raw_text stringlengths 113 616k | normalized_text stringlengths 98 618k |
|---|---|
बालों की देखभाल हमें हर मौसम में करनी पड़ती है, क्योंकि गंदगी बालों को प्रभावित करती है। बालों को साफ करने के लिए हम शैम्पू का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन फिर हमें बालों में कंडीशनर लगाना पड़ता है। यह तेल, ईमोलिएंट और सिलिकोन से बना है जो बालों की बनावट को चिकना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही यह बालों को एक सुरक्षात्मक परत प्रदान करता है, जिससे बालों के झड़ने का खतरा कम हो जाता है, लेकिन अगर आप गलत तरीके से कंडीशनर लगाते हैं, तो यह बालों को नुकसान पहुंचा सकता है। आइए जानें कि इस आइटम का उपयोग करने के लिए आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
कई लोग शैंपू करने के बाद कंडीशनर नहीं लगाते हैं जो एक बड़ी गलती साबित हो सकती है। इसे लगाने से बालों की सफाई और पोषण के बीच संतुलन बना रहेगा। आइए जानते हैं कंडीशनर कैसे लगाएं, जिससे आपके बाल भी बॉलीवुड एक्ट्रेस मोनी रॉय की तरह खूबसूरत हो जाएं।
2. बालों की जड़ों में कंडीशनर न लगाएं और इसकी मात्रा बालों की कुल लंबाई पर निर्भर करती है।
3. कम से कम 3-4 मिनट तक हेयर कंडीशनर लगाने के बाद ही बालों को धोएं। अगर आप तुरंत अपने सिर पर पानी डालेंगे तो आपको कंडीशनर का फायदा नहीं मिलेगा।
4. कंडीशनर लगाने से पहले आपको पता होना चाहिए कि आप किस उत्पाद का उपयोग करने जा रहे हैं और आपके लिए कितना उपयुक्त है। पतले बालों के लिए एक हल्के कंडीशनर का प्रयोग करें और एक मजबूत उत्पाद घुंघराले बालों के लिए काम करेगा।
| बालों की देखभाल हमें हर मौसम में करनी पड़ती है, क्योंकि गंदगी बालों को प्रभावित करती है। बालों को साफ करने के लिए हम शैम्पू का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन फिर हमें बालों में कंडीशनर लगाना पड़ता है। यह तेल, ईमोलिएंट और सिलिकोन से बना है जो बालों की बनावट को चिकना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही यह बालों को एक सुरक्षात्मक परत प्रदान करता है, जिससे बालों के झड़ने का खतरा कम हो जाता है, लेकिन अगर आप गलत तरीके से कंडीशनर लगाते हैं, तो यह बालों को नुकसान पहुंचा सकता है। आइए जानें कि इस आइटम का उपयोग करने के लिए आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। कई लोग शैंपू करने के बाद कंडीशनर नहीं लगाते हैं जो एक बड़ी गलती साबित हो सकती है। इसे लगाने से बालों की सफाई और पोषण के बीच संतुलन बना रहेगा। आइए जानते हैं कंडीशनर कैसे लगाएं, जिससे आपके बाल भी बॉलीवुड एक्ट्रेस मोनी रॉय की तरह खूबसूरत हो जाएं। दो. बालों की जड़ों में कंडीशनर न लगाएं और इसकी मात्रा बालों की कुल लंबाई पर निर्भर करती है। तीन. कम से कम तीन-चार मिनट तक हेयर कंडीशनर लगाने के बाद ही बालों को धोएं। अगर आप तुरंत अपने सिर पर पानी डालेंगे तो आपको कंडीशनर का फायदा नहीं मिलेगा। चार. कंडीशनर लगाने से पहले आपको पता होना चाहिए कि आप किस उत्पाद का उपयोग करने जा रहे हैं और आपके लिए कितना उपयुक्त है। पतले बालों के लिए एक हल्के कंडीशनर का प्रयोग करें और एक मजबूत उत्पाद घुंघराले बालों के लिए काम करेगा। |
JhunJhunwala Shares : भारतीय शेयर बाजार में 'बिग बुल' और 'भारत के वारेन बफे' कहे जाने वाले झुनझुनवाला का रविवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। वह 62 वर्ष के थे। राकेश झुनझुनवाला ने बीते कई दशकों से शेयर बाजार में अपनी सूझबूझ के साथ चुनिंदा शेयरों में निवेश कर काफी पैसा और इज्जत कमाई है। 15 अगस्त की छुट्रटी के बाद मंगलवार को जब शेयर बाजार खुला तो हर किसी की निगाहें उन शेयरों पर टिकी थीं, जिनपर झुनझुनवाला ने भरोसा कर निवेश किया था।
झुनझुनवाला ने तीन दर्जन से अधिक कंपनियों में निवेश किया हुआ था जिनमें टाटा समूह की कंपनी टाइटन सबसे अहम है। झुनझुनवाला के निधन के बाद के पहले कारोबारी दिवस पर मंगलवार को टाइटन के शेयर में 0. 88 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। कारोबार के दौरान एक समय यह 1. 09 प्रतिशत तक चढ़ गया था। आइए जानते हैं झुनझुनवाला की पसंदीदा शेयरों ने मंगलवार को कैसा कारोबार किया।
झुनझुनवाला शेयर बाजार के सबसे चर्चित निवेशक थे। जून, 2022 के अंत में कुल 32 कंपनियों के शेयर थे जिनका नेटवर्थ 31,905 करोड़ रुपये था। ट्रेंडलाइन के आंकड़ों के मुताबिक, झुनझुनवाला की टाइटन कंपनी, टाटा मोटर्स, स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी, मेट्रो ब्रांड्स, फोर्टिस हेल्थकेयर, नजारा टेक्नोलॉजीज, फेडरल बैंक, डीबी रियल्टी और टाटा कम्युनिकेशंस में बड़ी हिस्सेदारी थी।
फोर्ब्स के अनुसार, झुनझुनवाला का नेटवर्थ 5. 8 अरब डॉलर था। फोर्ब्स की 2021 की सूची के अनुसार, वह भारत के 36वें सबसे अमीर व्यक्ति थे। कई बार उनकी तुलना वारेन बफे से की जाती थी। उन्हें भारतीय बाजारों का 'बिग बुल' भी कहा जाता था। उन्होंने अपने कॉलेज के दिनों में भारतीय शेयर बाजारों में निवेश की शुरुआत मात्र 5,000 रुपये की पूंजी के साथ की थी।
| JhunJhunwala Shares : भारतीय शेयर बाजार में 'बिग बुल' और 'भारत के वारेन बफे' कहे जाने वाले झुनझुनवाला का रविवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। वह बासठ वर्ष के थे। राकेश झुनझुनवाला ने बीते कई दशकों से शेयर बाजार में अपनी सूझबूझ के साथ चुनिंदा शेयरों में निवेश कर काफी पैसा और इज्जत कमाई है। पंद्रह अगस्त की छुट्रटी के बाद मंगलवार को जब शेयर बाजार खुला तो हर किसी की निगाहें उन शेयरों पर टिकी थीं, जिनपर झुनझुनवाला ने भरोसा कर निवेश किया था। झुनझुनवाला ने तीन दर्जन से अधिक कंपनियों में निवेश किया हुआ था जिनमें टाटा समूह की कंपनी टाइटन सबसे अहम है। झुनझुनवाला के निधन के बाद के पहले कारोबारी दिवस पर मंगलवार को टाइटन के शेयर में शून्य. अठासी प्रतिशत की बढ़त देखी गई। कारोबार के दौरान एक समय यह एक. नौ प्रतिशत तक चढ़ गया था। आइए जानते हैं झुनझुनवाला की पसंदीदा शेयरों ने मंगलवार को कैसा कारोबार किया। झुनझुनवाला शेयर बाजार के सबसे चर्चित निवेशक थे। जून, दो हज़ार बाईस के अंत में कुल बत्तीस कंपनियों के शेयर थे जिनका नेटवर्थ इकतीस,नौ सौ पाँच करोड़ रुपये था। ट्रेंडलाइन के आंकड़ों के मुताबिक, झुनझुनवाला की टाइटन कंपनी, टाटा मोटर्स, स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी, मेट्रो ब्रांड्स, फोर्टिस हेल्थकेयर, नजारा टेक्नोलॉजीज, फेडरल बैंक, डीबी रियल्टी और टाटा कम्युनिकेशंस में बड़ी हिस्सेदारी थी। फोर्ब्स के अनुसार, झुनझुनवाला का नेटवर्थ पाँच. आठ अरब डॉलर था। फोर्ब्स की दो हज़ार इक्कीस की सूची के अनुसार, वह भारत के छत्तीसवें सबसे अमीर व्यक्ति थे। कई बार उनकी तुलना वारेन बफे से की जाती थी। उन्हें भारतीय बाजारों का 'बिग बुल' भी कहा जाता था। उन्होंने अपने कॉलेज के दिनों में भारतीय शेयर बाजारों में निवेश की शुरुआत मात्र पाँच,शून्य रुपयापये की पूंजी के साथ की थी। |
दक्षिण अफ्रीका की टीम फिलहाल भारत के दौरे पर आई हैं जहां पर बुधवार से भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच ये दौरा खेला जाएगा जिसमें 3 टी ट्वेंटी और 3 वनडे मैच खेले जाएंगे.
दक्षिण अफ्रीका की टीम फिलहाल केरला में हैं और वहां पर इस सीरीज की बुधवार से शुरूआत होगी. भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच ये सीरीज टी ट्वेंटी विश्वकप से पहले काफी महत्वपूर्ण है.
आपको बता दें की आज से नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है और आज से अगले 9 दिनों तक देशभर में नवरात्रि की धूम मची रहेगी. नवरात्रि के बीच भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टी ट्वेंटी सीरीज खेली जाएगी जिसका सभी को बेसब्री से इंतजार है.
अब दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ी केशव महाराज केरला के मंदिर में गए थे जहां पर उन्होंने दर्शन किए और सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं दी.
केशव महाराज भारतीय मूल के दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ी हैं जो एक हिंदू हैं. केशव महाराज ने सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए पोस्ट किया हैं.
केशव महाराज एक हिंदू हैं और वो दक्षिण अफ्रीका में रहते हैं और वो दक्षिण अफ्रीका के लिए खेलते हैं और एक शानदार स्पिनर गेंदबाज हैं.
| दक्षिण अफ्रीका की टीम फिलहाल भारत के दौरे पर आई हैं जहां पर बुधवार से भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच ये दौरा खेला जाएगा जिसमें तीन टी ट्वेंटी और तीन वनडे मैच खेले जाएंगे. दक्षिण अफ्रीका की टीम फिलहाल केरला में हैं और वहां पर इस सीरीज की बुधवार से शुरूआत होगी. भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच ये सीरीज टी ट्वेंटी विश्वकप से पहले काफी महत्वपूर्ण है. आपको बता दें की आज से नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है और आज से अगले नौ दिनों तक देशभर में नवरात्रि की धूम मची रहेगी. नवरात्रि के बीच भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टी ट्वेंटी सीरीज खेली जाएगी जिसका सभी को बेसब्री से इंतजार है. अब दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ी केशव महाराज केरला के मंदिर में गए थे जहां पर उन्होंने दर्शन किए और सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं दी. केशव महाराज भारतीय मूल के दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ी हैं जो एक हिंदू हैं. केशव महाराज ने सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए पोस्ट किया हैं. केशव महाराज एक हिंदू हैं और वो दक्षिण अफ्रीका में रहते हैं और वो दक्षिण अफ्रीका के लिए खेलते हैं और एक शानदार स्पिनर गेंदबाज हैं. |
लिविंगस्टोन द्वारा शानदार कैच लपकने का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
मुंबई : इंडियन प्रीमियर लीग के 15वें (Indian Premier League 15) सीजन का 11वां मैच चेन्नई सुपर किंग्स और पंजाब किंग्स (Chennai Super Kings vs Punjab Kings) के बीच खेला गया। यह मैच पंजाब किंग्स ने 54 रनों जीत लिया है। वहीं, चेन्नई की यह तीसरी हार थी। इस मैच में पंजाब के इंग्लिश ऑलराउंडर खिलाड़ी लियाम लिविंगस्टोन (Liam Livingstone) ने कमाल का प्रदर्शन दिखाया है। लिविंगस्टोन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम को बड़ा स्कोर बनाने में मदद की। इसके बाद उन्होंने बेहतरीन गेंदबाजी और फील्डिंग करते हुए भी दर्शकों का दिल जीत लिया।
बीते रविवार को चेन्नई (CSK) के खिलाफ खेले गए मैच में लियाम लिविंगस्टोन (Liam Livingstone) ने 32 बॉल में 60 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 5 धुआंधार छक्के शामिल थे। इसके अलावा उन्होंने अपनी गेंदबाजी का हुनर दिखाते हुए सीएसके के 2 विकेट चटकाए। इस मैच के दौरान उन्होंने शानदार फील्डिंग भी की है। उन्होंने मुंबई स्थित ब्रेबोर्न स्टेडियम में शानदार कैच लपका। जिसकी चर्चा अब हर तरफ हो रही है।
Liam Livingstone is living a dream!
दरअसल, पंजाब (Punjab Kings) के कप्तान मयंक अग्रवाल ने लिविंगस्टोन को मैच का 15वां ओवर थमाया। वहीं, लिविंगस्टोन ने भी कप्तान का भरोसा नहीं तोडा। उन्होंने अपने ओवर के आखिरी बॉल सीएसके के विस्फोटक ऑलराउंडर खिलाड़ी ड्वेन ब्रावो को पवेलियन भेज दिया।
ड्वेन ब्रावो ने ओवर के आखिरी बॉल में बगल से शॉट लगाकर सिंगल चुराने की कोशिश की, लेकिन वह इसमें नाकामयाब रहे। ब्रावो द्वारा खेला गया शॉट जमीं पर रहने की बजाय हवा में उछल गई। इस दौरान बॉलिंग कर रहे लिविंगस्टोन ने अपने लेफ साइड में लंबी छलांग लगाते हुए शानदार कैच लपककर सबको हैरान कर दिया।
लिविंगस्टोन द्वारा शानदार कैच लपकने का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हर कोई इस इंग्लिश खिलाडी की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
| लिविंगस्टोन द्वारा शानदार कैच लपकने का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मुंबई : इंडियन प्रीमियर लीग के पंद्रहवें सीजन का ग्यारहवां मैच चेन्नई सुपर किंग्स और पंजाब किंग्स के बीच खेला गया। यह मैच पंजाब किंग्स ने चौवन रनों जीत लिया है। वहीं, चेन्नई की यह तीसरी हार थी। इस मैच में पंजाब के इंग्लिश ऑलराउंडर खिलाड़ी लियाम लिविंगस्टोन ने कमाल का प्रदर्शन दिखाया है। लिविंगस्टोन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम को बड़ा स्कोर बनाने में मदद की। इसके बाद उन्होंने बेहतरीन गेंदबाजी और फील्डिंग करते हुए भी दर्शकों का दिल जीत लिया। बीते रविवार को चेन्नई के खिलाफ खेले गए मैच में लियाम लिविंगस्टोन ने बत्तीस बॉल में साठ रन बनाए, जिसमें पाँच चौके और पाँच धुआंधार छक्के शामिल थे। इसके अलावा उन्होंने अपनी गेंदबाजी का हुनर दिखाते हुए सीएसके के दो विकेट चटकाए। इस मैच के दौरान उन्होंने शानदार फील्डिंग भी की है। उन्होंने मुंबई स्थित ब्रेबोर्न स्टेडियम में शानदार कैच लपका। जिसकी चर्चा अब हर तरफ हो रही है। Liam Livingstone is living a dream! दरअसल, पंजाब के कप्तान मयंक अग्रवाल ने लिविंगस्टोन को मैच का पंद्रहवां ओवर थमाया। वहीं, लिविंगस्टोन ने भी कप्तान का भरोसा नहीं तोडा। उन्होंने अपने ओवर के आखिरी बॉल सीएसके के विस्फोटक ऑलराउंडर खिलाड़ी ड्वेन ब्रावो को पवेलियन भेज दिया। ड्वेन ब्रावो ने ओवर के आखिरी बॉल में बगल से शॉट लगाकर सिंगल चुराने की कोशिश की, लेकिन वह इसमें नाकामयाब रहे। ब्रावो द्वारा खेला गया शॉट जमीं पर रहने की बजाय हवा में उछल गई। इस दौरान बॉलिंग कर रहे लिविंगस्टोन ने अपने लेफ साइड में लंबी छलांग लगाते हुए शानदार कैच लपककर सबको हैरान कर दिया। लिविंगस्टोन द्वारा शानदार कैच लपकने का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हर कोई इस इंग्लिश खिलाडी की जमकर तारीफ कर रहे हैं। |
316 / हजारौप्रसाद द्विवेदी ग्र यावली-2
सुनता और स्वय सोचने का प्रयत्न करता। जगल म जो कुछ मिल जाय उसस वह पेट भर लेता था । किसी के द्वार भिक्षा मागन नहीं गया। उसका अधिकाश समय चितन मनन म ही व्यतीत होता था ।
उसन किसी पुराने ऋषि वा मतव्य सुना था कि सृष्टि के आदि म वेवल जल की ही सत्ता थी। जल से ही सत्य का उदय हुआ । सत्य ही ब्रह्म है । ब्रह्म से प्रजा पति की उत्पत्ति हुई और प्रजापति से दवताओं की सृष्टि हुई । य दवता गण ववल सत्य की ही उपासना करते है। यह सिद्धात उसे बड़ा विचित्र मालूम हुआ । क्या मसार वा मूल जल है ? क्या सत्य जल से आया है ? इस वचन का तात्पय क्या हो सकता है ? जल से उत्पन्न हुए सत्य की क्या कोई मौलिक सत्ता है ? ऋषि न बताया था कि सत्य मे तीन अक्षर है । एक 'स' है, एव 'ति' है और एव 'अ' है । पहला और तीसरा अक्षर सत्य है जौर बीचवाला मिथ्या है। इसका मतलब बालक को समझ में नहीं जाया, लेकिन उसने अपने मन में यह निष्त्रप निकाला वि आदि सत्य है और अत सत्य है, बीच का प्रपच सव मिथ्या है । इसका मतलब यह हुआ कि जो कुछ दिखलायी दे रहा है वह वीच का है और सब असत्य है। उसके पिता ने बताया था कि सभी वस्तुएँ एव ही तत्त्व से निकली है और उसी तत्त्व में विलीन हो जायगी । अब ऋषि के वाक्य म उसने इतना और जोड लिया कि वह मूल तत्त्व जिसमे सब निकला है वह सही है और जिसमे सब विलीन हो जायेगा, वह भी सही है -- केवल बीच का प्रपच मिथ्या है। परंतु उसका मन यह मानन को किसी प्रकार तैयार नहीं था कि वह मूल तत्त्व जल ही है ।
लडका चिन्तन मनन मे इतना खो गया कि उसे ससार की किसी और वात का ध्यान ही नहीं रहा। केवल ध्यान करता था और समझन का प्रयत्न करता था कि वह मूल तत्त्व क्या है जिससे सब कुछ उत्पन्न होता है और जिसमे सब विलीन हो जाता है। अपनी इस सोचन की आदत के कारण वह लोक सम्पर्क में बहुत कम जाता था । अनाथ तो था ही, वह पूर्ण रूप से जनिषेत भी हो गया, अथात उसके पास अपना कहा जाने लायक कोई घर भी नहीं था । वह एकात सेवी हो गया था । प्रात काल नदी में स्नान करने के बाद वह ध्यान मे बैठ जाता और सोचन लगता । तन मन की सुधि न रहती, भूख लगती तो आस पास का कद मूल लक्र पेट भर लेता । उसे पता ही नहीं था कि दुनिया में और क्या होता है, अन क्स उत्पन्न होता है, सामाजिक जीवन क्या चीज है, पुरुष और स्त्री का क्या भेद है, इन सब बाता से वह एक्दम अपरिचित ही बना रहा, लेकिन उसकी सोचन की प्रक्रिया निरन्तर बढती ही जाती थी ।
दखत दखत बालक विशारावस्था में आ गया। कभी कोई परिचित ऋषि या जिज्ञासु उससे मिल जाता तो उस रिक्व वा बटा कहकर पुकारता । रिक्व या बेटा अथात रक्व । त्रिशरावस्था में प्रवेश करने पर उस सिर्फ इतना ही मालूम था कि उसका नाम रखा है जथात विसी रिक्व ऋषि का वटा इसम अधिव न उसने जाना और न किसो न बताया । लेकिन जिज्ञासु जना म उसव प्रति आदर का भाव
अनामदास का पोधा / 317
अवश्य बढ़ गया था। उसम चित्तन-मनन की प्रवत्ति, निरंतर व्यान करने की शक्ति और हर बात में मूत तव पहुँचन का प्रयास प्रशसा की दृष्टि से देखा जाता था । धीर-धीरे लोग उस दगने के लिए भी आने लगे । ऐसा विश्वास किया जाने जाने लगा कि यह निष्त्रिय, निनाम तरण तापस समस्त सिद्धियो को प्राप्त वर रहा है, क्याकि उसकी प्रवृत्तियाँ बहिर्मुख नहीं है, अतरतर में लीन हो गयी है । लोगा वे आते जाते रहने पर भी वह उनकी ओर विशेष ध्यान नही देता था, अपनी समाधि म उसी प्रकार बैठा रहता था। लेकिन उसका यश जैसे जैसे फैलता गया वैसे वैसे उसके पास खाने-पीने की चीजें आने लगी। लोग कुछ न कुछ उसके पास रस जाया करते थे। इससे जगल मे जावर वाद मूल खोजने की कठिनाई से वह बच गया। उसकी ध्यान धारणा और भी निर्विघ्न भाव से चलने लगी । इस बीच एक घटना और हुई ।
तरण तापस रवव जब अपने आसन से उठा तो तीसरा पहर हो गया था। उस दिन उसने अपनी समाधि में इस बात का अनुभव किया था कि समस्त चैत य जगत को जो चीज सचमुच पाणवत बनाये हुए है, वह वायु है । वस्तुत प्राण भी वायु ही है । तो इस प्राण को ही क्या मूल तत्त्व माना जा सकता है ? कुछ दिन पहले उसने ऋषि से सुना था कि समस्त पदार्थो का परम तत्त्व प्राण ही है। प्राण
मे ही समस्त तत्त्व विलीन हो जाते है। प्राण ही सबको जीवत बनाये हुए है । यह प्राण ही वायु के रूप में बाह्य जगत में व्याप्त है। परंतु वायु क्या चरम और परम है या इसमें भी परे कोई चीज़ है ? तरुण तपस्वी ने देर तक इस विषय पर मनन किया। उन्ह पता ही नही चला कि क्ब सूर्यादय हुआ, क्ब मध्याह्न हुआ और क्ब सूय पश्चिम की ओर ढरव पडा । जब वे उठे तो उनका मन बहुत प्रसन था । वे अब प्राण तत्त्व का रहस्य समझना चाहते थे । उन्ह ऐसा लग रहा था कि उन्होने कोई बहुत बड़ी उपलब्धि पा ली है । उठवर वे नदी में स्नान करने के लिए चने गये । आज उनका चित्त बहुत ही उत्फुत्ल था, लेकिन जब वे नदी में उतरे तभी उन्हान देखा कि आसमान के पश्चिमी किनार पर काले मेघ-खण्ड दिखायी द रहे ह । सरल तपस्वी वो यह समझ में नहीं जाया कि आधी जानेवाली है। जिस वायु की महिमा की उहाने अपनी समाधि म अनुभव किया था, वही प्रचण्ड वेग धारण करके सिर पर जानेवाला है, इसका उह लेश मान भी ध्यान नहीं था । अचानक बड़े जोर की आधी आयी । नदी उस प्रचण्ड वेग से उफन उठी । विचार-मग्न ऋषि कुछ तरगा वे एक ही आघात मे उलट गये और आधी के साथ भयकर वर्षा भी शुरू हो गयी। जब तक वे सँभलें तब तक नदी की गरजती हुई धारा ने उन्हें वहा लिया । यद्यपिव बुरी तरह से आधी पानी मे फँस गये थे फिर भी उनका मन प्रसन था, क्याकि वे वायु की प्रचण्ड शक्ति का प्रत्यक्ष अनुभव कर रहे थे । ऋषि कुमार नदी की गरजती हुई तरगा से काफी दूर तक चले जाते रहे और अन्त म एक ऊँचे शिला खण्ड से टकरा गये। किसी प्रकार से शिला-खण्ड के ऊपर जा बैठे। जाघी तब भी तेज़ चल रही थी और नदी की धारा तब भी तेज गरज रही थी। | तीन सौ सोलह / हजारौप्रसाद द्विवेदी ग्र यावली-दो सुनता और स्वय सोचने का प्रयत्न करता। जगल म जो कुछ मिल जाय उसस वह पेट भर लेता था । किसी के द्वार भिक्षा मागन नहीं गया। उसका अधिकाश समय चितन मनन म ही व्यतीत होता था । उसन किसी पुराने ऋषि वा मतव्य सुना था कि सृष्टि के आदि म वेवल जल की ही सत्ता थी। जल से ही सत्य का उदय हुआ । सत्य ही ब्रह्म है । ब्रह्म से प्रजा पति की उत्पत्ति हुई और प्रजापति से दवताओं की सृष्टि हुई । य दवता गण ववल सत्य की ही उपासना करते है। यह सिद्धात उसे बड़ा विचित्र मालूम हुआ । क्या मसार वा मूल जल है ? क्या सत्य जल से आया है ? इस वचन का तात्पय क्या हो सकता है ? जल से उत्पन्न हुए सत्य की क्या कोई मौलिक सत्ता है ? ऋषि न बताया था कि सत्य मे तीन अक्षर है । एक 'स' है, एव 'ति' है और एव 'अ' है । पहला और तीसरा अक्षर सत्य है जौर बीचवाला मिथ्या है। इसका मतलब बालक को समझ में नहीं जाया, लेकिन उसने अपने मन में यह निष्त्रप निकाला वि आदि सत्य है और अत सत्य है, बीच का प्रपच सव मिथ्या है । इसका मतलब यह हुआ कि जो कुछ दिखलायी दे रहा है वह वीच का है और सब असत्य है। उसके पिता ने बताया था कि सभी वस्तुएँ एव ही तत्त्व से निकली है और उसी तत्त्व में विलीन हो जायगी । अब ऋषि के वाक्य म उसने इतना और जोड लिया कि वह मूल तत्त्व जिसमे सब निकला है वह सही है और जिसमे सब विलीन हो जायेगा, वह भी सही है -- केवल बीच का प्रपच मिथ्या है। परंतु उसका मन यह मानन को किसी प्रकार तैयार नहीं था कि वह मूल तत्त्व जल ही है । लडका चिन्तन मनन मे इतना खो गया कि उसे ससार की किसी और वात का ध्यान ही नहीं रहा। केवल ध्यान करता था और समझन का प्रयत्न करता था कि वह मूल तत्त्व क्या है जिससे सब कुछ उत्पन्न होता है और जिसमे सब विलीन हो जाता है। अपनी इस सोचन की आदत के कारण वह लोक सम्पर्क में बहुत कम जाता था । अनाथ तो था ही, वह पूर्ण रूप से जनिषेत भी हो गया, अथात उसके पास अपना कहा जाने लायक कोई घर भी नहीं था । वह एकात सेवी हो गया था । प्रात काल नदी में स्नान करने के बाद वह ध्यान मे बैठ जाता और सोचन लगता । तन मन की सुधि न रहती, भूख लगती तो आस पास का कद मूल लक्र पेट भर लेता । उसे पता ही नहीं था कि दुनिया में और क्या होता है, अन क्स उत्पन्न होता है, सामाजिक जीवन क्या चीज है, पुरुष और स्त्री का क्या भेद है, इन सब बाता से वह एक्दम अपरिचित ही बना रहा, लेकिन उसकी सोचन की प्रक्रिया निरन्तर बढती ही जाती थी । दखत दखत बालक विशारावस्था में आ गया। कभी कोई परिचित ऋषि या जिज्ञासु उससे मिल जाता तो उस रिक्व वा बटा कहकर पुकारता । रिक्व या बेटा अथात रक्व । त्रिशरावस्था में प्रवेश करने पर उस सिर्फ इतना ही मालूम था कि उसका नाम रखा है जथात विसी रिक्व ऋषि का वटा इसम अधिव न उसने जाना और न किसो न बताया । लेकिन जिज्ञासु जना म उसव प्रति आदर का भाव अनामदास का पोधा / तीन सौ सत्रह अवश्य बढ़ गया था। उसम चित्तन-मनन की प्रवत्ति, निरंतर व्यान करने की शक्ति और हर बात में मूत तव पहुँचन का प्रयास प्रशसा की दृष्टि से देखा जाता था । धीर-धीरे लोग उस दगने के लिए भी आने लगे । ऐसा विश्वास किया जाने जाने लगा कि यह निष्त्रिय, निनाम तरण तापस समस्त सिद्धियो को प्राप्त वर रहा है, क्याकि उसकी प्रवृत्तियाँ बहिर्मुख नहीं है, अतरतर में लीन हो गयी है । लोगा वे आते जाते रहने पर भी वह उनकी ओर विशेष ध्यान नही देता था, अपनी समाधि म उसी प्रकार बैठा रहता था। लेकिन उसका यश जैसे जैसे फैलता गया वैसे वैसे उसके पास खाने-पीने की चीजें आने लगी। लोग कुछ न कुछ उसके पास रस जाया करते थे। इससे जगल मे जावर वाद मूल खोजने की कठिनाई से वह बच गया। उसकी ध्यान धारणा और भी निर्विघ्न भाव से चलने लगी । इस बीच एक घटना और हुई । तरण तापस रवव जब अपने आसन से उठा तो तीसरा पहर हो गया था। उस दिन उसने अपनी समाधि में इस बात का अनुभव किया था कि समस्त चैत य जगत को जो चीज सचमुच पाणवत बनाये हुए है, वह वायु है । वस्तुत प्राण भी वायु ही है । तो इस प्राण को ही क्या मूल तत्त्व माना जा सकता है ? कुछ दिन पहले उसने ऋषि से सुना था कि समस्त पदार्थो का परम तत्त्व प्राण ही है। प्राण मे ही समस्त तत्त्व विलीन हो जाते है। प्राण ही सबको जीवत बनाये हुए है । यह प्राण ही वायु के रूप में बाह्य जगत में व्याप्त है। परंतु वायु क्या चरम और परम है या इसमें भी परे कोई चीज़ है ? तरुण तपस्वी ने देर तक इस विषय पर मनन किया। उन्ह पता ही नही चला कि क्ब सूर्यादय हुआ, क्ब मध्याह्न हुआ और क्ब सूय पश्चिम की ओर ढरव पडा । जब वे उठे तो उनका मन बहुत प्रसन था । वे अब प्राण तत्त्व का रहस्य समझना चाहते थे । उन्ह ऐसा लग रहा था कि उन्होने कोई बहुत बड़ी उपलब्धि पा ली है । उठवर वे नदी में स्नान करने के लिए चने गये । आज उनका चित्त बहुत ही उत्फुत्ल था, लेकिन जब वे नदी में उतरे तभी उन्हान देखा कि आसमान के पश्चिमी किनार पर काले मेघ-खण्ड दिखायी द रहे ह । सरल तपस्वी वो यह समझ में नहीं जाया कि आधी जानेवाली है। जिस वायु की महिमा की उहाने अपनी समाधि म अनुभव किया था, वही प्रचण्ड वेग धारण करके सिर पर जानेवाला है, इसका उह लेश मान भी ध्यान नहीं था । अचानक बड़े जोर की आधी आयी । नदी उस प्रचण्ड वेग से उफन उठी । विचार-मग्न ऋषि कुछ तरगा वे एक ही आघात मे उलट गये और आधी के साथ भयकर वर्षा भी शुरू हो गयी। जब तक वे सँभलें तब तक नदी की गरजती हुई धारा ने उन्हें वहा लिया । यद्यपिव बुरी तरह से आधी पानी मे फँस गये थे फिर भी उनका मन प्रसन था, क्याकि वे वायु की प्रचण्ड शक्ति का प्रत्यक्ष अनुभव कर रहे थे । ऋषि कुमार नदी की गरजती हुई तरगा से काफी दूर तक चले जाते रहे और अन्त म एक ऊँचे शिला खण्ड से टकरा गये। किसी प्रकार से शिला-खण्ड के ऊपर जा बैठे। जाघी तब भी तेज़ चल रही थी और नदी की धारा तब भी तेज गरज रही थी। |
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के मानपुर थाना अंतर्गत कोरकोट्टी में हुई नक्सली मुठभेड़ में शहीद जवानों को बुधवार को श्रद्धांजलि दी गई। इस हमले में एसपी सहित 29 जवान शहीद हो गए थे। नक्सलियों ने 12 जुलाई 2009 को एंबुश लगाकर जवानों पर हमला किया था। दोनों तरफ से कई घंटे तक फायरिंग चली थी। शहीद जवानों की याद में प्रत्येक वर्ष श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन पुलिस लाइन राजनांदगांव में किया जाता है।
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
| छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के मानपुर थाना अंतर्गत कोरकोट्टी में हुई नक्सली मुठभेड़ में शहीद जवानों को बुधवार को श्रद्धांजलि दी गई। इस हमले में एसपी सहित उनतीस जवान शहीद हो गए थे। नक्सलियों ने बारह जुलाई दो हज़ार नौ को एंबुश लगाकर जवानों पर हमला किया था। दोनों तरफ से कई घंटे तक फायरिंग चली थी। शहीद जवानों की याद में प्रत्येक वर्ष श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन पुलिस लाइन राजनांदगांव में किया जाता है। Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi. |
यह वारदात चीनी न्यू ईयर सेलिब्रेशन के दौरान हुई है। बताया जा रहा है कि लोकल्स और एशियन कम्युनिटी के बीच यह हिंसा हुई है।
Shootout during chinese new year celebration: अमेरिका में एक बार फिर सामूहिक नरसंहार की घटना हुई है। कैलिफोर्निया में हुई मास शूटिंग में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई है जबकि दो दर्जन से अधिक गंभीर रूप से घायल हैं। यह वारदात चीनी न्यू ईयर सेलिब्रेशन के दौरान हुई है। बताया जा रहा है कि लोकल्स और एशियन कम्युनिटी के बीच यह हिंसा हुई है। यह फायरिंग मोंटेरी पार्क इलाके में हुई।
कैलिफोर्निया में हुए इस सामूहिक नरसंहार में कम से कम दस लोग मारे गए हैं जबकि 19 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मरने वालों में महिला और छह माह का बेटा भी शामिल है। चीनी मूल का एक युवक भी मरने वालों में शामिल है। बताया जा रहा है कि जिस वक्त यह वारदात हुई उस वक्त मौके पर लोग चीनी नव वर्ष मना रहे थे। घटना के वक्त काफी संख्या में लोग मौजूद थे। म्यूजिक व पार्टी की वजह से काफी देर तक फायरिंग के बारे में लोगों को पता ही नहीं चल सका। लोग यह समझ नहीं पाए कि पटाखे छूट रहे या फायरिंग हो रही है।
लॉस एंजिल्स टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि वारदात स्थल के पास के एक रेस्टोरेंट ओनर ने बताया कि उस एरिया में एक व्यक्ति दिखा था जिसके पास सेमी ऑटोमेटिक गन था। आशंका जताया जा रहा है कि संदिग्ध गन वाला व्यक्ति ही वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस ने संदिग्ध की तलाश शुरू कर दी है।
अमेरिका में लगातार रंगभेद वाले वारदात बढ़ रहे हैं। यहां लोकल्स और एशियन कम्युनिटी के साथ आए दिन हिंसा की खबरें आती रहती हैं। बीते साल भी यहां एशियन कम्युनिटी और लोकल के बीच हिंसा हुई थी जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी। अमेरिका में सामूहिक रूप से हत्याएं आम बात है।
यह भी पढ़ेंः
| यह वारदात चीनी न्यू ईयर सेलिब्रेशन के दौरान हुई है। बताया जा रहा है कि लोकल्स और एशियन कम्युनिटी के बीच यह हिंसा हुई है। Shootout during chinese new year celebration: अमेरिका में एक बार फिर सामूहिक नरसंहार की घटना हुई है। कैलिफोर्निया में हुई मास शूटिंग में कम से कम दस लोगों की मौत हो गई है जबकि दो दर्जन से अधिक गंभीर रूप से घायल हैं। यह वारदात चीनी न्यू ईयर सेलिब्रेशन के दौरान हुई है। बताया जा रहा है कि लोकल्स और एशियन कम्युनिटी के बीच यह हिंसा हुई है। यह फायरिंग मोंटेरी पार्क इलाके में हुई। कैलिफोर्निया में हुए इस सामूहिक नरसंहार में कम से कम दस लोग मारे गए हैं जबकि उन्नीस से अधिक लोग घायल हुए हैं। मरने वालों में महिला और छह माह का बेटा भी शामिल है। चीनी मूल का एक युवक भी मरने वालों में शामिल है। बताया जा रहा है कि जिस वक्त यह वारदात हुई उस वक्त मौके पर लोग चीनी नव वर्ष मना रहे थे। घटना के वक्त काफी संख्या में लोग मौजूद थे। म्यूजिक व पार्टी की वजह से काफी देर तक फायरिंग के बारे में लोगों को पता ही नहीं चल सका। लोग यह समझ नहीं पाए कि पटाखे छूट रहे या फायरिंग हो रही है। लॉस एंजिल्स टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि वारदात स्थल के पास के एक रेस्टोरेंट ओनर ने बताया कि उस एरिया में एक व्यक्ति दिखा था जिसके पास सेमी ऑटोमेटिक गन था। आशंका जताया जा रहा है कि संदिग्ध गन वाला व्यक्ति ही वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस ने संदिग्ध की तलाश शुरू कर दी है। अमेरिका में लगातार रंगभेद वाले वारदात बढ़ रहे हैं। यहां लोकल्स और एशियन कम्युनिटी के साथ आए दिन हिंसा की खबरें आती रहती हैं। बीते साल भी यहां एशियन कम्युनिटी और लोकल के बीच हिंसा हुई थी जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी। अमेरिका में सामूहिक रूप से हत्याएं आम बात है। यह भी पढ़ेंः |
या पाव किलो)
१ गट्ठी बथुआ (अच्छी तरह धोकर साफ कर लें।)
बारीक कटी हुई।
१ चुटकी बेकिंग पाउडर (पराठों को कुरकुरा बनाने के लिये)
पानी आटा माड़ने के लिये।
आधा प्याला तेल या घी।
नहीं है।
बथुए को गला लें।
मसलें या बारीक काट लें।
तेल गरम करें उसमें हरी मिर्च और हींग का तड़का लगाकर बथुआ डालें,
नमक मिलाएँ और पानी सूख जाने पर उतार कर ठंडा कर लें।
- बथुआ, दही,
नमक और बेकिंग पाउडर डालकर आटा माड़ लें।
और तह लगाकर पराठे बेल लें।
तरफ से तेल या घी लगाते हुए गुलाबी सेंकें।
साथ गरमागरम परोसें।
उसको भी पीसकर आटे के साथ माड़कर स्वादिष्ट पराठे बनते हैं।
जा सकते हैं।
| या पाव किलो) एक गट्ठी बथुआ बारीक कटी हुई। एक चुटकी बेकिंग पाउडर पानी आटा माड़ने के लिये। आधा प्याला तेल या घी। नहीं है। बथुए को गला लें। मसलें या बारीक काट लें। तेल गरम करें उसमें हरी मिर्च और हींग का तड़का लगाकर बथुआ डालें, नमक मिलाएँ और पानी सूख जाने पर उतार कर ठंडा कर लें। - बथुआ, दही, नमक और बेकिंग पाउडर डालकर आटा माड़ लें। और तह लगाकर पराठे बेल लें। तरफ से तेल या घी लगाते हुए गुलाबी सेंकें। साथ गरमागरम परोसें। उसको भी पीसकर आटे के साथ माड़कर स्वादिष्ट पराठे बनते हैं। जा सकते हैं। |
एग्रीमेंट ऑफ सेल (Agreement of Sale) का तात्पर्य किसी संपत्ति को बेचने के नियमों और शर्तों से है, जो विक्रेता और खरीदार के बीच आपस में तय होते हैं। इन नियमों और शर्तों में किस राशि पर संपत्ति को बेचा जाना है और राशि के पूर्ण भुगतान की तारीख क्या है, आदि शामिल होते हैं।
विवरणः
बिक्री लेनदेन में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज होने के नाते यह बिक्री की प्रक्रिया को बिना किसी बाधा के पूरा करने सक्षम बनाता है। बिक्री के समझौते में शामिल सभी नियमों और शर्तों को दोनों पक्षों द्वारा अच्छी तरह से समझा जाना चाहिए और पूरी बिक्री प्रक्रिया के दौरान इसका पालन किया जाना चाहिए, जब तक बिक्री का बैनामा यानी सेल डीड नहीं बन जाता है। बिक्री का समझौता वह आधार दस्तावेज है, जिस पर बिक्री का बैनामा (सेल डीड) तैयार किया जाता है। सेल डीड खरीदार द्वारा किए गए पूर्ण भुगतान के समय तैयार किया गया दस्तावेज होता है, जब संपत्ति का वास्तविक हस्तांतरण होता है।
| एग्रीमेंट ऑफ सेल का तात्पर्य किसी संपत्ति को बेचने के नियमों और शर्तों से है, जो विक्रेता और खरीदार के बीच आपस में तय होते हैं। इन नियमों और शर्तों में किस राशि पर संपत्ति को बेचा जाना है और राशि के पूर्ण भुगतान की तारीख क्या है, आदि शामिल होते हैं। विवरणः बिक्री लेनदेन में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज होने के नाते यह बिक्री की प्रक्रिया को बिना किसी बाधा के पूरा करने सक्षम बनाता है। बिक्री के समझौते में शामिल सभी नियमों और शर्तों को दोनों पक्षों द्वारा अच्छी तरह से समझा जाना चाहिए और पूरी बिक्री प्रक्रिया के दौरान इसका पालन किया जाना चाहिए, जब तक बिक्री का बैनामा यानी सेल डीड नहीं बन जाता है। बिक्री का समझौता वह आधार दस्तावेज है, जिस पर बिक्री का बैनामा तैयार किया जाता है। सेल डीड खरीदार द्वारा किए गए पूर्ण भुगतान के समय तैयार किया गया दस्तावेज होता है, जब संपत्ति का वास्तविक हस्तांतरण होता है। |
मुंबई. सबसे पुराने सहयोगी शिवसेना के साथ बीजेपी का गठबंधन टूट की कगार पर है. शिवसेना (Shiv Sena) का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) अगर महाराष्ट्र (Maharashtra) में मुख्यमंत्री पद साझा करने का वादा पूरा नहीं करना चाहती तो गठबंधन में बने रहने को कोई मतलब नहीं है. महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Bhagat Singh Koshyari) के शिवसेना को सरकार बानने का दावा पेश करने के लिए आमंत्रित करने के एक दिन बाद संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा कि ने कहा, बीजेपी 50-50 के फॉर्मूले का पालन नहीं करके जनादेश का 'अपमान' कर रही है. उन्होंने दावा किया कि लोकसभा चुनाव से पहले इस पर निर्णय ले लिया गया था.
बीजेपी के रविवार को सरकार बनाने से इनकार करने के कुछ घंटों बाद राज्यपाल ने शिवसेना को सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए आमंत्रित किया था. शिवसेना एक ओर जहां एनसीपी और कांग्रेस से संपर्क साध रही है वहीं शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी एनसीपी ने रविवार को कहा कि शिवसेना को पहले राजग से अलग होना होगा. इस बीच, केन्द्रीय भारी उद्योग मंत्री और शिवसेना नेता अरविंद सावंत ने सोमवार को केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार से अलग होने की घोषणा की. मोदी मंत्रिमंडल में शिवसेना के इकलौते मंत्री ने टि्वटर पर अपने फैसले की घोषणा की.
शिवसेना भी नहीं बना पाई सरकार तो क्या होगी महाराष्ट्र में आगे की राह?
.
| मुंबई. सबसे पुराने सहयोगी शिवसेना के साथ बीजेपी का गठबंधन टूट की कगार पर है. शिवसेना का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी अगर महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद साझा करने का वादा पूरा नहीं करना चाहती तो गठबंधन में बने रहने को कोई मतलब नहीं है. महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के शिवसेना को सरकार बानने का दावा पेश करने के लिए आमंत्रित करने के एक दिन बाद संजय राउत ने कहा कि ने कहा, बीजेपी पचास-पचास के फॉर्मूले का पालन नहीं करके जनादेश का 'अपमान' कर रही है. उन्होंने दावा किया कि लोकसभा चुनाव से पहले इस पर निर्णय ले लिया गया था. बीजेपी के रविवार को सरकार बनाने से इनकार करने के कुछ घंटों बाद राज्यपाल ने शिवसेना को सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए आमंत्रित किया था. शिवसेना एक ओर जहां एनसीपी और कांग्रेस से संपर्क साध रही है वहीं शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी एनसीपी ने रविवार को कहा कि शिवसेना को पहले राजग से अलग होना होगा. इस बीच, केन्द्रीय भारी उद्योग मंत्री और शिवसेना नेता अरविंद सावंत ने सोमवार को केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार से अलग होने की घोषणा की. मोदी मंत्रिमंडल में शिवसेना के इकलौते मंत्री ने टि्वटर पर अपने फैसले की घोषणा की. शिवसेना भी नहीं बना पाई सरकार तो क्या होगी महाराष्ट्र में आगे की राह? . |
प्रो० गणेश रघुनाथ अभ्यंकर
०१६ जनवरी सन् १६३१ को ब्रिटिश साम्राज्य के प्रधान मंत्री मि० मैकडानल्डकी घोषणा प्रकाशित होनेक समयसे भावी स्वराज्य के सम्बन्ध भनेक तर्क वितर्क इस घोषणाका रियासतोंकी दृष्टि से क्या महत्व है, इसका हम इस लेख में दिग्दर्शन कराना चाहते हैं। इसके पूर्वी मर्थात सन् १६१७ की घोषणा में ब्रिटिश सरकारका ध्येय माग्नमें क्रमशः जिम्मेवार शासन प्रणाली ( Responsible (eve1nment) स्थापन करनेका है, ऐसा प्रकट किया गया इस घोषणा में 'हिन्दुस्थान' शब्द एक व्यापक भथ में उपयोग किया है, जिससे रियामत और ब्रिटिश भारत दोनों सम्बोधित होते हैं । भारत सरकार के कानून में 'इंडिया' अथवा हिन्दुस्तान शब्दकी परिभाषा इसी प्रकार की है । मन १६१७ की घोषणा के पश्चात भारत सरकारका मन] १६१६ का
नया कानून निर्माण हुआ । इस कानूनको ब्रिटिश भारत में अमल में लाने के लिए उसकी पहली दफाके उपोद्घात में 'ब्रिटिश भारत' शब्दका उपयोग करके यह उल्लेख किया है, कि ब्रिटिश भारत में जिम्मेवार शासन-प्रणाली प्रस्थापित करने के लिए यह कानून मंजूर किया गया। सन् १६१७ की घोषणा तथा मन् १६९६ के कानून के शब्दभेदमे यद्द मानने में कोई बाधा न होगी कि सन् १६१७ की घोषणा के लेखकोंके मनसे इन दो शब्दोंका अर्थभेद पूर्णतया स्पष्ट था । इस 'इंडिया' शब्द के प्रयोगसे ही लोगोंक हृदयों में ऐसी प्राशा उत्पन्न हुई कि जिम्मेवार शासन प्रणालीका व्येय रियासतों में भी अमल में लाया जायगा । गोल-मेज प -परिषदकी प्रथम बैठक में बीकानेर नरेशने कहा है कि सन् १९१७ की घोषणाका ध्रुवतारा अपने सम्मुख रखकर ही रियासतोंको अपना राज्य-शकट उस दिशा में हाँकना चाहिए । इसी कारण मैकडानल्ड साहब की घोषणास ऐसी भाशा प्रकट होती
थी कि उसमें रियासनोंकी जिम्मेवार शासन-प्रणाली के सम्बन्ध फुक-न-कुछ उल्लेख अवश्य किया जायगा : किन्तु इस नई घोषगाम वे सरनोरथ भग्न होकर रियासतकी प्रजाको घोर निराशा हुई है ।
इस घोषणााम भारतपर एक दगरा सकट उपस्थित हुआ है । ब्रिटिश शासन के प्राकममे भाज तक रियामती तथा ब्रिटिश भारतका अन्तिम नियंत्रण केवल एक ही राजसत्ता में भारत सरकारमै - केन्द्रीभूत था। रियामतोंका सार्वभौमत्व (Soverng.uty ) का तथा ब्रिटिश भारतके राज्य शासनका अन्तिम अधिकार भारत सरकार में ही केन्द्रीभूत था. और वह अधिकार गवनर जनरल इन-कौन्सिल अमल में लाते थे । 'पायगराय' शब्दका न तो कानूनमें कहीं उल्लेख है और न वह को स्वीकार ही किया गया है । यह केन्द्रीभूत सत्ता अब विभाजित होकर विभाग सदा के लिए होनेवाले है। देशी नरेश अपनी सम्मतिम जो विभाग ब्रिटिश भारतके फेडरेशनको सौंप देंगे, उन्हें छोड़कर शेष सब विभागका राजनैतिक नियंत्रणा भागामी राज्य शासन वायसराय ( बादशाह के प्रतिनिधि ) के हाथ में रहेगा । वायसराय पॉलिटिकल विभागका गोगे नौकरशाही की सहायताम यह नियन्त्रगा लगभग सौ संवच्छाचारी रियासतोंपर चलानेवाले हैं। तात्पर्य यह कि रियासतों और वायसरायका एक नया मौतला दल अब अस्तित्व मानेवाला है और ब्रिटिश भारतका राज्य शासन बादशाहक प्रतिनिधिके नाते गवर्नर जनरल अपने मंत्रिमंडलकी सहायता करनेवाले हैं । अर्थात् आगामी राज्य व्यवस्था में वायसराय और गवर्नर जनरलके अधिकारके दो पृथक् विभाग किये जायँगे । मैकडानल्ड साहबने अपनी घोषगामें यह द्विदल शासन प्रणाली मूल सिद्धान्त के ही आधारपर रचित है, | प्रोशून्य गणेश रघुनाथ अभ्यंकर सोलह जनवरी सन् एक हज़ार छः सौ इकतीस को ब्रिटिश साम्राज्य के प्रधान मंत्री मिशून्य मैकडानल्डकी घोषणा प्रकाशित होनेक समयसे भावी स्वराज्य के सम्बन्ध भनेक तर्क वितर्क इस घोषणाका रियासतोंकी दृष्टि से क्या महत्व है, इसका हम इस लेख में दिग्दर्शन कराना चाहते हैं। इसके पूर्वी मर्थात सन् एक हज़ार छः सौ सत्रह की घोषणा में ब्रिटिश सरकारका ध्येय माग्नमें क्रमशः जिम्मेवार शासन प्रणाली स्थापन करनेका है, ऐसा प्रकट किया गया इस घोषणा में 'हिन्दुस्थान' शब्द एक व्यापक भथ में उपयोग किया है, जिससे रियामत और ब्रिटिश भारत दोनों सम्बोधित होते हैं । भारत सरकार के कानून में 'इंडिया' अथवा हिन्दुस्तान शब्दकी परिभाषा इसी प्रकार की है । मन एक हज़ार छः सौ सत्रह की घोषणा के पश्चात भारत सरकारका मन] एक हज़ार छः सौ सोलह का नया कानून निर्माण हुआ । इस कानूनको ब्रिटिश भारत में अमल में लाने के लिए उसकी पहली दफाके उपोद्घात में 'ब्रिटिश भारत' शब्दका उपयोग करके यह उल्लेख किया है, कि ब्रिटिश भारत में जिम्मेवार शासन-प्रणाली प्रस्थापित करने के लिए यह कानून मंजूर किया गया। सन् एक हज़ार छः सौ सत्रह की घोषणा तथा मन् एक हज़ार छः सौ छियानवे के कानून के शब्दभेदमे यद्द मानने में कोई बाधा न होगी कि सन् एक हज़ार छः सौ सत्रह की घोषणा के लेखकोंके मनसे इन दो शब्दोंका अर्थभेद पूर्णतया स्पष्ट था । इस 'इंडिया' शब्द के प्रयोगसे ही लोगोंक हृदयों में ऐसी प्राशा उत्पन्न हुई कि जिम्मेवार शासन प्रणालीका व्येय रियासतों में भी अमल में लाया जायगा । गोल-मेज प -परिषदकी प्रथम बैठक में बीकानेर नरेशने कहा है कि सन् एक हज़ार नौ सौ सत्रह की घोषणाका ध्रुवतारा अपने सम्मुख रखकर ही रियासतोंको अपना राज्य-शकट उस दिशा में हाँकना चाहिए । इसी कारण मैकडानल्ड साहब की घोषणास ऐसी भाशा प्रकट होती थी कि उसमें रियासनोंकी जिम्मेवार शासन-प्रणाली के सम्बन्ध फुक-न-कुछ उल्लेख अवश्य किया जायगा : किन्तु इस नई घोषगाम वे सरनोरथ भग्न होकर रियासतकी प्रजाको घोर निराशा हुई है । इस घोषणााम भारतपर एक दगरा सकट उपस्थित हुआ है । ब्रिटिश शासन के प्राकममे भाज तक रियामती तथा ब्रिटिश भारतका अन्तिम नियंत्रण केवल एक ही राजसत्ता में भारत सरकारमै - केन्द्रीभूत था। रियामतोंका सार्वभौमत्व का तथा ब्रिटिश भारतके राज्य शासनका अन्तिम अधिकार भारत सरकार में ही केन्द्रीभूत था. और वह अधिकार गवनर जनरल इन-कौन्सिल अमल में लाते थे । 'पायगराय' शब्दका न तो कानूनमें कहीं उल्लेख है और न वह को स्वीकार ही किया गया है । यह केन्द्रीभूत सत्ता अब विभाजित होकर विभाग सदा के लिए होनेवाले है। देशी नरेश अपनी सम्मतिम जो विभाग ब्रिटिश भारतके फेडरेशनको सौंप देंगे, उन्हें छोड़कर शेष सब विभागका राजनैतिक नियंत्रणा भागामी राज्य शासन वायसराय के हाथ में रहेगा । वायसराय पॉलिटिकल विभागका गोगे नौकरशाही की सहायताम यह नियन्त्रगा लगभग सौ संवच्छाचारी रियासतोंपर चलानेवाले हैं। तात्पर्य यह कि रियासतों और वायसरायका एक नया मौतला दल अब अस्तित्व मानेवाला है और ब्रिटिश भारतका राज्य शासन बादशाहक प्रतिनिधिके नाते गवर्नर जनरल अपने मंत्रिमंडलकी सहायता करनेवाले हैं । अर्थात् आगामी राज्य व्यवस्था में वायसराय और गवर्नर जनरलके अधिकारके दो पृथक् विभाग किये जायँगे । मैकडानल्ड साहबने अपनी घोषगामें यह द्विदल शासन प्रणाली मूल सिद्धान्त के ही आधारपर रचित है, |
REET परीक्षा में फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए बीजेपी ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। शहर बीजेपी ने आज दोपहर में शिक्षा मंत्री गोविंद डोटासरा के खिलाफ प्रदर्शन किया। सर्किट हाउस से कलेक्ट्री तक रैली निकाली। फिर कलेक्ट्री के बाहर धरने पर बैठ गए। बाद में राज्यपाल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन देकर शिक्षा मंत्री गोविंद डोटासरा को बर्खास्त करने की मांग की। प्रदर्शन में बीजेपी विधायक संदीप शर्मा भी शामिल हुए।
शहर बीजेपी अध्यक्ष रामबाबू सोनी ने कहा कि झूठे वादे करके कांग्रेस सत्ता में आई है। बेरोजगार युवाओं को भत्ता नहीं मिल रहा। जिन युवाओं ने तैयारी करके REET की परीक्षा दी थी उनके साथ भी धोखा हुआ है। कांग्रेस सरकार में बत्ती लाल जैसे दलाल पल रहे है जो पैसे लेकर पेपर लीक करवा रहे है। अशोक गहलोत की पूरी सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। आज राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर शिक्षा मंत्री गोविंद डोटासरा को मंत्री पद से हटाने की मांग की है। डोटासरा की जगह योग्य व्यक्ति को मंत्री बनाने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।
This website follows the DNPA Code of Ethics.
