raw_text
stringlengths
113
616k
normalized_text
stringlengths
98
618k
प्रदेश के युवाओं को आसानी से नौकरी हासिल करने के लिए श्रमायुक्त विभाग ऑनलाइन सुविधा करने जा रहा है। श्रमायुक्त विभाग एक साफ्टवेयर तैयार करेगा। इसमें कंपनियों का सारा डाटा भी होगा और युवाओं को भी कंपनियों में नौकरी हासिल करना ऑनलाइन सिस्टम से आसान होगा। वहीं, विभाग के कर्मचारी भी इससे कंपनियों के डाटा पर नजर रखेंगे। यह खुलासा श्रमायुक्त एवं निदेशक श्रम एवं रोजगार हिमाचल प्रदेश आशीष सिंघमार ने जिला मुख्यालय कुल्लू में राज्य स्तरीय जॉब फेयर के दौरान किया। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा एक सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। इसमें बेरोजगार युवाओं तथा सभी कंपनियों का डाटा ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा। इस पोर्टल के माध्यम से अभ्यर्थी अपना पंजीकरण ऑनलाइन करवा सकेंगे और कंपनियों की मांग भी इसी पर उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि कंपनियों को 20 से ज्यादा कर्मी रखने पर रोजगार कार्यालय को सूचित करना अनिवार्य है। कंपनियों को विभागों के नियमों का पालन करना होगा और युवाओं को रोजगार नियमानुसार देना होगा। उन्होंने कहा कि रोजगार मेलों का आयोजन प्रदेश के सभी जिलों में किया जाएगा। इससे पूर्व कांगड़ा जिला में रोजगार मेले का आयोजन किया गया,जिसमें 2000 से अधिक युवाओं को विभिन्न कंपनियों में रोजगार उपलब्ध करवाया गया। इसके अलावा उपानिदेशक श्रम एवं रोजगार राजेश शर्मा ने स्वागत किया तथा विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कंपनियों में न्यूनतम मासिक वेतन 10500 रुपए से लेकर 47000 रुपए तक ऑफर किया जा रहा है। युवाओं को इसका समुचित लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं का कौशल विकास करने तथा उनकी रोजगार प्राप्त करने की क्षमता में वृद्धि करने के आश्य से कौशल विकास भत्ता योजना के तहत 2018 से लेकर अभी तक 160 करोड़ रुपए का कौशल विकास भत्ता 1. 14 लाख पात्र आवेदकों का नामांकन करके प्रदान किया गया है। इसी प्रकार 3962 पात्र आवेदकों को 3. 68 करोड़ रुपए का औद्योगिक विकास भत्ता प्रदान किया गया है।
प्रदेश के युवाओं को आसानी से नौकरी हासिल करने के लिए श्रमायुक्त विभाग ऑनलाइन सुविधा करने जा रहा है। श्रमायुक्त विभाग एक साफ्टवेयर तैयार करेगा। इसमें कंपनियों का सारा डाटा भी होगा और युवाओं को भी कंपनियों में नौकरी हासिल करना ऑनलाइन सिस्टम से आसान होगा। वहीं, विभाग के कर्मचारी भी इससे कंपनियों के डाटा पर नजर रखेंगे। यह खुलासा श्रमायुक्त एवं निदेशक श्रम एवं रोजगार हिमाचल प्रदेश आशीष सिंघमार ने जिला मुख्यालय कुल्लू में राज्य स्तरीय जॉब फेयर के दौरान किया। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा एक सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। इसमें बेरोजगार युवाओं तथा सभी कंपनियों का डाटा ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा। इस पोर्टल के माध्यम से अभ्यर्थी अपना पंजीकरण ऑनलाइन करवा सकेंगे और कंपनियों की मांग भी इसी पर उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि कंपनियों को बीस से ज्यादा कर्मी रखने पर रोजगार कार्यालय को सूचित करना अनिवार्य है। कंपनियों को विभागों के नियमों का पालन करना होगा और युवाओं को रोजगार नियमानुसार देना होगा। उन्होंने कहा कि रोजगार मेलों का आयोजन प्रदेश के सभी जिलों में किया जाएगा। इससे पूर्व कांगड़ा जिला में रोजगार मेले का आयोजन किया गया,जिसमें दो हज़ार से अधिक युवाओं को विभिन्न कंपनियों में रोजगार उपलब्ध करवाया गया। इसके अलावा उपानिदेशक श्रम एवं रोजगार राजेश शर्मा ने स्वागत किया तथा विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कंपनियों में न्यूनतम मासिक वेतन दस हज़ार पाँच सौ रुपयापए से लेकर सैंतालीस हज़ार रुपयापए तक ऑफर किया जा रहा है। युवाओं को इसका समुचित लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं का कौशल विकास करने तथा उनकी रोजगार प्राप्त करने की क्षमता में वृद्धि करने के आश्य से कौशल विकास भत्ता योजना के तहत दो हज़ार अट्ठारह से लेकर अभी तक एक सौ साठ करोड़ रुपए का कौशल विकास भत्ता एक. चौदह लाख पात्र आवेदकों का नामांकन करके प्रदान किया गया है। इसी प्रकार तीन हज़ार नौ सौ बासठ पात्र आवेदकों को तीन. अड़सठ करोड़ रुपए का औद्योगिक विकास भत्ता प्रदान किया गया है।
नेपाली कांग्रेस संसदीय दल की बैठक आज हो रही है। बैठक दोपहर 12 बजे नया बानेश्वर स्थित संघीय संसद भवन के ल्होत्से हॉल में होने जा रही है. आज होने वाली प्रतिनिधि सभा की बैठक में पार्टी की तैयारियों पर चर्चा के लिए बैठक होने जा रही है. आज दोपहर 1 बजे प्रतिनिधि सभा की बैठक होने वाली है. संसदीय दल की बैठक से पहले कांग्रेस की केंद्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक भी हो रही है.कांग्रेस महासचिव गगन थापा ने कहा कि सरकार में जाने का फैसला कांग्रेस कार्यसम्पादन और संसदीय दल की बैठक द्वारा किया जाएगा. इससे पहले जब कांग्रेस और यूएमएल ने संसद में मुख्य विपक्ष होने का दावा किया था तो संसद की बैठक प्रभावित हुई थी। महामंत्री थापा का कहना है कि कांग्रेस आज प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल को विश्वास मत देगी और सरकार में शामिल होने का फैसला करेगी. 26 गते पौष को प्रधानमंत्री प्रचंड को विश्वास मत देने के बावजूद कांग्रेस विपक्ष में रही। पोष 10 गते को हुए राष्ट्रपति चुनाव में सत्ता समीकरण बदल गया है और यूएमएल विपक्ष की स्थिति में पहुंच गया है। यूएमएल ने भी प्रचंड के नेतृत्व वाली सरकार से मंत्रियों के इस्तीफे के साथ अपना समर्थन वापस ले लिया है। आज की संसद की बैठक में कांग्रेस सत्ता पक्ष की बेंच पर बैठेगी, जबकि एमाले विपक्ष की बेंच पर बैठेगी.
नेपाली कांग्रेस संसदीय दल की बैठक आज हो रही है। बैठक दोपहर बारह बजे नया बानेश्वर स्थित संघीय संसद भवन के ल्होत्से हॉल में होने जा रही है. आज होने वाली प्रतिनिधि सभा की बैठक में पार्टी की तैयारियों पर चर्चा के लिए बैठक होने जा रही है. आज दोपहर एक बजे प्रतिनिधि सभा की बैठक होने वाली है. संसदीय दल की बैठक से पहले कांग्रेस की केंद्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक भी हो रही है.कांग्रेस महासचिव गगन थापा ने कहा कि सरकार में जाने का फैसला कांग्रेस कार्यसम्पादन और संसदीय दल की बैठक द्वारा किया जाएगा. इससे पहले जब कांग्रेस और यूएमएल ने संसद में मुख्य विपक्ष होने का दावा किया था तो संसद की बैठक प्रभावित हुई थी। महामंत्री थापा का कहना है कि कांग्रेस आज प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल को विश्वास मत देगी और सरकार में शामिल होने का फैसला करेगी. छब्बीस गते पौष को प्रधानमंत्री प्रचंड को विश्वास मत देने के बावजूद कांग्रेस विपक्ष में रही। पोष दस गते को हुए राष्ट्रपति चुनाव में सत्ता समीकरण बदल गया है और यूएमएल विपक्ष की स्थिति में पहुंच गया है। यूएमएल ने भी प्रचंड के नेतृत्व वाली सरकार से मंत्रियों के इस्तीफे के साथ अपना समर्थन वापस ले लिया है। आज की संसद की बैठक में कांग्रेस सत्ता पक्ष की बेंच पर बैठेगी, जबकि एमाले विपक्ष की बेंच पर बैठेगी.
Chandigarh University MMS Leak: चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (Chandigarh University) में पड़ने वाली छात्राओं का एमएमएस लीक (MMS Leak) कांड आजकल काफी ज्यादा सुर्खियों में चल रहा है। इस कांड के चलते बताया जा रहा है कि 8 छात्राओं ने अब तक अपनी जान देने की कोशिश की है। जिसमें से एक छात्रा की हालत काफी गंभीर है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी मामले में कई फर्जी वीडियो भी बना कर भेजे जा रहे है। जिसको लेकर पूरे देश में खलबली मची हुई है। इसी बीच घटना को लेकर बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद (Sonu Sood) का रिएक्शन सामने आया है। उन्होंने इस मामले पर रिएक्ट कर इस घटना को खेदजनक बताया है। वहीं अभिनेता ने इस मीमले पर संज्ञान लेने को कहा है। बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने इस मामले पर रिएक्ट कर कहा है - 'चंडीगढ़ विश्वविधालय में जो कुछ भी हुआ वो बहुत ही ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण है। अब समय आ गया है कि हम अपनी बहनों के साथ खड़े हो। और हमें एक जिम्मेदार नागरिक बन समाज की मिसाल को कायम करना है। यह हमारे लिए परिक्षा का समय है ना कि पीड़ितों के लिए। जिम्मेदार रहना। ' साथ ही आपको यह भी बता दें कि चंडीगढ़ विश्वविधालय की छात्राओं का आपत्तिजनक वीडियो बनाकर लीक करने पर छात्राओं ने कल रात को विरोध प्रदर्शन भी किया था। विरोध प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने इस घटना से संबंधित लोगों की जान जाने पर और कुछ लोगों को घायल होने का आरोप लगाया है। साथ ही आपको बता दें कि पंजाब सरकार ने भी इस घटना को लेकर इस पर कार्यवाई करने के आदेश दिए है। बताया जा रहा है कि इन सबके पीछे हॉस्टल की एक छात्रा का हाथ है। जिसने एमएमएस बनाकर उनका वीडियो लीक कर दिया। इस मामले पर एसएसपी का कहना है कि हॉस्टल की ही एक छात्रा ने बाथरूम में कैमरा लगा दिए थे। जिसके बाद उसने सबके वीडियो शूट कर उसे वायरल कर दिया था। इस मामले में उस आरोपी छात्रा के खिलाफ मामला दर्ज हो गया है। जिसके बाद पुलिस ने उस आरोपी छात्रा को गिरफ्तार भी कर लिया है। पूरे मामले में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (Chandigarh University) का बयान सामने आया है। जिसमें उन्होंने कहा कि किसी भी छात्रा का आपत्तिजनक वीडियो शूट नहीं हुई है। यह पूरी बात झूठी और निराधार हैं। किसी भी लड़की का कोई आपत्तिजनक वीडियो नहीं मिला है। बल्कि एक लड़की द्वारा शूट किया गया एक निजी वीडियो था, जिसे उसके प्रेमी के साथ साझा किया गया था। वहीं यह जो भी अफवाहें है कि लड़कियों ने आत्महत्या की है, यह पूरी कहानी झूठी है। जबकि सचाई तो यह है कि किसी भी लड़की ने आत्महत्या करने की कोशिश भी नहीं की है।
Chandigarh University MMS Leak: चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में पड़ने वाली छात्राओं का एमएमएस लीक कांड आजकल काफी ज्यादा सुर्खियों में चल रहा है। इस कांड के चलते बताया जा रहा है कि आठ छात्राओं ने अब तक अपनी जान देने की कोशिश की है। जिसमें से एक छात्रा की हालत काफी गंभीर है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी मामले में कई फर्जी वीडियो भी बना कर भेजे जा रहे है। जिसको लेकर पूरे देश में खलबली मची हुई है। इसी बीच घटना को लेकर बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद का रिएक्शन सामने आया है। उन्होंने इस मामले पर रिएक्ट कर इस घटना को खेदजनक बताया है। वहीं अभिनेता ने इस मीमले पर संज्ञान लेने को कहा है। बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने इस मामले पर रिएक्ट कर कहा है - 'चंडीगढ़ विश्वविधालय में जो कुछ भी हुआ वो बहुत ही ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण है। अब समय आ गया है कि हम अपनी बहनों के साथ खड़े हो। और हमें एक जिम्मेदार नागरिक बन समाज की मिसाल को कायम करना है। यह हमारे लिए परिक्षा का समय है ना कि पीड़ितों के लिए। जिम्मेदार रहना। ' साथ ही आपको यह भी बता दें कि चंडीगढ़ विश्वविधालय की छात्राओं का आपत्तिजनक वीडियो बनाकर लीक करने पर छात्राओं ने कल रात को विरोध प्रदर्शन भी किया था। विरोध प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने इस घटना से संबंधित लोगों की जान जाने पर और कुछ लोगों को घायल होने का आरोप लगाया है। साथ ही आपको बता दें कि पंजाब सरकार ने भी इस घटना को लेकर इस पर कार्यवाई करने के आदेश दिए है। बताया जा रहा है कि इन सबके पीछे हॉस्टल की एक छात्रा का हाथ है। जिसने एमएमएस बनाकर उनका वीडियो लीक कर दिया। इस मामले पर एसएसपी का कहना है कि हॉस्टल की ही एक छात्रा ने बाथरूम में कैमरा लगा दिए थे। जिसके बाद उसने सबके वीडियो शूट कर उसे वायरल कर दिया था। इस मामले में उस आरोपी छात्रा के खिलाफ मामला दर्ज हो गया है। जिसके बाद पुलिस ने उस आरोपी छात्रा को गिरफ्तार भी कर लिया है। पूरे मामले में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का बयान सामने आया है। जिसमें उन्होंने कहा कि किसी भी छात्रा का आपत्तिजनक वीडियो शूट नहीं हुई है। यह पूरी बात झूठी और निराधार हैं। किसी भी लड़की का कोई आपत्तिजनक वीडियो नहीं मिला है। बल्कि एक लड़की द्वारा शूट किया गया एक निजी वीडियो था, जिसे उसके प्रेमी के साथ साझा किया गया था। वहीं यह जो भी अफवाहें है कि लड़कियों ने आत्महत्या की है, यह पूरी कहानी झूठी है। जबकि सचाई तो यह है कि किसी भी लड़की ने आत्महत्या करने की कोशिश भी नहीं की है।
कुशेश्वरस्थान। मिथिला के बाबाधाम कुशेश्वरस्थान में सावन की पहली सोमवारी पर जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। न्यास समिति के अनुसार एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। बाबा कुशेश्वर के दर्शन-पूजन के लिए अहले सुबह से ही श्रद्धालु जुटने लगे। शिवभक्त शिवगंगा घाट के पवित्र जल में स्नान कर गजेन्द्र नारायण सिंह धर्मशाला के रास्ते में बनायी गयी घुमावदार बैरिकेडिंग में महिला एवं पुरुष अलग-अलग कतार में मंदिर परिसर में प्रवेश करते हुए चंद्रकूप से पवित्र जल लेकर कतारबद्ध खड़े होकर हर-हर महादेव का जयकारा करते हुए मंदिर का पट खुलने का इंतजार करने लगे। अहले सुबह मंदिर के प्रधान पुजारी एवं पंडा समाज द्वारा सरकारी पूजा सम्पन्न होने के बाद मंदिर का पट आम लोगों के लिए खोल दिया गया। पट खुलते ही महिला एवं पुरुष को बारी-बारी से मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कराया गया। गर्भगृह में प्रवेश कर श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर फूल, बेलपत्र अक्षत चढ़ाकर जलाभिषेक किया और सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा के बाद श्रद्धालुओं को गर्भगृह के दक्षिणी गेट से होते हुए मंदिर के पश्चिमी द्वार से बाहर निकलने की व्यवस्था की गयी थी। मंदिर परिसर में स्थापित अन्य देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करने पर लगे प्रतिबंध से श्रद्धालुओं में मायूसी देखी गयी। सुरक्षा के लिए मंदिर परिसर, गर्भगृह, शिवगंगा घाट एवं बाजार के मुख्य द्वार तक चप्पे-चप्पे पर महिला व पुरुष पुलिस बल तैनात किए गए थे। सीमावर्ती जिले समस्तीपुर, खगड़िया, मुजफ्फरपुर, मधुबनी सहरसा सहित पड़ोसी देश नेपाल से भी श्रद्धालु यहां जल चढ़ाने आए। मंदिर में पूजा करने का सिलसिला देर शाम तक चला। शाम में शिवलिंग की श्रृंगार पूजा एवं महा आरती का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं की ओर से हर-हर महादेव एवं बोल-बम के जयघोष से मंदिर परिसर एवं आसपास का इलाका गुंजायमान हो रहा था। कुशेश्वरस्थान श्रावणी मेले में बाबा कुशेश्वर सेवा संस्थान ने राहत सेवा शिविर लगाया। यहां श्रद्धालुओं के लिए ठंडा पानी, मेडिकल सुविधा एवं श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था थी। डॉ. कौशलेश कुमार, डॉ. राहुल व एसपीएस विकास कुमार राहत सेवा शिविर में दिनभर रहे। शिवनगरी कुशेश्वरस्थान में स्थानीय न्यास समिति या प्रशासन द्वारा वाहन पड़ाव की व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं दूसरी ओर पारो चौक से आसमां गांव तक हजारों बाइक सड़क पर जहां-तहां लगी रही।
कुशेश्वरस्थान। मिथिला के बाबाधाम कुशेश्वरस्थान में सावन की पहली सोमवारी पर जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। न्यास समिति के अनुसार एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। बाबा कुशेश्वर के दर्शन-पूजन के लिए अहले सुबह से ही श्रद्धालु जुटने लगे। शिवभक्त शिवगंगा घाट के पवित्र जल में स्नान कर गजेन्द्र नारायण सिंह धर्मशाला के रास्ते में बनायी गयी घुमावदार बैरिकेडिंग में महिला एवं पुरुष अलग-अलग कतार में मंदिर परिसर में प्रवेश करते हुए चंद्रकूप से पवित्र जल लेकर कतारबद्ध खड़े होकर हर-हर महादेव का जयकारा करते हुए मंदिर का पट खुलने का इंतजार करने लगे। अहले सुबह मंदिर के प्रधान पुजारी एवं पंडा समाज द्वारा सरकारी पूजा सम्पन्न होने के बाद मंदिर का पट आम लोगों के लिए खोल दिया गया। पट खुलते ही महिला एवं पुरुष को बारी-बारी से मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कराया गया। गर्भगृह में प्रवेश कर श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर फूल, बेलपत्र अक्षत चढ़ाकर जलाभिषेक किया और सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा के बाद श्रद्धालुओं को गर्भगृह के दक्षिणी गेट से होते हुए मंदिर के पश्चिमी द्वार से बाहर निकलने की व्यवस्था की गयी थी। मंदिर परिसर में स्थापित अन्य देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करने पर लगे प्रतिबंध से श्रद्धालुओं में मायूसी देखी गयी। सुरक्षा के लिए मंदिर परिसर, गर्भगृह, शिवगंगा घाट एवं बाजार के मुख्य द्वार तक चप्पे-चप्पे पर महिला व पुरुष पुलिस बल तैनात किए गए थे। सीमावर्ती जिले समस्तीपुर, खगड़िया, मुजफ्फरपुर, मधुबनी सहरसा सहित पड़ोसी देश नेपाल से भी श्रद्धालु यहां जल चढ़ाने आए। मंदिर में पूजा करने का सिलसिला देर शाम तक चला। शाम में शिवलिंग की श्रृंगार पूजा एवं महा आरती का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं की ओर से हर-हर महादेव एवं बोल-बम के जयघोष से मंदिर परिसर एवं आसपास का इलाका गुंजायमान हो रहा था। कुशेश्वरस्थान श्रावणी मेले में बाबा कुशेश्वर सेवा संस्थान ने राहत सेवा शिविर लगाया। यहां श्रद्धालुओं के लिए ठंडा पानी, मेडिकल सुविधा एवं श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था थी। डॉ. कौशलेश कुमार, डॉ. राहुल व एसपीएस विकास कुमार राहत सेवा शिविर में दिनभर रहे। शिवनगरी कुशेश्वरस्थान में स्थानीय न्यास समिति या प्रशासन द्वारा वाहन पड़ाव की व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं दूसरी ओर पारो चौक से आसमां गांव तक हजारों बाइक सड़क पर जहां-तहां लगी रही।
और साधारणत लोग यही समझते है कि हमें किसी पदार्थ के स्वाद का ज्ञान सम्पूर्ण जीभ के द्वारा होता है, परन्तु प्रस्तुत बात ऐसी नही है । स्वाद के ग्राहक को स्वाद की की (Tasto bud) कहते हैं । यह केवल जिह्वा पर ही नही पाई जाती बल्कि गला और कपोल के कुछ हिस्सो मे भी पाई जाती है। प्रयोगा से मालूम हुआ है कि समानों की अपक्षा बालकों मे याद कली ( Taste bud) अधिक रहती है। प्रत्येक विहाकुर (Papillar) मे कई स्वाद कलियाँ (Tastes bnds) होती है और प्रत्येक स्वाद कली में कई स्वाद कोपाणु (Taste cells) होते है। इसलिए स्वाद के ग्राहक (Gustatory receptor) को उत्तेजित करने के लिए रासायनिक द्रज्य ( Chemical saubstances) ही उत्तेजना होती है अन्य पदार्थ नही । इन्ही रासायनिक द्रव्यों से स्वाद की जब उत्तेजित होती है तब हमे स्वाद की संवेदना होती है । चित्र संख्या २६ मनुष्य की जीभ का चिन अब एक दूसरा प्रश्न भी यहाँ निवारणीय है कि स्त्रादकली (Taste bud) से एक ही प्रकार की रस-सवेदना ( Gu tatory sensation) होती है या कई प्रकार की ? ओहबाल तथा अन्य मनोवैज्ञानिकों ने प्रयोगों के आधार पर बतलाया है कि विभिन्न स्वाद-सवेदनाओं के लिए विभिन्न जिह्वाकुर (Papilla) निश्चित नहीं है, किंतु जिन विद्वानों
और साधारणत लोग यही समझते है कि हमें किसी पदार्थ के स्वाद का ज्ञान सम्पूर्ण जीभ के द्वारा होता है, परन्तु प्रस्तुत बात ऐसी नही है । स्वाद के ग्राहक को स्वाद की की कहते हैं । यह केवल जिह्वा पर ही नही पाई जाती बल्कि गला और कपोल के कुछ हिस्सो मे भी पाई जाती है। प्रयोगा से मालूम हुआ है कि समानों की अपक्षा बालकों मे याद कली अधिक रहती है। प्रत्येक विहाकुर मे कई स्वाद कलियाँ होती है और प्रत्येक स्वाद कली में कई स्वाद कोपाणु होते है। इसलिए स्वाद के ग्राहक को उत्तेजित करने के लिए रासायनिक द्रज्य ही उत्तेजना होती है अन्य पदार्थ नही । इन्ही रासायनिक द्रव्यों से स्वाद की जब उत्तेजित होती है तब हमे स्वाद की संवेदना होती है । चित्र संख्या छब्बीस मनुष्य की जीभ का चिन अब एक दूसरा प्रश्न भी यहाँ निवारणीय है कि स्त्रादकली से एक ही प्रकार की रस-सवेदना होती है या कई प्रकार की ? ओहबाल तथा अन्य मनोवैज्ञानिकों ने प्रयोगों के आधार पर बतलाया है कि विभिन्न स्वाद-सवेदनाओं के लिए विभिन्न जिह्वाकुर निश्चित नहीं है, किंतु जिन विद्वानों
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
औरैया। जिले के सदर क्षेत्र में संदिग्ध अवस्था में बेहोश मिले युवक को घर लाने पर उसकी मौत हो गयी, परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को यहां यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शहर के कांशीराम कॉलोनी निवासी लल्ला उर्फ बल्लू (35) मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करता था वह शनिवार को काम के लिए घर से निकला था तभी से घर वापस नहीं आया था। परिजन उसकी तलाश कर रहे थे मंगलवार की सुबह वह कानपुर रोड स्थित बैंक आॅफ बडौदा के सामने मरणासन्न हालत में मिला। परिजन उसे घर ले गये जहां उसने बात करते समय दम तोड़ दिया। मृतक की भाभी सरजीना ने बताया कि देवर ने मरते समय चार लोगों के नाम बताए कि वह उसे पकड़ ले गए थे, जहां उन लोगों ने उसे कहीं कमरे में बंद कर दिया था। आज वह किसी तरह से वहां से छूटकर आया है। युवक की मौत पर परिजनों ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम भेजने को कहा, जिस पर परिजन किसी बड़े अधिकारी को बुलाने के बाद ही शव को उठने देने पर अड़ गए। लगभग सात घंटे बाद पुलिस के प्रयास के बाद परिजन माने। इस बीच पति की मौत की खबर मिलने के बाद मायके से लौटी मृतक की पत्नी फरजाना ने बताया कि वह एक पखवारे से अपने मायके रूरा कानपुर देहात में थी। मृतक की भाभी ने बताया कि बल्लू के दो पुत्र हैं। जिसमें एक की उम्र लगभग डेढ़ साल तथा दूसरे की उम्र छह माह है। इस संबंध में पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर सुरेन्द्र नाथ यादव ने बताया कि बल्लू घर से गायब था उसकी भाभी उसे ढूंढ रही थी। आज सुबह बब्लू कानपुर रोड़ पर बैंक ऑफ बडौदा के सामने बेहोशी की अवस्था में मिला जिसके बाद परिजन उसे घर लाये, जहां पर उसकी मौत हो गयी है। बताया कि परिजन हत्या समेत तमाम तरह के आरोप लगा रहे हैं। बताया कि संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की जांच की जा रही है। तहरीर प्राप्त कर कार्रवाई की जायेगी शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
औरैया। जिले के सदर क्षेत्र में संदिग्ध अवस्था में बेहोश मिले युवक को घर लाने पर उसकी मौत हो गयी, परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को यहां यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शहर के कांशीराम कॉलोनी निवासी लल्ला उर्फ बल्लू मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करता था वह शनिवार को काम के लिए घर से निकला था तभी से घर वापस नहीं आया था। परिजन उसकी तलाश कर रहे थे मंगलवार की सुबह वह कानपुर रोड स्थित बैंक आॅफ बडौदा के सामने मरणासन्न हालत में मिला। परिजन उसे घर ले गये जहां उसने बात करते समय दम तोड़ दिया। मृतक की भाभी सरजीना ने बताया कि देवर ने मरते समय चार लोगों के नाम बताए कि वह उसे पकड़ ले गए थे, जहां उन लोगों ने उसे कहीं कमरे में बंद कर दिया था। आज वह किसी तरह से वहां से छूटकर आया है। युवक की मौत पर परिजनों ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम भेजने को कहा, जिस पर परिजन किसी बड़े अधिकारी को बुलाने के बाद ही शव को उठने देने पर अड़ गए। लगभग सात घंटे बाद पुलिस के प्रयास के बाद परिजन माने। इस बीच पति की मौत की खबर मिलने के बाद मायके से लौटी मृतक की पत्नी फरजाना ने बताया कि वह एक पखवारे से अपने मायके रूरा कानपुर देहात में थी। मृतक की भाभी ने बताया कि बल्लू के दो पुत्र हैं। जिसमें एक की उम्र लगभग डेढ़ साल तथा दूसरे की उम्र छह माह है। इस संबंध में पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर सुरेन्द्र नाथ यादव ने बताया कि बल्लू घर से गायब था उसकी भाभी उसे ढूंढ रही थी। आज सुबह बब्लू कानपुर रोड़ पर बैंक ऑफ बडौदा के सामने बेहोशी की अवस्था में मिला जिसके बाद परिजन उसे घर लाये, जहां पर उसकी मौत हो गयी है। बताया कि परिजन हत्या समेत तमाम तरह के आरोप लगा रहे हैं। बताया कि संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की जांच की जा रही है। तहरीर प्राप्त कर कार्रवाई की जायेगी शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
वैसे देखा जाए तो इस दुनिया में कोई सबसे अनमोल रिश्ता होता है तो वह कोई और नहीं बल्कि मां-बेटे का रिश्ता होता है। इसका वर्णन शायद शब्दों से कर पाना बेहद मुश्किल होता है। मां के लिए जितना बेटे अनमोल होता है उतना ही एक बेटे के लिए अपनी मां भी अनमोल होती है। दोनों एक-दूसरे से प्यार और स्नेह कफ ज्यादा भावनात्मक होता है। मां की ममता की डोर उसके बच्चे को उससे उम्र भर के लिए बांधे रखती है। कुछ ऐसा ही नजारा हाल ही में केरल में देखने को मिला है। केरल के इस शख्स ने जिनका नाम गोकुल श्रीधर है उन्होंने अपनी मां के लिए एक फेसबुक पोस्ट लिखा है जिसकी तारीफ हर जगह हो रही है। एक ओर जहां आज समाज में लोग दूसरी शादी को बड़ी ही घृणा,नफरत और शक की निगाह से देखते हैं। वहीं एक बेटे ने अपनी मां की दूसरी शादी को लेकर ऐसी मिसाल पेश की है कि हर कोई हैरान है। जी हां गोकुल श्रीधर ने अपनी मां को उनकी दूसरी शादी की सालगिराह लिए शुभकामनांए दी हैं। बता दें कि श्रीधर सीपीएम के स्टूडेंट एसएफआई से जुड़े हैं और वह कोमल जिले के रहने वाले हैं। क्या है पूरा मामला? केरल के कोल्लम जिले में रहने वाले गोकुल श्रीधर ने अपनी मां के लिए फेसबुक पर एक पोस्ट साझा किया है। वैसे ज्यादातर बच्चे अपने मां-पिता के ऐसे रिश्ते को छुपा कर ही रखना चाहते हैं। लेकिन गोकुल ने अपनी मां को बधाई देते हुए संदेश के जारिए अपने पिता के साथ दर्दनाक रिश्ते से निकलकर दूसरी शादी करने की बधाई दी है। बता दें कि गोकुल ने ये पोस्ट मलयालम भाषा में लिखा है। क्या लिखा गोकुल ने अपनी पोस्ट में? गोकुल ने अपनी मां के लिए संदेश लिखते हुए कहा कि यह मेरी मां की शादी के बारे में था। मैंने यह संदेश लिखने के बारे में पहले बहुत सोचा। आखिरकार मैं इस संदेश को अपनी मां के लिए लिख रहा हूं। आज भी समाज में कई सारे लोग ऐसे हैं जो दूसरी शादी को मान्यता नहीं देते हैं। ऐसा करने वाले को नफरत,गुस्से और बेचारगी की निगाहों से देखा जाता है। वो और जिसने सिर्फ और सिर्फ मेरे लिए अपनी जिंदगी को पीछे छोड़ दिया। उन्होंने अपनी विफल शादी में काफी कुछ सहा भी है। पिटने के बाद जब उसके सिर से खून निकलता था,तो मैं हमेशा पूछता था कि वो यह सब क्यों सहती हैंï? उसने इसके जवाब में कहा था कि यह सब वो मेरे लिए सह रही हैं और मेरे लिए ही जिंदा भी हैं। जिस दिन मैंने उसके साथ घर छोड़ा,मैंने इस पल के बारे में निश्चिय कर लिया था। मेरी मां,जिसने मेरे लिए अपनी जवानी कुर्बान कर दी,मुझे और कुछ भी नहीं कहना। मुझे बस इतना महसूस हुआ कि यह सब कुछ ऐसा है कि जिसे मुझे छुपा कर नहीं रखाना चाहिए। मां, हैप्पी मेरिड लाइफ। बता दें कि गोकुल द्घारा फेसबुक पर यह पोस्ट 11 जून को फेसबुक वॉल पर शेयर किया गया था। खबर लिखे जाने तक इस पोस्ट पर करीब 33 हजार लाइक्स और 3 हजार से ज्यादा शेयर मिल चुके हैं। जबकि कई लोगों ने उनके इस काम की खूब तारीफें की हैं।
वैसे देखा जाए तो इस दुनिया में कोई सबसे अनमोल रिश्ता होता है तो वह कोई और नहीं बल्कि मां-बेटे का रिश्ता होता है। इसका वर्णन शायद शब्दों से कर पाना बेहद मुश्किल होता है। मां के लिए जितना बेटे अनमोल होता है उतना ही एक बेटे के लिए अपनी मां भी अनमोल होती है। दोनों एक-दूसरे से प्यार और स्नेह कफ ज्यादा भावनात्मक होता है। मां की ममता की डोर उसके बच्चे को उससे उम्र भर के लिए बांधे रखती है। कुछ ऐसा ही नजारा हाल ही में केरल में देखने को मिला है। केरल के इस शख्स ने जिनका नाम गोकुल श्रीधर है उन्होंने अपनी मां के लिए एक फेसबुक पोस्ट लिखा है जिसकी तारीफ हर जगह हो रही है। एक ओर जहां आज समाज में लोग दूसरी शादी को बड़ी ही घृणा,नफरत और शक की निगाह से देखते हैं। वहीं एक बेटे ने अपनी मां की दूसरी शादी को लेकर ऐसी मिसाल पेश की है कि हर कोई हैरान है। जी हां गोकुल श्रीधर ने अपनी मां को उनकी दूसरी शादी की सालगिराह लिए शुभकामनांए दी हैं। बता दें कि श्रीधर सीपीएम के स्टूडेंट एसएफआई से जुड़े हैं और वह कोमल जिले के रहने वाले हैं। क्या है पूरा मामला? केरल के कोल्लम जिले में रहने वाले गोकुल श्रीधर ने अपनी मां के लिए फेसबुक पर एक पोस्ट साझा किया है। वैसे ज्यादातर बच्चे अपने मां-पिता के ऐसे रिश्ते को छुपा कर ही रखना चाहते हैं। लेकिन गोकुल ने अपनी मां को बधाई देते हुए संदेश के जारिए अपने पिता के साथ दर्दनाक रिश्ते से निकलकर दूसरी शादी करने की बधाई दी है। बता दें कि गोकुल ने ये पोस्ट मलयालम भाषा में लिखा है। क्या लिखा गोकुल ने अपनी पोस्ट में? गोकुल ने अपनी मां के लिए संदेश लिखते हुए कहा कि यह मेरी मां की शादी के बारे में था। मैंने यह संदेश लिखने के बारे में पहले बहुत सोचा। आखिरकार मैं इस संदेश को अपनी मां के लिए लिख रहा हूं। आज भी समाज में कई सारे लोग ऐसे हैं जो दूसरी शादी को मान्यता नहीं देते हैं। ऐसा करने वाले को नफरत,गुस्से और बेचारगी की निगाहों से देखा जाता है। वो और जिसने सिर्फ और सिर्फ मेरे लिए अपनी जिंदगी को पीछे छोड़ दिया। उन्होंने अपनी विफल शादी में काफी कुछ सहा भी है। पिटने के बाद जब उसके सिर से खून निकलता था,तो मैं हमेशा पूछता था कि वो यह सब क्यों सहती हैंï? उसने इसके जवाब में कहा था कि यह सब वो मेरे लिए सह रही हैं और मेरे लिए ही जिंदा भी हैं। जिस दिन मैंने उसके साथ घर छोड़ा,मैंने इस पल के बारे में निश्चिय कर लिया था। मेरी मां,जिसने मेरे लिए अपनी जवानी कुर्बान कर दी,मुझे और कुछ भी नहीं कहना। मुझे बस इतना महसूस हुआ कि यह सब कुछ ऐसा है कि जिसे मुझे छुपा कर नहीं रखाना चाहिए। मां, हैप्पी मेरिड लाइफ। बता दें कि गोकुल द्घारा फेसबुक पर यह पोस्ट ग्यारह जून को फेसबुक वॉल पर शेयर किया गया था। खबर लिखे जाने तक इस पोस्ट पर करीब तैंतीस हजार लाइक्स और तीन हजार से ज्यादा शेयर मिल चुके हैं। जबकि कई लोगों ने उनके इस काम की खूब तारीफें की हैं।
रणनीतिक रेडियो और ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक टोही का एक हवाई जहाज अवरक्त (गर्मी) जाल का उत्पादन करता है। जून 2018 के पहले दिनों से, एस्सौइदा प्रांत के पूर्वी भाग और दमिश्क के पश्चिमी भाग के रेगिस्तानी इलाकों में, सीरियाई रंगमंच के संचालन के लिए एक असामान्य स्थिति है। अप्रत्याशित रूप से, 31 किमी की लंबाई और इस क्षेत्र में 9,7 किमी की चौड़ाई के साथ IG (ISIS, रूसी संघ में निषिद्ध) का एक प्रभावशाली सामरिक "बॉयलर" था। उल्लेखनीय रूप से, यह ब्रिजहेड सीरियाई सरकारी बलों (जॉर्डन-सीरियाई सीमा से लगभग 43 किमी की दूरी पर) की गहराई से दिखाई दिया, जबकि होम्स प्रांत के रेगिस्तान में स्थित आईएस "स्लीपिंग बॉयलर" क्षेत्र में दस गुना बड़ा है। और दीर-ए-ज़ोर उन हिस्सों में मौजूद है, जब से यूफ्रेट्स के बिस्तर को साफ करने और अबू-केमल और दीर-ए-ज़ोर-एक्स-ज़ुम्मन दिसंबर 5 के बीच "गलियारे" के माध्यम से तोड़ दिया गया था, जब अधूरा छद्मचालीफेट की बड़ी ताकतों को यांत्रिक इकाइयों द्वारा एक तरफ धकेल दिया गया था। सेनाओं, बाघों की सेना, साथ ही पश्चिम में हिजबुल्लाह सेना। Essaouide में एक आतंकवादी "बॉयलर" के निर्माण के बारे में पहली जानकारी अद्यतन सामरिक ऑनलाइन मानचित्र syria. liveuamap. com के लिए वर्ष के 7 जून 2018 दिखाई दी, जो एक ग्रे क्षेत्र द्वारा चिह्नित किया गया था, जो आईजी आतंकवादियों के नियंत्रण में आया था। इस सब में प्रमुख बिंदु इतिहास इगिलोव्सी ने एर्द अमीरा गांव के पश्चिम की प्रमुख ऊंचाइयों पर कब्जा कर लिया। इस ऊंचाई पर ले जाने के लिए धन्यवाद, कुछ ही घंटों में उग्रवादियों ने माजरा एट हर्रान के गांव की दिशा में आगे बढ़ते हुए आईजी हमला सैनिकों के लिए प्रभावी अग्नि सहायता का आयोजन करने में सक्षम थे। परिणामस्वरूप, उक्त गाँव और अल-जुनाख-सल्हाद सड़क पर कब्जा कर लिया गया, जिसने सीएए के नियंत्रण के लिए साइट को वापस करने के लिए एक संचालन हमले की संभावना की सरकार-समर्थक ताकतों को प्रभावी रूप से वंचित कर दिया। कुछ सप्ताह बाद, आतंकवादी माजरा अल-हर्रान के पश्चिम में कमांडिंग हाइट्स के अधिक 6, साथ ही साथ 4 गांवों (हिर्बत नजारिया, वादी बरकात, बिर्कत तमसुन और हिरात जाबेर) को एक बड़ी बड़ी बस्ती शाहबा की दिशा में पकड़ने में सफल रहेः उसके बाद 45 किमी लंबी और लगभग 20 किमी चौड़ी, जिसे सीरियाई सेना ने न्यूनतम प्रतिरोध के साथ चलाया था। लेकिन आतंकवादियों ने इतने कम समय में गणतंत्र के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में इस क्षेत्र के अपेक्षाकृत बड़े हिस्से को मोड़ने का प्रबंधन कैसे किया? अधिकांश भाग के लिए, इस विकास के लिए सीरियाई सेना (टाइगर की सेना, 33, 34 और 43 बख़्तरबंद ब्रिगेड, 52 मैकेनाइज्ड ब्रिगेड, और स्पेशल ऑपरेशन 15 डिवीजन) की मुख्य इकाइयों की एकाग्रता थी। विशेष रूप से फ्री सीरियन आर्मी, अल-नुसरा (रूसी संघ में प्रतिबंधित) विपक्षी समूहों और अन्य समूहों द्वारा नियंत्रित, दार-एसाओउइदा-क्यूनीट्रा दक्षिणी डे-एस्केलेशन त्रिकोण की मुक्ति की तैयारी में, जबकि कई अन्य पैदल सेना के खतरनाक पर इसलिए, सीरियाई सरकारी बलों के गढ़ों और अवलोकन पदों की संख्या कई बार कम हो गई, जिसने आईएसआईएल सेनानियों को एर्द अमीरा के गांव के पास लगभग ऊंचाई पर कब्जा करने की अनुमति दी। यह स्पष्ट है कि इस गाँव के क्षेत्र में उग्रवादियों का निकास एक या दो रातों की आड़ में किया गया था, और पेंटागन से हमारे अमेरिकी "साझेदारों" के सख्त मार्गदर्शन में भी, जो आईएसआईएस के गठन के माध्यम से सूचित करते हैं Es -Suwayda टोही प्रांत के पूर्वी भाग में हवाई क्षेत्र में उनकी उपस्थिति या अनुपस्थिति के तथ्य के बारे में डेटा के आदान-प्रदान के लिए रेडियो चैनल मुफ़्तक़ोर रूसी एयरोस्पेस फोर्सेस, सीरियाई सशस्त्र बल, साथ ही इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (हम ओरलान -10, शहीद -129, आदि के बारे में बात कर रहे हैं)। और मैं यहां क्या कह सकता हूं, जब सबसे ज्यादा मुफ़्तक़ोर, मल्टी-स्पेक्ट्रल बुर्ज ऑप्टिकल-इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस सिस्टम से लैस, एर्ड-अमिराह गाँव के क्षेत्र में आईएस की टुकड़ियों के जबरन मार्च के समय, इसे डार में एफएसए उग्रवादियों के पदों की टोह लेने के लिए मोड़ दिया गया था। ए और एल कुनीत्रा। यह अपेक्षित था। ओगिलोव्स मार्च के रूप में, इसका शुरुआती बिंदु केवल होम्स गवर्नर के दक्षिण में तथाकथित एक्सएनयूएमएक्स-किलोमीटर "सेफ्टी ज़ोन" हो सकता है, जो मुख्य रूप से एट-तन्फ़ सैन्य अड्डे पर अमेरिकी और ब्रिटिश परिचालन टुकड़ी टुकड़ियों द्वारा नियंत्रित किया जाता है, जिसके पास प्रशिक्षण है अल-रुक्बन के कुख्यात शरणार्थी शिविर से आने वाले "तोप चारे" की तैयारी के लिए प्रशिक्षण बुनियादी ढांचा। यह एट-तन्फ़ा क्षेत्र में था कि आईएसआईएस टुकड़ियों ने एस्सौइडा को उन्नति के लिए उपयुक्त सैन्य प्रशिक्षण, आयुध और सुरक्षित संचार के आवश्यक साधन प्राप्त किए। फिर कैसे मौजूदा 55- किलोमीटर "बायलर" पर बिखरे हुए कई सौ ISIL उग्रवादियों के कई सौ या थोड़ा अधिक ऐसे उच्च लड़ाकू स्थिरता को समझाने के लिए? इस बीच, दमिश्क के प्रांत में एत-तनिरा से एर्द-ए-अमिरह में परिचालन हस्तांतरण को 80 किमी से अधिक रेगिस्तानी क्षेत्र की आवश्यकता है, और इसलिए रातोंरात यह केवल जिहाद मोबाइलों द्वारा किया जा सकता है। 5 वर्ग के क्रम की एक प्रभावी परावर्तक सतह होना। इन वाहनों का जीएमटी मोड (ग्राउंड मूविंग टारगेट इंडीकेटर, मोबाइल सरफेस टारगेट पर नज़र रखने) के साथ सु-एक्सएनयूएमएक्स फाइटर-बॉम्बर्स पर स्थापित आधुनिक श-एक्सएनयूएमएक्स एयरबोर्न रडार सिस्टम के साथ-साथ साइड-व्यू एमआरके के मल्टी-फ़्रीक्वेंसी एएफके रडार का उपयोग किया जाता है। -141, जो Tu-34Р रेडियो इंजीनियरिंग और ऑप्टिकल-इलेक्ट्रॉनिक टोही विमान का मुख्य टोही वाहन है। लेकिन अगर सु-एक्सएनयूएमएक्स को विशेष रूप से पहले से निर्धारित लक्ष्यों के खिलाफ उच्च परिशुद्धता मिसाइल और बम हमलों के लिए खमीमिम एयरबेस पर तैनात किया गया है, और उनके कार्यों में रात में चलने वाले दर्जनों ओगिलोव पिकअप की तलाश में घंटे शामिल नहीं हैं, तो रणनीतिक टोही विमान टीयू-एक्सएनयूएमएक्सपी बस हैं। इस तरह के कार्यों के लिए डिज़ाइन किया गया। MRK-34 कॉम्प्लेक्स के उच्च-संभावित रडार 214 - 411 किमी की दूरी पर पिकअप के ऐसे समूहों का पता लगाने में सक्षम हैं, जिसके बाद T-150Р के ऑपरेटर टर्मिनल या तो Su-200 एयरबोर्न क्रू के चालक दल को लक्षित करते हैं, या VCS के परिचालन मुख्यालय को भेजे गए लक्ष्यों के निर्देशांक। जिसके बाद इन लक्ष्यों को नष्ट करने के साधनों पर निर्णय लिया जाता है। लेकिन ऑपरेशन के सीरियाई थिएटर में एक अद्वितीय Tu-214P की अनुपस्थिति का कारण जो कि पश्चिमी-समर्थक आतंकवादियों या गठबंधन सेना की सेना की इकाइयों के साथ संबद्ध सीरियाई सेना के एक या एक और अचानक संघर्ष में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। पिछली बार पूंछ संख्या RF-34 के साथ दूसरे विमान Tu-214Р को सीरिया पर देखा गया था जो केवल वर्ष की गर्मियों में 214 में था, जिसके बाद उड़ानें बंद हो गईं। जानकारी के स्रोतः - लेखकः
रणनीतिक रेडियो और ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक टोही का एक हवाई जहाज अवरक्त जाल का उत्पादन करता है। जून दो हज़ार अट्ठारह के पहले दिनों से, एस्सौइदा प्रांत के पूर्वी भाग और दमिश्क के पश्चिमी भाग के रेगिस्तानी इलाकों में, सीरियाई रंगमंच के संचालन के लिए एक असामान्य स्थिति है। अप्रत्याशित रूप से, इकतीस किमी की लंबाई और इस क्षेत्र में नौ,सात किमी की चौड़ाई के साथ IG का एक प्रभावशाली सामरिक "बॉयलर" था। उल्लेखनीय रूप से, यह ब्रिजहेड सीरियाई सरकारी बलों की गहराई से दिखाई दिया, जबकि होम्स प्रांत के रेगिस्तान में स्थित आईएस "स्लीपिंग बॉयलर" क्षेत्र में दस गुना बड़ा है। और दीर-ए-ज़ोर उन हिस्सों में मौजूद है, जब से यूफ्रेट्स के बिस्तर को साफ करने और अबू-केमल और दीर-ए-ज़ोर-एक्स-ज़ुम्मन दिसंबर पाँच के बीच "गलियारे" के माध्यम से तोड़ दिया गया था, जब अधूरा छद्मचालीफेट की बड़ी ताकतों को यांत्रिक इकाइयों द्वारा एक तरफ धकेल दिया गया था। सेनाओं, बाघों की सेना, साथ ही पश्चिम में हिजबुल्लाह सेना। Essaouide में एक आतंकवादी "बॉयलर" के निर्माण के बारे में पहली जानकारी अद्यतन सामरिक ऑनलाइन मानचित्र syria. liveuamap. com के लिए वर्ष के सात जून दो हज़ार अट्ठारह दिखाई दी, जो एक ग्रे क्षेत्र द्वारा चिह्नित किया गया था, जो आईजी आतंकवादियों के नियंत्रण में आया था। इस सब में प्रमुख बिंदु इतिहास इगिलोव्सी ने एर्द अमीरा गांव के पश्चिम की प्रमुख ऊंचाइयों पर कब्जा कर लिया। इस ऊंचाई पर ले जाने के लिए धन्यवाद, कुछ ही घंटों में उग्रवादियों ने माजरा एट हर्रान के गांव की दिशा में आगे बढ़ते हुए आईजी हमला सैनिकों के लिए प्रभावी अग्नि सहायता का आयोजन करने में सक्षम थे। परिणामस्वरूप, उक्त गाँव और अल-जुनाख-सल्हाद सड़क पर कब्जा कर लिया गया, जिसने सीएए के नियंत्रण के लिए साइट को वापस करने के लिए एक संचालन हमले की संभावना की सरकार-समर्थक ताकतों को प्रभावी रूप से वंचित कर दिया। कुछ सप्ताह बाद, आतंकवादी माजरा अल-हर्रान के पश्चिम में कमांडिंग हाइट्स के अधिक छः, साथ ही साथ चार गांवों को एक बड़ी बड़ी बस्ती शाहबा की दिशा में पकड़ने में सफल रहेः उसके बाद पैंतालीस किमी लंबी और लगभग बीस किमी चौड़ी, जिसे सीरियाई सेना ने न्यूनतम प्रतिरोध के साथ चलाया था। लेकिन आतंकवादियों ने इतने कम समय में गणतंत्र के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में इस क्षेत्र के अपेक्षाकृत बड़े हिस्से को मोड़ने का प्रबंधन कैसे किया? अधिकांश भाग के लिए, इस विकास के लिए सीरियाई सेना की मुख्य इकाइयों की एकाग्रता थी। विशेष रूप से फ्री सीरियन आर्मी, अल-नुसरा विपक्षी समूहों और अन्य समूहों द्वारा नियंत्रित, दार-एसाओउइदा-क्यूनीट्रा दक्षिणी डे-एस्केलेशन त्रिकोण की मुक्ति की तैयारी में, जबकि कई अन्य पैदल सेना के खतरनाक पर इसलिए, सीरियाई सरकारी बलों के गढ़ों और अवलोकन पदों की संख्या कई बार कम हो गई, जिसने आईएसआईएल सेनानियों को एर्द अमीरा के गांव के पास लगभग ऊंचाई पर कब्जा करने की अनुमति दी। यह स्पष्ट है कि इस गाँव के क्षेत्र में उग्रवादियों का निकास एक या दो रातों की आड़ में किया गया था, और पेंटागन से हमारे अमेरिकी "साझेदारों" के सख्त मार्गदर्शन में भी, जो आईएसआईएस के गठन के माध्यम से सूचित करते हैं Es -Suwayda टोही प्रांत के पूर्वी भाग में हवाई क्षेत्र में उनकी उपस्थिति या अनुपस्थिति के तथ्य के बारे में डेटा के आदान-प्रदान के लिए रेडियो चैनल मुफ़्तक़ोर रूसी एयरोस्पेस फोर्सेस, सीरियाई सशस्त्र बल, साथ ही इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स । और मैं यहां क्या कह सकता हूं, जब सबसे ज्यादा मुफ़्तक़ोर, मल्टी-स्पेक्ट्रल बुर्ज ऑप्टिकल-इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस सिस्टम से लैस, एर्ड-अमिराह गाँव के क्षेत्र में आईएस की टुकड़ियों के जबरन मार्च के समय, इसे डार में एफएसए उग्रवादियों के पदों की टोह लेने के लिए मोड़ दिया गया था। ए और एल कुनीत्रा। यह अपेक्षित था। ओगिलोव्स मार्च के रूप में, इसका शुरुआती बिंदु केवल होम्स गवर्नर के दक्षिण में तथाकथित एक्सएनयूएमएक्स-किलोमीटर "सेफ्टी ज़ोन" हो सकता है, जो मुख्य रूप से एट-तन्फ़ सैन्य अड्डे पर अमेरिकी और ब्रिटिश परिचालन टुकड़ी टुकड़ियों द्वारा नियंत्रित किया जाता है, जिसके पास प्रशिक्षण है अल-रुक्बन के कुख्यात शरणार्थी शिविर से आने वाले "तोप चारे" की तैयारी के लिए प्रशिक्षण बुनियादी ढांचा। यह एट-तन्फ़ा क्षेत्र में था कि आईएसआईएस टुकड़ियों ने एस्सौइडा को उन्नति के लिए उपयुक्त सैन्य प्रशिक्षण, आयुध और सुरक्षित संचार के आवश्यक साधन प्राप्त किए। फिर कैसे मौजूदा पचपन- किलोमीटर "बायलर" पर बिखरे हुए कई सौ ISIL उग्रवादियों के कई सौ या थोड़ा अधिक ऐसे उच्च लड़ाकू स्थिरता को समझाने के लिए? इस बीच, दमिश्क के प्रांत में एत-तनिरा से एर्द-ए-अमिरह में परिचालन हस्तांतरण को अस्सी किमी से अधिक रेगिस्तानी क्षेत्र की आवश्यकता है, और इसलिए रातोंरात यह केवल जिहाद मोबाइलों द्वारा किया जा सकता है। पाँच वर्ग के क्रम की एक प्रभावी परावर्तक सतह होना। इन वाहनों का जीएमटी मोड के साथ सु-एक्सएनयूएमएक्स फाइटर-बॉम्बर्स पर स्थापित आधुनिक श-एक्सएनयूएमएक्स एयरबोर्न रडार सिस्टम के साथ-साथ साइड-व्यू एमआरके के मल्टी-फ़्रीक्वेंसी एएफके रडार का उपयोग किया जाता है। -एक सौ इकतालीस, जो Tu-चौंतीसР रेडियो इंजीनियरिंग और ऑप्टिकल-इलेक्ट्रॉनिक टोही विमान का मुख्य टोही वाहन है। लेकिन अगर सु-एक्सएनयूएमएक्स को विशेष रूप से पहले से निर्धारित लक्ष्यों के खिलाफ उच्च परिशुद्धता मिसाइल और बम हमलों के लिए खमीमिम एयरबेस पर तैनात किया गया है, और उनके कार्यों में रात में चलने वाले दर्जनों ओगिलोव पिकअप की तलाश में घंटे शामिल नहीं हैं, तो रणनीतिक टोही विमान टीयू-एक्सएनयूएमएक्सपी बस हैं। इस तरह के कार्यों के लिए डिज़ाइन किया गया। MRK-चौंतीस कॉम्प्लेक्स के उच्च-संभावित रडार दो सौ चौदह - चार सौ ग्यारह किमी की दूरी पर पिकअप के ऐसे समूहों का पता लगाने में सक्षम हैं, जिसके बाद T-एक सौ पचासР के ऑपरेटर टर्मिनल या तो Su-दो सौ एयरबोर्न क्रू के चालक दल को लक्षित करते हैं, या VCS के परिचालन मुख्यालय को भेजे गए लक्ष्यों के निर्देशांक। जिसके बाद इन लक्ष्यों को नष्ट करने के साधनों पर निर्णय लिया जाता है। लेकिन ऑपरेशन के सीरियाई थिएटर में एक अद्वितीय Tu-दो सौ चौदहP की अनुपस्थिति का कारण जो कि पश्चिमी-समर्थक आतंकवादियों या गठबंधन सेना की सेना की इकाइयों के साथ संबद्ध सीरियाई सेना के एक या एक और अचानक संघर्ष में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। पिछली बार पूंछ संख्या RF-चौंतीस के साथ दूसरे विमान Tu-दो सौ चौदहР को सीरिया पर देखा गया था जो केवल वर्ष की गर्मियों में दो सौ चौदह में था, जिसके बाद उड़ानें बंद हो गईं। जानकारी के स्रोतः - लेखकः
पृथ्वी के अधिकांश जीवित पदार्थ का प्रतिनिधित्व किया जाता हैरोगाणुओं। फिलहाल यह तथ्य सही रूप से स्थापित है। पूरी तरह से एक व्यक्ति को उनसे पृथक नहीं किया जा सकता है, और उनके पास बिना किसी नुकसान के बिना रहने या उस पर रहने का अवसर है। मानव शरीर की सतह पर, परइसके खोखले अंगों के भीतर के गोले को विभिन्न रंगों और प्रकारों के सूक्ष्मजीवों की पूरी भीड़ रखी जाती है। उनमें से, वैकल्पिक (वे दोनों मौजूद हैं और नहीं हो सकते हैं) और बाध्यताएं (हर व्यक्ति जरूरी हैं) एक सशर्त रोगजनक माइक्रोफ्लोरा क्या है? हालांकि, रोगाणुओं के इस समुदाय में उन शामिल हैं,जो शर्तों में एक बीमारी पैदा कर सकता है जो अक्सर स्वयं पर निर्भर नहीं करते हैं यह एक सशर्त रोगजनक माइक्रोफ़्लोरा है ये सूक्ष्मजीव काफी बड़ी संख्या हैं, उदाहरण के लिए, इसमें क्लॉस्ट्रिडा, स्टेफिलोकोकस और एसेरिचिया की कुछ प्रजातियां शामिल हैं। व्यक्ति और जीवाणु के अपने जीव में रहने परएक काफी विविध रिश्ते अधिकांश मायक्रोबाइकोनासिस (माइक्रोफ्लोरा) सिंबायोसिस में एक व्यक्ति के साथ मिलकर सूक्ष्मजीवों द्वारा प्रतिनिधित्व किया जाता है। दूसरे शब्दों में, हम यह कह सकते हैं कि इसके साथ संबंध उनके लिए फायदे का है (पराबैंगनी विकिरण, पोषक तत्वों, निरंतर आर्द्रता और तापमान आदि से संरक्षण)। इसी समय, बैक्टीरिया भी पहनने वाले के जीव को सूक्ष्मजीवों के साथ प्रतिद्वंद्विता के रूप में लाभ और प्रोटीन विभाजन और विटामिन के संश्लेषण के रूप में, अपने अस्तित्व के क्षेत्र से उनका अस्तित्व भी लाते हैं। व्यक्ति के लिए उपयोगी बैक्टीरिया के साथ एक समय में कोहबन्द लोग हैं जो छोटे मात्रा में ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाते हैं, लेकिन कुछ परिस्थितियों में रोगग्रस्त हो जाते हैं। ये सशर्त रोगजनक सूक्ष्मजीव होते हैं। सशर्त रोगजनक सूक्ष्मजीव कहा जाता है,जो कवक, बैक्टीरिया, प्रोटोजोआ और वायरस के एक बड़े समूह हैं जो एक व्यक्ति के साथ सहजीवन में रहते हैं, लेकिन जो कुछ शर्तों के तहत, विभिन्न रोग प्रक्रियाओं का कारण बनता है। सबसे व्यापक और ज्ञात की सूची के लिए जनरेटेड के प्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराया जा सकता हैः एस्टरगिलस, प्रीटीस, कैंडिडा, एंटोबैक्चर, स्यूडोमोनस, स्ट्रेप्टोकोकस, एस्चेरिचिया और कई अन्य। अवसरवादी,रोगजनक और गैर-रोगजनक रोगाणु वैज्ञानिक वैज्ञानिक नहीं बता सकते, क्योंकि ज्यादातर मामलों में उनके रोगजन्य जीवों की स्थिति निर्धारित करता है। इस प्रकार, यह कहा जा सकता है कि माइक्रोफ्लोरा जो बिल्कुल स्वस्थ व्यक्ति में अध्ययन के दौरान प्रकट हुआ था, बाद में घातक परिणाम के साथ दूसरे में एक और बीमारी पैदा कर सकता है। के रोगजनक गुणों की अभिव्यक्तिसशर्त रोगजनक सूक्ष्मजीव शरीर के प्रतिरोध में तेज गिरावट के दौरान ही हो सकते हैं। एक स्वस्थ व्यक्ति को लगातार जठरांत्र संबंधी मार्ग में त्वचा और श्लेष्म झिल्ली पर इन सूक्ष्मजीव होते हैं, लेकिन वे उसे रोग परिवर्तन और सूजन प्रतिक्रियाओं को विकसित करने का कारण नहीं बनते। इसलिए, सशर्त रोगजनक रोगाणुओं को अवसरवादी कहा जाता है, क्योंकि वे गहन प्रजनन के लिए किसी भी अनुकूल अवसर का उपयोग करते हैं। समस्याओं की घटनाओं पर, हालांकि, कोई भी बोल सकता हैमामले, जब किसी कारण से प्रतिरक्षा बहुत कम हो जाती है, और यह परीक्षा के दौरान पाया गया था। सशर्त रोगजनक माइक्रोफ़्लोरा तब स्वास्थ्य के लिए वास्तव में खतरनाक है। कुछ स्थितियों में यह संभव हैः गंभीर श्वसन वायरल संक्रमण का अधिग्रहण या जन्मजात इम्यूनो (उन के बीच एचआईवी संक्रमण) में, बीमारियों कि प्रतिरक्षा (हृदय प्रणाली और रक्त, मधुमेह, कैंसर, आदि के रोगों) को कम करने, दवाएं हैं, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को दबाने लेने (में आंकलोजिकल रोगों, कोर्टिकोस्टेरोइड, साइटोटोक्सिक दवाओं, और अन्य), जुकाम के साथ, गंभीर तनाव, शारीरिक श्रम अत्यधिक या अन्य चरम पर्यावरणीय प्रभावों, स्तनपान या के लिए रसायन चिकित्सा गर्भावस्था। इन कारकों को व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक और उनमें से सामूहिक रूप से कई विशेष रूप से सक्षम काफी एक गंभीर संक्रमण के अवसरवादी बैक्टीरिया से एक कॉल करने के लिए नेतृत्व और मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा है। आप वनस्पति पर फसल करना चाहते हैं? डॉक्टरेट में निम्नलिखितस्थितिः जब आप नाक, गले, स्तन के दूध या त्वचा की सतह से Staphylococcus aureus के लिए एक सकारात्मक परीक्षण प्राप्त करते हैं, तो एक बिल्कुल स्वस्थ व्यक्ति बहुत उत्साहित हो सकता है और एंटीबायोटिक्स सहित चिकित्सा का संचालन करने के लिए एक विशेषज्ञ की आवश्यकता होती है। इस चिंता को आसानी से समझाया जा सकता है, लेकिन अक्सर यह आधारहीन होता है, क्योंकि दुनिया भर के लगभग आधे लोगों में स्टैफिलोकोकस ऑरियस है और इसके बारे में भी संदेह नहीं है। यह सूक्ष्मजीव उच्च श्वसन तंत्र और त्वचा के श्लेष्म झिल्ली के निवासी है। यह ऐसी श्रेणी के लिए विशिष्ट है जैसे सशर्त रोगजनक सूक्ष्मजीव। वह अभूतपूर्व के मालिक भी हैंविभिन्न पर्यावरणीय कारकों के प्रति प्रतिरोधः कई एंटीबायोटिक्स के प्रभाव, एंटीसेप्टिक्स के साथ उपचार, शीतलन और उबलते। इस कारण से आपको प्रभावित नहीं किया जा सकता है। सभी घरेलू उपकरणों, घरों, खिलौने और फर्नीचर की सतहें इसके द्वारा वरीयता प्राप्त की जाती हैं। और इस सूक्ष्मजीवन की गतिविधि को कम करने के लिए केवल त्वचा की प्रतिरक्षा की क्षमता ही संक्रामक जटिलताओं से मृत्यु के लोगों का एक बड़ा हिस्सा बचाता है। अन्यथा, अवसरवादी माइक्रोफ्लोरा का विकास, और विशेषकर स्टेफिलोकोकस के, रोक नहीं किया जाएगा। यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि केवलकारक है कि स्ताफ्य्लोकोच्चुस सामना नहीं कर सकते, मानव प्रतिरक्षा प्रणाली है। उच्च जोखिम वाली श्रेणी तब होती है जब मानव संरक्षण कमजोर हो जाता है इस मामले में, यह निमोनिया, दिमागी बुखार और कोमल ऊतकों और त्वचा की संक्रामक घावों (कोशिका, फोड़े, अपराधी, आदि), मूत्राशयशोध, pyelonephritis और अन्य के रूप में गंभीर बीमारी, हो सकता है। तभी संभव इलाज staph एंटीबायोटिक दवाओं के उपयोग जो करने के लिए जीव संवेदनशील है। क्या सशर्त रोगजनक आंतों माइक्रोफ्लोरा मौजूद है? ई। कोलाई को प्राकृतिक माना जाता हैप्रत्येक व्यक्ति में पाचन तंत्र के निचले हिस्से में निवासी इसके बिना, आंत पूरी तरह से कार्य नहीं कर सकता, क्योंकि यह पाचन प्रक्रिया के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस सूक्ष्मजीवी तंत्र को शामिल करना, विटामिन के उत्पादन में योगदान देता है, जो रक्त-थक्के की प्रक्रिया में शामिल होता है, और आंतों के जीवाणुओं के बीमारियों से पैदा होने वाले रोगजनक उपभेदों के बहुत सक्रिय विकास को रोकता है। ग्रीनिंग स्ट्रेप्टोकोकस भी बैक्टीरिया को संदर्भित करता हैसशर्त रोगजनक, क्योंकि यह ज्यादातर लोगों में पाया जाता है उनका पसंदीदा स्थानीयकरण मौखिक गुहा है, या बल्कि श्लेष्म झिल्ली जो मसूड़ों को शामिल करता है, और दाँत तामचीनी है। इस सूक्ष्म जीव सहित नाक और गले से स्मीयरों में पाया जाता है। हरे रंग की स्ट्रेक्टोकोकस की अनियमितता यह है कि लार में ऊंचा ग्लूकोज सामग्री होती है, यह दाँत तामचीनी को नष्ट करने में सक्षम होती है, जिससे pulpitis या क्षरण हो जाते हैं। एक चिकित्सक द्वारा सशर्त रोगजनक माइक्रोफ़्लोरा पर एक धब्बा आयोजित किया जाता है। यह कहा जा सकता है कि मिठाई का सामान्य खपतऔर खाने के बाद सबसे आसान मौखिक स्वच्छता इन रोगों का सबसे अच्छा रोकथाम है। इसके अलावा, कभी-कभी हरे रंग की स्ट्रेप्टोकोकस से अन्य बीमारियों की अभिव्यक्ति का कारण बनता हैः टॉन्सलिटिस, साइनसिसिस, ग्रसनीशोथ। सबसे गंभीर बीमारियां जो हरे रंग की स्ट्रेप्टोकोकस पैदा कर सकती हैं उनमें मेनिन्जाइटिस, निमोनिया, एंडोकार्टिटिस और पैलेनफ्राइटिस हैं। हालांकि, वे केवल बहुत छोटी श्रेणी के लोगों में विकसित होते हैं, जो उच्च जोखिम वाले समूह के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। और अगर बाकपास - सामान्य और सशर्त रोगजनक माइक्रोफ्लोरा नहीं मिला है? यह स्थिति काफी बार होती है यह आदर्श के एक रूप का मतलब है।
