुक्त किया है। वी श्रीनिवास राजू ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि देश में हिंदुओं को जगाने के लिए काम करना बेहद जरूरी हो गया है लाखों की संख्या में ऐसे हिंदू भी हैं जो अपने देवी-देवताओं की पूजा ना करके दूसरे धर्म के देवी-देवताओं का पूजा पाठ कर रहे हैं । ऐसे लोगों को समझाने और जागरूक करने के लिए महाराणा प्रताप सेना दक्षिण भारत में काम करेगी और राष्ट्रवाद के साथ ही सनातन धर्म को मजबूत करेगी।
वी श्रीनिवास राजू ने कहा कि देश में लव जिहाद का मामला बढ़ता जा रहा है धोखे से हिंदू युवतियों के साथ हिंदू नाम रख कर के मुस्लिम धर्म के युवा हिंदू युवतियों को लव जिहाद में फंसा रहे हैं और उनका जीवन बर्बाद करने के बाद उन हिंदू युवतियों को समाज में छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सोची समझी रणनीति के साथ काम किया जा रहा है।
उन्होंने आगाह किया कि हिंदू युवतियों को कुछ भी करने से पहले व्यक्ति के धर्म की जांच पहले करें उसके बाद ही मित्र बनाएं। उन्होंने कहा कि लव जिहाद के लिए अंतरराष्ट्रीय फंडिंग भी हो रही है यह एक ऐसा मामला है जो हिंदू समाज को शर्मसार भी कर रहा है उन्होंने युवती को जागरूक रहने और अपने धर्म के प्रति वफादार रहने की बात कही।
उन्होंने कहा कि ताजा मामले की बात करें तो श्रद्धा के साथ भी आफताब ने लव जिहाद में फंसा घर मौत के घाट उतारने का काम किया है श्रद्धा और उसके परिवार के लोगों को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि लव जिहाद के खिलाफ केंद्र सरकार को जल्द से जल्द कानून बनाने चाहिए, ताकि झूठ बोलकर लव जिहाद में फंसा कर शादी करने और लड़की का जीवन बर्बाद करने वालों के खिलाफ जल्द से जल्द और सख्त कानूनी कार्यवाही हो।
महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज वर्धन सिंह परमार ने वी श्रीनिवास राजू को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए कहा कि वी श्रीनिवास राजू दक्षिण भारत में हिंदुओं के मान, सम्मान और रक्षा के लिए काम करेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगातार तीसरी बार 2024 में प्रधानमंत्री बनाए जाने को लेकर उनके पक्ष में प्रचार प्रसार करेंगे। इस अवसर पर रामा कृष्ण राजू ,अजय कुमार आदि तमाम साउथ भारत के लोग दिल्ली स्थित वेस्टर्न कोर्ट पर उपस्थित रहे।
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इंडिया न्यूज, नई दिल्ली । V Srinivasa Raju : महाराणा प्रताप सेना ने दक्षिण भारत में अपने संगठन के विस्तार को आगे बढ़ाते हुए प्रखर हिंदूवादी नेता वी श्रीनिवास राजू को दक्षिण भारत का प्रभारी नियुक्त किया है। वी श्रीनिवास राजू ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि देश में हिंदुओं को जगाने के लिए काम करना बेहद जरूरी हो गया है लाखों की संख्या में ऐसे हिंदू भी हैं जो अपने देवी-देवताओं की पूजा ना करके दूसरे धर्म के देवी-देवताओं का पूजा पाठ कर रहे हैं । ऐसे लोगों को समझाने और जागरूक करने के लिए महाराणा प्रताप सेना दक्षिण भारत में काम करेगी और राष्ट्रवाद के साथ ही सनातन धर्म को मजबूत करेगी। वी श्रीनिवास राजू ने कहा कि देश में लव जिहाद का मामला बढ़ता जा रहा है धोखे से हिंदू युवतियों के साथ हिंदू नाम रख कर के मुस्लिम धर्म के युवा हिंदू युवतियों को लव जिहाद में फंसा रहे हैं और उनका जीवन बर्बाद करने के बाद उन हिंदू युवतियों को समाज में छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सोची समझी रणनीति के साथ काम किया जा रहा है। उन्होंने आगाह किया कि हिंदू युवतियों को कुछ भी करने से पहले व्यक्ति के धर्म की जांच पहले करें उसके बाद ही मित्र बनाएं। उन्होंने कहा कि लव जिहाद के लिए अंतरराष्ट्रीय फंडिंग भी हो रही है यह एक ऐसा मामला है जो हिंदू समाज को शर्मसार भी कर रहा है उन्होंने युवती को जागरूक रहने और अपने धर्म के प्रति वफादार रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि ताजा मामले की बात करें तो श्रद्धा के साथ भी आफताब ने लव जिहाद में फंसा घर मौत के घाट उतारने का काम किया है श्रद्धा और उसके परिवार के लोगों को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि लव जिहाद के खिलाफ केंद्र सरकार को जल्द से जल्द कानून बनाने चाहिए, ताकि झूठ बोलकर लव जिहाद में फंसा कर शादी करने और लड़की का जीवन बर्बाद करने वालों के खिलाफ जल्द से जल्द और सख्त कानूनी कार्यवाही हो। महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज वर्धन सिंह परमार ने वी श्रीनिवास राजू को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए कहा कि वी श्रीनिवास राजू दक्षिण भारत में हिंदुओं के मान, सम्मान और रक्षा के लिए काम करेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगातार तीसरी बार दो हज़ार चौबीस में प्रधानमंत्री बनाए जाने को लेकर उनके पक्ष में प्रचार प्रसार करेंगे। इस अवसर पर रामा कृष्ण राजू ,अजय कुमार आदि तमाम साउथ भारत के लोग दिल्ली स्थित वेस्टर्न कोर्ट पर उपस्थित रहे। हमें Google News पर फॉलो करे- क्लिक करे !
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भोजपुरी इंडस्ट्री की जानी-मानी एक्ट्रेस नम्रता मल्ला के सोशल मीडिया पर लाखों दीवानें हैं। नम्रता मल्ला अपने फैंस के लिए कभी डांस वीडियो तो, कभी अपनी फोटोज शेयर करती रहती हैं। इसी बीच नम्रता मल्ला की नई तस्वीरें सामने आई हैं। इन तस्वीरों में नम्रता मल्ला मिनी स्कर्ट्स पहने हुए दिखाई दीं। मिनी स्कर्ट्स वाली नम्रता मल्ला की ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर आते ही छा गई। तो चलिए देखते है नम्रता मल्ला की ये तस्वीरें जो सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं।
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भोजपुरी इंडस्ट्री की जानी-मानी एक्ट्रेस नम्रता मल्ला के सोशल मीडिया पर लाखों दीवानें हैं। नम्रता मल्ला अपने फैंस के लिए कभी डांस वीडियो तो, कभी अपनी फोटोज शेयर करती रहती हैं। इसी बीच नम्रता मल्ला की नई तस्वीरें सामने आई हैं। इन तस्वीरों में नम्रता मल्ला मिनी स्कर्ट्स पहने हुए दिखाई दीं। मिनी स्कर्ट्स वाली नम्रता मल्ला की ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर आते ही छा गई। तो चलिए देखते है नम्रता मल्ला की ये तस्वीरें जो सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं।
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क्या ये टॉक्सिक रिलेशनशिप बन चुका है? एक यूजर ने कहा कि प्रियंका की वजह से ये एक जहरीला रिश्ता बन चुका है। उन्होंने अंकित गुप्ता का चार्म तक छीन लिया है।
प्रियंका के ब्रेकडाउन से फैंस भी हुए दुखीकुछ फैंस ने प्रियंका का साथ दिया। उन्होंने कहा कि पहली बार उन्होंने प्रियंका को इतना दुखी और रोते हुए देखा है। साथ ही शिव ठाकरे की जमकर तारीफ हो रही है। जिस तरह शिव ने प्रियंका को जाकर पानी दिया और उन्हें संभाला, मराठी मानुस की इस बात से फैंस काफी इंप्रेस हुए हैं।
एक रिश्ता बिना नाम का. . . ये जरूरी था!
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क्या ये टॉक्सिक रिलेशनशिप बन चुका है? एक यूजर ने कहा कि प्रियंका की वजह से ये एक जहरीला रिश्ता बन चुका है। उन्होंने अंकित गुप्ता का चार्म तक छीन लिया है। प्रियंका के ब्रेकडाउन से फैंस भी हुए दुखीकुछ फैंस ने प्रियंका का साथ दिया। उन्होंने कहा कि पहली बार उन्होंने प्रियंका को इतना दुखी और रोते हुए देखा है। साथ ही शिव ठाकरे की जमकर तारीफ हो रही है। जिस तरह शिव ने प्रियंका को जाकर पानी दिया और उन्हें संभाला, मराठी मानुस की इस बात से फैंस काफी इंप्रेस हुए हैं। एक रिश्ता बिना नाम का. . . ये जरूरी था!
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कुछ महीनों पहले ही मां बनी सोनम कपूर अब वापस काम पर लौट आईं है. हाल ही में उन्हें मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया है.
इस दौरान सोनम प्रिंटेड कफ्तान पहने हुए नजर आई. उनकी ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही हैं.
सोनम कपूर ने अपना एयरपोर्ट लुक खुले स्ट्रेट बाल, ब्लैग बैग और स्टाइलिश स्लीपर्स के साथ पूरा किया है.
वहीं उनकी बहन रिया भी उनके साथ एयरपोर्ट पर दिखाई दी. रिया इस दौरान ब्लैक टीशर्ट औऱ ब्लैक लूज पेंट के साथ ब्लू डेनिम शर्ट पहने हुए नजर आईं.
इसके साथ रिया ने चेहरे पर चश्मा और मास्क भी लगाया हुआ. उन्होंने चलते हुए पैपराजी को पोज भी दिए.
बता दें कि दोनों बहने सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं. जहां वो अपने फैशन सेंस से फैंस को इंप्रेस करने का कोई मौका नहीं छोड़ती.
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कुछ महीनों पहले ही मां बनी सोनम कपूर अब वापस काम पर लौट आईं है. हाल ही में उन्हें मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया है. इस दौरान सोनम प्रिंटेड कफ्तान पहने हुए नजर आई. उनकी ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही हैं. सोनम कपूर ने अपना एयरपोर्ट लुक खुले स्ट्रेट बाल, ब्लैग बैग और स्टाइलिश स्लीपर्स के साथ पूरा किया है. वहीं उनकी बहन रिया भी उनके साथ एयरपोर्ट पर दिखाई दी. रिया इस दौरान ब्लैक टीशर्ट औऱ ब्लैक लूज पेंट के साथ ब्लू डेनिम शर्ट पहने हुए नजर आईं. इसके साथ रिया ने चेहरे पर चश्मा और मास्क भी लगाया हुआ. उन्होंने चलते हुए पैपराजी को पोज भी दिए. बता दें कि दोनों बहने सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं. जहां वो अपने फैशन सेंस से फैंस को इंप्रेस करने का कोई मौका नहीं छोड़ती.
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कर वह जैसे अचकचा सा गया । अपनी इस उद्विग्नता को छिपाने का प्रयास करके भी वह न छिपा सका और उठकर उसके साथ चलना चाहा पर पैर ने जवाब दे दिया और धम से वहीं उसी चारपाई पर बैठ गया। उमा कुछ समझ ही न पा रही थी कि आखिर इसका कारण क्या है ? घबड़ाकर उसने जोर देते हुये इसका फिर कारण पूछा ? उसके इस तरह बार-बार दबाव देते रहने पर निर्मल ने केवल इतना ही कहा कि"उसकी विभागीय परीक्षा होने वाली है । "
"इतनी नौकरी के बाद ?"
हाँ ! और उसके साथ एक यह भी शर्त है कि यदि परीक्षा में अनुतीर्ण हुआ तो नौकरी से अलग कर दिया जाऊँगा ?
"नौकरी से अलग ! अभी तो उस दिन "लीडर" में प्रधान मंत्री का वक्तव्य निकला था कि तीन वर्ष से अधिक की नौकरी वाले स्थाई कर दिये जायेंगे ।" फिर आपकी तो पाँच साल की हो चुकी थी ।"
"पाँच साल होने से क्या होता है। इन अफसरों के लिए ३० साल की नौकरी भी कुछ मूल्य नहीं रखती। जब जी चाहा, कान पकड़ कर बाहर कर दिया। फिर हम छोटी नौकरी वालों की सुनने वाला हो कौन ठहरा । पता नहीं ये अधिकारी गण चाहते क्या हैं ? दिन रात काम करने बाद भी ये तने ही रहते हैं। तुम तो देख ही रही हो कि कोई भी ऐसा दिन नहीं जाता जब कि ११ बजे से पहले घर आता ! फिर भी यदि कहीं कुछ गलती हो पड़ी तो उल्टी सीधी बीसों सुना गया "ठीक ठीक से काम करो नहीं तो निकाल दूरंगा, निलम्बित कर दूंगा ! दुष्ट, मूर्ख, और झट फाइल के साथ सारा कागज़ लेकर फेंक देता है। क्या करता अपना सा मुँह लेकर फाइल समेट कर कुर्सी पर ठीक से बैठ भी नहीं पाता कि फिर बुला भेजता है "कल दौड़े पर चलना है सुबह छः बजे आ जाना होगा। उस दिन जब दौड़े में साथ गया था तो काम करते करते दो बज गया। भोजन के लिए छुट्टी माँगा तो त्योरी बदलते हुए
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कर वह जैसे अचकचा सा गया । अपनी इस उद्विग्नता को छिपाने का प्रयास करके भी वह न छिपा सका और उठकर उसके साथ चलना चाहा पर पैर ने जवाब दे दिया और धम से वहीं उसी चारपाई पर बैठ गया। उमा कुछ समझ ही न पा रही थी कि आखिर इसका कारण क्या है ? घबड़ाकर उसने जोर देते हुये इसका फिर कारण पूछा ? उसके इस तरह बार-बार दबाव देते रहने पर निर्मल ने केवल इतना ही कहा कि"उसकी विभागीय परीक्षा होने वाली है । " "इतनी नौकरी के बाद ?" हाँ ! और उसके साथ एक यह भी शर्त है कि यदि परीक्षा में अनुतीर्ण हुआ तो नौकरी से अलग कर दिया जाऊँगा ? "नौकरी से अलग ! अभी तो उस दिन "लीडर" में प्रधान मंत्री का वक्तव्य निकला था कि तीन वर्ष से अधिक की नौकरी वाले स्थाई कर दिये जायेंगे ।" फिर आपकी तो पाँच साल की हो चुकी थी ।" "पाँच साल होने से क्या होता है। इन अफसरों के लिए तीस साल की नौकरी भी कुछ मूल्य नहीं रखती। जब जी चाहा, कान पकड़ कर बाहर कर दिया। फिर हम छोटी नौकरी वालों की सुनने वाला हो कौन ठहरा । पता नहीं ये अधिकारी गण चाहते क्या हैं ? दिन रात काम करने बाद भी ये तने ही रहते हैं। तुम तो देख ही रही हो कि कोई भी ऐसा दिन नहीं जाता जब कि ग्यारह बजे से पहले घर आता ! फिर भी यदि कहीं कुछ गलती हो पड़ी तो उल्टी सीधी बीसों सुना गया "ठीक ठीक से काम करो नहीं तो निकाल दूरंगा, निलम्बित कर दूंगा ! दुष्ट, मूर्ख, और झट फाइल के साथ सारा कागज़ लेकर फेंक देता है। क्या करता अपना सा मुँह लेकर फाइल समेट कर कुर्सी पर ठीक से बैठ भी नहीं पाता कि फिर बुला भेजता है "कल दौड़े पर चलना है सुबह छः बजे आ जाना होगा। उस दिन जब दौड़े में साथ गया था तो काम करते करते दो बज गया। भोजन के लिए छुट्टी माँगा तो त्योरी बदलते हुए
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दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने यूसी न्यूज वेब पोर्टल के खिलाफ एक याचिका को मंजूर कर लिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने जांच एजेंसियों को इस बारे में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। इस मामले पर सुनवाई अब अगले साल 23 फरवरी 2019 को होगी।
इस याचिका में आरोप लगाया है कि ये वेब पोर्टल देश विरोधी और फेक न्यूज छाप रहा है, साथ ही साइबर आतंक को बढ़ावा दे रहा है, जिससे देश की एकता और सुरक्षा को खतरा है, इतना ही नहीं याचिका में ये आरोप भी है कि ये वेबसाइट अश्लीलता को भी बढ़ावा दे रही है।
याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि इस इस याचिका में यूसी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पहली बार ऐसा हुआ है कि यूपी न्यूज पोर्टल के खिलाफ किसी कोर्ट ने जांच के आदेश दिए है और स्टेटस रिपोर्ट तलब की हो।
उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार नहीं है कि इस पोर्टल के खिलाफ देशविरोधी गतिविधियों को लेकर शिकायत हुई है। इससे पहले भी कई बार शिकायत हो चुकी है जिसके आधार पर आज कोर्ट ने जांच के आदेश दिए है।
आपको बता दें कि अलीबाबा समूह के यूसी वेब ने जून 2016 में को भारत न्यूज कंटेंट प्लेटफॉर्म यूसी न्यूज लॉन्च किया था।
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दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने यूसी न्यूज वेब पोर्टल के खिलाफ एक याचिका को मंजूर कर लिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने जांच एजेंसियों को इस बारे में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। इस मामले पर सुनवाई अब अगले साल तेईस फरवरी दो हज़ार उन्नीस को होगी। इस याचिका में आरोप लगाया है कि ये वेब पोर्टल देश विरोधी और फेक न्यूज छाप रहा है, साथ ही साइबर आतंक को बढ़ावा दे रहा है, जिससे देश की एकता और सुरक्षा को खतरा है, इतना ही नहीं याचिका में ये आरोप भी है कि ये वेबसाइट अश्लीलता को भी बढ़ावा दे रही है। याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि इस इस याचिका में यूसी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पहली बार ऐसा हुआ है कि यूपी न्यूज पोर्टल के खिलाफ किसी कोर्ट ने जांच के आदेश दिए है और स्टेटस रिपोर्ट तलब की हो। उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार नहीं है कि इस पोर्टल के खिलाफ देशविरोधी गतिविधियों को लेकर शिकायत हुई है। इससे पहले भी कई बार शिकायत हो चुकी है जिसके आधार पर आज कोर्ट ने जांच के आदेश दिए है। आपको बता दें कि अलीबाबा समूह के यूसी वेब ने जून दो हज़ार सोलह में को भारत न्यूज कंटेंट प्लेटफॉर्म यूसी न्यूज लॉन्च किया था।
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प्रदेश में लगातार बारिश का कहर जारी था, लेकिन अभी राज्य में बारिश (mp heavy rain lashes update) की गतिविधियां कम हो गई है। जिसके चलते दिन के तापमान में वृद्धि हुई है। लेकिन प्रदेश के कुछ हिस्सों में अभी भी बारिश लगातार हो रही है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिन दिल्ली में गरज के साथ बारिश का अनुमान जताया है। वहीं मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में यूपी, एमपी, छत्तीसगढ़, दिल्ली और महाराष्ट्र में भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाया गया है।
बता दें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, राजस्थान के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है, लेकिन अब मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर भारत में खासकर गंगा नदी से सटे मैदानी इलाकों पर मानसून मेहरबान हो सकता है। कई इलाकों में भी लगातार भारी बारिश का अनुमान लगाया जा रहा है। देश के ज्यादातर राज्यों में बाढ़ और बारिश से लोग परेशान हैं। दिल्ली और महाराष्ट्र में भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाया गया है।
जानकरी के लिए बता दें मौसम विभाग ने 29 जुलाई से 7 अगस्त तक पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा सहित हिमालयी क्षेत्र में अलग-अलग भारी बारिश के साथ हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान लगाया है। वहीं इसके अलावा खासकर 29 जुलाई को असम और मेघालय में वहीं 29 से 31 जुलाई तक लगातार अरुणाचल प्रदेश में भारी वर्षा होने का अनुमान लगाया गया है।
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प्रदेश में लगातार बारिश का कहर जारी था, लेकिन अभी राज्य में बारिश की गतिविधियां कम हो गई है। जिसके चलते दिन के तापमान में वृद्धि हुई है। लेकिन प्रदेश के कुछ हिस्सों में अभी भी बारिश लगातार हो रही है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिन दिल्ली में गरज के साथ बारिश का अनुमान जताया है। वहीं मौसम विभाग ने अगले चौबीस घंटाटों में यूपी, एमपी, छत्तीसगढ़, दिल्ली और महाराष्ट्र में भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाया गया है। बता दें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, राजस्थान के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है, लेकिन अब मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर भारत में खासकर गंगा नदी से सटे मैदानी इलाकों पर मानसून मेहरबान हो सकता है। कई इलाकों में भी लगातार भारी बारिश का अनुमान लगाया जा रहा है। देश के ज्यादातर राज्यों में बाढ़ और बारिश से लोग परेशान हैं। दिल्ली और महाराष्ट्र में भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाया गया है। जानकरी के लिए बता दें मौसम विभाग ने उनतीस जुलाई से सात अगस्त तक पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा सहित हिमालयी क्षेत्र में अलग-अलग भारी बारिश के साथ हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान लगाया है। वहीं इसके अलावा खासकर उनतीस जुलाई को असम और मेघालय में वहीं उनतीस से इकतीस जुलाई तक लगातार अरुणाचल प्रदेश में भारी वर्षा होने का अनुमान लगाया गया है।
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हर चार साल में होने वाला FIH हॉकी वर्ल्ड कप इस साल भारत में होगा। टूर्नामेंट 13 से 29 जनवरी तक ओडिशा के भुवनेश्वर और राउरकेला में आयोजित होना है। इसी बीच ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि अगर इस साल भारत हॉकी वर्ल्ड कप जीतता है तो वे टीम के हर खिलाड़ी को 1-1 करोड़ रुपए देंगे। पटनायक राउरकेला में वर्ल्ड कप गांव का उद्घाटन करने गए थे, उसी समय उन्होंने इनाम की घोषणा की।
वर्ल्ड कप के खेल गांव में 225 रूम है। इसे बनाने में 9 महीने लगे है। इसमें वर्ल्ड कप के ऑफिशियल्स और टीम रहेंगी।
ओडिशा के CM नवीन पटनायक भारतीय टीम के खिलाडियों से भी मिले। उन्होंने टीम को वर्ल्ड कप के लिए 'बेस्ट ऑफ लक' कहा।
दुनिया में नंबर छह की रैंकिंग वाले भारत के पूल डी में इंग्लैंड, स्पेन और वेल्स के साथ रखा गया है। मेजबान टीम अपने अभियान की शुरुआत 13 जनवरी को राउरकेला में बिरसा मुंडा हॉकी स्टेडियम में स्पेन के खिलाफ करेगी।
टीम ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में उतरेगी। वहीं अभिषेक और सुखजीत सिंह पहली बार वर्ल्ड खेलेंगे। 26 साल के हरमनप्रीत ओलिंपिक में ब्रॉन्ज जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे थे। उन्हें 2020-21 और 2021-22 में एफआईएच प्लेयर ऑफ द ईयर चुना गया। भारत का पहला मैच 13 जनवरी को स्पेन, दूसरा 15 जनवरी को इंग्लैंड और तीसरा 19 जनवरी को वेल्स से होगा। श्रीजेश और कृष्ण बहादुर चौथा वर्ल्ड कप खेलने उतरेंगे।