| REET परीक्षा में फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए बीजेपी ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। शहर बीजेपी ने आज दोपहर में शिक्षा मंत्री गोविंद डोटासरा के खिलाफ प्रदर्शन किया। सर्किट हाउस से कलेक्ट्री तक रैली निकाली। फिर कलेक्ट्री के बाहर धरने पर बैठ गए। बाद में राज्यपाल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन देकर शिक्षा मंत्री गोविंद डोटासरा को बर्खास्त करने की मांग की। प्रदर्शन में बीजेपी विधायक संदीप शर्मा भी शामिल हुए। शहर बीजेपी अध्यक्ष रामबाबू सोनी ने कहा कि झूठे वादे करके कांग्रेस सत्ता में आई है। बेरोजगार युवाओं को भत्ता नहीं मिल रहा। जिन युवाओं ने तैयारी करके REET की परीक्षा दी थी उनके साथ भी धोखा हुआ है। कांग्रेस सरकार में बत्ती लाल जैसे दलाल पल रहे है जो पैसे लेकर पेपर लीक करवा रहे है। अशोक गहलोत की पूरी सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। आज राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर शिक्षा मंत्री गोविंद डोटासरा को मंत्री पद से हटाने की मांग की है। डोटासरा की जगह योग्य व्यक्ति को मंत्री बनाने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा। This website follows the DNPA Code of Ethics. |
जल स्पलाई और सैनीटेशन मंत्री पंजाब रजिया सुलताना ने आज मलेरकोटला के निवासियों द्धारा पंजाब के मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्धारा मलेरकोटला को सूबे का 23वां जिला का ऐलान करने पर शहर निवासियों को एक शानदार तोहफा देने के लिए धन्यवाद किया। मंत्री ने कहा कि यह हमारे सभी के लिए ऐतिहासिक मौका था क्योंकि मुख्य मंत्री ने मालेरकोटला निवासियों की बहुत पुरानी माँग को साकार पाया है। श्रीमती सुलताना ने कहा कि उन के लिए यह एक स्वप्न साकार होने जैसा है क्योंकि वह मालेरकोटला को जिला बनाने के लिए बहुत कोशिशें कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस फैसले के साथ मालेरकोटला के सर्वपक्खी विकास को बड़ा हुंगारा मिलेगा। मंत्री ने कहा कि मलेरकोटला के सभी निवासी और विशेश तौर पर मुस्लिम भाई ईद के शुभ दिहाड़े मौके भाईचारे मिले को इस शानदार तोहफे के लिए मुख्य मंत्री के हमेशा कर्जदार रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह सब से बड़ा तोहफा था जो कि सूबे की कोई भी सरकार शहर के निवासियों को दे सकती थी। श्रीमती सुलताना ने यह भी कहा कि यह हमारे सभी के लिए एक यादगार दिन था और हमेशा याद किया जाएगा। मंत्री ने एक मैडीकल कालेज, लड़कियों के लिए डिगरी कालेज, महिला थाना, स्मार्ट स्कूल और शहरी विकास के लिए 6 करोड़ रुपए देने का ऐलान करने के लिए भी मुख्य मंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इस के साथ मालेरकोटला देश के रोडमैप पर शिक्षा केंद्र के तौर पर उभ्भरेगा और इसके सर्वपक्खी विकास को ओर मौज मस्ती मिलेगा। श्रीमती सुलताना ने मालेरकोटला के विकास के लिए सूबा सरकार की दृढ़ वचनबद्धता दुहराते हुए कहा कि शहर कभी विकास के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। इस मौके डिप्टी कमिशनर संगरूर श्री रामवीर, एसएसपी विवेक शील सोनी, पूर्व डीजीपी मुहम्मद मुस्तफा, मुफ्ती पंजाब इरतिका उल हँसन, एसडीएम सिमरप्रीत कौर, पीसीएस लतीफ अहमद, एसपी अमनदीप बराड़ समेत कई ओर आदरणिय उपस्थित थे।
| जल स्पलाई और सैनीटेशन मंत्री पंजाब रजिया सुलताना ने आज मलेरकोटला के निवासियों द्धारा पंजाब के मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्धारा मलेरकोटला को सूबे का तेईसवां जिला का ऐलान करने पर शहर निवासियों को एक शानदार तोहफा देने के लिए धन्यवाद किया। मंत्री ने कहा कि यह हमारे सभी के लिए ऐतिहासिक मौका था क्योंकि मुख्य मंत्री ने मालेरकोटला निवासियों की बहुत पुरानी माँग को साकार पाया है। श्रीमती सुलताना ने कहा कि उन के लिए यह एक स्वप्न साकार होने जैसा है क्योंकि वह मालेरकोटला को जिला बनाने के लिए बहुत कोशिशें कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस फैसले के साथ मालेरकोटला के सर्वपक्खी विकास को बड़ा हुंगारा मिलेगा। मंत्री ने कहा कि मलेरकोटला के सभी निवासी और विशेश तौर पर मुस्लिम भाई ईद के शुभ दिहाड़े मौके भाईचारे मिले को इस शानदार तोहफे के लिए मुख्य मंत्री के हमेशा कर्जदार रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह सब से बड़ा तोहफा था जो कि सूबे की कोई भी सरकार शहर के निवासियों को दे सकती थी। श्रीमती सुलताना ने यह भी कहा कि यह हमारे सभी के लिए एक यादगार दिन था और हमेशा याद किया जाएगा। मंत्री ने एक मैडीकल कालेज, लड़कियों के लिए डिगरी कालेज, महिला थाना, स्मार्ट स्कूल और शहरी विकास के लिए छः करोड़ रुपए देने का ऐलान करने के लिए भी मुख्य मंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इस के साथ मालेरकोटला देश के रोडमैप पर शिक्षा केंद्र के तौर पर उभ्भरेगा और इसके सर्वपक्खी विकास को ओर मौज मस्ती मिलेगा। श्रीमती सुलताना ने मालेरकोटला के विकास के लिए सूबा सरकार की दृढ़ वचनबद्धता दुहराते हुए कहा कि शहर कभी विकास के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। इस मौके डिप्टी कमिशनर संगरूर श्री रामवीर, एसएसपी विवेक शील सोनी, पूर्व डीजीपी मुहम्मद मुस्तफा, मुफ्ती पंजाब इरतिका उल हँसन, एसडीएम सिमरप्रीत कौर, पीसीएस लतीफ अहमद, एसपी अमनदीप बराड़ समेत कई ओर आदरणिय उपस्थित थे। |
मार २ सुनिये सदा, क्षेत्र महां दुर्गत्र । वई व्यार असुहावनी, अशुभ क्षेत्र सम्बन्ध ॥ ६१ ॥ तीन लोकको नाज सब, जो भक्षण कर लेय । तो भी भूख न उपशमे, कौन एक कण देय ॥ ६९ ॥ सागरके जलसों जहां, पीवत प्यास न जाय । लहे न पानी बूंद सम, दहे निरंतर काय ॥ ६३ ॥ वात पित्त कफ जनित जे, रोग नात या बन्त तिनके सदा शरीर में, उदै आयु पर यंत्र ॥ ६४ ॥ कटु तूंबीसों कटुक रस, करवतकी सम फांस । जिनकी मृतक मझार सो, अधिक देह दुर्वास ॥ ६५ ॥ योजन काख प्रमाण जहं, कोह पिंड गल जाय । ऐसी है अति उष्णता, ऐसी शीत सुभाय ॥ ६६ ॥ अडिल्ल - पंक प्रभा पर्यंत उष्णता अतिकही,
धूम प्रभामें शीत उष्ण दोनों सही ॥ छटी सातवीं भूमिनि केवल शीत है,
ताकी उपमा नाहि महाविपरीत है ।। ६७ ॥ दोहा - स्वान स्मार मंभारकी, परी कलेवर रास । मासनसा अरु रूघिरफी, कदौ जहां कुवास ॥१८॥ ठाम २ असुहावने, सेवल सेतरु भूर । पैने दुख देने कठिन, कंटक कलि तक शूर ! ६९ और जहां असि पत्रवन, भीम तरोबर खेत ।. जिनके दकं तरवारसे, लगत घावकर देव ॥ ७० ॥ वैतरणी सरिता समक, कोहित कहर भयान ।
वह क्षार श्रोणित भरी, मांस कींच घिन थान ॥७१॥ पक्षी वायस गीध गण, लोहतुंड सोनेह । मरम विदारे दुख करें, चौथे चहुंदिश देह ।।१२।। पंचेन्द्री मनको महा, जो दुखदायक जोग । ते सब नर्क निकेतमें, एक निन्द अमनोग ॥ ७३ ॥ कथा व्यपार कलेशकी, कई कहांलो कोय । कोटि नीमसे बरनिये, तऊ न पूरी होय ॥ ७४ ॥ सागरपन्ध प्रमाण थिति, क्षण क्षण तीक्षण त्रास । ए दुख देखे नाश्की, परवश परो निरास ॥ ७५ ॥ जसी परवश वेदना, सहे जोय बहु भाय । सुवश सहे जो अंत भी, तो भवजक तरि नाय ॥७१॥ ऐसे नरक नारकी, भयो भील कुठ भाव । सागर सत्ताईसकी, धारी मध्यम आव ॥ ७७ ॥ सागर काल प्रमाण छाब, वरणों औसर पाय । जिनसों नर्क निवासकी, थित वरनी जिनराय ॥७८॥
(१२) जन्मकल्याणक पूजा ।
दोहा- दोष अठारह रहित प्रभु, सहित मुगुण छयालीस । तिन सबकी पूजा करों, आय तिष्ठ जगदीश ॥ १ ॥ ॐ ह्रीं अष्टादशदोषरहितं षट्चत्वारिंशद्गुणसहित श्रीमदईत्परमेष्टिन् ! अत्र अवंतर । अवतर । संचौषट् ।
जैनांसद्धांतसंग्रह ।
ॐ ह्रीं अष्टादशदोषरहित षट्चत्वारिंशद्गुणसहित श्रीमदईत्परमेष्टिन् ! मत्र तिष्ठ तिष्ठ । ठः ठः ।
ॐ ह्रीं अष्टादशदोषरहित षट्चत्वारिंशदगुणसहित श्रीमद ईस्परमेष्टिन् । अत्रममसन्निहितो भव भव वषट् ।
( द्यानतमयकृत नन्दीश्वर द्वीपाष्टककी चाल । ) शुचिक्षीरउदधिको नीर, हाटक भृङ्गभरा । तुमपदपूर्जो गुणधीर, मेटो जन्मजरा ।। हरि मेरुसुदर्शन जाय, जिनवर न्हौन करें । हम पूजें इनगुण गाय, मंगळ मोद घरें ॥ १ ॥ ॐ ह्रीं अष्टादशदोषरहित षट्चत्वारिंशद्गुगसहित श्रीमद इत्परमेष्टिने मम्मनरामृत्युविनाशनाय अलं निर्वपामीति स्वाहा ॥१॥ केसर घनसार मिलाय, शीत सुगंधधनी । जुगचरनन चर्चा लाय, भव आतापहनी ॥ हरि मेरु सुदर्शन जाय, जिनवर न्हौन करें। हम पूमें इतगुण गाय, मंगल मोद घरें ॥ २ ॥ ॐ ह्रीं अष्टादशदोषरहित षट्चत्वारिंशद्गुणमहित श्रीमदईत्परमेष्टिने संसारातापविनाशनाय चंदनं निर्वपामीति स्वाहा ।। अक्षत मोती उनहार, स्वेत सुगन्ध भरे ।
पाउं अक्षयपदसार, ले तुम भेंट घरें ॥ ६ ॥ हरि० ॐ ह्रीं अष्टादशदोषरहित षट्चत्वारिंशद्गुणसहित श्रीमदईत्परमेष्टिने अक्षयपदप्राप्तये अक्षतान् निर्वपामीति स्वाहा ।।
वेल्हा जूही गुलाव, सुमन अनेक भरे । तुम भेंट घरों जिनराज, काम कलंक हरे ॥
हरि मेरु सुदर्शन जाय, जिनवर न्हौन करें । हम पूनें इतगुण गाय मंगल मोद घरें ॥ ४ ॥ ॐ ह्रीं अष्टादश दोषरहित षट्चत्वारिंशद्गुणसहित श्रीमदईस्परमेष्टिने कामबाण विध्वंशनाय पुष्पं निर्देपामीति स्वाहा । फेनी गोझा पकवान, सुंदर ले ताजे ।
तुम अग्र घरों गुण खान, रोग हुषा भाजे ।। हरि मे सुदर्शन भाय, मिनवर न्हौन करें । हम पूर्वे इस गुण गाय, मंगळ मोद घरें ॥ ५ ॥ ॐ ह्रीं अष्टादशदोरहित पट्चत्वारिंशद्गुणसहित श्रीमदर्हस्परमेष्टिने क्षुधारोगविराशनाय नैवेद्य निर्वपामीति स्वाहा । कंचन मय दीपक बार, तुम भागे लाऊं । मम तिमिरमोह छैकार, केवल पद पाऊं ॥ हरि मेरु सुदर्शन नाय, मिनवर न्हौन करें । हम पूढें इत गुण गाय, मंगळ मोद घरें ॥ ६ ॥ ॐ ह्रीं अष्टादशदोषरहित षट्चत्वारिंशद्गुणसहित श्रीमदइत्परमेष्टिने मोहांधकारविनाशनाय दीपं निर्वपामीति स्वाहा ।
कृष्णागरु तगरु कपुर, चूरसुगंध करों तुम आगे खेत मुर, वसुविध कर्म हरों ।। हरि मेरु सुदरशन जाय, जिनवर न्हौन करें । इम पूर्वे इत गुण गाय, मङ्गक मोद घरें ॥ ७ ॥ ॐ ह्रीं अष्टादशदोषरहित पटचत्वारिंशद्गुण सहित श्रीमद ईत्परमेष्टिने मष्टकर्मदहनाय धूपं निर्वपामीति स्वाहा । श्रीफल अंगूर बनार, खारक थार मरों ।
तुम चरन चढाऊं सार, ताफल मुक्ति वरों ॥ - हरि मेरु सुदर्शन जाय, जिनवर न्हौन करें । हम पूनें इत गुण गाय, मङ्गल मोद धरें ॥ ८ ॥ ॐ ह्रीं अष्टादश दोषरहित षट्चत्वारिशद्गुण नहित श्रीमदर्हत्परमेष्टिने मोक्षफलप्राप्तये फलं निर्वपापीति स्वाहा ।
जल आदिक आठ अदोष, तिनका अर्ध करों । तुम पद पूनों गुण कोप, पुरन पद सु घरों । हरि मेरु सुदरशन नाय, जिनवर न्हौन करें । हम पूर्णे इत गुण गाय, बदरी मोद घरें ॥ ९ ॥ ॐ ह्रीं अष्टादशदोषरहित षट्चत्वारिंशद्गुण सहित श्रीमदईत्परमेष्टिने अनर्थ्यपदपाप्तये अघं निर्वपामीति स्वाहा ।
जयमाल ।
( जोगीरासा )
जन्मसमय उच्छव करनेको इन्द्र शचीयुत घायो । तिहॅको छु वरणन करवेको, मेरो मन लमगायो । बुधि जन मोकों दोष न दीनो, थोरी बुद्धि सुकायो । साधू दोष क्षमै सबझीके, मेरी करौ सहायौ ॥ १ ॥ ( छन्द कामिनी - मोहन - मात्रा २० । ) जन्म जिनराजको जबर्हि निज जानियों। इन्द्र घरनिंद्र सुर सकल भकुलानियों ।। देव देवाङ्गना चालिय जयकारतीं। शचिय सुरपति सहित करर्ति जिन भारतीं ॥ २ ॥ | मार दो सुनिये सदा, क्षेत्र महां दुर्गत्र । वई व्यार असुहावनी, अशुभ क्षेत्र सम्बन्ध ॥ इकसठ ॥ तीन लोकको नाज सब, जो भक्षण कर लेय । तो भी भूख न उपशमे, कौन एक कण देय ॥ उनहत्तर ॥ सागरके जलसों जहां, पीवत प्यास न जाय । लहे न पानी बूंद सम, दहे निरंतर काय ॥ तिरेसठ ॥ वात पित्त कफ जनित जे, रोग नात या बन्त तिनके सदा शरीर में, उदै आयु पर यंत्र ॥ चौंसठ ॥ कटु तूंबीसों कटुक रस, करवतकी सम फांस । जिनकी मृतक मझार सो, अधिक देह दुर्वास ॥ पैंसठ ॥ योजन काख प्रमाण जहं, कोह पिंड गल जाय । ऐसी है अति उष्णता, ऐसी शीत सुभाय ॥ छयासठ ॥ अडिल्ल - पंक प्रभा पर्यंत उष्णता अतिकही, धूम प्रभामें शीत उष्ण दोनों सही ॥ छटी सातवीं भूमिनि केवल शीत है, ताकी उपमा नाहि महाविपरीत है ।। सरसठ ॥ दोहा - स्वान स्मार मंभारकी, परी कलेवर रास । मासनसा अरु रूघिरफी, कदौ जहां कुवास ॥अट्ठारह॥ ठाम दो असुहावने, सेवल सेतरु भूर । पैने दुख देने कठिन, कंटक कलि तक शूर ! उनहत्तर और जहां असि पत्रवन, भीम तरोबर खेत ।. जिनके दकं तरवारसे, लगत घावकर देव ॥ सत्तर ॥ वैतरणी सरिता समक, कोहित कहर भयान । वह क्षार श्रोणित भरी, मांस कींच घिन थान ॥इकहत्तर॥ पक्षी वायस गीध गण, लोहतुंड सोनेह । मरम विदारे दुख करें, चौथे चहुंदिश देह ।।बारह।। पंचेन्द्री मनको महा, जो दुखदायक जोग । ते सब नर्क निकेतमें, एक निन्द अमनोग ॥ तिहत्तर ॥ कथा व्यपार कलेशकी, कई कहांलो कोय । कोटि नीमसे बरनिये, तऊ न पूरी होय ॥ चौहत्तर ॥ सागरपन्ध प्रमाण थिति, क्षण क्षण तीक्षण त्रास । ए दुख देखे नाश्की, परवश परो निरास ॥ पचहत्तर ॥ जसी परवश वेदना, सहे जोय बहु भाय । सुवश सहे जो अंत भी, तो भवजक तरि नाय ॥इकहत्तर॥ ऐसे नरक नारकी, भयो भील कुठ भाव । सागर सत्ताईसकी, धारी मध्यम आव ॥ सतहत्तर ॥ सागर काल प्रमाण छाब, वरणों औसर पाय । जिनसों नर्क निवासकी, थित वरनी जिनराय ॥अठहत्तर॥ जन्मकल्याणक पूजा । दोहा- दोष अठारह रहित प्रभु, सहित मुगुण छयालीस । तिन सबकी पूजा करों, आय तिष्ठ जगदीश ॥ एक ॥ ॐ ह्रीं अष्टादशदोषरहितं षट्चत्वारिंशद्गुणसहित श्रीमदईत्परमेष्टिन् ! अत्र अवंतर । अवतर । संचौषट् । जैनांसद्धांतसंग्रह । ॐ ह्रीं अष्टादशदोषरहित षट्चत्वारिंशद्गुणसहित श्रीमदईत्परमेष्टिन् ! मत्र तिष्ठ तिष्ठ । ठः ठः । ॐ ह्रीं अष्टादशदोषरहित षट्चत्वारिंशदगुणसहित श्रीमद ईस्परमेष्टिन् । अत्रममसन्निहितो भव भव वषट् । शुचिक्षीरउदधिको नीर, हाटक भृङ्गभरा । तुमपदपूर्जो गुणधीर, मेटो जन्मजरा ।। हरि मेरुसुदर्शन जाय, जिनवर न्हौन करें । हम पूजें इनगुण गाय, मंगळ मोद घरें ॥ एक ॥ ॐ ह्रीं अष्टादशदोषरहित षट्चत्वारिंशद्गुगसहित श्रीमद इत्परमेष्टिने मम्मनरामृत्युविनाशनाय अलं निर्वपामीति स्वाहा ॥एक॥ केसर घनसार मिलाय, शीत सुगंधधनी । जुगचरनन चर्चा लाय, भव आतापहनी ॥ हरि मेरु सुदर्शन जाय, जिनवर न्हौन करें। हम पूमें इतगुण गाय, मंगल मोद घरें ॥ दो ॥ ॐ ह्रीं अष्टादशदोषरहित षट्चत्वारिंशद्गुणमहित श्रीमदईत्परमेष्टिने संसारातापविनाशनाय चंदनं निर्वपामीति स्वाहा ।। अक्षत मोती उनहार, स्वेत सुगन्ध भरे । पाउं अक्षयपदसार, ले तुम भेंट घरें ॥ छः ॥ हरिशून्य ॐ ह्रीं अष्टादशदोषरहित षट्चत्वारिंशद्गुणसहित श्रीमदईत्परमेष्टिने अक्षयपदप्राप्तये अक्षतान् निर्वपामीति स्वाहा ।। वेल्हा जूही गुलाव, सुमन अनेक भरे । तुम भेंट घरों जिनराज, काम कलंक हरे ॥ हरि मेरु सुदर्शन जाय, जिनवर न्हौन करें । हम पूनें इतगुण गाय मंगल मोद घरें ॥ चार ॥ ॐ ह्रीं अष्टादश दोषरहित षट्चत्वारिंशद्गुणसहित श्रीमदईस्परमेष्टिने कामबाण विध्वंशनाय पुष्पं निर्देपामीति स्वाहा । फेनी गोझा पकवान, सुंदर ले ताजे । तुम अग्र घरों गुण खान, रोग हुषा भाजे ।। हरि मे सुदर्शन भाय, मिनवर न्हौन करें । हम पूर्वे इस गुण गाय, मंगळ मोद घरें ॥ पाँच ॥ ॐ ह्रीं अष्टादशदोरहित पट्चत्वारिंशद्गुणसहित श्रीमदर्हस्परमेष्टिने क्षुधारोगविराशनाय नैवेद्य निर्वपामीति स्वाहा । कंचन मय दीपक बार, तुम भागे लाऊं । मम तिमिरमोह छैकार, केवल पद पाऊं ॥ हरि मेरु सुदर्शन नाय, मिनवर न्हौन करें । हम पूढें इत गुण गाय, मंगळ मोद घरें ॥ छः ॥ ॐ ह्रीं अष्टादशदोषरहित षट्चत्वारिंशद्गुणसहित श्रीमदइत्परमेष्टिने मोहांधकारविनाशनाय दीपं निर्वपामीति स्वाहा । कृष्णागरु तगरु कपुर, चूरसुगंध करों तुम आगे खेत मुर, वसुविध कर्म हरों ।। हरि मेरु सुदरशन जाय, जिनवर न्हौन करें । इम पूर्वे इत गुण गाय, मङ्गक मोद घरें ॥ सात ॥ ॐ ह्रीं अष्टादशदोषरहित पटचत्वारिंशद्गुण सहित श्रीमद ईत्परमेष्टिने मष्टकर्मदहनाय धूपं निर्वपामीति स्वाहा । श्रीफल अंगूर बनार, खारक थार मरों । तुम चरन चढाऊं सार, ताफल मुक्ति वरों ॥ - हरि मेरु सुदर्शन जाय, जिनवर न्हौन करें । हम पूनें इत गुण गाय, मङ्गल मोद धरें ॥ आठ ॥ ॐ ह्रीं अष्टादश दोषरहित षट्चत्वारिशद्गुण नहित श्रीमदर्हत्परमेष्टिने मोक्षफलप्राप्तये फलं निर्वपापीति स्वाहा । जल आदिक आठ अदोष, तिनका अर्ध करों । तुम पद पूनों गुण कोप, पुरन पद सु घरों । हरि मेरु सुदरशन नाय, जिनवर न्हौन करें । हम पूर्णे इत गुण गाय, बदरी मोद घरें ॥ नौ ॥ ॐ ह्रीं अष्टादशदोषरहित षट्चत्वारिंशद्गुण सहित श्रीमदईत्परमेष्टिने अनर्थ्यपदपाप्तये अघं निर्वपामीति स्वाहा । जयमाल । जन्मसमय उच्छव करनेको इन्द्र शचीयुत घायो । तिहॅको छु वरणन करवेको, मेरो मन लमगायो । बुधि जन मोकों दोष न दीनो, थोरी बुद्धि सुकायो । साधू दोष क्षमै सबझीके, मेरी करौ सहायौ ॥ एक ॥ जन्म जिनराजको जबर्हि निज जानियों। इन्द्र घरनिंद्र सुर सकल भकुलानियों ।। देव देवाङ्गना चालिय जयकारतीं। शचिय सुरपति सहित करर्ति जिन भारतीं ॥ दो ॥ |
पूर्व शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज छोटा शिमला स्थित तिब्बतियन स्कूल के बाहर डटे रहे। यह उनका पोलिंग बूथ भी है। सुबह से उनकी डयूटी यहां पर लगी थी। वे वोटरों से मिल रहे थे। दिनभर उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ यहीं पर रहे।
शिमला, जागरण संवाददाता। एक महीने से चले सियासी संग्राम के बाद मंगलवार को नगर निगम शिमला के चुनावों के लिए मतदान हुआ। सोमवार रात से ही शिमला में बारिश का क्रम जारी रहा। मंगलवार को शिमला में कड़ाके की ठंड पड़ रही थी। राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता सुबह 6 बजे ही पोलिंग बूथ पर पहुंच गए थे। पोलिंग बूथ से तय दूरी पर अपनी अपनी पार्टियों के झंडे व लड़ियां लगाने का काम शुरू कर दिया था।
यही नहीं 100 मीटर की दूरी पर पोलिंग एजेंट बैठ गए थे। ये वोटरों को मतदान के लिए गाइड करने का काम कर रहे थे। सुबह 8 बजे से मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई। लेकिन लोग 7:30 बजे ही पोलिंग बूथों पर पहुंचना शुरू हो गए थे। लोगों में मतदान के लिए खासा उत्साह देखने को मिल रहा था। कड़ाके की ठंड व दिनभर हुई हल्की बारिश राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं का चुनावी जोश ठंडा नहीं कर पाई। कार्यकर्ता लोगों को पोलिंग बूथों पर लाने के काम में जुटे हुए थे।
चुनावी मैदान में उतरे प्रत्याशी सुबह से ही अपने कार्यकर्ताओं के साथ चुनावी तैयारियों में व्यस्त थे। बारिश के कारण भी लोग घरों से नहीं निकल रहे थे। ऐसे में प्रत्याशी खुद फोन पर संपर्क साधकर मतदाताओं को मतदान के लिए कह रहे थे। वहीं कार्यकर्ता भी इसी कार्य में जुटे हुए थे। पोलिंग बूथों के बाहर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
पूर्व शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज छोटा शिमला स्थित तिब्बतियन स्कूल के बाहर डटे रहे। यह उनका पोलिंग बूथ भी है। सुबह से उनकी डयूटी यहां पर लगी थी। वे वोटरों से मिल रहे थे। दिनभर उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ यहीं पर रहे। उनका खुदका वोट भी इसी पोलिंग बूथ पर है।
मतदान की प्रक्रिया सुबह 8 बजे शुरू हुई। पहले दो घंटें यानि 10 बजे तक केवल 13. 17 फीसद मतदान हुआ। इसमें पुरुष में 14. 70 व 11. 45 फीसद महिलाओं ने वोट डाले थे। 12 बजे तक 28. 98 फीसद मतदान हुआ। इसमें पुरुष मतदान प्रतिशत्ता 30. 31 व महिला 27. 49 फीसद थी। इसके बाद बारिश के कारण लोग कम घरों से निकले। हालांकि दोपहर के बाद बारिश कम हुई तो मतदान करने के लिए लोग घरों से बाहर निकलना शुरू हो गए थे।
| पूर्व शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज छोटा शिमला स्थित तिब्बतियन स्कूल के बाहर डटे रहे। यह उनका पोलिंग बूथ भी है। सुबह से उनकी डयूटी यहां पर लगी थी। वे वोटरों से मिल रहे थे। दिनभर उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ यहीं पर रहे। शिमला, जागरण संवाददाता। एक महीने से चले सियासी संग्राम के बाद मंगलवार को नगर निगम शिमला के चुनावों के लिए मतदान हुआ। सोमवार रात से ही शिमला में बारिश का क्रम जारी रहा। मंगलवार को शिमला में कड़ाके की ठंड पड़ रही थी। राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता सुबह छः बजे ही पोलिंग बूथ पर पहुंच गए थे। पोलिंग बूथ से तय दूरी पर अपनी अपनी पार्टियों के झंडे व लड़ियां लगाने का काम शुरू कर दिया था। यही नहीं एक सौ मीटर की दूरी पर पोलिंग एजेंट बैठ गए थे। ये वोटरों को मतदान के लिए गाइड करने का काम कर रहे थे। सुबह आठ बजे से मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई। लेकिन लोग सात:तीस बजे ही पोलिंग बूथों पर पहुंचना शुरू हो गए थे। लोगों में मतदान के लिए खासा उत्साह देखने को मिल रहा था। कड़ाके की ठंड व दिनभर हुई हल्की बारिश राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं का चुनावी जोश ठंडा नहीं कर पाई। कार्यकर्ता लोगों को पोलिंग बूथों पर लाने के काम में जुटे हुए थे। चुनावी मैदान में उतरे प्रत्याशी सुबह से ही अपने कार्यकर्ताओं के साथ चुनावी तैयारियों में व्यस्त थे। बारिश के कारण भी लोग घरों से नहीं निकल रहे थे। ऐसे में प्रत्याशी खुद फोन पर संपर्क साधकर मतदाताओं को मतदान के लिए कह रहे थे। वहीं कार्यकर्ता भी इसी कार्य में जुटे हुए थे। पोलिंग बूथों के बाहर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। पूर्व शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज छोटा शिमला स्थित तिब्बतियन स्कूल के बाहर डटे रहे। यह उनका पोलिंग बूथ भी है। सुबह से उनकी डयूटी यहां पर लगी थी। वे वोटरों से मिल रहे थे। दिनभर उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ यहीं पर रहे। उनका खुदका वोट भी इसी पोलिंग बूथ पर है। मतदान की प्रक्रिया सुबह आठ बजे शुरू हुई। पहले दो घंटें यानि दस बजे तक केवल तेरह. सत्रह फीसद मतदान हुआ। इसमें पुरुष में चौदह. सत्तर व ग्यारह. पैंतालीस फीसद महिलाओं ने वोट डाले थे। बारह बजे तक अट्ठाईस. अट्ठानवे फीसद मतदान हुआ। इसमें पुरुष मतदान प्रतिशत्ता तीस. इकतीस व महिला सत्ताईस. उनचास फीसद थी। इसके बाद बारिश के कारण लोग कम घरों से निकले। हालांकि दोपहर के बाद बारिश कम हुई तो मतदान करने के लिए लोग घरों से बाहर निकलना शुरू हो गए थे। |
नोएडा न्यूज़ः सरस्वती एंक्लेव में एक दुकान के बाहर खेलते समय शाम संदिग्ध हालात में गायब हुए बच्चे का शव की शाम नाले में पड़ा मिला है. परिजनों ने की देर रात बच्चे के गायब होने की सूचना पुलिस को दी थी.
थाना प्रभारी उत्तम कुमार ने बताया कि सरस्वती एंक्लेव में हबीब परिवार के साथ रहते हैं. वह कॉलोनी में बैग सिलाई की दुकान चलाते हैं. उनके मुताबिक शाम उनके बच्चे दुकान के बाहर खेल रहे थे. एक बच्चा मां की गोद में था, जबकि दो बच्चे नीचे खेल रहे थे. इनमें से तीन वर्षीय बच्चा नाजिम अंसारी अचानक गायब हो गया. परिजनों ने उसको काफी तलाश किया, लेकिन कोई पता नहीं चला. पुलिस को शाम बच्चे का शव नाले में पड़ा मिला. पुलिस के मुताबिक बच्चा खेलते समय नाले में गिर गया था, जिससे उसकी मौत हो गई.
दादरी तहसील प्रशासन ने सुपर सिटी डेवलपर्स के कार्यालय को सील कर दिया. इसके मालिक दीपक मिगलानी के दिल्ली स्थित आवास पर भी प्रशासन की टीम ने दबिश दी है.
उपजिलाधिकारी दादरी आलोक गुप्ता ने बताया कि सुपर सिटी डेवलपर्स पर रेरा की आरसी का पांच करोड़ से अधिक बकाया है. इसके ग्रेनो वेस्ट स्थित कार्यालय को तीन दिन पहले सील किया था, लेकिन सूचना मिली की उसने पुराने कार्यालय के पास ही नया कार्यालय खोल लिया है. जिस पर प्रशासन की टीम ने उस कार्यालय को भी सील कर दिया.
| नोएडा न्यूज़ः सरस्वती एंक्लेव में एक दुकान के बाहर खेलते समय शाम संदिग्ध हालात में गायब हुए बच्चे का शव की शाम नाले में पड़ा मिला है. परिजनों ने की देर रात बच्चे के गायब होने की सूचना पुलिस को दी थी. थाना प्रभारी उत्तम कुमार ने बताया कि सरस्वती एंक्लेव में हबीब परिवार के साथ रहते हैं. वह कॉलोनी में बैग सिलाई की दुकान चलाते हैं. उनके मुताबिक शाम उनके बच्चे दुकान के बाहर खेल रहे थे. एक बच्चा मां की गोद में था, जबकि दो बच्चे नीचे खेल रहे थे. इनमें से तीन वर्षीय बच्चा नाजिम अंसारी अचानक गायब हो गया. परिजनों ने उसको काफी तलाश किया, लेकिन कोई पता नहीं चला. पुलिस को शाम बच्चे का शव नाले में पड़ा मिला. पुलिस के मुताबिक बच्चा खेलते समय नाले में गिर गया था, जिससे उसकी मौत हो गई. दादरी तहसील प्रशासन ने सुपर सिटी डेवलपर्स के कार्यालय को सील कर दिया. इसके मालिक दीपक मिगलानी के दिल्ली स्थित आवास पर भी प्रशासन की टीम ने दबिश दी है. उपजिलाधिकारी दादरी आलोक गुप्ता ने बताया कि सुपर सिटी डेवलपर्स पर रेरा की आरसी का पांच करोड़ से अधिक बकाया है. इसके ग्रेनो वेस्ट स्थित कार्यालय को तीन दिन पहले सील किया था, लेकिन सूचना मिली की उसने पुराने कार्यालय के पास ही नया कार्यालय खोल लिया है. जिस पर प्रशासन की टीम ने उस कार्यालय को भी सील कर दिया. |
पानीः आपका दिल कितना स्वस्थ है यह आपके आहार और जीवनशैली पर निर्भर करता है। आपके दिल के स्वस्थ रहने के लिए धमनियों और नसों का स्वस्थ होना बहुत जरूरी है। लेकिन इतना कुछ जानने के बावजूद भी हम अक्सर डाइट और लाइफस्टाइल से जुड़ी गलतियां कर बैठते हैं। जिससे सीधे तौर पर हमारे दिल की सेहत को नुकसान पहुंचता है। इतना ही नहीं इससे हार्ट अटैक के साथ-साथ दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
आज हम बात करेंगे कि क्या कम या ज्यादा पानी पीने से कोलेस्ट्रॉल पर असर पड़ता है। कई शोधों में यह बात सामने आई है कि कम पानी पीने से नसों में कोलेस्ट्रॉल जमा होने लगता है, जिससे धमनियां और रक्त संचार तेजी से प्रभावित होता है। इतना ही नहीं यह हाई बीपी का कारण भी बनता है। आइए जानते हैं कम पानी पीने से कैसे बढ़ता है कोलेस्ट्रॉल।
क्या कम पानी पीने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है?
कम पानी पीने से कोलेस्ट्रॉल पर काफी हद तक असर पड़ता है। दरअसल, पानी भी एक प्रकार का डिटॉक्सिफाइंग एजेंट है जो आपके शरीर को डिटॉक्स करता है। जो शरीर में एलडीएल, कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर को भी बढ़ाता है। निर्जलीकरण के कारण लीवर रक्त में अधिक कोलेस्ट्रॉल का उत्पादन करता है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी काफी हद तक प्रभावित करता है। यही कारण है कि शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है.
हार्ट स्ट्रोक या हृदय रोगियों को हमेशा स्वस्थ भोजन करने की सलाह दी जाती है। साथ ही उन्हें 1.5 लीटर से 2 लीटर पानी पीने की सलाह दी जाती है।
| पानीः आपका दिल कितना स्वस्थ है यह आपके आहार और जीवनशैली पर निर्भर करता है। आपके दिल के स्वस्थ रहने के लिए धमनियों और नसों का स्वस्थ होना बहुत जरूरी है। लेकिन इतना कुछ जानने के बावजूद भी हम अक्सर डाइट और लाइफस्टाइल से जुड़ी गलतियां कर बैठते हैं। जिससे सीधे तौर पर हमारे दिल की सेहत को नुकसान पहुंचता है। इतना ही नहीं इससे हार्ट अटैक के साथ-साथ दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। आज हम बात करेंगे कि क्या कम या ज्यादा पानी पीने से कोलेस्ट्रॉल पर असर पड़ता है। कई शोधों में यह बात सामने आई है कि कम पानी पीने से नसों में कोलेस्ट्रॉल जमा होने लगता है, जिससे धमनियां और रक्त संचार तेजी से प्रभावित होता है। इतना ही नहीं यह हाई बीपी का कारण भी बनता है। आइए जानते हैं कम पानी पीने से कैसे बढ़ता है कोलेस्ट्रॉल। क्या कम पानी पीने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है? कम पानी पीने से कोलेस्ट्रॉल पर काफी हद तक असर पड़ता है। दरअसल, पानी भी एक प्रकार का डिटॉक्सिफाइंग एजेंट है जो आपके शरीर को डिटॉक्स करता है। जो शरीर में एलडीएल, कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर को भी बढ़ाता है। निर्जलीकरण के कारण लीवर रक्त में अधिक कोलेस्ट्रॉल का उत्पादन करता है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी काफी हद तक प्रभावित करता है। यही कारण है कि शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है. हार्ट स्ट्रोक या हृदय रोगियों को हमेशा स्वस्थ भोजन करने की सलाह दी जाती है। साथ ही उन्हें एक दशमलव पाँच लीटरटर से दो लीटरटर पानी पीने की सलाह दी जाती है। |
साहेबगंज : कोरोना महामारी के वक्त से जिन ट्रेनों का परिचालन स्पेशल ट्रेन के रूप में किया जा रहा था, अब उन ट्रेनों को पहले की तरह सामान्य नंबर से चलाया जा रहा है।
हालांकि, इनका किराया कम नहीं किया गया है। बता दें कि कोरोना काल में ट्रेनों को स्पेशल ट्रेन बनाकर चलाया जा रहा था।
बताया जा रहा है कि अब रेलवे बोर्ड की ओर से रेल मंडलों को निर्देश दिया गया है कि इन ट्रेनों के नंबर के आगे लगे जीरो (शून्य) को हटाकर पहले के नंबर से ही उन्हें चलाया जाये।
फरक्का एक्सप्रेस, गया-हावड़ा, ब्रह्मपुत्र मेल, हावड़ा-जलमलपुर, मालदा-पटना एक्सप्रेस, वनांचल एक्सप्रेस, दानापुर-साहेबगंज इंटरसिटी एक्सप्रेस के नंबरों के आगे लगे जीरो को हटाकर सामान्य नंबर के साथ उनका परिचालन किया जा रहा है।
चलाये जाने की उम्मीद जतायी है। बता दें कि कोरोना काल से अब तक अजीमगंज-भागलपुर पैसेंजर, अजीमगंज-सहेबगंज पैसेंजर, साहेबगंज-रामपुरहाट पैसेंजर, रामपुरहाट-गया पैसेंजर, साहेबगंज-मालदा टाउन पैसेंजर, गया-जलमलपुर पैसेंजर, गया-जमालपुर पैसेंजर समेत कई जोड़ी ट्रेनों का परिचालन बंद है।
| साहेबगंज : कोरोना महामारी के वक्त से जिन ट्रेनों का परिचालन स्पेशल ट्रेन के रूप में किया जा रहा था, अब उन ट्रेनों को पहले की तरह सामान्य नंबर से चलाया जा रहा है। हालांकि, इनका किराया कम नहीं किया गया है। बता दें कि कोरोना काल में ट्रेनों को स्पेशल ट्रेन बनाकर चलाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि अब रेलवे बोर्ड की ओर से रेल मंडलों को निर्देश दिया गया है कि इन ट्रेनों के नंबर के आगे लगे जीरो को हटाकर पहले के नंबर से ही उन्हें चलाया जाये। फरक्का एक्सप्रेस, गया-हावड़ा, ब्रह्मपुत्र मेल, हावड़ा-जलमलपुर, मालदा-पटना एक्सप्रेस, वनांचल एक्सप्रेस, दानापुर-साहेबगंज इंटरसिटी एक्सप्रेस के नंबरों के आगे लगे जीरो को हटाकर सामान्य नंबर के साथ उनका परिचालन किया जा रहा है। चलाये जाने की उम्मीद जतायी है। बता दें कि कोरोना काल से अब तक अजीमगंज-भागलपुर पैसेंजर, अजीमगंज-सहेबगंज पैसेंजर, साहेबगंज-रामपुरहाट पैसेंजर, रामपुरहाट-गया पैसेंजर, साहेबगंज-मालदा टाउन पैसेंजर, गया-जलमलपुर पैसेंजर, गया-जमालपुर पैसेंजर समेत कई जोड़ी ट्रेनों का परिचालन बंद है। |
पुलिस अधीक्षक राजन दुष्यंत ने बताया कि थाना आकोला के ग्राम जोयडा में 9 जनवरी को भगवत सिंह पुत्र फतेहसिंह राजपुत के सुने मकान से दिनदहाड़े कमरे में रखी अलमारी का ताला तोड जेवर निकाल चुरा ले जाने के मामले में आकोला थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। दिन में घटना के समय मौके से जाते समय आरोपी को गांव के लोगो ने मन्सुर खान पुत्र नुर खान निवासी चन्गेडी डांग थाना फतेहनगर जिला उदयपुर के रूप में पहचान लिया था। चोरी गए माल और आरोपी की तलाश कर सदिग्ध आरोपी मन्सुर खान को डिटेन कर पुछताछ की गई। जिसने उक्त घटना करना स्वीकार किया। जिसे मामले मे गिरफतार कर चोरी गया माल जेवर करीब 11-12 तोला सोना व 300 ग्राम चांदी बरामद की गई। आरोपी स्मैक पीने का आदि है। आरोपी बदमाश प्रवृति का होकर पूर्व मे कई प्रकरण फतेहनगर, बल्लभनगर, भदेसर में चोरी की वारदाते की है।
थानाधिकारी भूपालसागर भगवती लाल, थाना आकोला के एएसआई भैरूलाल व जगदीश चन्द्र, हैड कांस्टेबल कैलाश चन्द्र, भैरूलाल, सन्तोष, अमन, सुरेन्द्र सिंह, रमेश व रामसिंह।
| पुलिस अधीक्षक राजन दुष्यंत ने बताया कि थाना आकोला के ग्राम जोयडा में नौ जनवरी को भगवत सिंह पुत्र फतेहसिंह राजपुत के सुने मकान से दिनदहाड़े कमरे में रखी अलमारी का ताला तोड जेवर निकाल चुरा ले जाने के मामले में आकोला थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। दिन में घटना के समय मौके से जाते समय आरोपी को गांव के लोगो ने मन्सुर खान पुत्र नुर खान निवासी चन्गेडी डांग थाना फतेहनगर जिला उदयपुर के रूप में पहचान लिया था। चोरी गए माल और आरोपी की तलाश कर सदिग्ध आरोपी मन्सुर खान को डिटेन कर पुछताछ की गई। जिसने उक्त घटना करना स्वीकार किया। जिसे मामले मे गिरफतार कर चोरी गया माल जेवर करीब ग्यारह-बारह तोला सोना व तीन सौ ग्राम चांदी बरामद की गई। आरोपी स्मैक पीने का आदि है। आरोपी बदमाश प्रवृति का होकर पूर्व मे कई प्रकरण फतेहनगर, बल्लभनगर, भदेसर में चोरी की वारदाते की है। थानाधिकारी भूपालसागर भगवती लाल, थाना आकोला के एएसआई भैरूलाल व जगदीश चन्द्र, हैड कांस्टेबल कैलाश चन्द्र, भैरूलाल, सन्तोष, अमन, सुरेन्द्र सिंह, रमेश व रामसिंह। |
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
| चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन |
टीवी शोज में TRP बूस्ट करने के लिए अक्सर शादियों के ट्रैक या फिर जनरेशन लीप का सहारा लिया जाता है.
कई बार स्टार्स की शो में 3-4 शादियां भी होती दिखी हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक्टर रेयांश वीर चड्ढा 12वीं बार दूल्हा बनने जा रहे हैं.
हैरान मत होइए, आपने बिल्कुल सही पढ़ा है. टीवी शो 'दिल दियां गल्लां' में एक्टर रेयांश की उनकी को-स्टार संग शादी होने जा रही है. स्क्रीन पर एक्टर की ये 12वीं शादी है.
शादी के सीन को शूट करने के लिए रेयांश सुपर एक्साइटेड हैं. उन्होंने ईटाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा- शादी का सीक्वेंस शो की स्टोरीलाइन में बड़े ट्विस्ट और ड्रामा एड करने में बड़ा रोल प्ले करता है.
36 साल के रेयांश हंसते हुए बोले- स्क्रीन पर ये मेरी 12वीं शादी है. मुझे खुशी है कि मैं हेमा ( को- एक्ट्रेस) के साथ अच्छा बॉन्ड शेयर करता हूं, क्योंकि ये वेडिंग सीक्वेंस को बेहतर बनाने में मदद करेगा.
शो में एक्टर की ग्रैंड वेडिंग होगी, लेकिन रियल लाइफ में रेयांश सादगी से इंटीमेट वेडिंग करना चाहते हैं.
एक्टर ने कहा- टीवी वेडिंग लैविश, लाउड होती हैं. उनमें बहुत ताम-झाम दिखाया जाता है. कई लोगों को रियल लाइफ में भी ऐसी वेडिंग्स पसंद हैं. लेकिन मुझे नहीं है.
'मैं एक प्राइवेट इंसान हूं. मैं इंटीमेट तरीके से शादी करना चाहता हूं. मेरे लिए एक आइडल वेडिंग बीच पर परिवार और दोस्तों की मौजूदगी में शादी रचाना है. वैसे आपको किस तरह की शादियां पसंद हैं? '
| टीवी शोज में TRP बूस्ट करने के लिए अक्सर शादियों के ट्रैक या फिर जनरेशन लीप का सहारा लिया जाता है. कई बार स्टार्स की शो में तीन-चार शादियां भी होती दिखी हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक्टर रेयांश वीर चड्ढा बारहवीं बार दूल्हा बनने जा रहे हैं. हैरान मत होइए, आपने बिल्कुल सही पढ़ा है. टीवी शो 'दिल दियां गल्लां' में एक्टर रेयांश की उनकी को-स्टार संग शादी होने जा रही है. स्क्रीन पर एक्टर की ये बारहवीं शादी है. शादी के सीन को शूट करने के लिए रेयांश सुपर एक्साइटेड हैं. उन्होंने ईटाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा- शादी का सीक्वेंस शो की स्टोरीलाइन में बड़े ट्विस्ट और ड्रामा एड करने में बड़ा रोल प्ले करता है. छत्तीस साल के रेयांश हंसते हुए बोले- स्क्रीन पर ये मेरी बारहवीं शादी है. मुझे खुशी है कि मैं हेमा के साथ अच्छा बॉन्ड शेयर करता हूं, क्योंकि ये वेडिंग सीक्वेंस को बेहतर बनाने में मदद करेगा. शो में एक्टर की ग्रैंड वेडिंग होगी, लेकिन रियल लाइफ में रेयांश सादगी से इंटीमेट वेडिंग करना चाहते हैं. एक्टर ने कहा- टीवी वेडिंग लैविश, लाउड होती हैं. उनमें बहुत ताम-झाम दिखाया जाता है. कई लोगों को रियल लाइफ में भी ऐसी वेडिंग्स पसंद हैं. लेकिन मुझे नहीं है. 'मैं एक प्राइवेट इंसान हूं. मैं इंटीमेट तरीके से शादी करना चाहता हूं. मेरे लिए एक आइडल वेडिंग बीच पर परिवार और दोस्तों की मौजूदगी में शादी रचाना है. वैसे आपको किस तरह की शादियां पसंद हैं? ' |
है। उसमें एक महत्त्वपूर्ण और सजातीय विषय, स्वायत्त शासन तथा प्रशासनमें कुछ तात्कालिक सुधारोंके बारेमें भी चर्चा की गई है। इन दोनोंके लिए कांग्रेस और लीग बहुत समयसे सरकारसे प्रार्थना करते रहे हैं। कांग्रेस और मुस्लिम लीगके प्रस्ताव, • सुवारकी संयुक्त योजना तथा उन्नीस सदस्योंका प्रार्थनापत्र, संदर्भकी सहूलियतके लिए हमारे प्रार्थनापत्रके साथ नत्थी कर दिये गये हैं। हम आशा करते हैं कि वास्तविक स्वायत्त शासनको जिस योजनाका लॉर्ड रिपनने स्वप्न देखा था उसके कार्यान्वित किये जानेके लिए और अधिक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी। लोक सेवाका भारतीयकरण कराने के लिए हमारे श्रद्धेय देशवासी, स्वर्गीय दादाभाई नौरोजीने दीर्घकालतक कठिन प्रयत्न किया था। हमें आशा है वह भी काफी हदतक जल्दी ही किया जायेगा । न्याय सेवकों और न्यायपालिका सम्वन्धी कार्योंको भी जल्दी ही कार्यपालिकासे बिलकुल पृथक् किया जाना चाहिए । यह सुधार प्रबुद्ध वर्गके हितोंकी अपेक्षा साधारण जनताके हितोंकी दृष्टिसे अत्यन्त आवश्यक है । हमें आशा है कि शस्त्रास्त्र अधिनियम और नियमों [ आर्म्स ऐक्ट ऐंड रूल्ज़ ] में इस प्रकार संशोधन किया जायेगा कि उसमें से न केवल भारतीयोंके विरुद्ध जातीय भेदभावका चिह्न मिट जाये वल्कि उसमें भारतीयोंको यह अधिकार भी रहे कि वे कुछ शर्तोपर शस्त्रास्त्र रख सकें या लेकर चल सकें, और ये शर्ते वैसी ही हों जैसी कि अन्य सभ्य देशोंमें, स्वयं भारतकी ही अधिकांश रियासतोंमें, और ब्रिटिश भारतमें अमरीकियों और अंग्रेजोंके मामले में प्रचलित हैं । फोजमें भारतीयोंपर आयुक्त अधिकारी [ कमीशंड अफसर ] न हो सकनेका जो प्रतिबन्ध था उसके हटाये जानेपर भारतवासी अपनी कृतज्ञता प्रकट कर ही चुके हैं । देशको आशा है कि उनको भरतीके नियम उदार होंगे, और योग्यता सम्बन्धी परीक्षा में सफल होनेवाले सभी वर्गोंके नौजवानों के लिए सम्मानजनक और देशानुरागपूर्ण आजीविकाका रास्ता खोल दिया जायेगा। यह भी आशा है कि उनके प्रशिक्षण और परीक्षाको आवश्यक सुविधाएँ भारत में ही उपलब्ध की जायेंगी और काफी बड़ी संख्या में भारतीयों को नियुक्त किया जायेगा । भारतीयोंको स्वयंसेवकोंकी हैसियतसे भरती होने की अनुमति नहीं है, यह एक काफी पुरानी शिकायत है। किन्तु स्वयंसेवकके रूप में अपनी सेवाएं अर्पित करने की जो प्रणाली अभीतक जारी रही है, वह समाप्त करने का विचार हो, तो वैसी स्थितिमें हमारा विश्वास है कि युद्धके बाद भारतीय प्रतिरक्षा सेना [ इंडियन डिफेंस फोर्स ] को विघटित नहीं किया जायेगा, और यह अनुरोध है कि उसके भारतीय दस्तोंको यूरोपीय दस्तोंके साथ विलकुल बराबरीका दर्जा प्रदान किया जाये ।
साम्राज्य भारतका दर्जा
महानुभाव, अपनी वात गमाप्त करनेसे पहले, हम आपका ध्यान जिस अत्यन्त महत्त्वबाकी ओर दिलायेंगे वह है साम्राज्य में भारतका दर्जा। एक शब्दमें कहें तो हमारी मांग यह है कि उसे अधीनताके स्तरसे उठाकर अन्य डोमिनियनोंके साथ बराबरीका दर्जा दिया जाये। उनके बीच वास्तविक और पूर्ण अयमें पारस्परिक सम्बन्ध होने चाहिए । हमारा निवेदन है कि यदि अन्य टोमिनियनोंको भारतसे सम्बन्वित मामलोंमें कुछ अधिकार
वरतने दिये जायें तो भारतको उनके मामलेमें वे ही अधिकार होने चाहिए । यदि कभी भविष्य में कोई साम्राज्यीय परिषद् या संसद स्थापित की जाये तो उसमें भारतको अन्य डोमिनियनोंके समान ही और बराबरका प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए । जबतक ऐसा नहीं किया जाता, तबतक हमारे देशके शासनमें अन्य डोमिनियनोंका भाग लेना, सो भी तब जबकि भारतको उनके यहाँके शासनमें भाग लेनेका वैसा कोई अधिकार नहीं है, हमारे मौजूदा असन्तोषजनक दर्जेको और भी नीचे गिरानेके समान होगा जिससे इस देशमें बहुत जबरदस्त विरोध उत्पन्न होगा । हमें आशा और विश्वास है कि सम्राट्की सरकार ऐसे किसी प्रस्तावको स्वीकार नहीं करेगी। और फिलहाल हमारी प्रार्थना है कि भारतको साम्राज्यीय सम्मेलनमें (और यदि कोई साम्राज्यीय मन्त्रिमण्डल स्थापित किया जाये तो उसमें भी) हमारे विधान-मण्डलोंके निर्वाचित सदस्यों द्वारा चुने गये अपने प्रतिनिधि भेजनेकी अनुमति दी जाये । इस वर्षके आरम्भमें इंग्लंडमें होनेवाली साम्राज्यीय युद्धपरिषद् और साम्राज्यीय युद्ध मन्त्रिमण्डलकी बैठकों में भाग लेनेके लिए भारतकी ओरसे तीन व्यक्तियोंको भेजकर भारतको जो सम्मान प्रदान किया गया था उसके लिए हम सम्राट्की सरकार और भारत सरकारके अत्यन्त कृतज्ञ हैं । उक्त युद्ध परिषद् द्वारा सर्वसम्मतिसे स्वीकार किये गये उस प्रस्तावकी भी हम बहुत कद्र करते हैं जिसमें साम्राज्यीय परिषद्को भावी साधारण बैठकोंमें भारतको नियमित रूपसे अपना प्रतिनिधि भेजनेका सुझाव दिया गया था । एक ओर सम्राट्की सरकारके साथ और दूसरी ओर भारतकी जनता के साथ अपने सम्बन्धोंमें भारत सरकारकी जो मौजूदा संवैधानिक स्थिति है उसमें भारत सरकार द्वारा नामजद किये गये व्यक्तिका दर्जा जनताके प्रतिनिधि अथवा जनताके प्रवक्ताका नहीं हो सकता, जैसा कि उत्तरदायी शासन प्राप्त डोमिनियनोंके मंत्रियोंका होता है। इस मामले में हम खेदपूर्वक यह निवेदन करनेको विवश हैं कि मौजूदा प्रणाली से लेकर उत्तरदायी सरकारकी स्थापना तकके संक्रमण कालमें इस बातको अनुमति दी जाये कि साम्राज्यीय परिषद् और साम्राज्यीय मन्त्रि-मण्डलमें भारतके विधानमण्डलोंके निर्वाचित सदस्यों द्वारा चुने गये व्यक्तियोंको ही इस देशका प्रतिनिधि वनाकर भेजा जाये । | है। उसमें एक महत्त्वपूर्ण और सजातीय विषय, स्वायत्त शासन तथा प्रशासनमें कुछ तात्कालिक सुधारोंके बारेमें भी चर्चा की गई है। इन दोनोंके लिए कांग्रेस और लीग बहुत समयसे सरकारसे प्रार्थना करते रहे हैं। कांग्रेस और मुस्लिम लीगके प्रस्ताव, • सुवारकी संयुक्त योजना तथा उन्नीस सदस्योंका प्रार्थनापत्र, संदर्भकी सहूलियतके लिए हमारे प्रार्थनापत्रके साथ नत्थी कर दिये गये हैं। हम आशा करते हैं कि वास्तविक स्वायत्त शासनको जिस योजनाका लॉर्ड रिपनने स्वप्न देखा था उसके कार्यान्वित किये जानेके लिए और अधिक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी। लोक सेवाका भारतीयकरण कराने के लिए हमारे श्रद्धेय देशवासी, स्वर्गीय दादाभाई नौरोजीने दीर्घकालतक कठिन प्रयत्न किया था। हमें आशा है वह भी काफी हदतक जल्दी ही किया जायेगा । न्याय सेवकों और न्यायपालिका सम्वन्धी कार्योंको भी जल्दी ही कार्यपालिकासे बिलकुल पृथक् किया जाना चाहिए । यह सुधार प्रबुद्ध वर्गके हितोंकी अपेक्षा साधारण जनताके हितोंकी दृष्टिसे अत्यन्त आवश्यक है । हमें आशा है कि शस्त्रास्त्र अधिनियम और नियमों [ आर्म्स ऐक्ट ऐंड रूल्ज़ ] में इस प्रकार संशोधन किया जायेगा कि उसमें से न केवल भारतीयोंके विरुद्ध जातीय भेदभावका चिह्न मिट जाये वल्कि उसमें भारतीयोंको यह अधिकार भी रहे कि वे कुछ शर्तोपर शस्त्रास्त्र रख सकें या लेकर चल सकें, और ये शर्ते वैसी ही हों जैसी कि अन्य सभ्य देशोंमें, स्वयं भारतकी ही अधिकांश रियासतोंमें, और ब्रिटिश भारतमें अमरीकियों और अंग्रेजोंके मामले में प्रचलित हैं । फोजमें भारतीयोंपर आयुक्त अधिकारी [ कमीशंड अफसर ] न हो सकनेका जो प्रतिबन्ध था उसके हटाये जानेपर भारतवासी अपनी कृतज्ञता प्रकट कर ही चुके हैं । देशको आशा है कि उनको भरतीके नियम उदार होंगे, और योग्यता सम्बन्धी परीक्षा में सफल होनेवाले सभी वर्गोंके नौजवानों के लिए सम्मानजनक और देशानुरागपूर्ण आजीविकाका रास्ता खोल दिया जायेगा। यह भी आशा है कि उनके प्रशिक्षण और परीक्षाको आवश्यक सुविधाएँ भारत में ही उपलब्ध की जायेंगी और काफी बड़ी संख्या में भारतीयों को नियुक्त किया जायेगा । भारतीयोंको स्वयंसेवकोंकी हैसियतसे भरती होने की अनुमति नहीं है, यह एक काफी पुरानी शिकायत है। किन्तु स्वयंसेवकके रूप में अपनी सेवाएं अर्पित करने की जो प्रणाली अभीतक जारी रही है, वह समाप्त करने का विचार हो, तो वैसी स्थितिमें हमारा विश्वास है कि युद्धके बाद भारतीय प्रतिरक्षा सेना [ इंडियन डिफेंस फोर्स ] को विघटित नहीं किया जायेगा, और यह अनुरोध है कि उसके भारतीय दस्तोंको यूरोपीय दस्तोंके साथ विलकुल बराबरीका दर्जा प्रदान किया जाये । साम्राज्य भारतका दर्जा महानुभाव, अपनी वात गमाप्त करनेसे पहले, हम आपका ध्यान जिस अत्यन्त महत्त्वबाकी ओर दिलायेंगे वह है साम्राज्य में भारतका दर्जा। एक शब्दमें कहें तो हमारी मांग यह है कि उसे अधीनताके स्तरसे उठाकर अन्य डोमिनियनोंके साथ बराबरीका दर्जा दिया जाये। उनके बीच वास्तविक और पूर्ण अयमें पारस्परिक सम्बन्ध होने चाहिए । हमारा निवेदन है कि यदि अन्य टोमिनियनोंको भारतसे सम्बन्वित मामलोंमें कुछ अधिकार वरतने दिये जायें तो भारतको उनके मामलेमें वे ही अधिकार होने चाहिए । यदि कभी भविष्य में कोई साम्राज्यीय परिषद् या संसद स्थापित की जाये तो उसमें भारतको अन्य डोमिनियनोंके समान ही और बराबरका प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए । जबतक ऐसा नहीं किया जाता, तबतक हमारे देशके शासनमें अन्य डोमिनियनोंका भाग लेना, सो भी तब जबकि भारतको उनके यहाँके शासनमें भाग लेनेका वैसा कोई अधिकार नहीं है, हमारे मौजूदा असन्तोषजनक दर्जेको और भी नीचे गिरानेके समान होगा जिससे इस देशमें बहुत जबरदस्त विरोध उत्पन्न होगा । हमें आशा और विश्वास है कि सम्राट्की सरकार ऐसे किसी प्रस्तावको स्वीकार नहीं करेगी। और फिलहाल हमारी प्रार्थना है कि भारतको साम्राज्यीय सम्मेलनमें हमारे विधान-मण्डलोंके निर्वाचित सदस्यों द्वारा चुने गये अपने प्रतिनिधि भेजनेकी अनुमति दी जाये । इस वर्षके आरम्भमें इंग्लंडमें होनेवाली साम्राज्यीय युद्धपरिषद् और साम्राज्यीय युद्ध मन्त्रिमण्डलकी बैठकों में भाग लेनेके लिए भारतकी ओरसे तीन व्यक्तियोंको भेजकर भारतको जो सम्मान प्रदान किया गया था उसके लिए हम सम्राट्की सरकार और भारत सरकारके अत्यन्त कृतज्ञ हैं । उक्त युद्ध परिषद् द्वारा सर्वसम्मतिसे स्वीकार किये गये उस प्रस्तावकी भी हम बहुत कद्र करते हैं जिसमें साम्राज्यीय परिषद्को भावी साधारण बैठकोंमें भारतको नियमित रूपसे अपना प्रतिनिधि भेजनेका सुझाव दिया गया था । एक ओर सम्राट्की सरकारके साथ और दूसरी ओर भारतकी जनता के साथ अपने सम्बन्धोंमें भारत सरकारकी जो मौजूदा संवैधानिक स्थिति है उसमें भारत सरकार द्वारा नामजद किये गये व्यक्तिका दर्जा जनताके प्रतिनिधि अथवा जनताके प्रवक्ताका नहीं हो सकता, जैसा कि उत्तरदायी शासन प्राप्त डोमिनियनोंके मंत्रियोंका होता है। इस मामले में हम खेदपूर्वक यह निवेदन करनेको विवश हैं कि मौजूदा प्रणाली से लेकर उत्तरदायी सरकारकी स्थापना तकके संक्रमण कालमें इस बातको अनुमति दी जाये कि साम्राज्यीय परिषद् और साम्राज्यीय मन्त्रि-मण्डलमें भारतके विधानमण्डलोंके निर्वाचित सदस्यों द्वारा चुने गये व्यक्तियोंको ही इस देशका प्रतिनिधि वनाकर भेजा जाये । |
कोविड से बचने के लिए इम्यूनिटी मजबूत करना बेहद जरूरी है.
Covid-19 & Immunity: कोरोनावायरस के मामले एक बार फिर लगातार बढ़ते जा रहे हैं. पिछले कुछ सप्ताह में हजारों की तादाद में लोग कोविड संक्रमण की चपेट में आ गए हैं. जानकारों की मानें तो कोरोनावायरस लगातार म्यूटेट कर रहा है और हर बार नए वेरिएंट के साथ सामने आ रहा है. एक्सपर्ट्स ने आशंका जताई है कि आने वाले कुछ सप्ताह में हालात और ज्यादा बिगड़ सकते हैं. ऐसे में लोगों को कोविड से रखने के लिए जरूरी गाइडलाइंस का पालन करने के साथ इम्यूनिटी को मजबूत करने की कोशिश करनी चाहिए. आज डाइटिशियन से जानेंगे कि इम्यूनिटी को कैसे मजबूत किया जा सकता है.
नोएडा के डाइट मंत्रा की फाउंडर डाइटिशियन कामिनी सिन्हा कहती हैं कि इम्यूनिटी मजबूत रखकर आप कई तरह के इंफेक्शन से अपना बचाव कर सकते हैं. इम्यून सिस्टम को पुष्ट करने के लिए आपको खाने-पीने को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. हेल्दी डाइट के जरिए आप जरूरी पोषक तत्व प्राप्त कर सकते हैं. ये पोषक तत्व इम्यून सिस्टम को मजबूती प्रदान करेंगे. विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर फूड्स आपकी इम्यूनिटी को इंप्रूव कर सकते हैं. इसके अलावा रेगुलर फिजिकल एक्टिविटी भी इम्यून सिस्टम के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है.
- इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए हेल्दी डाइट लेना बेहद जरूरी होता है. आप अपनी डाइट में खूब फल और सब्जियां शामिल करें, जिससे आपको भरपूर मात्रा में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट मिलें. डाइट में खट्टे फल जरूर शामिल करें. खूब हरी सब्जियां खाएं.
- गर्मियों के मौसम में इम्यूनिटी को मजबूत रखने के लिए हाइड्रेटेड रहना बेहद जरूरी है. आप दिन में कम से कम 3-4 लीटर पानी पीएं. बीच-बीच में आप पानी में नींबू भी डालकर पी सकते हैं. इससे आप हाइड्रेटेड रहेंगे और आपके इम्यून सिस्टम को मजबूती मिलेगी.
- आप अपनी इम्यूनिटी को मजबूत करने के लिए स्नैक्स में कम मात्रा में ड्राई फ्रूट्स ले सकते हैं. बादाम, काजू और अखरोट जैसी पौष्टिक चीजों का सेवन करने से आपके शरीर को कई फायदे मिलेंगे और बीमारियों से बचाव करने में मदद मिलेगी.
- हेल्दी लाइफ़स्टाइल के जरिए भी आप बीमारियों से बचाव कर सकते हैं और इम्यूनिटी बूस्ट कर सकते हैं. आप हर दिन कम से कम 7-8 घंटे सोएं और देर रात तक जागने से बचें. समय पर खाना खाएं.
- हर किसी को नियमित रूप से कम से कम 30 मिनट तक एक्सरसाइज या अन्य फिजिकल एक्टिविटी करनी चाहिए. ऐसा करने से आपका इम्यून सिस्टम मजबूत हो जाएगा और बीमारियों से बचाव हो सकेगा. कोरोना से बचने के लिए आप घर पर भी एक्सरसाइज कर सकते हैं. आप योगासन का अभ्यास भी कर सकते हैं.
.
| कोविड से बचने के लिए इम्यूनिटी मजबूत करना बेहद जरूरी है. Covid-उन्नीस & Immunity: कोरोनावायरस के मामले एक बार फिर लगातार बढ़ते जा रहे हैं. पिछले कुछ सप्ताह में हजारों की तादाद में लोग कोविड संक्रमण की चपेट में आ गए हैं. जानकारों की मानें तो कोरोनावायरस लगातार म्यूटेट कर रहा है और हर बार नए वेरिएंट के साथ सामने आ रहा है. एक्सपर्ट्स ने आशंका जताई है कि आने वाले कुछ सप्ताह में हालात और ज्यादा बिगड़ सकते हैं. ऐसे में लोगों को कोविड से रखने के लिए जरूरी गाइडलाइंस का पालन करने के साथ इम्यूनिटी को मजबूत करने की कोशिश करनी चाहिए. आज डाइटिशियन से जानेंगे कि इम्यूनिटी को कैसे मजबूत किया जा सकता है. नोएडा के डाइट मंत्रा की फाउंडर डाइटिशियन कामिनी सिन्हा कहती हैं कि इम्यूनिटी मजबूत रखकर आप कई तरह के इंफेक्शन से अपना बचाव कर सकते हैं. इम्यून सिस्टम को पुष्ट करने के लिए आपको खाने-पीने को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. हेल्दी डाइट के जरिए आप जरूरी पोषक तत्व प्राप्त कर सकते हैं. ये पोषक तत्व इम्यून सिस्टम को मजबूती प्रदान करेंगे. विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर फूड्स आपकी इम्यूनिटी को इंप्रूव कर सकते हैं. इसके अलावा रेगुलर फिजिकल एक्टिविटी भी इम्यून सिस्टम के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है. - इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए हेल्दी डाइट लेना बेहद जरूरी होता है. आप अपनी डाइट में खूब फल और सब्जियां शामिल करें, जिससे आपको भरपूर मात्रा में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट मिलें. डाइट में खट्टे फल जरूर शामिल करें. खूब हरी सब्जियां खाएं. - गर्मियों के मौसम में इम्यूनिटी को मजबूत रखने के लिए हाइड्रेटेड रहना बेहद जरूरी है. आप दिन में कम से कम तीन-चार लीटरटर पानी पीएं. बीच-बीच में आप पानी में नींबू भी डालकर पी सकते हैं. इससे आप हाइड्रेटेड रहेंगे और आपके इम्यून सिस्टम को मजबूती मिलेगी. - आप अपनी इम्यूनिटी को मजबूत करने के लिए स्नैक्स में कम मात्रा में ड्राई फ्रूट्स ले सकते हैं. बादाम, काजू और अखरोट जैसी पौष्टिक चीजों का सेवन करने से आपके शरीर को कई फायदे मिलेंगे और बीमारियों से बचाव करने में मदद मिलेगी. - हेल्दी लाइफ़स्टाइल के जरिए भी आप बीमारियों से बचाव कर सकते हैं और इम्यूनिटी बूस्ट कर सकते हैं. आप हर दिन कम से कम सात-आठ घंटाटे सोएं और देर रात तक जागने से बचें. समय पर खाना खाएं. - हर किसी को नियमित रूप से कम से कम तीस मिनट तक एक्सरसाइज या अन्य फिजिकल एक्टिविटी करनी चाहिए. ऐसा करने से आपका इम्यून सिस्टम मजबूत हो जाएगा और बीमारियों से बचाव हो सकेगा. कोरोना से बचने के लिए आप घर पर भी एक्सरसाइज कर सकते हैं. आप योगासन का अभ्यास भी कर सकते हैं. . |
NAINITAL: भाजपा ने चिंतन शिविर में 2022 में चुनाव जीतने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। चुनाव में संगठन को मजबूत करने के साथ ही चुनावी माहौल बनाने के लिए पार्टी बूथ सम्मेलन से लेकर प्रधानमंत्री की रैली तक आयोजित करेगी। पार्टी हर वर्ग तक पहुंच बनाने के साथ ही 252 मंडलों में अपने संगठन को पूरी तरह सक्रिय कर देगी। जुलाई से होने वाले कार्यक्रमों में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा हिस्सा लेंगे और नवंबर में पीएम नरेंद्र मोदी रैली को संबोधित करेंगे।
मंगलवार को रामनगर के ढिकुली में आयोजित तीन दिवसीय चिंतन शिविर के समापन पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगामी कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से जानकारी रखी। उन्होंने कहा कि 2022 में चुनावी रण में उतरने के लिए पार्टी तैयार है। पार्टी राज्य व केंद्र सरकार की आम आदमी के दिलों को छूने वाली विकास योजनाओं को आमजन तक पहुंचाएगी।
कोविड नियमों का पालन करते हुए पार्टी जुलाई से बूथ से लेकर प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आयोजित करेगी। प्रदेश के 252 मंडलों तक पहुंच बनाई जाएगी। अगस्त में चुनाव संचालन समिति व संयोजक तय होंगे। मोर्चा के पदाधिकारियों की बैठक होगी। सितंबर में कार्यकर्ता सक्रियता के साथ शक्ति केंद्रों में बैठक करेंगे। सितंबर में ही जिले के सहकारी संगठनों के अध्यक्ष, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं व अन्य पार्टी के जिम्मेदार लोगों से मुलाकात कार्यक्रम होगा। अक्टूबर में जनसंपर्क अभियान व नवंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली होगी। दिसंबर में यात्रा निकाली जाएगी।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जुलाई में कैबिनेट मंत्री विधानसभा क्षेत्रों में भ्रमण करेंगे। इस दौरान लोगों से मिलेंगे और जनसमस्याओं का समाधान करेंगे। हमारा उद्देश्य जनहित में कार्य करते रहना है।
आगामी चुनाव में हर स्तर से मजबूती के लिए प्रत्येक विधानसभा में पूर्णकालिक विस्तारक रखे जाएंगे। यह विस्तारक विधानसभा में हर स्तर की रिपोर्ट तैयार करेंगे। जन-जन तक पहुंच बनाने की कोशिश करेंगे। इसके साथ ही चुनावों के लिए वार रूम, कंट्रोल रूम बनाए जाने लिए भी जिम्मेदारी तय की गई। बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष, प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम, सह प्रभारी रेखा वर्मा, प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय, राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी, प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार, संसदीय कार्य मंत्री बंशीधर भगत, पेयजल मंत्री विशन सिंह चुफाल, समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य, सिचाई मंत्री सतपाल महाराज, आयुष मंत्री हरक सिंह रावत, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, गन्ना विकास राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार यतीश्वरानंद, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डा। धन सिंह रावत, दुग्ध राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार रेखा आर्य, सांसद अजय भट्ट, नरेश बंसल, माला राज्य लक्ष्मी शाह, अजय टम्टा, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, विजय बहुगुणा एवं सुरेश जोशी आदि शामिल रहे।
| NAINITAL: भाजपा ने चिंतन शिविर में दो हज़ार बाईस में चुनाव जीतने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। चुनाव में संगठन को मजबूत करने के साथ ही चुनावी माहौल बनाने के लिए पार्टी बूथ सम्मेलन से लेकर प्रधानमंत्री की रैली तक आयोजित करेगी। पार्टी हर वर्ग तक पहुंच बनाने के साथ ही दो सौ बावन मंडलों में अपने संगठन को पूरी तरह सक्रिय कर देगी। जुलाई से होने वाले कार्यक्रमों में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा हिस्सा लेंगे और नवंबर में पीएम नरेंद्र मोदी रैली को संबोधित करेंगे। मंगलवार को रामनगर के ढिकुली में आयोजित तीन दिवसीय चिंतन शिविर के समापन पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगामी कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से जानकारी रखी। उन्होंने कहा कि दो हज़ार बाईस में चुनावी रण में उतरने के लिए पार्टी तैयार है। पार्टी राज्य व केंद्र सरकार की आम आदमी के दिलों को छूने वाली विकास योजनाओं को आमजन तक पहुंचाएगी। कोविड नियमों का पालन करते हुए पार्टी जुलाई से बूथ से लेकर प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आयोजित करेगी। प्रदेश के दो सौ बावन मंडलों तक पहुंच बनाई जाएगी। अगस्त में चुनाव संचालन समिति व संयोजक तय होंगे। मोर्चा के पदाधिकारियों की बैठक होगी। सितंबर में कार्यकर्ता सक्रियता के साथ शक्ति केंद्रों में बैठक करेंगे। सितंबर में ही जिले के सहकारी संगठनों के अध्यक्ष, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं व अन्य पार्टी के जिम्मेदार लोगों से मुलाकात कार्यक्रम होगा। अक्टूबर में जनसंपर्क अभियान व नवंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली होगी। दिसंबर में यात्रा निकाली जाएगी। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जुलाई में कैबिनेट मंत्री विधानसभा क्षेत्रों में भ्रमण करेंगे। इस दौरान लोगों से मिलेंगे और जनसमस्याओं का समाधान करेंगे। हमारा उद्देश्य जनहित में कार्य करते रहना है। आगामी चुनाव में हर स्तर से मजबूती के लिए प्रत्येक विधानसभा में पूर्णकालिक विस्तारक रखे जाएंगे। यह विस्तारक विधानसभा में हर स्तर की रिपोर्ट तैयार करेंगे। जन-जन तक पहुंच बनाने की कोशिश करेंगे। इसके साथ ही चुनावों के लिए वार रूम, कंट्रोल रूम बनाए जाने लिए भी जिम्मेदारी तय की गई। बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष, प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम, सह प्रभारी रेखा वर्मा, प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय, राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी, प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार, संसदीय कार्य मंत्री बंशीधर भगत, पेयजल मंत्री विशन सिंह चुफाल, समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य, सिचाई मंत्री सतपाल महाराज, आयुष मंत्री हरक सिंह रावत, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, गन्ना विकास राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार यतीश्वरानंद, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डा। धन सिंह रावत, दुग्ध राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार रेखा आर्य, सांसद अजय भट्ट, नरेश बंसल, माला राज्य लक्ष्मी शाह, अजय टम्टा, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, विजय बहुगुणा एवं सुरेश जोशी आदि शामिल रहे। |
अलीगढ़ न्यूज़ः दहेज हत्या के एक मामले में एडीजे-6 महेशानंद झा की अदालत से आरोपी पति को दोषी करार देते हुए सात साल की कैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है. जुर्माना राशि में से 75 फीसदी राशि वादी पक्ष को अदा करने का आदेश दिया गया है.
अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी स्वर्णलता वर्मा ने बताया कि दिल्ली के मुस्तफाबाद के अल्लाबक्स ने 21 जुलाई 2018 को देहली गेट थाने में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी बेटी आसमां की शादी 11 अप्रैल 2018 को अकरम पुत्र बाबू खां निवासी गोश्त वाली गली के साथ की थी. शादी में दिए दहेज से अकरम खुश नहीं था. वह दहेज में बुलट बाइक की मांग करता था. 19 जुलाई 2018 की शाम उन्होंने बेटी के ससुराल में हालचाल जानने को फोन किया तो पता लगा कि आसमां की तबीयत खराब है, उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अलीगढ़ आकर अस्पताल पहुंचे. वहां पता लगा कि आसमां को नशीला पदार्थ खिलाकर मारापीटा गया है और फांसी लगाई गई है. 20 जुलाई को उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई. पुलिस ने तहरीर के आधार पर अकरम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा. विवेचना के बाद चार्जशीट दाखिल की. एडीजीसी के मुताबिक कोर्ट ने सबूतों और गवाहों के आधार पर अकरम को दोषी करार दिया है. उसे सात साल की कैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है.
| अलीगढ़ न्यूज़ः दहेज हत्या के एक मामले में एडीजे-छः महेशानंद झा की अदालत से आरोपी पति को दोषी करार देते हुए सात साल की कैद और तीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है. जुर्माना राशि में से पचहत्तर फीसदी राशि वादी पक्ष को अदा करने का आदेश दिया गया है. अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी स्वर्णलता वर्मा ने बताया कि दिल्ली के मुस्तफाबाद के अल्लाबक्स ने इक्कीस जुलाई दो हज़ार अट्ठारह को देहली गेट थाने में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी बेटी आसमां की शादी ग्यारह अप्रैल दो हज़ार अट्ठारह को अकरम पुत्र बाबू खां निवासी गोश्त वाली गली के साथ की थी. शादी में दिए दहेज से अकरम खुश नहीं था. वह दहेज में बुलट बाइक की मांग करता था. उन्नीस जुलाई दो हज़ार अट्ठारह की शाम उन्होंने बेटी के ससुराल में हालचाल जानने को फोन किया तो पता लगा कि आसमां की तबीयत खराब है, उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अलीगढ़ आकर अस्पताल पहुंचे. वहां पता लगा कि आसमां को नशीला पदार्थ खिलाकर मारापीटा गया है और फांसी लगाई गई है. बीस जुलाई को उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई. पुलिस ने तहरीर के आधार पर अकरम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा. विवेचना के बाद चार्जशीट दाखिल की. एडीजीसी के मुताबिक कोर्ट ने सबूतों और गवाहों के आधार पर अकरम को दोषी करार दिया है. उसे सात साल की कैद और तीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है. |
बिलासपुर - सरकार की वादाखिलाफी से खफा आउटसोर्स इंप्लाइज यूनियन ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। यूनियन ने निर्णय लिया है कि यदि चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले आउटसोर्स कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो चुनाव का बहिष्कार करने के बजाय अपने वोट के माध्यम से सरकार को इसका जवाब देंगे। अब यह सरकार को तय करना है कि उसे किसी कंपनी विशेष को ही लाभ पहुंचाना है या इस वर्ग के 35 हजार कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित बनाकर उन्हें अपने साथ जोड़ना है। आउटसोर्स इंप्लाइज यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष युनस अख्तर, महासचिव तृप्ता भाटिया व मुख्य सलाहकार शबीर मोहम्मद ने कहा कि हिमाचल में विभिन्न विभागों तथा बोर्डों व निगमों में लगभग 35 हजार आउटसोर्स कर्मचारी पिछले 10-12 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं। उनकी नियुक्ति कुछ कंपनियों के माध्यम से की गई है। डाटा एंट्री व कम्प्यूटर आपरेटर जैसे पदों पर काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों को जहां 30 से 40 हजार रुपए वेतन मिल रहा है। वहीं इन्हीं पदों पर काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों को महज 5392 रुपए मासिक वेतन दिया जा रहा है। नियोक्ता कंपनियां उनके वेतन में से लगभग दो-दो हजार रुपए प्रतिमाह अपने कमीशन के रूप में काट रही हैं। यूनियन के नुमाइंदों ने कहा कि पिछले विस चुनाव के दौरान कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में वादा किया था कि ठेके पर की गई नियुक्तियों को रेगुलर किया जाएगा। इसी साल बजट सत्र के दौरान भी सीएम ने घोषणा की थी कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए एक माह के भीतर पालिसी तैयार होगी। कई माह बीत जाने के बाद सरकार इस बारे में कुछ कहने से भी गुरेज कर रही है। सरकार ने पैट, पीटीए व एसएमसी जैसे अन्य वर्गों के कर्मचारियों को लाभान्वित किया, लेकिन आउटसोर्स कर्मचारियों की फाइल अभी भी सचिवालय में धूल फांक रही है।
शिमला - एनपीएस प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय पेंशन बहाली समिति के मुख्य सलाहकार नरेश ठाकुर, एलडी चौहान, भरत शर्मा, कुशाल व चंद्रमोहन ने प्रदेश सरकार द्वारा न्यू पेंशन योजना के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों के लिए डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रेच्युटी की अधिसूचना जारी करने का धन्यवाद किया। इससे सेवानिवृत्त होने वाले एनपीएस कर्मचारी लाभान्वित होंगे। इस अधिसूचना के लागू होने के बाद अब कर्मचारी अपने सेवाकाल की अवधि अनुसार राशि घर ले जाएगा।
| बिलासपुर - सरकार की वादाखिलाफी से खफा आउटसोर्स इंप्लाइज यूनियन ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। यूनियन ने निर्णय लिया है कि यदि चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले आउटसोर्स कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो चुनाव का बहिष्कार करने के बजाय अपने वोट के माध्यम से सरकार को इसका जवाब देंगे। अब यह सरकार को तय करना है कि उसे किसी कंपनी विशेष को ही लाभ पहुंचाना है या इस वर्ग के पैंतीस हजार कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित बनाकर उन्हें अपने साथ जोड़ना है। आउटसोर्स इंप्लाइज यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष युनस अख्तर, महासचिव तृप्ता भाटिया व मुख्य सलाहकार शबीर मोहम्मद ने कहा कि हिमाचल में विभिन्न विभागों तथा बोर्डों व निगमों में लगभग पैंतीस हजार आउटसोर्स कर्मचारी पिछले दस-बारह वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं। उनकी नियुक्ति कुछ कंपनियों के माध्यम से की गई है। डाटा एंट्री व कम्प्यूटर आपरेटर जैसे पदों पर काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों को जहां तीस से चालीस हजार रुपए वेतन मिल रहा है। वहीं इन्हीं पदों पर काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों को महज पाँच हज़ार तीन सौ बानवे रुपयापए मासिक वेतन दिया जा रहा है। नियोक्ता कंपनियां उनके वेतन में से लगभग दो-दो हजार रुपए प्रतिमाह अपने कमीशन के रूप में काट रही हैं। यूनियन के नुमाइंदों ने कहा कि पिछले विस चुनाव के दौरान कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में वादा किया था कि ठेके पर की गई नियुक्तियों को रेगुलर किया जाएगा। इसी साल बजट सत्र के दौरान भी सीएम ने घोषणा की थी कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए एक माह के भीतर पालिसी तैयार होगी। कई माह बीत जाने के बाद सरकार इस बारे में कुछ कहने से भी गुरेज कर रही है। सरकार ने पैट, पीटीए व एसएमसी जैसे अन्य वर्गों के कर्मचारियों को लाभान्वित किया, लेकिन आउटसोर्स कर्मचारियों की फाइल अभी भी सचिवालय में धूल फांक रही है। शिमला - एनपीएस प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय पेंशन बहाली समिति के मुख्य सलाहकार नरेश ठाकुर, एलडी चौहान, भरत शर्मा, कुशाल व चंद्रमोहन ने प्रदेश सरकार द्वारा न्यू पेंशन योजना के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों के लिए डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रेच्युटी की अधिसूचना जारी करने का धन्यवाद किया। इससे सेवानिवृत्त होने वाले एनपीएस कर्मचारी लाभान्वित होंगे। इस अधिसूचना के लागू होने के बाद अब कर्मचारी अपने सेवाकाल की अवधि अनुसार राशि घर ले जाएगा। |
हरियाणा के हिसार में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने सूर्य नगर पुलिस चौकी इंचार्ज रविंद्र और बिचौलिए आत्मजीत को 15 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। आरोपी से 8 हजार रुपए बरामद कर लिए, जबकि एक ASI बलविंदर मौके से भाग गया। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, हिसार के कृष्ण कुमार ने 18 अप्रैल 2023 को HTM थाने में भिवानी के नरेश के खिलाफ 12 लाख रुपए की धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया था। नरेश ने कृष्ण कुमार के बेटे को दिल्ली पुलिस में ड्राइवर की नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी की थी।
इस मामले में जांच अधिकारी ASI बलविंदर था। कृष्ण ने बलविंदर को आरोपी की कॉल डिटेल निकलवाने के लिए कहा था। बदले में ASI रविंदर और ASI बलविंदर ने रिश्वत की डिमांड की। जिसके बाद शुक्रवार को सूर्य नगर चौकी में 15 हजार रुपए में सौदा तय हो गया।
कृष्ण ने बाहर आकर एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम को इशारा कर दिया। इसके बाद DSP कैलाश कुमार की टीम ने रेड की तो मौके पर से ASI बलविंदर भाग गया, जबकि ASI रविंदर और बीच में पैसे दिलवाने में आए आत्मजीत उर्फ मीतू निवासी सूर्य नगर हिसार को पकड़ लिया। आत्मजीत दूध की डेरी का काम करता है।
हरियाणा के जींद में जुलाना थाना के एक सब इंस्पेक्टर (SI) को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। उसने पोक्सो एक्ट के मामले में जब्त गई बाइक को छोडने की एवज में रिश्वत मांगी थी। गिरफ्तारी के बाद उससे रिश्वत के रुपए बरामद किए गए, साथ ही हाथ धुलवाए तो नोटों पर लगे केमिकल के कारण लाल हो गए। (पढ़ें पूरी खबर)
This website follows the DNPA Code of Ethics.
| हरियाणा के हिसार में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने सूर्य नगर पुलिस चौकी इंचार्ज रविंद्र और बिचौलिए आत्मजीत को पंद्रह हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। आरोपी से आठ हजार रुपए बरामद कर लिए, जबकि एक ASI बलविंदर मौके से भाग गया। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार, हिसार के कृष्ण कुमार ने अट्ठारह अप्रैल दो हज़ार तेईस को HTM थाने में भिवानी के नरेश के खिलाफ बारह लाख रुपए की धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया था। नरेश ने कृष्ण कुमार के बेटे को दिल्ली पुलिस में ड्राइवर की नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी की थी। इस मामले में जांच अधिकारी ASI बलविंदर था। कृष्ण ने बलविंदर को आरोपी की कॉल डिटेल निकलवाने के लिए कहा था। बदले में ASI रविंदर और ASI बलविंदर ने रिश्वत की डिमांड की। जिसके बाद शुक्रवार को सूर्य नगर चौकी में पंद्रह हजार रुपए में सौदा तय हो गया। कृष्ण ने बाहर आकर एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम को इशारा कर दिया। इसके बाद DSP कैलाश कुमार की टीम ने रेड की तो मौके पर से ASI बलविंदर भाग गया, जबकि ASI रविंदर और बीच में पैसे दिलवाने में आए आत्मजीत उर्फ मीतू निवासी सूर्य नगर हिसार को पकड़ लिया। आत्मजीत दूध की डेरी का काम करता है। हरियाणा के जींद में जुलाना थाना के एक सब इंस्पेक्टर को एंटी करप्शन ब्यूरो ने दस हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। उसने पोक्सो एक्ट के मामले में जब्त गई बाइक को छोडने की एवज में रिश्वत मांगी थी। गिरफ्तारी के बाद उससे रिश्वत के रुपए बरामद किए गए, साथ ही हाथ धुलवाए तो नोटों पर लगे केमिकल के कारण लाल हो गए। This website follows the DNPA Code of Ethics. |
रीट भर्ती परीक्षा में हुई धांधली का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। भर्ती परीक्षा के विरोध में अब राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने भी अपना मोर्चा खोल दिया है। पार्टी की सीकर इकाई के कार्यकर्ताओं ने आज सीकर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का पुतला जलाया। साथ ही राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जबरन बैरिकेड लांघ कर कलेक्ट्रेट में घुसने की कोशिश भी की जिन्हें मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने हटाया।
पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर मांग की है कि भर्ती रद्द करवाई जाए जिससे लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ ना हो। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी सीकर के जिलाध्यक्ष महेंद्र डोरवाल ने बताया कि राजस्थान के इतिहास की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षा रीट में हुई अनियमितताओं और धांधली के विरोध में आज राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पार्टी के प्रदेशव्यापी आह्वान पर सीकर में डाक बंगला से रैली निकाली। साथ ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का पुतला भी फूंका।
डोरवाल ने कहा, सरकार पहले तो रीट भर्ती परीक्षा में हुई धांधली का विरोध करती रही। लेकिन अब लगातार एसओजी की जांच में नए नए खुलासे हो रहे हैं जिसमें साफ हो गया कि पेपर दो दिन पहले ही शिक्षा संकुल से आउट होकर बिक गया। सरकार के कई लोग भी इस धांधली में शामिल रहे, लेकिन इसके बाद भी सरकार अपनी हठधर्मिता पर अड़ी हुई है। इससे परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों की नौकरी लगने की उम्मीदें पूरी तरह खत्म हो चुकी हैं जिसके विरोध में आज हमने जिला कलेक्टर अविचल चतुर्वेदी को राज्यपाल के नाम देकर ज्ञापन देकर मांग कि है कि रीट परीक्षा को रद्द की जाए जिससे लाखों अभ्यर्थियों के साथ खिलवाड़ नहीं हो।
This website follows the DNPA Code of Ethics.
| रीट भर्ती परीक्षा में हुई धांधली का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। भर्ती परीक्षा के विरोध में अब राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने भी अपना मोर्चा खोल दिया है। पार्टी की सीकर इकाई के कार्यकर्ताओं ने आज सीकर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का पुतला जलाया। साथ ही राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जबरन बैरिकेड लांघ कर कलेक्ट्रेट में घुसने की कोशिश भी की जिन्हें मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने हटाया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर मांग की है कि भर्ती रद्द करवाई जाए जिससे लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ ना हो। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी सीकर के जिलाध्यक्ष महेंद्र डोरवाल ने बताया कि राजस्थान के इतिहास की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षा रीट में हुई अनियमितताओं और धांधली के विरोध में आज राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पार्टी के प्रदेशव्यापी आह्वान पर सीकर में डाक बंगला से रैली निकाली। साथ ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का पुतला भी फूंका। डोरवाल ने कहा, सरकार पहले तो रीट भर्ती परीक्षा में हुई धांधली का विरोध करती रही। लेकिन अब लगातार एसओजी की जांच में नए नए खुलासे हो रहे हैं जिसमें साफ हो गया कि पेपर दो दिन पहले ही शिक्षा संकुल से आउट होकर बिक गया। सरकार के कई लोग भी इस धांधली में शामिल रहे, लेकिन इसके बाद भी सरकार अपनी हठधर्मिता पर अड़ी हुई है। इससे परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों की नौकरी लगने की उम्मीदें पूरी तरह खत्म हो चुकी हैं जिसके विरोध में आज हमने जिला कलेक्टर अविचल चतुर्वेदी को राज्यपाल के नाम देकर ज्ञापन देकर मांग कि है कि रीट परीक्षा को रद्द की जाए जिससे लाखों अभ्यर्थियों के साथ खिलवाड़ नहीं हो। This website follows the DNPA Code of Ethics. |
जानकारी के अनुसार रिया नोवोस्तीसर्बिया के रक्षा मंत्रालय के सामग्री संसाधन क्षेत्र के रक्षा प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख, बॉयन ज़र्निच ने रूसी सेनानियों की आपूर्ति पर समझौतों पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की मिग 29 बेलग्रेड, उन्हें देश की वायु सेना के लिए एम्बुलेंस की उम्मीद है।
सैन्य-तकनीकी सहायता के हिस्से के रूप में, 6 मिग -29, 30 सेनानियों को सर्बिया में स्थानांतरित किया जाना है टैंक T-72S और 30 BRDM-2, 14,5 mm KPVT से लैस हैं।
यह मुद्दा अब तकनीकी कार्यान्वयन स्तर पर है, हमें उम्मीद है कि रूस में सभी प्रशासनिक प्रक्रियाएं बहुत जल्दी, बहुत जल्दी पूरी हो जाएंगी, क्योंकि हम जानते हैं कि हमारे सहयोगी इस काम में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं, और सभी आवश्यक समझौतों पर पहले ही हस्ताक्षर हो चुके हैं। मुझे लगता है कि आने वाले हफ्तों में ऐसा होगा। यह एक ऐसा काम है जिसके लिए बहुत प्रयास करने की आवश्यकता है, आखिरकार, हम सैन्य विमान के बारे में बात कर रहे हैं, न कि मिठाई के बारे में। प्रक्रियाएं बहुत गंभीर हैं, और उनका पालन किया जाना चाहिए, इसलिए मीडिया पर दबाव नहीं डाला जाना चाहिए ताकि विमान के आगमन की सही तारीख का संचार हो सके। समझौतों के कार्यान्वयन में एक स्पष्ट लय है, यह ज्ञात है कि विमान की मरम्मत कहाँ और कब की जाएगी।
सैन्य-तकनीकी सहायता के हिस्से के रूप में, 6 मिग -29, 30 सेनानियों को सर्बिया में स्थानांतरित किया जाना है टैंक T-72S और 30 BRDM-2, 14,5 mm KPVT से लैस हैं।
| जानकारी के अनुसार रिया नोवोस्तीसर्बिया के रक्षा मंत्रालय के सामग्री संसाधन क्षेत्र के रक्षा प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख, बॉयन ज़र्निच ने रूसी सेनानियों की आपूर्ति पर समझौतों पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की मिग उनतीस बेलग्रेड, उन्हें देश की वायु सेना के लिए एम्बुलेंस की उम्मीद है। सैन्य-तकनीकी सहायता के हिस्से के रूप में, छः मिग -उनतीस, तीस सेनानियों को सर्बिया में स्थानांतरित किया जाना है टैंक T-बहत्तरS और तीस BRDM-दो, चौदह,पाँच मिलीमीटर KPVT से लैस हैं। यह मुद्दा अब तकनीकी कार्यान्वयन स्तर पर है, हमें उम्मीद है कि रूस में सभी प्रशासनिक प्रक्रियाएं बहुत जल्दी, बहुत जल्दी पूरी हो जाएंगी, क्योंकि हम जानते हैं कि हमारे सहयोगी इस काम में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं, और सभी आवश्यक समझौतों पर पहले ही हस्ताक्षर हो चुके हैं। मुझे लगता है कि आने वाले हफ्तों में ऐसा होगा। यह एक ऐसा काम है जिसके लिए बहुत प्रयास करने की आवश्यकता है, आखिरकार, हम सैन्य विमान के बारे में बात कर रहे हैं, न कि मिठाई के बारे में। प्रक्रियाएं बहुत गंभीर हैं, और उनका पालन किया जाना चाहिए, इसलिए मीडिया पर दबाव नहीं डाला जाना चाहिए ताकि विमान के आगमन की सही तारीख का संचार हो सके। समझौतों के कार्यान्वयन में एक स्पष्ट लय है, यह ज्ञात है कि विमान की मरम्मत कहाँ और कब की जाएगी। सैन्य-तकनीकी सहायता के हिस्से के रूप में, छः मिग -उनतीस, तीस सेनानियों को सर्बिया में स्थानांतरित किया जाना है टैंक T-बहत्तरS और तीस BRDM-दो, चौदह,पाँच मिलीमीटर KPVT से लैस हैं। |
इस प्रकार 'मनुमुख' अथवा साकत 'इउमै और माया की सक्कि के कारण परमात्मा से बिछुड़ जाते हैं। परमात्मा के वियोग का मुख्य कारण मनुष्य की मनमुखता ही है । वह मछली और बन्दर की भाँति माया के कुसुम्भी रंग में उलझा रहता है -
फाकियो मीन कपिक की निश्राई तू उरभि रहिश्रो कुसंभाइले । ' मनुष्य अपनी सारी माया और मोह में उलझ कर नष्ट कर देता है। गुरु अर्जुन देव ने एक स्थल पर कहा हैरे मूड़े तू होछै रसि लपटाइयो ।
सगि बसतु है तेरै विखिया सिउ उरभाइओ९ ॥
१ ॥ रहाउ ॥ १ ॥
अर्थात् "अरे मूढ़, तू माया के तुच्छ रसों में लिपटा रह जाता है । तेरे साथ मृत ( परमात्मा) का निरन्तर वास है। किन्तु तू ऐसा मूढ़ है ) कि विषयों से उलझा रहता है। विषयों में ही उलझे रह जाने के कारण प्रेम रूपी अमृत का पान नहीं कर पाता, इससे सदैव दीन और मलीन बना रहता है ।
मनुष्य में पाप-पुण्य दोनों ही रहते हैं। सृष्टि में पाप-पुण्य दोनों ही हैं। किन्तु द्वैत भाव के कारण अंधकार रहता है। अंबुद्धि के त्याग से ही ज्ञान का प्रकाश होता है -
काइआ अंदरि पाप पुंनु दुइ भाई दुही मिलि के सृसटि उपाई ॥४॥
घर ही माहि दूजै भाइ ।
चान होवे छोड़े हउमै मेराउ ।। ५।।२७।।२४॥
मनुष्य में परमात्मा के मिलन के उपादान- मनुष्य यद्यपि प्रकाश और अंधकार वृत्ति का पूर्व सम्मिश्रण है, पर सिक्ख गुरुओं ने मनुष्य की श्राध्यात्मिक शक्ति जगाने के लिए स्थान-स्थान पर बड़े जोरदार शब्दों में
१. श्री गुरु ग्रंथ साहिब, रागु गोंड, महला ५, पृष्ठ ८६२ २. श्री गुरु ग्रंथ साहिब, माझ, महला ५, पृष्ठ १०१७ ३. श्री गुरु ग्रंथ साहिब, माझ, महला ३, पृष्ठ १२६
कहा है कि यह शरीर अत्यन्त पवित्र है, क्योंकि इसमें परमात्मा का निवासस्थान है। जब साधक को भली भाँति यह बोध हो जाता है कि जोतिर्मय घट-घट-व्यापी परमात्मा मेरे अत्यन्त निकट है, तो उसकी सारी पाप-वृत्तियाँ और दब जाते हैं। उसके अन्तर्गत पूर्व सत्वगुण का प्रकाश जागृत होता है। गुरुओं ने मनुष्य की इस वृत्ति को जगाने का स्तुत्य प्रयास किया है। इस दिशा में गुरुओं में पूर्व आशावादिता लक्षित होती है।
मनुष्य का शरीर परमात्मा का मन्दिर है- गुरुओं ने मनुष्य के शरीर को परमात्मा का मन्दिर माना हैं । वह शरीर परमात्मा का मन्दिर है और इसमें ज्ञान रूपी रत्न प्रकट होता हैहरि मन्दरु एहु सरीरु है गिश्रानि रतनि परगटु होइ' १॥ २ ॥१॥
काइआ नगरु नगर गड़ अन्दरि ।
साचा बासा पुरि गगनंदरि २ ॥१॥ १ ॥१३॥
गुरु तेग बहादुर जी मनुष्य शरीर के अंतर्गत परमात्मा का निवास स्थान मानते हुए कहते हैं, "अरे साधक, बन में प्रभु की खोज करने क्यों जाते हो ? घट-घट व्यापी निर्लिप्त परमात्मा सदैव तुम्हारे ही साथ रहता है । जिस प्रकार पुष्प की सुगन्ध पुष्प के साथ रहती हुई भी देखी नहीं जा सकती, किन्तु नासिका द्वारा उसकी अनुभूति प्राप्त की जा सकती है और जिस प्रकार दर्पण में परछाई अंतति रहती है, उसी भाँति परमात्मा भी निरन्तर जीवों के साथ रहता है। अतः शरीर ही खोजों और उसी में परमात्मा की समीपता का अनुभव करो ।
शरीर में मृतका निवास है - अमृत तत्व वह हैं, जो कभी नष्ट नहीं होता । परमात्मा तत्व ही मरणधर्मा है, बाकी सारी वस्तुएँ
१. श्री गुरु ग्रंथ साहिब, प्रभाती, महला ३, पृष्ठ १३४६ २. श्री गुरु ग्रंथ साहिब, मारू सोलहे, महला १, पृष्ठ १०३३ ३. श्री गुरु ग्रंथ साहिब -- काहे रे बनि खोजन जाई । -
तैसे ही हरि बसै निरन्तरि घट ही खोजहु भाई ॥ धनासरी, महला ३, पृष्ठ ६८४
नश्वर हैं। परमात्मा रूपी अमृत का पान करने से मरणशील मनुष्य श्रमर हो जाता है-मन रे थिरु रहु मतु कत जाही जीउ ।
बाहरि ढूँढ़त बहुत दुखु पावहि, घरि अमृत घट माही जीउ' ॥
घट ही महि अंमृत भरपूरा है मनमुखा सादु न पाइआ । जिउ कसतूरी मिरग न जाये, भ्रमदा भरमि भुलाइना' ॥ इस शरीर में ही परमात्मा की ज्योति है - - परमात्मा की ज्योति एक देशीय नहीं है। वह जड़ चेतन दोनों तत्वों में समान रूप से व्याप्त है । जो इस परमात्म-ज्योति की अनुभूति कर लेता है, वह उससे मिल कर एकाकार हो जाता है, जिस प्रकार दीपक भी ज्योति सूर्य की ज्योति में विलीन हो जाती है, उसी प्रकार जीव के भीतर भी परमात्मा की रखी हुई ज्योति, परमात्मा से मिलकर एक हो जाती है,
काइया महलु मंदरु धरु हरि का तिसु महि राखी जोति अपार ॥४॥५॥ शरीर के अंतर्गत सब कुछ है - सारे विषेचन का तात्पर्य यह है कि शरीर के ही अंतर्गत सारी वस्तुएँ हैं। गुरु अमरदास जी ने एक पद में इसका वर्णन इस प्रकार किया है, "इस काया के अंतर्गत स्खण्ड, मण्डल, पाताल आदि सभी वस्तुएँ हैं। यहाँ तक कि इसी शरीर के अंतर्गत सारी सृष्टि का जीवनदाता अर्थात् परमात्मा निवास करता है। वह परमात्मा इस शरीर के अंतर्गत रहता है, जो सृष्टि के समस्त प्राणियों की रक्षा करता है । काया गुरु द्वारा दिए गए नाम का जप करती है, वह अत्यन्त सुखी और सौभाग्यशालिनी है। इस काया के उस परमात्मा का वास है, जो दिखायी पड़ता है। किन्तु गँवार मनमुख इस गइन रहस्य को न समझ कर बाहर ढूँढने जाता है । सद्गुरु की सेवा से सदैव सुख की प्राप्ति होती है। सद्गुरु ही अलख परमात्मा का साक्षात्कार कराता है । इस शरीर के भीतर ज्ञान रूपी रत्न है और भक्ति रूपी भाण्डार है । नव खण्ड, पृथ्वी, हाट पट्टण, बाजार आदि सृष्टि की दृश्यमान वस्तुएँ इसी शरीर के
१. श्री गुरु ग्रंथ साहिब, सोरठि, महला १, पृष्ठ ५६८ २. श्री गुरु ग्रंथ साहिब, सोरठि, महला ३ पृष्ठ ६४४ ३. श्री गुरु ग्रंथ साहिब, मलार, महला १, पृष्ठ १२५६ | इस प्रकार 'मनुमुख' अथवा साकत 'इउमै और माया की सक्कि के कारण परमात्मा से बिछुड़ जाते हैं। परमात्मा के वियोग का मुख्य कारण मनुष्य की मनमुखता ही है । वह मछली और बन्दर की भाँति माया के कुसुम्भी रंग में उलझा रहता है - फाकियो मीन कपिक की निश्राई तू उरभि रहिश्रो कुसंभाइले । ' मनुष्य अपनी सारी माया और मोह में उलझ कर नष्ट कर देता है। गुरु अर्जुन देव ने एक स्थल पर कहा हैरे मूड़े तू होछै रसि लपटाइयो । सगि बसतु है तेरै विखिया सिउ उरभाइओनौ ॥ एक ॥ रहाउ ॥ एक ॥ अर्थात् "अरे मूढ़, तू माया के तुच्छ रसों में लिपटा रह जाता है । तेरे साथ मृत का निरन्तर वास है। किन्तु तू ऐसा मूढ़ है ) कि विषयों से उलझा रहता है। विषयों में ही उलझे रह जाने के कारण प्रेम रूपी अमृत का पान नहीं कर पाता, इससे सदैव दीन और मलीन बना रहता है । मनुष्य में पाप-पुण्य दोनों ही रहते हैं। सृष्टि में पाप-पुण्य दोनों ही हैं। किन्तु द्वैत भाव के कारण अंधकार रहता है। अंबुद्धि के त्याग से ही ज्ञान का प्रकाश होता है - काइआ अंदरि पाप पुंनु दुइ भाई दुही मिलि के सृसटि उपाई ॥चार॥ घर ही माहि दूजै भाइ । चान होवे छोड़े हउमै मेराउ ।। पाँच।।सत्ताईस।।चौबीस॥ मनुष्य में परमात्मा के मिलन के उपादान- मनुष्य यद्यपि प्रकाश और अंधकार वृत्ति का पूर्व सम्मिश्रण है, पर सिक्ख गुरुओं ने मनुष्य की श्राध्यात्मिक शक्ति जगाने के लिए स्थान-स्थान पर बड़े जोरदार शब्दों में एक. श्री गुरु ग्रंथ साहिब, रागु गोंड, महला पाँच, पृष्ठ आठ सौ बासठ दो. श्री गुरु ग्रंथ साहिब, माझ, महला पाँच, पृष्ठ एक हज़ार सत्रह तीन. श्री गुरु ग्रंथ साहिब, माझ, महला तीन, पृष्ठ एक सौ छब्बीस कहा है कि यह शरीर अत्यन्त पवित्र है, क्योंकि इसमें परमात्मा का निवासस्थान है। जब साधक को भली भाँति यह बोध हो जाता है कि जोतिर्मय घट-घट-व्यापी परमात्मा मेरे अत्यन्त निकट है, तो उसकी सारी पाप-वृत्तियाँ और दब जाते हैं। उसके अन्तर्गत पूर्व सत्वगुण का प्रकाश जागृत होता है। गुरुओं ने मनुष्य की इस वृत्ति को जगाने का स्तुत्य प्रयास किया है। इस दिशा में गुरुओं में पूर्व आशावादिता लक्षित होती है। मनुष्य का शरीर परमात्मा का मन्दिर है- गुरुओं ने मनुष्य के शरीर को परमात्मा का मन्दिर माना हैं । वह शरीर परमात्मा का मन्दिर है और इसमें ज्ञान रूपी रत्न प्रकट होता हैहरि मन्दरु एहु सरीरु है गिश्रानि रतनि परगटु होइ' एक॥ दो ॥एक॥ काइआ नगरु नगर गड़ अन्दरि । साचा बासा पुरि गगनंदरि दो ॥एक॥ एक ॥तेरह॥ गुरु तेग बहादुर जी मनुष्य शरीर के अंतर्गत परमात्मा का निवास स्थान मानते हुए कहते हैं, "अरे साधक, बन में प्रभु की खोज करने क्यों जाते हो ? घट-घट व्यापी निर्लिप्त परमात्मा सदैव तुम्हारे ही साथ रहता है । जिस प्रकार पुष्प की सुगन्ध पुष्प के साथ रहती हुई भी देखी नहीं जा सकती, किन्तु नासिका द्वारा उसकी अनुभूति प्राप्त की जा सकती है और जिस प्रकार दर्पण में परछाई अंतति रहती है, उसी भाँति परमात्मा भी निरन्तर जीवों के साथ रहता है। अतः शरीर ही खोजों और उसी में परमात्मा की समीपता का अनुभव करो । शरीर में मृतका निवास है - अमृत तत्व वह हैं, जो कभी नष्ट नहीं होता । परमात्मा तत्व ही मरणधर्मा है, बाकी सारी वस्तुएँ एक. श्री गुरु ग्रंथ साहिब, प्रभाती, महला तीन, पृष्ठ एक हज़ार तीन सौ छियालीस दो. श्री गुरु ग्रंथ साहिब, मारू सोलहे, महला एक, पृष्ठ एक हज़ार तैंतीस तीन. श्री गुरु ग्रंथ साहिब -- काहे रे बनि खोजन जाई । - तैसे ही हरि बसै निरन्तरि घट ही खोजहु भाई ॥ धनासरी, महला तीन, पृष्ठ छः सौ चौरासी नश्वर हैं। परमात्मा रूपी अमृत का पान करने से मरणशील मनुष्य श्रमर हो जाता है-मन रे थिरु रहु मतु कत जाही जीउ । बाहरि ढूँढ़त बहुत दुखु पावहि, घरि अमृत घट माही जीउ' ॥ घट ही महि अंमृत भरपूरा है मनमुखा सादु न पाइआ । जिउ कसतूरी मिरग न जाये, भ्रमदा भरमि भुलाइना' ॥ इस शरीर में ही परमात्मा की ज्योति है - - परमात्मा की ज्योति एक देशीय नहीं है। वह जड़ चेतन दोनों तत्वों में समान रूप से व्याप्त है । जो इस परमात्म-ज्योति की अनुभूति कर लेता है, वह उससे मिल कर एकाकार हो जाता है, जिस प्रकार दीपक भी ज्योति सूर्य की ज्योति में विलीन हो जाती है, उसी प्रकार जीव के भीतर भी परमात्मा की रखी हुई ज्योति, परमात्मा से मिलकर एक हो जाती है, काइया महलु मंदरु धरु हरि का तिसु महि राखी जोति अपार ॥चार॥पाँच॥ शरीर के अंतर्गत सब कुछ है - सारे विषेचन का तात्पर्य यह है कि शरीर के ही अंतर्गत सारी वस्तुएँ हैं। गुरु अमरदास जी ने एक पद में इसका वर्णन इस प्रकार किया है, "इस काया के अंतर्गत स्खण्ड, मण्डल, पाताल आदि सभी वस्तुएँ हैं। यहाँ तक कि इसी शरीर के अंतर्गत सारी सृष्टि का जीवनदाता अर्थात् परमात्मा निवास करता है। वह परमात्मा इस शरीर के अंतर्गत रहता है, जो सृष्टि के समस्त प्राणियों की रक्षा करता है । काया गुरु द्वारा दिए गए नाम का जप करती है, वह अत्यन्त सुखी और सौभाग्यशालिनी है। इस काया के उस परमात्मा का वास है, जो दिखायी पड़ता है। किन्तु गँवार मनमुख इस गइन रहस्य को न समझ कर बाहर ढूँढने जाता है । सद्गुरु की सेवा से सदैव सुख की प्राप्ति होती है। सद्गुरु ही अलख परमात्मा का साक्षात्कार कराता है । इस शरीर के भीतर ज्ञान रूपी रत्न है और भक्ति रूपी भाण्डार है । नव खण्ड, पृथ्वी, हाट पट्टण, बाजार आदि सृष्टि की दृश्यमान वस्तुएँ इसी शरीर के एक. श्री गुरु ग्रंथ साहिब, सोरठि, महला एक, पृष्ठ पाँच सौ अड़सठ दो. श्री गुरु ग्रंथ साहिब, सोरठि, महला तीन पृष्ठ छः सौ चौंतालीस तीन. श्री गुरु ग्रंथ साहिब, मलार, महला एक, पृष्ठ एक हज़ार दो सौ छप्पन |
Mangal Gochar 2022 : 13 नवंबर से वृष राशि में गोचर कर चुके मंगल ग्रह, 13 जनवरी 2023 तक इसी राशि में मार्गी रहेंगे और कुछ राशियों के लिए अमंगल स्थिति बना देंगे.
Mars Margi In Taurus : मंगल ग्रह के वृष राशि में गोचर से 4 राशियों पर संकट शुरु होगा. इस राशि के जातकों को संभलकर रहना चाहिए और मंगल से मुक्ति के उपाय करने चाहिए.
पुरानी बीमारी परेशान करेंगी.
आर्थिक नुकसान हो सकता है.
निवेश फंस सकता है.
आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है, धन बचा कर रखें.
उधार में दिए पैसे फंस सते हैं.
दांपत्य जीवन में परेशानी होगी.
संपत्ति विवाद हो सकता है.
परिवार में लड़ाई-झगड़ा बढ़ेगा.
भाई-बहन के रिश्तों में दरार आ सकती है.
शत्रु प्रबल हो सकते हैं.
आपकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंच सकती है.
शादीशुदा जिंदगी में तनाव होगा.
प्रमोशन रुक सकता है.
नौकरी पर बात आ सकती है.
सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ सकते हैं.
योग और प्राणायाम से खुद को शांत रखें, बुरा वक्त जल्दी कट जाएगा.
(Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है जिसकी ZEE NEWS पुष्टि नहीं करता है.)
| Mangal Gochar दो हज़ार बाईस : तेरह नवंबर से वृष राशि में गोचर कर चुके मंगल ग्रह, तेरह जनवरी दो हज़ार तेईस तक इसी राशि में मार्गी रहेंगे और कुछ राशियों के लिए अमंगल स्थिति बना देंगे. Mars Margi In Taurus : मंगल ग्रह के वृष राशि में गोचर से चार राशियों पर संकट शुरु होगा. इस राशि के जातकों को संभलकर रहना चाहिए और मंगल से मुक्ति के उपाय करने चाहिए. पुरानी बीमारी परेशान करेंगी. आर्थिक नुकसान हो सकता है. निवेश फंस सकता है. आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है, धन बचा कर रखें. उधार में दिए पैसे फंस सते हैं. दांपत्य जीवन में परेशानी होगी. संपत्ति विवाद हो सकता है. परिवार में लड़ाई-झगड़ा बढ़ेगा. भाई-बहन के रिश्तों में दरार आ सकती है. शत्रु प्रबल हो सकते हैं. आपकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंच सकती है. शादीशुदा जिंदगी में तनाव होगा. प्रमोशन रुक सकता है. नौकरी पर बात आ सकती है. सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ सकते हैं. योग और प्राणायाम से खुद को शांत रखें, बुरा वक्त जल्दी कट जाएगा. |
अमरावती/दि. 3- विगत जनवरी माह के दौरान कोविड संक्रमण की रफ्तार बढते ही जिलाधीश द्वारा कुछ प्रमाण में कडे प्रतिबंध लागू किये गये है. वहीं अब संक्रमण की रफ्तार के सुस्त होते ही कई प्रतिबंधों को एकबार फिर शिथिल कर दिया गया है. किंतु इस शिथिलता का लाभ केवल उन्हीं लोगोें को मिलेगा, जिन्होंने कोविड प्रतिबंधात्मक वैक्सीन के दोनों टीके लगवा लिये है. इसके साथ ही जिन जिलों मेें 90 फीसद पहले डोज व 70 फीसद दूसरे डोज लगाये जा चुके है, उन जिलों में लगभग सभी प्रतिबंधों को हटा दिया गया है. ऐसे में प्रतिबंधों से मुक्ति पाने हेतु अमरावती शहर व जिलावासियों को प्रशासन के साथ सहयोग करते हुए शत-प्रतिशत टीकाकरण को सफल बनाना होगा. इस समय अमरावती जिले में पहला व दूसरा डोज लगवा चुके नागरिकों का प्रतिशत 82 फीसद के आसपास है. ऐसे में फिलहाल अमरावतीवासियों को प्रतिबंधों से छूट मिलने के लिए थोडी और प्रतीक्षा करनी पडेगी.
जिले में अब तक 19 लाख 72 हजार 955 नागरिकों ने कोविड प्रतिबंधात्मक वैक्सीन का पहला टीका लगवा लिया है, जो कुल पात्र लाभार्थियों की तुलना में करीब 82 फीसद है. वहीं अब भी 8 हजार पात्र लाभार्थियों को वैक्सीन का पहला टीका लगना बाकी है. ऐसे में स्वास्थ्य पथकों द्वारा संबंधित नागरिकों को समुपदेशन करते हुए उन्हें टीका लगाने हेतु तैयार किया जा रहा है.
पहले डोज की तुलना में दूसरा डोज लगवानेवाले नागरिकों की संख्या थोडी कम है. अब तक 11 लाख 73 हजार 204 नागरिकों ने ही पहला टीका लगवाने के बाद दूसरा डोज लगवाया है. चूंकि अब पहला डोज लगवाने के बाद दूसरा डोज लगवाने के लिए समयावधि को बढा दिया गया है. ऐसे में पहला डोज लगवा चुके कई नागरिकों को दूसरा डोज लगाने में फिलहाल समय शेष है.
- वहीं अब तक 15 से 18 वर्ष आयुगुटवाले 68 हजार 180 किशोरवयीनों को कोविड वैक्सीन का पहला टीका लगाया जा चुका है. यह इस आयुगुट के पात्र लाभार्थियों की तुलना में 50 फीसद संख्या है. चूंकि इस आयुगुट के लाभार्थियों को दूसरा टीका लगाने में अधिक काफी वक्त बाकी है. इस वजह से भी पहला व दूसरा डोज लगवानेवाले लोगोें की संख्या में काफी हद तक फर्क देखा जा रहा है.
अब तक 14 हजार 110 नागरिकों ने बूस्टर डोज लगवाया है. जिन नागरिकोें द्वारा नौ माह पहले कोविड प्रतिबंधात्मक वैक्सीन का दूसरा डोज लगवाया गया था, ऐसे नागरिकों को अब प्रतिबंधात्मक वैक्सीन का तीसरा बूस्टर डोज लगाया जा रहा है. किंतु चुकी अब संक्रमण की रफ्तार सुस्त हो गई है और कोविड संक्रमण के लक्षण भी काफी सौम्य हो चले है. ऐसे में नौ माह पूर्व वैक्सीन के दोनों डोज लगवा चुके नागरिकों द्वारा बूस्टर डोज लेने में कुछ हद तक टालमटोल की जा रही है.
| अमरावती/दि. तीन- विगत जनवरी माह के दौरान कोविड संक्रमण की रफ्तार बढते ही जिलाधीश द्वारा कुछ प्रमाण में कडे प्रतिबंध लागू किये गये है. वहीं अब संक्रमण की रफ्तार के सुस्त होते ही कई प्रतिबंधों को एकबार फिर शिथिल कर दिया गया है. किंतु इस शिथिलता का लाभ केवल उन्हीं लोगोें को मिलेगा, जिन्होंने कोविड प्रतिबंधात्मक वैक्सीन के दोनों टीके लगवा लिये है. इसके साथ ही जिन जिलों मेें नब्बे फीसद पहले डोज व सत्तर फीसद दूसरे डोज लगाये जा चुके है, उन जिलों में लगभग सभी प्रतिबंधों को हटा दिया गया है. ऐसे में प्रतिबंधों से मुक्ति पाने हेतु अमरावती शहर व जिलावासियों को प्रशासन के साथ सहयोग करते हुए शत-प्रतिशत टीकाकरण को सफल बनाना होगा. इस समय अमरावती जिले में पहला व दूसरा डोज लगवा चुके नागरिकों का प्रतिशत बयासी फीसद के आसपास है. ऐसे में फिलहाल अमरावतीवासियों को प्रतिबंधों से छूट मिलने के लिए थोडी और प्रतीक्षा करनी पडेगी. जिले में अब तक उन्नीस लाख बहत्तर हजार नौ सौ पचपन नागरिकों ने कोविड प्रतिबंधात्मक वैक्सीन का पहला टीका लगवा लिया है, जो कुल पात्र लाभार्थियों की तुलना में करीब बयासी फीसद है. वहीं अब भी आठ हजार पात्र लाभार्थियों को वैक्सीन का पहला टीका लगना बाकी है. ऐसे में स्वास्थ्य पथकों द्वारा संबंधित नागरिकों को समुपदेशन करते हुए उन्हें टीका लगाने हेतु तैयार किया जा रहा है. पहले डोज की तुलना में दूसरा डोज लगवानेवाले नागरिकों की संख्या थोडी कम है. अब तक ग्यारह लाख तिहत्तर हजार दो सौ चार नागरिकों ने ही पहला टीका लगवाने के बाद दूसरा डोज लगवाया है. चूंकि अब पहला डोज लगवाने के बाद दूसरा डोज लगवाने के लिए समयावधि को बढा दिया गया है. ऐसे में पहला डोज लगवा चुके कई नागरिकों को दूसरा डोज लगाने में फिलहाल समय शेष है. - वहीं अब तक पंद्रह से अट्ठारह वर्ष आयुगुटवाले अड़सठ हजार एक सौ अस्सी किशोरवयीनों को कोविड वैक्सीन का पहला टीका लगाया जा चुका है. यह इस आयुगुट के पात्र लाभार्थियों की तुलना में पचास फीसद संख्या है. चूंकि इस आयुगुट के लाभार्थियों को दूसरा टीका लगाने में अधिक काफी वक्त बाकी है. इस वजह से भी पहला व दूसरा डोज लगवानेवाले लोगोें की संख्या में काफी हद तक फर्क देखा जा रहा है. अब तक चौदह हजार एक सौ दस नागरिकों ने बूस्टर डोज लगवाया है. जिन नागरिकोें द्वारा नौ माह पहले कोविड प्रतिबंधात्मक वैक्सीन का दूसरा डोज लगवाया गया था, ऐसे नागरिकों को अब प्रतिबंधात्मक वैक्सीन का तीसरा बूस्टर डोज लगाया जा रहा है. किंतु चुकी अब संक्रमण की रफ्तार सुस्त हो गई है और कोविड संक्रमण के लक्षण भी काफी सौम्य हो चले है. ऐसे में नौ माह पूर्व वैक्सीन के दोनों डोज लगवा चुके नागरिकों द्वारा बूस्टर डोज लेने में कुछ हद तक टालमटोल की जा रही है. |
शाजापुरः मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार की बहू ने शाजापुर जिले में फांसी लगाकर जान दे दी है। वही इस मामले में मृतका के भाई ने मंत्री के सामने चिल्लाना आरम्भ कर दिया, '302 धारा (हत्या का मामला) लगनी चाहिए, मंत्री हैं तो क्या हुआ. . . । ' शख्स के इतना बोलते ही हंगामा हो गया, लोगों तथा रिश्तेदारों ने उसे घेर लिया। कुछ उसे मारने तथा धमकाने लगे तो कुछ रिश्तेदार उसे पकड़कर अलग ले गए।
वही आनन-फानन में वाहन में बैठाकर उसे गांव भेज दिया। मंत्री इंदर सिंह परमार की बहू सविता परमार का शव उनके गांव पोचानेर में बुधवार प्रातः 10. 15 बजे पहुंचा। 5 मिनट घर में शव रखने के पश्चात मुक्तिधाम में अंत्येष्टि के लिए ले जाया गया। शव देखकर सविता के पिता जोर-जोर से रोने लगे तथा बेहोश हो गए। उन्हें उठाकर घर के दूसरे कमरे में ले जाया गया। अंत्येष्टि से लौटने के बाद 11 बजे जैसे ही हाथ जोड़कर मंत्री इंदर सिंह परमार घर के बाहर लोगों का आभार व्यक्त कर रहे थे, तभी रिश्ते में लगने वाले सविता के भाई ने चिल्लाना आरम्भ कर दिया।
मंगलवार की शाम मंत्री के गांव पोचानेर मौजूद घर में उनकी 22 वर्षीय बहू सविता ने फांसी लगा ली थी। उस समय घर पर मंत्री नहीं थे, न ही उनका बेटा देवराज। आज प्रातः शुजालपुर में पोस्टमॉर्टम होने के बाद मंत्री की बहू का शव गांव पहुंचा। मृतका के घरवाले भी गांव से आए हुए हैं, किन्तु कोई भी बोलने की हालत में नहीं है। बता दे कि सविता की शादी स्कूल शिक्षा मंत्री परमार के बेटे देवराज के साथ 3 वर्ष पहले हुई थी।
| शाजापुरः मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार की बहू ने शाजापुर जिले में फांसी लगाकर जान दे दी है। वही इस मामले में मृतका के भाई ने मंत्री के सामने चिल्लाना आरम्भ कर दिया, 'तीन सौ दो धारा लगनी चाहिए, मंत्री हैं तो क्या हुआ. . . । ' शख्स के इतना बोलते ही हंगामा हो गया, लोगों तथा रिश्तेदारों ने उसे घेर लिया। कुछ उसे मारने तथा धमकाने लगे तो कुछ रिश्तेदार उसे पकड़कर अलग ले गए। वही आनन-फानन में वाहन में बैठाकर उसे गांव भेज दिया। मंत्री इंदर सिंह परमार की बहू सविता परमार का शव उनके गांव पोचानेर में बुधवार प्रातः दस. पंद्रह बजे पहुंचा। पाँच मिनट घर में शव रखने के पश्चात मुक्तिधाम में अंत्येष्टि के लिए ले जाया गया। शव देखकर सविता के पिता जोर-जोर से रोने लगे तथा बेहोश हो गए। उन्हें उठाकर घर के दूसरे कमरे में ले जाया गया। अंत्येष्टि से लौटने के बाद ग्यारह बजे जैसे ही हाथ जोड़कर मंत्री इंदर सिंह परमार घर के बाहर लोगों का आभार व्यक्त कर रहे थे, तभी रिश्ते में लगने वाले सविता के भाई ने चिल्लाना आरम्भ कर दिया। मंगलवार की शाम मंत्री के गांव पोचानेर मौजूद घर में उनकी बाईस वर्षीय बहू सविता ने फांसी लगा ली थी। उस समय घर पर मंत्री नहीं थे, न ही उनका बेटा देवराज। आज प्रातः शुजालपुर में पोस्टमॉर्टम होने के बाद मंत्री की बहू का शव गांव पहुंचा। मृतका के घरवाले भी गांव से आए हुए हैं, किन्तु कोई भी बोलने की हालत में नहीं है। बता दे कि सविता की शादी स्कूल शिक्षा मंत्री परमार के बेटे देवराज के साथ तीन वर्ष पहले हुई थी। |
क्रिकेट टेस्ट मैच प्रत्येक टीम के लिये दो दो पारियों के होते हैं लेकिन यह इससे भी ज्यादा का हो सकता है। इसलिये आत्ममुग्ध मत बनिये कि हमने पहली पारी में थोड़ी बढ़त ले ली क्योंकि दूसरी पारी और भी मुश्किल हो सकती है।
नयी दिल्ली। पूर्व भारतीय कप्तान और कोच अनिल कुंबले ने खतरनाक कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई की तुलना दिलचस्प टेस्ट मैच की 'दूसरी पारी' से की जिसमें लोग थोड़ी भी ढिलाई नहीं बरत सकते। कोरोना वायरस महामारी से अभी तक दुनिया भर में 2,76,000 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है जबकि 40 लाख से अधिक लोग इसकी चपेट में हैं। इस महामारी के चलते पूरी दुनिया में खेल प्रतियोगितायें रद्द या स्थगित हो चुकी हैं जिसमें तोक्यो ओलंपिक, यूरोपीय फुटबाल चैम्पियनशिप और इंडियन प्रीमियर लीग शामिल है।
इसे भी पढ़ेंः सचिन तेंदुलकर ने चार हजार गरीब लोगों की आर्थिक मदद कीकुंबले ने साथ ही कहा, "हमें इस लड़ाई को जीतना होगा, यह पहली पारी की बढ़त के आधार पर नहीं जीती जा सकती, हमें इसे पटखनी देकर जीतना होगा। " इस पूर्व लेग स्पिनर ने साथ ही स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य का धन्यवाद किया जो काम पर जा रहे हैं जिससे लोग घर पर रहकर सुरक्षित रह सकें।
Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
| क्रिकेट टेस्ट मैच प्रत्येक टीम के लिये दो दो पारियों के होते हैं लेकिन यह इससे भी ज्यादा का हो सकता है। इसलिये आत्ममुग्ध मत बनिये कि हमने पहली पारी में थोड़ी बढ़त ले ली क्योंकि दूसरी पारी और भी मुश्किल हो सकती है। नयी दिल्ली। पूर्व भारतीय कप्तान और कोच अनिल कुंबले ने खतरनाक कोविड-उन्नीस महामारी के खिलाफ लड़ाई की तुलना दिलचस्प टेस्ट मैच की 'दूसरी पारी' से की जिसमें लोग थोड़ी भी ढिलाई नहीं बरत सकते। कोरोना वायरस महामारी से अभी तक दुनिया भर में दो,छिहत्तर,शून्य से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है जबकि चालीस लाख से अधिक लोग इसकी चपेट में हैं। इस महामारी के चलते पूरी दुनिया में खेल प्रतियोगितायें रद्द या स्थगित हो चुकी हैं जिसमें तोक्यो ओलंपिक, यूरोपीय फुटबाल चैम्पियनशिप और इंडियन प्रीमियर लीग शामिल है। इसे भी पढ़ेंः सचिन तेंदुलकर ने चार हजार गरीब लोगों की आर्थिक मदद कीकुंबले ने साथ ही कहा, "हमें इस लड़ाई को जीतना होगा, यह पहली पारी की बढ़त के आधार पर नहीं जीती जा सकती, हमें इसे पटखनी देकर जीतना होगा। " इस पूर्व लेग स्पिनर ने साथ ही स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य का धन्यवाद किया जो काम पर जा रहे हैं जिससे लोग घर पर रहकर सुरक्षित रह सकें। Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है। |
कोरोना की इस दूसरी लहर की खौफनाक तस्वीरें देश के हर प्रदेश से आ रही हैं। यूपी भी इस वायरस की चपेट में है। यूं तो सूबे के सीएम योगी ने दावा करते हुए कहा था कि यूपी में ना तो ऑक्सीजन की किल्लत है ना दवाइयों की कमी है और ना ही अस्पतालों में बेड की दिक्कत है, परन्तु इन दावों की जमीनी पड़ताल कुछ और ही कहानी कहती है। आगरा के पारस अस्पताल में तो 8 मरीजों की ऑक्सीजन की किल्लत के चलते मौत हो गई।
जिले के कई निजी अस्पतालों ने अपने दरवाजों पर बेड की अनुपलब्धता के पोस्टर लगा दिए हैं, जिसे देखकर ही मरीज निराश होकर लौट जाए। वहीं कई अस्पतालों ने नोटिस चस्पा करके कह दिया है कि ऑक्सीजन है नहीं, इसलिए अपने मरीजों के लिए ऑक्सीजन का प्रबंध खुद करें। जिसे अपनों की फिक्र है वह कुछ भी करें परन्तु ऑक्सीजन लेकर कर आए।
अस्पताल में काम करने वाली तनु चतुर्वेदी का कहना है कि सात से आठ लोगों की मौत ऑक्सीजन की कमी के चलते हुई है और हमने इसकी जानकारी प्रशासन को दे दी थी। आगरा के डीएम प्रभु सिंह भी ये मान रहे हैं कि हां पिछले 24 घंटों में किल्लत हुई थी परन्तु व्यवस्था जल्दी ठीक हो जाएगी। प्रभु सिंह के अनुसार रोगियों की संख्या अचानक बढ़ी है इसलिए ऑक्सीजन की मांग में भी बढ़ोतरी हुई है परन्तु जल्दी ही सप्लाई पहुंच जाएगी।
| कोरोना की इस दूसरी लहर की खौफनाक तस्वीरें देश के हर प्रदेश से आ रही हैं। यूपी भी इस वायरस की चपेट में है। यूं तो सूबे के सीएम योगी ने दावा करते हुए कहा था कि यूपी में ना तो ऑक्सीजन की किल्लत है ना दवाइयों की कमी है और ना ही अस्पतालों में बेड की दिक्कत है, परन्तु इन दावों की जमीनी पड़ताल कुछ और ही कहानी कहती है। आगरा के पारस अस्पताल में तो आठ मरीजों की ऑक्सीजन की किल्लत के चलते मौत हो गई। जिले के कई निजी अस्पतालों ने अपने दरवाजों पर बेड की अनुपलब्धता के पोस्टर लगा दिए हैं, जिसे देखकर ही मरीज निराश होकर लौट जाए। वहीं कई अस्पतालों ने नोटिस चस्पा करके कह दिया है कि ऑक्सीजन है नहीं, इसलिए अपने मरीजों के लिए ऑक्सीजन का प्रबंध खुद करें। जिसे अपनों की फिक्र है वह कुछ भी करें परन्तु ऑक्सीजन लेकर कर आए। अस्पताल में काम करने वाली तनु चतुर्वेदी का कहना है कि सात से आठ लोगों की मौत ऑक्सीजन की कमी के चलते हुई है और हमने इसकी जानकारी प्रशासन को दे दी थी। आगरा के डीएम प्रभु सिंह भी ये मान रहे हैं कि हां पिछले चौबीस घंटाटों में किल्लत हुई थी परन्तु व्यवस्था जल्दी ठीक हो जाएगी। प्रभु सिंह के अनुसार रोगियों की संख्या अचानक बढ़ी है इसलिए ऑक्सीजन की मांग में भी बढ़ोतरी हुई है परन्तु जल्दी ही सप्लाई पहुंच जाएगी। |
आज मंगलवार है और आज का दिन बहुत ही पवित्र है। आज उत्पन्ना एकादशी (Utpanna Ekadashi) है जिसका आज व्रत और वैतरणी व्रत रखा जाएगा। कहा जाता है कि आज भगवान विष्णु जी (Vishnu ji) की पूजा करने से अश्वमेध यज्ञ का पुण्य मिलता है।
ज्योतिष के मुताबिक आज अपराह्न 3 बजे से सायं 4 बज कर 30 मिनट तक राहुकाल रहेगा। इसी तरह से 9 मार्गशीर्ष (सौर) शक 1943, 15 मार्गशीर्ष मास प्रविष्टे 2078, 24 रबी उस्सानी सन हिजरी 1443, मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी रात्रि 2 बजकर 54 मिनट तक उपरांत द्वादशी, हस्त नक्षत्र रात्रि 8 बजकर 34 मिनट तक उपरांत चित्रा नक्षत्र, आयुष्मान योग (Ayushman Yoga) रात्रि 12. 02 बजे तक पश्चात सौभाग्य योग, बालव करण, चंद्रमा कन्या राशि में (दिन-रात)।
| आज मंगलवार है और आज का दिन बहुत ही पवित्र है। आज उत्पन्ना एकादशी है जिसका आज व्रत और वैतरणी व्रत रखा जाएगा। कहा जाता है कि आज भगवान विष्णु जी की पूजा करने से अश्वमेध यज्ञ का पुण्य मिलता है। ज्योतिष के मुताबिक आज अपराह्न तीन बजे से सायं चार बज कर तीस मिनट तक राहुकाल रहेगा। इसी तरह से नौ मार्गशीर्ष शक एक हज़ार नौ सौ तैंतालीस, पंद्रह मार्गशीर्ष मास प्रविष्टे दो हज़ार अठहत्तर, चौबीस रबी उस्सानी सन हिजरी एक हज़ार चार सौ तैंतालीस, मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी रात्रि दो बजकर चौवन मिनट तक उपरांत द्वादशी, हस्त नक्षत्र रात्रि आठ बजकर चौंतीस मिनट तक उपरांत चित्रा नक्षत्र, आयुष्मान योग रात्रि बारह. दो बजे तक पश्चात सौभाग्य योग, बालव करण, चंद्रमा कन्या राशि में । |
कोरोना महामारी के चलते सरकार ने प्रदेश में समय सीमा तय की है। उसी के अनुसार बाजार खुलने और बंद किए जाने चाहिए। इसी कड़ी में उपमंडल बंजार के मुख्य बाजार के लिए जो उपायुक्त कुल्लू द्वारा समय सीमा 10 से 1 बजे तक निर्धारित की गई है। उसी के अनुरूप पूरा कायदे कानूनों का पालन किया जा रहा है। 1 बजे बंजार पुलिस द्वारा गाड़ी के माध्यम से सायरन बजाया जाता है और तुरंत सारी दुकानें बंद हो जाती हैं। बंजार में बिल्कुल सन्नाटा छा जाता है। बता दें कि उपमंडल बंजार के मुख्य बाजार में हर रोज काफी चहल-पहल होती थी । कोरोना कफ्र्यू लगते ही कर पूरे बाजार में 1 बजे के बाद सन्नाटा छा जाता है और बंजार पुलिस भी समय-समय पर गश्त करती रहती है कि कोई भी व्यक्ति व दुकानदार कोरोना कफ्र्यू का उल्लंघन न करे। जैसे ही 1 बज जाता है तो बंजार पुलिस का सायरन बज जाता है और पूरा मुख्य बाजार पूरी तरह से बंद हो जाता है। लोग भी इस कोरोना महामारी के कायदे कानूनों का पूरा-पूरा पालन कर रहे हैं ।
पुलिस उपअधीक्षक बंजार विनी मिन्हास ने कहा कि समय-समय पर उपमंडल बंजार के सभी बाजारों में पुलिस गश्त कर रही है। दुकानों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है।
| कोरोना महामारी के चलते सरकार ने प्रदेश में समय सीमा तय की है। उसी के अनुसार बाजार खुलने और बंद किए जाने चाहिए। इसी कड़ी में उपमंडल बंजार के मुख्य बाजार के लिए जो उपायुक्त कुल्लू द्वारा समय सीमा दस से एक बजे तक निर्धारित की गई है। उसी के अनुरूप पूरा कायदे कानूनों का पालन किया जा रहा है। एक बजे बंजार पुलिस द्वारा गाड़ी के माध्यम से सायरन बजाया जाता है और तुरंत सारी दुकानें बंद हो जाती हैं। बंजार में बिल्कुल सन्नाटा छा जाता है। बता दें कि उपमंडल बंजार के मुख्य बाजार में हर रोज काफी चहल-पहल होती थी । कोरोना कफ्र्यू लगते ही कर पूरे बाजार में एक बजे के बाद सन्नाटा छा जाता है और बंजार पुलिस भी समय-समय पर गश्त करती रहती है कि कोई भी व्यक्ति व दुकानदार कोरोना कफ्र्यू का उल्लंघन न करे। जैसे ही एक बज जाता है तो बंजार पुलिस का सायरन बज जाता है और पूरा मुख्य बाजार पूरी तरह से बंद हो जाता है। लोग भी इस कोरोना महामारी के कायदे कानूनों का पूरा-पूरा पालन कर रहे हैं । पुलिस उपअधीक्षक बंजार विनी मिन्हास ने कहा कि समय-समय पर उपमंडल बंजार के सभी बाजारों में पुलिस गश्त कर रही है। दुकानों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। |
भारत और पाकिस्तान के बीच कई ऐसे मुद्दे हैं जिनपर विवाद है. इन्हीं में से एक गिलगित-बाल्टिस्तान का भी मुद्दा है, भारत इसे अपना हिस्सा कहता है और पाकिस्तान अपना. गिलगित-बाल्टिस्तान के लोग भी लगातार पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन करते हैं, बुधवार को भी यहां के हुनजा क्षेत्र में हजारों की संख्या में पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया.
यहां प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि पाकिस्तानी सरकार उनके अधिकारों का हनन कर रही है. लोगों ने इस दौरान एक बड़ी रैली का आयोजन किया और सरकार का विरोध किया.
आपको बता दें कि हाल ही में पाकिस्तान सरकार ने इस इलाके पर अपना अधिकार जताने के लिए नई चाल चली थी. पाकिस्तान में चार प्रांत हैं और पाकिस्तान इस क्षेत्र को अपना पांचवां प्रांत घोषित करना चाहता है. इसी का विरोध स्थानीय नागरिक कर रहे हैं. इसके लिए पाकिस्तान सरकार ने एक कमेटी का भी गठन किया है.
क्या है इस क्षेत्र का विवाद?
