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उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव के छठे चरण का मतदान जारी है, तो वहीं दूसरी ओर एक चरण यानी सातवां चरण का मतदान शेष रह गया है। इन दोनों चरणों के मतदान में बीजेपी और सपा के नए-पुराने सहयोगी दलों की ताकत की परीक्षा होगी। इन दोनों चरणों में पीएम मोदी और सीएम योगी के संबंधित क्षेत्र से होना है। लेकिन वहीं दूसरी ओर कमर कसे प्रियंका गांधी के बारे में कहीं कम चर्चा नहीं हो रहा है। लोगों का कहना है कि उनका परफारमेंस सरप्राइजिंग मोड में चल रहा है। आगामी चुनाव परिणाम किसे राज और किसे फकीर बनाने वाला है, इसके बारे में कुछ कहना अभी जल्दबाजी होगी। विधानसभा चुनाव लगभग अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है। एक तरफ जहां जहां छठे चरण की वोटिंग जाही है वहीं दूसरी ओर सातवे यानी आखिरी चरण के मतदान की तैयारी में सभी राजनैतिक दल जुटे हुए हैं। इसी क्रम में गुरुवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाराणसी के कबीर चौरा मठ पहुंची और अगले तीन दिनों तक उन्होंने कबीर चौरा मठ में ही रहनें का मूड बना लिया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के कबीर चौरा मठ दौरे को लेकर अलग अलग बातें की जा रहीं हैं। इसे कदम को लोग दलित और अति पिछड़े समाज के वोटर्स को साधने के नजिए से देख रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वाराणसी में प्रियंका गांधी का कबीर चौरा मठ में वास कर दलित और अति पिछड़ा समाज के लोगों के लिए एक बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश है, और यह बताना चाहती हैं कि कांग्रेस पार्टी ही इन तबकों की हितैषी है। सातवें चरण में शामिल चुनाव वाले जिलों में अति पिछड़ी जातियों एवं दलितों की संख्या अच्छी-खासी है, लिहाजा कांग्रेस ने इन वोटर्स को अपने पाले में करने के लिए पूरे जोर-शोर से जुटी हुई है। गौरतलब है कि कबीर चौरा मठ का अपना एक अलग ऐतिहासिक महत्व रहा है। दरअसल यह मठ संत कबीर की कर्म स्थली द्योतक है। इसी मठ में उन्होंने अपने पूरा जीवन को साधा था। कबीरदास की शिक्षाओं, संदेशों एवं स्मृतियों का केंद्र, यह मठ कबीरदास के अनुयायियों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा है। इसी कारण देशभर के कबीरपंथियों का यहां सदैव तांता लगा रहता है। कबीर चौरा मठ सियासी दृष्टिकोण से भी अहम है। पं नेहरू और राष्ट्रकवि रविंद्रनाथ टैगोर समेत महात्मा गांधी भी यहां कई बार आए और इसे अपना डेरा बनाया। बता दें कि तीन मार्च यानी आज गोरखपुर समेत 10 जिलों की 57 सीटों पर मतदान होना है, वहीं सात मार्च को वाराणसी समेत नौ जिलों की 54 सीटों पर मतदाता अपने मताधिकारों का इस्तेमाल करेंगे। पूर्वांचल क्षेत्र में होने वाले दो चरणों के मतदान में भाजपा से हटकर सपा का दामन थामने वाले स्वामी प्रसाद मौर्या और दारा सिंह चौहान जैसी राजनीतिक हस्तियों की चुनावी किस्मत का फैसला होना है, जबकि ओम प्रकाश राजभर के नेतृत्व वाले क्षेत्रीय दल की ताकत की भी परीक्षा होनी है।
उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव के छठे चरण का मतदान जारी है, तो वहीं दूसरी ओर एक चरण यानी सातवां चरण का मतदान शेष रह गया है। इन दोनों चरणों के मतदान में बीजेपी और सपा के नए-पुराने सहयोगी दलों की ताकत की परीक्षा होगी। इन दोनों चरणों में पीएम मोदी और सीएम योगी के संबंधित क्षेत्र से होना है। लेकिन वहीं दूसरी ओर कमर कसे प्रियंका गांधी के बारे में कहीं कम चर्चा नहीं हो रहा है। लोगों का कहना है कि उनका परफारमेंस सरप्राइजिंग मोड में चल रहा है। आगामी चुनाव परिणाम किसे राज और किसे फकीर बनाने वाला है, इसके बारे में कुछ कहना अभी जल्दबाजी होगी। विधानसभा चुनाव लगभग अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है। एक तरफ जहां जहां छठे चरण की वोटिंग जाही है वहीं दूसरी ओर सातवे यानी आखिरी चरण के मतदान की तैयारी में सभी राजनैतिक दल जुटे हुए हैं। इसी क्रम में गुरुवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाराणसी के कबीर चौरा मठ पहुंची और अगले तीन दिनों तक उन्होंने कबीर चौरा मठ में ही रहनें का मूड बना लिया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के कबीर चौरा मठ दौरे को लेकर अलग अलग बातें की जा रहीं हैं। इसे कदम को लोग दलित और अति पिछड़े समाज के वोटर्स को साधने के नजिए से देख रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वाराणसी में प्रियंका गांधी का कबीर चौरा मठ में वास कर दलित और अति पिछड़ा समाज के लोगों के लिए एक बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश है, और यह बताना चाहती हैं कि कांग्रेस पार्टी ही इन तबकों की हितैषी है। सातवें चरण में शामिल चुनाव वाले जिलों में अति पिछड़ी जातियों एवं दलितों की संख्या अच्छी-खासी है, लिहाजा कांग्रेस ने इन वोटर्स को अपने पाले में करने के लिए पूरे जोर-शोर से जुटी हुई है। गौरतलब है कि कबीर चौरा मठ का अपना एक अलग ऐतिहासिक महत्व रहा है। दरअसल यह मठ संत कबीर की कर्म स्थली द्योतक है। इसी मठ में उन्होंने अपने पूरा जीवन को साधा था। कबीरदास की शिक्षाओं, संदेशों एवं स्मृतियों का केंद्र, यह मठ कबीरदास के अनुयायियों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा है। इसी कारण देशभर के कबीरपंथियों का यहां सदैव तांता लगा रहता है। कबीर चौरा मठ सियासी दृष्टिकोण से भी अहम है। पं नेहरू और राष्ट्रकवि रविंद्रनाथ टैगोर समेत महात्मा गांधी भी यहां कई बार आए और इसे अपना डेरा बनाया। बता दें कि तीन मार्च यानी आज गोरखपुर समेत दस जिलों की सत्तावन सीटों पर मतदान होना है, वहीं सात मार्च को वाराणसी समेत नौ जिलों की चौवन सीटों पर मतदाता अपने मताधिकारों का इस्तेमाल करेंगे। पूर्वांचल क्षेत्र में होने वाले दो चरणों के मतदान में भाजपा से हटकर सपा का दामन थामने वाले स्वामी प्रसाद मौर्या और दारा सिंह चौहान जैसी राजनीतिक हस्तियों की चुनावी किस्मत का फैसला होना है, जबकि ओम प्रकाश राजभर के नेतृत्व वाले क्षेत्रीय दल की ताकत की भी परीक्षा होनी है।
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (फाइल फोटो) Galwan Martyr: गलवान घाटी की घटना में जान गंवाने वाले सैनिक के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. शहीद के भाई का कहना है कि उनके पिता राज कपूर सिंह पर एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. इतनी ही नहीं, पुलिस पर मारपीट का भी आरोप लगाया गया है. वहीं, इस पूरे मामले में अब केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की एंट्री हो गई है. राजनाथ सिंह ने बुधवार (1 मार्च) को इस मामले पर संज्ञान लिया और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बात की. सूत्रों के मुताबिक, राजनाथ सिंह ने मारपीट और शहीद के पिता की गिरफ्तारी पर नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने नीतीश कुमार से मामले में कार्रवाई करने के लिए कहा है. इस मामले में बिहार के पुलिस महानिदेशक ने तेजी से कार्रवाई का आश्वासान दिया है. बिहार पुलिस ने एक बयान जारी कर कहा, "गलवान घाटी की घटना में जान गंवाने वाले सैनिक के पिता की गिरफ्तारी मामले को बिहार के पुलिस महानिदेशक द्वारा गंभीरता से लेते हुए एक टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए गए हैं. इस मामले में अगर कोई पुलिस पदाधिकारी या फिर कर्मी दोषी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी. " इस बीच बीजेपी की प्रदेश इकाई के प्रवक्ता निखिल आनंद ने एक बयान जारी कर आरोप लगाया कि इस घटना से पता चलता है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार सशस्त्र बलों का अनादर कर रही है. उन्होंने कहा कि हाल में एक मंत्री ने सशस्त्र बलों के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की थी. आनंद ने कहा, "हम मांग करते हैं कि महागठबंधन सरकार हमारे बहादुर सैनिकों के बलिदान का सम्मान करे और राज्य के उन सभी सैनिकों के स्मारक का निर्माण करे जो गलवान संघर्ष में शहीद हुए थे. " क्या है पूरा मामला? बता दें कि शहीद जय किशोर सिंह के पिता राज कपूर सिंह चकफतेह गांव (वैशाली) में अपने बेटे का स्मारक बनवाना चाहते हैं. इसको लेकर शुरू में खूब विवाद हुआ, लेकिन बाद में पंचायत में सरकारी जमीन पर स्मारक को बनाने का काम शुरू कर दिया गया. अब निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन विवाद दोबारा से शुरू हो गया. राज कपूर सिंह जिस जमीन पर स्मारक बना रहे हैं, उसकी सीमा हरिनाथ की जमीन से लगती है. हरिनाथ ने ही राज कपूर सिंह के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी थी. जिसके बाद राज कपूर सिंह को गिरफ्तार किया गया. राज कपूर के परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि उन्हें कई बार पीटा गया, गालियां दी गईं और पुलिस अधिकारी जबरन पुलिस वैन में ले गए. इतना ही नहीं, परिजनों ने थाने में मारपीट करने का भी आरोप लगाया है. परिवार ने आरोप लगाया है कि सिंह के खिलाफ झूठा मामला लगाया गया और एससी/एसटी एक्ट का दुरुपयोग किया जा रहा है.
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह Galwan Martyr: गलवान घाटी की घटना में जान गंवाने वाले सैनिक के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. शहीद के भाई का कहना है कि उनके पिता राज कपूर सिंह पर एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. इतनी ही नहीं, पुलिस पर मारपीट का भी आरोप लगाया गया है. वहीं, इस पूरे मामले में अब केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की एंट्री हो गई है. राजनाथ सिंह ने बुधवार को इस मामले पर संज्ञान लिया और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बात की. सूत्रों के मुताबिक, राजनाथ सिंह ने मारपीट और शहीद के पिता की गिरफ्तारी पर नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने नीतीश कुमार से मामले में कार्रवाई करने के लिए कहा है. इस मामले में बिहार के पुलिस महानिदेशक ने तेजी से कार्रवाई का आश्वासान दिया है. बिहार पुलिस ने एक बयान जारी कर कहा, "गलवान घाटी की घटना में जान गंवाने वाले सैनिक के पिता की गिरफ्तारी मामले को बिहार के पुलिस महानिदेशक द्वारा गंभीरता से लेते हुए एक टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए गए हैं. इस मामले में अगर कोई पुलिस पदाधिकारी या फिर कर्मी दोषी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी. " इस बीच बीजेपी की प्रदेश इकाई के प्रवक्ता निखिल आनंद ने एक बयान जारी कर आरोप लगाया कि इस घटना से पता चलता है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार सशस्त्र बलों का अनादर कर रही है. उन्होंने कहा कि हाल में एक मंत्री ने सशस्त्र बलों के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की थी. आनंद ने कहा, "हम मांग करते हैं कि महागठबंधन सरकार हमारे बहादुर सैनिकों के बलिदान का सम्मान करे और राज्य के उन सभी सैनिकों के स्मारक का निर्माण करे जो गलवान संघर्ष में शहीद हुए थे. " क्या है पूरा मामला? बता दें कि शहीद जय किशोर सिंह के पिता राज कपूर सिंह चकफतेह गांव में अपने बेटे का स्मारक बनवाना चाहते हैं. इसको लेकर शुरू में खूब विवाद हुआ, लेकिन बाद में पंचायत में सरकारी जमीन पर स्मारक को बनाने का काम शुरू कर दिया गया. अब निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन विवाद दोबारा से शुरू हो गया. राज कपूर सिंह जिस जमीन पर स्मारक बना रहे हैं, उसकी सीमा हरिनाथ की जमीन से लगती है. हरिनाथ ने ही राज कपूर सिंह के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी थी. जिसके बाद राज कपूर सिंह को गिरफ्तार किया गया. राज कपूर के परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि उन्हें कई बार पीटा गया, गालियां दी गईं और पुलिस अधिकारी जबरन पुलिस वैन में ले गए. इतना ही नहीं, परिजनों ने थाने में मारपीट करने का भी आरोप लगाया है. परिवार ने आरोप लगाया है कि सिंह के खिलाफ झूठा मामला लगाया गया और एससी/एसटी एक्ट का दुरुपयोग किया जा रहा है.
सबकी परीक्षाएं हो चुकी थी, कॉलेज का आखिरी दिन...आखिरी प्रेक्टिकल खत्म होने के बाद सभी एक दूसरे को याद करने ....मिलते रहने के वादे कर रहे थे।मैं उसके ओर मेरे सुंदर ख्वाब बुनने में लगा हुआ था।दुआ कुबूल हुई और वो सामने से ही आ गई।मुझे लगा आज वो मेरा हाथ थाम कर बैठेगी पर बड़ी घबराई सी आई वो। "हम हमेशा साथ ही रहेंगे ना.." उसकी आंखें भर आईं थी। "हाँ ....हमेशा.." मैंने उसका हाथ थामकर पास बैठाते हुए कहा । और पास बैठते ही वो मुझसे लिपट गई । होने को तो वो बिल्कुल शान्त थी,,पर उसके आंसू मेरे दिल को भेद रहे थे। "अपनो को छोड़कर...उनसे मुँह मोड़कर..." उसका चेहरा थाम के मेरी तरफ करके बोला "मैं कभी ऐसा कोई काम नहीं करूंगा जिससे मेरे या तुम्हारे घर मे किसी का भी सिर शर्म से झुके.... तुम इतनी जल्दी कैसे टूट सकती हो..एक महीने में मेरा रिजल्ट आ जायेगा।यकीन मानो बहुत जल्द राजस्थान पुलिस जॉइन करने वाला हूं... अपने प्यार और मेहनत पर पूरा भरोसा है मुझे...मुझ पर यकीन रखो..हम साथ रहेंगे और सबके साथ रहेंगे....सबकी मर्जी से..थोड़ा सा सब्र रखना होगा बस।" उसने अपनी आंखें कस के बन्द की और फिर से लिपट गई। लगभग 30 मिनट बाद उसके घर से फोन आया और बहुत समझाबुझा के उसको मैने घर भेजा।उसके बाद मैं भी ट्रेन से घर आ गया। पूरे दिन उसी की बाते याद आ रही थी। रात को 10 बजे मेरे मोबाइल में बीप की आवाज सुनी...चाहे मेसेज किसी का भी आये...इस बीप से मेरी धड़कने बढ़ जाती थी और लगता था कि ये msg उसी का है।वो मेसेज सच मे उसी का था। ""Ankit me janti hu ki tum mujhe maaf ni kr paoge . Pr sch yhi h ki tumhe mere bin jina sikh lena chahiye. Tumhari bhut yaad ayegi. मत पूछ हमको, कैसे जियें तेरे बिन, बिन तेरे हम तो मर जायेंगे। मर जायेंगे इस जहाँ में लेकिन, मर जायेंगे इस जहाँ में लेकिन, उस जहाँ में तुझको अपना बनाएंगे। बिन तेरे अब तो , खाना ना सोना है, है सोना अब तो आँसू बिछोना है। आँसू बिछोना है सूख जाता लेकिन, आँसू बिछोना है सूख जाता लेकिन,, इस दिल को अब दर्द बहाना है। क्या कभी जुदा हुई, गुलाबों से खुशबू, खुशबू से गुलाब का होना न होना है। है होना अगर गुलाब का खुशबू बिन, है होना अगर गुलाब का खुशबू बिन, वो गुलाब तो फिर कांटो का गहना है। मत पूछ हमको, कैसे जियें तेरे बिन, बिन तेरे हम तो मर जायेंगे, मर जायेंगे इस जहाँ में लेकिन, मर जायेंगे इस जहाँ में लेकिन, उस जहाँ में तुझको अपना बनाएंगे। The number you dial is currently switch off please call again later. ....उसका फेसबुक एकाउंट भी बंद हो चुका था। नींद तो रातभर आंखों से नदारद थी, पर आंसू उसकी कमी को पूरा कर रहे थे।सुबह की पहली ट्रैन पकड़ कर उसके शहर,,,,उसके घर पहुंचा।आज धड़कन उछल उछल कर उसके होने की गवाही नहीं दे रही थी,,,मानो थम सी गई हो।घर पे ताला लगा था और सन्नाटा पसरा था।सामने वाली चाय दुकान पर पूछा,"अंकल जी ...कहाँ गए ये सब??" "अरे इन्होंने तो एक महीने पहले ही मकान बेच दिया था, बस बच्चों की परीक्षा होने के चलते रुके हुए थे।कल परीक्षा खत्म हुई और अब पूरा परिवार नेपाल चला गया।वहां कोई बिजनेस शुरू किया है।" मुझे याद नहीं कब तक मैं गलियों में आँसू पोंछता भटकता रहा।घर से बार बार फोन आ रहे थे, ओर खुद को सम्भालता हुआ शाम की ट्रेन पकड़ घर रवाना हो गया।ट्रैन में सज्जन थे एक...मुझे अपने पास बिठाया...एक किताब पढ़ रहे थे..."प्रेम पंथ एसो कठिन" पता नही कैसे उसपे नजर गई,,,अब सबकुछ भूलकर उसको पढ़ने में लग गया,,, उन्होंने वो किताब मुझे थमाई ओर कहा "एक प्रवचन पूरा पढ़ना" उस किताब को पढ़कर एक अलग ही शांति, भावशून्यता मिली थी,,,सुकून भर गया था मुझमे।घर आकर खाना खा के चूपचाप सो गया। इसके बाद कुछ दिन ओशो साहित्य पढ़कर ...उनके प्रवचन सुनकर बिताए।फिर तय किया,,,उसका पीछा कभी नहीं करूंगा,,पर अगर कभी मिली तो एक सवाल जरूर करूँगा "ऐसा क्या था कि तुम बिना कुछ बताए मुझे अकेला छोड़ गई??" Chemistry बेहद पसंद थी उसे, और मुझे उतनी ही नापसंद।पर अब chemistry पढ़कर ऐसा लगता है,, मानो उसी की आंखे पढ़ रहा हूं।पर समझ में न तो वो आयी और ना ही chemistry. सरकारी नोकरियों से कोफ़्त हो चुकी थी मुझे.. पर chemistry ओर उसके लिए महोब्बत बढ़ती गई। 5 साल बाद। सांवलिया सेठ मन्दिर। भादसोड़ा, चित्तौड़गढ़। "कमीनो ...!!इतनी देर कहाँ मर गए थे सब के सब" मैने अपने चारों दोस्तो से पूछा जिनके साथ बिना किसी प्लान के ही सुबह 3 बजे उठकर 7 घण्टे के सफर के बाद यहां आया था। "भाई सुसु करने के लिये भी तेरी परमिशन लें??" एक ने जवाब दिया। "अंकित...अंकित ...!!! कहाँ जा रहे हो रुको...रुको भी ना...कितनी धूप है " वो पहली घूंट मानो अमृत की थी,, तपती धूप में आने वाली ठंडी हवा के झोंको से कंपकपी सी छूट रही थी,,जैसे आज पूरा सावन बरस गया हो मुझपे...ये आवाज उसी की थी,,, रोज सपनो में जिसे सुनता हूँ,,, ये आवाज वही थी। होश जैसे छीन से रहे थे...धड़कन आज फिर वेसे ही उछल रही थी...होठ फड़फड़ा से रहे थे,,मुस्कुरा रहे थे या कुछ और,, मैं नहीं जानता,,मालूम न था 5 साल बाद वक्त फिर यूँ थमेगा। मैं तो मानो बह रहा था,,,मैंने जैसे तैसे खुद को समेटा पीछे मुड़ा और उसे देखा जिसकी एक झलक को तरस गया था। "हां ये वो ही थी... उतनी ही खूबसूरत और प्यारी जितनी आज से 5-6 साल पहले हुआ करती थी।उतनी ही पगली जितनी पहले थी, जब मैं उसकी किताबें उठाकर भाग जाया करता था और वो मेरे पीछे स्लो मोशन में भागती थी,, नजारा आज भी कुछ वैसा ही था। पर उस नजारे में आज मैं नही था...वो शायद एक 2 या 3 साल का बच्चा था।" .पर आज वो किसी का भी कॉन्फिडेंस कम करने वाली सी बन के आयी थी वो। हाथों में चाइनीज डिजीटल घड़ी की जगह चूड़ियां ओर कंगन थे।चश्मे की फ्रेम ओर भी बड़ी ओर गोल हो गई थी।आंखों में शरारतें नही, शिकायतें थी। "पकड़ लिया...." मेरे सामने ही उसने उस बच्चे को पकड़ा।तब देखा मैंने उसके गले मे बंधा मंगलसूत्र.. सिर में हेयर बैंड नही मांग सजी थी। "मम्मा मैं खेलूंगा...." "इतनी धूप में थोड़ी न खेलते हैं।" ये सब सुनते ही पूरा सम्भल चुका था मैं।मैं तुरन्त पीछे मुड़ गया और चलने लगा।किसी आदमी की आवाज आई "खेलने भी दो ,,बच्चा ही तो है" "अंकित मेरी आँखों से एक पल भी दूर हो जाये तो मुझसे बर्दाश्त नहीं होता है" उसकी ये बात दिल को भेद गई। मैं आपसे कह रही हूं,, मैं नही जानता वो मुझे कह रही थी या किसी औऱ से ...पर मैं आज किसी कीमत पर पीछे नहीं मुड़ने वाला था।अपने गीले हाथों को चेहरे पर मल के मंदिर के बाहर निकल आया।दोस्त कार में इंतज़ार कर रहे थे। "साले सुसु कर के आया है या कुछ और...मुँह लटका क्यों है तेरा" "बहुत भूख लगी है कमीनों,,, अगर टाइम पे खाना नही मिला तो चारों को खा जाऊंगा।" गाड़ी स्टार्ट हुई और एक बार फिर वो हो गई मुझसे दूर।मैंने अपने पुराना वाला फोन निकाला जिसमे आज भी उसका पहला msg पड़ा था ओर आखिरी भी...उसके 5 साल पुराने जो नम्बर थे जिनपे मैं अब भी कम से कम दो बार रोज फोन किया करता था, उसके हर bday पर wish किआ करता था.....उसके तीनो सालो के रोल नम्बर भी ...मैं अपना रिजल्ट देखने से पहले उसका देखा करता था...सबको हटा दिया...ओर हल्का सा हो गया। तुम बदल गई थी मैं नहीं।अगर तुम बात करना चाहती तो मैंने तो कुछ नहीं बदला,,, मेरा फोन नम्बर, e mail , फ़ेसबुक सब के सब वही है।तुम्हे तो मेरे नम्बर भी अच्छे से याद थे।पर अगर तुम मुझ से दूर रहकर खुश हो तो यकीन मानो मेरी जिंदगी में खुशी की कोई वजह इससे बढ़कर नहीं है।मुझे तुमसे कोई शिकायत न थी और न ही कभी होगी।बस तुम्हारा इंतज़ार जरूर रहेगा। यही क्या कम हम पर तुमने अहसान किया है, एक पत्थर को छूकर तुमने भगवान किया है।
सबकी परीक्षाएं हो चुकी थी, कॉलेज का आखिरी दिन...आखिरी प्रेक्टिकल खत्म होने के बाद सभी एक दूसरे को याद करने ....मिलते रहने के वादे कर रहे थे।मैं उसके ओर मेरे सुंदर ख्वाब बुनने में लगा हुआ था।दुआ कुबूल हुई और वो सामने से ही आ गई।मुझे लगा आज वो मेरा हाथ थाम कर बैठेगी पर बड़ी घबराई सी आई वो। "हम हमेशा साथ ही रहेंगे ना.." उसकी आंखें भर आईं थी। "हाँ ....हमेशा.." मैंने उसका हाथ थामकर पास बैठाते हुए कहा । और पास बैठते ही वो मुझसे लिपट गई । होने को तो वो बिल्कुल शान्त थी,,पर उसके आंसू मेरे दिल को भेद रहे थे। "अपनो को छोड़कर...उनसे मुँह मोड़कर..." उसका चेहरा थाम के मेरी तरफ करके बोला "मैं कभी ऐसा कोई काम नहीं करूंगा जिससे मेरे या तुम्हारे घर मे किसी का भी सिर शर्म से झुके.... तुम इतनी जल्दी कैसे टूट सकती हो..एक महीने में मेरा रिजल्ट आ जायेगा।यकीन मानो बहुत जल्द राजस्थान पुलिस जॉइन करने वाला हूं... अपने प्यार और मेहनत पर पूरा भरोसा है मुझे...मुझ पर यकीन रखो..हम साथ रहेंगे और सबके साथ रहेंगे....सबकी मर्जी से..थोड़ा सा सब्र रखना होगा बस।" उसने अपनी आंखें कस के बन्द की और फिर से लिपट गई। लगभग तीस मिनट बाद उसके घर से फोन आया और बहुत समझाबुझा के उसको मैने घर भेजा।उसके बाद मैं भी ट्रेन से घर आ गया। पूरे दिन उसी की बाते याद आ रही थी। रात को दस बजे मेरे मोबाइल में बीप की आवाज सुनी...चाहे मेसेज किसी का भी आये...इस बीप से मेरी धड़कने बढ़ जाती थी और लगता था कि ये msg उसी का है।वो मेसेज सच मे उसी का था। ""Ankit me janti hu ki tum mujhe maaf ni kr paoge . Pr sch yhi h ki tumhe mere bin jina sikh lena chahiye. Tumhari bhut yaad ayegi. मत पूछ हमको, कैसे जियें तेरे बिन, बिन तेरे हम तो मर जायेंगे। मर जायेंगे इस जहाँ में लेकिन, मर जायेंगे इस जहाँ में लेकिन, उस जहाँ में तुझको अपना बनाएंगे। बिन तेरे अब तो , खाना ना सोना है, है सोना अब तो आँसू बिछोना है। आँसू बिछोना है सूख जाता लेकिन, आँसू बिछोना है सूख जाता लेकिन,, इस दिल को अब दर्द बहाना है। क्या कभी जुदा हुई, गुलाबों से खुशबू, खुशबू से गुलाब का होना न होना है। है होना अगर गुलाब का खुशबू बिन, है होना अगर गुलाब का खुशबू बिन, वो गुलाब तो फिर कांटो का गहना है। मत पूछ हमको, कैसे जियें तेरे बिन, बिन तेरे हम तो मर जायेंगे, मर जायेंगे इस जहाँ में लेकिन, मर जायेंगे इस जहाँ में लेकिन, उस जहाँ में तुझको अपना बनाएंगे। The number you dial is currently switch off please call again later. ....उसका फेसबुक एकाउंट भी बंद हो चुका था। नींद तो रातभर आंखों से नदारद थी, पर आंसू उसकी कमी को पूरा कर रहे थे।सुबह की पहली ट्रैन पकड़ कर उसके शहर,,,,उसके घर पहुंचा।आज धड़कन उछल उछल कर उसके होने की गवाही नहीं दे रही थी,,,मानो थम सी गई हो।घर पे ताला लगा था और सन्नाटा पसरा था।सामने वाली चाय दुकान पर पूछा,"अंकल जी ...कहाँ गए ये सब??" "अरे इन्होंने तो एक महीने पहले ही मकान बेच दिया था, बस बच्चों की परीक्षा होने के चलते रुके हुए थे।कल परीक्षा खत्म हुई और अब पूरा परिवार नेपाल चला गया।वहां कोई बिजनेस शुरू किया है।" मुझे याद नहीं कब तक मैं गलियों में आँसू पोंछता भटकता रहा।घर से बार बार फोन आ रहे थे, ओर खुद को सम्भालता हुआ शाम की ट्रेन पकड़ घर रवाना हो गया।ट्रैन में सज्जन थे एक...मुझे अपने पास बिठाया...एक किताब पढ़ रहे थे..."प्रेम पंथ एसो कठिन" पता नही कैसे उसपे नजर गई,,,अब सबकुछ भूलकर उसको पढ़ने में लग गया,,, उन्होंने वो किताब मुझे थमाई ओर कहा "एक प्रवचन पूरा पढ़ना" उस किताब को पढ़कर एक अलग ही शांति, भावशून्यता मिली थी,,,सुकून भर गया था मुझमे।घर आकर खाना खा के चूपचाप सो गया। इसके बाद कुछ दिन ओशो साहित्य पढ़कर ...उनके प्रवचन सुनकर बिताए।फिर तय किया,,,उसका पीछा कभी नहीं करूंगा,,पर अगर कभी मिली तो एक सवाल जरूर करूँगा "ऐसा क्या था कि तुम बिना कुछ बताए मुझे अकेला छोड़ गई??" Chemistry बेहद पसंद थी उसे, और मुझे उतनी ही नापसंद।पर अब chemistry पढ़कर ऐसा लगता है,, मानो उसी की आंखे पढ़ रहा हूं।पर समझ में न तो वो आयी और ना ही chemistry. सरकारी नोकरियों से कोफ़्त हो चुकी थी मुझे.. पर chemistry ओर उसके लिए महोब्बत बढ़ती गई। पाँच साल बाद। सांवलिया सेठ मन्दिर। भादसोड़ा, चित्तौड़गढ़। "कमीनो ...!!इतनी देर कहाँ मर गए थे सब के सब" मैने अपने चारों दोस्तो से पूछा जिनके साथ बिना किसी प्लान के ही सुबह तीन बजे उठकर सात घण्टे के सफर के बाद यहां आया था। "भाई सुसु करने के लिये भी तेरी परमिशन लें??" एक ने जवाब दिया। "अंकित...अंकित ...!!! कहाँ जा रहे हो रुको...रुको भी ना...कितनी धूप है " वो पहली घूंट मानो अमृत की थी,, तपती धूप में आने वाली ठंडी हवा के झोंको से कंपकपी सी छूट रही थी,,जैसे आज पूरा सावन बरस गया हो मुझपे...ये आवाज उसी की थी,,, रोज सपनो में जिसे सुनता हूँ,,, ये आवाज वही थी। होश जैसे छीन से रहे थे...धड़कन आज फिर वेसे ही उछल रही थी...होठ फड़फड़ा से रहे थे,,मुस्कुरा रहे थे या कुछ और,, मैं नहीं जानता,,मालूम न था पाँच साल बाद वक्त फिर यूँ थमेगा। मैं तो मानो बह रहा था,,,मैंने जैसे तैसे खुद को समेटा पीछे मुड़ा और उसे देखा जिसकी एक झलक को तरस गया था। "हां ये वो ही थी... उतनी ही खूबसूरत और प्यारी जितनी आज से पाँच-छः साल पहले हुआ करती थी।उतनी ही पगली जितनी पहले थी, जब मैं उसकी किताबें उठाकर भाग जाया करता था और वो मेरे पीछे स्लो मोशन में भागती थी,, नजारा आज भी कुछ वैसा ही था। पर उस नजारे में आज मैं नही था...वो शायद एक दो या तीन साल का बच्चा था।" .पर आज वो किसी का भी कॉन्फिडेंस कम करने वाली सी बन के आयी थी वो। हाथों में चाइनीज डिजीटल घड़ी की जगह चूड़ियां ओर कंगन थे।चश्मे की फ्रेम ओर भी बड़ी ओर गोल हो गई थी।आंखों में शरारतें नही, शिकायतें थी। "पकड़ लिया...." मेरे सामने ही उसने उस बच्चे को पकड़ा।तब देखा मैंने उसके गले मे बंधा मंगलसूत्र.. सिर में हेयर बैंड नही मांग सजी थी। "मम्मा मैं खेलूंगा...." "इतनी धूप में थोड़ी न खेलते हैं।" ये सब सुनते ही पूरा सम्भल चुका था मैं।मैं तुरन्त पीछे मुड़ गया और चलने लगा।किसी आदमी की आवाज आई "खेलने भी दो ,,बच्चा ही तो है" "अंकित मेरी आँखों से एक पल भी दूर हो जाये तो मुझसे बर्दाश्त नहीं होता है" उसकी ये बात दिल को भेद गई। मैं आपसे कह रही हूं,, मैं नही जानता वो मुझे कह रही थी या किसी औऱ से ...पर मैं आज किसी कीमत पर पीछे नहीं मुड़ने वाला था।अपने गीले हाथों को चेहरे पर मल के मंदिर के बाहर निकल आया।दोस्त कार में इंतज़ार कर रहे थे। "साले सुसु कर के आया है या कुछ और...मुँह लटका क्यों है तेरा" "बहुत भूख लगी है कमीनों,,, अगर टाइम पे खाना नही मिला तो चारों को खा जाऊंगा।" गाड़ी स्टार्ट हुई और एक बार फिर वो हो गई मुझसे दूर।मैंने अपने पुराना वाला फोन निकाला जिसमे आज भी उसका पहला msg पड़ा था ओर आखिरी भी...उसके पाँच साल पुराने जो नम्बर थे जिनपे मैं अब भी कम से कम दो बार रोज फोन किया करता था, उसके हर bday पर wish किआ करता था.....उसके तीनो सालो के रोल नम्बर भी ...मैं अपना रिजल्ट देखने से पहले उसका देखा करता था...सबको हटा दिया...ओर हल्का सा हो गया। तुम बदल गई थी मैं नहीं।अगर तुम बात करना चाहती तो मैंने तो कुछ नहीं बदला,,, मेरा फोन नम्बर, e mail , फ़ेसबुक सब के सब वही है।तुम्हे तो मेरे नम्बर भी अच्छे से याद थे।पर अगर तुम मुझ से दूर रहकर खुश हो तो यकीन मानो मेरी जिंदगी में खुशी की कोई वजह इससे बढ़कर नहीं है।मुझे तुमसे कोई शिकायत न थी और न ही कभी होगी।बस तुम्हारा इंतज़ार जरूर रहेगा। यही क्या कम हम पर तुमने अहसान किया है, एक पत्थर को छूकर तुमने भगवान किया है।
Quick links: दिल्ली (Delhi) में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। कथित तौर पर सरकारी विज्ञापनों की आड़ में प्रकाशित राजनीतिक विज्ञापनों के लिए आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) को करीब 164 रुपये का भुगतान करना होगा। सूत्रों ने बताया है कि आप को राजनीतिक विज्ञापन मामले में 163.62 करोड़ रुपये की वसूली के लिए नोटिस जारी किया गया है। सूत्रों ने कहा कि सूचना और प्रचार निदेशालय (DIP) ने केजरीवाल (Kejriwal) की पार्टी को वसूली नोटिस भेजा है और 10 दिन के भीतर पूरी राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया है। अहम बात ये है कि दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना के मुख्य सचिव को सरकारी विज्ञापनों की आड़ में प्रकाशित राजनीतिक विज्ञापनों के लिए आप से 97 करोड़ रुपये वसूलने का निर्देश देने के लगभग एक महीने बाद अब डीआईपी ने वसूली नोटिस भेजा है। इस वसूली में राशि पर ब्याज भी शामिल है। एक सूत्र ने कहा, 'अगर आप संयोजक ऐसा करने में विफल रहते हैं, तो दिल्ली एलजी के पहले के आदेश के अनुसार, पार्टी की संपत्तियों की कुर्की के अलावा कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।' सूत्रों के अनुसार, 31 मार्च 2017 तक राजनीतिक विज्ञापनों पर खर्च की गई मूल राशि 99.31 करोड़ रुपये है, जबकि इस पर 64.31 करोड़ रुपये का ब्याज लगाया गया है। सूत्रों ने कहा कि दिल्ली सरकार के ऑडिट निदेशालय ने 31 मार्च 2017 के बाद ऐसे सभी राजनीतिक विज्ञापनों का ऑडिट करने के लिए एक विशेष ऑडिट टीम भी नियुक्त की है। डीआईपी के नोटिस में लिखा है, 'अनुरोध है कि राज्य के खजाने को 99.31 करोड़ रुपये की तुरंत प्रतिपूर्ति करें और शेष विज्ञापनों के लिए 7.11 करोड़ रुपये (लगभग) जिनका भुगतान अब तक जारी नहीं किया गया है। इस नोटिस के जारी होने की तारीख से 10 दिनों के भीतर संबंधित एजेंसियों को सीधे भुगतान किया जाना चाहिए।' बता दें कि सरकारी विज्ञापनों की आड़ में प्रकाशित राजनीतिक विज्ञापनों का मामला 2016 का है। उस समय दिल्ली हाईकोर्ट ने शिकायतों के बाद सरकारी विज्ञापन में सामग्री विनियमन (CCRGA) पर कमेटी बनाने का निर्देश दिया था। इसके बाद तीन सदस्यीय कमेटी ने जांच में पाया कि 31 मार्च 2017 तक अनुमानित रूप से लगभग 97.15 करोड़ रुपये की राशि विज्ञापनों पर खर्च की गई थी, जो सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का उल्लंघन था। कमेटी ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया था कि वह पूरे खर्च की भरपाई आम आदमी पार्टी से सरकारी खजाने को कराए।
Quick links: दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। कथित तौर पर सरकारी विज्ञापनों की आड़ में प्रकाशित राजनीतिक विज्ञापनों के लिए आम आदमी पार्टी को करीब एक सौ चौंसठ रुपयापये का भुगतान करना होगा। सूत्रों ने बताया है कि आप को राजनीतिक विज्ञापन मामले में एक सौ तिरेसठ.बासठ करोड़ रुपये की वसूली के लिए नोटिस जारी किया गया है। सूत्रों ने कहा कि सूचना और प्रचार निदेशालय ने केजरीवाल की पार्टी को वसूली नोटिस भेजा है और दस दिन के भीतर पूरी राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया है। अहम बात ये है कि दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना के मुख्य सचिव को सरकारी विज्ञापनों की आड़ में प्रकाशित राजनीतिक विज्ञापनों के लिए आप से सत्तानवे करोड़ रुपये वसूलने का निर्देश देने के लगभग एक महीने बाद अब डीआईपी ने वसूली नोटिस भेजा है। इस वसूली में राशि पर ब्याज भी शामिल है। एक सूत्र ने कहा, 'अगर आप संयोजक ऐसा करने में विफल रहते हैं, तो दिल्ली एलजी के पहले के आदेश के अनुसार, पार्टी की संपत्तियों की कुर्की के अलावा कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।' सूत्रों के अनुसार, इकतीस मार्च दो हज़ार सत्रह तक राजनीतिक विज्ञापनों पर खर्च की गई मूल राशि निन्यानवे.इकतीस करोड़ रुपये है, जबकि इस पर चौंसठ.इकतीस करोड़ रुपये का ब्याज लगाया गया है। सूत्रों ने कहा कि दिल्ली सरकार के ऑडिट निदेशालय ने इकतीस मार्च दो हज़ार सत्रह के बाद ऐसे सभी राजनीतिक विज्ञापनों का ऑडिट करने के लिए एक विशेष ऑडिट टीम भी नियुक्त की है। डीआईपी के नोटिस में लिखा है, 'अनुरोध है कि राज्य के खजाने को निन्यानवे.इकतीस करोड़ रुपये की तुरंत प्रतिपूर्ति करें और शेष विज्ञापनों के लिए सात.ग्यारह करोड़ रुपये जिनका भुगतान अब तक जारी नहीं किया गया है। इस नोटिस के जारी होने की तारीख से दस दिनों के भीतर संबंधित एजेंसियों को सीधे भुगतान किया जाना चाहिए।' बता दें कि सरकारी विज्ञापनों की आड़ में प्रकाशित राजनीतिक विज्ञापनों का मामला दो हज़ार सोलह का है। उस समय दिल्ली हाईकोर्ट ने शिकायतों के बाद सरकारी विज्ञापन में सामग्री विनियमन पर कमेटी बनाने का निर्देश दिया था। इसके बाद तीन सदस्यीय कमेटी ने जांच में पाया कि इकतीस मार्च दो हज़ार सत्रह तक अनुमानित रूप से लगभग सत्तानवे.पंद्रह करोड़ रुपये की राशि विज्ञापनों पर खर्च की गई थी, जो सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का उल्लंघन था। कमेटी ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया था कि वह पूरे खर्च की भरपाई आम आदमी पार्टी से सरकारी खजाने को कराए।
Irfan Pathan Praises Arshdeep Singh: भारत के पूर्व तेज गेंदबाज इरफान पठान ने आईपीएल 2022 में एमएस धोनी और हार्दिक पंड्या जैसे धाकड़ बल्लेबाजों को आउट करने वाले पंजाब किंग्स के गेंदबाज अर्शदीप सिंह की तारीफ की है। मुंबईः भारत के पूर्व ऑल-राउंडर क्रिकेटर इरफान पठान ने पंजाब किंग्स के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की डेथ ओवरों में गेंदबाजी की सराहना की है। उन्होंने डेथ ओवरों में एमएस धोनी और हार्दिक पंड्या जैसे बड़े खिलाड़ियों का विकेट झटका है, जिससे यह साबित होता है कि टीम के लिए युवा क्रिकेटर कितना खास है। अर्शदीप डेथ ओवरों में पंजाब के लिए सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज हैं, जिनका इकॉनमी रेट 7. 14 है। पठान ने कहा कि, 'अर्शदीप टीम के लिए एक विशेष खिलाड़ी हैं। उनके पास गेंदबाजी कराने की कला है। वह एमएस धोनी, हार्दिक पांड्या और अन्य सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों को डेथ ओवरों में दबाव में रखते हैं। ' पठान ने यह भी कहा कि अर्शदीप के प्रभावशाली प्रदर्शन ने आईपीएल 2022 में पंजाब किंग्स के लिए दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज कैगिसो रबाडा को भी पछाड़ दिया है। अर्शदीप के आत्मविश्वास और निडरता की सराहना करते हुए भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने महसूस किया कि युवा तेज गेंदबाज को जल्द ही राष्ट्रीय टीम में खेलने का मौका मिलना चाहिए। अर्शदीप सिंह के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि वह एक निडर गेंदबाज हैं। जबकि कई गेंदबाज दबाव की परिस्थितियों में फंस जाते हैं और बल्लेबाज उनका फायदा उठाते हैं। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व महान बल्लेबाज मैथ्यू हेडन ने भी अर्शदीप की डेथ ओवरों में गेंदबाजी की प्रशंसा करते हुए उन्हें आईपीएल 2022 का सर्वश्रेष्ठ युवा तेज गेंदबाज कहा। अर्शदीप इस समय पंजाब किंग्स की गेंदबाजी लाइन-अप में गेंदबाजी के मामले में सर्वश्रेष्ठ युवा तेज गेंदबाज हैं। वह शुरूआत में और यहां तक कि डेथ ओवरों के दौरान भी सही लंबाई में गेंदबाजी कर रहे हैं।
Irfan Pathan Praises Arshdeep Singh: भारत के पूर्व तेज गेंदबाज इरफान पठान ने आईपीएल दो हज़ार बाईस में एमएस धोनी और हार्दिक पंड्या जैसे धाकड़ बल्लेबाजों को आउट करने वाले पंजाब किंग्स के गेंदबाज अर्शदीप सिंह की तारीफ की है। मुंबईः भारत के पूर्व ऑल-राउंडर क्रिकेटर इरफान पठान ने पंजाब किंग्स के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की डेथ ओवरों में गेंदबाजी की सराहना की है। उन्होंने डेथ ओवरों में एमएस धोनी और हार्दिक पंड्या जैसे बड़े खिलाड़ियों का विकेट झटका है, जिससे यह साबित होता है कि टीम के लिए युवा क्रिकेटर कितना खास है। अर्शदीप डेथ ओवरों में पंजाब के लिए सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज हैं, जिनका इकॉनमी रेट सात. चौदह है। पठान ने कहा कि, 'अर्शदीप टीम के लिए एक विशेष खिलाड़ी हैं। उनके पास गेंदबाजी कराने की कला है। वह एमएस धोनी, हार्दिक पांड्या और अन्य सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों को डेथ ओवरों में दबाव में रखते हैं। ' पठान ने यह भी कहा कि अर्शदीप के प्रभावशाली प्रदर्शन ने आईपीएल दो हज़ार बाईस में पंजाब किंग्स के लिए दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज कैगिसो रबाडा को भी पछाड़ दिया है। अर्शदीप के आत्मविश्वास और निडरता की सराहना करते हुए भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने महसूस किया कि युवा तेज गेंदबाज को जल्द ही राष्ट्रीय टीम में खेलने का मौका मिलना चाहिए। अर्शदीप सिंह के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि वह एक निडर गेंदबाज हैं। जबकि कई गेंदबाज दबाव की परिस्थितियों में फंस जाते हैं और बल्लेबाज उनका फायदा उठाते हैं। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व महान बल्लेबाज मैथ्यू हेडन ने भी अर्शदीप की डेथ ओवरों में गेंदबाजी की प्रशंसा करते हुए उन्हें आईपीएल दो हज़ार बाईस का सर्वश्रेष्ठ युवा तेज गेंदबाज कहा। अर्शदीप इस समय पंजाब किंग्स की गेंदबाजी लाइन-अप में गेंदबाजी के मामले में सर्वश्रेष्ठ युवा तेज गेंदबाज हैं। वह शुरूआत में और यहां तक कि डेथ ओवरों के दौरान भी सही लंबाई में गेंदबाजी कर रहे हैं।
दिल्ली विधानसभा के चुनाव दहलीज पर आ गए हैं। 8 फरवरी को वोट डाले जाएंगे। ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियां लोगों के बीच जाकर वोट की अपील कर रही हैं। वहीं इसी कड़ी में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लोगों से आम आदमी पार्टी को वोट देने की अपील की। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को विपक्षी पार्टियों के समर्थकों से आठ फरवरी के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) के लिए वोट करने की अपील की ताकि पिछले पांच साल में राष्ट्रीय राजधानी में जो काम हुए हैं वे "अधूरे" नहीं रह जाएं। आम आदमी पार्टी (आप) को सत्ता से बेदखल कर दो दशक बाद दिल्ली में पुनः सरकार बनाने के लक्ष्य को लेकर चल रही भाजपा ने इस बार अपने अनुभवी उम्मीदवारों पर दांव खेला है और उसे केन्द्र में अपनी पार्टी के कामों एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा है। नामांकन भरने के आखिरी दिन केजरीवाल समेत करीब 200 उम्मीदवारों ने अपना पर्चा दाखिल किया। मध्य दिल्ली के जामनगर हाउस में नयी दिल्ली के निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में उम्मीदवारों की भारी भीड़ के चलते केजरीवाल को अपनी बारी के लिये छह घंटे से भी ज्यादा समय तक इंतजार करना पड़ा। निर्दलीय उम्मीदवारों ने नारे लगाते हुए कहा कि VIP कल्चर नहीं चलेगा। इस घटना के बाद केजरीवाल को पर्चा भरने में कई घंटे लग गए। दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार को नामांकन का आखिरी दिन है। सीएम अरविंद केजरीवाल को नामांकन भरने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। इस दौरान उनके खिलाफ नारेबाजी भी हुई। दरअसल दोपहर करीब 12 बजे वह जामनगर हाउस आए। । नामांकन भरने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पहुंचे। जहां पब्लिक वेटिंग रूम में बैठे इंतजार करते दिखाई दिए। वहीं आपको बता दें कि दोपहर करीब 12 बजकर 15 मिनट पर चुनाव अधिकारी के कार्यालय पहुंचे थे। नामांकन के आखिरी दिन अरविंद केजरीवाल नामांकन दाखिल करने के लिए जामनगर हाउस पहुंचे। वे अपना नामांकन दाखिल करने के लिए इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने ट्वीट किया, "पर्चा दाखिल करने का इंतजार कर रहा हूं, मेरा टोकन नंबर 45 है। दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार को नामांकन का आखिरी दिन है। अरविंद केजरीवाल ने नामांकन पत्र भरा, लेकिन इसी दिन उन्हें एक बड़ा झटका लगा। उनकी पार्टी से दिल्ली कैंट से आप विधायक कमांडो सुरेंद्र ने पार्टी से इस्तीफी दे दिया।
दिल्ली विधानसभा के चुनाव दहलीज पर आ गए हैं। आठ फरवरी को वोट डाले जाएंगे। ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियां लोगों के बीच जाकर वोट की अपील कर रही हैं। वहीं इसी कड़ी में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लोगों से आम आदमी पार्टी को वोट देने की अपील की। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को विपक्षी पार्टियों के समर्थकों से आठ फरवरी के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के लिए वोट करने की अपील की ताकि पिछले पांच साल में राष्ट्रीय राजधानी में जो काम हुए हैं वे "अधूरे" नहीं रह जाएं। आम आदमी पार्टी को सत्ता से बेदखल कर दो दशक बाद दिल्ली में पुनः सरकार बनाने के लक्ष्य को लेकर चल रही भाजपा ने इस बार अपने अनुभवी उम्मीदवारों पर दांव खेला है और उसे केन्द्र में अपनी पार्टी के कामों एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा है। नामांकन भरने के आखिरी दिन केजरीवाल समेत करीब दो सौ उम्मीदवारों ने अपना पर्चा दाखिल किया। मध्य दिल्ली के जामनगर हाउस में नयी दिल्ली के निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में उम्मीदवारों की भारी भीड़ के चलते केजरीवाल को अपनी बारी के लिये छह घंटे से भी ज्यादा समय तक इंतजार करना पड़ा। निर्दलीय उम्मीदवारों ने नारे लगाते हुए कहा कि VIP कल्चर नहीं चलेगा। इस घटना के बाद केजरीवाल को पर्चा भरने में कई घंटे लग गए। दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार को नामांकन का आखिरी दिन है। सीएम अरविंद केजरीवाल को नामांकन भरने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। इस दौरान उनके खिलाफ नारेबाजी भी हुई। दरअसल दोपहर करीब बारह बजे वह जामनगर हाउस आए। । नामांकन भरने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पहुंचे। जहां पब्लिक वेटिंग रूम में बैठे इंतजार करते दिखाई दिए। वहीं आपको बता दें कि दोपहर करीब बारह बजकर पंद्रह मिनट पर चुनाव अधिकारी के कार्यालय पहुंचे थे। नामांकन के आखिरी दिन अरविंद केजरीवाल नामांकन दाखिल करने के लिए जामनगर हाउस पहुंचे। वे अपना नामांकन दाखिल करने के लिए इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने ट्वीट किया, "पर्चा दाखिल करने का इंतजार कर रहा हूं, मेरा टोकन नंबर पैंतालीस है। दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार को नामांकन का आखिरी दिन है। अरविंद केजरीवाल ने नामांकन पत्र भरा, लेकिन इसी दिन उन्हें एक बड़ा झटका लगा। उनकी पार्टी से दिल्ली कैंट से आप विधायक कमांडो सुरेंद्र ने पार्टी से इस्तीफी दे दिया।
नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कोरोना महामारी से घिरे राजधानी दिल्ली के लोगों को इस गर्मी में पेयजल संकट से नहीं जूझना पड़ेगा। दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) ने इस गर्मी में समुचित पानी की आपूर्ति के लिए समर एक्शन प्लान तैयार किया है। प्लान के तहत 925 एमजीडी (मिलियन गैलन प्रतिदिन) आपूर्ति की जाएगी। डीजेबी के उपाध्यक्ष (वाईसचेयरमैन) राघव चड्ढा के अनुसार इस गर्मी में पानी की कमी न हो, इसके लिए 925 एमजीडी पानी का उत्पादन शुरू कर दिया गया है। दिल्ली में रहने वाले 20 मिलियन लोगों को समुचित पानी आपूर्ति के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। समर एक्शन प्लान के तहत जल शोधन संयंत्रो तथा संबंधित बुनियादी ढांचों के सभी रख रखाव कार्य पूरे कर लिए गए हैं और संयंत्र निर्बाध चल रहे हैं। चड्ढा ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के समय जबकि पूरा विश्व लाॅकडाउन में है तब जल स्वास्थ्य के लिये महत्वपूर्ण है। यह समर एक्शन प्लान स्वास्थ्य संकट के समय मानव स्वास्थ्य को बचाने के एक बड़ा प्रयास है। उन्होंने कहा कि जल सयंत्रों के अलावा जल निकायों का पुर्नरुत्थान झीलों के सृजन, भूजल रिचार्ज द्वारा पानी की कमी की समस्या की दूर करने का प्रयास चल रहा है। राघव चड्ढा ने कहा कि 'जल है तो जीवन है, और इस कोरोना काल में हम हर दिल्ली वासी से वादा करते हैं कि केजरीवाल सरकार आपको पानी की कमी महसूस नहीं होने देगी। डीजेबी ने पानी की युक्तियुक्त आपूर्ति के लिए 4 भूमिगत जलाशयों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है। यह भूमिगत जलाशय पश्चिम कमल विहार, सोनिया विहार, मुंडका तथा महिपालपूर में है, जिससे पश्चिमी तथा मध्य दिल्ली के कई इलाकों में पानी आपूर्ति में सुधार हुआ है। डीजेबी उपाध्यक्ष ने बताया कि पानी के कमी वाले छेत्र में 254 अतिरिक्त ट्यूबवेल स्थापित किये गए हैं, जिससे दिल्ली जल बोर्ड के पास 4910 ट्यूबवेल हो गए हैं। इन ट्यूबवेल से पानी कमी वाले छेत्र में पानी की आपूर्ति की जा रही है। इसके अलावा अन्य विशेष कार्य किये गए हैं। प्लान के तहत पानी के टैकरों की सेवाओं में 407 अनुबंध आधारित स्टैनलैस स्टील वाटर टैंकर को पानी आपूर्ति के लिए लगाया गया है। ,420 किराये के वाटर टैंकर तथा 250 विभागीय स्टैनलैस स्टील पानी के टैंकर भी तैयार है। कुल 1077 पानी के टैंकरों से इस गर्मी में पानी की आपूर्ति की जाएगी। 8738 स्थानों पर टैंकर से पानी आपूर्ति के लिए चिन्हित किया गया है। 117 पानी आपूर्ति टीम तथा ई-पियाओ को निर्धारित स्थानों पर लगाया गया है ताकि पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। वहीं पानी की जांच जे लिए 17 जांच प्रयोगशाला स्थापित किये गये हैं। इसके साथ ही द्वारका, रोहिणी, निलोठी तथा पपन कला की झीलों को तैयार किया गया है, जिससे पानी इकट्ठा कर सयंत्रों में ले जाकर शोधित किया जाएगा 642 कालोनियों में पाइप लाइन हाल में डाली गई हैं। वहीं 28 वाटर इमरजेंसी सेंटर स्थापित किये गए हैं।
नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कोरोना महामारी से घिरे राजधानी दिल्ली के लोगों को इस गर्मी में पेयजल संकट से नहीं जूझना पड़ेगा। दिल्ली जल बोर्ड ने इस गर्मी में समुचित पानी की आपूर्ति के लिए समर एक्शन प्लान तैयार किया है। प्लान के तहत नौ सौ पच्चीस एमजीडी आपूर्ति की जाएगी। डीजेबी के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा के अनुसार इस गर्मी में पानी की कमी न हो, इसके लिए नौ सौ पच्चीस एमजीडी पानी का उत्पादन शुरू कर दिया गया है। दिल्ली में रहने वाले बीस मिलियन लोगों को समुचित पानी आपूर्ति के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। समर एक्शन प्लान के तहत जल शोधन संयंत्रो तथा संबंधित बुनियादी ढांचों के सभी रख रखाव कार्य पूरे कर लिए गए हैं और संयंत्र निर्बाध चल रहे हैं। चड्ढा ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के समय जबकि पूरा विश्व लाॅकडाउन में है तब जल स्वास्थ्य के लिये महत्वपूर्ण है। यह समर एक्शन प्लान स्वास्थ्य संकट के समय मानव स्वास्थ्य को बचाने के एक बड़ा प्रयास है। उन्होंने कहा कि जल सयंत्रों के अलावा जल निकायों का पुर्नरुत्थान झीलों के सृजन, भूजल रिचार्ज द्वारा पानी की कमी की समस्या की दूर करने का प्रयास चल रहा है। राघव चड्ढा ने कहा कि 'जल है तो जीवन है, और इस कोरोना काल में हम हर दिल्ली वासी से वादा करते हैं कि केजरीवाल सरकार आपको पानी की कमी महसूस नहीं होने देगी। डीजेबी ने पानी की युक्तियुक्त आपूर्ति के लिए चार भूमिगत जलाशयों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है। यह भूमिगत जलाशय पश्चिम कमल विहार, सोनिया विहार, मुंडका तथा महिपालपूर में है, जिससे पश्चिमी तथा मध्य दिल्ली के कई इलाकों में पानी आपूर्ति में सुधार हुआ है। डीजेबी उपाध्यक्ष ने बताया कि पानी के कमी वाले छेत्र में दो सौ चौवन अतिरिक्त ट्यूबवेल स्थापित किये गए हैं, जिससे दिल्ली जल बोर्ड के पास चार हज़ार नौ सौ दस ट्यूबवेल हो गए हैं। इन ट्यूबवेल से पानी कमी वाले छेत्र में पानी की आपूर्ति की जा रही है। इसके अलावा अन्य विशेष कार्य किये गए हैं। प्लान के तहत पानी के टैकरों की सेवाओं में चार सौ सात अनुबंध आधारित स्टैनलैस स्टील वाटर टैंकर को पानी आपूर्ति के लिए लगाया गया है। ,चार सौ बीस किराये के वाटर टैंकर तथा दो सौ पचास विभागीय स्टैनलैस स्टील पानी के टैंकर भी तैयार है। कुल एक हज़ार सतहत्तर पानी के टैंकरों से इस गर्मी में पानी की आपूर्ति की जाएगी। आठ हज़ार सात सौ अड़तीस स्थानों पर टैंकर से पानी आपूर्ति के लिए चिन्हित किया गया है। एक सौ सत्रह पानी आपूर्ति टीम तथा ई-पियाओ को निर्धारित स्थानों पर लगाया गया है ताकि पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। वहीं पानी की जांच जे लिए सत्रह जांच प्रयोगशाला स्थापित किये गये हैं। इसके साथ ही द्वारका, रोहिणी, निलोठी तथा पपन कला की झीलों को तैयार किया गया है, जिससे पानी इकट्ठा कर सयंत्रों में ले जाकर शोधित किया जाएगा छः सौ बयालीस कालोनियों में पाइप लाइन हाल में डाली गई हैं। वहीं अट्ठाईस वाटर इमरजेंसी सेंटर स्थापित किये गए हैं।
बाजार नियामक सेबी ने सुझाव दिया है कि सभी लिस्टेड कंपनियों को डिवीडेंड, बोनस,फंड रेजिंग और बॉयबैक आदि पर फैसलों के बारे में बोर्ड की बैठक खत्म होने के 15 मिनट के अंदर जानकारी देनी चाहिए। यह सुझाव लिस्टेड कंपनियों की ओर से समय पर और पर्याप्त डिस्क्लोजर सुनिश्चित करने के लिए सेबी के प्रयासों के तहत आया है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक चर्चा पत्र में यह बात कही है। सेबी के सुझाव के मुताबिक लिस्टेड कंपनियों को वित्तीय नतीजों, स्वैच्छिक डिलिस्टिंग, कैपिटलाइजेशन के माध्यम से बोनस शेयर जारी कर पूंजी बढ़ाने के फैसले के बारे में भी जानकारी देनी होगी। 26 पेज के चर्चा पत्र के मुताबिक ये प्रस्ताव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस्तेमाल की जा रही प्रैक्टिसेज की समीक्षा और विभिन्न बाजार प्रतिभागियों से विचार विमर्श के बाद किया गया है।
बाजार नियामक सेबी ने सुझाव दिया है कि सभी लिस्टेड कंपनियों को डिवीडेंड, बोनस,फंड रेजिंग और बॉयबैक आदि पर फैसलों के बारे में बोर्ड की बैठक खत्म होने के पंद्रह मिनट के अंदर जानकारी देनी चाहिए। यह सुझाव लिस्टेड कंपनियों की ओर से समय पर और पर्याप्त डिस्क्लोजर सुनिश्चित करने के लिए सेबी के प्रयासों के तहत आया है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड ने एक चर्चा पत्र में यह बात कही है। सेबी के सुझाव के मुताबिक लिस्टेड कंपनियों को वित्तीय नतीजों, स्वैच्छिक डिलिस्टिंग, कैपिटलाइजेशन के माध्यम से बोनस शेयर जारी कर पूंजी बढ़ाने के फैसले के बारे में भी जानकारी देनी होगी। छब्बीस पेज के चर्चा पत्र के मुताबिक ये प्रस्ताव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस्तेमाल की जा रही प्रैक्टिसेज की समीक्षा और विभिन्न बाजार प्रतिभागियों से विचार विमर्श के बाद किया गया है।
इंडिया न्यूज़ : पंजाबी सिंगर मूसेवाला की हत्या में जिस लॉरेंस बिश्नोई का हाथ सामने आया वो गैंग अब देश के मशहूर हस्तियों और कारोबारियों को धमकाने में लगा हुआ है। बता दें,अब इस गैंग ने शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत को जान से मारने की धमकी दी है। मालूम हो, लॉरेंस गैंग की तरफ से संजय राउत को वॉट्सऐप मैसेज के जरिए जान से मारने की धमकी मिली है। बिश्नोई गैंग की तरफ से संजय राउत को दी गई धमकी में कहा गया है कि उनका हाल पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेलावाल की तरह कर दिया जाएगा। हालाँकि, राउत को धमकी भरे मैसेज भेजने के मामले में पुलिस ने एक शख्स को पुणे से हिरासत में लिया गया है। बता दें, विश्नोई गैंग की तरफ से धमकी मिलने के बाद संजय राउत ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि वो इन धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। हालांकि, उन्होंने धमकी मिलने पर पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज करा दी है। वहीँ इस मामले में संजय राउत कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब उनको धमकी दी गई है। आगे संजय राउत ने बड़ा आरोप लगते हुए कहा कि बीजेपी की सरकार आने के बाद उनकी सुरक्षा कम कर दी गई. । लेकिन उन्होंने इसका कभी ज्यादा जिक्र नहीं किया। राउत ने आगे यह भी कहा कि मुख्यमंत्री (महाराष्ट्र) का बेटा एक गुंडे के साथ मुझ पर हमले की साजिश रचता है, इसको लेकर अगर पत्र लिखता हूं तो इसे स्टंट करार दिया जाता है। लेकिन, अगर सच बोलने पर आया तो भूकंप आ जाएगा।
इंडिया न्यूज़ : पंजाबी सिंगर मूसेवाला की हत्या में जिस लॉरेंस बिश्नोई का हाथ सामने आया वो गैंग अब देश के मशहूर हस्तियों और कारोबारियों को धमकाने में लगा हुआ है। बता दें,अब इस गैंग ने शिवसेना के सांसद संजय राउत को जान से मारने की धमकी दी है। मालूम हो, लॉरेंस गैंग की तरफ से संजय राउत को वॉट्सऐप मैसेज के जरिए जान से मारने की धमकी मिली है। बिश्नोई गैंग की तरफ से संजय राउत को दी गई धमकी में कहा गया है कि उनका हाल पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेलावाल की तरह कर दिया जाएगा। हालाँकि, राउत को धमकी भरे मैसेज भेजने के मामले में पुलिस ने एक शख्स को पुणे से हिरासत में लिया गया है। बता दें, विश्नोई गैंग की तरफ से धमकी मिलने के बाद संजय राउत ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि वो इन धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। हालांकि, उन्होंने धमकी मिलने पर पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज करा दी है। वहीँ इस मामले में संजय राउत कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब उनको धमकी दी गई है। आगे संजय राउत ने बड़ा आरोप लगते हुए कहा कि बीजेपी की सरकार आने के बाद उनकी सुरक्षा कम कर दी गई. । लेकिन उन्होंने इसका कभी ज्यादा जिक्र नहीं किया। राउत ने आगे यह भी कहा कि मुख्यमंत्री का बेटा एक गुंडे के साथ मुझ पर हमले की साजिश रचता है, इसको लेकर अगर पत्र लिखता हूं तो इसे स्टंट करार दिया जाता है। लेकिन, अगर सच बोलने पर आया तो भूकंप आ जाएगा।
Radhe Shyam: इसकी रिलीज पर स्थगित करने के लिए माफी मांगते हुए निर्माताओं ने कहा, "हम पिछले कुछ दिनों से अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ओमिक्रॉन वैरिएंट के बढ़ते मामलों को देखते हुए ऐसा लगता है कि बड़े पर्दे पर आने के लिए हमें थोड़ा इंतजार करना होगा। नई दिल्ली। प्रभास-पूजा हेगड़े-स्टारर 'राधे श्याम' की रिलीज डेट को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए, फिल्म के निर्माताओं ने आधिकारिक तौर पर इसे स्थगित करने की घोषणा की है। यह फिल्म 14 जनवरी को बड़े पर्दे पर आने वाली थी।
Radhe Shyam: इसकी रिलीज पर स्थगित करने के लिए माफी मांगते हुए निर्माताओं ने कहा, "हम पिछले कुछ दिनों से अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ओमिक्रॉन वैरिएंट के बढ़ते मामलों को देखते हुए ऐसा लगता है कि बड़े पर्दे पर आने के लिए हमें थोड़ा इंतजार करना होगा। नई दिल्ली। प्रभास-पूजा हेगड़े-स्टारर 'राधे श्याम' की रिलीज डेट को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए, फिल्म के निर्माताओं ने आधिकारिक तौर पर इसे स्थगित करने की घोषणा की है। यह फिल्म चौदह जनवरी को बड़े पर्दे पर आने वाली थी।
सलामी बल्लेबाज मार्कस हैरिस ने भारत के खिलाफ चौथे टेस्ट में शनिवार को शतकीय पारी खेलने से चूकने के बाद कहा कि ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज अच्छी शुरूआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके जिससे टीम की परेशानी बढ़ गई है। हैरिस ने 79 रन की पारी खेली जो मौजूदा सीरीज में उनकी दूसरी अर्धशतकीय पारी है। उन्होंने पहले सत्र में शानदार बल्लेबाजी की लेकिन दूसरे सत्र के तीसरे ओवर में रविन्द्र जडेजा की गेंद विकेट पर खेल बैठे। पिच से अब स्पिनरों को मदद मिलने लगी है और जडेजा तथा कुलदीप यादव की गेंदों को टर्न मिलने लगा है। बारिश आने से पहले दिन के अंतिम दो सत्र में कुलदीप और जडेजा ने 70 रन के अंदर ऑस्ट्रेलिया के पांच बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया। हैरिस ने उम्मीद जताई कि ऑस्ट्रेलिया का निचला क्रम पहली पारी को लंबा खींच लेगा लेकिन साथ ही आगाह किया कि टीम के बल्लेबाजों को अच्छी शुरूआत को बड़ी पारी में बदलना होगा।