हरमनप्रीत (कप्तान), अमित (उपकप्तान), कृष्ण बहादुर, श्रीजेश (गोलकीपर), जरमनप्रीत, सुरेंद्र, वरुण, नीलम संजीप, मनप्रीत, हार्दिक, नीलकांत शर्मा, शमशेर, विवेक प्रसाद, आकाशदीप, मनदीप, ललित, अभिषेक, सुखजीत।
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हर चार साल में होने वाला FIH हॉकी वर्ल्ड कप इस साल भारत में होगा। टूर्नामेंट तेरह से उनतीस जनवरी तक ओडिशा के भुवनेश्वर और राउरकेला में आयोजित होना है। इसी बीच ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि अगर इस साल भारत हॉकी वर्ल्ड कप जीतता है तो वे टीम के हर खिलाड़ी को एक-एक करोड़ रुपए देंगे। पटनायक राउरकेला में वर्ल्ड कप गांव का उद्घाटन करने गए थे, उसी समय उन्होंने इनाम की घोषणा की। वर्ल्ड कप के खेल गांव में दो सौ पच्चीस रूम है। इसे बनाने में नौ महीने लगे है। इसमें वर्ल्ड कप के ऑफिशियल्स और टीम रहेंगी। ओडिशा के CM नवीन पटनायक भारतीय टीम के खिलाडियों से भी मिले। उन्होंने टीम को वर्ल्ड कप के लिए 'बेस्ट ऑफ लक' कहा। दुनिया में नंबर छह की रैंकिंग वाले भारत के पूल डी में इंग्लैंड, स्पेन और वेल्स के साथ रखा गया है। मेजबान टीम अपने अभियान की शुरुआत तेरह जनवरी को राउरकेला में बिरसा मुंडा हॉकी स्टेडियम में स्पेन के खिलाफ करेगी। टीम ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में उतरेगी। वहीं अभिषेक और सुखजीत सिंह पहली बार वर्ल्ड खेलेंगे। छब्बीस साल के हरमनप्रीत ओलिंपिक में ब्रॉन्ज जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे थे। उन्हें दो हज़ार बीस-इक्कीस और दो हज़ार इक्कीस-बाईस में एफआईएच प्लेयर ऑफ द ईयर चुना गया। भारत का पहला मैच तेरह जनवरी को स्पेन, दूसरा पंद्रह जनवरी को इंग्लैंड और तीसरा उन्नीस जनवरी को वेल्स से होगा। श्रीजेश और कृष्ण बहादुर चौथा वर्ल्ड कप खेलने उतरेंगे। हरमनप्रीत , अमित , कृष्ण बहादुर, श्रीजेश , जरमनप्रीत, सुरेंद्र, वरुण, नीलम संजीप, मनप्रीत, हार्दिक, नीलकांत शर्मा, शमशेर, विवेक प्रसाद, आकाशदीप, मनदीप, ललित, अभिषेक, सुखजीत। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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चंडीगढ़ - हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर ने कहा कि प्रदेश के युवाओं के कौशल विकास के साथ-साथ उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। इसी कड़ी में अब हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग आधार पर कर्मचारियों को नियुक्त करने के साथ-साथ अब निजी क्षेत्र को उनकी आवश्यकता अनुरूप श्रम शक्ति भी उपलब्ध कराई जाएगी। हरियाणा सरकार की इस पहल से कॉर्पोरेट सेक्टर को अपनी जरूरतों के हिसाब से वर्कफोर्स मिलने की राह आसान बनेगी। मुख्यमंत्री आज गुरुग्राम में आयोजित कॉर्पोरेट वार्ता का संबोधित कर रहे थे। हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड (एचकेआरएनएल) द्वारा प्रदेश के युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए कॉर्पोरेट वार्ता कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।
पीएम के विज़न को हरियाणा में बनाया मिशन - मनोहर लाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के स्किल इंडिया विज़न की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश के युवाओं के कौशल विकास की जो दिशा प्रधानमंत्री ने दिखाई थी, हमने हरियाणा में उस विज़न को मिशन के रूप में आगे बढ़ाया है। इसके तहत पलवल के दूधौला में श्री विश्वकर्मा कौशल विकास विश्वविद्यालय खोला गया और मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हरियाणा राज्य कौशल विकास प्राधिकरण भी स्थापित किया गया है।
उन्होंने कहा कि युवाओं के कौशल विकास के साथ ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी अनेक पहल की गई। हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड के पोर्टल पर प्रदेश के करीब आठ लाख युवा पंजीकृत है। निजी क्षेत्र अपनी श्रम शक्ति की जरूरतों को इस पोर्टल के माध्यम से पूरा कर सकता है। उन्होंने कहा कि पदमा योजना के तहत हर ब्लाक में कलस्टर बनाए जाएंगे। जिसके तहत एमएसएमई क्षेत्र में 14 हजार इकाईयों को प्रोत्साहन दिया जाएगा और साढ़े तीन लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
पंजीकृत युवाओं के चयन का कॉर्पोरेट सेक्टर को मिलेगा विकल्प - मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा आज दुनिया भर में निवेशकों के लिए पहली पसंद बन चुका है। हरियाणा सरकार की नीतियों व प्रदेश के परिश्रमी निवासियों की बदौलत आज देश के बड़े राज्यों में प्रति व्यक्ति आय के मामले भी प्रदेश सबसे आगे है। उन्होंने बताया कि एचकेआरएनएल के माध्यम से कॉरपोरेट जगत को स्किल्ड, अन स्किल्ड व मैनेजमेंट आदि श्रेणियों में पंजीकृत युवाओं का डेटा शेयर किया जाएगा। इस डेटा में विशेषता यह रहेगी कि इंडस्ट्री अपनी आवश्यकता के जितने भी मानक जैसे संख्या, शिक्षा, अनुभव आदि तय करेगी उसी अनुरूप डेटा उपलब्ध होगा। साथ ही श्रमशक्ति के लिए निर्धारित संख्या से अधिक उम्मीदवार उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि निजी क्षेत्र स्वयं इंटरव्यू लेकर चयन कर सके। इस कार्य में सरकार का किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं होगा। हालांकि युवाओं के भविष्य के लिए ईएसआई, पीएफ आदि सुविधाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए। इस कार्य से कंपनियों में स्टाफ की भर्ती पर होने वाले खर्च में कमी आएगी।
आसानी से वर्कफोर्स की जरूरत पूरा होने से इंडस्ट्री को होगी आसानी - उन्होंने कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए कहा कि परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के माध्यम से हरियाणा में आय के आधार पर परिवारों का डेटाबेस तैयार किया गया है। इस डेटाबेस में 13 लाख परिवार ऐसे है जिनकी आय एक लाख रुपये वार्षिक से कम है और 29 लाख परिवारों की आय 1. 80 लाख रुपए से कम है। इन परिवारों को स्वरोजगार, सरकारी के अलावा निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि एचकेआरएनएल पोर्टल से श्रम शक्ति उपलब्ध होने से इंडस्ट्री को भी अपने काम-काज में आसानी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा में पीपीपी के अनूठे कार्यक्रम की देशभर में सराहना हो रही है और अनेक राज्य इसका अनुसरण भी कर रहे हैं।
कॉरपोरेट जगत ने की मुख्यमंत्री की पहल की सराहना - मुख्यमंत्री के इस दृष्टिकोण की वार्ता में पहुंचे कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों ने सराहना की। रिलांयस एमईटी, मारूति सुजुकी, एलएमएल ग्रुप, एसोचैम, फरीदाबाद, गुरुग्राम, राई आदि क्षेत्रों की विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी वर्कफोर्स की जरुरतों के लिए एचकेआरएनएल के डेटा से पूरा करना का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री को अनेक प्रतिनिधियों ने आवश्यक सुझाव भी दिए।
वार्ता में मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल ने कहा कि हरियाणा के युवाओं को पारदर्शी तरीके से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई हरियाणा कौशल रोजगार निगम की पॉलिसी का अब देश के अन्य राज्य भी अनुसरण कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों ने इस पॉलिसी को अपने राज्य में लागू करने के लिए हरियाणा सरकार से इसके नियम व शर्तों की जानकारी मांगी है। हरियाणा कौशल रोजगार निगम के शुरू होने से प्रदेश में सरकारी महकमों में ठेकेदारी प्रथा को बंद करने व लाभार्थियों को उनका ईपीएफ व ईएसआई का पैसा पूरी पारदर्शिता के बिना किसी भेदभाव के दिया जा रहा है। इसी क्रम में इस योजना में कॉर्पोरेट संस्थानो की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने इस पोर्टल के माध्यम से निजी संस्थानों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की एक नई पहल की है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी. उमाशंकर ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से अपने विचार रखते हुए कहा कि निजी क्षेत्रों में सरकारी पोर्टल के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने का यह देश का पहला प्रयोग है। उन्होंने कॉर्पोरेट संस्थानों के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि पोर्टल को और बेहतर बनाने के लिए उनकी तरफ से जो भी सुझाव दिए गए हैं उनको प्रमुखता से लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव व एचकेआरएनएल के सीईओ के मकरंद पांडुरंग ने निगम के पोर्टल पर पंजीकृत युवाओं की जानकारी देते हुए बताया कि निगम के पास वर्तमान में पीएचडी के 373, पोस्ट ग्रेजुएट (एमएससी, एमबीए, एमकॉम, एमटेक व इसके समकक्ष) श्रेणी में 45 हजार 342, ग्रेजुएट ( बीटेक, बीएससी, बीबीए, बीकॉम व इसके समकक्ष) श्रेणी के 1 लाख 33 हजार 480, आईटीआई, टेक्निकल, नॉन टेक्निकल सर्टिफिकेट और डिप्लोमा श्रेणी में 9 हजार 216, हायर सेकेंडरी शिक्षा प्राप्त श्रेणी में 2 लाख 23 हजार 72, दसवीं पास श्रेणी में 1 लाख 18 हजार 668 व मैट्रिकुलेशन से नीचे की श्रेणी में 2 लाख 41 हजार 866 कैंडिडेट्स रजिस्टर्ड है। जिसमें से उद्योग जगत अपनी जरूरतों के हिसाब से मैनपावर का चयन कर सकते हैं।
कॉर्पोरेट वार्ता कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद राव इंद्रजीत सिंह भी वीडियो कांफ्रेंस से शामिल हुए। कार्यक्रम में गुरुग्राम के विधायक सुधीर सिंगला, पटौदी के विधायक सत्यप्रकाश जरावता, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव डीएस ढेसी, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक शेखर विद्यार्थी, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार अमित आर्य सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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चंडीगढ़ - हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर ने कहा कि प्रदेश के युवाओं के कौशल विकास के साथ-साथ उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। इसी कड़ी में अब हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग आधार पर कर्मचारियों को नियुक्त करने के साथ-साथ अब निजी क्षेत्र को उनकी आवश्यकता अनुरूप श्रम शक्ति भी उपलब्ध कराई जाएगी। हरियाणा सरकार की इस पहल से कॉर्पोरेट सेक्टर को अपनी जरूरतों के हिसाब से वर्कफोर्स मिलने की राह आसान बनेगी। मुख्यमंत्री आज गुरुग्राम में आयोजित कॉर्पोरेट वार्ता का संबोधित कर रहे थे। हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड द्वारा प्रदेश के युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए कॉर्पोरेट वार्ता कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। पीएम के विज़न को हरियाणा में बनाया मिशन - मनोहर लाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के स्किल इंडिया विज़न की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश के युवाओं के कौशल विकास की जो दिशा प्रधानमंत्री ने दिखाई थी, हमने हरियाणा में उस विज़न को मिशन के रूप में आगे बढ़ाया है। इसके तहत पलवल के दूधौला में श्री विश्वकर्मा कौशल विकास विश्वविद्यालय खोला गया और मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हरियाणा राज्य कौशल विकास प्राधिकरण भी स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं के कौशल विकास के साथ ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी अनेक पहल की गई। हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड के पोर्टल पर प्रदेश के करीब आठ लाख युवा पंजीकृत है। निजी क्षेत्र अपनी श्रम शक्ति की जरूरतों को इस पोर्टल के माध्यम से पूरा कर सकता है। उन्होंने कहा कि पदमा योजना के तहत हर ब्लाक में कलस्टर बनाए जाएंगे। जिसके तहत एमएसएमई क्षेत्र में चौदह हजार इकाईयों को प्रोत्साहन दिया जाएगा और साढ़े तीन लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे। पंजीकृत युवाओं के चयन का कॉर्पोरेट सेक्टर को मिलेगा विकल्प - मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा आज दुनिया भर में निवेशकों के लिए पहली पसंद बन चुका है। हरियाणा सरकार की नीतियों व प्रदेश के परिश्रमी निवासियों की बदौलत आज देश के बड़े राज्यों में प्रति व्यक्ति आय के मामले भी प्रदेश सबसे आगे है। उन्होंने बताया कि एचकेआरएनएल के माध्यम से कॉरपोरेट जगत को स्किल्ड, अन स्किल्ड व मैनेजमेंट आदि श्रेणियों में पंजीकृत युवाओं का डेटा शेयर किया जाएगा। इस डेटा में विशेषता यह रहेगी कि इंडस्ट्री अपनी आवश्यकता के जितने भी मानक जैसे संख्या, शिक्षा, अनुभव आदि तय करेगी उसी अनुरूप डेटा उपलब्ध होगा। साथ ही श्रमशक्ति के लिए निर्धारित संख्या से अधिक उम्मीदवार उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि निजी क्षेत्र स्वयं इंटरव्यू लेकर चयन कर सके। इस कार्य में सरकार का किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं होगा। हालांकि युवाओं के भविष्य के लिए ईएसआई, पीएफ आदि सुविधाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए। इस कार्य से कंपनियों में स्टाफ की भर्ती पर होने वाले खर्च में कमी आएगी। आसानी से वर्कफोर्स की जरूरत पूरा होने से इंडस्ट्री को होगी आसानी - उन्होंने कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए कहा कि परिवार पहचान पत्र के माध्यम से हरियाणा में आय के आधार पर परिवारों का डेटाबेस तैयार किया गया है। इस डेटाबेस में तेरह लाख परिवार ऐसे है जिनकी आय एक लाख रुपये वार्षिक से कम है और उनतीस लाख परिवारों की आय एक. अस्सी लाख रुपए से कम है। इन परिवारों को स्वरोजगार, सरकारी के अलावा निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि एचकेआरएनएल पोर्टल से श्रम शक्ति उपलब्ध होने से इंडस्ट्री को भी अपने काम-काज में आसानी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा में पीपीपी के अनूठे कार्यक्रम की देशभर में सराहना हो रही है और अनेक राज्य इसका अनुसरण भी कर रहे हैं। कॉरपोरेट जगत ने की मुख्यमंत्री की पहल की सराहना - मुख्यमंत्री के इस दृष्टिकोण की वार्ता में पहुंचे कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों ने सराहना की। रिलांयस एमईटी, मारूति सुजुकी, एलएमएल ग्रुप, एसोचैम, फरीदाबाद, गुरुग्राम, राई आदि क्षेत्रों की विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी वर्कफोर्स की जरुरतों के लिए एचकेआरएनएल के डेटा से पूरा करना का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री को अनेक प्रतिनिधियों ने आवश्यक सुझाव भी दिए। वार्ता में मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल ने कहा कि हरियाणा के युवाओं को पारदर्शी तरीके से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई हरियाणा कौशल रोजगार निगम की पॉलिसी का अब देश के अन्य राज्य भी अनुसरण कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों ने इस पॉलिसी को अपने राज्य में लागू करने के लिए हरियाणा सरकार से इसके नियम व शर्तों की जानकारी मांगी है। हरियाणा कौशल रोजगार निगम के शुरू होने से प्रदेश में सरकारी महकमों में ठेकेदारी प्रथा को बंद करने व लाभार्थियों को उनका ईपीएफ व ईएसआई का पैसा पूरी पारदर्शिता के बिना किसी भेदभाव के दिया जा रहा है। इसी क्रम में इस योजना में कॉर्पोरेट संस्थानो की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने इस पोर्टल के माध्यम से निजी संस्थानों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की एक नई पहल की है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी. उमाशंकर ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से अपने विचार रखते हुए कहा कि निजी क्षेत्रों में सरकारी पोर्टल के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने का यह देश का पहला प्रयोग है। उन्होंने कॉर्पोरेट संस्थानों के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि पोर्टल को और बेहतर बनाने के लिए उनकी तरफ से जो भी सुझाव दिए गए हैं उनको प्रमुखता से लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव व एचकेआरएनएल के सीईओ के मकरंद पांडुरंग ने निगम के पोर्टल पर पंजीकृत युवाओं की जानकारी देते हुए बताया कि निगम के पास वर्तमान में पीएचडी के तीन सौ तिहत्तर, पोस्ट ग्रेजुएट श्रेणी में पैंतालीस हजार तीन सौ बयालीस, ग्रेजुएट श्रेणी के एक लाख तैंतीस हजार चार सौ अस्सी, आईटीआई, टेक्निकल, नॉन टेक्निकल सर्टिफिकेट और डिप्लोमा श्रेणी में नौ हजार दो सौ सोलह, हायर सेकेंडरी शिक्षा प्राप्त श्रेणी में दो लाख तेईस हजार बहत्तर, दसवीं पास श्रेणी में एक लाख अट्ठारह हजार छः सौ अड़सठ व मैट्रिकुलेशन से नीचे की श्रेणी में दो लाख इकतालीस हजार आठ सौ छयासठ कैंडिडेट्स रजिस्टर्ड है। जिसमें से उद्योग जगत अपनी जरूरतों के हिसाब से मैनपावर का चयन कर सकते हैं। कॉर्पोरेट वार्ता कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद राव इंद्रजीत सिंह भी वीडियो कांफ्रेंस से शामिल हुए। कार्यक्रम में गुरुग्राम के विधायक सुधीर सिंगला, पटौदी के विधायक सत्यप्रकाश जरावता, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव डीएस ढेसी, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक शेखर विद्यार्थी, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार अमित आर्य सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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लखनऊः उत्तर प्रदेश में 4 मई को नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान होने वाला है। जिसके लिए सभी पार्टियां जोरो-शोरों से चुनाव प्रचार करने में जुटी हुई है। वहीं, आज निकाय चुनाव के पहले चरण के चुनाव प्रचार का अंतिम दिन है, जिसके चलते आज यानी मंगलवार शाम 6 बजे चुनाव प्रचार थम जाएगा। इसी के चलते बीते सोमवार को भी सभी पार्टियों मतदाताओं को लुभाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाती दिखी। वहीं, नगर निकाय को लेकर प्रशासनिक टीमों ने भी अपनी पूरी तैयारियां कर ली है। इसी कड़ी में अगर आज शाम 6 बजे के बाद किसी ने भी चुनाव प्रचार किया तो उस पर सख्त कार्रवाई की होगी।
बता दें कि, प्रदेश के 37 जिलों में पहले चरण के लिए 4 मई को निकाय चुनाव के लिए मतदान होने वाला है। मतदान का समय सुबह 7ः00 से शाम 6ः00 बजे तक है। मतदान की समाप्ति से 48 घंटे पहले चुनाव प्रचार बंद करने का नियम है। सार्वजनिक सभा आदि भी इससे पहले ही समाप्त करनी होगी। ऐसे में प्रचार बंद होने तक सभी दल पूरी ताकत प्रचार में लगाएंगे और जन सभाएं और रैलियां करेंगे।
- आजम खान का यूपी सरकार पर तीखा हमला, कहा- 'अगर अच्छे लोग नहीं रहेंगे, तो बुरे लोग कैसे बचेंगे'
प्रदेश के मथुरा, मैनपुरी, झांसी, जालौन, ललितपुर, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, उन्नाव, हरदोई, लखनऊ, रायबरेली, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, गाजीपुर, वाराणसी, चंदौली, जौनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर,अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर, आगरा, फिरोजाबाद में निकाय चुनाव के लिए पहले चरण में मतदान होंगे।
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लखनऊः उत्तर प्रदेश में चार मई को नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान होने वाला है। जिसके लिए सभी पार्टियां जोरो-शोरों से चुनाव प्रचार करने में जुटी हुई है। वहीं, आज निकाय चुनाव के पहले चरण के चुनाव प्रचार का अंतिम दिन है, जिसके चलते आज यानी मंगलवार शाम छः बजे चुनाव प्रचार थम जाएगा। इसी के चलते बीते सोमवार को भी सभी पार्टियों मतदाताओं को लुभाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाती दिखी। वहीं, नगर निकाय को लेकर प्रशासनिक टीमों ने भी अपनी पूरी तैयारियां कर ली है। इसी कड़ी में अगर आज शाम छः बजे के बाद किसी ने भी चुनाव प्रचार किया तो उस पर सख्त कार्रवाई की होगी। बता दें कि, प्रदेश के सैंतीस जिलों में पहले चरण के लिए चार मई को निकाय चुनाव के लिए मतदान होने वाला है। मतदान का समय सुबह सातःशून्य से शाम छःःशून्य बजे तक है। मतदान की समाप्ति से अड़तालीस घंटाटे पहले चुनाव प्रचार बंद करने का नियम है। सार्वजनिक सभा आदि भी इससे पहले ही समाप्त करनी होगी। ऐसे में प्रचार बंद होने तक सभी दल पूरी ताकत प्रचार में लगाएंगे और जन सभाएं और रैलियां करेंगे। - आजम खान का यूपी सरकार पर तीखा हमला, कहा- 'अगर अच्छे लोग नहीं रहेंगे, तो बुरे लोग कैसे बचेंगे' प्रदेश के मथुरा, मैनपुरी, झांसी, जालौन, ललितपुर, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, उन्नाव, हरदोई, लखनऊ, रायबरेली, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, गाजीपुर, वाराणसी, चंदौली, जौनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर,अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर, आगरा, फिरोजाबाद में निकाय चुनाव के लिए पहले चरण में मतदान होंगे।
