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अलवर नगर परिषद के पार्षद नरेंद्र मीणा, ठेकेदार संजीव भार्गव और दिनेश गुप्ता को सोमवार को जेल भेजा जा सकता है। तीनों का 3 दिन का एसीबी का रिमांड रविवार को पूरा हो जाएगा। वहीं, नगर परिषद के एईएन दिनेश का नाम भी रिश्वत मामले में सामने आया है। इसके अलावा कई अन्य नाम भी सामने आ सकते हैं।
नगर परिषद ने 15 करोड़ रुपए के विकास कार्यों के टेंडर किए हैं। ये टेंडर ठेकेदारों ने पूल बनाकर किए गए हैं। ताकि कम रेट में ठेके मिल सकें। इसके पीछे दो मंशा एक तो काम की लागत के अनुसार ठेकेदार को भुगतान किया जाए। ताकि अच्छा काम हो सके। दूसरा रेट कम होने से सरकारी काम कम पैसे में होगा। इसी उद्देश्य से ठेकेदारों के पूल बनाकर ठेके दिए गए हैं। इसके बाद ढाई पर्सेंट राशि बतौर कमीशन ठेकेदारों से ली जाने लगी। इस मामले की किसी ने एसीबी को शिकायत कर दी। शिकायत के बाद एसीबी ने ठेकेदार, पार्षद और कई अधिकारियों के फोन सर्विलांस पर लिए। उसके बाद एसीबी ने कार्रवाई करते हुए पार्षद नरेंद्र मीणा व दो ठेकेदारों का गिरफ्तार किया था।
इसी कड़ी में एईएन दिनेश का नाम भी सामने आया। उन्होंने भी कमीशन राशि लेने के मामले में ठेकेदारों से बातचीत की है। इस आधार पर एसीबी एईएन को भी गिरफ्तार कर सकती है। एसीबी के एएसपी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि एफआईआर में कई लोगों में नाम हैं। उसी आधार पर जांच चल रही हैं। रिमांड रविवार को पूरा हो जाएगा। संभवतया तीनों को सोमवार को जेल भेज दिया जाएगा।
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| अलवर नगर परिषद के पार्षद नरेंद्र मीणा, ठेकेदार संजीव भार्गव और दिनेश गुप्ता को सोमवार को जेल भेजा जा सकता है। तीनों का तीन दिन का एसीबी का रिमांड रविवार को पूरा हो जाएगा। वहीं, नगर परिषद के एईएन दिनेश का नाम भी रिश्वत मामले में सामने आया है। इसके अलावा कई अन्य नाम भी सामने आ सकते हैं। नगर परिषद ने पंद्रह करोड़ रुपए के विकास कार्यों के टेंडर किए हैं। ये टेंडर ठेकेदारों ने पूल बनाकर किए गए हैं। ताकि कम रेट में ठेके मिल सकें। इसके पीछे दो मंशा एक तो काम की लागत के अनुसार ठेकेदार को भुगतान किया जाए। ताकि अच्छा काम हो सके। दूसरा रेट कम होने से सरकारी काम कम पैसे में होगा। इसी उद्देश्य से ठेकेदारों के पूल बनाकर ठेके दिए गए हैं। इसके बाद ढाई पर्सेंट राशि बतौर कमीशन ठेकेदारों से ली जाने लगी। इस मामले की किसी ने एसीबी को शिकायत कर दी। शिकायत के बाद एसीबी ने ठेकेदार, पार्षद और कई अधिकारियों के फोन सर्विलांस पर लिए। उसके बाद एसीबी ने कार्रवाई करते हुए पार्षद नरेंद्र मीणा व दो ठेकेदारों का गिरफ्तार किया था। इसी कड़ी में एईएन दिनेश का नाम भी सामने आया। उन्होंने भी कमीशन राशि लेने के मामले में ठेकेदारों से बातचीत की है। इस आधार पर एसीबी एईएन को भी गिरफ्तार कर सकती है। एसीबी के एएसपी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि एफआईआर में कई लोगों में नाम हैं। उसी आधार पर जांच चल रही हैं। रिमांड रविवार को पूरा हो जाएगा। संभवतया तीनों को सोमवार को जेल भेज दिया जाएगा। This website follows the DNPA Code of Ethics. |
बहेमा नादेरे के मुखिया पिलो मुलिंडो ने बताया कि चार लोगों को अस्पताल ले जाया गया है।
किंशासाः कांगो में पूर्वी राज्य इटुरी में जारी हिंसा के कारण विस्थापित लोगों के एक शिविर पर रात में हमला करके लड़ाकों (मिलिशिया) ने कम से कम 60 लोगों की हत्या कर दी।
स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने भी इसकी पुष्टि की। बहेमा नादेरे के मुखिया पिलो मुलिंडो ने बताया कि चार लोगों को अस्पताल ले जाया गया है। कोडेको और अन्य संगठन के लड़ाके पूर्वी कांगो क्षेत्र में सक्रिय हैं। कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के इस हिस्से में हिंसा के कारण मानवीय सहायता उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों के कार्य ठप हैं।
| बहेमा नादेरे के मुखिया पिलो मुलिंडो ने बताया कि चार लोगों को अस्पताल ले जाया गया है। किंशासाः कांगो में पूर्वी राज्य इटुरी में जारी हिंसा के कारण विस्थापित लोगों के एक शिविर पर रात में हमला करके लड़ाकों ने कम से कम साठ लोगों की हत्या कर दी। स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने भी इसकी पुष्टि की। बहेमा नादेरे के मुखिया पिलो मुलिंडो ने बताया कि चार लोगों को अस्पताल ले जाया गया है। कोडेको और अन्य संगठन के लड़ाके पूर्वी कांगो क्षेत्र में सक्रिय हैं। कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के इस हिस्से में हिंसा के कारण मानवीय सहायता उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों के कार्य ठप हैं। |
चेन्नई,तीन दिसंबर मद्रास उच्च न्यायालय ने अखिल भारतीय द्रविड मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक)के निष्काषित नेता के सी पलानीसामी की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने पार्टी द्वारा सात दिसंबर को संगठनात्मक चुनाव कराने पर प्रश्न उठाया था।
न्यायमूर्ति अब्दुल कुद्दौस की पीठ ने इस दीवानी वाद और पलानीसामी की ओर से दाखिल अनेक अर्जियों पर अचरज जताया और कहा कि कैसे कोई व्यक्ति जिसे पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी हटा दिया गया है, वह पार्टी की ओर से जारी अधिसूचना को अवैध घोषित करने का अनुरोध संबंधी मामला दाखिल कर सकता है।
पलानीसामी की ओर से दायर वाद में अन्नाद्रमुक की ओर से जारी दो दिसंबर की चुनाव नोटिस को अवैध घोषित करने का अनुरोध किया गया था। इसमें फरवरी 2018 की उस अधिसूचना को भी खारिज करने की मांग की गयी थी,जिसमें उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से हटा दिया गया था।
अन्नाद्रमुक और उसके दो शीर्ष नेताओं और अन्य का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता विजय नारायण, सतीश परासरन और पीएच अरविंद पांडियन ने दीवानी वाद का विरोध किया। अपने तर्क में उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है, उनके पास वाद दाखिल करने का कोई अधिकार नहीं है।
Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
| चेन्नई,तीन दिसंबर मद्रास उच्च न्यायालय ने अखिल भारतीय द्रविड मुनेत्र कषगम के निष्काषित नेता के सी पलानीसामी की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने पार्टी द्वारा सात दिसंबर को संगठनात्मक चुनाव कराने पर प्रश्न उठाया था। न्यायमूर्ति अब्दुल कुद्दौस की पीठ ने इस दीवानी वाद और पलानीसामी की ओर से दाखिल अनेक अर्जियों पर अचरज जताया और कहा कि कैसे कोई व्यक्ति जिसे पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी हटा दिया गया है, वह पार्टी की ओर से जारी अधिसूचना को अवैध घोषित करने का अनुरोध संबंधी मामला दाखिल कर सकता है। पलानीसामी की ओर से दायर वाद में अन्नाद्रमुक की ओर से जारी दो दिसंबर की चुनाव नोटिस को अवैध घोषित करने का अनुरोध किया गया था। इसमें फरवरी दो हज़ार अट्ठारह की उस अधिसूचना को भी खारिज करने की मांग की गयी थी,जिसमें उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से हटा दिया गया था। अन्नाद्रमुक और उसके दो शीर्ष नेताओं और अन्य का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता विजय नारायण, सतीश परासरन और पीएच अरविंद पांडियन ने दीवानी वाद का विरोध किया। अपने तर्क में उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है, उनके पास वाद दाखिल करने का कोई अधिकार नहीं है। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है। |
जब से 'कलंक' के पहले गाने 'घर मोरे परदेसिया' के रिलीज़ की घोषणा हुई है तब से ही फैंस इसका बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे और अब यह इंतज़ार ख़त्म हो चूका है। 'कलंक' का पहला गाना 'घर मोरे परदेसिया' ऑनलाइन रिलीज़ किया गया है।
यह गाना इंडियन क्लासिकल गीतों के तर्ज़ पर बनाया गया है जिसमें आपको माधुरी दीक्षित और आलिया भट्ट की जुगलंबंदी के साथ-साथ आलिया का मनमोहक नृत्य भी देखने मिलेगा। गाने को म्यूजिक दिया है प्रीतम ने और बोल लिखे हैं अमिताभ भट्टाचार्य ने। इसे श्रेया घोषाल और वैशाली महदे ने मिलकर गाया है।
गाने में वरुण धवन की भी एक झलक है जिसमें वह रामलीला देख रहे होते हैं और आलिया भट्ट भी वहीं होती हैं। गाने को बड़े स्तर पर शूट किया गया है।
गाना यहाँ देखेंः
जब से करण जौहर ने अपनी फिल्म 'कलंक' की घोषणा की है, हर कोई फिल्म की रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। इस अभिषेक वर्मन निर्देशन के टीज़र ने पहले ही दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी है।
यह पहली बार है जब हम आलिया को कथक करते हुए देख रहे हैं। गाना आपको और देखने की इच्छा के साथ छोड़ देगा। माधुरी और आलिया का प्रदर्शन गीत का मुख्य आकर्षण हैं। इसे रेमो डिसूजा द्वारा कोरियोग्राफ किया गया है।
फिल्म में आलिया, रूप का किरदार निभा रही हैं, जो देव (आदित्य रॉय कपूर) से शादी कर लेती है, लेकिन टीज़र देखकर हम कह सकते हैं कि रूप, ज़फ़र से प्यार करती है। फिल्म 17 अप्रैल को रिलीज़ होने वाली है।
इस गाने ने फिल्म के ट्रेलर के लिए हमारा इंतज़ार और भी बढ़ा दिया है। क्या आपको यह गाना पसंद आया? कमेंट करें और हमें बताएं।
| जब से 'कलंक' के पहले गाने 'घर मोरे परदेसिया' के रिलीज़ की घोषणा हुई है तब से ही फैंस इसका बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे और अब यह इंतज़ार ख़त्म हो चूका है। 'कलंक' का पहला गाना 'घर मोरे परदेसिया' ऑनलाइन रिलीज़ किया गया है। यह गाना इंडियन क्लासिकल गीतों के तर्ज़ पर बनाया गया है जिसमें आपको माधुरी दीक्षित और आलिया भट्ट की जुगलंबंदी के साथ-साथ आलिया का मनमोहक नृत्य भी देखने मिलेगा। गाने को म्यूजिक दिया है प्रीतम ने और बोल लिखे हैं अमिताभ भट्टाचार्य ने। इसे श्रेया घोषाल और वैशाली महदे ने मिलकर गाया है। गाने में वरुण धवन की भी एक झलक है जिसमें वह रामलीला देख रहे होते हैं और आलिया भट्ट भी वहीं होती हैं। गाने को बड़े स्तर पर शूट किया गया है। गाना यहाँ देखेंः जब से करण जौहर ने अपनी फिल्म 'कलंक' की घोषणा की है, हर कोई फिल्म की रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। इस अभिषेक वर्मन निर्देशन के टीज़र ने पहले ही दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी है। यह पहली बार है जब हम आलिया को कथक करते हुए देख रहे हैं। गाना आपको और देखने की इच्छा के साथ छोड़ देगा। माधुरी और आलिया का प्रदर्शन गीत का मुख्य आकर्षण हैं। इसे रेमो डिसूजा द्वारा कोरियोग्राफ किया गया है। फिल्म में आलिया, रूप का किरदार निभा रही हैं, जो देव से शादी कर लेती है, लेकिन टीज़र देखकर हम कह सकते हैं कि रूप, ज़फ़र से प्यार करती है। फिल्म सत्रह अप्रैल को रिलीज़ होने वाली है। इस गाने ने फिल्म के ट्रेलर के लिए हमारा इंतज़ार और भी बढ़ा दिया है। क्या आपको यह गाना पसंद आया? कमेंट करें और हमें बताएं। |
मुख्य समाचार1 केन्द्र सरकार ने धान का समर्थन मूल्य तिरपन रूपये प्रति क्विंटल बढ़ायाकेंद्रीय मंत्रिमंडल ने किसानों और लघु उद्यमियों को लाभ पहुंचाने के लिए आज लिए अनेक फैसले
राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन खोलने का पहला चरण आज से शुरूछत्तीसगढ़ में अभी भी दूसरे राज्य जाने के लिए लगेगा ईपास
आज से देश में दो सौ विशेष रेलगाड़ियां चलाई जा रही हैं
चार मानसून ने केरल में दस्तक दीछत्तीसगढ़ में आठ जून तक पहुंचने की संभावना
दो तीन कैबिनेटफैसले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में आज कई फैसलों को मंजूरी दी गई
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने नई दिल्ली में सवाददाताओं को बताया कि मंत्रिमंडल ने सूक्ष्म लघु और मझौले उद्यमों की परिभाषा को और संशोधित करने की मंजूरी दी है
इस फैसले से अनेक औद्योगिक इकाईयों को एमएसएमई के दायरे में लाया जा सकेगा
पचास करोड़ रुपये तक के निवेश और ढ़ाई सौ करोड़ रुपये तक के सकल कारोबार वाले उद्यम अब एमएसएमई क्षेत्र में उपलब्ध लाभ हासिल कर सकेगे
ऐसे उद्यमों में निर्यात से कारोबार को सकल कारोबार से छूट दी जाएगी
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने चौदह खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य को भी मंजूरी दी है
अब किसानों को फसल की लागत का पचास से तिरासी प्रतिशत अधिक मूल्य मिलेगा
सरकार ने धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य तिरपन रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर एक हजार आठ सौ अड़सठ रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है
वहीं कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य दो सौ साठ रुपये बढ़ाया गया है
इससे मौजूदा फसल वर्ष के लिए कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य पांच हजार पांच सौ पंद्रह रुपये प्रति क्विंटल होगा
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र तोमर ने कहा कि मंत्रिमंडल ने कृषि और संबंधित गतिविधियों के लिए लघु अवधि ऋण चुकाने की तिथि अगस्त तक बढ़ा दी है
इस फैसले से उन किसानों को मदद मिलेगी जिन्हें अपना ऋण पहली मार्च से इकतीस अगस्त के बीच चुकाना था
अनलॉकप्रथम चरण राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन को खोलने का पहला चरण आज से शुरू हो गया है
इसके तहत देशभर में अधिकतर गतिविधियां चरणबद्ध तरीके से फिर से प्रारंभ की जा रही हैं
केन्द्र सरकार ने राज्यों के बीच वस्तुओं और व्यक्तियों की निर्बाध आवागमन की भी अनुमति दे दी है
कई राज्यों ने भी इस दौरान दिशानिर्देश जारी किए इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ से अन्य राज्यों में जाने और आने के लिए तथा प्रदेश में एक जिले से दूसरे जिले में जाने के लिए ईपास जरूरी रहेगा
राज्य के सार्वजनिक पार्क खेल मैदान स्टेडियम के अलावा रेस्टॉरेंट होटल और बार रूम सात जून तक बंद रहेंगे
प्रदेश में चिन्हित कंटेन्मेंट जोन में केवल अत्यावश्यक सेवाओं की अनुमति होगी
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने शनिवार को पूर्णबंदी शिथिल करने के दिशानिर्देश जारी किए थे जिसमें लॉकडाउन को अत्यधिक कोरोना संक्रमण के क्षेत्रों तक ही सीमित किया गया है
विशेष रेलगाड़ी आज से देश में दो सौ विशेष रेलगाड़ियां चलाई जा रही हैं
ये विशेष श्रमिक और तीस विशेष वातानुकूलित रेलगाड़ियों के अलावा हैं
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत रायपुर रेलमंडल से तीन ट्रेनें रायगढ़गोंदियारायगढ़ जनशताब्दी एक्सप्रेस मुंबईहावड़ा मेल और हावड़ाअहमदाबाद एक्सप्रेस भी गुजरेंगी
रेल मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि आज लगभग डेढ़ लाख यात्री इन गाड़ियों का उपयोग करेंगे
एक से तीस जून की अवधि के लिए लगभग छब्बीस लाख यात्रियों ने आरक्षण करवाया है
नई रेलगाड़ियां पूरी तरह से आरक्षित होंगी जिनमें वातानुकूलित और गैरवातानुकूलित दोनों ही प्रकार के कोच होंगे
कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए इन ट्रेनों में यात्रा के लिए आवश्यक दिशानिर्देश जारी किए गए हैं
रायपुर रेलमंडल ने भी रायपुर दुर्ग भिलाई पावर हाउस तिल्दा नेवरा भाटापारा रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही के लिए विशेष व्यवस्था की है
स्टेशनों में यात्रियों के प्रवेश और विकास की अलगअलग
व्यवस्था के साथ ही आवश्यक बदलाव किए गए हैं
इन ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को रायपुर स्टेशन में कम से कम डेढ़ घंटे पहले आना होगा
प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों को प्लेटफॉर्म में प्रवेश नहीं दिया जाएगा केवल टिकटधारी यात्री ही प्लेटफॉर्म में प्रवेश कर सकेंगे
स्पेशल ट्रेनमुख्यमंत्री अपील देश के अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों और अन्य लोगों की वापसी का सिलसिला जारी है
अब तक छप्पन ट्रेनों के माध्यम से छिहत्तर हजार से अधिक श्रमिक छत्तीसगढ़ लौटे हैं
वहीं ट्रेनों सहित अन्य माध्यमों से अब तक दो लाख चवालीस हजार से अधिक श्रमिकों की वापसी हो चुकी है
इन श्रमिकों को जिला मुख्यालय से लेकर ग्राम पंचायत स्तर पर स्थापित क्वारेंटाइन सेंटर में ठहराया गया है
वर्तमान में दो लाख से अधिक श्रमिक और अन्य व्यक्ति उन्नीस हजार दो सौ सोलह क्वारेंटाइन सेंटर में ठहरे हुए हैं
इस दौरान सभी व्यक्तियों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया जा रहा है
साथ ही इन क्वारेंटाइन सेंटरों में मानसिक तनाव वाले लोगों की काउंसिलिंग की व्यवस्था भी की जा रही है
इस बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने क्वारेंटाइन अवधि पूरा कर अपने गांव और घर लौटने वाले लोगों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करने की अपील की है
उन्होंने कहा है कि क्वारेंटाइन अवधि पूरा करने वाले लोग स्वस्थ है और इनसे गांव में संक्रमण का कोई खतरा नहीं है
सिंहदेवबैठक प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये क्वारेंटाइन सेंटरों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की
इस मौके पर उन्होंने सभी प्रवासी मजदूरों की स्किल मैपिंग करने के निर्देश दिए
उन्होंने अधिकारियों को कहा कि क्वारेंटाइन अवधि पूरी करने वाले मजदूरों के स्वास्थ्य की जांच करने के बाद ही उन्हें घर जाने की अनुमति दी जाए
उन्होंने कहा कि घर जाने के बाद भी उन्हें अगले दस दिनों तक होम क्वारेंटाइन में रहने और इसके दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए कहा जाए
स्वास्थ्य मंत्री ने क्वारेंटाइन सेंटर में रह रही गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों का प्रोटोकॉल के मुताबिक टीकाकरण कराने के निर्देश भी दिए
श्री सिंहदेव ने नवगठित ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन के निर्माण का काम दो अक्टूबर से पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए
कोरोना विशेष कार्यक्रम आकाशवाणी रायपुर के प्रादेशिक समाचार एकांश द्वारा कोरोना महामारी से निपटने के लिए किए जा रहे यासों पर प्रस्तुत किया जा वाला विशेष कम कोरोना से जंग जनता के संग का प्रसारण कल नहीं किया जाएगा
इस कार्यक्रम का प्रसारण अब केवल हर सप्ताह सिर्फ शुक्रवार को ही किया जाएगा
इस विशेष कार्यक्रम की अगली कड़ी शुक्रवार पांच जून को सुबह साढ़े दस बजे प्रसारित की जाएगी
इसे छत्तीसगढ़ स्थित आकाशवाणी के सभी केन्द्र एक साथ रिले करेंगे
कोरोनामरीज प्रदेश में आज कोरोना संक्रमित उनतीस नए मरीज मिले हैं
इनमें सबसे अधिक दस मरीज बिलासपुर जिले में वहीं नौ मरीज जशपुर जिले में मिले हैं
इसके अलावा रायगढ़ में तीन रायपुर और मुंगेली में दोदो तथा जगदलपुर धमतरी और बालोद में एकएक मरीज मिला है
इन्हें मिलाकर प्रदेश में कोरोना संक्रमित सक्रिय मरीजों की संख्या चार सौ के आंकड़े को पार कर गई है
जिन इलाकों से ये मरीज मिले हैं उन क्षेत्रों को कंटेन्मेंट जोन घोषित कर दिया गया है और वहां आनेजाने पर पाबंदी लगाने के साथ ही सारे व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी बंद कर दिए गए हैं
यहां अति आवश्यक सेवाओं की डिलीवरी प्रशासन के माध्यम से की जाएगी
प्रधानमंत्रीरजत जयंती प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत जैसे देश में पर्याप्त मेडिकल ढांचे और मेडिकल शिक्षा की आवश्यकता है
बेंगलूरू स्थित राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के रजत जयंती समारोह का आज वीडियो कान्फ्रेंस के जरिये उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों के दौरान केन्द्र सरकार ने स्वास्थ्य और स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में सुधारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में बाईस और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानों की स्थापना की जा रही है
प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में टेली मेडिसिन मेक इन इंडिया और सूचना प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल पर जोर दिया
उन्होंने कहा कि कोरोना का मुकाबला करने में स्वास्थ्यकर्मियों ने कोरोना योद्धा के रूप में कार्य किया है
प्रधानमंत्री ने कहा कि डॉक्टर और चिकित्साकर्मी बिना वर्दी वाले सैनिक हैं
श्री मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस हमारा अदृश्य शत्रु हो सकता है लेकिन वह हमारे स्वास्थ्यकर्मियों को पराजित नहीं कर सकता
उन्होंने कहा कि कोरोना के साथ युद्ध में आगे रहने वाले लोगों के साथ हिंसा या दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
हादसा प्रदेश में बीते चौबीस घंटों के दौरान हुए अलगअलग हादसों में चार लोगों की मौत हो गई
वहीं नौ अन्य लोग घायल हो गए हैं
रायगढ़ जिले के चंदाई गांव में रसोई गैस सिलेंडर फटने से एक महिला सहित दो बच्चों की मौत हो गई
मिली जानकारी के अनुसार महिला अपने दोनों बच्चों के साथ रसोई में थी
इस दौरान अचानक गैस सिलेंडर फट गया
घटना में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई
बताया जाता है कि इस हादसे में घर में रखा अन्य सामान भी जलकर नष्ट हो गया
इधर दुर्ग जिले के गनियारी गांव के पास शिवनाथ नदी में डूबने से एक युवक की मौत हो गई
बताया जाता है कि यह युवक अपने पांच दोस्तों के साथ नहाने के लिए नदी में गया था
नहाने के दौरान युवक गहरे पानी में चल गया जहां डूबने से उसकी मौत हो गई
उधर जांजगीरचांपा जिले के सिलादेही गांव के पास एक कार के अनियंत्रित होकर पलटने से तीन लोग घायल हो गए
वहीं छब्बीस श्रमिकों को लेकर कोलकाता से मुंबई जा रही बस राजनांदगांव के रेवाडीह के पास पलट गई
इस हादसे में छह श्रमिक घायल हो गए हैं
गरियाबंदहाथी दल महासमुंद जिले से होते हुए गरियाबंद जिले में पहुंचा हाथियों का दल जिला मुख्यालय के करीब पहुंच चुका है
मिली जानकारी के अनुसार सत्रह हाथियों का यह दल इस समय हरदी और कोचवाय के बीच मौजूद है जिसे खदेड़ने के लिए परसुली क्षेत्र के वन विभाग की टीम लगी हुई है
माओवादीगिरफ्तार बीजापुर जिले में पुलिस ने दो माओवादियों को गिरफ्तार किया है
मिली जानकारी के अनुसार डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्डडीआरजी की टीम भैरमगढ़ थाने के अंतर्गत तलाशी अभियान पर निकली थी
इस दौरान हिंगुम के जंगल में घेराबंदी कर एक महिला सहित दो माओवादियों को गिरफ्तार किया गया
इन दोनों पर हत्या लूटपाट अपहरण सहित अन्य माओवादी गतिविधियों में शामिल रहने का आरोप है
प्रभारफेरबदल राज्य सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा के तीन अधिकारियों के प्रभार में फेरबदल किया है
जारी आदेश के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शेख आरिफ हुसैन को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ उप पुलिस महानिरीक्षक आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो और संचालक लोक अभियोजन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है
वहीं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गुरजिंदर पाल सिंह को पुलिस मुख्यालय में पदस्थ किया गया है
इसी तरह नेहा चंपावत को गृह विभाग का विशेष सचिव नियुक्त किया गया है
गौरतलब है कि नेहा चंपावत छत्तीसगढ़ की पहली महिला विशेष गृह सचिव होंगी वे दो हजार चार बैच की भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी हैं
लॉकडाउनबिहान लॉकडाउन के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशनबिहान ने गांवों में रहने वाली महिलाओं के लिए आशा की नयी किरण जगाई है
गांव में ऐसे बहुत सारे काम हैं जिनके शुरू होने से महिलाओं को राहत मिल रही है
इसी कड़ी में कोरिया जिले की महिलाएं मशरूम बेचकर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं
हमारी संवाददाता से मिली जानकारी के अनुसार जिले की विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में करीब पैंतीस महिला समूह उत्पादन का प्रशिक्षण लेकर छोटेछोटे स्थानों में मशरूम का उत्पादन कर आर्थिक लाभ अर्जित कर रही हैं
जिले की चौबीस से अधिक महिला समूह ने लॉकडाउन के दौरान मशरूम का उत्पादन कर एक लाख रूपये से अधिक का व्यवसाय किया
इन महिला समूहों के उत्पाद खुले बाजार के अलावा कोरिया मशरूम केन्द्र के माध्यम से बेचे जा रहे हैं
साथ ही ताजे मशरूम नहीं बिकने पर कोरिया कृषि विज्ञान केन्द्र के माध्यम से मशरूम को सूखाकर बाहर भेजकर बेचने की व्यवस्था भी की जा रही है
कृषि विविपरीक्षा रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संचालित स्नातक स्नातकोत्तर और पीएचडी पाठ्यक्रमों के लिए चालू शैक्षणिक सत्र के द्वितीय सेमेस्टर की लिखित परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी
लॉकडाउन के कारण इस बार परीक्षा आयोजन पद्धति में परिवर्तन किया गया है
इसके अनुसार वर्तमान सत्र में विद्यार्थियों का मूल्यांकन कक्षा शिक्षकों द्वारा किए गए आंतरिक मूल्यांकन के तहत किया जाएगा
इसके साथ ही विद्यार्थियों के पूर्व शैक्षणिक प्रदर्शन को भी मूल्यांकन में शामिल किया जाएगा
मानसूनदस्तक मानसून ने देश के केरल राज्य में दस्तक दे दी है
इसके आगामी आठ से दस जून तक छत्तीसगढ़ में पहुंचने की संभावना है
रायपुर स्थित मौसम विभाग केन्द्र के मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने आकाशवाणी समाचार को बताया कि अनुकूल परिस्थितियां रहने पर मानसून आठ से दस जून तक बस्तर पहुंच जाएगा
इसके तेरह से पंद्रह जून तक रायपुर पहुंचने की संभावना है
संक्षिप्त समाचार राज्य सरकार ने संपत्ति कर और विवरणी जमा करने की तिथि एक बार फिर बढ़ा दी है
अब सात जून तक संपत्ति कर और विवरणी जमा की जा सकती है
कांकेर जिले के कोरर में एक दंपत्ति से एक लाख तेईस हजार रूपये की ऑनलाइन ठगी करने का समाचार मिला है
पुलिस ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है
महासमुंद जिले के सरायपाली में अधिक दाम पर गुड़ाखु बेचने और प्रतिबंधित गुटखा मिलने के बाद गुड़ाखु कारखाने को सील कर दिया गया है | मुख्य समाचारएक केन्द्र सरकार ने धान का समर्थन मूल्य तिरपन रूपये प्रति क्विंटल बढ़ायाकेंद्रीय मंत्रिमंडल ने किसानों और लघु उद्यमियों को लाभ पहुंचाने के लिए आज लिए अनेक फैसले राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन खोलने का पहला चरण आज से शुरूछत्तीसगढ़ में अभी भी दूसरे राज्य जाने के लिए लगेगा ईपास आज से देश में दो सौ विशेष रेलगाड़ियां चलाई जा रही हैं चार मानसून ने केरल में दस्तक दीछत्तीसगढ़ में आठ जून तक पहुंचने की संभावना दो तीन कैबिनेटफैसले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में आज कई फैसलों को मंजूरी दी गई केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने नई दिल्ली में सवाददाताओं को बताया कि मंत्रिमंडल ने सूक्ष्म लघु और मझौले उद्यमों की परिभाषा को और संशोधित करने की मंजूरी दी है इस फैसले से अनेक औद्योगिक इकाईयों को एमएसएमई के दायरे में लाया जा सकेगा पचास करोड़ रुपये तक के निवेश और ढ़ाई सौ करोड़ रुपये तक के सकल कारोबार वाले उद्यम अब एमएसएमई क्षेत्र में उपलब्ध लाभ हासिल कर सकेगे ऐसे उद्यमों में निर्यात से कारोबार को सकल कारोबार से छूट दी जाएगी केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने चौदह खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य को भी मंजूरी दी है अब किसानों को फसल की लागत का पचास से तिरासी प्रतिशत अधिक मूल्य मिलेगा सरकार ने धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य तिरपन रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर एक हजार आठ सौ अड़सठ रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है वहीं कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य दो सौ साठ रुपये बढ़ाया गया है इससे मौजूदा फसल वर्ष के लिए कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य पांच हजार पांच सौ पंद्रह रुपये प्रति क्विंटल होगा केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र तोमर ने कहा कि मंत्रिमंडल ने कृषि और संबंधित गतिविधियों के लिए लघु अवधि ऋण चुकाने की तिथि अगस्त तक बढ़ा दी है इस फैसले से उन किसानों को मदद मिलेगी जिन्हें अपना ऋण पहली मार्च से इकतीस अगस्त के बीच चुकाना था अनलॉकप्रथम चरण राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन को खोलने का पहला चरण आज से शुरू हो गया है इसके तहत देशभर में अधिकतर गतिविधियां चरणबद्ध तरीके से फिर से प्रारंभ की जा रही हैं केन्द्र सरकार ने राज्यों के बीच वस्तुओं और व्यक्तियों की निर्बाध आवागमन की भी अनुमति दे दी है कई राज्यों ने भी इस दौरान दिशानिर्देश जारी किए इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ से अन्य राज्यों में जाने और आने के लिए तथा प्रदेश में एक जिले से दूसरे जिले में जाने के लिए ईपास जरूरी रहेगा राज्य के सार्वजनिक पार्क खेल मैदान स्टेडियम के अलावा रेस्टॉरेंट होटल और बार रूम सात जून तक बंद रहेंगे प्रदेश में चिन्हित कंटेन्मेंट जोन में केवल अत्यावश्यक सेवाओं की अनुमति होगी गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने शनिवार को पूर्णबंदी शिथिल करने के दिशानिर्देश जारी किए थे जिसमें लॉकडाउन को अत्यधिक कोरोना संक्रमण के क्षेत्रों तक ही सीमित किया गया है विशेष रेलगाड़ी आज से देश में दो सौ विशेष रेलगाड़ियां चलाई जा रही हैं ये विशेष श्रमिक और तीस विशेष वातानुकूलित रेलगाड़ियों के अलावा हैं दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत रायपुर रेलमंडल से तीन ट्रेनें रायगढ़गोंदियारायगढ़ जनशताब्दी एक्सप्रेस मुंबईहावड़ा मेल और हावड़ाअहमदाबाद एक्सप्रेस भी गुजरेंगी रेल मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि आज लगभग डेढ़ लाख यात्री इन गाड़ियों का उपयोग करेंगे एक से तीस जून की अवधि के लिए लगभग छब्बीस लाख यात्रियों ने आरक्षण करवाया है नई रेलगाड़ियां पूरी तरह से आरक्षित होंगी जिनमें वातानुकूलित और गैरवातानुकूलित दोनों ही प्रकार के कोच होंगे कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए इन ट्रेनों में यात्रा के लिए आवश्यक दिशानिर्देश जारी किए गए हैं रायपुर रेलमंडल ने भी रायपुर दुर्ग भिलाई पावर हाउस तिल्दा नेवरा भाटापारा रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही के लिए विशेष व्यवस्था की है स्टेशनों में यात्रियों के प्रवेश और विकास की अलगअलग व्यवस्था के साथ ही आवश्यक बदलाव किए गए हैं इन ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को रायपुर स्टेशन में कम से कम डेढ़ घंटे पहले आना होगा प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों को प्लेटफॉर्म में प्रवेश नहीं दिया जाएगा केवल टिकटधारी यात्री ही प्लेटफॉर्म में प्रवेश कर सकेंगे स्पेशल ट्रेनमुख्यमंत्री अपील देश के अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों और अन्य लोगों की वापसी का सिलसिला जारी है अब तक छप्पन ट्रेनों के माध्यम से छिहत्तर हजार से अधिक श्रमिक छत्तीसगढ़ लौटे हैं वहीं ट्रेनों सहित अन्य माध्यमों से अब तक दो लाख चवालीस हजार से अधिक श्रमिकों की वापसी हो चुकी है इन श्रमिकों को जिला मुख्यालय से लेकर ग्राम पंचायत स्तर पर स्थापित क्वारेंटाइन सेंटर में ठहराया गया है वर्तमान में दो लाख से अधिक श्रमिक और अन्य व्यक्ति उन्नीस हजार दो सौ सोलह क्वारेंटाइन सेंटर में ठहरे हुए हैं इस दौरान सभी व्यक्तियों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया जा रहा है साथ ही इन क्वारेंटाइन सेंटरों में मानसिक तनाव वाले लोगों की काउंसिलिंग की व्यवस्था भी की जा रही है इस बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने क्वारेंटाइन अवधि पूरा कर अपने गांव और घर लौटने वाले लोगों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करने की अपील की है उन्होंने कहा है कि क्वारेंटाइन अवधि पूरा करने वाले लोग स्वस्थ है और इनसे गांव में संक्रमण का कोई खतरा नहीं है सिंहदेवबैठक प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये क्वारेंटाइन सेंटरों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की इस मौके पर उन्होंने सभी प्रवासी मजदूरों की स्किल मैपिंग करने के निर्देश दिए उन्होंने अधिकारियों को कहा कि क्वारेंटाइन अवधि पूरी करने वाले मजदूरों के स्वास्थ्य की जांच करने के बाद ही उन्हें घर जाने की अनुमति दी जाए उन्होंने कहा कि घर जाने के बाद भी उन्हें अगले दस दिनों तक होम क्वारेंटाइन में रहने और इसके दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए कहा जाए स्वास्थ्य मंत्री ने क्वारेंटाइन सेंटर में रह रही गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों का प्रोटोकॉल के मुताबिक टीकाकरण कराने के निर्देश भी दिए श्री सिंहदेव ने नवगठित ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन के निर्माण का काम दो अक्टूबर से पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए कोरोना विशेष कार्यक्रम आकाशवाणी रायपुर के प्रादेशिक समाचार एकांश द्वारा कोरोना महामारी से निपटने के लिए किए जा रहे यासों पर प्रस्तुत किया जा वाला विशेष कम कोरोना से जंग जनता के संग का प्रसारण कल नहीं किया जाएगा इस कार्यक्रम का प्रसारण अब केवल हर सप्ताह सिर्फ शुक्रवार को ही किया जाएगा इस विशेष कार्यक्रम की अगली कड़ी शुक्रवार पांच जून को सुबह साढ़े दस बजे प्रसारित की जाएगी इसे छत्तीसगढ़ स्थित आकाशवाणी के सभी केन्द्र एक साथ रिले करेंगे कोरोनामरीज प्रदेश में आज कोरोना संक्रमित उनतीस नए मरीज मिले हैं इनमें सबसे अधिक दस मरीज बिलासपुर जिले में वहीं नौ मरीज जशपुर जिले में मिले हैं इसके अलावा रायगढ़ में तीन रायपुर और मुंगेली में दोदो तथा जगदलपुर धमतरी और बालोद में एकएक मरीज मिला है इन्हें मिलाकर प्रदेश में कोरोना संक्रमित सक्रिय मरीजों की संख्या चार सौ के आंकड़े को पार कर गई है जिन इलाकों से ये मरीज मिले हैं उन क्षेत्रों को कंटेन्मेंट जोन घोषित कर दिया गया है और वहां आनेजाने पर पाबंदी लगाने के साथ ही सारे व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी बंद कर दिए गए हैं यहां अति आवश्यक सेवाओं की डिलीवरी प्रशासन के माध्यम से की जाएगी प्रधानमंत्रीरजत जयंती प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत जैसे देश में पर्याप्त मेडिकल ढांचे और मेडिकल शिक्षा की आवश्यकता है बेंगलूरू स्थित राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के रजत जयंती समारोह का आज वीडियो कान्फ्रेंस के जरिये उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों के दौरान केन्द्र सरकार ने स्वास्थ्य और स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में सुधारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में बाईस और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानों की स्थापना की जा रही है प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में टेली मेडिसिन मेक इन इंडिया और सूचना प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल पर जोर दिया उन्होंने कहा कि कोरोना का मुकाबला करने में स्वास्थ्यकर्मियों ने कोरोना योद्धा के रूप में कार्य किया है प्रधानमंत्री ने कहा कि डॉक्टर और चिकित्साकर्मी बिना वर्दी वाले सैनिक हैं श्री मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस हमारा अदृश्य शत्रु हो सकता है लेकिन वह हमारे स्वास्थ्यकर्मियों को पराजित नहीं कर सकता उन्होंने कहा कि कोरोना के साथ युद्ध में आगे रहने वाले लोगों के साथ हिंसा या दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा हादसा प्रदेश में बीते चौबीस घंटों के दौरान हुए अलगअलग हादसों में चार लोगों की मौत हो गई वहीं नौ अन्य लोग घायल हो गए हैं रायगढ़ जिले के चंदाई गांव में रसोई गैस सिलेंडर फटने से एक महिला सहित दो बच्चों की मौत हो गई मिली जानकारी के अनुसार महिला अपने दोनों बच्चों के साथ रसोई में थी इस दौरान अचानक गैस सिलेंडर फट गया घटना में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई बताया जाता है कि इस हादसे में घर में रखा अन्य सामान भी जलकर नष्ट हो गया इधर दुर्ग जिले के गनियारी गांव के पास शिवनाथ नदी में डूबने से एक युवक की मौत हो गई बताया जाता है कि यह युवक अपने पांच दोस्तों के साथ नहाने के लिए नदी में गया था नहाने के दौरान युवक गहरे पानी में चल गया जहां डूबने से उसकी मौत हो गई उधर जांजगीरचांपा जिले के सिलादेही गांव के पास एक कार के अनियंत्रित होकर पलटने से तीन लोग घायल हो गए वहीं छब्बीस श्रमिकों को लेकर कोलकाता से मुंबई जा रही बस राजनांदगांव के रेवाडीह के पास पलट गई इस हादसे में छह श्रमिक घायल हो गए हैं गरियाबंदहाथी दल महासमुंद जिले से होते हुए गरियाबंद जिले में पहुंचा हाथियों का दल जिला मुख्यालय के करीब पहुंच चुका है मिली जानकारी के अनुसार सत्रह हाथियों का यह दल इस समय हरदी और कोचवाय के बीच मौजूद है जिसे खदेड़ने के लिए परसुली क्षेत्र के वन विभाग की टीम लगी हुई है माओवादीगिरफ्तार बीजापुर जिले में पुलिस ने दो माओवादियों को गिरफ्तार किया है मिली जानकारी के अनुसार डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्डडीआरजी की टीम भैरमगढ़ थाने के अंतर्गत तलाशी अभियान पर निकली थी इस दौरान हिंगुम के जंगल में घेराबंदी कर एक महिला सहित दो माओवादियों को गिरफ्तार किया गया इन दोनों पर हत्या लूटपाट अपहरण सहित अन्य माओवादी गतिविधियों में शामिल रहने का आरोप है प्रभारफेरबदल राज्य सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा के तीन अधिकारियों के प्रभार में फेरबदल किया है जारी आदेश के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शेख आरिफ हुसैन को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ उप पुलिस महानिरीक्षक आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो और संचालक लोक अभियोजन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है वहीं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गुरजिंदर पाल सिंह को पुलिस मुख्यालय में पदस्थ किया गया है इसी तरह नेहा चंपावत को गृह विभाग का विशेष सचिव नियुक्त किया गया है गौरतलब है कि नेहा चंपावत छत्तीसगढ़ की पहली महिला विशेष गृह सचिव होंगी वे दो हजार चार बैच की भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी हैं लॉकडाउनबिहान लॉकडाउन के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशनबिहान ने गांवों में रहने वाली महिलाओं के लिए आशा की नयी किरण जगाई है गांव में ऐसे बहुत सारे काम हैं जिनके शुरू होने से महिलाओं को राहत मिल रही है इसी कड़ी में कोरिया जिले की महिलाएं मशरूम बेचकर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं हमारी संवाददाता से मिली जानकारी के अनुसार जिले की विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में करीब पैंतीस महिला समूह उत्पादन का प्रशिक्षण लेकर छोटेछोटे स्थानों में मशरूम का उत्पादन कर आर्थिक लाभ अर्जित कर रही हैं जिले की चौबीस से अधिक महिला समूह ने लॉकडाउन के दौरान मशरूम का उत्पादन कर एक लाख रूपये से अधिक का व्यवसाय किया इन महिला समूहों के उत्पाद खुले बाजार के अलावा कोरिया मशरूम केन्द्र के माध्यम से बेचे जा रहे हैं साथ ही ताजे मशरूम नहीं बिकने पर कोरिया कृषि विज्ञान केन्द्र के माध्यम से मशरूम को सूखाकर बाहर भेजकर बेचने की व्यवस्था भी की जा रही है कृषि विविपरीक्षा रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संचालित स्नातक स्नातकोत्तर और पीएचडी पाठ्यक्रमों के लिए चालू शैक्षणिक सत्र के द्वितीय सेमेस्टर की लिखित परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी लॉकडाउन के कारण इस बार परीक्षा आयोजन पद्धति में परिवर्तन किया गया है इसके अनुसार वर्तमान सत्र में विद्यार्थियों का मूल्यांकन कक्षा शिक्षकों द्वारा किए गए आंतरिक मूल्यांकन के तहत किया जाएगा इसके साथ ही विद्यार्थियों के पूर्व शैक्षणिक प्रदर्शन को भी मूल्यांकन में शामिल किया जाएगा मानसूनदस्तक मानसून ने देश के केरल राज्य में दस्तक दे दी है इसके आगामी आठ से दस जून तक छत्तीसगढ़ में पहुंचने की संभावना है रायपुर स्थित मौसम विभाग केन्द्र के मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने आकाशवाणी समाचार को बताया कि अनुकूल परिस्थितियां रहने पर मानसून आठ से दस जून तक बस्तर पहुंच जाएगा इसके तेरह से पंद्रह जून तक रायपुर पहुंचने की संभावना है संक्षिप्त समाचार राज्य सरकार ने संपत्ति कर और विवरणी जमा करने की तिथि एक बार फिर बढ़ा दी है अब सात जून तक संपत्ति कर और विवरणी जमा की जा सकती है कांकेर जिले के कोरर में एक दंपत्ति से एक लाख तेईस हजार रूपये की ऑनलाइन ठगी करने का समाचार मिला है पुलिस ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है महासमुंद जिले के सरायपाली में अधिक दाम पर गुड़ाखु बेचने और प्रतिबंधित गुटखा मिलने के बाद गुड़ाखु कारखाने को सील कर दिया गया है |
पूर्व जापानी प्रधान मंत्री शिंजो आबे की हत्या के लिए एक असामान्य तात्कालिक उपकरण का उपयोग किया गया था। अब नारा प्रीफेक्चुरल पुलिस, जहां इस साल जुलाई में पूर्व-प्रमुख की हत्या कर दी गई थी, इस अपराध में प्रतिवादी के लिए आग्नेयास्त्रों के अवैध उपयोग का एक अतिरिक्त आरोप लगाने की कोशिश कर रही है। हथियारों.
यह असाही शिंबुन (जापान) अखबार द्वारा रिपोर्ट किया गया है।
जापानी प्रधान मंत्री शिंजो आबे की हत्या का हथियार आग्नेयास्त्रों के अवैध उपयोग पर प्रतिबंध के तहत नहीं आ सकता है। हालांकि जापान को इसके निर्माण और उपयोग पर बहुत सख्ती से नियंत्रित किया जाता है, कानून प्रवर्तन जिस कानून का उपयोग करना चाहता है, उसमें हत्या में तात्कालिक हथियारों के उपयोग के प्रावधान शामिल नहीं हैं।
और जबकि हमलावर 42 वर्षीय तेत्सुया यामागामी को पहले ही हत्या का दोषी पाया जा चुका है, पुलिस इस बात पर भी विचार कर रही है कि क्या उस पर बंदूक कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया जाना चाहिए क्योंकि हमलावर ने सार्वजनिक स्थान पर बंदूक चलाई थी। लेकिन तथ्य यह है कि जापान में जुलाई की घटना से पहले एक भी मामला ऐसा नहीं था जब सार्वजनिक स्थान पर घरेलू हथियार का इस्तेमाल करके किसी की हत्या की गई हो।
यामागामी द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली बंदूक में लकड़ी के बोर्ड से जुड़ी दो धातु की नलियां होती हैं और बिजली के टेप से लिपटी होती हैं। डिवाइस 40 सेंटीमीटर लंबा और 20 चौड़ा है। इसे एक साथ छह 10mm गोलियां दागने के लिए डिजाइन किया गया था।
राष्ट्रीय पुलिस विज्ञान अनुसंधान संस्थान द्वारा पिस्तौल के परीक्षण ने पुष्टि की कि हथियार में पर्याप्त रोकने की शक्ति थी, क्योंकि गोलियां लकड़ी के निशाने पर लगी थीं।
- इस्तेमाल की गई तस्वीरेंः
| पूर्व जापानी प्रधान मंत्री शिंजो आबे की हत्या के लिए एक असामान्य तात्कालिक उपकरण का उपयोग किया गया था। अब नारा प्रीफेक्चुरल पुलिस, जहां इस साल जुलाई में पूर्व-प्रमुख की हत्या कर दी गई थी, इस अपराध में प्रतिवादी के लिए आग्नेयास्त्रों के अवैध उपयोग का एक अतिरिक्त आरोप लगाने की कोशिश कर रही है। हथियारों. यह असाही शिंबुन अखबार द्वारा रिपोर्ट किया गया है। जापानी प्रधान मंत्री शिंजो आबे की हत्या का हथियार आग्नेयास्त्रों के अवैध उपयोग पर प्रतिबंध के तहत नहीं आ सकता है। हालांकि जापान को इसके निर्माण और उपयोग पर बहुत सख्ती से नियंत्रित किया जाता है, कानून प्रवर्तन जिस कानून का उपयोग करना चाहता है, उसमें हत्या में तात्कालिक हथियारों के उपयोग के प्रावधान शामिल नहीं हैं। और जबकि हमलावर बयालीस वर्षीय तेत्सुया यामागामी को पहले ही हत्या का दोषी पाया जा चुका है, पुलिस इस बात पर भी विचार कर रही है कि क्या उस पर बंदूक कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया जाना चाहिए क्योंकि हमलावर ने सार्वजनिक स्थान पर बंदूक चलाई थी। लेकिन तथ्य यह है कि जापान में जुलाई की घटना से पहले एक भी मामला ऐसा नहीं था जब सार्वजनिक स्थान पर घरेलू हथियार का इस्तेमाल करके किसी की हत्या की गई हो। यामागामी द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली बंदूक में लकड़ी के बोर्ड से जुड़ी दो धातु की नलियां होती हैं और बिजली के टेप से लिपटी होती हैं। डिवाइस चालीस सेंटीमीटर लंबा और बीस चौड़ा है। इसे एक साथ छह दस मिलीमीटर गोलियां दागने के लिए डिजाइन किया गया था। राष्ट्रीय पुलिस विज्ञान अनुसंधान संस्थान द्वारा पिस्तौल के परीक्षण ने पुष्टि की कि हथियार में पर्याप्त रोकने की शक्ति थी, क्योंकि गोलियां लकड़ी के निशाने पर लगी थीं। - इस्तेमाल की गई तस्वीरेंः |
मुंबईः म्हाडा (MHADA) के घरों का इंतजार करने वालों के इंतजार की घड़ियां अब खत्म हो गई है। म्हाडा के मुंबई (Mumbai) में बने 4,083 घरों (Houses) के लॉटरी का मुहूर्त आख़िरकार निकल गया है। म्हाडा ने फैसला किया है कि इन घरों की लॉटरी 18 जुलाई को निकाली जाएगी और सम्बन्ध में विज्ञापन 22 मई को प्रकाशित किया जाएगा। इसी दिन से रजिस्ट्रेशन, आवेदन, बिक्री और स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यह प्रक्रिया 26 जून तक चलेगी और ड्रा 18 जुलाई को रंगशारदा ऑडिटोरियम, बांद्रा वेस्ट में किया जाएगा।
गौरतलब है कि म्हाडा के मुंबई मंडल पिछली लॉटरी 2019 में निकली थी जिसमें सिर्फ 217 घर शामिल थे, जिसमे निम्न आय वर्ग के लिए आवास की कीमत 30 लाख 44 हजार से 40 लाख रुपए तक थी। बीते एक साल से म्हाडा के मुंबई बोर्ड के ड्रा की चर्चा चल रही है। हालांकि कई कारणों के कारण इसमें देरी हो गई, लेकिन अब बोर्ड ने 4 हजार 83 आवासों की लॉटरी के विज्ञापन की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस बात की जानकारी मुंबई बोर्ड के मुख्य अधिकारी मिलिंद बोरीकर ने दी है।
उन्होंने बताया कि सबसे पहले 22 मई 2023 को विज्ञापन जारी होंगे। आवेदन भरने की अंतिम तिथि 26 जून होगी। उसके बाद, स्वीकृति आवेदन की जांच की जाएगी और पात्र आवेदकों की सूची जारी की जाएगी। अंत में 18 जुलाई को बांद्रा पश्चिम के रंगशारदा हॉल में लॉटरी ड्रा की जाएगी। जिसमे 4 हजार 83 मकान शामिल हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, 4,083 मकानों में से 2,788 घर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों (ईडब्ल्यूएस) के लिए हैं, जबकि 1,022 घर एलआईजी के लिए, 132 एमआईजी के लिए और एचआईजी के लिए 39 घर शामिल है। गोरेगांव के पहाड़ी में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ईडब्ल्यूएस के लिए 1,947 घर, एंटॉप हिल में 417 और विक्रोली के कन्नमवार नगर में 424 घर शामिल है। इस प्रकार ईडब्ल्यूएस के लिए कुल 2,788 घर शामिल हैं। तो वहीं छोटे समूह के लिए कुल 1,022 घर हैं जिनमें से गोरेगांव के पहाड़ी क्षेत्र में 736 घर शामिल हैं। बचे हुए घर दादर, साकेत सोसायटी (गोरेगांव), गायकवाड़ नगर (मालाड), पत्रा चाल, ओल्ड मगाठाणे (बोरीवली), चारकोप, कन्नमवार नगर, विक्रांत सोसाइटी (विक्रोली), गवानपाडा आदि में बसे हैं। बोर्ड ने मध्यम समूह के लिए 132 घर उपलब्ध कराए हैं और ये घर दादर, तिलक नगर (चेंबूर), सहकार नगर (चेंबूर), कांदिवली में स्थित हैं। साथ ही उच्च समूह के लिए केवल 39 घर शामिल हैं और ये घर ताड़देव, लोअर परेल, शिव, शिमपोली, तुंगा पवई आदि में स्थित हैं।
| मुंबईः म्हाडा के घरों का इंतजार करने वालों के इंतजार की घड़ियां अब खत्म हो गई है। म्हाडा के मुंबई में बने चार,तिरासी घरों के लॉटरी का मुहूर्त आख़िरकार निकल गया है। म्हाडा ने फैसला किया है कि इन घरों की लॉटरी अट्ठारह जुलाई को निकाली जाएगी और सम्बन्ध में विज्ञापन बाईस मई को प्रकाशित किया जाएगा। इसी दिन से रजिस्ट्रेशन, आवेदन, बिक्री और स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यह प्रक्रिया छब्बीस जून तक चलेगी और ड्रा अट्ठारह जुलाई को रंगशारदा ऑडिटोरियम, बांद्रा वेस्ट में किया जाएगा। गौरतलब है कि म्हाडा के मुंबई मंडल पिछली लॉटरी दो हज़ार उन्नीस में निकली थी जिसमें सिर्फ दो सौ सत्रह घर शामिल थे, जिसमे निम्न आय वर्ग के लिए आवास की कीमत तीस लाख चौंतालीस हजार से चालीस लाख रुपए तक थी। बीते एक साल से म्हाडा के मुंबई बोर्ड के ड्रा की चर्चा चल रही है। हालांकि कई कारणों के कारण इसमें देरी हो गई, लेकिन अब बोर्ड ने चार हजार तिरासी आवासों की लॉटरी के विज्ञापन की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस बात की जानकारी मुंबई बोर्ड के मुख्य अधिकारी मिलिंद बोरीकर ने दी है। उन्होंने बताया कि सबसे पहले बाईस मई दो हज़ार तेईस को विज्ञापन जारी होंगे। आवेदन भरने की अंतिम तिथि छब्बीस जून होगी। उसके बाद, स्वीकृति आवेदन की जांच की जाएगी और पात्र आवेदकों की सूची जारी की जाएगी। अंत में अट्ठारह जुलाई को बांद्रा पश्चिम के रंगशारदा हॉल में लॉटरी ड्रा की जाएगी। जिसमे चार हजार तिरासी मकान शामिल हैं। मिली जानकारी के अनुसार, चार,तिरासी मकानों में से दो,सात सौ अठासी घर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए हैं, जबकि एक,बाईस घर एलआईजी के लिए, एक सौ बत्तीस एमआईजी के लिए और एचआईजी के लिए उनतालीस घर शामिल है। गोरेगांव के पहाड़ी में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ईडब्ल्यूएस के लिए एक,नौ सौ सैंतालीस घर, एंटॉप हिल में चार सौ सत्रह और विक्रोली के कन्नमवार नगर में चार सौ चौबीस घर शामिल है। इस प्रकार ईडब्ल्यूएस के लिए कुल दो,सात सौ अठासी घर शामिल हैं। तो वहीं छोटे समूह के लिए कुल एक,बाईस घर हैं जिनमें से गोरेगांव के पहाड़ी क्षेत्र में सात सौ छत्तीस घर शामिल हैं। बचे हुए घर दादर, साकेत सोसायटी , गायकवाड़ नगर , पत्रा चाल, ओल्ड मगाठाणे , चारकोप, कन्नमवार नगर, विक्रांत सोसाइटी , गवानपाडा आदि में बसे हैं। बोर्ड ने मध्यम समूह के लिए एक सौ बत्तीस घर उपलब्ध कराए हैं और ये घर दादर, तिलक नगर , सहकार नगर , कांदिवली में स्थित हैं। साथ ही उच्च समूह के लिए केवल उनतालीस घर शामिल हैं और ये घर ताड़देव, लोअर परेल, शिव, शिमपोली, तुंगा पवई आदि में स्थित हैं। |
सैंज घाटी में शैंशर और देहुरीधार पंचायत के लोगों को उपतहसील मुख्यालय पहुंचने के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सैंज से शैंशर के बीच चलने वाली एचआरटीसी की बस सेवा पिछले पांच महीनों से बंद पड़ी है, लेकिन एचआरटीसी इस रूट को बहाल नहीं कर रहा है। ऐसे में क्षेत्र के लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में क्षेत्र के लोगों ने डीसी कुल्लू आशुतोष गर्ग से मुलाकात कर पांच महीने से बंद पड़ी इस बस सेवा को पुनः शुरू करने की मांग की है।
दि मनु महाराज को-आपरेटिव सोसायटी के प्रधान महेंद्र सिंह पालसरा, आलम चंद पालसरा, विजय कुमार, गुड्डू, निमल राम, प्रेम सिंह, ठाकुर दत्त, गिरधारी लाल, रोशन लाल, तापे राम और मीराबाई का कहना है कि क्षेत्र के लोगों को बस सेवा नहीं होने के कारण परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसके चलते उन्होंने डीसी कुल्लू को एक मांगपत्र सौंपकर बंद पड़ी इस बस सेवा को बहाल करने की जोरदार मांग उठाई है। उधर, डीसी कुल्लू आशुतोष गर्ग ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि उन्होंने इस संदर्भ में आरटीओ और एचआरटीसी के डायरेक्टर से बात की है। लिहाजा, उनके साथ एक बैठक होगी। उस बैठक में इस बस सेवा की मांग को प्रमुखता से उठाया जाएगा, ताकि क्षेत्र के लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़ सके।
| सैंज घाटी में शैंशर और देहुरीधार पंचायत के लोगों को उपतहसील मुख्यालय पहुंचने के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सैंज से शैंशर के बीच चलने वाली एचआरटीसी की बस सेवा पिछले पांच महीनों से बंद पड़ी है, लेकिन एचआरटीसी इस रूट को बहाल नहीं कर रहा है। ऐसे में क्षेत्र के लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में क्षेत्र के लोगों ने डीसी कुल्लू आशुतोष गर्ग से मुलाकात कर पांच महीने से बंद पड़ी इस बस सेवा को पुनः शुरू करने की मांग की है। दि मनु महाराज को-आपरेटिव सोसायटी के प्रधान महेंद्र सिंह पालसरा, आलम चंद पालसरा, विजय कुमार, गुड्डू, निमल राम, प्रेम सिंह, ठाकुर दत्त, गिरधारी लाल, रोशन लाल, तापे राम और मीराबाई का कहना है कि क्षेत्र के लोगों को बस सेवा नहीं होने के कारण परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसके चलते उन्होंने डीसी कुल्लू को एक मांगपत्र सौंपकर बंद पड़ी इस बस सेवा को बहाल करने की जोरदार मांग उठाई है। उधर, डीसी कुल्लू आशुतोष गर्ग ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि उन्होंने इस संदर्भ में आरटीओ और एचआरटीसी के डायरेक्टर से बात की है। लिहाजा, उनके साथ एक बैठक होगी। उस बैठक में इस बस सेवा की मांग को प्रमुखता से उठाया जाएगा, ताकि क्षेत्र के लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़ सके। |
Sonam Kapoor का हाल ही में एक वीडियो वायरल हो रहा हैं। इस वीडियो में वह अपने पति के साथ ट्रेन में सफर करती हुई नजर आ रही हैं। वह इन दिनों फिल्म की शूटिंग करने के लिए इग्लैंड पहुंची हैं। जहां वह अपने पति के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करती हुई नजर आ रही हैं। वीडियो को सोनम कपूर ने वैलेंटाइन डे के मौके पर शेयर किया है। जिसमें उनके पति आनंद आहूजा हैप्पी वैलेंटाइन डे कहते हुए नजर आते हैं।
बाद में सोनम उन्हें पहले गाल पर किस करती हैं और फिर वह पति को लिपलाॅप करती हुई नजर आती हैं। सोनम का यह वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा हैं। वायरल हो रहे वीडियो में सोनम के लिपलाॅप किस को उनके ढेर सारे फैंस खूब पसंद कर रहे हैं। बता दें कि सोनम सोशल मीडिया में खूब एक्टिव रहती हैं। जहां वह अपने पति के साथ अपनी तस्वीरें एवं वीडियो शेयर करती रहती हैं। साल के पहले ही दिन सोनम ने पति को किस करते हुए की एक तस्वीर सोशल मीडिया में शेयर करके सनसनी मचा दी थी।
बात करें सोनम कपूर के वर्कफ्रंट की तो वह इन दिनों इग्लैंड में हैं। जहां वह अपनी अपकमिंग फिल्म ब्लाइंड की शूटिंग कर रही हैं। इस मूवी में वह लेडी इंस्पेक्टर के लुक में नजर आएगी। वह एक ब्लाइंड केस को साल्व करने के लिए माथा-पच्ची करती हुई नजर आएगी। वैलेंटाइन डे के मौके पर वीडियो को शेयर करते हुए सोनम ने लिखा कि मेरे पति बहुत अच्छे हैं। मैं उनके साथ पिछले 5 से 6 वीके से ग्लासगो में क्वालिटी टाइम स्पेंड कर रही हूं।
आगे सोनम लिखती है कि यह आश्चर्यजनक था कि हर दिन शूटिंग पूरी करने के बाद वह मेरे पास आते थे। उनके लिए लंदन में घर से काम करना ज्यादा आसान होता है। लेकिन वह मेरे साथ रहे। शुक्रिया आनंद आहूजा। मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं आप बहुत अच्छे हो। सोनम के इस वीडियो को जब ढेर सारे लोगों ने लाइक किया हैं। सोनम का यह वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है। सोनम ने आनंद आहूजा से शादी साल 2018 में की थी। शादी के बाद से ही दोनों कपल अपनी एक्टिविटी को लेकर सुर्खियों बने रहते हैं।
| Sonam Kapoor का हाल ही में एक वीडियो वायरल हो रहा हैं। इस वीडियो में वह अपने पति के साथ ट्रेन में सफर करती हुई नजर आ रही हैं। वह इन दिनों फिल्म की शूटिंग करने के लिए इग्लैंड पहुंची हैं। जहां वह अपने पति के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करती हुई नजर आ रही हैं। वीडियो को सोनम कपूर ने वैलेंटाइन डे के मौके पर शेयर किया है। जिसमें उनके पति आनंद आहूजा हैप्पी वैलेंटाइन डे कहते हुए नजर आते हैं। बाद में सोनम उन्हें पहले गाल पर किस करती हैं और फिर वह पति को लिपलाॅप करती हुई नजर आती हैं। सोनम का यह वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा हैं। वायरल हो रहे वीडियो में सोनम के लिपलाॅप किस को उनके ढेर सारे फैंस खूब पसंद कर रहे हैं। बता दें कि सोनम सोशल मीडिया में खूब एक्टिव रहती हैं। जहां वह अपने पति के साथ अपनी तस्वीरें एवं वीडियो शेयर करती रहती हैं। साल के पहले ही दिन सोनम ने पति को किस करते हुए की एक तस्वीर सोशल मीडिया में शेयर करके सनसनी मचा दी थी। बात करें सोनम कपूर के वर्कफ्रंट की तो वह इन दिनों इग्लैंड में हैं। जहां वह अपनी अपकमिंग फिल्म ब्लाइंड की शूटिंग कर रही हैं। इस मूवी में वह लेडी इंस्पेक्टर के लुक में नजर आएगी। वह एक ब्लाइंड केस को साल्व करने के लिए माथा-पच्ची करती हुई नजर आएगी। वैलेंटाइन डे के मौके पर वीडियो को शेयर करते हुए सोनम ने लिखा कि मेरे पति बहुत अच्छे हैं। मैं उनके साथ पिछले पाँच से छः वीके से ग्लासगो में क्वालिटी टाइम स्पेंड कर रही हूं। आगे सोनम लिखती है कि यह आश्चर्यजनक था कि हर दिन शूटिंग पूरी करने के बाद वह मेरे पास आते थे। उनके लिए लंदन में घर से काम करना ज्यादा आसान होता है। लेकिन वह मेरे साथ रहे। शुक्रिया आनंद आहूजा। मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं आप बहुत अच्छे हो। सोनम के इस वीडियो को जब ढेर सारे लोगों ने लाइक किया हैं। सोनम का यह वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है। सोनम ने आनंद आहूजा से शादी साल दो हज़ार अट्ठारह में की थी। शादी के बाद से ही दोनों कपल अपनी एक्टिविटी को लेकर सुर्खियों बने रहते हैं। |
उत्तराखंड के टिहरी में आज एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई औग दस लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
उत्तराखंड के टिहरी में आज एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई औग दस लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से इलाज के लिए अस्पातल में भार्ती कराया गया है।
ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर कमांद बैलधर के निकट एक तेज रफ्तार वाहन (मैक्स) खाई में गिर गई। हादसे में मौके पर ही दो लोगों की मौत हो गई और दस लोग घायल हो गए। बताया जा रहा है कि यह वाहन चिन्यालीसौड़ से सवारी लेकर चंबा जा रहा था।
मैक्स के गहरी खाई में गिरते ही स्थानीय लोगों ने तत्काल ही पुलिस को इस हादसे की सूचना दी। सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से राहत कार्य शुरू किया।
पुलिस ने घायलों को गहरी खाई से निकालकर पास के अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया है। पुलिस दुर्घटना की जांच की जा रही है।
| उत्तराखंड के टिहरी में आज एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई औग दस लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। उत्तराखंड के टिहरी में आज एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई औग दस लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से इलाज के लिए अस्पातल में भार्ती कराया गया है। ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर कमांद बैलधर के निकट एक तेज रफ्तार वाहन खाई में गिर गई। हादसे में मौके पर ही दो लोगों की मौत हो गई और दस लोग घायल हो गए। बताया जा रहा है कि यह वाहन चिन्यालीसौड़ से सवारी लेकर चंबा जा रहा था। मैक्स के गहरी खाई में गिरते ही स्थानीय लोगों ने तत्काल ही पुलिस को इस हादसे की सूचना दी। सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से राहत कार्य शुरू किया। पुलिस ने घायलों को गहरी खाई से निकालकर पास के अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया है। पुलिस दुर्घटना की जांच की जा रही है। |
भुवनेश्वर, छह अगस्त ओडिशा में शुक्रवार को कोविड-19 के 1,208 नये मामले आए। इसके साथ ही राज्य में अभी तक कुल 9,84,731 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि राज्य में संक्रमण से और 66 लोगों की मौत होने के साथ ही महामारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 6,302 हो गयी है।
आज आए नये मामलों में से 702 मामले पृथकवास केन्द्रों से हैं जबकि 506 मामले संक्रमित लोगों के संपर्क में आने वालों के हैं।
खुर्दा जिले में सबसे ज्यादा 399 नये मामले आए हैं, वहीं कटक से 173 मामले आए हैं। बौध से आज लगातार दूसरे दिन कोई नया मामला नहीं आया है।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने बताया कि राज्य के 16 जिलों में संक्रमण से और 66 लोगों के मरने की सूचना है।
खुर्दा जिले में सबसे ज्यादा 19 लोगों की मौत महामारी से हुई है। राज्य की राजधानी भुवनेश्वर इसी जिले में आता है। वहीं, कटक में 11, गंजाम में 10, बालेश्वर में छह, अंगुल में चार और क्योंझर में तीन लोगों की मौत हुई है।
Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
| भुवनेश्वर, छह अगस्त ओडिशा में शुक्रवार को कोविड-उन्नीस के एक,दो सौ आठ नये मामले आए। इसके साथ ही राज्य में अभी तक कुल नौ,चौरासी,सात सौ इकतीस लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि राज्य में संक्रमण से और छयासठ लोगों की मौत होने के साथ ही महामारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर छः,तीन सौ दो हो गयी है। आज आए नये मामलों में से सात सौ दो मामले पृथकवास केन्द्रों से हैं जबकि पाँच सौ छः मामले संक्रमित लोगों के संपर्क में आने वालों के हैं। खुर्दा जिले में सबसे ज्यादा तीन सौ निन्यानवे नये मामले आए हैं, वहीं कटक से एक सौ तिहत्तर मामले आए हैं। बौध से आज लगातार दूसरे दिन कोई नया मामला नहीं आया है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने बताया कि राज्य के सोलह जिलों में संक्रमण से और छयासठ लोगों के मरने की सूचना है। खुर्दा जिले में सबसे ज्यादा उन्नीस लोगों की मौत महामारी से हुई है। राज्य की राजधानी भुवनेश्वर इसी जिले में आता है। वहीं, कटक में ग्यारह, गंजाम में दस, बालेश्वर में छह, अंगुल में चार और क्योंझर में तीन लोगों की मौत हुई है। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है। |
मौमस विभाग ने आज मुंबई में हाईटाइड की चेतावनी दी है। दूसरी तरफ मौसम विभाग का कहना है कि दिल्ली में बुधवार को बादल छाए रहेंगे। ऐसे में कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होगी। मौसम विभाग के अनुसार 14 जुलाई से बारिश कम होगी। आईएमडी के अनुसार 15 से 18 जुलाई तक तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा। इसके अलावा कहीं-कहीं हल्की बारिश का भी अनुमान है।
मुंबई में भी सुबह से ही लगातार बारिश जारी है। भारी बारिश के कारण मुंबई के अंधेरी सबवे पूरी तरह से पानी भर गया है। मुंबई में सोमवार से ही बारिश हो रही है। भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया है। मुंबई के विले पार्ले में जाम लगना शुरू हो गया है। इससे पहले हार्बर लाइन के डॉकयार्ड रेलवे स्टेशन के पास एक पेट्रोल पंप के नजदीक एक पेड़ गिरने से ट्रैफिक जाम हो गया।
दिल्ली में अभी तक बारिश सामान्य रूप से नहीं हुई है। राजधानी में 9 में से 5 जिलों में सामान्य से कम वर्षा हुई है। दिल्ली में मॉनसून सीजन 1 जून से 30 सितंबर तक रहता है। सीजन के दौरान अभी तक दिल्ली में औसत 90. 4 एमएम बारिश हुई है। दिल्ली में 5 जुलाई तक 10 प्रतिशत अधिक बारिश हुई थी।
दिल्ली में सोमवार और मंगलवार को कुछ इलाकों में अच्छी बारिश हुई, लेकिन कुछ इलाकों में सिर्फ बूंदाबांदी हुई। पश्चिमी दिल्ली बारिश के मामले में सबसे पीछे चल रही है। यहां 135. 8 एमएम के एवज में महज 54 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। यह 60 प्रतिशत कम है। वहीं, साउथवेस्ट दिल्ली में भी 51 प्रतिशत तक अब तक कम बारिश हुई है। यहां 122. 7 एमएम की जगह महज 59. 8 एमएम बारिश हुई है। वहीं, नॉर्थ ईस्ट में भी 43 प्रतिशत कम, सेंट्रल दिल्ली में 29 प्रतिशत और साउथ दिल्ली में बारिश 22 प्रतिशत कम हुई है। वहीं, राजधानी में सबसे अधिक बारिश ईस्ट दिल्ली में हुई है। यहां पर 1 जून से अब तक 218. 1 एमएम बारिश हो चुकी है। नार्थ वेस्ट दिल्ली में 153. 8 एमएम, सेंट्रल दिल्ली में 152. 5 एमएम बारिश हुई है।
| मौमस विभाग ने आज मुंबई में हाईटाइड की चेतावनी दी है। दूसरी तरफ मौसम विभाग का कहना है कि दिल्ली में बुधवार को बादल छाए रहेंगे। ऐसे में कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होगी। मौसम विभाग के अनुसार चौदह जुलाई से बारिश कम होगी। आईएमडी के अनुसार पंद्रह से अट्ठारह जुलाई तक तापमान सैंतीस डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा। इसके अलावा कहीं-कहीं हल्की बारिश का भी अनुमान है। मुंबई में भी सुबह से ही लगातार बारिश जारी है। भारी बारिश के कारण मुंबई के अंधेरी सबवे पूरी तरह से पानी भर गया है। मुंबई में सोमवार से ही बारिश हो रही है। भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया है। मुंबई के विले पार्ले में जाम लगना शुरू हो गया है। इससे पहले हार्बर लाइन के डॉकयार्ड रेलवे स्टेशन के पास एक पेट्रोल पंप के नजदीक एक पेड़ गिरने से ट्रैफिक जाम हो गया। दिल्ली में अभी तक बारिश सामान्य रूप से नहीं हुई है। राजधानी में नौ में से पाँच जिलों में सामान्य से कम वर्षा हुई है। दिल्ली में मॉनसून सीजन एक जून से तीस सितंबर तक रहता है। सीजन के दौरान अभी तक दिल्ली में औसत नब्बे. चार एमएम बारिश हुई है। दिल्ली में पाँच जुलाई तक दस प्रतिशत अधिक बारिश हुई थी। दिल्ली में सोमवार और मंगलवार को कुछ इलाकों में अच्छी बारिश हुई, लेकिन कुछ इलाकों में सिर्फ बूंदाबांदी हुई। पश्चिमी दिल्ली बारिश के मामले में सबसे पीछे चल रही है। यहां एक सौ पैंतीस. आठ एमएम के एवज में महज चौवन एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। यह साठ प्रतिशत कम है। वहीं, साउथवेस्ट दिल्ली में भी इक्यावन प्रतिशत तक अब तक कम बारिश हुई है। यहां एक सौ बाईस. सात एमएम की जगह महज उनसठ. आठ एमएम बारिश हुई है। वहीं, नॉर्थ ईस्ट में भी तैंतालीस प्रतिशत कम, सेंट्रल दिल्ली में उनतीस प्रतिशत और साउथ दिल्ली में बारिश बाईस प्रतिशत कम हुई है। वहीं, राजधानी में सबसे अधिक बारिश ईस्ट दिल्ली में हुई है। यहां पर एक जून से अब तक दो सौ अट्ठारह. एक एमएम बारिश हो चुकी है। नार्थ वेस्ट दिल्ली में एक सौ तिरेपन. आठ एमएम, सेंट्रल दिल्ली में एक सौ बावन. पाँच एमएम बारिश हुई है। |
बिलासपुर। पुलिस ने चोरी मामले में हॉस्पिटल के चौकीदार को गिरफ्तार किया है. बता दें कि विनोबा नगर में रहने वाले जितेंद्र कुमार यादव एलीट मेडसिटी अस्पताल में मैनेजर हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि अस्पताल के भवन का निर्माण चल रहा है। इसकी देखरेख के लिए उन्होंने प्रेम कुमार की ड्यूटी लगाई थी। शुक्रवार को काम बंद होने के बाद चौकीदार प्रेम अपनी ड्यूटी पर था।
शनिवार की सुबह चौकीदार ने बताया कि निर्माणाधीन अस्पताल से चोरों ने तीन बंडल बिजली के वायर पार कर दिए हैं। शिकायत पर पुलिस मामले की जांच कर रही थी। पूछताछ में चौकीदार पुलिस को गोलमोल जवाब दे रहा था। संदेह होने पर पुलिस ने उससे कड़ाई की। इसमें उसने अपने साथी प्रवीण राजपूत(26) निवासी लाखासार सकरी के साथ मिलकर चोरी करना बताया। आरोपित की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी का सामान जब्त कर लिया है।
| बिलासपुर। पुलिस ने चोरी मामले में हॉस्पिटल के चौकीदार को गिरफ्तार किया है. बता दें कि विनोबा नगर में रहने वाले जितेंद्र कुमार यादव एलीट मेडसिटी अस्पताल में मैनेजर हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि अस्पताल के भवन का निर्माण चल रहा है। इसकी देखरेख के लिए उन्होंने प्रेम कुमार की ड्यूटी लगाई थी। शुक्रवार को काम बंद होने के बाद चौकीदार प्रेम अपनी ड्यूटी पर था। शनिवार की सुबह चौकीदार ने बताया कि निर्माणाधीन अस्पताल से चोरों ने तीन बंडल बिजली के वायर पार कर दिए हैं। शिकायत पर पुलिस मामले की जांच कर रही थी। पूछताछ में चौकीदार पुलिस को गोलमोल जवाब दे रहा था। संदेह होने पर पुलिस ने उससे कड़ाई की। इसमें उसने अपने साथी प्रवीण राजपूत निवासी लाखासार सकरी के साथ मिलकर चोरी करना बताया। आरोपित की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी का सामान जब्त कर लिया है। |
TV पर क्या देखें?
क्या है आपकी Choice?
वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री)
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मणिपुर हिंसाः समुदायों का टूटा आपसी विश्वास, क्या अमित शाह सुलझा पाएंगे झगड़ा?
मणिपुर हिंसाः समुदायों का टूटा आपसी विश्वास, क्या अमित शाह सुलझा पाएंगे झगड़ा?