सलामी बल्लेबाज मार्कस हैरिस ने भारत के खिलाफ चौथे टेस्ट में शनिवार को शतकीय पारी खेलने से चूकने के बाद कहा कि ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज अच्छी शुरूआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके जिससे टीम की परेशानी बढ़ गई है। हैरिस ने उन्यासी रन की पारी खेली जो मौजूदा सीरीज में उनकी दूसरी अर्धशतकीय पारी है। उन्होंने पहले सत्र में शानदार बल्लेबाजी की लेकिन दूसरे सत्र के तीसरे ओवर में रविन्द्र जडेजा की गेंद विकेट पर खेल बैठे। पिच से अब स्पिनरों को मदद मिलने लगी है और जडेजा तथा कुलदीप यादव की गेंदों को टर्न मिलने लगा है। बारिश आने से पहले दिन के अंतिम दो सत्र में कुलदीप और जडेजा ने सत्तर रन के अंदर ऑस्ट्रेलिया के पांच बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया। हैरिस ने उम्मीद जताई कि ऑस्ट्रेलिया का निचला क्रम पहली पारी को लंबा खींच लेगा लेकिन साथ ही आगाह किया कि टीम के बल्लेबाजों को अच्छी शुरूआत को बड़ी पारी में बदलना होगा।
NJB उम्मीदवारों को Kolkata में 1 Director रिक्तियों को भरने के लिए आमंत्रित करता है। इच्छुक उम्मीदवार पात्रता मानदंड, आवश्यक वृत्तचित्र, महत्वपूर्ण तिथियां और अन्य आवश्यक विवरण जानने के लिए आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से जा सकते हैं। आवेदन लिंक और NJB Director भर्ती 2022 से संबंधित अन्य आवश्यक जानकारी नीचे दी गई है। नौकरी के लिए सबसे महत्वपूर्ण कारक योग्यता है। केवल पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले उम्मीदवार ही नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं। NJB N/A उम्मीदवारों को भर्ती कर रहा है, और NJB भर्ती 2022 के बारे में सभी संबंधित जानकारी कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। आधिकारिक NJB वेबसाइट लिंक यहां प्राप्त करें। NJB भर्ती 2022 के लिए Director के लिए रिक्ति गणना 1 है। आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवार यहां NJB Director विवरण देख सकते हैं। उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा / व्यक्तिगत साक्षात्कार / चिकित्सा परीक्षण / वॉकिन साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। एक बार एक उम्मीदवार का चयन हो जाने के बाद उन्हें NJB में Director के रूप में रखा जाएगा। Director पर NJB भर्ती के लिए वेतन Not Disclosed है। कंपनी द्वारा चयनित उम्मीदवार Director के रूप में शामिल होंगे और उन्हें अधिसूचना में उल्लिखित वेतन दिया जाएगा। Director के लिए NJB पर वैकेंसी Kolkata पर उपलब्ध है। स्थान पर 1 रिक्तियां हैं और इच्छुक उम्मीदवार अंतिम तिथि से पहले आवेदन कर सकते हैं। केवल पात्रता मानदंड को पूरा करने वाले उम्मीदवार नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं। अंतिम तिथि के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे, इसलिए 04/12/2022 से पहले आवेदन करें। How to apply for NJB Recruitment 2022? NJB Director भर्ती 2022 के लिए आवेदन करने के चरण हैंः चरण 4: आवेदन पत्र को आवेदन के तरीके के अनुसार जमा करें।
NJB उम्मीदवारों को Kolkata में एक Director रिक्तियों को भरने के लिए आमंत्रित करता है। इच्छुक उम्मीदवार पात्रता मानदंड, आवश्यक वृत्तचित्र, महत्वपूर्ण तिथियां और अन्य आवश्यक विवरण जानने के लिए आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से जा सकते हैं। आवेदन लिंक और NJB Director भर्ती दो हज़ार बाईस से संबंधित अन्य आवश्यक जानकारी नीचे दी गई है। नौकरी के लिए सबसे महत्वपूर्ण कारक योग्यता है। केवल पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले उम्मीदवार ही नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं। NJB N/A उम्मीदवारों को भर्ती कर रहा है, और NJB भर्ती दो हज़ार बाईस के बारे में सभी संबंधित जानकारी कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। आधिकारिक NJB वेबसाइट लिंक यहां प्राप्त करें। NJB भर्ती दो हज़ार बाईस के लिए Director के लिए रिक्ति गणना एक है। आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवार यहां NJB Director विवरण देख सकते हैं। उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा / व्यक्तिगत साक्षात्कार / चिकित्सा परीक्षण / वॉकिन साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। एक बार एक उम्मीदवार का चयन हो जाने के बाद उन्हें NJB में Director के रूप में रखा जाएगा। Director पर NJB भर्ती के लिए वेतन Not Disclosed है। कंपनी द्वारा चयनित उम्मीदवार Director के रूप में शामिल होंगे और उन्हें अधिसूचना में उल्लिखित वेतन दिया जाएगा। Director के लिए NJB पर वैकेंसी Kolkata पर उपलब्ध है। स्थान पर एक रिक्तियां हैं और इच्छुक उम्मीदवार अंतिम तिथि से पहले आवेदन कर सकते हैं। केवल पात्रता मानदंड को पूरा करने वाले उम्मीदवार नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं। अंतिम तिथि के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे, इसलिए चार दिसंबर दो हज़ार बाईस से पहले आवेदन करें। How to apply for NJB Recruitment दो हज़ार बाईस? NJB Director भर्ती दो हज़ार बाईस के लिए आवेदन करने के चरण हैंः चरण चार: आवेदन पत्र को आवेदन के तरीके के अनुसार जमा करें।
दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। उन्होंने मामले में सुनवाई की तारीखों को स्थगित करने के लिए बार-बार अपील करने पर एसएलएसए की भी आलोचना की। श्रीवास्तव ने कहा, "हम उम्मीद करते थे कि एसएलएसए ऐसे मामलों में अधिक संवेदनशील होगा, मगर देख रहा हूं कि कुछ अपारदर्शी तर्को का सहारा लेकर मामले को दरकिनार करने का प्रयास किया जा रहा है। आम लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। एसएलएसए इस तरह के मामले में किसी विशेष निर्देश के बिना अदालत में क्यों पेश होती है, यह मायने रखता है। इस तरह के दृष्टिकोण से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकती। जब पीड़ित परिवार को मुआवजा देने के लिए एक निश्चित योजना है, तो प्रक्रिया में देरी क्यों हो रही है? एसएलएसए को मंगलवार तक अदालत को सूचित करना होगा कि वह क्या करने जा रही है और उसने अब तक क्या किया है। मुआवजा देने में अनिश्चित काल तक विलंबित नहीं किया जा सकता। कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस साल 5 मई को अनिंद्य सुंदर दास की याचिका पर हंसखली में 14 वर्षीय लड़की के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की सीबीआई जांच का आदेश दिया था। याचिका में मामले की अंतरिम जांच और पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की गई थी। नाबालिग लड़की के साथ 4 अप्रैल को कथित रूप से सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। उसके परिवार के सदस्यों ने उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश की थी, लेकिन मुख्य आरोपी का पिता, जो अब सीबीआई की हिरासत में है, ने कथित तौर पर उन्हें रोकने के लिए मजबूत रणनीति का इस्तेमाल किया था। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण लड़की ने दम तोड़ दिया। हाईकोर्ट ने 12 अप्रैल को सीबीआई को मामले की जांच करने का निर्देश दिया था। जांच एजेंसी ने तब से कई गिरफ्तारियां की हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों में एक मुख्य आरोपी का पिता है, जो तृणमूल कांग्रेस का नेता है। उसके गुर्गे और अपराध में कथित रूप से शामिल उसके बेटे के दोस्तों को भी गिरफ्तार किया गया है।
दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। उन्होंने मामले में सुनवाई की तारीखों को स्थगित करने के लिए बार-बार अपील करने पर एसएलएसए की भी आलोचना की। श्रीवास्तव ने कहा, "हम उम्मीद करते थे कि एसएलएसए ऐसे मामलों में अधिक संवेदनशील होगा, मगर देख रहा हूं कि कुछ अपारदर्शी तर्को का सहारा लेकर मामले को दरकिनार करने का प्रयास किया जा रहा है। आम लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। एसएलएसए इस तरह के मामले में किसी विशेष निर्देश के बिना अदालत में क्यों पेश होती है, यह मायने रखता है। इस तरह के दृष्टिकोण से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकती। जब पीड़ित परिवार को मुआवजा देने के लिए एक निश्चित योजना है, तो प्रक्रिया में देरी क्यों हो रही है? एसएलएसए को मंगलवार तक अदालत को सूचित करना होगा कि वह क्या करने जा रही है और उसने अब तक क्या किया है। मुआवजा देने में अनिश्चित काल तक विलंबित नहीं किया जा सकता। कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस साल पाँच मई को अनिंद्य सुंदर दास की याचिका पर हंसखली में चौदह वर्षीय लड़की के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की सीबीआई जांच का आदेश दिया था। याचिका में मामले की अंतरिम जांच और पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की गई थी। नाबालिग लड़की के साथ चार अप्रैल को कथित रूप से सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। उसके परिवार के सदस्यों ने उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश की थी, लेकिन मुख्य आरोपी का पिता, जो अब सीबीआई की हिरासत में है, ने कथित तौर पर उन्हें रोकने के लिए मजबूत रणनीति का इस्तेमाल किया था। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण लड़की ने दम तोड़ दिया। हाईकोर्ट ने बारह अप्रैल को सीबीआई को मामले की जांच करने का निर्देश दिया था। जांच एजेंसी ने तब से कई गिरफ्तारियां की हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों में एक मुख्य आरोपी का पिता है, जो तृणमूल कांग्रेस का नेता है। उसके गुर्गे और अपराध में कथित रूप से शामिल उसके बेटे के दोस्तों को भी गिरफ्तार किया गया है।
MS Dhoni Super Fan Ajay Gill: धोनी की दीवानगी फैंस के सिर चढ़कर बोलती है। बीते दिनों धोनी के 18 साल के सुपरफैन अजय गिल काफी सुर्खियों में थे। अजय थाला धोनी से मिलने के लिए 1436 KM पैदल चलकर रांची पहुंचे हैं। लेकिन, धोनी से इस युवक की मुलाकात नहीं हो पाई थी क्योंकि तब तक धोनी आईपीएल खेलने के लिए UAE रवाना हो चुके थे। लेकिन, अब धोनी के इस फैन की मुराद पूरी हो चुकी है। धोनी ने ना केवल अपने इस सुपरफैन को गले लगाया बल्कि अजय को फ्लाइट से वापस हरियाणा भेजने की व्यवस्था भी खुद ही की। धोनी ने अजय से मुलाकात की उन्हें अपने फॉर्म हाउस के अंदर बुलाया, गले लगाया और साथ में फोटो खिंचवाई। धोनी ने अपने सुपरफैन के रहने की व्यवस्था अपने फार्म हाउस में ही की थी। धोनी से मिलने के बाद अजय अपने बहते आंसू नहीं रोक पाया और कहा- मेरा जीवन धन्य हो गया। बता दें कि यह युवक हरियाणा से पैदल चलकर ही रांची पहुंचा था। धोनी के संन्यास के बाद उसने भी क्रिकेट छोड़ दिया था। लेकिन, अब धोनी का आशीर्वाद लेकर एक बार फिर से अजय ने कहा है कि वो अपने खेल पर फोकस कर सकेंगे। धोनी के इस फैन ने कहा था कि खुद धोनी ने उनके सपने में आकर उनसे पैदल रांची आने के लिए कहा था। इसके बाद उन्होंने ठान लिया था कि वह धोनी का कहना मानेंगे और पैदल रांची पहुंचेगे।
MS Dhoni Super Fan Ajay Gill: धोनी की दीवानगी फैंस के सिर चढ़कर बोलती है। बीते दिनों धोनी के अट्ठारह साल के सुपरफैन अजय गिल काफी सुर्खियों में थे। अजय थाला धोनी से मिलने के लिए एक हज़ार चार सौ छत्तीस KM पैदल चलकर रांची पहुंचे हैं। लेकिन, धोनी से इस युवक की मुलाकात नहीं हो पाई थी क्योंकि तब तक धोनी आईपीएल खेलने के लिए UAE रवाना हो चुके थे। लेकिन, अब धोनी के इस फैन की मुराद पूरी हो चुकी है। धोनी ने ना केवल अपने इस सुपरफैन को गले लगाया बल्कि अजय को फ्लाइट से वापस हरियाणा भेजने की व्यवस्था भी खुद ही की। धोनी ने अजय से मुलाकात की उन्हें अपने फॉर्म हाउस के अंदर बुलाया, गले लगाया और साथ में फोटो खिंचवाई। धोनी ने अपने सुपरफैन के रहने की व्यवस्था अपने फार्म हाउस में ही की थी। धोनी से मिलने के बाद अजय अपने बहते आंसू नहीं रोक पाया और कहा- मेरा जीवन धन्य हो गया। बता दें कि यह युवक हरियाणा से पैदल चलकर ही रांची पहुंचा था। धोनी के संन्यास के बाद उसने भी क्रिकेट छोड़ दिया था। लेकिन, अब धोनी का आशीर्वाद लेकर एक बार फिर से अजय ने कहा है कि वो अपने खेल पर फोकस कर सकेंगे। धोनी के इस फैन ने कहा था कि खुद धोनी ने उनके सपने में आकर उनसे पैदल रांची आने के लिए कहा था। इसके बाद उन्होंने ठान लिया था कि वह धोनी का कहना मानेंगे और पैदल रांची पहुंचेगे।
उत्तर प्रदेश सरकार ने मदरसा शिक्षकों की भर्ती के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा के तर्ज पर मदरसा शिक्षक पात्रता परीक्षा लागू करने जा रही है। ताकि मदरसों में भाई-भतीजावाद को खत्म करके योग्य शिक्षकों की भर्ती करवाई जा सके। उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड इसका विस्तृत प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने जा रहा है। लखनऊः उत्तर प्रदेश सरकार में दोबारा आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काफी सक्रिया है। हर विभाग को लेकर बदलावों के साथ ठोस कदम उठा रहे। इसी प्रकार राज्य में मदरसों में सुधार की दिशा में उठाए जा रहे कदमों में यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अब मदरसा शिक्षकों की भर्ती की व्यवस्था में लगाम लगाने जा रही है। दरअसल मदरसा शिक्षक भर्ती में अब भाई-भतीजावाद नहीं चलेगा। इसके लिए योगी सरकार ने शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी की तर्ज पर मदरसा शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी एमटीईटी को लागू करने का फैसला लिया है। इस परीक्षा को उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षक परिषद कराएगा। एमटीईटी पास करने वाले अभ्यार्थी ही मदरसों में शिक्षक बन सकेंगे। दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार से अनुदानित मदरसों में शिक्षकों के पद भरने का अधिकार वहां की ही प्रबंध समिति के पास होता है। जिसकी वजह से मदरसा प्रबंधक शिक्षकों की भर्ती में अपनी मनमानी करते हैं। ज्यादातर प्रबंधक मदरसों में अपने रिश्तेदारों को ही तैनात कर लेते हैं। उनके इस फैसले से कई बार मदरसों में योग्य शिक्षक नहीं आ पाते हैं। जिसका असर मदरसों की शिक्षा पर पड़ता है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इसी वजह से मदरसा शिक्षकों की भर्ती के नियमों में बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है। इसके लिए उत्तर प्रदेश अरबी फारसी मदरसा मान्यता, प्रशासन एवं सेवा विनियमावली 2016 में जरूरी संशोधन किया जाएगा। मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ इफ्तिखार अहमद जावेद ने बताया कि मदरसों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए एमटीईटी का नियम लागू किया जा रहा है। इसको लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद एमटीईटी कराएगा। उसके बाद इस परीक्षा में जो अभ्यर्थी उत्तीर्ण होंगे वह मदरसा शिक्षक बनने के योग्य होंगे जिस प्रकार टीईटी में होता है। यानी मदरसों में अब जितने पद भी खाली है या भविष्य में रिक्त होंगे उनमें एमटीईटी पास करने वाले अभ्यर्थी ही शिक्षक बन सकेंगे। उन्होंने बताया कि इसका विस्तृत प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा रहा है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने मदरसा शिक्षकों की भर्ती के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा के तर्ज पर मदरसा शिक्षक पात्रता परीक्षा लागू करने जा रही है। ताकि मदरसों में भाई-भतीजावाद को खत्म करके योग्य शिक्षकों की भर्ती करवाई जा सके। उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड इसका विस्तृत प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने जा रहा है। लखनऊः उत्तर प्रदेश सरकार में दोबारा आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काफी सक्रिया है। हर विभाग को लेकर बदलावों के साथ ठोस कदम उठा रहे। इसी प्रकार राज्य में मदरसों में सुधार की दिशा में उठाए जा रहे कदमों में यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अब मदरसा शिक्षकों की भर्ती की व्यवस्था में लगाम लगाने जा रही है। दरअसल मदरसा शिक्षक भर्ती में अब भाई-भतीजावाद नहीं चलेगा। इसके लिए योगी सरकार ने शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी की तर्ज पर मदरसा शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी एमटीईटी को लागू करने का फैसला लिया है। इस परीक्षा को उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षक परिषद कराएगा। एमटीईटी पास करने वाले अभ्यार्थी ही मदरसों में शिक्षक बन सकेंगे। दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार से अनुदानित मदरसों में शिक्षकों के पद भरने का अधिकार वहां की ही प्रबंध समिति के पास होता है। जिसकी वजह से मदरसा प्रबंधक शिक्षकों की भर्ती में अपनी मनमानी करते हैं। ज्यादातर प्रबंधक मदरसों में अपने रिश्तेदारों को ही तैनात कर लेते हैं। उनके इस फैसले से कई बार मदरसों में योग्य शिक्षक नहीं आ पाते हैं। जिसका असर मदरसों की शिक्षा पर पड़ता है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इसी वजह से मदरसा शिक्षकों की भर्ती के नियमों में बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है। इसके लिए उत्तर प्रदेश अरबी फारसी मदरसा मान्यता, प्रशासन एवं सेवा विनियमावली दो हज़ार सोलह में जरूरी संशोधन किया जाएगा। मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ इफ्तिखार अहमद जावेद ने बताया कि मदरसों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए एमटीईटी का नियम लागू किया जा रहा है। इसको लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद एमटीईटी कराएगा। उसके बाद इस परीक्षा में जो अभ्यर्थी उत्तीर्ण होंगे वह मदरसा शिक्षक बनने के योग्य होंगे जिस प्रकार टीईटी में होता है। यानी मदरसों में अब जितने पद भी खाली है या भविष्य में रिक्त होंगे उनमें एमटीईटी पास करने वाले अभ्यर्थी ही शिक्षक बन सकेंगे। उन्होंने बताया कि इसका विस्तृत प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा रहा है।
चंडीगढ़ में देह व्यापार के बड़े अड्डे का पर्दाफाश हुआ। मिली जानकारी के अनुसार थाईलैंड से लड़कियों को लाकर शहर के स्पा सेंटर में मसाज के नाम पर देह व्यापार कराया जा रहा है। चंडीगढ़ (सुशील) : चंडीगढ़ में देह व्यापार के बड़े अड्डे का पर्दाफाश हुआ। मिली जानकारी के अनुसार थाईलैंड से लड़कियों को लाकर शहर के स्पा सेंटर में मसाज के नाम पर देह व्यापार कराया जा रहा है। मामला सामने आते ही पुलिस ने सेक्टर-44 स्थित राग स्पा सेंटर पर छापा मारा। इस दौरान पुलिस ने थाईलैंड से 4 लड़कियों को छुड़ाया। इसके अलावा गुरदासपुर के बटाला निवासी मैनेजर निखिल और बुड़ैल निवासी रिसेप्शनिस्ट पूजा को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने लड़कियों को थाईलैंड से नारी निकेतन भेज दिया है। सेक्टर-34 थाना पुलिस ने स्पा सेंटर मालिक बलविंदर सिंह गिल, सह आरोपी दीया, मैनेजर निखिल और रिसेप्शनिस्ट पूजा के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने निखिल और पूजा को जिला अदालत में पेश किया। अदालत ने पूजा को कानूनी हिरासत में और निखिल को 2 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। डी. एस. पी. दलबीर सिंह को सूचना मिली कि सेक्टर-44 स्थित राग स्पा सेंटर में मसाज की आड़ में देह व्यापार चल रहा है। देह व्यपारा का मालिक लड़कियों को थाईलैंड से लाया था। डी. एस. पी. ने स्पा सेंटर पर छापा मारने के लिए स्पेशल टीम गठित की और फर्जी ग्राहकों को डील करने के लिए स्पा सेंटर भेजा। ग्राहक ने स्पा सेंटर में मैनेजर निखिल और रिसेप्शनिस्ट पूजा से मुलाकात की। दोनों ने थाईलैंड की लड़कियों को दिखाया और डील हो गई। ग्राहक ने जैसे ही दोनों को पैसों का भुगतान किया, डी. एस. पी. ने स्पा सेंटर पर छापा मारा। पुलिस को स्पा सेंटर के अंदर थाईलैंड की 4 लड़कियां मिलीं, जिन्हें पुलिस ने छुड़ाया। पुलिस ने मौके से मैनेजर निखिल और रिसेप्शनिस्ट पूजा को गिरफ्तार कर लिया। मैनेजर निखिल ने पुलिस को बताया कि स्पा सेंटर का मालिक बलविंदर सिंह गिल है। वह गिल के कहने पर देह व्यापार करता है। इसमें सह आरोपी दीया उनका साथ देती हैं। पुलिस ने बताया कि थाईलैंड से आई लड़कियां जीरकपुर में रहती थीं। पुलिस टीमें मालिक बलविंदर सिंह गिल और दीया की तलाश में छापेमारी कर रही हैं।
चंडीगढ़ में देह व्यापार के बड़े अड्डे का पर्दाफाश हुआ। मिली जानकारी के अनुसार थाईलैंड से लड़कियों को लाकर शहर के स्पा सेंटर में मसाज के नाम पर देह व्यापार कराया जा रहा है। चंडीगढ़ : चंडीगढ़ में देह व्यापार के बड़े अड्डे का पर्दाफाश हुआ। मिली जानकारी के अनुसार थाईलैंड से लड़कियों को लाकर शहर के स्पा सेंटर में मसाज के नाम पर देह व्यापार कराया जा रहा है। मामला सामने आते ही पुलिस ने सेक्टर-चौंतालीस स्थित राग स्पा सेंटर पर छापा मारा। इस दौरान पुलिस ने थाईलैंड से चार लड़कियों को छुड़ाया। इसके अलावा गुरदासपुर के बटाला निवासी मैनेजर निखिल और बुड़ैल निवासी रिसेप्शनिस्ट पूजा को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने लड़कियों को थाईलैंड से नारी निकेतन भेज दिया है। सेक्टर-चौंतीस थाना पुलिस ने स्पा सेंटर मालिक बलविंदर सिंह गिल, सह आरोपी दीया, मैनेजर निखिल और रिसेप्शनिस्ट पूजा के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने निखिल और पूजा को जिला अदालत में पेश किया। अदालत ने पूजा को कानूनी हिरासत में और निखिल को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। डी. एस. पी. दलबीर सिंह को सूचना मिली कि सेक्टर-चौंतालीस स्थित राग स्पा सेंटर में मसाज की आड़ में देह व्यापार चल रहा है। देह व्यपारा का मालिक लड़कियों को थाईलैंड से लाया था। डी. एस. पी. ने स्पा सेंटर पर छापा मारने के लिए स्पेशल टीम गठित की और फर्जी ग्राहकों को डील करने के लिए स्पा सेंटर भेजा। ग्राहक ने स्पा सेंटर में मैनेजर निखिल और रिसेप्शनिस्ट पूजा से मुलाकात की। दोनों ने थाईलैंड की लड़कियों को दिखाया और डील हो गई। ग्राहक ने जैसे ही दोनों को पैसों का भुगतान किया, डी. एस. पी. ने स्पा सेंटर पर छापा मारा। पुलिस को स्पा सेंटर के अंदर थाईलैंड की चार लड़कियां मिलीं, जिन्हें पुलिस ने छुड़ाया। पुलिस ने मौके से मैनेजर निखिल और रिसेप्शनिस्ट पूजा को गिरफ्तार कर लिया। मैनेजर निखिल ने पुलिस को बताया कि स्पा सेंटर का मालिक बलविंदर सिंह गिल है। वह गिल के कहने पर देह व्यापार करता है। इसमें सह आरोपी दीया उनका साथ देती हैं। पुलिस ने बताया कि थाईलैंड से आई लड़कियां जीरकपुर में रहती थीं। पुलिस टीमें मालिक बलविंदर सिंह गिल और दीया की तलाश में छापेमारी कर रही हैं।
अमरनाथ मंदिर और केदारनाथ मंदिर के बारे में आपने सुना ही होगा. लेकिन आपको सुनकर आश्चर्य होगा कि उदयपुर में भी अमरनाथ मंदिर है. उदयपुर के अमरनाथ गुप्तेश्वर महादेव मंदिर को कहा जाता है. जो अरावली की खूबसूरत पहाड़ियों में स्थित है. यहां महादेव के दर्शन करने के लिए भक्तों को गुफा से होकर जाना पड़ता है. वैसे तो शहर के नजदीक होने से हर दिन कई श्रद्धालु पहुंचते है. लेकिन हर वर्ष श्रावण में सैकड़ो श्रद्धालु महादेव की पूजा अर्चना करने आते हैं. माना जाता है की महादेव अपनी हर भक्त की इच्छा श्रावण मास में जरूर पूरी करते है. गुप्तेश्वर महादेव मंदिर में शिव रात्रि पर विशाल मेले का आयोजन किया जाता है.
अमरनाथ मंदिर और केदारनाथ मंदिर के बारे में आपने सुना ही होगा. लेकिन आपको सुनकर आश्चर्य होगा कि उदयपुर में भी अमरनाथ मंदिर है. उदयपुर के अमरनाथ गुप्तेश्वर महादेव मंदिर को कहा जाता है. जो अरावली की खूबसूरत पहाड़ियों में स्थित है. यहां महादेव के दर्शन करने के लिए भक्तों को गुफा से होकर जाना पड़ता है. वैसे तो शहर के नजदीक होने से हर दिन कई श्रद्धालु पहुंचते है. लेकिन हर वर्ष श्रावण में सैकड़ो श्रद्धालु महादेव की पूजा अर्चना करने आते हैं. माना जाता है की महादेव अपनी हर भक्त की इच्छा श्रावण मास में जरूर पूरी करते है. गुप्तेश्वर महादेव मंदिर में शिव रात्रि पर विशाल मेले का आयोजन किया जाता है.
कोरोना काल में अब तक मेरे पोस्टमॉर्टम हाउस में 36-37 संदिग्ध कोरोना संक्रमित शव पहुंचे हैं। इनमें पुरुष, महिलाएं, बच्चों सहित हर वर्ग और उम्र के कोरोना सस्पेक्टेड शामिल रहे हैं। कोरोना संबंधी यह तमाम सनसनीखेज सवाल, राष्ट्रीय राजधानी के एक वरिष्ठ फॉरेसिंक साइंस एक्सपर्ट (विधि विज्ञान विशेषज्ञ) डॉ. बी. एन. मिश्रा की मुंहजुबानी हैं। डॉ. मिश्रा राजधानी में पहले-दूसरे पायदान के समझे जाने वाले दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल के विधि विज्ञान केंद्र (फॉरेंसिक साइंस सेंटर यानि पोस्टमॉर्टम हाउस) के प्रभारी हैं। यह तमाम सनसनीखेज खुलासे और सवाल डॉ. बी. एन. मिश्रा ने विशेष बातचीत के दौरान सामने रखे। अमूमन दिल्ली के दो सबसे बड़े और पुराने समझे जाने वाले पोस्टमॉर्टम हाउस में (सब्जी मंडी और दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल) सालाना 2 से 2500 हजार शवों का पोस्टमॉर्टम होता रहा है। जबसे कोरोना ने दस्तक दी है? तब से आपके (डीडीयू अस्पताल) पोस्टमॉर्टम हाउस में प्रतिदिन शवों की संख्या पर भी प्रभाव पड़ा है? पूछे जाने पर डॉ. मिश्रा बोले, "रेल से कटकर मरने वाले, सड़क हादसों में मरने वाले, फांसी लगाकर आत्महत्या करने वालों की संख्या नगण्य हो गयी है।
कोरोना काल में अब तक मेरे पोस्टमॉर्टम हाउस में छत्तीस-सैंतीस संदिग्ध कोरोना संक्रमित शव पहुंचे हैं। इनमें पुरुष, महिलाएं, बच्चों सहित हर वर्ग और उम्र के कोरोना सस्पेक्टेड शामिल रहे हैं। कोरोना संबंधी यह तमाम सनसनीखेज सवाल, राष्ट्रीय राजधानी के एक वरिष्ठ फॉरेसिंक साइंस एक्सपर्ट डॉ. बी. एन. मिश्रा की मुंहजुबानी हैं। डॉ. मिश्रा राजधानी में पहले-दूसरे पायदान के समझे जाने वाले दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल के विधि विज्ञान केंद्र के प्रभारी हैं। यह तमाम सनसनीखेज खुलासे और सवाल डॉ. बी. एन. मिश्रा ने विशेष बातचीत के दौरान सामने रखे। अमूमन दिल्ली के दो सबसे बड़े और पुराने समझे जाने वाले पोस्टमॉर्टम हाउस में सालाना दो से दो हज़ार पाँच सौ हजार शवों का पोस्टमॉर्टम होता रहा है। जबसे कोरोना ने दस्तक दी है? तब से आपके पोस्टमॉर्टम हाउस में प्रतिदिन शवों की संख्या पर भी प्रभाव पड़ा है? पूछे जाने पर डॉ. मिश्रा बोले, "रेल से कटकर मरने वाले, सड़क हादसों में मरने वाले, फांसी लगाकर आत्महत्या करने वालों की संख्या नगण्य हो गयी है।
मंडी -बागबानी विभाग ने बरसाती ऋतु दौरान रोपे जाने वाले पौधो की खेप भेजना शुरू कर दी है, ताकि लोग समय पर फलदार पौधों की रोपाई कर सकंे। हालांकि गत वर्ष के मुकाबले इस वर्ष बारिश करीब पांच दिन लेट है, जिसके चलते विभाग को नर्सरियों से पौधे लेट उखाड़ने पड़े। विभाग ने लोगों से आह्वान किया है कि केवल पंजीकृत नर्सरियों से ही पौधों की खरीददारी करें। जिला में कोई भी व्यक्ति टोकरी में पौधें नहीं बेच सकता है। अगर कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से सड़क व आसपास के क्षेत्रों में पौधों को बेचता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके चलते लोग विभाग की नर्सरियों व प्रसार अधिकारी के पास ही अच्छी क्वालिटी के पौधे खरीदें। अगर किसी बागबान को पौधों सं संबंधित डिमांड होगी तो वह अपने क्षेत्र के विभाग के कार्यालय से संपर्क कर सकता है, ताकि विभाग द्वारा समय पर बागबान को पौधे मुहैया करवा सके। इस बार मंडी जिला में करीब एक लाख पौधे लगाए जाएंगे। विभाग ने डिमांड के अनुसार किसान उद्यान विकास खंड कार्यालय को कुछ प्रतिशत पौधों की खेप भेज दी है। विभाग दूसरे चरण में भी पौधों को खेप भेजेगा, वहीं विभाग ने लोगों से आह्वान किया है कि अपने-अपने क्षेत्र के कार्यालय से पौधों की खरीददारी कर लें। इन दिनों फलदार पौधों का रोपाई का कार्य का सही समय है। निर्धारित दाम के अनुसार आम कलमी करीब 45 रुपए, आम्रपाली करीब 40 रुपए और पोली बैग में 45 रुपए, किन्नू, संतरा, मोश्मी करीब 40 रुपए, बारह माशि निंबू करीब 35 रुपए, पोली बैग करीब 25 रुपए , करीब लीची 45 रुपए, आंबला करीब 45 रुपए, अमरूद व बेर करीब 35 रुपए, गलगल पोली बैग के बिना 15 रुपए, गलगल पोली बैग के साथ करीब 20, कटहल करीब 20 रुपए प्रति पौधा, अंगूर की अलग-अगल किस्में 40 से 60 रुपए प्रति पौधा है। इसके अलावा अन्य पौधों के दाम भी बिना पोली व पोली के दाम निर्धारति किए गए है। वहीं, डा. अशोक धीमान, उपनिदेशक, बागबानी विभाग मंडी ने कहा कि वर्षाऋतु के दौरान मंडी जिला में करीब एक लाख पौधे रोपने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बागबानों से आह्वान किया है कि लोग अच्छी क्वालिटी के पौधे विभाग से प्राप्त करें। लोग किसी भी बाहरी व्यक्ति या टोकरी वाले से पौधे न खरीदें। लोगों की डिमांड के अनुसार पौधे मुहैया करवाए जा रहे है।
मंडी -बागबानी विभाग ने बरसाती ऋतु दौरान रोपे जाने वाले पौधो की खेप भेजना शुरू कर दी है, ताकि लोग समय पर फलदार पौधों की रोपाई कर सकंे। हालांकि गत वर्ष के मुकाबले इस वर्ष बारिश करीब पांच दिन लेट है, जिसके चलते विभाग को नर्सरियों से पौधे लेट उखाड़ने पड़े। विभाग ने लोगों से आह्वान किया है कि केवल पंजीकृत नर्सरियों से ही पौधों की खरीददारी करें। जिला में कोई भी व्यक्ति टोकरी में पौधें नहीं बेच सकता है। अगर कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से सड़क व आसपास के क्षेत्रों में पौधों को बेचता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके चलते लोग विभाग की नर्सरियों व प्रसार अधिकारी के पास ही अच्छी क्वालिटी के पौधे खरीदें। अगर किसी बागबान को पौधों सं संबंधित डिमांड होगी तो वह अपने क्षेत्र के विभाग के कार्यालय से संपर्क कर सकता है, ताकि विभाग द्वारा समय पर बागबान को पौधे मुहैया करवा सके। इस बार मंडी जिला में करीब एक लाख पौधे लगाए जाएंगे। विभाग ने डिमांड के अनुसार किसान उद्यान विकास खंड कार्यालय को कुछ प्रतिशत पौधों की खेप भेज दी है। विभाग दूसरे चरण में भी पौधों को खेप भेजेगा, वहीं विभाग ने लोगों से आह्वान किया है कि अपने-अपने क्षेत्र के कार्यालय से पौधों की खरीददारी कर लें। इन दिनों फलदार पौधों का रोपाई का कार्य का सही समय है। निर्धारित दाम के अनुसार आम कलमी करीब पैंतालीस रुपयापए, आम्रपाली करीब चालीस रुपयापए और पोली बैग में पैंतालीस रुपयापए, किन्नू, संतरा, मोश्मी करीब चालीस रुपयापए, बारह माशि निंबू करीब पैंतीस रुपयापए, पोली बैग करीब पच्चीस रुपयापए , करीब लीची पैंतालीस रुपयापए, आंबला करीब पैंतालीस रुपयापए, अमरूद व बेर करीब पैंतीस रुपयापए, गलगल पोली बैग के बिना पंद्रह रुपयापए, गलगल पोली बैग के साथ करीब बीस, कटहल करीब बीस रुपयापए प्रति पौधा, अंगूर की अलग-अगल किस्में चालीस से साठ रुपयापए प्रति पौधा है। इसके अलावा अन्य पौधों के दाम भी बिना पोली व पोली के दाम निर्धारति किए गए है। वहीं, डा. अशोक धीमान, उपनिदेशक, बागबानी विभाग मंडी ने कहा कि वर्षाऋतु के दौरान मंडी जिला में करीब एक लाख पौधे रोपने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बागबानों से आह्वान किया है कि लोग अच्छी क्वालिटी के पौधे विभाग से प्राप्त करें। लोग किसी भी बाहरी व्यक्ति या टोकरी वाले से पौधे न खरीदें। लोगों की डिमांड के अनुसार पौधे मुहैया करवाए जा रहे है।
नई दिल्लीः टीम इंडिया के लिए लंदन से अच्छी खबर सामने आई है। श्रेयस अय्यर ने मंगलवार को लंदन में अपनी सर्जरी पूरी कर ली है। वह इस साल अक्टूबर-नवंबर के दौरान भारत में होने वाले वनडे विश्व कप 2023 से पहले एक्शन में लौटने के लिए तैयार हैं। हालांकि, वह जून में ओवल में होने वाली विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल में नहीं खेल पाएंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि सर्जरी से उबरने और पूरी फिटनेस हासिल करने के लिए उन्हें कम से कम 3 महीने की जरूरत होगी। श्रेयस अय्यर हाल ही में पीठ की चोट से उबरे और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दूसरे-तीसरे और चौथे टेस्ट में नजर आए, लेकिन इसके बाद चोट फिर से उन्हें परेशान करने लगी। चौथे टेस्ट के सिर्फ 2 दिन खेलने के बाद ही वह बाहर हो गए। इस चोट ने उन्हें आईपीएल 2023 और डब्ल्यूटीसी फाइनल को मिस करने पर भी मजबूर कर दिया। शुरू में उन्होंने WTC फाइनल खेलने के लिए सर्जरी कराने से मना कर दिया था। हालांकि बाद में वे इसके लिए राजी हो गए थे। कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए भी श्रेयस की चोट बड़ा झटका साबित हुई। वह इस फ्रेंचाइजी की कप्तानी करते हैं। उनकी अनुपस्थिति में नीतीश राणा को फ्रेंचाइजी का नया कप्तान बनाया गया था। श्रेयस अय्यर ने टेस्ट और वनडे दोनों में नंबर 4 बल्लेबाज के रूप में खुद को मजबूत किया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इस साल अय्यर ने सभी प्रारूपों में 1609 रन बनाए। यह कैलेंडर वर्ष में एक भारतीय खिलाड़ी के लिए सबसे ज्यादा और बाबर आजम-लिटन दास के बाद तीसरे सबसे ज्यादा रन थे।
नई दिल्लीः टीम इंडिया के लिए लंदन से अच्छी खबर सामने आई है। श्रेयस अय्यर ने मंगलवार को लंदन में अपनी सर्जरी पूरी कर ली है। वह इस साल अक्टूबर-नवंबर के दौरान भारत में होने वाले वनडे विश्व कप दो हज़ार तेईस से पहले एक्शन में लौटने के लिए तैयार हैं। हालांकि, वह जून में ओवल में होने वाली विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल में नहीं खेल पाएंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि सर्जरी से उबरने और पूरी फिटनेस हासिल करने के लिए उन्हें कम से कम तीन महीने की जरूरत होगी। श्रेयस अय्यर हाल ही में पीठ की चोट से उबरे और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दूसरे-तीसरे और चौथे टेस्ट में नजर आए, लेकिन इसके बाद चोट फिर से उन्हें परेशान करने लगी। चौथे टेस्ट के सिर्फ दो दिन खेलने के बाद ही वह बाहर हो गए। इस चोट ने उन्हें आईपीएल दो हज़ार तेईस और डब्ल्यूटीसी फाइनल को मिस करने पर भी मजबूर कर दिया। शुरू में उन्होंने WTC फाइनल खेलने के लिए सर्जरी कराने से मना कर दिया था। हालांकि बाद में वे इसके लिए राजी हो गए थे। कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए भी श्रेयस की चोट बड़ा झटका साबित हुई। वह इस फ्रेंचाइजी की कप्तानी करते हैं। उनकी अनुपस्थिति में नीतीश राणा को फ्रेंचाइजी का नया कप्तान बनाया गया था। श्रेयस अय्यर ने टेस्ट और वनडे दोनों में नंबर चार बल्लेबाज के रूप में खुद को मजबूत किया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इस साल अय्यर ने सभी प्रारूपों में एक हज़ार छः सौ नौ रन बनाए। यह कैलेंडर वर्ष में एक भारतीय खिलाड़ी के लिए सबसे ज्यादा और बाबर आजम-लिटन दास के बाद तीसरे सबसे ज्यादा रन थे।
JHUNSI: ईट लाद कर कहीं जा रहा टै्रक्टर अनियंत्रित हो कर सनक गया। बाइकसवार एक युवक को रौंदते हुए ट्रैक्टर सड़क किनारे स्थित दुकानों में घुसने लगा। जिससे वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। पुलिस ने ट्रैक्टर को कब्जे में ले लिया। जबकि चालक मौके से फरार हो गया है। अल्लापुर निवासी बृजेश कुमार उर्फ राजू (40) कुछ साल पूर्व हवेलिया के संगम बिहार में मकान बनाकर परिवार के साथ रहता था। परिवार में पत्नी प्रतिमा, बेटियां श्रद्धा, स्वाति व सोनाली हैं। राजू मजदूरी करके घर का खर्चा चलाता था। इधर कुछ दिन पूर्व हवेलिया वाले मकान को बेचकर कोई अन्य मकान खरीदने के लिए गुरुवार को सलोरी गया था। वापस लौटते समय आवास विकास कॉलोनी लाल चौक के निकट उसे ईट लाद कर कहीं जा रहे ट्रैक्टर ने पीछे से टक्कर मार दिया। इससे वह ट्रैक्टर ट्राली में लगे चक्के के नीचे आ गया। उसे दौंदते हुए ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह देख ट्रौक्टर चालक होश खो बैठा। मजदूर व चालक चलते ट्रैक्टर से कूदकर भाग निकले। बेकाबू ट्रैक्टर कुछ दूर स्थित रामऔतार निवासी आवास विकास कॉलोनी योजना तीन के सब्जी की दुकान में घुस गया। गनीमत यह रही कि बेकाबू ट्रैक्टर को देख रामऔतार व उसकी पत्नी दुकान छोड़ कर भाग गए जिससे उसनी जान बच गई। जानकारी पाते ही एसआई आरबी सिंह मौके पर पहुंचे और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। पुलिस के मुताबिक मृतक की जेब से 51 हजार कुछ रुपये मिले हैं। पुलिस ने ट्रैक्टर को कब्जे में ले लिया है।
JHUNSI: ईट लाद कर कहीं जा रहा टै्रक्टर अनियंत्रित हो कर सनक गया। बाइकसवार एक युवक को रौंदते हुए ट्रैक्टर सड़क किनारे स्थित दुकानों में घुसने लगा। जिससे वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। पुलिस ने ट्रैक्टर को कब्जे में ले लिया। जबकि चालक मौके से फरार हो गया है। अल्लापुर निवासी बृजेश कुमार उर्फ राजू कुछ साल पूर्व हवेलिया के संगम बिहार में मकान बनाकर परिवार के साथ रहता था। परिवार में पत्नी प्रतिमा, बेटियां श्रद्धा, स्वाति व सोनाली हैं। राजू मजदूरी करके घर का खर्चा चलाता था। इधर कुछ दिन पूर्व हवेलिया वाले मकान को बेचकर कोई अन्य मकान खरीदने के लिए गुरुवार को सलोरी गया था। वापस लौटते समय आवास विकास कॉलोनी लाल चौक के निकट उसे ईट लाद कर कहीं जा रहे ट्रैक्टर ने पीछे से टक्कर मार दिया। इससे वह ट्रैक्टर ट्राली में लगे चक्के के नीचे आ गया। उसे दौंदते हुए ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह देख ट्रौक्टर चालक होश खो बैठा। मजदूर व चालक चलते ट्रैक्टर से कूदकर भाग निकले। बेकाबू ट्रैक्टर कुछ दूर स्थित रामऔतार निवासी आवास विकास कॉलोनी योजना तीन के सब्जी की दुकान में घुस गया। गनीमत यह रही कि बेकाबू ट्रैक्टर को देख रामऔतार व उसकी पत्नी दुकान छोड़ कर भाग गए जिससे उसनी जान बच गई। जानकारी पाते ही एसआई आरबी सिंह मौके पर पहुंचे और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। पुलिस के मुताबिक मृतक की जेब से इक्यावन हजार कुछ रुपये मिले हैं। पुलिस ने ट्रैक्टर को कब्जे में ले लिया है।
MP में CORONA बना इन लोगो के लिए भगवान, बिन परीक्षा दिए मिला प्रमोशनMP/भोपाल. कोरोना वायरस (CORONA VIRUS) के संक्रमण (Covid-19) के खतरे के चलते देश भर में 17 मई तक लॉक डाउन है. लेकिन कोरोना ने मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उन छात्र-छात्राओं को राहत दिलवा दी है, जो कक्षा 9वीं और 11वीं के परीक्षा परिणाम (Exam Result) में पूरक आए थे. लॉक डाउन (Lockdown) से न सिर्फ बोर्ड परीक्षाए स्थगित हैं. बल्कि पूरक परीक्षाओ पर भी ब्रेक लगा हुआ है. पहली से आठवीं तक के बच्चों को जनरल प्रमोशन देने के बाद अब 9वी और 11वीं के पूरक परीक्षार्थियों को भी जनरल प्रमोशन देने का निर्णय लिया गया है. आज फिर रीवा में मिलें 4 नए कोरोना मरीज, बुधवार रात भी 4 मिले थें, विंध्य में 29 पहुंचा आंकड़ामध्य प्रदेश लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देश के मुताबिक जिन निजी स्कूलों ने कक्षा 9वीं और 11वीं का रिजल्ट घोषित नहीं किया है. उन सभी छात्र छात्राओं को जनरल प्रमोशन देकर दूसरी कक्षाओं में भेजने कहा गया है. इस निर्णय के बाद अब 9वीं और 11वीं के परीक्षार्थियों को पूरक परीक्षा से राहत मिलेगी. पूर्व परीक्षार्थियों को मिलेगा जनरल प्रमोशनकक्षा 9वीं और 11वीं की परीक्षाएं 19 मार्च से पहले ही पूरी हो चुकी थी और 23 मार्च को परीक्षा परिणाम भी घोषित कर दिया गया था. परीक्षा पंरिणाम घोषित होने के बाद पूरक आने वाले छात्रों की परीक्षा ली जाने की तैयारियां चल रही थी. लॉक डाउन के चलते पूरक परीक्षाएं आयोजित नहीं हो पाई है. लॉक डाउन के बीच अब परीक्षाएं ना कराकर लोक शिक्षण संचालनालय ने सप्लीमेंट्री आने वाले छात्र-छात्राओं को जनरल प्रमोशन देने के निर्देश दिए हैं. डीपीआई आयुक्त ने अपने निर्देश में कहा है कि 9वी से 10वीं और11वीं से 12वीं में आने वाले छात्र छात्राओं को अगली कक्षा की तैयारी में शामिल किया जाएगा. मार्कशीट इसका होगा जिक्र प्रदेश भर में जिन निजी स्कूलों ने9वी-11वी के रिजल्ट अब तक घोषित नहीं किए हैं. उन स्कूलों में छात्र-छात्राओं को जनरल प्रमोशन देने के बाद अलग तरह की मार्कशीट भी जारी की जाएगी. जनरल प्रमोशन मिलने वाले छात्र-छात्राओं की मार्कशीट, टीसी (स्थानांतरण पत्र)और प्रगति पत्रक पर "covid-19 संक्रमण बचाव के दृष्टिगत अगली कक्षा में प्रोन्नत" प्रतिशत(परसेंटज) की जगह अंकित किया जाएगा. वहीं जनरल प्रमोशन मिलने वाले पूरक छात्रों को की मार्कशीट पर अलग रंग की स्याही के पेन से "कोविड-19 संक्रमण बचाव के दृष्टिगत अगली कक्षा में प्रोन्नत" की सील लगी होगी और संकुल प्राचार्य और प्राचार्य के हस्ताक्षर भी मार्कशीट पर होंगे.
MP में CORONA बना इन लोगो के लिए भगवान, बिन परीक्षा दिए मिला प्रमोशनMP/भोपाल. कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे के चलते देश भर में सत्रह मई तक लॉक डाउन है. लेकिन कोरोना ने मध्य प्रदेश के उन छात्र-छात्राओं को राहत दिलवा दी है, जो कक्षा नौवीं और ग्यारहवीं के परीक्षा परिणाम में पूरक आए थे. लॉक डाउन से न सिर्फ बोर्ड परीक्षाए स्थगित हैं. बल्कि पूरक परीक्षाओ पर भी ब्रेक लगा हुआ है. पहली से आठवीं तक के बच्चों को जनरल प्रमोशन देने के बाद अब नौवी और ग्यारहवीं के पूरक परीक्षार्थियों को भी जनरल प्रमोशन देने का निर्णय लिया गया है. आज फिर रीवा में मिलें चार नए कोरोना मरीज, बुधवार रात भी चार मिले थें, विंध्य में उनतीस पहुंचा आंकड़ामध्य प्रदेश लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देश के मुताबिक जिन निजी स्कूलों ने कक्षा नौवीं और ग्यारहवीं का रिजल्ट घोषित नहीं किया है. उन सभी छात्र छात्राओं को जनरल प्रमोशन देकर दूसरी कक्षाओं में भेजने कहा गया है. इस निर्णय के बाद अब नौवीं और ग्यारहवीं के परीक्षार्थियों को पूरक परीक्षा से राहत मिलेगी. पूर्व परीक्षार्थियों को मिलेगा जनरल प्रमोशनकक्षा नौवीं और ग्यारहवीं की परीक्षाएं उन्नीस मार्च से पहले ही पूरी हो चुकी थी और तेईस मार्च को परीक्षा परिणाम भी घोषित कर दिया गया था. परीक्षा पंरिणाम घोषित होने के बाद पूरक आने वाले छात्रों की परीक्षा ली जाने की तैयारियां चल रही थी. लॉक डाउन के चलते पूरक परीक्षाएं आयोजित नहीं हो पाई है. लॉक डाउन के बीच अब परीक्षाएं ना कराकर लोक शिक्षण संचालनालय ने सप्लीमेंट्री आने वाले छात्र-छात्राओं को जनरल प्रमोशन देने के निर्देश दिए हैं. डीपीआई आयुक्त ने अपने निर्देश में कहा है कि नौवी से दसवीं औरग्यारहवीं से बारहवीं में आने वाले छात्र छात्राओं को अगली कक्षा की तैयारी में शामिल किया जाएगा. मार्कशीट इसका होगा जिक्र प्रदेश भर में जिन निजी स्कूलों नेनौवी-ग्यारहवी के रिजल्ट अब तक घोषित नहीं किए हैं. उन स्कूलों में छात्र-छात्राओं को जनरल प्रमोशन देने के बाद अलग तरह की मार्कशीट भी जारी की जाएगी. जनरल प्रमोशन मिलने वाले छात्र-छात्राओं की मार्कशीट, टीसी और प्रगति पत्रक पर "covid-उन्नीस संक्रमण बचाव के दृष्टिगत अगली कक्षा में प्रोन्नत" प्रतिशत की जगह अंकित किया जाएगा. वहीं जनरल प्रमोशन मिलने वाले पूरक छात्रों को की मार्कशीट पर अलग रंग की स्याही के पेन से "कोविड-उन्नीस संक्रमण बचाव के दृष्टिगत अगली कक्षा में प्रोन्नत" की सील लगी होगी और संकुल प्राचार्य और प्राचार्य के हस्ताक्षर भी मार्कशीट पर होंगे.
नई दिल्लीः सोने की कीमत में दिनों बड़ा फेरबदल देखने को मिल रहा है, जिससे ग्राहकों के चेहरे पर खरीदारों को लेकर असमंजस की स्थिति पनप रही है। फिर भी अगर आप सोना खरीदने का प्लान कर रहे हैं तो सौदा फायदे का है, क्योंकि कीमत हाई लेवल रेट से करीब ढाई हजार रुपये कम दर्ज की जा रही है। इसलिए आपने जल्द खरीदारी नहीं की तो फिर नुकासन भी उठाना पड़ सकता है। सर्राफा विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में सोने की कीमत में काफी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती हैं, जिससे पहले तुरंत खरीदारी कर लें। एक बार फिर मार्केट में सोना सोना 355 रुपये प्रति 10 ग्राम के हिसाब से घटकर 59227 रुपये प्रति दस ग्राम पर दर्ज किया गया। बीते कारोबारी दिन गोल्ड 648 रुपये प्रति 10 ग्राम की दर से बढ़कर 59582 रुपये प्रति तोला बिकता नजर आया। घर में चचा, भाई या बहन की शादी है तो फिर सोना फटाफट खरीद लें, क्योंकि कीमत इस समय गिरी हुई चल रही है। इससे पहले आप कैरेट का हिसाब जरूरी जान लें। आपने खरीदारी का मौका हाथ से निकाला तो फिर अफसोस करना होगा। मार्केट में 24 कैरेट वाला गोल्ड 59227 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दर्ज किया गया। इसके साथ ही 23 कैरेट 58990 रुपये रहा। 22 कैरेट वाला 54252 रुपये दर्ज किया गया। 18 कैरेट वाला 44420 रुपये और 14 कैरेट वाला 34648 रुपये प्रति 10 ग्राम पर देखने को मिला। इसलिए जरूरी है कि आप जल्द ही सोना खरीदकर पैसों की बचत कर सकते हैं, जो आपके लिए सुनहरा मौका है। मार्केट में ऐसे मौके बार-बार नहीं आते हैं। मार्केट में खरीदारी करने से पहले आप सोने का रेट जान सकते हैं, जो बहुत ही बढ़िया अवसर है। इसके लिए आपको कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा। गोल्ड जूलरी के खुदरा रेट जानने के लिए 8955664433 पर मिस्ड कॉल देने की जरूरत होगी। कुछ ही देर में एसएमएस के जरिए रेट्स की जानकारी मिल जाएगी। इसके साथ ही लगातार अपडेट्स की जानकारी के लिए www.ibja.co या ibjarates.com पर देख सकते हैं।
नई दिल्लीः सोने की कीमत में दिनों बड़ा फेरबदल देखने को मिल रहा है, जिससे ग्राहकों के चेहरे पर खरीदारों को लेकर असमंजस की स्थिति पनप रही है। फिर भी अगर आप सोना खरीदने का प्लान कर रहे हैं तो सौदा फायदे का है, क्योंकि कीमत हाई लेवल रेट से करीब ढाई हजार रुपये कम दर्ज की जा रही है। इसलिए आपने जल्द खरीदारी नहीं की तो फिर नुकासन भी उठाना पड़ सकता है। सर्राफा विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में सोने की कीमत में काफी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती हैं, जिससे पहले तुरंत खरीदारी कर लें। एक बार फिर मार्केट में सोना सोना तीन सौ पचपन रुपयापये प्रति दस ग्राम के हिसाब से घटकर उनसठ हज़ार दो सौ सत्ताईस रुपयापये प्रति दस ग्राम पर दर्ज किया गया। बीते कारोबारी दिन गोल्ड छः सौ अड़तालीस रुपयापये प्रति दस ग्राम की दर से बढ़कर उनसठ हज़ार पाँच सौ बयासी रुपयापये प्रति तोला बिकता नजर आया। घर में चचा, भाई या बहन की शादी है तो फिर सोना फटाफट खरीद लें, क्योंकि कीमत इस समय गिरी हुई चल रही है। इससे पहले आप कैरेट का हिसाब जरूरी जान लें। आपने खरीदारी का मौका हाथ से निकाला तो फिर अफसोस करना होगा। मार्केट में चौबीस कैरेट वाला गोल्ड उनसठ हज़ार दो सौ सत्ताईस रुपयापये प्रति दस ग्राम पर दर्ज किया गया। इसके साथ ही तेईस कैरेट अट्ठावन हज़ार नौ सौ नब्बे रुपयापये रहा। बाईस कैरेट वाला चौवन हज़ार दो सौ बावन रुपयापये दर्ज किया गया। अट्ठारह कैरेट वाला चौंतालीस हज़ार चार सौ बीस रुपयापये और चौदह कैरेट वाला चौंतीस हज़ार छः सौ अड़तालीस रुपयापये प्रति दस ग्राम पर देखने को मिला। इसलिए जरूरी है कि आप जल्द ही सोना खरीदकर पैसों की बचत कर सकते हैं, जो आपके लिए सुनहरा मौका है। मार्केट में ऐसे मौके बार-बार नहीं आते हैं। मार्केट में खरीदारी करने से पहले आप सोने का रेट जान सकते हैं, जो बहुत ही बढ़िया अवसर है। इसके लिए आपको कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा। गोल्ड जूलरी के खुदरा रेट जानने के लिए आठ नौ पाँच पाँच छः छः चार चार तीन तीन पर मिस्ड कॉल देने की जरूरत होगी। कुछ ही देर में एसएमएस के जरिए रेट्स की जानकारी मिल जाएगी। इसके साथ ही लगातार अपडेट्स की जानकारी के लिए www.ibja.co या ibjarates.com पर देख सकते हैं।
नई दिल्ली। सनराइजर्स हैदराबाद के ऑलराउंडर मोइजेस हैनरिक्स ने कहा कि युवराज सिंह द्वारा दौड़कर पुणे सुपरजायंट्स के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी को रनआउट करना मैच का सबसे अहम टर्निंग पाइंट रहा। 137 रन बनाने के बावजूद सनराइजर्स ने मंगलवार को इस लो स्कोरिंग मैच में 4 रन से जीत दर्ज की। हैनरिक्स ने कहा कि डेथ ओवर में बल्लेबाजों के हिसाब से सही फील्डिंग परिवर्तन करना और अपनी रणनीति से बल्लेबाजों को सोचने के लिए मजबूर करना तथा युवराज सिंह की जागरूकता के चलते हुए रनआउट की वजह से उनकी टीम इस लो-स्कोरिंग मैच में जीत दर्ज कर पाई। पुणे को जीत के लिए 3 ओवरों में 37 रन चाहिए थे, जिसे धौनी और परेरा अंतिम ओवर में 14 रनों तक ले आए थे। आशीष नेहरा ने जबर्दस्त अंतिम ओवर डालकर पुणे की उम्मीदों पर पानी फेर दिया, लेकिन हैनरिक्स के अनुसार युवी के अनुभव और चतुराई ने सनराइजर्स को विजयी बनाया। हैनरिक्स के अनुसार मैच का टर्निंग पाइंट अंतिम ओवर में धौनी का रन आउट रहा। यदि धौनी रन आउट नहीं हुए होते तो स्ट्राइक उनके ही पास होती और ऐसी स्थिति में बड़ा शॉट लगाने में उन्हें महारत हासिल है और वे अपनी टीम को मैच में जीत दिला सकते थे।
नई दिल्ली। सनराइजर्स हैदराबाद के ऑलराउंडर मोइजेस हैनरिक्स ने कहा कि युवराज सिंह द्वारा दौड़कर पुणे सुपरजायंट्स के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी को रनआउट करना मैच का सबसे अहम टर्निंग पाइंट रहा। एक सौ सैंतीस रन बनाने के बावजूद सनराइजर्स ने मंगलवार को इस लो स्कोरिंग मैच में चार रन से जीत दर्ज की। हैनरिक्स ने कहा कि डेथ ओवर में बल्लेबाजों के हिसाब से सही फील्डिंग परिवर्तन करना और अपनी रणनीति से बल्लेबाजों को सोचने के लिए मजबूर करना तथा युवराज सिंह की जागरूकता के चलते हुए रनआउट की वजह से उनकी टीम इस लो-स्कोरिंग मैच में जीत दर्ज कर पाई। पुणे को जीत के लिए तीन ओवरों में सैंतीस रन चाहिए थे, जिसे धौनी और परेरा अंतिम ओवर में चौदह रनों तक ले आए थे। आशीष नेहरा ने जबर्दस्त अंतिम ओवर डालकर पुणे की उम्मीदों पर पानी फेर दिया, लेकिन हैनरिक्स के अनुसार युवी के अनुभव और चतुराई ने सनराइजर्स को विजयी बनाया। हैनरिक्स के अनुसार मैच का टर्निंग पाइंट अंतिम ओवर में धौनी का रन आउट रहा। यदि धौनी रन आउट नहीं हुए होते तो स्ट्राइक उनके ही पास होती और ऐसी स्थिति में बड़ा शॉट लगाने में उन्हें महारत हासिल है और वे अपनी टीम को मैच में जीत दिला सकते थे।
अधिक हैं । डाक्टर, पत्र सम्पादक, सालिसिटर, यूनीवर्सिटी के अध्या पकगण, शिल्पकार, दाँत बनानवाले इत्यादि मव्य-श्रेणी के तमाम पेशो के जितने आदमी अनुदार पार्लिमेटी दल मे मौजूद हैं उनकी कुल संख्या मिलाकर भी अकेली बीमा कंपनियों के आदमियो की सख्या से विशेष अधिक नहीं होती । किंतु मध्यश्रेणी की ऊपर जो सख्याएँ दी गयी हैं वे वास्तविक से कुछ अधिक ही हैं, कारण कि उनमें बहुत से ऐसे डाक्टर भी शामिल कर लिये गये हैं जो डाक्टरों नहीं करते । पत्र-सम्पादक और सालिसिटर लोगों में भी कितने ही कम्पनी डायरेक्टर हो गये हैं । इनके अतिरिक्त १२ एजीनियर भी है जो अब कम्पनियों के डायरेक्टर हो गये हैं और इसलिए उनके नाम नहीं शामिल किये गये । किंतु फिर भी मध्यश्रेणी का प्रतिनिधित्व अनुदार दल में कुछ कम नहीं कहा जा सकता । वास्तव मे कम्पनी डायरेक्टरों, भूतपूर्व सैनिको, बैरिस्टरों, भूतपूर्वं राजकर्मचारियों, जमीदारो इत्यादि का प्रतिनिधित्व अपेक्षाकृत उसमे इतना अधिक हैं कि उनके मुकाबले मे मध्यश्रेणी का प्रतिनिधित्व बहुत कम जान पड़ता है । मध्यश्रेणी के पेशेवर लोग इग्लिस्तान के विशेषज्ञवर्ग कहे जा सकते हैं, किंतु अनुदार दल में धनिकों के प्रतिनिधित्व का महत्व कायम रखने के लिए इन विशेषज्ञों के प्रतिनिधित्व को बिल्कुल दबा दिया जाता है । इससे भी अधिक एक और उल्लेखनीय बात यह है कि जहाँ अनुदार पार्लिमेटी सदस्यों में मजदूर मालिकों की संख्या इतनी अधिकता के साथ मौजूद है वहाँ मजदूरवर्ग का एक भी प्रतिनिधि नही दिखाई देता । वृटिश द्वीप की कुल जनसंख्या मे ६० प्रतिशत से भी अधिक लोग ऐसे हैं, जो किसी न किसी प्रकार की नौकरी करके अपनी जीविका चलाते हैं । इनमें श्रमिक, दफ़रों में काम करने वाले, सेल्समैन, कारखानों के फोरमैन, सुपरिन्टेन्डेन्ट भिन्न-भिन्न प्रकार के विशेषज्ञ
अधिक हैं । डाक्टर, पत्र सम्पादक, सालिसिटर, यूनीवर्सिटी के अध्या पकगण, शिल्पकार, दाँत बनानवाले इत्यादि मव्य-श्रेणी के तमाम पेशो के जितने आदमी अनुदार पार्लिमेटी दल मे मौजूद हैं उनकी कुल संख्या मिलाकर भी अकेली बीमा कंपनियों के आदमियो की सख्या से विशेष अधिक नहीं होती । किंतु मध्यश्रेणी की ऊपर जो सख्याएँ दी गयी हैं वे वास्तविक से कुछ अधिक ही हैं, कारण कि उनमें बहुत से ऐसे डाक्टर भी शामिल कर लिये गये हैं जो डाक्टरों नहीं करते । पत्र-सम्पादक और सालिसिटर लोगों में भी कितने ही कम्पनी डायरेक्टर हो गये हैं । इनके अतिरिक्त बारह एजीनियर भी है जो अब कम्पनियों के डायरेक्टर हो गये हैं और इसलिए उनके नाम नहीं शामिल किये गये । किंतु फिर भी मध्यश्रेणी का प्रतिनिधित्व अनुदार दल में कुछ कम नहीं कहा जा सकता । वास्तव मे कम्पनी डायरेक्टरों, भूतपूर्व सैनिको, बैरिस्टरों, भूतपूर्वं राजकर्मचारियों, जमीदारो इत्यादि का प्रतिनिधित्व अपेक्षाकृत उसमे इतना अधिक हैं कि उनके मुकाबले मे मध्यश्रेणी का प्रतिनिधित्व बहुत कम जान पड़ता है । मध्यश्रेणी के पेशेवर लोग इग्लिस्तान के विशेषज्ञवर्ग कहे जा सकते हैं, किंतु अनुदार दल में धनिकों के प्रतिनिधित्व का महत्व कायम रखने के लिए इन विशेषज्ञों के प्रतिनिधित्व को बिल्कुल दबा दिया जाता है । इससे भी अधिक एक और उल्लेखनीय बात यह है कि जहाँ अनुदार पार्लिमेटी सदस्यों में मजदूर मालिकों की संख्या इतनी अधिकता के साथ मौजूद है वहाँ मजदूरवर्ग का एक भी प्रतिनिधि नही दिखाई देता । वृटिश द्वीप की कुल जनसंख्या मे साठ प्रतिशत से भी अधिक लोग ऐसे हैं, जो किसी न किसी प्रकार की नौकरी करके अपनी जीविका चलाते हैं । इनमें श्रमिक, दफ़रों में काम करने वाले, सेल्समैन, कारखानों के फोरमैन, सुपरिन्टेन्डेन्ट भिन्न-भिन्न प्रकार के विशेषज्ञ
हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित सरकारी अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। अस्पताल में अनियमितताएं पाए जाने पर उन्हें दूर करने के निर्देश भी दिये। बता दें कि गुप्ता अस्पताल में अपने किसी जानकार का हालचाल जानने पहुंचे थे। इसी दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड और ओपीडी का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ बीजेपी जिला अध्यक्ष अजय शर्मा भी मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष ने पाया कि इमरजेंसी वार्ड में महिला व पुरूष शौचालयों में साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं थी, जिस कारण वहां मरीजों व उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए उन्होंने वहां पर जिम्मेदार अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि शौचालयों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाये। This website follows the DNPA Code of Ethics.
हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने पंचकूला के सेक्टर-छः स्थित सरकारी अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। अस्पताल में अनियमितताएं पाए जाने पर उन्हें दूर करने के निर्देश भी दिये। बता दें कि गुप्ता अस्पताल में अपने किसी जानकार का हालचाल जानने पहुंचे थे। इसी दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड और ओपीडी का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ बीजेपी जिला अध्यक्ष अजय शर्मा भी मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष ने पाया कि इमरजेंसी वार्ड में महिला व पुरूष शौचालयों में साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं थी, जिस कारण वहां मरीजों व उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए उन्होंने वहां पर जिम्मेदार अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि शौचालयों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाये। This website follows the DNPA Code of Ethics.
जयपुर : राजस्थान में बजरी की समस्या के मद्देनजर लोगों को बजरी सस्ती दरों पर सुगमता से उपलब्ध कराने के लिए इसके लघु खनन पट्टे दिये जायेंगे। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने आज यहां विधानसभा में वर्ष 2018-19 बजट भाषण में यह घोषणा की। श्रीमती राजे ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2012-13 में खनिज बजरी के हजारों हेक्टेयर क्षेत्रफल के एकल खनन पट्टे दिये जाने से पर्यावरण क्लीरियंस समय पर प्राप्त नहीं होने से बजरी खनन बंद हो गया और इस कारण बजरी के दाम बढ़ने से लोगों को बजरी की परेशानी का सामना करना पड़। इसके मद्देनजर अब सस्ती दरों एवं सुगमता से बजरी उपलब्ध कराने के लिए इसके लघु खनन पट्टे दिये जायेंगे। उन्होंने कहा कि इससे नीलामी में अधिक से अधिक बोलीदाताओं की भागदारी सुनिश्चित होगी तथा पर्यावरण क्लीरियंस समय पर होने से खनन भी सुचारु रुप से होगा और स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। उन्होंने प्रदेश में खातेदारी भूमि में चार हेक्टेयर क्षेत्रफल तक की माइनर मिनरल की खनिज रियायतें नीलामी से न दी जाकर प्रीमियम राशि तय कर संबंधित खातेदार को आवंटित किये जाने की घोषणा की। इसी तरह प्रदेश में खनिजों के खनन के दौरान निकलने वाले मलबा के उपयोग पर वसूले जाने वाले दस रुपए प्रतिटन की दर से स्पेशल परमिट शुल्क को समाप्त करने की घोषणा की गई। श्रीमती राजे ने नागौर जिले में मकराना के बोरावड़ क्षेत्र की कुमारी पत्थर की खानों में मार्बल के खनन के दौरान मलबे के रुप में निकलने वाले खण्डों के उत्पादन पर ली जाने वाली रॉयल्टी को समाप्त करने की घोषणा भी की। हमारी मुख्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें।
जयपुर : राजस्थान में बजरी की समस्या के मद्देनजर लोगों को बजरी सस्ती दरों पर सुगमता से उपलब्ध कराने के लिए इसके लघु खनन पट्टे दिये जायेंगे। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने आज यहां विधानसभा में वर्ष दो हज़ार अट्ठारह-उन्नीस बजट भाषण में यह घोषणा की। श्रीमती राजे ने कहा कि प्रदेश में वर्ष दो हज़ार बारह-तेरह में खनिज बजरी के हजारों हेक्टेयर क्षेत्रफल के एकल खनन पट्टे दिये जाने से पर्यावरण क्लीरियंस समय पर प्राप्त नहीं होने से बजरी खनन बंद हो गया और इस कारण बजरी के दाम बढ़ने से लोगों को बजरी की परेशानी का सामना करना पड़। इसके मद्देनजर अब सस्ती दरों एवं सुगमता से बजरी उपलब्ध कराने के लिए इसके लघु खनन पट्टे दिये जायेंगे। उन्होंने कहा कि इससे नीलामी में अधिक से अधिक बोलीदाताओं की भागदारी सुनिश्चित होगी तथा पर्यावरण क्लीरियंस समय पर होने से खनन भी सुचारु रुप से होगा और स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। उन्होंने प्रदेश में खातेदारी भूमि में चार हेक्टेयर क्षेत्रफल तक की माइनर मिनरल की खनिज रियायतें नीलामी से न दी जाकर प्रीमियम राशि तय कर संबंधित खातेदार को आवंटित किये जाने की घोषणा की। इसी तरह प्रदेश में खनिजों के खनन के दौरान निकलने वाले मलबा के उपयोग पर वसूले जाने वाले दस रुपए प्रतिटन की दर से स्पेशल परमिट शुल्क को समाप्त करने की घोषणा की गई। श्रीमती राजे ने नागौर जिले में मकराना के बोरावड़ क्षेत्र की कुमारी पत्थर की खानों में मार्बल के खनन के दौरान मलबे के रुप में निकलने वाले खण्डों के उत्पादन पर ली जाने वाली रॉयल्टी को समाप्त करने की घोषणा भी की। हमारी मुख्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें।
लखनऊ, समाजवादी पार्टी अगस्त क्रांति दिवस को देश बचाओ-देश बनाओ दिवस के रूप में मनायेगी। सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने आज यहां जारी बयान में कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार की जनविरोधी एवं सांप्रदायिक राजनीति के विरूद्ध सपा नौ अगस्त को जिला मुख्यालयों पर पूरे प्रदेश में जनसभा आयोजित करेगी । जनसभा कर सपा लोगों को बतायेगी जिस तरह भाजपा सरकार अलोकतांत्रिक तौर-तरीके से असहमति की आवाज को दबा रही है। भाजपा राज में किसान तबाह है और महिलायें असुरक्षित हैं। छात्रों, नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। अगस्त क्रांति दिवस पर जनता की आवाज पुरजोर ढंग से उठाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इसी दिन सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव फैजाबाद में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर हिस्सा लेंगे। अखिलेश यादव स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व विधायक राजबली यादव की पुण्यतिथि पर आयोजित सम्मेलन एवं प्रतिमा का अनावरण राजबली स्मारक पब्लिक इंटर कालेजए मड़ना, पूरा बाजार, जिला फैजाबाद में करेंगे। इससे पूर्व अखिलेश यादव चार अगस्त को उन्नाव जिले के ग्राम अटवा नवाँय, थाना पुरवा में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री उमाशंकर चौधरी के निधनोपरांत उनके परिवार से संवेदना प्रकट करने जाएंगे। अखिलेश यादव पांच अगस्त को समाजवादी पार्टी की मजबूती में आजीवन समर्पित रहने वाले अग्रिम पंक्ति के समाजवादी योद्धा श्छोटे लोहिया जनेश्वर मिश्र के जन्मदिन पर जनेश्वर पार्क, गोमतीनगर लखनऊ में जनेश्वर मिश्र की मूर्ति पर माल्यापर्ण कर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे।
लखनऊ, समाजवादी पार्टी अगस्त क्रांति दिवस को देश बचाओ-देश बनाओ दिवस के रूप में मनायेगी। सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने आज यहां जारी बयान में कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार की जनविरोधी एवं सांप्रदायिक राजनीति के विरूद्ध सपा नौ अगस्त को जिला मुख्यालयों पर पूरे प्रदेश में जनसभा आयोजित करेगी । जनसभा कर सपा लोगों को बतायेगी जिस तरह भाजपा सरकार अलोकतांत्रिक तौर-तरीके से असहमति की आवाज को दबा रही है। भाजपा राज में किसान तबाह है और महिलायें असुरक्षित हैं। छात्रों, नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। अगस्त क्रांति दिवस पर जनता की आवाज पुरजोर ढंग से उठाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इसी दिन सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव फैजाबाद में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर हिस्सा लेंगे। अखिलेश यादव स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व विधायक राजबली यादव की पुण्यतिथि पर आयोजित सम्मेलन एवं प्रतिमा का अनावरण राजबली स्मारक पब्लिक इंटर कालेजए मड़ना, पूरा बाजार, जिला फैजाबाद में करेंगे। इससे पूर्व अखिलेश यादव चार अगस्त को उन्नाव जिले के ग्राम अटवा नवाँय, थाना पुरवा में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री उमाशंकर चौधरी के निधनोपरांत उनके परिवार से संवेदना प्रकट करने जाएंगे। अखिलेश यादव पांच अगस्त को समाजवादी पार्टी की मजबूती में आजीवन समर्पित रहने वाले अग्रिम पंक्ति के समाजवादी योद्धा श्छोटे लोहिया जनेश्वर मिश्र के जन्मदिन पर जनेश्वर पार्क, गोमतीनगर लखनऊ में जनेश्वर मिश्र की मूर्ति पर माल्यापर्ण कर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे।
इससे कोविड-19 के खिलाफ हमारी लड़ाई कमजोर हो सकती है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एलोपैथी दवाओं ने करोड़ों लोगों का जीवन बचाया है और यह टिप्पणी 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' है कि इससे लाखों लोगों की जान गई है। हलांकि, हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ ने इन टिप्पणियोंका खंडन करते हुए उन्हें 'गलत' करार दिया है। हर्षवर्धन ने रामदेव को पत्र लिखकर उनसे एलोपैथी के बारे में दिये गए बयान को वापस लेने के लिये कहा। उन्होंने कहा, आपका बयान कोरोना योद्धाओं का अनादर और देश की भावनाओं के आहत करता है। एलोपैथी पर आपका बयान स्वास्थ्यकर्मियों का मनोबल तोड़ सकता है। इससे कोविड-19 के खिलाफ हमारी लड़ाई कमजोर हो सकती है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एलोपैथी दवाओं ने करोड़ों लोगों का जीवन बचाया है और यह टिप्पणी 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' है कि इससे लाखों लोगों की जान गई है। Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
इससे कोविड-उन्नीस के खिलाफ हमारी लड़ाई कमजोर हो सकती है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एलोपैथी दवाओं ने करोड़ों लोगों का जीवन बचाया है और यह टिप्पणी 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' है कि इससे लाखों लोगों की जान गई है। हलांकि, हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ ने इन टिप्पणियोंका खंडन करते हुए उन्हें 'गलत' करार दिया है। हर्षवर्धन ने रामदेव को पत्र लिखकर उनसे एलोपैथी के बारे में दिये गए बयान को वापस लेने के लिये कहा। उन्होंने कहा, आपका बयान कोरोना योद्धाओं का अनादर और देश की भावनाओं के आहत करता है। एलोपैथी पर आपका बयान स्वास्थ्यकर्मियों का मनोबल तोड़ सकता है। इससे कोविड-उन्नीस के खिलाफ हमारी लड़ाई कमजोर हो सकती है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एलोपैथी दवाओं ने करोड़ों लोगों का जीवन बचाया है और यह टिप्पणी 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' है कि इससे लाखों लोगों की जान गई है। Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
श्याम सेवादार परिवार ट्रस्ट द्वारा बाबा श्याम का भव्य दरबार लगने जा रहा है जिसमें कार्यक्रम संयोजक अंशुल अग्रवाल एवं मंडल अध्यक्ष विष्णु शर्मा ने बताया की 8 अप्रैल को बाबा श्याम का भव्य संकीर्तन का आयोजन फिरोजाबाद क्लब में होगा। क्लब में बाबा के छप्पन भोग, अखंड ज्योत, फूल बंगला, बाबा का भव्य दरबार, अलौकिक श्रृंगार एवं इत्र वर्षा एवं खाटू धाम से आए हुए बाबा के शीश के दर्शन होंगे। भजन सम्राट संजय मित्तल कोलकाता से आएंगे। आगरा से बंसी वर्मा, राजा पुरोहित, फिरोजाबाद से अंशुल अग्रवाल बाबा के भजनों का गुणगान करेंगे। विष्णु शर्मा, अंशुल अग्रवाल, अभिषेक गोयल, अरुण श्रीवास्तव, कन्हैया बंसल, निखिल मित्तल, विकास मित्तल, शिवम अग्रवाल, अर्पित सिंह चौहान, सीटू भाई, अभिषेक मित्तल एवं आरती अग्रवाल आदि ने जानकारी दी है।
श्याम सेवादार परिवार ट्रस्ट द्वारा बाबा श्याम का भव्य दरबार लगने जा रहा है जिसमें कार्यक्रम संयोजक अंशुल अग्रवाल एवं मंडल अध्यक्ष विष्णु शर्मा ने बताया की आठ अप्रैल को बाबा श्याम का भव्य संकीर्तन का आयोजन फिरोजाबाद क्लब में होगा। क्लब में बाबा के छप्पन भोग, अखंड ज्योत, फूल बंगला, बाबा का भव्य दरबार, अलौकिक श्रृंगार एवं इत्र वर्षा एवं खाटू धाम से आए हुए बाबा के शीश के दर्शन होंगे। भजन सम्राट संजय मित्तल कोलकाता से आएंगे। आगरा से बंसी वर्मा, राजा पुरोहित, फिरोजाबाद से अंशुल अग्रवाल बाबा के भजनों का गुणगान करेंगे। विष्णु शर्मा, अंशुल अग्रवाल, अभिषेक गोयल, अरुण श्रीवास्तव, कन्हैया बंसल, निखिल मित्तल, विकास मित्तल, शिवम अग्रवाल, अर्पित सिंह चौहान, सीटू भाई, अभिषेक मित्तल एवं आरती अग्रवाल आदि ने जानकारी दी है।
दिल्लीः दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वृत्तचित्र 'द एलिफेंट व्हिस्परर्स' और फिल्म 'आरआरआर' के ऑस्कर जीतने पर सोमवार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह हर भारतीय के लिए गर्व का पल है। भारतीय फिल्म 'आरआरआर' के तेलुगु गीत 'नाटु नाटु' ने 95वें अकादमी पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ मूल (ओरिजनल) गीत की श्रेणी में ऑस्कर जीत कर इतिहास रच दिया है। तेलुगु गीत 'नाटु नाटु' के संगीतकार एमएम कीरावानी हैं। गीतकार चंद्रबोस ने इसके बोल लिखे हैं। इसे आवाज काल भैरव और राहुल सिप्लीगुंज ने दी है। 'नाटु नाटु' का मतलब होता है 'नाचना'। केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि भारतीय फिल्म जगत के साथ साथ पूरे देश के लिए यह गर्व का पल है। अपने शानदार गाने के लिए ऑस्कर अवॉर्ड जीतने पर फिल्म 'आरआरआर' की पूरी टीम को बधाई। कार्तिकी गोंजाल्विस द्वारा निर्देशित तमिल भाषा के वृत्तचित्र 'द एलिफेंट व्हिस्परर्स' ने 'डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट सब्जेक्ट' श्रेणी में भारत के लिए पहला ऑस्कर जीता। केजरीवाल ने कहा कि 'द एलिफेंट व्हिस्परर्स' की पूरी टीम को ऑस्कर जीतने के लिए बेहद बधाई। आप सभी ने हर एक भारतीय को गौरवान्वित किया है।
दिल्लीः दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वृत्तचित्र 'द एलिफेंट व्हिस्परर्स' और फिल्म 'आरआरआर' के ऑस्कर जीतने पर सोमवार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह हर भारतीय के लिए गर्व का पल है। भारतीय फिल्म 'आरआरआर' के तेलुगु गीत 'नाटु नाटु' ने पचानवेवें अकादमी पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ मूल गीत की श्रेणी में ऑस्कर जीत कर इतिहास रच दिया है। तेलुगु गीत 'नाटु नाटु' के संगीतकार एमएम कीरावानी हैं। गीतकार चंद्रबोस ने इसके बोल लिखे हैं। इसे आवाज काल भैरव और राहुल सिप्लीगुंज ने दी है। 'नाटु नाटु' का मतलब होता है 'नाचना'। केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि भारतीय फिल्म जगत के साथ साथ पूरे देश के लिए यह गर्व का पल है। अपने शानदार गाने के लिए ऑस्कर अवॉर्ड जीतने पर फिल्म 'आरआरआर' की पूरी टीम को बधाई। कार्तिकी गोंजाल्विस द्वारा निर्देशित तमिल भाषा के वृत्तचित्र 'द एलिफेंट व्हिस्परर्स' ने 'डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट सब्जेक्ट' श्रेणी में भारत के लिए पहला ऑस्कर जीता। केजरीवाल ने कहा कि 'द एलिफेंट व्हिस्परर्स' की पूरी टीम को ऑस्कर जीतने के लिए बेहद बधाई। आप सभी ने हर एक भारतीय को गौरवान्वित किया है।
सोची - केर्च। कैसे क्रीमिया के काकेशस से प्राप्त करने के लिए? यहां तक कि पिछले साल maloaktualnym मार्ग सोची-कर्च के बारे में एक सवाल था। कैसे समुद्र के द्वारा की तुलना में, एक से दूसरे बंदरगाह से प्राप्त करने के लिए अन्य? उनके अनुसार, कार्यक्रम के अनुसार, यात्री जहाजों cruised, लेकिन बहुत ही जीवंत है, इस मार्ग असंभव बुलाया गया था। समान रूप से आसान भूमि से इस दूरी को दूर करने, कर्च जलसंयोगी भर में एक नौका को पार। इस वर्ष के वसंत की क्रांतिकारी घटनाओं मौलिक प्रायद्वीप पर और उसके चारों ओर स्थिति बदल गई। समस्याओं का एक बहुत में रूस क्रीमिया के शामिल किए जाने के बाद। अन्य बातों के अलावा, यह समुद्री यात्री लाइन याद करने के लिए जरूरी हो गया था "सोची-कर्च। " कैसे वहाँ जितनी जल्दी हो सके पर कोकेशियान तट से प्राप्त करने के लिए क्रीमिया प्रायद्वीप, यह जो लोग क्रीमिया के लिए भेजा आराम के लिए दिलचस्प हो गया है। विशेष रूप से प्रासंगिक इस सवाल का इस तरह के माध्यम से हवा करने के लिए यूक्रेन अस्थिर और महंगी उड़ान रेल द्वारा क्रीमिया के लिए यात्रा की कठिनाई जैसे कारकों से किया था। एक साधारण आंकड़े बताते हैं कि पर्यटकों के बहुमत रेल द्वारा Perekop भू-संधि के माध्यम से क्रीमिया प्रायद्वीप पर पिछले वर्षों में आ गया है। और Crimea में पर्यटकों के आने से बहुत अधिक की तुलना में वे यह कर रहे हैं में दिलचस्पी थी। कर्च जलसंयोगी भर में नौका संचालन में के रूप में जल्दी 1956 के रूप में रखा गया था। यह सफलतापूर्वक समुद्र तट और जोड़ती है वर्तमान दिन के लिए। लेकिन से मौजूदा नौका सेवा Kavkaz के बंदरगाह केर्च में भी लंबे समय तक अप्रैल 2014 में यात्रियों के प्रवाह के साथ सामना। कर्च जलसंयोगी के तट पर कारों, यात्रियों को क्रीमिया तट पर प्राप्त करने के लिए इच्छा की एक लंबी कतार का गठन किया। Kavkaz के बंदरगाह पर नौका पर लोड करने के लिए प्रतीक्षा करें अब एक दिन से अधिक के लिए खातों। इस प्रकार, पिछले क्रीमिया सोची-केर्च को काकेशस से रास्ते से भाग में आसानी से जीतने योग्य (अंतिम बिंदुओं के बीच की दूरी है जो केवल कुछ 127 किलोमीटर की), यह बहुत समस्याग्रस्त हो गया है। स्थिति तथ्य यह है कि यह पहले से पता करने के लिए कितना समय को पार करने पर लाइन में खर्च करना होगा असंभव है द्वारा जटिल है। क्या यह है कि इस तरह एक साहसिक पूरे गर्मी की छुट्टी जहर को गंभीर तरह से हो सकता है कहने के लिए आवश्यक है? क्या करें? की तकनीकी क्षमताओं नौका बंदरगाह कर्च जलसंयोगी में समाप्त हो चुकी है। मूलरूप स्थिति नई नौका धन की भी तत्काल कमीशन को बदलने में नाकाम रही है। यह तत्काल वैकल्पिक समाधान की तलाश के लिए करने के लिए परिवहन समस्या उत्पन्न हो गई है जरूरी हो गया था। विशेष रूप से, हम लंबे समय से चली यात्री लाइन सोची-केर्च याद। कैसे प्राप्त करने के लिए क्रीमिया के लिए नौका? मैं संकीर्ण कर्च जलसंयोगी में एक क्रश बनाने के लिए यह करने के लिए है? बेशक नहीं। विशेष रूप से है कि बहुत अच्छी तरह से सुसज्जित यात्री टर्मिनल के पास। देर से मार्च में वापस, सफलतापूर्वक तकनीकी परीक्षण पारित किया है, और अप्रैल में एक लाइन केर्च Anapa में इसी तरह के दो गति कटमरैन पोत पर वाणिज्यिक परिचालन में चला गया। "सोची-1" और "सोची-2" - वे भी लगभग एक ही होने के लिए कहा जाता है। तीन सौ लोगों की एक पूरी लोड के साथ, यात्रा समय लगभग तीन घंटे है। यह नौका लाइन केर्च सोची, अनुसूची जिनमें से उन सभी जो क्रीमिया में एक छुट्टी बिताने का फैसला किया के रिसॉर्ट के लिए समय पर आगमन की गारंटी प्रदान करेगा के दीर्घकालिक कामकाज में स्थिरता प्रदान करता है। टिकट की कीमत एक हजार रूबल है। कारण परिवहन की समस्या, अचानक गर्मी पर्यटन के मौसम से पहले पैदा हुई सुलझाने में एक गंभीर कदम आगे है। निकट भविष्य में में सोची से अन्य नौका लाइनों होना चाहिए क्रीमिया बंदरगाह प्रायद्वीप के। Feodosia, याल्टा और सेवस्तोपोल की दिशा में सबसे पहले। यह भी सोची और याल्टा बीच के मार्ग पर पदों की एक होनहार विस्तार माना जाता है। उपायों क्रीमिया प्रायद्वीप के साथ संचार का विकल्प लाइनों में नाटकीय रूप से कर्च जलसंयोगी में नौका को राहत देने और इसके संचालन को स्थिर है प्रदान करने के लिए ले जाया गया। आज भी, पर्यटकों क्रीमिया में छुट्टी पर जा रहा है, मार्ग केर्च सोची साथ वापसी यात्रा एक कम दर पर के लिए बस टिकट प्रदान करता है। और अभी भी प्रासंगिक जो लोग अपने खुद के कार के पहिये के क्रीमिया के लिए यात्रा करना पसंद के लिए केर्च नौका सेवा रहेगा। वर्तमान में, कर्च स्ट्रेट के पार पुल की एक परियोजना। आपरेशन में यह शुरू करने, और यह पांच साल के बाद बहुत ही बेहतरीन मामले में क्या होगा के बाद, यह एक घंटे और एक आधे मार्ग सोची-केर्च काबू पाने के लिए किया जाएगा। "Crimea करने के लिए हो रही है, और कैसे वापस पाने के लिए? " - आप की वजह से अधिक से अधिक एक स्पष्ट जवाब के लिए नहीं पूछ सकते हैं। अन्य सभी विकल्प, पुल के अलावा, माध्यमिक की गहरी धारा में आगे जाने के लिए और केवल नौका विहार के प्रेमियों की रुचि के लिए किया जाएगा। यात्रियों की एक मुख्य प्रवाह क्रीमिया में ले जाया जाएगा और वापस सड़क परिवहन करने के लिए। लेकिन कर्च स्ट्रेट के पार पुल के रूप में एक ऐसी महत्वाकांक्षी परियोजना की प्राप्ति, काफी कठिनाइयों, दोनों तकनीकी और आर्थिक के साथ जुड़ा हुआ है। निर्माणाधीन इमारतों के पैमाने कल्पना करने के लिए, यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि पुल जहाजों के लिए बाधाओं को नहीं बनाना चाहिए, आज़ोव और वापस के सागर की दिशा में निम्नलिखित पर्याप्त है। अन्य बातों के अलावा, कर्च स्ट्रेट करने के लिए मजबूत धाराओं की विशेषता है और वहाँ अक्सर है सर्दियों में एक मुश्किल बर्फ की स्थिति। सारांश में, उम्मीद नहीं है कि स्ट्रेट के पार पुल बहुत जल्दी बनाया जाएगा।
सोची - केर्च। कैसे क्रीमिया के काकेशस से प्राप्त करने के लिए? यहां तक कि पिछले साल maloaktualnym मार्ग सोची-कर्च के बारे में एक सवाल था। कैसे समुद्र के द्वारा की तुलना में, एक से दूसरे बंदरगाह से प्राप्त करने के लिए अन्य? उनके अनुसार, कार्यक्रम के अनुसार, यात्री जहाजों cruised, लेकिन बहुत ही जीवंत है, इस मार्ग असंभव बुलाया गया था। समान रूप से आसान भूमि से इस दूरी को दूर करने, कर्च जलसंयोगी भर में एक नौका को पार। इस वर्ष के वसंत की क्रांतिकारी घटनाओं मौलिक प्रायद्वीप पर और उसके चारों ओर स्थिति बदल गई। समस्याओं का एक बहुत में रूस क्रीमिया के शामिल किए जाने के बाद। अन्य बातों के अलावा, यह समुद्री यात्री लाइन याद करने के लिए जरूरी हो गया था "सोची-कर्च। " कैसे वहाँ जितनी जल्दी हो सके पर कोकेशियान तट से प्राप्त करने के लिए क्रीमिया प्रायद्वीप, यह जो लोग क्रीमिया के लिए भेजा आराम के लिए दिलचस्प हो गया है। विशेष रूप से प्रासंगिक इस सवाल का इस तरह के माध्यम से हवा करने के लिए यूक्रेन अस्थिर और महंगी उड़ान रेल द्वारा क्रीमिया के लिए यात्रा की कठिनाई जैसे कारकों से किया था। एक साधारण आंकड़े बताते हैं कि पर्यटकों के बहुमत रेल द्वारा Perekop भू-संधि के माध्यम से क्रीमिया प्रायद्वीप पर पिछले वर्षों में आ गया है। और Crimea में पर्यटकों के आने से बहुत अधिक की तुलना में वे यह कर रहे हैं में दिलचस्पी थी। कर्च जलसंयोगी भर में नौका संचालन में के रूप में जल्दी एक हज़ार नौ सौ छप्पन के रूप में रखा गया था। यह सफलतापूर्वक समुद्र तट और जोड़ती है वर्तमान दिन के लिए। लेकिन से मौजूदा नौका सेवा Kavkaz के बंदरगाह केर्च में भी लंबे समय तक अप्रैल दो हज़ार चौदह में यात्रियों के प्रवाह के साथ सामना। कर्च जलसंयोगी के तट पर कारों, यात्रियों को क्रीमिया तट पर प्राप्त करने के लिए इच्छा की एक लंबी कतार का गठन किया। Kavkaz के बंदरगाह पर नौका पर लोड करने के लिए प्रतीक्षा करें अब एक दिन से अधिक के लिए खातों। इस प्रकार, पिछले क्रीमिया सोची-केर्च को काकेशस से रास्ते से भाग में आसानी से जीतने योग्य , यह बहुत समस्याग्रस्त हो गया है। स्थिति तथ्य यह है कि यह पहले से पता करने के लिए कितना समय को पार करने पर लाइन में खर्च करना होगा असंभव है द्वारा जटिल है। क्या यह है कि इस तरह एक साहसिक पूरे गर्मी की छुट्टी जहर को गंभीर तरह से हो सकता है कहने के लिए आवश्यक है? क्या करें? की तकनीकी क्षमताओं नौका बंदरगाह कर्च जलसंयोगी में समाप्त हो चुकी है। मूलरूप स्थिति नई नौका धन की भी तत्काल कमीशन को बदलने में नाकाम रही है। यह तत्काल वैकल्पिक समाधान की तलाश के लिए करने के लिए परिवहन समस्या उत्पन्न हो गई है जरूरी हो गया था। विशेष रूप से, हम लंबे समय से चली यात्री लाइन सोची-केर्च याद। कैसे प्राप्त करने के लिए क्रीमिया के लिए नौका? मैं संकीर्ण कर्च जलसंयोगी में एक क्रश बनाने के लिए यह करने के लिए है? बेशक नहीं। विशेष रूप से है कि बहुत अच्छी तरह से सुसज्जित यात्री टर्मिनल के पास। देर से मार्च में वापस, सफलतापूर्वक तकनीकी परीक्षण पारित किया है, और अप्रैल में एक लाइन केर्च Anapa में इसी तरह के दो गति कटमरैन पोत पर वाणिज्यिक परिचालन में चला गया। "सोची-एक" और "सोची-दो" - वे भी लगभग एक ही होने के लिए कहा जाता है। तीन सौ लोगों की एक पूरी लोड के साथ, यात्रा समय लगभग तीन घंटे है। यह नौका लाइन केर्च सोची, अनुसूची जिनमें से उन सभी जो क्रीमिया में एक छुट्टी बिताने का फैसला किया के रिसॉर्ट के लिए समय पर आगमन की गारंटी प्रदान करेगा के दीर्घकालिक कामकाज में स्थिरता प्रदान करता है। टिकट की कीमत एक हजार रूबल है। कारण परिवहन की समस्या, अचानक गर्मी पर्यटन के मौसम से पहले पैदा हुई सुलझाने में एक गंभीर कदम आगे है। निकट भविष्य में में सोची से अन्य नौका लाइनों होना चाहिए क्रीमिया बंदरगाह प्रायद्वीप के। Feodosia, याल्टा और सेवस्तोपोल की दिशा में सबसे पहले। यह भी सोची और याल्टा बीच के मार्ग पर पदों की एक होनहार विस्तार माना जाता है। उपायों क्रीमिया प्रायद्वीप के साथ संचार का विकल्प लाइनों में नाटकीय रूप से कर्च जलसंयोगी में नौका को राहत देने और इसके संचालन को स्थिर है प्रदान करने के लिए ले जाया गया। आज भी, पर्यटकों क्रीमिया में छुट्टी पर जा रहा है, मार्ग केर्च सोची साथ वापसी यात्रा एक कम दर पर के लिए बस टिकट प्रदान करता है। और अभी भी प्रासंगिक जो लोग अपने खुद के कार के पहिये के क्रीमिया के लिए यात्रा करना पसंद के लिए केर्च नौका सेवा रहेगा। वर्तमान में, कर्च स्ट्रेट के पार पुल की एक परियोजना। आपरेशन में यह शुरू करने, और यह पांच साल के बाद बहुत ही बेहतरीन मामले में क्या होगा के बाद, यह एक घंटे और एक आधे मार्ग सोची-केर्च काबू पाने के लिए किया जाएगा। "Crimea करने के लिए हो रही है, और कैसे वापस पाने के लिए? " - आप की वजह से अधिक से अधिक एक स्पष्ट जवाब के लिए नहीं पूछ सकते हैं। अन्य सभी विकल्प, पुल के अलावा, माध्यमिक की गहरी धारा में आगे जाने के लिए और केवल नौका विहार के प्रेमियों की रुचि के लिए किया जाएगा। यात्रियों की एक मुख्य प्रवाह क्रीमिया में ले जाया जाएगा और वापस सड़क परिवहन करने के लिए। लेकिन कर्च स्ट्रेट के पार पुल के रूप में एक ऐसी महत्वाकांक्षी परियोजना की प्राप्ति, काफी कठिनाइयों, दोनों तकनीकी और आर्थिक के साथ जुड़ा हुआ है। निर्माणाधीन इमारतों के पैमाने कल्पना करने के लिए, यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि पुल जहाजों के लिए बाधाओं को नहीं बनाना चाहिए, आज़ोव और वापस के सागर की दिशा में निम्नलिखित पर्याप्त है। अन्य बातों के अलावा, कर्च स्ट्रेट करने के लिए मजबूत धाराओं की विशेषता है और वहाँ अक्सर है सर्दियों में एक मुश्किल बर्फ की स्थिति। सारांश में, उम्मीद नहीं है कि स्ट्रेट के पार पुल बहुत जल्दी बनाया जाएगा।
जिंदगी में कुछ भी करने की ठान लें तो कोई भी काम असंभव नहीं। इस कहावत को चरितार्थ किया है फतेहपुर के एक छोटे से गांव की जागृति अवस्थी ने। कुछ करने का जुनून और लगन ही थी जिसने उन्हें आज बुलंदियों पर पहुंचा दिया। मूलरूप से नशेनिया गांव की रहने वाली जागृति ने सिविल सर्विसेज परीक्षा-2020 में ऑल इंडिया दूसरी रैंक लाकर न सिर्फ माता-पिता का, बल्कि फतेहपुर का नाम भी रोशन कर दिया। इसकी जानकारी होते ही गांव में जश्न का माहौल छा गया। हालांकि वह अपने माता-पिता के साथ भोपाल में रहती हैं। हिन्दुस्तान के साथ मोबाइल पर बातचीत के दौरान जागृति ने बताया कि जीवन में कभी हार नहीं मानी। परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए जितने घंटे पढ़ाई की, पूरी लगन के साथ की। नशेनिया निवासी डॉ. सुरेश चन्द्र अवस्थी भोपाल मेडिकल कालेज में प्रोफेसर हैं। मां मधुलता अवस्थी खेल शिक्षिका थीं। इस्तीफा देने के बाद सफल गृहिणी का काम संभाल रही हैं। सुरेश अवस्थी की पुत्री जागृति ने भोपाल के महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय से वर्ष 2010 में हाईस्कूल एवं 2012 में इंटरमीडियट की पढ़ाई पूरी की। मैकेनिकल ट्रेड से बीई किया और गेट क्वालीफाई करते हुए भेल में टेक्निकल ऑफिसर के रूप में चयन हुआ। इसके बावजूद उनका सफलता का रास्ता नहीं रुका। आईएएस बनने का सपना संजोए रखा और नौकरी से इस्तीफा देकर सिविल की कोचिंग ज्वाइन की। पूरी तरह से तैयारियों में जुट गईं। वर्ष 2020 में पहले ही प्रयास में इन्होंने सिविल सर्विसेज में दूसरी रैंक लाकर मुकाम हासिल कर लिया। जागृति अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के साथ भाई सुयश और पूर्व सैनिक मामा जितेंद्र नाथ को देती हैं। साल 2019 में जागृति ने अफसर बनने के सपने को पूरा करने की ठान ली और दिल्ली के एक कोचिंग संस्थान में एडमिशन ले लिया। हालाँकि कोरोना संकट और लॉकडाउन के दौरान उन्हें भोपाल लौटना पड़ा। लेकिन उनकी पढ़ाई नहीं रुकी। जागृति ने ऑनलाइन क्लासेज की। आईएएस बनने के लिए जागृति ने इंजीनियरिंग छोड़ी तो उनके माता पिता ने भी बहुत कुछ पीछे छोड़ दिया। माँ ने बेटी की मदद के लिए टीचर की नौकरी छोड़ी तो घर पर चार सालों से टीवी को ऑन भी नहीं किया गया। ये सारे बलिदान जागृति को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहे। पहले प्रयास में जागृति प्रीलिम्स भी पास नहीं हो सकी थीं लेकिन उन्होंने दृढ़ निश्चय किया और दूसरे प्रयास में टॉपर बन गयीं।
जिंदगी में कुछ भी करने की ठान लें तो कोई भी काम असंभव नहीं। इस कहावत को चरितार्थ किया है फतेहपुर के एक छोटे से गांव की जागृति अवस्थी ने। कुछ करने का जुनून और लगन ही थी जिसने उन्हें आज बुलंदियों पर पहुंचा दिया। मूलरूप से नशेनिया गांव की रहने वाली जागृति ने सिविल सर्विसेज परीक्षा-दो हज़ार बीस में ऑल इंडिया दूसरी रैंक लाकर न सिर्फ माता-पिता का, बल्कि फतेहपुर का नाम भी रोशन कर दिया। इसकी जानकारी होते ही गांव में जश्न का माहौल छा गया। हालांकि वह अपने माता-पिता के साथ भोपाल में रहती हैं। हिन्दुस्तान के साथ मोबाइल पर बातचीत के दौरान जागृति ने बताया कि जीवन में कभी हार नहीं मानी। परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए जितने घंटे पढ़ाई की, पूरी लगन के साथ की। नशेनिया निवासी डॉ. सुरेश चन्द्र अवस्थी भोपाल मेडिकल कालेज में प्रोफेसर हैं। मां मधुलता अवस्थी खेल शिक्षिका थीं। इस्तीफा देने के बाद सफल गृहिणी का काम संभाल रही हैं। सुरेश अवस्थी की पुत्री जागृति ने भोपाल के महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय से वर्ष दो हज़ार दस में हाईस्कूल एवं दो हज़ार बारह में इंटरमीडियट की पढ़ाई पूरी की। मैकेनिकल ट्रेड से बीई किया और गेट क्वालीफाई करते हुए भेल में टेक्निकल ऑफिसर के रूप में चयन हुआ। इसके बावजूद उनका सफलता का रास्ता नहीं रुका। आईएएस बनने का सपना संजोए रखा और नौकरी से इस्तीफा देकर सिविल की कोचिंग ज्वाइन की। पूरी तरह से तैयारियों में जुट गईं। वर्ष दो हज़ार बीस में पहले ही प्रयास में इन्होंने सिविल सर्विसेज में दूसरी रैंक लाकर मुकाम हासिल कर लिया। जागृति अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के साथ भाई सुयश और पूर्व सैनिक मामा जितेंद्र नाथ को देती हैं। साल दो हज़ार उन्नीस में जागृति ने अफसर बनने के सपने को पूरा करने की ठान ली और दिल्ली के एक कोचिंग संस्थान में एडमिशन ले लिया। हालाँकि कोरोना संकट और लॉकडाउन के दौरान उन्हें भोपाल लौटना पड़ा। लेकिन उनकी पढ़ाई नहीं रुकी। जागृति ने ऑनलाइन क्लासेज की। आईएएस बनने के लिए जागृति ने इंजीनियरिंग छोड़ी तो उनके माता पिता ने भी बहुत कुछ पीछे छोड़ दिया। माँ ने बेटी की मदद के लिए टीचर की नौकरी छोड़ी तो घर पर चार सालों से टीवी को ऑन भी नहीं किया गया। ये सारे बलिदान जागृति को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहे। पहले प्रयास में जागृति प्रीलिम्स भी पास नहीं हो सकी थीं लेकिन उन्होंने दृढ़ निश्चय किया और दूसरे प्रयास में टॉपर बन गयीं।
फेंगसुई के अनुसार क्रासुला का पौधा घर में सकारात्मक ऊर्जा पैदा करने में मदद करता है। इसलिए हमें अपने घर में क्रासुला का पौधा अवश्य लगाना चाहिए। इसकी देखरेख भी आसान है। ना तो इसे ज्यादा पानी की आवश्यकता और ना ही ज्यादा धूप की। साथ ही बताया गया है कि क्रासुला का पौधा घर में लगाने से व्यक्ति की गरीबी दूर हो जाती है। अगर दिन रात मेहनत करने के बाद भी अगर घर में पैसा नहीं टिकता तो फेंगशुई के अनुसार क्रासुला का पौधा लगाना महत्वपूर्ण बताया गया है। जेड प्लांट के नाम से भी जाना जाता है। क्रासुला का पौधा जिसे जेड प्लांट तथा पुलाव का पौधा भी कहा जाता है। यह देखने में बहुत ही सुंदर लगता है। इसकी प्राकृतिक संरचना कुछ ऐसी है कि अनायास ही मन पौधे की ओर खींचा चला जाता है। यह पौधा आसानी से गमले में लगाया जा सकता है। इसकी छोटी मोटी और रबड़ जैसे होती है। देखने में यह मुलायम अवश्य होती है लेकिन छूने पर टूटती नहीं है। वास्तुशास्त्र और फेंगशुई के अनुसार फेंगशुई के पौधे को घर के मेन गेट की दक्षिण दिशा में लगाना चाहिए। साथ ही यह ध्यान देना चाहिए की जिस स्थान पर फेंगशुई का पौधा लगाया गया व वहां पर सूर्य की किरण अवश्य पढ़ती हो। आते हैं पौधे के आसपास साफ सफाई रखनी चाहिए। फेंगशुई के पौधे के बारे में कहा जाता है कि यह जहां पर लगा होता है वहां सकारात्मक ऊर्जा का संचार रहता है। पौधे में सकारात्मक शक्तियों को खींचने की क्षमता होती है साथ ही यह धन को अपनी ओर आकर्षित कर लेता है। इसलिए जिस जगह है फेंगशुई का पौधा लगा होता है घर में कभी धन की कमी होती ही नहीं है। नोटः ये खबर अन्य माध्यमो से जुटाई गई है इसमें हमारे पोर्टल रीवा रियासत से कुछ लेना देना नहीं है.
फेंगसुई के अनुसार क्रासुला का पौधा घर में सकारात्मक ऊर्जा पैदा करने में मदद करता है। इसलिए हमें अपने घर में क्रासुला का पौधा अवश्य लगाना चाहिए। इसकी देखरेख भी आसान है। ना तो इसे ज्यादा पानी की आवश्यकता और ना ही ज्यादा धूप की। साथ ही बताया गया है कि क्रासुला का पौधा घर में लगाने से व्यक्ति की गरीबी दूर हो जाती है। अगर दिन रात मेहनत करने के बाद भी अगर घर में पैसा नहीं टिकता तो फेंगशुई के अनुसार क्रासुला का पौधा लगाना महत्वपूर्ण बताया गया है। जेड प्लांट के नाम से भी जाना जाता है। क्रासुला का पौधा जिसे जेड प्लांट तथा पुलाव का पौधा भी कहा जाता है। यह देखने में बहुत ही सुंदर लगता है। इसकी प्राकृतिक संरचना कुछ ऐसी है कि अनायास ही मन पौधे की ओर खींचा चला जाता है। यह पौधा आसानी से गमले में लगाया जा सकता है। इसकी छोटी मोटी और रबड़ जैसे होती है। देखने में यह मुलायम अवश्य होती है लेकिन छूने पर टूटती नहीं है। वास्तुशास्त्र और फेंगशुई के अनुसार फेंगशुई के पौधे को घर के मेन गेट की दक्षिण दिशा में लगाना चाहिए। साथ ही यह ध्यान देना चाहिए की जिस स्थान पर फेंगशुई का पौधा लगाया गया व वहां पर सूर्य की किरण अवश्य पढ़ती हो। आते हैं पौधे के आसपास साफ सफाई रखनी चाहिए। फेंगशुई के पौधे के बारे में कहा जाता है कि यह जहां पर लगा होता है वहां सकारात्मक ऊर्जा का संचार रहता है। पौधे में सकारात्मक शक्तियों को खींचने की क्षमता होती है साथ ही यह धन को अपनी ओर आकर्षित कर लेता है। इसलिए जिस जगह है फेंगशुई का पौधा लगा होता है घर में कभी धन की कमी होती ही नहीं है। नोटः ये खबर अन्य माध्यमो से जुटाई गई है इसमें हमारे पोर्टल रीवा रियासत से कुछ लेना देना नहीं है.
