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।ग्राम क्रमांक :
।ग्राम का नाम :
।तहसील :
।जनपद :
।फसली वर्ष :
।भाग :
।प्रत्येक गाटे का क्षेत्रफल (हे.)
।1 - ऐसी भूमि, जिसमें सरकार अथवा गाँवसभा या अन्य स्थानीय अधिकारिकी जिसे1950 ई. के उ. प्र. ज. वि.एवं भू. व्य. अधि.की धारा 117 - क के अधीन भूमि का प्रबन्ध सौंपा गया हो , खेती करता हो । ( नदारद )
।1क(क) - रिक्त ( नदारद )
।1-ख - ऐसी भूमि जो गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट केअन्तर्गत व्यक्तियों के पास हो । ( नदारद )
।2 - भूमि जो असंक्रमणीय भूमिधरो केअधिकार में हो। ( नदारद )
।3 - भूमि जो असामियों के अध्यासन या अधिकारमें हो। ( नदारद )
।4 - भूमि जो उस दशा में बिना आगम केअध्यासीनों के अधिकार में हो जब खसरेके स्तम्भ 4 में पहले से ही किसी व्यक्तिका नाम अभिलिखित न हो। ( नदारद )
।4-क - उ.प्र. अधिकतम जोत सीमा आरोपण.अधि.अन्तर्गत अर्जित की गई अतिरिक्त भूमि -(क)जो उ.प्र.जोत सी.आ.अ.के उपबन्धो केअधीन किसी अन्तरिम अवधि के लिये किसी पट्टेदार द्वारा रखी गयी हो । ( नदारद )
।4-क(ख) - अन्य भूमि । ( नदारद )
।5-1 - कृषि योग्य भूमि - नई परती (परतीजदीद) ( नदारद )
।5-2 - कृषि योग्य भूमि - पुरानी परती (परतीकदीम) ( नदारद )
।5-3-क - कृषि योग्य बंजर - इमारती लकड़ी केवन। ( नदारद )
।5-3-ख - कृषि योग्य बंजर - ऐसे वन जिसमें अन्यप्रकर के वृक्ष,झाडि़यों के झुन्ड,झाडि़याँ इत्यादि हों। ( नदारद )
।5-3-ग - कृषि योग्य बंजर - स्थाई पशुचर भूमि तथा अन्य चराई की भूमियाँ । ( नदारद )
।5-3-घ - कृषि योग्य बंजर - छप्पर छाने की घास तथा बाँस की कोठियाँ । ( नदारद )
।5-3-ङ - अन्य कृषि योग्य बंजर भूमि। ( नदारद )
।5-क (क) - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी (वनाधिकारों की मान्यत्ाा) अधि. - 2006 के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - कृषि हेतु ( नदारद )
।5-क (ख) - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी (वनाधिकारों की मान्यत्ाा) अधि. - 2006 के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - आबादी हेतु ( नदारद )
।5-क (ग) - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी (वनाधिकारों की मान्यत्ाा) अधि. - 2006 के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - सामुदायिक वनाधिकार हेतु ( नदारद )
।6-1 - अकृषिक भूमि - जलमग्न भूमि । ( नदारद )
।6-2 - अकृषिक भूमि - स्थल, सड़कें, रेलवे,भवन और ऐसी दूसरी भूमियां जोअकृषित उपयोगों के काम में लायी जाती हो। ( नदारद )
।6-3 - कब्रिस्तान और श्मशान (मरघट) , ऐसेकब्रस्तानों और श्मशानों को छोड़ करजो खातेदारों की भूमि या आबादी क्षेत्र में स्थित हो। ( नदारद )
।6-4 - जो अन्य कारणों से अकृषित हो ।
।यह खतौनी इलेक्ट्रोनिक डिलीवरी सिस्टम द्वारा तैयार की गयी है तथा डाटा डिजीटल हस्ताक्षर द्वारा हस्ताक्षरित है।
| ।ग्राम क्रमांक : ।ग्राम का नाम : ।तहसील : ।जनपद : ।फसली वर्ष : ।भाग : ।प्रत्येक गाटे का क्षेत्रफल ।एक - ऐसी भूमि, जिसमें सरकार अथवा गाँवसभा या अन्य स्थानीय अधिकारिकी जिसेएक हज़ार नौ सौ पचास ई. के उ. प्र. ज. वि.एवं भू. व्य. अधि.की धारा एक सौ सत्रह - क के अधीन भूमि का प्रबन्ध सौंपा गया हो , खेती करता हो । ।एकक - रिक्त ।एक-ख - ऐसी भूमि जो गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट केअन्तर्गत व्यक्तियों के पास हो । ।दो - भूमि जो असंक्रमणीय भूमिधरो केअधिकार में हो। ।तीन - भूमि जो असामियों के अध्यासन या अधिकारमें हो। ।चार - भूमि जो उस दशा में बिना आगम केअध्यासीनों के अधिकार में हो जब खसरेके स्तम्भ चार में पहले से ही किसी व्यक्तिका नाम अभिलिखित न हो। ।चार-क - उ.प्र. अधिकतम जोत सीमा आरोपण.अधि.अन्तर्गत अर्जित की गई अतिरिक्त भूमि -जो उ.प्र.जोत सी.आ.अ.के उपबन्धो केअधीन किसी अन्तरिम अवधि के लिये किसी पट्टेदार द्वारा रखी गयी हो । ।चार-क - अन्य भूमि । ।पाँच-एक - कृषि योग्य भूमि - नई परती ।पाँच-दो - कृषि योग्य भूमि - पुरानी परती ।पाँच-तीन-क - कृषि योग्य बंजर - इमारती लकड़ी केवन। ।पाँच-तीन-ख - कृषि योग्य बंजर - ऐसे वन जिसमें अन्यप्रकर के वृक्ष,झाडि़यों के झुन्ड,झाडि़याँ इत्यादि हों। ।पाँच-तीन-ग - कृषि योग्य बंजर - स्थाई पशुचर भूमि तथा अन्य चराई की भूमियाँ । ।पाँच-तीन-घ - कृषि योग्य बंजर - छप्पर छाने की घास तथा बाँस की कोठियाँ । ।पाँच-तीन-ङ - अन्य कृषि योग्य बंजर भूमि। ।पाँच-क - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी अधि. - दो हज़ार छः के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - कृषि हेतु ।पाँच-क - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी अधि. - दो हज़ार छः के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - आबादी हेतु ।पाँच-क - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी अधि. - दो हज़ार छः के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - सामुदायिक वनाधिकार हेतु ।छः-एक - अकृषिक भूमि - जलमग्न भूमि । ।छः-दो - अकृषिक भूमि - स्थल, सड़कें, रेलवे,भवन और ऐसी दूसरी भूमियां जोअकृषित उपयोगों के काम में लायी जाती हो। ।छः-तीन - कब्रिस्तान और श्मशान , ऐसेकब्रस्तानों और श्मशानों को छोड़ करजो खातेदारों की भूमि या आबादी क्षेत्र में स्थित हो। ।छः-चार - जो अन्य कारणों से अकृषित हो । ।यह खतौनी इलेक्ट्रोनिक डिलीवरी सिस्टम द्वारा तैयार की गयी है तथा डाटा डिजीटल हस्ताक्षर द्वारा हस्ताक्षरित है। |
चर्चा में क्यों?
7 दिसंबर, 2021 को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनपद गोरखपुर में लगभग 10 हज़ार करोड़ रुपए की लागत से स्थापित परियोजनाओं- हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लि. गोरखपुर, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) गोरखपुर तथा आई.सी.एम.आर.- रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर गोरखपुर का लोकार्पण किया।
- 8603 करोड़ से तैयार हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड के गोरखपुर खाद कारखाने में सालाना लगभग 12.7 लाख टन नीम कोटेड यूरिया का उत्पादन होगा।
- इस कारखाने से राज्य के किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया की उपलब्धता होगी। पूर्वांचल में रोज़गार और स्वरोज़गार के अवसर उत्पन्न होंगे। खाद कारखाने से जुड़े सहायक उद्योगों के साथ ही ट्रांसपोर्टेशन सर्विस सेंटर को बढ़ावा मिलेगा।
- उल्लेखनीय है कि नेप्था आधारित पुराना गोरखपुर यूरिया प्लांट 1969 में लगा था। यह खाद कारखाना 10 जून, 1990 को बंद हो गया था। एफसीआई के बंद पड़े यूरिया प्लांट की जगह हिन्दुस्तान उवर्रक रसायन लिमिटेड द्वारा चार गुना बड़ा ग्रीन फील्ड यूरिया प्लांट लगाया गया है।
- वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री ने गोरखपुर के इसी खाद कारखाने का शिलान्यास किया। पहले गोरखपुर में स्थापित उर्वरक कारखाने के स्थान पर बना यह नया कारखाना पहले की तुलना में 4 गुना अधिक क्षमता का है।
- गोरखपुर खाद कारखाने के प्रिलिंग टावर की ऊँचाई कुतुब मीनार से दोगुने से भी अधिक है। कुतुब मीनार की ऊँचाई 72.5 मीटर है, जबकि प्रिलिंग टावर की ऊंचाई 149.5 मीटर है। विश्व में दूसरे नंबर का सबसे ऊंचा मीटर एग्रो फर्टिलाइजर्स लिमिटेड ने पाकिस्तान के दहरकी में बनया है। उसकी ऊँचाई 125 मीटर है, जबकि गोरखपुर खाद कारखाने की ऊँचाई इससे करीब 25 मीटर अधिक है।
- लगभग 1011 करोड़ रुपए से बन रहे गोरखपुर एम्स की क्षमता 100 बेड की है। इस केंद्रीय संस्थान का शिलान्यास जुलाई 2016 में प्रधानमंत्री ने किया था।
- एम्स गोरखपुर तथा रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर की स्थापना से दिमागी बुखार सहित अन्य संक्रामक बीमारियों से बचाव में मदद मिलेगी। बीआरडी मेडिकल कालेज परिसर स्थित रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर की अत्यधुनिक लैब 36 करोड़ की लागत से तैयार की गई हैं।
चर्चा में क्यों?
हाल ही में भागलपुर ज़िले के विभिन्न सरकारी स्कूलों में 'नटखट साइंस लैब'खोले जाने की घोषणा की गई है।
- 'नटखट साइंस लैब'के खुलने से छात्र-छात्राएँ अन्य प्रोजेक्ट, टीचिंग मैटेरियल, एक्जीबिशन के लिये मॉडल, ज़िला से राष्ट्रस्तरीय विज्ञान प्रतियोगिता तक के लिये मॉडल बना सकेंगे।
- इसमें किसी भी स्कूल के छात्र अपने अनुसार मॉडल बना सकेंगे तथा इसके लिये उन्हें कोई शुल्क भी नहीं देना होगा।
- शिक्षा विभाग भागलपुर की पहल पर अमेरिका के एबाको फाउंडेशन और करुणोदय फाउंडेशन द्वारा संचालित नटखट साइंस लैब ज़िले के सिर्फ एक स्कूल प्राथमिक विद्यालय मोक्षदा में खोली गई है।
- जनवरी तक भागलपुर ज़िले में दस लैब खोली जाएंगी। इसकी सफलता पर 300 अन्य केंद्र दो साल में खोलने की योजना है।
- लैब के प्रोजेक्ट हेड शेखर सुमन ने बताया कि लैब में सात शिक्षक को मास्टर ट्रेनर बनाया जा रहा है तथा इनके द्वारा अन्य स्कूलों के शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
- इस लैब में कक्षा छह से 10वीं के छात्रों के लिये हर तरह के मॉडल बनाने की सुविधा है, जिसमें बेकार सामान से साइंस के मॉडल बनाने की समझ, रद्दी पेपर से क्राफ्ट बनाने की समझ, मिटेी से नए-नए खिलौने बनाने की समझ को विकसित किया जाएगा।
चर्चा में क्यों?
7 दिसंबर, 2021 को राज्य सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर राज्य में 108 आपातकालीन सेवाओं के साथ-साथ 104 जननी एक्सप्रेस बेस एंबुलेंस एवं 104 टोल फ्री चिकित्सा परामर्श सेवाओं के साथ जुड़े समस्त कार्यालय एवं कर्मचारीयों तथा उनके कार्यकलापों से संबंधित समस्त सेवाओं को 6 दिसंबर, 2021 से आगामी 6 माह तक अत्यावश्यक सेवा घोषित किया है।
- गृह विभाग की ओर से इस संबंध में जारी आदेशानुसार उक्त सेवाओं में हड़ताल होने से सेवाओं के प्रदाय एवं अनुरक्षण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता था और उसके परिणामस्वरूप समुदाय को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता था।
- इसे मद्देनज़र रखते हुए राजस्थान राज्य सरकार ने अत्यावश्यक सेवाएँ अनुरक्षण अधिनियम 1970 के तहत तुरंत प्रभाव से 108 आपातकालीन सेवाओं के साथ-साथ 104 जननी एक्सप्रेस एंबुलेंस एवं 104 टोल फ्री चिकित्सा परामर्श सेवाएँ जिनका संचालन प्रदाता कंपनी जीवीके ईएमआरआई के माध्यम से इनिटग्रेटेड एंबुलेंस प्रोजेक्ट के तहत किया जा रहा है, को अत्यावश्यक सेवा घोषित किया है।
चर्चा में क्यों?
7 दिसंबर, 2021 को राजस्थान के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एनर्जी) डॉ. सुबोध अग्रवाल ने विद्युत भवन में आयोजित एनर्जी एफिशिएंसी कमेटी की बैठक में ऊर्जा विभाग द्वारा 2026-27 तक बिजली की वर्षवार बिजली उपलब्धता, मांग और आपूर्ति व्यवस्था का रोडमेप बनाने के निर्देश दिये।
- संयुक्त सचिव एनर्जी आलोक रंजन के नेतृत्व में प्लानिंग व कोआर्डिनेशन सेल का गठन भी किया गया है यह सेल राज्य की सभी विद्युत कंपनियों से परस्पर समन्वय व संवाद कायम करेगा, ताकि सूचनाओं की त्वरित प्राप्ति के साथ ही समयबद्ध कार्यनिष्पादन सुनिश्चित किया जा सके।
- एसीएस माइंस, पेट्रोलियम व एनर्जी सचिव ने बताया कि ऊर्जा विकास निगम के निदेशक पावर ट्रेडिंग पीएस सक्सेना आठ से दस दिनों में विद्युत उत्पादन निगम, तीनों डिस्कॉम, अक्षय ऊर्जा निगम व ऊर्जा विकास निगम सहित संबंधित संस्थाओं के विशेषज्ञ अधिकारियों के साथ मिलकर रोडमेप की रूपरेखा तैयार करेंगे।
- यह दल राज्य में विद्युत उत्पादन के कन्वेशनल सोर्सेज के साथ ही अक्षय ऊर्जा व नवीकरण सोर्सेज से सोलर, विंड और बायोमास आदि की उपलब्ध क्षमता व भावी संभावनाओं का भी रोडमेप में समावेश करेगा। बाद में इसे अंतिम रूप देकर राज्य सरकार को उपलब्ध करा दिया जाएगा।
- वर्ष 2019-20 में राज्य में 6000 मेगावाट उत्पादन क्षमता बढ़ाने की घोषणा की गई थी, जिसे चरणबद्ध तरीके से इस रोडमेप के आधार पर बढ़ाया जाएगा। इस तरह सभी जिलों में काश्तकारों को खेती के लिये दिन में बिजली उपलब्ध कराने की बजट घोषणा का क्रियान्वयन किया जाएगा।
- डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि एनर्जी एफिशिएंसी कमेटी की पहली बैठक जून 2019 में हुई थी। जुलाई 2021 में भी आयोजित बैठक में तात्कालीक समाधान पर चर्चा की गई। दिसंबर 2021 के अंत तक विभाग स्तर पर कार्ययोजना कोे अंतिम रूप दे रूप दे दिया जाएगा।
चर्चा में क्यों?
7 दिसंबर, 2021 को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में राष्ट्रीय उद्यानों/अभयारण्यों (संरक्षित क्षेत्रों) एवं टाईगर रिज़र्व के कॉरिडोर से ग्रामों के पुनर्वास के लिये राज्य योजना में मुआवजा की प्रति परिवार पैकेज राशि 10 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपए अंगीकार करने की मंजूरी दी गई।
- वन विभाग की ग्रामों के पुनर्वास के लिये 'मुआवजा'योजना के लिये वर्ष 2021-22 से 2025-26 के लिये राशि 75 करोड़ की स्वीकृति की गई।
- कैंपा मद से वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक कुल 4 वर्ष के लिये 285 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी की जाने का अनुमोदन भी किया गया।
- मंत्रि-परिषद ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, ग्वालियर को एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिये ग्राम लोहारपुर तहसील मुरार, ज़िला ग्वालियर में स्थित कुल रकबा 57.952 हेक्टेयर शासकीय भूमि, शून्य प्रब्याजि एवं एक रुपया वार्षिक भू-भाटक पर आवंटन करने का निर्णय लिया।
- मंत्रि-परिषद द्वारा 'छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय, छिंदवाड़ा'का नाम 'राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय, छिंदवाड़ा'किया जाने के प्रस्तावित संशोधन विधेयक के प्रस्तुत प्रस्ताव को मान्य किया गया।
- मंत्रि-परिषद ने ग्वालियर व्यापार मेला, ग्वालियर का आयोजन सुचारू रूप से संचालित किया करने के दृष्टिगत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा प्रशासित अधिनियम 'ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण अधिनियम में शब्द 'वाणिज्य एवं उद्योग विभाग' के स्थान पर शब्द 'सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग'प्रतिस्थापित करने के लिये ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण (संशोधन) विधेयक 2021 को अनुमोदन किया।
- इस विधेयक को विधानसभा में प्रस्तुत कर पारित कराने की सभी कार्यवाही करने के लिये सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग को अधिकृत किया गया है।
चर्चा में क्यों?
7 दिसंबर, 2021 को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर संचालक सैनिक कल्याण संचालनालय, ब्रिगेडियर अरुण सहगल ने दिवस का प्रतीक ध्वज लगाया तथा प्रतीक-चिह्न भेंट किया गया।
- भारतीय सशस्त्र सेनाओं के सैनिक देश की रक्षा, आंतरिक सुरक्षा और प्राकृतिक आपदाओं में कर्त्तव्य पालन करते हुए वीरगति को प्राप्त हो जाते हैं। इन सैनिकों को स्मरण करने, सम्मान देने तथा देश के नागरिकों द्वारा सैनिकों के प्रति सम्मान भाव प्रकट करने के लिये वर्ष 1949 से प्रतिवर्ष 7 दिसंबर को सशस्त्र सेना झंडा दिवस के रूप में मनाया जाता है।
- इस दिवस पर मोटर वाहनों में लगने वाले कार ध्वज तथा प्रतीक ध्वज वितरित करने से संग्रहीत राशि से शहीद सैनिकों के आश्रित परिजन, दिव्यांग सैनिकों, पूर्व सैनिकों, सेवारत सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण एवं पुनर्वास से संबंधित आर्थिक सहायता योजनाएँ संचालित की जाती हैं।
चर्चा में क्यों?
7 दिसंबर, 2021 को मध्य प्रदेश लोक निर्माण, कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री गोपाल भार्गव की अध्यक्षता में निगम के संचालक मंडल की 138वीं बैठक में में उत्पादित हैंडलूम उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार मुहैया कराने के लिये मध्य प्रदेश हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम द्वारा हैंडलूम एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल, नई दिल्ली की सदस्यता लेने का निर्णय लिया गया है।
- मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि प्रदेश के हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिये मृगनयनी एंपोरियम की भूमिका सराहनीय है। इसी क्रम में हैंडलूम एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल की सदस्यता ली जा रही है।
- संचालक मंडल की 137वीं बैठक के पालन प्रतिवेदन, आउटसोर्स कर्मचारियों के अनुबंध, मुख्यमंत्री कोविड-19 अनुकंपा नियुक्ति योजना में नियुक्तियों पर भी निर्णय लिया गया।
- बैठक में प्रबंध संचालक संत रविदास मध्य प्रदेश हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम अनुभा श्रीवास्तव ने निगम की गतिविधियों के संबंध में जानकारी दी।
चर्चा में क्यों?
7 दिसंबर, 2021 को मध्य प्रदेश के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह डंग और लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी की उपस्थिति मे साँची में हुई बैठक में साँची को सोलर सिटी बनाने के लिये कार्य-योजना तैयार की गई तथा सोलर सिटी परियोजना में साँची ग्रिड सिस्टम में 6 हज़ार किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम लगाने की घोषणा की।
- साँची को ग्राउंड माउंटेड सोलर सिस्टम बनाने के लिये नागोरी गाँव में 20 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। सोलर सिस्टम क्षमता के फेस 1.5 मेगावाट की स्थापना के लिये अतिरिक्त 4 हेक्टयर भूमि की पहचान की जाएगी।
- गौरतलब है कि केंद्र शासन द्वारा प्रत्येक राज्य में एक शहर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है।
- मध्य प्रदेश शासन ने पर्यटन और राजधानी से निकटता को ध्यान में रखते हुए साँची को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है।
- साँची के प्रत्येक घर, कृषि और उद्योग को सोलर सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इससे बिजली का बिल, प्रदूषण, सरकारी सब्सिडी की आवश्यकता में कमी आने के साथ स्थानीय अर्थ-व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
- साँची अन्य शहरों के लिये अनुकरणीय मॉडल बनेगा। साँची की पर्यटन के साथ सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी अलग पहचान होगी।
चर्चा में क्यों?
7 दिसंबर, 2021 को मध्य प्रदेश के मंत्रालय में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लिये गठित टास्क फोर्स की बैठक हुई।
- इस बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि योग को खेल के रूप में विकसित कर शालेय शिक्षा के पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया जाएगा। प्रदेश में जन-जन तक योग के विस्तार के लिये योग आयोग का गठन किया जाएगा।
- योग की शिक्षा को शालेय स्तर पर जोड़ने से शिक्षा को रूचिकर बनाने और विद्यार्थियों के स्वास्थ्य संवर्धन में सहायता मिलेगी।
- मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति में व्यावसायिक शिक्षा के साथ नैतिक शिक्षा देने की प्रभावी पद्धति का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्थानीय कौशल और महत्त्वपूर्ण व्यावसायिक शिल्प सीखने के स्पष्ट प्रावधान हैं।
- कक्षा 6 और कक्षा 9 में ड्रॉप आउट की संख्या में कमी लाने के लिये कक्षा 5वीं से 6वीं और कक्षा 8वीं से 9वीं में प्रवेश हेतु 'स्कूल चलें अभियान'चलाया जाएंगा।
- स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) इंदर सिंह परमार ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन के लिये टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इसमें राज्य पाठ्यचर्या के लिये 4 फ्रेमवर्क समूह और स्टेट केरीकुलम फ्रेमवर्क के विकास के लिये राज्य स्तर पर 25 फोकस ग्रुप गठित किये गए हैं। टास्क फोर्स में 24 अशासकीय सदस्य तथा 26 शासकीय सदस्य हैं।
7 दिसंबर, 2021 को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा होटल ली मेरिडियन नई दिल्ली में आयोजित स्टेट पॉलिसी कॉन्क्लेव- 2021 में मंत्रालय से वर्चुअली सहभागिता की।
- मुख्यमंत्री ने कहा है कि कि देश तभी आत्म-निर्भर बनेगा, जब राज्य आत्म-निर्भर होंगे। आत्म-निर्भर मध्य प्रदेश के लिये चार बिंदुओं पर आधारित रोड मैप बनाया गया है। यह 4 बिंदु हैं- भौतिक अधोसंरचना, सुशासन, स्वास्थ्य और शिक्षा तथा अर्थ-व्यवस्था एवं रोजगार।
- मध्य प्रदेश सरकार के दो प्रमुख लक्ष्य हैं- पहला, मध्य प्रदेश के नौजवानों में उद्यमिता के गुण का विकास करना, जिससे वे रोज़गार मांगने वाले नहीं अपितु रोज़गार देने वाले बनें और दूसरा, मध्य प्रदेश को निवेश के लिये सबसे आकर्षक राज्य बनाना।
- राज्य में निवेशकों को निवेश के लिये बेहतर वातावरण देने के उद्देश्य से अटल एक्सप्रेस-वे और प्रदेश की पूर्व से पश्चिमी सीमा तक नर्मदा एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जा रहा है। एक्सप्रेस-वे के आसपास औद्योगिक केंद्र तथा औद्योगिक टाउनशिप विकसित किये जाएंगे।
- प्रदेश में दक्ष मानव संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सिंगापुर के सहयोग से ग्लोबल स्किल पार्क बनाया जा रहा है।
- स्टार्ट योर बिजनेस इन 30 डेज'की अवधारणा लागू की जा रही। इसमें 30 दिन में उद्योग लगाने की अनुमति प्रदान कर दी जाएगी। मध्य प्रदेश सरप्लस बिजली उपलब्ध कराने वाला प्रदेश है।
- भारतमाला परियोजना के पहले चरण में इंदौर और भोपाल में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क बनाने का फैसला किया गया है।
- कोविड के दौर में मध्यप्रदेश में औद्योगिक इकाइयों में 2019 के मुकाबले में 2021 में 49 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इंडस्ट्रीज को लैंड अलॉटमेंट के मामले में 33 प्रतिशत, प्रस्तावित निवेश में 67 प्रतिशत और रोजगार में 39 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
- ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के सुधारों के सफल क्रियान्वयन से मध्य प्रदेश अतिरिक्त ऋण राशि का लाभ लेने वाले प्रथम 5 राज्यों में है।
- वेस्टर्न रीजन में मध्य प्रदेश ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इससे राज्य को 2,373 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध हुआ है। औद्योगिक विकास को तेजी से बढ़ाने के लिये 'देवास निवेश क्षेत्र' तथा 'रतलाम निवेश क्षेत्र'बनाए गए हैं।
- मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले के मोहासा-बाबई औद्योगिक क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा मेडिकल डिवाइस पार्क को मंजूरी प्रदान की गई है।
- प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों का जाल बिछाने के लिये 16 क्लस्टर्स चिह्नित किये गए हैं, जिनमें से केंद्र सरकार से 13 क्लस्टर्स की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इनमें फर्नीचर, टेक्सटाइल, पावरलूम, टॉय, गुड़, नमकीन जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इंदौर में फर्नीचर क्लस्टर को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
- लोकल को वोकल बनाने के लिये 'एक ज़िला-एक उत्पाद'योजना में प्रदेश के हर ज़िले के लिये विशिष्ट उत्पादों का चयन कर लिया गया है।
- निर्यातकों को मार्गदर्शन एवं प्रचार-प्रसार के लिये 'एमपी ट्रेड पोर्टल'एवं 'एक्सपोर्ट हेल्पलाइन'का शुभारंभ किया गया है।
- मध्य प्रदेश राज्य द्वारा अग्रणी राज्यों में रहते हुए रेगुलेटरी कम्प्ल्यांस बर्डन (अनुपालन बोझ) को कम करने के लिये सफलतापूर्वक 1,896 सुधार लागू किये गए हैं। जीआईएस आधारित भूमि आवंटन प्रणाली के साथ औद्योगिक क्षेत्रों में ऑनलाइन भूमि आवंटन की प्रक्रिया लागू की गई है।
चर्चा में क्यों?
हाल ही में हरियाणा सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा पाँच ज़िलों के स्कूलों में टैब वितरित करने हेतु पायलट प्रोजेक्ट शुरु किया गया है।
- हरियाणा सरकार ने पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत पाँच ज़िलों को चयन किया है, जिसमें गुरुग्राम, फरीदाबाद, जींद, अंबाला और करनाल शामिल हैं।
- पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत सरकारी स्कूलों में टैब वितरित किये जाएंगे तथा टैव के साथ दो जीबी डाटा भी मुफ्त मिलेगा।
- हालाँकि यह प्रोजेक्ट 9वीं से 12वीं कक्षा तक के बच्चों के लिये है, पर हरियाणा शिक्षा विभाग ने अभी 11वीं और 12वीं कक्षा के बच्चों को ही टैब देने की स्वीकृति प्रदान की है। इसके लिये सरकार 'पहल'नाम का सॉफ्टवेयर भी अपलोड करके देगी।
- उल्लेखनीय है कि गुरुग्राम और फरीदाबाद में वायु प्रदूषण के कारण स्कूल बंद हैं, इसलिये बाकी तीन ज़िलों में यह पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चल रहा है।
- गुरुग्राम और फरीदाबाद के स्कूल बंद होने की वजह से राज्य के किन्हीं अन्य दो ज़िलों को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शामिल किया जाएगा।
- विदित है कि हरियाणा सरकार ने 560 करोड़ की लागत से 5 लाख टैब खरीदने का टेंडर भी जारी किर दिया है।
चर्चा में क्यों?
7 दिसंबर, 2021 को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन साहिबगंज ज़िले के बरहेट प्रखंड स्थित भोगनाडीह में 'आपके अधिकार आपकी सरकार आपके द्वार'कार्यक्रम में शामिल हुए।
- इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वीर शहीद सिदो, कान्हू, चांद, भैरव और फूलो-झानो से संबंधित आर्ट गैलरी का उद्घाटन किया।
- मुख्यमंत्री ने गुमानी नदी के किनारे बनने वाले फूलो-झानो स्मृति वन का शिलान्यास किया। यहाँ फूलो-झानो की प्रतिमा लगाई जाएगी, वहीं इस स्थल को पर्यटक स्थल के रूप में भी विकसित किया जाएगा।
- मुख्यमंत्री ने भोगनाडीह में खेलों को बढ़ावा देने के लिये क्रीड़ा किसलय फुटबॉल प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ किया।
- उल्लेखनीय है कि घर-घर, जन-जन को सरकार का हिस्सा बनाने के मकसद से 'आपके अधिकार आपकी सरकार आपके द्वार'कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
- इस कार्यक्रम के तहत सभी पंचायतों में शिविर लगाकर सरकार द्वारा चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। लोगों की समस्याओं का समाधान हो रहा है और उन्हें विकास योजनाओं से जोड़ा जा रहा है।
- मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 1296 योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास किया। इनमें 1289 योजनाओं का शिलान्यास और 7 योजनाओं का उद्घाटन शामिल है।
- इसमें शिलान्यास की जाने वाली कुल योजनाओं में 1262 योजनाएँ जल जीवन मिशन से जुड़ी हैं। इसके अलावा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभुकों के बीच परिसंपत्ति का वितरण करने के साथ नव चयनित कर्मियों को मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र प्रदान किया।
चर्चा में क्यों?
7 दिसंबर, 2021 को छत्तीसगढ़ के ग्राम पंचायत नारायणपुर में सरपंच मुक्तिलता ने अपनी ग्राम पंचायत को सिंगल यूज़ प्लास्टिक से मुक्ति दिलाने हेतु बर्तन बैंक खोलकर एक नई पहल की शुरुआत की।
- स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत ज़िले को सिंगल यूज़ प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिये सार्थक प्रयास किया जा रहा है जिसके परिणामस्वरूप कुनकुरी विकासखंड के ग्राम पंचायत नारायणपुर में सरपंच द्वारा ग्राम पंचायत में उपलब्ध राशि से स्वच्छाग्रही समूह के माध्यम से बर्तन बैंक का शुभारंभ किया गया।
- जिससे ग्राम पंचायत में आयोजित होने वाले सामाजिक कार्यक्रम आयोजनों में प्लास्टिक के दोना थाली, चम्मच, कटोरी, डिस्पोजल गिलास की जगह बर्तन का उपयोग किया जाएगा।
चर्चा में क्यों?
7 दिसंबर, 2021 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली पोखरी में हिमवंत कवि चंद्रकुवर बर्त्वाल खादी ग्रामोद्योग और पर्यटन शरदोत्सव, 2021 मेले का शुभारंभ किया।
- मुख्यमंत्री ने मेले का शुभारंभ करते हुए पहाड़ों में उद्योग-धंधों की महत्ता को स्पष्ट करते हुए बताया कि जब पहाड़ों में उद्योग धंधे खुलेंगे तो रोज़गार का सृजन होगा। उन्होंने चमोली पोखरी मेले को राजकीय मेला घोषित करने की घोषणा की।
- उल्लेखनीय है कि पोखरी मेले का आयोजन पाँच दिनों के लिये किया गया है।
- मुख्यमंत्री ने इस मेले के आयोजन के लिये 2 लाख रुपए की राशि देने का भी एलान किया है।
| चर्चा में क्यों? सात दिसंबर, दो हज़ार इक्कीस को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनपद गोरखपुर में लगभग दस हज़ार करोड़ रुपए की लागत से स्थापित परियोजनाओं- हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लि. गोरखपुर, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान गोरखपुर तथा आई.सी.एम.आर.- रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर गोरखपुर का लोकार्पण किया। - आठ हज़ार छः सौ तीन करोड़ से तैयार हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड के गोरखपुर खाद कारखाने में सालाना लगभग बारह.सात लाख टन नीम कोटेड यूरिया का उत्पादन होगा। - इस कारखाने से राज्य के किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया की उपलब्धता होगी। पूर्वांचल में रोज़गार और स्वरोज़गार के अवसर उत्पन्न होंगे। खाद कारखाने से जुड़े सहायक उद्योगों के साथ ही ट्रांसपोर्टेशन सर्विस सेंटर को बढ़ावा मिलेगा। - उल्लेखनीय है कि नेप्था आधारित पुराना गोरखपुर यूरिया प्लांट एक हज़ार नौ सौ उनहत्तर में लगा था। यह खाद कारखाना दस जून, एक हज़ार नौ सौ नब्बे को बंद हो गया था। एफसीआई के बंद पड़े यूरिया प्लांट की जगह हिन्दुस्तान उवर्रक रसायन लिमिटेड द्वारा चार गुना बड़ा ग्रीन फील्ड यूरिया प्लांट लगाया गया है। - वर्ष दो हज़ार सोलह में प्रधानमंत्री ने गोरखपुर के इसी खाद कारखाने का शिलान्यास किया। पहले गोरखपुर में स्थापित उर्वरक कारखाने के स्थान पर बना यह नया कारखाना पहले की तुलना में चार गुना अधिक क्षमता का है। - गोरखपुर खाद कारखाने के प्रिलिंग टावर की ऊँचाई कुतुब मीनार से दोगुने से भी अधिक है। कुतुब मीनार की ऊँचाई बहत्तर दशमलव पाँच मीटर है, जबकि प्रिलिंग टावर की ऊंचाई एक सौ उनचास दशमलव पाँच मीटर है। विश्व में दूसरे नंबर का सबसे ऊंचा मीटर एग्रो फर्टिलाइजर्स लिमिटेड ने पाकिस्तान के दहरकी में बनया है। उसकी ऊँचाई एक सौ पच्चीस मीटर है, जबकि गोरखपुर खाद कारखाने की ऊँचाई इससे करीब पच्चीस मीटर अधिक है। - लगभग एक हज़ार ग्यारह करोड़ रुपए से बन रहे गोरखपुर एम्स की क्षमता एक सौ बेड की है। इस केंद्रीय संस्थान का शिलान्यास जुलाई दो हज़ार सोलह में प्रधानमंत्री ने किया था। - एम्स गोरखपुर तथा रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर की स्थापना से दिमागी बुखार सहित अन्य संक्रामक बीमारियों से बचाव में मदद मिलेगी। बीआरडी मेडिकल कालेज परिसर स्थित रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर की अत्यधुनिक लैब छत्तीस करोड़ की लागत से तैयार की गई हैं। चर्चा में क्यों? हाल ही में भागलपुर ज़िले के विभिन्न सरकारी स्कूलों में 'नटखट साइंस लैब'खोले जाने की घोषणा की गई है। - 'नटखट साइंस लैब'के खुलने से छात्र-छात्राएँ अन्य प्रोजेक्ट, टीचिंग मैटेरियल, एक्जीबिशन के लिये मॉडल, ज़िला से राष्ट्रस्तरीय विज्ञान प्रतियोगिता तक के लिये मॉडल बना सकेंगे। - इसमें किसी भी स्कूल के छात्र अपने अनुसार मॉडल बना सकेंगे तथा इसके लिये उन्हें कोई शुल्क भी नहीं देना होगा। - शिक्षा विभाग भागलपुर की पहल पर अमेरिका के एबाको फाउंडेशन और करुणोदय फाउंडेशन द्वारा संचालित नटखट साइंस लैब ज़िले के सिर्फ एक स्कूल प्राथमिक विद्यालय मोक्षदा में खोली गई है। - जनवरी तक भागलपुर ज़िले में दस लैब खोली जाएंगी। इसकी सफलता पर तीन सौ अन्य केंद्र दो साल में खोलने की योजना है। - लैब के प्रोजेक्ट हेड शेखर सुमन ने बताया कि लैब में सात शिक्षक को मास्टर ट्रेनर बनाया जा रहा है तथा इनके द्वारा अन्य स्कूलों के शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। - इस लैब में कक्षा छह से दसवीं के छात्रों के लिये हर तरह के मॉडल बनाने की सुविधा है, जिसमें बेकार सामान से साइंस के मॉडल बनाने की समझ, रद्दी पेपर से क्राफ्ट बनाने की समझ, मिटेी से नए-नए खिलौने बनाने की समझ को विकसित किया जाएगा। चर्चा में क्यों? सात दिसंबर, दो हज़ार इक्कीस को राज्य सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर राज्य में एक सौ आठ आपातकालीन सेवाओं के साथ-साथ एक सौ चार जननी एक्सप्रेस बेस एंबुलेंस एवं एक सौ चार टोल फ्री चिकित्सा परामर्श सेवाओं के साथ जुड़े समस्त कार्यालय एवं कर्मचारीयों तथा उनके कार्यकलापों से संबंधित समस्त सेवाओं को छः दिसंबर, दो हज़ार इक्कीस से आगामी छः माह तक अत्यावश्यक सेवा घोषित किया है। - गृह विभाग की ओर से इस संबंध में जारी आदेशानुसार उक्त सेवाओं में हड़ताल होने से सेवाओं के प्रदाय एवं अनुरक्षण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता था और उसके परिणामस्वरूप समुदाय को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता था। - इसे मद्देनज़र रखते हुए राजस्थान राज्य सरकार ने अत्यावश्यक सेवाएँ अनुरक्षण अधिनियम एक हज़ार नौ सौ सत्तर के तहत तुरंत प्रभाव से एक सौ आठ आपातकालीन सेवाओं के साथ-साथ एक सौ चार जननी एक्सप्रेस एंबुलेंस एवं एक सौ चार टोल फ्री चिकित्सा परामर्श सेवाएँ जिनका संचालन प्रदाता कंपनी जीवीके ईएमआरआई के माध्यम से इनिटग्रेटेड एंबुलेंस प्रोजेक्ट के तहत किया जा रहा है, को अत्यावश्यक सेवा घोषित किया है। चर्चा में क्यों? सात दिसंबर, दो हज़ार इक्कीस को राजस्थान के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने विद्युत भवन में आयोजित एनर्जी एफिशिएंसी कमेटी की बैठक में ऊर्जा विभाग द्वारा दो हज़ार छब्बीस-सत्ताईस तक बिजली की वर्षवार बिजली उपलब्धता, मांग और आपूर्ति व्यवस्था का रोडमेप बनाने के निर्देश दिये। - संयुक्त सचिव एनर्जी आलोक रंजन के नेतृत्व में प्लानिंग व कोआर्डिनेशन सेल का गठन भी किया गया है यह सेल राज्य की सभी विद्युत कंपनियों से परस्पर समन्वय व संवाद कायम करेगा, ताकि सूचनाओं की त्वरित प्राप्ति के साथ ही समयबद्ध कार्यनिष्पादन सुनिश्चित किया जा सके। - एसीएस माइंस, पेट्रोलियम व एनर्जी सचिव ने बताया कि ऊर्जा विकास निगम के निदेशक पावर ट्रेडिंग पीएस सक्सेना आठ से दस दिनों में विद्युत उत्पादन निगम, तीनों डिस्कॉम, अक्षय ऊर्जा निगम व ऊर्जा विकास निगम सहित संबंधित संस्थाओं के विशेषज्ञ अधिकारियों के साथ मिलकर रोडमेप की रूपरेखा तैयार करेंगे। - यह दल राज्य में विद्युत उत्पादन के कन्वेशनल सोर्सेज के साथ ही अक्षय ऊर्जा व नवीकरण सोर्सेज से सोलर, विंड और बायोमास आदि की उपलब्ध क्षमता व भावी संभावनाओं का भी रोडमेप में समावेश करेगा। बाद में इसे अंतिम रूप देकर राज्य सरकार को उपलब्ध करा दिया जाएगा। - वर्ष दो हज़ार उन्नीस-बीस में राज्य में छः हज़ार मेगावाट उत्पादन क्षमता बढ़ाने की घोषणा की गई थी, जिसे चरणबद्ध तरीके से इस रोडमेप के आधार पर बढ़ाया जाएगा। इस तरह सभी जिलों में काश्तकारों को खेती के लिये दिन में बिजली उपलब्ध कराने की बजट घोषणा का क्रियान्वयन किया जाएगा। - डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि एनर्जी एफिशिएंसी कमेटी की पहली बैठक जून दो हज़ार उन्नीस में हुई थी। जुलाई दो हज़ार इक्कीस में भी आयोजित बैठक में तात्कालीक समाधान पर चर्चा की गई। दिसंबर दो हज़ार इक्कीस के अंत तक विभाग स्तर पर कार्ययोजना कोे अंतिम रूप दे रूप दे दिया जाएगा। चर्चा में क्यों? सात दिसंबर, दो हज़ार इक्कीस को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में राष्ट्रीय उद्यानों/अभयारण्यों एवं टाईगर रिज़र्व के कॉरिडोर से ग्रामों के पुनर्वास के लिये राज्य योजना में मुआवजा की प्रति परिवार पैकेज राशि दस लाख से बढ़ाकर पंद्रह लाख रुपए अंगीकार करने की मंजूरी दी गई। - वन विभाग की ग्रामों के पुनर्वास के लिये 'मुआवजा'योजना के लिये वर्ष दो हज़ार इक्कीस-बाईस से दो हज़ार पच्चीस-छब्बीस के लिये राशि पचहत्तर करोड़ की स्वीकृति की गई। - कैंपा मद से वित्तीय वर्ष दो हज़ार बाईस-तेईस से दो हज़ार पच्चीस-छब्बीस तक कुल चार वर्ष के लिये दो सौ पचासी करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी की जाने का अनुमोदन भी किया गया। - मंत्रि-परिषद ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, ग्वालियर को एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिये ग्राम लोहारपुर तहसील मुरार, ज़िला ग्वालियर में स्थित कुल रकबा सत्तावन.नौ सौ बावन हेक्टेयर शासकीय भूमि, शून्य प्रब्याजि एवं एक रुपया वार्षिक भू-भाटक पर आवंटन करने का निर्णय लिया। - मंत्रि-परिषद द्वारा 'छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय, छिंदवाड़ा'का नाम 'राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय, छिंदवाड़ा'किया जाने के प्रस्तावित संशोधन विधेयक के प्रस्तुत प्रस्ताव को मान्य किया गया। - मंत्रि-परिषद ने ग्वालियर व्यापार मेला, ग्वालियर का आयोजन सुचारू रूप से संचालित किया करने के दृष्टिगत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा प्रशासित अधिनियम 'ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण अधिनियम में शब्द 'वाणिज्य एवं उद्योग विभाग' के स्थान पर शब्द 'सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग'प्रतिस्थापित करने के लिये ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण विधेयक दो हज़ार इक्कीस को अनुमोदन किया। - इस विधेयक को विधानसभा में प्रस्तुत कर पारित कराने की सभी कार्यवाही करने के लिये सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग को अधिकृत किया गया है। चर्चा में क्यों? सात दिसंबर, दो हज़ार इक्कीस को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर संचालक सैनिक कल्याण संचालनालय, ब्रिगेडियर अरुण सहगल ने दिवस का प्रतीक ध्वज लगाया तथा प्रतीक-चिह्न भेंट किया गया। - भारतीय सशस्त्र सेनाओं के सैनिक देश की रक्षा, आंतरिक सुरक्षा और प्राकृतिक आपदाओं में कर्त्तव्य पालन करते हुए वीरगति को प्राप्त हो जाते हैं। इन सैनिकों को स्मरण करने, सम्मान देने तथा देश के नागरिकों द्वारा सैनिकों के प्रति सम्मान भाव प्रकट करने के लिये वर्ष एक हज़ार नौ सौ उनचास से प्रतिवर्ष सात दिसंबर को सशस्त्र सेना झंडा दिवस के रूप में मनाया जाता है। - इस दिवस पर मोटर वाहनों में लगने वाले कार ध्वज तथा प्रतीक ध्वज वितरित करने से संग्रहीत राशि से शहीद सैनिकों के आश्रित परिजन, दिव्यांग सैनिकों, पूर्व सैनिकों, सेवारत सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण एवं पुनर्वास से संबंधित आर्थिक सहायता योजनाएँ संचालित की जाती हैं। चर्चा में क्यों? सात दिसंबर, दो हज़ार इक्कीस को मध्य प्रदेश लोक निर्माण, कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री गोपाल भार्गव की अध्यक्षता में निगम के संचालक मंडल की एक सौ अड़तीसवीं बैठक में में उत्पादित हैंडलूम उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार मुहैया कराने के लिये मध्य प्रदेश हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम द्वारा हैंडलूम एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल, नई दिल्ली की सदस्यता लेने का निर्णय लिया गया है। - मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि प्रदेश के हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिये मृगनयनी एंपोरियम की भूमिका सराहनीय है। इसी क्रम में हैंडलूम एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल की सदस्यता ली जा रही है। - संचालक मंडल की एक सौ सैंतीसवीं बैठक के पालन प्रतिवेदन, आउटसोर्स कर्मचारियों के अनुबंध, मुख्यमंत्री कोविड-उन्नीस अनुकंपा नियुक्ति योजना में नियुक्तियों पर भी निर्णय लिया गया। - बैठक में प्रबंध संचालक संत रविदास मध्य प्रदेश हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम अनुभा श्रीवास्तव ने निगम की गतिविधियों के संबंध में जानकारी दी। चर्चा में क्यों? सात दिसंबर, दो हज़ार इक्कीस को मध्य प्रदेश के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह डंग और लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी की उपस्थिति मे साँची में हुई बैठक में साँची को सोलर सिटी बनाने के लिये कार्य-योजना तैयार की गई तथा सोलर सिटी परियोजना में साँची ग्रिड सिस्टम में छः हज़ार किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम लगाने की घोषणा की। - साँची को ग्राउंड माउंटेड सोलर सिस्टम बनाने के लिये नागोरी गाँव में बीस एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। सोलर सिस्टम क्षमता के फेस एक.पाँच मेगावाट की स्थापना के लिये अतिरिक्त चार हेक्टयर भूमि की पहचान की जाएगी। - गौरतलब है कि केंद्र शासन द्वारा प्रत्येक राज्य में एक शहर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। - मध्य प्रदेश शासन ने पर्यटन और राजधानी से निकटता को ध्यान में रखते हुए साँची को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। - साँची के प्रत्येक घर, कृषि और उद्योग को सोलर सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इससे बिजली का बिल, प्रदूषण, सरकारी सब्सिडी की आवश्यकता में कमी आने के साथ स्थानीय अर्थ-व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। - साँची अन्य शहरों के लिये अनुकरणीय मॉडल बनेगा। साँची की पर्यटन के साथ सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी अलग पहचान होगी। चर्चा में क्यों? सात दिसंबर, दो हज़ार इक्कीस को मध्य प्रदेश के मंत्रालय में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में राष्ट्रीय शिक्षा नीति दो हज़ार बीस के लिये गठित टास्क फोर्स की बैठक हुई। - इस बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि योग को खेल के रूप में विकसित कर शालेय शिक्षा के पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया जाएगा। प्रदेश में जन-जन तक योग के विस्तार के लिये योग आयोग का गठन किया जाएगा। - योग की शिक्षा को शालेय स्तर पर जोड़ने से शिक्षा को रूचिकर बनाने और विद्यार्थियों के स्वास्थ्य संवर्धन में सहायता मिलेगी। - मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति में व्यावसायिक शिक्षा के साथ नैतिक शिक्षा देने की प्रभावी पद्धति का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्थानीय कौशल और महत्त्वपूर्ण व्यावसायिक शिल्प सीखने के स्पष्ट प्रावधान हैं। - कक्षा छः और कक्षा नौ में ड्रॉप आउट की संख्या में कमी लाने के लिये कक्षा पाँचवीं से छःवीं और कक्षा आठवीं से नौवीं में प्रवेश हेतु 'स्कूल चलें अभियान'चलाया जाएंगा। - स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति दो हज़ार बीस के क्रियान्वयन के लिये टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इसमें राज्य पाठ्यचर्या के लिये चार फ्रेमवर्क समूह और स्टेट केरीकुलम फ्रेमवर्क के विकास के लिये राज्य स्तर पर पच्चीस फोकस ग्रुप गठित किये गए हैं। टास्क फोर्स में चौबीस अशासकीय सदस्य तथा छब्बीस शासकीय सदस्य हैं। सात दिसंबर, दो हज़ार इक्कीस को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा होटल ली मेरिडियन नई दिल्ली में आयोजित स्टेट पॉलिसी कॉन्क्लेव- दो हज़ार इक्कीस में मंत्रालय से वर्चुअली सहभागिता की। - मुख्यमंत्री ने कहा है कि कि देश तभी आत्म-निर्भर बनेगा, जब राज्य आत्म-निर्भर होंगे। आत्म-निर्भर मध्य प्रदेश के लिये चार बिंदुओं पर आधारित रोड मैप बनाया गया है। यह चार बिंदु हैं- भौतिक अधोसंरचना, सुशासन, स्वास्थ्य और शिक्षा तथा अर्थ-व्यवस्था एवं रोजगार। - मध्य प्रदेश सरकार के दो प्रमुख लक्ष्य हैं- पहला, मध्य प्रदेश के नौजवानों में उद्यमिता के गुण का विकास करना, जिससे वे रोज़गार मांगने वाले नहीं अपितु रोज़गार देने वाले बनें और दूसरा, मध्य प्रदेश को निवेश के लिये सबसे आकर्षक राज्य बनाना। - राज्य में निवेशकों को निवेश के लिये बेहतर वातावरण देने के उद्देश्य से अटल एक्सप्रेस-वे और प्रदेश की पूर्व से पश्चिमी सीमा तक नर्मदा एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जा रहा है। एक्सप्रेस-वे के आसपास औद्योगिक केंद्र तथा औद्योगिक टाउनशिप विकसित किये जाएंगे। - प्रदेश में दक्ष मानव संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सिंगापुर के सहयोग से ग्लोबल स्किल पार्क बनाया जा रहा है। - स्टार्ट योर बिजनेस इन तीस डेज'की अवधारणा लागू की जा रही। इसमें तीस दिन में उद्योग लगाने की अनुमति प्रदान कर दी जाएगी। मध्य प्रदेश सरप्लस बिजली उपलब्ध कराने वाला प्रदेश है। - भारतमाला परियोजना के पहले चरण में इंदौर और भोपाल में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क बनाने का फैसला किया गया है। - कोविड के दौर में मध्यप्रदेश में औद्योगिक इकाइयों में दो हज़ार उन्नीस के मुकाबले में दो हज़ार इक्कीस में उनचास प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इंडस्ट्रीज को लैंड अलॉटमेंट के मामले में तैंतीस प्रतिशत, प्रस्तावित निवेश में सरसठ प्रतिशत और रोजगार में उनतालीस प्रतिशत की वृद्धि हुई है। - ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के सुधारों के सफल क्रियान्वयन से मध्य प्रदेश अतिरिक्त ऋण राशि का लाभ लेने वाले प्रथम पाँच राज्यों में है। - वेस्टर्न रीजन में मध्य प्रदेश ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इससे राज्य को दो,तीन सौ तिहत्तर करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध हुआ है। औद्योगिक विकास को तेजी से बढ़ाने के लिये 'देवास निवेश क्षेत्र' तथा 'रतलाम निवेश क्षेत्र'बनाए गए हैं। - मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले के मोहासा-बाबई औद्योगिक क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा मेडिकल डिवाइस पार्क को मंजूरी प्रदान की गई है। - प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों का जाल बिछाने के लिये सोलह क्लस्टर्स चिह्नित किये गए हैं, जिनमें से केंद्र सरकार से तेरह क्लस्टर्स की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इनमें फर्नीचर, टेक्सटाइल, पावरलूम, टॉय, गुड़, नमकीन जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इंदौर में फर्नीचर क्लस्टर को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। - लोकल को वोकल बनाने के लिये 'एक ज़िला-एक उत्पाद'योजना में प्रदेश के हर ज़िले के लिये विशिष्ट उत्पादों का चयन कर लिया गया है। - निर्यातकों को मार्गदर्शन एवं प्रचार-प्रसार के लिये 'एमपी ट्रेड पोर्टल'एवं 'एक्सपोर्ट हेल्पलाइन'का शुभारंभ किया गया है। - मध्य प्रदेश राज्य द्वारा अग्रणी राज्यों में रहते हुए रेगुलेटरी कम्प्ल्यांस बर्डन को कम करने के लिये सफलतापूर्वक एक,आठ सौ छियानवे सुधार लागू किये गए हैं। जीआईएस आधारित भूमि आवंटन प्रणाली के साथ औद्योगिक क्षेत्रों में ऑनलाइन भूमि आवंटन की प्रक्रिया लागू की गई है। चर्चा में क्यों? हाल ही में हरियाणा सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा पाँच ज़िलों के स्कूलों में टैब वितरित करने हेतु पायलट प्रोजेक्ट शुरु किया गया है। - हरियाणा सरकार ने पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत पाँच ज़िलों को चयन किया है, जिसमें गुरुग्राम, फरीदाबाद, जींद, अंबाला और करनाल शामिल हैं। - पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत सरकारी स्कूलों में टैब वितरित किये जाएंगे तथा टैव के साथ दो जीबी डाटा भी मुफ्त मिलेगा। - हालाँकि यह प्रोजेक्ट नौवीं से बारहवीं कक्षा तक के बच्चों के लिये है, पर हरियाणा शिक्षा विभाग ने अभी ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के बच्चों को ही टैब देने की स्वीकृति प्रदान की है। इसके लिये सरकार 'पहल'नाम का सॉफ्टवेयर भी अपलोड करके देगी। - उल्लेखनीय है कि गुरुग्राम और फरीदाबाद में वायु प्रदूषण के कारण स्कूल बंद हैं, इसलिये बाकी तीन ज़िलों में यह पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चल रहा है। - गुरुग्राम और फरीदाबाद के स्कूल बंद होने की वजह से राज्य के किन्हीं अन्य दो ज़िलों को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शामिल किया जाएगा। - विदित है कि हरियाणा सरकार ने पाँच सौ साठ करोड़ की लागत से पाँच लाख टैब खरीदने का टेंडर भी जारी किर दिया है। चर्चा में क्यों? सात दिसंबर, दो हज़ार इक्कीस को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन साहिबगंज ज़िले के बरहेट प्रखंड स्थित भोगनाडीह में 'आपके अधिकार आपकी सरकार आपके द्वार'कार्यक्रम में शामिल हुए। - इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वीर शहीद सिदो, कान्हू, चांद, भैरव और फूलो-झानो से संबंधित आर्ट गैलरी का उद्घाटन किया। - मुख्यमंत्री ने गुमानी नदी के किनारे बनने वाले फूलो-झानो स्मृति वन का शिलान्यास किया। यहाँ फूलो-झानो की प्रतिमा लगाई जाएगी, वहीं इस स्थल को पर्यटक स्थल के रूप में भी विकसित किया जाएगा। - मुख्यमंत्री ने भोगनाडीह में खेलों को बढ़ावा देने के लिये क्रीड़ा किसलय फुटबॉल प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ किया। - उल्लेखनीय है कि घर-घर, जन-जन को सरकार का हिस्सा बनाने के मकसद से 'आपके अधिकार आपकी सरकार आपके द्वार'कार्यक्रम चलाया जा रहा है। - इस कार्यक्रम के तहत सभी पंचायतों में शिविर लगाकर सरकार द्वारा चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। लोगों की समस्याओं का समाधान हो रहा है और उन्हें विकास योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। - मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एक हज़ार दो सौ छियानवे योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास किया। इनमें एक हज़ार दो सौ नवासी योजनाओं का शिलान्यास और सात योजनाओं का उद्घाटन शामिल है। - इसमें शिलान्यास की जाने वाली कुल योजनाओं में एक हज़ार दो सौ बासठ योजनाएँ जल जीवन मिशन से जुड़ी हैं। इसके अलावा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभुकों के बीच परिसंपत्ति का वितरण करने के साथ नव चयनित कर्मियों को मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र प्रदान किया। चर्चा में क्यों? सात दिसंबर, दो हज़ार इक्कीस को छत्तीसगढ़ के ग्राम पंचायत नारायणपुर में सरपंच मुक्तिलता ने अपनी ग्राम पंचायत को सिंगल यूज़ प्लास्टिक से मुक्ति दिलाने हेतु बर्तन बैंक खोलकर एक नई पहल की शुरुआत की। - स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत ज़िले को सिंगल यूज़ प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिये सार्थक प्रयास किया जा रहा है जिसके परिणामस्वरूप कुनकुरी विकासखंड के ग्राम पंचायत नारायणपुर में सरपंच द्वारा ग्राम पंचायत में उपलब्ध राशि से स्वच्छाग्रही समूह के माध्यम से बर्तन बैंक का शुभारंभ किया गया। - जिससे ग्राम पंचायत में आयोजित होने वाले सामाजिक कार्यक्रम आयोजनों में प्लास्टिक के दोना थाली, चम्मच, कटोरी, डिस्पोजल गिलास की जगह बर्तन का उपयोग किया जाएगा। चर्चा में क्यों? सात दिसंबर, दो हज़ार इक्कीस को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली पोखरी में हिमवंत कवि चंद्रकुवर बर्त्वाल खादी ग्रामोद्योग और पर्यटन शरदोत्सव, दो हज़ार इक्कीस मेले का शुभारंभ किया। - मुख्यमंत्री ने मेले का शुभारंभ करते हुए पहाड़ों में उद्योग-धंधों की महत्ता को स्पष्ट करते हुए बताया कि जब पहाड़ों में उद्योग धंधे खुलेंगे तो रोज़गार का सृजन होगा। उन्होंने चमोली पोखरी मेले को राजकीय मेला घोषित करने की घोषणा की। - उल्लेखनीय है कि पोखरी मेले का आयोजन पाँच दिनों के लिये किया गया है। - मुख्यमंत्री ने इस मेले के आयोजन के लिये दो लाख रुपए की राशि देने का भी एलान किया है। |
मोदी सरकार ने उत्तरप्रदेश के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हेमवती नंदन बहुगुणा का डाक टिकट जारी कर दिया है। इस डाक टिकट की शुरूआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद की है।
उत्तराखंड के पौड़ी जिले में जन्मे हेमवती नंदन बहुगुणा पहली बार 8 नवम्बर, 1973 से 4 मार्च, 1974 और दूसरी बार 5 मार्च, 1974 से 29 नवम्बर, 1975 तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। इसके अलावा वो वर्ष 1977 में केन्द्रीय मंत्रिमण्डल में पेट्रोलियम,रसायन तथा उर्वरक मंत्री और वर्ष 1979 में केन्द्रीय वित्त मंत्री भी रह चुके हैं।
वर्ष 1984 चुनाव में राजीव गांधी ने अमिताभ बच्चन को हेमवती नंदन बहुगुणा के खिलाफ खड़ा कर दिया। इस चुनाव में अमिताभ बच्चन ने बहुगुणा को एक लाख 87 हज़ार वोट से हराया था।
उत्तराखंड के पौड़ी जिले के बुधाणी गांव में वर्ष 25 अप्रैल, 1919 में हेमवती नंदन बहुगुणा का जन्म हुआ था। पढ़ाई के दौरान वो लाल बहादुर शास्त्री से मिले थे। इसके बाद वर्ष 1936 से वर्ष 1942 तक वो छात्र आंदोलनों में शामिल रहे थे। वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में उनकी भूमिका ने उन्हें लोकप्रियता दिला दी। उनकी क्रांतिकारी सोच को देखते हुए उस समय अंग्रेजों ने उन्हें जिंदा या मुर्दा पकड़ने पर पांच हज़ार रुपए का ईनाम रखा था। आज़ादी के बाद वर्ष 1952 से वो लगातार उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमिटी के सदस्य रहे।
हेमवती नंदन बहुगुणा वर्ष 1974 में यूपी के सीएम भी रहे। वो एक बेहतरीन वक्ता भी थे, देश की तेल समस्या, खाद्यान समस्या, कानून व्यवस्था, विदेश नीति, कम्युनलिज्म और इतिहास पर उन्होंने घंटों तक भाषण दिए थे।
लखनऊ। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (ISI) के लिए भारतीय सेना की जासूसी करने वाले एक युवक शैलेश कुमार उर्फ शैलेंद्र सिंह चौहान को आतंक निरोधक दस्ता (ATS) ने मंगलवार को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। वह मूल रूप से उप्र के कासगंज जिले के पटियाली थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले जिनौल गांव का रहने वाला है।
आरोपी भारतीय सेना की गोपनीय सूचनाएं व्हाट्सएप और फेसबुक के माध्यम से ISI को साझा कर रहा था। खुलासा होने के बाद कासगंज जिले की पुलिस भी सक्रिय हो गई। पुलिस आरोपी शैलेश कुमार उर्फ शैलेंद्र सिंह चौहान के घर पहुंचकर जांच में जुट गई है। एसपी सौरभ दीक्षित ने सीओ पटियाली को इस मामले में जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं। ATS ने आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट की धाराओं एवं विधि विरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया है।
आरोपी शैलेश पूर्व में 8-9 माह तक अरुणांचल प्रदेश में भारतीय सेना में अस्थायी श्रमिक के रूप में कार्य कर चुका है। वहां रहने के दौरान उसके पास सेना की महत्वपूर्ण जानकारियां थीं। वह सेना में किसी पद पर कार्यरत नहीं है, लेकिन वह स्वयं के भारतीय सेना में तैनात होना बताता है।
सोशल मीडिया पर भी शैलेश चौहान के नाम से उसकी प्रोफाइल बनी हुई है। उस पर भारतीय सेना की यूनिफॉर्म पहने हुए उसकी फोटो लगी है। शैलेश पहले ISI हैंडलर हरलीन कौर नाम की महिला के संपर्क में आया। उससे मैसेंजर पर बात हुई। उसके बाद वह ISI हैंडलर प्रीती के संपर्क में आया। उसकी ऑडियो कॉल के माध्यम से बात होने लगी। शैलेश ने प्रीती को भी अपना परिचय सेना के जवान के रूप में दिया। निजी बातचीत के दौरान प्रीती ने उसे ISI के लिए काम करने की बात कही।
इसके बदले अच्छी रकम देने का लालच दिया। लालच में आकर शैलेश ने प्रीती को सेना से जुड़े महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की लोकेशन, सेना की गाड़ियों के मूवमेंट के फोटो भेजे। यही फोटो उसने हरलीन कौर को भी भेजे। शैलेश को फोन पे पर अप्रैल 2023 से रुपये मिलने लगे। एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि इस मामले की जानकारी कराई जा रही है। पटियाली सीओ को पूरी जांच पड़ताल का जिम्मा सौंपा है।
| मोदी सरकार ने उत्तरप्रदेश के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हेमवती नंदन बहुगुणा का डाक टिकट जारी कर दिया है। इस डाक टिकट की शुरूआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद की है। उत्तराखंड के पौड़ी जिले में जन्मे हेमवती नंदन बहुगुणा पहली बार आठ नवम्बर, एक हज़ार नौ सौ तिहत्तर से चार मार्च, एक हज़ार नौ सौ चौहत्तर और दूसरी बार पाँच मार्च, एक हज़ार नौ सौ चौहत्तर से उनतीस नवम्बर, एक हज़ार नौ सौ पचहत्तर तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। इसके अलावा वो वर्ष एक हज़ार नौ सौ सतहत्तर में केन्द्रीय मंत्रिमण्डल में पेट्रोलियम,रसायन तथा उर्वरक मंत्री और वर्ष एक हज़ार नौ सौ उन्यासी में केन्द्रीय वित्त मंत्री भी रह चुके हैं। वर्ष एक हज़ार नौ सौ चौरासी चुनाव में राजीव गांधी ने अमिताभ बच्चन को हेमवती नंदन बहुगुणा के खिलाफ खड़ा कर दिया। इस चुनाव में अमिताभ बच्चन ने बहुगुणा को एक लाख सत्तासी हज़ार वोट से हराया था। उत्तराखंड के पौड़ी जिले के बुधाणी गांव में वर्ष पच्चीस अप्रैल, एक हज़ार नौ सौ उन्नीस में हेमवती नंदन बहुगुणा का जन्म हुआ था। पढ़ाई के दौरान वो लाल बहादुर शास्त्री से मिले थे। इसके बाद वर्ष एक हज़ार नौ सौ छत्तीस से वर्ष एक हज़ार नौ सौ बयालीस तक वो छात्र आंदोलनों में शामिल रहे थे। वर्ष एक हज़ार नौ सौ बयालीस के भारत छोड़ो आंदोलन में उनकी भूमिका ने उन्हें लोकप्रियता दिला दी। उनकी क्रांतिकारी सोच को देखते हुए उस समय अंग्रेजों ने उन्हें जिंदा या मुर्दा पकड़ने पर पांच हज़ार रुपए का ईनाम रखा था। आज़ादी के बाद वर्ष एक हज़ार नौ सौ बावन से वो लगातार उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमिटी के सदस्य रहे। हेमवती नंदन बहुगुणा वर्ष एक हज़ार नौ सौ चौहत्तर में यूपी के सीएम भी रहे। वो एक बेहतरीन वक्ता भी थे, देश की तेल समस्या, खाद्यान समस्या, कानून व्यवस्था, विदेश नीति, कम्युनलिज्म और इतिहास पर उन्होंने घंटों तक भाषण दिए थे। लखनऊ। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के लिए भारतीय सेना की जासूसी करने वाले एक युवक शैलेश कुमार उर्फ शैलेंद्र सिंह चौहान को आतंक निरोधक दस्ता ने मंगलवार को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। वह मूल रूप से उप्र के कासगंज जिले के पटियाली थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले जिनौल गांव का रहने वाला है। आरोपी भारतीय सेना की गोपनीय सूचनाएं व्हाट्सएप और फेसबुक के माध्यम से ISI को साझा कर रहा था। खुलासा होने के बाद कासगंज जिले की पुलिस भी सक्रिय हो गई। पुलिस आरोपी शैलेश कुमार उर्फ शैलेंद्र सिंह चौहान के घर पहुंचकर जांच में जुट गई है। एसपी सौरभ दीक्षित ने सीओ पटियाली को इस मामले में जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं। ATS ने आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट की धाराओं एवं विधि विरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोपी शैलेश पूर्व में आठ-नौ माह तक अरुणांचल प्रदेश में भारतीय सेना में अस्थायी श्रमिक के रूप में कार्य कर चुका है। वहां रहने के दौरान उसके पास सेना की महत्वपूर्ण जानकारियां थीं। वह सेना में किसी पद पर कार्यरत नहीं है, लेकिन वह स्वयं के भारतीय सेना में तैनात होना बताता है। सोशल मीडिया पर भी शैलेश चौहान के नाम से उसकी प्रोफाइल बनी हुई है। उस पर भारतीय सेना की यूनिफॉर्म पहने हुए उसकी फोटो लगी है। शैलेश पहले ISI हैंडलर हरलीन कौर नाम की महिला के संपर्क में आया। उससे मैसेंजर पर बात हुई। उसके बाद वह ISI हैंडलर प्रीती के संपर्क में आया। उसकी ऑडियो कॉल के माध्यम से बात होने लगी। शैलेश ने प्रीती को भी अपना परिचय सेना के जवान के रूप में दिया। निजी बातचीत के दौरान प्रीती ने उसे ISI के लिए काम करने की बात कही। इसके बदले अच्छी रकम देने का लालच दिया। लालच में आकर शैलेश ने प्रीती को सेना से जुड़े महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की लोकेशन, सेना की गाड़ियों के मूवमेंट के फोटो भेजे। यही फोटो उसने हरलीन कौर को भी भेजे। शैलेश को फोन पे पर अप्रैल दो हज़ार तेईस से रुपये मिलने लगे। एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि इस मामले की जानकारी कराई जा रही है। पटियाली सीओ को पूरी जांच पड़ताल का जिम्मा सौंपा है। |
उपेंद्र कुमार तिवारी जिला ब्यूरो (सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश)
(दुद्धी)सोनभद्र- पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का पुण्यतिथि समर्पण दिवस के रूप में झारोकला में मनाया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में डीसीएफ डायरेक्टर संजय कुमार तिवारी उर्फ संजु तिवारी ने चित्र पर माल्यार्पण कर कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी गरीबो और दलितों के मसीहा के रूप में जाने जाते है ।
उनका कहना था कि पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए । सरकार की जो भी योजनाए गरीबो के लिए चलाई जा रही हैं उनका लाभ उनको मिलना चाहिए। इस अवसर पर बूथ अध्यक्ष सुधीर, पूर्व जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मण धरिकार, रामबृक्ष प्रधान, कन्हैयालाल गौतम, विश्वास, उदय कुमार, शम्भू ,उपेन्द्र सिंह उपस्थित रहे। ।
| उपेंद्र कुमार तिवारी जिला ब्यूरो सोनभद्र- पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का पुण्यतिथि समर्पण दिवस के रूप में झारोकला में मनाया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में डीसीएफ डायरेक्टर संजय कुमार तिवारी उर्फ संजु तिवारी ने चित्र पर माल्यार्पण कर कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी गरीबो और दलितों के मसीहा के रूप में जाने जाते है । उनका कहना था कि पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए । सरकार की जो भी योजनाए गरीबो के लिए चलाई जा रही हैं उनका लाभ उनको मिलना चाहिए। इस अवसर पर बूथ अध्यक्ष सुधीर, पूर्व जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मण धरिकार, रामबृक्ष प्रधान, कन्हैयालाल गौतम, विश्वास, उदय कुमार, शम्भू ,उपेन्द्र सिंह उपस्थित रहे। । |
पण्डित को जो शहर की हवा लगी, तो शहर का ही होकर रह गया । होली-दीवाली ही वह गाँव आता और अपने पिता को हर बार आश्वासन दे आता कि वह जब अगली बार आयेगा, तो जमीन का एक और टुकड़ा खरीद कर पुरखों की आत्मा को शान्ति पहुँचाएगा।
वास्तव में शहर जाते ही पण्डित को सेठ भेरूलाल के यहाँ ग्राहकों को पानी-वानी पिलाने, माल गोदाम से माल छुड़ाने जैसा छोटा-मोटा काम मिल गया था। भेरूलाल की कपड़े की दुकान थी और हर वक्त भीड़ लगी रहती थी । पण्डित वक्त का फायदा उठा कर जल्दी ही चालू हो गया। कभी माल-गोदाम के बाबुओं को 'खुस' करने के बहाने, कभी चा-पानी के बहाने भेरू लाल से रुपया-अठन्नी जरूर ऐंठ लेता और इस बात पर कभी गौर न करता कि सेठ उसे सुबह से शाम तक दौड़ाता है।
जिस दिन पण्डित ने महसूस किया कि सेठ उसका शोषण कर रहा है, उसने सेठ के पाँच रुपये गुम कर दिए, जो सेठ ने चुंगी के लिए दिये थे। अपनी बात को असरदार बनाने के लिए पंडित ने कोठरी में जाकर सदियों पुराने ब्लेड से अपने कुरते की जेब काट डाली । जेब उसी तरह कटी थी, जैसे पण्डित की दाढ़ी कटती थी यानी कहीं सफाचट और कहीं पूरी फसल । उन पाँच रुपयों में से पंण्डित ने केवल बीस पैस का ब्लेड खरीदा और बाकी के पैसे सन्दूक में सँभाल कर रख लिए । पुराना ब्लेड भी तो वह सेठ भेरूलाल के यहाँ से उठा लाया था। वह ब्लेड उसके बहुत काम आया था। उसी से उसने इस बीच शेव बनायी थी मुँह पर कपड़ा धोने वाला साबुन पोत कर और बिना रेजर के। अब वह ब्लेड इतना कुंद हो गया था कि पण्डित उससे अगर कागज काटना चाहे, तो ब्लेड कट जाये ।
पण्डित की कोठरी के बगल में एक चतुर्वेदी जी रहते थे। एक दिन उन्होंने शिवनारायण को सूचना दी कि नगर महापलिका में कुछ जगहें खाली हैं। पण्डित ने सुना, तो चतुर्वेदीजी से पूरी जानकारी ले ली कि नौकरी दिलाने में कौन उसकी मदद कर सकता है। सौ रुपल्ली की वह अस्थायी नौकरी पाने में पण्डित ने दिन-रात एक दिये। उन दिनों नगर महापालिका के मेयर भी कान्यकुब्ज ब्राह्मण ही थे पण्डित ने किसी तरह उनके घर में घुसपैठ कर ली और रात-दिन पानी भरने लगा। पंडित की बेगारी से मेयरजी की पत्नी इतनी प्रसन्न हो गयीं कि अगले ही सप्ताह उसे अस्थायी नौकरी मिल गई। वह कान्यकुब्ज ब्राह्मण अगर एक बरस भी मेयर के पद पर बने रहते, तो पंडित अस्थायी से स्थायी हो जाता, मगर पंडित का भाग्य खराब था कि वाजपेयीजी अगले चुनाव कुछ इस तरह हारे कि उनकी जमानत की राशि भी जब्त हो गई । वाजपेयीजी क्या हारे, पंडित के सपने चकनाचूर हो गये । वाजपेयीजी से मिल कर जब पंडित लौटता, तो इस तरह के सपने लेने लगता : पंडित के दो बच्चे हैं एक लड़की, एक लड़का । घर में कोई आता है, तो वे टाटा,
टाट के किवाड़ों वाले घर / ३०६
हला प्रेम प) वहीं । मोहन नागार्जुन,
हीम' मेरी एम. एल. , सौमित्र, आदि का
'; अशोक या। मेरा से लगभग खा दिया । न् 1969 ममता भी
ख़ुदा सही 1), ग़ालिब | पण्डित को जो शहर की हवा लगी, तो शहर का ही होकर रह गया । होली-दीवाली ही वह गाँव आता और अपने पिता को हर बार आश्वासन दे आता कि वह जब अगली बार आयेगा, तो जमीन का एक और टुकड़ा खरीद कर पुरखों की आत्मा को शान्ति पहुँचाएगा। वास्तव में शहर जाते ही पण्डित को सेठ भेरूलाल के यहाँ ग्राहकों को पानी-वानी पिलाने, माल गोदाम से माल छुड़ाने जैसा छोटा-मोटा काम मिल गया था। भेरूलाल की कपड़े की दुकान थी और हर वक्त भीड़ लगी रहती थी । पण्डित वक्त का फायदा उठा कर जल्दी ही चालू हो गया। कभी माल-गोदाम के बाबुओं को 'खुस' करने के बहाने, कभी चा-पानी के बहाने भेरू लाल से रुपया-अठन्नी जरूर ऐंठ लेता और इस बात पर कभी गौर न करता कि सेठ उसे सुबह से शाम तक दौड़ाता है। जिस दिन पण्डित ने महसूस किया कि सेठ उसका शोषण कर रहा है, उसने सेठ के पाँच रुपये गुम कर दिए, जो सेठ ने चुंगी के लिए दिये थे। अपनी बात को असरदार बनाने के लिए पंडित ने कोठरी में जाकर सदियों पुराने ब्लेड से अपने कुरते की जेब काट डाली । जेब उसी तरह कटी थी, जैसे पण्डित की दाढ़ी कटती थी यानी कहीं सफाचट और कहीं पूरी फसल । उन पाँच रुपयों में से पंण्डित ने केवल बीस पैस का ब्लेड खरीदा और बाकी के पैसे सन्दूक में सँभाल कर रख लिए । पुराना ब्लेड भी तो वह सेठ भेरूलाल के यहाँ से उठा लाया था। वह ब्लेड उसके बहुत काम आया था। उसी से उसने इस बीच शेव बनायी थी मुँह पर कपड़ा धोने वाला साबुन पोत कर और बिना रेजर के। अब वह ब्लेड इतना कुंद हो गया था कि पण्डित उससे अगर कागज काटना चाहे, तो ब्लेड कट जाये । पण्डित की कोठरी के बगल में एक चतुर्वेदी जी रहते थे। एक दिन उन्होंने शिवनारायण को सूचना दी कि नगर महापलिका में कुछ जगहें खाली हैं। पण्डित ने सुना, तो चतुर्वेदीजी से पूरी जानकारी ले ली कि नौकरी दिलाने में कौन उसकी मदद कर सकता है। सौ रुपल्ली की वह अस्थायी नौकरी पाने में पण्डित ने दिन-रात एक दिये। उन दिनों नगर महापालिका के मेयर भी कान्यकुब्ज ब्राह्मण ही थे पण्डित ने किसी तरह उनके घर में घुसपैठ कर ली और रात-दिन पानी भरने लगा। पंडित की बेगारी से मेयरजी की पत्नी इतनी प्रसन्न हो गयीं कि अगले ही सप्ताह उसे अस्थायी नौकरी मिल गई। वह कान्यकुब्ज ब्राह्मण अगर एक बरस भी मेयर के पद पर बने रहते, तो पंडित अस्थायी से स्थायी हो जाता, मगर पंडित का भाग्य खराब था कि वाजपेयीजी अगले चुनाव कुछ इस तरह हारे कि उनकी जमानत की राशि भी जब्त हो गई । वाजपेयीजी क्या हारे, पंडित के सपने चकनाचूर हो गये । वाजपेयीजी से मिल कर जब पंडित लौटता, तो इस तरह के सपने लेने लगता : पंडित के दो बच्चे हैं एक लड़की, एक लड़का । घर में कोई आता है, तो वे टाटा, टाट के किवाड़ों वाले घर / तीन सौ छः हला प्रेम प) वहीं । मोहन नागार्जुन, हीम' मेरी एम. एल. , सौमित्र, आदि का '; अशोक या। मेरा से लगभग खा दिया । न् एक हज़ार नौ सौ उनहत्तर ममता भी ख़ुदा सही एक), ग़ालिब |
नेपाल में एक भारतीय को नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले में बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया गया है। नेपाल में उसका होटल है। काठमांडू मेट्रोपॉलिटन पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि मसूर अहमद लैरी को काठमांडू के महारागंज क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि पुलिस को तलाशी के दौरान लैरी के होटल से नशीले पदार्थ मिले। नशीले पदार्थ पार्सल में सील मिले, जिसे काठमांडू से नीदरलैंड भेजा जाना था। लैरी काठमांडू में पांच सितारा एवरेस्ट होटल के मालिक हैं। पुलिस ने इस मामले में लैरी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
| नेपाल में एक भारतीय को नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले में बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया गया है। नेपाल में उसका होटल है। काठमांडू मेट्रोपॉलिटन पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि मसूर अहमद लैरी को काठमांडू के महारागंज क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस को तलाशी के दौरान लैरी के होटल से नशीले पदार्थ मिले। नशीले पदार्थ पार्सल में सील मिले, जिसे काठमांडू से नीदरलैंड भेजा जाना था। लैरी काठमांडू में पांच सितारा एवरेस्ट होटल के मालिक हैं। पुलिस ने इस मामले में लैरी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। |
यूपी के हमीरपुर में एक अनाेखा मामला सामने अाया है। यहां एक युवक ने काम धंधा ना मिलने पर अवैध असलहा बनाने के कारखाना डाल दिया। इसके बाद वह उनकी सप्लाई भी करने लगा। इसके बाद जाे कुछ भी हुअा वाे फिल्मी सीन सा था।
हमीरपुर में रविवार को ललपुरा पुलिस ने स्वासा मोड़ के निकट देवी मंदिर के पास छापामार कर असलहा बनाने के अवैध कारखाने का भंडाफोड़ किया है। मौके से भारी मात्रा में अवैध असलहे और उपकरण बरामद किए गए हैं। फैक्ट्री संचालक को गिरफ्तार कर लिया है।
अपर पुलिस अधीक्षक एलएस यादव ने रविवार को बताया कि ललपुरा थाने के इंस्पेक्टर राजीव कुमार मिश्रा की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर स्वासा मोड़ के पास शेरा माता मंदिर के पीछे छापामारी की तो अवैध असलहे की फैक्ट्री चलाते वीर सिंह पुत्र किशोरी खंगार निवासी नहदौरा को दबोच लिया गया। मौके से 315 बोर की दो देशी राइफल, 315 बोर के तीन तमंचे, अधबना तमंचा व भारी मात्रा में देशी तमंचा तथा राइफल बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि कोई काम धंधा नहीं था। इसलिए पैसे की लालच में अवैध असलहे बनाते थे। आरोपी के खिलाफ धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्जकर जेल भेजा गया है। अपर पुलिस अधीक्षक ने असलहा फैक्ट्री पकड़ने वाली टीम को दस हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
| यूपी के हमीरपुर में एक अनाेखा मामला सामने अाया है। यहां एक युवक ने काम धंधा ना मिलने पर अवैध असलहा बनाने के कारखाना डाल दिया। इसके बाद वह उनकी सप्लाई भी करने लगा। इसके बाद जाे कुछ भी हुअा वाे फिल्मी सीन सा था। हमीरपुर में रविवार को ललपुरा पुलिस ने स्वासा मोड़ के निकट देवी मंदिर के पास छापामार कर असलहा बनाने के अवैध कारखाने का भंडाफोड़ किया है। मौके से भारी मात्रा में अवैध असलहे और उपकरण बरामद किए गए हैं। फैक्ट्री संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। अपर पुलिस अधीक्षक एलएस यादव ने रविवार को बताया कि ललपुरा थाने के इंस्पेक्टर राजीव कुमार मिश्रा की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर स्वासा मोड़ के पास शेरा माता मंदिर के पीछे छापामारी की तो अवैध असलहे की फैक्ट्री चलाते वीर सिंह पुत्र किशोरी खंगार निवासी नहदौरा को दबोच लिया गया। मौके से तीन सौ पंद्रह बोर की दो देशी राइफल, तीन सौ पंद्रह बोर के तीन तमंचे, अधबना तमंचा व भारी मात्रा में देशी तमंचा तथा राइफल बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि कोई काम धंधा नहीं था। इसलिए पैसे की लालच में अवैध असलहे बनाते थे। आरोपी के खिलाफ धारा पच्चीस आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्जकर जेल भेजा गया है। अपर पुलिस अधीक्षक ने असलहा फैक्ट्री पकड़ने वाली टीम को दस हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। |
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल इस समय सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं. कहा जा रहा है कि उनके साथ किसी ने धोखा कर दिया है. एक ऐसा धोखा जहां पर उन्हें पहले कमलम या कह लीजिए ड्रैगन फ्रूट से तोला गया. लेकिन बाद में जब उन्हीं 'ड्रैगन फ्रूट' के डिब्बों को खोला गया तो उनमें केले निकल गए. इसका वीडियो और कई तस्वीरें सामने आई हैं.