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नयी दिल्ली, (एजेंसी/वार्ता):) कांग्रेस ने कहा है कि पार्टी नेता राहुल गांधी को लेकर निचली अदालत का फैसला सही नहीं है और कानूनी तरीके से इसमें गलतियां हैं इसलिए इसे उच्च अदालत में चुनौती दी जाएगी।
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने गुरुवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि श्री गांधी के मामले में निचली अदालत का फैसला अनुचित है। यह गलत निर्णय है और कानूनी तरीके से इसका समर्थन नहीं किया जा सकता है। उनका कहना था कि कांग्रेस को विश्वास है कि गलत तरीके से आये इस मामले में सही निर्णय सामने आएगा।
प्रवक्ता ने कहा कि मानहानि के विषय में कानून का मूल सिद्धांत है कि इसमें सबसे पहले स्पष्टता होनी चाहिए। मानहानि का मामला किस व्यक्ति के खिलाफ किस स्पष्टता से बनता है इसकी सबसे अहम भूमिका इस तरह के मामलों में होती है। यदि मामला स्पष्ट नहीं है तो फिर मानहानि का मामला नहीं बनता है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में सबसे बड़ी गलती तो यह है कि जिन लोगों के बारे में श्री गांधी ने बात कही है और जिसके आधार पर मामला दर्ज हुआ है उनमें से किसी व्यक्ति द्वारा श्री गांधी की कोई शिकायत ही दर्ज नहीं की गई है और ऐसी स्थिति में मामला बनता ही नहीं है।
श्री सिंघवी ने कहा कि इस फैसले को लेकर तीसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि श्री गांधी का भाषण समाज के व्यापक हित में था] जिसमें बेरोजगारी, जनहित तथा समाज के बड़े वर्ग के हित से जुड़ा था इसलिए उनके भाषण में आये किसी शब्द के आधार पर मानहानि का मामला नहीं बनता है।
उन्होंने कहा कि मामले में स्पष्टता नहीं है क्योंकि यह मामला लम्बे समय तक एक मजिस्ट्रेट की अदालत में रहा है और उसी दौरान इससे संबंधित याचिका उच्च न्यायालय में दर्ज की गई थी। मामला याचिका के कारण अटका हुआ था, लेकिन जब उस मजिस्ट्रेट का स्थानांतरण हुआ तो इस मामले को अचानक उच्च न्यायालय से वापस ले लिया गया।
श्री सिंघवी ने कहा कि इस फैसले संबंधित और भी पेचिदगियां हैं। उनका कहना था कि कि सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें अधिकार क्षेत्र के नियम 202 के तहत मामला गलत हो सकता है। मामला कर्नाटक के कोलार का है तो उस अधिकार क्षेत्र से बाहर का यह मामला नहीं बनता है।
उनका कहना था कि यदि मामला अदालत की क्षेत्राधिकार (जूरिडिक्शन) से बाहर जाता है, तो यह गलत है क्योंकि मामला कोलार का मामला केरल में नहीं चल सकता है इसलिए इसमें देखना पड़ेगा कि अदालत की सीमा में मामला आता है कि नहीं आता है। यदि नहीं आता है तो यह गलत है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के मामले में पर्याप्त जिरह होना आवश्यक है और इस लिहाज से भी यह फैसला गलत है। इस मामले में बहुत जिरह हुई है और इस आधार पर भी इसे कानूनी दृष्टि से सही नहीं कहा जा सकता है।
-(एजेंसी/वार्ता)
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नयी दिल्ली, :) कांग्रेस ने कहा है कि पार्टी नेता राहुल गांधी को लेकर निचली अदालत का फैसला सही नहीं है और कानूनी तरीके से इसमें गलतियां हैं इसलिए इसे उच्च अदालत में चुनौती दी जाएगी। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने गुरुवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि श्री गांधी के मामले में निचली अदालत का फैसला अनुचित है। यह गलत निर्णय है और कानूनी तरीके से इसका समर्थन नहीं किया जा सकता है। उनका कहना था कि कांग्रेस को विश्वास है कि गलत तरीके से आये इस मामले में सही निर्णय सामने आएगा। प्रवक्ता ने कहा कि मानहानि के विषय में कानून का मूल सिद्धांत है कि इसमें सबसे पहले स्पष्टता होनी चाहिए। मानहानि का मामला किस व्यक्ति के खिलाफ किस स्पष्टता से बनता है इसकी सबसे अहम भूमिका इस तरह के मामलों में होती है। यदि मामला स्पष्ट नहीं है तो फिर मानहानि का मामला नहीं बनता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सबसे बड़ी गलती तो यह है कि जिन लोगों के बारे में श्री गांधी ने बात कही है और जिसके आधार पर मामला दर्ज हुआ है उनमें से किसी व्यक्ति द्वारा श्री गांधी की कोई शिकायत ही दर्ज नहीं की गई है और ऐसी स्थिति में मामला बनता ही नहीं है। श्री सिंघवी ने कहा कि इस फैसले को लेकर तीसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि श्री गांधी का भाषण समाज के व्यापक हित में था] जिसमें बेरोजगारी, जनहित तथा समाज के बड़े वर्ग के हित से जुड़ा था इसलिए उनके भाषण में आये किसी शब्द के आधार पर मानहानि का मामला नहीं बनता है। उन्होंने कहा कि मामले में स्पष्टता नहीं है क्योंकि यह मामला लम्बे समय तक एक मजिस्ट्रेट की अदालत में रहा है और उसी दौरान इससे संबंधित याचिका उच्च न्यायालय में दर्ज की गई थी। मामला याचिका के कारण अटका हुआ था, लेकिन जब उस मजिस्ट्रेट का स्थानांतरण हुआ तो इस मामले को अचानक उच्च न्यायालय से वापस ले लिया गया। श्री सिंघवी ने कहा कि इस फैसले संबंधित और भी पेचिदगियां हैं। उनका कहना था कि कि सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें अधिकार क्षेत्र के नियम दो सौ दो के तहत मामला गलत हो सकता है। मामला कर्नाटक के कोलार का है तो उस अधिकार क्षेत्र से बाहर का यह मामला नहीं बनता है। उनका कहना था कि यदि मामला अदालत की क्षेत्राधिकार से बाहर जाता है, तो यह गलत है क्योंकि मामला कोलार का मामला केरल में नहीं चल सकता है इसलिए इसमें देखना पड़ेगा कि अदालत की सीमा में मामला आता है कि नहीं आता है। यदि नहीं आता है तो यह गलत है। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामले में पर्याप्त जिरह होना आवश्यक है और इस लिहाज से भी यह फैसला गलत है। इस मामले में बहुत जिरह हुई है और इस आधार पर भी इसे कानूनी दृष्टि से सही नहीं कहा जा सकता है। - यह भी पढ़ेः- बच्चों की डाइट में शामिल करें ये आहार, सेहत को मिलेगा फायदा!
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Maharashtra: बता दें कि मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर और अब महाराष्ट्र में होमगार्ड के डीजी परमबीर सिंह ने अनिल देशमुख पर संगीन आरोप लगाते हुए सीएम उद्धव ठाकरे को चिट्ठी लिखी थी। परमबीर सिंह ने इस चिट्ठी में कहा था कि सचिन वाजे के जरिए देशमुख हर महीने 100 करोड़ रुपए की उगाही करवाना चाहते थे।
मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट से आज महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार को जोरदार झटका लगा है। महाराष्ट्र सरकार ने पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ सीबीआई की एफआईआर को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने कई और मामलों की जांच का अधिकार भी सीबीआई को दे दिया है। इससे अनिल देशमुख की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार की अर्जी पर विचार करने के बाद कहा कि सीबीआई को देशमुख के मामले की जांच करने का अधिकार है। इतना ही नहीं, कोर्ट ने ये भी कहा कि महाराष्ट्र और मुंबई पुलिस के अफसरों के तबादलों और एंटीलिया के बाहर बम रखने के आरोपी सचिन वाजे को पुलिस में दोबारा नौकरी दिए जाने के मामले की भी सीबीआई जांच होगी।
बता दें कि मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर और अब महाराष्ट्र में होमगार्ड के डीजी परमबीर सिंह ने अनिल देशमुख पर संगीन आरोप लगाते हुए सीएम उद्धव ठाकरे को चिट्ठी लिखी थी। परमबीर सिंह ने इस चिट्ठी में कहा था कि सचिन वाजे के जरिए देशमुख हर महीने 100 करोड़ रुपए की उगाही करवाना चाहते थे।
देशमुख ने पहले तो इन आरोपों से इनकार किया, लेकिन दबाव बढ़ने और सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी के बाद गृहमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। अब जिस तरह बॉम्बे हाईकोर्ट ने पुलिस अफसरों के तबादले और सचिन वाजे को दोबारा पुलिस की नौकरी में रखे जाने की जांच भी सीबीआई को करने की छूट दी है, उससे देशमुख की दिक्कतों में इजाफा हो सकता है।
परमबीर सिंह ने आरोप लगाया था कि देशमुख के कहने पर ही सचिन वाजे को दोबारा पुलिस में लिया गया था और अति महत्वपूर्ण क्राइम ब्रांच की जिम्मेदारी भी उसे दी गई थी। वाजे को एनआईए ने एंटीलिया के बाहर बम रखने के मामले में गिरफ्तार किया था। उस पर मनसुख हीरेन नाम के व्यक्ति के कत्ल का भी इल्जाम है।
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Maharashtra: बता दें कि मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर और अब महाराष्ट्र में होमगार्ड के डीजी परमबीर सिंह ने अनिल देशमुख पर संगीन आरोप लगाते हुए सीएम उद्धव ठाकरे को चिट्ठी लिखी थी। परमबीर सिंह ने इस चिट्ठी में कहा था कि सचिन वाजे के जरिए देशमुख हर महीने एक सौ करोड़ रुपए की उगाही करवाना चाहते थे। मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट से आज महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार को जोरदार झटका लगा है। महाराष्ट्र सरकार ने पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ सीबीआई की एफआईआर को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने कई और मामलों की जांच का अधिकार भी सीबीआई को दे दिया है। इससे अनिल देशमुख की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार की अर्जी पर विचार करने के बाद कहा कि सीबीआई को देशमुख के मामले की जांच करने का अधिकार है। इतना ही नहीं, कोर्ट ने ये भी कहा कि महाराष्ट्र और मुंबई पुलिस के अफसरों के तबादलों और एंटीलिया के बाहर बम रखने के आरोपी सचिन वाजे को पुलिस में दोबारा नौकरी दिए जाने के मामले की भी सीबीआई जांच होगी। बता दें कि मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर और अब महाराष्ट्र में होमगार्ड के डीजी परमबीर सिंह ने अनिल देशमुख पर संगीन आरोप लगाते हुए सीएम उद्धव ठाकरे को चिट्ठी लिखी थी। परमबीर सिंह ने इस चिट्ठी में कहा था कि सचिन वाजे के जरिए देशमुख हर महीने एक सौ करोड़ रुपए की उगाही करवाना चाहते थे। देशमुख ने पहले तो इन आरोपों से इनकार किया, लेकिन दबाव बढ़ने और सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी के बाद गृहमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। अब जिस तरह बॉम्बे हाईकोर्ट ने पुलिस अफसरों के तबादले और सचिन वाजे को दोबारा पुलिस की नौकरी में रखे जाने की जांच भी सीबीआई को करने की छूट दी है, उससे देशमुख की दिक्कतों में इजाफा हो सकता है। परमबीर सिंह ने आरोप लगाया था कि देशमुख के कहने पर ही सचिन वाजे को दोबारा पुलिस में लिया गया था और अति महत्वपूर्ण क्राइम ब्रांच की जिम्मेदारी भी उसे दी गई थी। वाजे को एनआईए ने एंटीलिया के बाहर बम रखने के मामले में गिरफ्तार किया था। उस पर मनसुख हीरेन नाम के व्यक्ति के कत्ल का भी इल्जाम है।
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हालांकि यहां तक पहुंचने तक का स्मृति ईरानी का सफर आसान नहीं रहा। जब वह 18-19 साल की थीं तो नौकरी पाने के लिए खूब धक्के खाने पड़े। शक्ल-सूरत को लेकर बुरी बातें तक कही गईं। जब कहीं भी नौकरी की बात नहीं बनी तो उन्हें झाड़ू-पोछा और ट्रे धोने का काम करना पड़ा। साल 2014 में 'आप की अदालत' प्रोग्राम में रजत शर्मा के साथ बातचीत के दौरान स्मृति ईरानी ने अपने संघर्ष की कहानी बताई थी।
स्मृति ईरानी ने कहा था, 'नौकरी नहीं थी मेरे पास। अंत के 200 रुपये बचे थे सिर्फ। मेरी बहन ने कहा कि तुम हर रोज इंटरव्यू देकर आती हो, फिर क्या गड़बड़ करके आती हो? आज मैं चलूंगी तुम्हारे साथ। मैंने अखबार में दो इंटरव्यू देखे-एक मैकडॉनल्ड का था और एक जेट एयरवेज का। उन दिनों में पतली थी। मुझे लगा कि अगर जेट एयरवेज में नौकरी मिलेगी तो बहुत पैसा मिलेगा। कम से कम एक महीने का गुजारा अच्छे से हो जाएगा। जब मैं गई वहां तो लोगों ने कहा, 'शक्ल देखी है अपनी? न शक्ल ठीक है और न ही आपकी पर्सनैलिटी मैच होती है। हम आपको नौकरी नहीं दे सकते। '
टूट गई थीं स्मृति ईरानी, सोचा- छोटी बहन के पैसों पर जिऊंगी?
अपने बारे में ऐसी बातें सुनकर उन्हें बड़ा धक्का लगा। तब और अजीब लगा जब वही नौकरी स्मृति ईरानी की छोटी बहन को मिल गई, जिसके लिए उन्हें शक्ल खराब बताकर रिजेक्ट किया गया था। स्मृति ईरानी बोलीं, 'मेरी बहन ने कहा कि तुझे नहीं मिल रही है तो चल मैं ट्राई कर लेती हूं। मैंने कहा कि चल कर ले ट्राई। सोचा कि जब मुझे ही नहीं मिली तो उसे क्यों मिलेगी? पर पता चला कि बहन को मिल गई नौकरी। मुझे तब अजीब लगा कि मैं बड़ी बहन हूं। मुझे नौकरी नहीं मिली, छोटी बहन को मिल गई। छोटी बहन की पगार पर थोड़े ही जिऊंगी। '
स्मृति ईरानी ने फिर सोचा कि जेट एयरवेज की नौकरी नहीं मिली तो कोई बात नहीं। मैकडॉनल्ड का जो इंटरव्यू हैं, वह दे देंगी तो काम बन जाएगा। यहां भी किस्मत खराब। जो नौकरियां और वेकंसी थीं, वो फुल हो गईं। ले देकर एक ही काम बचा था, ट्रे साफ करने और झाड़ू-पोछा का। वह किस्सा याद करते हुए स्मृति ईरानी ने 'आप की अदालत' में कहा था, 'साथ मैं मैकडॉनल्ड का इंटरव्यू था। मैं वहां गई और कहा, 'देखिए मैं पढ़ी-लिखी हूं। मैं अच्छा काम कर सकती हूं। ' वो लोग बोले कि मैडम आप तो देर से आई हैं। सारी नौकरियां तो चली गईं, बस एक बची है और वह आपके लायक नहीं है। '
स्मृति आगे बोलीं, 'मैंने कहा कि क्या नौकरी है? वो बोले कि बस झाड़ू-पोछा वाली नौकरी बची है। उस वक्त मेरे पास पैसे थे नहीं। मैंने कहा कि आपकी जो नौकरी है मुझे दे दीजिए। मैं इतना विश्वास जरूर रखती हूं कि आपकी ट्रे धोते-धोते एक दिन मैं मैनेजर जरूर बन जाऊंगी। उस वक्त 1800 रुपये की नौकरी थी वह। '
स्मृति ईरानी की जिंदगी में टर्निंग पॉइंट तब आया जब उन्होंने मिस इंडिया 1998 ब्यूटी पेजेंट में हिस्सा लिया। भले ही वह उसमें टॉप-9 में नहीं पहुंच पाईं, पर लोगों की नजरों में जरूर आ गई थीं। इसके बाद वह मीका सिंह के म्यूजिक वीडियो 'बोलियां' में दिखीं और छा गईं। (फोटोः YouTube)
2000 में स्मृति ईरानी ने कुछेक टीवी शोज किए और उसी साल एकता ने उन्हें अपने शो 'क्यूंकि सास भी कभी बहू थी' में तुलसी के रोल के लिए साइन किया। इस रोल को निभाने के बाद स्मृति ईरानी की किस्मत ऐसी पलटी कि 2 दशक बाद आज भी लोग उन्हें असल जिंदगी में तुलसी के नाम से ही जानते हैं। इस शो के लिए उन्हें बेस्ट ऐक्ट्रेस का आईटीए अवॉर्ड मिला।
बताया जाता है कि बाद में स्मृति ईरानी का एकता कपूर के साथ कुछ विवाद हो गया था, जिसके कारण स्मृति ने जून 2007 में 'क्यूंकि सास भी कभी बहू थी' छोड़ दिया। तब एकता ने उनकी जगह गौतमी कपूर को तुलसी के रोल के लिए साइन किया था। हालांकि कुछ साल बाद एकता और स्मृति के मतभेद सुलझ गए और दोनों आज भी बहुत अच्छी दोस्त हैं।
टीवी करियर को अलविदा कहने के बाद स्मृति ईरानी बाद में राजनीति में आ गईं। उन्होंने 2003 में बीजेपी जॉइन की। इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनावों में अमेठी से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा और राहुल गांधी को हराकर जीत हासिल की।
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हालांकि यहां तक पहुंचने तक का स्मृति ईरानी का सफर आसान नहीं रहा। जब वह अट्ठारह-उन्नीस साल की थीं तो नौकरी पाने के लिए खूब धक्के खाने पड़े। शक्ल-सूरत को लेकर बुरी बातें तक कही गईं। जब कहीं भी नौकरी की बात नहीं बनी तो उन्हें झाड़ू-पोछा और ट्रे धोने का काम करना पड़ा। साल दो हज़ार चौदह में 'आप की अदालत' प्रोग्राम में रजत शर्मा के साथ बातचीत के दौरान स्मृति ईरानी ने अपने संघर्ष की कहानी बताई थी। स्मृति ईरानी ने कहा था, 'नौकरी नहीं थी मेरे पास। अंत के दो सौ रुपयापये बचे थे सिर्फ। मेरी बहन ने कहा कि तुम हर रोज इंटरव्यू देकर आती हो, फिर क्या गड़बड़ करके आती हो? आज मैं चलूंगी तुम्हारे साथ। मैंने अखबार में दो इंटरव्यू देखे-एक मैकडॉनल्ड का था और एक जेट एयरवेज का। उन दिनों में पतली थी। मुझे लगा कि अगर जेट एयरवेज में नौकरी मिलेगी तो बहुत पैसा मिलेगा। कम से कम एक महीने का गुजारा अच्छे से हो जाएगा। जब मैं गई वहां तो लोगों ने कहा, 'शक्ल देखी है अपनी? न शक्ल ठीक है और न ही आपकी पर्सनैलिटी मैच होती है। हम आपको नौकरी नहीं दे सकते। ' टूट गई थीं स्मृति ईरानी, सोचा- छोटी बहन के पैसों पर जिऊंगी? अपने बारे में ऐसी बातें सुनकर उन्हें बड़ा धक्का लगा। तब और अजीब लगा जब वही नौकरी स्मृति ईरानी की छोटी बहन को मिल गई, जिसके लिए उन्हें शक्ल खराब बताकर रिजेक्ट किया गया था। स्मृति ईरानी बोलीं, 'मेरी बहन ने कहा कि तुझे नहीं मिल रही है तो चल मैं ट्राई कर लेती हूं। मैंने कहा कि चल कर ले ट्राई। सोचा कि जब मुझे ही नहीं मिली तो उसे क्यों मिलेगी? पर पता चला कि बहन को मिल गई नौकरी। मुझे तब अजीब लगा कि मैं बड़ी बहन हूं। मुझे नौकरी नहीं मिली, छोटी बहन को मिल गई। छोटी बहन की पगार पर थोड़े ही जिऊंगी। ' स्मृति ईरानी ने फिर सोचा कि जेट एयरवेज की नौकरी नहीं मिली तो कोई बात नहीं। मैकडॉनल्ड का जो इंटरव्यू हैं, वह दे देंगी तो काम बन जाएगा। यहां भी किस्मत खराब। जो नौकरियां और वेकंसी थीं, वो फुल हो गईं। ले देकर एक ही काम बचा था, ट्रे साफ करने और झाड़ू-पोछा का। वह किस्सा याद करते हुए स्मृति ईरानी ने 'आप की अदालत' में कहा था, 'साथ मैं मैकडॉनल्ड का इंटरव्यू था। मैं वहां गई और कहा, 'देखिए मैं पढ़ी-लिखी हूं। मैं अच्छा काम कर सकती हूं। ' वो लोग बोले कि मैडम आप तो देर से आई हैं। सारी नौकरियां तो चली गईं, बस एक बची है और वह आपके लायक नहीं है। ' स्मृति आगे बोलीं, 'मैंने कहा कि क्या नौकरी है? वो बोले कि बस झाड़ू-पोछा वाली नौकरी बची है। उस वक्त मेरे पास पैसे थे नहीं। मैंने कहा कि आपकी जो नौकरी है मुझे दे दीजिए। मैं इतना विश्वास जरूर रखती हूं कि आपकी ट्रे धोते-धोते एक दिन मैं मैनेजर जरूर बन जाऊंगी। उस वक्त एक हज़ार आठ सौ रुपयापये की नौकरी थी वह। ' स्मृति ईरानी की जिंदगी में टर्निंग पॉइंट तब आया जब उन्होंने मिस इंडिया एक हज़ार नौ सौ अट्ठानवे ब्यूटी पेजेंट में हिस्सा लिया। भले ही वह उसमें टॉप-नौ में नहीं पहुंच पाईं, पर लोगों की नजरों में जरूर आ गई थीं। इसके बाद वह मीका सिंह के म्यूजिक वीडियो 'बोलियां' में दिखीं और छा गईं। दो हज़ार में स्मृति ईरानी ने कुछेक टीवी शोज किए और उसी साल एकता ने उन्हें अपने शो 'क्यूंकि सास भी कभी बहू थी' में तुलसी के रोल के लिए साइन किया। इस रोल को निभाने के बाद स्मृति ईरानी की किस्मत ऐसी पलटी कि दो दशक बाद आज भी लोग उन्हें असल जिंदगी में तुलसी के नाम से ही जानते हैं। इस शो के लिए उन्हें बेस्ट ऐक्ट्रेस का आईटीए अवॉर्ड मिला। बताया जाता है कि बाद में स्मृति ईरानी का एकता कपूर के साथ कुछ विवाद हो गया था, जिसके कारण स्मृति ने जून दो हज़ार सात में 'क्यूंकि सास भी कभी बहू थी' छोड़ दिया। तब एकता ने उनकी जगह गौतमी कपूर को तुलसी के रोल के लिए साइन किया था। हालांकि कुछ साल बाद एकता और स्मृति के मतभेद सुलझ गए और दोनों आज भी बहुत अच्छी दोस्त हैं। टीवी करियर को अलविदा कहने के बाद स्मृति ईरानी बाद में राजनीति में आ गईं। उन्होंने दो हज़ार तीन में बीजेपी जॉइन की। इसके बाद दो हज़ार उन्नीस के लोकसभा चुनावों में अमेठी से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा और राहुल गांधी को हराकर जीत हासिल की।
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अमेठीः उत्तर प्रदेश के अमेठी में चीनी के कीमतों को लेकर राजनीती शुरू हो गयी है। कांग्रेस ने इसे लेकर भाजपा पर निशाना साधा है।
कांग्रेस एमएलसी, दीपक सिंह ने इस क्षेत्र में 13 रुपये प्रति किलो चीनी बेचने के लिए स्टॉल लगाए। सिंह ने कहा कि वह 13 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से चीनी बेच रहे हैं ताकि स्मृति ईरानी को अपना वादा याद रहे, जो उन्होंने अमेठी के लोगों से किया था । 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान, केंद्रीय मंत्री, स्मृति ईरानी ने अमेठी के लोगों से वादा किया कि भाजपा के कार्यकाल के दौरान चीनी 13 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेची जाएगी। कांग्रेस ने स्मृति ईरानी पर वादा भूलने का आरोप लगाया है।
यह न्यूज़ सुनने के लिए प्ले बटन को दबाये.