How to Repay Home Loan Early : होम लोन ईएमआई आम तौर पर लोगों के लिए हर महीने आने वाला सबसे भारी खर्च होता है। बढ़ती ब्याज दरों के दौर में एक नुकसान यह होता है कि या तो ईएमआई बढ़ती है या लोन की अवधि। दोनों में नुकसान लोन चुकाने वाले का ही है। इसलिए, लोग होम लोन को जल्दी से खत्म करने के तरीकों की तलाश करते हैं। यहां हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताएंगे, जिनसे आप होम लोन की रीपेमेंट तेजी से कर सकते हैं। साल में कम से कम एक बार होम लोन का एक बार में आंशिक भुगतान (लोन का एक हिस्सा) किया जा सकता है। लोन राशि के 20-25 फीसदी का भुगतान होम लोन की प्रिंसिपल राशि को काफी कम कर देगा और फिर ईएमआई राशि या लोन चुकाने की अवधि कम हो जाएगी। लोन लेने वाले प्रत्येक वर्ष कम से कम एक बार इस तरह के एकमुश्त भुगतान करने की योजना बना सकते हैं। ऐसा आप तब कर सकते हैं जब आपको सालाना बोनस मिले या कहीं से और आपको एक साथ बड़ी रकम मिल जाए। सबसे शुरुआत में एक लोन लेने वाले को कोशिश करनी चाहिए और एक ऐसे बैंक को चुनना चाहिए जो सबसे कम ब्याज दर पर लोन देता है और इससे आप पर कम ईएमआई का बोझ पड़ेगा। आगे चल कर आप ये कर सकते हैं कि होम लोन पेमेंट पीरियड को कम करने के लिए थोड़ी अधिक ईएमआई का भुगतान कर सकते हैं। आप सालाना आधार पर लोन ईएमआई की राशि बढ़ा सकते हैं। आप हर साल 10 फीसदी तक ईएमआई बढ़ाने का ऑप्शन भी चुन सकते हैं। लोन लेने वाले पेमेंट के लिए कम अवधि का विकल्प चुन सकते हैं। इससे ईएमआई अधिक होगी लेकिन कर्जदार को कर्ज पर ब्याज का बोझ कम करने में मदद मिलेगी और लोन जल्दी अदा हो जाएगा। इन बातों का रखें ध्यान : ध्यान रहे कि एक भी ईएमआई का भुगतान समय पर न करने से चूकें क्योंकि इससे जुर्माना लग सकता है। यह आपके क्रेडिट स्कोर को भी निगेटिव तौर पर प्रभावित कर सकता है और आगे आपको लोन मिलना मुश्किल हो जाएगा। ब्याज और प्रिंसिपल पेमेंट के लिए टैक्स बेनेफिट उपलब्ध हैं, जो यूजर्स को पैसे बचाने में मदद कर सकते हैं जिसका उपयोग आंशिक भुगतान करने के लिए किया जा सकता है।
How to Repay Home Loan Early : होम लोन ईएमआई आम तौर पर लोगों के लिए हर महीने आने वाला सबसे भारी खर्च होता है। बढ़ती ब्याज दरों के दौर में एक नुकसान यह होता है कि या तो ईएमआई बढ़ती है या लोन की अवधि। दोनों में नुकसान लोन चुकाने वाले का ही है। इसलिए, लोग होम लोन को जल्दी से खत्म करने के तरीकों की तलाश करते हैं। यहां हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताएंगे, जिनसे आप होम लोन की रीपेमेंट तेजी से कर सकते हैं। साल में कम से कम एक बार होम लोन का एक बार में आंशिक भुगतान किया जा सकता है। लोन राशि के बीस-पच्चीस फीसदी का भुगतान होम लोन की प्रिंसिपल राशि को काफी कम कर देगा और फिर ईएमआई राशि या लोन चुकाने की अवधि कम हो जाएगी। लोन लेने वाले प्रत्येक वर्ष कम से कम एक बार इस तरह के एकमुश्त भुगतान करने की योजना बना सकते हैं। ऐसा आप तब कर सकते हैं जब आपको सालाना बोनस मिले या कहीं से और आपको एक साथ बड़ी रकम मिल जाए। सबसे शुरुआत में एक लोन लेने वाले को कोशिश करनी चाहिए और एक ऐसे बैंक को चुनना चाहिए जो सबसे कम ब्याज दर पर लोन देता है और इससे आप पर कम ईएमआई का बोझ पड़ेगा। आगे चल कर आप ये कर सकते हैं कि होम लोन पेमेंट पीरियड को कम करने के लिए थोड़ी अधिक ईएमआई का भुगतान कर सकते हैं। आप सालाना आधार पर लोन ईएमआई की राशि बढ़ा सकते हैं। आप हर साल दस फीसदी तक ईएमआई बढ़ाने का ऑप्शन भी चुन सकते हैं। लोन लेने वाले पेमेंट के लिए कम अवधि का विकल्प चुन सकते हैं। इससे ईएमआई अधिक होगी लेकिन कर्जदार को कर्ज पर ब्याज का बोझ कम करने में मदद मिलेगी और लोन जल्दी अदा हो जाएगा। इन बातों का रखें ध्यान : ध्यान रहे कि एक भी ईएमआई का भुगतान समय पर न करने से चूकें क्योंकि इससे जुर्माना लग सकता है। यह आपके क्रेडिट स्कोर को भी निगेटिव तौर पर प्रभावित कर सकता है और आगे आपको लोन मिलना मुश्किल हो जाएगा। ब्याज और प्रिंसिपल पेमेंट के लिए टैक्स बेनेफिट उपलब्ध हैं, जो यूजर्स को पैसे बचाने में मदद कर सकते हैं जिसका उपयोग आंशिक भुगतान करने के लिए किया जा सकता है।
किशनगंज, (हि.स.)। राज्य पुलिस मुख्यालय के विभागीय मोनोग्राम हटाने के निर्देश का कड़ाई से पालन कराने के क्रम में शहर की पुलिस जुट गई है। पुलिस महानिदेशक के निर्देश के बाद पुलिसकर्मी भी अपने वाहनों से लोगो और पुलिस मिटा रहे हैं। इस कड़ी में सोमवार को शहर में गश्त पर निकले टाउन थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार राय ने डे मार्केट चौक के निकट पुलिस लिखे निजी बाइक को जब्त कर उसे थाने ले आए। जांचोपरांत जब्त टीवीएस अपाचे बाइक गाछपाड़ा के चौकीदार उमेश राम का निकला। हालांकि थानाध्यक्ष ने कड़ी चेतावनी देकर बाइक को चौकीदार के हवाले कर दिया। गौरतलब है कि पुलिस महानिदेशक ने ज्ञापांक 3506 के तहत सूबे के सभी पुलिस अधीक्षक को कड़ाई से नियम लागू करने का निर्देश दिया है।
किशनगंज, । राज्य पुलिस मुख्यालय के विभागीय मोनोग्राम हटाने के निर्देश का कड़ाई से पालन कराने के क्रम में शहर की पुलिस जुट गई है। पुलिस महानिदेशक के निर्देश के बाद पुलिसकर्मी भी अपने वाहनों से लोगो और पुलिस मिटा रहे हैं। इस कड़ी में सोमवार को शहर में गश्त पर निकले टाउन थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार राय ने डे मार्केट चौक के निकट पुलिस लिखे निजी बाइक को जब्त कर उसे थाने ले आए। जांचोपरांत जब्त टीवीएस अपाचे बाइक गाछपाड़ा के चौकीदार उमेश राम का निकला। हालांकि थानाध्यक्ष ने कड़ी चेतावनी देकर बाइक को चौकीदार के हवाले कर दिया। गौरतलब है कि पुलिस महानिदेशक ने ज्ञापांक तीन हज़ार पाँच सौ छः के तहत सूबे के सभी पुलिस अधीक्षक को कड़ाई से नियम लागू करने का निर्देश दिया है।
Haridwar News राशन वितरण में कमीशन को लेकर राशन डीलरों की मांगों पर पुर्व विधायक काजी निजामुद्दीन ने राज्य सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने देश को खाद्य सुरक्षा अधिनियम दिया लेकिन भाजपा सरकार राशन डीलरों को उनका कमीशन तक नहीं दे पा रही है। संवाद सहयोगी, मंगलौर (हरिद्वार): राशन वितरण में कमीशन को लेकर राशन डीलरों की मांगों पर पुर्व विधायक काजी निजामुद्दीन ने राज्य सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने देश को खाद्य सुरक्षा अधिनियम दिया, लेकिन भाजपा सरकार राशन डीलरों को उनका कमीशन तक नहीं दे पा रही है। जिस कारण परेशान होकर प्रदेश के सभी राशन डीलर हड़ताल पर हैं। गुरुवार को पूर्व विधायक एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव काजी निजामुद्दीन ने कहा कि मई शुरू हो गया है, लेकिन सरकारी राशन की दुकानों पर अभी तक राशन नहीं पहुंचा है। बताया कि भाजपा सरकार की नीतियों से तंग आकर राशन डीलर हड़ताल पर चले गए हैं। सरकार ने राशन डीलरों को परेशान करने की मंशा से उनका कोरोना काल का कमीशन नहीं दिया है, जिस कारण राशन डीलरों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व विधायक ने कहा कि राज्य सरकार को शीघ्र ही राशन डीलरों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए, ताकि सरकारी राशन पर निर्भर रहने वालों को परेशानी का सामना न करने पड़े।
Haridwar News राशन वितरण में कमीशन को लेकर राशन डीलरों की मांगों पर पुर्व विधायक काजी निजामुद्दीन ने राज्य सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने देश को खाद्य सुरक्षा अधिनियम दिया लेकिन भाजपा सरकार राशन डीलरों को उनका कमीशन तक नहीं दे पा रही है। संवाद सहयोगी, मंगलौर : राशन वितरण में कमीशन को लेकर राशन डीलरों की मांगों पर पुर्व विधायक काजी निजामुद्दीन ने राज्य सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने देश को खाद्य सुरक्षा अधिनियम दिया, लेकिन भाजपा सरकार राशन डीलरों को उनका कमीशन तक नहीं दे पा रही है। जिस कारण परेशान होकर प्रदेश के सभी राशन डीलर हड़ताल पर हैं। गुरुवार को पूर्व विधायक एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव काजी निजामुद्दीन ने कहा कि मई शुरू हो गया है, लेकिन सरकारी राशन की दुकानों पर अभी तक राशन नहीं पहुंचा है। बताया कि भाजपा सरकार की नीतियों से तंग आकर राशन डीलर हड़ताल पर चले गए हैं। सरकार ने राशन डीलरों को परेशान करने की मंशा से उनका कोरोना काल का कमीशन नहीं दिया है, जिस कारण राशन डीलरों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व विधायक ने कहा कि राज्य सरकार को शीघ्र ही राशन डीलरों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए, ताकि सरकारी राशन पर निर्भर रहने वालों को परेशानी का सामना न करने पड़े।
मधुर बनेंगे । परन्तु रोम का चेता न हो सका । रूमी शासक ने जोय को पत्नी तो बना लिया किन्तु कंथालिक धर्म में कोई रुचि न दिखायी और कैथालिक गिरजी के बारे में अपने पूर्व विचारों में कोई परिवर्तन न माने दिया। पश्चिमी देशों के माथ भी उसने कोई नया रूख न अपनाया। पोप के दूत को इसलिए भेजा गया था कि वह मास्को की महारानी को उसके कर्तव्यों की याद दिलाये । कभी पोप ने वार्डज़टाइन के अन्तिम शामको को शरण दी थी और अब वह बदले में महारानी को सेवाश्री को भाग कर रहा था । परन्तु माम्को में दूत बडी बिपम स्थिति में पड गया । उसे महारानी के माथ एकान्त में बातचीत करने की अनुमति न दी गयी, उसको हर वात का उत्तर कुछ उपहास के साथ दिया गया और यद्यपि दूत की कद्र की गयी थी, उसे अच्छे से अच्छा खाने-पीने को दिया गया था, परन्तु एक बात जरूर उसके दिमाग में बिठा दी गयी थी - दूत जितना हो शीघ्र मास्को मे चला जाये उसके लिए उतना ही अच्छा होगा। जब दूत मास्को ने लौटा तो काफी उदाम था। वह कल्पना कर रहा था कि पोप उसपर शुद्ध होगा, वैटिकन के दरवारी उमे मारगर्भित कनखियों से देखेंगे । रन की सर्दी के कारण कोएव के रास्ते भर वह दाती के दर्द से तड़पता रहा था और इस पोडा और अपनी व्यथा से उसका जो रोने रोने को हो उठता था । कोएव में आकर दूत ने दात उसडवा दिया और तब उसे कुछ चैन मिला। और यहा बिल्कुल अप्रत्याशित रूप से, उसे ऐसी सम्भावना दिखाई पड रही थी जो स्म में उसके आने की सफलता का कारण बन सकती है। उसे पता चला कि कोएव में एक स्मी यात्री है जो भारत हो आया है । वह शीघ्र से शीघ्र उस यात्री से मिलकर यह जान लेना चाहता था कि यह सच है या नहीं कि वह अद्भुत भारत देश में गया था, उस देश में जिसके स्वप्न यूरोप के राजे-महाराजे देखते है। और याद यह सच है तो वह उसे अपने साथ ले जायेगा । जो आदमी भारत का रास्ता और स्वय उस देश को जानता हो वह पोप का अच्छा सेवक वन सकता है। द्रुत ने समय नष्ट नहीं किया और तुरन्त कुछ लोगो को यह पता लगाने भेजा कि स्मी कहा रहता है, कैसे रहता है । माथ ही उसने अपने आदमियो को यह प्राज्ञा भी दी थी कि वे उसके सवध में सभी अफवाहों का पता चलायें । दूत को बताया गया कि रूसी एक ईसाई के यहा रहता है, उसकी जिन्दगी मामूली तरह से कटती है और लगता है जैसे वह मचमुच भारत गया था। इसके पश्चात् दूत ने अपने सेक्रेटरी को निकीतिन को बातचीत के लिए निमंत्रित करने को भेज दिया था। पादरी अपने स्वधर्मावलवियो के कप्टी का रोना रो रहा था और दूत अपने विचारों में खोया था। इसके कान स्लेज गाडी की भोर लगे थे। सहमा भाखों के नीचे नीले गड्ढो वाला उसका गोल और ऐयागी में पगा झुर्रीदार चेहरा खिल उठा। पादरी ने यह परिवर्तन देखा और खुश हो गया । वह मठवाली के हितो की रक्षा करने में सहायता देने की याचना कर रहा था। परन्तु पोप के दूत ने उसे बीच ही में रोक दिया । अच्छा, अच्छा, मोचूगा हम तय करेंगे। इस समय तो मेरा धार्मिक कर्तव्य मुझे अपनी ओर आकृष्ट कर रहा है। ग्रामीन भाई।" पादरी, मिर झुकाये, कमरे से बाहर निकल गया और चुपचाप दरवाज़ा बन्द कर लिया। पोप के दूत के पद को देखते हुए पादरी
मधुर बनेंगे । परन्तु रोम का चेता न हो सका । रूमी शासक ने जोय को पत्नी तो बना लिया किन्तु कंथालिक धर्म में कोई रुचि न दिखायी और कैथालिक गिरजी के बारे में अपने पूर्व विचारों में कोई परिवर्तन न माने दिया। पश्चिमी देशों के माथ भी उसने कोई नया रूख न अपनाया। पोप के दूत को इसलिए भेजा गया था कि वह मास्को की महारानी को उसके कर्तव्यों की याद दिलाये । कभी पोप ने वार्डज़टाइन के अन्तिम शामको को शरण दी थी और अब वह बदले में महारानी को सेवाश्री को भाग कर रहा था । परन्तु माम्को में दूत बडी बिपम स्थिति में पड गया । उसे महारानी के माथ एकान्त में बातचीत करने की अनुमति न दी गयी, उसको हर वात का उत्तर कुछ उपहास के साथ दिया गया और यद्यपि दूत की कद्र की गयी थी, उसे अच्छे से अच्छा खाने-पीने को दिया गया था, परन्तु एक बात जरूर उसके दिमाग में बिठा दी गयी थी - दूत जितना हो शीघ्र मास्को मे चला जाये उसके लिए उतना ही अच्छा होगा। जब दूत मास्को ने लौटा तो काफी उदाम था। वह कल्पना कर रहा था कि पोप उसपर शुद्ध होगा, वैटिकन के दरवारी उमे मारगर्भित कनखियों से देखेंगे । रन की सर्दी के कारण कोएव के रास्ते भर वह दाती के दर्द से तड़पता रहा था और इस पोडा और अपनी व्यथा से उसका जो रोने रोने को हो उठता था । कोएव में आकर दूत ने दात उसडवा दिया और तब उसे कुछ चैन मिला। और यहा बिल्कुल अप्रत्याशित रूप से, उसे ऐसी सम्भावना दिखाई पड रही थी जो स्म में उसके आने की सफलता का कारण बन सकती है। उसे पता चला कि कोएव में एक स्मी यात्री है जो भारत हो आया है । वह शीघ्र से शीघ्र उस यात्री से मिलकर यह जान लेना चाहता था कि यह सच है या नहीं कि वह अद्भुत भारत देश में गया था, उस देश में जिसके स्वप्न यूरोप के राजे-महाराजे देखते है। और याद यह सच है तो वह उसे अपने साथ ले जायेगा । जो आदमी भारत का रास्ता और स्वय उस देश को जानता हो वह पोप का अच्छा सेवक वन सकता है। द्रुत ने समय नष्ट नहीं किया और तुरन्त कुछ लोगो को यह पता लगाने भेजा कि स्मी कहा रहता है, कैसे रहता है । माथ ही उसने अपने आदमियो को यह प्राज्ञा भी दी थी कि वे उसके सवध में सभी अफवाहों का पता चलायें । दूत को बताया गया कि रूसी एक ईसाई के यहा रहता है, उसकी जिन्दगी मामूली तरह से कटती है और लगता है जैसे वह मचमुच भारत गया था। इसके पश्चात् दूत ने अपने सेक्रेटरी को निकीतिन को बातचीत के लिए निमंत्रित करने को भेज दिया था। पादरी अपने स्वधर्मावलवियो के कप्टी का रोना रो रहा था और दूत अपने विचारों में खोया था। इसके कान स्लेज गाडी की भोर लगे थे। सहमा भाखों के नीचे नीले गड्ढो वाला उसका गोल और ऐयागी में पगा झुर्रीदार चेहरा खिल उठा। पादरी ने यह परिवर्तन देखा और खुश हो गया । वह मठवाली के हितो की रक्षा करने में सहायता देने की याचना कर रहा था। परन्तु पोप के दूत ने उसे बीच ही में रोक दिया । अच्छा, अच्छा, मोचूगा हम तय करेंगे। इस समय तो मेरा धार्मिक कर्तव्य मुझे अपनी ओर आकृष्ट कर रहा है। ग्रामीन भाई।" पादरी, मिर झुकाये, कमरे से बाहर निकल गया और चुपचाप दरवाज़ा बन्द कर लिया। पोप के दूत के पद को देखते हुए पादरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार कृषि क्षेत्र और किसान कल्याण के लिए सालाना 6. 5 लाख करोड़ रुपये खर्च कर रही है। मोदी ने चुनावी गारंटियों को लेकर प्रत्यक्ष तौर पर कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि केंद्र सरकार सिर्फ वादे नहीं करती, बल्कि उन्हें पूरा भी करती है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने शनिवार को कहा कि अगर 2023 में मानसून अच्छा रहा तो यह देश के लिए "बेहतरीन" साल होगा क्योंकि इससे कृषि क्षेत्र को फलने-फूलने और अर्थव्यवस्था के आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। केन्द्र की राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार पर उर्वरक की कीमतों में वृद्धि कर कृषि क्षेत्र की कमर तोड़ने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चन्द्रशेखर राव ने बुधवार को 'चेताया' कि इस कदम से कृषि क्षेत्र में संकट की स्थिति पैदा हो जाएगी। कृषि क्षेत्र को प्रोत्साहन के लिए सरकार आगामी 2022-23 के बजट में कृषि ऋण के लक्ष्य को बढ़ाकर 18 लाख करोड़ रुपये कर सकती है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार कृषि क्षेत्र और किसान कल्याण के लिए सालाना छः. पाँच लाख करोड़ रुपये खर्च कर रही है। मोदी ने चुनावी गारंटियों को लेकर प्रत्यक्ष तौर पर कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि केंद्र सरकार सिर्फ वादे नहीं करती, बल्कि उन्हें पूरा भी करती है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने शनिवार को कहा कि अगर दो हज़ार तेईस में मानसून अच्छा रहा तो यह देश के लिए "बेहतरीन" साल होगा क्योंकि इससे कृषि क्षेत्र को फलने-फूलने और अर्थव्यवस्था के आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। केन्द्र की राजग सरकार पर उर्वरक की कीमतों में वृद्धि कर कृषि क्षेत्र की कमर तोड़ने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चन्द्रशेखर राव ने बुधवार को 'चेताया' कि इस कदम से कृषि क्षेत्र में संकट की स्थिति पैदा हो जाएगी। कृषि क्षेत्र को प्रोत्साहन के लिए सरकार आगामी दो हज़ार बाईस-तेईस के बजट में कृषि ऋण के लक्ष्य को बढ़ाकर अट्ठारह लाख करोड़ रुपये कर सकती है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
तो कम से कम अपने या रिश्तेदारों की मातिर हो कुछ लाभ उठाना तुम्हे चाहिये । उचित ध्यान में यह भी रखना - नहीं करेगा प्यार सदा वह और न मेरी इच्छाओं को तुष्ट करेगा " किन्तु न ऐमा । कहा भला तुम सोचोगी ये बाने निजी भलाई की सब है महत्त्व भी इनका कोई ? तुम तो फौरन अपनी अक्ल गवा देती हो, बडी खुशी से बदले में कुछ लिये बिना ही पूरी करती हो तुम उसकी सारी सनके, तत्पर रहती हो तुम दिन भर वाहे अपनी डाले रहो गले में प्रिय के किन्तु तुम्हारा प्रीतम प्यारा सहसा लुप्त वही हो जाता और चिह्न भी नजर न आता 1 खाली हाथ सदा रह जाती, ओह, तुम सब की सब बुद्धू हो ! नही सैकड़ो बार कहा क्या मैंने तुमसे - देखो बिटिया, तुम ऐसी बुद्ध मत बनना, नही गवा देना तुम इतना वहिया अवमर नही प्रिम को तुम खो देना, व्यर्थ नष्ट मन खुद को करना । - भगर नतीजा क्या निकला है ?.. अब तुम बैठी नीर बहाती रहो निरन्तर जीवन भर यो उमरे लिये, न जो लौटेगा ।
तो कम से कम अपने या रिश्तेदारों की मातिर हो कुछ लाभ उठाना तुम्हे चाहिये । उचित ध्यान में यह भी रखना - नहीं करेगा प्यार सदा वह और न मेरी इच्छाओं को तुष्ट करेगा " किन्तु न ऐमा । कहा भला तुम सोचोगी ये बाने निजी भलाई की सब है महत्त्व भी इनका कोई ? तुम तो फौरन अपनी अक्ल गवा देती हो, बडी खुशी से बदले में कुछ लिये बिना ही पूरी करती हो तुम उसकी सारी सनके, तत्पर रहती हो तुम दिन भर वाहे अपनी डाले रहो गले में प्रिय के किन्तु तुम्हारा प्रीतम प्यारा सहसा लुप्त वही हो जाता और चिह्न भी नजर न आता एक खाली हाथ सदा रह जाती, ओह, तुम सब की सब बुद्धू हो ! नही सैकड़ो बार कहा क्या मैंने तुमसे - देखो बिटिया, तुम ऐसी बुद्ध मत बनना, नही गवा देना तुम इतना वहिया अवमर नही प्रिम को तुम खो देना, व्यर्थ नष्ट मन खुद को करना । - भगर नतीजा क्या निकला है ?.. अब तुम बैठी नीर बहाती रहो निरन्तर जीवन भर यो उमरे लिये, न जो लौटेगा ।
वे धम बताते हुए महेश्वर ने उमा से कहा कि "ब्रह्मचारी के लिए भक्षाचया परम धम है। नित्य यज्ञोपवीत धारण क्यि रहना, धम का रहस्य सुनना वदोक्त व्रत का पालन करना, होम और गुस्सेवा करना - यह ब्रह्मचय आश्रम काधम है । '२ ब्रह्मचारी के लिए भिक्षा मागना तथा गुरु सेवा करना सब धर्मों में प्रधान धम है। गुरु की भक्ति करना तथा सेवा करना ब्रह्मचारी का प्रमुख घम है। गुरु की भक्ति का प्रसाद भी ब्रह्मचारियों को विद्या के रूप में मिलता था । गुरु अपने शिष्या को पुत्रो के समान प्रेम करत ये तथा उनको मान सिखाने म वडा परिश्रम करते थे । गुरु के प्रेम से ब्रह्मचारी इतन वर्षों तक कठोर परिश्रम करके अपना जीवन सफल और उनतिपूरण बनात थे । को सेवा स विद्यार्थी विनय सोखत थे । विनय से नम्रता आतो थी और नम्रता से उनको बुद्धि का विकास होता था। बुद्धि के विकास से शास्त्रो का मान सहज ही प्राप्त हो जाता था । शास्त्रो के नान से ब्रह्मचारी अपने जीवन में अनेक नये गास्त्रो और सिद्धातो का लेखन करता था और विद्वाना की श्रेणी में गिना जाता था । विद्योपाजन ब्रह्मचय का मुख्य लक्ष्य है। विद्या मनुष्य को चेतना का विकास है। विद्या की धारा स्वास्थ्य और चरिन के दा किनारा के बीच बहती है। विद्या मनुष्य की मानसिक उन्नति है । पशुओं की तुलना में विद्या हो मानव की विशेषता है। मनुष्य का आरम्भिव जीवन विद्योपाजन का ही समय है क्योकि यही उसके मानसिक विकास का भी समय है। जागे चलकर भी मनुष्य ज्ञान का सचय कर सकता है किन्तु बुद्धि का विकास और सामान्य मानसिक सस्कारो वा निर्मााण ब्रह्मचयावस्या म हो हो सकता है । इमलिए ब्रह्मचर्याश्रम म विद्या को महत्त्व दना एक प्राचीन परम्परा होन व साथ-साथ सनातन सत्य भी है । २ - भक्षाचर्या परोयम निययज्ञोपवीतिना । रहस्यभवण धर्मो वेदश्तनिषेवणम् । अग्निदाय तथा धर्मो दायप्रसाधनम् ॥ मनुशासनस्त्र - अध्याय १४१, ३५१-३५
वे धम बताते हुए महेश्वर ने उमा से कहा कि "ब्रह्मचारी के लिए भक्षाचया परम धम है। नित्य यज्ञोपवीत धारण क्यि रहना, धम का रहस्य सुनना वदोक्त व्रत का पालन करना, होम और गुस्सेवा करना - यह ब्रह्मचय आश्रम काधम है । 'दो ब्रह्मचारी के लिए भिक्षा मागना तथा गुरु सेवा करना सब धर्मों में प्रधान धम है। गुरु की भक्ति करना तथा सेवा करना ब्रह्मचारी का प्रमुख घम है। गुरु की भक्ति का प्रसाद भी ब्रह्मचारियों को विद्या के रूप में मिलता था । गुरु अपने शिष्या को पुत्रो के समान प्रेम करत ये तथा उनको मान सिखाने म वडा परिश्रम करते थे । गुरु के प्रेम से ब्रह्मचारी इतन वर्षों तक कठोर परिश्रम करके अपना जीवन सफल और उनतिपूरण बनात थे । को सेवा स विद्यार्थी विनय सोखत थे । विनय से नम्रता आतो थी और नम्रता से उनको बुद्धि का विकास होता था। बुद्धि के विकास से शास्त्रो का मान सहज ही प्राप्त हो जाता था । शास्त्रो के नान से ब्रह्मचारी अपने जीवन में अनेक नये गास्त्रो और सिद्धातो का लेखन करता था और विद्वाना की श्रेणी में गिना जाता था । विद्योपाजन ब्रह्मचय का मुख्य लक्ष्य है। विद्या मनुष्य को चेतना का विकास है। विद्या की धारा स्वास्थ्य और चरिन के दा किनारा के बीच बहती है। विद्या मनुष्य की मानसिक उन्नति है । पशुओं की तुलना में विद्या हो मानव की विशेषता है। मनुष्य का आरम्भिव जीवन विद्योपाजन का ही समय है क्योकि यही उसके मानसिक विकास का भी समय है। जागे चलकर भी मनुष्य ज्ञान का सचय कर सकता है किन्तु बुद्धि का विकास और सामान्य मानसिक सस्कारो वा निर्मााण ब्रह्मचयावस्या म हो हो सकता है । इमलिए ब्रह्मचर्याश्रम म विद्या को महत्त्व दना एक प्राचीन परम्परा होन व साथ-साथ सनातन सत्य भी है । दो - भक्षाचर्या परोयम निययज्ञोपवीतिना । रहस्यभवण धर्मो वेदश्तनिषेवणम् । अग्निदाय तथा धर्मो दायप्रसाधनम् ॥ मनुशासनस्त्र - अध्याय एक सौ इकतालीस, तीन सौ इक्यावन-पैंतीस
- 15 min ago तलाकशुदा हसीना ने नाइटी में पोस्ट कर दीं S*xy तस्वीरें, रात होते ही बेडरूम में ऐसे मचलीं कि. . - 21 min ago Ankita Lokhande की बला से खूबसूरत तस्वीरें वायरल, फैंस बोले- 'संजय लीला भंसाली के फिल्म की हीरोईन लग रही हैं' Don't Miss! - Travel आखिर क्यों कोई नहीं कर पाया कैलाश पर्वत की चढ़ाई? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण? - Automobiles मारुति सुजुकी इन्विक्टो रिव्यूः एमपीवी सेगमेंट को मिलेगा नया किंग? सफेद बालों और बिना मेकअप के समीरा रेड्डी ने शेयर की तस्वीर, 'मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता' रेस एक्ट्रेस समीरा रेड्डी इन दिनों फिल्मों और अभिनय से दूर अपने परिवार पर ध्यान दे रही हैं। बीच बीच में वह अपने सोशल मीडिया पोस्ट के चलते सुर्खियां बटौरती हैं। वह अपनी बोल्ड सोच के चलते लोगों का ध्यान खींचती हैं। अब समीरा रेड्डी ने अपनी लेटेस्ट तस्वीर शेयर की है जिसमें वह नो मेकअप लुक और सफेद बालों के साथ नजर आ रही हैं। बिना मेकअप और सिंपल आम लोगों की तरह समीरा रेड्डी इस फोटो में नजर आ रही हैं। समीरा ने इस फोटो को पोस्ट करने का कारण बताया और अपने पिता की कही बातों का जिक्र भी किया। समीरा रेड्डी ने बताया कि आखिर वह क्यों सफेद बालों के साथ ही फोटो पोस्ट कर देती हैं। इस पर उनके पिता क्या कहते हैं। समीरा इंस्टाग्राम पर लिखती हैं, मेरे पिता पूछते हैं कि आखिर में क्यों अपने सफेद बालों को कवर नहीं करतीं? वह चिंता में रहते हैं कि लोग मुझे लेकर किस तरह से जज करेंगे। मैंने इसपर पिता को जवाब दिया कि मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि लोग क्या कहेंगे। मैं कितनी बूढ़ी लग रही हूं या मैं सुंदर व आकर्षक नहीं दिख रही।
- पंद्रह मिनट ago तलाकशुदा हसीना ने नाइटी में पोस्ट कर दीं S*xy तस्वीरें, रात होते ही बेडरूम में ऐसे मचलीं कि. . - इक्कीस मिनट ago Ankita Lokhande की बला से खूबसूरत तस्वीरें वायरल, फैंस बोले- 'संजय लीला भंसाली के फिल्म की हीरोईन लग रही हैं' Don't Miss! - Travel आखिर क्यों कोई नहीं कर पाया कैलाश पर्वत की चढ़ाई? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण? - Automobiles मारुति सुजुकी इन्विक्टो रिव्यूः एमपीवी सेगमेंट को मिलेगा नया किंग? सफेद बालों और बिना मेकअप के समीरा रेड्डी ने शेयर की तस्वीर, 'मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता' रेस एक्ट्रेस समीरा रेड्डी इन दिनों फिल्मों और अभिनय से दूर अपने परिवार पर ध्यान दे रही हैं। बीच बीच में वह अपने सोशल मीडिया पोस्ट के चलते सुर्खियां बटौरती हैं। वह अपनी बोल्ड सोच के चलते लोगों का ध्यान खींचती हैं। अब समीरा रेड्डी ने अपनी लेटेस्ट तस्वीर शेयर की है जिसमें वह नो मेकअप लुक और सफेद बालों के साथ नजर आ रही हैं। बिना मेकअप और सिंपल आम लोगों की तरह समीरा रेड्डी इस फोटो में नजर आ रही हैं। समीरा ने इस फोटो को पोस्ट करने का कारण बताया और अपने पिता की कही बातों का जिक्र भी किया। समीरा रेड्डी ने बताया कि आखिर वह क्यों सफेद बालों के साथ ही फोटो पोस्ट कर देती हैं। इस पर उनके पिता क्या कहते हैं। समीरा इंस्टाग्राम पर लिखती हैं, मेरे पिता पूछते हैं कि आखिर में क्यों अपने सफेद बालों को कवर नहीं करतीं? वह चिंता में रहते हैं कि लोग मुझे लेकर किस तरह से जज करेंगे। मैंने इसपर पिता को जवाब दिया कि मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि लोग क्या कहेंगे। मैं कितनी बूढ़ी लग रही हूं या मैं सुंदर व आकर्षक नहीं दिख रही।
JF-17 vs Tejas ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर भारतीय तेजस की इतनी धूम क्यों मची है। दुनिया भर की वायु सेना को यह रास क्यों आ रहा है। इसके साथ यह भी जानेंगे कि पाकिस्तान जेएफ 17 और तेजस में क्या है अंतर। नई दिल्ली, जेएनएन। Pakistan JF-17 vs Indian Tejas: मलेशिया, कोलंबिया और अब अर्जेंटीना ने भारतीय एलसीए तेजस में अपनी गहरी दिलचस्पी दिखाई है। अर्जेंटीना पहुंचे भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से तेजस पर चर्चा के संकेत हैं। एस जयशंकर की यात्रा के दौरान दोनों देशों में तेजस पर वार्ता हुई है। इसके पूर्व पाकिस्तान के जेएफ-17 को खरीदने की अटकलें थी। पिछले वर्ष पाक मीडिया ने दावा किया था कि अर्जेंटीना 12 JF-17 ए ब्लाक-3 लड़ाकू विमान खरीदने की योजना बना रहा है। अर्जेंटीना सरकार ने संसद में प्रस्तुत वर्ष 2022 के लिए अपने बजट में 664 मिलियन डालर के आवंटन का प्रस्ताव रखा है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर दुनिया में भारतीय तेजस की इतनी धूम क्यों मची है। दुनिया भर की वायु सेना को यह रास क्यों आ रहा है। इसके साथ यह भी जानेंगे कि पाकिस्तान JF-17 और तेजस में क्या है अंतर। 1- दुनियाभर में इन दिनों में भारत के हल्के लड़ाकू विमान तेजस में कई देशों ने अपनी गहन दिलचस्पी दिखाई है। तेजस ने पूरी दुनिया में अपनी धूम मचाई है। इतना ही नहीं विश्व का सुपर पावर माना जाने वाला अमेरिका ने भी भारत से तेजस खरीदने की कोशिश कर रहा है। तेजस की बेहतरीन खूबियां के कारण कई देशों ने अपनी रुचि दिखाई है। मलेशिया, कोलंबिया, इंडोनेशिया और फिलीपींस सहित कई देशों ने स्वदेशी तेजस विमान में अपनी रुचि दिखाई है। तेजस की बेहतर उड़ान क्षमता, उसकी गति और मेंटीनेंस में आसानी ने कई देशों का ध्यान खींचा है। भारतीय वायु सेना ने हाल ही में तेजस को हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के साथ फ्रांसीसी हैमर एयर-टू-ग्राउंड स्टैंड-आफ मिसाइल से लैस किया था। 2- तेजस दुनिया में भारतीय इकलौता ऐसा लड़ाकू विमान है, जिसमें रूस, अमेरिका और यूरोपीय देशों के हथियारों को बिना किसी परेशानी के फिट किया जा सकता है। यह भारत के लिए खासकर रक्षा क्षेत्र में उत्साह बढ़ाने वाली खबर है। रक्षा क्षेत्र में भारत के निर्यात के लिए बड़ी उम्मीद बढ़ी है। भारत सरकार ने कहा है कि अमेरिका, आस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया और फिलीपींस समेत छह देशों ने भारत के लाइट एयरक्राफ्ट तेजस में अपनी रुचि दिखाई है। मलेशिया पहले ही भारत से तेजस विमान को खरीदने की तैयारी में जुटा है। यह भारत के लिए अच्छे संकेत हैं। भारतीय वायु सेना के लिए तेजस काफी अहम हैं। पड़ोसी मुल्कों से मिल रही सामरिक चुनौतियों को देखते हुए तेजस जेट विमान जंग में एक बड़ी भूमिका निभा सकता है। तेजस के मुकाबले में पाकिस्तान अपने JF-17 का दम भरता है, लेकिन यह बात ध्यान रखने की है जहां तेजस पूरी तरह स्वदेशी जेट हैं, वहीं JF-17 को पाकिस्तान ने चीन के साथ मिलकर बनाया है। तेजस न सिर्फ तेज और हल्का है, बल्कि इसमें JF-17 के मुकाबले ताकतवर इंजन भी लगा है। इसकी पेलोड क्षमता भी JF-17 से ज्यादा है। तेजस को नेवी की जरूरत के हिसाब से मॉडिफाई किया जा चुका है जबकि JF-17 के पास ऐसी क्षमता नहीं है। मलेशिया अपने पुराने रूसी लड़ाकू विमान को बदलने के लिए तेजस खरीदना चाहता है। लाइट एयरक्राफ्ट के मामले में तेजस ने चीन और कोरिया के विमान को भी पीछे छोड़ दिया है। भारत ने मलेशिया को 18 तेजस एयरक्राफ्ट बेचने की पेशकश की है। तेजस विमान को हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड ने बनाया है। भारतीय रक्षा मंत्रालय ने एयरफोर्स के लिए एचएएल से 83 तेजस खरीदने का करार किया है। हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड को इन तेजस के लिए 48000 करोड़ दिया जाएगा। एचएएल एयरफोर्स को तेजस की वर्ष 2023 से डिलीवरी शुरू करेगी। हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएल) तेजस के एयरक्राफ्ट रिसर्च एंड डिजाइन सेंटर के सहयोग से एयरोनटिकल डेवलपमेंट एजेंसी की ओर विकसित सिंगल इंजन मल्टीरोल लाइट फाइटर जेट है। इस वर्ष की प्रारंभ में एचएएल ने भारतीय वायु सेना को 73 नए तेजस मार्क 1A लाइट काम्बैट एयरक्राफ्ट जेट और 10 तेजस मार्क 1 दो-सीट प्रशिक्षण जेट बनाने के लिए 6. 58 बिलियन डालर की डील पर हस्ताक्षर किए थे। अब इसके मार्क 2 वर्जन पर भी काम तेजी से चल रहा है। वहीं, नौसेना के लिए तेजस का नेवल वेरिएंट पहले से ही तैयार है, जिसे जल्द ही आईएनएस विक्रांत पर टेस्ट किया जाएगा। 1- तेजस एलमुनियम, लिथियम एलोय, कार्बन फाइबर कंपोजिट, टाइटेनियम एलाय और स्टील से निर्मित है। इस वजह से तेजस दूसरे लड़ाकू विमानों की तुलना में बहुत हल्का है। तेजस का वजन केवल 65 क्विंटल है। तेजस के हल्का होने के बाद भी इसकी ताकत अपनी पीढ़ी के दूसरे विमानों से कम नहीं है। तेजस की सबसे बड़ी खूबी है कि इसके 50 फीसद से अधिक कंपोनेंट भारत में ही बने हैं। फरवरी, 2019 में तेजस को एयरफोर्स में शामिल किया गया था। तेजस हल्के वजन में बहुत कारगर लड़ाकू विमान है, क्योंकि वह 1. 6 मैक की स्पीड से उड़ान भरता है। 2- तेजस को लैंडिंग और टेक आफ के लिए बहुत कम जगह की जरूरत पड़ती है। इसकी वजह से तेजस के लिए हथियार ले जाना बहुत आसान है। तेजस दुर्गम इलाकों में भी आसानी से लैंड कर सकता है। तेजस को रडार से बचने में महारत हासिल है। हवा से हवा और हवा से जमीन दोनों मामलों में हमला करने में तेजस बेहद कारगर है। इसलिए यह दुनिया भर की वायु सेना के लिए बेहतर है। तेजस हर तरह के मौसम में काम करने में सक्षम है। यह सभी खूबियां तेजस को एक अनोखा एयरक्राफ्ट बनाती है। अगर फाइटर जेट सुखोई से तेजस की तुलना करें तो सुखोई की तुलना में तेजस हल्का है और आठ से नौ टन भार ले जा सकता है।
JF-सत्रह vs Tejas ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर भारतीय तेजस की इतनी धूम क्यों मची है। दुनिया भर की वायु सेना को यह रास क्यों आ रहा है। इसके साथ यह भी जानेंगे कि पाकिस्तान जेएफ सत्रह और तेजस में क्या है अंतर। नई दिल्ली, जेएनएन। Pakistan JF-सत्रह vs Indian Tejas: मलेशिया, कोलंबिया और अब अर्जेंटीना ने भारतीय एलसीए तेजस में अपनी गहरी दिलचस्पी दिखाई है। अर्जेंटीना पहुंचे भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से तेजस पर चर्चा के संकेत हैं। एस जयशंकर की यात्रा के दौरान दोनों देशों में तेजस पर वार्ता हुई है। इसके पूर्व पाकिस्तान के जेएफ-सत्रह को खरीदने की अटकलें थी। पिछले वर्ष पाक मीडिया ने दावा किया था कि अर्जेंटीना बारह JF-सत्रह ए ब्लाक-तीन लड़ाकू विमान खरीदने की योजना बना रहा है। अर्जेंटीना सरकार ने संसद में प्रस्तुत वर्ष दो हज़ार बाईस के लिए अपने बजट में छः सौ चौंसठ मिलियन डालर के आवंटन का प्रस्ताव रखा है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर दुनिया में भारतीय तेजस की इतनी धूम क्यों मची है। दुनिया भर की वायु सेना को यह रास क्यों आ रहा है। इसके साथ यह भी जानेंगे कि पाकिस्तान JF-सत्रह और तेजस में क्या है अंतर। एक- दुनियाभर में इन दिनों में भारत के हल्के लड़ाकू विमान तेजस में कई देशों ने अपनी गहन दिलचस्पी दिखाई है। तेजस ने पूरी दुनिया में अपनी धूम मचाई है। इतना ही नहीं विश्व का सुपर पावर माना जाने वाला अमेरिका ने भी भारत से तेजस खरीदने की कोशिश कर रहा है। तेजस की बेहतरीन खूबियां के कारण कई देशों ने अपनी रुचि दिखाई है। मलेशिया, कोलंबिया, इंडोनेशिया और फिलीपींस सहित कई देशों ने स्वदेशी तेजस विमान में अपनी रुचि दिखाई है। तेजस की बेहतर उड़ान क्षमता, उसकी गति और मेंटीनेंस में आसानी ने कई देशों का ध्यान खींचा है। भारतीय वायु सेना ने हाल ही में तेजस को हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के साथ फ्रांसीसी हैमर एयर-टू-ग्राउंड स्टैंड-आफ मिसाइल से लैस किया था। दो- तेजस दुनिया में भारतीय इकलौता ऐसा लड़ाकू विमान है, जिसमें रूस, अमेरिका और यूरोपीय देशों के हथियारों को बिना किसी परेशानी के फिट किया जा सकता है। यह भारत के लिए खासकर रक्षा क्षेत्र में उत्साह बढ़ाने वाली खबर है। रक्षा क्षेत्र में भारत के निर्यात के लिए बड़ी उम्मीद बढ़ी है। भारत सरकार ने कहा है कि अमेरिका, आस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया और फिलीपींस समेत छह देशों ने भारत के लाइट एयरक्राफ्ट तेजस में अपनी रुचि दिखाई है। मलेशिया पहले ही भारत से तेजस विमान को खरीदने की तैयारी में जुटा है। यह भारत के लिए अच्छे संकेत हैं। भारतीय वायु सेना के लिए तेजस काफी अहम हैं। पड़ोसी मुल्कों से मिल रही सामरिक चुनौतियों को देखते हुए तेजस जेट विमान जंग में एक बड़ी भूमिका निभा सकता है। तेजस के मुकाबले में पाकिस्तान अपने JF-सत्रह का दम भरता है, लेकिन यह बात ध्यान रखने की है जहां तेजस पूरी तरह स्वदेशी जेट हैं, वहीं JF-सत्रह को पाकिस्तान ने चीन के साथ मिलकर बनाया है। तेजस न सिर्फ तेज और हल्का है, बल्कि इसमें JF-सत्रह के मुकाबले ताकतवर इंजन भी लगा है। इसकी पेलोड क्षमता भी JF-सत्रह से ज्यादा है। तेजस को नेवी की जरूरत के हिसाब से मॉडिफाई किया जा चुका है जबकि JF-सत्रह के पास ऐसी क्षमता नहीं है। मलेशिया अपने पुराने रूसी लड़ाकू विमान को बदलने के लिए तेजस खरीदना चाहता है। लाइट एयरक्राफ्ट के मामले में तेजस ने चीन और कोरिया के विमान को भी पीछे छोड़ दिया है। भारत ने मलेशिया को अट्ठारह तेजस एयरक्राफ्ट बेचने की पेशकश की है। तेजस विमान को हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड ने बनाया है। भारतीय रक्षा मंत्रालय ने एयरफोर्स के लिए एचएएल से तिरासी तेजस खरीदने का करार किया है। हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड को इन तेजस के लिए अड़तालीस हज़ार करोड़ दिया जाएगा। एचएएल एयरफोर्स को तेजस की वर्ष दो हज़ार तेईस से डिलीवरी शुरू करेगी। हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड तेजस के एयरक्राफ्ट रिसर्च एंड डिजाइन सेंटर के सहयोग से एयरोनटिकल डेवलपमेंट एजेंसी की ओर विकसित सिंगल इंजन मल्टीरोल लाइट फाइटर जेट है। इस वर्ष की प्रारंभ में एचएएल ने भारतीय वायु सेना को तिहत्तर नए तेजस मार्क एक एम्पीयर लाइट काम्बैट एयरक्राफ्ट जेट और दस तेजस मार्क एक दो-सीट प्रशिक्षण जेट बनाने के लिए छः. अट्ठावन बिलियन डालर की डील पर हस्ताक्षर किए थे। अब इसके मार्क दो वर्जन पर भी काम तेजी से चल रहा है। वहीं, नौसेना के लिए तेजस का नेवल वेरिएंट पहले से ही तैयार है, जिसे जल्द ही आईएनएस विक्रांत पर टेस्ट किया जाएगा। एक- तेजस एलमुनियम, लिथियम एलोय, कार्बन फाइबर कंपोजिट, टाइटेनियम एलाय और स्टील से निर्मित है। इस वजह से तेजस दूसरे लड़ाकू विमानों की तुलना में बहुत हल्का है। तेजस का वजन केवल पैंसठ क्विंटल है। तेजस के हल्का होने के बाद भी इसकी ताकत अपनी पीढ़ी के दूसरे विमानों से कम नहीं है। तेजस की सबसे बड़ी खूबी है कि इसके पचास फीसद से अधिक कंपोनेंट भारत में ही बने हैं। फरवरी, दो हज़ार उन्नीस में तेजस को एयरफोर्स में शामिल किया गया था। तेजस हल्के वजन में बहुत कारगर लड़ाकू विमान है, क्योंकि वह एक. छः मैक की स्पीड से उड़ान भरता है। दो- तेजस को लैंडिंग और टेक आफ के लिए बहुत कम जगह की जरूरत पड़ती है। इसकी वजह से तेजस के लिए हथियार ले जाना बहुत आसान है। तेजस दुर्गम इलाकों में भी आसानी से लैंड कर सकता है। तेजस को रडार से बचने में महारत हासिल है। हवा से हवा और हवा से जमीन दोनों मामलों में हमला करने में तेजस बेहद कारगर है। इसलिए यह दुनिया भर की वायु सेना के लिए बेहतर है। तेजस हर तरह के मौसम में काम करने में सक्षम है। यह सभी खूबियां तेजस को एक अनोखा एयरक्राफ्ट बनाती है। अगर फाइटर जेट सुखोई से तेजस की तुलना करें तो सुखोई की तुलना में तेजस हल्का है और आठ से नौ टन भार ले जा सकता है।
अमेरिका में एक बार फिर एक भारतीय इंजीनियर की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। घटना बुधवार की रात की अमेरिका के कनसास शहर की है। आरोप है कि भारतीयों को निशाना बनाकर 51 साल के एक रिटायर्ड नौसैनिक ने फायरिंग की जिसमें इंजीनियर श्रीनिवास की मौके पर ही मौत हो गई और दो अन्य भारतीय जख्मी हो गए। इनमें से एक भारतीय की हालत गंभीर है। यह घटना एक रेस्टोरेंट में हुई है। एक चश्मदीद के मुताबिक आरोपी ने नौ राउंड फायरिंग की है। दरसअल, श्रीनिवास और आलोक काम के बाद कनसास में पास ही के एक बार में बैठे हुए थे। तब अचानक शूटर ऐडम पुरिनटोन चिल्लाते हुए वंशीय टिप्पणी करने लगा। बताया जा रहा है कि उसने इन दोनों भारतीयों को 'मिडल ईस्टर्न' (मध्य-पूर्वी) कहकर बुलाया और कई गोलियां चलाने से पहले चिल्लाकर कहा कि 'निकल जाओ मेरे देश से. . '। इस हमले में श्रीनिवास की मौत हो गई, वहीं 32 साल के इंजीनियर आलोक गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। इस हादसे को रोकने के लिए 24 साल के ईयान ग्रिलोट बीच में आए लेकिन हमलावर ने उसे भी नहीं छोड़ा और गोली मार दी। हालांकि उम्मीद है कि वह बच जाएंगे। हमले के बाद पुरिनटोन बार से भाग गए और पांच घंटे बाद आरेपी एडम को पकड़ लिया गया। आरोपी ने शायद पहचान के अभाव में गोली चलाई। क्योंकि गोली चलाने के वक्त आरोपी ने कहा कि तुम मिडिल ईस्ट के लोग अमेरिका से निकल जाओ। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी अमेरिकी नौसेना में काम कर चुका है। श्रीनिवास, अमेरिकी मल्टीनेश्नल कंपनी गार्मिन इंटरनेश्नल में काम करते थे। जो जीपीएस सिस्टम बनाती है। वह 2014 में इस कंपनी में शामिल हुए थे और उनकी पत्नी सुनयना दुमाला भी कनसास में ही एक टैक्नॉलोजी कंपनी में काम करती हैं। गार्मिन की ओर से जारी एक बयान में इस हादसे पर अफसोस व्यक्त किया गया है और कहा गया है कि वह इन कर्मचारियों और उनके परिवार के लिए काउंस्लर उपलब्ध करवाएगी। श्रीनिवास के फेसबुक प्रोफाइल से पता चलता है कि उन्होंने हैदराबाद की जवाहरलाल नेहरू टैक्नॉलोजिकल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी और आगे की पढ़ाई के लिए वह टेक्सस चले गए थे। पीड़ितों के परिवार की मदद के लिए भारतीय दूतावास ने कनसास में अपने दो अधिकारियों को भेजा है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया, "वह कनसास की गोलीबारी में श्रीनिवास की हत्या से सकते में हैं। गोलीबारी की घटना से हैरान हूं जिसमें श्रीनिवास कुचीभोतला मारे गए। मेरी संवेदनाएं मृतक के परिवार के साथ हैं। मैंने अमेरिका में भारत के राजदूत से बात की है। उन्होंने जानकारी दी कि भारतीय दूतावास के दो अधिकारियों को मैके पर भेजा गया है। " उन्होंने लिखा कि, पीड़ित के परिवार को हर तरह की मदद दी जाएगी। श्रीनिवास के शव को भारत लाने के लिए GoFundMe वेबसाइट ने मुहिम शुरू की है। आठ घंटे में इस पेज ने श्रीनिवास के लिए 150,000 डॉलर के गोल को पार कर लिया है और करीब 200,000 डॉलर इकट्ठे कर लिए हैं। I am shocked at the shooting incident in Kansas in which Srinivas Kuchibhotla has been killed. My heartfelt condolences to bereaved family. अमेरिका में अपने या अन्य देशों के नागरिकों के खिलाफ गन वॉयलेंस या हेट क्राइम का ये पहला मामला नहीं है। अमेरिका से आए दिन गन वॉयलेंस के मामले सामने आते रहते हैं। साल 2012 में अमेरिका के विस्कॉन्सिन में एक गुरुद्वारे को निशाना बनाया गया था, वहीं एक गुजराती व्यक्ति के खिलाफ हिंसा का मामला भी सामने आया था।
अमेरिका में एक बार फिर एक भारतीय इंजीनियर की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। घटना बुधवार की रात की अमेरिका के कनसास शहर की है। आरोप है कि भारतीयों को निशाना बनाकर इक्यावन साल के एक रिटायर्ड नौसैनिक ने फायरिंग की जिसमें इंजीनियर श्रीनिवास की मौके पर ही मौत हो गई और दो अन्य भारतीय जख्मी हो गए। इनमें से एक भारतीय की हालत गंभीर है। यह घटना एक रेस्टोरेंट में हुई है। एक चश्मदीद के मुताबिक आरोपी ने नौ राउंड फायरिंग की है। दरसअल, श्रीनिवास और आलोक काम के बाद कनसास में पास ही के एक बार में बैठे हुए थे। तब अचानक शूटर ऐडम पुरिनटोन चिल्लाते हुए वंशीय टिप्पणी करने लगा। बताया जा रहा है कि उसने इन दोनों भारतीयों को 'मिडल ईस्टर्न' कहकर बुलाया और कई गोलियां चलाने से पहले चिल्लाकर कहा कि 'निकल जाओ मेरे देश से. . '। इस हमले में श्रीनिवास की मौत हो गई, वहीं बत्तीस साल के इंजीनियर आलोक गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। इस हादसे को रोकने के लिए चौबीस साल के ईयान ग्रिलोट बीच में आए लेकिन हमलावर ने उसे भी नहीं छोड़ा और गोली मार दी। हालांकि उम्मीद है कि वह बच जाएंगे। हमले के बाद पुरिनटोन बार से भाग गए और पांच घंटे बाद आरेपी एडम को पकड़ लिया गया। आरोपी ने शायद पहचान के अभाव में गोली चलाई। क्योंकि गोली चलाने के वक्त आरोपी ने कहा कि तुम मिडिल ईस्ट के लोग अमेरिका से निकल जाओ। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी अमेरिकी नौसेना में काम कर चुका है। श्रीनिवास, अमेरिकी मल्टीनेश्नल कंपनी गार्मिन इंटरनेश्नल में काम करते थे। जो जीपीएस सिस्टम बनाती है। वह दो हज़ार चौदह में इस कंपनी में शामिल हुए थे और उनकी पत्नी सुनयना दुमाला भी कनसास में ही एक टैक्नॉलोजी कंपनी में काम करती हैं। गार्मिन की ओर से जारी एक बयान में इस हादसे पर अफसोस व्यक्त किया गया है और कहा गया है कि वह इन कर्मचारियों और उनके परिवार के लिए काउंस्लर उपलब्ध करवाएगी। श्रीनिवास के फेसबुक प्रोफाइल से पता चलता है कि उन्होंने हैदराबाद की जवाहरलाल नेहरू टैक्नॉलोजिकल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी और आगे की पढ़ाई के लिए वह टेक्सस चले गए थे। पीड़ितों के परिवार की मदद के लिए भारतीय दूतावास ने कनसास में अपने दो अधिकारियों को भेजा है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया, "वह कनसास की गोलीबारी में श्रीनिवास की हत्या से सकते में हैं। गोलीबारी की घटना से हैरान हूं जिसमें श्रीनिवास कुचीभोतला मारे गए। मेरी संवेदनाएं मृतक के परिवार के साथ हैं। मैंने अमेरिका में भारत के राजदूत से बात की है। उन्होंने जानकारी दी कि भारतीय दूतावास के दो अधिकारियों को मैके पर भेजा गया है। " उन्होंने लिखा कि, पीड़ित के परिवार को हर तरह की मदद दी जाएगी। श्रीनिवास के शव को भारत लाने के लिए GoFundMe वेबसाइट ने मुहिम शुरू की है। आठ घंटे में इस पेज ने श्रीनिवास के लिए एक सौ पचास,शून्य डॉलर के गोल को पार कर लिया है और करीब दो सौ,शून्य डॉलर इकट्ठे कर लिए हैं। I am shocked at the shooting incident in Kansas in which Srinivas Kuchibhotla has been killed. My heartfelt condolences to bereaved family. अमेरिका में अपने या अन्य देशों के नागरिकों के खिलाफ गन वॉयलेंस या हेट क्राइम का ये पहला मामला नहीं है। अमेरिका से आए दिन गन वॉयलेंस के मामले सामने आते रहते हैं। साल दो हज़ार बारह में अमेरिका के विस्कॉन्सिन में एक गुरुद्वारे को निशाना बनाया गया था, वहीं एक गुजराती व्यक्ति के खिलाफ हिंसा का मामला भी सामने आया था।
नई दिल्लीः बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा ने आज अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक तस्वीर शेयर की है. जो कि कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है. बता दें की फोटो में अनुष्का शर्मा शीर्षासन करती दिखाई दे रही हैं. और वहीं पति विराट कोहली उनकी मदद करते नजर आ रहे हैं. तस्वीर में अनुष्का का बेबी बंप साफ नजर आ रहा है और उनकी मदद करने के लिए विराट बेहद प्यार के साथ अनुष्का के पैरों को सपोर्ट दे रहे हैं। बता दें कि भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली पहली बार पिता बनने जा रहे हैं. हालाकी अनुष्का भी काफी एहतियात के साथ इस वक्त को बिता रही है. साथ ही लगातार सोशल मिडिया पर एक्टिव बनी हुई हैं. तस्वीर अपलोड करने के महज 12 मिनट में ही 3 लाख से ज्यादा लोगों ने लाइक व शेयर किया है. ट्वीटर पर फैंस ने अनुष्का और विराट को भर-भर के जहां बधाई दी, तो वहीं कुछ उजर्स ने चुटकी भी ली. ट्वीटर पर ट्रेंड कर रहा है अनुष्का.
नई दिल्लीः बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा ने आज अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक तस्वीर शेयर की है. जो कि कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है. बता दें की फोटो में अनुष्का शर्मा शीर्षासन करती दिखाई दे रही हैं. और वहीं पति विराट कोहली उनकी मदद करते नजर आ रहे हैं. तस्वीर में अनुष्का का बेबी बंप साफ नजर आ रहा है और उनकी मदद करने के लिए विराट बेहद प्यार के साथ अनुष्का के पैरों को सपोर्ट दे रहे हैं। बता दें कि भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली पहली बार पिता बनने जा रहे हैं. हालाकी अनुष्का भी काफी एहतियात के साथ इस वक्त को बिता रही है. साथ ही लगातार सोशल मिडिया पर एक्टिव बनी हुई हैं. तस्वीर अपलोड करने के महज बारह मिनट में ही तीन लाख से ज्यादा लोगों ने लाइक व शेयर किया है. ट्वीटर पर फैंस ने अनुष्का और विराट को भर-भर के जहां बधाई दी, तो वहीं कुछ उजर्स ने चुटकी भी ली. ट्वीटर पर ट्रेंड कर रहा है अनुष्का.
श्री स्वस्ति । नाव-हाथ- बोड़ोंसे युक्त श्रीवर्धमान कोटीके महान् राज-शिविरसेएक थे महाराज श्रीनरवर्धन । (उनकी रानी ) वज्रिणी देवीसे उत्पन्न उनके पुत्र महाराज श्रीराज्यवर्धन उनके (= अपने पिताके) चरणोंके ध्यान में रत और आदित्यके परम भक्त थे। उनकी ( = राज्यवर्धनकी ) रानी श्रीमती अप्सरोदेवीसे उत्पन्न महाराज श्री आदित्यवर्धन उनके ( = अपने पिताके ) चरणोंके ध्यान में रत और आदित्यके परम भक्त थे। उनकी ( = आदित्यवर्धनकी) रानी श्री महासेनगुप्ता देवीसे उत्पन्न उनके पुत्र परम भट्टारक महाराजाधिराज श्रीप्रभाकरवर्धन उनके (= अपने पिता के) चरणोंके ध्यान में रत, आदित्यके परम भक्त, वर्णाश्रम व्यवस्थाकी रक्षा में प्रवृत्त और सूर्यके समान प्रजाओंके कष्ट-हारक ( = दुःख-विनाशक) थे; उनकी कीर्ति चारों समुद्रोंको पार कर गई; उनके प्रताप और प्रेमसे दूसरे राजा उनके वशमें हो गये । उन (प्रभाकरवर्धन ) की रानी विमलयशवाली श्रीयशोमती देवीसे उत्पन्न उनके पुत्र परम भट्टारक महाराजाधिराज श्रीराज्यवर्धन उनके ( = अपने पिता के ) चरणोंके ध्यान में रत, बुद्धके समान पर हित-निरत ( परोपकारी ), परम बौद्ध थे; उनकी उज्ज्वल कीर्ति सकल भूमण्डलमें व्याप्त हो गई थी; उन्होंने कुवेर वरुण और इन्द्र आदि लोक-पालोंके तेजको धारण किया, न्यायोपार्जित विपुल भूमि और प्रचुर धनके दानसे प्रार्थियों ( के हृदय ) को प्रसन्न किया तथा पूर्व-कालके राजाओंसे बढ़कर ( श्रेयस्कर ) कार्य किये - उन्होंने युद्ध में श्रीदेवगुप्त आदि राजाओंका एक साथही दमन किया, जैसे चाबूककी चोटसे दुष्ट घोड़ोंको ( कुमार्ग से ) घुमाया जाय । शत्रुओंको उन्मूलित कर, पृथ्वीको जीतकर, प्रजाओंका हित-साधन कर, सत्यके अनुरोधसे* उन्होंने शत्रुके घर में प्राण छोड़े । उन ( राज्यवर्धन ) के अनुज, उनके चरणोंके ध्यानमें रत, शिवके समान सब जीवोंपर दया करनेवाले, परम शैव, परम भट्टारक महाराजाघिराज श्री हर्ष अहिच्छत्र-भुक्ति के अन्तर्गत अङ्गदीय जिलाके पश्चिम पथसे * ( शत्रुका निमंत्रण स्वीकार कर ) अपने वचनकी रक्षा करते हुए ।
श्री स्वस्ति । नाव-हाथ- बोड़ोंसे युक्त श्रीवर्धमान कोटीके महान् राज-शिविरसेएक थे महाराज श्रीनरवर्धन । वज्रिणी देवीसे उत्पन्न उनके पुत्र महाराज श्रीराज्यवर्धन उनके चरणोंके ध्यान में रत और आदित्यके परम भक्त थे। उनकी रानी श्रीमती अप्सरोदेवीसे उत्पन्न महाराज श्री आदित्यवर्धन उनके चरणोंके ध्यान में रत और आदित्यके परम भक्त थे। उनकी रानी श्री महासेनगुप्ता देवीसे उत्पन्न उनके पुत्र परम भट्टारक महाराजाधिराज श्रीप्रभाकरवर्धन उनके चरणोंके ध्यान में रत, आदित्यके परम भक्त, वर्णाश्रम व्यवस्थाकी रक्षा में प्रवृत्त और सूर्यके समान प्रजाओंके कष्ट-हारक थे; उनकी कीर्ति चारों समुद्रोंको पार कर गई; उनके प्रताप और प्रेमसे दूसरे राजा उनके वशमें हो गये । उन की रानी विमलयशवाली श्रीयशोमती देवीसे उत्पन्न उनके पुत्र परम भट्टारक महाराजाधिराज श्रीराज्यवर्धन उनके चरणोंके ध्यान में रत, बुद्धके समान पर हित-निरत , परम बौद्ध थे; उनकी उज्ज्वल कीर्ति सकल भूमण्डलमें व्याप्त हो गई थी; उन्होंने कुवेर वरुण और इन्द्र आदि लोक-पालोंके तेजको धारण किया, न्यायोपार्जित विपुल भूमि और प्रचुर धनके दानसे प्रार्थियों को प्रसन्न किया तथा पूर्व-कालके राजाओंसे बढ़कर कार्य किये - उन्होंने युद्ध में श्रीदेवगुप्त आदि राजाओंका एक साथही दमन किया, जैसे चाबूककी चोटसे दुष्ट घोड़ोंको घुमाया जाय । शत्रुओंको उन्मूलित कर, पृथ्वीको जीतकर, प्रजाओंका हित-साधन कर, सत्यके अनुरोधसे* उन्होंने शत्रुके घर में प्राण छोड़े । उन के अनुज, उनके चरणोंके ध्यानमें रत, शिवके समान सब जीवोंपर दया करनेवाले, परम शैव, परम भट्टारक महाराजाघिराज श्री हर्ष अहिच्छत्र-भुक्ति के अन्तर्गत अङ्गदीय जिलाके पश्चिम पथसे * अपने वचनकी रक्षा करते हुए ।
जवाब दिया कि हे आर्य ! मेरी धारणा प्रमाणे सब पुद्गल अड्डा समझा सपएसा है, किन्तु अड्डामा अपएसा नहीं है ।. २ - नियंठिपुत्र अनगार ने पूछा कि हे आर्य धारणा प्रमाणे क्या सच पुद्गल द्रव्य क्षेत्र काल भाव की अपेक्षा सश्रृड्ढा समज्झा सपएसा है ? नारदपुत्र ने जवाब दिया कि हे श्रार्य सघ पुद्गल द्रव्य क्षेत्र काल भाव की अपेक्षा सड्ढा समझा सपएसा हैं । ३- नियंठिपुत्र नगर ने पूछा कि हे आर्य ! यदि सव पुद्गल द्रव्य क्षेत्र काल भाव से सड्ढा समझा सपएसा हैं तो के मतानुसार एक परमाणु पुंगल, एक प्रदेशावगाढ पुद्गल, एक समय की स्थिति वाला पुदल एक गुण काला पुदल सड्ढा समज्झा सपएसा होने चाहिए, अगड्ढा श्रमज्झा अपसा नहीं होने चाहिए। यदि आपकी धारणानुसार इस तरह न होवे तो आपका कहना मिथ्या होगा । नारदपुत्र अनगार ने नियंठिपुत्र अगार से कहा कि हे देवानुप्रिय ! मैं इस अर्थ को नहीं जानता हूँ, नहीं देखता हूँ । इस अर्थ को कहने में यदि आपको ग्लानि ( कष्ट ) न होती हो तो फरमावें । इसका अर्थ मैं आपके पास से सुनना चाहता हुँ, धारण करना चाहता हूं । तब नियंठिपुत्र अनगार ने नारदपुत्र अनगार से कहा कि हे आर्य ! मेरी धारणा प्रमाणे सब पुद्गल द्रव्य क्षेत्र काल भाव से सिय सप्रदेशी सिय प्रदेशी हैं। जो पुद्गल द्रव्य से प्रदेशी है वह क्षेत्र से नियमा ( निश्चित रूप से प्रदेशी होता है, काल से सिय सप्रदेशी सिय अप्रदेशी होता है और भाव से सिय सप्रदेशी सिय प्रदेशी होता है । जो पुद्गल क्षेत्र से अप्रदेशी है वह द्रव्य से, काल से और भाव से सिय सप्रदेशी सि देशी होता है। जो पुद्गल काल से प्रदेशी है वह द्रव्य से, क्षेत्र से और भाव से सिय प्रदेशी सिय अप्रदेशी होता है। जो पुद्गल भाव से प्रदेश होता है वह द्रव्य से, क्षेत्र से, काल से सिय सप्रदेशी सिय प्रदेशी होता है । जो पुद्गल द्रव्य से सप्रदेशी है वह पुद्गल क्षेत्र से, काल से, भाव से सिय सप्रदेशी सिय देशी होता है। जो पुद्गल क्षेत्र से सप्रदेशी होता है वह द्रव्य से नियमा सप्रदेशी होता है। काल से और भाव से सिय सप्रदेशी सिय प्रदेशी होता है। जो पुद्गल काल से सप्रदेशी होता है वह पुद्गल द्रव्य से, क्षेत्र से और भाव से सिय सप्रदेशी सिय अप्रदेशी होता है। जो पुद्गल भाव से सप्रदेशी होता है वह पुद्गल द्रव्य से, क्षेत्र से और क़ाल से सिय सप्रदेशी सिय प्रदेश होता है । फिर नारदपुत्र अनगार ने पूछा कि हे देवानुप्रिय ! सप्रदेशी प्रदेशी में द्रव्य क्षेत्र काल भाव की अपेक्षा कौन किससे थोड़ा, बहुत, सरीखा और विशेषाधिक है ? तब नियंठिपुत्र अनगार ने जवाब दिया कि हे नारदपुत्र ! १ सब से थोड़ा भाव से प्रदेशी, २ उससे काल से प्रदेशी गुणा, ३ उससे द्रव्य से अप्रदेशी असंख्यात गुणा, ४ उससे क्षेत्र से प्रदेशी गुणा, ५ उससे क्षेत्र से सप्रदेशी असंख्यात गुणा, ६ उससे द्रव्य से सप्रदेशी विसेसा'हिया ( विशेषाधिक ), ७ उससे काल से सप्रदेशी बिसेसाहिया, ८] उससे भाव से संप्रदेशी विसेसाहिया । इस अर्थ को सुनकर नारदपुत्र अनगार ने नियंडिपुत्र अन'गार को वन्दना नमस्कार किया और अपने निज के द्वारा कहे * सब से थोड़े भाव से प्रदेशी जैसे एक गुण काला नीला आदि । २-उससे काल से प्रदेशी असल्याच गुणा जैसे एक समय की स्थिति वाले पुद्गल । ३ - इससे द्रव्य से प्रदेश संख्यात गुणाजैसे सब परमाणु पुद्गल । ४ उससे क्षेत्र से श्रप्रदेशी असंख्यातनुगाजैसे एक एक आकाश प्रदेश अगाई पुद्गल १४ उसमे क्षेत्र से सप्रदेशी असंख्यातगुणा-जैसे दो आकाश प्रदेश श्रवाई हुए तीन प्रकाश प्रदेश अवगाहे हुए यावत् असंख्यात प्रकाश प्रदेश अवगाहे हुए पुद्गल । ६ उससे द्रव्य से सप्रदेशी विशेषादिया-जैसे दो प्रदेशी स्कंध, तीन प्रदेशी 'स्कन्ध, यावत् अनन्त प्रदेशी स्ऋत्व । ७ उससे काल से समंदेशी विशेषदिया, जैसे - दो समय तीन समग्र यावन असंख्यात समय की सिद्धि वाले पुद्गल । ८ उससे भाव से संप्रदेशी विशेषाहिया जैसे काले, तीन गुण काले यावत अनन्त गुणकाले आदे
जवाब दिया कि हे आर्य ! मेरी धारणा प्रमाणे सब पुद्गल अड्डा समझा सपएसा है, किन्तु अड्डामा अपएसा नहीं है ।. दो - नियंठिपुत्र अनगार ने पूछा कि हे आर्य धारणा प्रमाणे क्या सच पुद्गल द्रव्य क्षेत्र काल भाव की अपेक्षा सश्रृड्ढा समज्झा सपएसा है ? नारदपुत्र ने जवाब दिया कि हे श्रार्य सघ पुद्गल द्रव्य क्षेत्र काल भाव की अपेक्षा सड्ढा समझा सपएसा हैं । तीन- नियंठिपुत्र नगर ने पूछा कि हे आर्य ! यदि सव पुद्गल द्रव्य क्षेत्र काल भाव से सड्ढा समझा सपएसा हैं तो के मतानुसार एक परमाणु पुंगल, एक प्रदेशावगाढ पुद्गल, एक समय की स्थिति वाला पुदल एक गुण काला पुदल सड्ढा समज्झा सपएसा होने चाहिए, अगड्ढा श्रमज्झा अपसा नहीं होने चाहिए। यदि आपकी धारणानुसार इस तरह न होवे तो आपका कहना मिथ्या होगा । नारदपुत्र अनगार ने नियंठिपुत्र अगार से कहा कि हे देवानुप्रिय ! मैं इस अर्थ को नहीं जानता हूँ, नहीं देखता हूँ । इस अर्थ को कहने में यदि आपको ग्लानि न होती हो तो फरमावें । इसका अर्थ मैं आपके पास से सुनना चाहता हुँ, धारण करना चाहता हूं । तब नियंठिपुत्र अनगार ने नारदपुत्र अनगार से कहा कि हे आर्य ! मेरी धारणा प्रमाणे सब पुद्गल द्रव्य क्षेत्र काल भाव से सिय सप्रदेशी सिय प्रदेशी हैं। जो पुद्गल द्रव्य से प्रदेशी है वह क्षेत्र से नियमा , सात उससे काल से सप्रदेशी बिसेसाहिया, आठ] उससे भाव से संप्रदेशी विसेसाहिया । इस अर्थ को सुनकर नारदपुत्र अनगार ने नियंडिपुत्र अन'गार को वन्दना नमस्कार किया और अपने निज के द्वारा कहे * सब से थोड़े भाव से प्रदेशी जैसे एक गुण काला नीला आदि । दो-उससे काल से प्रदेशी असल्याच गुणा जैसे एक समय की स्थिति वाले पुद्गल । तीन - इससे द्रव्य से प्रदेश संख्यात गुणाजैसे सब परमाणु पुद्गल । चार उससे क्षेत्र से श्रप्रदेशी असंख्यातनुगाजैसे एक एक आकाश प्रदेश अगाई पुद्गल चौदह उसमे क्षेत्र से सप्रदेशी असंख्यातगुणा-जैसे दो आकाश प्रदेश श्रवाई हुए तीन प्रकाश प्रदेश अवगाहे हुए यावत् असंख्यात प्रकाश प्रदेश अवगाहे हुए पुद्गल । छः उससे द्रव्य से सप्रदेशी विशेषादिया-जैसे दो प्रदेशी स्कंध, तीन प्रदेशी 'स्कन्ध, यावत् अनन्त प्रदेशी स्ऋत्व । सात उससे काल से समंदेशी विशेषदिया, जैसे - दो समय तीन समग्र यावन असंख्यात समय की सिद्धि वाले पुद्गल । आठ उससे भाव से संप्रदेशी विशेषाहिया जैसे काले, तीन गुण काले यावत अनन्त गुणकाले आदे
अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर के नाम पर वायरल हो रहा वीडियो वास्तव में आंध्र प्रदेश के एक जैन मंदिर का 3D एनिमेटेड वीडियो है। नई दिल्ली (विश्वास टीम)। अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन की तैयारियों के बीच सोशल मीडिया पर एक मंदिर का एनिमेटेड वीडियो वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर का है। विश्वास न्यूज की जांच में यह दावा गलत निकला। अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर के 3D एनिमेशन के नाम पर वायरल किया जा रहा वीडियो वास्तव में आंध्र प्रदेश के एक जैन मंदिर का एनिमेटेड वीडियो है। क्या है वायरल पोस्ट में? मेरे प्रभु की जन्म भूमि से तिरपाल हट रहा है। कई अन्य यूजर्स ने इस वीडियो को समान दावे के साथ शेयर किया है। फेसबुक यूजर्स ने इस वीडियो (आर्काइव लिंक) को समान और मिलते-जुलते दावे के साथ शेयर किया है। गौरतलब है कि अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद राम मंदिर के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र' ट्रस्ट का गठन किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 फरवरी 2020 को इस बारे में लोकसभा में घोषणा की थी। सर्च में हमें न्यूज एजेंसी 'रॉयटर्स' की फोटो गैलरी में 22 अक्टूबर 2019 को अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर के प्रस्तावित मॉडल की तस्वीर मिली, जो कहीं से भी वायरल हो रही तस्वीर से मेल नहीं खाती है। 'दैनिक जागरण' में 24 जुलाई को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, 'अयोध्या के प्रस्तावित राम मंदिर के मॉडल के डिजाइन को नए सिरे से अंतिम रूप दे दिया गया है, जिस पर श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भी अंतिम मुहर लगा दी है। नए लेआउट के तहत मंदिर पहले से अधिक भव्य बनेगा। इसमें पांच नहीं, बल्कि आसमान छूते छह शिखर होंगे।' इस खबर में भी प्रस्तावित राम मंदिर की समान तस्वीर इस्तेमाल की गई है। हिंदी न्यूज चैनल 'आज तक' के वीडियो बुलेटिन से इसकी पुष्टि होती है, जिसमें प्रस्तावित राम मंदिर के नक्शे में किए गए बदलाव की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित मंदिर के मूल रूप में कोई बदलाव नहीं होगा और मंदिर अब दो मंजिल की बजाए तीन मंजिल का होगा। इस वीडियो बुलेटिन में भी अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर का वही वास्तुशिल्प नजर आता है, जो न्यूज एजेंसी रॉयटर्स और जागरण में प्रकाशित खबर में इस्तेमाल की गई है। इसके बाद हमने वायरल हो रहे वीडियो के ओरिजनल सोर्स को खोजने की कोशिश की। सर्च में हमें 'Kems Studio - 3D Animation & Rendering Studio' के यू-ट्यूब चैनल पर 30 जून 2014 को अपलोड किया गया वीडियो मिला, जो वायरल हो रहे वीडियो से मेल खाता है। वीडियो को पूरा देखने पर पता चला कि वायरल हो रहा वीडियो ओरिजनल 3.51 सेकेंड के एनिमेटेड वीडियो का एक भाग है। ओरिजनल वीडियो में बैकग्राउंड साउंड भी अलग है, जबकि वायरल हो रहे वीडियो में इस साउंड ट्रैक को एडिट कर बदल दिया गया है। वायरल हो रहा वीडियो क्लिप मूल वीडियो के 0.52 सेकेंड के फ्रेम से 1.27 सेकेंड के फ्रेम के बीच का है। इससे पहले भी एक तस्वीर वायरल हुई थी, जिसे प्रस्तावित राम मंदिर का वास्तुशिल्प बताकर वायरल किया गया था। विश्वास न्यूज की पड़ताल में यह दावा गलत निकला। पूरी रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है। निष्कर्षः अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर के नाम पर वायरल हो रहा वीडियो वास्तव में आंध्र प्रदेश के एक जैन मंदिर का 3D एनिमेटेड वीडियो है। कॉरपोरेट और राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर सत्ता को हमेशा आइना दिखाने वाली फैक्ट चेक जर्नलिज्म सिर्फ और सिर्फ आपके सहयोग से संभव है। इस मुहिम में हमें आपके साथ और सहयोगी की जरूरत है। फर्जी और गुमराह करने वाली खबर के खिलाफ जारी इस लड़ाई में हमारी मदद करें और कृपया हमें आर्थिक सहयोग दें।
अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर के नाम पर वायरल हो रहा वीडियो वास्तव में आंध्र प्रदेश के एक जैन मंदिर का तीनD एनिमेटेड वीडियो है। नई दिल्ली । अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन की तैयारियों के बीच सोशल मीडिया पर एक मंदिर का एनिमेटेड वीडियो वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर का है। विश्वास न्यूज की जांच में यह दावा गलत निकला। अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर के तीनD एनिमेशन के नाम पर वायरल किया जा रहा वीडियो वास्तव में आंध्र प्रदेश के एक जैन मंदिर का एनिमेटेड वीडियो है। क्या है वायरल पोस्ट में? मेरे प्रभु की जन्म भूमि से तिरपाल हट रहा है। कई अन्य यूजर्स ने इस वीडियो को समान दावे के साथ शेयर किया है। फेसबुक यूजर्स ने इस वीडियो को समान और मिलते-जुलते दावे के साथ शेयर किया है। गौरतलब है कि अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद राम मंदिर के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र' ट्रस्ट का गठन किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाँच फरवरी दो हज़ार बीस को इस बारे में लोकसभा में घोषणा की थी। सर्च में हमें न्यूज एजेंसी 'रॉयटर्स' की फोटो गैलरी में बाईस अक्टूबर दो हज़ार उन्नीस को अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर के प्रस्तावित मॉडल की तस्वीर मिली, जो कहीं से भी वायरल हो रही तस्वीर से मेल नहीं खाती है। 'दैनिक जागरण' में चौबीस जुलाई को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, 'अयोध्या के प्रस्तावित राम मंदिर के मॉडल के डिजाइन को नए सिरे से अंतिम रूप दे दिया गया है, जिस पर श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भी अंतिम मुहर लगा दी है। नए लेआउट के तहत मंदिर पहले से अधिक भव्य बनेगा। इसमें पांच नहीं, बल्कि आसमान छूते छह शिखर होंगे।' इस खबर में भी प्रस्तावित राम मंदिर की समान तस्वीर इस्तेमाल की गई है। हिंदी न्यूज चैनल 'आज तक' के वीडियो बुलेटिन से इसकी पुष्टि होती है, जिसमें प्रस्तावित राम मंदिर के नक्शे में किए गए बदलाव की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित मंदिर के मूल रूप में कोई बदलाव नहीं होगा और मंदिर अब दो मंजिल की बजाए तीन मंजिल का होगा। इस वीडियो बुलेटिन में भी अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर का वही वास्तुशिल्प नजर आता है, जो न्यूज एजेंसी रॉयटर्स और जागरण में प्रकाशित खबर में इस्तेमाल की गई है। इसके बाद हमने वायरल हो रहे वीडियो के ओरिजनल सोर्स को खोजने की कोशिश की। सर्च में हमें 'Kems Studio - तीनD Animation & Rendering Studio' के यू-ट्यूब चैनल पर तीस जून दो हज़ार चौदह को अपलोड किया गया वीडियो मिला, जो वायरल हो रहे वीडियो से मेल खाता है। वीडियो को पूरा देखने पर पता चला कि वायरल हो रहा वीडियो ओरिजनल तीन.इक्यावन सेकेंड के एनिमेटेड वीडियो का एक भाग है। ओरिजनल वीडियो में बैकग्राउंड साउंड भी अलग है, जबकि वायरल हो रहे वीडियो में इस साउंड ट्रैक को एडिट कर बदल दिया गया है। वायरल हो रहा वीडियो क्लिप मूल वीडियो के शून्य.बावन सेकेंड के फ्रेम से एक.सत्ताईस सेकेंड के फ्रेम के बीच का है। इससे पहले भी एक तस्वीर वायरल हुई थी, जिसे प्रस्तावित राम मंदिर का वास्तुशिल्प बताकर वायरल किया गया था। विश्वास न्यूज की पड़ताल में यह दावा गलत निकला। पूरी रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है। निष्कर्षः अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर के नाम पर वायरल हो रहा वीडियो वास्तव में आंध्र प्रदेश के एक जैन मंदिर का तीनD एनिमेटेड वीडियो है। कॉरपोरेट और राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर सत्ता को हमेशा आइना दिखाने वाली फैक्ट चेक जर्नलिज्म सिर्फ और सिर्फ आपके सहयोग से संभव है। इस मुहिम में हमें आपके साथ और सहयोगी की जरूरत है। फर्जी और गुमराह करने वाली खबर के खिलाफ जारी इस लड़ाई में हमारी मदद करें और कृपया हमें आर्थिक सहयोग दें।
तीन दिन के साइन सर्वे (Tiger Estimation Survey) के बाद दो दिनों तक ट्रांजिट सर्वे होगा. इसके तहत बीट को इकाई मानकर जंगल के अंदर ट्रांजिट लाइन बनाई जाएगी. ट्रांजिट लाइनों पर वनकर्मी दाएं-बाएं देखते हुए ट्रांजिट वॉक करेंगे. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के लखीमपुर खीरी में फेमस दुधवा टाइगर नेशनल पार्क (Dudhwa National Park) में 7 मार्च से शाकाहारी वन्यजीवों की संख्या के आंकलन का कार्य शुरू होगा साथ ही शाकाहारी वन्यजीवों का सर्वे भी किया जाएगा. एक हफ्ते तक पक्षियों,पेड़ पौधों और अन्य वनस्पतियों का भी आंकलन किया जाएगा. टाइगर इस्टीमेशन (Tiger Estimation) के लिए दुधवा नेशनल पार्क में 1250 कैमरे लगाए जाएंगे. यूपी में चल रहे टाइगर इस्टीमेशन-2022 के तहत साइन सर्वे और शाकाहारी वन्यजीवों का आंकलन शुरू किया जाएगा. इस काम के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. इस बार बाघों की गिनती के साथ शाकाहारी जीवों हाथी, गैंडा और गिद्घों की भी गिनती की जाएगी. आंकलन का काम 7 मार्च से शुरू होकर 14 मार्च तक चलेगा. दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक ने बताया कि अभियान के शुरुआती तीन दिनों तक बाघ, तेंदुआ समेत हाथी, हिरन और दूसरे शाकाहारी वन्यजीवों की मौजूदगी के निशान देखकर उनकी संख्या का अनुमान लगाया जाएगा. तीन दिन के साइन सर्वे के बाद दो दिनों तक ट्रांजिट सर्वे होगा. इसके तहत बीट को इकाई मानकर जंगल के अंदर ट्रांजिट लाइन बनाई जाएगी. ट्रांजिट लाइनों पर वनकर्मी दाएं-बाएं देखते हुए ट्रांजिट वॉक करेंगे. ट्रांजिट सर्वे में सुबह छह बजे से रात आठ बजे तक टीमें यह देखेंगी कि कहां पर कौन सी वनस्पतियां, झाड़ियां और पेड़-पौधे हैं और उनका घनत्व क्या है।. घास के मैदानों में कौन कौन सी प्रजाति की घासें हैं, यह भी देखा जाएगा. सर्वे का मकसद यह पता लगाना है कि शाकाहारी जीवों के लिए जंगल में पर्याप्त भोजन की उपलब्धता है या नहीं. अधिकारी ने बताया कि इस सर्वे को विजिटेशन सर्वे का नाम दिया गया है. ट्रांजिट वॉक के दौरान टीमें रास्ते में दिखने वाले वन्यजीवों की गणना करते हुए उन्हें अपने रिकार्ड में शामिल करेंगी. अभियान के अंतिम दिन पक्षियों की गणना होगी. इस तरह शाकाहारी वन्यजीवों और पक्षियों की गणना का काम 14 मार्च को पूरा होगा. टाइगर इस्टीमेशन के लिए दुधवा नेशनल पार्क में 1250 कैमरे लगाए जाएंगे. टाइगर इस्टीमेशन के अंतिम चरण में दुधवा में कैमरे लगाने की तैयारी शुरू हो गई. दुधवा नेशनल पार्क में कुल 1250 कैमरे लगाए जाएंगे. यह कैमरे डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की मदद से लगाए जा रहे हैं. डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने 1250 कैमरे दुधवा पार्क प्रशासन को सौंप दिए हैं. साथ ही इन्हें संबंधित कर्मचारियों को वितरित कर दिया गया है. विजीटेशन सर्वे पूरा होने के बाद यह कैमरे वहां पर स्थापित किए जाएंगे. कैमरे लगने के बाद एक निर्धारित अवधि के दौरान इनकी तस्वीरें निकालकर भारतीय वन्यजीव संस्थान को भेजी जाएंगी, जिनका विश्लेषण कर बाघों की संख्या का अनुमान लगाया जाएगा. दरअसल यह प्रक्रिया इस साल के अंत तक पूरी की जानी है.