दरअसल सीएम भूपेंद्र पटेल कच्छ के दौरे पर हैं. वहां पर उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं संग एक औपचारिक मुलाकात भी की. अब उस मुलाकात में अपने सीएम को खुश करने के लिए उनको ड्रैगन फ्रूट से तोला गया. खुद सीएम तो तीस मिनट बाद उस कार्यक्रम से चले गए, लेकिन जब उन ड्रैगन फ्रूट को बांटने की बारी आई, तब एक बड़े धोखे का अहसास हुआ. सिर्फ एक डिब्बे को छोड़कर सभी में ड्रैगन फ्रूट की जगह केले निकल गए.
कहा जा रहा है कि किसी भी बीजेपी कार्यकर्ता ने डिब्बों को पहले चेक करने की जहमत नहीं दिखाई. सीएम की सुरक्षा पर तो ध्यान रहा, लेकिन उनके साथ होने वाले इस धोखे पर किसी का ध्यान नहीं गया. इसी वजह से अब ये मुद्दा पूरे गुजरात में चर्चा का विषय बन गया है. कहा जा रहा है कि जब एक सीएम के साथ धोखा हो सकता है, तो आम नागरिक कैसे बच पाएगा.
इस पूरे विषय पर किसी भी बीजेपी कार्यकर्ता या फिर सीएम की तरफ से प्रतिक्रिया नहीं आई है. लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हुईं तस्वीरों की वजह से कई तरह के कयास जरूर लगाए जा रहे हैं. वैसे जानकारी के लिए बता दें कि गुजरात में बड़े पैमाने पर ड्रैगन फ्रूट का उत्पादन होता है. इसकी कीमत 100 रुपए प्रति किलो के आसपास रहती है. कच्छ में भी इसकी अच्छी खासी डिमांड रहती है. लेकिन इस बढ़ती डिमांड के बीच सीएम संग हुए धोखे ने सभी के मन में सवाल पैदा कर दिए हैं.
| गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल इस समय सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं. कहा जा रहा है कि उनके साथ किसी ने धोखा कर दिया है. एक ऐसा धोखा जहां पर उन्हें पहले कमलम या कह लीजिए ड्रैगन फ्रूट से तोला गया. लेकिन बाद में जब उन्हीं 'ड्रैगन फ्रूट' के डिब्बों को खोला गया तो उनमें केले निकल गए. इसका वीडियो और कई तस्वीरें सामने आई हैं. दरअसल सीएम भूपेंद्र पटेल कच्छ के दौरे पर हैं. वहां पर उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं संग एक औपचारिक मुलाकात भी की. अब उस मुलाकात में अपने सीएम को खुश करने के लिए उनको ड्रैगन फ्रूट से तोला गया. खुद सीएम तो तीस मिनट बाद उस कार्यक्रम से चले गए, लेकिन जब उन ड्रैगन फ्रूट को बांटने की बारी आई, तब एक बड़े धोखे का अहसास हुआ. सिर्फ एक डिब्बे को छोड़कर सभी में ड्रैगन फ्रूट की जगह केले निकल गए. कहा जा रहा है कि किसी भी बीजेपी कार्यकर्ता ने डिब्बों को पहले चेक करने की जहमत नहीं दिखाई. सीएम की सुरक्षा पर तो ध्यान रहा, लेकिन उनके साथ होने वाले इस धोखे पर किसी का ध्यान नहीं गया. इसी वजह से अब ये मुद्दा पूरे गुजरात में चर्चा का विषय बन गया है. कहा जा रहा है कि जब एक सीएम के साथ धोखा हो सकता है, तो आम नागरिक कैसे बच पाएगा. इस पूरे विषय पर किसी भी बीजेपी कार्यकर्ता या फिर सीएम की तरफ से प्रतिक्रिया नहीं आई है. लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हुईं तस्वीरों की वजह से कई तरह के कयास जरूर लगाए जा रहे हैं. वैसे जानकारी के लिए बता दें कि गुजरात में बड़े पैमाने पर ड्रैगन फ्रूट का उत्पादन होता है. इसकी कीमत एक सौ रुपयापए प्रति किलो के आसपास रहती है. कच्छ में भी इसकी अच्छी खासी डिमांड रहती है. लेकिन इस बढ़ती डिमांड के बीच सीएम संग हुए धोखे ने सभी के मन में सवाल पैदा कर दिए हैं. |
शकरकंद का सेवन हमारी हाइट बढ़ाने में भी मदद करता है। इसमें मौजूद विटामिन-ए हड्डियों के सेवन में सुधार करके हमारी हाइट बढ़ाने में मदद करता है।
गन्ने में पाए जाने वाले दो तत्व, घुलनशील और अघुलनशील, हमारे पाचन स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं और आंतों के लिए अच्छे बैक्टीरिया के विकास को बढ़ावा देते हैं।
इतना ही नहीं, शकरकंद के सेवन से यह हमें कई अन्य बीमारियों से दूर रखने में भी मदद करता है। आप इसे उबाल सकते हैं। ताकि आपको इसका लाभ मिल सके।
हर सब्जी हमें कई बीमारियों से बचाने में मदद करती है, लेकिन अक्सर लोग इनका सेवन करना पसंद नहीं करते हैं, लेकिन अगर आप अपनी हाइट बढ़ाना चाहते हैं.
तो आपको हरी पत्तेदार सब्जियों जैसे कि पालक, गोभी, अरुगुला का सेवन करना चाहिए। क्योंकि, उनमें से कई में विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व होते हैं।
इतना ही नहीं, इसमें आयरन, विटामिन-के और सी, कैल्शियम होता है। यह सब हमारी हड्डियों की लंबाई को बढ़ाकर उनका घनत्व बढ़ाने का काम करता है। इसलिए इन सब्जियों का सेवन करना उचित है।
हर कोई चाहता है कि उनकी हाइट बढ़े और फिर वो लंबे दिखें। इसके लिए वे जिम जाते हैं। बहुत से लोग सुबह के समय भी बाहर घूमते हैं और कई तरह के काम करते हैं .
जिससे उनकी हाइट बढ़ सकती है, लेकिन अक्सर वे जो उनके लिए काम नहीं करते हैं। जैसा कि हम सभी जानते हैं, उम्र बढ़ने की एक निश्चित उम्र होती है, लेकिन आनुवांशिक कारणों से कई ऐसी चीजें होती हैं।
जो यह बता सकता है कि किसी व्यक्ति का कद कितना बढ़ेगा। उनमें से एक आपका भोजन है, जो आपकी ऊंचाई बढ़ाने में आपकी मदद कर सकता है। तो आइए जानते हैं, कुछ भी आपकी मदद नहीं कर सकता।
| शकरकंद का सेवन हमारी हाइट बढ़ाने में भी मदद करता है। इसमें मौजूद विटामिन-ए हड्डियों के सेवन में सुधार करके हमारी हाइट बढ़ाने में मदद करता है। गन्ने में पाए जाने वाले दो तत्व, घुलनशील और अघुलनशील, हमारे पाचन स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं और आंतों के लिए अच्छे बैक्टीरिया के विकास को बढ़ावा देते हैं। इतना ही नहीं, शकरकंद के सेवन से यह हमें कई अन्य बीमारियों से दूर रखने में भी मदद करता है। आप इसे उबाल सकते हैं। ताकि आपको इसका लाभ मिल सके। हर सब्जी हमें कई बीमारियों से बचाने में मदद करती है, लेकिन अक्सर लोग इनका सेवन करना पसंद नहीं करते हैं, लेकिन अगर आप अपनी हाइट बढ़ाना चाहते हैं. तो आपको हरी पत्तेदार सब्जियों जैसे कि पालक, गोभी, अरुगुला का सेवन करना चाहिए। क्योंकि, उनमें से कई में विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व होते हैं। इतना ही नहीं, इसमें आयरन, विटामिन-के और सी, कैल्शियम होता है। यह सब हमारी हड्डियों की लंबाई को बढ़ाकर उनका घनत्व बढ़ाने का काम करता है। इसलिए इन सब्जियों का सेवन करना उचित है। हर कोई चाहता है कि उनकी हाइट बढ़े और फिर वो लंबे दिखें। इसके लिए वे जिम जाते हैं। बहुत से लोग सुबह के समय भी बाहर घूमते हैं और कई तरह के काम करते हैं . जिससे उनकी हाइट बढ़ सकती है, लेकिन अक्सर वे जो उनके लिए काम नहीं करते हैं। जैसा कि हम सभी जानते हैं, उम्र बढ़ने की एक निश्चित उम्र होती है, लेकिन आनुवांशिक कारणों से कई ऐसी चीजें होती हैं। जो यह बता सकता है कि किसी व्यक्ति का कद कितना बढ़ेगा। उनमें से एक आपका भोजन है, जो आपकी ऊंचाई बढ़ाने में आपकी मदद कर सकता है। तो आइए जानते हैं, कुछ भी आपकी मदद नहीं कर सकता। |
अगर आपके पास वोटर आईडी कार्ड नहीं है, तो आप भारत में अपना वोट नहीं डाल सकते। मतदान करने के लिए जरूरी है कि आपके पास वोटर आईडी कार्ड हो और आपका नाम वोटर लिस्ट में मौज़ूद हो। भारत में वोटर आईडी कार्ड पाना आसान है, हालांकि इस प्रक्रिया में थोड़ा समय लगता है। आप ऑनलाइन भी वोटर आईडी कार्ड के लिए अप्लाई कर सकते हैं। लेकिन ऑनलाइन अप्लाई करने से पहले आपको कुछ दस्तावेजों की जरूरत होगी।
- एक एज प्रूफ डॉक्युमेंट (नीचे दी गई लिस्ट में से एक)
- म्युनिसिपल ऑफिस या रजिस्ट्रार ऑफ बर्थ्स ऐंड डेथ्स के जिला ऑफिस से जारी बर्थ सर्टिफिकेट।
- स्कूल या फिर किसी दूसरे बड़े शिक्षा संस्थान द्वारा जारी किया गया 10वीं का सर्टिफिकेट।
- 8वीं क्लास की मार्कशीट जिसमें जन्म की तारीख का जिक्र हो।
- 5वीं क्लास की मार्कशीट जिसमें जन्म की तारीख का जिक्र हो।
25 साल से ज्यादा हैं तोः
इलेक्शन कमिशन का मानना है कि 25 साल से ज्यादा उम्र के लोग आमतौर पर वोटर लिस्ट में नाम दर्ज करा लेते हैं, इसलिए अगर आप पहली बार वोटर लिस्ट में नाम शामिल करा रहे हैं और आपकी उम्र 25 साल या उससे ज्यादा है तो आपको अलग-से एक एफिडेविट जमा करना होगा, जिसमें लिखा होगा कि पूरे देश में आपका नाम कहीं भी वोटर लिस्ट में शामिल नहीं है।
अगर इनमें से कोई दस्तावेज न हो तो पहले से वोटर लिस्ट में शामिल माता या पिता में से कोई एक अपने साइन के साथ उम्र का डिक्लेरेशन दे सकते हैं। यह डिक्लेरेशन एक निश्चित फॉर्मेट में होता है, जिसे फॉर्म के साथ हासिल किया जा सकता है।
- लेटेस्ट राशन कार्ड/पानी/बिजली/टेलिफोन/ गैस कनेक्शन का बिल, जिसमें आपके घर का अड्रेस हो। यह बिल या तो ऐप्लिकेंट के नाम से या फिर उसके पैरंट्स के नाम से होना चाहिए।
नोटः अगर अड्रेस प्रूफ के तौर पर राशन कार्ड पेश किया जाए, तो उसके अलावा ऊपर दिए गए दूसरे दस्तावेजों में से एक और प्रूफ भी जमा करना होगा।
- इसके अलावा एक कलर पासपोर्ट-साइज़ फोटो की भी जरूरत आपको होगी।
वोटर आईडी कार्ड ऑनलाइन अप्लाई करने की प्रक्रियाः
- नैशनल वोटर सर्विसेज पोर्टल पर (National Voter Services Portal) जाएं और Apply online for registration of new voter / due to shifting from AC पर क्लिक करें।
- अब, फॉर्म 6 खुल जाएगा। उसे पूरा भरें।
- सबसे ऊपर दिए गए ड्रॉप डाउन मेन्यू में से भाषा सिलेक्ट करें।
- अपने राज्य और विधानसभा/संसदीय क्षेत्र का नाम सिलेक्ट करें।
- फिर सभी जरूरी जानकारी जैसे नाम, उम्र और पता आदि भरें।
- कॉन्टेक्ट डिटेल्स भरें। इसके बाद परिवार के उन सदस्यों की जानकारी भरें जिनके पास पहले से वोटर आईडी कार्ड है।
- कुछ चीजों पर स्टार होगा, यानी उन्हें भरना अनिवार्य है।
- इसके बाद जैसा कि हमने ऊपर बताया, आपको सभी जरूरी दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे।
- फॉर्म भरने की जगह और तारीख डालें।
- इसके साथ ही आप अपना भरा हुआ फॉर्म सेव कर सकते हैं और बाद में कभी भी पूरा कर सबमिट कर सकते हैं। अगर आपने फॉर्म भर लिया है तो अभी सबमिट कर सकते हैं।
- एक बार फॉर्म भरने के बाद, सब कुछ दोबारा जांच लें और फिर पेज के आखिर में सबमिट पर क्लिक करें।
- अब आपको लिंक के साथ एक ईमेल मिलेगा जिससे आप अपने वोटर आईडी कार्ड का ऐप्लिकेशन स्टेटस चेक कर सकते हैं। आपकी ऐप्लिकेशन को प्रोसेस होने और वोटर आईडी कार्ड जारी होने में करीब 30 दिन का समय भी लग सकता है।
Voter ID Card के ऑनलाइन ऐप्लिकेशन से जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाबः
Voter ID Card के लिए कौन कर सकता है अप्लाई?
कोई भी व्यक्ति जो भारत का नागरिक हो और जिसकी उम्र 18 साल से ज़्यादा हो। लेकिन ऐसा व्यक्ति जो दिवालिया या पागल घोषित हो, वह वोटर आईडी कार्ड बनवाने के लिए योग्य नहीं है।
वोटर आईडी कार्ड बनवाने के न्यूनतम और अधिकतम आयु?
भारत में वोटर आईडी के लिए आवेदक की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। गौर करने वाली बात है कि अगर आपकी उम्र 18 साल से कम है तो आप रजिस्ट्रेशन नहीं करा सकते। वोटर आईडी कार्ड के लिए अप्लाई करने की कोई भी अधिकतम आयु नहीं है। 18 साल से ऊपर का कोई भी व्यक्ति वोटर आईडी बनवा सकता है अगर वह अयोग्य न हो।
एनआरआई (अप्रवासी भारतीय) वोटर आईडी कार्ड कैसे बनवा सकते हैं?
NRI या विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिक फॉर्म NVSP की वेबसाइट पर जाकर फॉर्म 6A भर कर वोटर आईडी के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
| अगर आपके पास वोटर आईडी कार्ड नहीं है, तो आप भारत में अपना वोट नहीं डाल सकते। मतदान करने के लिए जरूरी है कि आपके पास वोटर आईडी कार्ड हो और आपका नाम वोटर लिस्ट में मौज़ूद हो। भारत में वोटर आईडी कार्ड पाना आसान है, हालांकि इस प्रक्रिया में थोड़ा समय लगता है। आप ऑनलाइन भी वोटर आईडी कार्ड के लिए अप्लाई कर सकते हैं। लेकिन ऑनलाइन अप्लाई करने से पहले आपको कुछ दस्तावेजों की जरूरत होगी। - एक एज प्रूफ डॉक्युमेंट - म्युनिसिपल ऑफिस या रजिस्ट्रार ऑफ बर्थ्स ऐंड डेथ्स के जिला ऑफिस से जारी बर्थ सर्टिफिकेट। - स्कूल या फिर किसी दूसरे बड़े शिक्षा संस्थान द्वारा जारी किया गया दसवीं का सर्टिफिकेट। - आठवीं क्लास की मार्कशीट जिसमें जन्म की तारीख का जिक्र हो। - पाँचवीं क्लास की मार्कशीट जिसमें जन्म की तारीख का जिक्र हो। पच्चीस साल से ज्यादा हैं तोः इलेक्शन कमिशन का मानना है कि पच्चीस साल से ज्यादा उम्र के लोग आमतौर पर वोटर लिस्ट में नाम दर्ज करा लेते हैं, इसलिए अगर आप पहली बार वोटर लिस्ट में नाम शामिल करा रहे हैं और आपकी उम्र पच्चीस साल या उससे ज्यादा है तो आपको अलग-से एक एफिडेविट जमा करना होगा, जिसमें लिखा होगा कि पूरे देश में आपका नाम कहीं भी वोटर लिस्ट में शामिल नहीं है। अगर इनमें से कोई दस्तावेज न हो तो पहले से वोटर लिस्ट में शामिल माता या पिता में से कोई एक अपने साइन के साथ उम्र का डिक्लेरेशन दे सकते हैं। यह डिक्लेरेशन एक निश्चित फॉर्मेट में होता है, जिसे फॉर्म के साथ हासिल किया जा सकता है। - लेटेस्ट राशन कार्ड/पानी/बिजली/टेलिफोन/ गैस कनेक्शन का बिल, जिसमें आपके घर का अड्रेस हो। यह बिल या तो ऐप्लिकेंट के नाम से या फिर उसके पैरंट्स के नाम से होना चाहिए। नोटः अगर अड्रेस प्रूफ के तौर पर राशन कार्ड पेश किया जाए, तो उसके अलावा ऊपर दिए गए दूसरे दस्तावेजों में से एक और प्रूफ भी जमा करना होगा। - इसके अलावा एक कलर पासपोर्ट-साइज़ फोटो की भी जरूरत आपको होगी। वोटर आईडी कार्ड ऑनलाइन अप्लाई करने की प्रक्रियाः - नैशनल वोटर सर्विसेज पोर्टल पर जाएं और Apply online for registration of new voter / due to shifting from AC पर क्लिक करें। - अब, फॉर्म छः खुल जाएगा। उसे पूरा भरें। - सबसे ऊपर दिए गए ड्रॉप डाउन मेन्यू में से भाषा सिलेक्ट करें। - अपने राज्य और विधानसभा/संसदीय क्षेत्र का नाम सिलेक्ट करें। - फिर सभी जरूरी जानकारी जैसे नाम, उम्र और पता आदि भरें। - कॉन्टेक्ट डिटेल्स भरें। इसके बाद परिवार के उन सदस्यों की जानकारी भरें जिनके पास पहले से वोटर आईडी कार्ड है। - कुछ चीजों पर स्टार होगा, यानी उन्हें भरना अनिवार्य है। - इसके बाद जैसा कि हमने ऊपर बताया, आपको सभी जरूरी दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे। - फॉर्म भरने की जगह और तारीख डालें। - इसके साथ ही आप अपना भरा हुआ फॉर्म सेव कर सकते हैं और बाद में कभी भी पूरा कर सबमिट कर सकते हैं। अगर आपने फॉर्म भर लिया है तो अभी सबमिट कर सकते हैं। - एक बार फॉर्म भरने के बाद, सब कुछ दोबारा जांच लें और फिर पेज के आखिर में सबमिट पर क्लिक करें। - अब आपको लिंक के साथ एक ईमेल मिलेगा जिससे आप अपने वोटर आईडी कार्ड का ऐप्लिकेशन स्टेटस चेक कर सकते हैं। आपकी ऐप्लिकेशन को प्रोसेस होने और वोटर आईडी कार्ड जारी होने में करीब तीस दिन का समय भी लग सकता है। Voter ID Card के ऑनलाइन ऐप्लिकेशन से जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाबः Voter ID Card के लिए कौन कर सकता है अप्लाई? कोई भी व्यक्ति जो भारत का नागरिक हो और जिसकी उम्र अट्ठारह साल से ज़्यादा हो। लेकिन ऐसा व्यक्ति जो दिवालिया या पागल घोषित हो, वह वोटर आईडी कार्ड बनवाने के लिए योग्य नहीं है। वोटर आईडी कार्ड बनवाने के न्यूनतम और अधिकतम आयु? भारत में वोटर आईडी के लिए आवेदक की उम्र कम से कम अट्ठारह वर्ष होनी चाहिए। गौर करने वाली बात है कि अगर आपकी उम्र अट्ठारह साल से कम है तो आप रजिस्ट्रेशन नहीं करा सकते। वोटर आईडी कार्ड के लिए अप्लाई करने की कोई भी अधिकतम आयु नहीं है। अट्ठारह साल से ऊपर का कोई भी व्यक्ति वोटर आईडी बनवा सकता है अगर वह अयोग्य न हो। एनआरआई वोटर आईडी कार्ड कैसे बनवा सकते हैं? NRI या विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिक फॉर्म NVSP की वेबसाइट पर जाकर फॉर्म छः एम्पीयर भर कर वोटर आईडी के लिए अप्लाई कर सकते हैं। |
अमेरिकी सांसदों के द्वारा हाल ही में एच-1बी वीजा को लेकर एक नया कदम उठाया गया है. बताया जा रहा है कि अमेरिकी सांसदों ने इसको लेकर आज एक 18 खरब डॉलर का पैकेज पारित किया है. इसको देखते हुए यह बताया जा रहा है कि एच-1बी वीजा पर 4000 डॉलर का बड़ा शुल्क लगाया जा रहा है जिसके कारण IT सेक्टर पर गाज गिर सकती है. जी हाँ, सुनने में यह आ रहा है कि इस विधेयक से भारतीय आईटी कंपनियों को एक बड़ा झटका भी लगा है.
इसके साथ ही यह भी सुनने में आ रहा है कि अमेरिकी सहायता को लेकर पाकिस्तान को कड़ी शर्ते लगाने का फैसला भी किया गया है. आपको बता दे कि इस विधेयक में जहाँ एक तरफ सरकार के लिए 11 खरब डॉलर का व्यय 30 सितंबर 2016 तक बताया गया है. वहीँ यह भी सामने आया है कि यहाँ कर पैकेज 680 अरब डॉलर रखा गया है. आपको बता दे कि इस विधेयक को मंजूरी के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के पास भेजा गया है उसके बाद ही इसे कानून का रूप दिया जा सकता है.
यह कहा जा रहा है कि यह विधेयक भारतीय आईटी कंपनियों के लिए एक बड़े झटके का काम करने वाला है क्योकि यदि ये एच-1बी वीजा के लिए आवेदन करते है तो उन्हें इसके लिए लाखों डॉलर का भुगतान करना होगा. गौरतलब है कि यह वीजा कुशल आईटी कर्मियों को लेकर महत्वपूर्ण भागीदारी निभाता है. आपको इस बात से भी अवगत करवा दे कि इसके तहत एच-1बी वीजा के लिए जहाँ 4000 डॉलर चुकाना पड़ेंगे तो वहीँ और एल1 वीजा के लिए 4500 डॉलर चुकाना होंगे.
| अमेरिकी सांसदों के द्वारा हाल ही में एच-एकबी वीजा को लेकर एक नया कदम उठाया गया है. बताया जा रहा है कि अमेरिकी सांसदों ने इसको लेकर आज एक अट्ठारह खरब डॉलर का पैकेज पारित किया है. इसको देखते हुए यह बताया जा रहा है कि एच-एकबी वीजा पर चार हज़ार डॉलर का बड़ा शुल्क लगाया जा रहा है जिसके कारण IT सेक्टर पर गाज गिर सकती है. जी हाँ, सुनने में यह आ रहा है कि इस विधेयक से भारतीय आईटी कंपनियों को एक बड़ा झटका भी लगा है. इसके साथ ही यह भी सुनने में आ रहा है कि अमेरिकी सहायता को लेकर पाकिस्तान को कड़ी शर्ते लगाने का फैसला भी किया गया है. आपको बता दे कि इस विधेयक में जहाँ एक तरफ सरकार के लिए ग्यारह खरब डॉलर का व्यय तीस सितंबर दो हज़ार सोलह तक बताया गया है. वहीँ यह भी सामने आया है कि यहाँ कर पैकेज छः सौ अस्सी अरब डॉलर रखा गया है. आपको बता दे कि इस विधेयक को मंजूरी के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के पास भेजा गया है उसके बाद ही इसे कानून का रूप दिया जा सकता है. यह कहा जा रहा है कि यह विधेयक भारतीय आईटी कंपनियों के लिए एक बड़े झटके का काम करने वाला है क्योकि यदि ये एच-एकबी वीजा के लिए आवेदन करते है तो उन्हें इसके लिए लाखों डॉलर का भुगतान करना होगा. गौरतलब है कि यह वीजा कुशल आईटी कर्मियों को लेकर महत्वपूर्ण भागीदारी निभाता है. आपको इस बात से भी अवगत करवा दे कि इसके तहत एच-एकबी वीजा के लिए जहाँ चार हज़ार डॉलर चुकाना पड़ेंगे तो वहीँ और एलएक वीजा के लिए चार हज़ार पाँच सौ डॉलर चुकाना होंगे. |
RANCHI: बीआईटी मेसरा के स्टूडेंट्स की दुनिया भर में धूम मची हुई है। एक ओर जहां करीब आधा दर्जन देशों इनके प्रोडक्ट का मार्केट बूम कर रहा है, वहीं दुनिया भर में इनका प्रोडक्ट करीब साढ़े चार लाख लोग यूज कर रहे हैं। जी हां, बीआईटी मेसरा के इंजीनियरिंग स्टूडेंट अनीश ने रघुराज शेखर व अभिषेक कृष्णा के साथ मिल कर न्यूरो जिम एप्प तैयार किया है। इसके यूज से लाखों लोगों के दिमाग का एक्सरसाइज हो रहा है। उनका दिमाग फिट रह रहा है। दावा है कि मात्र दिन एप्प यूज कर दिमाग को तेज किया जा सकता है।
तीन इंजीनियरों ने मिलकर एक ऐसा एप्प बनाया है, जिससे आपका दिमाग भी एक्सरसाइज कर सकेगा। इसे बनाने वालों में तीन स्टूडेंट्स शामिल हैं। आईआईटी रूड़की से रघुराज शेखर व अभिषेक कृष्णा ने अनीश के साथ मिल कर यह अनोखा एप्प तैयार किया है। इन्होंने बीआईटी मेसरा से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की है। तीनों ने इस एप को बनाने की प्लानिंग आईआईटी रूड़की के हॉस्टल में की। एक साल की मेहनत के बाद इन्हें इसमें सफलता मिली है।
इस एप के यूजर दुनिया भर में है। पिछले साल जब इसको गूगल प्ले स्टोर में लांच किया गया, तो उसके बाद एक साल के अंदर इसके 3,30,000 से भी अधिक यूजर बन गए। इसमें 210 से अधिक कंट्री के लोग शामिल हैं। वहीं, इसका मार्केट यूएसए, ब्राजील, यूके, मैक्सिको व कनाडा समेत कई देशों में बूम कर रहा है।
इस ब्रेन जिम एप्प को इस साल सितंबर में फिर से लॉच किया गया है। जो कि 13 भाषाओं में है। इसमें हिन्दी, चाइनीज, स्पेनिश, फ्रेंच और जापानी के साथ बाकी लैंग्वेज भी शामिल हैं। इस एप्प को बनाने वाले बीआईटी मेसरा के स्टूडेंट अनिश कुमार का कहना है कि इसमें 20 गेम्स दिए हुए हैं, जो आपके दिमाग को इंप्रूव कर रहे हैं। इसके अलावा जिस तरह जिम में आप एक्सरसाइज करते हैं और उसका फायदा मिलता है। इस एप्प के माध्यम से अटेंशन, मेमोरी, प्राब्लम साल्विंग व मेंटल फ्लैक्सिबिलिटी में तेजी आई है। इसके माध्यम से 30 दिन के अंदर आपका दिमाग तेज हो जाएगा।
| RANCHI: बीआईटी मेसरा के स्टूडेंट्स की दुनिया भर में धूम मची हुई है। एक ओर जहां करीब आधा दर्जन देशों इनके प्रोडक्ट का मार्केट बूम कर रहा है, वहीं दुनिया भर में इनका प्रोडक्ट करीब साढ़े चार लाख लोग यूज कर रहे हैं। जी हां, बीआईटी मेसरा के इंजीनियरिंग स्टूडेंट अनीश ने रघुराज शेखर व अभिषेक कृष्णा के साथ मिल कर न्यूरो जिम एप्प तैयार किया है। इसके यूज से लाखों लोगों के दिमाग का एक्सरसाइज हो रहा है। उनका दिमाग फिट रह रहा है। दावा है कि मात्र दिन एप्प यूज कर दिमाग को तेज किया जा सकता है। तीन इंजीनियरों ने मिलकर एक ऐसा एप्प बनाया है, जिससे आपका दिमाग भी एक्सरसाइज कर सकेगा। इसे बनाने वालों में तीन स्टूडेंट्स शामिल हैं। आईआईटी रूड़की से रघुराज शेखर व अभिषेक कृष्णा ने अनीश के साथ मिल कर यह अनोखा एप्प तैयार किया है। इन्होंने बीआईटी मेसरा से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की है। तीनों ने इस एप को बनाने की प्लानिंग आईआईटी रूड़की के हॉस्टल में की। एक साल की मेहनत के बाद इन्हें इसमें सफलता मिली है। इस एप के यूजर दुनिया भर में है। पिछले साल जब इसको गूगल प्ले स्टोर में लांच किया गया, तो उसके बाद एक साल के अंदर इसके तीन,तीस,शून्य से भी अधिक यूजर बन गए। इसमें दो सौ दस से अधिक कंट्री के लोग शामिल हैं। वहीं, इसका मार्केट यूएसए, ब्राजील, यूके, मैक्सिको व कनाडा समेत कई देशों में बूम कर रहा है। इस ब्रेन जिम एप्प को इस साल सितंबर में फिर से लॉच किया गया है। जो कि तेरह भाषाओं में है। इसमें हिन्दी, चाइनीज, स्पेनिश, फ्रेंच और जापानी के साथ बाकी लैंग्वेज भी शामिल हैं। इस एप्प को बनाने वाले बीआईटी मेसरा के स्टूडेंट अनिश कुमार का कहना है कि इसमें बीस गेम्स दिए हुए हैं, जो आपके दिमाग को इंप्रूव कर रहे हैं। इसके अलावा जिस तरह जिम में आप एक्सरसाइज करते हैं और उसका फायदा मिलता है। इस एप्प के माध्यम से अटेंशन, मेमोरी, प्राब्लम साल्विंग व मेंटल फ्लैक्सिबिलिटी में तेजी आई है। इसके माध्यम से तीस दिन के अंदर आपका दिमाग तेज हो जाएगा। |
Papaya Halwa:आटे या सूजी का हलवा खाकर आप बोर हो गए हैं और मीठे में कुछ अलग और हेल्दी ट्राई करना चाहते हैं तो पपीपा का हलवा जरूर ट्राई करें. इस हलवे को बनाने के लिए आपको बस पपीता, चीनी, दूध, घी, इलायची और काजू की जरूरत होती है. आप इस हलवे को किसी व्रत के दौरान भी बनाकर खा सकते हैं. पूजा में इसका भोग भी लगाया जा सकता है. आइए पपीता के हलवे को बनाना सीखते हैं.
- पपीते को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट कर रख लें. अब एक कढ़ाई में घी गरम करें, उसमें पपीता के टुकड़े डालें और उसे भून लें. करीब पांच मिनट तक पकने दें, अब एक कलछी की मदद से पपीते के टुकड़ों को मैश कर लें. अब एक बार फिर से चला लें ताकि पपीता बेस में न चिपके और 5 मिनट तक पकाएं.
- अब पपीते में दूध, कुटी या पीसी हुई हरी इलायची डालकर तब तक चलाएं, जब तक कि मिश्रण थोड़ा गाढ़ा नहीं और पपीता दूध को सोख नहीं लेता. अब चीनी डाल लें और अच्छी तरह से मिलाएं. कुछ देर के लिए और पका लें या तब तक पका लें जब तक कि ये मिक्सचर हलवे जैसी कंसिस्टेंसी नहीं ले लेता.
- हलवा जब पैन के किनारों को छोड़ दे तो समझ लें हलवा तैयार हैं, आप काजू और अपनी पसंद के दूसरे ड्राईफ्रूट्स डालकर सर्व करें.
| Papaya Halwa:आटे या सूजी का हलवा खाकर आप बोर हो गए हैं और मीठे में कुछ अलग और हेल्दी ट्राई करना चाहते हैं तो पपीपा का हलवा जरूर ट्राई करें. इस हलवे को बनाने के लिए आपको बस पपीता, चीनी, दूध, घी, इलायची और काजू की जरूरत होती है. आप इस हलवे को किसी व्रत के दौरान भी बनाकर खा सकते हैं. पूजा में इसका भोग भी लगाया जा सकता है. आइए पपीता के हलवे को बनाना सीखते हैं. - पपीते को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट कर रख लें. अब एक कढ़ाई में घी गरम करें, उसमें पपीता के टुकड़े डालें और उसे भून लें. करीब पांच मिनट तक पकने दें, अब एक कलछी की मदद से पपीते के टुकड़ों को मैश कर लें. अब एक बार फिर से चला लें ताकि पपीता बेस में न चिपके और पाँच मिनट तक पकाएं. - अब पपीते में दूध, कुटी या पीसी हुई हरी इलायची डालकर तब तक चलाएं, जब तक कि मिश्रण थोड़ा गाढ़ा नहीं और पपीता दूध को सोख नहीं लेता. अब चीनी डाल लें और अच्छी तरह से मिलाएं. कुछ देर के लिए और पका लें या तब तक पका लें जब तक कि ये मिक्सचर हलवे जैसी कंसिस्टेंसी नहीं ले लेता. - हलवा जब पैन के किनारों को छोड़ दे तो समझ लें हलवा तैयार हैं, आप काजू और अपनी पसंद के दूसरे ड्राईफ्रूट्स डालकर सर्व करें. |
बाबोसा भगवान एक ऐसे देवता हैं जिनको श्रद्धालु अनेक रूपों में देखते हैं, कोई उन्हे कृष्ण के रूप में, कोई उन्हें विष्णु रूप में देखता है, तो कोई उन्हें बजरंगबली का रूप मानता है. भक्तों में सर्वाधिक बाला रूप में ही उनकी पूजा की जाती है. मंदिर में मिंगसर शुक्ला पंचमी को बाबोसा भगवान के राजतिलकोत्सव यानि देव शक्ति धारण रूप में मनाया जाता है, वहीं माघ शुक्ला पंचमी जन्मोत्सव तथा भाद्रव शुक्ला पंचमी बाबोसा के निर्वाण महोत्सव के रूप में मनाया जाता है.
मंदिर के पुजारी बताते हैं कि मंजू बाई सा बाबोसा की भक्त हैं जिनके मुख से बाबोसा बोलते हैं, मंजू बाई बाबोसा के देशभर में होने वाले कार्यक्रमों में जाती है. भक्तों का ऐसा मानना है कि बाईसा और बाबोसा में कोई फर्क नहीं है. आपको बता दें कि बालाजी बाबोसा का एक मंदिर दिल्ली के रोहिणी में भी बना है, मंजू बाईसा वहीं रहती है.
मंदिर परिसर में बालाजी की गोद में बाबोसा की मूर्ति विराजमान है जिसको लेकर कहा जाता है कि बाबोसा की बालरूप में पूजा की जाती है और बाबोसा हमेशा से बालाजी की गोद में ही रहे हैं.
वहीं मंदिर के पुजारी ने बताया कि बाबोसा को बालरूप में पूजते हैं इसलिए भक्त चॉकलेट और टॉफी चढ़ाते हैं. इसके अलावा लोकमत एवं प्रचलित मान्यता के अनुसार मंदिर में नारियल बांधने से भी भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती है.
| बाबोसा भगवान एक ऐसे देवता हैं जिनको श्रद्धालु अनेक रूपों में देखते हैं, कोई उन्हे कृष्ण के रूप में, कोई उन्हें विष्णु रूप में देखता है, तो कोई उन्हें बजरंगबली का रूप मानता है. भक्तों में सर्वाधिक बाला रूप में ही उनकी पूजा की जाती है. मंदिर में मिंगसर शुक्ला पंचमी को बाबोसा भगवान के राजतिलकोत्सव यानि देव शक्ति धारण रूप में मनाया जाता है, वहीं माघ शुक्ला पंचमी जन्मोत्सव तथा भाद्रव शुक्ला पंचमी बाबोसा के निर्वाण महोत्सव के रूप में मनाया जाता है. मंदिर के पुजारी बताते हैं कि मंजू बाई सा बाबोसा की भक्त हैं जिनके मुख से बाबोसा बोलते हैं, मंजू बाई बाबोसा के देशभर में होने वाले कार्यक्रमों में जाती है. भक्तों का ऐसा मानना है कि बाईसा और बाबोसा में कोई फर्क नहीं है. आपको बता दें कि बालाजी बाबोसा का एक मंदिर दिल्ली के रोहिणी में भी बना है, मंजू बाईसा वहीं रहती है. मंदिर परिसर में बालाजी की गोद में बाबोसा की मूर्ति विराजमान है जिसको लेकर कहा जाता है कि बाबोसा की बालरूप में पूजा की जाती है और बाबोसा हमेशा से बालाजी की गोद में ही रहे हैं. वहीं मंदिर के पुजारी ने बताया कि बाबोसा को बालरूप में पूजते हैं इसलिए भक्त चॉकलेट और टॉफी चढ़ाते हैं. इसके अलावा लोकमत एवं प्रचलित मान्यता के अनुसार मंदिर में नारियल बांधने से भी भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती है. |
कुणाल देशमुख एक भारतीय फिल्म निर्देशक हैं।
कुनाल देशमुख का जन्म 4 मार्च 1982 को मुंबई में हुआ था।
Seema Haider कैमरे के सामने फूट-फूटकर रोईं, कहा- 'मेरा कोई नहीं है, अगर वो मुझे पसंद करता है तो...'
पार्टी से निकलीं जान्हवी कपूर की हालत देख चौंके यूजर्स, ट्रोल करते हुए बोले- 'फुल पीकर टाइट है'
Ayodhya प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में पहुंचेंगे ये बॉलीवुड और साउथ के सितारे? चौकाने वाली लिस्ट वायरल!
Nora Fatehi की हमशक्ल को देखकर चकराया लोगों का दिमाग, वीडियो देखकर बोले- 'कौन है असली?'
बीच पर बेड डालकर बैठी हसीना ने दिखाई हॉटनेस, लोग बोले- 'हर चीज की एक सीमा होती है यार'
| कुणाल देशमुख एक भारतीय फिल्म निर्देशक हैं। कुनाल देशमुख का जन्म चार मार्च एक हज़ार नौ सौ बयासी को मुंबई में हुआ था। Seema Haider कैमरे के सामने फूट-फूटकर रोईं, कहा- 'मेरा कोई नहीं है, अगर वो मुझे पसंद करता है तो...' पार्टी से निकलीं जान्हवी कपूर की हालत देख चौंके यूजर्स, ट्रोल करते हुए बोले- 'फुल पीकर टाइट है' Ayodhya प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में पहुंचेंगे ये बॉलीवुड और साउथ के सितारे? चौकाने वाली लिस्ट वायरल! Nora Fatehi की हमशक्ल को देखकर चकराया लोगों का दिमाग, वीडियो देखकर बोले- 'कौन है असली?' बीच पर बेड डालकर बैठी हसीना ने दिखाई हॉटनेस, लोग बोले- 'हर चीज की एक सीमा होती है यार' |
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग ने राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2016 द्वारा 135 पदों की भर्ती के लिए नोटिफिकेशन अधिसूचना जारी की है। पात्र उम्मीदवार 06 अगस्त 2016 से 20 अगस्त 2016 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। एमपीएससी भर्ती में उम्मीदवार आयु सीमा, योग्यता, आवेदन शुल्क व अन्य की जानकारी के लिए नीचे प्रारूप देख सकते हैं।
योग्यता - स्नातक की डिग्री।
स्थान - महाराष्ट्र।
आयु सीमा - 19 से 33 साल के बीच।
योग्यता - मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से उम्मीदवार किसी भी विषय में स्नातक डिग्री पास होना चाहिए।
उम्मीदवार प्रारंभिक परीक्षा में भी पास होना चाहिए।
आयु सीमा - उम्मीदवारों की आयु 01 अप्रैल 2016 के आधार पर 19 से 33 वर्ष के बीच।
आयु छूट - सरकार के नियमों के अनुसार आरक्षित श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए ऊपरी आयु सीमा में छूट दी जाएगी।
आवेदन शुल्क - इस आवेदन पत्र के लिए उम्मीदवारों को डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग या भारतीय स्टेट बैंक में जमा चालान फार्म के माध्यम से 523 रुपये का आवेदन शुल्क ऑनलाइन जमा करर सकते हैं।
आरक्षित श्रेणियों के उम्मीदवारों को 323 रुपये का आवेदन शुल्क देना होगा।
भूतपूर्व सैनिक उम्मीदवारों के लिए 23 रुपये का आवेदन शुल्क देय हैं।
चयन प्रक्रिया - उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।
- लिखित परीक्षा में केवल 400 की।
- साक्षात्कार केे लिए 100 अंक।
परीक्षा की तारीख - राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 24/ 25/ 26 सितंबर 2016.
परीक्षा केंद्र - राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2016 औरंगाबाद, मुंबई, नागपुर और पुणे शहरों में आयोजित कराई जाएगी।
एमपीएससी भर्ती में आवेदन ऐसे करें - उम्मीदवार अपना आवेदन 06 अगस्त 2016 से 20 अगस्त 2016 तक वेबसाइट mahampsc. mahaonline. gov. in या www. mpsc. gov. in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
भर्ती विज्ञापन के लिए यहां पर क्लिक करें।
ऑनलाइन आवेदन के लिए यहां पर क्लिक करें।
| महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग ने राज्य सेवा मुख्य परीक्षा दो हज़ार सोलह द्वारा एक सौ पैंतीस पदों की भर्ती के लिए नोटिफिकेशन अधिसूचना जारी की है। पात्र उम्मीदवार छः अगस्त दो हज़ार सोलह से बीस अगस्त दो हज़ार सोलह तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। एमपीएससी भर्ती में उम्मीदवार आयु सीमा, योग्यता, आवेदन शुल्क व अन्य की जानकारी के लिए नीचे प्रारूप देख सकते हैं। योग्यता - स्नातक की डिग्री। स्थान - महाराष्ट्र। आयु सीमा - उन्नीस से तैंतीस साल के बीच। योग्यता - मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से उम्मीदवार किसी भी विषय में स्नातक डिग्री पास होना चाहिए। उम्मीदवार प्रारंभिक परीक्षा में भी पास होना चाहिए। आयु सीमा - उम्मीदवारों की आयु एक अप्रैल दो हज़ार सोलह के आधार पर उन्नीस से तैंतीस वर्ष के बीच। आयु छूट - सरकार के नियमों के अनुसार आरक्षित श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए ऊपरी आयु सीमा में छूट दी जाएगी। आवेदन शुल्क - इस आवेदन पत्र के लिए उम्मीदवारों को डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग या भारतीय स्टेट बैंक में जमा चालान फार्म के माध्यम से पाँच सौ तेईस रुपयापये का आवेदन शुल्क ऑनलाइन जमा करर सकते हैं। आरक्षित श्रेणियों के उम्मीदवारों को तीन सौ तेईस रुपयापये का आवेदन शुल्क देना होगा। भूतपूर्व सैनिक उम्मीदवारों के लिए तेईस रुपयापये का आवेदन शुल्क देय हैं। चयन प्रक्रिया - उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। - लिखित परीक्षा में केवल चार सौ की। - साक्षात्कार केे लिए एक सौ अंक। परीक्षा की तारीख - राज्य सेवा मुख्य परीक्षा चौबीस/ पच्चीस/ छब्बीस सितंबर दो हज़ार सोलह. परीक्षा केंद्र - राज्य सेवा मुख्य परीक्षा दो हज़ार सोलह औरंगाबाद, मुंबई, नागपुर और पुणे शहरों में आयोजित कराई जाएगी। एमपीएससी भर्ती में आवेदन ऐसे करें - उम्मीदवार अपना आवेदन छः अगस्त दो हज़ार सोलह से बीस अगस्त दो हज़ार सोलह तक वेबसाइट mahampsc. mahaonline. gov. in या www. mpsc. gov. in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। भर्ती विज्ञापन के लिए यहां पर क्लिक करें। ऑनलाइन आवेदन के लिए यहां पर क्लिक करें। |
सूरज इस समय सक्रिय है. उसके चारों तरफ इस समय करीब 111 सनस्पॉट्स यानी सौर धब्बे हैं. सारे सक्रिय है. लेकिन सब विस्फोट नहीं कर रहे हैं. इनमें से कुछ ही विस्फोट कर रहे हैं. यानी सौर लहरें फेंक रहे हैं. चुंकि लहरें और सौर तूफान धरती की तरफ नहीं थे, इसलिए इन लहरों का असर नहीं हुआ. यहां किसी तरह का जियोमैग्नेटिक तूफान नहीं आया. अगर यह तूफान धरती पर आता तो संचार, बिजली ग्रिड की सप्लाई बिगड़ जाती. उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव पर अरोरा का निर्माण होता. (फोटोः गेटी)
स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी में हेलियोसीस्मोलॉजी विभाग के एस्ट्रोनॉमर जुनवी झाओ ने कहा कि 15 फरवरी का विस्फोट अत्यधिक बड़ा था. यह साल 2017 सितंबर के बाद रिकॉर्ड की गई सबसे बड़ी सौर लहर थी. लेकिन यह ऐसा इलाका है, जिसके सामने धरती अक्सर पड़ती है. भविष्य में ऐसी तेज लहरें धरती की तरफ आ सकती हैं. सौर एक्टिविटी पर नजर रखने वाले स्पेसवेदरलाइव के मुताबिक सूरज फरवरी महीने में हर दिन लहरें फेंक रहा है. किसी-किसी दिन तो कई लहरें देखने को मिल रही है. (फोटोः Karl Battams/Twitter)
इनमें M Class की ताकतवर फ्लेयर्स भी शामिल हैं. 12 फरवरी को M1. 4 की फ्लेयर, 14 फरवरी को M1 और 15 फरवरी को M1. 3 की फ्लेयर. जनवरी में भी M क्लास की पांच फ्लेयर्स देखने को मिली थीं. एक हल्के जियोमैग्नेटिक स्टॉर्म ने SpaceX के 40 नए Starlink Satellites को नष्ट कर दिया था. यह एक M क्लास की सौर लहर थी. यह बात 29 जनवरी की है. सौर लहर को धरती पर पहुंचने में कुछ दिन लगते हैं, यह निर्भर करता है उसकी गति और तीव्रता पर. (फोटोः SpaceWeatherLiver)
दिसंबर 2019 तक सूरज सोलर मिनिमम में था. यानी हर 11 साल में इसकी साइकिल बदलता है. यह 11 साल के अंतर पर सक्रिय और ठंडा होता है. दिसंबर 2019 के बाद से इसका सोलर मैक्सिमम (Solar Maximum) शुरु हो गया है. यह तब होता है जब सूरज की मैग्नेटिक फील्ड हर ग्यारह साल में उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव की तरफ आती है. मिनिमम में सूरज के ऊपर कम सनस्पॉट दिखते हैं. मैक्सिमम में ज्यादा सनस्पॉट दिखते हैं. ज्यादा सनस्पॉट यानी ज्यादा सौर लहरें और ज्यादा सौर तूफान. (फोटोः SpaceWeatherLive)
अभी 20 जनवरी 2022 को दक्षिण भारत समेत दक्षिण पूर्व एशिया में सौर तूफान ने हिट किया है. यह M Class का तूफान था. इससे किस तरह का नुकसान हुआ है, इसकी रिपोर्ट तो नहीं आई है. कुछ देशों में इसकी जांच चल रही है. लेकिन यह सौर तूफान सूरज के सक्रिय इलाके AR12929 से निकला था. यह इलाका सूरज और धरती की लाइन के ठीक सामने 71 डिग्री के कोण पर स्थित था. सौर तूफान को कोरोनल मास इजेक्शन (CME) कहते हैं. (फोटोः गेटी)
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्पेस साइंसेस इंडिया (Cessi) के वैज्ञानिकों ने कोरोनल मास इजेक्शन की गणना की है. साथ ही यह दक्षिण भारत समेत किस इलाके को हिट कर रहा है, उसका अंदाजा भी लगाया था. इस चित्र में जो हिस्सा पूरी तरह से लाल घेरे के अंदर है, वहां पर रेडियो ब्लैकआउट (Radio Blackout) होने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि इस फ्लेयर से ज्यादा नुकसान होने की आशंका नहीं है. लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. (फोटोः Cessi)
Cessi के फिजिसिस्ट प्रो. दिव्येंदु नंदी ने aajtak. in से खास बातचीत में कहा था कि इस सौर तूफान से इंसानों को घबराने की जरूरत नहीं है. हो सकता है कि इस सौर तूफान का असर संभवतः दक्षिण-पूर्व एशियन सेक्टर संचार प्रणाली, दक्षिणी हिंदा महासागर में जीपीएस और कुछ देशों की सैटेलाइट्स पर पड़ा हो. लेकिन इसका डेटा अभी तक सामने नहीं आया है. जिनके संचार या नेविगेशन पर असर पड़ा होगा, वो इस बात को जानते होंगे. (फोटोः Cessi)
प्रो. दिव्येंदु नंदी ने कहा कि 20 जनवरी 2022 को सौर तूफान ने सुबह साढ़े 11 बजे धरती को हिट किया. उस समय दक्षिण भारत उस तूफान के केंद्र में था. साथ ही ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण-पूर्व एशिया का हिस्सा. प्रो. नंदी ने बताया कि सौर तूफान का असर ज्यादातर आउटर स्पेस में होता है. यानी हमारे वायुमंडल के ऊपर. क्योंकि हमारा वायुमंडल सूरज से आने वाले आवेषित कणों को रोक लेता है. वायुमंडल के ठीक ऊपर मौजूद आयनोस्फेयर की पतली परत पर इसका असर ज्यादा होता है. आमतौर पर उसी इलाके में या थोड़ा ऊपर नीचे सैटेलाइट्स चक्कर लगाते हैं. (फोटोः गेटी)
प्रो. नंदी ने बताया कि वहीं से सिविल एविएशन, डिजास्टर मैनेजमेंट, डिफेंस, नेविगेशन आदि के लिए रेडियो वेव्स का इस्तेमाल किया जाता है. क्योंकि आयनोस्फेयर में होने वाले दिक्कत से रेडियो वेव्स बिगड़ती हैं. हो सकता है कि जो चित्र में इलाका दिखाई दे रहा है, उसके ऊपर रेडियो वेव्स पर असर हो. लेकिन इसे लेकर हमारी संस्था या हम लोगों के पास कहीं से फिलहाल कोई रिपोर्ट नहीं आई है. ऐसे नुकसान की गणना करने के लिए हमारे पास नेटवर्क नहीं है. अमेरिका में ऐसी गणना के लिए ग्राउंड बेस्ड नेटवर्क है. (फोटोः गेटी)
इससे पहले भी सौर तूफान आए हैं. सबसे बड़ा डर ये है कि हमारे पास सौर तूफान और उससे पड़ने वाले असर को लेकर डेटा बहुत कम है. इसलिए हम ये अंदाजा नहीं लगा सकते कि नुकसान कितना बड़ा होगा. दुनिया में सबसे भयावह सौर तूफान 1859, 1921 और 1989 में आए थे. इनकी वजह से कई देशों में बिजली सप्लाई बाधित हुई थी. ग्रिड्स फेल हो गए थे. कई राज्य घंटों तक अंधेरे में थे. (फोटोः गेटी)
1859 में इलेक्ट्रिकल ग्रिड्स नहीं थे, इसलिए उनपर असर नहीं हुआ लेकिन कम्पास का नीडल लगातार कई घंटों तक घूमता रहा था. जिसकी वजह से समुद्री यातायात बाधित हो गई थी. उत्तरी ध्रुव पर दिखने वाली नॉर्दन लाइट्स यानी अरोरा बोरियेलिस (Aurora Borealis) को इक्वेटर लाइन पर मौजूद कोलंबिया के आसमान में बनते देखा गया था. नॉर्दन लाइट्स हमेशा ध्रुवों पर ही बनता है. (फोटोः गेटी)
1989 में आए सौर तूफान की वजह से उत्तर-पूर्व कनाडा के क्यूबेक में स्थित हाइड्रो पावर ग्रिड फेल हो गया था. आधे देश में 9 घंटे तक अंधेरा कायम था. कहीं बिजली नहीं थी. पिछले दो दशकों से सौर तूफान नहीं आया है. सूरज की गतिविधि काफी कमजोर है. इसका मतलब ये नहीं है कि सौर तूफान आ नहीं सकता. ऐसा लगता है कि सूरज की शांति किसी बड़े सौर तूफान से पहले का सन्नाटा है. (फोटोः गेटी)
| सूरज इस समय सक्रिय है. उसके चारों तरफ इस समय करीब एक सौ ग्यारह सनस्पॉट्स यानी सौर धब्बे हैं. सारे सक्रिय है. लेकिन सब विस्फोट नहीं कर रहे हैं. इनमें से कुछ ही विस्फोट कर रहे हैं. यानी सौर लहरें फेंक रहे हैं. चुंकि लहरें और सौर तूफान धरती की तरफ नहीं थे, इसलिए इन लहरों का असर नहीं हुआ. यहां किसी तरह का जियोमैग्नेटिक तूफान नहीं आया. अगर यह तूफान धरती पर आता तो संचार, बिजली ग्रिड की सप्लाई बिगड़ जाती. उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव पर अरोरा का निर्माण होता. स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी में हेलियोसीस्मोलॉजी विभाग के एस्ट्रोनॉमर जुनवी झाओ ने कहा कि पंद्रह फरवरी का विस्फोट अत्यधिक बड़ा था. यह साल दो हज़ार सत्रह सितंबर के बाद रिकॉर्ड की गई सबसे बड़ी सौर लहर थी. लेकिन यह ऐसा इलाका है, जिसके सामने धरती अक्सर पड़ती है. भविष्य में ऐसी तेज लहरें धरती की तरफ आ सकती हैं. सौर एक्टिविटी पर नजर रखने वाले स्पेसवेदरलाइव के मुताबिक सूरज फरवरी महीने में हर दिन लहरें फेंक रहा है. किसी-किसी दिन तो कई लहरें देखने को मिल रही है. इनमें M Class की ताकतवर फ्लेयर्स भी शामिल हैं. बारह फरवरी को Mएक. चार की फ्लेयर, चौदह फरवरी को Mएक और पंद्रह फरवरी को Mएक. तीन की फ्लेयर. जनवरी में भी M क्लास की पांच फ्लेयर्स देखने को मिली थीं. एक हल्के जियोमैग्नेटिक स्टॉर्म ने SpaceX के चालीस नए Starlink Satellites को नष्ट कर दिया था. यह एक M क्लास की सौर लहर थी. यह बात उनतीस जनवरी की है. सौर लहर को धरती पर पहुंचने में कुछ दिन लगते हैं, यह निर्भर करता है उसकी गति और तीव्रता पर. दिसंबर दो हज़ार उन्नीस तक सूरज सोलर मिनिमम में था. यानी हर ग्यारह साल में इसकी साइकिल बदलता है. यह ग्यारह साल के अंतर पर सक्रिय और ठंडा होता है. दिसंबर दो हज़ार उन्नीस के बाद से इसका सोलर मैक्सिमम शुरु हो गया है. यह तब होता है जब सूरज की मैग्नेटिक फील्ड हर ग्यारह साल में उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव की तरफ आती है. मिनिमम में सूरज के ऊपर कम सनस्पॉट दिखते हैं. मैक्सिमम में ज्यादा सनस्पॉट दिखते हैं. ज्यादा सनस्पॉट यानी ज्यादा सौर लहरें और ज्यादा सौर तूफान. अभी बीस जनवरी दो हज़ार बाईस को दक्षिण भारत समेत दक्षिण पूर्व एशिया में सौर तूफान ने हिट किया है. यह M Class का तूफान था. इससे किस तरह का नुकसान हुआ है, इसकी रिपोर्ट तो नहीं आई है. कुछ देशों में इसकी जांच चल रही है. लेकिन यह सौर तूफान सूरज के सक्रिय इलाके ARबारह हज़ार नौ सौ उनतीस से निकला था. यह इलाका सूरज और धरती की लाइन के ठीक सामने इकहत्तर डिग्री के कोण पर स्थित था. सौर तूफान को कोरोनल मास इजेक्शन कहते हैं. सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्पेस साइंसेस इंडिया के वैज्ञानिकों ने कोरोनल मास इजेक्शन की गणना की है. साथ ही यह दक्षिण भारत समेत किस इलाके को हिट कर रहा है, उसका अंदाजा भी लगाया था. इस चित्र में जो हिस्सा पूरी तरह से लाल घेरे के अंदर है, वहां पर रेडियो ब्लैकआउट होने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि इस फ्लेयर से ज्यादा नुकसान होने की आशंका नहीं है. लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. Cessi के फिजिसिस्ट प्रो. दिव्येंदु नंदी ने aajtak. in से खास बातचीत में कहा था कि इस सौर तूफान से इंसानों को घबराने की जरूरत नहीं है. हो सकता है कि इस सौर तूफान का असर संभवतः दक्षिण-पूर्व एशियन सेक्टर संचार प्रणाली, दक्षिणी हिंदा महासागर में जीपीएस और कुछ देशों की सैटेलाइट्स पर पड़ा हो. लेकिन इसका डेटा अभी तक सामने नहीं आया है. जिनके संचार या नेविगेशन पर असर पड़ा होगा, वो इस बात को जानते होंगे. प्रो. दिव्येंदु नंदी ने कहा कि बीस जनवरी दो हज़ार बाईस को सौर तूफान ने सुबह साढ़े ग्यारह बजे धरती को हिट किया. उस समय दक्षिण भारत उस तूफान के केंद्र में था. साथ ही ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण-पूर्व एशिया का हिस्सा. प्रो. नंदी ने बताया कि सौर तूफान का असर ज्यादातर आउटर स्पेस में होता है. यानी हमारे वायुमंडल के ऊपर. क्योंकि हमारा वायुमंडल सूरज से आने वाले आवेषित कणों को रोक लेता है. वायुमंडल के ठीक ऊपर मौजूद आयनोस्फेयर की पतली परत पर इसका असर ज्यादा होता है. आमतौर पर उसी इलाके में या थोड़ा ऊपर नीचे सैटेलाइट्स चक्कर लगाते हैं. प्रो. नंदी ने बताया कि वहीं से सिविल एविएशन, डिजास्टर मैनेजमेंट, डिफेंस, नेविगेशन आदि के लिए रेडियो वेव्स का इस्तेमाल किया जाता है. क्योंकि आयनोस्फेयर में होने वाले दिक्कत से रेडियो वेव्स बिगड़ती हैं. हो सकता है कि जो चित्र में इलाका दिखाई दे रहा है, उसके ऊपर रेडियो वेव्स पर असर हो. लेकिन इसे लेकर हमारी संस्था या हम लोगों के पास कहीं से फिलहाल कोई रिपोर्ट नहीं आई है. ऐसे नुकसान की गणना करने के लिए हमारे पास नेटवर्क नहीं है. अमेरिका में ऐसी गणना के लिए ग्राउंड बेस्ड नेटवर्क है. इससे पहले भी सौर तूफान आए हैं. सबसे बड़ा डर ये है कि हमारे पास सौर तूफान और उससे पड़ने वाले असर को लेकर डेटा बहुत कम है. इसलिए हम ये अंदाजा नहीं लगा सकते कि नुकसान कितना बड़ा होगा. दुनिया में सबसे भयावह सौर तूफान एक हज़ार आठ सौ उनसठ, एक हज़ार नौ सौ इक्कीस और एक हज़ार नौ सौ नवासी में आए थे. इनकी वजह से कई देशों में बिजली सप्लाई बाधित हुई थी. ग्रिड्स फेल हो गए थे. कई राज्य घंटों तक अंधेरे में थे. एक हज़ार आठ सौ उनसठ में इलेक्ट्रिकल ग्रिड्स नहीं थे, इसलिए उनपर असर नहीं हुआ लेकिन कम्पास का नीडल लगातार कई घंटों तक घूमता रहा था. जिसकी वजह से समुद्री यातायात बाधित हो गई थी. उत्तरी ध्रुव पर दिखने वाली नॉर्दन लाइट्स यानी अरोरा बोरियेलिस को इक्वेटर लाइन पर मौजूद कोलंबिया के आसमान में बनते देखा गया था. नॉर्दन लाइट्स हमेशा ध्रुवों पर ही बनता है. एक हज़ार नौ सौ नवासी में आए सौर तूफान की वजह से उत्तर-पूर्व कनाडा के क्यूबेक में स्थित हाइड्रो पावर ग्रिड फेल हो गया था. आधे देश में नौ घंटाटे तक अंधेरा कायम था. कहीं बिजली नहीं थी. पिछले दो दशकों से सौर तूफान नहीं आया है. सूरज की गतिविधि काफी कमजोर है. इसका मतलब ये नहीं है कि सौर तूफान आ नहीं सकता. ऐसा लगता है कि सूरज की शांति किसी बड़े सौर तूफान से पहले का सन्नाटा है. |
दो हजार के नोटों को लेकर अभी तक बहुत से सवाल लोगो के मन में है, नोटबंदी के बाद से मुद्रण में आये बदलाव से लोगो शुरूआती दौर में तो काफी दिक्क्तों का सामना करना पड़ा मगर वक़्त के साथ-साथ अब सब सही तरिके से चलन में है, मगर मुद्रण को लेकर अभी भी कई आंशकाएं जताई जा रही है, इन्ही आंशकाओं के चलते राज्यसभा में बुधवार को विपक्ष ने दो हजार रूपये की नोटों की छपाई बंद होने का मुद्दा उठाया। सदन में सरकार से इस मसले पर सफाई मांगी गई। जिस वक़्त यह मामला उठाया गया सदन में वित्तमंत्री अरुण जेटली भी मौजूद थे। लेकिन उन्होंने इस मुद्दे पर कोई टिपण्णी नहीं दी ।
शून्यकाल शुरू होने पर सपा के नरेश अग्रवाल ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए सरकार से जानना चाहा कि क्या दो हजार रूपये के नोट बंद किये जा रहे है? उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें है कि सरकार ने दो हजार रूपये का नोट बंद करने का फैसला किया है। साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक को दो हजार रूपये के नोटों की छपाई नहीं करने का आदेश दिया गया है। अग्रवाल ने कहा कि ऐसी परम्परा रही कि संसद सत्र के दौरान सरकार अगर कोई नीतिगत निर्णय लेती है, तो उसके बारे में संसद को सूचित किया जाना चाहिए।
सपा नेता ने कहा कि अब दो हजार रूपये के 3.2 लाख करोड़ मूल्य के नोट आरबीआई छाप चुका है। अब आरबीआई ने इनका मुद्रण बंद कर दिया है। एक बार नोटबंदी की जा चुकी है और दूसरी बार ऐसा करने की योजना है। वित्तमंत्री को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उपसभापति पी. जे. कुरियन ने कहा कि यह आरबीआई की कार्रवाई है। अग्रवाल ने कहा कि पिछली बार नोटबंदी का फैसला सरकार ने किया था, आरबीआई ने नहीं।
जदयू नेता शरद यादव ने कहा कि देश में इस मामले पर अफवाह फ़ैल सकती है। यह मुद्दा उठना नहीं चाहिए था लेकिन मुद्दा उठा है, तो सरकार को स्थिति साफ़ karni चाहिए। नहीं तो लोग दो हजार की नोट वापस करना शुरू कर देंगे ।
अग्रवाल से सहमति जताते हुए सदन में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य गुलाम नबी आजाद ने जानना चाहा कि क्या सरकार एक हजार रूपये के सिक्के जारी करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि हर दिन हम खबरों में पढ़ते है कि सौ रूपये, दो सौ रूपये और एक हजार के सिक्के शुरू किये जायँगे वास्तविकता क्या है? क्या हमे इन खबरों पर भरोसा करना चाहिए। आजाद ने कहा कि क्या हमे एक हजार रूपये के सिक्के मिलने वाले है और इन सिक्को को ले कर जाने के लिए हमे थैलो का इंतजाम करना होगा ।
| दो हजार के नोटों को लेकर अभी तक बहुत से सवाल लोगो के मन में है, नोटबंदी के बाद से मुद्रण में आये बदलाव से लोगो शुरूआती दौर में तो काफी दिक्क्तों का सामना करना पड़ा मगर वक़्त के साथ-साथ अब सब सही तरिके से चलन में है, मगर मुद्रण को लेकर अभी भी कई आंशकाएं जताई जा रही है, इन्ही आंशकाओं के चलते राज्यसभा में बुधवार को विपक्ष ने दो हजार रूपये की नोटों की छपाई बंद होने का मुद्दा उठाया। सदन में सरकार से इस मसले पर सफाई मांगी गई। जिस वक़्त यह मामला उठाया गया सदन में वित्तमंत्री अरुण जेटली भी मौजूद थे। लेकिन उन्होंने इस मुद्दे पर कोई टिपण्णी नहीं दी । शून्यकाल शुरू होने पर सपा के नरेश अग्रवाल ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए सरकार से जानना चाहा कि क्या दो हजार रूपये के नोट बंद किये जा रहे है? उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें है कि सरकार ने दो हजार रूपये का नोट बंद करने का फैसला किया है। साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक को दो हजार रूपये के नोटों की छपाई नहीं करने का आदेश दिया गया है। अग्रवाल ने कहा कि ऐसी परम्परा रही कि संसद सत्र के दौरान सरकार अगर कोई नीतिगत निर्णय लेती है, तो उसके बारे में संसद को सूचित किया जाना चाहिए। सपा नेता ने कहा कि अब दो हजार रूपये के तीन.दो लाख करोड़ मूल्य के नोट आरबीआई छाप चुका है। अब आरबीआई ने इनका मुद्रण बंद कर दिया है। एक बार नोटबंदी की जा चुकी है और दूसरी बार ऐसा करने की योजना है। वित्तमंत्री को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उपसभापति पी. जे. कुरियन ने कहा कि यह आरबीआई की कार्रवाई है। अग्रवाल ने कहा कि पिछली बार नोटबंदी का फैसला सरकार ने किया था, आरबीआई ने नहीं। जदयू नेता शरद यादव ने कहा कि देश में इस मामले पर अफवाह फ़ैल सकती है। यह मुद्दा उठना नहीं चाहिए था लेकिन मुद्दा उठा है, तो सरकार को स्थिति साफ़ karni चाहिए। नहीं तो लोग दो हजार की नोट वापस करना शुरू कर देंगे । अग्रवाल से सहमति जताते हुए सदन में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य गुलाम नबी आजाद ने जानना चाहा कि क्या सरकार एक हजार रूपये के सिक्के जारी करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि हर दिन हम खबरों में पढ़ते है कि सौ रूपये, दो सौ रूपये और एक हजार के सिक्के शुरू किये जायँगे वास्तविकता क्या है? क्या हमे इन खबरों पर भरोसा करना चाहिए। आजाद ने कहा कि क्या हमे एक हजार रूपये के सिक्के मिलने वाले है और इन सिक्को को ले कर जाने के लिए हमे थैलो का इंतजाम करना होगा । |
एंटरटेनमेंट डेस्क. बॉलीवुड इंडस्ट्री में एक बार शहनाई बजने वाली है। रिपोर्ट्स की मानें तो परिणीति चोपड़ा अपने ब्वॉयप्रेंड और आम आदमी पार्टी के सासंद राघव चड्ढा के साथ शादी के बंधन में बंधने जा रही है। उनकी शादी की खबकर पर मोहर हार्डी संधू ने लगाई है।
एंटरटेनमेंट डेस्कः पाकिस्तानी मॉडल, सिंगर, एक्ट्रेस अनीसा शेख अपनी फैशन स्टाइल की वजह दुनियाभर में फेमस हैं। न्यूयॉर्क फैशन वीक में उन्होंने इंडियन डिजाइनर का लहंगा पहना था । उन्होंने भारत का बना लहंगा क्यों पहना, इस सवाल का दिलचस्प जवाब दिया था।
उर्फी जावेद अपनी बोल्ड और सेक्सी ड्रेसेस है सभी का ध्यान अपनी ओर खींच देती है। कुछ मिनट पहले ही एक बार फिर उर्फी हद से ज्यादा हॉट लुक में नजर आई। उनका वायरल वीडियो देखकर लोग उनपर भद्दे कमेंट्स कर रहे है और गालियां भी दे रहे हैं।
राम नवमी के मौके पर डायरेक्टर ओम राउत की मोस्ट अवेटेड फिल्म आदिपुरुष का नया पोस्टर रिलीज किया गया है। 500 करोड़ के बजट वाली यह फिल्म इसी साल जून में रिलीज होगी। हालांकि, पोस्टर रिलीज होते ही लोगों ने अपनी भड़ास निकालना शुरू कर दी।
डायरेक्टर मणि रत्नम की फिल्म पोन्नियन सेल्वन 2 का ट्रेलर रिलीज हो गया है। एक बार फिल सिहांसन को पाने एक-दूसरे जंग करते नजर आएंगे चोल साम्राज्य के राजा। ऐश्वर्या राय बच्चन और विक्रम की यह फिल्म 28 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है।
विवान सुंदरम को कुछ दिन पहले दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वे अपने पीछे पत्नी गीता कपूर को छोड़ गए हैं, जो पेशे से आर्ट हिस्टोरियन और क्यूरेटर हैं। परिवार ने आधिकारिक बयान देकर विवान के निधन की पुष्टि की है।
बीती शाम अहान शेट्टी की गर्लफ्रेंड तान्या श्रॉफ ने अपना बर्थडे सेलिब्रेट किया। इस मौके पर कई स्टार्स किड्स स्पॉट हुए। शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान से लेकर अमिताभ बच्चन का नाती अगस्त्य नंदा भी इस मौके पर नजर आए।
प्रियंका चोपड़ा अब सिर्फ बॉलीवुड तक सीमित नहीं हैं। वो एक इंटरनेशनल स्टार बन चुकी हैं। प्रियंका चोपड़ा 'एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेस' के एक्टर्स ब्रांच की एग्जीक्यूटिव कमेटी में शामिल हो गई हैं।
| एंटरटेनमेंट डेस्क. बॉलीवुड इंडस्ट्री में एक बार शहनाई बजने वाली है। रिपोर्ट्स की मानें तो परिणीति चोपड़ा अपने ब्वॉयप्रेंड और आम आदमी पार्टी के सासंद राघव चड्ढा के साथ शादी के बंधन में बंधने जा रही है। उनकी शादी की खबकर पर मोहर हार्डी संधू ने लगाई है। एंटरटेनमेंट डेस्कः पाकिस्तानी मॉडल, सिंगर, एक्ट्रेस अनीसा शेख अपनी फैशन स्टाइल की वजह दुनियाभर में फेमस हैं। न्यूयॉर्क फैशन वीक में उन्होंने इंडियन डिजाइनर का लहंगा पहना था । उन्होंने भारत का बना लहंगा क्यों पहना, इस सवाल का दिलचस्प जवाब दिया था। उर्फी जावेद अपनी बोल्ड और सेक्सी ड्रेसेस है सभी का ध्यान अपनी ओर खींच देती है। कुछ मिनट पहले ही एक बार फिर उर्फी हद से ज्यादा हॉट लुक में नजर आई। उनका वायरल वीडियो देखकर लोग उनपर भद्दे कमेंट्स कर रहे है और गालियां भी दे रहे हैं। राम नवमी के मौके पर डायरेक्टर ओम राउत की मोस्ट अवेटेड फिल्म आदिपुरुष का नया पोस्टर रिलीज किया गया है। पाँच सौ करोड़ के बजट वाली यह फिल्म इसी साल जून में रिलीज होगी। हालांकि, पोस्टर रिलीज होते ही लोगों ने अपनी भड़ास निकालना शुरू कर दी। डायरेक्टर मणि रत्नम की फिल्म पोन्नियन सेल्वन दो का ट्रेलर रिलीज हो गया है। एक बार फिल सिहांसन को पाने एक-दूसरे जंग करते नजर आएंगे चोल साम्राज्य के राजा। ऐश्वर्या राय बच्चन और विक्रम की यह फिल्म अट्ठाईस अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। विवान सुंदरम को कुछ दिन पहले दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वे अपने पीछे पत्नी गीता कपूर को छोड़ गए हैं, जो पेशे से आर्ट हिस्टोरियन और क्यूरेटर हैं। परिवार ने आधिकारिक बयान देकर विवान के निधन की पुष्टि की है। बीती शाम अहान शेट्टी की गर्लफ्रेंड तान्या श्रॉफ ने अपना बर्थडे सेलिब्रेट किया। इस मौके पर कई स्टार्स किड्स स्पॉट हुए। शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान से लेकर अमिताभ बच्चन का नाती अगस्त्य नंदा भी इस मौके पर नजर आए। प्रियंका चोपड़ा अब सिर्फ बॉलीवुड तक सीमित नहीं हैं। वो एक इंटरनेशनल स्टार बन चुकी हैं। प्रियंका चोपड़ा 'एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेस' के एक्टर्स ब्रांच की एग्जीक्यूटिव कमेटी में शामिल हो गई हैं। |
कानपुर। पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कप्तान बिशन सिंह बेदी का जन्म 25 सितंबर 1946 को पंजाब में हुआ था। बिशन बेदी आज अपना 73वां जन्मदिन मना रहे हैं। 70-80 के दशक में बिशन सिंह बेदी भारत के सर्वश्रेष्ठ स्पिन गेंदबाज हुआ करते थे। वह अपनी फिरकी में बड़े से बड़े बल्लेबाजों को चकमा दे देते थे। यही वजह है कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्पिनर रहे शेन वार्न भी बेदी को अपना आदर्श मानते हैं। बेदी की गेंदबाजी की खासियत थी कि वह बिना एक्शन बदले चार तरह की गेंदबाजी कर लिया करते थे। उनकी यह कला उन्हें अन्य गेंदबाजों से अलग बनाती थी।
बेदी ने अपने इंटरनेशनल करियर का आगाज 1967 में वेस्टइंडीज के खिलाफ किया था। वह करीब 12 साल तक भारत के लिए खेले। इस दौरान उन्होंने अपनी गेंदबाजी ही नहीं बतौर कप्तान काफी नाम कमाया। 67 टेस्ट मैच खेलकर 266 विकेट लेने वाले बिशन सिंह बेदी ने एक बार इंटरव्यू में कहा था कि, उनकी गेंदबाजी की ताकत उनकी अंगुलियां हैं। यही वजह है कि वह अपनी अंगुलियों को मजबूत बनाने और कलाई को फ्लेक्सिबल बनाने के लिए अपने कपड़े खुद धोया करते थे। हालांकि माॅर्डन क्रिकेट में गेंदबाज शायद अब इस टेक्निक पर ध्यान न देते हों मगर बेदी ने इसी कला में महारत हासिल कर भारतीय क्रिकेट इतिहास में अपना अलग नाम बनाया।
Happy birthday to one of India's finest bowlers Bishan Bedi!