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अमेठीः उत्तर प्रदेश के अमेठी में चीनी के कीमतों को लेकर राजनीती शुरू हो गयी है। कांग्रेस ने इसे लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस एमएलसी, दीपक सिंह ने इस क्षेत्र में तेरह रुपयापये प्रति किलो चीनी बेचने के लिए स्टॉल लगाए। सिंह ने कहा कि वह तेरह रुपयापये प्रति किलोग्राम के हिसाब से चीनी बेच रहे हैं ताकि स्मृति ईरानी को अपना वादा याद रहे, जो उन्होंने अमेठी के लोगों से किया था । दो हज़ार उन्नीस के लोकसभा चुनावों के दौरान, केंद्रीय मंत्री, स्मृति ईरानी ने अमेठी के लोगों से वादा किया कि भाजपा के कार्यकाल के दौरान चीनी तेरह रुपयापये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेची जाएगी। कांग्रेस ने स्मृति ईरानी पर वादा भूलने का आरोप लगाया है। यह न्यूज़ सुनने के लिए प्ले बटन को दबाये.
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PM Modi Bengaluru Visit: ध्यान रहे कि उत्तर भारत की तुलना में दक्षिण भारत में बीजेपी की दबदबा कम है। वहां क्षेत्रिय दलों का ही डंका बजता है, जिसे ध्यान में रखते हुए अब पीएम मोदी द्वारा उठाया जा रहा उपरोक्त कदम काफी उपयोगी माना जा रहा है। ध्यान रहे कि बीते दिनों में अमित शाह भी मिशन दक्षिण भारत मिशन की ओर रवाना हुए थे।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे देश में अपनी राजनीतिक बिसात बिछाने की दिशा में एक्शन मोड में आ चुके हैं। इसी कड़ी में आज वे दक्षिण भारत की ओर रवाना हुए। बता दें कि प्रधानमंत्री चार राज्यों की दो दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए हैं। इस बीच आज वे कर्नाटक पहुंचे हैं। जहां उन्होंने सबसे पहले प्रदेशवासियों के लिए आरएस रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत ट्रेन और भारत गौरव काशी ट्रेन की शुरुआत की। यह देश की पांचवीं वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन है, जो कि बैंगलुरु-मैसुर रूट पर चलेगी। इसके साथ ही पीएम मोदी ने केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का भी उद्घाटन किया। आइए, आगे आपको उनके संबोधन से जुड़ी मुख्य बातें बताते हैं।
अपने संबोधन के शुरुआती क्षण में जहां प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का बखान किया, तो वहीं पूर्व की सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज कर्नाटक में डबल इंजन की सरकार की वजह से प्रदेश में विकास कार्य दोगुनी गति से हो रहे हैं, जिससे सीधा फायदा आम जनता को पहुंच रहा है। इसके अलावा उन्होंने आगे कहा कि आज देश में दो महान संतों की जयंती है। एक तरफ जहां संत रविदास ने हमारे समाज का मार्गदर्शन किया, तो वहीं दूसरी तरफ ओनके ओबव्वा ने हमें गोरवयुक्त राष्ट्र प्रदान किया।
आज बात चाहे गवर्नेंस की हो या फिजिकल व डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण की, भारत एक अलग ही लेवल पर काम कर रहा है।
आज पूरी दुनिया हैरान होती है, जब भारत के डिजिटल पेमेंट BHIM UPI के बारे में सुनती है।
हमारी सरकार देश में नए एयरपोर्ट्स का भी निर्माण करा रही है।
2014 से पहले देश में लगभग 70 के आसपास एयरपोर्ट्स थे।
अब इनकी संख्या 140 से ज्यादा हो गई है।
बढ़ते हुए ये एयरपोर्ट्स, हमारे शहरों का बिजनेस पोटेन्शियल बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि आज हमारे देश में पांचवीं वन्दे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का उद्धाटन हो चुका है, जो कि हमारे देश की तरक्की का सबूत है। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश में बीजेपी सरकार बनने के बाद लोगों की मांग की पूर्ति की गई है। बता दें कि प्रदेश में लोग ट्रेन को नई रफ्तार देने की दिशा में पहले से ही कार्य में जुटे हुए थे।
वंदे भारत एक्सप्रेस, इस बात का प्रतीक है कि भारत अब रुक-रुक कर चलने वाले दिनों को पीछे छोड़ चुका है।
भारत अब तेज़ दौड़ना चाहता है और इसके लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक सार्वजनिक सभा में भी शामिल हुए। जहां मुख्यमंत्री बासवराज बोम्मई ने उनका स्वागत किया। इस बीच पीएम मोदी ने बेंगलुरु में नादप्रभु केम्पेगौड़ा की 108 फीट की कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया। बता दें कि इसे समृद्धि की मूर्ति भी कहा जाता है, जिसे देखने के लिए प्रदेश के कई लोग पहुंच रहे हैं। आपको बता दें कि पीएम मोदी रोड शो में भी शामिल हुए, जहां लोगों ने उनका जमकर स्वागत किया है। जहां देखो वहीं मोदी-मोदी के नारे लग रहे थे। बताया जा रहा है कि पीएम मोदी दक्षिण भारत मिशन के तहत चारों राज्यों के लोगों को 25 हजार करोड़ की सौगात देंगे।
मुझे नाडप्रभु केंपेगौडा की 108 फीट की प्रतिमा के अनावरण और उनके जलाभिषेक का भी अवसर मिला ।
प्रभु केंपेगौडा की ये विशाल प्रतिमा, हमें भविष्य के बेंगलुरू, भविष्य के भारत के लिए निरंतर मेहनत करने की प्रेरणा देगी।
हम बेंगलुरू के, कर्नाटक के विकास और विरासत दोनों को और सशक्त कर रहे हैं।
आज कर्नाटक को पहली मेड इन इंडिया वंदे भारत ट्रेन मिली है।
ध्यान रहे कि उत्तर भारत की तुलना में दक्षिण भारत में बीजेपी का दबदबा कम है। वहां क्षेत्रिय दलों का ही डंका बजता है, जिसे ध्यान में रखते हुए अब पीएम मोदी द्वारा उठाया जा रहा उपरोक्त कदम काफी उपयोगी माना जा रहा है। ध्यान रहे कि बीते दिनों अमित शाह भी मिशन दक्षिण भारत की ओर रवाना हुए थे। जहां उन्होंने एक तरफ अपनी सरकार की उपलब्धियों का बखान किया था, तो वहीं दूसरी तरफ पूर्व की सरकारों के नाम आलोचनाओं की दरिया बहाई थी।
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PM Modi Bengaluru Visit: ध्यान रहे कि उत्तर भारत की तुलना में दक्षिण भारत में बीजेपी की दबदबा कम है। वहां क्षेत्रिय दलों का ही डंका बजता है, जिसे ध्यान में रखते हुए अब पीएम मोदी द्वारा उठाया जा रहा उपरोक्त कदम काफी उपयोगी माना जा रहा है। ध्यान रहे कि बीते दिनों में अमित शाह भी मिशन दक्षिण भारत मिशन की ओर रवाना हुए थे। नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे देश में अपनी राजनीतिक बिसात बिछाने की दिशा में एक्शन मोड में आ चुके हैं। इसी कड़ी में आज वे दक्षिण भारत की ओर रवाना हुए। बता दें कि प्रधानमंत्री चार राज्यों की दो दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए हैं। इस बीच आज वे कर्नाटक पहुंचे हैं। जहां उन्होंने सबसे पहले प्रदेशवासियों के लिए आरएस रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत ट्रेन और भारत गौरव काशी ट्रेन की शुरुआत की। यह देश की पांचवीं वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन है, जो कि बैंगलुरु-मैसुर रूट पर चलेगी। इसके साथ ही पीएम मोदी ने केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का भी उद्घाटन किया। आइए, आगे आपको उनके संबोधन से जुड़ी मुख्य बातें बताते हैं। अपने संबोधन के शुरुआती क्षण में जहां प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का बखान किया, तो वहीं पूर्व की सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज कर्नाटक में डबल इंजन की सरकार की वजह से प्रदेश में विकास कार्य दोगुनी गति से हो रहे हैं, जिससे सीधा फायदा आम जनता को पहुंच रहा है। इसके अलावा उन्होंने आगे कहा कि आज देश में दो महान संतों की जयंती है। एक तरफ जहां संत रविदास ने हमारे समाज का मार्गदर्शन किया, तो वहीं दूसरी तरफ ओनके ओबव्वा ने हमें गोरवयुक्त राष्ट्र प्रदान किया। आज बात चाहे गवर्नेंस की हो या फिजिकल व डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण की, भारत एक अलग ही लेवल पर काम कर रहा है। आज पूरी दुनिया हैरान होती है, जब भारत के डिजिटल पेमेंट BHIM UPI के बारे में सुनती है। हमारी सरकार देश में नए एयरपोर्ट्स का भी निर्माण करा रही है। दो हज़ार चौदह से पहले देश में लगभग सत्तर के आसपास एयरपोर्ट्स थे। अब इनकी संख्या एक सौ चालीस से ज्यादा हो गई है। बढ़ते हुए ये एयरपोर्ट्स, हमारे शहरों का बिजनेस पोटेन्शियल बढ़ा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि आज हमारे देश में पांचवीं वन्दे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का उद्धाटन हो चुका है, जो कि हमारे देश की तरक्की का सबूत है। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश में बीजेपी सरकार बनने के बाद लोगों की मांग की पूर्ति की गई है। बता दें कि प्रदेश में लोग ट्रेन को नई रफ्तार देने की दिशा में पहले से ही कार्य में जुटे हुए थे। वंदे भारत एक्सप्रेस, इस बात का प्रतीक है कि भारत अब रुक-रुक कर चलने वाले दिनों को पीछे छोड़ चुका है। भारत अब तेज़ दौड़ना चाहता है और इसके लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक सार्वजनिक सभा में भी शामिल हुए। जहां मुख्यमंत्री बासवराज बोम्मई ने उनका स्वागत किया। इस बीच पीएम मोदी ने बेंगलुरु में नादप्रभु केम्पेगौड़ा की एक सौ आठ फीट की कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया। बता दें कि इसे समृद्धि की मूर्ति भी कहा जाता है, जिसे देखने के लिए प्रदेश के कई लोग पहुंच रहे हैं। आपको बता दें कि पीएम मोदी रोड शो में भी शामिल हुए, जहां लोगों ने उनका जमकर स्वागत किया है। जहां देखो वहीं मोदी-मोदी के नारे लग रहे थे। बताया जा रहा है कि पीएम मोदी दक्षिण भारत मिशन के तहत चारों राज्यों के लोगों को पच्चीस हजार करोड़ की सौगात देंगे। मुझे नाडप्रभु केंपेगौडा की एक सौ आठ फीट की प्रतिमा के अनावरण और उनके जलाभिषेक का भी अवसर मिला । प्रभु केंपेगौडा की ये विशाल प्रतिमा, हमें भविष्य के बेंगलुरू, भविष्य के भारत के लिए निरंतर मेहनत करने की प्रेरणा देगी। हम बेंगलुरू के, कर्नाटक के विकास और विरासत दोनों को और सशक्त कर रहे हैं। आज कर्नाटक को पहली मेड इन इंडिया वंदे भारत ट्रेन मिली है। ध्यान रहे कि उत्तर भारत की तुलना में दक्षिण भारत में बीजेपी का दबदबा कम है। वहां क्षेत्रिय दलों का ही डंका बजता है, जिसे ध्यान में रखते हुए अब पीएम मोदी द्वारा उठाया जा रहा उपरोक्त कदम काफी उपयोगी माना जा रहा है। ध्यान रहे कि बीते दिनों अमित शाह भी मिशन दक्षिण भारत की ओर रवाना हुए थे। जहां उन्होंने एक तरफ अपनी सरकार की उपलब्धियों का बखान किया था, तो वहीं दूसरी तरफ पूर्व की सरकारों के नाम आलोचनाओं की दरिया बहाई थी।
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काफी दिन से बवाल का कारण बनी वेब सीरीज तांडव के दोनों विवादित सीन सरकार के आदेश से हटा लिए गए हैं। ऐसा पहली बार हुआ है जब सरकार के सीधे हस्तक्षेप से किसी ओटीटी प्लेटफॉर्म की सामग्री में विवादित दृष्य हटाने को कहा है। विवादित दृष्यों को लेकर महाराष्ट्र, यूपी के लखनऊ समेत कई जगहों पर एफआईआर दर्ज हुई हैं।
सोमवार और मंगलवार को आई ऐंड बी मिनिस्ट्री ने सीरीज के निर्माताओं के साथ लंबी मीटिंग की। इस बैठक में बातचीत के दौरान विवादित सीन को हटाने का फैसला लिया गया है। इस फैसले के साथ ही तांडव पहली ऐसी वेब सीरीज बन गई, जिसके कंटेंट को सरकाप के हस्तक्षेप से हटाया गया। वहीं, फिल्म निर्देशक ने इन सीन के लिए माफी भी मांगी है।
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काफी दिन से बवाल का कारण बनी वेब सीरीज तांडव के दोनों विवादित सीन सरकार के आदेश से हटा लिए गए हैं। ऐसा पहली बार हुआ है जब सरकार के सीधे हस्तक्षेप से किसी ओटीटी प्लेटफॉर्म की सामग्री में विवादित दृष्य हटाने को कहा है। विवादित दृष्यों को लेकर महाराष्ट्र, यूपी के लखनऊ समेत कई जगहों पर एफआईआर दर्ज हुई हैं। सोमवार और मंगलवार को आई ऐंड बी मिनिस्ट्री ने सीरीज के निर्माताओं के साथ लंबी मीटिंग की। इस बैठक में बातचीत के दौरान विवादित सीन को हटाने का फैसला लिया गया है। इस फैसले के साथ ही तांडव पहली ऐसी वेब सीरीज बन गई, जिसके कंटेंट को सरकाप के हस्तक्षेप से हटाया गया। वहीं, फिल्म निर्देशक ने इन सीन के लिए माफी भी मांगी है।
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Rakbar Khan Mob Lynching Case राजस्थान के अलवर की अदालत ने रकबर खान मॉब लिंचिंग मामले में चार दोषियों को सात-सात साल की सजा सुनाई है। अदालत ने एक आरोपी को बरी भी कर दिया है। दोषियों के नाम नरेश विजय परमजीत और धर्मेंद्र हैं। (फाइल तस्वीर)
जयपुर, ऑनलाइन डेस्क। राजस्थान के रकबर खान मॉब लिंचिंग मामले में गुरुवार को अलवर की कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने मामले में चार दोषियों को सात-सात साल की सजा सुनाई है। वहीं, एक दोषी को बरी कर दिया है। जिन दोषियों को सजा सुनाई गई, उनका नाम परमजीत, धर्मेन्द्र, नरेश और विजय है।
अतिरिक्त जिला जज सुनील गोयल ने अपना फैसला सुनाया है। आरोपी नवल किशोर को कोर्ट ने बरी किया है। नवल किशोर के खिलाफ सबूत नहीं मिले हैं। अदालत ने चारों को आईपीसी की धारा 341, 304 के तहत दोषी ठहराया है।
क्या है रकबर मॉब लिंचिंग मामला?
