raw_text
stringlengths
113
616k
normalized_text
stringlengths
98
618k
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
नई दिल्लीः केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोगों को रथ यात्रा की शुभकामनाएं देते हुए महाप्रभु जगन्नाथ से सभी को उत्तम स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि प्रदान करने की कामना की. मंगलवार को अपने ट्वीट में शाह ने यह भी कहा कि भगवान जगन्नाथ सभी पर अपनी कृपा बनाएं रखें और शीघ्र ही देश को कोरोना महामारी से मुक्त करें ऐसी कामना करता हूं. जय जगन्नाथ! गृह मंत्री ने सोमवार को पुरी रथयात्रा की अनुमति देने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया था. अमित शाह ने कहा कि रथयात्रा को सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी मिलने से पूरे देश में उत्साह और आनंद का माहौल है. केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि उनके साथ-साथ देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए हर्ष की बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न केवल श्रद्धालुओं की भावनाओं को समझा, बल्कि इस मामले का सकारात्मक हल निकले, इसके लिए तुरंत प्रयास शुरू किए, जिससे हमारी यह महान परंपरा कायम रही.
नई दिल्लीः केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोगों को रथ यात्रा की शुभकामनाएं देते हुए महाप्रभु जगन्नाथ से सभी को उत्तम स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि प्रदान करने की कामना की. मंगलवार को अपने ट्वीट में शाह ने यह भी कहा कि भगवान जगन्नाथ सभी पर अपनी कृपा बनाएं रखें और शीघ्र ही देश को कोरोना महामारी से मुक्त करें ऐसी कामना करता हूं. जय जगन्नाथ! गृह मंत्री ने सोमवार को पुरी रथयात्रा की अनुमति देने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया था. अमित शाह ने कहा कि रथयात्रा को सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी मिलने से पूरे देश में उत्साह और आनंद का माहौल है. केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि उनके साथ-साथ देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए हर्ष की बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न केवल श्रद्धालुओं की भावनाओं को समझा, बल्कि इस मामले का सकारात्मक हल निकले, इसके लिए तुरंत प्रयास शुरू किए, जिससे हमारी यह महान परंपरा कायम रही.
इंदौर में 26 वर्षीय व्यक्ति ने दूसरी पत्नी के साथ विवाद के चलते सोमवार को सात साल के बेटे की कथित तौर पर गला दबाकर हत्या कर दी। यह बालक आरोपी की उस पहली पत्नी से जन्मा था जिसकी छह साल पहले मौत हो चुकी है। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। इंदौरः 26 वर्षीय व्यक्ति ने दूसरी पत्नी के साथ विवाद के चलते सोमवार को सात साल के बेटे की कथित तौर पर गला दबाकर हत्या कर दी। यह बालक आरोपी की उस पहली पत्नी से जन्मा था जिसकी छह साल पहले मौत हो चुकी है। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (एसीपी) आशीष पटेल ने बताया कि तेजाजी नगर क्षेत्र में शशिपाल मुंडे (26) ने अपने सात वर्षीय बेटे प्रतीक मुंडे की कथित तौर पर गला दबाकर हत्या कर दी और मोटरसाइकिल से फरार हो गया। पटेल ने बताया कि मुंडे की पहली पत्नी का छह साल पहले निधन हो गया था और उसने राजगढ़ जिले की एक महिला से दूसरी शादी की थी। उन्होंने बताया, 'मुंडे की दूसरी पत्नी इस बात पर अड़ी थी कि वह उसकी पहली पत्नी से जन्मे बच्चे को अपने साथ नहीं रखेगी। इस विवाद को लेकर वह मायके से मुंडे के घर लौटने को राजी नहीं थी। ' एसीपी ने बताया कि पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है और इसके लिए शहर के विभिन्न थानों को सतर्क कर दिया गया है।
इंदौर में छब्बीस वर्षीय व्यक्ति ने दूसरी पत्नी के साथ विवाद के चलते सोमवार को सात साल के बेटे की कथित तौर पर गला दबाकर हत्या कर दी। यह बालक आरोपी की उस पहली पत्नी से जन्मा था जिसकी छह साल पहले मौत हो चुकी है। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। इंदौरः छब्बीस वर्षीय व्यक्ति ने दूसरी पत्नी के साथ विवाद के चलते सोमवार को सात साल के बेटे की कथित तौर पर गला दबाकर हत्या कर दी। यह बालक आरोपी की उस पहली पत्नी से जन्मा था जिसकी छह साल पहले मौत हो चुकी है। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आशीष पटेल ने बताया कि तेजाजी नगर क्षेत्र में शशिपाल मुंडे ने अपने सात वर्षीय बेटे प्रतीक मुंडे की कथित तौर पर गला दबाकर हत्या कर दी और मोटरसाइकिल से फरार हो गया। पटेल ने बताया कि मुंडे की पहली पत्नी का छह साल पहले निधन हो गया था और उसने राजगढ़ जिले की एक महिला से दूसरी शादी की थी। उन्होंने बताया, 'मुंडे की दूसरी पत्नी इस बात पर अड़ी थी कि वह उसकी पहली पत्नी से जन्मे बच्चे को अपने साथ नहीं रखेगी। इस विवाद को लेकर वह मायके से मुंडे के घर लौटने को राजी नहीं थी। ' एसीपी ने बताया कि पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है और इसके लिए शहर के विभिन्न थानों को सतर्क कर दिया गया है।
हमीरपुर (निस) : सुजानपुर उपमंडल के अंतर्गत पंचायत जंदरू के गांव थाना टिक्कर में गुरुवार को प्रातः खाना बना रही सास व बहू के ऊपर आसमानी बिजली गिर जाने से दोनों बुरी तरह झुलस गई। घायल महिलाओं को तुरंत सुजानपुर सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उन्हें हमीरपुर मेडीकल कॉलेज रेफर कर दिया है। जोरदार मूसलाधार बारिश और गर्जना के साथ आसमानी बिजली भगवान दास के स्लेटपोश मकान पर गिरी। परिणामस्वरूप घर में कार्य कर रही भगवान दास की पत्नी सरला देवी (60) तथा उनकी बहू कली देवी (35) के ऊपर बिजली गिरी, जिससे दोनों महिलाएं झुलस गईं।
हमीरपुर : सुजानपुर उपमंडल के अंतर्गत पंचायत जंदरू के गांव थाना टिक्कर में गुरुवार को प्रातः खाना बना रही सास व बहू के ऊपर आसमानी बिजली गिर जाने से दोनों बुरी तरह झुलस गई। घायल महिलाओं को तुरंत सुजानपुर सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उन्हें हमीरपुर मेडीकल कॉलेज रेफर कर दिया है। जोरदार मूसलाधार बारिश और गर्जना के साथ आसमानी बिजली भगवान दास के स्लेटपोश मकान पर गिरी। परिणामस्वरूप घर में कार्य कर रही भगवान दास की पत्नी सरला देवी तथा उनकी बहू कली देवी के ऊपर बिजली गिरी, जिससे दोनों महिलाएं झुलस गईं।
Posted On: केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज 31 जनवरी, 2023 को संसद में 'आर्थिक समीक्षा 2022-23' पेश करते हुए बताया कि महामारी के वर्षों ने स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) महिलाओं को एकजुट करने, उनकी सामूहिक पहचान को उत्कृष्ट बनाने और सामूहिक रुप से संकट प्रबंधन में योगदान देने की दिशा में एक अवसर के रूप में काम किया। वे संकट प्रबंधन में प्रमुख भागीदार के रूप में उभरे, मास्क (असम में गामुसा मास्क जैसे सांस्कृतिक रूपों के साथ), सैनिटाइजर, और सुरक्षात्मक गियर के उत्पादन में महामारी के बारे में जागरूकता पैदा करने (जैसे झारखंड की पत्रकार दीदी), आवश्यक माल को वितरित करने (जैसे केरल में फ्लोटिंग सुपरमार्केट), सामुदायिक रसोई चलाने (जैसे उत्तर प्रदेश में प्रेरणा कैंटीन), कृषि आजीविका का समर्थन करने (जैसे पशु स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं के लिए पशु सखी, झारखंड में सब्जियों के लिए आजीविका फार्म फ्रेश ऑनलाइन बिक्री और वितरण तंत्र), और मनरेगा (उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ में) के साथ अभिसरण करने और वित्तीय सेवाओं के वितरण में अग्रणी होकर भाग लिया (जैसे बैंक सखियों ने कोविड-राहत डीबीटी नकद हस्तांतरण का लाभ उठाने के लिए बैंकों में भीड़ का प्रबंधन किया)। आर्थिक समीक्षा में उल्लेख किया गया है कि एसएचजी द्वारा मास्क का उत्पादन एक उल्लेखनीय योगदान रहा है, जिससे दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में समुदायों तक मास्क की पहुंच बनाने और उपयोग करने में सक्षम बनाया तथा कोविड-19 वायरस के खिलाफ महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रदान की। 4 जनवरी, 2023 तक, डीएवाई-एनआरएलएम के तहत स्वयं सहायता समूहों द्वारा 16.9 करोड़ से अधिक मास्क का उत्पादन किया गया था। - प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) के तहत महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों के लिए संपार्श्विक-मुक्त ऋण की सीमा को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया। इससे 63 लाख महिला एसएचजी और 6.85 करोड़ परिवारों को लाभ होने की उम्मीद है। - राष्ट्रीय क्षेत्रीय आजीविका मिशन (एनआरएलएम) ने कोविड हॉटस्पॉट क्षेत्रों और कमजोर समूहों के लिए ग्राम संगठनों (वीओ) को 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त भेद्यता न्यूनीकरण निधि की अनुमति दी है। अंतिम क्षेत्र तक उनकी पहुंच, समुदायों के विश्वास और एकजुटता को लाने की क्षमता, स्थानीय गतिशीलता का ज्ञान, और सदस्यों के आर्थिक गतिविधियों के एकत्रीकरण के माध्यम से सरल उत्पादों और सेवाओं का तेजी से विनिर्माण क्षमता के कारण एसएचजी समग्र ग्रामीण विकास को सुविधाजनक बनाने के लिए सुव्यवस्थित है। बजट-पूर्व समीक्षा में सिफारिश की गई है कि दीर्घकालीन ग्रामीण परिवर्तन के लिए कोविड समेत अनेक संकटों की अवधि मे एसएचजी के बेहतर और लचीलेपन कार्य के प्रदर्शन को विनियमित करने की आवश्यकता है। इसमें अन्य बातों के अलावा, एसएचजी की गतिविधि को तीव्र करने में अंतर-क्षेत्रीय असमानता को खत्म करना, एसएचजी सदस्यों को सूक्ष्म-उद्यमियों में शामिल करना, उत्पादों और सेवों में मूल्य श्रृंखला को ऊपर ले जाने के लिए सांस्कृतिक रूप से प्रासंगिक कौशल विकास, और एसएचजी छत्र के तहत कम से कम विशेषाधिकार प्राप्त करना शामिल हैं।