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| TV पर क्या देखें? क्या है आपकी Choice? वृत्तचित्र क्या किशोरों को विटामिन सप्लीमेंट दे सकते हैं? मणिपुर हिंसाः समुदायों का टूटा आपसी विश्वास, क्या अमित शाह सुलझा पाएंगे झगड़ा? मणिपुर हिंसाः समुदायों का टूटा आपसी विश्वास, क्या अमित शाह सुलझा पाएंगे झगड़ा? । © Copyright NDTV Convergence Limited दो हज़ार तेईस. All rights reserved. |
अधिकांश नागरिक सद् - जीवन व्यतीत करते हैं बुरे राष्ट्र में समस्त अथवा अधिकांश नागरिक असद् - जीवन बिताते हैं । मस्तिष्क ही मूल्यों का अनुसरण तथा उनकी पहचान कर सका है। राष्ट्र का कोई मस्तिष्क नहीं होता अतः यह मूल्यों की पहचान और उनका अनुसरण नहीं कर सकता। यह किसी मूल्य का प्रतीक नहीं हो सकता । नैतिक उपक्रमण की शक्ति का स्वतन्त्रता केवल व्यक्तियों में ही हो सकती है। उनकी स्वतन्त्रता का अपहरण राष्ट्र द्वारा नहीं किया जाना चाहिये । ( ६ ) जनतन्त्र (Democracy)
समष्टिवाद की अपेक्षा जनतन्त्र अधिक उत्तम सामाजिक तथा राजनैतिक आदर्श है । इसका अर्थ लोकप्रिय अथवा बहुमत शासन है। राष्ट्रपति लिकन ने जनतन्त्र की परिभाषा इस प्रकार की है - 'जनता का जनता द्वारा तथा जन हिताय शासन ।' सभी सत्-शासन जनता का और जन हिताय होता है। परन्तु जनतन्त्र की विशेषता यह है कि वह जनता अथवा बहुमत द्वारा शासन होता है। आधुनिक जनतन्त्र प्रतिनिधिमूलक शासन है । प्रतिनिधिमूलक शासन का अर्थ है समस्त जाति के हितों की पूर्ति के लिये जनता के प्रतिनिधियों का शासन । जनता पर बहुसंख्यक दल के शासन को संसदात्मक ( Parliamentary ) प्रणाली कहते हैं। इसमें कार्यपालिका (Executive) विधायिका (Legislative) के प्रति उत्तरदायी होती है । जनतन्त्र उत्तरदायी शासन होता है। जनता के प्रतिनिधि विधि निर्माण करते हैं तथा समस्त जनता उनका पालन करती है। वे अपने श्रेष्ठतम प्रतिनिधियों द्वारा बनाई गई विधियों का पालन करते हैं । जनतन्त्र में स्वेच्छाच रिता, दमन और अत्याचार नहीं होता । विधि की दृष्टि में सभी नागरिकों का पद समान होता है । सभी व्यक्तियों को आत्म-विकास के लिए समान अवसर प्राप्त होते हैं। प्रत्येक व्यक्ति का व्यक्तित्व सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। व्यक्ति की सर्वोच्चता ही जनतन्त्र का आधार है । राष्ट्र अपने व्यक्तिगत नागरिकों के श्रेष्ठ और सद्जीवन का एक साधन माना जाता है । जनतन्त्र में नागरिकों को भाषण, सम्मेलन तथा प्रकाशन की स्वतन्त्रता प्राप्त है। यह राष्ट्र के हस्तक्षेप को अल्पतम कर सकता है। जनतन्त्र व्यक्ति को उस सीमा तक स्वतन्त्रता प्रदान करता है जिस सीमा तक राष्ट्र की सुरक्षा के बाधा न पड़ती हो। यह राष्ट्र के उद्देश्यों की पूर्ति के लिये व्यक्ति के जीवन के सैन्यीकरण के विरुद्ध है ।
जनतन्त्र की सफलता के लिये एक उच्च भावनापूर्ण नागरिकता, पर्याप्त मात्रा में राजनीतिक बुद्धिमता, ईमानदारी का उच्च स्तर, राष्ट्रीय एकता तथा भक्ति की प्रबल भावना, व्यापक शिक्षा तथा जनता में सम्पत्ति की गम्भीर असमानता का अभाव अत्यन्त आवश्यक है । 14
जनतन्त्र, राजनीतिक स्वतन्त्रता समानता पर बहुत जोर देता है। पर
13. पूर्व पुस्तक, पृष्ठ ३२१-३२२ ।
14. एलीमेंटस ऑफ पॉलिटिकल साइन्स, अध्याय १२ । | अधिकांश नागरिक सद् - जीवन व्यतीत करते हैं बुरे राष्ट्र में समस्त अथवा अधिकांश नागरिक असद् - जीवन बिताते हैं । मस्तिष्क ही मूल्यों का अनुसरण तथा उनकी पहचान कर सका है। राष्ट्र का कोई मस्तिष्क नहीं होता अतः यह मूल्यों की पहचान और उनका अनुसरण नहीं कर सकता। यह किसी मूल्य का प्रतीक नहीं हो सकता । नैतिक उपक्रमण की शक्ति का स्वतन्त्रता केवल व्यक्तियों में ही हो सकती है। उनकी स्वतन्त्रता का अपहरण राष्ट्र द्वारा नहीं किया जाना चाहिये । जनतन्त्र समष्टिवाद की अपेक्षा जनतन्त्र अधिक उत्तम सामाजिक तथा राजनैतिक आदर्श है । इसका अर्थ लोकप्रिय अथवा बहुमत शासन है। राष्ट्रपति लिकन ने जनतन्त्र की परिभाषा इस प्रकार की है - 'जनता का जनता द्वारा तथा जन हिताय शासन ।' सभी सत्-शासन जनता का और जन हिताय होता है। परन्तु जनतन्त्र की विशेषता यह है कि वह जनता अथवा बहुमत द्वारा शासन होता है। आधुनिक जनतन्त्र प्रतिनिधिमूलक शासन है । प्रतिनिधिमूलक शासन का अर्थ है समस्त जाति के हितों की पूर्ति के लिये जनता के प्रतिनिधियों का शासन । जनता पर बहुसंख्यक दल के शासन को संसदात्मक प्रणाली कहते हैं। इसमें कार्यपालिका विधायिका के प्रति उत्तरदायी होती है । जनतन्त्र उत्तरदायी शासन होता है। जनता के प्रतिनिधि विधि निर्माण करते हैं तथा समस्त जनता उनका पालन करती है। वे अपने श्रेष्ठतम प्रतिनिधियों द्वारा बनाई गई विधियों का पालन करते हैं । जनतन्त्र में स्वेच्छाच रिता, दमन और अत्याचार नहीं होता । विधि की दृष्टि में सभी नागरिकों का पद समान होता है । सभी व्यक्तियों को आत्म-विकास के लिए समान अवसर प्राप्त होते हैं। प्रत्येक व्यक्ति का व्यक्तित्व सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। व्यक्ति की सर्वोच्चता ही जनतन्त्र का आधार है । राष्ट्र अपने व्यक्तिगत नागरिकों के श्रेष्ठ और सद्जीवन का एक साधन माना जाता है । जनतन्त्र में नागरिकों को भाषण, सम्मेलन तथा प्रकाशन की स्वतन्त्रता प्राप्त है। यह राष्ट्र के हस्तक्षेप को अल्पतम कर सकता है। जनतन्त्र व्यक्ति को उस सीमा तक स्वतन्त्रता प्रदान करता है जिस सीमा तक राष्ट्र की सुरक्षा के बाधा न पड़ती हो। यह राष्ट्र के उद्देश्यों की पूर्ति के लिये व्यक्ति के जीवन के सैन्यीकरण के विरुद्ध है । जनतन्त्र की सफलता के लिये एक उच्च भावनापूर्ण नागरिकता, पर्याप्त मात्रा में राजनीतिक बुद्धिमता, ईमानदारी का उच्च स्तर, राष्ट्रीय एकता तथा भक्ति की प्रबल भावना, व्यापक शिक्षा तथा जनता में सम्पत्ति की गम्भीर असमानता का अभाव अत्यन्त आवश्यक है । चौदह जनतन्त्र, राजनीतिक स्वतन्त्रता समानता पर बहुत जोर देता है। पर तेरह. पूर्व पुस्तक, पृष्ठ तीन सौ इक्कीस-तीन सौ बाईस । चौदह. एलीमेंटस ऑफ पॉलिटिकल साइन्स, अध्याय बारह । |
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हम आपको बता दें की 'कसौटी जिंदगी' से चर्चा में आई प्रेरणा यानी श्वेता तिवारी के पूर्व पति हैं औऱ पिछले एक साल से टीवी एक्ट्रेस श्रद्धा शर्मा के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे हैं। वैसे राजा चौधरी हमेशा अपनी हरकतों के लिए बदनाम रहे हैं और इसी वजह से श्रद्धा के दोस्त पहले भी उन्हें राजा से दूर रहने के लिए कई बार चेतावनी दे चुके थे लेकिन श्रद्धा ने किसी ना सुनी औऱ राजा का साथ दिया।
खबर है कि दोनों जल्द शादी करने वाले थे औऱ उससे पहले एक बार श्रद्धा ये जान लेनी चाहत थी कि राजा उनके लिए कितने वफादार हैं। इसलिए वो 'इमोशनल अत्याचार' शो की टीम के पास पहुंची औऱ उनसे राजा की हकीकत जानने की कोशिश की। इस शो पर राजा चौधरी खुफिया कैमरे पर आपत्तिजनक बातें करते हुए पकड़े गए।
उन्होंने शो की ही दो लड़कियों से अश्लील बातें औऱ हरकतें की। ये बस देखकर श्रद्धा को राजा के बेवफा होने का सबूत मिल गया औऱ उसी वक्त श्रद्धा ने राजा से अपनी एक साल पुराना रिशता तोड़ दिया।
| Don't Miss! हम आपको बता दें की 'कसौटी जिंदगी' से चर्चा में आई प्रेरणा यानी श्वेता तिवारी के पूर्व पति हैं औऱ पिछले एक साल से टीवी एक्ट्रेस श्रद्धा शर्मा के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे हैं। वैसे राजा चौधरी हमेशा अपनी हरकतों के लिए बदनाम रहे हैं और इसी वजह से श्रद्धा के दोस्त पहले भी उन्हें राजा से दूर रहने के लिए कई बार चेतावनी दे चुके थे लेकिन श्रद्धा ने किसी ना सुनी औऱ राजा का साथ दिया। खबर है कि दोनों जल्द शादी करने वाले थे औऱ उससे पहले एक बार श्रद्धा ये जान लेनी चाहत थी कि राजा उनके लिए कितने वफादार हैं। इसलिए वो 'इमोशनल अत्याचार' शो की टीम के पास पहुंची औऱ उनसे राजा की हकीकत जानने की कोशिश की। इस शो पर राजा चौधरी खुफिया कैमरे पर आपत्तिजनक बातें करते हुए पकड़े गए। उन्होंने शो की ही दो लड़कियों से अश्लील बातें औऱ हरकतें की। ये बस देखकर श्रद्धा को राजा के बेवफा होने का सबूत मिल गया औऱ उसी वक्त श्रद्धा ने राजा से अपनी एक साल पुराना रिशता तोड़ दिया। |
बिहार के बेगूसराय से एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया है. बेगूसराय के एक निजी अस्पताल में जन्म लेने वाले चारों नवजात बच्चे लड़कियां हैं. जन्म के बाद चारों बच्चियां और प्रसूता पूरी तरह स्वस्थ बताई जा रही हैं.
फिलहाल इन बच्चियों को शिशु रोग विशेषज्ञ के पास रखा गया है. डॉक्टर और परिजनों के मुताबिक यह एक अद्भुत घटना है जिसको उन्होंने न कभी देखा है और सुना है. एक साथ जन्मे चार बच्चों को लोग बड़ी संख्या में देखने आ रहे हैं.
बता दें कि बेगूसराय के जीवन चाइल्ड हॉस्पिटल में खगरिया जिले के गोगरी प्रखंड के पितुजिया गांव के रहने वाले पंकज कुमार की पत्नी सविता देवी ने एक साथ चार लड़कियों को जन्म दिया है. जन्म लेने वाले चार बच्चियों में से एक की हालत नाजुक है, जबकि तीन बच्चियां पूरी तरह स्वस्थ बताई जा रही हैं. छठ के नहाय-खाय के पहले बच्चों के जन्म को स्थानीय लोग ईश्वर का चमत्कार मान रहे हैं. बच्चे का पिता मोबाइल टावर में गार्ड की नौकरी करता है.
बिहारः उपेंद्र कुशवाहा को बड़ा झटका, JDU में शामिल होंगे शेखर-पासवान!
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| बिहार के बेगूसराय से एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया है. बेगूसराय के एक निजी अस्पताल में जन्म लेने वाले चारों नवजात बच्चे लड़कियां हैं. जन्म के बाद चारों बच्चियां और प्रसूता पूरी तरह स्वस्थ बताई जा रही हैं. फिलहाल इन बच्चियों को शिशु रोग विशेषज्ञ के पास रखा गया है. डॉक्टर और परिजनों के मुताबिक यह एक अद्भुत घटना है जिसको उन्होंने न कभी देखा है और सुना है. एक साथ जन्मे चार बच्चों को लोग बड़ी संख्या में देखने आ रहे हैं. बता दें कि बेगूसराय के जीवन चाइल्ड हॉस्पिटल में खगरिया जिले के गोगरी प्रखंड के पितुजिया गांव के रहने वाले पंकज कुमार की पत्नी सविता देवी ने एक साथ चार लड़कियों को जन्म दिया है. जन्म लेने वाले चार बच्चियों में से एक की हालत नाजुक है, जबकि तीन बच्चियां पूरी तरह स्वस्थ बताई जा रही हैं. छठ के नहाय-खाय के पहले बच्चों के जन्म को स्थानीय लोग ईश्वर का चमत्कार मान रहे हैं. बच्चे का पिता मोबाइल टावर में गार्ड की नौकरी करता है. बिहारः उपेंद्र कुशवाहा को बड़ा झटका, JDU में शामिल होंगे शेखर-पासवान! . |
वहीं, एक अन्य घटना में एक व्यक्ति को 16 वर्षीय शरणार्थी को नौकरी और एक कमरा दिलाने की पेशकश करते सुना गया था।
पोलैंड की मेड्यका सीमा पर स्थित एक शरणार्थी शिविर में एक व्यक्ति द्वारा केवल महिलाओं और बच्चों को मदद की पेशकश किए जाने को लेकर भी पुलिस को संदेह हुआ। हालांकि, पूछताछ में व्यक्ति अपनी बात से मुकर गया।
रूसी आक्रमण के बीच लाखों महिलाओं और बच्चों के यूक्रेन की सीमाओं की तरफ भागने के मद्देनजर इन बेहद संवेदनशील शरणार्थियों को मानव तस्करों के चंगुल से बचाने और अन्य तरह के शोषण का शिकार होने से रोकने को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के मुताबिक, अब तक 25 लाख से ज्यादा लोग युद्धग्रस्त यूक्रेन को छोड़ चुके हैं, जिनमें दस लाख से अधिक बच्चे शामिल हैं। इसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किसी यूरोपीय देश से सबसे बड़ा पलायन बताया जा रहा है और इससे यूरोप में एक अभूतपूर्व मानवीय संकट खड़ा हो गया है।
रोमानिया, पोलैंड, हंगरी, मोल्दोवा और स्लोवाकिया सहित अन्य सीमावर्ती देशों में आम नागरिक और स्वयंसेवक उन शरणार्थियों को मदद की पेशकश कर रहे हैं, जिनका जीवन युद्ध से संकट में आ गया है।
। वे मुफ्त खानपान और आश्रय से लेकर नौकरी तक का प्रस्ताव दे रहे हैं। हालांकि, जानकारों का कहना है कि इस तरह के प्रस्तावों को स्वीकार करने के जोखिम भी काफी ज्यादा हैं।
| वहीं, एक अन्य घटना में एक व्यक्ति को सोलह वर्षीय शरणार्थी को नौकरी और एक कमरा दिलाने की पेशकश करते सुना गया था। पोलैंड की मेड्यका सीमा पर स्थित एक शरणार्थी शिविर में एक व्यक्ति द्वारा केवल महिलाओं और बच्चों को मदद की पेशकश किए जाने को लेकर भी पुलिस को संदेह हुआ। हालांकि, पूछताछ में व्यक्ति अपनी बात से मुकर गया। रूसी आक्रमण के बीच लाखों महिलाओं और बच्चों के यूक्रेन की सीमाओं की तरफ भागने के मद्देनजर इन बेहद संवेदनशील शरणार्थियों को मानव तस्करों के चंगुल से बचाने और अन्य तरह के शोषण का शिकार होने से रोकने को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के मुताबिक, अब तक पच्चीस लाख से ज्यादा लोग युद्धग्रस्त यूक्रेन को छोड़ चुके हैं, जिनमें दस लाख से अधिक बच्चे शामिल हैं। इसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किसी यूरोपीय देश से सबसे बड़ा पलायन बताया जा रहा है और इससे यूरोप में एक अभूतपूर्व मानवीय संकट खड़ा हो गया है। रोमानिया, पोलैंड, हंगरी, मोल्दोवा और स्लोवाकिया सहित अन्य सीमावर्ती देशों में आम नागरिक और स्वयंसेवक उन शरणार्थियों को मदद की पेशकश कर रहे हैं, जिनका जीवन युद्ध से संकट में आ गया है। । वे मुफ्त खानपान और आश्रय से लेकर नौकरी तक का प्रस्ताव दे रहे हैं। हालांकि, जानकारों का कहना है कि इस तरह के प्रस्तावों को स्वीकार करने के जोखिम भी काफी ज्यादा हैं। |
बहरोड़ विधायक बलजीत यादव ने आज मंगलवार को सुबह साढ़े दस बजे 14 सूत्री मांगों को लेकर युवाओं के साथ काले कपड़े पहनकर बानसूर कस्बे में दौड़ लगाई। बानसूर के नारायणपुर तिराहे से शुरू हुई दौड़ हरसौरा अम्बेडकर सर्किल तक चली। जहां बलजीत यादव ने बाबा भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। वही विधायक यादव के बानसूर पहुंचने पर उनके समर्थकों और कस्बे वासियों और सैकड़ों की संख्या में युवाओं ने गर्मजोशी के साथ माला व साफा पहनाकर जोरदार स्वागत किया।
इस मौके पर बहरोड़ विधायक बलजीत यादव ने सरकार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर बानसूर कस्बे के मुख्य मार्गों की सड़कों पर दौड़ लगाई। इस दौरान उन्होंने सीएम अशोक गहलोत पर वादों से मुकरने का आरोप लगाते हुए कहा कि राजस्थान सरकार ने युवाओं के हितों के साथ धोखा किया है। जिसको लेकर बेरोजगार युवाओं, किसानो और मजदूरों की 14 सूत्री मांगों को लेकर काले कपड़े पहनकर राजस्थान की 200 विधानसभाओं में दौड़ लगा रहे हैं।
विधायक बलजीत यादव ने कहा कि राजस्थान सरकार की नौकरी में राज्य के युवाओं को 90 से 100% आरक्षण दिया जाए, गैर सरकारी क्षेत्र में स्थानीय युवाओं को 75% आरक्षण दिया जाए, 50 हजार पदों पर भर्ती निकालकर 6 महीने में नियुक्तियां दी जाए, परिक्षा प्रणाली को ठीक किया जाए और जिस लेवल की परीक्षा हो उसी लेवल का प्रश्नपत्र बनाया जाए। सरकार मुफ्त कोचिंग सेंटर चलाएं और सरकारी शिक्षा गुणवत्ता में सुधार कर सरकारी स्कूलों में सुविधाएं विकसित की जाए।
उन्होंने बताया कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कदम उठाए । बहरोड़ विधानसभा में भ्रष्टाचारियों की शिकायत करने पर मेरी तरफ से 50 हजार का इनाम दिया जाता है जब निर्दलीय विधायक होने के बाद भी भ्रष्टाचारियों को पकड़ने की इनाम दे रहा हूं, तो सरकार ऐसा काम क्यों नहीं कर सकती। सरकार को भी भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। और किसानों की संपूर्ण फसल को सरकार उचित मूल्य पर खरीदे, किसानों और गरीब लोगों को निशुल्क बिजली उपलब्ध कराएं, किसानों की फसल नष्ट करने वाले पशुओं पर नियंत्रण करे।
वहीं, बलजीत यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मांगों को लेकर आश्वासन दिया था। लेकिन बाद में वे अपने वादों से मुकर गए। ऐसे में युवाओं के मुद्दों को पूरा करने के लिए प्रदेश की 200 विधानसभाओं में काले कपड़े पहनकर दौड़ लगा रहे हैं।
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| बहरोड़ विधायक बलजीत यादव ने आज मंगलवार को सुबह साढ़े दस बजे चौदह सूत्री मांगों को लेकर युवाओं के साथ काले कपड़े पहनकर बानसूर कस्बे में दौड़ लगाई। बानसूर के नारायणपुर तिराहे से शुरू हुई दौड़ हरसौरा अम्बेडकर सर्किल तक चली। जहां बलजीत यादव ने बाबा भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। वही विधायक यादव के बानसूर पहुंचने पर उनके समर्थकों और कस्बे वासियों और सैकड़ों की संख्या में युवाओं ने गर्मजोशी के साथ माला व साफा पहनाकर जोरदार स्वागत किया। इस मौके पर बहरोड़ विधायक बलजीत यादव ने सरकार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर बानसूर कस्बे के मुख्य मार्गों की सड़कों पर दौड़ लगाई। इस दौरान उन्होंने सीएम अशोक गहलोत पर वादों से मुकरने का आरोप लगाते हुए कहा कि राजस्थान सरकार ने युवाओं के हितों के साथ धोखा किया है। जिसको लेकर बेरोजगार युवाओं, किसानो और मजदूरों की चौदह सूत्री मांगों को लेकर काले कपड़े पहनकर राजस्थान की दो सौ विधानसभाओं में दौड़ लगा रहे हैं। विधायक बलजीत यादव ने कहा कि राजस्थान सरकार की नौकरी में राज्य के युवाओं को नब्बे से एक सौ% आरक्षण दिया जाए, गैर सरकारी क्षेत्र में स्थानीय युवाओं को पचहत्तर% आरक्षण दिया जाए, पचास हजार पदों पर भर्ती निकालकर छः महीने में नियुक्तियां दी जाए, परिक्षा प्रणाली को ठीक किया जाए और जिस लेवल की परीक्षा हो उसी लेवल का प्रश्नपत्र बनाया जाए। सरकार मुफ्त कोचिंग सेंटर चलाएं और सरकारी शिक्षा गुणवत्ता में सुधार कर सरकारी स्कूलों में सुविधाएं विकसित की जाए। उन्होंने बताया कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कदम उठाए । बहरोड़ विधानसभा में भ्रष्टाचारियों की शिकायत करने पर मेरी तरफ से पचास हजार का इनाम दिया जाता है जब निर्दलीय विधायक होने के बाद भी भ्रष्टाचारियों को पकड़ने की इनाम दे रहा हूं, तो सरकार ऐसा काम क्यों नहीं कर सकती। सरकार को भी भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। और किसानों की संपूर्ण फसल को सरकार उचित मूल्य पर खरीदे, किसानों और गरीब लोगों को निशुल्क बिजली उपलब्ध कराएं, किसानों की फसल नष्ट करने वाले पशुओं पर नियंत्रण करे। वहीं, बलजीत यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मांगों को लेकर आश्वासन दिया था। लेकिन बाद में वे अपने वादों से मुकर गए। ऐसे में युवाओं के मुद्दों को पूरा करने के लिए प्रदेश की दो सौ विधानसभाओं में काले कपड़े पहनकर दौड़ लगा रहे हैं। This website follows the DNPA Code of Ethics. |
मुंबई - करीब 20 हजार वर्गफुट इलाके में फैले भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के आलीशान बंगले को गिराने की कार्रवाई शुरू हो गई है। महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में अलीबाग बीच के पास बने इस अवैध बंगले को तोड़ने के लिए जिला प्रशासन के अधिकारी पहुंच गए हैं। बताया जा रहा है कि बंगला काफी बड़ा है, इसलिए इसे पूरी तरह से तोड़ने में कम से कम चार दिन लगेंगे। बताया जा रहा है कि बंगले को तोड़ने की प्रक्त्रिया शुरू हो गई है। बंगले को ढहाने गई टीम का नेतृत्व एसडीओ शरद पवार कर रहे हैं। इस बंगले को पहले तत्कालीन कलेक्टर एसओ सोनावने ने वैध घोषित किया था। बाद में वर्तमान कलेक्टर विजय सूर्यवंशी ने इसे अवैध घोषित कर दिया। बता दें कि 13 हजार करोड़ रुपए के पीएनबी घोटाले के आरोपी नीरव मोदी ने अलीबाग बीच के पास बने इस बंगले में कई भव्य पार्टियां दी थीं। इस आलीशान बंगले को हाल ही में कलेक्टर ऑफिस ने जांच के बाद अवैध करार दिया था। सूत्रों ने बताया कि गुरुवार को इस बंगले की सभी मूल्यवान वस्तुओं को प्रवर्तन निदेशालय ने निकाल लिया और उसे कलेक्टर कार्यालय में जमा कराया है।
| मुंबई - करीब बीस हजार वर्गफुट इलाके में फैले भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के आलीशान बंगले को गिराने की कार्रवाई शुरू हो गई है। महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में अलीबाग बीच के पास बने इस अवैध बंगले को तोड़ने के लिए जिला प्रशासन के अधिकारी पहुंच गए हैं। बताया जा रहा है कि बंगला काफी बड़ा है, इसलिए इसे पूरी तरह से तोड़ने में कम से कम चार दिन लगेंगे। बताया जा रहा है कि बंगले को तोड़ने की प्रक्त्रिया शुरू हो गई है। बंगले को ढहाने गई टीम का नेतृत्व एसडीओ शरद पवार कर रहे हैं। इस बंगले को पहले तत्कालीन कलेक्टर एसओ सोनावने ने वैध घोषित किया था। बाद में वर्तमान कलेक्टर विजय सूर्यवंशी ने इसे अवैध घोषित कर दिया। बता दें कि तेरह हजार करोड़ रुपए के पीएनबी घोटाले के आरोपी नीरव मोदी ने अलीबाग बीच के पास बने इस बंगले में कई भव्य पार्टियां दी थीं। इस आलीशान बंगले को हाल ही में कलेक्टर ऑफिस ने जांच के बाद अवैध करार दिया था। सूत्रों ने बताया कि गुरुवार को इस बंगले की सभी मूल्यवान वस्तुओं को प्रवर्तन निदेशालय ने निकाल लिया और उसे कलेक्टर कार्यालय में जमा कराया है। |
पिछले दिनों में भज्जी - धोनी की शराबी जंग सबने देखी , डमी बेइज्जती से आहत हरभजन का परिवार तुरंत कानून की शरण में चला गया और कंपनी ने विज्ञापन हटाना ही मुनासिब समझा ,लेकिन क्या किसी ने एक पल के लिए सोचा कि,
करोड़ों युवाओं के रोल माडल ये खिलाडी आखिर शराब का विज्ञापन करते ही क्यों हैं ?
पैसे के ढेर पर बैठे खिलाड़ी अपनी सामजिक जिम्मेदारी और नैतिकता क्यों भूल गए हैं ?
लगभग सभी खिलाडी सचिन तेंदुलकर (जिन्होंने एक शराब कंपनी की करोडो की पेशकश ठुकरा दी थी ) को अपना आदर्श मानते हैं और उनका सम्मान करते हैं , क्या यह सम्मान दिखावा मात्र नहीं है ?
क्या खिलाडिओं को शराब के दुष्प्रभाव के बारे में नहीं पता है ?
आज पांच साल से ऊपर के करोंडो बच्चे किसी ना किसी क्रिकेटर को अपना आदर्श मानते हैं और उनका बालमन उनकी नक़ल करने को लालायित होता है तो क्या ये खिलाडी आने वाली पीढ़ी को नशे के गर्त में धकेलना चाहते हैं ?
| पिछले दिनों में भज्जी - धोनी की शराबी जंग सबने देखी , डमी बेइज्जती से आहत हरभजन का परिवार तुरंत कानून की शरण में चला गया और कंपनी ने विज्ञापन हटाना ही मुनासिब समझा ,लेकिन क्या किसी ने एक पल के लिए सोचा कि, करोड़ों युवाओं के रोल माडल ये खिलाडी आखिर शराब का विज्ञापन करते ही क्यों हैं ? पैसे के ढेर पर बैठे खिलाड़ी अपनी सामजिक जिम्मेदारी और नैतिकता क्यों भूल गए हैं ? लगभग सभी खिलाडी सचिन तेंदुलकर को अपना आदर्श मानते हैं और उनका सम्मान करते हैं , क्या यह सम्मान दिखावा मात्र नहीं है ? क्या खिलाडिओं को शराब के दुष्प्रभाव के बारे में नहीं पता है ? आज पांच साल से ऊपर के करोंडो बच्चे किसी ना किसी क्रिकेटर को अपना आदर्श मानते हैं और उनका बालमन उनकी नक़ल करने को लालायित होता है तो क्या ये खिलाडी आने वाली पीढ़ी को नशे के गर्त में धकेलना चाहते हैं ? |
रापमुर बुशहर - रोहड़ू उपमंडल के चिड़गांव के तांगणू गांव में हुए भयानक अग्निकांड से प्रभावित परिवारों को रोटरी क्लब रामपुर ने रविवार दोपहर बाद एक जीप में राहत सामग्री भेजी। क्लब की ओर से दो सदस्यों को राहत सामग्री के साथ एसडीएम रोहड़ू के सूपुर्द करने के लिए भेजा गया है। रोटरी क्लब रामपुर ने इस अग्निकांड से प्रभावित लोगों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं। रोटरी क्लब रामपुर के अध्यक्ष मनोज सोनी ने बताया कि रविवार सुबह क्लब के सदस्यों को जैसे ही चिड़गांव में भयानक अग्निकांड के बारे में पता चला तो क्लब द्वारा रामपुर से रोहड़ू के लिए 50 रजाईयां प्रभावित परिवारों के लिए जीप में भेजी गई। श्री सोनी ने बताया कि क्लब की ओर से शैलेंद्र गुप्ता और दिनेश कुमार को राहत सामग्री के साथ भेजा गया है। क्लब के सदस्य एसडीएम रोहड़ू को राहत सामग्री सौंपेंगे और मौके पर भी जाएंगे। रोटरी क्लब रामपुर के मनोज सोनी, जयंत अग्रवाल, दीपक सूद, राजेश अग्रवाल, जेके वर्मा, पवन सूद, डा. जीआर नेगी, डा. बीके अरोड़ा, विजय सोनी, संजय बंसल सहित क्लब के अन्य सदस्यों ने इस अग्निकांड से प्रभावित हुए लोगों को दुख की इस घड़ी में साथ देने का पूरा वादा किया है।
| रापमुर बुशहर - रोहड़ू उपमंडल के चिड़गांव के तांगणू गांव में हुए भयानक अग्निकांड से प्रभावित परिवारों को रोटरी क्लब रामपुर ने रविवार दोपहर बाद एक जीप में राहत सामग्री भेजी। क्लब की ओर से दो सदस्यों को राहत सामग्री के साथ एसडीएम रोहड़ू के सूपुर्द करने के लिए भेजा गया है। रोटरी क्लब रामपुर ने इस अग्निकांड से प्रभावित लोगों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं। रोटरी क्लब रामपुर के अध्यक्ष मनोज सोनी ने बताया कि रविवार सुबह क्लब के सदस्यों को जैसे ही चिड़गांव में भयानक अग्निकांड के बारे में पता चला तो क्लब द्वारा रामपुर से रोहड़ू के लिए पचास रजाईयां प्रभावित परिवारों के लिए जीप में भेजी गई। श्री सोनी ने बताया कि क्लब की ओर से शैलेंद्र गुप्ता और दिनेश कुमार को राहत सामग्री के साथ भेजा गया है। क्लब के सदस्य एसडीएम रोहड़ू को राहत सामग्री सौंपेंगे और मौके पर भी जाएंगे। रोटरी क्लब रामपुर के मनोज सोनी, जयंत अग्रवाल, दीपक सूद, राजेश अग्रवाल, जेके वर्मा, पवन सूद, डा. जीआर नेगी, डा. बीके अरोड़ा, विजय सोनी, संजय बंसल सहित क्लब के अन्य सदस्यों ने इस अग्निकांड से प्रभावित हुए लोगों को दुख की इस घड़ी में साथ देने का पूरा वादा किया है। |
संजय लीला भंसाली की विवादित फिल्म पद्मावत आज आखिरकार राजस्थान में दिखाई जाएगी। यह पहली बार होगा जब इस फिल्म का कोई शो राजस्थान में प्रदर्शित किया जाएगा। पद्मावत का एकमात्र शो जोधपुर में दिखाया जाएगा। खास बात यह है कि यह शो सिर्फ 4 लोग देख पाएंगे।
फिल्म देखने वालों में राजस्थान हाईकोर्ट के जज संदीप मेहता मुख्य होंगे। इसके अलावा उनके ही स्टॉफ के अन्य लोग यह शो देख पाएंगे। पद्मावत का यह शो जोधपुर के हाईकोर्ट रोड स्थित आइनॉक्स मॉल में रात आठ बजे चलेगा। पद्मावत के शो के चलते जोधपुर शहर को पुलिस ने किले में तब्दील कर दिया है।
संजय लीला भंसाली ने आईनॉक्स सिनेमा हॉल को एक स्पेशल पासवर्ड जारी किया है। ऐसा सभी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किया गया है। जोधपुर हाईकोर्ट के जज संदीप मेहता पद्मावत देखने के बाद यह फैसला लेंगे कि फिल्म में इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई है या नहीं।
पहले 9 फरवरी को फिल्म का दिखाया जाना तय था लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद इसे आज ही दिखाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद 25 जनवरी को पूरे देश में फिल्म रिलीज हो चुकी है। अब तक पद्मावत ने बॉक्सऑफिस पर 200 करोड़ से ज्यादा का कारोबार कर लिया है। करणी सेना ने भी विवाद को शांत करते हुए फिल्म को अपना समर्थन पहले ही दे दिया है।
| संजय लीला भंसाली की विवादित फिल्म पद्मावत आज आखिरकार राजस्थान में दिखाई जाएगी। यह पहली बार होगा जब इस फिल्म का कोई शो राजस्थान में प्रदर्शित किया जाएगा। पद्मावत का एकमात्र शो जोधपुर में दिखाया जाएगा। खास बात यह है कि यह शो सिर्फ चार लोग देख पाएंगे। फिल्म देखने वालों में राजस्थान हाईकोर्ट के जज संदीप मेहता मुख्य होंगे। इसके अलावा उनके ही स्टॉफ के अन्य लोग यह शो देख पाएंगे। पद्मावत का यह शो जोधपुर के हाईकोर्ट रोड स्थित आइनॉक्स मॉल में रात आठ बजे चलेगा। पद्मावत के शो के चलते जोधपुर शहर को पुलिस ने किले में तब्दील कर दिया है। संजय लीला भंसाली ने आईनॉक्स सिनेमा हॉल को एक स्पेशल पासवर्ड जारी किया है। ऐसा सभी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किया गया है। जोधपुर हाईकोर्ट के जज संदीप मेहता पद्मावत देखने के बाद यह फैसला लेंगे कि फिल्म में इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई है या नहीं। पहले नौ फरवरी को फिल्म का दिखाया जाना तय था लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद इसे आज ही दिखाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद पच्चीस जनवरी को पूरे देश में फिल्म रिलीज हो चुकी है। अब तक पद्मावत ने बॉक्सऑफिस पर दो सौ करोड़ से ज्यादा का कारोबार कर लिया है। करणी सेना ने भी विवाद को शांत करते हुए फिल्म को अपना समर्थन पहले ही दे दिया है। |
Meerut: स्वाइन फ्लू का खौफ देशभर में फैलता जा रहा है। यूपी में ईस्ट और वेस्ट सभी जगह हालत गंभीर बनी हुई है। वेस्ट के सभी जिलों के प्रशासन के हलक सूख गए हैं। मेरठ में स्वाइन फ्लू को नकारने वाले स्वास्थ्य विभाग के पास कई रिपोर्ट पहुंच गई हैं, जिनको देखकर अभी सबक नहीं लिया गया। गाजियाबाद के डीएम और मेरठ के अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (एसीएमओ) में भी स्वाइन फ्लू के वायरस पाए गए हैं। इसके साथ ही आरटीओ ममता शर्मा भी बीमार हैं, जिनमें संदिग्ध फ्लू दर्ज किया गया है। इसके साथ ही मेरठ के जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की हालत पतली नजर आ रही है।
प्राइवेट लैब पर रिपोर्ट के मुताबिक स्वाइन फ्लू के दर्जनों नए केस सामने आए हैं। जिला अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था चरमरा गई है। मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली का चक्कर लगाना पड़ रहा है। मेरठ में तीन डाक्टरों के संक्रमण की चपेट में आने के साथ ही कई पैरामेडिकल स्टाफ भी संदिग्ध अवस्था में हैं। बुलदंशहर में अब तक स्वाइन फ्लू से चार लोगों की जान जा चुकी है। दर्जनों मरीज दिल्ली गए हैं। मेरठ की स्थिति भी काफी भयावह है। लाल पैथ, एसआरएल और रेनबैक्सी लैब्स पर सैंपल की भरमार हो गई है। सैकड़ों मरीजों के सैंपल जांच के लिए दिल्ली और मुंबई स्थित मॉलीक्यूलर लैब भेजे गए हैं।
डॉक्टर के अनुसार सर्दी पड़ने एवं एलर्जिक माहौल की वजह से वायरल और संक्रामक नजर आ रहा है। सामान्य खांसी-जुकाम के मरीज भी अस्पतालों की दौड़ लगा रहे हैं। जिला अस्पताल, मेडिकल कालेज एवं फिजीशियंस की क्लीनिक्स में ओपीडी में कई गुना बढ़ोत्तरी हो गई है। मेडिकल कालेज पर मरीज भरोसा न करके मरीज ईलाज के लिए दिल्ली जा रहे हैं।
मेरठ में दर्जनभर लोगों में पर्याप्त लक्षण मिलने के बाद उन्हें संदिग्ध मरीजों की कैटेगरी में रखते हुए टेमीफ्लू दी जा रही है। टेमीफ्लू की अतिरिक्त स्टाक मंगवाने के साथ ही मास्क की भी मांग की गई है। जिला स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक मेरठ से 7भ् मरीजों का सैंपल नई दिल्ली स्थित सरकारी जांच केंद्र भेजा गया है। यहां मेरठ में एसीएमओ डॉ। अशोक निगम की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम ने कई स्थानों पर दौरा कर संदिग्ध मरीजों एवं परिजनों की सेहत की जांच की।
स्वाइन फ्लू संक्रमण पूरी तरह नियंत्रण में है। विशेष वार्ड बनाकर मरीजों को भर्ती करने की पूरी तैयारी कर ली गई है।
| Meerut: स्वाइन फ्लू का खौफ देशभर में फैलता जा रहा है। यूपी में ईस्ट और वेस्ट सभी जगह हालत गंभीर बनी हुई है। वेस्ट के सभी जिलों के प्रशासन के हलक सूख गए हैं। मेरठ में स्वाइन फ्लू को नकारने वाले स्वास्थ्य विभाग के पास कई रिपोर्ट पहुंच गई हैं, जिनको देखकर अभी सबक नहीं लिया गया। गाजियाबाद के डीएम और मेरठ के अपर मुख्य चिकित्साधिकारी में भी स्वाइन फ्लू के वायरस पाए गए हैं। इसके साथ ही आरटीओ ममता शर्मा भी बीमार हैं, जिनमें संदिग्ध फ्लू दर्ज किया गया है। इसके साथ ही मेरठ के जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की हालत पतली नजर आ रही है। प्राइवेट लैब पर रिपोर्ट के मुताबिक स्वाइन फ्लू के दर्जनों नए केस सामने आए हैं। जिला अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था चरमरा गई है। मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली का चक्कर लगाना पड़ रहा है। मेरठ में तीन डाक्टरों के संक्रमण की चपेट में आने के साथ ही कई पैरामेडिकल स्टाफ भी संदिग्ध अवस्था में हैं। बुलदंशहर में अब तक स्वाइन फ्लू से चार लोगों की जान जा चुकी है। दर्जनों मरीज दिल्ली गए हैं। मेरठ की स्थिति भी काफी भयावह है। लाल पैथ, एसआरएल और रेनबैक्सी लैब्स पर सैंपल की भरमार हो गई है। सैकड़ों मरीजों के सैंपल जांच के लिए दिल्ली और मुंबई स्थित मॉलीक्यूलर लैब भेजे गए हैं। डॉक्टर के अनुसार सर्दी पड़ने एवं एलर्जिक माहौल की वजह से वायरल और संक्रामक नजर आ रहा है। सामान्य खांसी-जुकाम के मरीज भी अस्पतालों की दौड़ लगा रहे हैं। जिला अस्पताल, मेडिकल कालेज एवं फिजीशियंस की क्लीनिक्स में ओपीडी में कई गुना बढ़ोत्तरी हो गई है। मेडिकल कालेज पर मरीज भरोसा न करके मरीज ईलाज के लिए दिल्ली जा रहे हैं। मेरठ में दर्जनभर लोगों में पर्याप्त लक्षण मिलने के बाद उन्हें संदिग्ध मरीजों की कैटेगरी में रखते हुए टेमीफ्लू दी जा रही है। टेमीफ्लू की अतिरिक्त स्टाक मंगवाने के साथ ही मास्क की भी मांग की गई है। जिला स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक मेरठ से सातभ् मरीजों का सैंपल नई दिल्ली स्थित सरकारी जांच केंद्र भेजा गया है। यहां मेरठ में एसीएमओ डॉ। अशोक निगम की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम ने कई स्थानों पर दौरा कर संदिग्ध मरीजों एवं परिजनों की सेहत की जांच की। स्वाइन फ्लू संक्रमण पूरी तरह नियंत्रण में है। विशेष वार्ड बनाकर मरीजों को भर्ती करने की पूरी तैयारी कर ली गई है। |
Beauty Benefits of Paneer: पनीर खाने से सेहत को क्या फायदे (Paneer) होते हैं इसके बारे में तो भारतीय या यूं कहें कि एशियाई लोगों से बेहतर शायद ही कोई जानता है। प्रोटीन का स्रोत होने के साथ-साथ यह किसी भी डिश की रिचनेस बढ़ाने का काम करता है पनीर । बड़ों से लेकर बुज़ुर्गों तक हर उम्र के लोगों को पनीर (Cottage Paneer) से बनी सब्ज़ी, परांठे और पनीर के स्नैक्स पसंद आते हैं। पनीर शरीर को अंदर से पोषण कर मसल्स को मज़बूत बनाता है और यह शरीर को अंदर से मज़बूत बनाता है। (Health benefits of eating paneer) पर क्या आप जानते हैं कि इतने गुणों से भरपूर पनीर आपकी स्किन को भी खूबसूरत बनता है।
पनीर से निखारें चेहरे की खूबसूरती ऐसे (Ways to use paneer for skincare)
जी हां, पनीर खाने से जहां शरीर और स्किन का पोषण (Beauty Benefits of Paneer in Hindi) होता है। लेकिन, इसे चेहरे पर लगाने से त्वचा पर नैचुरल ग्लो आता है। यहां पढ़ें पनीर से बना होममेड फेस पैक तैयार करने और इस्तेमाल का तरीका। (Homemade paneer face packs)
- 2 चम्मच पनीर (कद्दूकस किया हुआ)
- चेहरे को पानी से साफ करें और त्वचा को नैचुरली सूखने दें।
- सभी चीज़ों को अच्छी तरह मिक्स करें।
- अब, इस मिश्रण को अपने चेहरे पर लगाएं।
- फेस पैक लगाते समय इसे आंखों और लिप्स के पास ना लगाएं। दरअसल, नींबू के रस में मौजूद एसिडिक तत्व इन हिस्सों की कोमल त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
- 20 मिनट तक यह फेस पैक अपने चेहरे पर लगा रहने दें।
- फिर, चेहरे को सादे या ठंडे पानी से साफ करें।
- सप्ताह में इस फेस पैक को एक बार इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, मौसम और अपनी स्किन टाइप के अनुसार, इसका इस्तेमाल करें।
Total Wellness is now just a click away.
| Beauty Benefits of Paneer: पनीर खाने से सेहत को क्या फायदे होते हैं इसके बारे में तो भारतीय या यूं कहें कि एशियाई लोगों से बेहतर शायद ही कोई जानता है। प्रोटीन का स्रोत होने के साथ-साथ यह किसी भी डिश की रिचनेस बढ़ाने का काम करता है पनीर । बड़ों से लेकर बुज़ुर्गों तक हर उम्र के लोगों को पनीर से बनी सब्ज़ी, परांठे और पनीर के स्नैक्स पसंद आते हैं। पनीर शरीर को अंदर से पोषण कर मसल्स को मज़बूत बनाता है और यह शरीर को अंदर से मज़बूत बनाता है। पर क्या आप जानते हैं कि इतने गुणों से भरपूर पनीर आपकी स्किन को भी खूबसूरत बनता है। पनीर से निखारें चेहरे की खूबसूरती ऐसे जी हां, पनीर खाने से जहां शरीर और स्किन का पोषण होता है। लेकिन, इसे चेहरे पर लगाने से त्वचा पर नैचुरल ग्लो आता है। यहां पढ़ें पनीर से बना होममेड फेस पैक तैयार करने और इस्तेमाल का तरीका। - दो चम्मच पनीर - चेहरे को पानी से साफ करें और त्वचा को नैचुरली सूखने दें। - सभी चीज़ों को अच्छी तरह मिक्स करें। - अब, इस मिश्रण को अपने चेहरे पर लगाएं। - फेस पैक लगाते समय इसे आंखों और लिप्स के पास ना लगाएं। दरअसल, नींबू के रस में मौजूद एसिडिक तत्व इन हिस्सों की कोमल त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। - बीस मिनट तक यह फेस पैक अपने चेहरे पर लगा रहने दें। - फिर, चेहरे को सादे या ठंडे पानी से साफ करें। - सप्ताह में इस फेस पैक को एक बार इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, मौसम और अपनी स्किन टाइप के अनुसार, इसका इस्तेमाल करें। Total Wellness is now just a click away. |
Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट सोमवार को नोटबंदी को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई की। पूरे मामले पर शीर्ष अदालत ने सरकार की कार्रवाई को सही ठहराते हुए नोटबंदी को वैध बताया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आर्थिक फैसले को पलटा नहीं जा सकता है।
केंद्र सरकार के नवंबर 2016 के 1,000 रुपये और 500 रुपये के करेंसी नोटों पर प्रतिबंध लगाने के फैसले को चुनौती देने वाली करीब 59 याचिकाओं को रद्द कर सुप्रीम कोर्ट ने नोटबंदी को वैधानिक करार दिया। सरकार के इस कदम ने रातों-रात 10 लाख करोड़ रुपये सर्कुलेशन से वापस ले लिए थे। न्यायमूर्ति एसए नजीर की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने इस मामले पर अपना फैसला सुनाया।
Supreme Court: जानिए पूरे मामले में किसने क्या दलील दी?
सरकार ने पिछले साल 9 नवंबर को दाखिल हलफनामे में कहा था कि 500 और 1000 के नोटों की तादाद बहुत ज्यादा बढ़ गई थी। इसीलिए फरवरी से लेकर नवंबर तक RBI से विचार-विमर्श के बाद 8 नवंबर को इन नोटों को चलन से बाहर करने यानी नोटबंदी का फैसला लिया गया था।
जबकि इस मामले में याचिकाकर्ताओं ने दलील देते हुए कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम की धारा 26 (2) किसी विशेष मूल्यवर्ग के करेंसी नोटों को पूरी तरह से रद्द करने के लिए सरकार को अधिकृत नहीं करती है। धारा 26 (2) केंद्र को एक खास सीरीज के करेंसी नोटों को रद्द करने का अधिकार देती है, न कि संपूर्ण करेंसी नोटों को।
सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने नोटबंदी के फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि यह जाली करंसी, टेरर फंडिंग, काले धन और कर चोरी जैसी समस्याओं से निपटने की प्लानिंग का हिस्सा और असरदार तरीका था। यह इकोनॉमिक पॉलिसीज में बदलाव से जुड़ी सीरीज का सबसे बड़ा कदम था। केंद्र ने यह भी दलील दी थी कि नोटबंदी का फैसला रिजर्व बैंक के केंद्रीय निदेशक मंडल की सिफारिश पर ही लिया गया था।
केंद्र ने अपने जवाब में यह भी कहा कि नोटबंदी से नकली नोटों में कमी, डिजिटल लेन-देन में बढ़ोत्तरी, बेहिसाब आय का पता लगाने जैसे कई लाभ हुए हैं। अकेले अक्टूबर 2022 में 730 करोड़ का डिजिटल ट्रांजेक्शन हुआ, यानी एक महीने 12 लाख करोड़ रुपए का लेन-देन रिकॉर्ड किया गया है। जो 2016 में 1. 09 लाख ट्रांजैक्शन, यानी करीब 6,952 करोड़ रुपए था।
मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को देश के नाम संदेश में रात 12 से 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करने का ऐलान किया था। उस समय सरकार को उम्मीद थी कि नोटबंदी से कम से कम 3-4 लाख करोड़ रुपये का काला धन बाहर आ जाएगा। हालांकि, पूरी कवायद में 1. 3 लाख करोड़ रुपए का काला धन ही सामने आया।
| Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट सोमवार को नोटबंदी को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई की। पूरे मामले पर शीर्ष अदालत ने सरकार की कार्रवाई को सही ठहराते हुए नोटबंदी को वैध बताया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आर्थिक फैसले को पलटा नहीं जा सकता है। केंद्र सरकार के नवंबर दो हज़ार सोलह के एक,शून्य रुपयापये और पाँच सौ रुपयापये के करेंसी नोटों पर प्रतिबंध लगाने के फैसले को चुनौती देने वाली करीब उनसठ याचिकाओं को रद्द कर सुप्रीम कोर्ट ने नोटबंदी को वैधानिक करार दिया। सरकार के इस कदम ने रातों-रात दस लाख करोड़ रुपये सर्कुलेशन से वापस ले लिए थे। न्यायमूर्ति एसए नजीर की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने इस मामले पर अपना फैसला सुनाया। Supreme Court: जानिए पूरे मामले में किसने क्या दलील दी? सरकार ने पिछले साल नौ नवंबर को दाखिल हलफनामे में कहा था कि पाँच सौ और एक हज़ार के नोटों की तादाद बहुत ज्यादा बढ़ गई थी। इसीलिए फरवरी से लेकर नवंबर तक RBI से विचार-विमर्श के बाद आठ नवंबर को इन नोटों को चलन से बाहर करने यानी नोटबंदी का फैसला लिया गया था। जबकि इस मामले में याचिकाकर्ताओं ने दलील देते हुए कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम की धारा छब्बीस किसी विशेष मूल्यवर्ग के करेंसी नोटों को पूरी तरह से रद्द करने के लिए सरकार को अधिकृत नहीं करती है। धारा छब्बीस केंद्र को एक खास सीरीज के करेंसी नोटों को रद्द करने का अधिकार देती है, न कि संपूर्ण करेंसी नोटों को। सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने नोटबंदी के फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि यह जाली करंसी, टेरर फंडिंग, काले धन और कर चोरी जैसी समस्याओं से निपटने की प्लानिंग का हिस्सा और असरदार तरीका था। यह इकोनॉमिक पॉलिसीज में बदलाव से जुड़ी सीरीज का सबसे बड़ा कदम था। केंद्र ने यह भी दलील दी थी कि नोटबंदी का फैसला रिजर्व बैंक के केंद्रीय निदेशक मंडल की सिफारिश पर ही लिया गया था। केंद्र ने अपने जवाब में यह भी कहा कि नोटबंदी से नकली नोटों में कमी, डिजिटल लेन-देन में बढ़ोत्तरी, बेहिसाब आय का पता लगाने जैसे कई लाभ हुए हैं। अकेले अक्टूबर दो हज़ार बाईस में सात सौ तीस करोड़ का डिजिटल ट्रांजेक्शन हुआ, यानी एक महीने बारह लाख करोड़ रुपए का लेन-देन रिकॉर्ड किया गया है। जो दो हज़ार सोलह में एक. नौ लाख ट्रांजैक्शन, यानी करीब छः,नौ सौ बावन करोड़ रुपए था। मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर दो हज़ार सोलह को देश के नाम संदेश में रात बारह से पाँच सौ और एक हज़ार रुपयापए के नोट बंद करने का ऐलान किया था। उस समय सरकार को उम्मीद थी कि नोटबंदी से कम से कम तीन-चार लाख करोड़ रुपये का काला धन बाहर आ जाएगा। हालांकि, पूरी कवायद में एक. तीन लाख करोड़ रुपए का काला धन ही सामने आया। |
34 वर्षीय मोनिका धर को पकड़ लिया।
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने सोमवार को एक बांग्लादेशी महिला से करीब 2. 145 किलोग्राम वजन और करीब 1. 30 करोड़ रुपये मूल्य की 27 सोने की छड़ें जब्त कीं, जब वह वैध पासपोर्ट और वीजा के साथ उत्तर 24-परगना में पेट्रापोल अंतरराष्ट्रीय चेक-पोस्ट के माध्यम से भारत में प्रवेश कर रही थी। .
दक्षिण बंगाल सीमा से जुड़ी बीएसएफ की 145-बटालियन की महिला कर्मियों ने बांग्लादेश के चटगाँव की रहने वाली 34 वर्षीय मोनिका धर को पकड़ लिया।
कलकत्ता में बीएसएफ के दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के एक प्रवक्ता ने कहा कि खुफिया विंग ने गुप्त सूचना दी थी कि एक बांग्लादेशी महिला तस्कर अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल पर सोना लेकर आएगी।
प्रवक्ता ने कहा, "हमारे कर्मियों ने संदिग्ध महिला को रोका और उसकी कमर के चारों ओर बंधे एक कपड़े में 27 अलग-अलग प्रकार की सोने की छड़ें छिपाई हुई मिलीं। "
पूछताछ के दौरान, महिला ने कथित तौर पर कहा कि चटगांव निवासी सुमन धर और एक कथित तस्करी रैकेट संचालक ने बारासात में एक व्यक्ति को सौंपने के लिए उसे सोने की छड़ें दी थीं।
पेट्रापोल के एक बीएसएफ अधिकारी ने कहा, "उसने बाद में स्वीकार किया कि यह उसकी तस्करी का पहला प्रयास था और उसे इस काम के लिए 2,000 रुपये देने का वादा किया गया था। " .
बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'यह सोने और अन्य चीजों की तस्करी को रोकने के लिए हमारी निरंतर निगरानी की सफलता है। '
सोने की तस्करी को रोकने के लिए, बीएसएफ ने अपनी सीमा साथी हेल्पलाइन सेवा के अलावा, दक्षिण बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर रहने वाले ग्रामीणों के लिए एक समर्पित व्हाट्सएप नंबर (9903472227) भी पेश किया है, ताकि तस्करी से संबंधित किसी भी जानकारी को सोने की तस्करी से संबंधित जानकारी साझा की जा सके। अर्धसैनिक बल।
उत्तर 24-परगना के टीटागढ़ में शुक्रवार दोपहर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता अनवर अली की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
30 वर्षीय एक साइबर कैफे के मालिक और अंशकालिक ट्रांसपोर्टर थे। वह जी. सी. के माध्यम से पैदल घर लौट रहा था। सड़क पर एक मस्जिद से जब बाइक सवार दो हमलावरों ने उन्हें काफी करीब से गोली मार दी।
अली को बी. एन. बैरकपुर में बोस अस्पताल और जल्द ही कलकत्ता के एक अस्पताल में रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
| चौंतीस वर्षीय मोनिका धर को पकड़ लिया। सीमा सुरक्षा बल ने सोमवार को एक बांग्लादेशी महिला से करीब दो. एक सौ पैंतालीस किलोग्रामग्राम वजन और करीब एक. तीस करोड़ रुपये मूल्य की सत्ताईस सोने की छड़ें जब्त कीं, जब वह वैध पासपोर्ट और वीजा के साथ उत्तर चौबीस-परगना में पेट्रापोल अंतरराष्ट्रीय चेक-पोस्ट के माध्यम से भारत में प्रवेश कर रही थी। . दक्षिण बंगाल सीमा से जुड़ी बीएसएफ की एक सौ पैंतालीस-बटालियन की महिला कर्मियों ने बांग्लादेश के चटगाँव की रहने वाली चौंतीस वर्षीय मोनिका धर को पकड़ लिया। कलकत्ता में बीएसएफ के दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के एक प्रवक्ता ने कहा कि खुफिया विंग ने गुप्त सूचना दी थी कि एक बांग्लादेशी महिला तस्कर अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल पर सोना लेकर आएगी। प्रवक्ता ने कहा, "हमारे कर्मियों ने संदिग्ध महिला को रोका और उसकी कमर के चारों ओर बंधे एक कपड़े में सत्ताईस अलग-अलग प्रकार की सोने की छड़ें छिपाई हुई मिलीं। " पूछताछ के दौरान, महिला ने कथित तौर पर कहा कि चटगांव निवासी सुमन धर और एक कथित तस्करी रैकेट संचालक ने बारासात में एक व्यक्ति को सौंपने के लिए उसे सोने की छड़ें दी थीं। पेट्रापोल के एक बीएसएफ अधिकारी ने कहा, "उसने बाद में स्वीकार किया कि यह उसकी तस्करी का पहला प्रयास था और उसे इस काम के लिए दो,शून्य रुपयापये देने का वादा किया गया था। " . बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'यह सोने और अन्य चीजों की तस्करी को रोकने के लिए हमारी निरंतर निगरानी की सफलता है। ' सोने की तस्करी को रोकने के लिए, बीएसएफ ने अपनी सीमा साथी हेल्पलाइन सेवा के अलावा, दक्षिण बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर रहने वाले ग्रामीणों के लिए एक समर्पित व्हाट्सएप नंबर भी पेश किया है, ताकि तस्करी से संबंधित किसी भी जानकारी को सोने की तस्करी से संबंधित जानकारी साझा की जा सके। अर्धसैनिक बल। उत्तर चौबीस-परगना के टीटागढ़ में शुक्रवार दोपहर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता अनवर अली की गोली मारकर हत्या कर दी गई। तीस वर्षीय एक साइबर कैफे के मालिक और अंशकालिक ट्रांसपोर्टर थे। वह जी. सी. के माध्यम से पैदल घर लौट रहा था। सड़क पर एक मस्जिद से जब बाइक सवार दो हमलावरों ने उन्हें काफी करीब से गोली मार दी। अली को बी. एन. बैरकपुर में बोस अस्पताल और जल्द ही कलकत्ता के एक अस्पताल में रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। |
जमशेदपुर, 17 नवंबर; बबलू हेमब्राम के चार गोल के दम पर शहीद निर्मल महातो इंटर कॉलेज ने रिलायंस फाउंडेशन यूथ स्पोर्ट्स फुटबाल टूर्नामेंट के कॉलेज ब्वॉयज वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। आर्मरी ग्राउंड में खेले गए एकतरफा मैच में निर्मल महातो के लड़कों ने बीए कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी को 8-0 से हरा दिया। बबलू ने 15वें मिनट में गोल किया। अगले मिनट में सुकु माझी ने स्कोर 2-0 कर दिया। बबलू ने इसके बाद 40वें और 47वें मिनट में गोल करते हुए स्कोर 4-0 कर दिया।
रवि मुर्मु ने 50वें मिनट में गोल किया। वहीं बबलू ने 53वें मिनट में अपना चौथा गोल दागा। मंगल मार्डी ने 55वें और 57वें मिनट में लगातार दो गोल किए।
रणविजय कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी तथा करीम सिटी कॉलेज ने भी सेमीफाइनल में जगह बना ली है। आरवीएस ने जैन कॉलेज को 5-0 से हराया तो वहीं करीम सिटी ने मुश्किल मुकाबले में जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ ट्राइबल एज्यूकेशन कॉलेज, गमाहारिया को 1-0 से मात दी। विजेता टीम के लिए एकमात्र गोल सुदेश मार्डी ने किया।
सेंट मैरी इंग्लिश हाई स्कूल सीनियर ब्वॉयज वर्ग में अंतिम चार में जगह बना ली है। उसने केरला पब्लिक स्कूल, काडमा को 5-1 से मात दी।
सुदेश बांद्रा और संदीप रॉय ने आरएवीएस कॉलेज की जीत में दो-दो गोल का योगदान दिया। सुमित सामद ने 15वें मिनट में पहला गोल किया। इसके बाद संदीप ने 30वें मिनट में गोल दागा। सुभाष ने 43वें और 47वें मिनट में गोल किए। वहीं संदीप ने 49वें मिनट में गोल मारा।
सीनियर व्बॉयज श्रेणी में सेंट मैरी के लिए एल. यशवंत ने हैट्रिक लगाई। युवराज वर्मा ने पहले मिनट में पहला गोल किया। इसके बाद यशवंत ने दूसरे, 21वें और 24वें मिनट में गोल किया। नहेश बास्के ने 43वें मिनट में पांचवां गोल किया। हारने वाली टीम के लिए एकमात्र गोल चंदन नाग ने 17वें मिनट में दागा।
| जमशेदपुर, सत्रह नवंबर; बबलू हेमब्राम के चार गोल के दम पर शहीद निर्मल महातो इंटर कॉलेज ने रिलायंस फाउंडेशन यूथ स्पोर्ट्स फुटबाल टूर्नामेंट के कॉलेज ब्वॉयज वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। आर्मरी ग्राउंड में खेले गए एकतरफा मैच में निर्मल महातो के लड़कों ने बीए कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी को आठ-शून्य से हरा दिया। बबलू ने पंद्रहवें मिनट में गोल किया। अगले मिनट में सुकु माझी ने स्कोर दो-शून्य कर दिया। बबलू ने इसके बाद चालीसवें और सैंतालीसवें मिनट में गोल करते हुए स्कोर चार-शून्य कर दिया। रवि मुर्मु ने पचासवें मिनट में गोल किया। वहीं बबलू ने तिरेपनवें मिनट में अपना चौथा गोल दागा। मंगल मार्डी ने पचपनवें और सत्तावनवें मिनट में लगातार दो गोल किए। रणविजय कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी तथा करीम सिटी कॉलेज ने भी सेमीफाइनल में जगह बना ली है। आरवीएस ने जैन कॉलेज को पाँच-शून्य से हराया तो वहीं करीम सिटी ने मुश्किल मुकाबले में जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ ट्राइबल एज्यूकेशन कॉलेज, गमाहारिया को एक-शून्य से मात दी। विजेता टीम के लिए एकमात्र गोल सुदेश मार्डी ने किया। सेंट मैरी इंग्लिश हाई स्कूल सीनियर ब्वॉयज वर्ग में अंतिम चार में जगह बना ली है। उसने केरला पब्लिक स्कूल, काडमा को पाँच-एक से मात दी। सुदेश बांद्रा और संदीप रॉय ने आरएवीएस कॉलेज की जीत में दो-दो गोल का योगदान दिया। सुमित सामद ने पंद्रहवें मिनट में पहला गोल किया। इसके बाद संदीप ने तीसवें मिनट में गोल दागा। सुभाष ने तैंतालीसवें और सैंतालीसवें मिनट में गोल किए। वहीं संदीप ने उनचासवें मिनट में गोल मारा। सीनियर व्बॉयज श्रेणी में सेंट मैरी के लिए एल. यशवंत ने हैट्रिक लगाई। युवराज वर्मा ने पहले मिनट में पहला गोल किया। इसके बाद यशवंत ने दूसरे, इक्कीसवें और चौबीसवें मिनट में गोल किया। नहेश बास्के ने तैंतालीसवें मिनट में पांचवां गोल किया। हारने वाली टीम के लिए एकमात्र गोल चंदन नाग ने सत्रहवें मिनट में दागा। |
धार्मिक एवं पर्यटन नगरी मणिकर्ण घाटी के तीन-चार किलोमीटर के दायरे में ही बादल फटल की घटनाएं हो रही है। आखिर इन्हीं क्षेत्रों में यह बादल फटने की घटनाएं घट रही हैं यह चिंता और अमल करने का विषय है। पांच साल की बात करें तो मणिकर्ण के आसपास के तीन-चार किलोमीटर की दूरी में बादल फटने की घटनाएं घटी हंै। इन घटनाओं में जानी नुकसान भी हुआ है। आशियने, होटल, ढाबे, गोशालाएं, जमीनें तबाह हो गए हैं। बता दें कि मणिकर्ण के ब्रह्मगंगा में गत वर्ष फटे बादल के जख्म ही अभी लोग भूल नहीं पाए थे कि फिर मणिकर्ण के साथ ही बड़ी बादल फटने की घटना सामने आई है। लगातार फट रहे बादल से क्षेत्र के लोग सहम उठे हैं। बह्मगंगा, चोज और कटागला धार्मिक स्थल मणिकर्ण के इर्द-गिर्द पड़ते हैं। (एचडीएम)
चोज में बुधवार पांच बजे सुबह बादल टने से भारी नुकसान हो गया है। भारी बारिश होने से चोज नाले में बाढ़ आई। बाढ़ आने से जानी नुकसान भी हुआ है। वहीं, पार्वती नदी का जलस्तर बढ़ गया है। वहीं, बाढ़ के बाद अफरा. तफरी का माहौल बना हुआ है। प्रशासन रेस्क्यू टीम लेकर मौके पर पहुंचा है। अब तक की जानकारी के अनुसार बाढ़ में आने से रोहित निवासी सुंदरनगर मंडी, कपिल निवासी पुश्कर राजस्थानए राहुल चौधरी धर्मशाला और अर्जुन बंजार लापता हो गए हैं। इसके अलावा खेम राज का एक गेस्ट हाउस में मलबा गुस्स गया है। छह कमरे पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। एक मछली फार्म और एक गौशाला समेत चार गउएं बह गई हैं। तीन कैंपिंग साइट तबाह हो गई हैं। जबकि हीरा लालए लता देवी, पैना लाल के ढाबे नष्ट हो ग हैं। नानक चंद का मकान क्षतिगस्त हो गया है। वहींए पैने राम का मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। दूनी चंद का दो कमरे का मकान क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। रेस्क्यू चला हुआ है।
बता दें कि दस अगस्त, 2018 को मणिकर्ण घाटी के कटागला के पास बादल फटा था। यहां पर बादल फटने से जानमाल का नुकसान तो नहीं हुआ था, लेकिन नाले के साथ बनी एक कैंपिंग साइट को नुकसान पहुंचने के साथ कुछ टेंट बाढ़ की भेंट चढ़ गए। वहीं, नकदी फसलों को भी नुकसान पहुंचा था।
वर्ष 2018 में मणिकर्ण घाटी के कटागला में बादल फटने से 15 घरों को नुकसान पुहंचा था। मकानों के अंदर मलबा घुस गया है। कई मकान रहने योग्य नहीं हैंए जबकि 83 बीघा भूमि भी बादल फटने से बेकार हो गई थी। बिजली, पानी का नुकसान हुआ था।
28 जुलाई, 2021 को धार्मिक नगरी मणिकर्ण में ब्रह्मगंगा नाले की पहाड़ी पर बादल फटने से आई बाढ़ में चार साल के मासूम सहित तीन लोग बह गए थे। बाढ़ में बहने वालों में गाजियाबाद की एक युवती भी शामिल है। बाढ़ की भेंट चढ़े कुछ लोग अभी तक नहीं मिल पाए हैं। इस बीच नाले के साथ लगते कई घरों में पानी घुस गया था। यहां पर पूनम पत्नी रोहित कुमार निवासी ब्रह्मगंगा, निकुंज चार वर्ष पुत्र रोहित कुमार निवासी ब्रह्मगंगा, विनिता पुत्री विनोद कुमार निवासी गाजियाबाद बाढ़ में बह गए। विरेंद्र पुत्र तीर्थ राम निवासी शांगणा बह गए हैं। वहीं, कैंपिंग साइट भी तबाह हो गई थी।
| धार्मिक एवं पर्यटन नगरी मणिकर्ण घाटी के तीन-चार किलोमीटर के दायरे में ही बादल फटल की घटनाएं हो रही है। आखिर इन्हीं क्षेत्रों में यह बादल फटने की घटनाएं घट रही हैं यह चिंता और अमल करने का विषय है। पांच साल की बात करें तो मणिकर्ण के आसपास के तीन-चार किलोमीटर की दूरी में बादल फटने की घटनाएं घटी हंै। इन घटनाओं में जानी नुकसान भी हुआ है। आशियने, होटल, ढाबे, गोशालाएं, जमीनें तबाह हो गए हैं। बता दें कि मणिकर्ण के ब्रह्मगंगा में गत वर्ष फटे बादल के जख्म ही अभी लोग भूल नहीं पाए थे कि फिर मणिकर्ण के साथ ही बड़ी बादल फटने की घटना सामने आई है। लगातार फट रहे बादल से क्षेत्र के लोग सहम उठे हैं। बह्मगंगा, चोज और कटागला धार्मिक स्थल मणिकर्ण के इर्द-गिर्द पड़ते हैं। चोज में बुधवार पांच बजे सुबह बादल टने से भारी नुकसान हो गया है। भारी बारिश होने से चोज नाले में बाढ़ आई। बाढ़ आने से जानी नुकसान भी हुआ है। वहीं, पार्वती नदी का जलस्तर बढ़ गया है। वहीं, बाढ़ के बाद अफरा. तफरी का माहौल बना हुआ है। प्रशासन रेस्क्यू टीम लेकर मौके पर पहुंचा है। अब तक की जानकारी के अनुसार बाढ़ में आने से रोहित निवासी सुंदरनगर मंडी, कपिल निवासी पुश्कर राजस्थानए राहुल चौधरी धर्मशाला और अर्जुन बंजार लापता हो गए हैं। इसके अलावा खेम राज का एक गेस्ट हाउस में मलबा गुस्स गया है। छह कमरे पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। एक मछली फार्म और एक गौशाला समेत चार गउएं बह गई हैं। तीन कैंपिंग साइट तबाह हो गई हैं। जबकि हीरा लालए लता देवी, पैना लाल के ढाबे नष्ट हो ग हैं। नानक चंद का मकान क्षतिगस्त हो गया है। वहींए पैने राम का मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। दूनी चंद का दो कमरे का मकान क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। रेस्क्यू चला हुआ है। बता दें कि दस अगस्त, दो हज़ार अट्ठारह को मणिकर्ण घाटी के कटागला के पास बादल फटा था। यहां पर बादल फटने से जानमाल का नुकसान तो नहीं हुआ था, लेकिन नाले के साथ बनी एक कैंपिंग साइट को नुकसान पहुंचने के साथ कुछ टेंट बाढ़ की भेंट चढ़ गए। वहीं, नकदी फसलों को भी नुकसान पहुंचा था। वर्ष दो हज़ार अट्ठारह में मणिकर्ण घाटी के कटागला में बादल फटने से पंद्रह घरों को नुकसान पुहंचा था। मकानों के अंदर मलबा घुस गया है। कई मकान रहने योग्य नहीं हैंए जबकि तिरासी बीघा भूमि भी बादल फटने से बेकार हो गई थी। बिजली, पानी का नुकसान हुआ था। अट्ठाईस जुलाई, दो हज़ार इक्कीस को धार्मिक नगरी मणिकर्ण में ब्रह्मगंगा नाले की पहाड़ी पर बादल फटने से आई बाढ़ में चार साल के मासूम सहित तीन लोग बह गए थे। बाढ़ में बहने वालों में गाजियाबाद की एक युवती भी शामिल है। बाढ़ की भेंट चढ़े कुछ लोग अभी तक नहीं मिल पाए हैं। इस बीच नाले के साथ लगते कई घरों में पानी घुस गया था। यहां पर पूनम पत्नी रोहित कुमार निवासी ब्रह्मगंगा, निकुंज चार वर्ष पुत्र रोहित कुमार निवासी ब्रह्मगंगा, विनिता पुत्री विनोद कुमार निवासी गाजियाबाद बाढ़ में बह गए। विरेंद्र पुत्र तीर्थ राम निवासी शांगणा बह गए हैं। वहीं, कैंपिंग साइट भी तबाह हो गई थी। |
बाज जिंदगी भर आकाश में ही उड़ता रहा फिर घायल होने के बाद भी वह उड़ना क्यों चाहता था?
फूलों को अनंत तक विकसित करने के लिए कवि कौन-कौन-सा प्रयास करता है?
क्या आप लेखक की इस बात से सहमत हैं? अपने उत्तर का कारण भी बताइए।
मूक सिनेमा में संवाद नहीं होते, उसमें दैहिक अभिनय की प्रधानता होती है। पर, जब सिनेमा बोलने लगा उनमें अनेक परिर्वतन हुए। उन परिवर्तनों को अभिनेता, दर्शक और कुछ तकनीकी दृष्टि से पाठ का आधार लेकर खोजें, साथ ही अपनी कल्पना का भी सहयोग लें।
• लेखक पेड़ों को दुश्मन क्यों समझ रहा था?
(क) उपर्युक्त पंक्ति कौन, किससे कह रहा है?
(ग) इस उपालंभ (उलाहना) के पीछे कौन-सी पौराणिक कथा है?
वस्तु-विनिमय क्या है? विनिमय की प्रचलित पद्धति क्या है?
हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को पानी ने अपना पूर्वज/पुरखा क्यों कहा?
समुद्र के तट पर बसे नगरों में अधिक ठंड और अधिक गरमी क्यों नहीं पड़ती?
दूसरे पद को पढ़कर बताइए कि आपके अनुसार उस समय श्रीकष्ण की उम्र क्या रही होगी?
ओस की बूंद क्रोध और घृणा से क्यों काँप उठी?
तें ही पूत अनोखौ जायौ' - पंक्तियों में ग्वालन के मन के कौन-से भाव मुखरित हो रहे हैं?
मक्खन चुराते और खाते समय श्रीकृष्ण थोड़ा-सा मक्खन बिखरा क्यों देते हैं?
| बाज जिंदगी भर आकाश में ही उड़ता रहा फिर घायल होने के बाद भी वह उड़ना क्यों चाहता था? फूलों को अनंत तक विकसित करने के लिए कवि कौन-कौन-सा प्रयास करता है? क्या आप लेखक की इस बात से सहमत हैं? अपने उत्तर का कारण भी बताइए। मूक सिनेमा में संवाद नहीं होते, उसमें दैहिक अभिनय की प्रधानता होती है। पर, जब सिनेमा बोलने लगा उनमें अनेक परिर्वतन हुए। उन परिवर्तनों को अभिनेता, दर्शक और कुछ तकनीकी दृष्टि से पाठ का आधार लेकर खोजें, साथ ही अपनी कल्पना का भी सहयोग लें। • लेखक पेड़ों को दुश्मन क्यों समझ रहा था? उपर्युक्त पंक्ति कौन, किससे कह रहा है? इस उपालंभ के पीछे कौन-सी पौराणिक कथा है? वस्तु-विनिमय क्या है? विनिमय की प्रचलित पद्धति क्या है? हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को पानी ने अपना पूर्वज/पुरखा क्यों कहा? समुद्र के तट पर बसे नगरों में अधिक ठंड और अधिक गरमी क्यों नहीं पड़ती? दूसरे पद को पढ़कर बताइए कि आपके अनुसार उस समय श्रीकष्ण की उम्र क्या रही होगी? ओस की बूंद क्रोध और घृणा से क्यों काँप उठी? तें ही पूत अनोखौ जायौ' - पंक्तियों में ग्वालन के मन के कौन-से भाव मुखरित हो रहे हैं? मक्खन चुराते और खाते समय श्रीकृष्ण थोड़ा-सा मक्खन बिखरा क्यों देते हैं? |
विपत्ति आती और सीताजी का हरण होता है। उस सिलसिले में एक से एक अनोखी घटनाओं का प्रवाह - पूर सा बह निकलता है । काञ्चन मृग का छल, जरठ गृद्ध जटायु की पर दुःख कातरता; भालुओं, बानरों की नर- लोकनायक सेवा, समुद्र पर पुल का निर्माण, पदचारी वानर भालू लेकर ही महामहिम चक्रवर्ती लोकविद्रावण रावण के साथ एकाकी राम लक्ष्मण का संघर्ष, विदेश में लक्ष्मण की भी मृतप्राय अवस्था और हनुमान का अप्रतिम साहाय्य, रावणवध, सीता की अग्नि-परीक्षा, आदि आदि घटनाएँ रोचकता में एकदम बेजोड़ हैं। इन तथा इनसे सम्बन्धित अन्य घटनाओं में रोचकता ही नहीं, उपदेश-प्रदता भी अतुलमात्रा में भरी हुई है ।
रामकथा के इतिवृत्तात्मक पक्ष ने आदर्श-सृजन भी कमाल का किया है। स्वतः राम आकृति, प्रकृति और परिस्थिति तीनों दृष्टियों से परम आदर्श थे । ( देखिये हमारा "तुलसी दर्शन" - 'तुलसी के राम' ) । राम की आकृति इतनी आकर्षक थी कि उसने नर और पशु, शिष्ट और दुष्ट, सभी पर अपनी मोहिनी डाली थी । गोस्वामीजी ने रूप-सौंदर्य के उनके मौन प्रभाव का चित्र बड़ी कुशलता और बड़ी सफलता के साथ खींचा है। राम की प्रकृति में ऐश्वर्य और माधुर्य अथवा शक्ति और शील दोनों ही पराकाष्ठा को पहुंच गये थे । ताड़का सुबाहु वध, खर दूषण वध, रावण-कुम्भकर्णादि वध, यही नहीं, धनुष भंग, बालि वध, पृथ्वी को निश्चरहीन करने का प्रण, परशुराम गर्वापहरण आदि आदि कार्य उनकी परम शक्ति के द्योतक हैं ही । शौर्य, तेजस्विता, ईश्वरभाव, शरण्यता आदि आदि भी उनकी प्रकृति के इस पहलू
को खूबी के साथ प्रकट कर रहे हैं। फिर, असभ्य वानरों से उनकी मित्रता, पतित अहिल्या तथा अनार्य शवरी आदि का उद्धार, सामान्य जीवों के प्रति भी उनकी नम्रता और परम कृतज्ञता, राज्यवैभव के प्रति भी उनकी अनासक्ति, उनकी वत्सलता, उनका कारुण्य, उनका सहज स्नेह, उनका शिष्ट तथा मिष्ट व्यवहार आदि आदि की घटनाएँ, उनकी प्रकृति के माधुर्य अथवा शीलवाले पहलू को पूरी खूबी के साथ प्रकट कर रही हैं । वे सूर्यकुल के महामहिम सम्राट दशरथ के ज्येष्ठ पुत्र थे, वशिष्ठ और विश्वामित्र के समान अद्वितीय महर्षियों से शास्त्र और शस्त्र की शिक्षा प्राप्त कर चुके थे लक्ष्मण और भरत के समान बन्धुओं के अग्रज थे, और सीता के समान जगत्वंद्य सुन्दरी - साध्वी पत्नी उन्हें मिली थीं तथा हनूमान् के समान शक्तिशाली स्वेच्छासेवक उन्हें प्राप्त थे। परिस्थिति का आदर्श इससे बढ़कर और क्या होगा ?