पृथ्वी के अधिकांश जीवित पदार्थ का प्रतिनिधित्व किया जाता हैरोगाणुओं। फिलहाल यह तथ्य सही रूप से स्थापित है। पूरी तरह से एक व्यक्ति को उनसे पृथक नहीं किया जा सकता है, और उनके पास बिना किसी नुकसान के बिना रहने या उस पर रहने का अवसर है। मानव शरीर की सतह पर, परइसके खोखले अंगों के भीतर के गोले को विभिन्न रंगों और प्रकारों के सूक्ष्मजीवों की पूरी भीड़ रखी जाती है। उनमें से, वैकल्पिक और बाध्यताएं एक सशर्त रोगजनक माइक्रोफ्लोरा क्या है? हालांकि, रोगाणुओं के इस समुदाय में उन शामिल हैं,जो शर्तों में एक बीमारी पैदा कर सकता है जो अक्सर स्वयं पर निर्भर नहीं करते हैं यह एक सशर्त रोगजनक माइक्रोफ़्लोरा है ये सूक्ष्मजीव काफी बड़ी संख्या हैं, उदाहरण के लिए, इसमें क्लॉस्ट्रिडा, स्टेफिलोकोकस और एसेरिचिया की कुछ प्रजातियां शामिल हैं। व्यक्ति और जीवाणु के अपने जीव में रहने परएक काफी विविध रिश्ते अधिकांश मायक्रोबाइकोनासिस सिंबायोसिस में एक व्यक्ति के साथ मिलकर सूक्ष्मजीवों द्वारा प्रतिनिधित्व किया जाता है। दूसरे शब्दों में, हम यह कह सकते हैं कि इसके साथ संबंध उनके लिए फायदे का है । इसी समय, बैक्टीरिया भी पहनने वाले के जीव को सूक्ष्मजीवों के साथ प्रतिद्वंद्विता के रूप में लाभ और प्रोटीन विभाजन और विटामिन के संश्लेषण के रूप में, अपने अस्तित्व के क्षेत्र से उनका अस्तित्व भी लाते हैं। व्यक्ति के लिए उपयोगी बैक्टीरिया के साथ एक समय में कोहबन्द लोग हैं जो छोटे मात्रा में ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाते हैं, लेकिन कुछ परिस्थितियों में रोगग्रस्त हो जाते हैं। ये सशर्त रोगजनक सूक्ष्मजीव होते हैं। सशर्त रोगजनक सूक्ष्मजीव कहा जाता है,जो कवक, बैक्टीरिया, प्रोटोजोआ और वायरस के एक बड़े समूह हैं जो एक व्यक्ति के साथ सहजीवन में रहते हैं, लेकिन जो कुछ शर्तों के तहत, विभिन्न रोग प्रक्रियाओं का कारण बनता है। सबसे व्यापक और ज्ञात की सूची के लिए जनरेटेड के प्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराया जा सकता हैः एस्टरगिलस, प्रीटीस, कैंडिडा, एंटोबैक्चर, स्यूडोमोनस, स्ट्रेप्टोकोकस, एस्चेरिचिया और कई अन्य। अवसरवादी,रोगजनक और गैर-रोगजनक रोगाणु वैज्ञानिक वैज्ञानिक नहीं बता सकते, क्योंकि ज्यादातर मामलों में उनके रोगजन्य जीवों की स्थिति निर्धारित करता है। इस प्रकार, यह कहा जा सकता है कि माइक्रोफ्लोरा जो बिल्कुल स्वस्थ व्यक्ति में अध्ययन के दौरान प्रकट हुआ था, बाद में घातक परिणाम के साथ दूसरे में एक और बीमारी पैदा कर सकता है। के रोगजनक गुणों की अभिव्यक्तिसशर्त रोगजनक सूक्ष्मजीव शरीर के प्रतिरोध में तेज गिरावट के दौरान ही हो सकते हैं। एक स्वस्थ व्यक्ति को लगातार जठरांत्र संबंधी मार्ग में त्वचा और श्लेष्म झिल्ली पर इन सूक्ष्मजीव होते हैं, लेकिन वे उसे रोग परिवर्तन और सूजन प्रतिक्रियाओं को विकसित करने का कारण नहीं बनते। इसलिए, सशर्त रोगजनक रोगाणुओं को अवसरवादी कहा जाता है, क्योंकि वे गहन प्रजनन के लिए किसी भी अनुकूल अवसर का उपयोग करते हैं। समस्याओं की घटनाओं पर, हालांकि, कोई भी बोल सकता हैमामले, जब किसी कारण से प्रतिरक्षा बहुत कम हो जाती है, और यह परीक्षा के दौरान पाया गया था। सशर्त रोगजनक माइक्रोफ़्लोरा तब स्वास्थ्य के लिए वास्तव में खतरनाक है। कुछ स्थितियों में यह संभव हैः गंभीर श्वसन वायरल संक्रमण का अधिग्रहण या जन्मजात इम्यूनो में, बीमारियों कि प्रतिरक्षा को कम करने, दवाएं हैं, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को दबाने लेने , जुकाम के साथ, गंभीर तनाव, शारीरिक श्रम अत्यधिक या अन्य चरम पर्यावरणीय प्रभावों, स्तनपान या के लिए रसायन चिकित्सा गर्भावस्था। इन कारकों को व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक और उनमें से सामूहिक रूप से कई विशेष रूप से सक्षम काफी एक गंभीर संक्रमण के अवसरवादी बैक्टीरिया से एक कॉल करने के लिए नेतृत्व और मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा है। आप वनस्पति पर फसल करना चाहते हैं? डॉक्टरेट में निम्नलिखितस्थितिः जब आप नाक, गले, स्तन के दूध या त्वचा की सतह से Staphylococcus aureus के लिए एक सकारात्मक परीक्षण प्राप्त करते हैं, तो एक बिल्कुल स्वस्थ व्यक्ति बहुत उत्साहित हो सकता है और एंटीबायोटिक्स सहित चिकित्सा का संचालन करने के लिए एक विशेषज्ञ की आवश्यकता होती है। इस चिंता को आसानी से समझाया जा सकता है, लेकिन अक्सर यह आधारहीन होता है, क्योंकि दुनिया भर के लगभग आधे लोगों में स्टैफिलोकोकस ऑरियस है और इसके बारे में भी संदेह नहीं है। यह सूक्ष्मजीव उच्च श्वसन तंत्र और त्वचा के श्लेष्म झिल्ली के निवासी है। यह ऐसी श्रेणी के लिए विशिष्ट है जैसे सशर्त रोगजनक सूक्ष्मजीव। वह अभूतपूर्व के मालिक भी हैंविभिन्न पर्यावरणीय कारकों के प्रति प्रतिरोधः कई एंटीबायोटिक्स के प्रभाव, एंटीसेप्टिक्स के साथ उपचार, शीतलन और उबलते। इस कारण से आपको प्रभावित नहीं किया जा सकता है। सभी घरेलू उपकरणों, घरों, खिलौने और फर्नीचर की सतहें इसके द्वारा वरीयता प्राप्त की जाती हैं। और इस सूक्ष्मजीवन की गतिविधि को कम करने के लिए केवल त्वचा की प्रतिरक्षा की क्षमता ही संक्रामक जटिलताओं से मृत्यु के लोगों का एक बड़ा हिस्सा बचाता है। अन्यथा, अवसरवादी माइक्रोफ्लोरा का विकास, और विशेषकर स्टेफिलोकोकस के, रोक नहीं किया जाएगा। यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि केवलकारक है कि स्ताफ्य्लोकोच्चुस सामना नहीं कर सकते, मानव प्रतिरक्षा प्रणाली है। उच्च जोखिम वाली श्रेणी तब होती है जब मानव संरक्षण कमजोर हो जाता है इस मामले में, यह निमोनिया, दिमागी बुखार और कोमल ऊतकों और त्वचा की संक्रामक घावों , मूत्राशयशोध, pyelonephritis और अन्य के रूप में गंभीर बीमारी, हो सकता है। तभी संभव इलाज staph एंटीबायोटिक दवाओं के उपयोग जो करने के लिए जीव संवेदनशील है। क्या सशर्त रोगजनक आंतों माइक्रोफ्लोरा मौजूद है? ई। कोलाई को प्राकृतिक माना जाता हैप्रत्येक व्यक्ति में पाचन तंत्र के निचले हिस्से में निवासी इसके बिना, आंत पूरी तरह से कार्य नहीं कर सकता, क्योंकि यह पाचन प्रक्रिया के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस सूक्ष्मजीवी तंत्र को शामिल करना, विटामिन के उत्पादन में योगदान देता है, जो रक्त-थक्के की प्रक्रिया में शामिल होता है, और आंतों के जीवाणुओं के बीमारियों से पैदा होने वाले रोगजनक उपभेदों के बहुत सक्रिय विकास को रोकता है। ग्रीनिंग स्ट्रेप्टोकोकस भी बैक्टीरिया को संदर्भित करता हैसशर्त रोगजनक, क्योंकि यह ज्यादातर लोगों में पाया जाता है उनका पसंदीदा स्थानीयकरण मौखिक गुहा है, या बल्कि श्लेष्म झिल्ली जो मसूड़ों को शामिल करता है, और दाँत तामचीनी है। इस सूक्ष्म जीव सहित नाक और गले से स्मीयरों में पाया जाता है। हरे रंग की स्ट्रेक्टोकोकस की अनियमितता यह है कि लार में ऊंचा ग्लूकोज सामग्री होती है, यह दाँत तामचीनी को नष्ट करने में सक्षम होती है, जिससे pulpitis या क्षरण हो जाते हैं। एक चिकित्सक द्वारा सशर्त रोगजनक माइक्रोफ़्लोरा पर एक धब्बा आयोजित किया जाता है। यह कहा जा सकता है कि मिठाई का सामान्य खपतऔर खाने के बाद सबसे आसान मौखिक स्वच्छता इन रोगों का सबसे अच्छा रोकथाम है। इसके अलावा, कभी-कभी हरे रंग की स्ट्रेप्टोकोकस से अन्य बीमारियों की अभिव्यक्ति का कारण बनता हैः टॉन्सलिटिस, साइनसिसिस, ग्रसनीशोथ। सबसे गंभीर बीमारियां जो हरे रंग की स्ट्रेप्टोकोकस पैदा कर सकती हैं उनमें मेनिन्जाइटिस, निमोनिया, एंडोकार्टिटिस और पैलेनफ्राइटिस हैं। हालांकि, वे केवल बहुत छोटी श्रेणी के लोगों में विकसित होते हैं, जो उच्च जोखिम वाले समूह के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। और अगर बाकपास - सामान्य और सशर्त रोगजनक माइक्रोफ्लोरा नहीं मिला है? यह स्थिति काफी बार होती है यह आदर्श के एक रूप का मतलब है।
#YRFSpyUniverse: क्या है पठान-टाइगर और वॉर का बना स्पाई यूनिवर्स? शाहरुख-सलमान और ऋतिक करेंगे धमाका! सोशल मीडिया पर कब क्या ट्रेंड हो जाए इस बारे में पुख्ता तौर पर कुछ भी कहना हमेशा ही मुश्किल होता है। शाहरुख खान की फिल्म पठान इन दिनों काफी चर्चा में हैं लेकिन इसके साथ ही अब ट्विटर पर सलमान खान की टाइगर 3 और ऋतिक रोशन की वॉर 2 भी चर्चा में आ गई है। ट्विटर पर #YRFSpyUniverse ट्रेंड हो रहा है और फैन्स यशराज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स के वीडियो क्लिप्स एडिट कर अपना एक्साइटमेंट सभी के लिए शेयर कर रहे हैं। हालांकि अगर आप अब भी ये मामला नहीं समझे हैं तो आपको इस रिपोर्ट में सब कुछ डिटेल में बताते हैं। दरअसल हाल ही में सोशल मीडिया पर हाल ही में YRF Spy Universe का लोगो सामने आया है, जो देखते ही देखते तेजी से वायरल हो गया। इसके बाद फैन पेज्स टाइगर, पठान और वॉर के क्लिप्स को मिक्स करके फोटोज और वीडियोज शेयर करने लगे। ट्विटर पर #YRFSpyUniverse #Tiger3 #Pathaan और #War2 ट्रेंड कर रहा है, जिसके कई वीडियोज तेजी से वायरल हो रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यशराज फिल्म्स ने भी स्पाई यूनिवर्स बनाने की तैयारी कर ली है। बताया जा रहा है कि शाहरुख खान की फिल्म पठान में सलमान खान बतौर 'टाइगर' कैमियो करेंगे तो वहीं सलमान और कटरीना की 'टाइगर 3' में शाहरुख खान का भी कैमियो होगा। यही नहीं इनके अलावा ऋतिक रोशन की 'वॉर 2' में भी शाहरुख और सलमान खान नजर आ सकते हैं। ऐसे में यशराज पूरा एक एक पूरा स्पाई यूनिवर्स क्रिएट कर रहा है, जिसके लिए फैन्स काफी एक्साइटिड हैं। वैसे बता दें कि कुछ वक्त पहले ऐसी खबरें भी सामने आई थीं कि सिंघम और सलमान खान का दबंग किरदार यानी चुलबुल पांडे भी साथ आ सकता है। वहीं सर्कस के प्रमोशन में रोहित शेट्टी ने ऐलान कर दिया था कि दीपिका पादुकोण उनकी फिल्म में बतौर लेडी सिंघम नजर आने वाली हैं। यानी रोहित शेट्टी का सिने यूनिवर्स भी तेजी से बढ़ रहा है, जिसकी शुरुआत अजय देवगन की सिंघम से हुई थी। रोहित शेट्टी का कॉप यूनिवर्स 'सिंबा' और 'सूर्यवंशी' के साथ लगातार बड़ा होता गया है। 'सिंघम' के 2 पार्ट रिलीज किए जा चुके हैं और अब जल्द ही रोहित शेट्टी इंडियन पुलिस फोर्स के बारे में एक वेब सीरीज भी लाने वाले हैं। इसी बीच उनका कॉप यूनिवर्स का हिस्सा बनने की बात करना एक बड़ा ऐलान है। ऋतिक रोशन जल्दी ही फिल्म फाइटर में नजर आएंगे। फिल्म में ऋतिक की जोड़ी दीपिका पादुकोण के साथ बनेगी। बात करें फिल्म 'फाइटर' की तो मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये भारत की पहली एरियल एक्शन फिल्म होगी। इस फिल्म का निर्देशन एक्शन फिल्मों में महारत रखने वाले सिद्धार्थ आनंद करेंगे। ऋतिक इससे पहले 'बैंग बैंग' और 'वॉर' फिल्म में सिद्धार्थ के निर्देशन में काम कर चुके हैं। फाइटर के अलावा ऋतिक की अपकमिंग लिस्ट में विक्रम वेधा और कृष 4 शामिल हैं। शाहरुख खान फिल्म पठान से कमबैक कर रहे हैं। पठान जनवरी 2023 में रिलीज होगी। फिल्म में जॉन अब्राहम और दीपिका पादुकोण भी मुख्य किरदार में नजर आएंगे। इसके अलावा शाहरुख खान ने राजकुमार हिरानी के साथ फिल्म डंकी का भी आधिकारिक ऐलान कर दिया है। फिल्म में शाहरुख खान की जोड़ी तापसी पन्नू के साथ बनी है। फिल्म 22 दिसंबर 2023 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। इन दोनों फिल्मों के अलावा शाहरुख, निर्देशक एटली के साथ भी फिल्म जवान में नजर आएंगे। कुछ ही वक्त पहले फिल्म का एक टीजर रिलीज हुआ था, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया था। शाहरुख खान की जवान, 2 जून 2023 को हिंदी के साथ ही तमिल, तेलुगू, मलयालम और कन्नड़ में रिलीज होगी। बात सलमान खान की करें तो उनका बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड काफी तगड़ा है। 300 करोड़ के क्लब में 4 फिल्में सिर्फ सलमान खान की हैं, हालांकि उनके हालिया रिलीज अंतिम और उसके पहले राधे कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई थी। वहीं बात सलमान खान की करें तो 'दबंग' खान की अपकमिंग फिल्मों के खाते में किक 2, किसी का भाई किसी की जान, सूरज बड़जात्या संग फिल्म, और नो एंट्री का सीक्वल शामिल है। वहीं शाहरुख खान की पठान में भी सलमान खान का कैमियो होगा। याद दिला दें कि टाइगर 3 से सभी को काफी उम्मीदें हैं और कहा जा रहा है कि ये फिल्म नए रिकॉर्ड बनाएगी। Punjab, Ludhiana, Jalandhar, Amritsar, Patiala, Sangrur, Gurdaspur, Pathankot, Hoshiarpur, Tarn Taran, Firozpur, Fatehgarh Sahib, Faridkot, Moga, Bathinda, Rupnagar, Kapurthala, Badnala, Ambala,Uttar Pradesh, Agra, Bareilly, Banaras, Kashi, Lucknow, Moradabad, Kanpur, Varanasi, Gorakhpur, Bihar, Muzaffarpur, East Champaran, Kanpur, Darbhanga, Samastipur, Nalanda, Patna, Muzaffarpur, Jehanabad, Patna, Nalanda, Araria, Arwal, Aurangabad, Katihar, Kishanganj, Kaimur, Khagaria, Gaya, Gopalganj, Jamui, Jehanabad, Nawada, West Champaran, Purnia, East Champaran, Buxar, Banka, Begusarai, Bhagalpur, Bhojpur, Madhubani, Madhepura, Munger, Rohtas, Lakhisarai, Vaishali, Sheohar, Sheikhpura, Samastipur, Saharsa, Saran, Sitamarhi, Siwan, Supaul,Gujarat, Ahmedabad, Vadodara, Surat, Rajkot, Vadodara, Junagadh, Anand, Jamnagar, Gir Somnath, Mehsana, Kutch, Sabarkantha, Amreli, Kheda, Rajkot, Bhavnagar, Aravalli, Dahod, Banaskantha, Gandhinagar, Bhavnagar, Jamnagar, Valsad, Bharuch , Mahisagar, Patan, Gandhinagar, Navsari, Porbandar, Narmada, Surendranagar, Chhota Udaipur, Tapi, Morbi, Botad, Dang, Rajasthan, Jaipur, Alwar, Udaipur, Kota, Jodhpur, Jaisalmer, Sikar, Jhunjhunu, Sri Ganganagar, Barmer, Hanumangarh, Ajmer, Pali, Bharatpur, Bikaner, Churu, Chittorgarh, Rajsamand, Nagaur, Bhilwara, Tonk, Dausa, Dungarpur, Jhalawar, Banswara, Pratapgarh, Sirohi, Bundi, Baran, Sawai Madhopur, Karauli, Dholpur, Jalore,Haryana, Gurugram, Faridabad, Sonipat, Hisar, Ambala, Karnal, Panipat, Rohtak, Rewari, Panchkula, Kurukshetra, Yamunanagar, Sirsa, Mahendragarh, Bhiwani, Jhajjar, Palwal, Fatehabad, Kaithal, Jind, Nuh, बिहार, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, कानपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, नालंदा, पटना, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, पटना, नालंदा, अररिया, अरवल, औरंगाबाद, कटिहार, किशनगंज, कैमूर, खगड़िया, गया, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, नवादा, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण, बक्सर, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, मधुबनी, मधेपुरा, मुंगेर, रोहतास, लखीसराय, वैशाली, शिवहर, शेखपुरा, समस्तीपुर, सहरसा, सारण सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल, बिहार, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, कानपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, नालंदा, पटना, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, पटना, नालंदा, अररिया, अरवल, औरंगाबाद, कटिहार, किशनगंज, कैमूर, खगड़िया, गया, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, नवादा, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण, बक्सर, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, मधुबनी, मधेपुरा, मुंगेर, रोहतास, लखीसराय, वैशाली, शिवहर, शेखपुरा, समस्तीपुर, सहरसा, सारण सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल,
#YRFSpyUniverse: क्या है पठान-टाइगर और वॉर का बना स्पाई यूनिवर्स? शाहरुख-सलमान और ऋतिक करेंगे धमाका! सोशल मीडिया पर कब क्या ट्रेंड हो जाए इस बारे में पुख्ता तौर पर कुछ भी कहना हमेशा ही मुश्किल होता है। शाहरुख खान की फिल्म पठान इन दिनों काफी चर्चा में हैं लेकिन इसके साथ ही अब ट्विटर पर सलमान खान की टाइगर तीन और ऋतिक रोशन की वॉर दो भी चर्चा में आ गई है। ट्विटर पर #YRFSpyUniverse ट्रेंड हो रहा है और फैन्स यशराज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स के वीडियो क्लिप्स एडिट कर अपना एक्साइटमेंट सभी के लिए शेयर कर रहे हैं। हालांकि अगर आप अब भी ये मामला नहीं समझे हैं तो आपको इस रिपोर्ट में सब कुछ डिटेल में बताते हैं। दरअसल हाल ही में सोशल मीडिया पर हाल ही में YRF Spy Universe का लोगो सामने आया है, जो देखते ही देखते तेजी से वायरल हो गया। इसके बाद फैन पेज्स टाइगर, पठान और वॉर के क्लिप्स को मिक्स करके फोटोज और वीडियोज शेयर करने लगे। ट्विटर पर #YRFSpyUniverse #Tigerतीन #Pathaan और #Warदो ट्रेंड कर रहा है, जिसके कई वीडियोज तेजी से वायरल हो रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यशराज फिल्म्स ने भी स्पाई यूनिवर्स बनाने की तैयारी कर ली है। बताया जा रहा है कि शाहरुख खान की फिल्म पठान में सलमान खान बतौर 'टाइगर' कैमियो करेंगे तो वहीं सलमान और कटरीना की 'टाइगर तीन' में शाहरुख खान का भी कैमियो होगा। यही नहीं इनके अलावा ऋतिक रोशन की 'वॉर दो' में भी शाहरुख और सलमान खान नजर आ सकते हैं। ऐसे में यशराज पूरा एक एक पूरा स्पाई यूनिवर्स क्रिएट कर रहा है, जिसके लिए फैन्स काफी एक्साइटिड हैं। वैसे बता दें कि कुछ वक्त पहले ऐसी खबरें भी सामने आई थीं कि सिंघम और सलमान खान का दबंग किरदार यानी चुलबुल पांडे भी साथ आ सकता है। वहीं सर्कस के प्रमोशन में रोहित शेट्टी ने ऐलान कर दिया था कि दीपिका पादुकोण उनकी फिल्म में बतौर लेडी सिंघम नजर आने वाली हैं। यानी रोहित शेट्टी का सिने यूनिवर्स भी तेजी से बढ़ रहा है, जिसकी शुरुआत अजय देवगन की सिंघम से हुई थी। रोहित शेट्टी का कॉप यूनिवर्स 'सिंबा' और 'सूर्यवंशी' के साथ लगातार बड़ा होता गया है। 'सिंघम' के दो पार्ट रिलीज किए जा चुके हैं और अब जल्द ही रोहित शेट्टी इंडियन पुलिस फोर्स के बारे में एक वेब सीरीज भी लाने वाले हैं। इसी बीच उनका कॉप यूनिवर्स का हिस्सा बनने की बात करना एक बड़ा ऐलान है। ऋतिक रोशन जल्दी ही फिल्म फाइटर में नजर आएंगे। फिल्म में ऋतिक की जोड़ी दीपिका पादुकोण के साथ बनेगी। बात करें फिल्म 'फाइटर' की तो मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये भारत की पहली एरियल एक्शन फिल्म होगी। इस फिल्म का निर्देशन एक्शन फिल्मों में महारत रखने वाले सिद्धार्थ आनंद करेंगे। ऋतिक इससे पहले 'बैंग बैंग' और 'वॉर' फिल्म में सिद्धार्थ के निर्देशन में काम कर चुके हैं। फाइटर के अलावा ऋतिक की अपकमिंग लिस्ट में विक्रम वेधा और कृष चार शामिल हैं। शाहरुख खान फिल्म पठान से कमबैक कर रहे हैं। पठान जनवरी दो हज़ार तेईस में रिलीज होगी। फिल्म में जॉन अब्राहम और दीपिका पादुकोण भी मुख्य किरदार में नजर आएंगे। इसके अलावा शाहरुख खान ने राजकुमार हिरानी के साथ फिल्म डंकी का भी आधिकारिक ऐलान कर दिया है। फिल्म में शाहरुख खान की जोड़ी तापसी पन्नू के साथ बनी है। फिल्म बाईस दिसंबर दो हज़ार तेईस को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। इन दोनों फिल्मों के अलावा शाहरुख, निर्देशक एटली के साथ भी फिल्म जवान में नजर आएंगे। कुछ ही वक्त पहले फिल्म का एक टीजर रिलीज हुआ था, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया था। शाहरुख खान की जवान, दो जून दो हज़ार तेईस को हिंदी के साथ ही तमिल, तेलुगू, मलयालम और कन्नड़ में रिलीज होगी। बात सलमान खान की करें तो उनका बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड काफी तगड़ा है। तीन सौ करोड़ के क्लब में चार फिल्में सिर्फ सलमान खान की हैं, हालांकि उनके हालिया रिलीज अंतिम और उसके पहले राधे कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई थी। वहीं बात सलमान खान की करें तो 'दबंग' खान की अपकमिंग फिल्मों के खाते में किक दो, किसी का भाई किसी की जान, सूरज बड़जात्या संग फिल्म, और नो एंट्री का सीक्वल शामिल है। वहीं शाहरुख खान की पठान में भी सलमान खान का कैमियो होगा। याद दिला दें कि टाइगर तीन से सभी को काफी उम्मीदें हैं और कहा जा रहा है कि ये फिल्म नए रिकॉर्ड बनाएगी। Punjab, Ludhiana, Jalandhar, Amritsar, Patiala, Sangrur, Gurdaspur, Pathankot, Hoshiarpur, Tarn Taran, Firozpur, Fatehgarh Sahib, Faridkot, Moga, Bathinda, Rupnagar, Kapurthala, Badnala, Ambala,Uttar Pradesh, Agra, Bareilly, Banaras, Kashi, Lucknow, Moradabad, Kanpur, Varanasi, Gorakhpur, Bihar, Muzaffarpur, East Champaran, Kanpur, Darbhanga, Samastipur, Nalanda, Patna, Muzaffarpur, Jehanabad, Patna, Nalanda, Araria, Arwal, Aurangabad, Katihar, Kishanganj, Kaimur, Khagaria, Gaya, Gopalganj, Jamui, Jehanabad, Nawada, West Champaran, Purnia, East Champaran, Buxar, Banka, Begusarai, Bhagalpur, Bhojpur, Madhubani, Madhepura, Munger, Rohtas, Lakhisarai, Vaishali, Sheohar, Sheikhpura, Samastipur, Saharsa, Saran, Sitamarhi, Siwan, Supaul,Gujarat, Ahmedabad, Vadodara, Surat, Rajkot, Vadodara, Junagadh, Anand, Jamnagar, Gir Somnath, Mehsana, Kutch, Sabarkantha, Amreli, Kheda, Rajkot, Bhavnagar, Aravalli, Dahod, Banaskantha, Gandhinagar, Bhavnagar, Jamnagar, Valsad, Bharuch , Mahisagar, Patan, Gandhinagar, Navsari, Porbandar, Narmada, Surendranagar, Chhota Udaipur, Tapi, Morbi, Botad, Dang, Rajasthan, Jaipur, Alwar, Udaipur, Kota, Jodhpur, Jaisalmer, Sikar, Jhunjhunu, Sri Ganganagar, Barmer, Hanumangarh, Ajmer, Pali, Bharatpur, Bikaner, Churu, Chittorgarh, Rajsamand, Nagaur, Bhilwara, Tonk, Dausa, Dungarpur, Jhalawar, Banswara, Pratapgarh, Sirohi, Bundi, Baran, Sawai Madhopur, Karauli, Dholpur, Jalore,Haryana, Gurugram, Faridabad, Sonipat, Hisar, Ambala, Karnal, Panipat, Rohtak, Rewari, Panchkula, Kurukshetra, Yamunanagar, Sirsa, Mahendragarh, Bhiwani, Jhajjar, Palwal, Fatehabad, Kaithal, Jind, Nuh, बिहार, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, कानपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, नालंदा, पटना, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, पटना, नालंदा, अररिया, अरवल, औरंगाबाद, कटिहार, किशनगंज, कैमूर, खगड़िया, गया, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, नवादा, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण, बक्सर, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, मधुबनी, मधेपुरा, मुंगेर, रोहतास, लखीसराय, वैशाली, शिवहर, शेखपुरा, समस्तीपुर, सहरसा, सारण सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल, बिहार, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, कानपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, नालंदा, पटना, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, पटना, नालंदा, अररिया, अरवल, औरंगाबाद, कटिहार, किशनगंज, कैमूर, खगड़िया, गया, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, नवादा, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण, बक्सर, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, मधुबनी, मधेपुरा, मुंगेर, रोहतास, लखीसराय, वैशाली, शिवहर, शेखपुरा, समस्तीपुर, सहरसा, सारण सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल,
उत्तरप्रदेश :- उत्तरप्रदेश (यूपी) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट मीटिंग सहित अपनी आधिकारिक बैठकों के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। मुख्यमंत्री के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "सभी मंत्री कैबिनेट की बैठकों में चर्चा में आने वाले मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करें। बैठकों में चर्चा के दौरान कुछ मंत्री व्हाट्स ऐप पर व्यस्त ना हो। मैं चाहता हूँ कि, सभी मंत्री कैबिनेट की बैठकों में ध्यान केंद्रित करें इसलिए फ़ोन पर रोक लगाए जा रहे है। हैकिंग और इलेक्ट्रॉनिक जासूसी खतरों को ध्यान में रखते हुए भी यह निर्णय लिया गया है। मंत्री को पहले मोबाइल फोन लाने की अनुमति दी गई थी, लेकिन उन्हें साइलेंट मोड में रखना पड़ता था । खास बात यह है कि ये आदेश मंत्रियों के साथ-साथ अफसरों पर भी लागू होगा। इसे लेकर मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय ने आदेश जारी कर दिया है जिसमें कहा गया है कि लोकभवन स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष में किसी का भी मोबाइल फोन लाना प्रतिबंधित है। यह पत्र उप मुख्यमंत्री, सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार के सभी राज्यमंत्रियों व राज्यमंत्रियों के निजी सचिवों को दिया गया है। अब, उन्हें अपने फोन को एक निर्दिष्ट काउंटर पर जमा करना होगा और एक टोकन जारी किया जाएगा जो बाद में उनके मोबाइल फोन के एक्सचेंज में दिया जायेगा।
उत्तरप्रदेश :- उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट मीटिंग सहित अपनी आधिकारिक बैठकों के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। मुख्यमंत्री के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "सभी मंत्री कैबिनेट की बैठकों में चर्चा में आने वाले मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करें। बैठकों में चर्चा के दौरान कुछ मंत्री व्हाट्स ऐप पर व्यस्त ना हो। मैं चाहता हूँ कि, सभी मंत्री कैबिनेट की बैठकों में ध्यान केंद्रित करें इसलिए फ़ोन पर रोक लगाए जा रहे है। हैकिंग और इलेक्ट्रॉनिक जासूसी खतरों को ध्यान में रखते हुए भी यह निर्णय लिया गया है। मंत्री को पहले मोबाइल फोन लाने की अनुमति दी गई थी, लेकिन उन्हें साइलेंट मोड में रखना पड़ता था । खास बात यह है कि ये आदेश मंत्रियों के साथ-साथ अफसरों पर भी लागू होगा। इसे लेकर मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय ने आदेश जारी कर दिया है जिसमें कहा गया है कि लोकभवन स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष में किसी का भी मोबाइल फोन लाना प्रतिबंधित है। यह पत्र उप मुख्यमंत्री, सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार के सभी राज्यमंत्रियों व राज्यमंत्रियों के निजी सचिवों को दिया गया है। अब, उन्हें अपने फोन को एक निर्दिष्ट काउंटर पर जमा करना होगा और एक टोकन जारी किया जाएगा जो बाद में उनके मोबाइल फोन के एक्सचेंज में दिया जायेगा।
घर में खाना बनाते समय गैस रिसाव के कारण आग लग गई। इससे किशोरी झुलस गई। पुलिस और फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। हथिगवां के मोहद्दीनगर के राम अभिलाष प्रजापति की पुत्री काजल (14) शुक्रवार रात घर में खाना बना रही थी। सिलेंडर से गैस रिसाव के कारण चूल्हा जलाने के लिए माचिस जलाते ही आग लग गई। काजल लपटों में घिरकर झुलस गई। शोर सुनकर परिजन और आसपास के लोग दौडे़ और जलते सिलेंडर को बोरे में लपेट कर घर से बाहर फेंका। हालांकि तब तक घर में आग फैल चुकी थी। यूपी 112 को फोन करने पर पुलिस और फायर ब्रिगेड के जवान पहुंचे। काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पाया लेकिन तक तक काफी सामान जल गया। झुलसी काजल को सीएचसी में भर्ती कराया गया। एसओ उदय त्रिपाठी का कहना है कि गैस सिलेंडर बाहर निकाल लिए जाने से हादसा होने से बच गया। आग से घरेलू सामान का नुकसान हुआ है। किशोरी स्वस्थ है।
घर में खाना बनाते समय गैस रिसाव के कारण आग लग गई। इससे किशोरी झुलस गई। पुलिस और फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। हथिगवां के मोहद्दीनगर के राम अभिलाष प्रजापति की पुत्री काजल शुक्रवार रात घर में खाना बना रही थी। सिलेंडर से गैस रिसाव के कारण चूल्हा जलाने के लिए माचिस जलाते ही आग लग गई। काजल लपटों में घिरकर झुलस गई। शोर सुनकर परिजन और आसपास के लोग दौडे़ और जलते सिलेंडर को बोरे में लपेट कर घर से बाहर फेंका। हालांकि तब तक घर में आग फैल चुकी थी। यूपी एक सौ बारह को फोन करने पर पुलिस और फायर ब्रिगेड के जवान पहुंचे। काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पाया लेकिन तक तक काफी सामान जल गया। झुलसी काजल को सीएचसी में भर्ती कराया गया। एसओ उदय त्रिपाठी का कहना है कि गैस सिलेंडर बाहर निकाल लिए जाने से हादसा होने से बच गया। आग से घरेलू सामान का नुकसान हुआ है। किशोरी स्वस्थ है।
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
चर्चा में क्यों? 10 अप्रैल, 2023 को झारखंड प्रदूषण बोर्ड के वैज्ञानिक संजय श्रीवास्तव ने बताया कि झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (जेएसपीसीबी), सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड) और सेंटर फॉर स्टडी ऑफ साइंस, टेक्नोलॉजी एंड पॉलिसी (सी-स्टेप) ने झारखंड के छह शहरों की वायु प्रदूषण स्थिति से संबंधित एमिशन इन्वेंट्री रिपोर्ट (प्रदूषण उत्सर्जन सूची) जारी की, जिसमें पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) का उत्सर्जन राज्य के रामगढ़ शहर में सबसे अधिक पाया गया। - उल्लेखनीय है कि एमिशन इन्वेंट्री रिपोर्ट में राज्य के रामगढ़, हजारीबाग, साहिबगंज, दुमका, पाकुड़ और चाईबासा शहर में प्रदूषण फैलाने वाले स्रोत एवं कारकों की जानकारी दी गई है। - इस रिपोर्ट के अनुसार वायु प्रदूषण कम करने को प्राथमिकता रामगढ़ के बाद हजारीबाग, पाकुड़, साहिबगंज, चाईबासा और दुमका का स्थान आता है। हालाँकि रामगढ़ की आबादी साहिबगंज और हजारीबाग की तुलना में कम है, लेकिन शहर के अंदर और आसपास बड़ी संख्या में भारी उद्योग होने के कारण पीएम ज्यादा पाया गया। - दुमका, चाईबासा और हजारीबाग में पीएम 2.5 एमिशन के लिये परिवहन मुख्य रूप से जिम्मेवार है। साहिबगंज और पाकुड़ में पीएम 2.5 एमिशन का कारण घरेलू क्षेत्र रहा। - रिपोर्ट में वायु प्रदूषण के लिये घरेलू, व्यावसायिक, इंडस्ट्री, निर्माण गतिविधियों, खुले में जलावन और सड़क की धूल आदि विभिन्न कारकों एवं क्षेत्रों का अध्ययन किया गया है। - विदित है कि नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के अनुसार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा तीन शहरों (राँची, जमशेदपुर और धनबाद) के लिये क्लीन एयर एक्शन प्लान तैयार किया गया है और इन्हें लागू किया जा रहा है।
चर्चा में क्यों? दस अप्रैल, दो हज़ार तेईस को झारखंड प्रदूषण बोर्ड के वैज्ञानिक संजय श्रीवास्तव ने बताया कि झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड , सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट और सेंटर फॉर स्टडी ऑफ साइंस, टेक्नोलॉजी एंड पॉलिसी ने झारखंड के छह शहरों की वायु प्रदूषण स्थिति से संबंधित एमिशन इन्वेंट्री रिपोर्ट जारी की, जिसमें पार्टिकुलेट मैटर का उत्सर्जन राज्य के रामगढ़ शहर में सबसे अधिक पाया गया। - उल्लेखनीय है कि एमिशन इन्वेंट्री रिपोर्ट में राज्य के रामगढ़, हजारीबाग, साहिबगंज, दुमका, पाकुड़ और चाईबासा शहर में प्रदूषण फैलाने वाले स्रोत एवं कारकों की जानकारी दी गई है। - इस रिपोर्ट के अनुसार वायु प्रदूषण कम करने को प्राथमिकता रामगढ़ के बाद हजारीबाग, पाकुड़, साहिबगंज, चाईबासा और दुमका का स्थान आता है। हालाँकि रामगढ़ की आबादी साहिबगंज और हजारीबाग की तुलना में कम है, लेकिन शहर के अंदर और आसपास बड़ी संख्या में भारी उद्योग होने के कारण पीएम ज्यादा पाया गया। - दुमका, चाईबासा और हजारीबाग में पीएम दो.पाँच एमिशन के लिये परिवहन मुख्य रूप से जिम्मेवार है। साहिबगंज और पाकुड़ में पीएम दो.पाँच एमिशन का कारण घरेलू क्षेत्र रहा। - रिपोर्ट में वायु प्रदूषण के लिये घरेलू, व्यावसायिक, इंडस्ट्री, निर्माण गतिविधियों, खुले में जलावन और सड़क की धूल आदि विभिन्न कारकों एवं क्षेत्रों का अध्ययन किया गया है। - विदित है कि नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के अनुसार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा तीन शहरों के लिये क्लीन एयर एक्शन प्लान तैयार किया गया है और इन्हें लागू किया जा रहा है।
एक बार तो पुलिस प्रशासन भी नरम पड़ गया, लेकिन महिला पुलिस कर्मियों ने कॉलोनी की महिलाओं को वहीं रोक दिया। जिसके बाद मकानों को बुलडोजर से तुड़वा दिया गया। इस दौरान महिलाएं प्रशासनिक अधिकारियों से रोते हुए कह रही थी कि उनके बच्चों का क्या कसूर है। उनके किए की सजा उनके बच्चों को क्यों दे रहे हो। प्रशासन की इस कार्रवाई से चारों नशा तस्करों के परिवार से कड़ाके की इस ठंड में 12 मासूम भी बेघर हो गए हैं। महिलाएं कह रही थी कि उनके छोटे-छोटे बच्चे है जो स्कूल में पढ़ते हैं। इनमें से कुछ बच्चे तो पहली और दूसरी कक्षा में पढ़ते है, जिन्हें ये भी नहीं पता था कि उनके मकान क्यों तोड़े जा रहे हैं। मकान तोड़ते समय रणधीर उर्फ धीरा की पत्नी कमलेश बोली की पाई-पाई करके मकान बनाया था, 35 साल पहले इस कालोनी में झुग्गी बनाई थी। उसका पति आटो चलाता है और वह अनाज मंडी में मजदूरी करने जाती है। कमलेश अपने टूटते हुए मकान को देख लगातार रोए जा रही थी, कई बार बेसुध हुई तो उसकी बहनों ने उसे संभाला। रणधीर के दो बेटे और दो बेटियां है। बड़ी बेटी 15 वर्षीय प्रीति 7वीं कक्षा में पढ़ती है तो दूसरी बेटी शीतल कक्षा छ में है। वहीं उसके दो बेटे है जो अनमोल दूसरी कक्षा में और कार्तिक पहली कक्षा में है। रणधीर के मकान के साथ ही उसके छोटे भाई बलबीर का मकान था। इसे भी पुलिस प्रशासन ने ढहा दिया। बलबीर के परिवार में उसकी पत्नी निर्मला और दो बेटे है। रणधीर ने नोटिस मिलने पर सामान को सामने स्थित एक मकान में रखवाया था तो उसका कुछ सामान गली में पड़ा था। रणधीर की पत्नी निर्मला ने बताया कि उन्होंने करीब तीन साल पहले मकान की मरम्मत करवाई थी। रणधीर और बलबीर के साथ इसी कालोनी में इनके तीन भाई ओर रहते हैं। बिमला ने बताया कि वह दिहाड़ी मजदूरी करती है। उसके दो बेटे और एक बेटी है। बिमला ने बताया कि उसने लोन लेकर मकान बनाया था। लेकिन प्रशासन की ओर से दो बार नोटिस दिया गया। वीरवार को नोटिस दिया तो उसने मकान खाली कर सामान पड़ोसियों के घर में रखवाया था। बिमला ने बताया कि करीब 35 साल पहले यहां झुग्गी बनाकर रहने लगे थे। धीरे-धीरे पैसे जोड़कर पक्का मकान बनाया था। एसपी लोकेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस विभाग राजस्व विभाग, नगर निगम व स्थानीय प्रशासन की मदद से नशा तस्करों की चल व अचल संपत्ति की पहचान कर रहा है। इसके साथ ही नशा तस्करों का साथ देने वाले अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है।
एक बार तो पुलिस प्रशासन भी नरम पड़ गया, लेकिन महिला पुलिस कर्मियों ने कॉलोनी की महिलाओं को वहीं रोक दिया। जिसके बाद मकानों को बुलडोजर से तुड़वा दिया गया। इस दौरान महिलाएं प्रशासनिक अधिकारियों से रोते हुए कह रही थी कि उनके बच्चों का क्या कसूर है। उनके किए की सजा उनके बच्चों को क्यों दे रहे हो। प्रशासन की इस कार्रवाई से चारों नशा तस्करों के परिवार से कड़ाके की इस ठंड में बारह मासूम भी बेघर हो गए हैं। महिलाएं कह रही थी कि उनके छोटे-छोटे बच्चे है जो स्कूल में पढ़ते हैं। इनमें से कुछ बच्चे तो पहली और दूसरी कक्षा में पढ़ते है, जिन्हें ये भी नहीं पता था कि उनके मकान क्यों तोड़े जा रहे हैं। मकान तोड़ते समय रणधीर उर्फ धीरा की पत्नी कमलेश बोली की पाई-पाई करके मकान बनाया था, पैंतीस साल पहले इस कालोनी में झुग्गी बनाई थी। उसका पति आटो चलाता है और वह अनाज मंडी में मजदूरी करने जाती है। कमलेश अपने टूटते हुए मकान को देख लगातार रोए जा रही थी, कई बार बेसुध हुई तो उसकी बहनों ने उसे संभाला। रणधीर के दो बेटे और दो बेटियां है। बड़ी बेटी पंद्रह वर्षीय प्रीति सातवीं कक्षा में पढ़ती है तो दूसरी बेटी शीतल कक्षा छ में है। वहीं उसके दो बेटे है जो अनमोल दूसरी कक्षा में और कार्तिक पहली कक्षा में है। रणधीर के मकान के साथ ही उसके छोटे भाई बलबीर का मकान था। इसे भी पुलिस प्रशासन ने ढहा दिया। बलबीर के परिवार में उसकी पत्नी निर्मला और दो बेटे है। रणधीर ने नोटिस मिलने पर सामान को सामने स्थित एक मकान में रखवाया था तो उसका कुछ सामान गली में पड़ा था। रणधीर की पत्नी निर्मला ने बताया कि उन्होंने करीब तीन साल पहले मकान की मरम्मत करवाई थी। रणधीर और बलबीर के साथ इसी कालोनी में इनके तीन भाई ओर रहते हैं। बिमला ने बताया कि वह दिहाड़ी मजदूरी करती है। उसके दो बेटे और एक बेटी है। बिमला ने बताया कि उसने लोन लेकर मकान बनाया था। लेकिन प्रशासन की ओर से दो बार नोटिस दिया गया। वीरवार को नोटिस दिया तो उसने मकान खाली कर सामान पड़ोसियों के घर में रखवाया था। बिमला ने बताया कि करीब पैंतीस साल पहले यहां झुग्गी बनाकर रहने लगे थे। धीरे-धीरे पैसे जोड़कर पक्का मकान बनाया था। एसपी लोकेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस विभाग राजस्व विभाग, नगर निगम व स्थानीय प्रशासन की मदद से नशा तस्करों की चल व अचल संपत्ति की पहचान कर रहा है। इसके साथ ही नशा तस्करों का साथ देने वाले अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है।
लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल कोयला चीज ही ऐसी है कि इसे छूने मात्र से हाथ काला हो जाता है और दलाली करने से मुंह काला। कोयला घोटाला की गूंज संसद से सड़क तक सुनाई पड़ रही है। पिछले 21 अगस्त से संसद की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ी हुई है। बताते हैं प्रतिदिन संसद के ना चलने से 7. 5 करोड़ का नुकसान हो रहा है। यह भारी नुकसान वास्तव में चिंता का विषय है। संसद में लगातार जारी गतिरोध संसद के गरिमा के लिए खतरनाक है। गतिरोध समाप्त करने की जिम्मेवारी सत्ताधारी दल की अधिक है क्योंकि विपक्ष की मांग जायज है। प्रश्न उठता है कि लोकतांत्रिक व संसदीय प्रणाली में विकल्प क्या है, विशेष कर जब सत्ताधारी दल संवेदनशून्य हो तथा आकंठ भ्रष्टाचार में डूबा हो। जिस सरकार को विपक्ष की संसदीय भाषा तथा मर्यादित विरोध की चिंता ना हो, सिविल सोसायटी की मांग सुनाई न पड़ती हो तथा अपने ही संवैधानिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा धूल-धूसरित करने से कोई गुरेज न हो, उस सरकार के नेतृत्व में संसद की गरिमा के मायने क्या है ? संसदीय बहस का कोई औचित्य नहीं है क्योंकि इससे कोई परिणाम नहीं निकलता है। बहस में तर्प, कुतर्प और थोथी दलील का सहारा लिया जाता है। संसद में हुई बहस संसद की कार्यवाही का हिस्सा बनकर किताबों में कैद हो जाती है। विवश होकर विपक्ष जब संसद की कार्यवाही ठप करता है तो सत्तारूढ़ दल संसद में बहस कराने का राग अलापती है क्योंकि बचाव का और कोई बेहतर तरीका हो नहीं सकता। तहलका काण्ड को लेकर कांग्रेस ने भी एक महीने तक संसद नहीं चलने दिया था। कारगिल युद्ध में खरीदे गये ताबूत में कथित घोटाले को लेकर तत्कालीन रक्षा मंत्री जार्ज फर्नांडीस का दो वर्षों तक इसी कांग्रेस ने संसद में बहिष्कार किया था। आश्चर्य की बात है आज तक केन्द्र की इस कांग्रेस सरकार ने कथित ताबूत घोटाला के सम्बन्ध में एफआईआर भी दर्ज नहीं करवा सकी। वही कांग्रेस आज भाजपा को नसीहत दे रही है तथा संसद में बहस से भागने का आरोप लगा रही है। संसद में जो बहस होगा वह तो सार्वजनिक रूप से सड़कों पर हो ही रहा है। सरकार के मंत्री रोज बोल रहे हैं और प्रधानमंत्री ने भी स्वयं बोला है। प्रधानमंत्री इसे घोटाला मानने को तैयार नहीं है। नीलामी के जरिए कोयला ब्लॉक आवंटन के फैसले को लागू करने में सात साल की देरी-उनके नजरो में कोई अनियमितता नहीं है। 2004 में प्रतिस्पर्धा बोली के जरिए आवंटन नीति की घोषणा हुई थी और अधिसूचना 2 फरवरी, 2012को जारी हुई। कांग्रेसी मंत्री और नेता अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं। वे शून्य क्षति की बात कर रहे हैं, कैग को शून्य लगाने की आदत पड़ गई है, कैग के प्रमुख का कोई राजनैतिक एजेण्डा है, कैग अपनी सीमा का अतिक्रमण कर रहा है, कोयला ब्लॉक का आवंटन राज्य सरकारों (राजस्थान, छत्तीसगढ़, उडीसा, झारखण्ड और पश्चिम बंगाल) के दबाव में किया गया और कोयला जमीन से निकला ही नहीं तो नुकसान कैसा आदि तर्प दिये जा रहे हैं। अनर्गल प्रलाप की पराकाष्ठा है कि नितीन गडकरी के विदेश में होने को भी मुद्दा बनाया जा रहा है। सोनिया भी विदेश गई है और विगत कई बार से विदेश में इलाज के नाम पर जा रही है परन्तु देश को कोई खबर नहीं दी जा रही है। रहस्य कांग्रेसियों को भी नहीं मालूम है। यही सब बातें तो संसद के अन्दर बहस में भी होनी थी परन्तु परिणाम क्या निकलना था? न्यायालय में वादी-प्रतिवादी के बीच बहस होती है, दोनों पक्षों की बहस सुनकर न्यायाधीश कोई निर्णय सुनाता है लेकिन संसद में तो ऐसी कोई व्यवस्था है नहीं। संसद में निर्णय संख्या बल के द्वारा होता है और संख्या बल सत्तारूढ़ दल के पास ही होता है। समाज में सामान्य परम्परा है जब कोई किसी का बकाया वापिस न करे, बार-बार मांगने, अनुनय-विनय करने पर भी बकाया दर वापिस नहीं करता है तो जिसका बकाया है वह हाथ पकड़ कर सरेआम बाजार में बकाया वसूल लेता है यदि उसमें ताकत है। जनता को अधिकार है कि इन भ्रष्टाचारियों के जेब से अपने हक व अधिकार को छीन लें। लोकतंत्र में विपक्ष ही जनता के अधिकारों का प्रयोग करती है। एनडीए ने अपनी ताकत का परिचय दिया है। इसमें कुछ अनुचित नहीं है और जनता को न्याय दिलाती है। संसद में गतिरोध उत्पन्न करना भाजपा की मजबूरी है। 2जी के मामले में भी यदि संसद ठप नहीं होती तो जेपीसी का गठन नहीं होता और न ही ए. राजा का इस्तीफा होता। यदि कैग को शून्य लगाने की आदत पड़ गई है, यदि इसने अपनी सीमा का अपामण किया है। यदि इसका कोई राजनैतिक एजेण्डा है तो कैग के खिलाफ अवमानना का मुकदमा सरकार क्यों नहीं चलाती है? कैग से जवाब तलब क्यों नहीं किया जाता है और उसको हटाने के लिए प्रक्रिया क्यों नहीं शुरू की जाती है? स्वयं प्रधानमंत्री द्वारा अपने ही सरकार के सर्वोच्च संवैधानिक संस्था के खिलाफ अंगुली उठाना अत्यन्त ही शर्मनाक उदाहरण है। सर्वोच्च न्यायालय के बाद कैग का ही स्थान सर्वोच्चता में आता है। कैग ने सीना ठोक कर कहा है वह उचित समय पर पूछे जाने पर उचित जवाब देने के लिए तैयार है। सरकार को यदि हिम्मत है और प्रधानमंत्री पाक-साफ हैं तो कैग की चुनौती को स्वीकार करना चाहिए। कैग ने आजतक जितने भी घोटाले व अनिमियतताओं को उजागर किया है कोई भी निराधार या असत्य नहीं निकला है। कैग के द्वारा ऑडिट करने की एक प्रािढया है जो विभिन्न स्तरों से होकर गुजरती है और उसके पास इस विषय की तज्ञता है। अत कैग की रिपोर्ट कोई सामान्य अटकलबाजी नहीं होती। 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में भी प्रारम्भ में इसी प्रकार का लचर तर्प दिया गया था उसमें भी शून्य क्षति तथा कैग पर अंगुली उठाई गई थी परन्तु परिणाम क्या निकला-सरकार के दो मंत्रियों को जाना पड़ा तथा समस्त लाईसेन्स रद्द करने पडे और मामला सर्वोच्च न्यायालय तथा जेपीसी के अन्तर्गत चल रहा है। दोषारोपण राज्य सरकारों पर किया जा रहा है कि कुछ राज्य सरकारों के दबाव में कोयला ब्लॉक आवंटित किया गया। संघीय प्रणाली के अन्तर्गत किसी भी मुद्दे पर राज्य सरकार अपनी राय जाहिर कर सकती है परन्तु उसको मानना या ना मानना केन्द्र सरकार के हाथ में है। यदि राज्य सरकार की मर्जी से ही सब कुछ चलना है तो केन्द्र सरकार की आवश्यकता ही क्या? अयोध्या में बाबरी ढांचा गिरने के बाद पांच राज्यों की निर्वाचित सरकार को केन्द्र की कांग्रेसी सरकार ने भंग कर दिया। क्या इन राज्यों ने अपनी बर्खास्तगी की मांग की थी। गुजरात सरकार कई बार आतंकवाद के विरुद्ध गुजकोका अधिनियम विधानसभा से पारित करवा कर भेज चुकी है परन्तु केन्द्र सरकार के दबाव में महामहिम राष्ट्रपति की स्वीकृति नहीं मिल सकी है। एफडीआई का अधिकांश राज्य सरकारें विरोध कर रही है परन्तु केन्द्र सरकार लागू करने पर आमादा है। कोयला आंवटन के मामले में केन्द्र सरकार का तर्प इस कहावत को चरितार्थ करती है मीठा-मीठा गप, कड़वा-कड़वा थू। मूल प्रश्न है कोयला घोटाला हुआ की नहीं। 1086 लाख करोड़ का आंकड़ा भले ही अक्षरस सत्य न हो परन्तु केन्द्र सरकार और प्रधानमंत्री को स्पष्ट हां या ना में उत्तर देना चाहिए। यदि घोटाला नहीं हुआ तो 57 कोयला ब्लॉक का आवंटन रद करने का विचार सरकार क्यों कर रही है। सी. बी. आई क्या जांच कर रही है। सरकार की नीयत यदि साफ है तो इतना हंगामा होने पर भी सरकार कैग की रिपोर्ट जांचने के लिए निपक्ष न्यायिक जांच आयोग की घोषणा क्यों नहीं करती, एफआईआर दर्ज क्यों नहीं कराई जा रही है। रही बात प्रधानमंत्री के इस्तीफे की, प्रधानमंत्री को स्वयं इस्तीफे की पेशकश नैतिकता के आधार पर पहले दिन ही करनी चाहिए थी। एक मामूली रेल दुर्घटना पर लाल बहादुर शास्त्राr ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुये त्याग पत्र दे दिया था। एक सामान्य आरोप लगने पर लाल कृष्ण आडवणी ने आरोप मुक्त होने तक संसद में प्रवेश न करने की घोषणा का पालन किया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपने को ईमानदार होने का गर्व है और सारा देश अबतक उनको ईमानदार मानता भी रहा है। किन्तु इन दिनों अनेक घोटालों के कारण उनकी ईमानदार छवि तार-तार हो गई है। उनके प्रधानमंत्रीत्व काल में जितने बडे-बडे घोटाले एक के बाद एक प्रगट हो रहे हैं और सभी का बचाव वे जिस ढंग से करते नजर आते हैं। इस हालत में उन्हें ईमानदार मानना कहां तक उचित है यह बहस का नया विषय हो सकता है। घोटाले पर परदा डालने के लिए कभी वे गठबंधन धर्म निभाने का आड़ लेते हैं, कभी कैग पर सवाल उठाते हैं, कभी भाजपा (विपक्ष) पर पलटवार करने की कोशिश करते हैं। यूपीए टू के कार्यकाल में ऐसे कितने ही अवसर आये जब उन्हें स्वयं त्यागपत्र देने की पेशकश करनी चाहिए थी। कोयला घोटाला तों ताबूत में आखिरी कील के समान है जिसमें स्वयं वह प्रत्यक्ष ढंग से संलिप्त है। ईमानदारी और नैतिकता का तकाजा था उन्हें स्वयं त्यागपत्र देकर सारे मामले को किसी निष्पक्ष न्यायिक जांच एजेन्सी को जांच के लिए सौंप देते परन्तु बेशर्मी से वह कह रहे है। मैं इस्तिफा नहीं दूंगा। उन्हें तो आखिर 2014 में जाना ही है फिर अपनी बेदाग छवि को क्यों दागी बनाने पर तुले हैं? 2014 में यदि चमत्कारवश पुन कांग्रेस सत्ता में आती है तो भी निश्चित ही मनमोहन सिंह को उनकी इन्हीं कमजोरियों और घोटालों का सहारा लेकर कांग्रेस बाहर का रास्ता दिखाने वाली है और युवराज को प्रधानमंत्री की बागडोर सौंपने वाली है। असलीयत में प्रधानमंत्री की गिरती छवि से कांग्रेस आन्तरिक रूप से खुश है क्योंकि इसके कारण राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। अच्छा हो वे अभी सम्मान पूर्वक त्यागपत्र देकर अपनी छवि को बरकरार रखें। संसद से सड़क तक हंगामा मचा हुआ है परन्तु युवराज राहुल चुप हैं कोई प्रतिािढया न संसद में न संसद के बाहर इसका रहस्य क्या है। सोनिया स्वयं कमान सम्हाले हुए है। अपनी टीम को भाजपा को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए संसद के भीतर ललकार रही है और सड़क पर भी जवाब देने के लिए जोश भर रही है। नतीजा दिग्विजय सिंह, मणी शंकर अय्यर, मनीष तिवारी जैसे नेताओं की फौज मोर्चा सम्हालने के लिए मैदान में कूद पड़ी है। आडवाणी ने संसद के भीतर यूपीए सरकार को अवैध कहा तो सोनिया तिलमिला गई। जो सरकार सब प्रकार के अवैध हथकण्ड़ों के सहारे चल रही हो उस सरकार को क्या नाम देना चाहिए। आडवाणी ने मनमोहन सिंह को सबसे कमजोर प्रधानमंत्री कहा था तब मनमोहन भी तिलमिला गये थे परन्तु आज देश-विदेश में सर्वत्र मनमोहन सिंह पर अंगुली उठ रही है लोग थू-थू कर रहे है, सर्वे में सबसे निचले पायदान पर आ गये हैं। टाईम पत्रिका असफल प्रधानमंत्री के रूप में चित्रित कर रहा है तब भी वे खामोश हैं। मेरी खामोशी ही हजारों प्रश्नों का जवाब है'यह बोल कर अपनी किरकिरी ही करवाया है। देश के चारों ओर से आवाज उठ रही है देश को न बोलने वाला, न सुनने वाला, न देखने वाला प्रधानमंत्री नहीं चाहिए। यूपीए सरकार और उसके मंत्री पर जब भी कोई आरोप लगता है तो भाजपा और एनडीए सरकार के उदाहरण दिये जाते हैं। कहा जाता है एनडीए/भाजपा के शासन काल में भी ऐसा हुआ था। भाजपा/एनडीए के शासन काल में यदि कोई गलत काम हुआ उसका यह अर्थ नहीं है कांग्रेस/यूपीए को गलती करने का अधिकार मिल गया या उसकी गलती क्षम्य है। यह ऐसा ही है जैसे कोई अन्धा काना को कहे तू भी तो काना है। केन्द्र सरकार कोयला घोटाले की जांच पीएसी को सौंपने की बात कर रही है। जेपीसी की भी बात हो रही है परन्तु 2जी मामले में लोक लेखा समिति (पीएसी) का क्या हश्र हुआ रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने दिया। पीएसी के चेयर मैन डॉ. मुरली मनोहर जोशी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर हटा दिया। जेपीसी की कार्यवाही को बाधित किया जा रहा है क्योंकि जोपीसी का चेयर मैन कांग्रेस का सदस्य है और बहुमत जोपीसी में कांग्रेसी सदस्यों का है। 2जी मामले में स्वयं प्रधानमंत्री ने जेपीसी के समक्ष उपस्थित होने की इच्छा संसद में प्रगट की थी परन्तु जब जेपीसी में बतौर गवाह वितमंत्री श्री चिदम्बरम तथा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को बुलाने की मांग हो रही है तो जेपीसी में हंगामा खड़ा हो रहा है। 2जी घोटाले में यदि ए राजा और दयानिधि मारन जा सकते हैं, कॉमनवेल्थ घोटाले में सुरेश कालमाड़ी की छुट्टी हो सकती है आदर्श सोसाइटी घोटाले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख हटाये जा सकते है तो प्रधानमंत्री के साथ रियायत क्यों? मनमोहन सिंह स्वयं तत्कालीन कोयला मंत्री के रूप में संलिप्त हैं और सरकार का मुखिया होने के कारण सबसे पहले जिम्मेदारी उन्हीं की बनती है तो उन्हें इस्तीफा क्यों नहीं देना चाहिए।
लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल कोयला चीज ही ऐसी है कि इसे छूने मात्र से हाथ काला हो जाता है और दलाली करने से मुंह काला। कोयला घोटाला की गूंज संसद से सड़क तक सुनाई पड़ रही है। पिछले इक्कीस अगस्त से संसद की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ी हुई है। बताते हैं प्रतिदिन संसद के ना चलने से सात. पाँच करोड़ का नुकसान हो रहा है। यह भारी नुकसान वास्तव में चिंता का विषय है। संसद में लगातार जारी गतिरोध संसद के गरिमा के लिए खतरनाक है। गतिरोध समाप्त करने की जिम्मेवारी सत्ताधारी दल की अधिक है क्योंकि विपक्ष की मांग जायज है। प्रश्न उठता है कि लोकतांत्रिक व संसदीय प्रणाली में विकल्प क्या है, विशेष कर जब सत्ताधारी दल संवेदनशून्य हो तथा आकंठ भ्रष्टाचार में डूबा हो। जिस सरकार को विपक्ष की संसदीय भाषा तथा मर्यादित विरोध की चिंता ना हो, सिविल सोसायटी की मांग सुनाई न पड़ती हो तथा अपने ही संवैधानिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा धूल-धूसरित करने से कोई गुरेज न हो, उस सरकार के नेतृत्व में संसद की गरिमा के मायने क्या है ? संसदीय बहस का कोई औचित्य नहीं है क्योंकि इससे कोई परिणाम नहीं निकलता है। बहस में तर्प, कुतर्प और थोथी दलील का सहारा लिया जाता है। संसद में हुई बहस संसद की कार्यवाही का हिस्सा बनकर किताबों में कैद हो जाती है। विवश होकर विपक्ष जब संसद की कार्यवाही ठप करता है तो सत्तारूढ़ दल संसद में बहस कराने का राग अलापती है क्योंकि बचाव का और कोई बेहतर तरीका हो नहीं सकता। तहलका काण्ड को लेकर कांग्रेस ने भी एक महीने तक संसद नहीं चलने दिया था। कारगिल युद्ध में खरीदे गये ताबूत में कथित घोटाले को लेकर तत्कालीन रक्षा मंत्री जार्ज फर्नांडीस का दो वर्षों तक इसी कांग्रेस ने संसद में बहिष्कार किया था। आश्चर्य की बात है आज तक केन्द्र की इस कांग्रेस सरकार ने कथित ताबूत घोटाला के सम्बन्ध में एफआईआर भी दर्ज नहीं करवा सकी। वही कांग्रेस आज भाजपा को नसीहत दे रही है तथा संसद में बहस से भागने का आरोप लगा रही है। संसद में जो बहस होगा वह तो सार्वजनिक रूप से सड़कों पर हो ही रहा है। सरकार के मंत्री रोज बोल रहे हैं और प्रधानमंत्री ने भी स्वयं बोला है। प्रधानमंत्री इसे घोटाला मानने को तैयार नहीं है। नीलामी के जरिए कोयला ब्लॉक आवंटन के फैसले को लागू करने में सात साल की देरी-उनके नजरो में कोई अनियमितता नहीं है। दो हज़ार चार में प्रतिस्पर्धा बोली के जरिए आवंटन नीति की घोषणा हुई थी और अधिसूचना दो फरवरी, दो हज़ार बारहको जारी हुई। कांग्रेसी मंत्री और नेता अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं। वे शून्य क्षति की बात कर रहे हैं, कैग को शून्य लगाने की आदत पड़ गई है, कैग के प्रमुख का कोई राजनैतिक एजेण्डा है, कैग अपनी सीमा का अतिक्रमण कर रहा है, कोयला ब्लॉक का आवंटन राज्य सरकारों के दबाव में किया गया और कोयला जमीन से निकला ही नहीं तो नुकसान कैसा आदि तर्प दिये जा रहे हैं। अनर्गल प्रलाप की पराकाष्ठा है कि नितीन गडकरी के विदेश में होने को भी मुद्दा बनाया जा रहा है। सोनिया भी विदेश गई है और विगत कई बार से विदेश में इलाज के नाम पर जा रही है परन्तु देश को कोई खबर नहीं दी जा रही है। रहस्य कांग्रेसियों को भी नहीं मालूम है। यही सब बातें तो संसद के अन्दर बहस में भी होनी थी परन्तु परिणाम क्या निकलना था? न्यायालय में वादी-प्रतिवादी के बीच बहस होती है, दोनों पक्षों की बहस सुनकर न्यायाधीश कोई निर्णय सुनाता है लेकिन संसद में तो ऐसी कोई व्यवस्था है नहीं। संसद में निर्णय संख्या बल के द्वारा होता है और संख्या बल सत्तारूढ़ दल के पास ही होता है। समाज में सामान्य परम्परा है जब कोई किसी का बकाया वापिस न करे, बार-बार मांगने, अनुनय-विनय करने पर भी बकाया दर वापिस नहीं करता है तो जिसका बकाया है वह हाथ पकड़ कर सरेआम बाजार में बकाया वसूल लेता है यदि उसमें ताकत है। जनता को अधिकार है कि इन भ्रष्टाचारियों के जेब से अपने हक व अधिकार को छीन लें। लोकतंत्र में विपक्ष ही जनता के अधिकारों का प्रयोग करती है। एनडीए ने अपनी ताकत का परिचय दिया है। इसमें कुछ अनुचित नहीं है और जनता को न्याय दिलाती है। संसद में गतिरोध उत्पन्न करना भाजपा की मजबूरी है। दोजी के मामले में भी यदि संसद ठप नहीं होती तो जेपीसी का गठन नहीं होता और न ही ए. राजा का इस्तीफा होता। यदि कैग को शून्य लगाने की आदत पड़ गई है, यदि इसने अपनी सीमा का अपामण किया है। यदि इसका कोई राजनैतिक एजेण्डा है तो कैग के खिलाफ अवमानना का मुकदमा सरकार क्यों नहीं चलाती है? कैग से जवाब तलब क्यों नहीं किया जाता है और उसको हटाने के लिए प्रक्रिया क्यों नहीं शुरू की जाती है? स्वयं प्रधानमंत्री द्वारा अपने ही सरकार के सर्वोच्च संवैधानिक संस्था के खिलाफ अंगुली उठाना अत्यन्त ही शर्मनाक उदाहरण है। सर्वोच्च न्यायालय के बाद कैग का ही स्थान सर्वोच्चता में आता है। कैग ने सीना ठोक कर कहा है वह उचित समय पर पूछे जाने पर उचित जवाब देने के लिए तैयार है। सरकार को यदि हिम्मत है और प्रधानमंत्री पाक-साफ हैं तो कैग की चुनौती को स्वीकार करना चाहिए। कैग ने आजतक जितने भी घोटाले व अनिमियतताओं को उजागर किया है कोई भी निराधार या असत्य नहीं निकला है। कैग के द्वारा ऑडिट करने की एक प्रािढया है जो विभिन्न स्तरों से होकर गुजरती है और उसके पास इस विषय की तज्ञता है। अत कैग की रिपोर्ट कोई सामान्य अटकलबाजी नहीं होती। दोजी स्पेक्ट्रम घोटाले में भी प्रारम्भ में इसी प्रकार का लचर तर्प दिया गया था उसमें भी शून्य क्षति तथा कैग पर अंगुली उठाई गई थी परन्तु परिणाम क्या निकला-सरकार के दो मंत्रियों को जाना पड़ा तथा समस्त लाईसेन्स रद्द करने पडे और मामला सर्वोच्च न्यायालय तथा जेपीसी के अन्तर्गत चल रहा है। दोषारोपण राज्य सरकारों पर किया जा रहा है कि कुछ राज्य सरकारों के दबाव में कोयला ब्लॉक आवंटित किया गया। संघीय प्रणाली के अन्तर्गत किसी भी मुद्दे पर राज्य सरकार अपनी राय जाहिर कर सकती है परन्तु उसको मानना या ना मानना केन्द्र सरकार के हाथ में है। यदि राज्य सरकार की मर्जी से ही सब कुछ चलना है तो केन्द्र सरकार की आवश्यकता ही क्या? अयोध्या में बाबरी ढांचा गिरने के बाद पांच राज्यों की निर्वाचित सरकार को केन्द्र की कांग्रेसी सरकार ने भंग कर दिया। क्या इन राज्यों ने अपनी बर्खास्तगी की मांग की थी। गुजरात सरकार कई बार आतंकवाद के विरुद्ध गुजकोका अधिनियम विधानसभा से पारित करवा कर भेज चुकी है परन्तु केन्द्र सरकार के दबाव में महामहिम राष्ट्रपति की स्वीकृति नहीं मिल सकी है। एफडीआई का अधिकांश राज्य सरकारें विरोध कर रही है परन्तु केन्द्र सरकार लागू करने पर आमादा है। कोयला आंवटन के मामले में केन्द्र सरकार का तर्प इस कहावत को चरितार्थ करती है मीठा-मीठा गप, कड़वा-कड़वा थू। मूल प्रश्न है कोयला घोटाला हुआ की नहीं। एक हज़ार छियासी लाख करोड़ का आंकड़ा भले ही अक्षरस सत्य न हो परन्तु केन्द्र सरकार और प्रधानमंत्री को स्पष्ट हां या ना में उत्तर देना चाहिए। यदि घोटाला नहीं हुआ तो सत्तावन कोयला ब्लॉक का आवंटन रद करने का विचार सरकार क्यों कर रही है। सी. बी. आई क्या जांच कर रही है। सरकार की नीयत यदि साफ है तो इतना हंगामा होने पर भी सरकार कैग की रिपोर्ट जांचने के लिए निपक्ष न्यायिक जांच आयोग की घोषणा क्यों नहीं करती, एफआईआर दर्ज क्यों नहीं कराई जा रही है। रही बात प्रधानमंत्री के इस्तीफे की, प्रधानमंत्री को स्वयं इस्तीफे की पेशकश नैतिकता के आधार पर पहले दिन ही करनी चाहिए थी। एक मामूली रेल दुर्घटना पर लाल बहादुर शास्त्राr ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुये त्याग पत्र दे दिया था। एक सामान्य आरोप लगने पर लाल कृष्ण आडवणी ने आरोप मुक्त होने तक संसद में प्रवेश न करने की घोषणा का पालन किया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपने को ईमानदार होने का गर्व है और सारा देश अबतक उनको ईमानदार मानता भी रहा है। किन्तु इन दिनों अनेक घोटालों के कारण उनकी ईमानदार छवि तार-तार हो गई है। उनके प्रधानमंत्रीत्व काल में जितने बडे-बडे घोटाले एक के बाद एक प्रगट हो रहे हैं और सभी का बचाव वे जिस ढंग से करते नजर आते हैं। इस हालत में उन्हें ईमानदार मानना कहां तक उचित है यह बहस का नया विषय हो सकता है। घोटाले पर परदा डालने के लिए कभी वे गठबंधन धर्म निभाने का आड़ लेते हैं, कभी कैग पर सवाल उठाते हैं, कभी भाजपा पर पलटवार करने की कोशिश करते हैं। यूपीए टू के कार्यकाल में ऐसे कितने ही अवसर आये जब उन्हें स्वयं त्यागपत्र देने की पेशकश करनी चाहिए थी। कोयला घोटाला तों ताबूत में आखिरी कील के समान है जिसमें स्वयं वह प्रत्यक्ष ढंग से संलिप्त है। ईमानदारी और नैतिकता का तकाजा था उन्हें स्वयं त्यागपत्र देकर सारे मामले को किसी निष्पक्ष न्यायिक जांच एजेन्सी को जांच के लिए सौंप देते परन्तु बेशर्मी से वह कह रहे है। मैं इस्तिफा नहीं दूंगा। उन्हें तो आखिर दो हज़ार चौदह में जाना ही है फिर अपनी बेदाग छवि को क्यों दागी बनाने पर तुले हैं? दो हज़ार चौदह में यदि चमत्कारवश पुन कांग्रेस सत्ता में आती है तो भी निश्चित ही मनमोहन सिंह को उनकी इन्हीं कमजोरियों और घोटालों का सहारा लेकर कांग्रेस बाहर का रास्ता दिखाने वाली है और युवराज को प्रधानमंत्री की बागडोर सौंपने वाली है। असलीयत में प्रधानमंत्री की गिरती छवि से कांग्रेस आन्तरिक रूप से खुश है क्योंकि इसके कारण राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। अच्छा हो वे अभी सम्मान पूर्वक त्यागपत्र देकर अपनी छवि को बरकरार रखें। संसद से सड़क तक हंगामा मचा हुआ है परन्तु युवराज राहुल चुप हैं कोई प्रतिािढया न संसद में न संसद के बाहर इसका रहस्य क्या है। सोनिया स्वयं कमान सम्हाले हुए है। अपनी टीम को भाजपा को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए संसद के भीतर ललकार रही है और सड़क पर भी जवाब देने के लिए जोश भर रही है। नतीजा दिग्विजय सिंह, मणी शंकर अय्यर, मनीष तिवारी जैसे नेताओं की फौज मोर्चा सम्हालने के लिए मैदान में कूद पड़ी है। आडवाणी ने संसद के भीतर यूपीए सरकार को अवैध कहा तो सोनिया तिलमिला गई। जो सरकार सब प्रकार के अवैध हथकण्ड़ों के सहारे चल रही हो उस सरकार को क्या नाम देना चाहिए। आडवाणी ने मनमोहन सिंह को सबसे कमजोर प्रधानमंत्री कहा था तब मनमोहन भी तिलमिला गये थे परन्तु आज देश-विदेश में सर्वत्र मनमोहन सिंह पर अंगुली उठ रही है लोग थू-थू कर रहे है, सर्वे में सबसे निचले पायदान पर आ गये हैं। टाईम पत्रिका असफल प्रधानमंत्री के रूप में चित्रित कर रहा है तब भी वे खामोश हैं। मेरी खामोशी ही हजारों प्रश्नों का जवाब है'यह बोल कर अपनी किरकिरी ही करवाया है। देश के चारों ओर से आवाज उठ रही है देश को न बोलने वाला, न सुनने वाला, न देखने वाला प्रधानमंत्री नहीं चाहिए। यूपीए सरकार और उसके मंत्री पर जब भी कोई आरोप लगता है तो भाजपा और एनडीए सरकार के उदाहरण दिये जाते हैं। कहा जाता है एनडीए/भाजपा के शासन काल में भी ऐसा हुआ था। भाजपा/एनडीए के शासन काल में यदि कोई गलत काम हुआ उसका यह अर्थ नहीं है कांग्रेस/यूपीए को गलती करने का अधिकार मिल गया या उसकी गलती क्षम्य है। यह ऐसा ही है जैसे कोई अन्धा काना को कहे तू भी तो काना है। केन्द्र सरकार कोयला घोटाले की जांच पीएसी को सौंपने की बात कर रही है। जेपीसी की भी बात हो रही है परन्तु दोजी मामले में लोक लेखा समिति का क्या हश्र हुआ रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने दिया। पीएसी के चेयर मैन डॉ. मुरली मनोहर जोशी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर हटा दिया। जेपीसी की कार्यवाही को बाधित किया जा रहा है क्योंकि जोपीसी का चेयर मैन कांग्रेस का सदस्य है और बहुमत जोपीसी में कांग्रेसी सदस्यों का है। दोजी मामले में स्वयं प्रधानमंत्री ने जेपीसी के समक्ष उपस्थित होने की इच्छा संसद में प्रगट की थी परन्तु जब जेपीसी में बतौर गवाह वितमंत्री श्री चिदम्बरम तथा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को बुलाने की मांग हो रही है तो जेपीसी में हंगामा खड़ा हो रहा है। दोजी घोटाले में यदि ए राजा और दयानिधि मारन जा सकते हैं, कॉमनवेल्थ घोटाले में सुरेश कालमाड़ी की छुट्टी हो सकती है आदर्श सोसाइटी घोटाले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख हटाये जा सकते है तो प्रधानमंत्री के साथ रियायत क्यों? मनमोहन सिंह स्वयं तत्कालीन कोयला मंत्री के रूप में संलिप्त हैं और सरकार का मुखिया होने के कारण सबसे पहले जिम्मेदारी उन्हीं की बनती है तो उन्हें इस्तीफा क्यों नहीं देना चाहिए।