तीन दिन के साइन सर्वे के बाद दो दिनों तक ट्रांजिट सर्वे होगा. इसके तहत बीट को इकाई मानकर जंगल के अंदर ट्रांजिट लाइन बनाई जाएगी. ट्रांजिट लाइनों पर वनकर्मी दाएं-बाएं देखते हुए ट्रांजिट वॉक करेंगे. उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में फेमस दुधवा टाइगर नेशनल पार्क में सात मार्च से शाकाहारी वन्यजीवों की संख्या के आंकलन का कार्य शुरू होगा साथ ही शाकाहारी वन्यजीवों का सर्वे भी किया जाएगा. एक हफ्ते तक पक्षियों,पेड़ पौधों और अन्य वनस्पतियों का भी आंकलन किया जाएगा. टाइगर इस्टीमेशन के लिए दुधवा नेशनल पार्क में एक हज़ार दो सौ पचास कैमरे लगाए जाएंगे. यूपी में चल रहे टाइगर इस्टीमेशन-दो हज़ार बाईस के तहत साइन सर्वे और शाकाहारी वन्यजीवों का आंकलन शुरू किया जाएगा. इस काम के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. इस बार बाघों की गिनती के साथ शाकाहारी जीवों हाथी, गैंडा और गिद्घों की भी गिनती की जाएगी. आंकलन का काम सात मार्च से शुरू होकर चौदह मार्च तक चलेगा. दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक ने बताया कि अभियान के शुरुआती तीन दिनों तक बाघ, तेंदुआ समेत हाथी, हिरन और दूसरे शाकाहारी वन्यजीवों की मौजूदगी के निशान देखकर उनकी संख्या का अनुमान लगाया जाएगा. तीन दिन के साइन सर्वे के बाद दो दिनों तक ट्रांजिट सर्वे होगा. इसके तहत बीट को इकाई मानकर जंगल के अंदर ट्रांजिट लाइन बनाई जाएगी. ट्रांजिट लाइनों पर वनकर्मी दाएं-बाएं देखते हुए ट्रांजिट वॉक करेंगे. ट्रांजिट सर्वे में सुबह छह बजे से रात आठ बजे तक टीमें यह देखेंगी कि कहां पर कौन सी वनस्पतियां, झाड़ियां और पेड़-पौधे हैं और उनका घनत्व क्या है।. घास के मैदानों में कौन कौन सी प्रजाति की घासें हैं, यह भी देखा जाएगा. सर्वे का मकसद यह पता लगाना है कि शाकाहारी जीवों के लिए जंगल में पर्याप्त भोजन की उपलब्धता है या नहीं. अधिकारी ने बताया कि इस सर्वे को विजिटेशन सर्वे का नाम दिया गया है. ट्रांजिट वॉक के दौरान टीमें रास्ते में दिखने वाले वन्यजीवों की गणना करते हुए उन्हें अपने रिकार्ड में शामिल करेंगी. अभियान के अंतिम दिन पक्षियों की गणना होगी. इस तरह शाकाहारी वन्यजीवों और पक्षियों की गणना का काम चौदह मार्च को पूरा होगा. टाइगर इस्टीमेशन के लिए दुधवा नेशनल पार्क में एक हज़ार दो सौ पचास कैमरे लगाए जाएंगे. टाइगर इस्टीमेशन के अंतिम चरण में दुधवा में कैमरे लगाने की तैयारी शुरू हो गई. दुधवा नेशनल पार्क में कुल एक हज़ार दो सौ पचास कैमरे लगाए जाएंगे. यह कैमरे डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की मदद से लगाए जा रहे हैं. डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने एक हज़ार दो सौ पचास कैमरे दुधवा पार्क प्रशासन को सौंप दिए हैं. साथ ही इन्हें संबंधित कर्मचारियों को वितरित कर दिया गया है. विजीटेशन सर्वे पूरा होने के बाद यह कैमरे वहां पर स्थापित किए जाएंगे. कैमरे लगने के बाद एक निर्धारित अवधि के दौरान इनकी तस्वीरें निकालकर भारतीय वन्यजीव संस्थान को भेजी जाएंगी, जिनका विश्लेषण कर बाघों की संख्या का अनुमान लगाया जाएगा. दरअसल यह प्रक्रिया इस साल के अंत तक पूरी की जानी है.
पतंजलि द्वारा आयोजित मंडलीय योगासन प्रतियोगिता में गांव मानागढ़ी के एक ही परिवार ने 5 मेडल जीते हैं। इसमें मंडल भर से विभिन्न वर्गों के लोगों ने प्रतिभाग किया था। इसमें सर्वेश और उसके परिवार ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में मानागढ़ी के सर्वेश चौधरी ने पुरुष वर्ग में प्रथम स्थान पाया तो उनकी पत्नी सीमा चौधरी ने अंडर 35 में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इनकी बेटी उदिता ने भी दूसरा तथा बेटे युवराज ने तीसरा स्थान पाया है। सर्वेश के छोटे भाई व भाजपा के बाजना मंडल अध्यक्ष देवेंद्र सिंह छोटू की बेटी भूमिका चौधरी ने अपने वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इनकी सफलता पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बौद्धिक प्रमुख रासबिहारी, खंड कार्यवाह लोकेंद्र वर्मा, देवीराम चेयरमैन बाजना, सह विद्यार्थी प्रमुख विवेक अग्रवाल, मुन्नालाल गुप्ता आदि ने हर्ष व्यक्त किया है।
पतंजलि द्वारा आयोजित मंडलीय योगासन प्रतियोगिता में गांव मानागढ़ी के एक ही परिवार ने पाँच मेडल जीते हैं। इसमें मंडल भर से विभिन्न वर्गों के लोगों ने प्रतिभाग किया था। इसमें सर्वेश और उसके परिवार ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में मानागढ़ी के सर्वेश चौधरी ने पुरुष वर्ग में प्रथम स्थान पाया तो उनकी पत्नी सीमा चौधरी ने अंडर पैंतीस में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इनकी बेटी उदिता ने भी दूसरा तथा बेटे युवराज ने तीसरा स्थान पाया है। सर्वेश के छोटे भाई व भाजपा के बाजना मंडल अध्यक्ष देवेंद्र सिंह छोटू की बेटी भूमिका चौधरी ने अपने वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इनकी सफलता पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बौद्धिक प्रमुख रासबिहारी, खंड कार्यवाह लोकेंद्र वर्मा, देवीराम चेयरमैन बाजना, सह विद्यार्थी प्रमुख विवेक अग्रवाल, मुन्नालाल गुप्ता आदि ने हर्ष व्यक्त किया है।
भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। सरकार की योजनाओं के तहत हितग्राहियों को मिलने वाला खाद्यान्न भोपाल समेत पूरे प्रदेश में समय पर नहीं मिल पा रहा है। उन्हें खाद्यान्न के लिए शासकीय उचित मूल्य की दुकानों के बाहर लंबी-लंबी लाइन लगाकर इंतजार करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं कई जगहों पर तो उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ रहा है। इसके अलावा उन्हें अपना काम छोड़कर राशन के लिए मशक्कत करना पड़ रही है। इधर करोड़ों रुपए का भुगतान होने के बाद भी कंपनियों की जिम्मेदारी तय नहीं हो पा रही है। दरअसल, एक माह से सर्वर की समस्या बनी हुई है। पोर्टल में त्रुटि आने के कारण पीओएस मशीनों से राशन का वितरण रूका हुआ है। इसी वजह से नवंबर महीने का राशन 10 दिसंबर तक बांटना पड़ रहा है। जबकि दिसंबर महीने का राशन दुकानों से बंटना अभी तक शुरू नहीं हो सका है। बता दें कि सरकार द्वारा सात दिसंबर को मनाए जाने वाले अन्न उत्सव में हितग्राहियों को निराशा ही हाथ लगी है। खाद्यान्न के लिए लोगों को मजदूरी छोड़कर राशन दुकानों पर खड़े होने पड़ रहा है, वह बड़ी उम्मीद के साथ यहां पर लाइन में लगते हैं। ऐसे में उनका नंबर आ भी रहा है तो एक कार्ड के लिए लगभग आधा घंटे का समय लग रहा है। ऐसे में यदि सर्वर चलता भी है तो एक घंटे में दो से तीन लोगों को ही खाद्यान्न मिल पाता है। इसके बाद फिर से दिक्कत खड़ी हो जाती है। अन्न उत्सव के दौरान बुधवार को भी खाद्य विभाग के पोर्टल में त्रुटि आने से सर्वर डाउन हो गया। इसी वजह से प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनों से राशन नहीं बांटा जा सका, शाम तक यह दिक्कत बनी रही। जिसके चलते पीडीएस दुकानों पर उपभोक्ताओं की लंबी लंबी कतारें देखी गईं। हालांकि अफसरों का दावा है कि जिले में दोपहर बाद सर्वर की दिक्कत नहीं रही। हितग्राहियों को राशन वितरण किया गया। मशीनें लगी हैं उनका प्रति मशीन किराया एक हजार 147 रुपये है। राशन दुकानों पर नियमित खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है। कभी-कभी सर्वर डाउन होने से दिक्कत होती है, लेकिन वर्तमान में समय पर राशन वितरण किया जा रहा है। इसकी निगरानी भी नियमित रूप से की जा रही है।
भोपाल । सरकार की योजनाओं के तहत हितग्राहियों को मिलने वाला खाद्यान्न भोपाल समेत पूरे प्रदेश में समय पर नहीं मिल पा रहा है। उन्हें खाद्यान्न के लिए शासकीय उचित मूल्य की दुकानों के बाहर लंबी-लंबी लाइन लगाकर इंतजार करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं कई जगहों पर तो उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ रहा है। इसके अलावा उन्हें अपना काम छोड़कर राशन के लिए मशक्कत करना पड़ रही है। इधर करोड़ों रुपए का भुगतान होने के बाद भी कंपनियों की जिम्मेदारी तय नहीं हो पा रही है। दरअसल, एक माह से सर्वर की समस्या बनी हुई है। पोर्टल में त्रुटि आने के कारण पीओएस मशीनों से राशन का वितरण रूका हुआ है। इसी वजह से नवंबर महीने का राशन दस दिसंबर तक बांटना पड़ रहा है। जबकि दिसंबर महीने का राशन दुकानों से बंटना अभी तक शुरू नहीं हो सका है। बता दें कि सरकार द्वारा सात दिसंबर को मनाए जाने वाले अन्न उत्सव में हितग्राहियों को निराशा ही हाथ लगी है। खाद्यान्न के लिए लोगों को मजदूरी छोड़कर राशन दुकानों पर खड़े होने पड़ रहा है, वह बड़ी उम्मीद के साथ यहां पर लाइन में लगते हैं। ऐसे में उनका नंबर आ भी रहा है तो एक कार्ड के लिए लगभग आधा घंटे का समय लग रहा है। ऐसे में यदि सर्वर चलता भी है तो एक घंटे में दो से तीन लोगों को ही खाद्यान्न मिल पाता है। इसके बाद फिर से दिक्कत खड़ी हो जाती है। अन्न उत्सव के दौरान बुधवार को भी खाद्य विभाग के पोर्टल में त्रुटि आने से सर्वर डाउन हो गया। इसी वजह से प्वाइंट ऑफ सेल मशीनों से राशन नहीं बांटा जा सका, शाम तक यह दिक्कत बनी रही। जिसके चलते पीडीएस दुकानों पर उपभोक्ताओं की लंबी लंबी कतारें देखी गईं। हालांकि अफसरों का दावा है कि जिले में दोपहर बाद सर्वर की दिक्कत नहीं रही। हितग्राहियों को राशन वितरण किया गया। मशीनें लगी हैं उनका प्रति मशीन किराया एक हजार एक सौ सैंतालीस रुपयापये है। राशन दुकानों पर नियमित खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है। कभी-कभी सर्वर डाउन होने से दिक्कत होती है, लेकिन वर्तमान में समय पर राशन वितरण किया जा रहा है। इसकी निगरानी भी नियमित रूप से की जा रही है।
काठमांडू, 28 अगस्त ।१५ वें पुस्तकालय दिवस के अवसर पर त्रि. वि. पुस्तकालय ने डिजिटल लाइब्रेरी संबंधी कार्यक्रम किया । कार्यक्रम में त्रिवि के वरिष्ठ व्यक्तित्व, पदाधिकारीगण तथा कर्मचारी लाेग शामिल थे । विक्रम संवत् २०६५ साल से भाद्र १५ गते काे नेपाल में निरन्तर पुस्तकालय दिवस मनाया जा रहा है। प्रतयेक वर्ष अलग-अलग नारा के साथ तथा विभिन्न कार्यक्रम करके उक्त दिवस मनाया जाता है । इस बार का नारा है, " पढाैँ पढाआैंः निरन्तर शिक्षाका लागि पुस्तकालय जाआैं" । कार्यक्रम में आेडेकाे कार्यकारिणी निर्देशक, प्रा. डा. गंगाराम गाैतम ने डिजिटल लाइब्रेरी के सम्बन्ध में सविस्तार विश्लेषण किया । प्रा. डा. लेखनाथ शर्मा ने कहा कि हमारे यहाँ डिजिटल लाइब्रेरी ताे है पर उसे प्रयाेग करने वाले आशा के अपेक्षा कम है । इसलिए हमें डिजिटल लाइब्रेरी के प्रयाेगकर्ता बढाने पर भी ध्यान देना आवश्यक है । विज्ञान तथा प्रविधि के डीन प्रा. डा. विनिल अर्याल ने कहा कि त्रिभुवन विश्वविद्यालय में लगभग चार लाख विद्यार्थी है जाे छाेटा माेबाइल से ही सही पर अध्ययन करता है । उन्हाेंने कहा कि आज के बच्चे आई सी टी में आगे है ।
काठमांडू, अट्ठाईस अगस्त ।पंद्रह वें पुस्तकालय दिवस के अवसर पर त्रि. वि. पुस्तकालय ने डिजिटल लाइब्रेरी संबंधी कार्यक्रम किया । कार्यक्रम में त्रिवि के वरिष्ठ व्यक्तित्व, पदाधिकारीगण तथा कर्मचारी लाेग शामिल थे । विक्रम संवत् दो हज़ार पैंसठ साल से भाद्र पंद्रह गते काे नेपाल में निरन्तर पुस्तकालय दिवस मनाया जा रहा है। प्रतयेक वर्ष अलग-अलग नारा के साथ तथा विभिन्न कार्यक्रम करके उक्त दिवस मनाया जाता है । इस बार का नारा है, " पढाैँ पढाआैंः निरन्तर शिक्षाका लागि पुस्तकालय जाआैं" । कार्यक्रम में आेडेकाे कार्यकारिणी निर्देशक, प्रा. डा. गंगाराम गाैतम ने डिजिटल लाइब्रेरी के सम्बन्ध में सविस्तार विश्लेषण किया । प्रा. डा. लेखनाथ शर्मा ने कहा कि हमारे यहाँ डिजिटल लाइब्रेरी ताे है पर उसे प्रयाेग करने वाले आशा के अपेक्षा कम है । इसलिए हमें डिजिटल लाइब्रेरी के प्रयाेगकर्ता बढाने पर भी ध्यान देना आवश्यक है । विज्ञान तथा प्रविधि के डीन प्रा. डा. विनिल अर्याल ने कहा कि त्रिभुवन विश्वविद्यालय में लगभग चार लाख विद्यार्थी है जाे छाेटा माेबाइल से ही सही पर अध्ययन करता है । उन्हाेंने कहा कि आज के बच्चे आई सी टी में आगे है ।
कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) ने संयुक्त हायर सेकेंड्री स्तरीय भर्ती 2017 (सीएचएसएल) का अंतिम परिणाम शुक्रवार को घोषित कर दिया। इसमें 5874 बेरोजगारों को केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों में नौकरी के लिए चयनित किया गया है। आगे दिए लिंक पर सफल उम्मीदवार अपना रिजल्ट व पद का विवरण देख सकते हैं। डाक विभाग में पोस्टल/शार्टिंग असिस्टेंट के सर्वाधिक 3222 पदों के लिए चयन हुआ है। इनमें 1871 अभ्यर्थी अनारक्षित श्रेणी के पदों के लिए चयनित किए गए हैं जबकि ओबीसी श्रेणी के 712, एसटी के 440 एससी और एसटी के 199 अभ्यर्थी चयनित किए गए हैं। केंद्र सरकार के 46 मंत्रालयों और विभागों के लिए 2646 लोअर डिविजन क्लर्क/जूनियर सेक्रेटेरियल असिस्टेंट/जूनियर पासपोर्ट असिस्टेंट भी इस भर्ती के जरिए चयनित किए गए हैं। इनमें 1366 अनारक्षित श्रेणी के पदों पर चयनित हुए हैं जबकि ओबीसी के लिए आरक्षित पदों पर 717, एससी के लिए आरक्षित पदों पर 355 और एसटी के लिए आरक्षित पदों पर 208 अभ्यर्थियों को चयनित किया गया है। डाटा इंट्री ऑपरेटर के छह पदों पर चयन हुआ है, जिसमें चार अनारक्षित श्रेणी के पदों पर चयनित हुए हैं तो ओबीसी और एसटी के एक-एक अभ्यर्थी को चयनित किया गया है। सीएचएसएल 2017 की भर्ती प्रक्रिया 18 नवंबर 2017 को शुरू हुई थी। पहले चरण की ऑनलाइन परीक्षा चार से 28 मार्च 2018 तक हुई थी। इसका परिणाम 15 जून 2018 को घोषित किया गया था, इसमें सफल अभ्यर्थी 15 जुलाई 2018 को हुई दूसरे चरण की दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों वाली परीक्षा में शामिल हुए थे। इसबीच आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय भर्ती (सीजीएल) 2017 का पेपर लीक होने का प्रकरण सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो कोर्ट ने सीजीएल के साथ ही सीएचएसएल 2017 का परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी थी। रोक हटने के बाद 10 मई 2019 को दूसरे चरण की परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया था। इसमें 33,966 अभ्यर्थी सफल हुए थे। इन्हें स्किल टेस्ट में शामिल होकर अपने अभिलेखों का सत्यापन करवाना था। 21,103 अभ्यर्थियों ने अभिलेखों का सत्यापन करवाया। इन्हीं में से 5,874 को अंतिम तौर पर नौकरी के लिए चयनित किया गया है। आयोग ने यह परिणाम पेपर लीक प्रकरण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रही याचिका शांतनु कुमार बनाम अन्य के अंतिम निर्णय के अधीन घोषित किया है। कोर्ट केस की वजह से नौ अभ्यर्थियों के रिजल्ट को रोका गया है। परीक्षार्थियों के नंबर जल्द आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए जाएंगे।
कर्मचारी चयन आयोग ने संयुक्त हायर सेकेंड्री स्तरीय भर्ती दो हज़ार सत्रह का अंतिम परिणाम शुक्रवार को घोषित कर दिया। इसमें पाँच हज़ार आठ सौ चौहत्तर बेरोजगारों को केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों में नौकरी के लिए चयनित किया गया है। आगे दिए लिंक पर सफल उम्मीदवार अपना रिजल्ट व पद का विवरण देख सकते हैं। डाक विभाग में पोस्टल/शार्टिंग असिस्टेंट के सर्वाधिक तीन हज़ार दो सौ बाईस पदों के लिए चयन हुआ है। इनमें एक हज़ार आठ सौ इकहत्तर अभ्यर्थी अनारक्षित श्रेणी के पदों के लिए चयनित किए गए हैं जबकि ओबीसी श्रेणी के सात सौ बारह, एसटी के चार सौ चालीस एससी और एसटी के एक सौ निन्यानवे अभ्यर्थी चयनित किए गए हैं। केंद्र सरकार के छियालीस मंत्रालयों और विभागों के लिए दो हज़ार छः सौ छियालीस लोअर डिविजन क्लर्क/जूनियर सेक्रेटेरियल असिस्टेंट/जूनियर पासपोर्ट असिस्टेंट भी इस भर्ती के जरिए चयनित किए गए हैं। इनमें एक हज़ार तीन सौ छयासठ अनारक्षित श्रेणी के पदों पर चयनित हुए हैं जबकि ओबीसी के लिए आरक्षित पदों पर सात सौ सत्रह, एससी के लिए आरक्षित पदों पर तीन सौ पचपन और एसटी के लिए आरक्षित पदों पर दो सौ आठ अभ्यर्थियों को चयनित किया गया है। डाटा इंट्री ऑपरेटर के छह पदों पर चयन हुआ है, जिसमें चार अनारक्षित श्रेणी के पदों पर चयनित हुए हैं तो ओबीसी और एसटी के एक-एक अभ्यर्थी को चयनित किया गया है। सीएचएसएल दो हज़ार सत्रह की भर्ती प्रक्रिया अट्ठारह नवंबर दो हज़ार सत्रह को शुरू हुई थी। पहले चरण की ऑनलाइन परीक्षा चार से अट्ठाईस मार्च दो हज़ार अट्ठारह तक हुई थी। इसका परिणाम पंद्रह जून दो हज़ार अट्ठारह को घोषित किया गया था, इसमें सफल अभ्यर्थी पंद्रह जुलाई दो हज़ार अट्ठारह को हुई दूसरे चरण की दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों वाली परीक्षा में शामिल हुए थे। इसबीच आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय भर्ती दो हज़ार सत्रह का पेपर लीक होने का प्रकरण सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो कोर्ट ने सीजीएल के साथ ही सीएचएसएल दो हज़ार सत्रह का परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी थी। रोक हटने के बाद दस मई दो हज़ार उन्नीस को दूसरे चरण की परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया था। इसमें तैंतीस,नौ सौ छयासठ अभ्यर्थी सफल हुए थे। इन्हें स्किल टेस्ट में शामिल होकर अपने अभिलेखों का सत्यापन करवाना था। इक्कीस,एक सौ तीन अभ्यर्थियों ने अभिलेखों का सत्यापन करवाया। इन्हीं में से पाँच,आठ सौ चौहत्तर को अंतिम तौर पर नौकरी के लिए चयनित किया गया है। आयोग ने यह परिणाम पेपर लीक प्रकरण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रही याचिका शांतनु कुमार बनाम अन्य के अंतिम निर्णय के अधीन घोषित किया है। कोर्ट केस की वजह से नौ अभ्यर्थियों के रिजल्ट को रोका गया है। परीक्षार्थियों के नंबर जल्द आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए अब सरकार ऑनलाइन बिडिंग करने जा रही है। इस बाबत सभी जिलों को शासन की तरफ से दिशा-निर्देश जारी कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए अब सरकार ऑनलाइन बिडिंग करने जा रही है। इस बाबत सभी जिलों को शासन की तरफ से दिशा-निर्देश जारी कर दिया गया है। ऑनलाइन बिडिंग में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों का अधिकतम वेतन पांच लाख रुपये प्रतिमाह तय किया गया है। जिन डॉक्टरों के वेतन की बोली सबसे कम होगी, वह चयनित होंगे। विशेषज्ञ चिकित्सकों की सभी जिलों के सरकारी अस्पतालों में भारी कमी है। इसके चलते स्वास्थ्य सुविधाओं पर असर पड़ रहा है। बरेली जिला अस्पताल में हृदयरोग, चेस्ट फिजिशियन, नेफ्रोलाजिस्ट समेत कई विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं। इसी तरह सीएचसी पर बालरोग विशेषज्ञ, रेडियोलाजिस्ट, स्त्रत्त्ीरोग, निश्चेतक समेत कई डॉक्टरों की कमी है। अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत विशेषज्ञ चिकित्सकों को तैनात किया जाएगा। चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के प्रमुख सचिव की तरफ से यूपीएनएचएम राज्य स्तर पर ऑनलाइन बिडिंग से संविदा पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के लिए निविदा निकाली गई है। यूपीएनएचएम के पोर्टल के माध्यम से स्पेशलिस्ट डॉक्टर इस निविदा में भाग ले सकते हैं। चयन रिवर्स निविदा के जरिये किया जाएगा। इसका आशय हुआ कि जिन डॉक्टरों ने अपने वेतन की बोली सबसे कम लगाई होगी, उनको चयनित किया जाएगा। अभी 1100 रिक्त पदों के लिए निविदा निकाली गई है। पोर्टल पर 18 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। उसके बाद 28 मार्च को टेंडर खुलने की संभावित तिथि है। अंतिम चयन स्वास्थ्य समिति के जरिये होगा।
उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए अब सरकार ऑनलाइन बिडिंग करने जा रही है। इस बाबत सभी जिलों को शासन की तरफ से दिशा-निर्देश जारी कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए अब सरकार ऑनलाइन बिडिंग करने जा रही है। इस बाबत सभी जिलों को शासन की तरफ से दिशा-निर्देश जारी कर दिया गया है। ऑनलाइन बिडिंग में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों का अधिकतम वेतन पांच लाख रुपये प्रतिमाह तय किया गया है। जिन डॉक्टरों के वेतन की बोली सबसे कम होगी, वह चयनित होंगे। विशेषज्ञ चिकित्सकों की सभी जिलों के सरकारी अस्पतालों में भारी कमी है। इसके चलते स्वास्थ्य सुविधाओं पर असर पड़ रहा है। बरेली जिला अस्पताल में हृदयरोग, चेस्ट फिजिशियन, नेफ्रोलाजिस्ट समेत कई विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं। इसी तरह सीएचसी पर बालरोग विशेषज्ञ, रेडियोलाजिस्ट, स्त्रत्त्ीरोग, निश्चेतक समेत कई डॉक्टरों की कमी है। अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत विशेषज्ञ चिकित्सकों को तैनात किया जाएगा। चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के प्रमुख सचिव की तरफ से यूपीएनएचएम राज्य स्तर पर ऑनलाइन बिडिंग से संविदा पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के लिए निविदा निकाली गई है। यूपीएनएचएम के पोर्टल के माध्यम से स्पेशलिस्ट डॉक्टर इस निविदा में भाग ले सकते हैं। चयन रिवर्स निविदा के जरिये किया जाएगा। इसका आशय हुआ कि जिन डॉक्टरों ने अपने वेतन की बोली सबसे कम लगाई होगी, उनको चयनित किया जाएगा। अभी एक हज़ार एक सौ रिक्त पदों के लिए निविदा निकाली गई है। पोर्टल पर अट्ठारह मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। उसके बाद अट्ठाईस मार्च को टेंडर खुलने की संभावित तिथि है। अंतिम चयन स्वास्थ्य समिति के जरिये होगा।
नई दिल्लीः महिलाओं को अक्सर बेजान बाल और झड़ने (falling lifeless hair) की शिकायत होती हैं। बालो के कमज़ोर और रूखे होने के कारण वह झड़ना शुरू कर देते हैं। इसके पीछे कई वजह हो सकती हैं। बालों तक पोषण न पहुँचना, खराब खान-पान(bad eating habits), और केमिकल वाले प्रोडक्ट के इस्तेमाल से बाल डैमेज हो जाते हैं। लेकिन इसको खत्म करने के भी घरेलू इलाज मौजूद हैं। जानिए कैसे आप इन तरीकों से अपने बालों को फिर से मज़बूत बना सकते हैं। 1 कप कद्दू का रस, 2 चम्मच नारियल तेल और 2 चम्मच शहद को मिलाकर कांच के एयर टाइट जार में बंद करके फ्रिज में स्टोर करें। इस मास्क को बालों में 30 मिनट लगाएं और फिर बालों को शावर कैप से कवर कर लें। इसके बाद बालों को माइल्ड शैंपू से साफ करें। हफ्ते में कम से कम 1-2 बार इस मास्क का यूज जरूर करें। इससे बाल मजबूत, सिल्की और शाइनी हो जाएंगे। -पैक को हमेशा जड़ों में लगाएं, ताकि बालों को अंदर से पोषण मिलें। -आप जब भी यह पैक लगाएं बालों को हल्का गीला कर लें। इससे यह स्कैल्प में अच्छी तरह अब्जार्ब हो जाता है। एंटीऑक्सिडेंट्स, पोटाशियम, मैग्नीशियम और विटामिन्स (Potassium, Magnesium and Vitamins) से भरपूर कद्दू ना सिर्फ बालों का पोषण देता है बल्कि यह स्कैल्प को नमीयुक्त भी रखता है, जिससे बाल सॉफ्ट व सिल्की होते हैं। इतना ही नहीं, इससे बाल धूप व प्रदूषण (pollution) के हानिकारक प्रभाव से भी बचा रहता है। नारियल तेल (coconut oil) बालों को मुलायम बनाने के साथ डैंड्रफ, बालों का झड़ना और स्कैल्प में खुजली की समस्या से भी निजात दिलाता है। इतना ही नहीं, इसमें मौजूद एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल (Antifungal and antibacterial) तत्व बालों को बैक्टीरियल व फंगस से भी मुक्त रखते हैं। इसके अलावा बालों की ग्रोथ बढ़ाने के लिए आप नारियल तेल से बालों की मसाज भी कर सकती हैं। सिर्फ स्किन ही नहीं, शहद (Honey) में मौजूद तत्व बालों को भी नरिश करते हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, एंटीसेप्टिक और एंटीबैक्टीरियल गुण स्कैल्प को फंगस इंफेक्शन से भी बचाते हैं। मानसून में होने वाली समस्याओं से बचने के लिए तो शहद रामबाण इलाज है। बालों को चमक और खूबसूरती को बढ़वा देने के लिए रोजमेरी तेल और मेहंदी का पाउडर मिक्स करके बालों में लगाएं. इसके लिए 1 कटोरी में 2 से 3 चम्मच मेहंदी पाउडर डालें. इसके बाद इसमें 2 से 3 बूंदें रोजमेरी तेल की मिक्स करें. अब इस मिश्रण को स्कैल्प पर लगाएं. इससे झड़ते बालों की समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं. साथ ही बालों की चमक बढ़ेगी.
नई दिल्लीः महिलाओं को अक्सर बेजान बाल और झड़ने की शिकायत होती हैं। बालो के कमज़ोर और रूखे होने के कारण वह झड़ना शुरू कर देते हैं। इसके पीछे कई वजह हो सकती हैं। बालों तक पोषण न पहुँचना, खराब खान-पान, और केमिकल वाले प्रोडक्ट के इस्तेमाल से बाल डैमेज हो जाते हैं। लेकिन इसको खत्म करने के भी घरेलू इलाज मौजूद हैं। जानिए कैसे आप इन तरीकों से अपने बालों को फिर से मज़बूत बना सकते हैं। एक कप कद्दू का रस, दो चम्मच नारियल तेल और दो चम्मच शहद को मिलाकर कांच के एयर टाइट जार में बंद करके फ्रिज में स्टोर करें। इस मास्क को बालों में तीस मिनट लगाएं और फिर बालों को शावर कैप से कवर कर लें। इसके बाद बालों को माइल्ड शैंपू से साफ करें। हफ्ते में कम से कम एक-दो बार इस मास्क का यूज जरूर करें। इससे बाल मजबूत, सिल्की और शाइनी हो जाएंगे। -पैक को हमेशा जड़ों में लगाएं, ताकि बालों को अंदर से पोषण मिलें। -आप जब भी यह पैक लगाएं बालों को हल्का गीला कर लें। इससे यह स्कैल्प में अच्छी तरह अब्जार्ब हो जाता है। एंटीऑक्सिडेंट्स, पोटाशियम, मैग्नीशियम और विटामिन्स से भरपूर कद्दू ना सिर्फ बालों का पोषण देता है बल्कि यह स्कैल्प को नमीयुक्त भी रखता है, जिससे बाल सॉफ्ट व सिल्की होते हैं। इतना ही नहीं, इससे बाल धूप व प्रदूषण के हानिकारक प्रभाव से भी बचा रहता है। नारियल तेल बालों को मुलायम बनाने के साथ डैंड्रफ, बालों का झड़ना और स्कैल्प में खुजली की समस्या से भी निजात दिलाता है। इतना ही नहीं, इसमें मौजूद एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल तत्व बालों को बैक्टीरियल व फंगस से भी मुक्त रखते हैं। इसके अलावा बालों की ग्रोथ बढ़ाने के लिए आप नारियल तेल से बालों की मसाज भी कर सकती हैं। सिर्फ स्किन ही नहीं, शहद में मौजूद तत्व बालों को भी नरिश करते हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, एंटीसेप्टिक और एंटीबैक्टीरियल गुण स्कैल्प को फंगस इंफेक्शन से भी बचाते हैं। मानसून में होने वाली समस्याओं से बचने के लिए तो शहद रामबाण इलाज है। बालों को चमक और खूबसूरती को बढ़वा देने के लिए रोजमेरी तेल और मेहंदी का पाउडर मिक्स करके बालों में लगाएं. इसके लिए एक कटोरी में दो से तीन चम्मच मेहंदी पाउडर डालें. इसके बाद इसमें दो से तीन बूंदें रोजमेरी तेल की मिक्स करें. अब इस मिश्रण को स्कैल्प पर लगाएं. इससे झड़ते बालों की समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं. साथ ही बालों की चमक बढ़ेगी.
कन्नौज। कोरोना पर संक्रमण के लिए सरकार की ओर से लगाया गया लॉकडाउन लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे आम लोगों को परेशानी हो रही है। पहले तीन दिन का ही लॉकडाउन लगने से लोगों ने तीन दिन की ही तैयारी की थी। अब जरूरत की चीजों के लिए परेशान होना पड़ रहा है। लोग घर से निकलने लगे हैं। शहर के मकरंद नगर चौराहा पर आम दिनों में फल-सब्जी की खूब सारी दुकानें लगती हैं। इधर लॉकडाउन के दौरान सभी बंद पड़ी हैं। इससे दुकानदार भी परेशान हैं। अब जबकि लॉकडाउन और आगे बढ़ गया है तो दुकानदार हिम्मत करके ठेले पर सामान बेच रहे हैं। ग्राहक भी पहुंच रहे हैं। अब जब सरकार ने लॉकडाउन को फिर से बढ़ा दिया है तो लोगों की परेशानी भी बढ़ी है। तीन दिन के लॉकडाउन के आदेश के तहत घरों में कैद हुए लोग अब अपनी जरूरत के तहत घरों से निकलने लगे हैं। गुरुवार की सुबह शहर में अलग-अलग जगहों पर लोगों की खूब आवाजाही दिखी। चिरैयागंज मोहल्ला की इस तस्वीर से यही जाहिर हो रहा है। आम दिनों में भीड़ वाले इलाके में शुमार लाखन तिराहा लॉकडाउन में सन्नाटे में डूबा हुआ था। लेकिन अब वहां पर सन्नाटा टूट रहा है। तिराहा के पास ही अजय पाल रोड पर गुरुवार को सब्जी वालों की दुकानें भी सजी रहीं। लोगों की आवाजाही भी दिखी। लोग जरूरत के तहत घरों से निकले। शहर में सभी जगह भीड़ भी नहीं है। कई जगह पहले की ही तरह सन्नाटा पसरा हुआ है। नगर पालिका कार्यालय के पास से गुजरी सड़क पर भी गुरुवार को सन्नाटा दिखा। अमूमन यहां पर रोजमर्रा के सामान की कई दुकान हैं। आम दिनों में यहां पर खूब गहमा-गहमी रहती है। पैदल निकलना मुश्किल होता है। लेकिन गुरुवार को सड़क सुनसान दिखी। लॉकडाउन के तहत उसके नियम का पालन करवाना भी बड़ी जिम्मेदारी है। हालांकि अभी तक लोग सरकार के नियमों का पालन करते हुए आ रहे हैं। लेकिन कुछ जगहों पर अब जरूरत के तहत बाहर भी निकल रहे हैं। लेकिन नियम की अनदेखी न हो, इसके लिए पुलिस भी चौकस है। गुरुवार की दोपहर पुलिस के जवान बाइक से पेट्रोलिंग करते दिखे।
कन्नौज। कोरोना पर संक्रमण के लिए सरकार की ओर से लगाया गया लॉकडाउन लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे आम लोगों को परेशानी हो रही है। पहले तीन दिन का ही लॉकडाउन लगने से लोगों ने तीन दिन की ही तैयारी की थी। अब जरूरत की चीजों के लिए परेशान होना पड़ रहा है। लोग घर से निकलने लगे हैं। शहर के मकरंद नगर चौराहा पर आम दिनों में फल-सब्जी की खूब सारी दुकानें लगती हैं। इधर लॉकडाउन के दौरान सभी बंद पड़ी हैं। इससे दुकानदार भी परेशान हैं। अब जबकि लॉकडाउन और आगे बढ़ गया है तो दुकानदार हिम्मत करके ठेले पर सामान बेच रहे हैं। ग्राहक भी पहुंच रहे हैं। अब जब सरकार ने लॉकडाउन को फिर से बढ़ा दिया है तो लोगों की परेशानी भी बढ़ी है। तीन दिन के लॉकडाउन के आदेश के तहत घरों में कैद हुए लोग अब अपनी जरूरत के तहत घरों से निकलने लगे हैं। गुरुवार की सुबह शहर में अलग-अलग जगहों पर लोगों की खूब आवाजाही दिखी। चिरैयागंज मोहल्ला की इस तस्वीर से यही जाहिर हो रहा है। आम दिनों में भीड़ वाले इलाके में शुमार लाखन तिराहा लॉकडाउन में सन्नाटे में डूबा हुआ था। लेकिन अब वहां पर सन्नाटा टूट रहा है। तिराहा के पास ही अजय पाल रोड पर गुरुवार को सब्जी वालों की दुकानें भी सजी रहीं। लोगों की आवाजाही भी दिखी। लोग जरूरत के तहत घरों से निकले। शहर में सभी जगह भीड़ भी नहीं है। कई जगह पहले की ही तरह सन्नाटा पसरा हुआ है। नगर पालिका कार्यालय के पास से गुजरी सड़क पर भी गुरुवार को सन्नाटा दिखा। अमूमन यहां पर रोजमर्रा के सामान की कई दुकान हैं। आम दिनों में यहां पर खूब गहमा-गहमी रहती है। पैदल निकलना मुश्किल होता है। लेकिन गुरुवार को सड़क सुनसान दिखी। लॉकडाउन के तहत उसके नियम का पालन करवाना भी बड़ी जिम्मेदारी है। हालांकि अभी तक लोग सरकार के नियमों का पालन करते हुए आ रहे हैं। लेकिन कुछ जगहों पर अब जरूरत के तहत बाहर भी निकल रहे हैं। लेकिन नियम की अनदेखी न हो, इसके लिए पुलिस भी चौकस है। गुरुवार की दोपहर पुलिस के जवान बाइक से पेट्रोलिंग करते दिखे।
ये प्रस्ताव विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने की अमेरिकी कंपनियों की क्षमता को बाधित करते थे और इसके खिलाफ आवाज उठाते आ रहे है। इस बार के चुनावी सर्वे में जो बाइडेन आगे रहे हैं। अब तक किसी भी उम्मीदवार ने 270 का आंकड़ा नहीं छुआ था लेकिन जो बाइडेन इस आंकड़े को पार करने वाले हैं। अमेरिकी राष्ट्रिपति चुनाव में तेजी से जीत की तरफ बढ़ते डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मी्दवार जो बाइडन अपने प्रतिद्वंदी डोनाल्ड ट्रंप से काफी आगे चल रहे हैं।
ये प्रस्ताव विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने की अमेरिकी कंपनियों की क्षमता को बाधित करते थे और इसके खिलाफ आवाज उठाते आ रहे है। इस बार के चुनावी सर्वे में जो बाइडेन आगे रहे हैं। अब तक किसी भी उम्मीदवार ने दो सौ सत्तर का आंकड़ा नहीं छुआ था लेकिन जो बाइडेन इस आंकड़े को पार करने वाले हैं। अमेरिकी राष्ट्रिपति चुनाव में तेजी से जीत की तरफ बढ़ते डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मी्दवार जो बाइडन अपने प्रतिद्वंदी डोनाल्ड ट्रंप से काफी आगे चल रहे हैं।
Police Bharti : असम पुलिस की कमांडो विंग में भी बंपर भर्ती होगी. आजमगढ़. उत्तर प्रदेश (uttar pradesh) में एक बार फिर पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने आया है. आजमगढ़ (azamgarh) में दुष्कर्म पीड़ित मृतक बच्ची के परिजनों ने एसपी की की गाड़ी रोकी तो गुस्साए एसपी ने सरेआम उनकी पिटाई कर दी. इस घटना का वीडियो वायरल हो गया. एसपी अब इसको लेकर सफाई दे रहे हैं. जानकारी के मुताबिक जिले के रौनापार थाना क्षेत्र की किशोरी की इलाज के दौरान मौत के बाद बुधवार को परिजनों संग ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया. इस दौरान जनसुनवाई में पहुंचे परिजनों के प्रार्थना पत्र पर पुलिस अधीक्षक ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई का आदेश दिया, लेकिन पुलिस अधीक्षक के बाहर निकलते ही एक युवक एसपी के वाहन के सामने आ गया. आरोप है कि कुछ लोगों ने वाहन पर पथराव की कोशिश की, जिसके बाद एक युवक को हिरासत में ले लिया. गौरतलब है कि रौनापार थाना क्षेत्र के एक गावं में एक किशोरी सड़क किनारे बेहोशी की हालत में मिली थी. परिजनों का आरोप है कि उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया और उसे सड़क किनारे फेंक दिया गया. जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई. जिसके बाद बुधवार को परिजन एसपी कार्यालय पर पहुंचे और उनके वाहन को घेरकर बैठ गये. परिजनों को पुलिस अधीक्षक ने कार्यालय में प्रार्थना पत्र लेकर बुलाया और मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने का आदेश रौनापार थाने की पुलिस को दिया. इसी के कुछ ही देर बाद पुलिस अधीक्षक जनसुनवाई से निकलकर जाने लगे तो एक युवक उनके वाहन के सामने लेट गया. पुलिस अधीक्षक जैसे ही बाहर निकले तो उनके वाहन के सामने परिजन आए गए. इसके बाद एसपी ने एक युवक की पिटाई कर दी. जिसके बाद पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया. पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में परिजनों के प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई के आदेश दे दिये गये हैं. एक युवक उनके वाहन के सामने लेट गया था. इस पर एक युवक को हिरासत में लिया गया. जो नाबालिग था बाद में उसे छोड़ दिया गया. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने राजनीतिक लाभ के लिए इसी मामले को ट्वीट किया है. .
Police Bharti : असम पुलिस की कमांडो विंग में भी बंपर भर्ती होगी. आजमगढ़. उत्तर प्रदेश में एक बार फिर पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने आया है. आजमगढ़ में दुष्कर्म पीड़ित मृतक बच्ची के परिजनों ने एसपी की की गाड़ी रोकी तो गुस्साए एसपी ने सरेआम उनकी पिटाई कर दी. इस घटना का वीडियो वायरल हो गया. एसपी अब इसको लेकर सफाई दे रहे हैं. जानकारी के मुताबिक जिले के रौनापार थाना क्षेत्र की किशोरी की इलाज के दौरान मौत के बाद बुधवार को परिजनों संग ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया. इस दौरान जनसुनवाई में पहुंचे परिजनों के प्रार्थना पत्र पर पुलिस अधीक्षक ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई का आदेश दिया, लेकिन पुलिस अधीक्षक के बाहर निकलते ही एक युवक एसपी के वाहन के सामने आ गया. आरोप है कि कुछ लोगों ने वाहन पर पथराव की कोशिश की, जिसके बाद एक युवक को हिरासत में ले लिया. गौरतलब है कि रौनापार थाना क्षेत्र के एक गावं में एक किशोरी सड़क किनारे बेहोशी की हालत में मिली थी. परिजनों का आरोप है कि उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया और उसे सड़क किनारे फेंक दिया गया. जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई. जिसके बाद बुधवार को परिजन एसपी कार्यालय पर पहुंचे और उनके वाहन को घेरकर बैठ गये. परिजनों को पुलिस अधीक्षक ने कार्यालय में प्रार्थना पत्र लेकर बुलाया और मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने का आदेश रौनापार थाने की पुलिस को दिया. इसी के कुछ ही देर बाद पुलिस अधीक्षक जनसुनवाई से निकलकर जाने लगे तो एक युवक उनके वाहन के सामने लेट गया. पुलिस अधीक्षक जैसे ही बाहर निकले तो उनके वाहन के सामने परिजन आए गए. इसके बाद एसपी ने एक युवक की पिटाई कर दी. जिसके बाद पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया. पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में परिजनों के प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई के आदेश दे दिये गये हैं. एक युवक उनके वाहन के सामने लेट गया था. इस पर एक युवक को हिरासत में लिया गया. जो नाबालिग था बाद में उसे छोड़ दिया गया. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने राजनीतिक लाभ के लिए इसी मामले को ट्वीट किया है. .