बिशन सिंह बेदी ने कुछ समय के लिए भारतीय टीम की कमान भी संभाली थी। बतौर कप्तान उनका करियर काफी चर्चित रहा था। ऐसा ही एक दिलचस्प किस्सा साल 1976 का है। तब बेदी की अगुआई में टीम इंडिया टेस्ट सीरीज खेलने वेस्टइंडीज गई थी। सीरीज का आखिरी मैच किंग्सटन में खेला जा रहा था। एक वक्त भारत का स्कोर 1 विकेट पर 200 रन था। विंडीज कप्तान क्लाइव लाॅयड भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में नहीं देख पाए। फिर क्या उन्होंने अपने तेज गेंदबाजों को बाउंसर और बीमर डालने का कहा जिसके चलते दो भारतीय बल्लेबाज चोटिल होकर अस्पताल पहुंच गए। बेदी ने अंपायर डगलस सैंग ह्यु से इसकी शिकायत की। तब अंपायर ने जवाब दिया था, 'मिस्टर बेदी, आप तो कुछ दिनों में यह देश छोड़कर चले जाओगे मगर मेरा परिवार यहीं रहता है। '
बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज बिशन सिंह बेदी 1976 में टीम इंडिया का कप्तान बनाया गया था। यह वो दौर था जब एकदिवसीय क्रिकेट की शुरुआत हुई थी। पाकिस्तान के खिलाफ पहला वनडे खेलने के बाद 1978 में टीम इंडिया फिर पाकिस्तान दौरे पर गई थी। तीन मैचों की सीरीज का आखिरी मैच पाकिस्तान के साहीवाल में खेला गया। यह मैच काफी विवादित रहा क्योंकि भारत ने पाकिस्तान को जानबूझकर मैच जितवाया था। दरअसल हुआ यूं कि पाकिस्तानी कप्तान मुश्ताक मोहम्मद ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का निर्णय लिया। पाक ने निर्धारित ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 205 रन बनाए। अब भारत का जीत के लिए 206 रन चाहिए थे।
भारत की तरफ से ओपनिंग करने आए अंशुमान गायकवाड़ ने शानदार पारी खेली। उन्हें सुरिंदर अमरनाथ का साथ मिला। हालांकि अमरनाथ तो 62 रन बनाकर आउट हो गए मगर गायकवाड़ 78 रन पर नाबाद डटे रहे। आखिर में भारत को मैच जीतने के लिए 26 गेंदों में 23 रन की जरूरत थी। सभी को लगा कि भारत यह मैच आसानी से जीत जाएगा। अगले ओवर में पाकिस्तानी गेंदबाज सरफराज नवाज बॉलिंग करने आए। नवाज ने लगातार चार गेंद बाउंसर फेंकी। बेदी ने इसके खिलाफ अपील की और अंपायर से इसे वाइड बॉल करने का कहा। मगर अंपायर बेदी की बात से सहमत नहीं हुए फिर क्या बिशन सिंह ने भारतीय बल्लेबाजों को वापस पवेलियन बुला लिया। भारतीय बल्लेबाजों के वापस लौटते ही पाकिस्तान को विजेता घोषित कर दिया गया। इस तरह भारत के हाथ से एक जिता हुआ मैच निकल चुका था।
| कानपुर। पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कप्तान बिशन सिंह बेदी का जन्म पच्चीस सितंबर एक हज़ार नौ सौ छियालीस को पंजाब में हुआ था। बिशन बेदी आज अपना तिहत्तरवां जन्मदिन मना रहे हैं। सत्तर-अस्सी के दशक में बिशन सिंह बेदी भारत के सर्वश्रेष्ठ स्पिन गेंदबाज हुआ करते थे। वह अपनी फिरकी में बड़े से बड़े बल्लेबाजों को चकमा दे देते थे। यही वजह है कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्पिनर रहे शेन वार्न भी बेदी को अपना आदर्श मानते हैं। बेदी की गेंदबाजी की खासियत थी कि वह बिना एक्शन बदले चार तरह की गेंदबाजी कर लिया करते थे। उनकी यह कला उन्हें अन्य गेंदबाजों से अलग बनाती थी। बेदी ने अपने इंटरनेशनल करियर का आगाज एक हज़ार नौ सौ सरसठ में वेस्टइंडीज के खिलाफ किया था। वह करीब बारह साल तक भारत के लिए खेले। इस दौरान उन्होंने अपनी गेंदबाजी ही नहीं बतौर कप्तान काफी नाम कमाया। सरसठ टेस्ट मैच खेलकर दो सौ छयासठ विकेट लेने वाले बिशन सिंह बेदी ने एक बार इंटरव्यू में कहा था कि, उनकी गेंदबाजी की ताकत उनकी अंगुलियां हैं। यही वजह है कि वह अपनी अंगुलियों को मजबूत बनाने और कलाई को फ्लेक्सिबल बनाने के लिए अपने कपड़े खुद धोया करते थे। हालांकि माॅर्डन क्रिकेट में गेंदबाज शायद अब इस टेक्निक पर ध्यान न देते हों मगर बेदी ने इसी कला में महारत हासिल कर भारतीय क्रिकेट इतिहास में अपना अलग नाम बनाया। Happy birthday to one of India's finest bowlers Bishan Bedi! बिशन सिंह बेदी ने कुछ समय के लिए भारतीय टीम की कमान भी संभाली थी। बतौर कप्तान उनका करियर काफी चर्चित रहा था। ऐसा ही एक दिलचस्प किस्सा साल एक हज़ार नौ सौ छिहत्तर का है। तब बेदी की अगुआई में टीम इंडिया टेस्ट सीरीज खेलने वेस्टइंडीज गई थी। सीरीज का आखिरी मैच किंग्सटन में खेला जा रहा था। एक वक्त भारत का स्कोर एक विकेट पर दो सौ रन था। विंडीज कप्तान क्लाइव लाॅयड भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में नहीं देख पाए। फिर क्या उन्होंने अपने तेज गेंदबाजों को बाउंसर और बीमर डालने का कहा जिसके चलते दो भारतीय बल्लेबाज चोटिल होकर अस्पताल पहुंच गए। बेदी ने अंपायर डगलस सैंग ह्यु से इसकी शिकायत की। तब अंपायर ने जवाब दिया था, 'मिस्टर बेदी, आप तो कुछ दिनों में यह देश छोड़कर चले जाओगे मगर मेरा परिवार यहीं रहता है। ' बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज बिशन सिंह बेदी एक हज़ार नौ सौ छिहत्तर में टीम इंडिया का कप्तान बनाया गया था। यह वो दौर था जब एकदिवसीय क्रिकेट की शुरुआत हुई थी। पाकिस्तान के खिलाफ पहला वनडे खेलने के बाद एक हज़ार नौ सौ अठहत्तर में टीम इंडिया फिर पाकिस्तान दौरे पर गई थी। तीन मैचों की सीरीज का आखिरी मैच पाकिस्तान के साहीवाल में खेला गया। यह मैच काफी विवादित रहा क्योंकि भारत ने पाकिस्तान को जानबूझकर मैच जितवाया था। दरअसल हुआ यूं कि पाकिस्तानी कप्तान मुश्ताक मोहम्मद ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का निर्णय लिया। पाक ने निर्धारित ओवर में सात विकेट के नुकसान पर दो सौ पाँच रन बनाए। अब भारत का जीत के लिए दो सौ छः रन चाहिए थे। भारत की तरफ से ओपनिंग करने आए अंशुमान गायकवाड़ ने शानदार पारी खेली। उन्हें सुरिंदर अमरनाथ का साथ मिला। हालांकि अमरनाथ तो बासठ रन बनाकर आउट हो गए मगर गायकवाड़ अठहत्तर रन पर नाबाद डटे रहे। आखिर में भारत को मैच जीतने के लिए छब्बीस गेंदों में तेईस रन की जरूरत थी। सभी को लगा कि भारत यह मैच आसानी से जीत जाएगा। अगले ओवर में पाकिस्तानी गेंदबाज सरफराज नवाज बॉलिंग करने आए। नवाज ने लगातार चार गेंद बाउंसर फेंकी। बेदी ने इसके खिलाफ अपील की और अंपायर से इसे वाइड बॉल करने का कहा। मगर अंपायर बेदी की बात से सहमत नहीं हुए फिर क्या बिशन सिंह ने भारतीय बल्लेबाजों को वापस पवेलियन बुला लिया। भारतीय बल्लेबाजों के वापस लौटते ही पाकिस्तान को विजेता घोषित कर दिया गया। इस तरह भारत के हाथ से एक जिता हुआ मैच निकल चुका था। |
एक बार की बात है, दीपावली की शाम थी, मैं दिये सजा ही रहा था कि एक ओर से दीपों के बात करने की आवाज़ सुनाई दी।
चौथा दीपक चुपचाप उनकी बातें सुन रहा था। अपनी बारी आने पर मुस्करा कर अत्यंत विनम्र स्वर में कहने लगा, 'एक राज़ की बात मैं आपको बताता हूँ, कुछ उद्देश्य रख कर आगे पूर्ण मेहनत से उसे हासिल करने के लिए प्रयास करना सही है लेकिन यदि हम असफल हुए तो भाग्य को कोसने में कहीं भी समझदारी नहीं हैं।
अब यही सोचो, दीपों का पर्व - दिवाली आ रहा है, हमें सब लोग खरीद लेंगे, हमें पूजा घर में जगह मिलेगी, कितने घरों की हम शोभा बढ़ाएँगे।
| एक बार की बात है, दीपावली की शाम थी, मैं दिये सजा ही रहा था कि एक ओर से दीपों के बात करने की आवाज़ सुनाई दी। चौथा दीपक चुपचाप उनकी बातें सुन रहा था। अपनी बारी आने पर मुस्करा कर अत्यंत विनम्र स्वर में कहने लगा, 'एक राज़ की बात मैं आपको बताता हूँ, कुछ उद्देश्य रख कर आगे पूर्ण मेहनत से उसे हासिल करने के लिए प्रयास करना सही है लेकिन यदि हम असफल हुए तो भाग्य को कोसने में कहीं भी समझदारी नहीं हैं। अब यही सोचो, दीपों का पर्व - दिवाली आ रहा है, हमें सब लोग खरीद लेंगे, हमें पूजा घर में जगह मिलेगी, कितने घरों की हम शोभा बढ़ाएँगे। |
-भावभावना :- में संसार के स्वरूप पर विचार किया गया है। बालायबोधकार : माणिक्य सुन्दर मणि
३ -चौशरण ( चतुःशरण ) : अरिहन्त, सिद्ध, साधु और केवली द्वारा रखीत धर्म. इन चारों की शरण जैन मत स्वीकार करता है। इन्हीं से सम्बन्धित विषय ही इस ग्रंथ में हैं।
टब्बाकार : संवेगदेव तथा बालावबोधकार : जैचन्द्र सूरि
४ - गौतमपृच्छाः में गौतम स्वामी द्वारा भगवान महावीर से पूछे गये प्रश्नों और भगवान महावीर द्वारा दिये गये उत्तरों का संग्रह है। यह प्रश्न पाप और पुण्य के फल से सम्बन्धित हैं। बालावबोधकार जिनसूरि (तपागच्छ )
५ - क्षेत्र समास में जैन धर्म की दृष्टि में भूगोल का वर्णन है जिसमें उर्ध्व, अधस् और तिर्यक् तीनों लोकों का विवरण है। बालाबबोधकार : उदयसागर, मेघराज, दयासिंह आदि
६ - शीलोपदेश माला में ब्रह्मचर्य के सिद्धान्तों का प्रतिपादन और उसके महत्व का स्थापन कथाओं के द्वारा किया गया है।
बालाबबोधकार : मेस्सुन्दर
७ - पंच निमंथी :- में पुलाक, बकुल, कुशील, स्नातक एवं निर्धन्य
इन पांच प्रकार के साधुओं के लक्षण बताये गये हैं।
बालावबोधकार : मेरुसुन्दर
= - सिद्ध पंचाशिका :- में जैन धर्म के सिद्ध सम्बन्धी वर्णन हैं। बालाबबोधकार : विद्यासागर सूरि
इन टीकाओं के अतिरिक्त राजस्थानी गद्य में जैनों का स्वतन्त्र धार्मिकसाहित्य भी अच्छी मात्रा में मिलता है उसके कुछ प्रकारों का उल्लेख नीचे किया जाता है।
१ व्याख्यान : - इनमें धार्मिक पर्षों को मनाने की विधि तथा अनुष्ठान सम्बन्धी आचार विचारों को दृष्टान्त देकर समझाया जाता है। पर्वों के अवसरों पर इसका पठन-पाठन करने का प्रचलन है।
'२- विधि विधानः- कर्मकाण्ड के ग्रंथ हैं। इनमें पूजाविधि, सामायिक तपश्चर्या, प्रतिक्रमण, पौषध, उपधाम, दीक्षाविधि आदि का वर्णन होता है ।
३~~ धार्मिक कहानियां :- जैन आचार्य मे धर्म-शिक्षा में कहानियों का प्रचुर प्रयोग किया है। इन कहानियों के अनेक संग्रह मिलते हैं।
४ - दार्शनिक; जैन दर्शन शास्त्र पर अनेक छोटी रचनायें मिलती हैं। ५ -खण्डन मण्डन - इनमें अन्य धर्मों का एवं अन्य मतों का या संप्रदायों के सिद्धान्तों का खण्डन तथा अपने मत के सिद्धान्तों का जैन आचार्यों द्वारा कंडन होता है।
६ - सिद्धान्त सारोद्धार : - में जिन प्रतिमा पूजादि मान्यताओं की सप्रमाण चर्चा है।
ख- पौराणिक धार्मिक गद्य-साहित्य
पौराणिक धार्मिक गद्य साहित्य पौराणिक-प्रथ या उसके आधार पर लिखे गये रामायण, महाभारत, भागवत, व्रतकथा, महात्म्य, धर्मशास्त्र, कर्मकाण्ड स्तोत्र आदि के अनुवादों के रूप में मिलता है। अधिकांश उपलब्ध अनुवाद सत्रहवीं शताब्दी के पीछे के ही हैं। जैन धार्मिक साहित्य की भांति यह न तो अधिक प्राचीन ही हैं और न विस्तृत ही।
२- ऐतिहासिक-गद्य-माहित्य
जैन विद्वानों ने ऐतिहासिक गद्य का भी निर्माण किया है यह प्रमुखतः पांच रूपों में प्राप्त है :अ-पड़ावली
इसमें जैन-आचार्यों की परम्परा का इतिहास होता है। पट्टधर आचार्यों का वर्णन विस्तार से रहता है। पढावली लिखने की परिपाटी प्राचीन है। संस्कृत एवं प्राकृत में लिखी गई पट्टावलियां भी मिलती हैं। राजस्थानी गद्य में लिखी गई पट्टावलियां पर्याप्त संख्या में विद्यमान है।
श्रा-उत्पत्ति ग्रंथ
इन ग्रंथों में किसी मत, गच्छ आदि की उत्पत्ति का इतिहास रहता है। मत विशेष किस प्रकार प्रचलित हुआ, उसके प्रथम आचार्य कौन थे, उस मत ने अपने विकास की कितनी अवस्थायें प्राप्त की तथा ऐसी ही अन्य बातों का वर्णन होता है।
३ - वंशावली
इनमें किसी जाति विशेष की वंश परम्परा का वर्णन होता है। इन वंशावलियों को लिखने और सुरक्षित रखने के लिये कई जातियां ही बन गई जिसको महात्मा, कुलगुरु, भाट आदि नामों से पुकारा जाता है। ई-इफ्तर बही
इसमें समय समय के बिहार दीक्षादि की घटनाओं को जानकारी के रूप में लेख-बद्ध किया जाता था। इसे एक प्रकार की डायरी ही समझिये । उ- ऐतिहासिक टिप्पण
जैन-आचार्य अपने युग में ऐतिहासिक विषयों का संग्रह भी करते रहते थे यह संग्रह छोटी छोटी टिप्पणियों के रूप में होता था। इनके विषयों में अनेक रूपता मिलती है।
ख - जैनेत्तर ऐतिहासिक गद्य
जैनेतर ऐतिहासिक साहित्य भी अनेक रूपों में मिलता है जिनमें से प्रमुख रूपों का उल्लेख नीचे किया जाता है :१-ख्यात :ख्यात शब्द संस्कृत के "ख्याति" ( प्रसिद्धि ) का तद्भवरूप है इसका सम्बन्ध "आख्याति" (वर्णन) से भी जोड़ा जा सकता है। श्री गौरीशंकर हीराचन्द ओझा के अनुसार राजपूताने में ख्यात ऐतिहासिक गद्य रचना को कहा जाता है; ख्यात में राजपूत राजाओं का इतिहास या प्रमुख
१ -श्रोमा : नैणसी की ख्यात : भाग दो : भूमिका :
'घटनाओं का संकलन वंश-क्रमानुसार या राज्य-क्रमानुसार रहता है।
ख्यातें दो प्रकार को मिलती हैं १व्यक्तिगत जैसे "नैणसी की ख्यात" "बाकीदास की ख्यात" और "दयालदास को रूक्त" । २-राजकीयः इनके लेखक सरकारी कर्मचारी मुत्सद्दी या पंचोली होते थे जो नियमित रूप से घटनाओं का विवरण लिपिबद्ध करते थे ।
यह बात तो नहीं है कि इन ख्यातों को वैज्ञानिक इतिहास कहा जा सके, क्योंकि प्राचीन इतिहास में अनेक स्थानों पर किंवदन्तियों का आधार दिखाई पड़ता है और समकालीन इतिहास में भी अतिरंजना का प्रयोग एवं निष्पक्षता का अभाव पाया जाता है जैसाकि मुसलमानी लेखकों की ख्यातों में भी होता है, पर समकालीन और निकट प्राचीन कालीन इतिहास के लिए यह ख्यातें विश्वसनीय मानी जा सकती हैं। ख्यातें कई प्रकार की होती हैं जैसे १- जिनमें लगातार इतिहास होता है, यथा "दयालदास की ख्यात" । २- जिनमें बातों का संग्रह होता है, यथा "नैएसी की ख्यात" तथा ३-जिनमें छोटी छोटी स्फुट टिप्पणियों का संकलन होता है, यथा "बांकीदास की ख्यात" आदि ।
२-वात :राजस्थान में "बात" कथा या कहानी का पर्याय है। यह दो प्रकार की होती हैं । १- जिनमें किसी एक ही ऐतिहासिक घटना अथवा व्यक्ति विशेष की जोवनी का विवरण होता है। ये बातें कथाओं से भिन्न होती हैं। उदाहरणतः "नागौर रे मामले री बात" "रावजी अमरसिंहजी री बात" आदि । २- याददाश्त के रूप में लिखी गई छोटी छोटी टिप्पणियों को भी बात कहा जाता है। जैसे "बांकीदास की बातें" में संग्रहीत बातें । इनमें अनेक बातें एक एक दो दो पंक्तियों की भी हैं।
३- पीढ़ियावली (वंशावली ) :ये ख्यातों की ६ पेक्षा प्राचीन हैं, आरम्भ में इनमें वंश में होने वाले व्यक्तियों के नाम ही क्रमशः संग्रहीत होते थे पर आगे चलकर नामों के साथ उनके महत्वपूर्ण कार्यों और उनके जीवनकाल से सम्बन्ध रखने वाली महत्वपूर्ण घटनाओं का भी उल्लेख किया जाने लगा। राजवंशों के अतिरिक्त सेठ साहूकारों, सरदारों आदि की वंशावलियां भी मिलती हैं। उदाहरणतः
राठोड़ाँ री वंसावली, बीकानेर रा राठौड़ां राजावां से बंसावली, खीचीवाड़ा रा राठौड़ां री पीढ़ियां, सीसोदियां री बंसावली, ओसवालां री पंसावली आदि । ४ - शल, अहवाल, हगीगत, याददाश्त :इनमें घटनाओं का विस्तार पूर्वक वर्णन होता है। जैसे-सांखलां दहियां सू' जांगडू' लियो तैंरो हाल, पातसाह औरंगजेब री इगीगत, घाटी राह री हगीगत, राव जोधाजी वेढ़ां री याद इत्यादि ।
५-विगत :विगत का अर्थ है विवरण । इसमें विभिन्न गांव, कुबें, गढ़, बाग के वृक्ष आदि की नामावलियां या सूची टिप्पणियों के साथ पाई जाती है जैसे चारण । सांसणा रो विगत, महाराजा तखतसिंघ जी रे कंबरां रा विगत, जोधपुर । देवस्थानां रो विगत, जोधपुर रा वागायत री बिगत, रा जोधपुर रा निवारणां से विगत इत्यादि ।
६- पट्टा परवाना राजकीय अधिकार पत्र एवं आज्ञापत्र :राजाओं के द्वारा दी गई जागीरों का अधिकार पत्र और उसका विवरण पट्टा तथा राजकीय आज्ञा-पत्र को परवाना कहते हैं। जैसे परधाना रो तथा उमरावां रो पट्टी, महाराजा अनूपसिंह जी रो श्रानन्द राम रे नाम परवानो आदि ।
७- इलकाब नामा :पत्र व्यवहार के संग्रह को इलकाब नामा कहा जाता है। राजस्थानी में इस प्रकार के कई मग्रह मिलते हैं।
८- जन्म पत्रियां :इनमें प्रसिद्ध पुरुषों की जन्म कुण्डलियों का संग्रह पाया जाता है। उदाहरणतः राजा से तथा पातसाहां री जन्म-पत्रियां ।
६ - तहकीकात
इसमें किसी मामले की छानबीन से सम्बन्ध रखने वाले पक्ष-विपक्ष के प्रश्नोत्तरों का संग्रह होता है। उदाहरणतः जयपुर वारदात री तहकीकात री पोथी । | -भावभावना :- में संसार के स्वरूप पर विचार किया गया है। बालायबोधकार : माणिक्य सुन्दर मणि तीन -चौशरण : अरिहन्त, सिद्ध, साधु और केवली द्वारा रखीत धर्म. इन चारों की शरण जैन मत स्वीकार करता है। इन्हीं से सम्बन्धित विषय ही इस ग्रंथ में हैं। टब्बाकार : संवेगदेव तथा बालावबोधकार : जैचन्द्र सूरि चार - गौतमपृच्छाः में गौतम स्वामी द्वारा भगवान महावीर से पूछे गये प्रश्नों और भगवान महावीर द्वारा दिये गये उत्तरों का संग्रह है। यह प्रश्न पाप और पुण्य के फल से सम्बन्धित हैं। बालावबोधकार जिनसूरि पाँच - क्षेत्र समास में जैन धर्म की दृष्टि में भूगोल का वर्णन है जिसमें उर्ध्व, अधस् और तिर्यक् तीनों लोकों का विवरण है। बालाबबोधकार : उदयसागर, मेघराज, दयासिंह आदि छः - शीलोपदेश माला में ब्रह्मचर्य के सिद्धान्तों का प्रतिपादन और उसके महत्व का स्थापन कथाओं के द्वारा किया गया है। बालाबबोधकार : मेस्सुन्दर सात - पंच निमंथी :- में पुलाक, बकुल, कुशील, स्नातक एवं निर्धन्य इन पांच प्रकार के साधुओं के लक्षण बताये गये हैं। बालावबोधकार : मेरुसुन्दर = - सिद्ध पंचाशिका :- में जैन धर्म के सिद्ध सम्बन्धी वर्णन हैं। बालाबबोधकार : विद्यासागर सूरि इन टीकाओं के अतिरिक्त राजस्थानी गद्य में जैनों का स्वतन्त्र धार्मिकसाहित्य भी अच्छी मात्रा में मिलता है उसके कुछ प्रकारों का उल्लेख नीचे किया जाता है। एक व्याख्यान : - इनमें धार्मिक पर्षों को मनाने की विधि तथा अनुष्ठान सम्बन्धी आचार विचारों को दृष्टान्त देकर समझाया जाता है। पर्वों के अवसरों पर इसका पठन-पाठन करने का प्रचलन है। 'दो- विधि विधानः- कर्मकाण्ड के ग्रंथ हैं। इनमें पूजाविधि, सामायिक तपश्चर्या, प्रतिक्रमण, पौषध, उपधाम, दीक्षाविधि आदि का वर्णन होता है । तीन~~ धार्मिक कहानियां :- जैन आचार्य मे धर्म-शिक्षा में कहानियों का प्रचुर प्रयोग किया है। इन कहानियों के अनेक संग्रह मिलते हैं। चार - दार्शनिक; जैन दर्शन शास्त्र पर अनेक छोटी रचनायें मिलती हैं। पाँच -खण्डन मण्डन - इनमें अन्य धर्मों का एवं अन्य मतों का या संप्रदायों के सिद्धान्तों का खण्डन तथा अपने मत के सिद्धान्तों का जैन आचार्यों द्वारा कंडन होता है। छः - सिद्धान्त सारोद्धार : - में जिन प्रतिमा पूजादि मान्यताओं की सप्रमाण चर्चा है। ख- पौराणिक धार्मिक गद्य-साहित्य पौराणिक धार्मिक गद्य साहित्य पौराणिक-प्रथ या उसके आधार पर लिखे गये रामायण, महाभारत, भागवत, व्रतकथा, महात्म्य, धर्मशास्त्र, कर्मकाण्ड स्तोत्र आदि के अनुवादों के रूप में मिलता है। अधिकांश उपलब्ध अनुवाद सत्रहवीं शताब्दी के पीछे के ही हैं। जैन धार्मिक साहित्य की भांति यह न तो अधिक प्राचीन ही हैं और न विस्तृत ही। दो- ऐतिहासिक-गद्य-माहित्य जैन विद्वानों ने ऐतिहासिक गद्य का भी निर्माण किया है यह प्रमुखतः पांच रूपों में प्राप्त है :अ-पड़ावली इसमें जैन-आचार्यों की परम्परा का इतिहास होता है। पट्टधर आचार्यों का वर्णन विस्तार से रहता है। पढावली लिखने की परिपाटी प्राचीन है। संस्कृत एवं प्राकृत में लिखी गई पट्टावलियां भी मिलती हैं। राजस्थानी गद्य में लिखी गई पट्टावलियां पर्याप्त संख्या में विद्यमान है। श्रा-उत्पत्ति ग्रंथ इन ग्रंथों में किसी मत, गच्छ आदि की उत्पत्ति का इतिहास रहता है। मत विशेष किस प्रकार प्रचलित हुआ, उसके प्रथम आचार्य कौन थे, उस मत ने अपने विकास की कितनी अवस्थायें प्राप्त की तथा ऐसी ही अन्य बातों का वर्णन होता है। तीन - वंशावली इनमें किसी जाति विशेष की वंश परम्परा का वर्णन होता है। इन वंशावलियों को लिखने और सुरक्षित रखने के लिये कई जातियां ही बन गई जिसको महात्मा, कुलगुरु, भाट आदि नामों से पुकारा जाता है। ई-इफ्तर बही इसमें समय समय के बिहार दीक्षादि की घटनाओं को जानकारी के रूप में लेख-बद्ध किया जाता था। इसे एक प्रकार की डायरी ही समझिये । उ- ऐतिहासिक टिप्पण जैन-आचार्य अपने युग में ऐतिहासिक विषयों का संग्रह भी करते रहते थे यह संग्रह छोटी छोटी टिप्पणियों के रूप में होता था। इनके विषयों में अनेक रूपता मिलती है। ख - जैनेत्तर ऐतिहासिक गद्य जैनेतर ऐतिहासिक साहित्य भी अनेक रूपों में मिलता है जिनमें से प्रमुख रूपों का उल्लेख नीचे किया जाता है :एक-ख्यात :ख्यात शब्द संस्कृत के "ख्याति" का तद्भवरूप है इसका सम्बन्ध "आख्याति" से भी जोड़ा जा सकता है। श्री गौरीशंकर हीराचन्द ओझा के अनुसार राजपूताने में ख्यात ऐतिहासिक गद्य रचना को कहा जाता है; ख्यात में राजपूत राजाओं का इतिहास या प्रमुख एक -श्रोमा : नैणसी की ख्यात : भाग दो : भूमिका : 'घटनाओं का संकलन वंश-क्रमानुसार या राज्य-क्रमानुसार रहता है। ख्यातें दो प्रकार को मिलती हैं एकव्यक्तिगत जैसे "नैणसी की ख्यात" "बाकीदास की ख्यात" और "दयालदास को रूक्त" । दो-राजकीयः इनके लेखक सरकारी कर्मचारी मुत्सद्दी या पंचोली होते थे जो नियमित रूप से घटनाओं का विवरण लिपिबद्ध करते थे । यह बात तो नहीं है कि इन ख्यातों को वैज्ञानिक इतिहास कहा जा सके, क्योंकि प्राचीन इतिहास में अनेक स्थानों पर किंवदन्तियों का आधार दिखाई पड़ता है और समकालीन इतिहास में भी अतिरंजना का प्रयोग एवं निष्पक्षता का अभाव पाया जाता है जैसाकि मुसलमानी लेखकों की ख्यातों में भी होता है, पर समकालीन और निकट प्राचीन कालीन इतिहास के लिए यह ख्यातें विश्वसनीय मानी जा सकती हैं। ख्यातें कई प्रकार की होती हैं जैसे एक- जिनमें लगातार इतिहास होता है, यथा "दयालदास की ख्यात" । दो- जिनमें बातों का संग्रह होता है, यथा "नैएसी की ख्यात" तथा तीन-जिनमें छोटी छोटी स्फुट टिप्पणियों का संकलन होता है, यथा "बांकीदास की ख्यात" आदि । दो-वात :राजस्थान में "बात" कथा या कहानी का पर्याय है। यह दो प्रकार की होती हैं । एक- जिनमें किसी एक ही ऐतिहासिक घटना अथवा व्यक्ति विशेष की जोवनी का विवरण होता है। ये बातें कथाओं से भिन्न होती हैं। उदाहरणतः "नागौर रे मामले री बात" "रावजी अमरसिंहजी री बात" आदि । दो- याददाश्त के रूप में लिखी गई छोटी छोटी टिप्पणियों को भी बात कहा जाता है। जैसे "बांकीदास की बातें" में संग्रहीत बातें । इनमें अनेक बातें एक एक दो दो पंक्तियों की भी हैं। तीन- पीढ़ियावली :ये ख्यातों की छः पेक्षा प्राचीन हैं, आरम्भ में इनमें वंश में होने वाले व्यक्तियों के नाम ही क्रमशः संग्रहीत होते थे पर आगे चलकर नामों के साथ उनके महत्वपूर्ण कार्यों और उनके जीवनकाल से सम्बन्ध रखने वाली महत्वपूर्ण घटनाओं का भी उल्लेख किया जाने लगा। राजवंशों के अतिरिक्त सेठ साहूकारों, सरदारों आदि की वंशावलियां भी मिलती हैं। उदाहरणतः राठोड़ाँ री वंसावली, बीकानेर रा राठौड़ां राजावां से बंसावली, खीचीवाड़ा रा राठौड़ां री पीढ़ियां, सीसोदियां री बंसावली, ओसवालां री पंसावली आदि । चार - शल, अहवाल, हगीगत, याददाश्त :इनमें घटनाओं का विस्तार पूर्वक वर्णन होता है। जैसे-सांखलां दहियां सू' जांगडू' लियो तैंरो हाल, पातसाह औरंगजेब री इगीगत, घाटी राह री हगीगत, राव जोधाजी वेढ़ां री याद इत्यादि । पाँच-विगत :विगत का अर्थ है विवरण । इसमें विभिन्न गांव, कुबें, गढ़, बाग के वृक्ष आदि की नामावलियां या सूची टिप्पणियों के साथ पाई जाती है जैसे चारण । सांसणा रो विगत, महाराजा तखतसिंघ जी रे कंबरां रा विगत, जोधपुर । देवस्थानां रो विगत, जोधपुर रा वागायत री बिगत, रा जोधपुर रा निवारणां से विगत इत्यादि । छः- पट्टा परवाना राजकीय अधिकार पत्र एवं आज्ञापत्र :राजाओं के द्वारा दी गई जागीरों का अधिकार पत्र और उसका विवरण पट्टा तथा राजकीय आज्ञा-पत्र को परवाना कहते हैं। जैसे परधाना रो तथा उमरावां रो पट्टी, महाराजा अनूपसिंह जी रो श्रानन्द राम रे नाम परवानो आदि । सात- इलकाब नामा :पत्र व्यवहार के संग्रह को इलकाब नामा कहा जाता है। राजस्थानी में इस प्रकार के कई मग्रह मिलते हैं। आठ- जन्म पत्रियां :इनमें प्रसिद्ध पुरुषों की जन्म कुण्डलियों का संग्रह पाया जाता है। उदाहरणतः राजा से तथा पातसाहां री जन्म-पत्रियां । छः - तहकीकात इसमें किसी मामले की छानबीन से सम्बन्ध रखने वाले पक्ष-विपक्ष के प्रश्नोत्तरों का संग्रह होता है। उदाहरणतः जयपुर वारदात री तहकीकात री पोथी । |
मुंबई। मुकेश अंबानी ने हमेशा की तरह एक बार फिर से अपने ग्राहको को धमाकेदार तोहफा दिया है। दरअसल रिलायंस जियो ने अपने यूजर्स के लिए फ्री सेवा 31 मार्च से बढ़ाकर 15 अप्रैल तक कर दी है। जिससे अब ग्राहक 15 दिन और फ्री कालिंग और डेटा की सेवा ले सकेंगे।
यह भी पढ़े : रह रह कर नोटबंदी दे रही मोदी को दर्द, आरबीआई के सामने आई बड़ी चुनौती, फिर लगेंगी लाइने!
बता दे कि, कंपनी ने अपने जियो ग्राहकों को सब्सक्रिप्शन के लिए 15 अप्रैल तक की मोहलत दी है। इससे पहले यह स्कीम 31 मार्च तक के लिए ही थी। दरअसल, जो यूजर्स अब तक जियो की प्राइम मेंबरशिप नहीं ले पाए थे, वे अब 15 अप्रैल तक यह मेंबरशिप ले सकेंगे। हालांकि साथ में यूजर्स को जियो स्कीम का फायदा उठाने के लिए कंपनी की ओर से निर्धारित टैरिफ प्लान को भी रिचार्ज कराना होगा।
वहीं जिन ग्राहकों ने जियो प्राइम रजिस्ट्रेशन के साथ 303 रूपए का टैरिफ करवाया है, उनका टैरिफ अब जुलाई के लिए आगे बढ़ा दिया जाएगा।
| मुंबई। मुकेश अंबानी ने हमेशा की तरह एक बार फिर से अपने ग्राहको को धमाकेदार तोहफा दिया है। दरअसल रिलायंस जियो ने अपने यूजर्स के लिए फ्री सेवा इकतीस मार्च से बढ़ाकर पंद्रह अप्रैल तक कर दी है। जिससे अब ग्राहक पंद्रह दिन और फ्री कालिंग और डेटा की सेवा ले सकेंगे। यह भी पढ़े : रह रह कर नोटबंदी दे रही मोदी को दर्द, आरबीआई के सामने आई बड़ी चुनौती, फिर लगेंगी लाइने! बता दे कि, कंपनी ने अपने जियो ग्राहकों को सब्सक्रिप्शन के लिए पंद्रह अप्रैल तक की मोहलत दी है। इससे पहले यह स्कीम इकतीस मार्च तक के लिए ही थी। दरअसल, जो यूजर्स अब तक जियो की प्राइम मेंबरशिप नहीं ले पाए थे, वे अब पंद्रह अप्रैल तक यह मेंबरशिप ले सकेंगे। हालांकि साथ में यूजर्स को जियो स्कीम का फायदा उठाने के लिए कंपनी की ओर से निर्धारित टैरिफ प्लान को भी रिचार्ज कराना होगा। वहीं जिन ग्राहकों ने जियो प्राइम रजिस्ट्रेशन के साथ तीन सौ तीन रूपए का टैरिफ करवाया है, उनका टैरिफ अब जुलाई के लिए आगे बढ़ा दिया जाएगा। |
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में शारदीय नवरात्र के अवसर पर फिल्मी कलाकारों के माध्यम से आयोजित होने वाली रामलीला कल से शुरू हो जायेगी।
रामलीला कमेटी के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लक्ष्मण किला परिसर में आयोजित रामलीला के लिये भव्य मंच बनाया गया है। इस मंच को आकर्षक ढंग से सजाने का काम मुंबई से इवेंट मैनेजर हरिभाई ने किया है। उन्होंने बताया कि 17 अक्टूबर से शुरू होने जा रही रामलीला में जूनियर आर्टिस्टों के साथ भगवान राम की भूमिका निभाने वाले कलाकार सोनू डालर व सीता की भूमिका निभाने में कविता जोशी यहां अयोध्या पहुंच रही हैं। वहीं सीनियर आर्टिस्ट भी अयोध्या आ रहे हैं। बताया गया है कि जूनियर आर्टिस्ट की टीम लक्ष्मण किला के निकट धर्मशाला में ही ठहरेगी। इसके अलावा अन्य कलाकार अलग-अलग जगहों पर ठहराये जायेंगे।
सूत्रों के अनुसार भाजपा सांसद व लोकगायक मनोज तिवारी अंगद का रोल करेंगे और भोजपुरी स्टार एवं सांसद रविकिशन भरत की भूमिका में नजर आयेंगे। फिल्म स्टार बिंदु दारा सिंह हनुमान, फिल्म स्टार असरानी नारद मुनि, फिल्म स्टार रजा मुराद अहिरावण, फिल्म स्टार शहबाज खान रावण के रूप में नजर आयेंगे। उन्होंने बताया कि फिल्म स्टार अवतार गिल, सुबाहु और जनक फिल्म स्टार राजेश पुरी सुतीक्ष्ण, निषाद राज, अभिनेत्री रितू शिवपुरी कैकेयी, रेखा राजेश बेदी विभीषण, उनकी बेटी सुलोचना के किरदार में नजर आयेंगी। उन्होंने बताया कि फिल्म स्टार सुरेन्द्र पाल सिंह भी विभिन्न किरदारों में नजर आयेंगे।
अयोध्या के रामलीला के मंचन में दर्शकों को आने की स्वीकृति नहीं है। रामलीला को सिर्फ सेटेलाइट और यूट्यूब चैनल तथा अन्य सोशल मीडिया पर 17 से 15 अक्टूबर तक शाम सात बजे से दस बजे तक दिखाया जायेगा, और रामलीला समाप्त होने के बाद रिकार्ड करके चौदह भाषाओं में कन्वर्ट करके यूट्यूब पर दिखाया जायेगा।
इस बीच भगवान के वन गमन मार्ग पर पडऩे वाले तीर्थों से लाई गयी मिट्टी के अंशों से प्रभु श्रीराम की खूबसूरत प्रतिमा बनायी गयी है। यह प्रतिमा रामलीला के मंच पर मंचन के दौरान सुसज्जित रहेगी। आयोजन समिति का कहना है कि मंचन के अंतिम दिन भगवान की प्रतिमा का माँ सरयू के पुण्य सलिला में विसर्जन कर दिया जायेगा। मूर्ति का निर्माण शिल्पकार नरेश कुमाऊत ने किया है।
गौरतलब है कि कोरोना महामारी को देखते हुए प्रदेश सरकार ने दुर्गा पूजा और रामलीला सार्वतजनिक स्थानों पर रोक लगा दिया है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में 112 जगहों पर रामलीला का मंचन और करीब एक हजार जगहों पर मां दुर्गा का पंडाल सजा करके भव्य रूप से दुर्गा पूजा का आयोजन हुआ करता था, परन्तु कोरोना के होने के नाते प्रशासन ने सभी जनता से कहा है कि यह लोग अपने-अपने घरों में माँ दुर्गा की पूजा और आरती करें, जिससे इस महामारी को जड़ से मिटाया जा सके।
| मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में शारदीय नवरात्र के अवसर पर फिल्मी कलाकारों के माध्यम से आयोजित होने वाली रामलीला कल से शुरू हो जायेगी। रामलीला कमेटी के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लक्ष्मण किला परिसर में आयोजित रामलीला के लिये भव्य मंच बनाया गया है। इस मंच को आकर्षक ढंग से सजाने का काम मुंबई से इवेंट मैनेजर हरिभाई ने किया है। उन्होंने बताया कि सत्रह अक्टूबर से शुरू होने जा रही रामलीला में जूनियर आर्टिस्टों के साथ भगवान राम की भूमिका निभाने वाले कलाकार सोनू डालर व सीता की भूमिका निभाने में कविता जोशी यहां अयोध्या पहुंच रही हैं। वहीं सीनियर आर्टिस्ट भी अयोध्या आ रहे हैं। बताया गया है कि जूनियर आर्टिस्ट की टीम लक्ष्मण किला के निकट धर्मशाला में ही ठहरेगी। इसके अलावा अन्य कलाकार अलग-अलग जगहों पर ठहराये जायेंगे। सूत्रों के अनुसार भाजपा सांसद व लोकगायक मनोज तिवारी अंगद का रोल करेंगे और भोजपुरी स्टार एवं सांसद रविकिशन भरत की भूमिका में नजर आयेंगे। फिल्म स्टार बिंदु दारा सिंह हनुमान, फिल्म स्टार असरानी नारद मुनि, फिल्म स्टार रजा मुराद अहिरावण, फिल्म स्टार शहबाज खान रावण के रूप में नजर आयेंगे। उन्होंने बताया कि फिल्म स्टार अवतार गिल, सुबाहु और जनक फिल्म स्टार राजेश पुरी सुतीक्ष्ण, निषाद राज, अभिनेत्री रितू शिवपुरी कैकेयी, रेखा राजेश बेदी विभीषण, उनकी बेटी सुलोचना के किरदार में नजर आयेंगी। उन्होंने बताया कि फिल्म स्टार सुरेन्द्र पाल सिंह भी विभिन्न किरदारों में नजर आयेंगे। अयोध्या के रामलीला के मंचन में दर्शकों को आने की स्वीकृति नहीं है। रामलीला को सिर्फ सेटेलाइट और यूट्यूब चैनल तथा अन्य सोशल मीडिया पर सत्रह से पंद्रह अक्टूबर तक शाम सात बजे से दस बजे तक दिखाया जायेगा, और रामलीला समाप्त होने के बाद रिकार्ड करके चौदह भाषाओं में कन्वर्ट करके यूट्यूब पर दिखाया जायेगा। इस बीच भगवान के वन गमन मार्ग पर पडऩे वाले तीर्थों से लाई गयी मिट्टी के अंशों से प्रभु श्रीराम की खूबसूरत प्रतिमा बनायी गयी है। यह प्रतिमा रामलीला के मंच पर मंचन के दौरान सुसज्जित रहेगी। आयोजन समिति का कहना है कि मंचन के अंतिम दिन भगवान की प्रतिमा का माँ सरयू के पुण्य सलिला में विसर्जन कर दिया जायेगा। मूर्ति का निर्माण शिल्पकार नरेश कुमाऊत ने किया है। गौरतलब है कि कोरोना महामारी को देखते हुए प्रदेश सरकार ने दुर्गा पूजा और रामलीला सार्वतजनिक स्थानों पर रोक लगा दिया है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में एक सौ बारह जगहों पर रामलीला का मंचन और करीब एक हजार जगहों पर मां दुर्गा का पंडाल सजा करके भव्य रूप से दुर्गा पूजा का आयोजन हुआ करता था, परन्तु कोरोना के होने के नाते प्रशासन ने सभी जनता से कहा है कि यह लोग अपने-अपने घरों में माँ दुर्गा की पूजा और आरती करें, जिससे इस महामारी को जड़ से मिटाया जा सके। |
नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर देश के सभी सरकारी स्कूलों को एक साथ अगले पांच साल में शानदार बनाने के लिए योजना बनाने और उस पर कार्य करने की मांग की है। केजरीवाल ने देश के सभी सरकारी स्कूलों को एक साथ अगले पाँच साल में शानदार बनाने के संबंध में पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में लिखा है, 'मुझे मीडिया से पता चला है कि केंद्र सरकार ने देश भर में 14,500 स्कूलों को अपग्रेड करने की योजना बनाई है। ये बहुत अच्छी बात है। पूरे देश में सरकारी स्कूलों की हालत बहुत खराब है। उनको अपग्रेड और आधुनिक बनाने की बहुत जरूरत है। '
उन्होंने लिखा, 'देश भर में रोज 27 करोड़ बच्चे स्कूल जाते हैं। इनमें लगभग 18 करोड़ बच्चे सरकारी स्कूलों में जाते हैं। देश में 80 फीसद से ज्यादा सरकारी स्कूलों की हालत किसी कबाडख़ाने से भी ज्यादा खराब है। अगर करोड़ों बच्चों को हम ऐसी शिक्षा दे रहे हैं, तो सोचिए भारत कैसे विकसित देश बनेगा? ' मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है, '1947 में हमसे बहुत बड़ी गलती हुई। देश आजाद होते ही सबसे पहले हमें भारत के हर गाँव और हर मोहल्ले में शानदार सरकारी स्कूल खोलने चाहिए थे। कोई भी देश अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिए बिना तरक्की नहीं कर सकता। 1947 में हमने ऐसा नहीं किया। ज्यादा दुःख की बात यह है कि अगले 75 साल भी हमने अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने पर ध्यान नहीं दिया। क्या भारत अब और वक्त बर्बाद कर सकता है? '
केजरीवाल ने कहा, 'आपने केवल 14,500 सरकारी स्कूलों को ठीक करने की योजना बनाई है, जबकि देश भर में 10 लाख से ज्यादा सरकारी स्कूल हैं। ऐसे तो सारे सरकारी स्कूलों को ठीक करने में 100 साल से भी ज्यादा लग जाएंगे, तो क्या अगले 100 साल भी हम दूसरे देशों से पीछे रह जाएँगे? देश के हर सरकारी स्कूल में शानदार शिक्षा की व्यवस्था के बिना हमारा देश विकसित देश नहीं बन सकता। ' मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में उन्होंने बहुत कम पैसो में सरकारी स्कूल बहुत शानदार बना दिए। उन्होंने कहा, 'राष्ट्र निर्माण के इस कार्य में हम पूरी तरह आपका सहयोग करेंगे। '
| नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर देश के सभी सरकारी स्कूलों को एक साथ अगले पांच साल में शानदार बनाने के लिए योजना बनाने और उस पर कार्य करने की मांग की है। केजरीवाल ने देश के सभी सरकारी स्कूलों को एक साथ अगले पाँच साल में शानदार बनाने के संबंध में पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में लिखा है, 'मुझे मीडिया से पता चला है कि केंद्र सरकार ने देश भर में चौदह,पाँच सौ स्कूलों को अपग्रेड करने की योजना बनाई है। ये बहुत अच्छी बात है। पूरे देश में सरकारी स्कूलों की हालत बहुत खराब है। उनको अपग्रेड और आधुनिक बनाने की बहुत जरूरत है। ' उन्होंने लिखा, 'देश भर में रोज सत्ताईस करोड़ बच्चे स्कूल जाते हैं। इनमें लगभग अट्ठारह करोड़ बच्चे सरकारी स्कूलों में जाते हैं। देश में अस्सी फीसद से ज्यादा सरकारी स्कूलों की हालत किसी कबाडख़ाने से भी ज्यादा खराब है। अगर करोड़ों बच्चों को हम ऐसी शिक्षा दे रहे हैं, तो सोचिए भारत कैसे विकसित देश बनेगा? ' मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है, 'एक हज़ार नौ सौ सैंतालीस में हमसे बहुत बड़ी गलती हुई। देश आजाद होते ही सबसे पहले हमें भारत के हर गाँव और हर मोहल्ले में शानदार सरकारी स्कूल खोलने चाहिए थे। कोई भी देश अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिए बिना तरक्की नहीं कर सकता। एक हज़ार नौ सौ सैंतालीस में हमने ऐसा नहीं किया। ज्यादा दुःख की बात यह है कि अगले पचहत्तर साल भी हमने अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने पर ध्यान नहीं दिया। क्या भारत अब और वक्त बर्बाद कर सकता है? ' केजरीवाल ने कहा, 'आपने केवल चौदह,पाँच सौ सरकारी स्कूलों को ठीक करने की योजना बनाई है, जबकि देश भर में दस लाख से ज्यादा सरकारी स्कूल हैं। ऐसे तो सारे सरकारी स्कूलों को ठीक करने में एक सौ साल से भी ज्यादा लग जाएंगे, तो क्या अगले एक सौ साल भी हम दूसरे देशों से पीछे रह जाएँगे? देश के हर सरकारी स्कूल में शानदार शिक्षा की व्यवस्था के बिना हमारा देश विकसित देश नहीं बन सकता। ' मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में उन्होंने बहुत कम पैसो में सरकारी स्कूल बहुत शानदार बना दिए। उन्होंने कहा, 'राष्ट्र निर्माण के इस कार्य में हम पूरी तरह आपका सहयोग करेंगे। ' |
मुंबई. बॉलीवुड में सलमान खान के साथ फिल्म 'जय हो' से अपने कैरियर की शुरुआत करने वाली एक्ट्रेस डेजी शाह का कहना है कि अगर उनको फिल्म 'हेट स्टोरी 3' से अच्छा कोई और ऑफर मिलता तो वो ये फिल्म नहीं करतीं.
डेजी ने कहा कि अगर मुझे 'जय हो' के बाद अच्छे ऑफर मिलते तो मैं 'हेट स्टोरी 3' नहीं करती. मुझे कोई ऑफर नहीं मिल रहे थे और मैं निराश थी लेकिन जब ये मुझे मिला तो मैंने कड़ी मेहनत की.
बता दें कि डेजी इस फिल्म में बोल्ड अंदाज में नजर आ रही हैं, साथ ही डेजी का मानना है कि बॉलीवुज-जगत में 'मसाला' और 'बोल्ड' एक्टिंग की ज्यादा मांग है.
| मुंबई. बॉलीवुड में सलमान खान के साथ फिल्म 'जय हो' से अपने कैरियर की शुरुआत करने वाली एक्ट्रेस डेजी शाह का कहना है कि अगर उनको फिल्म 'हेट स्टोरी तीन' से अच्छा कोई और ऑफर मिलता तो वो ये फिल्म नहीं करतीं. डेजी ने कहा कि अगर मुझे 'जय हो' के बाद अच्छे ऑफर मिलते तो मैं 'हेट स्टोरी तीन' नहीं करती. मुझे कोई ऑफर नहीं मिल रहे थे और मैं निराश थी लेकिन जब ये मुझे मिला तो मैंने कड़ी मेहनत की. बता दें कि डेजी इस फिल्म में बोल्ड अंदाज में नजर आ रही हैं, साथ ही डेजी का मानना है कि बॉलीवुज-जगत में 'मसाला' और 'बोल्ड' एक्टिंग की ज्यादा मांग है. |
नई दिल्लीः
'बिग बॉस' के घर में 45 वें दिन यानि 30 नवंबर को वीजे बानी और जेशन शाह को साइकिल चलाते रहने का टास्क दिया गया। जब तक वो साइकिल चलाएंगे, तब तक घर वालों को इस सप्ताह का खाना मिलेगा। इस दौरान बानी घर के सदस्यों द्वारा किये गए व्यवहार से काफी नाराज भी नजर आई। रात में जब ये दोनों साइकिल चला रहे थे, तो संचालक प्रियंका जग्गा सो रही थी।
वहीं दूसरी ओर कैप्टन बनाने के लिए सबको एक - एक ट्यूब दी गई। जिसे कप्तान नहीं बनाना उसकी ट्बूब पानी में फेंक दे रहे हैं। मनु ने नीतिभा का ट्यूब पानी में फैंक दिया था, क्योंकि वह नीतिभा को कप्तान नहीं बनाना चाहता था।
| नई दिल्लीः 'बिग बॉस' के घर में पैंतालीस वें दिन यानि तीस नवंबर को वीजे बानी और जेशन शाह को साइकिल चलाते रहने का टास्क दिया गया। जब तक वो साइकिल चलाएंगे, तब तक घर वालों को इस सप्ताह का खाना मिलेगा। इस दौरान बानी घर के सदस्यों द्वारा किये गए व्यवहार से काफी नाराज भी नजर आई। रात में जब ये दोनों साइकिल चला रहे थे, तो संचालक प्रियंका जग्गा सो रही थी। वहीं दूसरी ओर कैप्टन बनाने के लिए सबको एक - एक ट्यूब दी गई। जिसे कप्तान नहीं बनाना उसकी ट्बूब पानी में फेंक दे रहे हैं। मनु ने नीतिभा का ट्यूब पानी में फैंक दिया था, क्योंकि वह नीतिभा को कप्तान नहीं बनाना चाहता था। |
चेन्नई, 26 जनवरी तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने 72वें गणतंत्र दिवस के मौके पर यहां मरीना में तिरंगा फहराया और परेड की सलामी ली।
मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने इस मौके पर वीरता और सांप्रदायिक सौहार्द्र कायम करने के लिए कई लोगों को मेडल देकर सम्मानित किया।
इस दौरान भारत की विविधता को दर्शाने वाले कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। कुछ झांकियां भी निकाली गईं। कार्यक्रमों में तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना समेत अन्य राज्यों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए भारत की विविधता को दिखाया गया। इससे पहले पुरोहित ने युद्ध स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
पलानीस्वामी ने इस मौके पर वीरता के लिए अन्ना मेडल, सांप्रदायिक सौहार्द्र के लिए कोट्टई अमीर पुरस्कार, कृषि उत्पाद बनाने वाली सर्वश्रेष्ठ कंपनी और सर्वश्रेष्ठ पुलिस थानों के लिए मुख्यमंत्री ट्रॉफी से विजेताओं को सम्मानित किया।
वीरता पुरस्कार से एक सरकारी उच्च विद्यालय की पी मुल्लई नाम की शिक्षिका को सम्मानित किया गया जिन्होंने रानीपत जिले में गैस रिसाव के बाद अपनी जान पर खेलकर बच्चों को समय पर बाहर निकाला और एलपीजी सिलिंडर में विस्फोट के बाद दीवार गिरने से वह स्वयं घायल हो गईं।
Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
| चेन्नई, छब्बीस जनवरी तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने बहत्तरवें गणतंत्र दिवस के मौके पर यहां मरीना में तिरंगा फहराया और परेड की सलामी ली। मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने इस मौके पर वीरता और सांप्रदायिक सौहार्द्र कायम करने के लिए कई लोगों को मेडल देकर सम्मानित किया। इस दौरान भारत की विविधता को दर्शाने वाले कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। कुछ झांकियां भी निकाली गईं। कार्यक्रमों में तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना समेत अन्य राज्यों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए भारत की विविधता को दिखाया गया। इससे पहले पुरोहित ने युद्ध स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। पलानीस्वामी ने इस मौके पर वीरता के लिए अन्ना मेडल, सांप्रदायिक सौहार्द्र के लिए कोट्टई अमीर पुरस्कार, कृषि उत्पाद बनाने वाली सर्वश्रेष्ठ कंपनी और सर्वश्रेष्ठ पुलिस थानों के लिए मुख्यमंत्री ट्रॉफी से विजेताओं को सम्मानित किया। वीरता पुरस्कार से एक सरकारी उच्च विद्यालय की पी मुल्लई नाम की शिक्षिका को सम्मानित किया गया जिन्होंने रानीपत जिले में गैस रिसाव के बाद अपनी जान पर खेलकर बच्चों को समय पर बाहर निकाला और एलपीजी सिलिंडर में विस्फोट के बाद दीवार गिरने से वह स्वयं घायल हो गईं। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है। |
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए बुरी खबर सामने आई है। 2023 में होने वाले विश्व कप की मेजबानी भारत करने वाला है पर हाल ही में चल रही चर्चाओं के मुताबिक ये मेज़बानी भारत से छीनी जा सकती है। आईसीसी ने चेतावनी देते हुए बीसीसीआई को पूरे मामले से अगवत करा दिया है। माजरा पैसों के लेन-देन से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।
2016 टी-20 विश्व कप की मेजबानी भारत ने की थी। इस इवेंट के लिए आईसीसी को केंद्र और राज्य मंत्रालय की तरफ से टैक्स में कोई छूट नहीं मिली थी। अब आईसीसी उसी कर कटौती की भरपाई के लिए 31 दिसंबर से पहले 23 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 160 करोड़ रुपए) की मांग कर रहा है।
आईसीसी की इस मांग के लिए भारतीय बोर्ड के पास 10 दिन से कम का समय बचा है। 2016 में खेले गए टी-20 विश्व कप और सभी आईसीसी टूर्नामेंटों का प्रसारण अधिकार रखने वाले स्टार टीवी ने वैश्विक निकाय को भुगतान करने से पहले सभी करों में कटौती की थी, और अब चाहता है कि बीसीसीआई इसकी भरपाई करे।
आईसीसी के अध्यक्ष शशांक मनोहर का कहना है कि अगर BCCI पैसे नहीं चुका पाता है तो वह उस राशि को भारत के वित्तीय वर्ष के लिए राजस्व हिस्सेदारी से घटा देगा। आईसीसी ने यह भी कहा है कि वह 2021 चैंपियंस ट्रॉफी और 2023 के विश्व कप की मेजबानी करने के लिए 'अन्य विकल्पों' को भी देखेगा, जो भारत में खेले जाने वाले हैं।
| नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए बुरी खबर सामने आई है। दो हज़ार तेईस में होने वाले विश्व कप की मेजबानी भारत करने वाला है पर हाल ही में चल रही चर्चाओं के मुताबिक ये मेज़बानी भारत से छीनी जा सकती है। आईसीसी ने चेतावनी देते हुए बीसीसीआई को पूरे मामले से अगवत करा दिया है। माजरा पैसों के लेन-देन से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। दो हज़ार सोलह टी-बीस विश्व कप की मेजबानी भारत ने की थी। इस इवेंट के लिए आईसीसी को केंद्र और राज्य मंत्रालय की तरफ से टैक्स में कोई छूट नहीं मिली थी। अब आईसीसी उसी कर कटौती की भरपाई के लिए इकतीस दिसंबर से पहले तेईस मिलियन अमेरिकी डॉलर की मांग कर रहा है। आईसीसी की इस मांग के लिए भारतीय बोर्ड के पास दस दिन से कम का समय बचा है। दो हज़ार सोलह में खेले गए टी-बीस विश्व कप और सभी आईसीसी टूर्नामेंटों का प्रसारण अधिकार रखने वाले स्टार टीवी ने वैश्विक निकाय को भुगतान करने से पहले सभी करों में कटौती की थी, और अब चाहता है कि बीसीसीआई इसकी भरपाई करे। आईसीसी के अध्यक्ष शशांक मनोहर का कहना है कि अगर BCCI पैसे नहीं चुका पाता है तो वह उस राशि को भारत के वित्तीय वर्ष के लिए राजस्व हिस्सेदारी से घटा देगा। आईसीसी ने यह भी कहा है कि वह दो हज़ार इक्कीस चैंपियंस ट्रॉफी और दो हज़ार तेईस के विश्व कप की मेजबानी करने के लिए 'अन्य विकल्पों' को भी देखेगा, जो भारत में खेले जाने वाले हैं। |
ऑस्ट्रेलिया के तूफानी बल्लेबाज एरॉन फिंच ने टी-20 क्रिकेट में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। जिंबाब्वे के खिलाफ खेले जा रहे तीसरे टी-20 मैच में एरॉन फिंच ने सिर्फ 76 गेंदों पर 172 रन जड़ डाले। बता दें कि टी-20 क्रिकेट में यह अब तक किसी भी कंगारू बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर है।
एरॉन फिंच अपनी इस तेज तर्रार पारी में 16 चौके और 10 छक्के जड़े। एरॉन फिंच के तेज शतक की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने जिंब्बावे के सामने निर्धारित 20 ओवरों में दो विकेट के नुकसान पर 229 रन का पहाड़ जैसा लक्ष्य खड़ा किया है।
एरॉन फिंच ने आक्रमक बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर आते ही हमला बोल दिया। एरॉन फिंच ने महज 22 गेंद पर छह चौके और तीन छक्के जमाते हुए अपना अर्धशतक पूरा किया। वहीं 50 गेंद पर शतक पूरा कर टी-20 में दूसरा शतक जड़ा।
ट्राई सीरीज में ऑस्ट्रेलियाई की कप्तानी कर रहे एरॉन फिंच ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 50 गेंद पर शतक जमाते हुए एक खास लिस्ट में जगह बनाई। एरॉन फिंच टी-20 क्रिकेट में दो शतक लगाने वाले छठे बल्लेबाज बन गए हैं। ऐसा करने वाले वह ऑस्ट्रेलिया के दूसरे बल्लेबाज हैं। उनसे पहले ग्लेन मैक्सवेल ने टी-20 में दो शतक बनाए हैं।
एरॉन फिंच के नाम टी-20 क्रिकेट में सबसे बड़ा स्कोर बनाने का रिकॉर्ड दर्ज है। इंग्लैंड के खिलाफ फिंच ने 2013 में 63 गेंद पर 156 रन की पारी खेली थी। इस पारी में उन्होंने 11 चौके और 14 छक्के मारे थे।
| ऑस्ट्रेलिया के तूफानी बल्लेबाज एरॉन फिंच ने टी-बीस क्रिकेट में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। जिंबाब्वे के खिलाफ खेले जा रहे तीसरे टी-बीस मैच में एरॉन फिंच ने सिर्फ छिहत्तर गेंदों पर एक सौ बहत्तर रन जड़ डाले। बता दें कि टी-बीस क्रिकेट में यह अब तक किसी भी कंगारू बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर है। एरॉन फिंच अपनी इस तेज तर्रार पारी में सोलह चौके और दस छक्के जड़े। एरॉन फिंच के तेज शतक की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने जिंब्बावे के सामने निर्धारित बीस ओवरों में दो विकेट के नुकसान पर दो सौ उनतीस रन का पहाड़ जैसा लक्ष्य खड़ा किया है। एरॉन फिंच ने आक्रमक बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर आते ही हमला बोल दिया। एरॉन फिंच ने महज बाईस गेंद पर छह चौके और तीन छक्के जमाते हुए अपना अर्धशतक पूरा किया। वहीं पचास गेंद पर शतक पूरा कर टी-बीस में दूसरा शतक जड़ा। ट्राई सीरीज में ऑस्ट्रेलियाई की कप्तानी कर रहे एरॉन फिंच ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पचास गेंद पर शतक जमाते हुए एक खास लिस्ट में जगह बनाई। एरॉन फिंच टी-बीस क्रिकेट में दो शतक लगाने वाले छठे बल्लेबाज बन गए हैं। ऐसा करने वाले वह ऑस्ट्रेलिया के दूसरे बल्लेबाज हैं। उनसे पहले ग्लेन मैक्सवेल ने टी-बीस में दो शतक बनाए हैं। एरॉन फिंच के नाम टी-बीस क्रिकेट में सबसे बड़ा स्कोर बनाने का रिकॉर्ड दर्ज है। इंग्लैंड के खिलाफ फिंच ने दो हज़ार तेरह में तिरेसठ गेंद पर एक सौ छप्पन रन की पारी खेली थी। इस पारी में उन्होंने ग्यारह चौके और चौदह छक्के मारे थे। |
पेरिस सेंट जर्मेन (PSG) के स्ट्राइकर काइलियन एम्बाप्पे ने फ्रांसीसी फुटबॉल लीग में अपना दबदबा कायम रखते हुए रिकॉर्ड 5वी बार गोल्डन बूट (प्रतियोगिता में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी को मिलने वाला पुरस्कार) भी अपने नाम कर लिया है।
PSG की टीम इस मैच में क्लेरमोंट से 3-2 से हार गई लेकिन एम्बाप्पे ने इसमें गोल भी दाग दिया है। जिससे एम्बाप्पे ने 29 गोल के साथ फ्रांसीसी लीग में अपने अभियान का अंत भी कर दिया है। यह 5वा अवसर है जबकि उन्होंने लीग में सर्वाधिक गोल भी दाग दिया है।
खबरों का कहना है कि एम्बाप्पे ने इससे फ्रांस के जीन पियरे पापिन और अर्जेंटीना के स्ट्राइकर कार्लोस बियांची और डेलियो ओनिस के रिकॉर्ड की बराबरी की। पीएसजी पहले ही खिताब अपने नाम सुरक्षित कर चुका था। बता दें कि उसने और दूसरे स्थान की टीम लेंस ने चैंपियंस लीग के अगले सत्र के ग्रुप चरण के लिए क्वालीफाई किया।
श्रीलंका ने किया भारत का सपोर्ट तो तिलमिलाया पाकिस्तान, कैंसिल की ODI सीरीज !
| पेरिस सेंट जर्मेन के स्ट्राइकर काइलियन एम्बाप्पे ने फ्रांसीसी फुटबॉल लीग में अपना दबदबा कायम रखते हुए रिकॉर्ड पाँचवी बार गोल्डन बूट भी अपने नाम कर लिया है। PSG की टीम इस मैच में क्लेरमोंट से तीन-दो से हार गई लेकिन एम्बाप्पे ने इसमें गोल भी दाग दिया है। जिससे एम्बाप्पे ने उनतीस गोल के साथ फ्रांसीसी लीग में अपने अभियान का अंत भी कर दिया है। यह पाँचवा अवसर है जबकि उन्होंने लीग में सर्वाधिक गोल भी दाग दिया है। खबरों का कहना है कि एम्बाप्पे ने इससे फ्रांस के जीन पियरे पापिन और अर्जेंटीना के स्ट्राइकर कार्लोस बियांची और डेलियो ओनिस के रिकॉर्ड की बराबरी की। पीएसजी पहले ही खिताब अपने नाम सुरक्षित कर चुका था। बता दें कि उसने और दूसरे स्थान की टीम लेंस ने चैंपियंस लीग के अगले सत्र के ग्रुप चरण के लिए क्वालीफाई किया। श्रीलंका ने किया भारत का सपोर्ट तो तिलमिलाया पाकिस्तान, कैंसिल की ODI सीरीज ! |
यूएन की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत कोरोना वायरस महामारी के बाद कम लेकिन सकारात्मक आर्थिक वृद्धि और बड़े बाजार के कारण निवेशकों के लिए आकर्षक स्थान बना रहेगा।
भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे में यह नजरिया एशिया और प्रशांत के लिए संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग (UNESCAP) द्वारा जारी 'एशिया और प्रशांत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के रुझान और परिदृश्य 2020/2021' शीर्षक वाली रिपोर्ट में बताया गया है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2019 में दक्षिण और दक्षिण पश्चिम एशिया में एफडीआई (FDI) प्रवाह की आवक दो फीसद कम हुई है और यह साल 2018 के 67 अरब डॉलर की तुलना में साल 2019 में 66 अरब डॉलर रही।
रिपोर्ट में कहा गया कि इस दौरान भारत में एफडीआई इनफ्लो सबसे अधिक रहा और इस उप-क्षेत्र के कुल एफडीआई में भारत की हिस्सेदारी 77 फीसद रही। इस दौरान भारत में एफडीआई के माध्यम से 51 अरब डॉलर आए। यह इससे पिछले साल की तुलना में 20 फीसद अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया कि इनमें से अधिकतर एफडीआई प्रवाह सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) और निर्माण क्षेत्र में आया है।
सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी क्षेत्र के बारे में रिपोर्ट में बताया गया कि बहुराष्ट्रीय उद्यम सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं से संपन्न स्थानीय डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में निवेश कर रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि ई-कॉमर्स क्षेत्र में अच्छी मात्रा में निवेश हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि लंबी अवधि में भारतीय अर्थव्यवस्था सबसे अधिक लचीली हो सकती है। महामारी के बाद ग्रोथ रेट चाहे कम रहे, लेकिन बड़े बाजार की मांग के चलते भारत में निवेश आता रहेगा.
| यूएन की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत कोरोना वायरस महामारी के बाद कम लेकिन सकारात्मक आर्थिक वृद्धि और बड़े बाजार के कारण निवेशकों के लिए आकर्षक स्थान बना रहेगा। भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे में यह नजरिया एशिया और प्रशांत के लिए संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग द्वारा जारी 'एशिया और प्रशांत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के रुझान और परिदृश्य दो हज़ार बीस/दो हज़ार इक्कीस' शीर्षक वाली रिपोर्ट में बताया गया है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि साल दो हज़ार उन्नीस में दक्षिण और दक्षिण पश्चिम एशिया में एफडीआई प्रवाह की आवक दो फीसद कम हुई है और यह साल दो हज़ार अट्ठारह के सरसठ अरब डॉलर की तुलना में साल दो हज़ार उन्नीस में छयासठ अरब डॉलर रही। रिपोर्ट में कहा गया कि इस दौरान भारत में एफडीआई इनफ्लो सबसे अधिक रहा और इस उप-क्षेत्र के कुल एफडीआई में भारत की हिस्सेदारी सतहत्तर फीसद रही। इस दौरान भारत में एफडीआई के माध्यम से इक्यावन अरब डॉलर आए। यह इससे पिछले साल की तुलना में बीस फीसद अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया कि इनमें से अधिकतर एफडीआई प्रवाह सूचना और संचार प्रौद्योगिकी और निर्माण क्षेत्र में आया है। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी क्षेत्र के बारे में रिपोर्ट में बताया गया कि बहुराष्ट्रीय उद्यम सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं से संपन्न स्थानीय डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में निवेश कर रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि ई-कॉमर्स क्षेत्र में अच्छी मात्रा में निवेश हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि लंबी अवधि में भारतीय अर्थव्यवस्था सबसे अधिक लचीली हो सकती है। महामारी के बाद ग्रोथ रेट चाहे कम रहे, लेकिन बड़े बाजार की मांग के चलते भारत में निवेश आता रहेगा. |
- [फॉर्म] मोबाइल से जाति प्रमाण पत्र Caste Certificate UP SC/ST/OBC Online आवेदन कैसे करें ?
यूपी बिजली कनेक्शन ऑनलाइन क्या है?
यह उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा राज्य के नागरिको के हितो को ध्यान में रखकर शुरू की गई एक ऑनलाइन सेवा है जिसके तहत राज्य का कोई भी नागरिक आसानी से अपने घरो में ऑनलाइन घर बैठे बिजली कनेक्शन लगवा सकता है.
यूपी बिजली कनेक्शन की सेवा ऑनलाइन करने से क्या लाभ है?
इससे राज्य के नागरिको को बिजली कनेक्शन लेने के लिए सरकारी बिजली उपकेंद्र में कर बार बार नहीं जाना होगा जिससे राज्य के नागरिको के समय और पैसे दोनों की वचत होगी।
यूपी बिजली कनेक्शन ऑनलाइन प्राप्त करने के लिए आवेदन कैसे करे?