Posted On: केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज इकतीस जनवरी, दो हज़ार तेईस को संसद में 'आर्थिक समीक्षा दो हज़ार बाईस-तेईस' पेश करते हुए बताया कि महामारी के वर्षों ने स्वयं सहायता समूह महिलाओं को एकजुट करने, उनकी सामूहिक पहचान को उत्कृष्ट बनाने और सामूहिक रुप से संकट प्रबंधन में योगदान देने की दिशा में एक अवसर के रूप में काम किया। वे संकट प्रबंधन में प्रमुख भागीदार के रूप में उभरे, मास्क , सैनिटाइजर, और सुरक्षात्मक गियर के उत्पादन में महामारी के बारे में जागरूकता पैदा करने , आवश्यक माल को वितरित करने , सामुदायिक रसोई चलाने , कृषि आजीविका का समर्थन करने , और मनरेगा के साथ अभिसरण करने और वित्तीय सेवाओं के वितरण में अग्रणी होकर भाग लिया । आर्थिक समीक्षा में उल्लेख किया गया है कि एसएचजी द्वारा मास्क का उत्पादन एक उल्लेखनीय योगदान रहा है, जिससे दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में समुदायों तक मास्क की पहुंच बनाने और उपयोग करने में सक्षम बनाया तथा कोविड-उन्नीस वायरस के खिलाफ महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रदान की। चार जनवरी, दो हज़ार तेईस तक, डीएवाई-एनआरएलएम के तहत स्वयं सहायता समूहों द्वारा सोलह.नौ करोड़ से अधिक मास्क का उत्पादन किया गया था। - प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों के लिए संपार्श्विक-मुक्त ऋण की सीमा को दस लाख रुपये से बढ़ाकर बीस लाख रुपये कर दिया गया। इससे तिरेसठ लाख महिला एसएचजी और छः.पचासी करोड़ परिवारों को लाभ होने की उम्मीद है। - राष्ट्रीय क्षेत्रीय आजीविका मिशन ने कोविड हॉटस्पॉट क्षेत्रों और कमजोर समूहों के लिए ग्राम संगठनों को एक.पाँच लाख रुपये की अतिरिक्त भेद्यता न्यूनीकरण निधि की अनुमति दी है। अंतिम क्षेत्र तक उनकी पहुंच, समुदायों के विश्वास और एकजुटता को लाने की क्षमता, स्थानीय गतिशीलता का ज्ञान, और सदस्यों के आर्थिक गतिविधियों के एकत्रीकरण के माध्यम से सरल उत्पादों और सेवाओं का तेजी से विनिर्माण क्षमता के कारण एसएचजी समग्र ग्रामीण विकास को सुविधाजनक बनाने के लिए सुव्यवस्थित है। बजट-पूर्व समीक्षा में सिफारिश की गई है कि दीर्घकालीन ग्रामीण परिवर्तन के लिए कोविड समेत अनेक संकटों की अवधि मे एसएचजी के बेहतर और लचीलेपन कार्य के प्रदर्शन को विनियमित करने की आवश्यकता है। इसमें अन्य बातों के अलावा, एसएचजी की गतिविधि को तीव्र करने में अंतर-क्षेत्रीय असमानता को खत्म करना, एसएचजी सदस्यों को सूक्ष्म-उद्यमियों में शामिल करना, उत्पादों और सेवों में मूल्य श्रृंखला को ऊपर ले जाने के लिए सांस्कृतिक रूप से प्रासंगिक कौशल विकास, और एसएचजी छत्र के तहत कम से कम विशेषाधिकार प्राप्त करना शामिल हैं।
।बशीर अहमद भट (आर बी ए) ।मुख्य अभियंता, कश्मीर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के कार्यालय में। ।अर्थशास्त्र और सांख्यिकी निदेशालय में, जम्मू और कश्मीर (आई / सी प्रशासनिक अधिकारी) ।कार्यालय मुख्य वन संरक्षक, कश्मीर में (I/c प्रशासनिक अधिकारी) ।गवर्नमेंट आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, अखनूर, जम्मू में (आई / सी प्रशासनिक अधिकारी)
।बशीर अहमद भट ।मुख्य अभियंता, कश्मीर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के कार्यालय में। ।अर्थशास्त्र और सांख्यिकी निदेशालय में, जम्मू और कश्मीर ।कार्यालय मुख्य वन संरक्षक, कश्मीर में ।गवर्नमेंट आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, अखनूर, जम्मू में
२३ दूषित मनोवृत्तिका परिणाम विकारका भी परिणाम हो सकती हैं । परन्तु अधिकांश में सम्भावना इसी बातकी रहती है कि वह अत्यन्त विषय-प्रवण मनोवृत्तिका ही परिणाम हो । यह बात बहुत ही स्पष्ट और निर्विवाद है कि मानसिक विकारों और शारीरिक क्रियाओंका परस्पर बहुत घनिष्ट सम्बन्ध है * । मनमें विषयकी वासना उत्पन्न होते ही वीर्येन्द्रिय में क्षोभ होता है और शरीरमें बड़ी तेजीके साथ वीर्य उत्पन्न होने लगता है। जब इस प्रकार शरीरमें एकाएक और आवश्य कतासे अधिक वीर्यका संग्रह होने लगता है, तब प्रकृतिको उसे बाहर निकालनेकी आवश्यकता प्रतीत होने लगती है। बहुत से लोग ऐसे होते हैं, जो कभी स्त्रीके साथ सम्भोग नहीं करते; परन्तु ऐसे लोग भी इसी प्रकार अपने वीर्यका नाश कर डालते हैं। ध्यान में रखनकी मुख्य बात यही है कि स्त्रीके साथ प्रत्यक्ष रूपसे सम्भोग करनेके कारण वीर्यका जो नाश होता है, उसमें वृषणके वीर्यका बहुत कुछ अंश रहता है। परन्तु इस प्रकार स्वप्नदोष में जो वीर्य शरीरसे बाहर निकलता है, उसमें शरीरान्तर्गत वीर्यावयव में के वीर्य-रसका अंश बहुत अधिक होता है और शरीरके स्वास्थ्य तथा पूरी पूरी वृद्धि के लिए यही अंश शरीरमें फिरसे सोखा जाता है। तात्पर्य यह कि स्वदोपमें वीर्यके वास्तविक और संजीवनप्रद अंशका ही नारा होता है। मनुष्यका शरीर दिन रात छीजता रहता है। वह सब छीज पूरी होनी चाहिए और समय पड़नेपर काम आनेके लिए बहुत कुछ फालतू शक्ति भी शरीरमें रहनी चाहिए। यह छीज पूरी करने और शक्ति-संग्रह करनेका केवल एक ही मार्ग है। और वह यह कि शरीरमें नवजीवनप्रद वीर्य तैयार होने दिया जाय और वह शरीरमें धारण किया जाय । चाहे कोई और कितने ही कारण क्यों न बतलावे, परन्तु स्वम-दोष हमारी दूषित मनोवृत्तिका ही परिणाम है और वह अत्यन्त अनिष्टकारक तथा अक्षम्य है। इसका कारण यह है कि इससे शरीरका स्वास्थ्य बहुत धोखेमें पड़ जाता है और इसका परिणाम बहुत ही बुरा होता है। परन्तु यदि विचार शुद्ध रक्खे जायँ, तो स्वप्न दोष सहजमें रोका जा सकता है। * चित्तायत्तं नृणां शुक्रं शुक्रायत्तं च जीवितम् । तस्माच्छुक्रं मनश्चैव रक्षणीयं प्रयत्नतः ॥ - हठयोगप्रदीपिका ।
तेईस दूषित मनोवृत्तिका परिणाम विकारका भी परिणाम हो सकती हैं । परन्तु अधिकांश में सम्भावना इसी बातकी रहती है कि वह अत्यन्त विषय-प्रवण मनोवृत्तिका ही परिणाम हो । यह बात बहुत ही स्पष्ट और निर्विवाद है कि मानसिक विकारों और शारीरिक क्रियाओंका परस्पर बहुत घनिष्ट सम्बन्ध है * । मनमें विषयकी वासना उत्पन्न होते ही वीर्येन्द्रिय में क्षोभ होता है और शरीरमें बड़ी तेजीके साथ वीर्य उत्पन्न होने लगता है। जब इस प्रकार शरीरमें एकाएक और आवश्य कतासे अधिक वीर्यका संग्रह होने लगता है, तब प्रकृतिको उसे बाहर निकालनेकी आवश्यकता प्रतीत होने लगती है। बहुत से लोग ऐसे होते हैं, जो कभी स्त्रीके साथ सम्भोग नहीं करते; परन्तु ऐसे लोग भी इसी प्रकार अपने वीर्यका नाश कर डालते हैं। ध्यान में रखनकी मुख्य बात यही है कि स्त्रीके साथ प्रत्यक्ष रूपसे सम्भोग करनेके कारण वीर्यका जो नाश होता है, उसमें वृषणके वीर्यका बहुत कुछ अंश रहता है। परन्तु इस प्रकार स्वप्नदोष में जो वीर्य शरीरसे बाहर निकलता है, उसमें शरीरान्तर्गत वीर्यावयव में के वीर्य-रसका अंश बहुत अधिक होता है और शरीरके स्वास्थ्य तथा पूरी पूरी वृद्धि के लिए यही अंश शरीरमें फिरसे सोखा जाता है। तात्पर्य यह कि स्वदोपमें वीर्यके वास्तविक और संजीवनप्रद अंशका ही नारा होता है। मनुष्यका शरीर दिन रात छीजता रहता है। वह सब छीज पूरी होनी चाहिए और समय पड़नेपर काम आनेके लिए बहुत कुछ फालतू शक्ति भी शरीरमें रहनी चाहिए। यह छीज पूरी करने और शक्ति-संग्रह करनेका केवल एक ही मार्ग है। और वह यह कि शरीरमें नवजीवनप्रद वीर्य तैयार होने दिया जाय और वह शरीरमें धारण किया जाय । चाहे कोई और कितने ही कारण क्यों न बतलावे, परन्तु स्वम-दोष हमारी दूषित मनोवृत्तिका ही परिणाम है और वह अत्यन्त अनिष्टकारक तथा अक्षम्य है। इसका कारण यह है कि इससे शरीरका स्वास्थ्य बहुत धोखेमें पड़ जाता है और इसका परिणाम बहुत ही बुरा होता है। परन्तु यदि विचार शुद्ध रक्खे जायँ, तो स्वप्न दोष सहजमें रोका जा सकता है। * चित्तायत्तं नृणां शुक्रं शुक्रायत्तं च जीवितम् । तस्माच्छुक्रं मनश्चैव रक्षणीयं प्रयत्नतः ॥ - हठयोगप्रदीपिका ।