बदरवास। बदरवास नगर में 23 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा निकाले जा रहे पथ संचलन के पूर्व माहौल बनाने हेतु शुक्रवार को नगर में विशाल बाइक रैली निकाली गई जो संपूर्ण नगर में भ्रमण करती हुई गढ़ी प्रांगण में जाकर संपन्न हुई। बाइक रैली का प्रारंभ दोपहर 1:00 बजे थाना प्रांगण में एकत्रीकरण से हुआ जहां सैकड़ों की संख्या में बाइक रैली हेतु कतारबद्ध निकलीं। बाइक रैली के आगे डीजे पर राष्ट्र भक्ति से ओतप्रोत गीत चल रहे थे।उसके पीछे दो सैकड़ा से अधिक बाइक चल रही थीं जिन पर केसरिया पताकाएं लहरा रही थी। लगभग एक किलोमीटर लंबी बाइक रैली में स्वयंसेवक भारत माता की जय और बंदे मातरम का उदघोष करते हुए चल रहे थे। रैली थाना प्रांगण से शुरु होकर पंचमुखी मंदिर ,अंबेडकर कॉलोनी , कटरा मोहल्ला, गोपाल मोहल्ला, कुशवाह मोहल्ला, मठ मोहल्ला, हनुमान कॉलोनी, बारई रोड, लक्ष्मीगंज, पुराना पेट्रोल पंप, स्टेशन रोड होते हुए श्री राम कॉलोनी, सड़ रोड, मंडी रोड, इंदिरा कॉलोनी, सब्जी मंडी होते हुए रिजौदी रोड, जैन कॉलोनी, ए बी रोड ,बस स्टैंड, भुवनेश्वरी मार्ग होते हुए गढ़ी प्रांगण पहुंची जहां रैली का समापन होगा। गौरतलब है कि यह बाइक रैली आरएसएस द्वारा 23 अक्टूबर को निकाले जा रहे विशाल पथ संचलन की तैयारियों एवं नगर में माहौल बनाने हेतु आयोजित की गई थी। नगर में पथ संचलन की तैयारियां ब्यापक पैमाने पर चल रही हैं और स्वयंसेवकों के उत्साहवर्धन हेतु नगरवासी भी जोरशोर से पथ संचलन के स्वागत की तैयारियों में लगे हैं।
बदरवास। बदरवास नगर में तेईस अक्टूबर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा निकाले जा रहे पथ संचलन के पूर्व माहौल बनाने हेतु शुक्रवार को नगर में विशाल बाइक रैली निकाली गई जो संपूर्ण नगर में भ्रमण करती हुई गढ़ी प्रांगण में जाकर संपन्न हुई। बाइक रैली का प्रारंभ दोपहर एक:शून्य बजे थाना प्रांगण में एकत्रीकरण से हुआ जहां सैकड़ों की संख्या में बाइक रैली हेतु कतारबद्ध निकलीं। बाइक रैली के आगे डीजे पर राष्ट्र भक्ति से ओतप्रोत गीत चल रहे थे।उसके पीछे दो सैकड़ा से अधिक बाइक चल रही थीं जिन पर केसरिया पताकाएं लहरा रही थी। लगभग एक किलोमीटर लंबी बाइक रैली में स्वयंसेवक भारत माता की जय और बंदे मातरम का उदघोष करते हुए चल रहे थे। रैली थाना प्रांगण से शुरु होकर पंचमुखी मंदिर ,अंबेडकर कॉलोनी , कटरा मोहल्ला, गोपाल मोहल्ला, कुशवाह मोहल्ला, मठ मोहल्ला, हनुमान कॉलोनी, बारई रोड, लक्ष्मीगंज, पुराना पेट्रोल पंप, स्टेशन रोड होते हुए श्री राम कॉलोनी, सड़ रोड, मंडी रोड, इंदिरा कॉलोनी, सब्जी मंडी होते हुए रिजौदी रोड, जैन कॉलोनी, ए बी रोड ,बस स्टैंड, भुवनेश्वरी मार्ग होते हुए गढ़ी प्रांगण पहुंची जहां रैली का समापन होगा। गौरतलब है कि यह बाइक रैली आरएसएस द्वारा तेईस अक्टूबर को निकाले जा रहे विशाल पथ संचलन की तैयारियों एवं नगर में माहौल बनाने हेतु आयोजित की गई थी। नगर में पथ संचलन की तैयारियां ब्यापक पैमाने पर चल रही हैं और स्वयंसेवकों के उत्साहवर्धन हेतु नगरवासी भी जोरशोर से पथ संचलन के स्वागत की तैयारियों में लगे हैं।
Madhubani : सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के केंद्रीय संचार ब्यूरो, पटना द्वारा मधुबनी के टाउन क्लब मैदान में आयोजित पांच दिवसीय आजादी का अमृत महोत्सव फोटो प्रदर्शनी सह सांस्कृतिक कार्यक्रम के दूसरे दिन रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। राजनगर के विधायक रामप्रीत पासवान ने फ़ोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मौके पर केंद्रीय संचार ब्यूरो, पटना के कार्यक्रम प्रमुख सह क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी पवन कुमार सिन्हा, सहायक निदेशक एन एन झा, एएमयू के हिंदी विभाग के प्रोफेसर डॉ मंगला नंद झा, मधुबनी के सांसद प्रतिनिधि देवेंद्र यादव, सामाजिक कार्यकर्ता ज्योति मंडल उपस्थित थें। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजनगर के विधायक रामप्रीत पासवान ने कहा कि फोटो प्रदर्शनी में जिस प्रकार आजादी के घटनाक्रमों को प्रदर्शित किया गया है, सरकार की योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई है, उससे समाज के लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शानदार कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री के द्वारा बीते 8 वर्षों में गरीबों, दिव्यांगजनों, महिलाओं, युवाओं के लिए बहुत सारी योजनाएं लाई गई हैं। ये योजनाएं देश का दशा और दिशा बदलने का कार्य कर रही हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के हिंदी विभाग के प्रोफेसर डॉ आनंद झा ने कहा कि यह कार्यक्रम हमारे स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा देश की आजादी में किए गए योगदान के उत्सव मनाने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आजादी न जाने कितने ही महान स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान के उपरांत प्राप्त हुई है, इसे कभी भूलना नहीं चाहिए। यह प्रदर्शनी हमें उन्हीं घटनाओं की याद दिलाती है। कार्यक्रम के दौरान मंत्रालय के विभागीय कलाकारों एवं पंजीकृत सांस्कृतिक दल के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लोगों ने खूब सराहा। कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों के बीच आजादी क्वेस्ट ऐप पर ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया और सफल प्रतिभागियों को मौके पर ही पुरस्कृत भी किया गया। कार्यक्रम स्थल पर कृषि विज्ञान केन्द्र, चैनपुरा, मधुबनी, मखाना अनुसंधान केंद्र, दरभंगा, मधुबनी पेंटिंग आदि के स्टॉल लगाए गए हैं। शंकर नेत्रालय, मधुबनी द्वारा मुफ्त आंख जांच शिविर का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वागत संबोधन सीबीसी, पटना के सहायक निदेशक एन एन झा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन सीबीसी, पटना के कार्यक्रम प्रमुख सह क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने किया। कार्यक्रम का संचालन केंद्रीय संचार ब्यूरो, पटना के सहायक क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी नवल किशोर झा ने किया। मौके पर सीबीसी, पटना के सहायक क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी अमरेन्द्र मोहन, सीबीसी, दरभंगा के सहायक क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी मिहिर कुमार झा, सीबीसी, पटना के गुरजीत सिन्हा उपस्थित थें। यह फोटो प्रदर्शनी 01 फरवरी तक रहेगा। इस प्रदर्शनी में सभी के लिए प्रवेश निः शुल्क है।
Madhubani : सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के केंद्रीय संचार ब्यूरो, पटना द्वारा मधुबनी के टाउन क्लब मैदान में आयोजित पांच दिवसीय आजादी का अमृत महोत्सव फोटो प्रदर्शनी सह सांस्कृतिक कार्यक्रम के दूसरे दिन रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। राजनगर के विधायक रामप्रीत पासवान ने फ़ोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मौके पर केंद्रीय संचार ब्यूरो, पटना के कार्यक्रम प्रमुख सह क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी पवन कुमार सिन्हा, सहायक निदेशक एन एन झा, एएमयू के हिंदी विभाग के प्रोफेसर डॉ मंगला नंद झा, मधुबनी के सांसद प्रतिनिधि देवेंद्र यादव, सामाजिक कार्यकर्ता ज्योति मंडल उपस्थित थें। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजनगर के विधायक रामप्रीत पासवान ने कहा कि फोटो प्रदर्शनी में जिस प्रकार आजादी के घटनाक्रमों को प्रदर्शित किया गया है, सरकार की योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई है, उससे समाज के लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शानदार कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री के द्वारा बीते आठ वर्षों में गरीबों, दिव्यांगजनों, महिलाओं, युवाओं के लिए बहुत सारी योजनाएं लाई गई हैं। ये योजनाएं देश का दशा और दिशा बदलने का कार्य कर रही हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के हिंदी विभाग के प्रोफेसर डॉ आनंद झा ने कहा कि यह कार्यक्रम हमारे स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा देश की आजादी में किए गए योगदान के उत्सव मनाने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आजादी न जाने कितने ही महान स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान के उपरांत प्राप्त हुई है, इसे कभी भूलना नहीं चाहिए। यह प्रदर्शनी हमें उन्हीं घटनाओं की याद दिलाती है। कार्यक्रम के दौरान मंत्रालय के विभागीय कलाकारों एवं पंजीकृत सांस्कृतिक दल के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लोगों ने खूब सराहा। कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों के बीच आजादी क्वेस्ट ऐप पर ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया और सफल प्रतिभागियों को मौके पर ही पुरस्कृत भी किया गया। कार्यक्रम स्थल पर कृषि विज्ञान केन्द्र, चैनपुरा, मधुबनी, मखाना अनुसंधान केंद्र, दरभंगा, मधुबनी पेंटिंग आदि के स्टॉल लगाए गए हैं। शंकर नेत्रालय, मधुबनी द्वारा मुफ्त आंख जांच शिविर का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वागत संबोधन सीबीसी, पटना के सहायक निदेशक एन एन झा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन सीबीसी, पटना के कार्यक्रम प्रमुख सह क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने किया। कार्यक्रम का संचालन केंद्रीय संचार ब्यूरो, पटना के सहायक क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी नवल किशोर झा ने किया। मौके पर सीबीसी, पटना के सहायक क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी अमरेन्द्र मोहन, सीबीसी, दरभंगा के सहायक क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी मिहिर कुमार झा, सीबीसी, पटना के गुरजीत सिन्हा उपस्थित थें। यह फोटो प्रदर्शनी एक फरवरी तक रहेगा। इस प्रदर्शनी में सभी के लिए प्रवेश निः शुल्क है।
नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कर्नाटक में चल रहे राजनीतिक उठापटक का असर दिल्ली पर भी पड़ने लगा है। आज कांग्रेस और जद(एस) के कर्नाटक के दस बागी विधायकों ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष जानबूझकर उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं कर रहे हैं। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने बागी विधायकों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी की दलीलों पर गौर किया और उन्हें आश्वस्त किया कि वह देखेगा कि क्या उनकी याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए कल सूचीबद्ध किया जा सकता है।
नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कर्नाटक में चल रहे राजनीतिक उठापटक का असर दिल्ली पर भी पड़ने लगा है। आज कांग्रेस और जद के कर्नाटक के दस बागी विधायकों ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष जानबूझकर उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं कर रहे हैं। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने बागी विधायकों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी की दलीलों पर गौर किया और उन्हें आश्वस्त किया कि वह देखेगा कि क्या उनकी याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए कल सूचीबद्ध किया जा सकता है।
राष्ट्रीय शिक्षा शोध व प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने मंगलवार को इंडियन साइन लेंग्वेज रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर (आईएसएलआरटीसी) के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए। अब एनसीईआरटी मूकबधिर बच्चों के लिए भी अपनी किताबें व अन्य शैक्षिक उत्पाद सांकेतिक भाषा (साइन लेंग्वेज) में उपलब्ध करा पाएगी। एमओयू के दौरान केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और केंद्रीय सामाजिक न्याय व सशक्तीकरण मंत्री थावर चंद गहलोत भी मौजूद रहे। Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
राष्ट्रीय शिक्षा शोध व प्रशिक्षण परिषद ने मंगलवार को इंडियन साइन लेंग्वेज रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए। अब एनसीईआरटी मूकबधिर बच्चों के लिए भी अपनी किताबें व अन्य शैक्षिक उत्पाद सांकेतिक भाषा में उपलब्ध करा पाएगी। एमओयू के दौरान केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और केंद्रीय सामाजिक न्याय व सशक्तीकरण मंत्री थावर चंद गहलोत भी मौजूद रहे। Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
रायपुर(अविरल समाचार). छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी ने नगरीय निकाय के लिए आज अपना जन घोषणापत्र जारी कर दिया है. इस अवसर पर मंत्री टी. एस. सिंह देव, शिव डहरिया, मो. अकबर सहित कांग्रेस के तमाम पदाधिकारी और कार्यकर्त्तागण मौजूद थे. यह भी पढ़ें : टैंकर मुक्त शहर, पौनी पसारी योजना, आवासहिन को आवास, काबिज लोगों को पट्टा, नालियों की सफाई हेतु नविन तकनीक का इस्तेमाल, मुख्यमंत्री मितान के माध्यम से दस हजार युवाओं को रोजगार सहित अनेक योजना शामिल हैं. यह भी पढ़ें : यह भी पढ़ें : यह भी पढ़ें :
रायपुर. छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी ने नगरीय निकाय के लिए आज अपना जन घोषणापत्र जारी कर दिया है. इस अवसर पर मंत्री टी. एस. सिंह देव, शिव डहरिया, मो. अकबर सहित कांग्रेस के तमाम पदाधिकारी और कार्यकर्त्तागण मौजूद थे. यह भी पढ़ें : टैंकर मुक्त शहर, पौनी पसारी योजना, आवासहिन को आवास, काबिज लोगों को पट्टा, नालियों की सफाई हेतु नविन तकनीक का इस्तेमाल, मुख्यमंत्री मितान के माध्यम से दस हजार युवाओं को रोजगार सहित अनेक योजना शामिल हैं. यह भी पढ़ें : यह भी पढ़ें : यह भी पढ़ें :
भारत की दिग्गज महिला निशानेबाज श्रेयसी सिंह ने बुधवार को सातवें दिन भारत की झोली में 12वां स्वर्ण पदक डाला। गोल्ड कोस्ट, 11 अप्रैल। ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में चल रहे 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स के सातवें दिन भारतीय खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया और दिन की शुरुआत स्टार महिला बॉक्सर मैरी कॉम ने जीत के साथ की। मैरी कॉम 45-48 किलोग्राम कैटिगरी के फाइनल में पहुंच गई हैं। वहीं शूटिंग से भी भारत के लिए अच्छी खबर आई। ओमप्रकाश मिठारवाल ने इस कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना दूसरा ब्रॉन्ज मेडल जीता। हालांकि, इसी कॉमनवेल्थ गेम्स में 10 मीटर पिस्टल निशानेबाजी में गोल्ड मेडल जीतने वाले जीतू राय जरूर नाकाम रहे। महिलाओं की डबल ट्रैप स्पर्धा में भारत की श्रेयसी सिंह ने गोल्ड मेडल जीता। श्रेयषी ने शूटऑफ में ऑस्ट्रेलिया की एमा कॉक्स को पीछे छोड़ा। भारत की वर्षा बर्मन चौथे स्थान पर रहीं। ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में चल रहे 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स के हॉकी मुकाबले में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने पूल-बी के आखिरी लीग मुकाबले में इंग्लैंड को 4-3 से हरा दिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम अपने ग्रुप में टॉप पर पहुंच गई है और अब सेमीफाइनल में उसका मुकाबला पूल-ए की दूसरे नंबर की टीम न्यूजीलैंड से होगा। जबकि भारत से हार के बाद सेमीफाइनल में इंग्लैंड का सामना ऑस्ट्रेलिया से होगा। भारत की दिग्गज महिला निशानेबाज श्रेयसी सिंह ने बुधवार को सातवें दिन भारत की झोली में 12वां स्वर्ण पदक डाला। श्रेयसी ने महिलाओं की डबल ट्रैप स्पर्धा के फाइनल्स में पहला स्थान हासिल कर सोना जीता। साल 2014 में ग्लोस्गो में आयोजित 20वें राष्ट्रमंडल खेलों में श्रेयसी ने इसी स्पर्धा में रजत पदक जीता था और इस बार वह अपने पदक के रंग को बदलने में सफल रहीं। श्रेयसी ने शूट-ऑफ में आस्ट्रेलिया की एमा कोक्स को एक अंक से हराते हुए स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने कुल 98 अंक हासिल किए। सभी चार स्तरों में कुल 96 अंक हासिल करने के साथ उन्होंने शूट-ऑफ में अपने दोनों निशाने सही लगाए और जीत हासिल की। भारत के शीर्ष डबल ट्रैप शूर्टस में शुमार अंकुर मित्तल ने सातवें दिन ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। अंकुर ने 53 प्वाइंट हासिल किए और तीसरे स्थान पर रहे। भारत के ही मोहम्मद असब मेडल जीतने से चूक गए और फाइनल में चौथे स्थान पर रहे। मित्तल हालांकि क्वॉलिफिकेशन राउंड में असब से पीछे थे लेकिन बाद में अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए उन्होंने ब्रॉन्ज पर कब्जा जमा लिया। इस इवेंट का गोल्ड मेडल 21 साल के स्कॉटलैंड के डेविड मेक्मेथ ने जीता और कॉमनवेल्थ गेम्स का नया रिकॉर्ड बनाते हुए 74 अंक हासिल किए। आइल ऑफ मैन के टिम नील ने सिल्वर मेडल जीता। वह 70 अंक के साथ दूसरा स्थान पर रहे। ओमप्रकाश मिठारवाल ने शूटिंग में एक और ब्रॉन्ज जीता। कॉमनवेल्थ गेम्स के सातवें दिन ओमप्रकाश 50 मीटर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल में तीसरे स्थान पर रहे। उन्होंने कुल 201. 1 स्कोर के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। हालांकि, इसी स्पर्धा में जीतू राय ने निराश किया। 10 मीटर पिस्टल निशानेबाजी में गोल्ड मेडल जीतने वाले जीतू राय इस स्पर्धा में केव 105 का स्कोर कर सके और 20 शॉट बार मेडल की दौड़ से बाहर हो गए। जीतू के बाहर होने की आशंका तभी हो गई थी जब वह क्वालिफिकेशन में छठा स्थान हासिल करते हुए फाइनल में पहुंचे थे। मिठारवाल दूसरे स्थान के साथ फाइनल में पहुंचे थे। ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में चल रहे 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स के सातवें दिन भारत के तेजस्विन शंकर को पुरुषों की हाई जंप प्रतियोगिता के फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। तेजस्विन शंकर ने 2. 24 मीटर की दूरी मापकर स्पर्धा में छठा स्थान प्राप्त किया। इस प्रतियोगिता में कुल 12 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। हाई जंप में ऑस्ट्रेलिया के बेंडन स्टार्क ने अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 2. 32 मीटर की दूरी तय की और गोल्ड मेडल अपने नाम किया। वहीं बहामास के जमाल विल्सन ने 2. 30 मीटर की दूरी तय कर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। पांच बार की वर्ल्ड चैम्पियन भारत की स्टार महिला मुक्केबाज मैरी कॉम फाइनल में पहुंच गई हैं। गेम्स के सातवें दिन मैरी कॉम ने 45-48 किलोग्राम के क्वॉर्टरफाइनल में श्रीलंका की दिरुकशी कोदितुवाका को हराया। पांचों जजों ने एकमत से मैरी कॉम के पक्ष में फैसला दिया। दूसरी ओर पुरुषों में गौरव सोंलकी भी 52 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं। हालांकि, ग्लासगो में सिल्वर जीतने वाली सरिता देवी को निराश होना पड़ा। उन्हें क्वॉर्टरफाइनल में ऑस्ट्रेलिया की अंजा स्त्रीद्समान ने 5-0 से मात दी। इसके साथ ही सरित मेडल की दौड़ से भी बाहर हो गई हैं। भारतीय महिला मुक्केबाज पिंकी रानी राष्ट्रमंडल खेलों के महिलाओं की मुक्केबाजी स्पर्धा के 51 किलो ग्राम भारवर्ग के क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड की लिसा व्हाइटसीड से कड़े मुकाबले में 2-3 से हार गईं। 27 साल की पिंकी ने पहले राउंड में 29-28, दूसरे में 28-29, तीसरे में 28-29, चौथे में 28-29 और पांचवें में 29-28 का स्कोर किया। व्हाइसीड का अगले दौर में आस्ट्रेलिया की टेयलेह रोर्बटसन से मुकाबला होगा। भारतीय मुक्केबाजों गौरव सोलंकी और विकास कृष्ण ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रमंडल खेलों में बुधवार को सातवें दिन अपवे-अपने भारवर्ग के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। गौरव ने 52 किलोग्राम वर्ग में और विकास ने 75 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बनाई है। इस जीत के साथ ही दोनों मुक्केबाजों ने अपने लिए कांस्य पदक पक्का कर लिया है। बल्लभगढ़ के निवासी गौरव ने क्वार्टर फाइनल में पापुआ न्यू गिनी के चार्ल्स कीमा को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से मात दी और अंतिम-4 में प्रवेश किया। भारत के बैडमिंटन खिलाड़ी एच. एस. प्रणॉय नेराष्ट्रमंडल खेलों के सातवें दिन बुधवार को पुरुष एकल वर्ग के अंतिम-16 दौर में प्रवेश कर लिया। प्रणॉय ने मॉरिशस के क्रिस्टोफर ज्यां पॉल को राउंड-32 के एक मुकाबले में 30 मिनट में ही 21-14, 21-6 से मात देकर अगले दौर में अपनी जगह पक्की कर ली। भारतीय खिलाड़ी ने पहला गेम 17 मिनट में 21-14 से और दूसरा गेम मात्र 13 मिनट में ही 21-6 से अपने नाम कर लिया। प्रणॉय ने पहले गेम में 3-3 से शुरुआत की और फिर स्कोर को 9-9 तक बराबरी पर रखा। उन्होंने फिर 12-11 से बढ़त ली जिसे 15-12 और फिर 19-14 तक पहुंचा दिया। इस बढ़त को कायम रखते हुए उन्होंने पहला गेम अपने नाम कर लिया। रियो ओलम्पिक की रजत पदक विजेता पी. वी. सिंधु ने राष्ट्रमंडल खेलों में बुधवार को सातवें दिन महिला एकल वर्ग के अंतिम-16 दौर में प्रवेश कर लिया है। वर्ल्ड नम्बर-3 सिंधु ने अंतिम-32 दौर में फीजी की एंड्रा व्हाइटसाइड को मात दी। सिंधु ने एंड्रा को एकतरफा मुकाबले में 18 मिनट के भीतर 21-6, 21-3 से मात देकर प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया है। उन्हें इस एकल स्पर्धा में बाय मिला था और कारण उन्होंने सीधा अंतिम-32 दौर से शुरुआत की। भारत की महिला बैडमिंटन खिलाड़ियों सायना नेहवाल, पी. वी. सिंधु और रुत्विका गद्दे शिवानी ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रमंडल खेलों में बुधवार को सातवें दिन महिला एकल वर्ग के अंतिम-16 दौर में प्रवेश कर लिया है। सायना, सिंधु और रुत्विका ने अपने-अपने एकल मैचों में जीत हासिल कर प्री-क्वार्टर फाइनल में कदम रखा है। सायना ने अंतिम-32 दौर में खेले गए इस आसान मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका की एलीसे डीविलियर्स को मात दी। भारत के अग्रणी पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ी ने राष्ट्रमंडल खेलों में बुधवार को सातवें दिन पुरुष एकल वर्ग के अंतिम-16 दौर में प्रवेश कर लिया है। श्रीकांत ने अंतिम-32 दौर में मॉरिशस के आतिश लुबाह को मात दी और प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। वर्ल्ड नम्बर-2 श्रीकांत ने आतिश को सीधे गेमों में 25 मिनट के भीतर 21-13, 21-10 से मात दी। हालांकि, शुरुआत में आतिश ने श्रीकांत को अच्छी टक्कर दी। भारत को राष्ट्रमंडल खेलों में बुधवार को सातवें दिन टेबल टेनिस में मिश्रित युगल वर्ग के अंतिम-32 दौर में सफलता हासिल हुई है। भारतीय जोड़ियों मणिका बत्रा-साथियान गणासेकरन और मधुरिका पाटकर-सनिल शंकर शेट्टी ने अपने-अपने मुकाबलों में जीत हासिल कर अंतिम-16 दौर में जगह बना ली है। मणिका-साथियान की जोड़ी ने अपने अंतिम-32 दौर के मुकाबले में मलेशिया के यिंग हो और ची फेंग लियोंग की जोड़ी को 3-0 (11-7, 11-8, 13-11) से मात दी। अंतिम-16 दौर में मणिका और साथियान का मुकाबला गुरुवार को कनाडा की एलीसिया कोटे और मार्को मेजुगोराक की जोड़ी से होगा। भारत की स्टार जोड़ी दीपिका पल्लिकल कार्तिक और जोशना चिनप्पा ने राष्ट्रमंडल खेलों में बुधवार को सातवें दिन स्क्वॉश में महिला युगल वर्ग के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। दीपिका-जोशना की जोड़ी ने महिला युगल के पूल-सी में खेले गए मैच में वेल्स की टेस्नी इवांस और डियोन सैफरी की जोड़ी को मात दी। खेल जगत की अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें।
भारत की दिग्गज महिला निशानेबाज श्रेयसी सिंह ने बुधवार को सातवें दिन भारत की झोली में बारहवां स्वर्ण पदक डाला। गोल्ड कोस्ट, ग्यारह अप्रैल। ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में चल रहे इक्कीसवें कॉमनवेल्थ गेम्स के सातवें दिन भारतीय खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया और दिन की शुरुआत स्टार महिला बॉक्सर मैरी कॉम ने जीत के साथ की। मैरी कॉम पैंतालीस-अड़तालीस किलोग्रामग्राम कैटिगरी के फाइनल में पहुंच गई हैं। वहीं शूटिंग से भी भारत के लिए अच्छी खबर आई। ओमप्रकाश मिठारवाल ने इस कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना दूसरा ब्रॉन्ज मेडल जीता। हालांकि, इसी कॉमनवेल्थ गेम्स में दस मीटर पिस्टल निशानेबाजी में गोल्ड मेडल जीतने वाले जीतू राय जरूर नाकाम रहे। महिलाओं की डबल ट्रैप स्पर्धा में भारत की श्रेयसी सिंह ने गोल्ड मेडल जीता। श्रेयषी ने शूटऑफ में ऑस्ट्रेलिया की एमा कॉक्स को पीछे छोड़ा। भारत की वर्षा बर्मन चौथे स्थान पर रहीं। ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में चल रहे इक्कीसवें कॉमनवेल्थ गेम्स के हॉकी मुकाबले में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने पूल-बी के आखिरी लीग मुकाबले में इंग्लैंड को चार-तीन से हरा दिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम अपने ग्रुप में टॉप पर पहुंच गई है और अब सेमीफाइनल में उसका मुकाबला पूल-ए की दूसरे नंबर की टीम न्यूजीलैंड से होगा। जबकि भारत से हार के बाद सेमीफाइनल में इंग्लैंड का सामना ऑस्ट्रेलिया से होगा। भारत की दिग्गज महिला निशानेबाज श्रेयसी सिंह ने बुधवार को सातवें दिन भारत की झोली में बारहवां स्वर्ण पदक डाला। श्रेयसी ने महिलाओं की डबल ट्रैप स्पर्धा के फाइनल्स में पहला स्थान हासिल कर सोना जीता। साल दो हज़ार चौदह में ग्लोस्गो में आयोजित बीसवें राष्ट्रमंडल खेलों में श्रेयसी ने इसी स्पर्धा में रजत पदक जीता था और इस बार वह अपने पदक के रंग को बदलने में सफल रहीं। श्रेयसी ने शूट-ऑफ में आस्ट्रेलिया की एमा कोक्स को एक अंक से हराते हुए स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने कुल अट्ठानवे अंक हासिल किए। सभी चार स्तरों में कुल छियानवे अंक हासिल करने के साथ उन्होंने शूट-ऑफ में अपने दोनों निशाने सही लगाए और जीत हासिल की। भारत के शीर्ष डबल ट्रैप शूर्टस में शुमार अंकुर मित्तल ने सातवें दिन ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। अंकुर ने तिरेपन प्वाइंट हासिल किए और तीसरे स्थान पर रहे। भारत के ही मोहम्मद असब मेडल जीतने से चूक गए और फाइनल में चौथे स्थान पर रहे। मित्तल हालांकि क्वॉलिफिकेशन राउंड में असब से पीछे थे लेकिन बाद में अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए उन्होंने ब्रॉन्ज पर कब्जा जमा लिया। इस इवेंट का गोल्ड मेडल इक्कीस साल के स्कॉटलैंड के डेविड मेक्मेथ ने जीता और कॉमनवेल्थ गेम्स का नया रिकॉर्ड बनाते हुए चौहत्तर अंक हासिल किए। आइल ऑफ मैन के टिम नील ने सिल्वर मेडल जीता। वह सत्तर अंक के साथ दूसरा स्थान पर रहे। ओमप्रकाश मिठारवाल ने शूटिंग में एक और ब्रॉन्ज जीता। कॉमनवेल्थ गेम्स के सातवें दिन ओमप्रकाश पचास मीटर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल में तीसरे स्थान पर रहे। उन्होंने कुल दो सौ एक. एक स्कोर के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। हालांकि, इसी स्पर्धा में जीतू राय ने निराश किया। दस मीटर पिस्टल निशानेबाजी में गोल्ड मेडल जीतने वाले जीतू राय इस स्पर्धा में केव एक सौ पाँच का स्कोर कर सके और बीस शॉट बार मेडल की दौड़ से बाहर हो गए। जीतू के बाहर होने की आशंका तभी हो गई थी जब वह क्वालिफिकेशन में छठा स्थान हासिल करते हुए फाइनल में पहुंचे थे। मिठारवाल दूसरे स्थान के साथ फाइनल में पहुंचे थे। ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में चल रहे इक्कीसवें कॉमनवेल्थ गेम्स के सातवें दिन भारत के तेजस्विन शंकर को पुरुषों की हाई जंप प्रतियोगिता के फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। तेजस्विन शंकर ने दो. चौबीस मीटर की दूरी मापकर स्पर्धा में छठा स्थान प्राप्त किया। इस प्रतियोगिता में कुल बारह खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। हाई जंप में ऑस्ट्रेलिया के बेंडन स्टार्क ने अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए दो. बत्तीस मीटर की दूरी तय की और गोल्ड मेडल अपने नाम किया। वहीं बहामास के जमाल विल्सन ने दो. तीस मीटर की दूरी तय कर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। पांच बार की वर्ल्ड चैम्पियन भारत की स्टार महिला मुक्केबाज मैरी कॉम फाइनल में पहुंच गई हैं। गेम्स के सातवें दिन मैरी कॉम ने पैंतालीस-अड़तालीस किलोग्रामग्राम के क्वॉर्टरफाइनल में श्रीलंका की दिरुकशी कोदितुवाका को हराया। पांचों जजों ने एकमत से मैरी कॉम के पक्ष में फैसला दिया। दूसरी ओर पुरुषों में गौरव सोंलकी भी बावन किलोग्रामग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं। हालांकि, ग्लासगो में सिल्वर जीतने वाली सरिता देवी को निराश होना पड़ा। उन्हें क्वॉर्टरफाइनल में ऑस्ट्रेलिया की अंजा स्त्रीद्समान ने पाँच-शून्य से मात दी। इसके साथ ही सरित मेडल की दौड़ से भी बाहर हो गई हैं। भारतीय महिला मुक्केबाज पिंकी रानी राष्ट्रमंडल खेलों के महिलाओं की मुक्केबाजी स्पर्धा के इक्यावन किलो ग्राम भारवर्ग के क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड की लिसा व्हाइटसीड से कड़े मुकाबले में दो-तीन से हार गईं। सत्ताईस साल की पिंकी ने पहले राउंड में उनतीस-अट्ठाईस, दूसरे में अट्ठाईस-उनतीस, तीसरे में अट्ठाईस-उनतीस, चौथे में अट्ठाईस-उनतीस और पांचवें में उनतीस-अट्ठाईस का स्कोर किया। व्हाइसीड का अगले दौर में आस्ट्रेलिया की टेयलेह रोर्बटसन से मुकाबला होगा। भारतीय मुक्केबाजों गौरव सोलंकी और विकास कृष्ण ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रमंडल खेलों में बुधवार को सातवें दिन अपवे-अपने भारवर्ग के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। गौरव ने बावन किलोग्रामग्राम वर्ग में और विकास ने पचहत्तर किलोग्रामग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बनाई है। इस जीत के साथ ही दोनों मुक्केबाजों ने अपने लिए कांस्य पदक पक्का कर लिया है। बल्लभगढ़ के निवासी गौरव ने क्वार्टर फाइनल में पापुआ न्यू गिनी के चार्ल्स कीमा को एकतरफा मुकाबले में पाँच-शून्य से मात दी और अंतिम-चार में प्रवेश किया। भारत के बैडमिंटन खिलाड़ी एच. एस. प्रणॉय नेराष्ट्रमंडल खेलों के सातवें दिन बुधवार को पुरुष एकल वर्ग के अंतिम-सोलह दौर में प्रवेश कर लिया। प्रणॉय ने मॉरिशस के क्रिस्टोफर ज्यां पॉल को राउंड-बत्तीस के एक मुकाबले में तीस मिनट में ही इक्कीस-चौदह, इक्कीस-छः से मात देकर अगले दौर में अपनी जगह पक्की कर ली। भारतीय खिलाड़ी ने पहला गेम सत्रह मिनट में इक्कीस-चौदह से और दूसरा गेम मात्र तेरह मिनट में ही इक्कीस-छः से अपने नाम कर लिया। प्रणॉय ने पहले गेम में तीन-तीन से शुरुआत की और फिर स्कोर को नौ-नौ तक बराबरी पर रखा। उन्होंने फिर बारह-ग्यारह से बढ़त ली जिसे पंद्रह-बारह और फिर उन्नीस-चौदह तक पहुंचा दिया। इस बढ़त को कायम रखते हुए उन्होंने पहला गेम अपने नाम कर लिया। रियो ओलम्पिक की रजत पदक विजेता पी. वी. सिंधु ने राष्ट्रमंडल खेलों में बुधवार को सातवें दिन महिला एकल वर्ग के अंतिम-सोलह दौर में प्रवेश कर लिया है। वर्ल्ड नम्बर-तीन सिंधु ने अंतिम-बत्तीस दौर में फीजी की एंड्रा व्हाइटसाइड को मात दी। सिंधु ने एंड्रा को एकतरफा मुकाबले में अट्ठारह मिनट के भीतर इक्कीस-छः, इक्कीस-तीन से मात देकर प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया है। उन्हें इस एकल स्पर्धा में बाय मिला था और कारण उन्होंने सीधा अंतिम-बत्तीस दौर से शुरुआत की। भारत की महिला बैडमिंटन खिलाड़ियों सायना नेहवाल, पी. वी. सिंधु और रुत्विका गद्दे शिवानी ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रमंडल खेलों में बुधवार को सातवें दिन महिला एकल वर्ग के अंतिम-सोलह दौर में प्रवेश कर लिया है। सायना, सिंधु और रुत्विका ने अपने-अपने एकल मैचों में जीत हासिल कर प्री-क्वार्टर फाइनल में कदम रखा है। सायना ने अंतिम-बत्तीस दौर में खेले गए इस आसान मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका की एलीसे डीविलियर्स को मात दी। भारत के अग्रणी पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ी ने राष्ट्रमंडल खेलों में बुधवार को सातवें दिन पुरुष एकल वर्ग के अंतिम-सोलह दौर में प्रवेश कर लिया है। श्रीकांत ने अंतिम-बत्तीस दौर में मॉरिशस के आतिश लुबाह को मात दी और प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। वर्ल्ड नम्बर-दो श्रीकांत ने आतिश को सीधे गेमों में पच्चीस मिनट के भीतर इक्कीस-तेरह, इक्कीस-दस से मात दी। हालांकि, शुरुआत में आतिश ने श्रीकांत को अच्छी टक्कर दी। भारत को राष्ट्रमंडल खेलों में बुधवार को सातवें दिन टेबल टेनिस में मिश्रित युगल वर्ग के अंतिम-बत्तीस दौर में सफलता हासिल हुई है। भारतीय जोड़ियों मणिका बत्रा-साथियान गणासेकरन और मधुरिका पाटकर-सनिल शंकर शेट्टी ने अपने-अपने मुकाबलों में जीत हासिल कर अंतिम-सोलह दौर में जगह बना ली है। मणिका-साथियान की जोड़ी ने अपने अंतिम-बत्तीस दौर के मुकाबले में मलेशिया के यिंग हो और ची फेंग लियोंग की जोड़ी को तीन-शून्य से मात दी। अंतिम-सोलह दौर में मणिका और साथियान का मुकाबला गुरुवार को कनाडा की एलीसिया कोटे और मार्को मेजुगोराक की जोड़ी से होगा। भारत की स्टार जोड़ी दीपिका पल्लिकल कार्तिक और जोशना चिनप्पा ने राष्ट्रमंडल खेलों में बुधवार को सातवें दिन स्क्वॉश में महिला युगल वर्ग के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। दीपिका-जोशना की जोड़ी ने महिला युगल के पूल-सी में खेले गए मैच में वेल्स की टेस्नी इवांस और डियोन सैफरी की जोड़ी को मात दी। खेल जगत की अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें।
फ्नोम पेन्ह, 22 जून (आईएएनएस)। कंबोडिया के प्रेह सिहनौक प्रांत में एक सात मंजिला निर्माणाधीन इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हो गई। घटना सुबह की है। प्रेह सिहनौक प्रांत के प्रशासन ने कहा कि मलबे के नीचे 21 लोग घायल अवस्था में मिले, जबकि उन्होंने घटना स्थल से एक महिला का शव बरामद किया। बीबीसी के अनुसार, इमारत का स्वामित्व एक चीनी कंपनी के पास है और बचे लोगों की तलाश जारी है। निर्माण फर्म के प्रमुख, ठेकेदार और चीनी भवन के मालिक सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इमारत का निर्माण लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो गया था। श्रम मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि घायल लोगों को प्रेह सिहानौक प्रांतीय अस्पताल में ले जाया गया और राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा कोष उनके चिकित्सा खचरें के लिए राशि प्रदान करेगा। कंबोडिया में चीनी दूतावास ने कहा कि स्थानीय चीनी कंपनियां बचाव कार्य में शामिल हो गईं हैं। एक बड़े उत्खननकर्ता, तीन पृथ्वी पर चलने वाले वाहन और 60 लोगों की मदद ली जा रही है।
फ्नोम पेन्ह, बाईस जून । कंबोडिया के प्रेह सिहनौक प्रांत में एक सात मंजिला निर्माणाधीन इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हो गई। घटना सुबह की है। प्रेह सिहनौक प्रांत के प्रशासन ने कहा कि मलबे के नीचे इक्कीस लोग घायल अवस्था में मिले, जबकि उन्होंने घटना स्थल से एक महिला का शव बरामद किया। बीबीसी के अनुसार, इमारत का स्वामित्व एक चीनी कंपनी के पास है और बचे लोगों की तलाश जारी है। निर्माण फर्म के प्रमुख, ठेकेदार और चीनी भवन के मालिक सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इमारत का निर्माण लगभग अस्सी प्रतिशत पूरा हो गया था। श्रम मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि घायल लोगों को प्रेह सिहानौक प्रांतीय अस्पताल में ले जाया गया और राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा कोष उनके चिकित्सा खचरें के लिए राशि प्रदान करेगा। कंबोडिया में चीनी दूतावास ने कहा कि स्थानीय चीनी कंपनियां बचाव कार्य में शामिल हो गईं हैं। एक बड़े उत्खननकर्ता, तीन पृथ्वी पर चलने वाले वाहन और साठ लोगों की मदद ली जा रही है।
पंजाब मंत्रिमंडल ने आज अपनी पहली बैठक में राज्य के विभिन्न विभागों में खाली पडे 25 हजार रिक्त पदों को भरने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में आज चंडीगढ़ में हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में भगवंत मान ने कहा कि राज्य पुलिस विभाग में दस हजार और अन्य विभिन्न विभागों में 15 हजार पद भरे जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने चुनाव प्रचार के दौरान इन पदों को भरने का वादा किया था। उन्होंने कहा कि पदों की अधिसूचना और विज्ञापन की प्रक्रिया एक महीने के भीतर पूरी कर ली जाएगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में एक महिला समेत आम आदमी पार्टी (आप) के दस विधायकों को शामिल किया गया। राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने यहां पंजाब भवन में मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इन 10 मंत्रियों में से आठ पहली बार विधायक बने हैं। इन सभी ने पंजाबी भाषा में शपथ ली। हरपाल सिंह चीमा, हरभजन सिंह, डॉ विजय सिंगला, लाल चंद, गुरमीत सिंह मीत हेयर, कुलदीप सिंह धालीवाल, लालजीत सिंह भुल्लर, ब्रह्म शंकर जिम्पा, हरजोत सिंह बैंस और डॉ बलजीत कौर को शपथ दिलाई गई। कैबिनेट में मुख्यमंत्री सहित 18 पद हैं।
पंजाब मंत्रिमंडल ने आज अपनी पहली बैठक में राज्य के विभिन्न विभागों में खाली पडे पच्चीस हजार रिक्त पदों को भरने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में आज चंडीगढ़ में हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में भगवंत मान ने कहा कि राज्य पुलिस विभाग में दस हजार और अन्य विभिन्न विभागों में पंद्रह हजार पद भरे जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने चुनाव प्रचार के दौरान इन पदों को भरने का वादा किया था। उन्होंने कहा कि पदों की अधिसूचना और विज्ञापन की प्रक्रिया एक महीने के भीतर पूरी कर ली जाएगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में एक महिला समेत आम आदमी पार्टी के दस विधायकों को शामिल किया गया। राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने यहां पंजाब भवन में मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इन दस मंत्रियों में से आठ पहली बार विधायक बने हैं। इन सभी ने पंजाबी भाषा में शपथ ली। हरपाल सिंह चीमा, हरभजन सिंह, डॉ विजय सिंगला, लाल चंद, गुरमीत सिंह मीत हेयर, कुलदीप सिंह धालीवाल, लालजीत सिंह भुल्लर, ब्रह्म शंकर जिम्पा, हरजोत सिंह बैंस और डॉ बलजीत कौर को शपथ दिलाई गई। कैबिनेट में मुख्यमंत्री सहित अट्ठारह पद हैं।
यूक्रेनी उप-प्रधानमंत्री इरीना वीरेशचुक ने रूस द्वारा चर्चों पर हमले का संदेह किया क्योंकि क्रेमलिन ने ऑर्थोडॉक्स क्रिसमस से पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा घोषित क्रिसमस संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था। यूक्रेनी व्यवस्था युद्धविराम को संदेह की दृष्टि से देखती है क्योंकि इसने रूस के कब्जे वाले क्षेत्रों के भीतर चर्चों पर संभावित हमलों की चेतावनी जारी की थी। इरीना वीरेशचुक, जो यूक्रेन के अस्थायी रूप से कब्जे वाले क्षेत्रों के पुनर्एकीकरण की मंत्री भी हैं, ने शुक्रवार को फेसबुक पर लिखा कि उन्हें चेतावनी मिली है कि रूसियों ने 7 जनवरी को होने वाली धार्मिक सेवाओं के बीच में हमला करने की योजना बनाई है - जिस दिन ऑर्थोडॉक्स क्रिसमस मनाया जाता है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ऑर्थोडॉक्स क्रिसमस के लिए यूक्रेन में 36 घंटे के युद्धविराम का आदेश दिया, 10 महीने के लंबे युद्ध के बाद पहला बड़ा संघर्ष विराम जिसने हजारों लोगों के जीवन का दावा किया है। This website uses cookies.
यूक्रेनी उप-प्रधानमंत्री इरीना वीरेशचुक ने रूस द्वारा चर्चों पर हमले का संदेह किया क्योंकि क्रेमलिन ने ऑर्थोडॉक्स क्रिसमस से पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा घोषित क्रिसमस संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था। यूक्रेनी व्यवस्था युद्धविराम को संदेह की दृष्टि से देखती है क्योंकि इसने रूस के कब्जे वाले क्षेत्रों के भीतर चर्चों पर संभावित हमलों की चेतावनी जारी की थी। इरीना वीरेशचुक, जो यूक्रेन के अस्थायी रूप से कब्जे वाले क्षेत्रों के पुनर्एकीकरण की मंत्री भी हैं, ने शुक्रवार को फेसबुक पर लिखा कि उन्हें चेतावनी मिली है कि रूसियों ने सात जनवरी को होने वाली धार्मिक सेवाओं के बीच में हमला करने की योजना बनाई है - जिस दिन ऑर्थोडॉक्स क्रिसमस मनाया जाता है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ऑर्थोडॉक्स क्रिसमस के लिए यूक्रेन में छत्तीस घंटाटे के युद्धविराम का आदेश दिया, दस महीने के लंबे युद्ध के बाद पहला बड़ा संघर्ष विराम जिसने हजारों लोगों के जीवन का दावा किया है। This website uses cookies.
कर्नाटक संपर्क क्रांति ट्रेन में यात्रा कर रहे एक यात्री ने हाल ही में ट्विटर पर ट्रेन के हाईजैक होने का ट्वीट किया। भारतीय रेलवे और सिकंदराबाद डीआरएस को टैग करते हुए लिखे इस ट्वीट को देखकर रेल विभाग में खलबली मच गई। हाईजैक की खबर सोशल मीडिया पर वायरल होते ही ट्रेन में बैठे यात्री भी डर के मारे घबराने लगे। बाद में पता लगा कि यह एक अफवाह थी। दरअसल, हुआ ये कि ट्रेन अपने रूट से डायवर्ट होकर चल रही थी। यह देख यात्री कृष्णा सीएच बेहरा ने ट्वीट में लिखा 'डियर IRCTC ऑफिशियल - डीआरएम सिकंदराबाद ट्रेन नंबर 12650 हाईजैक हो गई है, प्लीज मदद कीजिए। ' इस मैसेज को देख रेलवे विभाग फौरन एक्शन में आया और यात्री को पूरी स्थिति से अवगत कराया। मगर इस बीच ट्वीट के वायरल होने से लोग पैनिक हो गए, सोशल मीडिया पर गुस्सा दिखाने लगे। यात्री बेहरा रविवार को कर्नाटक से दिल्ली जा रहे थे, तभी उन्होंने देखा कि माजरी जंक्शन और सीताफल मंडी के बीच ट्रेन डायवर्ट हो गई। घबराहट में यात्री ने बिना कुछ सोचे-समझे सीधे ट्रेन हाईजैक होने का ट्वीट कर दिया। इस ट्वीट की गंभीरता को देखते हुए रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) तुरंत अलर्ट हो गई। मामले का पता लगाया और यात्री को ट्विटर पर ही जवाब देते हुए लिखा 'ट्रेन हाईजैक नहीं हुई है, ट्रैक पर मेंटेनेंस की वजह से ट्रेन को डायवर्ट किया गया है, पैनिक न हो' ट्रेन हाईजैक का मामला खत्म होते ही यूजर का ट्वीट डिलीट हो गया। लेकिन, इस ट्वीट के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर अभी भी वायरल हो रहे हैं। ट्विटर पर कई अन्य यूजर अफवाह फैलाने पर यात्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कई यूजर लिख रहे हैं 'क्या आप लापरवाही वाले बर्ताव, अफवाह फैलाने और लोगों में दहशत फैलाने के लिए कृष्णा पर केस कर सकते हैं? कम से कम उन पर मोटा जुर्माना लगाइए। एक यूजर ने लिखा कि 'रेलवे डिपार्टमेंट और आम आदमी को गुमराह करने के लिए इस आदमी के खिलाफ कार्रवाई कीजिए। ' भले ही कर्नाटक संपर्क क्रांति ट्रेन हाईजैक नहीं हुई, मगर भारत में ट्रेन हाईजैक होने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। 2013 - बंदूक के दम पर माओवादियों ने बिहार में ट्रेन को लूटा था। धनबाद-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस 13331 पर ट्रेन को जमुई से 170 किलोमीटर दूर घने जंगल के बीचो-बीच बनी सुरंग में रोका गया। दोपहर में हुई घटना में माओवादियों ने 7 बोगियों में यात्रियों से बंदूक की नोक पर लूटपाट की। यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों तरफ से गोलीबारी हुई जिसमें कुछ यात्रियों के साथ ट्रेन के ड्राइवर को भी चोट आई थी। 2017 - इसी तरह बिहार के लखीसराय जिले के पास नक्सलवादियों ने ट्रेन को भरी दोपहर में लूटा था। दुर्ग दानापुर साउथ बिहार एक्सप्रेस13288 को जमुई के पास शहीद जीतेंद्र हॉल्ट पर रोका गया। ट्रेन हाईजैक करने से पहले ही नक्सलियों ने आस-पास के क्षेत्र में बने मोबाइल टावर को तोड़ दिया था ताकि यात्री कहीं से भी मदद न मांग सके। इसके बाद ट्रेन में यात्रियों से लूटपाट हुई। इस केस में भी सीआरपीएफ के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई, मगर जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। This website follows the DNPA Code of Ethics.
कर्नाटक संपर्क क्रांति ट्रेन में यात्रा कर रहे एक यात्री ने हाल ही में ट्विटर पर ट्रेन के हाईजैक होने का ट्वीट किया। भारतीय रेलवे और सिकंदराबाद डीआरएस को टैग करते हुए लिखे इस ट्वीट को देखकर रेल विभाग में खलबली मच गई। हाईजैक की खबर सोशल मीडिया पर वायरल होते ही ट्रेन में बैठे यात्री भी डर के मारे घबराने लगे। बाद में पता लगा कि यह एक अफवाह थी। दरअसल, हुआ ये कि ट्रेन अपने रूट से डायवर्ट होकर चल रही थी। यह देख यात्री कृष्णा सीएच बेहरा ने ट्वीट में लिखा 'डियर IRCTC ऑफिशियल - डीआरएम सिकंदराबाद ट्रेन नंबर बारह हज़ार छः सौ पचास हाईजैक हो गई है, प्लीज मदद कीजिए। ' इस मैसेज को देख रेलवे विभाग फौरन एक्शन में आया और यात्री को पूरी स्थिति से अवगत कराया। मगर इस बीच ट्वीट के वायरल होने से लोग पैनिक हो गए, सोशल मीडिया पर गुस्सा दिखाने लगे। यात्री बेहरा रविवार को कर्नाटक से दिल्ली जा रहे थे, तभी उन्होंने देखा कि माजरी जंक्शन और सीताफल मंडी के बीच ट्रेन डायवर्ट हो गई। घबराहट में यात्री ने बिना कुछ सोचे-समझे सीधे ट्रेन हाईजैक होने का ट्वीट कर दिया। इस ट्वीट की गंभीरता को देखते हुए रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स तुरंत अलर्ट हो गई। मामले का पता लगाया और यात्री को ट्विटर पर ही जवाब देते हुए लिखा 'ट्रेन हाईजैक नहीं हुई है, ट्रैक पर मेंटेनेंस की वजह से ट्रेन को डायवर्ट किया गया है, पैनिक न हो' ट्रेन हाईजैक का मामला खत्म होते ही यूजर का ट्वीट डिलीट हो गया। लेकिन, इस ट्वीट के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर अभी भी वायरल हो रहे हैं। ट्विटर पर कई अन्य यूजर अफवाह फैलाने पर यात्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कई यूजर लिख रहे हैं 'क्या आप लापरवाही वाले बर्ताव, अफवाह फैलाने और लोगों में दहशत फैलाने के लिए कृष्णा पर केस कर सकते हैं? कम से कम उन पर मोटा जुर्माना लगाइए। एक यूजर ने लिखा कि 'रेलवे डिपार्टमेंट और आम आदमी को गुमराह करने के लिए इस आदमी के खिलाफ कार्रवाई कीजिए। ' भले ही कर्नाटक संपर्क क्रांति ट्रेन हाईजैक नहीं हुई, मगर भारत में ट्रेन हाईजैक होने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। दो हज़ार तेरह - बंदूक के दम पर माओवादियों ने बिहार में ट्रेन को लूटा था। धनबाद-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस तेरह हज़ार तीन सौ इकतीस पर ट्रेन को जमुई से एक सौ सत्तर किलोग्राममीटर दूर घने जंगल के बीचो-बीच बनी सुरंग में रोका गया। दोपहर में हुई घटना में माओवादियों ने सात बोगियों में यात्रियों से बंदूक की नोक पर लूटपाट की। यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों तरफ से गोलीबारी हुई जिसमें कुछ यात्रियों के साथ ट्रेन के ड्राइवर को भी चोट आई थी। दो हज़ार सत्रह - इसी तरह बिहार के लखीसराय जिले के पास नक्सलवादियों ने ट्रेन को भरी दोपहर में लूटा था। दुर्ग दानापुर साउथ बिहार एक्सप्रेसतेरह हज़ार दो सौ अठासी को जमुई के पास शहीद जीतेंद्र हॉल्ट पर रोका गया। ट्रेन हाईजैक करने से पहले ही नक्सलियों ने आस-पास के क्षेत्र में बने मोबाइल टावर को तोड़ दिया था ताकि यात्री कहीं से भी मदद न मांग सके। इसके बाद ट्रेन में यात्रियों से लूटपाट हुई। इस केस में भी सीआरपीएफ के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई, मगर जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। This website follows the DNPA Code of Ethics.
राज्य में 224 नगर निकायों के लिए दो चरणों में चुनाव कराए जाने के बाद परिणाम जारी किए जा चुके हैं। इसके बाद जन प्रतिनिधियों का नाम राजकीय गजट में प्रकाशित किया जाएगा। किसी 1 पद से इस्तीफा देना होगा। बिहार में शुक्रवार को संपन्न नगर निकाय चुनाव में दो पदों पर जीत हासिल करने वाले उम्मीदवारों को 15 दिनों के अंदर एक पद से इस्तीफा देना होगा। जो व्यक्ति एक से अधिक स्थान से निर्वाचित हुए हैं, उन्हें गजट प्रकाशन के बाद 15 दिनों के अंदर किसी एक पद से इस्तीफा देना होगा। ऐसे निर्वाचित प्रत्याशियों को लिखित रूप से व्यक्तिगत तौर पर इस्तीफा देने का निर्देश है। अगर, ऐसे उम्मीदवार अपना इस्तीफा निर्धारित अवधि में नहीं देते हैं तो उनके द्वारा जीते गए दोनों पद रिक्त माने जाएंगे। राज्य में 224 नगर निकायों के लिए दो चरणों में चुनाव कराए जाने के बाद परिणाम जारी किए जा चुके हैं। इसके बाद निर्वाचित जन प्रतिनिधियों का नाम राजकीय गजट में प्रकाशित किया जाएगा। इसमें चुनाव के दोनों चरणों में शामिल नगर निगमों, नगर परिषदों एवं नगर पंचायतों के मेयर, उप मेयर व वार्ड पार्षद/ प्रमुख, उप प्रमुख पदों के निर्वाचित उम्मीदवारों के नाम इसमें शामिल होंगे। प्रावधान के अनुसार नगर विकास विभाग द्वारा यह गजट प्रकाशित किया जाना है। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। 'उन्होंने भारत के लिए किया क्या है', नीतीश कुमार ने पीएम नरेंद्र मोदी और RSS का उड़ाया मजाक! राज्य निर्वाचन आयोग के सूत्रों के अनुसार राजकीय गजट के प्रकाशन के बाद सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों की प्रथम बैठक आयोजित की जाएगी। प्रथम बैठक के दिन ही सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों का शपथ ग्रहण कराया जाएगा और इसी दिन से उनका कार्यकाल अगले पांच वर्षों के लिए आरंभ होगा। जिलास्तर से इस संबंध में जानकारी मांगे जाने पर सभी जिलों को दिशा-निर्देश दिया जा चुका है। दूसरे चरण में सीता साहू पटना नगर निगम के मेयर एवं वार्ड नंबर-58 से पार्षद पद पर जीती हैं। ऐसे में उन्हें किसी एक पद से निर्धारित अवधि के अंदर इस्तीफा देना होगा। ऐसे दो पदों से जीते सभी प्रत्याशियों को करना होगा। वहीं गोपालगंज के मुख्य पार्षद हरेंद्र कुमार चौधरी मुख्य पार्षद पद के साथ वार्ड संख्या 11 से पार्षद भी चुने गए हैं। सीतामढ़ी की रौनक जहां परवेज ने मेयर निगम और वार्ड पार्षद का चुनाव एक साथ जीता है।
राज्य में दो सौ चौबीस नगर निकायों के लिए दो चरणों में चुनाव कराए जाने के बाद परिणाम जारी किए जा चुके हैं। इसके बाद जन प्रतिनिधियों का नाम राजकीय गजट में प्रकाशित किया जाएगा। किसी एक पद से इस्तीफा देना होगा। बिहार में शुक्रवार को संपन्न नगर निकाय चुनाव में दो पदों पर जीत हासिल करने वाले उम्मीदवारों को पंद्रह दिनों के अंदर एक पद से इस्तीफा देना होगा। जो व्यक्ति एक से अधिक स्थान से निर्वाचित हुए हैं, उन्हें गजट प्रकाशन के बाद पंद्रह दिनों के अंदर किसी एक पद से इस्तीफा देना होगा। ऐसे निर्वाचित प्रत्याशियों को लिखित रूप से व्यक्तिगत तौर पर इस्तीफा देने का निर्देश है। अगर, ऐसे उम्मीदवार अपना इस्तीफा निर्धारित अवधि में नहीं देते हैं तो उनके द्वारा जीते गए दोनों पद रिक्त माने जाएंगे। राज्य में दो सौ चौबीस नगर निकायों के लिए दो चरणों में चुनाव कराए जाने के बाद परिणाम जारी किए जा चुके हैं। इसके बाद निर्वाचित जन प्रतिनिधियों का नाम राजकीय गजट में प्रकाशित किया जाएगा। इसमें चुनाव के दोनों चरणों में शामिल नगर निगमों, नगर परिषदों एवं नगर पंचायतों के मेयर, उप मेयर व वार्ड पार्षद/ प्रमुख, उप प्रमुख पदों के निर्वाचित उम्मीदवारों के नाम इसमें शामिल होंगे। प्रावधान के अनुसार नगर विकास विभाग द्वारा यह गजट प्रकाशित किया जाना है। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। 'उन्होंने भारत के लिए किया क्या है', नीतीश कुमार ने पीएम नरेंद्र मोदी और RSS का उड़ाया मजाक! राज्य निर्वाचन आयोग के सूत्रों के अनुसार राजकीय गजट के प्रकाशन के बाद सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों की प्रथम बैठक आयोजित की जाएगी। प्रथम बैठक के दिन ही सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों का शपथ ग्रहण कराया जाएगा और इसी दिन से उनका कार्यकाल अगले पांच वर्षों के लिए आरंभ होगा। जिलास्तर से इस संबंध में जानकारी मांगे जाने पर सभी जिलों को दिशा-निर्देश दिया जा चुका है। दूसरे चरण में सीता साहू पटना नगर निगम के मेयर एवं वार्ड नंबर-अट्ठावन से पार्षद पद पर जीती हैं। ऐसे में उन्हें किसी एक पद से निर्धारित अवधि के अंदर इस्तीफा देना होगा। ऐसे दो पदों से जीते सभी प्रत्याशियों को करना होगा। वहीं गोपालगंज के मुख्य पार्षद हरेंद्र कुमार चौधरी मुख्य पार्षद पद के साथ वार्ड संख्या ग्यारह से पार्षद भी चुने गए हैं। सीतामढ़ी की रौनक जहां परवेज ने मेयर निगम और वार्ड पार्षद का चुनाव एक साथ जीता है।
RANCHI: बिहार की शराबबंदी ने पड़ोसी राज्यों में भी हलचल मचा रखी है। हर दिन अलग-अलग तरीकों से शराब की तस्करी हो रही है। शुक्रवार को बस से 90 बोतल शराब ले जा रहे युवक को लोअर बाजार पुलिस ने खादगाढ़ा बस स्टैंड से पकड़ लिया। वह चोकर की बोरी में शराब छुपाकर बस में लोड कर रहा था। इसकी गुप्त सूचना पुलिस को मिलने पर पुलिस बस स्टैंड पहुंची और युवक को दबोच लिया। पकड़ा गया युवक बक्सर सोनबरसा निवासी लाली यादव है। रांची में वह रातू रोड में रहता था। युवक ने पुलिस को बताया कि बिहार में उसके करीबी मित्रों ने शराब लाने का ऑर्डर दिया था। इसके एवज में उसे ऊंची कीमत मिलने वाली थी। छात्र संघ को राजनीतिक पार्टियों से जुड़े प्रतिनिधि प्रोफेसरों से मुक्त करो सहित विभिन्न मांगों को लेकर आईसा के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को आरयू वीसी डॉ रमेश कुमार पांडेय को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें रांची विवि छात्र संघ चुनाव में बदलाव की मांग की गई है। अल्पसंख्यक कॉलेज, रांची विवि से एफिलिएटेड कॉलेज के अलावा रिम्स व रिनपास में भी छात्र संघ चुनाव हो। लिंगदोह कमिटी के प्रावधानों को लागू किये बिना छात्र संघ का चुनाव हो। प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से आईसा के राज्य संयोजक अखिलेश राज, तरुण, सबा परवीन, अमिताब, मनीष कुमार आदि तमाम छात्र शामिल थे।
RANCHI: बिहार की शराबबंदी ने पड़ोसी राज्यों में भी हलचल मचा रखी है। हर दिन अलग-अलग तरीकों से शराब की तस्करी हो रही है। शुक्रवार को बस से नब्बे बोतल शराब ले जा रहे युवक को लोअर बाजार पुलिस ने खादगाढ़ा बस स्टैंड से पकड़ लिया। वह चोकर की बोरी में शराब छुपाकर बस में लोड कर रहा था। इसकी गुप्त सूचना पुलिस को मिलने पर पुलिस बस स्टैंड पहुंची और युवक को दबोच लिया। पकड़ा गया युवक बक्सर सोनबरसा निवासी लाली यादव है। रांची में वह रातू रोड में रहता था। युवक ने पुलिस को बताया कि बिहार में उसके करीबी मित्रों ने शराब लाने का ऑर्डर दिया था। इसके एवज में उसे ऊंची कीमत मिलने वाली थी। छात्र संघ को राजनीतिक पार्टियों से जुड़े प्रतिनिधि प्रोफेसरों से मुक्त करो सहित विभिन्न मांगों को लेकर आईसा के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को आरयू वीसी डॉ रमेश कुमार पांडेय को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें रांची विवि छात्र संघ चुनाव में बदलाव की मांग की गई है। अल्पसंख्यक कॉलेज, रांची विवि से एफिलिएटेड कॉलेज के अलावा रिम्स व रिनपास में भी छात्र संघ चुनाव हो। लिंगदोह कमिटी के प्रावधानों को लागू किये बिना छात्र संघ का चुनाव हो। प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से आईसा के राज्य संयोजक अखिलेश राज, तरुण, सबा परवीन, अमिताब, मनीष कुमार आदि तमाम छात्र शामिल थे।
सियासी रस्साकशी छोड़कर सरकार को मजबूत करने और जनहित के कामकाज पर ध्यान दिया जाता तो, न तो बीजेपी जोड़तोड़ में कामयाब होती और न ही कांग्रेस के हाथ आई सत्ता कांग्रेस के हाथ से निकलती. एमपी उप-चुनाव में हालांकि बीजेपी को शिव-राज बचाने के लिए केवल 9 सीटों की जरूरत थी, इसलिए यह तो माना जा रहा था कि शिव-राज कायम रहेगा, लेकिन बड़ा सवाल कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर है. यह बात अलग है कि बीजेपी ने सियासी जोड़तोड़ करके सत्ता हांसिल की थी, परन्तु जनता ने यह भी देखा था कि कांग्रेस की सरकार के दौरान कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच कैसी सियासी रस्साकशी चल रही थी. यदि उस वक्त आपसी सियासी रस्साकशी छोड़कर सरकार को मजबूत करने और जनहित के कामकाज पर ध्यान दिया जाता तो, न तो बीजेपी जोड़तोड़ में कामयाब होती और न ही कांग्रेस के हाथ आई सत्ता कांग्रेस के हाथ से निकलती. हालांकि, उप-चुनाव ने बीजेपी की शिवराज सिंह चौहान की सरकार को बरकरार रखने के साथ ही और ज्यादा मजबूती तो दे दी है, लेकिन बदलते सियासी समीकरण के मद्देनजर बीजेपी संगठन के स्तर पर आनेवाले समय में कई राजनीतिक परेशानियां सामने आएंगी. खासकर, पुराने भाजपाइयों और नए भाजपाइयों के बीच तालमेल करना आसान नहीं है. बड़ा सवाल शिवराज सिंह चौहान की सियासी हैसियत को लेकर भी है, क्योंकि भविष्य में जहां शिवराज के सामने आगे बढ़ने के लिए केवल प्रधानमंत्री पद है, तो सिंधिया कब तक सीएम की कुर्सी ने नजरें हटा कर रखेंगे. कांग्रेस में भी तो उनकी सीएम बनने की योग्यता के कारण ही वे कमलनाथ के सियासी निशाने पर रहे थे. शिवराज सिंह की सरकार चलाने की योग्यता तो पहले से ही साबित हो चुकी है, लेकिन मोदी-शाह का सिंधिया को संरक्षण उनके लिए राजनीतिक उलझने बढ़ाने वाला साबित हो सकता है?
सियासी रस्साकशी छोड़कर सरकार को मजबूत करने और जनहित के कामकाज पर ध्यान दिया जाता तो, न तो बीजेपी जोड़तोड़ में कामयाब होती और न ही कांग्रेस के हाथ आई सत्ता कांग्रेस के हाथ से निकलती. एमपी उप-चुनाव में हालांकि बीजेपी को शिव-राज बचाने के लिए केवल नौ सीटों की जरूरत थी, इसलिए यह तो माना जा रहा था कि शिव-राज कायम रहेगा, लेकिन बड़ा सवाल कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर है. यह बात अलग है कि बीजेपी ने सियासी जोड़तोड़ करके सत्ता हांसिल की थी, परन्तु जनता ने यह भी देखा था कि कांग्रेस की सरकार के दौरान कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच कैसी सियासी रस्साकशी चल रही थी. यदि उस वक्त आपसी सियासी रस्साकशी छोड़कर सरकार को मजबूत करने और जनहित के कामकाज पर ध्यान दिया जाता तो, न तो बीजेपी जोड़तोड़ में कामयाब होती और न ही कांग्रेस के हाथ आई सत्ता कांग्रेस के हाथ से निकलती. हालांकि, उप-चुनाव ने बीजेपी की शिवराज सिंह चौहान की सरकार को बरकरार रखने के साथ ही और ज्यादा मजबूती तो दे दी है, लेकिन बदलते सियासी समीकरण के मद्देनजर बीजेपी संगठन के स्तर पर आनेवाले समय में कई राजनीतिक परेशानियां सामने आएंगी. खासकर, पुराने भाजपाइयों और नए भाजपाइयों के बीच तालमेल करना आसान नहीं है. बड़ा सवाल शिवराज सिंह चौहान की सियासी हैसियत को लेकर भी है, क्योंकि भविष्य में जहां शिवराज के सामने आगे बढ़ने के लिए केवल प्रधानमंत्री पद है, तो सिंधिया कब तक सीएम की कुर्सी ने नजरें हटा कर रखेंगे. कांग्रेस में भी तो उनकी सीएम बनने की योग्यता के कारण ही वे कमलनाथ के सियासी निशाने पर रहे थे. शिवराज सिंह की सरकार चलाने की योग्यता तो पहले से ही साबित हो चुकी है, लेकिन मोदी-शाह का सिंधिया को संरक्षण उनके लिए राजनीतिक उलझने बढ़ाने वाला साबित हो सकता है?
भारत में तरह-तरह की धार्मिक परंपराएं प्रचलित हैं। इसी क्रम में उत्तराखंड के श्रीनगर की ग्राम पंचायत उफल्डा में बारिश और सुख समृद्धि के लिए नागराजा मंदिर में सवा मन (40 किलो) का रोट बनाया गया। रोट के एक हिस्से को नागराज को चढ़ाकर शेष भक्तों में वितरित किया गया। सदियों से चली आ रही परंपरा का निर्वह्न करते हुए शुक्रवार को उफल्डा और आसपास के गांव के लोगों ने नागराजा देवता की पूजा की। सुबह 10 बजे से गांव के बीच स्थित नागराजा मंदिर में 40 किलो आटे को गूंथा गया। इसके साथ ही मंदिर परिसर में रोट पकाने के लिए उपले और लकडिय़ों में आग लगाई गई। लगभग दो घंटे तक आटा गूंदने के बाद उसको पकाने के लिए अंगारों से ढक दिया गया। जिस दौरा आटा गूंदने और रोट बनाने की प्रक्रिया चल रही थी, उसी दौरान महिलाओं पर देवी-देवता अवतरित हुए। उन्होंने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए मंगलकामना की। नागराजा एक बार किसी ग्रामीण के सपने में आए कि वह गांव से ऊपर एक चोटी पर जाना चाहते हैं। ग्रामीण ने जब वहां पानी न होने का हवाला दिया, तो उन्होंने इसकी चिंता न करने को कहा। फलस्वरुप ग्रामीणों ने गांव से करीब दो किलोमीटर ऊपर मंदिर बना दिया। उन्होंने बताया कि मंदिर का ही एक रुप गांव के बीच में स्थापित किया गया है। जहां भोग चढ़ाया जाता है। स्थानीय निवासी ऋषि भट्ट ने बताया कि प्रत्येक तीन साल बाद यह पूजा होती है। नागराजा को चढ़ाया जाने वाला रोट नए गेहूं से तैयार आटे का बनाया जाता है। मान्यता है कि नागराजा को रोट चढ़ाने से बारिश होती है। जिससे फसलें ठीक होती हैं। उन्होंने बताया कि कहा जाता है कि पूर्व में नागराजा का मंदिर गांव से नीचे अलकनंदा नदी किनारे था।
भारत में तरह-तरह की धार्मिक परंपराएं प्रचलित हैं। इसी क्रम में उत्तराखंड के श्रीनगर की ग्राम पंचायत उफल्डा में बारिश और सुख समृद्धि के लिए नागराजा मंदिर में सवा मन का रोट बनाया गया। रोट के एक हिस्से को नागराज को चढ़ाकर शेष भक्तों में वितरित किया गया। सदियों से चली आ रही परंपरा का निर्वह्न करते हुए शुक्रवार को उफल्डा और आसपास के गांव के लोगों ने नागराजा देवता की पूजा की। सुबह दस बजे से गांव के बीच स्थित नागराजा मंदिर में चालीस किलो आटे को गूंथा गया। इसके साथ ही मंदिर परिसर में रोट पकाने के लिए उपले और लकडिय़ों में आग लगाई गई। लगभग दो घंटे तक आटा गूंदने के बाद उसको पकाने के लिए अंगारों से ढक दिया गया। जिस दौरा आटा गूंदने और रोट बनाने की प्रक्रिया चल रही थी, उसी दौरान महिलाओं पर देवी-देवता अवतरित हुए। उन्होंने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए मंगलकामना की। नागराजा एक बार किसी ग्रामीण के सपने में आए कि वह गांव से ऊपर एक चोटी पर जाना चाहते हैं। ग्रामीण ने जब वहां पानी न होने का हवाला दिया, तो उन्होंने इसकी चिंता न करने को कहा। फलस्वरुप ग्रामीणों ने गांव से करीब दो किलोमीटर ऊपर मंदिर बना दिया। उन्होंने बताया कि मंदिर का ही एक रुप गांव के बीच में स्थापित किया गया है। जहां भोग चढ़ाया जाता है। स्थानीय निवासी ऋषि भट्ट ने बताया कि प्रत्येक तीन साल बाद यह पूजा होती है। नागराजा को चढ़ाया जाने वाला रोट नए गेहूं से तैयार आटे का बनाया जाता है। मान्यता है कि नागराजा को रोट चढ़ाने से बारिश होती है। जिससे फसलें ठीक होती हैं। उन्होंने बताया कि कहा जाता है कि पूर्व में नागराजा का मंदिर गांव से नीचे अलकनंदा नदी किनारे था।
समय के साथ पता चला कि महरी पड़ोस के घर में ही रहती थी . वो एक परित्यक्ता थी और भरी जवानी में ही बेसहारा होकर बगल वाली चाची के घर आई थी तभी से दोनों घरों में काम करते-करते उसका जीवन बीत रहा था. मैंने एक दिन उससे पूछा'तुम्हारा कोई नाम तो होगा' तब बहुत सोच कर वो खिस्स से हंसी और बोली 'उत्लहली'(उतावली) उत्लहली के कामों की लिस्ट अंतहीन थी. कभी-कभी वो मुझे अल्लादीन के चिराग वाले जिन्न सी लगती -मुहँ से फरमाइश निकली नहीं कि महरी ये जा और वो जा. वह हमें घर बैठे चाट खिलाती,जूस पिलाती,बिजली-पानी न रहने पर कुएँ के ठन्डे पानी से भरी बाल्टियों से आँगन भर देती और कभी कोई सामान खरीदना हो तो आधी दुकान ही घर में सजा देती. जिस पति ने कभी उसकी सुधि नहीं ली उसके लिए उसे तीज का कठिन व्रत करते देख मैं क्रोध से भर जाती. वो तो अपनी सौत के बेटों के लिए उपहार खरीदती और खुद हमारे पुराने कपड़ों में ही खुश रहती . उसने मेरे सास-श्वसुर की बहुत सेवा की . पापाजी के न रहने पर हमारे घर की आठ सालों तक देखभाल भी की . फिर जब हमने अपना पैतृक मकान बेचा तब वह अपने गाँव चली गयी. इस बात को आज आठ वर्ष बीत चुके हैं . इसे विडंबना कहूँ या जीवन का कटु सत्य कि जो कभी हमारी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा थी,हमारे हर सुख-दुःख की साक्षी बनी, उससे फिर कभी मिलना न हुआ. पता नहीं वो किस हाल में होगी इस पल उत्लहली के बारे में लिखते समय मेरी आँखों में आँसू हैं और मन में यही प्रार्थना कि वो किसी कष्ट में न हो.
समय के साथ पता चला कि महरी पड़ोस के घर में ही रहती थी . वो एक परित्यक्ता थी और भरी जवानी में ही बेसहारा होकर बगल वाली चाची के घर आई थी तभी से दोनों घरों में काम करते-करते उसका जीवन बीत रहा था. मैंने एक दिन उससे पूछा'तुम्हारा कोई नाम तो होगा' तब बहुत सोच कर वो खिस्स से हंसी और बोली 'उत्लहली' उत्लहली के कामों की लिस्ट अंतहीन थी. कभी-कभी वो मुझे अल्लादीन के चिराग वाले जिन्न सी लगती -मुहँ से फरमाइश निकली नहीं कि महरी ये जा और वो जा. वह हमें घर बैठे चाट खिलाती,जूस पिलाती,बिजली-पानी न रहने पर कुएँ के ठन्डे पानी से भरी बाल्टियों से आँगन भर देती और कभी कोई सामान खरीदना हो तो आधी दुकान ही घर में सजा देती. जिस पति ने कभी उसकी सुधि नहीं ली उसके लिए उसे तीज का कठिन व्रत करते देख मैं क्रोध से भर जाती. वो तो अपनी सौत के बेटों के लिए उपहार खरीदती और खुद हमारे पुराने कपड़ों में ही खुश रहती . उसने मेरे सास-श्वसुर की बहुत सेवा की . पापाजी के न रहने पर हमारे घर की आठ सालों तक देखभाल भी की . फिर जब हमने अपना पैतृक मकान बेचा तब वह अपने गाँव चली गयी. इस बात को आज आठ वर्ष बीत चुके हैं . इसे विडंबना कहूँ या जीवन का कटु सत्य कि जो कभी हमारी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा थी,हमारे हर सुख-दुःख की साक्षी बनी, उससे फिर कभी मिलना न हुआ. पता नहीं वो किस हाल में होगी इस पल उत्लहली के बारे में लिखते समय मेरी आँखों में आँसू हैं और मन में यही प्रार्थना कि वो किसी कष्ट में न हो.