" वे ऐसे आदर्श पुत्र हैं, जिन्होंने माता और विमाता में कभी कोई भेद नहीं माना और पिता के वचनों की रक्षा के लिए सहर्ष १४ वर्षों का वनवास स्वीकार कर लिया । वे ऐसे आदर्श बन्धु हैं जिन्होंने भरत के लिए सर्वस्व त्याग पर ही रुचि दिखलाई थी और लक्ष्मण की संकटापन्न अवस्था पर अपना सहज धैर्य तक भूल गये थे। वे ऐसे आदर्शपति हैं, जिन्होंने सीता के लिए रावण के समान प्रबल पराक्रमी शत्रु से एकाकी लोहा लिया और एक पत्नीव्रत का आजन्म निर्वाह करते हुए सीता की सुवर्णप्रतिमा से यज्ञ का काम चलाया परन्तु वशिष्ठ आदि महर्षियों की सम्मति पाकर भी दूसरा विवाह न किया । घे ऐसे आदर्श मित्र हैं | विपत्ति आती और सीताजी का हरण होता है। उस सिलसिले में एक से एक अनोखी घटनाओं का प्रवाह - पूर सा बह निकलता है । काञ्चन मृग का छल, जरठ गृद्ध जटायु की पर दुःख कातरता; भालुओं, बानरों की नर- लोकनायक सेवा, समुद्र पर पुल का निर्माण, पदचारी वानर भालू लेकर ही महामहिम चक्रवर्ती लोकविद्रावण रावण के साथ एकाकी राम लक्ष्मण का संघर्ष, विदेश में लक्ष्मण की भी मृतप्राय अवस्था और हनुमान का अप्रतिम साहाय्य, रावणवध, सीता की अग्नि-परीक्षा, आदि आदि घटनाएँ रोचकता में एकदम बेजोड़ हैं। इन तथा इनसे सम्बन्धित अन्य घटनाओं में रोचकता ही नहीं, उपदेश-प्रदता भी अतुलमात्रा में भरी हुई है । रामकथा के इतिवृत्तात्मक पक्ष ने आदर्श-सृजन भी कमाल का किया है। स्वतः राम आकृति, प्रकृति और परिस्थिति तीनों दृष्टियों से परम आदर्श थे । । राम की आकृति इतनी आकर्षक थी कि उसने नर और पशु, शिष्ट और दुष्ट, सभी पर अपनी मोहिनी डाली थी । गोस्वामीजी ने रूप-सौंदर्य के उनके मौन प्रभाव का चित्र बड़ी कुशलता और बड़ी सफलता के साथ खींचा है। राम की प्रकृति में ऐश्वर्य और माधुर्य अथवा शक्ति और शील दोनों ही पराकाष्ठा को पहुंच गये थे । ताड़का सुबाहु वध, खर दूषण वध, रावण-कुम्भकर्णादि वध, यही नहीं, धनुष भंग, बालि वध, पृथ्वी को निश्चरहीन करने का प्रण, परशुराम गर्वापहरण आदि आदि कार्य उनकी परम शक्ति के द्योतक हैं ही । शौर्य, तेजस्विता, ईश्वरभाव, शरण्यता आदि आदि भी उनकी प्रकृति के इस पहलू को खूबी के साथ प्रकट कर रहे हैं। फिर, असभ्य वानरों से उनकी मित्रता, पतित अहिल्या तथा अनार्य शवरी आदि का उद्धार, सामान्य जीवों के प्रति भी उनकी नम्रता और परम कृतज्ञता, राज्यवैभव के प्रति भी उनकी अनासक्ति, उनकी वत्सलता, उनका कारुण्य, उनका सहज स्नेह, उनका शिष्ट तथा मिष्ट व्यवहार आदि आदि की घटनाएँ, उनकी प्रकृति के माधुर्य अथवा शीलवाले पहलू को पूरी खूबी के साथ प्रकट कर रही हैं । वे सूर्यकुल के महामहिम सम्राट दशरथ के ज्येष्ठ पुत्र थे, वशिष्ठ और विश्वामित्र के समान अद्वितीय महर्षियों से शास्त्र और शस्त्र की शिक्षा प्राप्त कर चुके थे लक्ष्मण और भरत के समान बन्धुओं के अग्रज थे, और सीता के समान जगत्वंद्य सुन्दरी - साध्वी पत्नी उन्हें मिली थीं तथा हनूमान् के समान शक्तिशाली स्वेच्छासेवक उन्हें प्राप्त थे। परिस्थिति का आदर्श इससे बढ़कर और क्या होगा ? " वे ऐसे आदर्श पुत्र हैं, जिन्होंने माता और विमाता में कभी कोई भेद नहीं माना और पिता के वचनों की रक्षा के लिए सहर्ष चौदह वर्षों का वनवास स्वीकार कर लिया । वे ऐसे आदर्श बन्धु हैं जिन्होंने भरत के लिए सर्वस्व त्याग पर ही रुचि दिखलाई थी और लक्ष्मण की संकटापन्न अवस्था पर अपना सहज धैर्य तक भूल गये थे। वे ऐसे आदर्शपति हैं, जिन्होंने सीता के लिए रावण के समान प्रबल पराक्रमी शत्रु से एकाकी लोहा लिया और एक पत्नीव्रत का आजन्म निर्वाह करते हुए सीता की सुवर्णप्रतिमा से यज्ञ का काम चलाया परन्तु वशिष्ठ आदि महर्षियों की सम्मति पाकर भी दूसरा विवाह न किया । घे ऐसे आदर्श मित्र हैं |
नई दिल्लीः भारत अभी G -20 की अध्यक्षता (G-20 Presidency) कर रहा है, ऐसे में भारत में तमाम जगहों पर G-20 की मीटिंग (G-20 Meeting) चल रही है।
इसी क्रम में अमेरिकी विदेश मंत्री (US Secretary of State) एंटनी ब्लिंकन (Antony Blinken) को नई दिल्ली में ऑटोरिक्शा (Auto Rickshaw) की सवारी करते देखा गया।
खुद ब्लिंकन ने अपने ट्विटर हैंडल (Twitter Handle) पर तस्वीरें साझा की हैं। नई दिल्ली में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के बाद उन्हें Auto Rickshaw से निकलते देखा गया।
ट्विटर पर शेयर की गई तस्वीरों में ब्लिंकन ने "अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने" में मदद करने के लिए मुंबई (Mumbai) और हैदराबाद (Hyderabad) सहित कई राज्यों में अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों के कर्मचारियों को धन्यवाद दिया।
दूतावासों के कर्मचारियों के साथ तस्वीरें शेयर करते हुए Blinken ने लिखा, "भारत में अमेरिकी दूतावास, हैदराबाद, कोलकाता, चेन्नई और मुंबई में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास (American Consulate) के हमारे कर्मचारियों और उनके परिवारों से मिलकर खुशी हुई।
एक अलग ट्वीट पोस्ट में, Blinken ने दोहराया कि अमेरिका-भारत साझेदारी "परिणामी" है। उन्होंने कहा, "मेरी यात्रा हमारी साझेदारी की ताकत और भारत-प्रशांत (Indo-Pacific) की सुरक्षा के लिए साझा की गई मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है। भारत के आतिथ्य और नेतृत्व के लिए धन्यवाद, और उनके G20 अध्यक्षता के महत्वाकांक्षी एजेंडे पर भागीदार बनने के लिए तैयार हूं।
"इससे पहले क्वाड विदेश मंत्रियों ने शुक्रवार को नई दिल्ली में एक बैठक में Indo-Pacific की स्थिति की व्यापक समीक्षा की। हालांकि आज भारतीय विदेश मंत्री (Indian Foreign Minister) एस जयशंकर ()S Jaishankar की अध्यक्षता बैठक हुई जिसमें शामिल होने वाले अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन, उनके जापानी समकक्ष (Japanese Counterpart) योशिमासा हयाशी (Yoshimasa Hayashi) और ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री (Australian Foreign Minister) पेनी वोंग (Penny Wong) भी मौजूद रहे।
| नई दिल्लीः भारत अभी G -बीस की अध्यक्षता कर रहा है, ऐसे में भारत में तमाम जगहों पर G-बीस की मीटिंग चल रही है। इसी क्रम में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन को नई दिल्ली में ऑटोरिक्शा की सवारी करते देखा गया। खुद ब्लिंकन ने अपने ट्विटर हैंडल पर तस्वीरें साझा की हैं। नई दिल्ली में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के बाद उन्हें Auto Rickshaw से निकलते देखा गया। ट्विटर पर शेयर की गई तस्वीरों में ब्लिंकन ने "अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने" में मदद करने के लिए मुंबई और हैदराबाद सहित कई राज्यों में अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों के कर्मचारियों को धन्यवाद दिया। दूतावासों के कर्मचारियों के साथ तस्वीरें शेयर करते हुए Blinken ने लिखा, "भारत में अमेरिकी दूतावास, हैदराबाद, कोलकाता, चेन्नई और मुंबई में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के हमारे कर्मचारियों और उनके परिवारों से मिलकर खुशी हुई। एक अलग ट्वीट पोस्ट में, Blinken ने दोहराया कि अमेरिका-भारत साझेदारी "परिणामी" है। उन्होंने कहा, "मेरी यात्रा हमारी साझेदारी की ताकत और भारत-प्रशांत की सुरक्षा के लिए साझा की गई मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है। भारत के आतिथ्य और नेतृत्व के लिए धन्यवाद, और उनके Gबीस अध्यक्षता के महत्वाकांक्षी एजेंडे पर भागीदार बनने के लिए तैयार हूं। "इससे पहले क्वाड विदेश मंत्रियों ने शुक्रवार को नई दिल्ली में एक बैठक में Indo-Pacific की स्थिति की व्यापक समीक्षा की। हालांकि आज भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर S Jaishankar की अध्यक्षता बैठक हुई जिसमें शामिल होने वाले अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन, उनके जापानी समकक्ष योशिमासा हयाशी और ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग भी मौजूद रहे। |
यूनिसेफ़ ने बुधवार को बॉलीवुड अभिनेता आमिर ख़ान को भारत में अपना ब्रैंड एम्बैसडर बनाया। बच्चों के विषय पर आधारित 'तारे ज़मीं पर' जैसी फ़िल्म बना चुके आमिर ख़ान भारत में बच्चों में कुपोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाएंगे।
आमिर ख़ान ने कहा कि वो भारत सरकार और यूनिसेफ़ के साथ पिछले एक साल से काम कर रहे हैं और इसी दौरान उन्होंने जाना कि भारत में कुपोषण कितनी बड़ी समस्या है। आमिर कहते हैं कि कुपोषण एक ऐसा दुश्मन है जो दिखाई नहीं देता और इसीलिए इसकी जानकारी लोगों तक पहुँचाना बहुत ज़रुरी है।
| यूनिसेफ़ ने बुधवार को बॉलीवुड अभिनेता आमिर ख़ान को भारत में अपना ब्रैंड एम्बैसडर बनाया। बच्चों के विषय पर आधारित 'तारे ज़मीं पर' जैसी फ़िल्म बना चुके आमिर ख़ान भारत में बच्चों में कुपोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाएंगे। आमिर ख़ान ने कहा कि वो भारत सरकार और यूनिसेफ़ के साथ पिछले एक साल से काम कर रहे हैं और इसी दौरान उन्होंने जाना कि भारत में कुपोषण कितनी बड़ी समस्या है। आमिर कहते हैं कि कुपोषण एक ऐसा दुश्मन है जो दिखाई नहीं देता और इसीलिए इसकी जानकारी लोगों तक पहुँचाना बहुत ज़रुरी है। |
तालिबान सरकार में शिक्षा विभाग के प्रमुख नूरुल्लाह मुनीर का कहना है कि इस्लामी शरीयत लड़कियों की शिक्षा के ख़िलाफ़ नहीं है, इसलिए तालिबान को भी लड़कियों की शिक्षा से कोई समस्या नहीं है।
हालांकि लड़कों और लड़कियों के स्कूल अलग-अलग करने का बहाना बनाकर तालिबान की अंतरिम सरकार, लड़कियों को स्कूल जाने से रोक रही है, लेकिन इसके बावजूद मुल्लाह मुनीर ने दावा किया कि उनकी सरकार को लड़कियों के स्कूल जाने से कोई समस्या नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि तालिबान इस्लामी सिद्धांतों के मुताबिक़, सभी लड़कियों और महिलाओं के लिए उचित शैक्षिक व्यवस्था के लिए प्रयास कर रहे हैं।
अफ़ग़ानिस्तान में नए शैक्षिक सत्र को शुरू हुए 16 दिन बीत गए हैं, और इस दौरान लड़कियों को स्कूल जाने की अनुमति नहीं दी गई है।
मुल्लाह मुनीर का यह भी कहना था कि उनका शासन, किसी भी हालत में पश्चिम के सिद्धांतों को नहीं मानेगा और पाठ्यक्रमों में जो पाठ इस्लामी सिद्धांतों से विपरीत होंगो, उन्हें बदल दिया जाएगा।
| तालिबान सरकार में शिक्षा विभाग के प्रमुख नूरुल्लाह मुनीर का कहना है कि इस्लामी शरीयत लड़कियों की शिक्षा के ख़िलाफ़ नहीं है, इसलिए तालिबान को भी लड़कियों की शिक्षा से कोई समस्या नहीं है। हालांकि लड़कों और लड़कियों के स्कूल अलग-अलग करने का बहाना बनाकर तालिबान की अंतरिम सरकार, लड़कियों को स्कूल जाने से रोक रही है, लेकिन इसके बावजूद मुल्लाह मुनीर ने दावा किया कि उनकी सरकार को लड़कियों के स्कूल जाने से कोई समस्या नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि तालिबान इस्लामी सिद्धांतों के मुताबिक़, सभी लड़कियों और महिलाओं के लिए उचित शैक्षिक व्यवस्था के लिए प्रयास कर रहे हैं। अफ़ग़ानिस्तान में नए शैक्षिक सत्र को शुरू हुए सोलह दिन बीत गए हैं, और इस दौरान लड़कियों को स्कूल जाने की अनुमति नहीं दी गई है। मुल्लाह मुनीर का यह भी कहना था कि उनका शासन, किसी भी हालत में पश्चिम के सिद्धांतों को नहीं मानेगा और पाठ्यक्रमों में जो पाठ इस्लामी सिद्धांतों से विपरीत होंगो, उन्हें बदल दिया जाएगा। |
पिछले कई दिनों से दोनों सदनों में भारी हंगामा हो रहा है। विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। कार्यवाही को शुरू होते ही स्थगित कर दिया जाता है। इसी बीच आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देंगे। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी आज शाम को लोकसभा में दो दिनों तक चली चर्चा के दौरान विपक्षी दलों द्वारा उठाए गए तमाम मुद्दों का जवाब दे सकते हैं।
आपको बता दें कि राहुल गांधी द्वारा अडानी और उनके संबंधों को लेकर लोक सभा में लगाए गए आरोपों पर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पलटवार कर सकते हैं। संसद के बजट सत्र की शुरूआत 31 जनवरी को, दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से हुई थी। अडानी के मसले पर विपक्षी दलों के हंगामे की वजह से संसद में तीन दिन तक कोई कामकाज नहीं हो पाया था। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध खत्म हो जाने के बाद मंगलवार को लोक सभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई थी।
कांग्रेस की तरफ से चर्चा में शामिल हुए राहुल गांधी ने अडानी मसले पर केंद्र सरकार और सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा था। राहुल गांधी के भाषण के दौरान ही कई केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा सांसदों ने इसे नियमों के खिलाफ बताते हुए इसका विरोध भी किया था। बाद में लोक सभा में ही केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भाषण देते हुए गांधी परिवार पर अस्पताल और उद्योग के नाम पर अमेठी में जमीन हड़पने का आरोप लगाया था। ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि आज लोक सभा में चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी कांग्रेस, गांधी परिवार और कांग्रेस की सरकारों के दौरान हुए घोटालों का जिक्र करते हुए जमकर पलटवार कर सकते हैं।
| पिछले कई दिनों से दोनों सदनों में भारी हंगामा हो रहा है। विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। कार्यवाही को शुरू होते ही स्थगित कर दिया जाता है। इसी बीच आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देंगे। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी आज शाम को लोकसभा में दो दिनों तक चली चर्चा के दौरान विपक्षी दलों द्वारा उठाए गए तमाम मुद्दों का जवाब दे सकते हैं। आपको बता दें कि राहुल गांधी द्वारा अडानी और उनके संबंधों को लेकर लोक सभा में लगाए गए आरोपों पर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पलटवार कर सकते हैं। संसद के बजट सत्र की शुरूआत इकतीस जनवरी को, दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से हुई थी। अडानी के मसले पर विपक्षी दलों के हंगामे की वजह से संसद में तीन दिन तक कोई कामकाज नहीं हो पाया था। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध खत्म हो जाने के बाद मंगलवार को लोक सभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई थी। कांग्रेस की तरफ से चर्चा में शामिल हुए राहुल गांधी ने अडानी मसले पर केंद्र सरकार और सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा था। राहुल गांधी के भाषण के दौरान ही कई केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा सांसदों ने इसे नियमों के खिलाफ बताते हुए इसका विरोध भी किया था। बाद में लोक सभा में ही केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भाषण देते हुए गांधी परिवार पर अस्पताल और उद्योग के नाम पर अमेठी में जमीन हड़पने का आरोप लगाया था। ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि आज लोक सभा में चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी कांग्रेस, गांधी परिवार और कांग्रेस की सरकारों के दौरान हुए घोटालों का जिक्र करते हुए जमकर पलटवार कर सकते हैं। |
मुंबई. दुनियाभर में कोरोना की वजह से दहशत फैली हुई है। भारत में इस महामारी से निपटने के लिए देशभर में लॉकडाउन घोषित किया हुआ है। आमजनों की तरह बॉलीवुड सेलेब्स भी अपने-अपने घरों में कैद है। हालांकि, सेलेब्स सोशल मीडिया पर बेहद एक्टिव हैं। इसी बीच सेलेब्स से जुड़े कई किस्से-कहानियां भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। ऐसे में सलमान खान से एक बेहद दिलचस्प किस्सा वायरल हो रहा है। आइए, आपको बताते है इस किस्से के बारे में। वैसे, सलमान इन दिनों अपनी फैमिली से दूर फॉर्महाउस पर वक्त गुजार रहे हैं।
वैसे आपको बता दें कि सलमान इन दिनों अपने पनवेल वाले फॉर्महाउस में टाइम स्पेंड कर रहे हैं। उनके साथ उनकी बहन अर्पिता, बहनोई आयुष शर्मा, भांजे-भांजी और तथाकथिक गर्लफ्रेंड यूलिया वंतूर भी है।
बात 21 साल पहले की है। जब जब सलमान खान शादी करने के बेहद करीब थे। शादी की पूरी तैयारियां हो चुकी थी। इतना ही नहीं उनकी शादी के कार्ड तक बट चुके थे।
एक टीवी शो के दौरान सलमान ने इस बात का खुलासा किया था कि वह अपनी शादी के कितने करीब थे। सलमान के अच्छे दोस्तों में से एक साजिद नाडियाडवाला ने भी उनकी शादी को लेकर एक जबरदस्त खुलासा किया था।
साजिद ने एक शो के दौरान बताया था कि सलमान 1999 में शादी के लिए बिल्कुल तैयार थे और उन्होंने एक लड़की पसंद भी कर रखी थी।
उन्होंने यह भी खुलासा किया कि सलमान ने प्लान कर रखा था कि वह उस लड़की से नवंबर में अपने पापा सलीम खान के जन्मदिन पर शादी करेंगे।
खबरों की मानें तो सलमान और साजिद दोनों ने एक ही दिन शादी करने का फैसला किया था।
उन्होंने बताया था- कार्ड्स भी बट चुके थे और शादी से बस 5-6 दिन पहले सलमान ने अपना फैसला बदल लिया और कहा कि वह शादी करने के मूड में नहीं हैं।
सलमान का संगीता बिजलानी, सोमी अली, कैटरीना कैफ, क्लॉडिया सिएस्ला, ऐश्वर्या राय जैसे कईयों के साथ जुड़ा और अफेयर्स के किस्से भी बी-टाउन की सुर्खियों में रहे।
| मुंबई. दुनियाभर में कोरोना की वजह से दहशत फैली हुई है। भारत में इस महामारी से निपटने के लिए देशभर में लॉकडाउन घोषित किया हुआ है। आमजनों की तरह बॉलीवुड सेलेब्स भी अपने-अपने घरों में कैद है। हालांकि, सेलेब्स सोशल मीडिया पर बेहद एक्टिव हैं। इसी बीच सेलेब्स से जुड़े कई किस्से-कहानियां भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। ऐसे में सलमान खान से एक बेहद दिलचस्प किस्सा वायरल हो रहा है। आइए, आपको बताते है इस किस्से के बारे में। वैसे, सलमान इन दिनों अपनी फैमिली से दूर फॉर्महाउस पर वक्त गुजार रहे हैं। वैसे आपको बता दें कि सलमान इन दिनों अपने पनवेल वाले फॉर्महाउस में टाइम स्पेंड कर रहे हैं। उनके साथ उनकी बहन अर्पिता, बहनोई आयुष शर्मा, भांजे-भांजी और तथाकथिक गर्लफ्रेंड यूलिया वंतूर भी है। बात इक्कीस साल पहले की है। जब जब सलमान खान शादी करने के बेहद करीब थे। शादी की पूरी तैयारियां हो चुकी थी। इतना ही नहीं उनकी शादी के कार्ड तक बट चुके थे। एक टीवी शो के दौरान सलमान ने इस बात का खुलासा किया था कि वह अपनी शादी के कितने करीब थे। सलमान के अच्छे दोस्तों में से एक साजिद नाडियाडवाला ने भी उनकी शादी को लेकर एक जबरदस्त खुलासा किया था। साजिद ने एक शो के दौरान बताया था कि सलमान एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे में शादी के लिए बिल्कुल तैयार थे और उन्होंने एक लड़की पसंद भी कर रखी थी। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि सलमान ने प्लान कर रखा था कि वह उस लड़की से नवंबर में अपने पापा सलीम खान के जन्मदिन पर शादी करेंगे। खबरों की मानें तो सलमान और साजिद दोनों ने एक ही दिन शादी करने का फैसला किया था। उन्होंने बताया था- कार्ड्स भी बट चुके थे और शादी से बस पाँच-छः दिन पहले सलमान ने अपना फैसला बदल लिया और कहा कि वह शादी करने के मूड में नहीं हैं। सलमान का संगीता बिजलानी, सोमी अली, कैटरीना कैफ, क्लॉडिया सिएस्ला, ऐश्वर्या राय जैसे कईयों के साथ जुड़ा और अफेयर्स के किस्से भी बी-टाउन की सुर्खियों में रहे। |
संपत्ति के लिए मर्डर करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. बांकुआला गांव में संपत्ति के लालची एक आदमी ने अपनी पत्नी की ही हत्या कर दी. इस आदमी ने लोहे की छड़ से हमला कर अपनी पत्नी की हत्या कर दी है. आरोपी व्यक्ति की पहचान अजीत राणा के रूप में हुई है. घटना के बाद पुलिस ने आरोपी पति अजीत राणा को गिरफ्तार कर लिया है.
बताया जाता है कि पति के हमले से बुरी तरह घायल हुई पत्नी को गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंचाया गया था. अस्पताल में महिला ने दम तोड़ दिया. इस घटना कि जानकारी मिलने पर पुलिस ने आरोपी अजीत राणा को पकड़ लिया है. अजीत राणा इस घटना के बाद से ही भाग गया था. पुलिस ने अजित राणा को शनिवार को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने महिला के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सूप दिया.
इस मामले में पुलिस न बताया है कि अजीत राणा अपनी पत्नी दीप्ति पर अपने पिता की खरीदी गई जमीन को व्यवसाय के लिए लेना चाहता था. इसलिए वो पत्नी पर लगातार दबाब बना रहा था. दीप्ति के पिता की जमीन बालियंता में है. दीप्ति अपने पिता की जमीन पति को नहीं देना चाहती थी. इसलिए पति पत्नी में शुक्रवार को झगड़ा हुआ था.
| संपत्ति के लिए मर्डर करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. बांकुआला गांव में संपत्ति के लालची एक आदमी ने अपनी पत्नी की ही हत्या कर दी. इस आदमी ने लोहे की छड़ से हमला कर अपनी पत्नी की हत्या कर दी है. आरोपी व्यक्ति की पहचान अजीत राणा के रूप में हुई है. घटना के बाद पुलिस ने आरोपी पति अजीत राणा को गिरफ्तार कर लिया है. बताया जाता है कि पति के हमले से बुरी तरह घायल हुई पत्नी को गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंचाया गया था. अस्पताल में महिला ने दम तोड़ दिया. इस घटना कि जानकारी मिलने पर पुलिस ने आरोपी अजीत राणा को पकड़ लिया है. अजीत राणा इस घटना के बाद से ही भाग गया था. पुलिस ने अजित राणा को शनिवार को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने महिला के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सूप दिया. इस मामले में पुलिस न बताया है कि अजीत राणा अपनी पत्नी दीप्ति पर अपने पिता की खरीदी गई जमीन को व्यवसाय के लिए लेना चाहता था. इसलिए वो पत्नी पर लगातार दबाब बना रहा था. दीप्ति के पिता की जमीन बालियंता में है. दीप्ति अपने पिता की जमीन पति को नहीं देना चाहती थी. इसलिए पति पत्नी में शुक्रवार को झगड़ा हुआ था. |
एक बात का और भी जोर पड़ा और वह यह थी कि अगर मैं आई सी० एस० हो जाता तो मुझे घर से दूर-दूर जगहों में रहना पड़ता । पिताजी और माँ दोनों ही यह चाहते थे कि इतने दिनों तक अलग रहने के बाद में उनके पास ही रहूँ । बस, पाशा पुश्तैनी पेशे के यानी वकालत के पक्ष में पड़ा और में इनर टैम्पिल में भरती हो गया ।
यह अजीब बात है कि राजनीति में गरम-दल की ओर झुकाव बढ़ता जाने पर भी आई० सी० एस० में शामिल होने को और इस तरह हिन्दुस्तान में ब्रिटिश शासन की मशीन का एक पुरज़ा बनने के खयाल को मैंने ऐसा बुरा नहीं समझा । आगे के सालों में इस तरह का खयाल मुझे बहुत त्याज्य मालूम होता ।
१९१० में अपनी डिग्री लेने के बाद में केम्ब्रिज से चला आया । ट्राइपस के इम्तिहान में मुझे मामूली सफलता मिली-दूसरे दर्जे में सम्मान के साथ पास हुआ । अगले दो साल मैं लन्दन के इधर-उधर घूमता रहा। मेरी क़ानून की पढ़ाई में बहुत समय नहीं लगता था और वैरिस्टरी के एक के बाद दूसरे इम्तिहान में मैं पास होता रहा । हाँ, उसमें मुझे न तो सम्मान मिला, न अपमान । वाक़ी वक्त मैने यों ही बिताया। कुछ आम किताबें पढ़ीं, फैवियन' और साम्यवादी विचारों की ओर एक अस्पष्ट आकर्षण हुआ और उन दिनों के राजनैतिक आन्दोलन में भी दिलचस्पी ली। आयर्लेण्ड और स्त्रियों के मताधिकार के आन्दोलनों में मेरी खास दिलचस्पी थी। मुझे यह भी याद है कि १९१० की गरमी
१-२. १८८४ में स्थापित समाजवादी सिद्धान्त रखनेवालों की संस्था और उसके सदस्य । ये क्रान्ति के द्वारा सुधार नहीं चाहते। पर आशा रखते हैं कि लेखों और प्रचार के द्वारा औद्योगिक स्थिति में सुधार हो जायगा । समाजवादी इससे आगे गये। उन्होंने अपना ध्येय बनायाजमीन और सम्पत्ति का मालिक समाज है और समाज को हो सत्ता उसपर होनी चाहिए - इस सिद्धान्त के आधार पर कान्ति करना । इस कारण फॅबियन महज 'म्यूनिसिपल समाजवादी' नाम के पात्र हुए। अनु०
में जब में आयलेंण्ड गया तो सिनफ़िन-आन्दोलन की शुरुआत ने मुझे अपनी तरफ खींचा था ।
इन्हीं दिनों मुझे हॅरो के पुराने दोस्तों के साथ रहने का मौक़ा मिला और उसके साथ मेरी आदतें खर्चीली हो गयी थीं । पिताजी मुझे खर्च के लिए काफ़ी रुपया भेजते थे । लेकिन मैं अक्सर उससे भी ज्यादा खर्च कर डालता था, इसलिए उन्हें मेरे बारे में बड़ी चिन्ता हो गयी थी । उन्हें अंदेशा हो गया था कि कहीं मैं बुरे रास्ते तो नहीं पड़ गया हूँ । परन्तु असल में ऐसी कोई खास बात में नहीं कर रहा था । मैं तो सिर्फ़, उन खुशहाल परन्तु कमअक़्ल अंग्रेजों की देखादेखी भर कर रहा था जो
बड़े ठाट-वाट में रहा करते थे । यह कहना वेकार है कि इस उद्देशहीन आराम-तलवी की ज़िन्दगी से मेरी किसी तरह की कोई हुई । मेरे पहले के हौसले ठंडे पड़ने लगे और खाली एक रही थी वह था मेरा घमण्ड ।
छुट्टियों में मैंने कभी-कभी यूरप के भिन्न-भिन्न देशों की भी सैर की । १९०९ की गरमी में जब काउण्ट ज़ैपलिन अपने नये हवाई जहाज़ में कॉन्स्टैन्स झील पर फीडरिश शैफिन से उड़कर वलिन आये, तब मैं और पिताजी दोनों वहीं थे । मेरा खयाल है कि वह उसकी सबसे पहली लम्बी उड़ान थी । इसलिए उस अवसर पर बड़ी खुशियाँ मनायी गयीं और खुद फ़ैसर ने उसका स्वागत किया। वलिन के टेम्पिलोफ फ़ील्ड में जो भीड़ इकट्ठी हुई थी वह दस लाख से लेकर बीस लाख तक कूती गयी थी। जैपने ठीक समय पर आकर बड़ी वजादारी के साथ ऊपर-ऊपर हमारी परिक्रमा की । ऐडलॉ होटल ने उस दिन अपने सब निवासियों को काउण्ट जैपलिन का एक-एक सुन्दर चित्र भेंट किया था । वह चित्र अबतक मेरे पास है ।
कोई दो महीने बाद हमने पैरिस में वह हवाई जहाज देखा जो उस शहर पर पहले-पहल उड़ा और जिसने एफ़िल टावर के चक्कर पहले-पहल लगाये। मेरा खयाल है कि उड़ाके का नाम कौत द लांवेर् श। अटारह बन वाद, जब लिंडवर्ग अटलांटिक के उस पार से दमकने
हुए तीर की तरह उड़कर पैरिस आया था, तव भी में वहाँ था ।
१९१० में केम्ब्रिज से अपनी डिग्री लेने के बाद फौरन ही जद में सैर-सपाटे के लिए नार्वे गया था, तब में बाल-बाल बच गया। हमलोग पहाड़ी प्रदेश में पैदल घूम रहे थे । बुरी तरह थके हुए एक छोटे से होटल में अपने मुकाम पर पहुँचे, और गरमी के मारे नहाने की इच्छा प्रकट की । वहाँ ऐसी बात पहले किसीने न सुनी थी । होटल में नहाने के लिए कोई इन्तिज़ाम न था । लेकिन हमको यह बता दिया गया कि हमलोग पास की एक नदी में नहीं सकते हैं । अतः मेज के या मुहँ पोंछने के छोटे-छोटे तौलियों से जो होटलवालों ने हमें उदारतापूर्वक दिये थे,
सुसज्जित होकर हममें से दो, एक में और एक नौजवान अंग्रेज, पड़ौस 1 के हिम-सरोवर से निकलती और दहाड़ती हुई तूफ़ानी धारा में जा पहुँचे । में पानी में घुस गया । वह गहरा तो न था, लेकिन ठंडा इतना था कि हाथ-पाँव जमे जाते थे और उसकी ज़मीन बड़ी रपटीली थी । मैं रपटकर गिर गया। बरफ़ की तरह ठंडे पानी से मेरे हाथ-पैर निर्जीव हो गये । मेरा शरीर और सारे अवयव सुन्न पड़ गये, मेरे पैर जम न सके, तूफ़ानी धारा मुझे तेज़ी से वहाये ले जा रही थी, परन्तु मेरे अंग्रेज साथी ने किसी तरह बाहर निकलकर मेरे साथ भागना शुरू किया और अन्त में मेरा पैर पकड़ने में कामयाब होकर उसने मुझे बाहर खींच लिया। इसके बाद हमें मालूम हुआ कि हम कितने बड़े खतरे में थे; क्योंकि हमसे दो-तीन सौ गज़ की दूरी पर यह पहाड़ी धारा एक विशाल चट्टान के नीचे गिरती थी जिसका जल प्रपात उस जगह की एक दर्शनीय वात थी ।
१९१२ की गर्मी में मैंने बैरिस्टरी पास कर ली और उसी शरद् ऋतु में मैं, कोई सात साल से ज्यादा इंग्लैण्ड में रहने के बाद, आखिर को हिन्दुस्तान लौट आया। इस बीच छुट्टी के दिनों में दो बार में घर गया था। परंतु अव मैं हमेशा के लिए लौटा और मुझे लगा कि जब मैं बम्बई में उतरा तो अपने पास कुछ न होते हुए भी अपने बड़प्पन का अभिमान लेकर उतरा था। | एक बात का और भी जोर पड़ा और वह यह थी कि अगर मैं आई सीशून्य एसशून्य हो जाता तो मुझे घर से दूर-दूर जगहों में रहना पड़ता । पिताजी और माँ दोनों ही यह चाहते थे कि इतने दिनों तक अलग रहने के बाद में उनके पास ही रहूँ । बस, पाशा पुश्तैनी पेशे के यानी वकालत के पक्ष में पड़ा और में इनर टैम्पिल में भरती हो गया । यह अजीब बात है कि राजनीति में गरम-दल की ओर झुकाव बढ़ता जाने पर भी आईशून्य सीशून्य एसशून्य में शामिल होने को और इस तरह हिन्दुस्तान में ब्रिटिश शासन की मशीन का एक पुरज़ा बनने के खयाल को मैंने ऐसा बुरा नहीं समझा । आगे के सालों में इस तरह का खयाल मुझे बहुत त्याज्य मालूम होता । एक हज़ार नौ सौ दस में अपनी डिग्री लेने के बाद में केम्ब्रिज से चला आया । ट्राइपस के इम्तिहान में मुझे मामूली सफलता मिली-दूसरे दर्जे में सम्मान के साथ पास हुआ । अगले दो साल मैं लन्दन के इधर-उधर घूमता रहा। मेरी क़ानून की पढ़ाई में बहुत समय नहीं लगता था और वैरिस्टरी के एक के बाद दूसरे इम्तिहान में मैं पास होता रहा । हाँ, उसमें मुझे न तो सम्मान मिला, न अपमान । वाक़ी वक्त मैने यों ही बिताया। कुछ आम किताबें पढ़ीं, फैवियन' और साम्यवादी विचारों की ओर एक अस्पष्ट आकर्षण हुआ और उन दिनों के राजनैतिक आन्दोलन में भी दिलचस्पी ली। आयर्लेण्ड और स्त्रियों के मताधिकार के आन्दोलनों में मेरी खास दिलचस्पी थी। मुझे यह भी याद है कि एक हज़ार नौ सौ दस की गरमी एक-दो. एक हज़ार आठ सौ चौरासी में स्थापित समाजवादी सिद्धान्त रखनेवालों की संस्था और उसके सदस्य । ये क्रान्ति के द्वारा सुधार नहीं चाहते। पर आशा रखते हैं कि लेखों और प्रचार के द्वारा औद्योगिक स्थिति में सुधार हो जायगा । समाजवादी इससे आगे गये। उन्होंने अपना ध्येय बनायाजमीन और सम्पत्ति का मालिक समाज है और समाज को हो सत्ता उसपर होनी चाहिए - इस सिद्धान्त के आधार पर कान्ति करना । इस कारण फॅबियन महज 'म्यूनिसिपल समाजवादी' नाम के पात्र हुए। अनुशून्य में जब में आयलेंण्ड गया तो सिनफ़िन-आन्दोलन की शुरुआत ने मुझे अपनी तरफ खींचा था । इन्हीं दिनों मुझे हॅरो के पुराने दोस्तों के साथ रहने का मौक़ा मिला और उसके साथ मेरी आदतें खर्चीली हो गयी थीं । पिताजी मुझे खर्च के लिए काफ़ी रुपया भेजते थे । लेकिन मैं अक्सर उससे भी ज्यादा खर्च कर डालता था, इसलिए उन्हें मेरे बारे में बड़ी चिन्ता हो गयी थी । उन्हें अंदेशा हो गया था कि कहीं मैं बुरे रास्ते तो नहीं पड़ गया हूँ । परन्तु असल में ऐसी कोई खास बात में नहीं कर रहा था । मैं तो सिर्फ़, उन खुशहाल परन्तु कमअक़्ल अंग्रेजों की देखादेखी भर कर रहा था जो बड़े ठाट-वाट में रहा करते थे । यह कहना वेकार है कि इस उद्देशहीन आराम-तलवी की ज़िन्दगी से मेरी किसी तरह की कोई हुई । मेरे पहले के हौसले ठंडे पड़ने लगे और खाली एक रही थी वह था मेरा घमण्ड । छुट्टियों में मैंने कभी-कभी यूरप के भिन्न-भिन्न देशों की भी सैर की । एक हज़ार नौ सौ नौ की गरमी में जब काउण्ट ज़ैपलिन अपने नये हवाई जहाज़ में कॉन्स्टैन्स झील पर फीडरिश शैफिन से उड़कर वलिन आये, तब मैं और पिताजी दोनों वहीं थे । मेरा खयाल है कि वह उसकी सबसे पहली लम्बी उड़ान थी । इसलिए उस अवसर पर बड़ी खुशियाँ मनायी गयीं और खुद फ़ैसर ने उसका स्वागत किया। वलिन के टेम्पिलोफ फ़ील्ड में जो भीड़ इकट्ठी हुई थी वह दस लाख से लेकर बीस लाख तक कूती गयी थी। जैपने ठीक समय पर आकर बड़ी वजादारी के साथ ऊपर-ऊपर हमारी परिक्रमा की । ऐडलॉ होटल ने उस दिन अपने सब निवासियों को काउण्ट जैपलिन का एक-एक सुन्दर चित्र भेंट किया था । वह चित्र अबतक मेरे पास है । कोई दो महीने बाद हमने पैरिस में वह हवाई जहाज देखा जो उस शहर पर पहले-पहल उड़ा और जिसने एफ़िल टावर के चक्कर पहले-पहल लगाये। मेरा खयाल है कि उड़ाके का नाम कौत द लांवेर् श। अटारह बन वाद, जब लिंडवर्ग अटलांटिक के उस पार से दमकने हुए तीर की तरह उड़कर पैरिस आया था, तव भी में वहाँ था । एक हज़ार नौ सौ दस में केम्ब्रिज से अपनी डिग्री लेने के बाद फौरन ही जद में सैर-सपाटे के लिए नार्वे गया था, तब में बाल-बाल बच गया। हमलोग पहाड़ी प्रदेश में पैदल घूम रहे थे । बुरी तरह थके हुए एक छोटे से होटल में अपने मुकाम पर पहुँचे, और गरमी के मारे नहाने की इच्छा प्रकट की । वहाँ ऐसी बात पहले किसीने न सुनी थी । होटल में नहाने के लिए कोई इन्तिज़ाम न था । लेकिन हमको यह बता दिया गया कि हमलोग पास की एक नदी में नहीं सकते हैं । अतः मेज के या मुहँ पोंछने के छोटे-छोटे तौलियों से जो होटलवालों ने हमें उदारतापूर्वक दिये थे, सुसज्जित होकर हममें से दो, एक में और एक नौजवान अंग्रेज, पड़ौस एक के हिम-सरोवर से निकलती और दहाड़ती हुई तूफ़ानी धारा में जा पहुँचे । में पानी में घुस गया । वह गहरा तो न था, लेकिन ठंडा इतना था कि हाथ-पाँव जमे जाते थे और उसकी ज़मीन बड़ी रपटीली थी । मैं रपटकर गिर गया। बरफ़ की तरह ठंडे पानी से मेरे हाथ-पैर निर्जीव हो गये । मेरा शरीर और सारे अवयव सुन्न पड़ गये, मेरे पैर जम न सके, तूफ़ानी धारा मुझे तेज़ी से वहाये ले जा रही थी, परन्तु मेरे अंग्रेज साथी ने किसी तरह बाहर निकलकर मेरे साथ भागना शुरू किया और अन्त में मेरा पैर पकड़ने में कामयाब होकर उसने मुझे बाहर खींच लिया। इसके बाद हमें मालूम हुआ कि हम कितने बड़े खतरे में थे; क्योंकि हमसे दो-तीन सौ गज़ की दूरी पर यह पहाड़ी धारा एक विशाल चट्टान के नीचे गिरती थी जिसका जल प्रपात उस जगह की एक दर्शनीय वात थी । एक हज़ार नौ सौ बारह की गर्मी में मैंने बैरिस्टरी पास कर ली और उसी शरद् ऋतु में मैं, कोई सात साल से ज्यादा इंग्लैण्ड में रहने के बाद, आखिर को हिन्दुस्तान लौट आया। इस बीच छुट्टी के दिनों में दो बार में घर गया था। परंतु अव मैं हमेशा के लिए लौटा और मुझे लगा कि जब मैं बम्बई में उतरा तो अपने पास कुछ न होते हुए भी अपने बड़प्पन का अभिमान लेकर उतरा था। |
अहिंसासत्यास्तेयब्रह्मचर्यापरिग्रहा यमाः
होकर चमकता रहता है । स्त्रोके इस सप्तम शुद्ध अति शुद्ध सार पदार्थको रज कहते हैं । वीर्य काँचकी तरह चिकना और सफेद होता है और रज लाखकी तरह लाल होता है । इस प्रकार रससे लेकर वीर्य और रजतक छः धातुओंके पाचन करने में पाँच दिनके हिसाबसे पूरे तीस दिन लगभग चार घंटे लगते हैं।
वैज्ञानिकोंने ऐसा निश्चय किया है कि चालीस सेर भोजनसे एक सेर रक्त बनता है और एक सेर रक्तसे दो तोला वीर्य बनता है। इस प्रकार एक तोला वीर्यके बराबर चालीस तोला अर्थात् आधा सेर रक्त होता है। यदि नीरोग मनुष्य सेरभर भोजन करे तो चालीस सेर भोजन चालीस दिन में होगा। अर्थात् चालीस दिनकी कमाई दो तोला वीर्य हुई । इस हिसाबसे तीस दिन अर्थात् एक महीने की कमाई डेढ़ तोला हुई। एक बार में मनुष्यका वीर्य कम-से-कम डेढ़ तोला तो निकलता ही होगा । इतने कठोर परिश्रमसे तीस दिनमें प्राप्त होनेवाली डेढ़ तोला अमूल्य अतुल दौलत एक समय में ही फूँक डालना कितनी बड़ी मूर्खता है । 'मरणं विन्दुपातेन । जोवनं विन्दुधारणम् ।। अर्थात् वीर्यका नाश ही मृत्यु है और ब्रह्मचर्य अर्थात् वीर्यको रक्षा ही जीवन है ।
योगियों के लिये ब्रह्मचर्यका वास्तविक स्वरूप - रयि अर्थात् अन्नके खींचनेके लिये जो प्राणोंकी आभ्यन्तर क्रिया होती है उसीका नाम भूख है, वह वृक्षों, पशु, पक्षी आदि और मनुष्यों में समान है । वृक्ष प्राणों के अनुकूल ही अन्नको खींचते हैं। यही कारण है कि विशेष विशेष वृक्ष उन विशेष स्थानोंमें जहाँ उनके अनुकूल पृथ्वी-जलादिमें परमाणु नहीं होते हैं नहीं उगते हैं। पशु आदि भी प्राणोंके अनुकूल ही अन्नको खींचते हैं, यदि मनुष्य के कुसझसे इस स्वाभाविक बुद्धिको न खो बैठे हों किंतु मनुष्य नाना प्रकारकी वासनाओंसे भ्रमित होकर इस विवेक बुद्धिको खो देता है कि किस समय प्राणको किस-किस विशेष रयि अर्थात् अन्न की आवश्यकता है। कभी-कभी प्राणों में भी कई विशेष कारणोंके अधीन होकर बाहर रयि अर्थात् अन्नकी ओर आकर्षित होने की आभ्यन्तर क्रिया होती है। यही काम-विपयवासनाके पीछे जाना है । इसके वशीभूत हो जाने से ब्रह्मचर्यका खण्डन होता है । इसलिये योगी के लिये ब्रह्मचर्यका वास्तविक स्वरूप प्राणोंपर पूरा अधिकार प्राप्त कर लेना है और प्राण आदि पञ्च वायु अन्तःकरणका सम्मिलित कार्य है । अतः अन्तःकरणपर पूरा अधिकार कर लेना आवश्यक है । यह अधिकार ब्रह्मनिष्ठा से प्राप्त होता है अर्थात् उस क्रमसे ब्रह्मनिष्ठ होना ही पूर्ण ब्रह्मचर्यका वास्तविक स्वरूप है।
अधिक जानकारीके लिये सूत्र ३१ का विशेष विचार देखें ।
५. अपरिग्रह - धन, सम्पत्ति, भोग-सामग्री अथवा अन्य वस्तुओंको अपनी ( शरीर-रक्षा आदि ) आवश्यकताओंसे अधिक केवल अपने ही भोगके लिये स्वार्थ-दृष्टि से संचय या इकट्ठा करना परिग्रह है। ( आवश्यक वह वस्तु है जिसके बिना अभ्यास अथवा धार्मिक कार्य निर्विघ्नतापूर्वक न चल सकें अर्थात् जो अध्यात्मोन्नति अथवा धार्मिक कार्यों में साधनरूपसे आवश्यक हो; किन्तु ऐसी वस्तुओंका संग्रह भी बिना किसी प्रकारकी आसक्ति या लगावके होना चाहिये अन्यथा वह भी परिग्रह ही समझा जावेगा ।) इससे बचना अपरिग्रह है । पर योगीके लिये तो सबसे बड़ा परिग्रह अविद्या आदिक्लेश, शरीर और चित्त आदिमें ममत्व और अहङ्कार हैं, जो सब परिग्रहके मूल कारण हैं। इसके लिये इन सब क्लेशों आदिका न रखना ही अपरिग्रहका लक्षण अभिमत है।
शेष सूत्र ३१ के विशेष विचारमें देखें ।
[ सूत्र ३१
सङ्घति - इस प्रकार सामान्यरूपसे यर्मोका निरूपण करके अगले सूत्र में उनकी सबसे ऊँची अवस्था बतलात हैं -
जातिदेशकालसमयानवच्छिन्नाः सार्वभौमा महाव्रतम् ॥ ३१ ॥
शब्दार्थ - नाति-देश-काल-समय अनवच्छिन्नाः = जाति, देश, काल और समय ( संकेत 'नियमविशेष' ) की सीमासे रहित, सार्वभौमाः = सब अवस्थाओंमें पालन करने योग्य; महाव्रतम् = महाव्रत है अन्वयार्थ - नाति, देश, काल और समयकी हदसे रहित सर्वभूमियोंमें पालन करने योग्य यम महाव्रत कहलाते हैं ।
व्याख्या - जाति, देश, काल और समय ( संकेत, नियमविशेष ) की हदसे रहित होनेका यह अभिप्राय है कि इनके द्वारा हिंसा आदि यम संकुचित न किये जायँ ।
जातिद्वारा संकुचित - गौ आदि पशु अथवा ब्राह्मणकी हिंसा न करूँगा ।
देशद्वारा संकुचित - हरिद्वार, मथुरा आदि तीर्थोंमें हिंसा नहीं करूंगा । कालसे संकुचित - चतुर्दशी, एकादशी आदि तिथियों में हिंसा नहीं करूँगा ।
समयद्वारा संकुचित- समयका अर्थ यहाँ काल नहीं है बल्कि विशेष नियम या विशेष संकेत है। जैसे देव अथवा ब्राह्मणको प्रयोजन-सिद्धि के लिये हिंसा करूँगा अन्य प्रयोजनसे नहीं। इसी प्रकार अन्य यमोंको समझ लेना चाहिये । अर्थात् समयावच्छिन्न सत्य - प्राणहरण आदिके संकटसे अतिरिक्त मिथ्याभाषण न करूँगा । समयावच्छिन्न अग्तेय - दुर्भिक्षके अतिरिक्त चोरी न करूँगा । समयावच्छिन ब्रह्मचर्य ऋतुकालसे अन्य समयमें स्त्रीगमन न करूँगा । समयावच्छिन्न अपरिग्रह परिवार के परिपालन के लिये ही परिग्रह ग्रहण करूँगा ।
नत्र ये यम इस प्रकारकी संकीर्णतासे रहित सब जातियों के लिये सर्वत्र सर्वदा सर्वथा पालन किये जाते हैं, तब महाव्रत कहलाते हैं ।
विशेष विचार - ( सूत्र ३१ ) इस सूत्रका यह भी भाव है कि यमका पालन किसी जातिविशेष, देश-विशेष, काल-विशेष या अवस्था-विशेषके मनुष्योंके लिये नहीं है; किंतु यह भूमण्डलपर रहनेवाली सभी नाति, देश, काल और अवस्थावालोंके लिये पालने योग्य है; इसीलिये ये सार्वभौम महाव्रत कहलाते हैं। इससे पूर्व के सूत्र में हमने यमका वह लक्षण किया है, जो योगियोंको अभिमत है । इस सूत्रके वि० वि० में हम उनका वह विशाल व्यापक और सामान्य स्वरूप दिखलानेका यत्न करेंगे, जिसका सम्बन्ध सम्पूर्ण मनुष्य-समाज और सारे राष्ट्रोंसे है ।
तीसवें सूत्रकी सङ्गतिमें बतला आये हैं कि यमोंका सम्बन्ध केवल व्यक्तियोंसे नहीं है परंतु सारे मनुष्य-समाजसे है, इसलिये सारे मनुष्य इनके पालन करने में समष्टिरूपसे परतन्त्र हैं। कोई मनुष्य चाहे वह किसी नाति, देश, काल, अवस्था, वर्णाश्रम, मत-मतान्तरका क्यों न हो, यदि उसे मनुष्य समानमें रहना है तो उसके लिये ये यम सर्वदा माननीय और पालनीय हैं। ।
संसार में फैली हुई भयंकर अशान्तिके नाशका केवलमात्र उपाय यमोंका यथार्थरूपसे पालन करना है । यमके अर्थ ही शासन और व्यवस्था रखनेवालेके हैं। इनके पालनसे संसारकी अवस्था ठीक रह सकती है । यह शङ्का कि क्षत्रिय शासकादि अहिंसा और गृहस्थी ब्रह्मचर्यका पालन नहीं कर सकते, यमोंको
यथार्थरूपसे न समझने के कारण उत्पन्न होती है। उसके निवारणार्थ यमोंके स्वरूपको और स्पष्टरू पसे दिखलानेका यत्न करते हैं
अहिंसा - जिस प्रकार सारे क्लेशोंका मूल अविद्या है, उसी प्रकार सारे यमोंका मूल अहिंसा है । हिंसा तीन प्रकारको है ( १ ) शारीरिक - किसी प्राणीका प्राण-हरण करना अथवा अन्य प्रकारसे शारीरिक पीड़ा पहुंचाना; ( २ ) मानसिक - मनको क्लेश देना; (३) आध्यात्मिक-अन्तःकरणको मलिन करना । यह राग, द्वेष, काम, क्रोध, लोभ, मोह, भवादि तमोगुण वृत्तिले मिश्रित होती है, जैसा कि सूत्र तीसकी व्याख्या में बतला आये हैं। किसी प्राणीकी किसी प्रकारकी हिंसा करनेके साथ-साथ हिंसक अपनी आत्मिक हिंसा करता है, अर्थात् अपने अन्तःकरण की हिंसाके क्लिष्ट संस्कारोंके मलसे दूषित करता है । इन तीनों प्रकारकी हिंसाओंमें सबसे बड़ी हिंसा आध्यात्मिक हिंसा है, जैसा कि ईशोपनिषद् - में बतलाया है -
असुर्या नाम ते लोका अन्धेन तमसाऽऽवृताः । तांस्ते प्रेत्याभिगच्छन्ति ये के चात्महनो जनाः ॥ ( ईश उ० मं० ३ )
जो कोई आत्मघाती लोग हैं ( अर्थात् अन्तःकरणको मलिन करनेवाले हैं ); वे मरकर उन लोकोंमें ( योनियोंमें ) जाते हैं जो असुरोंके लोक कहलाते हैं और घने अँधेरेसे ढके हुए है अर्थात् ज्ञानरहित मूढ़ नीच योनियों में जाते हैं ।
शरीर तथा सनकी अपेक्षा आत्मा श्रेष्ठतम है, क्योंकि शरीर और मन तो आत्माके करण (साधन) हैं, जो मनुष्यको उसके कल्याणार्थ दिये गये हैं। इसलिये हिंसक अधिक दयाका पात्र है, उसके प्रति भी द्वेप अथवा बदला लेने की भावना रखना हिंसा है। इसलिये जिसपर हिंसा की जाती है उसके तथा हिंसक दोनोंके कल्याणार्थ हिंसा-पापको हटाना चाहिये । योगीमें अहिंसाव्रतकी सिद्धिसे आत्मिक तेज इतना बढ़ जाता है कि उसकी संनिधिसे ही हिंसक हिंसाकी भावनाको त्याग देता है। मानसिक शक्तिवाले मानसिक बलसे हिंसाको हटा दें, वाचिक तथा शारीरिक शक्तिवाले जहाँतक उनका अधिकार है उस सीमातक इन शक्तियोंको हिंसाके रोकने में प्रयोग करें। शासकों तथा न्यायाधीशोंका परम कर्तव्य संसार में अहिंसाव्रतको स्थापन करना है। जिस प्रकार कोई मनुष्य मदोन्मत्त अथवा पागल होकर किसी घातक शस्त्रसे जो उसके पास शरीर-रक्षाके लिये है, अपने हो शरीरपर आघात पहुँचाने लगे तो उसके शुभचिन्तकों का यह कर्तव्य होता है कि उसके हितार्थ उसके हाथों से वह शस्त्र हरण कर ले। इसी प्रकार यदि कोई हिंसक शरीररूपी शस्त्रसे जो उसको उसकी आत्माके कल्याणार्थ दिया गया है, दूसरोंको तथा अपनी ही आत्माको हिंसारूपी आघात पहुँचा रहा है और अन्य किसी प्रकारसे उसका सुधार असम्भव हो गया है तो अहिंसा तथा उसके सहायक अन्य सब यमोंको सुव्यवस्था रखनेवाले शासकोंका परम कर्तव्य होता है कि उसके शरीरका उससे वियोग कर दें। यह कार्य अहिंसाव्रतमें बाधक नहीं है वरं अहिंसाव्रतका रक्षक और पोषक है।
पर यदि यह कार्य द्वेषादि तमोगुणी वृत्तियों अथवा बदला लेनेकी भावनासे मिश्रित है तो हिंसाकी सोमामें आ जाता है। अहिंसाके स्वरूपको इस प्रकार विवेकपूर्वक समझना चाहिये कि सत्त्वरूपी धर्म, वैराग्य और ऐश्वर्य ( श्रेष्ठ भावनाओं ) के प्रकाशमें अहिंसा तथा उसके अन्य सब सहायक यर्मोमें; और तमरूपी अधर्म, अज्ञान, अवैराग्य और अनैश्चर्य ( नीच भावनाओं) के अन्धकार में हिंसा तथा उसके
पा० मो० प्र० ४९ | अहिंसासत्यास्तेयब्रह्मचर्यापरिग्रहा यमाः होकर चमकता रहता है । स्त्रोके इस सप्तम शुद्ध अति शुद्ध सार पदार्थको रज कहते हैं । वीर्य काँचकी तरह चिकना और सफेद होता है और रज लाखकी तरह लाल होता है । इस प्रकार रससे लेकर वीर्य और रजतक छः धातुओंके पाचन करने में पाँच दिनके हिसाबसे पूरे तीस दिन लगभग चार घंटे लगते हैं। वैज्ञानिकोंने ऐसा निश्चय किया है कि चालीस सेर भोजनसे एक सेर रक्त बनता है और एक सेर रक्तसे दो तोला वीर्य बनता है। इस प्रकार एक तोला वीर्यके बराबर चालीस तोला अर्थात् आधा सेर रक्त होता है। यदि नीरोग मनुष्य सेरभर भोजन करे तो चालीस सेर भोजन चालीस दिन में होगा। अर्थात् चालीस दिनकी कमाई दो तोला वीर्य हुई । इस हिसाबसे तीस दिन अर्थात् एक महीने की कमाई डेढ़ तोला हुई। एक बार में मनुष्यका वीर्य कम-से-कम डेढ़ तोला तो निकलता ही होगा । इतने कठोर परिश्रमसे तीस दिनमें प्राप्त होनेवाली डेढ़ तोला अमूल्य अतुल दौलत एक समय में ही फूँक डालना कितनी बड़ी मूर्खता है । 'मरणं विन्दुपातेन । जोवनं विन्दुधारणम् ।। अर्थात् वीर्यका नाश ही मृत्यु है और ब्रह्मचर्य अर्थात् वीर्यको रक्षा ही जीवन है । योगियों के लिये ब्रह्मचर्यका वास्तविक स्वरूप - रयि अर्थात् अन्नके खींचनेके लिये जो प्राणोंकी आभ्यन्तर क्रिया होती है उसीका नाम भूख है, वह वृक्षों, पशु, पक्षी आदि और मनुष्यों में समान है । वृक्ष प्राणों के अनुकूल ही अन्नको खींचते हैं। यही कारण है कि विशेष विशेष वृक्ष उन विशेष स्थानोंमें जहाँ उनके अनुकूल पृथ्वी-जलादिमें परमाणु नहीं होते हैं नहीं उगते हैं। पशु आदि भी प्राणोंके अनुकूल ही अन्नको खींचते हैं, यदि मनुष्य के कुसझसे इस स्वाभाविक बुद्धिको न खो बैठे हों किंतु मनुष्य नाना प्रकारकी वासनाओंसे भ्रमित होकर इस विवेक बुद्धिको खो देता है कि किस समय प्राणको किस-किस विशेष रयि अर्थात् अन्न की आवश्यकता है। कभी-कभी प्राणों में भी कई विशेष कारणोंके अधीन होकर बाहर रयि अर्थात् अन्नकी ओर आकर्षित होने की आभ्यन्तर क्रिया होती है। यही काम-विपयवासनाके पीछे जाना है । इसके वशीभूत हो जाने से ब्रह्मचर्यका खण्डन होता है । इसलिये योगी के लिये ब्रह्मचर्यका वास्तविक स्वरूप प्राणोंपर पूरा अधिकार प्राप्त कर लेना है और प्राण आदि पञ्च वायु अन्तःकरणका सम्मिलित कार्य है । अतः अन्तःकरणपर पूरा अधिकार कर लेना आवश्यक है । यह अधिकार ब्रह्मनिष्ठा से प्राप्त होता है अर्थात् उस क्रमसे ब्रह्मनिष्ठ होना ही पूर्ण ब्रह्मचर्यका वास्तविक स्वरूप है। अधिक जानकारीके लिये सूत्र इकतीस का विशेष विचार देखें । पाँच. अपरिग्रह - धन, सम्पत्ति, भोग-सामग्री अथवा अन्य वस्तुओंको अपनी आवश्यकताओंसे अधिक केवल अपने ही भोगके लिये स्वार्थ-दृष्टि से संचय या इकट्ठा करना परिग्रह है। इससे बचना अपरिग्रह है । पर योगीके लिये तो सबसे बड़ा परिग्रह अविद्या आदिक्लेश, शरीर और चित्त आदिमें ममत्व और अहङ्कार हैं, जो सब परिग्रहके मूल कारण हैं। इसके लिये इन सब क्लेशों आदिका न रखना ही अपरिग्रहका लक्षण अभिमत है। शेष सूत्र इकतीस के विशेष विचारमें देखें । [ सूत्र इकतीस सङ्घति - इस प्रकार सामान्यरूपसे यर्मोका निरूपण करके अगले सूत्र में उनकी सबसे ऊँची अवस्था बतलात हैं - जातिदेशकालसमयानवच्छिन्नाः सार्वभौमा महाव्रतम् ॥ इकतीस ॥ शब्दार्थ - नाति-देश-काल-समय अनवच्छिन्नाः = जाति, देश, काल और समय की सीमासे रहित, सार्वभौमाः = सब अवस्थाओंमें पालन करने योग्य; महाव्रतम् = महाव्रत है अन्वयार्थ - नाति, देश, काल और समयकी हदसे रहित सर्वभूमियोंमें पालन करने योग्य यम महाव्रत कहलाते हैं । व्याख्या - जाति, देश, काल और समय की हदसे रहित होनेका यह अभिप्राय है कि इनके द्वारा हिंसा आदि यम संकुचित न किये जायँ । जातिद्वारा संकुचित - गौ आदि पशु अथवा ब्राह्मणकी हिंसा न करूँगा । देशद्वारा संकुचित - हरिद्वार, मथुरा आदि तीर्थोंमें हिंसा नहीं करूंगा । कालसे संकुचित - चतुर्दशी, एकादशी आदि तिथियों में हिंसा नहीं करूँगा । समयद्वारा संकुचित- समयका अर्थ यहाँ काल नहीं है बल्कि विशेष नियम या विशेष संकेत है। जैसे देव अथवा ब्राह्मणको प्रयोजन-सिद्धि के लिये हिंसा करूँगा अन्य प्रयोजनसे नहीं। इसी प्रकार अन्य यमोंको समझ लेना चाहिये । अर्थात् समयावच्छिन्न सत्य - प्राणहरण आदिके संकटसे अतिरिक्त मिथ्याभाषण न करूँगा । समयावच्छिन्न अग्तेय - दुर्भिक्षके अतिरिक्त चोरी न करूँगा । समयावच्छिन ब्रह्मचर्य ऋतुकालसे अन्य समयमें स्त्रीगमन न करूँगा । समयावच्छिन्न अपरिग्रह परिवार के परिपालन के लिये ही परिग्रह ग्रहण करूँगा । नत्र ये यम इस प्रकारकी संकीर्णतासे रहित सब जातियों के लिये सर्वत्र सर्वदा सर्वथा पालन किये जाते हैं, तब महाव्रत कहलाते हैं । विशेष विचार - इस सूत्रका यह भी भाव है कि यमका पालन किसी जातिविशेष, देश-विशेष, काल-विशेष या अवस्था-विशेषके मनुष्योंके लिये नहीं है; किंतु यह भूमण्डलपर रहनेवाली सभी नाति, देश, काल और अवस्थावालोंके लिये पालने योग्य है; इसीलिये ये सार्वभौम महाव्रत कहलाते हैं। इससे पूर्व के सूत्र में हमने यमका वह लक्षण किया है, जो योगियोंको अभिमत है । इस सूत्रके विशून्य विशून्य में हम उनका वह विशाल व्यापक और सामान्य स्वरूप दिखलानेका यत्न करेंगे, जिसका सम्बन्ध सम्पूर्ण मनुष्य-समाज और सारे राष्ट्रोंसे है । तीसवें सूत्रकी सङ्गतिमें बतला आये हैं कि यमोंका सम्बन्ध केवल व्यक्तियोंसे नहीं है परंतु सारे मनुष्य-समाजसे है, इसलिये सारे मनुष्य इनके पालन करने में समष्टिरूपसे परतन्त्र हैं। कोई मनुष्य चाहे वह किसी नाति, देश, काल, अवस्था, वर्णाश्रम, मत-मतान्तरका क्यों न हो, यदि उसे मनुष्य समानमें रहना है तो उसके लिये ये यम सर्वदा माननीय और पालनीय हैं। । संसार में फैली हुई भयंकर अशान्तिके नाशका केवलमात्र उपाय यमोंका यथार्थरूपसे पालन करना है । यमके अर्थ ही शासन और व्यवस्था रखनेवालेके हैं। इनके पालनसे संसारकी अवस्था ठीक रह सकती है । यह शङ्का कि क्षत्रिय शासकादि अहिंसा और गृहस्थी ब्रह्मचर्यका पालन नहीं कर सकते, यमोंको यथार्थरूपसे न समझने के कारण उत्पन्न होती है। उसके निवारणार्थ यमोंके स्वरूपको और स्पष्टरू पसे दिखलानेका यत्न करते हैं अहिंसा - जिस प्रकार सारे क्लेशोंका मूल अविद्या है, उसी प्रकार सारे यमोंका मूल अहिंसा है । हिंसा तीन प्रकारको है शारीरिक - किसी प्राणीका प्राण-हरण करना अथवा अन्य प्रकारसे शारीरिक पीड़ा पहुंचाना; मानसिक - मनको क्लेश देना; आध्यात्मिक-अन्तःकरणको मलिन करना । यह राग, द्वेष, काम, क्रोध, लोभ, मोह, भवादि तमोगुण वृत्तिले मिश्रित होती है, जैसा कि सूत्र तीसकी व्याख्या में बतला आये हैं। किसी प्राणीकी किसी प्रकारकी हिंसा करनेके साथ-साथ हिंसक अपनी आत्मिक हिंसा करता है, अर्थात् अपने अन्तःकरण की हिंसाके क्लिष्ट संस्कारोंके मलसे दूषित करता है । इन तीनों प्रकारकी हिंसाओंमें सबसे बड़ी हिंसा आध्यात्मिक हिंसा है, जैसा कि ईशोपनिषद् - में बतलाया है - असुर्या नाम ते लोका अन्धेन तमसाऽऽवृताः । तांस्ते प्रेत्याभिगच्छन्ति ये के चात्महनो जनाः ॥ जो कोई आत्मघाती लोग हैं ; वे मरकर उन लोकोंमें जाते हैं जो असुरोंके लोक कहलाते हैं और घने अँधेरेसे ढके हुए है अर्थात् ज्ञानरहित मूढ़ नीच योनियों में जाते हैं । शरीर तथा सनकी अपेक्षा आत्मा श्रेष्ठतम है, क्योंकि शरीर और मन तो आत्माके करण हैं, जो मनुष्यको उसके कल्याणार्थ दिये गये हैं। इसलिये हिंसक अधिक दयाका पात्र है, उसके प्रति भी द्वेप अथवा बदला लेने की भावना रखना हिंसा है। इसलिये जिसपर हिंसा की जाती है उसके तथा हिंसक दोनोंके कल्याणार्थ हिंसा-पापको हटाना चाहिये । योगीमें अहिंसाव्रतकी सिद्धिसे आत्मिक तेज इतना बढ़ जाता है कि उसकी संनिधिसे ही हिंसक हिंसाकी भावनाको त्याग देता है। मानसिक शक्तिवाले मानसिक बलसे हिंसाको हटा दें, वाचिक तथा शारीरिक शक्तिवाले जहाँतक उनका अधिकार है उस सीमातक इन शक्तियोंको हिंसाके रोकने में प्रयोग करें। शासकों तथा न्यायाधीशोंका परम कर्तव्य संसार में अहिंसाव्रतको स्थापन करना है। जिस प्रकार कोई मनुष्य मदोन्मत्त अथवा पागल होकर किसी घातक शस्त्रसे जो उसके पास शरीर-रक्षाके लिये है, अपने हो शरीरपर आघात पहुँचाने लगे तो उसके शुभचिन्तकों का यह कर्तव्य होता है कि उसके हितार्थ उसके हाथों से वह शस्त्र हरण कर ले। इसी प्रकार यदि कोई हिंसक शरीररूपी शस्त्रसे जो उसको उसकी आत्माके कल्याणार्थ दिया गया है, दूसरोंको तथा अपनी ही आत्माको हिंसारूपी आघात पहुँचा रहा है और अन्य किसी प्रकारसे उसका सुधार असम्भव हो गया है तो अहिंसा तथा उसके सहायक अन्य सब यमोंको सुव्यवस्था रखनेवाले शासकोंका परम कर्तव्य होता है कि उसके शरीरका उससे वियोग कर दें। यह कार्य अहिंसाव्रतमें बाधक नहीं है वरं अहिंसाव्रतका रक्षक और पोषक है। पर यदि यह कार्य द्वेषादि तमोगुणी वृत्तियों अथवा बदला लेनेकी भावनासे मिश्रित है तो हिंसाकी सोमामें आ जाता है। अहिंसाके स्वरूपको इस प्रकार विवेकपूर्वक समझना चाहिये कि सत्त्वरूपी धर्म, वैराग्य और ऐश्वर्य के प्रकाशमें अहिंसा तथा उसके अन्य सब सहायक यर्मोमें; और तमरूपी अधर्म, अज्ञान, अवैराग्य और अनैश्चर्य के अन्धकार में हिंसा तथा उसके पाशून्य मोशून्य प्रशून्य उनचास |
9 Years of PM Modi Govt Progress पीएम मोदी ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से लगभग 99 प्रतिशत गांवो तक ग्रामीण सड़क संपर्क के साथ 53000 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग जोड़े गए हैं। (फाइल फोटो)।
नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। केंद्र की मोदी सरकार ने हाल ही में अपने 9 साल पूरे किए हैं। इसको लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने भारत सरकार द्वारा 9 साल में हासिल की गई उपलब्धियों के बारे में बताया है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार ने पिछले नौ वर्षों में देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व निवेश किया गया है। आइए देश की सरकार की कामयाबियों पर एक नजर डाल लेते हैं।
कितनी बदली तस्वीर?
पीएम मोदी ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से लगभग 99 प्रतिशत गांवो तक ग्रामीण सड़क संपर्क के साथ 53000 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग जोड़े गए हैं। देश में एक्पप्रेस वे के निर्माण की गति प्रति दिन 37 किमी तक पहुंच गई है। इसके अलावा 111 जलमार्गों को राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किया गया है।
साथ ही उन्होने कहा कि भारतीय रेलवे ने भी लाइन दोहरीकरण और विद्युतीकरण के माध्यम से बड़े पैमाने पर क्षमता विस्तार देखा है और वंदे भारत एक्सप्रेस, भारत की पहली स्वदेशी सेमी हाई-स्पीड ट्रेनें, 'मेक इन इंडिया' की सफलता की एक प्रमुख कहानी है।
उन्होने कहा कि देश में 15 वंदे भारत ट्रेनें पहले से ही चालू हैं और 400 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का निर्माण अगले तीन साल में किया जाना है। पिछले नौ वर्षों में मेट्रो रेल परियोजनाएं 20 शहरों तक पहुंच चुकी हैं। वहीं, उड्डयन खंड में उड़ान परियोजना के माध्यम से इसे किफायती और सुलभ बनाने के लिए कदम उठाए गए।
पिछले 9 वर्षों में 74 नए हवाईअड्डों का निर्माण और संचालन किया गया है। पीएम मोदी ने कहा कि देश ने इस अवधि के दौरान दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल, चिनाब ब्रिज, दुनिया की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग, अटल टनल जैसे बड़े निर्माण देखे हैं। ते 9 वर्षों के अंदर सरयू नहर सिंचाई नहर, पूर्वी और पश्चिमी जैसी कई लंबे समय से लंबित परियोजनाओं और पेरिफेरल एक्सप्रेसवे आदि का भी निर्माण हुआ है।
क्या है सरकार का फ्यूचर प्लान?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में विकास गतिविधियों में तेजी लाने, एकल एकीकृत पोर्टल के माध्यम से समग्र योजना और अंतर-विभागीय समन्वय को संस्थागत बनाने के उद्देश्य से प्रधान मंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (एनएमपी) की भी घोषणा की। परियोजनाएं 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में देश की यात्रा को गति दे रही हैं।
| नौ Years of PM Modi Govt Progress पीएम मोदी ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से लगभग निन्यानवे प्रतिशत गांवो तक ग्रामीण सड़क संपर्क के साथ तिरेपन हज़ार किलोग्राममीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग जोड़े गए हैं। । नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। केंद्र की मोदी सरकार ने हाल ही में अपने नौ साल पूरे किए हैं। इसको लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने भारत सरकार द्वारा नौ साल में हासिल की गई उपलब्धियों के बारे में बताया है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार ने पिछले नौ वर्षों में देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व निवेश किया गया है। आइए देश की सरकार की कामयाबियों पर एक नजर डाल लेते हैं। कितनी बदली तस्वीर? पीएम मोदी ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से लगभग निन्यानवे प्रतिशत गांवो तक ग्रामीण सड़क संपर्क के साथ तिरेपन हज़ार किलोग्राममीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग जोड़े गए हैं। देश में एक्पप्रेस वे के निर्माण की गति प्रति दिन सैंतीस किमी तक पहुंच गई है। इसके अलावा एक सौ ग्यारह जलमार्गों को राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किया गया है। साथ ही उन्होने कहा कि भारतीय रेलवे ने भी लाइन दोहरीकरण और विद्युतीकरण के माध्यम से बड़े पैमाने पर क्षमता विस्तार देखा है और वंदे भारत एक्सप्रेस, भारत की पहली स्वदेशी सेमी हाई-स्पीड ट्रेनें, 'मेक इन इंडिया' की सफलता की एक प्रमुख कहानी है। उन्होने कहा कि देश में पंद्रह वंदे भारत ट्रेनें पहले से ही चालू हैं और चार सौ वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का निर्माण अगले तीन साल में किया जाना है। पिछले नौ वर्षों में मेट्रो रेल परियोजनाएं बीस शहरों तक पहुंच चुकी हैं। वहीं, उड्डयन खंड में उड़ान परियोजना के माध्यम से इसे किफायती और सुलभ बनाने के लिए कदम उठाए गए। पिछले नौ वर्षों में चौहत्तर नए हवाईअड्डों का निर्माण और संचालन किया गया है। पीएम मोदी ने कहा कि देश ने इस अवधि के दौरान दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल, चिनाब ब्रिज, दुनिया की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग, अटल टनल जैसे बड़े निर्माण देखे हैं। ते नौ वर्षों के अंदर सरयू नहर सिंचाई नहर, पूर्वी और पश्चिमी जैसी कई लंबे समय से लंबित परियोजनाओं और पेरिफेरल एक्सप्रेसवे आदि का भी निर्माण हुआ है। क्या है सरकार का फ्यूचर प्लान? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में विकास गतिविधियों में तेजी लाने, एकल एकीकृत पोर्टल के माध्यम से समग्र योजना और अंतर-विभागीय समन्वय को संस्थागत बनाने के उद्देश्य से प्रधान मंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान की भी घोषणा की। परियोजनाएं दो हज़ार सैंतालीस तक एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में देश की यात्रा को गति दे रही हैं। |
खबर के अनुसार राज्य सरकार रिटायर कर चुके राजपत्रित और अराजपत्रित कर्मियों की सेवा अगले एक साल के लिए संविदा पर लेगी। इन कर्मियों को वेतन भी दिया जायेगा। इसको लेकर सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा दिशा निर्देश भी जारी कर दिया गया हैं।
मीडिया रिपोट की मानें तो रिटायर कर्मियों को उन्ही पदों पर नियुक्त किया जा सकेगा, जिस पद पर रहकर सरकारी सेवक रिटायर किये हैं। इससे उन्हें काम करने में कोई परेशानी नहीं होगी और उन्हें ना ही किसी ट्रेनिंग की ज़रूरत होगी।
बता दें की अप्रैल 2020 के बाद बिहार में बड़ी संख्या में कर्मी रिटायर हुए हैं। इन कर्मियों को एक बार फिर से संविदा पर नौकरी करने का मौका मिलेगा। सरकार के इस फैसले से इन कर्मियों को कई तरह के आर्थिक लाभ भी प्राप्त होगा।
| खबर के अनुसार राज्य सरकार रिटायर कर चुके राजपत्रित और अराजपत्रित कर्मियों की सेवा अगले एक साल के लिए संविदा पर लेगी। इन कर्मियों को वेतन भी दिया जायेगा। इसको लेकर सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा दिशा निर्देश भी जारी कर दिया गया हैं। मीडिया रिपोट की मानें तो रिटायर कर्मियों को उन्ही पदों पर नियुक्त किया जा सकेगा, जिस पद पर रहकर सरकारी सेवक रिटायर किये हैं। इससे उन्हें काम करने में कोई परेशानी नहीं होगी और उन्हें ना ही किसी ट्रेनिंग की ज़रूरत होगी। बता दें की अप्रैल दो हज़ार बीस के बाद बिहार में बड़ी संख्या में कर्मी रिटायर हुए हैं। इन कर्मियों को एक बार फिर से संविदा पर नौकरी करने का मौका मिलेगा। सरकार के इस फैसले से इन कर्मियों को कई तरह के आर्थिक लाभ भी प्राप्त होगा। |
2014 आम चुनावः क्या राजनीतिक हाशिए पर हैं 20 करोड़ दलित?
भारत में 2011 की जनगणना के मुताबिक़ दलितों की संख्या 20. 14 करोड़ है. यानी जनसंख्या के मामले में वो दुनिया के सिर्फ़ पांच देशों से पीछे हैं. फिर भी उनके मुद्दे सियासी चर्चा और चुनावी वादों में ज़्यादा नहीं दिख रहे हैं.
मौजूदा आम चुनाव बेशक कुछ सियासी चेहरों के इर्द गिर्द सिमट गया है लेकिन इस बीच भ्रष्टाचार, महंगाई, बेरोज़गारी, महिलाओं की सुरक्षा, विकास और सुशासन जैसे शब्द भी बार-बार सुनाई पड़ रहे हैं.
लेकिन क्या जाति के आधार पर होने वाले भेदभाव को ख़त्म करना टीवी पर होने वाली चुनावी बहसों और राजनीतिक घोषणापत्रों का हिस्सा है.
इसी भेदभाव को दलित अपने सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक उत्थान और विकास के लिए सबसे बड़ी बाधा मानते हैं.