रकबर खान मॉब लिंचिंग का मामला करीब पांच साल पुराना है। 20 जुलाई 2018 को अलवर में रकबर खान की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। रकबर और उसका दोस्त असलम देर रात गायों को पैदल लेकर जा रहे थे। तभी रामगढ़ के लालवंडी इलाके में कुछ गांववालों ने गौतस्करी के शक में दोनों को रोक लिया। अचानक कुछ लोगों ने रकबर पर हमला कर दिया, उसके साथ मारपीट की गई। वहीं ये सब देखकर असलम वहां से भाग गया।
मारपीट के बाद रकबर को पुलिस के हवाले कर दिया गया। कुछ घंटे बाद पुलिस हिरासत में ही रकबर की मौत हो गई। रकबर की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ था। वहीं, पुलिस ने आरोपी धर्मेन्द्र यादव, परमजीत सिंह, नरेश, विजय और नवल किशोर को गिरफ्तार किया था। आरोपी विजय को घटना के करीब 13 महीने बाद जयपुर में उसके रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार किया था।
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Rakbar Khan Mob Lynching Case राजस्थान के अलवर की अदालत ने रकबर खान मॉब लिंचिंग मामले में चार दोषियों को सात-सात साल की सजा सुनाई है। अदालत ने एक आरोपी को बरी भी कर दिया है। दोषियों के नाम नरेश विजय परमजीत और धर्मेंद्र हैं। जयपुर, ऑनलाइन डेस्क। राजस्थान के रकबर खान मॉब लिंचिंग मामले में गुरुवार को अलवर की कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने मामले में चार दोषियों को सात-सात साल की सजा सुनाई है। वहीं, एक दोषी को बरी कर दिया है। जिन दोषियों को सजा सुनाई गई, उनका नाम परमजीत, धर्मेन्द्र, नरेश और विजय है। अतिरिक्त जिला जज सुनील गोयल ने अपना फैसला सुनाया है। आरोपी नवल किशोर को कोर्ट ने बरी किया है। नवल किशोर के खिलाफ सबूत नहीं मिले हैं। अदालत ने चारों को आईपीसी की धारा तीन सौ इकतालीस, तीन सौ चार के तहत दोषी ठहराया है। क्या है रकबर मॉब लिंचिंग मामला? रकबर खान मॉब लिंचिंग का मामला करीब पांच साल पुराना है। बीस जुलाई दो हज़ार अट्ठारह को अलवर में रकबर खान की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। रकबर और उसका दोस्त असलम देर रात गायों को पैदल लेकर जा रहे थे। तभी रामगढ़ के लालवंडी इलाके में कुछ गांववालों ने गौतस्करी के शक में दोनों को रोक लिया। अचानक कुछ लोगों ने रकबर पर हमला कर दिया, उसके साथ मारपीट की गई। वहीं ये सब देखकर असलम वहां से भाग गया। मारपीट के बाद रकबर को पुलिस के हवाले कर दिया गया। कुछ घंटे बाद पुलिस हिरासत में ही रकबर की मौत हो गई। रकबर की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ था। वहीं, पुलिस ने आरोपी धर्मेन्द्र यादव, परमजीत सिंह, नरेश, विजय और नवल किशोर को गिरफ्तार किया था। आरोपी विजय को घटना के करीब तेरह महीने बाद जयपुर में उसके रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार किया था।
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इंडिया न्यूज, चंडीगढ़ः
प्रदेश में नया सीएम बनते ही बदलाव का दौर जारी है। प्रदेश में जहां तमाम बड़े प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले और कार्य में फेरबदल किया जा रहा है। पिछली सरकार के शासन के दौरान प्रदेश में दो बड़े प्रशासनिक पदों पर तैनात चीफ सेक्रेटरी विनी महाजन और डीजीपी दिनकर गुप्ता को भी फेरबदल का सामना करना पड़ रहा है। सीएम ने चीफ सेक्रेटरी विनी महाजन को हटा दिया है। अब सूचना यह आ रही है कि प्रदेश के डीजीपी को भी बदलने की तैयारी सीएम ने कर ली है। इसी चर्चा के बीच डीजीपी दिनकर गुप्ता ने एक माह की छ्ट्टी की मांग करते हुए उसका आवदेन सीएम कार्यालय भेज दिया है। यह भी बताया जा रहा है कि डीजीपी ने केंद्रीय डेपूटेशन में काम करने की इच्छा भी जाहिर की है।
जानकारी के अनुसार नई सरकार प्रदेश में बंगाल फॉर्मूले का प्रयोग करते हुए नया पुलिस महानिदेशक यानी बना सकती है। पंजाब सरकार ने नए डीजीपी के बारे में अभी कोई पैनल नहीं भेजा है। फिर भी दिनकर गुप्ता के छुट्टी पर जाने के बाद चार्ज देना जरूरी हो जाएगा। चार्ज उसी को दिया जा सकता है, जिसे सरकार आगे डीजीपी बनाना चाहती है।
पहले पंजाब सरकार इस बात पर लीगल राय ले रही थी कि क्या वह खुद डीजीपी बना सकती हैं। ऐसी कोई संभावना है कि यूपीएससी को नाम न भेजने पड़ें। हालांकि अब पता चला है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई प्रक्रिया से ही पैनल भेजना होगा। इसी वजह से अब उस अफसर को चार्ज दिया जा सकता है, जो पैनल में शॉर्ट लिस्ट होने का सबसे मजबूत दावेदार हो। दिनकर गुप्ता को हटाने के बाद पंजाब के नए डीजीपी की रेस में 4 अफसर शामिल हैं। इनमें सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय, इकबालप्रीत सिंह सहोता, वीके भवरा और रोहित चौधरी का नाम है।
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इंडिया न्यूज, चंडीगढ़ः प्रदेश में नया सीएम बनते ही बदलाव का दौर जारी है। प्रदेश में जहां तमाम बड़े प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले और कार्य में फेरबदल किया जा रहा है। पिछली सरकार के शासन के दौरान प्रदेश में दो बड़े प्रशासनिक पदों पर तैनात चीफ सेक्रेटरी विनी महाजन और डीजीपी दिनकर गुप्ता को भी फेरबदल का सामना करना पड़ रहा है। सीएम ने चीफ सेक्रेटरी विनी महाजन को हटा दिया है। अब सूचना यह आ रही है कि प्रदेश के डीजीपी को भी बदलने की तैयारी सीएम ने कर ली है। इसी चर्चा के बीच डीजीपी दिनकर गुप्ता ने एक माह की छ्ट्टी की मांग करते हुए उसका आवदेन सीएम कार्यालय भेज दिया है। यह भी बताया जा रहा है कि डीजीपी ने केंद्रीय डेपूटेशन में काम करने की इच्छा भी जाहिर की है। जानकारी के अनुसार नई सरकार प्रदेश में बंगाल फॉर्मूले का प्रयोग करते हुए नया पुलिस महानिदेशक यानी बना सकती है। पंजाब सरकार ने नए डीजीपी के बारे में अभी कोई पैनल नहीं भेजा है। फिर भी दिनकर गुप्ता के छुट्टी पर जाने के बाद चार्ज देना जरूरी हो जाएगा। चार्ज उसी को दिया जा सकता है, जिसे सरकार आगे डीजीपी बनाना चाहती है। पहले पंजाब सरकार इस बात पर लीगल राय ले रही थी कि क्या वह खुद डीजीपी बना सकती हैं। ऐसी कोई संभावना है कि यूपीएससी को नाम न भेजने पड़ें। हालांकि अब पता चला है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई प्रक्रिया से ही पैनल भेजना होगा। इसी वजह से अब उस अफसर को चार्ज दिया जा सकता है, जो पैनल में शॉर्ट लिस्ट होने का सबसे मजबूत दावेदार हो। दिनकर गुप्ता को हटाने के बाद पंजाब के नए डीजीपी की रेस में चार अफसर शामिल हैं। इनमें सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय, इकबालप्रीत सिंह सहोता, वीके भवरा और रोहित चौधरी का नाम है।
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बोकारो में एक बुजुर्ग शख्स ने अधिकारियों के पास पहुंचा और बोली साहब मैं जिंदा हूं और मुझे मरा बताकर मेरी वृद्धा पेंशन को रोक दिया गया है. जिसकी वजह से मैं काफी परेशान हूं.
झारखंड के बोकारो जिले में एक बुजुर्ग शख्स अधिकारियों के पास वृद्धा पेंशन दिलाने की गुहार लगाने पहुंचा. इस दौरान बुजुर्ग शख्स ने कहा कि साहब मैं जिंदा हूं, मुझे मरा हुआ बताकर मेरा पेंशन क्यों रोक दिया . दरअसल, जिले के होसिर मध्य विद्यालय मैदान में पंचायत के ग्रामीणों के लिए "आप की योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम" में हॉटस्पॉट ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान अधिकारियों द्वारा किया जा रहा था .
इसी बीच अचानक सरकारी कर्मचारियों की लापरवाही उसे मृत घोषित 64 साल के बुजुर्ग घमु प्रजापति अधिकारियों के सामने खुद को जिंदा होने का सबूत देने लगे. जहां सरकारी बाबू की लापरवाही के शिकार हुए घमु प्रजापति अधिकारियों के सामने गिड़गिड़ाते हुए कहने लगे कि " साहब मैं तो जिंदा हूं , मुझे मरा हुआ बताकर मेरा पेंशन क्यों रोक दी.
जानिए क्या है मामला?
वहीं, कार्यक्रम के दौरान मौजूद अधिकारियों के सामने जैसे ही यह मामला सामने आया सभी अधिकारी हक्के बक्के रह गए. अधिकारियों ने घमु प्रजापति को आश्वासन देते हुए कहा कि आप नए सिरे से पेंशन के लिए आवेदन दे दें. आपका पेंशन चालू हो जाएगा. बुजुर्ग शख्स ने कहा कि पेंशन के चलते वह अधिकारियों के चक्कर काट-काट कर थक चुके है.इस दौरान अधिकारियों ने आश्वासन दिया जिस किसी ने भी जीवित व्यक्ति घमु प्रजापति को बिना जांच किए मृत घोषित कर पेंशन बंद कर दिया है. उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी.साथ ही मामले की जांच की जा रही है.
बता दें कि, बोकारो जिला के गोमिया ब्लॉक के हौसिर पश्चिमी पंचायत के रहने वाले घमु प्रजापति (64) को मिलने वाले वृद्धावस्था पेंशन पिछले कुछ महीनों से बंद हो गया था. इस बारे में जब बुजुर्ग घमु प्रजापति ने जानकारी हासिल की तो सच्चाई जानकर उस उनके होश उड़ गए. दरअसल सरकारी दस्तावेजों में 64 साल के बुजुर्ग घमु प्रजापति को मृत घोषित कर उनका पेंशन बंद कर दिया गया था.
इसी बीच स्थानीय लोगों ने घमों प्रजापति को जानकारी दी कि गोमिया ब्लॉक के हुसीर मध्य विद्यालय में आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम लगाया जा रहा है, जिसमें पदाधिकारियों के द्वारा ग्रामीणों की समस्याओं का ऑन स्पॉट समाधान किया जाएगा, जिसके बाद 64 वर्षीय वृद्ध घमु प्रजापति भी इस शिविर में गए और उन्होंने अधिकारियों के सामने खुद को जिंदा होने का साबित सबूत देने लगे.
वहीं, इस पूरे मामले पर बोकारो जिला के गोमिया विधानसभा क्षेत्र से आजसू विधायक डॉक्टर लंबोदर महतो ने कहा कि प्रदेश में अधिकारियों और कर्मचारियों के लापरवाही के ऐसे हजारों मामले पूरे प्रदेश में मिलेंगे. यह कोई पहला मामला नहीं है , उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि जो भी ऐसी गलतियांं हुई है उन कर्मचारियों पर कार्रवाई करते हुए तत्काल गलतियों को बदलाव कर लाचार और जरूरतमंद लोगों की पेंशन चालू कर दी जाए. गोमिया विधायक डॉक्टर लंबोदर महतो ने कहा कि झारखंड विधानसभा सत्र के दौरान में भी वह इस मामले को उठाएंगे.
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बोकारो में एक बुजुर्ग शख्स ने अधिकारियों के पास पहुंचा और बोली साहब मैं जिंदा हूं और मुझे मरा बताकर मेरी वृद्धा पेंशन को रोक दिया गया है. जिसकी वजह से मैं काफी परेशान हूं. झारखंड के बोकारो जिले में एक बुजुर्ग शख्स अधिकारियों के पास वृद्धा पेंशन दिलाने की गुहार लगाने पहुंचा. इस दौरान बुजुर्ग शख्स ने कहा कि साहब मैं जिंदा हूं, मुझे मरा हुआ बताकर मेरा पेंशन क्यों रोक दिया . दरअसल, जिले के होसिर मध्य विद्यालय मैदान में पंचायत के ग्रामीणों के लिए "आप की योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम" में हॉटस्पॉट ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान अधिकारियों द्वारा किया जा रहा था . इसी बीच अचानक सरकारी कर्मचारियों की लापरवाही उसे मृत घोषित चौंसठ साल के बुजुर्ग घमु प्रजापति अधिकारियों के सामने खुद को जिंदा होने का सबूत देने लगे. जहां सरकारी बाबू की लापरवाही के शिकार हुए घमु प्रजापति अधिकारियों के सामने गिड़गिड़ाते हुए कहने लगे कि " साहब मैं तो जिंदा हूं , मुझे मरा हुआ बताकर मेरा पेंशन क्यों रोक दी. जानिए क्या है मामला? वहीं, कार्यक्रम के दौरान मौजूद अधिकारियों के सामने जैसे ही यह मामला सामने आया सभी अधिकारी हक्के बक्के रह गए. अधिकारियों ने घमु प्रजापति को आश्वासन देते हुए कहा कि आप नए सिरे से पेंशन के लिए आवेदन दे दें. आपका पेंशन चालू हो जाएगा. बुजुर्ग शख्स ने कहा कि पेंशन के चलते वह अधिकारियों के चक्कर काट-काट कर थक चुके है.इस दौरान अधिकारियों ने आश्वासन दिया जिस किसी ने भी जीवित व्यक्ति घमु प्रजापति को बिना जांच किए मृत घोषित कर पेंशन बंद कर दिया है. उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी.साथ ही मामले की जांच की जा रही है. बता दें कि, बोकारो जिला के गोमिया ब्लॉक के हौसिर पश्चिमी पंचायत के रहने वाले घमु प्रजापति को मिलने वाले वृद्धावस्था पेंशन पिछले कुछ महीनों से बंद हो गया था. इस बारे में जब बुजुर्ग घमु प्रजापति ने जानकारी हासिल की तो सच्चाई जानकर उस उनके होश उड़ गए. दरअसल सरकारी दस्तावेजों में चौंसठ साल के बुजुर्ग घमु प्रजापति को मृत घोषित कर उनका पेंशन बंद कर दिया गया था. इसी बीच स्थानीय लोगों ने घमों प्रजापति को जानकारी दी कि गोमिया ब्लॉक के हुसीर मध्य विद्यालय में आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम लगाया जा रहा है, जिसमें पदाधिकारियों के द्वारा ग्रामीणों की समस्याओं का ऑन स्पॉट समाधान किया जाएगा, जिसके बाद चौंसठ वर्षीय वृद्ध घमु प्रजापति भी इस शिविर में गए और उन्होंने अधिकारियों के सामने खुद को जिंदा होने का साबित सबूत देने लगे. वहीं, इस पूरे मामले पर बोकारो जिला के गोमिया विधानसभा क्षेत्र से आजसू विधायक डॉक्टर लंबोदर महतो ने कहा कि प्रदेश में अधिकारियों और कर्मचारियों के लापरवाही के ऐसे हजारों मामले पूरे प्रदेश में मिलेंगे. यह कोई पहला मामला नहीं है , उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि जो भी ऐसी गलतियांं हुई है उन कर्मचारियों पर कार्रवाई करते हुए तत्काल गलतियों को बदलाव कर लाचार और जरूरतमंद लोगों की पेंशन चालू कर दी जाए. गोमिया विधायक डॉक्टर लंबोदर महतो ने कहा कि झारखंड विधानसभा सत्र के दौरान में भी वह इस मामले को उठाएंगे.
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पाक्षिकस्य श्रयो मेदाः म वन्ति सर्वदर्शिनः । उत्तमोमध्यमश्रापि, जघन्थः पाश्चिकोमतः ॥ २॥ जघन्यः पाक्षिकचायं धत्त मूलगुणाष्टकम् । जहाति सर्वमिथ्यात्वं दुर्गातदुःखदायकम् ।। ३ ।। श्रद्धा घत्त जिनेन्द्रेषु सर्वदर्शिषु पाचिकः । ग्रन्थेषु तत्प्रणीतेषु निर्ग्रन्थेषु सुसाधुषु ॥ ४ ॥
अथ - श्रावक के पाक्षिक, नैश्विक और साधक ये तीन भेद हैं। इन भेदों का पहले भी उल्लेख कर आये हैं और प्रत्येक के उत्तम, मध्यम और जघन्य ये ३ भेद है। जैसे उत्तम पाक्षिक, मध्यम पाक्षिक, और जघन्य पाक्षिक आदि । अतएव ३x३८६ ये नब भेद चारित्र पालन की दृष्टि से श्रावक के सर्वदर्शी तीर्थकर भगवान ने कहे हैं।
इनमें जघन्य पाक्षिक उसे कहते हैं जो कि श्रावकों के ८ मूल गुणों-(पांच उदम्बर फलों का तथा मद्य, मांस और मधु के त्यागने को) धारण करता है तथा दुर्गति के दुःख देने वाले मिथ्यात्व को छोड़ देता है।
तथा वीतगग, सर्वज्ञ, तीर्थों में एवं उनके बताये हुए प्रथमानुयोग, करणानुयोग, चरणानुयोग और द्रव्यानुयोग रूप शास्त्रों में तथा बाह्य और अन्तरङ्ग परिग्रह रहित साधु गुरुत्रों में श्रद्धारखता है। अर्थात् जो सम्यग्दृष्टि होकर अष्ट मूल गुणों को धारण कर समस्त मिथ्यात्य विषय का त्याग करता है उसे जघन्य पाक्षिक कहते हैं ।
श्रावकों के आठ मूल गुण -
"मघमांसमघुत्यागाः सहोदुम्बरपञ्चकाः । अष्टावेतगृहस्थानामुक्ताः मूलगुणाः श्रुते ॥ १ ॥ सर्वदोषोदयोमद्यान्महामोहकृतेर्मतेः ।
सर्वेषां पातकान च पुरःसरतया स्थितं ।। २ ।।
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पाक्षिकस्य श्रयो मेदाः म वन्ति सर्वदर्शिनः । उत्तमोमध्यमश्रापि, जघन्थः पाश्चिकोमतः ॥ दो॥ जघन्यः पाक्षिकचायं धत्त मूलगुणाष्टकम् । जहाति सर्वमिथ्यात्वं दुर्गातदुःखदायकम् ।। तीन ।। श्रद्धा घत्त जिनेन्द्रेषु सर्वदर्शिषु पाचिकः । ग्रन्थेषु तत्प्रणीतेषु निर्ग्रन्थेषु सुसाधुषु ॥ चार ॥ अथ - श्रावक के पाक्षिक, नैश्विक और साधक ये तीन भेद हैं। इन भेदों का पहले भी उल्लेख कर आये हैं और प्रत्येक के उत्तम, मध्यम और जघन्य ये तीन भेद है। जैसे उत्तम पाक्षिक, मध्यम पाक्षिक, और जघन्य पाक्षिक आदि । अतएव तीनxतीन सौ छियासी ये नब भेद चारित्र पालन की दृष्टि से श्रावक के सर्वदर्शी तीर्थकर भगवान ने कहे हैं। इनमें जघन्य पाक्षिक उसे कहते हैं जो कि श्रावकों के आठ मूल गुणों- धारण करता है तथा दुर्गति के दुःख देने वाले मिथ्यात्व को छोड़ देता है। तथा वीतगग, सर्वज्ञ, तीर्थों में एवं उनके बताये हुए प्रथमानुयोग, करणानुयोग, चरणानुयोग और द्रव्यानुयोग रूप शास्त्रों में तथा बाह्य और अन्तरङ्ग परिग्रह रहित साधु गुरुत्रों में श्रद्धारखता है। अर्थात् जो सम्यग्दृष्टि होकर अष्ट मूल गुणों को धारण कर समस्त मिथ्यात्य विषय का त्याग करता है उसे जघन्य पाक्षिक कहते हैं । श्रावकों के आठ मूल गुण - "मघमांसमघुत्यागाः सहोदुम्बरपञ्चकाः । अष्टावेतगृहस्थानामुक्ताः मूलगुणाः श्रुते ॥ एक ॥ सर्वदोषोदयोमद्यान्महामोहकृतेर्मतेः । सर्वेषां पातकान च पुरःसरतया स्थितं ।। दो ।।
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नीति आयोग ने द्वारा जारी की गई सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (एसडीजी) इंडिया इंडेक्स 2020-21 की रैंकिंग में चंडीगढ़ को सभी केंद्र शासित प्रदेशों में पहला स्थान मिला है। वहीं राज्यों में केरल पहले स्थान पर रहा है। चंडीगढ़ को इस इंडेक्स में 79 अंक अंक मिले हैं।
चंडीगढ़, जेएनएन। SDG India Index 2020-21: नीति आयोग ने द्वारा जारी की गई सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (एसडीजी) इंडिया इंडेक्स 2020-21 की रैंकिंग में चंडीगढ़ को सभी केंद्र शासित प्रदेशों में पहला स्थान मिला है। वहीं राज्यों में केरल पहले स्थान पर रहा है।
चंडीगढ़ को इस इंडेक्स में 79 अंक अंक मिले, जबकि दिल्ली 68 अंकों के साथ दूसरे नंबर पर रहा। राज्यों और यूटी को डेवलपमेंट के लिए विभिन्न पैमानों पर परखा गया। इंडेक्स के कुल 17 गोल में से छह ऐसे रहे जिसमें चंडीगढ़ पहले नंबर पर रहा। राज्यों और यूटी की कॉमन कैटेगरी में भी इन गोल में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन रहा।
जमीन पर जिंदगी गोल में चंडीगढ़ ने हर प्राणी के संरक्षण के लिए काम किया। ईको सिस्टम को बेहतर करने के लिए फॉरेस्ट कवर बढ़ाया। ग्रीन कवर एरिया भी बढ़ा है। चंडीगढ़ इकलौता ऐसा शहर है जिसके कुल भौगोलिक एरिया का 47 फीसद ग्रीन कवर है। बायोडायवर्सिटी के लिए अच्छी प्रजाति के पौधे लगाए जा रहे हैं। हर साल तीन लाख से अधिक नए पौधे लगाए जाते हैं। ग्रीनरी के लिए ग्रीन चंडीगढ़ एक्शन प्लान तैयार होता है। वाइल्ड लाइफ संरक्षण के लिए हॉस्पिटल तक बनाया जा रहा है।
चंडीगढ़ स्वास्थ्य के साथ शिक्षा का हब भी बना है। यहां का एजुकेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर कई राज्यों के स्टूडेंट्स को आकर्षित करता है। सभी सेक्टरों में स्कूल, मॉडल स्कूल बिल्डिंग, स्मार्ट क्लासरूम जैसी सुविधा है। हायर एजुकेशन के लिए पसंदीदा स्थल और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चंडीगढ़ की भागीदारी इसे देश में अव्वल बनाती है। भूख को खत्म करने के गोल में भी पहला स्थान रहा।