निर्देशक हंसल मेहता 2016 में ढाका कैफे को तबाह करने वाले वास्तविक जीवन के आतंकवादी हमले पर आधारित एक और कठिन कहानी के साथ वापस आ गए हैं । बीएफआई लंदन फिल्म फेस्टिवल 2022 में जबरदस्त प्रतिक्रिया के बाद, ज़हान कपूर और आदित्य रावल स्टारर फिल्म 3 फरवरी 2023 को सिनेमाघरों में रिलीज के लिए तैयार है । फिल्म हंसल मेहता द्वारा निर्देशित है, और भूषण कुमार, अनुभव सिन्हा, साहिल सहगल, साक्षी भट्ट और मजाहिर एम द्वारा निर्मित है। फिल्म को महाना फिल्म्स के सहयोग से टी-सीरीज़ और बनारस मीडिया वर्क्स द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित किया गया है। इसमें जहान कपूर, आदित्य रावल, जूही बब्बर, आमिर अली, सचिन लालवानी, पलक लालवानी और रेशम सहानी ने अभिनय किया है ।
निर्देशक हंसल मेहता दो हज़ार सोलह में ढाका कैफे को तबाह करने वाले वास्तविक जीवन के आतंकवादी हमले पर आधारित एक और कठिन कहानी के साथ वापस आ गए हैं । बीएफआई लंदन फिल्म फेस्टिवल दो हज़ार बाईस में जबरदस्त प्रतिक्रिया के बाद, ज़हान कपूर और आदित्य रावल स्टारर फिल्म तीन फरवरी दो हज़ार तेईस को सिनेमाघरों में रिलीज के लिए तैयार है । फिल्म हंसल मेहता द्वारा निर्देशित है, और भूषण कुमार, अनुभव सिन्हा, साहिल सहगल, साक्षी भट्ट और मजाहिर एम द्वारा निर्मित है। फिल्म को महाना फिल्म्स के सहयोग से टी-सीरीज़ और बनारस मीडिया वर्क्स द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित किया गया है। इसमें जहान कपूर, आदित्य रावल, जूही बब्बर, आमिर अली, सचिन लालवानी, पलक लालवानी और रेशम सहानी ने अभिनय किया है ।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने केंद्र से पेट्रोल और डीजल पर सेस में कमी करने की मांग की। केंद्रीय योजनाओं में केंद्रांश बढ़ाने की मांग करते हुए धान से बायो एथेनॉल बनाने की अनुमति शीघ्र देने का अनुरोध किया। कोल ब्लाक आबंटन के निरस्तीकरण से छत्तीसगढ़ को देय 4140 करोड़ रूपये की राशि की मांग भी की है। ज्ञात हो की उत्तरप्रदेश में होने वाले चुनाव को लेकर बैठक में शामिल होने सीएम भूपेश बघेल दिल्ली प्रवास पर हैं, सीएम यूपी चुनाव के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। सोनिया गांधी के आवास पर यूपी चुनाव को लेकर बैठक होगी जिसमें सीएम भूपेश और प्रियंका गांधी भी शामिल होंगे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने केंद्र से पेट्रोल और डीजल पर सेस में कमी करने की मांग की। केंद्रीय योजनाओं में केंद्रांश बढ़ाने की मांग करते हुए धान से बायो एथेनॉल बनाने की अनुमति शीघ्र देने का अनुरोध किया। कोल ब्लाक आबंटन के निरस्तीकरण से छत्तीसगढ़ को देय चार हज़ार एक सौ चालीस करोड़ रूपये की राशि की मांग भी की है। ज्ञात हो की उत्तरप्रदेश में होने वाले चुनाव को लेकर बैठक में शामिल होने सीएम भूपेश बघेल दिल्ली प्रवास पर हैं, सीएम यूपी चुनाव के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। सोनिया गांधी के आवास पर यूपी चुनाव को लेकर बैठक होगी जिसमें सीएम भूपेश और प्रियंका गांधी भी शामिल होंगे।
फ़ऊलुन फ़ऊलुन फ़ऊलुन फ़ऊलुन (X2) सकता है) जिनका एक दूसरे की जगह इस्तेमाल जायज़ है. एक वज़न 'फ़ेलुन फ़ेलुन फ़ेलुन फ़ेलुन फ़ेलुन फ़ेलुन फ़ेलुन फ़ा' वज़न 'फ़ेलुन फ़ेलुन फ़ेलुन फ़ेलुन फ़ेलुन फ़ेलुन फ़ेलुन फ़ेलुन' फ़ाइलुन फ़ाइलुन फ़ाइलुन फ़ाइलुन (X2) (इस बह्र में मिसरे के आख़िर में फ़ेलुन(22) की जगह फ़इलुन(112) नहीं आ सकता है) (इस बह्र में मिसरे के आख़िर में फ़ेलुन(22) की जगह फ़इलुन(112) भी आ सकता है) जिनका एक दूसरे की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है ) (मूलतः रुबाई की बह्र) (मूलतः रुबाई की बह्र) फ़इलातुन फ़इलातुन फ़इलातुन फ़इलातुन (X2) मुस्तफ़इलुन मुस्तफ़इलुन/ मुस्तफ़इलान (X2) मुस्तफ़इलुन मुस्तफ़इलुन मुस्तफ़इलुन (X2) मुस्तफ़इलुन मुस्तफ़इलुन मुस्तफ़इलुन मुस्तफ़इलुन (X2) मुन्सरेह मुसद्दस मतव्वी मक्तूअ' मुक्तज़ब मुसम्मन मतव्वी मज्दूअ' मक्तूअ' बसीत मुस्सदस मख़्बून सलिम मख्लूअ' अनुदेश : सभी विज्ञजनों से संशोधन और सुझाव आमंत्रित हैं. आदरणीय अजय तिवारी जी बहर से संबंधित अच्छी जानकारी दी है आपने। यह इत्मीनान से पढ़कर समझने वाला पोस्ट है। आदरणीय शिज्जु साहब, हार्दिक धन्यवाद. आदरणीय तिलकराज जी ने जो काम शुरू किया था उसी को थोड़ा-सा आगे बढ़ाने की कोशिश की है. कोई संशोधन अपेक्षित हो तो आवश्य निर्देशित करें. आ. अजय जी, आदरणीय निलेश जी, हार्दिक धन्यवाद . सभी बहरों पर मिसालें देना तो पूरी एक किताब का मैटर हो जाएगा. कोशिश करूंगा कि जो मुख्य बहरें प्रयोग में है उनको मशहूर शायरों के शेरों के साथ पेश कर सकूँ. इस पर एक पुस्तक बनती है। समय लगेगा लेकिन इससे बहुत लाभ होगा। आदरणीय निलेश जी, आनंद पाठक जी ये काम पहले से ही कर रहे हैं. अपने ब्लॉग पर अधिकाँश बहरो को मिसालों के साथ पेश करने का बुकलेंथ काम अब उन्होंने लगभग पूरा कर लिया है : आदरणीय राज़ साहब, आपकी खूबसूरत प्रतिक्रिया इस कार्य को सार्थक किया. हार्दिक धन्यवाद.
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4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
छत्तीसगढ़ से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। घटना प्रदेश के जसपुर जिले की है। खेलते वक्त एक 8 साल के बच्चे के पास अचानक से एक सांप आ जाता है और उसे डस लेता है, सांप के काटने के बाद बच्चे दर्द में होता है लेकिन उस बच्चे के दिमाग मे क्या आता है, वह उल्टा सांप को पकड़कर उसे भी काट लेता है जिससे कुछ देर बाद सांप की मौत मौके पर ही हो जाती है। बाद में जब इसकी जानकारी दीपक( घायल बच्चे का नाम) के परिजन को होती है तो वह उसे अस्पताल ले जाते है जहां डॉक्टरों के द्वारा दीपक को एंटी वेनम दी गई । उसके एक दिन तक दीपक को डॉक्टरों ने अस्पताल में ही रहने का सलाह दी। हालांकि 24 घंटे बाद भी दीपक पूरी तरह से सुरक्षित है। बाद में जब इसके इस घटना के बारे में दीपक से पूछा गया तो उसके बताया कि "सांप ने मेरे हाथ में लपेट लिया था और मुझे डस रहा था। मुझे बहुत दर्द हो रहा था, मैं सांप से खुद को छुड़ाने की कोशिश कर रहा था लेकिन छुड़ा नहीं पाया। मैंने सांप को दो बार काटा जिससे सांप की मौत हो गई"। डॉक्टरों ने बताया कि, जब सांप ने दीपक को डसा तो जहर नहीं रिलीज हुआ था जिस कारण दीपक की जान बच गई। ड्राई बाइट में अक्सर सांप के डसने पर जहर नहीं निकलता है जिससे जान बच जाती है।
छत्तीसगढ़ से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। घटना प्रदेश के जसपुर जिले की है। खेलते वक्त एक आठ साल के बच्चे के पास अचानक से एक सांप आ जाता है और उसे डस लेता है, सांप के काटने के बाद बच्चे दर्द में होता है लेकिन उस बच्चे के दिमाग मे क्या आता है, वह उल्टा सांप को पकड़कर उसे भी काट लेता है जिससे कुछ देर बाद सांप की मौत मौके पर ही हो जाती है। बाद में जब इसकी जानकारी दीपक के परिजन को होती है तो वह उसे अस्पताल ले जाते है जहां डॉक्टरों के द्वारा दीपक को एंटी वेनम दी गई । उसके एक दिन तक दीपक को डॉक्टरों ने अस्पताल में ही रहने का सलाह दी। हालांकि चौबीस घंटाटे बाद भी दीपक पूरी तरह से सुरक्षित है। बाद में जब इसके इस घटना के बारे में दीपक से पूछा गया तो उसके बताया कि "सांप ने मेरे हाथ में लपेट लिया था और मुझे डस रहा था। मुझे बहुत दर्द हो रहा था, मैं सांप से खुद को छुड़ाने की कोशिश कर रहा था लेकिन छुड़ा नहीं पाया। मैंने सांप को दो बार काटा जिससे सांप की मौत हो गई"। डॉक्टरों ने बताया कि, जब सांप ने दीपक को डसा तो जहर नहीं रिलीज हुआ था जिस कारण दीपक की जान बच गई। ड्राई बाइट में अक्सर सांप के डसने पर जहर नहीं निकलता है जिससे जान बच जाती है।
प्रस्तुत और कांग्रेस द्वारा स्वीकृत कार्यक्रम के स्थान पर कोई दूसरा कार्य - क्रम रखा हो। मैंने कुछ उग्र और क्रान्तिकारी कार्यक्रमों की चर्चा बहुत सुनी है, परन्तु मैंने उन्हें व्यवहार में लाये जाते नहीं देखा है। गांधी के रचनात्मक कार्यक्रम से एक कार्य खादी के उत्पादन और विक्रय को लो । मैंने अभी तक नहीं सुना है कि गांधी-विरोधी क्रान्तिकारी खादी के साधारण ग्राहक को क्या सलाह देगा । वह खाटी की सिफ़ारिश तो कर नहीं सकता क्योंकि वैसा करना तो प्रतिगामी होगा। तब क्या वह मिल के कपड़े की सिफारिश करेगा ! वह ऐसा भी नहीं कर सकता क्योंकि ऐसा करना तो सोधे उन लोगों की सहायता करना होगा जो प्रतिदिन और प्रतिक्षण मजदूरों का शोषण करते रहते हैं और जब उनके लोभ का नियंत्रण करने की राजनीतिक शक्ति भी उसके हाथ में नहीं है। तब क्या वह विदेशी वस्त्र खरीदने की सिफारिश करेगा १ दूसरी बातों को छोड़ दें तो भी ऐसी सिफारिश राजनीतिक लड़ाई के लिए मनोवैज्ञानिक, रूप से हानिकर सिद्ध होगी। मैंने कई बार सुना है कि सब होते हुए भी वह इस आशा से देशी मिलों के कपड़े की सिफारिश करेगा कि ज्यों-ज्यों श्रौद्योगिक जीवन में वृद्धि होगी धीरे-धीरे शहरी मजदूरों की संख्या बढ़ती जायगी जो क्रान्ति के लिए अच्छे उपादान होते हैं। अगर वह इतनी ही बात सिद्ध कर ले तो भी उसके तर्क को सही माना जा सकता है। पर वह चाहे जो कहे और करे, वह भारतीय उद्योग का विस्तार नहीं कर सकता, न उसमें स्फूर्ति पैदा कर सकता है। एक विदेशी सरकार की नीति का परिणाम यह हुआ है कि भारतीय उद्योग कुछ संकुचित सीमाओं से श्रागे नहीं बढ़ सकता । मदुमशुमारी की रिपोर्टों से प्रकट होता है कि वह भारत की बढ़ती हुई आबादी का साथ नहीं दे सका है और जमीन पर अधिकाधिक लोगों का बोझ बढ़ रहा है। और सम्पूर्ण जन-संख्या से औद्योगिक जनसंख्या का अनुपात गिरता ही जा रहा है। इस सम्बन्ध में दूसरा तर्क यह पेश किया जाता है कि भारतीय (मिल) उद्योग की मदद करना एक ऐसी चीज की मदद करना है जिस पर भविष्य
प्रस्तुत और कांग्रेस द्वारा स्वीकृत कार्यक्रम के स्थान पर कोई दूसरा कार्य - क्रम रखा हो। मैंने कुछ उग्र और क्रान्तिकारी कार्यक्रमों की चर्चा बहुत सुनी है, परन्तु मैंने उन्हें व्यवहार में लाये जाते नहीं देखा है। गांधी के रचनात्मक कार्यक्रम से एक कार्य खादी के उत्पादन और विक्रय को लो । मैंने अभी तक नहीं सुना है कि गांधी-विरोधी क्रान्तिकारी खादी के साधारण ग्राहक को क्या सलाह देगा । वह खाटी की सिफ़ारिश तो कर नहीं सकता क्योंकि वैसा करना तो प्रतिगामी होगा। तब क्या वह मिल के कपड़े की सिफारिश करेगा ! वह ऐसा भी नहीं कर सकता क्योंकि ऐसा करना तो सोधे उन लोगों की सहायता करना होगा जो प्रतिदिन और प्रतिक्षण मजदूरों का शोषण करते रहते हैं और जब उनके लोभ का नियंत्रण करने की राजनीतिक शक्ति भी उसके हाथ में नहीं है। तब क्या वह विदेशी वस्त्र खरीदने की सिफारिश करेगा एक दूसरी बातों को छोड़ दें तो भी ऐसी सिफारिश राजनीतिक लड़ाई के लिए मनोवैज्ञानिक, रूप से हानिकर सिद्ध होगी। मैंने कई बार सुना है कि सब होते हुए भी वह इस आशा से देशी मिलों के कपड़े की सिफारिश करेगा कि ज्यों-ज्यों श्रौद्योगिक जीवन में वृद्धि होगी धीरे-धीरे शहरी मजदूरों की संख्या बढ़ती जायगी जो क्रान्ति के लिए अच्छे उपादान होते हैं। अगर वह इतनी ही बात सिद्ध कर ले तो भी उसके तर्क को सही माना जा सकता है। पर वह चाहे जो कहे और करे, वह भारतीय उद्योग का विस्तार नहीं कर सकता, न उसमें स्फूर्ति पैदा कर सकता है। एक विदेशी सरकार की नीति का परिणाम यह हुआ है कि भारतीय उद्योग कुछ संकुचित सीमाओं से श्रागे नहीं बढ़ सकता । मदुमशुमारी की रिपोर्टों से प्रकट होता है कि वह भारत की बढ़ती हुई आबादी का साथ नहीं दे सका है और जमीन पर अधिकाधिक लोगों का बोझ बढ़ रहा है। और सम्पूर्ण जन-संख्या से औद्योगिक जनसंख्या का अनुपात गिरता ही जा रहा है। इस सम्बन्ध में दूसरा तर्क यह पेश किया जाता है कि भारतीय उद्योग की मदद करना एक ऐसी चीज की मदद करना है जिस पर भविष्य
आज है कल नहीं, तो फिर क्या नहीं अपने ही हाथों से कुछ न कुछ कर जाते ? लेकिन आत्मा पर कर्मों का बोझा इतना जबर्दस्त लगा है कि, ऐसी सद्बुद्धि पैदा होने की भी नही । वही चालचाजी, वही छलकपट, लोभ, दम्म, अन्याय, अत्याचार, ठगाई, धोखे बाजी और प्रपच में डूबे हुए है । आप पुण्य पापको मानते हैं । स्वर्ग, नर्क को मानते है, जोव-अजीव 'को मानते है तो मेरा तो ऐसा ख्याल है कि, जो उपदेश आपको दिया जाता है, उस पर कुछ न कुछ आचरण करते जाइये। अपने जीवन में उतारते जाइए । अगर उतारने की कोशिश नहीं की, तो जिन्दगी की कोई सार्थकता नही । जिन्दगी, बेचन्दगी शर्मिन्दगी । प्यारे मित्रो ! अपने सम्पूर्ण साधनों को ससार के सकट दूर करने और आराम पहु घाने के लिये, मानव जाति की भलाई के लिये अर्पण करते हुए जो मर जायगा, उमका ससार में हमेशा के लिये अमर नाम रहेगा। जगत के प्राणी उनका नाम-स्मरण करते है। सूर्य तो प्रातःकाल में ६-७ चचे उदय होता है, परन्तु भलेपुरुषों का नाम स्मरण तो लाग प्रातः ४ बजे उठकर करते हैं । अर्थात् ऐसे परोपकारी मनुष्यों का उदय तो सूर्य से भी पहेले होता है । आप भी चाहते है कि हमारे मरने के बाद हमें भी लोग नमस्कार करें, तो यह कब होसकता है ? मोह को ओछा फरेगें तब । सिवाय मोह को ओछा करने के और कोई रास्ता इस के लिये नहीं है । सासारिक पदार्थों से पुत्र, परिचार, पैसा - टका पर से मोह ओछा कर के बहिर्भाव से निकलकर समान में आजायेंगे, आत्म-स्वरूप में आजायेंगे, सेवा-कर्त्तव्य को बजायेंगे । आपका नाम भी अमर हो सकता है। इस मोह शत्रु को दूर करने के लिए प्रतिदिन कोशिश करे । अब ३५ वॉ गुण कहते है । पैंतीशवॉ गुण-चशीकृतेन्द्रियग्राम विपयों को जितने की कोशिश करनेवाला हो । इन्द्रियों के २३ विषयों को जीतने की कोशिश भी मोह को ओछा करने से ही होती है, वर्ना कभी नहीं । मोहमूर्च्छा को कम कर के, मात्र अपनी ड्यूटी बजाने के लिए, पेट भरने के लिए, जीवन का निर्वाह करने के लिए काम किया जाय तो इतना कर्म बन्धन नही होमकता, जितना कि, उसमें आमक्ति रसकर मनुष्य कर सकता है । गृहस्थाश्रम में रहते हुए, पाचों ही इन्द्रीयों के २३ विषय गृहस्थ के सामने खुले है । हम साधु तो कई बातो में AAAAAA AAAAAAAAAAAAA AMM THREE, पराधीन हैं । बन्धे हुए हैं । स्वतंत्रता से आप जितने भी विषयों को जिस प्रकार से भी भोगना चाहे भोग सकते हैं, लेकिन खूबी यह है कि, इन विषयों को प्राप्त होते हुए भी इनका त्याग किया जाय, इसी में मनुष्य जन्म की सार्थकता है। इन विषयों को प्राप्त होते हुए, आप लोग अपनो मोहवृत्तियों को काबू में रखकर जितना हो सके इतना विषयों को जीतने की कोशिश करें । विषयों के जीतने का उपाय स्पर्शेन्द्रिय, रसनेन्द्रिय, घ्राणेन्द्रिय, चक्षुरिन्द्रिय, श्रोत्रेन्द्रिय - ये पांच इन्द्रियाँ है। इन पांच इन्द्रियों के विषयभोग आप के सामने उपस्थित हैं। लेकिन इन्हें आप जीतिए, इसके लिये क्या करना चाहिये ? सबसे पहली बात है मन में वैराग्यवृत्ति पैदा करने की । जबतक वैराग्यवृत्ति न होगी, और मनोवृत्ति को काबू में करने की कोशिश नहीं होगी, वहांतक इन वृत्तियों को आप जित सके, ऐसा कभी नहीं हो सकता । भावना यह होनी चाहिए कि हम किस तरह हमारे विषयों को जीतें और उन चिपयों से अलग रहने की कोशिश करें । परन्तु आज संसार में क्या हो रहा है ? हम प्रत्यक्ष देख रहे हैं। इसका नतीजा यही आ रहा है कि, पतन हो रहा है । इतने ग्रन्थों को पढते हुए, इतने इतने व्याख्यानों को सुनते हुए, इतनी बुद्धि विषेक होते हुए और इतनी विचारशक्ति होते हुए लोग दिनप्रतिदिन पतित होते चले जा रहे हैं। अच्छे से अच्छा ज्ञानी, जो अच्छी अच्छी बातें करता है, ज्ञान और धर्म के तच्चों का भी सूक्ष्म से सूक्ष्म विवेचन करता है, ऐसे मनुष्यों को भी मैं देखता हूं कि, विषयों के गुलाम होते जा रहे हैं । तब फिर कैसे हमारा कल्याण हो सकता है ? हाथी कैसे पकड़ा जाता है ? स्पर्शेन्द्रिय के विषय के पीछे गुलाम होनेवाला हाथी और उसमें भी एक जंगली हाथी, कैसे पकड़ा जाता है आप जानते हैं ? मनुष्य की ताकत नहीं कि, उस जंगली हाथी को पकड़ ले, लेकिन जब विषयों का गुलाम वह हाथी होजाता है, अथवा यो कहिए कि, पकडनेवाले उसे पहले विषयी बनाते हैं। एक हथिनी को उसके सामने रखा जाता है और उसके पीछे विषयान्ध बनाया जाता है। जब हाथी पकड में आसकता है, अन्यथा कभी नहीं ।
आज है कल नहीं, तो फिर क्या नहीं अपने ही हाथों से कुछ न कुछ कर जाते ? लेकिन आत्मा पर कर्मों का बोझा इतना जबर्दस्त लगा है कि, ऐसी सद्बुद्धि पैदा होने की भी नही । वही चालचाजी, वही छलकपट, लोभ, दम्म, अन्याय, अत्याचार, ठगाई, धोखे बाजी और प्रपच में डूबे हुए है । आप पुण्य पापको मानते हैं । स्वर्ग, नर्क को मानते है, जोव-अजीव 'को मानते है तो मेरा तो ऐसा ख्याल है कि, जो उपदेश आपको दिया जाता है, उस पर कुछ न कुछ आचरण करते जाइये। अपने जीवन में उतारते जाइए । अगर उतारने की कोशिश नहीं की, तो जिन्दगी की कोई सार्थकता नही । जिन्दगी, बेचन्दगी शर्मिन्दगी । प्यारे मित्रो ! अपने सम्पूर्ण साधनों को ससार के सकट दूर करने और आराम पहु घाने के लिये, मानव जाति की भलाई के लिये अर्पण करते हुए जो मर जायगा, उमका ससार में हमेशा के लिये अमर नाम रहेगा। जगत के प्राणी उनका नाम-स्मरण करते है। सूर्य तो प्रातःकाल में छः-सात चचे उदय होता है, परन्तु भलेपुरुषों का नाम स्मरण तो लाग प्रातः चार बजे उठकर करते हैं । अर्थात् ऐसे परोपकारी मनुष्यों का उदय तो सूर्य से भी पहेले होता है । आप भी चाहते है कि हमारे मरने के बाद हमें भी लोग नमस्कार करें, तो यह कब होसकता है ? मोह को ओछा फरेगें तब । सिवाय मोह को ओछा करने के और कोई रास्ता इस के लिये नहीं है । सासारिक पदार्थों से पुत्र, परिचार, पैसा - टका पर से मोह ओछा कर के बहिर्भाव से निकलकर समान में आजायेंगे, आत्म-स्वरूप में आजायेंगे, सेवा-कर्त्तव्य को बजायेंगे । आपका नाम भी अमर हो सकता है। इस मोह शत्रु को दूर करने के लिए प्रतिदिन कोशिश करे । अब पैंतीस वॉ गुण कहते है । पैंतीशवॉ गुण-चशीकृतेन्द्रियग्राम विपयों को जितने की कोशिश करनेवाला हो । इन्द्रियों के तेईस विषयों को जीतने की कोशिश भी मोह को ओछा करने से ही होती है, वर्ना कभी नहीं । मोहमूर्च्छा को कम कर के, मात्र अपनी ड्यूटी बजाने के लिए, पेट भरने के लिए, जीवन का निर्वाह करने के लिए काम किया जाय तो इतना कर्म बन्धन नही होमकता, जितना कि, उसमें आमक्ति रसकर मनुष्य कर सकता है । गृहस्थाश्रम में रहते हुए, पाचों ही इन्द्रीयों के तेईस विषय गृहस्थ के सामने खुले है । हम साधु तो कई बातो में AAAAAA AAAAAAAAAAAAA AMM THREE, पराधीन हैं । बन्धे हुए हैं । स्वतंत्रता से आप जितने भी विषयों को जिस प्रकार से भी भोगना चाहे भोग सकते हैं, लेकिन खूबी यह है कि, इन विषयों को प्राप्त होते हुए भी इनका त्याग किया जाय, इसी में मनुष्य जन्म की सार्थकता है। इन विषयों को प्राप्त होते हुए, आप लोग अपनो मोहवृत्तियों को काबू में रखकर जितना हो सके इतना विषयों को जीतने की कोशिश करें । विषयों के जीतने का उपाय स्पर्शेन्द्रिय, रसनेन्द्रिय, घ्राणेन्द्रिय, चक्षुरिन्द्रिय, श्रोत्रेन्द्रिय - ये पांच इन्द्रियाँ है। इन पांच इन्द्रियों के विषयभोग आप के सामने उपस्थित हैं। लेकिन इन्हें आप जीतिए, इसके लिये क्या करना चाहिये ? सबसे पहली बात है मन में वैराग्यवृत्ति पैदा करने की । जबतक वैराग्यवृत्ति न होगी, और मनोवृत्ति को काबू में करने की कोशिश नहीं होगी, वहांतक इन वृत्तियों को आप जित सके, ऐसा कभी नहीं हो सकता । भावना यह होनी चाहिए कि हम किस तरह हमारे विषयों को जीतें और उन चिपयों से अलग रहने की कोशिश करें । परन्तु आज संसार में क्या हो रहा है ? हम प्रत्यक्ष देख रहे हैं। इसका नतीजा यही आ रहा है कि, पतन हो रहा है । इतने ग्रन्थों को पढते हुए, इतने इतने व्याख्यानों को सुनते हुए, इतनी बुद्धि विषेक होते हुए और इतनी विचारशक्ति होते हुए लोग दिनप्रतिदिन पतित होते चले जा रहे हैं। अच्छे से अच्छा ज्ञानी, जो अच्छी अच्छी बातें करता है, ज्ञान और धर्म के तच्चों का भी सूक्ष्म से सूक्ष्म विवेचन करता है, ऐसे मनुष्यों को भी मैं देखता हूं कि, विषयों के गुलाम होते जा रहे हैं । तब फिर कैसे हमारा कल्याण हो सकता है ? हाथी कैसे पकड़ा जाता है ? स्पर्शेन्द्रिय के विषय के पीछे गुलाम होनेवाला हाथी और उसमें भी एक जंगली हाथी, कैसे पकड़ा जाता है आप जानते हैं ? मनुष्य की ताकत नहीं कि, उस जंगली हाथी को पकड़ ले, लेकिन जब विषयों का गुलाम वह हाथी होजाता है, अथवा यो कहिए कि, पकडनेवाले उसे पहले विषयी बनाते हैं। एक हथिनी को उसके सामने रखा जाता है और उसके पीछे विषयान्ध बनाया जाता है। जब हाथी पकड में आसकता है, अन्यथा कभी नहीं ।
वीर अर्जुन संवाददाता देहरादून। राष्टीय राजमार्ग पर पडने वाले ग्राम हर्रावाला, जोगीवाला, कुवांवाला के ग्रामीणो ने राष्टीय राजमार्ग पाधिकरण के विरूद्ध मोर्चा खोल दिया है। पभावित ग्रामीणो ने राष्टीय राजमार्ग पाधिकरण के लिए नियुक्त विशेष भूमि अघ्याप्ति अधिकारी द्वारा अपनायी जाने वाली पकिया के विरोध में सैकडो ग्रामीणो ने ग्राम हर्रावाला में मार्ग पर धरना पदर्शन कर आर-पार की लडाई का ऐलान किया है, इस मौके पर पहुंचे उत्तराखंड के कषि मंत्री त्रिवेन्द सिंह रावत ने उपस्थित ग्रामीणो को संयम से काम लेने और यथासम्भव मदद करने का आश्वासन दिया। राष्टीय राजमार्ग पर ग्राम हर्रावाला में धरने पर बै"s ग्रामीणो ने जिला स्तरीय बीस सुत्री कार्यकम एवं कियान्वयन समिति के उपाघ्यक्ष जितेन्द सिंह नेगी को अपनी पीडा से अवगत कराया इस मौके पर श्री नेगी ने कहा कि राष्टीय राजमार्ग-72 के चौडीकरण में पभावित होने वाले व्यक्तियो को अवश्य न्याय दिलाया जायेगा। उन्होने कहा कि पाधिकरण द्वारा मुल्याकंकर्ता जो मुल्यांकन रिपोर्ट दी गयी उसे नकारा जाये क्योकि जिस मुल्यांकन रिपोर्ट में हर्रावाला, ऋषिकेश तहसील में दर्शाया गया है वह रिपोर्ट सही हो ही नही सकती है। इस मौके पर हर्रावाला के ग्राम पधान मुलचंद व वी0डी0सी0 संजय चौहान ने कहा कि वह पभावित ग्रामीणो को जब तक बाजार रेट से मुवाअजा नही मिल जाता है, तब तक उनका संधर्ष जारी रहेगा चाहे इसके लिए कितनी बडी कुर्बानी क्यो ना देनी पडे। समाजसेवी गोपाल हवेलिया ने कहा कि हमें एकजुट होकर लडना होगा श्री हवेलिया ने कहा कि हम राष्टीय राजमार्ग के लिए अपनी जमीन, मकानो की कुर्बानी दे रहे है सरकार हमें जो मुवाअजा दे रही है वो बहुत कम है सरकार हमें उजाड रही है तो कम से कम मुवाअजा बाजार रेट पर तो दे।
वीर अर्जुन संवाददाता देहरादून। राष्टीय राजमार्ग पर पडने वाले ग्राम हर्रावाला, जोगीवाला, कुवांवाला के ग्रामीणो ने राष्टीय राजमार्ग पाधिकरण के विरूद्ध मोर्चा खोल दिया है। पभावित ग्रामीणो ने राष्टीय राजमार्ग पाधिकरण के लिए नियुक्त विशेष भूमि अघ्याप्ति अधिकारी द्वारा अपनायी जाने वाली पकिया के विरोध में सैकडो ग्रामीणो ने ग्राम हर्रावाला में मार्ग पर धरना पदर्शन कर आर-पार की लडाई का ऐलान किया है, इस मौके पर पहुंचे उत्तराखंड के कषि मंत्री त्रिवेन्द सिंह रावत ने उपस्थित ग्रामीणो को संयम से काम लेने और यथासम्भव मदद करने का आश्वासन दिया। राष्टीय राजमार्ग पर ग्राम हर्रावाला में धरने पर बै"s ग्रामीणो ने जिला स्तरीय बीस सुत्री कार्यकम एवं कियान्वयन समिति के उपाघ्यक्ष जितेन्द सिंह नेगी को अपनी पीडा से अवगत कराया इस मौके पर श्री नेगी ने कहा कि राष्टीय राजमार्ग-बहत्तर के चौडीकरण में पभावित होने वाले व्यक्तियो को अवश्य न्याय दिलाया जायेगा। उन्होने कहा कि पाधिकरण द्वारा मुल्याकंकर्ता जो मुल्यांकन रिपोर्ट दी गयी उसे नकारा जाये क्योकि जिस मुल्यांकन रिपोर्ट में हर्रावाला, ऋषिकेश तहसील में दर्शाया गया है वह रिपोर्ट सही हो ही नही सकती है। इस मौके पर हर्रावाला के ग्राम पधान मुलचंद व वीशून्यडीशून्यसीशून्य संजय चौहान ने कहा कि वह पभावित ग्रामीणो को जब तक बाजार रेट से मुवाअजा नही मिल जाता है, तब तक उनका संधर्ष जारी रहेगा चाहे इसके लिए कितनी बडी कुर्बानी क्यो ना देनी पडे। समाजसेवी गोपाल हवेलिया ने कहा कि हमें एकजुट होकर लडना होगा श्री हवेलिया ने कहा कि हम राष्टीय राजमार्ग के लिए अपनी जमीन, मकानो की कुर्बानी दे रहे है सरकार हमें जो मुवाअजा दे रही है वो बहुत कम है सरकार हमें उजाड रही है तो कम से कम मुवाअजा बाजार रेट पर तो दे।
मैंने डॉ० पुरुषोत्तमलाल मेनारिया प्रगीत "राजस्थानी साहित्य का इतिहास " देखा। यह ग्रन्थ बड़े मध्यवसाय के साथ लिखा गया है। राजस्थानी साहित्य के उद्भव भोर विकास की सभी का इसमें संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया गया है । साथ ही साथ इसमें राजस्थानी साहित्य-विधाप्रों एवं प्रवृत्तियों का भी अधिक से अधिक प्रामाणिक विवरण देने का प्रयत्न किया गया हैं । यह ग्रन्थ राजस्थानी साहित्य के शोधार्थियों के लिये प्रत्यन्त उपयोगी है। मैं डॉ० मेनारिया को यह ग्रन्थ प्रस्तुत करने के लिये हार्दिक साधुवाद प्रर्पित करता हूं । चन्द्रप्रकाश सिंह " राजस्थानी साहित्य का इतिहास " ग्रन्थ के मुद्रित फरमे देखकर बड़ी प्रसन्नता हुई । यह ग्रन्थ लिखकर भापने अंक बहुत बड़ी कमी की पूर्ति की राजस्थानी साहित्य का सम्पूर्ण रूप में परिचय देने वाला कोई ग्रन्थ अभी तक नहीं था प्रौर यह कभी बहुत समय से खटक रही थी । इस ग्रन्थ से जिज्ञासु पाठकों को निस्संदेह किसी अंश में संतोष होगा। राजस्थानी साहित्य का बड़ा इतिहास भी श्राप शीघ्र प्रस्तुत करेंगे, इस विश्वास के साथ श्रापका अभिनन्दन करता हूं । - नरोत्तमदास स्वामी डॉ० पुरुषोत्तमलाल मेनारिया जी के "राजस्थानी साहित्य का इतिहास" का मैं सहर्ष स्वगत करता हूं । इस विषय की जानकारी के लिये जो साधनों का प्रभाव सा है, उसकी क्षति दूर करते का यह प्रथम प्रयास है । मेनारियाजो इस विषय के प्रत्यन्त प्रधिकारी विद्वान हैं। उन्होंने परिश्रम करके अपने पास जो सामग्री अंकत्र की है, इससे हमें पूरा विश्वास होता है कि निकट भविष्य में वे हमें राजस्थानी साहित्य का वृहत् इतिहास भी भेंट करेंगे । ह० चु० भायारणी
मैंने डॉशून्य पुरुषोत्तमलाल मेनारिया प्रगीत "राजस्थानी साहित्य का इतिहास " देखा। यह ग्रन्थ बड़े मध्यवसाय के साथ लिखा गया है। राजस्थानी साहित्य के उद्भव भोर विकास की सभी का इसमें संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया गया है । साथ ही साथ इसमें राजस्थानी साहित्य-विधाप्रों एवं प्रवृत्तियों का भी अधिक से अधिक प्रामाणिक विवरण देने का प्रयत्न किया गया हैं । यह ग्रन्थ राजस्थानी साहित्य के शोधार्थियों के लिये प्रत्यन्त उपयोगी है। मैं डॉशून्य मेनारिया को यह ग्रन्थ प्रस्तुत करने के लिये हार्दिक साधुवाद प्रर्पित करता हूं । चन्द्रप्रकाश सिंह " राजस्थानी साहित्य का इतिहास " ग्रन्थ के मुद्रित फरमे देखकर बड़ी प्रसन्नता हुई । यह ग्रन्थ लिखकर भापने अंक बहुत बड़ी कमी की पूर्ति की राजस्थानी साहित्य का सम्पूर्ण रूप में परिचय देने वाला कोई ग्रन्थ अभी तक नहीं था प्रौर यह कभी बहुत समय से खटक रही थी । इस ग्रन्थ से जिज्ञासु पाठकों को निस्संदेह किसी अंश में संतोष होगा। राजस्थानी साहित्य का बड़ा इतिहास भी श्राप शीघ्र प्रस्तुत करेंगे, इस विश्वास के साथ श्रापका अभिनन्दन करता हूं । - नरोत्तमदास स्वामी डॉशून्य पुरुषोत्तमलाल मेनारिया जी के "राजस्थानी साहित्य का इतिहास" का मैं सहर्ष स्वगत करता हूं । इस विषय की जानकारी के लिये जो साधनों का प्रभाव सा है, उसकी क्षति दूर करते का यह प्रथम प्रयास है । मेनारियाजो इस विषय के प्रत्यन्त प्रधिकारी विद्वान हैं। उन्होंने परिश्रम करके अपने पास जो सामग्री अंकत्र की है, इससे हमें पूरा विश्वास होता है कि निकट भविष्य में वे हमें राजस्थानी साहित्य का वृहत् इतिहास भी भेंट करेंगे । हशून्य चुशून्य भायारणी
KANPUR: बिल्डिंग मैटेरियल्स के तेजी से चढ़ रहे रेट्स का असर केवल प्राइवेट प्रोजेक्ट्स पर ही नहीं पड़ रहा है बल्कि गवर्नमेंट डिपार्टमेंट के प्रोजेक्ट भी प्रभावित होते रहे हैं। 2 से 4 गुना तक बिल्डिंग मैटेरियल्स के दाम हो जाने से अब कांट्रैक्टर्स ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। इससे केडीए भी नहीं बच पा रहा है। केडीए के कंस्ट्रक्शन वर्क या तो ठप हो गए या फिर स्लो हो गए है। केवल दिखावे के लिए काम किया जा रहा है। दरअसल अवैध खनन को लेकर सीबीआई जांच की वजह से पहले से मौरंग के रेट काफी बढ़े हुए थे। इधर होली के बाद ओवरलोडिंग को लेकर शासन सख्त हो गया। इसका सीधा असर बिल्डिंग मैटेरियल्स की उपलब्धता के साथ-साथ रेट पर भी पड़ रहा है। मौरंग, गिट्टी, डस्ट, सीमेंट की मार्केट्स में आवक कम हो गई। बिल्डिंग मैटेरियल्स की शॉर्टेज के फायदा मुनाफाखोर उठा रहे हैं। दिन पर दिन कीमतें बढ़ती जा रही है। मेन मौरंग मंडी नौबस्ता में मौरंग के 13 हजार रूपए 100 घन फिट तक पहुंच गए है। उसमें भी डिमांड के मुताबिक मौरंग मिल नहीं पा रही है। मौरंग के दाम आसमान छूने से स्टोन डस्ट बेचने वालों की चांदी हो गई। डस्ट के रेट एक महीने में ही 3500 से बढ़कर 6500 रुपए प्रति 100 क्यूबिक फिट तक हो चुके हैं। कमोवेश यही हाल कंक्रीट का भी है जो 6 हजार रुपए प्रति 100 घन फिट तक पहुंच गई। सीमेंट के भी रेट बढ़ते जा रहे हैं। इससे लोगों ने पहले ही घर, मार्केट, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स आदि बनाने के काम भी बीच में रोक दिए हैं। लोग रेट कम होने का इंतजार कर रहे हैं। या फिर फिलहाल दरवाजे, प्लम्बर आदि का काम कराने में लग गए हैं। प्राइस हाइक के असर से अब केडीए के प्रोजेक्ट भी नहीं बच पा रहे हैं। खासतौर पर मल्टोस्टोरी व ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट प्रभावित हैं। ज्यादातर हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में काम बन्द है या फिर दिखावे के काम हो रहा है। सैटरडे को कमिश्नर मो. इफ्तिखारूद्दीन की अध्यक्षता में हुई कानपुर समग्र विकास की मीटिंग में बिल्डिंग मैटेरियल के रेट बढ़ने का मामला गूंजा।
KANPUR: बिल्डिंग मैटेरियल्स के तेजी से चढ़ रहे रेट्स का असर केवल प्राइवेट प्रोजेक्ट्स पर ही नहीं पड़ रहा है बल्कि गवर्नमेंट डिपार्टमेंट के प्रोजेक्ट भी प्रभावित होते रहे हैं। दो से चार गुना तक बिल्डिंग मैटेरियल्स के दाम हो जाने से अब कांट्रैक्टर्स ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। इससे केडीए भी नहीं बच पा रहा है। केडीए के कंस्ट्रक्शन वर्क या तो ठप हो गए या फिर स्लो हो गए है। केवल दिखावे के लिए काम किया जा रहा है। दरअसल अवैध खनन को लेकर सीबीआई जांच की वजह से पहले से मौरंग के रेट काफी बढ़े हुए थे। इधर होली के बाद ओवरलोडिंग को लेकर शासन सख्त हो गया। इसका सीधा असर बिल्डिंग मैटेरियल्स की उपलब्धता के साथ-साथ रेट पर भी पड़ रहा है। मौरंग, गिट्टी, डस्ट, सीमेंट की मार्केट्स में आवक कम हो गई। बिल्डिंग मैटेरियल्स की शॉर्टेज के फायदा मुनाफाखोर उठा रहे हैं। दिन पर दिन कीमतें बढ़ती जा रही है। मेन मौरंग मंडी नौबस्ता में मौरंग के तेरह हजार रूपए एक सौ घन फिट तक पहुंच गए है। उसमें भी डिमांड के मुताबिक मौरंग मिल नहीं पा रही है। मौरंग के दाम आसमान छूने से स्टोन डस्ट बेचने वालों की चांदी हो गई। डस्ट के रेट एक महीने में ही तीन हज़ार पाँच सौ से बढ़कर छः हज़ार पाँच सौ रुपयापए प्रति एक सौ क्यूबिक फिट तक हो चुके हैं। कमोवेश यही हाल कंक्रीट का भी है जो छः हजार रुपए प्रति एक सौ घन फिट तक पहुंच गई। सीमेंट के भी रेट बढ़ते जा रहे हैं। इससे लोगों ने पहले ही घर, मार्केट, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स आदि बनाने के काम भी बीच में रोक दिए हैं। लोग रेट कम होने का इंतजार कर रहे हैं। या फिर फिलहाल दरवाजे, प्लम्बर आदि का काम कराने में लग गए हैं। प्राइस हाइक के असर से अब केडीए के प्रोजेक्ट भी नहीं बच पा रहे हैं। खासतौर पर मल्टोस्टोरी व ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट प्रभावित हैं। ज्यादातर हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में काम बन्द है या फिर दिखावे के काम हो रहा है। सैटरडे को कमिश्नर मो. इफ्तिखारूद्दीन की अध्यक्षता में हुई कानपुर समग्र विकास की मीटिंग में बिल्डिंग मैटेरियल के रेट बढ़ने का मामला गूंजा।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि सत्ता द्वारा जनता का अपमान करने अथवा विपक्ष के प्रति रागद्वेष की भावना से लोकतंत्र आहत होता है। सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोग विपक्ष को अपमानित करेंगे तो लोकतंत्र का सम्मान कैसे बचेगा? विपक्ष पर डीएनए जैसे अप्रासंगिक आरोप लगने से विपक्ष कमजोर नहीं होगा। अखिलेश ने कहा कि प्रदेश में मजबूत नहीं मजबूर सरकार है। समाजवादी सरकार के समय हुए विकास कार्यों से भाजपा चिढ़ी हुई है। अन्यथा लोकनायक जेपी अंतर्राष्ट्रीय केंद्र की उपेक्षा से क्या संकेत मिलता है? भाजपा सरकार और इसके नेतृत्व की मानसिकता निम्न स्तरीय हैं। वह प्रदेश को विकास के नहीं, विनाश के रास्ते पर ले जाना चाहती है। अखिलेश ने रविवार को सपा मुख्यालय में जयप्रकाश नारायण की जयंती समारोह में यह बात कही। सपा मुखिया ने कहा कि प्रदेश के भव्य स्थलों में से एक यह जेपी सेंटर भाजपा सरकार की आंखों में खटक रहा है। इसीलिए उसको बर्बाद किया जा रहा है। समाजवादी सरकार के समय जो थोड़ा काम रह गया था उसके लिए भाजपा सरकार बजट नहीं दे रही है। भाजपा ने अपनी कृतघ्ननता में इसे खण्डहर बना दिया है। अब उसकी मंशा औने-पौने दाम में बेचकर लोकतंत्र रक्षक सेनानी की निशानी भी मिटा देने की है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि सत्ता द्वारा जनता का अपमान करने अथवा विपक्ष के प्रति रागद्वेष की भावना से लोकतंत्र आहत होता है। सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोग विपक्ष को अपमानित करेंगे तो लोकतंत्र का सम्मान कैसे बचेगा? विपक्ष पर डीएनए जैसे अप्रासंगिक आरोप लगने से विपक्ष कमजोर नहीं होगा। अखिलेश ने कहा कि प्रदेश में मजबूत नहीं मजबूर सरकार है। समाजवादी सरकार के समय हुए विकास कार्यों से भाजपा चिढ़ी हुई है। अन्यथा लोकनायक जेपी अंतर्राष्ट्रीय केंद्र की उपेक्षा से क्या संकेत मिलता है? भाजपा सरकार और इसके नेतृत्व की मानसिकता निम्न स्तरीय हैं। वह प्रदेश को विकास के नहीं, विनाश के रास्ते पर ले जाना चाहती है। अखिलेश ने रविवार को सपा मुख्यालय में जयप्रकाश नारायण की जयंती समारोह में यह बात कही। सपा मुखिया ने कहा कि प्रदेश के भव्य स्थलों में से एक यह जेपी सेंटर भाजपा सरकार की आंखों में खटक रहा है। इसीलिए उसको बर्बाद किया जा रहा है। समाजवादी सरकार के समय जो थोड़ा काम रह गया था उसके लिए भाजपा सरकार बजट नहीं दे रही है। भाजपा ने अपनी कृतघ्ननता में इसे खण्डहर बना दिया है। अब उसकी मंशा औने-पौने दाम में बेचकर लोकतंत्र रक्षक सेनानी की निशानी भी मिटा देने की है।
अमेरिका ने अपने शस्त्रागार में मौजूद सबसे बड़े बम से पूर्वी अफगानिस्तान में मौजूद आईएएस के ठिकाने पर हमला किया है। ये भले ही परमाणु बम नहीं है लेकिन ये बड़ी तबाही मचाने के लिए काफी है। ये इलाका इस्लामी आतंकियों की जनसंख्या के लिए प्रसिद्ध है। पेंटागन ने इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा है कि बम का वजन लगभग 1 टन के करीब है। अमेरिका ने पहली बार 22000 पाउंड (लगभग1 टन) के इस बम का इस्तेमाल किया है। इसे 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' के नाम से भी जाना जाता है, जो कि अमेरिकी शस्त्रागार का सबसे बड़ा बम है। बम का नाम GBU-43 जो कि बड़े ऑर्डनेंस वायु विस्फोट (एमओएबी) बम के रूप में जाना जाता है। इसको पहली बार 2003 में विकसित किया गया था। स्थानीय वक्त के मुताबिक शाम 7.32 मिनट पर अमेरिकी सेना और अफगानिस्तान ने आईएसआईएस के अचिन जिले में मौजूद नंगेरहार प्रांत के ठिकाने पर हमला किया। ये हमला आईएसआईएस के खात्मे के प्रयासों का ही हिस्सा जिसे अमेरिकी सेना और अफगानिस्तान के संयुक्त प्रयास के द्वारा अंजाम दिया गया।
अमेरिका ने अपने शस्त्रागार में मौजूद सबसे बड़े बम से पूर्वी अफगानिस्तान में मौजूद आईएएस के ठिकाने पर हमला किया है। ये भले ही परमाणु बम नहीं है लेकिन ये बड़ी तबाही मचाने के लिए काफी है। ये इलाका इस्लामी आतंकियों की जनसंख्या के लिए प्रसिद्ध है। पेंटागन ने इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा है कि बम का वजन लगभग एक टन के करीब है। अमेरिका ने पहली बार बाईस हज़ार पाउंड के इस बम का इस्तेमाल किया है। इसे 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' के नाम से भी जाना जाता है, जो कि अमेरिकी शस्त्रागार का सबसे बड़ा बम है। बम का नाम GBU-तैंतालीस जो कि बड़े ऑर्डनेंस वायु विस्फोट बम के रूप में जाना जाता है। इसको पहली बार दो हज़ार तीन में विकसित किया गया था। स्थानीय वक्त के मुताबिक शाम सात दशमलव बत्तीस मिनट पर अमेरिकी सेना और अफगानिस्तान ने आईएसआईएस के अचिन जिले में मौजूद नंगेरहार प्रांत के ठिकाने पर हमला किया। ये हमला आईएसआईएस के खात्मे के प्रयासों का ही हिस्सा जिसे अमेरिकी सेना और अफगानिस्तान के संयुक्त प्रयास के द्वारा अंजाम दिया गया।
मंदिर संचालक देशराज ने बताया कि उनके पिता बाबूलाल ने करीब 40 वर्ष पहले 150 वर्ग गज भूमि पर नवदुर्गा मंदिर और चारदीवारी का निर्माण करवाया था। यहां की छह बिसवा जमीन में से पांच बिसवा जमीन उन्होंने बेच दी थी और प्लाट काट दिए थे। हरियाणा के नारनौल शहर में निजामपुर रोड पर एमएएसडी स्कूल के गेट के सामने बने नवदुर्गा मंदिर एवं आसपास के प्लाटों की चारदीवारी को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया, जिस कारण लोगों में रोष बना हुआ है। मंदिर एवं चारदीवारी तोड़ने पर की गई शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं होने पर आक्रोशित लोग एकजुट होकर पुलिस अधीक्षक से मिले तथा सिटी थाना पहुंचकर कानूनी कार्रवाई की मांग की, जिसके उपरांत पुलिस ने मौका मुआयना किया और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। मंदिर संचालक देशराज ने बताया कि उनके पिता बाबूलाल ने करीब 40 वर्ष पहले खेवट नंबर 973 खतौनी नंबर 1256 खसरा नंबर 3102/3 (0-6) स्थित कस्बा नारनौल अंतर्गत जमाबंदी पर लगभग 150 वर्ग गज भूमि पर नवदुर्गा मंदिर और चारदीवारी का निर्माण करवाया था। यहां की छह बिसवा जमीन में से पांच बिसवा जमीन उन्होंने बेच दी थी और प्लाट काट दिए थे, जिनके खरीददारों ने अपनी-अपनी चारदीवारी कर ली थी। इस मंदिर में वह निरंतर सुबह-शाम पूजा-पाठ करते आ रहे थे, लेकिन तीन अगस्त की शाम को जब वह पूजा करने आए तो मंदिर को ध्वस्त किया हुआ पाया तथा आसपास के प्लाटों की दीवारी भी तोड़ी हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब हरीराम व उनके पुत्रों का किया-कराया हुआ है। उन्होंने बताया कि मंदिर तोड़ने से करीब दस लाख का नुकसान हो गया है, जबकि वहां से चार छत्र चांदी, 15 कांशी की बड़ी थाली, दुर्गा माता की सोने की नथ व चेन, 15-20 पीतल के गिलास, दो चांदी की पातड़ी, 15-20 साड़ी, चांदी की चार चूडि़यां आदि समेत दुर्गा माता, पाबू जी व रामदेव जी की मूर्तियां मंदिर तोड़ने पर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मंदिर टूट हुआ देखकर उन्होंने डॉयल 112 पुलिस को फोन किया तथा अपने पड़ोसियों को इक्ट्ठा कर पूछताछ की, तब हरीराम ने उन्हें धमकी दी कि मंदिर व चारदीवारी उन्होंने तोड़ी है। उन्होंने मंदिर का कीमती सामान चोरी करने का भी हरीराम एवं परिवारजनों पर आरोप लगाया। घटनास्थल पर अनेक महिलाएं एवं पुरुष पहुंचे, जिसके कुछ देर बाद सिटी पुलिस की ओर से सब इंस्पेक्टर ब्रह्मदत्त एवं उनके सहयोगी मौके पर पहुंचे तथा आवश्यक कार्रवाई शुरू की। उन्होंने लोगों की मौजूदगी में ही मंदिर की जानकारी ली, जिस पर वहां से क्षतिग्रस्त अवस्था में देवी-देवताओं की मूर्तियां निकली। मंदिर के छत्र समेत पूरा भवन जमींदोज किया हुआ था। देशराज ने बताया कि करीब 1967-68 में निजामपुर रोड निकाला गया था। तब उनकी जमीन इस रोड में आ आई थी और बीच से रोड गुजरने पर वह दो टुकड़ों में बंट गई थी, जिसके एक बिसवा हिस्से में नवदुर्गा मंदिर बनाते हुए शेष पर प्लाटिंग कर दी गई थी। इस मंदिर के पीठ पीछे से 22 फुट का रास्ता लगता है और उसके बाद खेत लगते हैं। आरोप है कि खेत वालों ने रास्ते को अपने खेतों में मिला लिया और अब मंदिर व प्लाटिंग की चारदीवारियों को जमींदोज कर दिया। दूसरी ओर प्रधान हरीराम यादव का कहना है कि वह जमीन हमारी है। इन्होंने रास्ते पर दीवार खड़ी करके जबरन कब्जा कर रखा था। वह कब्जा हमने हटाया है। जमीन हमारी है और हम अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे।
मंदिर संचालक देशराज ने बताया कि उनके पिता बाबूलाल ने करीब चालीस वर्ष पहले एक सौ पचास वर्ग गज भूमि पर नवदुर्गा मंदिर और चारदीवारी का निर्माण करवाया था। यहां की छह बिसवा जमीन में से पांच बिसवा जमीन उन्होंने बेच दी थी और प्लाट काट दिए थे। हरियाणा के नारनौल शहर में निजामपुर रोड पर एमएएसडी स्कूल के गेट के सामने बने नवदुर्गा मंदिर एवं आसपास के प्लाटों की चारदीवारी को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया, जिस कारण लोगों में रोष बना हुआ है। मंदिर एवं चारदीवारी तोड़ने पर की गई शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं होने पर आक्रोशित लोग एकजुट होकर पुलिस अधीक्षक से मिले तथा सिटी थाना पहुंचकर कानूनी कार्रवाई की मांग की, जिसके उपरांत पुलिस ने मौका मुआयना किया और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। मंदिर संचालक देशराज ने बताया कि उनके पिता बाबूलाल ने करीब चालीस वर्ष पहले खेवट नंबर नौ सौ तिहत्तर खतौनी नंबर एक हज़ार दो सौ छप्पन खसरा नंबर तीन हज़ार एक सौ दो/तीन स्थित कस्बा नारनौल अंतर्गत जमाबंदी पर लगभग एक सौ पचास वर्ग गज भूमि पर नवदुर्गा मंदिर और चारदीवारी का निर्माण करवाया था। यहां की छह बिसवा जमीन में से पांच बिसवा जमीन उन्होंने बेच दी थी और प्लाट काट दिए थे, जिनके खरीददारों ने अपनी-अपनी चारदीवारी कर ली थी। इस मंदिर में वह निरंतर सुबह-शाम पूजा-पाठ करते आ रहे थे, लेकिन तीन अगस्त की शाम को जब वह पूजा करने आए तो मंदिर को ध्वस्त किया हुआ पाया तथा आसपास के प्लाटों की दीवारी भी तोड़ी हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब हरीराम व उनके पुत्रों का किया-कराया हुआ है। उन्होंने बताया कि मंदिर तोड़ने से करीब दस लाख का नुकसान हो गया है, जबकि वहां से चार छत्र चांदी, पंद्रह कांशी की बड़ी थाली, दुर्गा माता की सोने की नथ व चेन, पंद्रह-बीस पीतल के गिलास, दो चांदी की पातड़ी, पंद्रह-बीस साड़ी, चांदी की चार चूडि़यां आदि समेत दुर्गा माता, पाबू जी व रामदेव जी की मूर्तियां मंदिर तोड़ने पर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मंदिर टूट हुआ देखकर उन्होंने डॉयल एक सौ बारह पुलिस को फोन किया तथा अपने पड़ोसियों को इक्ट्ठा कर पूछताछ की, तब हरीराम ने उन्हें धमकी दी कि मंदिर व चारदीवारी उन्होंने तोड़ी है। उन्होंने मंदिर का कीमती सामान चोरी करने का भी हरीराम एवं परिवारजनों पर आरोप लगाया। घटनास्थल पर अनेक महिलाएं एवं पुरुष पहुंचे, जिसके कुछ देर बाद सिटी पुलिस की ओर से सब इंस्पेक्टर ब्रह्मदत्त एवं उनके सहयोगी मौके पर पहुंचे तथा आवश्यक कार्रवाई शुरू की। उन्होंने लोगों की मौजूदगी में ही मंदिर की जानकारी ली, जिस पर वहां से क्षतिग्रस्त अवस्था में देवी-देवताओं की मूर्तियां निकली। मंदिर के छत्र समेत पूरा भवन जमींदोज किया हुआ था। देशराज ने बताया कि करीब एक हज़ार नौ सौ सरसठ-अड़सठ में निजामपुर रोड निकाला गया था। तब उनकी जमीन इस रोड में आ आई थी और बीच से रोड गुजरने पर वह दो टुकड़ों में बंट गई थी, जिसके एक बिसवा हिस्से में नवदुर्गा मंदिर बनाते हुए शेष पर प्लाटिंग कर दी गई थी। इस मंदिर के पीठ पीछे से बाईस फुट का रास्ता लगता है और उसके बाद खेत लगते हैं। आरोप है कि खेत वालों ने रास्ते को अपने खेतों में मिला लिया और अब मंदिर व प्लाटिंग की चारदीवारियों को जमींदोज कर दिया। दूसरी ओर प्रधान हरीराम यादव का कहना है कि वह जमीन हमारी है। इन्होंने रास्ते पर दीवार खड़ी करके जबरन कब्जा कर रखा था। वह कब्जा हमने हटाया है। जमीन हमारी है और हम अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे।
नई दिल्लीः इंग्लैंड की महिला क्रिकेटर डेनियल व्याट ने गुरुवार रात अपनी सगाई का खुलासा कर दिया। व्याट ने अपनी गर्लफ्रैंड जॉर्जी हॉज को किस करते हुए सगाई की अंगूठी की फोटो शेयर की। उन्होंने इस फोटो को कैप्शन दिया- माइन फॉरेवर। इंग्लैंड के लिए 102 वनडे और 143 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेलने वाली 31 साल की क्रिकेटर को दुनियाभर से बधाईयां मिल रही हैं। आइए जानते हैं व्याट की ये गर्लफ्रैंड आखिर कौन हैं। जॉर्जिया हॉज सीएएए-बेस एजेंसी के लिए काम करती हैं। ये फुटबॉलरों के करियर डवलपमेंट के लिए काम करने वाली एजेंसी है। जॉर्जिया यहां वुमंस फुटबॉल की हेड हैं। इससे पहले वह बार्कलेज बैंक के लिए अकाउंट एंड कैंपेन मैनेजर के रूप में काम कर चुकी हैं। उन्होंने ऑक्सफोर्ड ब्रुक्स यूनिवर्सिटी से बीएससी किया है। साथ ही कम्यूनिकेशन, मीडिया एंड कल्चर स्पोर्ट्स एंड कोचिंग स्टडीज की भी पढ़ाई की है। उन्हें क्रिकेट भी काफी पसंद है। टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान उन्होंने डेनी व्याट के कई फोटोज अपने इंस्टाग्राम प्रोफाइल से शेयर किए थे। इससे पहले भी दोनों के फोटोज सार्वजनिक रूप से सामने आए थे। दोनों अक्सर क्वालिटी टाइम बिताते हुए भी देखीं गईं, लेकिन तब तक लोगों ने ये अंदाजा नहीं लगाया था कि एक दिन ये दोनों सगाई कर लेंगी। और पढ़िए - VIDEO: बाबा महाकाल के दरबार में विराट कोहली-अनुष्का शर्मा, फॉर्म में होगी वापसी ? वहीं व्याट की बात करें तो टॉप ऑर्डर बैटर और राइट आर्म ऑफब्रेक गेंदबाज हैं। हाल ही उन्होंने वुमंस टी-20 वर्ल्ड कप में धमाल मचाते हुए पाकिस्तान के खिलाफ 59 रन की पारी खेल सुर्खियां बटोरी थी। जबकि साउथ अफ्रीका के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्होंने ओपनिंग करते हुए 34 रन बनाए। व्याट को 4 मार्च से होने जा रहे वुमंस प्रीमियर लीग (WPL) में मौका नहीं मिला है। उन्होंने हाल ही ट्वीट कर अपना दर्द बयां किया था। व्याट ने लिखा- डब्ल्यूपीएल में खेलने का सपना देखा, लेकिन दिल टूट गया। उन सभी को बधाई जो पिक कर लिए गए। भारत क्रिकेट खेलने के लिए एक शानदार जगह है। इंग्लैंड की कई महिला क्रिकेटर्स गर्लफ्रैंड के साथ रिलेशनशिप का खुलासा कर चुकी हैं। हाल ही पूर्व स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज सारा टेलर ने अपने रिलेशनशिप के बारे में ट्वीट किया था। उन्होंने सोनोग्राफी की फोटो डालकर बताया था कि उनकी पार्टनर डायना प्रेग्नेंट हैं और मां बनने जा रही हैं।
नई दिल्लीः इंग्लैंड की महिला क्रिकेटर डेनियल व्याट ने गुरुवार रात अपनी सगाई का खुलासा कर दिया। व्याट ने अपनी गर्लफ्रैंड जॉर्जी हॉज को किस करते हुए सगाई की अंगूठी की फोटो शेयर की। उन्होंने इस फोटो को कैप्शन दिया- माइन फॉरेवर। इंग्लैंड के लिए एक सौ दो वनडे और एक सौ तैंतालीस टी-बीस इंटरनेशनल मैच खेलने वाली इकतीस साल की क्रिकेटर को दुनियाभर से बधाईयां मिल रही हैं। आइए जानते हैं व्याट की ये गर्लफ्रैंड आखिर कौन हैं। जॉर्जिया हॉज सीएएए-बेस एजेंसी के लिए काम करती हैं। ये फुटबॉलरों के करियर डवलपमेंट के लिए काम करने वाली एजेंसी है। जॉर्जिया यहां वुमंस फुटबॉल की हेड हैं। इससे पहले वह बार्कलेज बैंक के लिए अकाउंट एंड कैंपेन मैनेजर के रूप में काम कर चुकी हैं। उन्होंने ऑक्सफोर्ड ब्रुक्स यूनिवर्सिटी से बीएससी किया है। साथ ही कम्यूनिकेशन, मीडिया एंड कल्चर स्पोर्ट्स एंड कोचिंग स्टडीज की भी पढ़ाई की है। उन्हें क्रिकेट भी काफी पसंद है। टी-बीस वर्ल्ड कप के दौरान उन्होंने डेनी व्याट के कई फोटोज अपने इंस्टाग्राम प्रोफाइल से शेयर किए थे। इससे पहले भी दोनों के फोटोज सार्वजनिक रूप से सामने आए थे। दोनों अक्सर क्वालिटी टाइम बिताते हुए भी देखीं गईं, लेकिन तब तक लोगों ने ये अंदाजा नहीं लगाया था कि एक दिन ये दोनों सगाई कर लेंगी। और पढ़िए - VIDEO: बाबा महाकाल के दरबार में विराट कोहली-अनुष्का शर्मा, फॉर्म में होगी वापसी ? वहीं व्याट की बात करें तो टॉप ऑर्डर बैटर और राइट आर्म ऑफब्रेक गेंदबाज हैं। हाल ही उन्होंने वुमंस टी-बीस वर्ल्ड कप में धमाल मचाते हुए पाकिस्तान के खिलाफ उनसठ रन की पारी खेल सुर्खियां बटोरी थी। जबकि साउथ अफ्रीका के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्होंने ओपनिंग करते हुए चौंतीस रन बनाए। व्याट को चार मार्च से होने जा रहे वुमंस प्रीमियर लीग में मौका नहीं मिला है। उन्होंने हाल ही ट्वीट कर अपना दर्द बयां किया था। व्याट ने लिखा- डब्ल्यूपीएल में खेलने का सपना देखा, लेकिन दिल टूट गया। उन सभी को बधाई जो पिक कर लिए गए। भारत क्रिकेट खेलने के लिए एक शानदार जगह है। इंग्लैंड की कई महिला क्रिकेटर्स गर्लफ्रैंड के साथ रिलेशनशिप का खुलासा कर चुकी हैं। हाल ही पूर्व स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज सारा टेलर ने अपने रिलेशनशिप के बारे में ट्वीट किया था। उन्होंने सोनोग्राफी की फोटो डालकर बताया था कि उनकी पार्टनर डायना प्रेग्नेंट हैं और मां बनने जा रही हैं।
लखनऊ। यूपी में बीजेपी हर वर्ग को साधने की पूरी कोशिश में जुटी हुई है। सोमवार को BJP की उत्तर प्रदेश इकाई के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो संदेश जारी किया। वीडियो के जरिए किसानों को संदेश देते हुए लिखा, 'किसानों को मजबूत बना रही भाजपा सरकार... सही समय पर फसल की खरीद व भुगतान से स्वावलंबी बन रहा किसान. जीतेगा विकास, जीतेगा यूपी...। 5 सितंबर से बीजेपी यूपी के अंदर डोर टु डोर अभियान शुरू करेगी। हर विधानसभा में प्रबुद्ध सम्मेलन का भी आयोजन किया जाएगा। हर वर्ग पर अपनी पकड़ मजबूत करने के इरादे से भाजपा जनता के बीच जाएगी। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जनसंपर्क अभियान शुरू करेगी भाजपा। हर घर भाजपा नारे के साथ जनसंपर्क अभियान शुरू होगा। राम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ, विंध्यवासिनी देवी कॉरिडोर, अनुच्छेद 370, ट्रिपल तलाक, कानून व्यवस्था समेत सभी मुद्दों पर जनसम्पर्क अभियान होगा. इन तमाम मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएंगे भाजपा नेता और कार्यकर्ता. इन मुद्दों के जरिए भाजपा कार्यकर्ता पार्टी के पक्ष में माहौल तैयार करेंगे। इसके साथ साथ 5 से 20 सितंबर तक प्रत्येक विधानसभा में प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा. इन सम्मेलनों के जरिए बीजेपी समाज के हर वर्ग पर पकड़ मजबूत बनाकर रखना चाहती है. इसके अलावा बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए भी भाजपा अभियान चलाने जा रही है। 25 सितंबर से पन्ना प्रमुख सम्मेलन होगा जिसमें पन्ना प्रमुख को वोटर से संपर्क करने का दायित्व दिया जाएगा। bjp ने उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में अपना विशाल ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) आउटरीच कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। ओबीसी समुदाय से समर्थन हासिल करने के उद्देश्य से यह अभियान अगले महीने शुरू किया जाएगा। इसके जरिए गैर-यादवों और ओबीसी समुदाय के विभिन्न वर्गों के मतदाताओं का समर्थन हासिल करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश भाजपा ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष नरेंद्र कश्यप ने कहा कि पार्टी ने राज्य स्तर पर 32 टीमों का गठन किया है, जो राज्य के 75 जिलों में छह क्षेत्रों में अभियान चलाएगी। भाजपा का उद्देश्य यह बताना है कि कैसे अन्य राजनीतिक दलों ने समुदाय के साथ विश्वासघात किया है और उनके साथ मात्र वोट बैंक का व्यवहार किया है। पहली बैठक 31 अगस्त को मेरठ, 2 सितंबर को अयोध्या, 3 सितंबर को कानपुर, 4 सितंबर को मथुरा और 8 सितंबर को वाराणसी में होगी। उत्तर प्रदेश के कुल मतदाताओं का 50 प्रतिशत से अधिक ओबीसी मतदाता हैं। गैर-यादव ओबीसी लगभग 35 प्रतिशत है। भाजपा उत्तर प्रदेश ओबीसी मोर्चा ने राज्य भर में संगठनात्मक कार्यों की निगरानी के लिए तीन टीमों का गठन किया है।
लखनऊ। यूपी में बीजेपी हर वर्ग को साधने की पूरी कोशिश में जुटी हुई है। सोमवार को BJP की उत्तर प्रदेश इकाई के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो संदेश जारी किया। वीडियो के जरिए किसानों को संदेश देते हुए लिखा, 'किसानों को मजबूत बना रही भाजपा सरकार... सही समय पर फसल की खरीद व भुगतान से स्वावलंबी बन रहा किसान. जीतेगा विकास, जीतेगा यूपी...। पाँच सितंबर से बीजेपी यूपी के अंदर डोर टु डोर अभियान शुरू करेगी। हर विधानसभा में प्रबुद्ध सम्मेलन का भी आयोजन किया जाएगा। हर वर्ग पर अपनी पकड़ मजबूत करने के इरादे से भाजपा जनता के बीच जाएगी। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जनसंपर्क अभियान शुरू करेगी भाजपा। हर घर भाजपा नारे के साथ जनसंपर्क अभियान शुरू होगा। राम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ, विंध्यवासिनी देवी कॉरिडोर, अनुच्छेद तीन सौ सत्तर, ट्रिपल तलाक, कानून व्यवस्था समेत सभी मुद्दों पर जनसम्पर्क अभियान होगा. इन तमाम मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएंगे भाजपा नेता और कार्यकर्ता. इन मुद्दों के जरिए भाजपा कार्यकर्ता पार्टी के पक्ष में माहौल तैयार करेंगे। इसके साथ साथ पाँच से बीस सितंबर तक प्रत्येक विधानसभा में प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा. इन सम्मेलनों के जरिए बीजेपी समाज के हर वर्ग पर पकड़ मजबूत बनाकर रखना चाहती है. इसके अलावा बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए भी भाजपा अभियान चलाने जा रही है। पच्चीस सितंबर से पन्ना प्रमुख सम्मेलन होगा जिसमें पन्ना प्रमुख को वोटर से संपर्क करने का दायित्व दिया जाएगा। bjp ने उत्तर प्रदेश के सभी पचहत्तर जिलों में अपना विशाल ओबीसी आउटरीच कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। ओबीसी समुदाय से समर्थन हासिल करने के उद्देश्य से यह अभियान अगले महीने शुरू किया जाएगा। इसके जरिए गैर-यादवों और ओबीसी समुदाय के विभिन्न वर्गों के मतदाताओं का समर्थन हासिल करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश भाजपा ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष नरेंद्र कश्यप ने कहा कि पार्टी ने राज्य स्तर पर बत्तीस टीमों का गठन किया है, जो राज्य के पचहत्तर जिलों में छह क्षेत्रों में अभियान चलाएगी। भाजपा का उद्देश्य यह बताना है कि कैसे अन्य राजनीतिक दलों ने समुदाय के साथ विश्वासघात किया है और उनके साथ मात्र वोट बैंक का व्यवहार किया है। पहली बैठक इकतीस अगस्त को मेरठ, दो सितंबर को अयोध्या, तीन सितंबर को कानपुर, चार सितंबर को मथुरा और आठ सितंबर को वाराणसी में होगी। उत्तर प्रदेश के कुल मतदाताओं का पचास प्रतिशत से अधिक ओबीसी मतदाता हैं। गैर-यादव ओबीसी लगभग पैंतीस प्रतिशत है। भाजपा उत्तर प्रदेश ओबीसी मोर्चा ने राज्य भर में संगठनात्मक कार्यों की निगरानी के लिए तीन टीमों का गठन किया है।
मिथिला हिन्दी न्यूज :- Qualcomm Technologies ने हाल में नए Battlegrounds Mobile India (BGMI) टूर्नामेंट Snapdragon ConQuest Mobile Open की घोषणी की है। यह सभी एस्पोर्ट्स प्रेमी और बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया प्लेयर्स के लिए है। टूर्नामेंट में प्लेयर्स विभिन्न क्वालीफायर राउंड में एक दूसरे का आमना-सामना करेंगे। टॉप 112 टीमें टूर्नामेंट के फाइनल स्टेज में 32 इन्वाइट की गई प्रोफेशनल टीमों को जॉइन करेंगी। आइये, डिटेल में जानने के लिए नीचे पढ़ते हैं। BGMI Snapdragon ConQuest टूर्नामेंट के लिए प्री-हीट 30 मई, 2022 को शुरू हुआ था और टूर्नामेंट के लिए रजिस्ट्रेशन 9 जून को शुरू हो जाएंगे। टूर्नामेंट अक्टूबर की शुरुआत तक चलेगा। इस टूर्नामेंट में शामिल सभी टीमें एक दूसरे से 50,00,000 रुपये के प्राइज के लिए फाइट करेंगी। Snapdragon Conquest BGMI Open के देश में BGMI प्लेयर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। टूर्नामेंट के क्वालीफायर चरणों की टॉप टीमों को फाइनल में इन्वाइट की गई 32 टीमों के साथ प्रतिस्पर्धा करनी होगी। स्नैपड्रैगन कॉन्क्वेस्ट टूर्नामेंट की शुरुआत देश में उभरते हुई एस्पोर्ट्स प्रतिभाओं के साथ जुड़ने के उद्देश्य से हुई थी। BGMI Esports की लोकप्रियता पिछले कुछ सालों में बढ़ती जा रही है। Snapdragon Conquest ने आज यानी 7 जून को अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट करके Win UC प्रतियोगिता की घोषणा भी की गई है। इसमें प्लेयर्स अपनी इन-गेम क्लचेस (Clutches) अपलोड करके UC जीत सकते हैं। इसके लिए प्लेयर्स को @_ConquestEsport को फॉलो करना होगा। उसके बाद उनके ट्वीट को लाइक और रीट्वीट करके इन-गेम Clutches मूमेंट अपलोड करना होगा। डिस्क्रिप्शन में #SnapdragonConquest, #ClutchesMoments और UID ऐड करने के बाद 3 दोस्तों को टैग करना होगा।
मिथिला हिन्दी न्यूज :- Qualcomm Technologies ने हाल में नए Battlegrounds Mobile India टूर्नामेंट Snapdragon ConQuest Mobile Open की घोषणी की है। यह सभी एस्पोर्ट्स प्रेमी और बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया प्लेयर्स के लिए है। टूर्नामेंट में प्लेयर्स विभिन्न क्वालीफायर राउंड में एक दूसरे का आमना-सामना करेंगे। टॉप एक सौ बारह टीमें टूर्नामेंट के फाइनल स्टेज में बत्तीस इन्वाइट की गई प्रोफेशनल टीमों को जॉइन करेंगी। आइये, डिटेल में जानने के लिए नीचे पढ़ते हैं। BGMI Snapdragon ConQuest टूर्नामेंट के लिए प्री-हीट तीस मई, दो हज़ार बाईस को शुरू हुआ था और टूर्नामेंट के लिए रजिस्ट्रेशन नौ जून को शुरू हो जाएंगे। टूर्नामेंट अक्टूबर की शुरुआत तक चलेगा। इस टूर्नामेंट में शामिल सभी टीमें एक दूसरे से पचास,शून्य,शून्य रुपयापये के प्राइज के लिए फाइट करेंगी। Snapdragon Conquest BGMI Open के देश में BGMI प्लेयर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। टूर्नामेंट के क्वालीफायर चरणों की टॉप टीमों को फाइनल में इन्वाइट की गई बत्तीस टीमों के साथ प्रतिस्पर्धा करनी होगी। स्नैपड्रैगन कॉन्क्वेस्ट टूर्नामेंट की शुरुआत देश में उभरते हुई एस्पोर्ट्स प्रतिभाओं के साथ जुड़ने के उद्देश्य से हुई थी। BGMI Esports की लोकप्रियता पिछले कुछ सालों में बढ़ती जा रही है। Snapdragon Conquest ने आज यानी सात जून को अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट करके Win UC प्रतियोगिता की घोषणा भी की गई है। इसमें प्लेयर्स अपनी इन-गेम क्लचेस अपलोड करके UC जीत सकते हैं। इसके लिए प्लेयर्स को @_ConquestEsport को फॉलो करना होगा। उसके बाद उनके ट्वीट को लाइक और रीट्वीट करके इन-गेम Clutches मूमेंट अपलोड करना होगा। डिस्क्रिप्शन में #SnapdragonConquest, #ClutchesMoments और UID ऐड करने के बाद तीन दोस्तों को टैग करना होगा।
छत्तीसगढ़ में स्मार्टफोन के जरिए दृष्टिबाधित बच्चों को पढ़ाई के लिए अध्ययन सामग्री दी जाएगी। यह सामग्री कक्षा 9वीं से 12वीं कक्षा तक बच्चों को उपलब्ध करायी जा रही है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद में दृष्टिबाधित बच्चों को स्मार्टफोन में अध्ययन सामग्री प्रदान करने के लिए 13 जनवरी से 25 जनवरी तक 12 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिलों की शालाओं में अध्ययनरत दृष्टिबाधित बच्चों को स्मार्टफोन में पाठ्यपुस्तक के उपयोग के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यशाला का आयोजन समग्र शिक्षा और एम जंक्शन कोलकाता के सहयोग से किया गया। कार्यशाला का समापन राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद में अतिरिक्त संचालक डॉ. सुनीता जैन की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ देश में पहला राज्य है, जिसने दृष्टिबाधित बच्चों को स्मार्टफोन में अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने का अनूठा प्रयास किया है। इस कार्यशाला के आयोजन से दृष्टिबाधित बच्चों में स्मार्टफोन के माध्यम से पाठ्यपुस्तक के उपयोग के लिए काफी उत्साह रहा। कार्यशाला में राज्य के कक्षा नवमीं से 12वीं तक के 171 दृष्टिबाधित बच्चे लाभान्वित हुए। उल्लेखनीय है कि राज्य में समग्र शिक्षा के अंतर्गत केन्द्र सरकार की महात्वाकांक्षी योजना समावेशी शिक्षा संचालित है। इसमें दिव्यांग बच्चों को बाधारहित वातावरण तैयार कर शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़ने के लिए प्रयास किया जाता है। कार्यशाला में राज्य में शिक्षा गुणवत्ता सुधार और आधुनिक तकनीक का उपयोग शिक्षा के लिए किए जाने पर जोर दिया गया। कार्यशाला के प्रथम चरण में जिलों के चयनित बी. आर. पी. (समावेशी शिक्षा) को स्मार्टफोन में पाठ्यपुस्तक के उपयोग के लिए प्रशिक्षित किया गया। द्वितीय से चतुर्थ चरण तक जिलों के शालाओं में अध्ययनरत दृष्टिबाधित बच्चों को प्रशिक्षित किया गया।
छत्तीसगढ़ में स्मार्टफोन के जरिए दृष्टिबाधित बच्चों को पढ़ाई के लिए अध्ययन सामग्री दी जाएगी। यह सामग्री कक्षा नौवीं से बारहवीं कक्षा तक बच्चों को उपलब्ध करायी जा रही है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद में दृष्टिबाधित बच्चों को स्मार्टफोन में अध्ययन सामग्री प्रदान करने के लिए तेरह जनवरी से पच्चीस जनवरी तक बारह दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिलों की शालाओं में अध्ययनरत दृष्टिबाधित बच्चों को स्मार्टफोन में पाठ्यपुस्तक के उपयोग के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यशाला का आयोजन समग्र शिक्षा और एम जंक्शन कोलकाता के सहयोग से किया गया। कार्यशाला का समापन राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद में अतिरिक्त संचालक डॉ. सुनीता जैन की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ देश में पहला राज्य है, जिसने दृष्टिबाधित बच्चों को स्मार्टफोन में अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने का अनूठा प्रयास किया है। इस कार्यशाला के आयोजन से दृष्टिबाधित बच्चों में स्मार्टफोन के माध्यम से पाठ्यपुस्तक के उपयोग के लिए काफी उत्साह रहा। कार्यशाला में राज्य के कक्षा नवमीं से बारहवीं तक के एक सौ इकहत्तर दृष्टिबाधित बच्चे लाभान्वित हुए। उल्लेखनीय है कि राज्य में समग्र शिक्षा के अंतर्गत केन्द्र सरकार की महात्वाकांक्षी योजना समावेशी शिक्षा संचालित है। इसमें दिव्यांग बच्चों को बाधारहित वातावरण तैयार कर शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़ने के लिए प्रयास किया जाता है। कार्यशाला में राज्य में शिक्षा गुणवत्ता सुधार और आधुनिक तकनीक का उपयोग शिक्षा के लिए किए जाने पर जोर दिया गया। कार्यशाला के प्रथम चरण में जिलों के चयनित बी. आर. पी. को स्मार्टफोन में पाठ्यपुस्तक के उपयोग के लिए प्रशिक्षित किया गया। द्वितीय से चतुर्थ चरण तक जिलों के शालाओं में अध्ययनरत दृष्टिबाधित बच्चों को प्रशिक्षित किया गया।
राष्ट्रपतिश्री प्रणब मुखर्जी ने आज भोपाल में अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी। श्री प्रणब मुखर्जी ने कहा किसरकार तथा जनता के बीच भाषा की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। सामाजिक कल्याण तथा विकास के कार्यक्रमों की सफलता भाषा पर निर्भर करती है। इसलिए हमें हिंदी तथा क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देना चाहिए। हमारे राष्ट्र को जोड़ने में हिंदी का अह्म योगदान है। यह भारत की सामाजिक तथा सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। राष्ट्रपतिमहोदय ने कहा किसमाज और राष्ट्र के विकास में शिक्षा की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। महिलाओं और बच्चों के प्रति बढ़ते अपराध अत्यंत चिंता का विषय हैं। इसके अलावा, हमारे समाज को आत्मचिन्तन करते हुए नैतिकता में हो रहे पतन को भी रोकने की जरूरत है। हमारे विश्वविद्यालयों को नैतिक चुनौतियों का सामना करने के लिए एक अभियान चलाना होगा। उन्होंने कहा किहमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे युवाओं में देश के प्रति प्रेम; दायित्वों का निर्वाह; सभी के प्रति करुणा; भिन्नताओं का सम्मान; महिलाओं और बुजुर्गों का आदर; जीवन में सच्चाई और ईमानदारी; आचरण में अनुशासन तथा कर्तव्यों के प्रति जिम्मेदारी की भावना हो। श्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि2010-20 के दशक को अभिनव प्रयोग का दशक घोषित किया गया है। उन्होंने कहा किपिछले महीने, मुझे उत्तर प्रदेश और असम के दो केंद्रीय विश्वविद्यालयों में इनोवेशन क्लबों के उद्घाटन का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि मैंने विश्वविद्यालयों में आयोजित प्रदर्शनियों को भी देखा। उन्होंने विश्वविद्यालय से आग्रह किया किवह अपने यहां भी नवान्वेषण संस्कृति शुरू करने के लिए पहल करे। इस अवसर पर 'अटल संवाद' नामक एक न्यूज़लेटर भी जारी किया गया, जिसकी पहली प्रतिराष्ट्रपतिमहोदय को भेंट की गई।
राष्ट्रपतिश्री प्रणब मुखर्जी ने आज भोपाल में अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी। श्री प्रणब मुखर्जी ने कहा किसरकार तथा जनता के बीच भाषा की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। सामाजिक कल्याण तथा विकास के कार्यक्रमों की सफलता भाषा पर निर्भर करती है। इसलिए हमें हिंदी तथा क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देना चाहिए। हमारे राष्ट्र को जोड़ने में हिंदी का अह्म योगदान है। यह भारत की सामाजिक तथा सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। राष्ट्रपतिमहोदय ने कहा किसमाज और राष्ट्र के विकास में शिक्षा की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। महिलाओं और बच्चों के प्रति बढ़ते अपराध अत्यंत चिंता का विषय हैं। इसके अलावा, हमारे समाज को आत्मचिन्तन करते हुए नैतिकता में हो रहे पतन को भी रोकने की जरूरत है। हमारे विश्वविद्यालयों को नैतिक चुनौतियों का सामना करने के लिए एक अभियान चलाना होगा। उन्होंने कहा किहमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे युवाओं में देश के प्रति प्रेम; दायित्वों का निर्वाह; सभी के प्रति करुणा; भिन्नताओं का सम्मान; महिलाओं और बुजुर्गों का आदर; जीवन में सच्चाई और ईमानदारी; आचरण में अनुशासन तथा कर्तव्यों के प्रति जिम्मेदारी की भावना हो। श्री प्रणब मुखर्जी ने कहा किदो हज़ार दस-बीस के दशक को अभिनव प्रयोग का दशक घोषित किया गया है। उन्होंने कहा किपिछले महीने, मुझे उत्तर प्रदेश और असम के दो केंद्रीय विश्वविद्यालयों में इनोवेशन क्लबों के उद्घाटन का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि मैंने विश्वविद्यालयों में आयोजित प्रदर्शनियों को भी देखा। उन्होंने विश्वविद्यालय से आग्रह किया किवह अपने यहां भी नवान्वेषण संस्कृति शुरू करने के लिए पहल करे। इस अवसर पर 'अटल संवाद' नामक एक न्यूज़लेटर भी जारी किया गया, जिसकी पहली प्रतिराष्ट्रपतिमहोदय को भेंट की गई।
यमुनानगर - हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी यमुना नदी के बहते पानी में राज्य स्तरीय बाढ़ राहत प्रशिक्षण शिविर का आयोजन हथनी कुंड बैराज ताजेवाला में नौ जून तक किया जाएगा। इस बाढ़ राहत प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन उपायुक्त रोहतास सिंह खरब सोमवार को प्रातः दस बजे करेंगे। नगराधीश अजय मलिक व जिला राजस्व अधिकारी हरिओम बिश्रोई ने सयुंक्त रूप से बताया कि इस राज्य स्तरीय बाढ़ राहत प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ पांच जून को प्रातः दस बजे तथा प्रशिक्षण शिविर का समापन नौ जून को दोपहर 12 बजे होगा। बाढ़ राहत प्रशिक्षण शिविर में यमुनानगर जिला के साथ-साथ हरियाणा के अन्य जिलों के प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षकों द्वारा बाढ़ राहत कार्यों का गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं? निःशुल्क रजिस्टर करें !