दिल्ली के जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफ़ेसर विवेक कुमार कहते हैं कि दलित एजेंडा भारतीय राजनीति के फ़लक से बीते दस साल में ग़ायब हो गया है.
उन चमकते सितारों की कहानी जिन्हें दुनिया अभी और देखना और सुनना चाहती थी.
20 करोड़ की आबादी और लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में आरक्षित 15 प्रतिशत सीटों पर चुने जाने वाले सदस्य किसी भी राजनीतिक पार्टी का भाग्य बदल सकते हैं, बावजूद इसके दलितों का बड़ा तबक़ा अपना भाग्य नहीं बदल पाया है.
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया कहते हैं कि दलितों को आगे बढ़ाने के लिए किए गए प्रयासों के बावजूद उनकी बुनियादी समस्याएं अब भी बनी हुई हैं.
पुनिया कहते हैं कि कुछ समय पहले जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राष्ट्रीय एकता परिषद की बैठक में कहा कि सामाजिक और आर्थिक ग़ैर-बराबरी भारत के लिए चुनौती है तो पुनिया ने उन्हें याद दिलाया कि ठीक यही शब्द डॉ. अम्बेडकर ने 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा की बैठक में कहे थे.
तो फिर बदला क्या. हाल ही में भाजपा में शामिल हुए दलित नेता उदित राज कहते हैं कि दलितों और पिछड़ों की ज़िंदगी में जो भी बदलाव आए हैं, वो सिर्फ़ आरक्षण की वजह से हैं.
'शून्य भागीदारी'
उदित राज के अनुसार कभी-कभार ही सामान्य सीट से कोई दलित या अनुसूचित जाति का उम्मीदवार चुन कर आता है. उनका कहना है कि राजनीति और सरकारी नौकरियों को छोड़ दें तो अन्य अहम क्षेत्रों में दलितो की भागीदार लगभग शून्य है.
वहीं पुनिया कहते हैं कि कांग्रेस ने चूंकि सबसे ज़्यादा समय तक राज किया है, इसलिए जो भी दलितों के लिए अब तक काम हुए हैं, उनका श्रेय कांग्रेस को जाता है. वो यूपीए के दौर में रोज़गार गारंटी योजना, खाद्य सुरक्षा योजना, आवास योजना और स्वास्थ्य योजना समेत ग़रीबों के लिए चलने वाली कई योजनाएं गिनाते हैं.
लेकिन इस बात से वो भी इनकार नहीं करते कि दलितों की मौजूदा स्थिति से संतुष्ट नहीं हुआ जा सकता है.
ये बात सही है कि आरक्षण के फ़ायदों से दलितों में भी एक संपन्न तबक़ा पैदा हुआ है जिसे क्रीमी लेयर का नाम दिया जाता है. लेकिन आरक्षण का फ़ायदा समूचे वर्ग को न मिलकर कुछ ही जातियों तक सीमित रहा है.
आज़ादी के बाद से दलितों में लगातार राजनीतिक चेतना बढ़ी है, जिसका सबसे बड़ा श्रेय डॉ. अंबेडकर को जाता है. अंबेडकर सामाजिक व्यवस्था में बदलाव के लिए सत्ता में हिस्सेदारी के पैरोकार थे. निर्विवाद रूप से आधुनिक दौर में डॉ. अंबेडकर दलितों के सबसे बड़े नेता हैं.
मौजूदा दौर की चुनावी राजनीति में दलित बड़े वोट बैंक के रूप में हर पार्टी के लिए आकर्षण का केंद्र हैं. बावजूद उसके दलित एजेंडा राजनीति से ग़ायब क्यों है.
दूसरी तरफ़ कांग्रेस में पीएल पुनिया के अलावा मीरा कुमार, सुशील कुमार शिंदे, कुमारी शैलजा और मुकुल वासनिक जैसे नेता पार्टी का चेहरा हैं. लेकिन दलित राजनीति का सबसे मुखर और लोकप्रिय नाम इस समय मायावती हैं.
फिर भी इन सभी नेताओं में कोई ऐसा अकेला नाम नहीं है जिसके साथ पूरे देश के दलित ख़ुद को जोड़ते हों.
इतने बड़े समुदाय की ये निराशा और उसकी मौजूदा सामाजिक और आर्थिक स्थिति कई सवाल उठाते हैं जो उनसे जुड़े हैं राजनीति से लेकर सामाजिक सरोकारों तक. बीबीसी की इस विशेष सीरीज़ में हम कोशिश करेंगे इन सवालों के जवाब तलाशने की. आप बने रहें हमारे साथ.
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| दो हज़ार चौदह आम चुनावः क्या राजनीतिक हाशिए पर हैं बीस करोड़ दलित? भारत में दो हज़ार ग्यारह की जनगणना के मुताबिक़ दलितों की संख्या बीस. चौदह करोड़ है. यानी जनसंख्या के मामले में वो दुनिया के सिर्फ़ पांच देशों से पीछे हैं. फिर भी उनके मुद्दे सियासी चर्चा और चुनावी वादों में ज़्यादा नहीं दिख रहे हैं. मौजूदा आम चुनाव बेशक कुछ सियासी चेहरों के इर्द गिर्द सिमट गया है लेकिन इस बीच भ्रष्टाचार, महंगाई, बेरोज़गारी, महिलाओं की सुरक्षा, विकास और सुशासन जैसे शब्द भी बार-बार सुनाई पड़ रहे हैं. लेकिन क्या जाति के आधार पर होने वाले भेदभाव को ख़त्म करना टीवी पर होने वाली चुनावी बहसों और राजनीतिक घोषणापत्रों का हिस्सा है. इसी भेदभाव को दलित अपने सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक उत्थान और विकास के लिए सबसे बड़ी बाधा मानते हैं. दिल्ली के जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफ़ेसर विवेक कुमार कहते हैं कि दलित एजेंडा भारतीय राजनीति के फ़लक से बीते दस साल में ग़ायब हो गया है. उन चमकते सितारों की कहानी जिन्हें दुनिया अभी और देखना और सुनना चाहती थी. बीस करोड़ की आबादी और लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में आरक्षित पंद्रह प्रतिशत सीटों पर चुने जाने वाले सदस्य किसी भी राजनीतिक पार्टी का भाग्य बदल सकते हैं, बावजूद इसके दलितों का बड़ा तबक़ा अपना भाग्य नहीं बदल पाया है. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया कहते हैं कि दलितों को आगे बढ़ाने के लिए किए गए प्रयासों के बावजूद उनकी बुनियादी समस्याएं अब भी बनी हुई हैं. पुनिया कहते हैं कि कुछ समय पहले जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राष्ट्रीय एकता परिषद की बैठक में कहा कि सामाजिक और आर्थिक ग़ैर-बराबरी भारत के लिए चुनौती है तो पुनिया ने उन्हें याद दिलाया कि ठीक यही शब्द डॉ. अम्बेडकर ने छब्बीस नवंबर एक हज़ार नौ सौ उनचास को संविधान सभा की बैठक में कहे थे. तो फिर बदला क्या. हाल ही में भाजपा में शामिल हुए दलित नेता उदित राज कहते हैं कि दलितों और पिछड़ों की ज़िंदगी में जो भी बदलाव आए हैं, वो सिर्फ़ आरक्षण की वजह से हैं. 'शून्य भागीदारी' उदित राज के अनुसार कभी-कभार ही सामान्य सीट से कोई दलित या अनुसूचित जाति का उम्मीदवार चुन कर आता है. उनका कहना है कि राजनीति और सरकारी नौकरियों को छोड़ दें तो अन्य अहम क्षेत्रों में दलितो की भागीदार लगभग शून्य है. वहीं पुनिया कहते हैं कि कांग्रेस ने चूंकि सबसे ज़्यादा समय तक राज किया है, इसलिए जो भी दलितों के लिए अब तक काम हुए हैं, उनका श्रेय कांग्रेस को जाता है. वो यूपीए के दौर में रोज़गार गारंटी योजना, खाद्य सुरक्षा योजना, आवास योजना और स्वास्थ्य योजना समेत ग़रीबों के लिए चलने वाली कई योजनाएं गिनाते हैं. लेकिन इस बात से वो भी इनकार नहीं करते कि दलितों की मौजूदा स्थिति से संतुष्ट नहीं हुआ जा सकता है. ये बात सही है कि आरक्षण के फ़ायदों से दलितों में भी एक संपन्न तबक़ा पैदा हुआ है जिसे क्रीमी लेयर का नाम दिया जाता है. लेकिन आरक्षण का फ़ायदा समूचे वर्ग को न मिलकर कुछ ही जातियों तक सीमित रहा है. आज़ादी के बाद से दलितों में लगातार राजनीतिक चेतना बढ़ी है, जिसका सबसे बड़ा श्रेय डॉ. अंबेडकर को जाता है. अंबेडकर सामाजिक व्यवस्था में बदलाव के लिए सत्ता में हिस्सेदारी के पैरोकार थे. निर्विवाद रूप से आधुनिक दौर में डॉ. अंबेडकर दलितों के सबसे बड़े नेता हैं. मौजूदा दौर की चुनावी राजनीति में दलित बड़े वोट बैंक के रूप में हर पार्टी के लिए आकर्षण का केंद्र हैं. बावजूद उसके दलित एजेंडा राजनीति से ग़ायब क्यों है. दूसरी तरफ़ कांग्रेस में पीएल पुनिया के अलावा मीरा कुमार, सुशील कुमार शिंदे, कुमारी शैलजा और मुकुल वासनिक जैसे नेता पार्टी का चेहरा हैं. लेकिन दलित राजनीति का सबसे मुखर और लोकप्रिय नाम इस समय मायावती हैं. फिर भी इन सभी नेताओं में कोई ऐसा अकेला नाम नहीं है जिसके साथ पूरे देश के दलित ख़ुद को जोड़ते हों. इतने बड़े समुदाय की ये निराशा और उसकी मौजूदा सामाजिक और आर्थिक स्थिति कई सवाल उठाते हैं जो उनसे जुड़े हैं राजनीति से लेकर सामाजिक सरोकारों तक. बीबीसी की इस विशेष सीरीज़ में हम कोशिश करेंगे इन सवालों के जवाब तलाशने की. आप बने रहें हमारे साथ. |
How to earn money from youtube Videos: आज के इस डिजिटल युग में यूट्यूब एक बड़ा वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म बन चुका है। यूट्यूब पर एक बड़ा दर्शक वर्ग है। ऐसे में दुनियाभर में कई लोग यूट्यूब पर वीडियो बनाकर लाखों रुपये की कमाई हर महीने कर रहे हैं। अगर आप भी यूट्यूब को इनकम सोर्स के रूप में देख रहे हैं और उस पर वीडियो बनाकर हर महीने लाखों रुपये की कमाई करना चाहते हैं। इसी कड़ी में आज हम आपको उन खास टिप्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी मदद लेकर आप अपने यूट्यूब चैनल को अच्छे से ग्रो करके उससे बड़े पैमाने पर इनकम कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए आपको कई जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा। आपको नियमित तौर पर यूट्यूब पर वीडियो बनाकर अपलोड करना है। शुरुआत में आपको काफी मेहनत करनी होगी। उसके बाद धीरे-धीरे आपका यूट्यूब चैनल ग्रो होने लगेगा। इसी सिलसिले में आइए जानते हैं उन टिप्स के बारे में जिनको फॉलो करके आप भी अपने यूट्यूब चैनल को ग्रो करके लाखों रुपये की कमाई कर सकते हैं।
यूट्यूब पर वीडियो बनाने के लिए सबसे पहले आपको एक विषय का चयन करना है। आप अपनी पसंद के मुताबिक किसी एक विषय का चयन कर सकते हैं। इसके बाद आपको वीडियो बनाना शुरू करना है। कोशिश करें की वीडियो बनाते वक्त में उसमें अच्छे ग्राफिक्स और बैकग्राउंड में अच्छे म्यूजिक का इस्तेमाल करें।
इनका इस्तेमाल करने पर आपका वीडियो ज्यादा प्रभावशाली बनेगा। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा लोग आपके वीडियो को देखना पसंद करेंगे। इसके अलावा आपको अपने यूट्यूब अकाउंट पर नियमित तौर पर वीडियो बनाकर डालते रहना है। नियमित वीडियो को अपलोड करने पर आपके चैनल की ग्रोथ अच्छी होगी और यूट्यूब भी आपके वीडियो को ज्यादा से ज्यादा लोगों को रिकमंड करेगा।
एक बार अच्छी मात्रा में जब आपके पास सब्सक्राइबर और दर्शकों की संख्या आने लगेगी। इस स्थिति में आपको अपने यूट्यूब अकाउंट को मोनेटाइज कराना है। इसके बाद धीरे धीरे आपके व्यूअरशिप का दायरा बढ़ने लगेगा। इस स्थिति में ज्यादा से ज्यादा लोग आपके साथ जुड़ने लगेंगे।
कुछ समय बाद आपके पास अच्छी मात्रा में यूट्यूब से इनकम आने लगेगी। इनकम आने के बाद भी आपको अपने वीडियो के कंटेंट क्वालिटी को अपग्रेड करते रहना है। इससे और भी ज्यादा व्यूअर्स और सब्सक्राइबर आपके यूट्यूब अकाउंट के साथ जुड़ेंगे। धीरे धीरे एक समय ऐसा आएगा जब आप अपने यूट्यूब अकाउंट से हर महीने लाखों रुपये की कमाई कर सकेंगे।
| How to earn money from youtube Videos: आज के इस डिजिटल युग में यूट्यूब एक बड़ा वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म बन चुका है। यूट्यूब पर एक बड़ा दर्शक वर्ग है। ऐसे में दुनियाभर में कई लोग यूट्यूब पर वीडियो बनाकर लाखों रुपये की कमाई हर महीने कर रहे हैं। अगर आप भी यूट्यूब को इनकम सोर्स के रूप में देख रहे हैं और उस पर वीडियो बनाकर हर महीने लाखों रुपये की कमाई करना चाहते हैं। इसी कड़ी में आज हम आपको उन खास टिप्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी मदद लेकर आप अपने यूट्यूब चैनल को अच्छे से ग्रो करके उससे बड़े पैमाने पर इनकम कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए आपको कई जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा। आपको नियमित तौर पर यूट्यूब पर वीडियो बनाकर अपलोड करना है। शुरुआत में आपको काफी मेहनत करनी होगी। उसके बाद धीरे-धीरे आपका यूट्यूब चैनल ग्रो होने लगेगा। इसी सिलसिले में आइए जानते हैं उन टिप्स के बारे में जिनको फॉलो करके आप भी अपने यूट्यूब चैनल को ग्रो करके लाखों रुपये की कमाई कर सकते हैं। यूट्यूब पर वीडियो बनाने के लिए सबसे पहले आपको एक विषय का चयन करना है। आप अपनी पसंद के मुताबिक किसी एक विषय का चयन कर सकते हैं। इसके बाद आपको वीडियो बनाना शुरू करना है। कोशिश करें की वीडियो बनाते वक्त में उसमें अच्छे ग्राफिक्स और बैकग्राउंड में अच्छे म्यूजिक का इस्तेमाल करें। इनका इस्तेमाल करने पर आपका वीडियो ज्यादा प्रभावशाली बनेगा। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा लोग आपके वीडियो को देखना पसंद करेंगे। इसके अलावा आपको अपने यूट्यूब अकाउंट पर नियमित तौर पर वीडियो बनाकर डालते रहना है। नियमित वीडियो को अपलोड करने पर आपके चैनल की ग्रोथ अच्छी होगी और यूट्यूब भी आपके वीडियो को ज्यादा से ज्यादा लोगों को रिकमंड करेगा। एक बार अच्छी मात्रा में जब आपके पास सब्सक्राइबर और दर्शकों की संख्या आने लगेगी। इस स्थिति में आपको अपने यूट्यूब अकाउंट को मोनेटाइज कराना है। इसके बाद धीरे धीरे आपके व्यूअरशिप का दायरा बढ़ने लगेगा। इस स्थिति में ज्यादा से ज्यादा लोग आपके साथ जुड़ने लगेंगे। कुछ समय बाद आपके पास अच्छी मात्रा में यूट्यूब से इनकम आने लगेगी। इनकम आने के बाद भी आपको अपने वीडियो के कंटेंट क्वालिटी को अपग्रेड करते रहना है। इससे और भी ज्यादा व्यूअर्स और सब्सक्राइबर आपके यूट्यूब अकाउंट के साथ जुड़ेंगे। धीरे धीरे एक समय ऐसा आएगा जब आप अपने यूट्यूब अकाउंट से हर महीने लाखों रुपये की कमाई कर सकेंगे। |
कालीमठ मंदिर की सबसे खास बात यह है कि इसमें कोई मूर्ति नहीं है। मंदिर के अंदर एक कुंडी बनी हुई है जिसकी भक्त पूजा करते है। यह कुंड रजतपट श्री यंत्र से ढका हुआ है। केवल पूरे साल में शारदा नावरात्री में अष्ट नवमी के दिन इस कुंड को खोला जाता है और बाहर लाया जाता है। उस कुंड की पूजा केवल मध्यरात्रि में की जाती है। पूजा के लिए केवल पूजारी ही मौजूद रहते है।
कालीमंठ मंदिर विंध्याचल की मां कामख्या और जालंधर की ज्वाला मां के समान ध्यान और तंत्र के लिए अत्यंत ही उच्च कोटि का कहा जाता है।
मान्यता के अनुसार कालीमठ मंदिर सबसे ताकतवर मंदिरों में से एक माना जाता है। यह केवल ऐसी जगह जहां माता काली अपनी बहनों मां लक्ष्मी और मां सरस्वती के साथ स्थित है।
स्कंद पुराण में केदारखंड के 62 अध्याय में मां के इस मंदिर का वर्णन है। इस मंदिर की स्थापना शंकराचार्य ने की थी। यहां मां काली ने रक्तबीज राक्षस का संहार किया था। इसके बाद देवी मां इसी जगह पर अंर्तध्यान हो गई थीं। आज भी यहां पर रक्तशिला, मातंगशिला व चंद्रशिला स्थित है। उत्तराखंड का ये वो शक्तिपीठ है, जिसकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती।
कालीमठ मंदिर से 8 किलोमीटर की खड़ी ऊंचाई पर एक दिव्य शिला है जिसे कालीशिला के नाम से जाना जाता है। यहां इस शिला में आज भी देवी काली के पैरों के निशान मौजूद हैं। कालीशीला में देवी के 64 यन्त्र है। मां दुर्गा को इन्ही 64 यंत्रो से शक्ति मिली थी। कहा जाता है कि इस जगह पर 64 योगिनिया विचरण करती रहती हैं।
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क्या आप जानते है इस ज्योतिर्लिंग से जुड़ी विशेष मान्यताएं ?
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सूर्या अभिनीत कांगुवाः ए माइटी वैलिएंट सागा वर्तमान में दुनिया भर में ट्रेंड कर रही है, क्योंकि फिल्म के निर्माताओं ने अभिनेता के जन्मदिन पर एक रोमांचक क्लिप जारी की है। यह फिल्म शिवा द्वारा निर्देशित एक पीरियड-एक्शन ड्रामा है और कथित तौर पर अब तक की पांचवीं सबसे महंगी भारतीय फिल्म है।
कांगुवा का खर्च चौंका देने वाला 350 करोड़ रुपये है। यह फिल्म 2डी और 3डी दोनों में बनाई जाएगी और संभवतः 2024 की पहली छमाही में रिलीज होगी।
सूर्या इस बहुप्रतीक्षित पीरियड फिल्म में पांच अलग-अलग किरदार निभाएंगेः अराथर, वेंकटेर, मंडनकर, मुकातर, और पेरुमनाथर। आदि नारायण ने इस एक्शन-ड्रामा की पटकथा लिखी, जिसका निर्देशन शिव ने किया था।
T2BLive.com के अनुसार, वीडियो-शेयरिंग वेबसाइट यूट्यूब पर प्रकाशन के एक दिन के भीतर, सूर्या की कांगुवा झलक को 685.9 K लाइक और लगभग 20.77 M व्यूज मिले, जिससे यह अब तक की तीसरी सबसे अच्छी स्थिति में है।
Views - 20.77M(ALL TIME Top 3)
कंगुवा को चेन्नई, गोवा, केरल और कोडाइकनाल में विस्तृत सेटों और लोकेशन पर फिल्माया गया है। मूल रूप से अप्रैल 2019 में अनंतिम शीर्षक सुरिया 39 के तहत घोषित किया गया था, तब से इस परियोजना का नाम बदल दिया गया है। जनवरी 2021 में, तैयारी का काम शुरू हुआ। शिवा ने अन्नात्थे का निर्देशन करना शुरू कर दिया, और सूर्या को सोरारई पोट्रू का काम मिल गया, जिससे उत्पादन में देरी हुई।
सूर्या की इस फिल्म में दिशा पटानी, बॉबी देओल, योगी बाबू, रेडिन किंग्सले, कोवई सरला, आनंदराज, रवि राघवेंद्र, केएस रवि कुमार, जगपति बाबू, नटराजन सुब्रमण्यम और बीएस अविनाश सहित अन्य ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं।
केई ज्ञानवेल राजा, वी वामसी कृष्णा रेड्डी और प्रमोद उप्पलपति स्टूडियो ग्रीन और यूवी क्रिएशन्स बैनर के तहत फिल्म का निर्माण कर रहे हैं। वेट्री पलानीसामी सिनेमैटोग्राफी के लिए जिम्मेदार हैं और निषाध यूसुफ फिल्म के संपादक हैं। देवी श्री प्रसाद फिल्म के लिए संपूर्ण साउंडट्रैक तैयार कर रहे हैं, जिसमें बैकग्राउंड स्कोर और धुनें शामिल हैं।
| सूर्या अभिनीत कांगुवाः ए माइटी वैलिएंट सागा वर्तमान में दुनिया भर में ट्रेंड कर रही है, क्योंकि फिल्म के निर्माताओं ने अभिनेता के जन्मदिन पर एक रोमांचक क्लिप जारी की है। यह फिल्म शिवा द्वारा निर्देशित एक पीरियड-एक्शन ड्रामा है और कथित तौर पर अब तक की पांचवीं सबसे महंगी भारतीय फिल्म है। कांगुवा का खर्च चौंका देने वाला तीन सौ पचास करोड़ रुपये है। यह फिल्म दोडी और तीनडी दोनों में बनाई जाएगी और संभवतः दो हज़ार चौबीस की पहली छमाही में रिलीज होगी। सूर्या इस बहुप्रतीक्षित पीरियड फिल्म में पांच अलग-अलग किरदार निभाएंगेः अराथर, वेंकटेर, मंडनकर, मुकातर, और पेरुमनाथर। आदि नारायण ने इस एक्शन-ड्रामा की पटकथा लिखी, जिसका निर्देशन शिव ने किया था। TदोBLive.com के अनुसार, वीडियो-शेयरिंग वेबसाइट यूट्यूब पर प्रकाशन के एक दिन के भीतर, सूर्या की कांगुवा झलक को छः सौ पचासी दशमलव नौ केल्विन लाइक और लगभग बीस.सतहत्तर M व्यूज मिले, जिससे यह अब तक की तीसरी सबसे अच्छी स्थिति में है। Views - बीस.सतहत्तरM कंगुवा को चेन्नई, गोवा, केरल और कोडाइकनाल में विस्तृत सेटों और लोकेशन पर फिल्माया गया है। मूल रूप से अप्रैल दो हज़ार उन्नीस में अनंतिम शीर्षक सुरिया उनतालीस के तहत घोषित किया गया था, तब से इस परियोजना का नाम बदल दिया गया है। जनवरी दो हज़ार इक्कीस में, तैयारी का काम शुरू हुआ। शिवा ने अन्नात्थे का निर्देशन करना शुरू कर दिया, और सूर्या को सोरारई पोट्रू का काम मिल गया, जिससे उत्पादन में देरी हुई। सूर्या की इस फिल्म में दिशा पटानी, बॉबी देओल, योगी बाबू, रेडिन किंग्सले, कोवई सरला, आनंदराज, रवि राघवेंद्र, केएस रवि कुमार, जगपति बाबू, नटराजन सुब्रमण्यम और बीएस अविनाश सहित अन्य ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। केई ज्ञानवेल राजा, वी वामसी कृष्णा रेड्डी और प्रमोद उप्पलपति स्टूडियो ग्रीन और यूवी क्रिएशन्स बैनर के तहत फिल्म का निर्माण कर रहे हैं। वेट्री पलानीसामी सिनेमैटोग्राफी के लिए जिम्मेदार हैं और निषाध यूसुफ फिल्म के संपादक हैं। देवी श्री प्रसाद फिल्म के लिए संपूर्ण साउंडट्रैक तैयार कर रहे हैं, जिसमें बैकग्राउंड स्कोर और धुनें शामिल हैं। |
Turkey Devastating Earthquake: इन दिनों तुर्किए- सीरिया की त्रासदी थमने का नाम नहीं ले रही है वहीं पर 6 फरवरी को आए विनाशकारी भूकंप से अब तक 28000 लोगों की जान चली गई है। ऐसे में देश के साथ सभी देश खड़े है तो वहीं पर लोगों को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में तबाही के मंजर से मलबे से जीवित निकलने के चमत्कारी दृश्य भी सामने आ रहे हैं।
यहां पर तुर्किए बचाव कार्य में रोज कई लोगों की लाशे तो कई लोगों को जिंदा निकाला जा रहा है ऐसे में ही बचाव कार्य के दौरान 'जाको राखे साइयां मार सके ना कोई' वाली कहावत भी सच साबित हो रही है. सैकड़ों टन वजनी मलबे में जिंदा रह पाने के कई चमत्कारिक दृश्य सामने आ रहे हैं. तुर्की के हटे (Hatay) में शनिवार को मलबे के नीचे से एक दो महीने के बच्चे को निकाला गया. भीड़ ने इस बच्चे के लिए तालियां बजाईं और इसे बचा पाने की खुशी चेहरे पर दिखी. भूकंप के करीब 128 घंटे बाद बच्चा जिंदा मिला था। भूकंप के पांच दिन बाद बचाए गए लोगों में दो साल की एक बच्ची, छह महीने की गर्भवती महिला और 70 साल की एक महिला भी शामिल हैं. तुर्किए में भीषण भूकंप के बाद हालात बदतर होते जा रहे हैं।
आपको बताते चलें कि, तुर्किए और सीरिया में भारत समेत दुनियाभर के बचावकर्मियों का दल राहत कार्य में जुटा हुआ है जहां पर भूकंप के बाद से ठंड का मौसम बन गया है वहीं पर ठंड के मौसम के बावजूद हजारों बचावकर्मी अभी भी कई इलाकों में छानबीन कर रहे हैं. इस भीषण आपदा में लाखों की संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं और उन्हें अब सहायता की सख्त जरूरत है।
| Turkey Devastating Earthquake: इन दिनों तुर्किए- सीरिया की त्रासदी थमने का नाम नहीं ले रही है वहीं पर छः फरवरी को आए विनाशकारी भूकंप से अब तक अट्ठाईस हज़ार लोगों की जान चली गई है। ऐसे में देश के साथ सभी देश खड़े है तो वहीं पर लोगों को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में तबाही के मंजर से मलबे से जीवित निकलने के चमत्कारी दृश्य भी सामने आ रहे हैं। यहां पर तुर्किए बचाव कार्य में रोज कई लोगों की लाशे तो कई लोगों को जिंदा निकाला जा रहा है ऐसे में ही बचाव कार्य के दौरान 'जाको राखे साइयां मार सके ना कोई' वाली कहावत भी सच साबित हो रही है. सैकड़ों टन वजनी मलबे में जिंदा रह पाने के कई चमत्कारिक दृश्य सामने आ रहे हैं. तुर्की के हटे में शनिवार को मलबे के नीचे से एक दो महीने के बच्चे को निकाला गया. भीड़ ने इस बच्चे के लिए तालियां बजाईं और इसे बचा पाने की खुशी चेहरे पर दिखी. भूकंप के करीब एक सौ अट्ठाईस घंटाटे बाद बच्चा जिंदा मिला था। भूकंप के पांच दिन बाद बचाए गए लोगों में दो साल की एक बच्ची, छह महीने की गर्भवती महिला और सत्तर साल की एक महिला भी शामिल हैं. तुर्किए में भीषण भूकंप के बाद हालात बदतर होते जा रहे हैं। आपको बताते चलें कि, तुर्किए और सीरिया में भारत समेत दुनियाभर के बचावकर्मियों का दल राहत कार्य में जुटा हुआ है जहां पर भूकंप के बाद से ठंड का मौसम बन गया है वहीं पर ठंड के मौसम के बावजूद हजारों बचावकर्मी अभी भी कई इलाकों में छानबीन कर रहे हैं. इस भीषण आपदा में लाखों की संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं और उन्हें अब सहायता की सख्त जरूरत है। |
WWE के इस साल के सबसे बड़े इवेंट रेसलमेनिया 36 पर सबकी निगाह टिक गई हैं। WWE इस बार इवेंट को यादगार बनाने को लेकर किसी भी तरह की कोई भी कमी नहीं छोड़ना चाहता हैं। इसी कारण से कंपनी ने रॉयल रंबल की बुकिंग को लेकर काफी ज्यादा सतर्क थी। इस बार मेंस रॉयल रंबल में जीत ड्रू मैकइंटायर ने हासिल की थी। जिसके बाद उन्होंने WWE चैंपियनशिप मैच के लिए ब्रॉक लैसनर को चैलेंज किया हिया। उनके इस चैलेंज के बाद से उम्मीद की जा रही है कि कंपनी इस बार इवेंट में कई यादगार मैचों को बुक कर सकती हैं। हालांकि कंपनी इससे पहले कई हैरान कर देने वाली बुकिंग भी कर चुकी हैं। तो आइये जानते है रेसलमेनिया के इतिहास के 5 सबसे ख़राब मैच के बारें मेंः
#5 जॉन सीना vs द रॉक (रेसलमेनिया 29)
जॉन सीना पीजी एरा के सबसे बड़े स्टार के रूप में देखे जाते हैं। वहीं रॉक भी कंपनी के सबसे फेमस Attitude एरा के सबसे बड़े स्टार के रूप में देखा जाता है। इसी वजह से ये दोनों ही स्टार्स रेसलमेनिया में 28 के एक-दूसरे के आमने-सामने थे। जिसमे सीना को हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि इस मैच के बाद भी कंपनी ने इन दोनों ही स्टार्स को एक बार फिर से रेसलमेनिया 29 के लिए बुक किया था।
इस मैच को लेकर फैंस काफी ज्यादा हैरान थे, क्योंकि कंपनी इससे पहले भी इन दोनों को मेन इवेंट के लिए बुक कर चुकी थी। ये दोनों ही स्टार्स रेसलमेनिया 29 में भी एक-दूसरे के आमने-सामने थे। इस मैच में सीना ने रॉक को हराकर WWE चैंपियनशिप अपने नाम की थी हालांकि ये मैच कभी भी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया।
#4 अंडरटेकर VS रोमन रेंस (रेसलमेनिया 33)
रोमन रेंस कंपनी के उन स्टार्स में से एक हैं, जिन्होंने अंडरटेकर को रेसलमेनिया में हराया हैं। ये दोनों ही स्टार्स रेसलमेनिया 33 के मेन इवेंट के एक-दूसरे के आमने-सामने थे। इस मैच में अंडरटेकर पर उनकी उम्र का असर साफ़ देखने को मिल रहा था। वो पूरे मैच में काफी ज्यादा कमजोर नजर आ रहे थे, लेकिन रोमन रेंस ने इस मैच को यादगार बनाने की कोशिश की थी लेकिन वो इसमें सफल नहीं हो सके। ये मैच अंडरटेकर के रेसलमेनिया रन के सबसे कमजोर मैचों में से एक था।
#3 ब्रॉक लैसनर Vs गोल्डबर्ग (रेसलमेनिया 33)
गोल्डबर्ग ने 13 साल बाद रेसलमेनिया में लैसनर के खिलाफ ही वापसी की थी। मगर रिंग से काफी समय से दूर होने की वजह से वो इस मैच को कुछ ख़ास नहीं बना सके। उनके इस मैच में अपने सिर्फ दो-तीन ही ट्रेडमार्क मूव किये थे। हालांकि वो इस मैच में उन्हें लैसनर के खिलाफ उन्हें हार का सामना करना पड़ा था लेकिन इस मैच में ये दोनों ही स्टार्स कुछ ख़ास नहीं कर सके थे।
#2 रोमन रेंस VS ट्रिपल एच (रेसलमेनिया 32)
रोमन रेंस और ट्रिपल एच के बीच रेसलमेनिया 32 में WWE चैंपियनशिप को लेकर मैच हुआ था। इस मैच में रोमन रेंस ने जीत हासिल की थी और वो WWE चैंपियन बने थे। हालांकि इस मैच में दोनों ही स्टार्स का इन रिंग वर्क काफी ज्यादा ख़राब था। इस वजह से दोनों ही स्टार्स को इस मैच को लेकर फैंस के गुस्से का भी सामना करना पड़ा था। इस मैच को अभी भी रेसलमेनिया के सबसे कमजोर मेन इवेंट के रूप में देखा जाता हैं।
#1 शेमस VS डेनियल ब्रायन (रेसलमेनिया 27)
शेमस इस समय कंपनी के मेन इवेंट स्टार्स में से एक था। इस दौरान उन्होंने रॉयल रम्बल में जीत हासिल की थी। इसके बाद उनका सामना डेनियल ब्रायन से हुआ था। इस मैच की शुरुआत में डेनियल ब्रायन ने एजे ली से गुड लक किस ली थी। उनके पीछे मुड़ते हुए शेमस ने उन्हें ब्रोक किक मार कर इस मैच में जीत हासिल की थी। इस मैच को रेसलमेनिया के सबसे छोटे मैचों में से एक माना जाता है।
| WWE के इस साल के सबसे बड़े इवेंट रेसलमेनिया छत्तीस पर सबकी निगाह टिक गई हैं। WWE इस बार इवेंट को यादगार बनाने को लेकर किसी भी तरह की कोई भी कमी नहीं छोड़ना चाहता हैं। इसी कारण से कंपनी ने रॉयल रंबल की बुकिंग को लेकर काफी ज्यादा सतर्क थी। इस बार मेंस रॉयल रंबल में जीत ड्रू मैकइंटायर ने हासिल की थी। जिसके बाद उन्होंने WWE चैंपियनशिप मैच के लिए ब्रॉक लैसनर को चैलेंज किया हिया। उनके इस चैलेंज के बाद से उम्मीद की जा रही है कि कंपनी इस बार इवेंट में कई यादगार मैचों को बुक कर सकती हैं। हालांकि कंपनी इससे पहले कई हैरान कर देने वाली बुकिंग भी कर चुकी हैं। तो आइये जानते है रेसलमेनिया के इतिहास के पाँच सबसे ख़राब मैच के बारें मेंः #पाँच जॉन सीना vs द रॉक जॉन सीना पीजी एरा के सबसे बड़े स्टार के रूप में देखे जाते हैं। वहीं रॉक भी कंपनी के सबसे फेमस Attitude एरा के सबसे बड़े स्टार के रूप में देखा जाता है। इसी वजह से ये दोनों ही स्टार्स रेसलमेनिया में अट्ठाईस के एक-दूसरे के आमने-सामने थे। जिसमे सीना को हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि इस मैच के बाद भी कंपनी ने इन दोनों ही स्टार्स को एक बार फिर से रेसलमेनिया उनतीस के लिए बुक किया था। इस मैच को लेकर फैंस काफी ज्यादा हैरान थे, क्योंकि कंपनी इससे पहले भी इन दोनों को मेन इवेंट के लिए बुक कर चुकी थी। ये दोनों ही स्टार्स रेसलमेनिया उनतीस में भी एक-दूसरे के आमने-सामने थे। इस मैच में सीना ने रॉक को हराकर WWE चैंपियनशिप अपने नाम की थी हालांकि ये मैच कभी भी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया। #चार अंडरटेकर VS रोमन रेंस रोमन रेंस कंपनी के उन स्टार्स में से एक हैं, जिन्होंने अंडरटेकर को रेसलमेनिया में हराया हैं। ये दोनों ही स्टार्स रेसलमेनिया तैंतीस के मेन इवेंट के एक-दूसरे के आमने-सामने थे। इस मैच में अंडरटेकर पर उनकी उम्र का असर साफ़ देखने को मिल रहा था। वो पूरे मैच में काफी ज्यादा कमजोर नजर आ रहे थे, लेकिन रोमन रेंस ने इस मैच को यादगार बनाने की कोशिश की थी लेकिन वो इसमें सफल नहीं हो सके। ये मैच अंडरटेकर के रेसलमेनिया रन के सबसे कमजोर मैचों में से एक था। #तीन ब्रॉक लैसनर Vs गोल्डबर्ग गोल्डबर्ग ने तेरह साल बाद रेसलमेनिया में लैसनर के खिलाफ ही वापसी की थी। मगर रिंग से काफी समय से दूर होने की वजह से वो इस मैच को कुछ ख़ास नहीं बना सके। उनके इस मैच में अपने सिर्फ दो-तीन ही ट्रेडमार्क मूव किये थे। हालांकि वो इस मैच में उन्हें लैसनर के खिलाफ उन्हें हार का सामना करना पड़ा था लेकिन इस मैच में ये दोनों ही स्टार्स कुछ ख़ास नहीं कर सके थे। #दो रोमन रेंस VS ट्रिपल एच रोमन रेंस और ट्रिपल एच के बीच रेसलमेनिया बत्तीस में WWE चैंपियनशिप को लेकर मैच हुआ था। इस मैच में रोमन रेंस ने जीत हासिल की थी और वो WWE चैंपियन बने थे। हालांकि इस मैच में दोनों ही स्टार्स का इन रिंग वर्क काफी ज्यादा ख़राब था। इस वजह से दोनों ही स्टार्स को इस मैच को लेकर फैंस के गुस्से का भी सामना करना पड़ा था। इस मैच को अभी भी रेसलमेनिया के सबसे कमजोर मेन इवेंट के रूप में देखा जाता हैं। #एक शेमस VS डेनियल ब्रायन शेमस इस समय कंपनी के मेन इवेंट स्टार्स में से एक था। इस दौरान उन्होंने रॉयल रम्बल में जीत हासिल की थी। इसके बाद उनका सामना डेनियल ब्रायन से हुआ था। इस मैच की शुरुआत में डेनियल ब्रायन ने एजे ली से गुड लक किस ली थी। उनके पीछे मुड़ते हुए शेमस ने उन्हें ब्रोक किक मार कर इस मैच में जीत हासिल की थी। इस मैच को रेसलमेनिया के सबसे छोटे मैचों में से एक माना जाता है। |
तीन नवंबर को कानपुर में 1. 50 लाख लोग 151 किमी. लंबी श्रीमद् भागवत गीता संदेश मानव श्रृंखला बनाएंगे। वहीं, चार दिसंबर को गीता जयंती पर ग्रीन पार्क में एक लाख से अधिक लोग गीता का सामूहिक पाठ करेंगे। इसमें महाभारत सीरियल में भगवान श्रीकृष्ण का रोल करने वाले नितीश भारद्वाज भी शामिल होंगे। विश्व में सबसे लंबी लाइन का रिकॉर्ड बनाने की तैयारी भी है।
3 दिसंबर को PSIT में चक्रव्यूह का मंचन होगा, जिसमें नितीश भारद्वाज शामिल होंगे। श्रीमद् भागवत गीता जयंती आयोजन समिति ने श्रीमद्भागवत गीता संदेश मानव श्रृंखला बनाने का निर्णय लिया है। मानव श्रृंखला के दौरान कहीं भी यातायात बाधित नहीं होगा। इसको लेकर सोमवार शाम को महापौर प्रमिला पांडेय की अध्यक्षता में नगर निगम गेस्ट हाउस में भी बैठक का आयोजन किया गया।
820 लोग एक किमी लंबी मानव श्रृंखला बना सकते हैं। इसका प्रयोग कर देखा गया है। 151 किमी. के हिसाब से ही लोगों को नियुक्त किया गया है। 22 अगस्त को इस आयोजन का निर्णय लिया गया था। तब राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अखिल भारतीय सह व्यवस्था प्रमुख अनिल कुमार ओक ने संकल्प पत्र भरवाने की शुरुआत की थी। पांच सदस्यों की एक संरक्षक मंडल समिति का गठन किया गया था। यही समिति इसकी तैयारी कर रही है।
151 किमी. लंबी मानव श्रृंखला बनाने के लिए 23 अगस्त से अब तक 300 से ज्यादा बैठकें हो चुकी हैं। इसमें 400 स्कूल, 50 महाविद्यालय, 200 संगठन, दो विश्वविद्यालय के छात्र भी शामिल होंगे।
शहर में 1. 50 लाख गीता के 75 श्लोक वाले जीवन विकास सूत्र बांटे जाएंगे। वहीं, 10 हजार श्लोक लिखे कार्डों का वितरण किया जाएगा। संयोजक कमल त्रिवेदी ने बताया कि मानव श्रृंखला में पं. देवकी नंदन ठाकुर भी भाग लेंगे।
RSS के मुख्य मार्ग प्रचारक अमर नाथ और संरक्षक मंडल के सदस्य कृष्ण कुमार दुबे ने बताया कि तैयारियां पूरी हो गई हैं। तीन नवंबर को सुबह 11 से 12 बजे तक मानव श्रृंखला बनाई जाएगी। यह अपने आप में विश्व रिकॉर्ड होगा। समिति के वालंटियर 200 से ज्यादा चौराहों पर तैनात रहेंगे।
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| तीन नवंबर को कानपुर में एक. पचास लाख लोग एक सौ इक्यावन किमी. लंबी श्रीमद् भागवत गीता संदेश मानव श्रृंखला बनाएंगे। वहीं, चार दिसंबर को गीता जयंती पर ग्रीन पार्क में एक लाख से अधिक लोग गीता का सामूहिक पाठ करेंगे। इसमें महाभारत सीरियल में भगवान श्रीकृष्ण का रोल करने वाले नितीश भारद्वाज भी शामिल होंगे। विश्व में सबसे लंबी लाइन का रिकॉर्ड बनाने की तैयारी भी है। तीन दिसंबर को PSIT में चक्रव्यूह का मंचन होगा, जिसमें नितीश भारद्वाज शामिल होंगे। श्रीमद् भागवत गीता जयंती आयोजन समिति ने श्रीमद्भागवत गीता संदेश मानव श्रृंखला बनाने का निर्णय लिया है। मानव श्रृंखला के दौरान कहीं भी यातायात बाधित नहीं होगा। इसको लेकर सोमवार शाम को महापौर प्रमिला पांडेय की अध्यक्षता में नगर निगम गेस्ट हाउस में भी बैठक का आयोजन किया गया। आठ सौ बीस लोग एक किमी लंबी मानव श्रृंखला बना सकते हैं। इसका प्रयोग कर देखा गया है। एक सौ इक्यावन किमी. के हिसाब से ही लोगों को नियुक्त किया गया है। बाईस अगस्त को इस आयोजन का निर्णय लिया गया था। तब राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अखिल भारतीय सह व्यवस्था प्रमुख अनिल कुमार ओक ने संकल्प पत्र भरवाने की शुरुआत की थी। पांच सदस्यों की एक संरक्षक मंडल समिति का गठन किया गया था। यही समिति इसकी तैयारी कर रही है। एक सौ इक्यावन किमी. लंबी मानव श्रृंखला बनाने के लिए तेईस अगस्त से अब तक तीन सौ से ज्यादा बैठकें हो चुकी हैं। इसमें चार सौ स्कूल, पचास महाविद्यालय, दो सौ संगठन, दो विश्वविद्यालय के छात्र भी शामिल होंगे। शहर में एक. पचास लाख गीता के पचहत्तर श्लोक वाले जीवन विकास सूत्र बांटे जाएंगे। वहीं, दस हजार श्लोक लिखे कार्डों का वितरण किया जाएगा। संयोजक कमल त्रिवेदी ने बताया कि मानव श्रृंखला में पं. देवकी नंदन ठाकुर भी भाग लेंगे। RSS के मुख्य मार्ग प्रचारक अमर नाथ और संरक्षक मंडल के सदस्य कृष्ण कुमार दुबे ने बताया कि तैयारियां पूरी हो गई हैं। तीन नवंबर को सुबह ग्यारह से बारह बजे तक मानव श्रृंखला बनाई जाएगी। यह अपने आप में विश्व रिकॉर्ड होगा। समिति के वालंटियर दो सौ से ज्यादा चौराहों पर तैनात रहेंगे। This website follows the DNPA Code of Ethics. |
केंद्र सरकार द्वारा श्रम कानूनों में बदलाव और सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण के खिलाफ 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के बुधवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर जाने से पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, केरल और कर्नाटक सहित देश के विभिन्न हिस्सों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। ट्रेड यूनियन नेताओं का दावा है कि संगठित क्षेत्र से करीब 15 करोड़ कामगार अपनी 12 सूत्री मांगों के समर्थन में हड़ताल पर रहे। भाजपा समर्थित बीएमएस और एनएफआईटीयू ने हालांकि हड़ताल से दूरी बनाई।
इस हड़ताल का देश के विभिन्न हिस्सों में परिवहन एवं बैंकिंग परिचालनों समेत अन्य सेवाओं पर असर दिखा। सार्वजनिक क्षेत्र के 23 बैंक, निजी क्षेत्र के 12 बैंक, 52 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक एवं 13,000 से अधिक सहकारी बैंक इस हड़ताल में शामिल हुए। हालांकि एसबीआई, आईओबी, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक हड़ताल में शामिल नहीं थे। आल इंडिया बैंक एंप्लाईज एसोसिएशन के महासचिव सीएच वेंकटचलम ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में कार्यरत दस लाख कर्मचारियों में से आधे से अधिक हड़ताल का समर्थन कर रहे हैं।
कोलकाता में उपनगरीय ट्रेनों पर हड़ताल का आंशिक असर देखा गया। जबकि ज्यादातर इलाकों में दुकानें, बाजार और कारोबारी प्रतिष्ठान बंद रहे। राज्य प्रशासन ने बड़ी संख्या में सार्वजनिक परिवहन की बसें चलाई थीं पर निजी बसों व टैक्सियों के परिचालन पर आंशिक असर देखा गया। राष्ट्रीय राजधानी में लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ा क्योंकि बड़ी संख्या में आटो और टैक्सी नहीं चले।
केरल में सरकारी और निजी बस सेवाएं, टैक्सी व ऑटोरिक्शा नहीं चले। केवल कुछ निजी कारें व दोपहिया वाहन सड़कों पर दिखाई दिए। राज्य में दुकानें, होटल और यहां तक कि चाय की दुकानें तक बंद रहीं। त्रिपुरा में सड़कों पर वाहन नजर नहीं आए। जबकि ज्यादातर बाजार बंद रहे। राज्य में बैंक एवं अन्य वित्तीय संस्थान, स्कूल व कालेज बंद थे। सरकारी कार्यालयों में भी उपस्थिति बहुत मामूली दिखी। ओएनजीसी इकाई और त्रिपुरा जूट मिल के प्रवेश द्वार बंद रहे।
कर्नाटक में भी हड़ताल से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। राज्य सरकार के परिवहन विभाग के कर्मचारी प्रस्तावित मोटर विधेयक के खिलाफ हड़ताल में शामिल हुए हैं। जिससे सड़कों से बस व आटोरिक्शा नदारद रहे। इससे आफिस जाने वाले लोगों व अन्य लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा। पुदुचेरी में भी हड़ताल का असर दिखाई दिया। लेकिन तमिलनाडु बहुत हद तक इससे अप्रभावित था।
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में सार्वजनिक परिवहन जैसी कई सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित हुई । हांलाकि लोगों को आवागमन में बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा बेशक निजी बसें चल रही थीं। आल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस के सचिव डीएल सचदेव ने गुड़गांव में कहा कि पांच लाख औद्योगिक कामगार हड़ताल पर थे। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन के चलते कर्मचारी मारुति सुजुकी के कारखाने में नहीं आए और राजस्थान रोडवेज के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हुए। मानेसर में होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर का संयंत्र बंद रहा।
ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस के महासचिव गुरुदास दासगुप्ता ने कहा कि हड़ताल का देशभर में असर हुआ । कई इलाकों में बीएमएस के लोग भी हड़ताल में शामिल हुए । कई स्थानीय एवं सबद्ध यूनियने भी हड़ताल में शामिल हुई। हड़ताल से साफ हो गया कि लोग सरकार की कर्मचारी विरोधी नीति से कितना अधिक क्षुब्ध हैं। गोवा में सुबह से ही सड़कों पर सन्नाटा पसरा था क्योंकि निजी बसें व सरकारी कदंबा ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन की बसें सड़कों पर नहीं चलीं। वहीं दिल्ली में लोगों को कई जगहों पर आटोरिक्शा के लिए घंटों इंतजार करते देखा गया।
ओड़िशा में कई जगहों पर ट्रेन सेवाएं कुछ समय के लिए बाधित हुईं क्योंकि आंदोलनकारियों ने कटक, भुबनेश्वर, संबलपुर, भद्रक, छत्रपुर और खालीकोट जैसे रेलवे स्टेशनों पर मार्ग अवरुद्ध कर दिए। सरकार ने ट्रेड यूनियनों से कामगारों व राष्ट्र के हित में अपना आंदोलन वापस लेने की मंगलवार को अपील की थी। हालांकि यूनियनों ने हड़ताल पर जाने का निर्णय किया क्योंकि वित्त मंत्री अरुण जेटली की अगुवाई वाले मंत्रिसमूह के साथ उनकी बातचीत सिरे नहीं चढ़ सकी थी।
ट्रेड यूनियनों की मांगों में महंगाई पर काबू पाने के लिए तत्काल उपाय, बेरोजगारी पर अंकुश, प्राथमिक श्रम कानूनों को सख्ती से लागू करना, सभी कामगारों के लिए सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा कवर और प्रतिमाह 15,000 रुपए का न्यूनतम वेतन शामिल हैं। साथ ही वे कामगारों की पेंशन बढ़ाने, सार्वजनिक उपक्रमों में विनिवेश बंद करने, ठेका प्रथा बंद करने, बोनस व भविष्य निधि पर सीमा समाप्त करने, 45 दिनों के भीतर ट्रेड यूनियनों का अनिवार्य पंजीकरण, श्रम कानूनों में मनमाने ढंग से बदलाव नहीं करने और रेलवे, रक्षा आदि क्षेत्र में एफडीआई रोकने की भी मांग कर रहे हैं।
| केंद्र सरकार द्वारा श्रम कानूनों में बदलाव और सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण के खिलाफ दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के बुधवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर जाने से पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, केरल और कर्नाटक सहित देश के विभिन्न हिस्सों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। ट्रेड यूनियन नेताओं का दावा है कि संगठित क्षेत्र से करीब पंद्रह करोड़ कामगार अपनी बारह सूत्री मांगों के समर्थन में हड़ताल पर रहे। भाजपा समर्थित बीएमएस और एनएफआईटीयू ने हालांकि हड़ताल से दूरी बनाई। इस हड़ताल का देश के विभिन्न हिस्सों में परिवहन एवं बैंकिंग परिचालनों समेत अन्य सेवाओं पर असर दिखा। सार्वजनिक क्षेत्र के तेईस बैंक, निजी क्षेत्र के बारह बैंक, बावन क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक एवं तेरह,शून्य से अधिक सहकारी बैंक इस हड़ताल में शामिल हुए। हालांकि एसबीआई, आईओबी, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक हड़ताल में शामिल नहीं थे। आल इंडिया बैंक एंप्लाईज एसोसिएशन के महासचिव सीएच वेंकटचलम ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में कार्यरत दस लाख कर्मचारियों में से आधे से अधिक हड़ताल का समर्थन कर रहे हैं। कोलकाता में उपनगरीय ट्रेनों पर हड़ताल का आंशिक असर देखा गया। जबकि ज्यादातर इलाकों में दुकानें, बाजार और कारोबारी प्रतिष्ठान बंद रहे। राज्य प्रशासन ने बड़ी संख्या में सार्वजनिक परिवहन की बसें चलाई थीं पर निजी बसों व टैक्सियों के परिचालन पर आंशिक असर देखा गया। राष्ट्रीय राजधानी में लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ा क्योंकि बड़ी संख्या में आटो और टैक्सी नहीं चले। केरल में सरकारी और निजी बस सेवाएं, टैक्सी व ऑटोरिक्शा नहीं चले। केवल कुछ निजी कारें व दोपहिया वाहन सड़कों पर दिखाई दिए। राज्य में दुकानें, होटल और यहां तक कि चाय की दुकानें तक बंद रहीं। त्रिपुरा में सड़कों पर वाहन नजर नहीं आए। जबकि ज्यादातर बाजार बंद रहे। राज्य में बैंक एवं अन्य वित्तीय संस्थान, स्कूल व कालेज बंद थे। सरकारी कार्यालयों में भी उपस्थिति बहुत मामूली दिखी। ओएनजीसी इकाई और त्रिपुरा जूट मिल के प्रवेश द्वार बंद रहे। कर्नाटक में भी हड़ताल से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। राज्य सरकार के परिवहन विभाग के कर्मचारी प्रस्तावित मोटर विधेयक के खिलाफ हड़ताल में शामिल हुए हैं। जिससे सड़कों से बस व आटोरिक्शा नदारद रहे। इससे आफिस जाने वाले लोगों व अन्य लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा। पुदुचेरी में भी हड़ताल का असर दिखाई दिया। लेकिन तमिलनाडु बहुत हद तक इससे अप्रभावित था। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में सार्वजनिक परिवहन जैसी कई सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित हुई । हांलाकि लोगों को आवागमन में बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा बेशक निजी बसें चल रही थीं। आल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस के सचिव डीएल सचदेव ने गुड़गांव में कहा कि पांच लाख औद्योगिक कामगार हड़ताल पर थे। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन के चलते कर्मचारी मारुति सुजुकी के कारखाने में नहीं आए और राजस्थान रोडवेज के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हुए। मानेसर में होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर का संयंत्र बंद रहा। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस के महासचिव गुरुदास दासगुप्ता ने कहा कि हड़ताल का देशभर में असर हुआ । कई इलाकों में बीएमएस के लोग भी हड़ताल में शामिल हुए । कई स्थानीय एवं सबद्ध यूनियने भी हड़ताल में शामिल हुई। हड़ताल से साफ हो गया कि लोग सरकार की कर्मचारी विरोधी नीति से कितना अधिक क्षुब्ध हैं। गोवा में सुबह से ही सड़कों पर सन्नाटा पसरा था क्योंकि निजी बसें व सरकारी कदंबा ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन की बसें सड़कों पर नहीं चलीं। वहीं दिल्ली में लोगों को कई जगहों पर आटोरिक्शा के लिए घंटों इंतजार करते देखा गया। ओड़िशा में कई जगहों पर ट्रेन सेवाएं कुछ समय के लिए बाधित हुईं क्योंकि आंदोलनकारियों ने कटक, भुबनेश्वर, संबलपुर, भद्रक, छत्रपुर और खालीकोट जैसे रेलवे स्टेशनों पर मार्ग अवरुद्ध कर दिए। सरकार ने ट्रेड यूनियनों से कामगारों व राष्ट्र के हित में अपना आंदोलन वापस लेने की मंगलवार को अपील की थी। हालांकि यूनियनों ने हड़ताल पर जाने का निर्णय किया क्योंकि वित्त मंत्री अरुण जेटली की अगुवाई वाले मंत्रिसमूह के साथ उनकी बातचीत सिरे नहीं चढ़ सकी थी। ट्रेड यूनियनों की मांगों में महंगाई पर काबू पाने के लिए तत्काल उपाय, बेरोजगारी पर अंकुश, प्राथमिक श्रम कानूनों को सख्ती से लागू करना, सभी कामगारों के लिए सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा कवर और प्रतिमाह पंद्रह,शून्य रुपयापए का न्यूनतम वेतन शामिल हैं। साथ ही वे कामगारों की पेंशन बढ़ाने, सार्वजनिक उपक्रमों में विनिवेश बंद करने, ठेका प्रथा बंद करने, बोनस व भविष्य निधि पर सीमा समाप्त करने, पैंतालीस दिनों के भीतर ट्रेड यूनियनों का अनिवार्य पंजीकरण, श्रम कानूनों में मनमाने ढंग से बदलाव नहीं करने और रेलवे, रक्षा आदि क्षेत्र में एफडीआई रोकने की भी मांग कर रहे हैं। |
Aadhar PVC Card: आधार कार्ड भारतीय नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण महत्व रखता है और इसके खो जाने से विभिन्न आवश्यक कार्य बाधित हो सकते हैं। इस मुद्दे को हल करने के लिए, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) , जो आधार जारी करता है, ने नागरिकों को 50 रुपये के मामूली शुल्क पर पीवीसी आधार कार्ड ऑनलाइन ऑर्डर करने में सक्षम बनाया है।
ये कार्ड पॉलीविनाइल क्लोराइड से बनाए गए हैं और इनमें सेफ क्यूआर कोड, होलोग्राम, नाम, फोटो, जन्म तिथि और अन्य प्रासंगिक विवरण जैसी महत्वपूर्ण जानकारी शामिल है। पीवीसी आधार कार्ड प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल है और इसे UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पूरा किया जा सकता है।
PVC आधार कार्ड ऑर्डर कैसे करें?
- uidai. gov. in पर जाएं और 'मेरा आधार' विकल्प चुनें।
- 'ऑर्डर आधार पीवीसी कार्ड' पर क्लिक करें।
- अपना 12 अंकों का आधार नंबर और सुरक्षा कोड दर्ज करें।
- आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाएगा, जिसे वेबसाइट पर दर्ज करना होगा।
- PVC Aadhaar card का प्रीव्यू करें और नेट बैंकिंग, क्रेडिट या डेबिट कार्ड के माध्यम से 50 रुपये का भुगतान करें और अनुरोध सबमिट करें।
- पीवीसी कार्ड स्पीड पोस्ट के माध्यम से आवेदक के पते पर भेज दिया जाएगा।
जो व्यक्ति ऑफलाइन आवेदन करना पसंद करते हैं, वे निकटतम आधार केंद्र पर जा सकते हैं, एक फॉर्म भर सकते हैं और 50 रुपये का शुल्क चुकाएंगे। कार्ड उनके पते पर पांच से छह दिनों के भीतर पहुंच जाएगा।
| Aadhar PVC Card: आधार कार्ड भारतीय नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण महत्व रखता है और इसके खो जाने से विभिन्न आवश्यक कार्य बाधित हो सकते हैं। इस मुद्दे को हल करने के लिए, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण , जो आधार जारी करता है, ने नागरिकों को पचास रुपयापये के मामूली शुल्क पर पीवीसी आधार कार्ड ऑनलाइन ऑर्डर करने में सक्षम बनाया है। ये कार्ड पॉलीविनाइल क्लोराइड से बनाए गए हैं और इनमें सेफ क्यूआर कोड, होलोग्राम, नाम, फोटो, जन्म तिथि और अन्य प्रासंगिक विवरण जैसी महत्वपूर्ण जानकारी शामिल है। पीवीसी आधार कार्ड प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल है और इसे UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पूरा किया जा सकता है। PVC आधार कार्ड ऑर्डर कैसे करें? - uidai. gov. in पर जाएं और 'मेरा आधार' विकल्प चुनें। - 'ऑर्डर आधार पीवीसी कार्ड' पर क्लिक करें। - अपना बारह अंकों का आधार नंबर और सुरक्षा कोड दर्ज करें। - आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाएगा, जिसे वेबसाइट पर दर्ज करना होगा। - PVC Aadhaar card का प्रीव्यू करें और नेट बैंकिंग, क्रेडिट या डेबिट कार्ड के माध्यम से पचास रुपयापये का भुगतान करें और अनुरोध सबमिट करें। - पीवीसी कार्ड स्पीड पोस्ट के माध्यम से आवेदक के पते पर भेज दिया जाएगा। जो व्यक्ति ऑफलाइन आवेदन करना पसंद करते हैं, वे निकटतम आधार केंद्र पर जा सकते हैं, एक फॉर्म भर सकते हैं और पचास रुपयापये का शुल्क चुकाएंगे। कार्ड उनके पते पर पांच से छह दिनों के भीतर पहुंच जाएगा। |
Airtel: एयरटेल ने अपने यूजर्स के लिए हाल ही में एक ऑफर की शुरूआत की है।
Airtel: एयरटेल की ब्रॉडबैंड और मोबाइल सेवाएं इस समय ठप हो गई हैं। भारत में विभिन्न स्थानों के कई उपयोगकर्ता एयरटेल के नेटवर्क में आउटेज की रिपोर्ट करने के लिए ट्विटर का सहारा ले रहे हैं।
TRAI New Rules: भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने ग्राहकों के हित में बड़ा फैसला लिया है। ट्राई ने सभी टेलीकॉम कंपनियों को आदेश दिया है।
| Airtel: एयरटेल ने अपने यूजर्स के लिए हाल ही में एक ऑफर की शुरूआत की है। Airtel: एयरटेल की ब्रॉडबैंड और मोबाइल सेवाएं इस समय ठप हो गई हैं। भारत में विभिन्न स्थानों के कई उपयोगकर्ता एयरटेल के नेटवर्क में आउटेज की रिपोर्ट करने के लिए ट्विटर का सहारा ले रहे हैं। TRAI New Rules: भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने ग्राहकों के हित में बड़ा फैसला लिया है। ट्राई ने सभी टेलीकॉम कंपनियों को आदेश दिया है। |
मोगा के एसएचओ जसविंदर सिंह ने कहा, 'मोगा के दारापुर गांव में लूट की कोशिश की एक घटना हुई। गार्ड ने उन्हें रोका और उन पर फायरिंग भी की। हम आरोपियों की पहचान की कोशिश कर रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज देख रहे हैं। उस रूट का पता लगा रहे हैं जिससे वह भागे हैं। '
गार्ड की पहचान मंदार सिंह के रूप में हुई है। उन्होंने बताया, '3 आरोपी एक मोटरसाइकल से आए, उनके चेहरे ढके हुए थे। मुझे ऐसी फीलिंग आ रही थी कि ये अच्छे लोग नहीं है। मैंने उनसे मास्क हटाने को कहा लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया। इसके बाद हाथापाई हुई और उन्होंने कृपाण से मेरी बांहों पर वार कर दिया। मैं फिर भी उनसे लड़ता रहा और उन्हें भगा दिया। '
घटना का सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हो रहा है। इसमें दिख रहा है कि गार्ड के रोकने पर तीनों लुटेरे उनके साथ हाथापाई करने लगे। उन पर डंडे से वार भी किया गया और कृपाण मारकर घायल कर दिया। इसके बाद आरोपी वहां से भाग जाते हैं।
| मोगा के एसएचओ जसविंदर सिंह ने कहा, 'मोगा के दारापुर गांव में लूट की कोशिश की एक घटना हुई। गार्ड ने उन्हें रोका और उन पर फायरिंग भी की। हम आरोपियों की पहचान की कोशिश कर रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज देख रहे हैं। उस रूट का पता लगा रहे हैं जिससे वह भागे हैं। ' गार्ड की पहचान मंदार सिंह के रूप में हुई है। उन्होंने बताया, 'तीन आरोपी एक मोटरसाइकल से आए, उनके चेहरे ढके हुए थे। मुझे ऐसी फीलिंग आ रही थी कि ये अच्छे लोग नहीं है। मैंने उनसे मास्क हटाने को कहा लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया। इसके बाद हाथापाई हुई और उन्होंने कृपाण से मेरी बांहों पर वार कर दिया। मैं फिर भी उनसे लड़ता रहा और उन्हें भगा दिया। ' घटना का सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हो रहा है। इसमें दिख रहा है कि गार्ड के रोकने पर तीनों लुटेरे उनके साथ हाथापाई करने लगे। उन पर डंडे से वार भी किया गया और कृपाण मारकर घायल कर दिया। इसके बाद आरोपी वहां से भाग जाते हैं। |
सरायकेला। पेट्रोल एवं डीजल के मूल्य वृद्धि का विरोध करते जिला कॉंग्रेस द्वारा सरायकेला में निकाली गयी साइकिल रैली। जिला कॉंग्रेस अध्यक्ष छोटराय किस्कू ने कहा कि प्रदेश कमेटी के निर्देशानुसार यह रैली निकाली गयी है। रैली में कॉंग्रेस के जिला सहित प्रखण्ड एवं पंचायत स्तरीय कार्यकर्ताओं की सहभगिता रही। यह रैली सरायकेला बिरसा चौक से सरायकेला पुराना बस स्टैंड परिसर स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्थापित मूर्ति के समक्ष तक पहुंच समाप्त हुई। साइकिल रैली में सुबोध सिंह सरदार, प्रभारी , राज बागची, बनमली सरदार, लालबहादुर सिंह देव, शिवा दास, अजमल बल्कि, तस्लीमा मल्लिक, सबीना,खैरून निशा, शाहिद परवेज, कलीम अंसारी बलवाद्र महतो, मनोज महतो, राहुल मोदी, शूसेन मार्डी, शंकर, कन्हैया, दिलीप, प्रदीप बारीक सहित अन्य कोंग्रेसी थे।
| सरायकेला। पेट्रोल एवं डीजल के मूल्य वृद्धि का विरोध करते जिला कॉंग्रेस द्वारा सरायकेला में निकाली गयी साइकिल रैली। जिला कॉंग्रेस अध्यक्ष छोटराय किस्कू ने कहा कि प्रदेश कमेटी के निर्देशानुसार यह रैली निकाली गयी है। रैली में कॉंग्रेस के जिला सहित प्रखण्ड एवं पंचायत स्तरीय कार्यकर्ताओं की सहभगिता रही। यह रैली सरायकेला बिरसा चौक से सरायकेला पुराना बस स्टैंड परिसर स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्थापित मूर्ति के समक्ष तक पहुंच समाप्त हुई। साइकिल रैली में सुबोध सिंह सरदार, प्रभारी , राज बागची, बनमली सरदार, लालबहादुर सिंह देव, शिवा दास, अजमल बल्कि, तस्लीमा मल्लिक, सबीना,खैरून निशा, शाहिद परवेज, कलीम अंसारी बलवाद्र महतो, मनोज महतो, राहुल मोदी, शूसेन मार्डी, शंकर, कन्हैया, दिलीप, प्रदीप बारीक सहित अन्य कोंग्रेसी थे। |
इंडिया टुडे लीग पबजी मोबाइल इनविटेशनल 2020 की शुरुआत से पहले बात करते हैं इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली टीम के साथ. इसमें हम जानने की कोशिश करेंगे की एक प्रोफेशनल ऑनलाइन गेमर को गेमिंग के दौरान किस तरह की मुश्किलों से सामना करना पड़ता है. और वे इन मुश्किलों से कैसे निपटते हैं. साथ ही PUBG वॉरियर्स से जानेंगे कि ऑनलाइन गेमिंग के लिए कौन-सा मोबाइल ब्रांड प्रिफर करते हैं और क्यों?
| इंडिया टुडे लीग पबजी मोबाइल इनविटेशनल दो हज़ार बीस की शुरुआत से पहले बात करते हैं इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली टीम के साथ. इसमें हम जानने की कोशिश करेंगे की एक प्रोफेशनल ऑनलाइन गेमर को गेमिंग के दौरान किस तरह की मुश्किलों से सामना करना पड़ता है. और वे इन मुश्किलों से कैसे निपटते हैं. साथ ही PUBG वॉरियर्स से जानेंगे कि ऑनलाइन गेमिंग के लिए कौन-सा मोबाइल ब्रांड प्रिफर करते हैं और क्यों? |
कई तरह की स्पेकुलेशन के बाद टाइगर श्रॉफ की फिल्म में लीड एक्ट्रेस कौन होगी इसका खुलासा हो गया है. विकास बहल की फिल्म 'गणपत' में टाइगर श्रॉफ के अपोजिट कृति सेनन नजर आएंगी. कुछ देर पहले टाइगर फिल्म से अभिनेत्री का मोशन पोस्टर जारी करते हुए जानकारी दी. फिल्म में कृति जस्सी का किरदार निभाएंगी.
करीब सात साल बाद टाइगर और कृति फिर से साथ काम कर रहे हैं. मोशन पोस्टर शेयर करते हुए कृति ने लिखा, मिलिए जस्सी से. इस चीज के लिए सुपर डुपर एक्ससाइटेड हूं. मेरे सबसे स्पेशल टाइगर के साथ एक बार फिर से काम कर रही हूं. इंतजार नहीं कर सकती. चलो कील करते है.
गणपत के बारे में बात करते हुए कृति ने कहा, 'मैं लगभग 7 साल के बाद टाइगर के साथ फिर से जुड़ने के लिए रोमांचित हूं और विकास द्वारा निर्देशित किया जाना जो कि मेरे लिए नया है. मैं कुछ समय के लिए एक्शन जॉनर का पता लगाना चाहती हूं और मैं सुपर एक्ससाइटेड हूं. पूजा एंटरटेनमेंट के साथ इतने बड़े पैमाने पर ऐसा करने के लिए. जैकी एक बहुत ही भावुक निर्माता हैं और मुझे खुशी है कि मैं उनके साथ इतने अच्छे किरदार के साथ अपनी यात्रा शुरू कर रही हूं.
(Source: Instagram)
| कई तरह की स्पेकुलेशन के बाद टाइगर श्रॉफ की फिल्म में लीड एक्ट्रेस कौन होगी इसका खुलासा हो गया है. विकास बहल की फिल्म 'गणपत' में टाइगर श्रॉफ के अपोजिट कृति सेनन नजर आएंगी. कुछ देर पहले टाइगर फिल्म से अभिनेत्री का मोशन पोस्टर जारी करते हुए जानकारी दी. फिल्म में कृति जस्सी का किरदार निभाएंगी. करीब सात साल बाद टाइगर और कृति फिर से साथ काम कर रहे हैं. मोशन पोस्टर शेयर करते हुए कृति ने लिखा, मिलिए जस्सी से. इस चीज के लिए सुपर डुपर एक्ससाइटेड हूं. मेरे सबसे स्पेशल टाइगर के साथ एक बार फिर से काम कर रही हूं. इंतजार नहीं कर सकती. चलो कील करते है. गणपत के बारे में बात करते हुए कृति ने कहा, 'मैं लगभग सात साल के बाद टाइगर के साथ फिर से जुड़ने के लिए रोमांचित हूं और विकास द्वारा निर्देशित किया जाना जो कि मेरे लिए नया है. मैं कुछ समय के लिए एक्शन जॉनर का पता लगाना चाहती हूं और मैं सुपर एक्ससाइटेड हूं. पूजा एंटरटेनमेंट के साथ इतने बड़े पैमाने पर ऐसा करने के लिए. जैकी एक बहुत ही भावुक निर्माता हैं और मुझे खुशी है कि मैं उनके साथ इतने अच्छे किरदार के साथ अपनी यात्रा शुरू कर रही हूं. |
भारत का पड़ोसी देश पाकिस्तान अपने सबसे बड़ी आर्थिक संकट (Pakistan Economic Crisis) का सामना कर रहा है. महंगाई चरम पर पहुंचती जा रही है और देश का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) खत्म होता जा रहा है. देश के लोग रोटी के लिए मोहताज और आटे के अकाल का सामना कर रहे हैं. गेंहू की किल्लत के चलते आटे की कीमत (Wheat Flour Price) आसमान छू रही है. सोशल मीडिया पर जो तस्वीरें और वीडियो वायरल (Viral Video) हो रहे हैं, उनमें पाकिस्तान में आटे के लिए मचे घमासान की तस्वीर साफ हो जाती है.
पाकिस्तान में आटे (Pakistan Flour Crisis) की इमरजेंसी जैसे हालात पैदा हो गए हैं. गेंहू की किल्लत गहराने से लोगों में अपने और परिवार का पेट भरने की चिंता बढ़ गई है. देश में आटे की आपूर्ति डिमांड (Flour Demand) की तुलना में बेहद कम है और इसकी कीमत हर बीतते दिन के साथ बढ़ रही है. दूसरे शब्दों में कहें तो पाकिस्तानियों की थाली से धीरे-धीरे रोटी गायब होती जा रही है. पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टेटिस्टिक्स (PBS) के आंकड़ों के मुताबिक, पाकिस्तान में आटे की कीमत 150 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है.
बीते दिनों आई डॉन की एक रिपोर्ट की मानें तो पाकिस्तान में आटे की किल्लत का अंदाजा लगाया जा सकता है. इसमें कहा गया था कि गेहूं संकट देश में विकराल रूप लेता जा रहा है. इस्लामाबाद में रोजाना गेहूं की खपत 20 किलो के 38,000 बैग्स की है, लेकिन यहां संचालित 40 आटा मिलों से 21,000 बैग्स की आपूर्ति हो पा रही है. आज देश के हालात ये बन चुके हैं कि लोग आटे की बोरी के लिए मरने-मारने तक को तैयार नजर आ रहे हैं. इस तरह के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं.
Social Media पर पाकिस्तान में आटे की कमी से पैदा हुए हालातों की जो तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं, वो ये सोचने पर मजबूर करने वाले हैं कि आखिर कैसे देश में इस तर भुखमरी जैसे हालात बन गए. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग आटा लदे ट्रकों के पीछ दौड़ रहे हैं और कई किलोमीटर पीछा करने के बाद भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है. बोरियों से लदे इन ट्रकों से आटा लेने के लिए मारामारी हो रही है.
तस्वीरों में जहां आटे के लिए मारपीट होती दिखाई दे रहे हैं, तो वहीं कुछ तस्वीरों में देखने को मिल रहा है कि ट्रकों से आटे की बोरी के लिए हाथों में पैसे लेकर लोग किस तरह टूट पड़े हैं. जिसका मौका लग गया तो वो अपने कंधे पर पर एक नहीं बल्कि दो-दो आटे की बोरियां ले जाते नजर आ रहा है, तो फिर कोई आटा न मिलने की वजह से मायूस दिखाई दे रहा है.