अफोर्डेबल एंड क्लीन एनर्जी गोल में तो चंडीगढ़ का काम केंंद्र सरकार पहले भी सराहती रही है। सीमित जमीन होने के बाद केवल रूफटॉप सोलर पावर प्लांट से 35 मेगावॉट इलेक्ट्रिसिटी जेनरेट हो रही है। सोलर प्रोजेक्ट के लिए आवेदन से इंस्पेक्शन इंस्टॉलेशन की ऑनलाइन प्रक्रिया है। जो लोग खुद पैसे खर्च कर प्रोजेक्ट नहीं लगा सकते उनके लिए रेस्को मॉडल और बैंक से फाइनेंस के जरिए प्रोजेक्ट लगाने की सुविधा मिलती है। 500 वर्ग गज या अधिक के मकानों पर सोलर प्रोजेक्ट अनिवार्य किया गया है। अब सेक्टर-42 लेक और कई स्थानों पर सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट इलेक्ट्रिक कारों की चार्जिंग के लिए लगाए जा रहे हैं।
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नीति आयोग ने द्वारा जारी की गई सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स इंडिया इंडेक्स दो हज़ार बीस-इक्कीस की रैंकिंग में चंडीगढ़ को सभी केंद्र शासित प्रदेशों में पहला स्थान मिला है। वहीं राज्यों में केरल पहले स्थान पर रहा है। चंडीगढ़ को इस इंडेक्स में उन्यासी अंक अंक मिले हैं। चंडीगढ़, जेएनएन। SDG India Index दो हज़ार बीस-इक्कीस: नीति आयोग ने द्वारा जारी की गई सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स इंडिया इंडेक्स दो हज़ार बीस-इक्कीस की रैंकिंग में चंडीगढ़ को सभी केंद्र शासित प्रदेशों में पहला स्थान मिला है। वहीं राज्यों में केरल पहले स्थान पर रहा है। चंडीगढ़ को इस इंडेक्स में उन्यासी अंक अंक मिले, जबकि दिल्ली अड़सठ अंकों के साथ दूसरे नंबर पर रहा। राज्यों और यूटी को डेवलपमेंट के लिए विभिन्न पैमानों पर परखा गया। इंडेक्स के कुल सत्रह गोल में से छह ऐसे रहे जिसमें चंडीगढ़ पहले नंबर पर रहा। राज्यों और यूटी की कॉमन कैटेगरी में भी इन गोल में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन रहा। जमीन पर जिंदगी गोल में चंडीगढ़ ने हर प्राणी के संरक्षण के लिए काम किया। ईको सिस्टम को बेहतर करने के लिए फॉरेस्ट कवर बढ़ाया। ग्रीन कवर एरिया भी बढ़ा है। चंडीगढ़ इकलौता ऐसा शहर है जिसके कुल भौगोलिक एरिया का सैंतालीस फीसद ग्रीन कवर है। बायोडायवर्सिटी के लिए अच्छी प्रजाति के पौधे लगाए जा रहे हैं। हर साल तीन लाख से अधिक नए पौधे लगाए जाते हैं। ग्रीनरी के लिए ग्रीन चंडीगढ़ एक्शन प्लान तैयार होता है। वाइल्ड लाइफ संरक्षण के लिए हॉस्पिटल तक बनाया जा रहा है। चंडीगढ़ स्वास्थ्य के साथ शिक्षा का हब भी बना है। यहां का एजुकेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर कई राज्यों के स्टूडेंट्स को आकर्षित करता है। सभी सेक्टरों में स्कूल, मॉडल स्कूल बिल्डिंग, स्मार्ट क्लासरूम जैसी सुविधा है। हायर एजुकेशन के लिए पसंदीदा स्थल और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चंडीगढ़ की भागीदारी इसे देश में अव्वल बनाती है। भूख को खत्म करने के गोल में भी पहला स्थान रहा। अफोर्डेबल एंड क्लीन एनर्जी गोल में तो चंडीगढ़ का काम केंंद्र सरकार पहले भी सराहती रही है। सीमित जमीन होने के बाद केवल रूफटॉप सोलर पावर प्लांट से पैंतीस मेगावॉट इलेक्ट्रिसिटी जेनरेट हो रही है। सोलर प्रोजेक्ट के लिए आवेदन से इंस्पेक्शन इंस्टॉलेशन की ऑनलाइन प्रक्रिया है। जो लोग खुद पैसे खर्च कर प्रोजेक्ट नहीं लगा सकते उनके लिए रेस्को मॉडल और बैंक से फाइनेंस के जरिए प्रोजेक्ट लगाने की सुविधा मिलती है। पाँच सौ वर्ग गज या अधिक के मकानों पर सोलर प्रोजेक्ट अनिवार्य किया गया है। अब सेक्टर-बयालीस लेक और कई स्थानों पर सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट इलेक्ट्रिक कारों की चार्जिंग के लिए लगाए जा रहे हैं।
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मन को वश करने के उपाय : हनुमान प्रसाद पोद्दार । Man Ko Vash Karne Ke Upay : Hanuman Prasad Poddar के बारे में अधिक जानकारी :
साधारणतः चार यार मन्त्र जप कर पूरक, सौलह वारके जपसे कुम्भक और आठ बारके जपते रेयककी विधि है। परन्तु इस सम्बन्धमें उपयुक्त सद्गुरुकी आज्ञा बिना कोई कार्य नहीं करना चाहिये । योगाभ्यासमें देखादेखी करने से उल्टा फल हो सकता है। 'ईवा देरी सारी योग । ची काया बाई रोग। ' पर यह सारण है कि प्राप्ायाम मनको रोकनेका एक बहुत ही उत्तम साधन है।
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मन को वश करने के उपाय : हनुमान प्रसाद पोद्दार । Man Ko Vash Karne Ke Upay : Hanuman Prasad Poddar के बारे में अधिक जानकारी : साधारणतः चार यार मन्त्र जप कर पूरक, सौलह वारके जपसे कुम्भक और आठ बारके जपते रेयककी विधि है। परन्तु इस सम्बन्धमें उपयुक्त सद्गुरुकी आज्ञा बिना कोई कार्य नहीं करना चाहिये । योगाभ्यासमें देखादेखी करने से उल्टा फल हो सकता है। 'ईवा देरी सारी योग । ची काया बाई रोग। ' पर यह सारण है कि प्राप्ायाम मनको रोकनेका एक बहुत ही उत्तम साधन है।
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स्टाफ रिपोर्टर, एएनएम न्यूजः बॉलीवुड एक्टर शाहिद कपूर अपनी पर्सनल लाइफ के साथ-साथ फिल्मों को लेकर भी काफी चर्चा में बने रहते हैं। शाहिद कपूर की इन दिनों अपनी सीरीज 'फर्जी' को लेकर सुर्खियों में छाए हुए है। शाहिद कपूर इस फिल्म के साथ ओटीटी की दुनिया में कदम रखने जा रहे है। यानी 'फर्जी' शाहिद कपूर की पहली ओटीटी सीरीज होने वाली है। इसी बीच अब 'फर्जी' से जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है। जिसे जानने के बाद शाहिद कपूर के फैंस खुश हो जाएंगे। शाहिद कपूर की इस सीरीज का टीजर सामने आ गया है। तो चलिए देखते है कैसा है फिल्म का टीजर।
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स्टाफ रिपोर्टर, एएनएम न्यूजः बॉलीवुड एक्टर शाहिद कपूर अपनी पर्सनल लाइफ के साथ-साथ फिल्मों को लेकर भी काफी चर्चा में बने रहते हैं। शाहिद कपूर की इन दिनों अपनी सीरीज 'फर्जी' को लेकर सुर्खियों में छाए हुए है। शाहिद कपूर इस फिल्म के साथ ओटीटी की दुनिया में कदम रखने जा रहे है। यानी 'फर्जी' शाहिद कपूर की पहली ओटीटी सीरीज होने वाली है। इसी बीच अब 'फर्जी' से जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है। जिसे जानने के बाद शाहिद कपूर के फैंस खुश हो जाएंगे। शाहिद कपूर की इस सीरीज का टीजर सामने आ गया है। तो चलिए देखते है कैसा है फिल्म का टीजर।
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नई दिल्ली. दिवाली (Diwali) और छठ पूजा (Chhath Puja) पर काफी लोग अपने घर जाते हैं. इसी वजह से इस समय रेल में कन्फर्म टिकट (Rail Confirm Ticket) मिलना मुश्किल हो जाता है. लेकिन भारतीय रेलवे (Indian Railway) यात्रियों को अच्छी बेहतरीन सुविधा देने की पूरी कोशिश कर रही है. रेलवे ने फेस्टिव सीजन के लिए स्पेशल ट्रेनों को चलाना शुरू किया है, मगर इसके लिए यात्रियों को ज्यादा पैसे चुकाने होंगे. रेलवे ने इन ट्रेनों में अधिकांश ट्रेनें सुविधा स्पेशल चलाई है. इन ट्रेनों में डायनामिक फेयर लागू होगा. यानी जितनी कम सीटें बचेंगी, उतना किराया बढ़ता चला जाएगा.
रेलवे ने बीते दिनों कई फेस्टिव स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की है. इनमें से कई रूटों इन ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है. दीपावली के आसपास ट्रेनों की संख्या बढ़ जाएगी. रेलवे ने दिल्ली, आनंद विहार से अधिकांश ट्रेनें इलाहाबाद, बिहार और वाराणसी की ओर चलाई हैं. रेलवे ने 34 ट्रेनों की घोषणा की थी, इनमें से 12 ट्रेन सुविधा स्पेशल हैं. यानी इनमें डायनामिक फेयर लागू रहेगा.
घोषणा होते ही इन ट्रेनों में बुकिंग के लिए मारामारी शुरू हो गई थी. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि शुरूआती दौर में इन सुविधा स्पेशल ट्रेनों में सीटें सस्ती रहती हैं, लेकिन जैसे-जैसे ट्रेनें कम होने लगती हैं वैसे ही इनके किराए में बढ़ोतरी शुरू हो जाती है. अंतिम समय में कंफर्म सीटें पाने वाले यात्रियों को तीन गुना से पांच गुना तक किराया भी चुकाना पड़ रहा है. सुविधा स्पेशल ट्रेनों से रेलवे को त्योहारों पर बंपर कमाई होगी.
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नई दिल्ली. दिवाली और छठ पूजा पर काफी लोग अपने घर जाते हैं. इसी वजह से इस समय रेल में कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है. लेकिन भारतीय रेलवे यात्रियों को अच्छी बेहतरीन सुविधा देने की पूरी कोशिश कर रही है. रेलवे ने फेस्टिव सीजन के लिए स्पेशल ट्रेनों को चलाना शुरू किया है, मगर इसके लिए यात्रियों को ज्यादा पैसे चुकाने होंगे. रेलवे ने इन ट्रेनों में अधिकांश ट्रेनें सुविधा स्पेशल चलाई है. इन ट्रेनों में डायनामिक फेयर लागू होगा. यानी जितनी कम सीटें बचेंगी, उतना किराया बढ़ता चला जाएगा. रेलवे ने बीते दिनों कई फेस्टिव स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की है. इनमें से कई रूटों इन ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है. दीपावली के आसपास ट्रेनों की संख्या बढ़ जाएगी. रेलवे ने दिल्ली, आनंद विहार से अधिकांश ट्रेनें इलाहाबाद, बिहार और वाराणसी की ओर चलाई हैं. रेलवे ने चौंतीस ट्रेनों की घोषणा की थी, इनमें से बारह ट्रेन सुविधा स्पेशल हैं. यानी इनमें डायनामिक फेयर लागू रहेगा. घोषणा होते ही इन ट्रेनों में बुकिंग के लिए मारामारी शुरू हो गई थी. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि शुरूआती दौर में इन सुविधा स्पेशल ट्रेनों में सीटें सस्ती रहती हैं, लेकिन जैसे-जैसे ट्रेनें कम होने लगती हैं वैसे ही इनके किराए में बढ़ोतरी शुरू हो जाती है. अंतिम समय में कंफर्म सीटें पाने वाले यात्रियों को तीन गुना से पांच गुना तक किराया भी चुकाना पड़ रहा है. सुविधा स्पेशल ट्रेनों से रेलवे को त्योहारों पर बंपर कमाई होगी. .
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भोपाल। आयकर विभाग की छानबीन के दौरान पता चला है कि नयनतारा ज्वेलर्स के नाम पर डंडाबैंक चल रहा था। लोगों को ब्याज पर पैसा दिया जाता था। इनमें एक पूर्व जज सहित 18 लोगों ने इंवेस्ट कर रखा है। अब तक 3 करोड़ रुपए की डीटेल्स हाथ लग चुकीं हैं। विभाग ने सराफा कारोबारी श्याम मंगल से पूछताछ कर उसका लिखित बयान दर्ज कर लिया है। आयकर विभाग अब पैसा लगाने वाले सभी लोगों को पूछताछ के लिए तलब करेगी।
ज्वेलर्स के दस्तावेजों में जिन लोगों के नाम मिले हैं उनमें अभय कुमार एवं उनकी पत्नी, के सुभाष, सत्यजीत मेहरा, विनीत मेहरा, श्रीकांत मालवीय, डीके सक्सेना एवं हिमांशु अग्रवाल हैं। इन लोगों ने ब्याज के पाने के लिए नयनतारा में लाखों रुपए लगाए थे।
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भोपाल। आयकर विभाग की छानबीन के दौरान पता चला है कि नयनतारा ज्वेलर्स के नाम पर डंडाबैंक चल रहा था। लोगों को ब्याज पर पैसा दिया जाता था। इनमें एक पूर्व जज सहित अट्ठारह लोगों ने इंवेस्ट कर रखा है। अब तक तीन करोड़ रुपए की डीटेल्स हाथ लग चुकीं हैं। विभाग ने सराफा कारोबारी श्याम मंगल से पूछताछ कर उसका लिखित बयान दर्ज कर लिया है। आयकर विभाग अब पैसा लगाने वाले सभी लोगों को पूछताछ के लिए तलब करेगी। ज्वेलर्स के दस्तावेजों में जिन लोगों के नाम मिले हैं उनमें अभय कुमार एवं उनकी पत्नी, के सुभाष, सत्यजीत मेहरा, विनीत मेहरा, श्रीकांत मालवीय, डीके सक्सेना एवं हिमांशु अग्रवाल हैं। इन लोगों ने ब्याज के पाने के लिए नयनतारा में लाखों रुपए लगाए थे।
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सत्यपाल राजपूत, रायपुर। छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग नौनिहालों की भविष्य गढ़ने की बात कहता है, उन्हें चांद तक पहुंचाने की लाखे दावे करता है, लेकिन जमीनी हकीकत तलाशने अगर आप निकलेंगे, तो सारे दावे और खोखले वादे धूल चाटते दिखते हैं. कुछ ऐसा ही हाल है छत्तीसगढ़ के RTE के छात्रों का, जिनको सरकारी सुविधाएं नहीं मिल पा रही है. गरीब बच्चों को खुद से ड्रेस और कॉपी-किताब खरीदना पड़ रहा है. निजी स्कूल पैसे की लालच में एडमिशन नहीं दे रहे हैं. ऐसे में नौनिहालों का कैसे भविष्य गढ़ा जाएगा ? .
छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग हाईकोर्ट के आदेश का भी पालन कराने में नाकाम है. शिक्षा के अधिकार के तहत बच्चों को सीट एलाट है. बावजूद निजी स्कूल प्रवेश नहीं दे रहे हैं. निजी स्कूलों की मनमानी के सामने शिक्षा विभाग मौन क्यों. कक्षा 1-5 वीं तक के लिए सरकार 7 हज़ार रुपया देती है. कक्षा 8-11 वीं तक 11 हज़ार रुपया और कक्षा 9-12 वीं तक लिए 15 हज़ार रुपये निर्धारित है. बावजूद इसके एडमिशन नहीं मिल पा रहा है.
शिक्षा का अधिकार कानून निःशुल्क शिक्षा की बात करता है और प्रदेश के लगभग 4 हजार प्राइवेट विद्यालयों में लगभग 4 लाख गरीब बच्चें आरटीई के अंतर्गत पढ़ रहे हैं. उनके अभिभावकों को अपने बच्चों को इस कानून के अंतर्गत पढ़ाने के लिए प्रतिवर्ष 8 से 10 हजार खर्च करना पड़ रहा है.
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर ने भी दो बार सरकार को यह आदेश दे चुका है कि प्राइवेट विद्यालयों में आरटीई के अंतर्गत प्रवेशित गरीब बच्चों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तक, गणवेश एंव लेखन सामग्री उपलब्ध कराने की समुचित व्यवस्था किया जाए, लेकिन सरकार इस कानून और कोर्ट के आदेशों को सिर्फ कागजों तक सीमित कर रखना चाहती है.
वो इसलिए की ज्यादात्तर प्राइवेट स्कूलों में तो आरटीई के गरीब बच्चों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तक, गणवेश एंव लेखन सामग्री उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है. छत्तीसगढ़ पैरेंटस एसोसिएशन के संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय से यह मांग की गई है कि आरटीई के अंतर्गत प्राइवेट स्कलों में प्रवेशित गरीब बच्चों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तक, गणवेश एंव लेखन सामग्री उपलब्ध कराया जाए.
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल का कहना है कि आरटीई के अंतर्गत प्रवेशित गरीब बच्चों को प्राइवेट स्कूलों के द्वारा निःशुल्क पाठ्य पुस्तक, गणवेश एंव लेखन सामग्री उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है. अभिभावक स्वयं 8 से 10 हजार खर्च कर अपने बच्चों के लिए पाठ्य पुस्तक, गणवेश एंव लेखन सामग्री खरीद रहे हैं, जो माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की अवमानना है.
पॉल ने बताया कि डीपीआई और अन्य उच्च अधिकारियों को इस संबंध में पूर्व में दो बार लिखित जानकारी दी जा चुकी थी, लेकिन उनके द्वारा आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. इस वर्ष भी आरटीई के गरीब बच्चों के अभिभावक अपने बच्चों के लिए पाठ्य पुस्तक, गणवेश एंव लेखन सामग्री खरीद रहे हैं, जिसके लिए डीपीआई और डीईओ पूर्णतः जिम्मेदार है.
प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने बताया कि कक्षा 1-5 वीं तक के लिए सरकार 7 हज़ार रुपया देती है और कक्षा 8-11 वीं तक 11 हज़ार रुपया और कक्षा 9-12 वीं तक लिए 15 हज़ार रुपये निर्धारित है. साथ में कॉपी किताब ड्रेस के लिए 650 रुपया अलग से दिया जाता है.
लोक शिक्षण संचालनालय के अध्यक्ष सुनील जैन ने कहा कि जो स्कूल गड़बड़ी कर रहे हैं. उन पर कार्रवाई की जाएगी, निरीक्षण के लिए आदेश दे दिया गया है.
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सत्यपाल राजपूत, रायपुर। छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग नौनिहालों की भविष्य गढ़ने की बात कहता है, उन्हें चांद तक पहुंचाने की लाखे दावे करता है, लेकिन जमीनी हकीकत तलाशने अगर आप निकलेंगे, तो सारे दावे और खोखले वादे धूल चाटते दिखते हैं. कुछ ऐसा ही हाल है छत्तीसगढ़ के RTE के छात्रों का, जिनको सरकारी सुविधाएं नहीं मिल पा रही है. गरीब बच्चों को खुद से ड्रेस और कॉपी-किताब खरीदना पड़ रहा है. निजी स्कूल पैसे की लालच में एडमिशन नहीं दे रहे हैं. ऐसे में नौनिहालों का कैसे भविष्य गढ़ा जाएगा ? . छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग हाईकोर्ट के आदेश का भी पालन कराने में नाकाम है. शिक्षा के अधिकार के तहत बच्चों को सीट एलाट है. बावजूद निजी स्कूल प्रवेश नहीं दे रहे हैं. निजी स्कूलों की मनमानी के सामने शिक्षा विभाग मौन क्यों. कक्षा एक-पाँच वीं तक के लिए सरकार सात हज़ार रुपया देती है. कक्षा आठ-ग्यारह वीं तक ग्यारह हज़ार रुपया और कक्षा नौ-बारह वीं तक लिए पंद्रह हज़ार रुपये निर्धारित है. बावजूद इसके एडमिशन नहीं मिल पा रहा है. शिक्षा का अधिकार कानून निःशुल्क शिक्षा की बात करता है और प्रदेश के लगभग चार हजार प्राइवेट विद्यालयों में लगभग चार लाख गरीब बच्चें आरटीई के अंतर्गत पढ़ रहे हैं. उनके अभिभावकों को अपने बच्चों को इस कानून के अंतर्गत पढ़ाने के लिए प्रतिवर्ष आठ से दस हजार खर्च करना पड़ रहा है. छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर ने भी दो बार सरकार को यह आदेश दे चुका है कि प्राइवेट विद्यालयों में आरटीई के अंतर्गत प्रवेशित गरीब बच्चों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तक, गणवेश एंव लेखन सामग्री उपलब्ध कराने की समुचित व्यवस्था किया जाए, लेकिन सरकार इस कानून और कोर्ट के आदेशों को सिर्फ कागजों तक सीमित कर रखना चाहती है. वो इसलिए की ज्यादात्तर प्राइवेट स्कूलों में तो आरटीई के गरीब बच्चों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तक, गणवेश एंव लेखन सामग्री उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है. छत्तीसगढ़ पैरेंटस एसोसिएशन के संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय से यह मांग की गई है कि आरटीई के अंतर्गत प्राइवेट स्कलों में प्रवेशित गरीब बच्चों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तक, गणवेश एंव लेखन सामग्री उपलब्ध कराया जाए. एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल का कहना है कि आरटीई के अंतर्गत प्रवेशित गरीब बच्चों को प्राइवेट स्कूलों के द्वारा निःशुल्क पाठ्य पुस्तक, गणवेश एंव लेखन सामग्री उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है. अभिभावक स्वयं आठ से दस हजार खर्च कर अपने बच्चों के लिए पाठ्य पुस्तक, गणवेश एंव लेखन सामग्री खरीद रहे हैं, जो माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की अवमानना है. पॉल ने बताया कि डीपीआई और अन्य उच्च अधिकारियों को इस संबंध में पूर्व में दो बार लिखित जानकारी दी जा चुकी थी, लेकिन उनके द्वारा आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. इस वर्ष भी आरटीई के गरीब बच्चों के अभिभावक अपने बच्चों के लिए पाठ्य पुस्तक, गणवेश एंव लेखन सामग्री खरीद रहे हैं, जिसके लिए डीपीआई और डीईओ पूर्णतः जिम्मेदार है. प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने बताया कि कक्षा एक-पाँच वीं तक के लिए सरकार सात हज़ार रुपया देती है और कक्षा आठ-ग्यारह वीं तक ग्यारह हज़ार रुपया और कक्षा नौ-बारह वीं तक लिए पंद्रह हज़ार रुपये निर्धारित है. साथ में कॉपी किताब ड्रेस के लिए छः सौ पचास रुपयापया अलग से दिया जाता है. लोक शिक्षण संचालनालय के अध्यक्ष सुनील जैन ने कहा कि जो स्कूल गड़बड़ी कर रहे हैं. उन पर कार्रवाई की जाएगी, निरीक्षण के लिए आदेश दे दिया गया है.