आपको बता दें कि अप्रैल 1949 तक गिलगित-बाल्टिस्तान पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का हिस्सा माना जाता रहा. लेकिन, 28 अप्रैल 1949 को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की सरकार के साथ एक समझौता हुआ, जिसके तहत गिलगित के मामलों को सीधे पाकिस्तान की केंद्र सरकार के मातहत कर दिया गया. इस करार को कराची समझौते के नाम से जाना जाता है. महत्वपूर्ण यह है कि क्षेत्र का कोई भी नेता इस करार में शामिल नहीं था.
| भारत और पाकिस्तान के बीच कई ऐसे मुद्दे हैं जिनपर विवाद है. इन्हीं में से एक गिलगित-बाल्टिस्तान का भी मुद्दा है, भारत इसे अपना हिस्सा कहता है और पाकिस्तान अपना. गिलगित-बाल्टिस्तान के लोग भी लगातार पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन करते हैं, बुधवार को भी यहां के हुनजा क्षेत्र में हजारों की संख्या में पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. यहां प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि पाकिस्तानी सरकार उनके अधिकारों का हनन कर रही है. लोगों ने इस दौरान एक बड़ी रैली का आयोजन किया और सरकार का विरोध किया. आपको बता दें कि हाल ही में पाकिस्तान सरकार ने इस इलाके पर अपना अधिकार जताने के लिए नई चाल चली थी. पाकिस्तान में चार प्रांत हैं और पाकिस्तान इस क्षेत्र को अपना पांचवां प्रांत घोषित करना चाहता है. इसी का विरोध स्थानीय नागरिक कर रहे हैं. इसके लिए पाकिस्तान सरकार ने एक कमेटी का भी गठन किया है. क्या है इस क्षेत्र का विवाद? आपको बता दें कि अप्रैल एक हज़ार नौ सौ उनचास तक गिलगित-बाल्टिस्तान पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का हिस्सा माना जाता रहा. लेकिन, अट्ठाईस अप्रैल एक हज़ार नौ सौ उनचास को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की सरकार के साथ एक समझौता हुआ, जिसके तहत गिलगित के मामलों को सीधे पाकिस्तान की केंद्र सरकार के मातहत कर दिया गया. इस करार को कराची समझौते के नाम से जाना जाता है. महत्वपूर्ण यह है कि क्षेत्र का कोई भी नेता इस करार में शामिल नहीं था. |
कुछ ही दिन में पांसा पलट गया था। भारत के विभाजन से पाकिस्तान का निर्माण हुआ था । रियासतें हिन्द यूनियन में गई थीं पर हैदराबाद इतनी सहज में
नहीं बेचना चाहती थी । रज़ाकार उठे । कासिक रिजवी की धुँधलीकृति दिखाई दी - धर्म और मानवता की सुरक्षा की [[]] में जुल्म होने लगे । जुल्म का सहचर खून बना और उसने मानव का चोला बदल दिया ।
मानव बदल गया । युग बदल गया । मानवता सिहर उठी, प्रकम्पित हो उठी। लूट का व्यापार-चारों आतंकवाद का बोलबाला और मानव की भावनाओं का नर्त्तन - ये सपना स्वरूप दिखलाने लगे ।
मज़दूर सिहर उठा- किसान भयभीत का खून - यह कब वे देख सकते थे पर क्या करें वे - निहत्थे, बेगुनाहों पर फिर चोट पड़ी - गाँव के गाँव जला दिये - खेत जल रहे थे, इन्सान जल रहा था और उसके जानवर भी -
कैसा समागम था - ज्वाला विचित्र थी - दृश्य भयानक था - चिनगारियाँ उठ रहीं थीं। आवाज चिनगारियों से सुनाई दे रही थी "ओ मानवता के प्रतीक, इस जुल्म का भी अन्त होगा, के उत्पादक, इन काली करतूतों में स्वयं मानव का पतन होगा और मानवता अपने बनाये हुये शय्या पर सदा के लिये भस्म हो जायगी"किरण अपने शहर में लकड़ी तथा गेहूँ मांगने गई थी । जब से उसके पति इस शहर में आये थे तब से ही विपत्तियाँ - बाधायें मार्ग में आकर उसके संघर्ष को अधिक बढ़ा रही थीं | कुछ ही दिन में पांसा पलट गया था। भारत के विभाजन से पाकिस्तान का निर्माण हुआ था । रियासतें हिन्द यूनियन में गई थीं पर हैदराबाद इतनी सहज में नहीं बेचना चाहती थी । रज़ाकार उठे । कासिक रिजवी की धुँधलीकृति दिखाई दी - धर्म और मानवता की सुरक्षा की [[]] में जुल्म होने लगे । जुल्म का सहचर खून बना और उसने मानव का चोला बदल दिया । मानव बदल गया । युग बदल गया । मानवता सिहर उठी, प्रकम्पित हो उठी। लूट का व्यापार-चारों आतंकवाद का बोलबाला और मानव की भावनाओं का नर्त्तन - ये सपना स्वरूप दिखलाने लगे । मज़दूर सिहर उठा- किसान भयभीत का खून - यह कब वे देख सकते थे पर क्या करें वे - निहत्थे, बेगुनाहों पर फिर चोट पड़ी - गाँव के गाँव जला दिये - खेत जल रहे थे, इन्सान जल रहा था और उसके जानवर भी - कैसा समागम था - ज्वाला विचित्र थी - दृश्य भयानक था - चिनगारियाँ उठ रहीं थीं। आवाज चिनगारियों से सुनाई दे रही थी "ओ मानवता के प्रतीक, इस जुल्म का भी अन्त होगा, के उत्पादक, इन काली करतूतों में स्वयं मानव का पतन होगा और मानवता अपने बनाये हुये शय्या पर सदा के लिये भस्म हो जायगी"किरण अपने शहर में लकड़ी तथा गेहूँ मांगने गई थी । जब से उसके पति इस शहर में आये थे तब से ही विपत्तियाँ - बाधायें मार्ग में आकर उसके संघर्ष को अधिक बढ़ा रही थीं |
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
| चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन |
Chandil (Dilip Kumar) : बारिश के दौरान अगर चांडिल डैम का जलस्तर बढ़ता है और डुब क्षेत्र के किसी भी गांव में पानी घुसता है तो विस्थापितों को सरकारी भवनों में शरण दिया जाएगा. इसके लिए प्रभावित क्षेत्र के गांवों के निकट स्थित सरकारी भवनों को चिन्हित कर खाली कराने का निर्देश दिया गया है. ईचागढ के अंचल अधिकारी भोलाशंकर महतो ने पंचायत प्रतिनिधि व हल्का कर्मचारियों से प्रभावित होने वाले गांवों की सूची मांगी है. उल्लेखनीय है कि चांडिल डैम में 181 मीटर से अधिक जलभंडारण होते ही डुब क्षेत्र के दर्जनों गांवों में डैम का पानी घुस जाता है. हर वर्ष विस्थापितों के मकान जल जमाव के कारण ढह जाते है.
सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ प्रखंड के अंचल कार्यालय सभागार में गुरुवार को मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन की बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता करते हुए अंचलाधिकारी भोलाशंकर महतो ने कहा कि पूरे अंचल क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा से बचने के लिए लोगों को सचेत किया गया है. कहीं भी किसी प्रकार की आपदा आती है तो अंचल प्रशासन पीड़ित का हर संभव सहयोग करेगी. इसके लिए सभी कर्मियों को अलर्ट किया गया है. उन्होंने कहा कि ईचागढ़ में सबसे अधिक आपदा चांडिल डैम का जलस्तर बढ़ने से आती है. इसलिए पंचायत प्रतिनिधि व अंचल कर्मी आपस में समन्वय बनाकर सभी प्रकार की आपदाओं से लोगों को बाहर निकालेंगे. बैठक में जिला परिषद सदस्य ज्योतिलाल माझी समेत डुब क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधि व अंचल कर्मी उपस्थित थे.
इस बारिश चांडिल डैम में 183 मीटर तक जल भंडारण करने का विभागीय फरमान जारी किया गया है. हालांकि फरमान जारी होने के बाद ईचागढ़ की विधायक सविता महतो मुख्यमंत्री व विभागीय सचिव से मिलकर 181 मीटर से अधिक जल भंडारण नहीं करने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि विस्थापितों को सभी प्रकार के मुआवजे का भुगतान होना चाहिए.
| Chandil : बारिश के दौरान अगर चांडिल डैम का जलस्तर बढ़ता है और डुब क्षेत्र के किसी भी गांव में पानी घुसता है तो विस्थापितों को सरकारी भवनों में शरण दिया जाएगा. इसके लिए प्रभावित क्षेत्र के गांवों के निकट स्थित सरकारी भवनों को चिन्हित कर खाली कराने का निर्देश दिया गया है. ईचागढ के अंचल अधिकारी भोलाशंकर महतो ने पंचायत प्रतिनिधि व हल्का कर्मचारियों से प्रभावित होने वाले गांवों की सूची मांगी है. उल्लेखनीय है कि चांडिल डैम में एक सौ इक्यासी मीटर से अधिक जलभंडारण होते ही डुब क्षेत्र के दर्जनों गांवों में डैम का पानी घुस जाता है. हर वर्ष विस्थापितों के मकान जल जमाव के कारण ढह जाते है. सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ प्रखंड के अंचल कार्यालय सभागार में गुरुवार को मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन की बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता करते हुए अंचलाधिकारी भोलाशंकर महतो ने कहा कि पूरे अंचल क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा से बचने के लिए लोगों को सचेत किया गया है. कहीं भी किसी प्रकार की आपदा आती है तो अंचल प्रशासन पीड़ित का हर संभव सहयोग करेगी. इसके लिए सभी कर्मियों को अलर्ट किया गया है. उन्होंने कहा कि ईचागढ़ में सबसे अधिक आपदा चांडिल डैम का जलस्तर बढ़ने से आती है. इसलिए पंचायत प्रतिनिधि व अंचल कर्मी आपस में समन्वय बनाकर सभी प्रकार की आपदाओं से लोगों को बाहर निकालेंगे. बैठक में जिला परिषद सदस्य ज्योतिलाल माझी समेत डुब क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधि व अंचल कर्मी उपस्थित थे. इस बारिश चांडिल डैम में एक सौ तिरासी मीटर तक जल भंडारण करने का विभागीय फरमान जारी किया गया है. हालांकि फरमान जारी होने के बाद ईचागढ़ की विधायक सविता महतो मुख्यमंत्री व विभागीय सचिव से मिलकर एक सौ इक्यासी मीटर से अधिक जल भंडारण नहीं करने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि विस्थापितों को सभी प्रकार के मुआवजे का भुगतान होना चाहिए. |
महाराष्ट्र भाजपा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के जन्मदिन के अवसर पर होर्डिंग्स, बैनर न लगाने और किसी भी प्रकार के समारोह का आयोजन न करने का आग्रह किया है। COVID-19 संकट के बीच, पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को फडणवीस के जन्मदिन (22 जुलाई) के अवसर पर पूरे राज्य के लोगों की सेवा करने के लिए कहा है। इससे पहले 19 जून को, महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से राष्ट्रीय राजधानी में मुलाकात की थी और उन्हें पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा COVID -19 संक्रमण से सबसे बुरी तरह प्रभावित राज्य में किए गए कार्यों से अवगत कराया था।
गौरतलब है कि शिवसेना ने भी बीते दिनों भाजपा नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की प्रशंसा करते हुए कहा था कि वे नेता प्रतिपक्ष की भूमिका का निर्वाह अच्छी तरह कर रहे हैं। शिवसेना ने ये भी कहा था कि फडणवीस ने राज्य में कोविड-19 से मुकाबला करने के लिए जन स्वास्थ्य सेवा पर भी संतोष व्यक्त किया है जिससे सरकार और कोविड-19 के मरीजों का उत्साहवर्धन हुआ है।
बता दें कि रविवार को महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के 9,518 नए मामले सामने आए, जिसके बाद राज्य में संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 3,10,455 तक पहुंच गए। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार रविवार को महाराष्ट्र में 258 संक्रमितों की मौत हो गई और 3,906 रोगियों को स्वस्थ होने के कारण अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। राज्य में अब तक कुल 1,69,569 मरीजों को इलाज के बाद अस्पताल से घर भेज दिया गया है और अब तक 11,854 संक्रमितों की मौत हो चुकी है।
| महाराष्ट्र भाजपा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के जन्मदिन के अवसर पर होर्डिंग्स, बैनर न लगाने और किसी भी प्रकार के समारोह का आयोजन न करने का आग्रह किया है। COVID-उन्नीस संकट के बीच, पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को फडणवीस के जन्मदिन के अवसर पर पूरे राज्य के लोगों की सेवा करने के लिए कहा है। इससे पहले उन्नीस जून को, महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से राष्ट्रीय राजधानी में मुलाकात की थी और उन्हें पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा COVID -उन्नीस संक्रमण से सबसे बुरी तरह प्रभावित राज्य में किए गए कार्यों से अवगत कराया था। गौरतलब है कि शिवसेना ने भी बीते दिनों भाजपा नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की प्रशंसा करते हुए कहा था कि वे नेता प्रतिपक्ष की भूमिका का निर्वाह अच्छी तरह कर रहे हैं। शिवसेना ने ये भी कहा था कि फडणवीस ने राज्य में कोविड-उन्नीस से मुकाबला करने के लिए जन स्वास्थ्य सेवा पर भी संतोष व्यक्त किया है जिससे सरकार और कोविड-उन्नीस के मरीजों का उत्साहवर्धन हुआ है। बता दें कि रविवार को महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के नौ,पाँच सौ अट्ठारह नए मामले सामने आए, जिसके बाद राज्य में संक्रमित मरीजों का आंकड़ा तीन,दस,चार सौ पचपन तक पहुंच गए। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार रविवार को महाराष्ट्र में दो सौ अट्ठावन संक्रमितों की मौत हो गई और तीन,नौ सौ छः रोगियों को स्वस्थ होने के कारण अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। राज्य में अब तक कुल एक,उनहत्तर,पाँच सौ उनहत्तर मरीजों को इलाज के बाद अस्पताल से घर भेज दिया गया है और अब तक ग्यारह,आठ सौ चौवन संक्रमितों की मौत हो चुकी है। |
टीवी की फेमस एक्ट्रेस देवोलीना भट्टाचार्जी ने बाॅयफ्रेंड शहनवाज शेख के साथ गुपचप तरीके से शादी कर ली। देवोलीना के यह इंटर कास्ट मैरिज है। धूमधाम से शादी करने की बजाए देवोलिना ने कोर्ट मैरिज की। एक तरफ देवोलीना अपनी मैरिड लाइफ एन्जाॅय कर रही है तो वहीं उनके परिवार के कुछ सदस्य इस शादी से खुश नहीं है। देवोलीना के भाई अंदीप भट्टाचार्जी को यह रिश्ता बिल्कुल भी पसंद नहीं है। इस पर उन्होंने एर पोस्ट शेयर कर आपत्ति जताई है।
अंदीप भट्टाचार्जी ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर लिखा, "आत्मलीन लोग केवल उसी के बारे में सोचते हैं जो उन्हें अच्छा महसूस कराता है। इस समय उनके मन में किसी और के लिए कोई सम्मान नहीं होता है लेकिन बाद में वह हैरान होते हैं कि उनके रिश्ते क्यों टूट जाते हैं। " देवोलिना की शादी की कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई लेकिन उन सब में एक्ट्रेस की मां ही नजर आई। परिवार के काफी सदस्य देवोलिना की शादी से गायब दिखे।
इंटर रिलीजन होने के चलते देवोलीना और शहनवाज ने कानूनी तरीका अपनाया है। देवोलीना और शहनवाज पिछले तीन साल से एक-दूसरे को डेट कर रहे है। शहनवाज एक जिम ट्रेनर है और वो सेलिब्रिटीज को भी एक्सरसाइज करवाते हैं। बिग बॉस 13 के दौरान देवोलीना ने बताया था कि वो घर के बाहर किसी को डेट कर रही है हालांकि ये नहीं बताया कि आखिर वो शख्स है कौन है।
रिपोर्ट्स की मानें तो देवोलीना और शहनवाज की मुलाकात जिम में हुई थी जो कि एक्ट्रेस के घर के पास ही है। सीरियल 'साथ निभाना साथिया' शो के सेट पर देवोलीना का एक्सीडेंट हो गया था। इस मुश्किल घड़ी में शहनवाज देवोलीना का स्पोर्ट बने और उन्हें फिर से उठाकर खड़ा कर दिया। 2 साल डेट करने के बाद अब उन्होंने शादी की।
जब देवोलीना ने अपनी शादी की तस्वीरें शेयर की थी तो फैंस को लगा था कि उन्होंने अपने को स्टार विशाल सिंह से शादी की क्योंकि इनके बीच अच्छी बॉडिंग है। इससे पहले एक बार देवोलीना ने इंगेजमेंट की वीडियो शेयर की थी, जिसमें विशाल एक्ट्रेस को अंगूठी पहनाते हुए नजर आए लेकिन बाद में दोनों ने क्लीयर किया था कि यह एक सॉन्ग शूट है। ये कई बार इस बात को साफ कर चुके है कि इनके बीच सिर्फ दोस्ती है।
| टीवी की फेमस एक्ट्रेस देवोलीना भट्टाचार्जी ने बाॅयफ्रेंड शहनवाज शेख के साथ गुपचप तरीके से शादी कर ली। देवोलीना के यह इंटर कास्ट मैरिज है। धूमधाम से शादी करने की बजाए देवोलिना ने कोर्ट मैरिज की। एक तरफ देवोलीना अपनी मैरिड लाइफ एन्जाॅय कर रही है तो वहीं उनके परिवार के कुछ सदस्य इस शादी से खुश नहीं है। देवोलीना के भाई अंदीप भट्टाचार्जी को यह रिश्ता बिल्कुल भी पसंद नहीं है। इस पर उन्होंने एर पोस्ट शेयर कर आपत्ति जताई है। अंदीप भट्टाचार्जी ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर लिखा, "आत्मलीन लोग केवल उसी के बारे में सोचते हैं जो उन्हें अच्छा महसूस कराता है। इस समय उनके मन में किसी और के लिए कोई सम्मान नहीं होता है लेकिन बाद में वह हैरान होते हैं कि उनके रिश्ते क्यों टूट जाते हैं। " देवोलिना की शादी की कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई लेकिन उन सब में एक्ट्रेस की मां ही नजर आई। परिवार के काफी सदस्य देवोलिना की शादी से गायब दिखे। इंटर रिलीजन होने के चलते देवोलीना और शहनवाज ने कानूनी तरीका अपनाया है। देवोलीना और शहनवाज पिछले तीन साल से एक-दूसरे को डेट कर रहे है। शहनवाज एक जिम ट्रेनर है और वो सेलिब्रिटीज को भी एक्सरसाइज करवाते हैं। बिग बॉस तेरह के दौरान देवोलीना ने बताया था कि वो घर के बाहर किसी को डेट कर रही है हालांकि ये नहीं बताया कि आखिर वो शख्स है कौन है। रिपोर्ट्स की मानें तो देवोलीना और शहनवाज की मुलाकात जिम में हुई थी जो कि एक्ट्रेस के घर के पास ही है। सीरियल 'साथ निभाना साथिया' शो के सेट पर देवोलीना का एक्सीडेंट हो गया था। इस मुश्किल घड़ी में शहनवाज देवोलीना का स्पोर्ट बने और उन्हें फिर से उठाकर खड़ा कर दिया। दो साल डेट करने के बाद अब उन्होंने शादी की। जब देवोलीना ने अपनी शादी की तस्वीरें शेयर की थी तो फैंस को लगा था कि उन्होंने अपने को स्टार विशाल सिंह से शादी की क्योंकि इनके बीच अच्छी बॉडिंग है। इससे पहले एक बार देवोलीना ने इंगेजमेंट की वीडियो शेयर की थी, जिसमें विशाल एक्ट्रेस को अंगूठी पहनाते हुए नजर आए लेकिन बाद में दोनों ने क्लीयर किया था कि यह एक सॉन्ग शूट है। ये कई बार इस बात को साफ कर चुके है कि इनके बीच सिर्फ दोस्ती है। |
2023 G - 20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी के मौके पर, भारत सरकार Business20, Think20, आदि जैसी विभिन्न समूह बैठकों का आयोजन करती रही है। अब भारत सरकार G20 के रोजगार कार्य समूह की बैठक आयोजित करेगी। यह राजस्थान के जोधपुर में आयोजित की जाएगी। रोजगार कार्य समूह वैश्विक कौशल अंतराल, सामाजिक सुरक्षा प्राप्त करने के लिए स्थायी वित्तपोषण, सामाजिक सुरक्षा और गिग और प्लेटफॉर्म अर्थव्यवस्था नामक तीन चीजों पर चर्चा करेगा।
G20 का रोजगार कार्य समूह निम्नलिखित क्षेत्रों में काम करने की योजना बना रहा हैः
इस बैठक में 73 से अधिक प्रतिनिधि शामिल होंगे। प्रतिनिधियों के यूरोपीय संघ, 19 सदस्य देशों और नौ अतिथि देशों से आने की उम्मीद है। इस बैठक में भाग लेने वाले कुछ अतिथि देश स्पेन, नीदरलैंड और सिंगापुर हैं।
सदस्य एक अंतर्राष्ट्रीय स्किल गैप मैपिंग पोर्टल लॉन्च करने की योजना बना रहे हैं। साथ ही, वे सदस्य देशों में कौशल मांगों पर चर्चा और आकलन करेंगे। मूल्यांकन के आधार पर, वे सामान्य वर्गीकरण के साथ एक रूपरेखा शुरू करने की योजना बना रहे हैं। यह रूपरेखा कौशल और योग्यता सामंजस्य पर ध्यान केंद्रित करेगी। सामान्य वर्गीकरण का अर्थ वित्तीय नियमों का एक समूह है जो सभी सदस्य देशों के लिए संभव है।
| दो हज़ार तेईस G - बीस शिखर सम्मेलन की मेजबानी के मौके पर, भारत सरकार Businessबीस, Thinkबीस, आदि जैसी विभिन्न समूह बैठकों का आयोजन करती रही है। अब भारत सरकार Gबीस के रोजगार कार्य समूह की बैठक आयोजित करेगी। यह राजस्थान के जोधपुर में आयोजित की जाएगी। रोजगार कार्य समूह वैश्विक कौशल अंतराल, सामाजिक सुरक्षा प्राप्त करने के लिए स्थायी वित्तपोषण, सामाजिक सुरक्षा और गिग और प्लेटफॉर्म अर्थव्यवस्था नामक तीन चीजों पर चर्चा करेगा। Gबीस का रोजगार कार्य समूह निम्नलिखित क्षेत्रों में काम करने की योजना बना रहा हैः इस बैठक में तिहत्तर से अधिक प्रतिनिधि शामिल होंगे। प्रतिनिधियों के यूरोपीय संघ, उन्नीस सदस्य देशों और नौ अतिथि देशों से आने की उम्मीद है। इस बैठक में भाग लेने वाले कुछ अतिथि देश स्पेन, नीदरलैंड और सिंगापुर हैं। सदस्य एक अंतर्राष्ट्रीय स्किल गैप मैपिंग पोर्टल लॉन्च करने की योजना बना रहे हैं। साथ ही, वे सदस्य देशों में कौशल मांगों पर चर्चा और आकलन करेंगे। मूल्यांकन के आधार पर, वे सामान्य वर्गीकरण के साथ एक रूपरेखा शुरू करने की योजना बना रहे हैं। यह रूपरेखा कौशल और योग्यता सामंजस्य पर ध्यान केंद्रित करेगी। सामान्य वर्गीकरण का अर्थ वित्तीय नियमों का एक समूह है जो सभी सदस्य देशों के लिए संभव है। |
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले की पंचायतों ने एक गरीब परिवार को ऐसी सजा दी. जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया. किसान बृजगोपाल पटेल के 15 साल के बेटे की कुएं में डूबने से 9 मार्च को मौत हो गई थी. आर्थिक तंगी से बेहाल किसान और 23 मार्च से लॉकडाउन लगने की वजह से अपने बेटे का मृत्यु भोज नहीं कराया पाया. इसकी वजह से पंचायत ने उसे भोज न देने का अपराधी माना और समाज से बाहर कर दिया.
(Photo Aajtak)
| मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले की पंचायतों ने एक गरीब परिवार को ऐसी सजा दी. जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया. किसान बृजगोपाल पटेल के पंद्रह साल के बेटे की कुएं में डूबने से नौ मार्च को मौत हो गई थी. आर्थिक तंगी से बेहाल किसान और तेईस मार्च से लॉकडाउन लगने की वजह से अपने बेटे का मृत्यु भोज नहीं कराया पाया. इसकी वजह से पंचायत ने उसे भोज न देने का अपराधी माना और समाज से बाहर कर दिया. |
भाजपा किसान मोर्चा के महामंत्री व जिला पंचायत सदस्य मनुपाल बंसल ने मंगलवार रात फेसबुक पर विवादित पोस्ट डालते हुए चर्चित हेयर ड्रेसर जावेद हबीब के ऊपर थूककर वीडियो जारी करने वाले को 51 हजार का इनाम देने की घोषणा की है।
बागपत, जागरण संवाददाता। भाजपा किसान मोर्चा के महामंत्री व जिला पंचायत सदस्य मनुपाल बंसल ने मंगलवार रात फेसबुक पर विवादित पोस्ट डालते हुए चर्चित हेयर ड्रेसर जावेद हबीब के ऊपर थूककर वीडियो जारी करने वाले को 51 हजार का इनाम देने की घोषणा की है।
गौरतलब है कि तीन जनवरी को मुजफ्फरनगर के एक होटल में सेमिनार का आयोजन हुआ था। जिसमें बड़ौत की ब्यूटी पार्लर संचालिका पूजा गुप्ता भी गई थीं। वहां मंच पर चर्चित हेयर ड्रेसर जावेद हबीब द्वारा हेयर कटिंग के दौरान पूजा के सिर पर थूकने का वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद पूजा गुप्ता ने मंसूरपुर थाने में जावेद हबीब के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
मनुपाल बंसल द्वारा पोस्ट डालने के संबंध में एएसपी मनीष कुमार मिश्र का कहना है कि अभी यह मामला उनकी जानकारी में नहीं आया है। शिकायत आने पर जांच कराई जाएगी। उधर, मनुपाल बंसल ने कहा कि यह पोस्ट उन्होंने ही फेसबुक पर डाली है। वह वीडियो वायरल करने वाले को अपने पास से 51 हजार का इनाम देंगे। मनुपाल बंसल एक साल पहले उस समय भी चर्चा में आए थे जब उन्होंने अपने ही क्षेत्र की एक मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ किया था।
| भाजपा किसान मोर्चा के महामंत्री व जिला पंचायत सदस्य मनुपाल बंसल ने मंगलवार रात फेसबुक पर विवादित पोस्ट डालते हुए चर्चित हेयर ड्रेसर जावेद हबीब के ऊपर थूककर वीडियो जारी करने वाले को इक्यावन हजार का इनाम देने की घोषणा की है। बागपत, जागरण संवाददाता। भाजपा किसान मोर्चा के महामंत्री व जिला पंचायत सदस्य मनुपाल बंसल ने मंगलवार रात फेसबुक पर विवादित पोस्ट डालते हुए चर्चित हेयर ड्रेसर जावेद हबीब के ऊपर थूककर वीडियो जारी करने वाले को इक्यावन हजार का इनाम देने की घोषणा की है। गौरतलब है कि तीन जनवरी को मुजफ्फरनगर के एक होटल में सेमिनार का आयोजन हुआ था। जिसमें बड़ौत की ब्यूटी पार्लर संचालिका पूजा गुप्ता भी गई थीं। वहां मंच पर चर्चित हेयर ड्रेसर जावेद हबीब द्वारा हेयर कटिंग के दौरान पूजा के सिर पर थूकने का वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद पूजा गुप्ता ने मंसूरपुर थाने में जावेद हबीब के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मनुपाल बंसल द्वारा पोस्ट डालने के संबंध में एएसपी मनीष कुमार मिश्र का कहना है कि अभी यह मामला उनकी जानकारी में नहीं आया है। शिकायत आने पर जांच कराई जाएगी। उधर, मनुपाल बंसल ने कहा कि यह पोस्ट उन्होंने ही फेसबुक पर डाली है। वह वीडियो वायरल करने वाले को अपने पास से इक्यावन हजार का इनाम देंगे। मनुपाल बंसल एक साल पहले उस समय भी चर्चा में आए थे जब उन्होंने अपने ही क्षेत्र की एक मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ किया था। |
World Photography Day हर साल 19 अगस्त को दुनिया भर में बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। अगर आपको भी फोटोग्राफी का शौक है तो World Photography Day के अवसर पर यहां चेक करें 6 बेस्ट कैमरा की लिस्ट जो आपके शौक को पूरा कर सकते हैं।
World Photography Day हर साल 19 अगस्त को दुनिया भर में बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह दिन न केवल प्रोफेशनल फोटोग्राफरों द्वारा मनाया जाता है, बल्कि उन सभी लोगों द्वारा मनाया जाता है जो फोटोग्राफी का शौक रखते हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपके पास हाई-एंड DSLR है या स्मार्टफोन कैमरा, फोटोग्राफी के लिए आपका जुनून मायने रखता है। अगर आपको भी फोटोग्राफी का शौक है तो World Photography Day के अवसर पर, यहां चेक करें 6 बेस्ट कैमरा की लिस्ट जो आपके शौक को पूरा कर सकते हैं।
Sony ZV-1 एक अच्छा, लेकिन बेसिक, पॉइंट और शूट कैमरा है। इसमें ऐसे फीचर्स हैं जो इसे वीडियोग्राफर्स को भी पसंद आएंगी, जैसे कि जिम्बल जैसी सुविधाओं के साथ GP-VPT2BT ग्रिप से क्नेक्ट करने की क्षमता, रिमोट कमांडर, रिमोट के साथ ट्राइपॉड और एक माइक्रोफोन विंडस्क्रीन जो बाहरी शोर को कम करता हैं। 3 इंच का वेरी-एंगल LCD के साथ सामने शूटिंग लैंप आपको एक फ्रेम का पता लगाने और दूसरों की मदद के बिना शूट करने में मदद करता है। Sony ZV-1 की कीमत 69,990 रुपये है।
Canon EOS R5 प्रोफेशनल के लिए एक मिररलेस कैमरा है। 45 मेगापिक्सेल के साथ, 36×24 MM CMOS सेंसर दिया गया है। मिररलेस कैमरा होने के नाते, ISO 51,200 तक जा सकता है और जरूरत पड़ने पर इसे दोगुना करने के लिए बढ़ाया जा सकता है। इसका मतलब है कि लो-लाइट परफॉर्मेंस की बात करें तो कैमरा स्टनर होने वाला है। यह 120FPS तक 8K और 4K में रिकॉर्ड कर सकता है और यही वजह हो सकता है कि बहुत सारे प्रोफेशनल EOS R5 में अपग्रेड करने के बारे में सोचते हैं। Canon EOS R5 एक ऐसा कैमरा है जो डिजिटल कैमरों के काम की सीमा को बढ़ाता है, चाहे वह कम रोशनी में फोटोग्राफी हो, वीडियो रिज़ॉल्यूशन पर तेज़ ऑटो-फ़ोकस हो। भारत में इसकी कीमत 3,39,995 रुपये है।
यह उन लोगों के लिए एक इंस्टेंट कैमरा है जो एक अच्छे पल को कैद करना चाहते हैं और इसे संरक्षित करना चाहते हैं। SQ1 को इस्तेमाल करने के लिए कुछ ज्यादा सीखने की जरूरत नहीं है, यहां तक कि एक 70 वर्षीय व्यक्ति भी इस इंस्टेंट फिल्म कैमरे का इस्तेमाल करके आराम से तस्वीरें ले सकता है। कैमरे को on करने के लिए बस वापस लेने योग्य लेंस पर एक रिंग स्पिन करें या सेल्फी लेने के लिए इसे आगे घुमाएं। इसमें एक डेडिकेटेड सेल्फी मोड है। आपके शॉट को फ्रेम करने में मदद करने के लिए लेंस के बगल में एक छोटा मिरर भी है। इसकी कीमत 9999 रुपये है।
iPhone 12 Pro Max एक प्रीमियम कैमरा एक्सपीरीयंस ऑफर करता है । उदाहरण के लिए, 60fps पर डॉल्बी विजन HDR रिकॉर्डिंग उतनी ही अच्छी है, जितनी इस समय ज्यादातर DSLR पेश कर सकते हैं। यह वह फोन है जिसे आप खरीदेंगे अगर आप प्रोफेशनल स्तर पर वीडियो शूट कर रहे हैं लेकिन हमेशा एक DSLR का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। यूजर्स को इस फोन के साथ बाजार में उपलब्ध फोन के मुकाबले शानदार फोटोग्राफी का अनुभव मिलेगा। Amazon पर इसकी कीमत 1,19, 650 रुपये होगी।
अगर आपका बजट 70,000 रुपये से कम है तो आप OnePlus 9 Pro को भी देख सकते हैं। OnePlus 9 Pro के साथ, आपको हाई-एंड आईफ़ोन के समान अधिक नेचुरल रिजल्ट मिलेंगे। यह कैमरा 120fps पर 4K और 30 fps पर 8K कर सकता है। Amazon पर OnePlus 9 Pro की कीमत आपको 69,999 रुपये होगी।
| World Photography Day हर साल उन्नीस अगस्त को दुनिया भर में बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। अगर आपको भी फोटोग्राफी का शौक है तो World Photography Day के अवसर पर यहां चेक करें छः बेस्ट कैमरा की लिस्ट जो आपके शौक को पूरा कर सकते हैं। World Photography Day हर साल उन्नीस अगस्त को दुनिया भर में बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह दिन न केवल प्रोफेशनल फोटोग्राफरों द्वारा मनाया जाता है, बल्कि उन सभी लोगों द्वारा मनाया जाता है जो फोटोग्राफी का शौक रखते हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपके पास हाई-एंड DSLR है या स्मार्टफोन कैमरा, फोटोग्राफी के लिए आपका जुनून मायने रखता है। अगर आपको भी फोटोग्राफी का शौक है तो World Photography Day के अवसर पर, यहां चेक करें छः बेस्ट कैमरा की लिस्ट जो आपके शौक को पूरा कर सकते हैं। Sony ZV-एक एक अच्छा, लेकिन बेसिक, पॉइंट और शूट कैमरा है। इसमें ऐसे फीचर्स हैं जो इसे वीडियोग्राफर्स को भी पसंद आएंगी, जैसे कि जिम्बल जैसी सुविधाओं के साथ GP-VPTदोBT ग्रिप से क्नेक्ट करने की क्षमता, रिमोट कमांडर, रिमोट के साथ ट्राइपॉड और एक माइक्रोफोन विंडस्क्रीन जो बाहरी शोर को कम करता हैं। तीन इंच का वेरी-एंगल LCD के साथ सामने शूटिंग लैंप आपको एक फ्रेम का पता लगाने और दूसरों की मदद के बिना शूट करने में मदद करता है। Sony ZV-एक की कीमत उनहत्तर,नौ सौ नब्बे रुपयापये है। Canon EOS Rपाँच प्रोफेशनल के लिए एक मिररलेस कैमरा है। पैंतालीस मेगापिक्सेल के साथ, छत्तीस×चौबीस MM CMOS सेंसर दिया गया है। मिररलेस कैमरा होने के नाते, ISO इक्यावन,दो सौ तक जा सकता है और जरूरत पड़ने पर इसे दोगुना करने के लिए बढ़ाया जा सकता है। इसका मतलब है कि लो-लाइट परफॉर्मेंस की बात करें तो कैमरा स्टनर होने वाला है। यह एक सौ बीसFPS तक आठ केल्विन और चार केल्विन में रिकॉर्ड कर सकता है और यही वजह हो सकता है कि बहुत सारे प्रोफेशनल EOS Rपाँच में अपग्रेड करने के बारे में सोचते हैं। Canon EOS Rपाँच एक ऐसा कैमरा है जो डिजिटल कैमरों के काम की सीमा को बढ़ाता है, चाहे वह कम रोशनी में फोटोग्राफी हो, वीडियो रिज़ॉल्यूशन पर तेज़ ऑटो-फ़ोकस हो। भारत में इसकी कीमत तीन,उनतालीस,नौ सौ पचानवे रुपयापये है। यह उन लोगों के लिए एक इंस्टेंट कैमरा है जो एक अच्छे पल को कैद करना चाहते हैं और इसे संरक्षित करना चाहते हैं। SQएक को इस्तेमाल करने के लिए कुछ ज्यादा सीखने की जरूरत नहीं है, यहां तक कि एक सत्तर वर्षीय व्यक्ति भी इस इंस्टेंट फिल्म कैमरे का इस्तेमाल करके आराम से तस्वीरें ले सकता है। कैमरे को on करने के लिए बस वापस लेने योग्य लेंस पर एक रिंग स्पिन करें या सेल्फी लेने के लिए इसे आगे घुमाएं। इसमें एक डेडिकेटेड सेल्फी मोड है। आपके शॉट को फ्रेम करने में मदद करने के लिए लेंस के बगल में एक छोटा मिरर भी है। इसकी कीमत नौ हज़ार नौ सौ निन्यानवे रुपयापये है। iPhone बारह Pro Max एक प्रीमियम कैमरा एक्सपीरीयंस ऑफर करता है । उदाहरण के लिए, साठfps पर डॉल्बी विजन HDR रिकॉर्डिंग उतनी ही अच्छी है, जितनी इस समय ज्यादातर DSLR पेश कर सकते हैं। यह वह फोन है जिसे आप खरीदेंगे अगर आप प्रोफेशनल स्तर पर वीडियो शूट कर रहे हैं लेकिन हमेशा एक DSLR का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। यूजर्स को इस फोन के साथ बाजार में उपलब्ध फोन के मुकाबले शानदार फोटोग्राफी का अनुभव मिलेगा। Amazon पर इसकी कीमत एक,उन्नीस, छः सौ पचास रुपयापये होगी। अगर आपका बजट सत्तर,शून्य रुपयापये से कम है तो आप OnePlus नौ Pro को भी देख सकते हैं। OnePlus नौ Pro के साथ, आपको हाई-एंड आईफ़ोन के समान अधिक नेचुरल रिजल्ट मिलेंगे। यह कैमरा एक सौ बीसfps पर चार केल्विन और तीस fps पर आठ केल्विन कर सकता है। Amazon पर OnePlus नौ Pro की कीमत आपको उनहत्तर,नौ सौ निन्यानवे रुपयापये होगी। |
स्किन केयर हैक्स स्किन से जुड़ी कई समस्याओं को फिक्स करने में मदद करते हैं, लेकिन अगर आप घर पर अकेली हैं तो आपको इन हैक्स को भूल से भी ट्राई नहीं करना चाहिए।
हर लड़की की अपनी स्किन से जुड़ी समस्याएं हैं और उन समस्याओं को दूर करने के लिए आपको इंटरनेट पर कई सारे हैक्स मिल जाएंगे। यकीनन हैक्स होते ही इसलिए हैं कि आप बिना किसी बड़े तामझाम में अपनी प्रॉब्लम्स को भले ही कुछ देर के लिए लेकिन फिक्स कर सकें। इसलिए लड़कियां अपने ब्यूटी रूटीन में कई हैक्स को जगह देती हैं। लेकिन कहते हैं ना कि हर चीज का अपना एक डार्क साइड भी होता है। जहां एक ओर हैक्स आपकी कई प्रॉब्लम्स का हल बनकर सामने आते हैं, वहीं कुछ हैक्स आपके लिए प्रॉब्लम भी किं्रएट कर सकते हैं।
फेस पर ब्लैकहेड्स किसी को भी अच्छे नहीं लगते। कई बार महिलाएं इसे खुद ही घर पर निकालने की कोशिश करती हैं। साथ ही अपने ब्लैकहेड्स को बाहर निकालने की कोशिश करने से जलन और निशान पड़ सकते हैं और इससे काफी दर्द भी होता है। ब्लैकहेड्स को बाहर निकालने के लिए एक पापुलर हैक है पेट्रोलियम जेली का इस्तेमाल करना। अक्सर महिलाएं पेट्रोलियम जेली की मदद से ब्लैकहेड्स को मेल्ट करने की कोशिश करती हैं। पेट्रोलियम जेली अप्लाई करने के बाद ब्लैकहेड्स पर गर्म तौलिया रखना होता है। (स्किन अनुसार करें त्वचा की देखभाल) लेकिन मैं आपको बता दूं कि ऐसा करने से आपके छिद्र बंद हो जाएंगे और आगे चलकर आपको अधिक परेशानी होगी। याद रखें कि जिद्दी ब्लैकहेड्स से छुटकारा पाने का एकमात्र तरीका इसे एक एस्थेटीशियन द्वारा निकाला जाना है।
नींबू के रस को कई तरह की स्किन प्रॉब्लम्स के लिए यूज किया जाता है। कभी इसे अन्य इंग्रीडिएंट के साथ मिलाकर फेस पैक बनाया जाता है। जिससे स्किन को कई बेनिफिट होते हैं। यह स्किन लाइटनिंग करने में काफी मदद करता है। लेकिन इसे कभी भी स्किन पर यूं ही डायरेक्ट अप्लाई नहीं करना चाहिए। मसलन, कुछ महिलाएं फेस, अंडरआर्म्स व लिप्स को लाइटन करने के लिए नींबू को बतौर ब्लीच इस्तेमाल करती हैं। लेकिन ऐसा करने से आपको रेडनेस व जलन का अहसास होगा।
यह एक पॉपुलर हैक है। ऐसा कहा जाता है कि स्किन व्हाइटनिंग के लिए बेकिंग सोडा एक अच्छा इंग्रीडिएंट है। यकीन बेकिंग सोडा में अस्थायी ब्राइटनिंग गुण होते हैं, लेकिनअ यह आपकी त्वचा के प्राकृतिक पीएच स्तर के साथ भी खिलवाड़ करता है। इतना ही नहीं, इससे आपकी स्किन के नेचुरल ऑयल भी खत्म होते हैं, जिससे आपकी स्किन बहुत ड्राई बनती है। इसलिए इस हैक से बचना ही आपकी स्किन के लिए अच्छा है।
अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें व इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।
Image Credit:(@freepik)
आपकी स्किन और शरीर आपकी ही तरह अलग है। आप तक अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी लाना हमारा प्रयास है, लेकिन फिर भी किसी भी होम रेमेडी, हैक या फिटनेस टिप को ट्राई करने से पहले आप अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें। किसी भी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia. com पर हमसे संपर्क करें।
| स्किन केयर हैक्स स्किन से जुड़ी कई समस्याओं को फिक्स करने में मदद करते हैं, लेकिन अगर आप घर पर अकेली हैं तो आपको इन हैक्स को भूल से भी ट्राई नहीं करना चाहिए। हर लड़की की अपनी स्किन से जुड़ी समस्याएं हैं और उन समस्याओं को दूर करने के लिए आपको इंटरनेट पर कई सारे हैक्स मिल जाएंगे। यकीनन हैक्स होते ही इसलिए हैं कि आप बिना किसी बड़े तामझाम में अपनी प्रॉब्लम्स को भले ही कुछ देर के लिए लेकिन फिक्स कर सकें। इसलिए लड़कियां अपने ब्यूटी रूटीन में कई हैक्स को जगह देती हैं। लेकिन कहते हैं ना कि हर चीज का अपना एक डार्क साइड भी होता है। जहां एक ओर हैक्स आपकी कई प्रॉब्लम्स का हल बनकर सामने आते हैं, वहीं कुछ हैक्स आपके लिए प्रॉब्लम भी किं्रएट कर सकते हैं। फेस पर ब्लैकहेड्स किसी को भी अच्छे नहीं लगते। कई बार महिलाएं इसे खुद ही घर पर निकालने की कोशिश करती हैं। साथ ही अपने ब्लैकहेड्स को बाहर निकालने की कोशिश करने से जलन और निशान पड़ सकते हैं और इससे काफी दर्द भी होता है। ब्लैकहेड्स को बाहर निकालने के लिए एक पापुलर हैक है पेट्रोलियम जेली का इस्तेमाल करना। अक्सर महिलाएं पेट्रोलियम जेली की मदद से ब्लैकहेड्स को मेल्ट करने की कोशिश करती हैं। पेट्रोलियम जेली अप्लाई करने के बाद ब्लैकहेड्स पर गर्म तौलिया रखना होता है। लेकिन मैं आपको बता दूं कि ऐसा करने से आपके छिद्र बंद हो जाएंगे और आगे चलकर आपको अधिक परेशानी होगी। याद रखें कि जिद्दी ब्लैकहेड्स से छुटकारा पाने का एकमात्र तरीका इसे एक एस्थेटीशियन द्वारा निकाला जाना है। नींबू के रस को कई तरह की स्किन प्रॉब्लम्स के लिए यूज किया जाता है। कभी इसे अन्य इंग्रीडिएंट के साथ मिलाकर फेस पैक बनाया जाता है। जिससे स्किन को कई बेनिफिट होते हैं। यह स्किन लाइटनिंग करने में काफी मदद करता है। लेकिन इसे कभी भी स्किन पर यूं ही डायरेक्ट अप्लाई नहीं करना चाहिए। मसलन, कुछ महिलाएं फेस, अंडरआर्म्स व लिप्स को लाइटन करने के लिए नींबू को बतौर ब्लीच इस्तेमाल करती हैं। लेकिन ऐसा करने से आपको रेडनेस व जलन का अहसास होगा। यह एक पॉपुलर हैक है। ऐसा कहा जाता है कि स्किन व्हाइटनिंग के लिए बेकिंग सोडा एक अच्छा इंग्रीडिएंट है। यकीन बेकिंग सोडा में अस्थायी ब्राइटनिंग गुण होते हैं, लेकिनअ यह आपकी त्वचा के प्राकृतिक पीएच स्तर के साथ भी खिलवाड़ करता है। इतना ही नहीं, इससे आपकी स्किन के नेचुरल ऑयल भी खत्म होते हैं, जिससे आपकी स्किन बहुत ड्राई बनती है। इसलिए इस हैक से बचना ही आपकी स्किन के लिए अच्छा है। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें व इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ। Image Credit: आपकी स्किन और शरीर आपकी ही तरह अलग है। आप तक अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी लाना हमारा प्रयास है, लेकिन फिर भी किसी भी होम रेमेडी, हैक या फिटनेस टिप को ट्राई करने से पहले आप अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें। किसी भी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia. com पर हमसे संपर्क करें। |
पांवटा साहिब -गिरिपार क्षेत्र के कफोटा विद्युत सेक्शन के अंतर्गत आने वाले गांव पाब को पीने का पानी मुहैया करवाने वाली योजना ठप है। कारण योजना का ट्रांसफार्मर जलना बताया जा रहा है। ग्रामीणों ने इसकी लिखित शिकायत विभाग को दे दी है और जल्द ही नया ट्रांसफार्मर मुहैया करवाने की मांग की है। मिली जानकारी के मुताबिक गिरीपार क्षेत्र के कफोटा के पास बोकाला पाब पंचायत के गांव पाब के स्थानीय लोग जगदीश, तोता राम, सुनील दत्त, सीता राम, संजय शर्मा, दाता राम, राजेश शर्मा, गीता राम, जगपाल सिंह, विनोद शर्मा, प्रदीप सिंह, राजेंद्र सिंह, दिनेश शर्मा, दुला राम शर्मा आदि ने सोमवार को बिजली बोर्ड को लिखित शिकायत दी है कि पिछले एक सप्ताह से उनके गांव में पीने का पानी की योजना के पंप हाउस का बिजली का ट्रांसफार्मर जल गया जिसके कारण पीने का पानी नही मिल पा रहा है। समस्या को देखते हुए एक दर्जन लोगों में यह शिकायत दी है। उक्त व्यक्तियों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से बिजली का ट्रांसफार्मर जला हुआ है लेकिन बिजली विभाग के किसी भी कर्मचारी ने अभी तक इस जले ट्रांसफार्मर की सुध नहीं ली है। जबकि बिजली बोर्ड के कार्यालय से महज 300 मीटर की दूर पर यह ट्रांसफार्मर लगा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि अन्य कई जगह पर भी कुछ दिन पहले ट्रांसफार्मर जले है जिनको बिजली बोर्ड ने तुरंत ठीक ओर नए ट्रांसफार्मर दिए है लेकिन बिजली बोर्ड के कार्यालय से 300 मीटर की दूरी पर इस ट्रांसफार्मर की अभी तक कोई सुध नही ले रहा है। जिसको देखते हुए ग्रामीणों के युवाओं ने सोमवार को बिजली बोर्ड के कार्यालय जाकर लिखित शिकायत दी है। उधरए कफोटा में बिजली बोर्ड के जेई अनिल कुमार ने बताया कि क्षेत्र में भारी बर्फबारी होने से कई जगह में ट्रांसफार्मर जले है और कई जगह ट्रांसफार्मर में तकनीक खराबी भी आई है। जिनमे से कई जगह ट्रांसफार्मर को ठीक कर दिए है और अन्य ट्रांसफार्मर को ठीक किया जा रहा है। मरम्मत कार्य में खराब मौसम व्यवधान डाल रहा है। ट्रांसफार्मर को मौसम खुलने के बाद ठीक किया जाएगा। फिलहाल योजना को दूसरी जगह से बिजली की सप्लाई दे दी है।
| पांवटा साहिब -गिरिपार क्षेत्र के कफोटा विद्युत सेक्शन के अंतर्गत आने वाले गांव पाब को पीने का पानी मुहैया करवाने वाली योजना ठप है। कारण योजना का ट्रांसफार्मर जलना बताया जा रहा है। ग्रामीणों ने इसकी लिखित शिकायत विभाग को दे दी है और जल्द ही नया ट्रांसफार्मर मुहैया करवाने की मांग की है। मिली जानकारी के मुताबिक गिरीपार क्षेत्र के कफोटा के पास बोकाला पाब पंचायत के गांव पाब के स्थानीय लोग जगदीश, तोता राम, सुनील दत्त, सीता राम, संजय शर्मा, दाता राम, राजेश शर्मा, गीता राम, जगपाल सिंह, विनोद शर्मा, प्रदीप सिंह, राजेंद्र सिंह, दिनेश शर्मा, दुला राम शर्मा आदि ने सोमवार को बिजली बोर्ड को लिखित शिकायत दी है कि पिछले एक सप्ताह से उनके गांव में पीने का पानी की योजना के पंप हाउस का बिजली का ट्रांसफार्मर जल गया जिसके कारण पीने का पानी नही मिल पा रहा है। समस्या को देखते हुए एक दर्जन लोगों में यह शिकायत दी है। उक्त व्यक्तियों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से बिजली का ट्रांसफार्मर जला हुआ है लेकिन बिजली विभाग के किसी भी कर्मचारी ने अभी तक इस जले ट्रांसफार्मर की सुध नहीं ली है। जबकि बिजली बोर्ड के कार्यालय से महज तीन सौ मीटर की दूर पर यह ट्रांसफार्मर लगा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि अन्य कई जगह पर भी कुछ दिन पहले ट्रांसफार्मर जले है जिनको बिजली बोर्ड ने तुरंत ठीक ओर नए ट्रांसफार्मर दिए है लेकिन बिजली बोर्ड के कार्यालय से तीन सौ मीटर की दूरी पर इस ट्रांसफार्मर की अभी तक कोई सुध नही ले रहा है। जिसको देखते हुए ग्रामीणों के युवाओं ने सोमवार को बिजली बोर्ड के कार्यालय जाकर लिखित शिकायत दी है। उधरए कफोटा में बिजली बोर्ड के जेई अनिल कुमार ने बताया कि क्षेत्र में भारी बर्फबारी होने से कई जगह में ट्रांसफार्मर जले है और कई जगह ट्रांसफार्मर में तकनीक खराबी भी आई है। जिनमे से कई जगह ट्रांसफार्मर को ठीक कर दिए है और अन्य ट्रांसफार्मर को ठीक किया जा रहा है। मरम्मत कार्य में खराब मौसम व्यवधान डाल रहा है। ट्रांसफार्मर को मौसम खुलने के बाद ठीक किया जाएगा। फिलहाल योजना को दूसरी जगह से बिजली की सप्लाई दे दी है। |
[ ३ स्थानाग
इस अनुमसे अन्तिम प्रकरण मे दश दश वस्तु का वर्णन किया गया है । जिस सख्या की वस्तु का निरूपण जिस प्रकरण में किया गया है, उसी संख्या के आधार पर इसके प्रकरणों का नाम प्रथम स्थान, द्वितीय स्थान, तृतीय स्थान और इसी अनुमसे अन्तिम प्रकरण का नाम दशम स्थान रखा गया है ।
जिस प्रकरण मे तत्सख्याविषयक निरूपरणीय सामग्री का प्राचुर्य हो गया, वहा उस प्रकरण के उपविभाग कर दिये गये है। दूसरे, तीसरे तथा चौथे - इन तीनो प्रकरणो के, प्रत्येक के चार-चार उपविभाग और पाचवे प्रकरण के ३ उपविभाग है। प्रथम तथा छठे से दशवे तक इन ६ स्थानो मे पृथक् कोई उपविभाग नही है । १५ उद्देशको और ६ अध्ययनो के, प्रत्येक के एक-एक उद्देशनकाल के हिसाब से स्थानाग सूत्र के कुल मिला कर २१ उद्देशनकाल और २१ ही समुद्देशनकाल होते है ।
प्रस्तुत सूत्र मे भगवान् महावीर के निर्वारण-पश्चात् दूसरी से छठी शताब्दी तक के अवान्तर काल की कुछ घटनाओ का उल्लेख किया गया है। उसे देखकर कुछ इतिहास के विद्वानो को इस प्रकार की भ्राति होती है कि स्थानाग सूत्र की रचना गरगधरो द्वारा नहीं अपितु किसी अर्वाचन आचार्य द्वारा की गई है । अपने इसकी पुष्टि मे वे यह तर्क प्रस्तुत करते है - "स्थानागसूत्र के नौवे स्थान मे गोदास से कोडिन्न तक के 8 गरगो का उल्लेख है पर वस्तुत वे गरण भगवान् महावीर के निर्वारण से लगभग २०० वर्ष पश्चात् अस्तित्व मे आये । इसी प्रकार ७ वे स्थान मे जो ७ निन्हवो का उल्लेख है उनमे रोहगुप्त नामक निन्हव वीर निर्वारण की छठी शताब्दी के अन्त में हुआ है । भगवान् महावीर के निर्धारण से लगभग २०० और ६०० वर्षो पश्चात् घटित हुई घटनाओ का स्थानाग में उल्लेख होना यह प्रमाणित करता है कि इसकी रचना भगवान् महावीर की विद्यमानता मे गणधरो द्वारा नही अपितु भगवान् के निर्धारण से ६०० वर्ष पश्चात् किन्ही आचार्यो द्वारा की गई है । "
किन्तु इस प्रकार केवल इन उल्लेखो के आधार पर यह मान्यता बना लेना कि स्थानाग सूत्र की रचना ही किसी परवर्ती प्राचार्य ने की है, किसी भी दशा मे न्यायोचित नही कहा जा सकता । द्वादशागी के विलुप्त हो जाने की मान्यता अभिव्यक्त करने वाली दिगम्बर परम्परा भी इस तथ्य को स्वीकार करती है कि द्वादशागी का अर्थत उपदेश भगवान् महावीर ने दिया और गरगधरो ने उसी को शब्द रूप मे ग्रथित किया । ऐसी स्थिति में किसी पश्वावर्ती घटना का स्थानाग मे उल्लेख देखकर बिना विचारे ही यह कह देना कि यह गणधर की कृति नही किसी पश्चाद्वर्ती आचार्य की कृति है - कदापि न्यायसगत प्रतीत नही होता । इस पर गम्भीरतापूर्वक विचार करने की आवश्यकता है। इस सन्दर्भ में दो बाते विशेष विचारणीय है । प्रथम तो यह कि अतिशयज्ञानी सूत्रकार ने कतिपय भावी है घटनाओ की पूर्वसूचना बहुत पहले ही दे दी हो तो इसमे आश्चर्य की कोई बात नही जैसे कि स्थानाग के नवम स्थान मे आगामी उत्सर्पिणी काल के भावी | [ तीन स्थानाग इस अनुमसे अन्तिम प्रकरण मे दश दश वस्तु का वर्णन किया गया है । जिस सख्या की वस्तु का निरूपण जिस प्रकरण में किया गया है, उसी संख्या के आधार पर इसके प्रकरणों का नाम प्रथम स्थान, द्वितीय स्थान, तृतीय स्थान और इसी अनुमसे अन्तिम प्रकरण का नाम दशम स्थान रखा गया है । जिस प्रकरण मे तत्सख्याविषयक निरूपरणीय सामग्री का प्राचुर्य हो गया, वहा उस प्रकरण के उपविभाग कर दिये गये है। दूसरे, तीसरे तथा चौथे - इन तीनो प्रकरणो के, प्रत्येक के चार-चार उपविभाग और पाचवे प्रकरण के तीन उपविभाग है। प्रथम तथा छठे से दशवे तक इन छः स्थानो मे पृथक् कोई उपविभाग नही है । पंद्रह उद्देशको और छः अध्ययनो के, प्रत्येक के एक-एक उद्देशनकाल के हिसाब से स्थानाग सूत्र के कुल मिला कर इक्कीस उद्देशनकाल और इक्कीस ही समुद्देशनकाल होते है । प्रस्तुत सूत्र मे भगवान् महावीर के निर्वारण-पश्चात् दूसरी से छठी शताब्दी तक के अवान्तर काल की कुछ घटनाओ का उल्लेख किया गया है। उसे देखकर कुछ इतिहास के विद्वानो को इस प्रकार की भ्राति होती है कि स्थानाग सूत्र की रचना गरगधरो द्वारा नहीं अपितु किसी अर्वाचन आचार्य द्वारा की गई है । अपने इसकी पुष्टि मे वे यह तर्क प्रस्तुत करते है - "स्थानागसूत्र के नौवे स्थान मे गोदास से कोडिन्न तक के आठ गरगो का उल्लेख है पर वस्तुत वे गरण भगवान् महावीर के निर्वारण से लगभग दो सौ वर्ष पश्चात् अस्तित्व मे आये । इसी प्रकार सात वे स्थान मे जो सात निन्हवो का उल्लेख है उनमे रोहगुप्त नामक निन्हव वीर निर्वारण की छठी शताब्दी के अन्त में हुआ है । भगवान् महावीर के निर्धारण से लगभग दो सौ और छः सौ वर्षो पश्चात् घटित हुई घटनाओ का स्थानाग में उल्लेख होना यह प्रमाणित करता है कि इसकी रचना भगवान् महावीर की विद्यमानता मे गणधरो द्वारा नही अपितु भगवान् के निर्धारण से छः सौ वर्ष पश्चात् किन्ही आचार्यो द्वारा की गई है । " किन्तु इस प्रकार केवल इन उल्लेखो के आधार पर यह मान्यता बना लेना कि स्थानाग सूत्र की रचना ही किसी परवर्ती प्राचार्य ने की है, किसी भी दशा मे न्यायोचित नही कहा जा सकता । द्वादशागी के विलुप्त हो जाने की मान्यता अभिव्यक्त करने वाली दिगम्बर परम्परा भी इस तथ्य को स्वीकार करती है कि द्वादशागी का अर्थत उपदेश भगवान् महावीर ने दिया और गरगधरो ने उसी को शब्द रूप मे ग्रथित किया । ऐसी स्थिति में किसी पश्वावर्ती घटना का स्थानाग मे उल्लेख देखकर बिना विचारे ही यह कह देना कि यह गणधर की कृति नही किसी पश्चाद्वर्ती आचार्य की कृति है - कदापि न्यायसगत प्रतीत नही होता । इस पर गम्भीरतापूर्वक विचार करने की आवश्यकता है। इस सन्दर्भ में दो बाते विशेष विचारणीय है । प्रथम तो यह कि अतिशयज्ञानी सूत्रकार ने कतिपय भावी है घटनाओ की पूर्वसूचना बहुत पहले ही दे दी हो तो इसमे आश्चर्य की कोई बात नही जैसे कि स्थानाग के नवम स्थान मे आगामी उत्सर्पिणी काल के भावी |
रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) के इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2022 का क्वालीफायर-2 खेलने के बावजूद पूर्व भारतीय कप्तान विराट कोहली के लिए यह सीजन कुछ खास नहीं रहा। कोहली ने 16 मैचों में 22. 73 के औसत और 115. 99 के स्ट्राइक रेट से सिर्फ 341 रन बनाए। कोहली के खराब फॉर्म की पिछले कुछ महीनों से काफी आलोचना हो रही है। हालांकि, पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज शोएब अख्तर कोहली के बचाव में आगे आए हैं। उन्होंने लोगों से कोहली का सम्मान करने का आग्रह किया है। बता दें कि कोहली ने नवंबर, 2019 के बाद से किसी भी फॉर्मेट में शतक नहीं जड़ा है।
"विराट कोहली 110 शतक लगाए"
अख्तर ने स्पोर्ट्सकीड़ा से बातचीत के दौरान कहा, "बयान देने से पहले लोगों को यह समझना चाहिए कि छोटे बच्चे उनकी ओर देखते हैं। विराट कोहली के बारे में अच्छी बातें कहें। उसे वो सम्मान दें, जिसका वह हकदार है। एक पाकिस्तानी होने के नाते मैं कह रहा हूं कि कोहली सर्वकालिक महान खिलाड़ी है। मैं चाहता हूं कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 110 शतक लगाए, मैं चाहता हूं कि वह 45 साल की उम्र तक क्रिकेट खेले। "
अख्तर ने कहा, "यह कठिन हालत कोहली को 110 शतकों के लिए तैयार कर रहे हैं। लोग उसके खिलाफ लिख रहे हैं, ट्वीट कर रहे हैं। अगर वह दिवाली के बारे में ट्वीट करता है तो उसकी आलोचना होती है। लोग उसकी पत्नी और बच्चे के बारे में ट्वीट करते हैं। जब विश्व कप हारता है तो काफी आलोचना होती है। हालात और खराब नहीं होंगे। बस आप मैदान पर जाओ और सबको दिखाओ कि विराट कोहली कौन है। "
'आलोचकों को सचिन से सीखना चाहिए'
पूर्व गेंदबाज ने कोहली के आलोचकों को सचिन तेंदुलकर से सीख लेने की सलाह दी है। अख्तर ने कहा, "सचिन महान और विनम्र इंसान हैं। उनका व्यवहार और स्वभाव लाजवाब है। वह कहने से पहले हमेशा सोचते हैं और दूसरे क्रिकेटरों का सम्मान करते हैं। ' अख्तर ने आगे कहा, "लोगों को सचिन से सीखना चाहिए। महान क्रिकेटर होने के बावजूद वह ऐसा ट्वीट या ऐसा कुछ नहीं कहते, जिससे किसी को ठेस पहुंचे। अन्य पूर्व क्रिकेटरों को भी सोच समझकर बयान देना चाहिए। "
| रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के इंडियन प्रीमियर लीग दो हज़ार बाईस का क्वालीफायर-दो खेलने के बावजूद पूर्व भारतीय कप्तान विराट कोहली के लिए यह सीजन कुछ खास नहीं रहा। कोहली ने सोलह मैचों में बाईस. तिहत्तर के औसत और एक सौ पंद्रह. निन्यानवे के स्ट्राइक रेट से सिर्फ तीन सौ इकतालीस रन बनाए। कोहली के खराब फॉर्म की पिछले कुछ महीनों से काफी आलोचना हो रही है। हालांकि, पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज शोएब अख्तर कोहली के बचाव में आगे आए हैं। उन्होंने लोगों से कोहली का सम्मान करने का आग्रह किया है। बता दें कि कोहली ने नवंबर, दो हज़ार उन्नीस के बाद से किसी भी फॉर्मेट में शतक नहीं जड़ा है। "विराट कोहली एक सौ दस शतक लगाए" अख्तर ने स्पोर्ट्सकीड़ा से बातचीत के दौरान कहा, "बयान देने से पहले लोगों को यह समझना चाहिए कि छोटे बच्चे उनकी ओर देखते हैं। विराट कोहली के बारे में अच्छी बातें कहें। उसे वो सम्मान दें, जिसका वह हकदार है। एक पाकिस्तानी होने के नाते मैं कह रहा हूं कि कोहली सर्वकालिक महान खिलाड़ी है। मैं चाहता हूं कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक सौ दस शतक लगाए, मैं चाहता हूं कि वह पैंतालीस साल की उम्र तक क्रिकेट खेले। " अख्तर ने कहा, "यह कठिन हालत कोहली को एक सौ दस शतकों के लिए तैयार कर रहे हैं। लोग उसके खिलाफ लिख रहे हैं, ट्वीट कर रहे हैं। अगर वह दिवाली के बारे में ट्वीट करता है तो उसकी आलोचना होती है। लोग उसकी पत्नी और बच्चे के बारे में ट्वीट करते हैं। जब विश्व कप हारता है तो काफी आलोचना होती है। हालात और खराब नहीं होंगे। बस आप मैदान पर जाओ और सबको दिखाओ कि विराट कोहली कौन है। " 'आलोचकों को सचिन से सीखना चाहिए' पूर्व गेंदबाज ने कोहली के आलोचकों को सचिन तेंदुलकर से सीख लेने की सलाह दी है। अख्तर ने कहा, "सचिन महान और विनम्र इंसान हैं। उनका व्यवहार और स्वभाव लाजवाब है। वह कहने से पहले हमेशा सोचते हैं और दूसरे क्रिकेटरों का सम्मान करते हैं। ' अख्तर ने आगे कहा, "लोगों को सचिन से सीखना चाहिए। महान क्रिकेटर होने के बावजूद वह ऐसा ट्वीट या ऐसा कुछ नहीं कहते, जिससे किसी को ठेस पहुंचे। अन्य पूर्व क्रिकेटरों को भी सोच समझकर बयान देना चाहिए। " |
रायपुर। पर्यावरण वाहिनी रायपुर छत्तीसगढ़ द्वारा आज 15 दिसंबर की शाम 4 बजे 'पर्यावरण तीर्थ-रायपुर प्रकल्प' का आयोजन रखा गया है। यह आयोजन महादेव घाट में पुराना मुर्ति विसर्जन स्थल पर होगा, जिसमें बतौर मुख्य अभ्यागत छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुइया उइके शामिल होंगीं, वहीं पूर्व सांसद गोपाल व्यास कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
इस कार्यक्रम के संबंध में जानकारी देते हुए पर्यावरण वाहिनी, रायपुर के सूत्रों ने बताया कि पर्यावरण के संरक्षण की परिकल्पना पर केन्द्रित इस कार्यक्रम में बरगद, पीपल और नीम के पौधे लगाए जाएंगे, प्लास्टिक मुक्त भारत के लिए जनसंकल्प लिया जाएगा। इसके अलावा महादेव नदी तट पर गंगा आरती होगी, साथ ही तुलसी के पौधों का निशुल्क वितरण भी किया जाएगा। पर्यावरण वाहिनी रायपुर ने इस कार्यक्रम में ज्यादा से ज्यादा लोगों से शामिल होने की अपील की है।
| रायपुर। पर्यावरण वाहिनी रायपुर छत्तीसगढ़ द्वारा आज पंद्रह दिसंबर की शाम चार बजे 'पर्यावरण तीर्थ-रायपुर प्रकल्प' का आयोजन रखा गया है। यह आयोजन महादेव घाट में पुराना मुर्ति विसर्जन स्थल पर होगा, जिसमें बतौर मुख्य अभ्यागत छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुइया उइके शामिल होंगीं, वहीं पूर्व सांसद गोपाल व्यास कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। इस कार्यक्रम के संबंध में जानकारी देते हुए पर्यावरण वाहिनी, रायपुर के सूत्रों ने बताया कि पर्यावरण के संरक्षण की परिकल्पना पर केन्द्रित इस कार्यक्रम में बरगद, पीपल और नीम के पौधे लगाए जाएंगे, प्लास्टिक मुक्त भारत के लिए जनसंकल्प लिया जाएगा। इसके अलावा महादेव नदी तट पर गंगा आरती होगी, साथ ही तुलसी के पौधों का निशुल्क वितरण भी किया जाएगा। पर्यावरण वाहिनी रायपुर ने इस कार्यक्रम में ज्यादा से ज्यादा लोगों से शामिल होने की अपील की है। |
आईपीएल सिक्स केस का इन्वेस्टिगेशन कर रही रिटायर जस्टिस मुकुल मुद्गल कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में फाइल की गयी अपनी रिपोर्ट में बोर्ड की रिस्पांसिबिलटीज से हटाए गए चेयरमैन एन श्रीनिवासन को फिक्सिंग और बेटिंग के एलिगेशंस में क्लीन चिट दी थी, लेकिन कमेटी ने श्रीनिवासन और बोर्ड के चार दूसरे ऑफीशियल्स पर कुछ क्रिकेटर्स के कोड ऑफ कंडेक्ट को ब्रेक करने की इंफार्मेशन होने के बावजूद एक्शन नहीं लेने का चार्ज लगाया था.