Posted On: राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद की अगुआई में देश भर में प्रस्तावना पढ़े जाने के साथ जहां एक ओर पूरे उत्साह से 71वां संविधान दिवस मनाया गया, वहीं गुजरात के केवडिया में संविधान पर हुई एक विशेष प्रदर्शनी को सांसदों और विधायकों की तरफ से खासी सराहना मिली। सूचना और प्रसारण मंत्रालय के ब्यूरो ऑफ आउटरीच कम्युनिकेशन द्वारा संसदीय संग्रहालय और अभिलेखागार के सहयोग से गुजरात में स्टैच्यु ऑफ यूनिटी स्थल पर पीठासीन अधिकारियों के 80वें अखिल भारतीय सम्मेलन के तहत आयोजित इस प्रदर्शनी का शुभारम्भ लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिड़ला द्वारा बुधवार को किया गया था। प्रदर्शनी में वैदिक काल से लेकर, लिच्छवी गणराज्य से आधुनिक भारत के निर्माण तक देश में लोकतांत्रिक परम्पराओं के सफर को प्रदर्शित किया गया। 1,600 वर्ग फुट में प्रदर्शित मल्टी मीडिया प्रदर्शनी में प्लाज्मा डिस्प्ले, इंटरएक्टिव डिजिटल फ्लिप बुक, आरएफआईडी कार्ड रीडर, इंटरएक्टिव स्क्रीन, डिजिटल टच वॉल आदि के साथ ही 50 पैनल शामिल थे। लोकसभा अध्यक्ष ने मल्टी-मीडिया के उपयोग की सराहना की और कहा कि इंटरएक्टिव प्रदर्शनियां दिलचस्प तरीके से सूचनाओं का प्रसार करती हैं। उन्होंने कहा, प्रदर्शनी प्रभावी रूप से संविधान के निर्माण को चरणवार तरीके से दिखाती है और हमारी लोकतांत्रिक परम्परा के बारे में जागरूकता के प्रसार के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में ऐसी प्रदर्शनियों का आयोजन होना चाहिए। प्रदर्शनी में भारत के संविधान की रूपरेखा तैयार किये जाने को बड़े विस्तार से अभिलेखों और अन्य सामग्रियों के इस्तेमाल से दर्शाया गया है। मुंबई स्थित भारतीय फिल्म प्रभाग के अभिलेखागार से संविधान की रूपरेखा तैयार करने से जुड़ी घटनाओं की कुछ दुर्लभ फिल्मों के अंश और संविधान सभा के डॉक्टर बी.आर. अम्बेडकर, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभ भाई पटेल, श्यामा प्रसाद मुखर्जी समेत अन्य प्रमुख सदस्यों के भाषण जुटाए गए हैं। इसमें प्रदर्शित एक प्लाज्मा डिस्प्ले में संविधान की प्रस्तावना को विविध भारतीय भाषाओं में पढ़ा जा सकता है। एक डिजिटल फ्लिप बुक में संविधान में वर्णित उद्धरणों की झलक दिखाई गई है। डिजिटल टच वॉल में हमारे विभिन्न राष्ट्रीय प्रतीकों के बारे में जानकारी है, जबकि एक अन्य डिजिटल स्क्रीन पर संविधान की रूपरेखा तैयार किये जाने का क्रमवार विवरण है। एक अन्य डिस्प्ले वॉल पर भारत के संविधान का मसौदा तैयार करने में विश्व के अन्य देशों के संविधानों से लिए गए प्रभावों का विवरण है। आरएफआईडी कार्ड रीडर जोकि एक संवाद का डिस्प्ले है, उस पर संविधान सभा के किसी भी सदस्य के नाम का कार्ड रखने पर उसके व्यक्तित्व और उसके योगदान के बारे में स्क्रीन पर पढ़ा जा सकता है। यह एक विशेष आकर्षण का केन्द्र है। इसके लिए तीन श्रेणियों में कार्ड दिए गए हैं- मसौदा समिति के सदस्य, संविधान सभा की महिला सदस्य और संविधान सभा में गुजरात के सदस्य। इनमें हंसा मेहता और कन्हैया लाल मुंशी प्रमुख हैं। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने विजिटर पुस्तिका में लिखा है कि "गैलरी सैंकड़ों दूरदर्शी नेताओं के जबरदस्त प्रयासों में एक अंतर्दृष्टि प्रदान करती है। संग्रह में अतीत की कलाकृतियों को खूबसूरती से दिखाया गया है और उसी परियोजना के लिए हर संभव डिजिटल प्रयास का उपयोग किया गया है।" प्रदर्शनी का दौरा करने वाले प्रमुख व्यक्तियों में केन्द्रीय संसदीय मामलों, कोयला और खान मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी और संसदीय मामलों के राज्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल और विभिन्न राज्य विधानसभाओं के अध्यक्ष थे। अभिलेखीय प्रदर्शनी के अन्य प्रमुख पैनल में मसौदा समिति के सदस्यों, सरकार और संसद के प्रमुख पदाधिकारियों के हस्ताक्षर, पूर्व और वर्तमान अध्यक्षों आदि का चित्र लगाया गया था। प्रदर्शनी का एक अन्य आकर्षण राज्य विधानसभाओं पर अनुभाग था, जहां एक आगंतुक विभिन्न राज्य विधानसभा भवनों की स्थापत्य सुंदरता और विविधता को देख और सराह सकता है। कोविड को देखते हुए उपयुक्त व्यवहार को प्रोटोकॉल में शामिल किया गया और स्वच्छता को सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूप से टच स्क्रीन डिस्प्ले के संबंध में खास प्रबंध किया गया। केवडिया में पीठासीन अधिकारियों का दो दिवसीय अखिल भारतीय सम्मेलन लोकतंत्र के संस्थानों को मजबूत करने और भारत के संविधान और लोकतांत्रिक परंपरा के बारे में जनता में जागरूकता फैलाने के संकल्प के साथ समाप्त हुआ।
Posted On: राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद की अगुआई में देश भर में प्रस्तावना पढ़े जाने के साथ जहां एक ओर पूरे उत्साह से इकहत्तरवां संविधान दिवस मनाया गया, वहीं गुजरात के केवडिया में संविधान पर हुई एक विशेष प्रदर्शनी को सांसदों और विधायकों की तरफ से खासी सराहना मिली। सूचना और प्रसारण मंत्रालय के ब्यूरो ऑफ आउटरीच कम्युनिकेशन द्वारा संसदीय संग्रहालय और अभिलेखागार के सहयोग से गुजरात में स्टैच्यु ऑफ यूनिटी स्थल पर पीठासीन अधिकारियों के अस्सीवें अखिल भारतीय सम्मेलन के तहत आयोजित इस प्रदर्शनी का शुभारम्भ लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिड़ला द्वारा बुधवार को किया गया था। प्रदर्शनी में वैदिक काल से लेकर, लिच्छवी गणराज्य से आधुनिक भारत के निर्माण तक देश में लोकतांत्रिक परम्पराओं के सफर को प्रदर्शित किया गया। एक,छः सौ वर्ग फुट में प्रदर्शित मल्टी मीडिया प्रदर्शनी में प्लाज्मा डिस्प्ले, इंटरएक्टिव डिजिटल फ्लिप बुक, आरएफआईडी कार्ड रीडर, इंटरएक्टिव स्क्रीन, डिजिटल टच वॉल आदि के साथ ही पचास पैनल शामिल थे। लोकसभा अध्यक्ष ने मल्टी-मीडिया के उपयोग की सराहना की और कहा कि इंटरएक्टिव प्रदर्शनियां दिलचस्प तरीके से सूचनाओं का प्रसार करती हैं। उन्होंने कहा, प्रदर्शनी प्रभावी रूप से संविधान के निर्माण को चरणवार तरीके से दिखाती है और हमारी लोकतांत्रिक परम्परा के बारे में जागरूकता के प्रसार के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में ऐसी प्रदर्शनियों का आयोजन होना चाहिए। प्रदर्शनी में भारत के संविधान की रूपरेखा तैयार किये जाने को बड़े विस्तार से अभिलेखों और अन्य सामग्रियों के इस्तेमाल से दर्शाया गया है। मुंबई स्थित भारतीय फिल्म प्रभाग के अभिलेखागार से संविधान की रूपरेखा तैयार करने से जुड़ी घटनाओं की कुछ दुर्लभ फिल्मों के अंश और संविधान सभा के डॉक्टर बी.आर. अम्बेडकर, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभ भाई पटेल, श्यामा प्रसाद मुखर्जी समेत अन्य प्रमुख सदस्यों के भाषण जुटाए गए हैं। इसमें प्रदर्शित एक प्लाज्मा डिस्प्ले में संविधान की प्रस्तावना को विविध भारतीय भाषाओं में पढ़ा जा सकता है। एक डिजिटल फ्लिप बुक में संविधान में वर्णित उद्धरणों की झलक दिखाई गई है। डिजिटल टच वॉल में हमारे विभिन्न राष्ट्रीय प्रतीकों के बारे में जानकारी है, जबकि एक अन्य डिजिटल स्क्रीन पर संविधान की रूपरेखा तैयार किये जाने का क्रमवार विवरण है। एक अन्य डिस्प्ले वॉल पर भारत के संविधान का मसौदा तैयार करने में विश्व के अन्य देशों के संविधानों से लिए गए प्रभावों का विवरण है। आरएफआईडी कार्ड रीडर जोकि एक संवाद का डिस्प्ले है, उस पर संविधान सभा के किसी भी सदस्य के नाम का कार्ड रखने पर उसके व्यक्तित्व और उसके योगदान के बारे में स्क्रीन पर पढ़ा जा सकता है। यह एक विशेष आकर्षण का केन्द्र है। इसके लिए तीन श्रेणियों में कार्ड दिए गए हैं- मसौदा समिति के सदस्य, संविधान सभा की महिला सदस्य और संविधान सभा में गुजरात के सदस्य। इनमें हंसा मेहता और कन्हैया लाल मुंशी प्रमुख हैं। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने विजिटर पुस्तिका में लिखा है कि "गैलरी सैंकड़ों दूरदर्शी नेताओं के जबरदस्त प्रयासों में एक अंतर्दृष्टि प्रदान करती है। संग्रह में अतीत की कलाकृतियों को खूबसूरती से दिखाया गया है और उसी परियोजना के लिए हर संभव डिजिटल प्रयास का उपयोग किया गया है।" प्रदर्शनी का दौरा करने वाले प्रमुख व्यक्तियों में केन्द्रीय संसदीय मामलों, कोयला और खान मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी और संसदीय मामलों के राज्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल और विभिन्न राज्य विधानसभाओं के अध्यक्ष थे। अभिलेखीय प्रदर्शनी के अन्य प्रमुख पैनल में मसौदा समिति के सदस्यों, सरकार और संसद के प्रमुख पदाधिकारियों के हस्ताक्षर, पूर्व और वर्तमान अध्यक्षों आदि का चित्र लगाया गया था। प्रदर्शनी का एक अन्य आकर्षण राज्य विधानसभाओं पर अनुभाग था, जहां एक आगंतुक विभिन्न राज्य विधानसभा भवनों की स्थापत्य सुंदरता और विविधता को देख और सराह सकता है। कोविड को देखते हुए उपयुक्त व्यवहार को प्रोटोकॉल में शामिल किया गया और स्वच्छता को सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूप से टच स्क्रीन डिस्प्ले के संबंध में खास प्रबंध किया गया। केवडिया में पीठासीन अधिकारियों का दो दिवसीय अखिल भारतीय सम्मेलन लोकतंत्र के संस्थानों को मजबूत करने और भारत के संविधान और लोकतांत्रिक परंपरा के बारे में जनता में जागरूकता फैलाने के संकल्प के साथ समाप्त हुआ।
दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में हनुमान जयंती के दौरान हुई हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट पर रोहिणी कोर्ट ने संज्ञान लिया है. कोर्ट ने मामले से जुड़े सभी 37 आरोपियों को प्रोड्क्शन वारंट जारी कर कोर्ट में पेश होने को कहा है. मामले की अगली सुनवाई चार अगस्त को होगी. अब आरोपों पर बहस की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश होगा, आगे की तारीखों में बहस पूरी होने के बाद आरोपियों से पूछा जायेगा कि क्या वे अपना गुनाह स्वीकार करते हैं या नहीं. अगर गुनाह नहीं स्वीकार करते तो कोर्ट चार्ज फ्रेम (प्रथम दृष्टया आरोप तय) करके मुकदमा चलाने का आदेश देगी, जिसके बाद अदालत के सामने गवाही की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने करीब 2300 से ज्यादा मोबाइल वीडियो और सीसीटीवी की मदद ली है. इसके अलावा मोबाइल डंप डाटा, CDR, फोन लोकेशन का सहारा लिया था. दिल्ली पुलिस ने साइंटिफिक एविडेंस भी अदालत के सामने लिस्ट किए हैं, जिसमें आरोपियों को पकड़ने के लिए चेहरों की पहचान करने वाले Face Recognition System सिस्टम का भी सहारा लिया है, जिससे आरोपी की पहचान करने में मदद मिली है. पुलिस का दावा है कि जहांगीरपुरी हिंसा साजिश के तहत की गई थी, जिसके 3 मास्टरमाइंड तबरेज अंसारी, मोहम्मद अंसार और इशर्फिल हैं. आरोपी इशर्फिल को पुलिस ने अभी तक गिरफ्तार नहीं किया है. उधर, दिल्ली दंगों में आरोपी उमर खालिद की जमानत की याचिका पर आज दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. दिल्ली हाई कोर्ट में उमर खालिद की जमानत पर उनके वकील की दलील पूरी हो गई है. दिल्ली हाई कोर्ट अब 1 अगस्त को मामले की अगली सुनवाई करेगा. इसी दिन कोर्ट में दिल्ली पुलिस उमर खालिद की जमानत पर अपनी दलील पेश करेगी. गुरुवार यानी आज हुई सुनवाई के दौरान उमर खालिद के वकील ने कहा कि पांच व्हाट्सऐप ग्रुप बनाये गए थे, जिसमें से तीन का सदस्य उमर खालिद था और एक ग्रुप में उसने चार मैसेज भेजे थे. वकील ने कहा कि उमर खालिद किसी भी भाषण से हिंसा नहीं भड़की, उसके भाषण और हिंसा का कोई सम्बंध नहीं है. CAA हिंसा में एक भी चश्मदीद नहीं है, जो यह बता सके हिंसा के समय उमर खालिद वहां मौजूद था. उमर के वकील ने एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि फोन पर संपर्क करना सिर्फ यह बता सकता है कि अभियुक्त एक-दूसरे को जानते हैं लेकिन इससे ज़्यादा कुछ साबित नहीं होता. उमर खालिद के वकील ने कहा कि बैठकों में चक्का जाम और प्रदर्शन का जिक्र करने में कुछ अवैध नहीं है. क्या एक व्हाट्सएप ग्रुप का सदस्य होना अवैध है जब तक आप गैरकानूनी काम नहीं करते? उमर के वकील ने एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि आपराधिक षड्यंत्र आमतौर पर गोपनीयता से रचा जाता है और प्रत्यक्ष प्रमाण पाना मुश्किल होता है. वहीं, कोर्ट ने उमर खालिद के वकील से पूछा कि मान लीजिए कि आप पहली नजर में आप यह साबित कर दें अपने कोई साजिश नहीं की, लेकिन UAPA की धारा 18 के दूसरे प्रावधानों का क्या होगा? दिल्ली हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से लिखित जवाब दाखिल करने को कहा है.
दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में हनुमान जयंती के दौरान हुई हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट पर रोहिणी कोर्ट ने संज्ञान लिया है. कोर्ट ने मामले से जुड़े सभी सैंतीस आरोपियों को प्रोड्क्शन वारंट जारी कर कोर्ट में पेश होने को कहा है. मामले की अगली सुनवाई चार अगस्त को होगी. अब आरोपों पर बहस की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश होगा, आगे की तारीखों में बहस पूरी होने के बाद आरोपियों से पूछा जायेगा कि क्या वे अपना गुनाह स्वीकार करते हैं या नहीं. अगर गुनाह नहीं स्वीकार करते तो कोर्ट चार्ज फ्रेम करके मुकदमा चलाने का आदेश देगी, जिसके बाद अदालत के सामने गवाही की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने करीब दो हज़ार तीन सौ से ज्यादा मोबाइल वीडियो और सीसीटीवी की मदद ली है. इसके अलावा मोबाइल डंप डाटा, CDR, फोन लोकेशन का सहारा लिया था. दिल्ली पुलिस ने साइंटिफिक एविडेंस भी अदालत के सामने लिस्ट किए हैं, जिसमें आरोपियों को पकड़ने के लिए चेहरों की पहचान करने वाले Face Recognition System सिस्टम का भी सहारा लिया है, जिससे आरोपी की पहचान करने में मदद मिली है. पुलिस का दावा है कि जहांगीरपुरी हिंसा साजिश के तहत की गई थी, जिसके तीन मास्टरमाइंड तबरेज अंसारी, मोहम्मद अंसार और इशर्फिल हैं. आरोपी इशर्फिल को पुलिस ने अभी तक गिरफ्तार नहीं किया है. उधर, दिल्ली दंगों में आरोपी उमर खालिद की जमानत की याचिका पर आज दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. दिल्ली हाई कोर्ट में उमर खालिद की जमानत पर उनके वकील की दलील पूरी हो गई है. दिल्ली हाई कोर्ट अब एक अगस्त को मामले की अगली सुनवाई करेगा. इसी दिन कोर्ट में दिल्ली पुलिस उमर खालिद की जमानत पर अपनी दलील पेश करेगी. गुरुवार यानी आज हुई सुनवाई के दौरान उमर खालिद के वकील ने कहा कि पांच व्हाट्सऐप ग्रुप बनाये गए थे, जिसमें से तीन का सदस्य उमर खालिद था और एक ग्रुप में उसने चार मैसेज भेजे थे. वकील ने कहा कि उमर खालिद किसी भी भाषण से हिंसा नहीं भड़की, उसके भाषण और हिंसा का कोई सम्बंध नहीं है. CAA हिंसा में एक भी चश्मदीद नहीं है, जो यह बता सके हिंसा के समय उमर खालिद वहां मौजूद था. उमर के वकील ने एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि फोन पर संपर्क करना सिर्फ यह बता सकता है कि अभियुक्त एक-दूसरे को जानते हैं लेकिन इससे ज़्यादा कुछ साबित नहीं होता. उमर खालिद के वकील ने कहा कि बैठकों में चक्का जाम और प्रदर्शन का जिक्र करने में कुछ अवैध नहीं है. क्या एक व्हाट्सएप ग्रुप का सदस्य होना अवैध है जब तक आप गैरकानूनी काम नहीं करते? उमर के वकील ने एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि आपराधिक षड्यंत्र आमतौर पर गोपनीयता से रचा जाता है और प्रत्यक्ष प्रमाण पाना मुश्किल होता है. वहीं, कोर्ट ने उमर खालिद के वकील से पूछा कि मान लीजिए कि आप पहली नजर में आप यह साबित कर दें अपने कोई साजिश नहीं की, लेकिन UAPA की धारा अट्ठारह के दूसरे प्रावधानों का क्या होगा? दिल्ली हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से लिखित जवाब दाखिल करने को कहा है.
गणेश चतुर्थी के मौके पर स्वयं गणेश भगवान से फाइनैंशल प्रेरणाएं प्राप्त करें और रिटायरमेंट के बाद एक खुशहाल जिंदगी के लिए उनका इस्तेमाल करें। नए शुभारंभ, बुद्धि और ज्ञान के भगवान के नाम से मशहूर, भगवान गणेश, लोगों का आर्थिक कल्याण करते हैं। नई दिल्ली इस बार त्योहारों के मौसम का आनंद उठाते समय थोड़ा सा समय निकालकर अपने लॉन्ग टर्म फाइनैंशल हेल्थ के बारे में भी सोच लें। गणेश चतुर्थी के मौके पर स्वयं गणेश भगवान से फाइनैंशल प्रेरणाएं प्राप्त करें और रिटायरमेंट के बाद एक खुशहाल जिंदगी के लिए उनका इस्तेमाल करें। नए शुभारंभ, बुद्धि और ज्ञान के भगवान के नाम से मशहूर, भगवान गणेश, लोगों का आर्थिक कल्याण करते हैं। इसलिए उनसे ज्ञान का भंडार प्राप्त करना चाहिए ताकि आपको पैसे की कमी के कारण कभी कोई समझौता करना न पड़े। कुछ बड़ा सोचें गणेश भगवान का बड़ा सा हाथी का सिर कुशाग्र बुद्धि का प्रतीक माना जाता है जो कुछ बड़ा सोचने में मदद करता है। ख़ास तौर पर अपने रिटायरमेंट के लिए फाइनैंशल प्लानिंग करते समय अपने लक्ष्य पर फोकस करना और दूर की सोच रखना जरूरी होता है। अपने सुनहरे सालों के लिए अपने फाइनैंस को सुरक्षित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करके इस साल एक नया शुभारंभ करें। आपने चाहे अभी-अभी अपना करियर शुरू किया हो या आप अपने करियर के बीच रास्ते में हों, अपनी रिस्क उठाने की चाहत के आधार पर सबसे पहले अपने रिटायरमेंट की प्लानिंग करें। अपनी रिस्क उठाने की चाहत, इन्वेस्ट करने की क्षमता और फाइनैंशल लक्ष्यों के आधार पर अपने पोर्टफोलियो में तरह-तरह के इन्वेस्टमेंट इंस्ट्रूमेंट्स को शामिल करें जिसमें लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट जैसे रियल एस्टेट, सुरक्षित ऑप्शन जैसे पीपीएफ अकाउंट, के साथ-साथ म्यूच्यूअल फंड्स और इंश्योरेंस में किया जाने वाला इन्वेस्टमेंट शामिल है। बेस्ट रिजल्ट पाने के लिए फोकस्ड रहें एक प्लान बनाना और उसके बाद उसे बाद में लागू करने के लिए टाल देना अक्सर आसान होता है। आखिरकार रिटायरमेंट की उम्र तक पहुंचने से पहले आपके पास काफी समय होता है, आप ऐसा सोच सकते हैं। जबकि यह सही लग सकता है, आपको पूरा यकीन हो सकता है कि आपके पास महंगाई को मात देते हुए अपने रिटायरमेंट के बाद के खर्चों के लिए पैसों का इंतजाम करने का साधन है, लेकिन अपने प्लान पर फोकस्ड रहना और उसी के हिसाब से काम करना भी जरूरी है। आखिरकार, भगवान गणेश की छोटी लेकिन तेज आंखों के कारण ही उन्हें चिंतेश्वर कहा जाता है और यह ध्यान व एकाग्रता का प्रतीक है। इसलिए अपने प्लान पर समय-समय पर नजर डालते रहना चाहिए और अपनी बढ़ती सैलरी के अनुसार उसमें अडजस्टमेंट करते रहना चाहिए। इसके अलावा अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए एक समय सीमा निर्धारित करें ताकि आपको उन्हें पूरा करने की प्रेरणा मिलती रहे। अपने ज्ञान को लगातार बढ़ाते रहने की कोशिश करते रहें भगवान गणेश के बड़े-बड़े कानों से एक सबक सीखने को मिलता है और वह यह है कि अपने ज्ञान को हमेशा बढ़ाते रहने की कोशिश करते रहना चाहिए। इसका मतलब है कि यदि आपको पर्सनल फाइनैंस की समझ हो तब भी यह सुनिश्चित करें कि आप इसे बेहतर बनाने की हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं। फाइनैंशल आर्टिकल्स और किताबें पढ़ने के अलावा, आप एक फाइनैंशल अडवाइजर की एक्सपर्ट मदद भी ले सकते हैं। इससे आपको अपने प्लान को सुव्यवस्थित करने और यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि आपने सही इन्वेस्टमेंट का चुनाव किया है और आपका पोर्टफोलियो आपके रिटायरमेंट को सुरक्षित करने के लिए आपकी तरह कड़ी मेहनत कर रहा है। रोजमर्रा के खर्च से परे देखने की कोशिश करें गणेश भगवान का बड़ा सा पेट सिर्फ उनके भोजन के प्रति प्रेम का ही नहीं बल्कि उनके रास्ते में आने वाली सारी बाधाओं को पार करने की चाहत का भी प्रतीक है। अपने रिटायरमेंट के लिए फाइनैंशल प्लानिंग करते समय आपको अपने रोजमर्रा के खर्च और हेल्थ केयर के अलावा अन्य प्रकार के खर्चों के लिए पैसों का इंतजाम करने पर भी ध्यान देना चाहिए। उदाहरण के लिए अचानक घर या कार की मरम्मत के कारण पैसे की तंगी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा कुछ नकद पैसों का इंतजाम करके रखने से आपको मेडिकल इमर्जेंसी के दौरान पैसों का इंतजाम करने के बारे में सोचना नहीं पड़ेगा, और इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि आप अपनी इच्छाओं को बिना किसी परेशानी के पूरा कर सकते हैं चाहे कहीं घूमने जाना हो या कोई अन्य शौक पूरा करना हो, आपको चिंता नहीं करनी पड़ेगी कि इस पर कितना खर्च आएगा। भावनाओं के बहाव में न बहें गणेश भगवान के बैठने का तरीका देखने में जितना महत्वपूर्ण लगता है, वह उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। उनका दायां पांव अक्सर उनके बाएँ घुटने पर टिका होता है जो इस बात का प्रतीक है कि आपको अपनी भावनाओं से ज्यादा बुद्धि और ज्ञान को महत्व देना चाहिए। यहां शरीर का दायां हिस्सा बुद्धि और ज्ञान का और बायां हिस्सा भावनाओं का प्रतीक है। इसलिए जब भविष्य के लिए अपने आपको फाइनैंशली तैयार रखने की बात हो तो यह सबक जरूर याद रखें। अपने फैसलों पर अपनी भावनाओं को हावी होने देने के बजाय, तर्कसंगत बनें और अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करें। जो तरीका काम न कर रहा हो उसे छोड़ दें और उसकी जगह उन तरीकों का इस्तेमाल करें जो आपके पैसे को सबसे अधिक प्रभावशाली तरीके से कई गुना बढ़ाने में आपकी मदद कर सके। इसके अलावा रिटायरमेंट के लिए सेविंग या इन्वेस्टमेंट करते समय आंख बंद करके दूसरों के कहे पर न चलें या भावनाओं के बहाव में बहते हुए कोई फैसला न लें। हमेशा अच्छी तरह सोच-समझकर और तथ्यों की जांच-पड़ताल करके ही कोई फैसला लें। इस साल अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग के तरीके पर फिर से नजर डालें। यह सुनिश्चित करने के लिए ऊपर बताई गई बातों को ध्यान में रखें कि आप एक फाइनैंशली सुरक्षित पोस्ट-रिटायरमेंट लाइफ के लिए जितना अच्छा कर सकते हैं उतना अच्छा कर रहे हैं।
गणेश चतुर्थी के मौके पर स्वयं गणेश भगवान से फाइनैंशल प्रेरणाएं प्राप्त करें और रिटायरमेंट के बाद एक खुशहाल जिंदगी के लिए उनका इस्तेमाल करें। नए शुभारंभ, बुद्धि और ज्ञान के भगवान के नाम से मशहूर, भगवान गणेश, लोगों का आर्थिक कल्याण करते हैं। नई दिल्ली इस बार त्योहारों के मौसम का आनंद उठाते समय थोड़ा सा समय निकालकर अपने लॉन्ग टर्म फाइनैंशल हेल्थ के बारे में भी सोच लें। गणेश चतुर्थी के मौके पर स्वयं गणेश भगवान से फाइनैंशल प्रेरणाएं प्राप्त करें और रिटायरमेंट के बाद एक खुशहाल जिंदगी के लिए उनका इस्तेमाल करें। नए शुभारंभ, बुद्धि और ज्ञान के भगवान के नाम से मशहूर, भगवान गणेश, लोगों का आर्थिक कल्याण करते हैं। इसलिए उनसे ज्ञान का भंडार प्राप्त करना चाहिए ताकि आपको पैसे की कमी के कारण कभी कोई समझौता करना न पड़े। कुछ बड़ा सोचें गणेश भगवान का बड़ा सा हाथी का सिर कुशाग्र बुद्धि का प्रतीक माना जाता है जो कुछ बड़ा सोचने में मदद करता है। ख़ास तौर पर अपने रिटायरमेंट के लिए फाइनैंशल प्लानिंग करते समय अपने लक्ष्य पर फोकस करना और दूर की सोच रखना जरूरी होता है। अपने सुनहरे सालों के लिए अपने फाइनैंस को सुरक्षित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करके इस साल एक नया शुभारंभ करें। आपने चाहे अभी-अभी अपना करियर शुरू किया हो या आप अपने करियर के बीच रास्ते में हों, अपनी रिस्क उठाने की चाहत के आधार पर सबसे पहले अपने रिटायरमेंट की प्लानिंग करें। अपनी रिस्क उठाने की चाहत, इन्वेस्ट करने की क्षमता और फाइनैंशल लक्ष्यों के आधार पर अपने पोर्टफोलियो में तरह-तरह के इन्वेस्टमेंट इंस्ट्रूमेंट्स को शामिल करें जिसमें लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट जैसे रियल एस्टेट, सुरक्षित ऑप्शन जैसे पीपीएफ अकाउंट, के साथ-साथ म्यूच्यूअल फंड्स और इंश्योरेंस में किया जाने वाला इन्वेस्टमेंट शामिल है। बेस्ट रिजल्ट पाने के लिए फोकस्ड रहें एक प्लान बनाना और उसके बाद उसे बाद में लागू करने के लिए टाल देना अक्सर आसान होता है। आखिरकार रिटायरमेंट की उम्र तक पहुंचने से पहले आपके पास काफी समय होता है, आप ऐसा सोच सकते हैं। जबकि यह सही लग सकता है, आपको पूरा यकीन हो सकता है कि आपके पास महंगाई को मात देते हुए अपने रिटायरमेंट के बाद के खर्चों के लिए पैसों का इंतजाम करने का साधन है, लेकिन अपने प्लान पर फोकस्ड रहना और उसी के हिसाब से काम करना भी जरूरी है। आखिरकार, भगवान गणेश की छोटी लेकिन तेज आंखों के कारण ही उन्हें चिंतेश्वर कहा जाता है और यह ध्यान व एकाग्रता का प्रतीक है। इसलिए अपने प्लान पर समय-समय पर नजर डालते रहना चाहिए और अपनी बढ़ती सैलरी के अनुसार उसमें अडजस्टमेंट करते रहना चाहिए। इसके अलावा अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए एक समय सीमा निर्धारित करें ताकि आपको उन्हें पूरा करने की प्रेरणा मिलती रहे। अपने ज्ञान को लगातार बढ़ाते रहने की कोशिश करते रहें भगवान गणेश के बड़े-बड़े कानों से एक सबक सीखने को मिलता है और वह यह है कि अपने ज्ञान को हमेशा बढ़ाते रहने की कोशिश करते रहना चाहिए। इसका मतलब है कि यदि आपको पर्सनल फाइनैंस की समझ हो तब भी यह सुनिश्चित करें कि आप इसे बेहतर बनाने की हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं। फाइनैंशल आर्टिकल्स और किताबें पढ़ने के अलावा, आप एक फाइनैंशल अडवाइजर की एक्सपर्ट मदद भी ले सकते हैं। इससे आपको अपने प्लान को सुव्यवस्थित करने और यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि आपने सही इन्वेस्टमेंट का चुनाव किया है और आपका पोर्टफोलियो आपके रिटायरमेंट को सुरक्षित करने के लिए आपकी तरह कड़ी मेहनत कर रहा है। रोजमर्रा के खर्च से परे देखने की कोशिश करें गणेश भगवान का बड़ा सा पेट सिर्फ उनके भोजन के प्रति प्रेम का ही नहीं बल्कि उनके रास्ते में आने वाली सारी बाधाओं को पार करने की चाहत का भी प्रतीक है। अपने रिटायरमेंट के लिए फाइनैंशल प्लानिंग करते समय आपको अपने रोजमर्रा के खर्च और हेल्थ केयर के अलावा अन्य प्रकार के खर्चों के लिए पैसों का इंतजाम करने पर भी ध्यान देना चाहिए। उदाहरण के लिए अचानक घर या कार की मरम्मत के कारण पैसे की तंगी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा कुछ नकद पैसों का इंतजाम करके रखने से आपको मेडिकल इमर्जेंसी के दौरान पैसों का इंतजाम करने के बारे में सोचना नहीं पड़ेगा, और इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि आप अपनी इच्छाओं को बिना किसी परेशानी के पूरा कर सकते हैं चाहे कहीं घूमने जाना हो या कोई अन्य शौक पूरा करना हो, आपको चिंता नहीं करनी पड़ेगी कि इस पर कितना खर्च आएगा। भावनाओं के बहाव में न बहें गणेश भगवान के बैठने का तरीका देखने में जितना महत्वपूर्ण लगता है, वह उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। उनका दायां पांव अक्सर उनके बाएँ घुटने पर टिका होता है जो इस बात का प्रतीक है कि आपको अपनी भावनाओं से ज्यादा बुद्धि और ज्ञान को महत्व देना चाहिए। यहां शरीर का दायां हिस्सा बुद्धि और ज्ञान का और बायां हिस्सा भावनाओं का प्रतीक है। इसलिए जब भविष्य के लिए अपने आपको फाइनैंशली तैयार रखने की बात हो तो यह सबक जरूर याद रखें। अपने फैसलों पर अपनी भावनाओं को हावी होने देने के बजाय, तर्कसंगत बनें और अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करें। जो तरीका काम न कर रहा हो उसे छोड़ दें और उसकी जगह उन तरीकों का इस्तेमाल करें जो आपके पैसे को सबसे अधिक प्रभावशाली तरीके से कई गुना बढ़ाने में आपकी मदद कर सके। इसके अलावा रिटायरमेंट के लिए सेविंग या इन्वेस्टमेंट करते समय आंख बंद करके दूसरों के कहे पर न चलें या भावनाओं के बहाव में बहते हुए कोई फैसला न लें। हमेशा अच्छी तरह सोच-समझकर और तथ्यों की जांच-पड़ताल करके ही कोई फैसला लें। इस साल अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग के तरीके पर फिर से नजर डालें। यह सुनिश्चित करने के लिए ऊपर बताई गई बातों को ध्यान में रखें कि आप एक फाइनैंशली सुरक्षित पोस्ट-रिटायरमेंट लाइफ के लिए जितना अच्छा कर सकते हैं उतना अच्छा कर रहे हैं।
यूक्रेन से जब भारतीय छात्र लौट रहे थे तो पीएम मोदी कैसे रखते थे नज़र? यूक्रेन से जब भारतीय छात्र लौट रहे थे तो पीएम मोदी कैसे रखते थे नज़र? गुजरात के वडोदरा में एक कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि जिस समय भारतीय छात्रों को ऑपरेशन गंगा के तहत वापस अपने मुल्क लाया जा रहा था, पीएम मोदी सुबह, दोपहर और शाम कॉल करके पूरी जानकारी लिया करते थे. वो हर शाम रिपोर्ट मांगते थे. (बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं. )
यूक्रेन से जब भारतीय छात्र लौट रहे थे तो पीएम मोदी कैसे रखते थे नज़र? यूक्रेन से जब भारतीय छात्र लौट रहे थे तो पीएम मोदी कैसे रखते थे नज़र? गुजरात के वडोदरा में एक कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि जिस समय भारतीय छात्रों को ऑपरेशन गंगा के तहत वापस अपने मुल्क लाया जा रहा था, पीएम मोदी सुबह, दोपहर और शाम कॉल करके पूरी जानकारी लिया करते थे. वो हर शाम रिपोर्ट मांगते थे.
इस पृष्ठ में एकीकृत कृषि प्रणाली के विभिन्न घटक जैसे फसल उत्पादन, मवेशी पालन, फल तथा सब्जी उत्पादन, वानिकी इत्यादि को कैसे समेकित किया जाता है, इसकी विस्तृत जानकारी दी गयी है। इस पृष्ठ में मछुवा महिला के लिए वैकल्पिक जीविका विकल्प संबंधी जानकारी दी गई है। इस पृष्ठ में तालाबों और टैंकों में सघन जल-कृषि हेतु दिशा-निर्देश की जानकारी दी गयी है। इस पृष्ठ में घरेलू विपणन हेतु दिशा-निर्देश की जानकारी दी गयी है। इस भाग में आर्थिक समीक्षा 2021-22 की मुख्य बिंदुओं की जानकारी दी गई है। इस भाग में भविष्य की खाद्यान्न आपूर्ति के लिए संरक्षण खेती आधारित योजना की जानकारी दी गई है। इस पृष्ठ में भारत की कौशल ईको-प्रणाली को बढ़ावा देने वाली योजना की विस्तृत जानकारी दी गयी है।
इस पृष्ठ में एकीकृत कृषि प्रणाली के विभिन्न घटक जैसे फसल उत्पादन, मवेशी पालन, फल तथा सब्जी उत्पादन, वानिकी इत्यादि को कैसे समेकित किया जाता है, इसकी विस्तृत जानकारी दी गयी है। इस पृष्ठ में मछुवा महिला के लिए वैकल्पिक जीविका विकल्प संबंधी जानकारी दी गई है। इस पृष्ठ में तालाबों और टैंकों में सघन जल-कृषि हेतु दिशा-निर्देश की जानकारी दी गयी है। इस पृष्ठ में घरेलू विपणन हेतु दिशा-निर्देश की जानकारी दी गयी है। इस भाग में आर्थिक समीक्षा दो हज़ार इक्कीस-बाईस की मुख्य बिंदुओं की जानकारी दी गई है। इस भाग में भविष्य की खाद्यान्न आपूर्ति के लिए संरक्षण खेती आधारित योजना की जानकारी दी गई है। इस पृष्ठ में भारत की कौशल ईको-प्रणाली को बढ़ावा देने वाली योजना की विस्तृत जानकारी दी गयी है।
गाजर का मुरब्बा बनाने के लिए सबसे पहले गाजर को छील कर अच्छी तरह धो लें। इसके बाद गाजर को लंबे लंबे टुकड़ों में काट लें। अब एक भगोने में पानी गर्म करें और उसमें गाजर के टुकड़े डालकर चार पांच मिनट के लिए उबाल लें। ध्यान दें कि गाजर को आधा ही पकाना है। इसके बाद गाजर को एक प्लेट में निकालकर ठंडा होने के लिए रख दें और उन्हें सूखे कपड़े से पोंछ लें। अब गाजर में कांटे या चाकू की मदद से छेद कर लें। तब तक एक कढ़ाई में चीनी और पानी डालकर एक तार वाली चाशनी तैयार कर लें। इसमें गाजर और इलायची पाउडर डालें। एक से दो मिनट पकाने के बाद गैस बंद कर लें। ठंडा होने के बाद गाजर के मुरब्बे को एक एयर टाइट कंटेनर में स्टोर कर लें। आप चाहें तो इसमें पिसी हुई काली मिर्च, बादाम और किशमिश डालकर भी रख सकते हैं। गाजर के मुरब्बे को जब चाहें खाने के लिए निकाल सकते हैं।
गाजर का मुरब्बा बनाने के लिए सबसे पहले गाजर को छील कर अच्छी तरह धो लें। इसके बाद गाजर को लंबे लंबे टुकड़ों में काट लें। अब एक भगोने में पानी गर्म करें और उसमें गाजर के टुकड़े डालकर चार पांच मिनट के लिए उबाल लें। ध्यान दें कि गाजर को आधा ही पकाना है। इसके बाद गाजर को एक प्लेट में निकालकर ठंडा होने के लिए रख दें और उन्हें सूखे कपड़े से पोंछ लें। अब गाजर में कांटे या चाकू की मदद से छेद कर लें। तब तक एक कढ़ाई में चीनी और पानी डालकर एक तार वाली चाशनी तैयार कर लें। इसमें गाजर और इलायची पाउडर डालें। एक से दो मिनट पकाने के बाद गैस बंद कर लें। ठंडा होने के बाद गाजर के मुरब्बे को एक एयर टाइट कंटेनर में स्टोर कर लें। आप चाहें तो इसमें पिसी हुई काली मिर्च, बादाम और किशमिश डालकर भी रख सकते हैं। गाजर के मुरब्बे को जब चाहें खाने के लिए निकाल सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने चार राज्यों में कोरोना मृतकों को जारी मुआवजे की जांच करने के लिए टीम गठित की है। शुक्रवार को मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि महाराष्ट्र, केरल, गुजरात और आंध्र प्रदेश में अब तक कोरोना मृतकों को लेकर दर्ज दावों की जांच के लिए नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) और मंत्रालय के अधिकारियों की चार अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। तीन-तीन सदस्य वाली ये टीमें संबंधित राज्यों में जाकर सरकारी दस्तावेजों की जांच करेंगी और पीड़ित परिवारों से मिलेंगी। जांच दलों की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश की जाएगी। Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने चार राज्यों में कोरोना मृतकों को जारी मुआवजे की जांच करने के लिए टीम गठित की है। शुक्रवार को मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि महाराष्ट्र, केरल, गुजरात और आंध्र प्रदेश में अब तक कोरोना मृतकों को लेकर दर्ज दावों की जांच के लिए नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल और मंत्रालय के अधिकारियों की चार अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। तीन-तीन सदस्य वाली ये टीमें संबंधित राज्यों में जाकर सरकारी दस्तावेजों की जांच करेंगी और पीड़ित परिवारों से मिलेंगी। जांच दलों की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश की जाएगी। Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से संगठनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने व पार्टी की आगामी रणनीति बनाने के लिए 22 से 24 मई तक प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर बैठक कर जिलेवार प्रमुख कांग्रेसजनों से विचार-विमर्श किया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं मीडिया चेयरपर्सन डॉ. अर्चना शर्मा ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे 22 मई को सुबह जयपुर पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय कार्यक्रम में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट, नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी, एआईसीसी सचिव एवं प्रदेश सहप्रभारी विवेक बंसल, काजी मोहम्मद निजामुद्दीन, देवेन्द्र यादव तथा तरुण कुमार की उपस्थिति में संगठन के भावी कार्यक्रमों को निर्धारित करने के लिए कांग्रेसजन सुझाव देंगे। उन्होंने बताया कि 22 मई को बूंदी, कोटा शहर व देहात, झालावाड़, बारां, राजसमंद, जोधपुर शहर व देहात, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, भीलवाड़ा, 23 मई को टोंक, सवाईमाधोपुर, धौलपुर, भरतपुर, चित्तौडगढ़, प्रतापगढ़, पाली, उदयपुर शहर व देहात, बीकानेर शहर व देहात, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ तथा 24 मई को अजमेर शहर व देहात, सीकर, चूरू, करौली, नागौर, झुंझुनूं, अलवर, दौसा, जयपुर देहात व जयपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटियों के जिलों के प्रभारी, प्रदेश पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष, सांसद एवं विधायक, लोकसभा चुनाव-2014 एवं विधानसभा चुनाव-2013 के कांग्रेस प्रत्याशी, संबंधित जिले में निवास करने वाले एआईसीसी पदाधिकारी, जिले में निवास करने वाले प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकारिणी सदस्य, पीसीसी सदस्य, अग्रिम संगठनों के जिलाध्यक्ष, विभागों व प्रकोष्ठों तथा राजीव गांधी पंचायतीराज संगठन के जिलाध्यक्ष भाग लेंगे।
जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से संगठनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने व पार्टी की आगामी रणनीति बनाने के लिए बाईस से चौबीस मई तक प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर बैठक कर जिलेवार प्रमुख कांग्रेसजनों से विचार-विमर्श किया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं मीडिया चेयरपर्सन डॉ. अर्चना शर्मा ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे बाईस मई को सुबह जयपुर पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय कार्यक्रम में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट, नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी, एआईसीसी सचिव एवं प्रदेश सहप्रभारी विवेक बंसल, काजी मोहम्मद निजामुद्दीन, देवेन्द्र यादव तथा तरुण कुमार की उपस्थिति में संगठन के भावी कार्यक्रमों को निर्धारित करने के लिए कांग्रेसजन सुझाव देंगे। उन्होंने बताया कि बाईस मई को बूंदी, कोटा शहर व देहात, झालावाड़, बारां, राजसमंद, जोधपुर शहर व देहात, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, भीलवाड़ा, तेईस मई को टोंक, सवाईमाधोपुर, धौलपुर, भरतपुर, चित्तौडगढ़, प्रतापगढ़, पाली, उदयपुर शहर व देहात, बीकानेर शहर व देहात, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ तथा चौबीस मई को अजमेर शहर व देहात, सीकर, चूरू, करौली, नागौर, झुंझुनूं, अलवर, दौसा, जयपुर देहात व जयपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटियों के जिलों के प्रभारी, प्रदेश पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष, सांसद एवं विधायक, लोकसभा चुनाव-दो हज़ार चौदह एवं विधानसभा चुनाव-दो हज़ार तेरह के कांग्रेस प्रत्याशी, संबंधित जिले में निवास करने वाले एआईसीसी पदाधिकारी, जिले में निवास करने वाले प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकारिणी सदस्य, पीसीसी सदस्य, अग्रिम संगठनों के जिलाध्यक्ष, विभागों व प्रकोष्ठों तथा राजीव गांधी पंचायतीराज संगठन के जिलाध्यक्ष भाग लेंगे।
Koderma : कोडरमा स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 4 से गुजर रही मालगाड़ी के चक्के पर अचानक आग लग गयी. यह घटना बुधवार देर रात की है. जिसके बाद आनन-फानन में मालगाड़ी को स्टेशन पर ही रोका गया. घटना की सूचना कोडरमा स्टेशन मास्टर को दी गयी. सूचना पाकर वो घटनास्थल पर पहुंचे. कड़ी मशक्कत के बाद रेल कर्मियों ने आग पर काबू पाया. मालगाड़ी के चक्के पर आग लगने के कारण परिचालन बाधित रहा. देर रात तक पैसेंजर और राजधानी ट्रेन पिछले स्टेशनों पर ही खड़ी रही. मालगाड़ी के चक्के में आग कैसे लगी, इसके कारणों का पता नहीं चल पाया है. स्टेशन प्रबंधक एम के महाराज का कहना है कि अज्ञात कारणों के कारण मालगाड़ी के चक्के में आग लगी थी. फिलहाल स्थिति सामान्य है और परिचालन शुरू कर दिया गया है. इसे भी पढ़ें : गुजरात चुनाव : रूझानों में भाजपा बंपर जीत की ओर, कांग्रेस काफी पीछे, आप भी दिखा रही दम!
Koderma : कोडरमा स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार से गुजर रही मालगाड़ी के चक्के पर अचानक आग लग गयी. यह घटना बुधवार देर रात की है. जिसके बाद आनन-फानन में मालगाड़ी को स्टेशन पर ही रोका गया. घटना की सूचना कोडरमा स्टेशन मास्टर को दी गयी. सूचना पाकर वो घटनास्थल पर पहुंचे. कड़ी मशक्कत के बाद रेल कर्मियों ने आग पर काबू पाया. मालगाड़ी के चक्के पर आग लगने के कारण परिचालन बाधित रहा. देर रात तक पैसेंजर और राजधानी ट्रेन पिछले स्टेशनों पर ही खड़ी रही. मालगाड़ी के चक्के में आग कैसे लगी, इसके कारणों का पता नहीं चल पाया है. स्टेशन प्रबंधक एम के महाराज का कहना है कि अज्ञात कारणों के कारण मालगाड़ी के चक्के में आग लगी थी. फिलहाल स्थिति सामान्य है और परिचालन शुरू कर दिया गया है. इसे भी पढ़ें : गुजरात चुनाव : रूझानों में भाजपा बंपर जीत की ओर, कांग्रेस काफी पीछे, आप भी दिखा रही दम!
Don't Miss! - Travel आखिर क्यों कोई नहीं कर पाया कैलाश पर्वत की चढ़ाई? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण? - Automobiles मारुति सुजुकी इन्विक्टो रिव्यूः एमपीवी सेगमेंट को मिलेगा नया किंग? कैटरीना कैफ अपनी शादीशुदा जिंदगी को खूब एन्जॉय कर रही हैं। अपनी निजी जिंदगी को वो खास तौर पर दुनिया के सामने नहीं लाना चाहती हैं। कैटरीना कैफ और विक्की कौशल की शादी को जल्द ही एक साल पूरे होने वाले हैं और दोनों बॉलीवुड के सबसे आइडियल कपल में शुमार हैं। कैटरीना कैफ विक्की कौशल के माता-पिता और परिवार से भी उतनी ही क्लोज हैं। तो वहीं, उनके देवर सनी कौशल ने उनकी जिंदगी से जुड़े कई राज खोले हैं। उन्होंने कैटरीना कैफ के बारे में और उनके साथ अपनी बॉन्डिंग को लेकर भी कई बातें कही हैं। सनी कौशल ने ये भी कहा है कि कैटरीना कैफ असल जिंदगी में बेहद धार्मिक हैं और उन दोनों के बीच काफी मस्ती भी होती है। न्यूज 18 से बातचीत में सनी कौशल ने कई ऐसी बातें भी बताई हैं जिसकी जानकारी पूरी दुनिया को नहीं है। दोनों के बीच कई समानताएं भी हैं। सनी कौशल ने कहा कि कैटरीना कैफ से मिलने के बाद कई चीजों को लेकर उनका नजरिया भी बदल गया है। उनके और कैटरीना कैफ के बीच कई चीजें कॉमन हैं जैसे दोनों धार्मिक हैं और दोनों को स्पिरिचुअलिटी पसंद है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि, उन्हें कैटरीना कैफ के साथ मस्ती करना पसंद है। सनी कौशल ने बताया कि ससुराल में कैटरीना कैफ को बहुत प्यार और दुलार मिलता है। तो वहीं, विक्की कौशल के बारे में भी उन्होंने कहा कि, वो उनके काम की हमेशा तारीफ करते हैं और वो भाई के साथ-साथ दोस्त की तरह हैं। सनी कौशल ने बताया कि उनका भाई विक्की कौशल से हमेशा बहुत ही दोस्ताना संबंध रहा है। यहां तक कि, दोनों कपड़े भी हमेशा एक से पहनते आए हैं। दोनों किसी भी मौके पर मस्ती करना नहीं छोड़ते हैं। विक्की कौशल और कैटरीना कैफ जल्द ही शादी की पहली सालगिरह मनाएंगे। दोनों ने पिछले साल 9 दिसंबर को राजस्थान के सिक्स सेंस फोर्ट, सवाई माधोपुर में शादी रचाई थी। दोनों अक्सर साथ में स्पॉट किए जाते हैं। Manali Floods: भयंकर सैलाब के बीच मनाली में फंसा ये एक्टर? वीडियो वायरल होते ही कांप गए फैंस के दिल!
Don't Miss! - Travel आखिर क्यों कोई नहीं कर पाया कैलाश पर्वत की चढ़ाई? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण? - Automobiles मारुति सुजुकी इन्विक्टो रिव्यूः एमपीवी सेगमेंट को मिलेगा नया किंग? कैटरीना कैफ अपनी शादीशुदा जिंदगी को खूब एन्जॉय कर रही हैं। अपनी निजी जिंदगी को वो खास तौर पर दुनिया के सामने नहीं लाना चाहती हैं। कैटरीना कैफ और विक्की कौशल की शादी को जल्द ही एक साल पूरे होने वाले हैं और दोनों बॉलीवुड के सबसे आइडियल कपल में शुमार हैं। कैटरीना कैफ विक्की कौशल के माता-पिता और परिवार से भी उतनी ही क्लोज हैं। तो वहीं, उनके देवर सनी कौशल ने उनकी जिंदगी से जुड़े कई राज खोले हैं। उन्होंने कैटरीना कैफ के बारे में और उनके साथ अपनी बॉन्डिंग को लेकर भी कई बातें कही हैं। सनी कौशल ने ये भी कहा है कि कैटरीना कैफ असल जिंदगी में बेहद धार्मिक हैं और उन दोनों के बीच काफी मस्ती भी होती है। न्यूज अट्ठारह से बातचीत में सनी कौशल ने कई ऐसी बातें भी बताई हैं जिसकी जानकारी पूरी दुनिया को नहीं है। दोनों के बीच कई समानताएं भी हैं। सनी कौशल ने कहा कि कैटरीना कैफ से मिलने के बाद कई चीजों को लेकर उनका नजरिया भी बदल गया है। उनके और कैटरीना कैफ के बीच कई चीजें कॉमन हैं जैसे दोनों धार्मिक हैं और दोनों को स्पिरिचुअलिटी पसंद है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि, उन्हें कैटरीना कैफ के साथ मस्ती करना पसंद है। सनी कौशल ने बताया कि ससुराल में कैटरीना कैफ को बहुत प्यार और दुलार मिलता है। तो वहीं, विक्की कौशल के बारे में भी उन्होंने कहा कि, वो उनके काम की हमेशा तारीफ करते हैं और वो भाई के साथ-साथ दोस्त की तरह हैं। सनी कौशल ने बताया कि उनका भाई विक्की कौशल से हमेशा बहुत ही दोस्ताना संबंध रहा है। यहां तक कि, दोनों कपड़े भी हमेशा एक से पहनते आए हैं। दोनों किसी भी मौके पर मस्ती करना नहीं छोड़ते हैं। विक्की कौशल और कैटरीना कैफ जल्द ही शादी की पहली सालगिरह मनाएंगे। दोनों ने पिछले साल नौ दिसंबर को राजस्थान के सिक्स सेंस फोर्ट, सवाई माधोपुर में शादी रचाई थी। दोनों अक्सर साथ में स्पॉट किए जाते हैं। Manali Floods: भयंकर सैलाब के बीच मनाली में फंसा ये एक्टर? वीडियो वायरल होते ही कांप गए फैंस के दिल!
बीजापुर। गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीजापुर से लौटते ही माओवादियों के केंद्रीय कमेटी के प्रवक्ता अभय ने प्रेस नोट जारी किया है. माओवादियों ने तर्रेम के जोनागुड़ा हमले को लेकर गृह मंत्री के बदला लेने वाले बयान पर पलटवार किया है. नक्सली नेता ने तर्रेम हमले पर बदला लेने वाले बयान को असंवैधानिक बताया है. नक्सली नेता ने कहा किस-किस से बदला लेंगे. प्रवक्ता ने शहीद जवानों की मौत के लिए केंद्र, राज्य और नार्थ ब्लॉक को जिम्मेदार ठराया. नक्सली नेता ने विभिन्न मुठभेड़ों में शहीद जवानों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा की संगठन की लड़ाई जवानों से नही है. नक्सलियों ने कहा की सरकार की तरफ से हथियार उठाने की वजह से संगठन को उनसे लड़ना पड़ता है. नक्सलियों ने कहा पिछले चार महीनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में 28 माओवादी मारे गए है. बता दें कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सोमवार को बस्तर पहुंचे थे, जहां बीजापुर के सीमावर्ती क्षेत्र में हुए मुठभेड़ में शहीद जवानों को जगदलपुर के पुलिस लाइन में सलामी दी. साथ ही सर्किट हाउस में पुलिस के आलाधिकारियों की बैठक लिए जहां नक्सलियों से निपटने नई रणनीति तैयार की गई है. उसके बाद अमित शाह बीजापुर के बासागुड़ा के लिए रवाना हुए जहां शहीद जवान शंकरनाथ को श्रद्धांजलि भी दी. साथ ही बासागुड़ा में स्थित 168 बटालियन में जवानों के साथ भोजन भी करते हुए दिखे. अमित शाह ने जवान जो बैकअप पार्टी के लिए गए हुए थे उनसे मुलाकात कर उनका हौसला बुलंद किया.
बीजापुर। गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीजापुर से लौटते ही माओवादियों के केंद्रीय कमेटी के प्रवक्ता अभय ने प्रेस नोट जारी किया है. माओवादियों ने तर्रेम के जोनागुड़ा हमले को लेकर गृह मंत्री के बदला लेने वाले बयान पर पलटवार किया है. नक्सली नेता ने तर्रेम हमले पर बदला लेने वाले बयान को असंवैधानिक बताया है. नक्सली नेता ने कहा किस-किस से बदला लेंगे. प्रवक्ता ने शहीद जवानों की मौत के लिए केंद्र, राज्य और नार्थ ब्लॉक को जिम्मेदार ठराया. नक्सली नेता ने विभिन्न मुठभेड़ों में शहीद जवानों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा की संगठन की लड़ाई जवानों से नही है. नक्सलियों ने कहा की सरकार की तरफ से हथियार उठाने की वजह से संगठन को उनसे लड़ना पड़ता है. नक्सलियों ने कहा पिछले चार महीनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में अट्ठाईस माओवादी मारे गए है. बता दें कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सोमवार को बस्तर पहुंचे थे, जहां बीजापुर के सीमावर्ती क्षेत्र में हुए मुठभेड़ में शहीद जवानों को जगदलपुर के पुलिस लाइन में सलामी दी. साथ ही सर्किट हाउस में पुलिस के आलाधिकारियों की बैठक लिए जहां नक्सलियों से निपटने नई रणनीति तैयार की गई है. उसके बाद अमित शाह बीजापुर के बासागुड़ा के लिए रवाना हुए जहां शहीद जवान शंकरनाथ को श्रद्धांजलि भी दी. साथ ही बासागुड़ा में स्थित एक सौ अड़सठ बटालियन में जवानों के साथ भोजन भी करते हुए दिखे. अमित शाह ने जवान जो बैकअप पार्टी के लिए गए हुए थे उनसे मुलाकात कर उनका हौसला बुलंद किया.
- 8 hrs ago राम चरण की सुपरहिट फिल्म 'आरआरआर' का जल्द आएगा सीक्वल, परंतु राजामौली नहीं होगे डायरेक्टर! - 9 hrs ago Shahrukh Khan की 'जवान' प्रीव्यू पर सलमान खान का शानदार रिएक्शन, बोले, "पठान जवान बन गया, वाह. . " Don't Miss! - Travel आखिर क्यों कोई नहीं कर पाया कैलाश पर्वत की चढ़ाई? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण? आज जबकि यशराज बैनर की फिल्म 'वॉर' का ट्रेलर रिलीज हुआ है। हर तरह फिल्म के एक्शन की चर्चा है। लेकिन याद दिला दें, बॉलीवुड की सबसे सफल एक्शन सीरीज़ की शुरूआत आज ही के दिन 15 साल पहले हुई थी। जॉन अब्राहम, उदय चोपड़ा और अभिषेक बच्चन स्टारर फिल्म 'धूम'. . यशराज बैनर तले बनी यह फिल्म दर्शकों के लिए बिल्कुल नया फ्लेवर थी और इसी कारण फिल्म 2004 की सबसे ज़्यादा कमाने वाली फिल्मों में से एक थी। फिल्म को इसके संस्पेंस, एक्शन, स्टंट और स्टाइल के लिए भी आज भी याद किया जाता है। बॉलीवुड में आम तौर पर किसी निगेटिव किरदार को लीड नहीं माना जाता। लेकिन धूम के साथ यह बदलाव आया। फिल्म में निगेटिव रोल में दिखे जॉन अब्राहम को देखकर दर्शक क्रेजी हो गए। इस फिल्म के बाद खासकर बाइक्स का क्रेज एक बार फिर सिर चढ़कर बोलने लगा। बाइक्स को इस स्टाइल के साथ पहली बार पेश किया गया था।
- आठ hrs ago राम चरण की सुपरहिट फिल्म 'आरआरआर' का जल्द आएगा सीक्वल, परंतु राजामौली नहीं होगे डायरेक्टर! - नौ hrs ago Shahrukh Khan की 'जवान' प्रीव्यू पर सलमान खान का शानदार रिएक्शन, बोले, "पठान जवान बन गया, वाह. . " Don't Miss! - Travel आखिर क्यों कोई नहीं कर पाया कैलाश पर्वत की चढ़ाई? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण? आज जबकि यशराज बैनर की फिल्म 'वॉर' का ट्रेलर रिलीज हुआ है। हर तरह फिल्म के एक्शन की चर्चा है। लेकिन याद दिला दें, बॉलीवुड की सबसे सफल एक्शन सीरीज़ की शुरूआत आज ही के दिन पंद्रह साल पहले हुई थी। जॉन अब्राहम, उदय चोपड़ा और अभिषेक बच्चन स्टारर फिल्म 'धूम'. . यशराज बैनर तले बनी यह फिल्म दर्शकों के लिए बिल्कुल नया फ्लेवर थी और इसी कारण फिल्म दो हज़ार चार की सबसे ज़्यादा कमाने वाली फिल्मों में से एक थी। फिल्म को इसके संस्पेंस, एक्शन, स्टंट और स्टाइल के लिए भी आज भी याद किया जाता है। बॉलीवुड में आम तौर पर किसी निगेटिव किरदार को लीड नहीं माना जाता। लेकिन धूम के साथ यह बदलाव आया। फिल्म में निगेटिव रोल में दिखे जॉन अब्राहम को देखकर दर्शक क्रेजी हो गए। इस फिल्म के बाद खासकर बाइक्स का क्रेज एक बार फिर सिर चढ़कर बोलने लगा। बाइक्स को इस स्टाइल के साथ पहली बार पेश किया गया था।
रामदेवरा कस्बे में नववर्ष के मौके पर धार्मिक स्थल रामदेवरा में हरियाणा के सेवादारों द्वारा विशाल सफाई अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें पूरे कस्बे की सफाई की जा रही है। हरियाणा के बाबा रामदेव मंदिर हरिपुरा धाम (फतेहाबाद) के सेवादारों ने धार्मिक स्थल रामदेवरा में पिछले पांच वर्ष से लगातार हर वर्ष नए साल के अवसर पर सफाई अभियान चलाया जाता है। इस वर्ष भी सात दिवसीय सफाई अभियान शुरू किया गया है। जिसके तहत सफाई की जा रही है। हरिपुरा धाम के श्री बाबा रामदेव वेलफेयर ट्रस्ट के मोहन लाल सैनी और भगत राजेन्द्र के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान में 150 सेवादार शामिल है। इनके द्वारा परचा बावड़ी, रामसरोवर तालाब में, सरोवर की पाल, घाटों और विश्राम गृहों की सफाई की जा रही है। इस अभियान में सफाई करके ट्रैक्टरों की सहायता से कचरे को कस्बे से बाहर डाला जा रहा है। नववर्ष के अवसर पर बाबा रामदेव समाधि समिति के मागर्दर्शन में चलाए रहे सेवादारों के इस सफाई अभियान से कस्बे में सफाई व्यवस्था में सुधार हुआ है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
रामदेवरा कस्बे में नववर्ष के मौके पर धार्मिक स्थल रामदेवरा में हरियाणा के सेवादारों द्वारा विशाल सफाई अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें पूरे कस्बे की सफाई की जा रही है। हरियाणा के बाबा रामदेव मंदिर हरिपुरा धाम के सेवादारों ने धार्मिक स्थल रामदेवरा में पिछले पांच वर्ष से लगातार हर वर्ष नए साल के अवसर पर सफाई अभियान चलाया जाता है। इस वर्ष भी सात दिवसीय सफाई अभियान शुरू किया गया है। जिसके तहत सफाई की जा रही है। हरिपुरा धाम के श्री बाबा रामदेव वेलफेयर ट्रस्ट के मोहन लाल सैनी और भगत राजेन्द्र के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान में एक सौ पचास सेवादार शामिल है। इनके द्वारा परचा बावड़ी, रामसरोवर तालाब में, सरोवर की पाल, घाटों और विश्राम गृहों की सफाई की जा रही है। इस अभियान में सफाई करके ट्रैक्टरों की सहायता से कचरे को कस्बे से बाहर डाला जा रहा है। नववर्ष के अवसर पर बाबा रामदेव समाधि समिति के मागर्दर्शन में चलाए रहे सेवादारों के इस सफाई अभियान से कस्बे में सफाई व्यवस्था में सुधार हुआ है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
Read in: Holi 2023: हुड़दंग के दौरान आंखों में रंग चला जाए तो क्या करें? रोना सेहत के लिए फायदेमंद है या हानिकारक ? क्या आपकी आंखें भी करीना कपूर की तरह हैं? तो ऐसे करें आई मेकअप!