यदि आप यूपी बिजली कनेक्शन ऑनलाइन लेने के लिए अप्लाई करना चाहते है तो हमने आपके लिए ऊपर यूपी बिजली कनेक्शन ऑनलाइन लेने की पूरी प्रोसिस के बारे में जानकारी दी है. जिसे फॉलो करके आप आसानी से अपने घरो में ऑनलाइन बिजली कनेक्शन लगवा पाएंगे।
यूपी बिजली कनेक्शन लगवाने की प्रक्रिया ऑनलाइन करने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस सेवा को ऑनलाइन मोड़ पर करने का मुख्य उद्देश्य राज्य में होने वाली बिजली की कालाबाजरी को रोकना और राज्य के नागरिको के समय की बचत करना है.
यूपी बिजली कनेक्शन ऑनलाइन सेवा की शुरुआत किसके द्वारा की गई?
यूपी बिजली कनेक्शन ऑनलाइन सेवा की शरुआत उत्तर प्रदेश के मुख़्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के द्वारा राज्य के नागरिको के हितो को ध्यान में रख कर की गई.
| - [फॉर्म] मोबाइल से जाति प्रमाण पत्र Caste Certificate UP SC/ST/OBC Online आवेदन कैसे करें ? यूपी बिजली कनेक्शन ऑनलाइन क्या है? यह उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा राज्य के नागरिको के हितो को ध्यान में रखकर शुरू की गई एक ऑनलाइन सेवा है जिसके तहत राज्य का कोई भी नागरिक आसानी से अपने घरो में ऑनलाइन घर बैठे बिजली कनेक्शन लगवा सकता है. यूपी बिजली कनेक्शन की सेवा ऑनलाइन करने से क्या लाभ है? इससे राज्य के नागरिको को बिजली कनेक्शन लेने के लिए सरकारी बिजली उपकेंद्र में कर बार बार नहीं जाना होगा जिससे राज्य के नागरिको के समय और पैसे दोनों की वचत होगी। यूपी बिजली कनेक्शन ऑनलाइन प्राप्त करने के लिए आवेदन कैसे करे? यदि आप यूपी बिजली कनेक्शन ऑनलाइन लेने के लिए अप्लाई करना चाहते है तो हमने आपके लिए ऊपर यूपी बिजली कनेक्शन ऑनलाइन लेने की पूरी प्रोसिस के बारे में जानकारी दी है. जिसे फॉलो करके आप आसानी से अपने घरो में ऑनलाइन बिजली कनेक्शन लगवा पाएंगे। यूपी बिजली कनेक्शन लगवाने की प्रक्रिया ऑनलाइन करने का मुख्य उद्देश्य क्या है? इस सेवा को ऑनलाइन मोड़ पर करने का मुख्य उद्देश्य राज्य में होने वाली बिजली की कालाबाजरी को रोकना और राज्य के नागरिको के समय की बचत करना है. यूपी बिजली कनेक्शन ऑनलाइन सेवा की शुरुआत किसके द्वारा की गई? यूपी बिजली कनेक्शन ऑनलाइन सेवा की शरुआत उत्तर प्रदेश के मुख़्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के द्वारा राज्य के नागरिको के हितो को ध्यान में रख कर की गई. |
Ranchi : झारखंड सहित पूरे देश में कोरोना संक्रमितों की संख्याc निरंतर तेजी से बढ़ती जा रही है. बड़ी संख्या में सीसीएल कर्मी भी इस संक्रमण से प्रभावित हो रहे हैं.
ऐसे में कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के उद्देश्यर से सीसीएल दरभंगा हाउस, रांची स्थित 'डिस्पेंरसरी' में टीकाकरण कैंप का आयोजन किया गया. दो दिनों (9-10 मई) में 45 वर्ष की उम्र से अधिक 230 सीसीएल कर्मियों को वैक्सीकन लगायी गयी. पहले दिन 110 कर्मियों को जबकि सोमवार को 120 कर्मियों का टीकाकरण किया गया.
सीसीएल के सीएमडी पीएम प्रसाद ने अपने कर्मियों सहित स्टेकहोल्डलर्स से आग्रह किया है कि भारत सरकार द्वारा निर्धारित मापदंड के अंतर्गत अपने परिवार के योग्यन सदस्योंस के साथ नजदीकी अस्प्ताल में कोरोना वैक्सीसन का डोज (टीका) अवश्यग लें.
कोरोना संक्रमण के प्रसार पर प्रभावी रोक लगाने में अपना योगदान दें. वैक्सीननेशन में सीसीएल सीएमएस, प्रभारी डॉ. डीकेएल चौहान, डॉ. आरके सिंह, डॉ. आरके जायसवाल, डॉ अरविंद कुमार, नर्स सनर्थी, कंचन एवं अन्यए पारा मेडिकल स्टॉनफ का सक्रिय योगदान रहा. साथ ही वैक्सीोनेशन के आयोजन में निदेशक तकनीकी (संचालन) के तकनीकी सचिव केएस गैवाल ने भी उल्लेखनीय पहल की है.
गौरतलब है कि सीसीएल के दो अस्प तालों (केन्द्री य अस्पउताल गांधीनगर, रांची एवं केन्द्रीसय अस्पचताल, रामगढ़) में निरंतर कोरोना संक्रमितों का ईलाज सीसीएल चिकित्सिकों द्वारा किया जा रहा है. बड़ी संख्या में लोग स्वस्थ होकर अपने घर को लौटे भी हैं.
साथ ही 29 अप्रैल को सीसीएल के गांधीनगर, कांके रांची में ही एक और नये कोविड सेन्टघर का शुभारंभ किया गया है. इससे मुख्योतः संदेहात्मीक संक्रमित मरीजों (Asymptomatic) को लाभ मिलेगा.
| Ranchi : झारखंड सहित पूरे देश में कोरोना संक्रमितों की संख्याc निरंतर तेजी से बढ़ती जा रही है. बड़ी संख्या में सीसीएल कर्मी भी इस संक्रमण से प्रभावित हो रहे हैं. ऐसे में कोविड-उन्नीस के संक्रमण को रोकने के उद्देश्यर से सीसीएल दरभंगा हाउस, रांची स्थित 'डिस्पेंरसरी' में टीकाकरण कैंप का आयोजन किया गया. दो दिनों में पैंतालीस वर्ष की उम्र से अधिक दो सौ तीस सीसीएल कर्मियों को वैक्सीकन लगायी गयी. पहले दिन एक सौ दस कर्मियों को जबकि सोमवार को एक सौ बीस कर्मियों का टीकाकरण किया गया. सीसीएल के सीएमडी पीएम प्रसाद ने अपने कर्मियों सहित स्टेकहोल्डलर्स से आग्रह किया है कि भारत सरकार द्वारा निर्धारित मापदंड के अंतर्गत अपने परिवार के योग्यन सदस्योंस के साथ नजदीकी अस्प्ताल में कोरोना वैक्सीसन का डोज अवश्यग लें. कोरोना संक्रमण के प्रसार पर प्रभावी रोक लगाने में अपना योगदान दें. वैक्सीननेशन में सीसीएल सीएमएस, प्रभारी डॉ. डीकेएल चौहान, डॉ. आरके सिंह, डॉ. आरके जायसवाल, डॉ अरविंद कुमार, नर्स सनर्थी, कंचन एवं अन्यए पारा मेडिकल स्टॉनफ का सक्रिय योगदान रहा. साथ ही वैक्सीोनेशन के आयोजन में निदेशक तकनीकी के तकनीकी सचिव केएस गैवाल ने भी उल्लेखनीय पहल की है. गौरतलब है कि सीसीएल के दो अस्प तालों में निरंतर कोरोना संक्रमितों का ईलाज सीसीएल चिकित्सिकों द्वारा किया जा रहा है. बड़ी संख्या में लोग स्वस्थ होकर अपने घर को लौटे भी हैं. साथ ही उनतीस अप्रैल को सीसीएल के गांधीनगर, कांके रांची में ही एक और नये कोविड सेन्टघर का शुभारंभ किया गया है. इससे मुख्योतः संदेहात्मीक संक्रमित मरीजों को लाभ मिलेगा. |
What is Superbug: चीन में कोविड के कहर के बाद अब सुपरबग का खतरा मंडरा रहा है. सुपरबग एक बैक्टीरिया है और ये नॉनवेज खाने वालों को ज्यादा प्रभावित करता है. जानें सुपरबग से जुड़ी कुछ बातें..
क्या आप जानते हैं कि नॉनवेज खाना शरीर के लिए कितना हानिकारक है. नॉनवेज खाने वालों के लिए एक बुरी खबर सामने आई है. चीन में कोरोना के बाद अब सुपरबग का खतरा सता रहा है. अब आप सोच रहे होंगे कि भला ये सुपरबग क्या है. विशेषज्ञों के मुताबिक जब शरीर में एंटीबायोटिक का इंटेक ज्यादा जाता है, तो एक समय पर वह असर करना बंद कर देती हैं.
दरअसल सुपरबग बैक्टीरिया का एक रूप है. जहां कुछ बैक्टीरिया हमारे लिए अच्छे होते हैं, वहीं कुछ हानिकारक होते हैं. इसे पैरासाइट का स्ट्रेन माना जा रहा है और शरीर में इसकी संख्या बढ़ने पर एंटीबायोटिक का असर खत्म होने लगता है जिसे एंटीमाइक्रोबॉयल रेजिस्टेंस की स्थिति पुकारा जाता है.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि आजकल कमाई या ज्यादा फायदे के लिए लोग चिकन या दूसरे जानवरों को इंजेक्शन लगा रहे हैं. रिपोर्ट्स में सामने आया है कि इन इंजेक्शन के जरिए उन्हें जल्दी बड़ा होने के एंटीबायोटिक्स दिए जा रहे हैं. देखा जाए तो जानवरों के जरिए हमारे शरीर में एंटीबायोटिक पहुंच रहे हैं. सुपरबग के खतरे से बचने के लिए नॉनवेज को खाना छोड़ देना ही बेहतर माना जा रहा है.
साल 2018 में एक रिपोर्ट सामने आई, जिसमें बताया गया कि भारत में पशुओं को जल्दी बड़ा करने के लिए एंटीबायोटिक्स के इंजेक्शन दिए जाते हैं. ये रिपोर्ट लंदन के एक एनजीओ द ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म ने पब्लिश की थी. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि इन दवाओं से न सिर्फ जानवरों की सेहत को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि इंसानों की जान पर भी खतरा मंडरा रहा है. ऐसा माना जा रहा है कि इसमें टायलोसिन नाम की दवा का इस्तेमाल किया जा रहा है.
चिकन और मटन जैसी नॉनवेज आइटम्स प्रोटीन के बेस्ट सोर्स हैं. आप इनकी जगह डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे पनीर, दूध या अन्य से प्रोटीन की कमी को दूर कर सकते हैं. इसके अलावा आप दालों का सेवन करके भी प्रोटीन का इंटेक बढ़ा सकते हैं.
| What is Superbug: चीन में कोविड के कहर के बाद अब सुपरबग का खतरा मंडरा रहा है. सुपरबग एक बैक्टीरिया है और ये नॉनवेज खाने वालों को ज्यादा प्रभावित करता है. जानें सुपरबग से जुड़ी कुछ बातें.. क्या आप जानते हैं कि नॉनवेज खाना शरीर के लिए कितना हानिकारक है. नॉनवेज खाने वालों के लिए एक बुरी खबर सामने आई है. चीन में कोरोना के बाद अब सुपरबग का खतरा सता रहा है. अब आप सोच रहे होंगे कि भला ये सुपरबग क्या है. विशेषज्ञों के मुताबिक जब शरीर में एंटीबायोटिक का इंटेक ज्यादा जाता है, तो एक समय पर वह असर करना बंद कर देती हैं. दरअसल सुपरबग बैक्टीरिया का एक रूप है. जहां कुछ बैक्टीरिया हमारे लिए अच्छे होते हैं, वहीं कुछ हानिकारक होते हैं. इसे पैरासाइट का स्ट्रेन माना जा रहा है और शरीर में इसकी संख्या बढ़ने पर एंटीबायोटिक का असर खत्म होने लगता है जिसे एंटीमाइक्रोबॉयल रेजिस्टेंस की स्थिति पुकारा जाता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि आजकल कमाई या ज्यादा फायदे के लिए लोग चिकन या दूसरे जानवरों को इंजेक्शन लगा रहे हैं. रिपोर्ट्स में सामने आया है कि इन इंजेक्शन के जरिए उन्हें जल्दी बड़ा होने के एंटीबायोटिक्स दिए जा रहे हैं. देखा जाए तो जानवरों के जरिए हमारे शरीर में एंटीबायोटिक पहुंच रहे हैं. सुपरबग के खतरे से बचने के लिए नॉनवेज को खाना छोड़ देना ही बेहतर माना जा रहा है. साल दो हज़ार अट्ठारह में एक रिपोर्ट सामने आई, जिसमें बताया गया कि भारत में पशुओं को जल्दी बड़ा करने के लिए एंटीबायोटिक्स के इंजेक्शन दिए जाते हैं. ये रिपोर्ट लंदन के एक एनजीओ द ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म ने पब्लिश की थी. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि इन दवाओं से न सिर्फ जानवरों की सेहत को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि इंसानों की जान पर भी खतरा मंडरा रहा है. ऐसा माना जा रहा है कि इसमें टायलोसिन नाम की दवा का इस्तेमाल किया जा रहा है. चिकन और मटन जैसी नॉनवेज आइटम्स प्रोटीन के बेस्ट सोर्स हैं. आप इनकी जगह डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे पनीर, दूध या अन्य से प्रोटीन की कमी को दूर कर सकते हैं. इसके अलावा आप दालों का सेवन करके भी प्रोटीन का इंटेक बढ़ा सकते हैं. |
अय्यर ने कहा है कि कोलकाता की टीम को आक्रामक क्रिकेट खेलना पसंद है और वो भी इसी अंदाज में खेलना पसंद करते हैं। वो चाहेंगे कि आईपीएल 2022 में उनकी टीम पहली गेंद से ही आक्रामक क्रिकेट खेले।
कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ने आईपीएल 2022 की शुरुआत से पहले अपने प्लान को लेकर बात की है। उन्होंने बताया है कि उन्हें शुरुआत से ही आक्रामक क्रिकेट खेलना पसंद है और वो चाहेंगे कि उनकी टीम इस सीजन में इसी अंदाज में खेले। अय्यर इससे पहले दिल्ली की टीम के कप्तान रहे चुके हैं और उनकी अगुवाई में टीम फाइनल तक पहुंची थी। उन्होंने यह भी बताया कि टीम मैंनेजमेंट के साथ उन्होंने कई बार बैटिंग ऑर्डर को लेकर बात की है। हालांकि, उन्होंने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी कि इस सीजन टीम का बैटिंग ऑर्डर क्या होगा और वेंकटेश अय्यर किस नंबर पर खेलेंगे।
अय्यर को केकेआर ने नीलामी में 12. 25 करोड़ रुपये में खरीदा था। टीम का कप्तान बनाए जाने के बाद अपनी फ्रेंचाइजी की आधिकारिक वेबसाइट के लिए बातचीत में उन्होंने कहा "जब मैं केकेआर के खिलाफ खेला हूं, तो वे एक टीम के रूप में आक्रामक और निडर रहे हैं। पहली गेंद से ही, वे आपको बैकफुट पर रखना पसंद करते हैं। आपको ऐसी मानसिकता रखने की जरूरत है और एक बल्लेबाज के रूप में मेरी भी यही मानसिकता है। कप्तान के रूप में मैं टीम से यही सोच चाहता हूं। मैं चाहता हूं कि हम वहां जाएं, जितना संभव हो सके अपना स्वाभाविक खेल खेलें, अगर हम सस्ते में आउट होते हैं तो बहुत पछतावा नहीं होता है। आप जो कुछ भी करते हैं वह टीम के लिए करते हैं और खुद को पीछे रखते हैं। "
केकेआर के लिए पिछले साल शुभमन गिल और वेंकटेश अय्यर ने पारी की शुरुआत की थी। वेंकटेश ने 10 मैचों में 41. 11 के औसत के साथ 370 रन बनाए थे और टीम की सफलता में अहम योगदान दिया था। इस साल एलेक्स हेल्स के बाहर होने पर वेंकटेश के साथ रहाणे पारी की शुरुआत कर सकते हैं। इस पर श्रेयस ने कहा, "उनके बल्लेबाजी क्रम को लेकर हमने अभी कुछ तय नहीं किया है। मुझे कोच और प्रबंधन के साथ बातचीत करने की जरूरत है। "
अय्यर ने आगे कहा "जब मैंने भारत के लिए खेलते हुए वेंकी के साथ ये बातचीत की थी, तो हम उसे जिस भी स्थान पर मौका मिलता है वह खेलने के लिए तैयार है। वह बहुत लचीला है। उसने केकेआर के लिए टॉप ऑर्डर में अच्छा प्रदर्शन किया है। वह एक टीम मैन है, मैंने उसे मैदान पर देखा है। जब भी मैंने उससे पूछा कि हम एक टीम के रूप में कैसे करेंगे, वह हमेशा सकारात्मक होता है और जीतने की बात करता है। "
श्रेयस खुद भारत के लिए पांचवें नंबर पर खेलते हैं। हालांकि, कोलकाता के लिए वह अपने पसंदीदा स्थान तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करना पसंद करेंगे। उनका कहना है कि टीम को जहां भी उनकी जरूरत है, वहां खेलने में सहज हैं। उन्होंने कहा "आप मूल रूप से खुद को एक किसी एक काम के लिए तय नहीं कर सकते। यह बदल सकता है। एक दिन मैं पावर हिटर हो सकता हूं और दूसरे दिन पारी को संभालने का काम कर सकता हूं। भूमिकाएं परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती हैं। आप पारी को एंकर करने के लिए एक विशेष खिलाड़ी पर भरोसा नहीं कर सकते। "
श्रेयस ने कहा "मूल रूप से टीम के सभी खिलाड़ियों को जिम्मेदारी लेनी होती है। व्यक्तिगत रूप से, मुझे तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करना पसंद है और मुझे लगता है कि यह मेरे लिए सही जगह है क्योंकि मैं उस स्थान पर बहुत लंबे समय से बल्लेबाजी कर रहा हूं। हालांकि, मैं लचीला हूं और जहां भी मेरी टीम को मेरी जरूरत है वहां बल्लेबाजी करने में खुशी होती है। मैं इसके साथ सहज हूं। "
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| अय्यर ने कहा है कि कोलकाता की टीम को आक्रामक क्रिकेट खेलना पसंद है और वो भी इसी अंदाज में खेलना पसंद करते हैं। वो चाहेंगे कि आईपीएल दो हज़ार बाईस में उनकी टीम पहली गेंद से ही आक्रामक क्रिकेट खेले। कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ने आईपीएल दो हज़ार बाईस की शुरुआत से पहले अपने प्लान को लेकर बात की है। उन्होंने बताया है कि उन्हें शुरुआत से ही आक्रामक क्रिकेट खेलना पसंद है और वो चाहेंगे कि उनकी टीम इस सीजन में इसी अंदाज में खेले। अय्यर इससे पहले दिल्ली की टीम के कप्तान रहे चुके हैं और उनकी अगुवाई में टीम फाइनल तक पहुंची थी। उन्होंने यह भी बताया कि टीम मैंनेजमेंट के साथ उन्होंने कई बार बैटिंग ऑर्डर को लेकर बात की है। हालांकि, उन्होंने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी कि इस सीजन टीम का बैटिंग ऑर्डर क्या होगा और वेंकटेश अय्यर किस नंबर पर खेलेंगे। अय्यर को केकेआर ने नीलामी में बारह. पच्चीस करोड़ रुपये में खरीदा था। टीम का कप्तान बनाए जाने के बाद अपनी फ्रेंचाइजी की आधिकारिक वेबसाइट के लिए बातचीत में उन्होंने कहा "जब मैं केकेआर के खिलाफ खेला हूं, तो वे एक टीम के रूप में आक्रामक और निडर रहे हैं। पहली गेंद से ही, वे आपको बैकफुट पर रखना पसंद करते हैं। आपको ऐसी मानसिकता रखने की जरूरत है और एक बल्लेबाज के रूप में मेरी भी यही मानसिकता है। कप्तान के रूप में मैं टीम से यही सोच चाहता हूं। मैं चाहता हूं कि हम वहां जाएं, जितना संभव हो सके अपना स्वाभाविक खेल खेलें, अगर हम सस्ते में आउट होते हैं तो बहुत पछतावा नहीं होता है। आप जो कुछ भी करते हैं वह टीम के लिए करते हैं और खुद को पीछे रखते हैं। " केकेआर के लिए पिछले साल शुभमन गिल और वेंकटेश अय्यर ने पारी की शुरुआत की थी। वेंकटेश ने दस मैचों में इकतालीस. ग्यारह के औसत के साथ तीन सौ सत्तर रन बनाए थे और टीम की सफलता में अहम योगदान दिया था। इस साल एलेक्स हेल्स के बाहर होने पर वेंकटेश के साथ रहाणे पारी की शुरुआत कर सकते हैं। इस पर श्रेयस ने कहा, "उनके बल्लेबाजी क्रम को लेकर हमने अभी कुछ तय नहीं किया है। मुझे कोच और प्रबंधन के साथ बातचीत करने की जरूरत है। " अय्यर ने आगे कहा "जब मैंने भारत के लिए खेलते हुए वेंकी के साथ ये बातचीत की थी, तो हम उसे जिस भी स्थान पर मौका मिलता है वह खेलने के लिए तैयार है। वह बहुत लचीला है। उसने केकेआर के लिए टॉप ऑर्डर में अच्छा प्रदर्शन किया है। वह एक टीम मैन है, मैंने उसे मैदान पर देखा है। जब भी मैंने उससे पूछा कि हम एक टीम के रूप में कैसे करेंगे, वह हमेशा सकारात्मक होता है और जीतने की बात करता है। " श्रेयस खुद भारत के लिए पांचवें नंबर पर खेलते हैं। हालांकि, कोलकाता के लिए वह अपने पसंदीदा स्थान तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करना पसंद करेंगे। उनका कहना है कि टीम को जहां भी उनकी जरूरत है, वहां खेलने में सहज हैं। उन्होंने कहा "आप मूल रूप से खुद को एक किसी एक काम के लिए तय नहीं कर सकते। यह बदल सकता है। एक दिन मैं पावर हिटर हो सकता हूं और दूसरे दिन पारी को संभालने का काम कर सकता हूं। भूमिकाएं परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती हैं। आप पारी को एंकर करने के लिए एक विशेष खिलाड़ी पर भरोसा नहीं कर सकते। " श्रेयस ने कहा "मूल रूप से टीम के सभी खिलाड़ियों को जिम्मेदारी लेनी होती है। व्यक्तिगत रूप से, मुझे तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करना पसंद है और मुझे लगता है कि यह मेरे लिए सही जगह है क्योंकि मैं उस स्थान पर बहुत लंबे समय से बल्लेबाजी कर रहा हूं। हालांकि, मैं लचीला हूं और जहां भी मेरी टीम को मेरी जरूरत है वहां बल्लेबाजी करने में खुशी होती है। मैं इसके साथ सहज हूं। " हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen. |
मुबंईः अभिषेक बच्चन इस साल अपनी श्रृंखला 'ब्रीदः इन टू द शैडोज़' के साथ ओटीटी स्पेस में एक उभरता चेहरा बन गए हैं, जो जल्द ही बिग बुल और अपनी कबड्डी टीम जयपुर पिंक पैंथर्स पर बनी संस ऑफ द सॉइल की एक अनूठी स्पोर्ट्स डॉक्यूमेंट सीरीज़ के साथ एक अलग अंदाज़ में दिखाई देंगे।
अभिषेक बच्चन ने फिल्म के पहले शेड्यूल को खत्म करने के नौ महीने बाद 'बॉब बिस्वास' की शूटिंग फिर से शुरू कर दी है। अभिषेक 9 दिसंबर तक बॉब बिस्वास के साथ एक्शन में रहेंगे। फिल्म और उनका किरदार, बॉब बिस्वास के चरित्र का स्पिन ऑफ है जिसे विद्या बालन अभिनीत सुपरहिट फिल्म कहानी में सस्वता चटर्जी द्वारा निभाया गया था।
वही, अभिषेक की बॉब बिस्वास में चित्रांगदा सिंह एक महत्वपूर्ण भूमिका में नज़र आएंगी। यह फिल्म गौरी खान, सुजॉय घोष और गौरव वर्मा द्वारा निर्देशित है, जिसके साथ दीया घोष निर्देशन कि दुनियां में अपना डेब्यू कर रही हैं और सुजॉय घोष द्वारा लिखित है।
देश दुनिया की ताजातरीन सच्ची और अच्छी खबरों को जानने के लिए बनें रहें www. dastaktimes. org के साथ। हमें फेसबुक पर फॉलों करने के लिए https://www. facebook. com/dastak. times. 9 और ट्विटर पर फॉलो करने के लिए @TimesDastak पर क्लिक करें। साथ ही देश और प्रदेश की बड़ी और चुनिंदा खबरों के 'न्यूज़-वीडियो' आप देख सकते हैं हमारे youtube चैनल https://www. youtube. com/c/DastakTimes/videos पर। तो फिर बने रहिये www. dastaktimes. org के साथ और खुद को रखिये लेटेस्ट खबरों से अपडेटेड।
| मुबंईः अभिषेक बच्चन इस साल अपनी श्रृंखला 'ब्रीदः इन टू द शैडोज़' के साथ ओटीटी स्पेस में एक उभरता चेहरा बन गए हैं, जो जल्द ही बिग बुल और अपनी कबड्डी टीम जयपुर पिंक पैंथर्स पर बनी संस ऑफ द सॉइल की एक अनूठी स्पोर्ट्स डॉक्यूमेंट सीरीज़ के साथ एक अलग अंदाज़ में दिखाई देंगे। अभिषेक बच्चन ने फिल्म के पहले शेड्यूल को खत्म करने के नौ महीने बाद 'बॉब बिस्वास' की शूटिंग फिर से शुरू कर दी है। अभिषेक नौ दिसंबर तक बॉब बिस्वास के साथ एक्शन में रहेंगे। फिल्म और उनका किरदार, बॉब बिस्वास के चरित्र का स्पिन ऑफ है जिसे विद्या बालन अभिनीत सुपरहिट फिल्म कहानी में सस्वता चटर्जी द्वारा निभाया गया था। वही, अभिषेक की बॉब बिस्वास में चित्रांगदा सिंह एक महत्वपूर्ण भूमिका में नज़र आएंगी। यह फिल्म गौरी खान, सुजॉय घोष और गौरव वर्मा द्वारा निर्देशित है, जिसके साथ दीया घोष निर्देशन कि दुनियां में अपना डेब्यू कर रही हैं और सुजॉय घोष द्वारा लिखित है। देश दुनिया की ताजातरीन सच्ची और अच्छी खबरों को जानने के लिए बनें रहें www. dastaktimes. org के साथ। हमें फेसबुक पर फॉलों करने के लिए https://www. facebook. com/dastak. times. नौ और ट्विटर पर फॉलो करने के लिए @TimesDastak पर क्लिक करें। साथ ही देश और प्रदेश की बड़ी और चुनिंदा खबरों के 'न्यूज़-वीडियो' आप देख सकते हैं हमारे youtube चैनल https://www. youtube. com/c/DastakTimes/videos पर। तो फिर बने रहिये www. dastaktimes. org के साथ और खुद को रखिये लेटेस्ट खबरों से अपडेटेड। |
फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर के नाम से बने फर्जी अकाउंट से किए गए ट्वीट को लोग असली समझ कर शेयर कर रहे हैं। यह ट्वीट नाना के पैरोडी अकाउंट से किया गया है, उनके आधिकारिक ट्विटर हैंडल से नहीं। नाना पाटेकर ट्विटर पर आधिकारिक रूप से मौजूद हैं और उनकी वेरिफाइड प्रोफाइल '@nanagpatekar' है। नाना ने इस तरह का कोई बयान नहीं दिया है।
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। महाराष्ट्र में जारी सियासी उठापटक के बीच सोशल मीडिया पर बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर के नाम से एक ट्वीट का स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है। इसमें भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा गया है कि अगर अब भी महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार नहीं बनी तो मेरा पैसों से विश्वास उठ जाएगा। यूजर्स इसे नाना पाटेकर का ट्वीट समझकर शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल स्क्रीनशॉट नाना पाटेकर के नाम से बने पैरोडी अकाउंट का है। बॉलीवुड अभिनेता ने इस तरह का कोई बयान नहीं दिया है।
फेसबुक यूजर Vijay Verma (आर्काइव लिंक) ने 27 जून को स्क्रीनशॉट करते हुए लिखा,
वायरल स्क्रीनशॉट की पड़ताल के लिए हमने सबसे पहले इसे ध्यान से देखा। इसकी आईडी @nanagpatekar1 को सर्च किया। इसकी प्रोफाइल में 'पैरोडी अकाउंट' लिखा हुआ है। मतलब यह नाना पाटेकर का असली ट्विटर अकाउंट नहीं है।
26 जून 2022 को इस पैरोडी अकाउंट से महाराष्ट्र की राजनीति पर कटाक्ष करने वाला यह ट्वीट (आर्काइव लिंक) किया गया है।
इसके बाद हमने नाना पाटेकर का वेरिफाइड ट्विटर अकाउंट सर्च किया। अभिनेता के वेरिफाइड ट्विटर हैंडल @nanagpatekar से आखिरी बार 30 मई को रिट्वीट किया गया है। इसके बाद कोई ट्वीट नहीं हुआ है।
हमने नाना के नाम से वायरल इस बयान को कीवर्ड से सर्च किया, लेकिन ऐसी कोई खबर नहीं मिली, जिससे यह साबित हो सके कि अभिनेता ने ऐसा कोई बयान दिया है। अगर वह कोई बयान देते तो मीडिया में जरूर आता।
फर्जी ट्वीट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर 'विजय वर्मा' की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। इसके मुताबिक, वह रामपुर में रहते हैं और मार्च 2009 से फेसबुक पर सक्रिय हैं।
निष्कर्षः फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर के नाम से बने फर्जी अकाउंट से किए गए ट्वीट को लोग असली समझ कर शेयर कर रहे हैं। यह ट्वीट नाना के पैरोडी अकाउंट से किया गया है, उनके आधिकारिक ट्विटर हैंडल से नहीं। नाना पाटेकर ट्विटर पर आधिकारिक रूप से मौजूद हैं और उनकी वेरिफाइड प्रोफाइल '@nanagpatekar' है। नाना ने इस तरह का कोई बयान नहीं दिया है।
- Claim Review : नाना पाटेकर ने किया ट्वीट, अगर अब भी महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार नहीं बनी तो मेरा पैसों से विश्वास उठ जाएगा।
कॉरपोरेट और राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर सत्ता को हमेशा आइना दिखाने वाली फैक्ट चेक जर्नलिज्म सिर्फ और सिर्फ आपके सहयोग से संभव है। इस मुहिम में हमें आपके साथ और सहयोगी की जरूरत है। फर्जी और गुमराह करने वाली खबर के खिलाफ जारी इस लड़ाई में हमारी मदद करें और कृपया हमें आर्थिक सहयोग दें।
| फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर के नाम से बने फर्जी अकाउंट से किए गए ट्वीट को लोग असली समझ कर शेयर कर रहे हैं। यह ट्वीट नाना के पैरोडी अकाउंट से किया गया है, उनके आधिकारिक ट्विटर हैंडल से नहीं। नाना पाटेकर ट्विटर पर आधिकारिक रूप से मौजूद हैं और उनकी वेरिफाइड प्रोफाइल '@nanagpatekar' है। नाना ने इस तरह का कोई बयान नहीं दिया है। नई दिल्ली । महाराष्ट्र में जारी सियासी उठापटक के बीच सोशल मीडिया पर बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर के नाम से एक ट्वीट का स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है। इसमें भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा गया है कि अगर अब भी महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार नहीं बनी तो मेरा पैसों से विश्वास उठ जाएगा। यूजर्स इसे नाना पाटेकर का ट्वीट समझकर शेयर कर रहे हैं। विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल स्क्रीनशॉट नाना पाटेकर के नाम से बने पैरोडी अकाउंट का है। बॉलीवुड अभिनेता ने इस तरह का कोई बयान नहीं दिया है। फेसबुक यूजर Vijay Verma ने सत्ताईस जून को स्क्रीनशॉट करते हुए लिखा, वायरल स्क्रीनशॉट की पड़ताल के लिए हमने सबसे पहले इसे ध्यान से देखा। इसकी आईडी @nanagpatekarएक को सर्च किया। इसकी प्रोफाइल में 'पैरोडी अकाउंट' लिखा हुआ है। मतलब यह नाना पाटेकर का असली ट्विटर अकाउंट नहीं है। छब्बीस जून दो हज़ार बाईस को इस पैरोडी अकाउंट से महाराष्ट्र की राजनीति पर कटाक्ष करने वाला यह ट्वीट किया गया है। इसके बाद हमने नाना पाटेकर का वेरिफाइड ट्विटर अकाउंट सर्च किया। अभिनेता के वेरिफाइड ट्विटर हैंडल @nanagpatekar से आखिरी बार तीस मई को रिट्वीट किया गया है। इसके बाद कोई ट्वीट नहीं हुआ है। हमने नाना के नाम से वायरल इस बयान को कीवर्ड से सर्च किया, लेकिन ऐसी कोई खबर नहीं मिली, जिससे यह साबित हो सके कि अभिनेता ने ऐसा कोई बयान दिया है। अगर वह कोई बयान देते तो मीडिया में जरूर आता। फर्जी ट्वीट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर 'विजय वर्मा' की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। इसके मुताबिक, वह रामपुर में रहते हैं और मार्च दो हज़ार नौ से फेसबुक पर सक्रिय हैं। निष्कर्षः फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर के नाम से बने फर्जी अकाउंट से किए गए ट्वीट को लोग असली समझ कर शेयर कर रहे हैं। यह ट्वीट नाना के पैरोडी अकाउंट से किया गया है, उनके आधिकारिक ट्विटर हैंडल से नहीं। नाना पाटेकर ट्विटर पर आधिकारिक रूप से मौजूद हैं और उनकी वेरिफाइड प्रोफाइल '@nanagpatekar' है। नाना ने इस तरह का कोई बयान नहीं दिया है। - Claim Review : नाना पाटेकर ने किया ट्वीट, अगर अब भी महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार नहीं बनी तो मेरा पैसों से विश्वास उठ जाएगा। कॉरपोरेट और राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर सत्ता को हमेशा आइना दिखाने वाली फैक्ट चेक जर्नलिज्म सिर्फ और सिर्फ आपके सहयोग से संभव है। इस मुहिम में हमें आपके साथ और सहयोगी की जरूरत है। फर्जी और गुमराह करने वाली खबर के खिलाफ जारी इस लड़ाई में हमारी मदद करें और कृपया हमें आर्थिक सहयोग दें। |
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने मंगलवार को 9वीं से 12वीं क्लास के लिए आठ सप्ताह का वैकल्पिक एकेडमिक कैलेंडर जारी किया है। इसे एनसीईआरटी ने बनाया है। इस वैकल्पिक कैलेंडर में तकनीकी का इस्तेमाल और सोशल मीडिया टूल्स का इस्तेमाल किया गया है, जिससे बच्चों को घर में शिक्षा दी जा सके।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट करके इस बात की जानकारी दी। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि आज सेकेंडरी स्टेज का आठ सप्ताह का वैकल्पिक एकेडमिक कैलेंडर जारी किया गया है। इससे पहले प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्टेड और सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी स्टेज का 4 सप्ताह का एकेडमिक कैलेंडर पहले ही जारी किया जा चुका है।
आपको बता दें कि अनलॉक 4 की गाइडलाइंस के मुताबिक 9वीं से 12वीं तक के स्टूडेंट्स के लिए स्कूल आंशिक तौर पर 21 सितंबर से खोले जा रहे हैं। इसमें स्टूडेंट्स अपनी इच्छा से स्कूल जा सकेंगे।
| नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने मंगलवार को नौवीं से बारहवीं क्लास के लिए आठ सप्ताह का वैकल्पिक एकेडमिक कैलेंडर जारी किया है। इसे एनसीईआरटी ने बनाया है। इस वैकल्पिक कैलेंडर में तकनीकी का इस्तेमाल और सोशल मीडिया टूल्स का इस्तेमाल किया गया है, जिससे बच्चों को घर में शिक्षा दी जा सके। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट करके इस बात की जानकारी दी। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि आज सेकेंडरी स्टेज का आठ सप्ताह का वैकल्पिक एकेडमिक कैलेंडर जारी किया गया है। इससे पहले प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्टेड और सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी स्टेज का चार सप्ताह का एकेडमिक कैलेंडर पहले ही जारी किया जा चुका है। आपको बता दें कि अनलॉक चार की गाइडलाइंस के मुताबिक नौवीं से बारहवीं तक के स्टूडेंट्स के लिए स्कूल आंशिक तौर पर इक्कीस सितंबर से खोले जा रहे हैं। इसमें स्टूडेंट्स अपनी इच्छा से स्कूल जा सकेंगे। |
भारतीय टीम के इस जुझारू बल्लेबाज ने टीम इंडिया के लिए 40 टेस्ट मैच खेले, जिसमें से 22 मैच तो सिर्फ वेस्टइंडीज के खिलाफ ही खेले थे, जिसने इस बल्लेबाज की सबसे ज्यादा परीक्षा ली.
भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) के सबसे जुझारू और क्रिकेटरों की बात जब भी होगी, तो उसमें कई दिग्गजों के नाम आएंगे, जो मुश्किल हालातों में हार मानने के बजाए, मोर्चे पर डटे रहे. कभी टीम को जिताया, कभी मैच बचाया, तो कभी विरोधियों को संदेश पहुंचाया. इसी काम में महारथ रखने वाले एक भारतीय दिग्गज बल्लेबाज थे- अंशुमन गायकवाड़ (Anshuman Gaekwad). 1970 के दशक में भारतीय टीम की ओपनिंग जोड़ी का अहम हिस्सा थे अंशुमन गायकवाड़. महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर एक छोर से रन बनाते थे, तो गायकवाड़ उनके साथ पारी की शुरुआत में होने वाले पेसरों के हमलों को बखूबी झेलने और बेकार करने में माहिर थे. उन्हीं अंशुमन गायकवाड़ का आज 69वां जन्मदिन है.
अंशुमन गायकवाड़ का जन्म 23 सितंबर 1952 के बम्बई (अब मुंबई) में हुआ था. उनके पिता भी टेस्ट क्रिकेटर थे और भारतीय टीम की कप्तानी भी कर चुके थे. जाहिर तौर पर इसका असर अंशुमन पर भी पड़ा और वह भी इस खेल में कूद गए. उन्होंने बड़ौदा की ओर से फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया, जहां से उनके लिए भारतीय क्रिकेट टीम का दरवाजा खुला. उन्होंने 27 दिसंबर 1974 को वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता (तब कलकत्ता) टेस्ट में अपना डेब्यू किया था और पहली पारी में ही 36 रन बनाए थे.
गायकवाड़ अपनी रक्षात्मक बल्लेबाजी के कारण भारतीय टीम में अपनी जगह मजबूत करते गए. सुनील गावस्कर के साथ ओपनिंग में आकर नई गेंद और तेज गेंदबाजों की धार को कुंद करने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी और इसमें वह माहिर थे. खास तौर पर वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने इस काम को बखूबी अंजाम दिया और इसकी एवज में उन्हें विंडीज के पेस चौकड़ी के हमलों को कई बार झेलना भी पड़ा. इसका सबसे बड़ा उदाहरण दिखा 1976 के किंग्सटन टेस्ट में.
उस दौरे में भारतीय टीम ने पोर्ट ऑफ स्पेन में हुए तीसरे टेस्ट में वेस्टइंडीज को हराकर चौंका दिया था. इस झटके से वेस्टइंडीज बौखला गया था और क्लाइव लॉयड की पेस बैटरी ने किंग्सटन टेस्ट में भारतीय बल्लेबाजों पर शॉर्ट गेंदों के हमले शुरू कर दिए. सुनील गावस्कर और गायकवाड़ के बीच 136 रनों की जबरदस्त ओपनिंग पार्टनरशिप हुई. इस दौरान माइकल होल्डिंग की अगुवाई वाले विंडीज गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजों के शरीर को निशाना बनाना शुरू किया, जिसका बुरा परिणाम दिखा.
भारतीय खिलाड़ियों के शरीर पर कई दफा गेंद लगी और एक गेंद अंशुमन गायकवाड़ के कान के नजदीक लगी, जिसके कारण उनका खून बहने लगा और उन्हें 81 रनों की दमदार पारी बीच में ही छोड़नी पड़ी. उनके कान का पर्दा फट चुका था, जिसका ऑपरेशन करना पड़ा. इसके बाद बृजेश पटेल भी इसी तरह चोटिल होकर अस्पताल पहुंचे. गायकवाड़, पटेल और गुंडप्पा विश्वनाथ जैसे 3 सीनियर बल्लेबाज दूसरी पारी में नहीं उतर सके, जबकि कप्तान बिशन सिंह बेदी ने 5 विकेट के बाद ही पारी को घोषित कर हार स्वीकार कर ली, क्योंकि वह खिलाड़ियों को चोटिल होते नहीं देखना चाहते थे.
करियर के शुरुआत में ही इस तरह के अनुभव के बावजूद अंशुमन ने हार नहीं मानी और इसके बाद भी कई मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले और एक शतक भी जमाया. उस 81 रनों की जांबाजी भरी पारी के अलावा भी अंशुमन गायकवाड़ ने कुछ अच्छी बल्लेबाजी की, लेकिन उनकी सबसे खास पारी आई पाकिस्तान के खिलाफ जालंधर टेस्ट में. 24 सितंबर 1983 को अंशुमन ने जालंधर में पाकिस्तान के खिलाफ 201 रनों की पारी खेली, लेकिन ऐसी पारी थी, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया. वह 671 मिनट तक क्रीज पर रहे और 436 गेंदों में ये रन बनाए. लंबे समय तक ये क्रिकेट इतिहास का सबसे धीमा दोहरा शतक रहा.
अंशुमन गायकवाड़ ने भारत के लिए 1984 में इंग्लैंड के खिलाफ कोलकाता में अपना आखिरी टेस्ट खेला. अपने करियर में उन्होंने 40 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 30 की औसत से 1985 रन उनके खाते में आए. इस दौरान उन्होंने 2 शतक जमाए और साथ ही 10 अर्धशतक भी मारे. उन्होंने 15 वनडे भी खेले, लेकिन वहां सिर्फ 289 रन बना सके. क्रिकेट करियर खत्म होने के कई सालों बाद 1997 में वह पहली बार भारतीय टीम के कोच रहे. दो साल तक कोच रहने के बाद 1999 में कपिल देव ने उनकी जगह ली. हालांकि, मैच फिक्सिंग के आरोपों के बाद कपिल को हटना पड़ा और 3 महीने के लिए फिर से गायकवाड़ कोच बने.
| भारतीय टीम के इस जुझारू बल्लेबाज ने टीम इंडिया के लिए चालीस टेस्ट मैच खेले, जिसमें से बाईस मैच तो सिर्फ वेस्टइंडीज के खिलाफ ही खेले थे, जिसने इस बल्लेबाज की सबसे ज्यादा परीक्षा ली. भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे जुझारू और क्रिकेटरों की बात जब भी होगी, तो उसमें कई दिग्गजों के नाम आएंगे, जो मुश्किल हालातों में हार मानने के बजाए, मोर्चे पर डटे रहे. कभी टीम को जिताया, कभी मैच बचाया, तो कभी विरोधियों को संदेश पहुंचाया. इसी काम में महारथ रखने वाले एक भारतीय दिग्गज बल्लेबाज थे- अंशुमन गायकवाड़ . एक हज़ार नौ सौ सत्तर के दशक में भारतीय टीम की ओपनिंग जोड़ी का अहम हिस्सा थे अंशुमन गायकवाड़. महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर एक छोर से रन बनाते थे, तो गायकवाड़ उनके साथ पारी की शुरुआत में होने वाले पेसरों के हमलों को बखूबी झेलने और बेकार करने में माहिर थे. उन्हीं अंशुमन गायकवाड़ का आज उनहत्तरवां जन्मदिन है. अंशुमन गायकवाड़ का जन्म तेईस सितंबर एक हज़ार नौ सौ बावन के बम्बई में हुआ था. उनके पिता भी टेस्ट क्रिकेटर थे और भारतीय टीम की कप्तानी भी कर चुके थे. जाहिर तौर पर इसका असर अंशुमन पर भी पड़ा और वह भी इस खेल में कूद गए. उन्होंने बड़ौदा की ओर से फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया, जहां से उनके लिए भारतीय क्रिकेट टीम का दरवाजा खुला. उन्होंने सत्ताईस दिसंबर एक हज़ार नौ सौ चौहत्तर को वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता टेस्ट में अपना डेब्यू किया था और पहली पारी में ही छत्तीस रन बनाए थे. गायकवाड़ अपनी रक्षात्मक बल्लेबाजी के कारण भारतीय टीम में अपनी जगह मजबूत करते गए. सुनील गावस्कर के साथ ओपनिंग में आकर नई गेंद और तेज गेंदबाजों की धार को कुंद करने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी और इसमें वह माहिर थे. खास तौर पर वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने इस काम को बखूबी अंजाम दिया और इसकी एवज में उन्हें विंडीज के पेस चौकड़ी के हमलों को कई बार झेलना भी पड़ा. इसका सबसे बड़ा उदाहरण दिखा एक हज़ार नौ सौ छिहत्तर के किंग्सटन टेस्ट में. उस दौरे में भारतीय टीम ने पोर्ट ऑफ स्पेन में हुए तीसरे टेस्ट में वेस्टइंडीज को हराकर चौंका दिया था. इस झटके से वेस्टइंडीज बौखला गया था और क्लाइव लॉयड की पेस बैटरी ने किंग्सटन टेस्ट में भारतीय बल्लेबाजों पर शॉर्ट गेंदों के हमले शुरू कर दिए. सुनील गावस्कर और गायकवाड़ के बीच एक सौ छत्तीस रनों की जबरदस्त ओपनिंग पार्टनरशिप हुई. इस दौरान माइकल होल्डिंग की अगुवाई वाले विंडीज गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजों के शरीर को निशाना बनाना शुरू किया, जिसका बुरा परिणाम दिखा. भारतीय खिलाड़ियों के शरीर पर कई दफा गेंद लगी और एक गेंद अंशुमन गायकवाड़ के कान के नजदीक लगी, जिसके कारण उनका खून बहने लगा और उन्हें इक्यासी रनों की दमदार पारी बीच में ही छोड़नी पड़ी. उनके कान का पर्दा फट चुका था, जिसका ऑपरेशन करना पड़ा. इसके बाद बृजेश पटेल भी इसी तरह चोटिल होकर अस्पताल पहुंचे. गायकवाड़, पटेल और गुंडप्पा विश्वनाथ जैसे तीन सीनियर बल्लेबाज दूसरी पारी में नहीं उतर सके, जबकि कप्तान बिशन सिंह बेदी ने पाँच विकेट के बाद ही पारी को घोषित कर हार स्वीकार कर ली, क्योंकि वह खिलाड़ियों को चोटिल होते नहीं देखना चाहते थे. करियर के शुरुआत में ही इस तरह के अनुभव के बावजूद अंशुमन ने हार नहीं मानी और इसके बाद भी कई मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले और एक शतक भी जमाया. उस इक्यासी रनों की जांबाजी भरी पारी के अलावा भी अंशुमन गायकवाड़ ने कुछ अच्छी बल्लेबाजी की, लेकिन उनकी सबसे खास पारी आई पाकिस्तान के खिलाफ जालंधर टेस्ट में. चौबीस सितंबर एक हज़ार नौ सौ तिरासी को अंशुमन ने जालंधर में पाकिस्तान के खिलाफ दो सौ एक रनों की पारी खेली, लेकिन ऐसी पारी थी, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया. वह छः सौ इकहत्तर मिनट तक क्रीज पर रहे और चार सौ छत्तीस गेंदों में ये रन बनाए. लंबे समय तक ये क्रिकेट इतिहास का सबसे धीमा दोहरा शतक रहा. अंशुमन गायकवाड़ ने भारत के लिए एक हज़ार नौ सौ चौरासी में इंग्लैंड के खिलाफ कोलकाता में अपना आखिरी टेस्ट खेला. अपने करियर में उन्होंने चालीस टेस्ट मैच खेले, जिसमें तीस की औसत से एक हज़ार नौ सौ पचासी रन उनके खाते में आए. इस दौरान उन्होंने दो शतक जमाए और साथ ही दस अर्धशतक भी मारे. उन्होंने पंद्रह वनडे भी खेले, लेकिन वहां सिर्फ दो सौ नवासी रन बना सके. क्रिकेट करियर खत्म होने के कई सालों बाद एक हज़ार नौ सौ सत्तानवे में वह पहली बार भारतीय टीम के कोच रहे. दो साल तक कोच रहने के बाद एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे में कपिल देव ने उनकी जगह ली. हालांकि, मैच फिक्सिंग के आरोपों के बाद कपिल को हटना पड़ा और तीन महीने के लिए फिर से गायकवाड़ कोच बने. |
Lalu Yadav Kidney Transplant: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के किडनी का ऑपरेशन आज (5 दिसंबर) सिंगापुर के अस्पताल में होगा. लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य (Rohini Acharya) ने जानकारी देते हुए बताया कि आज किडनी ट्रांसप्लांट की जाएगी. इससे पहले बिहार के उप मुख्यमंत्री और लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव भी सिंगापुर पहुंच गए हैं.रोहिणी देंगी पिता को किडनीलालू यादव (Lalu Yadav) को उनकी बेटी रोहिणी आचार्य (Rohini Acharya) किडनी डोनेट करेंगी. रोहिणी ने कहा कि यह सिर्फ एक छोटा सा मांस का टुकड़ा है, जो मैं अपने पिता को देना चाहती हूं. उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'मेरा तो मानना है की ये तो बस एक छोटा सा मांस का टुकड़ा है जो मैं अपने पापा के लिए देना चाहती हूं. पापा के लिए मैं कुछ भी कर सकती हूं. आप सब दुआ कीजिए की सब बेहतर तरीके से हो जाए, और पापा फिर से आप सभी लोगों की आवाज बुलंद करें. शुभकामनाओं के लिए पुनः एक बार आप सबका आभार.'उन्होंने आगे लिखा, 'जिस पिता ने इस दुनिया में मुझे आवाज दी. जो मेरे सबकुछ हैं, उनके लिए अगर मैं अपने जीवन का छोटा सा भी योगदान दे पाती हूं तो मेरा परम सौभाग्य होगा. धरती पर भगवान मां पिता होते हैं. इनकी पूजा सेवा हर बच्चों का फर्ज है.' बता दें कि रोहिणी आचार्य ने लोगों से की ये खास अपीललालू यादव (Lalu Yadav) के ऑपरेशन से पहले बेटी रोहिणी आचार्य (Rohini Acharya) ने ट्वीट किया और लोगों से पिता के लिए दुआ करने की अपील की. उन्होंने लालू यादव के साथ अपनी फोटो शेयर करते हुए लिखा, 'जिन्होंने लाखों-करोड़ों जनता को दी आवाज. उनके लिए दुआ करें सब मिलकर आज.' इसके साथ ही दूसरे ट्वीट में रोहिणी ने हॉस्पिटल से अपनी और पिता की फोटो शेयर की और लिखा, 'रॉक एंड रोल के लिए तैयार. मुझे गुड लक विश करें.'लंबे समय से खराब है लालू यादव की किडनीरिपोर्ट के अनुसार, लालू यादव (Lalu Yadav) की किडनी लंबे समय से खराब है और वो पिछले कई सालों से किडनी की बीमारी के अलावा कई अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं. मौजूदा समय में लालू यादव की अभी 28 प्रतिशत काम कर रही है और ट्रांसप्लांट के बाद लगभग 70 प्रतिशत तक काम करने लगेंगी.
| Lalu Yadav Kidney Transplant: राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के किडनी का ऑपरेशन आज सिंगापुर के अस्पताल में होगा. लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने जानकारी देते हुए बताया कि आज किडनी ट्रांसप्लांट की जाएगी. इससे पहले बिहार के उप मुख्यमंत्री और लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव भी सिंगापुर पहुंच गए हैं.रोहिणी देंगी पिता को किडनीलालू यादव को उनकी बेटी रोहिणी आचार्य किडनी डोनेट करेंगी. रोहिणी ने कहा कि यह सिर्फ एक छोटा सा मांस का टुकड़ा है, जो मैं अपने पिता को देना चाहती हूं. उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'मेरा तो मानना है की ये तो बस एक छोटा सा मांस का टुकड़ा है जो मैं अपने पापा के लिए देना चाहती हूं. पापा के लिए मैं कुछ भी कर सकती हूं. आप सब दुआ कीजिए की सब बेहतर तरीके से हो जाए, और पापा फिर से आप सभी लोगों की आवाज बुलंद करें. शुभकामनाओं के लिए पुनः एक बार आप सबका आभार.'उन्होंने आगे लिखा, 'जिस पिता ने इस दुनिया में मुझे आवाज दी. जो मेरे सबकुछ हैं, उनके लिए अगर मैं अपने जीवन का छोटा सा भी योगदान दे पाती हूं तो मेरा परम सौभाग्य होगा. धरती पर भगवान मां पिता होते हैं. इनकी पूजा सेवा हर बच्चों का फर्ज है.' बता दें कि रोहिणी आचार्य ने लोगों से की ये खास अपीललालू यादव के ऑपरेशन से पहले बेटी रोहिणी आचार्य ने ट्वीट किया और लोगों से पिता के लिए दुआ करने की अपील की. उन्होंने लालू यादव के साथ अपनी फोटो शेयर करते हुए लिखा, 'जिन्होंने लाखों-करोड़ों जनता को दी आवाज. उनके लिए दुआ करें सब मिलकर आज.' इसके साथ ही दूसरे ट्वीट में रोहिणी ने हॉस्पिटल से अपनी और पिता की फोटो शेयर की और लिखा, 'रॉक एंड रोल के लिए तैयार. मुझे गुड लक विश करें.'लंबे समय से खराब है लालू यादव की किडनीरिपोर्ट के अनुसार, लालू यादव की किडनी लंबे समय से खराब है और वो पिछले कई सालों से किडनी की बीमारी के अलावा कई अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं. मौजूदा समय में लालू यादव की अभी अट्ठाईस प्रतिशत काम कर रही है और ट्रांसप्लांट के बाद लगभग सत्तर प्रतिशत तक काम करने लगेंगी. |
ठंड के मौसम के हमलों से पहले अपने डीजल पर इन तीन मुद्दों पर ध्यान रखें और आप सामान्य डीजल ठंड के मौसम की समस्याओं को खत्म कर देंगे और साथ ही साथ आपके डीजल को वर्ष के सबसे चुनौतीपूर्ण मौसम में सुरक्षित, भरोसेमंद यात्रा प्रदान करने में मदद मिलेगी।
शीत मौसम में समस्याएं शुरू हो रही हैं, डीजल ईंधन सुस्त, विरोधी जेल additives का उपयोग करने की आवश्यकता है। । । आपने शायद सुना है कि ठंड के मौसम में डीजल चलाने वाली सबसे बड़ी समस्या ईंधन की जेल की प्रवृत्ति है।
सं। 2 डीजल (अधिकांश यात्री वाहनों के लिए अनुशंसित ग्रेड) में कुछ स्वाभाविक रूप से होने वाले पैराफिन (मोम) होते हैं और जैसे ही तापमान गिरता है, यह पैराफिन क्रिस्टलाइज करता है और ईंधन की तरलता को प्रभावित करता है और हार्ड स्टार्टिंग का कारण बन सकता है और अंततः फिल्टर प्लगिंग का कारण बन सकता है। दुर्भाग्यवश, यह समस्या बढ़ जाती है जब बायोडीजल समीकरण-बायोडीजल में प्रवेश करता है, डीजल की तुलना में थोड़ा अधिक तापमान पर जेल जाता है।
सौभाग्य से इन समस्याओं को काफी आसानी से सुलझाया जाता है। नियमित डीजल ईंधन "सर्दीकृत" होता है या पंपों को वितरित करने से पहले वितरक पर मौसमी समायोजित किया जाता है। शीतकालीन पंप नंबर 2 डीजल को नंबर 1 डीजल के साथ मिलाकर, इसके अधिक परिष्कृत चचेरे भाई को मिलाकर किया जाता है। शीतकालीन मौसम प्रवाह विशेषताओं को बनाए रखने के लिए शीतकालीन डीजल ईंधन किया जाता है, और अनुपात क्षेत्रीय वितरण के आधार पर भिन्न होता है। ठंडे मौसम में बायोडीजल का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए, इसे अलग-अलग प्रतिशत में शीतकालीन डीजल के साथ मिलाया जाना चाहिए, जो एक बार फिर क्षेत्रीय रूप से निर्भर हैं।
युक्तिः यह सुनिश्चित करने के लिए कि आप ईंधन की निम्न तापमान प्रवाह विशेषताओं को बनाए रखने के लिए डीजल ईंधन ठंड-मौसम उपचार या एंटी-जेल योजक जोड़ना एक अच्छा विचार है। ऑटो पार्ट्स स्टोर्स और डिपार्टमेंट स्टोर्स पर उपलब्ध, एंटी-जेल उपचार आसानी से आपके ट्रंक में रखा जा सकता है और भरने से पहले सीधे अपने डीजल के ईंधन टैंक में डाला जा सकता है।
बी 20 से अधिक बायोडीज़ल मिश्रणों के लिए ठंडे मौसम के उपचार पर चल रहे प्रयोग और शोध चल रहे हैं।
क्या आपकी चमक प्लग हैप्पी है?
यदि आपका वाहन चमक प्लग से लैस है, तो चमकदार प्लग रिले के साथ, उन्हें अच्छी काम करने की स्थिति में होना चाहिए। चमक प्लग छोटे इलेक्ट्रिक हीटिंग तत्व होते हैं (वे मिनी स्पार्क प्लग की तरह दिखते हैं जो प्रत्येक सिलेंडर में स्थापित होते हैं। ) वे एक समय सर्किट पर हैं और इंजन शुरू होने से ठीक पहले कुछ सेकंड के लिए सक्रिय होते हैं। जितना ठंडा हो जाता है, उतना ही उन चमकदार प्लगों को चिकनी शुरुआत के लिए दहन कक्ष को पूर्व-गर्मी में रहने की आवश्यकता होती है।
युक्तिः यदि डैशबोर्ड पर आपकी चमक प्लग लाइट प्रकाश नहीं होती है जब इग्निशन चालू हो जाता है, तो यह एक संकेत है कि आपके पास एक चमक प्लग हो सकती है- और एक ध्यान देने योग्य इंजन ठोकर एक और बड़ा संकेतक होगा। यहां तक कि एक चमक प्लग भी वाहन को शुरू करने से रोक सकता है।
जब यह ठंडा होता है, सब कुछ थोड़ा और सुस्त होता है- ईंधन ठंडा होता है, इंजन का तेल मोटा होता है और यहां तक कि आपकी कार की क्रैकी भी होती है। क्या वह शुरू होगी? सुनिश्चित करें कि बैटरी अच्छी स्थिति में है। पर्याप्त क्रैंकिंग एएमपीएस प्रदान करने के लिए इसे एक अच्छा चार्ज रखने की आवश्यकता है- उस इंजन को चलाने के लिए एक डीजल को 1,000 ठंड क्रैंकिंग एएमपीएस की आवश्यकता होती है।
एक स्टउट बैटरी ठंड के मौसम में इंजन चलाने के लिए आवश्यक क्रैंकिंग पावर और अवधि प्रदान करती है।
युक्तिः यह देखने के लिए बैटरी पर लेबल की जांच करें कि यह कितना पुराना है। उन पॉप-आउट डॉट्स को महीने और साल को इंगित करना चाहिए। लेबल जीवन प्रत्याशा को इंगित करना चाहिए; वे आमतौर पर 48-72 महीने से होते हैं। अगर आपको संदेह है कि आपकी बैटरी अपने जीवन चक्र के अंत में हो रही है, तो ठंड के मौसम के हमलों से पहले इसे बदलने का अच्छा विचार हो सकता है।
बायोडीजल ठंड के मौसम के मुद्दों के लिए, फिर से सड़क पर वापस आने के लिए कई त्वरित सुधारों के साथ बायोडीज़ल के लिए सर्दियों आरएक्स देखें।
| ठंड के मौसम के हमलों से पहले अपने डीजल पर इन तीन मुद्दों पर ध्यान रखें और आप सामान्य डीजल ठंड के मौसम की समस्याओं को खत्म कर देंगे और साथ ही साथ आपके डीजल को वर्ष के सबसे चुनौतीपूर्ण मौसम में सुरक्षित, भरोसेमंद यात्रा प्रदान करने में मदद मिलेगी। शीत मौसम में समस्याएं शुरू हो रही हैं, डीजल ईंधन सुस्त, विरोधी जेल additives का उपयोग करने की आवश्यकता है। । । आपने शायद सुना है कि ठंड के मौसम में डीजल चलाने वाली सबसे बड़ी समस्या ईंधन की जेल की प्रवृत्ति है। सं। दो डीजल में कुछ स्वाभाविक रूप से होने वाले पैराफिन होते हैं और जैसे ही तापमान गिरता है, यह पैराफिन क्रिस्टलाइज करता है और ईंधन की तरलता को प्रभावित करता है और हार्ड स्टार्टिंग का कारण बन सकता है और अंततः फिल्टर प्लगिंग का कारण बन सकता है। दुर्भाग्यवश, यह समस्या बढ़ जाती है जब बायोडीजल समीकरण-बायोडीजल में प्रवेश करता है, डीजल की तुलना में थोड़ा अधिक तापमान पर जेल जाता है। सौभाग्य से इन समस्याओं को काफी आसानी से सुलझाया जाता है। नियमित डीजल ईंधन "सर्दीकृत" होता है या पंपों को वितरित करने से पहले वितरक पर मौसमी समायोजित किया जाता है। शीतकालीन पंप नंबर दो डीजल को नंबर एक डीजल के साथ मिलाकर, इसके अधिक परिष्कृत चचेरे भाई को मिलाकर किया जाता है। शीतकालीन मौसम प्रवाह विशेषताओं को बनाए रखने के लिए शीतकालीन डीजल ईंधन किया जाता है, और अनुपात क्षेत्रीय वितरण के आधार पर भिन्न होता है। ठंडे मौसम में बायोडीजल का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए, इसे अलग-अलग प्रतिशत में शीतकालीन डीजल के साथ मिलाया जाना चाहिए, जो एक बार फिर क्षेत्रीय रूप से निर्भर हैं। युक्तिः यह सुनिश्चित करने के लिए कि आप ईंधन की निम्न तापमान प्रवाह विशेषताओं को बनाए रखने के लिए डीजल ईंधन ठंड-मौसम उपचार या एंटी-जेल योजक जोड़ना एक अच्छा विचार है। ऑटो पार्ट्स स्टोर्स और डिपार्टमेंट स्टोर्स पर उपलब्ध, एंटी-जेल उपचार आसानी से आपके ट्रंक में रखा जा सकता है और भरने से पहले सीधे अपने डीजल के ईंधन टैंक में डाला जा सकता है। बी बीस से अधिक बायोडीज़ल मिश्रणों के लिए ठंडे मौसम के उपचार पर चल रहे प्रयोग और शोध चल रहे हैं। क्या आपकी चमक प्लग हैप्पी है? यदि आपका वाहन चमक प्लग से लैस है, तो चमकदार प्लग रिले के साथ, उन्हें अच्छी काम करने की स्थिति में होना चाहिए। चमक प्लग छोटे इलेक्ट्रिक हीटिंग तत्व होते हैं वे एक समय सर्किट पर हैं और इंजन शुरू होने से ठीक पहले कुछ सेकंड के लिए सक्रिय होते हैं। जितना ठंडा हो जाता है, उतना ही उन चमकदार प्लगों को चिकनी शुरुआत के लिए दहन कक्ष को पूर्व-गर्मी में रहने की आवश्यकता होती है। युक्तिः यदि डैशबोर्ड पर आपकी चमक प्लग लाइट प्रकाश नहीं होती है जब इग्निशन चालू हो जाता है, तो यह एक संकेत है कि आपके पास एक चमक प्लग हो सकती है- और एक ध्यान देने योग्य इंजन ठोकर एक और बड़ा संकेतक होगा। यहां तक कि एक चमक प्लग भी वाहन को शुरू करने से रोक सकता है। जब यह ठंडा होता है, सब कुछ थोड़ा और सुस्त होता है- ईंधन ठंडा होता है, इंजन का तेल मोटा होता है और यहां तक कि आपकी कार की क्रैकी भी होती है। क्या वह शुरू होगी? सुनिश्चित करें कि बैटरी अच्छी स्थिति में है। पर्याप्त क्रैंकिंग एएमपीएस प्रदान करने के लिए इसे एक अच्छा चार्ज रखने की आवश्यकता है- उस इंजन को चलाने के लिए एक डीजल को एक,शून्य ठंड क्रैंकिंग एएमपीएस की आवश्यकता होती है। एक स्टउट बैटरी ठंड के मौसम में इंजन चलाने के लिए आवश्यक क्रैंकिंग पावर और अवधि प्रदान करती है। युक्तिः यह देखने के लिए बैटरी पर लेबल की जांच करें कि यह कितना पुराना है। उन पॉप-आउट डॉट्स को महीने और साल को इंगित करना चाहिए। लेबल जीवन प्रत्याशा को इंगित करना चाहिए; वे आमतौर पर अड़तालीस-बहत्तर महीने से होते हैं। अगर आपको संदेह है कि आपकी बैटरी अपने जीवन चक्र के अंत में हो रही है, तो ठंड के मौसम के हमलों से पहले इसे बदलने का अच्छा विचार हो सकता है। बायोडीजल ठंड के मौसम के मुद्दों के लिए, फिर से सड़क पर वापस आने के लिए कई त्वरित सुधारों के साथ बायोडीज़ल के लिए सर्दियों आरएक्स देखें। |
नीचे इन फूड्स के नाम जानने के बाद आपको इन्हें खाने के तरीकों के बारे में भी आपको बताया जाएगा ताकि आपकी सेहत पर सकारात्मक रूप से प्रभावी असर दिखा सकें।
केला न केवल बॉडीबिल्डिंग में सहायक होता है बल्कि पुरुषों की पौरुष शक्ति को बढ़ाने के साथ-साथ स्पर्म काउंट को बढ़ाने में भी मददगार साबित होता है। स्वप्नदोष दोष की समस्या से बचे रहने के लिए भी केले का सेवन करने की सलाह दी जाती है। यह आपको नकारात्मक ख्यालों से दूर रखता है और आप नाइटफॉल होने की समस्या से बचे रहते हैं।
त्रिफला चूर्ण तीन चीजों आंवला, बहेड़ा और हरड़ से मिलकर तैयार होता है और यही वजह है कि यह पौष्टिक गुणों से भरपूर होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। गैस और कब्ज जैसी समस्या से छुटकारा दिलाने के साथ-साथ त्रिफला चूर्ण का दूध के साथ उबालकर किया गया सेवन स्वप्नदोष की समस्या से भी निजात दिला सकता है।
लहसुन का सेवन तो वैसे ही पुरुषों के लिए लाभदायक माना जाता है। कई पुरुषों के द्वारा इसका नियमित रूप से सेवन किया जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि यदि रात में सोने से पहले शहद के साथ भुने हुए लहसुन का सेवन किया जाए तो यह नाइटफॉल की समस्या से काफी हद तक छुटकारा दिला सकता है। इसलिए जिन्हें ऐसी समस्या है, वह इसका सेवन करके इससे होने वाले फायदे का असर खुद ही देख सकते हैं।
अनार में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण स्पर्म काउंट को बढ़ाते हैं और इस पर मोटिलिटी को भी बूस्ट करते हैं। इसके साथ-साथ एंटीऑक्सीडेंट गुण स्वप्नदोष की समस्या से बचाए रखने में प्रभावी असर दिखा सकता है। आप चाहें तो अनार के जूस के रूप में या फिर इसे सामान्य तौर पर भी खाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। शरीर में ब्लड की कमी से बचे रहने के लिए भी अनार का सेवन फायदेमंद होता है।
स्वप्नदोष की समस्या से बचे रहने के लिए पुरुषों को रोज सुबह दही का सेवन करना चाहिए। इसमें मौजूद अच्छे बैक्टीरिया न केवल पाचन तंत्र को सुधारते हैं बल्कि सेक्स और हार्मोन की एक्टिविटी को भी कंट्रोल में रखते हैं। इसका सीधा प्रभाव स्वपनदोष की समस्या को रोकने में मददगार साबित होगा।
| नीचे इन फूड्स के नाम जानने के बाद आपको इन्हें खाने के तरीकों के बारे में भी आपको बताया जाएगा ताकि आपकी सेहत पर सकारात्मक रूप से प्रभावी असर दिखा सकें। केला न केवल बॉडीबिल्डिंग में सहायक होता है बल्कि पुरुषों की पौरुष शक्ति को बढ़ाने के साथ-साथ स्पर्म काउंट को बढ़ाने में भी मददगार साबित होता है। स्वप्नदोष दोष की समस्या से बचे रहने के लिए भी केले का सेवन करने की सलाह दी जाती है। यह आपको नकारात्मक ख्यालों से दूर रखता है और आप नाइटफॉल होने की समस्या से बचे रहते हैं। त्रिफला चूर्ण तीन चीजों आंवला, बहेड़ा और हरड़ से मिलकर तैयार होता है और यही वजह है कि यह पौष्टिक गुणों से भरपूर होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। गैस और कब्ज जैसी समस्या से छुटकारा दिलाने के साथ-साथ त्रिफला चूर्ण का दूध के साथ उबालकर किया गया सेवन स्वप्नदोष की समस्या से भी निजात दिला सकता है। लहसुन का सेवन तो वैसे ही पुरुषों के लिए लाभदायक माना जाता है। कई पुरुषों के द्वारा इसका नियमित रूप से सेवन किया जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि यदि रात में सोने से पहले शहद के साथ भुने हुए लहसुन का सेवन किया जाए तो यह नाइटफॉल की समस्या से काफी हद तक छुटकारा दिला सकता है। इसलिए जिन्हें ऐसी समस्या है, वह इसका सेवन करके इससे होने वाले फायदे का असर खुद ही देख सकते हैं। अनार में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण स्पर्म काउंट को बढ़ाते हैं और इस पर मोटिलिटी को भी बूस्ट करते हैं। इसके साथ-साथ एंटीऑक्सीडेंट गुण स्वप्नदोष की समस्या से बचाए रखने में प्रभावी असर दिखा सकता है। आप चाहें तो अनार के जूस के रूप में या फिर इसे सामान्य तौर पर भी खाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। शरीर में ब्लड की कमी से बचे रहने के लिए भी अनार का सेवन फायदेमंद होता है। स्वप्नदोष की समस्या से बचे रहने के लिए पुरुषों को रोज सुबह दही का सेवन करना चाहिए। इसमें मौजूद अच्छे बैक्टीरिया न केवल पाचन तंत्र को सुधारते हैं बल्कि सेक्स और हार्मोन की एक्टिविटी को भी कंट्रोल में रखते हैं। इसका सीधा प्रभाव स्वपनदोष की समस्या को रोकने में मददगार साबित होगा। |
राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) के प्रशासन ने पूर्ववर्ती प्रशासन की तरह दक्षिण चीन सागर (South China Sea) में चीन (China) के दावे को खारिज किया है.
चीन (China) के दक्षिण चीन सागर (South China Sea) में अड़ियल रवैये को अमेरिका (America) के राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) ने खारिज कर दिया है. बाइडेन प्रशासन ने चीन के दक्षिण चीन सागर में सभी प्रमुख समुद्री दावे को पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के प्रशासन की तरह ही खारिज किया है. अमेरिकी प्रशासन ने साथ ही चीन को चेतावनी दी है कि इस 'विवादित इलाके' में फिलीपींस (Philippines) पर कोई भी हमला करने पर बीजिंग (Beijing) को आपसी रक्षा संधि के तहत कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.
वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन (Antony Blinken) की तरफ से ये कठोर मैसेज इस हफ्ते फिलीपींस के पक्ष में एक अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण के फैसले की पांचवीं वर्षगांठ से पहले आया है. इस फैसले में स्प्रैटली द्वीप समूह और पड़ोसी चट्टानों और शोल के आसपास चीन के समुद्री दावों का खंडन किया गया था. हालांकि, चीन ने इस फैसले को खारिज कर दिया था. वहीं, पिछले साल चौथी वर्षगांठ से पहले ट्रंप प्रशासन ने भी फैसले को समर्थन दिया था. ट्रंप प्रशासन ने कहा था कि ये फैसला चीन के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त जल के बाहर दक्षिण चीन सागर में लगभग सभी चीनी समुद्री दावों को नाजायज मानता है.
रविवार को जारी किया गया बयान अमेरिका के दावे को और मजबूत करता है, जिसकी शुरुआत पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने की थी. एंटनी ब्लिंकन ने कहा, दक्षिण चीन सागर की तुलना में कहीं अधिक खतरे में नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था नहीं है. उन्होंने चीन पर दक्षिणपूर्व एशियाई तटीय देशों को मजबूर करने एवं डराने और इस महत्वपूर्ण वैश्विक रास्ते में नेविगेशन की स्वतंत्रता को धमकाने जारी रखने का आरोप लगाया. ब्लिंकन ने पोम्पियो के ऑरिजन बयान का हवाला देते हुए कहा, अमेरिका 13 जुलाई, 2020 को दक्षिण चीन सागर में समुद्री दावों के संबंध में अपनी नीति को फिर से लागू करता है.