बीसीसीआई ने सुप्रीम कोर्ट में फाइल अपने एफीडेविट में श्रीनिवासन का फेवर करते हुए कहा है कि रिपोर्ट में मेंशन किए गए तीनों क्रिकेटर्स को ओरली अलर्ट करते हुए डांटा गया था. उस समय के बोर्ड प्रेसिडेंट शशांक मनोहर ने भी क्रिकेटर्स के एक्सप्लेनेशन पर सैटिस्फैक्शन शो किया था. एफिडेविट में बीसीसीआई के सेक्रेटरी संजय पटेल ने बताया कि 18 नवंबर को बीसीसीआई ने मुद्गल कमेटी की रिपोर्ट पर डिटेल डिस्कशन किया था. ओडिशा क्रिकेट एसोशिएशन के रिप्रेजेंटेटिव रंजीब बिस्वाल जो उस समय मौजूद थे, उन्होंने भी बताया कि प्लेयर्स को ओरली वार्न किया गया था. बिस्वाल उस दौरान इंडियन क्रिकेट टीम के मैनेजर थे.
तीन नवंबर को मुद्गल रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट में फाइल किया गया था, जिसमें श्रीनिवासन को "इंडिविजुअल 13" बताते हुए कहा गया कि उन्होंने और बोर्ड के चार ऑफीशियल्स ने "इंडिविजुअल 3" यानि कल्पिट प्लेयर के वॉयलेशन ऑफ कोड ऑफ कंन्डेक्ट की इन्फॉर्मेशन होने के बावजूद उनके अगेंस्ट कोई एक्शन नहीं लिया.
इस रिपोर्ट को इंवेस्टिगेशन में शामिल लोगों के साथ शेयर किया गया, जिसमें आईसीसी चीफ श्रीनिवासन को फिक्सिंग या बेटिंग जैसे मामलों में इनवाल्व नहीं पाया गया था. लेकिन आईपीएल सीओओ सुंदर रमन, चेन्नई सुपर किंग्स के गुरूनाथ मयप्पन और राजस्थान रॉयल्स के को ओनर राज कुंद्रा पर करप्शन का डाउट किया गया है. केस की नेक्स्ट हियरिंग 24 नवंबर को होगी.
| आईपीएल सिक्स केस का इन्वेस्टिगेशन कर रही रिटायर जस्टिस मुकुल मुद्गल कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में फाइल की गयी अपनी रिपोर्ट में बोर्ड की रिस्पांसिबिलटीज से हटाए गए चेयरमैन एन श्रीनिवासन को फिक्सिंग और बेटिंग के एलिगेशंस में क्लीन चिट दी थी, लेकिन कमेटी ने श्रीनिवासन और बोर्ड के चार दूसरे ऑफीशियल्स पर कुछ क्रिकेटर्स के कोड ऑफ कंडेक्ट को ब्रेक करने की इंफार्मेशन होने के बावजूद एक्शन नहीं लेने का चार्ज लगाया था. बीसीसीआई ने सुप्रीम कोर्ट में फाइल अपने एफीडेविट में श्रीनिवासन का फेवर करते हुए कहा है कि रिपोर्ट में मेंशन किए गए तीनों क्रिकेटर्स को ओरली अलर्ट करते हुए डांटा गया था. उस समय के बोर्ड प्रेसिडेंट शशांक मनोहर ने भी क्रिकेटर्स के एक्सप्लेनेशन पर सैटिस्फैक्शन शो किया था. एफिडेविट में बीसीसीआई के सेक्रेटरी संजय पटेल ने बताया कि अट्ठारह नवंबर को बीसीसीआई ने मुद्गल कमेटी की रिपोर्ट पर डिटेल डिस्कशन किया था. ओडिशा क्रिकेट एसोशिएशन के रिप्रेजेंटेटिव रंजीब बिस्वाल जो उस समय मौजूद थे, उन्होंने भी बताया कि प्लेयर्स को ओरली वार्न किया गया था. बिस्वाल उस दौरान इंडियन क्रिकेट टीम के मैनेजर थे. तीन नवंबर को मुद्गल रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट में फाइल किया गया था, जिसमें श्रीनिवासन को "इंडिविजुअल तेरह" बताते हुए कहा गया कि उन्होंने और बोर्ड के चार ऑफीशियल्स ने "इंडिविजुअल तीन" यानि कल्पिट प्लेयर के वॉयलेशन ऑफ कोड ऑफ कंन्डेक्ट की इन्फॉर्मेशन होने के बावजूद उनके अगेंस्ट कोई एक्शन नहीं लिया. इस रिपोर्ट को इंवेस्टिगेशन में शामिल लोगों के साथ शेयर किया गया, जिसमें आईसीसी चीफ श्रीनिवासन को फिक्सिंग या बेटिंग जैसे मामलों में इनवाल्व नहीं पाया गया था. लेकिन आईपीएल सीओओ सुंदर रमन, चेन्नई सुपर किंग्स के गुरूनाथ मयप्पन और राजस्थान रॉयल्स के को ओनर राज कुंद्रा पर करप्शन का डाउट किया गया है. केस की नेक्स्ट हियरिंग चौबीस नवंबर को होगी. |
Amla Juice : आंवले को डाइट में शामिल करने का सबसे आसान तरीका इसका जूस है. आइए जानें घर पर आंवले का जूस (Amla Juice) बनाने का तरीका.
आंवला (Amla) सर्दियों के सबसे पसंदीदा फूड्स में से एक है. ये विटामिन सी से भरपूर होता है. आयुर्वेद में आंवले का काफी महत्व है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट भी होता है. ये हमारी इम्युनिटी को बढ़ावा देने में मदद करता है.
आप कई तरीकों से आंवले को डाइट में शामिल कर सकते हैं. आंवले को डाइट में शामिल करने का सबसे आसान तरीका इसका जूस है. आइए जानें घर पर आंवले का जूस (Amla Juice) बनाने का तरीका.
आंवले को धो कर छोटे छोटे टुकड़े कर लीजिए. एक ब्लेंडर में कटा हुआ आंवला, शहद, नमक, नींबू का रस डालें. थोड़ा पानी डालें. धीमी गति से पीसें. छलनी का इस्तेमाल करके, आंवले के रस को छान लें. गिलास में पानी डालकर अच्छी तरह मिला लें. आंवला जूस परोसने के लिए तैयार है.
आंवला पॉलीफेनोल्स और विटामिन सी का एक समृद्ध स्रोत है, जो पाचन को स्वस्थ और इम्युनिटी को मजबूत करने में मदद करता है. ये शरीर में वायरस और बैक्टीरिया से बचाव करते हैं. ये ऑक्सीडेटिव तनाव से भी बचाता है. ये मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है. आंवला का सेवन करने से शरीर में खून की मात्रा और हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ जाता है. शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालता है. आंवला में मौजूद पॉलीफेनोल्स शरीर को ऑक्सीडेटिव तनाव और क्रोनिक स्वास्थ्य स्थितियों को बढ़ने से रोकता है. आंवला शरीर को इंसुलिन के प्रति अधिक क्रियाशील बनाता है.
इससे इंसुलिन का अवशोषण बढ़ जाता है. इस तरह ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है. डायबिटीज के लक्षणों को कम करने के लिए कच्चा आंवला खाना बहुत फायदेमंद है. ये ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करता है. आंवला में फाइबर की उच्च मात्रा पाचन रोगों जैसे कब्ज, दस्त, आदि से राहत देने में मदद करती है. इसके अलावा, आंवला खाने से पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है. ये गैस्ट्रिक रस को उत्तेजित करता है और इस प्रकार एसिडिटी को रोकता है.
आंवला में विटामिन सी, टैनिन, अमीनो एसिड और आवश्यक फैटी एसिड होते हैं जो बालों को पोषण प्रदान करते हैं. आंवला तेल बालों के रोम को मजबूत बनाता है. ये रूसी को जमा होने से रोकता है. इस प्रकार, आंवला स्कैल्प में पीएच संतुलन को बनाए रखने और बालों को बढ़ाने में मदद करता है. स्कैल्प पर आंवला के तेल की मसाज करने से समय से पहले बालों को सफेद होने से रोका जा सकता है और बालों का प्राकृतिक रंग बरकरार रहता है.
ये भी पढ़ें - रोज खा रहे हैं व्हाइट ब्रेड, तो हो जाएं सावधान, इन बीमारियों को आप दे रहे हैं दावत!
| Amla Juice : आंवले को डाइट में शामिल करने का सबसे आसान तरीका इसका जूस है. आइए जानें घर पर आंवले का जूस बनाने का तरीका. आंवला सर्दियों के सबसे पसंदीदा फूड्स में से एक है. ये विटामिन सी से भरपूर होता है. आयुर्वेद में आंवले का काफी महत्व है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट भी होता है. ये हमारी इम्युनिटी को बढ़ावा देने में मदद करता है. आप कई तरीकों से आंवले को डाइट में शामिल कर सकते हैं. आंवले को डाइट में शामिल करने का सबसे आसान तरीका इसका जूस है. आइए जानें घर पर आंवले का जूस बनाने का तरीका. आंवले को धो कर छोटे छोटे टुकड़े कर लीजिए. एक ब्लेंडर में कटा हुआ आंवला, शहद, नमक, नींबू का रस डालें. थोड़ा पानी डालें. धीमी गति से पीसें. छलनी का इस्तेमाल करके, आंवले के रस को छान लें. गिलास में पानी डालकर अच्छी तरह मिला लें. आंवला जूस परोसने के लिए तैयार है. आंवला पॉलीफेनोल्स और विटामिन सी का एक समृद्ध स्रोत है, जो पाचन को स्वस्थ और इम्युनिटी को मजबूत करने में मदद करता है. ये शरीर में वायरस और बैक्टीरिया से बचाव करते हैं. ये ऑक्सीडेटिव तनाव से भी बचाता है. ये मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है. आंवला का सेवन करने से शरीर में खून की मात्रा और हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ जाता है. शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालता है. आंवला में मौजूद पॉलीफेनोल्स शरीर को ऑक्सीडेटिव तनाव और क्रोनिक स्वास्थ्य स्थितियों को बढ़ने से रोकता है. आंवला शरीर को इंसुलिन के प्रति अधिक क्रियाशील बनाता है. इससे इंसुलिन का अवशोषण बढ़ जाता है. इस तरह ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है. डायबिटीज के लक्षणों को कम करने के लिए कच्चा आंवला खाना बहुत फायदेमंद है. ये ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करता है. आंवला में फाइबर की उच्च मात्रा पाचन रोगों जैसे कब्ज, दस्त, आदि से राहत देने में मदद करती है. इसके अलावा, आंवला खाने से पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है. ये गैस्ट्रिक रस को उत्तेजित करता है और इस प्रकार एसिडिटी को रोकता है. आंवला में विटामिन सी, टैनिन, अमीनो एसिड और आवश्यक फैटी एसिड होते हैं जो बालों को पोषण प्रदान करते हैं. आंवला तेल बालों के रोम को मजबूत बनाता है. ये रूसी को जमा होने से रोकता है. इस प्रकार, आंवला स्कैल्प में पीएच संतुलन को बनाए रखने और बालों को बढ़ाने में मदद करता है. स्कैल्प पर आंवला के तेल की मसाज करने से समय से पहले बालों को सफेद होने से रोका जा सकता है और बालों का प्राकृतिक रंग बरकरार रहता है. ये भी पढ़ें - रोज खा रहे हैं व्हाइट ब्रेड, तो हो जाएं सावधान, इन बीमारियों को आप दे रहे हैं दावत! |
एक बेटी का पिता होना काफी खुशकिस्मती की बात है। हर पिता अपनी बेटी के सिक्योर फ्यूचर की चिंता करता है। पहले पढ़ाई फिर उसके बाद शादी की चिंता रहती है। एलआईसी ने इस चिंता को खत्म करने के लिए एक योजना की शुरुआत की है। जिसका नाम एलआईसी कन्यादान पॉलिसी है। इस स्कीम को बेटी के भविष्य को संवारने के लिए डिजाइन किया गया है। आइए आपको भी बताते हैं किे इस स्कीम के साथ कैसे जुड़ा जा सकता है और इसके क्या फायदें हैं।
एलआईसी कन्यादान पॉलिसी में निवेश करने वाले पिता की उम्र कम से कम 30 साल होना काफी जरूरी है। जिस बेटी के लिए निवेश कर रहे हैं उसकी एज भी एक साल तो जरूर होनी चाहिए। एलआईसी की इस स्कीम में आवेदन करने के लिए आधार कार्ड, इनकम प्रूफ, आईडी प्रूफ,बर्थ सर्टिफिकेट जैसे अहम दस्तावेजों की जरुरत पड़ती है। साथ ही आपको इनकम टैक्स अधिनियम 1961 की धारा 80सी के तहत टैक्स में छूट भी मिलती है। यह टैक्स छूट अधिकतम 1. 50 लाख रुपए होती है।
रोज 121 रुपए के निवेश पर मिलेंगे 27 लाख रुपए : अगर आपकी बेटी उम्र 1 साल है और आप एलआईसी कन्यादान पॉलिसी में लगातार 121 रुपए यानी हर महीने करीब 3600 रुपए प्रीमियम जमा करते हैं तो 25 साल के बाद यानी जब आपकी बेटी 26 साल की होगी तो 27 लाख रुपए मिल जाएंगे। जिससे आपकी बेटी शादी की चिंता या फिर विदेश में पढ़ाई के लिए रुपयों की टेंशन को काफी हद तक दूर कर देगा।
22 तक ही भरना पड़ता है प्रीमियम : एलआईसी की कन्यादान पॉलिसी भले ही 25 साल के बाद मैच्योर होती है लेकिन रुपया यानी प्रीमियम 22 साल तक ही जमा कराना होता है। बाकी के तीन साल कोई प्रीमियम नहीं जमा पड़मा है। 3600 रुपए के हिसाब से 22 साल तक आपको करीब 9. 50 लाख रुपए प्रीमियम भरना होगा और आपको 27 लाख रुपए मिल जाएंगे। वैसे बेटी की उम्र के हिसाब से इस पॉलिसी के टेन्योर को घटाया भी जा सकता है। इसे 13 सालों के लिए भी लिया जा सकता है।
किस तरह के मिलते हैं फायदे : - इस स्कीम से आपकी बेटी फाइनेंशियल तौर पर काफी सुरक्षित रहती है।
- मैच्योरिटी पर पॉलिसी होल्डर को एकमुश्त रकम मिलती है।
- पिता की मौत होने पर प्रीमियम अदा करने से छूट मिलती है।
- किसी तरह की दुर्घटना से मृत्यु होने पर तुरंत 10 लाख रुपए का भुगतान होता है।
- नॉर्मल मौत होने पर 5 लाख रुपए का भुगतान होता है।
- मैच्योरिटी तक हर साल 50000 रुपए का पेमेंट मिलता है।
- मैच्योरिटी पर अमाउंट का पूरा भुगतान होता है।
| एक बेटी का पिता होना काफी खुशकिस्मती की बात है। हर पिता अपनी बेटी के सिक्योर फ्यूचर की चिंता करता है। पहले पढ़ाई फिर उसके बाद शादी की चिंता रहती है। एलआईसी ने इस चिंता को खत्म करने के लिए एक योजना की शुरुआत की है। जिसका नाम एलआईसी कन्यादान पॉलिसी है। इस स्कीम को बेटी के भविष्य को संवारने के लिए डिजाइन किया गया है। आइए आपको भी बताते हैं किे इस स्कीम के साथ कैसे जुड़ा जा सकता है और इसके क्या फायदें हैं। एलआईसी कन्यादान पॉलिसी में निवेश करने वाले पिता की उम्र कम से कम तीस साल होना काफी जरूरी है। जिस बेटी के लिए निवेश कर रहे हैं उसकी एज भी एक साल तो जरूर होनी चाहिए। एलआईसी की इस स्कीम में आवेदन करने के लिए आधार कार्ड, इनकम प्रूफ, आईडी प्रूफ,बर्थ सर्टिफिकेट जैसे अहम दस्तावेजों की जरुरत पड़ती है। साथ ही आपको इनकम टैक्स अधिनियम एक हज़ार नौ सौ इकसठ की धारा अस्सीसी के तहत टैक्स में छूट भी मिलती है। यह टैक्स छूट अधिकतम एक. पचास लाख रुपए होती है। रोज एक सौ इक्कीस रुपयापए के निवेश पर मिलेंगे सत्ताईस लाख रुपए : अगर आपकी बेटी उम्र एक साल है और आप एलआईसी कन्यादान पॉलिसी में लगातार एक सौ इक्कीस रुपयापए यानी हर महीने करीब तीन हज़ार छः सौ रुपयापए प्रीमियम जमा करते हैं तो पच्चीस साल के बाद यानी जब आपकी बेटी छब्बीस साल की होगी तो सत्ताईस लाख रुपए मिल जाएंगे। जिससे आपकी बेटी शादी की चिंता या फिर विदेश में पढ़ाई के लिए रुपयों की टेंशन को काफी हद तक दूर कर देगा। बाईस तक ही भरना पड़ता है प्रीमियम : एलआईसी की कन्यादान पॉलिसी भले ही पच्चीस साल के बाद मैच्योर होती है लेकिन रुपया यानी प्रीमियम बाईस साल तक ही जमा कराना होता है। बाकी के तीन साल कोई प्रीमियम नहीं जमा पड़मा है। तीन हज़ार छः सौ रुपयापए के हिसाब से बाईस साल तक आपको करीब नौ. पचास लाख रुपए प्रीमियम भरना होगा और आपको सत्ताईस लाख रुपए मिल जाएंगे। वैसे बेटी की उम्र के हिसाब से इस पॉलिसी के टेन्योर को घटाया भी जा सकता है। इसे तेरह सालों के लिए भी लिया जा सकता है। किस तरह के मिलते हैं फायदे : - इस स्कीम से आपकी बेटी फाइनेंशियल तौर पर काफी सुरक्षित रहती है। - मैच्योरिटी पर पॉलिसी होल्डर को एकमुश्त रकम मिलती है। - पिता की मौत होने पर प्रीमियम अदा करने से छूट मिलती है। - किसी तरह की दुर्घटना से मृत्यु होने पर तुरंत दस लाख रुपए का भुगतान होता है। - नॉर्मल मौत होने पर पाँच लाख रुपए का भुगतान होता है। - मैच्योरिटी तक हर साल पचास हज़ार रुपयापए का पेमेंट मिलता है। - मैच्योरिटी पर अमाउंट का पूरा भुगतान होता है। |
महाराष्ट्र की राजनीति में चल रहे शह और मात के खेल में बाजी मारने वाले देवेंद्र फडणवीस के साथ-साथ बीजेपी के चाणक्य कहे जाने वाले गृह मंत्री अमित शाह के लिए बेशक रविवार का दिन बहुत अहम है. अजीत पवार के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद महाराष्ट्र में अब यदि सबसे अधिक चर्चा है तो वह है बीजेपी का सीएम बनाए जाने की. यानी अब नए राजनीतिक गुणा भाग के बाद एक बार फिर देवेंद्र फड़णवीस के सितारे बुलंद नज़र आ रहे हैं. नागपुर में रहने वाले फडणवीस के करीबी और एक पूर्व पुलिस अधिकारी मुंबई बीजेपी में शामिल होने की कतार में हैं. भरोसा देते हुए कहते हैं कि देवेन्द्र फडणवीस को बीजेपी के राष्ट्रीय नेता कभी भी यह पुरस्कार दे सकते हैं. सूत्र का बोलना है कि महाराष्ट्र में विधानसभा और लोकसभा का चुनाव होने से पहले आप देवेन्द्र फडणनवीस को राज्य के सीएम के रूप में देखेंगे. बस थोड़ा इन्तजार कीजिए.
महाराष्ट्र के सियासी घटनाक्रमों पर गौर करें तो अप्रैल 2023 में एनसीपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्राइस्ट क्लाइडो ने ट्वीट करके सियासी हलचल पैदा कर दी थी. क्लाइडो ने बोला था कि बीजेपी के राष्ट्रीय नेताओं ने महाराष्ट्र में देवेन्द्र फड़णवीस को उपमुख्यमंत्री से सीएम बनाने और एकनाथ शिंदे को सीएम से उपमुख्यमंत्री बनाने का निर्णय कर लिया है. यह जल्द होने वाला है. उत्तर में बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एनसीपी के नेता अजीत पवार को लेकर भी भविष्यवाणी कर दी थी. इसमें अजीत पवार के जल्द ही एनडीए से गवर्नमेंट बनाने और पुनः उपमुख्यमंत्री बनने की भविष्यवाणी की गई थी.
इसी के सामानांतर नागपुर समेत महाराष्ट्र में देवेन्द्र फडणवीस को सीएम बनने की भविष्यवाणी करने वाले पोस्टर भी लगे थे. यह सब तब हो रहा था, जब सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना से बगावत करने वाले सीएम एकनाथ शिंदे और उनके साथ गए विधायकों पर निर्णय रिजर्व कर लिया था. इसी की याद दिलाते हुए महाराष्ट्र के एक बीजेपी विधायक ने बोला कि देखिए अजीत पवार के साथ आने वाली भविष्यवाणी तो ठीक हो गई. सूत्र ने बोला कि इस बार तो अजीत पवार बड़ी संख्या में विधायकों के साथ आए हैं. वह एनसीपी के दोनों कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल, सुप्रिया सुले समेत पार्टी के नेताओं के साथ मीटिंग करने के बाद गवर्नमेंट के साथ आए हैं. इतना ही नहीं शरद पवार को भी इसकी सूचना दे दी है.
| महाराष्ट्र की राजनीति में चल रहे शह और मात के खेल में बाजी मारने वाले देवेंद्र फडणवीस के साथ-साथ बीजेपी के चाणक्य कहे जाने वाले गृह मंत्री अमित शाह के लिए बेशक रविवार का दिन बहुत अहम है. अजीत पवार के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद महाराष्ट्र में अब यदि सबसे अधिक चर्चा है तो वह है बीजेपी का सीएम बनाए जाने की. यानी अब नए राजनीतिक गुणा भाग के बाद एक बार फिर देवेंद्र फड़णवीस के सितारे बुलंद नज़र आ रहे हैं. नागपुर में रहने वाले फडणवीस के करीबी और एक पूर्व पुलिस अधिकारी मुंबई बीजेपी में शामिल होने की कतार में हैं. भरोसा देते हुए कहते हैं कि देवेन्द्र फडणवीस को बीजेपी के राष्ट्रीय नेता कभी भी यह पुरस्कार दे सकते हैं. सूत्र का बोलना है कि महाराष्ट्र में विधानसभा और लोकसभा का चुनाव होने से पहले आप देवेन्द्र फडणनवीस को राज्य के सीएम के रूप में देखेंगे. बस थोड़ा इन्तजार कीजिए. महाराष्ट्र के सियासी घटनाक्रमों पर गौर करें तो अप्रैल दो हज़ार तेईस में एनसीपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्राइस्ट क्लाइडो ने ट्वीट करके सियासी हलचल पैदा कर दी थी. क्लाइडो ने बोला था कि बीजेपी के राष्ट्रीय नेताओं ने महाराष्ट्र में देवेन्द्र फड़णवीस को उपमुख्यमंत्री से सीएम बनाने और एकनाथ शिंदे को सीएम से उपमुख्यमंत्री बनाने का निर्णय कर लिया है. यह जल्द होने वाला है. उत्तर में बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एनसीपी के नेता अजीत पवार को लेकर भी भविष्यवाणी कर दी थी. इसमें अजीत पवार के जल्द ही एनडीए से गवर्नमेंट बनाने और पुनः उपमुख्यमंत्री बनने की भविष्यवाणी की गई थी. इसी के सामानांतर नागपुर समेत महाराष्ट्र में देवेन्द्र फडणवीस को सीएम बनने की भविष्यवाणी करने वाले पोस्टर भी लगे थे. यह सब तब हो रहा था, जब सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना से बगावत करने वाले सीएम एकनाथ शिंदे और उनके साथ गए विधायकों पर निर्णय रिजर्व कर लिया था. इसी की याद दिलाते हुए महाराष्ट्र के एक बीजेपी विधायक ने बोला कि देखिए अजीत पवार के साथ आने वाली भविष्यवाणी तो ठीक हो गई. सूत्र ने बोला कि इस बार तो अजीत पवार बड़ी संख्या में विधायकों के साथ आए हैं. वह एनसीपी के दोनों कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल, सुप्रिया सुले समेत पार्टी के नेताओं के साथ मीटिंग करने के बाद गवर्नमेंट के साथ आए हैं. इतना ही नहीं शरद पवार को भी इसकी सूचना दे दी है. |
अमेरिकी वाहन निर्माता जीप ने भारत में अपनी कारों की कीमतों में 2 लाख रुपये तक की बढ़ोतरी की है। इससे जीप रैंगलर और जीप ग्रैंड चेरोकी मॉडल्स महंगे हो गए हैं।
कार निर्माता फॉक्सवैगन ने अपनी अपडेटेड टिगुआन को भारतीय बाजार में लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इस गाड़ी को एडवांस तकनीक, सेफ्टी फीचर और नए इंटीरियर के साथ अपडेट किया है। इसमें लेवल-1 ADAS सिस्टम के तहत पार्क असिस्ट सुविधा को भी शामिल किया गया है।
दिग्गज वाहन निर्माता जीप की ओर से समर सर्विस कैंप की घोषणा की है।
स्कोडा ने भारत में उपलब्ध अपनी कोडियाक SUV के 2023 वेरिएंट को लॉन्च कर दिया है।
जीप इंडिया ने भारतीय बाजार में उपलब्ध अपनी मेरिडियन SUV को 2 नए वेरिएंट्स मेरिडियन एक्स और मेरिडियन अपलैंड में लॉन्च कर दिया है।
कार निर्माता कंपनियां ग्राहकों को लुभाने के लिए समय-समय पर आकर्षक ऑफर लाती हैं। वित्तीय वर्ष 2022-23 के समापन से पहले कंपनियां अपना पुराना स्टॉक खत्म करने के लिए मार्च में डिस्काउंट ऑफर दे रही हैं।
दिग्गज वाहन निर्माता कंपनी जीप ने अपनी कम्पास और मेरिडियन SUV को नए क्लब एडिशन वेरिएंट में लॉन्च कर दिया है।
अमेरिका की दिग्गज वाहन निर्माता कंपनी जीप भारतीय बाजार में अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। रिपोर्ट्स की मानें तो कंपनी आने वाले कुछ महीनो में कई नई गाड़ियां देश में उतार सकती है।
दिग्गज वाहन निर्माता MG मोटर्स ने अपने ग्लॉस्टर SUV को अपडेट करके भारतीय बाजार में लॉन्च कर दिया है। नए फीचर्स के तौरी पर इसमें ADAS को शामिल किया गया है।
भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार काफी तेजी से बढ़ रहा है। वर्तमान में यहां SUVs की जबरदस्त मांग है।
भारतीय बाजार में कॉम्पैक्ट SUVs की जबरदस्त बिक्री को देखते हुऐ अमेरिकी कार निर्माता कंपनी जीप नई कॉम्पैक्ट साइज SUV भारतीय बाजार में लाने वाली है।
जीप ने अपनी नई 7-सीटर मेरिडियन SUV को लॉन्च कर दिया है। मेरिडियन (Jeep Meridian) भारत में कंपनी की पहली SUV है जो तीन पंक्ति वाली सीटिंग के साथ आई है।
लंबे इंतजार के बाद आखिरकार जीप ने अपनी नई 7-सीटर मेरिडियन SUV को लॉन्च कर दिया है।
लंबे इंतजार के बाद आखिरकार जीप ने अपनी नई 7-सीटर मेरिडियन SUV की बुकिंग स्वीकार करना शुरू कर दिया है।
अमेरिकी कार निर्माता कंपनी जीप ने भारत में अपनी नई SUV मेरिडियन की प्री-बुकिंग्स 3 मई से शुरू करने की घोषणा की है।
जीप ने भारत में अपनी नई तीन पंक्ति वाली 7-सीटर मेरिडियन को पेश कर चुकी है। इसे आने वाले हफ्तों में लॉन्च किया जाएगा।
लंबे इंतजार के बाद आखिरकार जीप ने नई तीन पंक्ति वाली 7-सीटर मेरिडियन से पर्दा उठा दिया है।
| अमेरिकी वाहन निर्माता जीप ने भारत में अपनी कारों की कीमतों में दो लाख रुपये तक की बढ़ोतरी की है। इससे जीप रैंगलर और जीप ग्रैंड चेरोकी मॉडल्स महंगे हो गए हैं। कार निर्माता फॉक्सवैगन ने अपनी अपडेटेड टिगुआन को भारतीय बाजार में लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इस गाड़ी को एडवांस तकनीक, सेफ्टी फीचर और नए इंटीरियर के साथ अपडेट किया है। इसमें लेवल-एक ADAS सिस्टम के तहत पार्क असिस्ट सुविधा को भी शामिल किया गया है। दिग्गज वाहन निर्माता जीप की ओर से समर सर्विस कैंप की घोषणा की है। स्कोडा ने भारत में उपलब्ध अपनी कोडियाक SUV के दो हज़ार तेईस वेरिएंट को लॉन्च कर दिया है। जीप इंडिया ने भारतीय बाजार में उपलब्ध अपनी मेरिडियन SUV को दो नए वेरिएंट्स मेरिडियन एक्स और मेरिडियन अपलैंड में लॉन्च कर दिया है। कार निर्माता कंपनियां ग्राहकों को लुभाने के लिए समय-समय पर आकर्षक ऑफर लाती हैं। वित्तीय वर्ष दो हज़ार बाईस-तेईस के समापन से पहले कंपनियां अपना पुराना स्टॉक खत्म करने के लिए मार्च में डिस्काउंट ऑफर दे रही हैं। दिग्गज वाहन निर्माता कंपनी जीप ने अपनी कम्पास और मेरिडियन SUV को नए क्लब एडिशन वेरिएंट में लॉन्च कर दिया है। अमेरिका की दिग्गज वाहन निर्माता कंपनी जीप भारतीय बाजार में अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। रिपोर्ट्स की मानें तो कंपनी आने वाले कुछ महीनो में कई नई गाड़ियां देश में उतार सकती है। दिग्गज वाहन निर्माता MG मोटर्स ने अपने ग्लॉस्टर SUV को अपडेट करके भारतीय बाजार में लॉन्च कर दिया है। नए फीचर्स के तौरी पर इसमें ADAS को शामिल किया गया है। भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार काफी तेजी से बढ़ रहा है। वर्तमान में यहां SUVs की जबरदस्त मांग है। भारतीय बाजार में कॉम्पैक्ट SUVs की जबरदस्त बिक्री को देखते हुऐ अमेरिकी कार निर्माता कंपनी जीप नई कॉम्पैक्ट साइज SUV भारतीय बाजार में लाने वाली है। जीप ने अपनी नई सात-सीटर मेरिडियन SUV को लॉन्च कर दिया है। मेरिडियन भारत में कंपनी की पहली SUV है जो तीन पंक्ति वाली सीटिंग के साथ आई है। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार जीप ने अपनी नई सात-सीटर मेरिडियन SUV को लॉन्च कर दिया है। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार जीप ने अपनी नई सात-सीटर मेरिडियन SUV की बुकिंग स्वीकार करना शुरू कर दिया है। अमेरिकी कार निर्माता कंपनी जीप ने भारत में अपनी नई SUV मेरिडियन की प्री-बुकिंग्स तीन मई से शुरू करने की घोषणा की है। जीप ने भारत में अपनी नई तीन पंक्ति वाली सात-सीटर मेरिडियन को पेश कर चुकी है। इसे आने वाले हफ्तों में लॉन्च किया जाएगा। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार जीप ने नई तीन पंक्ति वाली सात-सीटर मेरिडियन से पर्दा उठा दिया है। |
डिसक्लेमरःयह आर्टिकल एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड हुआ है। इसे नवभारतटाइम्स. कॉम की टीम ने एडिट नहीं किया है।
नयी दिल्ली, नौ अगस्त :भाषाः कार कंपनी फोर्ड इंडिया ने आज अपने कुछ माडलों के दाम घटाने की घोषणा की। इसके तहत कंपनी ने फोर्ड एस्पायर व फोर्ड फिगो के दाम 91000 रपये तक घटाएं हैं ताकि इनकी बिक्री बढाई जा सके।
| डिसक्लेमरःयह आर्टिकल एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड हुआ है। इसे नवभारतटाइम्स. कॉम की टीम ने एडिट नहीं किया है। नयी दिल्ली, नौ अगस्त :भाषाः कार कंपनी फोर्ड इंडिया ने आज अपने कुछ माडलों के दाम घटाने की घोषणा की। इसके तहत कंपनी ने फोर्ड एस्पायर व फोर्ड फिगो के दाम इक्यानवे हज़ार रपये तक घटाएं हैं ताकि इनकी बिक्री बढाई जा सके। |
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने आतंक की कमर तोड़ दी है. सर्च अभियान के तहत आतंकियों को ढूढ़ कर ठिकाने लगाया जा रहा है. कुलगाम जिले में बीएसएफ के काफिले पर गोलीबारी हुई, इसके बाद सुरक्षाबलों ने सर्च अभियान चलाया और मुठभेड़ में एक आतंकी को मार गिराया. इस मुठभेड़ में एक सुरक्षाकर्मी सहित तीन लोग घायल भी हुए हैं.
आईजी विजय कुमार के मुताबिक, मुठभेड़ में एक आतंकी ढेर हुआ है. उन्होंने बताया कि बिल्डिंग की सर्च पूरी कर ली गई है और ऑपरेशन पूरा हो चुका है. उन्होंने कहा है कि स्वतंत्रता दिवस से पहले एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया.
जानकारी के अनुसार, बीएसएफ के काफिले पर जिस समय हमला हुआ, उस वक्त काफिला जम्मू से श्रीनगर जा रहा था. उन्होंने कहा, "आतंकवादियों ने कुलगाम जिले में काजीगुंड क्षेत्र के मालपोरा में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बीएसएफ के काफिले पर गोलीबारी की. " पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि शुरुआती हमले में कोई घायल नहीं हुआ और बाद में आतंकवादियों की घेराबंदी कर दी गई.
| जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने आतंक की कमर तोड़ दी है. सर्च अभियान के तहत आतंकियों को ढूढ़ कर ठिकाने लगाया जा रहा है. कुलगाम जिले में बीएसएफ के काफिले पर गोलीबारी हुई, इसके बाद सुरक्षाबलों ने सर्च अभियान चलाया और मुठभेड़ में एक आतंकी को मार गिराया. इस मुठभेड़ में एक सुरक्षाकर्मी सहित तीन लोग घायल भी हुए हैं. आईजी विजय कुमार के मुताबिक, मुठभेड़ में एक आतंकी ढेर हुआ है. उन्होंने बताया कि बिल्डिंग की सर्च पूरी कर ली गई है और ऑपरेशन पूरा हो चुका है. उन्होंने कहा है कि स्वतंत्रता दिवस से पहले एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. जानकारी के अनुसार, बीएसएफ के काफिले पर जिस समय हमला हुआ, उस वक्त काफिला जम्मू से श्रीनगर जा रहा था. उन्होंने कहा, "आतंकवादियों ने कुलगाम जिले में काजीगुंड क्षेत्र के मालपोरा में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बीएसएफ के काफिले पर गोलीबारी की. " पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि शुरुआती हमले में कोई घायल नहीं हुआ और बाद में आतंकवादियों की घेराबंदी कर दी गई. |
स्टोक्स का पहला ओवर (मेडन और 1 विकेट): लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई को पार्थिव पटेल और जोस बटलर ने अच्छी शुरुआत दिलाई और पहले 4 ओवरों में 35 रन जोड़े। पारी का पांचवां और अपना पहला ओवर फेंकने आए स्टोक्स ने दूसरी ही गेंद पर बटलर का बड़ा विकेट निकालकर अपनी टीम को पहली सफलता दिला दी। इस ओवर में स्टोक्स ने मुंबई के बल्लेबाजों को रनों के लिए तरसाए रखा। स्टोक्स ने अपने पहले ओवर में एक भी रन नहीं दिया और मेडन ओवर फेंका।
स्टोक्स का दूसरा ओवर (1 विकेट और 8 रन): एक ओवर कराने के बाद स्टोक्स को कप्तान ने गेंदबाजी से हटा लिया। और उन्हें सीधा 13वें ओवर में गेंदबाजी में लगाया। लेकिन इस दौरान मुंबई फिर से लय पकड़ती दिख रही थी और रोहित शर्मा तेजी से रन बना रहे थे, तो कर्ण शर्मा भी उनका अच्छा साथ दे रहे थे। लेकिन स्टोक्स ने दूसरे ओवर की पहली ही गेंद पर कर्ण शर्मा को बोल्ड कर दिया और अपनी टीम को तीसरी सफलता दिला दी। गौर करने वाली बात ये थी कि स्टोक्स ने इस दौरान 2 विकेट लिए थे और एक भी रन नहीं दिया था। अपने दूसरे ओवर में स्टोक्स ने कुल 8 रन दिए और 1 विकेट लिया।
स्टोक्स का चौथा ओवर (7 रन): 3 ओवर कराने के बाद कप्तान ने स्टोक्स को गेंदबाजी से हटा लिया और 19वें ओवर में उन्हें अपना आखिरी ओवर करने के लिए बुलाया। इस दौरान मुंबई के रोहित शर्मा अपनी निगाहें जमा चुके थे और अर्धशतक जड़ कर खेल रहे थे। वहीं दूसरे छोर पर थे अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए मशहूर हार्दिक पांड्या। लेकिन स्टोक्स ने अपनी विविधता के बूते दोनों बल्लेबाजों को बांधे रखा और ऐसे समय बड़े शॉट खेलने से रोका जब आखिरी ओवरों में बल्लेबाज हर हाल में बड़े शॉट्स के लिए ही जाते हैं। स्टोक्स ने 19वें ओवर में एक वाइड समेत सिर्फ 7 रन दिए और आखिरी ओवर में मुंबई पर दबाव डाल दिया। मुंबई को आखिरी ओवर में जीत के लिए 17 रनों की जरूरत थी।
स्टोक्स का शानदार कैचः अपने कोटे के 4 ओवर कराने के बाद स्टोक्स आखिरी ओवर में बाउंड्री पर खड़े थे। मुंबई को जीत के लिए 17 रन चाहिए थे और क्रीज पर थे हार्दिक पांड्या। पांड्या ने उनादकत की पहली ही गेंद पर तेज शॉट खेल दिया और गेंद हवा में उछल गई। पहली नजर में लग रहा था कि गेंद बाउंड्री तक का सफर तय कर लेगी। लेकिन तभी स्टोक्स ने एक्स्ट्रा कवर बाउंड्री की तरफ से दौड़ लगाई और शानदार डाइव लगाकर गेंद को कैच कर लिया। इस बेहतरीन कैच के साथ ही हार्दिक पांड्या और मुंबई की उम्मीदों को करारा झटका लग गया।
This website uses cookies so that we can provide you with the best user experience possible. Cookie information is stored in your browser and performs functions such as recognising you when you return to our website and helping our team to understand which sections of the website you find most interesting and useful.
Strictly Necessary Cookie should be enabled at all times so that we can save your preferences for cookie settings.
If you disable this cookie, we will not be able to save your preferences. This means that every time you visit this website you will need to enable or disable cookies again.
| स्टोक्स का पहला ओवर : लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई को पार्थिव पटेल और जोस बटलर ने अच्छी शुरुआत दिलाई और पहले चार ओवरों में पैंतीस रन जोड़े। पारी का पांचवां और अपना पहला ओवर फेंकने आए स्टोक्स ने दूसरी ही गेंद पर बटलर का बड़ा विकेट निकालकर अपनी टीम को पहली सफलता दिला दी। इस ओवर में स्टोक्स ने मुंबई के बल्लेबाजों को रनों के लिए तरसाए रखा। स्टोक्स ने अपने पहले ओवर में एक भी रन नहीं दिया और मेडन ओवर फेंका। स्टोक्स का दूसरा ओवर : एक ओवर कराने के बाद स्टोक्स को कप्तान ने गेंदबाजी से हटा लिया। और उन्हें सीधा तेरहवें ओवर में गेंदबाजी में लगाया। लेकिन इस दौरान मुंबई फिर से लय पकड़ती दिख रही थी और रोहित शर्मा तेजी से रन बना रहे थे, तो कर्ण शर्मा भी उनका अच्छा साथ दे रहे थे। लेकिन स्टोक्स ने दूसरे ओवर की पहली ही गेंद पर कर्ण शर्मा को बोल्ड कर दिया और अपनी टीम को तीसरी सफलता दिला दी। गौर करने वाली बात ये थी कि स्टोक्स ने इस दौरान दो विकेट लिए थे और एक भी रन नहीं दिया था। अपने दूसरे ओवर में स्टोक्स ने कुल आठ रन दिए और एक विकेट लिया। स्टोक्स का चौथा ओवर : तीन ओवर कराने के बाद कप्तान ने स्टोक्स को गेंदबाजी से हटा लिया और उन्नीसवें ओवर में उन्हें अपना आखिरी ओवर करने के लिए बुलाया। इस दौरान मुंबई के रोहित शर्मा अपनी निगाहें जमा चुके थे और अर्धशतक जड़ कर खेल रहे थे। वहीं दूसरे छोर पर थे अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए मशहूर हार्दिक पांड्या। लेकिन स्टोक्स ने अपनी विविधता के बूते दोनों बल्लेबाजों को बांधे रखा और ऐसे समय बड़े शॉट खेलने से रोका जब आखिरी ओवरों में बल्लेबाज हर हाल में बड़े शॉट्स के लिए ही जाते हैं। स्टोक्स ने उन्नीसवें ओवर में एक वाइड समेत सिर्फ सात रन दिए और आखिरी ओवर में मुंबई पर दबाव डाल दिया। मुंबई को आखिरी ओवर में जीत के लिए सत्रह रनों की जरूरत थी। स्टोक्स का शानदार कैचः अपने कोटे के चार ओवर कराने के बाद स्टोक्स आखिरी ओवर में बाउंड्री पर खड़े थे। मुंबई को जीत के लिए सत्रह रन चाहिए थे और क्रीज पर थे हार्दिक पांड्या। पांड्या ने उनादकत की पहली ही गेंद पर तेज शॉट खेल दिया और गेंद हवा में उछल गई। पहली नजर में लग रहा था कि गेंद बाउंड्री तक का सफर तय कर लेगी। लेकिन तभी स्टोक्स ने एक्स्ट्रा कवर बाउंड्री की तरफ से दौड़ लगाई और शानदार डाइव लगाकर गेंद को कैच कर लिया। इस बेहतरीन कैच के साथ ही हार्दिक पांड्या और मुंबई की उम्मीदों को करारा झटका लग गया। This website uses cookies so that we can provide you with the best user experience possible. Cookie information is stored in your browser and performs functions such as recognising you when you return to our website and helping our team to understand which sections of the website you find most interesting and useful. Strictly Necessary Cookie should be enabled at all times so that we can save your preferences for cookie settings. If you disable this cookie, we will not be able to save your preferences. This means that every time you visit this website you will need to enable or disable cookies again. |
हॉलीवुड में भी अपनी जगह बनाने वाली दीपिका पादुकोण की हाल ही में हॉलीवुड फिल्म XXX रिलीज़ हुई है जो कि अच्छी खासी चल रही है। इस फिल्म को लेकर दीपिका काफी चर्चाओं में भी है। लेकिन इसी के साथ दीपिका अपनी हॉलीवुड फिल्म के किसिंग सीन को लेकर फ़िलहाल चर्चा में हैं। इस फिल्म में हॉलीवुड एक्टर विन डीजल के साथ उनका किसिंग सीन है।
जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। हालाँकि इस फिल्म में दीपिका के काम को बहुत सराहा गया है और उनके फेन्स ने भी उनकी बहुत तारीफ की है। तो चलिए आपको दिखाते हैं उसके फोटो और ये छोटा सा विडियो।
| हॉलीवुड में भी अपनी जगह बनाने वाली दीपिका पादुकोण की हाल ही में हॉलीवुड फिल्म XXX रिलीज़ हुई है जो कि अच्छी खासी चल रही है। इस फिल्म को लेकर दीपिका काफी चर्चाओं में भी है। लेकिन इसी के साथ दीपिका अपनी हॉलीवुड फिल्म के किसिंग सीन को लेकर फ़िलहाल चर्चा में हैं। इस फिल्म में हॉलीवुड एक्टर विन डीजल के साथ उनका किसिंग सीन है। जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। हालाँकि इस फिल्म में दीपिका के काम को बहुत सराहा गया है और उनके फेन्स ने भी उनकी बहुत तारीफ की है। तो चलिए आपको दिखाते हैं उसके फोटो और ये छोटा सा विडियो। |
पाकुड़ः कोरोना वायरस टीकाकरण का ड्राइ रन जिले में शनिवार को किया जाएगा। यह जानकारी सिविल सर्जन डाॅक्टर रामदेव पासवान ने शुक्रवार को दी।
उन्होंने बताया कि इसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है।
केंद्र व राज्य के स्वास्थ्य. सचिवों द्वारा दिए गए निर्देशानुसार राज्य के कुछ जिलों को कोरोना वायरस टीकाकरण के ड्राय रन के लिए चिन्हित किया गया है।
जिसमें पाकुड़ जिला भी शामिल है। टीकाकरण का ड्राय रन शनिवार को जिले में दो स्थानों पर क्रमशः सदर अस्पताल परिसर स्थित केंद्र एवं दूसरा हिरणपुर प्रखंड स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र डांगापाड़ा शामिल हैं।
इन केंद्रों पर 25 - 25 स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया जाएगा। यह ड्राय रन आम लोगों के लिए नहीं है।
उल्लेखनीय है कि इसके मद्देनजर शुक्रवार को डीसी कुलदीप चौधरी, डीडीसी अनमोल कुमार सिंह समेत अन्य वरीय पदाधिकारियों ने दोनों स्थलों का जायजा लिया।
इस दौरान उन्होंने टीकाकरण से संबंधित जरूरी दिशा-निर्देश दिया। पदाधिकारियों ने प्रतिक्षालय कक्ष , टीकाकरण कक्ष एवं पर्यवेक्षण कक्ष का जायजा लिया।
डीसी ने कहा कि कहीं भी किसी तरह की कोई चूक नहीं हो इसे सुनिश्चित करें।
दोनों केंद्रों पर कोविड-19 की सुरक्षा गाइड लाइन का अनुपालन किया जाए। उन्होंने शुक्रवार की शाम माॅक ड्रील करने को कहा।
राज्य के कुछ ही जिलों में यह ड्राइ रन हो रहा है। ऐसे में राज्य एवं केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग स्तर से भी इसकी माॅनिटरिंग की जाएगी। इसलिए जिन्हें जो दायित्व दिया गया है उसका अनुपालन ससमय करें।
डीसी ने सिविल सर्जन को सभी कमरों में सूचना के लिए फ्लैक्स लगाने को कहा।
केंद्र के बाहर हैंड वाश, वाशिंग कीट, मास्क, सैनेटाइजर आदि की व्यवस्था सीएस एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को सुनिश्चित करने को कहा है।
| पाकुड़ः कोरोना वायरस टीकाकरण का ड्राइ रन जिले में शनिवार को किया जाएगा। यह जानकारी सिविल सर्जन डाॅक्टर रामदेव पासवान ने शुक्रवार को दी। उन्होंने बताया कि इसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। केंद्र व राज्य के स्वास्थ्य. सचिवों द्वारा दिए गए निर्देशानुसार राज्य के कुछ जिलों को कोरोना वायरस टीकाकरण के ड्राय रन के लिए चिन्हित किया गया है। जिसमें पाकुड़ जिला भी शामिल है। टीकाकरण का ड्राय रन शनिवार को जिले में दो स्थानों पर क्रमशः सदर अस्पताल परिसर स्थित केंद्र एवं दूसरा हिरणपुर प्रखंड स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र डांगापाड़ा शामिल हैं। इन केंद्रों पर पच्चीस - पच्चीस स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया जाएगा। यह ड्राय रन आम लोगों के लिए नहीं है। उल्लेखनीय है कि इसके मद्देनजर शुक्रवार को डीसी कुलदीप चौधरी, डीडीसी अनमोल कुमार सिंह समेत अन्य वरीय पदाधिकारियों ने दोनों स्थलों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने टीकाकरण से संबंधित जरूरी दिशा-निर्देश दिया। पदाधिकारियों ने प्रतिक्षालय कक्ष , टीकाकरण कक्ष एवं पर्यवेक्षण कक्ष का जायजा लिया। डीसी ने कहा कि कहीं भी किसी तरह की कोई चूक नहीं हो इसे सुनिश्चित करें। दोनों केंद्रों पर कोविड-उन्नीस की सुरक्षा गाइड लाइन का अनुपालन किया जाए। उन्होंने शुक्रवार की शाम माॅक ड्रील करने को कहा। राज्य के कुछ ही जिलों में यह ड्राइ रन हो रहा है। ऐसे में राज्य एवं केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग स्तर से भी इसकी माॅनिटरिंग की जाएगी। इसलिए जिन्हें जो दायित्व दिया गया है उसका अनुपालन ससमय करें। डीसी ने सिविल सर्जन को सभी कमरों में सूचना के लिए फ्लैक्स लगाने को कहा। केंद्र के बाहर हैंड वाश, वाशिंग कीट, मास्क, सैनेटाइजर आदि की व्यवस्था सीएस एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को सुनिश्चित करने को कहा है। |
सम्यवत्व संरक्षण
सुनाते हैं -- 'राम नाम सत्य है !' जीते जो बोल लेता तो काम बन जाता । मगर हंस के उड़ जाने पर फिर क्या होने वाला है ! मरने वाला तो मर गया । अतएव हे प्राणी ; तू राम का नाम बोल - अरिहंत का गुणगान कर । ऐसा करने से तेरी जीभ सफल और पवित्र हो जायगी। गुणी जनों के गुणों का गान करने में - कुछ खर्च नहीं होता है । सहज में, यों ही जीव लाभ का पुण्य का भागी हो जाता है । अतएव अरे जीव ! तू मुख का ताला खोल दे । जब निन्दा, चुगली और विकथा करने का समय प्रांता है तो ताला फौरन खुल जाता है और जब गुणियों के गुण गाने. का वक्त आता है तो ताला बन्द हो जाता है ! यह जीव की उलटी परिणति है । हे भाई ! तेरे हाथ में है यह ताला खोलना और बन्द करना । बस, यू या यू का ही अन्तर है । चाबी वही है और तेरे ही हाथ में है; केवल घुमाने का अन्तर है । जब आमा निन्दा - विकथा की ओर जाता है तो उसके विकास का ताला बंद हो जाता है और जब गुणगान करता है तो कल्याण का ताला खुल जाता है ।
हां, तो मैंने कहा था -- 'कली कली में जीव रहावे, सब ही प्राणी जीना चावे ।' सब जीव जिंदा रहना चाहते हैं । इस संसार में कोई ऐसा प्राणी नहीं जो जीना न चाहता हो । सभी प्राणियों की जीवित रहने की ही कामना होती है और सभी प्राणी सुख चाहते हैं। कोई न मरना चाहता है, न दुःख चाहता है । यह शास्त्र की घोषणा है और ज्ञानी जन कहते हैं कि - ऐ पुरुष तू गफ़लत में पड़कर, कैसी कुंभकर्णी निद्रा में सो रहा है ! क्या तू यह समझता है कि काल नहीं आयगा ? किन्तु वह तो आगा और अवश्य आयगा और बार-बार आयगा ! | सम्यवत्व संरक्षण सुनाते हैं -- 'राम नाम सत्य है !' जीते जो बोल लेता तो काम बन जाता । मगर हंस के उड़ जाने पर फिर क्या होने वाला है ! मरने वाला तो मर गया । अतएव हे प्राणी ; तू राम का नाम बोल - अरिहंत का गुणगान कर । ऐसा करने से तेरी जीभ सफल और पवित्र हो जायगी। गुणी जनों के गुणों का गान करने में - कुछ खर्च नहीं होता है । सहज में, यों ही जीव लाभ का पुण्य का भागी हो जाता है । अतएव अरे जीव ! तू मुख का ताला खोल दे । जब निन्दा, चुगली और विकथा करने का समय प्रांता है तो ताला फौरन खुल जाता है और जब गुणियों के गुण गाने. का वक्त आता है तो ताला बन्द हो जाता है ! यह जीव की उलटी परिणति है । हे भाई ! तेरे हाथ में है यह ताला खोलना और बन्द करना । बस, यू या यू का ही अन्तर है । चाबी वही है और तेरे ही हाथ में है; केवल घुमाने का अन्तर है । जब आमा निन्दा - विकथा की ओर जाता है तो उसके विकास का ताला बंद हो जाता है और जब गुणगान करता है तो कल्याण का ताला खुल जाता है । हां, तो मैंने कहा था -- 'कली कली में जीव रहावे, सब ही प्राणी जीना चावे ।' सब जीव जिंदा रहना चाहते हैं । इस संसार में कोई ऐसा प्राणी नहीं जो जीना न चाहता हो । सभी प्राणियों की जीवित रहने की ही कामना होती है और सभी प्राणी सुख चाहते हैं। कोई न मरना चाहता है, न दुःख चाहता है । यह शास्त्र की घोषणा है और ज्ञानी जन कहते हैं कि - ऐ पुरुष तू गफ़लत में पड़कर, कैसी कुंभकर्णी निद्रा में सो रहा है ! क्या तू यह समझता है कि काल नहीं आयगा ? किन्तु वह तो आगा और अवश्य आयगा और बार-बार आयगा ! |
Don't Miss!
आज भले ही दिलीप साहब ने 91 साल में कदम रख दिया है लेकिन आज भी लोग उनके रोमांस और रोमांटिक किरदार को याद करते हैं तभी तो बीते जमाने की मशहूर अभिनेत्री आशा पारिख ने हाल में ही कहा कि उन्हें आज भी दिलीप साहब की हां का इंतजार है..वो आज भी उनके साथ एक फिल्म करना चाहती हैं। क्योंकि अपने लंबे करियर में आशा पारिख को दिलीप कुमार के साथ एक भी फिल्म करने का मौका नहीं मिला है।
उनसे मात्र 12 साल की उम्र से प्यार करने वाली उनकी पत्नी सायराबानों आज उनका जन्मदिन बेहद ही सादगी से बना रही हैं। क्योंकि ऐसा उनके पति चाहते हैं। हाल ही में दिल की बीमारी की वजह से अस्पताल से लौटे दिलीप कुमार अपने जन्मदिन पर कोई शोर-शराबा नहीं चाहते हैं। दिलीप साहब ने अपने सभी चाहने वालों का धन्यवाद दिया और कहा कि यह आप लोगों का प्यार ही है जिसकी वजह से मैं अस्पताल से घर लौट आया हूं औऱ आज आपलोगों के बीच में हूं।
भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार ने अपने छह दशक के करियर में कई महत्वपूर्ण फिल्में दी हैं।'ज्वार भाटा', 'मेला', 'नया दौर', 'तराना', 'देवदास', 'गंगा जमुना', 'लीडर', 'मुगल-ए आजम', 'शक्ति', 'कर्मा', 'सौदागर' उनकी सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में से हैं। उनकी आखिरी फिल्म 'किला' (1998) थी। उन्होंने उम्र में उनसे 20 वर्ष छोटी सह-कलाकार सायरा बानो से वर्ष 1966 में शादी की थी। जिस समय सायरा से दिलीप कुमार ने शादी की थी तो फिल्मी पंडितों ने ऐलान किया था कि यह शादी असफल रहेगी। जिसको मुंहतोड़ जवाब दिया दोनों ने। दिलीप-सायरा आज बॉलीवुड के सबसे आकर्षक, लविंग और आदर्श कपल कहे जाते हैं।
| Don't Miss! आज भले ही दिलीप साहब ने इक्यानवे साल में कदम रख दिया है लेकिन आज भी लोग उनके रोमांस और रोमांटिक किरदार को याद करते हैं तभी तो बीते जमाने की मशहूर अभिनेत्री आशा पारिख ने हाल में ही कहा कि उन्हें आज भी दिलीप साहब की हां का इंतजार है..वो आज भी उनके साथ एक फिल्म करना चाहती हैं। क्योंकि अपने लंबे करियर में आशा पारिख को दिलीप कुमार के साथ एक भी फिल्म करने का मौका नहीं मिला है। उनसे मात्र बारह साल की उम्र से प्यार करने वाली उनकी पत्नी सायराबानों आज उनका जन्मदिन बेहद ही सादगी से बना रही हैं। क्योंकि ऐसा उनके पति चाहते हैं। हाल ही में दिल की बीमारी की वजह से अस्पताल से लौटे दिलीप कुमार अपने जन्मदिन पर कोई शोर-शराबा नहीं चाहते हैं। दिलीप साहब ने अपने सभी चाहने वालों का धन्यवाद दिया और कहा कि यह आप लोगों का प्यार ही है जिसकी वजह से मैं अस्पताल से घर लौट आया हूं औऱ आज आपलोगों के बीच में हूं। भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार ने अपने छह दशक के करियर में कई महत्वपूर्ण फिल्में दी हैं।'ज्वार भाटा', 'मेला', 'नया दौर', 'तराना', 'देवदास', 'गंगा जमुना', 'लीडर', 'मुगल-ए आजम', 'शक्ति', 'कर्मा', 'सौदागर' उनकी सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में से हैं। उनकी आखिरी फिल्म 'किला' थी। उन्होंने उम्र में उनसे बीस वर्ष छोटी सह-कलाकार सायरा बानो से वर्ष एक हज़ार नौ सौ छयासठ में शादी की थी। जिस समय सायरा से दिलीप कुमार ने शादी की थी तो फिल्मी पंडितों ने ऐलान किया था कि यह शादी असफल रहेगी। जिसको मुंहतोड़ जवाब दिया दोनों ने। दिलीप-सायरा आज बॉलीवुड के सबसे आकर्षक, लविंग और आदर्श कपल कहे जाते हैं। |
सरकार ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कैबिनेट विस्तार से साधा जातीय समीकरण.
नई दिल्ली. केंद्र की मोदी सरकार की तर्ज पर यूपी की योगी सरकार ने जातीय समीकरण साधते हुए मंत्रिमंडल में विस्तार किया है. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिमंडल में 7 नए चेहरों को जगह दी है, जिनमें 1 ब्राह्मण, 3 ओबीसी, 2 एससी और 1 एसटी चेहरे हैं.
7 नए चेहरों में हाल में कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए ब्राह्मण चेहरे जितिन प्रसाद को कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल किया गया है. ब्राह्मणों की नाराजगी झेल रही भाजपा जितिन प्रसाद के माध्यम से उनकी नाराजगी दूर करना चाहती है. जितिन शाहजहांपुर के क्षेत्र में खासा प्रभाव रखते हैं.
इन्हें भी पढ़ें : यूपी चुनाव से पहले योगी का बड़ा दांव, सामाजिक समीकरण साध जीतेंगे 2022 की जंग!
दिनेश खटीक, मेरठ की हस्तिनापुर से विधायक हैं. एससी समुदाय से आते हैं. खटीक समाज की अगर बात करें तो यूपी में पश्चिम से लेकर मध्य और पूरब तक कई विधानसभाएं ऐसी हैं जहां इनका वोट है. छत्रपाल गंगवार कुर्मी समाज से आते हैं. बरेली से विधायक हैं. कुछ दिन पहले केंद्र से संतोष गंगवार की छुट्टी हुई थी, तो अब छत्रपाल गंगवार को जगह देकर कुर्मी वोटों को साधने की कोशिश की गई है.
धर्मवीर प्रजापति आगरा से आते हैं. प्रजापति समुदाय का वैसे तो वोट के हिसाब से बहुत बड़ा राजनीतिक रसूख नहीं है, लेकिन बीजेपी ने इन्हीं छोटे-छोटे वर्गों को साधकर फिर से सत्ता में बने रहने की कोशिश की है. संजीव कुमार गोंड जनजाति समाज से आते हैं. सोनभद्र क्षेत्र से इनके जरिए जनजातीय समाज को अपने साथ जोड़े रखने की कवायद है. जनजातीय वर्ग का पूर्वी यूपी में अच्छा खासा वोट बैंक है.
पलटूराम एससी वर्ग से आते हैं. जाटब समुदाय की अगर बात करें तो पश्चिम और मध्य उत्तर प्रदेश में खासा असर है. मायावती भी जाटब समुदाय से आती हैं तो ऐसे में पलटूराम को जगह देकर जाटब समुदाय को साधने की कोशिश की गई है. संगीता बिंद निषाद समुदाय से हैं. पहले निषाद पार्टी के साथ गठबंधन और अब संगीता बिंद को मंत्री बनाकर निषादों को साधने की कवायद की गई. तकरीबन प्रदेश की 100 के आसपास सीटें ऐसी हैं, जहां निषादों के वोट हैं.
कुछ दिन पूर्व केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में यूपी से 7 चेहरों को जगह दी गई थी, उसमें छोटे-छोटे वर्गों को जगह दी गई. और अब उसी आधार पर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ ने सोशल इंजीनियरिंग करते हुए छोटे-छोटे ऐसे वर्गों के लोगों को मंत्रिमंडल विस्तार में जगह दी है, जिनका राजनीतिक रसूख तो बहुत बड़ा नहीं, लेकिन वे कई विधानसभाओं को प्रभावित करते हैं.