पाकिस्तान में आटे के अकाल के हालात बयां करती एक और तस्वीर सामने आई है, जिसमें आटे के लिए लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई दिखाई दे रही हैं. घंटों लाइन में लगकर लोग अपने और अपने परिवार का पेट भरने की जद्दोजहद करने में लगे हैं. गौरतलब है कि अभी वित्तीय संकट से जूझ रही पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था का हाल एक साल में ही बेहाल हो गया. जून में देश में बाढ़ के प्रकोप ने भी इकोनॉमी पर गहरी चोट की थी.
| भारत का पड़ोसी देश पाकिस्तान अपने सबसे बड़ी आर्थिक संकट का सामना कर रहा है. महंगाई चरम पर पहुंचती जा रही है और देश का विदेशी मुद्रा भंडार खत्म होता जा रहा है. देश के लोग रोटी के लिए मोहताज और आटे के अकाल का सामना कर रहे हैं. गेंहू की किल्लत के चलते आटे की कीमत आसमान छू रही है. सोशल मीडिया पर जो तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं, उनमें पाकिस्तान में आटे के लिए मचे घमासान की तस्वीर साफ हो जाती है. पाकिस्तान में आटे की इमरजेंसी जैसे हालात पैदा हो गए हैं. गेंहू की किल्लत गहराने से लोगों में अपने और परिवार का पेट भरने की चिंता बढ़ गई है. देश में आटे की आपूर्ति डिमांड की तुलना में बेहद कम है और इसकी कीमत हर बीतते दिन के साथ बढ़ रही है. दूसरे शब्दों में कहें तो पाकिस्तानियों की थाली से धीरे-धीरे रोटी गायब होती जा रही है. पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टेटिस्टिक्स के आंकड़ों के मुताबिक, पाकिस्तान में आटे की कीमत एक सौ पचास रुपयापये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है. बीते दिनों आई डॉन की एक रिपोर्ट की मानें तो पाकिस्तान में आटे की किल्लत का अंदाजा लगाया जा सकता है. इसमें कहा गया था कि गेहूं संकट देश में विकराल रूप लेता जा रहा है. इस्लामाबाद में रोजाना गेहूं की खपत बीस किलो के अड़तीस,शून्य बैग्स की है, लेकिन यहां संचालित चालीस आटा मिलों से इक्कीस,शून्य बैग्स की आपूर्ति हो पा रही है. आज देश के हालात ये बन चुके हैं कि लोग आटे की बोरी के लिए मरने-मारने तक को तैयार नजर आ रहे हैं. इस तरह के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. Social Media पर पाकिस्तान में आटे की कमी से पैदा हुए हालातों की जो तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं, वो ये सोचने पर मजबूर करने वाले हैं कि आखिर कैसे देश में इस तर भुखमरी जैसे हालात बन गए. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग आटा लदे ट्रकों के पीछ दौड़ रहे हैं और कई किलोमीटर पीछा करने के बाद भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है. बोरियों से लदे इन ट्रकों से आटा लेने के लिए मारामारी हो रही है. तस्वीरों में जहां आटे के लिए मारपीट होती दिखाई दे रहे हैं, तो वहीं कुछ तस्वीरों में देखने को मिल रहा है कि ट्रकों से आटे की बोरी के लिए हाथों में पैसे लेकर लोग किस तरह टूट पड़े हैं. जिसका मौका लग गया तो वो अपने कंधे पर पर एक नहीं बल्कि दो-दो आटे की बोरियां ले जाते नजर आ रहा है, तो फिर कोई आटा न मिलने की वजह से मायूस दिखाई दे रहा है. पाकिस्तान में आटे के अकाल के हालात बयां करती एक और तस्वीर सामने आई है, जिसमें आटे के लिए लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई दिखाई दे रही हैं. घंटों लाइन में लगकर लोग अपने और अपने परिवार का पेट भरने की जद्दोजहद करने में लगे हैं. गौरतलब है कि अभी वित्तीय संकट से जूझ रही पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था का हाल एक साल में ही बेहाल हो गया. जून में देश में बाढ़ के प्रकोप ने भी इकोनॉमी पर गहरी चोट की थी. |
जशपुर में एसपी विजय अग्रवाल के निर्देश पर आए दिन हो रहे सड़क दुर्घटनाओं को रोकने विश्वास अभियान के तहत् आयोजित मोर हेलमेट मोर सुरक्षा कार्यक्रम चलाया जा रहा है. नये साल के दिन राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित ग्राम बालाछापर में रास्ते में आने-जाने वाले दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने का लाभ एवं नहीं पहनने पर उससे होने वाले नुकसान के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया।
इसके साथ ही एक्सीडेंट की घटना होने पर तत्काल क्या करना है, मोटर व्हीकल एक्ट के तहत् कितनी राशि जुर्माना में ली जाती है, इस संबंध में आम नागरिकों को विस्तार से बताया गया. हेलमेट पहनकर दो पहिया वाहन चलाने वाले लगभग 50 नागरिकों को पुलिस द्वारा सम्मानित कर उन्हें उपहार प्रदान किया गया. कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिभा पाण्डेय, जिला सेनानी नगर सेना योग्यता साहू, सूबेदार सौरभ चंद्राकर, स. उ. नि. राज सिंह एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
उक्त कार्यक्रम के में जिला पुलिस जशपुर द्वारा जशपुर जिले के विभिन्न पिकनिक स्पाॅट, दर्शनीय स्थल किलकिला ,मयाली डेम, तमता डेम, कोतेबिरा, राजपुरी जलप्रपात, दमेरा एवं विभिन्न चौक - चैराहों पर आम नागरिकों को हेलमेट की आवश्यकता व महत्व के बारे में बताते हुये जागरूक किया गया. मोर हेलमेट मोर सुरक्षा कार्यक्रम 1जनवरी से 15 जनवरी तक पूरे जिले में चलाया जायेगा।
नेशनल हाईवे में हेलमेट पहनने के संबंध में संकल्प हस्ताक्षर अभियान चलाया जायेगा और आने वाले दिनों में सप्ताहिक बाजारों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भी लोगों को हेलमेट पहने के संबंध में जागरूक किया जाएगा।
| जशपुर में एसपी विजय अग्रवाल के निर्देश पर आए दिन हो रहे सड़क दुर्घटनाओं को रोकने विश्वास अभियान के तहत् आयोजित मोर हेलमेट मोर सुरक्षा कार्यक्रम चलाया जा रहा है. नये साल के दिन राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित ग्राम बालाछापर में रास्ते में आने-जाने वाले दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने का लाभ एवं नहीं पहनने पर उससे होने वाले नुकसान के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया। इसके साथ ही एक्सीडेंट की घटना होने पर तत्काल क्या करना है, मोटर व्हीकल एक्ट के तहत् कितनी राशि जुर्माना में ली जाती है, इस संबंध में आम नागरिकों को विस्तार से बताया गया. हेलमेट पहनकर दो पहिया वाहन चलाने वाले लगभग पचास नागरिकों को पुलिस द्वारा सम्मानित कर उन्हें उपहार प्रदान किया गया. कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिभा पाण्डेय, जिला सेनानी नगर सेना योग्यता साहू, सूबेदार सौरभ चंद्राकर, स. उ. नि. राज सिंह एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित थे। उक्त कार्यक्रम के में जिला पुलिस जशपुर द्वारा जशपुर जिले के विभिन्न पिकनिक स्पाॅट, दर्शनीय स्थल किलकिला ,मयाली डेम, तमता डेम, कोतेबिरा, राजपुरी जलप्रपात, दमेरा एवं विभिन्न चौक - चैराहों पर आम नागरिकों को हेलमेट की आवश्यकता व महत्व के बारे में बताते हुये जागरूक किया गया. मोर हेलमेट मोर सुरक्षा कार्यक्रम एकजनवरी से पंद्रह जनवरी तक पूरे जिले में चलाया जायेगा। नेशनल हाईवे में हेलमेट पहनने के संबंध में संकल्प हस्ताक्षर अभियान चलाया जायेगा और आने वाले दिनों में सप्ताहिक बाजारों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भी लोगों को हेलमेट पहने के संबंध में जागरूक किया जाएगा। |
बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर फैंस के बीच हमेशा से ही अपनी क्यूटनेस के लिए पसंद की जाती हैं। उनकी एक मुस्कान पर करोड़ों फैंस अपना दिल हार बैठते हैं। श्रद्धा ने अपने एक्टिंग करियर में कई हिट फिल्में दी हैं। वह अपनी प्रोफेशनल लाइफ से कहीं ज्यादा अपनी पर्सनल और लव लाइफ को लेकर चर्चे में हैं। खबरों की मानें तो श्रद्धा पिछले काफी वक्त से रोहन श्रेष्ठ को डेट कर रही हैं। वहीं दोनों को कई मौकों पर एक साथ देखा भी गया है। लेकिन एक दूसरे को डेट करने की खबरों को लेकर कभी भी श्रद्धा और रोहन ने खुलकर बात नहीं की। कई बार तो उनकी शादी तक की खबरें खूब चर्चा में रहीं। शादी की खबरों के बीच अब श्रद्धा कपूर की शादी के जोड़े में तस्वीरें वायरल हो रही हैं।
श्रद्धा ने अपने एक्टिंग करियर में कई हिट फिल्में दी हैं। वह अपनी प्रोफेशनल लाइफ से कहीं ज्यादा अपनी पर्सनल और लव लाइफ को लेकर चर्चे में हैं। खबरों की मानें तो श्रद्धा पिछले काफी वक्त से रोहन श्रेष्ठ को डेट कर रही हैं।
श्रद्धा कपूर ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपनी एक तस्वीर शेयर की है। इन तस्वीरों में वह दुल्हन के लिबास में नजर आ रही हैं। उन्होंने हाल ही में फाल्गुनी शाने पीकॉक इंडिया के लिए फोटोशूट कराया है। इस फोटोशूट में श्रद्धा ने उनके डिजाइन किए कई ब्राइडल लहंगे पहने हैं। आप तस्वीर में देख सकते हैं कि श्रद्धा ने प्योर रेड कलर का बेहद ही खूबसूरत लहंगा पहना हुआ है। इस लइंगे में वह वाकई बला की खूबसूरत नजर आ रही हैं। उनकी इस फोटो को देखकर फैंस काफी खुश नजर आ रहे हैं। वहीं कमेंट कर लगातार फैंस उनके लुक की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं।
| बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर फैंस के बीच हमेशा से ही अपनी क्यूटनेस के लिए पसंद की जाती हैं। उनकी एक मुस्कान पर करोड़ों फैंस अपना दिल हार बैठते हैं। श्रद्धा ने अपने एक्टिंग करियर में कई हिट फिल्में दी हैं। वह अपनी प्रोफेशनल लाइफ से कहीं ज्यादा अपनी पर्सनल और लव लाइफ को लेकर चर्चे में हैं। खबरों की मानें तो श्रद्धा पिछले काफी वक्त से रोहन श्रेष्ठ को डेट कर रही हैं। वहीं दोनों को कई मौकों पर एक साथ देखा भी गया है। लेकिन एक दूसरे को डेट करने की खबरों को लेकर कभी भी श्रद्धा और रोहन ने खुलकर बात नहीं की। कई बार तो उनकी शादी तक की खबरें खूब चर्चा में रहीं। शादी की खबरों के बीच अब श्रद्धा कपूर की शादी के जोड़े में तस्वीरें वायरल हो रही हैं। श्रद्धा ने अपने एक्टिंग करियर में कई हिट फिल्में दी हैं। वह अपनी प्रोफेशनल लाइफ से कहीं ज्यादा अपनी पर्सनल और लव लाइफ को लेकर चर्चे में हैं। खबरों की मानें तो श्रद्धा पिछले काफी वक्त से रोहन श्रेष्ठ को डेट कर रही हैं। श्रद्धा कपूर ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपनी एक तस्वीर शेयर की है। इन तस्वीरों में वह दुल्हन के लिबास में नजर आ रही हैं। उन्होंने हाल ही में फाल्गुनी शाने पीकॉक इंडिया के लिए फोटोशूट कराया है। इस फोटोशूट में श्रद्धा ने उनके डिजाइन किए कई ब्राइडल लहंगे पहने हैं। आप तस्वीर में देख सकते हैं कि श्रद्धा ने प्योर रेड कलर का बेहद ही खूबसूरत लहंगा पहना हुआ है। इस लइंगे में वह वाकई बला की खूबसूरत नजर आ रही हैं। उनकी इस फोटो को देखकर फैंस काफी खुश नजर आ रहे हैं। वहीं कमेंट कर लगातार फैंस उनके लुक की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। |
(२) संसद के सदस्या को मत संख्या का योग सत्र राज्या के विधान सभा के सदस्यों की मत-मख्या के बराबर रखा गया है । इसका कारण यह है कि ससद् के सदस्य भी सम्पूर्ण भारत की जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करते हैं। तथा विधान सभाओ के सदस्य भी सम्पूर्ण भारत की जनसस्या का प्रतिनिधित्व करते हैं । इसलिए दोनों को राष्ट्रपति के निर्वाचन मे समान होना चाहिए ।
(३) राज्यों की विधान सभाओं के निर्वाचित सदस्य भी राष्ट्रपति वे निर्वाचन में भाग लेंगे। इसका कारण यह बतलाया गया है कि ससद में साना रणतः एक ही दल का बहुमन होगा तथा वही दल मन्त्रिमंडल का भी निर्माण करेगा। इसलिए अगर केवल मसद् को ही राष्ट्रपति के निर्वाचन का अधिकार होता तो यह भय था कि बहुमत दल किसी ऐसे व्यक्ति को राष्ट्रपति चुनता जो कि उनका ही समर्थक होता। परन्तु यह उचित नहीं होता। इसलिए विधाननिर्माताओं ने राज्यो को भी राष्ट्रपति के निर्वाचन में भाग लेने का अधिकार दिया है ।
राष्ट्रपति के लिए योग्यताएँ -- राष्ट्रपति होने के लिए निम्नलिखित योग्यताएं होनी चाहिये ।
भारत का नागरिक हो ।
पैंतीस की आयु पूरी कर चुका हो ।
लोक सभा के लिए सदस्य निर्वाचित होने की योग्यता रखता हो ।
(द) भारत सरकार के प्रथवा किसी राज्य की सरकार के अधीन या इन सरकारों से नियन्त्रित किसी स्थानीय या अन्य अधिकारी के अधीन कोई लाभ का पद न धारण किय हुए हो । परन्तु लाभ के पद के अन्तर्गत राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति, राज्यपाल अथवा मघ या राज्या के मन्त्रियो का पद नही समझा जावेगा। इससे यह तालन है कि ये लोग सरकारी नौकरी में होते हुए भी राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार हा सकते है ।
(घ ) जो व्यक्ति राष्ट्रपति के रूप में पद ग्रहण कर रहा है अथवा कर चुका है वह पुन अगर उसमें उपरोक्त याग्यताएँ वर्त्तमान है राष्ट्रपति पद के लिए उम्मेदवार हा सकता है । अमेरिका में पहले एक अधिसमय बन गया था कि कोई भी व्यक्ति राष्ट्रपति पद के लिए दो बार से अधिक नही चुना जावेगा। परन्तु रुजवेल्ट ( एफ० डी० ) ने चार बार निर्वाचित होकर इस अविसमय को भग कर दिया । परन्तु after afवधान में ही यह
संशोधन हो गया है कि कोई व्यक्ति दो वार से अधिक इस पद के लिये निर्वाचित नहीं होगा ।
अन्य शर्ते - (अ) राष्ट्रपति न तो ससद के किसी सदन का और न विपी राज्य के विधान-मण्डल के सदन का सदस्य होगा। अगर मसद के किसी सदन का, अथवा किसी राज्य के विधान-मण्डल के सदन का सदस्य राष्ट्रपति निर्वाचित हो जाये, तो राष्ट्रपति के रूप में पद ग्रहण की तारीख से उसकी उम सदन की सदस्यता का अपने आप अन्त हो जावेगा।
(व) राष्ट्रपति अन्य कोई लाभ का पद धारण न करेगा। यह उपबन्ध इसलिये रखा गया है ताकि राष्ट्रपति अपना सम्पूर्ण समय अपने पद के कर्त्तव्या व निवाहने में ही लगावे तथा वह अन्य किमी उद्देश्य से प्रभावित न होगा । जो मनुष्य कोई अन्य आर्थिक लाभ का पद धारण किये होगा वह स्वभावत ही अपनी राष्ट्रपति पद की शक्तिया को उस मस्या अथवा व्यक्ति के हितार्थ उपयोग करने को चेप्टा करेगा जिसके नीचे वह आर्थिक लाभ का पद ग्रहण किये हुये है।
पदावधि - राष्ट्रपति अपने पद ग्रहण की तारीख स ५ वर्ष की अवधि तक पद धारण करेगा। परन्तु यह अवधि कुछ दशाओ में कम हो सकती है
(क) अगर राष्ट्रपति ५ वर्ष से पूर्व ही त्यागपत्र दे दें। इससे उसक हस्ताक्षर होने चाहिये। यह त्यागपत्र उपराष्ट्रपति को सम्बोधित किया जायेगा । उपराष्ट्रपति इसकी सूचना एकदम लोकसभा के अध्यक्ष को देगा ।
(ख) अगर राष्ट्रपति संविधान का अतिक्रमण करे तो वह ससद् द्वारा महाभियोग से अपने पद से हटाया जा सकेगा।
रिक्त स्थान पूर्ति नये राष्ट्रपति का निर्वाचन पहले राष्ट्रपति की पदावधि पूरी होने से पूर्व ही कर दिया जायेगा। राष्ट्रपति अपने पद की समाप्ति हो जाने पर भी अपने उत्तराधिकारी के पद ग्रहण करने तक पद धारण किये रहेगा । यदि किमी राष्ट्रपति का पद पूरी अवधि से पहिले ही रिक्त हो जावे, जैसे उसकी मृत्यु हो जावे या वह पद त्याग दे, या वह महाभियोग द्वारा हटाया जावे, तो उस दत्ता में पद रिक्त होने के ६ मास बीतने के पहिले हो नये राष्ट्रपति का निर्वाचन किया जावेगा। नया राष्ट्रपति पद ग्रहण की तारीख से ५ वर्ष
तक अपने पद पर रहेगा। ऐसे अवसरों पर नये राष्ट्रपति के चुनाव तक उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति के रूप में कार्य करेगा ।
राष्ट्रपति का वेतन आदि - राष्ट्रपति के लिये, संविधान द्वारा १०,०० रु० मासिक वेतन निश्चित किया गया है । इसके अतिरिक्त उसको रहने के लिये एक निवास स्थान दिया जायगा । उसको इसका किराया नहीं देना होगा । राष्ट्रपति को अन्य भत्ते आदि भी दिये जायेगे। जब तक इनका निश्चय ससद् नहीं करेगी तब तक राष्ट्रपति प्रति वर्ष लगभग १५,२६,००० रुपये यात्रा, सत्कार भत्ते, अनुदान, आदि पर व्यय कर सकता है। उसके कार्यकाल में उसके भत्ते, आदि नहीं घटाये जायेंगे । यद्यपि पहले के गवर्नर जनरलों को तुलना में राष्ट्रपति का वेतन भत्ते आदि बहुत कम है, तथापि यह भी सत्य है कि हमारी आर्थिक अवस्था को देखते हुये यह काफी ऊँचे रखे गये है ।
महाभियोग - राष्ट्रपति अपने पद से ५ वर्ष की अवधि समाप्त होने के पूर्व भी हटाया जा सकता है । इसके लिये संविधान में महाभियोग का उपबन्ध है । अगर कोई राष्ट्रपति संविधान का अतिक्रमण कर रहा है तो ससद् का कोई भी सदन उसके विरुद्ध महाभियोग का प्रस्ताव रख सकता है। ऐसे प्रस्ताव को उस सदन के कम से कम एक-चौथाई सदस्यों के हस्ताक्षर प्राप्त होने चाहिये । यह दिखलायेगा कि इन सदस्यों का समर्थन उसे प्राप्त है। इस प्रस्ताव की सूचना कम से कम १४ दिन पूर्व देनी चाहिये। अगर यह प्रस्ताव उस सदन कम से कम दो-तिहाई बहुमत से पास हो गया तो यह दूसरे सदन को भेजा जावगा । यह दूसरा सदन राष्ट्रपति के विरुद्ध दोषारोपण का अनुसंधान करेगा या करायेगा । राष्ट्रपति को यह अधिकार है कि वह इस अनुसंधान मे उपस्थित हो सकता है, या अपना प्रतिनिधि भेज सकता है। अगर प्रधान के फलस्वरूप दूसरा भवन दो तिहाई बहुमत से दोषोरोपणो को मान ले तो प्रस्ताव पास हो जावेगा। इसका फल होगा कि राष्ट्रपति को उस तारीख से पद-त्याग करना होगा। राष्ट्रपति इसके विरुद्ध कोई अपील नही कर सकता है ।
इस महाभियोग की व्यवस्था संविधान में इस कारण की गई है जिससे राष्ट्रपति अपनी शक्तियो तथा अधिकारों का दुरुपयोग न करे। क्योकि सविधान में वही पर ऐसा उपबन्ध नही है कि राष्ट्रपति अपने मन्त्रिमण्डल की राय मान हो ।
अमेरिका के संविधान में भी राष्ट्रपति के विरुद्ध महाभियोग की व्यवस्था है । परन्तु अन्तर यह है कि भारत में ससद् वा कोई भी भवन दोषारोपण पर विचार तथा निर्णय कर सकता है जबकि दूसरे सदन ने दोपारापण लगाया
संघीय-काय पालिका राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति १३३
हो परन्तु अमेरिका में वेवल सीनेट ही इसका निर्णय करती है । व्यवस्थापिका (कांग्रेस) के निचले भवन को इसके निर्णय का अधिकार नहीं है ।
राष्ट्रपति द्वारा शपथ - प्रत्येक राष्ट्रपति और प्रत्येक व्यक्ति जो राष्ट्रपति के रूप में काम कर रहा है, अपने पद ग्रहण से पूर्व भारत के मुख्य न्याया धिपति के समक्ष निम्न रूप में शपथ करेगा तथा उसमे हस्ताक्षर करेगा
'मै 'अमुक, ईश्वर की शपथ लेता है। सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञा करता कि मैं श्रद्धापूर्वक भारत के राष्ट्रपति पद वा कार्यपालन ( अथवा राष्ट्रपति के कृत्य का निर्वहन ) कस्गा तथा अपनी पूरी योग्यता से संविधान और विधि का परिरक्षण, मरक्षण और प्रतिरण करुगा और में भारत की जनता की सेवा और कल्याण में निरत रहूँगा ।
[अन्तकालीन व्यवस्था -- ऊपर राष्ट्रपति के निर्वाचन की विधि तथा अन्य उससे सम्बन्धित वाता का वर्णन किया गया है। इस प्रकार राष्ट्रपति की निर्वाचन सर्वप्रथम मई १९५२ मे जब कि सघ तथा गज्या में ग्राम- निर्वाचना के पश्चात् नई व्यवस्थापिका का निर्माण हो गया था तब हुआ । परन्तु भार तीय संविधान २६ जनवरी १९५० से लागू हो गया था। अर्न्तवाल के लिये राष्ट्रपति चाहिये था । इसलिये संविधान सभा को ही संविधान के अनुसार यह अधिकार दे दिया गया था कि वह एक अर्न्तकालीन राष्ट्रपति का निर्वाचन कर दे । उस समय डा० राजेन्द्र प्रसाद भारत के प्रथम राष्ट्रपति सर्वसम्मति से चुने गये थे। (२५ जनवरी, १९५०) ।
र मई १६५२ का राष्ट्रपति का चुनाव - राष्ट्रपति के लिये ससद् के निर्वा चित सदस्य तथा राज्या को विधान सभाओं के निर्वाचित सदस्यों की कुल संख्या ४,०५७ थी । इसमे ४९५ लोक सभा के २०४ राज्य परिषद के तथा ३,३५८ क ख तथा ग वग के राज्यों की विधान सभाओं के निर्वाचित सदस्य थे । इनमें काश्मीर की संविधान सभा के ८५ सदस्य भी शामिल है। काश्मीर के ससद् वे १० सदस्यों का भी निर्वाचन मे मत प्रदान का अधिकार मिला। काश्मीर के सदस्या को इस अधिकार को प्रदान करने के लिये राष्ट्रपति ने The Constitution (Applicable to Jammu and Kashmir) (Amendment ) Order, 1952' की घोषणा की।
राष्ट्रपति के निर्वाचन में विभिन्न राज्यो को विधान सभाओ के सदस्यों को निम्न सस्था में मताधिकार प्राप्त हुआ | संसद के सदस्या को मत संख्या का योग सत्र राज्या के विधान सभा के सदस्यों की मत-मख्या के बराबर रखा गया है । इसका कारण यह है कि ससद् के सदस्य भी सम्पूर्ण भारत की जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करते हैं। तथा विधान सभाओ के सदस्य भी सम्पूर्ण भारत की जनसस्या का प्रतिनिधित्व करते हैं । इसलिए दोनों को राष्ट्रपति के निर्वाचन मे समान होना चाहिए । राज्यों की विधान सभाओं के निर्वाचित सदस्य भी राष्ट्रपति वे निर्वाचन में भाग लेंगे। इसका कारण यह बतलाया गया है कि ससद में साना रणतः एक ही दल का बहुमन होगा तथा वही दल मन्त्रिमंडल का भी निर्माण करेगा। इसलिए अगर केवल मसद् को ही राष्ट्रपति के निर्वाचन का अधिकार होता तो यह भय था कि बहुमत दल किसी ऐसे व्यक्ति को राष्ट्रपति चुनता जो कि उनका ही समर्थक होता। परन्तु यह उचित नहीं होता। इसलिए विधाननिर्माताओं ने राज्यो को भी राष्ट्रपति के निर्वाचन में भाग लेने का अधिकार दिया है । राष्ट्रपति के लिए योग्यताएँ -- राष्ट्रपति होने के लिए निम्नलिखित योग्यताएं होनी चाहिये । भारत का नागरिक हो । पैंतीस की आयु पूरी कर चुका हो । लोक सभा के लिए सदस्य निर्वाचित होने की योग्यता रखता हो । भारत सरकार के प्रथवा किसी राज्य की सरकार के अधीन या इन सरकारों से नियन्त्रित किसी स्थानीय या अन्य अधिकारी के अधीन कोई लाभ का पद न धारण किय हुए हो । परन्तु लाभ के पद के अन्तर्गत राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति, राज्यपाल अथवा मघ या राज्या के मन्त्रियो का पद नही समझा जावेगा। इससे यह तालन है कि ये लोग सरकारी नौकरी में होते हुए भी राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार हा सकते है । जो व्यक्ति राष्ट्रपति के रूप में पद ग्रहण कर रहा है अथवा कर चुका है वह पुन अगर उसमें उपरोक्त याग्यताएँ वर्त्तमान है राष्ट्रपति पद के लिए उम्मेदवार हा सकता है । अमेरिका में पहले एक अधिसमय बन गया था कि कोई भी व्यक्ति राष्ट्रपति पद के लिए दो बार से अधिक नही चुना जावेगा। परन्तु रुजवेल्ट ने चार बार निर्वाचित होकर इस अविसमय को भग कर दिया । परन्तु after afवधान में ही यह संशोधन हो गया है कि कोई व्यक्ति दो वार से अधिक इस पद के लिये निर्वाचित नहीं होगा । अन्य शर्ते - राष्ट्रपति न तो ससद के किसी सदन का और न विपी राज्य के विधान-मण्डल के सदन का सदस्य होगा। अगर मसद के किसी सदन का, अथवा किसी राज्य के विधान-मण्डल के सदन का सदस्य राष्ट्रपति निर्वाचित हो जाये, तो राष्ट्रपति के रूप में पद ग्रहण की तारीख से उसकी उम सदन की सदस्यता का अपने आप अन्त हो जावेगा। राष्ट्रपति अन्य कोई लाभ का पद धारण न करेगा। यह उपबन्ध इसलिये रखा गया है ताकि राष्ट्रपति अपना सम्पूर्ण समय अपने पद के कर्त्तव्या व निवाहने में ही लगावे तथा वह अन्य किमी उद्देश्य से प्रभावित न होगा । जो मनुष्य कोई अन्य आर्थिक लाभ का पद धारण किये होगा वह स्वभावत ही अपनी राष्ट्रपति पद की शक्तिया को उस मस्या अथवा व्यक्ति के हितार्थ उपयोग करने को चेप्टा करेगा जिसके नीचे वह आर्थिक लाभ का पद ग्रहण किये हुये है। पदावधि - राष्ट्रपति अपने पद ग्रहण की तारीख स पाँच वर्ष की अवधि तक पद धारण करेगा। परन्तु यह अवधि कुछ दशाओ में कम हो सकती है अगर राष्ट्रपति पाँच वर्ष से पूर्व ही त्यागपत्र दे दें। इससे उसक हस्ताक्षर होने चाहिये। यह त्यागपत्र उपराष्ट्रपति को सम्बोधित किया जायेगा । उपराष्ट्रपति इसकी सूचना एकदम लोकसभा के अध्यक्ष को देगा । अगर राष्ट्रपति संविधान का अतिक्रमण करे तो वह ससद् द्वारा महाभियोग से अपने पद से हटाया जा सकेगा। रिक्त स्थान पूर्ति नये राष्ट्रपति का निर्वाचन पहले राष्ट्रपति की पदावधि पूरी होने से पूर्व ही कर दिया जायेगा। राष्ट्रपति अपने पद की समाप्ति हो जाने पर भी अपने उत्तराधिकारी के पद ग्रहण करने तक पद धारण किये रहेगा । यदि किमी राष्ट्रपति का पद पूरी अवधि से पहिले ही रिक्त हो जावे, जैसे उसकी मृत्यु हो जावे या वह पद त्याग दे, या वह महाभियोग द्वारा हटाया जावे, तो उस दत्ता में पद रिक्त होने के छः मास बीतने के पहिले हो नये राष्ट्रपति का निर्वाचन किया जावेगा। नया राष्ट्रपति पद ग्रहण की तारीख से पाँच वर्ष तक अपने पद पर रहेगा। ऐसे अवसरों पर नये राष्ट्रपति के चुनाव तक उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति के रूप में कार्य करेगा । राष्ट्रपति का वेतन आदि - राष्ट्रपति के लिये, संविधान द्वारा दस,शून्य रुपयाशून्य मासिक वेतन निश्चित किया गया है । इसके अतिरिक्त उसको रहने के लिये एक निवास स्थान दिया जायगा । उसको इसका किराया नहीं देना होगा । राष्ट्रपति को अन्य भत्ते आदि भी दिये जायेगे। जब तक इनका निश्चय ससद् नहीं करेगी तब तक राष्ट्रपति प्रति वर्ष लगभग पंद्रह,छब्बीस,शून्य रुपयापये यात्रा, सत्कार भत्ते, अनुदान, आदि पर व्यय कर सकता है। उसके कार्यकाल में उसके भत्ते, आदि नहीं घटाये जायेंगे । यद्यपि पहले के गवर्नर जनरलों को तुलना में राष्ट्रपति का वेतन भत्ते आदि बहुत कम है, तथापि यह भी सत्य है कि हमारी आर्थिक अवस्था को देखते हुये यह काफी ऊँचे रखे गये है । महाभियोग - राष्ट्रपति अपने पद से पाँच वर्ष की अवधि समाप्त होने के पूर्व भी हटाया जा सकता है । इसके लिये संविधान में महाभियोग का उपबन्ध है । अगर कोई राष्ट्रपति संविधान का अतिक्रमण कर रहा है तो ससद् का कोई भी सदन उसके विरुद्ध महाभियोग का प्रस्ताव रख सकता है। ऐसे प्रस्ताव को उस सदन के कम से कम एक-चौथाई सदस्यों के हस्ताक्षर प्राप्त होने चाहिये । यह दिखलायेगा कि इन सदस्यों का समर्थन उसे प्राप्त है। इस प्रस्ताव की सूचना कम से कम चौदह दिन पूर्व देनी चाहिये। अगर यह प्रस्ताव उस सदन कम से कम दो-तिहाई बहुमत से पास हो गया तो यह दूसरे सदन को भेजा जावगा । यह दूसरा सदन राष्ट्रपति के विरुद्ध दोषारोपण का अनुसंधान करेगा या करायेगा । राष्ट्रपति को यह अधिकार है कि वह इस अनुसंधान मे उपस्थित हो सकता है, या अपना प्रतिनिधि भेज सकता है। अगर प्रधान के फलस्वरूप दूसरा भवन दो तिहाई बहुमत से दोषोरोपणो को मान ले तो प्रस्ताव पास हो जावेगा। इसका फल होगा कि राष्ट्रपति को उस तारीख से पद-त्याग करना होगा। राष्ट्रपति इसके विरुद्ध कोई अपील नही कर सकता है । इस महाभियोग की व्यवस्था संविधान में इस कारण की गई है जिससे राष्ट्रपति अपनी शक्तियो तथा अधिकारों का दुरुपयोग न करे। क्योकि सविधान में वही पर ऐसा उपबन्ध नही है कि राष्ट्रपति अपने मन्त्रिमण्डल की राय मान हो । अमेरिका के संविधान में भी राष्ट्रपति के विरुद्ध महाभियोग की व्यवस्था है । परन्तु अन्तर यह है कि भारत में ससद् वा कोई भी भवन दोषारोपण पर विचार तथा निर्णय कर सकता है जबकि दूसरे सदन ने दोपारापण लगाया संघीय-काय पालिका राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति एक सौ तैंतीस हो परन्तु अमेरिका में वेवल सीनेट ही इसका निर्णय करती है । व्यवस्थापिका के निचले भवन को इसके निर्णय का अधिकार नहीं है । राष्ट्रपति द्वारा शपथ - प्रत्येक राष्ट्रपति और प्रत्येक व्यक्ति जो राष्ट्रपति के रूप में काम कर रहा है, अपने पद ग्रहण से पूर्व भारत के मुख्य न्याया धिपति के समक्ष निम्न रूप में शपथ करेगा तथा उसमे हस्ताक्षर करेगा 'मै 'अमुक, ईश्वर की शपथ लेता है। सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञा करता कि मैं श्रद्धापूर्वक भारत के राष्ट्रपति पद वा कार्यपालन कस्गा तथा अपनी पूरी योग्यता से संविधान और विधि का परिरक्षण, मरक्षण और प्रतिरण करुगा और में भारत की जनता की सेवा और कल्याण में निरत रहूँगा । [अन्तकालीन व्यवस्था -- ऊपर राष्ट्रपति के निर्वाचन की विधि तथा अन्य उससे सम्बन्धित वाता का वर्णन किया गया है। इस प्रकार राष्ट्रपति की निर्वाचन सर्वप्रथम मई एक हज़ार नौ सौ बावन मे जब कि सघ तथा गज्या में ग्राम- निर्वाचना के पश्चात् नई व्यवस्थापिका का निर्माण हो गया था तब हुआ । परन्तु भार तीय संविधान छब्बीस जनवरी एक हज़ार नौ सौ पचास से लागू हो गया था। अर्न्तवाल के लिये राष्ट्रपति चाहिये था । इसलिये संविधान सभा को ही संविधान के अनुसार यह अधिकार दे दिया गया था कि वह एक अर्न्तकालीन राष्ट्रपति का निर्वाचन कर दे । उस समय डाशून्य राजेन्द्र प्रसाद भारत के प्रथम राष्ट्रपति सर्वसम्मति से चुने गये थे। । र मई एक हज़ार छः सौ बावन का राष्ट्रपति का चुनाव - राष्ट्रपति के लिये ससद् के निर्वा चित सदस्य तथा राज्या को विधान सभाओं के निर्वाचित सदस्यों की कुल संख्या चार,सत्तावन थी । इसमे चार सौ पचानवे लोक सभा के दो सौ चार राज्य परिषद के तथा तीन,तीन सौ अट्ठावन क ख तथा ग वग के राज्यों की विधान सभाओं के निर्वाचित सदस्य थे । इनमें काश्मीर की संविधान सभा के पचासी सदस्य भी शामिल है। काश्मीर के ससद् वे दस सदस्यों का भी निर्वाचन मे मत प्रदान का अधिकार मिला। काश्मीर के सदस्या को इस अधिकार को प्रदान करने के लिये राष्ट्रपति ने The Constitution Order, एक हज़ार नौ सौ बावन' की घोषणा की। राष्ट्रपति के निर्वाचन में विभिन्न राज्यो को विधान सभाओ के सदस्यों को निम्न सस्था में मताधिकार प्राप्त हुआ |
[ गाथा १०
समयाधिक है, किन्तु अतिस्थापना पूर्व से एकसमय बढ़ जाती है । उपरितन-उपरितनस्थितिवाले निषेकोके द्रव्यका अपकर्षण होनेपर जघन्यनिक्षेपको अवस्थितकरके अतिस्थापना एक एकसमयके क्रमसे तब तक बढानी चाहिए जबतक समयाधिकत्रिभाग निक्षेपके ऊपर एक आवलिप्रमाण उत्कृष्ट अतिस्थापना नहीं हो जाती । उसके पश्चात् आवलिप्रमाण अतिस्थापनाको अवस्थित करके एक-एकसमयके प्रमाणसे निक्षेपको तब तक बढाना चाहिए जबतक उत्कृष्ट निक्षेप हो जावे । उत्कृष्ट निक्षेपका प्रमाण समयाधिक दो आवलिकम उत्कृष्ट स्थितिप्रमाण है जो इसप्रकार है- कषायकी उत्कृष्ट स्थिति चालीसकोडाकोड़ो सागरप्रमाण बांधकर पुनः बधावलिकाल बितानेपर ४० कोड़ाकोड़ीसागरकी उत्कृष्ट स्थिति एक आवलिप्रमाण कम होगई । बधावलिके व्यतीत हो जानेपर अग्रस्थितिके द्रव्यको अपकर्षणकर अग्रस्थितिके नीचे एक आवलिप्रमाण अतिस्थापना छोड़कर नीचे उदयस्थितिपर्यन्त वह अपकर्षण किया हुआ द्रव्य दिया जाता है। इस प्रकार बन्धावलि, अग्रस्थिति, अतिस्थापनावलि अर्थात् समयाधिक दो आवलिप्रमाणको कर्मस्थितिमेसे कम करनेपर स्थिति अपकर्षणसम्बन्धी उत्कृष्ट निक्षेपका प्रमाण होता है ।
मानाकि उत्कृष्टस्थितिका प्रमाण १००० समय है, आवलिका प्रमाण १६ समय । स्थितिअपकर्षणसम्बन्धी जघन्यनिक्षेप व अतिस्थापना इसप्रकार है - उदयावलिके १६ समय, उदयावलिके अनन्तर ऊपर १७वे निषेकका अपकर्षणकरके उदयावलिमें देना है । एकसमयकम आवलि (१६ - १ = १५) का दो त्रिभाग ( १५ x ) १० समय अर्थात् ७वें निषेकसे १६ वें निषेकतक अतिस्थापना है और एकसमय अधिक त्रिभाग (१५ × े +१=६) ६ समय निक्षेप है अर्थात् प्रथमनिषेक से छठे निषेकतक निक्षप है । १८वें समयसम्बन्धी निषेक के द्रव्यका अपकर्षण होनेपर पूर्ववत् प्रथम ६ निपेक तो निक्षेप हैं और ७वें निषेक से १८वें निषेकतक ११ निषेक अतिस्थापनारूप हैं । इसीप्रकार १९वे निषेकका अपकर्षण होनेपर १२ निषेक ओर २०वे निषेकका अपकर्षण होनेपर १३ निषेक अतिस्थापनारूप होते है, किन्तु निक्षेप पूर्ववत् ६ समय ही है । इस प्रकार एक एकसमय बढते २३वे निषेकसम्बन्धी द्रव्यका अपकर्षण होनेपर अतिस्थापना १६ समयप्रमाण एकआवलि हो जाती है, किन्तु निक्षेप प्रथम ६ समय प्रमाण है । २४वे निषेक के द्रव्यका अपकर्णण होनेपर अतिस्थापना तो पूर्ववत् १६ समयप्रमाण और निक्षेप एकसमय बढ़ जाता है अर्थात् प्रथमसात निषेको में द्रव्यसिंचित किया जाता है । इसके
गाया ११ ]
आगे अतिस्थापनाका प्रमाण तो अवस्थित उपरितनएकआवलिप्रमाण है और निक्षेप एकएकसमय बढ़ता जाता है ।
उत्कृष्ट निक्षेप - उत्कृष्ट स्थितिबन्धका प्रमाण १००० समय है । १६ समय बन्धावलिके व्यतीत होनेपर स्थिति १००० - १६ =९८४ समयप्रमाण शेष रह जाती है । ६८४वे समयवाले निषेक के द्रव्यका अपकर्षण होनेपर ९७८ से १८३ तक १६ निषेक तो अतिस्थापनारूप हैं और प्रथमनिषेकसे १७७ निषेकतक निक्षेप हैं । यह उत्कृष्ट निक्षेपकी अङ्कसन्दृष्टि है ।
शंकाः-क्षपकश्रेणिके कथनमे सांसारिक अवस्थाके उत्कृष्ट निक्षेपका प्रमाण बतलाना असम्बद्ध है। फिर क्यो यह कथन किया गया ?
समाधानः - प्रसङ्गवश अपकर्षणसम्बन्धी यह कथन किया गया । इस प्ररूपणा में कोई दोष नहीं है । यहां अल्पबहुत्व इसप्रकार है- 'एकसमयकम आवलिके तृतीयभागसे एक समयाधिक ( ६ ) जघन्यनिक्षेत्रका प्रमाण है जो सबसे स्तोक है, इससे अधिक जघन्यअतिस्थापना है जिसका प्रमाण एकसमयकमआवलिके दो त्रिभाग (१०) है । इससे विशेष अधिक उत्कृष्ट अतिस्थापनावलि ( १६ ) प्रमाण है । उत्कृष्ट निक्षेप इससे असंख्यातगुणा है, क्योकि वह समयाधिक दोआवलिकम उत्कृष्ट स्थितिप्रमाण है ।
अनुभागविषयक अपकर्षणसम्बन्धी जघन्य व उत्कृष्ट निक्षेप व अतिस्थापनाका प्रमाण जानना चाहिए । स्थिति अनुभागविषयक उत्कर्षणसम्बन्धी जघन्य व उत्कृष्ट अतिस्थापना व निक्षेपका कथन आगे किया जावेगा अतः यहां नहीं किया है ।
'संकामे दुक्कड्ड दि जे अंसे ते अवदा होति ।
वलियंसे काले तेण परं होंति भजिव्वा ॥११॥४०२॥
१. जयधवल मूल पृष्ठ २००४ ।
२. यह गाथा क० पा० की १५३ वी गाथाके समान है, किन्तु 'दुक्कट्टदि' और 'भजियव्व' के स्थान पर क्रमशः दुक्कड्डुदि' और 'भजिदव्वा' पाठ है जो शुद्धप्रतीत होते हैं अतः यहा शुद्धपाठ क० पा० के अनुसार ही प्रयुक्त किये है। यह गाथा धवल पु० पृष्ठ ३४६ पर भी पाई जाती है । तथा जयधवल मूल पृष्ठ २००५, क० पा० सुत्त पृष्ठ ७७७ पर भी है । | [ गाथा दस समयाधिक है, किन्तु अतिस्थापना पूर्व से एकसमय बढ़ जाती है । उपरितन-उपरितनस्थितिवाले निषेकोके द्रव्यका अपकर्षण होनेपर जघन्यनिक्षेपको अवस्थितकरके अतिस्थापना एक एकसमयके क्रमसे तब तक बढानी चाहिए जबतक समयाधिकत्रिभाग निक्षेपके ऊपर एक आवलिप्रमाण उत्कृष्ट अतिस्थापना नहीं हो जाती । उसके पश्चात् आवलिप्रमाण अतिस्थापनाको अवस्थित करके एक-एकसमयके प्रमाणसे निक्षेपको तब तक बढाना चाहिए जबतक उत्कृष्ट निक्षेप हो जावे । उत्कृष्ट निक्षेपका प्रमाण समयाधिक दो आवलिकम उत्कृष्ट स्थितिप्रमाण है जो इसप्रकार है- कषायकी उत्कृष्ट स्थिति चालीसकोडाकोड़ो सागरप्रमाण बांधकर पुनः बधावलिकाल बितानेपर चालीस कोड़ाकोड़ीसागरकी उत्कृष्ट स्थिति एक आवलिप्रमाण कम होगई । बधावलिके व्यतीत हो जानेपर अग्रस्थितिके द्रव्यको अपकर्षणकर अग्रस्थितिके नीचे एक आवलिप्रमाण अतिस्थापना छोड़कर नीचे उदयस्थितिपर्यन्त वह अपकर्षण किया हुआ द्रव्य दिया जाता है। इस प्रकार बन्धावलि, अग्रस्थिति, अतिस्थापनावलि अर्थात् समयाधिक दो आवलिप्रमाणको कर्मस्थितिमेसे कम करनेपर स्थिति अपकर्षणसम्बन्धी उत्कृष्ट निक्षेपका प्रमाण होता है । मानाकि उत्कृष्टस्थितिका प्रमाण एक हज़ार समय है, आवलिका प्रमाण सोलह समय । स्थितिअपकर्षणसम्बन्धी जघन्यनिक्षेप व अतिस्थापना इसप्रकार है - उदयावलिके सोलह समय, उदयावलिके अनन्तर ऊपर सत्रहवे निषेकका अपकर्षणकरके उदयावलिमें देना है । एकसमयकम आवलि का दो त्रिभाग दस समय अर्थात् सातवें निषेकसे सोलह वें निषेकतक अतिस्थापना है और एकसमय अधिक त्रिभाग छः समय निक्षेप है अर्थात् प्रथमनिषेक से छठे निषेकतक निक्षप है । अट्ठारहवें समयसम्बन्धी निषेक के द्रव्यका अपकर्षण होनेपर पूर्ववत् प्रथम छः निपेक तो निक्षेप हैं और सातवें निषेक से अट्ठारहवें निषेकतक ग्यारह निषेक अतिस्थापनारूप हैं । इसीप्रकार उन्नीसवे निषेकका अपकर्षण होनेपर बारह निषेक ओर बीसवे निषेकका अपकर्षण होनेपर तेरह निषेक अतिस्थापनारूप होते है, किन्तु निक्षेप पूर्ववत् छः समय ही है । इस प्रकार एक एकसमय बढते तेईसवे निषेकसम्बन्धी द्रव्यका अपकर्षण होनेपर अतिस्थापना सोलह समयप्रमाण एकआवलि हो जाती है, किन्तु निक्षेप प्रथम छः समय प्रमाण है । चौबीसवे निषेक के द्रव्यका अपकर्णण होनेपर अतिस्थापना तो पूर्ववत् सोलह समयप्रमाण और निक्षेप एकसमय बढ़ जाता है अर्थात् प्रथमसात निषेको में द्रव्यसिंचित किया जाता है । इसके गाया ग्यारह ] आगे अतिस्थापनाका प्रमाण तो अवस्थित उपरितनएकआवलिप्रमाण है और निक्षेप एकएकसमय बढ़ता जाता है । उत्कृष्ट निक्षेप - उत्कृष्ट स्थितिबन्धका प्रमाण एक हज़ार समय है । सोलह समय बन्धावलिके व्यतीत होनेपर स्थिति एक हज़ार - सोलह =नौ सौ चौरासी समयप्रमाण शेष रह जाती है । छः सौ चौरासीवे समयवाले निषेक के द्रव्यका अपकर्षण होनेपर नौ सौ अठहत्तर से एक सौ तिरासी तक सोलह निषेक तो अतिस्थापनारूप हैं और प्रथमनिषेकसे एक सौ सतहत्तर निषेकतक निक्षेप हैं । यह उत्कृष्ट निक्षेपकी अङ्कसन्दृष्टि है । शंकाः-क्षपकश्रेणिके कथनमे सांसारिक अवस्थाके उत्कृष्ट निक्षेपका प्रमाण बतलाना असम्बद्ध है। फिर क्यो यह कथन किया गया ? समाधानः - प्रसङ्गवश अपकर्षणसम्बन्धी यह कथन किया गया । इस प्ररूपणा में कोई दोष नहीं है । यहां अल्पबहुत्व इसप्रकार है- 'एकसमयकम आवलिके तृतीयभागसे एक समयाधिक जघन्यनिक्षेत्रका प्रमाण है जो सबसे स्तोक है, इससे अधिक जघन्यअतिस्थापना है जिसका प्रमाण एकसमयकमआवलिके दो त्रिभाग है । इससे विशेष अधिक उत्कृष्ट अतिस्थापनावलि प्रमाण है । उत्कृष्ट निक्षेप इससे असंख्यातगुणा है, क्योकि वह समयाधिक दोआवलिकम उत्कृष्ट स्थितिप्रमाण है । अनुभागविषयक अपकर्षणसम्बन्धी जघन्य व उत्कृष्ट निक्षेप व अतिस्थापनाका प्रमाण जानना चाहिए । स्थिति अनुभागविषयक उत्कर्षणसम्बन्धी जघन्य व उत्कृष्ट अतिस्थापना व निक्षेपका कथन आगे किया जावेगा अतः यहां नहीं किया है । 'संकामे दुक्कड्ड दि जे अंसे ते अवदा होति । वलियंसे काले तेण परं होंति भजिव्वा ॥ग्यारह॥चार सौ दो॥ एक. जयधवल मूल पृष्ठ दो हज़ार चार । दो. यह गाथा कशून्य पाशून्य की एक सौ तिरेपन वी गाथाके समान है, किन्तु 'दुक्कट्टदि' और 'भजियव्व' के स्थान पर क्रमशः दुक्कड्डुदि' और 'भजिदव्वा' पाठ है जो शुद्धप्रतीत होते हैं अतः यहा शुद्धपाठ कशून्य पाशून्य के अनुसार ही प्रयुक्त किये है। यह गाथा धवल पुशून्य पृष्ठ तीन सौ छियालीस पर भी पाई जाती है । तथा जयधवल मूल पृष्ठ दो हज़ार पाँच, कशून्य पाशून्य सुत्त पृष्ठ सात सौ सतहत्तर पर भी है । |
Gurugram District Hospital: शहर के सेक्टर 10 में बने जिला अस्पताल के नए भवन में मरीजों को जल्द ही नई सुविधा मिलने वाली है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अब यहां पर मरीजों को सिटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा दी जाएगी। इस अस्पताल में सिटी स्कैन की सुविधा जहां पांच जुलाई तक शुरू हो जाएगी, वहीं एमआरआई मशीन यहां पर अगस्त माह में पहुंचेंगी। सिविल सर्जन डा. विरेंद्र यादव ने कहा कि यहां पर मरीजों की जांच के लिए पंद्रह दिनों में सिटी स्कैन मशीन और अगस्त तक एमआरआई मशीन शिफ्ट कर दी जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक करोड़ 60 लाख रुपये का बजट मिल चुका है।
बता दें कि, सेक्टर 10 में बने जिला अस्पताल में मरीजों को अब सभी स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही है, लेकिन मरीजों को अभी सीटी स्कैन और एमआरआई कराने के लिए पुराने अस्पताल की इमारत के ही चक्कर लगाने पड़ते हैं। जिससे काफी परेशानी हाती है। सिविल सर्जन ने कहा कि शहर के बीचो-बीच जिला अस्पताल की इमारत को अब तोड़ा जाना है। उसके स्थान पर नई इमारत बनाई जाएगी। इसी कारण सभी स्वास्थ्य सेवाएं सेक्टर दस अस्पताल इमारत में पहले ही शिफ्ट की जा चुकी हैं लेकिन सिटी स्कैन मशीन और एमआरआई मशीन की सेवाएं पुराने अस्पताल इमारत में ही चल रही हैं।
डॉ. यादव ने कहा कि विभाग की तरफ से सिटी स्कैन मशीन और एमआरआई मशीन शिफ्ट करने का बजट मिल चुका है। साथ ही सेक्टर 10 अस्पताल में सिटी स्कैन तथा एमआरआई मशीन के लिए बनाई जा रही इमारत भी अब बन कर तैयार हो चुकी है। अब सिर्फ फिनिसिंग का कार्य रह गया है, जो इस सप्ताह पूरा हो जाएगा। जिसके बाद पहले सिटी स्कैन मशीन शिफ्ट की जाएगी। ताकि पुराने भवन को तोड़ने का काम शुरू हो सके। दोनों मशनों के यहां पर शिफ्ट होने के बाद मरीजों की सबसे बड़ी समस्या का समाधान हो जाएगा।
| Gurugram District Hospital: शहर के सेक्टर दस में बने जिला अस्पताल के नए भवन में मरीजों को जल्द ही नई सुविधा मिलने वाली है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अब यहां पर मरीजों को सिटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा दी जाएगी। इस अस्पताल में सिटी स्कैन की सुविधा जहां पांच जुलाई तक शुरू हो जाएगी, वहीं एमआरआई मशीन यहां पर अगस्त माह में पहुंचेंगी। सिविल सर्जन डा. विरेंद्र यादव ने कहा कि यहां पर मरीजों की जांच के लिए पंद्रह दिनों में सिटी स्कैन मशीन और अगस्त तक एमआरआई मशीन शिफ्ट कर दी जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक करोड़ साठ लाख रुपये का बजट मिल चुका है। बता दें कि, सेक्टर दस में बने जिला अस्पताल में मरीजों को अब सभी स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही है, लेकिन मरीजों को अभी सीटी स्कैन और एमआरआई कराने के लिए पुराने अस्पताल की इमारत के ही चक्कर लगाने पड़ते हैं। जिससे काफी परेशानी हाती है। सिविल सर्जन ने कहा कि शहर के बीचो-बीच जिला अस्पताल की इमारत को अब तोड़ा जाना है। उसके स्थान पर नई इमारत बनाई जाएगी। इसी कारण सभी स्वास्थ्य सेवाएं सेक्टर दस अस्पताल इमारत में पहले ही शिफ्ट की जा चुकी हैं लेकिन सिटी स्कैन मशीन और एमआरआई मशीन की सेवाएं पुराने अस्पताल इमारत में ही चल रही हैं। डॉ. यादव ने कहा कि विभाग की तरफ से सिटी स्कैन मशीन और एमआरआई मशीन शिफ्ट करने का बजट मिल चुका है। साथ ही सेक्टर दस अस्पताल में सिटी स्कैन तथा एमआरआई मशीन के लिए बनाई जा रही इमारत भी अब बन कर तैयार हो चुकी है। अब सिर्फ फिनिसिंग का कार्य रह गया है, जो इस सप्ताह पूरा हो जाएगा। जिसके बाद पहले सिटी स्कैन मशीन शिफ्ट की जाएगी। ताकि पुराने भवन को तोड़ने का काम शुरू हो सके। दोनों मशनों के यहां पर शिफ्ट होने के बाद मरीजों की सबसे बड़ी समस्या का समाधान हो जाएगा। |
इस आहार के पालन के दौरान, मुख्यभोजन प्याज होगा इस मामले में बहुत ही प्रभावी है, अन्य अनुमति वाले उत्पादों के साथ संयोजन में प्याज सूप। यह आहार उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगा जो कार्डियोवास्कुलर सिस्टम के विभिन्न बीमारियों से पीड़ित हैं, क्योंकि प्याज में हमारे वाहिकाओं में उपस्थित एथरोस्क्लोरोटिक सजीले टुकड़े को कम करने की एक अद्वितीय क्षमता है।
तथ्य यह है कि कम से कम समय में आप सक्षम होंगेवजन कम, कहते हैं कि प्याज एक बहुत प्रभावी और उपयोगी आहार है प्याज सूप, समीक्षा जिस पर आप विभिन्न इंटरनेट संसाधनों पर पढ़ सकते हैं, वह मुख्य पकवान होगा जिसे आप उपयोग करेंगे यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि यह पकवान बहुत स्वादिष्ट और उपयोगी है, इसलिए रोजाना इसे भोजन के लिए लेना मुश्किल नहीं होगा। तो, कैसे प्याज सूप पकाने के लिए?
हम 6 छोटे बल्ब, सिर गोभी लेते हैं,अजवाइन और कुछ मीठे मिर्च सभी उत्पादों को अच्छी तरह से धोने और छोटे टुकड़ों में कटौती करने के लिए आवश्यक है, फिर उन्हें एक सॉस पैन में डाल दिया। फिर सब्जियों को ठंडे पानी से डालें, फिर आग लगा दीजिये। 15 मिनट के लिए उच्च गर्मी पर उबाल लें, फिर एक छोटी सी आग पर सब्जियां पकाने तक पूरी तैयारी, नमक और मौसम तक। यदि वांछित है, तो सूप में कुछ टमाटर जोड़ा जा सकता है।
2 एन डी दिन. किसी भी मात्रा में प्याज सूप फल, साथ ही कई बेक्ड आलू, मक्खन के साथ बनाया जा सकता है।
3 दिन. एक ही मात्रा और सब्जियों में सूप आप फल और बेक्ड आलू भी खा सकते हैं।
5 दिन. हम फलों और सब्जियां निकालते हैं इसे किसी भी मात्रा में उबले हुए मांस की एक छोटी राशि, साथ ही साथ टमाटर का उपयोग करने की अनुमति है।
7 वां दिन. प्याज सूप, उबला हुआ चावल (अधिमानतः भूरा), सब्जियां, साथ ही बिना चीनी के फल ताज़ा।
इस समय यह सलाह दी जाती है कि हम सामान्य पेय पीना न करें, बल्कि उन्हें हरी चाय और सादे पानी के साथ बदलें।
यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि उबला हुआ प्याज नहीं हैअप्रिय गंध और अगर हम प्याज सूप के बारे में बात करते हैं, जो लगभग दैनिक आहार का हिस्सा होता है, तो यह आपके बहुत अधिक समय और प्रयास नहीं लेता है, जो आहार को बहुत आसान बनाता है।
प्रभाव को और तेज़ होने के लिए, यह आवश्यक हैशराब, ब्रेड, चीनी, कॉफी, डेयरी और खट्टा-दूध उत्पादों और कार्बोनेटेड पेय जैसे उत्पादों को बाहर करें। आहार के दौरान, हरी चाय या सादे पानी पीने की सिफारिश की जाती है।
| इस आहार के पालन के दौरान, मुख्यभोजन प्याज होगा इस मामले में बहुत ही प्रभावी है, अन्य अनुमति वाले उत्पादों के साथ संयोजन में प्याज सूप। यह आहार उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगा जो कार्डियोवास्कुलर सिस्टम के विभिन्न बीमारियों से पीड़ित हैं, क्योंकि प्याज में हमारे वाहिकाओं में उपस्थित एथरोस्क्लोरोटिक सजीले टुकड़े को कम करने की एक अद्वितीय क्षमता है। तथ्य यह है कि कम से कम समय में आप सक्षम होंगेवजन कम, कहते हैं कि प्याज एक बहुत प्रभावी और उपयोगी आहार है प्याज सूप, समीक्षा जिस पर आप विभिन्न इंटरनेट संसाधनों पर पढ़ सकते हैं, वह मुख्य पकवान होगा जिसे आप उपयोग करेंगे यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि यह पकवान बहुत स्वादिष्ट और उपयोगी है, इसलिए रोजाना इसे भोजन के लिए लेना मुश्किल नहीं होगा। तो, कैसे प्याज सूप पकाने के लिए? हम छः छोटे बल्ब, सिर गोभी लेते हैं,अजवाइन और कुछ मीठे मिर्च सभी उत्पादों को अच्छी तरह से धोने और छोटे टुकड़ों में कटौती करने के लिए आवश्यक है, फिर उन्हें एक सॉस पैन में डाल दिया। फिर सब्जियों को ठंडे पानी से डालें, फिर आग लगा दीजिये। पंद्रह मिनट के लिए उच्च गर्मी पर उबाल लें, फिर एक छोटी सी आग पर सब्जियां पकाने तक पूरी तैयारी, नमक और मौसम तक। यदि वांछित है, तो सूप में कुछ टमाटर जोड़ा जा सकता है। दो एन डी दिन. किसी भी मात्रा में प्याज सूप फल, साथ ही कई बेक्ड आलू, मक्खन के साथ बनाया जा सकता है। तीन दिन. एक ही मात्रा और सब्जियों में सूप आप फल और बेक्ड आलू भी खा सकते हैं। पाँच दिन. हम फलों और सब्जियां निकालते हैं इसे किसी भी मात्रा में उबले हुए मांस की एक छोटी राशि, साथ ही साथ टमाटर का उपयोग करने की अनुमति है। सात वां दिन. प्याज सूप, उबला हुआ चावल , सब्जियां, साथ ही बिना चीनी के फल ताज़ा। इस समय यह सलाह दी जाती है कि हम सामान्य पेय पीना न करें, बल्कि उन्हें हरी चाय और सादे पानी के साथ बदलें। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि उबला हुआ प्याज नहीं हैअप्रिय गंध और अगर हम प्याज सूप के बारे में बात करते हैं, जो लगभग दैनिक आहार का हिस्सा होता है, तो यह आपके बहुत अधिक समय और प्रयास नहीं लेता है, जो आहार को बहुत आसान बनाता है। प्रभाव को और तेज़ होने के लिए, यह आवश्यक हैशराब, ब्रेड, चीनी, कॉफी, डेयरी और खट्टा-दूध उत्पादों और कार्बोनेटेड पेय जैसे उत्पादों को बाहर करें। आहार के दौरान, हरी चाय या सादे पानी पीने की सिफारिश की जाती है। |
बिहार में शिक्षक नियोजन बिहार के जमुई जिले में सातवें चरण में 1084 प्राथमिक शिक्षकों की बहाली होगी। 780 पद शिक्षक तथा 304 उर्दू के शिक्षक शामिल है। इसके लिए सूचना जारी कर दी गई है। अभ्यर्थी को काफी समय से इसका इंतजार है।
संवाद सहयोगी, जमुई। बिहार शिक्षक नियोजन : जमुई जिले में सातवें चरण के तहत 1084 प्राथमिक शिक्षकों के रिक्त पदों पर बहाली होगी। इसमें 780 पद सामान्य शिक्षक तथा 304 उर्दू विषय के शिक्षक शामिल है। बहाली को लेकर अभ्यर्थी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार जिले में लगभग 750 प्राथमिक विद्यालय संचालित है जबकि प्राथमिक व मध्य विद्यालय मिलाकर लगभग 800 विद्यालय संचालित है।
शिक्षकों की कमी से विद्यालय प्रबंधन व छात्रों को जूझना पडता है। कई विद्यालय एकल संस्थान यानी एक शिक्षक के सहारे चल रहा है। कई विद्यालयों को दूसरे विद्यालयों के साथ टैग कर दिया गया है। बताया जाता है कि मध्य विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण को लेकर स्कूल वाइज और छात्र वाइज शिक्षकों का पद सृजित कर स्वीकृति प्रदान करने की कार्य योजना पर काम चल रहा है।
एक मध्य विद्यालय में कम से कम तीन शिक्षक की प्रतिनियुक्ति अनिर्वाय रूप से हो सके। इसमें सामाजिक विज्ञान, गणित विज्ञान व भाषा के कम से कम एक एक शिक्षक जरूर रहे। लिहाजा, स्वीकृति और सेवानिवृत शिक्षकों की गणना के बाद ही शिक्षकों की रिक्ती का सही सही पता चल पाएगा।
जागरण संवाददाता, कटिहार। उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बीएमपी सात में शनिवार को संस्कृतम महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के संस्कृत शिक्षक निकेश कुमार ठाकुर ने किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने संस्कृत की महत्ता विषय पर विस्तार से चर्चा की। संस्कृत भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं बल्कि समस्त भारतीयों की धरोहर है। हमें संस्कृत को आत्मसात करना चाहिए। वक्ताओं ने संस्कृत के वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक महत्व की जानकारी भी महोत्सव में दी। विकास चंद्र ठाकुर ने संस्कृत की गरिमा से मौजूद लोगों को अवगत कराया। संस्कृत प्रेमी बालाजी मिश्रा ने संस्कृत भाषा पर अपना विचार रखा।
सामाजिक कार्यकर्ता राजीव रंजन झा दिग्गज ने संस्कृत भाषा के पढऩे पर विशेष बल दिया। इस अवसर पर स्कूली छात्रों के बीच प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति-पत्र दिया गया। भाषण प्रतियोगिता में वीणा कुमारी, मनीषा कुमारी, अंजली कुमारी, तन्नु कुमारी अव्वल रही। श्लोक उच्चारण प्रतियोगिता में जूनियर वर्ग में स्वामी विवेकानंद सेकेंड्री स्कूल की तृतीय कक्षा की छात्रा अदिति कुमारी प्रथम स्थान पर रही।
| बिहार में शिक्षक नियोजन बिहार के जमुई जिले में सातवें चरण में एक हज़ार चौरासी प्राथमिक शिक्षकों की बहाली होगी। सात सौ अस्सी पद शिक्षक तथा तीन सौ चार उर्दू के शिक्षक शामिल है। इसके लिए सूचना जारी कर दी गई है। अभ्यर्थी को काफी समय से इसका इंतजार है। संवाद सहयोगी, जमुई। बिहार शिक्षक नियोजन : जमुई जिले में सातवें चरण के तहत एक हज़ार चौरासी प्राथमिक शिक्षकों के रिक्त पदों पर बहाली होगी। इसमें सात सौ अस्सी पद सामान्य शिक्षक तथा तीन सौ चार उर्दू विषय के शिक्षक शामिल है। बहाली को लेकर अभ्यर्थी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार जिले में लगभग सात सौ पचास प्राथमिक विद्यालय संचालित है जबकि प्राथमिक व मध्य विद्यालय मिलाकर लगभग आठ सौ विद्यालय संचालित है। शिक्षकों की कमी से विद्यालय प्रबंधन व छात्रों को जूझना पडता है। कई विद्यालय एकल संस्थान यानी एक शिक्षक के सहारे चल रहा है। कई विद्यालयों को दूसरे विद्यालयों के साथ टैग कर दिया गया है। बताया जाता है कि मध्य विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण को लेकर स्कूल वाइज और छात्र वाइज शिक्षकों का पद सृजित कर स्वीकृति प्रदान करने की कार्य योजना पर काम चल रहा है। एक मध्य विद्यालय में कम से कम तीन शिक्षक की प्रतिनियुक्ति अनिर्वाय रूप से हो सके। इसमें सामाजिक विज्ञान, गणित विज्ञान व भाषा के कम से कम एक एक शिक्षक जरूर रहे। लिहाजा, स्वीकृति और सेवानिवृत शिक्षकों की गणना के बाद ही शिक्षकों की रिक्ती का सही सही पता चल पाएगा। जागरण संवाददाता, कटिहार। उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बीएमपी सात में शनिवार को संस्कृतम महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के संस्कृत शिक्षक निकेश कुमार ठाकुर ने किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने संस्कृत की महत्ता विषय पर विस्तार से चर्चा की। संस्कृत भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं बल्कि समस्त भारतीयों की धरोहर है। हमें संस्कृत को आत्मसात करना चाहिए। वक्ताओं ने संस्कृत के वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक महत्व की जानकारी भी महोत्सव में दी। विकास चंद्र ठाकुर ने संस्कृत की गरिमा से मौजूद लोगों को अवगत कराया। संस्कृत प्रेमी बालाजी मिश्रा ने संस्कृत भाषा पर अपना विचार रखा। सामाजिक कार्यकर्ता राजीव रंजन झा दिग्गज ने संस्कृत भाषा के पढऩे पर विशेष बल दिया। इस अवसर पर स्कूली छात्रों के बीच प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति-पत्र दिया गया। भाषण प्रतियोगिता में वीणा कुमारी, मनीषा कुमारी, अंजली कुमारी, तन्नु कुमारी अव्वल रही। श्लोक उच्चारण प्रतियोगिता में जूनियर वर्ग में स्वामी विवेकानंद सेकेंड्री स्कूल की तृतीय कक्षा की छात्रा अदिति कुमारी प्रथम स्थान पर रही। |
- News Monsoon: हरिद्वार में आई बादलों की सुनामी! डरावना पल देख घबराए लोग, बोले- क्या दुनिया खत्म हो रही?
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इन 10 गैजेट्स को कभी नहीं भूल सकते आप!
बचपन की बातें तो हम सभी को याद होती हैं। बचपन में हम कैसे हुआ करते थे, क्या किया करते थे। उस समय में क्या चीजें होती थीं। लेकिन क्या आपको तब के गैजेट्स याद हैं। स्टडी रूम में वो बड़ा सा कंप्यूटर, पापा के पास फ्लैप वाला मोटोरोला मोबाइल। याद आया! आज वो सब कम ही देखने को मिलता है।
आज के कंप्यूटर्स हों या मोबाइल काफी कुछ बदल गया है। आइए नजर डालते हैं उन गैजेट्स पर जिनमें से कुछ इस टेक दुनिया में कहीं खो गए हैं और कुछ अब भी इस रेस में हैं!
ओरिजिनल आईपॉड काफी कूल हुआ करता था। एपल ने अब यह मॉडल निकलना बंद कर दिया है। हालांकि मार्केट में अन्य आईपॉड मॉडल मौजूद हैं।
मोटोरोला ने एक फ्लिप फोन मोटो रेजर लॉन्च किया था। यह फोन काफी स्टाइलिश था और साथ ही अफोर्डेबल भी था।
उस समय डीवीडी प्लेयर्स फैशन हुआ करते थे। आज यूट्यूब व अन्य ऑनलाइन स्ट्रीमिंग साइट्स की बदौलत लोग इन डीवीडी प्लेयर्स को भूलते जा रहे हैं।
कैनन पोवेर्शोत एक डिजिटल कैमरा है। उस समय इन कैमरे की बात ही कुछ और थी। आज स्मार्टफोन के कारण इन्हें नजर अंदाज किया जा रहा है।
ओरल बी ने एक इलेक्ट्रिक टूथब्रश बनाया था। यह टूथब्रश जल्दी आया और चला गया। हालांकि कई लोग इसे आज भी इस्तेमाल करते हैं।
रेडियो काफी पॉप्युलार मीडियम है। लोग आज भी रेडियो सुनते हैं। हालांकि आज फोन में रेडियो सुनने वालों की संख्या अधिक है।
अमेज़न किंडल सबसे पहला ई बुक रीडर था। यह 2007 में आया था।
2000 के शुरुआती समय में डिजिटल ऑर्गेनाईजर मिला करते थे। यह स्मार्टफोन से भी पहले आए थे। इसमें आप कॉन्टेक्ट्स स्टोर कर सकते थे, गेम्स खेल सकते थे।
सीडी आजकल बिलकुल गायब हैं। इंटरनेट से डाउनलोडिंग के बाद से यह एकदम खत्म हो चुकी हैं। एक समय था जब नए गानों के लिए, फिल्मों के लिए लोग सीडी खरीदा करते थे।
कैलकुलेटर वॉच को अधिकतर स्टूडेंट्स इस्तेमाल करते थे। साथ ही यह स्टाइलिश भी हुआ करती थी।
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ये ऑनलाइन एक्टिविटीज आपको पहुंचा सकती हैं जेल!
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बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा बड़े पर्दे पर काफी समय से गायब है। फिर भी अनुष्का लाइमलाइट में किसी ना किसी वजह से बनी रहती है। अनुष्का-विराट हाल ही में हॉलीडे से वापस आए है। अनुष्का फिल्मों से भले ही दूर हो लेकिन सोशल मीडिया पर बिल्कुल एक्टिव रहती है। एक्ट्रेस अपने फैंस को सोशल मीडियी के जरिए अपडेट देती रहती है। एक्ट्रेस ने अपने पति विराट कोहली संग एक तस्वीर पोस्ट कर अपने फैंस को चौकाने के साथ-साथ खुश भी कर दिया है। इस पोस्ट के साथ अनुष्का ने एक बड़ा ऐलान भी किया है। आइए जानते है क्या खास है अनुष्का के इस पोस्ट में।
अनुष्का अपने पति विराट के साथ समय बिताना बहुत पसंद करती है। दोनों अक्सर सोशल मीडिया पर एक दुसरे के साथ तस्वीरें पोस्ट करते रहते हैं। अनुष्का विराट एक दूसरे पर कैप्शन में प्यार लुटाते देखें जाते है। दोनों सोशल मीडिया पर अपनी प्राइवेट लाइफ को ज्यादा शेयर नहीं करके है। लेकिन मौके पर एक दुसरे के पिलर्स के रुप में खड़े दिखते हैं। हाल ही में एक्ट्रेस ने एक पोस्ट कर विराट कोहली को क्यूट बताया है। सिर्फ इतना ही नही इसके साथ एक्ट्रेस ने ये भी बताया कि जल्द ही दोनों अपना एक नया बैंड शुरु करने जा रहे हैं। अनुष्का ने विराट संग फोटो शेयर कर इस बात ऐलान किया है। उनका कहना है कि वह हमेशा से एक क्यूट लड़के के साथ बैंड बनाना चाहती थीं।
विराट कोहली संग नया बैंड लेकर आ रही अनुष्का?
अनुष्का ने इंस्टा पर अपनी और विराट की फनी अंदाज में एक फोटो पोस्ट कर कैप्शन में लिखा कि 'मैं हमेशा से एक क्यूट लड़के के साथ बैंड शुरू करना चाहती थी। ' और हम सब जानतो हैं कि अनुष्का की जिंदगी का क्यूट लड़का कोई और नहीं बल्कि विराट कोहली ही है। फैंस को दोनों का ये कूल लुक खूब पसंद आ रहा है। कमेंट शेयर कर फैंस दोनों पर जमकर प्यार भी लुटा रहे हैं। वहीं, वर्क फ्रंट की बात करें तो अनुष्का जल्द ही चकदा एक्प्रेस में नजर आने वाली है। फिल्म भारतीय महिला क्रिकेटर झूलन गोस्वामी की बॉयोपिक है।
| बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा बड़े पर्दे पर काफी समय से गायब है। फिर भी अनुष्का लाइमलाइट में किसी ना किसी वजह से बनी रहती है। अनुष्का-विराट हाल ही में हॉलीडे से वापस आए है। अनुष्का फिल्मों से भले ही दूर हो लेकिन सोशल मीडिया पर बिल्कुल एक्टिव रहती है। एक्ट्रेस अपने फैंस को सोशल मीडियी के जरिए अपडेट देती रहती है। एक्ट्रेस ने अपने पति विराट कोहली संग एक तस्वीर पोस्ट कर अपने फैंस को चौकाने के साथ-साथ खुश भी कर दिया है। इस पोस्ट के साथ अनुष्का ने एक बड़ा ऐलान भी किया है। आइए जानते है क्या खास है अनुष्का के इस पोस्ट में। अनुष्का अपने पति विराट के साथ समय बिताना बहुत पसंद करती है। दोनों अक्सर सोशल मीडिया पर एक दुसरे के साथ तस्वीरें पोस्ट करते रहते हैं। अनुष्का विराट एक दूसरे पर कैप्शन में प्यार लुटाते देखें जाते है। दोनों सोशल मीडिया पर अपनी प्राइवेट लाइफ को ज्यादा शेयर नहीं करके है। लेकिन मौके पर एक दुसरे के पिलर्स के रुप में खड़े दिखते हैं। हाल ही में एक्ट्रेस ने एक पोस्ट कर विराट कोहली को क्यूट बताया है। सिर्फ इतना ही नही इसके साथ एक्ट्रेस ने ये भी बताया कि जल्द ही दोनों अपना एक नया बैंड शुरु करने जा रहे हैं। अनुष्का ने विराट संग फोटो शेयर कर इस बात ऐलान किया है। उनका कहना है कि वह हमेशा से एक क्यूट लड़के के साथ बैंड बनाना चाहती थीं। विराट कोहली संग नया बैंड लेकर आ रही अनुष्का? अनुष्का ने इंस्टा पर अपनी और विराट की फनी अंदाज में एक फोटो पोस्ट कर कैप्शन में लिखा कि 'मैं हमेशा से एक क्यूट लड़के के साथ बैंड शुरू करना चाहती थी। ' और हम सब जानतो हैं कि अनुष्का की जिंदगी का क्यूट लड़का कोई और नहीं बल्कि विराट कोहली ही है। फैंस को दोनों का ये कूल लुक खूब पसंद आ रहा है। कमेंट शेयर कर फैंस दोनों पर जमकर प्यार भी लुटा रहे हैं। वहीं, वर्क फ्रंट की बात करें तो अनुष्का जल्द ही चकदा एक्प्रेस में नजर आने वाली है। फिल्म भारतीय महिला क्रिकेटर झूलन गोस्वामी की बॉयोपिक है। |
सूबे में लॉकडाउन के कारण कोई भी टीबी का मरीज न छूटे इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने काम शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने संडे एसीएफ अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत प्रदेश भर में हर रविवार को आशा वर्कर अपने-अपने क्षेत्र के घर-घर जाकर टीबी के मरीजों को खोजेंगी। इस दौरान आशा वर्कर हर व्यक्ति का डाटा तैयार करेंगी और टीबी के लक्षण दिखाई देने पर संबंधित व्यक्ति के सैंपल भी एकत्रित कर जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग के सुपुर्द करेंगी। जानकारी के अनुसार लॉकडाउन के कारण प्रदेश भर में टीबी के मरीजों और नए मरीजों को खोजने में स्वास्थ्य विभाग को दिक्कतें पेश आई हैं। लॉकडाउन के बीच भी प्रदेश भर में टीबी मरीजों की जांच-पड़ताल हो सके, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने संडे एसीएफ अभियान शुरू किया है।
इस अभियान के तहत प्रदेश भर में तैनात आशा वर्कर लोगों के घर-घर जाकर ऐसे लोगों की पहचान करेंगी, जोकि टीबी की बीमारी से ग्रस्ति होंगे या उनमें इस बीमारी के लक्षण पाए जाएंगे। ऐसे मरीजों की जांच-पड़ताल कर आशा वर्कर उनके टीबी से संबंधित सैंपल भी एकत्रित करेंगी और उन्हें आगामी कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग के सुपुर्द करेंगी। सैंपल को एकत्रित करने और उन्हें आगे भेजने की प्रक्रिया के लिए स्वास्थ्य विभाग पहले ही आशा वर्करों को प्रशिक्षण प्रदान कर चुका है। ऐसे में प्रशिक्षण प्राप्त इन आशा वर्करों को टीबी से संबंधित सैंपल एकत्रित करने में भी कोई दिक्कत नहीं आएगी।
वही सीएमओ कांगड़ा डॉ गुरदर्शन गुप्ता ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने संडे एसीएफ अभियान शुरू किया है, ताकि लॉकडाउन के बीच भी टीबी से संबंधित मरीजों पर नजर रखी जा सके। अभियान के चलते आशा वर्कर लोगों की टीबी संबंधित जांच करेंगी और लक्षण पाए जाने पर उनके सैंपल एकत्रित करेंगी।
| सूबे में लॉकडाउन के कारण कोई भी टीबी का मरीज न छूटे इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने काम शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने संडे एसीएफ अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत प्रदेश भर में हर रविवार को आशा वर्कर अपने-अपने क्षेत्र के घर-घर जाकर टीबी के मरीजों को खोजेंगी। इस दौरान आशा वर्कर हर व्यक्ति का डाटा तैयार करेंगी और टीबी के लक्षण दिखाई देने पर संबंधित व्यक्ति के सैंपल भी एकत्रित कर जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग के सुपुर्द करेंगी। जानकारी के अनुसार लॉकडाउन के कारण प्रदेश भर में टीबी के मरीजों और नए मरीजों को खोजने में स्वास्थ्य विभाग को दिक्कतें पेश आई हैं। लॉकडाउन के बीच भी प्रदेश भर में टीबी मरीजों की जांच-पड़ताल हो सके, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने संडे एसीएफ अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत प्रदेश भर में तैनात आशा वर्कर लोगों के घर-घर जाकर ऐसे लोगों की पहचान करेंगी, जोकि टीबी की बीमारी से ग्रस्ति होंगे या उनमें इस बीमारी के लक्षण पाए जाएंगे। ऐसे मरीजों की जांच-पड़ताल कर आशा वर्कर उनके टीबी से संबंधित सैंपल भी एकत्रित करेंगी और उन्हें आगामी कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग के सुपुर्द करेंगी। सैंपल को एकत्रित करने और उन्हें आगे भेजने की प्रक्रिया के लिए स्वास्थ्य विभाग पहले ही आशा वर्करों को प्रशिक्षण प्रदान कर चुका है। ऐसे में प्रशिक्षण प्राप्त इन आशा वर्करों को टीबी से संबंधित सैंपल एकत्रित करने में भी कोई दिक्कत नहीं आएगी। वही सीएमओ कांगड़ा डॉ गुरदर्शन गुप्ता ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने संडे एसीएफ अभियान शुरू किया है, ताकि लॉकडाउन के बीच भी टीबी से संबंधित मरीजों पर नजर रखी जा सके। अभियान के चलते आशा वर्कर लोगों की टीबी संबंधित जांच करेंगी और लक्षण पाए जाने पर उनके सैंपल एकत्रित करेंगी। |
राजस्थान में करौली में एक दलित लड़की की कथित तौर पर एकतरफा प्यार में रेप के बाद हत्या कर दी गई। पीड़ित परिजनों ने पुलिस पर भी धमकाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शुरुआत में थाने में उनकी सुनवाई नहीं हुई। पुलिस ने उन्हें पीटने की धमकी दी। इन आरोपों के बाद दो पुलिसकर्मी लाइन हाजिए किए गए हैं।
दलित लड़की को अगवा कर रेप और हत्या करने के आरोप में गोलू मीणा को गिरफ्तार किया गया है। लड़की का शव कुएँ में डाल दिया गया था। पीड़िता और आरोपित दोनों ही दलित समुदाय से हैं। यह घटना 11-12 जुलाई 2023 की दरम्यानी रात की है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला करौली जिले के नादौती इलाके का है। यहाँ का रहने वाला गोलू मीणा और मृतका एक-दूसरे से लम्बे समय से परिचित थे। बताया जा रहा है कि दोनों के घर वालों को उनका रिश्ता मंजूर नहीं था। इस बीच 4 माह पहले लड़की का परिजनों ने रिश्ता कहीं और तय कर दिया। यह बात गोलू मीणा और लड़की, दोनों को नागवार गुजरी थी। पुलिस का कहना है कि 11-12 जुलाई 2023 की रात लड़की गोलू मीणा के पास उसके घर गई थी। यहाँ दोनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ।
बताया जा रहा है कि झगड़े के बाद गोलू मीणा ने लड़की को अपने पास रखी बंदूक से गोली मार दी। लड़की की जान निकलने के बाद उसका शव बाइक पर रख कर गाँव के ही एक कुएँ में फेंक दिया और मौके से भाग निकला। पुलिस ने गोलू मीणा को शनिवार (15 जुलाई 2023) को जयपुर से गिरफ्तार किया था। गोलू से हुई पूछताछ के बाद उसके साथी को भी पकड़ा गया है। हालाँकि लड़की के परिवार का आरोप है कि रेप के बाद हत्या की गई। वे एसिड से जलाने का भी आरोप लगा रहे हैं। इन आरोपों की जाँच हो रही है।
करौली की SP ममता गुप्ता ने इस मामले का संज्ञान लिया है। रविवार (16 जुलाई) को उन्होंने शिवलाल मीणा और प्रेमचंद नाम के 2 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच चल रही है। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की है।
| राजस्थान में करौली में एक दलित लड़की की कथित तौर पर एकतरफा प्यार में रेप के बाद हत्या कर दी गई। पीड़ित परिजनों ने पुलिस पर भी धमकाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शुरुआत में थाने में उनकी सुनवाई नहीं हुई। पुलिस ने उन्हें पीटने की धमकी दी। इन आरोपों के बाद दो पुलिसकर्मी लाइन हाजिए किए गए हैं। दलित लड़की को अगवा कर रेप और हत्या करने के आरोप में गोलू मीणा को गिरफ्तार किया गया है। लड़की का शव कुएँ में डाल दिया गया था। पीड़िता और आरोपित दोनों ही दलित समुदाय से हैं। यह घटना ग्यारह-बारह जुलाई दो हज़ार तेईस की दरम्यानी रात की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला करौली जिले के नादौती इलाके का है। यहाँ का रहने वाला गोलू मीणा और मृतका एक-दूसरे से लम्बे समय से परिचित थे। बताया जा रहा है कि दोनों के घर वालों को उनका रिश्ता मंजूर नहीं था। इस बीच चार माह पहले लड़की का परिजनों ने रिश्ता कहीं और तय कर दिया। यह बात गोलू मीणा और लड़की, दोनों को नागवार गुजरी थी। पुलिस का कहना है कि ग्यारह-बारह जुलाई दो हज़ार तेईस की रात लड़की गोलू मीणा के पास उसके घर गई थी। यहाँ दोनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ। बताया जा रहा है कि झगड़े के बाद गोलू मीणा ने लड़की को अपने पास रखी बंदूक से गोली मार दी। लड़की की जान निकलने के बाद उसका शव बाइक पर रख कर गाँव के ही एक कुएँ में फेंक दिया और मौके से भाग निकला। पुलिस ने गोलू मीणा को शनिवार को जयपुर से गिरफ्तार किया था। गोलू से हुई पूछताछ के बाद उसके साथी को भी पकड़ा गया है। हालाँकि लड़की के परिवार का आरोप है कि रेप के बाद हत्या की गई। वे एसिड से जलाने का भी आरोप लगा रहे हैं। इन आरोपों की जाँच हो रही है। करौली की SP ममता गुप्ता ने इस मामले का संज्ञान लिया है। रविवार को उन्होंने शिवलाल मीणा और प्रेमचंद नाम के दो पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच चल रही है। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की है। |
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कंगना रनौत के समर्थन में आए शत्रुघ्न सिन्हा, "लोग कंगना की सफलता से चिढ़ते हैं"
कंगना रनौत इन दिनों अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। हाल में ही कंगना ने कई इंटरव्यू दिए और सुशांत सिंह राजपूत को न्याय दिलवाने की बात कही। साथ ही बॉलीवुड के कई सुपरस्टार पर आरोप लगाए। इतना ही नहीं, कंगना ने साफ कहा कि अगर ये आरोप सिद्ध नहीं हुए तो वह अपना पद्मश्री सम्मान लौटा देंगी। ऐसे में कंगना के खिलाफ कई स्टार्स हो चुके हैं तो कुछ ने उनका समर्थन किया। अब बॉलीवुड अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने कंगाना रनौत को सपोर्ट किया है।
हाल में ही एक इंटरव्यू में शत्रुघ्न सिन्हा ने सुशांत सिंह राजपूत और कंगना रनौत को लेकर अपनी बात रखी। अभिनेता ने सुशांत मामले में छोटे शहर की मानसिकता को लेकर सवाल उठाया। शत्रुघ्न सिन्हा ने कंगना रनौत को महिलाओं का धर्मेंद्र कहा। उनकी तारीफ की और उन्हें निडर बताया। कंगना के जरिए शत्रुघ्न ने भी उस गुटबाजी की ओर इशारा किया जिसका जिक्र लगातार कंगना करती आ रही हैं।
जब शादीशुदा धर्मेंद्र ने तनुजा के साथ कर दी ऐसी हरकत, भड़कीं एक्ट्रेस, सेट पर ही जड़ दिया तमाचा, कहा- बेशर्म. .