रिलीज होते ही इस गीत ने सोशल मीडिया पर मचाया धमाल, लोग बोले- गजब. . बॉलीवुड के मशहूर संगीतकार श्रवण कुमार राठौड़ का कोरोना से निधन। Nisha Rawal ने करण मेहरा की खोली पोल,एलिमनी देने से कतरा रहे करण। मनमोहन गौनियाल का गीत 'ए जाणु हमारो गढदेश' बना उत्तराखंड का टैगलाइन। बिगरैली बाँद वीडियो ने बटोरे लाखों व्यूज,अजय आइशा ने अभिनय से जीता दिल।
रिलीज होते ही इस गीत ने सोशल मीडिया पर मचाया धमाल, लोग बोले- गजब. . बॉलीवुड के मशहूर संगीतकार श्रवण कुमार राठौड़ का कोरोना से निधन। Nisha Rawal ने करण मेहरा की खोली पोल,एलिमनी देने से कतरा रहे करण। मनमोहन गौनियाल का गीत 'ए जाणु हमारो गढदेश' बना उत्तराखंड का टैगलाइन। बिगरैली बाँद वीडियो ने बटोरे लाखों व्यूज,अजय आइशा ने अभिनय से जीता दिल।
२२ : मात्र तस्त्र-यन्त्र विज्ञान सिद्धाश्रम में योगी अपने बारे में नहीं सोचते, उनका केवल एक ही चिन्तन है, कि किस प्रकार जन-जन में साधना-तत्व जाग्रत किया जाय, किस प्रकार उनकी पीड़ाओं को दूर किया जाय, किस प्रकार साधकों के जीवन में आनन्द का उद्वेग उत्पन्न किया जाय, किस प्रकार उनके मार्ग में बिछे कांटों को हटाया जाय, किस प्रकार मन्नमय, तन्त्रमय वातावरण की रचना की जाय, किस प्रकार मन की ही नहीं साधकों के तन की भी बाधाएं दूर की जांय जिससे साधक सदैव स्वस्थ और निरोगी रह कर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ें, श्रेष्ठ साधक का लक्ष्य सिद्धाश्रम में प्रवेश पाना तो है ही, लेकिन उसके पहले वह अपने इस लौकिक जगत की मूलभूत सभी आवश्यकताओं की पूर्ति भी कर लेना चाहता है वह स्वयं कामनाओं से रहित होकर आगे बढ़ सके । बघूरी इच्छाएं प्रतृप्त प्रात्माओं को जन्म देती हैं, ये प्रात्माएं भटकती रहती हैं, क्योंकि इनके जीवन में कुछ ऐसो कमियां रह जाती हैं, जो उन्हें हर समय कचोटती रहती हैं, उनकी सन्तानों को दुःख और पीड़ा रहती है, ऐसी प्रतृप्त प्रात्माएं सिद्धाश्रम में प्रवेश योग्य नहीं हैं, क्योंकि उन्होंने स्वयं अपने जीवन में पूर्णता प्राप्त नहीं की है । क्या आप साधक हैं ? साधक जंगल में धुनी जगाने वाला व्यक्ति नहीं है, साधक हिमालय पर्वतों के बीच घर से भाग कर तपस्या करने वाला व्यक्ति नहीं है, श्मशान की राख रगड़ने वाला व्यक्ति नहीं है, साघक सब कुछ छोड़ कर भाग जाने वाला व्यक्ति नहीं है, सच्चा साधक तो अपने जीवन में अपने कर्त्तव्यों को निभाते हुए गुरु कृपा से युक्त, गुरु से दोक्षा प्राप्त कर साधना करने वाला व्यक्ति है, जिसका लक्ष्य है गुरु द्वारा बताये गये मार्ग पर आगे बढ़ते हुए कुण्डलिनी जागरण करना, मूलाधार से प्रारम्भ कर समस्त चक्रों का भेदन कर सहस्रार दर्शन करना, ऐसे साधक को केवल गुरु प्राशीर्वाद ही नहीं, सिद्धाश्रम के समस्त योगियों की कृपा प्राप्त होती है, क्योंकि गुरु कृपा ही तो सिद्धाश्रम का द्वार है । सिद्धाश्रम की अशरीरी श्रात्माओं से संदेश साधक यदि अपने निर्मल हृदय से कोई सावना करता है, अपनी विकट घड़ी में श्राह्वान करता है, संकट के समय पुकारता है, किसी कार्य के लिए उसे विशेष प्रात्मबल की आवश्यकता होती है, आने वाले किसी बड़े खतरे का उसे ज्ञान नहीं होता है, तो क्या उसे संदेश प्राप्त हो सकता है ? जहां भावना ही कल्याण की है तो संदेश क्यों नहीं प्राप्त होगा, अवश्य प्राप्त होगा, लेकिन आवश्यकता इस बात की है, कि साधक निरन्तर अपने साधना-तत्व को प्रबल बनाये रखें, वह लोगों के बहकावे में आकर अपने मार्ग को न छोड़ें, और सबसे बड़ी बात उसे यह प्रबल विश्वास हर समय होना चाहिए कि मुझे ऐसा ग्राशीर्वाद प्राप्त है, जिससे मेरे संकट अपने ग्राप दूर होंगे, भावी खतरों के बारे में चाहे वह उसके कार्य से संबंधित हो, परिवार से संबंधित हो, बीमारी से संबंधित हो अथवा किसी दुर्घटना से, यदि आपको ऐसी शक्ति के भरोसे छोड़ कर अपनी साधना, अपने कर्त्तव्य पूरे करता रहता है, तो उसे हर स्थिति में संदेश अवश्य प्राप्त होता है । संदेश का माध्यम सिद्धाश्रम की अशरीरी के लिए सूक्ष्म रूप से विचरण करना, किसी भी प्रकार का स्वरूप ग्रहण करना संभव है, इसलिए यह संदेश साधक को सोते अथवा जागते, कार्य करते अथवा यात्रा करते दिन अथवा रात को कभी भी प्राप्त हो सकते हैं, इसके लिए माध्यम उसका स्वप्न भी हो सकता है, इसके लिए माध्यम कोई अन्य व्यक्ति भी हो सकता है, उसके सामने उसकी पूजा में साधना करते हुए भी संदेश अकस्मात प्राप्त हो सकता है, यह विभिन्न रूपों में प्राप्त हो सकता है, इसे प्राप्त कर समझने की आवश्यकता अवश्य है । सिद्धाश्रम को श्रात्माओं का श्राह्वान साधक साधना के द्वारा आत्मा का श्राह्वान कर उससे प्रश्न कर अपनी समस्याओं के संबंध में पूछ सकता है, इस आह्वान जिसे "सिद्ध आत्म श्राह्वान" कहा जाता है, का प्रयोग पूर्ण विधि-विधान से सम्पन्न करना चाहिए, जब भी आप इन आत्माओं को बुलाएं, तो उन्हें पूरा सम्मान दें, नम्रता के साथ शिष्ट भाषा का प्रयोग कर प्रश्न पूछें, और ये सिद्ध आत्माएं आप द्वारा पूछे गये प्रश्नों के उत्तर पूर्ण प्रसन्नता साथ देती हैं, लेकिन कभी भी प्रयोग के तौर पर, हंसी के रूप में अथवा दूसरों के सामने अपने चातुर्य को बताने के लिए अथवा परखने के उद्देश्य से अथवा गलत प्रश्नों को पूछने के लिए, किसी गलत कार्य की पूर्ति हेतु कार्य करने की इच्छा रखते हुए सिद्ध आत्मा का आह्वान उचित नहीं है, इससे उस समय सिद्धाश्रम श्रात्माएं आती तो अवश्य हैं लेकिन साधक को ऐसे श्राप मिल सकते हैं जिससे आगे का जीवन नरकमय हो सकता है, जब भी यह कार्य करें, पूर्ण सात्विक भाव से सम्पन्न करें । सिद्धाश्रम श्रात्म-श्राान कैसे करें ? रविवार का दिन ब्रह्माण्ड के तेजस्वी देव सूर्य देव का दिन है, और इस दिन सूर्योदय के पश्चात् यह प्रयोग करना सर्वथा उचित है, इस दिन साधक स्नान कर, स्वच्छ सफेद वस्त्र धारण कर अपने पूजा स्थान में बैठें, पूजा स्थान में बार-बार किसी प्रकार का व्यवधान पड़ने की आशंका हो तो ऐसे एकान्त कमरे में प्रयोग सम्पन्न करें, दरवाजा भिड़ा कर थोड़ा सा खुला रखें । अपने सामने 'बड़ा गुरु चित्र' तथा गुरु यन्त्र स्थापित करें, सम्पूर्ण विधि द्वारा "गुरु यन्त्र" का पूजन कर "गुरु रहस्य सिद्धि माला" द्वारा गुरु मन्त्र का जप सम्पन्न करें, इस प्रकार इस माला से पांच माला मन्त्र जप सम्पन्न करें, कमरे में धूप और अगरबत्ती अवश्य ही जलती रहे । मन्त्र-तन्त्र-यन्त्र विज्ञान : २३ अब साधक कांसे की कटोरी में "आत्म यंत्र" स्थापित करें, तथा उस पर केवल चंदन तथा केसर चढ़ाएं क्योंकि सिद्धाश्रम की विशिष्ट प्रात्माओं का पूजन सात्विक रूप से चंदन, केसर द्वारा किया जाता है, अब अपने सामने एक कागज पर पहले से लिख कर रखे हुए सिद्धात्मा बीज मंत्र का जप प्रारम्भ करें । सिद्धात्मा बीज मंत्र ।। ह्रीं सिद्धात्मा भंसं मं पं संक्षं दृट्वा इति । अब इस मन्त्र को 'गुरुरहस्यसिद्धिमाला' द्वारा ही उत्तर दिशा की ओर मुंह कर जोर-जोर से जप करना प्रारम्भ करें, एक माला मंत्र जप होते ही पुनः पांच बार गुरु मन्त्र का जप करें और दूसरी माला बीज मन्त्र का जप करें । साधक को तीन माला जप करते-करते एक रहस्यमय वातावरण का अनुभव होने लगता है ऐसा लगता है कि कोई आपके ऊपर आशीर्वाद मुद्रा में हाथ किये है, शरीर के रोम-रोम खड़े हो जाते हैं, इस स्थिति में भी सावक माला को रख कर दोनों हाथ जोड़ कर गुरु मन्त्र बोले और किसी प्रश्न विशेष को जिसका उत्तर वह जानना चाहता है पूछे, यह प्रश्न किसी भी प्रकार का हो सकता है, आत्मा से प्रश्न पूछते समय संकोच नहीं करना चाहिए । उसी समय जैसे कि कोई बिजली कौंधी हो, साधक को कटोरी हिलती हुई प्रतीत होती है और उसे उस प्रश्न विशेष का उत्तर प्राप्त होता है, अपने कार्यों के संबंध में संदेश प्राप्त होता है, इस संदेश को पूर्ण रूप से समझ कर उसकी व्याख्या करनी चाहिए और जब यह कान्तिमान स्थिति शान्त हो, तो साधक को गुरु प्रारती सम्पन्न करनी चाहिए । इस प्रकार एक बार पूर्ण विधि-विधान सहित प्रयोग सम्पन्न करने के पश्चात् साधक कभी भी किसी भी कार्य के संबंध में निर्देश प्राप्त करने हेतु सिद्धात्मा बीज मंत्र का २१ बार जप करना चाहिए, स्पष्ट दिशा निर्देश प्राप्त होता है । २४ : मन्त्र-तन्त्र-यन्त्र विज्ञान सिद्धात्मा का प्रवेश यदि आपके घर में हो जाता तो आप यह निश्चित जानिये कि हर कार्य के संबंध में आपको दिशा निर्देश प्राप्त होंगे, यदि कोई आपको धोखा देने का प्रयास करेगा तो सिद्धारमा से संदेश प्राप्त होगा कि अमुक व्यक्ति से कार्य न करें, यदि कोई दुर्घटना होने बाली है तो तत्काल संदेश प्राप्त होगा कि अमुक पात्र करें, अथवा अमुक स्थान पर न जाय । को पूर्ण आवश्यकता है, उसी आने निरन्तर संदेश होते रहते हैं, साथ ही अपनी साधना विस्तार करते रहे साधता के पथ से विचलित हुए साक के लिए कोई मार्ग खुला नहीं रहता है । विशेष स्तर प्राप्त कर चुके हैं. उन्हें इस प्रकार को विष्य आत्माओं के संदेश अपने जीवन में निरस्तर इन संदेशों को समझते हुए इनके अनुसार कार्य करने होते रहे हैं। ● ( सम्मोहन विज्ञान से संबंधित एक अद्वितीय वीडियो कैसेट) सम्मोहन विज्ञान के द्वारा आप किसी भी व्यक्ति, अधिकारी, प्रेमी प्रेमिका, पत्नी, पति या किसी को भी पूर्णतः अपने वश में कर सकते हैं । यह तो एक पूर्ण विज्ञान है जिसे पूरे विश्व ले मान्यता दी है और प्रत्येक व्यक्ति इसे सीखने के लिए लालायित है । प्रथम बार पूज्य गुरुदेव ने वीडियो कैसेट के द्वारा "सम्मोहन विज्ञान का प्रामाणिक प्रेक्टिकल ज्ञान दिया है, जिसे देख कर समझ कर आप भी इस विज्ञान में पारंगत हो सकते हैं । एक दुर्लभ कैसेट मूल्य मात्र १८० ) रु० सम्पर्क : मंत्र-तंत्र-यंत्र विज्ञान, डॉ० श्रीमाली मार्ग, हाईकोर्ट कालोनी, जोधपुर-३४२००१ (राजन नोट : आप पत्र में लिख कर आदेश भेज दें, अतराशि अग्रिस भेजने की जरूरत नहीं हैं