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वर्तमान में राममंदिर निर्माण की गतिविधियां तेज हैं। ऐसे में सुरक्षा तंत्र बेहद चौकन्ना है। एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों अभियुक्तों से पूछताछ के बाद यह आशंका है कि यहां पीएफआइ के और भी सदस्य हैं इसकी पड़ताल आवश्यक है।
अयोध्या, [रविप्रकाश श्रीवास्तव]। रामनगरी में पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआइ) की जड़ें काफी गहरी हैं। पीएफआइ के दो सदस्यों के पकड़े जाने के बाद यहां इस प्रतिबंधित संगठन के तार तलाशने में तेज आ गई है। गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने रामनगरी में पीएफआइ के और भी सदस्य होने की आशंका व्यक्त की है। इसकी पड़ताल के लिए गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों से पुलिस और भी जानकारी प्राप्त करने का प्रयास कर रही है।
पीएफआइ का उद्देश्य अयोध्या, काशी और मथुरा में अशांति फैलाना है। गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ में इस षड़यंत्र के सामने आने के बाद अयोध्या पुलिस आगामी पर्वों एवं दीपोत्सव को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है। गत दो अक्टूबर को शहर के पुरानी सब्जी मंडी से पीएफआइ के सक्रिय सदस्य मो. जैद को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इससे पहले 29 सितंबर को बीकापुर के कुढ़ा गांव से पीएफआइ सदस्य अरकम को गिरफ्तार किया गया था। दोनों एक-दूसरे से जुड़े थे। रामनगरी के प्रति सुरक्षा एजेंसियों की चिंता स्वाभाविक है।
यह नगरी पूर्व से ही आतंकियों के निशाने पर रही है। पांच जुलाई 2005 में रामजन्मभूमि परिसर पर आतंकी हमला रहा हो या फिर इसके बाद हुआ कचहरी ब्लास्ट है। शहर के खवासपुरा से आइएसआइ एजेंट आफताब की गिरफ्तारी भी रामनगरी को लेकर आतंकियों की साजिश का प्रत्यक्ष उदाहरण रहा है। वर्तमान में राममंदिर निर्माण की गतिविधियां तेज हैं। ऐसे में सुरक्षा तंत्र बेहद चौकन्ना है। एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों अभियुक्तों से पूछताछ के बाद यह आशंका है कि यहां पीएफआइ के और भी सदस्य हैं, इसकी पड़ताल आवश्यक है।
पीएफआइ के एजेंडे में आरएसएस में घुसपैठ सहित बहुत कुछः पीएफआइ के एजेंडे में रामनगरी में बाबरी मस्जिद के पुनः निर्माण, आरएसएस में घुसपैठ सहित देश विरोधी बहुत सी साजिशें शामिल हैं। अरकम एवं जैद की गिरफ्तारी के बाद यह सच्चाई उजागर हुई है। जैद ने बताया था कि पीएफआइ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भी षड़यंत्र रच रहा था। दोनों नेताओं का दुष्प्रचार कर यह संगठन मुस्लिमों को उनके प्रति भड़का रहा है। ताकि भारत की अखंडता को नुकसान पहुंचाया जा सके। इसके लिए जैद शहर से लेकर गांव तक मुस्लिमों के बीच पर्चे भी बांट रहा था।
इस सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर मेट्रो से जुड़ी सभी जानकारियों को साझा किया जाता है। उन्होंने बताया कि स्टेशनों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा स्टेशनों पर एनाउंसमेंट किया जा रहा है कि उन्हें स्टेशनों पर क्या करना है और क्या नहीं करना है।
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वर्तमान में राममंदिर निर्माण की गतिविधियां तेज हैं। ऐसे में सुरक्षा तंत्र बेहद चौकन्ना है। एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों अभियुक्तों से पूछताछ के बाद यह आशंका है कि यहां पीएफआइ के और भी सदस्य हैं इसकी पड़ताल आवश्यक है। अयोध्या, [रविप्रकाश श्रीवास्तव]। रामनगरी में पापुलर फ्रंट आफ इंडिया की जड़ें काफी गहरी हैं। पीएफआइ के दो सदस्यों के पकड़े जाने के बाद यहां इस प्रतिबंधित संगठन के तार तलाशने में तेज आ गई है। गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने रामनगरी में पीएफआइ के और भी सदस्य होने की आशंका व्यक्त की है। इसकी पड़ताल के लिए गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों से पुलिस और भी जानकारी प्राप्त करने का प्रयास कर रही है। पीएफआइ का उद्देश्य अयोध्या, काशी और मथुरा में अशांति फैलाना है। गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ में इस षड़यंत्र के सामने आने के बाद अयोध्या पुलिस आगामी पर्वों एवं दीपोत्सव को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है। गत दो अक्टूबर को शहर के पुरानी सब्जी मंडी से पीएफआइ के सक्रिय सदस्य मो. जैद को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इससे पहले उनतीस सितंबर को बीकापुर के कुढ़ा गांव से पीएफआइ सदस्य अरकम को गिरफ्तार किया गया था। दोनों एक-दूसरे से जुड़े थे। रामनगरी के प्रति सुरक्षा एजेंसियों की चिंता स्वाभाविक है। यह नगरी पूर्व से ही आतंकियों के निशाने पर रही है। पांच जुलाई दो हज़ार पाँच में रामजन्मभूमि परिसर पर आतंकी हमला रहा हो या फिर इसके बाद हुआ कचहरी ब्लास्ट है। शहर के खवासपुरा से आइएसआइ एजेंट आफताब की गिरफ्तारी भी रामनगरी को लेकर आतंकियों की साजिश का प्रत्यक्ष उदाहरण रहा है। वर्तमान में राममंदिर निर्माण की गतिविधियां तेज हैं। ऐसे में सुरक्षा तंत्र बेहद चौकन्ना है। एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों अभियुक्तों से पूछताछ के बाद यह आशंका है कि यहां पीएफआइ के और भी सदस्य हैं, इसकी पड़ताल आवश्यक है। पीएफआइ के एजेंडे में आरएसएस में घुसपैठ सहित बहुत कुछः पीएफआइ के एजेंडे में रामनगरी में बाबरी मस्जिद के पुनः निर्माण, आरएसएस में घुसपैठ सहित देश विरोधी बहुत सी साजिशें शामिल हैं। अरकम एवं जैद की गिरफ्तारी के बाद यह सच्चाई उजागर हुई है। जैद ने बताया था कि पीएफआइ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भी षड़यंत्र रच रहा था। दोनों नेताओं का दुष्प्रचार कर यह संगठन मुस्लिमों को उनके प्रति भड़का रहा है। ताकि भारत की अखंडता को नुकसान पहुंचाया जा सके। इसके लिए जैद शहर से लेकर गांव तक मुस्लिमों के बीच पर्चे भी बांट रहा था। इस सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर मेट्रो से जुड़ी सभी जानकारियों को साझा किया जाता है। उन्होंने बताया कि स्टेशनों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा स्टेशनों पर एनाउंसमेंट किया जा रहा है कि उन्हें स्टेशनों पर क्या करना है और क्या नहीं करना है।
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India vs Australia T20 Series: टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन T20 मैचों की सीरीज का आज कैनबरा में आगाज करेगी. स्थानीय समयानुसार शाम को 7 बजे के करीब (दोपहर 1.10 पर भारतीय समयानुसार) यह मैच शुरू होगा. इससे पहले टीम इंडिया के कुछ खिलाड़ियों ने आज दिन कॉफी का लुत्फ उठाया. ऑलराउंडर क्रिकेटर हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) कॉफी टेबल पर बैठे खिलाड़ियों के साथ अपनी एक तस्वीर साझा की है.
बता दें ऑस्ट्रेलिया के कुछ राज्यों में कोविड- 19 की स्थिति बिल्कुल काबू में है. इसलिए यहां पहुंचे विदेशी नागरिक अगर अपने पहले 14 दिन क्वॉरंटीन में बिताने के बाद कोविड-19 जांच में नेगेटिव आते हैं तो फिर वह शहर में घूम सकते हैं. टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने भी अपना यह क्वॉरंटीन पीरियड निकाल लिया है और उन्होंने 27 नवंबर से 2 दिसंबर तक यहां 3 वनडे मैचों की सीरीज भी खेल ली है.
भारतीय टीम इस वनडे सीरीज में 1-2 से हार गई. लेकिन वह इस हार का बदला टी20 सीरीज में कंगारुओं को हराकर जरूर लेना चाहेगी. इससे पहले खिलाड़ी को खुद को चिल करने के लिए कैनबरा के इस कैफे में पहुंचे. यहां तस्वीर में सबसे आगे हार्दिक पांड्या दिख रहे हैं. उनके बाद विराट कोहली फिर केएल राहुल (KL Rahul) और अपनी पत्नी के साथ बैठे मयंक अग्रवाल (Mayank Agarwal) भी नजर आ रहे हैं.
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India vs Australia Tबीस Series: टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन Tबीस मैचों की सीरीज का आज कैनबरा में आगाज करेगी. स्थानीय समयानुसार शाम को सात बजे के करीब यह मैच शुरू होगा. इससे पहले टीम इंडिया के कुछ खिलाड़ियों ने आज दिन कॉफी का लुत्फ उठाया. ऑलराउंडर क्रिकेटर हार्दिक पांड्या कॉफी टेबल पर बैठे खिलाड़ियों के साथ अपनी एक तस्वीर साझा की है. बता दें ऑस्ट्रेलिया के कुछ राज्यों में कोविड- उन्नीस की स्थिति बिल्कुल काबू में है. इसलिए यहां पहुंचे विदेशी नागरिक अगर अपने पहले चौदह दिन क्वॉरंटीन में बिताने के बाद कोविड-उन्नीस जांच में नेगेटिव आते हैं तो फिर वह शहर में घूम सकते हैं. टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने भी अपना यह क्वॉरंटीन पीरियड निकाल लिया है और उन्होंने सत्ताईस नवंबर से दो दिसंबर तक यहां तीन वनडे मैचों की सीरीज भी खेल ली है. भारतीय टीम इस वनडे सीरीज में एक-दो से हार गई. लेकिन वह इस हार का बदला टीबीस सीरीज में कंगारुओं को हराकर जरूर लेना चाहेगी. इससे पहले खिलाड़ी को खुद को चिल करने के लिए कैनबरा के इस कैफे में पहुंचे. यहां तस्वीर में सबसे आगे हार्दिक पांड्या दिख रहे हैं. उनके बाद विराट कोहली फिर केएल राहुल और अपनी पत्नी के साथ बैठे मयंक अग्रवाल भी नजर आ रहे हैं.
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सुंदर पटपीत विसद, भ्राजत वनमाल उरसि, तुलसिका-प्रसून- रचित, विविध विधि बनाई । तरु तमाल अधबिच जनु त्रिविध कीरपाँति रुचिर, हेमजाल अंतर परि तातें न उड़ाई ॥ ५ ॥ संकर- हृद-पुंडरीक निसि वस निसि वस हरि-चंचरीक, निलीक-मानस-गृह संतत रहे छाई ।
आनंदमूल तुलसिदास सानुकूल,
हरन सकल सूल, अवध-मंडन रघुराई ॥ ६ ॥ अरी माई ! कमलनयन महाराज रघुनाथजी करोड़ो कामदेवोंके समान सुन्दर शरीरवाले, करुणा- रसके आगार और आनन्दस्वरूप हैं । सखि ! देखो, उनकी अतुलित छबि साधु-समाजरूप कमलवनके लिये सूर्यस्वरूप है और उनकी पवित्र कीर्ति कवि तथा विद्वत्समुदाय गान करते हैं ॥ १ ॥ अहा ! रघुवंशवीर श्रीरामचन्द्रजी स्नान करनेके अनन्तर सरयूतटपर खड़े हैं। उनके चरणकमलोको मनखी भक्तगण अपना निर्मल चित्त लगाकर सेवन कर रहे हैं । इस प्रकार सम्पूर्ण लोकोंके नेत्रोंको आनन्दित करनेवाले आनन्दधाम चन्द्रवदन भगवान् राम ब्राह्मणसमाज तथा मुनीन्द्रमण्डलीके मध्य में विराजमान हैं ॥ २ ॥ उनकी कुश्चित अलकावली बिथुरी हुई है, जिनके बीच-बीच में फूलोंके गुच्छे लगे हैं। वे ऐसे मालूम होते हैं मानो मणियोके सहित बालसर्पोंका समुदाय चन्द्रमाके समीप आया हो और उसे देखकर चन्द्रमाने भयभीत होकर उनसे बचनेके लिये दो मनोहर मोरोंको फुसलाकर रख छोड़ा हो और उनमोररूप ] कुण्डलोंकी छबि देखकर वे [ सर्परूप ] चोर अत्यन्त सकुचाते हों ।
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सुंदर पटपीत विसद, भ्राजत वनमाल उरसि, तुलसिका-प्रसून- रचित, विविध विधि बनाई । तरु तमाल अधबिच जनु त्रिविध कीरपाँति रुचिर, हेमजाल अंतर परि तातें न उड़ाई ॥ पाँच ॥ संकर- हृद-पुंडरीक निसि वस निसि वस हरि-चंचरीक, निलीक-मानस-गृह संतत रहे छाई । आनंदमूल तुलसिदास सानुकूल, हरन सकल सूल, अवध-मंडन रघुराई ॥ छः ॥ अरी माई ! कमलनयन महाराज रघुनाथजी करोड़ो कामदेवोंके समान सुन्दर शरीरवाले, करुणा- रसके आगार और आनन्दस्वरूप हैं । सखि ! देखो, उनकी अतुलित छबि साधु-समाजरूप कमलवनके लिये सूर्यस्वरूप है और उनकी पवित्र कीर्ति कवि तथा विद्वत्समुदाय गान करते हैं ॥ एक ॥ अहा ! रघुवंशवीर श्रीरामचन्द्रजी स्नान करनेके अनन्तर सरयूतटपर खड़े हैं। उनके चरणकमलोको मनखी भक्तगण अपना निर्मल चित्त लगाकर सेवन कर रहे हैं । इस प्रकार सम्पूर्ण लोकोंके नेत्रोंको आनन्दित करनेवाले आनन्दधाम चन्द्रवदन भगवान् राम ब्राह्मणसमाज तथा मुनीन्द्रमण्डलीके मध्य में विराजमान हैं ॥ दो ॥ उनकी कुश्चित अलकावली बिथुरी हुई है, जिनके बीच-बीच में फूलोंके गुच्छे लगे हैं। वे ऐसे मालूम होते हैं मानो मणियोके सहित बालसर्पोंका समुदाय चन्द्रमाके समीप आया हो और उसे देखकर चन्द्रमाने भयभीत होकर उनसे बचनेके लिये दो मनोहर मोरोंको फुसलाकर रख छोड़ा हो और उनमोररूप ] कुण्डलोंकी छबि देखकर वे [ सर्परूप ] चोर अत्यन्त सकुचाते हों ।
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पिज्जा - एक लोकप्रिय फास्ट फूड डिश, उचित और नाश्ता, और दोपहर के भोजन के लिए और रात के खाने के लिए, और बच्चों और वयस्कों की एक पसंदीदा। वह चाय या कॉफी के साथ अच्छा है। पिज्जा आप के साथ, एक पिकनिक पर चलते-फिरते, ले जंगल में मछली पकड़ने जाने के लिए सुविधाजनक है। के लिए यह रोल, तैयार केक, साथ ही विभिन्न उपयोग करना संभव है आटा के प्रकार।
सबसे आसान और पिज्जा के लिए तेज नुस्खा खमीर बिना आटा एक स्थान है जहाँ पर किसी भी उपलब्ध घर में उत्पादों से बाहर भरने खर्च की गई थी के रूप में है। आप लगभग किसी भी पिज्जा नुस्खा बदल सकते हैं। खमीर के बिना आटा, उदाहरण के लिए, आसानी से पफ पेस्ट्री बदला जा सकता है।
पनीर और पायदान 250 ग्राम आटा, मक्खन की 125 ग्राम, एक अंडा, नमक और पानी की 60 ग्राम की टमाटर की आवश्यकता के साथ पिज्जा आटा कश 2-3 घंटे गूंथी कर रहे थे और फ्रिज में इसे पकड़। आटा फिर पतली उतारना और कम flanges के साथ एक पैन में डाल करने के लिए आवश्यक है। तीन अंडे के साथ पनीर के भरने के मिश्रण 150 ग्राम के लिए और आटा परत पर डाल दिया। चार बड़े टमाटर के छल्ले एक से डेढ़ सेंटीमीटर मोटी और दही पर विघटित में कटौती। शीर्ष pritrusit कसा हुआ पनीर (250 ग्राम), कुचल जड़ी बूटी, मिर्च और सेंकना एक ओवन में 30-35 मिनट के लिए। पिज्जा के लिए आधार खमीर बिना आलू से तैयार किया जा सकता है। 250 ग्राम, भी ताजा अंडे की जरूरत है - - 4 टुकड़े, कसा हुआ पनीर के दो चम्मच, दूध (गर्म), नमक, बेकिंग सोडा, सिरका के 100 ग्राम -। साढ़े चम्मच यह 300 ग्राम, एक प्रथम श्रेणी भोजन, भी, 300 ग्राम मक्खन का परीक्षण करने की आवश्यकता होगी।
एक "वर्दी" में आलू उबाल, तो छील और एक मेज या काटना बोर्ड पर एक कांटा के साथ मैश, आटे के साथ मिश्रण। द्रव्यमान का केंद्र, अवकाश धक्का और अंडे, घी या नकली मक्खन डाल करने के लिए हाइड्रेटेड सोडा, काली मिर्च, कसा हुआ पनीर, नमक और दूध जोड़ें। आटा गूंध निविदा है और यह एक तौलिया के साथ कवर किया, गर्मी में कुछ घंटों के लिए छोड़ दें। तो फिर बोर्ड पर या एक साफ बेंच पर रोल और, 24-26 सेमी की एक व्यास में डाल इतना है कि यह उसके नीचे कवर किया और गठन "बंपर"।
भरने की जरूरत के लिएः हैम या सॉसेज - 100 ग्राम, क्रीम पनीर की 300 ग्राम और हार्ड पनीर के 50 ग्राम, कसा हुआ पनीर, 2 ताजा अंडे, नमक के तीन बड़े चम्मच, दूध की 120 ग्राम, जमीन काली मिर्च। बारीक सॉसेज और हैम, एक कटोरी में डाल काट काली मिर्च, पनीर, संसाधित, जोड़ने के लिए, कठिन पनीर , और कसा हुआ नमक अंडे और दूध डालना और अलग निर्धारित करें। आटा रोल कवर, किनारों के आसपास लपेट और एक घंटे के लिए ओवन में सेंकना डाल दिया। गरम परोसें।
दिलचस्प पिज्जा नुस्खा, खमीर बिना आटा, जो केफिर साथ मिश्रित है। खट्टा दूध का 1/2 लीटर पायदान 400-500 ग्राम आटा, नमक, बेकिंग सोडा 1/2 चम्मच, 2 ताजा अंडे रखना चाहिए। आटा गूंध और कुछ घंटों के लिए प्रूफिंग के लिए इसे छोड़। गोभी (अधिमानतः रंग) 300 ग्राम, 2 गाजर, प्याज 2, मटर के 3 चम्मच, 3 टमाटरः कि रोल के बाद मोटाई में के बारे में 10 मिमी और कटा हुआ सब्जियों के भरने के बाहर पड़ा रहा। शीर्ष pritrusit कसा हुआ पनीर (100 ग्राम) और जड़ी बूटियों। जब तक पकाया बेक।
जिसमें दही के अलावा (फैटी) के साथ गूंथी है खमीर आटा के बिना एक पिज्जा नुस्खा कर रहे हैं। प्रथम श्रेणी के आटे की 300 ग्राम पनीर, नमक की 150 ग्राम, सोडा के एक चम्मच, दूध के एक चम्मच, मक्खन की 200 ग्राम लेना आवश्यक है। एक तेल के रूप में किसी भी वसा शिफ्ट करने के लिए आटा चिकनी परत बाहर रोल। सबसे पहले छिड़क मिल्ड वसा, तो पकाया सब्जियों, और शीर्ष मेयोनेज़ या केचप डालना, पनीर और सेंकना जब तक ओवन में पकाया कसा हुआ pritrusit, 220 डिग्री सेल्सियस के लिए छोड़ देते के लिए भरने सामग्रीः फूलगोभी और Brussel - 300 ग्राम, 200 ग्राम वसा, 200 मिलीलीटर मेयोनेज़ या केचप, 100 ग्राम पनीर दुरुम।
और फिर भी एक और तरीका है। क्योंकि यह रोटी टुकड़ा पर तैयारी कर रहा है खमीर के बिना एक साधारण पिज्जा नुस्खा से अधिक, साथ आने के लिए मुश्किल है। यह मक्खन या नकली मक्खन के 30 ग्राम के साथ छील (300 ग्राम) और मिश्रित से अलग किया जाना चाहिए। पान जिसका नीचे 26 सेमी, वसा की एक व्यास है और तेल किसी भी इसके नीचे दीवार और मसला हुआ टुकड़ा vystelit। मुश्किल के साथ शीर्ष स्विस पनीर, स्ट्रिप्स में कटा हुआ। दूध, नमक और काली मिर्च के साथ अंडे हराया, उन पर पनीर डालना। गर्म ओवन में डाल दिया और 45 मिनट के लिए बेक। सुनिश्चित करें कि भरने भी भून नहीं किया गया है।
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पिज्जा - एक लोकप्रिय फास्ट फूड डिश, उचित और नाश्ता, और दोपहर के भोजन के लिए और रात के खाने के लिए, और बच्चों और वयस्कों की एक पसंदीदा। वह चाय या कॉफी के साथ अच्छा है। पिज्जा आप के साथ, एक पिकनिक पर चलते-फिरते, ले जंगल में मछली पकड़ने जाने के लिए सुविधाजनक है। के लिए यह रोल, तैयार केक, साथ ही विभिन्न उपयोग करना संभव है आटा के प्रकार। सबसे आसान और पिज्जा के लिए तेज नुस्खा खमीर बिना आटा एक स्थान है जहाँ पर किसी भी उपलब्ध घर में उत्पादों से बाहर भरने खर्च की गई थी के रूप में है। आप लगभग किसी भी पिज्जा नुस्खा बदल सकते हैं। खमीर के बिना आटा, उदाहरण के लिए, आसानी से पफ पेस्ट्री बदला जा सकता है। पनीर और पायदान दो सौ पचास ग्राम आटा, मक्खन की एक सौ पच्चीस ग्राम, एक अंडा, नमक और पानी की साठ ग्राम की टमाटर की आवश्यकता के साथ पिज्जा आटा कश दो-तीन घंटाटे गूंथी कर रहे थे और फ्रिज में इसे पकड़। आटा फिर पतली उतारना और कम flanges के साथ एक पैन में डाल करने के लिए आवश्यक है। तीन अंडे के साथ पनीर के भरने के मिश्रण एक सौ पचास ग्राम के लिए और आटा परत पर डाल दिया। चार बड़े टमाटर के छल्ले एक से डेढ़ सेंटीमीटर मोटी और दही पर विघटित में कटौती। शीर्ष pritrusit कसा हुआ पनीर , कुचल जड़ी बूटी, मिर्च और सेंकना एक ओवन में तीस-पैंतीस मिनट के लिए। पिज्जा के लिए आधार खमीर बिना आलू से तैयार किया जा सकता है। दो सौ पचास ग्राम, भी ताजा अंडे की जरूरत है - - चार टुकड़े, कसा हुआ पनीर के दो चम्मच, दूध , नमक, बेकिंग सोडा, सिरका के एक सौ ग्राम -। साढ़े चम्मच यह तीन सौ ग्राम, एक प्रथम श्रेणी भोजन, भी, तीन सौ ग्राम मक्खन का परीक्षण करने की आवश्यकता होगी। एक "वर्दी" में आलू उबाल, तो छील और एक मेज या काटना बोर्ड पर एक कांटा के साथ मैश, आटे के साथ मिश्रण। द्रव्यमान का केंद्र, अवकाश धक्का और अंडे, घी या नकली मक्खन डाल करने के लिए हाइड्रेटेड सोडा, काली मिर्च, कसा हुआ पनीर, नमक और दूध जोड़ें। आटा गूंध निविदा है और यह एक तौलिया के साथ कवर किया, गर्मी में कुछ घंटों के लिए छोड़ दें। तो फिर बोर्ड पर या एक साफ बेंच पर रोल और, चौबीस-छब्बीस सेमी की एक व्यास में डाल इतना है कि यह उसके नीचे कवर किया और गठन "बंपर"। भरने की जरूरत के लिएः हैम या सॉसेज - एक सौ ग्राम, क्रीम पनीर की तीन सौ ग्राम और हार्ड पनीर के पचास ग्राम, कसा हुआ पनीर, दो ताजा अंडे, नमक के तीन बड़े चम्मच, दूध की एक सौ बीस ग्राम, जमीन काली मिर्च। बारीक सॉसेज और हैम, एक कटोरी में डाल काट काली मिर्च, पनीर, संसाधित, जोड़ने के लिए, कठिन पनीर , और कसा हुआ नमक अंडे और दूध डालना और अलग निर्धारित करें। आटा रोल कवर, किनारों के आसपास लपेट और एक घंटे के लिए ओवन में सेंकना डाल दिया। गरम परोसें। दिलचस्प पिज्जा नुस्खा, खमीर बिना आटा, जो केफिर साथ मिश्रित है। खट्टा दूध का एक/दो लीटरटर पायदान चार सौ-पाँच सौ ग्राम आटा, नमक, बेकिंग सोडा एक/दो चम्मच, दो ताजा अंडे रखना चाहिए। आटा गूंध और कुछ घंटों के लिए प्रूफिंग के लिए इसे छोड़। गोभी तीन सौ ग्राम, दो गाजर, प्याज दो, मटर के तीन चम्मच, तीन टमाटरः कि रोल के बाद मोटाई में के बारे में दस मिमी और कटा हुआ सब्जियों के भरने के बाहर पड़ा रहा। शीर्ष pritrusit कसा हुआ पनीर और जड़ी बूटियों। जब तक पकाया बेक। जिसमें दही के अलावा के साथ गूंथी है खमीर आटा के बिना एक पिज्जा नुस्खा कर रहे हैं। प्रथम श्रेणी के आटे की तीन सौ ग्राम पनीर, नमक की एक सौ पचास ग्राम, सोडा के एक चम्मच, दूध के एक चम्मच, मक्खन की दो सौ ग्राम लेना आवश्यक है। एक तेल के रूप में किसी भी वसा शिफ्ट करने के लिए आटा चिकनी परत बाहर रोल। सबसे पहले छिड़क मिल्ड वसा, तो पकाया सब्जियों, और शीर्ष मेयोनेज़ या केचप डालना, पनीर और सेंकना जब तक ओवन में पकाया कसा हुआ pritrusit, दो सौ बीस डिग्री सेल्सियस के लिए छोड़ देते के लिए भरने सामग्रीः फूलगोभी और Brussel - तीन सौ ग्राम, दो सौ ग्राम वसा, दो सौ मिलीलीटर मेयोनेज़ या केचप, एक सौ ग्राम पनीर दुरुम। और फिर भी एक और तरीका है। क्योंकि यह रोटी टुकड़ा पर तैयारी कर रहा है खमीर के बिना एक साधारण पिज्जा नुस्खा से अधिक, साथ आने के लिए मुश्किल है। यह मक्खन या नकली मक्खन के तीस ग्राम के साथ छील और मिश्रित से अलग किया जाना चाहिए। पान जिसका नीचे छब्बीस सेमी, वसा की एक व्यास है और तेल किसी भी इसके नीचे दीवार और मसला हुआ टुकड़ा vystelit। मुश्किल के साथ शीर्ष स्विस पनीर, स्ट्रिप्स में कटा हुआ। दूध, नमक और काली मिर्च के साथ अंडे हराया, उन पर पनीर डालना। गर्म ओवन में डाल दिया और पैंतालीस मिनट के लिए बेक। सुनिश्चित करें कि भरने भी भून नहीं किया गया है।
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ट्रेलर रिलीज होने से ठीक पहले सामने आये 'मुन्ना माइकल' के दो नए पोस्टर, इन्हें देख आप कह उठेंगे शानदार, जबरदस्त, ज़िंदाबाद !!