.
| सरकार ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कैबिनेट विस्तार से साधा जातीय समीकरण. नई दिल्ली. केंद्र की मोदी सरकार की तर्ज पर यूपी की योगी सरकार ने जातीय समीकरण साधते हुए मंत्रिमंडल में विस्तार किया है. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिमंडल में सात नए चेहरों को जगह दी है, जिनमें एक ब्राह्मण, तीन ओबीसी, दो एससी और एक एसटी चेहरे हैं. सात नए चेहरों में हाल में कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए ब्राह्मण चेहरे जितिन प्रसाद को कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल किया गया है. ब्राह्मणों की नाराजगी झेल रही भाजपा जितिन प्रसाद के माध्यम से उनकी नाराजगी दूर करना चाहती है. जितिन शाहजहांपुर के क्षेत्र में खासा प्रभाव रखते हैं. इन्हें भी पढ़ें : यूपी चुनाव से पहले योगी का बड़ा दांव, सामाजिक समीकरण साध जीतेंगे दो हज़ार बाईस की जंग! दिनेश खटीक, मेरठ की हस्तिनापुर से विधायक हैं. एससी समुदाय से आते हैं. खटीक समाज की अगर बात करें तो यूपी में पश्चिम से लेकर मध्य और पूरब तक कई विधानसभाएं ऐसी हैं जहां इनका वोट है. छत्रपाल गंगवार कुर्मी समाज से आते हैं. बरेली से विधायक हैं. कुछ दिन पहले केंद्र से संतोष गंगवार की छुट्टी हुई थी, तो अब छत्रपाल गंगवार को जगह देकर कुर्मी वोटों को साधने की कोशिश की गई है. धर्मवीर प्रजापति आगरा से आते हैं. प्रजापति समुदाय का वैसे तो वोट के हिसाब से बहुत बड़ा राजनीतिक रसूख नहीं है, लेकिन बीजेपी ने इन्हीं छोटे-छोटे वर्गों को साधकर फिर से सत्ता में बने रहने की कोशिश की है. संजीव कुमार गोंड जनजाति समाज से आते हैं. सोनभद्र क्षेत्र से इनके जरिए जनजातीय समाज को अपने साथ जोड़े रखने की कवायद है. जनजातीय वर्ग का पूर्वी यूपी में अच्छा खासा वोट बैंक है. पलटूराम एससी वर्ग से आते हैं. जाटब समुदाय की अगर बात करें तो पश्चिम और मध्य उत्तर प्रदेश में खासा असर है. मायावती भी जाटब समुदाय से आती हैं तो ऐसे में पलटूराम को जगह देकर जाटब समुदाय को साधने की कोशिश की गई है. संगीता बिंद निषाद समुदाय से हैं. पहले निषाद पार्टी के साथ गठबंधन और अब संगीता बिंद को मंत्री बनाकर निषादों को साधने की कवायद की गई. तकरीबन प्रदेश की एक सौ के आसपास सीटें ऐसी हैं, जहां निषादों के वोट हैं. कुछ दिन पूर्व केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में यूपी से सात चेहरों को जगह दी गई थी, उसमें छोटे-छोटे वर्गों को जगह दी गई. और अब उसी आधार पर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ ने सोशल इंजीनियरिंग करते हुए छोटे-छोटे ऐसे वर्गों के लोगों को मंत्रिमंडल विस्तार में जगह दी है, जिनका राजनीतिक रसूख तो बहुत बड़ा नहीं, लेकिन वे कई विधानसभाओं को प्रभावित करते हैं. . |
प्रयागराज (ब्यूरो)। उत्तर देश को आत्मनिर्भर बनाने की की दिशा में कदम आगे बढ़ाने के लिए शुक्रवार को लखनऊ में यूपी इंवेस्टर्स समिट के तीसरे चरण का आयोजन होने जा रहा है। इस ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह में खुद पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ मौजूद रहेंगे। समारोह में उत्तर प्रदेश में लगभग 1,500 परियोजनाओं में इवेस्टमेंट के जरिए 75,000 करोड़ रुपये इंवेस्ट कराने का टारगेट वर्कआउट किया गया है। इसका एक प्रमुख पहलू यहां माइक्रो स्मॉल, मध्यम इंटरप्राइजेज की 865 इकाइयों की स्थापना होगी। जो कुल 3586 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित की होंगी। महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र अजय चौरसिया ने बताया कि प्रयागराज के उद्यमियों की तरफ से दिये गये प्रस्तावों से पांच सौ से अधिक जॉब आप्च्र्युनिटी क्रिएट होगी। इनडायरेक्ट जॉब को एड करने पर यह डाटा और बड़ा हो जायेगा।
कुल करीब दो सौ करोड़ रुपये का इंवेस्टमेंट इस ग्रुप की तरफ से प्रस्तावित है। यह ग्रुप एजुकेशन, हेल्थ, हेल्थ एजुकेशन और आटोमोबाइल सेक्टस में एक्टिव है। इस ग्रुप की तरफ से एजुकेशन फील्ड में डेवलपमेंट के लिए इवेस्टमेंट प्रस्तावित किया गया है।
होटल इंडस्ट्री में एक्टिव इस ग्रुप ने इसी फील्ड में इंवेस्टमेंट की इच्छा जतायी है।
इस ग्रुप ने नैनी एरिया में पीवीसी पाइप निर्माण के लिए उद्योग लगाने की इच्छा जतायी है। इस ग्रुप की तरफ से आठ करोड़ रुपये इंवेस्ट करने का प्रपोजल दिया गया है।
इस ग्रुप की तरफ से राइस मिल लगाने के लिए पांच करोड़ रुपये इंवेस्ट करने का प्रस्ताव दिया गया है।
राइस मिल के बिजनेस में इनवाल्व इस ग्रुप की तरफ से नौ करोड़ रुपये इंवेस्ट करने का प्रस्ताव दिया गया है। नई इंडस्ट्री भी इसी फील्ड की होगी।
मल्टी बाक्स प्रा। लि।
इस ग्रुप की तरफ से कुल 19 करोड़ रुपये इंवेस्ट करने में दिलचस्पी दिखायी गयी है। यह ग्रुप पैकिंग कार्टून बनाने के फील्ड में काम करना है। यह इंडस्ट्री भी नैनी एरिया में ही प्रस्तावित है।
इस फर्म के लिए राजेश पांडेय ने इंवेस्टमेंट का प्रपोजल दिया है। प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी के डेवलपमेंट वक्र्स के लिए इस इंडस्ट्री ने 15 करोड़ रुपये इंवेस्ट करने का प्रस्ताव दिया है।
प्रयागराज के सात लोगों के प्रपोजल को ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के दौरान लखनऊ में प्रजेंट करने के लिए सेलेक्ट किया गया है। इससे करीब तीन सौ करोड़ रुपये का इंवेस्टमेंट आयेगा। प्रयागराज में इस प्रोग्राम का एनआईसी में लाइव टेलीकास्ट होगा। यहां भी उद्यमी मौजूद रहेंगे।
जीबीसी-3 में 80 हजार करोड़ रुपए से अधिक निवेश की 1400 से अधिक परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। यह आयोजन उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य तक पहुँचने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
| प्रयागराज । उत्तर देश को आत्मनिर्भर बनाने की की दिशा में कदम आगे बढ़ाने के लिए शुक्रवार को लखनऊ में यूपी इंवेस्टर्स समिट के तीसरे चरण का आयोजन होने जा रहा है। इस ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह में खुद पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ मौजूद रहेंगे। समारोह में उत्तर प्रदेश में लगभग एक,पाँच सौ परियोजनाओं में इवेस्टमेंट के जरिए पचहत्तर,शून्य करोड़ रुपये इंवेस्ट कराने का टारगेट वर्कआउट किया गया है। इसका एक प्रमुख पहलू यहां माइक्रो स्मॉल, मध्यम इंटरप्राइजेज की आठ सौ पैंसठ इकाइयों की स्थापना होगी। जो कुल तीन हज़ार पाँच सौ छियासी करोड़ रुपये की लागत से स्थापित की होंगी। महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र अजय चौरसिया ने बताया कि प्रयागराज के उद्यमियों की तरफ से दिये गये प्रस्तावों से पांच सौ से अधिक जॉब आप्च्र्युनिटी क्रिएट होगी। इनडायरेक्ट जॉब को एड करने पर यह डाटा और बड़ा हो जायेगा। कुल करीब दो सौ करोड़ रुपये का इंवेस्टमेंट इस ग्रुप की तरफ से प्रस्तावित है। यह ग्रुप एजुकेशन, हेल्थ, हेल्थ एजुकेशन और आटोमोबाइल सेक्टस में एक्टिव है। इस ग्रुप की तरफ से एजुकेशन फील्ड में डेवलपमेंट के लिए इवेस्टमेंट प्रस्तावित किया गया है। होटल इंडस्ट्री में एक्टिव इस ग्रुप ने इसी फील्ड में इंवेस्टमेंट की इच्छा जतायी है। इस ग्रुप ने नैनी एरिया में पीवीसी पाइप निर्माण के लिए उद्योग लगाने की इच्छा जतायी है। इस ग्रुप की तरफ से आठ करोड़ रुपये इंवेस्ट करने का प्रपोजल दिया गया है। इस ग्रुप की तरफ से राइस मिल लगाने के लिए पांच करोड़ रुपये इंवेस्ट करने का प्रस्ताव दिया गया है। राइस मिल के बिजनेस में इनवाल्व इस ग्रुप की तरफ से नौ करोड़ रुपये इंवेस्ट करने का प्रस्ताव दिया गया है। नई इंडस्ट्री भी इसी फील्ड की होगी। मल्टी बाक्स प्रा। लि। इस ग्रुप की तरफ से कुल उन्नीस करोड़ रुपये इंवेस्ट करने में दिलचस्पी दिखायी गयी है। यह ग्रुप पैकिंग कार्टून बनाने के फील्ड में काम करना है। यह इंडस्ट्री भी नैनी एरिया में ही प्रस्तावित है। इस फर्म के लिए राजेश पांडेय ने इंवेस्टमेंट का प्रपोजल दिया है। प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी के डेवलपमेंट वक्र्स के लिए इस इंडस्ट्री ने पंद्रह करोड़ रुपये इंवेस्ट करने का प्रस्ताव दिया है। प्रयागराज के सात लोगों के प्रपोजल को ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के दौरान लखनऊ में प्रजेंट करने के लिए सेलेक्ट किया गया है। इससे करीब तीन सौ करोड़ रुपये का इंवेस्टमेंट आयेगा। प्रयागराज में इस प्रोग्राम का एनआईसी में लाइव टेलीकास्ट होगा। यहां भी उद्यमी मौजूद रहेंगे। जीबीसी-तीन में अस्सी हजार करोड़ रुपए से अधिक निवेश की एक हज़ार चार सौ से अधिक परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। यह आयोजन उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य तक पहुँचने का मार्ग प्रशस्त करेगा। |
लखनऊ में बुधवार रात को नवाब मीर जाफर अब्दुल्लाह को सुपुर्दे खाक कर दिय गया। हुसैनाबाद स्थित उनके घर से जनाजा तालकटोरा करबला ले जाया गया। इस दौरान उनके भाई नवाब मसूद अब्दुल्लाह समेत कई रिश्तेदार और शहर के लोग मौजूद रहे।
नवाब साहब को आखिरी विदाई देने के लिए लोगों की भारी भीड़ जुटी। सबसे पहले जनाजा घर से निकलकर सतखंडा मैदान पहुंचा। जहां सभी ने जनाजे की नमाज अदा की। फिर जनाजा वैन की तरफ ले जाया गया। इस दौरान सभी लोग जनाजे को कंधा देने के लिए बेताब दिखे। वहां से जनाजे को तालकटोरा स्थित करबला ले जाया गया।
करबला में पहुंचने के बाद मजलिस हुई। जिसके बाद उन्हें पत्नी की बगल वाली कब्र में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इसी करबला में उनके पिता की कब्र भी मौजूद है। इस दौरान सभी रिश्तेदार गमगीन दिखे। संतानों में नवाब मीर जाफर अब्दुल्लाह की तीन बेटियां हैं, जिसमें सभी शादी शुदा हैं।
नवाब मीर जाफर अब्दुल्लाह की पहचान लखनऊ के नवाब होने के साथ ही हेरिटेज लवर के रूप में भी है। उनके भाई उन्हें लखनऊ के हेरिटेज और गंगा जमुनी तहजीब के ब्रांड एंबेसडर कहते हैं। लखनऊ से जुड़ा कोई भी किस्सा उनके बिना अधूरा है। उन्होंने कई फिल्मों में भी काम किया है। जिसमें इशकजादे और गुलाबो सिताबो जैसी फिल्में शामिल हैं।
This website follows the DNPA Code of Ethics.
| लखनऊ में बुधवार रात को नवाब मीर जाफर अब्दुल्लाह को सुपुर्दे खाक कर दिय गया। हुसैनाबाद स्थित उनके घर से जनाजा तालकटोरा करबला ले जाया गया। इस दौरान उनके भाई नवाब मसूद अब्दुल्लाह समेत कई रिश्तेदार और शहर के लोग मौजूद रहे। नवाब साहब को आखिरी विदाई देने के लिए लोगों की भारी भीड़ जुटी। सबसे पहले जनाजा घर से निकलकर सतखंडा मैदान पहुंचा। जहां सभी ने जनाजे की नमाज अदा की। फिर जनाजा वैन की तरफ ले जाया गया। इस दौरान सभी लोग जनाजे को कंधा देने के लिए बेताब दिखे। वहां से जनाजे को तालकटोरा स्थित करबला ले जाया गया। करबला में पहुंचने के बाद मजलिस हुई। जिसके बाद उन्हें पत्नी की बगल वाली कब्र में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इसी करबला में उनके पिता की कब्र भी मौजूद है। इस दौरान सभी रिश्तेदार गमगीन दिखे। संतानों में नवाब मीर जाफर अब्दुल्लाह की तीन बेटियां हैं, जिसमें सभी शादी शुदा हैं। नवाब मीर जाफर अब्दुल्लाह की पहचान लखनऊ के नवाब होने के साथ ही हेरिटेज लवर के रूप में भी है। उनके भाई उन्हें लखनऊ के हेरिटेज और गंगा जमुनी तहजीब के ब्रांड एंबेसडर कहते हैं। लखनऊ से जुड़ा कोई भी किस्सा उनके बिना अधूरा है। उन्होंने कई फिल्मों में भी काम किया है। जिसमें इशकजादे और गुलाबो सिताबो जैसी फिल्में शामिल हैं। This website follows the DNPA Code of Ethics. |
नेताजी की मौत के सच पर डाला पर्दा?
नई दिल्ली।
प्रणब मुखर्जी पर आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत के सच पर पर्दा डालने का आरोप लगा है। जल्द ही प्रकाशित होने वाली एक किताब के मुतबिक नेताजी के आखिरी दिन कैसे गुजरे,इस पर पर्दा डालने में प्रणब मुखर्जी भी शामिल थे।
पूर्व पत्रकार अनुज धर की लिखी किताब सुभाष चंद्र बोस की मौत के ऑफिशियल वर्जन को नकारती है,जिसके मुताबिक उन्हें 1945 में ताईवान में हुए विमान हादसे का शिकार बताया जाता रहा है। यह किताब अमरीका,ब्रिटेन की गुप्त सूची से हटाए गए रिकॉड्र्स और भारतीय अथॉरिटीज के दस्तावेजों पर आधारित है,जिन्हें पिछले 65 सालों से सीक्रेट रखा गया।
धर के मुताबिक उस दौर में प्रणबा मुखर्जी देश के विदेश मंत्री थे और विमान हादसे की थ्योरी को उन्होंने अपनी सीमा से बाहर जाकर सपोर्ट किया। हालांकि सबूतों से साफ जाहिर था कि नेताजी की मौत विमान हादसे में नहीं हुई थी। 1996 की एक घटना का हवाला देते हुए धर कहते हैं कि विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने एक सीक्रेट नोट के जरिए सलाह दी थी कि भारत को बोस की मौत से जुड़े सबूत एकत्रित करने के लिए रशियन फेडरेशन को सख्त कदम उठाने के लिए नोटिस जारी करना चाहिए।
किताब के मुताबिक मुखर्जी ने इस नोट को देखा और विदेश सचिव सलमान हैदर को संयुक्त सचिव से मिलने का आदेश दिया। मीटिंग के बाद संयुक्त सचिव नोटिस के बारे में भूल गए और स्वार्थी हो गए। उन्हें ऎसा लगा कि केजीबी आर्काइव्स को खंगालने से भारत और रूस के संबंध खराब होंगे। ऎसे में मुखर्जी बोस की मौत की ताईवान थ्योरी के सबसे पहले समर्थक बन गए।
| नेताजी की मौत के सच पर डाला पर्दा? नई दिल्ली। प्रणब मुखर्जी पर आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत के सच पर पर्दा डालने का आरोप लगा है। जल्द ही प्रकाशित होने वाली एक किताब के मुतबिक नेताजी के आखिरी दिन कैसे गुजरे,इस पर पर्दा डालने में प्रणब मुखर्जी भी शामिल थे। पूर्व पत्रकार अनुज धर की लिखी किताब सुभाष चंद्र बोस की मौत के ऑफिशियल वर्जन को नकारती है,जिसके मुताबिक उन्हें एक हज़ार नौ सौ पैंतालीस में ताईवान में हुए विमान हादसे का शिकार बताया जाता रहा है। यह किताब अमरीका,ब्रिटेन की गुप्त सूची से हटाए गए रिकॉड्र्स और भारतीय अथॉरिटीज के दस्तावेजों पर आधारित है,जिन्हें पिछले पैंसठ सालों से सीक्रेट रखा गया। धर के मुताबिक उस दौर में प्रणबा मुखर्जी देश के विदेश मंत्री थे और विमान हादसे की थ्योरी को उन्होंने अपनी सीमा से बाहर जाकर सपोर्ट किया। हालांकि सबूतों से साफ जाहिर था कि नेताजी की मौत विमान हादसे में नहीं हुई थी। एक हज़ार नौ सौ छियानवे की एक घटना का हवाला देते हुए धर कहते हैं कि विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने एक सीक्रेट नोट के जरिए सलाह दी थी कि भारत को बोस की मौत से जुड़े सबूत एकत्रित करने के लिए रशियन फेडरेशन को सख्त कदम उठाने के लिए नोटिस जारी करना चाहिए। किताब के मुताबिक मुखर्जी ने इस नोट को देखा और विदेश सचिव सलमान हैदर को संयुक्त सचिव से मिलने का आदेश दिया। मीटिंग के बाद संयुक्त सचिव नोटिस के बारे में भूल गए और स्वार्थी हो गए। उन्हें ऎसा लगा कि केजीबी आर्काइव्स को खंगालने से भारत और रूस के संबंध खराब होंगे। ऎसे में मुखर्जी बोस की मौत की ताईवान थ्योरी के सबसे पहले समर्थक बन गए। |
पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना जिले की पीड़िता नर्स बनना चाहती थी।
उसकी दसवीं की परीक्षा मार्च में होने वाली थी जिसकी तैयारियों में वह व्यस्त थी।
इसी साल फरवरी में एक दिन पढ़ाई के बाद थोड़ी देर के लिए घर से वो बाहर निकली तो उसे किडनैप कर लिया गया और दिल्ली लाकर वेश्यालय में बेच दिया गया।
पश्चिम बंगाल पुलिस के पास परिवार वाले 15 फरवरी को रिपोर्ट लिखवाने गए लेकिन दस्तावेजों के मुताबिक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसे सिर्फ 'मिसिंग कंप्लेंट' के नाम से लिख लिया गया।
लेकिन परिवार वालों ने हार नहीं मानी। पीड़िता के पिता को शक था कि उसकी बेटी को दिल्ली ले जाया गया है। एनजीओ शक्ति वाहिनी से उन्होंने संपर्क किया जिसने उसी जगह से गायब एक और लड़की को बचाया था।
पीड़िता का पिता मजदूरी करके परिवार का पेट पालता है। एक दिन उसके पास एक अजनबी का फोन आया जिसमें उसने बताया कि उसकी बेटी दिल्ली के जीबी रोड स्थित वेश्यालय में हैं और वह घर लौटने को बेचैन है।
उसके बाद एनजीओ शक्ति वाहिनी और दिल्ली पुलिस की मदद से परिवार वाले जीबी रोड पहुंचे और वहां से पीड़िता को बचाया।
पीड़िता के भाई ने कहा कि वेश्यालय की संकरी सीढ़ियों पर चढ़ने के बाद उसने अपनी बहन को एक छोटे से चैंबर में कैद पाया। बगल के एक और चैंबर में कैद नेपाली लड़की को भी बचा लिया गया।
पीड़िता को बचाने के बाद दिल्ली पुलिस ने यह केस दर्ज करने और तहकीकात का जिम्मा पश्चिम बंगाल पुलिस पर छोड़ दिया।
फिलहाल ट्रायल कोर्ट ने पीड़िता को नारी निकेतन भेज दिया है और पुनर्वास के लिए अगले आदेश के बाद ही वह वापस घर लौट पाएगी।
| पश्चिम बंगाल के साउथ चौबीस परगना जिले की पीड़िता नर्स बनना चाहती थी। उसकी दसवीं की परीक्षा मार्च में होने वाली थी जिसकी तैयारियों में वह व्यस्त थी। इसी साल फरवरी में एक दिन पढ़ाई के बाद थोड़ी देर के लिए घर से वो बाहर निकली तो उसे किडनैप कर लिया गया और दिल्ली लाकर वेश्यालय में बेच दिया गया। पश्चिम बंगाल पुलिस के पास परिवार वाले पंद्रह फरवरी को रिपोर्ट लिखवाने गए लेकिन दस्तावेजों के मुताबिक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसे सिर्फ 'मिसिंग कंप्लेंट' के नाम से लिख लिया गया। लेकिन परिवार वालों ने हार नहीं मानी। पीड़िता के पिता को शक था कि उसकी बेटी को दिल्ली ले जाया गया है। एनजीओ शक्ति वाहिनी से उन्होंने संपर्क किया जिसने उसी जगह से गायब एक और लड़की को बचाया था। पीड़िता का पिता मजदूरी करके परिवार का पेट पालता है। एक दिन उसके पास एक अजनबी का फोन आया जिसमें उसने बताया कि उसकी बेटी दिल्ली के जीबी रोड स्थित वेश्यालय में हैं और वह घर लौटने को बेचैन है। उसके बाद एनजीओ शक्ति वाहिनी और दिल्ली पुलिस की मदद से परिवार वाले जीबी रोड पहुंचे और वहां से पीड़िता को बचाया। पीड़िता के भाई ने कहा कि वेश्यालय की संकरी सीढ़ियों पर चढ़ने के बाद उसने अपनी बहन को एक छोटे से चैंबर में कैद पाया। बगल के एक और चैंबर में कैद नेपाली लड़की को भी बचा लिया गया। पीड़िता को बचाने के बाद दिल्ली पुलिस ने यह केस दर्ज करने और तहकीकात का जिम्मा पश्चिम बंगाल पुलिस पर छोड़ दिया। फिलहाल ट्रायल कोर्ट ने पीड़िता को नारी निकेतन भेज दिया है और पुनर्वास के लिए अगले आदेश के बाद ही वह वापस घर लौट पाएगी। |
Welcome!
Forgot your password?
A password will be e-mailed to you.
Liger Twitter Review: साउथ सुपर स्टार विजय देवरकोंडा और अनन्या पांडे की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'लाइगर' आज सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है।
Contact us:
| Welcome! Forgot your password? A password will be e-mailed to you. Liger Twitter Review: साउथ सुपर स्टार विजय देवरकोंडा और अनन्या पांडे की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'लाइगर' आज सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। Contact us: |
इंदौर। नईदुनिया के पूर्व प्रधान संपादक और हिन्दी पत्रकारिता के अग्रणी व्यक्तित्व श्री अभय छजलानी जी नहीं रहे। रीजनल पार्क श्मशान घाट पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग ने कहा कि अभयजी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके जाने से हिन्दी पत्रकारिता, भाषाई पत्रकारिता की आखिरी ईंट भी दरक गई। हमें बहुत दिनों बाद पता चलेगा कि हमारे बीच से कुछ गायब हो गया, जो हमारे पास नहीं है।
श्रवण गर्ग ने कहा कि मैंने अभयजी की प्रेरणा से ही लिखना शुरू किया था। आज आप हिन्दुस्तान के किसी भी अखबार, टीवी चैनल, वेबसाइट में चले जाइए आपको नईदुनिया के सिखाए हुए संपादक और पत्रकार मिल जाएंगे। राहुल बारपुते, शरद जोशी, रणवीर सक्सेना, प्रभाष जोशी, राजेन्द्र माथुर की बात करें तो उस दौर में पत्रकारिता का पूरा आकाश नईदुनिया में उपस्थित था। आज अभयजी के जाने से बहुत बड़ा शून्य उत्पन्न हो गया है। शहर की गुल्लक खाली हो रही है और उसमें नए सिक्के भी नहीं पड़ रहे हैं।
मध्यप्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि अभयजी के जाने से हिन्दी पत्रकारिता के एक युग का अंत हो गया। उनके बारे में जितना भी बोला जाए, कम है। अभयजी इंदौर का गौरव, संकल्प और चिंतन थे। वे इदौर का विकास थे।
अभयजी के करीबी और पारिवारिक मित्र एवं उद्योगपति डॉ. रमेश बाहेती ने उनके साथ अपने संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें कई बड़े सम्मान प्राप्त हुए, उन्होंने कई उपलब्धियां हासिल कीं, लेकिन उनमें बिलकुल भी अभिमान नहीं था। सदा उनके मन में इंदौर को लेकर चिंता हुआ करती थी। वे हमेशा यही सोचते थे कि इंदौर के विकास के लिए क्या किया जाए या फिर इंदौर कैसे आगे बढ़े।
मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री नरेन्द्र नाहटा ने कहा कि अभयजी का व्यक्तित्व ऐसा था, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। हिन्दी भाषा की पत्रकारिता को उन्होंने नया आयाम दिया। यहां तक कि उन्होंने हम जैसे पाठकों को पढ़ना सिखाया। इंदौर उनके मन और आत्मा में बसा हुआ था। अभयजी के निधन से इंदौर ने अपना एक शुभचिंतक खो दिया।
विधायक आकाश विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर को लेकर उनकी चिंता हमेशा दिखाई देती थी। उनसे बातचीत करके मुझे भी प्रेरणा मिलती थी।
इस अवसर पर गौतम कोठारी, विधायक रमेश मेंदोला, मधु वर्मा, स्वप्निल कोठारी, किशोर भुराड़िया, जयप्रकाश भुराड़िया, अभय जैन, अनिल त्रिवेदी, पूर्व विधायक अश्विन जोशी, रामेश्वर गुप्ता, प्रेस क्लब अध्यक्ष अरविन्द तिवारी, पत्रकार जयदीप कर्णिक, संजय पटेल समेत बड़ी संख्या में नेता, पत्रकार एवं समाजसेवी उपस्थित थे।
| इंदौर। नईदुनिया के पूर्व प्रधान संपादक और हिन्दी पत्रकारिता के अग्रणी व्यक्तित्व श्री अभय छजलानी जी नहीं रहे। रीजनल पार्क श्मशान घाट पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग ने कहा कि अभयजी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके जाने से हिन्दी पत्रकारिता, भाषाई पत्रकारिता की आखिरी ईंट भी दरक गई। हमें बहुत दिनों बाद पता चलेगा कि हमारे बीच से कुछ गायब हो गया, जो हमारे पास नहीं है। श्रवण गर्ग ने कहा कि मैंने अभयजी की प्रेरणा से ही लिखना शुरू किया था। आज आप हिन्दुस्तान के किसी भी अखबार, टीवी चैनल, वेबसाइट में चले जाइए आपको नईदुनिया के सिखाए हुए संपादक और पत्रकार मिल जाएंगे। राहुल बारपुते, शरद जोशी, रणवीर सक्सेना, प्रभाष जोशी, राजेन्द्र माथुर की बात करें तो उस दौर में पत्रकारिता का पूरा आकाश नईदुनिया में उपस्थित था। आज अभयजी के जाने से बहुत बड़ा शून्य उत्पन्न हो गया है। शहर की गुल्लक खाली हो रही है और उसमें नए सिक्के भी नहीं पड़ रहे हैं। मध्यप्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि अभयजी के जाने से हिन्दी पत्रकारिता के एक युग का अंत हो गया। उनके बारे में जितना भी बोला जाए, कम है। अभयजी इंदौर का गौरव, संकल्प और चिंतन थे। वे इदौर का विकास थे। अभयजी के करीबी और पारिवारिक मित्र एवं उद्योगपति डॉ. रमेश बाहेती ने उनके साथ अपने संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें कई बड़े सम्मान प्राप्त हुए, उन्होंने कई उपलब्धियां हासिल कीं, लेकिन उनमें बिलकुल भी अभिमान नहीं था। सदा उनके मन में इंदौर को लेकर चिंता हुआ करती थी। वे हमेशा यही सोचते थे कि इंदौर के विकास के लिए क्या किया जाए या फिर इंदौर कैसे आगे बढ़े। मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री नरेन्द्र नाहटा ने कहा कि अभयजी का व्यक्तित्व ऐसा था, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। हिन्दी भाषा की पत्रकारिता को उन्होंने नया आयाम दिया। यहां तक कि उन्होंने हम जैसे पाठकों को पढ़ना सिखाया। इंदौर उनके मन और आत्मा में बसा हुआ था। अभयजी के निधन से इंदौर ने अपना एक शुभचिंतक खो दिया। विधायक आकाश विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर को लेकर उनकी चिंता हमेशा दिखाई देती थी। उनसे बातचीत करके मुझे भी प्रेरणा मिलती थी। इस अवसर पर गौतम कोठारी, विधायक रमेश मेंदोला, मधु वर्मा, स्वप्निल कोठारी, किशोर भुराड़िया, जयप्रकाश भुराड़िया, अभय जैन, अनिल त्रिवेदी, पूर्व विधायक अश्विन जोशी, रामेश्वर गुप्ता, प्रेस क्लब अध्यक्ष अरविन्द तिवारी, पत्रकार जयदीप कर्णिक, संजय पटेल समेत बड़ी संख्या में नेता, पत्रकार एवं समाजसेवी उपस्थित थे। |
इटारसी, राहुल अग्रवाल। प्रदेश के राज्यमंत्री व अमरपाटन विधानसभा से विधायक रामखेलावन पटेल (ramkhelavan patel) को बीजेपी (bjp) की जीत की इतनी उम्मीद है कि वो 28 की जगह 2800 सीटें जीतने का दावा कर रहे हैं। इटारसी में पत्रकारों से बात करते हुए जोश जोश में उनकी जुबान फिसल गई (slip of tongue) और वो 28 सीटों को 2800 सीटें बोल गए।
रामखेलावन पटेल यहां पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। इस दौरान उनकी जुबान फिसल गई और उन्होने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी पूरी 2800 सीटें जीतकर रिकॉर्ड कायम करेगी। उन्होने कहा कि कांग्रेस की सरकार को जनता का श्राप लगा है और इसी के साथ उन्होने पिछले कुछ महीनों में बीजेपी सरकार द्वारा किए गए काम गिनाएं। रामखेलावन पटेल ने कहा कि कमलनाथ 15 महीने वल्लभ भवन से बाहर नही निकले, ये सब जनता ने देखा है। इसी दौरान जब उनसे सवाल पूछा गया कि भाजपा इस उपचुनाव में कितनी सीटें जीतेगी तो उन्होंने कहा कि बीजेपी पूरी 2800 सीटें जीतने जा रही है। इस तरह 28 सीटों को 2800 बताकर मंत्रीजी बैतूल के लिए रवाना हो गए।
| इटारसी, राहुल अग्रवाल। प्रदेश के राज्यमंत्री व अमरपाटन विधानसभा से विधायक रामखेलावन पटेल को बीजेपी की जीत की इतनी उम्मीद है कि वो अट्ठाईस की जगह दो हज़ार आठ सौ सीटें जीतने का दावा कर रहे हैं। इटारसी में पत्रकारों से बात करते हुए जोश जोश में उनकी जुबान फिसल गई और वो अट्ठाईस सीटों को दो हज़ार आठ सौ सीटें बोल गए। रामखेलावन पटेल यहां पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। इस दौरान उनकी जुबान फिसल गई और उन्होने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी पूरी दो हज़ार आठ सौ सीटें जीतकर रिकॉर्ड कायम करेगी। उन्होने कहा कि कांग्रेस की सरकार को जनता का श्राप लगा है और इसी के साथ उन्होने पिछले कुछ महीनों में बीजेपी सरकार द्वारा किए गए काम गिनाएं। रामखेलावन पटेल ने कहा कि कमलनाथ पंद्रह महीने वल्लभ भवन से बाहर नही निकले, ये सब जनता ने देखा है। इसी दौरान जब उनसे सवाल पूछा गया कि भाजपा इस उपचुनाव में कितनी सीटें जीतेगी तो उन्होंने कहा कि बीजेपी पूरी दो हज़ार आठ सौ सीटें जीतने जा रही है। इस तरह अट्ठाईस सीटों को दो हज़ार आठ सौ बताकर मंत्रीजी बैतूल के लिए रवाना हो गए। |
भाजपा की स्टार प्रचारकों में से एक वसुंधरा राजे सिंधिया इन दिनों झारखंड आई हुई हैं। इसी बीच खबर आ रही है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी झारखंड आने वाले हैं। जेपी नड्डा 22 जून को गिरिडीह पहुंचेंगे।
रांची, जागरण टीमः झारखंड में भाजपा के महा जनसंपर्क अभियान की गतिविधियां बढ़ती जा रही हैं। इस कड़ी में पार्टी के राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर के कई बड़े वरिष्ठ नेताओं का सघन प्रवास चल रहा है। भाजपा की स्टार प्रचारकों में से एक राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया इन दिनों झारखंड आई हुई हैं।
इसी बीच खबर आ रही है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी झारखंड आने वाले हैं। जेपी नड्डा 22 जून को रांची पहुंचेंगे। यहां से वे गिरिडीह जाएंगे। गिरिडीह के झंडा मैदान में वे एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके साथ ही झारखंड के वरिष्ठ नेताओं से मिशन 2024 की तैयारियों पर चर्चा भी करेंगे।
बुधवार को गिरिडीह परिसदन में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जनसभा की तैयारी को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में नेता विधायक दल एवं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, प्रदेश महामंत्री सह राज्यसभा सदस्य आदित्य साहू समेत अन्य नेता मौजूद थे।
| भाजपा की स्टार प्रचारकों में से एक वसुंधरा राजे सिंधिया इन दिनों झारखंड आई हुई हैं। इसी बीच खबर आ रही है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी झारखंड आने वाले हैं। जेपी नड्डा बाईस जून को गिरिडीह पहुंचेंगे। रांची, जागरण टीमः झारखंड में भाजपा के महा जनसंपर्क अभियान की गतिविधियां बढ़ती जा रही हैं। इस कड़ी में पार्टी के राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर के कई बड़े वरिष्ठ नेताओं का सघन प्रवास चल रहा है। भाजपा की स्टार प्रचारकों में से एक राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया इन दिनों झारखंड आई हुई हैं। इसी बीच खबर आ रही है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी झारखंड आने वाले हैं। जेपी नड्डा बाईस जून को रांची पहुंचेंगे। यहां से वे गिरिडीह जाएंगे। गिरिडीह के झंडा मैदान में वे एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके साथ ही झारखंड के वरिष्ठ नेताओं से मिशन दो हज़ार चौबीस की तैयारियों पर चर्चा भी करेंगे। बुधवार को गिरिडीह परिसदन में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जनसभा की तैयारी को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में नेता विधायक दल एवं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, प्रदेश महामंत्री सह राज्यसभा सदस्य आदित्य साहू समेत अन्य नेता मौजूद थे। |
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के मुनस्यारी में भीषण सड़क हादसा सामने आया है। यहां मुनस्यारी में होकरा से पहले वाहन अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरा। इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई है। होकरा मंदिर से ठीक पहले खाई में बोलेरो वाहन जा गिरा। रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए टीम मौके पर पहुंची हुई है। गाड़ी करीब 600 मीटर गहरे खाई में गिरी है।
शुरुआती जानकारी में मृतकों की संख्या 12 बताई गई थी। हालांकि, अब स्थानीय नायब तहसीलदार द्वारा आधिकारिक लिस्ट जारी की गई है, जिमसें मृतकों की संख्या 10 है। इस सड़क हादसे में किशन सिंह, धर्म सिंह, कुंदन सिंह, निशा देवी, उमेश सिंह, शंकर सिंह, महेश सिंह, सुंदर सिंह, खुशाल सिंह और दान सिंह की मौत हुई है। दुर्घटनाग्रस्त वाहन संख्या UK 02 TA 0845 है।
जानकारी के मुताबिक, श्रद्धालु बागेश्वर के शामा से होकरा मंदिर दर्शन करने जा रहे थे। इससे पहले ही उनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ इकठ्ठा हो गई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। आशंका जताई जा रही है कि मौतों का आंकड़ा अभी बढ़ सकता है।
हादसा इतना भयावह था कि कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे के शिकार लोग बागेश्व तहसील के कपकोट, शामा और भनार के बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस वाहन के खाई में गिरने की जानकारी वहां से गुजर रहे दूसरे वाहन चालकों ने दी। घटनास्थल पर पुलिस फोर्स नाचनी, एसडीआरएफ और एम्बुलेंस व राजस्व टीम पहुंच रही है। कार करीब 600 मीटर से अधिक गहरी खाई से गिरते हुए नदी तक जा पहुंची है।
| उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के मुनस्यारी में भीषण सड़क हादसा सामने आया है। यहां मुनस्यारी में होकरा से पहले वाहन अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरा। इस हादसे में दस लोगों की मौत हो गई है। होकरा मंदिर से ठीक पहले खाई में बोलेरो वाहन जा गिरा। रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए टीम मौके पर पहुंची हुई है। गाड़ी करीब छः सौ मीटर गहरे खाई में गिरी है। शुरुआती जानकारी में मृतकों की संख्या बारह बताई गई थी। हालांकि, अब स्थानीय नायब तहसीलदार द्वारा आधिकारिक लिस्ट जारी की गई है, जिमसें मृतकों की संख्या दस है। इस सड़क हादसे में किशन सिंह, धर्म सिंह, कुंदन सिंह, निशा देवी, उमेश सिंह, शंकर सिंह, महेश सिंह, सुंदर सिंह, खुशाल सिंह और दान सिंह की मौत हुई है। दुर्घटनाग्रस्त वाहन संख्या UK दो TA आठ सौ पैंतालीस है। जानकारी के मुताबिक, श्रद्धालु बागेश्वर के शामा से होकरा मंदिर दर्शन करने जा रहे थे। इससे पहले ही उनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ इकठ्ठा हो गई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। आशंका जताई जा रही है कि मौतों का आंकड़ा अभी बढ़ सकता है। हादसा इतना भयावह था कि कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे के शिकार लोग बागेश्व तहसील के कपकोट, शामा और भनार के बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस वाहन के खाई में गिरने की जानकारी वहां से गुजर रहे दूसरे वाहन चालकों ने दी। घटनास्थल पर पुलिस फोर्स नाचनी, एसडीआरएफ और एम्बुलेंस व राजस्व टीम पहुंच रही है। कार करीब छः सौ मीटर से अधिक गहरी खाई से गिरते हुए नदी तक जा पहुंची है। |
तेहरान, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान के डिप्टी जस्टिस मिनिस्टर महमूद अब्बासी ने कहा कि कोरोनावायरस वायरस महामारी संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के बीच कैदियों के आदान-प्रदान करने को लेकर ईरान कुछ देशों के साथ बातचीत कर रहा है। आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए ने इस बात की जानकारी दी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने सोमवार को अब्बासी के हवाले से कहा कि विदेश मंत्रालय और इंटरपोल के माध्यम से इस बाबत सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं।
वायरस के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर ईरान की न्यायपालिका ने पहले ही एक लाख कैदियों को जमानत पर रिहा कर दिया है।
ईरान मध्यपूर्व में कोवडि-19 महामारी से सबसे अधिक प्रभावित हुए देशों में से एक है। यहां सोमवार तक 3,739 मौतों के साथ कोरोनावायरस संक्रमण के 60,500 मामले देखने को मिले हैं।
| तेहरान, सात अप्रैल । ईरान के डिप्टी जस्टिस मिनिस्टर महमूद अब्बासी ने कहा कि कोरोनावायरस वायरस महामारी संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के बीच कैदियों के आदान-प्रदान करने को लेकर ईरान कुछ देशों के साथ बातचीत कर रहा है। आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए ने इस बात की जानकारी दी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने सोमवार को अब्बासी के हवाले से कहा कि विदेश मंत्रालय और इंटरपोल के माध्यम से इस बाबत सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। वायरस के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर ईरान की न्यायपालिका ने पहले ही एक लाख कैदियों को जमानत पर रिहा कर दिया है। ईरान मध्यपूर्व में कोवडि-उन्नीस महामारी से सबसे अधिक प्रभावित हुए देशों में से एक है। यहां सोमवार तक तीन,सात सौ उनतालीस मौतों के साथ कोरोनावायरस संक्रमण के साठ,पाँच सौ मामले देखने को मिले हैं। |
Koderma : कोडरमा एसडीओ और आईएएस अधिकारी एक बार फिर चर्चा में हैं. स्थानीय युवकों ने एसडीओ पर बेवजह पिटाई करने और मारकर हाथ तोड़ने का आरोप लगाया है. पीड़ितों में बलराम यादव, पिता चंद्रदेव यादव ग्राम चैनपुर और अजय यादव पिता सुभाष यादव, चैनपुर शामिल हैं. इनका कहना है कि गुरुवार देर शाम को लोकाई बाघीटांड़ मार्ग पर बिना कसूर का गाड़ी के कागजात चेक करने के बहाने मारपीट की गयी. जिसमें अजय यादव का हाथ टूट गया है.
उसे एक्स-रे के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है. वहीं बलराम यादव के पूरे बदन में चोट के निशान हैं. इन दोनों ने बताया कि कोडरमा एसडीओ मनीष कुमार के द्वारा घटना को अंजाम दिया गया है.
ज्ञात हो कि इसके पहले भी एसडीओ मनीष कुमार विभिन्न मामलों को लेकर चर्चित रहे हैं. अपने कार्यालय में मामले की सुनवाई के दौरान सतगावां के एक व्यक्ति को थप्पड़ मारने का मामला भी काफी चर्चित हुआ था.
| Koderma : कोडरमा एसडीओ और आईएएस अधिकारी एक बार फिर चर्चा में हैं. स्थानीय युवकों ने एसडीओ पर बेवजह पिटाई करने और मारकर हाथ तोड़ने का आरोप लगाया है. पीड़ितों में बलराम यादव, पिता चंद्रदेव यादव ग्राम चैनपुर और अजय यादव पिता सुभाष यादव, चैनपुर शामिल हैं. इनका कहना है कि गुरुवार देर शाम को लोकाई बाघीटांड़ मार्ग पर बिना कसूर का गाड़ी के कागजात चेक करने के बहाने मारपीट की गयी. जिसमें अजय यादव का हाथ टूट गया है. उसे एक्स-रे के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है. वहीं बलराम यादव के पूरे बदन में चोट के निशान हैं. इन दोनों ने बताया कि कोडरमा एसडीओ मनीष कुमार के द्वारा घटना को अंजाम दिया गया है. ज्ञात हो कि इसके पहले भी एसडीओ मनीष कुमार विभिन्न मामलों को लेकर चर्चित रहे हैं. अपने कार्यालय में मामले की सुनवाई के दौरान सतगावां के एक व्यक्ति को थप्पड़ मारने का मामला भी काफी चर्चित हुआ था. |
NewDelhi : सुप्रीम कोर्ट ने आज गुरुवार को सोशल मीडिया और यूट्यूब पर फर्जी खबरों को लेकर नाराजगी जाहिर की. जमीयत उलेमा-ए-हिंद की याचिका सहित अन्य याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए CJI एनवी रमन्ना ने कहा कि सोशल मीडिया पर जजों के लिए भी बुरा-भला लिखा जाता है. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने तबलीगी मामले को लेकर कहा कि मीडिया के एक वर्ग में दिखाई जाने वाली खबरों में सांप्रदायिकता का रंग दिया गया, जिससे देश की छवि खराब होती है.
बता दें कि सीजेआई एनवी रमन्ना, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ फर्जी खबरों के प्रसारण पर रोक के लिए जमीयत उलेमा-ए-हिंद की याचिका सहित कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी. जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने अपनी याचिका में निजामुद्दीन स्थित मरकज में धार्मिक सभा से संबंधित फर्जी खबरें फैलाने से रोकने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई करने का केंद्र को निर्देश देने का अनुरोध किया है.
इस क्रम में पीठ ने कहा कि निजी समाचार चैनलों के एक वर्ग में दिखाई गयी हर चीज साम्प्रदायिकता का रंग लिये हुए है. आखिरकार इससे देश की छवि खराब हो रही है. केंद्र सरकार से पूछा कि क्या आपने इन निजी चैनलों के नियमन की कभी कोशिश भी की है.
सुप्रीम कोर्ट का कहना था कि सोशल मीडिया केवल शक्तिशाली आवाजों को सुनता है और न्यायाधीशों, संस्थानों के खिलाफ बिना किसी जवाबदेही के कई चीजें लिखी जाती हैं. कहा कि वेब पोर्टल्स और यूट्यूब चैनलों पर फर्जी खबरों तथा छींटाकशीं पर कोई नियंत्रण नहीं है. अगर आप यूट्यूब देखेंगे तो पायेंगे कि कैसे फर्जी खबरें आसानी से प्रसारित की जा रही हैं और कोई भी यूट्यूब पर चैनल शुरू कर सकता है.
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से कहा कि नये IT रूल्स सोशल और डिजिटल मीडिया को रेग्युलेट करने के लिए बनाये गये हैं और रेग्युलेट करने का प्रयास जारी है. उन्होंने कोर्ट से गुहार लगाई कि अलग-अलग हाईकोर्ट्स में IT रूल्स को चुनौती देने वाली याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ट्रांसफर किया जाये. कहा कि विभिन्न हाईकोर्ट अलग-अलग आदेश पारित कर रहे हैं. यह मामला पूरे भारत का है, ऐसे में एक समग्र तस्वीर देखने की जरूरत है,
जान लें कि सुप्रीम कोर्ट सोशल मीडिया तथा वेब पोर्टल्स समेत ऑनलाइन सामग्री के नियमन के लिए हाल में लागू सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के मुद्दे पर विभिन्न उच्च न्यायालयों से याचिकाओं को स्थानांतरित करने की केंद्र की याचिका पर छह सप्ताह बाद सुनवाई करने पर हामी भरी है.
| NewDelhi : सुप्रीम कोर्ट ने आज गुरुवार को सोशल मीडिया और यूट्यूब पर फर्जी खबरों को लेकर नाराजगी जाहिर की. जमीयत उलेमा-ए-हिंद की याचिका सहित अन्य याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए CJI एनवी रमन्ना ने कहा कि सोशल मीडिया पर जजों के लिए भी बुरा-भला लिखा जाता है. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने तबलीगी मामले को लेकर कहा कि मीडिया के एक वर्ग में दिखाई जाने वाली खबरों में सांप्रदायिकता का रंग दिया गया, जिससे देश की छवि खराब होती है. बता दें कि सीजेआई एनवी रमन्ना, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ फर्जी खबरों के प्रसारण पर रोक के लिए जमीयत उलेमा-ए-हिंद की याचिका सहित कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी. जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने अपनी याचिका में निजामुद्दीन स्थित मरकज में धार्मिक सभा से संबंधित फर्जी खबरें फैलाने से रोकने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई करने का केंद्र को निर्देश देने का अनुरोध किया है. इस क्रम में पीठ ने कहा कि निजी समाचार चैनलों के एक वर्ग में दिखाई गयी हर चीज साम्प्रदायिकता का रंग लिये हुए है. आखिरकार इससे देश की छवि खराब हो रही है. केंद्र सरकार से पूछा कि क्या आपने इन निजी चैनलों के नियमन की कभी कोशिश भी की है. सुप्रीम कोर्ट का कहना था कि सोशल मीडिया केवल शक्तिशाली आवाजों को सुनता है और न्यायाधीशों, संस्थानों के खिलाफ बिना किसी जवाबदेही के कई चीजें लिखी जाती हैं. कहा कि वेब पोर्टल्स और यूट्यूब चैनलों पर फर्जी खबरों तथा छींटाकशीं पर कोई नियंत्रण नहीं है. अगर आप यूट्यूब देखेंगे तो पायेंगे कि कैसे फर्जी खबरें आसानी से प्रसारित की जा रही हैं और कोई भी यूट्यूब पर चैनल शुरू कर सकता है. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से कहा कि नये IT रूल्स सोशल और डिजिटल मीडिया को रेग्युलेट करने के लिए बनाये गये हैं और रेग्युलेट करने का प्रयास जारी है. उन्होंने कोर्ट से गुहार लगाई कि अलग-अलग हाईकोर्ट्स में IT रूल्स को चुनौती देने वाली याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ट्रांसफर किया जाये. कहा कि विभिन्न हाईकोर्ट अलग-अलग आदेश पारित कर रहे हैं. यह मामला पूरे भारत का है, ऐसे में एक समग्र तस्वीर देखने की जरूरत है, जान लें कि सुप्रीम कोर्ट सोशल मीडिया तथा वेब पोर्टल्स समेत ऑनलाइन सामग्री के नियमन के लिए हाल में लागू सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के मुद्दे पर विभिन्न उच्च न्यायालयों से याचिकाओं को स्थानांतरित करने की केंद्र की याचिका पर छह सप्ताह बाद सुनवाई करने पर हामी भरी है. |
दिल्ली पुलिस द्वारका के एक शेल्टर होम से 10 लड़कियों के गायब होने की जांच कर रही है। शुक्रवार सुबह उन्होंने इसके लिए एक विज्ञापन भी जारी किया। पुलिस ने कहा कि उन्होंने अपहरण का मामला दर्ज किया है, लेकिन तर्क दिया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि 20 से 26 वर्ष की आयु की ये लड़कियां पिछले महीने शेल्टर होम से भाग गईं थीं।
विज्ञापन में पुलिस ने कहा कि दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) द्वारा तीस हजारी में चलाए जा रहे शेल्टर होम में 10 लड़कियों को रखा गया था। इसके बाद डीएमआरसी के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि तीस हजारी में वे जिस शेल्टर होम को चलाते हैं, वह केवल लड़कों के लिए एक ऑब्जर्वेशन होम है और वहां कोई लड़ती नहीं रहती है।
इसके बाद शाम तक पुलिस ने कहा कि ये 10 लड़कियां द्वारिका सेक्टर 19 वाले शेल्टर होम में रह रही थीं। पुलिस उपायुक्त (द्वारका) संतोष मीणा ने बताया कि, 19 मार्च को पुलिस ने जीबी रोड से 12 लड़कियों को छुड़ाया था। इन्हें जबरन जिस्मफरोशी के धंधे में ढकेला जा रहा था।
डीसीपी ने बताया "बाल कल्याण समिति के निर्देश पर, उन्हें द्वारका के आश्रय गृह में रखा गया था। लेकिन 24 जून को शेल्टर होम की तीसरी मंजिल पर लगे एग्जॉस्ट फैन का छेद तोड़कर सभी लड़कियां भाग निकलीं। उनमें से दो को चोटें आईं जबकि 10 भाग गईं। हमने इस संबंध में एक मामला दर्ज किया है और लड़कियों का पता लगाने के उद्देश्य से एक विज्ञापन भी निकाला है।
जांच अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने अपहरण का मामला दर्ज किया है क्योंकि सरकार की हिरासत में रहने के दौरान बचाई गई लड़कियों के लापता होने पर ऐसा करने का ही नियम है। शुक्रवार देर रात तक पुलिस को उनके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली।
| दिल्ली पुलिस द्वारका के एक शेल्टर होम से दस लड़कियों के गायब होने की जांच कर रही है। शुक्रवार सुबह उन्होंने इसके लिए एक विज्ञापन भी जारी किया। पुलिस ने कहा कि उन्होंने अपहरण का मामला दर्ज किया है, लेकिन तर्क दिया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि बीस से छब्बीस वर्ष की आयु की ये लड़कियां पिछले महीने शेल्टर होम से भाग गईं थीं। विज्ञापन में पुलिस ने कहा कि दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन द्वारा तीस हजारी में चलाए जा रहे शेल्टर होम में दस लड़कियों को रखा गया था। इसके बाद डीएमआरसी के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि तीस हजारी में वे जिस शेल्टर होम को चलाते हैं, वह केवल लड़कों के लिए एक ऑब्जर्वेशन होम है और वहां कोई लड़ती नहीं रहती है। इसके बाद शाम तक पुलिस ने कहा कि ये दस लड़कियां द्वारिका सेक्टर उन्नीस वाले शेल्टर होम में रह रही थीं। पुलिस उपायुक्त संतोष मीणा ने बताया कि, उन्नीस मार्च को पुलिस ने जीबी रोड से बारह लड़कियों को छुड़ाया था। इन्हें जबरन जिस्मफरोशी के धंधे में ढकेला जा रहा था। डीसीपी ने बताया "बाल कल्याण समिति के निर्देश पर, उन्हें द्वारका के आश्रय गृह में रखा गया था। लेकिन चौबीस जून को शेल्टर होम की तीसरी मंजिल पर लगे एग्जॉस्ट फैन का छेद तोड़कर सभी लड़कियां भाग निकलीं। उनमें से दो को चोटें आईं जबकि दस भाग गईं। हमने इस संबंध में एक मामला दर्ज किया है और लड़कियों का पता लगाने के उद्देश्य से एक विज्ञापन भी निकाला है। जांच अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने अपहरण का मामला दर्ज किया है क्योंकि सरकार की हिरासत में रहने के दौरान बचाई गई लड़कियों के लापता होने पर ऐसा करने का ही नियम है। शुक्रवार देर रात तक पुलिस को उनके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। |
नाहन -जहां एक ओर पूरे देश मे गोमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठ रही है। वहीं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहुचर्चित राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन की ओर लोगों की नजरअंदाजी गोवंश की जान लेने पर तुली है। जिसका ताजा उदाहरण प्रदेश की प्रमुख धार्मिक स्थली श्रीरेणुकाजी के बढ़ोन में सामने आया है। जिसमंे मात्र एक माह की अवधि के बीच तीन गउओं की कूड़ा-कर्कट और पोलिथीन खाने से मौत हो गई है। चौकाने वाले इस मामले मंे एक गाय की मौत बुधवार को रेणुकाजी के बढ़ोन में कूड़े के ढेर के पास हुई है। जबकि इसी दिन एक ओर गाय श्रीरेणुकाजी तीर्थ स्थल मंे मृत पाई गई है। जानकारी के अनुसार बढ़ोन में कूडे़ के ढेर के पास मृत गाय को पोलिथीन और अन्य कचरा खाने से जोड़ा जा रहा है। वहीं यह भी संभावना है कि रात भर ठंड में गोवंश जूझती रही होगी। जानकारी के मुताबिक एक और गाय रेणुकाजी के मेला मैदान मंे भी मृत पाई गई थी। गौर हो कि रेणुकाजी क्षेत्र खालाक्यार पंचायत के अंतर्गत आता है। मगर यहां पर कूड़ादान और अन्य सफाई की सुविधा न होने के चलते बाशिंदे इधर-उधर कूड़ा को डंप कर देते हैं। जिसके चलते ऐसी घटनाओं का अंजाम सामने आता है। ग्राम पंचायत प्रधान नीलम ठाकुर का कहना है कि पंचायत ंस्तर पर कई मर्तबा महिला मंडलों के माध्यम से भी सफाई अभियान चलाया जाता है। मगर लोग रात के अंधेरे में ही गंदगी और कूड़ा को खुले मे फेंक देते है। उन्होंने बताया कि मृत गाय को बाकायदा मशीन से उठाकर भूमि में दबाने का कार्य किया गया है। वहीं पंचायत मंे कूड़ादान लगाने के लिए भी पंचायत ने प्रस्ताव परित किया है। बहरहाल तीर्थ स्थल श्रीरेणुकाजी के बढ़ोन औश्र रेणुकाजी में गउओं के कूड़ा खाने से मौत होने से क्षेत्र में बुद्धिजीवी वर्ग में रोष व्याप्त है।
| नाहन -जहां एक ओर पूरे देश मे गोमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठ रही है। वहीं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहुचर्चित राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन की ओर लोगों की नजरअंदाजी गोवंश की जान लेने पर तुली है। जिसका ताजा उदाहरण प्रदेश की प्रमुख धार्मिक स्थली श्रीरेणुकाजी के बढ़ोन में सामने आया है। जिसमंे मात्र एक माह की अवधि के बीच तीन गउओं की कूड़ा-कर्कट और पोलिथीन खाने से मौत हो गई है। चौकाने वाले इस मामले मंे एक गाय की मौत बुधवार को रेणुकाजी के बढ़ोन में कूड़े के ढेर के पास हुई है। जबकि इसी दिन एक ओर गाय श्रीरेणुकाजी तीर्थ स्थल मंे मृत पाई गई है। जानकारी के अनुसार बढ़ोन में कूडे़ के ढेर के पास मृत गाय को पोलिथीन और अन्य कचरा खाने से जोड़ा जा रहा है। वहीं यह भी संभावना है कि रात भर ठंड में गोवंश जूझती रही होगी। जानकारी के मुताबिक एक और गाय रेणुकाजी के मेला मैदान मंे भी मृत पाई गई थी। गौर हो कि रेणुकाजी क्षेत्र खालाक्यार पंचायत के अंतर्गत आता है। मगर यहां पर कूड़ादान और अन्य सफाई की सुविधा न होने के चलते बाशिंदे इधर-उधर कूड़ा को डंप कर देते हैं। जिसके चलते ऐसी घटनाओं का अंजाम सामने आता है। ग्राम पंचायत प्रधान नीलम ठाकुर का कहना है कि पंचायत ंस्तर पर कई मर्तबा महिला मंडलों के माध्यम से भी सफाई अभियान चलाया जाता है। मगर लोग रात के अंधेरे में ही गंदगी और कूड़ा को खुले मे फेंक देते है। उन्होंने बताया कि मृत गाय को बाकायदा मशीन से उठाकर भूमि में दबाने का कार्य किया गया है। वहीं पंचायत मंे कूड़ादान लगाने के लिए भी पंचायत ने प्रस्ताव परित किया है। बहरहाल तीर्थ स्थल श्रीरेणुकाजी के बढ़ोन औश्र रेणुकाजी में गउओं के कूड़ा खाने से मौत होने से क्षेत्र में बुद्धिजीवी वर्ग में रोष व्याप्त है। |
पुणे : कोंढवा पुलिस थाने के रिकॉर्ड पर दर्ज अपराधी साईराज राणाप्रताप लोणकर (उम्र 21, नि. पांडुरंग आली, कोंढवा गावठाण) को पुलिस उपायुक्त नम्रता पाटिल ने 2 साल के लिए पुणे शहर, पिंपरी चिंचवड व पुणे जिले से तड़ीपार किया है।
साईराज पर 5 मामले कोंढवा पुलिस थाने में दर्ज हैं। उसपर प्रतिबंधक कारवाई की गई लेकिन फिर भी वो अपराध को अंजाम देता रहा। कोंढवा परिसर में उसका दबद्बा होने के कारण लोगों को धमकाना, लूट्ना आदि जैसे अपराधों को अंजाम देता था।
कोंढवा पुलिस थाने के सर्विलांस अधिकारी उपनिरीक्षक स्वप्निल पाटिल, चंद्रकांत माने, जगदीश पाटिल, राजेंद्र ननावरे, जगदीश पाटिल ने वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सरदार पाटिल, पुलिस उपनिरीक्षक शब्बिर सय्यद के मार्गदर्शन में आरोपी के खिलफ सबूत इकट्ठा किया। उसके बाद तड़ीपार का प्रस्ताव पुलिस उपायुक्त नम्रता पाटिल के सामने प्रस्तुत किया। इस प्रस्ताव की जआंच कर पाटिल ने लोणकर को दो साल के लिए पुणे जिले से तड़ीपार करने का आदेश दिया। इसके अनुसार उसे पंढरपुर में ले जकर छोड़ा गया।
| पुणे : कोंढवा पुलिस थाने के रिकॉर्ड पर दर्ज अपराधी साईराज राणाप्रताप लोणकर को पुलिस उपायुक्त नम्रता पाटिल ने दो साल के लिए पुणे शहर, पिंपरी चिंचवड व पुणे जिले से तड़ीपार किया है। साईराज पर पाँच मामले कोंढवा पुलिस थाने में दर्ज हैं। उसपर प्रतिबंधक कारवाई की गई लेकिन फिर भी वो अपराध को अंजाम देता रहा। कोंढवा परिसर में उसका दबद्बा होने के कारण लोगों को धमकाना, लूट्ना आदि जैसे अपराधों को अंजाम देता था। कोंढवा पुलिस थाने के सर्विलांस अधिकारी उपनिरीक्षक स्वप्निल पाटिल, चंद्रकांत माने, जगदीश पाटिल, राजेंद्र ननावरे, जगदीश पाटिल ने वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सरदार पाटिल, पुलिस उपनिरीक्षक शब्बिर सय्यद के मार्गदर्शन में आरोपी के खिलफ सबूत इकट्ठा किया। उसके बाद तड़ीपार का प्रस्ताव पुलिस उपायुक्त नम्रता पाटिल के सामने प्रस्तुत किया। इस प्रस्ताव की जआंच कर पाटिल ने लोणकर को दो साल के लिए पुणे जिले से तड़ीपार करने का आदेश दिया। इसके अनुसार उसे पंढरपुर में ले जकर छोड़ा गया। |
इंदौर में विश्व फोटोग्राफी दिवस के दिन कलाकरो के लिए एक सुनहरा मौका लेकर आ रहा है "स्टेज" इंदौर , शहर में कोविड 19 के बाद से ही कलाकारों के लिए कार्यक्रम आयोजित नहीं किये जा सके है, इसलिए इस विश्व फोटोग्राफी दिवस (19 अगस्त) पर प्रस्तुत हैं "स्टेज" इंदौर इस कार्यक्रम में आप भारत के शीर्ष सलाहकारों से फोटोग्राफी पर मास्टरक्लास, एक फोटो प्रदर्शनी और ब्रांड स्टाल में भाग ले सकेंगे जहां आप कुछ नया सीखने के साथ साथ विभिन्न फोटोग्राफी गियर का अनुभव कर सकते हैं।
इस कार्यक्रम की पहली सलाहकार प्रसिद्ध फोटोग्राफर हर्षीन जम्मू हैं, जो OMBRE by HJ की संस्थापक हैं। व् दूसरे सलाहकार मुंबई स्थित अंतर्राष्ट्रीय फोटोग्राफर वरुण कोडोलिकर हैं, जो Kodoclicker के संस्थापक है।
कार्यक्रम के मेंटोर वरुण कोडोलिकर ने बताया की - जैसा कि आप में से अधिकांश जानते हैं, हमारे शहर में कलाकारों के लिए एक कार्यक्रम आयोजित हुए कई वर्ष हो चुके हैं। इसलिए, आपके लिए STAGE ला रहा हूँ, हमारे गृह नगर इंदौर में एक कार्यक्रम जहाँ हम सभी मिलते हैं और कुछ नया सीखते हैं, कला पर चर्चा करते हैं और विभिन्न ब्रांडों के नवीनतम उपकरणों को समझने की कोशिश करते हैं। वह अपनी तस्वीरों में रंग रचना के लिए प्रसिद्ध है और इस मास्टरक्लास में उसी पर चर्चा करेगी। यह सेगमेंट उन सभी के लिए एक कदम होगा जो एक फोटोग्राफर के रूप में अपनी कला को बढ़ाना चाहते हैं। हर्षीन 2016 से अपनी फोटोग्राफी कंपनी को सफलतापूर्वक चला रहे हैं और स्टिल लाइफ कैटेगरी में वेडिंग सूत्र द्वारा "वर्ष 2019 का वेडिंग फोटोग्राफर" जीतने के साथ-साथ अपने काम के लिए कई पुरस्कार जीते हैं। दूसरे मेंटर मुंबई के इंटरनेशनल वेडिंग फोटोग्राफर वरुण कोडोलिकर हैं।
संस्थापकः कोडोक्लिकर ने कहा की वह "फोटोग्राफी में व्यवसाय" पर चर्चा करेंगे। यह सेगमेंट उन सभी के लिए एक कदम होगा जो एक फोटोग्राफर के रूप में अपने व्यवसाय को बढ़ावा देना चाहते हैं। वरुण भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी फोटोग्राफी कंपनी को सफलतापूर्वक चला रहे हैं और उन्होंने अपने काम के लिए कई पुरस्कार जीते हैं, साथ ही "वेडिंगसूत्र फोटोग्राफी अवार्ड" जीता है।
बिना वैध टिकट या पास के किसी को भी कार्यक्रम में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। कृपया ध्यान दें कि आयोजन के दौरान व्यक्ति और संगठन मार्केटिंग सामग्री या अन्य मुद्रित सामग्री का प्रदर्शन या वितरण तब तक नहीं कर सकते जब तक कि होस्टिंग संगठन की पूर्व सहमति न ली जाए। आयोजन में लाई गई व्यक्तिगत संपत्ति के किसी भी नुकसान या क्षति के लिए आयोजक किसी भी जिम्मेदारी को स्वीकार नहीं करता है।
हम किसी भी समय घटना को रद्द कर सकते हैं, उदाहरण के लिए, स्थल या वक्ताओं की उपलब्धता या उपयुक्तता या सुरक्षा, स्वास्थ्य या सुरक्षा के आधार पर, और हम किसी भी समय आपके इवेंट पंजीकरण को अस्वीकार, सीमित या रद्द कर सकते हैं। हम इस तरह के रद्दीकरण से होने वाले किसी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं हैं। यदि हम ईवेंट या आपका पंजीकरण रद्द कर देते हैं और आप इन शर्तों का अनुपालन करते हैं, तो हम आपको ईवेंट के पंजीकरण पर धनवापसी नीति के अनुसार आपके ईवेंट पंजीकरण शुल्क की धनवापसी जारी करेंगे।
आप अपनी यात्रा और आवास व्यवस्था करने के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। हम किसी भी यात्रा या आवास की औपचारिकताओं और / या खर्चों के लिए उत्तरदायी नहीं होंगे या यदि आप किसी अप्रत्याशित घटना या हमारे नियंत्रण से बाहर किसी घटना के कारण कार्यक्रम में शामिल होने में असमर्थ हैं। हम अनुशंसा करते हैं कि आप रद्दीकरण और पर्याप्त स्वास्थ्य और दुर्घटना बीमा के खिलाफ उचित बीमा की सदस्यता लें।
| इंदौर में विश्व फोटोग्राफी दिवस के दिन कलाकरो के लिए एक सुनहरा मौका लेकर आ रहा है "स्टेज" इंदौर , शहर में कोविड उन्नीस के बाद से ही कलाकारों के लिए कार्यक्रम आयोजित नहीं किये जा सके है, इसलिए इस विश्व फोटोग्राफी दिवस पर प्रस्तुत हैं "स्टेज" इंदौर इस कार्यक्रम में आप भारत के शीर्ष सलाहकारों से फोटोग्राफी पर मास्टरक्लास, एक फोटो प्रदर्शनी और ब्रांड स्टाल में भाग ले सकेंगे जहां आप कुछ नया सीखने के साथ साथ विभिन्न फोटोग्राफी गियर का अनुभव कर सकते हैं। इस कार्यक्रम की पहली सलाहकार प्रसिद्ध फोटोग्राफर हर्षीन जम्मू हैं, जो OMBRE by HJ की संस्थापक हैं। व् दूसरे सलाहकार मुंबई स्थित अंतर्राष्ट्रीय फोटोग्राफर वरुण कोडोलिकर हैं, जो Kodoclicker के संस्थापक है। कार्यक्रम के मेंटोर वरुण कोडोलिकर ने बताया की - जैसा कि आप में से अधिकांश जानते हैं, हमारे शहर में कलाकारों के लिए एक कार्यक्रम आयोजित हुए कई वर्ष हो चुके हैं। इसलिए, आपके लिए STAGE ला रहा हूँ, हमारे गृह नगर इंदौर में एक कार्यक्रम जहाँ हम सभी मिलते हैं और कुछ नया सीखते हैं, कला पर चर्चा करते हैं और विभिन्न ब्रांडों के नवीनतम उपकरणों को समझने की कोशिश करते हैं। वह अपनी तस्वीरों में रंग रचना के लिए प्रसिद्ध है और इस मास्टरक्लास में उसी पर चर्चा करेगी। यह सेगमेंट उन सभी के लिए एक कदम होगा जो एक फोटोग्राफर के रूप में अपनी कला को बढ़ाना चाहते हैं। हर्षीन दो हज़ार सोलह से अपनी फोटोग्राफी कंपनी को सफलतापूर्वक चला रहे हैं और स्टिल लाइफ कैटेगरी में वेडिंग सूत्र द्वारा "वर्ष दो हज़ार उन्नीस का वेडिंग फोटोग्राफर" जीतने के साथ-साथ अपने काम के लिए कई पुरस्कार जीते हैं। दूसरे मेंटर मुंबई के इंटरनेशनल वेडिंग फोटोग्राफर वरुण कोडोलिकर हैं। संस्थापकः कोडोक्लिकर ने कहा की वह "फोटोग्राफी में व्यवसाय" पर चर्चा करेंगे। यह सेगमेंट उन सभी के लिए एक कदम होगा जो एक फोटोग्राफर के रूप में अपने व्यवसाय को बढ़ावा देना चाहते हैं। वरुण भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी फोटोग्राफी कंपनी को सफलतापूर्वक चला रहे हैं और उन्होंने अपने काम के लिए कई पुरस्कार जीते हैं, साथ ही "वेडिंगसूत्र फोटोग्राफी अवार्ड" जीता है। बिना वैध टिकट या पास के किसी को भी कार्यक्रम में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। कृपया ध्यान दें कि आयोजन के दौरान व्यक्ति और संगठन मार्केटिंग सामग्री या अन्य मुद्रित सामग्री का प्रदर्शन या वितरण तब तक नहीं कर सकते जब तक कि होस्टिंग संगठन की पूर्व सहमति न ली जाए। आयोजन में लाई गई व्यक्तिगत संपत्ति के किसी भी नुकसान या क्षति के लिए आयोजक किसी भी जिम्मेदारी को स्वीकार नहीं करता है। हम किसी भी समय घटना को रद्द कर सकते हैं, उदाहरण के लिए, स्थल या वक्ताओं की उपलब्धता या उपयुक्तता या सुरक्षा, स्वास्थ्य या सुरक्षा के आधार पर, और हम किसी भी समय आपके इवेंट पंजीकरण को अस्वीकार, सीमित या रद्द कर सकते हैं। हम इस तरह के रद्दीकरण से होने वाले किसी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं हैं। यदि हम ईवेंट या आपका पंजीकरण रद्द कर देते हैं और आप इन शर्तों का अनुपालन करते हैं, तो हम आपको ईवेंट के पंजीकरण पर धनवापसी नीति के अनुसार आपके ईवेंट पंजीकरण शुल्क की धनवापसी जारी करेंगे। आप अपनी यात्रा और आवास व्यवस्था करने के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। हम किसी भी यात्रा या आवास की औपचारिकताओं और / या खर्चों के लिए उत्तरदायी नहीं होंगे या यदि आप किसी अप्रत्याशित घटना या हमारे नियंत्रण से बाहर किसी घटना के कारण कार्यक्रम में शामिल होने में असमर्थ हैं। हम अनुशंसा करते हैं कि आप रद्दीकरण और पर्याप्त स्वास्थ्य और दुर्घटना बीमा के खिलाफ उचित बीमा की सदस्यता लें। |
पाकिस्तान में कोरोना का कहर तेज हो गया है। इस बीच पाक के प्रधानमंत्री इमरान खान ने माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स के बात की। पाक में मरने वाले की संख्या 346 है। संक्रमण के मामलों की संख्या बृहस्पतिवार को 15,759 पहुंच गई है।
इस्लामाबादः पाकिस्तान में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों की संख्या बृहस्पतिवार को 15,759 पहुंच गई, जबकि इस महामारी से मरने वाले लोगों का कुल आंकड़ा 346 हो गया है।
देश में पिछले चौबीस घंटे में 874 नए मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा ने बृहस्पतिवार को बताया कि पंजाब, बलूचिस्तान तथा अन्य प्रांतों में 19 और लोगों की मौत हुई है। इसके बाद मृतकों की संख्या 346 हो गई है।
मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि पंजाब में 6,061, सिंध में 5,695, खैबर-पख्तूनख्वा में 2,313, बलूचिस्तान में 978, गिलगित-बाल्टिस्तान में 333, इस्लामाबाद में 313 और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में 66 मामले दर्ज किए गए। अब तक 4,052 मरीज ठीक हो गए हैं और 11,361 मरीजों का इलाज चल रहा है। कम से कम 153 मरीजों की हालत गंभीर है। अधिकारियों ने अब तक 174,160 जांच की हैं जिनमें से 8,249 जांच 29 अप्रैल को की गई है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि स्थानीय संक्रमण 84 फीसदी है और 16 प्रतिशत विदेशी हैं।
इस बीच, प्रधानमंत्री इमरान खान ने माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स से टेलीफोन पर बात की और देश में कोविड-19 महामारी से जुड़े ताजा घटनाक्रमों पर चर्चा की। खान के कार्यालय ने यह जानकारी दी। खान ने कहा कि पाकिस्तान इस महामारी से उबरने और लोगों की जान बचाने के लिये दोहरी चुनौतियों का सामना कर रहा है, खासतौर पर आबादी के सबसे जोखिमग्रस्त तबके को लॉकडाउन के चलते भूखे नहीं मरने देने के लिये।
थरपारकर के उपायुक्त शहजाद ताहिर ने बताया कि सिंध प्रांतीय विधानसभा के हिन्दू सदस्य राणा हमीर सिंह मंगलवार को कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गये। सिंह थरपारकर जिले के रहने वाले हैं। इस जिले की सीमा भारत के राजस्थान राज्य से लगती है। वह पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के टिकट पर 2018 के चुनाव जीते थे। सिंध ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने की कोशिश के तहत रमजान के पाक महीने में सभी धार्मिक सभाओं पर रोक लगा दी है।
| पाकिस्तान में कोरोना का कहर तेज हो गया है। इस बीच पाक के प्रधानमंत्री इमरान खान ने माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स के बात की। पाक में मरने वाले की संख्या तीन सौ छियालीस है। संक्रमण के मामलों की संख्या बृहस्पतिवार को पंद्रह,सात सौ उनसठ पहुंच गई है। इस्लामाबादः पाकिस्तान में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों की संख्या बृहस्पतिवार को पंद्रह,सात सौ उनसठ पहुंच गई, जबकि इस महामारी से मरने वाले लोगों का कुल आंकड़ा तीन सौ छियालीस हो गया है। देश में पिछले चौबीस घंटे में आठ सौ चौहत्तर नए मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा ने बृहस्पतिवार को बताया कि पंजाब, बलूचिस्तान तथा अन्य प्रांतों में उन्नीस और लोगों की मौत हुई है। इसके बाद मृतकों की संख्या तीन सौ छियालीस हो गई है। मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि पंजाब में छः,इकसठ, सिंध में पाँच,छः सौ पचानवे, खैबर-पख्तूनख्वा में दो,तीन सौ तेरह, बलूचिस्तान में नौ सौ अठहत्तर, गिलगित-बाल्टिस्तान में तीन सौ तैंतीस, इस्लामाबाद में तीन सौ तेरह और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में छयासठ मामले दर्ज किए गए। अब तक चार,बावन मरीज ठीक हो गए हैं और ग्यारह,तीन सौ इकसठ मरीजों का इलाज चल रहा है। कम से कम एक सौ तिरेपन मरीजों की हालत गंभीर है। अधिकारियों ने अब तक एक सौ चौहत्तर,एक सौ साठ जांच की हैं जिनमें से आठ,दो सौ उनचास जांच उनतीस अप्रैल को की गई है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि स्थानीय संक्रमण चौरासी फीसदी है और सोलह प्रतिशत विदेशी हैं। इस बीच, प्रधानमंत्री इमरान खान ने माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स से टेलीफोन पर बात की और देश में कोविड-उन्नीस महामारी से जुड़े ताजा घटनाक्रमों पर चर्चा की। खान के कार्यालय ने यह जानकारी दी। खान ने कहा कि पाकिस्तान इस महामारी से उबरने और लोगों की जान बचाने के लिये दोहरी चुनौतियों का सामना कर रहा है, खासतौर पर आबादी के सबसे जोखिमग्रस्त तबके को लॉकडाउन के चलते भूखे नहीं मरने देने के लिये। थरपारकर के उपायुक्त शहजाद ताहिर ने बताया कि सिंध प्रांतीय विधानसभा के हिन्दू सदस्य राणा हमीर सिंह मंगलवार को कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गये। सिंह थरपारकर जिले के रहने वाले हैं। इस जिले की सीमा भारत के राजस्थान राज्य से लगती है। वह पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के टिकट पर दो हज़ार अट्ठारह के चुनाव जीते थे। सिंध ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने की कोशिश के तहत रमजान के पाक महीने में सभी धार्मिक सभाओं पर रोक लगा दी है। |
Ranchi: बुधवार को दुमका में पंचायत सचिव के अभ्यर्थी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिले. जहां उन्होंने नियुक्ति को लेकर मुख्यमंत्री से गुहार लगायी. पंचायत सचिव के अभ्यर्थी 15 दिनों से राजभवन के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे हैं. इस बीच अभ्यर्थियों ने कांग्रेस भवन में भी विरोध प्रदर्शन किया था. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात की थी लेकिन कहीं से इनकी बात अब तक नहीं बनी है. वहीं दुमका में सीएम से मिले अभ्यर्थियों को आश्वासन ही हाथ आया.