अमेरिका का ये बयान ऐसे समय पर आया है, जब वाशिंगटन और बीजिंग के बीच कई मुद्दों को लेकर तनाव अपने चरम पर है. इसमें कोरोनावायरस महामारी, मानवाधिकार, हांगकांग-तिब्बत-व्यापार जैसे मुद्दों पर चीनी नीति शामिल है. इसकी वजह से दोनों मुल्कों के रिश्तों पर बादल छा गए हैं. चीन लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है और इस क्षेत्र में अमेरिकी सेना की किसी भी कार्रवाई का नियमित रूप से विरोध करता है. पांच अन्य सरकारें समुद्र के पूरे या उस हिस्से पर दावा करती हैं, जिसके माध्यम से हर साल लगभग 5 ट्रिलियन अमरीकी डॉलर का माल भेजा जाता है.
| राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन ने पूर्ववर्ती प्रशासन की तरह दक्षिण चीन सागर में चीन के दावे को खारिज किया है. चीन के दक्षिण चीन सागर में अड़ियल रवैये को अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने खारिज कर दिया है. बाइडेन प्रशासन ने चीन के दक्षिण चीन सागर में सभी प्रमुख समुद्री दावे को पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की तरह ही खारिज किया है. अमेरिकी प्रशासन ने साथ ही चीन को चेतावनी दी है कि इस 'विवादित इलाके' में फिलीपींस पर कोई भी हमला करने पर बीजिंग को आपसी रक्षा संधि के तहत कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन की तरफ से ये कठोर मैसेज इस हफ्ते फिलीपींस के पक्ष में एक अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण के फैसले की पांचवीं वर्षगांठ से पहले आया है. इस फैसले में स्प्रैटली द्वीप समूह और पड़ोसी चट्टानों और शोल के आसपास चीन के समुद्री दावों का खंडन किया गया था. हालांकि, चीन ने इस फैसले को खारिज कर दिया था. वहीं, पिछले साल चौथी वर्षगांठ से पहले ट्रंप प्रशासन ने भी फैसले को समर्थन दिया था. ट्रंप प्रशासन ने कहा था कि ये फैसला चीन के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त जल के बाहर दक्षिण चीन सागर में लगभग सभी चीनी समुद्री दावों को नाजायज मानता है. रविवार को जारी किया गया बयान अमेरिका के दावे को और मजबूत करता है, जिसकी शुरुआत पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने की थी. एंटनी ब्लिंकन ने कहा, दक्षिण चीन सागर की तुलना में कहीं अधिक खतरे में नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था नहीं है. उन्होंने चीन पर दक्षिणपूर्व एशियाई तटीय देशों को मजबूर करने एवं डराने और इस महत्वपूर्ण वैश्विक रास्ते में नेविगेशन की स्वतंत्रता को धमकाने जारी रखने का आरोप लगाया. ब्लिंकन ने पोम्पियो के ऑरिजन बयान का हवाला देते हुए कहा, अमेरिका तेरह जुलाई, दो हज़ार बीस को दक्षिण चीन सागर में समुद्री दावों के संबंध में अपनी नीति को फिर से लागू करता है. अमेरिका का ये बयान ऐसे समय पर आया है, जब वाशिंगटन और बीजिंग के बीच कई मुद्दों को लेकर तनाव अपने चरम पर है. इसमें कोरोनावायरस महामारी, मानवाधिकार, हांगकांग-तिब्बत-व्यापार जैसे मुद्दों पर चीनी नीति शामिल है. इसकी वजह से दोनों मुल्कों के रिश्तों पर बादल छा गए हैं. चीन लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है और इस क्षेत्र में अमेरिकी सेना की किसी भी कार्रवाई का नियमित रूप से विरोध करता है. पांच अन्य सरकारें समुद्र के पूरे या उस हिस्से पर दावा करती हैं, जिसके माध्यम से हर साल लगभग पाँच ट्रिलियन अमरीकी डॉलर का माल भेजा जाता है. |
LUCKNOW :
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में दूसरे स्टूडेंट की जगह एग्जाम दे रहे 'मुन्ना भाई' को फ्लांइग स्क्वायड ने गुरुवार को धर दबोचा। मामला निगोहां स्थित सत्यनारायण इंटर कॉलेज का है। आरोपी मुन्ना भाई को पुलिस ने केंद्र व्यवस्थापक की तहरीर पर मामला दर्ज कर मुन्ना भाई को जेल भेज दिया है।
गुरुवार को हाईस्कूल में सुबह की पाली में साइंस का पेपर चल रहा था। इस दौरान सत्यनारायण इंटर कॉलेज में एसोसिएट डीआईओएस विमलेश कुमार अपनी टीम के साथ निरीक्षण के लिए पहुंचे। निरीक्षण के दौरान जब वह रूम नंबर 15 में पहुंचे तो उन्होंने एक स्टूडेंट की तलाशी लेना शुरू किया। इस दौरान उन्होंने स्टूडेंट्स को एडमिट कार्ड उठाया जिस पर उसका नाम शमीम हैदर लिखा था। जब उन्होंने उसका नाम पूछा तो स्टूडेंट ने अपना नाम इनायत हुसैन बताया, जिसके बाद वह हड़बड़ा गया। जब सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने दूसरे के स्थान पर पेपर देने की बात कबूल की। जिसके बाद उसे तुरंत कमरे से बाहर लगाकर अलग बैठाया गया। इसकी जानकारी डीआईओएस सहित दूसरे अधिकारियों को दी गई। जिसके बाद डीआईओएस उमेश त्रिपाठी और एसडीएम मोहनलालगंज संतोष सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी की। पुलिस ने केंद्र व्यवस्थापक की तहरीर मामला दर्ज कर मुन्ना भाई को जेल भेज दिया है।
गिरफ्त में आये आरोपी इनायत हुसैन ने बताया कि उससे सहादतगंज में चलने वाली एसएस कोचिंग सेंटर के प्रबंधक ने छह हजार रुपए लेकर हाईस्कूल का प्राइवेट फॉर्म भरवाया था। लेकिन जब उसका एडमिट कार्ड आया तो उसमें उसके नाम की जगह शमीम हैदर का नाम लिखा था। पूछने पर प्रबंधक ने कहा कि तुम्हारा नाम गलत हो गया है। अभी एग्जाम दे दो बाद में मार्कशीट में सही करा देंगे। आरोपी स्टूडेंट्स के बयान पर डीआईओएस उमेश त्रिपाठी ने पुलिस से इस कोचिंग संचालक से पूछताछ करने और पूरे मामले की जांच कराने को कहा है।
मुन्ना भाई के पकड़े जाने पर कॉलेज प्रबंधन पर भी सवालिया निशान लगने लगे हैं। जबकि आरोपी दो पेपर दे चुका है तभी कॉलेज प्रबंधन की नजर उस पर क्यों नहीं पड़ी। डीआईओएस उमेश त्रिपाठी ने बताया कि एग्जाम देने वाले को और जिसकी जगह पर दे रहा था उन दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी और दोनों एग्जाम निरस्त कर किया जाएगा।
गुरुवार को एसडीएम मोहनलालगंज संतोष सिंह इसी सेंटर्स पर बोर्ड एग्जाम की फर्स्ट पाली में निरीक्षण करने पहुंचे तो वहां तैनात पुलिसकर्मी मोबाइफोन पर गाने सुन रहे थे। जिसके बाद एसडीएम ने दोनों को फटकार लगाते हुए ऐसा दोबारा नहीं करने की हिदायत दी।
वहीं दूसरी ओर राजधानी के कई एग्जाम सेंटर्स का निरीक्षण करने पहुंचे डीआईओएस को कई खामियां भी मिलीं। जिस पर उन्होंने आपत्ति जताई और व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। डीआईओएस उमेश कुमार त्रिपाठी सुबह करीब सवा आठ बजे मलिहाबाद स्थित क्लासिक मांटेसरी हाईस्कूल महिलाबाद पहुंचे, यहां कई कमरों में काफी अंधेरा था और स्टूडेंट्स भी पास-पास बैठे थे। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई। सचल दल को स्कूल की ही कुछ छात्राएं अलग कमरे में एग्जाम देती मिलीं। इस पर स्कूल के प्रिंसिपल ने तर्क दिया कि छात्राओं की संख्या ज्यादा थी, इसलिए बैठाया गया। उसके बाद डीआईओएस की टीम राजकीय बालिका इंटर कॉलेज महिलाबाद पहुंची। यहां छात्राएं टीन शेड के नीचे एग्जाम देते मिली। कमरा नंबर-6 में काफी अंधेरा होने पर डीआईओएस ने आपत्ति जताई और बल्ब लगाने के निर्देश दिए।
| LUCKNOW : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में दूसरे स्टूडेंट की जगह एग्जाम दे रहे 'मुन्ना भाई' को फ्लांइग स्क्वायड ने गुरुवार को धर दबोचा। मामला निगोहां स्थित सत्यनारायण इंटर कॉलेज का है। आरोपी मुन्ना भाई को पुलिस ने केंद्र व्यवस्थापक की तहरीर पर मामला दर्ज कर मुन्ना भाई को जेल भेज दिया है। गुरुवार को हाईस्कूल में सुबह की पाली में साइंस का पेपर चल रहा था। इस दौरान सत्यनारायण इंटर कॉलेज में एसोसिएट डीआईओएस विमलेश कुमार अपनी टीम के साथ निरीक्षण के लिए पहुंचे। निरीक्षण के दौरान जब वह रूम नंबर पंद्रह में पहुंचे तो उन्होंने एक स्टूडेंट की तलाशी लेना शुरू किया। इस दौरान उन्होंने स्टूडेंट्स को एडमिट कार्ड उठाया जिस पर उसका नाम शमीम हैदर लिखा था। जब उन्होंने उसका नाम पूछा तो स्टूडेंट ने अपना नाम इनायत हुसैन बताया, जिसके बाद वह हड़बड़ा गया। जब सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने दूसरे के स्थान पर पेपर देने की बात कबूल की। जिसके बाद उसे तुरंत कमरे से बाहर लगाकर अलग बैठाया गया। इसकी जानकारी डीआईओएस सहित दूसरे अधिकारियों को दी गई। जिसके बाद डीआईओएस उमेश त्रिपाठी और एसडीएम मोहनलालगंज संतोष सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी की। पुलिस ने केंद्र व्यवस्थापक की तहरीर मामला दर्ज कर मुन्ना भाई को जेल भेज दिया है। गिरफ्त में आये आरोपी इनायत हुसैन ने बताया कि उससे सहादतगंज में चलने वाली एसएस कोचिंग सेंटर के प्रबंधक ने छह हजार रुपए लेकर हाईस्कूल का प्राइवेट फॉर्म भरवाया था। लेकिन जब उसका एडमिट कार्ड आया तो उसमें उसके नाम की जगह शमीम हैदर का नाम लिखा था। पूछने पर प्रबंधक ने कहा कि तुम्हारा नाम गलत हो गया है। अभी एग्जाम दे दो बाद में मार्कशीट में सही करा देंगे। आरोपी स्टूडेंट्स के बयान पर डीआईओएस उमेश त्रिपाठी ने पुलिस से इस कोचिंग संचालक से पूछताछ करने और पूरे मामले की जांच कराने को कहा है। मुन्ना भाई के पकड़े जाने पर कॉलेज प्रबंधन पर भी सवालिया निशान लगने लगे हैं। जबकि आरोपी दो पेपर दे चुका है तभी कॉलेज प्रबंधन की नजर उस पर क्यों नहीं पड़ी। डीआईओएस उमेश त्रिपाठी ने बताया कि एग्जाम देने वाले को और जिसकी जगह पर दे रहा था उन दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी और दोनों एग्जाम निरस्त कर किया जाएगा। गुरुवार को एसडीएम मोहनलालगंज संतोष सिंह इसी सेंटर्स पर बोर्ड एग्जाम की फर्स्ट पाली में निरीक्षण करने पहुंचे तो वहां तैनात पुलिसकर्मी मोबाइफोन पर गाने सुन रहे थे। जिसके बाद एसडीएम ने दोनों को फटकार लगाते हुए ऐसा दोबारा नहीं करने की हिदायत दी। वहीं दूसरी ओर राजधानी के कई एग्जाम सेंटर्स का निरीक्षण करने पहुंचे डीआईओएस को कई खामियां भी मिलीं। जिस पर उन्होंने आपत्ति जताई और व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। डीआईओएस उमेश कुमार त्रिपाठी सुबह करीब सवा आठ बजे मलिहाबाद स्थित क्लासिक मांटेसरी हाईस्कूल महिलाबाद पहुंचे, यहां कई कमरों में काफी अंधेरा था और स्टूडेंट्स भी पास-पास बैठे थे। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई। सचल दल को स्कूल की ही कुछ छात्राएं अलग कमरे में एग्जाम देती मिलीं। इस पर स्कूल के प्रिंसिपल ने तर्क दिया कि छात्राओं की संख्या ज्यादा थी, इसलिए बैठाया गया। उसके बाद डीआईओएस की टीम राजकीय बालिका इंटर कॉलेज महिलाबाद पहुंची। यहां छात्राएं टीन शेड के नीचे एग्जाम देते मिली। कमरा नंबर-छः में काफी अंधेरा होने पर डीआईओएस ने आपत्ति जताई और बल्ब लगाने के निर्देश दिए। |
रामनवमी पर देश के कई शहरों से हिंसा की खबरें आई. बंगाल के हावड़ा शहर में आगजनी हुई. वहीं गुजरात के वडोदरा में तो दो बार पत्थरबाजी हो गई. इसके अलावा रामनवमी जुलूस को लेकर लखनऊ की एक यूनिवर्सिटी में भी छात्र भिड़ गए. साजिश की आग में वडोदरा जल गया. वडोदरा के उपद्रवी CCTV में कैद हुए, अब पुलिस खंगाल रही सभी फुटेज.
| रामनवमी पर देश के कई शहरों से हिंसा की खबरें आई. बंगाल के हावड़ा शहर में आगजनी हुई. वहीं गुजरात के वडोदरा में तो दो बार पत्थरबाजी हो गई. इसके अलावा रामनवमी जुलूस को लेकर लखनऊ की एक यूनिवर्सिटी में भी छात्र भिड़ गए. साजिश की आग में वडोदरा जल गया. वडोदरा के उपद्रवी CCTV में कैद हुए, अब पुलिस खंगाल रही सभी फुटेज. |
एक ही दृश्य मेंसमय - शाम के पांच बजे
[ सीमा प्रांत के एक नगर में एक मकान । मकान में एक बड़ा सा कमरा, जिसमें दो दरवाज़े हैं। एक सीढ़ी के पास और दूसरा मकान के भीतरी भाग में जाता है। गली की तरफ़ दो खिड़कियां हैं। भीतर कमरे में एक बड़ी में खाट है, जिसपर मैला-सा बिस्तर बिछा है। पूर्व की तरफ़ कोने में एक चौकी है, उसके सामने श्राले में ठाकुर जी का एक सिंहासन है। उसमें कुछ पीतल की मूर्तियां हैं। उनपर गेंदे के फूल की माला चढ़ी है। श्राले की कील में एक रुद्राक्ष की माला है। हाथ को लिखी हुई छोटी-छोटी दो किताबें हैं। कमरे में कुछ तस्वीरें हैं - एक रामचन्द्र, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न की, जिसमें राम के राज्याभिषेक का दृश्य है; हनुमान् माला तोड़ रहे हैं। दूसरी तस्वीर एक काली की है। कमरे में एक मोढ़ा रखा है और टूटी हुई कुर्सी, जिसका बेंत टूटा हुआ है । एक छोटी-सी मेज़ एक कोने में रखी है। उस पर एक लोटा और उसके ऊपर एक गिलास रखा है। दो खूँटियां गढ़ी हुई हैं, उनमें एक पर एक पगड़ी और दूसरी पर एक दुपट्टा और मैला-सा कोट है । खाट
पर लाला बिसाखाराम बेचैनी से लेटा हुआ है। उसकी आंखों में बैचेनी है। चेहरा पिचका हुआ, रंग गोरा, बाल बिखरे हुए। मालूम होता है बड़ी चिंता में है। हाथ में चिट्ठी है, जिसे बार-बार उठाकर पढ़ता है और फिर सिरहाने रख देता है । फिर उठा लेता है, पढ़ता है, और फिर रख देता है। उठकर बैठ जाता है और छत की ओर ताकता है और धम्म से फिर खाट पर लेट जाता है। ]
हाय, क्या जाना था, यह दिन भी देखना पड़ेगा ! हे राम जी ! उबारो महाराज ! बड़ी बिया पड़ी है। कोई उपाय सू नहीं है । ( श्रांख मीचकर ठाकुरजी को हाथ जोड़ने लगता है, फिर आंखें खोलकर पत्र हाथ में लेकर पढ़ने लगता है ) क्या करूँ ? राजो, राजो री !
( भीतर के दरवाज़े से चौदह साल की एक लड़की दौड़ती हुई है।)
हाँ चाचाजी ! क्या कहो हो !
बिसाखाराम अरी, क्या अभी मुनीमजी नहीं आये ? मरा जाऊँ हूँ ! बड़ी मुसीबत है ।
भाई कब वेंगे भला ! ( एकदम पास आकर ) बुला लो न भाई को। कुछ रुपयों की ही तो बात है । हाय, ( श्रांखों में भरकर ) हे भगवान्, बड़े नामुराद हैं ये लोग ! चाच्चा जी, भेज दो रुपया, क्या देखो हो ?
बिसाखाराम ( बैठकर ) क्या देखूँ हूँ बेटा ! अपनी किस्मत को रोऊँ हूँ । रुपया भी कहां धरा है ? अभी अनाज भी तो खरीदना है। कल
मुहम्मद बकस ने रुपए का सूद देकर दो हजार माँगने आया था, उसको भी तो देना ही है। दस हजार के सरकारी बौंड खरीदने हैं, ऐसा मौका कब मिलेगा ? इतना सूढ़ क्या छोड़ा जा सके है बेटा ? यौः ! दस हजार देने पड़ेंगे ! ( एकदम खाट पर धड़ाम से लेट जाता है )
( दौड़कर ) चाच्चाजी, क्या हुआ तुम्हें ? भाभी, श्री भाभी ! देख तो चाच्चा को क्या हुआ है ?
( राजो की मां 'आई' कहती हुई आती है )
राजो की मां कह तो दिया, परेसान होने की क्या हजार रुपए तो फिर भी मिलते रहेंगे।
जरूरत है ? दे दो दस लड़का तो फिर... हा
भगवान्, क्या कह रही हूँ ! हे रामजी ! ( हाथ जोड़कर
में रखे सिंहासन की तरफ देखने लगती है ) यों ही करे हैं ! दया करो भगवान् !
बिसाखाराम मुनीमजी नहीं (खें बंद कर लेता है )
आते ही होंगे। तुम्हारा कैसा जी है चाच्चा ?
राजो की माँ कहूँ तो हूँ, फिकर क्यों करो हो ? हे ईश्वर, मेरे लड़के को लौटा दो। मेरा सब कुछ ले लो । मेरे प्यारे बच्चे को मुझे दे दो भगवान् ! ( रोने लगती है )
( मां के गले से लिपटकर ) रोवे क्यों है भाभी ? चाच्चा से कह के भाई को बुला ले न !
राजो की मां ( आँसू पोंछती हुई ) कैसे बुलाऊँ बेटी ! तेरे चाच्चा को तो | एक ही दृश्य मेंसमय - शाम के पांच बजे [ सीमा प्रांत के एक नगर में एक मकान । मकान में एक बड़ा सा कमरा, जिसमें दो दरवाज़े हैं। एक सीढ़ी के पास और दूसरा मकान के भीतरी भाग में जाता है। गली की तरफ़ दो खिड़कियां हैं। भीतर कमरे में एक बड़ी में खाट है, जिसपर मैला-सा बिस्तर बिछा है। पूर्व की तरफ़ कोने में एक चौकी है, उसके सामने श्राले में ठाकुर जी का एक सिंहासन है। उसमें कुछ पीतल की मूर्तियां हैं। उनपर गेंदे के फूल की माला चढ़ी है। श्राले की कील में एक रुद्राक्ष की माला है। हाथ को लिखी हुई छोटी-छोटी दो किताबें हैं। कमरे में कुछ तस्वीरें हैं - एक रामचन्द्र, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न की, जिसमें राम के राज्याभिषेक का दृश्य है; हनुमान् माला तोड़ रहे हैं। दूसरी तस्वीर एक काली की है। कमरे में एक मोढ़ा रखा है और टूटी हुई कुर्सी, जिसका बेंत टूटा हुआ है । एक छोटी-सी मेज़ एक कोने में रखी है। उस पर एक लोटा और उसके ऊपर एक गिलास रखा है। दो खूँटियां गढ़ी हुई हैं, उनमें एक पर एक पगड़ी और दूसरी पर एक दुपट्टा और मैला-सा कोट है । खाट पर लाला बिसाखाराम बेचैनी से लेटा हुआ है। उसकी आंखों में बैचेनी है। चेहरा पिचका हुआ, रंग गोरा, बाल बिखरे हुए। मालूम होता है बड़ी चिंता में है। हाथ में चिट्ठी है, जिसे बार-बार उठाकर पढ़ता है और फिर सिरहाने रख देता है । फिर उठा लेता है, पढ़ता है, और फिर रख देता है। उठकर बैठ जाता है और छत की ओर ताकता है और धम्म से फिर खाट पर लेट जाता है। ] हाय, क्या जाना था, यह दिन भी देखना पड़ेगा ! हे राम जी ! उबारो महाराज ! बड़ी बिया पड़ी है। कोई उपाय सू नहीं है । क्या करूँ ? राजो, राजो री ! हाँ चाचाजी ! क्या कहो हो ! बिसाखाराम अरी, क्या अभी मुनीमजी नहीं आये ? मरा जाऊँ हूँ ! बड़ी मुसीबत है । भाई कब वेंगे भला ! बुला लो न भाई को। कुछ रुपयों की ही तो बात है । हाय, हे भगवान्, बड़े नामुराद हैं ये लोग ! चाच्चा जी, भेज दो रुपया, क्या देखो हो ? बिसाखाराम क्या देखूँ हूँ बेटा ! अपनी किस्मत को रोऊँ हूँ । रुपया भी कहां धरा है ? अभी अनाज भी तो खरीदना है। कल मुहम्मद बकस ने रुपए का सूद देकर दो हजार माँगने आया था, उसको भी तो देना ही है। दस हजार के सरकारी बौंड खरीदने हैं, ऐसा मौका कब मिलेगा ? इतना सूढ़ क्या छोड़ा जा सके है बेटा ? यौः ! दस हजार देने पड़ेंगे ! चाच्चाजी, क्या हुआ तुम्हें ? भाभी, श्री भाभी ! देख तो चाच्चा को क्या हुआ है ? राजो की मां कह तो दिया, परेसान होने की क्या हजार रुपए तो फिर भी मिलते रहेंगे। जरूरत है ? दे दो दस लड़का तो फिर... हा भगवान्, क्या कह रही हूँ ! हे रामजी ! यों ही करे हैं ! दया करो भगवान् ! बिसाखाराम मुनीमजी नहीं आते ही होंगे। तुम्हारा कैसा जी है चाच्चा ? राजो की माँ कहूँ तो हूँ, फिकर क्यों करो हो ? हे ईश्वर, मेरे लड़के को लौटा दो। मेरा सब कुछ ले लो । मेरे प्यारे बच्चे को मुझे दे दो भगवान् ! रोवे क्यों है भाभी ? चाच्चा से कह के भाई को बुला ले न ! राजो की मां कैसे बुलाऊँ बेटी ! तेरे चाच्चा को तो |
के होते हैं। छोटा अभग मोलह अक्षरों का, दो समचरणी पर आधारित होता है । इनमें तात्र-छन्दोमग नहीं होता। अन्य रचनाओं में गरण, यति, लघु, दीर्घ, विसगं आदि बातें रहती हैं जो वही जटिल है। देखिए नामदेवकृत अभिमन'मुख्य मातृकाची सरया । सोळा अक्षरे नेटक्या । समचरणो अभग । नव्हे ताळ छन्दो भग । चौक पुलिता विसगं गणपति लघु दोघं । जाऐ एखादा निराळा । नाना म्हणे तो विळा ॥
नामदेव कृत अभंग । इसका अर्थ ऊपर ही अभिव्यक्त कर दिया है। फिर भी मार यह है कि विट्ठन का ध्यान जिस प्रकार समचरण में अभङ्ग है उसी तरह छोटे अभंग में तालछन्द मग नही होता वरन वह उनके परे अभग है।
बडे यभग की रचना मे अक्षर सस्पा दीर्घ प्रचुर हुआ करनी थी। बाईम अक्षर के माई तीन भाग होते हैं। क्योंकि तीन चरण के १८ अक्षर और आगे के भाग के चार छ चरण हो जाने पर अभग पूरा हो जाता है। मराठी वैधव कवियों में से प्राय प्रत्येक ने अभग लिखे हैं। परन्तु तुकाराम के अभग विशेष प्रसिद्ध हैं क्योंकि इस गेय छन्द का तुकाराम ने विशेष रूप से प्रयोग किया है। अभग किसी भी राग में गाया जा सकता है। कोई विशेष नियम इसके बारे मे नहीं मिलते। तुकाराम कहते हैं कि अमग में विद्रुउन के गुण गाते-गाते में भी अभग बन गया है। अपने अभङ्गों को मैंने तोला तो वे अभङ्ग ही रहे। तुकाराम के अभङ्गों की गाया इन्द्रायणो में डुबोयी गई थी, पर उन्हें वह अभङ्ग रूप में पुनः मिल गई। वहा जा सकता है श्रोवो छन्द यदि लोकगीत है तो अभङ्ग अध्यात्म गोत्र-छन्द है । मराठी और हिन्दी वणव साहित्य का प्रदेय, सामाजिक, सास्कृतिक एवम् राष्ट्रीय रूप मेक्सि प्रकार का है, तथा इन व भक्त कवियों ने समवर्ती चं और परवर्ती जीवन पर क्या प्रभाव छोडा, इसे उपमहार के रूप में देखकर हम अपना निष्वयं समाप्त करेंगे ।
मराठी और हिन्दी के वैष्णव कवि व्यक्तिगत रूप में अपनी-अपनी परि स्थितियों में तथा मासारिक्ता मे उलझे हुए थे। जीवन की विषमता मुँह बाये उनको प्रसने के लिए तैयार थी । माया मोह की मृग परिचित्रा ने और दैनदिन जीवन की आवश्यक्ताओं ने उन्हें पूर्ण रूप से घेर लिया था। जीवन को कठिनाइयो ने उनको परिव्यास कर लिया था। फिर भी ये समस्त मराठी और हिन्दी के वैष्णव कवि अपने पुरुषार्थ के बल से विषम परिस्थिति में ऊपर उठ गये थे ।
पारमार्थिव जीवन का यथोचित आनदोपभोग इन सब ने कर लिया। समन्वय और सहिता की भावना ने सबको प्रेम दिया और सबका प्रेम पाया भी । शिव-विष्णु उपामना का समन्वय, सगुण-निर्गुण का समन्वय, योग-ज्ञान का समन्वयय, हिन्दुमुस्लिम समन्वय, सस्कृत-देशज भाषाओ का समन्वय तथा आत्म कल्याण और लोक-कल्याण का समन्वय कर 'सहति कार्य माधिका, इस उक्ति को इन्होने सत्य रूप में चरितार्थ किया है। तदुयुगीन समाज मे आम्या-विश्वास और आस्तिकता को जागृत कर इन हिन्दी मराठी वैष्णव सतों ने समाज को स्वधर्माचरण में तत्पर किया। इसमे मस्कृति सुरक्षित रह सकी। माहित्य वर्धिष्णु हुआ जनवादी कलाए जी उठीं। संगीत भक्ति सुधा से भर गया राम और कृष्ण की राम लीला और रासनीला के रूप मे जीवनोत्सव हो सामने आ गया।
इस युग मे जीवन, सामाजिक, धार्मिक और मास्कृतिक रूप में ब्रह्म को व्यापक अनन्त सत्ता को स्वीकार कर चैतन्यमय बन गया था। पाखडियों को और ज्ञान के अभिमानियो को इनकी स्पष्टोक्तियों ने धराशायी कर उनके दम का भूलोच्छेदन किया। इन सबको बागने युग धर्म को पहिचानवर जागृति का शस फूका है तथा अपने स्वानुभून सत्य का तत्व बोध विवेपूर्वक जनजन को कराया है। वैसे भौगोलिक मर्यादाओं का अर्थान प्रान्तीय विशेषताओं का प्रतिविम्व उनके माहित्य मे मासित होता है जो स्वाभाविक हो है। गंगा-यमुना के उर्वर प्रदेश में रहने से जो तरल और सरल भावधारा वही उसका प्रभाव हिन्दी के प्राव साहित्य पर पड़ा । यह भक्ति धारा राममक्ति के आदर्शमय गया रूप में तथा कृष्ण भक्ति की यथार्थमय जमुरारूप में और ब्रह्मानुभूति के मरस्वती रूप में त्रिवेणी के समान जन-जन के हृदय-प्रयाग राज मे एकष हुई । यह सगम बपूर्व और अनोखा था । महाराष्ट्र प्रदेश अपेक्षाकृत यथाथवादी होने मे तथा बुद्धिवादी और वीर-प्रत देश होने से कृष्ण-काव्य की एकान्तिक परम्परा उत्कर्ष वा स्वरूप यहाँ नहीं दिखाई देता। पर परवन काल में उत्तर भारत में इस उत्पाजो अपकर्ष हुआ उससे यह प्रदेश बचा रहा। रीतिकाल की हामोन्मुखी धारा यहाँ उतनी प्रचुरता में और शीघ्रता से नहीं फैल पाई, जितनी हिन्दी भाषो प्रदेश में फैली राधाकृष्ण प्रेम को तन्मयता जीवन का उदात्तीकरण सिखाती है जो हिन्दी वंदाव नाव्य को अपनी राष्ट्रीय भावनात्मक ऐक्य को देन है। इसे मराठी और हिन्दी का प्लव माहित्य अवश्य प्रदेय के रूप में दे सकता है। नारद और घाण्डिल्य भक्तिमूत, थीमद्भगवद्गीता, श्रीमद् भागवत, रामायण, महाभारत से प्रभावित हिन्दी और मराठी बंटव सन्तों का साहित्य आज हिन्दी और मराठी भाषा-भाषी जनों के लिए हो | के होते हैं। छोटा अभग मोलह अक्षरों का, दो समचरणी पर आधारित होता है । इनमें तात्र-छन्दोमग नहीं होता। अन्य रचनाओं में गरण, यति, लघु, दीर्घ, विसगं आदि बातें रहती हैं जो वही जटिल है। देखिए नामदेवकृत अभिमन'मुख्य मातृकाची सरया । सोळा अक्षरे नेटक्या । समचरणो अभग । नव्हे ताळ छन्दो भग । चौक पुलिता विसगं गणपति लघु दोघं । जाऐ एखादा निराळा । नाना म्हणे तो विळा ॥ नामदेव कृत अभंग । इसका अर्थ ऊपर ही अभिव्यक्त कर दिया है। फिर भी मार यह है कि विट्ठन का ध्यान जिस प्रकार समचरण में अभङ्ग है उसी तरह छोटे अभंग में तालछन्द मग नही होता वरन वह उनके परे अभग है। बडे यभग की रचना मे अक्षर सस्पा दीर्घ प्रचुर हुआ करनी थी। बाईम अक्षर के माई तीन भाग होते हैं। क्योंकि तीन चरण के अट्ठारह अक्षर और आगे के भाग के चार छ चरण हो जाने पर अभग पूरा हो जाता है। मराठी वैधव कवियों में से प्राय प्रत्येक ने अभग लिखे हैं। परन्तु तुकाराम के अभग विशेष प्रसिद्ध हैं क्योंकि इस गेय छन्द का तुकाराम ने विशेष रूप से प्रयोग किया है। अभग किसी भी राग में गाया जा सकता है। कोई विशेष नियम इसके बारे मे नहीं मिलते। तुकाराम कहते हैं कि अमग में विद्रुउन के गुण गाते-गाते में भी अभग बन गया है। अपने अभङ्गों को मैंने तोला तो वे अभङ्ग ही रहे। तुकाराम के अभङ्गों की गाया इन्द्रायणो में डुबोयी गई थी, पर उन्हें वह अभङ्ग रूप में पुनः मिल गई। वहा जा सकता है श्रोवो छन्द यदि लोकगीत है तो अभङ्ग अध्यात्म गोत्र-छन्द है । मराठी और हिन्दी वणव साहित्य का प्रदेय, सामाजिक, सास्कृतिक एवम् राष्ट्रीय रूप मेक्सि प्रकार का है, तथा इन व भक्त कवियों ने समवर्ती चं और परवर्ती जीवन पर क्या प्रभाव छोडा, इसे उपमहार के रूप में देखकर हम अपना निष्वयं समाप्त करेंगे । मराठी और हिन्दी के वैष्णव कवि व्यक्तिगत रूप में अपनी-अपनी परि स्थितियों में तथा मासारिक्ता मे उलझे हुए थे। जीवन की विषमता मुँह बाये उनको प्रसने के लिए तैयार थी । माया मोह की मृग परिचित्रा ने और दैनदिन जीवन की आवश्यक्ताओं ने उन्हें पूर्ण रूप से घेर लिया था। जीवन को कठिनाइयो ने उनको परिव्यास कर लिया था। फिर भी ये समस्त मराठी और हिन्दी के वैष्णव कवि अपने पुरुषार्थ के बल से विषम परिस्थिति में ऊपर उठ गये थे । पारमार्थिव जीवन का यथोचित आनदोपभोग इन सब ने कर लिया। समन्वय और सहिता की भावना ने सबको प्रेम दिया और सबका प्रेम पाया भी । शिव-विष्णु उपामना का समन्वय, सगुण-निर्गुण का समन्वय, योग-ज्ञान का समन्वयय, हिन्दुमुस्लिम समन्वय, सस्कृत-देशज भाषाओ का समन्वय तथा आत्म कल्याण और लोक-कल्याण का समन्वय कर 'सहति कार्य माधिका, इस उक्ति को इन्होने सत्य रूप में चरितार्थ किया है। तदुयुगीन समाज मे आम्या-विश्वास और आस्तिकता को जागृत कर इन हिन्दी मराठी वैष्णव सतों ने समाज को स्वधर्माचरण में तत्पर किया। इसमे मस्कृति सुरक्षित रह सकी। माहित्य वर्धिष्णु हुआ जनवादी कलाए जी उठीं। संगीत भक्ति सुधा से भर गया राम और कृष्ण की राम लीला और रासनीला के रूप मे जीवनोत्सव हो सामने आ गया। इस युग मे जीवन, सामाजिक, धार्मिक और मास्कृतिक रूप में ब्रह्म को व्यापक अनन्त सत्ता को स्वीकार कर चैतन्यमय बन गया था। पाखडियों को और ज्ञान के अभिमानियो को इनकी स्पष्टोक्तियों ने धराशायी कर उनके दम का भूलोच्छेदन किया। इन सबको बागने युग धर्म को पहिचानवर जागृति का शस फूका है तथा अपने स्वानुभून सत्य का तत्व बोध विवेपूर्वक जनजन को कराया है। वैसे भौगोलिक मर्यादाओं का अर्थान प्रान्तीय विशेषताओं का प्रतिविम्व उनके माहित्य मे मासित होता है जो स्वाभाविक हो है। गंगा-यमुना के उर्वर प्रदेश में रहने से जो तरल और सरल भावधारा वही उसका प्रभाव हिन्दी के प्राव साहित्य पर पड़ा । यह भक्ति धारा राममक्ति के आदर्शमय गया रूप में तथा कृष्ण भक्ति की यथार्थमय जमुरारूप में और ब्रह्मानुभूति के मरस्वती रूप में त्रिवेणी के समान जन-जन के हृदय-प्रयाग राज मे एकष हुई । यह सगम बपूर्व और अनोखा था । महाराष्ट्र प्रदेश अपेक्षाकृत यथाथवादी होने मे तथा बुद्धिवादी और वीर-प्रत देश होने से कृष्ण-काव्य की एकान्तिक परम्परा उत्कर्ष वा स्वरूप यहाँ नहीं दिखाई देता। पर परवन काल में उत्तर भारत में इस उत्पाजो अपकर्ष हुआ उससे यह प्रदेश बचा रहा। रीतिकाल की हामोन्मुखी धारा यहाँ उतनी प्रचुरता में और शीघ्रता से नहीं फैल पाई, जितनी हिन्दी भाषो प्रदेश में फैली राधाकृष्ण प्रेम को तन्मयता जीवन का उदात्तीकरण सिखाती है जो हिन्दी वंदाव नाव्य को अपनी राष्ट्रीय भावनात्मक ऐक्य को देन है। इसे मराठी और हिन्दी का प्लव माहित्य अवश्य प्रदेय के रूप में दे सकता है। नारद और घाण्डिल्य भक्तिमूत, थीमद्भगवद्गीता, श्रीमद् भागवत, रामायण, महाभारत से प्रभावित हिन्दी और मराठी बंटव सन्तों का साहित्य आज हिन्दी और मराठी भाषा-भाषी जनों के लिए हो |
दिलेर समाचार, इस साल की क्रिकेट और बॉलीवुड की सबसे बड़ी खबर रही है विराट और अनुष्का की शादी। सभी फ़िल्मी सितारों और क्रिकेटर्स ने अनुष्का और विराट को शुभकामनाएं दी लेकिन इस बीच दीपिका पादुकोण कही नज़र नहीं आईं।
एक दौर में अनुष्का शर्मा और रणवीर सिंह के डेटिंग के चर्चे थे। फिर कहा गया था कि कुछ ही दिनों में दोनों का ब्रेकअप हो गया। उसके बाद रणवीर को दीपिका का साथ मिला। जाहिर है एेसे में दीपिका-अनुष्का के संबंध कैसे ठीक रहते!
दीपिका और अनुष्का के रिलेशन्स में सुधर तब आया जब दीपिका ने पिछले साल कटरीना कैफ और अनुष्का शर्मा की 'काफ़ी विद करण' एपिसोड की तारीफ करते हुए ट्वीट कियाः "दीस गर्ल्स वर ऑन फायर ! व्हॉट एन अमेजिंग एपिसोड . . . . "
| दिलेर समाचार, इस साल की क्रिकेट और बॉलीवुड की सबसे बड़ी खबर रही है विराट और अनुष्का की शादी। सभी फ़िल्मी सितारों और क्रिकेटर्स ने अनुष्का और विराट को शुभकामनाएं दी लेकिन इस बीच दीपिका पादुकोण कही नज़र नहीं आईं। एक दौर में अनुष्का शर्मा और रणवीर सिंह के डेटिंग के चर्चे थे। फिर कहा गया था कि कुछ ही दिनों में दोनों का ब्रेकअप हो गया। उसके बाद रणवीर को दीपिका का साथ मिला। जाहिर है एेसे में दीपिका-अनुष्का के संबंध कैसे ठीक रहते! दीपिका और अनुष्का के रिलेशन्स में सुधर तब आया जब दीपिका ने पिछले साल कटरीना कैफ और अनुष्का शर्मा की 'काफ़ी विद करण' एपिसोड की तारीफ करते हुए ट्वीट कियाः "दीस गर्ल्स वर ऑन फायर ! व्हॉट एन अमेजिंग एपिसोड . . . . " |
एकता ने इंस्टाग्राम पर इशिता के साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए सफाई दी है, "इशिमां की मौत नहीं हो रही है। दोस्तों यह सिर्फ मजाक था। आप ये है मोहब्बतें से प्यार कर सकते हैं, नफरत कर सकते हैं, उसे इग्नोर कर सकते हैं, लेकिन ये है मोहब्बतें इशिता के बिना बेजान है। एकता कपूर के इस पोस्ट से दर्शकों ने राहत की सांस ली है।
| एकता ने इंस्टाग्राम पर इशिता के साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए सफाई दी है, "इशिमां की मौत नहीं हो रही है। दोस्तों यह सिर्फ मजाक था। आप ये है मोहब्बतें से प्यार कर सकते हैं, नफरत कर सकते हैं, उसे इग्नोर कर सकते हैं, लेकिन ये है मोहब्बतें इशिता के बिना बेजान है। एकता कपूर के इस पोस्ट से दर्शकों ने राहत की सांस ली है। |
पश्चिम बंगाल चुनावों से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी पर बड़े आरोप लगाए हैं। ममता का दावा है कि आईटी सेल के लोग बंगाल की जनता को तृणमूल कांग्रेस के नाम से फोन कर रहे हैं। फोन कर चुनावी लहर किसी दिशा में है, यह जानने का प्रयास किया जा रहा है। ममता का कहना है क बंगाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।
| पश्चिम बंगाल चुनावों से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी पर बड़े आरोप लगाए हैं। ममता का दावा है कि आईटी सेल के लोग बंगाल की जनता को तृणमूल कांग्रेस के नाम से फोन कर रहे हैं। फोन कर चुनावी लहर किसी दिशा में है, यह जानने का प्रयास किया जा रहा है। ममता का कहना है क बंगाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। |
इंडिया न्यूज, पन्नाः
मध्य प्रदेश के पन्ना जिला स्थित झुमटा गांव में एक बोरवेल से आग निकली रही है जिसके बाद वहां लोगों की भीड़ जुटने लगी है। हालांकि प्रशासनिक टीमें भी मौके पर पहुंच गई है और लोगों को बोरवेल से दूर रहने के लिए सचेत किया है। बोरवेल से आग निकलने का कारण यहां ज्वलनशील गैस का होना बताया गया है।
दरअसल 15 दिन पहले ही पन्ना जिले के गांव झुमटा में स्थित सरकारी स्कूल परिसर में पानी के लिए बोरवेल करवाया जा रहा था। लेकिन यहां पर ज्वलनशील गैस निकलने के कारण आग लग गई थी। आनन-फानन में दमकल विभाग को सूचित किया गया था, जिसके बाद दमकल की कई गाड़ियों ने आग पर काबू पा लिया था। इसके बाद देहरादून से एक टीम निरीक्षण करने आई थी और यहां पानी का परीक्षण कर सुरक्षा के नजरिए से बोर में बड़ी चिमनी लगवाई गई। इस चिमनी के ऊपर अभी भी आग निकलती दिख रही है।
| इंडिया न्यूज, पन्नाः मध्य प्रदेश के पन्ना जिला स्थित झुमटा गांव में एक बोरवेल से आग निकली रही है जिसके बाद वहां लोगों की भीड़ जुटने लगी है। हालांकि प्रशासनिक टीमें भी मौके पर पहुंच गई है और लोगों को बोरवेल से दूर रहने के लिए सचेत किया है। बोरवेल से आग निकलने का कारण यहां ज्वलनशील गैस का होना बताया गया है। दरअसल पंद्रह दिन पहले ही पन्ना जिले के गांव झुमटा में स्थित सरकारी स्कूल परिसर में पानी के लिए बोरवेल करवाया जा रहा था। लेकिन यहां पर ज्वलनशील गैस निकलने के कारण आग लग गई थी। आनन-फानन में दमकल विभाग को सूचित किया गया था, जिसके बाद दमकल की कई गाड़ियों ने आग पर काबू पा लिया था। इसके बाद देहरादून से एक टीम निरीक्षण करने आई थी और यहां पानी का परीक्षण कर सुरक्षा के नजरिए से बोर में बड़ी चिमनी लगवाई गई। इस चिमनी के ऊपर अभी भी आग निकलती दिख रही है। |
स्टाफ रिपोर्टर एएनएम न्यूज़ः पश्चिम बंगाल में हिंसात्मक घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बीते शनिवार राज्य में दुर्गापुर के अन्नपूर्णा इलाके में देवी दुर्गा की मूर्ति के विसर्जन कर लौट रहे लोगों पर कुछ अज्ञात बदमाशों ने देसी बम फेंके और वाहनों में तोड़फोड़ की।
एसीपी (पूर्व) ध्रुज्योति मुखर्जी ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि कुछ लोगों को मामूली चोटें आई हैं। हम हमलावरों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हमला कई लोगों के एक ग्रुप द्वारा किया गया। पहले गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई, फिर लोगों पर देसी बम भी फेंके गए। बताया जा रहा है कि शनिवार को जब श्रद्धालु दुर्गा पूजा के बाद देवी की मूर्ति का विसर्जन करने के लिए गए तो लौटते समय उन पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। हमला करने की मंशा का पता अभी नहीं लग सका है। घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ इकट्ठा हो गई, सूचना मिलने के बाद पुलिक के आला अधिकारी भी वहां पहुंचे।
| स्टाफ रिपोर्टर एएनएम न्यूज़ः पश्चिम बंगाल में हिंसात्मक घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बीते शनिवार राज्य में दुर्गापुर के अन्नपूर्णा इलाके में देवी दुर्गा की मूर्ति के विसर्जन कर लौट रहे लोगों पर कुछ अज्ञात बदमाशों ने देसी बम फेंके और वाहनों में तोड़फोड़ की। एसीपी ध्रुज्योति मुखर्जी ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि कुछ लोगों को मामूली चोटें आई हैं। हम हमलावरों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हमला कई लोगों के एक ग्रुप द्वारा किया गया। पहले गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई, फिर लोगों पर देसी बम भी फेंके गए। बताया जा रहा है कि शनिवार को जब श्रद्धालु दुर्गा पूजा के बाद देवी की मूर्ति का विसर्जन करने के लिए गए तो लौटते समय उन पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। हमला करने की मंशा का पता अभी नहीं लग सका है। घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ इकट्ठा हो गई, सूचना मिलने के बाद पुलिक के आला अधिकारी भी वहां पहुंचे। |
Firozabad News: फिरोजाबाद (Firozabad) में जिला बदर अपराधी ने एक महिला के घर में घुसकर उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। हालांकि शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
फ़िरोज़ाबादः जिले के टूंडला थाना में घर के अंदर घुसकर जिला बदर अपराधी ने महिला के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। पीड़ित महिला द्वारा शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गया। इस घटना के बाद से ही महिला काफी डरी और सहमी हुई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने पीड़िता के बयान दर्ज किए हैं और आरोपी की तलाश में जुट गई है।
पूरा मामला फ़िरोज़ाबाद जिले के थाना टूंडला क्षेत्र के एटा रोड का है। यहां पर रहने वाली एक 22 वर्षीय विवाहिता पति और सास के साथ मकान में रहती है। शनिवार शाम महिला घर पर थी और पति मजदूरी करने गया था। पति पुताई का काम करता है। सास उसके छह माह के बच्चे को लेकर पड़ोसी के यहां बैठी थी। पीड़िता के मुताबिक उसी समय पड़ोस में रहने वाला आरोपी बंटी पुत्र जमील खां उसके घर में घुस आया और उसने अकेला पाकर उसे दबोच लिया।
आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया, महिला के शोर मचाने पर आरोपी मौका पाकर भाग निकला। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला के बयान दर्ज किए। वहीं आस-पास के लोगों से भी पूछताछ की। अपने बचाव करने के चलते महिला के खरोंच भी आई है।
गौरतलब है कि इस घटना के बाद से ही 22 वर्षीय विवाहिता पति और सास के साथ मकान में रहने वाली महिला काफी डरी और सहमी हुई है। इस मामले में इंस्पेक्टर राजेश कुमार पांडे का कहना है कि आरोपी की तलाश की जा रही है।
| Firozabad News: फिरोजाबाद में जिला बदर अपराधी ने एक महिला के घर में घुसकर उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। हालांकि शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। फ़िरोज़ाबादः जिले के टूंडला थाना में घर के अंदर घुसकर जिला बदर अपराधी ने महिला के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। पीड़ित महिला द्वारा शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गया। इस घटना के बाद से ही महिला काफी डरी और सहमी हुई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने पीड़िता के बयान दर्ज किए हैं और आरोपी की तलाश में जुट गई है। पूरा मामला फ़िरोज़ाबाद जिले के थाना टूंडला क्षेत्र के एटा रोड का है। यहां पर रहने वाली एक बाईस वर्षीय विवाहिता पति और सास के साथ मकान में रहती है। शनिवार शाम महिला घर पर थी और पति मजदूरी करने गया था। पति पुताई का काम करता है। सास उसके छह माह के बच्चे को लेकर पड़ोसी के यहां बैठी थी। पीड़िता के मुताबिक उसी समय पड़ोस में रहने वाला आरोपी बंटी पुत्र जमील खां उसके घर में घुस आया और उसने अकेला पाकर उसे दबोच लिया। आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया, महिला के शोर मचाने पर आरोपी मौका पाकर भाग निकला। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला के बयान दर्ज किए। वहीं आस-पास के लोगों से भी पूछताछ की। अपने बचाव करने के चलते महिला के खरोंच भी आई है। गौरतलब है कि इस घटना के बाद से ही बाईस वर्षीय विवाहिता पति और सास के साथ मकान में रहने वाली महिला काफी डरी और सहमी हुई है। इस मामले में इंस्पेक्टर राजेश कुमार पांडे का कहना है कि आरोपी की तलाश की जा रही है। |
संसद (Parliament) में कृषि कानूनों (agricultural laws) को निरस्त करने के बावजूद किसानों का आंदोलन जारी है। वही किसान आंदोलन (Farmers Movement) की आगे की रणनीति क्या होगी इसपर आज संयुक्त किसान मोर्चा (United Kisan Morcha) सिंघू बॉर्डर (Singhu Border) पर बैठक करेगा।
संसद (Parliament) में कृषि कानूनों (agricultural laws) को निरस्त करने के बावजूद किसानों का आंदोलन जारी है। वही किसान आंदोलन (Farmers Movement) की आगे की रणनीति क्या होगी इसपर आज संयुक्त किसान मोर्चा (United Kisan Morcha) सिंघू बॉर्डर (Singhu Border) पर बैठक करेगा। मिली जानकारी के मुताबिक यह बैठक सुबह 11 बजे होगी।
वहीं एमएसपी (MSP) कानून पर कमेटी बनाने के लिए पूर्व में सरकार द्वारा किसान संगठनों से अनौपचारिक रूप से पांच नाम मांगे गए थे। संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में इन नामों पर मुहर लग सकती है।
साथ ही इस बैठक में विरोध कर रहे किसानों की लंबित मांगों पर चर्चा की जाएगी, जिसमें फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) पर कानूनी गारंटी, किसानों के खिलाफ दर्ज मुकदमों की वापसी, आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को मुआवजा आदि शामिल हैं। एसकेएम की कोर कमेटी के सदस्य दर्शनपाल (Darshan Pal) ने मीडिया से कहा, 'कल सुबह 11 बजे हमारी अहम बैठक है।
हमारी लंबित मांगों पर चर्चा करने के साथ-साथ एसकेएम आंदोलन के लिए भविष्य की कार्रवाई तय करेगा। चूंकि हमें एमएसपी (MSP) पर पांच किसान नेताओं के नाम जमा करने के लिए औपचारिक संदेश मिलना बाकी है, इसलिए हम बैठक में तय करेंगे कि हम उन्हें (सरकार को) भेजना चाहते हैं या नहीं, "केंद्र ने मंगलवार को एमएसपी पर चर्चा करने के लिए कहा और अन्य मुद्दे।
एसकेएम से पांच नाम मांगे गए थे। हालांकि, एसकेएम ने बाद में एक बयान में कहा कि उसके नेताओं को इस मुद्दे पर केंद्र से फोन आए थे लेकिन कोई औपचारिक संचार प्राप्त नहीं हुआ था। केंद्र ने तीन कृषि कानूनों (three agricultural laws) को वापस ले लिया है।
| संसद में कृषि कानूनों को निरस्त करने के बावजूद किसानों का आंदोलन जारी है। वही किसान आंदोलन की आगे की रणनीति क्या होगी इसपर आज संयुक्त किसान मोर्चा सिंघू बॉर्डर पर बैठक करेगा। संसद में कृषि कानूनों को निरस्त करने के बावजूद किसानों का आंदोलन जारी है। वही किसान आंदोलन की आगे की रणनीति क्या होगी इसपर आज संयुक्त किसान मोर्चा सिंघू बॉर्डर पर बैठक करेगा। मिली जानकारी के मुताबिक यह बैठक सुबह ग्यारह बजे होगी। वहीं एमएसपी कानून पर कमेटी बनाने के लिए पूर्व में सरकार द्वारा किसान संगठनों से अनौपचारिक रूप से पांच नाम मांगे गए थे। संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में इन नामों पर मुहर लग सकती है। साथ ही इस बैठक में विरोध कर रहे किसानों की लंबित मांगों पर चर्चा की जाएगी, जिसमें फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानूनी गारंटी, किसानों के खिलाफ दर्ज मुकदमों की वापसी, आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को मुआवजा आदि शामिल हैं। एसकेएम की कोर कमेटी के सदस्य दर्शनपाल ने मीडिया से कहा, 'कल सुबह ग्यारह बजे हमारी अहम बैठक है। हमारी लंबित मांगों पर चर्चा करने के साथ-साथ एसकेएम आंदोलन के लिए भविष्य की कार्रवाई तय करेगा। चूंकि हमें एमएसपी पर पांच किसान नेताओं के नाम जमा करने के लिए औपचारिक संदेश मिलना बाकी है, इसलिए हम बैठक में तय करेंगे कि हम उन्हें भेजना चाहते हैं या नहीं, "केंद्र ने मंगलवार को एमएसपी पर चर्चा करने के लिए कहा और अन्य मुद्दे। एसकेएम से पांच नाम मांगे गए थे। हालांकि, एसकेएम ने बाद में एक बयान में कहा कि उसके नेताओं को इस मुद्दे पर केंद्र से फोन आए थे लेकिन कोई औपचारिक संचार प्राप्त नहीं हुआ था। केंद्र ने तीन कृषि कानूनों को वापस ले लिया है। |
निकिता तोमर हत्याकांड को लेकर अब सर्व समाज भी सड़कों पर उतर आया है। शुक्रवार को सर्वसमाज ने लघु सचिवालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन कर हत्यारों को फांसी देने की मांग की। इस दौरान बल्लभगढ़ की पूर्व विधायक कुमारी शारदा राठौर के नेतृत्व में डीसी को सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि निकिता के हत्यारों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए। विभिन्न थानों में दर्ज लव जेहाद के तमाम केसों की जांच सीबीआई या किसी अन्य सक्षम एजेंसी से कराई जाए। ज्ञापन में कहा कि फरीदाबाद में करीब 28 मामले लव जेहाद के दर्ज है।
निकिता मामले की एसआईटी द्वारा की जा रही जांच की निगरानी हाईकोर्ट की निगरानी में हो। उन्होंने मांग रखी कि आरोपी राजनीतिक परिवार से है, इसलिए मृतका के परिजनों को सुरक्षा मुहैया करवाई जाए और इस मामले की सीबीआई जांच भी हो क्योंकि 2018 में भी आरोपी ने मृतका निकिता का अपहरण किया था। इस दौरान हरेंद्रपाल राणा, किशन ठाकुर, वीरेंद्र गौड़, पार्षद दीपक चौधरी, अखिल भारतीय ब्राह्मण सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा बबली मौजूद थे।
निकिता हत्याकांड के दूसरे आरोपी रेहान को दो दिन का पुलिस रिमांड पूरा होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। रेहान गुरुग्राम यूनिवर्सिटी से फिजियोथेरेपिस्ट की पढ़ाई कर रहा है। वह तौसीफ का सहपाठी है। पूछताछ में रेहान ने पुलिस को बताया कि तौसीफ उसे निकिता के अपहरण की बात कहकर लाया था। मामले में एसआईटी उसे बराबर का जिम्मेदार मान रही है। हत्याकांड को अंजाम देकर भागने के दौरान रेहान ही कार चलाकर ले गया था। अदालत में पेश करने से पहले एसआइटी ने रेहान से घटनास्थल की निशानदेही कराई। जिन रास्तों से होकर वे दोनों कार से बल्लभगढ़ पहुंचे थे, उनकी भी निशानदेही कराई गई। आरोपी ने एसआइटी को जानकारी दी है कि वे निकिता की परीक्षा खत्म होने से करीब दो घंटे पहले अग्रवाल कालेज के सामने पहुंच गए थे। जब उन्हें पता चला कि अभी परीक्षा खत्म होने में देर है तो वे इधर-उधर घूमते रहे।
नूंह/मेवात (निस) : देश के राष्ट्रवादी संगठन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के युवा विंग के राष्ट्रीय संयोजक एवं मेवात विकास एजेंसी के पूर्व चेयरमैन खुर्शीद राजाका ने आज मृतक निकिता तोमर के घर जाकर परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने परिवार से कहा कि बेटियां सबकी साझी होती हैं। राजाका ने कहा कि निकिता की हत्या कौमी एकता की हत्या है, जिसकी मुस्लिम राष्ट्रीय मंच घोर निंदा करता है। उन्होंने सरकार द्वारा केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने के फैसले का भी स्वागत किया और जल्द दोषियों को फांसी देने की मांग की। उन्होंने मेवात में पहलू और जुनैद की हत्या पर राजनीति कर इंसाफ मांगने वाले लोगों से भी कहा कि आज निकिता के लिये भी इंसाफ मांगे ताकि कौमी एकता मजबूत रहे। इस मौके पर इस्लामुद्दीन धौज, आदिल खान, संजय खान, इसराइल खान और आरिफ खान आदि मौजूद रहे।
| निकिता तोमर हत्याकांड को लेकर अब सर्व समाज भी सड़कों पर उतर आया है। शुक्रवार को सर्वसमाज ने लघु सचिवालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन कर हत्यारों को फांसी देने की मांग की। इस दौरान बल्लभगढ़ की पूर्व विधायक कुमारी शारदा राठौर के नेतृत्व में डीसी को सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि निकिता के हत्यारों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए। विभिन्न थानों में दर्ज लव जेहाद के तमाम केसों की जांच सीबीआई या किसी अन्य सक्षम एजेंसी से कराई जाए। ज्ञापन में कहा कि फरीदाबाद में करीब अट्ठाईस मामले लव जेहाद के दर्ज है। निकिता मामले की एसआईटी द्वारा की जा रही जांच की निगरानी हाईकोर्ट की निगरानी में हो। उन्होंने मांग रखी कि आरोपी राजनीतिक परिवार से है, इसलिए मृतका के परिजनों को सुरक्षा मुहैया करवाई जाए और इस मामले की सीबीआई जांच भी हो क्योंकि दो हज़ार अट्ठारह में भी आरोपी ने मृतका निकिता का अपहरण किया था। इस दौरान हरेंद्रपाल राणा, किशन ठाकुर, वीरेंद्र गौड़, पार्षद दीपक चौधरी, अखिल भारतीय ब्राह्मण सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा बबली मौजूद थे। निकिता हत्याकांड के दूसरे आरोपी रेहान को दो दिन का पुलिस रिमांड पूरा होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। रेहान गुरुग्राम यूनिवर्सिटी से फिजियोथेरेपिस्ट की पढ़ाई कर रहा है। वह तौसीफ का सहपाठी है। पूछताछ में रेहान ने पुलिस को बताया कि तौसीफ उसे निकिता के अपहरण की बात कहकर लाया था। मामले में एसआईटी उसे बराबर का जिम्मेदार मान रही है। हत्याकांड को अंजाम देकर भागने के दौरान रेहान ही कार चलाकर ले गया था। अदालत में पेश करने से पहले एसआइटी ने रेहान से घटनास्थल की निशानदेही कराई। जिन रास्तों से होकर वे दोनों कार से बल्लभगढ़ पहुंचे थे, उनकी भी निशानदेही कराई गई। आरोपी ने एसआइटी को जानकारी दी है कि वे निकिता की परीक्षा खत्म होने से करीब दो घंटे पहले अग्रवाल कालेज के सामने पहुंच गए थे। जब उन्हें पता चला कि अभी परीक्षा खत्म होने में देर है तो वे इधर-उधर घूमते रहे। नूंह/मेवात : देश के राष्ट्रवादी संगठन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के युवा विंग के राष्ट्रीय संयोजक एवं मेवात विकास एजेंसी के पूर्व चेयरमैन खुर्शीद राजाका ने आज मृतक निकिता तोमर के घर जाकर परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने परिवार से कहा कि बेटियां सबकी साझी होती हैं। राजाका ने कहा कि निकिता की हत्या कौमी एकता की हत्या है, जिसकी मुस्लिम राष्ट्रीय मंच घोर निंदा करता है। उन्होंने सरकार द्वारा केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने के फैसले का भी स्वागत किया और जल्द दोषियों को फांसी देने की मांग की। उन्होंने मेवात में पहलू और जुनैद की हत्या पर राजनीति कर इंसाफ मांगने वाले लोगों से भी कहा कि आज निकिता के लिये भी इंसाफ मांगे ताकि कौमी एकता मजबूत रहे। इस मौके पर इस्लामुद्दीन धौज, आदिल खान, संजय खान, इसराइल खान और आरिफ खान आदि मौजूद रहे। |
वर्त्तमान मानव जाति
फिर मिट भी गयी। सब से पुरानी खोपड़ी जो यवद्वीप मे मिली ऐसा समझा जाता है कि पाच लाख बरस पहले की होगी। साथ की जघे की हड्डी बताती है कि इस प्राणी की ऊचाई पाच फुट सात इच रही होगी। माथा छोटा चपटा भवे कुछ टेढी और दिमाग कुछ छोटा था। इस की चाल ढाल आजकल के मनुष्य की-सी थी । इस का और इस के समय के अनेक पिडजा का लोप हो चुका है। दूसरी खोपड़ी हेडलबर्ग में मिली है । यह हाथी, गेडे, शेर आदि की हड्डियों के साथ मिली जो योरोप मे तीन लाख । बरस पहले ही लुप्त हो चुके थे। इस में सब बाते मनुष्य की-सी थीं, पर चिबुक न था । बहुतो की राय है कि इसे मनुष्य की प्रधान शाखामे न गिनना चाहिए ।
तीसरी खोपड़ी सन् १८५६ मे एक छोटी नदी में पायी गयी। इसी मेल की और खोपड़िया कई जगह पायी गयी। यह लगभग ढाई लाख बरस पहले के मनुष्य की खोपड़िया हैं जो योरोप मे रहते थे। यह भी आजकल की मनुष्यों की शाखा से अलग ही था, जिस का लोप हो गया है ।
इगलिस्तान मे पिल्टडाउन में सन् १९१२ मे एक खोपड़ी मिली। यह आज के मनुष्या की खोपड़ी से लैमिलती-जुलती है। इसे डेढ लाख से लेकर पाच लाख बरस तक की आते हैं। इस जाति के मनुष्य भी अब नहीं है। यह निश्चय नहीं कहा जा सकता कि लाखों बरस पहले वतमान मनुष्यों के पूर्व पुरुष अपने सम-सामयिक मनुष्य जाति के मुकाबिले मे कैसे थे, या उस समय में यह लोग थे भी या नही । मानवी शाखा बराबर नयी नयी शाखाए प्राचीनतम युगों से फेकती आयी है। उन मे से अनेक शाखाए बढ बढ़कर लुस होती गयी है। मनुष्य बने परतु सदा के लिये नही बने । अपना विकास पूरा करके खतम हो गये। कौन कह सकता है कि वर्तमान मनु / सदा के लिए इस धरती पर आया है। बहुत सभव है कि किसी भविष्य युग मे इस की खोपड़ियों से भी आजकल के खोये हुए इतिहास का पता लगाया जाय ।
४ वर्त्तमान मानव जातिं
भूगर्भ विज्ञानी वर्त्तमान मनुष्यों के विकास को भी छोटे-छोटे युगों में बाटकर वर्णन करते है। उन की कल्पना है कि वर्त्तमान मनुष्य भी बहुत धीरे-धीरे सभ्यता की सीढियो पर चढता हुआ आया है। पेड़ों पर रहना छोड़कर जब वह धरती पर रहने लगा तो उस ने पहाड़ो की खोहो के भीतर अपना घर बनाया। उन की खोपडी बड़ी थी। माथा ऊचा था । और चिबुक ठीक बना हुआ था। शेष अप्रत्यग आजकल के से थे । उन्हो ने खोहा के भीतर भीतो पर चित्र भी बनाये हैं। कहीं-कहीं उन की बनायी मूर्तिया भी मिली हैं। उन की समाधिया की तैयारी से जान पड़ता है कि उन का विश्वास परलोक मे भी था। वह पत्थर के हथियार बनाते थे। उन हथियारों में उन की कारीगरी दिखाई पड़ती है। वह लोग तीसरे और चौथे प्रलय के वातर काल में हुए । वह लोग अपने सम सामयिक मनुष्या के बड़े अच्छे प्रतिस्पर्धी थे। परतु वह भी जगत के सभी भागों में रह नहीं गये । योरोप में | वर्त्तमान मानव जाति फिर मिट भी गयी। सब से पुरानी खोपड़ी जो यवद्वीप मे मिली ऐसा समझा जाता है कि पाच लाख बरस पहले की होगी। साथ की जघे की हड्डी बताती है कि इस प्राणी की ऊचाई पाच फुट सात इच रही होगी। माथा छोटा चपटा भवे कुछ टेढी और दिमाग कुछ छोटा था। इस की चाल ढाल आजकल के मनुष्य की-सी थी । इस का और इस के समय के अनेक पिडजा का लोप हो चुका है। दूसरी खोपड़ी हेडलबर्ग में मिली है । यह हाथी, गेडे, शेर आदि की हड्डियों के साथ मिली जो योरोप मे तीन लाख । बरस पहले ही लुप्त हो चुके थे। इस में सब बाते मनुष्य की-सी थीं, पर चिबुक न था । बहुतो की राय है कि इसे मनुष्य की प्रधान शाखामे न गिनना चाहिए । तीसरी खोपड़ी सन् एक हज़ार आठ सौ छप्पन मे एक छोटी नदी में पायी गयी। इसी मेल की और खोपड़िया कई जगह पायी गयी। यह लगभग ढाई लाख बरस पहले के मनुष्य की खोपड़िया हैं जो योरोप मे रहते थे। यह भी आजकल की मनुष्यों की शाखा से अलग ही था, जिस का लोप हो गया है । इगलिस्तान मे पिल्टडाउन में सन् एक हज़ार नौ सौ बारह मे एक खोपड़ी मिली। यह आज के मनुष्या की खोपड़ी से लैमिलती-जुलती है। इसे डेढ लाख से लेकर पाच लाख बरस तक की आते हैं। इस जाति के मनुष्य भी अब नहीं है। यह निश्चय नहीं कहा जा सकता कि लाखों बरस पहले वतमान मनुष्यों के पूर्व पुरुष अपने सम-सामयिक मनुष्य जाति के मुकाबिले मे कैसे थे, या उस समय में यह लोग थे भी या नही । मानवी शाखा बराबर नयी नयी शाखाए प्राचीनतम युगों से फेकती आयी है। उन मे से अनेक शाखाए बढ बढ़कर लुस होती गयी है। मनुष्य बने परतु सदा के लिये नही बने । अपना विकास पूरा करके खतम हो गये। कौन कह सकता है कि वर्तमान मनु / सदा के लिए इस धरती पर आया है। बहुत सभव है कि किसी भविष्य युग मे इस की खोपड़ियों से भी आजकल के खोये हुए इतिहास का पता लगाया जाय । चार वर्त्तमान मानव जातिं भूगर्भ विज्ञानी वर्त्तमान मनुष्यों के विकास को भी छोटे-छोटे युगों में बाटकर वर्णन करते है। उन की कल्पना है कि वर्त्तमान मनुष्य भी बहुत धीरे-धीरे सभ्यता की सीढियो पर चढता हुआ आया है। पेड़ों पर रहना छोड़कर जब वह धरती पर रहने लगा तो उस ने पहाड़ो की खोहो के भीतर अपना घर बनाया। उन की खोपडी बड़ी थी। माथा ऊचा था । और चिबुक ठीक बना हुआ था। शेष अप्रत्यग आजकल के से थे । उन्हो ने खोहा के भीतर भीतो पर चित्र भी बनाये हैं। कहीं-कहीं उन की बनायी मूर्तिया भी मिली हैं। उन की समाधिया की तैयारी से जान पड़ता है कि उन का विश्वास परलोक मे भी था। वह पत्थर के हथियार बनाते थे। उन हथियारों में उन की कारीगरी दिखाई पड़ती है। वह लोग तीसरे और चौथे प्रलय के वातर काल में हुए । वह लोग अपने सम सामयिक मनुष्या के बड़े अच्छे प्रतिस्पर्धी थे। परतु वह भी जगत के सभी भागों में रह नहीं गये । योरोप में |
जालौन के उरई में बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोमवार को हाजी शरीफ मैदान में मंडल स्तरीय जनसभा को संबोधित करते हुए सपा, कांग्रेस के साथ बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। मायावती ने कहा कि बीजेपी सरकार की गलत नीतियों की वजह से गरीबी और बेरोजगारी बढ़ी है।
लखनऊः यूपी विधानसभा चुनाव (UP Vidhansabha Election) का दूसरा चरण 14 फरवरी को संपन्न हो चुका है। राजनीतिक दल 20 फरवरी को होने जा रही तीसरे चरण के मतदान को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। वहीं अपने प्रत्याशियों को सीधा फायदा पहुंचाने के लिए पार्टी के दिग्गज नेता यूपी में अलग-अलग जगहों पर जाकर ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे हैं। यूपी में दो चरणों का चुनाव संपन्न हो चुका है, लेकिन सत्ता के महासंग्राम में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। दरअसल जालौन के उरई में बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोमवार को हाजी शरीफ मैदान में मंडल स्तरीय जनसभा को संबोधित करते हुए सपा (Samajwadi Party), कांग्रेस (Congress) के साथ बीजेपी (BJP) पर जमकर निशाना साधा।
बुंदेलखंड के जालौन में रैली को संबोधित करने पहुंचीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने सपा के साथ-साथ बीजेपी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस सरकार में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं और बेरोजगारी भी चरम पर है। बीजेपी सरकार की गलत नीतियों की वजह से गरीबी और बेरोजगारी बढ़ी है। इस सरकार में दलितों पर हुए अत्याचारों को दबा दिया जाता है। साथ ही बीजेपी सरकार में लोगों को रोजगार न मिला तो यहां से पलायन कर गए लेकिन बसपा सरकार में लोग यहीं बसते थे। बसपा सरकार ने दलित एवं अन्य वर्गों में जन्में संत-महापुरुषों को पूरा सम्मान दिया और इनके सम्मान में आगे भी कोई कमी नहीं की जाएंगी।
पूरे प्रदेश में बेरोजगारी और महंगाई ने कमर तोड़कर रख दी है, लेकिन बसपा की सरकार बनते ही यहां की समस्याओं को दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने लोगों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि पूर्व की तरह ही हमारी सरकार में जो भी यहां के बेरोजगार युवक है उनकी रोटी-रोजी की व्यवस्था की जाएगी।
बीजेपी सरकार पर हमलावर होते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में लोगों का जाति व धर्म के नाम पर शोषण हो रहा है। बसपा सरकार में किसी भी कीमत पर इस तरह का शोषण नहीं होने दिया जाएगा। सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय के लिए बसपा को सत्ता में लाना बहुत जरूरी है।
बीएसपी सुप्रीमो ने कहा कि बीजेपी सरकार में लोगों का जाति और धर्म के नाम पर शोषण हो रहा है। बसपा सरकार में किसी भी कीमत पर इस तरह का शोषण नहीं होने दिया जाएगा। सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय के लिए बसपा को सत्ता में लाना बहुत जरूरी है। सरकारें झूठे घोषणा पत्र से सत्ता में आती हैं। पार्टियों ने हवा हवाई और प्रलोभन भरे घोषणा पत्र जारी किए हैं। सत्ता में आने के बाद इस पर अमल नहीं किया जायेगा इनके बहकावे में न आये। वहीं उन्होंने अपनी पार्टी का जिक्र करते हुए कहा कि बीएसपी सरकार अपना घोषणा पत्र नहीं जारी करती हैं क्योंकि हम कार्य करके दिखाने में ज्यादा यकीन करते हैं।
UP Election Info: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में 403 विधानसभा सीट के लिए पहले चरण का मतदान 10 फरवरी, दूसरा चरण 14 फरवरी, तीसरा चरण 20 फरवरी, चौथा चरण 23 फरवरी, पांचवां चरण 27 फरवरी, छठा चरण 3 मार्च और अंतिम चरण का मतदान 7 मार्च को है। कुल 7 चरणों में होगा यूपी में चुनाव। मतगणना 10 मार्च को होगी।