बाईस : मात्र तस्त्र-यन्त्र विज्ञान सिद्धाश्रम में योगी अपने बारे में नहीं सोचते, उनका केवल एक ही चिन्तन है, कि किस प्रकार जन-जन में साधना-तत्व जाग्रत किया जाय, किस प्रकार उनकी पीड़ाओं को दूर किया जाय, किस प्रकार साधकों के जीवन में आनन्द का उद्वेग उत्पन्न किया जाय, किस प्रकार उनके मार्ग में बिछे कांटों को हटाया जाय, किस प्रकार मन्नमय, तन्त्रमय वातावरण की रचना की जाय, किस प्रकार मन की ही नहीं साधकों के तन की भी बाधाएं दूर की जांय जिससे साधक सदैव स्वस्थ और निरोगी रह कर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ें, श्रेष्ठ साधक का लक्ष्य सिद्धाश्रम में प्रवेश पाना तो है ही, लेकिन उसके पहले वह अपने इस लौकिक जगत की मूलभूत सभी आवश्यकताओं की पूर्ति भी कर लेना चाहता है वह स्वयं कामनाओं से रहित होकर आगे बढ़ सके । बघूरी इच्छाएं प्रतृप्त प्रात्माओं को जन्म देती हैं, ये प्रात्माएं भटकती रहती हैं, क्योंकि इनके जीवन में कुछ ऐसो कमियां रह जाती हैं, जो उन्हें हर समय कचोटती रहती हैं, उनकी सन्तानों को दुःख और पीड़ा रहती है, ऐसी प्रतृप्त प्रात्माएं सिद्धाश्रम में प्रवेश योग्य नहीं हैं, क्योंकि उन्होंने स्वयं अपने जीवन में पूर्णता प्राप्त नहीं की है । क्या आप साधक हैं ? साधक जंगल में धुनी जगाने वाला व्यक्ति नहीं है, साधक हिमालय पर्वतों के बीच घर से भाग कर तपस्या करने वाला व्यक्ति नहीं है, श्मशान की राख रगड़ने वाला व्यक्ति नहीं है, साघक सब कुछ छोड़ कर भाग जाने वाला व्यक्ति नहीं है, सच्चा साधक तो अपने जीवन में अपने कर्त्तव्यों को निभाते हुए गुरु कृपा से युक्त, गुरु से दोक्षा प्राप्त कर साधना करने वाला व्यक्ति है, जिसका लक्ष्य है गुरु द्वारा बताये गये मार्ग पर आगे बढ़ते हुए कुण्डलिनी जागरण करना, मूलाधार से प्रारम्भ कर समस्त चक्रों का भेदन कर सहस्रार दर्शन करना, ऐसे साधक को केवल गुरु प्राशीर्वाद ही नहीं, सिद्धाश्रम के समस्त योगियों की कृपा प्राप्त होती है, क्योंकि गुरु कृपा ही तो सिद्धाश्रम का द्वार है । सिद्धाश्रम की अशरीरी श्रात्माओं से संदेश साधक यदि अपने निर्मल हृदय से कोई सावना करता है, अपनी विकट घड़ी में श्राह्वान करता है, संकट के समय पुकारता है, किसी कार्य के लिए उसे विशेष प्रात्मबल की आवश्यकता होती है, आने वाले किसी बड़े खतरे का उसे ज्ञान नहीं होता है, तो क्या उसे संदेश प्राप्त हो सकता है ? जहां भावना ही कल्याण की है तो संदेश क्यों नहीं प्राप्त होगा, अवश्य प्राप्त होगा, लेकिन आवश्यकता इस बात की है, कि साधक निरन्तर अपने साधना-तत्व को प्रबल बनाये रखें, वह लोगों के बहकावे में आकर अपने मार्ग को न छोड़ें, और सबसे बड़ी बात उसे यह प्रबल विश्वास हर समय होना चाहिए कि मुझे ऐसा ग्राशीर्वाद प्राप्त है, जिससे मेरे संकट अपने ग्राप दूर होंगे, भावी खतरों के बारे में चाहे वह उसके कार्य से संबंधित हो, परिवार से संबंधित हो, बीमारी से संबंधित हो अथवा किसी दुर्घटना से, यदि आपको ऐसी शक्ति के भरोसे छोड़ कर अपनी साधना, अपने कर्त्तव्य पूरे करता रहता है, तो उसे हर स्थिति में संदेश अवश्य प्राप्त होता है । संदेश का माध्यम सिद्धाश्रम की अशरीरी के लिए सूक्ष्म रूप से विचरण करना, किसी भी प्रकार का स्वरूप ग्रहण करना संभव है, इसलिए यह संदेश साधक को सोते अथवा जागते, कार्य करते अथवा यात्रा करते दिन अथवा रात को कभी भी प्राप्त हो सकते हैं, इसके लिए माध्यम उसका स्वप्न भी हो सकता है, इसके लिए माध्यम कोई अन्य व्यक्ति भी हो सकता है, उसके सामने उसकी पूजा में साधना करते हुए भी संदेश अकस्मात प्राप्त हो सकता है, यह विभिन्न रूपों में प्राप्त हो सकता है, इसे प्राप्त कर समझने की आवश्यकता अवश्य है । सिद्धाश्रम को श्रात्माओं का श्राह्वान साधक साधना के द्वारा आत्मा का श्राह्वान कर उससे प्रश्न कर अपनी समस्याओं के संबंध में पूछ सकता है, इस आह्वान जिसे "सिद्ध आत्म श्राह्वान" कहा जाता है, का प्रयोग पूर्ण विधि-विधान से सम्पन्न करना चाहिए, जब भी आप इन आत्माओं को बुलाएं, तो उन्हें पूरा सम्मान दें, नम्रता के साथ शिष्ट भाषा का प्रयोग कर प्रश्न पूछें, और ये सिद्ध आत्माएं आप द्वारा पूछे गये प्रश्नों के उत्तर पूर्ण प्रसन्नता साथ देती हैं, लेकिन कभी भी प्रयोग के तौर पर, हंसी के रूप में अथवा दूसरों के सामने अपने चातुर्य को बताने के लिए अथवा परखने के उद्देश्य से अथवा गलत प्रश्नों को पूछने के लिए, किसी गलत कार्य की पूर्ति हेतु कार्य करने की इच्छा रखते हुए सिद्ध आत्मा का आह्वान उचित नहीं है, इससे उस समय सिद्धाश्रम श्रात्माएं आती तो अवश्य हैं लेकिन साधक को ऐसे श्राप मिल सकते हैं जिससे आगे का जीवन नरकमय हो सकता है, जब भी यह कार्य करें, पूर्ण सात्विक भाव से सम्पन्न करें । सिद्धाश्रम श्रात्म-श्राान कैसे करें ? रविवार का दिन ब्रह्माण्ड के तेजस्वी देव सूर्य देव का दिन है, और इस दिन सूर्योदय के पश्चात् यह प्रयोग करना सर्वथा उचित है, इस दिन साधक स्नान कर, स्वच्छ सफेद वस्त्र धारण कर अपने पूजा स्थान में बैठें, पूजा स्थान में बार-बार किसी प्रकार का व्यवधान पड़ने की आशंका हो तो ऐसे एकान्त कमरे में प्रयोग सम्पन्न करें, दरवाजा भिड़ा कर थोड़ा सा खुला रखें । अपने सामने 'बड़ा गुरु चित्र' तथा गुरु यन्त्र स्थापित करें, सम्पूर्ण विधि द्वारा "गुरु यन्त्र" का पूजन कर "गुरु रहस्य सिद्धि माला" द्वारा गुरु मन्त्र का जप सम्पन्न करें, इस प्रकार इस माला से पांच माला मन्त्र जप सम्पन्न करें, कमरे में धूप और अगरबत्ती अवश्य ही जलती रहे । मन्त्र-तन्त्र-यन्त्र विज्ञान : तेईस अब साधक कांसे की कटोरी में "आत्म यंत्र" स्थापित करें, तथा उस पर केवल चंदन तथा केसर चढ़ाएं क्योंकि सिद्धाश्रम की विशिष्ट प्रात्माओं का पूजन सात्विक रूप से चंदन, केसर द्वारा किया जाता है, अब अपने सामने एक कागज पर पहले से लिख कर रखे हुए सिद्धात्मा बीज मंत्र का जप प्रारम्भ करें । सिद्धात्मा बीज मंत्र ।। ह्रीं सिद्धात्मा भंसं मं पं संक्षं दृट्वा इति । अब इस मन्त्र को 'गुरुरहस्यसिद्धिमाला' द्वारा ही उत्तर दिशा की ओर मुंह कर जोर-जोर से जप करना प्रारम्भ करें, एक माला मंत्र जप होते ही पुनः पांच बार गुरु मन्त्र का जप करें और दूसरी माला बीज मन्त्र का जप करें । साधक को तीन माला जप करते-करते एक रहस्यमय वातावरण का अनुभव होने लगता है ऐसा लगता है कि कोई आपके ऊपर आशीर्वाद मुद्रा में हाथ किये है, शरीर के रोम-रोम खड़े हो जाते हैं, इस स्थिति में भी सावक माला को रख कर दोनों हाथ जोड़ कर गुरु मन्त्र बोले और किसी प्रश्न विशेष को जिसका उत्तर वह जानना चाहता है पूछे, यह प्रश्न किसी भी प्रकार का हो सकता है, आत्मा से प्रश्न पूछते समय संकोच नहीं करना चाहिए । उसी समय जैसे कि कोई बिजली कौंधी हो, साधक को कटोरी हिलती हुई प्रतीत होती है और उसे उस प्रश्न विशेष का उत्तर प्राप्त होता है, अपने कार्यों के संबंध में संदेश प्राप्त होता है, इस संदेश को पूर्ण रूप से समझ कर उसकी व्याख्या करनी चाहिए और जब यह कान्तिमान स्थिति शान्त हो, तो साधक को गुरु प्रारती सम्पन्न करनी चाहिए । इस प्रकार एक बार पूर्ण विधि-विधान सहित प्रयोग सम्पन्न करने के पश्चात् साधक कभी भी किसी भी कार्य के संबंध में निर्देश प्राप्त करने हेतु सिद्धात्मा बीज मंत्र का इक्कीस बार जप करना चाहिए, स्पष्ट दिशा निर्देश प्राप्त होता है । चौबीस : मन्त्र-तन्त्र-यन्त्र विज्ञान सिद्धात्मा का प्रवेश यदि आपके घर में हो जाता तो आप यह निश्चित जानिये कि हर कार्य के संबंध में आपको दिशा निर्देश प्राप्त होंगे, यदि कोई आपको धोखा देने का प्रयास करेगा तो सिद्धारमा से संदेश प्राप्त होगा कि अमुक व्यक्ति से कार्य न करें, यदि कोई दुर्घटना होने बाली है तो तत्काल संदेश प्राप्त होगा कि अमुक पात्र करें, अथवा अमुक स्थान पर न जाय । को पूर्ण आवश्यकता है, उसी आने निरन्तर संदेश होते रहते हैं, साथ ही अपनी साधना विस्तार करते रहे साधता के पथ से विचलित हुए साक के लिए कोई मार्ग खुला नहीं रहता है । विशेष स्तर प्राप्त कर चुके हैं. उन्हें इस प्रकार को विष्य आत्माओं के संदेश अपने जीवन में निरस्तर इन संदेशों को समझते हुए इनके अनुसार कार्य करने होते रहे हैं। ● सम्मोहन विज्ञान के द्वारा आप किसी भी व्यक्ति, अधिकारी, प्रेमी प्रेमिका, पत्नी, पति या किसी को भी पूर्णतः अपने वश में कर सकते हैं । यह तो एक पूर्ण विज्ञान है जिसे पूरे विश्व ले मान्यता दी है और प्रत्येक व्यक्ति इसे सीखने के लिए लालायित है । प्रथम बार पूज्य गुरुदेव ने वीडियो कैसेट के द्वारा "सम्मोहन विज्ञान का प्रामाणिक प्रेक्टिकल ज्ञान दिया है, जिसे देख कर समझ कर आप भी इस विज्ञान में पारंगत हो सकते हैं । एक दुर्लभ कैसेट मूल्य मात्र एक सौ अस्सी ) शून्य रुपया सम्पर्क : मंत्र-तंत्र-यंत्र विज्ञान, डॉशून्य श्रीमाली मार्ग, हाईकोर्ट कालोनी, जोधपुर-तीन लाख बयालीस हज़ार एक (राजन नोट : आप पत्र में लिख कर आदेश भेज दें, अतराशि अग्रिस भेजने की जरूरत नहीं हैं