Read in: Holi दो हज़ार तेईस: हुड़दंग के दौरान आंखों में रंग चला जाए तो क्या करें? रोना सेहत के लिए फायदेमंद है या हानिकारक ? क्या आपकी आंखें भी करीना कपूर की तरह हैं? तो ऐसे करें आई मेकअप!
होली (Holi 2022) का त्योहार नजदीक है. ऐसे में होली पर रंग खेलने वालों के ऊपर खुमारी छाना शुरू हो रही है. होली पर कैमिकल वाले रंग (Chemical Color) और गुलाल के प्रयोग से स्किन के साथ-साथ बालों (Hairs) पर भी काफी गलत असर होता है. बालों में रंग लग जाने से बालों की विभिन्न समस्याएं हो जाती हैं. तो चलिए जानें क्या उपाय रंग खेलने से पहले जरूरी है. सबसे जरूरी बात कि रंग खेलने जा रही हैं तो बालों को खुला ना छोड़े. खुले बालों में रंग आसानी से आपके बालों के जड़ों तक पहुंच सकता है और इससे आपके बाल कमजोर हो सकते हैं. इसके अलावा होली खेलने से पहले बालों में तेल की मालिश कर लें. नारियल, जैतून, सरसों या किसी भी अन्य तेल से बालों की मालिश कर सकते हैं. कंडीशनर बालों को अधिक सुरक्षा प्रदान करते हैं. इसलिए शुरुआत में ही बालों को कंडीशनर करना न भूलें. कंडीशनर को अपने बालों पर कम से कम 10 मिनट तक लगा रहने दें, लेकिन ध्यान रखें कि कंडीशनर बालों की जड़ों में न लगे. 10 मिनिट बाद बालों को धो लें. इसके बाद बालों को अच्छे से सुखा लें. बालों पर तेल की मालिश करने के साथ ही सिर पर टोपी जरूर लगाएं. ये स्टाइलिश दिखने के साथ ही बालों को पूरी तरह से प्रोटेक्ट करेगा. टोपी लगाने से बाल सीधे रंग के संपर्क में नहीं आएंगे. इसके साथ ही बालों को धोने के लिए नेचुरल शैंपू या फिर बेबी शैंपू का उपयोग करें. बालों से रंग को पूरी तरह छुड़ाने के लिए कभी भी गर्म पानी का इस्तेमाल ना करें. इससे बाल खराब हो सकते हैं. दरअसल, गर्म पानी बालों को ड्राई बना देता है. साथ ही यह भी ध्यान रखें कि गीले बालों को ब्लोअर से ड्राई न करें बल्कि नैचुरली ही बालों को सुखाएं. होली के लिए अपने बालों की देखभाल करने के लिए सबसे पहले बालों के सिरों को कटवा लें. दरअसल, सिंथेटिक रंग आपके बालों को रूखा बना सकते हैं और दोमुंहे बालों का कारण बन सकते हैं. इसलिए, होली के कुछ दिन पहले बालों के सिरों को कटवा लें, ताकि उनकी अच्छी से देखभाल कर सकें. सूखे रंगों से होली खेलने के बाद बालों को अच्छी तरह से ब्रश कर लें. कंघी या ब्रश करने से सिर पर जमे रंगों को हटाने में काफी मदद मिलेगी. लेकिन अगर आपने होली गीले रंगों से खेला है तो पहले बालों को सादे पानी से धोएं. इसके बाद शैम्पू का इस्तेमाल करें. फिर बालों को सादे पाने से धोएं.
होली का त्योहार नजदीक है. ऐसे में होली पर रंग खेलने वालों के ऊपर खुमारी छाना शुरू हो रही है. होली पर कैमिकल वाले रंग और गुलाल के प्रयोग से स्किन के साथ-साथ बालों पर भी काफी गलत असर होता है. बालों में रंग लग जाने से बालों की विभिन्न समस्याएं हो जाती हैं. तो चलिए जानें क्या उपाय रंग खेलने से पहले जरूरी है. सबसे जरूरी बात कि रंग खेलने जा रही हैं तो बालों को खुला ना छोड़े. खुले बालों में रंग आसानी से आपके बालों के जड़ों तक पहुंच सकता है और इससे आपके बाल कमजोर हो सकते हैं. इसके अलावा होली खेलने से पहले बालों में तेल की मालिश कर लें. नारियल, जैतून, सरसों या किसी भी अन्य तेल से बालों की मालिश कर सकते हैं. कंडीशनर बालों को अधिक सुरक्षा प्रदान करते हैं. इसलिए शुरुआत में ही बालों को कंडीशनर करना न भूलें. कंडीशनर को अपने बालों पर कम से कम दस मिनट तक लगा रहने दें, लेकिन ध्यान रखें कि कंडीशनर बालों की जड़ों में न लगे. दस मिनिट बाद बालों को धो लें. इसके बाद बालों को अच्छे से सुखा लें. बालों पर तेल की मालिश करने के साथ ही सिर पर टोपी जरूर लगाएं. ये स्टाइलिश दिखने के साथ ही बालों को पूरी तरह से प्रोटेक्ट करेगा. टोपी लगाने से बाल सीधे रंग के संपर्क में नहीं आएंगे. इसके साथ ही बालों को धोने के लिए नेचुरल शैंपू या फिर बेबी शैंपू का उपयोग करें. बालों से रंग को पूरी तरह छुड़ाने के लिए कभी भी गर्म पानी का इस्तेमाल ना करें. इससे बाल खराब हो सकते हैं. दरअसल, गर्म पानी बालों को ड्राई बना देता है. साथ ही यह भी ध्यान रखें कि गीले बालों को ब्लोअर से ड्राई न करें बल्कि नैचुरली ही बालों को सुखाएं. होली के लिए अपने बालों की देखभाल करने के लिए सबसे पहले बालों के सिरों को कटवा लें. दरअसल, सिंथेटिक रंग आपके बालों को रूखा बना सकते हैं और दोमुंहे बालों का कारण बन सकते हैं. इसलिए, होली के कुछ दिन पहले बालों के सिरों को कटवा लें, ताकि उनकी अच्छी से देखभाल कर सकें. सूखे रंगों से होली खेलने के बाद बालों को अच्छी तरह से ब्रश कर लें. कंघी या ब्रश करने से सिर पर जमे रंगों को हटाने में काफी मदद मिलेगी. लेकिन अगर आपने होली गीले रंगों से खेला है तो पहले बालों को सादे पानी से धोएं. इसके बाद शैम्पू का इस्तेमाल करें. फिर बालों को सादे पाने से धोएं.
गोविन्द तुम हमारे, दुख- राशि से उबारे । मैं सरन हूँ तिहारे, तुम काष्ट-कटक टारे ।। तुम प्रीतम हो प्यारे, सिर क्रीट मुकुट वारे । छोनी छटा पसारे, मोरी सुरत बिसारे ॥ कोटिन पतित उधारे, सब लग गए किनारे । मैं हूँ सरन तिहारे, बिगड़ी दसा सुधारे ॥ गोविन्द के पास आओ मन में विचार लाओ, पाप कट जाय जाय दरसन पाये ते । ध्यान लाओ मन में श्रवण में उसे रमाओ, मन मिल जाय वाहि गुन-गुन गाये ते ।। गुरू के भजन प्यारे गोविन्द सुभाव ही से, दिलहू में प्रेम बढ़े वाकी छवि छाये ते । चरन में सीस नाओ भगती में रम जाओ, कलिहू के पार जाओ भक्ति उपजाये ते ।। गिरिराज कुँवरि श्रीम मती महारानी गिरिराज कुँवरि जी भरतपुर की राजमाता थीं। आपका जन्म लगभग संवत् १६२० औौर देहांत संवत् १६८० मे हुधा । जहाँ आप समाज और राजनीति की ओर ध्यान देतीं थीं वहाँ आप में साहित्य प्रेम भी अटूट था । श्रीमती जी ने सं० १६६१ में "श्री व्रजराज-विलास" के नाम का कविता-ग्रन्थ लिखा जो बम्बई के श्री वेंकटेश्वर प्रेस में छपा है । हिन्दी को भरतपुर राज्य में अच्छा पद मिलना श्रीमती जी की कृपा का ही फल है। आपने आयुर्वेद का प्रचार राज्य में किया है। स्त्री-शिक्षा की बड़ी सहायता. करती थीं। समाज-सुधार को बहुत पसंद करती थीं । विवाह आदि अवसरों पर जो निर्लज्जता पूर्ण गारी श्रादि गाई जाती हैं, उनके स्थान पर सुन्दर - शिक्षा पूर्ण गाने गाया जाना आप अच्छा समझती थीं । "श्री ब्रजराज - विलास" में श्रीमती जी ने ऐसे ही गीतों का संग्रह किया है। उक्त ग्रंथ की भूमिका में आप लिखती हैंः"मैं इस पुस्तक में कविता नहीं दिखलाती, न मैं कविता जानती हो हूँ। दो वातों ने मुझको इन भजनों के लिखने की प्रेरणा की है। प्रथम श्री गोपाल जी की कृपा और दूसरे मैं देखती हूँ कि बहुधा यहाँ की स्त्रियों में लजित गान करने की रिवाज बढ़ती जाती है। बड़े शोक की बात है कि जिन बातों को अच्छे स्त्री-पुरुष सुनने से शरमाते हैं उन्हीं को स्त्रियाँ --- जिनका लज्जा ही उत्तम भूषण है - पुकार पुकार और गा गा कर कहें। स्त्रियाँ पुरुषों के नाम ले ले कर अह्लाद पूर्वक ऐसे गीत गाती हैं कि जिनको दृष्टान्त रूप से भी हम यहाँ लिख नहीं सकतीं । समय - ऋतु के अनुसार अथवा उत्सवादिक में मनोहर, पवित्र, उत्तम विषय- युक्त और मांगलिक गान करना स्त्रियों का धर्म है। इसीलिये गान-विद्या भी स्त्री की चौंसठ कला में मुख्य मानी गई है। स्त्री का सांसारिक देव पति और पारमार्थिक श्री गोपाल जी महाराज हैं। इन्हीं दो को प्रसन्न करने में इस विद्या में भी निपुण होना चाहिये । " इसके आगे श्रीमती जी लिखती हैं "आशा है कि हमारे देश की स्त्रियाँ निर्लज गीतों को त्याग उनकी जगह इन पदों को काम में लावेंगी । पुरुषों को भी उचित है कि सदा स्त्रियों को बुरी बात और बुरे गाने से रोकते रहें क्योंकि स्त्री कैसी भी होशियार और सभ्य हो तो भी बिना निगाह में रक्खे और उचित उपदेश किये चलायमान हो जाती है ।" श्रीमती जी स्त्रियों में विद्या प्रचार के साथ साथ उनमें गृह - शिक्षा के प्रचार को अनिवार्य और आवश्यक समझती थीं और इसीलिये श्रीमती जी ने 'पाक-प्रकाश' नामक पुस्तक भी लिखी थी, जो छप चुकी है । यदि यह इस लोक में अब तक होतीं तो इनका विचार स्त्रियों के उपयोगी प्रत्येक विषय पर पुस्तकें लिखने का था । कविता भी आप च्छी लिखती थीं। आपके विचार परिमार्जित और सुन्दर हैं । आपकी कुछ रचनायें नीचे उद्घृत करते हैं :२०४ गिरिराज कुँचरि हो प्यारी लागे श्याम सुँदरिया । कर नवनीत नैन कजरारे, उँगरिन मोह दरिया ।। दो दो दशन अधर अरे, पोलत चैन तुतरिया । साधै अंग चन्दनी कुरता, निर पै केश पिवरिया ।। गोल कपोल टिठोना माथे, भाल तिलक मनन्दरिया । घुटुश्मन चलत नवल तन मंदिन, मुग्म में मेलै उँगरिया ॥ यह छषि देखि मगन महतारो, लग नहिं जात नजरिया । भूख लगो जब ठिनफन लागे, गछि भैया की घुँदरिया ॥ जाफी भेद वेद नहि पावत, याको खिलावे गुजरिया धन यशुमति धनि धनि मजनायक, धनि धनि गोप नगरिया ।। यंसी घज बद्दी तनक तनफ में, नथ मेरी टूट गई मगरे में । में दधि घेचन जात वृन्दावन, रोक लई उगरे में । दधि मेरो माय मटुकिया फोरी, घरी वार्क खपरा परे नरे में । दुलरी तोर चूदरी मटकी, अरी पाने दारी घाँ गरे में ॥ अय धजपति सि घात धनावै, डारस नोन जरे में ॥ जहाँ न आदर भाव न पइये, मनुआ वा घर फवड़े न जइये । टुकड़ा भलो मान को सूखो उलटो खोर न सइये ।। मुखड़ा आगे आदर करते, पीछे खाक उड़इये । मुँह देखे पर मीठे बोलें, पीछे ऐब लगइये ॥ अपने मतलब हित दरसावें, काम परे इतरइये । ऐसे मित्र कबहुँ नहिं कीजै, जासों जी पछतइये ॥ गिरिराऊ धारन हैं स्वामी, जग में मोहिं बचइये ॥ मोर मुकट शिर पेच कलंगी सजत भूमका कानन में । नैन विशाल कुटिल भृकुटी छबि छाय रही अति आनन में ।। तेज लसै मुख ऊपर जितनो इतनो नहिं शत भानन में ॥ अद्भुत रचाय दियो खेल, देखो अलबेली की बतियाँ । कहुँ जल कहुँ थल गिरि कहूँ कहूँ वृक्ष कहुँ बेल । कहूँ नाश दिखराय परत है कहूँ रार कहुँ मेल । सब के भीतर सब के बाहर सब मैं करत कुलेल ।। अब के घट में आप बिराजौ न्यों तिल भीतर तेल । श्री ब्रजराज तुही अलबेला सब में रेलापेल । दरशन की लगी आस अब मैं कहाँ जाऊँ । महल तिवारे मोयन चहिये, टूटी भुपरिया वास । शाल-दुशाला मोय न चहिये, कारी कमरिया कास ॥
गोविन्द तुम हमारे, दुख- राशि से उबारे । मैं सरन हूँ तिहारे, तुम काष्ट-कटक टारे ।। तुम प्रीतम हो प्यारे, सिर क्रीट मुकुट वारे । छोनी छटा पसारे, मोरी सुरत बिसारे ॥ कोटिन पतित उधारे, सब लग गए किनारे । मैं हूँ सरन तिहारे, बिगड़ी दसा सुधारे ॥ गोविन्द के पास आओ मन में विचार लाओ, पाप कट जाय जाय दरसन पाये ते । ध्यान लाओ मन में श्रवण में उसे रमाओ, मन मिल जाय वाहि गुन-गुन गाये ते ।। गुरू के भजन प्यारे गोविन्द सुभाव ही से, दिलहू में प्रेम बढ़े वाकी छवि छाये ते । चरन में सीस नाओ भगती में रम जाओ, कलिहू के पार जाओ भक्ति उपजाये ते ।। गिरिराज कुँवरि श्रीम मती महारानी गिरिराज कुँवरि जी भरतपुर की राजमाता थीं। आपका जन्म लगभग संवत् एक हज़ार छः सौ बीस औौर देहांत संवत् एक हज़ार छः सौ अस्सी मे हुधा । जहाँ आप समाज और राजनीति की ओर ध्यान देतीं थीं वहाँ आप में साहित्य प्रेम भी अटूट था । श्रीमती जी ने संशून्य एक हज़ार छः सौ इकसठ में "श्री व्रजराज-विलास" के नाम का कविता-ग्रन्थ लिखा जो बम्बई के श्री वेंकटेश्वर प्रेस में छपा है । हिन्दी को भरतपुर राज्य में अच्छा पद मिलना श्रीमती जी की कृपा का ही फल है। आपने आयुर्वेद का प्रचार राज्य में किया है। स्त्री-शिक्षा की बड़ी सहायता. करती थीं। समाज-सुधार को बहुत पसंद करती थीं । विवाह आदि अवसरों पर जो निर्लज्जता पूर्ण गारी श्रादि गाई जाती हैं, उनके स्थान पर सुन्दर - शिक्षा पूर्ण गाने गाया जाना आप अच्छा समझती थीं । "श्री ब्रजराज - विलास" में श्रीमती जी ने ऐसे ही गीतों का संग्रह किया है। उक्त ग्रंथ की भूमिका में आप लिखती हैंः"मैं इस पुस्तक में कविता नहीं दिखलाती, न मैं कविता जानती हो हूँ। दो वातों ने मुझको इन भजनों के लिखने की प्रेरणा की है। प्रथम श्री गोपाल जी की कृपा और दूसरे मैं देखती हूँ कि बहुधा यहाँ की स्त्रियों में लजित गान करने की रिवाज बढ़ती जाती है। बड़े शोक की बात है कि जिन बातों को अच्छे स्त्री-पुरुष सुनने से शरमाते हैं उन्हीं को स्त्रियाँ --- जिनका लज्जा ही उत्तम भूषण है - पुकार पुकार और गा गा कर कहें। स्त्रियाँ पुरुषों के नाम ले ले कर अह्लाद पूर्वक ऐसे गीत गाती हैं कि जिनको दृष्टान्त रूप से भी हम यहाँ लिख नहीं सकतीं । समय - ऋतु के अनुसार अथवा उत्सवादिक में मनोहर, पवित्र, उत्तम विषय- युक्त और मांगलिक गान करना स्त्रियों का धर्म है। इसीलिये गान-विद्या भी स्त्री की चौंसठ कला में मुख्य मानी गई है। स्त्री का सांसारिक देव पति और पारमार्थिक श्री गोपाल जी महाराज हैं। इन्हीं दो को प्रसन्न करने में इस विद्या में भी निपुण होना चाहिये । " इसके आगे श्रीमती जी लिखती हैं "आशा है कि हमारे देश की स्त्रियाँ निर्लज गीतों को त्याग उनकी जगह इन पदों को काम में लावेंगी । पुरुषों को भी उचित है कि सदा स्त्रियों को बुरी बात और बुरे गाने से रोकते रहें क्योंकि स्त्री कैसी भी होशियार और सभ्य हो तो भी बिना निगाह में रक्खे और उचित उपदेश किये चलायमान हो जाती है ।" श्रीमती जी स्त्रियों में विद्या प्रचार के साथ साथ उनमें गृह - शिक्षा के प्रचार को अनिवार्य और आवश्यक समझती थीं और इसीलिये श्रीमती जी ने 'पाक-प्रकाश' नामक पुस्तक भी लिखी थी, जो छप चुकी है । यदि यह इस लोक में अब तक होतीं तो इनका विचार स्त्रियों के उपयोगी प्रत्येक विषय पर पुस्तकें लिखने का था । कविता भी आप च्छी लिखती थीं। आपके विचार परिमार्जित और सुन्दर हैं । आपकी कुछ रचनायें नीचे उद्घृत करते हैं :दो सौ चार गिरिराज कुँचरि हो प्यारी लागे श्याम सुँदरिया । कर नवनीत नैन कजरारे, उँगरिन मोह दरिया ।। दो दो दशन अधर अरे, पोलत चैन तुतरिया । साधै अंग चन्दनी कुरता, निर पै केश पिवरिया ।। गोल कपोल टिठोना माथे, भाल तिलक मनन्दरिया । घुटुश्मन चलत नवल तन मंदिन, मुग्म में मेलै उँगरिया ॥ यह छषि देखि मगन महतारो, लग नहिं जात नजरिया । भूख लगो जब ठिनफन लागे, गछि भैया की घुँदरिया ॥ जाफी भेद वेद नहि पावत, याको खिलावे गुजरिया धन यशुमति धनि धनि मजनायक, धनि धनि गोप नगरिया ।। यंसी घज बद्दी तनक तनफ में, नथ मेरी टूट गई मगरे में । में दधि घेचन जात वृन्दावन, रोक लई उगरे में । दधि मेरो माय मटुकिया फोरी, घरी वार्क खपरा परे नरे में । दुलरी तोर चूदरी मटकी, अरी पाने दारी घाँ गरे में ॥ अय धजपति सि घात धनावै, डारस नोन जरे में ॥ जहाँ न आदर भाव न पइये, मनुआ वा घर फवड़े न जइये । टुकड़ा भलो मान को सूखो उलटो खोर न सइये ।। मुखड़ा आगे आदर करते, पीछे खाक उड़इये । मुँह देखे पर मीठे बोलें, पीछे ऐब लगइये ॥ अपने मतलब हित दरसावें, काम परे इतरइये । ऐसे मित्र कबहुँ नहिं कीजै, जासों जी पछतइये ॥ गिरिराऊ धारन हैं स्वामी, जग में मोहिं बचइये ॥ मोर मुकट शिर पेच कलंगी सजत भूमका कानन में । नैन विशाल कुटिल भृकुटी छबि छाय रही अति आनन में ।। तेज लसै मुख ऊपर जितनो इतनो नहिं शत भानन में ॥ अद्भुत रचाय दियो खेल, देखो अलबेली की बतियाँ । कहुँ जल कहुँ थल गिरि कहूँ कहूँ वृक्ष कहुँ बेल । कहूँ नाश दिखराय परत है कहूँ रार कहुँ मेल । सब के भीतर सब के बाहर सब मैं करत कुलेल ।। अब के घट में आप बिराजौ न्यों तिल भीतर तेल । श्री ब्रजराज तुही अलबेला सब में रेलापेल । दरशन की लगी आस अब मैं कहाँ जाऊँ । महल तिवारे मोयन चहिये, टूटी भुपरिया वास । शाल-दुशाला मोय न चहिये, कारी कमरिया कास ॥
ही मिली है। यह इन कवियों की कृतियों की बड़ी महत्वपूर्ण विशेषता है। श्रृंगार रस व वीर रस अप्रधान रूप में वर्णित है। कवियों का मन इन श्रृंगार रस के वर्णन में केवल काव्यों में ही रमा है अन्यत्र वीर और शृंगार गौण रूप से वर्णित हुए है। श्रृंगार व वीर का पर्यवसान शान्त में हो जाता है। शन्तु रस ही अंगी भाषा की दृष्टि से भी इन चरित प्रधान कायों की महत्वपूर्ण बात यह है कि माषा बहुत सरल है तथा शब्दों के प्रयोग नादात्मक या कन्यात्मक है जो की सरस बनाते है। भाषा Hit का अनुगमन करती हुई तथा शब्द योजना अर्थ की अभिव्यंजना व पदलालिम में वृद्धि करती है। नरिस प्रधान काव्यों में विशेषकर वस्तु छवों के अन्तर्गत शब्द व वाक्यों की बार बार आवृति भी मिलती है। जिससे भाषा में सरलता और प्रवाह दृष्टव्य है। प्रद्युम्न चरित में इस प्रकार के अनेक उदाहरण है जिन पर भागे प्रकाश डाला जायगा । का प्रयोग एवं का प्रयोग भी मिलता है अतः भाषा और भाव अधिक सरस और चामत्कारिक हो जाते है यद्यपि धर्म निरपेव मा क्या वस्तु पर बहुत ही कम जैन काव्य मिलते है परन्तु इस सम्बन्ध में भंडारों की बोध अत्यनिवार्य है। इनकी भाषा में साहित्यिक और लोक भाका अन्य दोनों मिलते है ठीक इसी प्रकार शैली की अलंकृत सरल और मोह बाल या सर्व साधारण की है। बवाल की माया में विभिन्न सूक्तियों के वर्णन की पद्धति की परवर्ती भाषा कवियों और कमें नहीं दिखाईपड़ती। इन चरित काव्यों में अस्त्र वस्त्रों तंत्र मंत्रों का आनाओं के ज्ञान में विश्वास दीवा] वर्मन, स्वप्नव शवून अपडवून तत्कालीन धार्मिक रीति रिवाज मन्दिरों स्थानों क्या कभी देखने में आता है। इस प्रकार परिव मूलक की सामान्यप्रवृत्तियों और विशेषताएं की परंपराओं का निरिह करती है। वस्तुतः बरित नाम किसी बैठी या काव्य के लिए नहीं है। जब से ही १५ विशेष प कह विक्रम तक की कुछ बरित ईशक प्रमुख रचनाओं का विश्लेषण किया जायगा।
ही मिली है। यह इन कवियों की कृतियों की बड़ी महत्वपूर्ण विशेषता है। श्रृंगार रस व वीर रस अप्रधान रूप में वर्णित है। कवियों का मन इन श्रृंगार रस के वर्णन में केवल काव्यों में ही रमा है अन्यत्र वीर और शृंगार गौण रूप से वर्णित हुए है। श्रृंगार व वीर का पर्यवसान शान्त में हो जाता है। शन्तु रस ही अंगी भाषा की दृष्टि से भी इन चरित प्रधान कायों की महत्वपूर्ण बात यह है कि माषा बहुत सरल है तथा शब्दों के प्रयोग नादात्मक या कन्यात्मक है जो की सरस बनाते है। भाषा Hit का अनुगमन करती हुई तथा शब्द योजना अर्थ की अभिव्यंजना व पदलालिम में वृद्धि करती है। नरिस प्रधान काव्यों में विशेषकर वस्तु छवों के अन्तर्गत शब्द व वाक्यों की बार बार आवृति भी मिलती है। जिससे भाषा में सरलता और प्रवाह दृष्टव्य है। प्रद्युम्न चरित में इस प्रकार के अनेक उदाहरण है जिन पर भागे प्रकाश डाला जायगा । का प्रयोग एवं का प्रयोग भी मिलता है अतः भाषा और भाव अधिक सरस और चामत्कारिक हो जाते है यद्यपि धर्म निरपेव मा क्या वस्तु पर बहुत ही कम जैन काव्य मिलते है परन्तु इस सम्बन्ध में भंडारों की बोध अत्यनिवार्य है। इनकी भाषा में साहित्यिक और लोक भाका अन्य दोनों मिलते है ठीक इसी प्रकार शैली की अलंकृत सरल और मोह बाल या सर्व साधारण की है। बवाल की माया में विभिन्न सूक्तियों के वर्णन की पद्धति की परवर्ती भाषा कवियों और कमें नहीं दिखाईपड़ती। इन चरित काव्यों में अस्त्र वस्त्रों तंत्र मंत्रों का आनाओं के ज्ञान में विश्वास दीवा] वर्मन, स्वप्नव शवून अपडवून तत्कालीन धार्मिक रीति रिवाज मन्दिरों स्थानों क्या कभी देखने में आता है। इस प्रकार परिव मूलक की सामान्यप्रवृत्तियों और विशेषताएं की परंपराओं का निरिह करती है। वस्तुतः बरित नाम किसी बैठी या काव्य के लिए नहीं है। जब से ही पंद्रह विशेष प कह विक्रम तक की कुछ बरित ईशक प्रमुख रचनाओं का विश्लेषण किया जायगा।
IMD: अप्रैल माह लगभग बीत रहा है और मई के महीने का आगमन हो रहा है। लेकिन मई जून की भीषण गर्मी से पहले लगता है कुदरत के कैलेंडर में कुद भूल हो गई है। मई से पहले ही सावन झड़ी लग गई है। बिहार में राजधानी पटना सहित कई इलाकों में तेज हवा आंधी के साथ बारिश हुई और ओले भी गिरे। वहीं मध्यप्रदेश में भी भीषण गर्मी से परे, मौसम पूरी तरह बरसात के रंग में रंगा हुआ है। राजधानी भोपाल सहित कई इलाकों में जोरदार बारिश हुई। भोपाल शहर में रविवार को तेज बारिश के बाद मौसम में बदल गया। वातावरण में ठंडक घुल गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि एमपी झमाझम बारिश का दौर अगले सप्ताह भी अधिकांश जिलों में बना रह सकता है। बिहार में भी मौसम करवट ले रहा है। इस कारण लोगों को भीषण गर्मी से निजात मिली है। राजधानी पटना में रविवार को तेज हवा आंधी के साथ जोरदार बारिश हुई। वहीं तेज हवा और बारिश के साथ ही ओलावृष्टि भी हुई। ताबड़तोड़ ओले गिरने से लोगों में कौतूहल दिखा। वहीं वातावरण में ठंडक घुल आई है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के 38 जिलों में तेज हवा के साथ बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने सभी जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। 30 अप्रैल से 2 मई तक 38 जिलों में तेज हवा और बारिश के आसार हैं। एमपी के कई इलाकों में पिछले कुछ दिनों से बादल छाए हुए हैं। राजधानी भोपाल, सीहोर सहित कई जिलों में बारिश से मौसम बदल गया है। 26 अप्रैल को भोपाल, सीहोर और आसपास के इलाकों सहित एमपी के कई जिलों में बदले मौसम के कारण भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली हुई है। वहीं राजधानी भोपाल की ही बात करें तो पिछले 5 दिनों से लगभग रोज बारिश हो रही है। 28 अप्रैल की दोपहर जोरदार पानी बरसा। फिर 29 अप्रैल को यह सिलसिला जारी रहा। आज रविवार को भी भोपाल के कई इलाकों में जोरदार बारिश की झड़ी लग गई। इससे सड़कों और निचले इलाकों में पानी भर गया। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का दौर बना हुआ है। वहीं जम्मू कश्मीर में आज भी बादल छाए हुए हैं। हल्की बारिश का अनुमान भी मौसम विभाग ने जताया है। वहीं आईएमडी का यह भी कहना है कि मई महीने के पहले तीन दिन मौसम बदला हुआ ही रहेगा। कई जगह हल्की से मध्यम बारिश और कहीं कहीं भारी बारिश हो सकती है। वहीं उत्तराखंड के कई इलाकों में बर्फबारी हो रही है। केदारनाथ और बद्रीनाथ में खराब मौसम के चलते चारधाम यात्रा रोक दी गई है। Also Read: पटना में सभी सरकारी और निजी स्कूलों का समय बदला, जानिए अब कब तक लगेंगी कक्षाएं?
IMD: अप्रैल माह लगभग बीत रहा है और मई के महीने का आगमन हो रहा है। लेकिन मई जून की भीषण गर्मी से पहले लगता है कुदरत के कैलेंडर में कुद भूल हो गई है। मई से पहले ही सावन झड़ी लग गई है। बिहार में राजधानी पटना सहित कई इलाकों में तेज हवा आंधी के साथ बारिश हुई और ओले भी गिरे। वहीं मध्यप्रदेश में भी भीषण गर्मी से परे, मौसम पूरी तरह बरसात के रंग में रंगा हुआ है। राजधानी भोपाल सहित कई इलाकों में जोरदार बारिश हुई। भोपाल शहर में रविवार को तेज बारिश के बाद मौसम में बदल गया। वातावरण में ठंडक घुल गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि एमपी झमाझम बारिश का दौर अगले सप्ताह भी अधिकांश जिलों में बना रह सकता है। बिहार में भी मौसम करवट ले रहा है। इस कारण लोगों को भीषण गर्मी से निजात मिली है। राजधानी पटना में रविवार को तेज हवा आंधी के साथ जोरदार बारिश हुई। वहीं तेज हवा और बारिश के साथ ही ओलावृष्टि भी हुई। ताबड़तोड़ ओले गिरने से लोगों में कौतूहल दिखा। वहीं वातावरण में ठंडक घुल आई है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के अड़तीस जिलों में तेज हवा के साथ बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने सभी जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। तीस अप्रैल से दो मई तक अड़तीस जिलों में तेज हवा और बारिश के आसार हैं। एमपी के कई इलाकों में पिछले कुछ दिनों से बादल छाए हुए हैं। राजधानी भोपाल, सीहोर सहित कई जिलों में बारिश से मौसम बदल गया है। छब्बीस अप्रैल को भोपाल, सीहोर और आसपास के इलाकों सहित एमपी के कई जिलों में बदले मौसम के कारण भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली हुई है। वहीं राजधानी भोपाल की ही बात करें तो पिछले पाँच दिनों से लगभग रोज बारिश हो रही है। अट्ठाईस अप्रैल की दोपहर जोरदार पानी बरसा। फिर उनतीस अप्रैल को यह सिलसिला जारी रहा। आज रविवार को भी भोपाल के कई इलाकों में जोरदार बारिश की झड़ी लग गई। इससे सड़कों और निचले इलाकों में पानी भर गया। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का दौर बना हुआ है। वहीं जम्मू कश्मीर में आज भी बादल छाए हुए हैं। हल्की बारिश का अनुमान भी मौसम विभाग ने जताया है। वहीं आईएमडी का यह भी कहना है कि मई महीने के पहले तीन दिन मौसम बदला हुआ ही रहेगा। कई जगह हल्की से मध्यम बारिश और कहीं कहीं भारी बारिश हो सकती है। वहीं उत्तराखंड के कई इलाकों में बर्फबारी हो रही है। केदारनाथ और बद्रीनाथ में खराब मौसम के चलते चारधाम यात्रा रोक दी गई है। Also Read: पटना में सभी सरकारी और निजी स्कूलों का समय बदला, जानिए अब कब तक लगेंगी कक्षाएं?
आम की कई किस्में होती हैं जैसे लंगड़ा, दशहरी, तोतापुरी। ऐसे ही अलग-अलग तरह के आम आपने जाने, देखे और खाए होंगे। लेकिन इस समय सोशल मीडिया पर एक अजीबोगरीब 'आम' का वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे रहे वीडियो को देख लोग हैरानी जता रहे हैं। इस 'आम' का आंख-मुंह-नाक-कान है। इस आम को देखकर आपको अपनी आंखों पर यकीन नहीं होगा। स्कूल में एक बच्चे के रूप में आपने शायद इस तरह के चेहरे वाले आम की तस्वीर बनाई होगी। लेकिन क्या आपने कभी ऐसा 'आम' देखा है? इस आम को देखकर हर कोई हैरान है। मगर आप इस वीडियो को देखकर किसी नतीजे पर पहुंचे इससे पहले बता दें कि यह आम नहीं बल्कि एक मछली है। आंख-मुंह-कान-नाक वाली इस मछली का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। आम जैसे पीले रंग की मछली तो देख लोग हैरान हैं। इस तरह की मछली को एक पफर फिश कहते हैं। यह एक ऐसी मछली है, जो अपने शरीर में पानी भरकर गुब्बारे की तरह फुला लेती है। खुद की रक्षा करने के लिए पफर फिश इस तरह की एक्टिविटी करती है। इस पफर फिश का रंग और आकार ऐसा है कि यह आम की तरह दिखती है। पीले रंग की इस पफर फिश को गोल्डन पफर फिश कहा जाता है। इस वीडियो को देखने के बाद एक यूजर ने इसे तैरता हुआ आम बताया। एक अन्य यूजर ने उनका नाम सी मैंगो रखा। इस वीडियो को ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किया गया है। खबर लिखे जाने तक इस वीडियो को 10 मिलियन से भी ज्यादा बार देखा जा चुका है।
आम की कई किस्में होती हैं जैसे लंगड़ा, दशहरी, तोतापुरी। ऐसे ही अलग-अलग तरह के आम आपने जाने, देखे और खाए होंगे। लेकिन इस समय सोशल मीडिया पर एक अजीबोगरीब 'आम' का वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे रहे वीडियो को देख लोग हैरानी जता रहे हैं। इस 'आम' का आंख-मुंह-नाक-कान है। इस आम को देखकर आपको अपनी आंखों पर यकीन नहीं होगा। स्कूल में एक बच्चे के रूप में आपने शायद इस तरह के चेहरे वाले आम की तस्वीर बनाई होगी। लेकिन क्या आपने कभी ऐसा 'आम' देखा है? इस आम को देखकर हर कोई हैरान है। मगर आप इस वीडियो को देखकर किसी नतीजे पर पहुंचे इससे पहले बता दें कि यह आम नहीं बल्कि एक मछली है। आंख-मुंह-कान-नाक वाली इस मछली का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। आम जैसे पीले रंग की मछली तो देख लोग हैरान हैं। इस तरह की मछली को एक पफर फिश कहते हैं। यह एक ऐसी मछली है, जो अपने शरीर में पानी भरकर गुब्बारे की तरह फुला लेती है। खुद की रक्षा करने के लिए पफर फिश इस तरह की एक्टिविटी करती है। इस पफर फिश का रंग और आकार ऐसा है कि यह आम की तरह दिखती है। पीले रंग की इस पफर फिश को गोल्डन पफर फिश कहा जाता है। इस वीडियो को देखने के बाद एक यूजर ने इसे तैरता हुआ आम बताया। एक अन्य यूजर ने उनका नाम सी मैंगो रखा। इस वीडियो को ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किया गया है। खबर लिखे जाने तक इस वीडियो को दस मिलियन से भी ज्यादा बार देखा जा चुका है।
Rajinder Nagar Assembly seat, Delhi Election 2020: दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Election) की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। 8 फरवरी को दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव होने हैं। राजिंदर नगर विधानसभा सीट (Rajinder Nagar Assembly Seat) इनमें से एक है। यह सीट नई दिल्ली लोकसभा सीट के अंतर्गत आती है। 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Election 2015) में इस सीट पर आम आदमी पार्टी (AAP) के विजेंद्र गर्ग विजय ने बीजेपी (BJP) प्रत्याशी आरपी सिंह को हराया था। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 (Delhi Assembly Election 2020) में राजिंदर नगर सीट से आम आदमी पार्टी (AAP) ने मौजूदा विधायक विजेन्दर गर्ग विजय का टिकट काटकर राघव चड्ढा को चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं, BJP ने आरपी सिंह को टिकट दिया है। जबकि कांग्रेस ने रॉकी तुसीद पर दांव आजमाया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (NCT of Delhi) का राजिंदर नगर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र (Rajinder Nagar seat) पश्चिमी दिल्ली की बड़ी रिहाइश कॉलोनी वाला इलाका है। इस विधानसभा सीट का गठन 1972 में किया गया था। इस सीट पर 1983 से 2003 तक लगातार 4 बार भाजपा का कब्जा रहा। वर्तमान में आम आदमी पार्टी के विजेंद्र गर्ग यहां से विधायक हैं। देश के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद के नाम पर इस इलाके का नाम रखा गया है। राजिंदर नगर कोचिंग सेंटर्स के लिए भी जाना जाता है। इस क्षेत्र में सिविल सर्विसेज के अलावा लॉ समेत विभिन्न क्षेत्रों की पढ़ाई के लिए कई कोचिंग सेंटर्स हैं। इस इलाके में ही बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान का जन्म हुआ है। मशहूर अभिनेता दिलीप कुमार लंबे समय तक इस इलाके में रहे। इसके अलावा बॉलीवुड अभिनेता शाइनी आहूजा, अभिनेत्री दिव्या दत्ता, क्रिकेटर और बीजेपी सांसद गौतम गंभीर भी इसी इलाके से आते हैं। 2015 के विधानसभा चुनाव के आंकड़ों के आधार पर इस क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 188992 है, जिनमें पुरुष मतदाता 104030 और महिला मतदाता 84942 हैं। पिछले चुनाव में 66. 86 प्रतिशत वोटिंग हुई थी।
Rajinder Nagar Assembly seat, Delhi Election दो हज़ार बीस: दिल्ली विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। आठ फरवरी को दिल्ली की सत्तर विधानसभा सीटों पर चुनाव होने हैं। राजिंदर नगर विधानसभा सीट इनमें से एक है। यह सीट नई दिल्ली लोकसभा सीट के अंतर्गत आती है। दो हज़ार पंद्रह के दिल्ली विधानसभा चुनाव में इस सीट पर आम आदमी पार्टी के विजेंद्र गर्ग विजय ने बीजेपी प्रत्याशी आरपी सिंह को हराया था। दिल्ली विधानसभा चुनाव दो हज़ार बीस में राजिंदर नगर सीट से आम आदमी पार्टी ने मौजूदा विधायक विजेन्दर गर्ग विजय का टिकट काटकर राघव चड्ढा को चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं, BJP ने आरपी सिंह को टिकट दिया है। जबकि कांग्रेस ने रॉकी तुसीद पर दांव आजमाया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली का राजिंदर नगर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र पश्चिमी दिल्ली की बड़ी रिहाइश कॉलोनी वाला इलाका है। इस विधानसभा सीट का गठन एक हज़ार नौ सौ बहत्तर में किया गया था। इस सीट पर एक हज़ार नौ सौ तिरासी से दो हज़ार तीन तक लगातार चार बार भाजपा का कब्जा रहा। वर्तमान में आम आदमी पार्टी के विजेंद्र गर्ग यहां से विधायक हैं। देश के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद के नाम पर इस इलाके का नाम रखा गया है। राजिंदर नगर कोचिंग सेंटर्स के लिए भी जाना जाता है। इस क्षेत्र में सिविल सर्विसेज के अलावा लॉ समेत विभिन्न क्षेत्रों की पढ़ाई के लिए कई कोचिंग सेंटर्स हैं। इस इलाके में ही बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान का जन्म हुआ है। मशहूर अभिनेता दिलीप कुमार लंबे समय तक इस इलाके में रहे। इसके अलावा बॉलीवुड अभिनेता शाइनी आहूजा, अभिनेत्री दिव्या दत्ता, क्रिकेटर और बीजेपी सांसद गौतम गंभीर भी इसी इलाके से आते हैं। दो हज़ार पंद्रह के विधानसभा चुनाव के आंकड़ों के आधार पर इस क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या एक लाख अठासी हज़ार नौ सौ बानवे है, जिनमें पुरुष मतदाता एक लाख चार हज़ार तीस और महिला मतदाता चौरासी हज़ार नौ सौ बयालीस हैं। पिछले चुनाव में छयासठ. छियासी प्रतिशत वोटिंग हुई थी।
Ranchi : IAS पूजा सिंघल से पूछताछ के लिए ईडी समन भेज सकती है. वहीं दूसरी ओर पूजा सिंघल के सीए सुमन कुमार और उसके भाई पवन को ईडी की टीम ने हिरासत में लेने के बाद पूछताछ कर रही है. जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को 16 घंटे की पूछताछ के बाद ईडी की टीम ने शनिवार सुबह से ही एक फिर सुमन और उसके भाई पवन से पूछताछ शुरू कर दिया है. सुमन के हनुमान नगर स्थित अपार्टमेंट सोनाली- मोनिका में चार फ्लैट है, इसी अपार्टमेंट में ईडी की टीम दोनों भाइयों से पूछताछ कर रही है. हालांकि ईडी के अधिकारियों ने इस मामले में अबतक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. ( रांची की खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें ) जानकारी के मुताबिक ईडी को छापेमारी में पूजा सिंघल के खिलाफ कई सबूत हाथ लगे हैं, ऐसे में अब ईडी जल्द ही पूजा सिंघल को समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाएगी. वहीं दूसरी ओर रांची स्थित ईडी कार्यालय में पूजा सिंघल के ठिकानों से जब्त किये गये कागजातों की जांच भी शुरू कर दी गई है. पूरे मामले की जांच के लिए वित्त विभाग सहित कई दूसरे विभागों के अधिकारियों को भी लगाया गया है. IAS पूजा सिंघल के पति अभिषेक झा के पल्स हॉस्पिटल में ईडी की छापेमारी दूसरे भी जारी है. शनिवार को भी ईडी की टीम पल्स हॉस्पिटल में दस्तावेज को खंगाल रही है. गौरतलब है कि शुक्रवार सुबह से झारखंड की खान एवं उद्योग विभाग की सचिव पूजा सिंघल और उनके करीबियों के 25 ठिकानों पर ईडी की टीम छापेमारी की थी. छापेमारी के दौरान पूजा सिंघल और उनके करीबियों द्वारा तकरीबन 150 करोड़ के निवेश संबधी दस्तावेज एजेंसी को मिले हैं. वहीं उनके सीए सुमन कुमार के आवास से 19. 31 करोड़ रुपये बरामद किये हैं. हालांकि ईडी के अधिकारियों ने मामले में अबतक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है.
Ranchi : IAS पूजा सिंघल से पूछताछ के लिए ईडी समन भेज सकती है. वहीं दूसरी ओर पूजा सिंघल के सीए सुमन कुमार और उसके भाई पवन को ईडी की टीम ने हिरासत में लेने के बाद पूछताछ कर रही है. जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को सोलह घंटाटे की पूछताछ के बाद ईडी की टीम ने शनिवार सुबह से ही एक फिर सुमन और उसके भाई पवन से पूछताछ शुरू कर दिया है. सुमन के हनुमान नगर स्थित अपार्टमेंट सोनाली- मोनिका में चार फ्लैट है, इसी अपार्टमेंट में ईडी की टीम दोनों भाइयों से पूछताछ कर रही है. हालांकि ईडी के अधिकारियों ने इस मामले में अबतक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. जानकारी के मुताबिक ईडी को छापेमारी में पूजा सिंघल के खिलाफ कई सबूत हाथ लगे हैं, ऐसे में अब ईडी जल्द ही पूजा सिंघल को समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाएगी. वहीं दूसरी ओर रांची स्थित ईडी कार्यालय में पूजा सिंघल के ठिकानों से जब्त किये गये कागजातों की जांच भी शुरू कर दी गई है. पूरे मामले की जांच के लिए वित्त विभाग सहित कई दूसरे विभागों के अधिकारियों को भी लगाया गया है. IAS पूजा सिंघल के पति अभिषेक झा के पल्स हॉस्पिटल में ईडी की छापेमारी दूसरे भी जारी है. शनिवार को भी ईडी की टीम पल्स हॉस्पिटल में दस्तावेज को खंगाल रही है. गौरतलब है कि शुक्रवार सुबह से झारखंड की खान एवं उद्योग विभाग की सचिव पूजा सिंघल और उनके करीबियों के पच्चीस ठिकानों पर ईडी की टीम छापेमारी की थी. छापेमारी के दौरान पूजा सिंघल और उनके करीबियों द्वारा तकरीबन एक सौ पचास करोड़ के निवेश संबधी दस्तावेज एजेंसी को मिले हैं. वहीं उनके सीए सुमन कुमार के आवास से उन्नीस. इकतीस करोड़ रुपये बरामद किये हैं. हालांकि ईडी के अधिकारियों ने मामले में अबतक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है.
न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन का कहना है कि आईपीएल बायो बबल का उल्लंघन किया गया था और भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने टूर्नामेंट को स्थगित कर सही फैसला लिया। आईपीएल फ्रेंचाइजों में कोरोना के मामले सामने आने के बाद गत चार मई को आईपीएल के 14 वें सीजन को स्थगित कर दिया गया था। न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम इंग्लैंड में है, जहां उसे दो जून से इंग्लैंड के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट खेलनी है। इसके बाद उसे भारत के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल मुकाबला खेलना है। कोलकाता नाइट राइडर्स, सनराइजर्स हैदराबाद, दिल्ली कैपिटल्स और चेन्नई सुपर किंग्स की फ्रेंचाइजी में कोरोना के मामले सामने आए थे।
न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन का कहना है कि आईपीएल बायो बबल का उल्लंघन किया गया था और भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने टूर्नामेंट को स्थगित कर सही फैसला लिया। आईपीएल फ्रेंचाइजों में कोरोना के मामले सामने आने के बाद गत चार मई को आईपीएल के चौदह वें सीजन को स्थगित कर दिया गया था। न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम इंग्लैंड में है, जहां उसे दो जून से इंग्लैंड के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट खेलनी है। इसके बाद उसे भारत के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल मुकाबला खेलना है। कोलकाता नाइट राइडर्स, सनराइजर्स हैदराबाद, दिल्ली कैपिटल्स और चेन्नई सुपर किंग्स की फ्रेंचाइजी में कोरोना के मामले सामने आए थे।
आकलैंड 25 नवंबर (वार्ता) भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच वनडे सीरीज का पहला मुकाबला आज ऑकलैंड (auckland) में खेला जा रहा है। शिखर धवन की कप्तानी में युवा टीम इंडिया मैदान पर उतरी है। वहीं, न्यूजीलैंड की कमान केन विलियम्सन संभाल रहे हैं। न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। भारत के लिए उमरान मलिक और अर्शदीप सिंह आज वनडे में डेब्यू कर रहे हैं। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने न्यूजीलैंड के सामने 307 रन का लक्ष्य रखा है। केन विलियम्सन और टाम लाथम की शानदार बल्लेबाजी के चलते न्यूजीलैंड का स्कोर 3 विकेट के नुकसान पर 300 रन के पार जा चुका है। दोनों बल्लेबाज बेहतरीन लय में खेल रहे हैं और अब आसानी से रन बटोर रहे हैं। भारतीय गेंदबाज अपने सारे पैंतरे आजमा चुके हैं, लेकिन इस जोड़ी को नहीं तोड़ पाए हैं। 46 ओवर के बाद न्यूजीलैंड का स्कोर तीन विकेट पर 300 रन है। न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियम्सन और टॉम लाथम के बीच शतकीय साझेदारी हो चुकी है। दोनों बल्लेबाज बेहतरीन लय में दिख रहे हैं। टाम लाथम ने लगाया शानदार 77 बॉल में शतक पूरा किया हैं। इस जोड़ी ने मैच में कीवी टीम की शानदार वापसी कराई है और अब मैच रोमांचक हो चुका है।
आकलैंड पच्चीस नवंबर भारत और न्यूजीलैंड के बीच वनडे सीरीज का पहला मुकाबला आज ऑकलैंड में खेला जा रहा है। शिखर धवन की कप्तानी में युवा टीम इंडिया मैदान पर उतरी है। वहीं, न्यूजीलैंड की कमान केन विलियम्सन संभाल रहे हैं। न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। भारत के लिए उमरान मलिक और अर्शदीप सिंह आज वनडे में डेब्यू कर रहे हैं। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने न्यूजीलैंड के सामने तीन सौ सात रन का लक्ष्य रखा है। केन विलियम्सन और टाम लाथम की शानदार बल्लेबाजी के चलते न्यूजीलैंड का स्कोर तीन विकेट के नुकसान पर तीन सौ रन के पार जा चुका है। दोनों बल्लेबाज बेहतरीन लय में खेल रहे हैं और अब आसानी से रन बटोर रहे हैं। भारतीय गेंदबाज अपने सारे पैंतरे आजमा चुके हैं, लेकिन इस जोड़ी को नहीं तोड़ पाए हैं। छियालीस ओवर के बाद न्यूजीलैंड का स्कोर तीन विकेट पर तीन सौ रन है। न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियम्सन और टॉम लाथम के बीच शतकीय साझेदारी हो चुकी है। दोनों बल्लेबाज बेहतरीन लय में दिख रहे हैं। टाम लाथम ने लगाया शानदार सतहत्तर बॉल में शतक पूरा किया हैं। इस जोड़ी ने मैच में कीवी टीम की शानदार वापसी कराई है और अब मैच रोमांचक हो चुका है।
असम सरकार ने शनिवार को मंत्रिमंडल में दो नए चेहरों--संजय किशन और जोगेन मोहन को शामिल किया तथा प्रभावशाली मंत्री हिमंत विश्व शर्मा को वित्त, स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं लोक निर्माण के बाद अब शिक्षा विभाग भी सौंपकर विभागों का फिर से बंटवारा किया। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। राज्यपाल जगदीश मुखी ने यहां राजभवन के दरबार हॉल में एक सादे समारोह में दोनो नये मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। मोहन और किशन दोनों ने स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली। इसके साथ ही मुख्यमंत्री सहित मंत्रिमंडल में 18 मंत्री हो गए हैं। इनमें भाजपा से 12 और गठबंधन की सहयोगी पार्टियों असम गण परिषद (अगप) और बोडो पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) से तीन-तीन मंत्री हैं। प्रवक्ता के अनुसार जोगेन मोहन को राजस्व, आपदा प्रबंधन, लोक निर्माण विभाग (कैबिनेट मंत्री का सहयोग करना) दिये गये हैं। संजय किशन को चाय आदिवासी कल्याण एवं श्रम कल्याण विभाग दिये गये हैं। किशन और मोहन दोनों पहली बार के विधायक निर्वाचित हुए हैं। वे क्रमशः तिनसुकिया और महमोरा विधानसभा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं। मोहन ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उन्हें मंत्री के रूप में नियुक्त करके उनपर जो विश्वास जताया है, उसके लिए वह उनके आभारी हैं। किशन चाय की खेती करने वाले जनजाति समुदाय से आते हैं, जबकि मोहन अहोम समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं।
असम सरकार ने शनिवार को मंत्रिमंडल में दो नए चेहरों--संजय किशन और जोगेन मोहन को शामिल किया तथा प्रभावशाली मंत्री हिमंत विश्व शर्मा को वित्त, स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं लोक निर्माण के बाद अब शिक्षा विभाग भी सौंपकर विभागों का फिर से बंटवारा किया। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। राज्यपाल जगदीश मुखी ने यहां राजभवन के दरबार हॉल में एक सादे समारोह में दोनो नये मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। मोहन और किशन दोनों ने स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली। इसके साथ ही मुख्यमंत्री सहित मंत्रिमंडल में अट्ठारह मंत्री हो गए हैं। इनमें भाजपा से बारह और गठबंधन की सहयोगी पार्टियों असम गण परिषद और बोडो पीपुल्स फ्रंट से तीन-तीन मंत्री हैं। प्रवक्ता के अनुसार जोगेन मोहन को राजस्व, आपदा प्रबंधन, लोक निर्माण विभाग दिये गये हैं। संजय किशन को चाय आदिवासी कल्याण एवं श्रम कल्याण विभाग दिये गये हैं। किशन और मोहन दोनों पहली बार के विधायक निर्वाचित हुए हैं। वे क्रमशः तिनसुकिया और महमोरा विधानसभा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं। मोहन ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उन्हें मंत्री के रूप में नियुक्त करके उनपर जो विश्वास जताया है, उसके लिए वह उनके आभारी हैं। किशन चाय की खेती करने वाले जनजाति समुदाय से आते हैं, जबकि मोहन अहोम समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं।
जागरण संवाददाता, वाराणसी : जनपद में कई परिषदीय विद्यालयों की स्थिति काफी खराब है। इनमें शहरी क्षेत्र के भी स्कूल हैं। इन विद्यालयों के भवन जर्जर स्थिति में पहुंच गए हैं। कई स्कूलों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं है, तो कुछ में शौचालय व बिजली सुविधा नदारद है। ऐसे स्कूलों की संख्या करीब 18 बताई जा रही है। फिलहाल, तीन प्राथमिक विद्यालय पास के स्कूलों में शिफ्ट कर दिए गए हैं। हालांकि, इन 18 स्कूलों का अस्तित्व समाप्त करने की तैयारी चल रही है। जगतगंज प्राइमरी स्कूल के मळ्ख्य गेट से महज दस मीटर की दूरी पर ही शराब की दुकान खुली हुई है। निरीक्षण में जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने इसे गंभीरता से लिया था। उन्होंने शराब की दळ्कान अन्यत्र हटाने के लिए आबकारी विभाग को पत्र लिखा है। हालांकि अब तक विभाग की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है। औसानगंज प्रथम में पानी कनेक्शन, बुलानाला स्कूल के सामने कूड़े का ढेर, सोनारपुरा में स्कूल के सामने से अवैध रिक्शा स्टैंड हटाने व कमलगड़हा और जगतगंत स्थित स्कूलों में सफाई का निर्देश जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त को दिया है। अब देखना है कि नगर निगम प्रशासन इन स्कूलों की बदहाली दूर करने के लिए कब कदम उठाता है। सोनारपुरा स्थित प्राथमिक स्कूल का जजर्र भवन ' जागरणमैत्रीमठ प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल की दीवार का टूटा प्लास्टरदळ्र्गाघाट प्राथमिक विद्यालय ' जागरणहाईकोर्ट के निर्देश पर सभी 17 स्कूलों का निरीक्षण जिलाधिकारी ने किया है। जन अधिकार मंच में विद्यालयों की स्थिति के बारे में जो जानकारी कोर्ट में दी थी वह सही नहीं पाई गई। करीब आधा दर्जन स्कूलों की स्थिति काफी खराब पाई गई। इसकी रिपोर्ट हाईकोर्ट को दे दी गई है। जय सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी। जागरण संवाददाता, वाराणसी : जनपद में 140 विद्यालयों के भवनों भवन जर्जर हो चुके हैं। रोशननुमा डिजाइन के बने इन कमरों ध्वस्त करने के लिए तीन साल पूर्व शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। शासन से अनुदान न मिलने के कारण फिलहाल इन कक्षों में ताला बंद कर दिया गया है। पठन-पाठन दूसरे कमरों में हो रहा है। हाईकोर्ट द्वारा नगर के 17 विद्यालयों की रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद अब जर्जर भवन के बारे में नए सिरे में मंथन किया जा रहा है। इस क्रम में मरम्मत योग्य 60 विद्यालयों के कमरों का जीर्णोद्वार करने पर विचार किया जा रहा। शेष 80 विद्यालयों में बने रोशननुमा कमरे जल्द ध्वस्त कराए जाएंगे। जिला समन्वयक (निर्माण) ने बताया कि विद्यालयों की मरम्मत को समय-समय पर शासन को प्रस्ताव भेजा जाता है। 1इस क्रम में सत्र 2017-18 में सर्व शिक्षा अभियान से 40 विद्यालयों का जीर्णोद्धार हाल में कराया जा चुका है। वहीं 14 विद्यालयों की मरम्मत नाल्को के सहयोग से हो रही। सत्र 2018-19 में 14 और विद्यालयों की मरम्मत को एक करोड़ आठ लाख का प्रस्ताव शासन को भेजा है।1103 स्कूलों का तकनीकी परीक्षण : जिले में 103 स्कूलों की स्थिति अच्छी नहीं हैं। इसमें से कई विद्यालयों के कमरों की दशा खराब है। बावजूद इनमें कक्षाएं चल रहीं हैं। बीएसए ने इनका तकनीकी परीक्षण कराने का निर्णय लिया है, ताकि मरम्मत प्रस्ताव शासन को भेजा जा सके। >>सुविधाओं की पड़ताल के लिए अब नए सिरे से किया जाएगा परीक्षणजागरण संवाददाता, वाराणसी : विद्यालय का नाम सामने आते ही हर व्यक्ति के मन में एक ऐसा स्वरूप सामने आता है जिसमें कम से कम पांच, सात कमरे, खेल मैदान, पुस्तकालय, सात-आठ अध्यापक हों। विद्यालयों की मान्यता का मानक भी कुछ इसी प्रकार है। वहीं बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित तमाम विद्यालयों में अब भी एक या दो कमरे में पढ़ाई हो रही है। विडंबना यह है कि एक कमरे में पांच-पांच कक्षाएं एक साथ संचालित हो रही हैं। यहीं नहीं एक अध्यापक तीन-तीन कक्षाओं के बच्चों को एक साथ पढ़ाता है। ऐसे में पठन-पाठन की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वभाविक है। जूनियर हाईस्कूल स्तर के विद्यालय खोलने के लिए 180 वर्ग फीट के सात कमरे अनिवार्य हैं। इसके अलावा हेडमास्टर व लाइब्रेरी कक्ष अलग से। वहीं हेडमास्टर को लेकर कम से कम आठ शिक्षक की नियुक्ति जरूरी है जबकि राइट टू एजुकेशन अधिनियम के तहत 35 बच्चों पर एक शिक्षक जरूरी है। परिषदीय विद्यालयों में आरटीई के तहत बच्चों के मानक के अनुरूप अध्यापकों की तैनाती की जाती है। ऐसे में प्राइवेट व सरकारी विद्यालयों में मानक जुदा-जुदा हैं।' प्राथमिक विद्यालय, रामघाट, पंजीकृत बच्चे 75, शिक्षक 02, कमरा 01। प्राथमिक विद्यालय, नक्खीघाट, बच्चे 190, शिक्षक 03, कमरा 02। प्राथमिक विद्यालय, बुलानाला, पंजीकृत बच्चे 45, शिक्षक 03, हाल 01। प्राथमिक विद्यालय, गणोशमहाल, पंजीकृत बच्चे 53, शिक्षक 05, हाल 01। प्राथमिक विद्यालय, सोनारपुरा, पंजीकृत बच्चे 64, शिक्षक 04, कमरा 02। प्राथमिक विद्यालय, जगतगंज, पंजीकृत बच्चे 45, कमरा 03। प्राथमिक विद्यालय, औसानगंज प्रथम। पंजीकृत बच्चे 40, शिक्षक 02, 01 कमरा। प्राथमिक विद्यालय, कमलगड़हा, पंजीकृत बच्चे 190, शिक्षक 02, 04 कमरे। प्राथमिक विद्यालय, स्टेट फील्ड रोड, पंजीकृत बच्चे 93, शिक्षक 02, 02 कमरा। प्राथमिक विद्यालय, राजघाट, पंजीकृत बच्चे 360, शिक्षक 10, कमरा 05। प्राथमिक विद्यालय, फाटक शेख सलीम, पंजीकृत बच्चे 31, शिक्षक 03 शिक्षक, 01 हाल। प्राथमिक विद्यालय, दुर्गाघाट, पंजीकृत बच्चे 03, शिक्षक 01 शिक्षक, कमरा 01। प्राथमिक विद्यालय, औसानगंज द्वितीय, पंजीकृत बच्चे 70, शिक्षक 03, हाल 01। प्राथमिक विद्यालय, पीलीकोठी, पंजीकृत बच्चे 74, शिक्षक 02, कमरे 02। प्राथमिक विद्यालय, मछोदरी, पंजीकृत बच्चे 140, शिक्षक 03, कमरे 03।