| जालौन के उरई में बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोमवार को हाजी शरीफ मैदान में मंडल स्तरीय जनसभा को संबोधित करते हुए सपा, कांग्रेस के साथ बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। मायावती ने कहा कि बीजेपी सरकार की गलत नीतियों की वजह से गरीबी और बेरोजगारी बढ़ी है। लखनऊः यूपी विधानसभा चुनाव का दूसरा चरण चौदह फरवरी को संपन्न हो चुका है। राजनीतिक दल बीस फरवरी को होने जा रही तीसरे चरण के मतदान को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। वहीं अपने प्रत्याशियों को सीधा फायदा पहुंचाने के लिए पार्टी के दिग्गज नेता यूपी में अलग-अलग जगहों पर जाकर ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे हैं। यूपी में दो चरणों का चुनाव संपन्न हो चुका है, लेकिन सत्ता के महासंग्राम में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। दरअसल जालौन के उरई में बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोमवार को हाजी शरीफ मैदान में मंडल स्तरीय जनसभा को संबोधित करते हुए सपा , कांग्रेस के साथ बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। बुंदेलखंड के जालौन में रैली को संबोधित करने पहुंचीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने सपा के साथ-साथ बीजेपी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस सरकार में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं और बेरोजगारी भी चरम पर है। बीजेपी सरकार की गलत नीतियों की वजह से गरीबी और बेरोजगारी बढ़ी है। इस सरकार में दलितों पर हुए अत्याचारों को दबा दिया जाता है। साथ ही बीजेपी सरकार में लोगों को रोजगार न मिला तो यहां से पलायन कर गए लेकिन बसपा सरकार में लोग यहीं बसते थे। बसपा सरकार ने दलित एवं अन्य वर्गों में जन्में संत-महापुरुषों को पूरा सम्मान दिया और इनके सम्मान में आगे भी कोई कमी नहीं की जाएंगी। पूरे प्रदेश में बेरोजगारी और महंगाई ने कमर तोड़कर रख दी है, लेकिन बसपा की सरकार बनते ही यहां की समस्याओं को दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने लोगों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि पूर्व की तरह ही हमारी सरकार में जो भी यहां के बेरोजगार युवक है उनकी रोटी-रोजी की व्यवस्था की जाएगी। बीजेपी सरकार पर हमलावर होते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में लोगों का जाति व धर्म के नाम पर शोषण हो रहा है। बसपा सरकार में किसी भी कीमत पर इस तरह का शोषण नहीं होने दिया जाएगा। सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय के लिए बसपा को सत्ता में लाना बहुत जरूरी है। बीएसपी सुप्रीमो ने कहा कि बीजेपी सरकार में लोगों का जाति और धर्म के नाम पर शोषण हो रहा है। बसपा सरकार में किसी भी कीमत पर इस तरह का शोषण नहीं होने दिया जाएगा। सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय के लिए बसपा को सत्ता में लाना बहुत जरूरी है। सरकारें झूठे घोषणा पत्र से सत्ता में आती हैं। पार्टियों ने हवा हवाई और प्रलोभन भरे घोषणा पत्र जारी किए हैं। सत्ता में आने के बाद इस पर अमल नहीं किया जायेगा इनके बहकावे में न आये। वहीं उन्होंने अपनी पार्टी का जिक्र करते हुए कहा कि बीएसपी सरकार अपना घोषणा पत्र नहीं जारी करती हैं क्योंकि हम कार्य करके दिखाने में ज्यादा यकीन करते हैं। UP Election Info: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव दो हज़ार बाईस में चार सौ तीन विधानसभा सीट के लिए पहले चरण का मतदान दस फरवरी, दूसरा चरण चौदह फरवरी, तीसरा चरण बीस फरवरी, चौथा चरण तेईस फरवरी, पांचवां चरण सत्ताईस फरवरी, छठा चरण तीन मार्च और अंतिम चरण का मतदान सात मार्च को है। कुल सात चरणों में होगा यूपी में चुनाव। मतगणना दस मार्च को होगी। |
उत्तर प्रदेश की बागपत पुलिस ने कथित रूप से संपत्ति के लालच में अपने पति की हत्या के मामले में दिल्ली की रहने वाली एक महिला को गिरफ्तार किया है। महिला को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था। महिला के पति ने चार शादियां कर रखी थीं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, वह नहीं चाहती थी कि वह अपनी तीन अन्य पत्नियों के साथ संपत्ति का बंटवारा करे। आरोपी महिला मृतक की पहली पत्नी है।
बागपत के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अजय कुमार सिंह ने कहा कि आरोपी रजनी ने हत्या को अंजाम देने के लिए एक कॉन्ट्रैक्ट किलर सुधीर सिंह को छह लाख रुपये दिए थे। सुधीर ने इस काम के लिए तीन स्थानीय युवकों को काम पर रखा था। पुलिस ने कॉन्ट्रैक्ट किलर सुधीर और पीड़ित को गोली मारने वाले तीन शूटरों में से एक को रोहित सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य आरोपी सचिन सिंह और रवि सिंह अभी फरार हैं।
पीड़ित विकास सिंह, जो दिल्ली में एक प्लेसमेंट एजेंसी का मालिक था, कुछ दिनों पहले बागपत में अपने गांव आया था। 19 जून को गांव में उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
मेरठ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) प्रवीण कुमार ने कहा कि यह एक ब्लाइंड मर्डर केस था, जिसे बागपत पुलिस ने सावधानीपूर्वक सॉल्व कर लिया था। इस मामले में कई मोड़ थे, लेकिन यह बहुत कम समय में ही सॉल्व हो गया।
पुलिस के अनुसार, रजनी ने 2009 में विकास से शादी की और दंपति के दो बच्चे थे। लेकिन, 2017 और 2020 के बीच विकास ने तीन अन्य महिलाओं से भी शादी कर ली थी।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि इसके चलते रजनी अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित थी। उसे डर था कि विकास उसे तलाक दे देगा और अपनी संपत्ति अपनी तीनों अन्य पत्नियों में बांट देगा।
| उत्तर प्रदेश की बागपत पुलिस ने कथित रूप से संपत्ति के लालच में अपने पति की हत्या के मामले में दिल्ली की रहने वाली एक महिला को गिरफ्तार किया है। महिला को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था। महिला के पति ने चार शादियां कर रखी थीं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, वह नहीं चाहती थी कि वह अपनी तीन अन्य पत्नियों के साथ संपत्ति का बंटवारा करे। आरोपी महिला मृतक की पहली पत्नी है। बागपत के पुलिस अधीक्षक अजय कुमार सिंह ने कहा कि आरोपी रजनी ने हत्या को अंजाम देने के लिए एक कॉन्ट्रैक्ट किलर सुधीर सिंह को छह लाख रुपये दिए थे। सुधीर ने इस काम के लिए तीन स्थानीय युवकों को काम पर रखा था। पुलिस ने कॉन्ट्रैक्ट किलर सुधीर और पीड़ित को गोली मारने वाले तीन शूटरों में से एक को रोहित सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य आरोपी सचिन सिंह और रवि सिंह अभी फरार हैं। पीड़ित विकास सिंह, जो दिल्ली में एक प्लेसमेंट एजेंसी का मालिक था, कुछ दिनों पहले बागपत में अपने गांव आया था। उन्नीस जून को गांव में उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मेरठ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक प्रवीण कुमार ने कहा कि यह एक ब्लाइंड मर्डर केस था, जिसे बागपत पुलिस ने सावधानीपूर्वक सॉल्व कर लिया था। इस मामले में कई मोड़ थे, लेकिन यह बहुत कम समय में ही सॉल्व हो गया। पुलिस के अनुसार, रजनी ने दो हज़ार नौ में विकास से शादी की और दंपति के दो बच्चे थे। लेकिन, दो हज़ार सत्रह और दो हज़ार बीस के बीच विकास ने तीन अन्य महिलाओं से भी शादी कर ली थी। पुलिस अधिकारी ने कहा कि इसके चलते रजनी अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित थी। उसे डर था कि विकास उसे तलाक दे देगा और अपनी संपत्ति अपनी तीनों अन्य पत्नियों में बांट देगा। |
आरपीएन सिंह ने मंगलवार को बीजेपी मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, अनुराग ठाकुर और यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा, स्वतंत्र देव सिंह की मौजूदगी में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की।
बीजेपी में शामिल हुए आरपीएन सिंह ने कहा कि देर आए दुरुस्त आए। सिंह ने कहा कि कांग्रेस अब पहली वाली पार्टी नहीं रही। आरपीएन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के कीर्तिपुंज बताया। उन्होंने कहा कि कुछ ही सालों में हमारे प्रधानमंत्री ने प्राचीन संस्कृति को 21 वीं सदी से जोड़कर हिंदुस्तान के निर्माण मे्ं जो काम किया पूरा देश उसे सराह रहा है।
| आरपीएन सिंह ने मंगलवार को बीजेपी मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, अनुराग ठाकुर और यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा, स्वतंत्र देव सिंह की मौजूदगी में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की। बीजेपी में शामिल हुए आरपीएन सिंह ने कहा कि देर आए दुरुस्त आए। सिंह ने कहा कि कांग्रेस अब पहली वाली पार्टी नहीं रही। आरपीएन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के कीर्तिपुंज बताया। उन्होंने कहा कि कुछ ही सालों में हमारे प्रधानमंत्री ने प्राचीन संस्कृति को इक्कीस वीं सदी से जोड़कर हिंदुस्तान के निर्माण मे्ं जो काम किया पूरा देश उसे सराह रहा है। |
बेटे के कातिलों की गिरफ्तारी न होने पर पंजाब विधानसभा में कांग्रेस विधायकों के साथ धरने पर बैठे सिंगर सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने पंजाब विधानसभा के बाहर धरना खत्म कर दिया है।
पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता को ई-मेल से धमकी देने वाले को मानसा पुलिस ने राजस्थान के जोधपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी नाबालिग है और दसवीं कक्षा में पढ़ता है। एसएसपी डॉ. नानक सिंह ने मानसा में पत्रकारवार्ता में बताया कि आरोपी मजदूर परिवार से संबंध रखता है। पुलिस ने उससे एक मोबाइल भी बरामद किया है।
सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह को ईमेल से जान से मारने की धमकी दी गई थी। धमकी के बाद सिद्धू मूसेवाला के परिवार की सुरक्षा और सख्त कर दी गई है। मूसेवाला के पिता के अलावा ईमेल में सलमान खान का भी नाम लिया गया था। साथ ही सिद्धू के पिता को सलाह दी गई है कि बार-बार लॉरेंस बिश्नोई का नाम लेना बंद करे। धमकी में उन्हें 25 अप्रैल तक मार देने की बात कही गई थी।
बेटे के कातिलों की गिरफ्तारी न होने पर पंजाब विधानसभा में कांग्रेस विधायकों के साथ धरने पर बैठे सिंगर सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने पंजाब विधानसभा के बाहर धरना खत्म कर दिया है। उनके साथ पत्नी चरण कौर भी थी। मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने बलकौर सिंह को आश्वासन दिया है कि 20 तारीख के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान उन्हें जरूर मिलेंगे और इसका न्योता भी वह खुद ही देंगे। जिसके बाद बलकौर सिंह ने धरना खत्म कर दिया। सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने मंत्री धालीवाल से कहा कि जेल मंत्रालय मुख्यमंत्री के पास है, फिर भी जेल में सिद्धू मूसेवाला के कातिलों को मारा गया। जिनके नाम वह ले रहे हैं, उन पर आम आदमी पार्टी की सरकार कार्रवाई नहीं कर रही।
| बेटे के कातिलों की गिरफ्तारी न होने पर पंजाब विधानसभा में कांग्रेस विधायकों के साथ धरने पर बैठे सिंगर सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने पंजाब विधानसभा के बाहर धरना खत्म कर दिया है। पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता को ई-मेल से धमकी देने वाले को मानसा पुलिस ने राजस्थान के जोधपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी नाबालिग है और दसवीं कक्षा में पढ़ता है। एसएसपी डॉ. नानक सिंह ने मानसा में पत्रकारवार्ता में बताया कि आरोपी मजदूर परिवार से संबंध रखता है। पुलिस ने उससे एक मोबाइल भी बरामद किया है। सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह को ईमेल से जान से मारने की धमकी दी गई थी। धमकी के बाद सिद्धू मूसेवाला के परिवार की सुरक्षा और सख्त कर दी गई है। मूसेवाला के पिता के अलावा ईमेल में सलमान खान का भी नाम लिया गया था। साथ ही सिद्धू के पिता को सलाह दी गई है कि बार-बार लॉरेंस बिश्नोई का नाम लेना बंद करे। धमकी में उन्हें पच्चीस अप्रैल तक मार देने की बात कही गई थी। बेटे के कातिलों की गिरफ्तारी न होने पर पंजाब विधानसभा में कांग्रेस विधायकों के साथ धरने पर बैठे सिंगर सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने पंजाब विधानसभा के बाहर धरना खत्म कर दिया है। उनके साथ पत्नी चरण कौर भी थी। मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने बलकौर सिंह को आश्वासन दिया है कि बीस तारीख के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान उन्हें जरूर मिलेंगे और इसका न्योता भी वह खुद ही देंगे। जिसके बाद बलकौर सिंह ने धरना खत्म कर दिया। सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने मंत्री धालीवाल से कहा कि जेल मंत्रालय मुख्यमंत्री के पास है, फिर भी जेल में सिद्धू मूसेवाला के कातिलों को मारा गया। जिनके नाम वह ले रहे हैं, उन पर आम आदमी पार्टी की सरकार कार्रवाई नहीं कर रही। |
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में रविवार को 2 मैच खेल गए। बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने राजस्थान रॉयल्स को 7 रन से हराया। वहीं कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान पर चेन्नई सुपर किंग्स ने कोलकाता नाइट राडर्स को 49 रन से मात दी।
मैच में RCB के विराट कोहली और RR के जोस बटलर पहले-पहले ओवरों में जीरो पर आउट हो गए। चेन्नई के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और उनकी टीम को सपोर्ट करने यलो जर्सी में कई सारे फैंस कोलकाता पहुंच गए और CSK ने टूर्नामेंट के इस सीजन का सबसे बड़ा स्कोर बनाया। मैच के ऐसे ही टॉप मोमेंट्स इस खबर में हम जानेंगे।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम IPL में 2011 से टूर्नामेंट के एक मैच में ग्रीन जर्सी पहन कर मैच खेलती है। इस बार उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ ग्रीन जर्सी पहनी। ग्रीन जर्सी से टीम 'गो ग्रीन' इनिशिएटिव को आगे बढ़ाना चाहती है, जिससे कि लोगों में पौधे लगाने और पर्यावरण को बचाने की जागरूकता फैले।
ग्रीन जर्सी में विराट कोहली ने एक बार फिर RCB की कप्तानी की। विराट ने 2021 में IPL कप्तानी छोड़ दी थी। लेकिन फाफ डु प्लेसिस के इंजर्ड हो जाने के कारण कोहली ने पिछले मैच में कप्तानी की थी। डु प्लेसिस की इंजरी के ही कारण उन्हें राजस्थान के खिलाफ भी कप्तानी करनी पड़ी। वह लगातार दूसरे मैच में टॉस हार गए, लेकिन दोनों ही मैचों में उन्होंने अपनी टीम को जीत दिलाई।
टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी RCB के कप्तान विराट कोहली पहले ओवर की पहली गेंद पर आउट हो गए। राजस्थान रॉयल्स के ट्रेंट बोल्ट ने गुड लेंथ पर इन स्विंग फेंकी, बॉल सीधा कोहली के पैड पर लगी और वह LBW हो गए। कोहली इस सीजन में पहली बार जीरो पर आउट हुए हैं। हालांकि उनकी टीम ने 20 ओवर में 9 विकेट पर 189 रन बना दिए।
दूसरी पारी में RR के विस्फोटक बैटर जोस बटलर भी जीरो पर आउट हो गए। बटलर अपने IPL करियर में दूसरी बार ही जीरो पर आउट हुए। उन्हें मोहम्मद सिराज ने पहले ओवर की चौथी गेंद पर बोल्ड कर दिया। इससे पहले गुजरात टाइटंस के खिलाफ बटलर को मोहम्मद शमी ने IPL करियर में पहली बार जीरो पर बोल्ड किया था।
दूसरी पारी के 18वें ओवर में राजस्थान को 14 गेंद पर 35 रन की जरूरत थी। शिमरोन हेटमायर और ध्रुव जुरेल क्रीज पर थे। हेटमायर ने ओवर की पांचवीं बॉल पर सिंगल लेने के लिए बॉल को कवर्स की दिशा में पुश किया। कवर्स पर खड़े सुयश प्रभुदेसाई ने शानदार फील्डिंग करते हुए बॉल पिक की और थ्रो किया। बॉल सीधा स्टंप्स से जा लगी, जिस कारण विस्फोटक बैटर हेटमायर आउट हुए और RR 7 रन के करीबी अंतर से मैच हार गई।
बॉलीवुड एक्ट्रेस और विराट कोहली की पत्नी अनुष्का शर्मा इन दिनों बेंगलुरु का होम ग्राउंड पर हर मैच देखने स्टेडियम पहुंचती हैं। राजस्थान के खिलाफ भी वह दर्शकों के साथ मैच देखते नजर आईं। विराट भी मैच में कैच लेने के दौरान पत्नी को फ्लाइंग किस देते नजर आए।
कोलकाता के होम ग्राउंड ईडन गार्डन्स मैदान पर चेन्नई सुपर किंग्स टॉस हार गई और उन्हें पहले बैटिंग करनी पड़ी। टीम के बैटर्स ने इस मौके को भुनाया और बोर्ड पर 235 रन लगा दिए। अजिंक्य रहाणे, शिवम दुबे और डेवोन कॉन्वे ने फिफ्टी लगाई और बाकी बैटर्स ने भी तेज पारियां खेलीं।
235 रनों का स्कोर इस सीजन का सबसे बड़ा स्कोर है। टीम ने सनराइजर्स हैदराबाद का रिकॉर्ड तोड़ा। हैदराबाद ने 14 अप्रैल को कोलकाता के खिलाफ ईडन गार्डन्स मैदान पर ही 228 रन बनाए थे।
CSK के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का यह आखिरी IPL हो सकता है। धोनी खुद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में इस सीजन को अपना आखिरी IPL सीजन होने के संकेत दे चुके हैं। इस कारण चेन्नई जिस भी शहर में मैच खेलने पहुंचती है, वहां होम टीम से ज्यादा CSK के सपोर्टर्स पहुंच जाते हैं। रविवार को भी करीब 60 हजार से ज्यादा लोग स्टेडियम में CSK-KKR का मैच देखने पहुंचे।
दर्शकों में ज्यादातर ने CSK की यलो जर्सी पहन रखी थी। पहली पारी के 20वें ओवर में सभी 'धोनी. . . धोनी. . . ' के नारे भी लगा रहे थे। धोनी आखिरी में 2 गेंदें खेलने के लिए बैटिंग पर आए तो स्टेडियम एक बार फिर उनके नारों से गूंज उठा। धोनी ने मैच खत्म होने के बाद दर्शकों को सपोर्ट करने के लिए धन्यवाद भी कहा।
236 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी कोलकाता ने सुनील नरेन और नारायण जगदीसन को ओपनिंग करने भेजा। लेकिन टीम की यह स्ट्रैटजी बुरी तरह फेल हो गई। नरेन पहले ओवर की चौथी और जगदीसन दूसरे ओवर की दूसरी गेंद पर आउट हो गए। इस वक्त टीम का स्कोर महज एक रन था।
टीम ने 8 ही गेंदों के अंदर दोनों ओपनर्स के विकेट गंवा दिए और 236 रन के विशाल टारगेट के सामने कहीं टिक ही नहीं सकी। जेसन रॉय ने 61 रन बनाकर उन्हें थोड़ी उम्मीद दी, लेकिन इस पारी के बावजूद टीम 49 रन से मैच हार गई।
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क्रिकेट में भगवान का दर्जा हासिल करने वाले सचिन तेंदुलकर आज 50 साल को हो गए। महज 16 साल की उम्र में भारत के लिए डेब्यू करने वाले सचिन 2013 तक इंटरनेशनल क्रिकेट खेलते रहे। इसके बाद वे मुंबई इंडियंस के साथ बतौर मेंटर जुड़े हुए हैं। इस IPL सीजन में उनके बेटे अर्जुन तेंदुलकर ने डेब्यू कर लिया है। पूरी खबर देखने के लिए यहां क्लिक करें।
क्रिकेट के महानतम बल्लेबाजों में से एक सचिन तेंदुलकर ने आज जीवन की हाफ सेंचुरी पूरी कर ली है। वे आज 50वां साल को हो गए। सचिन ने पाकिस्तान के खिलाफ 15 नवंबर 1989 को इंटरनेशनल डेब्यू किया था। 16 नवंबर 2013 को वेस्टइंडीज के खिलाफ आखिरी मैच खेला था। उनका करियर 24 साल 1 दिन का रहा। इस दौरान उन्होंने कुल 664 मैच खेले और 34357 रन बनाए। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करे।
न भूतो न भविष्यति। मतलब. . . जो न पहले हुआ था और न आगे होगा।
क्रिकेट इतिहास में किसी एक खिलाड़ी के लिए यह कहना हो तो जो नाम सबसे ज्यादा लोगों के जेहन में आएगा वह है सचिन तेंदुलकर। क्रिकेटर्स बहुत हुए, स्टार क्रिकेटर्स भी बहुत हुए लेकिन सचिन तेंदुलकर जैसा न पहले हुआ था और न बाद में। सचिन के 50वें बर्थडे पर आज इस स्टोरी में हम सचिन से जुड़े ऐसे ही 5 फैक्ट जानेंगे जो यह साबित करते हैं उनके जैसा होना मुश्किल ही नहीं मामुमकिन क्यों है. . . ? पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
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| इंडियन प्रीमियर लीग में रविवार को दो मैच खेल गए। बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने राजस्थान रॉयल्स को सात रन से हराया। वहीं कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान पर चेन्नई सुपर किंग्स ने कोलकाता नाइट राडर्स को उनचास रन से मात दी। मैच में RCB के विराट कोहली और RR के जोस बटलर पहले-पहले ओवरों में जीरो पर आउट हो गए। चेन्नई के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और उनकी टीम को सपोर्ट करने यलो जर्सी में कई सारे फैंस कोलकाता पहुंच गए और CSK ने टूर्नामेंट के इस सीजन का सबसे बड़ा स्कोर बनाया। मैच के ऐसे ही टॉप मोमेंट्स इस खबर में हम जानेंगे। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम IPL में दो हज़ार ग्यारह से टूर्नामेंट के एक मैच में ग्रीन जर्सी पहन कर मैच खेलती है। इस बार उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ ग्रीन जर्सी पहनी। ग्रीन जर्सी से टीम 'गो ग्रीन' इनिशिएटिव को आगे बढ़ाना चाहती है, जिससे कि लोगों में पौधे लगाने और पर्यावरण को बचाने की जागरूकता फैले। ग्रीन जर्सी में विराट कोहली ने एक बार फिर RCB की कप्तानी की। विराट ने दो हज़ार इक्कीस में IPL कप्तानी छोड़ दी थी। लेकिन फाफ डु प्लेसिस के इंजर्ड हो जाने के कारण कोहली ने पिछले मैच में कप्तानी की थी। डु प्लेसिस की इंजरी के ही कारण उन्हें राजस्थान के खिलाफ भी कप्तानी करनी पड़ी। वह लगातार दूसरे मैच में टॉस हार गए, लेकिन दोनों ही मैचों में उन्होंने अपनी टीम को जीत दिलाई। टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी RCB के कप्तान विराट कोहली पहले ओवर की पहली गेंद पर आउट हो गए। राजस्थान रॉयल्स के ट्रेंट बोल्ट ने गुड लेंथ पर इन स्विंग फेंकी, बॉल सीधा कोहली के पैड पर लगी और वह LBW हो गए। कोहली इस सीजन में पहली बार जीरो पर आउट हुए हैं। हालांकि उनकी टीम ने बीस ओवर में नौ विकेट पर एक सौ नवासी रन बना दिए। दूसरी पारी में RR के विस्फोटक बैटर जोस बटलर भी जीरो पर आउट हो गए। बटलर अपने IPL करियर में दूसरी बार ही जीरो पर आउट हुए। उन्हें मोहम्मद सिराज ने पहले ओवर की चौथी गेंद पर बोल्ड कर दिया। इससे पहले गुजरात टाइटंस के खिलाफ बटलर को मोहम्मद शमी ने IPL करियर में पहली बार जीरो पर बोल्ड किया था। दूसरी पारी के अट्ठारहवें ओवर में राजस्थान को चौदह गेंद पर पैंतीस रन की जरूरत थी। शिमरोन हेटमायर और ध्रुव जुरेल क्रीज पर थे। हेटमायर ने ओवर की पांचवीं बॉल पर सिंगल लेने के लिए बॉल को कवर्स की दिशा में पुश किया। कवर्स पर खड़े सुयश प्रभुदेसाई ने शानदार फील्डिंग करते हुए बॉल पिक की और थ्रो किया। बॉल सीधा स्टंप्स से जा लगी, जिस कारण विस्फोटक बैटर हेटमायर आउट हुए और RR सात रन के करीबी अंतर से मैच हार गई। बॉलीवुड एक्ट्रेस और विराट कोहली की पत्नी अनुष्का शर्मा इन दिनों बेंगलुरु का होम ग्राउंड पर हर मैच देखने स्टेडियम पहुंचती हैं। राजस्थान के खिलाफ भी वह दर्शकों के साथ मैच देखते नजर आईं। विराट भी मैच में कैच लेने के दौरान पत्नी को फ्लाइंग किस देते नजर आए। कोलकाता के होम ग्राउंड ईडन गार्डन्स मैदान पर चेन्नई सुपर किंग्स टॉस हार गई और उन्हें पहले बैटिंग करनी पड़ी। टीम के बैटर्स ने इस मौके को भुनाया और बोर्ड पर दो सौ पैंतीस रन लगा दिए। अजिंक्य रहाणे, शिवम दुबे और डेवोन कॉन्वे ने फिफ्टी लगाई और बाकी बैटर्स ने भी तेज पारियां खेलीं। दो सौ पैंतीस रनों का स्कोर इस सीजन का सबसे बड़ा स्कोर है। टीम ने सनराइजर्स हैदराबाद का रिकॉर्ड तोड़ा। हैदराबाद ने चौदह अप्रैल को कोलकाता के खिलाफ ईडन गार्डन्स मैदान पर ही दो सौ अट्ठाईस रन बनाए थे। CSK के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का यह आखिरी IPL हो सकता है। धोनी खुद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में इस सीजन को अपना आखिरी IPL सीजन होने के संकेत दे चुके हैं। इस कारण चेन्नई जिस भी शहर में मैच खेलने पहुंचती है, वहां होम टीम से ज्यादा CSK के सपोर्टर्स पहुंच जाते हैं। रविवार को भी करीब साठ हजार से ज्यादा लोग स्टेडियम में CSK-KKR का मैच देखने पहुंचे। दर्शकों में ज्यादातर ने CSK की यलो जर्सी पहन रखी थी। पहली पारी के बीसवें ओवर में सभी 'धोनी. . . धोनी. . . ' के नारे भी लगा रहे थे। धोनी आखिरी में दो गेंदें खेलने के लिए बैटिंग पर आए तो स्टेडियम एक बार फिर उनके नारों से गूंज उठा। धोनी ने मैच खत्म होने के बाद दर्शकों को सपोर्ट करने के लिए धन्यवाद भी कहा। दो सौ छत्तीस रन के टारगेट का पीछा करने उतरी कोलकाता ने सुनील नरेन और नारायण जगदीसन को ओपनिंग करने भेजा। लेकिन टीम की यह स्ट्रैटजी बुरी तरह फेल हो गई। नरेन पहले ओवर की चौथी और जगदीसन दूसरे ओवर की दूसरी गेंद पर आउट हो गए। इस वक्त टीम का स्कोर महज एक रन था। टीम ने आठ ही गेंदों के अंदर दोनों ओपनर्स के विकेट गंवा दिए और दो सौ छत्तीस रन के विशाल टारगेट के सामने कहीं टिक ही नहीं सकी। जेसन रॉय ने इकसठ रन बनाकर उन्हें थोड़ी उम्मीद दी, लेकिन इस पारी के बावजूद टीम उनचास रन से मैच हार गई। स्पोर्ट्स से जुड़ी अन्य खबरें भी पढ़ें। क्रिकेट में भगवान का दर्जा हासिल करने वाले सचिन तेंदुलकर आज पचास साल को हो गए। महज सोलह साल की उम्र में भारत के लिए डेब्यू करने वाले सचिन दो हज़ार तेरह तक इंटरनेशनल क्रिकेट खेलते रहे। इसके बाद वे मुंबई इंडियंस के साथ बतौर मेंटर जुड़े हुए हैं। इस IPL सीजन में उनके बेटे अर्जुन तेंदुलकर ने डेब्यू कर लिया है। पूरी खबर देखने के लिए यहां क्लिक करें। क्रिकेट के महानतम बल्लेबाजों में से एक सचिन तेंदुलकर ने आज जीवन की हाफ सेंचुरी पूरी कर ली है। वे आज पचासवां साल को हो गए। सचिन ने पाकिस्तान के खिलाफ पंद्रह नवंबर एक हज़ार नौ सौ नवासी को इंटरनेशनल डेब्यू किया था। सोलह नवंबर दो हज़ार तेरह को वेस्टइंडीज के खिलाफ आखिरी मैच खेला था। उनका करियर चौबीस साल एक दिन का रहा। इस दौरान उन्होंने कुल छः सौ चौंसठ मैच खेले और चौंतीस हज़ार तीन सौ सत्तावन रन बनाए। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करे। न भूतो न भविष्यति। मतलब. . . जो न पहले हुआ था और न आगे होगा। क्रिकेट इतिहास में किसी एक खिलाड़ी के लिए यह कहना हो तो जो नाम सबसे ज्यादा लोगों के जेहन में आएगा वह है सचिन तेंदुलकर। क्रिकेटर्स बहुत हुए, स्टार क्रिकेटर्स भी बहुत हुए लेकिन सचिन तेंदुलकर जैसा न पहले हुआ था और न बाद में। सचिन के पचासवें बर्थडे पर आज इस स्टोरी में हम सचिन से जुड़े ऐसे ही पाँच फैक्ट जानेंगे जो यह साबित करते हैं उनके जैसा होना मुश्किल ही नहीं मामुमकिन क्यों है. . . ? पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। This website follows the DNPA Code of Ethics. |
मियामी - ब्रिटेन की जोहाना कोंटा ने अविश्वसनीय प्रदर्शन को जारी रखते हुए पूर्व नंबर एक कैरोलीन वोज्नियाकी को महिला एकल फाइनल में हराकर करियर का सबसे बड़ा मियामी ओपन टेनिस टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम कर लिया है। कोंटा ने महिला एकल फाइनल में डेनमार्क की खिलाड़ी को लगातार सेटों में 6-4, 6-3 से पराजित किया और करियर का सबसे बड़ा खिताब हासिल कर लिया। कोंटा का करियर में यह दूसरा प्रीमियर मैनडेटरी फाइनल था। इससे पहले वह चाइना ओपन में उपविजेता रही थीं।
| मियामी - ब्रिटेन की जोहाना कोंटा ने अविश्वसनीय प्रदर्शन को जारी रखते हुए पूर्व नंबर एक कैरोलीन वोज्नियाकी को महिला एकल फाइनल में हराकर करियर का सबसे बड़ा मियामी ओपन टेनिस टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम कर लिया है। कोंटा ने महिला एकल फाइनल में डेनमार्क की खिलाड़ी को लगातार सेटों में छः-चार, छः-तीन से पराजित किया और करियर का सबसे बड़ा खिताब हासिल कर लिया। कोंटा का करियर में यह दूसरा प्रीमियर मैनडेटरी फाइनल था। इससे पहले वह चाइना ओपन में उपविजेता रही थीं। |
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल पटना आ रहे हैं. वह यहां पटना यूनिवर्सिटी के शताब्दी समारोह में शिरकत करेंगें. इस मौके पर यूनिवर्सिटी के छात्र रह चुके तमाम हस्तियों को आमंत्रित किया गया है लेकिन इसी यूनिवर्सिटी के पूर्ववर्ती छात्र, पूर्व केंद्रीय मंत्री, बॉलीवुड अभिनेता सह स्थानीय भाजपा सांसद शत्रुध्न सिन्हा को आमंत्रित नहीं किया गया है.
यह वेदना स्वयं शत्रु ने प्रकट की है. उनके मुताबिक शिक्षा के ऐसे पावन पवित्र कार्यक्रम में इस तरह की राजनीति दुखद है. उन्होंने कहा कि वे इसी पटना यूनिवर्सिटी के सायंस कॉलेज के छात्र रहे हैं. स्थानीय सांसद हैं फिर भी उन्हें कार्यक्रम से पता नहीं क्यों दूर रखा जा रहा है.
शत्रु के मुताबिक स्वयं कुलपति उनसे मिले थें और इस कार्यक्रम को लेकर मार्गदर्शन मांगा था. मैंने उन्हें कहा था कि मेरे लायक यूनिवर्सिटी से जुड़ा, कोई भी काम हो तो बताएं. इसके बाद भी मुझे निमंत्रण नहीं भेजा गया. कॉलेज, यूनिवर्सिटी जैसे मामलों में इस तरह की राजनीति सही नहीं है. हम जैसे लोगों को साथ लेकर चलने से नाम हीं बढ़ता है.
| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल पटना आ रहे हैं. वह यहां पटना यूनिवर्सिटी के शताब्दी समारोह में शिरकत करेंगें. इस मौके पर यूनिवर्सिटी के छात्र रह चुके तमाम हस्तियों को आमंत्रित किया गया है लेकिन इसी यूनिवर्सिटी के पूर्ववर्ती छात्र, पूर्व केंद्रीय मंत्री, बॉलीवुड अभिनेता सह स्थानीय भाजपा सांसद शत्रुध्न सिन्हा को आमंत्रित नहीं किया गया है. यह वेदना स्वयं शत्रु ने प्रकट की है. उनके मुताबिक शिक्षा के ऐसे पावन पवित्र कार्यक्रम में इस तरह की राजनीति दुखद है. उन्होंने कहा कि वे इसी पटना यूनिवर्सिटी के सायंस कॉलेज के छात्र रहे हैं. स्थानीय सांसद हैं फिर भी उन्हें कार्यक्रम से पता नहीं क्यों दूर रखा जा रहा है. शत्रु के मुताबिक स्वयं कुलपति उनसे मिले थें और इस कार्यक्रम को लेकर मार्गदर्शन मांगा था. मैंने उन्हें कहा था कि मेरे लायक यूनिवर्सिटी से जुड़ा, कोई भी काम हो तो बताएं. इसके बाद भी मुझे निमंत्रण नहीं भेजा गया. कॉलेज, यूनिवर्सिटी जैसे मामलों में इस तरह की राजनीति सही नहीं है. हम जैसे लोगों को साथ लेकर चलने से नाम हीं बढ़ता है. |
एक अनार सौ बीमार वाली कहावत आपने एक बार नहीं कई बार सुनी होगी। आपने ये भी देखा होगा कि किसी के बीमार पड़ने पर उसे अनार खाने की कई सलाहें मिलती है। इसीलिए अनार को सेहत का खजाना कहा गया है। इसके अंदर पाए जाने वाले ढेर सारे पोषक तत्व इसे शरीर के लिए बहुत उपयोगी बनाते हैं। इसके सेवन से ना केवल शरीर स्वस्थ रहता है बल्कि कई बीमारियां भी कोसों दूर हो जाती हैं। खासकर शरीर में खून की कमी होने पर डॉक्टर अनार खाने की सलाह देते हैं। चलिए जानते हैं कि अनार के क्या फायदे हैं औऱ ये शरीर को किस तरह लाभ पहुंचाता है।
यूं तो अनार का पीक सीजन सितंबर के फरवरी के बीच होता है लेकिन जब से कोल्ड स्टोरेज का जमाना आया है तबसे हर दुकान पर पूरे साल भर अनार मिलता है। ताजे अनार में ढेर सारा आयरन होता है। आयरन के साथ साथ इसमें ढेर सारा फाइबर, प्रोटीन, विटामिन सी, विटामिन के, फोलेट और पोटैशियम भी मौजूद होता है। इसका डायटरी फाइबर पेट से जुड़ी बीमारियों में काफी कारगर साबित होता है।
अनार अपने जबरदस्त एंटी ऑक्सिडेंट गुणों के चलते शरीर को बहुत फायदा करता है. इसके अंदर पाया जाने वाला लाल रंग पॉलीफेनोल्स बहुत ज्यादा शक्तिशाली होता है। एक्सपर्ट कहते हैं कि अनार के रस में किसी भी दूसरे फल के रस के मुकाबले सबसे ज्यादा एटीऑक्सीडेंट होते हैं। इतना ही नहीं इसमें पाए जाने वाले एंटी ऑक्सिडेंड रेड वाइन और ग्रीन टी से भी ज्यादा ताकतवर होते हैं। ये एंटी ऑक्सिडेंट शरीर की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स के नुकसान से बचाते हैं और कोशिकाओं की सूजन कम करने में लाभकारी सिद्ध होते हैं।
अनार में ढेर सारा विटामिन सी होता है। इसकी मदद से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और शरीर बाहर संक्रमण और मौसमी बीमारियों से लड़ने में सक्षम होता है। इसलिए जब व्यक्ति बाहरी संक्रमण से बीमार होता है तो डॉक्टर अनार भी अनार खाने की सलाह देते हैं।
अनार के सेवन से कैंसर जैसी बीमारी को दूर रखा जा सकता है. अनार के रस में पाए जाने वाले एंटी ऑक्सिडेंट प्रोटेस्ट कैंसर की कोशिकाओं को पनपने से रोकते हैं।
गठिया यानी ओस्टियोपोरोसिस में भी अनार काफी लाभदायक साबित होता है. अनार के रस में पाया जाने वाला फ्लेवोनोल गठिया की सूजन को कम करने में मददगार साबित हो सकता है। इसके अलावा अनार ऑस्टियोआर्थराइटिस और गठिया के दौरान हड्डियों के क्षति को भी ठीक करता है।
अनार का रस दिल को स्वस्थ रखने में काफी कारगर सिद्ध होता है। अनार का रस दिल की धमनियों में ब्लड का फ्लो सही रखने में कारगर है। ये धमनियों को कठोर और मोटा होने से बचाता है। इसके साथ साथ अनार के सेवन से आर्टरीज यानी धमनियों में प्लैक और कोलेस्ट्रोल के जमने के जोखिम कम होते हैं।
अनार का रस ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में भी योगदान देता है। इसके सेवन से सिस्टोलिक हाई बीपी को कंट्रोल किया जा सकता है।
अनार में पाए जाने वाले विटामिन ई और विटामिन सी के साथ साथ एंटी बैक्टीरियल गुण बाहरी संक्रामक बीमारियों से शरीर की रक्षा करते है। खासर फ्लू और वायरल फीवर में इसके सेवन से आराम मिलता है।
अनार का रस पीने से यौन क्षमता और प्रजनन क्षमता बेहतर होती है। दरअसल अनार के रस में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करते हैं जिससे फर्टिलिटी बढ़ाने में मदद मिलती है। देखा जाए तो ऑक्सीडेटिव तनाव के चलते पुरुषों के शरीर में शुक्राणु कम होने शुरू हो जाते हैं. और महिलाओं की भी प्रजनन क्षमता पर इसका असर पड़ता है। वहीं अनार का जूस पीने से शरीर में टेस्टोस्टेरोन नामक हार्मोन का इजाफा होते है जो यौन क्षमता को संचालित करता है।
अनार के रस में एनाल्जेसिक गुण होते हैं जो सूजन और दर्द को कम करके सहनशक्ति बढ़ाता है। इसके सेवन से दर्द कम होता है और फिर से ताकत मिलती है इसलिए खेल आदि के समय लोग इसका सेवन करते हैं।
दातों का स्वास्थ्य सुधारता है अनार का रस -अनार में पाए जाने वाले एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण दातों की सेहत के लिए अच्छे होते हैं. अनार के ये गुण मुंह में प्लेक के उत्पादन को कम करते हैं और मसूड़ों में इंफेक्शन और सूजन से भी छुटकारा दिलाते हैं।
Disclaimer: यहां पर मौजूद जानकारी के लिए Thejbt. com किसी भी प्रकार की मान्यता और जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को प्रयोग में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
| एक अनार सौ बीमार वाली कहावत आपने एक बार नहीं कई बार सुनी होगी। आपने ये भी देखा होगा कि किसी के बीमार पड़ने पर उसे अनार खाने की कई सलाहें मिलती है। इसीलिए अनार को सेहत का खजाना कहा गया है। इसके अंदर पाए जाने वाले ढेर सारे पोषक तत्व इसे शरीर के लिए बहुत उपयोगी बनाते हैं। इसके सेवन से ना केवल शरीर स्वस्थ रहता है बल्कि कई बीमारियां भी कोसों दूर हो जाती हैं। खासकर शरीर में खून की कमी होने पर डॉक्टर अनार खाने की सलाह देते हैं। चलिए जानते हैं कि अनार के क्या फायदे हैं औऱ ये शरीर को किस तरह लाभ पहुंचाता है। यूं तो अनार का पीक सीजन सितंबर के फरवरी के बीच होता है लेकिन जब से कोल्ड स्टोरेज का जमाना आया है तबसे हर दुकान पर पूरे साल भर अनार मिलता है। ताजे अनार में ढेर सारा आयरन होता है। आयरन के साथ साथ इसमें ढेर सारा फाइबर, प्रोटीन, विटामिन सी, विटामिन के, फोलेट और पोटैशियम भी मौजूद होता है। इसका डायटरी फाइबर पेट से जुड़ी बीमारियों में काफी कारगर साबित होता है। अनार अपने जबरदस्त एंटी ऑक्सिडेंट गुणों के चलते शरीर को बहुत फायदा करता है. इसके अंदर पाया जाने वाला लाल रंग पॉलीफेनोल्स बहुत ज्यादा शक्तिशाली होता है। एक्सपर्ट कहते हैं कि अनार के रस में किसी भी दूसरे फल के रस के मुकाबले सबसे ज्यादा एटीऑक्सीडेंट होते हैं। इतना ही नहीं इसमें पाए जाने वाले एंटी ऑक्सिडेंड रेड वाइन और ग्रीन टी से भी ज्यादा ताकतवर होते हैं। ये एंटी ऑक्सिडेंट शरीर की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स के नुकसान से बचाते हैं और कोशिकाओं की सूजन कम करने में लाभकारी सिद्ध होते हैं। अनार में ढेर सारा विटामिन सी होता है। इसकी मदद से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और शरीर बाहर संक्रमण और मौसमी बीमारियों से लड़ने में सक्षम होता है। इसलिए जब व्यक्ति बाहरी संक्रमण से बीमार होता है तो डॉक्टर अनार भी अनार खाने की सलाह देते हैं। अनार के सेवन से कैंसर जैसी बीमारी को दूर रखा जा सकता है. अनार के रस में पाए जाने वाले एंटी ऑक्सिडेंट प्रोटेस्ट कैंसर की कोशिकाओं को पनपने से रोकते हैं। गठिया यानी ओस्टियोपोरोसिस में भी अनार काफी लाभदायक साबित होता है. अनार के रस में पाया जाने वाला फ्लेवोनोल गठिया की सूजन को कम करने में मददगार साबित हो सकता है। इसके अलावा अनार ऑस्टियोआर्थराइटिस और गठिया के दौरान हड्डियों के क्षति को भी ठीक करता है। अनार का रस दिल को स्वस्थ रखने में काफी कारगर सिद्ध होता है। अनार का रस दिल की धमनियों में ब्लड का फ्लो सही रखने में कारगर है। ये धमनियों को कठोर और मोटा होने से बचाता है। इसके साथ साथ अनार के सेवन से आर्टरीज यानी धमनियों में प्लैक और कोलेस्ट्रोल के जमने के जोखिम कम होते हैं। अनार का रस ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में भी योगदान देता है। इसके सेवन से सिस्टोलिक हाई बीपी को कंट्रोल किया जा सकता है। अनार में पाए जाने वाले विटामिन ई और विटामिन सी के साथ साथ एंटी बैक्टीरियल गुण बाहरी संक्रामक बीमारियों से शरीर की रक्षा करते है। खासर फ्लू और वायरल फीवर में इसके सेवन से आराम मिलता है। अनार का रस पीने से यौन क्षमता और प्रजनन क्षमता बेहतर होती है। दरअसल अनार के रस में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करते हैं जिससे फर्टिलिटी बढ़ाने में मदद मिलती है। देखा जाए तो ऑक्सीडेटिव तनाव के चलते पुरुषों के शरीर में शुक्राणु कम होने शुरू हो जाते हैं. और महिलाओं की भी प्रजनन क्षमता पर इसका असर पड़ता है। वहीं अनार का जूस पीने से शरीर में टेस्टोस्टेरोन नामक हार्मोन का इजाफा होते है जो यौन क्षमता को संचालित करता है। अनार के रस में एनाल्जेसिक गुण होते हैं जो सूजन और दर्द को कम करके सहनशक्ति बढ़ाता है। इसके सेवन से दर्द कम होता है और फिर से ताकत मिलती है इसलिए खेल आदि के समय लोग इसका सेवन करते हैं। दातों का स्वास्थ्य सुधारता है अनार का रस -अनार में पाए जाने वाले एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण दातों की सेहत के लिए अच्छे होते हैं. अनार के ये गुण मुंह में प्लेक के उत्पादन को कम करते हैं और मसूड़ों में इंफेक्शन और सूजन से भी छुटकारा दिलाते हैं। Disclaimer: यहां पर मौजूद जानकारी के लिए Thejbt. com किसी भी प्रकार की मान्यता और जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को प्रयोग में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। |
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल का नाम 'भोजपाल' करने का मुद्दा एक बार फिर गरमाया गया है। बुधवार को जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज ने ये मांग उठाई थी। गुरुवार को उन्होंने ये मांग फिर दोहराई। उन्होंने कहा कि मैं 'भोजपाल' के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बात करूंगा। उन्होंने संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर से कहा कि वे CM शिवराज को समझाएं। यदि होशंगाबाद का नाम बदलकर नर्मदापुरम किया जा सकता हैं तो भोपाल में एक ही अक्षर 'ज' ही तो जोड़ना है। मध्यप्रदेश विधानसभा में इसका प्रस्ताव पास किया जाना चाहिए।
जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज भोपाल में 1361वीं श्रीराम कथा कर रहे हैं। वे तब सुर्खियों में आए, जब भोपाल का नाम 'भोजपाल' किए जाने को लेकर उन्होंने प्रण लिया। उन्होंने कहा कि भोपाल 'भोजपाल' हो जाएगा तो संस्कृत के स्वाभिमान की रक्षा हो जाएगी। संस्कृत का स्वाभिमान हमारे राष्ट्र से जुड़ा हुआ है। मध्यप्रदेश विधानसभा इसका प्रस्ताव पास करें। ताकि, मैं जल्दी भोपाल में आ जाऊं।
जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज ने कथा के दौरान कहा था कि 'जब तक भोपाल का नाम भोजपाल नहीं हो जाता, तब तक अगली कथा करने नहीं आऊंगा। भोजपाल नगरी के राजा भोज पालक थे। जब इलाहाबाद का नाम प्रयागराज हो गया है, फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या कर दिया गया है, तो भोपाल का नाम बदलकर भोजपाल क्यों नहीं किया जा सकता? मैं अपने अनुज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से कहूंगा कि विधानसभा चुनाव के पहले इसका नाम बदल दें।
जगद्गुरु ने कहा कि आजकल योग की बहुत चर्चा चल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र संघ ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित कर दिया। जिस योग सूत्र की रचना महर्षि पतंजलि ने की थी, उसकी व्याख्या महाराज भोज ने की थी। वैसे राजा भोज के नाम पर राजधानी भोपाल का नाम बदलकर भोजपाल हो जाता है तो ये मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि भारत का गौरव बढ़ाने वाला कार्य होगा। उन्होंने संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर से कहा कि मप्र विधानसभा में प्रस्ताव लाकर भोपाल का नाम भोजपाल कर देना चाहिए। यदि मप्र सरकार भोपाल का नाम बदल जाएगा तो मैं फिर से यहां वापस आऊंगा।
जगद्गुरु ने कहा कि भोजशाला की मां वाग्देवी की मूर्ति अंग्रेज उठाकर ले गए थे। मूर्ति 114 साल से लंदन के ब्रिटिश म्यूजियम ग्रेट रसल स्ट्रीट में रखी हुई है। मैं तो यही कहूंगा कि मप्र सरकार और मोदी सरकार मिलकर प्रयास करें, तो मां सरस्वती मूर्ति भी हमें वापस मिल सकती है।
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| मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल का नाम 'भोजपाल' करने का मुद्दा एक बार फिर गरमाया गया है। बुधवार को जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज ने ये मांग उठाई थी। गुरुवार को उन्होंने ये मांग फिर दोहराई। उन्होंने कहा कि मैं 'भोजपाल' के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बात करूंगा। उन्होंने संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर से कहा कि वे CM शिवराज को समझाएं। यदि होशंगाबाद का नाम बदलकर नर्मदापुरम किया जा सकता हैं तो भोपाल में एक ही अक्षर 'ज' ही तो जोड़ना है। मध्यप्रदेश विधानसभा में इसका प्रस्ताव पास किया जाना चाहिए। जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज भोपाल में एक हज़ार तीन सौ इकसठवीं श्रीराम कथा कर रहे हैं। वे तब सुर्खियों में आए, जब भोपाल का नाम 'भोजपाल' किए जाने को लेकर उन्होंने प्रण लिया। उन्होंने कहा कि भोपाल 'भोजपाल' हो जाएगा तो संस्कृत के स्वाभिमान की रक्षा हो जाएगी। संस्कृत का स्वाभिमान हमारे राष्ट्र से जुड़ा हुआ है। मध्यप्रदेश विधानसभा इसका प्रस्ताव पास करें। ताकि, मैं जल्दी भोपाल में आ जाऊं। जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज ने कथा के दौरान कहा था कि 'जब तक भोपाल का नाम भोजपाल नहीं हो जाता, तब तक अगली कथा करने नहीं आऊंगा। भोजपाल नगरी के राजा भोज पालक थे। जब इलाहाबाद का नाम प्रयागराज हो गया है, फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या कर दिया गया है, तो भोपाल का नाम बदलकर भोजपाल क्यों नहीं किया जा सकता? मैं अपने अनुज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से कहूंगा कि विधानसभा चुनाव के पहले इसका नाम बदल दें। जगद्गुरु ने कहा कि आजकल योग की बहुत चर्चा चल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र संघ ने इक्कीस जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित कर दिया। जिस योग सूत्र की रचना महर्षि पतंजलि ने की थी, उसकी व्याख्या महाराज भोज ने की थी। वैसे राजा भोज के नाम पर राजधानी भोपाल का नाम बदलकर भोजपाल हो जाता है तो ये मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि भारत का गौरव बढ़ाने वाला कार्य होगा। उन्होंने संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर से कहा कि मप्र विधानसभा में प्रस्ताव लाकर भोपाल का नाम भोजपाल कर देना चाहिए। यदि मप्र सरकार भोपाल का नाम बदल जाएगा तो मैं फिर से यहां वापस आऊंगा। जगद्गुरु ने कहा कि भोजशाला की मां वाग्देवी की मूर्ति अंग्रेज उठाकर ले गए थे। मूर्ति एक सौ चौदह साल से लंदन के ब्रिटिश म्यूजियम ग्रेट रसल स्ट्रीट में रखी हुई है। मैं तो यही कहूंगा कि मप्र सरकार और मोदी सरकार मिलकर प्रयास करें, तो मां सरस्वती मूर्ति भी हमें वापस मिल सकती है। यह खबरें भी पढ़िए. . This website follows the DNPA Code of Ethics. |
बीकानेर (राजस्थान) : उज्बेकिस्तान (Uzbekistan) के रेगिस्तान और मंगोलिया (Mongolia), कजाकिस्तान (Kazakhstan), रुस (Russia) की बर्फबारी से हजारों मील दूर सफर कर बड़ी संख्या में गिद्ध (वल्चर) राजस्थान (Rajasthan) के बीकानेर (Bikaner) के जोड़बीड़ में पहुंच चुके हैं। इसी के साथ विदेशी प्रजाति के बाज और चील भी हजारों किलोमीटर का सफर तय कर यहां आए है। इनमें से अधिकांश वल्चर करीब दो हजार किलोमीटर की दूरी तय करके हर साल सर्दियों में बीकानेर आते हैं, कुछ महीने यहां ठहरने के बाद वापस अपने वतन लौट जाते हैं। आइए आपको बताते हैं गिद्धों के यहां का कारण. .
जोड़बीड़ को देश का सबसे बड़ा वल्चर सेंटर माना गया है। पिछले 50 सालों से बीकानेर में एक ही जगह मृत पशुओं की डंपिंग की जाती है। , जो गिद्धों के लिए भोजन का सबसे बड़ा केंद्र है। खेजड़ी और जाल के लंबी टहनियों वाले पेड़ों पर सुरक्षित बैठने की जगह मिलने से हर साल यहां सैकड़ों की संख्या में आते हैं।
जोड़बीड़ में सर्प, नेवला, गोयरा, बड़ी छिपकली समेत कई प्रजाति के रेप्टाइल्स भी खूब हैं। विदेशी चील और बाज को यहां शिकार कर पेट भरने के लिए जमीन पर रेंगकर चलने वाले जीवों और अन्य वन्यजीव मिल जाते है। भोजन के साथ सर्दी के मौसम की अनुकूलता के चलते यह विदेशी पक्षी यहां खींचे चले आते हैं।
इन दिनों में मंगोलिया, कजाकिस्तान और रूस में इतनी जबर्दस्त बर्फबारी होती है कि गिद्धों के लिए संकट खड़ा हो जाता है। जबकि बीकानेर में तापमान पांच से दस डिग्री सेल्सियस के बीच होता है। इसी कारण गिद्ध वहां से उड़कर करीब दो हजार किलोमीटर की दूरी तय करके बीकानेर आते हैं। ये गिद्ध यहां दिसंबर और जनवरी तक ठहरेंगे।
गिद्ध की सैटेलाइट टैगिंग की वजह से पहली बार उसके स्थान का खुलासा हुआ है। बुल्गारियन प्रोटेक्शन सोसायटी ऑफ बर्ड के साइंटिस्ट बुल्गारिया निवासी ब्लादमीर और ब्रिटेन के जॉन बर्न साइट ने जुलाई 2021 में 60 दिन के दो गिद्धों की सैटेलाइट टैगिंग की थी। उनके पैर में एक रिंग डाली और पीठ पर GPS के साथ सोलर प्लेट लगा कर उन्हें छोड़ा था। यह टैगिंग काराकुम डेजर्ट में की गई थी।
टैगिंग की मदद से पता चला कि कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, मंगोलिया व रूस से ये वल्चर अफगानिस्तान (Afghanistan) और पाकिस्तान (Pakistan) को पार कर भारत आते हैं। पिछले दिनों उज्बेकिस्तान से 1857 किलोमीटर की यात्रा तय करके ये गिद्ध बीकानेर तक पहुंचे थे। जिन दो गिद्धों की सैटेलाइट टैगिंग की गई थी वे उज्बेकिस्तान से रवाना हुए। इनमें एक पाकिस्तान के करांची में ठहर गया, जबकि दूसरा बीकानेर के जोड़बीड़ में आ गया।
बीकानेर पहुंचने वाले गिद्धों में काले रंग का सिनेरियस वल्चर सेंटर एशिया से बीकानेर आए हैं। ये दुनिया में दूसरे सबसे बड़े आकार के गिद्ध हैं। इनके अलावा लंबी गर्दन वाले हिमालियन ग्रिफन, यूरेशियन ग्रिफन भी जोड़बीड़ में है। इसके अलावा सबसे छोटा पीली चोंच वाला इजिप्शियन वल्चर भी यहां नजर आता है।
वर्तमान की बात करें तो जानकारी के मुताबिक बीकानेर में अभी चार हजार से ज्यादा गिद्ध हैं और इतनी बड़ी संख्या में विदेशी वल्चर देशभर में सिर्फ बीकानेर में आते हैं। इसका कारण है कि इन वल्चर्स के दिमाग में यहां का मैप सेट हो गया है। । एक के बाद एक वल्चर यहां आता रहता है। अपने जीवन में कई बार वल्चर यहां आते हैं तो रास्ता समझ जाते हैं। कई दिनों की यात्रा करके ये सीधे बीकानेर आते हैं।
वन विभाग की तरफ से सुरक्षा के लिहाज से यहां एक चौकी बनाया गया है। इस एरिया की दीवार बनाई गई है ताकि आवारा पशु या जानवर अंदर नहीं आ सके। इसके बाद भी आवारा कुत्ते यहां कई बार गिद्धों के लिए जानलेवा बन जाते हैं। यहां गिद्ध वॉच टॉवर भी बनाया गया है ताकि विदेशी पर्यटक इन्हें दूर से ही देख सकें।
जोड़बड़ अब सैलानियों का भी स्थान बनता जा रहा है। जर्मनी, इंग्लैंड, इटली और फ्रांस के अलावा अन्य देशों के टूरिस्ट यहां आते हैं। मृत पशुओं के इस केंद्र पर ये पर्यटक दुनियाभर से आए गिद्धों को घंटों तक निहारते हैं और इन्हें कैमरे में कैद करते हैं।
प्रवासी पक्षियों पर अध्ययन करने का सबसे आधुनिक तरीका उपग्रह टेलीमेट्री है। इसमें आधुनिक ट्रांसमीटर लगाया जाता है, जो नेविगेशन सिस्टम और सौर पैनल से लैस होता है। उसमें सेंसर भी लगे होते हैं। यह सेंसर स्थान, हवा के तापमान, ऊंचाई और उड़ान की स्पीड का डेटा भेज सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि पक्षी 10 वर्षों से भी अधिक समय अपने संकेतों को संचारित कर सकते हैं।
| बीकानेर : उज्बेकिस्तान के रेगिस्तान और मंगोलिया , कजाकिस्तान , रुस की बर्फबारी से हजारों मील दूर सफर कर बड़ी संख्या में गिद्ध राजस्थान के बीकानेर के जोड़बीड़ में पहुंच चुके हैं। इसी के साथ विदेशी प्रजाति के बाज और चील भी हजारों किलोमीटर का सफर तय कर यहां आए है। इनमें से अधिकांश वल्चर करीब दो हजार किलोमीटर की दूरी तय करके हर साल सर्दियों में बीकानेर आते हैं, कुछ महीने यहां ठहरने के बाद वापस अपने वतन लौट जाते हैं। आइए आपको बताते हैं गिद्धों के यहां का कारण. . जोड़बीड़ को देश का सबसे बड़ा वल्चर सेंटर माना गया है। पिछले पचास सालों से बीकानेर में एक ही जगह मृत पशुओं की डंपिंग की जाती है। , जो गिद्धों के लिए भोजन का सबसे बड़ा केंद्र है। खेजड़ी और जाल के लंबी टहनियों वाले पेड़ों पर सुरक्षित बैठने की जगह मिलने से हर साल यहां सैकड़ों की संख्या में आते हैं। जोड़बीड़ में सर्प, नेवला, गोयरा, बड़ी छिपकली समेत कई प्रजाति के रेप्टाइल्स भी खूब हैं। विदेशी चील और बाज को यहां शिकार कर पेट भरने के लिए जमीन पर रेंगकर चलने वाले जीवों और अन्य वन्यजीव मिल जाते है। भोजन के साथ सर्दी के मौसम की अनुकूलता के चलते यह विदेशी पक्षी यहां खींचे चले आते हैं। इन दिनों में मंगोलिया, कजाकिस्तान और रूस में इतनी जबर्दस्त बर्फबारी होती है कि गिद्धों के लिए संकट खड़ा हो जाता है। जबकि बीकानेर में तापमान पांच से दस डिग्री सेल्सियस के बीच होता है। इसी कारण गिद्ध वहां से उड़कर करीब दो हजार किलोमीटर की दूरी तय करके बीकानेर आते हैं। ये गिद्ध यहां दिसंबर और जनवरी तक ठहरेंगे। गिद्ध की सैटेलाइट टैगिंग की वजह से पहली बार उसके स्थान का खुलासा हुआ है। बुल्गारियन प्रोटेक्शन सोसायटी ऑफ बर्ड के साइंटिस्ट बुल्गारिया निवासी ब्लादमीर और ब्रिटेन के जॉन बर्न साइट ने जुलाई दो हज़ार इक्कीस में साठ दिन के दो गिद्धों की सैटेलाइट टैगिंग की थी। उनके पैर में एक रिंग डाली और पीठ पर GPS के साथ सोलर प्लेट लगा कर उन्हें छोड़ा था। यह टैगिंग काराकुम डेजर्ट में की गई थी। टैगिंग की मदद से पता चला कि कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, मंगोलिया व रूस से ये वल्चर अफगानिस्तान और पाकिस्तान को पार कर भारत आते हैं। पिछले दिनों उज्बेकिस्तान से एक हज़ार आठ सौ सत्तावन किलोग्राममीटर की यात्रा तय करके ये गिद्ध बीकानेर तक पहुंचे थे। जिन दो गिद्धों की सैटेलाइट टैगिंग की गई थी वे उज्बेकिस्तान से रवाना हुए। इनमें एक पाकिस्तान के करांची में ठहर गया, जबकि दूसरा बीकानेर के जोड़बीड़ में आ गया। बीकानेर पहुंचने वाले गिद्धों में काले रंग का सिनेरियस वल्चर सेंटर एशिया से बीकानेर आए हैं। ये दुनिया में दूसरे सबसे बड़े आकार के गिद्ध हैं। इनके अलावा लंबी गर्दन वाले हिमालियन ग्रिफन, यूरेशियन ग्रिफन भी जोड़बीड़ में है। इसके अलावा सबसे छोटा पीली चोंच वाला इजिप्शियन वल्चर भी यहां नजर आता है। वर्तमान की बात करें तो जानकारी के मुताबिक बीकानेर में अभी चार हजार से ज्यादा गिद्ध हैं और इतनी बड़ी संख्या में विदेशी वल्चर देशभर में सिर्फ बीकानेर में आते हैं। इसका कारण है कि इन वल्चर्स के दिमाग में यहां का मैप सेट हो गया है। । एक के बाद एक वल्चर यहां आता रहता है। अपने जीवन में कई बार वल्चर यहां आते हैं तो रास्ता समझ जाते हैं। कई दिनों की यात्रा करके ये सीधे बीकानेर आते हैं। वन विभाग की तरफ से सुरक्षा के लिहाज से यहां एक चौकी बनाया गया है। इस एरिया की दीवार बनाई गई है ताकि आवारा पशु या जानवर अंदर नहीं आ सके। इसके बाद भी आवारा कुत्ते यहां कई बार गिद्धों के लिए जानलेवा बन जाते हैं। यहां गिद्ध वॉच टॉवर भी बनाया गया है ताकि विदेशी पर्यटक इन्हें दूर से ही देख सकें। जोड़बड़ अब सैलानियों का भी स्थान बनता जा रहा है। जर्मनी, इंग्लैंड, इटली और फ्रांस के अलावा अन्य देशों के टूरिस्ट यहां आते हैं। मृत पशुओं के इस केंद्र पर ये पर्यटक दुनियाभर से आए गिद्धों को घंटों तक निहारते हैं और इन्हें कैमरे में कैद करते हैं। प्रवासी पक्षियों पर अध्ययन करने का सबसे आधुनिक तरीका उपग्रह टेलीमेट्री है। इसमें आधुनिक ट्रांसमीटर लगाया जाता है, जो नेविगेशन सिस्टम और सौर पैनल से लैस होता है। उसमें सेंसर भी लगे होते हैं। यह सेंसर स्थान, हवा के तापमान, ऊंचाई और उड़ान की स्पीड का डेटा भेज सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि पक्षी दस वर्षों से भी अधिक समय अपने संकेतों को संचारित कर सकते हैं। |
आज दिग्विजय सिंह, एक्ट्रेस वर्षा उसगांवकर, मंजिंदर सिंह सिरसा और युवराज सिंह की पत्नी हेजल कीच का भी जन्मदिन है। इन्हें और जिन भी लोगों का आज जन्मदिन है उन सभी को जन्मदिन की बधाई। देखें अगला एक साल आपका कैसा बीतेगा।
शुक्र, नेपच्यून और चंद्रमा ग्रह इस वर्ष के संयुक्त रूप से स्वामी हैं। फरवरी अंत तक का समय ख्याति वर्धक एवं जोखिम भरे कार्यों के संपादन में सफलता देने वाला होगा। वहीं आगामी मार्च और अप्रैल पर्याप्त मनोरंजक भी होंगे। मई से जून तक कुछ जातकों के समृद्धि के द्वार खुलेंगे।
जुलाई आपके भाग्यांक में सहायक होगा। अगस्त और सितंबर में अविवाहित जातकों के विवाह की योजना बनेगी। अक्टूबर और नवंबर से दिसंबर अंत तक भाग्योदय, धन-धर्म की वृद्धि और मनोरथ सिद्धि होगी।
जनवरी 2024 से फरवरी प्रथम सप्ताह तक पुराने विवाद और झगड़े समाप्त हो जाएंगे। महिलाओं के लिए यह वर्ष आर्थिक समृद्धि और दाम्पत्य जीवन में सुख बढ़ाने वाला होगा। विद्यार्थियों का आत्मबल बढ़ेगा। विशेष अच्छे परिणामों के लिए श्री यंत्र का पूजन करना हितकारी होगा।
| आज दिग्विजय सिंह, एक्ट्रेस वर्षा उसगांवकर, मंजिंदर सिंह सिरसा और युवराज सिंह की पत्नी हेजल कीच का भी जन्मदिन है। इन्हें और जिन भी लोगों का आज जन्मदिन है उन सभी को जन्मदिन की बधाई। देखें अगला एक साल आपका कैसा बीतेगा। शुक्र, नेपच्यून और चंद्रमा ग्रह इस वर्ष के संयुक्त रूप से स्वामी हैं। फरवरी अंत तक का समय ख्याति वर्धक एवं जोखिम भरे कार्यों के संपादन में सफलता देने वाला होगा। वहीं आगामी मार्च और अप्रैल पर्याप्त मनोरंजक भी होंगे। मई से जून तक कुछ जातकों के समृद्धि के द्वार खुलेंगे। जुलाई आपके भाग्यांक में सहायक होगा। अगस्त और सितंबर में अविवाहित जातकों के विवाह की योजना बनेगी। अक्टूबर और नवंबर से दिसंबर अंत तक भाग्योदय, धन-धर्म की वृद्धि और मनोरथ सिद्धि होगी। जनवरी दो हज़ार चौबीस से फरवरी प्रथम सप्ताह तक पुराने विवाद और झगड़े समाप्त हो जाएंगे। महिलाओं के लिए यह वर्ष आर्थिक समृद्धि और दाम्पत्य जीवन में सुख बढ़ाने वाला होगा। विद्यार्थियों का आत्मबल बढ़ेगा। विशेष अच्छे परिणामों के लिए श्री यंत्र का पूजन करना हितकारी होगा। |
ऑस्ट्रेलिया (Australia) को टी20 सीरीज में 2-1 से मात देने के बाद टीम इंडिया अब साउथ अफ्रीका (South Africa) के खिलाफ टी20 सीरीज खेलेगी. इस सीरीज में भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) को आराम दिया गया है. हार्दिक की जगह आईपीएल में कमाल करने वाले एक 27 साल के ऑलराउंडर को टीम में शामिल किया गया है. इस खिलाड़ी को पहली बार टीम इंडिया में टी20 स्क्वाड में शामिल किया गया है.
| ऑस्ट्रेलिया को टीबीस सीरीज में दो-एक से मात देने के बाद टीम इंडिया अब साउथ अफ्रीका के खिलाफ टीबीस सीरीज खेलेगी. इस सीरीज में भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या को आराम दिया गया है. हार्दिक की जगह आईपीएल में कमाल करने वाले एक सत्ताईस साल के ऑलराउंडर को टीम में शामिल किया गया है. इस खिलाड़ी को पहली बार टीम इंडिया में टीबीस स्क्वाड में शामिल किया गया है. |
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
| चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन |
मलत्याग करते समय खून निकलने और तेज दर्द की समस्या की बीमारी को ही बवासीर कहा जाता है और आज के समय में यह एक आम समस्या हो गयी है। खान पान का सही ज्ञान नहीं होने के कारण आज के युवाओं में भी यह बीमारी घर कर गयी है।
व्यायाम की आयुर्वेद में बड़ी तारीफ़ की गयी है। कहा जाता है कि व्यायाम करने वालो को कोई भी बीमारी इतनी आसानी से नहीं जकड़ सकती है। इसे करने से तीनो दोष यानी वात, पित्त और कफ का संतुलन बना रहता है लेकिन व्यायाम करने के भी कुछ नियम है।
| मलत्याग करते समय खून निकलने और तेज दर्द की समस्या की बीमारी को ही बवासीर कहा जाता है और आज के समय में यह एक आम समस्या हो गयी है। खान पान का सही ज्ञान नहीं होने के कारण आज के युवाओं में भी यह बीमारी घर कर गयी है। व्यायाम की आयुर्वेद में बड़ी तारीफ़ की गयी है। कहा जाता है कि व्यायाम करने वालो को कोई भी बीमारी इतनी आसानी से नहीं जकड़ सकती है। इसे करने से तीनो दोष यानी वात, पित्त और कफ का संतुलन बना रहता है लेकिन व्यायाम करने के भी कुछ नियम है। |
कोवैक्स एक वैश्विक पहल है जिसका मकसद वैक्सीन निर्माताओं के साथ काम करना है और लाइसेंस प्राप्ति और मान्यता मिल जाने के बाद दुनिया भर के देशों को सुरक्षित और प्रभावी वैक्सीन समान तौर पर मुहैया कराई या जा सके.
उन्होंने बताया कि सऊदी अरब वैक्सीन हासिल करने के लिए दो तरीकों से काम कर रहा है. पहला रास्ता है कोवैक्स संगठन के जरिए. G20 का संगठन को बनाने और वित्तीय मदद देने में भूमिका है.
इस सुविधा के माध्यम से सऊदी अरब बड़ी तादाद में वैक्सीन हासिल कर सकेगा. जबकि दूसरा रास्ता सीधे बड़ी कंपनियों से संपर्क कर वैक्सीन की प्राप्ति है. इसके जरिए कोवैक्स संगठन से बाकी रह जानेवाली कमी को पूरा किया जा सकेगा.
हालांकि, 16 बरस से कम उम्र के लोगों को उस वक्त तक टीका नहीं लगाया जाएगा जब तक कि परीक्षण या जांच से ये साबित नहीं होता कि उन्हें टीका की जरूरत है. उन्होंने कहा कि सऊदी अरब ने आगामी हफ्तों में देश में टीकाकरण से संबंधित शेड्यूल का ऐलान करने की मंसूबा बंदी कर रखी है.
सऊदी अरब के स्वास्थ्य मंत्रालय ने संक्रमण से बचाव के लिए 70 फीसदी नागरिकों और प्रवासियों को मुफ्त टीकाकरण करने का ऐलान किया है. अरब न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों को उम्मीद है कि टीकाकरण का लक्ष्य अगले साल के आखिर तक पूरा कर लिया जाएगा.
| कोवैक्स एक वैश्विक पहल है जिसका मकसद वैक्सीन निर्माताओं के साथ काम करना है और लाइसेंस प्राप्ति और मान्यता मिल जाने के बाद दुनिया भर के देशों को सुरक्षित और प्रभावी वैक्सीन समान तौर पर मुहैया कराई या जा सके. उन्होंने बताया कि सऊदी अरब वैक्सीन हासिल करने के लिए दो तरीकों से काम कर रहा है. पहला रास्ता है कोवैक्स संगठन के जरिए. Gबीस का संगठन को बनाने और वित्तीय मदद देने में भूमिका है. इस सुविधा के माध्यम से सऊदी अरब बड़ी तादाद में वैक्सीन हासिल कर सकेगा. जबकि दूसरा रास्ता सीधे बड़ी कंपनियों से संपर्क कर वैक्सीन की प्राप्ति है. इसके जरिए कोवैक्स संगठन से बाकी रह जानेवाली कमी को पूरा किया जा सकेगा. हालांकि, सोलह बरस से कम उम्र के लोगों को उस वक्त तक टीका नहीं लगाया जाएगा जब तक कि परीक्षण या जांच से ये साबित नहीं होता कि उन्हें टीका की जरूरत है. उन्होंने कहा कि सऊदी अरब ने आगामी हफ्तों में देश में टीकाकरण से संबंधित शेड्यूल का ऐलान करने की मंसूबा बंदी कर रखी है. सऊदी अरब के स्वास्थ्य मंत्रालय ने संक्रमण से बचाव के लिए सत्तर फीसदी नागरिकों और प्रवासियों को मुफ्त टीकाकरण करने का ऐलान किया है. अरब न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों को उम्मीद है कि टीकाकरण का लक्ष्य अगले साल के आखिर तक पूरा कर लिया जाएगा. |
- 9 hrs ago राम चरण की सुपरहिट फिल्म 'आरआरआर' का जल्द आएगा सीक्वल, परंतु राजामौली नहीं होगे डायरेक्टर!
- 9 hrs ago Shahrukh Khan की 'जवान' प्रीव्यू पर सलमान खान का शानदार रिएक्शन, बोले, "पठान जवान बन गया, वाह. . "
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- Travel आखिर क्यों कोई नहीं कर पाया कैलाश पर्वत की चढ़ाई? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण?
ऋतिक रोशन की फिल्म सुपर 30 काफी सुर्खियों में है। फिल्म फ्लोर पर आ चुकी है और ऋतिक रोशन का फर्स्ट लुक भी रिलीज किया जा चुका है। हालांकि फर्स्ट लुक को ज्यादा तारीफ नहीं मिल पाई लेकिन फिर भी लोगों को फिल्म से उम्मीद है।
सलमान खान की अगली फिल्म- सामने आए दो नए चेहरे- सुपरहिट!