बागपत, यूपीः पुलिस ने सोमवार को कहा कि एक निरीक्षक द्वारा मामले को झूठा करार दिए जाने के बाद एक 17 वर्षीय लड़की, जिसके साथ दो पुरुषों ने कथित तौर पर बलात्कार किया था, ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कार्यालय के अंदर जहरीला पदार्थ खा लिया। उन्होंने कहा कि उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी हालत स्थिर बताई गई है। लड़की की बहन के मुताबिक जब वे इस मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर एडीजीपी बरेली जोन के दफ्तर पहुंचे तो एक दरोगा ने मामले को झूठा करार दिया. इससे आहत होकर उसने जहरीला पदार्थ खा लिया, उसकी बहन ने दावा किया। पुलिस अधीक्षक (शहर) राहुल भाटी ने कहा कि लड़की अपने आवेदन पर कार्रवाई की मांग को लेकर एडीजीपी कार्यालय आई थी लेकिन वहां उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। पुलिस ने कहा कि 17 वर्षीय पीलीभीत निवासी अपनी बहन के साथ आई थी। लड़की की बहन का आरोप है कि छह महीने पहले पड़ोस के एक व्यक्ति ने अपने दोस्त के साथ मिलकर उसकी बहन के साथ दुष्कर्म किया था. इस संबंध में सुनगढ़ी थाने में मामला दर्ज किया गया था, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि एडीजी पीसी मीणा घटना के समय अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे। (हेडलाइन को छोड़कर, यह कहानी NDTV के कर्मचारियों द्वारा संपादित नहीं की गई है और एक सिंडिकेट फीड से प्रकाशित हुई है। ) क्या राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल की "जस्टिस" लीग विपक्ष को एक साथ ला सकती है?
बागपत, यूपीः पुलिस ने सोमवार को कहा कि एक निरीक्षक द्वारा मामले को झूठा करार दिए जाने के बाद एक सत्रह वर्षीय लड़की, जिसके साथ दो पुरुषों ने कथित तौर पर बलात्कार किया था, ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कार्यालय के अंदर जहरीला पदार्थ खा लिया। उन्होंने कहा कि उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी हालत स्थिर बताई गई है। लड़की की बहन के मुताबिक जब वे इस मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर एडीजीपी बरेली जोन के दफ्तर पहुंचे तो एक दरोगा ने मामले को झूठा करार दिया. इससे आहत होकर उसने जहरीला पदार्थ खा लिया, उसकी बहन ने दावा किया। पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी ने कहा कि लड़की अपने आवेदन पर कार्रवाई की मांग को लेकर एडीजीपी कार्यालय आई थी लेकिन वहां उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। पुलिस ने कहा कि सत्रह वर्षीय पीलीभीत निवासी अपनी बहन के साथ आई थी। लड़की की बहन का आरोप है कि छह महीने पहले पड़ोस के एक व्यक्ति ने अपने दोस्त के साथ मिलकर उसकी बहन के साथ दुष्कर्म किया था. इस संबंध में सुनगढ़ी थाने में मामला दर्ज किया गया था, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि एडीजी पीसी मीणा घटना के समय अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे। क्या राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल की "जस्टिस" लीग विपक्ष को एक साथ ला सकती है?
पोटैटो क्रंची फ्राइज़ रेसिपी (Potato Crunchy Fries Recipe): सुबह के नाश्ते की बात हो और पोटैटो यानी आलू से जुड़ी कोई रेसिपी हो तो बच्चों के चेहरे अपने आप ही खिल उठते हैं. आलू से बनी रेसिपीज़ बच्चों के बीच में काफी फेमस है. ऐसी ही एक रेसिपी पोटैटो क्रंची फ्राइज़ बनाने की रेसिपी आज हम आपको बताने जा रहे हैं. इन दिनों सोशल मीडिया पर नई-नई रेसिपीज़ नजर आ जाती है. सोशल मीडिया यूजर्स अपनी पसंद की रेसिपीज़ बनाकर शेयर करते हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक यूजर (@kirbyquimado) ने पोटैटो क्रंची फ्राइज़ बनाने की आसान रेसिपी शेयर की है. पोटैटो क्रंची फ्राइज़ मिनटों में बनकर तैयार हो जाती है. आप इसे ब्रेकफास्ट के साथ ही दिन में स्नैक्स के तौर पर भी परोस सकते हैं. इसके साथ ही बच्चों के टिफिन में भी पोटैटो क्रंची फ्राइज़ को रखा जा सकता है. आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान रेसिपी. इसे भी पढ़ेंः इंस्टाग्राम यूजर (@kirbyquimado) द्वारा बताई गई रेसिपी के मुताबिक सबसे पहले दो आलू लेकर उनके छिलके उतार लें. इसके बाद आलू के छोटे-छोटे टुकड़े काट लें. अब एक बर्तन में पानी उबालने के लिए गैस पर रख दें. इसमें आलू के टुकड़े डालकर लगभग 15 मिनट तक उबालें, जब तक कि आलू अच्छी तरह से नरम न हो जाएं. इसके बाद आलू को एक मिक्सिंग बाउल में डालकर अच्छी तरह से मैश कर दें. अब आलू में कद्दूकस किया हुआ चीज़ और कॉर्न स्टार्च डालकर अच्छी तरह से मिलाकर मिश्रण तैयार कर लें. इसके बाद मिश्रण में 1/4 टी स्पून नमक (स्वादानुसार) डालें और मिला दें. अब तैयार मिश्रण को एक जिप बैग में डालकर बेलन की मदद से रोल कर लें और फ्रिज में आधा घंटे के लिए रख दें, जिससे मिश्रण अच्छी तरह से सैट हो जाए. तय समय के बाद मिश्रण को बाहर निकाल लें. इसे भी पढ़ेंःअब एक चाकू की मदद से लंबे-लंबे पोटैटो फ्राइज़ को काट लें. इसके बाद एक कड़ाही में तेल डालकर उसे मीडियम आंच पर गर्म करने के लिए रख दें. जब तेल गर्म हो जाए तो उसमें पोटैटो फ्राइज़ डालें और डीप फ्राई करें. पोटैटो फ्राइज़ को सुनहरा और क्रिस्पी होने तक फ्राई करें. इसके बाद एक प्लेट में उतारकर चटनी के साथ सर्व करें. .
पोटैटो क्रंची फ्राइज़ रेसिपी : सुबह के नाश्ते की बात हो और पोटैटो यानी आलू से जुड़ी कोई रेसिपी हो तो बच्चों के चेहरे अपने आप ही खिल उठते हैं. आलू से बनी रेसिपीज़ बच्चों के बीच में काफी फेमस है. ऐसी ही एक रेसिपी पोटैटो क्रंची फ्राइज़ बनाने की रेसिपी आज हम आपको बताने जा रहे हैं. इन दिनों सोशल मीडिया पर नई-नई रेसिपीज़ नजर आ जाती है. सोशल मीडिया यूजर्स अपनी पसंद की रेसिपीज़ बनाकर शेयर करते हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक यूजर ने पोटैटो क्रंची फ्राइज़ बनाने की आसान रेसिपी शेयर की है. पोटैटो क्रंची फ्राइज़ मिनटों में बनकर तैयार हो जाती है. आप इसे ब्रेकफास्ट के साथ ही दिन में स्नैक्स के तौर पर भी परोस सकते हैं. इसके साथ ही बच्चों के टिफिन में भी पोटैटो क्रंची फ्राइज़ को रखा जा सकता है. आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान रेसिपी. इसे भी पढ़ेंः इंस्टाग्राम यूजर द्वारा बताई गई रेसिपी के मुताबिक सबसे पहले दो आलू लेकर उनके छिलके उतार लें. इसके बाद आलू के छोटे-छोटे टुकड़े काट लें. अब एक बर्तन में पानी उबालने के लिए गैस पर रख दें. इसमें आलू के टुकड़े डालकर लगभग पंद्रह मिनट तक उबालें, जब तक कि आलू अच्छी तरह से नरम न हो जाएं. इसके बाद आलू को एक मिक्सिंग बाउल में डालकर अच्छी तरह से मैश कर दें. अब आलू में कद्दूकस किया हुआ चीज़ और कॉर्न स्टार्च डालकर अच्छी तरह से मिलाकर मिश्रण तैयार कर लें. इसके बाद मिश्रण में एक/चार टी स्पून नमक डालें और मिला दें. अब तैयार मिश्रण को एक जिप बैग में डालकर बेलन की मदद से रोल कर लें और फ्रिज में आधा घंटे के लिए रख दें, जिससे मिश्रण अच्छी तरह से सैट हो जाए. तय समय के बाद मिश्रण को बाहर निकाल लें. इसे भी पढ़ेंःअब एक चाकू की मदद से लंबे-लंबे पोटैटो फ्राइज़ को काट लें. इसके बाद एक कड़ाही में तेल डालकर उसे मीडियम आंच पर गर्म करने के लिए रख दें. जब तेल गर्म हो जाए तो उसमें पोटैटो फ्राइज़ डालें और डीप फ्राई करें. पोटैटो फ्राइज़ को सुनहरा और क्रिस्पी होने तक फ्राई करें. इसके बाद एक प्लेट में उतारकर चटनी के साथ सर्व करें. .