टाइगर श्रॉफ की आने वाली इस फिल्म के नए पोस्टरों को देखिए और बताइये यह आपको कैसे लगे ?
आज टाइगर श्रॉफ की नई फिल्म 'मुन्ना माइकल' का ट्रेलर रिलीज किया जायेगा। इस फिल्म में वो पहली बार निधि अग्रवाल और नवाजुद्दीन सिद्दिकी के साथ नज़र आने वाले हैं। जिस कारण लोगों में पहले से ही उत्सुकता का माहौल बना हुआ है। फिल्म के कुछ पोस्टरों को समय-समय पर पहले ही आउट किया गया था, जिनको लोगों ने हाथों-हाथ लिया था लेकिन आज इसके दो नए पोस्टर्स रिलीज किए गए हैं। जिसमें से एक में टाइगर श्रॉफ फिल्म की हीरोइन निधि अग्रवाल के साथ दिख रहे हैं और दूसरे में वो नवाजुद्दीन सिद्दिकी के साथ दिख रहे हैं। पहले आप इन्हें देखिए फिर आगे की बात करते हैं।
जिन लोगों को नहीं पता है उनके लिए हम बता दें कि 'मुन्ना माइकल' में टाइगर श्रॉफ माइकल जैकसन के काफी बड़े फैन दिखेंगे। इस फिल्म से वो माइकल जैकसन को ट्रिब्यूट देने की भी कोशिश कर रहे हैं। फिल्म में टाइगर एक स्ट्रीट डांसर बने हैं जो बचपन से सड़कों पर डांस करके रुपये कमाता है लेकिन एक दिन उसे किस्मत से नेशनल डांस कॉम्पटीशन में हिस्सा लेने का मौका मिल जाता है। जिसके बाद फिल्म की आगे बढ़ती जायेगी। वैसे आपको बता दें कि इस फिल्म में नवाजुद्दीन सिद्दिकी भी टाइगर श्रॉफ के कदम से कदम मिलाते दिखेंगे।
फिल्म 'मुन्ना माइकल' में तीसरी बार डायरेक्टर साबिर खान और टाइगर श्रॉफ की जोड़ी साथ में दिखेगी। इससे पहले यह डायरेक्टर-एक्टर की जोड़ी 'हीरोपंती' और 'बागी' जैसी फिल्में बना चुकी है। टाइगर श्रॉफ की आने वाली इस फिल्म को 21 जुलाई के दिन बॉक्स ऑफिस पर रिलीज किया जायेगा। आप हमारे साथ बने रहिए ताकि आपको फिल्म 'मुन्ना माइकल' से जुड़ी हर खबर मिलती रहे।
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ट्रेलर रिलीज होने से ठीक पहले सामने आये 'मुन्ना माइकल' के दो नए पोस्टर, इन्हें देख आप कह उठेंगे शानदार, जबरदस्त, ज़िंदाबाद !! टाइगर श्रॉफ की आने वाली इस फिल्म के नए पोस्टरों को देखिए और बताइये यह आपको कैसे लगे ? आज टाइगर श्रॉफ की नई फिल्म 'मुन्ना माइकल' का ट्रेलर रिलीज किया जायेगा। इस फिल्म में वो पहली बार निधि अग्रवाल और नवाजुद्दीन सिद्दिकी के साथ नज़र आने वाले हैं। जिस कारण लोगों में पहले से ही उत्सुकता का माहौल बना हुआ है। फिल्म के कुछ पोस्टरों को समय-समय पर पहले ही आउट किया गया था, जिनको लोगों ने हाथों-हाथ लिया था लेकिन आज इसके दो नए पोस्टर्स रिलीज किए गए हैं। जिसमें से एक में टाइगर श्रॉफ फिल्म की हीरोइन निधि अग्रवाल के साथ दिख रहे हैं और दूसरे में वो नवाजुद्दीन सिद्दिकी के साथ दिख रहे हैं। पहले आप इन्हें देखिए फिर आगे की बात करते हैं। जिन लोगों को नहीं पता है उनके लिए हम बता दें कि 'मुन्ना माइकल' में टाइगर श्रॉफ माइकल जैकसन के काफी बड़े फैन दिखेंगे। इस फिल्म से वो माइकल जैकसन को ट्रिब्यूट देने की भी कोशिश कर रहे हैं। फिल्म में टाइगर एक स्ट्रीट डांसर बने हैं जो बचपन से सड़कों पर डांस करके रुपये कमाता है लेकिन एक दिन उसे किस्मत से नेशनल डांस कॉम्पटीशन में हिस्सा लेने का मौका मिल जाता है। जिसके बाद फिल्म की आगे बढ़ती जायेगी। वैसे आपको बता दें कि इस फिल्म में नवाजुद्दीन सिद्दिकी भी टाइगर श्रॉफ के कदम से कदम मिलाते दिखेंगे। फिल्म 'मुन्ना माइकल' में तीसरी बार डायरेक्टर साबिर खान और टाइगर श्रॉफ की जोड़ी साथ में दिखेगी। इससे पहले यह डायरेक्टर-एक्टर की जोड़ी 'हीरोपंती' और 'बागी' जैसी फिल्में बना चुकी है। टाइगर श्रॉफ की आने वाली इस फिल्म को इक्कीस जुलाई के दिन बॉक्स ऑफिस पर रिलीज किया जायेगा। आप हमारे साथ बने रहिए ताकि आपको फिल्म 'मुन्ना माइकल' से जुड़ी हर खबर मिलती रहे। बॉलीवुड, हॉलीवुड, साउथ, भोजपुरी और टीवी जगत की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें...बॉलीवुड लाइफ हिन्दी के फेसबुक पेज, ट्विटर पेज, ताजा गॉसिप के लिए हमें Facebook Messenger पर फॉलो करें।
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12 मई। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 11वें संस्करण के प्लेऑफ में जगह बनाने में लगीं मुंबइ इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स रविवार को वानखेड़े स्टेडियम में एक दूसरे को मात देकर अपनी राह आसान करने की कोशिश में होंगी। दोनों टीमें प्लेऑफ की दौड़ में बनी हुई हैं और इस मैच में हार उन्हें अंतिम-4 की दौड़ से बाहर कर सकती है।
मुंबई की स्थिति राजस्थान से बेहतर है। वह अंकतालिका में चौथे स्थान पर है। मुंबई ने पिछले पांच मैचों में जीत हासिल करते हुए शीर्ष-4 में जगह बनाई है। वह 11 मैचों में पांच जीत और छह हार के साथ 10 अंक लिए हुए है। राजस्थान के भी यही आंकड़े हैं, लेकिन नेट रन रेट के मामले वो मुंबई और कोलकाता नाइट राइडर्स से पिछड़ी हुई है और छठे स्थान पर मौजूद है।
मुंबई ने लगातार हार के बाद जो वापसी की है वो काबिले तारीफ है और इसलिए राजस्थान के खिलाफ उसका पलड़ा भारी लग रहा है। राजस्थान भी हालांकि इस मैच में जीत हासिल करते हुए आ रही है। उसने अपने पिछले मैच में शुक्रवार को रोचक मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स को मात दी थी।
इस मैच में राजस्थान के लिए जोस बटलर ने नाबाद 95 रनों की पारी खेली थी और टीम की जीत के सूत्रधार बने थे। बटलर पर मुंबई के खिलाफ भी बड़ी जिम्मेदारी होगी। राजस्थान की बल्लेबाजी में जो एक शख्स लगातार रन उगल रहा है वो हैं युवा बल्लेबाज संजू सैमसन।
पिछले मैच में बेशक सैमसन ने बड़ी पारी न खेली हो लेकिन अहम समय पर बटलर के साथ खड़े होकर टीम को जीत के रास्ते पर बनाए रखा था।
कप्तान अंजिक्य रहाणे बल्ले से कुछ कमाल नहीं दिखा पाए हैं। अब जबकि टीम के लिए हर मैच अहम है ऐसे में उन्हें बल्ले की जंग दूर करनी होगी। बेन स्टोक्स का खामोश रहना राजस्थान को अखरा है। पिछले मैच में उनके बल्लेबाजी क्रम में बदलाव किया था और बटलर के साथ पारी की शुरुआत करने आए थे, लेकिन वो यहां भी विफल रहे थे।
कृष्णाप्पा गौतम का बल्ला रन तो कर रहा है लेकिन निरंतरता की कमी उनके प्रदर्शन को कमजोर करती रही है। गेंदबाजी में हालांकि उन्होंने अपनी फिरकी से प्रभावित किया है।
उनके अलावा वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर लगातार टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने हालांकि दूसरे छोर से साथ नहीं मिला है। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाएं हैं तो वहीं स्टोक्स गेंद से भी अपना प्रभाव छोड़न में सफल नहीं रहे हैं।
वहीं मुंबई की बात की जाए तो कप्तान रोहित शर्मा सही समय पर टीम को एकजुट करने और संतुलित प्रदर्शन करवाने में सफल रहे हैं। उन्होंने खुद बल्ले से अपनी भूमिका निभाई है। उनके अलावा सूर्यकुमार यादव इस सीजन में रनों की बारिश कर रहे हैं। सूर्यकुमार और इविन लुइस की सलामी जोड़ी टीम को मजबूत शुरुआत देने में अधिकतर समय सफल रही है।
कमी मध्यक्रम में थी जहां रोहित ने मोर्चा संभालते हुए टीम को विजयी रास्ते पर वापस बुलाया। उनसे प्रभावित होकर बाकि खिलाड़ियों का बल्ला भी अच्छा बोल रहा है। युवा बल्लेबाज ईशान किशन ने पंजाब के खिलाफ महज 17 गेंदों में अर्धशतक जड़ा था तो वहीं हार्दिक और उनके बड़े भाई क्रूणाल पांड्या के बल्लों ने भी रन बनाने शुरू कर दिए हैं।
गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह और मिशेल मैक्लेघन ने टीम का भार अच्छे से अपने कंधों पर उठा रखा है। पांड्या बंधुओं ने भी यहां भी कप्तान को खुश ही किया है।
टीमें (संभावित) :
मुंबई इंडियंसः रोहित शर्मा (कप्तान), सूर्यकुमार यादव, इविन लुइस, ईशान किशन, हार्दिक पांड्या, क्रूणाल पांड्या, केरन पोलार्ड, मयंक मारकंडे, मिशेल मैक्लेघन, मुस्ताफिजुर रहमान, जसप्रीत बुमराह, अकिला धनंजय, बेन कटिंग, जेपी ड्यूमिनी, राहुल चहर, शरद लांबा, एडम मिलने, सिद्धेश लाड, मोहम्मद निधीश, मोहसीन खान, अनुकूल रॉय, प्रदीप सांगवान, तजिंदर सिंह, आदित्य तारे और सौरभ तिवारी।
राजस्थान रॉयल्सः अजिंक्य रहाणे (कप्तान), अंकित शर्मा, संजू सैमसन, बेन स्टोक्स, धवल कुलकर्णी, जोफ्रा आर्चर, डार्सी शॉर्ट, दुष्मंता चमीरा, स्टुअर्ट बिन्नी, श्रेयस गोपाल, एस. मिथुन, जयदेव उनादकट, बेन लॉफलिन, प्रशांत चोपड़ा, के. गौतम, महिपाल लोमरूर, जतिन सक्सेना, अनुरीत सिंह, आर्यमान बिरला, जोस बटलर, हेनरिक क्लासेन, जहीर खान और राहुल त्रिपाठी।
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बारह मई। इंडियन प्रीमियर लीग के ग्यारहवें संस्करण के प्लेऑफ में जगह बनाने में लगीं मुंबइ इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स रविवार को वानखेड़े स्टेडियम में एक दूसरे को मात देकर अपनी राह आसान करने की कोशिश में होंगी। दोनों टीमें प्लेऑफ की दौड़ में बनी हुई हैं और इस मैच में हार उन्हें अंतिम-चार की दौड़ से बाहर कर सकती है। मुंबई की स्थिति राजस्थान से बेहतर है। वह अंकतालिका में चौथे स्थान पर है। मुंबई ने पिछले पांच मैचों में जीत हासिल करते हुए शीर्ष-चार में जगह बनाई है। वह ग्यारह मैचों में पांच जीत और छह हार के साथ दस अंक लिए हुए है। राजस्थान के भी यही आंकड़े हैं, लेकिन नेट रन रेट के मामले वो मुंबई और कोलकाता नाइट राइडर्स से पिछड़ी हुई है और छठे स्थान पर मौजूद है। मुंबई ने लगातार हार के बाद जो वापसी की है वो काबिले तारीफ है और इसलिए राजस्थान के खिलाफ उसका पलड़ा भारी लग रहा है। राजस्थान भी हालांकि इस मैच में जीत हासिल करते हुए आ रही है। उसने अपने पिछले मैच में शुक्रवार को रोचक मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स को मात दी थी। इस मैच में राजस्थान के लिए जोस बटलर ने नाबाद पचानवे रनों की पारी खेली थी और टीम की जीत के सूत्रधार बने थे। बटलर पर मुंबई के खिलाफ भी बड़ी जिम्मेदारी होगी। राजस्थान की बल्लेबाजी में जो एक शख्स लगातार रन उगल रहा है वो हैं युवा बल्लेबाज संजू सैमसन। पिछले मैच में बेशक सैमसन ने बड़ी पारी न खेली हो लेकिन अहम समय पर बटलर के साथ खड़े होकर टीम को जीत के रास्ते पर बनाए रखा था। कप्तान अंजिक्य रहाणे बल्ले से कुछ कमाल नहीं दिखा पाए हैं। अब जबकि टीम के लिए हर मैच अहम है ऐसे में उन्हें बल्ले की जंग दूर करनी होगी। बेन स्टोक्स का खामोश रहना राजस्थान को अखरा है। पिछले मैच में उनके बल्लेबाजी क्रम में बदलाव किया था और बटलर के साथ पारी की शुरुआत करने आए थे, लेकिन वो यहां भी विफल रहे थे। कृष्णाप्पा गौतम का बल्ला रन तो कर रहा है लेकिन निरंतरता की कमी उनके प्रदर्शन को कमजोर करती रही है। गेंदबाजी में हालांकि उन्होंने अपनी फिरकी से प्रभावित किया है। उनके अलावा वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर लगातार टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने हालांकि दूसरे छोर से साथ नहीं मिला है। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाएं हैं तो वहीं स्टोक्स गेंद से भी अपना प्रभाव छोड़न में सफल नहीं रहे हैं। वहीं मुंबई की बात की जाए तो कप्तान रोहित शर्मा सही समय पर टीम को एकजुट करने और संतुलित प्रदर्शन करवाने में सफल रहे हैं। उन्होंने खुद बल्ले से अपनी भूमिका निभाई है। उनके अलावा सूर्यकुमार यादव इस सीजन में रनों की बारिश कर रहे हैं। सूर्यकुमार और इविन लुइस की सलामी जोड़ी टीम को मजबूत शुरुआत देने में अधिकतर समय सफल रही है। कमी मध्यक्रम में थी जहां रोहित ने मोर्चा संभालते हुए टीम को विजयी रास्ते पर वापस बुलाया। उनसे प्रभावित होकर बाकि खिलाड़ियों का बल्ला भी अच्छा बोल रहा है। युवा बल्लेबाज ईशान किशन ने पंजाब के खिलाफ महज सत्रह गेंदों में अर्धशतक जड़ा था तो वहीं हार्दिक और उनके बड़े भाई क्रूणाल पांड्या के बल्लों ने भी रन बनाने शुरू कर दिए हैं। गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह और मिशेल मैक्लेघन ने टीम का भार अच्छे से अपने कंधों पर उठा रखा है। पांड्या बंधुओं ने भी यहां भी कप्तान को खुश ही किया है। टीमें : मुंबई इंडियंसः रोहित शर्मा , सूर्यकुमार यादव, इविन लुइस, ईशान किशन, हार्दिक पांड्या, क्रूणाल पांड्या, केरन पोलार्ड, मयंक मारकंडे, मिशेल मैक्लेघन, मुस्ताफिजुर रहमान, जसप्रीत बुमराह, अकिला धनंजय, बेन कटिंग, जेपी ड्यूमिनी, राहुल चहर, शरद लांबा, एडम मिलने, सिद्धेश लाड, मोहम्मद निधीश, मोहसीन खान, अनुकूल रॉय, प्रदीप सांगवान, तजिंदर सिंह, आदित्य तारे और सौरभ तिवारी। राजस्थान रॉयल्सः अजिंक्य रहाणे , अंकित शर्मा, संजू सैमसन, बेन स्टोक्स, धवल कुलकर्णी, जोफ्रा आर्चर, डार्सी शॉर्ट, दुष्मंता चमीरा, स्टुअर्ट बिन्नी, श्रेयस गोपाल, एस. मिथुन, जयदेव उनादकट, बेन लॉफलिन, प्रशांत चोपड़ा, के. गौतम, महिपाल लोमरूर, जतिन सक्सेना, अनुरीत सिंह, आर्यमान बिरला, जोस बटलर, हेनरिक क्लासेन, जहीर खान और राहुल त्रिपाठी।
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