बता दें, इस आनंद कुमार बॉयोपिक में एक निगेटिव किरदार भी होगा। जी हां. . यानि की विलेन. . जिसके लिए फाइनल किया गया है पंकज त्रिपाठी को। शानदार एक्टर पंकज त्रिपाठी भी इस फिल्म को लेकर काफी उत्साहित हैं।
फिल्म में ऋतिक रोशन के अपोजिट दिखेंगी कुमकुम भाग्य फेम टीवी एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर। फिल्म के सेट से ऋतिक और मृणाल की कुछ तस्वीरें भी लीक हुई हैं। जिसे आप यहां देख सकते हैं।
The very talented Pankaj Tripathi will play the main antagonist in Super 30, where Hrithik Roshan is playing the lead character.
| - नौ hrs ago राम चरण की सुपरहिट फिल्म 'आरआरआर' का जल्द आएगा सीक्वल, परंतु राजामौली नहीं होगे डायरेक्टर! - नौ hrs ago Shahrukh Khan की 'जवान' प्रीव्यू पर सलमान खान का शानदार रिएक्शन, बोले, "पठान जवान बन गया, वाह. . " Don't Miss! - Travel आखिर क्यों कोई नहीं कर पाया कैलाश पर्वत की चढ़ाई? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण? ऋतिक रोशन की फिल्म सुपर तीस काफी सुर्खियों में है। फिल्म फ्लोर पर आ चुकी है और ऋतिक रोशन का फर्स्ट लुक भी रिलीज किया जा चुका है। हालांकि फर्स्ट लुक को ज्यादा तारीफ नहीं मिल पाई लेकिन फिर भी लोगों को फिल्म से उम्मीद है। सलमान खान की अगली फिल्म- सामने आए दो नए चेहरे- सुपरहिट! बता दें, इस आनंद कुमार बॉयोपिक में एक निगेटिव किरदार भी होगा। जी हां. . यानि की विलेन. . जिसके लिए फाइनल किया गया है पंकज त्रिपाठी को। शानदार एक्टर पंकज त्रिपाठी भी इस फिल्म को लेकर काफी उत्साहित हैं। फिल्म में ऋतिक रोशन के अपोजिट दिखेंगी कुमकुम भाग्य फेम टीवी एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर। फिल्म के सेट से ऋतिक और मृणाल की कुछ तस्वीरें भी लीक हुई हैं। जिसे आप यहां देख सकते हैं। The very talented Pankaj Tripathi will play the main antagonist in Super तीस, where Hrithik Roshan is playing the lead character. |
मोगा नगर निगम पर आज आम आदमी पार्टी का कब्जा हो गया है।
उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान पता चला कि दोनों कथित आरोपी युवक एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करते थे।
मोगा नगर निगम को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार मोगा नगर निगम का जल्द ही तख्ता पलट सकता है।
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| मोगा नगर निगम पर आज आम आदमी पार्टी का कब्जा हो गया है। उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान पता चला कि दोनों कथित आरोपी युवक एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करते थे। मोगा नगर निगम को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार मोगा नगर निगम का जल्द ही तख्ता पलट सकता है। Be on the top of everything happening around the world. Try Punjab Kesari E-Paper Premium Service. |
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में दूसरे दिन मंगलवार को नैक पीयर टीम का फोकस व्यवसायपरक एवं परम्परागत शिक्षण आधारित विभागों पर रहा। सुबह आठ बजे से इन विभागों के इंस्पेक्शन के दौरान टीम यह जानने की कोशिश में रही कि इन फैकल्टीज से जुड़े स्टूडेंट्स की पढ़ाई कैसे होती है। इस दौरान टीम 'ए' ने वाणिज्य, शिक्षाशास्त्र, शारीरिक शिक्षा, समाजकार्य, कम्प्यूटर व गणित विभागों का इंस्पेक्शन व मूल्यांकन किया। इस टीम में प्रसिद्ध अर्थशास्त्री व पूर्व वीसी रीवा एवं हिमाचल यूनिवर्सिटी तथा नैक पीयर टीम के अध्यक्ष प्रो। एडीएन बाजपेयी, मैसूर यूनिवर्सिटी के प्रो। केए रवीश व रवीन्द्र भारती विश्वविद्यालय के प्रो। सत्यनारायण चक्रवर्ती शामिल रहे।
वहीं नैक पीयर टीम 'बी' ने गांधी अध्ययनपीठ, विधि, मदन मोहन मालवीय पत्रकारिता संस्थान, ललित कला, दर्शन, ऊर्दू, पत्रकारिता आदि विभागों का निरीक्षण और मूल्यांकन किया। 'बी' में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, भोपाल के वीसी एवं नैक पीयर टीम के संयोजक प्रो। वी। विजय कुमार, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ की वीसी प्रो। मांडवी सिंह, हैदराबाद विश्वविद्यालय की प्रो। शीला प्रसाद शामिल रहीं। पीयर टीम 'बी' के साथ विद्यापीठ की ओर से प्रो। आरपी द्विवेदी ने समन्वयक का कार्य किया। इनके साथ सहयोग में आईकूयएसी के समन्वयक प्रो। केएस जायसवाल, प्रो। राममूर्ति चतुर्वेदी एवं प्रो। गोपाल प्रसाद नायक उपस्थित रहे।
नैक पीयर टीम 'ए' ने दोपहर बाद यूनिवर्सिटी सूचना एवं मंत्रणा केंद्र व छात्र कल्याण संकाय का अवलोकन और मूल्यांकन किया। इसी दौरान टीम 'बी' ने विद्यापीठ के पुरातन छात्र एवं छात्रों के अभिभावकों से प्रबंध संकाय के प्लेसमेंट हॉल में विचार विमर्श किया। इस दौरान विद्यापीठ परिसर में सुरक्षा व्यवस्था चीफ प्रॉक्टर प्रो। शम्भू उपाध्याय के नेतृत्व में संचालित हुई। प्रो। ओम प्रकाश सिंह, संयोजक, मीडिया एवं पब्लिसिटी टीम (नैक) ने बताया कि 26 सितंबर को नैक पीयर टीम सुबह नौ बजे विद्यापीठ के छात्र सुविधाओं से जुड़े निकायों का निरीक्षण व मूल्यांकन करेगी। इसमें 'ए' टीम हॉस्टल का निरीक्षण व मूल्यांकन करेगी जबकि 'बी' टीम विद्यापीठ के स्वास्थ्य केन्द्र, कैंटीन, एनएसएस व एनसीसी का निरीक्षण व मूल्यांकन करेगी। इसके बाद नैक टीम अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देगी। शाम पांच बजे गांधी अध्ययनपीठ स्थित सभागार में नैक पीयर टीम का निरीक्षण एवं मूल्यांकन का कार्य पूर्ण होगा।
नैक टीम की ओर से डीएवी पीजी कॉलेज को मेंटर का दायित्व सौंपा गया है। यानि डीएवी कॉलेज को यह कार्य दिया गया है कि वह उन दस कॉलेजों को नैक से निरीक्षण कराने के लिए तैयार करे जिन्होंने अभी तक नैक से अपना मूल्यांकन नहीं कराया है। नैक का उद्देश्य है कि 2022 तक देश के प्रत्येक शिक्षण संस्थान की ग्रेडिंग कम से कम 2. 5 हो जाए। नैक द्वारा कॉलेज को दी गई इस जिम्मेदारी पर प्रिंसिपल डॉ। सत्यदेव सिंह ने हर्ष व्यक्त किया है।
| महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में दूसरे दिन मंगलवार को नैक पीयर टीम का फोकस व्यवसायपरक एवं परम्परागत शिक्षण आधारित विभागों पर रहा। सुबह आठ बजे से इन विभागों के इंस्पेक्शन के दौरान टीम यह जानने की कोशिश में रही कि इन फैकल्टीज से जुड़े स्टूडेंट्स की पढ़ाई कैसे होती है। इस दौरान टीम 'ए' ने वाणिज्य, शिक्षाशास्त्र, शारीरिक शिक्षा, समाजकार्य, कम्प्यूटर व गणित विभागों का इंस्पेक्शन व मूल्यांकन किया। इस टीम में प्रसिद्ध अर्थशास्त्री व पूर्व वीसी रीवा एवं हिमाचल यूनिवर्सिटी तथा नैक पीयर टीम के अध्यक्ष प्रो। एडीएन बाजपेयी, मैसूर यूनिवर्सिटी के प्रो। केए रवीश व रवीन्द्र भारती विश्वविद्यालय के प्रो। सत्यनारायण चक्रवर्ती शामिल रहे। वहीं नैक पीयर टीम 'बी' ने गांधी अध्ययनपीठ, विधि, मदन मोहन मालवीय पत्रकारिता संस्थान, ललित कला, दर्शन, ऊर्दू, पत्रकारिता आदि विभागों का निरीक्षण और मूल्यांकन किया। 'बी' में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, भोपाल के वीसी एवं नैक पीयर टीम के संयोजक प्रो। वी। विजय कुमार, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ की वीसी प्रो। मांडवी सिंह, हैदराबाद विश्वविद्यालय की प्रो। शीला प्रसाद शामिल रहीं। पीयर टीम 'बी' के साथ विद्यापीठ की ओर से प्रो। आरपी द्विवेदी ने समन्वयक का कार्य किया। इनके साथ सहयोग में आईकूयएसी के समन्वयक प्रो। केएस जायसवाल, प्रो। राममूर्ति चतुर्वेदी एवं प्रो। गोपाल प्रसाद नायक उपस्थित रहे। नैक पीयर टीम 'ए' ने दोपहर बाद यूनिवर्सिटी सूचना एवं मंत्रणा केंद्र व छात्र कल्याण संकाय का अवलोकन और मूल्यांकन किया। इसी दौरान टीम 'बी' ने विद्यापीठ के पुरातन छात्र एवं छात्रों के अभिभावकों से प्रबंध संकाय के प्लेसमेंट हॉल में विचार विमर्श किया। इस दौरान विद्यापीठ परिसर में सुरक्षा व्यवस्था चीफ प्रॉक्टर प्रो। शम्भू उपाध्याय के नेतृत्व में संचालित हुई। प्रो। ओम प्रकाश सिंह, संयोजक, मीडिया एवं पब्लिसिटी टीम ने बताया कि छब्बीस सितंबर को नैक पीयर टीम सुबह नौ बजे विद्यापीठ के छात्र सुविधाओं से जुड़े निकायों का निरीक्षण व मूल्यांकन करेगी। इसमें 'ए' टीम हॉस्टल का निरीक्षण व मूल्यांकन करेगी जबकि 'बी' टीम विद्यापीठ के स्वास्थ्य केन्द्र, कैंटीन, एनएसएस व एनसीसी का निरीक्षण व मूल्यांकन करेगी। इसके बाद नैक टीम अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देगी। शाम पांच बजे गांधी अध्ययनपीठ स्थित सभागार में नैक पीयर टीम का निरीक्षण एवं मूल्यांकन का कार्य पूर्ण होगा। नैक टीम की ओर से डीएवी पीजी कॉलेज को मेंटर का दायित्व सौंपा गया है। यानि डीएवी कॉलेज को यह कार्य दिया गया है कि वह उन दस कॉलेजों को नैक से निरीक्षण कराने के लिए तैयार करे जिन्होंने अभी तक नैक से अपना मूल्यांकन नहीं कराया है। नैक का उद्देश्य है कि दो हज़ार बाईस तक देश के प्रत्येक शिक्षण संस्थान की ग्रेडिंग कम से कम दो. पाँच हो जाए। नैक द्वारा कॉलेज को दी गई इस जिम्मेदारी पर प्रिंसिपल डॉ। सत्यदेव सिंह ने हर्ष व्यक्त किया है। |
चैलचौक - धीस्ती पंचायत की एक महिला ने सरकारी नौकर व एक अन्य पर जबरन घर में घुस कर छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया है। पुलिस में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया है कि उक्त व्यक्ति कई दिनों से रास्ते से गुजरते वक्त गलत हरकतों से बाज नहीं आ रहा था । हद तो उस वक्त कर जब सरकारी मुलाजिम अपनी नौकरी की धौंस में एक अन्य व्यक्ति के साथ घर के अंदर जबरन घुस गया और घर में अकेली महिला को ताक कर छेड़खानी पर उतर आया। महिला ने शिकायत में बताया कि उनके द्वारा उक्त हरकतों का विरोध करने और शोर मचाने पर आरोपी घटना स्थल से भाग गया। पुलिस थाना प्रभारी मनोज वालिया ने बताया कि महिला की शिकायत पर तोता राम और टिक्कम राम के खिलाफ घर में जबरन घुस कर उन पर हमला कर महिला से छेड़छाड़ करने का मामला थाना में दर्ज करवाया है । उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है । अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हितेश कुमार लखनपाल ने मामले की पुष्टि की है ।
| चैलचौक - धीस्ती पंचायत की एक महिला ने सरकारी नौकर व एक अन्य पर जबरन घर में घुस कर छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया है। पुलिस में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया है कि उक्त व्यक्ति कई दिनों से रास्ते से गुजरते वक्त गलत हरकतों से बाज नहीं आ रहा था । हद तो उस वक्त कर जब सरकारी मुलाजिम अपनी नौकरी की धौंस में एक अन्य व्यक्ति के साथ घर के अंदर जबरन घुस गया और घर में अकेली महिला को ताक कर छेड़खानी पर उतर आया। महिला ने शिकायत में बताया कि उनके द्वारा उक्त हरकतों का विरोध करने और शोर मचाने पर आरोपी घटना स्थल से भाग गया। पुलिस थाना प्रभारी मनोज वालिया ने बताया कि महिला की शिकायत पर तोता राम और टिक्कम राम के खिलाफ घर में जबरन घुस कर उन पर हमला कर महिला से छेड़छाड़ करने का मामला थाना में दर्ज करवाया है । उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है । अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हितेश कुमार लखनपाल ने मामले की पुष्टि की है । |
ब्रह्मसूत्र -शांङ्करभाष्य
नायमजाकृतिनिभित्तोऽजाशब्दः । नापि यौगिकः । किं तर्हि ? कल्पनोपदेशोऽयम् । अजारूपकक्लृप्तिस्तेजोबन्नलक्षणायाश्चराचरयोनेरुपदिश्यते । यथा हि लोके यदृच्छया काचिदजा लोहित शुक्लकृष्णवर्णा स्याद्बहुबर्करा सरूपबर्करा च, तां च कश्चिदजो जुषमाणोऽनुशयीत, कश्चिच्चैनां भुक्तभोगां जह्यात्, एवमियमपि तेजोबन्नलक्षणा भूतप्रकृतिस्त्रिवर्णा बहु सरूपं चराचरलक्षणं विकारजातं जनयति, अविदुषा च क्षेत्रज्ञेनोपभुज्यते, विदुषा च परित्यज्यत इति । * न चेदमाशङ्कितव्यम् - एकः क्षेत्रज्ञोऽनुशेतेऽन्यो जहाती त्यतः क्षेत्रज्ञभेदः पारमार्थिकः परेषामिष्टः प्राप्नोतीति । न होयं क्षेत्रज्ञभेदप्रतिपिपादयिषा, किंतु बन्धमोक्षव्यवस्थाप्रतिपिपादयिषा त्वेषा । प्रसिद्धं तु भेद मनूध बन्धमोक्षव्यवस्था प्रतिपाद्यते । भेदस्तूपाधि निमित्तो मिथ्याज्ञानकल्पितो न पारमार्थिक'; 'एको देवः सर्वभूतेषु गूढः सर्वव्यापी सर्वभूतान्तरात्मा' इत्यादिश्रुतिभ्यः । मध्वादिवत्, यथा 'आदित्यस्यामधुनो मधुत्वम्' (छा० ६।५) 'वाचश्चाधेनोधैनुत्वम्' ( बृ० ५१८ ), 'धुलोकादीनां चाननीनामग्नित्वम् (बृ० ८/२९) इत्येवंजातीयकं कल्प्यते, एवमिद - मनजाया अजात्वं कल्प्यत इत्यर्थः । तस्मादविरोधस्तेजोबन्ने वजा शब्दप्रयोगस्य ॥१०॥
[ अजामेका ] यह अजाशब्द जातिनिमित्तक रूढि नहीं है और यौगिक भी नहीं है, किन्तु यह काल्पनिक उपदेश है । चराचर जगत् के कारण भूत तेज, जल और अन्नरूप प्रकृतिमें अजा सादृश्य कल्पनाका उपदेश है । जैसे लोकमें दैववश रक्त, शुक्ल, कृष्ण वर्ण कोई एक ऐसी अजा-बकरी हो उसे समानरूपवाले बहुतसे बकरे हों, उसपर कोई एक अज-बकरा प्रेम करता हुआ उसके पीछे-पीछे फिरे और कोई एक अज भोग भोगके अनन्तर उसे त्याग दे, वैसे ही यह तेज, जल और अन्नरूप त्रिवर्णात्मक भूतप्रकृति मी समान रूपवाले चराचरात्मक विकार समूहको उत्पन्न करती है। अविद्वान् क्षेत्रज्ञ इसका उपयोग करता है और विद्वान् इसका परित्याग करता है । यह आशङ्का यहाँ नहीं करनी चाहिए कि एक क्षेत्रज्ञ सेवन करता हुआ इसके पास ग्रयन करता है और दूसरा इसका परित्याग करता है, इससे पारमार्थिक क्षेत्रज्ञ भेद जो पर- सांख्यको इष्ट है, वह प्राप्त होता है, क्योंकि यह क्षेत्रज्ञ के भेदका प्रतिपादन करनेकी इच्छा नहीं है, किन्तु बन्ध-मोक्ष व्यवस्थाका प्रतिपादन करनेकी इच्छा है । लोक प्रसिद्ध भेदका अनुवादकर बन्ध- मोक्ष व्यवस्थाका प्रतिपादन किया जाता है । भेद तो उपाधि निमित्तक और मिथ्याज्ञान से कल्पित है, पारमार्थिक नहीं है। क्योंकि 'एको देवः ० ' ( एक देव सम्पूर्ण भूतोंमें गूढ, सबमें व्यापक और सब भूतोंका अन्तरात्मा है ) इत्यादि श्रुतियाँ हैं । मधु आदिके समान, अर्थात् जैसे मधुसे भिन्न आदित्यको मधु कहा गया है, धेनुसे भिन्न वाणीमें धेनुशब्दका प्रयोग किया गया है, और अनग्नि घुआदि लोकोमें अग्नि शब्दका प्रयोग किया गया है, इस प्रकारको कल्पना की जाती है, वैसे ही यहाँ भी अनजा-अजासे भिन्न में यह अजात्वकी कल्पनाकी गई है, ऐसा अर्थ है । इसलिए तेज, जल और अन्नमें अजाशब्दके प्रयोगका विरोध नहीं है ॥१०॥
रक्त, शुक्ल एवं कृष्णरूप कही जाती है । इसलिए 'अजामेकां' इस मन्त्र से अव्याकृत मायाका ग्रहण करना युक्त है, प्रधानका नहीं ॥९॥
* पूर्वपक्षी - 'न जायत इति अजा' यह यौगिक अर्थ मुख्य है, अतः इससे प्रधान ग्रहण करना युक्त है ? सिद्धान्ती - रूढार्थकी अपेक्षा न करनेवाले यौगिक अर्थसे रूढार्थ में आश्रित गुणोंको लेकर की हुई लक्षणा अधिक बलवती होती है, यह नियम है, क्योंकि गुणों के आधारपर रूढि रहती है, इसलिए जैसे मधु आदि शब्दोंसे प्रसिद्ध मधु आदिके आश्रित गुणवृत्तिरूप लक्षणासे आदित्य बादिका ग्रहण होता है, वैसे रोहित आदि गुण वाचक शब्दोंके साथ अजाशब्दके सहोचारणसे समर्थित तथा रूढिमें आश्रित गुणवृत्तिरूप लक्षणासे यौगिक अर्थ प्रधानका बांधकर तेज, जल और | ब्रह्मसूत्र -शांङ्करभाष्य नायमजाकृतिनिभित्तोऽजाशब्दः । नापि यौगिकः । किं तर्हि ? कल्पनोपदेशोऽयम् । अजारूपकक्लृप्तिस्तेजोबन्नलक्षणायाश्चराचरयोनेरुपदिश्यते । यथा हि लोके यदृच्छया काचिदजा लोहित शुक्लकृष्णवर्णा स्याद्बहुबर्करा सरूपबर्करा च, तां च कश्चिदजो जुषमाणोऽनुशयीत, कश्चिच्चैनां भुक्तभोगां जह्यात्, एवमियमपि तेजोबन्नलक्षणा भूतप्रकृतिस्त्रिवर्णा बहु सरूपं चराचरलक्षणं विकारजातं जनयति, अविदुषा च क्षेत्रज्ञेनोपभुज्यते, विदुषा च परित्यज्यत इति । * न चेदमाशङ्कितव्यम् - एकः क्षेत्रज्ञोऽनुशेतेऽन्यो जहाती त्यतः क्षेत्रज्ञभेदः पारमार्थिकः परेषामिष्टः प्राप्नोतीति । न होयं क्षेत्रज्ञभेदप्रतिपिपादयिषा, किंतु बन्धमोक्षव्यवस्थाप्रतिपिपादयिषा त्वेषा । प्रसिद्धं तु भेद मनूध बन्धमोक्षव्यवस्था प्रतिपाद्यते । भेदस्तूपाधि निमित्तो मिथ्याज्ञानकल्पितो न पारमार्थिक'; 'एको देवः सर्वभूतेषु गूढः सर्वव्यापी सर्वभूतान्तरात्मा' इत्यादिश्रुतिभ्यः । मध्वादिवत्, यथा 'आदित्यस्यामधुनो मधुत्वम्' 'वाचश्चाधेनोधैनुत्वम्' , 'धुलोकादीनां चाननीनामग्नित्वम् इत्येवंजातीयकं कल्प्यते, एवमिद - मनजाया अजात्वं कल्प्यत इत्यर्थः । तस्मादविरोधस्तेजोबन्ने वजा शब्दप्रयोगस्य ॥दस॥ [ अजामेका ] यह अजाशब्द जातिनिमित्तक रूढि नहीं है और यौगिक भी नहीं है, किन्तु यह काल्पनिक उपदेश है । चराचर जगत् के कारण भूत तेज, जल और अन्नरूप प्रकृतिमें अजा सादृश्य कल्पनाका उपदेश है । जैसे लोकमें दैववश रक्त, शुक्ल, कृष्ण वर्ण कोई एक ऐसी अजा-बकरी हो उसे समानरूपवाले बहुतसे बकरे हों, उसपर कोई एक अज-बकरा प्रेम करता हुआ उसके पीछे-पीछे फिरे और कोई एक अज भोग भोगके अनन्तर उसे त्याग दे, वैसे ही यह तेज, जल और अन्नरूप त्रिवर्णात्मक भूतप्रकृति मी समान रूपवाले चराचरात्मक विकार समूहको उत्पन्न करती है। अविद्वान् क्षेत्रज्ञ इसका उपयोग करता है और विद्वान् इसका परित्याग करता है । यह आशङ्का यहाँ नहीं करनी चाहिए कि एक क्षेत्रज्ञ सेवन करता हुआ इसके पास ग्रयन करता है और दूसरा इसका परित्याग करता है, इससे पारमार्थिक क्षेत्रज्ञ भेद जो पर- सांख्यको इष्ट है, वह प्राप्त होता है, क्योंकि यह क्षेत्रज्ञ के भेदका प्रतिपादन करनेकी इच्छा नहीं है, किन्तु बन्ध-मोक्ष व्यवस्थाका प्रतिपादन करनेकी इच्छा है । लोक प्रसिद्ध भेदका अनुवादकर बन्ध- मोक्ष व्यवस्थाका प्रतिपादन किया जाता है । भेद तो उपाधि निमित्तक और मिथ्याज्ञान से कल्पित है, पारमार्थिक नहीं है। क्योंकि 'एको देवः शून्य ' इत्यादि श्रुतियाँ हैं । मधु आदिके समान, अर्थात् जैसे मधुसे भिन्न आदित्यको मधु कहा गया है, धेनुसे भिन्न वाणीमें धेनुशब्दका प्रयोग किया गया है, और अनग्नि घुआदि लोकोमें अग्नि शब्दका प्रयोग किया गया है, इस प्रकारको कल्पना की जाती है, वैसे ही यहाँ भी अनजा-अजासे भिन्न में यह अजात्वकी कल्पनाकी गई है, ऐसा अर्थ है । इसलिए तेज, जल और अन्नमें अजाशब्दके प्रयोगका विरोध नहीं है ॥दस॥ रक्त, शुक्ल एवं कृष्णरूप कही जाती है । इसलिए 'अजामेकां' इस मन्त्र से अव्याकृत मायाका ग्रहण करना युक्त है, प्रधानका नहीं ॥नौ॥ * पूर्वपक्षी - 'न जायत इति अजा' यह यौगिक अर्थ मुख्य है, अतः इससे प्रधान ग्रहण करना युक्त है ? सिद्धान्ती - रूढार्थकी अपेक्षा न करनेवाले यौगिक अर्थसे रूढार्थ में आश्रित गुणोंको लेकर की हुई लक्षणा अधिक बलवती होती है, यह नियम है, क्योंकि गुणों के आधारपर रूढि रहती है, इसलिए जैसे मधु आदि शब्दोंसे प्रसिद्ध मधु आदिके आश्रित गुणवृत्तिरूप लक्षणासे आदित्य बादिका ग्रहण होता है, वैसे रोहित आदि गुण वाचक शब्दोंके साथ अजाशब्दके सहोचारणसे समर्थित तथा रूढिमें आश्रित गुणवृत्तिरूप लक्षणासे यौगिक अर्थ प्रधानका बांधकर तेज, जल और |
केन्द्रीय कृषि मंत्री और एनसीडीसी की आम सभा के अध्यक्ष श्री राधा मोहन सिंह ने नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सहकारी समिति विकास निगम की 76वीं आम सभा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने साल 2013-14 में एनसीडीसी के शानदार प्रदर्शन के लिए इसकी जमकर तारीफ की। एनसीडीसी में अब तक की सबसे अधिक 7758 करोड़ रुपये को मंजूरी और 5271 करोड़ रुपये का भुगतान दर्ज किया गया। यह साल 2013-14 के लिए तय किए गए लक्ष्य से करीब 17 फीसदी अधिक है। एनसीडीसी को अब तक का सबसे अधिक 255 करोड़ रुपये का पूर्व-कर लाभ हुआ। समिति के कुल एनपीए को जीरो के स्तर पर स्थायी बनाकर रखा गया वहीं वसूली की दर 99.88 फीसदी रही। कृषि मंत्री ने एनसीडीसी के इस प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में एनसीडीसी और अधिक ऊंचाई छूने तक उच्च मानक हासिल करने में कामयाब होगा।
मंत्री महोदय ने एनसीडीसी को ISO : 9001:2008 प्रमाणित संगठन बनने पर बधाई दी और आशा व्यक्त करते हुए कहा कि ग्राहकों के अनुकूल बेहतर परिस्थिति मुहैया कराकर, सेवाओं के समय पर वितरण और प्रबंधकीय कामों में लगातार जारी सुधारों के चलते यह एनसीडीसी को व्यवसाय बढ़ाने में मदद करेगा।
राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप कृषि मंत्री ने प्रयोगशाला और खेत के बीच अंतर कम करने, उत्पादकता बढ़ाने, खेती में नई तकनीक के लगातार प्रयोग और तीव्र आर्थिक विकास के लिए अग्रणी कृषि जिंसों के निर्यात में वृद्धि करने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने आगे कहा कि कृषि की विकास दर में बढ़ोत्तरी के लिए मध्य प्रदेश की तरह सहकारी समितियों को अहम भूमिका निभानी चाहिए, जहां विकास दर 24.75 प्रतिशत दर्ज की गई है। कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी कृषि उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए एनसीडीसी कदम उठाने चाहिए। प्रधानमंत्री के "स्वच्छ भारत अभियान" का खासतौर पर जिक्र करते हुए मंत्री ने इसे सफल बनाने के लिए एनसीडीसी को सहकारी समितियों की बैठक के स्थानों पर किसानों को शौचालय उपलब्ध कराने के लिए सभी संभव कदम उठाने की सलाह दी।
आम सभा की बैठक में एनसीडीसी की 2013-14 की वार्षिक रिपोर्ट और वार्षिक खातों को चर्चा के बाद मंजूरी दे दी।
| केन्द्रीय कृषि मंत्री और एनसीडीसी की आम सभा के अध्यक्ष श्री राधा मोहन सिंह ने नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सहकारी समिति विकास निगम की छिहत्तरवीं आम सभा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने साल दो हज़ार तेरह-चौदह में एनसीडीसी के शानदार प्रदर्शन के लिए इसकी जमकर तारीफ की। एनसीडीसी में अब तक की सबसे अधिक सात हज़ार सात सौ अट्ठावन करोड़ रुपये को मंजूरी और पाँच हज़ार दो सौ इकहत्तर करोड़ रुपये का भुगतान दर्ज किया गया। यह साल दो हज़ार तेरह-चौदह के लिए तय किए गए लक्ष्य से करीब सत्रह फीसदी अधिक है। एनसीडीसी को अब तक का सबसे अधिक दो सौ पचपन करोड़ रुपये का पूर्व-कर लाभ हुआ। समिति के कुल एनपीए को जीरो के स्तर पर स्थायी बनाकर रखा गया वहीं वसूली की दर निन्यानवे.अठासी फीसदी रही। कृषि मंत्री ने एनसीडीसी के इस प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में एनसीडीसी और अधिक ऊंचाई छूने तक उच्च मानक हासिल करने में कामयाब होगा। मंत्री महोदय ने एनसीडीसी को ISO : नौ हज़ार एक:दो हज़ार आठ प्रमाणित संगठन बनने पर बधाई दी और आशा व्यक्त करते हुए कहा कि ग्राहकों के अनुकूल बेहतर परिस्थिति मुहैया कराकर, सेवाओं के समय पर वितरण और प्रबंधकीय कामों में लगातार जारी सुधारों के चलते यह एनसीडीसी को व्यवसाय बढ़ाने में मदद करेगा। राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप कृषि मंत्री ने प्रयोगशाला और खेत के बीच अंतर कम करने, उत्पादकता बढ़ाने, खेती में नई तकनीक के लगातार प्रयोग और तीव्र आर्थिक विकास के लिए अग्रणी कृषि जिंसों के निर्यात में वृद्धि करने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने आगे कहा कि कृषि की विकास दर में बढ़ोत्तरी के लिए मध्य प्रदेश की तरह सहकारी समितियों को अहम भूमिका निभानी चाहिए, जहां विकास दर चौबीस.पचहत्तर प्रतिशत दर्ज की गई है। कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी कृषि उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए एनसीडीसी कदम उठाने चाहिए। प्रधानमंत्री के "स्वच्छ भारत अभियान" का खासतौर पर जिक्र करते हुए मंत्री ने इसे सफल बनाने के लिए एनसीडीसी को सहकारी समितियों की बैठक के स्थानों पर किसानों को शौचालय उपलब्ध कराने के लिए सभी संभव कदम उठाने की सलाह दी। आम सभा की बैठक में एनसीडीसी की दो हज़ार तेरह-चौदह की वार्षिक रिपोर्ट और वार्षिक खातों को चर्चा के बाद मंजूरी दे दी। |
भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा खत्म कर दिया है। पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी ने मोदी सरकार के इस फैसले की आलोचना की थी, जिसके बाद पूर्व क्रिकेटर व बीजेपी सांसद गौतम गंभीर ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि पाक अधिकृत कश्मीर में होने वाले सभी अपराध मानवता के खिलाफ होते हैं।
गौरतलब है कि सोमवार को मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के सभी खंड निष्प्रभावी करने का संकल्प पत्र राज्यसभा में पेश किया गया था। इसके बाद पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी ने मोदी सरकार के इस कदम को 'अकारण आक्रामकता' और 'मानवता के खिलाफ अपराध' करार दिया था। गौतम गंभीर इस पर पलटवार किया।
बता दें कि दोनों क्रिकेटरों के बीच क्रिकेट के मैदान पर भी कई बार बहस हो चुकी है। अफरीदी ने अपनी आत्मकथा में क्रिकेटर से राजनीतिज्ञ बने गंभीर का भी जिक्र किया है, जिसके बाद गंभीर ने उन्हें जवाब भी दिया था।
| भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा खत्म कर दिया है। पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी ने मोदी सरकार के इस फैसले की आलोचना की थी, जिसके बाद पूर्व क्रिकेटर व बीजेपी सांसद गौतम गंभीर ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि पाक अधिकृत कश्मीर में होने वाले सभी अपराध मानवता के खिलाफ होते हैं। गौरतलब है कि सोमवार को मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद तीन सौ सत्तर के सभी खंड निष्प्रभावी करने का संकल्प पत्र राज्यसभा में पेश किया गया था। इसके बाद पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी ने मोदी सरकार के इस कदम को 'अकारण आक्रामकता' और 'मानवता के खिलाफ अपराध' करार दिया था। गौतम गंभीर इस पर पलटवार किया। बता दें कि दोनों क्रिकेटरों के बीच क्रिकेट के मैदान पर भी कई बार बहस हो चुकी है। अफरीदी ने अपनी आत्मकथा में क्रिकेटर से राजनीतिज्ञ बने गंभीर का भी जिक्र किया है, जिसके बाद गंभीर ने उन्हें जवाब भी दिया था। |
इन टैप वाटर हीटर से निकले हुए गर्म पानी से आप सब्जियां भी धो सकते हैं। इनमें आपको टेंपरेचर डिस्प्ले भी मिलता है। यह शॉकप्रूफ एबीएस बॉडी से बने हुए हैं।
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Disclaimer : NBT के पत्रकारों ने इस आर्टिकल को नहीं लिखा है। आर्टिकल लिखे जाने तक ये प्रोडक्ट्स Amazon पर उपलब्ध है।
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अमूल ने उनकी तीन तस्वीरों के अपने आर्टवर्क में दिखाया है. (फोटो साभारः @Amul_Coop/twitter)
नई दिल्लीः रविवार को देश ने भारत रत्न और भारत की स्वरकोकिला लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) को हमेशा-हमेशा के लिए खो दिया. उन्होंने लगभग सात दशकों तक कई पीढ़ियों को एक से बढ़कर एक गाने दिए जो आज भी लोगों को प्लेलिस्ट में टॉप पर रहते हैं. देश और दुनिया के कोने-कोने में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है. ऐसे में पॉपुलर ब्रांड अमुल (Amul) ने भी लता मंगेशकर को ट्रीब्यूट दिया है. अमूल ने लता मंगेशकर को बेहद खास अंदाज में श्रद्धांजलि दिया है.
यह लाइन उनके पॉपुलर गीत 'तू जहां जहां चलेगा मेरा साया साथ होगा' के रेफरेंस में लिखा गया है. यह गाना 1966 में आई फिल्म 'मेरा साया' का था जिसे आज भी लोग गुनगुनाते और सुनते हुए नहीं थकते हैं. अमूल का यह आर्टवर्क लोगों को काफी पसंद आ रहा है. खासकर सोशल मीडिया पर यह धड़ल्ले से वायरल हो रही है. लोग अमूल ब्रांड के इस ट्रीब्यूट की और क्रिएटिविटी की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं.
आपको बता दें कि स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने 6 फरवरी 2022 को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में आखिरी सांस ली. यहां वो कोरोनाग्रस्त होने के बाद लगभग 28 दिनों से भर्ती थीं. राजकीय सम्मान के साथ मुंबई के शिवाजी पार्क में उन्हें अंतिम विदाई दी गई. राजनीति और फिल्मी दुनिया से जुड़े तमाम हस्तियां लता मंगेशकर को अंतिम विदाई देने पहुंचे थे. वहीं, सोशल मीडिया पर भी फैंस और सेलेब्स उन्हें लगातार याद कर रहे हैं.
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| अमूल ने उनकी तीन तस्वीरों के अपने आर्टवर्क में दिखाया है. नई दिल्लीः रविवार को देश ने भारत रत्न और भारत की स्वरकोकिला लता मंगेशकर को हमेशा-हमेशा के लिए खो दिया. उन्होंने लगभग सात दशकों तक कई पीढ़ियों को एक से बढ़कर एक गाने दिए जो आज भी लोगों को प्लेलिस्ट में टॉप पर रहते हैं. देश और दुनिया के कोने-कोने में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है. ऐसे में पॉपुलर ब्रांड अमुल ने भी लता मंगेशकर को ट्रीब्यूट दिया है. अमूल ने लता मंगेशकर को बेहद खास अंदाज में श्रद्धांजलि दिया है. यह लाइन उनके पॉपुलर गीत 'तू जहां जहां चलेगा मेरा साया साथ होगा' के रेफरेंस में लिखा गया है. यह गाना एक हज़ार नौ सौ छयासठ में आई फिल्म 'मेरा साया' का था जिसे आज भी लोग गुनगुनाते और सुनते हुए नहीं थकते हैं. अमूल का यह आर्टवर्क लोगों को काफी पसंद आ रहा है. खासकर सोशल मीडिया पर यह धड़ल्ले से वायरल हो रही है. लोग अमूल ब्रांड के इस ट्रीब्यूट की और क्रिएटिविटी की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं. आपको बता दें कि स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने छः फरवरी दो हज़ार बाईस को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में आखिरी सांस ली. यहां वो कोरोनाग्रस्त होने के बाद लगभग अट्ठाईस दिनों से भर्ती थीं. राजकीय सम्मान के साथ मुंबई के शिवाजी पार्क में उन्हें अंतिम विदाई दी गई. राजनीति और फिल्मी दुनिया से जुड़े तमाम हस्तियां लता मंगेशकर को अंतिम विदाई देने पहुंचे थे. वहीं, सोशल मीडिया पर भी फैंस और सेलेब्स उन्हें लगातार याद कर रहे हैं. . |
हाल ही में दीपिका ने एक शीतल पेय कंपनी के साथ एक साल के लिए विज्ञापन का करार किया और इसके लिए उन्हें कथित तौर पर छह करोड़ रुपए की भारी भरकम रकम दी गई.
इससे पहले किसी हीरोइन को विज्ञापन के लिए इतनी रकम कभी नहीं दी गई.
दीपिका ने ऐसा करके प्रियंका चोपड़ा, कटरीना कैफ़ और ऐश्वर्या राय बच्चन तक को पीछे छोड़ दिया जो एक विज्ञापन के लिए पांच से साढ़े पांच करोड़ रुपए तक लेती हैं.
शाहरुख़ को पसंद है 'रा. वन'
शाहरुख़ ख़ान के हिस्से में 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे', 'बाज़ीगर', 'डर', 'चक दे इंडिया', 'कुछ-कुछ होता है' और 'चेन्नई एक्सप्रेस' जैसी बेहद हिट और यादगार फ़िल्में दर्ज हैं. लेकिन जब उनसे उनकी पसंदीदा फ़िल्में पूछी गईं तो उन्होंने इनमें से एक का भी नाम नहीं लिया.
मुंबई में एक उत्पाद के प्रमोशनल इवेंट में पहुंचे शाहरुख़ ने पसंदीदा फ़िल्मों के नाम पर अपनी फ़्लॉप फ़िल्में गिनाईं.
उन्होंने कहा, "मुझे रा. वन, पहेली और फिर भी दिल है हिंदुस्तानी सबसे ज़्यादा पसंद हैं क्योंकि मां-बाप को अपना कमज़ोर बच्चा सबसे ज़्यादा लाडला होता है. "
इस साल शाहरुख़ ख़ान फ़राह ख़ान निर्देशित 'हैप्पी न्यू ईयर' में नज़र आएँगे.
सुभाष घई की 1983 की सुपरहिट फ़िल्म 'हीरो' के रीमेक में तिग्मांशु धूलिया वो रोल करेंगे जो मूल फ़िल्म में शम्मी कपूर ने निभाया था. शम्मी ने फ़िल्म में हीरोइन मीनाक्षी शेषाद्रि के पिता को रोल निभाया था.
रीमेक में हीरोइन अथैया शेट्टी के पिता बनेंगे. अथैया, अभिनेता सुनील शेट्टी की बेटी हैं. फ़िल्म के हीरो हैं सूरज पंचोली, जो आदित्य पंचोली के बेटे हैं.
इसका निर्देशन कर रहे हैं निखिल आडवाणी.
| हाल ही में दीपिका ने एक शीतल पेय कंपनी के साथ एक साल के लिए विज्ञापन का करार किया और इसके लिए उन्हें कथित तौर पर छह करोड़ रुपए की भारी भरकम रकम दी गई. इससे पहले किसी हीरोइन को विज्ञापन के लिए इतनी रकम कभी नहीं दी गई. दीपिका ने ऐसा करके प्रियंका चोपड़ा, कटरीना कैफ़ और ऐश्वर्या राय बच्चन तक को पीछे छोड़ दिया जो एक विज्ञापन के लिए पांच से साढ़े पांच करोड़ रुपए तक लेती हैं. शाहरुख़ को पसंद है 'रा. वन' शाहरुख़ ख़ान के हिस्से में 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे', 'बाज़ीगर', 'डर', 'चक दे इंडिया', 'कुछ-कुछ होता है' और 'चेन्नई एक्सप्रेस' जैसी बेहद हिट और यादगार फ़िल्में दर्ज हैं. लेकिन जब उनसे उनकी पसंदीदा फ़िल्में पूछी गईं तो उन्होंने इनमें से एक का भी नाम नहीं लिया. मुंबई में एक उत्पाद के प्रमोशनल इवेंट में पहुंचे शाहरुख़ ने पसंदीदा फ़िल्मों के नाम पर अपनी फ़्लॉप फ़िल्में गिनाईं. उन्होंने कहा, "मुझे रा. वन, पहेली और फिर भी दिल है हिंदुस्तानी सबसे ज़्यादा पसंद हैं क्योंकि मां-बाप को अपना कमज़ोर बच्चा सबसे ज़्यादा लाडला होता है. " इस साल शाहरुख़ ख़ान फ़राह ख़ान निर्देशित 'हैप्पी न्यू ईयर' में नज़र आएँगे. सुभाष घई की एक हज़ार नौ सौ तिरासी की सुपरहिट फ़िल्म 'हीरो' के रीमेक में तिग्मांशु धूलिया वो रोल करेंगे जो मूल फ़िल्म में शम्मी कपूर ने निभाया था. शम्मी ने फ़िल्म में हीरोइन मीनाक्षी शेषाद्रि के पिता को रोल निभाया था. रीमेक में हीरोइन अथैया शेट्टी के पिता बनेंगे. अथैया, अभिनेता सुनील शेट्टी की बेटी हैं. फ़िल्म के हीरो हैं सूरज पंचोली, जो आदित्य पंचोली के बेटे हैं. इसका निर्देशन कर रहे हैं निखिल आडवाणी. |
खिले नित आसमानों में धनुष का रंग हो जाये।
लिखे हर दिन नई कविता वो मुक्तक छंद हो जाये। ।
लगाओ आग हिम्मत की कभी डर से न वो जूझे,
हर एक बेटी का ये जीवन सहस मकरंद हो जाये। ।
संवारों जीवनी उसकी गुलों सा तेज लेगी वो,
किसी बेटी का ये जीवन नहीं वन-कंद हो जाये।
नहीं दो टीस इतनी की दिलों में संद हो उसके। ।
नहीं निर्णीत हो कुछ ऐसा कि घर में बंद हो जाये। ।
अंतिमा सिंह "गोरखपुरी"
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
| खिले नित आसमानों में धनुष का रंग हो जाये। लिखे हर दिन नई कविता वो मुक्तक छंद हो जाये। । लगाओ आग हिम्मत की कभी डर से न वो जूझे, हर एक बेटी का ये जीवन सहस मकरंद हो जाये। । संवारों जीवनी उसकी गुलों सा तेज लेगी वो, किसी बेटी का ये जीवन नहीं वन-कंद हो जाये। नहीं दो टीस इतनी की दिलों में संद हो उसके। । नहीं निर्णीत हो कुछ ऐसा कि घर में बंद हो जाये। । अंतिमा सिंह "गोरखपुरी" - हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें। |
धौलपुर। आखिरकार स्वास्थ्य विभाग की नींद टूट गई है। कई बार हुई शिकायतों के बाद अब जाकर स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को रीको औद्योगिक क्षेत्र स्थित संकल्प डेयरी यूनिट पर छापेमार कार्रवाई की। पुलिस ने मौके पर एक क्विंटल से अधिक बने हुए मावे को जब्त करते हुए सैंपल लिए। टीम की ओर से हुई कार्रवाई के बाद जिले के व्यापारियों में हड़कंप मच गया। आपको बता दें कि दिवाली के पर्व को देखते हुए धौलपुर में बड़े पैमाने पर नकली घी, दूध, मावा और अन्य खाद्य पदार्थों का व्यापार बढ़ जाता है। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने अब कार्रवाई शुरू करते हुए सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।
| धौलपुर। आखिरकार स्वास्थ्य विभाग की नींद टूट गई है। कई बार हुई शिकायतों के बाद अब जाकर स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को रीको औद्योगिक क्षेत्र स्थित संकल्प डेयरी यूनिट पर छापेमार कार्रवाई की। पुलिस ने मौके पर एक क्विंटल से अधिक बने हुए मावे को जब्त करते हुए सैंपल लिए। टीम की ओर से हुई कार्रवाई के बाद जिले के व्यापारियों में हड़कंप मच गया। आपको बता दें कि दिवाली के पर्व को देखते हुए धौलपुर में बड़े पैमाने पर नकली घी, दूध, मावा और अन्य खाद्य पदार्थों का व्यापार बढ़ जाता है। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने अब कार्रवाई शुरू करते हुए सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। |
डर्बीः
दीपक हुड्डा (59) और सूर्यकुमार यादव (36) की तूफ़ानी पारियों की बदौलत भारत ने डर्बीशर के खिलाफ शुक्रवार को हुए अभ्यास मैच में सात विकेट से जीत दर्ज की।
भारत के सामने डर्बीशर ने 151 रन का लक्ष्य रखा था, जिसे भारत ने शानदार फॉर्म में चल रहे हुड्डा की अगुवाई में 17वें ओवर में ही हासिल कर लिया। हुड्डा ने 37 गेंदों पर पांच चौकों और दो छक्कों की बदौलत 59 रन बनाये। इसके अलावा पारी की शुरुआत करने उतरे संजू सैमसन ने 38(30) और सूर्यकुमार यादव ने 36(22) रन बनाये।
डर्बीशर की ओर से बेन एचिसन ने दो विकेट लिये जबकि मैटी मकीरनन को एक विकेट हासिल हुआ।
भारत ने टॉस जीतकर डर्बीशर को पहले बल्लेबाज़ी के लिये आमंत्रित किया और दोनों सलामी बल्लेबाजों को तेजी से पवेलियन लौटाया। अक्षर पटेल ने लुइस रीस को पहले ओवर में ही एक रन पर आउट किया, जबकि डर्बीशर के कप्तान शान मसूद ने 11 गेंदों पर आठ रन बनाकर अर्शदीप सिंह के हाथों अपना विकेट गंवाया।
तीसरे नंबर पर आये वेन मैडसन ने लियुस डु प्लॉय के साथ पारी को आगे बढ़ाना चाहा, लेकिन चार गेंदों पर नौ रन बनाकर प्लॉय भी उमरान मलिक की गेंद पर बोल्ड हो गये।
43 रन पर तीन विकेट गंवा चुकी डर्बीशर की पारी को मैडसन और हिलटन कार्टराइट ने संभाला। मैडसन ने 23 गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की बदौलत 28 रन बनाये, जबकि कार्टराइट ने 27(24) रन की पारी में दो चौके लगाये। इसके अलावा एलेक्स हग्स ने 24(17) और ब्रूक गेस्ट ने 23(25) रन जोड़े और डर्बीशर ने अपने 20 ओवर में 150 रन बनाये।
भारत की ओर से अर्शदीप ने चार ओवर में 29 रन देकर दो विकेट लिये जबकि उमरान ने अपने चार ओवर के कोटे में 31 रन देकर दो विकेट चटके। अक्षर और वेंकटेश अय्यर को भी एक-एक विकेट मिला।
151 रन का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने सलामी बल्लेबाज रुतुराज गायकवाड को महज तीन रन पर ही खो दिया, मगर तीसरे नंबर पर आये हुड्डा ने संजू सैमसन के साथ 51 रन की साझेदारी कर भारत को फ्रंटफुट पर ला खड़ा किया। संजू ने आठवें ओवर में आउट होने से पहले 30 गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की बदौलत 38 रन बनाये।
सैमसन के बाद क्रीज पर आये सूर्यकुमार यादव और हु्ड्डा ने 78 रन जोड़े और मैच भारत की झोली में डाल दिया। हुड्डा 57 रन बनाकर 15वें ओवर में आउट हो गये, जिसके बाद कप्तान दिनेश कार्तिक और यादव ने मैच को समाप्त किया। सूर्यकुमार यादव ने 22 गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की बदौलत नाबाद 36 रन की पारी खेली जबकि कार्तिक सात गेंदों पर सात रन बनाकर नाबाद रहे। भारत ने 16. 4 ओवर में ही 151 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया। (वार्ता)
| डर्बीः दीपक हुड्डा और सूर्यकुमार यादव की तूफ़ानी पारियों की बदौलत भारत ने डर्बीशर के खिलाफ शुक्रवार को हुए अभ्यास मैच में सात विकेट से जीत दर्ज की। भारत के सामने डर्बीशर ने एक सौ इक्यावन रन का लक्ष्य रखा था, जिसे भारत ने शानदार फॉर्म में चल रहे हुड्डा की अगुवाई में सत्रहवें ओवर में ही हासिल कर लिया। हुड्डा ने सैंतीस गेंदों पर पांच चौकों और दो छक्कों की बदौलत उनसठ रन बनाये। इसके अलावा पारी की शुरुआत करने उतरे संजू सैमसन ने अड़तीस और सूर्यकुमार यादव ने छत्तीस रन बनाये। डर्बीशर की ओर से बेन एचिसन ने दो विकेट लिये जबकि मैटी मकीरनन को एक विकेट हासिल हुआ। भारत ने टॉस जीतकर डर्बीशर को पहले बल्लेबाज़ी के लिये आमंत्रित किया और दोनों सलामी बल्लेबाजों को तेजी से पवेलियन लौटाया। अक्षर पटेल ने लुइस रीस को पहले ओवर में ही एक रन पर आउट किया, जबकि डर्बीशर के कप्तान शान मसूद ने ग्यारह गेंदों पर आठ रन बनाकर अर्शदीप सिंह के हाथों अपना विकेट गंवाया। तीसरे नंबर पर आये वेन मैडसन ने लियुस डु प्लॉय के साथ पारी को आगे बढ़ाना चाहा, लेकिन चार गेंदों पर नौ रन बनाकर प्लॉय भी उमरान मलिक की गेंद पर बोल्ड हो गये। तैंतालीस रन पर तीन विकेट गंवा चुकी डर्बीशर की पारी को मैडसन और हिलटन कार्टराइट ने संभाला। मैडसन ने तेईस गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की बदौलत अट्ठाईस रन बनाये, जबकि कार्टराइट ने सत्ताईस रन की पारी में दो चौके लगाये। इसके अलावा एलेक्स हग्स ने चौबीस और ब्रूक गेस्ट ने तेईस रन जोड़े और डर्बीशर ने अपने बीस ओवर में एक सौ पचास रन बनाये। भारत की ओर से अर्शदीप ने चार ओवर में उनतीस रन देकर दो विकेट लिये जबकि उमरान ने अपने चार ओवर के कोटे में इकतीस रन देकर दो विकेट चटके। अक्षर और वेंकटेश अय्यर को भी एक-एक विकेट मिला। एक सौ इक्यावन रन का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने सलामी बल्लेबाज रुतुराज गायकवाड को महज तीन रन पर ही खो दिया, मगर तीसरे नंबर पर आये हुड्डा ने संजू सैमसन के साथ इक्यावन रन की साझेदारी कर भारत को फ्रंटफुट पर ला खड़ा किया। संजू ने आठवें ओवर में आउट होने से पहले तीस गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की बदौलत अड़तीस रन बनाये। सैमसन के बाद क्रीज पर आये सूर्यकुमार यादव और हु्ड्डा ने अठहत्तर रन जोड़े और मैच भारत की झोली में डाल दिया। हुड्डा सत्तावन रन बनाकर पंद्रहवें ओवर में आउट हो गये, जिसके बाद कप्तान दिनेश कार्तिक और यादव ने मैच को समाप्त किया। सूर्यकुमार यादव ने बाईस गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की बदौलत नाबाद छत्तीस रन की पारी खेली जबकि कार्तिक सात गेंदों पर सात रन बनाकर नाबाद रहे। भारत ने सोलह. चार ओवर में ही एक सौ इक्यावन रन का लक्ष्य हासिल कर लिया। |
पुलिस ने बताया कि राजस्थान के पाली जिले में रहने वाले उम्मेद सिंह ने अपनी पत्नी लक्ष्मीबाई, उसके पिता राजू खिलन सिंह सनोरिया और मां कमला बाई सनोरिया के खिलाफ झूठ बोलकर शादी करने और धोखाधड़ी करने का केस दर्ज करवाया है.
मध्य प्रदेश में इंदौर की रहने वाली महिला पर उसी के ही पति ने धोखाधड़ी और जालसाजी का आरोप लगाया है. राजस्थान के रहने वाले युवक ने अपनी पत्नी और सास-सुसर पर आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज करवाई है. कि उसकी पत्नी ने उससे शादी करने से पहले मुंबई के किसी व्यक्ति से शादी की थी. जिससे उसे एक बेटी भी है. वो वहां कुछ समय ही रही और फिर पैसे और गहने चोरी कर भाग आई. इसके बाद उसके माता-पिता ने दूसरी शादी मुझसे कराई. मुझसे उसे दो बेटियां हैं और अब उसने मुझे और दोनों बेटियों को छोड़ 6 लाख रुपए और जेवर लेने के बाद अहमदाबाद में किसी तीसरे व्यक्ति से शादी कर ली है.
पुलिस ने बताया कि राजस्थान के पाली जिले में रहने वाले उम्मेद सिंह ने अपनी पत्नी लक्ष्मीबाई, उसके पिता राजू खिलन सिंह सनोरिया और मां कमला बाई सनोरिया के खिलाफ झूठ बोलकर शादी करने और धोखाधड़ी करने का केस दर्ज करवाया है.
उम्मेद सिंह ने बताया कि उसकी और लक्ष्मीबाई की शादी 2016 में एक मंदिर में हुई थी. शादी के कुछ समय तक सब अच्छा रहा. उन दोंनो को एक तीन साल और एक डेढ़ साल की बेटी है और वो तमिलनाडु में नौकरी करता है. उम्मेद सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी जब प्रग्नेंट थी तो उसके माता-पिता ने उसे डिलीवरी के लिए अहमदाबाद बुला लिया था. बेटी के जन्म के समय मेरे सास-सुसर ने मुझसे रुपयों की मांग भी की थी. जबकि शादी के बाद से अब तक मैं उनके खाते में करीब 6 लाख रुपये जमा करवा चुका हूं. इसके बाद ही उसकी पत्नी दोनों बेटियों को उसी के पास छोड़कर अपने मायके चली गई. काफी दिन बीत जाने के बाद भी जब पत्नी नहीं लौटी तो वो अपनी बेटियों को अपनी मां के पास छोड़कर नौकरी पर चला गया.
बहुत समय तक जब पत्नी वापस नहीं आई तो मैं उसे लेने उसके घर इंदौर गया. वहां जाकर पता चला कि उसके माता-पिता ने उसकी तीसरी शादी करा दी है. अहमदाबाद के रहने वाले किसी युवक से उसने शादी की है. इसके पहले मुंबई में एक आदमी से भी वो शादी कर चुकी हैं जिससे उसे एक बच्ची है. इतना ही नहीं मेरे सास-ससुर ही अपनी बेटी की इस तरह से अलग-अलग जगह शादी करवाकर लोगों से रुपये और जेवर हड़पने का काम करते हैं.
वहीं इस मामले में पुलिस ने तहकीकात करके तीनों पर केस दर्ज कर लिया है और सास-ससुर को गिरफ्तार भी कर लिया है.
| पुलिस ने बताया कि राजस्थान के पाली जिले में रहने वाले उम्मेद सिंह ने अपनी पत्नी लक्ष्मीबाई, उसके पिता राजू खिलन सिंह सनोरिया और मां कमला बाई सनोरिया के खिलाफ झूठ बोलकर शादी करने और धोखाधड़ी करने का केस दर्ज करवाया है. मध्य प्रदेश में इंदौर की रहने वाली महिला पर उसी के ही पति ने धोखाधड़ी और जालसाजी का आरोप लगाया है. राजस्थान के रहने वाले युवक ने अपनी पत्नी और सास-सुसर पर आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज करवाई है. कि उसकी पत्नी ने उससे शादी करने से पहले मुंबई के किसी व्यक्ति से शादी की थी. जिससे उसे एक बेटी भी है. वो वहां कुछ समय ही रही और फिर पैसे और गहने चोरी कर भाग आई. इसके बाद उसके माता-पिता ने दूसरी शादी मुझसे कराई. मुझसे उसे दो बेटियां हैं और अब उसने मुझे और दोनों बेटियों को छोड़ छः लाख रुपए और जेवर लेने के बाद अहमदाबाद में किसी तीसरे व्यक्ति से शादी कर ली है. पुलिस ने बताया कि राजस्थान के पाली जिले में रहने वाले उम्मेद सिंह ने अपनी पत्नी लक्ष्मीबाई, उसके पिता राजू खिलन सिंह सनोरिया और मां कमला बाई सनोरिया के खिलाफ झूठ बोलकर शादी करने और धोखाधड़ी करने का केस दर्ज करवाया है. उम्मेद सिंह ने बताया कि उसकी और लक्ष्मीबाई की शादी दो हज़ार सोलह में एक मंदिर में हुई थी. शादी के कुछ समय तक सब अच्छा रहा. उन दोंनो को एक तीन साल और एक डेढ़ साल की बेटी है और वो तमिलनाडु में नौकरी करता है. उम्मेद सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी जब प्रग्नेंट थी तो उसके माता-पिता ने उसे डिलीवरी के लिए अहमदाबाद बुला लिया था. बेटी के जन्म के समय मेरे सास-सुसर ने मुझसे रुपयों की मांग भी की थी. जबकि शादी के बाद से अब तक मैं उनके खाते में करीब छः लाख रुपये जमा करवा चुका हूं. इसके बाद ही उसकी पत्नी दोनों बेटियों को उसी के पास छोड़कर अपने मायके चली गई. काफी दिन बीत जाने के बाद भी जब पत्नी नहीं लौटी तो वो अपनी बेटियों को अपनी मां के पास छोड़कर नौकरी पर चला गया. बहुत समय तक जब पत्नी वापस नहीं आई तो मैं उसे लेने उसके घर इंदौर गया. वहां जाकर पता चला कि उसके माता-पिता ने उसकी तीसरी शादी करा दी है. अहमदाबाद के रहने वाले किसी युवक से उसने शादी की है. इसके पहले मुंबई में एक आदमी से भी वो शादी कर चुकी हैं जिससे उसे एक बच्ची है. इतना ही नहीं मेरे सास-ससुर ही अपनी बेटी की इस तरह से अलग-अलग जगह शादी करवाकर लोगों से रुपये और जेवर हड़पने का काम करते हैं. वहीं इस मामले में पुलिस ने तहकीकात करके तीनों पर केस दर्ज कर लिया है और सास-ससुर को गिरफ्तार भी कर लिया है. |
छायावाद के कवियों के विषय में जोशी जी का निश्चित मत है कि उन्होंने अपने जीवन की यौन कुण्ठाओं को 'आत्मा परमात्मा के मिलन' और असीम की प्राप्ति की आकांक्षा का मुलम्मा चढ़ा कर चमकाया है और इतना चमकाया है कि देखने वालों की आँखें चकाचौंध रह गई । छायावाद के सौंदर्य - चित्र "जीवन जर्जरित मानव को विश्व - कल्याणकारी स्वस्थ सौंदर्य से परिचित नहीं कराते ।" अपनी विकृत भावनाओं को व्यक्त करते हैं जिससे वे अपने "स्वार्थ-क्लेश- युक्त फोड़ों को फोड़ सकें ।"
जहाँ तक जोशीजी यह कहते हैं कि यौन इच्छाओं को ही आत्मा-परमात्मा के मिलन का रूपक दिया गया है वहाँ तक तो किसी भी समझदार व्यक्ति का मतभेद उनसे नहीं हो सकता क्योंकि छायावाद के प्रणय-चित्रों से यह स्पष्ट है कि वह लौकिक शृगार भावनाओं का सूक्ष्म रोमानी रूप ही है, किसी आत्मा का परमात्मा के प्रति प्रणय-निवेदन नहीं । हमारे छायावादी चाहे जितनी दलीलें दें किन्तु अपने व्यक्ति को वह कभी भी भुला नहीं सके हैं और यदि वह ऐसा नहीं कर सके हैं तो शुद्ध आत्मा का परमात्मा के प्रति प्रणय - निवेदन कैसा ?
किन्तु जोशीजी की दूसरी बात से हम सहमत नहीं हैं । छायावाद के सौन्दर्य-चित्र "विश्व कल्याणकारी सौन्दर्य" से परिचित नहीं कराते, ऐसा जोशी जी कहते हैं । "विश्व कल्याणकारी सौन्दर्य " से जोशीजी का क्या तात्पर्य है यह समझ में नहीं आता । सौन्दर्य की मँजी से मँजी हुई दृष्टि में भी छायावाद के सौन्दर्य - चित्र उत्तम ठहरते हैं; वह विश्व की सौंदर्य-दृष्टि को और परिष्कृत करते है । हिन्दी की अपनी इस बहुमूल्य सम्पत्ति को यदि स्वयं हिन्दी जगत, हिन्दी काव्य-रत्नों के पारखी जौहरी, अस्वीकार करते हैं तो हमें कहना पड़ेगा कि हिन्दी के लिए उससे बड़े दुर्भाग्य की बात नहीं हो सकती ।
सुन्दर और उपयोगी एक ही चीज़ के दो अलग-अलग पहलू हैं । उपयोगी नहीं है इसके माने यह नहीं कि सुन्दर भी नहीं है, हाँ, यदि उपयोगी को ही सुन्दर कहें तो बात दूसरी है। छायावादी कवियों ने जीवन-संघर्ष, युग समस्याओं से तटस्थ रहकर सौन्दर्य की उपासना की, ठीक वैसे ही जैसे अपने काल के अव्यवस्थित जीवन और सामाजिक विषमताओं से भाग कर बड़े-बड़े कलाकारों ने अजन्ता और एलोरा की गुफ़ाओं में सौन्दर्य को साकार किया । क्या कोई भी समझदार व्यक्ति उन जीवित प्रतिमाओं के सौन्दर्य को केवल इस लिए अस्वीकार कर देगा कि उनके निर्माताओं ने अपने युग की समस्याओं के उलझाने सुलझाने में सक्रिय योग नहीं दिया? छायावादी कवियों ने अपने युग की समस्याओं को काव्य में वाणी नहीं दी, न उनका समाधान किया - यह एक दूसरी बात है । यह उनकी कमी है इसे कोई नहीं भुला सकता । वह सुन्दर के साथ उपयोगी काव्य का निर्माण कर सकते थे जैसे स्वर्गीय रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने किया। अधिकांश छायावादी कवि अपने छायालोक के नन्दन कानन में विचरण करते-करते, सुख-दुःख के विविध अनुभवों को अपने अन्तर में समेटने वाली पृथ्वी को बिलकुल भूल गए हैं अतः उनका काव्य भी रवीन्द्र के काव्य के समकक्ष
नहीं ठहरता ।
छायावादी कवियों में प्रसाद ने अपने पाँव पृथ्वी के ऊपर ही टिकाये रखे तो उनका काव्य भी रवीन्द्र के काव्य से कहीं हीन नहीं है ।
यह सब कमियाँ होते हुए भी छायावाद ने युग-युग से सुप्त सौन्दर्य चेतना जगाकर अपने युग के सहृदय व्यक्तियों को रुचि को परिष्कृत किया है और इस प्रकार स्वस्थ सुरुचि पूर्ण मानव के निर्माण में योग दिया है, यह तथ्य हिन्दी आलोचना जगत को स्वीकार करना पड़ेगा । इस अर्थ में छायावादी कवि प्रेरित नहीं प्रेरक भी हैं। मनोविश्लेषण के सिद्धांतों की दृष्टि से देखें तो भी यह तथ्य सहज ही स्पष्ट हो जाता है कि सामूहिक चेतन के जीवन संघर्ष में अत्यधिक संलग्न हो जाने से हर एक चीज़ को उपयोगिता की दृष्टि से देखने के कारण उसकी सहज सौन्दर्य-दृष्टि दमित हुई थी और शायद इतनी दबाई गई थी कि उसके अवचेतन से वह उपयोगिता निरपेक्ष होकर सहज रूप में फूट पड़ी । यह प्रतिक्रिया अत्यन्त स्वाभाविक थी किन्तु पूर्ण स्वस्थ नहीं । छायावाद की सौन्दर्य और शृंगार दृष्टि । यदि युग की अन्य भावनाओं से निरपेक्ष न रह कर उन से समझौता कर सकती तो एक संतुलित काव्य-व्यक्तित्व प्रस्तुत कर सकती थी और तब सम्भवतः उसका मूल्य कहीं अधिक होता ।
एडलर के हीन भाव की क्षतिपूर्ति के सिद्धान्त की दृष्टि से छायावादी कवियों की परख करते हुए इलाचन्द्रजी का कहना है कि इन कवियों ने वास्तविक जीवन में अपने को असमर्थ पाया और इसी कारण कल्पना के छायालोक पर आधिपत्य कर, साधारण जनता पर रौब जमा कर, उसका आदर और सम्मान प्राप्त करके अपनी हीनता की क्षतिपूर्ति की; तो इसमें तो कुछ अस्वाभाविक नहीं है । प्रत्येक व्यक्ति कहीं न कहीं तो क्षतिपूर्ति करता ही है । इसके आगे जोशजी कहते हैं, "अपनी छाया नयी कल्पना को क्षुधा-तृषा-पीड़ित मर्त्यलोक से दूर, और और अधिक दूर ले जाने की होड़ आपस में लगाते रहे. इस प्रकार की अतिरिक्त क्षतिपूर्ति से न व्यक्ति को लाभ होता है न समाज को ।" छायावादी काव्य से व्यक्ति को जो लाभ हुआ उसे तो जोशीजी भी स्वयं अस्वीकार नहीं कर सकते । समाज को जो सौन्दर्य-दृष्टि मिली उसका विवेचन भी हम ऊपर कर ही चुके हैं। कहना न होगा कि छायावाद के विषय में जोशीजी की दृष्टि एकांगी है; उन्होंने रोटी कपड़े की उपयोगिता की दृष्टि से ही उसकी जाँच को है । मनोजगत् की विशेषताओं से परिचित प्रत्येक व्यक्ति यह जानता है कि मन को रोटो कपड़े की स्थूल माँगों के अलावा और भो 'बहुत कुछ' चाहिए । रोटी कपड़े को स्थूल और आवश्यक माँगों की छायावादी कवियों ने अवहेलना की, इसके लिए आप चाहे क्षमा न करें किन्तु और जो बहुत कुछ दिया उसके लिए क्या आप को उदार दृष्टि उनको श्रेय न देगो ? छायावाद ने जीवन की स्थूल आवश्यकताओं का तिरस्कार किया यह ठोक हो है । उस अध्यधिक तिरस्कार का सीधा परिणाम, उनका उद्दाम वेग प्रगतिवाद के रूप में प्रस्तुत हुआ; "उसकी प्रत्यक्ष तीव्रता
केवल स्नावयिक दौर्बल्य जनित हिस्टीरिया से ग्रस्त एक श्रेणी विशेष के प्रतिक्रिया-प्रकोप के सिवा कुछ भी नहीं है । "
प्रगतिवाद के विषय में जोशीजी का उपर्युक्त मत ठीक ही है । हिस्टीरिया भी मानव अचेतन का विद्रोह ही होता है । वह एक विशेष वृत्ति को निर्बाध प्रवाह तो देता है किन्तु रुग्ण रूप में, भले-बुरे के विवेक से रहित होकर । आज के प्रगतिवाद ने भी भले-बुरे के विवेक को करने वाली स्वस्थ दृष्टि का त्याग कर दिया है ; आज प्रगतिवाद के रूप में. "जिस जीवनाकांक्षा का काव्य में आभास मिलने लगा है वह बहुत दिनों से भोजन से वंचित कंगाल को भूख की तरह है जो एक गंदे स्थान पर पड़े हुए बासी सड़े हुए अखाद्य टुकड़े पर भी झपट पड़ता है और बड़े चाव से उसे खाता हुआ यह सोचता है कि उसने जीवन पोषण के उपयुक्त मूल उपादान प्राप्त कर लिया ।"
होन भावना की पूर्ति, मानव का हितैषी बनने का स्वाँग रचकर साधारण जनता पर रौब गाँठने के रूप में हो रही है । "आजकल हम लोग नये मतवाद के प्रचारकों की कविताओं में शोषित मानवता के प्रति जो सहानुभूतिमूलक साम्यवादी उक्तियाँ पढ़ते वास्तविक मानव-हिताकांक्षा द्वारा प्रेरित होकर नहीं, बल्कि जनता पर सबसे
अधिक प्रभाव डालने की भावना से लिखी गई है ।" मानव-हिताकांक्षा के महत् उद्देश्य को लेकर चलने वाली कोई विचारधारा किसी राजनीतिक वाद का अस्त्र नहीं बन सकती न वह मज़दूर की बाटिका को मिल मालिक के खून से सींच सकती है ।
कथा और उपन्यास- साहित्य का मनोविश्लेषणात्मक अध्ययन करते हुए इलाचन्द्र जी उपन्यासकारों के मानव-चरित्र की गुत्थियों और दुर्बलताओं को खोल-खोल कर दिखाने में तीन दृष्टिकोण मानते हैं । १. जेम्स जायस और डी. एच. लारेंस वाला दृष्टिकोण । इन उपन्यासकारों ने फायड, एडलर, यंग आदि मनोविश्लेषकों के मनोविश्लेषण के उद्देश्य, मानव-मन की गुत्थियों के विश्लेषण से स्वस्थ आत्मोत्कर्ष का तिरस्कार करके मिथुनाचार को ही मानव-मन की एकमात्र वृत्ति समझा ; उसको खोल खोल कर दिखाया और उसमें रस लिया । इस प्रकार के उपन्यास उनके लेखकों की रुग्ण मनोदशा के परिचायक है । २. जिनमें मानव - चरित्र की दुर्बलताओं और प्रमुख पत्रों की चरित्रहीनता को महिमान्वित करके दिखाया जाता है । लेखक का दृष्टिकोण उन दुर्बलताओं के प्रति सहानुभूतिपूर्ण रहता है और वैसा प्रभाव ही वह अपने पाठक पर भी डालना चाहता है । इस प्रकार के उपन्यास डास्टोइवस्की का 'पाप और दण्ड' (Crime And Punishment) तथा शरच्चन्द्र के लगभग सब उपन्यास हैं । डास्टोइवस्की के इस उपन्यास का प्रमुख पात्र दो निरपराध बुढ़ियाओं की हत्या करके भी मासूम ही रहता है। शरच्चंद्र भी अपने प्रायः सभी उपन्यासों 'चरित्रहीन', 'श्रीकान्त' आदि के नायकों के दुर्बल चरित्रों को महिमान्वित करते हैं । उनकी नायिकाएँ भी रूढ़िवादी पुरातन की लकीर पीटने वाली ही हैं, कभी कहीं वह नायक की चारित्रिक दुर्बलता के विरुद्ध स्वस्थ विद्रोह नहीं करतीं। ऐसे जिन
उपन्यासों में चरित्रहीनता पर ही महिमा का आवरण चढ़ाया गया है उनकी दृष्टि को भी अस्वस्थ ही कहा जायगा । ३. तीसरे प्रकार के उपन्यास वे हैं जो जोशीजी के आदर्श हैं और वस्तुतः मनोविश्लेषण की दृष्टि से भी स्वस्थ हैं । ऐसे उपन्यास का लेखक न अपने चरित्रों के मन का विश्लेषण करने में उनकी दुर्बलताओं में रस लेता है न उनको महिमा - न्वित करता है । अत्यन्त तटस्थ भाव से मानव-मन की कमज़ोरियों को खोल-खोल कर दिखाता है । वह पाठक समाज के सम्मुख यह बता देना चाहता है कि इस प्रकार के भव्य पात्रों के प्रति सहानुभूति बरसाने से काम न चलेगा, न उससे समाज का कोई उद्धार ही होने वाला । हिन्दी के जैनेंद्र, वात्स्यायन और स्वयं उपन्यासों को वे इसी के अन्तर्गत रखते हैं ।
साहित्य की प्रमुख विचारधाराओं के मनोविश्लेषणात्मक आलोचना के अतिरिक्त जोशीजी ने तुलसी, सूर, 'साकेत' में उर्मिला के विरह, साहित्यकार प्रसाद और महादेवी का भी स्वतंत्र रूप से मनोविश्लेषणात्मक अध्ययन किया है जिसको विस्तार भय से यहाँ देना अनुपयुक्त समझते हैं ।
मनोविश्लेषण का उपयोग जीवन की स्वस्थता के लिए बताते हुए जोशीजी कहते हैं, "हम उन आदिम प्राथमिक वृत्तियों को दबाने की व्यर्थ चेष्टा करने की बजाय उन्हें
सहज रूप में ग्रहण करें . . इस मूल शक्ति को हम मानवीय संस्कृति के विकास के सुन्दर से सुन्दरतर स्तरों की ओर प्रेरित और परिचालित करने में समर्थ हो ।"
वात्स्यायन में, आलोचना-पद्धति में विश्लेषण के सिद्धांतों, तथा स्वतन्त्र रूप से रचयिता और रचना का, और साथ ही भावुक की मनःस्थिति के विश्लेषण का, अपूर्व सामंजस्य मिलता है । कला का मूल सर्जना-स्रोत वात्स्यायन एडलर के Feeling of Inferiority वाले सिद्धांत से मानते । अर्थात् उन्होंने कला का मूल स्रोत हीन भावना की क्षतिपूर्ति को माना है।
ललित कलाओं और साहित्य-सर्जना का प्रारंभ वात्स्यायन ने उस काल से माना है जब मानव खेतीहर और संभवतः चरवाहा सभ्यता के स्तर तक भी नहीं पहुँचा था । मानव में उस समय भी यूथों में रहने की चलन थी । यूथ का प्रत्येक व्यक्ति अपने विशिष्ट यूथ के प्रति कुछ कर्तव्य कर्मों का अनुभव करता था, अपने यूथ के प्रति किसी न किसी रूप में उपयोगी होने की प्रबल आकांक्षा उसके मन में थी । ऐसी स्थिति में कभी किसी पेड़ से गिर जाने या किसी आखेटक के चोट लग जाने पर जब वह किसी तरह अपने यूथ की रोज़ की जीवन-चर्या में अपना हाथ बँटाने में असमर्थ हो जाता था तब क्या "वह भी इस बोध से न तड़पता होगा कि वह अपात्र है, किसी तरह से घटिया है, क्षुद्र है।" उसकी यह मानसिक ग्लानि और क्षोभ से रूप दो ले सकते थे । एक यह कि वह थे आत्महत्या कर ले, मर जाय, दूसरा यह कि वह अपनी इस असमर्थता से संघर्ष करे; किसी न किसी रूप में अब भी अपने यूथ, अपने समाज के लिये उपयोगी सिद्ध हो सके । तब ऐसे | छायावाद के कवियों के विषय में जोशी जी का निश्चित मत है कि उन्होंने अपने जीवन की यौन कुण्ठाओं को 'आत्मा परमात्मा के मिलन' और असीम की प्राप्ति की आकांक्षा का मुलम्मा चढ़ा कर चमकाया है और इतना चमकाया है कि देखने वालों की आँखें चकाचौंध रह गई । छायावाद के सौंदर्य - चित्र "जीवन जर्जरित मानव को विश्व - कल्याणकारी स्वस्थ सौंदर्य से परिचित नहीं कराते ।" अपनी विकृत भावनाओं को व्यक्त करते हैं जिससे वे अपने "स्वार्थ-क्लेश- युक्त फोड़ों को फोड़ सकें ।" जहाँ तक जोशीजी यह कहते हैं कि यौन इच्छाओं को ही आत्मा-परमात्मा के मिलन का रूपक दिया गया है वहाँ तक तो किसी भी समझदार व्यक्ति का मतभेद उनसे नहीं हो सकता क्योंकि छायावाद के प्रणय-चित्रों से यह स्पष्ट है कि वह लौकिक शृगार भावनाओं का सूक्ष्म रोमानी रूप ही है, किसी आत्मा का परमात्मा के प्रति प्रणय-निवेदन नहीं । हमारे छायावादी चाहे जितनी दलीलें दें किन्तु अपने व्यक्ति को वह कभी भी भुला नहीं सके हैं और यदि वह ऐसा नहीं कर सके हैं तो शुद्ध आत्मा का परमात्मा के प्रति प्रणय - निवेदन कैसा ? किन्तु जोशीजी की दूसरी बात से हम सहमत नहीं हैं । छायावाद के सौन्दर्य-चित्र "विश्व कल्याणकारी सौन्दर्य" से परिचित नहीं कराते, ऐसा जोशी जी कहते हैं । "विश्व कल्याणकारी सौन्दर्य " से जोशीजी का क्या तात्पर्य है यह समझ में नहीं आता । सौन्दर्य की मँजी से मँजी हुई दृष्टि में भी छायावाद के सौन्दर्य - चित्र उत्तम ठहरते हैं; वह विश्व की सौंदर्य-दृष्टि को और परिष्कृत करते है । हिन्दी की अपनी इस बहुमूल्य सम्पत्ति को यदि स्वयं हिन्दी जगत, हिन्दी काव्य-रत्नों के पारखी जौहरी, अस्वीकार करते हैं तो हमें कहना पड़ेगा कि हिन्दी के लिए उससे बड़े दुर्भाग्य की बात नहीं हो सकती । सुन्दर और उपयोगी एक ही चीज़ के दो अलग-अलग पहलू हैं । उपयोगी नहीं है इसके माने यह नहीं कि सुन्दर भी नहीं है, हाँ, यदि उपयोगी को ही सुन्दर कहें तो बात दूसरी है। छायावादी कवियों ने जीवन-संघर्ष, युग समस्याओं से तटस्थ रहकर सौन्दर्य की उपासना की, ठीक वैसे ही जैसे अपने काल के अव्यवस्थित जीवन और सामाजिक विषमताओं से भाग कर बड़े-बड़े कलाकारों ने अजन्ता और एलोरा की गुफ़ाओं में सौन्दर्य को साकार किया । क्या कोई भी समझदार व्यक्ति उन जीवित प्रतिमाओं के सौन्दर्य को केवल इस लिए अस्वीकार कर देगा कि उनके निर्माताओं ने अपने युग की समस्याओं के उलझाने सुलझाने में सक्रिय योग नहीं दिया? छायावादी कवियों ने अपने युग की समस्याओं को काव्य में वाणी नहीं दी, न उनका समाधान किया - यह एक दूसरी बात है । यह उनकी कमी है इसे कोई नहीं भुला सकता । वह सुन्दर के साथ उपयोगी काव्य का निर्माण कर सकते थे जैसे स्वर्गीय रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने किया। अधिकांश छायावादी कवि अपने छायालोक के नन्दन कानन में विचरण करते-करते, सुख-दुःख के विविध अनुभवों को अपने अन्तर में समेटने वाली पृथ्वी को बिलकुल भूल गए हैं अतः उनका काव्य भी रवीन्द्र के काव्य के समकक्ष नहीं ठहरता । छायावादी कवियों में प्रसाद ने अपने पाँव पृथ्वी के ऊपर ही टिकाये रखे तो उनका काव्य भी रवीन्द्र के काव्य से कहीं हीन नहीं है । यह सब कमियाँ होते हुए भी छायावाद ने युग-युग से सुप्त सौन्दर्य चेतना जगाकर अपने युग के सहृदय व्यक्तियों को रुचि को परिष्कृत किया है और इस प्रकार स्वस्थ सुरुचि पूर्ण मानव के निर्माण में योग दिया है, यह तथ्य हिन्दी आलोचना जगत को स्वीकार करना पड़ेगा । इस अर्थ में छायावादी कवि प्रेरित नहीं प्रेरक भी हैं। मनोविश्लेषण के सिद्धांतों की दृष्टि से देखें तो भी यह तथ्य सहज ही स्पष्ट हो जाता है कि सामूहिक चेतन के जीवन संघर्ष में अत्यधिक संलग्न हो जाने से हर एक चीज़ को उपयोगिता की दृष्टि से देखने के कारण उसकी सहज सौन्दर्य-दृष्टि दमित हुई थी और शायद इतनी दबाई गई थी कि उसके अवचेतन से वह उपयोगिता निरपेक्ष होकर सहज रूप में फूट पड़ी । यह प्रतिक्रिया अत्यन्त स्वाभाविक थी किन्तु पूर्ण स्वस्थ नहीं । छायावाद की सौन्दर्य और शृंगार दृष्टि । यदि युग की अन्य भावनाओं से निरपेक्ष न रह कर उन से समझौता कर सकती तो एक संतुलित काव्य-व्यक्तित्व प्रस्तुत कर सकती थी और तब सम्भवतः उसका मूल्य कहीं अधिक होता । एडलर के हीन भाव की क्षतिपूर्ति के सिद्धान्त की दृष्टि से छायावादी कवियों की परख करते हुए इलाचन्द्रजी का कहना है कि इन कवियों ने वास्तविक जीवन में अपने को असमर्थ पाया और इसी कारण कल्पना के छायालोक पर आधिपत्य कर, साधारण जनता पर रौब जमा कर, उसका आदर और सम्मान प्राप्त करके अपनी हीनता की क्षतिपूर्ति की; तो इसमें तो कुछ अस्वाभाविक नहीं है । प्रत्येक व्यक्ति कहीं न कहीं तो क्षतिपूर्ति करता ही है । इसके आगे जोशजी कहते हैं, "अपनी छाया नयी कल्पना को क्षुधा-तृषा-पीड़ित मर्त्यलोक से दूर, और और अधिक दूर ले जाने की होड़ आपस में लगाते रहे. इस प्रकार की अतिरिक्त क्षतिपूर्ति से न व्यक्ति को लाभ होता है न समाज को ।" छायावादी काव्य से व्यक्ति को जो लाभ हुआ उसे तो जोशीजी भी स्वयं अस्वीकार नहीं कर सकते । समाज को जो सौन्दर्य-दृष्टि मिली उसका विवेचन भी हम ऊपर कर ही चुके हैं। कहना न होगा कि छायावाद के विषय में जोशीजी की दृष्टि एकांगी है; उन्होंने रोटी कपड़े की उपयोगिता की दृष्टि से ही उसकी जाँच को है । मनोजगत् की विशेषताओं से परिचित प्रत्येक व्यक्ति यह जानता है कि मन को रोटो कपड़े की स्थूल माँगों के अलावा और भो 'बहुत कुछ' चाहिए । रोटी कपड़े को स्थूल और आवश्यक माँगों की छायावादी कवियों ने अवहेलना की, इसके लिए आप चाहे क्षमा न करें किन्तु और जो बहुत कुछ दिया उसके लिए क्या आप को उदार दृष्टि उनको श्रेय न देगो ? छायावाद ने जीवन की स्थूल आवश्यकताओं का तिरस्कार किया यह ठोक हो है । उस अध्यधिक तिरस्कार का सीधा परिणाम, उनका उद्दाम वेग प्रगतिवाद के रूप में प्रस्तुत हुआ; "उसकी प्रत्यक्ष तीव्रता केवल स्नावयिक दौर्बल्य जनित हिस्टीरिया से ग्रस्त एक श्रेणी विशेष के प्रतिक्रिया-प्रकोप के सिवा कुछ भी नहीं है । " प्रगतिवाद के विषय में जोशीजी का उपर्युक्त मत ठीक ही है । हिस्टीरिया भी मानव अचेतन का विद्रोह ही होता है । वह एक विशेष वृत्ति को निर्बाध प्रवाह तो देता है किन्तु रुग्ण रूप में, भले-बुरे के विवेक से रहित होकर । आज के प्रगतिवाद ने भी भले-बुरे के विवेक को करने वाली स्वस्थ दृष्टि का त्याग कर दिया है ; आज प्रगतिवाद के रूप में. "जिस जीवनाकांक्षा का काव्य में आभास मिलने लगा है वह बहुत दिनों से भोजन से वंचित कंगाल को भूख की तरह है जो एक गंदे स्थान पर पड़े हुए बासी सड़े हुए अखाद्य टुकड़े पर भी झपट पड़ता है और बड़े चाव से उसे खाता हुआ यह सोचता है कि उसने जीवन पोषण के उपयुक्त मूल उपादान प्राप्त कर लिया ।" होन भावना की पूर्ति, मानव का हितैषी बनने का स्वाँग रचकर साधारण जनता पर रौब गाँठने के रूप में हो रही है । "आजकल हम लोग नये मतवाद के प्रचारकों की कविताओं में शोषित मानवता के प्रति जो सहानुभूतिमूलक साम्यवादी उक्तियाँ पढ़ते वास्तविक मानव-हिताकांक्षा द्वारा प्रेरित होकर नहीं, बल्कि जनता पर सबसे अधिक प्रभाव डालने की भावना से लिखी गई है ।" मानव-हिताकांक्षा के महत् उद्देश्य को लेकर चलने वाली कोई विचारधारा किसी राजनीतिक वाद का अस्त्र नहीं बन सकती न वह मज़दूर की बाटिका को मिल मालिक के खून से सींच सकती है । कथा और उपन्यास- साहित्य का मनोविश्लेषणात्मक अध्ययन करते हुए इलाचन्द्र जी उपन्यासकारों के मानव-चरित्र की गुत्थियों और दुर्बलताओं को खोल-खोल कर दिखाने में तीन दृष्टिकोण मानते हैं । एक. जेम्स जायस और डी. एच. लारेंस वाला दृष्टिकोण । इन उपन्यासकारों ने फायड, एडलर, यंग आदि मनोविश्लेषकों के मनोविश्लेषण के उद्देश्य, मानव-मन की गुत्थियों के विश्लेषण से स्वस्थ आत्मोत्कर्ष का तिरस्कार करके मिथुनाचार को ही मानव-मन की एकमात्र वृत्ति समझा ; उसको खोल खोल कर दिखाया और उसमें रस लिया । इस प्रकार के उपन्यास उनके लेखकों की रुग्ण मनोदशा के परिचायक है । दो. जिनमें मानव - चरित्र की दुर्बलताओं और प्रमुख पत्रों की चरित्रहीनता को महिमान्वित करके दिखाया जाता है । लेखक का दृष्टिकोण उन दुर्बलताओं के प्रति सहानुभूतिपूर्ण रहता है और वैसा प्रभाव ही वह अपने पाठक पर भी डालना चाहता है । इस प्रकार के उपन्यास डास्टोइवस्की का 'पाप और दण्ड' तथा शरच्चन्द्र के लगभग सब उपन्यास हैं । डास्टोइवस्की के इस उपन्यास का प्रमुख पात्र दो निरपराध बुढ़ियाओं की हत्या करके भी मासूम ही रहता है। शरच्चंद्र भी अपने प्रायः सभी उपन्यासों 'चरित्रहीन', 'श्रीकान्त' आदि के नायकों के दुर्बल चरित्रों को महिमान्वित करते हैं । उनकी नायिकाएँ भी रूढ़िवादी पुरातन की लकीर पीटने वाली ही हैं, कभी कहीं वह नायक की चारित्रिक दुर्बलता के विरुद्ध स्वस्थ विद्रोह नहीं करतीं। ऐसे जिन उपन्यासों में चरित्रहीनता पर ही महिमा का आवरण चढ़ाया गया है उनकी दृष्टि को भी अस्वस्थ ही कहा जायगा । तीन. तीसरे प्रकार के उपन्यास वे हैं जो जोशीजी के आदर्श हैं और वस्तुतः मनोविश्लेषण की दृष्टि से भी स्वस्थ हैं । ऐसे उपन्यास का लेखक न अपने चरित्रों के मन का विश्लेषण करने में उनकी दुर्बलताओं में रस लेता है न उनको महिमा - न्वित करता है । अत्यन्त तटस्थ भाव से मानव-मन की कमज़ोरियों को खोल-खोल कर दिखाता है । वह पाठक समाज के सम्मुख यह बता देना चाहता है कि इस प्रकार के भव्य पात्रों के प्रति सहानुभूति बरसाने से काम न चलेगा, न उससे समाज का कोई उद्धार ही होने वाला । हिन्दी के जैनेंद्र, वात्स्यायन और स्वयं उपन्यासों को वे इसी के अन्तर्गत रखते हैं । साहित्य की प्रमुख विचारधाराओं के मनोविश्लेषणात्मक आलोचना के अतिरिक्त जोशीजी ने तुलसी, सूर, 'साकेत' में उर्मिला के विरह, साहित्यकार प्रसाद और महादेवी का भी स्वतंत्र रूप से मनोविश्लेषणात्मक अध्ययन किया है जिसको विस्तार भय से यहाँ देना अनुपयुक्त समझते हैं । मनोविश्लेषण का उपयोग जीवन की स्वस्थता के लिए बताते हुए जोशीजी कहते हैं, "हम उन आदिम प्राथमिक वृत्तियों को दबाने की व्यर्थ चेष्टा करने की बजाय उन्हें सहज रूप में ग्रहण करें . . इस मूल शक्ति को हम मानवीय संस्कृति के विकास के सुन्दर से सुन्दरतर स्तरों की ओर प्रेरित और परिचालित करने में समर्थ हो ।" वात्स्यायन में, आलोचना-पद्धति में विश्लेषण के सिद्धांतों, तथा स्वतन्त्र रूप से रचयिता और रचना का, और साथ ही भावुक की मनःस्थिति के विश्लेषण का, अपूर्व सामंजस्य मिलता है । कला का मूल सर्जना-स्रोत वात्स्यायन एडलर के Feeling of Inferiority वाले सिद्धांत से मानते । अर्थात् उन्होंने कला का मूल स्रोत हीन भावना की क्षतिपूर्ति को माना है। ललित कलाओं और साहित्य-सर्जना का प्रारंभ वात्स्यायन ने उस काल से माना है जब मानव खेतीहर और संभवतः चरवाहा सभ्यता के स्तर तक भी नहीं पहुँचा था । मानव में उस समय भी यूथों में रहने की चलन थी । यूथ का प्रत्येक व्यक्ति अपने विशिष्ट यूथ के प्रति कुछ कर्तव्य कर्मों का अनुभव करता था, अपने यूथ के प्रति किसी न किसी रूप में उपयोगी होने की प्रबल आकांक्षा उसके मन में थी । ऐसी स्थिति में कभी किसी पेड़ से गिर जाने या किसी आखेटक के चोट लग जाने पर जब वह किसी तरह अपने यूथ की रोज़ की जीवन-चर्या में अपना हाथ बँटाने में असमर्थ हो जाता था तब क्या "वह भी इस बोध से न तड़पता होगा कि वह अपात्र है, किसी तरह से घटिया है, क्षुद्र है।" उसकी यह मानसिक ग्लानि और क्षोभ से रूप दो ले सकते थे । एक यह कि वह थे आत्महत्या कर ले, मर जाय, दूसरा यह कि वह अपनी इस असमर्थता से संघर्ष करे; किसी न किसी रूप में अब भी अपने यूथ, अपने समाज के लिये उपयोगी सिद्ध हो सके । तब ऐसे |
राजस्थान के उदयपुर में कांग्रेस का चिंतन शिविर की आज शुरूआत हो चुकी है जो कि अगले दो दिन और चलना है। इस शिविर का शुभारंभ सोनिया गांधी ने किया और आने वाले चुनावों के बारे में कार्यकरताओ से बात की।
वीडियो डेस्क। जयपुर जिले के प्रभारी मंत्री शांति धारीवाल शुक्रवार को जयपुर कलेक्ट्रेट सभागार में भाजपा पर जमकर बरसे। फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा के बाद मीडिया से मुखाबित होते हुए प्रभारी मंत्री शांति धारीवाल ने प्रदेश में हो रही सांप्रदायिक तनाव की घटनाओं के लिए भाजपा को जिम्मेदार बताया।
राजस्थान के रणथंभौर नेशनल पार्क में जितने भी वीडियों बनते थे उसमें दिखने वाली बाघिन t61का आज शव मिला है। अचानक शव मिलने से वहां के अधिकारियों में निराशा है। पोस्टमार्टम से पता चलेगा मौत का राज।
वीडियो डेस्क। भाजपा के राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा को पुलिस ने उदयपुर से जयपुर भेज दिया था। मंत्री जा की कहना है कि वे आदिवासियों से मिलने के लिए गए थे लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया।
भाजपा सांसद के द्वारा गहलोत सरकार पर की जा रही बयानबाजी के बाद सत्ताधारी सरकार ने भी जवाब देते हुए बोले किरोड़ी खुद वांटेड उन पर 5 केस दर्ज हैं उनको सरेंडर कर देना चाहिए।
सीकर हादसाः दो साल पहले साथ हुई थी दोनों भाइयों की शादी, बेटी होने के 13 दिन बाद उजड़ गए दोनों परिवार, पुलिस की परीक्षा देने जा रहे थे दोनो भाई। पिता से छिना बुढ़ापे का सहारा।
वीडियो डेस्क। राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में जयपुर समेत प्रदेश के कई जिलों से अलग अलग नजारे देखने को मिले। सेंटर्स पर बटन काट दिए गए, कपडे उतरवा दिए गए। जूते चप्पल निकलवा दिए गए। नौ बजे से शुरु होने वाली परीक्षा में साढ़े आठ बजे तक पहुंचने की समय बाध्यता थी। सभी सेंटर्स पर इसका सख्ती से पालन भी किया गया।
बदमाश अपना खौफ दिखाने के लिए आए दिन किसी की भी जान लेने से भी नहीं घबराते है। कुछ दिन पहले ही रेलवे गेट मैन को गोली मार दी थी।
सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने कांग्रेस के चिंतन शिविर का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि देश का संविधान खतरे में है। देश में बांटने की राजनीति हो रही है। गांधी के हत्यारों का महिमामंडन होता है।
| राजस्थान के उदयपुर में कांग्रेस का चिंतन शिविर की आज शुरूआत हो चुकी है जो कि अगले दो दिन और चलना है। इस शिविर का शुभारंभ सोनिया गांधी ने किया और आने वाले चुनावों के बारे में कार्यकरताओ से बात की। वीडियो डेस्क। जयपुर जिले के प्रभारी मंत्री शांति धारीवाल शुक्रवार को जयपुर कलेक्ट्रेट सभागार में भाजपा पर जमकर बरसे। फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा के बाद मीडिया से मुखाबित होते हुए प्रभारी मंत्री शांति धारीवाल ने प्रदेश में हो रही सांप्रदायिक तनाव की घटनाओं के लिए भाजपा को जिम्मेदार बताया। राजस्थान के रणथंभौर नेशनल पार्क में जितने भी वीडियों बनते थे उसमें दिखने वाली बाघिन tइकसठका आज शव मिला है। अचानक शव मिलने से वहां के अधिकारियों में निराशा है। पोस्टमार्टम से पता चलेगा मौत का राज। वीडियो डेस्क। भाजपा के राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा को पुलिस ने उदयपुर से जयपुर भेज दिया था। मंत्री जा की कहना है कि वे आदिवासियों से मिलने के लिए गए थे लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया। भाजपा सांसद के द्वारा गहलोत सरकार पर की जा रही बयानबाजी के बाद सत्ताधारी सरकार ने भी जवाब देते हुए बोले किरोड़ी खुद वांटेड उन पर पाँच केस दर्ज हैं उनको सरेंडर कर देना चाहिए। सीकर हादसाः दो साल पहले साथ हुई थी दोनों भाइयों की शादी, बेटी होने के तेरह दिन बाद उजड़ गए दोनों परिवार, पुलिस की परीक्षा देने जा रहे थे दोनो भाई। पिता से छिना बुढ़ापे का सहारा। वीडियो डेस्क। राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में जयपुर समेत प्रदेश के कई जिलों से अलग अलग नजारे देखने को मिले। सेंटर्स पर बटन काट दिए गए, कपडे उतरवा दिए गए। जूते चप्पल निकलवा दिए गए। नौ बजे से शुरु होने वाली परीक्षा में साढ़े आठ बजे तक पहुंचने की समय बाध्यता थी। सभी सेंटर्स पर इसका सख्ती से पालन भी किया गया। बदमाश अपना खौफ दिखाने के लिए आए दिन किसी की भी जान लेने से भी नहीं घबराते है। कुछ दिन पहले ही रेलवे गेट मैन को गोली मार दी थी। सोनिया गांधी ने कांग्रेस के चिंतन शिविर का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि देश का संविधान खतरे में है। देश में बांटने की राजनीति हो रही है। गांधी के हत्यारों का महिमामंडन होता है। |
Jamshedpur / Potka : खड़गपुर से घूमने के लिए पहाड़भांगा पहुंचे दो युवक बुधवार की शाम गुर्रा नदी में डूब गए. काफी खोजबीन के बाद इनमें से एक युवक दीप मुखर्जी (19 वर्ष ) के शव को पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से बरामद कर लिया, लेकिन दूसरे युवक सूर्या मोइत्रा (21 वर्ष) का कोई पता नहीं चल पाया. अब दूसरे युवक की तलाश कल की जाएगी. पोटका थाना क्षेत्र के शंकरदा पंचायत अंतर्गत पर्यटन स्थल पहाड़भांगा में खड़गपुर (पश्चिम बंगाल) के चार युवक दीप मुखर्जी, सूर्या मोइत्रा, ज्योतिमय चक्रवर्ती एवं मोती प्रधान दो बुलेट मोटरसाइकिल से घूमने के लिए पहुंचे थे. दीप के मामा कदमा में रहते हैं. पहाड़भांगा घूमने के बाद सभी युवकों का दीप के मामा घर जाने की योजना थी. शाम लगभग पांच बजे दो युवक दीप एवं सूर्या पहाड़भांगा में गुर्रा नदी में नहाने के लिये उतर गए. अचानक दोनों डूबने लगे, उन्हें डूबता देख बाहर खड़े दो दोस्तों ने शोर मचाया. जिसके बाद स्थानीय लोग वहां पहुंचे एवं घटना की सूचना पोटका पुलिस को दी. पोटका थाना प्रभारी रविन्द्र मुंडा के नेतृत्व में पुलिस घटनास्थल पर पहुंची एवं स्थानीय लोगो की मदद से दीप मुखर्जी के शव को बरामद कर लिया जबकि समाचार लिखे जाने तक सूर्या का कुछ पता नहीं चल पाया है. दीप मुखर्जी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है. ज्ञात हो कि इससे पूर्व भी पहाड़भांगा में डूबने से जमशेदपुर के कई युवकों की मौत हो चुकी है, इसके बावजूद लोग यहां गहरे पानी में उतर जाते हैं और हादसे का शिकार हो रहे हैं.