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर डाक्टर शैलजा वासुदेवा जो कि शहीद कैप्टन विक्रम बतरा राजकीय महाविद्यालय में राजनीति विज्ञान विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं, को ग्लोबल इंटेलेक्चुअल फोरम द्वारा एकेडमिक उपलब्धियों, शैक्षणिक ऊंचाइयों को छूने और शोध क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए इस अवार्ड से सम्मानित किया गया है। यह अवार्ड डाक्टर शैलजा को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य पर ग्लोबल इंटेलेक्चुअल फोरम द्वारा दिया गया है। इस अवॉर्ड फंक्शन में विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित महिलाओं जैसे जजए वाइस चांसलर, चीफ इनकम टैक्स कमिश्नर, वकील, डाक्टर, आयुर्वेदिक डाक्टर, एंकर, राजनीतिज्ञ, ब्यूरोक्रेट्स, मीडिया प्रभारीए यूनिवर्सिटी और कालेज प्रोफेसर, अध्यापक, लेक्चरर, इंजीनियर, एंकर, मॉडल, समाजसेवी तथा ऐसे कई क्षेत्रों से संबंधित वुमन अचीवर्स को इस अवार्ड से नवाजा गया है। इस अवॉर्ड फंक्शन में भारत के अलावा सात अन्य देशों जो कि इस प्रकार से हैं। इंग्लैंड, नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ईरान एवं इंडोनेशिया इत्यादि देशों की महिलाओं को वुमन अचीवर अवार्ड के साथ सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन ग्लोबल इंटेलेक्चुअल फोरम ने हरियाणा के विख्यात होटल रोजाबाग में किया था। यह अवॉर्ड फंक्शन ऑफ लाइन तथा ऑनलाइन दोनों तरीकों से छह मार्च 2022, रविवार को आयोजित किया गया था। डाक्टर शैलजा वासुदेवा ने इस अवॉर्ड फंक्शन में ऑनलाइन रूप से शिरकत की। इस अवॉर्ड फंक्शन में देश विदेश के सभी वुमन अचीवर महिलाओं में हमारे हिमाचल प्रदेश की शैलजा वासुदेवा ने भी अपनी जगह बनाई है। यह पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए बड़े ही गर्व की बात है। शहीद कैप्टन विक्रम बतरा राजकीय महाविद्यालय के प्रिंसीपल डा. प्रदीप कौंडल ने शैलजा वासुदेवा को उनकी उपलब्धि पर बधाई दी। डॉक्टर शैलजा वासुदेवा के परिवार में उनके पिता भगतराम वासुदेवा पालमपुर के विख्यात व्यवसायी है। उनकी माता वीना वासुदेवा एक कुशल गृहिणी है तथा उनके दो भाई गौरव वासुदेवा और सौरभ वासुदेवा तथा एक बहन है पूजा वासुदेवा। डाक्टर शैलजा वासुदेवा की एमएए एमफिल तथा पीएचडी पॉलिटिकल साइंस में है। वह 13 राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय स्तर की फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम और साथ ही साथ सात राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर की कार्यशालाओं में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा चुकी हैं।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर डाक्टर शैलजा वासुदेवा जो कि शहीद कैप्टन विक्रम बतरा राजकीय महाविद्यालय में राजनीति विज्ञान विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं, को ग्लोबल इंटेलेक्चुअल फोरम द्वारा एकेडमिक उपलब्धियों, शैक्षणिक ऊंचाइयों को छूने और शोध क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए इस अवार्ड से सम्मानित किया गया है। यह अवार्ड डाक्टर शैलजा को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य पर ग्लोबल इंटेलेक्चुअल फोरम द्वारा दिया गया है। इस अवॉर्ड फंक्शन में विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित महिलाओं जैसे जजए वाइस चांसलर, चीफ इनकम टैक्स कमिश्नर, वकील, डाक्टर, आयुर्वेदिक डाक्टर, एंकर, राजनीतिज्ञ, ब्यूरोक्रेट्स, मीडिया प्रभारीए यूनिवर्सिटी और कालेज प्रोफेसर, अध्यापक, लेक्चरर, इंजीनियर, एंकर, मॉडल, समाजसेवी तथा ऐसे कई क्षेत्रों से संबंधित वुमन अचीवर्स को इस अवार्ड से नवाजा गया है। इस अवॉर्ड फंक्शन में भारत के अलावा सात अन्य देशों जो कि इस प्रकार से हैं। इंग्लैंड, नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ईरान एवं इंडोनेशिया इत्यादि देशों की महिलाओं को वुमन अचीवर अवार्ड के साथ सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन ग्लोबल इंटेलेक्चुअल फोरम ने हरियाणा के विख्यात होटल रोजाबाग में किया था। यह अवॉर्ड फंक्शन ऑफ लाइन तथा ऑनलाइन दोनों तरीकों से छह मार्च दो हज़ार बाईस, रविवार को आयोजित किया गया था। डाक्टर शैलजा वासुदेवा ने इस अवॉर्ड फंक्शन में ऑनलाइन रूप से शिरकत की। इस अवॉर्ड फंक्शन में देश विदेश के सभी वुमन अचीवर महिलाओं में हमारे हिमाचल प्रदेश की शैलजा वासुदेवा ने भी अपनी जगह बनाई है। यह पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए बड़े ही गर्व की बात है। शहीद कैप्टन विक्रम बतरा राजकीय महाविद्यालय के प्रिंसीपल डा. प्रदीप कौंडल ने शैलजा वासुदेवा को उनकी उपलब्धि पर बधाई दी। डॉक्टर शैलजा वासुदेवा के परिवार में उनके पिता भगतराम वासुदेवा पालमपुर के विख्यात व्यवसायी है। उनकी माता वीना वासुदेवा एक कुशल गृहिणी है तथा उनके दो भाई गौरव वासुदेवा और सौरभ वासुदेवा तथा एक बहन है पूजा वासुदेवा। डाक्टर शैलजा वासुदेवा की एमएए एमफिल तथा पीएचडी पॉलिटिकल साइंस में है। वह तेरह राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय स्तर की फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम और साथ ही साथ सात राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर की कार्यशालाओं में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा चुकी हैं।
IND vs PAK: भारत-पाकिस्तान को इस साल ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप में एक ही ग्रुप में रखा गया है. (AFP) नई दिल्ली. टीम इंडिया (Team India) के साथ-साथ अब भारतीय बल्लेबाजों के लिए साल 2021 अच्छा नहीं दिखा रहा है. आईसीसी (ICC) ने गुरुवार को साल के वनडे प्लेयर ऑफ ईयर (ICC ODI Player Of The Year) के लिए 4 खिलाड़ियों को शॉर्टलिस्ट किया है. इसमें रोहित शर्मा (Rohit Sharma) और विराट कोहली (Vira Kohli) दोनों को जगह नहीं मिली है. इससे पहले साल के टी20 के बेस्ट पुरस्कार की लिस्ट में भी दोनों खिलाड़ी जगह नहीं बना सके हैं. पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम (Babar Azam) सहित 4 खिलाड़ी वनडे के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनने की रेस में हैं. पहले बात बांग्लादेश के पूर्व कप्तान और ऑलराउंडर शाकिब अल हसन (Shakib Al Hasan) की. उन्होंने इस साल 9 वनडे मैच में 40 की औसत से 277 रन बनाए हैं. इसके अलावा इस बाएं हाथ के स्पिनर ने 17 विकेट भी झटके हैं. एक साल तक बैन रहने के बाद भी उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ अच्छी वापसी की थी. उन्होंने 6 विकेट झटके थे और टीम ने सीरीज 3-0 से जीती थी. इसके अलावा जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज में भी शाकिब ने 145 रन बनाने के अलावा 8 विकेट भी झटके थे. पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम की बात करें तो उन्होंने इस साल सिर्फ 6 वनडे के मुकाबले खेले. इस दौरान उन्होंने 68 की औसत से 405 रन बनाए. 2 शतक भी लगाया. साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में उन्होंने 228 रन बनाए थे. इस कारण टीम सीरीज 2-1 से जीतने में सफल रही थी. उन्होंने इस साल इंग्लैंड के खिलाफ 158 रन की बड़ी पारी खेली थी. लेकिन टीम यह मुकाबला हार गई थी. वनडे के बेस्ट खिलाड़ी की रेस में साउथ अफ्रीका के जानेमन मलान भी हैं. मलान ने 8 मैच में 85 की औसत से 509 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने 2 शतक और 2 अर्धशतक भी लगाया. वहीं आयरलैंड के सीनियर खिलाड़ी पॉल स्टर्लिंग को भी आईसीसी ने लिस्ट में शामिल किया गया. उन्हाेंने इस साल 14 मैच में 80 की औसत से 705 रन बनाए हैं. 3 शतक और 2 अर्धशतक लगाया है. . 'जवान' से पहले. . . इन 5 फिल्मों में अपनी खलनायकी से डरा चुके हैं शाहरुख खान, विलेनगिरी से फिर मचाएंगे धमाल!