जागरण संवाददाता, वाराणसी : जनपद में कई परिषदीय विद्यालयों की स्थिति काफी खराब है। इनमें शहरी क्षेत्र के भी स्कूल हैं। इन विद्यालयों के भवन जर्जर स्थिति में पहुंच गए हैं। कई स्कूलों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं है, तो कुछ में शौचालय व बिजली सुविधा नदारद है। ऐसे स्कूलों की संख्या करीब अट्ठारह बताई जा रही है। फिलहाल, तीन प्राथमिक विद्यालय पास के स्कूलों में शिफ्ट कर दिए गए हैं। हालांकि, इन अट्ठारह स्कूलों का अस्तित्व समाप्त करने की तैयारी चल रही है। जगतगंज प्राइमरी स्कूल के मळ्ख्य गेट से महज दस मीटर की दूरी पर ही शराब की दुकान खुली हुई है। निरीक्षण में जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने इसे गंभीरता से लिया था। उन्होंने शराब की दळ्कान अन्यत्र हटाने के लिए आबकारी विभाग को पत्र लिखा है। हालांकि अब तक विभाग की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है। औसानगंज प्रथम में पानी कनेक्शन, बुलानाला स्कूल के सामने कूड़े का ढेर, सोनारपुरा में स्कूल के सामने से अवैध रिक्शा स्टैंड हटाने व कमलगड़हा और जगतगंत स्थित स्कूलों में सफाई का निर्देश जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त को दिया है। अब देखना है कि नगर निगम प्रशासन इन स्कूलों की बदहाली दूर करने के लिए कब कदम उठाता है। सोनारपुरा स्थित प्राथमिक स्कूल का जजर्र भवन ' जागरणमैत्रीमठ प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल की दीवार का टूटा प्लास्टरदळ्र्गाघाट प्राथमिक विद्यालय ' जागरणहाईकोर्ट के निर्देश पर सभी सत्रह स्कूलों का निरीक्षण जिलाधिकारी ने किया है। जन अधिकार मंच में विद्यालयों की स्थिति के बारे में जो जानकारी कोर्ट में दी थी वह सही नहीं पाई गई। करीब आधा दर्जन स्कूलों की स्थिति काफी खराब पाई गई। इसकी रिपोर्ट हाईकोर्ट को दे दी गई है। जय सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी। जागरण संवाददाता, वाराणसी : जनपद में एक सौ चालीस विद्यालयों के भवनों भवन जर्जर हो चुके हैं। रोशननुमा डिजाइन के बने इन कमरों ध्वस्त करने के लिए तीन साल पूर्व शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। शासन से अनुदान न मिलने के कारण फिलहाल इन कक्षों में ताला बंद कर दिया गया है। पठन-पाठन दूसरे कमरों में हो रहा है। हाईकोर्ट द्वारा नगर के सत्रह विद्यालयों की रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद अब जर्जर भवन के बारे में नए सिरे में मंथन किया जा रहा है। इस क्रम में मरम्मत योग्य साठ विद्यालयों के कमरों का जीर्णोद्वार करने पर विचार किया जा रहा। शेष अस्सी विद्यालयों में बने रोशननुमा कमरे जल्द ध्वस्त कराए जाएंगे। जिला समन्वयक ने बताया कि विद्यालयों की मरम्मत को समय-समय पर शासन को प्रस्ताव भेजा जाता है। एकइस क्रम में सत्र दो हज़ार सत्रह-अट्ठारह में सर्व शिक्षा अभियान से चालीस विद्यालयों का जीर्णोद्धार हाल में कराया जा चुका है। वहीं चौदह विद्यालयों की मरम्मत नाल्को के सहयोग से हो रही। सत्र दो हज़ार अट्ठारह-उन्नीस में चौदह और विद्यालयों की मरम्मत को एक करोड़ आठ लाख का प्रस्ताव शासन को भेजा है।एक हज़ार एक सौ तीन स्कूलों का तकनीकी परीक्षण : जिले में एक सौ तीन स्कूलों की स्थिति अच्छी नहीं हैं। इसमें से कई विद्यालयों के कमरों की दशा खराब है। बावजूद इनमें कक्षाएं चल रहीं हैं। बीएसए ने इनका तकनीकी परीक्षण कराने का निर्णय लिया है, ताकि मरम्मत प्रस्ताव शासन को भेजा जा सके। >>सुविधाओं की पड़ताल के लिए अब नए सिरे से किया जाएगा परीक्षणजागरण संवाददाता, वाराणसी : विद्यालय का नाम सामने आते ही हर व्यक्ति के मन में एक ऐसा स्वरूप सामने आता है जिसमें कम से कम पांच, सात कमरे, खेल मैदान, पुस्तकालय, सात-आठ अध्यापक हों। विद्यालयों की मान्यता का मानक भी कुछ इसी प्रकार है। वहीं बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित तमाम विद्यालयों में अब भी एक या दो कमरे में पढ़ाई हो रही है। विडंबना यह है कि एक कमरे में पांच-पांच कक्षाएं एक साथ संचालित हो रही हैं। यहीं नहीं एक अध्यापक तीन-तीन कक्षाओं के बच्चों को एक साथ पढ़ाता है। ऐसे में पठन-पाठन की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वभाविक है। जूनियर हाईस्कूल स्तर के विद्यालय खोलने के लिए एक सौ अस्सी वर्ग फीट के सात कमरे अनिवार्य हैं। इसके अलावा हेडमास्टर व लाइब्रेरी कक्ष अलग से। वहीं हेडमास्टर को लेकर कम से कम आठ शिक्षक की नियुक्ति जरूरी है जबकि राइट टू एजुकेशन अधिनियम के तहत पैंतीस बच्चों पर एक शिक्षक जरूरी है। परिषदीय विद्यालयों में आरटीई के तहत बच्चों के मानक के अनुरूप अध्यापकों की तैनाती की जाती है। ऐसे में प्राइवेट व सरकारी विद्यालयों में मानक जुदा-जुदा हैं।' प्राथमिक विद्यालय, रामघाट, पंजीकृत बच्चे पचहत्तर, शिक्षक दो, कमरा एक। प्राथमिक विद्यालय, नक्खीघाट, बच्चे एक सौ नब्बे, शिक्षक तीन, कमरा दो। प्राथमिक विद्यालय, बुलानाला, पंजीकृत बच्चे पैंतालीस, शिक्षक तीन, हाल एक। प्राथमिक विद्यालय, गणोशमहाल, पंजीकृत बच्चे तिरेपन, शिक्षक पाँच, हाल एक। प्राथमिक विद्यालय, सोनारपुरा, पंजीकृत बच्चे चौंसठ, शिक्षक चार, कमरा दो। प्राथमिक विद्यालय, जगतगंज, पंजीकृत बच्चे पैंतालीस, कमरा तीन। प्राथमिक विद्यालय, औसानगंज प्रथम। पंजीकृत बच्चे चालीस, शिक्षक दो, एक कमरा। प्राथमिक विद्यालय, कमलगड़हा, पंजीकृत बच्चे एक सौ नब्बे, शिक्षक दो, चार कमरे। प्राथमिक विद्यालय, स्टेट फील्ड रोड, पंजीकृत बच्चे तिरानवे, शिक्षक दो, दो कमरा। प्राथमिक विद्यालय, राजघाट, पंजीकृत बच्चे तीन सौ साठ, शिक्षक दस, कमरा पाँच। प्राथमिक विद्यालय, फाटक शेख सलीम, पंजीकृत बच्चे इकतीस, शिक्षक तीन शिक्षक, एक हाल। प्राथमिक विद्यालय, दुर्गाघाट, पंजीकृत बच्चे तीन, शिक्षक एक शिक्षक, कमरा एक। प्राथमिक विद्यालय, औसानगंज द्वितीय, पंजीकृत बच्चे सत्तर, शिक्षक तीन, हाल एक। प्राथमिक विद्यालय, पीलीकोठी, पंजीकृत बच्चे चौहत्तर, शिक्षक दो, कमरे दो। प्राथमिक विद्यालय, मछोदरी, पंजीकृत बच्चे एक सौ चालीस, शिक्षक तीन, कमरे तीन।
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
गुवाहाटी,एक पुलिस चौकी के अंदर तीन बहनों को कथित रूप से निर्वस्त्र करने, हमला करने और उन्हें प्रताड़ित करने के बारे में छपी खबरों का मानवाधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया। असम मानवाधिकार आयोग ने दरांग जिले में एक पुलिस चौकी के अंदर तीन बहनों को कथित रूप से निर्वस्त्र करने, हमला करने और उन्हें प्रताड़ित करने के बारे में छपी खबरों का बृहस्पतिवार को स्वतः संज्ञान लिया और जिलाधिकारी को घटना की जांच करने के लिए नोटिस जारी किया। आयोग ने एक विज्ञप्ति में कहा कि एनएचआरसी में एनके बोरा की एकल पीठ ने नोटिस जारी किया और निर्देश दिया कि नोटिस प्राप्त होने के एक महीने के अंदर सभी दस्तावेज और मेडिकल रिपोर्ट उसे प्रस्तुत की जाएं। विज्ञप्ति में बताया गया है कि अखबारों में आई खबरें कहती हैं कि दरांग पुलिस ने तीन बहनों को कथित रूप से गुवाहाटी से हिरासत में लिया और उन्हें दरांग जिले के बुरहा पुलिस चौकी में ले गए जहां चौकी प्रभारी निरीक्षक महेंद्र सरमा और एक महिला कांस्टेबल बिनिता बोरो ने महिलाओं को निर्वस्त्र किया और उन्हें प्रताड़ित किया। विज्ञप्ति में बताया गया है कि ऑल असम गरिया युवा छात्र परिषद के अध्यक्ष प्रभारी मकबूल हुसैन ने भी इसी घटना की शिकायत की है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) और राष्ट्रीय महिला आयोग ने घटना का स्वतः संज्ञान लिया है और मुख्य सचिव तथा पुलिस महानिदेशक को मामले की जांच करने तथा चार हफ्ते के अंदर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
गुवाहाटी,एक पुलिस चौकी के अंदर तीन बहनों को कथित रूप से निर्वस्त्र करने, हमला करने और उन्हें प्रताड़ित करने के बारे में छपी खबरों का मानवाधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया। असम मानवाधिकार आयोग ने दरांग जिले में एक पुलिस चौकी के अंदर तीन बहनों को कथित रूप से निर्वस्त्र करने, हमला करने और उन्हें प्रताड़ित करने के बारे में छपी खबरों का बृहस्पतिवार को स्वतः संज्ञान लिया और जिलाधिकारी को घटना की जांच करने के लिए नोटिस जारी किया। आयोग ने एक विज्ञप्ति में कहा कि एनएचआरसी में एनके बोरा की एकल पीठ ने नोटिस जारी किया और निर्देश दिया कि नोटिस प्राप्त होने के एक महीने के अंदर सभी दस्तावेज और मेडिकल रिपोर्ट उसे प्रस्तुत की जाएं। विज्ञप्ति में बताया गया है कि अखबारों में आई खबरें कहती हैं कि दरांग पुलिस ने तीन बहनों को कथित रूप से गुवाहाटी से हिरासत में लिया और उन्हें दरांग जिले के बुरहा पुलिस चौकी में ले गए जहां चौकी प्रभारी निरीक्षक महेंद्र सरमा और एक महिला कांस्टेबल बिनिता बोरो ने महिलाओं को निर्वस्त्र किया और उन्हें प्रताड़ित किया। विज्ञप्ति में बताया गया है कि ऑल असम गरिया युवा छात्र परिषद के अध्यक्ष प्रभारी मकबूल हुसैन ने भी इसी घटना की शिकायत की है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग ने घटना का स्वतः संज्ञान लिया है और मुख्य सचिव तथा पुलिस महानिदेशक को मामले की जांच करने तथा चार हफ्ते के अंदर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
आशुतोष तिवारी, जगदलपुर- किसान क्रेडिट कार्ड ( kcc) लोन के नाम पर किसानों से ठगी करने वाले उद्यानिकी विभाग के दो सरकारी अधिकारी की आज गिरफ्तारी हुई है. बस्तर चौकी पुलिस ने ग्रामीण विस्तार विकास अधिकारी उपेंद्र चौधरी और अधीक्षक आरके मिश्रा को गिरफ्तार किया है. इस मामले में 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. जिनमें अब तक 4 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. शनिवार को एजेंट बलराम चावड़ा और रघु सेठिया की गिरफ्तारी हुई थी. यह कार्रवाई बस्तर ब्लॉक के भाटपाल निवासी तुलाराम मौर्य की शिकायत पर हुई है. कुछ दिन पूर्व एसबीआई एडीबी शाखा द्वारा जिला न्यायालय में लगाए गए एक प्रकरण के तहत किसान तुलाराम मौर्य और सुखदास को जेल हो गई थी. मामले के तूल पकड़ते ही राज्य सरकार सकते में आ गई और जिला प्रशासन के माध्यम से दोनों किसानों की जमानत कराई गई. जमानत होते ही किसानों ने बैंक कर्मचारी, उद्यानिकी विभाग के अफसरों और दो बिचौलियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. सीएसपी हेमसागर सिदार ने बताया कि किसान से ठगी मामले में चार आरोपी की गिरफ्तारी हो गई है. बाकी तीन लोग बैंक से रिटायर हो गए हैं. इस वजह से उनका निवास स्थान बदल गए हैं, अभी कहां निवासरत है उसकी पतासाजी की जा रही है. साथ तीनों की मामले में संलिप्तता है की नहीं उसकी विवेचना की जा रही है. संलिप्तता पाए जाने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
आशुतोष तिवारी, जगदलपुर- किसान क्रेडिट कार्ड लोन के नाम पर किसानों से ठगी करने वाले उद्यानिकी विभाग के दो सरकारी अधिकारी की आज गिरफ्तारी हुई है. बस्तर चौकी पुलिस ने ग्रामीण विस्तार विकास अधिकारी उपेंद्र चौधरी और अधीक्षक आरके मिश्रा को गिरफ्तार किया है. इस मामले में सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. जिनमें अब तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. शनिवार को एजेंट बलराम चावड़ा और रघु सेठिया की गिरफ्तारी हुई थी. यह कार्रवाई बस्तर ब्लॉक के भाटपाल निवासी तुलाराम मौर्य की शिकायत पर हुई है. कुछ दिन पूर्व एसबीआई एडीबी शाखा द्वारा जिला न्यायालय में लगाए गए एक प्रकरण के तहत किसान तुलाराम मौर्य और सुखदास को जेल हो गई थी. मामले के तूल पकड़ते ही राज्य सरकार सकते में आ गई और जिला प्रशासन के माध्यम से दोनों किसानों की जमानत कराई गई. जमानत होते ही किसानों ने बैंक कर्मचारी, उद्यानिकी विभाग के अफसरों और दो बिचौलियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. सीएसपी हेमसागर सिदार ने बताया कि किसान से ठगी मामले में चार आरोपी की गिरफ्तारी हो गई है. बाकी तीन लोग बैंक से रिटायर हो गए हैं. इस वजह से उनका निवास स्थान बदल गए हैं, अभी कहां निवासरत है उसकी पतासाजी की जा रही है. साथ तीनों की मामले में संलिप्तता है की नहीं उसकी विवेचना की जा रही है. संलिप्तता पाए जाने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
में तो, जैसे कोषाध्यक्ष के कार्य के लिये अच्छा आचरण नितान्त आवश्यक है। ईमानदार व्यक्ति ही यह कार्य कर सकता है। साथ ही संवेग की दृष्टि से स्थिर मन का हो । परन्तु किसी व्यक्ति के आचरण का पता प्रयोग द्वारा लगाना आसान नहीं । ५. व्यावसायिक चुनाव के लिये यह पता लगाना आवश्यक है कि श्रमिक की कुशलता पैदायशी है या अर्जित । पैदायशी प्रतिभा का प्रतिभाधिक महत्व होता है । जिस श्रमिक में किसी कार्य को करने की पैदायशी प्रतिभा है वह अधिक योग्य है । साधारण तौर से पैदायशी प्रतिभा का पता लगाना आसान नहीं; अर्जित योग्यता का पता आसानी से लग जाता है। ६. व्यावसायिक चुनाव-नियुक्ति में शरीर के डील-डौल पर भी विचार होता है। चौकीदारी के लिये शरीर से लंबा चौड़ा और हृष्ट-पुष्ट होना आवश्यक है : छोटे कद का दुबला-पतला व्यक्ति इसके लिये योग्य है । विक्रेता और क्लर्क के लिये भी यह विशेषता आवश्यक है। व्यावसायिक चुनाव-नियुक्ति में यद्यपि उपरोक्त बातों की आवश्यकता महसूस कर ली गई है तथापि इन सब पर वैज्ञानिक रूप से पूर्ण आविष्कार नहीं हुआ है। बुद्धि-परीक्षा लेने के लिये साधन हैं, फिर भी ठीक ठीक विवरण नहीं मिलता । चरण-संबंधी विशेषताओं को जानने के लिये अभी तक कोई वैज्ञानिक साधन नहीं निकला है । ऐसी परिस्थिति में निर्णय-शक्ति ( power of judgement ) और मूल सिद्धान्त के आधार पर व्यावसायिक नियुक्ति करना है । नियुक्ति करने में निर्णय शक्ति बहुत सहायक होती है। यहाँ तक कि कुछ परीक्षाएँ निर्णय शक्ति के आधार पर ही बनी हैं । वेल्स ने श्रमिक की विशेषताओं को समझने के लिये के आधार पर प्रश्नों की एक सूची बनाई और प्रत्योत्तर का विश्लेषण कर श्रमिक की विशेषता को बतलाया । यह प्रयोग अध्यापिकाओं पर किया गया । प्रयोग में निम्नलिखित प्रश्न पूछे गयें :
में तो, जैसे कोषाध्यक्ष के कार्य के लिये अच्छा आचरण नितान्त आवश्यक है। ईमानदार व्यक्ति ही यह कार्य कर सकता है। साथ ही संवेग की दृष्टि से स्थिर मन का हो । परन्तु किसी व्यक्ति के आचरण का पता प्रयोग द्वारा लगाना आसान नहीं । पाँच. व्यावसायिक चुनाव के लिये यह पता लगाना आवश्यक है कि श्रमिक की कुशलता पैदायशी है या अर्जित । पैदायशी प्रतिभा का प्रतिभाधिक महत्व होता है । जिस श्रमिक में किसी कार्य को करने की पैदायशी प्रतिभा है वह अधिक योग्य है । साधारण तौर से पैदायशी प्रतिभा का पता लगाना आसान नहीं; अर्जित योग्यता का पता आसानी से लग जाता है। छः. व्यावसायिक चुनाव-नियुक्ति में शरीर के डील-डौल पर भी विचार होता है। चौकीदारी के लिये शरीर से लंबा चौड़ा और हृष्ट-पुष्ट होना आवश्यक है : छोटे कद का दुबला-पतला व्यक्ति इसके लिये योग्य है । विक्रेता और क्लर्क के लिये भी यह विशेषता आवश्यक है। व्यावसायिक चुनाव-नियुक्ति में यद्यपि उपरोक्त बातों की आवश्यकता महसूस कर ली गई है तथापि इन सब पर वैज्ञानिक रूप से पूर्ण आविष्कार नहीं हुआ है। बुद्धि-परीक्षा लेने के लिये साधन हैं, फिर भी ठीक ठीक विवरण नहीं मिलता । चरण-संबंधी विशेषताओं को जानने के लिये अभी तक कोई वैज्ञानिक साधन नहीं निकला है । ऐसी परिस्थिति में निर्णय-शक्ति और मूल सिद्धान्त के आधार पर व्यावसायिक नियुक्ति करना है । नियुक्ति करने में निर्णय शक्ति बहुत सहायक होती है। यहाँ तक कि कुछ परीक्षाएँ निर्णय शक्ति के आधार पर ही बनी हैं । वेल्स ने श्रमिक की विशेषताओं को समझने के लिये के आधार पर प्रश्नों की एक सूची बनाई और प्रत्योत्तर का विश्लेषण कर श्रमिक की विशेषता को बतलाया । यह प्रयोग अध्यापिकाओं पर किया गया । प्रयोग में निम्नलिखित प्रश्न पूछे गयें :
झारखंड : झारखंड में लव जेहाद का नया मामला सामने आया है। दरअसल यहां के लोहरदगा में एक नाबालिग लड़की को जान से मारने की कोशिश हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। बता दें कि पुलिस ने लव जेहाद के मामले के आरोपी रबानी अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस इसे यौन शोषण का मामला भी बता रही है। पीड़िता के बयान पर महिला थाना पुलिस ने कार्रवाई की है। बता दें कि झारखंड के लोहरदगा में एक युवक ने प्रेम जाल में फंसाकर कथित रूप से नाबालिग का यौन शोषण किया। जब नाबालिग को आरोपी की असलियत की जानकारी हुई तब उसने नाबालिग को जान से मारने की कोशिश की। हालांकि, मामले की शिकायत पर महिला थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी रबानी अंसारी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
झारखंड : झारखंड में लव जेहाद का नया मामला सामने आया है। दरअसल यहां के लोहरदगा में एक नाबालिग लड़की को जान से मारने की कोशिश हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। बता दें कि पुलिस ने लव जेहाद के मामले के आरोपी रबानी अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस इसे यौन शोषण का मामला भी बता रही है। पीड़िता के बयान पर महिला थाना पुलिस ने कार्रवाई की है। बता दें कि झारखंड के लोहरदगा में एक युवक ने प्रेम जाल में फंसाकर कथित रूप से नाबालिग का यौन शोषण किया। जब नाबालिग को आरोपी की असलियत की जानकारी हुई तब उसने नाबालिग को जान से मारने की कोशिश की। हालांकि, मामले की शिकायत पर महिला थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी रबानी अंसारी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
आर अश्विन ने इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई में दूसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में घातक गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट लिए और मेहमान टीम को 134 रन पर समेटने में बड़ी भूमिका निभाई। जनता से रिश्ता वेबडेस्क । आर अश्विन ने इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई में दूसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में घातक गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट लिए और मेहमान टीम को 134 रन पर समेटने में बड़ी भूमिका निभाई। अपनी घातक गेंदबाजी के साथ-साथ उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में इतिहास रचा और क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप में 200 बाएं हाथ के बल्लेबाजों का शिकार करने वाले पहले गेंदबाज बनने का गौरव भी हासिल किया। आर अश्विन ने अपने टेस्ट करियर में अब तक 76 टेस्ट मैचों में कुल 391 विकेट लिए हैं जिसमें उन्होंने 200 बाएं हाथ के बल्लेबाजों को आउट किया है। अश्विन से पहले दुनिया के किसी भी अन्य गेंदबाज ने ये कमाल नहीं किया था और वो इस कामयाबी को हासिल करने वाले दुनिया के पहले स्पिनर भी बने। चेन्नई में टेस्ट क्रिकेट में ये चौथा मौका था जब आर अश्विन ने किसी पारी में 5 विकेट लेने का कमाल किया। चेन्नई में किसी टेस्ट मैच की एक पारी में सबसे ज्यादा 5 विकेट लेने का रिकॉर्ड अनिल कुंबले के नाम पर है और उन्होंने 5 बार ऐसा किया था तो वहीं हरभजन सिंह ने तीन बार ये कारनामा किया था। अब अश्विन ने हरभजन सिंह को पीछे छोड़ दिया है और कुंबले के बाद दूसरे नंबर पर आ गए हैं।
आर अश्विन ने इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई में दूसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में घातक गेंदबाजी करते हुए पाँच विकेट लिए और मेहमान टीम को एक सौ चौंतीस रन पर समेटने में बड़ी भूमिका निभाई। जनता से रिश्ता वेबडेस्क । आर अश्विन ने इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई में दूसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में घातक गेंदबाजी करते हुए पाँच विकेट लिए और मेहमान टीम को एक सौ चौंतीस रन पर समेटने में बड़ी भूमिका निभाई। अपनी घातक गेंदबाजी के साथ-साथ उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में इतिहास रचा और क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप में दो सौ बाएं हाथ के बल्लेबाजों का शिकार करने वाले पहले गेंदबाज बनने का गौरव भी हासिल किया। आर अश्विन ने अपने टेस्ट करियर में अब तक छिहत्तर टेस्ट मैचों में कुल तीन सौ इक्यानवे विकेट लिए हैं जिसमें उन्होंने दो सौ बाएं हाथ के बल्लेबाजों को आउट किया है। अश्विन से पहले दुनिया के किसी भी अन्य गेंदबाज ने ये कमाल नहीं किया था और वो इस कामयाबी को हासिल करने वाले दुनिया के पहले स्पिनर भी बने। चेन्नई में टेस्ट क्रिकेट में ये चौथा मौका था जब आर अश्विन ने किसी पारी में पाँच विकेट लेने का कमाल किया। चेन्नई में किसी टेस्ट मैच की एक पारी में सबसे ज्यादा पाँच विकेट लेने का रिकॉर्ड अनिल कुंबले के नाम पर है और उन्होंने पाँच बार ऐसा किया था तो वहीं हरभजन सिंह ने तीन बार ये कारनामा किया था। अब अश्विन ने हरभजन सिंह को पीछे छोड़ दिया है और कुंबले के बाद दूसरे नंबर पर आ गए हैं।
उद्योग और प्रौद्योगिकी मंत्री मुस्तफा वरंक ने इस्तांबुल रेडीमेड क्लोदिंग एंड अपैरल एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (İHKİB) डिजिटल परिवर्तन केंद्र का दौरा किया, जो फैशन डिजाइन, उत्पादन में डिजिटल परिवर्तन के दायरे में क्षेत्र को अनुभव, विकास और अतिरिक्त मूल्य प्रदान करेगा। और तैयार वस्त्र उद्योग में योजना अध्ययन। यह देखते हुए कि वे इस्तांबुल में एक महत्वपूर्ण केंद्र लाए, मंत्री वरंक ने कहा, "हम उत्पादन करके तुर्की का विकास करेंगे और उम्मीद है कि आने वाले समय में हम इसे दुनिया की शीर्ष 10 अर्थव्यवस्थाओं में रखने में सफल होंगे।" कहा। TİM के अध्यक्ष इस्माइल गुले और İHKİB के अध्यक्ष मुस्तफा गुलटेप डिजिटल परिवर्तन केंद्र की यात्रा में मंत्री वरंक के साथ थे, जिसे तुर्की गणराज्य और यूरोपीय संघ द्वारा संयुक्त रूप से वित्तपोषित किया जाता है, और उद्योग और प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा किए गए "प्रतिस्पर्धी क्षेत्र कार्यक्रम" द्वारा समर्थित है। मंत्री वरंक ने प्रेस को दिए अपने बयान में कहा कि उद्योग और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के रूप में, उन्होंने TIM और İHKİB के साथ मिलकर बनाई गई परियोजनाओं का दौरा किया। इस बात पर जोर देते हुए कि रेडीमेड कपड़े देश के सबसे गतिशील क्षेत्रों में से एक हैं, वारंक ने कहा, "इस परियोजना के साथ, जिसे हम रेडीमेड कपड़ों के उद्योग का डिजिटल परिवर्तन केंद्र कह सकते हैं, हम डिजिटल परिवर्तन के लिए एक केंद्र लाए हैं। कपड़ा, परिधान और रेडी-टू-वियर उद्योग, जो हम विशेष रूप से यूरोपीय संघ के साथ मजबूत हैं, हमारे इस्तांबुल के लिए। यहां, हमारी कंपनियाँ जो पारंपरिक तरीकों से उत्पादन करती हैं, विशेष रूप से हमारे एसएमई, प्रशिक्षण और परामर्श प्राप्त करने में सक्षम होंगी जो उन्हें बदल देगी। यहां, वे यहां के अवसरों का उपयोग करके अपने उत्पादों को डिजिटाइज़ कर सकेंगे और उन्हें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और ई-एक्सपोर्ट प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित कर सकेंगे। कहा। यह कहते हुए कि परियोजना इस महीने से शुरू होगी और कंपनियों को इस केंद्र से लाभ उठाने का अवसर मिलेगा, वरांक ने कहा, "जैसा कि आप जानते हैं, उद्योग और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के रूप में, हम दुबले उत्पादन में संक्रमण और उद्योगों के डिजिटल परिवर्तन दोनों के लिए सहायता प्रदान करते हैं। हमारी मॉडल फ़ैक्टरी परियोजनाएँ वर्तमान में चल रही हैं। यहां, मॉडल कारखानों के उदाहरण के रूप में, यह एक केंद्र है जो हमारे व्यवसायों को डिजिटल परिवर्तन में ले जाएगा, परामर्श सेवाएं प्रदान करेगा और उन्हें प्रशिक्षण प्रदान करेगा। उन्होंने कहा। मंत्री वरंक ने कहा कि डिजिटल परिवर्तन केंद्र में नवीनतम प्रौद्योगिकी उत्पादों ने उन्हें प्रभावित किया और कहाः "जैसा कि आप जानते हैं, कपड़ा, परिधान और पहनने के लिए तैयार क्षेत्र हमारे देश के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से हैं। जिन क्षेत्रों में हमने पिछले साल लगभग 31 बिलियन डॉलर का निर्यात किया और विदेशी व्यापार अधिशेष था, हमारे लाखों नागरिकों को रोजगार दिया और हर गुजरते दिन के साथ दुनिया में अपना प्रभाव अधिक से अधिक दिखाया। इस अर्थ में, मैं TİM के हमारे अध्यक्ष और एसोसिएशन के अध्यक्ष दोनों को धन्यवाद देना चाहता हूं। इस तरह, हम उन परियोजनाओं को लागू करने को बहुत महत्व देते हैं जो क्षेत्रों को बदल देंगी और उन्हें विशेष रूप से गैर सरकारी संगठनों के साथ प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्रदान करेंगी। यहां हमने यूरोपीय संघ, उद्योग और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, İHKİB और TİM के साथ मिलकर परियोजना को साकार किया। हम ऐसे प्रोजेक्ट्स से इसे एक सेक्टर में बदल देंगे।' हम उत्पादन करके तुर्की को विकसित करेंगे और उम्मीद है कि आने वाले समय में हम इसे दुनिया की दस सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने में सफल होंगे। यह इंगित करते हुए कि डिजिटल परिवर्तन केंद्र एक ऐसा केंद्र है जो विशेष रूप से छोटे और मध्यम आकार के उद्यमों को डिजिटल परिवर्तन के लिए तैयार करता है, मंत्री वरंक ने अपने शब्दों को इस प्रकार समाप्त कियाः "कंपनियां यहां अपने उत्पादों को डिजाइन करने और योजना बनाने के लिए आती हैं, यार्न से लेकर अंतिम उत्पाद से लेकर बिक्री तक, और सीखती हैं कि वे अपनी प्रक्रियाओं को कैसे डिजिटल कर सकते हैं और उन्हें और अधिक कुशल बना सकते हैं। इसलिए, यहां हमारी कंपनियों को एक बड़ा लागत लाभ प्रदान किया जाता है। हमारी कंपनियां अनुकरणीय उत्पाद का खुलासा किए बिना केवल डिजिटल उत्पाद विकसित करके ही इन उत्पादों का विपणन करने में सक्षम होंगी। यहां, हमारी कंपनियां इस केंद्र में इसके सभी तरीकों और प्रक्रियाओं को आसानी से सीखेंगी और लागू करेंगी। डिजिटल परिवर्तन केंद्र के साथ, इसका उद्देश्य डिजिटल परिवर्तन में संक्रमण में İHKİB सदस्य उद्यमों का परिपक्वता विश्लेषण करना, समाधान भागीदारों के साथ परामर्श सेवाएं प्रदान करना और कंपनी-विशिष्ट आधार पर परिवर्तन अध्ययन के परिणामों की निगरानी करना है। इसका उद्देश्य अन्य क्षेत्रों के आधार पर डिजिटल परिवर्तन से संबंधित अनुप्रयोग उदाहरणों का विश्लेषण करना, क्षेत्रीय आधार पर इन लगातार विकसित और बदलते पारिस्थितिकी तंत्रों का अनुसरण करना और इन प्रौद्योगिकियों को एसएमई के लिए अपनाने में उनका मार्गदर्शन करना है। 250 वर्ग मीटर के क्षेत्र में स्थापित, केंद्र येनिबोस्ना में संचालित होता है। İHKİB डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सेंटर में स्थित फोटोग्राफी स्टूडियो के साथ, इसका उद्देश्य तैयार कपड़ों के क्षेत्र में फैशन डिजाइन, उत्पादन और योजना अध्ययन में डिजिटल परिवर्तन के संक्रमण के दायरे में क्षेत्र को अनुभव, विकास और अतिरिक्त मूल्य प्रदान करना है। जबकि फोटोग्राफी स्टूडियो में हाई-टेक समग्र स्वचालन और अंतहीन फंड अवसरों के साथ सेक्टर को विभिन्न शूटिंग क्षेत्रों की पेशकश की जाती है, फोटोग्राफी स्टूडियो में भूत पुतले शूटिंग तकनीकों में विविधता ला रहे हैं और विभिन्न प्लेटफार्मों के अनुसार उत्पादों को प्रस्तुत कर रहे हैं। यूरोपीय संघ और तुर्की वित्तीय सहयोग (आईपीए) के साथ पूर्व-प्रवेश सहायता के साधन के दायरे में उद्योग और प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित प्रतिस्पर्धी क्षेत्र कार्यक्रम (आरएसपी), मूल रूप से वैश्विक प्रतिस्पर्धा स्थितियों के लिए तुर्की के अनुकूलन को बढ़ाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। कार्यक्रम के साथ, इसका उद्देश्य विदेशी व्यापार घाटे को कम करके और विशेष रूप से अनुसंधान एवं विकास और नवाचार के लिए परियोजनाओं के साथ दक्षता बढ़ाकर तुर्की की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना है। इस दिशा में, कार्यक्रम विभिन्न क्षेत्रों जैसे औद्योगिक बुनियादी ढांचे, अनुसंधान एवं विकास बुनियादी ढांचे, अनुसंधान एवं विकास उत्पादों के व्यावसायीकरण और रचनात्मक उद्योगों में कई उपकरणों का उपयोग करता है। प्रतिस्पर्धी क्षेत्र कार्यक्रम, जिसका उद्देश्य रचनात्मक और नवीन गतिविधियों में लगे संगठनों की क्षमताओं को मजबूत करना और घरेलू और यूरोपीय संघ के बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना है, ने अब तक लगभग 800 मिलियन यूरो के संसाधन के साथ 88 परियोजनाओं का समर्थन किया है और जारी रखा है। कार्यक्रम और समर्थित परियोजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी "rekabetsisektorler.sanayi.gov.tr" पते पर पाई जा सकती है।
उद्योग और प्रौद्योगिकी मंत्री मुस्तफा वरंक ने इस्तांबुल रेडीमेड क्लोदिंग एंड अपैरल एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन डिजिटल परिवर्तन केंद्र का दौरा किया, जो फैशन डिजाइन, उत्पादन में डिजिटल परिवर्तन के दायरे में क्षेत्र को अनुभव, विकास और अतिरिक्त मूल्य प्रदान करेगा। और तैयार वस्त्र उद्योग में योजना अध्ययन। यह देखते हुए कि वे इस्तांबुल में एक महत्वपूर्ण केंद्र लाए, मंत्री वरंक ने कहा, "हम उत्पादन करके तुर्की का विकास करेंगे और उम्मीद है कि आने वाले समय में हम इसे दुनिया की शीर्ष दस अर्थव्यवस्थाओं में रखने में सफल होंगे।" कहा। TİM के अध्यक्ष इस्माइल गुले और İHKİB के अध्यक्ष मुस्तफा गुलटेप डिजिटल परिवर्तन केंद्र की यात्रा में मंत्री वरंक के साथ थे, जिसे तुर्की गणराज्य और यूरोपीय संघ द्वारा संयुक्त रूप से वित्तपोषित किया जाता है, और उद्योग और प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा किए गए "प्रतिस्पर्धी क्षेत्र कार्यक्रम" द्वारा समर्थित है। मंत्री वरंक ने प्रेस को दिए अपने बयान में कहा कि उद्योग और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के रूप में, उन्होंने TIM और İHKİB के साथ मिलकर बनाई गई परियोजनाओं का दौरा किया। इस बात पर जोर देते हुए कि रेडीमेड कपड़े देश के सबसे गतिशील क्षेत्रों में से एक हैं, वारंक ने कहा, "इस परियोजना के साथ, जिसे हम रेडीमेड कपड़ों के उद्योग का डिजिटल परिवर्तन केंद्र कह सकते हैं, हम डिजिटल परिवर्तन के लिए एक केंद्र लाए हैं। कपड़ा, परिधान और रेडी-टू-वियर उद्योग, जो हम विशेष रूप से यूरोपीय संघ के साथ मजबूत हैं, हमारे इस्तांबुल के लिए। यहां, हमारी कंपनियाँ जो पारंपरिक तरीकों से उत्पादन करती हैं, विशेष रूप से हमारे एसएमई, प्रशिक्षण और परामर्श प्राप्त करने में सक्षम होंगी जो उन्हें बदल देगी। यहां, वे यहां के अवसरों का उपयोग करके अपने उत्पादों को डिजिटाइज़ कर सकेंगे और उन्हें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और ई-एक्सपोर्ट प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित कर सकेंगे। कहा। यह कहते हुए कि परियोजना इस महीने से शुरू होगी और कंपनियों को इस केंद्र से लाभ उठाने का अवसर मिलेगा, वरांक ने कहा, "जैसा कि आप जानते हैं, उद्योग और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के रूप में, हम दुबले उत्पादन में संक्रमण और उद्योगों के डिजिटल परिवर्तन दोनों के लिए सहायता प्रदान करते हैं। हमारी मॉडल फ़ैक्टरी परियोजनाएँ वर्तमान में चल रही हैं। यहां, मॉडल कारखानों के उदाहरण के रूप में, यह एक केंद्र है जो हमारे व्यवसायों को डिजिटल परिवर्तन में ले जाएगा, परामर्श सेवाएं प्रदान करेगा और उन्हें प्रशिक्षण प्रदान करेगा। उन्होंने कहा। मंत्री वरंक ने कहा कि डिजिटल परिवर्तन केंद्र में नवीनतम प्रौद्योगिकी उत्पादों ने उन्हें प्रभावित किया और कहाः "जैसा कि आप जानते हैं, कपड़ा, परिधान और पहनने के लिए तैयार क्षेत्र हमारे देश के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से हैं। जिन क्षेत्रों में हमने पिछले साल लगभग इकतीस बिलियन डॉलर का निर्यात किया और विदेशी व्यापार अधिशेष था, हमारे लाखों नागरिकों को रोजगार दिया और हर गुजरते दिन के साथ दुनिया में अपना प्रभाव अधिक से अधिक दिखाया। इस अर्थ में, मैं TİM के हमारे अध्यक्ष और एसोसिएशन के अध्यक्ष दोनों को धन्यवाद देना चाहता हूं। इस तरह, हम उन परियोजनाओं को लागू करने को बहुत महत्व देते हैं जो क्षेत्रों को बदल देंगी और उन्हें विशेष रूप से गैर सरकारी संगठनों के साथ प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्रदान करेंगी। यहां हमने यूरोपीय संघ, उद्योग और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, İHKİB और TİM के साथ मिलकर परियोजना को साकार किया। हम ऐसे प्रोजेक्ट्स से इसे एक सेक्टर में बदल देंगे।' हम उत्पादन करके तुर्की को विकसित करेंगे और उम्मीद है कि आने वाले समय में हम इसे दुनिया की दस सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने में सफल होंगे। यह इंगित करते हुए कि डिजिटल परिवर्तन केंद्र एक ऐसा केंद्र है जो विशेष रूप से छोटे और मध्यम आकार के उद्यमों को डिजिटल परिवर्तन के लिए तैयार करता है, मंत्री वरंक ने अपने शब्दों को इस प्रकार समाप्त कियाः "कंपनियां यहां अपने उत्पादों को डिजाइन करने और योजना बनाने के लिए आती हैं, यार्न से लेकर अंतिम उत्पाद से लेकर बिक्री तक, और सीखती हैं कि वे अपनी प्रक्रियाओं को कैसे डिजिटल कर सकते हैं और उन्हें और अधिक कुशल बना सकते हैं। इसलिए, यहां हमारी कंपनियों को एक बड़ा लागत लाभ प्रदान किया जाता है। हमारी कंपनियां अनुकरणीय उत्पाद का खुलासा किए बिना केवल डिजिटल उत्पाद विकसित करके ही इन उत्पादों का विपणन करने में सक्षम होंगी। यहां, हमारी कंपनियां इस केंद्र में इसके सभी तरीकों और प्रक्रियाओं को आसानी से सीखेंगी और लागू करेंगी। डिजिटल परिवर्तन केंद्र के साथ, इसका उद्देश्य डिजिटल परिवर्तन में संक्रमण में İHKİB सदस्य उद्यमों का परिपक्वता विश्लेषण करना, समाधान भागीदारों के साथ परामर्श सेवाएं प्रदान करना और कंपनी-विशिष्ट आधार पर परिवर्तन अध्ययन के परिणामों की निगरानी करना है। इसका उद्देश्य अन्य क्षेत्रों के आधार पर डिजिटल परिवर्तन से संबंधित अनुप्रयोग उदाहरणों का विश्लेषण करना, क्षेत्रीय आधार पर इन लगातार विकसित और बदलते पारिस्थितिकी तंत्रों का अनुसरण करना और इन प्रौद्योगिकियों को एसएमई के लिए अपनाने में उनका मार्गदर्शन करना है। दो सौ पचास वर्ग मीटर के क्षेत्र में स्थापित, केंद्र येनिबोस्ना में संचालित होता है। İHKİB डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सेंटर में स्थित फोटोग्राफी स्टूडियो के साथ, इसका उद्देश्य तैयार कपड़ों के क्षेत्र में फैशन डिजाइन, उत्पादन और योजना अध्ययन में डिजिटल परिवर्तन के संक्रमण के दायरे में क्षेत्र को अनुभव, विकास और अतिरिक्त मूल्य प्रदान करना है। जबकि फोटोग्राफी स्टूडियो में हाई-टेक समग्र स्वचालन और अंतहीन फंड अवसरों के साथ सेक्टर को विभिन्न शूटिंग क्षेत्रों की पेशकश की जाती है, फोटोग्राफी स्टूडियो में भूत पुतले शूटिंग तकनीकों में विविधता ला रहे हैं और विभिन्न प्लेटफार्मों के अनुसार उत्पादों को प्रस्तुत कर रहे हैं। यूरोपीय संघ और तुर्की वित्तीय सहयोग के साथ पूर्व-प्रवेश सहायता के साधन के दायरे में उद्योग और प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित प्रतिस्पर्धी क्षेत्र कार्यक्रम , मूल रूप से वैश्विक प्रतिस्पर्धा स्थितियों के लिए तुर्की के अनुकूलन को बढ़ाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। कार्यक्रम के साथ, इसका उद्देश्य विदेशी व्यापार घाटे को कम करके और विशेष रूप से अनुसंधान एवं विकास और नवाचार के लिए परियोजनाओं के साथ दक्षता बढ़ाकर तुर्की की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना है। इस दिशा में, कार्यक्रम विभिन्न क्षेत्रों जैसे औद्योगिक बुनियादी ढांचे, अनुसंधान एवं विकास बुनियादी ढांचे, अनुसंधान एवं विकास उत्पादों के व्यावसायीकरण और रचनात्मक उद्योगों में कई उपकरणों का उपयोग करता है। प्रतिस्पर्धी क्षेत्र कार्यक्रम, जिसका उद्देश्य रचनात्मक और नवीन गतिविधियों में लगे संगठनों की क्षमताओं को मजबूत करना और घरेलू और यूरोपीय संघ के बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना है, ने अब तक लगभग आठ सौ मिलियन यूरो के संसाधन के साथ अठासी परियोजनाओं का समर्थन किया है और जारी रखा है। कार्यक्रम और समर्थित परियोजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी "rekabetsisektorler.sanayi.gov.tr" पते पर पाई जा सकती है।
कोरोना के समय नीम के पानी का इस्तेमाल कई लोगों ने बैक्टीरिया (bacterial) और वायरल इन्फेक्शन (viral infection) से बचने के लिए किया था। नीम में एंटीसेप्टिक (antiseptic) और एंटी बैक्टीरियल (antibacterial) गुण होते हैं जो आपकी त्वचा को इन्फेक्शन और खुजली से बचाते है। नीम के पानी से नहाने के लिए आप कुछ नीम के पत्तों को पानी में डाल कर उबाल लें और इस पानी का प्रयोग करें। सरसों के तेल की मालिश से आपके शरीर की डेड स्किन हटेगी और आपकी त्वचा को गर्माहट मिलेगी। सरसों का तेल आपकी त्वचा को हाइड्रेट (hydrate) करेगा जिससे खुजली जैसी समस्या दूर होगी। आप सरसों के तेल को हल्का गरम करके अपने शरीर में मालिश करके सुबह गुनगुने पानी से नहा सकते हैं। कम पानी का सेवन शरीर में खुजली का सबसे मुख्य कारण है। कम पानी की वजह से त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है, जिससे जलन और खुजली जैसी समस्या होती है। सर्दियों में ज़्यादा पानी का सेवन करें जिससे आपका शरीर डेटॉक्स (detox) होगा और खुजली, मुंहासे, दाने उठने जैसी समस्या से राहत मिलेगी। गरम पानी त्वचा को ड्राई कर देता है और ज़्यादा गरम पानी से आपकी त्वचा की ऊपर की परत फट सकती है, जिससे ड्राई स्किन और जलन जैसी समस्या हो सकती है। अतः हमेशा नहाने के लिए गुनगुने पानी का ही प्रयोग करें। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं। इनसे संबंधित किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
कोरोना के समय नीम के पानी का इस्तेमाल कई लोगों ने बैक्टीरिया और वायरल इन्फेक्शन से बचने के लिए किया था। नीम में एंटीसेप्टिक और एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं जो आपकी त्वचा को इन्फेक्शन और खुजली से बचाते है। नीम के पानी से नहाने के लिए आप कुछ नीम के पत्तों को पानी में डाल कर उबाल लें और इस पानी का प्रयोग करें। सरसों के तेल की मालिश से आपके शरीर की डेड स्किन हटेगी और आपकी त्वचा को गर्माहट मिलेगी। सरसों का तेल आपकी त्वचा को हाइड्रेट करेगा जिससे खुजली जैसी समस्या दूर होगी। आप सरसों के तेल को हल्का गरम करके अपने शरीर में मालिश करके सुबह गुनगुने पानी से नहा सकते हैं। कम पानी का सेवन शरीर में खुजली का सबसे मुख्य कारण है। कम पानी की वजह से त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है, जिससे जलन और खुजली जैसी समस्या होती है। सर्दियों में ज़्यादा पानी का सेवन करें जिससे आपका शरीर डेटॉक्स होगा और खुजली, मुंहासे, दाने उठने जैसी समस्या से राहत मिलेगी। गरम पानी त्वचा को ड्राई कर देता है और ज़्यादा गरम पानी से आपकी त्वचा की ऊपर की परत फट सकती है, जिससे ड्राई स्किन और जलन जैसी समस्या हो सकती है। अतः हमेशा नहाने के लिए गुनगुने पानी का ही प्रयोग करें। अस्वीकरण : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं। इनसे संबंधित किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
बॉलीवुड फिल्म एक विलेन रिटर्न्स लंबे समय से सुर्खियों में बनी हुई हैं. मेकर्स इस फिल्म का प्रमोशन भी जोर-शोर से कर रहे हैं. फिल्म एक विलेन रिटर्न्स में जॉन अब्राहम, अर्जुन कपूर, दिशा पटानी और तारा सुतारिया मुख्य भूमिका में हैं. अब इस फिल्म से जुड़े विलेन का फर्स्ट लुक रिलीज हो गया है. जिसे देखकर एक विलेन रिटर्न्स का इंतजार कर रहे दर्शकों की एक्साइटमेंट बढ़ जाएगी। इस फिल्म में अभिनेता अर्जुन कपूर विलेन की भूमिका अदा करने वाले हैं. एक विलेन रिटर्न्स से जुड़ा उनका फर्स्ट लुक और पोस्टर रिलीज हो चुका है. फिल्म के पोस्टर में अर्जुन कपूर ने यलो कलर का इमोजी मास्क भी अपने हाथ में पकड़ा हुआ है. जिससे साफ पता चलता है कि वह इस फिल्म में विलेन की भूमिका अदा करने वाले हैं. दरअसल एक विलेन रिटर्न्स साल 2014 में आई फिल्म एक विलेन का रीमेक है. इस फिल्म में रितेश देशमुख, सिद्धार्थ मल्होत्रा और श्रद्धा कपूर मुख्य भूमिका में थे. फिल्म के पहले पार्ट में रितेश देशमुख विलेन थे जो हर टाइम इमोजी वाली मास्क लगाकर रखते थे. ऐसा ही नकाब अर्जुन कपूर ने भी अपने हाथ में लिया है. फिल्म एक विलेन रिटर्न्स से जुड़ा अपना पोस्टर शेयर करते हुए उन्होंने कैप्शन में लिखा, 'खलनायकों की दुनिया में हीरो नहीं होते! और एक विलेन 8 साल बाद वापस आ गया है, सावधान रहें. ' सोशल मीडिया पर फिल्म एक विलेन रिटर्न्स से जुड़ा अर्जुन कपूर का पोस्टर वायरल हो रहा है. अभिनेता के फैंस पोस्टर को खूब पसंद कर रहे हैं. साथ ही कमेंट कर फिल्म के लिए अपनी एक्साइटमेंट जाहिर कर रहे हैं. फिल्म एक विलेन रिटर्न्स अगले महीने यानी जुलाई की 29 तारीख को रिलीज होगी.
बॉलीवुड फिल्म एक विलेन रिटर्न्स लंबे समय से सुर्खियों में बनी हुई हैं. मेकर्स इस फिल्म का प्रमोशन भी जोर-शोर से कर रहे हैं. फिल्म एक विलेन रिटर्न्स में जॉन अब्राहम, अर्जुन कपूर, दिशा पटानी और तारा सुतारिया मुख्य भूमिका में हैं. अब इस फिल्म से जुड़े विलेन का फर्स्ट लुक रिलीज हो गया है. जिसे देखकर एक विलेन रिटर्न्स का इंतजार कर रहे दर्शकों की एक्साइटमेंट बढ़ जाएगी। इस फिल्म में अभिनेता अर्जुन कपूर विलेन की भूमिका अदा करने वाले हैं. एक विलेन रिटर्न्स से जुड़ा उनका फर्स्ट लुक और पोस्टर रिलीज हो चुका है. फिल्म के पोस्टर में अर्जुन कपूर ने यलो कलर का इमोजी मास्क भी अपने हाथ में पकड़ा हुआ है. जिससे साफ पता चलता है कि वह इस फिल्म में विलेन की भूमिका अदा करने वाले हैं. दरअसल एक विलेन रिटर्न्स साल दो हज़ार चौदह में आई फिल्म एक विलेन का रीमेक है. इस फिल्म में रितेश देशमुख, सिद्धार्थ मल्होत्रा और श्रद्धा कपूर मुख्य भूमिका में थे. फिल्म के पहले पार्ट में रितेश देशमुख विलेन थे जो हर टाइम इमोजी वाली मास्क लगाकर रखते थे. ऐसा ही नकाब अर्जुन कपूर ने भी अपने हाथ में लिया है. फिल्म एक विलेन रिटर्न्स से जुड़ा अपना पोस्टर शेयर करते हुए उन्होंने कैप्शन में लिखा, 'खलनायकों की दुनिया में हीरो नहीं होते! और एक विलेन आठ साल बाद वापस आ गया है, सावधान रहें. ' सोशल मीडिया पर फिल्म एक विलेन रिटर्न्स से जुड़ा अर्जुन कपूर का पोस्टर वायरल हो रहा है. अभिनेता के फैंस पोस्टर को खूब पसंद कर रहे हैं. साथ ही कमेंट कर फिल्म के लिए अपनी एक्साइटमेंट जाहिर कर रहे हैं. फिल्म एक विलेन रिटर्न्स अगले महीने यानी जुलाई की उनतीस तारीख को रिलीज होगी.
अहमदनगर : पुलिसनामा ऑनलाईन - पानी नहीं बचा है...ऐसा बोला जा रहा है. कारखानों को चलाने के लिए सूखाग्रस्त इलाकों के गरीबों को क्या आप भूखा रखेंगे? एक्ट्रेस दीपाली सैयद द्वारा यह सवाल उठाएं गए हैं. साथ ही उन्होंने 'आमरण अनशन' पर जाने की चेतावनी भी दी है. गौरतलब है कि जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन द्वारा हाल ही में विधानसभा में बयान दिया गया था कि 'सकलाई' जलसिंचन योजना के लिए अब पानी नहीं नहीं बचा है. महाजन के इस बयान पर पलटवार करते हुए सैयद ने 'अनशन' पर जाने की चेतावनी दी है, जिसके मद्देनजर उन्होंने खड़की, सरोला कासार, वडगाँव तावडली, गुणवडी, रुई छत्तीसी आदि गाँवों का दौरा किया है. साथ ही सारोला कासार में भी एक बैठक आयोजित की, जिसके अध्यक्ष पूर्व सरपंच भानुदास धामने थे. सामाजिक कार्यकर्ता और संवेदनशील अभिनेत्री दीपाली सैयद ने 'साकलाई' सिंचाई योजना के लिए बड़े पैमाने पर जनांदोलन कार्यक्रम की शुरूआत की है. यह योजना नगर व श्रीगोंदा सहित 35 गाँवों के लिए बेहद महत्व रखती है, जिसकी खातिर सैयद ने 9 अगस्त से आमरण अनशन पर जाने की घोषणा की है. जानकारी दी गई है कि इस क्रांति दिन की शुरुआत जिला परिषद के सामने से होगी. इसके अलावा सरकार पर दबाव बनाने के लिए शनिवार से जन-जागरूकता अभियान भी शुरू कर दिया गया है.
अहमदनगर : पुलिसनामा ऑनलाईन - पानी नहीं बचा है...ऐसा बोला जा रहा है. कारखानों को चलाने के लिए सूखाग्रस्त इलाकों के गरीबों को क्या आप भूखा रखेंगे? एक्ट्रेस दीपाली सैयद द्वारा यह सवाल उठाएं गए हैं. साथ ही उन्होंने 'आमरण अनशन' पर जाने की चेतावनी भी दी है. गौरतलब है कि जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन द्वारा हाल ही में विधानसभा में बयान दिया गया था कि 'सकलाई' जलसिंचन योजना के लिए अब पानी नहीं नहीं बचा है. महाजन के इस बयान पर पलटवार करते हुए सैयद ने 'अनशन' पर जाने की चेतावनी दी है, जिसके मद्देनजर उन्होंने खड़की, सरोला कासार, वडगाँव तावडली, गुणवडी, रुई छत्तीसी आदि गाँवों का दौरा किया है. साथ ही सारोला कासार में भी एक बैठक आयोजित की, जिसके अध्यक्ष पूर्व सरपंच भानुदास धामने थे. सामाजिक कार्यकर्ता और संवेदनशील अभिनेत्री दीपाली सैयद ने 'साकलाई' सिंचाई योजना के लिए बड़े पैमाने पर जनांदोलन कार्यक्रम की शुरूआत की है. यह योजना नगर व श्रीगोंदा सहित पैंतीस गाँवों के लिए बेहद महत्व रखती है, जिसकी खातिर सैयद ने नौ अगस्त से आमरण अनशन पर जाने की घोषणा की है. जानकारी दी गई है कि इस क्रांति दिन की शुरुआत जिला परिषद के सामने से होगी. इसके अलावा सरकार पर दबाव बनाने के लिए शनिवार से जन-जागरूकता अभियान भी शुरू कर दिया गया है.
RR vs CSK: आइपीएल के 16वें सीजन के 37वें मुकाबले में आज (27 अप्रैल) को चेन्नई सुपरकिंग्स (CSK)और राजस्थान रॉयल्स (RR) आमने-सामने होगीं। मैच राजस्थान के घरेलू मैदान जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेला जाएगा। बता दे मैच शाम 7:30 से शुरु होगा। चेन्नई सुपरकिंग्स लगातार तीन मैच में जीत दर्ज कर चुकी है। इस मैच को भी अपने नाम कर चेन्नई प्लेऑफ के लिए अपने दावे को मजबूत करना चाहेगी। सवाई मानसिंह स्टेडियम की पिच पर गेंदबाजों को मदद मिलती है। पिच गेंदबाजों के लिए इतनी अच्छी है कि यहां कोई भी टीम बड़ा स्कोर नहीं कर पाती। इस मैदान में टी-20 में हमें छोटे स्कोर ही देखने को मिलते हैं, वहीं पहले गेंदबाजी करने वाली टीम को बहुत मदद मिलती है। मैच के दिन जयपुर का मौसम गर्म रहने वाला है। यहां गुरुवार का टेम्परेचर 35 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। राजस्थान रॉयल्स : संजू सैमसन (कप्तान और विकेटकीपर), जोस बटलर, यशस्वी जायसवाल, देवदत्त पड्डीकल, शिमरोन हेटमायर, रविचंद्रन अश्विन, ध्रुव जुरेल, एडम जम्पा, युजवेंद्र चहल, संदीप शर्मा और जेसन होल्डर। इम्पैक्ट प्लेयर्स : अब्दुल बसित, आकाश वाशिष्ठ, डोनोवन फरेरा, एम अश्विन, केएम आसिफ। चेन्नई सुपर किंग्सः महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), ऋतुराज गायकवाड, डेवोन कॉन्वे, अजिंक्य रहाणे, मोईन अली, अंबाती रायडु, शिवम दूबे, रवींद्र जडेजा, मथीशा पथिराना, तुषार देशपांडे और महेश तीक्षणा। इम्पैक्ट प्लेयर्स : आकाश सिंह, ड्वेन प्रीटोरियस, सुभ्रांशु सेनापति, शैख रशीद, राजवर्धन हंगरगेकर।
RR vs CSK: आइपीएल के सोलहवें सीजन के सैंतीसवें मुकाबले में आज को चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स आमने-सामने होगीं। मैच राजस्थान के घरेलू मैदान जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेला जाएगा। बता दे मैच शाम सात:तीस से शुरु होगा। चेन्नई सुपरकिंग्स लगातार तीन मैच में जीत दर्ज कर चुकी है। इस मैच को भी अपने नाम कर चेन्नई प्लेऑफ के लिए अपने दावे को मजबूत करना चाहेगी। सवाई मानसिंह स्टेडियम की पिच पर गेंदबाजों को मदद मिलती है। पिच गेंदबाजों के लिए इतनी अच्छी है कि यहां कोई भी टीम बड़ा स्कोर नहीं कर पाती। इस मैदान में टी-बीस में हमें छोटे स्कोर ही देखने को मिलते हैं, वहीं पहले गेंदबाजी करने वाली टीम को बहुत मदद मिलती है। मैच के दिन जयपुर का मौसम गर्म रहने वाला है। यहां गुरुवार का टेम्परेचर पैंतीस से तेईस डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। राजस्थान रॉयल्स : संजू सैमसन , जोस बटलर, यशस्वी जायसवाल, देवदत्त पड्डीकल, शिमरोन हेटमायर, रविचंद्रन अश्विन, ध्रुव जुरेल, एडम जम्पा, युजवेंद्र चहल, संदीप शर्मा और जेसन होल्डर। इम्पैक्ट प्लेयर्स : अब्दुल बसित, आकाश वाशिष्ठ, डोनोवन फरेरा, एम अश्विन, केएम आसिफ। चेन्नई सुपर किंग्सः महेंद्र सिंह धोनी , ऋतुराज गायकवाड, डेवोन कॉन्वे, अजिंक्य रहाणे, मोईन अली, अंबाती रायडु, शिवम दूबे, रवींद्र जडेजा, मथीशा पथिराना, तुषार देशपांडे और महेश तीक्षणा। इम्पैक्ट प्लेयर्स : आकाश सिंह, ड्वेन प्रीटोरियस, सुभ्रांशु सेनापति, शैख रशीद, राजवर्धन हंगरगेकर।
काबुल में महिलाओं ने बीती रात पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन किया और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए. काबुल. अफगानिस्तान (Afghanistan) में तालिबान की नई सरकार बन गई है. तालिबान (Taliban) की नई सरकार के बनने के साथ ही अफगानिस्तान में विरोध प्रदर्शन भी तेज हो गया है. काबुल (Kabul) से लेकर हेरात (Herat) तक हजारों लोग सड़कों पर महिलाओं और बच्चों के साथ तालिबान शासन और पाकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन (Protests) करते नजर आ रहे हैं. अफगानिस्तान में लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शन से तिलमिलाए तालिबान ने अब प्रदर्शनकारियों के लिए कई तरह की शर्तें तय कर दी हैं. अफगानिस्तान पर कब्जा कर नई अंतरिम सरकार की घोषणा करने वाले तालिबान ने कहा है कि अब लोगों को किसी तरह का विरोध प्रदर्शन करने से पहले न्याय मंत्रालय से अनुमति लेनी होगी. इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों को विरोध प्रदर्शन करने का उद्देश्य, नारे, स्थान, समय और विरोध से जुड़ा पूरा विवरण सुरक्षा एजेंसियों के साथ साझा करना होगा. इसके साथ ही तालिबान की नई सरकार ने फरमान जारी किया है कि किसी भी प्रदर्शन से 24 घंटे पहले प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा अंगों को प्रदर्शन से जुड़ी जानकारी देनी होगी. आदेश में साफ तौर पर बताया गया है कि इन शर्तों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि अफगानिस्तान के छात्रों ने अपने देश पर तालिबान के नियंत्रण और आंतरिक मामलों में पाकिस्तान के हस्तक्षेप के खिलाफ बुधवार को काबुल में विरोध प्रदर्शन किया था. सभी प्रदर्शनकारी छात्र हाथों में तख्तियां और पोस्टर लेकर शहर के कॉरपोरेशन सर्कल में जमा थे और तालिबान और पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. गौरतलब है तालिबान ने अफगानिस्तान में नई सरकार की घोषणा कर दी है. मुल्ला मुहम्मद हसन अखुंद को अफगानिस्तान का प्रधानमंत्री बनाया गया है. इसके साथ ही मुल्ला बरादर और अब्दुल सलाम हनफी को डिप्टी पीएम बनाया गया है. सिराजुद्दीन हक्कानी को देश का गृह मंत्री तो मुल्ला उमर के बेटे मुहम्मद याकूब को रक्षा मंत्री बनाया गया है. नई सरकार में किसी भी बाहरी को नहीं शामिल किया गया है. इससे पहले चर्चा चल रही थी अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई और सीईओ अब्दुल्ला अब्दुल्ला को जगह मिल सकती है. इसके अलावा नई सरकार में एक भी महिला को जगह नहीं दी गई है. .
काबुल में महिलाओं ने बीती रात पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन किया और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए. काबुल. अफगानिस्तान में तालिबान की नई सरकार बन गई है. तालिबान की नई सरकार के बनने के साथ ही अफगानिस्तान में विरोध प्रदर्शन भी तेज हो गया है. काबुल से लेकर हेरात तक हजारों लोग सड़कों पर महिलाओं और बच्चों के साथ तालिबान शासन और पाकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते नजर आ रहे हैं. अफगानिस्तान में लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शन से तिलमिलाए तालिबान ने अब प्रदर्शनकारियों के लिए कई तरह की शर्तें तय कर दी हैं. अफगानिस्तान पर कब्जा कर नई अंतरिम सरकार की घोषणा करने वाले तालिबान ने कहा है कि अब लोगों को किसी तरह का विरोध प्रदर्शन करने से पहले न्याय मंत्रालय से अनुमति लेनी होगी. इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों को विरोध प्रदर्शन करने का उद्देश्य, नारे, स्थान, समय और विरोध से जुड़ा पूरा विवरण सुरक्षा एजेंसियों के साथ साझा करना होगा. इसके साथ ही तालिबान की नई सरकार ने फरमान जारी किया है कि किसी भी प्रदर्शन से चौबीस घंटाटे पहले प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा अंगों को प्रदर्शन से जुड़ी जानकारी देनी होगी. आदेश में साफ तौर पर बताया गया है कि इन शर्तों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि अफगानिस्तान के छात्रों ने अपने देश पर तालिबान के नियंत्रण और आंतरिक मामलों में पाकिस्तान के हस्तक्षेप के खिलाफ बुधवार को काबुल में विरोध प्रदर्शन किया था. सभी प्रदर्शनकारी छात्र हाथों में तख्तियां और पोस्टर लेकर शहर के कॉरपोरेशन सर्कल में जमा थे और तालिबान और पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. गौरतलब है तालिबान ने अफगानिस्तान में नई सरकार की घोषणा कर दी है. मुल्ला मुहम्मद हसन अखुंद को अफगानिस्तान का प्रधानमंत्री बनाया गया है. इसके साथ ही मुल्ला बरादर और अब्दुल सलाम हनफी को डिप्टी पीएम बनाया गया है. सिराजुद्दीन हक्कानी को देश का गृह मंत्री तो मुल्ला उमर के बेटे मुहम्मद याकूब को रक्षा मंत्री बनाया गया है. नई सरकार में किसी भी बाहरी को नहीं शामिल किया गया है. इससे पहले चर्चा चल रही थी अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई और सीईओ अब्दुल्ला अब्दुल्ला को जगह मिल सकती है. इसके अलावा नई सरकार में एक भी महिला को जगह नहीं दी गई है. .