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केंद्र सरकार देशभर में कोविड-19 टीकाकरण का दायरा बढ़ाने और टीके लगाने की गति को तेज करने के लिये प्रतिबद्ध है। देशव्यापी कोविड-19 टीकाकरण 16 जनवरी, 2021 को शुरू हुआ। कोविड-19 के टीकों की सर्व-उपलब्धता का नया दौर 21 जून, 2021 से शुरू किया गया है। टीकाकरण अभियान को अधिक से अधिक वैक्सीन की उपलब्धता के जरिये बढ़ाया गया। इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वैक्सीन की उपलब्धता के बारे में पूर्व सूचना प्रदान की गई, ताकि वे बेहतर योजना के साथ टीके लगाने का बंदोबस्त कर सकें और टीके की आपूर्ति श्रृंखला को दुरुस्त किया जा सके।
देशव्यापी टीकाकरण अभियान के हिस्से के रूप में केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निशुल्क कोविड वैक्सीन प्रदान करके उन्हें समर्थन दे रही है। टीकों की सर्व-उपलब्धता के नये चरण में, केंद्र सरकार वैक्सीन निर्माताओं से 75 प्रतिशत टीके खरीदकर उन्हें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निशुल्क प्रदान करेगी।
(तीन दिसंबर, 2021 तक)
केंद्र सरकार द्वारा सभी प्रकार के स्रोतों से अब तक वैक्सीन की 138 करोड़ से अधिक (1,38,50,13,650) खुराकें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सरकारी स्रोत (निशुल्क) और राज्यों द्वारा सीधी खरीद प्रक्रिया के जरिये प्रदान की गई हैं।
राज्यों के पास वैक्सीन की 22.05 करोड़ से अधिक (22,05,87,426) अतिरिक्त और बिना इस्तेमाल की हुई खुराकें मौजूद हैं, जिन्हें लगाया जाना है।
| केंद्र सरकार देशभर में कोविड-उन्नीस टीकाकरण का दायरा बढ़ाने और टीके लगाने की गति को तेज करने के लिये प्रतिबद्ध है। देशव्यापी कोविड-उन्नीस टीकाकरण सोलह जनवरी, दो हज़ार इक्कीस को शुरू हुआ। कोविड-उन्नीस के टीकों की सर्व-उपलब्धता का नया दौर इक्कीस जून, दो हज़ार इक्कीस से शुरू किया गया है। टीकाकरण अभियान को अधिक से अधिक वैक्सीन की उपलब्धता के जरिये बढ़ाया गया। इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वैक्सीन की उपलब्धता के बारे में पूर्व सूचना प्रदान की गई, ताकि वे बेहतर योजना के साथ टीके लगाने का बंदोबस्त कर सकें और टीके की आपूर्ति श्रृंखला को दुरुस्त किया जा सके। देशव्यापी टीकाकरण अभियान के हिस्से के रूप में केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निशुल्क कोविड वैक्सीन प्रदान करके उन्हें समर्थन दे रही है। टीकों की सर्व-उपलब्धता के नये चरण में, केंद्र सरकार वैक्सीन निर्माताओं से पचहत्तर प्रतिशत टीके खरीदकर उन्हें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निशुल्क प्रदान करेगी। केंद्र सरकार द्वारा सभी प्रकार के स्रोतों से अब तक वैक्सीन की एक सौ अड़तीस करोड़ से अधिक खुराकें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सरकारी स्रोत और राज्यों द्वारा सीधी खरीद प्रक्रिया के जरिये प्रदान की गई हैं। राज्यों के पास वैक्सीन की बाईस.पाँच करोड़ से अधिक अतिरिक्त और बिना इस्तेमाल की हुई खुराकें मौजूद हैं, जिन्हें लगाया जाना है। |
ट्विटर के नए मालिक एलॉन मस्क ने एक ऐसे व्यक्ति को नौकरी पर रखा है, जिसने कंपनी से निकाले जाने का झूठ बोला था. यह बात हो सब जानते हैं कि ट्विटर के नए प्रमुख एलॉन मस्क हमेशा अलग ही रास्ता चुनते हैं.
ट्विटर के नए मालिक Elon Musk ने एक ऐसे व्यक्ति को नौकरी पर रखा है, जिसने कंपनी से निकाले जाने का झूठ बोला था. यह बात तो सभी लोग जानते हैं कि Twitter के नए प्रमुख एलॉन मस्क हमेशा अलग रास्ता चुनते हैं. वे कुछ भी ऐसा नहीं करते, जिसे लेकर पहले से अनुमान लगाया जा सके. जब पहली छंटनी हुई थी, उस समय ट्विटर से निकाले जाने को लेकर दो लोगों ने झूठ बोला था. अब उस में से एक व्यक्ति को मस्क ने नौकरी पर रखा है. आपको यह याद दिला दें कि मस्क ने ट्विटर का अधिग्रहण करने के एक हफ्ते के भीतर करीब 3500 कर्मचारियों को निकाल दिया था.
जहां ज्यादातर कर्मचारियों को निकाला गया था. वहीं, कुछ कर्मचारियों ने अपनी मर्जी से इस्तीफा दे दिया है. मस्क की मांगें बहुत लोगों को अच्छी नहीं लगी थीं.
एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मस्क ने Daniel Francis को नौकरी पर रखा है. उन्होंने और राहुल लिगमा ने ट्विटर से निकाले जाने का झूठ बोला था. दोनों लोगों ने ट्विटर में इंजीनियर होने का दावा किया था. उन्होंने यह झूठ बोला था कि उन्हें कंपनी से निकाल दिया गया है. यह बाद में पता चला कि वे कभी भी कंपनी का हिस्सा नहीं थे. जहां इस तरह की फर्जी खबर से कंपनी से सीईओ से बहुत गुस्सा आ सकता है. वहीं, मस्क ने इनमें से एक व्यक्ति को अपनी कंपनी में नौकरी पर ही रख लिया. हालांकि, इन दोनों लोगों ने कंपनी के बारे में फर्जी खबर फैलाने की कोशिश की. लेकिन फ्रांसिस को अब ट्विटर का कर्मचारी रख लिया गया है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्रांसिस अब कंपनी के इंटरनल स्लैक चैनल का हिस्सा हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्हें अब ट्विटर में सॉफ्टवेयर डेवलपर के तौर पर रख लिया गया है. इन दोनों लोगों ने ट्विटर में छंटनी के बारे में फर्जी खबर फैलानी असल में होने से पहले ही शुरू कर दी थी. हालांकि, मस्क को इस मजाक से कोई फर्क नहीं पड़ा था.
कुछ दिन पहले, मस्क ने लिग्मा और जॉनसन को वापस ट्विटर के हेडक्वार्टर में बुलाया था. उन्होंने दोनों के साथ एक तस्वीर के पोस्टर को भी शेयर किया था. मस्क ने लिखा था कि लिग्मा और जॉनसन का दोबारा स्वागत है. उन्होंने लिखा था कि जग गलती करें, तो उन्हें मान सेना महत्वपू्रण होता है और मैंने असल में उन्हें नौकरी से निकाला था, जो सबसे बड़ी गलतियों में से एक है.
| ट्विटर के नए मालिक एलॉन मस्क ने एक ऐसे व्यक्ति को नौकरी पर रखा है, जिसने कंपनी से निकाले जाने का झूठ बोला था. यह बात हो सब जानते हैं कि ट्विटर के नए प्रमुख एलॉन मस्क हमेशा अलग ही रास्ता चुनते हैं. ट्विटर के नए मालिक Elon Musk ने एक ऐसे व्यक्ति को नौकरी पर रखा है, जिसने कंपनी से निकाले जाने का झूठ बोला था. यह बात तो सभी लोग जानते हैं कि Twitter के नए प्रमुख एलॉन मस्क हमेशा अलग रास्ता चुनते हैं. वे कुछ भी ऐसा नहीं करते, जिसे लेकर पहले से अनुमान लगाया जा सके. जब पहली छंटनी हुई थी, उस समय ट्विटर से निकाले जाने को लेकर दो लोगों ने झूठ बोला था. अब उस में से एक व्यक्ति को मस्क ने नौकरी पर रखा है. आपको यह याद दिला दें कि मस्क ने ट्विटर का अधिग्रहण करने के एक हफ्ते के भीतर करीब तीन हज़ार पाँच सौ कर्मचारियों को निकाल दिया था. जहां ज्यादातर कर्मचारियों को निकाला गया था. वहीं, कुछ कर्मचारियों ने अपनी मर्जी से इस्तीफा दे दिया है. मस्क की मांगें बहुत लोगों को अच्छी नहीं लगी थीं. एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मस्क ने Daniel Francis को नौकरी पर रखा है. उन्होंने और राहुल लिगमा ने ट्विटर से निकाले जाने का झूठ बोला था. दोनों लोगों ने ट्विटर में इंजीनियर होने का दावा किया था. उन्होंने यह झूठ बोला था कि उन्हें कंपनी से निकाल दिया गया है. यह बाद में पता चला कि वे कभी भी कंपनी का हिस्सा नहीं थे. जहां इस तरह की फर्जी खबर से कंपनी से सीईओ से बहुत गुस्सा आ सकता है. वहीं, मस्क ने इनमें से एक व्यक्ति को अपनी कंपनी में नौकरी पर ही रख लिया. हालांकि, इन दोनों लोगों ने कंपनी के बारे में फर्जी खबर फैलाने की कोशिश की. लेकिन फ्रांसिस को अब ट्विटर का कर्मचारी रख लिया गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्रांसिस अब कंपनी के इंटरनल स्लैक चैनल का हिस्सा हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्हें अब ट्विटर में सॉफ्टवेयर डेवलपर के तौर पर रख लिया गया है. इन दोनों लोगों ने ट्विटर में छंटनी के बारे में फर्जी खबर फैलानी असल में होने से पहले ही शुरू कर दी थी. हालांकि, मस्क को इस मजाक से कोई फर्क नहीं पड़ा था. कुछ दिन पहले, मस्क ने लिग्मा और जॉनसन को वापस ट्विटर के हेडक्वार्टर में बुलाया था. उन्होंने दोनों के साथ एक तस्वीर के पोस्टर को भी शेयर किया था. मस्क ने लिखा था कि लिग्मा और जॉनसन का दोबारा स्वागत है. उन्होंने लिखा था कि जग गलती करें, तो उन्हें मान सेना महत्वपू्रण होता है और मैंने असल में उन्हें नौकरी से निकाला था, जो सबसे बड़ी गलतियों में से एक है. |
पीएम मोदी ने यहां अगस्ता-वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाला का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा 'यूपीए के वक्त देश में वीवीआईपी हेलिकॉप्टर का घोटाला हुआ था। सरकार में आने के बाद हमने घोटाले की जांच शुरू की।
राजस्थान विधानसभा चुनाव प्रचार के आखिरी दिन पाली जिले के सुमेरपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने पाली को हजारों सालों से सभ्यता का केंद्र बताया। उन्होंने कहा 'विपक्ष ने चाहे कितने भी फतवे मेरे खिलाफ निकाले पर भारत माता की जय बोलने से हमें कोई एतराज नहीं है। '
पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर व्यंग करते हुए कहा 'जाट नेता का नाम था कुंभाराम था जिसे उन्होंने कुंभकरण कह दिया। जिन्हें अपनी पार्टी के नेता का नाम भी सही से नहीं पता। वह सरकार कैसे चलाएगा? '
पीएम मोदी ने यहां अगस्ता-वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाला का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा 'यूपीए के वक्त देश में वीवीआईपी हेलिकॉप्टर का घोटाला हुआ था। सरकार में आने के बाद हमने घोटाले की जांच शुरू की। उसमें से एक राजदार हमारे हाथ लग गया। यह दलाली का काम करता था। इंग्लैंड का नागरिक है और दुबई में रहता था। 3600 करोड़ रुपए के इस घोटाले में बिचैलिये ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल को मंगलवार देर रात को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारत लाया गया। '
पीएम मोदी ने नेशनल हेराल्ड केस का जिक्र करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस केस में सोनिया-राहुल के खिलाफ जांच की मंजूरी दी है। कोर्ट ने नामदारों के काले कारनामों का चिट्ठा खोलने का अधिकार सरकार को दे दिया है। अब देखते हैं ये लूट मचाने वाले कैसे बच कर निकलते हैं?
पीएम मोदी मोदी ने आगे कहा कि भारत इतने लंबे समय तक गरीब और पिछड़ा सिर्फ एक परिवार की वजह से रहा है। कांग्रेस के शासन में करोडों रुपये का के घोटाले हुए हैं। कांग्रेस ने हमेषा द्वेष से लोगों को विभाजित करने की नीति अपनायी है। ऊँच-नीच भेदभाव कर लोगों को दूर किया है। यह कांग्रेसी द्वेष में जातिवाद का जहर घोल रहे हैं। ' उन्होंने कहा 'यह प्रधानमंत्री की जाति पूछने वाले आज जनता को अपनी चार पीढी का हिसाब दे। '
पीएम मोदी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्तमंत्री चिदंबरम पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा, 'एक दूसरे खिलाड़ी नामदार की बड़ी सेवा करने वाले, देश के गृहमंत्री रहे, वित्तमंत्री रहे, जो खुद सुप्रीम कोर्ट में वकालत करते थे, मोदी ने ऐसा खेल खेला, मोदी ने ऐसी चाल चली कि पन्ने-पन्ने खोजकर निकाले और उनका खुद का बेटा जेल चला गया। भ्रष्टाचार के मामले में जेल चला गया। '
| पीएम मोदी ने यहां अगस्ता-वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाला का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा 'यूपीए के वक्त देश में वीवीआईपी हेलिकॉप्टर का घोटाला हुआ था। सरकार में आने के बाद हमने घोटाले की जांच शुरू की। राजस्थान विधानसभा चुनाव प्रचार के आखिरी दिन पाली जिले के सुमेरपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने पाली को हजारों सालों से सभ्यता का केंद्र बताया। उन्होंने कहा 'विपक्ष ने चाहे कितने भी फतवे मेरे खिलाफ निकाले पर भारत माता की जय बोलने से हमें कोई एतराज नहीं है। ' पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर व्यंग करते हुए कहा 'जाट नेता का नाम था कुंभाराम था जिसे उन्होंने कुंभकरण कह दिया। जिन्हें अपनी पार्टी के नेता का नाम भी सही से नहीं पता। वह सरकार कैसे चलाएगा? ' पीएम मोदी ने यहां अगस्ता-वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाला का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा 'यूपीए के वक्त देश में वीवीआईपी हेलिकॉप्टर का घोटाला हुआ था। सरकार में आने के बाद हमने घोटाले की जांच शुरू की। उसमें से एक राजदार हमारे हाथ लग गया। यह दलाली का काम करता था। इंग्लैंड का नागरिक है और दुबई में रहता था। तीन हज़ार छः सौ करोड़ रुपए के इस घोटाले में बिचैलिये ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल को मंगलवार देर रात को संयुक्त अरब अमीरात से भारत लाया गया। ' पीएम मोदी ने नेशनल हेराल्ड केस का जिक्र करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस केस में सोनिया-राहुल के खिलाफ जांच की मंजूरी दी है। कोर्ट ने नामदारों के काले कारनामों का चिट्ठा खोलने का अधिकार सरकार को दे दिया है। अब देखते हैं ये लूट मचाने वाले कैसे बच कर निकलते हैं? पीएम मोदी मोदी ने आगे कहा कि भारत इतने लंबे समय तक गरीब और पिछड़ा सिर्फ एक परिवार की वजह से रहा है। कांग्रेस के शासन में करोडों रुपये का के घोटाले हुए हैं। कांग्रेस ने हमेषा द्वेष से लोगों को विभाजित करने की नीति अपनायी है। ऊँच-नीच भेदभाव कर लोगों को दूर किया है। यह कांग्रेसी द्वेष में जातिवाद का जहर घोल रहे हैं। ' उन्होंने कहा 'यह प्रधानमंत्री की जाति पूछने वाले आज जनता को अपनी चार पीढी का हिसाब दे। ' पीएम मोदी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्तमंत्री चिदंबरम पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा, 'एक दूसरे खिलाड़ी नामदार की बड़ी सेवा करने वाले, देश के गृहमंत्री रहे, वित्तमंत्री रहे, जो खुद सुप्रीम कोर्ट में वकालत करते थे, मोदी ने ऐसा खेल खेला, मोदी ने ऐसी चाल चली कि पन्ने-पन्ने खोजकर निकाले और उनका खुद का बेटा जेल चला गया। भ्रष्टाचार के मामले में जेल चला गया। ' |
बहुत ही जल्द इंडियन प्रीमियर लीग {आईपीएल} के 11वें सत्र का आगाज होने जा रहा हैं. कल बुधवार, 7 मार्च को दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम ने एक अपने एक लाइव प्रोग्राम आगामी सत्र के लिए अपने कप्तान के नाम का एलान कर दिया.
जैसा कि हम सभी पहले से अनुमान लगा रहे थे, कि हो ना हो दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम दिग्गज गौतम गंभीर को ही अपने कप्तान के रूप में चुनेगी और देखने को भी ऐसा ही मिला. दिल्ली डेयरडेविल्स की फ्रेंचाइजी ने गौतम गंभीर को अपना कप्तान नियुक्त किया.
आप सभी की जानकारी के लिए बता दे, कि मनजोत कालरा यह वही खिलाड़ी हैं, जिन्होंने आईसीसी अंडर- 19 विश्व कप के फाइनल मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार शतकीय पारी खेली थी और टीम को ख़िताब जीताने में भी एक बड़ा योगदान दिया था.
मनजोत कालरा को दिल्ली की टीम ने उनके बेस प्राइज 20 लाख में ही अपने दल के साथ जोड़ा हैं. आप सभी की जानकारी के लिए बता दे, कि मनजोत कालरा पहली बार आईपीएल में खेलते नजर आयेगे.
आप सभी को बता दे, कि गौतम गंभीर पहले भी आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स के कप्तान रह चुके हैं. गौती दिल्ली के लिए आईपीएल के पहले तीन सत्र में खेले थे और उसके बाद उनको कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) की टीम ने अपने साथ जोड़ लिया था.
इस सत्र से गौती एक बार फिर से दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए बतौर कप्तान वापसी करने के लिए तैयार हैं. गौतम गंभीर को दिल्ली डेयरडेविल्स की फ्रेंचाइजी ने दो करोड़ 80 लाख रूपये देकर अपनी टीम में शामिल किया हैं.
मनजोत कालरा ही नहीं, बल्कि टीम के अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए गौतम गंभीर की अगुवाई में खेलना और उनका साथ ड्रेसिंग रम शेयर करना काफी फायदेमंद सिद्ध हो सकता हैं.
| बहुत ही जल्द इंडियन प्रीमियर लीग {आईपीएल} के ग्यारहवें सत्र का आगाज होने जा रहा हैं. कल बुधवार, सात मार्च को दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम ने एक अपने एक लाइव प्रोग्राम आगामी सत्र के लिए अपने कप्तान के नाम का एलान कर दिया. जैसा कि हम सभी पहले से अनुमान लगा रहे थे, कि हो ना हो दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम दिग्गज गौतम गंभीर को ही अपने कप्तान के रूप में चुनेगी और देखने को भी ऐसा ही मिला. दिल्ली डेयरडेविल्स की फ्रेंचाइजी ने गौतम गंभीर को अपना कप्तान नियुक्त किया. आप सभी की जानकारी के लिए बता दे, कि मनजोत कालरा यह वही खिलाड़ी हैं, जिन्होंने आईसीसी अंडर- उन्नीस विश्व कप के फाइनल मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार शतकीय पारी खेली थी और टीम को ख़िताब जीताने में भी एक बड़ा योगदान दिया था. मनजोत कालरा को दिल्ली की टीम ने उनके बेस प्राइज बीस लाख में ही अपने दल के साथ जोड़ा हैं. आप सभी की जानकारी के लिए बता दे, कि मनजोत कालरा पहली बार आईपीएल में खेलते नजर आयेगे. आप सभी को बता दे, कि गौतम गंभीर पहले भी आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स के कप्तान रह चुके हैं. गौती दिल्ली के लिए आईपीएल के पहले तीन सत्र में खेले थे और उसके बाद उनको कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम ने अपने साथ जोड़ लिया था. इस सत्र से गौती एक बार फिर से दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए बतौर कप्तान वापसी करने के लिए तैयार हैं. गौतम गंभीर को दिल्ली डेयरडेविल्स की फ्रेंचाइजी ने दो करोड़ अस्सी लाख रूपये देकर अपनी टीम में शामिल किया हैं. मनजोत कालरा ही नहीं, बल्कि टीम के अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए गौतम गंभीर की अगुवाई में खेलना और उनका साथ ड्रेसिंग रम शेयर करना काफी फायदेमंद सिद्ध हो सकता हैं. |
किसी को मकान मालिक बनकर कॉल की तो किसी से एलआईसी एजेंट बनकर ठगी की गई। सीआरपीएफ जवान का दोस्त बनकर हजारों रुपये खाते में डलवा लिए गए।
साइबर ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे। साइबर ठगों ने अलग-अलग स्थानों पर छह लोगों को झांसे में लेकर उनके खातों से 2. 97 लाख रुपये की ठगी कर डाली। किसी को मकान मालिक बनकर कॉल की तो किसी से एलआईसी एजेंट बनकर ठगी की गई। सीआरपीएफ जवान का दोस्त बनकर हजारों रुपये खाते में डलवा लिए गए। कुंडली, सेक्टर-27, सिटी सोनीपत, मोहाना व खरखौदा पुलिस ने मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कुंडली में निफ्टम चौक के पास रहने वाले युवक को मकान मालिक का परिचित बनकर कॉल करने के बाद 40 हजार रुपये की ठगी कर ली। गगनदीप ने पुलिस को बताया कि उनके एक नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले उसे मकान मालिक का परिचित बताया। साथ ही कहा कि उन्हें कुछ रुपये भेजने है। जिस पर उसने दो रुपये भेजे। इसके बाद लिंक भेजकर खोलने को कहा। जब उन्होंने लिंक खोला तो उनके खाते से 20 हजार रुपये निकल गए। जब उन्होंने कहा कि आरोपी बोला कि कुछ देर में पैसे आ जाएंगे। इसके बाद फिर से लिंक भेज दिया। जिसे क्लिक करने पर फिर से 20 हजार रुपये निकल गए। तब उन्हें ठगी का पता लगा। जिस पर पुलिस को अवगत कराया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
लक्ष्मी नगर निवासी राजपाल ने सिटी थाना पुलिस को बताया कि वह पेशे से किसान है। उनका बैंक खाता छोटूराम चौक पर स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में है। वहीं एक खाता हसनगढ़ स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में है। आरोप है कि मिलीभगत से उनके दोनों खातों से एईपीएस सर्विस से 20-20 हजार रुपये निकाल लिए गए। राजपाल का कहना है कि उसने न तो किसी को कोई ओटीपी बताया और न ही कोई लिंक आया। उसके बावजूद खाते से रुपये निकाले गए। उसने मामजे में बैंक कर्मचारियों की भूमिका की जांच की मांग की है।
सेक्टर-12 के रहने वाले युवक को अमेजन का कूपन देने के नाम पर 60 हजार रुपये ऐंठ लिए गए। हिमांशु ने सेक्टर-27 थाना पुलिस को बताया कि उनके पास अमेजन कंपनी के नाम से मैसेज आया था। जिसमें कूपन देने के बदले यूपीआई की तरफ से रुपये ट्रांसफर करने को कहा गया। जिसके बाद उन्होंने करीब 60 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। रुपये बंगलूरु के हेयर सैलून के नाम से खोले गए खाते में गए। जब कोई प्रक्रिया नहीं हुई तो बैंक में संपर्क किया। वहां से कोई जवाब नहीं मिला तो ठगी का पता लगा। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
गांव पिनाना की महिला के खाते से 40 हजार रुपये निकाल लिए गए। महिला सोनम ने मोहाना थाना पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले उनके पास एक कॉल आई थी। कॉल करने वाले कहा था कि वह एलआईसी से बोल रहा है। उसने कहा था कि आपके पिता खांडा निवासी जयप्रकाश ने आपके खाते में रुपये भेजने को कहा है। जिस पर सोनम के पास आरोपी ने लिंक भेज दिया। महिला ने लिंक पर क्लिक किया तो उनके खाते से 20 हजार रुपये निकल गए। जिस पर ठग ने कहा कि उनके पास लिंक सही नहीं आया। फिर से लिंक भेजने पर 20 हजार रुपये कट गए। शक पर महिला ने पिता से बातचीत की तो पता लगा कि उन्होंने किसी को नंबर नहीं दिया है। जिस पर ठगी का पता लगा। मोहाना थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
गांव फरमाणा निवासी अनिल ने खरखौदा पुलिस को बताया कि वह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में सेवारत है। उनके पास एक मोबाइल नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने दोस्त बनकर बातचीत की और उनके पास कुछ रुपये भेजने को कहा। उसने पहले 20 रुपये भेजकर पूछा कि रुपये आ गए या नहीं। उनके रुपये मिलेन की बात कहने पर वह बोला कि 20 हजार रुपये भेज रहा है। इसके बाद उनके खाते से रुपये निकलने शुरू हो गए। उनके खाते से 99 हजार रुपये निकल गए। जिसमें चार बार 20-20 हजार और एक बार में 19 हजार रुपये निकाले गए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सिसाना निवासी नवीन ने पुलिस को बताया कि उनके पास एक नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने कहा कि उसे कुछ रुपये भेजने है। वह उन्हें उसके भाई के पास भेज देना। जब उन्होंने व्हाट्सएप पर चेक किया तो वहां पर आए हुए क्यूआर कोड को खोलने पर उसके पेटीएम से पहले पांच हजार, फिर दस हजार और उसके बाद तीन हजार रुपये निकल गए। पीडि़त ने मामले की शिकायत पुलिस को देकर मुकदमा दर्ज कराया।
| किसी को मकान मालिक बनकर कॉल की तो किसी से एलआईसी एजेंट बनकर ठगी की गई। सीआरपीएफ जवान का दोस्त बनकर हजारों रुपये खाते में डलवा लिए गए। साइबर ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे। साइबर ठगों ने अलग-अलग स्थानों पर छह लोगों को झांसे में लेकर उनके खातों से दो. सत्तानवे लाख रुपये की ठगी कर डाली। किसी को मकान मालिक बनकर कॉल की तो किसी से एलआईसी एजेंट बनकर ठगी की गई। सीआरपीएफ जवान का दोस्त बनकर हजारों रुपये खाते में डलवा लिए गए। कुंडली, सेक्टर-सत्ताईस, सिटी सोनीपत, मोहाना व खरखौदा पुलिस ने मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कुंडली में निफ्टम चौक के पास रहने वाले युवक को मकान मालिक का परिचित बनकर कॉल करने के बाद चालीस हजार रुपये की ठगी कर ली। गगनदीप ने पुलिस को बताया कि उनके एक नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले उसे मकान मालिक का परिचित बताया। साथ ही कहा कि उन्हें कुछ रुपये भेजने है। जिस पर उसने दो रुपये भेजे। इसके बाद लिंक भेजकर खोलने को कहा। जब उन्होंने लिंक खोला तो उनके खाते से बीस हजार रुपये निकल गए। जब उन्होंने कहा कि आरोपी बोला कि कुछ देर में पैसे आ जाएंगे। इसके बाद फिर से लिंक भेज दिया। जिसे क्लिक करने पर फिर से बीस हजार रुपये निकल गए। तब उन्हें ठगी का पता लगा। जिस पर पुलिस को अवगत कराया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। लक्ष्मी नगर निवासी राजपाल ने सिटी थाना पुलिस को बताया कि वह पेशे से किसान है। उनका बैंक खाता छोटूराम चौक पर स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में है। वहीं एक खाता हसनगढ़ स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में है। आरोप है कि मिलीभगत से उनके दोनों खातों से एईपीएस सर्विस से बीस-बीस हजार रुपये निकाल लिए गए। राजपाल का कहना है कि उसने न तो किसी को कोई ओटीपी बताया और न ही कोई लिंक आया। उसके बावजूद खाते से रुपये निकाले गए। उसने मामजे में बैंक कर्मचारियों की भूमिका की जांच की मांग की है। सेक्टर-बारह के रहने वाले युवक को अमेजन का कूपन देने के नाम पर साठ हजार रुपये ऐंठ लिए गए। हिमांशु ने सेक्टर-सत्ताईस थाना पुलिस को बताया कि उनके पास अमेजन कंपनी के नाम से मैसेज आया था। जिसमें कूपन देने के बदले यूपीआई की तरफ से रुपये ट्रांसफर करने को कहा गया। जिसके बाद उन्होंने करीब साठ हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। रुपये बंगलूरु के हेयर सैलून के नाम से खोले गए खाते में गए। जब कोई प्रक्रिया नहीं हुई तो बैंक में संपर्क किया। वहां से कोई जवाब नहीं मिला तो ठगी का पता लगा। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। गांव पिनाना की महिला के खाते से चालीस हजार रुपये निकाल लिए गए। महिला सोनम ने मोहाना थाना पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले उनके पास एक कॉल आई थी। कॉल करने वाले कहा था कि वह एलआईसी से बोल रहा है। उसने कहा था कि आपके पिता खांडा निवासी जयप्रकाश ने आपके खाते में रुपये भेजने को कहा है। जिस पर सोनम के पास आरोपी ने लिंक भेज दिया। महिला ने लिंक पर क्लिक किया तो उनके खाते से बीस हजार रुपये निकल गए। जिस पर ठग ने कहा कि उनके पास लिंक सही नहीं आया। फिर से लिंक भेजने पर बीस हजार रुपये कट गए। शक पर महिला ने पिता से बातचीत की तो पता लगा कि उन्होंने किसी को नंबर नहीं दिया है। जिस पर ठगी का पता लगा। मोहाना थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। गांव फरमाणा निवासी अनिल ने खरखौदा पुलिस को बताया कि वह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में सेवारत है। उनके पास एक मोबाइल नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने दोस्त बनकर बातचीत की और उनके पास कुछ रुपये भेजने को कहा। उसने पहले बीस रुपयापये भेजकर पूछा कि रुपये आ गए या नहीं। उनके रुपये मिलेन की बात कहने पर वह बोला कि बीस हजार रुपये भेज रहा है। इसके बाद उनके खाते से रुपये निकलने शुरू हो गए। उनके खाते से निन्यानवे हजार रुपये निकल गए। जिसमें चार बार बीस-बीस हजार और एक बार में उन्नीस हजार रुपये निकाले गए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। सिसाना निवासी नवीन ने पुलिस को बताया कि उनके पास एक नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने कहा कि उसे कुछ रुपये भेजने है। वह उन्हें उसके भाई के पास भेज देना। जब उन्होंने व्हाट्सएप पर चेक किया तो वहां पर आए हुए क्यूआर कोड को खोलने पर उसके पेटीएम से पहले पांच हजार, फिर दस हजार और उसके बाद तीन हजार रुपये निकल गए। पीडि़त ने मामले की शिकायत पुलिस को देकर मुकदमा दर्ज कराया। |
नारद स्टिंग मामले में तृणमूल नेताओं के जेल भेजे जाने के बाद पार्टी इस मामले को न्यायिक प्रक्रिया के साथ राजनीतिक रूप से भी गरम रखेगी। पार्टी नेताओं ने साफ संकेत दिया है कि वे इस मामले में चुप नहीं बैठेंगे। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर राज्य में 'सुशासन के हित में राज्यपाल बदलने की मांग की है।
सीबीआई की ओर से नारद स्टिंग मामले में सोमवार को दो मंत्रियों, एक पूर्व मंत्री और एक पूर्व मेयर सहित तृणमूल के चार नेताओं को गिरफ्तार करने के बाद यह पत्र आया है। तृणमूल ने राज्यपाल की भूमिका पर सवाल उठाए हैं और संवैधानिक मर्यादाओं का हनन का आरोप लगाया है। मंगलवार को भेजे गए बनर्जी के पत्रों में आरोप लगाया गया है कि राज्यपाल धनखड़ चुनाव के बाद से पश्चिम बंगाल में हिंसा का 'अतिरंजित वर्जन उठा रहे हैं। पत्र में यह भी कहा गया है कि शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कानून-व्यवस्था के मुद्दे को उठाकर और सार्वजनिक डोमेन में इसके बारे में ट्वीट कर धनखड़ 'सभी सीमाएं पार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्यपाल उस समय 'सरकार के कामकाज को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं, जब समय की जरूरत कोविड महामारी को नियंत्रित करने के प्रयासों पर केंद्रित थी।
तृणमूल के सूत्रों ने कहा कि पार्टी राज्यपाल को हटाने की मांग को लेकर विधानसभा में प्रस्ताव लाने पर भी विचार कर रही है। राज्यपाल ने जब से कार्यभार संभाला है, तब से तृणमूल सरकार के निशाने पर हैं। तृणमूल सांसद सौगत रॉय ने आरोप लगाया, 'वह एक चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने के दुर्भावनापूर्ण इरादे से कानून और व्यवस्था के गंभीर रूप से टूटने की कहानी बनाने की कोशिश कर रहे हैं। सूत्रों ने कहा, राज्य में केंद्र और राज्य सरकार के बीच टकराव बढ़ना तय है। राज्य सरकार आने वाले दिनों में केंद्रीय योजनाओं के बहाने भी केंद्र को घेरेगी।
| नारद स्टिंग मामले में तृणमूल नेताओं के जेल भेजे जाने के बाद पार्टी इस मामले को न्यायिक प्रक्रिया के साथ राजनीतिक रूप से भी गरम रखेगी। पार्टी नेताओं ने साफ संकेत दिया है कि वे इस मामले में चुप नहीं बैठेंगे। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर राज्य में 'सुशासन के हित में राज्यपाल बदलने की मांग की है। सीबीआई की ओर से नारद स्टिंग मामले में सोमवार को दो मंत्रियों, एक पूर्व मंत्री और एक पूर्व मेयर सहित तृणमूल के चार नेताओं को गिरफ्तार करने के बाद यह पत्र आया है। तृणमूल ने राज्यपाल की भूमिका पर सवाल उठाए हैं और संवैधानिक मर्यादाओं का हनन का आरोप लगाया है। मंगलवार को भेजे गए बनर्जी के पत्रों में आरोप लगाया गया है कि राज्यपाल धनखड़ चुनाव के बाद से पश्चिम बंगाल में हिंसा का 'अतिरंजित वर्जन उठा रहे हैं। पत्र में यह भी कहा गया है कि शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कानून-व्यवस्था के मुद्दे को उठाकर और सार्वजनिक डोमेन में इसके बारे में ट्वीट कर धनखड़ 'सभी सीमाएं पार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्यपाल उस समय 'सरकार के कामकाज को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं, जब समय की जरूरत कोविड महामारी को नियंत्रित करने के प्रयासों पर केंद्रित थी। तृणमूल के सूत्रों ने कहा कि पार्टी राज्यपाल को हटाने की मांग को लेकर विधानसभा में प्रस्ताव लाने पर भी विचार कर रही है। राज्यपाल ने जब से कार्यभार संभाला है, तब से तृणमूल सरकार के निशाने पर हैं। तृणमूल सांसद सौगत रॉय ने आरोप लगाया, 'वह एक चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने के दुर्भावनापूर्ण इरादे से कानून और व्यवस्था के गंभीर रूप से टूटने की कहानी बनाने की कोशिश कर रहे हैं। सूत्रों ने कहा, राज्य में केंद्र और राज्य सरकार के बीच टकराव बढ़ना तय है। राज्य सरकार आने वाले दिनों में केंद्रीय योजनाओं के बहाने भी केंद्र को घेरेगी। |
"एक अच्छी तरह से विनियमित मिलिशिया, एक मुक्त राज्य की सुरक्षा के लिए जरूरी है, लोगों को हथियार रखने और सहन करने का अधिकार, उल्लंघन नहीं किया जाएगा। "
अमेरिकी संविधान में दूसरा संशोधन शायद बिल के अधिकारों में सबसे महत्वपूर्ण संशोधन है, अगर पूरे दस्तावेज़ में नहीं। दूसरा संशोधन अमेरिकी नागरिकों और कुल अराजकता के बीच में है। दूसरे संशोधन के बिना, मार्शल लॉ घोषित करने और राष्ट्र के सैन्य बलों को अपने नागरिकों के शेष नागरिक अधिकारों को व्यवस्थित रूप से उखाड़ फेंकने और हटाने के लिए एक विधिवत निर्वाचित राष्ट्रपति (जो देश के कमांडर-इन-चीफ भी हैं) को रोक नहीं पाएगा।
दूसरा संशोधन कुलवादवाद की ताकतों के खिलाफ अमेरिका की सबसे बड़ी रक्षा है।
दूसरे संशोधन की सरल शब्दावली का व्यापक रूप से व्याख्या किया गया है, और बंदूक नियंत्रण समर्थकों ने अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए भाषा को खराब करने की मांग की है। शायद संशोधन का सबसे विवादास्पद पहलू, जिस पर बंदूक नियंत्रण समर्थकों ने अपने अधिकांश तर्कों को विश्राम दिया है वह हिस्सा है जो "अच्छी तरह से विनियमित मिलिशिया" पढ़ता है। जो लोग संशोधन को खत्म करना चाहते हैं, उनका दावा है कि हथियार सहन करने का अधिकार पूरी तरह से मिलिशिया के लिए बढ़ाया गया है, और चूंकि 1700 के दशक से दोनों मिलिशिया और उनकी प्रभावशीलता कम हो गई है, इसलिए संशोधन अब लागू हो गया है।
स्थानीय और राज्य सरकार निकायों ने अक्सर कठोर नियमों और आवश्यकताओं को लागू करके अपनी शक्ति में संशोधन को रोकने की मांग की है। 32 सालों तक, वाशिंगटन डीसी में बंदूक मालिकों को कानूनी रूप से एक हैंडगुन रखने या जिले के क्षेत्र में एक रखने की अनुमति नहीं थी।
जो कुछ भी कारण है, घरों में स्व-रक्षा के लिए अमेरिकियों द्वारा चुने गए हैंडगन्स सबसे लोकप्रिय हथियार हैं, और उनके उपयोग की पूर्ण निषेध अमान्य है। "
वाशिंगटन, डीसी में हैंडगन्स मुद्दे थे, जबकि कहीं और बंदूक नियंत्रण वकालत करने वालों ने आम जनता द्वारा पूरी तरह से स्वचालित हथियारों और अन्य उच्च शक्ति वाले आग्नेयास्त्रों तक पहुंच और उपयोग को अस्वीकार कर दिया है। उन्होंने जनता की रक्षा के लिए एक गुमराह प्रयास में इन तथाकथित "हमले हथियार" के स्वामित्व को सीमित या प्रतिबंधित करने की मांग की है। 1 9 8 9 में, कैलिफ़ोर्निया पूरी तरह से स्वचालित राइफल्स, मशीन गन और अन्य आग्नेयास्त्रों पर सीधे प्रतिबंध लगाने के लिए पहला राज्य बन गया, जिसे "हमला हथियार" माना जाता था। तब से, कनेक्टिकट, हवाई, मैरीलैंड और न्यू जर्सी ने इसी तरह के कानून पारित किए हैं।
एक कारण बंदूक नियंत्रण विरोधी खुले बाजार पर इन आग्नेयास्त्रों को रखने के बारे में इतने अशिष्ट हैं क्योंकि अमेरिकी सेना द्वारा हथियारों तक पहुंच ने अमेरिकी जनता द्वारा संख्याओं और शक्ति दोनों में हथियारों तक पहुंच को दूर कर दिया है। यदि कोई राष्ट्र अपनी सरकार के भीतर अत्याचार की ताकतों के खिलाफ खुद को बचाने में असमर्थ है क्योंकि हथियार सहन करने का अधिकार इतनी बुरी तरह खराब हो गया है, तो यह दूसरे संशोधन की भावना और इरादे को कम करता है।
लिबरल भी आग्नेयास्त्रों के लिए गोला बारूद के प्रकारों के साथ-साथ उन लोगों के "प्रकार" को प्रतिबंधित करने वाले कानूनों का भी समर्थन करते हैं जो उनके मालिक हो सकते हैं। पूर्व मानसिक बीमारियों वाले पूर्व विपक्ष या लोगों को, उदाहरण के लिए, कुछ राज्यों में बंदूकें रखने या बंद करने से प्रतिबंधित है, और ब्रैडी बिल, जो 1 99 4 में कानून बन गया था, को संभावित बंदूक मालिकों को पांच दिन की प्रतीक्षा अवधि से गुजरना पड़ता है ताकि स्थानीय कानून प्रवर्तन अधिकारी पृष्ठभूमि जांच कर सकते हैं।
हर नियमन, प्रतिबंध या कानून जो अमेरिकियों को हथियार रखने और सहन करने का अधिकार मानता है, अमेरिका को एक ऐसा देश होने से रोकता है जो वास्तव में मुफ़्त है।
| "एक अच्छी तरह से विनियमित मिलिशिया, एक मुक्त राज्य की सुरक्षा के लिए जरूरी है, लोगों को हथियार रखने और सहन करने का अधिकार, उल्लंघन नहीं किया जाएगा। " अमेरिकी संविधान में दूसरा संशोधन शायद बिल के अधिकारों में सबसे महत्वपूर्ण संशोधन है, अगर पूरे दस्तावेज़ में नहीं। दूसरा संशोधन अमेरिकी नागरिकों और कुल अराजकता के बीच में है। दूसरे संशोधन के बिना, मार्शल लॉ घोषित करने और राष्ट्र के सैन्य बलों को अपने नागरिकों के शेष नागरिक अधिकारों को व्यवस्थित रूप से उखाड़ फेंकने और हटाने के लिए एक विधिवत निर्वाचित राष्ट्रपति को रोक नहीं पाएगा। दूसरा संशोधन कुलवादवाद की ताकतों के खिलाफ अमेरिका की सबसे बड़ी रक्षा है। दूसरे संशोधन की सरल शब्दावली का व्यापक रूप से व्याख्या किया गया है, और बंदूक नियंत्रण समर्थकों ने अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए भाषा को खराब करने की मांग की है। शायद संशोधन का सबसे विवादास्पद पहलू, जिस पर बंदूक नियंत्रण समर्थकों ने अपने अधिकांश तर्कों को विश्राम दिया है वह हिस्सा है जो "अच्छी तरह से विनियमित मिलिशिया" पढ़ता है। जो लोग संशोधन को खत्म करना चाहते हैं, उनका दावा है कि हथियार सहन करने का अधिकार पूरी तरह से मिलिशिया के लिए बढ़ाया गया है, और चूंकि एक हज़ार सात सौ के दशक से दोनों मिलिशिया और उनकी प्रभावशीलता कम हो गई है, इसलिए संशोधन अब लागू हो गया है। स्थानीय और राज्य सरकार निकायों ने अक्सर कठोर नियमों और आवश्यकताओं को लागू करके अपनी शक्ति में संशोधन को रोकने की मांग की है। बत्तीस सालों तक, वाशिंगटन डीसी में बंदूक मालिकों को कानूनी रूप से एक हैंडगुन रखने या जिले के क्षेत्र में एक रखने की अनुमति नहीं थी। जो कुछ भी कारण है, घरों में स्व-रक्षा के लिए अमेरिकियों द्वारा चुने गए हैंडगन्स सबसे लोकप्रिय हथियार हैं, और उनके उपयोग की पूर्ण निषेध अमान्य है। " वाशिंगटन, डीसी में हैंडगन्स मुद्दे थे, जबकि कहीं और बंदूक नियंत्रण वकालत करने वालों ने आम जनता द्वारा पूरी तरह से स्वचालित हथियारों और अन्य उच्च शक्ति वाले आग्नेयास्त्रों तक पहुंच और उपयोग को अस्वीकार कर दिया है। उन्होंने जनता की रक्षा के लिए एक गुमराह प्रयास में इन तथाकथित "हमले हथियार" के स्वामित्व को सीमित या प्रतिबंधित करने की मांग की है। एक नौ आठ नौ में, कैलिफ़ोर्निया पूरी तरह से स्वचालित राइफल्स, मशीन गन और अन्य आग्नेयास्त्रों पर सीधे प्रतिबंध लगाने के लिए पहला राज्य बन गया, जिसे "हमला हथियार" माना जाता था। तब से, कनेक्टिकट, हवाई, मैरीलैंड और न्यू जर्सी ने इसी तरह के कानून पारित किए हैं। एक कारण बंदूक नियंत्रण विरोधी खुले बाजार पर इन आग्नेयास्त्रों को रखने के बारे में इतने अशिष्ट हैं क्योंकि अमेरिकी सेना द्वारा हथियारों तक पहुंच ने अमेरिकी जनता द्वारा संख्याओं और शक्ति दोनों में हथियारों तक पहुंच को दूर कर दिया है। यदि कोई राष्ट्र अपनी सरकार के भीतर अत्याचार की ताकतों के खिलाफ खुद को बचाने में असमर्थ है क्योंकि हथियार सहन करने का अधिकार इतनी बुरी तरह खराब हो गया है, तो यह दूसरे संशोधन की भावना और इरादे को कम करता है। लिबरल भी आग्नेयास्त्रों के लिए गोला बारूद के प्रकारों के साथ-साथ उन लोगों के "प्रकार" को प्रतिबंधित करने वाले कानूनों का भी समर्थन करते हैं जो उनके मालिक हो सकते हैं। पूर्व मानसिक बीमारियों वाले पूर्व विपक्ष या लोगों को, उदाहरण के लिए, कुछ राज्यों में बंदूकें रखने या बंद करने से प्रतिबंधित है, और ब्रैडी बिल, जो एक निन्यानवे चार में कानून बन गया था, को संभावित बंदूक मालिकों को पांच दिन की प्रतीक्षा अवधि से गुजरना पड़ता है ताकि स्थानीय कानून प्रवर्तन अधिकारी पृष्ठभूमि जांच कर सकते हैं। हर नियमन, प्रतिबंध या कानून जो अमेरिकियों को हथियार रखने और सहन करने का अधिकार मानता है, अमेरिका को एक ऐसा देश होने से रोकता है जो वास्तव में मुफ़्त है। |
जइ यह रावण जाइयउ दहमुह इक्कु सरीर । झाली तुट्टी कि न मुउ कि न हुयउ छार पुज । हिंडइ दोरी वीउ जिम मक्कड निम मुज
ये उद्भरण सन् १९८४ मे श्री सोमप्रभाचार्य कृत 'कुमारपाल प्रतिबोध' और सन् १३०४ मे जैनाचार्य मेहतुन-कृत 'प्रवध-चितामणि' नामक ग्रंथों के है । इनमे प्रयुक्त सँदेसडओ ( मॅदेमडी ), डुब्बिड ( डूब्यो ), दिन्हउ ( दीन्हो ), लिन्हुउ ( तान्हो ), जाइयउ ( जायो ), हुयउ ( हुओ ), बँधीअउ ( बॅयो ) आदि रूप इस बात के द्योतक है कि बारहवी-तेरहवी शताब्दी में ही प्राचीन ढंग को कविता में ऐसे शब्दो का प्रयोग होने लगा था, जो ब्रजभाषा के, किसो सोमा तक, आदि रूप माने जा सकते है । धीरे-धीरे इन शब्दों का प्रयोग करने की प्रवृत्ति बढती हो गयी. क्योकि बोलचाल के सामान्य व्यवहार मे तो इनका प्रयोग होता ही होगा, मोखिक गीत परपरा में भी इनकी प्रधानता रही होगी। अस्तु ।
हिंदी साहित्य का आरंभ सिद्धो और योगियो तथा जैनाचार्यों की रचनाओ से होता है । इन वर्गों को नवी-दसवी शताब्दियों में लिखी गयो रचनाओ की भाषा जैसे इस बात की द्योतक है कि अनाम से प्रचलित साहित्यिक भाषा मे तो रचना होती ही थी; साथ-साथ जनसाधारण को तत्कालीन बोलो भी व्यजना शक्ति का अर्जन करके साहित्य-रचना के योग्य बनने में लगी हुई थी । सिद्धो की भाषा को 'संध्या भाषा' कहा गया है जिसका संकेत है कि जिस भाषा में उनको रचनाएं है वह मध्याह्न और अपराह्न का विकास-काल देखने के पश्चात् अब अवस्था के सध्या काल में पहुँच चुकी है। बिहार प्रदेश में बहुत काल तक रहने के कारण जिस प्रकार सिद्धो को भाषा में अर्द्धमागधी अपभ्रंश में विकसित मगही के कुछ शब्द अधिक मिलते है, वैसे हो गुजरात प्रात से संबंधित होने के कारण अधिकाश जैनाचार्यों की भाषा में नागर अपभ्रंश से विकसित हुई तत्कालीन प्रातीय भाषा का आदिकालीन रूप स्पष्ट दिखायी देता है, तयापि सामूहिक रूप से विचार करने पर स्पष्ट हो जाता है कि उस युद्ध के लेखकों और कवियों को भाषा एक प्रकार से वही यो जिसका प्रचार पश्चिम में गुजरात और
भावार्थ --जब यह वसमुंह और एक शरीरवाला रावण उत्पन्न हुआ। भावार्थ-टूट पड़ी हुई आग से क्यो न मरा, क्षार पुंज क्यों न हो गया जैसे डोरी में बँधा बंदर से घूमता है मंडु ।
सिद्धों और योगियों के साहित्य की ओर हिंदी जगत का ध्यान विशेष रूप से आकर्षित करने का श्रेप डा० पोतांबर दस बड़थ्वाल [क.नागरी प्रचारिणो पत्रिका, सन् १९३०, भाग ११, अंक ४, में प्रकाशित, हिंदी कविता मे योगप्रवाह' शीर्षक लेख । ख. सन् १९४२ में प्रकाशित 'गोरखबानी' नामक ग्रंथ ] और श्री राहुल सांकृत्यायन [ क. पुरातत्व निबंधावली, सन् १९३७ और ख हिदी काव्यधारा', सन् १९४५ ] को है- लेखक ।
राजपूताने में लेकर पूर्व में बिहार तब था । व्रजभाषा अपने स्वत्र रूप में इस सम त इतनी विकसित नहीं हो पो कि उनमें वाय-रचना की जा सकती। यह दूसरी बात है कि ब्रजप्रदेश में मौखिन पद और गीत उनमे गाये जाते रहे हों, परतु एक तो उनका कोई उदाहरण आज उल नहीं है और दूसरे, उनका स्वरूप भी प्रातीय प्रभाव से युक्त रहा होगा जिनके प्रमाण नि, योग और जैनाचार्यो रचनाओं में पत्र मिलते है ।
सर के पूर्ववर्ती कवि और त्रजभाषा'वीरगापावाल में राजस्थान दिल्ली वीज और महोबा नाहित्य-रचना के प्रमुख केंद्रे थे । साहित्यकारों में एक वर्ग चारणका था और दूसरे में अन्य मनो कवियो वा नमनना चाहिए जा वेवन पुरस्कार प्राप्ति के लिए साहित्य या बाय रचना नहीं करते थे । प्रथम वर्ग के वियो अर्थात् चार साहित्य दिगल भाषा । में है जा राजस्थान की साहित्यिक भाषा थी जिसम पूर्व प्रचलित अभी मेल था और जा तत्कालीन वातावरण के अनुरूप वीररन की रचनाओं के लिए उपयुक्त समझी जाती थी । वीरगाथावान को अधिक महत्वपूर्ण रचनाएँ इसी भाषा में मिलती है । नरपति नाल्-वृत 'बीसलदेव रासो'चद्रवरदायी वृत 'पृथ्वीराज रामो', जगतिक वृत 'आल्हाखड' आदि जो वाव्य इस युग में रखे गये, उनमें ब्रजभाषा वे इतने अधिक शब्द-रूप मिलते है कि उनकी भाषा को इतिहानी से बहुत बाद को माना है। बीसलदेव रासो के रचनावान वे सबध में विद्वानों में मतभेद है।
१. डिगल नावा के सम्बन्ध में मुंशो देवी प्रसाद का यह वचन है- मारवाड़ी भाषा मे 'गल्ल' का अर्थ बात या बोली है । 'डोगा' लम्बे और ऊँचे को और 'पांगता' पगे या लूले को कहते हैं। चारण अपनी मारवाडी कविता को बहुत ऊँचे स्वरों में पढ़ते हैं और व्रजभाषा को कविता धीरे-धोरे मंद स्वरो मे पड़ी जाती है। इसीलिए डिगल और पिंगल सज्ञा हो गयो जसको दूसरे शब्दों मे ऊंची-नोचो बोलो को बविता वह सकते हैं --- 'चांद', नवम्बर १९२९ में प्रकाशित 'नाट और चारणों का हिंदो भाषा सम्बन्धी काम शोषक लेख, पृ. २०५५
श्री नरोत्तम स्वामी के अनुसार इस ग्रंथ का ठीक नाम 'बोसलदे-राम' है । देखिए- 'दोसल दे-रास' शीर्षक उनका लेख, 'कल्पना', सितम्बर १९५३, पृ. ७०७३ ३. ताला सीताराम और थो नरोत्तम स्वामी (मासिक 'आलोचना वयं २, अंक २ जनवरी १९५३ मे प्रकाशित 'राजस्थानी भाषा और साहित्य शो लेख, पृ. ११० ) स० १२७२ (सन् १२१५); मिश्रवधू स. १२२०, सत्यजीवन दर्मा, श्याम सुन्दरदास और रामचन्द्र शुक्ल स. १२१२ वजराज ओमा (नागरी प्रचारिणी पत्र नाग १४ अ १. पृ. ९९) और डा० रामकुमार वर्मा ('आलोचनात्मक इतिहास, पृ. २१०) स० १०७३, 'बोमतदेव रासोका रचनाकाल मानते हैं। श्रोअगरत्चन्द नाहटा ने इसे तेरहवी शताब्दीको रचना रहा है ( राजस्थानों, नाग
श्रीसत्यजीवन वर्मा ने जिस प्रति के आधार पर इसका संपादन किया था, वह संवत् १९५९ की थी; परंतु इसकी सबसे प्राचीन प्रति संवत् १६६९ की लिखी मिलती है । श्री नरोत्तमस्वामी ने इस वाव्य को संवत् १६३३ की एक प्रति फूलचंद झाबक संग्रह (कलोधी ) में होने का उल्लेख किया है । इस ग्रथ की भाषा को श्री मयं जीवन वर्मा ने खड़ीबोली की नानो-दादी कहा है, क्योंकि इसमें उन्हें खडोबोली की प्रमुख विशेषताएँ मिलती है । ५० रामचंद्र शुक्ल ने इस काव्य मे कही वही पर प्रजभाषा और खडीवोली को मिलाने का प्रयत्न किया जाना लिखा है। उनका यह कथन इस दृष्टि से ही ठीक माना जा सकता है कि गेय होने के कारण इस काव्य की भाषा में बरावर परिवर्तन होता गया । वस्तुत इस ग्रंथ की भाषा राजस्थानी है और प्रारंभिक प्रतियों में इसका प्राचीन रूप सुरक्षित है।
'पृथ्वीराजरामों' के रचनाकाल के संबंध में भी इसी प्रकार विद्वानों में बहुत मतभेद है । इस ग्रथ को प्राचीनतम प्रति संवत् १६४२ को लिखी मिलती है" । प्रो० रमाकांत त्रिपाठी ने चदबरदायी के वशधर नानूराम के पास संवत् १४५५ की लिखी एक प्रति होने की बात आज से लगभग तीस वर्ष पूर्व कही थी। परंतु वह प्रति न अभी तक प्रकाश में आयी है और न उसकी परीक्षा हो की जा सकी है। श्री मोतीलाल मेनारिया ने 'रासो' को नो प्राचीन प्रतियां के देखने का उल्लेख किया है, परंतु उनमे केवल एक सवत् १७६० की है, शेष का लिपिकाल या तो अज्ञात है या इसके बाद का है । 'रासो' की कुछ अन्य प्रतियो का उल्लेख श्रीनरोत्तम३, अंक ३, पृ. २२)। श्री गौरी शंकर हीराचन्द ओझा ने बीसलदेव का समय संवत् १०३० से १०५६ माना है (हिन्दी टाड राजस्थान, प्रथम खंड, पृ. ३५८); परन्तु 'बीसलदेव रासो' की रचना वे हम्मीरदेव के समय में होना मानते है ('राजपूताने का इतिहास, भूमिका, पृ. १९) । यदि इस काव्य में प्रयुक्त वर्तमानकालिक क्रियाओं के आधार पर नरपति नाल्ह को बीसलदेव का समकालोन स्वीकार कर लिया जाय तो संवत् १०७३ तिथि हो किसी सीमा तक ठोक हो सकती हैं - लेखक । 'बीसलदेव रासो' का नागरी प्रचारिणी सभा से संवत् १९८१ मे प्रकाशित संस्करण ।
डॉ० धीरेन्द्र वर्मा, 'व्रजमापा-ध्याकरण', पृ. २७ ।
मासिक "कल्पना, सितम्बर १९५३ में प्रकाशित 'बीसलदे-रास शीर्षक उनका लेख, पृ. ७०९ ।
'हिन्दी साहित्य का इतिहास', पृ. ४४॥
डा. धोरेन्द्र वर्मा, 'व्रजभाषा-ध्याकरण', पृ. २७ ।
'चांद' के 'मारवाड़ी अंक', वर्ष ८, खंड १, नवम्बर १९२९ में प्रकाशित उनका 'महाकवि चंद के वंशधर शीर्षक लेख, पृ. १४९ ॥
श्री मोतीलाल मेनारिया द्वारा संपादित 'राजस्थान में हस्तलिखित हिवी ग्रंथों की खोज, प्रथम भाग, पृ. ४५-७० । | जइ यह रावण जाइयउ दहमुह इक्कु सरीर । झाली तुट्टी कि न मुउ कि न हुयउ छार पुज । हिंडइ दोरी वीउ जिम मक्कड निम मुज ये उद्भरण सन् एक हज़ार नौ सौ चौरासी मे श्री सोमप्रभाचार्य कृत 'कुमारपाल प्रतिबोध' और सन् एक हज़ार तीन सौ चार मे जैनाचार्य मेहतुन-कृत 'प्रवध-चितामणि' नामक ग्रंथों के है । इनमे प्रयुक्त सँदेसडओ , डुब्बिड , दिन्हउ , लिन्हुउ , जाइयउ , हुयउ , बँधीअउ आदि रूप इस बात के द्योतक है कि बारहवी-तेरहवी शताब्दी में ही प्राचीन ढंग को कविता में ऐसे शब्दो का प्रयोग होने लगा था, जो ब्रजभाषा के, किसो सोमा तक, आदि रूप माने जा सकते है । धीरे-धीरे इन शब्दों का प्रयोग करने की प्रवृत्ति बढती हो गयी. क्योकि बोलचाल के सामान्य व्यवहार मे तो इनका प्रयोग होता ही होगा, मोखिक गीत परपरा में भी इनकी प्रधानता रही होगी। अस्तु । हिंदी साहित्य का आरंभ सिद्धो और योगियो तथा जैनाचार्यों की रचनाओ से होता है । इन वर्गों को नवी-दसवी शताब्दियों में लिखी गयो रचनाओ की भाषा जैसे इस बात की द्योतक है कि अनाम से प्रचलित साहित्यिक भाषा मे तो रचना होती ही थी; साथ-साथ जनसाधारण को तत्कालीन बोलो भी व्यजना शक्ति का अर्जन करके साहित्य-रचना के योग्य बनने में लगी हुई थी । सिद्धो की भाषा को 'संध्या भाषा' कहा गया है जिसका संकेत है कि जिस भाषा में उनको रचनाएं है वह मध्याह्न और अपराह्न का विकास-काल देखने के पश्चात् अब अवस्था के सध्या काल में पहुँच चुकी है। बिहार प्रदेश में बहुत काल तक रहने के कारण जिस प्रकार सिद्धो को भाषा में अर्द्धमागधी अपभ्रंश में विकसित मगही के कुछ शब्द अधिक मिलते है, वैसे हो गुजरात प्रात से संबंधित होने के कारण अधिकाश जैनाचार्यों की भाषा में नागर अपभ्रंश से विकसित हुई तत्कालीन प्रातीय भाषा का आदिकालीन रूप स्पष्ट दिखायी देता है, तयापि सामूहिक रूप से विचार करने पर स्पष्ट हो जाता है कि उस युद्ध के लेखकों और कवियों को भाषा एक प्रकार से वही यो जिसका प्रचार पश्चिम में गुजरात और भावार्थ --जब यह वसमुंह और एक शरीरवाला रावण उत्पन्न हुआ। भावार्थ-टूट पड़ी हुई आग से क्यो न मरा, क्षार पुंज क्यों न हो गया जैसे डोरी में बँधा बंदर से घूमता है मंडु । सिद्धों और योगियों के साहित्य की ओर हिंदी जगत का ध्यान विशेष रूप से आकर्षित करने का श्रेप डाशून्य पोतांबर दस बड़थ्वाल [क.नागरी प्रचारिणो पत्रिका, सन् एक हज़ार नौ सौ तीस, भाग ग्यारह, अंक चार, में प्रकाशित, हिंदी कविता मे योगप्रवाह' शीर्षक लेख । ख. सन् एक हज़ार नौ सौ बयालीस में प्रकाशित 'गोरखबानी' नामक ग्रंथ ] और श्री राहुल सांकृत्यायन [ क. पुरातत्व निबंधावली, सन् एक हज़ार नौ सौ सैंतीस और ख हिदी काव्यधारा', सन् एक हज़ार नौ सौ पैंतालीस ] को है- लेखक । राजपूताने में लेकर पूर्व में बिहार तब था । व्रजभाषा अपने स्वत्र रूप में इस सम त इतनी विकसित नहीं हो पो कि उनमें वाय-रचना की जा सकती। यह दूसरी बात है कि ब्रजप्रदेश में मौखिन पद और गीत उनमे गाये जाते रहे हों, परतु एक तो उनका कोई उदाहरण आज उल नहीं है और दूसरे, उनका स्वरूप भी प्रातीय प्रभाव से युक्त रहा होगा जिनके प्रमाण नि, योग और जैनाचार्यो रचनाओं में पत्र मिलते है । सर के पूर्ववर्ती कवि और त्रजभाषा'वीरगापावाल में राजस्थान दिल्ली वीज और महोबा नाहित्य-रचना के प्रमुख केंद्रे थे । साहित्यकारों में एक वर्ग चारणका था और दूसरे में अन्य मनो कवियो वा नमनना चाहिए जा वेवन पुरस्कार प्राप्ति के लिए साहित्य या बाय रचना नहीं करते थे । प्रथम वर्ग के वियो अर्थात् चार साहित्य दिगल भाषा । में है जा राजस्थान की साहित्यिक भाषा थी जिसम पूर्व प्रचलित अभी मेल था और जा तत्कालीन वातावरण के अनुरूप वीररन की रचनाओं के लिए उपयुक्त समझी जाती थी । वीरगाथावान को अधिक महत्वपूर्ण रचनाएँ इसी भाषा में मिलती है । नरपति नाल्-वृत 'बीसलदेव रासो'चद्रवरदायी वृत 'पृथ्वीराज रामो', जगतिक वृत 'आल्हाखड' आदि जो वाव्य इस युग में रखे गये, उनमें ब्रजभाषा वे इतने अधिक शब्द-रूप मिलते है कि उनकी भाषा को इतिहानी से बहुत बाद को माना है। बीसलदेव रासो के रचनावान वे सबध में विद्वानों में मतभेद है। एक. डिगल नावा के सम्बन्ध में मुंशो देवी प्रसाद का यह वचन है- मारवाड़ी भाषा मे 'गल्ल' का अर्थ बात या बोली है । 'डोगा' लम्बे और ऊँचे को और 'पांगता' पगे या लूले को कहते हैं। चारण अपनी मारवाडी कविता को बहुत ऊँचे स्वरों में पढ़ते हैं और व्रजभाषा को कविता धीरे-धोरे मंद स्वरो मे पड़ी जाती है। इसीलिए डिगल और पिंगल सज्ञा हो गयो जसको दूसरे शब्दों मे ऊंची-नोचो बोलो को बविता वह सकते हैं --- 'चांद', नवम्बर एक हज़ार नौ सौ उनतीस में प्रकाशित 'नाट और चारणों का हिंदो भाषा सम्बन्धी काम शोषक लेख, पृ. दो हज़ार पचपन श्री नरोत्तम स्वामी के अनुसार इस ग्रंथ का ठीक नाम 'बोसलदे-राम' है । देखिए- 'दोसल दे-रास' शीर्षक उनका लेख, 'कल्पना', सितम्बर एक हज़ार नौ सौ तिरेपन, पृ. सात हज़ार तिहत्तर तीन. ताला सीताराम और थो नरोत्तम स्वामी सशून्य एक हज़ार दो सौ बहत्तर ; मिश्रवधू स. एक हज़ार दो सौ बीस, सत्यजीवन दर्मा, श्याम सुन्दरदास और रामचन्द्र शुक्ल स. एक हज़ार दो सौ बारह वजराज ओमा और डाशून्य रामकुमार वर्मा सशून्य एक हज़ार तिहत्तर, 'बोमतदेव रासोका रचनाकाल मानते हैं। श्रोअगरत्चन्द नाहटा ने इसे तेरहवी शताब्दीको रचना रहा है में होने का उल्लेख किया है । इस ग्रथ की भाषा को श्री मयं जीवन वर्मा ने खड़ीबोली की नानो-दादी कहा है, क्योंकि इसमें उन्हें खडोबोली की प्रमुख विशेषताएँ मिलती है । पचास रामचंद्र शुक्ल ने इस काव्य मे कही वही पर प्रजभाषा और खडीवोली को मिलाने का प्रयत्न किया जाना लिखा है। उनका यह कथन इस दृष्टि से ही ठीक माना जा सकता है कि गेय होने के कारण इस काव्य की भाषा में बरावर परिवर्तन होता गया । वस्तुत इस ग्रंथ की भाषा राजस्थानी है और प्रारंभिक प्रतियों में इसका प्राचीन रूप सुरक्षित है। 'पृथ्वीराजरामों' के रचनाकाल के संबंध में भी इसी प्रकार विद्वानों में बहुत मतभेद है । इस ग्रथ को प्राचीनतम प्रति संवत् एक हज़ार छः सौ बयालीस को लिखी मिलती है" । प्रोशून्य रमाकांत त्रिपाठी ने चदबरदायी के वशधर नानूराम के पास संवत् एक हज़ार चार सौ पचपन की लिखी एक प्रति होने की बात आज से लगभग तीस वर्ष पूर्व कही थी। परंतु वह प्रति न अभी तक प्रकाश में आयी है और न उसकी परीक्षा हो की जा सकी है। श्री मोतीलाल मेनारिया ने 'रासो' को नो प्राचीन प्रतियां के देखने का उल्लेख किया है, परंतु उनमे केवल एक सवत् एक हज़ार सात सौ साठ की है, शेष का लिपिकाल या तो अज्ञात है या इसके बाद का है । 'रासो' की कुछ अन्य प्रतियो का उल्लेख श्रीनरोत्तमतीन, अंक तीन, पृ. बाईस)। श्री गौरी शंकर हीराचन्द ओझा ने बीसलदेव का समय संवत् एक हज़ार तीस से एक हज़ार छप्पन माना है ; परन्तु 'बीसलदेव रासो' की रचना वे हम्मीरदेव के समय में होना मानते है । यदि इस काव्य में प्रयुक्त वर्तमानकालिक क्रियाओं के आधार पर नरपति नाल्ह को बीसलदेव का समकालोन स्वीकार कर लिया जाय तो संवत् एक हज़ार तिहत्तर तिथि हो किसी सीमा तक ठोक हो सकती हैं - लेखक । 'बीसलदेव रासो' का नागरी प्रचारिणी सभा से संवत् एक हज़ार नौ सौ इक्यासी मे प्रकाशित संस्करण । डॉशून्य धीरेन्द्र वर्मा, 'व्रजमापा-ध्याकरण', पृ. सत्ताईस । मासिक "कल्पना, सितम्बर एक हज़ार नौ सौ तिरेपन में प्रकाशित 'बीसलदे-रास शीर्षक उनका लेख, पृ. सात सौ नौ । 'हिन्दी साहित्य का इतिहास', पृ. चौंतालीस॥ डा. धोरेन्द्र वर्मा, 'व्रजभाषा-ध्याकरण', पृ. सत्ताईस । 'चांद' के 'मारवाड़ी अंक', वर्ष आठ, खंड एक, नवम्बर एक हज़ार नौ सौ उनतीस में प्रकाशित उनका 'महाकवि चंद के वंशधर शीर्षक लेख, पृ. एक सौ उनचास ॥ श्री मोतीलाल मेनारिया द्वारा संपादित 'राजस्थान में हस्तलिखित हिवी ग्रंथों की खोज, प्रथम भाग, पृ. पैंतालीस-सत्तर । |
TV Serials Update 21 october 2022: आज के एपिसोड में आप देखेंगे कि आरोही नील को यकीन दिलाती है कि अक्षरा जैसी दिखती है वैसी है नही. . वो हमारी शादी से खुश नहीं है लेकिन नील कहता है कि अक्षरा भाभी ऐसी नहीं है।
नई दिल्ली। छोटे पर्दे के पॉपुलर सीरियल ये रिश्ता क्या कहलाता है और कुंडली भाग्य में रोजाना ट्विस्ट देखने को मिल रहे हैं। ये रिश्ता क्या कहलाता है के बीते एपिसोड में आपने देखा कि अक्षरा को पता चलता है कि आरोही महिमा को घर की सारे बातें बताती है। वो आरोही से कहती है कि तू नील से प्यार नहीं बल्कि बिरला के पावर और पैसे से प्यार करती हैं। अक्षरा कहती है कि वो उसकी शादी नील से नहीं होने देगी। वही कुंडली भाग्य में प्रीता अर्जुन के साथ से मिठाई खा लेती है। अर्जुन बहुत खुश होता है कि वो अपने प्लान में कामयाब रहा है।
आज के एपिसोड में आप देखेंगे कि आरोही नील को यकीन दिलाती है कि अक्षरा जैसी दिखती है वैसी है नही. . वो हमारी शादी से खुश नहीं है लेकिन नील कहता है कि अक्षरा भाभी ऐसी नहीं है। इसके बाद अक्षरा नील को मिलने के लिए बुलाती है और अभिमन्यु आरोही को। अक्षरा नील को समझाने की कोशिश करती है कि आरोही सही नहीं है वो सिर्फ बिरला अस्पताल के लिए तुम्हारा इस्तेमाल कर रही हैं। वहीं दूसरी तरफ अभिमन्यु आरोही को बड़े अस्पताल का ऑफर करता है। जैसे ही बात नील को पता चलती है तो वो अभि से सवाल करता है कि ऐसा क्यों किया। पूरा परिवार नील को समझाने की कोशिश करता है लेकिन नील गुस्से में हाथापाई पर उतर आता है और अभिमन्यु को धक्का देता है। अपकमिंग एपिसोड में अक्षरा अभिमन्यु से वादा लेती है कि वो आरोही और नील की शादी नहीं होने देगा।
वहीं कुंडली भाग्य में शर्लिन गुस्से में पृथ्वी से पूछती है कि क्या वह अर्जुन से बदला लेगा या नहीं। पृथ्वी कहता है कि वो अर्जुन से बदला जरूर लेगा। इस बीच, ऋषभ प्रीता को आराम करने के लिए कहता है और उसने सुबह के लिए डॉक्टर का अपॉइंटमेंट बुक कर लिया है। प्रीता उससे कहती है कि इसकी जरूरत नहीं है लेकिन ऋषभ कोई बहाना सुनने को तैयार नहीं है और उसे बताता है कि उसकी सेहत पहले आती है। अगली सुबह, पृथ्वी स्कूल से काव्या का अपहरण करने का प्लान करता है जिससे वो ऋषभ से लाखों रुपये की फिरौती मांग सके। हालांकि पृथ्वी को नहीं पता है कि पहले से आतंकी काव्या के स्कूल में घुस चुके हैं।
| TV Serials Update इक्कीस october दो हज़ार बाईस: आज के एपिसोड में आप देखेंगे कि आरोही नील को यकीन दिलाती है कि अक्षरा जैसी दिखती है वैसी है नही. . वो हमारी शादी से खुश नहीं है लेकिन नील कहता है कि अक्षरा भाभी ऐसी नहीं है। नई दिल्ली। छोटे पर्दे के पॉपुलर सीरियल ये रिश्ता क्या कहलाता है और कुंडली भाग्य में रोजाना ट्विस्ट देखने को मिल रहे हैं। ये रिश्ता क्या कहलाता है के बीते एपिसोड में आपने देखा कि अक्षरा को पता चलता है कि आरोही महिमा को घर की सारे बातें बताती है। वो आरोही से कहती है कि तू नील से प्यार नहीं बल्कि बिरला के पावर और पैसे से प्यार करती हैं। अक्षरा कहती है कि वो उसकी शादी नील से नहीं होने देगी। वही कुंडली भाग्य में प्रीता अर्जुन के साथ से मिठाई खा लेती है। अर्जुन बहुत खुश होता है कि वो अपने प्लान में कामयाब रहा है। आज के एपिसोड में आप देखेंगे कि आरोही नील को यकीन दिलाती है कि अक्षरा जैसी दिखती है वैसी है नही. . वो हमारी शादी से खुश नहीं है लेकिन नील कहता है कि अक्षरा भाभी ऐसी नहीं है। इसके बाद अक्षरा नील को मिलने के लिए बुलाती है और अभिमन्यु आरोही को। अक्षरा नील को समझाने की कोशिश करती है कि आरोही सही नहीं है वो सिर्फ बिरला अस्पताल के लिए तुम्हारा इस्तेमाल कर रही हैं। वहीं दूसरी तरफ अभिमन्यु आरोही को बड़े अस्पताल का ऑफर करता है। जैसे ही बात नील को पता चलती है तो वो अभि से सवाल करता है कि ऐसा क्यों किया। पूरा परिवार नील को समझाने की कोशिश करता है लेकिन नील गुस्से में हाथापाई पर उतर आता है और अभिमन्यु को धक्का देता है। अपकमिंग एपिसोड में अक्षरा अभिमन्यु से वादा लेती है कि वो आरोही और नील की शादी नहीं होने देगा। वहीं कुंडली भाग्य में शर्लिन गुस्से में पृथ्वी से पूछती है कि क्या वह अर्जुन से बदला लेगा या नहीं। पृथ्वी कहता है कि वो अर्जुन से बदला जरूर लेगा। इस बीच, ऋषभ प्रीता को आराम करने के लिए कहता है और उसने सुबह के लिए डॉक्टर का अपॉइंटमेंट बुक कर लिया है। प्रीता उससे कहती है कि इसकी जरूरत नहीं है लेकिन ऋषभ कोई बहाना सुनने को तैयार नहीं है और उसे बताता है कि उसकी सेहत पहले आती है। अगली सुबह, पृथ्वी स्कूल से काव्या का अपहरण करने का प्लान करता है जिससे वो ऋषभ से लाखों रुपये की फिरौती मांग सके। हालांकि पृथ्वी को नहीं पता है कि पहले से आतंकी काव्या के स्कूल में घुस चुके हैं। |
माथे पर शिकन पड़ गई । बोली - "मेरी जगह पर आप होतीं, तो ऐसा न कहतीं ।
आखिर क्या आप अपने धार्मिक विचारों को छोड़ बैठतीं ?"