यमुनानगर - हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी यमुना नदी के बहते पानी में राज्य स्तरीय बाढ़ राहत प्रशिक्षण शिविर का आयोजन हथनी कुंड बैराज ताजेवाला में नौ जून तक किया जाएगा। इस बाढ़ राहत प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन उपायुक्त रोहतास सिंह खरब सोमवार को प्रातः दस बजे करेंगे। नगराधीश अजय मलिक व जिला राजस्व अधिकारी हरिओम बिश्रोई ने सयुंक्त रूप से बताया कि इस राज्य स्तरीय बाढ़ राहत प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ पांच जून को प्रातः दस बजे तथा प्रशिक्षण शिविर का समापन नौ जून को दोपहर बारह बजे होगा। बाढ़ राहत प्रशिक्षण शिविर में यमुनानगर जिला के साथ-साथ हरियाणा के अन्य जिलों के प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षकों द्वारा बाढ़ राहत कार्यों का गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं? निःशुल्क रजिस्टर करें !
(अनूप कुमार)Kushinagar News: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। जहां रामकोला नगर पंचायत के वार्ड नम्बर बापू नगर (उर्दहा) स्थित एक मकान में अज्ञात कारणों से आग लगने में 6 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में एक ही परिवार के 5 बच्चे और उनकी मां शामिल है। घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम राहत और बचाव कार्य में जुट गई। वहीं देर रात जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने भी घटनास्थल का जायजा लिया और पीड़ित परिवार को हर संभव मदद की बात कही। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, रामकोला थाना क्षेत्र के उर्दहा गांव में देर रात एक दर्दनाक हादसा देखने को मिला, जिसमें एक सब्जी व्यवसायी का पूरा परिवार काल के गाल में समा गया। जहां तीन सेट के बने हुए घर में नैमी पुत्र सरजू के घर में बीती देर रात करीब 12:30 अज्ञात कारणों से आग लग गई। अभी कोई कुछ समझ पाता तब तक घर में रखा सिलेंडर ब्लास्ट हो गया और आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। टीन सेट के बने घर के परखच्चे उड़ गए और छत लगभग 20 फीट ऊपर पेड़ पर जाकर अटक गई। गांव के लोग इकट्ठा होकर जब तक बचाव कार्य में जुटे तब तक घर में सो रहे लोग आग में बुरी तरह झुलस गए। घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम ग्रामीणों के साथ मिलकर आग पर काबू पाने में जुट गई। तब तक यह लोग आग पर काबू पाते तब तक सब्जी कारोबारी नैमी की पत्नी संगीता उम्र लगभग 38 , बेटी अंकित उम्र 10 साल, लक्ष्मीना उम्र 9 साल ,रीता उम्र 3 साल, गीता उम्र 2 साल, बाबू उम्र 1 साल की जलने से मौत हो गई। पुलिस ने सभी शवों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेज दिया गया है। जिलाधिकारी रमेश रंजन और एसपी धवल जैसवाल ने मौके का जायजा लिया। SDM कप्तानगंज के साथ राजस्व व पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
Kushinagar News: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। जहां रामकोला नगर पंचायत के वार्ड नम्बर बापू नगर स्थित एक मकान में अज्ञात कारणों से आग लगने में छः लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में एक ही परिवार के पाँच बच्चे और उनकी मां शामिल है। घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम राहत और बचाव कार्य में जुट गई। वहीं देर रात जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने भी घटनास्थल का जायजा लिया और पीड़ित परिवार को हर संभव मदद की बात कही। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, रामकोला थाना क्षेत्र के उर्दहा गांव में देर रात एक दर्दनाक हादसा देखने को मिला, जिसमें एक सब्जी व्यवसायी का पूरा परिवार काल के गाल में समा गया। जहां तीन सेट के बने हुए घर में नैमी पुत्र सरजू के घर में बीती देर रात करीब बारह:तीस अज्ञात कारणों से आग लग गई। अभी कोई कुछ समझ पाता तब तक घर में रखा सिलेंडर ब्लास्ट हो गया और आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। टीन सेट के बने घर के परखच्चे उड़ गए और छत लगभग बीस फीट ऊपर पेड़ पर जाकर अटक गई। गांव के लोग इकट्ठा होकर जब तक बचाव कार्य में जुटे तब तक घर में सो रहे लोग आग में बुरी तरह झुलस गए। घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम ग्रामीणों के साथ मिलकर आग पर काबू पाने में जुट गई। तब तक यह लोग आग पर काबू पाते तब तक सब्जी कारोबारी नैमी की पत्नी संगीता उम्र लगभग अड़तीस , बेटी अंकित उम्र दस साल, लक्ष्मीना उम्र नौ साल ,रीता उम्र तीन साल, गीता उम्र दो साल, बाबू उम्र एक साल की जलने से मौत हो गई। पुलिस ने सभी शवों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेज दिया गया है। जिलाधिकारी रमेश रंजन और एसपी धवल जैसवाल ने मौके का जायजा लिया। SDM कप्तानगंज के साथ राजस्व व पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
नई दिल्ली. भारत की जूनियर टीम ने पाकिस्तान को सबक सिखा दिया. भारत ने पाकिस्तान को 2-1 से हराकर चौथी बार जूनियर एशिया कप खिताब जीता. टूर्नामेंट 8 साल के लंबे इंतजार के बाद हुआ था. यानी इस टूर्नामेंट के फाइनल में 8 साल बाद भारत-पाकिस्तान की टीम भिड़ी थी. हर कोई इस मुकाबले का बेसब्री से इंतजार कर रहा था. मैदान भी पूरा भरा हुआ था. हाईवोल्टेज मुकाबले की उम्मीद की जा रही थी, मगर जब दोनों टीमें आमने-सामने हुई तो 19 मिनट के अंदर ही भारत ने पाकिस्तान का खेल खत्म कर दिया. शुरुआती 19 मिनट में ही भारत ने पाकिस्तान को बता दिया कि भारत के पूर्व कोच का साथ मिलने के बावजूद उन्हें हराना मुश्किल है. ये भी पढ़ें- बेंगलुरु और चेन्नई में भारत vs पाकिस्तान की टक्कर! अंगद बीर सिंह ने 12वें और अराइजीत सिंह ने 19वें मिनट में भारत की तरफ से गोल दागा. भारत के पूर्व कोच रोलैंट ओल्टमेंस की कोचिंग वाली पाकिस्तानी टीम की तरफ से 37वें मिनट में बशारत अली ने एकमात्र गोल किया. इससे पहले भारत ने 2004, 2005 और 2015 में खिताब को जीता था, जबकि पाकिस्तान ने 1987, 1992 और 1996 में जीत दर्ज की थी. इतना ही नहीं इससे पहले भारत और पाकिस्तान दोनों टीमें इस टूर्नामेंट के फाइनल में 3 बार टकरा चुकी थी. 1996 में पाकिस्तान जीता तो 2004 में भारत ने फतह हासिल की. पिछली बार यानी 2015 में भारत ने फाइनल में 6-2 से हराकर खिताब जीता था. Congratulations Team India ! पहले क्वार्टर में भारत ने पाकिस्तान पर दबाव बना लिया था. हाफ टाइम तक भारत ने 2-0 की एकतरफा बढ़त हासिल कर ली थी. हालांकि हाफ टाइम से पहले पाकिस्तान के पास अपना खाता खोलने का मौका आया था, मगर भारतीय गोलकीपर मोहित एचएस दीवार बन गए. उन्होंने शाहिद अब्दुल की कोशिश पर पानी फेर दिया. पाकिस्तान ने तीसरे क्वार्टर के 7वें मिनट में अपना खाता खोला. भारत ने पाकिस्तान की हर कोशिश को नाकाम किया. 50वें मिनट में पाकिस्तान को पेनल्टी कॉर्नर मिला था, मगर वो इस मौके को नहीं भुना पाई. इसके 4 मिनट बाद उसे 2 पेनल्टी कॉर्नर और मिले, मगर भारत ने उसकी सारी कोशिशों को नाकाम कर दिया. इससे पहले दोनों टीमें हॉकी जूनियर एशिया कप 2023 के लीग स्टेज में भी टकराई थी, जहां मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा. दोनों टीमों ने लीग स्टेज पर एक भी मैच नहीं गंवाया था. शानदार गोल औसत के दम पर भारतीय टीम लीग स्टेज पर टॉप पर रही थी.
नई दिल्ली. भारत की जूनियर टीम ने पाकिस्तान को सबक सिखा दिया. भारत ने पाकिस्तान को दो-एक से हराकर चौथी बार जूनियर एशिया कप खिताब जीता. टूर्नामेंट आठ साल के लंबे इंतजार के बाद हुआ था. यानी इस टूर्नामेंट के फाइनल में आठ साल बाद भारत-पाकिस्तान की टीम भिड़ी थी. हर कोई इस मुकाबले का बेसब्री से इंतजार कर रहा था. मैदान भी पूरा भरा हुआ था. हाईवोल्टेज मुकाबले की उम्मीद की जा रही थी, मगर जब दोनों टीमें आमने-सामने हुई तो उन्नीस मिनट के अंदर ही भारत ने पाकिस्तान का खेल खत्म कर दिया. शुरुआती उन्नीस मिनट में ही भारत ने पाकिस्तान को बता दिया कि भारत के पूर्व कोच का साथ मिलने के बावजूद उन्हें हराना मुश्किल है. ये भी पढ़ें- बेंगलुरु और चेन्नई में भारत vs पाकिस्तान की टक्कर! अंगद बीर सिंह ने बारहवें और अराइजीत सिंह ने उन्नीसवें मिनट में भारत की तरफ से गोल दागा. भारत के पूर्व कोच रोलैंट ओल्टमेंस की कोचिंग वाली पाकिस्तानी टीम की तरफ से सैंतीसवें मिनट में बशारत अली ने एकमात्र गोल किया. इससे पहले भारत ने दो हज़ार चार, दो हज़ार पाँच और दो हज़ार पंद्रह में खिताब को जीता था, जबकि पाकिस्तान ने एक हज़ार नौ सौ सत्तासी, एक हज़ार नौ सौ बानवे और एक हज़ार नौ सौ छियानवे में जीत दर्ज की थी. इतना ही नहीं इससे पहले भारत और पाकिस्तान दोनों टीमें इस टूर्नामेंट के फाइनल में तीन बार टकरा चुकी थी. एक हज़ार नौ सौ छियानवे में पाकिस्तान जीता तो दो हज़ार चार में भारत ने फतह हासिल की. पिछली बार यानी दो हज़ार पंद्रह में भारत ने फाइनल में छः-दो से हराकर खिताब जीता था. Congratulations Team India ! पहले क्वार्टर में भारत ने पाकिस्तान पर दबाव बना लिया था. हाफ टाइम तक भारत ने दो-शून्य की एकतरफा बढ़त हासिल कर ली थी. हालांकि हाफ टाइम से पहले पाकिस्तान के पास अपना खाता खोलने का मौका आया था, मगर भारतीय गोलकीपर मोहित एचएस दीवार बन गए. उन्होंने शाहिद अब्दुल की कोशिश पर पानी फेर दिया. पाकिस्तान ने तीसरे क्वार्टर के सातवें मिनट में अपना खाता खोला. भारत ने पाकिस्तान की हर कोशिश को नाकाम किया. पचासवें मिनट में पाकिस्तान को पेनल्टी कॉर्नर मिला था, मगर वो इस मौके को नहीं भुना पाई. इसके चार मिनट बाद उसे दो पेनल्टी कॉर्नर और मिले, मगर भारत ने उसकी सारी कोशिशों को नाकाम कर दिया. इससे पहले दोनों टीमें हॉकी जूनियर एशिया कप दो हज़ार तेईस के लीग स्टेज में भी टकराई थी, जहां मुकाबला एक-एक से ड्रॉ रहा. दोनों टीमों ने लीग स्टेज पर एक भी मैच नहीं गंवाया था. शानदार गोल औसत के दम पर भारतीय टीम लीग स्टेज पर टॉप पर रही थी.
किडनी हमारे शरीर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है। गुर्दा स्वास्थ्य रोजाना की कुछ आदतें ऐसी होती हैं जिनका न सिर्फ सेहत पर बुरा असर पड़ता है, बल्कि किडनी की सेहत भी खराब होती है। किडनी शरीर में पोटैशियम, नमक की मात्रा को संतुलित करने में मदद करती है। इसके साथ ही इसका सबसे महत्वपूर्ण कार्य लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करना है। लेकिन कई बार कुछ चीजें किडनी को नुकसान पहुंचाने लगती हैं। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए किडनी को ठीक से काम करने की जरूरत होती है। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालता है। इसके अलावा, गुर्दे रक्त से विषाक्त पदार्थों को निकालने, शरीर के तरल पदार्थों को संतुलित करने और मूत्र बनाने में मदद करते हैं। ऐसे में किडनी की सेहत का ख्याल रखना उतना ही जरूरी है जितना कि दिल और मेहंदी की सेहत का। कुछ दैनिक आदतों का किडनी पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। आप इस तरह की चीजों से जितना दूर रहेंगे, आपकी किडनी के लिए उतना ही अच्छा होगा। है। ये खाद्य पदार्थ प्रोटीन से भरपूर होते हैं। बहुत अधिक प्रोटीन खाने से मूत्र में सामान्य से अधिक कैल्शियम निकल जाता है। प्रोटीन के नियमित सेवन से मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है। इससे किडनी स्टोन का खतरा बढ़ जाता है। से अतिरिक्त लवण को निकालना है। कैफीन किडनी के लिए हानिकारक है। कैफीन न केवल गुर्दे की समस्याओं को बढ़ाता है, बल्कि पथरी का कारण भी बन सकता है। कॉफी से दूर रहें, खासकर अगर आपको पहले से किडनी की समस्या है। किडनी को स्वस्थ रखने के लिए खूब पानी पिएं। एक स्वस्थ व्यक्ति को दिन में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी पीने की आदत डालनी चाहिए। पानी पीने से किडनी स्टोन नहीं होता और त्वचा भी खूबसूरत बनी रहती है।
किडनी हमारे शरीर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है। गुर्दा स्वास्थ्य रोजाना की कुछ आदतें ऐसी होती हैं जिनका न सिर्फ सेहत पर बुरा असर पड़ता है, बल्कि किडनी की सेहत भी खराब होती है। किडनी शरीर में पोटैशियम, नमक की मात्रा को संतुलित करने में मदद करती है। इसके साथ ही इसका सबसे महत्वपूर्ण कार्य लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करना है। लेकिन कई बार कुछ चीजें किडनी को नुकसान पहुंचाने लगती हैं। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए किडनी को ठीक से काम करने की जरूरत होती है। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालता है। इसके अलावा, गुर्दे रक्त से विषाक्त पदार्थों को निकालने, शरीर के तरल पदार्थों को संतुलित करने और मूत्र बनाने में मदद करते हैं। ऐसे में किडनी की सेहत का ख्याल रखना उतना ही जरूरी है जितना कि दिल और मेहंदी की सेहत का। कुछ दैनिक आदतों का किडनी पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। आप इस तरह की चीजों से जितना दूर रहेंगे, आपकी किडनी के लिए उतना ही अच्छा होगा। है। ये खाद्य पदार्थ प्रोटीन से भरपूर होते हैं। बहुत अधिक प्रोटीन खाने से मूत्र में सामान्य से अधिक कैल्शियम निकल जाता है। प्रोटीन के नियमित सेवन से मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है। इससे किडनी स्टोन का खतरा बढ़ जाता है। से अतिरिक्त लवण को निकालना है। कैफीन किडनी के लिए हानिकारक है। कैफीन न केवल गुर्दे की समस्याओं को बढ़ाता है, बल्कि पथरी का कारण भी बन सकता है। कॉफी से दूर रहें, खासकर अगर आपको पहले से किडनी की समस्या है। किडनी को स्वस्थ रखने के लिए खूब पानी पिएं। एक स्वस्थ व्यक्ति को दिन में कम से कम तीन से चार लीटरटर पानी पीने की आदत डालनी चाहिए। पानी पीने से किडनी स्टोन नहीं होता और त्वचा भी खूबसूरत बनी रहती है।
सुप्रीम कोर्ट से मनीष सिसोदिया को झटका लगने के बाद दिल्ली से महत्वपूर्ण खबर है। दिल्ली सरकार के दो बड़े मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और मंत्री सत्येंद्र जैन ने इस्तीफा दे दिया है। ऐसी खबर भी सामने आ रही है कि सीएम केजरीवाल ने दोनों मंत्रियों का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सिसोदिया की याचिका पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था।
सुप्रीम कोर्ट से मनीष सिसोदिया को झटका लगने के बाद दिल्ली से महत्वपूर्ण खबर है। दिल्ली सरकार के दो बड़े मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और मंत्री सत्येंद्र जैन ने इस्तीफा दे दिया है। ऐसी खबर भी सामने आ रही है कि सीएम केजरीवाल ने दोनों मंत्रियों का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सिसोदिया की याचिका पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था।
इस्पात की कीमतों में वैश्विक स्तर पर गिरावट आई है खासकर चीन में कीमतें अधिक घटी हैं। टाटा स्टील के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य वित्तीय अधिकारी कौशिक चटर्जी ने ईशिता आयान दत्त से बातचीत में विस्तार से बताया कि किस प्रकार फंडामेंटल्स में कोई बदलाव नहीं हुआ है और यूरोप एक मजबूत चरण में है जहां कंपनी की विनिर्माण इकाइयां मौजूद हैं। पेश हैं मुख्य अंशः अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस्पात की कीमतों में गिरावट आने से घरेलू बाजार में धारणा प्रभावित हुई है। क्या अब इस्पात की कीमतों में तेजी की बुलबुला फूट चुका है? फंडामेंटल्स में कोई बदलाव नहीं हुआ है। बुनियादी ढांचे के निर्माण से अमेरिका और यूरोप में मांग को रफ्तार मिल रही है। प्लेट जैसे कुछ उत्पादों में तैयार इस्पात बनाम कच्चे माल की कीमतें रिकॉर्ड 1,000 डॉलर प्रति टन के स्तर पर पहुंच चुकी हैं। इसके अलावा चीन एवं जापान जैसे देशों में पर्यावरण नीतियों के कारण क्षमता को युक्तिसंगत बनाए जाने से आपूर्ति में कुछ व्यवधान हुआ है। उनकी नजर निर्यात बाजार पर है। ये ढांचागत बदलाव हैं और कुल मिलाकर परिदृश्य समान है। भारत में त्योहारी सीजन के दौरान वाहन क्षेत्र की मांग उम्मीद से काफी कम था। लेकिन उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों के दौरान उसमें तेजी आएगी। खुदरा में तेजी दिखने लगी है। दक्षिण भारत में बाढ़ के कारण भी निर्माण गतिविधियां प्रभावित हुई हैं जबकि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण को नियंत्रित करने के उपायों से निर्माण गतिविधियों पर असर पड़ा है। हालांकि ये घटना विशेष से संबंधित बदलाव है और उसके निपटते ही मांग वापस आने लगेगी। वित्त वर्ष 2022 के लिए ऋण बोझ घटाने की क्या योजना है? मौजूदा इस्पात चक्र में कितना ऋण बोझ घटा है? हम पूरी कोशिश करेंगे कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में हमने जो प्रदर्शन (11,424 करोड़ रुपये) किया है उसे दोहराया जा सके। पिछले 18 महीनों के दौरान सितंबर तक हमने 38,000 करोड़ रुपये का ऋण बोझ हल्का किया है। टाटा स्टील यूरोप ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। आगे का परिदृश्य कैसा रहेगा? इस साल परिदृश्य दमदार रहने के आसार हैं और स्प्रेड्स कई साल की ऊंचाई पर हैं। हालांकि सेमीकंडक्टर किल्लत के कारण यूरोप की अपनी चुनौतियां हैं लेकिन हमारी नजर वैकल्पिक श्रेणियों पर है। बुनियादी ढांचा और निर्माण जैसे क्षेत्रों की मांग में स्थिरता दिख रही है। यूरोपीय इस्पात उद्योग की क्षमता उपयोगिता फिलहाल काफी अधिक है और जबरदस्त मांग के कारण स्प्रेड्स कई साल की ऊंचाइयों पर हैं। ढांचागत तौर पर यह एक दमदार चरण है और यूरोप शेष दुनिया के मुकाबले तेजी से कार्बन उत्सर्जन को कम करेगा। इसलिए धातुओं की मांग में तेजी बरकरार रहेगी। परिचालन प्रदर्शन के मद्देनजर एबिटा के मोर्चे पर टाटा स्टील यूरोप के लिए यह एक बेहतरीन साल होगा। क्या सीओपी26 के कारण भारतीय उद्योग जगत के ईएसजी पहल को रफ्तार मिलेगी? टाटा स्टील का क्या लक्ष्य है? हम यूरोप और भारत दोनों जगह कार्बन उत्सर्जन को कम करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। यूरोप आगे है क्योंकि विनियमन की रफ्तार कहीं अधिक है और हम स्थायित्व एवं प्रतिस्पर्धात्मकता को बरकरार रखते हुए कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने की कोशिश कर रहे हैं। यही राह अगले दशक के लिए होगी। भारत में हरेक निवेश के लिए हम कार्बन उत्सर्जन पर करीबी नजर रख रहे हैं। टाटा स्टील बीएसएल (पूर्व में भूषण स्टील) और टाटा स्टील के विलय अब प्रभावी है। लागत में कैसी बचत की उम्मीद की जा रही है? हम पिछले कुछ समय से वर्चुअल एकीकरण के लिए काम कर रहे हैं। मुझे लगता है कि आपूर्ति शृंखला से लेकर कच्चे माल एवं वितरण तक और संगठन को सरल बनाए जाने जैसे विभिन्न मोर्चों पर लागत में 1,000 से 1,500 करोड़ रुपये की बचत होनी चाहिए। पिछले तीन साल के दौरान हमने लागत के मोर्चे पर कई पहल किए हैं।
इस्पात की कीमतों में वैश्विक स्तर पर गिरावट आई है खासकर चीन में कीमतें अधिक घटी हैं। टाटा स्टील के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य वित्तीय अधिकारी कौशिक चटर्जी ने ईशिता आयान दत्त से बातचीत में विस्तार से बताया कि किस प्रकार फंडामेंटल्स में कोई बदलाव नहीं हुआ है और यूरोप एक मजबूत चरण में है जहां कंपनी की विनिर्माण इकाइयां मौजूद हैं। पेश हैं मुख्य अंशः अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस्पात की कीमतों में गिरावट आने से घरेलू बाजार में धारणा प्रभावित हुई है। क्या अब इस्पात की कीमतों में तेजी की बुलबुला फूट चुका है? फंडामेंटल्स में कोई बदलाव नहीं हुआ है। बुनियादी ढांचे के निर्माण से अमेरिका और यूरोप में मांग को रफ्तार मिल रही है। प्लेट जैसे कुछ उत्पादों में तैयार इस्पात बनाम कच्चे माल की कीमतें रिकॉर्ड एक,शून्य डॉलर प्रति टन के स्तर पर पहुंच चुकी हैं। इसके अलावा चीन एवं जापान जैसे देशों में पर्यावरण नीतियों के कारण क्षमता को युक्तिसंगत बनाए जाने से आपूर्ति में कुछ व्यवधान हुआ है। उनकी नजर निर्यात बाजार पर है। ये ढांचागत बदलाव हैं और कुल मिलाकर परिदृश्य समान है। भारत में त्योहारी सीजन के दौरान वाहन क्षेत्र की मांग उम्मीद से काफी कम था। लेकिन उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों के दौरान उसमें तेजी आएगी। खुदरा में तेजी दिखने लगी है। दक्षिण भारत में बाढ़ के कारण भी निर्माण गतिविधियां प्रभावित हुई हैं जबकि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण को नियंत्रित करने के उपायों से निर्माण गतिविधियों पर असर पड़ा है। हालांकि ये घटना विशेष से संबंधित बदलाव है और उसके निपटते ही मांग वापस आने लगेगी। वित्त वर्ष दो हज़ार बाईस के लिए ऋण बोझ घटाने की क्या योजना है? मौजूदा इस्पात चक्र में कितना ऋण बोझ घटा है? हम पूरी कोशिश करेंगे कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में हमने जो प्रदर्शन किया है उसे दोहराया जा सके। पिछले अट्ठारह महीनों के दौरान सितंबर तक हमने अड़तीस,शून्य करोड़ रुपये का ऋण बोझ हल्का किया है। टाटा स्टील यूरोप ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। आगे का परिदृश्य कैसा रहेगा? इस साल परिदृश्य दमदार रहने के आसार हैं और स्प्रेड्स कई साल की ऊंचाई पर हैं। हालांकि सेमीकंडक्टर किल्लत के कारण यूरोप की अपनी चुनौतियां हैं लेकिन हमारी नजर वैकल्पिक श्रेणियों पर है। बुनियादी ढांचा और निर्माण जैसे क्षेत्रों की मांग में स्थिरता दिख रही है। यूरोपीय इस्पात उद्योग की क्षमता उपयोगिता फिलहाल काफी अधिक है और जबरदस्त मांग के कारण स्प्रेड्स कई साल की ऊंचाइयों पर हैं। ढांचागत तौर पर यह एक दमदार चरण है और यूरोप शेष दुनिया के मुकाबले तेजी से कार्बन उत्सर्जन को कम करेगा। इसलिए धातुओं की मांग में तेजी बरकरार रहेगी। परिचालन प्रदर्शन के मद्देनजर एबिटा के मोर्चे पर टाटा स्टील यूरोप के लिए यह एक बेहतरीन साल होगा। क्या सीओपीछब्बीस के कारण भारतीय उद्योग जगत के ईएसजी पहल को रफ्तार मिलेगी? टाटा स्टील का क्या लक्ष्य है? हम यूरोप और भारत दोनों जगह कार्बन उत्सर्जन को कम करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। यूरोप आगे है क्योंकि विनियमन की रफ्तार कहीं अधिक है और हम स्थायित्व एवं प्रतिस्पर्धात्मकता को बरकरार रखते हुए कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने की कोशिश कर रहे हैं। यही राह अगले दशक के लिए होगी। भारत में हरेक निवेश के लिए हम कार्बन उत्सर्जन पर करीबी नजर रख रहे हैं। टाटा स्टील बीएसएल और टाटा स्टील के विलय अब प्रभावी है। लागत में कैसी बचत की उम्मीद की जा रही है? हम पिछले कुछ समय से वर्चुअल एकीकरण के लिए काम कर रहे हैं। मुझे लगता है कि आपूर्ति शृंखला से लेकर कच्चे माल एवं वितरण तक और संगठन को सरल बनाए जाने जैसे विभिन्न मोर्चों पर लागत में एक,शून्य से एक,पाँच सौ करोड़ रुपये की बचत होनी चाहिए। पिछले तीन साल के दौरान हमने लागत के मोर्चे पर कई पहल किए हैं।
DU PG Admissions 2021: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने स्नातकोत्तर प्रवेश 2021 के लिए तीसरी मेरिट लिस्ट जारी कर दी है। विश्वविद्यालय के तहत विभाग और कॉलेज 8 दिसंबर से 10 दिसंबर के बीच प्रवेश को सत्यापित और अनुमोदित करेंगे। DU PG Admissions 2021: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने स्नातकोत्तर प्रवेश 2021 के लिए तीसरी मेरिट लिस्ट जारी कर दी है। विश्वविद्यालय के तहत विभाग और कॉलेज 8 दिसंबर से 10 दिसंबर के बीच प्रवेश को सत्यापित और अनुमोदित करेंगे। उम्मीदवार विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर मेरिट सूची की जांच कर सकते हैं। तीसरी मेरिट लिस्ट 3 दिसंबर को जारी होने वाली थी, लेकिन अधिकारियों ने राउंड 2 प्रवेश की समय सीमा बढ़ाने के बाद इसे पुनर्निर्धारित किया था। अभ्यर्थी तीसरी मेरिट लिस्ट के तहत 8 दिसंबर को सुबह 10 बजे से 9 दिसंबर की रात 11:59 बजे तक प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं। पहली मेरिट सूची के लिए भुगतान 11 दिसंबर तक किया जा सकता है। चयनित उम्मीदवारों को पीजी प्रवेश पोर्टल पर लॉग इन करना होगा, कार्यक्रमों और कॉलेजों की वरीयता का चयन करना होगा। विश्वविद्यालय इस साल पीजी प्रवेश के लिए तीन मेरिट सूची जारी करेगा। आधिकारिक नोटिस के अनुसार, दिल्ली विश्वविद्यालय के पीजी पाठ्यक्रमों की कक्षाएं 1 दिसंबर, 2021 से शुरू होंगी। डीयू के सूचना बुलेटिन के अनुसार, उम्मीदवारों को प्रवेश-आधारित प्रवेश के लिए विचार किया जाएगा, भले ही उनके योग्यता परीक्षा परिणाम की प्रतीक्षा हो। लेकिन प्रवेश की अंतिम तिथि से चार दिन पहले तक उम्मीदवार द्वारा परिणाम जमा नहीं करने पर प्रवेश रद्द कर दिया जाएगा।
DU PG Admissions दो हज़ार इक्कीस: दिल्ली विश्वविद्यालय ने स्नातकोत्तर प्रवेश दो हज़ार इक्कीस के लिए तीसरी मेरिट लिस्ट जारी कर दी है। विश्वविद्यालय के तहत विभाग और कॉलेज आठ दिसंबर से दस दिसंबर के बीच प्रवेश को सत्यापित और अनुमोदित करेंगे। DU PG Admissions दो हज़ार इक्कीस: दिल्ली विश्वविद्यालय ने स्नातकोत्तर प्रवेश दो हज़ार इक्कीस के लिए तीसरी मेरिट लिस्ट जारी कर दी है। विश्वविद्यालय के तहत विभाग और कॉलेज आठ दिसंबर से दस दिसंबर के बीच प्रवेश को सत्यापित और अनुमोदित करेंगे। उम्मीदवार विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर मेरिट सूची की जांच कर सकते हैं। तीसरी मेरिट लिस्ट तीन दिसंबर को जारी होने वाली थी, लेकिन अधिकारियों ने राउंड दो प्रवेश की समय सीमा बढ़ाने के बाद इसे पुनर्निर्धारित किया था। अभ्यर्थी तीसरी मेरिट लिस्ट के तहत आठ दिसंबर को सुबह दस बजे से नौ दिसंबर की रात ग्यारह:उनसठ बजे तक प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं। पहली मेरिट सूची के लिए भुगतान ग्यारह दिसंबर तक किया जा सकता है। चयनित उम्मीदवारों को पीजी प्रवेश पोर्टल पर लॉग इन करना होगा, कार्यक्रमों और कॉलेजों की वरीयता का चयन करना होगा। विश्वविद्यालय इस साल पीजी प्रवेश के लिए तीन मेरिट सूची जारी करेगा। आधिकारिक नोटिस के अनुसार, दिल्ली विश्वविद्यालय के पीजी पाठ्यक्रमों की कक्षाएं एक दिसंबर, दो हज़ार इक्कीस से शुरू होंगी। डीयू के सूचना बुलेटिन के अनुसार, उम्मीदवारों को प्रवेश-आधारित प्रवेश के लिए विचार किया जाएगा, भले ही उनके योग्यता परीक्षा परिणाम की प्रतीक्षा हो। लेकिन प्रवेश की अंतिम तिथि से चार दिन पहले तक उम्मीदवार द्वारा परिणाम जमा नहीं करने पर प्रवेश रद्द कर दिया जाएगा।
हैदराबादः तेलंगाना सरकार ने सोमवार को 31 मई तक के लिए तालाबंदी की अवधि बढ़ा दी, लेकिन मंगलवार से दुकानों, सैलून, कार्यालयों, कारखानों को फिर से खोलने और आरटीसी बसों, कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए देश में चौथा लॉकडाउन लागू हो गया है। गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन 4. 0 के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने रविवार को लॉकडाउन दिशानिर्देश जारी किए। दिशानिर्देशों के अनुसार, कुछ गतिविधियां लॉकडाउन के दौरान निषिद्ध हैं जो 31 मई तक लागू रहेंगी।
हैदराबादः तेलंगाना सरकार ने सोमवार को इकतीस मई तक के लिए तालाबंदी की अवधि बढ़ा दी, लेकिन मंगलवार से दुकानों, सैलून, कार्यालयों, कारखानों को फिर से खोलने और आरटीसी बसों, कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए देश में चौथा लॉकडाउन लागू हो गया है। गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन चार. शून्य के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने रविवार को लॉकडाउन दिशानिर्देश जारी किए। दिशानिर्देशों के अनुसार, कुछ गतिविधियां लॉकडाउन के दौरान निषिद्ध हैं जो इकतीस मई तक लागू रहेंगी।
। अत त्याज्य नहीं है, त्याज्य है इसके साथ रहे हुये राग, द्वेष आदि भाव । जिनका त्यागना साधक के अपने पुरुषार्थ पर निर्भर है। ये राम, द्वेष आदि दोष अप्रमत्त सयत जैसे उत्कृष्ट साधक के सवर सयम व तप में भी होते है इसीलिये उसके भी पाप का न्यूनाधिक रूप में सदैव बध होता रहता है, परन्तु इससे सयम या तप त्याज्य नहीं हो जाते हैं। इसी प्रकार अहिंसा भी त्याज्य नही है चाहे वह सकारात्मक हो या निषेधात्मक। यह तथ्य धर्म के अहिंसा, संयम और तप इन तीनों रूपो पर समान रूप से लागू होता है। अत जैसे सयम और तप के साथ राग, द्वेष आदि दोष रहते हुये भी सयम और तप को बुरा या त्याज्य नही माना जा सकता उसी प्रकार दया, दान आदि सकारात्मक अहिंसा को बुरा नहीं माना जा सकता। इन्हें बुरा या त्याज्य समझना न न्याययुक्त है, न युक्तियुक्त है और न आगम सम्मत है, न व्यवहार सगत है, प्रत्युत् भयकर भूल है। यह भूल सर्वस्व नाश करने वाली है। इस भूल के रहते हुए साधक एक कदम भी साधना पथ में आगे नहीं बढ़ सकता, कारण कि जहाँ मानवता ही नही है वहाँ धर्म या साधना कैसे सम्भव हो सकती है। यह सदैव स्मरण रहना चाहिये कि जिस क्रिया से राग, द्वेष, मोह आदि दोष बढ़े वह सक्लेश है, मोह है, पाप है। उसका पुण्य व धर्म में कोई स्थान नही है। पुण्य व धर्म से राग द्वेष- मोह आदि दोष घटते ही है। भावो मे विशुद्धि आती ही है । परन्तु राग द्वेष मोह का उदय रहते हुये जैसे सयम और तप त्याज्य या बुरे नही होते है वैसे ही सद्प्रवृत्तिया भी त्याज्य नही है। कारण कि उससे विषयासक्ति घटती ही है, बढ़ती नहीं है। दया, दान आदि सद्गुणो के भावात्मक रूप का सम्बन्ध आत्म-भाव से, आत्मा से है, स्व से है, अविनाशी तत्त्व से है । अत उसका फल आतरिक शान्ति, मुक्ति, प्रसन्नता, अमरत्व आदि विभूतियों के रूप मे मिलता है। परन्तु इन सद्गुणो के क्रियात्मक रूप के लिए भौतिक (पौगलिक) पदार्थों का आश्रय लेना होता है। अत इसका फल शरीर, मन, वाणी व अन्य भौतिक सामग्री की उपलब्धि के रूप में भी मिलता है। जिसके कारण कार्य का मूल सम्बन्ध इस प्रकार है- सद्गुणो के भावात्मक रूप से आत्मा के राग द्वेष आदि विकार घटते है जिससे आत्मा की विशुद्धि या पवित्रता बढ़ती है। आत्मा की पवित्रता या विशुद्धि की वृद्धि से आत्मा का विकास होता है। आत्मा के विकास से ही आत्मा के ज्ञान-दर्शन गुणो का विकास होता है। दर्शन गुण के विकास से ज्ञान व चिन्मयता (स्व-सवेदन) शक्ति का विकास होता है। फलत कर्म- सिद्धान्त या नैसर्गिक नियमानुसार तदनुरूप द्रव्येन्द्रियो का अर्थात् इन्द्रिय, मन, बुद्धि रूप ज्ञान-दर्शन की अभिव्यक्ति के साधनो का विकास होता हैं अर्थात् ये विकसित रूप में प्राप्त होते है तथा सद्प्रवृत्तियो से जिन प्राणियो व व्यक्तियों का हित हुआ है उनसे आदर-सत्कार, सम्मान व भौतिक सामग्री भेट रूप में मिलती है। इस प्रकार क्रियात्मक रूप का सम्बन्ध भौतिक जगत से होने से उसका फल भी भौतिक सपत्तियो या विभूतियों के रूप में मिलता है। ये भौतिक विभूतियाँ या उपलब्धियों साधन-सामग्री हैं। यह साधन सामग्री न भली है और न बुरी है। इसीलिए कर्म-सिद्धान्त मे इनकी उपलब्धि को अघाती कर्म का फल कहा है। अघाती का अर्थ चैतन्य गुण का किसी भी अश मे घात करने मे कारणभूत नही होना है। इस साधन-सामग्री का सदुपयोग प्राणी के लिए कल्याणकारी एव मगलकारी होता है और दुरुपयोग पतनकारी व अमगलकारी (दुख रूप ) होता है उपलब्ध भौतिक सामग्री का सदुपयोग है सर्व हितकारी प्रवृत्ति करना । इससे राग या सुखासक्ति घटती है और आत्मा का कल्याण होता है, अहित लेशमात्र भी नहीं होता है। उपलब्ध भौतिक सामग्री का दुरुपयोग है उसके द्वारा विषय भोग भोगना, हिसा, चोरी आदि पाप करना। विषय - भोग से आत्मा मे जडता, पराधीनता, असमर्थता, आकुलता, व्याकुलता आदि दोषो व दुखो की उत्पत्ति होती है, जो अनिष्ट रूप है और हिसा, लूटपाट, सग्रह आदि पाप युद्ध सघर्ष, कलह, अशाति, भय, अगभग, मृत्यु आदि दुखो के हेतु होते है । इस प्रकार प्राप्त साधन-सामग्री का दुरुपयोग पतनकारी, अमगलकारी व अकल्याणकारी होता है । अत उपलब्ध भौतिक साधन-सामग्री प्राणी को अपने सुख भोग के लिए नहीं, वरन् विश्व हित के लिए मिली है। उससे सुख भोगना, विषय-कषाय का सेवन करना अपना और जगत का अहित करना है, जिसका साधक के जीवन में कोई स्थान ही नही है । उपलब्ध भौतिक सामग्री सम्पत्ति, देह, इन्द्रिय, मन, बुद्धि का सदुपयोग ही दया, दान आदि का क्रियात्मक रूप है । यह आत्मा को पवित्र करने वाला होने से इसे पुण्य भी कहा जाता है जिसका फल तन, मन, इन्द्रिय आदि भौतिक उपलब्धियों के रूप में मिलता है। इनका उपयोग साधक अपने भोगोपभोग के लिए नहीं करता है। साधक इनका उपयोग अपने सुख-भोग के लिए न कर अपनी सामर्थ्य अनुसार देह, परिवार, परिजन, समाज, राष्ट्र एव विश्व के हित के लिए अर्थात् पर हित मे
। अत त्याज्य नहीं है, त्याज्य है इसके साथ रहे हुये राग, द्वेष आदि भाव । जिनका त्यागना साधक के अपने पुरुषार्थ पर निर्भर है। ये राम, द्वेष आदि दोष अप्रमत्त सयत जैसे उत्कृष्ट साधक के सवर सयम व तप में भी होते है इसीलिये उसके भी पाप का न्यूनाधिक रूप में सदैव बध होता रहता है, परन्तु इससे सयम या तप त्याज्य नहीं हो जाते हैं। इसी प्रकार अहिंसा भी त्याज्य नही है चाहे वह सकारात्मक हो या निषेधात्मक। यह तथ्य धर्म के अहिंसा, संयम और तप इन तीनों रूपो पर समान रूप से लागू होता है। अत जैसे सयम और तप के साथ राग, द्वेष आदि दोष रहते हुये भी सयम और तप को बुरा या त्याज्य नही माना जा सकता उसी प्रकार दया, दान आदि सकारात्मक अहिंसा को बुरा नहीं माना जा सकता। इन्हें बुरा या त्याज्य समझना न न्याययुक्त है, न युक्तियुक्त है और न आगम सम्मत है, न व्यवहार सगत है, प्रत्युत् भयकर भूल है। यह भूल सर्वस्व नाश करने वाली है। इस भूल के रहते हुए साधक एक कदम भी साधना पथ में आगे नहीं बढ़ सकता, कारण कि जहाँ मानवता ही नही है वहाँ धर्म या साधना कैसे सम्भव हो सकती है। यह सदैव स्मरण रहना चाहिये कि जिस क्रिया से राग, द्वेष, मोह आदि दोष बढ़े वह सक्लेश है, मोह है, पाप है। उसका पुण्य व धर्म में कोई स्थान नही है। पुण्य व धर्म से राग द्वेष- मोह आदि दोष घटते ही है। भावो मे विशुद्धि आती ही है । परन्तु राग द्वेष मोह का उदय रहते हुये जैसे सयम और तप त्याज्य या बुरे नही होते है वैसे ही सद्प्रवृत्तिया भी त्याज्य नही है। कारण कि उससे विषयासक्ति घटती ही है, बढ़ती नहीं है। दया, दान आदि सद्गुणो के भावात्मक रूप का सम्बन्ध आत्म-भाव से, आत्मा से है, स्व से है, अविनाशी तत्त्व से है । अत उसका फल आतरिक शान्ति, मुक्ति, प्रसन्नता, अमरत्व आदि विभूतियों के रूप मे मिलता है। परन्तु इन सद्गुणो के क्रियात्मक रूप के लिए भौतिक पदार्थों का आश्रय लेना होता है। अत इसका फल शरीर, मन, वाणी व अन्य भौतिक सामग्री की उपलब्धि के रूप में भी मिलता है। जिसके कारण कार्य का मूल सम्बन्ध इस प्रकार है- सद्गुणो के भावात्मक रूप से आत्मा के राग द्वेष आदि विकार घटते है जिससे आत्मा की विशुद्धि या पवित्रता बढ़ती है। आत्मा की पवित्रता या विशुद्धि की वृद्धि से आत्मा का विकास होता है। आत्मा के विकास से ही आत्मा के ज्ञान-दर्शन गुणो का विकास होता है। दर्शन गुण के विकास से ज्ञान व चिन्मयता शक्ति का विकास होता है। फलत कर्म- सिद्धान्त या नैसर्गिक नियमानुसार तदनुरूप द्रव्येन्द्रियो का अर्थात् इन्द्रिय, मन, बुद्धि रूप ज्ञान-दर्शन की अभिव्यक्ति के साधनो का विकास होता हैं अर्थात् ये विकसित रूप में प्राप्त होते है तथा सद्प्रवृत्तियो से जिन प्राणियो व व्यक्तियों का हित हुआ है उनसे आदर-सत्कार, सम्मान व भौतिक सामग्री भेट रूप में मिलती है। इस प्रकार क्रियात्मक रूप का सम्बन्ध भौतिक जगत से होने से उसका फल भी भौतिक सपत्तियो या विभूतियों के रूप में मिलता है। ये भौतिक विभूतियाँ या उपलब्धियों साधन-सामग्री हैं। यह साधन सामग्री न भली है और न बुरी है। इसीलिए कर्म-सिद्धान्त मे इनकी उपलब्धि को अघाती कर्म का फल कहा है। अघाती का अर्थ चैतन्य गुण का किसी भी अश मे घात करने मे कारणभूत नही होना है। इस साधन-सामग्री का सदुपयोग प्राणी के लिए कल्याणकारी एव मगलकारी होता है और दुरुपयोग पतनकारी व अमगलकारी होता है उपलब्ध भौतिक सामग्री का सदुपयोग है सर्व हितकारी प्रवृत्ति करना । इससे राग या सुखासक्ति घटती है और आत्मा का कल्याण होता है, अहित लेशमात्र भी नहीं होता है। उपलब्ध भौतिक सामग्री का दुरुपयोग है उसके द्वारा विषय भोग भोगना, हिसा, चोरी आदि पाप करना। विषय - भोग से आत्मा मे जडता, पराधीनता, असमर्थता, आकुलता, व्याकुलता आदि दोषो व दुखो की उत्पत्ति होती है, जो अनिष्ट रूप है और हिसा, लूटपाट, सग्रह आदि पाप युद्ध सघर्ष, कलह, अशाति, भय, अगभग, मृत्यु आदि दुखो के हेतु होते है । इस प्रकार प्राप्त साधन-सामग्री का दुरुपयोग पतनकारी, अमगलकारी व अकल्याणकारी होता है । अत उपलब्ध भौतिक साधन-सामग्री प्राणी को अपने सुख भोग के लिए नहीं, वरन् विश्व हित के लिए मिली है। उससे सुख भोगना, विषय-कषाय का सेवन करना अपना और जगत का अहित करना है, जिसका साधक के जीवन में कोई स्थान ही नही है । उपलब्ध भौतिक सामग्री सम्पत्ति, देह, इन्द्रिय, मन, बुद्धि का सदुपयोग ही दया, दान आदि का क्रियात्मक रूप है । यह आत्मा को पवित्र करने वाला होने से इसे पुण्य भी कहा जाता है जिसका फल तन, मन, इन्द्रिय आदि भौतिक उपलब्धियों के रूप में मिलता है। इनका उपयोग साधक अपने भोगोपभोग के लिए नहीं करता है। साधक इनका उपयोग अपने सुख-भोग के लिए न कर अपनी सामर्थ्य अनुसार देह, परिवार, परिजन, समाज, राष्ट्र एव विश्व के हित के लिए अर्थात् पर हित मे