डेविस कप के मुकाबले में भारतीय टीम को कनाडा के खिलाफ संघर्षपूर्ण मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा है। डेविस कप के मुकाबले में भारतीय टीम को कनाडा के खिलाफ संघर्षपूर्ण मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा है। कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में गुरुवार को दोनों टीमों के बीच पांच वनडे मैचों की सिरीज़ का दूसरा मैच खेला जाएगा। टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वनडे में डकवर्थ लुइस नियम के तहत 26 रन से जीत दर्ज की। इसके साथ ही कोहली एंड कंपनी ने सिरीज़ में भी 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। सोशल मीडिया पर अपने मजाकिया अंदाज के लिए जमकर सुर्खियां बटोरने वाले टीम इंडिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने अब टीम इंडिया के ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या का नया नामकरण कर दिया है। रन आउट होने से बाल-बाल बचे धोनी ने केदार जाधव पर निकाला गुस्सा। विराट ने कहा कि 'इस विस्फोटक बल्लेबाज की ताबड़तोड़ हाफ सेंचुरी ने भारत के लिए गेम चेंजर का काम किया। हार्दिक को खुद पर भरोसा है और उसकी पारी ने मैच का रुख ही बदल दिया। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की लेग स्पिनर एकता बिष्ट ने उन सभी खबरों का खंडन किया है, जिसमें कहा गया था कि देहरादून में पीएम मोदी के जन्मदिन पर 'बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ' कार्यक्रम के दौरान उनके साथ बदसलूकी हुई थी। धोनी की 88 गेंदो में 79 रनों की पारी की मदद से भारत ने 50 ओवर में 281 रन बनाए। इस जीत से हैमिल्टन को 25 अंक मिले जिससे उन्होंने चैंपियनशिप में वेटेल पर 28 अंकों की बढ़त बना ली। ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ वनडे सिरीज़ के पहले मैच में टीम इंडिया की शानदार जीत से तमाम प्रशंसक बेहद ख़ुश हैं लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जिनकी अब रातों की नींद हराम हो गई है। इस समय शानदार फॉर्म में चल रही भारतीय टीम ने बारिश से बाधित पहले मैच में बेहतरीन हरफनमौला प्रदर्शन करते हुए रविवार को ऑस्ट्रेलिया को 26 रनों से मात दी। इसी के साथ उसने पांच वनडे मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त ले ली है। आधे बल्लेबाज़ 87 के स्कोर पर वापस पवैलियन में लोट चुके थे और लगा था कि खेल ख़त्म लेकिन हार्दिक पंड्या ने बीच क्रीज़ पर आकर कहा "पिक्चर अभी और बाक़ी है दोस्त। "
डेविस कप के मुकाबले में भारतीय टीम को कनाडा के खिलाफ संघर्षपूर्ण मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा है। डेविस कप के मुकाबले में भारतीय टीम को कनाडा के खिलाफ संघर्षपूर्ण मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा है। कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में गुरुवार को दोनों टीमों के बीच पांच वनडे मैचों की सिरीज़ का दूसरा मैच खेला जाएगा। टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वनडे में डकवर्थ लुइस नियम के तहत छब्बीस रन से जीत दर्ज की। इसके साथ ही कोहली एंड कंपनी ने सिरीज़ में भी एक-शून्य की बढ़त हासिल कर ली है। सोशल मीडिया पर अपने मजाकिया अंदाज के लिए जमकर सुर्खियां बटोरने वाले टीम इंडिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने अब टीम इंडिया के ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या का नया नामकरण कर दिया है। रन आउट होने से बाल-बाल बचे धोनी ने केदार जाधव पर निकाला गुस्सा। विराट ने कहा कि 'इस विस्फोटक बल्लेबाज की ताबड़तोड़ हाफ सेंचुरी ने भारत के लिए गेम चेंजर का काम किया। हार्दिक को खुद पर भरोसा है और उसकी पारी ने मैच का रुख ही बदल दिया। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की लेग स्पिनर एकता बिष्ट ने उन सभी खबरों का खंडन किया है, जिसमें कहा गया था कि देहरादून में पीएम मोदी के जन्मदिन पर 'बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ' कार्यक्रम के दौरान उनके साथ बदसलूकी हुई थी। धोनी की अठासी गेंदो में उन्यासी रनों की पारी की मदद से भारत ने पचास ओवर में दो सौ इक्यासी रन बनाए। इस जीत से हैमिल्टन को पच्चीस अंक मिले जिससे उन्होंने चैंपियनशिप में वेटेल पर अट्ठाईस अंकों की बढ़त बना ली। ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ वनडे सिरीज़ के पहले मैच में टीम इंडिया की शानदार जीत से तमाम प्रशंसक बेहद ख़ुश हैं लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जिनकी अब रातों की नींद हराम हो गई है। इस समय शानदार फॉर्म में चल रही भारतीय टीम ने बारिश से बाधित पहले मैच में बेहतरीन हरफनमौला प्रदर्शन करते हुए रविवार को ऑस्ट्रेलिया को छब्बीस रनों से मात दी। इसी के साथ उसने पांच वनडे मैचों की सीरीज में एक-शून्य की बढ़त ले ली है। आधे बल्लेबाज़ सत्तासी के स्कोर पर वापस पवैलियन में लोट चुके थे और लगा था कि खेल ख़त्म लेकिन हार्दिक पंड्या ने बीच क्रीज़ पर आकर कहा "पिक्चर अभी और बाक़ी है दोस्त। "
ट्रैफिक को स्मूद करने के लिए शहर के कई चौराहों व टी-पॉइंट पर लगे सिग्नल को अपग्रेड किया जाएगा। इस कड़ी में जहां एक ओर बख्तावर चौक और मेफिल्ड गार्डन जंक्शन को अपग्रेड किया जाएगा। वहीं हूडा सिटी सेंटर से सुभाष चौक तक पड़ने वाले 5 पॉइंट्स पर काम किया जाएगा। इसके लिए जीएमडीए ने प्लान तैयार किया है। बख्तावर चौक और मेफिल्ड गार्डन के लिए सवा करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत जापान की तकनीक से लैस ऑटोमैटिक सिग्नल, रोड चौड़ीकरण, स्लिप रोड सहित ट्रैफिक स्मूद करने के दिशा में काम किए जाएंगे। जीएमडीए इसी हफ्ते टेंडर करने जा रहा है। फरवरी में इसका काम शुरू होने की उम्मीद है। इस चौक पर दिन भर में 25 से 30 हजार के बीच वाहन निकलते हैं। इस चौक से सोहना रोड, सेक्टर 45, 46, सेक्टर 38, सेक्टर 40, हाइवे पर राजीव चौक, सेक्टर 51 आदि की ओर रास्ता जाता है। यही रोड हाइवे पर सीधा फलाईओवर से हीरो होंडा चौक तक जाती है। इस पर सिग्नल लाइट मैनुअल है। इस चौक पर चारों ओर स्लिप रोड है, लेकिन जंक्शन के अपग्रेड करने के बाद इसमें सुधार होगा। इस जंक्शन से सेक्टर 51, 52, 53 के अलावा कई सेक्टरों व गांवों में रास्ता जाता है। इसके अलावा फरीदाबाद और सोहना रोड को भी यह जंक्शन कनेक्ट करता है। 20 से 25 हजार के बीच वाहन यहां से हर वक्त गुजरते हैं। यहां भी ट्रैफिक लाइट के अपग्रेडेशन का भी प्लान बताया है। इन दोनों जंक्शन के अपग्रेड करने के बाद दर्जन भर सेक्टरों के अलावा कई गांवों व सोहना रोड, फरीदाबाद रोड और हाइवे पर आने-जाने वाले करीब डेढ़ लाख लोगों का इसका फायदा होगा। यहां पर वेटिंग टाइम काफी कम हो जाएगा और ट्रैफिक वॉल्यूम के हिसाब से सिग्नल काम करेंगे। बख्तावर चौक और मैफिल्ड गार्डन जंक्शन के अपग्रेडेशन का प्लान तैयार कर एस्टिमेट बना लिया गया है। करीब सवा करोड़ दोनों जगह के लिए खर्च किए जाएंगे। इसी सप्ताह इनके टैंडर कर दिए जाएंगे। इसके अलावा हूडा सिटी सेंटर से सुभाष चौक तक पांच पॉइंट पर काम होना है। मैन्युअल व खराब सिग्नल की जगह जापान के सॉफ्टवेयर लगी ट्रैफिक लाइटें लगाई जाएंगी। जहां पर स्लिप रोड नहीं है, वहां स्लिप रोड बनाई जाएगी। जीएमडीए ने हूडा सिटी सेंटर से सुभाष चौक तक पांच पॉइंट्स को अपग्रेड करने की प्लानिंग की है। यहां भी न केवल स्लिप रोड बनेंगी बल्कि ट्रैफिक सिग्नल को भी अपग्रेड किया जाएगा। ये सिग्लन ट्रैफिक वॉल्युम के हिसाब से काम करेंगे। इस प्लान के शुरू होने से एक ओर जहां 50 हजार से अधिक वाहनों को लाभा होगा, वहीं दर्जन भर एरिया के करीब एक लाख से अधिक लोगों को राहत मिलेगी। जीएमडीए ने इसका एस्टिमेट तैयार कर लिया है। जल्द ही इस प्लान को लेकर टैंडर किए जाएंगे। इस प्लान को लेकर सर्वे शुरू हो गया है। हूडा सिटी सेंटर से चलने के बाद कन्हई रेड लाइट, साउथ सिटी रेड लाइट, सेक्टर-40 रेड लाइट, साइबर पार्क रेड लाइट और सेक्टर-46 रेड लाइट को अपग्रेड किया जाना है। इससे सेक्टर-44, कन्हई गांव, झाड़सा, साउथ सिटी, सेक्टर-40, 45, 46, 38, सिलोखरा, वजीराबाद, इस्लामपुर के लोगों को फायदा होगा। यहां पर ट्रैफिक सिग्नल जापानी तकनीक पर आधारित होंगे। वह ट्रैफिक वॉल्यूम के हिसाब से काम करेंगे। जिस लेन में ट्रैफिक नहीं है, वहां पर ग्रीन लाइट ऑटोमैटिक रेड हो जाएगी, जिससे हैवी ट्रैफिक या जाम से काफी हद तक निजात मिलेगी।
ट्रैफिक को स्मूद करने के लिए शहर के कई चौराहों व टी-पॉइंट पर लगे सिग्नल को अपग्रेड किया जाएगा। इस कड़ी में जहां एक ओर बख्तावर चौक और मेफिल्ड गार्डन जंक्शन को अपग्रेड किया जाएगा। वहीं हूडा सिटी सेंटर से सुभाष चौक तक पड़ने वाले पाँच पॉइंट्स पर काम किया जाएगा। इसके लिए जीएमडीए ने प्लान तैयार किया है। बख्तावर चौक और मेफिल्ड गार्डन के लिए सवा करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत जापान की तकनीक से लैस ऑटोमैटिक सिग्नल, रोड चौड़ीकरण, स्लिप रोड सहित ट्रैफिक स्मूद करने के दिशा में काम किए जाएंगे। जीएमडीए इसी हफ्ते टेंडर करने जा रहा है। फरवरी में इसका काम शुरू होने की उम्मीद है। इस चौक पर दिन भर में पच्चीस से तीस हजार के बीच वाहन निकलते हैं। इस चौक से सोहना रोड, सेक्टर पैंतालीस, छियालीस, सेक्टर अड़तीस, सेक्टर चालीस, हाइवे पर राजीव चौक, सेक्टर इक्यावन आदि की ओर रास्ता जाता है। यही रोड हाइवे पर सीधा फलाईओवर से हीरो होंडा चौक तक जाती है। इस पर सिग्नल लाइट मैनुअल है। इस चौक पर चारों ओर स्लिप रोड है, लेकिन जंक्शन के अपग्रेड करने के बाद इसमें सुधार होगा। इस जंक्शन से सेक्टर इक्यावन, बावन, तिरेपन के अलावा कई सेक्टरों व गांवों में रास्ता जाता है। इसके अलावा फरीदाबाद और सोहना रोड को भी यह जंक्शन कनेक्ट करता है। बीस से पच्चीस हजार के बीच वाहन यहां से हर वक्त गुजरते हैं। यहां भी ट्रैफिक लाइट के अपग्रेडेशन का भी प्लान बताया है। इन दोनों जंक्शन के अपग्रेड करने के बाद दर्जन भर सेक्टरों के अलावा कई गांवों व सोहना रोड, फरीदाबाद रोड और हाइवे पर आने-जाने वाले करीब डेढ़ लाख लोगों का इसका फायदा होगा। यहां पर वेटिंग टाइम काफी कम हो जाएगा और ट्रैफिक वॉल्यूम के हिसाब से सिग्नल काम करेंगे। बख्तावर चौक और मैफिल्ड गार्डन जंक्शन के अपग्रेडेशन का प्लान तैयार कर एस्टिमेट बना लिया गया है। करीब सवा करोड़ दोनों जगह के लिए खर्च किए जाएंगे। इसी सप्ताह इनके टैंडर कर दिए जाएंगे। इसके अलावा हूडा सिटी सेंटर से सुभाष चौक तक पांच पॉइंट पर काम होना है। मैन्युअल व खराब सिग्नल की जगह जापान के सॉफ्टवेयर लगी ट्रैफिक लाइटें लगाई जाएंगी। जहां पर स्लिप रोड नहीं है, वहां स्लिप रोड बनाई जाएगी। जीएमडीए ने हूडा सिटी सेंटर से सुभाष चौक तक पांच पॉइंट्स को अपग्रेड करने की प्लानिंग की है। यहां भी न केवल स्लिप रोड बनेंगी बल्कि ट्रैफिक सिग्नल को भी अपग्रेड किया जाएगा। ये सिग्लन ट्रैफिक वॉल्युम के हिसाब से काम करेंगे। इस प्लान के शुरू होने से एक ओर जहां पचास हजार से अधिक वाहनों को लाभा होगा, वहीं दर्जन भर एरिया के करीब एक लाख से अधिक लोगों को राहत मिलेगी। जीएमडीए ने इसका एस्टिमेट तैयार कर लिया है। जल्द ही इस प्लान को लेकर टैंडर किए जाएंगे। इस प्लान को लेकर सर्वे शुरू हो गया है। हूडा सिटी सेंटर से चलने के बाद कन्हई रेड लाइट, साउथ सिटी रेड लाइट, सेक्टर-चालीस रेड लाइट, साइबर पार्क रेड लाइट और सेक्टर-छियालीस रेड लाइट को अपग्रेड किया जाना है। इससे सेक्टर-चौंतालीस, कन्हई गांव, झाड़सा, साउथ सिटी, सेक्टर-चालीस, पैंतालीस, छियालीस, अड़तीस, सिलोखरा, वजीराबाद, इस्लामपुर के लोगों को फायदा होगा। यहां पर ट्रैफिक सिग्नल जापानी तकनीक पर आधारित होंगे। वह ट्रैफिक वॉल्यूम के हिसाब से काम करेंगे। जिस लेन में ट्रैफिक नहीं है, वहां पर ग्रीन लाइट ऑटोमैटिक रेड हो जाएगी, जिससे हैवी ट्रैफिक या जाम से काफी हद तक निजात मिलेगी।
फतेहपुरः महिलाओं के सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान फेज-3 की शुरुआत हो गयी। शनिवार को विकास भवन में आयोजित हुए कार्यक्रम के दौरान खागा विधायक कृष्णा पासवान, जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे और पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने महिलाओं को सम्मानित किया। मिशन शक्ति के दूसरे चरण में सराहनीय कार्य करने वाली महिलाओं को मिशन शक्ति अभियान के तीसरे चरण में उन्हें सम्मानित किया गया। इस दौरान महिला पुलिसकर्मियों को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने प्रशस्ति पत्र देकर उनका अभिनंदन किया। सम्मानित होने वाली महिलाओं में मुख्य आरक्षी शाहीन कौसर, आरक्षी छाया वर्मा, आरक्षी प्रिया तिवारी, आरक्षी पूनम, आरक्षी सावित्री तिवारी, आरक्षी प्रीति, आरक्षी सीमा सिंह, आरक्षी दीप्ति और आरक्षी रामेन्द्री शामिल हैं। सम्मान समारोह के बाद पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने वीमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्पलाइन 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, पुलिस आपातकालीन सेवा 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, स्वास्थ्य सेवा 102, एंबुलेंस सेवा 108, महिला हेल्प डेस्क, एंटी रोमियों स्क्वायड, परिवार परामर्श केंद्र के बारे में जागरूक किया गया। डीएम अपूर्वा दुबे ने कहा कि, महिला सुरक्षा के लिए सभी प्रकार के कदम उठाए जा रहे हैं। किसी को कोई दिक्कत हो तो वह टोल फ्री नंबर्स पर बिना संकोच के अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। यहां से न केवल उनकी समस्याओं का समाधान होगा बल्कि उनकी पहचान भी गोपनीय रखी जाएगी। साथ ही जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह ने मिशन शक्ति जागरुकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके पहले खागा विधायक कृष्णा पासवान, डीएम अपूर्वा दुबे और एसपी राजेश कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लाइव भाषण भी प्रकाशित किया गया।
फतेहपुरः महिलाओं के सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान फेज-तीन की शुरुआत हो गयी। शनिवार को विकास भवन में आयोजित हुए कार्यक्रम के दौरान खागा विधायक कृष्णा पासवान, जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे और पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने महिलाओं को सम्मानित किया। मिशन शक्ति के दूसरे चरण में सराहनीय कार्य करने वाली महिलाओं को मिशन शक्ति अभियान के तीसरे चरण में उन्हें सम्मानित किया गया। इस दौरान महिला पुलिसकर्मियों को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने प्रशस्ति पत्र देकर उनका अभिनंदन किया। सम्मानित होने वाली महिलाओं में मुख्य आरक्षी शाहीन कौसर, आरक्षी छाया वर्मा, आरक्षी प्रिया तिवारी, आरक्षी पूनम, आरक्षी सावित्री तिवारी, आरक्षी प्रीति, आरक्षी सीमा सिंह, आरक्षी दीप्ति और आरक्षी रामेन्द्री शामिल हैं। सम्मान समारोह के बाद पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने वीमेन पावर लाइन एक हज़ार नब्बे, महिला हेल्पलाइन एक सौ इक्यासी, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एक हज़ार छिहत्तर, पुलिस आपातकालीन सेवा एक सौ बारह, चाइल्ड हेल्पलाइन एक हज़ार अट्ठानवे, स्वास्थ्य सेवा एक सौ दो, एंबुलेंस सेवा एक सौ आठ, महिला हेल्प डेस्क, एंटी रोमियों स्क्वायड, परिवार परामर्श केंद्र के बारे में जागरूक किया गया। डीएम अपूर्वा दुबे ने कहा कि, महिला सुरक्षा के लिए सभी प्रकार के कदम उठाए जा रहे हैं। किसी को कोई दिक्कत हो तो वह टोल फ्री नंबर्स पर बिना संकोच के अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। यहां से न केवल उनकी समस्याओं का समाधान होगा बल्कि उनकी पहचान भी गोपनीय रखी जाएगी। साथ ही जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह ने मिशन शक्ति जागरुकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके पहले खागा विधायक कृष्णा पासवान, डीएम अपूर्वा दुबे और एसपी राजेश कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लाइव भाषण भी प्रकाशित किया गया।
रेलवे बजट हिंदुस्तान के गरीब-से-गरीब मानव से जुड़ा हुआ बजट होता है। भारतीय रेल सिर्फ एक स्थान को दूसरे स्थान से जोड़ने के ही लिए नहीं, लेकिन भारत के अर्थतंत्र को गति देने का एक सशक्त साधन है। आज का बजट रेलवे के सर्वांगीण विकास को ले कर के आया है। रेलवे से नौजवानों को रोजगार मिल सकता है; रेलवे से पर्यावरण की भी चिंता हो सकती है; रेलवे से भारत की छवि को भी विश्व में उजागर किया जा सकता है; रेलवे से आर्थिक विकास को नई दिशा दी जा सकती है। कोई ऐसा पहलु नहीं है जो इस बार रेलवे बजट में अछूता रहा हो। मैं रेलवे मिनिस्टर का ह्रदय से अभिनन्दन करता हूँ कि वे तत्कालीन वाहवाही के मोह से बच करके पाँच साल की योजना ले करके आये हैं। पहली बार रेलवे ने financial discipline और expenditure में discipline - इसकी बात कही है। यह अपने आप में हिंदुस्तान के सामान्य मानव के पैसों को इज्ज़त देना, उसका सही इस्तेमाल करना - उस दिशा में प्रयास है। रेलवे में नौकरी पाने के लिए नौजवान बेताब होता है, लेकिन transparency नहीं थी। आज नौजवान को रोज़गार मिले, लेकिन भ्रष्टाचार से मुक्त व्यवस्था हो, उस दिशा में अहम् क़दम रेल मंत्री ने उठाया है। रेल बजट में सर्वाधिक ध्यान यात्रियों की सुविधा पर दिया गया है, रेलवे की गति पर दिया गया है, technology के upgradation पर दिया गया है, और नयी-नयी कल्पनाओं से भरा हुआ सर्वस्पर्शी, विकास के हर पहलू को छूने वाला, आज रेलवे बजट देश के सामने आया है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए जो इंतज़ाम किये गए हैं, helpline की जो बात कही गयी है, जो permanent व्यवस्थाएं विकसित हो रही हैं, और रेलवे में यात्रा करने वाले मुसाफिर को अच्छा खाना मिले, एक सुविधा का माहौल उपलब्ध हो। World-class railway stations कैसे बनें? सिर्फ platform क्यों? ऊपर 20 मंजिला, 25 मंजिला station क्यों न हो? ऊपर हर प्रकार की सुविधायें क्यों न हों? Railway stations एक आधुनिक रेल की पहचान बन सकते हैं। अब तक रेल बजट कितने डिब्बे बढ़ेंगे, कितने डिब्बे AC होंगे, कितनी नयी trains चलेंगी, उसी सीमा में बंधा हुआ रहता था। यात्री भाड़ा बढाए बिना पहली बार 8 लाख करोड़ से भी ज्यादा पूँजी निवेश का संकल्प करने वाला यह बजट अपने आप में नेक और मुकम्मल इरादों का परिचायक है।
रेलवे बजट हिंदुस्तान के गरीब-से-गरीब मानव से जुड़ा हुआ बजट होता है। भारतीय रेल सिर्फ एक स्थान को दूसरे स्थान से जोड़ने के ही लिए नहीं, लेकिन भारत के अर्थतंत्र को गति देने का एक सशक्त साधन है। आज का बजट रेलवे के सर्वांगीण विकास को ले कर के आया है। रेलवे से नौजवानों को रोजगार मिल सकता है; रेलवे से पर्यावरण की भी चिंता हो सकती है; रेलवे से भारत की छवि को भी विश्व में उजागर किया जा सकता है; रेलवे से आर्थिक विकास को नई दिशा दी जा सकती है। कोई ऐसा पहलु नहीं है जो इस बार रेलवे बजट में अछूता रहा हो। मैं रेलवे मिनिस्टर का ह्रदय से अभिनन्दन करता हूँ कि वे तत्कालीन वाहवाही के मोह से बच करके पाँच साल की योजना ले करके आये हैं। पहली बार रेलवे ने financial discipline और expenditure में discipline - इसकी बात कही है। यह अपने आप में हिंदुस्तान के सामान्य मानव के पैसों को इज्ज़त देना, उसका सही इस्तेमाल करना - उस दिशा में प्रयास है। रेलवे में नौकरी पाने के लिए नौजवान बेताब होता है, लेकिन transparency नहीं थी। आज नौजवान को रोज़गार मिले, लेकिन भ्रष्टाचार से मुक्त व्यवस्था हो, उस दिशा में अहम् क़दम रेल मंत्री ने उठाया है। रेल बजट में सर्वाधिक ध्यान यात्रियों की सुविधा पर दिया गया है, रेलवे की गति पर दिया गया है, technology के upgradation पर दिया गया है, और नयी-नयी कल्पनाओं से भरा हुआ सर्वस्पर्शी, विकास के हर पहलू को छूने वाला, आज रेलवे बजट देश के सामने आया है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए जो इंतज़ाम किये गए हैं, helpline की जो बात कही गयी है, जो permanent व्यवस्थाएं विकसित हो रही हैं, और रेलवे में यात्रा करने वाले मुसाफिर को अच्छा खाना मिले, एक सुविधा का माहौल उपलब्ध हो। World-class railway stations कैसे बनें? सिर्फ platform क्यों? ऊपर बीस मंजिला, पच्चीस मंजिला station क्यों न हो? ऊपर हर प्रकार की सुविधायें क्यों न हों? Railway stations एक आधुनिक रेल की पहचान बन सकते हैं। अब तक रेल बजट कितने डिब्बे बढ़ेंगे, कितने डिब्बे AC होंगे, कितनी नयी trains चलेंगी, उसी सीमा में बंधा हुआ रहता था। यात्री भाड़ा बढाए बिना पहली बार आठ लाख करोड़ से भी ज्यादा पूँजी निवेश का संकल्प करने वाला यह बजट अपने आप में नेक और मुकम्मल इरादों का परिचायक है।
खटीमा। सनातन श्री रामलीला पात्र परिषद की ओर से आयोजित रामलीला के अंतिम दिन लंका विजय कर भगवान श्रीराम की अयोध्या वापसी की सुंदर झांकी निकाली गई। इस दौरान अनेक देवी-देवताओं की मनोहारी झांकियां भी निकाली गई, जिसका नगर वासियों ने जमकर लुत्फ उठाया। कई स्थानों पर झांकियों का स्वागत भी किया गया। रामलीला मैदान से प्रारंभ हुई झांकियां में राम दरबार, भरत दरबार, काली मां, दुर्गा मां की झांकी आकर्षण का केंद्र थी। इसके अलावा जय मां कालिका अखाड़ा बदायूं के कलाकारों ने मार्ग पर नृत्य कर समा बांधे रखा। झांकियां विभिन्न मार्गों से होकर नैनीताल रोलर फ्लोर मिल परिसर पहुंची, जहां झांकी के कलाकारों एवं श्रद्धालुओं का स्वागत कर जलपान कराया गया। इसके बाद सितारगंज रोड पर गोपी राम कंछल के आवास पर भी कलाकारों को जलपान कराया गया। इस दौरान तहसीलदार एसएस ऐरड़ा, बाजार चौकी इंचार्ज प्रहलाद सिंह, मलिक राज बत्रा, दिनेश अग्रवाल, ईश्वर चंद्र अग्रवाल, रमेश चंद्र सिंघल, राजीव अग्रवाल, गौरी शंकर अग्रवाल, राजेश गुप्ता, वरुण अग्रवाल, इंद्रेश अरोड़ा, संतोष अग्रवाल, हैरल्ड कुमार, विशाल अग्रवाल, विजय गुप्ता, राजू श्रीवास्तव, चिरंजीव बत्रा, विनोद भारती, रविंद्र श्रीवास्तव, बीडी गुप्ता, सुनील गुप्ता आदि थे।
खटीमा। सनातन श्री रामलीला पात्र परिषद की ओर से आयोजित रामलीला के अंतिम दिन लंका विजय कर भगवान श्रीराम की अयोध्या वापसी की सुंदर झांकी निकाली गई। इस दौरान अनेक देवी-देवताओं की मनोहारी झांकियां भी निकाली गई, जिसका नगर वासियों ने जमकर लुत्फ उठाया। कई स्थानों पर झांकियों का स्वागत भी किया गया। रामलीला मैदान से प्रारंभ हुई झांकियां में राम दरबार, भरत दरबार, काली मां, दुर्गा मां की झांकी आकर्षण का केंद्र थी। इसके अलावा जय मां कालिका अखाड़ा बदायूं के कलाकारों ने मार्ग पर नृत्य कर समा बांधे रखा। झांकियां विभिन्न मार्गों से होकर नैनीताल रोलर फ्लोर मिल परिसर पहुंची, जहां झांकी के कलाकारों एवं श्रद्धालुओं का स्वागत कर जलपान कराया गया। इसके बाद सितारगंज रोड पर गोपी राम कंछल के आवास पर भी कलाकारों को जलपान कराया गया। इस दौरान तहसीलदार एसएस ऐरड़ा, बाजार चौकी इंचार्ज प्रहलाद सिंह, मलिक राज बत्रा, दिनेश अग्रवाल, ईश्वर चंद्र अग्रवाल, रमेश चंद्र सिंघल, राजीव अग्रवाल, गौरी शंकर अग्रवाल, राजेश गुप्ता, वरुण अग्रवाल, इंद्रेश अरोड़ा, संतोष अग्रवाल, हैरल्ड कुमार, विशाल अग्रवाल, विजय गुप्ता, राजू श्रीवास्तव, चिरंजीव बत्रा, विनोद भारती, रविंद्र श्रीवास्तव, बीडी गुप्ता, सुनील गुप्ता आदि थे।
गढ़शंकर पुलिस ने भाखड़ा नंगल निवासी पवनप्रीत सिंह के बयान पर तीन अज्ञात लूटेरों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस को दिए बयान में पवनप्रीत सिंह पुत्र गुरचरण सिंह मकान नं 40बी सामने रेलवे रोड नंगल डैम थाना नंगल जिला रोपड़ ने बताया कि वह 24 सितंबर की रात शादी में शामिल होने के बाद वापस लौट रहे थे तो गढ़शंकर रेलवे फाटक से उनकी कार के पीछे काले रंग की आल्टो ने पीछा करना शुरू कर दिया और साढ़े नौ बजे स्तनोर अड्डे के पास उनकी कार को रोक दिया। उसने बताया कि कार में से युवती व दो युवकों ने जिसने हाथ में पिस्तौल पकड़ा हुआ था। उन्होंने जान से मार देने की धमकियां देकर उससे तीस हजार रुपए छीनकर कार में बैठ कर वहां से फरार हो गए। पवनप्रीत सिंह ने गुहार लगाई की लूटेरों को पकड़ कर उनके विरुद्ध कड़ी कारवाई की जाए। गढ़शंकर पुलिस ने पवनप्रीत सिंह के बयान पर तीन अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उन्हें पकडऩे के लिए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है।
गढ़शंकर पुलिस ने भाखड़ा नंगल निवासी पवनप्रीत सिंह के बयान पर तीन अज्ञात लूटेरों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस को दिए बयान में पवनप्रीत सिंह पुत्र गुरचरण सिंह मकान नं चालीसबी सामने रेलवे रोड नंगल डैम थाना नंगल जिला रोपड़ ने बताया कि वह चौबीस सितंबर की रात शादी में शामिल होने के बाद वापस लौट रहे थे तो गढ़शंकर रेलवे फाटक से उनकी कार के पीछे काले रंग की आल्टो ने पीछा करना शुरू कर दिया और साढ़े नौ बजे स्तनोर अड्डे के पास उनकी कार को रोक दिया। उसने बताया कि कार में से युवती व दो युवकों ने जिसने हाथ में पिस्तौल पकड़ा हुआ था। उन्होंने जान से मार देने की धमकियां देकर उससे तीस हजार रुपए छीनकर कार में बैठ कर वहां से फरार हो गए। पवनप्रीत सिंह ने गुहार लगाई की लूटेरों को पकड़ कर उनके विरुद्ध कड़ी कारवाई की जाए। गढ़शंकर पुलिस ने पवनप्रीत सिंह के बयान पर तीन अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उन्हें पकडऩे के लिए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है।
मिठाई और फलों का उपयोग ज्यादातर भगवान को चढ़ाने के लिए किया जाता है। जब भी भगवान की पूजा की जाती है, तो लहसुन और प्याज को दूर रखा जाता है। आजकल नवरात्रि शुरू हो रही है और आपने देखा होगा कि कई लोग नवरात्रि में लहसुन और प्याज का सेवन नहीं करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर ऐसा क्यों है। हम दावा करते हैं कि ज्यादातर लोगों को इसकी जानकारी नहीं है। लोग केवल यह जानते हैं कि ऐसा नहीं किया जाना चाहिए। जब भी भगवान को चढ़ाने की बात आती है, तो हम उसे सात्विक भोजन देते हैं। ताकि कोई पाप या धर्मत्याग न हो। नवरात्रि में प्याज और लहसुन खाना सख्त मना है। आज की पोस्ट में हम आपको बताएंगे कि अंत में भगवान और लहसुन और प्याज की बलि क्यों नहीं दी जाती है। बता दें कि लहसुन और प्याज भगवान को नहीं चढ़ाए जाते क्योंकि उन्हें शास्त्रों में सात्विक नहीं माना जाता है। शास्त्र कहते हैं कि लहसुन और प्याज खाने से व्यक्ति जल्दी गुस्सा होता है और यह एक शैतानी गतिविधि बन जाता है। यही कारण है कि कुछ लोग नवरात्रि पर अपने भोजन में लहसुन और प्याज का उपयोग भी नहीं करते हैं। इतना ही नहीं, वे इसे अपवित्र मानते हैं और उनका मानना है कि इसे खाने से यह अपवित्र भी हो जाता है। भगवान को लहसुन और प्याज नहीं चढ़ाने के पीछे भी एक मिथक है। कहा जाता है कि समुद्रमंथन के समय राहु और केतु ने अमृत पिया था। यदि भगवान विष्णु को इसकी सूचना दी गई होती, तो वे अपने सिर को अपने धड़ से अलग कर लेते, लेकिन इस अमृत के सेवन से उनके सिर जीवित रह गए, यानी वे कभी नहीं मरे। ऐसा कहा जाता है कि जब भगवान विष्णु ने उन दोनों के सिर काट दिए, तो उनके रक्त की बूंदें जमीन पर गिर गईं और वे बूंदें लहसुन और प्याज में बदल गईं। हालांकि, स्वास्थ्य के लिहाज से लहसुन और प्याज के कई फायदे हैं। उनमें रोगों से लड़ने की क्षमता होती है, क्योंकि वे अमृत से बने होते हैं। लेकिन क्योंकि यह एक दानव से उत्पन्न होता है, यह भगवान को नहीं चढ़ाया जाता है। इसके अलावा, कुछ लोगों का मानना है कि लहसुन और प्याज का उपयोग किसी व्यक्ति को पूजा से विचलित कर सकता है।
मिठाई और फलों का उपयोग ज्यादातर भगवान को चढ़ाने के लिए किया जाता है। जब भी भगवान की पूजा की जाती है, तो लहसुन और प्याज को दूर रखा जाता है। आजकल नवरात्रि शुरू हो रही है और आपने देखा होगा कि कई लोग नवरात्रि में लहसुन और प्याज का सेवन नहीं करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर ऐसा क्यों है। हम दावा करते हैं कि ज्यादातर लोगों को इसकी जानकारी नहीं है। लोग केवल यह जानते हैं कि ऐसा नहीं किया जाना चाहिए। जब भी भगवान को चढ़ाने की बात आती है, तो हम उसे सात्विक भोजन देते हैं। ताकि कोई पाप या धर्मत्याग न हो। नवरात्रि में प्याज और लहसुन खाना सख्त मना है। आज की पोस्ट में हम आपको बताएंगे कि अंत में भगवान और लहसुन और प्याज की बलि क्यों नहीं दी जाती है। बता दें कि लहसुन और प्याज भगवान को नहीं चढ़ाए जाते क्योंकि उन्हें शास्त्रों में सात्विक नहीं माना जाता है। शास्त्र कहते हैं कि लहसुन और प्याज खाने से व्यक्ति जल्दी गुस्सा होता है और यह एक शैतानी गतिविधि बन जाता है। यही कारण है कि कुछ लोग नवरात्रि पर अपने भोजन में लहसुन और प्याज का उपयोग भी नहीं करते हैं। इतना ही नहीं, वे इसे अपवित्र मानते हैं और उनका मानना है कि इसे खाने से यह अपवित्र भी हो जाता है। भगवान को लहसुन और प्याज नहीं चढ़ाने के पीछे भी एक मिथक है। कहा जाता है कि समुद्रमंथन के समय राहु और केतु ने अमृत पिया था। यदि भगवान विष्णु को इसकी सूचना दी गई होती, तो वे अपने सिर को अपने धड़ से अलग कर लेते, लेकिन इस अमृत के सेवन से उनके सिर जीवित रह गए, यानी वे कभी नहीं मरे। ऐसा कहा जाता है कि जब भगवान विष्णु ने उन दोनों के सिर काट दिए, तो उनके रक्त की बूंदें जमीन पर गिर गईं और वे बूंदें लहसुन और प्याज में बदल गईं। हालांकि, स्वास्थ्य के लिहाज से लहसुन और प्याज के कई फायदे हैं। उनमें रोगों से लड़ने की क्षमता होती है, क्योंकि वे अमृत से बने होते हैं। लेकिन क्योंकि यह एक दानव से उत्पन्न होता है, यह भगवान को नहीं चढ़ाया जाता है। इसके अलावा, कुछ लोगों का मानना है कि लहसुन और प्याज का उपयोग किसी व्यक्ति को पूजा से विचलित कर सकता है।
दो साधु- एक की उम्र 70 साल और दूसरे की उम्र 35 साल. मुंबई के कांदीवली के एक मंदिर में रहने वाले उन साधुओं को पता चलता है कि उनके गुरु का निधन हो गया. वो पैसा जमा करते हैं और एक वैन में सवार होकर गुरु के आखिरी संस्कार में हिस्सा लेने सूरत के लिए निकल पडते हैं. लेकिन रास्ते में ही लाठी और डंडों से लैस भीड़ पीट-पीटकर दोनों साधुओं को मार डालती है. इस पूरी वारदात को अंजाम दिया जाता है पुलिसवालों के सामने. महाराष्ट्र के पालघर में भीड़तंत्र ने न्यायतंत्र को शर्मसार कर दिया. 200 की भीड़ थी और निहत्थे वृद्ध साधुओं पर टूट पड़ी. लाठी डंडों के बेरहम वार ने आंखिरी सांस तक भडास निकाली. आज हल्ला बोल में इसी मुद्दे पर देखें जोरदार बहस.
दो साधु- एक की उम्र सत्तर साल और दूसरे की उम्र पैंतीस साल. मुंबई के कांदीवली के एक मंदिर में रहने वाले उन साधुओं को पता चलता है कि उनके गुरु का निधन हो गया. वो पैसा जमा करते हैं और एक वैन में सवार होकर गुरु के आखिरी संस्कार में हिस्सा लेने सूरत के लिए निकल पडते हैं. लेकिन रास्ते में ही लाठी और डंडों से लैस भीड़ पीट-पीटकर दोनों साधुओं को मार डालती है. इस पूरी वारदात को अंजाम दिया जाता है पुलिसवालों के सामने. महाराष्ट्र के पालघर में भीड़तंत्र ने न्यायतंत्र को शर्मसार कर दिया. दो सौ की भीड़ थी और निहत्थे वृद्ध साधुओं पर टूट पड़ी. लाठी डंडों के बेरहम वार ने आंखिरी सांस तक भडास निकाली. आज हल्ला बोल में इसी मुद्दे पर देखें जोरदार बहस.
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेताओ में शुमार अभिनेता सैफ अली खान जो की अभी नए नए पिता बने है व उनकी बेगम करीना ने नन्हे तैमूर को जन्म दिया है. व अब बात करते है सैफ अली खान की चंचल बेटी सारा अली खान के बारे में जी हाँ, वैसे यह तो सभी को पता ही है की सैफ की बेटी सारा अली खान जल्द ही बॉलीवुड में डेब्यू करने वाली हैं. इन दिनों वे अपने पहले प्रोजेक्ट की तैयारी में जुटी हैं. बतादें, वे डायरेक्टर करण मल्होत्रा की फिल्म में रितिक रोशन के अपोजिट लीड रोल में दिखाई देगी. इस फिल्म के लिए सारा ने बाइक राइडिंग सीखना शुरू कर दिया हैं. लेकिन अब एक पॉपुलर टेब्लॉयड को दिए इंटरव्यू में सैफ ने कहा- सारा कोलंबिया यूनिवर्सिटी की ब्रिलियंट स्टूडेंट्स में से एक थी, लेकिन वो हमेशा से ही फिल्मों में काम करने को लेकर काफी एक्साइटेड रहती है. हालांकि इसका दोष मैं किसे दूं. एक्टिंग तो उसके जींस में ही है. सैफ के मुताबिक, एक बार हम फर्स्ट वर्ल्ड टूर पर साथ गए थे. वहां मैंने देखा कि सारा बैकस्टेज से एक्टर्स को डांस करते हुए देख रही थी. मुझे लगता है कि तभी उसने यह डिसाइड कर लिया था कि उसे करना क्या है. अगर वह अपना प्रोफेशन मुझसे डिस्कस करे तो उसे खुद एक ओपिनियन मिलेगा लेकिन ये उसका डिसीजन है कि उसे करना क्या है. वैसे करन जौहर न्यूकमर्स के लिए काफी अच्छे डायरेक्टर हैं और जहां तक मेरा ओपिनियन है तो सारा के लिए वो परफेक्ट रहेंगे.
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेताओ में शुमार अभिनेता सैफ अली खान जो की अभी नए नए पिता बने है व उनकी बेगम करीना ने नन्हे तैमूर को जन्म दिया है. व अब बात करते है सैफ अली खान की चंचल बेटी सारा अली खान के बारे में जी हाँ, वैसे यह तो सभी को पता ही है की सैफ की बेटी सारा अली खान जल्द ही बॉलीवुड में डेब्यू करने वाली हैं. इन दिनों वे अपने पहले प्रोजेक्ट की तैयारी में जुटी हैं. बतादें, वे डायरेक्टर करण मल्होत्रा की फिल्म में रितिक रोशन के अपोजिट लीड रोल में दिखाई देगी. इस फिल्म के लिए सारा ने बाइक राइडिंग सीखना शुरू कर दिया हैं. लेकिन अब एक पॉपुलर टेब्लॉयड को दिए इंटरव्यू में सैफ ने कहा- सारा कोलंबिया यूनिवर्सिटी की ब्रिलियंट स्टूडेंट्स में से एक थी, लेकिन वो हमेशा से ही फिल्मों में काम करने को लेकर काफी एक्साइटेड रहती है. हालांकि इसका दोष मैं किसे दूं. एक्टिंग तो उसके जींस में ही है. सैफ के मुताबिक, एक बार हम फर्स्ट वर्ल्ड टूर पर साथ गए थे. वहां मैंने देखा कि सारा बैकस्टेज से एक्टर्स को डांस करते हुए देख रही थी. मुझे लगता है कि तभी उसने यह डिसाइड कर लिया था कि उसे करना क्या है. अगर वह अपना प्रोफेशन मुझसे डिस्कस करे तो उसे खुद एक ओपिनियन मिलेगा लेकिन ये उसका डिसीजन है कि उसे करना क्या है. वैसे करन जौहर न्यूकमर्स के लिए काफी अच्छे डायरेक्टर हैं और जहां तक मेरा ओपिनियन है तो सारा के लिए वो परफेक्ट रहेंगे.
वरुण धवन और आलिया भट्ट ने एक साथ फिल्म 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर'(2012) से अपने करियर की शुरूआत की थी। जिसके बाद बी-टाउन में ऐसी अफवाह थी कि दोनों एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं। हालांकि दोनों ही स्टार्स ने रिलेशनशिप की खबरों पर चुप्पी साधे रखी। इसी बीच वरुण ने आलिया के लिए एक ऐसी बात कह दी है जिसके कारण वह चर्चा में हैं। एक ताजा इंटरव्यू के दौरान जब वरुण से सवाल किया गया क्या दोनों दोस्त एक-दूसरे को रिलेशनशिप की सलाह देते हैं? इस सवाल का वरुण ने बेहद मजेजार जवाब दिया है। हंसते हुए वरुण ने आगे कहा, "जब हम सेट पर होते हैं तो काफी मस्ती होती है। यदि ऐसा नहीं होता तो लगता नहीं कि मैं उसके साथ खुश हूं। यदि वह मेरे साथ सीन में एक्ट नहीं करती हैं तो वह एक को-एक्टर के रूप में अपना काम नहीं कर रही हैं। " जब वरुण से सवाल किया गया कि क्या इतने सालों में उनकी दोस्ती में कोई बदलाव आया है? बता दें कि आलिया और वरुण धवन 'हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया'(2014) और 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया'(2017) जैसी फिल्मों में एक साथ काम कर चुके हैं। फिलहाल अफवाह है कि वरुण धवन नताशा दलाल और आलिया एक्टर रणबीर कपूर को डेट कर रही हैं।
वरुण धवन और आलिया भट्ट ने एक साथ फिल्म 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' से अपने करियर की शुरूआत की थी। जिसके बाद बी-टाउन में ऐसी अफवाह थी कि दोनों एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं। हालांकि दोनों ही स्टार्स ने रिलेशनशिप की खबरों पर चुप्पी साधे रखी। इसी बीच वरुण ने आलिया के लिए एक ऐसी बात कह दी है जिसके कारण वह चर्चा में हैं। एक ताजा इंटरव्यू के दौरान जब वरुण से सवाल किया गया क्या दोनों दोस्त एक-दूसरे को रिलेशनशिप की सलाह देते हैं? इस सवाल का वरुण ने बेहद मजेजार जवाब दिया है। हंसते हुए वरुण ने आगे कहा, "जब हम सेट पर होते हैं तो काफी मस्ती होती है। यदि ऐसा नहीं होता तो लगता नहीं कि मैं उसके साथ खुश हूं। यदि वह मेरे साथ सीन में एक्ट नहीं करती हैं तो वह एक को-एक्टर के रूप में अपना काम नहीं कर रही हैं। " जब वरुण से सवाल किया गया कि क्या इतने सालों में उनकी दोस्ती में कोई बदलाव आया है? बता दें कि आलिया और वरुण धवन 'हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया' और 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' जैसी फिल्मों में एक साथ काम कर चुके हैं। फिलहाल अफवाह है कि वरुण धवन नताशा दलाल और आलिया एक्टर रणबीर कपूर को डेट कर रही हैं।
दिल्ली एनसीआर क्राइम एब्स अपडेटेडः दिल्ली और एनसीआर के गैंगस्टरों को अवैध हथियार की सप्लाई करने वाले एक सप्लायर को बाहरी उत्तरी जिला की स्पेशल स्टॉफ ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान भलस्वा डेयरी के रहने वाले सफीकुल उर्फ कैता के रूप में हुई है। आरोपी के कब्जे से दस पिस्टल और 14 कारतूस जब्त किये हैं। आरोपी तीस से ज्यादा वारदातों में शामिल रहा है। पुलिस आरोपी से उन गैंगस्टरों के बारे में जानकारी लेने की कोशिश कर रही है। जिनको वह हथियार सप्लाई करता था। जिला पुलिस उपायुक्त बृजेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि पिछले काफी समय से स्पेशल स्टॉफ की टीम उन जगहों के सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही थी,जहां पर गोलियां चली थी। उन बदमाशों से भी पूछताछ कर रही थी। जो अवैध हथियारों का इस्तेमाल कर वारदात कर चुके थे। उनसे अवैध हथियारों के सप्लायरों के बारे में जानकारी लेने की कोशिश कर रही थी। अपने हयूमैन सॉर्से की सहायता से भी दिल्ली और एनसीआर के सप्लायरों के बारे में जानकारी ले रही थी। जिससे आगे कोई गैंगवार आदी न हो पाए। इस बीच एसआई हिमांशु बाल्यान को पकड़े गए आरोपी के बारे में सूचना मिली। वह गैंगस्टरों को अवैध पिस्टल और कारतूस सप्लाई करने आएगा। एसआई हिमांशु बाल्यान, एएसआई परवीन कुमार, हेड कांस्टेबल महेश,दिनेश,प्यारे लाल,कांस्टेबल प्रदीप,रवि कांत और मंजीत को आरोपी को पकडऩे का जिम्मा सौंपा गया। पुलिस ने टीम इलाके में घेराबंदी करने के बाद आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया। जिसके पास से भारी मात्रा में अवैध पिस्टल और कारतूस जब्त किये। आरोपी से पूछताछ करने पर पता चला कि वह काफी समय से अवैध हथियारों की सप्लाई करता है। पकड़े जाने के वक्त वह अपने सहयोगियों और इलाके के बदमाशों को हथियारों की सप्लाई करने जा रहा था।
दिल्ली एनसीआर क्राइम एब्स अपडेटेडः दिल्ली और एनसीआर के गैंगस्टरों को अवैध हथियार की सप्लाई करने वाले एक सप्लायर को बाहरी उत्तरी जिला की स्पेशल स्टॉफ ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान भलस्वा डेयरी के रहने वाले सफीकुल उर्फ कैता के रूप में हुई है। आरोपी के कब्जे से दस पिस्टल और चौदह कारतूस जब्त किये हैं। आरोपी तीस से ज्यादा वारदातों में शामिल रहा है। पुलिस आरोपी से उन गैंगस्टरों के बारे में जानकारी लेने की कोशिश कर रही है। जिनको वह हथियार सप्लाई करता था। जिला पुलिस उपायुक्त बृजेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि पिछले काफी समय से स्पेशल स्टॉफ की टीम उन जगहों के सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही थी,जहां पर गोलियां चली थी। उन बदमाशों से भी पूछताछ कर रही थी। जो अवैध हथियारों का इस्तेमाल कर वारदात कर चुके थे। उनसे अवैध हथियारों के सप्लायरों के बारे में जानकारी लेने की कोशिश कर रही थी। अपने हयूमैन सॉर्से की सहायता से भी दिल्ली और एनसीआर के सप्लायरों के बारे में जानकारी ले रही थी। जिससे आगे कोई गैंगवार आदी न हो पाए। इस बीच एसआई हिमांशु बाल्यान को पकड़े गए आरोपी के बारे में सूचना मिली। वह गैंगस्टरों को अवैध पिस्टल और कारतूस सप्लाई करने आएगा। एसआई हिमांशु बाल्यान, एएसआई परवीन कुमार, हेड कांस्टेबल महेश,दिनेश,प्यारे लाल,कांस्टेबल प्रदीप,रवि कांत और मंजीत को आरोपी को पकडऩे का जिम्मा सौंपा गया। पुलिस ने टीम इलाके में घेराबंदी करने के बाद आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया। जिसके पास से भारी मात्रा में अवैध पिस्टल और कारतूस जब्त किये। आरोपी से पूछताछ करने पर पता चला कि वह काफी समय से अवैध हथियारों की सप्लाई करता है। पकड़े जाने के वक्त वह अपने सहयोगियों और इलाके के बदमाशों को हथियारों की सप्लाई करने जा रहा था।
सुपेबेड़ा में किडनी की समस्या से लगातार हो रही मौत को लेकर राज्यपाल अनुसुइया उइके और सीएम भूपेश बघेल के बीच आमने - सामने जैसी स्थिति हो गई है। शनिवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राज्यपाल के बयान से मैं हतप्रभ हूं। रायपुर। सुपेबेड़ा में किडनी की समस्या से लगातार हो रही मौत को लेकर राज्यपाल अनुसुइया उइके और सीएम भूपेश बघेल के बीच आमने - सामने जैसी स्थिति हो गई है। शनिवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राज्यपाल के बयान से मैं हतप्रभ हूं। वे वहां जाना चाहती हैं तो उनका स्वागत है। सीएम ने कहा कि हम सभी को सुपेबेड़ा की चिंता है। 2 अक्टूबर को विधानसभा सत्र के दौरान जैसे ही हमें जानकारी मिली कि वहां एक और मौत हुई है। हमारे स्वास्थ्य मंत्री वहां गए। सीएम ने कहा कि सरकार कारण जानना चाहती कि किस वजह से वहां पर लोग किडनी की समस्या से ग्रसित हो रहे हैं। वहां पर्याप्त कार्रवाई की जा रही है। बता दें कि सुपेबेड़ा में अब तक 71 लोगों की मौत हो गई है। जबकि दो सौ से अधिक लोग किडनी की समस्या से ग्रसित हैं। अब राज्यपाल ने खुद वहां जाकर लोगों से मुलाकात करने और हालात की जानकारी लेने की इच्छा जताई है। बताया गया है कि राज्यपाल वहां एम्स की टीम लेकर जाने की तैयारी में हैं।
सुपेबेड़ा में किडनी की समस्या से लगातार हो रही मौत को लेकर राज्यपाल अनुसुइया उइके और सीएम भूपेश बघेल के बीच आमने - सामने जैसी स्थिति हो गई है। शनिवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राज्यपाल के बयान से मैं हतप्रभ हूं। रायपुर। सुपेबेड़ा में किडनी की समस्या से लगातार हो रही मौत को लेकर राज्यपाल अनुसुइया उइके और सीएम भूपेश बघेल के बीच आमने - सामने जैसी स्थिति हो गई है। शनिवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राज्यपाल के बयान से मैं हतप्रभ हूं। वे वहां जाना चाहती हैं तो उनका स्वागत है। सीएम ने कहा कि हम सभी को सुपेबेड़ा की चिंता है। दो अक्टूबर को विधानसभा सत्र के दौरान जैसे ही हमें जानकारी मिली कि वहां एक और मौत हुई है। हमारे स्वास्थ्य मंत्री वहां गए। सीएम ने कहा कि सरकार कारण जानना चाहती कि किस वजह से वहां पर लोग किडनी की समस्या से ग्रसित हो रहे हैं। वहां पर्याप्त कार्रवाई की जा रही है। बता दें कि सुपेबेड़ा में अब तक इकहत्तर लोगों की मौत हो गई है। जबकि दो सौ से अधिक लोग किडनी की समस्या से ग्रसित हैं। अब राज्यपाल ने खुद वहां जाकर लोगों से मुलाकात करने और हालात की जानकारी लेने की इच्छा जताई है। बताया गया है कि राज्यपाल वहां एम्स की टीम लेकर जाने की तैयारी में हैं।
Dentacain डॉक्टर के पर्चे द्वारा मिलने वाली दवा है, जो जेल के रूप में उपलब्ध है। इसके अलावा Dentacain का उपयोग कुछ दूसरी समस्याओं के लिए भी किया जा सकता है। इनके बारे में नीचे विस्तार से जानकारी दी गयी है। मरीज की उम्र, लिंग व स्वास्थ्य संबंधी पिछली जानकारी के आधार पर ही Dentacain की खुराक निर्धारित की जाती है। यह दवा कितनी मात्रा में दी जानी चाहिए यह इस आधार पर भी निर्भर करता है कि मरीज की मूल समस्या क्या है और दवा को किस रूप में दिया जा रहा है। नीचे दिए गए खुराक के खंड में इस बारे में पूरी जानकारी के साथ बताया गया है। Dentacain के कुछ दुष्परिणाम देखे जाते हैं, इसके साथ कुछ सामान्य नुकसान हैं जैसे त्वचा का लाल होना. Dentacain के कुछ अन्य नुकसान भी हैं जो साइड इफेक्ट के खंड में लिखे गए हैं। Dentacain के इस तरह के साइड इफेक्ट सामान्यतः लंबे समय तक नहीं रहते और एक बार इलाज पूरा होने जाने के बाद अपने आप खत्म हो जाते हैं। अगर ये दुष्प्रभाव और बिगड़ जाते हैं या लंबे समय तक बने रहते हैं तो इस बारे में अपने डॉक्टर से बात करें। गर्भवती महिलाओं पर Dentacain का प्रभाव हल्का होता है और स्तनपान कराने वाली महिलाओं पर इस दवा का प्रभाव हल्का है। Dentacain से जुड़ी चेतावनी कि इसका लिवर, हार्ट और किडनी पर क्या असर होता है, इसके बारे में नीचे बताया गया है। अगर आपको पहले से गुर्दे की बीमारी, पेट में सूजन, पेट में अल्सर जैसी कोई समस्या है, तो Dentacain देने की सलाह नहीं दी जाती क्योंकि इसके दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं। इनके आलावा, अगर नीचे दिए गए सेक्शन में मौजूद समस्याओं में से कोई भी समस्या आपको है, तो आप Dentacain को न लें। Dentacain के साथ कुछ अन्य दवाएं लेने से शरीर में गंभीर प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं। पूरी जानकारी के लिए नीचे दी गई जानकारी देखें। इन सभी सावधानियों के अलावा याद रखें कि वाहन चलाते समय Dentacain को लेना असुरक्षित है, साथ ही इस की लत लगने की संभावना नहीं है। यह अधिकतर मामलों में दी जाने वाली Dentacain की खुराक है। कृपया याद रखें कि हर रोगी और उनका मामला अलग हो सकता है। इसलिए रोग, दवाई देने के तरीके, रोगी की आयु, रोगी का चिकित्सा इतिहास और अन्य कारकों के आधार पर Dentacain की खुराक अलग हो सकती है। ।किशोरावस्था(13 से 18 वर्ष) क्या Dentacain का उपयोग गर्भवती महिला के लिए ठीक है? Dentacain का सेवन गर्भवती महिलाएं कर सकती हैं। इसके दुष्प्रभाव बेहद ही कम होते हैं। क्या Dentacain का उपयोग स्तनपान करने वाली महिलाओं के लिए ठीक है? स्तनपान कराने वाली महिलाओं पर Dentacain का दुष्प्रभाव इतना कम होता है कि आपको यह महसूस भी नहीं होता है। Dentacain का प्रभाव गुर्दे पर क्या होता है? किडनी पर Dentacain के खराब प्रभावों को जाने बिना भी आप इसका सेवन कर सकते हैं, क्योंकि इसका हानिकारक प्रभाव बेहद कम है। Dentacain का जिगर (लिवर) पर क्या असर होता है? Dentacain का सेवन करना आपके शरीर पर बहुत ही कम प्रभाव डालता है। क्या ह्रदय पर Dentacain का प्रभाव पड़ता है? हृदय के लिए Dentacain के साइड इफेक्ट बहुत ही कम मिलते हैं। क्या Dentacain आदत या लत बन सकती है? नहीं, Dentacain को लेने के बाद आपको इसकी आदत नहीं पड़ती है। क्या Dentacain को कुछ खाद्य पदार्थों के साथ लेने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है? कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं जिनको Dentacain के साथ सेवन करने से दवा का असर करने की अवधि में बढ़ोतरी हो जाती है। जब Dentacain ले रहे हों, तब शराब पीने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है क्या? Dentacain के बुरे प्रभावों के बारे में जानकारी मौजूद नहीं है। क्योंकि इस विषय पर अभी रिसर्च नहीं हो पाई है। अतः डॉक्टर के परामर्श के बाद ही इस दवा को लें। US Food and Drug Administration (FDA) [Internet]. Maryland. USA; Package leaflet information for the user; Xylocaine (lidocaine HCl)
Dentacain डॉक्टर के पर्चे द्वारा मिलने वाली दवा है, जो जेल के रूप में उपलब्ध है। इसके अलावा Dentacain का उपयोग कुछ दूसरी समस्याओं के लिए भी किया जा सकता है। इनके बारे में नीचे विस्तार से जानकारी दी गयी है। मरीज की उम्र, लिंग व स्वास्थ्य संबंधी पिछली जानकारी के आधार पर ही Dentacain की खुराक निर्धारित की जाती है। यह दवा कितनी मात्रा में दी जानी चाहिए यह इस आधार पर भी निर्भर करता है कि मरीज की मूल समस्या क्या है और दवा को किस रूप में दिया जा रहा है। नीचे दिए गए खुराक के खंड में इस बारे में पूरी जानकारी के साथ बताया गया है। Dentacain के कुछ दुष्परिणाम देखे जाते हैं, इसके साथ कुछ सामान्य नुकसान हैं जैसे त्वचा का लाल होना. Dentacain के कुछ अन्य नुकसान भी हैं जो साइड इफेक्ट के खंड में लिखे गए हैं। Dentacain के इस तरह के साइड इफेक्ट सामान्यतः लंबे समय तक नहीं रहते और एक बार इलाज पूरा होने जाने के बाद अपने आप खत्म हो जाते हैं। अगर ये दुष्प्रभाव और बिगड़ जाते हैं या लंबे समय तक बने रहते हैं तो इस बारे में अपने डॉक्टर से बात करें। गर्भवती महिलाओं पर Dentacain का प्रभाव हल्का होता है और स्तनपान कराने वाली महिलाओं पर इस दवा का प्रभाव हल्का है। Dentacain से जुड़ी चेतावनी कि इसका लिवर, हार्ट और किडनी पर क्या असर होता है, इसके बारे में नीचे बताया गया है। अगर आपको पहले से गुर्दे की बीमारी, पेट में सूजन, पेट में अल्सर जैसी कोई समस्या है, तो Dentacain देने की सलाह नहीं दी जाती क्योंकि इसके दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं। इनके आलावा, अगर नीचे दिए गए सेक्शन में मौजूद समस्याओं में से कोई भी समस्या आपको है, तो आप Dentacain को न लें। Dentacain के साथ कुछ अन्य दवाएं लेने से शरीर में गंभीर प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं। पूरी जानकारी के लिए नीचे दी गई जानकारी देखें। इन सभी सावधानियों के अलावा याद रखें कि वाहन चलाते समय Dentacain को लेना असुरक्षित है, साथ ही इस की लत लगने की संभावना नहीं है। यह अधिकतर मामलों में दी जाने वाली Dentacain की खुराक है। कृपया याद रखें कि हर रोगी और उनका मामला अलग हो सकता है। इसलिए रोग, दवाई देने के तरीके, रोगी की आयु, रोगी का चिकित्सा इतिहास और अन्य कारकों के आधार पर Dentacain की खुराक अलग हो सकती है। ।किशोरावस्था क्या Dentacain का उपयोग गर्भवती महिला के लिए ठीक है? Dentacain का सेवन गर्भवती महिलाएं कर सकती हैं। इसके दुष्प्रभाव बेहद ही कम होते हैं। क्या Dentacain का उपयोग स्तनपान करने वाली महिलाओं के लिए ठीक है? स्तनपान कराने वाली महिलाओं पर Dentacain का दुष्प्रभाव इतना कम होता है कि आपको यह महसूस भी नहीं होता है। Dentacain का प्रभाव गुर्दे पर क्या होता है? किडनी पर Dentacain के खराब प्रभावों को जाने बिना भी आप इसका सेवन कर सकते हैं, क्योंकि इसका हानिकारक प्रभाव बेहद कम है। Dentacain का जिगर पर क्या असर होता है? Dentacain का सेवन करना आपके शरीर पर बहुत ही कम प्रभाव डालता है। क्या ह्रदय पर Dentacain का प्रभाव पड़ता है? हृदय के लिए Dentacain के साइड इफेक्ट बहुत ही कम मिलते हैं। क्या Dentacain आदत या लत बन सकती है? नहीं, Dentacain को लेने के बाद आपको इसकी आदत नहीं पड़ती है। क्या Dentacain को कुछ खाद्य पदार्थों के साथ लेने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है? कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं जिनको Dentacain के साथ सेवन करने से दवा का असर करने की अवधि में बढ़ोतरी हो जाती है। जब Dentacain ले रहे हों, तब शराब पीने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है क्या? Dentacain के बुरे प्रभावों के बारे में जानकारी मौजूद नहीं है। क्योंकि इस विषय पर अभी रिसर्च नहीं हो पाई है। अतः डॉक्टर के परामर्श के बाद ही इस दवा को लें। US Food and Drug Administration [Internet]. Maryland. USA; Package leaflet information for the user; Xylocaine
सपा मुखिया अखिलेश यादव के वादों पर योगी सरकार के मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने तंज कसा है। सपा मुखिया अखिलेश यादव के वादों पर योगी सरकार के मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि अपने कार्यकाल में पांच वर्ष प्रदेश को लूट और घोटालों से बर्बाद करने वाले अखिलेश एक बार फिर उन्हीं योजनाओं को लाने का वादा कर रहे हैं, जिनकी आड़ में उन्होंने भ्रष्टाचार को पोषण और संरक्षण देकर अपनी व अपने चहेतों की तिजोरी भरी। जनता को बरगलाने निकले ही हैं तो जरा योजनाओं में हुई घोटाले की भारी-भरकम धनराशि भी जनता को बता दीजिए। सिद्धार्थनाथ ने कहा कि सत्ता में रहने के दौरान 2000 करोड़ रुपये के एंबुलेंस घोटाले को जनता अब तक भूली नहीं है। सपा के नए कोरे वादों में भी जनता को भ्रष्टाचार की ही बू आ रही है। जनता अब फिर घोटालेबाज पार्टी को मौका नहीं देने वाली। अखिलेश भले ही अपने किए घोटालों पर पर्दा डालने की कोशिश करें, लेकिन जनता को एक-एक घोटाले के बारे में जानकारी है। 10. 80 अरब रुपये के समाजवादी पेंशन घोटाले ने सपा की भ्रष्टाचार की संस्कृति को आगे बढ़ाया। तमाम योजनाओं में घोटाले का आरोप लगाते हुए बोले कि अखिलेश सरकार ने नई पेंशन स्कीम का दस ह•ाार करोड़ रुपया जमा नहीं किया था। योगी सरकार अगर यह न जमा करती तो आम जनता पेंशन योजनाओं से वंचित रह जाती। यूपी में इन चरणों के तहत 10 फरवरी, 14 फरवरी, 20 फरवरी, 23 फरवरी, 27 फरवरी, 3 मार्च और 7 मार्च को मतदान होगा। 10 मार्च को चुनाव के नतीजे आएंगे। पहले चरण की शुरुआत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों से होगी और धीरे-धीरे कारवां बढ़ते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश पर जाकर समाप्त होगा। यूपी में इस बार भी चुनाव पिछली बार की तरह वेस्ट यूपी से शुरू होंगे। आखिरी चरण पूर्वांचल में होगा। पहले चरण में 58 और आखिरी चरण में 64 विधानसभा सीटों में वोटिंग होगी।
सपा मुखिया अखिलेश यादव के वादों पर योगी सरकार के मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने तंज कसा है। सपा मुखिया अखिलेश यादव के वादों पर योगी सरकार के मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि अपने कार्यकाल में पांच वर्ष प्रदेश को लूट और घोटालों से बर्बाद करने वाले अखिलेश एक बार फिर उन्हीं योजनाओं को लाने का वादा कर रहे हैं, जिनकी आड़ में उन्होंने भ्रष्टाचार को पोषण और संरक्षण देकर अपनी व अपने चहेतों की तिजोरी भरी। जनता को बरगलाने निकले ही हैं तो जरा योजनाओं में हुई घोटाले की भारी-भरकम धनराशि भी जनता को बता दीजिए। सिद्धार्थनाथ ने कहा कि सत्ता में रहने के दौरान दो हज़ार करोड़ रुपये के एंबुलेंस घोटाले को जनता अब तक भूली नहीं है। सपा के नए कोरे वादों में भी जनता को भ्रष्टाचार की ही बू आ रही है। जनता अब फिर घोटालेबाज पार्टी को मौका नहीं देने वाली। अखिलेश भले ही अपने किए घोटालों पर पर्दा डालने की कोशिश करें, लेकिन जनता को एक-एक घोटाले के बारे में जानकारी है। दस. अस्सी अरब रुपये के समाजवादी पेंशन घोटाले ने सपा की भ्रष्टाचार की संस्कृति को आगे बढ़ाया। तमाम योजनाओं में घोटाले का आरोप लगाते हुए बोले कि अखिलेश सरकार ने नई पेंशन स्कीम का दस ह•ाार करोड़ रुपया जमा नहीं किया था। योगी सरकार अगर यह न जमा करती तो आम जनता पेंशन योजनाओं से वंचित रह जाती। यूपी में इन चरणों के तहत दस फरवरी, चौदह फरवरी, बीस फरवरी, तेईस फरवरी, सत्ताईस फरवरी, तीन मार्च और सात मार्च को मतदान होगा। दस मार्च को चुनाव के नतीजे आएंगे। पहले चरण की शुरुआत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों से होगी और धीरे-धीरे कारवां बढ़ते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश पर जाकर समाप्त होगा। यूपी में इस बार भी चुनाव पिछली बार की तरह वेस्ट यूपी से शुरू होंगे। आखिरी चरण पूर्वांचल में होगा। पहले चरण में अट्ठावन और आखिरी चरण में चौंसठ विधानसभा सीटों में वोटिंग होगी।
Koderma : हीरोडीह स्थित जूपिटर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी (गैडे फैक्ट्री) गेट के सामने जूपिटर ग्रुप संयुक्त समिति मोर्चा के बैनर तले पिछले 5 दिनों से मजदूरों का धरना चल रहा है. धरना का समर्थन करते हुए जिप अध्यक्ष रामधन यादव, उपाध्यक्ष निर्मला देवी धरना स्थल पर पहुंची. मजदूरों की समस्याओं को जाना और आंदोलन में साथ देने का आश्वासन दिया. मौके पर जिप अध्यक्ष रामधन यादव ने कहा कि मजदूरों का बकाया मजदूरी भुगतान नहीं होने तक किसी भी नए कंपनी यहां कार्य नहीं कर सकती है. वहीं जिप उपाध्यक्ष निर्मला देवी ने कहा कि मजदूरों के साथ स्थानीय लोगों का भी न्याय होना चाहिए. कोई भी कंपनी यहां के लोगों को नजरअंदाज कर काम नहीं कर सकती है. मौके पर मुखिया प्रतिनिधि वशी अहमद, गुरु सहाय यादव, यमुना यादव, सुरेश राणा, विनय सिंह, एजाज खान समेत दर्जनों मजदूर शामिल थे.
Koderma : हीरोडीह स्थित जूपिटर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी गेट के सामने जूपिटर ग्रुप संयुक्त समिति मोर्चा के बैनर तले पिछले पाँच दिनों से मजदूरों का धरना चल रहा है. धरना का समर्थन करते हुए जिप अध्यक्ष रामधन यादव, उपाध्यक्ष निर्मला देवी धरना स्थल पर पहुंची. मजदूरों की समस्याओं को जाना और आंदोलन में साथ देने का आश्वासन दिया. मौके पर जिप अध्यक्ष रामधन यादव ने कहा कि मजदूरों का बकाया मजदूरी भुगतान नहीं होने तक किसी भी नए कंपनी यहां कार्य नहीं कर सकती है. वहीं जिप उपाध्यक्ष निर्मला देवी ने कहा कि मजदूरों के साथ स्थानीय लोगों का भी न्याय होना चाहिए. कोई भी कंपनी यहां के लोगों को नजरअंदाज कर काम नहीं कर सकती है. मौके पर मुखिया प्रतिनिधि वशी अहमद, गुरु सहाय यादव, यमुना यादव, सुरेश राणा, विनय सिंह, एजाज खान समेत दर्जनों मजदूर शामिल थे.
match: होंगे, हैं। की। (वीडियो-नीचे) लेकिन हाल ही में एक अलग ही तरह का प्रपोजल वायरल हुआ है, जिसमें एक शख्स ने बेसबॉल मैच के दौरान बीच स्टेडियम में बिना किसी डर के अपनी गर्लफ्रेंड को प्रपोज कर दिया। बताते चलें कि इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। क्लिप में देखा जा सकता है कि जिस वक्त स्टेडियम में बेसबॉल का मैच चल रहा था, हजारों दर्शक स्टेडियम में मौजूद थे। वीडियो को रिकार्डो जुआरेज नाम के शख्स ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया है। वीडियो अमेरिका के लॉस एंजिल्स स्थित Dodgar Stadium का है। स्टेडियम में एक शख्स अपनी गर्लफ्रेंड रमोना सावेद्रा को प्रपोज करता दिख रहा है। हजारों दर्शकों की भीड़ के बीच शख्स चुपचाप उठकर मैदान के बीचोंबीच घुस जाता है और घुटनों के बल बैठ जाता है। इसके बाद रिंग निकालकर वो अपनी गर्लफ्रेंड को प्रपोज करने लगता है। देखते ही देखते मैदान शख्स को इस तरह की हरकतें करता देख कुछ सिक्योरिटी गार्ड्स आते हैं और उसे दबोच लेते हैं। वीडियो को एक करोड़ से भी ज्यादा बार देखा जा चुका है। वहीं लाखों लोगों ने इसपर अपने रिएक्शन भी दिए हैं। एक यूजर ने कहा कि गार्ड को शख्स को इतनी जोर से धक्का नहीं मारना चाहिए था। तो वहीं किसी ने कहा कि ये मामला खिलाड़ियों की सिक्योरिटी से जुड़ा हुआ है। कई लोगों को शख्स के इस तरह बीच स्टेडियम में गर्लफ्रेंड को प्रपोज करने का आइडिया पसंद आ रहा है, तो कईयों ने इसे गलत बताया है। एक यूजर ने कहा कि ये कुछ और नहीं बल्कि एक पब्लिसिटी स्टंट है। तो वहीं एक ने कहा कि अच्छा ही हुआ जो भी हुआ। एक ने कहा कि कम से कम गर्लफ्रेंड तो प्रपोजल एक्सेप्ट तो कर ही लिया। दरअसल गर्लफ्रेंड को ऐसे स्टेडियम में प्रपोज करने के बाद शख्स ने कुछ तस्वीरें भी शेयर की थीं, जिनमें उसने बताया कि गर्लफ्रेंड ने इस प्रपोजल को एक्सेप्ट कर लिया है। सोशल मीडिया पर अब शख्स के प्रपोज करने का तरीका खूब वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि लोगों को इस तरह की चीजें करने से बचना चाहिए।
match: होंगे, हैं। की। लेकिन हाल ही में एक अलग ही तरह का प्रपोजल वायरल हुआ है, जिसमें एक शख्स ने बेसबॉल मैच के दौरान बीच स्टेडियम में बिना किसी डर के अपनी गर्लफ्रेंड को प्रपोज कर दिया। बताते चलें कि इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। क्लिप में देखा जा सकता है कि जिस वक्त स्टेडियम में बेसबॉल का मैच चल रहा था, हजारों दर्शक स्टेडियम में मौजूद थे। वीडियो को रिकार्डो जुआरेज नाम के शख्स ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया है। वीडियो अमेरिका के लॉस एंजिल्स स्थित Dodgar Stadium का है। स्टेडियम में एक शख्स अपनी गर्लफ्रेंड रमोना सावेद्रा को प्रपोज करता दिख रहा है। हजारों दर्शकों की भीड़ के बीच शख्स चुपचाप उठकर मैदान के बीचोंबीच घुस जाता है और घुटनों के बल बैठ जाता है। इसके बाद रिंग निकालकर वो अपनी गर्लफ्रेंड को प्रपोज करने लगता है। देखते ही देखते मैदान शख्स को इस तरह की हरकतें करता देख कुछ सिक्योरिटी गार्ड्स आते हैं और उसे दबोच लेते हैं। वीडियो को एक करोड़ से भी ज्यादा बार देखा जा चुका है। वहीं लाखों लोगों ने इसपर अपने रिएक्शन भी दिए हैं। एक यूजर ने कहा कि गार्ड को शख्स को इतनी जोर से धक्का नहीं मारना चाहिए था। तो वहीं किसी ने कहा कि ये मामला खिलाड़ियों की सिक्योरिटी से जुड़ा हुआ है। कई लोगों को शख्स के इस तरह बीच स्टेडियम में गर्लफ्रेंड को प्रपोज करने का आइडिया पसंद आ रहा है, तो कईयों ने इसे गलत बताया है। एक यूजर ने कहा कि ये कुछ और नहीं बल्कि एक पब्लिसिटी स्टंट है। तो वहीं एक ने कहा कि अच्छा ही हुआ जो भी हुआ। एक ने कहा कि कम से कम गर्लफ्रेंड तो प्रपोजल एक्सेप्ट तो कर ही लिया। दरअसल गर्लफ्रेंड को ऐसे स्टेडियम में प्रपोज करने के बाद शख्स ने कुछ तस्वीरें भी शेयर की थीं, जिनमें उसने बताया कि गर्लफ्रेंड ने इस प्रपोजल को एक्सेप्ट कर लिया है। सोशल मीडिया पर अब शख्स के प्रपोज करने का तरीका खूब वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि लोगों को इस तरह की चीजें करने से बचना चाहिए।
राजनांदगांव जिले में फिर एक बार बड़े पैमाने में ट्रांसफर आदेश जारी किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने बड़े पैमाने पर फेरबदल करते हुए आदेश जारी किया है। आठ निरीक्षक, दो उपनिरीक्षक सहित पांच आरक्षकों का तबादला किया है। खैरागढ़ थाना प्रभारी ,बसंतपुर थाना प्रभारी ,गंडई ,साल्हवारा ,छुरिया ,मोहगांव मोहला थाना प्रभारी का तबादला किया है। Join us on Telegram for more. Fast news at fingertips. Everytime, all the time. Fast news at fingertips. Everytime, all the time.
राजनांदगांव जिले में फिर एक बार बड़े पैमाने में ट्रांसफर आदेश जारी किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने बड़े पैमाने पर फेरबदल करते हुए आदेश जारी किया है। आठ निरीक्षक, दो उपनिरीक्षक सहित पांच आरक्षकों का तबादला किया है। खैरागढ़ थाना प्रभारी ,बसंतपुर थाना प्रभारी ,गंडई ,साल्हवारा ,छुरिया ,मोहगांव मोहला थाना प्रभारी का तबादला किया है। Join us on Telegram for more. Fast news at fingertips. Everytime, all the time. Fast news at fingertips. Everytime, all the time.