IND vs PAK: भारत-पाकिस्तान को इस साल ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टीबीस वर्ल्ड कप में एक ही ग्रुप में रखा गया है. नई दिल्ली. टीम इंडिया के साथ-साथ अब भारतीय बल्लेबाजों के लिए साल दो हज़ार इक्कीस अच्छा नहीं दिखा रहा है. आईसीसी ने गुरुवार को साल के वनडे प्लेयर ऑफ ईयर के लिए चार खिलाड़ियों को शॉर्टलिस्ट किया है. इसमें रोहित शर्मा और विराट कोहली दोनों को जगह नहीं मिली है. इससे पहले साल के टीबीस के बेस्ट पुरस्कार की लिस्ट में भी दोनों खिलाड़ी जगह नहीं बना सके हैं. पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम सहित चार खिलाड़ी वनडे के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनने की रेस में हैं. पहले बात बांग्लादेश के पूर्व कप्तान और ऑलराउंडर शाकिब अल हसन की. उन्होंने इस साल नौ वनडे मैच में चालीस की औसत से दो सौ सतहत्तर रन बनाए हैं. इसके अलावा इस बाएं हाथ के स्पिनर ने सत्रह विकेट भी झटके हैं. एक साल तक बैन रहने के बाद भी उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ अच्छी वापसी की थी. उन्होंने छः विकेट झटके थे और टीम ने सीरीज तीन-शून्य से जीती थी. इसके अलावा जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज में भी शाकिब ने एक सौ पैंतालीस रन बनाने के अलावा आठ विकेट भी झटके थे. पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम की बात करें तो उन्होंने इस साल सिर्फ छः वनडे के मुकाबले खेले. इस दौरान उन्होंने अड़सठ की औसत से चार सौ पाँच रन बनाए. दो शतक भी लगाया. साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में उन्होंने दो सौ अट्ठाईस रन बनाए थे. इस कारण टीम सीरीज दो-एक से जीतने में सफल रही थी. उन्होंने इस साल इंग्लैंड के खिलाफ एक सौ अट्ठावन रन की बड़ी पारी खेली थी. लेकिन टीम यह मुकाबला हार गई थी. वनडे के बेस्ट खिलाड़ी की रेस में साउथ अफ्रीका के जानेमन मलान भी हैं. मलान ने आठ मैच में पचासी की औसत से पाँच सौ नौ रन बनाए. इस दौरान उन्होंने दो शतक और दो अर्धशतक भी लगाया. वहीं आयरलैंड के सीनियर खिलाड़ी पॉल स्टर्लिंग को भी आईसीसी ने लिस्ट में शामिल किया गया. उन्हाेंने इस साल चौदह मैच में अस्सी की औसत से सात सौ पाँच रन बनाए हैं. तीन शतक और दो अर्धशतक लगाया है. . 'जवान' से पहले. . . इन पाँच फिल्मों में अपनी खलनायकी से डरा चुके हैं शाहरुख खान, विलेनगिरी से फिर मचाएंगे धमाल!
लखनऊः आपने वो गाना तो सुनाओ ही होगा कि हम उस देश के वासी हैं, जिस देश में गंगा बहती है। लेकिन इसमें थोड़ा लोचा है भाईसाब! हम आज आपको बताएंगे कैसे। दरअसल एक कंपनी है वर्टू। ये दुनिया के महंगे स्मार्ट फोन बनाती है। इतना ही नहीं कई स्मार्टफोन्स की कीमत तो इतनी ज्यादा है कि अंबानी- अडानी को भी ये फोन खरीदने के लिए एक बार सोंचना पड़ जाएगा। हम इस खबर के आखिर में अब तक के सबसे महंगे फोन से आपका परिचय करवाएंगे। ये एक महंगा स्मार्टफोन है। इसे इटैलियन ब्लैक लेदर के साथ सुरक्षित और स्टाइलिश बॉडी में मार्केट में लांच किया गया था। हालांकि इसके फीचर्स समय के हिसाब से काफी पुराने हैं। लेकिन आज भी लोग इसे शान दिखाने के लिए यूज करते हैं। इसकी शुरूआती रेंज 1,69,099 रूपये है। इसमें ओल्ड स्नैपड्रैगन 820 प्रोसेसर, 4 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज मौजूद है। ये फोन एंड्राइड नूगा वर्जन पर चलता है। वी आई पी एन ब्लैक डायमंड स्मार्टफोन दुनिया के महंगे स्मार्टफोंस में शुमार है। कंपनी ने अब तक इसकी सिर्फ पांच यूनिट ही प्रोड्यूस की हैं। इसे अभी तक सेल नहीं किया गया है। इसकी बॉडी में डायमंड का यूज किया गया है। इसकी कीमत 2. 07 करोड़ है। इस मोबाइल फोन की बॉडी पूरी सोने की बनी है। इसे बनाने में 18 कैरेट रोज़ गोल्ड शेल का प्रयोग किया गया है। इसके अलावा इसकी बॉडी में 95 वाइट और कॉग्नैक डायमंड भी जड़े हुए हैं। इसकी कीमत 39 लाख 39 हजार रूपये रखी गई है। इसे लेकर चलना लोग स्टेट्स सिंबल मानते हैं। इस महंगे स्मार्टफोन को कस्टमर्स की प्राइवेसी और डाटा सेफ्टी का पूरा ध्यान रखकर डिजाइन किया गया है। हालांकि ये आउटडेटेड ऑपरेटिंग सिस्टम एंड्रायड लॉलीपॉप पर चलता है लेकिन आज भी ये रईस लोगों की पसंद बना हुआ है। इसकी कीमत 9 लाख रूपये है। इस महंगे स्मार्टफोन की बॉडी महंगे मेटल और एग्जॉटिक लेदर की बनी हुई है। इसके साथ इसकी 5. 5 इंच की टचस्क्रीन स्क्रैच रेस्स्टिेंट है। फीचर्स की बात करें तो क्वालकॉम स्नैपड्रैगन प्रोसेसर और एंड्रायड ऑपरेटिंग सिस्टम दिया गया है। इसकी मार्केट प्राइज 5 लाख 27 हजार रूपये है। ये स्मार्टफोन भी महंगे फोन्स की लिस्ट में शुमार है। इस फोन की बॉडी बनाने में ब्लैक ऐलीगेटर लेदर का इस्तेमाल किया गया है। क्वालकॉम स्नैपड्रैगन से लैस प्रोसेसर वाले इस फोन की कीमत साढ़े पांच लाख रूपये है। ये स्मार्टफोन जल्दी ही लांच हुआ है। इसकी बॉडी डायमंड ब्लैक कलर की होती है। इसे खास डिजाइनदार लेदर केस के साथ बनाया गया है। यह पॉर्श डिजाइन इंटरफेस के साथ आता है। इसकी कीमत 1,79,318 रूपये है। ओप्पो ने इसे अपने फ्लैगशिप स्मार्टफोन की लिस्ट में शुमार कर रखा है। इसमें लेटेस्ट फ्लैगशिप फोन के सारे स्पेसिफिकेशंस और मोटोराइज्ड कैमरा दिया गया है। इसकी कीमत डेढ़ लाख रूपये रखी गई है। ऑनर कंपनी द्वारा इसे जल्द ही मार्केट में लांच किया जाना है। इसकी कीमत एक लाख रूपये के आस-पास ही रहेगी। ये फोन भी आपकी रईसी की दास्तां बयां करने के लिए काफी है। ये स्मार्टफोन भले ही थोड़ा पुराना वर्जन है। लेकिन जो रईस लोग इनक्रिप्टेड वॉयस और एसएमएस के साथ कम्यूनिकशन की चाहत रखते हैं। उनके लिए ये किसी वरदान से कम नहीं है। इस फोन में विंडोज सीई ऑपरेटिंग सिस्टम और मोटोरोला एमएक्स 21 प्रोसेसर दिया गया है। लेकिन ये पूरा डिवाइस इनक्रिप्टेड है। इसकी कीमत 8 करोड़ 97 लाख रखी गई है।
लखनऊः आपने वो गाना तो सुनाओ ही होगा कि हम उस देश के वासी हैं, जिस देश में गंगा बहती है। लेकिन इसमें थोड़ा लोचा है भाईसाब! हम आज आपको बताएंगे कैसे। दरअसल एक कंपनी है वर्टू। ये दुनिया के महंगे स्मार्ट फोन बनाती है। इतना ही नहीं कई स्मार्टफोन्स की कीमत तो इतनी ज्यादा है कि अंबानी- अडानी को भी ये फोन खरीदने के लिए एक बार सोंचना पड़ जाएगा। हम इस खबर के आखिर में अब तक के सबसे महंगे फोन से आपका परिचय करवाएंगे। ये एक महंगा स्मार्टफोन है। इसे इटैलियन ब्लैक लेदर के साथ सुरक्षित और स्टाइलिश बॉडी में मार्केट में लांच किया गया था। हालांकि इसके फीचर्स समय के हिसाब से काफी पुराने हैं। लेकिन आज भी लोग इसे शान दिखाने के लिए यूज करते हैं। इसकी शुरूआती रेंज एक,उनहत्तर,निन्यानवे रूपये है। इसमें ओल्ड स्नैपड्रैगन आठ सौ बीस प्रोसेसर, चार जीबी रैम और चौंसठ जीबी स्टोरेज मौजूद है। ये फोन एंड्राइड नूगा वर्जन पर चलता है। वी आई पी एन ब्लैक डायमंड स्मार्टफोन दुनिया के महंगे स्मार्टफोंस में शुमार है। कंपनी ने अब तक इसकी सिर्फ पांच यूनिट ही प्रोड्यूस की हैं। इसे अभी तक सेल नहीं किया गया है। इसकी बॉडी में डायमंड का यूज किया गया है। इसकी कीमत दो. सात करोड़ है। इस मोबाइल फोन की बॉडी पूरी सोने की बनी है। इसे बनाने में अट्ठारह कैरेट रोज़ गोल्ड शेल का प्रयोग किया गया है। इसके अलावा इसकी बॉडी में पचानवे वाइट और कॉग्नैक डायमंड भी जड़े हुए हैं। इसकी कीमत उनतालीस लाख उनतालीस हजार रूपये रखी गई है। इसे लेकर चलना लोग स्टेट्स सिंबल मानते हैं। इस महंगे स्मार्टफोन को कस्टमर्स की प्राइवेसी और डाटा सेफ्टी का पूरा ध्यान रखकर डिजाइन किया गया है। हालांकि ये आउटडेटेड ऑपरेटिंग सिस्टम एंड्रायड लॉलीपॉप पर चलता है लेकिन आज भी ये रईस लोगों की पसंद बना हुआ है। इसकी कीमत नौ लाख रूपये है। इस महंगे स्मार्टफोन की बॉडी महंगे मेटल और एग्जॉटिक लेदर की बनी हुई है। इसके साथ इसकी पाँच. पाँच इंच की टचस्क्रीन स्क्रैच रेस्स्टिेंट है। फीचर्स की बात करें तो क्वालकॉम स्नैपड्रैगन प्रोसेसर और एंड्रायड ऑपरेटिंग सिस्टम दिया गया है। इसकी मार्केट प्राइज पाँच लाख सत्ताईस हजार रूपये है। ये स्मार्टफोन भी महंगे फोन्स की लिस्ट में शुमार है। इस फोन की बॉडी बनाने में ब्लैक ऐलीगेटर लेदर का इस्तेमाल किया गया है। क्वालकॉम स्नैपड्रैगन से लैस प्रोसेसर वाले इस फोन की कीमत साढ़े पांच लाख रूपये है। ये स्मार्टफोन जल्दी ही लांच हुआ है। इसकी बॉडी डायमंड ब्लैक कलर की होती है। इसे खास डिजाइनदार लेदर केस के साथ बनाया गया है। यह पॉर्श डिजाइन इंटरफेस के साथ आता है। इसकी कीमत एक,उन्यासी,तीन सौ अट्ठारह रूपये है। ओप्पो ने इसे अपने फ्लैगशिप स्मार्टफोन की लिस्ट में शुमार कर रखा है। इसमें लेटेस्ट फ्लैगशिप फोन के सारे स्पेसिफिकेशंस और मोटोराइज्ड कैमरा दिया गया है। इसकी कीमत डेढ़ लाख रूपये रखी गई है। ऑनर कंपनी द्वारा इसे जल्द ही मार्केट में लांच किया जाना है। इसकी कीमत एक लाख रूपये के आस-पास ही रहेगी। ये फोन भी आपकी रईसी की दास्तां बयां करने के लिए काफी है। ये स्मार्टफोन भले ही थोड़ा पुराना वर्जन है। लेकिन जो रईस लोग इनक्रिप्टेड वॉयस और एसएमएस के साथ कम्यूनिकशन की चाहत रखते हैं। उनके लिए ये किसी वरदान से कम नहीं है। इस फोन में विंडोज सीई ऑपरेटिंग सिस्टम और मोटोरोला एमएक्स इक्कीस प्रोसेसर दिया गया है। लेकिन ये पूरा डिवाइस इनक्रिप्टेड है। इसकी कीमत आठ करोड़ सत्तानवे लाख रखी गई है।