इंदु- - "यह तो नहीं कह सकती कि क्या करती; पर घरवालों को प्रसन्न रखने की चेष्टा किया करती ।"
सोफिया - "आपकी माताजी अगर आपको जबरदस्ती कृष्ण की उपासना करने से रोकें, तो आप मान जायँगी ?"
इंदु- -"हाँ, मैं तो मान जाऊँगी । अम्माँ को नाराज न करूँगी । कृष्ण तो अंतर्यामी हैं, उन्हें प्रसन्न रखने के लिए उपासना की जरूरत नहीं । उपासना तो केवल अपने मन के संतोष के लिए है ।"
सोफिया - ( आश्चर्य से ) "आपको जरा भी मानसिक पीड़ा न होगी ?" इंदु- "अवश्य होगी; पर उनकी खातिर मैं सह लूँगी ।"
सोफिया - "अच्छा, अगर वह आपकी इच्छा के विरुद्ध आपका विवाह करना चाहें तो ?"
इंदु - ( लजाते हुए ) "वह समस्या तो हल हो चुकी । माँ-बाप ने जिससे उचित समझा, कर दिया । मैंने जबान तक नहीं खोली ।"
सोफिया - "अरे, यह कब ?"
इंदु - " इसे तो दो साल हो गये । ( आखें नीची करके ) अगर नेरा अपना वश होता, तो उन्हें कभी न वरती, चाहे कुँवारी ही रहती । मेरे स्वामी मुझसे प्रेम करते हैं, धन की कोई कमी नहीं । पर मैं उनके हृदय के केवल चतुर्थांश की अधिकारिणी हूँ, उसके तीन भाग सार्वजनिक कामों को भेंट होते हैं। एक के बदले चौथा पाकर कौन संतुष्ट हो सकता है । मुझे तो बाजरे की पूरी बिस्कुट के चौथाई हिस्से से कहीं अच्छी मालूम होती है । क्षुधा तो तृप्त हो जाती है, जो भोजन का यथार्थ उद्देश्य है । "
सोफिया - "आपकी धार्मिक स्वाधीनता में तो बाधा नहीं डालते ?"
इंदु - "नहीं । उन्हें इतना अवकाश कहाँ है ? "
सोफिया - "तब तो मैं आपको मुबारकबाद दूँगी । "
इंदु - "अगर किसी कैदी को बधाई देना उचित हो, तो शौक से दो ।"
सोफिया - "बेड़ी प्रेम की हो, तो ?"
इंदु - "ऐसा होता, तो मैं तुमसे बधाई देने को आग्रह करती। मैं बँध गई, वह
मुक्त हैं । मुझे यहाँ आये तीन महीने होने आते हैं; पर तीन बार से ज्यादा नहीं आये, और वह भी एक-एक घंटे के लिए। इसी शहर में रहते हैं, दस मिनट में मोटर आ सकती है; पर इतनी फुर्सत किसे है। हाँ, पत्रों से अपनी मुलाकात का काम निकालना चाहते हैं, और वे पत्र भी क्या होते हैं, आदि से अंत तक अपने दुखड़ों से भरे हुए । आज यह काम है, कल वह काम है; इनसे मिलने जाना है, उनका स्वागत करना है। म्युनिसिपैलिटी के प्रधान क्या हो गये, राज्य मिल गया। जब देखो, वही धुन सवार ?
और सब कामों के लिए फुर्सत है। अगर फुर्सत नहीं है, तो सिर्फ यहाँ आने की । मैं तुम्हें चिताये देती हूँ, किसी देश सेवक से विवाह न करना, नहीं तो पछताओगी । तुम उसके अवकाश के समय की मनोरंजन सामग्री मात्र रहोगा ।"
सोफिया - "मैं तो पहले ही अपना मत स्थिर कर चुकी ; सबसे अलग-ही-अलग रहना चाहती हूँ, जहाँ मेरी स्वाधीनता में बाधा डालनेवाला कोई न हो। मैं सत्पथ पर हूँगी, या कुपथ पर चलूँगी, यह जिम्मेदारी भी अपने ही सिर लेना चाहती हूँ। मैं बालिग हूँ, और अपना नफा-नुकशन देख सकती हूँ । आजन्म किसी की रक्षा में नहीं रहना चाहती ; क्योंकि रक्षा का अर्थ पराधीनता के सिवा और कुछ नहीं ।"
इंदु - "क्या तुम अपने मामा और पापा के अधीन नहीं रहना चाहती ?"
सांफिया - "न, पराधीनता में प्रकार का नहीं, केवल मात्राओं का अंतर है। " इंदु - " तो मेरे ही घर क्यों नहीं रहतीं ? मैं इसे अपना सौभाग्य समझँ गी । और अम्माँजी तो तुम्हें आँखों की पुतली बनाकर रखेंगी। मैं चली जाती हूँ, तो वह अकेले घबराया करती हैं। तुम्हें पा जायँ, तो फिर गला न छोड़ें। कहो, तो अम्माँ से कहूँ । यहाँ तुम्हारी स्वाधीनता में कोई दखल न देगा । बोलो, कहूँ जाकर अम्माँ से ?"
सोफिया - "नहीं, अभी भूलकर भी नहीं । आपकी अम्माँजी को जब मालूम होगा कि इसके माँ-बाप इसकी बात नहीं पूछते, तो मैं उनकी आँखों से भी गिर जाऊँगी । जिसकी अपने घर में इज्जत नहीं, उसकी बाहर भी इज्जत नहीं होती।"
इंदु - "नहीं सोफो, अम्माँजी का स्वभाव बिलकुल निराला है। जिस बात से तुम्ह अपने निरादर का भय है, वही बात अम्माँजी के आदर की वस्तु है, वह स्वयं अपनी माँ से किसी बात पर नाराज हो गई थीं, तब से मैके नहीं गई । नानी मर गईं : पर अम्माँ ने उन्हें क्षमा नहीं किया । सैकड़ों बुलावे आये ; पर उन्हें देखने तक न गईं । उन्हें ज्योंही यह बात मालूम होगो, तुम्हारी दूनी इज्जत करने लगेंगी ।"
सोफ़ो ने आँखों में आँसू भरकर कहा - "बहन, मेरी लाज अब आप ही के हाथ है । " इंदु ने उसका सिर अपनी जाँव पर रखकर कहा - "वह मुझे अपनी लाज से कम प्रिय नहीं है। "
उधर मि० जॉन सेवक को कुँवर साहब का पत्र मिला, तो जाकर स्त्री से बोले" देखा, मैं कहता न था कि सोफी पर कोई संकट आ पड़ा । यह देखो, कुँवर भरतसिंह का पत्र है । तोन दिनों से उनके घर पड़ी हुई है । उनके एक झोपड़े में आग लग गई थी, वह भी उसे बुझाने लगी । कहीं लपट में आ गई । "
मिसेज सेवक - "ये सब बहाने हैं। मुझे उसकी किसी बात पर विश्वास नहीं रहा । जिसका दिल खुदा से फिर गया, उसे झूठ बोलने का क्या डर ? यहाँ से बिगड़कर गई थी, समझा होगा, घर से निकलते ही फूलों की सेज बिछी हुई मिलेगी। जब कहीं शरण न मिली, तो यह पत्र लिखवा दिया। अब आटे-दाल का भाव मालूम होगा। यह भी संभव है, खुदा ने उसके अविचार का यह दंड दिया हो ।"
मि० जॉन सेवक - "चुप भी रहो, तुम्हारी निर्दयता पर मुझे आश्चर्य होता है । मैंने तुम जैसी कठोर हृदया स्त्री नहीं देखी । "
मिसेज़ सेवक -"मैं तो नहीं जाती । तुम्हें जाना हो, तो जाओ।"
जॉन सेवक - "मुझे तो देख रही हो, मरने की फुरसत नहीं है। उसी पाँडेपुरवाली जमीन के विषय में बातचीत कर रहा हूँ । ऐसे मूजी से पाला पड़ा है कि किसी तरह चंगुल ही में नहीं आता। देहातियों को जो लोग सरल कहते हैं, बड़ी भूल करते हैं । इनसे ज्यादा चालाक आदमी मिलना मुश्किल है। तुम्हें इस वक्त कोई काम नहीं है, मोटर मँगवाये देता हूँ, शान से चली जाओ, और उसे अपने साथ लेती आओ ।"
ईश्वर सेवक वहीं आराम-कुरसी पर आँखें बंद किये ईश्वर-भजन में मग्न बैठे थे । जैसे बहरा आदमी मतलब की बात सुनते ही सचेत हो जाता है, मोटरकार का जिक्र सुनते ही ध्यान टूट गया । बोले - "मोटरकार की क्या जरूरत है ? क्या दर्स- पाँच रुपये काट रहे हैं ? यों उड़ाने से तो कारूँ का खजाना भी काफी न होगा । क्या गाड़ी पर जाने से शान में फर्क आ जायगा ? तुम्हारी मोटर देखकर कुँवर साहब रोब में न आयेंगे, उन्हें खुदा ने बहुतेरी मोटरें दी हैं। प्रभु, दास को अपनी शरण में लो, अब देर न करो, मेरी सोफ़ी बेचारी वहाँ बेगानों में पड़ी हुई है, न जाने इतने दिन किस तरह काटे होंगे। खुदा उसे सच्चा रास्ता दिखाये । मेरी आँखें उसे ढूँढ़ रही हैं । जब से वह गई है, कला मे पाक सुनने की नौबत नहीं आई। ईसू, मुझ पर सायां कर । वहाँ उस बेचारी का कौन पुछत्तर होगा, अमीरों के घर में गरीबों का कहाँ गुजर ! "
जॉन सेवक - "अच्छा ही हुआ, यहाँ होती, तो रोजाना डॉक्टर की फीस न देनी पड़ती ?"
ईश्वर सेवक - "डॉक्टर का क्या काम था । ईश्वर की दया से मैं खुद थोड़ी-बहुत डॉक्टरी कर लेता हूँ । घरवालों का स्नेह डॉक्टर की दवाओं से कहीं ज्यादा लाभदायक होता है। मैं अपनी बच्ची को गोद में लेकर कलामे-पाक सुनाता, उसके लिए खुदा से दुआ माँगता।"
मिसेज सेवक - "तो आप ही चले जाइए !"
ईश्वर सेवक - "सिर और आँखों से; मेरा ताँगा मँगला दो। हम सबों को चलना चाहिए । भूले-भटके को प्रेम ही सन्मार्ग पर लाता है। मैं भी चलता हूँ । अमीरों के सामने दीन बनना पड़ता है। उनसे बराबरी का दावा नहीं किया जाता ।"
जॉन सेवक - "मुझे अभी साथ न ले जाइए, मैं किसी दूसरे अवसर पर जाऊँगा । इस वक्त वहाँ शिष्टाचार के सिवा और कोई काम न होगा। मैं उन्हें धन्यवाद दूँगा, वह मुझे धन्यवाद देंगे । मैं इस परिचय को दैवी प्रेरणा समझता हूँ । इतमीनान से मिलूँगा । कुँवर साहब का शहर में बहुत दबाव है। म्युनिसिपैलिटी के प्रधान उनके दामाद हैं । उनकी सहायता से मुझे पाँड़ेपुरवाली जमीन बड़ी आसानी से मिल जायगी। संभव है, वह कुछ हिस्से भी खरीद लें। मगर आज इन बातों का मौका नहीं है । "
ईश्वर सेवक - " मुझे तुम्हारी बुद्धि पर हँसी आती है। जिस आदमी से राह रस्म पैदा करके तुम्हारे इतने काम निकल सकते हैं, उससे मिलने में भी तुम्हें इतना संकोच । तुम्हारा समय इतना बहुमूल्य है कि आध घंटे के लिए भी वहाँ नहीं जा सकते ? पहली ही मुलाकात में सारी बातें तय कर लेना चाहते हो ? ऐसा सुनहरा अवसर पाकर भी तुम्हें उससे फायदा उठाना नहीं आता । "
जॉन सेवक - "खैर, आपका अनुरोध है, तो मैं ही चला जाऊँगा। मैं एक जरूरी काम कर रहा था, फिर कर लूँगा । आपको कष्ट करने की जरूरत नहीं । ( त्री ने तुम तो चल रही हो ?"
मिसेज सेवक - "मुझे नाहक ले चलते हो; मगर खैर, चलो । "
भोजन के बाद चलना निश्चित हुआ । अँगरेजी प्रथा के अनुसार यहाँ दिन का भोजन एक बजे होता था। बीच का समय तैयारियों में कटा । मिसेज सेवक ने अपने आभूषण निकाले, जिनसे वृद्धावस्था ने भी उन्हें विरक्त नहीं किया था। अपना अच्छेसे अच्छा गाउन और ब्लाउज निकाला। इतना शृंगार वह अपनी बरस-गाँठ के सिवा और किसी उत्सव में न करती थीं । उद्देश्य था सोफिया को जलाना, उसे दिखाना कि तेरे आने से मैं रो-रोकर मरी नही जा रही हूँ । कोचवान को गाड़ी धोकर साफ करने का हुक्म दिया गया। प्रभु सेवक को भी साथ ले चलने की राय हुई। लेकिन जॉन सेवक ने जाकर उसके कमरे में देखा तो उसका पता न था । उसकी मेज पर एक दर्शन - ग्रंथ खुला पड़ा था । मालूम होता था, पढ़ते-पढ़ते उठकर कहीं चला गया है । वास्तव में यह ग्रंथ तीन दिनों से इसी भाँति खुला पड़ा था । प्रभु सेवक को उसे बंद करके रख देने का भी अवकाश न था । वह प्रातःकाल से दो घड़ी रात तक शहर का चक्कर लगाया करता । केवल दो बार भोजन करने घर पर आता था । ऐसा कोई स्कूल न था, जहाँ उसने सोफी को न ढूँढ़ा हो । कोई जान-पहचान का आदमी, कोई मित्र ऐसा न था, जिसके घर जाकर उसने तलाश न की हो । दिन-भर की दौड़-धूप के बाद रात को निराश होकर लौट आता, और चारपाई पर लेटकर घंटों सोचता और रोता । कहाँ चली गई ? पुलिस के दफ्तर में दिन-भर में दस-दस बार जाता और पूछता, कुछ पता चला ? समाचार पत्रों में भी सूचना दे रखी थी । वहाँ भी रोज कई बार जाकर दरियाफ्त करता । उसे विश्वास होता जाता था कि सोफी हमसे सदा के लिए बिदा हो गई। आज भी, रोज की भाँति, एक बजे थका-माँदा, उदास और निराश लौटकर आया, तो जॉन सेवक ने शुभ-सूचना दी- "सोफिया का पता मिल गया ।"
प्रभु सेवक का चेहरा खिल उठा । बोला - "सच ! कहाँ है ? क्या उसका कोई पत्र आया है ?"
जॉन सेवक - "कुँवर भरतसिंह के मकान पर है। जाओ, खाना खा लो । भी वहाँ चलना है ।" | माथे पर शिकन पड़ गई । बोली - "मेरी जगह पर आप होतीं, तो ऐसा न कहतीं । आखिर क्या आप अपने धार्मिक विचारों को छोड़ बैठतीं ?" इंदु- - "यह तो नहीं कह सकती कि क्या करती; पर घरवालों को प्रसन्न रखने की चेष्टा किया करती ।" सोफिया - "आपकी माताजी अगर आपको जबरदस्ती कृष्ण की उपासना करने से रोकें, तो आप मान जायँगी ?" इंदु- -"हाँ, मैं तो मान जाऊँगी । अम्माँ को नाराज न करूँगी । कृष्ण तो अंतर्यामी हैं, उन्हें प्रसन्न रखने के लिए उपासना की जरूरत नहीं । उपासना तो केवल अपने मन के संतोष के लिए है ।" सोफिया - "आपको जरा भी मानसिक पीड़ा न होगी ?" इंदु- "अवश्य होगी; पर उनकी खातिर मैं सह लूँगी ।" सोफिया - "अच्छा, अगर वह आपकी इच्छा के विरुद्ध आपका विवाह करना चाहें तो ?" इंदु - "वह समस्या तो हल हो चुकी । माँ-बाप ने जिससे उचित समझा, कर दिया । मैंने जबान तक नहीं खोली ।" सोफिया - "अरे, यह कब ?" इंदु - " इसे तो दो साल हो गये । अगर नेरा अपना वश होता, तो उन्हें कभी न वरती, चाहे कुँवारी ही रहती । मेरे स्वामी मुझसे प्रेम करते हैं, धन की कोई कमी नहीं । पर मैं उनके हृदय के केवल चतुर्थांश की अधिकारिणी हूँ, उसके तीन भाग सार्वजनिक कामों को भेंट होते हैं। एक के बदले चौथा पाकर कौन संतुष्ट हो सकता है । मुझे तो बाजरे की पूरी बिस्कुट के चौथाई हिस्से से कहीं अच्छी मालूम होती है । क्षुधा तो तृप्त हो जाती है, जो भोजन का यथार्थ उद्देश्य है । " सोफिया - "आपकी धार्मिक स्वाधीनता में तो बाधा नहीं डालते ?" इंदु - "नहीं । उन्हें इतना अवकाश कहाँ है ? " सोफिया - "तब तो मैं आपको मुबारकबाद दूँगी । " इंदु - "अगर किसी कैदी को बधाई देना उचित हो, तो शौक से दो ।" सोफिया - "बेड़ी प्रेम की हो, तो ?" इंदु - "ऐसा होता, तो मैं तुमसे बधाई देने को आग्रह करती। मैं बँध गई, वह मुक्त हैं । मुझे यहाँ आये तीन महीने होने आते हैं; पर तीन बार से ज्यादा नहीं आये, और वह भी एक-एक घंटे के लिए। इसी शहर में रहते हैं, दस मिनट में मोटर आ सकती है; पर इतनी फुर्सत किसे है। हाँ, पत्रों से अपनी मुलाकात का काम निकालना चाहते हैं, और वे पत्र भी क्या होते हैं, आदि से अंत तक अपने दुखड़ों से भरे हुए । आज यह काम है, कल वह काम है; इनसे मिलने जाना है, उनका स्वागत करना है। म्युनिसिपैलिटी के प्रधान क्या हो गये, राज्य मिल गया। जब देखो, वही धुन सवार ? और सब कामों के लिए फुर्सत है। अगर फुर्सत नहीं है, तो सिर्फ यहाँ आने की । मैं तुम्हें चिताये देती हूँ, किसी देश सेवक से विवाह न करना, नहीं तो पछताओगी । तुम उसके अवकाश के समय की मनोरंजन सामग्री मात्र रहोगा ।" सोफिया - "मैं तो पहले ही अपना मत स्थिर कर चुकी ; सबसे अलग-ही-अलग रहना चाहती हूँ, जहाँ मेरी स्वाधीनता में बाधा डालनेवाला कोई न हो। मैं सत्पथ पर हूँगी, या कुपथ पर चलूँगी, यह जिम्मेदारी भी अपने ही सिर लेना चाहती हूँ। मैं बालिग हूँ, और अपना नफा-नुकशन देख सकती हूँ । आजन्म किसी की रक्षा में नहीं रहना चाहती ; क्योंकि रक्षा का अर्थ पराधीनता के सिवा और कुछ नहीं ।" इंदु - "क्या तुम अपने मामा और पापा के अधीन नहीं रहना चाहती ?" सांफिया - "न, पराधीनता में प्रकार का नहीं, केवल मात्राओं का अंतर है। " इंदु - " तो मेरे ही घर क्यों नहीं रहतीं ? मैं इसे अपना सौभाग्य समझँ गी । और अम्माँजी तो तुम्हें आँखों की पुतली बनाकर रखेंगी। मैं चली जाती हूँ, तो वह अकेले घबराया करती हैं। तुम्हें पा जायँ, तो फिर गला न छोड़ें। कहो, तो अम्माँ से कहूँ । यहाँ तुम्हारी स्वाधीनता में कोई दखल न देगा । बोलो, कहूँ जाकर अम्माँ से ?" सोफिया - "नहीं, अभी भूलकर भी नहीं । आपकी अम्माँजी को जब मालूम होगा कि इसके माँ-बाप इसकी बात नहीं पूछते, तो मैं उनकी आँखों से भी गिर जाऊँगी । जिसकी अपने घर में इज्जत नहीं, उसकी बाहर भी इज्जत नहीं होती।" इंदु - "नहीं सोफो, अम्माँजी का स्वभाव बिलकुल निराला है। जिस बात से तुम्ह अपने निरादर का भय है, वही बात अम्माँजी के आदर की वस्तु है, वह स्वयं अपनी माँ से किसी बात पर नाराज हो गई थीं, तब से मैके नहीं गई । नानी मर गईं : पर अम्माँ ने उन्हें क्षमा नहीं किया । सैकड़ों बुलावे आये ; पर उन्हें देखने तक न गईं । उन्हें ज्योंही यह बात मालूम होगो, तुम्हारी दूनी इज्जत करने लगेंगी ।" सोफ़ो ने आँखों में आँसू भरकर कहा - "बहन, मेरी लाज अब आप ही के हाथ है । " इंदु ने उसका सिर अपनी जाँव पर रखकर कहा - "वह मुझे अपनी लाज से कम प्रिय नहीं है। " उधर मिशून्य जॉन सेवक को कुँवर साहब का पत्र मिला, तो जाकर स्त्री से बोले" देखा, मैं कहता न था कि सोफी पर कोई संकट आ पड़ा । यह देखो, कुँवर भरतसिंह का पत्र है । तोन दिनों से उनके घर पड़ी हुई है । उनके एक झोपड़े में आग लग गई थी, वह भी उसे बुझाने लगी । कहीं लपट में आ गई । " मिसेज सेवक - "ये सब बहाने हैं। मुझे उसकी किसी बात पर विश्वास नहीं रहा । जिसका दिल खुदा से फिर गया, उसे झूठ बोलने का क्या डर ? यहाँ से बिगड़कर गई थी, समझा होगा, घर से निकलते ही फूलों की सेज बिछी हुई मिलेगी। जब कहीं शरण न मिली, तो यह पत्र लिखवा दिया। अब आटे-दाल का भाव मालूम होगा। यह भी संभव है, खुदा ने उसके अविचार का यह दंड दिया हो ।" मिशून्य जॉन सेवक - "चुप भी रहो, तुम्हारी निर्दयता पर मुझे आश्चर्य होता है । मैंने तुम जैसी कठोर हृदया स्त्री नहीं देखी । " मिसेज़ सेवक -"मैं तो नहीं जाती । तुम्हें जाना हो, तो जाओ।" जॉन सेवक - "मुझे तो देख रही हो, मरने की फुरसत नहीं है। उसी पाँडेपुरवाली जमीन के विषय में बातचीत कर रहा हूँ । ऐसे मूजी से पाला पड़ा है कि किसी तरह चंगुल ही में नहीं आता। देहातियों को जो लोग सरल कहते हैं, बड़ी भूल करते हैं । इनसे ज्यादा चालाक आदमी मिलना मुश्किल है। तुम्हें इस वक्त कोई काम नहीं है, मोटर मँगवाये देता हूँ, शान से चली जाओ, और उसे अपने साथ लेती आओ ।" ईश्वर सेवक वहीं आराम-कुरसी पर आँखें बंद किये ईश्वर-भजन में मग्न बैठे थे । जैसे बहरा आदमी मतलब की बात सुनते ही सचेत हो जाता है, मोटरकार का जिक्र सुनते ही ध्यान टूट गया । बोले - "मोटरकार की क्या जरूरत है ? क्या दर्स- पाँच रुपये काट रहे हैं ? यों उड़ाने से तो कारूँ का खजाना भी काफी न होगा । क्या गाड़ी पर जाने से शान में फर्क आ जायगा ? तुम्हारी मोटर देखकर कुँवर साहब रोब में न आयेंगे, उन्हें खुदा ने बहुतेरी मोटरें दी हैं। प्रभु, दास को अपनी शरण में लो, अब देर न करो, मेरी सोफ़ी बेचारी वहाँ बेगानों में पड़ी हुई है, न जाने इतने दिन किस तरह काटे होंगे। खुदा उसे सच्चा रास्ता दिखाये । मेरी आँखें उसे ढूँढ़ रही हैं । जब से वह गई है, कला मे पाक सुनने की नौबत नहीं आई। ईसू, मुझ पर सायां कर । वहाँ उस बेचारी का कौन पुछत्तर होगा, अमीरों के घर में गरीबों का कहाँ गुजर ! " जॉन सेवक - "अच्छा ही हुआ, यहाँ होती, तो रोजाना डॉक्टर की फीस न देनी पड़ती ?" ईश्वर सेवक - "डॉक्टर का क्या काम था । ईश्वर की दया से मैं खुद थोड़ी-बहुत डॉक्टरी कर लेता हूँ । घरवालों का स्नेह डॉक्टर की दवाओं से कहीं ज्यादा लाभदायक होता है। मैं अपनी बच्ची को गोद में लेकर कलामे-पाक सुनाता, उसके लिए खुदा से दुआ माँगता।" मिसेज सेवक - "तो आप ही चले जाइए !" ईश्वर सेवक - "सिर और आँखों से; मेरा ताँगा मँगला दो। हम सबों को चलना चाहिए । भूले-भटके को प्रेम ही सन्मार्ग पर लाता है। मैं भी चलता हूँ । अमीरों के सामने दीन बनना पड़ता है। उनसे बराबरी का दावा नहीं किया जाता ।" जॉन सेवक - "मुझे अभी साथ न ले जाइए, मैं किसी दूसरे अवसर पर जाऊँगा । इस वक्त वहाँ शिष्टाचार के सिवा और कोई काम न होगा। मैं उन्हें धन्यवाद दूँगा, वह मुझे धन्यवाद देंगे । मैं इस परिचय को दैवी प्रेरणा समझता हूँ । इतमीनान से मिलूँगा । कुँवर साहब का शहर में बहुत दबाव है। म्युनिसिपैलिटी के प्रधान उनके दामाद हैं । उनकी सहायता से मुझे पाँड़ेपुरवाली जमीन बड़ी आसानी से मिल जायगी। संभव है, वह कुछ हिस्से भी खरीद लें। मगर आज इन बातों का मौका नहीं है । " ईश्वर सेवक - " मुझे तुम्हारी बुद्धि पर हँसी आती है। जिस आदमी से राह रस्म पैदा करके तुम्हारे इतने काम निकल सकते हैं, उससे मिलने में भी तुम्हें इतना संकोच । तुम्हारा समय इतना बहुमूल्य है कि आध घंटे के लिए भी वहाँ नहीं जा सकते ? पहली ही मुलाकात में सारी बातें तय कर लेना चाहते हो ? ऐसा सुनहरा अवसर पाकर भी तुम्हें उससे फायदा उठाना नहीं आता । " जॉन सेवक - "खैर, आपका अनुरोध है, तो मैं ही चला जाऊँगा। मैं एक जरूरी काम कर रहा था, फिर कर लूँगा । आपको कष्ट करने की जरूरत नहीं । ( त्री ने तुम तो चल रही हो ?" मिसेज सेवक - "मुझे नाहक ले चलते हो; मगर खैर, चलो । " भोजन के बाद चलना निश्चित हुआ । अँगरेजी प्रथा के अनुसार यहाँ दिन का भोजन एक बजे होता था। बीच का समय तैयारियों में कटा । मिसेज सेवक ने अपने आभूषण निकाले, जिनसे वृद्धावस्था ने भी उन्हें विरक्त नहीं किया था। अपना अच्छेसे अच्छा गाउन और ब्लाउज निकाला। इतना शृंगार वह अपनी बरस-गाँठ के सिवा और किसी उत्सव में न करती थीं । उद्देश्य था सोफिया को जलाना, उसे दिखाना कि तेरे आने से मैं रो-रोकर मरी नही जा रही हूँ । कोचवान को गाड़ी धोकर साफ करने का हुक्म दिया गया। प्रभु सेवक को भी साथ ले चलने की राय हुई। लेकिन जॉन सेवक ने जाकर उसके कमरे में देखा तो उसका पता न था । उसकी मेज पर एक दर्शन - ग्रंथ खुला पड़ा था । मालूम होता था, पढ़ते-पढ़ते उठकर कहीं चला गया है । वास्तव में यह ग्रंथ तीन दिनों से इसी भाँति खुला पड़ा था । प्रभु सेवक को उसे बंद करके रख देने का भी अवकाश न था । वह प्रातःकाल से दो घड़ी रात तक शहर का चक्कर लगाया करता । केवल दो बार भोजन करने घर पर आता था । ऐसा कोई स्कूल न था, जहाँ उसने सोफी को न ढूँढ़ा हो । कोई जान-पहचान का आदमी, कोई मित्र ऐसा न था, जिसके घर जाकर उसने तलाश न की हो । दिन-भर की दौड़-धूप के बाद रात को निराश होकर लौट आता, और चारपाई पर लेटकर घंटों सोचता और रोता । कहाँ चली गई ? पुलिस के दफ्तर में दिन-भर में दस-दस बार जाता और पूछता, कुछ पता चला ? समाचार पत्रों में भी सूचना दे रखी थी । वहाँ भी रोज कई बार जाकर दरियाफ्त करता । उसे विश्वास होता जाता था कि सोफी हमसे सदा के लिए बिदा हो गई। आज भी, रोज की भाँति, एक बजे थका-माँदा, उदास और निराश लौटकर आया, तो जॉन सेवक ने शुभ-सूचना दी- "सोफिया का पता मिल गया ।" प्रभु सेवक का चेहरा खिल उठा । बोला - "सच ! कहाँ है ? क्या उसका कोई पत्र आया है ?" जॉन सेवक - "कुँवर भरतसिंह के मकान पर है। जाओ, खाना खा लो । भी वहाँ चलना है ।" |
राष्ट्रीय शहरी आवास और आश्रय नीति (एनयूएचएचपी) 2007 का उद्देश्य देश में समाज के सभी वर्गों को वहनीय मूल्यों पर भूमि आवास और सेवा की समान आपूर्ति एवं दीर्घकालीन विकास को प्रोत्साहन देना है। हालांकि भूमि और कॉलोनियों का विकास राज्यों का मामला है, इसलिए एनयूएचएचपी 2007 के अंतर्गत राज्य सरकारों को इन उद्देश्यों को पूरा करने की पहल करनी है।
केन्द्र सरकार शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में समाज के गरीब तबकों के लिए आवासों के निर्माण में सहायता कर रही है।
जवाहरलाल नेहरू शहरी नवीकरण अभियान (जेएनएनयूआरएम) की शुरूआत वर्ष 2005में सरकार द्वारा की गयी थी। इस योजना का उद्देश्य एकीकृत आवास और झुग्गी विकास कार्यक्रम (आईएचएसडीपी) के अंतर्गत अन्य शहरों और कस्बों एवं शहरी गरीबों को उप-अभियान मूल सेवाओं (बीएसयूपी) के अंतर्गत निर्दिष्ट 65 शहरों में शहरी गरीबों को आवास और मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने में सहायता करना है। योजनाएं पूरी प्रगति पर हैं और अब तक 15,60,102 आवासों को मंजूरी दी जा चुकी है और इस उद्देश्य के लिए 20787.90 करोड़ रुपये की केन्द्रीय अंश भी स्वीकृत किया गया है।
शहरी गरीबों के लिए आवास की ब्याज सब्सिडी योजना (आईएसएचयूपी) आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों (ईडब्ल्यूएस) और निम्न आय समूह (एलआईजी) को आवासों के निर्माण और अधिग्रहण के लिए वाणिज्यिक बैंकों, आवासीय वित्त कंपनियों के माध्यम से एक लाख रुपये तक के ऋण पर ब्याज दर में पाँच प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान करती है। इस योजना का उद्देश्य 11 वीं योजना अवधि तक तीन दशमलव 3.10 लाभार्थियों को इसमें शामिल करना है।
साझेदारी में वहनीय आवास की योजना मकानों के निर्माण के लिए भूमि और केन्द्र सरकार की सहायता प्रदान करती है। इस योजना का प्रारंभ वर्ष 2009 में पाँच हजार करोड़ रुपये के परिव्यय से किया गया था। इसका उद्देश्य ईडब्ल्यूएस, एलआईजी , एमआईजी के लिए दस लाख मकानों का निर्माण करना है, जिसमें कम से कम 25 प्रतिशत आवास ईडब्ल्यूएस श्रेणी से हों।
बीएसयूपी और आईएचडीपी के अंतर्गत झुग्गी निवासियों, शहरी गरीबों के लाभ के लिए वर्ष 2009-10 और 2010-11 के दौरान स्वीकृत की गयी परियोजनाओं के विवरण (अनुलग्नक एक और दो) की विस्तृत जानकारी अंग्रेजी विज्ञप्ति से ले सकते हैं।
(Release ID :9404)
| राष्ट्रीय शहरी आवास और आश्रय नीति दो हज़ार सात का उद्देश्य देश में समाज के सभी वर्गों को वहनीय मूल्यों पर भूमि आवास और सेवा की समान आपूर्ति एवं दीर्घकालीन विकास को प्रोत्साहन देना है। हालांकि भूमि और कॉलोनियों का विकास राज्यों का मामला है, इसलिए एनयूएचएचपी दो हज़ार सात के अंतर्गत राज्य सरकारों को इन उद्देश्यों को पूरा करने की पहल करनी है। केन्द्र सरकार शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में समाज के गरीब तबकों के लिए आवासों के निर्माण में सहायता कर रही है। जवाहरलाल नेहरू शहरी नवीकरण अभियान की शुरूआत वर्ष दो हज़ार पाँचमें सरकार द्वारा की गयी थी। इस योजना का उद्देश्य एकीकृत आवास और झुग्गी विकास कार्यक्रम के अंतर्गत अन्य शहरों और कस्बों एवं शहरी गरीबों को उप-अभियान मूल सेवाओं के अंतर्गत निर्दिष्ट पैंसठ शहरों में शहरी गरीबों को आवास और मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने में सहायता करना है। योजनाएं पूरी प्रगति पर हैं और अब तक पंद्रह,साठ,एक सौ दो आवासों को मंजूरी दी जा चुकी है और इस उद्देश्य के लिए बीस हज़ार सात सौ सत्तासी.नब्बे करोड़ रुपये की केन्द्रीय अंश भी स्वीकृत किया गया है। शहरी गरीबों के लिए आवास की ब्याज सब्सिडी योजना आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों और निम्न आय समूह को आवासों के निर्माण और अधिग्रहण के लिए वाणिज्यिक बैंकों, आवासीय वित्त कंपनियों के माध्यम से एक लाख रुपये तक के ऋण पर ब्याज दर में पाँच प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान करती है। इस योजना का उद्देश्य ग्यारह वीं योजना अवधि तक तीन दशमलव तीन.दस लाभार्थियों को इसमें शामिल करना है। साझेदारी में वहनीय आवास की योजना मकानों के निर्माण के लिए भूमि और केन्द्र सरकार की सहायता प्रदान करती है। इस योजना का प्रारंभ वर्ष दो हज़ार नौ में पाँच हजार करोड़ रुपये के परिव्यय से किया गया था। इसका उद्देश्य ईडब्ल्यूएस, एलआईजी , एमआईजी के लिए दस लाख मकानों का निर्माण करना है, जिसमें कम से कम पच्चीस प्रतिशत आवास ईडब्ल्यूएस श्रेणी से हों। बीएसयूपी और आईएचडीपी के अंतर्गत झुग्गी निवासियों, शहरी गरीबों के लाभ के लिए वर्ष दो हज़ार नौ-दस और दो हज़ार दस-ग्यारह के दौरान स्वीकृत की गयी परियोजनाओं के विवरण की विस्तृत जानकारी अंग्रेजी विज्ञप्ति से ले सकते हैं। |
ऊंचा-मुरादगंज मार्ग पर मंगलवार की देर रात लगभग डेढ़ बजे विपरीत दिशा में आ रहा ट्रैक्टर आटो में जा घुसा। हादसे में आटो में बैठे लोगों में मां-बेटी सहित तीन की मौत हो गई। जबकि अन्य घायल हो गए। घटना पता लगते ही पुलिस पहुंच गई। दोनों वाहनों को कब्जे में लिया गया।
महाराजपुर हनुमान मंदिर के पास ऊंचा की तरफ से ट्रैक्टर तो मुरादगंज साइड से आटो रहा। ऊंचा गांव निवासी सरगम पुत्री कुंवर चंद की तबीयत खराब होने से इलाज के लिए आटो से फफूंद क्षेत्र के भाग्यनगर कस्बा स्थित दयानगर में डाक्टर को दिखाने के लिए निकले।
सरगम व उसके पिता सहित मां सोनदेई व स्वजन में कल्लो पत्नी जनक, सोमवीरी पत्नी अर्जुन रहे। प्राइवेट चिकित्सक देवेंद्र को दिखाने के बाद गांव लौटने लगे। रामू पुत्र राजकुमार आटो चला रहा था। अजीतमल क्षेत्र के मुरादगंज कस्बा के पास कानपुर-इटावा हाईवे पर पहुंचे तभी गलत दिशा में आ रहे ट्रैक्टर से आटो की भिड़ंत हो गई।
हादसे में 30 वर्षीय रामू पुत्र राजकुमार, 50 वर्षीय कुंवर सिंह पुत्र एबरन सिंह, 20 वर्षीय सरगम, 45 वर्षीय कल्लो पत्नी जनक सिंह, 50 वर्षीय सोनबीरी पत्नी अर्जुन सिंह बुरी तरह घायल हो गए। सोनदेई, संगीता निवासीगण ऊंचा की मृत्यु हो गई। सरगम ने जिला अस्पताल पहुंचने से पहले दम तोड़ दिया। अपर पुलिस अधीक्षक दिगंबर कुशवाहा ने बताया कि गलत दिशा में ट्रैक्टर होने के चलते हादसा हुआ।
| ऊंचा-मुरादगंज मार्ग पर मंगलवार की देर रात लगभग डेढ़ बजे विपरीत दिशा में आ रहा ट्रैक्टर आटो में जा घुसा। हादसे में आटो में बैठे लोगों में मां-बेटी सहित तीन की मौत हो गई। जबकि अन्य घायल हो गए। घटना पता लगते ही पुलिस पहुंच गई। दोनों वाहनों को कब्जे में लिया गया। महाराजपुर हनुमान मंदिर के पास ऊंचा की तरफ से ट्रैक्टर तो मुरादगंज साइड से आटो रहा। ऊंचा गांव निवासी सरगम पुत्री कुंवर चंद की तबीयत खराब होने से इलाज के लिए आटो से फफूंद क्षेत्र के भाग्यनगर कस्बा स्थित दयानगर में डाक्टर को दिखाने के लिए निकले। सरगम व उसके पिता सहित मां सोनदेई व स्वजन में कल्लो पत्नी जनक, सोमवीरी पत्नी अर्जुन रहे। प्राइवेट चिकित्सक देवेंद्र को दिखाने के बाद गांव लौटने लगे। रामू पुत्र राजकुमार आटो चला रहा था। अजीतमल क्षेत्र के मुरादगंज कस्बा के पास कानपुर-इटावा हाईवे पर पहुंचे तभी गलत दिशा में आ रहे ट्रैक्टर से आटो की भिड़ंत हो गई। हादसे में तीस वर्षीय रामू पुत्र राजकुमार, पचास वर्षीय कुंवर सिंह पुत्र एबरन सिंह, बीस वर्षीय सरगम, पैंतालीस वर्षीय कल्लो पत्नी जनक सिंह, पचास वर्षीय सोनबीरी पत्नी अर्जुन सिंह बुरी तरह घायल हो गए। सोनदेई, संगीता निवासीगण ऊंचा की मृत्यु हो गई। सरगम ने जिला अस्पताल पहुंचने से पहले दम तोड़ दिया। अपर पुलिस अधीक्षक दिगंबर कुशवाहा ने बताया कि गलत दिशा में ट्रैक्टर होने के चलते हादसा हुआ। |
हाय क्या आप थोड़ी देर के लिए मेरा बैग पकड़ सकती हैं, मैं बस 2 मिनट में आया । रिया को पहले तो हिचकिचाहट हुई पर जब उसकी नजर पास में वॉशरूम पर पड़ी तो वो सब समझ गई ।
ठीक है आप अपना बैग मेरे बैग के पास रख सकते हैं । ये कहने की देर थी कि लड़के ने झट से बैग रखा और वॉशरूम की ओर मुड़ गया । ये देखकर रिया हंसने लगी ।
शुक्रिया, लड़के ने वापस आकर अपना बैग लेते हुए कहा ।
कोई बात नही रिया ने हल्की सी मुस्कान के साथ जबाव दिया। इतने में ट्रेन आ गई और रिया अपना बैग लेकर ट्रेन में चढ़ने लगी, तभी पीछे से उसके कंधे पर किसी ने हाथ रखा, रिया ने झट से पीछे देखा उसकी कॉलेज की फ्रेंड रेनु का चेहरा दिखा । 'सॉरी यार' बहुत लेट हो गई'
तुम कभी टाइम पर आई हो, पहले तो ये अपना बैग पकड़ों और इसे लेकर अपनी सीट पर जाओ।
'वैसे आज एक फायदा हुआ, तुम्हारे लेट आने से एक अच्छा लड़का बस दो मिनट के लिए देखने को मिला' रिया ने कहा। 'बढ़िया है, चलो 2 मिनट ही सही, कुछ पल तो तुम्हारे अच्छे गुजरे' रेनु ने हंसते हुए कहा।
5 घंटे के सफर के बाद रिया अपने साथ रेनु को लेकर अपने गांव पहुंची। घर पहुंचते ही उसे पता चला कि उसकी शादी की बात चल रही है।
रेनु इस बात से खुश हुई, क्योंकि अब उसको रिया के घर रुकने का बहाना मिल गया था। अगले दिन जब रिया और रेनु दोनो गांव के बस स्टैंड पर खड़ी थी, तब रिया को रेलवे स्टेशन वाला लड़का नजर आया। 'अरे तुम यहां क्या कर रहे हो' लड़के ने देखा कि रिया गांव की ड्रेस में बहुत खूबसूरत लग रही थी। 'हाय! हैलो ये मेरा गांव है और मेरा नाम अमित है, ओके"तुम कब से लड़कों को छेड़ने लगीं' रेनु ने कहा ।
"वैसे लड़का तो हैंडसम है" रेनु ने मुस्कुराते हुए कहा। "वो तो है पर ये पहले कभी दिखा नहीं इस गांव में" रिया ने जबाव दिया।
"तुम्हे पहले नहीं देखा। इस गांव में नए आए हो क्या? रिया ने जोर से चीखते हुए कहा। अरे रुको मैं वहीं आ रहा हूं, तुम्हारी हरकतों से मेरी शादी से पहले मेरे अफेयर के चर्चे गांव में होने लगेंगे। अमित थोड़ा दौड़ते हुए रिया आकर रुका।
मैं पिछले पांच साल से पढ़ाई के लिए बाहर गया हुआ था, और वहीं जॉब कर रहा हूं । आप बताएं , आप यहां कैसे। मैं क्या बताऊं, रिया ने कहा ।
मैने कभी पहले अपने गांव में किसी लड़की को इस तरह बात करते हुए नहीं देखा। नहीं, वो जल्दी ही इसकी शा...रेनु पूरी तरह से बोल भी नहीं पाई थी कि रिया ने उसका हाथ जोर से दबा दिया।
बाबा बोल रहे है की मैं शादी कर लूं, बस इसी सिलसिले में गांव आया हूं। क्या शादी . . . . . . लड़की देख ली, रिया ने बात काटते हुए कहा। हां,बाबा ने देखी है। अमित ने जबाव दिया। तुम नहीं देखोगे क्या? बिना देखे ही शादी कर करोगे। रिया की शरारत जारी रखी। इतने में बस आ गई, "अच्छा चलता हूं जल्दी शादी का कार्ड भेजूंगा, कह कर अमित बस में चढ़ गया। रेनु ने कहा तुम भी अपनी शादी के बारे में बता सकती थीं।
"हम सीधा शादी कार्ड देकर बताएंगे, रिया ने उसे चुप कराते हुए भर्राई आवाज में कहा । "तुम रो रही हो कल के मिले लड़के के लिए" रेनु ने टोका "नहीं मुझे भी यही लड़का चाहिए" रिया की आवाज में अजीब सी जिद थी।
अगले दिन रिया को देखने लड़के वाले आए। रिया गर्दन झुकाए बैठी रही, उसने लड़के को आंख उठाकर भी नहीं देखा, उसके मन में अमित शक्ल घूम रही थी। रिया को उस लड़के के साथ बात करने के लिए कहा गया। लड़के ने बोला "आपने बताया नहीं आपकी शादी हो रही है" सुनी सुनी आवाज जब रिया के कानों में पड़ी, तो रिया ने झट से सिर ऊपर किया और देखा सामने अमित बैठा था। खुशी से उसके मुंह से निकला,"ओए वॉशरूम तुम यहां क्या कर रहे हो?
शायद आप से मेरी शादी होने वाली है, अमित ने हंसते हुए कहा !
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| हाय क्या आप थोड़ी देर के लिए मेरा बैग पकड़ सकती हैं, मैं बस दो मिनट में आया । रिया को पहले तो हिचकिचाहट हुई पर जब उसकी नजर पास में वॉशरूम पर पड़ी तो वो सब समझ गई । ठीक है आप अपना बैग मेरे बैग के पास रख सकते हैं । ये कहने की देर थी कि लड़के ने झट से बैग रखा और वॉशरूम की ओर मुड़ गया । ये देखकर रिया हंसने लगी । शुक्रिया, लड़के ने वापस आकर अपना बैग लेते हुए कहा । कोई बात नही रिया ने हल्की सी मुस्कान के साथ जबाव दिया। इतने में ट्रेन आ गई और रिया अपना बैग लेकर ट्रेन में चढ़ने लगी, तभी पीछे से उसके कंधे पर किसी ने हाथ रखा, रिया ने झट से पीछे देखा उसकी कॉलेज की फ्रेंड रेनु का चेहरा दिखा । 'सॉरी यार' बहुत लेट हो गई' तुम कभी टाइम पर आई हो, पहले तो ये अपना बैग पकड़ों और इसे लेकर अपनी सीट पर जाओ। 'वैसे आज एक फायदा हुआ, तुम्हारे लेट आने से एक अच्छा लड़का बस दो मिनट के लिए देखने को मिला' रिया ने कहा। 'बढ़िया है, चलो दो मिनट ही सही, कुछ पल तो तुम्हारे अच्छे गुजरे' रेनु ने हंसते हुए कहा। पाँच घंटाटे के सफर के बाद रिया अपने साथ रेनु को लेकर अपने गांव पहुंची। घर पहुंचते ही उसे पता चला कि उसकी शादी की बात चल रही है। रेनु इस बात से खुश हुई, क्योंकि अब उसको रिया के घर रुकने का बहाना मिल गया था। अगले दिन जब रिया और रेनु दोनो गांव के बस स्टैंड पर खड़ी थी, तब रिया को रेलवे स्टेशन वाला लड़का नजर आया। 'अरे तुम यहां क्या कर रहे हो' लड़के ने देखा कि रिया गांव की ड्रेस में बहुत खूबसूरत लग रही थी। 'हाय! हैलो ये मेरा गांव है और मेरा नाम अमित है, ओके"तुम कब से लड़कों को छेड़ने लगीं' रेनु ने कहा । "वैसे लड़का तो हैंडसम है" रेनु ने मुस्कुराते हुए कहा। "वो तो है पर ये पहले कभी दिखा नहीं इस गांव में" रिया ने जबाव दिया। "तुम्हे पहले नहीं देखा। इस गांव में नए आए हो क्या? रिया ने जोर से चीखते हुए कहा। अरे रुको मैं वहीं आ रहा हूं, तुम्हारी हरकतों से मेरी शादी से पहले मेरे अफेयर के चर्चे गांव में होने लगेंगे। अमित थोड़ा दौड़ते हुए रिया आकर रुका। मैं पिछले पांच साल से पढ़ाई के लिए बाहर गया हुआ था, और वहीं जॉब कर रहा हूं । आप बताएं , आप यहां कैसे। मैं क्या बताऊं, रिया ने कहा । मैने कभी पहले अपने गांव में किसी लड़की को इस तरह बात करते हुए नहीं देखा। नहीं, वो जल्दी ही इसकी शा...रेनु पूरी तरह से बोल भी नहीं पाई थी कि रिया ने उसका हाथ जोर से दबा दिया। बाबा बोल रहे है की मैं शादी कर लूं, बस इसी सिलसिले में गांव आया हूं। क्या शादी . . . . . . लड़की देख ली, रिया ने बात काटते हुए कहा। हां,बाबा ने देखी है। अमित ने जबाव दिया। तुम नहीं देखोगे क्या? बिना देखे ही शादी कर करोगे। रिया की शरारत जारी रखी। इतने में बस आ गई, "अच्छा चलता हूं जल्दी शादी का कार्ड भेजूंगा, कह कर अमित बस में चढ़ गया। रेनु ने कहा तुम भी अपनी शादी के बारे में बता सकती थीं। "हम सीधा शादी कार्ड देकर बताएंगे, रिया ने उसे चुप कराते हुए भर्राई आवाज में कहा । "तुम रो रही हो कल के मिले लड़के के लिए" रेनु ने टोका "नहीं मुझे भी यही लड़का चाहिए" रिया की आवाज में अजीब सी जिद थी। अगले दिन रिया को देखने लड़के वाले आए। रिया गर्दन झुकाए बैठी रही, उसने लड़के को आंख उठाकर भी नहीं देखा, उसके मन में अमित शक्ल घूम रही थी। रिया को उस लड़के के साथ बात करने के लिए कहा गया। लड़के ने बोला "आपने बताया नहीं आपकी शादी हो रही है" सुनी सुनी आवाज जब रिया के कानों में पड़ी, तो रिया ने झट से सिर ऊपर किया और देखा सामने अमित बैठा था। खुशी से उसके मुंह से निकला,"ओए वॉशरूम तुम यहां क्या कर रहे हो? शायद आप से मेरी शादी होने वाली है, अमित ने हंसते हुए कहा ! This website follows the DNPA Code of Ethics. |
Benefits of Eating Pistachios: प्रेगनेंसी किसी भी महिला के लिए सबसे कठिन और दर्द वाली प्रक्रिया होती है। इस दौरान खानपान का विशेष ख्याल रखा जाता है। कई लोगों के मन में सवाल होता है कि क्या प्रेगनेंसी में पिस्ता का सेवन किया जा सकता है? आपके इसी सवाल का जवाब लेकर हम आए हैं। अगर आप सही मात्रा में इसका सेवन करते हैं तो नुकसान नहीं होता। हालांकि आपको दूसरे सूखे मेवे के साथ पिस्ता का सेवन करना चाहिए। इसे अकेले खाने से बचना चाहिए।
पिस्ता को संतुलित मात्रा में खाना चाहिए। यह पोषक तत्वों का भंडार है। पिस्ता में एंटीऑक्सीडेंट्स, फाइबर, हेल्दी फैट्स, प्रोटीन, आयरन, फोलेट, पोटैशियम, कैल्शियम, मिनरल्स और विटामिन्स आदि से भरपूर होते हैं।
प्रेगनेंसी में पिस्ता का सेवन करने के लाभ (benefits of eating pistachios during pregnancy)
- पिस्ता का सेवन करने से खून की कमी दूर हो सकती है। इसमें आयरन प्रचूर मात्रा में पाया जाता है, जो रेड ब्लड सेल्स का प्रोडक्शन करने में मददगार होता है।
- प्रेग्नेंसी में कब्ज की समस्या से राहत दिलाती है। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि प्रेग्नेंसी में कब्ज की परेशानी न हो इसके लिए आपको डाइट में बादाम, अखरोट आदि को मिलाना चाहिए।
- गर्भावस्था के दौरान महिलाओं की इम्युनिटी कमजोर हो जाती है। इसे मजबूत और मैनटेन बनाए रखने के लिए पिस्ता लाभकारी है। पिस्ता में विटामिन ई और कॉपर होता है जो इम्युनिटी को बूस्ट करने में मदद करता है।
कच्चा पिस्ता का चूरा बनाकर दही के साथ सेवन किया जा सकता है। पिस्ता का मिल्कशेक भी बनाकर पी सकते हैं। इसके अलावा आप पिस्ता को रातभर पानी में भिगोने के बाद सुबह दूध के साथ खा सकते हैं।
अगर आप प्रेग्नेंसी में इसका सेवन करने जा रही हैं तो एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
Disclaimer: संबंधित लेख पाठक की जानकारी और जागरूकता बढ़ाने के लिए है। न्यूज24 इस लेख में प्रदत्त जानकारी और सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि इसके बारे में चिकित्सीय सलाह जरूर लें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
| Benefits of Eating Pistachios: प्रेगनेंसी किसी भी महिला के लिए सबसे कठिन और दर्द वाली प्रक्रिया होती है। इस दौरान खानपान का विशेष ख्याल रखा जाता है। कई लोगों के मन में सवाल होता है कि क्या प्रेगनेंसी में पिस्ता का सेवन किया जा सकता है? आपके इसी सवाल का जवाब लेकर हम आए हैं। अगर आप सही मात्रा में इसका सेवन करते हैं तो नुकसान नहीं होता। हालांकि आपको दूसरे सूखे मेवे के साथ पिस्ता का सेवन करना चाहिए। इसे अकेले खाने से बचना चाहिए। पिस्ता को संतुलित मात्रा में खाना चाहिए। यह पोषक तत्वों का भंडार है। पिस्ता में एंटीऑक्सीडेंट्स, फाइबर, हेल्दी फैट्स, प्रोटीन, आयरन, फोलेट, पोटैशियम, कैल्शियम, मिनरल्स और विटामिन्स आदि से भरपूर होते हैं। प्रेगनेंसी में पिस्ता का सेवन करने के लाभ - पिस्ता का सेवन करने से खून की कमी दूर हो सकती है। इसमें आयरन प्रचूर मात्रा में पाया जाता है, जो रेड ब्लड सेल्स का प्रोडक्शन करने में मददगार होता है। - प्रेग्नेंसी में कब्ज की समस्या से राहत दिलाती है। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि प्रेग्नेंसी में कब्ज की परेशानी न हो इसके लिए आपको डाइट में बादाम, अखरोट आदि को मिलाना चाहिए। - गर्भावस्था के दौरान महिलाओं की इम्युनिटी कमजोर हो जाती है। इसे मजबूत और मैनटेन बनाए रखने के लिए पिस्ता लाभकारी है। पिस्ता में विटामिन ई और कॉपर होता है जो इम्युनिटी को बूस्ट करने में मदद करता है। कच्चा पिस्ता का चूरा बनाकर दही के साथ सेवन किया जा सकता है। पिस्ता का मिल्कशेक भी बनाकर पी सकते हैं। इसके अलावा आप पिस्ता को रातभर पानी में भिगोने के बाद सुबह दूध के साथ खा सकते हैं। अगर आप प्रेग्नेंसी में इसका सेवन करने जा रही हैं तो एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लें। Disclaimer: संबंधित लेख पाठक की जानकारी और जागरूकता बढ़ाने के लिए है। न्यूजचौबीस इस लेख में प्रदत्त जानकारी और सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि इसके बारे में चिकित्सीय सलाह जरूर लें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है। |
1945 में, बाल्टिक सागर में जहरीले पदार्थों वाले लगभग 50 हजार टन पानी भर गया। अधिकांश गोला बारूद के द्वीप बोर्नहोम और गोटलैंड के पास गिरा दिया गया था।
- डीईए के प्रतिनिधि ने कहा।
उन्होंने यह भी जानकारी की पुष्टि की कि ऊर्जा एजेंसी ने प्रस्तावित किया कि संयुक्त उद्यम X-2 डिजाइन कंपनी एक वैकल्पिक मार्ग पर विचार करती है।
डीईए ने नॉर्ड स्ट्रीम एक्सएनयूएमएक्स एजी को डेनमार्क को सुनिश्चित करने के लिए डेनमार्क पर्यावरण महाद्वीपीय शेल्फ पर एक मार्ग विकल्प को पर्यावरणीय प्रभाव आकलन में शामिल करने के लिए कहा ताकि सभी पाइपलाइन मार्गों को सुरक्षा और पर्यावरणीय प्रभाव के लिए अच्छी तरह से मूल्यांकन किया जा सके।
याद रखें कि नई गैस पाइपलाइन SP-2 को इस साल के अंत से पहले पूरा करने की योजना है। इसका मार्ग बाल्टिक सागर से होकर रूस, फिनलैंड, स्वीडन, डेनमार्क और जर्मनी के क्षेत्रीय या विशेष आर्थिक क्षेत्रों से होकर गुजरता है। इन देशों में से, अभी भी डेनमार्क ने निर्माण की अनुमति नहीं दी है।
जैसा कि पहले बताया गया है, अगस्त 2018 में, ऑपरेटर SP-2 ने डेनमार्क के पास एक गैस पाइपलाइन बनाने के लिए वैकल्पिक मार्ग के लिए एक आवेदन प्रस्तुत किया, जो अधिकारियों से पहले मुख्य मार्ग के निर्माण की अनुमति के लिए प्रतीक्षा करना जारी रखता है, जो बोर्नहोम के दक्षिण में चलता है। एक वैकल्पिक मार्ग द्वीप के उत्तर-पश्चिम में जाता है, और मुख्य की तुलना में 36 किमी लंबा है।
| एक हज़ार नौ सौ पैंतालीस में, बाल्टिक सागर में जहरीले पदार्थों वाले लगभग पचास हजार टन पानी भर गया। अधिकांश गोला बारूद के द्वीप बोर्नहोम और गोटलैंड के पास गिरा दिया गया था। - डीईए के प्रतिनिधि ने कहा। उन्होंने यह भी जानकारी की पुष्टि की कि ऊर्जा एजेंसी ने प्रस्तावित किया कि संयुक्त उद्यम X-दो डिजाइन कंपनी एक वैकल्पिक मार्ग पर विचार करती है। डीईए ने नॉर्ड स्ट्रीम एक्सएनयूएमएक्स एजी को डेनमार्क को सुनिश्चित करने के लिए डेनमार्क पर्यावरण महाद्वीपीय शेल्फ पर एक मार्ग विकल्प को पर्यावरणीय प्रभाव आकलन में शामिल करने के लिए कहा ताकि सभी पाइपलाइन मार्गों को सुरक्षा और पर्यावरणीय प्रभाव के लिए अच्छी तरह से मूल्यांकन किया जा सके। याद रखें कि नई गैस पाइपलाइन SP-दो को इस साल के अंत से पहले पूरा करने की योजना है। इसका मार्ग बाल्टिक सागर से होकर रूस, फिनलैंड, स्वीडन, डेनमार्क और जर्मनी के क्षेत्रीय या विशेष आर्थिक क्षेत्रों से होकर गुजरता है। इन देशों में से, अभी भी डेनमार्क ने निर्माण की अनुमति नहीं दी है। जैसा कि पहले बताया गया है, अगस्त दो हज़ार अट्ठारह में, ऑपरेटर SP-दो ने डेनमार्क के पास एक गैस पाइपलाइन बनाने के लिए वैकल्पिक मार्ग के लिए एक आवेदन प्रस्तुत किया, जो अधिकारियों से पहले मुख्य मार्ग के निर्माण की अनुमति के लिए प्रतीक्षा करना जारी रखता है, जो बोर्नहोम के दक्षिण में चलता है। एक वैकल्पिक मार्ग द्वीप के उत्तर-पश्चिम में जाता है, और मुख्य की तुलना में छत्तीस किमी लंबा है। |
शारदा सिन्हा और कल्पना पटवारी भोजपुरी इंडस्ट्री की बहुत बड़ी सिंगर्स हैं.
मुंबई. Jug Jug Jiya Su Lalanwa Sohar Geet: 'जुग जुग जियासु ललनवा' भोजपुरी का ऐसा गाना है, जिसे सुनते ही आपके रोंगटे खड़े हो जाते हैं. इस गाने को सोहर गीत कहा जाता है. यह बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश यानी भोजपुरी बोलने वाले क्षेत्रों में बहुत ही प्रसिद्ध है. यह सबसे बड़ा गाना माना जाता है. इसे उस वक्त गाया जाता है, जब किसी के घर बच्चा या बच्ची जन्म लेती हैं. इस गाने के आपने भोजपुरी इंडस्ट्री के तमाम बड़े सिंगर्स की आवाज में सुना होगा. चाहे पवन सिंह (Pawan Singh) हो या फिर दिनेश लाल यादव निरहुआ या फिर कल्पना पटवारी और शारदा सिन्हा सबने इसे खूबसूरत अंदाज में गाया है.
लेकिन इस गाने को सबसे पहले गाने वाली और इसे भोजपुरिया जवार की धरोहर बनाने वाली सिंगर के बारे में शायद ही आप जानते हों? यह सिंगर 1980 और 90 के दशक में बॉलीवुड की स्टार सिंगर रही हैं और अब भी फिल्मों के लिए गाना गा रही हैं. उन्होंने इस गाने 'जुग जुग जियासु ललनवा' (Jug Jug Jiya Su Lalanwa Song) को साल 1985 में आई फिल्म 'पिया के गांव' में गाया था.
'पिया के गांव' भोजपुरी फिल्म है, जिसमें मीरा माधुरी, दानिश, अरुणा ईरानी और जयश्री समेत कई प्रतिभाशाली कलाकारों ने काम किया था. यह उस साल की कम बजट वाली हिट फिल्मों में से एक थी. फिल्म को दिलीप बोस ने डायरेक्ट किया था. वह इसके म्यूजिक डायरेक्टर चित्रगुप्त (Music Director Chitragupt) थे, जिन्होंने भोजपुरी को बॉलीवुड के बराबरी पर ला दिया था.
'जुग जुग जियासु ललनवा' को बॉलीवुड सिंगर अल्का याग्निक (Alka Yagnik) ने गाया था. चित्रगुप्त ने इस पारंपरिक गीत को एक गाने का रूप दिया. अल्का याग्निक ने इसे बहुत ही खूबसूरती के साथ गाया था. चित्रगुप्त के म्यूजिक ने इस गाने में चार चांद लगा दिए थे. अल्का की आवाज में आज भी लोग इस क गाने को खूब पसंद करते हैं. लेकिन रीमिक्स और डीजे के इस दौर पर यह गाना कहीं बिसर (खो) गया है, इसलिए हम आपको इसकी जानकारी दी.
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| शारदा सिन्हा और कल्पना पटवारी भोजपुरी इंडस्ट्री की बहुत बड़ी सिंगर्स हैं. मुंबई. Jug Jug Jiya Su Lalanwa Sohar Geet: 'जुग जुग जियासु ललनवा' भोजपुरी का ऐसा गाना है, जिसे सुनते ही आपके रोंगटे खड़े हो जाते हैं. इस गाने को सोहर गीत कहा जाता है. यह बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश यानी भोजपुरी बोलने वाले क्षेत्रों में बहुत ही प्रसिद्ध है. यह सबसे बड़ा गाना माना जाता है. इसे उस वक्त गाया जाता है, जब किसी के घर बच्चा या बच्ची जन्म लेती हैं. इस गाने के आपने भोजपुरी इंडस्ट्री के तमाम बड़े सिंगर्स की आवाज में सुना होगा. चाहे पवन सिंह हो या फिर दिनेश लाल यादव निरहुआ या फिर कल्पना पटवारी और शारदा सिन्हा सबने इसे खूबसूरत अंदाज में गाया है. लेकिन इस गाने को सबसे पहले गाने वाली और इसे भोजपुरिया जवार की धरोहर बनाने वाली सिंगर के बारे में शायद ही आप जानते हों? यह सिंगर एक हज़ार नौ सौ अस्सी और नब्बे के दशक में बॉलीवुड की स्टार सिंगर रही हैं और अब भी फिल्मों के लिए गाना गा रही हैं. उन्होंने इस गाने 'जुग जुग जियासु ललनवा' को साल एक हज़ार नौ सौ पचासी में आई फिल्म 'पिया के गांव' में गाया था. 'पिया के गांव' भोजपुरी फिल्म है, जिसमें मीरा माधुरी, दानिश, अरुणा ईरानी और जयश्री समेत कई प्रतिभाशाली कलाकारों ने काम किया था. यह उस साल की कम बजट वाली हिट फिल्मों में से एक थी. फिल्म को दिलीप बोस ने डायरेक्ट किया था. वह इसके म्यूजिक डायरेक्टर चित्रगुप्त थे, जिन्होंने भोजपुरी को बॉलीवुड के बराबरी पर ला दिया था. 'जुग जुग जियासु ललनवा' को बॉलीवुड सिंगर अल्का याग्निक ने गाया था. चित्रगुप्त ने इस पारंपरिक गीत को एक गाने का रूप दिया. अल्का याग्निक ने इसे बहुत ही खूबसूरती के साथ गाया था. चित्रगुप्त के म्यूजिक ने इस गाने में चार चांद लगा दिए थे. अल्का की आवाज में आज भी लोग इस क गाने को खूब पसंद करते हैं. लेकिन रीमिक्स और डीजे के इस दौर पर यह गाना कहीं बिसर गया है, इसलिए हम आपको इसकी जानकारी दी. . |
हिंदी फिल्म जगत में अपने अभिनय से लोगों को दीवाना बनाने वाले अभिनेता तो कई हुए और दर्शकों ने उन्हें स्टार कलाकार माना पर सत्तर के दशक में राजेश खन्ना पहले ऐसे अभिनेता के तौर पर अवतरित हुए जिन्हें दर्शको ने 'सुपर स्टार' की उपाधि दी। पंजाब के अमृतसर में 29 दिसंबर 1942 को जन्में जतिन खन्ना उर्फ राजेश खन्ना का बचपन के दिनों से ही रुझान फिल्मों की ओर था। वह अभिनेता बनना चाहते थे, लेकिन उनके पिता इस बात के सख्त खिलाफ थे। राजेश खन्ना अपने करियर के शुरुआती दौर में रंगमंच से जुड़े और बाद में यूनाइटेड प्रोड्यूसर एसोसिएशन द्वारा आयोजित आल इंडिया टेलेंट कांटेस्ट में उन्होंने भाग लिया, जिसमें वह प्रथम चुने गए। राजेश खन्ना ने अपने सिने करियर की शुरुआत 1966 में चेतन आंनद की फिल्म 'आखिरी खत' से की। वर्ष 1966 से 1969 तक राजेश खन्ना फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष करते रहे। राजेश खन्ना के अभिनय का सितारा निर्माता-निर्देशक शक्ति सामंत की क्लासिकल फिल्म आराधना से चमका । बेहतरीन गीत-संगीत और अभिनय से सजी इस फिल्म की गोल्डन जुबली कामयाबी ने राजेश खन्ना को स्टार के रूप में स्थापित कर दिया। आज भी राजेश खन्ना के फैन भारत में मौजूद हैं और उनकी फिल्में चाव से देखते हैं।
| हिंदी फिल्म जगत में अपने अभिनय से लोगों को दीवाना बनाने वाले अभिनेता तो कई हुए और दर्शकों ने उन्हें स्टार कलाकार माना पर सत्तर के दशक में राजेश खन्ना पहले ऐसे अभिनेता के तौर पर अवतरित हुए जिन्हें दर्शको ने 'सुपर स्टार' की उपाधि दी। पंजाब के अमृतसर में उनतीस दिसंबर एक हज़ार नौ सौ बयालीस को जन्में जतिन खन्ना उर्फ राजेश खन्ना का बचपन के दिनों से ही रुझान फिल्मों की ओर था। वह अभिनेता बनना चाहते थे, लेकिन उनके पिता इस बात के सख्त खिलाफ थे। राजेश खन्ना अपने करियर के शुरुआती दौर में रंगमंच से जुड़े और बाद में यूनाइटेड प्रोड्यूसर एसोसिएशन द्वारा आयोजित आल इंडिया टेलेंट कांटेस्ट में उन्होंने भाग लिया, जिसमें वह प्रथम चुने गए। राजेश खन्ना ने अपने सिने करियर की शुरुआत एक हज़ार नौ सौ छयासठ में चेतन आंनद की फिल्म 'आखिरी खत' से की। वर्ष एक हज़ार नौ सौ छयासठ से एक हज़ार नौ सौ उनहत्तर तक राजेश खन्ना फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष करते रहे। राजेश खन्ना के अभिनय का सितारा निर्माता-निर्देशक शक्ति सामंत की क्लासिकल फिल्म आराधना से चमका । बेहतरीन गीत-संगीत और अभिनय से सजी इस फिल्म की गोल्डन जुबली कामयाबी ने राजेश खन्ना को स्टार के रूप में स्थापित कर दिया। आज भी राजेश खन्ना के फैन भारत में मौजूद हैं और उनकी फिल्में चाव से देखते हैं। |
जैसा कि मिलर्स सपना किताब दावा करता है - अंडे, जो आपकी नींद में हैं आप घोंसला पाया है, तो आप सिर्फ घर में धन और खुशी वादा नहीं करते, लेकिन यह भी परिवार के क्षेत्र में आप सब कुछ अच्छी तरह से चला जाता है। इसके अलावा, अगर इस तरह के एक सपना मैं एक औरत को देखा, यह अक्सर शौक, उसे करने के लिए विभिन्न प्रेम संबंधों का मतलब है।
हालांकि, सपना किताब में लिखा - एक अंडा है कि आप एक सपने में खाते हैं, मुसीबत जाग्रत पूर्वसूचक। बल्कि, वे (मुसीबत) भी गंभीर नहीं होगा, लेकिन यह चिंता, अपने घर में उत्साह होगा। खैर, अगर अंडे ताजा और टूटे सपनों हैं। ऐसा नहीं है कि फॉर्च्यून अंत में आप दया जाएगा, और आप एक बहुत अच्छा उपहार कर देगा संभावना है। और कौन जानता है, शायद तुम भाग्यशाली हो और इस समय ऐसा करते हैं, कि भाग्य के एक सच्चे प्रिय बन जाएगा?
कम से कम, सपनों की व्याख्या स्रोत सपने देखने में बड़े बड़े काम का वादा किया। आप दूसरों के द्वारा देखा जाएगा, अपने उच्च मन और न्याय के प्रयासों की सराहना की जाएगी। चरित्र के साथ दुर्भाग्य से जांच करने की सुचारू रूप से नहीं जा रहा है और है कि अभी भी एक सपना किताब की रिपोर्ट क्या है - अंडे, चिकन, जो आप सपना देखा foul. When, कुछ भी अच्छा संकेत मिलता नहीं।
ऐसे सपने पूर्ववर्ती नुकसान कर रहे हैं। विशेष रूप से जीवन जागने के अपने व्यवसाय के क्षेत्र के बारे में बात। यह संभव है कि कारोबार शुरू में कमी आएगी है, वहाँ वित्तीय समस्याओं हो जाएगा। यह सलाह दी जाती हो सकता है - भगवान से प्रार्थना करने के लिए, लेकिन सपने देखने के लिए एक गलती करते हैं नहीं है, और प्रासंगिक के विशेषज्ञों के साथ परामर्श करने के लिए। वकीलों सकते हैं।
लेकिन, वह एक ही (मिलर) सपनों की व्याख्या, टोकरी में अंडे की भविष्यवाणी कर रहे हैं का कहना है कि कारोबार में सफलता। जल्द ही आप कुछ व्यावसायिक उद्यम है कि आप और आपके कारण ठोस लाभांश लाएगा में शामिल हो जाएगा। इसके अलावा, पक्षी के अंडे, जो एक सपने में कर रहे हैं आप जंगल में पाया है, वास्तविक जीवन में लाभ की संभावना का वादा। यह एक ठोस विरासत अपने दूर के रिश्तेदारों द्वारा छोड़ा प्राप्त करना संभव है।
एक और सपना किताब एक सार्वभौमिक पैमाने पर सपने में अंडे की जांच करता है, और पृथ्वी का प्रतीक, ग्रहों की दुनिया, हमारे चारों तरफ जीवन के रूप में उन्हें का उल्लेख है। यही कारण है कि केवल अगर वे foul. When सपना है, यह बुरा है और पृथ्वी पर जीवन का खतरा है। खतरा के लिए कारण हथियारों के सभी प्रकार, के निरंतर आधुनिकीकरण है जो अयोग्य हाथ, कुछ डरावना और कल्पना क्या यह ग्रह पृथ्वी के लिए पूर्वसूचक में गिरती है।
यह अनुमान है कि इस तरह वैश्विक भविष्यवाणी Vanga ड्रीम प्रदान करता है मुश्किल नहीं है। जाहिर है, इस तरह से पैगंबर के उपहार के साथ सपनों की व्याख्या करने के सपने देखने की अनुमति है।
एक अंडा है कि आप एक सपना चकनाचूर कर रहे हैं, यह भी एक दुनिया खतरे, लेकिन उल्का ओलों के लौकिक मूल का वादा किया - यहाँ और क्या कहते हैं ड्रीम दुभाषिया है। यह सच है यह जल्द ही ऐसा नहीं होता है, लेकिन सभी जीवन नष्ट हो जाएगा।
इसके अलावा ड्रीम इंटरप्रिटेशन Vanga में चिन्हों सभी भयावहता कि पृथ्वी पर वापस आ जाएगा अगर आप किसी भी रूप में और किसी भी परिस्थिति में अंडे को दूर बने हुए हैं। इस प्रकाशन के लेखक और जो व्यक्ति एक विशेष समय और सहित विभिन्न गूढ़ सपना पुस्तकों का अध्ययन करता है के रूप में, मैं पाठकों को आश्वस्त करने की रफ्तार बढ़। कम से कम, अगर आप कोई विशेष उपहार है, एक महिला, जिसका नाम सपनों की व्याख्या में कहा जाता है के रूप में, एक सपने में अंडे संकेत मिलता नहीं है, अगर वे आप बेईमानी से सपना नहीं है आप और आपके परिवार के साथ कुछ भी गलत नहीं है।
और हम सपनों की व्याख्या के अन्य स्रोतों, नोस्ट्राडमस बल्गेरियाई नबिया से वैश्विक घटनाओं से कम कुछ नहीं foretells के नाम पर करने के लिए लग रहे हो। इधर, सामान्य रूप में, यह भी संबंधित इतना नहीं सपने देखने खुद के लिए, और इस ग्रह पर कुछ बड़े पैमाने पर घटना के लिए घटनाओं को दर्शाता है।
हालांकि, वह सपना किताब, अंडे, जिनमें से चूजों (मुर्गियों) कर रहे हैं कहते हैं, गर्भवती महिलाओं के लिए एक संदेश ले जा सकता है कि बच्चे के जन्म सफल हो जाएगा। पहले से ही अच्छी तरह से और एक मात्र सपने देखने और उसके निजी जीवन, और दुनिया के बारे में कोई भविष्यवाणी, ब्रह्मांड, ब्रह्मांड के करीब है।
इस तरह के एक सपने के सिलसिले में बच्चों के जन्म के एक और सपना किताब इंगित करता है। एक सपने में अंडे - बच्चे पैदा करने की है, और अगर उनमें से भी कई, बच्चों आप पहले से ही है तो आप उसे चिड़चिड़ा बनाते हैं। लेकिन ईस्टर अंडे - यह एक बहुत ही अच्छी नींद और वादों खुशी है कि आप वास्तविक जीवन में बच्चों को लाने जाएगा। वे मदद के लिए तैयार सम्मान के साथ व्यवहार, हमेशा जाएगा।
ऐसा लगता है कि सूत्रों के बहुमत में विषय की नींद सपने देखने वालों के लिए एक अच्छा व्यक्ति और उनके परिवारों, व्यापार संबंध माना जाता है। बस इतना अच्छा घटना, मैं आप चाहते हैं और!
| जैसा कि मिलर्स सपना किताब दावा करता है - अंडे, जो आपकी नींद में हैं आप घोंसला पाया है, तो आप सिर्फ घर में धन और खुशी वादा नहीं करते, लेकिन यह भी परिवार के क्षेत्र में आप सब कुछ अच्छी तरह से चला जाता है। इसके अलावा, अगर इस तरह के एक सपना मैं एक औरत को देखा, यह अक्सर शौक, उसे करने के लिए विभिन्न प्रेम संबंधों का मतलब है। हालांकि, सपना किताब में लिखा - एक अंडा है कि आप एक सपने में खाते हैं, मुसीबत जाग्रत पूर्वसूचक। बल्कि, वे भी गंभीर नहीं होगा, लेकिन यह चिंता, अपने घर में उत्साह होगा। खैर, अगर अंडे ताजा और टूटे सपनों हैं। ऐसा नहीं है कि फॉर्च्यून अंत में आप दया जाएगा, और आप एक बहुत अच्छा उपहार कर देगा संभावना है। और कौन जानता है, शायद तुम भाग्यशाली हो और इस समय ऐसा करते हैं, कि भाग्य के एक सच्चे प्रिय बन जाएगा? कम से कम, सपनों की व्याख्या स्रोत सपने देखने में बड़े बड़े काम का वादा किया। आप दूसरों के द्वारा देखा जाएगा, अपने उच्च मन और न्याय के प्रयासों की सराहना की जाएगी। चरित्र के साथ दुर्भाग्य से जांच करने की सुचारू रूप से नहीं जा रहा है और है कि अभी भी एक सपना किताब की रिपोर्ट क्या है - अंडे, चिकन, जो आप सपना देखा foul. When, कुछ भी अच्छा संकेत मिलता नहीं। ऐसे सपने पूर्ववर्ती नुकसान कर रहे हैं। विशेष रूप से जीवन जागने के अपने व्यवसाय के क्षेत्र के बारे में बात। यह संभव है कि कारोबार शुरू में कमी आएगी है, वहाँ वित्तीय समस्याओं हो जाएगा। यह सलाह दी जाती हो सकता है - भगवान से प्रार्थना करने के लिए, लेकिन सपने देखने के लिए एक गलती करते हैं नहीं है, और प्रासंगिक के विशेषज्ञों के साथ परामर्श करने के लिए। वकीलों सकते हैं। लेकिन, वह एक ही सपनों की व्याख्या, टोकरी में अंडे की भविष्यवाणी कर रहे हैं का कहना है कि कारोबार में सफलता। जल्द ही आप कुछ व्यावसायिक उद्यम है कि आप और आपके कारण ठोस लाभांश लाएगा में शामिल हो जाएगा। इसके अलावा, पक्षी के अंडे, जो एक सपने में कर रहे हैं आप जंगल में पाया है, वास्तविक जीवन में लाभ की संभावना का वादा। यह एक ठोस विरासत अपने दूर के रिश्तेदारों द्वारा छोड़ा प्राप्त करना संभव है। एक और सपना किताब एक सार्वभौमिक पैमाने पर सपने में अंडे की जांच करता है, और पृथ्वी का प्रतीक, ग्रहों की दुनिया, हमारे चारों तरफ जीवन के रूप में उन्हें का उल्लेख है। यही कारण है कि केवल अगर वे foul. When सपना है, यह बुरा है और पृथ्वी पर जीवन का खतरा है। खतरा के लिए कारण हथियारों के सभी प्रकार, के निरंतर आधुनिकीकरण है जो अयोग्य हाथ, कुछ डरावना और कल्पना क्या यह ग्रह पृथ्वी के लिए पूर्वसूचक में गिरती है। यह अनुमान है कि इस तरह वैश्विक भविष्यवाणी Vanga ड्रीम प्रदान करता है मुश्किल नहीं है। जाहिर है, इस तरह से पैगंबर के उपहार के साथ सपनों की व्याख्या करने के सपने देखने की अनुमति है। एक अंडा है कि आप एक सपना चकनाचूर कर रहे हैं, यह भी एक दुनिया खतरे, लेकिन उल्का ओलों के लौकिक मूल का वादा किया - यहाँ और क्या कहते हैं ड्रीम दुभाषिया है। यह सच है यह जल्द ही ऐसा नहीं होता है, लेकिन सभी जीवन नष्ट हो जाएगा। इसके अलावा ड्रीम इंटरप्रिटेशन Vanga में चिन्हों सभी भयावहता कि पृथ्वी पर वापस आ जाएगा अगर आप किसी भी रूप में और किसी भी परिस्थिति में अंडे को दूर बने हुए हैं। इस प्रकाशन के लेखक और जो व्यक्ति एक विशेष समय और सहित विभिन्न गूढ़ सपना पुस्तकों का अध्ययन करता है के रूप में, मैं पाठकों को आश्वस्त करने की रफ्तार बढ़। कम से कम, अगर आप कोई विशेष उपहार है, एक महिला, जिसका नाम सपनों की व्याख्या में कहा जाता है के रूप में, एक सपने में अंडे संकेत मिलता नहीं है, अगर वे आप बेईमानी से सपना नहीं है आप और आपके परिवार के साथ कुछ भी गलत नहीं है। और हम सपनों की व्याख्या के अन्य स्रोतों, नोस्ट्राडमस बल्गेरियाई नबिया से वैश्विक घटनाओं से कम कुछ नहीं foretells के नाम पर करने के लिए लग रहे हो। इधर, सामान्य रूप में, यह भी संबंधित इतना नहीं सपने देखने खुद के लिए, और इस ग्रह पर कुछ बड़े पैमाने पर घटना के लिए घटनाओं को दर्शाता है। हालांकि, वह सपना किताब, अंडे, जिनमें से चूजों कर रहे हैं कहते हैं, गर्भवती महिलाओं के लिए एक संदेश ले जा सकता है कि बच्चे के जन्म सफल हो जाएगा। पहले से ही अच्छी तरह से और एक मात्र सपने देखने और उसके निजी जीवन, और दुनिया के बारे में कोई भविष्यवाणी, ब्रह्मांड, ब्रह्मांड के करीब है। इस तरह के एक सपने के सिलसिले में बच्चों के जन्म के एक और सपना किताब इंगित करता है। एक सपने में अंडे - बच्चे पैदा करने की है, और अगर उनमें से भी कई, बच्चों आप पहले से ही है तो आप उसे चिड़चिड़ा बनाते हैं। लेकिन ईस्टर अंडे - यह एक बहुत ही अच्छी नींद और वादों खुशी है कि आप वास्तविक जीवन में बच्चों को लाने जाएगा। वे मदद के लिए तैयार सम्मान के साथ व्यवहार, हमेशा जाएगा। ऐसा लगता है कि सूत्रों के बहुमत में विषय की नींद सपने देखने वालों के लिए एक अच्छा व्यक्ति और उनके परिवारों, व्यापार संबंध माना जाता है। बस इतना अच्छा घटना, मैं आप चाहते हैं और! |
ब्रिटेन के नए प्रधान मंत्री ऋषि सुनक की दक्षिण एशियाई या हिंदू पहचान की इतनी चर्चा क्यों हो रही है?