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Polls 2018) के पूरा होने में अभी दो चरण शेष हैं, मगर विपक्षी पार्टियों ने अभी से ही सरकार बनाने के लिए एक वैकल्पिक रणनीति तैयार कर ली है. सूत्रों की मानें तो लोकसभा चुनाव खत्म होने के बाद विपक्षी पार्टियां राष्ट्रपति से मिलने की योजना बना रही हैं। विपक्ष की योजना है कि वह लोकसभा चुनाव खत्म होने के बाद राष्ट्रपति से मिलेगा और उन्हें इस बात के लिए राजी करने की कोशिश करेगा कि अगर खण्डित जनादेश (पूर्ण बहुमत नहीं मिलना) मिलता है तो वे सबसे बड़े दल यानी सिंगल लार्जेस्ट पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित न करें। केंद्र में बीजेपी की सरकार का विरोध कर रहे 21 राजनीतिक दल एक समर्थन पत्र पर हस्ताक्षर करने की योजना बना रहे हैं। उनका कहना है कि लोकसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद वे वैकल्पिक सरकार के गठन के लिए राष्ट्रपति को विपक्षी पार्टियों के समर्थन की पत्र देने को तैयार रहेंगे। सूत्रों ने कहा कि इस असामान्य कदम का कारण यह सुनिश्चित करना है ताकि राष्ट्रपति चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी किसी पार्टी को (सिंगल लार्जेस्ट पार्टी) को क्षेत्रीय दलों और गठबंधन को तोड़ने या तोड़ने का प्रयास करने का मौका न दें। यह कदम क्षेत्रीय दलों में फूट पड़ने से रोकने के लिए है. बता दें कि लोकसभा में 543 निर्वाचित सदस्य होते हैं, जिनमें बहुमत के लिए 274 सांसदों की जरूरत होती है. 2014 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने 282 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया. वहीं, NDA की संयुक्त ताकत लोकसभा में 336 सीटें थीं। साल 1998 में राष्ट्रपति केआर नारायण ने सरकार बनाने से पहले और सदन में विश्वास मत हासिल करने से पहले अटल बिहारी वाजपेयी को समर्थन पत्र प्रस्तुत करने के लिए कहा था।
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव दो हज़ार उन्नीस के पूरा होने में अभी दो चरण शेष हैं, मगर विपक्षी पार्टियों ने अभी से ही सरकार बनाने के लिए एक वैकल्पिक रणनीति तैयार कर ली है. सूत्रों की मानें तो लोकसभा चुनाव खत्म होने के बाद विपक्षी पार्टियां राष्ट्रपति से मिलने की योजना बना रही हैं। विपक्ष की योजना है कि वह लोकसभा चुनाव खत्म होने के बाद राष्ट्रपति से मिलेगा और उन्हें इस बात के लिए राजी करने की कोशिश करेगा कि अगर खण्डित जनादेश मिलता है तो वे सबसे बड़े दल यानी सिंगल लार्जेस्ट पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित न करें। केंद्र में बीजेपी की सरकार का विरोध कर रहे इक्कीस राजनीतिक दल एक समर्थन पत्र पर हस्ताक्षर करने की योजना बना रहे हैं। उनका कहना है कि लोकसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद वे वैकल्पिक सरकार के गठन के लिए राष्ट्रपति को विपक्षी पार्टियों के समर्थन की पत्र देने को तैयार रहेंगे। सूत्रों ने कहा कि इस असामान्य कदम का कारण यह सुनिश्चित करना है ताकि राष्ट्रपति चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी किसी पार्टी को को क्षेत्रीय दलों और गठबंधन को तोड़ने या तोड़ने का प्रयास करने का मौका न दें। यह कदम क्षेत्रीय दलों में फूट पड़ने से रोकने के लिए है. बता दें कि लोकसभा में पाँच सौ तैंतालीस निर्वाचित सदस्य होते हैं, जिनमें बहुमत के लिए दो सौ चौहत्तर सांसदों की जरूरत होती है. दो हज़ार चौदह के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने दो सौ बयासी सीटों के साथ बहुमत हासिल किया. वहीं, NDA की संयुक्त ताकत लोकसभा में तीन सौ छत्तीस सीटें थीं। साल एक हज़ार नौ सौ अट्ठानवे में राष्ट्रपति केआर नारायण ने सरकार बनाने से पहले और सदन में विश्वास मत हासिल करने से पहले अटल बिहारी वाजपेयी को समर्थन पत्र प्रस्तुत करने के लिए कहा था।
! अब लिखो बिना डरे ! जो कलम लिख देती माँ , हो जाती वो तो पाक है , क्या लिखूं माँ के लिए ? "माँ' पूरी कायनात है ! .................................. . मैं हूँ क़तरा ; माँ समंदर , मैं कली वो है चमन , माँ के चरणों में है जन्नत , माँ ज़मी माँ ही गगन ! "माँ" का आशीर्वाद है ! क्या लिखूं माँ के लिए ? "माँ' पूरी कायनात है ! ............................... . हम से पहले माँ ये जाने , क्या हमें कब चाहिए ? और कुछ न पाइए , माँ जागती दिन-रात है ! क्या लिखूं माँ के लिए ? "माँ' पूरी कायनात है ! ........................................ . हम हँसे तो माँ हंसी , रोने पर पुचकारती , डांट देती भूल पर ; पल में फिर दुलारती ! रहती हमारे साथ है ! क्या लिखूं माँ के लिए ? "माँ' पूरी कायनात है !
! अब लिखो बिना डरे ! जो कलम लिख देती माँ , हो जाती वो तो पाक है , क्या लिखूं माँ के लिए ? "माँ' पूरी कायनात है ! .................................. . मैं हूँ क़तरा ; माँ समंदर , मैं कली वो है चमन , माँ के चरणों में है जन्नत , माँ ज़मी माँ ही गगन ! "माँ" का आशीर्वाद है ! क्या लिखूं माँ के लिए ? "माँ' पूरी कायनात है ! ............................... . हम से पहले माँ ये जाने , क्या हमें कब चाहिए ? और कुछ न पाइए , माँ जागती दिन-रात है ! क्या लिखूं माँ के लिए ? "माँ' पूरी कायनात है ! ........................................ . हम हँसे तो माँ हंसी , रोने पर पुचकारती , डांट देती भूल पर ; पल में फिर दुलारती ! रहती हमारे साथ है ! क्या लिखूं माँ के लिए ? "माँ' पूरी कायनात है !
World Women Boxing championship 2022 निकहत जरीन के मुक्के ने कोहराम मचा दिया है। निकहत ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में थाईलैंड की बॉक्सर को हराकर 135 करोड़ भारतीयों को गौरवान्वित किया है। इस्तांबुल। विश्व महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत की बेटी निकहत जरीन ने इतिहास रच दिया है। महिला बॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप में थाईलैंड की बॉक्सर जुटामास जितपांग को हराकर निकहत जरीन ने गोल्ड मेडल हासिल कर लिया है। निकहत एकतरफा मुकाबले में 5-0 से जीतकर वर्ल्ड चैंपियन बन चुकी हैं। निकहत की इस जीत पर पीएम नरेंद्र मोदी ने बधाई दी है। निकहत के मुक्कों का लोहा विदेशी महिला बॉक्सर मानने लगी हैं। हर बार वह अपने प्रतिद्वंद्वी को बड़ी आसानी से एकतरफा मुकाबले में जीत हासिल कर रही हैं। 52 किलोग्राम भारवर्ग में निकहत जरीन वर्ल्ड चैंपियन बनने के पहले सेमीफाइनल में भी ब्राजील की कैरोलीन डी अल्मेडा को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराया था। इस मुकाबले में निकहत के अलावा मनीषा मोन ने 57 किलो भार वर्ग में तथा परवीन हुड्डा ने 63 किलोग्राम भार वर्ग में ब्रांज मेडल जीता है। मैरीकॉम के बाद चार साल बाद किसी भारतीय मुक्केबाज ने वर्ल्ड चैंपियनशिप को अपने नाम किया है। अभी तक चार भारतीय बॉक्सर चैंपियन रहीं हैं। पांचवीं चैंपियन निकहत जरीन हैं। बता दें कि भारत की एमसी मैरीकॉम छह बार वर्ल्ड चैंपियन रही हैं। वह 2002, 2005, 2006, 2008, 2010 व 2018 में चैंपियन रही हैं। इसके अलावा सरिता, जेनी आरएल, लेखा केसी विश्व चैंपियन रह चुकी हैं। यह भी पढ़ेंः
World Women Boxing championship दो हज़ार बाईस निकहत जरीन के मुक्के ने कोहराम मचा दिया है। निकहत ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में थाईलैंड की बॉक्सर को हराकर एक सौ पैंतीस करोड़ भारतीयों को गौरवान्वित किया है। इस्तांबुल। विश्व महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत की बेटी निकहत जरीन ने इतिहास रच दिया है। महिला बॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप में थाईलैंड की बॉक्सर जुटामास जितपांग को हराकर निकहत जरीन ने गोल्ड मेडल हासिल कर लिया है। निकहत एकतरफा मुकाबले में पाँच-शून्य से जीतकर वर्ल्ड चैंपियन बन चुकी हैं। निकहत की इस जीत पर पीएम नरेंद्र मोदी ने बधाई दी है। निकहत के मुक्कों का लोहा विदेशी महिला बॉक्सर मानने लगी हैं। हर बार वह अपने प्रतिद्वंद्वी को बड़ी आसानी से एकतरफा मुकाबले में जीत हासिल कर रही हैं। बावन किलोग्रामग्राम भारवर्ग में निकहत जरीन वर्ल्ड चैंपियन बनने के पहले सेमीफाइनल में भी ब्राजील की कैरोलीन डी अल्मेडा को एकतरफा मुकाबले में पाँच-शून्य से हराया था। इस मुकाबले में निकहत के अलावा मनीषा मोन ने सत्तावन किलो भार वर्ग में तथा परवीन हुड्डा ने तिरेसठ किलोग्रामग्राम भार वर्ग में ब्रांज मेडल जीता है। मैरीकॉम के बाद चार साल बाद किसी भारतीय मुक्केबाज ने वर्ल्ड चैंपियनशिप को अपने नाम किया है। अभी तक चार भारतीय बॉक्सर चैंपियन रहीं हैं। पांचवीं चैंपियन निकहत जरीन हैं। बता दें कि भारत की एमसी मैरीकॉम छह बार वर्ल्ड चैंपियन रही हैं। वह दो हज़ार दो, दो हज़ार पाँच, दो हज़ार छः, दो हज़ार आठ, दो हज़ार दस व दो हज़ार अट्ठारह में चैंपियन रही हैं। इसके अलावा सरिता, जेनी आरएल, लेखा केसी विश्व चैंपियन रह चुकी हैं। यह भी पढ़ेंः
- ऑल्ट बालाजी के 'ए कोल्ड मेस' के सेट से रिद्धि डोगरा और बरुन सोबती की क्यूट तस्वीरें हुई वायरल! Nora Fatehi: ముత్యాల వంటి డ్రెస్సులో నోరా ఫతేహి హొయలు.. హాట్ లుక్స్ వైరల్!
- ऑल्ट बालाजी के 'ए कोल्ड मेस' के सेट से रिद्धि डोगरा और बरुन सोबती की क्यूट तस्वीरें हुई वायरल! Nora Fatehi: ముత్యాల వంటి డ్రెస్సులో నోరా ఫతేహి హొయలు.. హాట్ లుక్స్ వైరల్!
उत्तर प्रदेश में बहराइच ज़िले के रुपईडीहा क्षेत्र में आज सास को बचाने के लिए करंट की चपेट में आने से बहू की मृत्यु हो गई । पुलिस सूत्रों के अनुसार रुपईडीहा इलाके में पुजारी गांव निवासी हरीश पांडेय ने नल में पानी सप्लाई के लिए मोटर लगा रखी थी। गुरुवार को बूंदाबांदी के समय मोटर नहीं चली लेकिन तार में बिजली प्रवाहित हो रही थी। इसकी जानकारी परिवार के लोगों को नहीं हुई। उसी दौरान मोटर चलाकर पानी लेने गई हरीश पांडेय की मां को बिजली ने पकड़ लिया। सास के करंट की चपेट में आने की जानकारी पर बहू कमलेश उसे बचाने दौड़ी। करंट लगने से मौके पर ही बहू की मृत्यु हो गई जबकि सास को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करा दिया ।
उत्तर प्रदेश में बहराइच ज़िले के रुपईडीहा क्षेत्र में आज सास को बचाने के लिए करंट की चपेट में आने से बहू की मृत्यु हो गई । पुलिस सूत्रों के अनुसार रुपईडीहा इलाके में पुजारी गांव निवासी हरीश पांडेय ने नल में पानी सप्लाई के लिए मोटर लगा रखी थी। गुरुवार को बूंदाबांदी के समय मोटर नहीं चली लेकिन तार में बिजली प्रवाहित हो रही थी। इसकी जानकारी परिवार के लोगों को नहीं हुई। उसी दौरान मोटर चलाकर पानी लेने गई हरीश पांडेय की मां को बिजली ने पकड़ लिया। सास के करंट की चपेट में आने की जानकारी पर बहू कमलेश उसे बचाने दौड़ी। करंट लगने से मौके पर ही बहू की मृत्यु हो गई जबकि सास को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करा दिया ।
नाहन-मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नाहन की अदालत ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए एक महिला की मौत हो जाने तथा बच्चे तथा एक अन्य युवक के घायल होने के मामले में दोषी अमृतसर पंजाब निवासी विक्रमजीत सिंह को विभिन्न धाराओं के तहत दो वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। वहीं 7300 रुपए जुर्माना भी किया गया है। सरकार की ओर से मामले की पैरवी सहायक जिला न्यायवादी रुपिंद्र बैंस ने की है। उन्होंने बताया कि यह मुकदमा मामराज निवासी दुगाना के बयान के आधार पर दर्ज हुआ है। उन्होंने बताया कि मामले के तहत नवंबर 2015 को मामराज अपनी पत्नी, बच्चे तथा भांजे प्रियांशु के साथ पीजीआई की ओर जा रहा था। वहीं नाहन दो सड़का के पास जब अल्प विराम के लिए उन्होंने गाड़ी साइड पर लगाई तथा एक ढ़ाबे पर खाने के लिए आर्डर करने के बाद पत्नी को भी बुलाया। उसी दौरान एक तेज रफ्तार तथा लापरवाही से पीछे आते ट्राले (एचआर 37ए 3830) ने जो कि कालाअंब की ओर से आ रहा था ने महिला को टक्कर मार दी। जिससे गोद मंे बच्चा दूर जाकर छिटक गया तथा महिला संगीता पुंडीर की मौके पर ही मौत हो गई। एक अन्य व्यक्ति हिमांशु को ट्राले ने टक्कर मारकर घायल कर गया। इस दौरान 200 मीटर आगे जाकर चालक विक्रमजीत ने ट्राला भी सड़क पर पलटा दिया। जिससे कंडक्टर को भी चोटंे आई। इस दौरान खुलासा हुआ कि चालक ने शराब पी रखी थी। जिला सहायक न्यायवादी रुपिंद्र बैंस ने बताया कि यह मामला नाहन थाने के तहत दर्ज हुआ था। जिसका पांच वर्ष बाद फैसला आया है। वहीं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नाहन की अदालत ने दोषी के विरुद्ध जुर्म साबित होने की धारा 279,337,338,304 ए तथा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 187 के तहत कुल दो वर्ष का साधारण कारावास तथा 300 जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
नाहन-मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नाहन की अदालत ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए एक महिला की मौत हो जाने तथा बच्चे तथा एक अन्य युवक के घायल होने के मामले में दोषी अमृतसर पंजाब निवासी विक्रमजीत सिंह को विभिन्न धाराओं के तहत दो वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। वहीं सात हज़ार तीन सौ रुपयापए जुर्माना भी किया गया है। सरकार की ओर से मामले की पैरवी सहायक जिला न्यायवादी रुपिंद्र बैंस ने की है। उन्होंने बताया कि यह मुकदमा मामराज निवासी दुगाना के बयान के आधार पर दर्ज हुआ है। उन्होंने बताया कि मामले के तहत नवंबर दो हज़ार पंद्रह को मामराज अपनी पत्नी, बच्चे तथा भांजे प्रियांशु के साथ पीजीआई की ओर जा रहा था। वहीं नाहन दो सड़का के पास जब अल्प विराम के लिए उन्होंने गाड़ी साइड पर लगाई तथा एक ढ़ाबे पर खाने के लिए आर्डर करने के बाद पत्नी को भी बुलाया। उसी दौरान एक तेज रफ्तार तथा लापरवाही से पीछे आते ट्राले ने जो कि कालाअंब की ओर से आ रहा था ने महिला को टक्कर मार दी। जिससे गोद मंे बच्चा दूर जाकर छिटक गया तथा महिला संगीता पुंडीर की मौके पर ही मौत हो गई। एक अन्य व्यक्ति हिमांशु को ट्राले ने टक्कर मारकर घायल कर गया। इस दौरान दो सौ मीटर आगे जाकर चालक विक्रमजीत ने ट्राला भी सड़क पर पलटा दिया। जिससे कंडक्टर को भी चोटंे आई। इस दौरान खुलासा हुआ कि चालक ने शराब पी रखी थी। जिला सहायक न्यायवादी रुपिंद्र बैंस ने बताया कि यह मामला नाहन थाने के तहत दर्ज हुआ था। जिसका पांच वर्ष बाद फैसला आया है। वहीं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नाहन की अदालत ने दोषी के विरुद्ध जुर्म साबित होने की धारा दो सौ उन्यासी,तीन सौ सैंतीस,तीन सौ अड़तीस,तीन सौ चार ए तथा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा एक सौ सत्तासी के तहत कुल दो वर्ष का साधारण कारावास तथा तीन सौ जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
वीर अर्जुन संवाददाता देहरादून। बीएसएनएल ने राष्ट्रीय स्तर पर मोबाईल पोर्टबिलिटी सेवा का शनिवार को शुभारंभ कर दिया। इस सुविधा से उपभोक्ता राष्ट्रीय स्तर पर कहीं भी किसी भी आपरेटर से अपने मोबाईल नंबर को कोड इन या कोड आऊट कर सकेंगे। पहले यह सेवा परिमण्डल स्तर तक ही सीमित थी। बीएसएनएल के मुख्य महापबंधक एस पी शुक्ला ने शनिवार को पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि दूर संचार मंत्री द्वारा बीएसएनएल बज वह स्पीड के नाम से दो और नई आधारित सेवाओ को शुभारंभ किया गया। बीएसएनएल बज सेवा को बीएसएनएल मैसर्स सेल टैक के साथ उपभोक्ताओं को पदान कर रहा है। ंिजसमें कि उपभोक्तातों को विभिन्न पकार के विषयों जैसे कि समाचार,विज्ञापन,पतियोगिताएं,खेल एंव व्यापार लोकेशन आधारित सूचनाए अपने मोबाईल पीन पर सुगमता पूर्वक पदान करता है। सूचना खाली पड़े पीन पर अन्य सेवाओं में हस्ताक्षेप किए बिना पर्दशित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि बीएसएनएल मोबाईल बेलेट सेवा एक पीपेड सेवा है। जिससे कि उपभोक्ता सामान्य सामान की खरीद सेवा का ाढय,बिलों का भुगतान,एटीएम से पैसों की निकाय व व्यक्ति से धन का हस्तातंरण कर सकेगा। दोनों सेवाओं का अभी परिक्षण चल रहा है। तथा उत्तराखण्ड सर्किल शीघ्र ही उपभोक्ताओं हेतू इन सेवाओं का शुभारंभ करेगा।
वीर अर्जुन संवाददाता देहरादून। बीएसएनएल ने राष्ट्रीय स्तर पर मोबाईल पोर्टबिलिटी सेवा का शनिवार को शुभारंभ कर दिया। इस सुविधा से उपभोक्ता राष्ट्रीय स्तर पर कहीं भी किसी भी आपरेटर से अपने मोबाईल नंबर को कोड इन या कोड आऊट कर सकेंगे। पहले यह सेवा परिमण्डल स्तर तक ही सीमित थी। बीएसएनएल के मुख्य महापबंधक एस पी शुक्ला ने शनिवार को पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि दूर संचार मंत्री द्वारा बीएसएनएल बज वह स्पीड के नाम से दो और नई आधारित सेवाओ को शुभारंभ किया गया। बीएसएनएल बज सेवा को बीएसएनएल मैसर्स सेल टैक के साथ उपभोक्ताओं को पदान कर रहा है। ंिजसमें कि उपभोक्तातों को विभिन्न पकार के विषयों जैसे कि समाचार,विज्ञापन,पतियोगिताएं,खेल एंव व्यापार लोकेशन आधारित सूचनाए अपने मोबाईल पीन पर सुगमता पूर्वक पदान करता है। सूचना खाली पड़े पीन पर अन्य सेवाओं में हस्ताक्षेप किए बिना पर्दशित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि बीएसएनएल मोबाईल बेलेट सेवा एक पीपेड सेवा है। जिससे कि उपभोक्ता सामान्य सामान की खरीद सेवा का ाढय,बिलों का भुगतान,एटीएम से पैसों की निकाय व व्यक्ति से धन का हस्तातंरण कर सकेगा। दोनों सेवाओं का अभी परिक्षण चल रहा है। तथा उत्तराखण्ड सर्किल शीघ्र ही उपभोक्ताओं हेतू इन सेवाओं का शुभारंभ करेगा।
West Bengal SSC Scam पार्थ चटर्जी की सहयोगी अर्पिता मुखर्जी पर ईडी का शिकंजा कस गया है। एजेंसी ने अब मुखर्जी के बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस दौरान इन खातों से दो करोड़ रुपये बरामद हुए हैं। कोलकाता, एजेंसी। West Bengal SSC Scam: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने निलंबित तृणमूल कांग्रेस नेता पार्थ चटर्जी की सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के कम से कम तीन बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जहां उन्हें कम से कम दो करोड़ रुपये मिले हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुखर्जी की कई 'शेल कंपनियों' (Shell Companies) के बैंक खाते भी ईडी की जांच के दायरे में हैं। अधिकारी ने कहा, 'मुखर्जी के तीन बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन खातों में कुल करीब दो करोड़ रुपए मिले हैं। हमें संदेह है कि इन खातों का इस्तेमाल कई लेन-देन के लिए किया गया था। आगे की जांच जारी है। ' उन्होंने कहा कि 'शेल कंपनियों' के बैंक खातों को फ्रीज करने का फैसला किया जाना बाकी है। अधिकारी ने कहा, 'हमने संबंधित अधिकारियों से इन बैंक खातों का ब्योरा मांगा है। खातों को देखने के बाद, हम अपनी अगली कार्रवाई के बारे में फैसला करेंगे। ' ईडी ने कहा कि एजेंसी मुखर्जी से यह जानने के लिए पूछताछ जारी रखेगी कि क्या उनके पास और बैंक खाते हैं। सूत्रों ने बताया कि चटर्जी के बैंक खातों की भी जांच की जा रही है। मुखर्जी और चटर्जी दोनों से सुबह से पूछताछ चल रही है। चटर्जी, जिन्हें मंत्री और पार्टी पद से हटा दिया गया है और मुखर्जी, जिनके दो फ्लैटों से ईडी ने आभूषण और विदेशी मुद्रा के अलावा 50 करोड़ रुपये नकद जब्त किए हैं, 3 अगस्त तक केंद्रीय एजेंसी की हिरासत में रहेंगे। पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी को 23 जुलाई को स्कूल नौकरियों के घोटाले में उनकी कथित संलिप्तता के लिए गिरफ्तार किया गया था, जहां वास्तविक उम्मीदवारों को कथित तौर पर उन नामों से हटा दिया गया था जो मेरिट सूची में नहीं थे। ईडी घोटाले के मनी लान्ड्रिंग पहलू की जांच कर रहा है। शुक्रवार को जब दक्षिण कोलकाता के जोका इलाके में ईएसआई अस्पताल ले जाया गया, तो चटर्जी ने आरोप लगाया कि वह 'साजिश का शिकार' बन गए हैं। वहीं टीएमसी ने जोर देकर कहा कि वह 'अपने भाग्य के लिए पूरी तरह जिम्मेदार' हैं।
West Bengal SSC Scam पार्थ चटर्जी की सहयोगी अर्पिता मुखर्जी पर ईडी का शिकंजा कस गया है। एजेंसी ने अब मुखर्जी के बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस दौरान इन खातों से दो करोड़ रुपये बरामद हुए हैं। कोलकाता, एजेंसी। West Bengal SSC Scam: प्रवर्तन निदेशालय ने निलंबित तृणमूल कांग्रेस नेता पार्थ चटर्जी की सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के कम से कम तीन बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जहां उन्हें कम से कम दो करोड़ रुपये मिले हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुखर्जी की कई 'शेल कंपनियों' के बैंक खाते भी ईडी की जांच के दायरे में हैं। अधिकारी ने कहा, 'मुखर्जी के तीन बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन खातों में कुल करीब दो करोड़ रुपए मिले हैं। हमें संदेह है कि इन खातों का इस्तेमाल कई लेन-देन के लिए किया गया था। आगे की जांच जारी है। ' उन्होंने कहा कि 'शेल कंपनियों' के बैंक खातों को फ्रीज करने का फैसला किया जाना बाकी है। अधिकारी ने कहा, 'हमने संबंधित अधिकारियों से इन बैंक खातों का ब्योरा मांगा है। खातों को देखने के बाद, हम अपनी अगली कार्रवाई के बारे में फैसला करेंगे। ' ईडी ने कहा कि एजेंसी मुखर्जी से यह जानने के लिए पूछताछ जारी रखेगी कि क्या उनके पास और बैंक खाते हैं। सूत्रों ने बताया कि चटर्जी के बैंक खातों की भी जांच की जा रही है। मुखर्जी और चटर्जी दोनों से सुबह से पूछताछ चल रही है। चटर्जी, जिन्हें मंत्री और पार्टी पद से हटा दिया गया है और मुखर्जी, जिनके दो फ्लैटों से ईडी ने आभूषण और विदेशी मुद्रा के अलावा पचास करोड़ रुपये नकद जब्त किए हैं, तीन अगस्त तक केंद्रीय एजेंसी की हिरासत में रहेंगे। पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी को तेईस जुलाई को स्कूल नौकरियों के घोटाले में उनकी कथित संलिप्तता के लिए गिरफ्तार किया गया था, जहां वास्तविक उम्मीदवारों को कथित तौर पर उन नामों से हटा दिया गया था जो मेरिट सूची में नहीं थे। ईडी घोटाले के मनी लान्ड्रिंग पहलू की जांच कर रहा है। शुक्रवार को जब दक्षिण कोलकाता के जोका इलाके में ईएसआई अस्पताल ले जाया गया, तो चटर्जी ने आरोप लगाया कि वह 'साजिश का शिकार' बन गए हैं। वहीं टीएमसी ने जोर देकर कहा कि वह 'अपने भाग्य के लिए पूरी तरह जिम्मेदार' हैं।
बोरुसन ओटोमोटिव प्रीमियम न्यू बीएमडब्ल्यू 320 आई प्रदान करता है, जो अपने वर्ग-अग्रणी डिजाइन और चमकदार प्रदर्शन के साथ, विशेष 3-महीने के साथ, जून, जुलाई और अगस्त में मान्य कार मूल्य लाभ का उपयोग करता है। बोरूसन ओटोमोटिव प्रीमियम उन लोगों के लिए एक अनूठा अवसर प्रदान करता है जो पहली बार गर्मियों में लंबे समय तक किराये के विकल्प को लाकर छुट्टी पर नई बीएमडब्ल्यू 320 आई का बेहतर ड्राइविंग आनंद और प्रदर्शन जारी रखना चाहते हैं। नई बीएमडब्लू 3 सीरीज़, जिसे स्पोर्ट लाइन, लक्जरी लाइन और एम स्पोर्ट डिज़ाइन विकल्पों के साथ आगे अनुकूलित किया जा सकता है, अपने प्रशंसकों को आरामदायक और प्रदर्शन ड्राइविंग प्रदान करती है। इसके अलावा, ब्रेक फंक्शन के साथ क्रूज़ कंट्रोल, फुल एलईडी हेडलाइट्स, हीटेड फ्रंट सीट्स, इलेक्ट्रिक मेमोरी सीट्स और पावर विंडो रूफ नई बीएमडब्ल्यू 3 सीरीज़ के स्टैंडर्ड फीचर्स में से हैं।
बोरुसन ओटोमोटिव प्रीमियम न्यू बीएमडब्ल्यू तीन सौ बीस आई प्रदान करता है, जो अपने वर्ग-अग्रणी डिजाइन और चमकदार प्रदर्शन के साथ, विशेष तीन-महीने के साथ, जून, जुलाई और अगस्त में मान्य कार मूल्य लाभ का उपयोग करता है। बोरूसन ओटोमोटिव प्रीमियम उन लोगों के लिए एक अनूठा अवसर प्रदान करता है जो पहली बार गर्मियों में लंबे समय तक किराये के विकल्प को लाकर छुट्टी पर नई बीएमडब्ल्यू तीन सौ बीस आई का बेहतर ड्राइविंग आनंद और प्रदर्शन जारी रखना चाहते हैं। नई बीएमडब्लू तीन सीरीज़, जिसे स्पोर्ट लाइन, लक्जरी लाइन और एम स्पोर्ट डिज़ाइन विकल्पों के साथ आगे अनुकूलित किया जा सकता है, अपने प्रशंसकों को आरामदायक और प्रदर्शन ड्राइविंग प्रदान करती है। इसके अलावा, ब्रेक फंक्शन के साथ क्रूज़ कंट्रोल, फुल एलईडी हेडलाइट्स, हीटेड फ्रंट सीट्स, इलेक्ट्रिक मेमोरी सीट्स और पावर विंडो रूफ नई बीएमडब्ल्यू तीन सीरीज़ के स्टैंडर्ड फीचर्स में से हैं।
नई दिल्लीः राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गैंगस्टर्स के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। NIA ने मंगलवार को पूरे देश के कई राज्यों में कई ठिकानों पर छापेमारी की। छापेमारी की यह कार्रवाई, भारत और विदेशों में स्थित आतंकियों, गैंगस्टरों और ड्रग तस्करों के बीच के गठजोड़ को खत्म करने के लिए की गई है। बता दें कि, NIA ने ये छापेमारी दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में 40 से अधिक ठिकानों पर की है। लॉरेंस बिश्नोई, नीरज बवाना सहित कई गैंग से संबंधित लोगों के ठिकानों पर ये कार्रवाई की है। इससे पहले 12 सितंबर को NIA ने पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली-NCR में 50 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस साल 26 अगस्त को दिल्ली पुलिस ने दो केस दर्ज किए थे। इन मामलों में NIA ने जांच अपने हाथ में लेने के बाद ये छापेमारी की थी। भारत और विदेशों में स्थित कुछ गैंगस्टर्स देश में आतंकी और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे गैंगस्टर्स की पहचान कर केस दर्ज किया गया।
नई दिल्लीः राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने गैंगस्टर्स के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। NIA ने मंगलवार को पूरे देश के कई राज्यों में कई ठिकानों पर छापेमारी की। छापेमारी की यह कार्रवाई, भारत और विदेशों में स्थित आतंकियों, गैंगस्टरों और ड्रग तस्करों के बीच के गठजोड़ को खत्म करने के लिए की गई है। बता दें कि, NIA ने ये छापेमारी दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में चालीस से अधिक ठिकानों पर की है। लॉरेंस बिश्नोई, नीरज बवाना सहित कई गैंग से संबंधित लोगों के ठिकानों पर ये कार्रवाई की है। इससे पहले बारह सितंबर को NIA ने पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली-NCR में पचास से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस साल छब्बीस अगस्त को दिल्ली पुलिस ने दो केस दर्ज किए थे। इन मामलों में NIA ने जांच अपने हाथ में लेने के बाद ये छापेमारी की थी। भारत और विदेशों में स्थित कुछ गैंगस्टर्स देश में आतंकी और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे गैंगस्टर्स की पहचान कर केस दर्ज किया गया।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने विधानसभा के दौरे पर निकल चुके हैं । अपने दौरे पर सबसे पहले मुख्यमंत्री बलरामपुर जिले के सामरी विधानसभा के कुसमी पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अचानक शासकीय उचित मूल्य की दुकान कुसमी का निरीक्षण करने पहुँचें और हितग्राहियों को खुद चावल तौलकर दिया । इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हितग्राहियों से बात की और उनसे पूछा कि उन्हें राशन लेने में कोई दिक्कत तो नहीं हो रही है । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को अपने बीच पाकर ग्रामीण बेहद खुश नजर आए ग्रामीणों का कहना था कि हमने कभी सोचा नहीं था कि मुख्यमंत्री हमारे बीच आएंगे और हमें अपने हाथ से राशन देंगे ।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने विधानसभा के दौरे पर निकल चुके हैं । अपने दौरे पर सबसे पहले मुख्यमंत्री बलरामपुर जिले के सामरी विधानसभा के कुसमी पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अचानक शासकीय उचित मूल्य की दुकान कुसमी का निरीक्षण करने पहुँचें और हितग्राहियों को खुद चावल तौलकर दिया । इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हितग्राहियों से बात की और उनसे पूछा कि उन्हें राशन लेने में कोई दिक्कत तो नहीं हो रही है । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को अपने बीच पाकर ग्रामीण बेहद खुश नजर आए ग्रामीणों का कहना था कि हमने कभी सोचा नहीं था कि मुख्यमंत्री हमारे बीच आएंगे और हमें अपने हाथ से राशन देंगे ।
भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर शनिवार को पं. दीनदयाल उपाध्याय सेवा संस्थान ने जयदेवी नगर स्थित धन्वंतरि भवन में जन्मोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया। मुख्य अतिथि सांसद राजेंद्र अग्रवाल विशिष्ट अतिथि वासुदेव शर्मा व कार्यक्रम अध्यक्ष डा. दर्शन लाल अरोड़ा ने मां भारती व पं. दीनदयाल उपाध्याय के चित्र के समक्ष दीप जलाकर श्रद्धांजलि दी। मेरठ, जेएनएन। भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर शनिवार को पं. दीनदयाल उपाध्याय सेवा संस्थान ने जयदेवी नगर स्थित धन्वंतरि भवन में जन्मोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया। मुख्य अतिथि सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विशिष्ट अतिथि वासुदेव शर्मा व कार्यक्रम अध्यक्ष डा. दर्शन लाल अरोड़ा ने मां भारती व पं. दीनदयाल उपाध्याय के चित्र के समक्ष दीप जलाकर श्रद्धांजलि दी। सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि राजनीति में पं. दीनदयाल उपाध्याय की रुचि नहीं थी, वह मूलतः आरएसएस के प्रचारक व जाने-माने विचारक थे। जनसंघ के निर्माण में उनकी अहम भूमिका रही। कहा कि अंत्योदय की भावना उनके स्वभाव में थी। वहीं, विशिष्ट अतिथि व विचारक वासुदेव शर्मा ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय का मेरठ से भी गहरा नाता रहा है। उनको याद करते हुए उन्होंने कहा कि करीब 10 से 12 बार मेरठ आगमन पर उनसे भेट का अवसर मिला। सरस्वती शिशु मंदिर शास्त्रीनगर की छात्राओं ने वंदे मातरम पाठ किया। इस दौरान संस्थान के अध्यक्ष ब्रह्मपाल सिंह, महामंत्री डा. ब्रजभूषण शर्मा, क्षेत्र संघचालक सूर्य प्रकाश टोंक, महानगर संघचालक विनोद भारती, जतिन स्वरूप आदि उपस्थित रहे। प्रखर राष्ट्रवादी व अंत्योदय के प्रणेता थे दीनदयाल : माल रोड स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय मैनेजमेंट कालेज में विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ। निदेशक डा. निर्देश वशिष्ठ व प्राचार्य डा. ऋतु भारद्वाज ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए दीप प्रज्वलित किया। निदेशक ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक प्रखर राष्ट्रवादी, उत्कृष्ट संगठनकता व अंत्योदय के प्रणेता थे। संचालन डीन डा. मनोज शर्मा ने किया। रोबिन्स रस्तोगी, अमित शर्मा, नीता गौड़, मंजू चौधरी व रचना त्यागी आदि रहे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चितक, संगठनकर्ता व भारतीय जनसंघ के संस्थापक पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती शनिवार को कंकरखेड़ा में भाजपा व व्यापारी नेता नीरज मित्तल के प्रतिष्ठान पर मनाई गई। मुख्य अतिथि कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनको नमन किया। कहा कि पंडित उपाध्याय एक मजबूत और सशक्त भारत चाहते थे। ऐसी महान विभूति को हम सभी शत-शत नमन करते हैं। इस दौरान व्यापारी नेता नीरज मित्तल, निशांक गर्ग, संजय त्रिपाठी समेत अन्य भाजपाई मौजूद थे।
भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर शनिवार को पं. दीनदयाल उपाध्याय सेवा संस्थान ने जयदेवी नगर स्थित धन्वंतरि भवन में जन्मोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया। मुख्य अतिथि सांसद राजेंद्र अग्रवाल विशिष्ट अतिथि वासुदेव शर्मा व कार्यक्रम अध्यक्ष डा. दर्शन लाल अरोड़ा ने मां भारती व पं. दीनदयाल उपाध्याय के चित्र के समक्ष दीप जलाकर श्रद्धांजलि दी। मेरठ, जेएनएन। भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर शनिवार को पं. दीनदयाल उपाध्याय सेवा संस्थान ने जयदेवी नगर स्थित धन्वंतरि भवन में जन्मोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया। मुख्य अतिथि सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विशिष्ट अतिथि वासुदेव शर्मा व कार्यक्रम अध्यक्ष डा. दर्शन लाल अरोड़ा ने मां भारती व पं. दीनदयाल उपाध्याय के चित्र के समक्ष दीप जलाकर श्रद्धांजलि दी। सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि राजनीति में पं. दीनदयाल उपाध्याय की रुचि नहीं थी, वह मूलतः आरएसएस के प्रचारक व जाने-माने विचारक थे। जनसंघ के निर्माण में उनकी अहम भूमिका रही। कहा कि अंत्योदय की भावना उनके स्वभाव में थी। वहीं, विशिष्ट अतिथि व विचारक वासुदेव शर्मा ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय का मेरठ से भी गहरा नाता रहा है। उनको याद करते हुए उन्होंने कहा कि करीब दस से बारह बार मेरठ आगमन पर उनसे भेट का अवसर मिला। सरस्वती शिशु मंदिर शास्त्रीनगर की छात्राओं ने वंदे मातरम पाठ किया। इस दौरान संस्थान के अध्यक्ष ब्रह्मपाल सिंह, महामंत्री डा. ब्रजभूषण शर्मा, क्षेत्र संघचालक सूर्य प्रकाश टोंक, महानगर संघचालक विनोद भारती, जतिन स्वरूप आदि उपस्थित रहे। प्रखर राष्ट्रवादी व अंत्योदय के प्रणेता थे दीनदयाल : माल रोड स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय मैनेजमेंट कालेज में विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ। निदेशक डा. निर्देश वशिष्ठ व प्राचार्य डा. ऋतु भारद्वाज ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए दीप प्रज्वलित किया। निदेशक ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक प्रखर राष्ट्रवादी, उत्कृष्ट संगठनकता व अंत्योदय के प्रणेता थे। संचालन डीन डा. मनोज शर्मा ने किया। रोबिन्स रस्तोगी, अमित शर्मा, नीता गौड़, मंजू चौधरी व रचना त्यागी आदि रहे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चितक, संगठनकर्ता व भारतीय जनसंघ के संस्थापक पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती शनिवार को कंकरखेड़ा में भाजपा व व्यापारी नेता नीरज मित्तल के प्रतिष्ठान पर मनाई गई। मुख्य अतिथि कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनको नमन किया। कहा कि पंडित उपाध्याय एक मजबूत और सशक्त भारत चाहते थे। ऐसी महान विभूति को हम सभी शत-शत नमन करते हैं। इस दौरान व्यापारी नेता नीरज मित्तल, निशांक गर्ग, संजय त्रिपाठी समेत अन्य भाजपाई मौजूद थे।
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। 2005 की जनगणना रिपोर्ट के अनुसार मेक्सिको के के प्रमुख महानगरीय क्षेत्रः सन २००२ में मेक्सिको के बडे़ शहरः See also: List of cities . This is a list of articles on the cities of contemporary countries, states and dependencies. मेक्सिको के शहरों की सूची और विश्व के देशों में शहरों की सूचियाँ आम में 2 बातें हैं (यूनियनपीडिया में): चिली, मेक्सिको। चिली दक्षिण अमेरिकी में एंडिज पर्वत और प्रशांत महासागर के बीच स्थित लंबा और संकरा देश है। देश के उत्तर में पेरु, उत्तर-पूर्व में बोलीविया, पूर्व में अर्जेन्टीना और दक्षिण छोर पर ड्रेक पैसेज स्थित है। यह दक्षिण अमेरिका के उन दो देशों (दूसरा ईक्वाडोर) में से है, जिसकी सीमाएं ब्राजील से नहीं मिलती है। देश के पश्चिम का पूरा भाग प्रशांत महासागर से लगा हुआ है, जिसकी लंबाई 6,435 किमी से भी अधिक है। दक्षिण अमेरिका महाद्वीप के मध्य से दक्षिण छोर तक फैले इस देश की जलवायु में भी विविधता देखी जाती है। . संयुक्त राज्य मेक्सिको, सामान्यतः मेक्सिको के रूप में जाना जाता एक देश है जो की उत्तर अमेरिका में स्थित है। यह एक संघीय संवैधानिक गणतंत्र है। यह संयुक्त राज्य अमेरिका के उत्तर पर सीमा से लगा हुआ हैं। दक्षिण प्रशांत महासागर इसके पश्चिम में, ग्वाटेमाला, बेलीज और कैरेबियन सागर इसके दक्षिण में और मेक्सिको की खाड़ी इसके पूर्व की ओर हैं। मेक्सिको लगभग 2 मिलियन वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ हैं, मेक्सिको अमेरिका में पांचवा और दुनिया में 14 वा सबसे बड़ा स्वतंत्र राष्ट्र है। 11 करोड़ की अनुमानित जनसंख्या के साथ, यह 11 वीं सबसे अधिक आबादी वाला देश है। मेक्सिको एक इकतीस राज्यों और एक संघीय जिला, राजधानी शामिल फेडरेशन है। . मेक्सिको के शहरों की सूची 7 संबंध है और विश्व के देशों में शहरों की सूचियाँ 100 है। वे आम 2 में है, समानता सूचकांक 1.87% है = 2 / (7 + 100)। यह लेख मेक्सिको के शहरों की सूची और विश्व के देशों में शहरों की सूचियाँ के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। दो हज़ार पाँच की जनगणना रिपोर्ट के अनुसार मेक्सिको के के प्रमुख महानगरीय क्षेत्रः सन दो हज़ार दो में मेक्सिको के बडे़ शहरः See also: List of cities . This is a list of articles on the cities of contemporary countries, states and dependencies. मेक्सिको के शहरों की सूची और विश्व के देशों में शहरों की सूचियाँ आम में दो बातें हैं : चिली, मेक्सिको। चिली दक्षिण अमेरिकी में एंडिज पर्वत और प्रशांत महासागर के बीच स्थित लंबा और संकरा देश है। देश के उत्तर में पेरु, उत्तर-पूर्व में बोलीविया, पूर्व में अर्जेन्टीना और दक्षिण छोर पर ड्रेक पैसेज स्थित है। यह दक्षिण अमेरिका के उन दो देशों में से है, जिसकी सीमाएं ब्राजील से नहीं मिलती है। देश के पश्चिम का पूरा भाग प्रशांत महासागर से लगा हुआ है, जिसकी लंबाई छः,चार सौ पैंतीस किमी से भी अधिक है। दक्षिण अमेरिका महाद्वीप के मध्य से दक्षिण छोर तक फैले इस देश की जलवायु में भी विविधता देखी जाती है। . संयुक्त राज्य मेक्सिको, सामान्यतः मेक्सिको के रूप में जाना जाता एक देश है जो की उत्तर अमेरिका में स्थित है। यह एक संघीय संवैधानिक गणतंत्र है। यह संयुक्त राज्य अमेरिका के उत्तर पर सीमा से लगा हुआ हैं। दक्षिण प्रशांत महासागर इसके पश्चिम में, ग्वाटेमाला, बेलीज और कैरेबियन सागर इसके दक्षिण में और मेक्सिको की खाड़ी इसके पूर्व की ओर हैं। मेक्सिको लगभग दो मिलियन वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ हैं, मेक्सिको अमेरिका में पांचवा और दुनिया में चौदह वा सबसे बड़ा स्वतंत्र राष्ट्र है। ग्यारह करोड़ की अनुमानित जनसंख्या के साथ, यह ग्यारह वीं सबसे अधिक आबादी वाला देश है। मेक्सिको एक इकतीस राज्यों और एक संघीय जिला, राजधानी शामिल फेडरेशन है। . मेक्सिको के शहरों की सूची सात संबंध है और विश्व के देशों में शहरों की सूचियाँ एक सौ है। वे आम दो में है, समानता सूचकांक एक.सत्तासी% है = दो / । यह लेख मेक्सिको के शहरों की सूची और विश्व के देशों में शहरों की सूचियाँ के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
जनज्वार। जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में तीन आतंकी सोमवार को मारे गए हैं। सुरक्षा बलों को यह सूचना मिली थी कि दक्षिण कश्मीर जिले के खुलचोहर इलाके में आतंकी छिपे हुए हैं जिसके बाद सेना व जम्मू कश्मीर पुलिस द्वारा सघन जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान हुई कार्रवाई में तीन आतंकी मारे गए। ऑपरेशन जारी है। बाद में जम्मू कश्मीर के डीजीपी ने बताया कि सुरक्षा बलों व पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में खुलचोहर इलाके में हिजबुल मुजाहिदीन का कमांडर मसूद मारा गया। उसके अलावा एक जिला कमांडर भी मारा गया। डीजीपीं के अनुसार, जम्मू जोन का डोडा जिला एक बार फिर आतंकियों से मुक्त हो गया है। जब सुरक्षा बल सर्च अभियान चला रहा था, उसी वक्त आतंकियों द्वारा उन पर फायरिंग की गई जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में तीन आतंकी मारे गए हैं। मारे गए आतंकियों के पास से एक एके 47 रायफल, दो पिस्टल बरामद हुआ है। इससे पहले 26 जून को पुलवामा जिले के तराल के चेवा उलार में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में तीन आतंकी मारे गए थे। पिछले दिनों आतंकियों के कुछ मददगार भी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए थे।
जनज्वार। जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में तीन आतंकी सोमवार को मारे गए हैं। सुरक्षा बलों को यह सूचना मिली थी कि दक्षिण कश्मीर जिले के खुलचोहर इलाके में आतंकी छिपे हुए हैं जिसके बाद सेना व जम्मू कश्मीर पुलिस द्वारा सघन जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान हुई कार्रवाई में तीन आतंकी मारे गए। ऑपरेशन जारी है। बाद में जम्मू कश्मीर के डीजीपी ने बताया कि सुरक्षा बलों व पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में खुलचोहर इलाके में हिजबुल मुजाहिदीन का कमांडर मसूद मारा गया। उसके अलावा एक जिला कमांडर भी मारा गया। डीजीपीं के अनुसार, जम्मू जोन का डोडा जिला एक बार फिर आतंकियों से मुक्त हो गया है। जब सुरक्षा बल सर्च अभियान चला रहा था, उसी वक्त आतंकियों द्वारा उन पर फायरिंग की गई जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में तीन आतंकी मारे गए हैं। मारे गए आतंकियों के पास से एक एके सैंतालीस रायफल, दो पिस्टल बरामद हुआ है। इससे पहले छब्बीस जून को पुलवामा जिले के तराल के चेवा उलार में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में तीन आतंकी मारे गए थे। पिछले दिनों आतंकियों के कुछ मददगार भी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए थे।
भोपाल, (एजेंसी/वार्ता): भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार गौ सेवा को लेकर लगातार प्रयास कर रही है। श्री शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में गौ संवर्धन को लेकर अनेक काम हुए है। आज गौ रक्षा संकल्प सम्मेलन में प्रदेश में गौमाता की सेवा के लिए हमारी सरकार ने 406 चलित एंबुलेंस दिए है। जिसमें हमारे गौरक्षक, किसान एवं गौपालक पशुओं और गौमाता की सेवा के लिए कॉल करके एंबुलेंस सीधा घर बुला सकते हैं। गौसेवा के लिए देश में यह पहल करने वाला मध्यप्रदेश ऐसा पहला राज्य है। मुख्यमंत्री श्री चौहान के इस निर्णय से भारत की कृषि के स्वावलंबन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में सकारात्मक परिवर्तन आयेगा। इस निर्णय के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गौरक्षा संकल्प सम्मेलन में जिन बिन्दुओं पर जो सुझाव उल्लेखित किए गए है, उस पर मुख्यमंत्री जी आगामी समय में विचार करके प्रदेश के अंदर गौरक्षा के काम और संवर्धन को कैसे ताकत मिलेगी। श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में गौसेवा और गौरक्षा के कामों में लगे लोगों को ताकत देने का काम हमारी सरकार करेगी। -(एजेंसी/वार्ता) यह भी पढ़ेः- गर्मियों के मौसम में खरबूजे का करेंगे सेवन, तो कब्ज की समस्या से मिल सकती है राहत!
भोपाल, : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार गौ सेवा को लेकर लगातार प्रयास कर रही है। श्री शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में गौ संवर्धन को लेकर अनेक काम हुए है। आज गौ रक्षा संकल्प सम्मेलन में प्रदेश में गौमाता की सेवा के लिए हमारी सरकार ने चार सौ छः चलित एंबुलेंस दिए है। जिसमें हमारे गौरक्षक, किसान एवं गौपालक पशुओं और गौमाता की सेवा के लिए कॉल करके एंबुलेंस सीधा घर बुला सकते हैं। गौसेवा के लिए देश में यह पहल करने वाला मध्यप्रदेश ऐसा पहला राज्य है। मुख्यमंत्री श्री चौहान के इस निर्णय से भारत की कृषि के स्वावलंबन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में सकारात्मक परिवर्तन आयेगा। इस निर्णय के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गौरक्षा संकल्प सम्मेलन में जिन बिन्दुओं पर जो सुझाव उल्लेखित किए गए है, उस पर मुख्यमंत्री जी आगामी समय में विचार करके प्रदेश के अंदर गौरक्षा के काम और संवर्धन को कैसे ताकत मिलेगी। श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में गौसेवा और गौरक्षा के कामों में लगे लोगों को ताकत देने का काम हमारी सरकार करेगी। - यह भी पढ़ेः- गर्मियों के मौसम में खरबूजे का करेंगे सेवन, तो कब्ज की समस्या से मिल सकती है राहत!
(६) आधुनिककाल सांकृत्य-गोत्री ब्राह्मण उत्तरीय भारतके प्रायः सभी प्रधान विभागों-सरयूपारीण, कान्यकुब्ज, सारस्वत में मिलते हैं। कान्यकुब्ज ( कन्नौज ) के उत्तर भारतकी राजधानी बनने के समय (ईसवी छठी शताब्दी के उत्तरार्द्ध ) से पहिले कान्यकुब्ज ब्राह्मण, कान्यकुब्ज ( कनौजिया) अहीर, कान्यकुब्ज काँदू, आदि भेद नहीं हो सकते थे, यह भेद मौखरियोंके नायकत्वमें कान्यकुब्ज-साम्राज्यकी स्थापना के बाद हुये होंगे । अपने पूर्वीय सीमान्तपर - छपरा, आरामें- सरयूपारीण भी अपनेको कनौजिया कहते हैं । त्रिपाठी, पाठक पदवियाँ भी कनौजिया और सरवरिया ब्राह्मणोंमें कान्यकुब्ज काल (छठी सदीके उत्तरार्द्धसे १२वीं सदीके अन्त) में प्रचलित हुईं । बुद्धके समय ( ईसा पूर्व पाँचवीं-छठी सदी में) ब्राह्मण अपने-अपने जनपदोंके कारण कोसलक, मागधक, आदि नामोंसे विख्यात थे। उस समय ब्राह्मणोंके भीतर सहभोज, अन्तविवाहका कोई प्रश्न ही न था, क्यों कि वह तो क्षत्रियों तकसे जायज समझा जाता था । ' कान्यकुब्ज-कालमें कोसल, काशी, भर्ग (मिर्जापुर जिला ), कारूष ( शाहाबाद जिला ) और मल्ल - शाक्य गणतंत्रों (जो कि कोसलकी प्रधानता के अन्तर्भुक्त थे) के ब्राह्मण ही एक होकर पीछे सरयूपारीण ब्राह्मणोंके रूपमें हमारे सामने आये। आज सरयूपारीणोंके प्रायः सारे ही उद्गम गाँव सरयूके उत्तर और उसमें भी प्रायः सभी गोरखपुर जिलेमें हैं । उस समय सरयू और गंगासे दक्षिण ब्राह्मण नहीं रह गये थे, यह मानना मुश्किल है । मालूम होता है, गहडवार-कालमें जब सरयूपार वालोंकी प्रधानता और पंक्तिवद्धता स्थापित हो गई, तभीसे दूसरी जगह के ब्राह्मणोंको भी उनके भीतर गोत्रके अनुसार शामिल होना पड़ा । सरयूपारीणोंमें सांकृत्यगोत्रियोंका मूलस्थान मलाँव है, कान्यकुब्जोंमें सांकृत्यों के मूल ग्राम हैं, कौशिकपुर और पुरैनियाँ --पीछे जाजामऊ (रूपनवंशज तथा घनश्यामवंशज शुक्ल, घनश्यामवंशज मिश्र ), गौरा ( रूपनवंशज शुक्ल ), कौशिकपुर ( धनावंशज मिश्र और अवस्थी ), विजौली ( धनावंशज दूबे ), चचेंडी ( घनश्यामवंशज मिश्र), इटावा ( घनश्यामवंशज मिश्र ) - कान्यकुब्जों की सर्वमान्य परंपराके अनुसार ये लोग कान्यकुब्जोंमें सरयूपारीण या शाकद्वीपीय ब्राह्मणोंसे पीछे ' बीघनिकाय, प्रम्बठठसूत्त (बद्धचर्या १० २१५, २१६) २. सांकृत्यायन - वंश ] आकर शामिल हुये ।' शाकद्वीपीयसे उनका आना संभव नहीं मालूम होता, क्योंकि. युक्तप्रान्त और बिहार में यह गोत्र उनमें पाया नहीं जाती । सांकृत्योंका आकर कान्यकुब्जोंके सर्वश्रेष्ठ षट्कुलोंमें सम्मिलित होना बतलाता है, वे मलाँव-वंश जैसे किसी प्रतिष्ठित कुलसे संभवतः मलाँवध्वंस ( पंद्रहवीं सदी के समय आये हों । १ 66. "सांकृत ( ? संकृति) जीके पुत्र जीवास्व ( ? ) जी हुये और इस वंशमें अनेक पीढ़ी बाद एक पृथ्वीधर नामके पुरुष प्रसिद्ध हुए। इनको किसी किसीने सरवरियां ब्राह्मण तथा किसी किसीने शाकलद्वीपी ब्राह्मण बतलाया है और यह बात प्रायः सर्वमान्य है कि यह कान्यकुब्ज ब्राह्मण न थे और विवाह संबंध द्वारा कान्यकुब्ज जातिके अन्तर्गत हुये, और वह वंश विद्या और सत्कर्मों द्वारा जातिमें प्रतिष्ठित हुये ( 1 ) पृथ्वीधरका निवास स्थान कुरहर ग्राममें था और इनको कौशिकपुरके राजाने बुलाया । और श्रवस्थ यज्ञ किया और तब पृथ्वीधर जी कौशिकपुरके श्रवस्थी प्रसिद्ध हुये । पृथ्वीधरके दो पुत्र महीधर, धरणीधर जिनमेंसे महीधर कौशिकपुरके शुक्ल तथा धरणीधर ( त्रिगुणायत) अवस्थी कौशिकपुरके कहाये । महीधरके पुत्र नाभू जी हुये । पृथ्वीधरने अपने पौत्रको मनीराम वाजपेयी से शास्त्र पढ़वाया । तब मनीराम वाजपेयीने इनको त्रिगुणायतकी पदवी दी और पृथ्वीधर अवस्थी त्रिगुणायत कौशिकीवाले कहलाये । नाभूजी विद्या प्राप्तकर व्याकरण व न्यायशास्त्र में बड़े पारंगत हुये और वैसे ही सुन्दर गौरवर्ण व सुशील भी थे, और उन पर मनीराम जीका बड़ा प्रेम था । इसी भाँति मनीरामजीकी कन्या भुवनेश्वरी नाम्नी भी परमसुन्दरी व पंडिता थी, और उसके योग्य वर खोजनेमें मनीरामजी नितान्त असमर्थ हुये उनकी स्त्रीका अनुरोध था कि भावी जामातृ नाभूकी भाँति सर्वगुणालंकृत होना चाहिये । निदान मनीराम जीने अपनी कन्याका विवाह नाभूजीके साथ कर दिया और इनको शुक्ल उपाधि देकर पुरैनियाग्राम में अपने समीप ही वसा दिया। और इस भाँति नाभूकी सन्तान शुक्ल नभेल पुरैनिया प्रसिद्ध हुये। किसी किसीका मत है कि मनीरामजीकी कन्याका नाम पूर्णिमा था और इस भाँति नाभू और पूर्णिमाकी सन्तान नभेल पुरैनिया विख्यात है ।" ( कान्यकुब्जभास्कर, हजारीलाल त्रिपाठी कृत ५० ७८-६ ) पंडित देवीदत्त शुक्ल द्वारा प्राप्त सांकृत्योंके वंशवृक्ष में नाभूजीको पृथ्वीधरका पुत्र लिखा गया है, उसके अनुसार पुराना भाग इस प्रकार है
आधुनिककाल सांकृत्य-गोत्री ब्राह्मण उत्तरीय भारतके प्रायः सभी प्रधान विभागों-सरयूपारीण, कान्यकुब्ज, सारस्वत में मिलते हैं। कान्यकुब्ज के उत्तर भारतकी राजधानी बनने के समय से पहिले कान्यकुब्ज ब्राह्मण, कान्यकुब्ज अहीर, कान्यकुब्ज काँदू, आदि भेद नहीं हो सकते थे, यह भेद मौखरियोंके नायकत्वमें कान्यकुब्ज-साम्राज्यकी स्थापना के बाद हुये होंगे । अपने पूर्वीय सीमान्तपर - छपरा, आरामें- सरयूपारीण भी अपनेको कनौजिया कहते हैं । त्रिपाठी, पाठक पदवियाँ भी कनौजिया और सरवरिया ब्राह्मणोंमें कान्यकुब्ज काल में प्रचलित हुईं । बुद्धके समय ब्राह्मण अपने-अपने जनपदोंके कारण कोसलक, मागधक, आदि नामोंसे विख्यात थे। उस समय ब्राह्मणोंके भीतर सहभोज, अन्तविवाहका कोई प्रश्न ही न था, क्यों कि वह तो क्षत्रियों तकसे जायज समझा जाता था । ' कान्यकुब्ज-कालमें कोसल, काशी, भर्ग , कारूष और मल्ल - शाक्य गणतंत्रों के ब्राह्मण ही एक होकर पीछे सरयूपारीण ब्राह्मणोंके रूपमें हमारे सामने आये। आज सरयूपारीणोंके प्रायः सारे ही उद्गम गाँव सरयूके उत्तर और उसमें भी प्रायः सभी गोरखपुर जिलेमें हैं । उस समय सरयू और गंगासे दक्षिण ब्राह्मण नहीं रह गये थे, यह मानना मुश्किल है । मालूम होता है, गहडवार-कालमें जब सरयूपार वालोंकी प्रधानता और पंक्तिवद्धता स्थापित हो गई, तभीसे दूसरी जगह के ब्राह्मणोंको भी उनके भीतर गोत्रके अनुसार शामिल होना पड़ा । सरयूपारीणोंमें सांकृत्यगोत्रियोंका मूलस्थान मलाँव है, कान्यकुब्जोंमें सांकृत्यों के मूल ग्राम हैं, कौशिकपुर और पुरैनियाँ --पीछे जाजामऊ , गौरा , कौशिकपुर , विजौली , चचेंडी , इटावा - कान्यकुब्जों की सर्वमान्य परंपराके अनुसार ये लोग कान्यकुब्जोंमें सरयूपारीण या शाकद्वीपीय ब्राह्मणोंसे पीछे ' बीघनिकाय, प्रम्बठठसूत्त दो. सांकृत्यायन - वंश ] आकर शामिल हुये ।' शाकद्वीपीयसे उनका आना संभव नहीं मालूम होता, क्योंकि. युक्तप्रान्त और बिहार में यह गोत्र उनमें पाया नहीं जाती । सांकृत्योंका आकर कान्यकुब्जोंके सर्वश्रेष्ठ षट्कुलोंमें सम्मिलित होना बतलाता है, वे मलाँव-वंश जैसे किसी प्रतिष्ठित कुलसे संभवतः मलाँवध्वंस जीके पुत्र जीवास्व जी हुये और इस वंशमें अनेक पीढ़ी बाद एक पृथ्वीधर नामके पुरुष प्रसिद्ध हुए। इनको किसी किसीने सरवरियां ब्राह्मण तथा किसी किसीने शाकलद्वीपी ब्राह्मण बतलाया है और यह बात प्रायः सर्वमान्य है कि यह कान्यकुब्ज ब्राह्मण न थे और विवाह संबंध द्वारा कान्यकुब्ज जातिके अन्तर्गत हुये, और वह वंश विद्या और सत्कर्मों द्वारा जातिमें प्रतिष्ठित हुये पृथ्वीधरका निवास स्थान कुरहर ग्राममें था और इनको कौशिकपुरके राजाने बुलाया । और श्रवस्थ यज्ञ किया और तब पृथ्वीधर जी कौशिकपुरके श्रवस्थी प्रसिद्ध हुये । पृथ्वीधरके दो पुत्र महीधर, धरणीधर जिनमेंसे महीधर कौशिकपुरके शुक्ल तथा धरणीधर अवस्थी कौशिकपुरके कहाये । महीधरके पुत्र नाभू जी हुये । पृथ्वीधरने अपने पौत्रको मनीराम वाजपेयी से शास्त्र पढ़वाया । तब मनीराम वाजपेयीने इनको त्रिगुणायतकी पदवी दी और पृथ्वीधर अवस्थी त्रिगुणायत कौशिकीवाले कहलाये । नाभूजी विद्या प्राप्तकर व्याकरण व न्यायशास्त्र में बड़े पारंगत हुये और वैसे ही सुन्दर गौरवर्ण व सुशील भी थे, और उन पर मनीराम जीका बड़ा प्रेम था । इसी भाँति मनीरामजीकी कन्या भुवनेश्वरी नाम्नी भी परमसुन्दरी व पंडिता थी, और उसके योग्य वर खोजनेमें मनीरामजी नितान्त असमर्थ हुये उनकी स्त्रीका अनुरोध था कि भावी जामातृ नाभूकी भाँति सर्वगुणालंकृत होना चाहिये । निदान मनीराम जीने अपनी कन्याका विवाह नाभूजीके साथ कर दिया और इनको शुक्ल उपाधि देकर पुरैनियाग्राम में अपने समीप ही वसा दिया। और इस भाँति नाभूकी सन्तान शुक्ल नभेल पुरैनिया प्रसिद्ध हुये। किसी किसीका मत है कि मनीरामजीकी कन्याका नाम पूर्णिमा था और इस भाँति नाभू और पूर्णिमाकी सन्तान नभेल पुरैनिया विख्यात है ।" पंडित देवीदत्त शुक्ल द्वारा प्राप्त सांकृत्योंके वंशवृक्ष में नाभूजीको पृथ्वीधरका पुत्र लिखा गया है, उसके अनुसार पुराना भाग इस प्रकार है
जमा हुआ रहे, नियमित शुद्ध भोजन पान, निद्रा, यम, नियम आदि साधनों की आवश्यकता है। वास्तव में आत्म-ध्यान तत्वज्ञानी के लिये इतना दुर्लभ नहीं है तथापि साधारण मानवों के लिये इसका सिद्ध करना कठिन है परन्तु वे यदि व्यवहार धर्म के आश्रय से अभ्यास करे तो उनको उसकी सिद्धि धीरे धीरे हो सकती है। वास्तव में निश्चय रत्नत्रय, या आत्मनुभव या आत्मध्यान ही सुख शांत का व स्वाधीन होने का व शुद्ध होने का उपाय है । जैसे पेट भरने का उपाय भोजन करना है। परन्तु जैसे भोजन का मिलना कठिन है। भोजन होने के लिये द्रव्य, सामग्री फिर उसका तय्यार करना आदि साधन चाहिये । वैसे ही मध्यान के लिये बाहरी साधन चाहिये । इस ही साधन की व्यवहार रत्नत्रय या व्यवहार धर्म कहते हैं । यह व्यवहार धर्म निश्चय धर्म की प्राप्ति का निमित्त कारण है । व्यवहार धर्म व्यवहार सम्यग्दर्शन, व्यवहार सम्यग्ज्ञान व व्यवहार सम्यग्चारित्र को व्यवहार धर्म कहते हैंव्यवहार सम्यग्दर्शन जीव आदि सात तत्त्वों पर विश्वास करना है जिनका कथन पहले संक्षेप से कह दिया गया है तथा सञ्चेदेव, सच्चे शास्त्र व सचे गुरु पर विश्वास लाना है जो सात तत्वों की श्रद्धा का कारण है। प्रज्ञान व क्रोधादि विकारों से रहित ऐसा सर्वज्ञ पीत राग ही सच्चा देव है । जो सर्वज्ञ वीतराग शरीर सहित होकर उपदेश देते हैं उन्हें अरहन्त भगवान कहते हैं तथा जो शरीर रहित शुद्ध परमात्मा है वे सिद्ध भगवान हैं। अरहन्त भगवान का जो धर्मोप्रदेश होता है उसी को प्रकाश करने वाले निश्चय और व्यवहार नय से व स्याद्वाद के द्वारा वस्तुओं का स्वरूप झलकाने वाले प्रमाणीक बीतरागी ऋषियों के व तदनुसार अन्यों के रचे हुए जैन शास्त्र है जो परिग्रह व प्रारम्भ के त्यागी होकर निरन्तर ज्ञान ध्यान तप में लीन हैं वे ही सो गुरु हैं। इनमें जो दूसरे साधुओं को दीक्षा शिक्षा देते हैं वे गुरु आचार्य हैं, जो दूसरों को शास्त्र ज्ञान देते हैं वे गुरु उपाध्याय हैं व जो मात्र साधन करते हैं वे साधु हैं । जैनमत में अरहन्त, सिद्ध, आचार्य, घर व पूज्यनीय मानते हैं - इन्हीं को नमस्कार हो ऐसा बताने वाला प्रसिद्ध णमोकार मंत्र इस तरह हैंणमो रहता (अरहंतो को नमस्कार हो) रगमो सिद्धार (सिद्धों को नमस्कार हो) मोहरीयाणं (आचार्यों को नमस्कार हो) णमो उवायारणं (उपाध्याओं को नमस्कार हो) णमो लोएसव्वसाहूरगं (लोक में सर्व साधुओं को नमस्कार हो) इस मंत्र में ३५ अक्षर हैं। सात तत्वों का संक्षेप से या विस्तार से शास्त्रों के द्वारा ज्ञान प्राप्त करना सो व्यवहार सम्यरज्ञान है। साधु और गृहस्थ के योग्य आचरण करना सो व्यवहार सम्यग्चरित्र है ।
जमा हुआ रहे, नियमित शुद्ध भोजन पान, निद्रा, यम, नियम आदि साधनों की आवश्यकता है। वास्तव में आत्म-ध्यान तत्वज्ञानी के लिये इतना दुर्लभ नहीं है तथापि साधारण मानवों के लिये इसका सिद्ध करना कठिन है परन्तु वे यदि व्यवहार धर्म के आश्रय से अभ्यास करे तो उनको उसकी सिद्धि धीरे धीरे हो सकती है। वास्तव में निश्चय रत्नत्रय, या आत्मनुभव या आत्मध्यान ही सुख शांत का व स्वाधीन होने का व शुद्ध होने का उपाय है । जैसे पेट भरने का उपाय भोजन करना है। परन्तु जैसे भोजन का मिलना कठिन है। भोजन होने के लिये द्रव्य, सामग्री फिर उसका तय्यार करना आदि साधन चाहिये । वैसे ही मध्यान के लिये बाहरी साधन चाहिये । इस ही साधन की व्यवहार रत्नत्रय या व्यवहार धर्म कहते हैं । यह व्यवहार धर्म निश्चय धर्म की प्राप्ति का निमित्त कारण है । व्यवहार धर्म व्यवहार सम्यग्दर्शन, व्यवहार सम्यग्ज्ञान व व्यवहार सम्यग्चारित्र को व्यवहार धर्म कहते हैंव्यवहार सम्यग्दर्शन जीव आदि सात तत्त्वों पर विश्वास करना है जिनका कथन पहले संक्षेप से कह दिया गया है तथा सञ्चेदेव, सच्चे शास्त्र व सचे गुरु पर विश्वास लाना है जो सात तत्वों की श्रद्धा का कारण है। प्रज्ञान व क्रोधादि विकारों से रहित ऐसा सर्वज्ञ पीत राग ही सच्चा देव है । जो सर्वज्ञ वीतराग शरीर सहित होकर उपदेश देते हैं उन्हें अरहन्त भगवान कहते हैं तथा जो शरीर रहित शुद्ध परमात्मा है वे सिद्ध भगवान हैं। अरहन्त भगवान का जो धर्मोप्रदेश होता है उसी को प्रकाश करने वाले निश्चय और व्यवहार नय से व स्याद्वाद के द्वारा वस्तुओं का स्वरूप झलकाने वाले प्रमाणीक बीतरागी ऋषियों के व तदनुसार अन्यों के रचे हुए जैन शास्त्र है जो परिग्रह व प्रारम्भ के त्यागी होकर निरन्तर ज्ञान ध्यान तप में लीन हैं वे ही सो गुरु हैं। इनमें जो दूसरे साधुओं को दीक्षा शिक्षा देते हैं वे गुरु आचार्य हैं, जो दूसरों को शास्त्र ज्ञान देते हैं वे गुरु उपाध्याय हैं व जो मात्र साधन करते हैं वे साधु हैं । जैनमत में अरहन्त, सिद्ध, आचार्य, घर व पूज्यनीय मानते हैं - इन्हीं को नमस्कार हो ऐसा बताने वाला प्रसिद्ध णमोकार मंत्र इस तरह हैंणमो रहता रगमो सिद्धार मोहरीयाणं णमो उवायारणं णमो लोएसव्वसाहूरगं इस मंत्र में पैंतीस अक्षर हैं। सात तत्वों का संक्षेप से या विस्तार से शास्त्रों के द्वारा ज्ञान प्राप्त करना सो व्यवहार सम्यरज्ञान है। साधु और गृहस्थ के योग्य आचरण करना सो व्यवहार सम्यग्चरित्र है ।
जबकि तालिबान अफगानिस्तान में अपनी सरकार बनाने की कोशिशों में लगा है और चाहता है कि दुनिया भर की सरकारें उसे मान्यता दें। तजाकिस्तान की साफगोई से तालिबान को तगड़ा झटका लगा है। दरअसल, अफगानिस्तान के पंजशीर में ताजिक समुदाय की एक बड़ी आबादी रहती है। और पंजशीर तालिबानियों का सबसे बड़ा विरोधी है। 2009 में तालिबान ने अलकायदा के आतंकियों के द्वारा पंजशीर के हीरो अहमद शाह मसूद की हत्या करवा दी थी। उसके बाद उन्होंने पंजशीर की घेराबंदी कर दी। इसलिए भी तजाकिस्तान अपनी जाति के लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है और तालिबान पर आगबबूला हो रहा है। अहमद मसूद अफ़ग़ानिस्तान के एक राजनैतिक और सैनिक नेता थे। वह ताजिक परिवार से संबंध रखने वाले एक सुन्नी मुसलमान थे और अफगानिस्तान के पंजशीर में रहते थे। इंजीनियरिंग की शिक्षा प्राप्त करने वाले अहमद साम्यवाद के कट्टर आलोचक थे। 1979 में जब सोवियत संघ ने अपनी सेनाएं अफगानिस्तान भेजीं, तो अहमद ने उनके विरूद्ध एक के बाद एक कई सफल अभियान चलाए। जिसके बाद उन्हें 'पंजशीर का शेर' कहा गया। सितम्बर 2001 में अल-क़ायदा की साजिश में किए गये एक बम-हमले में उनकी मौत हो गई। उनकी मौत के दो दिन बाद ही यूएसए में 9 /11 के आतंकवादी हमले हुए, जिसका बदला लेने के इरादे से अमेरिका ने मसूद के शक्तिशाली मोर्चे के साथ सांठ-गांठ करके तालिबान को हरा दिया। This website uses cookies.