2017 में पंचायत सचिव और लिपिक के लिए विज्ञापन निकला था. उसके बाद कई चरणों में परीक्षाएं ली गईं. कुल 4913 अभ्यर्थी सफल हुए और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन भी हो गया, लेकिन सरकार द्वारा मेघा सूची जारी नहीं किया गया बल्कि 19 जनवरी को विज्ञापन रद्द कर दिया गया. इसके बाद पंचायत सचिव के अभ्यर्थी 20 जनवरी से राजभवन के समक्ष अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए और नियुक्ति की मांग कर रहे हैं.
| Ranchi: बुधवार को दुमका में पंचायत सचिव के अभ्यर्थी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिले. जहां उन्होंने नियुक्ति को लेकर मुख्यमंत्री से गुहार लगायी. पंचायत सचिव के अभ्यर्थी पंद्रह दिनों से राजभवन के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे हैं. इस बीच अभ्यर्थियों ने कांग्रेस भवन में भी विरोध प्रदर्शन किया था. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात की थी लेकिन कहीं से इनकी बात अब तक नहीं बनी है. वहीं दुमका में सीएम से मिले अभ्यर्थियों को आश्वासन ही हाथ आया. दो हज़ार सत्रह में पंचायत सचिव और लिपिक के लिए विज्ञापन निकला था. उसके बाद कई चरणों में परीक्षाएं ली गईं. कुल चार हज़ार नौ सौ तेरह अभ्यर्थी सफल हुए और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन भी हो गया, लेकिन सरकार द्वारा मेघा सूची जारी नहीं किया गया बल्कि उन्नीस जनवरी को विज्ञापन रद्द कर दिया गया. इसके बाद पंचायत सचिव के अभ्यर्थी बीस जनवरी से राजभवन के समक्ष अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए और नियुक्ति की मांग कर रहे हैं. |
पीएम मोदी के मंत्रिमंडल में जनता दल यूनाइटेड के एक भी सांसद को जगह नहीं दिया गया है। नीतीश कुमार ने कहा था कि उन्होंने अपने सांसदों से केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने की बात रखी लेकिन उन्होंने शामिल होने से इंकार कर दिया।
पीएम मोदी के मंत्रिमंडल में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के एक भी सांसद को जगह नहीं दिया गया है। नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने कहा था कि उन्होंने अपने सांसदों से केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने की बात रखी लेकिन उन्होंने शामिल होने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि हम ऐसे ही एनडीए (NDA) के साथ हैं मंत्रिमंडल में जाने की क्या जरुरत है।
उन्होंने कहा कि हम आने वाले समय में जब कभी सरकार फेरबदल करेगी तब भी मंत्रिपरिषद में नहीं शामिल होंगे, जिससे लोगों को यह न लगे कि हम इतनी सीटों के लिए रूठे थे और सीट मिलने के बाद वापस मंत्रिमंडल में शामिल हो गए।
सीएम नीतीश नई दिल्ली से लौटने के बाद पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि हमारी पार्टी को कोई शिकवा शिकायत नहीं है। न हमारे कार्यकर्ता मायूस हैं। उन्होंने कहा कि हम सरकार के साथ हैं और बाहर से हमारा हमेशा समर्थन रहेगा। भाजपा व उसके किसी नेता से हमें कोई शिकायत नहीं है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगले साल विधानसभा चुनाव है और इस बात का असर भाजपा के साथ मौजूदा गठबंधन पर बिल्कुल नहीं पड़ेगा। सीएम ने कहा कि उन्होंने पार्टी के सभी नेताओं के साथ बैठक की और उनसे पूछा की कोई मंत्रिमंडल में शामिल होना चाहेगा तो उन्होंने साफ तौर पर मना कर दिया कि वे सांकेतिक भागीदारी में शामिल नहीं होंगे।
| पीएम मोदी के मंत्रिमंडल में जनता दल यूनाइटेड के एक भी सांसद को जगह नहीं दिया गया है। नीतीश कुमार ने कहा था कि उन्होंने अपने सांसदों से केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने की बात रखी लेकिन उन्होंने शामिल होने से इंकार कर दिया। पीएम मोदी के मंत्रिमंडल में जनता दल यूनाइटेड के एक भी सांसद को जगह नहीं दिया गया है। नीतीश कुमार ने कहा था कि उन्होंने अपने सांसदों से केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने की बात रखी लेकिन उन्होंने शामिल होने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि हम ऐसे ही एनडीए के साथ हैं मंत्रिमंडल में जाने की क्या जरुरत है। उन्होंने कहा कि हम आने वाले समय में जब कभी सरकार फेरबदल करेगी तब भी मंत्रिपरिषद में नहीं शामिल होंगे, जिससे लोगों को यह न लगे कि हम इतनी सीटों के लिए रूठे थे और सीट मिलने के बाद वापस मंत्रिमंडल में शामिल हो गए। सीएम नीतीश नई दिल्ली से लौटने के बाद पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि हमारी पार्टी को कोई शिकवा शिकायत नहीं है। न हमारे कार्यकर्ता मायूस हैं। उन्होंने कहा कि हम सरकार के साथ हैं और बाहर से हमारा हमेशा समर्थन रहेगा। भाजपा व उसके किसी नेता से हमें कोई शिकायत नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगले साल विधानसभा चुनाव है और इस बात का असर भाजपा के साथ मौजूदा गठबंधन पर बिल्कुल नहीं पड़ेगा। सीएम ने कहा कि उन्होंने पार्टी के सभी नेताओं के साथ बैठक की और उनसे पूछा की कोई मंत्रिमंडल में शामिल होना चाहेगा तो उन्होंने साफ तौर पर मना कर दिया कि वे सांकेतिक भागीदारी में शामिल नहीं होंगे। |
कोरोना कर्फ्यू से पहले हम चिंतित थे कि निर्माण कार्य पर रोक लगा दी जाएगी। हमारे पास घर जाने के अलावा कोई चारा न था। ऐसे में रोजी रोटी पर संकट था और काम बीच में छोड़कर घर जाने की चिंता थी, लेकिन सरकार ने मजदूरों के हित में फैसला लेकर हमारी रोजी रोटी और दिहाड़ी भी बचा ली साथ ही हम काम बीच में छोड़कर घर जाने जैसी स्थिति से भी बच गए। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से आनी में निर्माण कार्य करने आए संतोष, भोलू सहित उनके 8 साथियों का ये कहना है। उनका कहना है कि कोरोना कर्फ्यू में प्रदेश की जयराम सरकार ने निर्माण कार्य जारी रखने का जो फैसला किया है वो मजदूरों के लिए संजीवनी से कम नहीं है।
पीडब्ल्यूडी के तहत हो रहे एक निर्माण कार्य में कार्यरत संतोष का कहना है कि वह करीब छह महीने से आनी क्षेत्र में विभिन्न निजी और सरकारी निर्माण कार्य कर रहा है। उनके साथ उनके 8 साथी भी इसी कार्य में हैं। ऐसे में अचानक यदि निर्माण कार्य बंद हो जाता तो उनके सामने बेरोजगारी का संकट पैदा हो जाता। इसके अलावा विभिन्न निर्माण कार्य के दौरान कमाया हुआ पैसा जो कई लोगों के पास अभी बकाया है उसे लेने के लिए भी समय नहीं मिलता।
संतोष का कहना है कि जैसे ही सरकार ने निर्माण कार्य जारी रखने का फैसला लिया उनके पास दिहाड़ी लगाने का अवसर है, साथ ही बीते छह महीने में कमाए हुए बकाया पैसे लेने के लिए भी समय मिल गया है। ऐसी ही कहानी भोलु कुमार की भी है। वह भी संतोष कुमार के साथ कार्य कर रहा है। उसने प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का मजदूर हितेषी फैसला लेने पर सरकार का आभार जताया है। उसका कहना है कि यदि निर्माण कार्य पर रोक लगती और हम लोगों को आनी में कोरोना कर्फ्यू में बिना कार्य रहना पड़ता तो राशन और मकान का किराया अतिरिक्त खर्च हो जाता। जो हम दिहाड़ी मजदूरों के लिए कठिन कार्य बन जाता है। ऐसे में सरकार का निर्माण कार्य पर रोक न लगाना हम मजदूरों के हित में है। भोलू ने भी निर्माण कार्य जारी रखने के लिए मुख्यमंत्री ने का धन्यवाद किया है। पे नाऊ पर क्लिक करे।
| कोरोना कर्फ्यू से पहले हम चिंतित थे कि निर्माण कार्य पर रोक लगा दी जाएगी। हमारे पास घर जाने के अलावा कोई चारा न था। ऐसे में रोजी रोटी पर संकट था और काम बीच में छोड़कर घर जाने की चिंता थी, लेकिन सरकार ने मजदूरों के हित में फैसला लेकर हमारी रोजी रोटी और दिहाड़ी भी बचा ली साथ ही हम काम बीच में छोड़कर घर जाने जैसी स्थिति से भी बच गए। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से आनी में निर्माण कार्य करने आए संतोष, भोलू सहित उनके आठ साथियों का ये कहना है। उनका कहना है कि कोरोना कर्फ्यू में प्रदेश की जयराम सरकार ने निर्माण कार्य जारी रखने का जो फैसला किया है वो मजदूरों के लिए संजीवनी से कम नहीं है। पीडब्ल्यूडी के तहत हो रहे एक निर्माण कार्य में कार्यरत संतोष का कहना है कि वह करीब छह महीने से आनी क्षेत्र में विभिन्न निजी और सरकारी निर्माण कार्य कर रहा है। उनके साथ उनके आठ साथी भी इसी कार्य में हैं। ऐसे में अचानक यदि निर्माण कार्य बंद हो जाता तो उनके सामने बेरोजगारी का संकट पैदा हो जाता। इसके अलावा विभिन्न निर्माण कार्य के दौरान कमाया हुआ पैसा जो कई लोगों के पास अभी बकाया है उसे लेने के लिए भी समय नहीं मिलता। संतोष का कहना है कि जैसे ही सरकार ने निर्माण कार्य जारी रखने का फैसला लिया उनके पास दिहाड़ी लगाने का अवसर है, साथ ही बीते छह महीने में कमाए हुए बकाया पैसे लेने के लिए भी समय मिल गया है। ऐसी ही कहानी भोलु कुमार की भी है। वह भी संतोष कुमार के साथ कार्य कर रहा है। उसने प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का मजदूर हितेषी फैसला लेने पर सरकार का आभार जताया है। उसका कहना है कि यदि निर्माण कार्य पर रोक लगती और हम लोगों को आनी में कोरोना कर्फ्यू में बिना कार्य रहना पड़ता तो राशन और मकान का किराया अतिरिक्त खर्च हो जाता। जो हम दिहाड़ी मजदूरों के लिए कठिन कार्य बन जाता है। ऐसे में सरकार का निर्माण कार्य पर रोक न लगाना हम मजदूरों के हित में है। भोलू ने भी निर्माण कार्य जारी रखने के लिए मुख्यमंत्री ने का धन्यवाद किया है। पे नाऊ पर क्लिक करे। |
लद्दाख में घुसपैठ के लिए चीन एक साल तैयारी कर रहा था जिसका खुलासा अब हो चुका है। ड्रैगन यहां पर 'कारगिल' जैसी घुसपैठ की तैयारी करना चाह रहा था। हाल ही में सैटलाइट से मिली तस्वीरों में खुलासा हुआ है कि चीनी सेना ने पिछले साल के मध्य में पैंगोंग शो झील से 100 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में अपनी मोर्चाबंदी कर दी थी। इसके तहत सैन्य ठिकाने का आधुनिकरण शुरू कर दिया गया था। इसके बाद कोरोना महासंकट में भारत को फंसा देख चीन ने भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ कर दी।
लद्दाख में भारतीय सेना की जोरदार तैयारियों से घबराए चीनी ड्रैगन ने करीब एक साल पहले से ही 'कारगिल' जैसी घुसपैठ की तैयारी शुरू कर दी थी। ताजा गतिरोध के बीच सैटलाइट से मिली तस्वीरों में खुलासा हुआ है कि चीनी सेना ने पिछले साल के मध्य में पैंगोंग शो झील से 100 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में अपनी मोर्चाबंदी तेज कर दी थी। इसके तहत सैन्य ठिकाने का आधुनिकरण शुरू कर दिया गया था। इसके बाद कोरोना महासंकट में भारत को फंसा देख चीन ने भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ कर दी।
सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि चीन ने Ngari Gunsa एयरबेस पर लड़ाकू विमानों के परिचालन को तेज कर दिया है। इतना ही नहीं, हाल के दिनों में यहां कई ट्रांसपोर्ट विमानों की लैंडिंग भी हुई। माना जा रहा है कि भारत से लगी सीमा पर अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए चीन ने आवश्यक सैन्य साजोसामान को पहुंचाया। लद्दाख के नजदीक इस चीनी एयरबेस को बढ़ाने का काम भी किया जा रहा है। यह भारत के दौलत बेग ओल्डी हवाई पट्टी से कुछ ही दूरी पर स्थित है।
चीनी एयरफोर्स Ngari Gunsa एयरबेस पर एक और रनवे का निर्माण कर रही है। इस रनवे पर भारी ट्रांसपोर्ट जहाजों तो उतारा जा सकता है। चीन का शेययांग जे 11 रूस की सुखोई एसयू 27 का चीनी वर्जन है। यह फाइटर प्लेन एयर सुपीरियर होने के साथ दूर तक हमला करने में सक्षम है। इसमें दो इंजन लगे होते हैं जिससे जेट को ज्यादा पॉवर मिलती है। चीन में निर्मित इस विमान को केवल चीनी एयर फोर्स ही ऑपरेट करती है। यह जेट 33000 किलोग्राम तक के वजन के साथ उड़ान भर सकता है। यह विमान एक बार में 1500 किलोमीटर की दूरी तक मार कर सकता है।
चीन ने भी अपने अभ्यास को एक महीने के लिए स्थगित कर दिया था लेकिन चीन ने चालाकी दिखाते हुए गलवान घाटी और पैंगोंग शो झील के करीब फिंगर एरिया में तुरंत सैनिकों की तैनाती कर दी। इकनॉमिक टाइम्स ने गलवान तनाव के बारे में सबसे पहले जानकारी दी थी। चीनी सैनिकों के पहुंचने के कारण दौलत बेग ओल्डी और काराकोरम पास से लेह तक जाने के लिए पिछले साल बनाए गए सड़क से संपर्क टूट जाने का खतरा मंडराने लगा है।
| लद्दाख में घुसपैठ के लिए चीन एक साल तैयारी कर रहा था जिसका खुलासा अब हो चुका है। ड्रैगन यहां पर 'कारगिल' जैसी घुसपैठ की तैयारी करना चाह रहा था। हाल ही में सैटलाइट से मिली तस्वीरों में खुलासा हुआ है कि चीनी सेना ने पिछले साल के मध्य में पैंगोंग शो झील से एक सौ किलोग्राममीटर दक्षिण-पूर्व में अपनी मोर्चाबंदी कर दी थी। इसके तहत सैन्य ठिकाने का आधुनिकरण शुरू कर दिया गया था। इसके बाद कोरोना महासंकट में भारत को फंसा देख चीन ने भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ कर दी। लद्दाख में भारतीय सेना की जोरदार तैयारियों से घबराए चीनी ड्रैगन ने करीब एक साल पहले से ही 'कारगिल' जैसी घुसपैठ की तैयारी शुरू कर दी थी। ताजा गतिरोध के बीच सैटलाइट से मिली तस्वीरों में खुलासा हुआ है कि चीनी सेना ने पिछले साल के मध्य में पैंगोंग शो झील से एक सौ किलोग्राममीटर दक्षिण-पूर्व में अपनी मोर्चाबंदी तेज कर दी थी। इसके तहत सैन्य ठिकाने का आधुनिकरण शुरू कर दिया गया था। इसके बाद कोरोना महासंकट में भारत को फंसा देख चीन ने भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ कर दी। सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि चीन ने Ngari Gunsa एयरबेस पर लड़ाकू विमानों के परिचालन को तेज कर दिया है। इतना ही नहीं, हाल के दिनों में यहां कई ट्रांसपोर्ट विमानों की लैंडिंग भी हुई। माना जा रहा है कि भारत से लगी सीमा पर अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए चीन ने आवश्यक सैन्य साजोसामान को पहुंचाया। लद्दाख के नजदीक इस चीनी एयरबेस को बढ़ाने का काम भी किया जा रहा है। यह भारत के दौलत बेग ओल्डी हवाई पट्टी से कुछ ही दूरी पर स्थित है। चीनी एयरफोर्स Ngari Gunsa एयरबेस पर एक और रनवे का निर्माण कर रही है। इस रनवे पर भारी ट्रांसपोर्ट जहाजों तो उतारा जा सकता है। चीन का शेययांग जे ग्यारह रूस की सुखोई एसयू सत्ताईस का चीनी वर्जन है। यह फाइटर प्लेन एयर सुपीरियर होने के साथ दूर तक हमला करने में सक्षम है। इसमें दो इंजन लगे होते हैं जिससे जेट को ज्यादा पॉवर मिलती है। चीन में निर्मित इस विमान को केवल चीनी एयर फोर्स ही ऑपरेट करती है। यह जेट तैंतीस हज़ार किलोग्रामग्राम तक के वजन के साथ उड़ान भर सकता है। यह विमान एक बार में एक हज़ार पाँच सौ किलोग्राममीटर की दूरी तक मार कर सकता है। चीन ने भी अपने अभ्यास को एक महीने के लिए स्थगित कर दिया था लेकिन चीन ने चालाकी दिखाते हुए गलवान घाटी और पैंगोंग शो झील के करीब फिंगर एरिया में तुरंत सैनिकों की तैनाती कर दी। इकनॉमिक टाइम्स ने गलवान तनाव के बारे में सबसे पहले जानकारी दी थी। चीनी सैनिकों के पहुंचने के कारण दौलत बेग ओल्डी और काराकोरम पास से लेह तक जाने के लिए पिछले साल बनाए गए सड़क से संपर्क टूट जाने का खतरा मंडराने लगा है। |
मुज़फ्फरनगर जनपद के चरथावल कस्बे के मौहल्ला में करीब बीस वर्षीय मंदबुद्धि भाई ने घर में सो रही ग्यारह वर्षीय बहन का गला रेतकर हत्या कर दी। भाई द्वारा बहन का गला रेतने की सूचना से कस्बे में सनसनी फैल गयी। परिजन उसे अस्पताल लेकर दौड़े,लेकिन किशोरी ने रास्ते मे ही दम तोड़ दिया। किशोरी के गले रेतने की सूचना पर पुलिस ने घटनास्थल पर पहुँची और मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दरअसल मामला चरथावल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मुर्दा पट्टी का है जहाँ 11 वर्षीय साहिबा पुत्री शमशेर घर के अंदर कमरे में सो रही थी तभी बाहर से गए 20 वर्षीय भाई ने सोती हुई बहन की गर्दन पर अचानक चाकू से हमला कर दिया। जिसमें वह बुरी तरह घायल हो गयी।
चीख-पुकार की आवाज पर परिजन कमरे के अंदर दौड़े और घायल किशोरी को परिजन उपचार के लिये अस्पताल के लिए भागे लेकिन रास्ते में ही किशोरी ने दम तोड़ दिया ।
इस बीच हत्यारा भाई घटना को अंजाम देकर फरार हो गया। भाई द्वारा बहन का गला रेतने की सूचना से सनसनी फैल गई बताया जाता है कि शमशेर के 20 वर्षीय पुत्र सोनू उर्फ शहजाद की मानसिक स्थिति ठीक नही है।
परिजन उसका कई बार इंलाज करा चुके है वर्तमान में भी उसका इलाज चल रहा था। मृतक साहिबा के भाई सोनू की करीब 8 महीने पहले ही शादी हुई थी। मृतक लड़की का भाई दो बार मेंटल हॉस्पिटल में भी रह चुका है ,और लगभग 15 दिन पहले ही पागल खाने से आया था। उसका इलाज मेरठ चल रहा था। सूचना मिलने पर चरथावल पुलिस मौके पर पहुंची और मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिजन ने बताया कि मामला यह है कि लड़का पागल है बहुत दिनों से बीमार चल रहा है. इसका इलाज भी चल रहा है और लड़का पागल है प्याज काटने वाला छुरी ले गया था उससे लड़की की गर्दन काट दी. लड़की की उम्र साथ 8 साल है पुलिस वाले डेड बॉडी को लेकर पोस्टमार्टम के लिए जा रहे हैं ।
वही एसपी सिटी ने दी जानकारी चरथावल थाना क्षेत्र की घटना हुई है जिसमें अपने एक भाई ने अपनी बहन की हत्या की है अब तक जो उसमें यह पता चला है कि उसका भाई हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था मानसिक रूप से ठीक नहीं है जब वह वापस आया उन्हें अपनी बहन की हत्या की है मौके का मुआयना कर लिया गया है जांच करके विधिक कार्रवाई की जाएगी।
| मुज़फ्फरनगर जनपद के चरथावल कस्बे के मौहल्ला में करीब बीस वर्षीय मंदबुद्धि भाई ने घर में सो रही ग्यारह वर्षीय बहन का गला रेतकर हत्या कर दी। भाई द्वारा बहन का गला रेतने की सूचना से कस्बे में सनसनी फैल गयी। परिजन उसे अस्पताल लेकर दौड़े,लेकिन किशोरी ने रास्ते मे ही दम तोड़ दिया। किशोरी के गले रेतने की सूचना पर पुलिस ने घटनास्थल पर पहुँची और मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दरअसल मामला चरथावल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मुर्दा पट्टी का है जहाँ ग्यारह वर्षीय साहिबा पुत्री शमशेर घर के अंदर कमरे में सो रही थी तभी बाहर से गए बीस वर्षीय भाई ने सोती हुई बहन की गर्दन पर अचानक चाकू से हमला कर दिया। जिसमें वह बुरी तरह घायल हो गयी। चीख-पुकार की आवाज पर परिजन कमरे के अंदर दौड़े और घायल किशोरी को परिजन उपचार के लिये अस्पताल के लिए भागे लेकिन रास्ते में ही किशोरी ने दम तोड़ दिया । इस बीच हत्यारा भाई घटना को अंजाम देकर फरार हो गया। भाई द्वारा बहन का गला रेतने की सूचना से सनसनी फैल गई बताया जाता है कि शमशेर के बीस वर्षीय पुत्र सोनू उर्फ शहजाद की मानसिक स्थिति ठीक नही है। परिजन उसका कई बार इंलाज करा चुके है वर्तमान में भी उसका इलाज चल रहा था। मृतक साहिबा के भाई सोनू की करीब आठ महीने पहले ही शादी हुई थी। मृतक लड़की का भाई दो बार मेंटल हॉस्पिटल में भी रह चुका है ,और लगभग पंद्रह दिन पहले ही पागल खाने से आया था। उसका इलाज मेरठ चल रहा था। सूचना मिलने पर चरथावल पुलिस मौके पर पहुंची और मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजन ने बताया कि मामला यह है कि लड़का पागल है बहुत दिनों से बीमार चल रहा है. इसका इलाज भी चल रहा है और लड़का पागल है प्याज काटने वाला छुरी ले गया था उससे लड़की की गर्दन काट दी. लड़की की उम्र साथ आठ साल है पुलिस वाले डेड बॉडी को लेकर पोस्टमार्टम के लिए जा रहे हैं । वही एसपी सिटी ने दी जानकारी चरथावल थाना क्षेत्र की घटना हुई है जिसमें अपने एक भाई ने अपनी बहन की हत्या की है अब तक जो उसमें यह पता चला है कि उसका भाई हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था मानसिक रूप से ठीक नहीं है जब वह वापस आया उन्हें अपनी बहन की हत्या की है मौके का मुआयना कर लिया गया है जांच करके विधिक कार्रवाई की जाएगी। |
१० । चन्दनमाटी
माता पुष्पा देवी अनेक तरह के कष्टों को झेलती हुई अपने इकलौते पुल को साथ लिये किसी प्रकार अपने मायके राणीपुर पहुँच पायी थी। तब बलदेव पांच-छः माह का अवोध बालक था। उसका पालन-पोषण अपने ननिहाल में ही हुआ । उसे अपने मामा दीवान चन्द से भरपूर प्यार मिलता रहा । मामा ने उसे कभी इस बात का एहसास नहीं होने दिया कि उसके सिर पर पिता का संरक्षण नहीं है ।
खिड़की मे से दोनों ओर के दृश्य निहार कर उसके मन - प्राण पुलकित हो रहे थे । प्रकृति तथा मानव द्वारा निर्मित तरह-तरह के नजारे चलचित्र की फिल्म की भाँति कुछ क्षणो के लिये अपना रूप दिखाकर सन-सन करते दूर पीछे कही छुपते जा रहे थे। दूर-दूर तक विस्तीर्ण खेतो में सरसो के पौधे शीतल पवन के झोको से किसी नशे से विभोर होकर मस्ती में झूमते दृष्टिगोचर हो रहे थे । ढलते सूर्य को उजली पीली धूप में सरसों के असंख्य बसन्ती फूल यों लग रहे थे मानो वे अभी-अभी स्वर्ण-जल में नहाए हो । हवा की गति के साथ-साथ वे कभी झुक जाते तो कभी एकदम सीधे तन जाने और फिर कभी अपने दाँये बांयें आगे-पीछे झुक झुक कर नृत्य की मुद्राएँ अपनाने लगते । रेल पटरी के आसपास कही कोई पोखर दिखाई पडता, कही छोटी सी सर्पीली सरिता भन को गुदगुदा जाती । कही-कही पशु चरते हुए दिखाई पड़ते । कच्चे-पक्के मकानां व झोपड़ो वाले गांव-टोले बलदेव को कही हल्का सा गुदगुदा देते । दूर किसी मकान से उठता हुआ धुआँ उसे भला लगता । किसी अनजुते खेत में पड़ी खाद व गोबर की ढेरियाँ उसके मस्तिष्क में एक काल्पनिक गध सी भर देती। लहलहाते सरसों के खेतो में बनो वीयिकाओ से जाते हुए लोगों की वेशभूषा व उनकी चाल-ढाल देखकर यह हपित हो रहा था।
बलदेव को अनेक खेतो मे नलकूप दिखाई पडे, कही-कही ट्रैक्टर नजर आए। पहले की अपेक्षा अव पक्के मकानों की संख्या कही ज्यादा हो गयी थी। गाँवों में कई मकानों पर उसे टी० वी० के एन्टीना दिखाई पड़ रहे थे । स्कूल भवन अब पहले की तरह कच्चे कम हो दिखाई पड़ते थे। शह्रो की भाँति अब गाँवो मे भी रोज़गार की सुविधाएं बढ गयी थी। लोगों के जीवन स्तर मे आए परिवर्तन का भी उसे एहसास हो रहा था। उसे लग रहा था कि स्वतंत्रता प्राप्ति के उपरान्त अवश्य ही देश मे "तरह-तरह के परिवर्तन आए है। देश की दशा में अनेक प्रकार के सुधार हुए हैं। तभी सहसा उसे उन लोगो की बातें याद आने लगी, जो अपनो खुली आँखो से सब
कुछ देखते हुए भी कुछ नहीं देखते । जिन्हें प्रकाश में भी पास हो अन्वर
नजर आता है। ऐसे लोगों के मन में धारणा सी जम चुकी है कि आजो पाने के बाद देश प्रगति को ओर अग्रसर होने के बजाए खजाए पतेन मोर ही बढा है । उसे लगने लगा कि इस प्रकार की मानसिकता के लोग वास्तव में राष्ट्र के शत्रु है । सत्य से मुँह चुराना कौन से न्याय की बात है, दिन को रात कहना क्या उचित है । लोगों को बहकाना, उनके दिलदिमाग में जहर भरना क्या एक प्रकार का देश-द्रोह नहीं माना जा सकता । हाँ ऐसे लोग देश के दुश्मन ही हैं। हो सकता है कि देश के कुछ नेता असत्य बोलते हों, बातों को गलत अथवा बढ़ा-चढ़ा कर कहते हो । पर वे नेता क्यो झूठ बोलेगे, लोगों से धोखाधडी करेगे जिनका पूरा जीवन ही देश सेवा मे बीता है, जिन्होंने स्वाधीनता प्राप्ति के लिये क्या-क्या कष्ट नहीं झेले। फिर सारे चित्र सारे परिवर्तन तो जनता के सामने हैं। क्या देश मे हुई प्रगति को वह नही समझती । फिर उसे लगता है कि यह ज़रूर है कि जैसा होना चाहिये था वैसा कुछ नही हुआ। पर फिर भी कुछ तो हुआ ही है । शताब्दियों की गुलामी के कारण देश मे जो अज्ञानता, ग्ररोबी, पिछडापन व अनेक प्रकार की बुराइयां व कमजोरियां उत्पन्न हो गयी थी, उन सबको समाप्त होने में समय तो लगेगा ही। हवा में खाली वाते उछाल देना और बात है और जनता के लिये कुछ करके दिखाना और बात है ।
तभी गाड़ी जब एक छोटे से स्टेशन से चलने को हुई तो एक किशोर व किशोरी ने डिब्बे में प्रवेश किया। वे दोनों साथ-साथ खड़े हो गये । लड़की के हाथ में एक कटोरा था और लड़का गले में एक छोटो-सी ढोलक लटकाए था। जाहिर था कि वे दोनों भीख मांगने के लिये ही वहीं प्रविष्ठ हुए थे । थे दोनों की वेशभुषा भी वैसी ही थी जैसी प्रायः भिखमगों की होती है। डि में, देहे रोगों पर एक सरसरी लिन्ह डालने के बाद वे दोनों समवेत स्वर में फिल्मी धुन पर वैष्णों माता को भेंटें गाने लगे। लड़का अपने गले में लटकी ढोलक पर थाप दे रहा था और लड़की दाहिनो कलाई में पड़े लोहे के कड़े से ताल मिलाकर अपने कटोरे को वजा रही थी । गा चुकने के बाद लड़की ने अपना कटोरा और लड़के ने अपनी हथेली लोगों के आगे फैलानी शुरू कर दी। उनके मुख तथा सूखी आँखों में एक अजीब तरह की वेदना व याचना नजर आ रही थी। कतिपय लोगों ने उन्हें पांच-दस पैसे के सिक्के दिये, कुछ ने उन्हें हाय के इशारे से आगे बढ़ जाने को कहा। उन भिखमंगो को देखकर बलदेव को अपने भीतर कही चुभन सी महसूस हुई। बेशक डिकवे
१२ । चन्द्रमा
में बैठे कुछ यातियों के चेहरों पर सत्यप व वर्ष दिखाई पड़ रहा था पर अधियांश को भाव-भंगिमाओं में उनकी उड़ामी रामारीदा ही थी। यहीं नहीं लगता था कि ये अपने वर्तमान जीवन से मनुष्ट है।
अब यह बाहरी दृश्योपहिये में बैठे भारतीय समाज तथा राजनीतिक परिवेश में सत्यन्ध में मन पर रहा था । उसे लग रहा था कि स्वतंत्र प्राप्ति के बाद देश मे जो वातावरण बना है, उससे कहीं भी हर्षमा गर्व की कोई विशेष अनुभूति नहीं होती कि स्थितियों का सही अवलोकन करने पर निराशा हो हाम सती है। भाडादी से पहले जनता ने मया-क्या सपने मन में संजोये या थी कि जब हम स्वतन्त्र होंगे तो बढ़ी सी व मामाजिक प्रगति होगी, समाज का नैतिक उत्थान होगा, तब हम अपने दायित्वों व कर्तव्यों को समझाकर आदर्श स्वतन्त्र नागरिक की तरह व्यवहार गरेंगे, दूसरे देशों के सामने अपनी नैतिनता के उदाहरण प्रस्तुत करेंगे। पर याज हम पेसी नैतिकता प्रस्तुत कर रहे हैं। हर हटाचार का योनवाता है । राजनीति का रूप दिनों-दिन कितनाना होता जा रहा है। पर प्राप्ति अथवा अपनी गला को बनाए रखने के लिए
जा रहे हैं। हर कोई इसी फेर में रहता है कि फोनगा रास्ता अपनाकर माम जनता को मूर्ख बनाया जाए, हितरीय से अधिक से अधिक धन बटोरा जाए, वैसे-वैसे आवासन तथा मौक नारे हवा में उद्यानकर भोलीभाती जनता को सज्ज बाग दिपाये जाये। फिर बलदेव के मन में विचार आया कि राष्ट्र को स्वाधीनता-प्राप्ति हेतु विस-रिव रूप में बलिदान नहीं देने पड़े । स्वाधीनता की देवी के स्वागतार्थ हमारे कितने ही योरों ने हंसवेहसत फाँसी के पदों को धूम लिया था, स्तिनी मांगों के सिन्दूर मिट गये थे, कितनी ही बहनों के भाई सदैव के लिए उनसे गये थे, कितनी बह कलाइयों के साल पूढे टूट गये थे, कितने हाथों की मेंहदो मिट गई थी, गलियो-वाजारों तथा जेलों में रक्त को कितनी नदियाँ यही होगी। क्या ये सब बलिदान उस पथ को पाने के लिए दिये थे जिस पर आज हम पल रहे है ? क्या उन देशभक्त यतिदानियों ने इस प्रकार के स्वतन्त्र भारत की कल्पना की थी ?
उधेड़बुन में यह खोया हुआ था कि गाड़ी एक हल्के से धक्के के साथ बाबा बकाला स्टेशन पर रुकी। उमने अल्दी से अपना अटैचीकेस उठाया और प्लेटफार्म से बाहर आ गया। स्टेशन के बाहर
पाँच-सात ताँगे व रिक्शे खड़े थे । वह अभी कुछ साच हा रहा था कुदा हुन और खड़े तांगे के कोचवान ने उसे आवाज देकर अपने पास बुलाया। वलदेव ने तुरन्त उसे पहचानते हुए पूछा- कहो भाई लाभसह, क्या राणीपुर ही चल रहे हो ?
- आओ, पंडित जी, हूँ। आओ यहाँ आगे बैठ चलता हूँ ।
मत्था टेकता हूँ । पिण्ड (गाँव) हो तो चल रहा जाओ। बस दो-एक सवारी और देख लूं तो
बलदेव अटैचीकेम को आगे टिकाकर सीट पर बैठ गया। तांगे में उसके अलावा तीन यात्री और बैठे थे । वह जानता था कि नियमानुसार तांगे में चार ही सवारियाँ बैठाई जा सकती है। पर आज नियमों की किसे कोई परवाह है। जब हर कही कायदे-कानून का मुंह नोचा जा रहा है तो वेचारे गरीब ताँगे वाले ही क्यों नियमों की खातिर अपने पेट वांधे। उसने कोई आपत्ति नही की और इस बारे में मौन हो रहा । वैसे उसने गाँव के बारे में गांव वालो के बारे में उससे दो-चार बाते अवश्य की ।
आठ-दस मिनट गुजरने पर भी जब कोई सवारी न मिली तो मजबूर होकर कोचवान ने घोड़े की लगाम को एक हल्का सा झटका दिया, साधारण सा साँटा ( चाबुक) उसकी पीठ पर लहराते हुए बोला- चल पुत्तर पिण्ड नूं । और वह मरियल सा घोडा कुछ क्षण अटकने के बाद गाँव को जाने वाली उबड़-खाबड़ सड़क पर मंद गति में दौड़ने लगा। घोडा तो खैर क्षीणकाय का था ही, लाभसिंह का तांगा भी शायद महाराजा रणजीत सिंह के जमाने का था। उस वृद्धा पीठ-छिली सड़क पर अंजर पंजर ढीला ताँगा बार-बार हिचकोले खाने से अजीव तरह की मधुर ध्वनि उत्पन्न कर रहा था । प्रत्येक हिचकोले पर सवारियो को स्वयं को सम्भालना पड़ रहा था। थोड़ा आगे जाने पर पुनः जब एक जबरदस्त झटका लगा तो पिछली सीट पर वैठे एक मनचले युवक ने थोड़ा हंसकर कहालोग परिवार नियोजन के लिए गर्भपात करने के लिए मालूम नहीं क्या-क्या उपाय करते हैं । भाई, जिस किसी औरत का हमल गिराना हो उसे लाभसिंह के इस ताँगे मे बैठाकर सवारी करवा देनी चाहिये । भगवान की कृपा से अवश्य ही मन-वाछित फल मिल जाएगा। उसके ये शब्द सुनकर तांग में बैठे सभी मुसाफ़िर खिलखिलाकर हंस पड़े । बेचारा लाभसिंह भी अपनी खिसयानी हंसी न रोक पाया ।
फिर सहसा बलदेव की निगाह घोडे से हटकर लानसिंह पर गयी । उसे लगा कि यही लाभसंह जो अभी कुछ वर्ष पहले तक अच्छा तन्दरुस्त लगता
१४ । चन्द्रनमाटा
था अब पूरी तरह वृद्धावस्था में प्रवेश कर चुका है। वह बचपन से उसे देखता आ रहा था। अनेक बार वह उसके ताँगे में बैठकर स्टेशन तक आया-गया था। अब उसका हुलिया कितना बदल चुका है। कभी यह गाँव मे कैसा खडखडाता तहमद, रेशमी कुरता और तुरेंदार साफा बांधकर निकला करता था। पर अब वह वैसा लग रहा है । कैसी ढीली ढाली रस्से की तरह पगडी सिर पर लपेटे हुए है । खुली हुई खिचड़ी दाढी वया के घोसले की तरह लग रही है। गाल पिचक चुके हैं, आंखें भीतर धँस गयी है। पधि में चमरौधा जूते की जगह घिसी हुई हवाई चप्पल है । शायद यह सब समय का ही फेर है । यह समय का चक्र किसे बख्शता है। अपनी लपेट में यह हर किसी को ले लेता है ।
अब सूर्य अस्ताचल की ओर तेजी से बढ़ रहा था। पांच-सात फलन की दूरी पर पेडों में घिरा गाँव अब बलदेव को नज़र जा रहा था। पश्चिम को ओर सरदारों के वाग व छम्भ ( पेडों के समूह) के ऊपर वादलों की कुछ टुकडियां नीलाम्बर में तैर रही थी । दीप्तिमान सूर्य का स्वर्ण थाल पश्चिमो क्षितिज मे छुपने के लिये धीरे-धीरे नीचे उतर रहा था । नारंगी वर्ण मेघखंड अब कजरारे होते जा रहे थे । गाँव के कच्चे-पक्के मकानों को प्राचीरों, कंगूरों तथा ममटियों पर अभी सलेटी-पोली रोशनी नजर आ रही थी। बलदेव कुछ क्षणों के लिये सब कुछ भूलकर अपने प्यारे गाँव का यह मोहक दृश्य, निहारकर मन ही मन विभोर हो रहा था । तोगा आगे बढ़ रहा था और उसके साथ-साथ राणीपुर गाँव बलदेव की आँखो व मन-प्राणों के निकट आता जा रहा था। कुछ अजीब तरह को सिहरन वह अपने भीतर अनुभव कर रहा था ।
थोडा और आगे जाने पर अब ताँगा बलकारा सिंह के रहट के पास से गुजर रहा था। सडक पर रहट के चलने की रूँ-रूं की आवाज और रहट के चक्के पर तुक्के की टक्टक उसे बडी प्यारी लग रही थी । धुंधकले में भी उसे गाँव की तीन-चार महिलाएं पानी भरे घड़े उठाए नजर आ रही थी । रहट के पास शीशम, बबूल व शरीह के ऊंचे-ऊंचे पेड़ धीरे-धीरे उतर रहे अन्धेरे में खामोश खड़े थे। सड़क के किनारे की झाडियों व घेतो से झीगुरों व टिड्डों की आवाजें आ रही थीं। थोड़ा आगे उसे पीर बन्नेशाह का मजार दिखाई पड़ा। भज़ार पर किसी ने चिराग़ जला दिया था। आज उसे यह मजार देखकर भी मन को कुछ अच्छा लग रहा था। उसे याद है जब वह छोटा था तब वह इस मजार को कल्पना माल से सहम जाता था। मजार
चन्दनमाटी । १५.
सम्बन्धी कोई डरावनी का उसे कँपकँपा देती थी। तभी उसको निगाह ठट्ठी के बगल वाली पगडंडी पर गयो । वहाँ कोई सांडनी सवार गाँव को ओर जा रहा था । सवार की ढील-ढौल से वह समझ गया कि वह सरदार जोधा सिंह का लड़का शेरसिंह ही होगा। वह किसी आस-पास के गांव से लौट रहा होगा ।
अव तांगा ठठ्ठी (चमारों व पिछडी जातियों का वाली पगडंडी से धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा था। पगडंडी के सा जोहड़ था । जोहड़ के तट पर धरेक, बबूल व लसूड़े आदि के अनेक पेड़ थे । अन्धेरा उतरना शुरू हो चुका था और अब ये पेड वेतरतीव ऊंची-नीचो काली दीवार की तरह दिखाई पड़ रहे थे । बाईं ओर ठठ्ठी के कच्चे मकान नज़र आ रहे थे । ठट्ठी में रहने वाले अधिकांश लोग हरिजन है । कुछ परिवार इसाई धर्म के अनुयायी है। चर्च के छोटे से भवन को छोडकर लगभग शेष सभो मकान कच्चे थे । चर्च से थोड़ा हटके एक कुँआ था जिस पर लोहे की चरखडी लगी हुई थी । चरखड़ी के साथ एक लोहे का डोल बँधा था । कोई औरत चरखडी को घुमाकर कुँए से पानी निकाल रही थी । पास खडी दो और महिलाएं आपस में कुछ बातचीत कर रही थीं। उनके घड़े कुँए की कच्ची मुंडेर पर पड़े थे । कुंए के चबूतरे के नोचे गंदे पानी व कीचड़ का एक गड्ढा सा बना हुआ था । कुछ घरों मे जलते हुए दिये व चूल्हे उसे नज़र आ रहे थे । चूल्हो तथा तन्दूरी में धीरे-धीरे जलते व धुंआ छोडते. उपलों की जानी-पहचानी गंध का उसे एहसास हो रहा था । औरतो व वच्चों की मिली-जुली ऊंची आवाजें उसके कानों में पड़ रही थी । बलदेव सोच रहा था कि जब-जब भी वह इस बस्ती के पास से निकलता है तब-तब उसे एक अजीब-सी दुर्गन्ध सूंघने को मिलती है । कब वह समय आयेगा जब इस पिछड़ी बस्ती में बहार आयेगी, कत्र यहाँ के लोगों के चेहरों पर गुलाब खिलेगे, खुशियाँ नावेगी ।
दारे (चौपाल) के समीप मूले की भट्टी के पास वह ताँगे से उतर गया । आगे वह गली थी जिसमें उसका घर था। गली इतनी तंग थी कि उसमे तांगे का जा पाना कठिन था । मूले की भट्टी में अभी कुछ आँच शेष थी । शीत से बचने के लिए भट्टी के पास तीन-चार कुत्ते दुबके बैठे थे । वलदेव को वहां से जाते देखकर वे हल्का-सा भौके और पुनः अपनी टाँगों में सिर दवाकर दुबक गये ।
अभी वह अपने मकान में चालीस-पचास गज की दूरी पर ही था कि
१६ । चन्दनमाटी
उसे गली में रहने वाले बग्गासिंह बढई की आठ-दस वर्षीया विटिया पाशो ने देखा और तुरन्त उसके घर की ओर भाग गयी। शायद वह वलदेव की माँ व मामी को उसके आने का शुभ समाचार सुनाने गयी थी। जैसे ही वह अपने मकान के ओसारे के सामने पहुॅचा उसने माँ तथा मामी को प्रसन्न मुद्रा में प्रतीक्षारत पाया। उन दोनो को देखकर वह पुलकित हो उठा तुरन्त आगे बढकर हर्ष व आदर से वशीभूत होकर उसने बारी-बारी दोनो के चरण हुए। माँ व मामी ने उसकी पीठ पर हाथ फेरा, उसका सिर चूमकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त को । औसारे मे टॅगी लालटेन की पीली- मद्धिम रोशनी में उसने माँ के मुख की ओर देखा। माँ को क्षीण बुझी बुझी आँखों मे अश्रुकण तैर रहे थे ।
कुछ क्षणों बाद वे तीनों सामने वाले बड़े पसार (बैठक) में बैठे थे 1 बलदेव पलंग पर बैठा कभी माँ व मामी को तो कभी कमरे में रखे सामान को देख रहा था। कमरे की चीज़ो के रख-रखाव में उसे कोई परिवर्तन नजर नहीं आ रहा था। दोनो बडी पेटियाँ व ट्रन्क-सूटकेस आदि यथास्थान पढे हुए थे । पेटियां के पीछे वाली दोवार पर दो बडे-बडे हाथ वाले पखे ढंगे हुए थे । पखों के सिरो पर बूटियो वाले कपड़े की झालर लगी हुई थी । गर्मी के दिनों में घर में खुशी-गमी के मौको पर आए लोगो को हवा करने के लिये इन पखो का उपयोग किया जाता था ।
फिर मामी ने बात शुरू करते हुए कहा- बलदेव बेटे, बहुत दिनो बाद गाँव आए हो । भगवान करे तुम्हारा काम बन जाए, तुम्हारी नौकरी गाँव के स्कूल में ही लग जाए । सचमुच कितना अच्छा रहेगा जब तुम यहाँ रहने लगोगे, हम लोगो की आँखो के सामने रहोगे। बेटा, जो मुख-आराम अपने घर में होता है वह बाहर कहाँ ।
-हाँ भामो, तुम ठीक कह रही हो । मेरा मन भी कहाँ लगता है शहर में । हर समय आप लोगों को व अपने गाँव की बाते हो याद आती रहती हैं । मामा जी की चिट्ठी पाकर मुझे खुशी व तसल्ली हुई । अगर आप बुजुर्गों के "आर्शीवाद से काम बन गया तो मैं अपने आपको भाग्यशाली समझेंगा । वैसे मामा जी के पल से लगता है कि उन्हें मेरी नौकरी राग जाने की बहुत आशा है ।
- हां उसे आस तो बहुत है । वह कह रहा था कि स्कूल की कमेटी के कई लोग उसकी ही बात का पक्ष लेंगे और तुम्हे हेड मास्टर बनवाने के लिए . पूरा जोर लगाएँगे, ये शब्द उसकी माँ ने कहे।
चन्दनुमटी । १७
~ माँ ! मुझे तो उम्मीद है मामा जी को वकी आस पूरी होगी । मामा जी का सब मे उठना-बैठना है, "उनको अच्छा-खासा रमूख है प्रभाव है । वस थोड़ा खटका है तो वह सरदार जोधा सिंह व उसके दो-एक साथियो से । वह पुरानी शत्रुता को कहाँ भुलाने वाला है । जैसा वह स्वयं है वैसे ही उसके लड़के बच्चे व खानदान के अन्य लोग हैं । वैसे वह मुझसे हमेशा बड़ी शिष्टता से बातचीत करता है, पूरा स्नेह प्यार दर्शाने की कोशिश करता है । और आप लोग देखते होंगे कि मैं भी उसे एक बुजुर्ग की तरह आदर- मान देता हूँ, मामा जी की तरह मानता हूँ ।
उसके ये शब्द सुनकर माँ ने कहा- वेटा, जोधा सिंह मन का मेला है । ऊपर से वेशक वह प्रेम व आदर का दिखावा करता है पर मन में खोट भरा है । तुम्हारे मामा को नीचा दिखाने के फेर मे हमेशा रहता है। पर मुझे जब भी मिलता है बड़े प्यार से बात करता है। गाँव की वेटियों को आदरमान देने की जो परम्परा है उसका वह निर्वाह पूरी तरह करता है। मुझे
भरोसा है कि आखिर तुम इस गाँव के नाती हो, तुम्हें तो हर किसी का प्यार मिलना चाहिये । खैर जो होगा देखा जायेगा । अच्छा तुम हाथ-मुंह धो लो । मैं अभी थोड़ी देर मे तुम्हारे लिए खाना लाती हूँ ।
~मां ! हाथ-मुंह धुला हुआ है। भोजन मैं यहाँ पसार में नहीं चौके में बैठकर करूंगा। तुम्हारे पास चौके में बैठकर खाने में जो सुख है वह यहाँ इस कमरे मे कहाँ । तुम चलो खाना लगाओ, मैं अभी आता हूँ । मामी, तुम भी वहाँ हमारे पास बैठना । सोचता हूँ मामा जी या जीता भैया आ जाते तो उनके साथ बैठकर भोजन करता । पर मालूम नही वे लोग कब आएँ । मामा जी तो प्रायः देर से लौटते है । और मुझे भूख लगी हुई है । तुम तो जानती ही हो कि मैं सब कुछ बर्दाश्त कर लेता हूँ किन्तु भूख नही ।
मौ चौके मे बैठो भोजन परोस रही थी । मामी भी पास पडे मुड्डे पर बैठो थी । वलदेव के मुख पर प्रसन्नता व सन्तोष को आभा नजूर था रही थी । वह सोच रहा था कि इस रसोई का वातावरण कितना पावन कितना सुखद है। किसी प्रकार की कोई कृलिमता नही । गोवर से लिपा-पुता यह । कैसा मोहक भोजन कक्ष है। सामने लकड़ी की पडछत्ती व खुली आलमारी मे करीने से रखे फूल व पीतल के चमचमाते वर्तन आँखों को कितने भले लग रहे हैं । वातावरण में वैसी सोधी-सी खुशबू रची हुई है। क्या शहर की रसोई इसका मुकाबला कर सकती है। शहरों के डाईनिंग रूम अर्थात भोजन के | दस । चन्दनमाटी माता पुष्पा देवी अनेक तरह के कष्टों को झेलती हुई अपने इकलौते पुल को साथ लिये किसी प्रकार अपने मायके राणीपुर पहुँच पायी थी। तब बलदेव पांच-छः माह का अवोध बालक था। उसका पालन-पोषण अपने ननिहाल में ही हुआ । उसे अपने मामा दीवान चन्द से भरपूर प्यार मिलता रहा । मामा ने उसे कभी इस बात का एहसास नहीं होने दिया कि उसके सिर पर पिता का संरक्षण नहीं है । खिड़की मे से दोनों ओर के दृश्य निहार कर उसके मन - प्राण पुलकित हो रहे थे । प्रकृति तथा मानव द्वारा निर्मित तरह-तरह के नजारे चलचित्र की फिल्म की भाँति कुछ क्षणो के लिये अपना रूप दिखाकर सन-सन करते दूर पीछे कही छुपते जा रहे थे। दूर-दूर तक विस्तीर्ण खेतो में सरसो के पौधे शीतल पवन के झोको से किसी नशे से विभोर होकर मस्ती में झूमते दृष्टिगोचर हो रहे थे । ढलते सूर्य को उजली पीली धूप में सरसों के असंख्य बसन्ती फूल यों लग रहे थे मानो वे अभी-अभी स्वर्ण-जल में नहाए हो । हवा की गति के साथ-साथ वे कभी झुक जाते तो कभी एकदम सीधे तन जाने और फिर कभी अपने दाँये बांयें आगे-पीछे झुक झुक कर नृत्य की मुद्राएँ अपनाने लगते । रेल पटरी के आसपास कही कोई पोखर दिखाई पडता, कही छोटी सी सर्पीली सरिता भन को गुदगुदा जाती । कही-कही पशु चरते हुए दिखाई पड़ते । कच्चे-पक्के मकानां व झोपड़ो वाले गांव-टोले बलदेव को कही हल्का सा गुदगुदा देते । दूर किसी मकान से उठता हुआ धुआँ उसे भला लगता । किसी अनजुते खेत में पड़ी खाद व गोबर की ढेरियाँ उसके मस्तिष्क में एक काल्पनिक गध सी भर देती। लहलहाते सरसों के खेतो में बनो वीयिकाओ से जाते हुए लोगों की वेशभूषा व उनकी चाल-ढाल देखकर यह हपित हो रहा था। बलदेव को अनेक खेतो मे नलकूप दिखाई पडे, कही-कही ट्रैक्टर नजर आए। पहले की अपेक्षा अव पक्के मकानों की संख्या कही ज्यादा हो गयी थी। गाँवों में कई मकानों पर उसे टीशून्य वीशून्य के एन्टीना दिखाई पड़ रहे थे । स्कूल भवन अब पहले की तरह कच्चे कम हो दिखाई पड़ते थे। शह्रो की भाँति अब गाँवो मे भी रोज़गार की सुविधाएं बढ गयी थी। लोगों के जीवन स्तर मे आए परिवर्तन का भी उसे एहसास हो रहा था। उसे लग रहा था कि स्वतंत्रता प्राप्ति के उपरान्त अवश्य ही देश मे "तरह-तरह के परिवर्तन आए है। देश की दशा में अनेक प्रकार के सुधार हुए हैं। तभी सहसा उसे उन लोगो की बातें याद आने लगी, जो अपनो खुली आँखो से सब कुछ देखते हुए भी कुछ नहीं देखते । जिन्हें प्रकाश में भी पास हो अन्वर नजर आता है। ऐसे लोगों के मन में धारणा सी जम चुकी है कि आजो पाने के बाद देश प्रगति को ओर अग्रसर होने के बजाए खजाए पतेन मोर ही बढा है । उसे लगने लगा कि इस प्रकार की मानसिकता के लोग वास्तव में राष्ट्र के शत्रु है । सत्य से मुँह चुराना कौन से न्याय की बात है, दिन को रात कहना क्या उचित है । लोगों को बहकाना, उनके दिलदिमाग में जहर भरना क्या एक प्रकार का देश-द्रोह नहीं माना जा सकता । हाँ ऐसे लोग देश के दुश्मन ही हैं। हो सकता है कि देश के कुछ नेता असत्य बोलते हों, बातों को गलत अथवा बढ़ा-चढ़ा कर कहते हो । पर वे नेता क्यो झूठ बोलेगे, लोगों से धोखाधडी करेगे जिनका पूरा जीवन ही देश सेवा मे बीता है, जिन्होंने स्वाधीनता प्राप्ति के लिये क्या-क्या कष्ट नहीं झेले। फिर सारे चित्र सारे परिवर्तन तो जनता के सामने हैं। क्या देश मे हुई प्रगति को वह नही समझती । फिर उसे लगता है कि यह ज़रूर है कि जैसा होना चाहिये था वैसा कुछ नही हुआ। पर फिर भी कुछ तो हुआ ही है । शताब्दियों की गुलामी के कारण देश मे जो अज्ञानता, ग्ररोबी, पिछडापन व अनेक प्रकार की बुराइयां व कमजोरियां उत्पन्न हो गयी थी, उन सबको समाप्त होने में समय तो लगेगा ही। हवा में खाली वाते उछाल देना और बात है और जनता के लिये कुछ करके दिखाना और बात है । तभी गाड़ी जब एक छोटे से स्टेशन से चलने को हुई तो एक किशोर व किशोरी ने डिब्बे में प्रवेश किया। वे दोनों साथ-साथ खड़े हो गये । लड़की के हाथ में एक कटोरा था और लड़का गले में एक छोटो-सी ढोलक लटकाए था। जाहिर था कि वे दोनों भीख मांगने के लिये ही वहीं प्रविष्ठ हुए थे । थे दोनों की वेशभुषा भी वैसी ही थी जैसी प्रायः भिखमगों की होती है। डि में, देहे रोगों पर एक सरसरी लिन्ह डालने के बाद वे दोनों समवेत स्वर में फिल्मी धुन पर वैष्णों माता को भेंटें गाने लगे। लड़का अपने गले में लटकी ढोलक पर थाप दे रहा था और लड़की दाहिनो कलाई में पड़े लोहे के कड़े से ताल मिलाकर अपने कटोरे को वजा रही थी । गा चुकने के बाद लड़की ने अपना कटोरा और लड़के ने अपनी हथेली लोगों के आगे फैलानी शुरू कर दी। उनके मुख तथा सूखी आँखों में एक अजीब तरह की वेदना व याचना नजर आ रही थी। कतिपय लोगों ने उन्हें पांच-दस पैसे के सिक्के दिये, कुछ ने उन्हें हाय के इशारे से आगे बढ़ जाने को कहा। उन भिखमंगो को देखकर बलदेव को अपने भीतर कही चुभन सी महसूस हुई। बेशक डिकवे बारह । चन्द्रमा में बैठे कुछ यातियों के चेहरों पर सत्यप व वर्ष दिखाई पड़ रहा था पर अधियांश को भाव-भंगिमाओं में उनकी उड़ामी रामारीदा ही थी। यहीं नहीं लगता था कि ये अपने वर्तमान जीवन से मनुष्ट है। अब यह बाहरी दृश्योपहिये में बैठे भारतीय समाज तथा राजनीतिक परिवेश में सत्यन्ध में मन पर रहा था । उसे लग रहा था कि स्वतंत्र प्राप्ति के बाद देश मे जो वातावरण बना है, उससे कहीं भी हर्षमा गर्व की कोई विशेष अनुभूति नहीं होती कि स्थितियों का सही अवलोकन करने पर निराशा हो हाम सती है। भाडादी से पहले जनता ने मया-क्या सपने मन में संजोये या थी कि जब हम स्वतन्त्र होंगे तो बढ़ी सी व मामाजिक प्रगति होगी, समाज का नैतिक उत्थान होगा, तब हम अपने दायित्वों व कर्तव्यों को समझाकर आदर्श स्वतन्त्र नागरिक की तरह व्यवहार गरेंगे, दूसरे देशों के सामने अपनी नैतिनता के उदाहरण प्रस्तुत करेंगे। पर याज हम पेसी नैतिकता प्रस्तुत कर रहे हैं। हर हटाचार का योनवाता है । राजनीति का रूप दिनों-दिन कितनाना होता जा रहा है। पर प्राप्ति अथवा अपनी गला को बनाए रखने के लिए जा रहे हैं। हर कोई इसी फेर में रहता है कि फोनगा रास्ता अपनाकर माम जनता को मूर्ख बनाया जाए, हितरीय से अधिक से अधिक धन बटोरा जाए, वैसे-वैसे आवासन तथा मौक नारे हवा में उद्यानकर भोलीभाती जनता को सज्ज बाग दिपाये जाये। फिर बलदेव के मन में विचार आया कि राष्ट्र को स्वाधीनता-प्राप्ति हेतु विस-रिव रूप में बलिदान नहीं देने पड़े । स्वाधीनता की देवी के स्वागतार्थ हमारे कितने ही योरों ने हंसवेहसत फाँसी के पदों को धूम लिया था, स्तिनी मांगों के सिन्दूर मिट गये थे, कितनी ही बहनों के भाई सदैव के लिए उनसे गये थे, कितनी बह कलाइयों के साल पूढे टूट गये थे, कितने हाथों की मेंहदो मिट गई थी, गलियो-वाजारों तथा जेलों में रक्त को कितनी नदियाँ यही होगी। क्या ये सब बलिदान उस पथ को पाने के लिए दिये थे जिस पर आज हम पल रहे है ? क्या उन देशभक्त यतिदानियों ने इस प्रकार के स्वतन्त्र भारत की कल्पना की थी ? उधेड़बुन में यह खोया हुआ था कि गाड़ी एक हल्के से धक्के के साथ बाबा बकाला स्टेशन पर रुकी। उमने अल्दी से अपना अटैचीकेस उठाया और प्लेटफार्म से बाहर आ गया। स्टेशन के बाहर पाँच-सात ताँगे व रिक्शे खड़े थे । वह अभी कुछ साच हा रहा था कुदा हुन और खड़े तांगे के कोचवान ने उसे आवाज देकर अपने पास बुलाया। वलदेव ने तुरन्त उसे पहचानते हुए पूछा- कहो भाई लाभसह, क्या राणीपुर ही चल रहे हो ? - आओ, पंडित जी, हूँ। आओ यहाँ आगे बैठ चलता हूँ । मत्था टेकता हूँ । पिण्ड हो तो चल रहा जाओ। बस दो-एक सवारी और देख लूं तो बलदेव अटैचीकेम को आगे टिकाकर सीट पर बैठ गया। तांगे में उसके अलावा तीन यात्री और बैठे थे । वह जानता था कि नियमानुसार तांगे में चार ही सवारियाँ बैठाई जा सकती है। पर आज नियमों की किसे कोई परवाह है। जब हर कही कायदे-कानून का मुंह नोचा जा रहा है तो वेचारे गरीब ताँगे वाले ही क्यों नियमों की खातिर अपने पेट वांधे। उसने कोई आपत्ति नही की और इस बारे में मौन हो रहा । वैसे उसने गाँव के बारे में गांव वालो के बारे में उससे दो-चार बाते अवश्य की । आठ-दस मिनट गुजरने पर भी जब कोई सवारी न मिली तो मजबूर होकर कोचवान ने घोड़े की लगाम को एक हल्का सा झटका दिया, साधारण सा साँटा उसकी पीठ पर लहराते हुए बोला- चल पुत्तर पिण्ड नूं । और वह मरियल सा घोडा कुछ क्षण अटकने के बाद गाँव को जाने वाली उबड़-खाबड़ सड़क पर मंद गति में दौड़ने लगा। घोडा तो खैर क्षीणकाय का था ही, लाभसिंह का तांगा भी शायद महाराजा रणजीत सिंह के जमाने का था। उस वृद्धा पीठ-छिली सड़क पर अंजर पंजर ढीला ताँगा बार-बार हिचकोले खाने से अजीव तरह की मधुर ध्वनि उत्पन्न कर रहा था । प्रत्येक हिचकोले पर सवारियो को स्वयं को सम्भालना पड़ रहा था। थोड़ा आगे जाने पर पुनः जब एक जबरदस्त झटका लगा तो पिछली सीट पर वैठे एक मनचले युवक ने थोड़ा हंसकर कहालोग परिवार नियोजन के लिए गर्भपात करने के लिए मालूम नहीं क्या-क्या उपाय करते हैं । भाई, जिस किसी औरत का हमल गिराना हो उसे लाभसिंह के इस ताँगे मे बैठाकर सवारी करवा देनी चाहिये । भगवान की कृपा से अवश्य ही मन-वाछित फल मिल जाएगा। उसके ये शब्द सुनकर तांग में बैठे सभी मुसाफ़िर खिलखिलाकर हंस पड़े । बेचारा लाभसिंह भी अपनी खिसयानी हंसी न रोक पाया । फिर सहसा बलदेव की निगाह घोडे से हटकर लानसिंह पर गयी । उसे लगा कि यही लाभसंह जो अभी कुछ वर्ष पहले तक अच्छा तन्दरुस्त लगता चौदह । चन्द्रनमाटा था अब पूरी तरह वृद्धावस्था में प्रवेश कर चुका है। वह बचपन से उसे देखता आ रहा था। अनेक बार वह उसके ताँगे में बैठकर स्टेशन तक आया-गया था। अब उसका हुलिया कितना बदल चुका है। कभी यह गाँव मे कैसा खडखडाता तहमद, रेशमी कुरता और तुरेंदार साफा बांधकर निकला करता था। पर अब वह वैसा लग रहा है । कैसी ढीली ढाली रस्से की तरह पगडी सिर पर लपेटे हुए है । खुली हुई खिचड़ी दाढी वया के घोसले की तरह लग रही है। गाल पिचक चुके हैं, आंखें भीतर धँस गयी है। पधि में चमरौधा जूते की जगह घिसी हुई हवाई चप्पल है । शायद यह सब समय का ही फेर है । यह समय का चक्र किसे बख्शता है। अपनी लपेट में यह हर किसी को ले लेता है । अब सूर्य अस्ताचल की ओर तेजी से बढ़ रहा था। पांच-सात फलन की दूरी पर पेडों में घिरा गाँव अब बलदेव को नज़र जा रहा था। पश्चिम को ओर सरदारों के वाग व छम्भ के ऊपर वादलों की कुछ टुकडियां नीलाम्बर में तैर रही थी । दीप्तिमान सूर्य का स्वर्ण थाल पश्चिमो क्षितिज मे छुपने के लिये धीरे-धीरे नीचे उतर रहा था । नारंगी वर्ण मेघखंड अब कजरारे होते जा रहे थे । गाँव के कच्चे-पक्के मकानों को प्राचीरों, कंगूरों तथा ममटियों पर अभी सलेटी-पोली रोशनी नजर आ रही थी। बलदेव कुछ क्षणों के लिये सब कुछ भूलकर अपने प्यारे गाँव का यह मोहक दृश्य, निहारकर मन ही मन विभोर हो रहा था । तोगा आगे बढ़ रहा था और उसके साथ-साथ राणीपुर गाँव बलदेव की आँखो व मन-प्राणों के निकट आता जा रहा था। कुछ अजीब तरह को सिहरन वह अपने भीतर अनुभव कर रहा था । थोडा और आगे जाने पर अब ताँगा बलकारा सिंह के रहट के पास से गुजर रहा था। सडक पर रहट के चलने की रूँ-रूं की आवाज और रहट के चक्के पर तुक्के की टक्टक उसे बडी प्यारी लग रही थी । धुंधकले में भी उसे गाँव की तीन-चार महिलाएं पानी भरे घड़े उठाए नजर आ रही थी । रहट के पास शीशम, बबूल व शरीह के ऊंचे-ऊंचे पेड़ धीरे-धीरे उतर रहे अन्धेरे में खामोश खड़े थे। सड़क के किनारे की झाडियों व घेतो से झीगुरों व टिड्डों की आवाजें आ रही थीं। थोड़ा आगे उसे पीर बन्नेशाह का मजार दिखाई पड़ा। भज़ार पर किसी ने चिराग़ जला दिया था। आज उसे यह मजार देखकर भी मन को कुछ अच्छा लग रहा था। उसे याद है जब वह छोटा था तब वह इस मजार को कल्पना माल से सहम जाता था। मजार चन्दनमाटी । पंद्रह. सम्बन्धी कोई डरावनी का उसे कँपकँपा देती थी। तभी उसको निगाह ठट्ठी के बगल वाली पगडंडी पर गयो । वहाँ कोई सांडनी सवार गाँव को ओर जा रहा था । सवार की ढील-ढौल से वह समझ गया कि वह सरदार जोधा सिंह का लड़का शेरसिंह ही होगा। वह किसी आस-पास के गांव से लौट रहा होगा । अव तांगा ठठ्ठी के समीप मूले की भट्टी के पास वह ताँगे से उतर गया । आगे वह गली थी जिसमें उसका घर था। गली इतनी तंग थी कि उसमे तांगे का जा पाना कठिन था । मूले की भट्टी में अभी कुछ आँच शेष थी । शीत से बचने के लिए भट्टी के पास तीन-चार कुत्ते दुबके बैठे थे । वलदेव को वहां से जाते देखकर वे हल्का-सा भौके और पुनः अपनी टाँगों में सिर दवाकर दुबक गये । अभी वह अपने मकान में चालीस-पचास गज की दूरी पर ही था कि सोलह । चन्दनमाटी उसे गली में रहने वाले बग्गासिंह बढई की आठ-दस वर्षीया विटिया पाशो ने देखा और तुरन्त उसके घर की ओर भाग गयी। शायद वह वलदेव की माँ व मामी को उसके आने का शुभ समाचार सुनाने गयी थी। जैसे ही वह अपने मकान के ओसारे के सामने पहुॅचा उसने माँ तथा मामी को प्रसन्न मुद्रा में प्रतीक्षारत पाया। उन दोनो को देखकर वह पुलकित हो उठा तुरन्त आगे बढकर हर्ष व आदर से वशीभूत होकर उसने बारी-बारी दोनो के चरण हुए। माँ व मामी ने उसकी पीठ पर हाथ फेरा, उसका सिर चूमकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त को । औसारे मे टॅगी लालटेन की पीली- मद्धिम रोशनी में उसने माँ के मुख की ओर देखा। माँ को क्षीण बुझी बुझी आँखों मे अश्रुकण तैर रहे थे । कुछ क्षणों बाद वे तीनों सामने वाले बड़े पसार में बैठे थे एक बलदेव पलंग पर बैठा कभी माँ व मामी को तो कभी कमरे में रखे सामान को देख रहा था। कमरे की चीज़ो के रख-रखाव में उसे कोई परिवर्तन नजर नहीं आ रहा था। दोनो बडी पेटियाँ व ट्रन्क-सूटकेस आदि यथास्थान पढे हुए थे । पेटियां के पीछे वाली दोवार पर दो बडे-बडे हाथ वाले पखे ढंगे हुए थे । पखों के सिरो पर बूटियो वाले कपड़े की झालर लगी हुई थी । गर्मी के दिनों में घर में खुशी-गमी के मौको पर आए लोगो को हवा करने के लिये इन पखो का उपयोग किया जाता था । फिर मामी ने बात शुरू करते हुए कहा- बलदेव बेटे, बहुत दिनो बाद गाँव आए हो । भगवान करे तुम्हारा काम बन जाए, तुम्हारी नौकरी गाँव के स्कूल में ही लग जाए । सचमुच कितना अच्छा रहेगा जब तुम यहाँ रहने लगोगे, हम लोगो की आँखो के सामने रहोगे। बेटा, जो मुख-आराम अपने घर में होता है वह बाहर कहाँ । -हाँ भामो, तुम ठीक कह रही हो । मेरा मन भी कहाँ लगता है शहर में । हर समय आप लोगों को व अपने गाँव की बाते हो याद आती रहती हैं । मामा जी की चिट्ठी पाकर मुझे खुशी व तसल्ली हुई । अगर आप बुजुर्गों के "आर्शीवाद से काम बन गया तो मैं अपने आपको भाग्यशाली समझेंगा । वैसे मामा जी के पल से लगता है कि उन्हें मेरी नौकरी राग जाने की बहुत आशा है । - हां उसे आस तो बहुत है । वह कह रहा था कि स्कूल की कमेटी के कई लोग उसकी ही बात का पक्ष लेंगे और तुम्हे हेड मास्टर बनवाने के लिए . पूरा जोर लगाएँगे, ये शब्द उसकी माँ ने कहे। चन्दनुमटी । सत्रह ~ माँ ! मुझे तो उम्मीद है मामा जी को वकी आस पूरी होगी । मामा जी का सब मे उठना-बैठना है, "उनको अच्छा-खासा रमूख है प्रभाव है । वस थोड़ा खटका है तो वह सरदार जोधा सिंह व उसके दो-एक साथियो से । वह पुरानी शत्रुता को कहाँ भुलाने वाला है । जैसा वह स्वयं है वैसे ही उसके लड़के बच्चे व खानदान के अन्य लोग हैं । वैसे वह मुझसे हमेशा बड़ी शिष्टता से बातचीत करता है, पूरा स्नेह प्यार दर्शाने की कोशिश करता है । और आप लोग देखते होंगे कि मैं भी उसे एक बुजुर्ग की तरह आदर- मान देता हूँ, मामा जी की तरह मानता हूँ । उसके ये शब्द सुनकर माँ ने कहा- वेटा, जोधा सिंह मन का मेला है । ऊपर से वेशक वह प्रेम व आदर का दिखावा करता है पर मन में खोट भरा है । तुम्हारे मामा को नीचा दिखाने के फेर मे हमेशा रहता है। पर मुझे जब भी मिलता है बड़े प्यार से बात करता है। गाँव की वेटियों को आदरमान देने की जो परम्परा है उसका वह निर्वाह पूरी तरह करता है। मुझे भरोसा है कि आखिर तुम इस गाँव के नाती हो, तुम्हें तो हर किसी का प्यार मिलना चाहिये । खैर जो होगा देखा जायेगा । अच्छा तुम हाथ-मुंह धो लो । मैं अभी थोड़ी देर मे तुम्हारे लिए खाना लाती हूँ । ~मां ! हाथ-मुंह धुला हुआ है। भोजन मैं यहाँ पसार में नहीं चौके में बैठकर करूंगा। तुम्हारे पास चौके में बैठकर खाने में जो सुख है वह यहाँ इस कमरे मे कहाँ । तुम चलो खाना लगाओ, मैं अभी आता हूँ । मामी, तुम भी वहाँ हमारे पास बैठना । सोचता हूँ मामा जी या जीता भैया आ जाते तो उनके साथ बैठकर भोजन करता । पर मालूम नही वे लोग कब आएँ । मामा जी तो प्रायः देर से लौटते है । और मुझे भूख लगी हुई है । तुम तो जानती ही हो कि मैं सब कुछ बर्दाश्त कर लेता हूँ किन्तु भूख नही । मौ चौके मे बैठो भोजन परोस रही थी । मामी भी पास पडे मुड्डे पर बैठो थी । वलदेव के मुख पर प्रसन्नता व सन्तोष को आभा नजूर था रही थी । वह सोच रहा था कि इस रसोई का वातावरण कितना पावन कितना सुखद है। किसी प्रकार की कोई कृलिमता नही । गोवर से लिपा-पुता यह । कैसा मोहक भोजन कक्ष है। सामने लकड़ी की पडछत्ती व खुली आलमारी मे करीने से रखे फूल व पीतल के चमचमाते वर्तन आँखों को कितने भले लग रहे हैं । वातावरण में वैसी सोधी-सी खुशबू रची हुई है। क्या शहर की रसोई इसका मुकाबला कर सकती है। शहरों के डाईनिंग रूम अर्थात भोजन के |
Free Fire में "Rapper's Wish" बंडल को कैसे हासिल करें?