| Jamshedpur / Potka : खड़गपुर से घूमने के लिए पहाड़भांगा पहुंचे दो युवक बुधवार की शाम गुर्रा नदी में डूब गए. काफी खोजबीन के बाद इनमें से एक युवक दीप मुखर्जी के शव को पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से बरामद कर लिया, लेकिन दूसरे युवक सूर्या मोइत्रा का कोई पता नहीं चल पाया. अब दूसरे युवक की तलाश कल की जाएगी. पोटका थाना क्षेत्र के शंकरदा पंचायत अंतर्गत पर्यटन स्थल पहाड़भांगा में खड़गपुर के चार युवक दीप मुखर्जी, सूर्या मोइत्रा, ज्योतिमय चक्रवर्ती एवं मोती प्रधान दो बुलेट मोटरसाइकिल से घूमने के लिए पहुंचे थे. दीप के मामा कदमा में रहते हैं. पहाड़भांगा घूमने के बाद सभी युवकों का दीप के मामा घर जाने की योजना थी. शाम लगभग पांच बजे दो युवक दीप एवं सूर्या पहाड़भांगा में गुर्रा नदी में नहाने के लिये उतर गए. अचानक दोनों डूबने लगे, उन्हें डूबता देख बाहर खड़े दो दोस्तों ने शोर मचाया. जिसके बाद स्थानीय लोग वहां पहुंचे एवं घटना की सूचना पोटका पुलिस को दी. पोटका थाना प्रभारी रविन्द्र मुंडा के नेतृत्व में पुलिस घटनास्थल पर पहुंची एवं स्थानीय लोगो की मदद से दीप मुखर्जी के शव को बरामद कर लिया जबकि समाचार लिखे जाने तक सूर्या का कुछ पता नहीं चल पाया है. दीप मुखर्जी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है. ज्ञात हो कि इससे पूर्व भी पहाड़भांगा में डूबने से जमशेदपुर के कई युवकों की मौत हो चुकी है, इसके बावजूद लोग यहां गहरे पानी में उतर जाते हैं और हादसे का शिकार हो रहे हैं. |
एक दिन भी यहीं नहीं नाहती। हरदम पर पैसा चाहिये । बन्ने नई भी देते हैं तो उनका मन सलवाता है। वह चुप हो गई। लल्लन याने कोई जवाब नहीं दिया। दोनो अमुसये गाथ-साथ चलते रहे । थोड़ी देर बाद मानती ने जैसे उनका मन टटोलने के लिए कहा- आप ठीक समझे तो थोडा ओर एक मंगे।
'नही नहीं, कल हो चलना ठीक रहेगा। सही कहती हो तुम, मैं खुद भी यही गोच रहा था। उन्होंने कहा और गधे हुए कदमों से चलते रहे । सूरज अपनी किरणों का जाल समेट रहा था। साथ-साथ सिमट रही थी रोशनी, उनकी परछाइयाँ लयी होती जा रही थी, अँधेश घिर आने को तैयारी कर चुका था ।
160 तपती धरती का पेड़
उसका दर्द
मोतीभाई ने दाहिने हाथ की अगुलियों को तीन बार दरवाजे की दहलीज और तीन हो वार अपने माथे से हुआ। होठो से कुछ बुदबुदाया। वही, जो रोज दुकान खोलने वक्त बुदबुदाया करते है । ताते खोलकर शटर को ऊपर की ओर हल्का-सा धक्का दिया । एक कर्कश आवाज उठी और आसपास की दुकानों में निकलने वाली ऐसी ही आवाज के साथ मिलकर भाग गई ।
दुकान से गरम-गरम भभका निकला। सोलन, जग और रातभर से कंद हवा वा मिश्रण । मोनीमाई ने नाक के पास हथेली लेजाकर दो बार सू-सू किया आज सूर्य स्वर चल रहा था, सो उमने पहले दाया पाव दुकान पर रखा । बाया पाव उठाया ही था कि पीछे से अभिवादन किया, 'मोतीमाई राम राम ।'
'माली कुत्ते की बौलाद ।' दुकान का माइनवोर्ड एक मिरे से सुलकर नीचे झूल गया था । मोतीभाई जैसे ही दुकान पर चढे कि बोर्ड का किनारा सोपड़ी मे आ टकराया। थोडी देर वह माया पत्रडवर वही खडे रहे, सुरे सुबे विस हरामी का मुह देखा था' अभिवादनवर्त्ता भी अपने मन में यही बात लिये वहा से खिसक गया ।
मोतीभाई ने स्टूल पर चढकर साइनबोर्ड को पुन यथास्थिति स्थापित किया । बई वर्ष पहले इस पर माफ चमकदार अक्षरों में लिखा रहता था, 'मोनीमाई तालेवाला ।' पर धीरे-धीरे बोटं की हालत भी मोतीमाई की ही तरह मस्ता होनी चली गयो । रग उसडने लगा । जग प्रटने लगा । अक्षराव होने गए । आज अगर बोई मोतीमाई की दुकान वेदल सादनवोद के भरोगे दृढ़ने निव ले तो सारा शहर छान मारने पर भी वह निराम ही होगा। बीच वे दोनों शब्द गायव हो चुके हैं, रह गया है बेवल 'मोतीवाना।' यदि बोई मोती लेने मोतीभाई को दुबान पर पहुंच जाए तो? बाई पाचपुटी उस बोटरिया के एक कोने में विगरे दिखाई | एक दिन भी यहीं नहीं नाहती। हरदम पर पैसा चाहिये । बन्ने नई भी देते हैं तो उनका मन सलवाता है। वह चुप हो गई। लल्लन याने कोई जवाब नहीं दिया। दोनो अमुसये गाथ-साथ चलते रहे । थोड़ी देर बाद मानती ने जैसे उनका मन टटोलने के लिए कहा- आप ठीक समझे तो थोडा ओर एक मंगे। 'नही नहीं, कल हो चलना ठीक रहेगा। सही कहती हो तुम, मैं खुद भी यही गोच रहा था। उन्होंने कहा और गधे हुए कदमों से चलते रहे । सूरज अपनी किरणों का जाल समेट रहा था। साथ-साथ सिमट रही थी रोशनी, उनकी परछाइयाँ लयी होती जा रही थी, अँधेश घिर आने को तैयारी कर चुका था । एक सौ साठ तपती धरती का पेड़ उसका दर्द मोतीभाई ने दाहिने हाथ की अगुलियों को तीन बार दरवाजे की दहलीज और तीन हो वार अपने माथे से हुआ। होठो से कुछ बुदबुदाया। वही, जो रोज दुकान खोलने वक्त बुदबुदाया करते है । ताते खोलकर शटर को ऊपर की ओर हल्का-सा धक्का दिया । एक कर्कश आवाज उठी और आसपास की दुकानों में निकलने वाली ऐसी ही आवाज के साथ मिलकर भाग गई । दुकान से गरम-गरम भभका निकला। सोलन, जग और रातभर से कंद हवा वा मिश्रण । मोनीमाई ने नाक के पास हथेली लेजाकर दो बार सू-सू किया आज सूर्य स्वर चल रहा था, सो उमने पहले दाया पाव दुकान पर रखा । बाया पाव उठाया ही था कि पीछे से अभिवादन किया, 'मोतीमाई राम राम ।' 'माली कुत्ते की बौलाद ।' दुकान का माइनवोर्ड एक मिरे से सुलकर नीचे झूल गया था । मोतीभाई जैसे ही दुकान पर चढे कि बोर्ड का किनारा सोपड़ी मे आ टकराया। थोडी देर वह माया पत्रडवर वही खडे रहे, सुरे सुबे विस हरामी का मुह देखा था' अभिवादनवर्त्ता भी अपने मन में यही बात लिये वहा से खिसक गया । मोतीभाई ने स्टूल पर चढकर साइनबोर्ड को पुन यथास्थिति स्थापित किया । बई वर्ष पहले इस पर माफ चमकदार अक्षरों में लिखा रहता था, 'मोनीमाई तालेवाला ।' पर धीरे-धीरे बोटं की हालत भी मोतीमाई की ही तरह मस्ता होनी चली गयो । रग उसडने लगा । जग प्रटने लगा । अक्षराव होने गए । आज अगर बोई मोतीमाई की दुकान वेदल सादनवोद के भरोगे दृढ़ने निव ले तो सारा शहर छान मारने पर भी वह निराम ही होगा। बीच वे दोनों शब्द गायव हो चुके हैं, रह गया है बेवल 'मोतीवाना।' यदि बोई मोती लेने मोतीभाई को दुबान पर पहुंच जाए तो? बाई पाचपुटी उस बोटरिया के एक कोने में विगरे दिखाई |
क्या है मोदी के नया गेम प्लान?
सियासी गलियारे में सुगबुकाहट शुरू हो गई है. तो क्या ये है मोदी का नया गेम प्लान? क्या आज की जुगलबंदी आने वाले गठबंधन की ओर इशारा कर रही है. . . अगर हां तो मोदी के सपने को साकार होने से कोई नहीं रोक सकता.
गुरु गोविंद सिंह जी के 350वें प्रकाशोत्सव में जिस प्रकार से नरेंद्र मोदी और नितीश कुमार ने शराबबंदी को लेकर एक दूसरे की तारीफों की पुल बांध रहे थे, उससे बिहार में साँझा सरकार के भविष्य पर यक्ष प्रश्न लगने शुरू हो गए हैं. बिहार की सांझी सरकार के दूसरे पार्टनर लालू एवं उनके दोनों पुत्र उप मुख्यमंत्री तेजस्वी को मंच पर स्थान न दिया जाना भी आशंकोओं को हवा दे रहा है. यह पहला अवसर नहीं था जब नितीश या मोदी ने एक दूसरे की तारीफ की हो, नोटबंदी पर भी नितीश ने मोदी की तारीफ की थी. इसके इतर कई बड़े लीडर नितीश कुमार की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगा चुके हैं. "छानिएगा जलेबी और निकलेगा पकौड़ी" तो क्या लालू का यह बयान निकट भविष्य में यथार्थ रूप लेगा?
तो क्या यह सुगबुगाह जनता दल यूनाइटेड एवं बीजेपी की बीच आने वाले समय की जुगलबंदी की तैयारी तो नहीं है? और अगर है तो यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक सोची समझी नीति है. इस नीति में प्रधानमंत्री बिहार के अलावा उत्तरप्रदेश से अखिलेश एवं दक्षिण से शशिकला नटराजन को भी शामिल करना चाहते हैं.
ये भी पढ़ें- दोबारा सत्ता पाने के लिए अखिलेश का 'मोदी फॉर्मूला' प्रश्न उठेगा ऐसा क्यों? दरअसल नितीश एवं अखिलेश की छवि को विकास का पर्याय माना जाता है. मोदी तो विकास की कट्टर समर्थक है ही. वहीं जयललिता के बाद पार्टी की कमान अपने हाथ में लेने वाली शशिकला नटराजन ने भी केंद्र की सरकार से संबंधों को लेकर ठीक ठाक संकेत दिए हैं, क्योंकि ना जाने कब तोता पिंजरे से निकल जाए. वैसे मोदी उन्हें अपना आशीर्वाद दे भी चुके हैं. मुख्यमंत्री ओ पन्नीर सेल्वम (ओपीएस) भी अपने लिए किसी बड़े राजनीतिक वटवृक्ष की छाया ढूंढ रहे हैं. और मोदी उनकी मंजिल हो सकते हैं.
दरअसल मोदी एक तीर से दो निशाने वाली तरकीब को अमलीजामा पहनाना चाहते हैं. पहला राज्य सभा में बहुमत, दूसरा तीनों राज्यों में विकास की भागेदारी भी सुनश्चित हो जाएगी. बदले में ये तीनों राज्य सरकार के लिए राज्य सभा में कार्य करेंगे और सरकार राज्य सभा में बिलों के पास होने वाली विपक्ष की किचकिच से कुछ हद तक मुक्त हो जाएगी. अगर ऐसा हो जाता है तो यकीन कीजिए अगले दो सालो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने सपनों को पूर्ण करने में सफल होंगे और उनका 2019 का सपना कामयाब होने मे उन्हें कोई नहीं रोक पाएगा. अगर मोदी इन तीन राज्यों का एका करने में सफल रहते हैं तो राज्य सभा में उनके पक्ष में 42 मत पड़ने की गारंटी होगी जो की निकट भविष्य में और बढ़ सकती है.
| क्या है मोदी के नया गेम प्लान? सियासी गलियारे में सुगबुकाहट शुरू हो गई है. तो क्या ये है मोदी का नया गेम प्लान? क्या आज की जुगलबंदी आने वाले गठबंधन की ओर इशारा कर रही है. . . अगर हां तो मोदी के सपने को साकार होने से कोई नहीं रोक सकता. गुरु गोविंद सिंह जी के तीन सौ पचासवें प्रकाशोत्सव में जिस प्रकार से नरेंद्र मोदी और नितीश कुमार ने शराबबंदी को लेकर एक दूसरे की तारीफों की पुल बांध रहे थे, उससे बिहार में साँझा सरकार के भविष्य पर यक्ष प्रश्न लगने शुरू हो गए हैं. बिहार की सांझी सरकार के दूसरे पार्टनर लालू एवं उनके दोनों पुत्र उप मुख्यमंत्री तेजस्वी को मंच पर स्थान न दिया जाना भी आशंकोओं को हवा दे रहा है. यह पहला अवसर नहीं था जब नितीश या मोदी ने एक दूसरे की तारीफ की हो, नोटबंदी पर भी नितीश ने मोदी की तारीफ की थी. इसके इतर कई बड़े लीडर नितीश कुमार की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगा चुके हैं. "छानिएगा जलेबी और निकलेगा पकौड़ी" तो क्या लालू का यह बयान निकट भविष्य में यथार्थ रूप लेगा? तो क्या यह सुगबुगाह जनता दल यूनाइटेड एवं बीजेपी की बीच आने वाले समय की जुगलबंदी की तैयारी तो नहीं है? और अगर है तो यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक सोची समझी नीति है. इस नीति में प्रधानमंत्री बिहार के अलावा उत्तरप्रदेश से अखिलेश एवं दक्षिण से शशिकला नटराजन को भी शामिल करना चाहते हैं. ये भी पढ़ें- दोबारा सत्ता पाने के लिए अखिलेश का 'मोदी फॉर्मूला' प्रश्न उठेगा ऐसा क्यों? दरअसल नितीश एवं अखिलेश की छवि को विकास का पर्याय माना जाता है. मोदी तो विकास की कट्टर समर्थक है ही. वहीं जयललिता के बाद पार्टी की कमान अपने हाथ में लेने वाली शशिकला नटराजन ने भी केंद्र की सरकार से संबंधों को लेकर ठीक ठाक संकेत दिए हैं, क्योंकि ना जाने कब तोता पिंजरे से निकल जाए. वैसे मोदी उन्हें अपना आशीर्वाद दे भी चुके हैं. मुख्यमंत्री ओ पन्नीर सेल्वम भी अपने लिए किसी बड़े राजनीतिक वटवृक्ष की छाया ढूंढ रहे हैं. और मोदी उनकी मंजिल हो सकते हैं. दरअसल मोदी एक तीर से दो निशाने वाली तरकीब को अमलीजामा पहनाना चाहते हैं. पहला राज्य सभा में बहुमत, दूसरा तीनों राज्यों में विकास की भागेदारी भी सुनश्चित हो जाएगी. बदले में ये तीनों राज्य सरकार के लिए राज्य सभा में कार्य करेंगे और सरकार राज्य सभा में बिलों के पास होने वाली विपक्ष की किचकिच से कुछ हद तक मुक्त हो जाएगी. अगर ऐसा हो जाता है तो यकीन कीजिए अगले दो सालो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने सपनों को पूर्ण करने में सफल होंगे और उनका दो हज़ार उन्नीस का सपना कामयाब होने मे उन्हें कोई नहीं रोक पाएगा. अगर मोदी इन तीन राज्यों का एका करने में सफल रहते हैं तो राज्य सभा में उनके पक्ष में बयालीस मत पड़ने की गारंटी होगी जो की निकट भविष्य में और बढ़ सकती है. |
क़ज़ाक़िस्तान के उप विदेशमंत्री ने सीरिया में संघर्ष विराम को मज़बूत बनाने और बंदियों और क़ैदियों के आदान प्रदान के मध्य आस्ताना वार्ता के पक्षों के मध्य सहमति की सूचना दी है।
रशा टूडे की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को सीरिया संकट के बारे में आस्ताना तीन वार्ता की समाप्ति में बैठक के मेज़बान के रूप में क़ज़ाक़िस्तान के उप विदेशमंत्री अब्दुर्रहमान ओफ़ ने कहा कि इस वार्ता से जो जेनेवा वार्ता का एक अटल भाग है, सीरिया संकट को समाप्त करने के लिए आशाएं जीवित हो गयीं।
उनका कहना था कि आस्ताना वार्ता में संघर्ष विराम को मज़बूत करने और बंदियों व क़ैदियों के आदान प्रदान तथा संघर्ष विराम की प्रक्रिया पर नज़र रखने और उसको नियंत्रित करने के लिए एक कमेटी के गठन पर सहमति हो गयी है।
कज़ाक़िस्तान के उप विदेशमंत्री ने सीरिया के बारे में ईरान के दृष्टिकोण को जो सीरिया में संघर्ष विराम के समर्थक देशों में है, प्रशंसनीय बताया।
इस रिपोर्ट के आधार पर ईरान, रूस और तुर्की ने जेनेवा वार्ता को जारी रखने के प्रयास पर बल दिया हाै।
क़ज़ाक़िस्तान के उप विदेशमंत्री ने कहा कि अगली तीसरी और चौथी आस्ताना वार्ता मई के महीने में और दूसरी बैठक अप्रैल के महीने में तेहरान में होगी जिसमें तकनीकी विशेषज्ञ भाग लेंगे। (AK)
| क़ज़ाक़िस्तान के उप विदेशमंत्री ने सीरिया में संघर्ष विराम को मज़बूत बनाने और बंदियों और क़ैदियों के आदान प्रदान के मध्य आस्ताना वार्ता के पक्षों के मध्य सहमति की सूचना दी है। रशा टूडे की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को सीरिया संकट के बारे में आस्ताना तीन वार्ता की समाप्ति में बैठक के मेज़बान के रूप में क़ज़ाक़िस्तान के उप विदेशमंत्री अब्दुर्रहमान ओफ़ ने कहा कि इस वार्ता से जो जेनेवा वार्ता का एक अटल भाग है, सीरिया संकट को समाप्त करने के लिए आशाएं जीवित हो गयीं। उनका कहना था कि आस्ताना वार्ता में संघर्ष विराम को मज़बूत करने और बंदियों व क़ैदियों के आदान प्रदान तथा संघर्ष विराम की प्रक्रिया पर नज़र रखने और उसको नियंत्रित करने के लिए एक कमेटी के गठन पर सहमति हो गयी है। कज़ाक़िस्तान के उप विदेशमंत्री ने सीरिया के बारे में ईरान के दृष्टिकोण को जो सीरिया में संघर्ष विराम के समर्थक देशों में है, प्रशंसनीय बताया। इस रिपोर्ट के आधार पर ईरान, रूस और तुर्की ने जेनेवा वार्ता को जारी रखने के प्रयास पर बल दिया हाै। क़ज़ाक़िस्तान के उप विदेशमंत्री ने कहा कि अगली तीसरी और चौथी आस्ताना वार्ता मई के महीने में और दूसरी बैठक अप्रैल के महीने में तेहरान में होगी जिसमें तकनीकी विशेषज्ञ भाग लेंगे। |
जम्मू , बजरंग दल की जम्मू. कश्मीर इकाई के अध्यक्ष राकेश बजरंगी ने कहा है कि रोहिंग्या मुसलमानों के निर्वासन के मुद्दे को फिर ठंढे बस्ते में डाल दिया गया है और लगता है कि भारतीय जनता पार्टी नीत केंद्र सरकार उनके निर्वासन को लेकर गंभीर नहीं है।
रोहिंग्या शरणार्थियों पर आधार कार्ड और जरूरत के अन्य वैध दस्तावेज तैयार करने का आरोप लगाते हुए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करके जम्मू क्षेत्र में उनके कथित गैर कानूनी प्रवास का विरोध किया तथा उन्हें तत्काल वापस स्वदेश भेजने की मांग की। बजरंगी ने यहां कहाएष् रोंहिग्या शरणार्थियों के निर्वासन का मामला फिर ठंढे बस्ते में डाल दिया गया है और लगता है कि केंद्र सरकार उनके निर्वासन को लेकर गंभीर नहीं है।
प्रदर्शन के दौरान सरकार विरोधी नारे लगाते हुए बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि रोहिंग्या अपना आधार कार्डए वोटर कॉर्डए स्कूल प्रमाण पत्र और पासपोर्ट बनवा रहे हैं। कार्यकर्ताओं के मुताबिक ऐसी भी रिपोर्ट है कि एक हजार रुपये में जम्मू. कश्मीर के भीतर ये दस्तावेज बनवा रहे हैं और यदि ऐसा है तो कौन ये दस्तावेज उन्हें उपलब्ध करा रहा हैए इसकी जांच की जरूरत है।
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार दोनों को अवैध ढंग से रह रहे रोहिंग्या के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगायाएष् यदि कांग्रेस ने रोहिंग्या को वर्षों पूर्व बसा दिया है तो फिर आज केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा उन्हें अब तक निर्वासित क्यों नहीं कर रही है। इसका साफ मतलब है कि भाजपा भी उन्हें रोहिंग्या को वोट बैंक की राजनीति के लिए इस्तेमाल कर रही है। बजरंग दल के नेता ने तो यहां तक कहा कि वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में लोग भाजपा को सबक सिखायेंगे तथा उन चुनावों के परिणाम पार्टी की छवि और लोगों से किये झूठे वादे को लेकर स्थिति स्पष्ट कर देंगे।
| जम्मू , बजरंग दल की जम्मू. कश्मीर इकाई के अध्यक्ष राकेश बजरंगी ने कहा है कि रोहिंग्या मुसलमानों के निर्वासन के मुद्दे को फिर ठंढे बस्ते में डाल दिया गया है और लगता है कि भारतीय जनता पार्टी नीत केंद्र सरकार उनके निर्वासन को लेकर गंभीर नहीं है। रोहिंग्या शरणार्थियों पर आधार कार्ड और जरूरत के अन्य वैध दस्तावेज तैयार करने का आरोप लगाते हुए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करके जम्मू क्षेत्र में उनके कथित गैर कानूनी प्रवास का विरोध किया तथा उन्हें तत्काल वापस स्वदेश भेजने की मांग की। बजरंगी ने यहां कहाएष् रोंहिग्या शरणार्थियों के निर्वासन का मामला फिर ठंढे बस्ते में डाल दिया गया है और लगता है कि केंद्र सरकार उनके निर्वासन को लेकर गंभीर नहीं है। प्रदर्शन के दौरान सरकार विरोधी नारे लगाते हुए बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि रोहिंग्या अपना आधार कार्डए वोटर कॉर्डए स्कूल प्रमाण पत्र और पासपोर्ट बनवा रहे हैं। कार्यकर्ताओं के मुताबिक ऐसी भी रिपोर्ट है कि एक हजार रुपये में जम्मू. कश्मीर के भीतर ये दस्तावेज बनवा रहे हैं और यदि ऐसा है तो कौन ये दस्तावेज उन्हें उपलब्ध करा रहा हैए इसकी जांच की जरूरत है। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार दोनों को अवैध ढंग से रह रहे रोहिंग्या के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगायाएष् यदि कांग्रेस ने रोहिंग्या को वर्षों पूर्व बसा दिया है तो फिर आज केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा उन्हें अब तक निर्वासित क्यों नहीं कर रही है। इसका साफ मतलब है कि भाजपा भी उन्हें रोहिंग्या को वोट बैंक की राजनीति के लिए इस्तेमाल कर रही है। बजरंग दल के नेता ने तो यहां तक कहा कि वर्ष दो हज़ार उन्नीस में होने वाले लोकसभा चुनाव में लोग भाजपा को सबक सिखायेंगे तथा उन चुनावों के परिणाम पार्टी की छवि और लोगों से किये झूठे वादे को लेकर स्थिति स्पष्ट कर देंगे। |
" में कहती हूँ, पुराने मित्र, नाता एक बड़ी भारी चोट है ।" अन्तिम दृश्य के लिए वह उसे अपने बाक्स में ही देखना चाहती थी, किन्तु - " दृश्य के अन्त में वह उनसे मिलेगा, " यह वचन देकर वह भाग आया। सामने थियेटर के बाहर फाचरी व ला फेलो ने सिगरेट जलाई । फुटपाथ को एक छोटी सी भीड़ ने घेर रक्खा था । इस भीड़ में वे दर्शक पुरुष थे जो सीढ़ियों से उतर कर बाहर की स्वच्छ हवा प्राप्त करने के ध्यान में बाहर आये थे और जो वाडलेवर्ड में निरन्तर घिरी उदासी से ऊब चुके थे ।
इसी बीच मिगनन, स्टेनियर को केफ डि० वेराइटीज़ की ओर घसीट लाया । नाना की सफलता देखकर वह बड़े उत्साह से उसके सम्बन्ध में कह रहा था और प्रतिक्षरण कनखियों से वह बँकर को निहारता जाता था। वह उसको जानता था; रोज को छलने में उसने दो बार उसकी सहायता की थी और जब परिस ( झमेला ) समाप्त हो गया तब उसने उनका समझौता कराया और वह उसके निकट बड़े विनय और स्नेह के भाव में आया था । केफ के अन्दर संगमरमर की मेज़ों को घेरे बहुतेरे ग्राहक ਕੋਠੇ थे और कुछ पुरुष खड़े हुए थे, जो जल्दी में कुछ पी रहे थे; खोपड़ियों के इस समूह को बड़े बड़े शीशे 'एड इनफिनिटम'* की भाँति प्रदर्शित कर रहे थे । तीन गैसेलियर से माच्छादित उस संकरे सैलून को वे अधिक विस्तृत बनाते थे । मोल की खाल की बनी कुर्सियों व घुमावदार सीढ़ियों में जो लाल कपड़े में जड़ी हुई थीं, वह बड़ा सुहावना लग रहा था । बाहरी कमरे की एक मेज़ केट स्टेनियर बैठा था जो बार्डलेवर्ड की ओर पूर्णतः खुला हुआ था जिसका बाह्य भाग इस अवसर के लिये पहले से खोल दिया गया था। फाचरी व उसका भाई जैसे ही उधर से निकले तो बैंकर ने उन्हें रोका ।
", हमारे साथ बीयर का एक गिलास पियो ।" उसने कहा ।
वैसे वह स्वयं अपने ही विचारों में तल्लीन था; उसकी इच्छा हुई थी कि वह हरियाली का एक गुच्छा नाना के ऊपर फेंकता । तब उसने अपने एक सुपरिचित प्रतीक्षक को जिसका नाम ग्रागस्टस था, पुकारा । मिगनन ने, जो वह
#एड इनफिनिटम- अनन्त, असीम । | " में कहती हूँ, पुराने मित्र, नाता एक बड़ी भारी चोट है ।" अन्तिम दृश्य के लिए वह उसे अपने बाक्स में ही देखना चाहती थी, किन्तु - " दृश्य के अन्त में वह उनसे मिलेगा, " यह वचन देकर वह भाग आया। सामने थियेटर के बाहर फाचरी व ला फेलो ने सिगरेट जलाई । फुटपाथ को एक छोटी सी भीड़ ने घेर रक्खा था । इस भीड़ में वे दर्शक पुरुष थे जो सीढ़ियों से उतर कर बाहर की स्वच्छ हवा प्राप्त करने के ध्यान में बाहर आये थे और जो वाडलेवर्ड में निरन्तर घिरी उदासी से ऊब चुके थे । इसी बीच मिगनन, स्टेनियर को केफ डिशून्य वेराइटीज़ की ओर घसीट लाया । नाना की सफलता देखकर वह बड़े उत्साह से उसके सम्बन्ध में कह रहा था और प्रतिक्षरण कनखियों से वह बँकर को निहारता जाता था। वह उसको जानता था; रोज को छलने में उसने दो बार उसकी सहायता की थी और जब परिस समाप्त हो गया तब उसने उनका समझौता कराया और वह उसके निकट बड़े विनय और स्नेह के भाव में आया था । केफ के अन्दर संगमरमर की मेज़ों को घेरे बहुतेरे ग्राहक ਕੋਠੇ थे और कुछ पुरुष खड़े हुए थे, जो जल्दी में कुछ पी रहे थे; खोपड़ियों के इस समूह को बड़े बड़े शीशे 'एड इनफिनिटम'* की भाँति प्रदर्शित कर रहे थे । तीन गैसेलियर से माच्छादित उस संकरे सैलून को वे अधिक विस्तृत बनाते थे । मोल की खाल की बनी कुर्सियों व घुमावदार सीढ़ियों में जो लाल कपड़े में जड़ी हुई थीं, वह बड़ा सुहावना लग रहा था । बाहरी कमरे की एक मेज़ केट स्टेनियर बैठा था जो बार्डलेवर्ड की ओर पूर्णतः खुला हुआ था जिसका बाह्य भाग इस अवसर के लिये पहले से खोल दिया गया था। फाचरी व उसका भाई जैसे ही उधर से निकले तो बैंकर ने उन्हें रोका । ", हमारे साथ बीयर का एक गिलास पियो ।" उसने कहा । वैसे वह स्वयं अपने ही विचारों में तल्लीन था; उसकी इच्छा हुई थी कि वह हरियाली का एक गुच्छा नाना के ऊपर फेंकता । तब उसने अपने एक सुपरिचित प्रतीक्षक को जिसका नाम ग्रागस्टस था, पुकारा । मिगनन ने, जो वह #एड इनफिनिटम- अनन्त, असीम । |
कुछ मौद्रिक मुद्दों को संबोधित करने की आवश्यकता हो सकती है। अपनी शिथिलता को समाप्त करें और कार्यों को समय पर पूरा करने की दिशा में काम करें। इसके परिणामस्वरूप आय उत्पन्न करने के नए अवसर प्राप्त होंगे। आज आपके रास्ते में आने वाले अवसरों का लाभ उठाने का प्रयास करें।
| कुछ मौद्रिक मुद्दों को संबोधित करने की आवश्यकता हो सकती है। अपनी शिथिलता को समाप्त करें और कार्यों को समय पर पूरा करने की दिशा में काम करें। इसके परिणामस्वरूप आय उत्पन्न करने के नए अवसर प्राप्त होंगे। आज आपके रास्ते में आने वाले अवसरों का लाभ उठाने का प्रयास करें। |
Economy: वैश्विक विकास में भारत और चीन की इस साल होगी आधी हिस्सेदारी, जानें IMF ने जीडीपी पर और क्या कहा?
Economy: श्रीनिवासन ने कहा कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिदृश्य का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। भारतीय अर्थव्यवस्था के संबंध में आईएमएफ के हालिया अनुमान भारतीय रिजर्व बैंक के अनुमानों से कम हैं। आरबीआई ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में 7 प्रतिशत जबकि चालू वित्त वर्ष 2023-24 में 6. 4 प्रतिशत वृद्धि दर रहने का अनुमान जताया है।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 6. 1 प्रतिशत से घटाकर 5. 9 प्रतिशत कर दिया गया है। यह कमी घरेलू खपत में कमी आने और डेटा रिविजन के कारण किया गया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि इस साल वैश्विक अर्थिक विकास में भारत और चीन का ही लगभग आधा हिस्सा होगा।
बता दें कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने मंगलवार को चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को 6. 1 प्रतिशत से घटाकर 5. 9 प्रतिशत कर दिया। हालांकि इसके बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा। आईएमएफ ने अपने वार्षिक विश्व आर्थिक परिदृश्य में वित्त वर्ष 2024-25 (अप्रैल 2024 से मार्च 2025) के लिए पूर्वानुमान को इस साल जनवरी के 6. 8 प्रतिशत से घटाकर 6. 3 प्रतिशत कर दिया है।
आईएमएफ के एशिया और प्रशांत क्षेत्र के विभागीय निदेशक कृष्णा श्रीनिवासन ने कहा कि भारत की वृद्धि दर में 6. 1 प्रतिशत की तुलना में 5. 9 प्रतिशत का मामूली संशोधन किया गया और संभवतः इसके दो कारण है। उनमें से एक कारण है घरेलू स्तर पर उपभोग दर में गिरावट शुरू होना, हालांकि इसकी गति बहुत धीमी है। अनुमान में बदलाव का दूसरा कारण 2019-2020 के दौरान के दौरान हुए डेटा रिविजन हैं, जो बताते हैं कि आर्थिक स्थिति महामारी के पहले बेहतर थी। महामारी का प्रभाव जितना हमने सोचा था, उससे कहीं अधिक सीमित रहा और रिकवरी मजबूत रही। आईएमएफ अधिकारी ने गुरुवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ये सभी इस तथ्य इस बात की ओर इशारा करते हैं कि महामारी के पहले की तुलना में उत्पादन का अंतर खत्म हो रहा है।
श्रीनिवासन ने कहा कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिदृश्य का असर भी भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। भारतीय अर्थव्यवस्था के संबंध में आईएमएफ के हालिया अनुमान भारतीय रिजर्व बैंक के अनुमानों से कम हैं। आरबीआई ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में 7 प्रतिशत जबकि चालू वित्त वर्ष 2023-24 में 6. 4 प्रतिशत वृद्धि दर रहने का अनुमान जताया है। सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए जीडीपी के अंतिम आंकड़े जारी किया जाना बाकी है।
श्रीनिवासन ने कहा कि घरेलू स्तर पर सरकार पूंजीगत खर्च पर काफी जोर दे रही है और अगर यह उम्मीद से कम रहता है तो इससे वृद्धि के अनुमान पर भी असर पड़ सकता है। श्रीनिवासन ने कहा कि 2023 में वृद्धि मुख्य रूप से चीन की अर्थव्यवस्था में सुधार और भारतीय अर्थव्यवस्था में लचीली वृद्धि से प्रेरित होगी। अकेले इन दोनों अर्थव्यवस्थाओं का इस साल वैश्विक विकास में लगभग आधा हिस्सा होगा। उन्होंने कहा कि अन्य क्षेत्रों की अधिकांश अर्थव्यवस्थाओं में 2023 में आर्थिक वृद्धि दर सबसे निचले स्तर पर पहुंचने की उम्मीद है।
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
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| Economy: वैश्विक विकास में भारत और चीन की इस साल होगी आधी हिस्सेदारी, जानें IMF ने जीडीपी पर और क्या कहा? Economy: श्रीनिवासन ने कहा कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिदृश्य का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। भारतीय अर्थव्यवस्था के संबंध में आईएमएफ के हालिया अनुमान भारतीय रिजर्व बैंक के अनुमानों से कम हैं। आरबीआई ने वित्तीय वर्ष दो हज़ार बाईस-तेईस में सात प्रतिशत जबकि चालू वित्त वर्ष दो हज़ार तेईस-चौबीस में छः. चार प्रतिशत वृद्धि दर रहने का अनुमान जताया है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान छः. एक प्रतिशत से घटाकर पाँच. नौ प्रतिशत कर दिया गया है। यह कमी घरेलू खपत में कमी आने और डेटा रिविजन के कारण किया गया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि इस साल वैश्विक अर्थिक विकास में भारत और चीन का ही लगभग आधा हिस्सा होगा। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने मंगलवार को चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को छः. एक प्रतिशत से घटाकर पाँच. नौ प्रतिशत कर दिया। हालांकि इसके बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा। आईएमएफ ने अपने वार्षिक विश्व आर्थिक परिदृश्य में वित्त वर्ष दो हज़ार चौबीस-पच्चीस के लिए पूर्वानुमान को इस साल जनवरी के छः. आठ प्रतिशत से घटाकर छः. तीन प्रतिशत कर दिया है। आईएमएफ के एशिया और प्रशांत क्षेत्र के विभागीय निदेशक कृष्णा श्रीनिवासन ने कहा कि भारत की वृद्धि दर में छः. एक प्रतिशत की तुलना में पाँच. नौ प्रतिशत का मामूली संशोधन किया गया और संभवतः इसके दो कारण है। उनमें से एक कारण है घरेलू स्तर पर उपभोग दर में गिरावट शुरू होना, हालांकि इसकी गति बहुत धीमी है। अनुमान में बदलाव का दूसरा कारण दो हज़ार उन्नीस-दो हज़ार बीस के दौरान के दौरान हुए डेटा रिविजन हैं, जो बताते हैं कि आर्थिक स्थिति महामारी के पहले बेहतर थी। महामारी का प्रभाव जितना हमने सोचा था, उससे कहीं अधिक सीमित रहा और रिकवरी मजबूत रही। आईएमएफ अधिकारी ने गुरुवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ये सभी इस तथ्य इस बात की ओर इशारा करते हैं कि महामारी के पहले की तुलना में उत्पादन का अंतर खत्म हो रहा है। श्रीनिवासन ने कहा कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिदृश्य का असर भी भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। भारतीय अर्थव्यवस्था के संबंध में आईएमएफ के हालिया अनुमान भारतीय रिजर्व बैंक के अनुमानों से कम हैं। आरबीआई ने वित्तीय वर्ष दो हज़ार बाईस-तेईस में सात प्रतिशत जबकि चालू वित्त वर्ष दो हज़ार तेईस-चौबीस में छः. चार प्रतिशत वृद्धि दर रहने का अनुमान जताया है। सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष दो हज़ार बाईस-तेईस के लिए जीडीपी के अंतिम आंकड़े जारी किया जाना बाकी है। श्रीनिवासन ने कहा कि घरेलू स्तर पर सरकार पूंजीगत खर्च पर काफी जोर दे रही है और अगर यह उम्मीद से कम रहता है तो इससे वृद्धि के अनुमान पर भी असर पड़ सकता है। श्रीनिवासन ने कहा कि दो हज़ार तेईस में वृद्धि मुख्य रूप से चीन की अर्थव्यवस्था में सुधार और भारतीय अर्थव्यवस्था में लचीली वृद्धि से प्रेरित होगी। अकेले इन दोनों अर्थव्यवस्थाओं का इस साल वैश्विक विकास में लगभग आधा हिस्सा होगा। उन्होंने कहा कि अन्य क्षेत्रों की अधिकांश अर्थव्यवस्थाओं में दो हज़ार तेईस में आर्थिक वृद्धि दर सबसे निचले स्तर पर पहुंचने की उम्मीद है। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen. |
आईपीओ के जरिये कोष उगाही के संदर्भ में संवत 2078 शानदार वर्ष साबित हुआ। सेकंडरी बाजार में उठापटक के बावजूद, संवत 2078 में भारत के दो सबसे बड़े आईपीओ आए। संवत 2078 कुल 40 कंपनियों ने आईपीओ के जरिये 88,474 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई और इस संदर्भ में पिछले साल का आंकड़ा पार किया। इससे पहले, संवत 2077 में 47 कंपनियों द्वारा 81,655 करोड़ रुपये की कोष उगाही की गई थी।
स्थानीय निवेशकों की मजबूत भागीदारी और वैश्विक तरलता के समावेश की वजह से संवत 2077 से शानदार कोष उगाही को मदद मिली। हालांकि अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा आक्रामक मौद्रिक कदमों के बीच वैश्विक तरलता में कमी आने से संवत 2079 के लिए परिदृश्य अनिश्चितता में बदल गया है और इसे लेकर सवाल पैदा हुए हैं कि क्या पहले ही अपने डीआरएचपी सौंप चुकीं कंपनियां बाजार में आने में सक्षम होंगी।
संवत 2078 में, सरकार के स्वामित्व वाली जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने आईपीओ के जरिये 21,008 करोड़ रुपये जुटाए। इसने वन97 कम्युनिकेशंस (पेटीएम) के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा, जिसने 18,300 करोड़ रुपये जुटाए थे। इसके अलावा करीब एक दशक पहले कोल इंडिया द्वारा 15,000 करोड़ रुपये के आईपीओ का रिकॉर्ड भी टूट गया।
वर्ष में स्व. राकेश झुनझुनवाला के नेतृत्व वाली स्टार हेल्थ ऐंड अलायड इंश्योरेंस द्वारा 7,249 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई गई, जिसके अलावा लॉजिस्टिक दिग्गज डेलिवरी ने 5,235 करोड़ रुपये और अदाणी विल्मर ने 3,600 करोड़ रुपये जुटाए। कुल आईपीओ कोष उगाही में शीर्ष पांच निर्गमों का करीब दो-तिहाई योगदान रहा।
ध्यान देने की बात यह है कि कई बड़े निर्गम संवत 2078 की पहली छमाही के दौरान आए, जब धारणा अनुकूल बनी हुई थी। दूसरी छमाही में राहत उपाय समाप्त किए आने और कम ब्याज दरों की वजह से उतार-चढ़ाव को बढ़ावा मिला। नई सूचीबद्ध कंपनियों पर नजर रखने वाला बीएसई आईपीओ इंडेक्स पिछले 12 महीनों में 29. 6 प्रतिशत नीचे आया, जबकि सेंसेक्स में 2. 5 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई।
भारतीय बाजार में पिछले साल करीब 1. 96 लाख करोड़ रुपये की पूंजी निकासी दर्ज की गई। हालांकि इसके बड़े हिस्से की भरपाई घरेलू म्युचुअल फंडों द्वारा की गई बिकवाली और प्रत्यक्ष रिटेल प्रवाह से हो गई, लेकिन इससे आईपीओ बाजार प्रभावित हुआ और बड़े आकार के निर्गमों की लोकप्रियता घट गई।
इक्विरस कैपिटल के संस्थापक अजय गर्ग ने कहा कि बड़े निर्गमों को विदेशी प्रवाह अनुकूल होने तक समस्या का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा, 'घरेलू निवेशक भरोसा बनाए हुए हैं। लेकिन हमें बड़े आकार के निर्गमों को बाजार में सफलता दिलाने के लिए मजबूत एफपीआई प्रवाह की जरूरत है। ' पिछले साल के मुकाबले संवत 2079 में कोष उगाही की रफ्तार नरम रहने की संभावना है।
| आईपीओ के जरिये कोष उगाही के संदर्भ में संवत दो हज़ार अठहत्तर शानदार वर्ष साबित हुआ। सेकंडरी बाजार में उठापटक के बावजूद, संवत दो हज़ार अठहत्तर में भारत के दो सबसे बड़े आईपीओ आए। संवत दो हज़ार अठहत्तर कुल चालीस कंपनियों ने आईपीओ के जरिये अठासी,चार सौ चौहत्तर करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई और इस संदर्भ में पिछले साल का आंकड़ा पार किया। इससे पहले, संवत दो हज़ार सतहत्तर में सैंतालीस कंपनियों द्वारा इक्यासी,छः सौ पचपन करोड़ रुपये की कोष उगाही की गई थी। स्थानीय निवेशकों की मजबूत भागीदारी और वैश्विक तरलता के समावेश की वजह से संवत दो हज़ार सतहत्तर से शानदार कोष उगाही को मदद मिली। हालांकि अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा आक्रामक मौद्रिक कदमों के बीच वैश्विक तरलता में कमी आने से संवत दो हज़ार उन्यासी के लिए परिदृश्य अनिश्चितता में बदल गया है और इसे लेकर सवाल पैदा हुए हैं कि क्या पहले ही अपने डीआरएचपी सौंप चुकीं कंपनियां बाजार में आने में सक्षम होंगी। संवत दो हज़ार अठहत्तर में, सरकार के स्वामित्व वाली जीवन बीमा निगम ने आईपीओ के जरिये इक्कीस,आठ करोड़ रुपये जुटाए। इसने वनसत्तानवे कम्युनिकेशंस के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा, जिसने अट्ठारह,तीन सौ करोड़ रुपये जुटाए थे। इसके अलावा करीब एक दशक पहले कोल इंडिया द्वारा पंद्रह,शून्य करोड़ रुपये के आईपीओ का रिकॉर्ड भी टूट गया। वर्ष में स्व. राकेश झुनझुनवाला के नेतृत्व वाली स्टार हेल्थ ऐंड अलायड इंश्योरेंस द्वारा सात,दो सौ उनचास करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई गई, जिसके अलावा लॉजिस्टिक दिग्गज डेलिवरी ने पाँच,दो सौ पैंतीस करोड़ रुपये और अदाणी विल्मर ने तीन,छः सौ करोड़ रुपये जुटाए। कुल आईपीओ कोष उगाही में शीर्ष पांच निर्गमों का करीब दो-तिहाई योगदान रहा। ध्यान देने की बात यह है कि कई बड़े निर्गम संवत दो हज़ार अठहत्तर की पहली छमाही के दौरान आए, जब धारणा अनुकूल बनी हुई थी। दूसरी छमाही में राहत उपाय समाप्त किए आने और कम ब्याज दरों की वजह से उतार-चढ़ाव को बढ़ावा मिला। नई सूचीबद्ध कंपनियों पर नजर रखने वाला बीएसई आईपीओ इंडेक्स पिछले बारह महीनों में उनतीस. छः प्रतिशत नीचे आया, जबकि सेंसेक्स में दो. पाँच प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। भारतीय बाजार में पिछले साल करीब एक. छियानवे लाख करोड़ रुपये की पूंजी निकासी दर्ज की गई। हालांकि इसके बड़े हिस्से की भरपाई घरेलू म्युचुअल फंडों द्वारा की गई बिकवाली और प्रत्यक्ष रिटेल प्रवाह से हो गई, लेकिन इससे आईपीओ बाजार प्रभावित हुआ और बड़े आकार के निर्गमों की लोकप्रियता घट गई। इक्विरस कैपिटल के संस्थापक अजय गर्ग ने कहा कि बड़े निर्गमों को विदेशी प्रवाह अनुकूल होने तक समस्या का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा, 'घरेलू निवेशक भरोसा बनाए हुए हैं। लेकिन हमें बड़े आकार के निर्गमों को बाजार में सफलता दिलाने के लिए मजबूत एफपीआई प्रवाह की जरूरत है। ' पिछले साल के मुकाबले संवत दो हज़ार उन्यासी में कोष उगाही की रफ्तार नरम रहने की संभावना है। |
जर्मनी के हैम्बर्ग में अपने संबोधन में गांधी ने यह भी कहा कि भारत में नौकरी की बड़ी समस्या है, लेकिन प्रधानमंत्री इसे नहीं देखना चाहते हैं।
नई दिल्ली, 23 अगस्तः कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज कहा कि संसद में जब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गले लगाया था तो उनकी ही पार्टी के कुछ सदस्यों को यह पसंद नहीं आया था। जर्मनी के हैम्बर्ग में अपने संबोधन में गांधी ने यह भी कहा कि भारत में नौकरी की बड़ी समस्या है, लेकिन प्रधानमंत्री इसे नहीं देखना चाहते हैं।
गांधी ने अपने दिवंगत पिता पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारों के बारे में भी बोला। उन्होंने कहा, "जब मैंने श्रीलंका में अपने पिता के हत्यारे को मृत पड़ा देखा तो मुझे अच्छा नहीं लगा। मैंने उसमें उसके रोते हुए बच्चों को देखा। " लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) प्रमुख वी प्रभाकरण राजीव गांधी की हत्या के लिये जिम्मेदार था। उसे श्रीलंकाई सैनिकों ने 2009 में मार गिराया था।
| जर्मनी के हैम्बर्ग में अपने संबोधन में गांधी ने यह भी कहा कि भारत में नौकरी की बड़ी समस्या है, लेकिन प्रधानमंत्री इसे नहीं देखना चाहते हैं। नई दिल्ली, तेईस अगस्तः कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज कहा कि संसद में जब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गले लगाया था तो उनकी ही पार्टी के कुछ सदस्यों को यह पसंद नहीं आया था। जर्मनी के हैम्बर्ग में अपने संबोधन में गांधी ने यह भी कहा कि भारत में नौकरी की बड़ी समस्या है, लेकिन प्रधानमंत्री इसे नहीं देखना चाहते हैं। गांधी ने अपने दिवंगत पिता पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारों के बारे में भी बोला। उन्होंने कहा, "जब मैंने श्रीलंका में अपने पिता के हत्यारे को मृत पड़ा देखा तो मुझे अच्छा नहीं लगा। मैंने उसमें उसके रोते हुए बच्चों को देखा। " लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम प्रमुख वी प्रभाकरण राजीव गांधी की हत्या के लिये जिम्मेदार था। उसे श्रीलंकाई सैनिकों ने दो हज़ार नौ में मार गिराया था। |
संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत के ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क की स्थापना से लेकर भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के ट्रांसफोर्मेशन को लेकर किए गए वादे पर फिर से लोकसभा सदस्यों को आश्वासन दिया। इसके साथ ही, कांग्रेस पर हमला भी बोला। आईटी मंत्री ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए गठबंधन पर तीखा हमला करते हुए कहा, "बीएसएनएल मुख्य रूप से कुछ राजनीतिक दलों, विशेष रूप से यूपीए सरकार में, जहां बीएसएनएल से बहुत सारे फंड डायवर्ट किए गए थे, के कारण बहुत बुरे दौर से गुजरा। प्रधानमंत्री ने 1. 64 लाख करोड़ रुपये के बड़े पुनरुद्धार पैकेज को मंजूरी दी है। यह परियोजना पूरी तरह से बीएसएनएल को बदल देगी, जिसमें दूरसंचार सेवा स्वदेशी रूप से विकसित 4जी और 5जी को लागू करेगी। हमें अपने देश के इंजीनियरों पर गर्व होना चाहिए। " वहीं, इस दौरान कांग्रेस सांसद और आईटी मंत्री के बीच डेटा को लेकर सवाल-जवाब भी हुए।
बता दें कि 27 जुलाई को सरकार ने बीएसएनएल के लिए 1. 64 लाख करोड़ रुपये की राशि का पैकेज का ऐलान किया था, ताकि कई नुकसानों से जूझ रहे बीएसएनएल को बेहतर किया जा सके। एक लिखित उत्तर के अनुसार, पुनरुत्थान उपायों का उद्देश्य बीएसएनएल सेवाओं को अपग्रेड करने के लिए नई पूंजी डालना, कंपनी की बैलेंस शीट को सही करना, स्पेक्ट्रम आवंटित करना और बीएसएनएल के साथ भारत ब्रॉडबैंड निगम लिमिटेड (बीबीएनएल) को विलय करके अपने फाइबर नेटवर्क को बढ़ाना होगा।
कांग्रेस सांसद ने पूछा- भूत डेटा का इस्तेमाल कर रहे?
उन्होंने आगे कहा कि वे दिन गए जब गलियारे के दूसरी तरफ से कुछ मंत्रियों के लिए बीएसएनएल सिर्फ एक नकदी गाय थी। वे दिन चले गए, और बीएसएनएल बड़े पैमाने पर पुनर्जीवित होगा। इस दौरान वैष्णव का इशारा विपक्ष की ओर था। वैष्णव की टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए, कांग्रेस सांसद जसबीर सिंह गिल ने दावा किया कि दूरसंचार ऑपरेटर जियो और एयरटेल यूजर्स को लूट रहे हैं। उन्होंने कहा, "जब मैं अपना फोन बंद करता हूं और सोता हूं तो सुबह जियो और एयरटेल मुझे बताते हैं कि मेरा डेटा समाप्त हो गया है। क्या भूत रात में इन टेलीकॉम सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं? "
आईटी मंत्री वैष्णव ने गिल के जवाब में कहा, "जब कांग्रेस सरकार सत्ता में थी तब डेटा का क्या मूल्य था? आप भूतों की बात कर रहे हैं लेकिन वह भूत 200 रुपये प्रति जीबी डेटा चार्ज करते थे। आज प्रत्येक जीबी डेटा की कीमत 20 रुपये से कम है। भारत को अब दुनिया के सबसे किफायती दूरसंचार क्षेत्रों में गिना जाता है। " वहीं, महाराष्ट्र में ग्राम पंचायतों को बीएसएनएल की ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क सेवाओं के कथित अभाव के संबंध में शिवसेना सांसद विनायक राउत के एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए आईटी मंत्री ने कहा, "कुछ राज्य हैं जिन्होंने बीबीएनएल के माध्यम से स्थापित करने के बजाय ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क स्थापित करने का विकल्प चुना है। महाराष्ट्र एक ऐसा राज्य है जहां राज्य सरकार ने इस कार्य को चुना है। "
वैष्णव ने कहा, "दुर्भाग्य से, ढाई साल तक काम पूरा नहीं हुआ था। हालांकि, अब फाइबर नेटवर्क लगाने का काम तेजी पकड़ रहा है। " राउत को लिखित जवाब में, आईटी मंत्री ने कहा, "7 दिसंबर, 2022 तक, 2,59,469 ग्राम पंचायतों में से कुल 1,80,709 ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर केबल पर सेवा के लिए तैयार किया गया है। " उत्तर में यह भी जिक्र किया गया कि सरकार ने भारतनेट परियोजना को लागू करने के लिए महाराष्ट्र के लिए रुपये की राशि का वितरण किया था।
| संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत के ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क की स्थापना से लेकर भारत संचार निगम लिमिटेड के ट्रांसफोर्मेशन को लेकर किए गए वादे पर फिर से लोकसभा सदस्यों को आश्वासन दिया। इसके साथ ही, कांग्रेस पर हमला भी बोला। आईटी मंत्री ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए गठबंधन पर तीखा हमला करते हुए कहा, "बीएसएनएल मुख्य रूप से कुछ राजनीतिक दलों, विशेष रूप से यूपीए सरकार में, जहां बीएसएनएल से बहुत सारे फंड डायवर्ट किए गए थे, के कारण बहुत बुरे दौर से गुजरा। प्रधानमंत्री ने एक. चौंसठ लाख करोड़ रुपये के बड़े पुनरुद्धार पैकेज को मंजूरी दी है। यह परियोजना पूरी तरह से बीएसएनएल को बदल देगी, जिसमें दूरसंचार सेवा स्वदेशी रूप से विकसित चारजी और पाँचजी को लागू करेगी। हमें अपने देश के इंजीनियरों पर गर्व होना चाहिए। " वहीं, इस दौरान कांग्रेस सांसद और आईटी मंत्री के बीच डेटा को लेकर सवाल-जवाब भी हुए। बता दें कि सत्ताईस जुलाई को सरकार ने बीएसएनएल के लिए एक. चौंसठ लाख करोड़ रुपये की राशि का पैकेज का ऐलान किया था, ताकि कई नुकसानों से जूझ रहे बीएसएनएल को बेहतर किया जा सके। एक लिखित उत्तर के अनुसार, पुनरुत्थान उपायों का उद्देश्य बीएसएनएल सेवाओं को अपग्रेड करने के लिए नई पूंजी डालना, कंपनी की बैलेंस शीट को सही करना, स्पेक्ट्रम आवंटित करना और बीएसएनएल के साथ भारत ब्रॉडबैंड निगम लिमिटेड को विलय करके अपने फाइबर नेटवर्क को बढ़ाना होगा। कांग्रेस सांसद ने पूछा- भूत डेटा का इस्तेमाल कर रहे? उन्होंने आगे कहा कि वे दिन गए जब गलियारे के दूसरी तरफ से कुछ मंत्रियों के लिए बीएसएनएल सिर्फ एक नकदी गाय थी। वे दिन चले गए, और बीएसएनएल बड़े पैमाने पर पुनर्जीवित होगा। इस दौरान वैष्णव का इशारा विपक्ष की ओर था। वैष्णव की टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए, कांग्रेस सांसद जसबीर सिंह गिल ने दावा किया कि दूरसंचार ऑपरेटर जियो और एयरटेल यूजर्स को लूट रहे हैं। उन्होंने कहा, "जब मैं अपना फोन बंद करता हूं और सोता हूं तो सुबह जियो और एयरटेल मुझे बताते हैं कि मेरा डेटा समाप्त हो गया है। क्या भूत रात में इन टेलीकॉम सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं? " आईटी मंत्री वैष्णव ने गिल के जवाब में कहा, "जब कांग्रेस सरकार सत्ता में थी तब डेटा का क्या मूल्य था? आप भूतों की बात कर रहे हैं लेकिन वह भूत दो सौ रुपयापये प्रति जीबी डेटा चार्ज करते थे। आज प्रत्येक जीबी डेटा की कीमत बीस रुपयापये से कम है। भारत को अब दुनिया के सबसे किफायती दूरसंचार क्षेत्रों में गिना जाता है। " वहीं, महाराष्ट्र में ग्राम पंचायतों को बीएसएनएल की ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क सेवाओं के कथित अभाव के संबंध में शिवसेना सांसद विनायक राउत के एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए आईटी मंत्री ने कहा, "कुछ राज्य हैं जिन्होंने बीबीएनएल के माध्यम से स्थापित करने के बजाय ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क स्थापित करने का विकल्प चुना है। महाराष्ट्र एक ऐसा राज्य है जहां राज्य सरकार ने इस कार्य को चुना है। " वैष्णव ने कहा, "दुर्भाग्य से, ढाई साल तक काम पूरा नहीं हुआ था। हालांकि, अब फाइबर नेटवर्क लगाने का काम तेजी पकड़ रहा है। " राउत को लिखित जवाब में, आईटी मंत्री ने कहा, "सात दिसंबर, दो हज़ार बाईस तक, दो,उनसठ,चार सौ उनहत्तर ग्राम पंचायतों में से कुल एक,अस्सी,सात सौ नौ ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर केबल पर सेवा के लिए तैयार किया गया है। " उत्तर में यह भी जिक्र किया गया कि सरकार ने भारतनेट परियोजना को लागू करने के लिए महाराष्ट्र के लिए रुपये की राशि का वितरण किया था। |
धूमनगंज क्षेत्र में रहने वाली 9वीं की छात्रा को एक शोहदे ने परेशान कर दिया है। फेसबुक पर उसकी अश्लील फोटो बनाकर अपलोड किया है। उसके मोहल्ले में छात्रा की फोटो दीवारों पर चस्पा कर अपशब्द लिखे हैं। यह देख छात्रा ने आत्महत्या करने की कोशिश की। इस घटना से छात्रा के परिजन दहशत में हैं। छात्रा के पिता ने दो युवकों के खिलाफ धूमनगंज थाने में छेड़खानी और साइबर अपराध की एफआईआर दर्ज कराई है।
धूमनगंज की रहने वाली छात्रा के पिता ने रमेश भारतीय और शुभम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप है कि 9वीं में पढ़ने वाली छात्रा को स्कूल जाने के दौरान कौशाम्बी का रमेश भारतीय परेशान करता है। उसके साथ कई बार छेड़खानी की कोशिश की। रास्ते में छात्रा ने बात नहीं की तो उसके मोबाइल पर कॉल करके अश्लील बातें करने लगा। शोहदे ने छात्रा के साथ अपनी फोटो बनाकर फेसबुक पर अपलोड कर दिया और लिखा कि उसने विवाह कर लिया है। छात्रा को सहेली से फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट के बारे में जानकारी हुई। बताया जा रहा है कि 17 अगस्त को छात्रा ने आत्महत्या करने की कोशिश की लेकिन परिजनों ने देख लिया और उसे बचा लिया। शोहदे के खौफ से छात्रा ने स्कूल जाना बंद कर दिया। आखिर में छात्रा के पिता ने पुलिस अफसरों से मदद की गुहार लगाई और उन्हें दीवार पर चस्पा फोटो के साक्ष्य भी दिए। सीओ के आदेश पर एफआईआर दर्ज हुई। धूमनगंज इंस्पेक्टर विजय सिंह ने बताया कि आरोपी फरार है। उसकी तलाश की जा रही है।
| धूमनगंज क्षेत्र में रहने वाली नौवीं की छात्रा को एक शोहदे ने परेशान कर दिया है। फेसबुक पर उसकी अश्लील फोटो बनाकर अपलोड किया है। उसके मोहल्ले में छात्रा की फोटो दीवारों पर चस्पा कर अपशब्द लिखे हैं। यह देख छात्रा ने आत्महत्या करने की कोशिश की। इस घटना से छात्रा के परिजन दहशत में हैं। छात्रा के पिता ने दो युवकों के खिलाफ धूमनगंज थाने में छेड़खानी और साइबर अपराध की एफआईआर दर्ज कराई है। धूमनगंज की रहने वाली छात्रा के पिता ने रमेश भारतीय और शुभम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप है कि नौवीं में पढ़ने वाली छात्रा को स्कूल जाने के दौरान कौशाम्बी का रमेश भारतीय परेशान करता है। उसके साथ कई बार छेड़खानी की कोशिश की। रास्ते में छात्रा ने बात नहीं की तो उसके मोबाइल पर कॉल करके अश्लील बातें करने लगा। शोहदे ने छात्रा के साथ अपनी फोटो बनाकर फेसबुक पर अपलोड कर दिया और लिखा कि उसने विवाह कर लिया है। छात्रा को सहेली से फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट के बारे में जानकारी हुई। बताया जा रहा है कि सत्रह अगस्त को छात्रा ने आत्महत्या करने की कोशिश की लेकिन परिजनों ने देख लिया और उसे बचा लिया। शोहदे के खौफ से छात्रा ने स्कूल जाना बंद कर दिया। आखिर में छात्रा के पिता ने पुलिस अफसरों से मदद की गुहार लगाई और उन्हें दीवार पर चस्पा फोटो के साक्ष्य भी दिए। सीओ के आदेश पर एफआईआर दर्ज हुई। धूमनगंज इंस्पेक्टर विजय सिंह ने बताया कि आरोपी फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। |
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