जबकि तालिबान अफगानिस्तान में अपनी सरकार बनाने की कोशिशों में लगा है और चाहता है कि दुनिया भर की सरकारें उसे मान्यता दें। तजाकिस्तान की साफगोई से तालिबान को तगड़ा झटका लगा है। दरअसल, अफगानिस्तान के पंजशीर में ताजिक समुदाय की एक बड़ी आबादी रहती है। और पंजशीर तालिबानियों का सबसे बड़ा विरोधी है। दो हज़ार नौ में तालिबान ने अलकायदा के आतंकियों के द्वारा पंजशीर के हीरो अहमद शाह मसूद की हत्या करवा दी थी। उसके बाद उन्होंने पंजशीर की घेराबंदी कर दी। इसलिए भी तजाकिस्तान अपनी जाति के लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है और तालिबान पर आगबबूला हो रहा है। अहमद मसूद अफ़ग़ानिस्तान के एक राजनैतिक और सैनिक नेता थे। वह ताजिक परिवार से संबंध रखने वाले एक सुन्नी मुसलमान थे और अफगानिस्तान के पंजशीर में रहते थे। इंजीनियरिंग की शिक्षा प्राप्त करने वाले अहमद साम्यवाद के कट्टर आलोचक थे। एक हज़ार नौ सौ उन्यासी में जब सोवियत संघ ने अपनी सेनाएं अफगानिस्तान भेजीं, तो अहमद ने उनके विरूद्ध एक के बाद एक कई सफल अभियान चलाए। जिसके बाद उन्हें 'पंजशीर का शेर' कहा गया। सितम्बर दो हज़ार एक में अल-क़ायदा की साजिश में किए गये एक बम-हमले में उनकी मौत हो गई। उनकी मौत के दो दिन बाद ही यूएसए में नौ /ग्यारह के आतंकवादी हमले हुए, जिसका बदला लेने के इरादे से अमेरिका ने मसूद के शक्तिशाली मोर्चे के साथ सांठ-गांठ करके तालिबान को हरा दिया। This website uses cookies.
जितनी जल्दी शुरुआत फोटोग्राफर अधिक या कमकैमरे का इस्तेमाल करना सीखो, वह कुछ और करना चाहता है अपने काम की गुणवत्ता और आगे के विकास में सुधार करने के लिए, वह निश्चित रूप से एक नई ऑप्टिक्स हासिल करने का निर्णय लेते हैं। और तुरंत फोटोग्राफर की दुविधा का सामना करना पड़ता है, जिसमें लेंस बेहतर होता है। बाजार में सबसे भिन्न मूल्य सीमाओं में विभिन्न मॉडलों से भरे हुए हैं, लेकिन आप यह कैसे तय करते हैं कि वास्तव में क्या जरूरत है? सबसे पहले, आपको यह तय करना होगा कि क्यावास्तव में आप शूट करना चाहते हैं यह वास्तव में महत्वपूर्ण है, क्योंकि अधिकांश व्यावसायिक लेंस किसी भी तकनीकी संकेतक में मजबूत हैं, लेकिन वे किसी भी उद्देश्य के लिए उपयुक्त नहीं हैं। इसलिए, यह निर्णय लेने से पहले कि कौन से लेंस चुनें, अपने लिए यह तय करें कि आप इसके लिए क्या चाहते हैं। लेंस चुनते समय, उसके एपर्चर पर विचार करें। यह सबसे महत्वपूर्ण ऑप्टिकल संकेतक है, और यह छवि गुणवत्ता को सबसे अधिक प्रभावित करता है यदि संभव हो तो, अपने लक्ष्यों की परवाह किए बिना, एक अधिक चमकदार लेंस चुनने का प्रयास करें। यह एक बार अनपेक्षित स्थिति में आपकी सहायता कर सकता है, साथ ही यह एक सुंदर बोकेह (एक ब्लर तस्वीर) के रूप में एक छोटा बोनस देता है। यह तय करना कि कौन से लेंस चुनना है, ध्यान देंफोकल लंबाई के लिए। 50 मिमी से कम की एक इंडेक्स वाले लेंस को चौड़े कोण माना जाता है। और फोकल लम्बाई छोटा, विरूपण मजबूत (क्षैतिज रेखाओं का विरूपण)। इस तरह के मॉडल शूटिंग परिदृश्य, पैनोरमा, अंदरूनी शूटिंग के लिए उपयोग किया जाता है। 50 से 80 मिमी तक फोकल लंबाई वाले मॉडलशूटिंग पोर्ट्रेट के लिए उपयुक्त है। यदि आप एक छोटे से कमरे में फोटोग्राफ करने की योजना बना रहे हैं, तो आप 50 मिमी ऑप्टिक्स के लिए अधिक उपयुक्त हैं। यदि आपके पास लंबी दूरी के लिए मॉडल से दूर जाने का अवसर है, तो आप एक लेंस चुन सकते हैं जो 80 मिमी है, जो एक और अधिक सुंदर धुंध देता है। यदि आप नहीं जानते कि कौन से लेंस चुनना हैरिपोर्टिंग शूटिंग, 100-200 मिमी की फोकल लंबाई के साथ मॉडल पर विचार करने लायक है। वे कई आवर्धन की संभावना के कारण मैक्रो-ऑब्जेक्ट्स के लिए भी उपयुक्त हैं। मैनुअल और स्वचालित के साथ लेंस हैंध्यान देते हैं। यदि आपको पहले से ही फोटोग्राफी से निपटना पड़ा है, तो आपको यह तय करना होगा कि आपके लिए कौन सा सुविधाजनक है। एक नौसिखिया को ऑप्टिक्स का उपयोग करने की भी सलाह दी जा सकती है, जहां दोनों प्रकार के ध्यान केंद्रित होते हैं। एक और तकनीकी पैरामीटर है कियह तय करने में मदद करेगा कि कौन से लेंस चुनना है, - एक छवि स्टेबलाइज़र की उपस्थिति। यह कैमरे के झटके को कम करने और कम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। बड़े फोकल लेंस लेंस में विशेष रूप से उपयोगी। और यदि आप बिना किसी तिपाई के शूट करते हैं तो यह कभी भी अनिवार्य नहीं होगा।
जितनी जल्दी शुरुआत फोटोग्राफर अधिक या कमकैमरे का इस्तेमाल करना सीखो, वह कुछ और करना चाहता है अपने काम की गुणवत्ता और आगे के विकास में सुधार करने के लिए, वह निश्चित रूप से एक नई ऑप्टिक्स हासिल करने का निर्णय लेते हैं। और तुरंत फोटोग्राफर की दुविधा का सामना करना पड़ता है, जिसमें लेंस बेहतर होता है। बाजार में सबसे भिन्न मूल्य सीमाओं में विभिन्न मॉडलों से भरे हुए हैं, लेकिन आप यह कैसे तय करते हैं कि वास्तव में क्या जरूरत है? सबसे पहले, आपको यह तय करना होगा कि क्यावास्तव में आप शूट करना चाहते हैं यह वास्तव में महत्वपूर्ण है, क्योंकि अधिकांश व्यावसायिक लेंस किसी भी तकनीकी संकेतक में मजबूत हैं, लेकिन वे किसी भी उद्देश्य के लिए उपयुक्त नहीं हैं। इसलिए, यह निर्णय लेने से पहले कि कौन से लेंस चुनें, अपने लिए यह तय करें कि आप इसके लिए क्या चाहते हैं। लेंस चुनते समय, उसके एपर्चर पर विचार करें। यह सबसे महत्वपूर्ण ऑप्टिकल संकेतक है, और यह छवि गुणवत्ता को सबसे अधिक प्रभावित करता है यदि संभव हो तो, अपने लक्ष्यों की परवाह किए बिना, एक अधिक चमकदार लेंस चुनने का प्रयास करें। यह एक बार अनपेक्षित स्थिति में आपकी सहायता कर सकता है, साथ ही यह एक सुंदर बोकेह के रूप में एक छोटा बोनस देता है। यह तय करना कि कौन से लेंस चुनना है, ध्यान देंफोकल लंबाई के लिए। पचास मिमी से कम की एक इंडेक्स वाले लेंस को चौड़े कोण माना जाता है। और फोकल लम्बाई छोटा, विरूपण मजबूत । इस तरह के मॉडल शूटिंग परिदृश्य, पैनोरमा, अंदरूनी शूटिंग के लिए उपयोग किया जाता है। पचास से अस्सी मिमी तक फोकल लंबाई वाले मॉडलशूटिंग पोर्ट्रेट के लिए उपयुक्त है। यदि आप एक छोटे से कमरे में फोटोग्राफ करने की योजना बना रहे हैं, तो आप पचास मिमी ऑप्टिक्स के लिए अधिक उपयुक्त हैं। यदि आपके पास लंबी दूरी के लिए मॉडल से दूर जाने का अवसर है, तो आप एक लेंस चुन सकते हैं जो अस्सी मिमी है, जो एक और अधिक सुंदर धुंध देता है। यदि आप नहीं जानते कि कौन से लेंस चुनना हैरिपोर्टिंग शूटिंग, एक सौ-दो सौ मिमी की फोकल लंबाई के साथ मॉडल पर विचार करने लायक है। वे कई आवर्धन की संभावना के कारण मैक्रो-ऑब्जेक्ट्स के लिए भी उपयुक्त हैं। मैनुअल और स्वचालित के साथ लेंस हैंध्यान देते हैं। यदि आपको पहले से ही फोटोग्राफी से निपटना पड़ा है, तो आपको यह तय करना होगा कि आपके लिए कौन सा सुविधाजनक है। एक नौसिखिया को ऑप्टिक्स का उपयोग करने की भी सलाह दी जा सकती है, जहां दोनों प्रकार के ध्यान केंद्रित होते हैं। एक और तकनीकी पैरामीटर है कियह तय करने में मदद करेगा कि कौन से लेंस चुनना है, - एक छवि स्टेबलाइज़र की उपस्थिति। यह कैमरे के झटके को कम करने और कम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। बड़े फोकल लेंस लेंस में विशेष रूप से उपयोगी। और यदि आप बिना किसी तिपाई के शूट करते हैं तो यह कभी भी अनिवार्य नहीं होगा।
पुलिश सिद्धान्त पलवरूनी को विदित था। उसने उसकी एक प्रति ली थी और वह इस ग्रन्थ को यूनानी पालिस का बनाया हुआ कहता है। प्रोफेसर वेबर साहब का मत है कि यह यूनानी पालिस वही है जो कि पोलस अलकज़ान्द्रीनस के, नाम से प्रसिद्ध है और जिसने इसागाज नामक ज्योतिष का ग्रन्थ लिखा है । परन्तु डाक्तर कर्न साहब इस बात में सन्देह करते हैं पर उनका भी यही मत है कि पुलिस यूनानी था । येही पांचों प्रसिद्ध सिद्धान्त हैं जिन्हें कि बाराहमिहिर ने छठीं शताब्दी में संकलित किया था। डाकर कर्न साइब उनका समय गर्ग और वाराहमिहिर के बीच में अर्थात् सम ८५ ईसवी के लगभग निश्चित करते हैं । बौद्धकाल में अन्य शास्त्रों के भी ग्रन्थ वर्तमान थे जो कि अब हम लोगों को प्राप्त हो गए है। उदाहरण की भांति हमे यह बड़े हर्ष के साथ विदित होता है कि उस समय में नग्न, जित ने गृह निर्माण विद्या, पत्थर की मूर्ति बनाने की विद्या, चित्रकारी तथा अन्य ऐसेही शिल्पों के विषयों के अन्ध बनाए थ । जान पड़ता है कि बौद्धकाल में, जब कि समस्त देश में चिकित्सालय स्थापित किए गए थे वैद्यक शास्त्र ने बड़ी उन्नति की थी। हिन्दू वैद्यक शास्त्र के प्रसिद्ध ग्रन्थकर्ता] वर्क और सुश्रुत इसी समय में हुए हैं परन्तु उनके ग्रन्थ पौराणिक समय में फिर से संशोधित किए हुए जान पड़ते हैं और इसलिये हम पौराणिक समय में उनका वर्णन करणे ।
पुलिश सिद्धान्त पलवरूनी को विदित था। उसने उसकी एक प्रति ली थी और वह इस ग्रन्थ को यूनानी पालिस का बनाया हुआ कहता है। प्रोफेसर वेबर साहब का मत है कि यह यूनानी पालिस वही है जो कि पोलस अलकज़ान्द्रीनस के, नाम से प्रसिद्ध है और जिसने इसागाज नामक ज्योतिष का ग्रन्थ लिखा है । परन्तु डाक्तर कर्न साहब इस बात में सन्देह करते हैं पर उनका भी यही मत है कि पुलिस यूनानी था । येही पांचों प्रसिद्ध सिद्धान्त हैं जिन्हें कि बाराहमिहिर ने छठीं शताब्दी में संकलित किया था। डाकर कर्न साइब उनका समय गर्ग और वाराहमिहिर के बीच में अर्थात् सम पचासी ईसवी के लगभग निश्चित करते हैं । बौद्धकाल में अन्य शास्त्रों के भी ग्रन्थ वर्तमान थे जो कि अब हम लोगों को प्राप्त हो गए है। उदाहरण की भांति हमे यह बड़े हर्ष के साथ विदित होता है कि उस समय में नग्न, जित ने गृह निर्माण विद्या, पत्थर की मूर्ति बनाने की विद्या, चित्रकारी तथा अन्य ऐसेही शिल्पों के विषयों के अन्ध बनाए थ । जान पड़ता है कि बौद्धकाल में, जब कि समस्त देश में चिकित्सालय स्थापित किए गए थे वैद्यक शास्त्र ने बड़ी उन्नति की थी। हिन्दू वैद्यक शास्त्र के प्रसिद्ध ग्रन्थकर्ता] वर्क और सुश्रुत इसी समय में हुए हैं परन्तु उनके ग्रन्थ पौराणिक समय में फिर से संशोधित किए हुए जान पड़ते हैं और इसलिये हम पौराणिक समय में उनका वर्णन करणे ।
भोपालः मध्य प्रदेश में सड़क हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। सरकार इन हादसों को रोकने के लिए तमाम कोशिशें कर रही है लेकिन सभी कोशिशें नाकाम साबित हो रही हैं। प्रदेश के रायसेन जिले में एक बस पलटने से कम से कम 30 लोग घायल हो गए, जिनमें से चार की हालत गंभीर है। पुलिस के अनुविभागीय अधिकारी सुनील बरकड़े ने बताया कि हादसा जिला मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर दूर पाटी गांव में बृहस्पतिवार और शुक्रवार की दरम्यानी रात को हुआ जब बस भोपाल से सागर जा रही थी। उन्होंने कहा कि बस एक पुलिया पर थी तभी उसके चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया। हादसे में 30 यात्री घायल हो गए। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल चार लोगों को भोपाल भेज दिया गया है, जबकि अन्य का रायसेन जिला अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। वहीं उत्तर प्रदेश के नोएडा में शुक्रवार-शनिवार की रात शहर के एलिवेटेड रोड पर एक दर्दनाक हादसा हो गया। इस हादसे में 1 युवती की मौत हो गई जबकि अन्य 5 लोग घायल हुए हैं। इनमे से 2 घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। एलिवेटेड रोड पर देर रात एक कार डिवाइडर से टकरा गई। हादसे के वक्त कार में 6 लोग सवार थे, जिसमें से 1 युवती की मौत हो गे। मृतका की पहचान भूमिका जादौन निवासी ग्वालियर उम्र 25 के रूप में हुई है।
भोपालः मध्य प्रदेश में सड़क हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। सरकार इन हादसों को रोकने के लिए तमाम कोशिशें कर रही है लेकिन सभी कोशिशें नाकाम साबित हो रही हैं। प्रदेश के रायसेन जिले में एक बस पलटने से कम से कम तीस लोग घायल हो गए, जिनमें से चार की हालत गंभीर है। पुलिस के अनुविभागीय अधिकारी सुनील बरकड़े ने बताया कि हादसा जिला मुख्यालय से लगभग पैंतालीस किलोग्राममीटर दूर पाटी गांव में बृहस्पतिवार और शुक्रवार की दरम्यानी रात को हुआ जब बस भोपाल से सागर जा रही थी। उन्होंने कहा कि बस एक पुलिया पर थी तभी उसके चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया। हादसे में तीस यात्री घायल हो गए। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल चार लोगों को भोपाल भेज दिया गया है, जबकि अन्य का रायसेन जिला अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। वहीं उत्तर प्रदेश के नोएडा में शुक्रवार-शनिवार की रात शहर के एलिवेटेड रोड पर एक दर्दनाक हादसा हो गया। इस हादसे में एक युवती की मौत हो गई जबकि अन्य पाँच लोग घायल हुए हैं। इनमे से दो घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। एलिवेटेड रोड पर देर रात एक कार डिवाइडर से टकरा गई। हादसे के वक्त कार में छः लोग सवार थे, जिसमें से एक युवती की मौत हो गे। मृतका की पहचान भूमिका जादौन निवासी ग्वालियर उम्र पच्चीस के रूप में हुई है।
दरभंगा। देवेन्द्र कुमार ठाकुर। जिला के सभी योग्य मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट में जुड़े। इसके लिए 7 अक्टूबर एवं 28 अक्टूबर को विशेष अभियान दिवस का आयोजन किया जा रहा है। इस दिन सभी बीएलओ अपने अपने मतदान केंद्रों पर सभी तरह के आवश्यक प्रपत्र लेकर सुबह 10ः00 बजे से शाम 5ः00 बजे तक उपस्थित रहेंगे। इच्छुक मतदाताओं से उनके नाम जोड़ने, हटाने या नाम में शुद्धिकरण से संबंधित आवेदन प्राप्त करेंगे। 1 जनवरी 2019 को जिनकी उम्र 18 वर्ष हो जाएगी उनके नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए 31 अक्टूबर तक विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम चल रहा है। इस अवधि में प्राप्त आवेदनों का निष्पादन करते हुए 4 जनवरी को निर्वाचक सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाना है। जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह ने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह अपने अपने क्षेत्रों में सभी मतदान केंद्रों पर नियमित रूप से निरीक्षण करेंगे। बीएलओ की उपस्थिति एवं मतदाताओं से आवेदन प्राप्त करवाना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने खासतौर से निर्देशित किया है कि महिला एवं युवा मतदाताओं के साथ साथ दिव्यांग मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट में जुड़े इस पर विशेष ध्यान दें।
दरभंगा। देवेन्द्र कुमार ठाकुर। जिला के सभी योग्य मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट में जुड़े। इसके लिए सात अक्टूबर एवं अट्ठाईस अक्टूबर को विशेष अभियान दिवस का आयोजन किया जा रहा है। इस दिन सभी बीएलओ अपने अपने मतदान केंद्रों पर सभी तरह के आवश्यक प्रपत्र लेकर सुबह दसःशून्य बजे से शाम पाँचःशून्य बजे तक उपस्थित रहेंगे। इच्छुक मतदाताओं से उनके नाम जोड़ने, हटाने या नाम में शुद्धिकरण से संबंधित आवेदन प्राप्त करेंगे। एक जनवरी दो हज़ार उन्नीस को जिनकी उम्र अट्ठारह वर्ष हो जाएगी उनके नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए इकतीस अक्टूबर तक विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम चल रहा है। इस अवधि में प्राप्त आवेदनों का निष्पादन करते हुए चार जनवरी को निर्वाचक सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाना है। जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह ने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह अपने अपने क्षेत्रों में सभी मतदान केंद्रों पर नियमित रूप से निरीक्षण करेंगे। बीएलओ की उपस्थिति एवं मतदाताओं से आवेदन प्राप्त करवाना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने खासतौर से निर्देशित किया है कि महिला एवं युवा मतदाताओं के साथ साथ दिव्यांग मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट में जुड़े इस पर विशेष ध्यान दें।
होली नजदीक आते ही बाजार में आलू साबूदाना और उड़द दाल के पापड़ की बढ़ गई मांग। पापड़ चिप्स खरीदने वालों की बाजार में भीड़। रंगीन बनाने वाले कृत्रिम रंगों से बच रहे लोग। अालू सस्ता होने से घरों में भी चल रहा है पापड़ और चिप्स बनाने का दौर। आगरा, जागरण संवाददाता। होली में अब चार दिन रह गए हैं। बाजार में होली की रंगत दिखने लगी है। घरों में भी होली का तैयारियां शुरू हो गई हैं। ऐसे में होली के लिए लजीज पकवान बनाने के लिए खरीदारी हो रही है। बाजार में चिप्स-पापड़, कचरी के कई ब्रांड बाजार में है। इस बार बाजार में रंग वाले पापड़ नहीं मिल रहे हैं। होली का त्योहार बिना लजीज व्यंजन के पूरा नहीं होता है। ऐेसे में होली पर पापड़-चिप्स, कचरी का नाम आते ही मुंह में पानी आ जाता है। इसके बिना होली का मेन्यू मानो अधूरा रह जाता है। इसे ध्यान में रखते इस बार बाजार में तरह-तरह के चिप्स-पापड़ उपलब्ध हैं। शहर के प्रमुख बाजारों दरेसी, लुहार गली, रावत पाड़ा, चित्तीखाना, बेलनगंज, शाहगंज, बोदला, न्यू आगरा, कमला नगर, रामबाग में दुकानों पर में चिप्स-पापड़ खरीदने वालों की भीड़ दिख रही है। बेलनगंज स्थित पापड़ और चिप्स के थोक कारोबारी दीपक अग्रवाल ने बताया कि इस बार बाजार में कृत्रिम रंग वाले पापड़ नहीं आए हैं। लोग इन पापड़ को पसंद भी नहीं करते हैं। खाद्य विभाग ने भी इन पापड़ की बिक्री करने वालों पर सख्ती की हुई है। इसके स्थान पर खाद्य रंग के पापड़ और चिप्स बाजार में हैं। बनारस के आलू पापड़ और चिप्स की बहुत मांग है। इसकी कीमत 340 रुपये प्रति किलो है, जबकि लाेकल ब्रांड 180 से 260 रुपये प्रतिकिलो है। चिप्स 100 से 160 रुपये किलो तक हैं। दरेसी के परचून कारोबारी राजकुमार ने बताया कि होली पर सूजी और साबूदाना के आइटम की भी बहुत मांग रहती है। सूजी के आइटम 60 से 100 रुपये किलो तक हैं। वहीं साबूदाना के पापड़ और अन्य आइटम 100 से 150 रुपये किलो तक में मिल रहे हैं। वहीं बाजार में उड़द के पापड़ की भी मांग खूब हो रही है। उड़द का पापड़ 180 से 220 रुपये प्रतिकिलो है। होली के लिए घरों में एक माह पहले से पापड़ और चिप्स बनना शुरू हो जाते हैं। हालांकि शहर में अब पापड़ चिप्स बनाने का चलन कम हो गया है, लेकिन गांव और देहात में अब भी घर-घर पापड़ और चिप्स बनते हैं। महिलाएं इस काम में एक-दूसरे की मदद करती हैं।
होली नजदीक आते ही बाजार में आलू साबूदाना और उड़द दाल के पापड़ की बढ़ गई मांग। पापड़ चिप्स खरीदने वालों की बाजार में भीड़। रंगीन बनाने वाले कृत्रिम रंगों से बच रहे लोग। अालू सस्ता होने से घरों में भी चल रहा है पापड़ और चिप्स बनाने का दौर। आगरा, जागरण संवाददाता। होली में अब चार दिन रह गए हैं। बाजार में होली की रंगत दिखने लगी है। घरों में भी होली का तैयारियां शुरू हो गई हैं। ऐसे में होली के लिए लजीज पकवान बनाने के लिए खरीदारी हो रही है। बाजार में चिप्स-पापड़, कचरी के कई ब्रांड बाजार में है। इस बार बाजार में रंग वाले पापड़ नहीं मिल रहे हैं। होली का त्योहार बिना लजीज व्यंजन के पूरा नहीं होता है। ऐेसे में होली पर पापड़-चिप्स, कचरी का नाम आते ही मुंह में पानी आ जाता है। इसके बिना होली का मेन्यू मानो अधूरा रह जाता है। इसे ध्यान में रखते इस बार बाजार में तरह-तरह के चिप्स-पापड़ उपलब्ध हैं। शहर के प्रमुख बाजारों दरेसी, लुहार गली, रावत पाड़ा, चित्तीखाना, बेलनगंज, शाहगंज, बोदला, न्यू आगरा, कमला नगर, रामबाग में दुकानों पर में चिप्स-पापड़ खरीदने वालों की भीड़ दिख रही है। बेलनगंज स्थित पापड़ और चिप्स के थोक कारोबारी दीपक अग्रवाल ने बताया कि इस बार बाजार में कृत्रिम रंग वाले पापड़ नहीं आए हैं। लोग इन पापड़ को पसंद भी नहीं करते हैं। खाद्य विभाग ने भी इन पापड़ की बिक्री करने वालों पर सख्ती की हुई है। इसके स्थान पर खाद्य रंग के पापड़ और चिप्स बाजार में हैं। बनारस के आलू पापड़ और चिप्स की बहुत मांग है। इसकी कीमत तीन सौ चालीस रुपयापये प्रति किलो है, जबकि लाेकल ब्रांड एक सौ अस्सी से दो सौ साठ रुपयापये प्रतिकिलो है। चिप्स एक सौ से एक सौ साठ रुपयापये किलो तक हैं। दरेसी के परचून कारोबारी राजकुमार ने बताया कि होली पर सूजी और साबूदाना के आइटम की भी बहुत मांग रहती है। सूजी के आइटम साठ से एक सौ रुपयापये किलो तक हैं। वहीं साबूदाना के पापड़ और अन्य आइटम एक सौ से एक सौ पचास रुपयापये किलो तक में मिल रहे हैं। वहीं बाजार में उड़द के पापड़ की भी मांग खूब हो रही है। उड़द का पापड़ एक सौ अस्सी से दो सौ बीस रुपयापये प्रतिकिलो है। होली के लिए घरों में एक माह पहले से पापड़ और चिप्स बनना शुरू हो जाते हैं। हालांकि शहर में अब पापड़ चिप्स बनाने का चलन कम हो गया है, लेकिन गांव और देहात में अब भी घर-घर पापड़ और चिप्स बनते हैं। महिलाएं इस काम में एक-दूसरे की मदद करती हैं।
गुजरात में जारी विधानसभा चुनावों (Gujarat Assembly Election) के बीच सामने में सर्वे में भाजपा (BJP) रिकॉर्ड बनाने जा रही है। ओपिनियन पोल के मुताबिक, भाजपा राज्य में लगातार सातवीं बार सरकार बनाने की दिशा में बढ़ रही है। वहीं, कॉन्ग्रेस (Congress) को दूसरे स्थान पर बताया गया है। इंडिया टीवी और मैट्रिज द्वारा कराए गए जनमत सर्वे के मुताबिक, इस बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 104-119 मिलने का अनुमान है। वहीं, कॉन्ग्रेस को 53-68 सीटें मिलने की बात कही गई है। उधर, भाजपा ने राज्य के 182 विधानसभा सीटों में से 140 सीटें जीतने का दावा कर रही है। बहुमत के लिए 92 सीटों की जरूरत है। ओपिनियन पोल में अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की आम आदमी पार्टी (Aam Adami Party) को सिर्फ पाँच सीटों से संतोष करना पड़ रहा है। वहीं, अन्य दलों एवं निर्दलीयों को 3 सीटें दी गई हैं। बता दें कि केजरीवाल ने गुजरात में माहौल बनाने की कोशिश करते हुए कॉन्ग्रेस को 5 सीटें मिलने का दावा किया था। अगर पिछले विधानसभा चुनाव यानी 2017 की बात की जाए तो उस समय भाजपा ने 182 सीटों में से 99 सीटें जीती थीं। वहीं, कॉन्ग्रेस को 77 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। आम आदमी पार्टी ने उस समय राज्य में चुनाव नहीं लड़ा था। सर्वे में कहा गया है कि इस बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा को कुल मत का 49. 50 प्रतिशत मिलने की उम्मीद है। वहीं, कॉन्ग्रेस को 39. 10 प्रतिशत, आम आदमी पार्टी को सिर्फ 8. 40 प्रतिशत और अन्य दलों एवं निर्दलीयों को 3 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को 49. 05 और कॉन्ग्रेस को 41. 44 प्रतिशत वोट मिले थे। वोटों के डिस्ट्रिब्यूशन की बात की जाए तो मध्य गुजरात में भाजपा को सबसे अधिक 61 में से 41 सीटें मिलती दिख रही हैं। यहाँ कॉन्ग्रेस को 19 और आम आदमी पार्टी को शून्य सीटें मिलने की उम्मीद है। सौराष्ट्र-कच्छ में भाजपा को 54 में से 30 सीटें मिलेंगी, जबकि कॉन्ग्रेस को 21 और AAP को 3 सीटें मिलने का अनुमान है। दक्षिण गुजरात की कुल 35 सीटों में से भाजपा को 26 और कॉन्ग्रेस को 3 सीटें मिलने की बात कही गई है। यहाँ भी आम आदमी पार्टी को 3 सीटें मिल सकती हैं। वहीं, उत्तरी गुजरात की कुल 32 सीटों में भाजपा और कॉन्ग्रेस को बराबर सीटें मिलती दिख रही हैं। AAP को यहाँ एक भी सीट नहीं दी गई है। सर्वे में पसंदीदा मुख्यमंत्री का सवाल भी लोगों से पूछा गया था। इस सर्वे में 32 प्रतिशत लोगों ने वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को पसंदीदा बताया है। AAP नेता इसुदान गढ़वी को 7 प्रतिशत, कॉन्ग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल को 6 प्रतिशत, भरत सिंह सोलंकी को 4 प्रतिशत, सुखराम राठवा को 4 प्रतिशत लोगों ने मनपसंद बताया।
गुजरात में जारी विधानसभा चुनावों के बीच सामने में सर्वे में भाजपा रिकॉर्ड बनाने जा रही है। ओपिनियन पोल के मुताबिक, भाजपा राज्य में लगातार सातवीं बार सरकार बनाने की दिशा में बढ़ रही है। वहीं, कॉन्ग्रेस को दूसरे स्थान पर बताया गया है। इंडिया टीवी और मैट्रिज द्वारा कराए गए जनमत सर्वे के मुताबिक, इस बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा को एक सौ चार-एक सौ उन्नीस मिलने का अनुमान है। वहीं, कॉन्ग्रेस को तिरेपन-अड़सठ सीटें मिलने की बात कही गई है। उधर, भाजपा ने राज्य के एक सौ बयासी विधानसभा सीटों में से एक सौ चालीस सीटें जीतने का दावा कर रही है। बहुमत के लिए बानवे सीटों की जरूरत है। ओपिनियन पोल में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को सिर्फ पाँच सीटों से संतोष करना पड़ रहा है। वहीं, अन्य दलों एवं निर्दलीयों को तीन सीटें दी गई हैं। बता दें कि केजरीवाल ने गुजरात में माहौल बनाने की कोशिश करते हुए कॉन्ग्रेस को पाँच सीटें मिलने का दावा किया था। अगर पिछले विधानसभा चुनाव यानी दो हज़ार सत्रह की बात की जाए तो उस समय भाजपा ने एक सौ बयासी सीटों में से निन्यानवे सीटें जीती थीं। वहीं, कॉन्ग्रेस को सतहत्तर सीटों पर जीत हासिल हुई थी। आम आदमी पार्टी ने उस समय राज्य में चुनाव नहीं लड़ा था। सर्वे में कहा गया है कि इस बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा को कुल मत का उनचास. पचास प्रतिशत मिलने की उम्मीद है। वहीं, कॉन्ग्रेस को उनतालीस. दस प्रतिशत, आम आदमी पार्टी को सिर्फ आठ. चालीस प्रतिशत और अन्य दलों एवं निर्दलीयों को तीन प्रतिशत वोट मिल सकते हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को उनचास. पाँच और कॉन्ग्रेस को इकतालीस. चौंतालीस प्रतिशत वोट मिले थे। वोटों के डिस्ट्रिब्यूशन की बात की जाए तो मध्य गुजरात में भाजपा को सबसे अधिक इकसठ में से इकतालीस सीटें मिलती दिख रही हैं। यहाँ कॉन्ग्रेस को उन्नीस और आम आदमी पार्टी को शून्य सीटें मिलने की उम्मीद है। सौराष्ट्र-कच्छ में भाजपा को चौवन में से तीस सीटें मिलेंगी, जबकि कॉन्ग्रेस को इक्कीस और AAP को तीन सीटें मिलने का अनुमान है। दक्षिण गुजरात की कुल पैंतीस सीटों में से भाजपा को छब्बीस और कॉन्ग्रेस को तीन सीटें मिलने की बात कही गई है। यहाँ भी आम आदमी पार्टी को तीन सीटें मिल सकती हैं। वहीं, उत्तरी गुजरात की कुल बत्तीस सीटों में भाजपा और कॉन्ग्रेस को बराबर सीटें मिलती दिख रही हैं। AAP को यहाँ एक भी सीट नहीं दी गई है। सर्वे में पसंदीदा मुख्यमंत्री का सवाल भी लोगों से पूछा गया था। इस सर्वे में बत्तीस प्रतिशत लोगों ने वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को पसंदीदा बताया है। AAP नेता इसुदान गढ़वी को सात प्रतिशत, कॉन्ग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल को छः प्रतिशत, भरत सिंह सोलंकी को चार प्रतिशत, सुखराम राठवा को चार प्रतिशत लोगों ने मनपसंद बताया।
- 11 min ago रवीना टंडन की बेटी से लोगों ने कर दी ऐसी डिमांड, जवाब सुनकर खुला रह जाएगा मुंह! Don't Miss! लेकिन अगर बीजेपी उन्हें टिकट नहीं भी देती है तो वह निर्दलीय के रूप में लोकसभा चुनाव लड़ेंगी। राखी ने तो यह तक कह डाला कि वह हरी मिर्ची चुनाव चिह्न् के साथ अपनी पार्टी भी लांच कर सकती हैं। राखी एक नई शुरुआत के लिए सोमवार को जैन संत पुलक सागर से उनका आशीर्वाद लेने पहुंचीं और मीडिया को अपनी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। वह आगरा जैन संत के साथ एक गुपचुप बैठक करने पहुंचीं थीं। खबर तो यह भी है कि शालिनी मुंबई उत्तर-पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस नेता गुरुदास कामत के खिलाफ चुनावी मैदान में उतारने का निर्णय लिया है। राखी एक नई पार्टी की घोषणा एक-दो दिन में कर सकती हैं। एक बार फिर से राखी ने कहा कि वो भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को काफी पसंद करती हैं और चाहती हैं कि वह प्रधानमंत्री बनें। राखी ने पत्रकारों को बताया कि वह फिल्मों में अभिनय करती रहेंगी, लेकिन सिर्फ सार्थक भूमिकाएं निभाएंगी और आइटम गीत नहीं करेंगी। वह 'आइटम गर्ल' की उपाधि से उकता गई हैं और बदलाव चाहती हैं। Did You Know: दो साल पहले राखी सावंत का दिल योग गुरू बाबा रामदेव पर आ गया था। एक टीवी चैनल के इंटरव्यू के दौरान राखी ने कहा था कि वह बाबा रामदेव से शादी करके उनके बच्चों की मां बनना चाहती हैं।
- ग्यारह मिनट ago रवीना टंडन की बेटी से लोगों ने कर दी ऐसी डिमांड, जवाब सुनकर खुला रह जाएगा मुंह! Don't Miss! लेकिन अगर बीजेपी उन्हें टिकट नहीं भी देती है तो वह निर्दलीय के रूप में लोकसभा चुनाव लड़ेंगी। राखी ने तो यह तक कह डाला कि वह हरी मिर्ची चुनाव चिह्न् के साथ अपनी पार्टी भी लांच कर सकती हैं। राखी एक नई शुरुआत के लिए सोमवार को जैन संत पुलक सागर से उनका आशीर्वाद लेने पहुंचीं और मीडिया को अपनी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। वह आगरा जैन संत के साथ एक गुपचुप बैठक करने पहुंचीं थीं। खबर तो यह भी है कि शालिनी मुंबई उत्तर-पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस नेता गुरुदास कामत के खिलाफ चुनावी मैदान में उतारने का निर्णय लिया है। राखी एक नई पार्टी की घोषणा एक-दो दिन में कर सकती हैं। एक बार फिर से राखी ने कहा कि वो भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को काफी पसंद करती हैं और चाहती हैं कि वह प्रधानमंत्री बनें। राखी ने पत्रकारों को बताया कि वह फिल्मों में अभिनय करती रहेंगी, लेकिन सिर्फ सार्थक भूमिकाएं निभाएंगी और आइटम गीत नहीं करेंगी। वह 'आइटम गर्ल' की उपाधि से उकता गई हैं और बदलाव चाहती हैं। Did You Know: दो साल पहले राखी सावंत का दिल योग गुरू बाबा रामदेव पर आ गया था। एक टीवी चैनल के इंटरव्यू के दौरान राखी ने कहा था कि वह बाबा रामदेव से शादी करके उनके बच्चों की मां बनना चाहती हैं।
सर्बिया, बुल्गारिया और रोमानिया ने भलाई में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की। शुक्रवार को जारी वर्ल्ड हैप्पीनेस टेबल में सबसे बड़ा फॉल लेबनान, वेनेजुएला और अफगानिस्तान में आया। आर्थिक मंदी का सामना कर रहा लेबनान, जिम्बाब्वे के ठीक नीचे 146 देशों के सूचकांक में पिछले से दूसरे स्थान पर आ गया है। हेलसिंकी। फिनलैंड (Finland) को दुनिया का सबसे खुशहाल देश घोषित किया गया है। लगातार पांचवें साल फिनलैंड ने यह उपलब्धि हासिल की है। अफगानिस्तान को फिर से सबसे नाखुश देश के रूप में स्थान दिया गया है। अफगानिस्तान के बाद लेबनान (Lebanon) को जगह दिया गया है। लेबनान आर्थिक रूप से बदहाल देश है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रायोजित वार्षिक वर्ल्ड हैप्पीनेस इंडेक्स में इन देशों को जगह दी गई है। सर्बिया, बुल्गारिया और रोमानिया ने भलाई में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की। शुक्रवार को जारी वर्ल्ड हैप्पीनेस टेबल में सबसे बड़ा फॉल लेबनान, वेनेजुएला और अफगानिस्तान में आया। आर्थिक मंदी का सामना कर रहा लेबनान, जिम्बाब्वे के ठीक नीचे 146 देशों के सूचकांक में पिछले से दूसरे स्थान पर आ गया है। पिछले अगस्त में तालिबान के फिर से सत्ता में आने के बाद से युद्ध से पीड़ित अफगानिस्तान, जो पहले से ही तालिका में सबसे नीचे है, ने अपने मानवीय संकट को गहराते देखा है। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी यूनिसेफ का अनुमान है कि अगर सहायता न दी गई तो पांच साल से कम उम्र के दस लाख बच्चे इस सर्दी में भूख से मर सकते हैं। सह-लेखक जान-इमैनुएल डी नेवे ने कहा, "यह (सूचकांक) उस सामग्री और अभौतिक क्षति का एक स्पष्ट अनुस्मारक प्रस्तुत करता है जो युद्ध अपने कई पीड़ितों को करता है। " वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट, जो अब अपने 10वें वर्ष में है, लोगों की अपनी खुशी के आकलन के साथ-साथ आर्थिक और सामाजिक आंकड़ों पर आधारित है। यह तीन साल की अवधि में औसत डेटा के आधार पर, शून्य से 10 के पैमाने पर एक खुशी स्कोर प्रदान करता है। यह नवीनतम संस्करण यूक्रेन पर रूसी आक्रमण से पहले पूरा हुआ था। उत्तरी यूरोपीय एक बार फिर शीर्ष स्थानों पर हावी हो गए - डेन के साथ फिन्स के बाद दूसरे स्थान पर, उसके बाद आइसलैंडिक, स्विस और डच का स्थान है। संयुक्त राज्य अमेरिका ब्रिटेन से एक स्थान आगे बढ़कर 16वें स्थान पर पहुंच गया, जबकि फ्रांस 20वें स्थान पर पहुंच गया, जो अब तक की उसकी सर्वोच्च रैंकिंग है। साथ ही प्रत्येक देश में गैलप पोल के आधार पर भलाई की एक व्यक्तिगत भावना, हैप्पीनेस स्कोर जीडीपी, सामाजिक समर्थन, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और भ्रष्टाचार के स्तर को ध्यान में रखता है। रिपोर्ट के सह-लेखक जेफरी सैक्स ने लिखा, "वर्षों से वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट का सबक यह है कि सामाजिक समर्थन, एक दूसरे के प्रति उदारता और सरकार में ईमानदारी भलाई के लिए महत्वपूर्ण हैं। " नॉर्डिक देश के 5. 5 मिलियन लोगों में से कई खुद को मौन और उदासी के रूप में वर्णित करते हैं, और संदेह के साथ खुशी के सार्वजनिक प्रदर्शनों को देखने के लिए स्वीकार करते हैं। लेकिन विशाल जंगलों और झीलों का देश अपनी अच्छी तरह से काम करने वाली सार्वजनिक सेवाओं, सर्वव्यापी सौना, अधिकार में व्यापक विश्वास और अपराध और असमानता के निम्न स्तर के लिए भी जाना जाता है।
सर्बिया, बुल्गारिया और रोमानिया ने भलाई में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की। शुक्रवार को जारी वर्ल्ड हैप्पीनेस टेबल में सबसे बड़ा फॉल लेबनान, वेनेजुएला और अफगानिस्तान में आया। आर्थिक मंदी का सामना कर रहा लेबनान, जिम्बाब्वे के ठीक नीचे एक सौ छियालीस देशों के सूचकांक में पिछले से दूसरे स्थान पर आ गया है। हेलसिंकी। फिनलैंड को दुनिया का सबसे खुशहाल देश घोषित किया गया है। लगातार पांचवें साल फिनलैंड ने यह उपलब्धि हासिल की है। अफगानिस्तान को फिर से सबसे नाखुश देश के रूप में स्थान दिया गया है। अफगानिस्तान के बाद लेबनान को जगह दिया गया है। लेबनान आर्थिक रूप से बदहाल देश है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रायोजित वार्षिक वर्ल्ड हैप्पीनेस इंडेक्स में इन देशों को जगह दी गई है। सर्बिया, बुल्गारिया और रोमानिया ने भलाई में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की। शुक्रवार को जारी वर्ल्ड हैप्पीनेस टेबल में सबसे बड़ा फॉल लेबनान, वेनेजुएला और अफगानिस्तान में आया। आर्थिक मंदी का सामना कर रहा लेबनान, जिम्बाब्वे के ठीक नीचे एक सौ छियालीस देशों के सूचकांक में पिछले से दूसरे स्थान पर आ गया है। पिछले अगस्त में तालिबान के फिर से सत्ता में आने के बाद से युद्ध से पीड़ित अफगानिस्तान, जो पहले से ही तालिका में सबसे नीचे है, ने अपने मानवीय संकट को गहराते देखा है। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी यूनिसेफ का अनुमान है कि अगर सहायता न दी गई तो पांच साल से कम उम्र के दस लाख बच्चे इस सर्दी में भूख से मर सकते हैं। सह-लेखक जान-इमैनुएल डी नेवे ने कहा, "यह उस सामग्री और अभौतिक क्षति का एक स्पष्ट अनुस्मारक प्रस्तुत करता है जो युद्ध अपने कई पीड़ितों को करता है। " वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट, जो अब अपने दसवें वर्ष में है, लोगों की अपनी खुशी के आकलन के साथ-साथ आर्थिक और सामाजिक आंकड़ों पर आधारित है। यह तीन साल की अवधि में औसत डेटा के आधार पर, शून्य से दस के पैमाने पर एक खुशी स्कोर प्रदान करता है। यह नवीनतम संस्करण यूक्रेन पर रूसी आक्रमण से पहले पूरा हुआ था। उत्तरी यूरोपीय एक बार फिर शीर्ष स्थानों पर हावी हो गए - डेन के साथ फिन्स के बाद दूसरे स्थान पर, उसके बाद आइसलैंडिक, स्विस और डच का स्थान है। संयुक्त राज्य अमेरिका ब्रिटेन से एक स्थान आगे बढ़कर सोलहवें स्थान पर पहुंच गया, जबकि फ्रांस बीसवें स्थान पर पहुंच गया, जो अब तक की उसकी सर्वोच्च रैंकिंग है। साथ ही प्रत्येक देश में गैलप पोल के आधार पर भलाई की एक व्यक्तिगत भावना, हैप्पीनेस स्कोर जीडीपी, सामाजिक समर्थन, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और भ्रष्टाचार के स्तर को ध्यान में रखता है। रिपोर्ट के सह-लेखक जेफरी सैक्स ने लिखा, "वर्षों से वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट का सबक यह है कि सामाजिक समर्थन, एक दूसरे के प्रति उदारता और सरकार में ईमानदारी भलाई के लिए महत्वपूर्ण हैं। " नॉर्डिक देश के पाँच. पाँच मिलियन लोगों में से कई खुद को मौन और उदासी के रूप में वर्णित करते हैं, और संदेह के साथ खुशी के सार्वजनिक प्रदर्शनों को देखने के लिए स्वीकार करते हैं। लेकिन विशाल जंगलों और झीलों का देश अपनी अच्छी तरह से काम करने वाली सार्वजनिक सेवाओं, सर्वव्यापी सौना, अधिकार में व्यापक विश्वास और अपराध और असमानता के निम्न स्तर के लिए भी जाना जाता है।
आप देना चाहते हैं, उसके लिए आप इतना हिसाब-किताब क्यों लगाते हैं कि जिन्दगी ही गडबड़ा जाए? अगर आपके पास देने को कुछ है, तो बस दे दीजिए। वह इंसान इसके काबिल है या नहीं, यह सोचना आपका काम नहीं। अगर आप नहीं देना चाहते तो मत दीजिए, वह भी ठीक है। यह जरूरी नहीं कि हर समय बस आप देते रहें। अगर आपके मन में देने की भावना उठती है, तो बस दे दीजिए। हो सकता है कि वह आदमी चोर हो, यह आपकी समस्या नहीं है। वह व्यक्ति एक महान संत भी हो सकता है, यह भी आपकी समस्या नहीं है। आप देना चाहते हैं, तो बस खुशी-खुशी दे डालिए। आप इतना हिसाब-किताब इसलिए करते हैं, क्योंकि आप यह जानना चाहते हैं कि आप जो दे रहे हैं, उससे आपको पर्याप्त अच्छे नंबर मिलने वाले हैं या नहीं? इससे आपको स्वर्ग में सीट मिलेगी या नहीं? यह भावना बहुत ही बुरा कर्म है। यह जरूरी नहीं कि जो भी आप देते हैं, उसका हिसाब रखें। जो भी देने की इच्छा हो, बस प्रसन्नता से दे दीजिए, नहीं तो कृपा करके कुछ मत दीजिए। आप चाहें तो खुद को आसपास के लोगों और जीवन से अलग कर सकते हैं, तब आप बस यह देखें कि आप स्वयं के साथ क्या कर सकते हैं। ऐसा करना भी ठीक होगा। लेकिन आप में ऐसी कुछ भावनाएं हैं, कि आप देना चाहते हैं, आप एक पत्थर की तरह कठोर नहीं बनना चाहते, आप नहीं चाहते कि कोई आपको कंजूस या दूसरों की परवाह न करने वाला कहे। अब अगर कोई अंधा आदमी आकर भीख मांगता है, तो लोग उसकी पलकें उठा कर देखना चाहते हैं कि वह सचमुच अंधा है या नहीं। आपको यह पता लगाने की जरूरत नहीं है। अगर कोई इंसान अपने आपको इतना गिरा लेना चाहता है कि उसे आपसे एक रुपया लेने के लिए अंधा बनने का नाटक करना पड़े, तो वह उस एक रुपये के काबिल है, वह इतना दयनीय है कि आपको उसकी पलकें उठा कर यह देखने की जरूरत नहीं कि वह सचमुच अंधा है या नहीं। तो आप अगर किसी इंसान को कुछ देना चाहते हैं तो यह जरूरी नहीं कि वह किसी मायने में असमर्थ हो। देना आपसे सरोकार रखताहै, किसी दूसरे से नहीं। आपको तो खुश होना चाहिए कि कोई लेने वाला है। यही तो भारत की निराली बात है। अगर आपके पास कुछ भी बचा हुआ खाना है, तो आप सड़क से किसी को बुलाकर उस खाने को उसको दे सकते हैं। दुनिया भर में और कहीं भी आप ऐसा नहीं कर सकते। यह तो आपकी खुशकिस्मती है कि जब आप कुछ देना चाहते हैं, तो कोई लेने वाला है। आप इस बात से परेशान न हों कि कोई पवित्र है या नहीं। खासतौर से अगर कोई नेक इंसान नहीं है तो उसे देने की ज्यादा जरूरत है, है कि नहीं? अगर कोई साधु है, अगर कोई एक खास अवस्था तक पहुंच चुका है, तो आप उन्हें कुछ दें या न दें, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। अगर कोई दयनीय हालत में है, तो वह आपसे कुछ हासिल करने के काबिल है। आप खुशी-खुशी उसे जितना देना चाहें, दे सकते हैं। ऐसा करना आपकी मजबूरी नहीं है और न ही आप स्वर्ग जाएंगे क्योंकि आपने कुछ दिया है। बात केवल इतनी है कि आप किसी से जुड़ जाते हैं, इसलिए आप देते हैं। कोई इसका हिसाब नहीं रखता कि आपने किसको कितने रुपये दिए, सिवाय आपके और यह अच्छा होगा कि आप भी इस बात का हिसाब न रखें।
आप देना चाहते हैं, उसके लिए आप इतना हिसाब-किताब क्यों लगाते हैं कि जिन्दगी ही गडबड़ा जाए? अगर आपके पास देने को कुछ है, तो बस दे दीजिए। वह इंसान इसके काबिल है या नहीं, यह सोचना आपका काम नहीं। अगर आप नहीं देना चाहते तो मत दीजिए, वह भी ठीक है। यह जरूरी नहीं कि हर समय बस आप देते रहें। अगर आपके मन में देने की भावना उठती है, तो बस दे दीजिए। हो सकता है कि वह आदमी चोर हो, यह आपकी समस्या नहीं है। वह व्यक्ति एक महान संत भी हो सकता है, यह भी आपकी समस्या नहीं है। आप देना चाहते हैं, तो बस खुशी-खुशी दे डालिए। आप इतना हिसाब-किताब इसलिए करते हैं, क्योंकि आप यह जानना चाहते हैं कि आप जो दे रहे हैं, उससे आपको पर्याप्त अच्छे नंबर मिलने वाले हैं या नहीं? इससे आपको स्वर्ग में सीट मिलेगी या नहीं? यह भावना बहुत ही बुरा कर्म है। यह जरूरी नहीं कि जो भी आप देते हैं, उसका हिसाब रखें। जो भी देने की इच्छा हो, बस प्रसन्नता से दे दीजिए, नहीं तो कृपा करके कुछ मत दीजिए। आप चाहें तो खुद को आसपास के लोगों और जीवन से अलग कर सकते हैं, तब आप बस यह देखें कि आप स्वयं के साथ क्या कर सकते हैं। ऐसा करना भी ठीक होगा। लेकिन आप में ऐसी कुछ भावनाएं हैं, कि आप देना चाहते हैं, आप एक पत्थर की तरह कठोर नहीं बनना चाहते, आप नहीं चाहते कि कोई आपको कंजूस या दूसरों की परवाह न करने वाला कहे। अब अगर कोई अंधा आदमी आकर भीख मांगता है, तो लोग उसकी पलकें उठा कर देखना चाहते हैं कि वह सचमुच अंधा है या नहीं। आपको यह पता लगाने की जरूरत नहीं है। अगर कोई इंसान अपने आपको इतना गिरा लेना चाहता है कि उसे आपसे एक रुपया लेने के लिए अंधा बनने का नाटक करना पड़े, तो वह उस एक रुपये के काबिल है, वह इतना दयनीय है कि आपको उसकी पलकें उठा कर यह देखने की जरूरत नहीं कि वह सचमुच अंधा है या नहीं। तो आप अगर किसी इंसान को कुछ देना चाहते हैं तो यह जरूरी नहीं कि वह किसी मायने में असमर्थ हो। देना आपसे सरोकार रखताहै, किसी दूसरे से नहीं। आपको तो खुश होना चाहिए कि कोई लेने वाला है। यही तो भारत की निराली बात है। अगर आपके पास कुछ भी बचा हुआ खाना है, तो आप सड़क से किसी को बुलाकर उस खाने को उसको दे सकते हैं। दुनिया भर में और कहीं भी आप ऐसा नहीं कर सकते। यह तो आपकी खुशकिस्मती है कि जब आप कुछ देना चाहते हैं, तो कोई लेने वाला है। आप इस बात से परेशान न हों कि कोई पवित्र है या नहीं। खासतौर से अगर कोई नेक इंसान नहीं है तो उसे देने की ज्यादा जरूरत है, है कि नहीं? अगर कोई साधु है, अगर कोई एक खास अवस्था तक पहुंच चुका है, तो आप उन्हें कुछ दें या न दें, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। अगर कोई दयनीय हालत में है, तो वह आपसे कुछ हासिल करने के काबिल है। आप खुशी-खुशी उसे जितना देना चाहें, दे सकते हैं। ऐसा करना आपकी मजबूरी नहीं है और न ही आप स्वर्ग जाएंगे क्योंकि आपने कुछ दिया है। बात केवल इतनी है कि आप किसी से जुड़ जाते हैं, इसलिए आप देते हैं। कोई इसका हिसाब नहीं रखता कि आपने किसको कितने रुपये दिए, सिवाय आपके और यह अच्छा होगा कि आप भी इस बात का हिसाब न रखें।
UP Election 2022: वर्तमान राजनीति में अगर अब सुचिता, ईमानदारी और निष्पक्षता की उम्मीद की जाए तो शायद यह खुद से बेइमानी करने जैसा मामला होगा। स्वच्छ और स्वस्थ्य राजनीति के किस्से अब बीते दशकों की बात हो चुके हैं, जिन्हें हम केवल किताबों में पढ़कर संतोष कर सकते हैं। am Singh Yadav का आज जन्मदिन है। समाजवादी पार्टी(Samajwadi Party) की तरफ से लखनऊ में इसे लेकर कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उम्मीद की जा रही है कि इस कार्यक्रम में पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) और उनके चाचा शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) भी हिस्सा लेंगे। राजनीतिक हलकों में इस बात की चर्चा है कि शिवपाल यादव और अखिलेश यादव में आज समझौता हो जाएगा। बताते चलें कि मुलायम सिंह की इच्छा रही है कि शिवपाल यादव और अखिलेश यादव एक साथ आ जाए। UP Election 2022: विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दलों की तरफ से तैयारी तेज हो गयी है। भारतीय जनता पार्टी की तरफ से भी तैयारी जारी है। पीएम मोदी (PM Modi) और योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की 2 तस्वीर सामने आयी है जिसमें पीएम योगी आदित्यनाथ के कंधे पर हाथ रखकर कुछ समझा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तंज कसा है। उन्होंने यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री पर उस बयान के लिए निशाना साधा, जिसमें अखिलेश यादव ने कहा था कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे समाजवादी पार्टी की देन है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'अखिलेश यादव ने ग़लत कहा है उन्हें कहना चाहिए था उत्तर प्रदेश की धरती उनके परिवार ने बनाई है। उनकी मेहरबानी से उत्तर प्रदेश के लोग धरती पर चल रहे हैं। इन्हें कांग्रेस की बीमारी लग गई है। ' चित्रकूट में नाबालिग लड़की से गैंगरेप मामले में समाजवादी पार्टी नेता और यूपी सरकार में मंत्री रह चुके गायत्री प्रजापति समेत दो साथियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गयी है। इससे पहले अखिलेश सरकार में मंत्री रहे खनन माफिया प्रजापति को रेप के आरोप में दोषी करार दिया गया था। एमपी-एमएलए कोर्ट ने गायत्री प्रजापति को चित्रकूट की महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म और पीड़िता की नाबालिग बेटी के साथ अश्लील हरकत के आरोपी सहयोगी आशीष शुक्ला और अशोक तिवारी को दोषी ठहराया। ओम प्रकाश राजभर का कहना है कि अगर मुस्लिम लीग के नेता मुहम्मद अली जिन्ना को देश का पहला प्रधानमंत्री बना दिया गया होता तो देश का बंटवारा नहीं होता। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना पर टिप्पणी से जुड़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। आज, जब पत्रकारों ने अखिलेश यादव से विवाद के बारे में पूछा, तो उन्होंने जवाब दिया, "मुझे संदर्भ क्यों बताना चाहिए? मैं कहूंगा कि किताबें फिर से पढ़ें। " UP Election 2022: कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद (Acharya Pramod) ने समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के नेता अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) द्वारा जिन्ना को लेकर दिए गए बयान पर हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट कर सवाल किया है कि क्या "समाजवादी"पार्टी के कार्यालयों में अब "लोहिया"की जगह "जिन्ना" की तस्वीर लगेगी.... ? एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा कि जिन्ना का "जिन्न"फिर निकल आया, आभार अखिलेश जी। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का कहना है कि भारतीय मुसलमानों का मुहम्मद अली जिन्ना से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को ये लगता है कि वे जिन्ना की तारीफ कर यूपी के मुसलमानों को खुश कर सकते हैं तो यह सपा अध्यक्ष की गलतफहमी है।
UP Election दो हज़ार बाईस: वर्तमान राजनीति में अगर अब सुचिता, ईमानदारी और निष्पक्षता की उम्मीद की जाए तो शायद यह खुद से बेइमानी करने जैसा मामला होगा। स्वच्छ और स्वस्थ्य राजनीति के किस्से अब बीते दशकों की बात हो चुके हैं, जिन्हें हम केवल किताबों में पढ़कर संतोष कर सकते हैं। am Singh Yadav का आज जन्मदिन है। समाजवादी पार्टी की तरफ से लखनऊ में इसे लेकर कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उम्मीद की जा रही है कि इस कार्यक्रम में पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल यादव भी हिस्सा लेंगे। राजनीतिक हलकों में इस बात की चर्चा है कि शिवपाल यादव और अखिलेश यादव में आज समझौता हो जाएगा। बताते चलें कि मुलायम सिंह की इच्छा रही है कि शिवपाल यादव और अखिलेश यादव एक साथ आ जाए। UP Election दो हज़ार बाईस: विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दलों की तरफ से तैयारी तेज हो गयी है। भारतीय जनता पार्टी की तरफ से भी तैयारी जारी है। पीएम मोदी और योगी आदित्यनाथ की दो तस्वीर सामने आयी है जिसमें पीएम योगी आदित्यनाथ के कंधे पर हाथ रखकर कुछ समझा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तंज कसा है। उन्होंने यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री पर उस बयान के लिए निशाना साधा, जिसमें अखिलेश यादव ने कहा था कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे समाजवादी पार्टी की देन है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'अखिलेश यादव ने ग़लत कहा है उन्हें कहना चाहिए था उत्तर प्रदेश की धरती उनके परिवार ने बनाई है। उनकी मेहरबानी से उत्तर प्रदेश के लोग धरती पर चल रहे हैं। इन्हें कांग्रेस की बीमारी लग गई है। ' चित्रकूट में नाबालिग लड़की से गैंगरेप मामले में समाजवादी पार्टी नेता और यूपी सरकार में मंत्री रह चुके गायत्री प्रजापति समेत दो साथियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गयी है। इससे पहले अखिलेश सरकार में मंत्री रहे खनन माफिया प्रजापति को रेप के आरोप में दोषी करार दिया गया था। एमपी-एमएलए कोर्ट ने गायत्री प्रजापति को चित्रकूट की महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म और पीड़िता की नाबालिग बेटी के साथ अश्लील हरकत के आरोपी सहयोगी आशीष शुक्ला और अशोक तिवारी को दोषी ठहराया। ओम प्रकाश राजभर का कहना है कि अगर मुस्लिम लीग के नेता मुहम्मद अली जिन्ना को देश का पहला प्रधानमंत्री बना दिया गया होता तो देश का बंटवारा नहीं होता। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना पर टिप्पणी से जुड़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। आज, जब पत्रकारों ने अखिलेश यादव से विवाद के बारे में पूछा, तो उन्होंने जवाब दिया, "मुझे संदर्भ क्यों बताना चाहिए? मैं कहूंगा कि किताबें फिर से पढ़ें। " UP Election दो हज़ार बाईस: कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद ने समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव द्वारा जिन्ना को लेकर दिए गए बयान पर हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट कर सवाल किया है कि क्या "समाजवादी"पार्टी के कार्यालयों में अब "लोहिया"की जगह "जिन्ना" की तस्वीर लगेगी.... ? एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा कि जिन्ना का "जिन्न"फिर निकल आया, आभार अखिलेश जी। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का कहना है कि भारतीय मुसलमानों का मुहम्मद अली जिन्ना से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को ये लगता है कि वे जिन्ना की तारीफ कर यूपी के मुसलमानों को खुश कर सकते हैं तो यह सपा अध्यक्ष की गलतफहमी है।
भारतीय जनता पार्टी के विधायक विक्रम सैनी तथा 26 अन्य के कवाल कांड मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। स्पेशल MP/MLA कोर्ट ने मंगलवार को इसी मामले में सजा सुनाई है। Communal Clash: कहते हैं प्रेम में आदमी पागल हो जाता है, वह बिना सोचे समझे कुछ भी कर गुजरता है। हुलीहैदर गांव में भी ऐसा ही हुआ। यहां एक हिंदू लड़का मुहर्रम के दिन अपनी मुस्लिम प्रेमिका से मिलने उसके घर पहुंच गया, जिसके बाद खूनी संघर्ष छिड़ गया। आजादी के वक्त जब देश का विभाजन हुआ उस समय भी देश दंगों की आग में जला था। हजारों मासूमों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। उत्तर पूर्वी दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून को लेकर भड़की साम्प्रदायिक हिंसा में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 20 पर पहुंच गई है। जीटीबी अस्पताल के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मंगलवार को मरने वाले लोगों की संख्या 13 बताई गई थी। असम के हैलाकांडी जिले में साम्प्रदायिक झड़प में एक व्यक्ति की मौत और 14 अन्य के घायल होने के बाद शुक्रवार को कर्फ्यू लगा दिया गया और शांति बनाए रखने के लिए सेना को बुलाया गया है। योगी सरकार ने सोमवार को अपने दो साल पूरे कर लिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियां बताईं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व वाली सरकार ने प्रदेश के बारे में लोगों की अवधारणा को बदला और प्रदेश में सकारात्मक माहौल दिया। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि मोदी सरकार ने गरीबों की धार्मिक पृष्ठभूमि देखे बिना उनके कल्याण के लिए काम किये हैं और उन राज्यों में कोई बड़ा सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ जहां उनकी पार्टी सत्ता में है।
भारतीय जनता पार्टी के विधायक विक्रम सैनी तथा छब्बीस अन्य के कवाल कांड मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। स्पेशल MP/MLA कोर्ट ने मंगलवार को इसी मामले में सजा सुनाई है। Communal Clash: कहते हैं प्रेम में आदमी पागल हो जाता है, वह बिना सोचे समझे कुछ भी कर गुजरता है। हुलीहैदर गांव में भी ऐसा ही हुआ। यहां एक हिंदू लड़का मुहर्रम के दिन अपनी मुस्लिम प्रेमिका से मिलने उसके घर पहुंच गया, जिसके बाद खूनी संघर्ष छिड़ गया। आजादी के वक्त जब देश का विभाजन हुआ उस समय भी देश दंगों की आग में जला था। हजारों मासूमों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। उत्तर पूर्वी दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून को लेकर भड़की साम्प्रदायिक हिंसा में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर बीस पर पहुंच गई है। जीटीबी अस्पताल के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मंगलवार को मरने वाले लोगों की संख्या तेरह बताई गई थी। असम के हैलाकांडी जिले में साम्प्रदायिक झड़प में एक व्यक्ति की मौत और चौदह अन्य के घायल होने के बाद शुक्रवार को कर्फ्यू लगा दिया गया और शांति बनाए रखने के लिए सेना को बुलाया गया है। योगी सरकार ने सोमवार को अपने दो साल पूरे कर लिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियां बताईं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व वाली सरकार ने प्रदेश के बारे में लोगों की अवधारणा को बदला और प्रदेश में सकारात्मक माहौल दिया। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि मोदी सरकार ने गरीबों की धार्मिक पृष्ठभूमि देखे बिना उनके कल्याण के लिए काम किये हैं और उन राज्यों में कोई बड़ा सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ जहां उनकी पार्टी सत्ता में है।