Garena Free Fire में डायमंड्स का टॉप-अप कैसे करें?
Free Fire में "Dr. Beanie" पेट को कैसे परचेस कर सकते हैं?
| Free Fire में "Rapper's Wish" बंडल को कैसे हासिल करें? Garena Free Fire में डायमंड्स का टॉप-अप कैसे करें? Free Fire में "Dr. Beanie" पेट को कैसे परचेस कर सकते हैं? |
राज्यपाल उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने 1,698 छात्र-छात्राओं को उपाधि देने के साथ ही विभिन्न विषयों में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले 112 मेधावी छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल प्रदान किए।
देश परिवर्तन के मुहाने पर है। आयुर्वेद चिकित्सा पूरी दुनिया में परचम लहरा रही है। ऐसे में इस पारंपरिक चिकित्सा की मदद से विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करना होगा। आयुर्वेद चिकित्सकों पर इसकी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। यह बात राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि. ) ने कही।
शुक्रवार को राज्यपाल उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने 1,698 छात्र-छात्राओं को उपाधि देने के साथ ही विभिन्न विषयों में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले 112 मेधावी छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल प्रदान किए। उन्होंने विवि की वार्षिक प्रगति विवरणिका 'ब्रह्यकमल' का भी विमोचन किया। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड आयुर्वेद की भूमि है। यहीं से आयुर्वेद का उद्गम हुआ है। यहां हिमालय के विशाल और उन्नत शिखरों में अत्यंत दुर्लभ जड़ी-बूटियां विद्यमान हैं। यह हम सब की जिम्मेदारी है कि पूरे विश्व में आयुर्वेद को पहुंचाने का कार्य करें। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद आज के समय की मांग है। आयुर्वेद के सहयोग से हम आर्थिकी में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि हमें देवभूमि को वेलनेस और उन्नत आध्यात्मिक जीवनशैली के क्षेत्र में एक आयुर्वेद डेस्टिनेशन बनाना होगा। राज्यपाल ने कहा कि हमें आयुर्वेद के क्षेत्र में निरंतर अनुसंधान करने की जरूरत है। राज्यपाल ने थ्री पी यानी प्रोडक्ट, पेंटेंट और पब्लिकेशन का जिक्र करते हुए कहा कि अब वक्त आ गया है कि इलनेस को वेलनेस में परिवर्तित किया जाए। साथ ही आयुर्वेद को मॉडर्न टेक्नोलॉजी से जोड़ते हुए इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करना हमारी जिम्मेदारी है। दीक्षांत समारोह में सचिव आयुष डॉ. पंकज कुमार पांडे, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुनील कुमार जोशी, कुलसचिव डॉ. राजेश कुमार अधाना, डॉ. राजीव कुरेले, डॉ. नवीन जोशी आदि मौजूद रहे।
दीक्षांत समारोह में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि आयुर्वेद को भारत के साथ ही पूरी दुनिया में पहुंचाने की जरूरत है। गंगा, आयुर्वेद, योग का जन्म उत्तराखंड में हुआ है जो हम सब के लिए गर्व का विषय है। युवा पीढ़ी तमाम चुनौतियों का सामना करते हुए आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार में अपना हर संभव योगदान दें। निशंक ने कहा कि कोरोना काल के दौरान पूरे देश में आयुर्वेदिक दवाओं का 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ है, जिससे साबित होता है कि आयुर्वेद के प्रति लोगों में रुझान बढ़ा है।
दीक्षांत समारोह में पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति भारत की पहचान है। आयुर्वेद भारत समेत पूरी दुनिया में फैले इसके लिए इसके उत्थान और कल्याण के लिए बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है। जिसकी जिम्मेदारी आयुर्वेद चिकित्सकों पर है। कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति सबसे पुरानी चिकित्सा पद्धतियों में से एक है जो हम जो हर भारतवासी के लिए गर्व का विषय है।
दीक्षांत समारोह के दौरान स्नातकोत्तर के 692 और बीएमएमएस, बीएचएमएस, बीयूएमएस के 1006 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां बांटी र्गइं। जिसमें एमडी और एमएस आयुर्वेद में साल 2015 से लेकर साल 2022 तक के छात्र शामिल रहे। जबकि बीएमएमएस, बीएचएमएस, बीयूएमएस के साल 2018, 2019 और 2020 के छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
| राज्यपाल उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने एक,छः सौ अट्ठानवे छात्र-छात्राओं को उपाधि देने के साथ ही विभिन्न विषयों में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले एक सौ बारह मेधावी छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल प्रदान किए। देश परिवर्तन के मुहाने पर है। आयुर्वेद चिकित्सा पूरी दुनिया में परचम लहरा रही है। ऐसे में इस पारंपरिक चिकित्सा की मदद से विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करना होगा। आयुर्वेद चिकित्सकों पर इसकी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। यह बात राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने कही। शुक्रवार को राज्यपाल उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने एक,छः सौ अट्ठानवे छात्र-छात्राओं को उपाधि देने के साथ ही विभिन्न विषयों में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले एक सौ बारह मेधावी छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल प्रदान किए। उन्होंने विवि की वार्षिक प्रगति विवरणिका 'ब्रह्यकमल' का भी विमोचन किया। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड आयुर्वेद की भूमि है। यहीं से आयुर्वेद का उद्गम हुआ है। यहां हिमालय के विशाल और उन्नत शिखरों में अत्यंत दुर्लभ जड़ी-बूटियां विद्यमान हैं। यह हम सब की जिम्मेदारी है कि पूरे विश्व में आयुर्वेद को पहुंचाने का कार्य करें। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद आज के समय की मांग है। आयुर्वेद के सहयोग से हम आर्थिकी में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। राज्यपाल ने कहा कि हमें देवभूमि को वेलनेस और उन्नत आध्यात्मिक जीवनशैली के क्षेत्र में एक आयुर्वेद डेस्टिनेशन बनाना होगा। राज्यपाल ने कहा कि हमें आयुर्वेद के क्षेत्र में निरंतर अनुसंधान करने की जरूरत है। राज्यपाल ने थ्री पी यानी प्रोडक्ट, पेंटेंट और पब्लिकेशन का जिक्र करते हुए कहा कि अब वक्त आ गया है कि इलनेस को वेलनेस में परिवर्तित किया जाए। साथ ही आयुर्वेद को मॉडर्न टेक्नोलॉजी से जोड़ते हुए इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करना हमारी जिम्मेदारी है। दीक्षांत समारोह में सचिव आयुष डॉ. पंकज कुमार पांडे, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुनील कुमार जोशी, कुलसचिव डॉ. राजेश कुमार अधाना, डॉ. राजीव कुरेले, डॉ. नवीन जोशी आदि मौजूद रहे। दीक्षांत समारोह में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि आयुर्वेद को भारत के साथ ही पूरी दुनिया में पहुंचाने की जरूरत है। गंगा, आयुर्वेद, योग का जन्म उत्तराखंड में हुआ है जो हम सब के लिए गर्व का विषय है। युवा पीढ़ी तमाम चुनौतियों का सामना करते हुए आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार में अपना हर संभव योगदान दें। निशंक ने कहा कि कोरोना काल के दौरान पूरे देश में आयुर्वेदिक दवाओं का तीस हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ है, जिससे साबित होता है कि आयुर्वेद के प्रति लोगों में रुझान बढ़ा है। दीक्षांत समारोह में पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति भारत की पहचान है। आयुर्वेद भारत समेत पूरी दुनिया में फैले इसके लिए इसके उत्थान और कल्याण के लिए बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है। जिसकी जिम्मेदारी आयुर्वेद चिकित्सकों पर है। कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति सबसे पुरानी चिकित्सा पद्धतियों में से एक है जो हम जो हर भारतवासी के लिए गर्व का विषय है। दीक्षांत समारोह के दौरान स्नातकोत्तर के छः सौ बानवे और बीएमएमएस, बीएचएमएस, बीयूएमएस के एक हज़ार छः छात्र-छात्राओं को डिग्रियां बांटी र्गइं। जिसमें एमडी और एमएस आयुर्वेद में साल दो हज़ार पंद्रह से लेकर साल दो हज़ार बाईस तक के छात्र शामिल रहे। जबकि बीएमएमएस, बीएचएमएस, बीयूएमएस के साल दो हज़ार अट्ठारह, दो हज़ार उन्नीस और दो हज़ार बीस के छात्र-छात्राएं शामिल हुए। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen. |
ट्वीटर अकाउंट पर अपनी पोस्ट के चलते सुर्खियों में रहने वाले फिल्म मेकर रामगोपाल वर्मा बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ की फैमिली के निशाने पर आ गए हैं। दरअसल रामगोपाल वर्मा ने टाइगर श्रॉफ पर कई भद्दे कमेंट किए। उन्होंने टाइगर को महिला यहां तक कि ट्रांस जेंडर भी कहा। यह सब उन्होंने विद्युत जामवाल से फोन पर बातचीत के दौरान कहा था। इसके बाद जब राम गोपाल वर्मा ट्विटर पर टाइगर और विद्युत की तुलना करते हुए विद्युत पर कमेंट करने लगे तो विद्युत ने वह राम गोपाल वर्मा की ऑडियो रिकॉर्डिंग ट्विटर पर शेयर कर दी।
इस पर टाइगर की मां आयशा श्रॉफ ने कहा, कुत्ते भौंकते रहते हैं कारंवा गुजरता रहता है। वहीं टाइगर के पिता जैकी श्रॉफ और बहन कृष्णा श्रॉफ ने भी फिल्म मेकर राम गोपाल वर्मा को जवाब दिया है। राम गोपाल वर्मा के साथ सरकार-3 में काम कर चुके जैकी श्रॉफ ने कहा, मैं क्या कह सकता हूं? मेरे बेटे का कुछ लोगों पर ऐसा असर है कि वह उस पर कमेंट करने के लिए काम तक छोड़ देते हैं। टाइगर की बहन कृष्णा ने कहा, अपने शुरुआती करियर में ही मेरे भाई का असर ऐसे लोगों पर पड़ा है जो एक लंबे समय से इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं।
वहीं टाइगर ने कहा कि अगर वे अपने मन की बात बता देंगे तो वह सही नहीं होगा क्योंकि मिस्टर डायरेक्टर इंडस्ट्री के सीनियर व्यक्ति हैं। टाइगर ने कहा कि रामू सीनियर व्यक्ति हैं और वह सालों से इस इंडस्ट्री में हैं, मैं अभी-अभी इस इंडस्ट्री में आया हूं। अब अगर मैं मन की बात बोलूं तो वह सही नहीं होगा, लेकिन मैं खुश हूं कि मैंने इस इंडस्ट्री में इतनी जगह बनाई है कि कम से कम लोग मेरे बारे में बात तो कर रहे हैं। मैंने कुछ तो प्रभाव छोड़ा ही है। टाइगर इस मामले पर इतना ही कहकह नहीं रुके। उन्होंने यह भी कहा कि रामू के इन ट्वीट्स से उनके माता-पिता को शर्मिंदगी महसूस हुई है। टाइगर ने कहा कि इस तरह की चीज पर रिएक्ट करना मेरे दायरे से बाहर है, मैं इस चीज पर और भी बात कर के अपने माता-पिता के लिए शर्मिंदगी नहीं लाना चाहता और मुझे नहीं लगता कि वह भी चाहते हैं कि मैं इसके बारे में रिएक्ट करूं।
| ट्वीटर अकाउंट पर अपनी पोस्ट के चलते सुर्खियों में रहने वाले फिल्म मेकर रामगोपाल वर्मा बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ की फैमिली के निशाने पर आ गए हैं। दरअसल रामगोपाल वर्मा ने टाइगर श्रॉफ पर कई भद्दे कमेंट किए। उन्होंने टाइगर को महिला यहां तक कि ट्रांस जेंडर भी कहा। यह सब उन्होंने विद्युत जामवाल से फोन पर बातचीत के दौरान कहा था। इसके बाद जब राम गोपाल वर्मा ट्विटर पर टाइगर और विद्युत की तुलना करते हुए विद्युत पर कमेंट करने लगे तो विद्युत ने वह राम गोपाल वर्मा की ऑडियो रिकॉर्डिंग ट्विटर पर शेयर कर दी। इस पर टाइगर की मां आयशा श्रॉफ ने कहा, कुत्ते भौंकते रहते हैं कारंवा गुजरता रहता है। वहीं टाइगर के पिता जैकी श्रॉफ और बहन कृष्णा श्रॉफ ने भी फिल्म मेकर राम गोपाल वर्मा को जवाब दिया है। राम गोपाल वर्मा के साथ सरकार-तीन में काम कर चुके जैकी श्रॉफ ने कहा, मैं क्या कह सकता हूं? मेरे बेटे का कुछ लोगों पर ऐसा असर है कि वह उस पर कमेंट करने के लिए काम तक छोड़ देते हैं। टाइगर की बहन कृष्णा ने कहा, अपने शुरुआती करियर में ही मेरे भाई का असर ऐसे लोगों पर पड़ा है जो एक लंबे समय से इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। वहीं टाइगर ने कहा कि अगर वे अपने मन की बात बता देंगे तो वह सही नहीं होगा क्योंकि मिस्टर डायरेक्टर इंडस्ट्री के सीनियर व्यक्ति हैं। टाइगर ने कहा कि रामू सीनियर व्यक्ति हैं और वह सालों से इस इंडस्ट्री में हैं, मैं अभी-अभी इस इंडस्ट्री में आया हूं। अब अगर मैं मन की बात बोलूं तो वह सही नहीं होगा, लेकिन मैं खुश हूं कि मैंने इस इंडस्ट्री में इतनी जगह बनाई है कि कम से कम लोग मेरे बारे में बात तो कर रहे हैं। मैंने कुछ तो प्रभाव छोड़ा ही है। टाइगर इस मामले पर इतना ही कहकह नहीं रुके। उन्होंने यह भी कहा कि रामू के इन ट्वीट्स से उनके माता-पिता को शर्मिंदगी महसूस हुई है। टाइगर ने कहा कि इस तरह की चीज पर रिएक्ट करना मेरे दायरे से बाहर है, मैं इस चीज पर और भी बात कर के अपने माता-पिता के लिए शर्मिंदगी नहीं लाना चाहता और मुझे नहीं लगता कि वह भी चाहते हैं कि मैं इसके बारे में रिएक्ट करूं। |
मुंबई, आठ अक्टूबर घरेलू रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने कंपनियों द्वारा तिमाही आय सूचना देने से पहले बृहस्पतिवार को कहा कि भारतीय कंपनियां इस साल जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 18-20 प्रतिशत आय वृद्धि दर्ज कर सकती हैं।
रेटिंग एजेंसी ने कहा कि शुद्ध आय (टॉपलाइन) में शानदार वृद्धि अधिक मात्रा और जिंसों की कीमतों में बढ़ोतरी, दोनों से प्रेरित होगी।
एजेंसी ने कहा कि हालांकि बढ़ती लागत पिछली तिमाही की तुलना में कंपनियों के लिए परिचालन लाभ मार्जिन विस्तार को सीमित कर सकती है।
महामारी की शुरुआत के तुरंत बाद कंपनियों ने सतर्क रुख अपनाया था और वेतन कटौती सहित कई लागत नियंत्रण उपायों का सहारा लिया, जिसके परिणामस्वरूप मांग बेहद कम होने के बावजूद व्यवसायों को बड़े पैमाने पर संरक्षित किया जा सका।
क्रिसिल ने कहा कि दूसरी तिमाही के दौरान सभी क्षेत्रों में सुधार देखा गया। इसके आगे वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी तिमाही के दौरान 8-10 प्रतिशत आय वृद्धि होने की संभावना है।
वित्त वर्ष 2021-2022 की पहली छमाही के लिए, कुल आय 15. 8 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है, जो वित्त वर्ष 2020-21 की पहली छमाही से 30-32 प्रतिशत अधिक है।
रिपोर्ट में कहा गया कि समीक्षाधीन तिमाही में आईटी और आईटीईएस कंपनियों की आय वृद्धि दोहरे अंकों में होगी, जबकि चिप की कमी ऑटो उद्योग की आय वृद्धि को 4-6 प्रतिशत तक सीमित कर देगी।
Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
| मुंबई, आठ अक्टूबर घरेलू रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने कंपनियों द्वारा तिमाही आय सूचना देने से पहले बृहस्पतिवार को कहा कि भारतीय कंपनियां इस साल जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले अट्ठारह-बीस प्रतिशत आय वृद्धि दर्ज कर सकती हैं। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि शुद्ध आय में शानदार वृद्धि अधिक मात्रा और जिंसों की कीमतों में बढ़ोतरी, दोनों से प्रेरित होगी। एजेंसी ने कहा कि हालांकि बढ़ती लागत पिछली तिमाही की तुलना में कंपनियों के लिए परिचालन लाभ मार्जिन विस्तार को सीमित कर सकती है। महामारी की शुरुआत के तुरंत बाद कंपनियों ने सतर्क रुख अपनाया था और वेतन कटौती सहित कई लागत नियंत्रण उपायों का सहारा लिया, जिसके परिणामस्वरूप मांग बेहद कम होने के बावजूद व्यवसायों को बड़े पैमाने पर संरक्षित किया जा सका। क्रिसिल ने कहा कि दूसरी तिमाही के दौरान सभी क्षेत्रों में सुधार देखा गया। इसके आगे वित्त वर्ष दो हज़ार इक्कीस-बाईस की दूसरी तिमाही के दौरान आठ-दस प्रतिशत आय वृद्धि होने की संभावना है। वित्त वर्ष दो हज़ार इक्कीस-दो हज़ार बाईस की पहली छमाही के लिए, कुल आय पंद्रह. आठ लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है, जो वित्त वर्ष दो हज़ार बीस-इक्कीस की पहली छमाही से तीस-बत्तीस प्रतिशत अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया कि समीक्षाधीन तिमाही में आईटी और आईटीईएस कंपनियों की आय वृद्धि दोहरे अंकों में होगी, जबकि चिप की कमी ऑटो उद्योग की आय वृद्धि को चार-छः प्रतिशत तक सीमित कर देगी। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है। |
उन्नाव। उन्नाव में बीटेक के दो छात्रों ने ईमानदारी की ऐसी मिसाल पेश की जिसकी हर तरफ तारीफ हो रही है। दोनों छात्रों ने सड़क पर पड़े 35 हजार रुपए एसपी कार्यालय में पुलिसकर्मियों को सौंप दिए। जब एसपी को इस बात की जानकारी हुई तो वो भी इन छात्रों की तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाए। इतना ही नहीं एसपी एमपी वर्मा ने दोनों छात्रों को अपने पास बुलाकर सलाम ठोंका और उनकी पीठ थपथपाई।
आदर्श नगर मोहल्ला निवासी शगुन पांडेय व स्पर्श पांडेय पुत्र दिल्ली के एक कॉलेज में बीटेक की पढ़ाई कर रहे हैं। दोनों ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। सत्यापन के लिए गुरुवार सुबह दोनों भाई एसपी कार्यालय जा रहे थे। कार्यालय के गेट पास दोनों पहुंचे थे तो सड़क पर नोटों की एक गड्डी पड़ी नजर आई। नोटों की गड्डी उठाने के बाद कुछ क्षण वह सोचते रहे फिर रुपयों को उस तक पहुंचाने का फैसला लिया।
दोनों भाई एसपी कार्यालय के भीतर पहुंचे और पुलिस को रुपये पड़े मिलने की जानकारी दी। नोट असली होने की पुष्टि होने पर पुलिसकर्मी भी दोनों भाइयों की ईमानदारी को दाद दी। नोटों की गिनती की गई तो सौ व पांच सौ के नोट के 35 हजार रुपये थे। दोनों ने एसपी के पीआरओ मनोज मिश्रा को रुपये सौंप दिए। पीआरओ ने दोनों को एसपी एमपी वर्मा से मिलाया।
मामले की जानकारी होने और छात्रों की ईमानदारी से खुश हो एसपी एमपी वर्मा ने उसकी पीठ थपथपाई और शाबासी दी। एसपी ने बताया कि रुपये किस व्यक्ति के हैं यह अभी पता नहीं चल सका है। अगर कोई व्यक्ति दावा करता है कि रुपये उसके हैं तो इसकी पुष्टि कराने के बाद लौटाए जाएंगे।
| उन्नाव। उन्नाव में बीटेक के दो छात्रों ने ईमानदारी की ऐसी मिसाल पेश की जिसकी हर तरफ तारीफ हो रही है। दोनों छात्रों ने सड़क पर पड़े पैंतीस हजार रुपए एसपी कार्यालय में पुलिसकर्मियों को सौंप दिए। जब एसपी को इस बात की जानकारी हुई तो वो भी इन छात्रों की तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाए। इतना ही नहीं एसपी एमपी वर्मा ने दोनों छात्रों को अपने पास बुलाकर सलाम ठोंका और उनकी पीठ थपथपाई। आदर्श नगर मोहल्ला निवासी शगुन पांडेय व स्पर्श पांडेय पुत्र दिल्ली के एक कॉलेज में बीटेक की पढ़ाई कर रहे हैं। दोनों ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। सत्यापन के लिए गुरुवार सुबह दोनों भाई एसपी कार्यालय जा रहे थे। कार्यालय के गेट पास दोनों पहुंचे थे तो सड़क पर नोटों की एक गड्डी पड़ी नजर आई। नोटों की गड्डी उठाने के बाद कुछ क्षण वह सोचते रहे फिर रुपयों को उस तक पहुंचाने का फैसला लिया। दोनों भाई एसपी कार्यालय के भीतर पहुंचे और पुलिस को रुपये पड़े मिलने की जानकारी दी। नोट असली होने की पुष्टि होने पर पुलिसकर्मी भी दोनों भाइयों की ईमानदारी को दाद दी। नोटों की गिनती की गई तो सौ व पांच सौ के नोट के पैंतीस हजार रुपये थे। दोनों ने एसपी के पीआरओ मनोज मिश्रा को रुपये सौंप दिए। पीआरओ ने दोनों को एसपी एमपी वर्मा से मिलाया। मामले की जानकारी होने और छात्रों की ईमानदारी से खुश हो एसपी एमपी वर्मा ने उसकी पीठ थपथपाई और शाबासी दी। एसपी ने बताया कि रुपये किस व्यक्ति के हैं यह अभी पता नहीं चल सका है। अगर कोई व्यक्ति दावा करता है कि रुपये उसके हैं तो इसकी पुष्टि कराने के बाद लौटाए जाएंगे। |
कोरोना वायरस के केस एक बार फिर से बढ़ते नजर आ रहे हैं। बॉलीवुड में इस वायरस ने फिर से फैलना शुरु कर दिया है। करीना कपूर, अमृता अरोड़ा, सीमा खान, महीप कपूर समेत कई अन्य सेलिब्रिटीज कोरोना संक्रमित हो गए हैं। सभी क्वारनटीन में हैं।
फिल्म 'शेरशाह' के सुपरहिट होने के बाद अब बॉलीवुड एक्टर सिद्धार्थ मल्होत्रा अपनी अपकमिंग एरियल एक्शन ड्रामा "योद्धा" को लेकर खूब चर्चा में बने हुए हैं। वहीं अब खबर आई है कि फिल्म में एक्टर के अपोजिट दिशा पाटनी नजर आएंगी। दिशा के अलावा साउथ एक्ट्रेस राशि खन्ना भी फिल्म में कास्ट किया गया है। राशि ने मद्रास कैफे से बॉलीवुड डेब्यू किया था।
शादी के बाद काम पर लौटे Vicky, यूजर्स ने लिए मजे, कहा- 'भाभी ने धनिया मंगवाया है. . . '
9 दिसंबर को राजस्थान में शाही शादी के बाद कैटरीना कैफ (katrina kaif) और विक्की कौशल (vicky kaushal) कुछ दिन पहले ही मुंबई वापस आए हैं। वहीं अब विक्की भी काम पर लौट आए हैं। कुछ देर पहले ही एक्टर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक फोटो शेयर की है जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है।
बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार (AKSHAY KUMAR) इन दिनों बढ़ चढ़कर अपना आगामी फिल्म 'अतरंगी रे' (Atrangi Re) का प्रमोशन कर रहे हैं। हाल ही में कपिल शर्मा शो (kapil sharma show) का एक प्रोमो वीडियो (promo video) सामने आया है जहां अक्षय के साथ सारा अली खान (sara ali khan) और फिल्म के डायरेक्टर आनंद एल राय (Anand L Rai) अतरंगी रे के प्रमोशन के लिए पहुंचे हुए हैं।
1983 में ऐतिहासिक जीत पर बनी फिल्म 83 का फैंस लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। कोरोना की वजह से कई बार फिल्म की रिलीज डेट को आगे बढ़ाया गया। हालांकि, अब फैंस का इंतजार खत्म होने वाला है। अब यह फिल्म इसी सास 24 दिसंबर को सभी सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है।
| कोरोना वायरस के केस एक बार फिर से बढ़ते नजर आ रहे हैं। बॉलीवुड में इस वायरस ने फिर से फैलना शुरु कर दिया है। करीना कपूर, अमृता अरोड़ा, सीमा खान, महीप कपूर समेत कई अन्य सेलिब्रिटीज कोरोना संक्रमित हो गए हैं। सभी क्वारनटीन में हैं। फिल्म 'शेरशाह' के सुपरहिट होने के बाद अब बॉलीवुड एक्टर सिद्धार्थ मल्होत्रा अपनी अपकमिंग एरियल एक्शन ड्रामा "योद्धा" को लेकर खूब चर्चा में बने हुए हैं। वहीं अब खबर आई है कि फिल्म में एक्टर के अपोजिट दिशा पाटनी नजर आएंगी। दिशा के अलावा साउथ एक्ट्रेस राशि खन्ना भी फिल्म में कास्ट किया गया है। राशि ने मद्रास कैफे से बॉलीवुड डेब्यू किया था। शादी के बाद काम पर लौटे Vicky, यूजर्स ने लिए मजे, कहा- 'भाभी ने धनिया मंगवाया है. . . ' नौ दिसंबर को राजस्थान में शाही शादी के बाद कैटरीना कैफ और विक्की कौशल कुछ दिन पहले ही मुंबई वापस आए हैं। वहीं अब विक्की भी काम पर लौट आए हैं। कुछ देर पहले ही एक्टर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक फोटो शेयर की है जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार इन दिनों बढ़ चढ़कर अपना आगामी फिल्म 'अतरंगी रे' का प्रमोशन कर रहे हैं। हाल ही में कपिल शर्मा शो का एक प्रोमो वीडियो सामने आया है जहां अक्षय के साथ सारा अली खान और फिल्म के डायरेक्टर आनंद एल राय अतरंगी रे के प्रमोशन के लिए पहुंचे हुए हैं। एक हज़ार नौ सौ तिरासी में ऐतिहासिक जीत पर बनी फिल्म तिरासी का फैंस लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। कोरोना की वजह से कई बार फिल्म की रिलीज डेट को आगे बढ़ाया गया। हालांकि, अब फैंस का इंतजार खत्म होने वाला है। अब यह फिल्म इसी सास चौबीस दिसंबर को सभी सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है। |
Karnataka Chunav Result Live : कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए आज सुबह आठ बजे से वोटों की गिनती शुरू हो गई। रुझान भी सामने आने लगे हैं। 10 मई को सूबे की 224 विधानसभा सीटों पर 72. 82 फीसदी लोगों ने वोट डाले थे। इस बार चुनाव में कुल 2,615 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई है।
Karnataka Election Result: चुनाव आयोग के मुताबिक, कांग्रेस-110, भाजपा-71 और जेडी(एस)-23 सीटों पर आगे चल रही है। रुझानों में कांग्रेस ने बढ़त बना रखी है। पार्टी बार बहुमत के जादुई आंकड़े को पार कर रही है। पार्टी की बढ़त 110 से 116 के बीच बनी हुई है। भाजपा और जेडीएस को नुकसान होता दिख रहा है। भाजपा 78 और जेडीएस 26 सीटों पर आगे चल रही है। अन्य के खाते में पांच सीटें आती दिख रही हैं।
| Karnataka Chunav Result Live : कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए आज सुबह आठ बजे से वोटों की गिनती शुरू हो गई। रुझान भी सामने आने लगे हैं। दस मई को सूबे की दो सौ चौबीस विधानसभा सीटों पर बहत्तर. बयासी फीसदी लोगों ने वोट डाले थे। इस बार चुनाव में कुल दो,छः सौ पंद्रह उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई है। Karnataka Election Result: चुनाव आयोग के मुताबिक, कांग्रेस-एक सौ दस, भाजपा-इकहत्तर और जेडी-तेईस सीटों पर आगे चल रही है। रुझानों में कांग्रेस ने बढ़त बना रखी है। पार्टी बार बहुमत के जादुई आंकड़े को पार कर रही है। पार्टी की बढ़त एक सौ दस से एक सौ सोलह के बीच बनी हुई है। भाजपा और जेडीएस को नुकसान होता दिख रहा है। भाजपा अठहत्तर और जेडीएस छब्बीस सीटों पर आगे चल रही है। अन्य के खाते में पांच सीटें आती दिख रही हैं। |
मुरादाबाद के पुलिस अधीक्षक यातायात अशोक कुमार सिंह ने शहर में नो एंट्री का टाइम चेंज कर दिया है। नो एंट्री के टाइम में एक घंटे का इजाफा किया गया है। अब रात 10 बजे के बजाय रात 11 बजे तक शहर में भारी वाहनों की एंट्री प्रतिबंधित होगी।
SP ट्रैफिक अशोक कुमार सिंह ने अपने आदेश में कहा है कि अभी तक नो एंट्री का समय सुबह 6 बजे से लेकर रात 10 बजे तक था। गर्मी का मौसम आने की वजह से लोगों की आवाजाही शहर में सड़कों पर रात 11 बजे तक रहती है। इसलिए नो एंट्री का समय भी बढ़ाकर रात 11 बजे तक कर दिया गया है। अब सुबह 6 बजे से लेकर रात को 11 बजे तक कोई भी भारी वाहन शहर में प्रवेश नहीं करेगा।
This website follows the DNPA Code of Ethics.
| मुरादाबाद के पुलिस अधीक्षक यातायात अशोक कुमार सिंह ने शहर में नो एंट्री का टाइम चेंज कर दिया है। नो एंट्री के टाइम में एक घंटे का इजाफा किया गया है। अब रात दस बजे के बजाय रात ग्यारह बजे तक शहर में भारी वाहनों की एंट्री प्रतिबंधित होगी। SP ट्रैफिक अशोक कुमार सिंह ने अपने आदेश में कहा है कि अभी तक नो एंट्री का समय सुबह छः बजे से लेकर रात दस बजे तक था। गर्मी का मौसम आने की वजह से लोगों की आवाजाही शहर में सड़कों पर रात ग्यारह बजे तक रहती है। इसलिए नो एंट्री का समय भी बढ़ाकर रात ग्यारह बजे तक कर दिया गया है। अब सुबह छः बजे से लेकर रात को ग्यारह बजे तक कोई भी भारी वाहन शहर में प्रवेश नहीं करेगा। This website follows the DNPA Code of Ethics. |
मुगलसराय : अमृत योजना के तहत नगर पालिका क्षेत्र में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लान का कार्य प्रस्तावित है। इसके लिए योजना बना ली गई है। अब केवल जमीन की तलाश जारी है। योजना को मूर्तरूप देने के लिए लगभग दो हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है।
नगर में सीवर की व्यवस्था न होने के कारण बरसात के मौसम में नालियों व सीवर का पानी सड़कों पर बहता रहता है। नगरवासियों को इसी गंदे पानी से होकर आना-जाना पड़ता है। पिछले कई वर्षों से नगरवासी नगर में सीवरेज सिस्टम बनाने की मांग भी कर रहे हैं। बावजूद इसके अब तक नगर में सीवर नहीं बनाए गए हैं। छोटे नगरों व कस्बों में सीवरेज सिस्टम के लिए केंद्र सरकार इन दिनों अमृत योजना चला रही है। इस संबंध में जल निगम के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि जमीन के लिए जिलाधिकारी व नगर पालिका प्रशासन के अधिशासी अधिकारी को पत्र लिखा जा चुका है।
जनपद में एक बड़ी समस्या हैंडपंपों से आर्सेनिकयुक्त पानी का निकलना है। आर्सेनिकयुक्त पानी का उपयोग करने के कारण प्रतिवर्ष कई लोग बीमार पड़ते रहते हैं। जल निगम ने इस ओर अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है। आर्सेनिकयुक्त पानी की सबसे ज्यादा समस्या पड़ाव के आसपास के क्षेत्रों में है। सूजाबाद, बहादुरपुर, सतपोखरी, मढि़या, रतनपुर, कटेसर आदि गांवों में आर्सेनिकयुक्त पानी पाया गया है। इसके अलावा कैथी, पूरा, नादी आदि गांवों में भी आर्सेनिकयुक्त पानी मिला है।
इस संबंध में जल निगम के अधिशासी अभियंता ने बताया कि विभाग समस्या को गंभीरता से ले रहा है।
जिले में 1 हजार 1 सौ 50 हैंडपंप रिबोर की बाट जोह रहे हैं। खराब पड़े इन हैंडपंपों के कारण लोगों के समक्ष पेयजल की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। जल निगम के अधिशासी अभियंता का कहना है कि इन हैंडपंपों को रिबोर कराने के लिए पिछले दिनों योजना बनाकर शासन को भेजा गया है। अभी तक शासन से स्वीकृति नहीं मिली है। शासन द्वारा स्वीकृति मिलने और धन उपलब्ध कराने के बाद खराब पड़े सभी हैंडपंपों का रिबोर करा दिया जाएगा।
| मुगलसराय : अमृत योजना के तहत नगर पालिका क्षेत्र में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लान का कार्य प्रस्तावित है। इसके लिए योजना बना ली गई है। अब केवल जमीन की तलाश जारी है। योजना को मूर्तरूप देने के लिए लगभग दो हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है। नगर में सीवर की व्यवस्था न होने के कारण बरसात के मौसम में नालियों व सीवर का पानी सड़कों पर बहता रहता है। नगरवासियों को इसी गंदे पानी से होकर आना-जाना पड़ता है। पिछले कई वर्षों से नगरवासी नगर में सीवरेज सिस्टम बनाने की मांग भी कर रहे हैं। बावजूद इसके अब तक नगर में सीवर नहीं बनाए गए हैं। छोटे नगरों व कस्बों में सीवरेज सिस्टम के लिए केंद्र सरकार इन दिनों अमृत योजना चला रही है। इस संबंध में जल निगम के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि जमीन के लिए जिलाधिकारी व नगर पालिका प्रशासन के अधिशासी अधिकारी को पत्र लिखा जा चुका है। जनपद में एक बड़ी समस्या हैंडपंपों से आर्सेनिकयुक्त पानी का निकलना है। आर्सेनिकयुक्त पानी का उपयोग करने के कारण प्रतिवर्ष कई लोग बीमार पड़ते रहते हैं। जल निगम ने इस ओर अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है। आर्सेनिकयुक्त पानी की सबसे ज्यादा समस्या पड़ाव के आसपास के क्षेत्रों में है। सूजाबाद, बहादुरपुर, सतपोखरी, मढि़या, रतनपुर, कटेसर आदि गांवों में आर्सेनिकयुक्त पानी पाया गया है। इसके अलावा कैथी, पूरा, नादी आदि गांवों में भी आर्सेनिकयुक्त पानी मिला है। इस संबंध में जल निगम के अधिशासी अभियंता ने बताया कि विभाग समस्या को गंभीरता से ले रहा है। जिले में एक हजार एक सौ पचास हैंडपंप रिबोर की बाट जोह रहे हैं। खराब पड़े इन हैंडपंपों के कारण लोगों के समक्ष पेयजल की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। जल निगम के अधिशासी अभियंता का कहना है कि इन हैंडपंपों को रिबोर कराने के लिए पिछले दिनों योजना बनाकर शासन को भेजा गया है। अभी तक शासन से स्वीकृति नहीं मिली है। शासन द्वारा स्वीकृति मिलने और धन उपलब्ध कराने के बाद खराब पड़े सभी हैंडपंपों का रिबोर करा दिया जाएगा। |
अर्थघात के तेरह भेद यहां संक्षेप में दिये गये हैं । प्राणघात के तेरह भेदों के अनुसार इनका अच्छाबुरापन समझ लेना चाहिये । पर जीवन-व्यवहार में अर्थवात के पाप से बचने के लिये इतना विवेचन काफी न होगा । अर्थघात के विचार का ख़ास मुद्दा यह है कि लोग चोरी से बचें । बहुत से आदमी चोरी से बचना चाहते हैं पर कुछ चोरियों को चोरी नहीं समझते-साधारण व्यवहार ही समझते हैं। उन्हें चोरी के भेदप्रभेदो से अपनी चोरी मालूम होजायगी और उस चोरी के दुष्परिणाम से भी परिचित होजायेंगे ।
चोरी के भेद हमे दो तरह से करने होंगे एक तो चोरी के पदार्थ की दृष्टि से, दूसरे चोरी करनेके तरीके की दृष्टि से। दोनों ही बातों में से लोगों को भ्रम होजाता है । कोई कोई लोग अमुक पदार्थ की चोरी को चोरी नहीं समझतेत कोई कोई अमुक तरीके को चोरी नहीं समझते। पर उनके न समझने से चोरी का परिणाम रुक नहीं, जाता इसलिये दोनों दृष्टियों से चोरी के भेद समझलेना चाहिये, और उनका त्याग करना चाहिये । वस्तुकी दृष्टि से चोरी या चोर के चार भेद है १- धनचोर, २ - नामचोर, ३उपकारचोर, ४- उसयोग चोर ।
इन चारों का अर्थ सरल है । किसी भौतिक वस्तु को चुरानेवाला धनचोर है । किसी का यश छीनलेनेवाला, दूसरे की कृति को अपनी कृति बनानेवाला नाम-चोर है। अपने 'ऊपर किये गये उपकार को स्वीकार न करने वाला अर्थात् कृतघ्न व्यक्ति उपकारचोर है । किसी वस्तु को चुराया तो न जाय किन्तु उसका चोरी से उपयोग कर लिया जाय यहं उपयोग चोरी है । जो उपयोग सर्वसाधारण के लिये खुला
LA CHEFENSTE GANNYAD
हुआ हो या ख़ास तौर से अपने लिये खुला हुआ हो, जैसे किसी के बगीचे में सैर करना आदि, इस से कोई उपयोगचोर नहीं कहलाता ।
चोरी के ढंग की दृष्टि से चोर के छः भेद हैं । १-- छनचोर, २ नज़रचोर, ३ ठगचोर, ४ उद्घाटकचोर, ५ बलात्चोर, ६ घातकचोर ।
ऊपर कही गई चार प्रकार की वस्तुओं की चोरी छः छः तरह से होती है इसलिये चोरी के या चोरों के चोवीस भेद होजाते हैं । पहिले धन के विषय में ही ये भेद लगाये जाते हैं ।
१-- धन का छनचोर वह है जो वास्तव में चोर तो है पर उसके चोरपन पर व्यावहारिक सुविधा का ऐसा आचरण पड़ जाता है कि उसे चोर नहीं कहाजापाता। पर कह भले ही न सकें लेकिन उससे हमार। टिल चौकन्ना रहता है । जैसे झूठा बहाना बनाकर भीख माँगना । यहाँ चोरी का रूप है पर उसके ऊपर व्यवहार का ऐसा आवरण पड़ा है कि ऐसी चोरी करनेवाले चोरों में नहीं गिने जाते या सहज ही आरोप से वचजाते हैं । हन्न चोर कई तरह के होते हैं (क) विनिमयचोर (ख) विभागचोर (ग) अनुज्ञा चोर (घ) भिक्षाचोर (ड) कणग्राहकचोर (च) प्रमादचोर (छ) उरणचोर (ज) विस्मृतिचोर (झ) मौनचोर (ञ) शब्दश्लेषचोर आदि ।
[क] विनिमयचोर --मूल्य पूरा लेना पर उसका बदला पूरा न देना अर्थात् जितना जैसा माल ठहराया है उतना वैसा माल न देना । माप तौल में गड़बड करना, धोखे से मिलावटी 'चीज देना आदि विनिमय चोरी है। इसी प्रकार मज़दूरी या नौकरी पर जाना पर मालिक की नज़र बचाकर काम न करना, जिस वेग से काम करना चाहिये उस वेग से न करना आदि भी विनिमय चोरी है । | अर्थघात के तेरह भेद यहां संक्षेप में दिये गये हैं । प्राणघात के तेरह भेदों के अनुसार इनका अच्छाबुरापन समझ लेना चाहिये । पर जीवन-व्यवहार में अर्थवात के पाप से बचने के लिये इतना विवेचन काफी न होगा । अर्थघात के विचार का ख़ास मुद्दा यह है कि लोग चोरी से बचें । बहुत से आदमी चोरी से बचना चाहते हैं पर कुछ चोरियों को चोरी नहीं समझते-साधारण व्यवहार ही समझते हैं। उन्हें चोरी के भेदप्रभेदो से अपनी चोरी मालूम होजायगी और उस चोरी के दुष्परिणाम से भी परिचित होजायेंगे । चोरी के भेद हमे दो तरह से करने होंगे एक तो चोरी के पदार्थ की दृष्टि से, दूसरे चोरी करनेके तरीके की दृष्टि से। दोनों ही बातों में से लोगों को भ्रम होजाता है । कोई कोई लोग अमुक पदार्थ की चोरी को चोरी नहीं समझतेत कोई कोई अमुक तरीके को चोरी नहीं समझते। पर उनके न समझने से चोरी का परिणाम रुक नहीं, जाता इसलिये दोनों दृष्टियों से चोरी के भेद समझलेना चाहिये, और उनका त्याग करना चाहिये । वस्तुकी दृष्टि से चोरी या चोर के चार भेद है एक- धनचोर, दो - नामचोर, तीनउपकारचोर, चार- उसयोग चोर । इन चारों का अर्थ सरल है । किसी भौतिक वस्तु को चुरानेवाला धनचोर है । किसी का यश छीनलेनेवाला, दूसरे की कृति को अपनी कृति बनानेवाला नाम-चोर है। अपने 'ऊपर किये गये उपकार को स्वीकार न करने वाला अर्थात् कृतघ्न व्यक्ति उपकारचोर है । किसी वस्तु को चुराया तो न जाय किन्तु उसका चोरी से उपयोग कर लिया जाय यहं उपयोग चोरी है । जो उपयोग सर्वसाधारण के लिये खुला LA CHEFENSTE GANNYAD हुआ हो या ख़ास तौर से अपने लिये खुला हुआ हो, जैसे किसी के बगीचे में सैर करना आदि, इस से कोई उपयोगचोर नहीं कहलाता । चोरी के ढंग की दृष्टि से चोर के छः भेद हैं । एक-- छनचोर, दो नज़रचोर, तीन ठगचोर, चार उद्घाटकचोर, पाँच बलात्चोर, छः घातकचोर । ऊपर कही गई चार प्रकार की वस्तुओं की चोरी छः छः तरह से होती है इसलिये चोरी के या चोरों के चोवीस भेद होजाते हैं । पहिले धन के विषय में ही ये भेद लगाये जाते हैं । एक-- धन का छनचोर वह है जो वास्तव में चोर तो है पर उसके चोरपन पर व्यावहारिक सुविधा का ऐसा आचरण पड़ जाता है कि उसे चोर नहीं कहाजापाता। पर कह भले ही न सकें लेकिन उससे हमार। टिल चौकन्ना रहता है । जैसे झूठा बहाना बनाकर भीख माँगना । यहाँ चोरी का रूप है पर उसके ऊपर व्यवहार का ऐसा आवरण पड़ा है कि ऐसी चोरी करनेवाले चोरों में नहीं गिने जाते या सहज ही आरोप से वचजाते हैं । हन्न चोर कई तरह के होते हैं विनिमयचोर विभागचोर अनुज्ञा चोर भिक्षाचोर कणग्राहकचोर प्रमादचोर उरणचोर विस्मृतिचोर मौनचोर शब्दश्लेषचोर आदि । [क] विनिमयचोर --मूल्य पूरा लेना पर उसका बदला पूरा न देना अर्थात् जितना जैसा माल ठहराया है उतना वैसा माल न देना । माप तौल में गड़बड करना, धोखे से मिलावटी 'चीज देना आदि विनिमय चोरी है। इसी प्रकार मज़दूरी या नौकरी पर जाना पर मालिक की नज़र बचाकर काम न करना, जिस वेग से काम करना चाहिये उस वेग से न करना आदि भी विनिमय चोरी है । |
मलाइका अरोड़ा (Malaika Arora) सोशल मीडिया पर इन दिनों काफी एक्टिव हैं। कोरोना वायरस की वजह से वह कहीं बाहर नहीं जा पा रहीं, ऐसे में वो घर के अंदर से ही सोशल मीडिया पर तस्वीरें पोस्ट कर रही हैं। इन तस्वीरों में आप मलाइका का लग्जरी घर देख सकते हैं। मलाइका इस घर में अपने बेटे अरहान खान और डॉगी कैस्पर के साथ रहती हैं।
मलाइका अपनी फिटनेस के साथ-साथ फैशनसेंस के कारण जानी जाती हैं। यह तस्वीर मलाइका के घर की ही है। फोटो में आप देख सकते हैं, मलाइका ने अपने घर को फूलों से सजा रखा है। साथ ही उन्होंने दीया भी जलाया है।
इस तस्वीर में मलाइका घर की बालकनी में नजर आ रही हैं। मलाइका के घर के सोफे, बिस्तर, दीवारों से लेकर फर्श तक सब कुछ काफी सुंदर है। बात करें करियर की तो अपने शुरुआती दौर में ही 'गुड़ नाल इश्क मीठा' और 'छैयां-छैयां', इन दो गानों पर डांस से उन्होंने अपनी पहचान बना ली थी।
इन तस्वीरों में डाइनिंग एरिया के साथ मलाइका का किचन और रूम भी साफ तौर पर देखा जा सकता है। मलाइका अरोड़ा का घर अंदर से ज्यादातर सफेद रंग का है। तस्वीर में मलाइका डाइनिंग टेबल पर बैठकर खना खाती दिख रही हैं।
पहली तस्वीर में मलाइका जहां सोफे पर लेटी दिखाई दे रही हैं वहीं दूसरी तस्वीर में वह अपने डॉगी कैस्पर के साथ बालकनी में धूप सेक रही हैं। मलाइका, अर्जुन कपूर के साथ रिलेशन को लेकर भी चर्चा में रहती हैं।
| मलाइका अरोड़ा सोशल मीडिया पर इन दिनों काफी एक्टिव हैं। कोरोना वायरस की वजह से वह कहीं बाहर नहीं जा पा रहीं, ऐसे में वो घर के अंदर से ही सोशल मीडिया पर तस्वीरें पोस्ट कर रही हैं। इन तस्वीरों में आप मलाइका का लग्जरी घर देख सकते हैं। मलाइका इस घर में अपने बेटे अरहान खान और डॉगी कैस्पर के साथ रहती हैं। मलाइका अपनी फिटनेस के साथ-साथ फैशनसेंस के कारण जानी जाती हैं। यह तस्वीर मलाइका के घर की ही है। फोटो में आप देख सकते हैं, मलाइका ने अपने घर को फूलों से सजा रखा है। साथ ही उन्होंने दीया भी जलाया है। इस तस्वीर में मलाइका घर की बालकनी में नजर आ रही हैं। मलाइका के घर के सोफे, बिस्तर, दीवारों से लेकर फर्श तक सब कुछ काफी सुंदर है। बात करें करियर की तो अपने शुरुआती दौर में ही 'गुड़ नाल इश्क मीठा' और 'छैयां-छैयां', इन दो गानों पर डांस से उन्होंने अपनी पहचान बना ली थी। इन तस्वीरों में डाइनिंग एरिया के साथ मलाइका का किचन और रूम भी साफ तौर पर देखा जा सकता है। मलाइका अरोड़ा का घर अंदर से ज्यादातर सफेद रंग का है। तस्वीर में मलाइका डाइनिंग टेबल पर बैठकर खना खाती दिख रही हैं। पहली तस्वीर में मलाइका जहां सोफे पर लेटी दिखाई दे रही हैं वहीं दूसरी तस्वीर में वह अपने डॉगी कैस्पर के साथ बालकनी में धूप सेक रही हैं। मलाइका, अर्जुन कपूर के साथ रिलेशन को लेकर भी चर्चा में रहती हैं। |
Quick links:
UP Assembly Election 2022: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव (UP Polls 2022) को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) एक बार फिर चुनाव जीतने का दंभ भर रही है। इस बीच खबर आ रही है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) को अयोध्या सीट (Ayodhya Seat) से मैदान में उतारने पर विचार कर रही है। फिलहाल उम्मीदवारों के नाम तय करने के लिए BJP में बैठकों का दौर चल रहा है।
मंगलवार को इस सिलसिले में राजधानी स्थित पार्टी मुख्यालय में एक बैठक भी हुई है, जिसमें अन्य शीर्ष नेताओं के साथ स्वयं सीएम योगी भी मौजूद थे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में इस बार 7 चरणों में चुनाव होगा और इसकी शुरुआत 10 फरवरी को राज्य के पश्चिमी हिस्से के 11 जिलों की 58 सीटों पर मतदान के साथ होगी।
बता दें, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 1998 से लगातार पांच बार गोरखपुर निर्वाचन क्षेत्र से सांसद रहे हैं। उनका यहां से संबंध काफी गहरा है। वह गोरखनाथ मठ के महंत या मुख्य पुजारी भी हैं। इसके चलते अटकलों को हवा दी थी कि वे गोरखपुर से विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं।
हालांकि, जब अयोध्या की बात आती है, तो योगी आदित्यनाथ ने राम की नगरी में अपनी जड़ें गहरी कर ली है। राम मंदिर के निर्माण के साथ, स्थानीय नागरिकों का एक ऐतिहासिक सपना चल रहा है। वहीं अयोध्या को अपने विधानसभा क्षेत्र के रूप में चुनना उनके पक्ष में दृढ़ता से काम कर सकता है। खासकर जब से यूपी का अभियान बीजेपी के सबसे बड़े चुनाव पूर्व वादों में से एक- मंदिर निर्माण पर भारी निर्भर है।
2022 के यूपी चुनावों की अगुवाई में, सीएम ने स्पष्ट रूप से कहा है कि "राज्य के लोगों को हमेशा याद रखना चाहिए कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को किस पार्टी ने संभव बनाया"। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा की निगाहें अभी भी शेष लक्ष्यों पर है।
| Quick links: UP Assembly Election दो हज़ार बाईस: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर चुनाव जीतने का दंभ भर रही है। इस बीच खबर आ रही है कि भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या सीट से मैदान में उतारने पर विचार कर रही है। फिलहाल उम्मीदवारों के नाम तय करने के लिए BJP में बैठकों का दौर चल रहा है। मंगलवार को इस सिलसिले में राजधानी स्थित पार्टी मुख्यालय में एक बैठक भी हुई है, जिसमें अन्य शीर्ष नेताओं के साथ स्वयं सीएम योगी भी मौजूद थे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में इस बार सात चरणों में चुनाव होगा और इसकी शुरुआत दस फरवरी को राज्य के पश्चिमी हिस्से के ग्यारह जिलों की अट्ठावन सीटों पर मतदान के साथ होगी। बता दें, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक हज़ार नौ सौ अट्ठानवे से लगातार पांच बार गोरखपुर निर्वाचन क्षेत्र से सांसद रहे हैं। उनका यहां से संबंध काफी गहरा है। वह गोरखनाथ मठ के महंत या मुख्य पुजारी भी हैं। इसके चलते अटकलों को हवा दी थी कि वे गोरखपुर से विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि, जब अयोध्या की बात आती है, तो योगी आदित्यनाथ ने राम की नगरी में अपनी जड़ें गहरी कर ली है। राम मंदिर के निर्माण के साथ, स्थानीय नागरिकों का एक ऐतिहासिक सपना चल रहा है। वहीं अयोध्या को अपने विधानसभा क्षेत्र के रूप में चुनना उनके पक्ष में दृढ़ता से काम कर सकता है। खासकर जब से यूपी का अभियान बीजेपी के सबसे बड़े चुनाव पूर्व वादों में से एक- मंदिर निर्माण पर भारी निर्भर है। दो हज़ार बाईस के यूपी चुनावों की अगुवाई में, सीएम ने स्पष्ट रूप से कहा है कि "राज्य के लोगों को हमेशा याद रखना चाहिए कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को किस पार्टी ने संभव बनाया"। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा की निगाहें अभी भी शेष लक्ष्यों पर है। |
Subsets and Splits
No community queries yet
The top public SQL queries from the community will appear here once available.