ऋषि सुनक को ब्रिटेन की कन्ज़र्वेटिव पार्टी का नेता घोषित कर दिया गया है, जिसके बाद 42 वर्षीय सुनक ब्रिटेन के पहले एशियाई मूल के और हिन्दू प्रधानमंत्री होंगे।
इसी साल छह जुलाई को ऋषि सुनक ने बोरिस जॉनसन की सरकार में वित्त मंत्री से इस्तीफ़ा दे दिया था। उनके इस्तीफ़े के बाद कई और मंत्रियों ने इस्तीफ़ा दे दिया था और आख़िरकार प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को अपने इस्तीफ़े की घोषणा करनी पड़ी थी।
जॉनसन के बाद आर्थिक संकट में फंसे ब्रिटेन की बागडोर लिज़ ट्रस ने संभाली, लेकिन सिर्फ़ 45 दिन बाद ही गुरुवार को उन्होंने भी प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था।
ऋषि भारतीय मूल की तीसरी पीढ़ी हैं। उनके दादा-दादी ने भारत के विभाजन से पहले ही पाकिस्तानी पंजाब के गुजरांवाला शहर से ईस्ट अफ्रीका के लिए पलायन किया था। वह 1960 के दशक में इंग्लैंड के सॉउथैंप्टन शहर जाकर बस गए थे, जहां 1980 में ऋषि सुनक का जन्म हुआ।
कई विशेषज्ञों का मानना है कि सुनक का प्रधानमंत्री बनना एक ऐतिहासिक क्षण होगा, ठीक उसी तरह से जिस तरह अमेरिका में 2008 में बराक ओबामा के राष्ट्रपति चुने जाने के समय हुआ था। ऋषि सुनक से पहले भी दक्षिण एशिया के मूल के नेता बड़े पदों पर रहे हैं, वे मंत्री भी बने हैं और मेयर भी, जैसे कि प्रीति पटेल इस देश की गृहमंत्री हैं और सादिक़ खान लंदन के मेयर हैं।
लेकिन प्रधानमंत्री के पद का दावेदार अब तक कोई नहीं हुआ था। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार सुनक का उदय एशियाई समुदाय की कामयाबी से जुड़ा है। उनका कहना है कि ब्रिटेन के समाज में विविधता सुनक और ख़ान जैसे नेताओं के उदय का कारण बनी है।
सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, सुनक ने 2015 में बिज़नेस स्टैंडर्ड को दिए इंटरव्यू में कहा थाः मैं तो पूरी तरह से ब्रिटिश हूं। यह मेरा घर और देश है। लेकिन मेरी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत भारतीय है। मेरी पत्नी भारतीय है। मैं हिन्दू हूं और इसमें कोई छुपाने वाली बात नहीं है।
सेंटर फ़ॉर पॉलिसी रिसर्च में सीनियर फ़ेलो सुशांत सिंह ने सुनक का हवाला देते हुए भारतीय जनता पार्टी की बहुसंख्यकवाद और हिंदुत्ववाद की राजनीति पर सवाल उठाया है। उन्होंने लिखा हैः वर्तमान में भारत की केंद्र सरकार और सत्ताधारी पार्टी में देश के सबसे बड़े अल्पसंख्यक समुदाय से कोई न तो मंत्री है और न ही सांसद। दूसरी तरफ़, ब्रिटेन में सुनक के उभार पर भारत में यही लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से फूले नहीं समा रहे हैं।
| ब्रिटेन के नए प्रधान मंत्री ऋषि सुनक की दक्षिण एशियाई या हिंदू पहचान की इतनी चर्चा क्यों हो रही है? ऋषि सुनक को ब्रिटेन की कन्ज़र्वेटिव पार्टी का नेता घोषित कर दिया गया है, जिसके बाद बयालीस वर्षीय सुनक ब्रिटेन के पहले एशियाई मूल के और हिन्दू प्रधानमंत्री होंगे। इसी साल छह जुलाई को ऋषि सुनक ने बोरिस जॉनसन की सरकार में वित्त मंत्री से इस्तीफ़ा दे दिया था। उनके इस्तीफ़े के बाद कई और मंत्रियों ने इस्तीफ़ा दे दिया था और आख़िरकार प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को अपने इस्तीफ़े की घोषणा करनी पड़ी थी। जॉनसन के बाद आर्थिक संकट में फंसे ब्रिटेन की बागडोर लिज़ ट्रस ने संभाली, लेकिन सिर्फ़ पैंतालीस दिन बाद ही गुरुवार को उन्होंने भी प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था। ऋषि भारतीय मूल की तीसरी पीढ़ी हैं। उनके दादा-दादी ने भारत के विभाजन से पहले ही पाकिस्तानी पंजाब के गुजरांवाला शहर से ईस्ट अफ्रीका के लिए पलायन किया था। वह एक हज़ार नौ सौ साठ के दशक में इंग्लैंड के सॉउथैंप्टन शहर जाकर बस गए थे, जहां एक हज़ार नौ सौ अस्सी में ऋषि सुनक का जन्म हुआ। कई विशेषज्ञों का मानना है कि सुनक का प्रधानमंत्री बनना एक ऐतिहासिक क्षण होगा, ठीक उसी तरह से जिस तरह अमेरिका में दो हज़ार आठ में बराक ओबामा के राष्ट्रपति चुने जाने के समय हुआ था। ऋषि सुनक से पहले भी दक्षिण एशिया के मूल के नेता बड़े पदों पर रहे हैं, वे मंत्री भी बने हैं और मेयर भी, जैसे कि प्रीति पटेल इस देश की गृहमंत्री हैं और सादिक़ खान लंदन के मेयर हैं। लेकिन प्रधानमंत्री के पद का दावेदार अब तक कोई नहीं हुआ था। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार सुनक का उदय एशियाई समुदाय की कामयाबी से जुड़ा है। उनका कहना है कि ब्रिटेन के समाज में विविधता सुनक और ख़ान जैसे नेताओं के उदय का कारण बनी है। सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, सुनक ने दो हज़ार पंद्रह में बिज़नेस स्टैंडर्ड को दिए इंटरव्यू में कहा थाः मैं तो पूरी तरह से ब्रिटिश हूं। यह मेरा घर और देश है। लेकिन मेरी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत भारतीय है। मेरी पत्नी भारतीय है। मैं हिन्दू हूं और इसमें कोई छुपाने वाली बात नहीं है। सेंटर फ़ॉर पॉलिसी रिसर्च में सीनियर फ़ेलो सुशांत सिंह ने सुनक का हवाला देते हुए भारतीय जनता पार्टी की बहुसंख्यकवाद और हिंदुत्ववाद की राजनीति पर सवाल उठाया है। उन्होंने लिखा हैः वर्तमान में भारत की केंद्र सरकार और सत्ताधारी पार्टी में देश के सबसे बड़े अल्पसंख्यक समुदाय से कोई न तो मंत्री है और न ही सांसद। दूसरी तरफ़, ब्रिटेन में सुनक के उभार पर भारत में यही लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से फूले नहीं समा रहे हैं। |
अफ्रीका के पर्ल जहां ट्यूनीशिया में आराम करना बेहतर है?
ट्यूनीशिया अफ्रीका का एक वास्तविक मोती है। यह युवा लोगों, छोटे बच्चों और बुजुर्गों वाले परिवारों द्वारा मनोरंजन के लिए चुना जाता है। लेकिन युवा लोगों की ज़रूरतें पुरानी पीढ़ी की अपेक्षाओं से पूरी तरह अलग हैं। यात्रा को सुखद बनाने के लिए ट्यूनीशिया में आराम करने के लिए कहां जाएं?
आत्मा के लिए जगह चुनना आवश्यक है, खासकर जब से इस अफ्रीकी देश में पर्यटकों को पेश करने के लिए कुछ है।
सॉसे और पोर्ट एल कांटौई दो ऐसे स्थान हैं, जहां ट्यूनीशिया में हंसमुख युवा पार्टी के लिए आराम करना बेहतर है। वे एक दूसरे के करीब हैं और नाइटलाइफ़ के मान्यता प्राप्त केंद्र हैं।
एक उज्ज्वल शोर आराम के लिए सब कुछ हैः बार, डिस्को, कैसीनो, नाटकीय प्रदर्शन, नृत्य शो।
इस जगह का पर्यटन ढांचा एक हैदेश में सबसे अच्छा। पोर्ट एल कांटौई में आप टेनिस खेल सकते हैं और राइडिंग सबक ले सकते हैं, यहां कई जल गतिविधियां भी प्रस्तुत की जाती हैंः विंडसर्फिंग, वाटर स्कीइंग और इतने पर। यहाँ तट पर एकमात्र जल पार्क और एक विशाल वनस्पति उद्यान है।
ट्यूनीशिया गामर्थ का उपनगर होटल के साथ बनाया गया हैउच्च स्तर की सेवा के साथ लक्जरी विला। यह ठीक उसी जगह है जहां ट्यूनीशिया में धन और समझदार स्वाद वाले लोगों के लिए आराम करना बेहतर है। यहाँ, समुद्र के देवदार की खुशबू की महक में खूबसूरत साफ समुद्र तट और पाइन ग्रोव्स हैं। कई होटलों में आधुनिक थैलासोथेरेपी केंद्र हैं।
हम्मामेट ट्यूनीशिया की पर्यटन राजधानी है। शहर बाकी की तुलना में अधिक यूरोपीय है, होटल के कर्मचारी धाराप्रवाह अंग्रेजी और रूसी बोलते हैं। प्रत्येक होटल में एक बाल चिकित्सा केंद्र और स्पा है। वहाँ कोई हलचल, हलचल, बहुत सारी हरियाली, नारंगी और जैतून के पेड़ नहीं हैं। दर्शनीय स्थलों में से, आपको निश्चित रूप से मदीना जाना चाहिए, जहां सबसे पुराना पूर्वी बाजार स्थित है।
Djerba द्वीप - सबसे लोकप्रिय छुट्टी गंतव्यबच्चों को जगह। यह द्वीप एक रोमन सड़क मार्ग से मुख्य भूमि से जुड़ा हुआ है और खजूर और जैतून के पेड़ों की अंतहीन पंक्तियों से ढंका है। समुद्र तट ठीक साफ रेत के साथ कवर किए गए हैं, और गर्म समुद्र का प्रवेश द्वार बच्चों के लिए भी कोमल और सुरक्षित है।
बच्चों को सुंदर गुलाबी राजहंस पसंद आएगा, जबकि वयस्क समृद्ध समुद्री भोजन और तेजस्वी स्थानीय मदिरा की सराहना करेंगे।
महदिया - ट्यूनीशिया का सबसे दक्षिणी सहारा। यह मोती की अच्छी तरह से तैयार समुद्र तटों और साफ समुद्र के साथ एक शांत जगह है। शहर में एक सुंदर पुराना किला है और एक संरक्षित समुद्र के गेट के साथ एक प्राचीन शहर के खंडहर हैं।
तबारक - एक सुरम्य स्थान स्थित हैअल्जीरियाई सीमा के पास। देवदार के पेड़ों और ओक के जंगलों और चट्टानों से ढंके पन्ना की पहाड़ियों के लिए "अफ्रीकी स्विटजरलैंड" कहा जाता है जो बर्फ-सफेद समुद्र तटों के स्ट्रिप्स को काटता है।
ट्यूनीशिया में आराम करने के लिए यह सबसे अच्छी जगहों में से एक है।गोताखोर उत्साही। यहां नीचे चट्टानी है और पानी बड़ी गहराई पर भी साफ है। इस क्षेत्र में मछली पकड़ने की मनाही है, और गहरे समुद्र में आप बड़ी संख्या में विविध जानवरों को देख सकते हैं।
बेहतरीन गोल्फ कोर्स हैं और आप पहाड़ों में पैदल जा सकते हैं। शाम में, आप मछली रेस्तरां में उत्कृष्ट रात्रिभोज का आनंद ले सकते हैं और खुले एम्फ़िथिएटर्स में शो देख सकते हैं।
सुंदर के पारखी के लिएः "मुस्लिम स्पेन"
सबसे सुंदर और असामान्य जगह कहाँ हैट्यूनीशिया में आराम? सिदी-बू-सईद का दौरा करने वाले समीक्षाओं का कहना है कि यह यहाँ है कि कोई हमेशा के लिए जीवित रहना चाहता है, यह अंडालूसी बस्ती इतनी आकर्षक है। शहर के सभी पुराने घरों को सफेद और नीले रंग में रंगा गया है, और निवासियों को अपनी उपस्थिति बदलने की अनुमति नहीं है।
कलाकारों के लिए, यह एक वास्तविक स्वर्ग है, उन्होंने यहां काम किया।कई हस्तियों और ऐतिहासिक फिल्मों की शूटिंग की गई। बस्ती का हर बीसवां निवासी खुद को एक चित्रकार के रूप में पहचानता है, वे घरों के उज्ज्वल रंगों और दूर के कार्थेज, पहाड़ के साथ खाड़ी और भव्य दृश्यों से बहुत दृढ़ता से प्रेरित हैं।
| अफ्रीका के पर्ल जहां ट्यूनीशिया में आराम करना बेहतर है? ट्यूनीशिया अफ्रीका का एक वास्तविक मोती है। यह युवा लोगों, छोटे बच्चों और बुजुर्गों वाले परिवारों द्वारा मनोरंजन के लिए चुना जाता है। लेकिन युवा लोगों की ज़रूरतें पुरानी पीढ़ी की अपेक्षाओं से पूरी तरह अलग हैं। यात्रा को सुखद बनाने के लिए ट्यूनीशिया में आराम करने के लिए कहां जाएं? आत्मा के लिए जगह चुनना आवश्यक है, खासकर जब से इस अफ्रीकी देश में पर्यटकों को पेश करने के लिए कुछ है। सॉसे और पोर्ट एल कांटौई दो ऐसे स्थान हैं, जहां ट्यूनीशिया में हंसमुख युवा पार्टी के लिए आराम करना बेहतर है। वे एक दूसरे के करीब हैं और नाइटलाइफ़ के मान्यता प्राप्त केंद्र हैं। एक उज्ज्वल शोर आराम के लिए सब कुछ हैः बार, डिस्को, कैसीनो, नाटकीय प्रदर्शन, नृत्य शो। इस जगह का पर्यटन ढांचा एक हैदेश में सबसे अच्छा। पोर्ट एल कांटौई में आप टेनिस खेल सकते हैं और राइडिंग सबक ले सकते हैं, यहां कई जल गतिविधियां भी प्रस्तुत की जाती हैंः विंडसर्फिंग, वाटर स्कीइंग और इतने पर। यहाँ तट पर एकमात्र जल पार्क और एक विशाल वनस्पति उद्यान है। ट्यूनीशिया गामर्थ का उपनगर होटल के साथ बनाया गया हैउच्च स्तर की सेवा के साथ लक्जरी विला। यह ठीक उसी जगह है जहां ट्यूनीशिया में धन और समझदार स्वाद वाले लोगों के लिए आराम करना बेहतर है। यहाँ, समुद्र के देवदार की खुशबू की महक में खूबसूरत साफ समुद्र तट और पाइन ग्रोव्स हैं। कई होटलों में आधुनिक थैलासोथेरेपी केंद्र हैं। हम्मामेट ट्यूनीशिया की पर्यटन राजधानी है। शहर बाकी की तुलना में अधिक यूरोपीय है, होटल के कर्मचारी धाराप्रवाह अंग्रेजी और रूसी बोलते हैं। प्रत्येक होटल में एक बाल चिकित्सा केंद्र और स्पा है। वहाँ कोई हलचल, हलचल, बहुत सारी हरियाली, नारंगी और जैतून के पेड़ नहीं हैं। दर्शनीय स्थलों में से, आपको निश्चित रूप से मदीना जाना चाहिए, जहां सबसे पुराना पूर्वी बाजार स्थित है। Djerba द्वीप - सबसे लोकप्रिय छुट्टी गंतव्यबच्चों को जगह। यह द्वीप एक रोमन सड़क मार्ग से मुख्य भूमि से जुड़ा हुआ है और खजूर और जैतून के पेड़ों की अंतहीन पंक्तियों से ढंका है। समुद्र तट ठीक साफ रेत के साथ कवर किए गए हैं, और गर्म समुद्र का प्रवेश द्वार बच्चों के लिए भी कोमल और सुरक्षित है। बच्चों को सुंदर गुलाबी राजहंस पसंद आएगा, जबकि वयस्क समृद्ध समुद्री भोजन और तेजस्वी स्थानीय मदिरा की सराहना करेंगे। महदिया - ट्यूनीशिया का सबसे दक्षिणी सहारा। यह मोती की अच्छी तरह से तैयार समुद्र तटों और साफ समुद्र के साथ एक शांत जगह है। शहर में एक सुंदर पुराना किला है और एक संरक्षित समुद्र के गेट के साथ एक प्राचीन शहर के खंडहर हैं। तबारक - एक सुरम्य स्थान स्थित हैअल्जीरियाई सीमा के पास। देवदार के पेड़ों और ओक के जंगलों और चट्टानों से ढंके पन्ना की पहाड़ियों के लिए "अफ्रीकी स्विटजरलैंड" कहा जाता है जो बर्फ-सफेद समुद्र तटों के स्ट्रिप्स को काटता है। ट्यूनीशिया में आराम करने के लिए यह सबसे अच्छी जगहों में से एक है।गोताखोर उत्साही। यहां नीचे चट्टानी है और पानी बड़ी गहराई पर भी साफ है। इस क्षेत्र में मछली पकड़ने की मनाही है, और गहरे समुद्र में आप बड़ी संख्या में विविध जानवरों को देख सकते हैं। बेहतरीन गोल्फ कोर्स हैं और आप पहाड़ों में पैदल जा सकते हैं। शाम में, आप मछली रेस्तरां में उत्कृष्ट रात्रिभोज का आनंद ले सकते हैं और खुले एम्फ़िथिएटर्स में शो देख सकते हैं। सुंदर के पारखी के लिएः "मुस्लिम स्पेन" सबसे सुंदर और असामान्य जगह कहाँ हैट्यूनीशिया में आराम? सिदी-बू-सईद का दौरा करने वाले समीक्षाओं का कहना है कि यह यहाँ है कि कोई हमेशा के लिए जीवित रहना चाहता है, यह अंडालूसी बस्ती इतनी आकर्षक है। शहर के सभी पुराने घरों को सफेद और नीले रंग में रंगा गया है, और निवासियों को अपनी उपस्थिति बदलने की अनुमति नहीं है। कलाकारों के लिए, यह एक वास्तविक स्वर्ग है, उन्होंने यहां काम किया।कई हस्तियों और ऐतिहासिक फिल्मों की शूटिंग की गई। बस्ती का हर बीसवां निवासी खुद को एक चित्रकार के रूप में पहचानता है, वे घरों के उज्ज्वल रंगों और दूर के कार्थेज, पहाड़ के साथ खाड़ी और भव्य दृश्यों से बहुत दृढ़ता से प्रेरित हैं। |
राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (नेशनल बुक ट्रस्ट - एनबीटी) में कई पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इसके लिए विज्ञापन जारी किया गया है।
पदों का विवरणः लोअर डिविजनल क्लर्क (एलडीसी)
आयु सीमाः न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 25 वर्ष निर्धारित की गई है।
शैक्षणिक योग्यताः मान्यताप्राप्त बोर्ड से 10वीं पास अनिवार्य। साथ ही 25 शब्द प्रति मिनट की गति से हिंदी टाइपिंग या 30 शब्द प्रति मिनट की गति से इंग्लिश टाइपिंग जरूरी।
ऐसे करें आवेदनः संबंधित वेबसाइट से आवेदन पत्र को डाउनलोड कर उसे भरें। पूर्णरूप से भरे हुए आवेदन पत्र को उम्मीदवार सभी वांछित दस्तावेजों के साथ 'असिस्टेंट डायरेक्टर (इस्टैबलिस्टमेंट) नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया, नेहरू भवन, 5 इंस्टीट्यूशनल एरिया फेज-2, वसंत कुंज, नई दिल्ली-110070' के पते पर भेज दें।
| राष्ट्रीय पुस्तक न्यास में कई पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इसके लिए विज्ञापन जारी किया गया है। पदों का विवरणः लोअर डिविजनल क्लर्क आयु सीमाः न्यूनतम अट्ठारह वर्ष और अधिकतम पच्चीस वर्ष निर्धारित की गई है। शैक्षणिक योग्यताः मान्यताप्राप्त बोर्ड से दसवीं पास अनिवार्य। साथ ही पच्चीस शब्द प्रति मिनट की गति से हिंदी टाइपिंग या तीस शब्द प्रति मिनट की गति से इंग्लिश टाइपिंग जरूरी। ऐसे करें आवेदनः संबंधित वेबसाइट से आवेदन पत्र को डाउनलोड कर उसे भरें। पूर्णरूप से भरे हुए आवेदन पत्र को उम्मीदवार सभी वांछित दस्तावेजों के साथ 'असिस्टेंट डायरेक्टर नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया, नेहरू भवन, पाँच इंस्टीट्यूशनल एरिया फेज-दो, वसंत कुंज, नई दिल्ली-एक लाख दस हज़ार सत्तर' के पते पर भेज दें। |
मुंबई,(भाषा)। इंग्लैंड के क्रिकेटरों को अगले सप्ताह ही पता चलेगा कि उन्हें भारत के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला से पहले तीन अभ्यास मैच किसके खिलाफ खेलने हैं। क्रिकेट बोर्ड के सूत्रों ने पीटीआई से कहा, सब कुछ 25 अक्तूबर को पता चलेगा। इंग्लैंड की टीम 29 अक्तूबर को दुबई से मुंबई पहुंचेगी और अपना पहला अभ्यास मैच 30 अक्तूबर से एक नवंबर तक क्रिकेट क्लब आफ इंडिया के ब्रेबोर्न स्टेडियम में खेलेगी। दूसरा अभ्यास मैच तीन से पांच नवंबर के बीच नवी मुंबई के डी वाई पाटिल स्टेडियम में खेला जाएगा। तीसरा और आखिरी अभ्यास मैच चार दिन का होगा जो अहमदाबाद में आ से 11 नवंबर के बीच खेला जाएगा। इसके बाद पहला टेस्ट मैच मोटेरा में 15 से 19 नवंबर के बीच खेला जाएगा। अन्य तीन टेस्ट मैच मुंबई (23 से 27 नवंबर), कोलकाता (पांच से नौ नवंबर) और नागपुर (13 से 17 दिसंबर) में खेले जाएंगे। सूत्रों के अनुसार पहले दो अभ्यास मैच भारत ए के खिलाफ खेले जा सकते हैं जबकि तीसरा मैच में बोर्ड अध्यक्ष एकादश के खिलाफ होगा।
| मुंबई,। इंग्लैंड के क्रिकेटरों को अगले सप्ताह ही पता चलेगा कि उन्हें भारत के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला से पहले तीन अभ्यास मैच किसके खिलाफ खेलने हैं। क्रिकेट बोर्ड के सूत्रों ने पीटीआई से कहा, सब कुछ पच्चीस अक्तूबर को पता चलेगा। इंग्लैंड की टीम उनतीस अक्तूबर को दुबई से मुंबई पहुंचेगी और अपना पहला अभ्यास मैच तीस अक्तूबर से एक नवंबर तक क्रिकेट क्लब आफ इंडिया के ब्रेबोर्न स्टेडियम में खेलेगी। दूसरा अभ्यास मैच तीन से पांच नवंबर के बीच नवी मुंबई के डी वाई पाटिल स्टेडियम में खेला जाएगा। तीसरा और आखिरी अभ्यास मैच चार दिन का होगा जो अहमदाबाद में आ से ग्यारह नवंबर के बीच खेला जाएगा। इसके बाद पहला टेस्ट मैच मोटेरा में पंद्रह से उन्नीस नवंबर के बीच खेला जाएगा। अन्य तीन टेस्ट मैच मुंबई , कोलकाता और नागपुर में खेले जाएंगे। सूत्रों के अनुसार पहले दो अभ्यास मैच भारत ए के खिलाफ खेले जा सकते हैं जबकि तीसरा मैच में बोर्ड अध्यक्ष एकादश के खिलाफ होगा। |
कोटे की मांग को लेकर जारी जाटों के हिंसक प्रदर्शन पर हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने आज साफ तौर पर कहा कि "भीड़" से बात नहीं की जा सकती और राज्य सरकार के साथ परस्पर संवाद के लिए उन्हें एक समिति गठित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आंदोलन नेतृत्वहीन है जिसमें "भीड़तंत्र" प्रबल है।
मंत्री ने कहा, "इस वक्त, चल रहा आंदोलन नेतृत्वहीन बन गया है। यह भीड़तंत्र (भीड़ का शासन) के समान हो गया है। सरकार के साथ बातचीत के लिए जाटों को तत्काल एक समिति का गठन करना चाहिए। भीड़ के साथ हमलोग बात नहीं कर सकते हैं। " जाट अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) कोटा के तहत नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण की मांग कर रहे हैं और खट्टर सरकार की ओर से हाल में दिए गए विशिष्ट पिछड़ा वर्ग कोटा को उन्होंने खारिज कर दिया।
विज ने कहा कि भाजपा सरकार जाटों को ओबीसी कोटा देने के लिए प्रतिबद्ध हैविज ने मीडिया को बताया, "हमारी सरकार चाहे वह राज्य की हो या केंद्र की, वह जाटोें को ओबीसी कोटा देने के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन अब फैसला जाटों को करना है कि वे हमें समय देना चाहते हैं या नहीं ताकि हमलोग कुछ ठोस लेकर आ सकें जिसे कि बाद में अदालतें खारिज नहीं करें। " उन्होंने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने जाटों और अन्य चार जातियों को विशिष्ट पिछड़ा वर्ग (एसबीसी) कोटा में शामिल किया था। लेकिन, बाद में इसे अदालतों ने खारिज कर दिया।
| कोटे की मांग को लेकर जारी जाटों के हिंसक प्रदर्शन पर हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने आज साफ तौर पर कहा कि "भीड़" से बात नहीं की जा सकती और राज्य सरकार के साथ परस्पर संवाद के लिए उन्हें एक समिति गठित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आंदोलन नेतृत्वहीन है जिसमें "भीड़तंत्र" प्रबल है। मंत्री ने कहा, "इस वक्त, चल रहा आंदोलन नेतृत्वहीन बन गया है। यह भीड़तंत्र के समान हो गया है। सरकार के साथ बातचीत के लिए जाटों को तत्काल एक समिति का गठन करना चाहिए। भीड़ के साथ हमलोग बात नहीं कर सकते हैं। " जाट अन्य पिछड़ा वर्ग कोटा के तहत नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण की मांग कर रहे हैं और खट्टर सरकार की ओर से हाल में दिए गए विशिष्ट पिछड़ा वर्ग कोटा को उन्होंने खारिज कर दिया। विज ने कहा कि भाजपा सरकार जाटों को ओबीसी कोटा देने के लिए प्रतिबद्ध हैविज ने मीडिया को बताया, "हमारी सरकार चाहे वह राज्य की हो या केंद्र की, वह जाटोें को ओबीसी कोटा देने के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन अब फैसला जाटों को करना है कि वे हमें समय देना चाहते हैं या नहीं ताकि हमलोग कुछ ठोस लेकर आ सकें जिसे कि बाद में अदालतें खारिज नहीं करें। " उन्होंने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने जाटों और अन्य चार जातियों को विशिष्ट पिछड़ा वर्ग कोटा में शामिल किया था। लेकिन, बाद में इसे अदालतों ने खारिज कर दिया। |
महासमुंद. छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव को लेकर चुनावी जंग शुरू हो चुकी है. महासमुंद क्षेत्र के चुनावी मुद्दे और जनता का मूड जानने स्वराज एक्सप्रेस की टीम जिला मुख्यालय महासमुंद पहुंच चुकी है. जिसका प्रसारण महासमुंद के लोहिया चौक से किया जायेगा. 'सत्ता का संग्राम' सिर्फ लल्लूराम डॉट कॉम व स्वराज एक्सप्रेस पर.
राजनीतिक गलियारों में इसे स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण और देश की दशा और दिशा बदलने वाला चुनाव बताया जा रहा है. इस चुनावी महासमर में जहां एक तरफ भाजपा नीत एनडीए है, तो दूसरी ओर कांग्रेस नीत यूपीए महागठबंधन के तौर पर सत्ता हासिल करने जोर आजमाइश कर रहे हैं.
इस कार्यक्रम में सार्थक टीएमटी के साथ लल्लूराम डॉट कॉम की सहयोगी संस्था स्वराज एक्सप्रेस, आरती ग्रुप, आईएसबीएम यूनिवर्सिटी, जोफ स्पाइसेस, ट्रेवल पार्टनर व्यास ट्रेवल्स, हॉस्पिटल पार्टनर श्री बालाजी सुपर स्पेशियालिटी हॉस्पिटल, फायर सल्यूशन पार्टनर सेफ प्रो इवेंट पार्टनर हैं.
लोकसभा का क्षेत्र महासमुंद, गरियाबंद और धमतरी तीन जिलों में फैला हुआ है. सरायपाली, बसना, खल्लारी और महासमुंद चार विधानसभा क्षेत्र जहां महासमुंद जिले में पड़ते हैं वहीं राजिम और बिन्द्रानवागढ़ गरियाबंद ज़िले में. जबकि, कुरुद और विधानसभा सीट धमतरी ज़िले में पड़ती हैं. महासमुंद लोकसभा क्षेत्र में 8 विधानसभा की सीटें हैं. इनमें कांग्रेस के पास 5 सीटें हैं सरायपाली, बसना, खल्लारी, महासमुंद और राजिम. वहीं, बीजेपी के पास 3 विधानसभा की सीट हैं. ये हैं बिन्द्रानवागढ़, कुरुद और धमतरी की है .
| महासमुंद. छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव को लेकर चुनावी जंग शुरू हो चुकी है. महासमुंद क्षेत्र के चुनावी मुद्दे और जनता का मूड जानने स्वराज एक्सप्रेस की टीम जिला मुख्यालय महासमुंद पहुंच चुकी है. जिसका प्रसारण महासमुंद के लोहिया चौक से किया जायेगा. 'सत्ता का संग्राम' सिर्फ लल्लूराम डॉट कॉम व स्वराज एक्सप्रेस पर. राजनीतिक गलियारों में इसे स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण और देश की दशा और दिशा बदलने वाला चुनाव बताया जा रहा है. इस चुनावी महासमर में जहां एक तरफ भाजपा नीत एनडीए है, तो दूसरी ओर कांग्रेस नीत यूपीए महागठबंधन के तौर पर सत्ता हासिल करने जोर आजमाइश कर रहे हैं. इस कार्यक्रम में सार्थक टीएमटी के साथ लल्लूराम डॉट कॉम की सहयोगी संस्था स्वराज एक्सप्रेस, आरती ग्रुप, आईएसबीएम यूनिवर्सिटी, जोफ स्पाइसेस, ट्रेवल पार्टनर व्यास ट्रेवल्स, हॉस्पिटल पार्टनर श्री बालाजी सुपर स्पेशियालिटी हॉस्पिटल, फायर सल्यूशन पार्टनर सेफ प्रो इवेंट पार्टनर हैं. लोकसभा का क्षेत्र महासमुंद, गरियाबंद और धमतरी तीन जिलों में फैला हुआ है. सरायपाली, बसना, खल्लारी और महासमुंद चार विधानसभा क्षेत्र जहां महासमुंद जिले में पड़ते हैं वहीं राजिम और बिन्द्रानवागढ़ गरियाबंद ज़िले में. जबकि, कुरुद और विधानसभा सीट धमतरी ज़िले में पड़ती हैं. महासमुंद लोकसभा क्षेत्र में आठ विधानसभा की सीटें हैं. इनमें कांग्रेस के पास पाँच सीटें हैं सरायपाली, बसना, खल्लारी, महासमुंद और राजिम. वहीं, बीजेपी के पास तीन विधानसभा की सीट हैं. ये हैं बिन्द्रानवागढ़, कुरुद और धमतरी की है . |
American, Brave जैसे शब्दों का ना करें यूज, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने लगाया बैन, मगर क्यों?
Stanford University ने एक लैंग्वेज गाइड यानी कि भाषा को लेकर एक गाइड जारी की है. इसमें कई तरह के शब्दों पर बैन लगा दिया गया है.
अमेरिका की प्रतिष्ठित स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी विवादों में घिर गई है. कैलिफोर्निया में स्थित इस यूनिवर्सिटी ने हाल ही में एक लैंग्वेज गाइड यानी कि भाषा को लेकर एक गाइड जारी की है, जिसमें ये बताया गया है कि किन शब्दों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए. Stanford University ने अपनी इस गाइड में American (अमेरिकी), Brave (बहादुर) जैसे शब्दों पर बैन लगा दिया है. यूनिवर्सिटी का कहना है कि ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए. यही वजह है कि अब लोग इस लैंग्वेज गाइड या कहें लिस्ट को लेकर स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी पर सवाल उठा रहे हैं.
दरअसल, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने इस साल Elimination of Harmful Language Initiative (EHLI) नाम से एक प्रोग्राम की शुरुआत की. इसके लिए मई में एक वेबसाइट लॉन्च की गई. वेबसाइट के मुताबिक, इसका काम उन नुकसान पहुंचाने वाले शब्दों का पता लगाना और उन्हें सुधारना था, जिसे बोलने से सामने वाले को दुख पहुंचता है. यूनिवर्सिटी का मकसद था कि वह ऑनलाइन या स्टैनफोर्ड कोड में किसी भी तरह के नुकसान पहुंचाने वाले शब्दों का पता लगाए और उसे ठीक करे.
लैंग्वेज गाइड में क्या कहा गया?
दरअसल, EHLI साइट में नुकसान पहुंचाने या दुख देने वाले शब्दों की जानकारी थी. इसका एक उदाहरण भी दिया गया और बताया गया कि किस तरह से इसका इस्तेमाल बिना किसी को दुखी किया जा सकता है. कहा गया कि लोगों को किसी भी अमेरिका व्यक्ति को American नहीं कहना चाहिए, बल्कि इसकी वजह उसे US citizen कहना चाहिए.
US citizen शब्द का इस्तेमाल करने का मतलब है कि वह व्यक्ति संयुक्त राज्य अमेरिका में रहता है. हालांकि, जब आप American कहते हैं, तो इसका मतलब है कि आप उन 42 देशों के संदर्भ में बात कर रहे हैं, जो उत्तर और दक्षिण अमेरिका में शामिल हैं.
एक अन्य उदाहरण में कहा गया कि survivor (किसी घटना में बचने वाला व्यक्ति) और victim (किसी घटना का पीड़ित व्यक्ति) दोनों ही शब्दों की जगह हमें person who has experienced (वो व्यक्ति जिसने घटना का अनुभव किया है) या person who has been impacted by (घटना की वजह से प्रभावित) का इस्तेमाल करना चाहिए.
हालांकि, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी का ये आइडिया लोगों को खासा पसंद नहीं आया है. लोगों ने इसकी आलोचना की है. वॉल स्ट्रीट जर्नल के एडिटोरियल में लिखा गया है कि खुद को अब अमेरिकी मत कहिए, इसके बजाय खुद को अमेरिका का नागरिक कहिए. ये पूरी तरह से एक खराब स्टडी है.
| American, Brave जैसे शब्दों का ना करें यूज, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने लगाया बैन, मगर क्यों? Stanford University ने एक लैंग्वेज गाइड यानी कि भाषा को लेकर एक गाइड जारी की है. इसमें कई तरह के शब्दों पर बैन लगा दिया गया है. अमेरिका की प्रतिष्ठित स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी विवादों में घिर गई है. कैलिफोर्निया में स्थित इस यूनिवर्सिटी ने हाल ही में एक लैंग्वेज गाइड यानी कि भाषा को लेकर एक गाइड जारी की है, जिसमें ये बताया गया है कि किन शब्दों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए. Stanford University ने अपनी इस गाइड में American , Brave जैसे शब्दों पर बैन लगा दिया है. यूनिवर्सिटी का कहना है कि ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए. यही वजह है कि अब लोग इस लैंग्वेज गाइड या कहें लिस्ट को लेकर स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी पर सवाल उठा रहे हैं. दरअसल, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने इस साल Elimination of Harmful Language Initiative नाम से एक प्रोग्राम की शुरुआत की. इसके लिए मई में एक वेबसाइट लॉन्च की गई. वेबसाइट के मुताबिक, इसका काम उन नुकसान पहुंचाने वाले शब्दों का पता लगाना और उन्हें सुधारना था, जिसे बोलने से सामने वाले को दुख पहुंचता है. यूनिवर्सिटी का मकसद था कि वह ऑनलाइन या स्टैनफोर्ड कोड में किसी भी तरह के नुकसान पहुंचाने वाले शब्दों का पता लगाए और उसे ठीक करे. लैंग्वेज गाइड में क्या कहा गया? दरअसल, EHLI साइट में नुकसान पहुंचाने या दुख देने वाले शब्दों की जानकारी थी. इसका एक उदाहरण भी दिया गया और बताया गया कि किस तरह से इसका इस्तेमाल बिना किसी को दुखी किया जा सकता है. कहा गया कि लोगों को किसी भी अमेरिका व्यक्ति को American नहीं कहना चाहिए, बल्कि इसकी वजह उसे US citizen कहना चाहिए. US citizen शब्द का इस्तेमाल करने का मतलब है कि वह व्यक्ति संयुक्त राज्य अमेरिका में रहता है. हालांकि, जब आप American कहते हैं, तो इसका मतलब है कि आप उन बयालीस देशों के संदर्भ में बात कर रहे हैं, जो उत्तर और दक्षिण अमेरिका में शामिल हैं. एक अन्य उदाहरण में कहा गया कि survivor और victim दोनों ही शब्दों की जगह हमें person who has experienced या person who has been impacted by का इस्तेमाल करना चाहिए. हालांकि, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी का ये आइडिया लोगों को खासा पसंद नहीं आया है. लोगों ने इसकी आलोचना की है. वॉल स्ट्रीट जर्नल के एडिटोरियल में लिखा गया है कि खुद को अब अमेरिकी मत कहिए, इसके बजाय खुद को अमेरिका का नागरिक कहिए. ये पूरी तरह से एक खराब स्टडी है. |
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इसी को देखते हुए कांग्रेस ने अपनी प्रदेश चुनाव समिति की घोषणा की है। अजय कुमार लल्लू को इस समिति का अध्यक्ष चुना गया है। उनके अलावा समिति में वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद, राजीव शुक्ला, पीएल पुनिया, आरपीएन सिंह और राशिद अल्वी को भी जगह दी गई है। इस समिति पर चुनाव की तैयारियों और प्रत्याशियों के चयन की जिम्मेदारी होगी। बता दें कि कांग्रेस यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है। इसी क्रम में पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने 38 सदस्यीय चुनाव समिति की घोषणा की। इस समिति में युवा चेहरों के साथ ही वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को भी जगह दी गई है। कांग्रेस यूपी चुनाव को लेकर अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है। कांग्रेस प्रदेश के अलग-अलग जिलों में प्रदर्शन कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू का कहना है कि पार्टी पूरी क्षमता के साथ चुनाव लड़ेगी। समिति में आराधना मोना मिश्रा, मोहसिना किदवई, सलमान खुर्शीद, निर्मल खत्री, प्रमोद तिवारी, राजीव शुक्ला, पी एल पुनिया, आरपीएन सिंह, विवेक बंसल, प्रदीप जैन आदित्य, प्रदीप माथुर, राजाराम पाल, राजेश मिश्रा, राकेश सचान, बेगम नूर बानो, जफर अली नकवी, हरेन्द्र मलिक, राशिद अल्वी, मोहम्मद मुकीम, नसीमुद्दीन सिद्दीकी, आचार्य प्रमोद कृष्णम, विभाकर शास्त्री, रंजीत सिंह जुदेव, अनुग्रह नारायण सिंह, विनोद चतुर्वेदी, अजय राय, अजय कपूर, संजय कपूर, इमरान मसूद सहित कई लोग शामिल हैं।
| लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इसी को देखते हुए कांग्रेस ने अपनी प्रदेश चुनाव समिति की घोषणा की है। अजय कुमार लल्लू को इस समिति का अध्यक्ष चुना गया है। उनके अलावा समिति में वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद, राजीव शुक्ला, पीएल पुनिया, आरपीएन सिंह और राशिद अल्वी को भी जगह दी गई है। इस समिति पर चुनाव की तैयारियों और प्रत्याशियों के चयन की जिम्मेदारी होगी। बता दें कि कांग्रेस यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है। इसी क्रम में पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने अड़तीस सदस्यीय चुनाव समिति की घोषणा की। इस समिति में युवा चेहरों के साथ ही वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को भी जगह दी गई है। कांग्रेस यूपी चुनाव को लेकर अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है। कांग्रेस प्रदेश के अलग-अलग जिलों में प्रदर्शन कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू का कहना है कि पार्टी पूरी क्षमता के साथ चुनाव लड़ेगी। समिति में आराधना मोना मिश्रा, मोहसिना किदवई, सलमान खुर्शीद, निर्मल खत्री, प्रमोद तिवारी, राजीव शुक्ला, पी एल पुनिया, आरपीएन सिंह, विवेक बंसल, प्रदीप जैन आदित्य, प्रदीप माथुर, राजाराम पाल, राजेश मिश्रा, राकेश सचान, बेगम नूर बानो, जफर अली नकवी, हरेन्द्र मलिक, राशिद अल्वी, मोहम्मद मुकीम, नसीमुद्दीन सिद्दीकी, आचार्य प्रमोद कृष्णम, विभाकर शास्त्री, रंजीत सिंह जुदेव, अनुग्रह नारायण सिंह, विनोद चतुर्वेदी, अजय राय, अजय कपूर, संजय कपूर, इमरान मसूद सहित कई लोग शामिल हैं। |
संयुक्त राष्ट्रः संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने पाकिस्तान के क्वेटा शहर के एक पुलिस अकादमी पर हुये आतंकी हमले की निंदा की और हिंसा के इस घृणित कृत्य को अंजाम देने वाले अपराधियों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाने का आह्वान किया। अपने कार्यालय से कल जारी एक बयान में बान ने कहा कि वह उस हमले की निंदा करते हैं जिसमें कम से कम 61 लोग मारे गये और 100 से अधिक लोग घायल हो गये। मृतकों में अधिकतर कैडेट थे।
बान ने हिंसा के इस घृणित कृत्य को अंजाम देने वाले अपराधियों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाने की जरूरत पर बल दिया। बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा राष्ट्रीय राजधानी इस्लामाबाद से करीब 920 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है जहां आए दिन हिंसक हमले होते रहे हैं। अगस्त में क्वेटा सिविल अस्पताल में एक आतंकवादी बम विस्फोट में 70 से अधिक लोग मारे गये थे। यह विस्फोट तब किया गया था जब बड़ी संख्या में वकील अपने एक जाने माने सहयोगी के निधन पर शोक में एकत्र हुए थे।
जनवरी में, शहर के एक पोलियो उन्मूलन केंद्र को निशाना बनाकर किये गये आत्मघाती हमले में 15 लोग मारे गये थे और करीब 25 लोग घायल हो गये थे। महासचिव ने हमले के शिकार लोगों के परिवार, पाकिस्तान की सरकार और जनता के प्रति संवेदना प्रकट की।
| संयुक्त राष्ट्रः संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने पाकिस्तान के क्वेटा शहर के एक पुलिस अकादमी पर हुये आतंकी हमले की निंदा की और हिंसा के इस घृणित कृत्य को अंजाम देने वाले अपराधियों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाने का आह्वान किया। अपने कार्यालय से कल जारी एक बयान में बान ने कहा कि वह उस हमले की निंदा करते हैं जिसमें कम से कम इकसठ लोग मारे गये और एक सौ से अधिक लोग घायल हो गये। मृतकों में अधिकतर कैडेट थे। बान ने हिंसा के इस घृणित कृत्य को अंजाम देने वाले अपराधियों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाने की जरूरत पर बल दिया। बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा राष्ट्रीय राजधानी इस्लामाबाद से करीब नौ सौ बीस किलोग्राममीटर की दूरी पर स्थित है जहां आए दिन हिंसक हमले होते रहे हैं। अगस्त में क्वेटा सिविल अस्पताल में एक आतंकवादी बम विस्फोट में सत्तर से अधिक लोग मारे गये थे। यह विस्फोट तब किया गया था जब बड़ी संख्या में वकील अपने एक जाने माने सहयोगी के निधन पर शोक में एकत्र हुए थे। जनवरी में, शहर के एक पोलियो उन्मूलन केंद्र को निशाना बनाकर किये गये आत्मघाती हमले में पंद्रह लोग मारे गये थे और करीब पच्चीस लोग घायल हो गये थे। महासचिव ने हमले के शिकार लोगों के परिवार, पाकिस्तान की सरकार और जनता के प्रति संवेदना प्रकट की। |
आलिया भट्ट ने मिनी ड्रेस में कराया फोटोशूट, फोटोज़ ने बढ़ाया इंटरनेट का तापमान By हर्ष वर्धन मिश्रा । Published: July 4, 2022 12:37 PM2022-07-04T12:37:41+5:302022-07-04T12:41:51+5:30Next बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर अपने लेटेस्ट फोटोशूट की तस्वीरे शेयर की हैं। (फोटोः इंस्टाग्राम) इन तस्वीरों में आलिया ने पिंक और रेड फ्लोरल का आउटफिट पहने दिख रही हैं। (फोटोः इंस्टाग्राम) आलिया ने अपनी ड्रेस के साथ मैचिंग हील्स पहनी हुई है, और अपने बालों को खुला रखा हैं। (फोटोः इंस्टाग्राम) आलिया भट्ट की ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं। (फोटोः इंस्टाग्राम) आलिया भट्ट इन तस्वीरों में छोटी और टाइट ड्रेस पहनकर किलर पोज देती हुई दिखाई दे रही हैं। (फोटोः इंस्टाग्राम) हाल ही में आलिया ने अपनी प्रेग्नेंसी की खबर सोशल मीडिया पर शेयर की थी। (फोटोः इंस्टाग्राम) आलिया भट्ट और रणबीर कपूर ने पांच साल तक डेटिंग करने के बाद 14 अप्रैल को शादी के बंधन में बंध गए थे। (फोटोः इंस्टाग्राम)टॅग्स :आलिया भट्टबॉलीवुड अभिनेत्रीबॉलीवुड इंस्टा तड़काAlia Bhattbollywood actressBollywood Insta Tadkaशेअर :
| आलिया भट्ट ने मिनी ड्रेस में कराया फोटोशूट, फोटोज़ ने बढ़ाया इंटरनेट का तापमान By हर्ष वर्धन मिश्रा । Published: July चार, दो हज़ार बाईस बारह:सैंतीस PMचार जुलाई दो हज़ार बाईसTबारह:सैंतीस:इकतालीस+पाँच:तीसचार जुलाई दो हज़ार बाईसTबारह:इकतालीस:इक्यावन+पाँच:तीसNext बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर अपने लेटेस्ट फोटोशूट की तस्वीरे शेयर की हैं। इन तस्वीरों में आलिया ने पिंक और रेड फ्लोरल का आउटफिट पहने दिख रही हैं। आलिया ने अपनी ड्रेस के साथ मैचिंग हील्स पहनी हुई है, और अपने बालों को खुला रखा हैं। आलिया भट्ट की ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं। आलिया भट्ट इन तस्वीरों में छोटी और टाइट ड्रेस पहनकर किलर पोज देती हुई दिखाई दे रही हैं। हाल ही में आलिया ने अपनी प्रेग्नेंसी की खबर सोशल मीडिया पर शेयर की थी। आलिया भट्ट और रणबीर कपूर ने पांच साल तक डेटिंग करने के बाद चौदह अप्रैल को शादी के बंधन में बंध गए थे। टॅग्स :आलिया भट्टबॉलीवुड अभिनेत्रीबॉलीवुड इंस्टा तड़काAlia Bhattbollywood actressBollywood Insta Tadkaशेअर : |
सीरिया में आतंकवादी गुटों की पराजय और ईरान के बढ़ते प्रभाव से बौखलाहट का शिकार इस्राईल ने दमिश्क़ में राष्ट्रपति बशार असद के महल पर बमबारी करने की धमकी दे डाली।
सीरिया के बूकमाल शहर के नागरिकों ने ट्यूनीशियाई और सऊदी अरब के कई तकफ़ीरी आतंकवादियों को मौत के घाट उतार दिया है।
सीरिया में इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हिज़्बुल्लाह और सीरियाई सेना की बड़ी जीत इस्राईली मीडिया और ज़ायोनी शासन को हज़्म नहीं हो रही है और वह तकफ़ीरी आतंकवादी गुट दाइश की पराजय पर सीना पीट रहा है।
इराक़ के गृहमंत्री ने कहा है कि दाइश के विरुद्ध तलअफ़र में मिलने वाली सफलता, आशा के विपरीत थी।
सीरिया की सेना पूर्वी हुम्स प्रांत के सख़ना शहर के पूरब में स्थित चार गांवों पर नियंत्रण स्थापित करने में सफल रही है।
सीरिया के राष्ट्रपति बश्शार असद का कहना है कि जब तक सीरिया के युवाओं की जान और अंतर्रात्मा में प्रतिरोध की भावना पायी जाती रहेगी तब तक दुश्मनों की पराजय भी जारी रहेगी।
रिपोर्टों के अनुसार 3 से 4 हज़ार तक आतंकवादी गुट दाइश के तत्व रक्का नगर में मौजूद हैं।
फ़्रान्स के विदेश मंत्री ने कहा है कि पेरिस आतंकवाद से संघर्ष को प्राथमिकता देता है और उनका देश, सीरिया के राष्ट्रपति के भविष्य के बारे में कोई भी पूर्व शर्त नहीं रखेगा।
रूस के विदेशमंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने कहा है कि सीरिया की आस्ताना वार्ता के संरक्षक देश के रूप में ईरान, रूस और तुर्की, सीरिया के इदलिब चौथा सुरक्षित क्षेत्र बनाए जाने के प्रयास कर रहे हैं।
अमरीकी और सऊदी कूटनयिक सीरिया के विरोधियों को असद के राजनैतिक रोल को क़ुबूल करने पर बल दे रहे हैं।
| सीरिया में आतंकवादी गुटों की पराजय और ईरान के बढ़ते प्रभाव से बौखलाहट का शिकार इस्राईल ने दमिश्क़ में राष्ट्रपति बशार असद के महल पर बमबारी करने की धमकी दे डाली। सीरिया के बूकमाल शहर के नागरिकों ने ट्यूनीशियाई और सऊदी अरब के कई तकफ़ीरी आतंकवादियों को मौत के घाट उतार दिया है। सीरिया में इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हिज़्बुल्लाह और सीरियाई सेना की बड़ी जीत इस्राईली मीडिया और ज़ायोनी शासन को हज़्म नहीं हो रही है और वह तकफ़ीरी आतंकवादी गुट दाइश की पराजय पर सीना पीट रहा है। इराक़ के गृहमंत्री ने कहा है कि दाइश के विरुद्ध तलअफ़र में मिलने वाली सफलता, आशा के विपरीत थी। सीरिया की सेना पूर्वी हुम्स प्रांत के सख़ना शहर के पूरब में स्थित चार गांवों पर नियंत्रण स्थापित करने में सफल रही है। सीरिया के राष्ट्रपति बश्शार असद का कहना है कि जब तक सीरिया के युवाओं की जान और अंतर्रात्मा में प्रतिरोध की भावना पायी जाती रहेगी तब तक दुश्मनों की पराजय भी जारी रहेगी। रिपोर्टों के अनुसार तीन से चार हज़ार तक आतंकवादी गुट दाइश के तत्व रक्का नगर में मौजूद हैं। फ़्रान्स के विदेश मंत्री ने कहा है कि पेरिस आतंकवाद से संघर्ष को प्राथमिकता देता है और उनका देश, सीरिया के राष्ट्रपति के भविष्य के बारे में कोई भी पूर्व शर्त नहीं रखेगा। रूस के विदेशमंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने कहा है कि सीरिया की आस्ताना वार्ता के संरक्षक देश के रूप में ईरान, रूस और तुर्की, सीरिया के इदलिब चौथा सुरक्षित क्षेत्र बनाए जाने के प्रयास कर रहे हैं। अमरीकी और सऊदी कूटनयिक सीरिया के विरोधियों को असद के राजनैतिक रोल को क़ुबूल करने पर बल दे रहे हैं। |
मुकाबले का टॉस (Toss) हो चुका है. सिक्के से किस्मत आजमाने के बाद दोनों टीमों ने अपनी अपनी प्लेइंग इलेवन के भी पत्ते खोल दिए हैं.
भारत और श्रीलंका (India vs Sri Lanka) के बीच मोहाली टेस्ट (Mohali Test) शुरू होने वाले है. मुकाबले का टॉस (Toss) हो चुका है. सिक्के से किस्मत आजमाने के बाद दोनों टीमों ने अपनी अपनी प्लेइंग इलेवन के भी पत्ते खोल दिए हैं. भारत ने अपनी टीम में 5 गेंदबाजों को चुना है, जिसमें 3 स्पिनर शामिल हैं. रोहित शर्मा के लिए ये बतौर कप्तान पहला टेस्ट मैच होगा. वहीं श्रीलंकाई टीम का ये 300वां टेस्ट मैच है. ये विराट कोहली का 100वां टेस्ट भी है. टॉस जीतने के बाद कप्तान रोहित ने इसे विराट के लिए स्पेशल टेस्ट बताया और कहा कि कम ही खिलाड़ी 100 टेस्ट खेल पाते हैं.
मोहाली टेस्ट में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया है. यानी श्रीलंका की टीम पहले गेंदबाजी करेगी. भारत इस मैच में 3 स्पिनर और 2 तेज गेंदबाजों के साथ उतरा है.
Captain Rohit Sharma wins the toss and elects to bat first in the 1st Test.
A look at our Playing XI for the game.
श्रीलंका ने भारत में आज तक एक भी टेस्ट मैच नहीं जता है. इस दौरान खेले 20 टेस्ट में उसे 11 में हार मिली है. जबकि 9 टेस्ट ड्रॉ रहे हैं. ओवरऑल भी उसका रिकॉर्ड खराब है. दोनों देश ओवरऑल 44 बार भिड़े हैं, जिसमें 20 बार भारत जीता है और सिर्फ 7 बार श्रीलंका. वहीं 17 मुकाबला ड्रॉ हुए हैं. मोहाली में भारत ने अब तक खेले 13 टेस्ट में से 7 जीते हैं.
भारत और श्रीलंका के बीच पिछले 10 टेस्ट के आंकड़े देखेंगे तो भारत उसमें 7-1 से आगे हैं. यानी 7 मैच भारत ने जीत तो सिर्फ 1 टेस्ट श्रीलंका जीत सका. वहीं 2 टेस्ट दोनों टीमों के बीच ड्रॉ रहे हैं. मोहाली से रोहित शर्मा टेस्ट कप्तानी में डेब्यू कर रहे हैं.
| मुकाबले का टॉस हो चुका है. सिक्के से किस्मत आजमाने के बाद दोनों टीमों ने अपनी अपनी प्लेइंग इलेवन के भी पत्ते खोल दिए हैं. भारत और श्रीलंका के बीच मोहाली टेस्ट शुरू होने वाले है. मुकाबले का टॉस हो चुका है. सिक्के से किस्मत आजमाने के बाद दोनों टीमों ने अपनी अपनी प्लेइंग इलेवन के भी पत्ते खोल दिए हैं. भारत ने अपनी टीम में पाँच गेंदबाजों को चुना है, जिसमें तीन स्पिनर शामिल हैं. रोहित शर्मा के लिए ये बतौर कप्तान पहला टेस्ट मैच होगा. वहीं श्रीलंकाई टीम का ये तीन सौवां टेस्ट मैच है. ये विराट कोहली का एक सौवां टेस्ट भी है. टॉस जीतने के बाद कप्तान रोहित ने इसे विराट के लिए स्पेशल टेस्ट बताया और कहा कि कम ही खिलाड़ी एक सौ टेस्ट खेल पाते हैं. मोहाली टेस्ट में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया है. यानी श्रीलंका की टीम पहले गेंदबाजी करेगी. भारत इस मैच में तीन स्पिनर और दो तेज गेंदबाजों के साथ उतरा है. Captain Rohit Sharma wins the toss and elects to bat first in the एकst Test. A look at our Playing XI for the game. श्रीलंका ने भारत में आज तक एक भी टेस्ट मैच नहीं जता है. इस दौरान खेले बीस टेस्ट में उसे ग्यारह में हार मिली है. जबकि नौ टेस्ट ड्रॉ रहे हैं. ओवरऑल भी उसका रिकॉर्ड खराब है. दोनों देश ओवरऑल चौंतालीस बार भिड़े हैं, जिसमें बीस बार भारत जीता है और सिर्फ सात बार श्रीलंका. वहीं सत्रह मुकाबला ड्रॉ हुए हैं. मोहाली में भारत ने अब तक खेले तेरह टेस्ट में से सात जीते हैं. भारत और श्रीलंका के बीच पिछले दस टेस्ट के आंकड़े देखेंगे तो भारत उसमें सात-एक से आगे हैं. यानी सात मैच भारत ने जीत तो सिर्फ एक टेस्ट श्रीलंका जीत सका. वहीं दो टेस्ट दोनों टीमों के बीच ड्रॉ रहे हैं. मोहाली से रोहित शर्मा टेस्ट कप्तानी में डेब्यू कर रहे हैं. |
इन दोनों बाजार में लाखों स्टार्टअप्स शुरू हो रहे हैं। हजारों कंपनियां रजिस्टर्ड हो रही है। लोगों को करोड़ों रुपए की फंडिंग मिल रही है और वह तेजी से विरोध कर रहे हैं। हर कंपनी के पास या तो कोई प्रोडक्ट होता है या फिर कोई सर्विस। जो भी हो लेकिन एक चीज सभी कंपनियों के पास होती है और वह है डाटा। हर बिजनेसमैन अपनी सेल्स पर फोकस करना चाहता है। ऐसी स्थिति में उसे सपोर्ट की जरूरत पड़ती है। Data Analyst एक ऐसा व्यक्ति होता है जो उसे सबसे बेहतरीन सपोर्ट देता है।
अपन को Data Analyst की जॉब नहीं करनी। हजारों लोग बतौर Data Analyst, वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं। यही लोग हैं जो कम से कम ₹32000 महीने कमा रहे हैं। इसके बावजूद मार्केट में Data Analyst की डिमांड बनी हुई है। क्योंकि ज्यादातर लोगों को लगता है कि Data Analyst आईटी का जॉब है। इसके लिए कोडिंग और लैंग्वेज का आना बहुत जरूरी है, लेकिन सच यह है कि प्राइमरी लेवल पर Data Analyst को कोडिंग और लैंग्वेज की कोई जरूरत नहीं पड़ती। मार्केट में ऐसे बहुत सारे ऑनलाइन कोर्स मौजूद है जिनकी मदद से आप अपने घर बैठे Certified Data Analyst बन सकते हैं।
जैसा कि अपन ने पहले तय किया है कि अपन को Data Analyst की जॉब नहीं करना बल्कि Data Analyst Firm बनाना है। ट्रेड लाइसेंस जिसे गुमास्ता या दुकान स्थापना का पंजीयन भी कहते हैं, बड़ी आसानी से मिल जाता है। इसके बाद गूगल पर उन सारी वेबसाइट्स में अपनी फर्म का रजिस्ट्रेशन करना है जहां से फ्रीलांसर्स को जॉब मिलता है। यहां पर एक जॉब के लिए मिनिमम पेमेंट $10 होता है। अपन को यही पकड़कर चलना है।
शुरुआत में काम लेकर खुद करेंगे और डिलीवरी करेंगे। जैसे ही 1 दिन में 1 से अधिक जॉब मिलना शुरू होंगे अपन अपनी बिजनेस फर्म में असिस्टेंट हायर कर लेंगे। भारत के छोटे शहरों में आपका ही लोगों को Data Analyst का काम सिखा सकते हैं। अपने लिए सबसे अच्छी बात यह है कि ज्यादातर लोग आज भी एक ऑफिस में जाकर ऑफलाइन काम करना पसंद करते हैं। उन्हें नौकरी मिलने पर सिक्योरिटी का फील लाता है। अपन को इन लोगों को वही देना है।
ज्यादा से ज्यादा जॉब कलेक्ट करना है और अपनी टीम में डिवाइड कर देना है। टीम की तरफ से मिले फाइनल रिजल्ट को रिव्यु करना है और फिर क्लाइंट को डिलीवर कर देना है। इस बिजनेस में बहुत तेजी से ग्रोथ होती है। ज्यादातर फ्रीलांसर्स अपने सर्विस चार्ज बढ़ाते चले जाते हैं। अपन को सर्विस चार्ज नहीं बढ़ाना बल्कि ज्यादा जॉब कलेक्ट करना है और टीम से काम करवाना है।
यदि 10 लोगों की टीम बनती है। प्रतिदिन मात्र 40 जॉब कलेक्ट हो पाते हैं। तो ₹800 प्रति जॉब की दर से 3200 रुपए प्रति दिन की कमाई होगी। यानी 1 महीने की इनकम हुई 96000 रुपए। इसमें से यदि 30% सैलरी और 30% ऑफिस एक्सपेंसेस पर खर्च हो जाता है लगभग 40,000 रुपए महीने आपके पास नेट प्रॉफिट बचेगा। यह मिनिमम है। क्योंकि एक जॉब में अधिकतम 1 घंटा लगता है। टीम मेंबर 1 दिन में 5 जॉब आराम से कर सकता है। अपन ने अपने कैलकुलेशन में एक व्यक्ति पर मात्र 2 जॉब कैलकुलेट किए हैं। जैसे जैसे आप 40 से ज्यादा जॉब कलेक्ट करेंगे। आपकी इनकम मल्टिप्लाई होती चली जाएगी, क्योंकि ना तो टीम बढ़ाने की जरूरत पड़ेगी और ना ही ऑफिस एक्सपेंसेस बढ़ेंगे।
| इन दोनों बाजार में लाखों स्टार्टअप्स शुरू हो रहे हैं। हजारों कंपनियां रजिस्टर्ड हो रही है। लोगों को करोड़ों रुपए की फंडिंग मिल रही है और वह तेजी से विरोध कर रहे हैं। हर कंपनी के पास या तो कोई प्रोडक्ट होता है या फिर कोई सर्विस। जो भी हो लेकिन एक चीज सभी कंपनियों के पास होती है और वह है डाटा। हर बिजनेसमैन अपनी सेल्स पर फोकस करना चाहता है। ऐसी स्थिति में उसे सपोर्ट की जरूरत पड़ती है। Data Analyst एक ऐसा व्यक्ति होता है जो उसे सबसे बेहतरीन सपोर्ट देता है। अपन को Data Analyst की जॉब नहीं करनी। हजारों लोग बतौर Data Analyst, वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं। यही लोग हैं जो कम से कम बत्तीस हज़ार रुपया महीने कमा रहे हैं। इसके बावजूद मार्केट में Data Analyst की डिमांड बनी हुई है। क्योंकि ज्यादातर लोगों को लगता है कि Data Analyst आईटी का जॉब है। इसके लिए कोडिंग और लैंग्वेज का आना बहुत जरूरी है, लेकिन सच यह है कि प्राइमरी लेवल पर Data Analyst को कोडिंग और लैंग्वेज की कोई जरूरत नहीं पड़ती। मार्केट में ऐसे बहुत सारे ऑनलाइन कोर्स मौजूद है जिनकी मदद से आप अपने घर बैठे Certified Data Analyst बन सकते हैं। जैसा कि अपन ने पहले तय किया है कि अपन को Data Analyst की जॉब नहीं करना बल्कि Data Analyst Firm बनाना है। ट्रेड लाइसेंस जिसे गुमास्ता या दुकान स्थापना का पंजीयन भी कहते हैं, बड़ी आसानी से मिल जाता है। इसके बाद गूगल पर उन सारी वेबसाइट्स में अपनी फर्म का रजिस्ट्रेशन करना है जहां से फ्रीलांसर्स को जॉब मिलता है। यहां पर एक जॉब के लिए मिनिमम पेमेंट दस डॉलर होता है। अपन को यही पकड़कर चलना है। शुरुआत में काम लेकर खुद करेंगे और डिलीवरी करेंगे। जैसे ही एक दिन में एक से अधिक जॉब मिलना शुरू होंगे अपन अपनी बिजनेस फर्म में असिस्टेंट हायर कर लेंगे। भारत के छोटे शहरों में आपका ही लोगों को Data Analyst का काम सिखा सकते हैं। अपने लिए सबसे अच्छी बात यह है कि ज्यादातर लोग आज भी एक ऑफिस में जाकर ऑफलाइन काम करना पसंद करते हैं। उन्हें नौकरी मिलने पर सिक्योरिटी का फील लाता है। अपन को इन लोगों को वही देना है। ज्यादा से ज्यादा जॉब कलेक्ट करना है और अपनी टीम में डिवाइड कर देना है। टीम की तरफ से मिले फाइनल रिजल्ट को रिव्यु करना है और फिर क्लाइंट को डिलीवर कर देना है। इस बिजनेस में बहुत तेजी से ग्रोथ होती है। ज्यादातर फ्रीलांसर्स अपने सर्विस चार्ज बढ़ाते चले जाते हैं। अपन को सर्विस चार्ज नहीं बढ़ाना बल्कि ज्यादा जॉब कलेक्ट करना है और टीम से काम करवाना है। यदि दस लोगों की टीम बनती है। प्रतिदिन मात्र चालीस जॉब कलेक्ट हो पाते हैं। तो आठ सौ रुपया प्रति जॉब की दर से तीन हज़ार दो सौ रुपयापए प्रति दिन की कमाई होगी। यानी एक महीने की इनकम हुई छियानवे हज़ार रुपयापए। इसमें से यदि तीस% सैलरी और तीस% ऑफिस एक्सपेंसेस पर खर्च हो जाता है लगभग चालीस,शून्य रुपयापए महीने आपके पास नेट प्रॉफिट बचेगा। यह मिनिमम है। क्योंकि एक जॉब में अधिकतम एक घंटाटा लगता है। टीम मेंबर एक दिन में पाँच जॉब आराम से कर सकता है। अपन ने अपने कैलकुलेशन में एक व्यक्ति पर मात्र दो जॉब कैलकुलेट किए हैं। जैसे जैसे आप चालीस से ज्यादा जॉब कलेक्ट करेंगे। आपकी इनकम मल्टिप्लाई होती चली जाएगी, क्योंकि ना तो टीम बढ़ाने की जरूरत पड़ेगी और ना ही ऑफिस एक्सपेंसेस बढ़ेंगे। |
इस हत्याकांड के बाद योगी सरकार सवालों के घेरे में आ चुकी है। इस बीच मामले की जांच के लिए योगी सरकार की तरफ से तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जिसमें एडीजी टेक्निकल मोहित अग्रवाल, ज्वाइंट सीपी नीलाब्जा चौधरी और आईजी अयोध्या प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है।
गीतांजलि इंग्लिश न्यूज उद्घोषिका थीं। उन्होंने 1971 में दूरदर्शन ज्वॉइन किया था। टीवी पत्रकारिता की दुनिया में गीतांजलि अय्यर ने कई कीर्तिमान स्थापित किए थे, जो कि आज के दौर के पत्रकारों को प्रभावित करते हैं।
वहीं, पहलवानों ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर 12 जून बृजभूषण के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। इसके अलावा पहलवानों ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष यह भी मांग की है कि उनके खिलाफ दर्ज किए गए सभी मुकदमे वापस लिए जाए। ध्यान दें कि गत दिनों आंदोलन के दौरान पहलवानों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने कई मुकदमे दर्ज किए थे।
अपराध की दुनिया में संजीव उर्फ जीवा ने अपने खौफ की दास्तां की शुरुआत नब्बे के दशक में लिखना शुरू की थी। संजीव मुख्तार अंसारी का करीबी और शूटर था। वो कई मामलों में अभियुक्त था। मुजप्फरनगर का रहने वाला जीवा का नाम कृष्णानंद राय हत्याकांड मामले में भी सामने आया था।
आपको बता दें कि कोर्ट परिसर में मौजूद आक्रोशित अधिवक्ताओं ने हमलावर को पकड़ लिया। जिसके बाद उसे खूब पीटा गया। ध्यान दें कि हमलावर वकील के भेष में आया था, जिससे उस पर किसी को भी उस पर शक नहीं हो पाया। अब ऐसे में लोगों के जेहन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर हमलावर को कोर्ट परिसर में एंट्री कैसे मिल गई?
Lucknow: लखनऊ कोर्ट परिसर में ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। इस फायरिंग की जद में आकर कुख्यात शूटर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा मारा गया है। बताया जा रहा है कि कृष्णानंद राय हत्याकांड में भी संजीव जीवा का नाम आया था।
WTC Final 2023: इस संदर्भ में बीसीसीआई ने खुद ट्वीट कर जानकारी दी है। जिसमें कहा गया है कि भारतीय क्रिकेट टीम ओवल में आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल के पहले दिन का खेल शुरू होने से पहले ओडिशा ट्रेन त्रासदी के पीड़ितों की याद में एक पल का मौन रखेगी।
यह उनका सपना था कि दिल्ली में कोई भी बच्चा शिक्षा से अछूता ना रहे, लेकिन बीजेपी ने सलाखो के पीछे कैद करके उनके द्वारा शुरू की गई शिक्षा क्रांति पर विराम लगाना चाहती है , लेकिन मैं एक बात स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मैं ऐसा नहीं होने दूंगा। हम दिल्ली में शिक्षा क्रांति को को अपने चरम पर पहुंचाकर ही दम लेंगे।
| इस हत्याकांड के बाद योगी सरकार सवालों के घेरे में आ चुकी है। इस बीच मामले की जांच के लिए योगी सरकार की तरफ से तीन सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया गया है, जिसमें एडीजी टेक्निकल मोहित अग्रवाल, ज्वाइंट सीपी नीलाब्जा चौधरी और आईजी अयोध्या प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है। गीतांजलि इंग्लिश न्यूज उद्घोषिका थीं। उन्होंने एक हज़ार नौ सौ इकहत्तर में दूरदर्शन ज्वॉइन किया था। टीवी पत्रकारिता की दुनिया में गीतांजलि अय्यर ने कई कीर्तिमान स्थापित किए थे, जो कि आज के दौर के पत्रकारों को प्रभावित करते हैं। वहीं, पहलवानों ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर बारह जून बृजभूषण के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। इसके अलावा पहलवानों ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष यह भी मांग की है कि उनके खिलाफ दर्ज किए गए सभी मुकदमे वापस लिए जाए। ध्यान दें कि गत दिनों आंदोलन के दौरान पहलवानों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने कई मुकदमे दर्ज किए थे। अपराध की दुनिया में संजीव उर्फ जीवा ने अपने खौफ की दास्तां की शुरुआत नब्बे के दशक में लिखना शुरू की थी। संजीव मुख्तार अंसारी का करीबी और शूटर था। वो कई मामलों में अभियुक्त था। मुजप्फरनगर का रहने वाला जीवा का नाम कृष्णानंद राय हत्याकांड मामले में भी सामने आया था। आपको बता दें कि कोर्ट परिसर में मौजूद आक्रोशित अधिवक्ताओं ने हमलावर को पकड़ लिया। जिसके बाद उसे खूब पीटा गया। ध्यान दें कि हमलावर वकील के भेष में आया था, जिससे उस पर किसी को भी उस पर शक नहीं हो पाया। अब ऐसे में लोगों के जेहन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर हमलावर को कोर्ट परिसर में एंट्री कैसे मिल गई? Lucknow: लखनऊ कोर्ट परिसर में ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। इस फायरिंग की जद में आकर कुख्यात शूटर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा मारा गया है। बताया जा रहा है कि कृष्णानंद राय हत्याकांड में भी संजीव जीवा का नाम आया था। WTC Final दो हज़ार तेईस: इस संदर्भ में बीसीसीआई ने खुद ट्वीट कर जानकारी दी है। जिसमें कहा गया है कि भारतीय क्रिकेट टीम ओवल में आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल के पहले दिन का खेल शुरू होने से पहले ओडिशा ट्रेन त्रासदी के पीड़ितों की याद में एक पल का मौन रखेगी। यह उनका सपना था कि दिल्ली में कोई भी बच्चा शिक्षा से अछूता ना रहे, लेकिन बीजेपी ने सलाखो के पीछे कैद करके उनके द्वारा शुरू की गई शिक्षा क्रांति पर विराम लगाना चाहती है , लेकिन मैं एक बात स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मैं ऐसा नहीं होने दूंगा। हम दिल्ली में शिक्षा क्रांति को को अपने चरम पर पहुंचाकर ही दम लेंगे। |
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