IIT JEE Advanced 2020 Exam Date: संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) मेन परीक्षा की डेट्स की घोषणा करने के बाद, मानव संसाधन विकास (HRD) मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने JEE Advanced परीक्षा की डेट की भी घोषणा कर दी। यह परीक्षा 23 अगस्त को आयोजित की जाएगी। जेईई एडवांस, देशभर के IIT में एडमिशन के लिए एक प्रवेश परीक्षा है। यह परीक्षा पहले 17 मई को आयोजित होने वाली थी, मगर COVID19 महामारी के चलते लागू देशव्यापी लॉकडाउन के कारण इसे स्थगित कर दिया गया। अब परीक्षा की नई डेट 23 अगस्त घोषित की गई है। एक वीडियो संदेश में, एग्जाम डेट्स की घोषणा करते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री ने छात्रों को महामारी के दौरान सुरक्षित रहने और स्वास्थ्य मंत्रालय और आयुष मंत्रालय दोनों के दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए कहा। उन्होंने छात्रों से आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने के लिए भी कहा। JEE Main परीक्षा 18 जुलाई से 23 जुलाई तक आयोजित की जाएगा। इसका मतलब है कि इस परीक्षा के रिजल्ट अगस्त में पहले सप्ताह में जारी किए जा सकते हैं। जनवरी और अप्रैल (अब मई) सेशन सहित JEE Main परीक्षा में क्वालिफाई हुए टॉप 2. 5 लाख उम्मीदवार ही Advanced परीक्षा में शामिल होने के लिए पात्र माने जाते हैं। इस कारण यह अनुमान लगाया जा सकता है JEE Advanced परीक्षा से पर्याप्त समय पहले मेन्स परीक्षा के रिजल्ट जारी हो जाएंगे। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली परीक्षा आयोजित करेगा। इस साल जेईई एडवांस के लिए 20 प्रतिशत सीटें लड़कियों के लिए होंगी। ये सीटें मौजूदा सीटों के अतिरिक्त बनाई जाएंगी। पिछले साल ये सीटें 17 फीसदी थीं। यह निर्णय पूरे IIT में लड़के लड़कियों की गिनती समान करने के लिए लिया गया है, क्योंकि IIT के लिए क्वालीफाई करने की दर लड़कियों में लड़को की अपेक्षा कम है।
IIT JEE Advanced दो हज़ार बीस Exam Date: संयुक्त प्रवेश परीक्षा मेन परीक्षा की डेट्स की घोषणा करने के बाद, मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने JEE Advanced परीक्षा की डेट की भी घोषणा कर दी। यह परीक्षा तेईस अगस्त को आयोजित की जाएगी। जेईई एडवांस, देशभर के IIT में एडमिशन के लिए एक प्रवेश परीक्षा है। यह परीक्षा पहले सत्रह मई को आयोजित होने वाली थी, मगर COVIDउन्नीस महामारी के चलते लागू देशव्यापी लॉकडाउन के कारण इसे स्थगित कर दिया गया। अब परीक्षा की नई डेट तेईस अगस्त घोषित की गई है। एक वीडियो संदेश में, एग्जाम डेट्स की घोषणा करते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री ने छात्रों को महामारी के दौरान सुरक्षित रहने और स्वास्थ्य मंत्रालय और आयुष मंत्रालय दोनों के दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए कहा। उन्होंने छात्रों से आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने के लिए भी कहा। JEE Main परीक्षा अट्ठारह जुलाई से तेईस जुलाई तक आयोजित की जाएगा। इसका मतलब है कि इस परीक्षा के रिजल्ट अगस्त में पहले सप्ताह में जारी किए जा सकते हैं। जनवरी और अप्रैल सेशन सहित JEE Main परीक्षा में क्वालिफाई हुए टॉप दो. पाँच लाख उम्मीदवार ही Advanced परीक्षा में शामिल होने के लिए पात्र माने जाते हैं। इस कारण यह अनुमान लगाया जा सकता है JEE Advanced परीक्षा से पर्याप्त समय पहले मेन्स परीक्षा के रिजल्ट जारी हो जाएंगे। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली परीक्षा आयोजित करेगा। इस साल जेईई एडवांस के लिए बीस प्रतिशत सीटें लड़कियों के लिए होंगी। ये सीटें मौजूदा सीटों के अतिरिक्त बनाई जाएंगी। पिछले साल ये सीटें सत्रह फीसदी थीं। यह निर्णय पूरे IIT में लड़के लड़कियों की गिनती समान करने के लिए लिया गया है, क्योंकि IIT के लिए क्वालीफाई करने की दर लड़कियों में लड़को की अपेक्षा कम है।
रायपुर। रकम दोगुना करने का झांसा देते हुए कागज का बंडल पकड़ा कर ठगी करने वाले दो आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शिवप्रसाद मनहरे निवासी जैजैपुर करवाडीह थाना जैजैपुर जिला शक्ति और अनिल गुप्ता निवासी तकियापारा अशरफ नगर थाना मोहन नगर दुर्ग को पकड़ा है। आरोपित शिवप्रसाद मनहरे पूर्व में भी थाना जैजैपुर जिला शक्ति एवं थाना गंज रायपुर से जाली नोट के प्रकरणों में जेल जा चुका है। सिविल लाइन थाने में प्रार्थी दिनेश निषाद ने ठगी रिपोर्ट दर्ज कराई। वह करैली चौकी मगरलोड धमतरी में रहता है। प्रार्थी शनिवार को कुछ काम से कटोरा तालाब रायपुर आया था। जहां शिव प्रसाद एवं अनिल गुप्ता नामक व्यक्ति प्रार्थी से मिलकर बोले की उनके पास रकम दोगुना करने की स्कीम है। उन्होंने एक बीस रुपये के काले रंग से रंगा नोट को पानी में भिगा कर नोट बना कर दिखाया, जिससे प्रार्थी उनके झांसे में आकर रकम दोगुना करने के लालच में उन्हें 30 हजार रुपये दे दिए। प्रार्थी को काले रंग से रंगे नोट जैसे दिखने वाले कागज को देकर वहां से चले गए। जिस पर प्रार्थी द्वारा कुछ देर बाद काले रंग के नोट को पानी में भिगा कर देखने पर चार नोट के अलावा सभी काले रंग में भीगे साधारण कागज निकले। प्रार्थी ने इसकी शिकायत थाने में की। पुलिस ने जांच शुरू की। प्रार्थी से घटना व आरोपितों के हुलिए के संबंध में विस्तृत पूछताछ कर पतासाजी करना प्रारंभ किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना स्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेजों का अवलोकन करते हुए प्रकरण में संलिप्त आरोपित शिवप्रसाद मनहरे एवं अनिल गुप्ता को चिन्हांकित कर पकड़कर कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपितों द्वारा ठगी की उक्त घटना को अंजाम देना स्वीकार किया गया।
रायपुर। रकम दोगुना करने का झांसा देते हुए कागज का बंडल पकड़ा कर ठगी करने वाले दो आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शिवप्रसाद मनहरे निवासी जैजैपुर करवाडीह थाना जैजैपुर जिला शक्ति और अनिल गुप्ता निवासी तकियापारा अशरफ नगर थाना मोहन नगर दुर्ग को पकड़ा है। आरोपित शिवप्रसाद मनहरे पूर्व में भी थाना जैजैपुर जिला शक्ति एवं थाना गंज रायपुर से जाली नोट के प्रकरणों में जेल जा चुका है। सिविल लाइन थाने में प्रार्थी दिनेश निषाद ने ठगी रिपोर्ट दर्ज कराई। वह करैली चौकी मगरलोड धमतरी में रहता है। प्रार्थी शनिवार को कुछ काम से कटोरा तालाब रायपुर आया था। जहां शिव प्रसाद एवं अनिल गुप्ता नामक व्यक्ति प्रार्थी से मिलकर बोले की उनके पास रकम दोगुना करने की स्कीम है। उन्होंने एक बीस रुपये के काले रंग से रंगा नोट को पानी में भिगा कर नोट बना कर दिखाया, जिससे प्रार्थी उनके झांसे में आकर रकम दोगुना करने के लालच में उन्हें तीस हजार रुपये दे दिए। प्रार्थी को काले रंग से रंगे नोट जैसे दिखने वाले कागज को देकर वहां से चले गए। जिस पर प्रार्थी द्वारा कुछ देर बाद काले रंग के नोट को पानी में भिगा कर देखने पर चार नोट के अलावा सभी काले रंग में भीगे साधारण कागज निकले। प्रार्थी ने इसकी शिकायत थाने में की। पुलिस ने जांच शुरू की। प्रार्थी से घटना व आरोपितों के हुलिए के संबंध में विस्तृत पूछताछ कर पतासाजी करना प्रारंभ किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना स्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेजों का अवलोकन करते हुए प्रकरण में संलिप्त आरोपित शिवप्रसाद मनहरे एवं अनिल गुप्ता को चिन्हांकित कर पकड़कर कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपितों द्वारा ठगी की उक्त घटना को अंजाम देना स्वीकार किया गया।
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
IPL 2022: रोहित शर्मा की IPL सैलरी में बंपर उछाल, जानें लीग के पहले सीजन में मिलते थे कितने रुपये? रोहित शर्मा की IPL सैलरी का ग्राफ हर सीजन के साथ बढ़ा है. उनकी पहली और मौजूदा सैलरी के बीच एक बड़ा फर्क है. रोहित शर्मा (Rohit Sharma) आज आईपीएल से कितना कमा लेते हैं? कहने का मतलब उनकी आईपीएल सैलरी (IPL Salary) क्या होगी? जवाब है 16 करोड़ रुपये. इसी रकम पर मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) ने उन्हें रिटेन किया है. लेकिन, लीग के 15वें सीजन में आकर 16 करोड़ रुपये सैलरी उठाने वाले रोहित शर्मा की पहली IPL सैलरी क्या थी? तो आपको बताते चलें कि उनकी पहली और मौजूदा IPL सैलरी के बीच बहुत बड़ा अंतर है. अपनी पहली आईपीएल सैलरी के मुकाबले आज वो 5 गुणा से भी ज्यादा पैसे ले रहे हैं. हालांकि, तब और अब की सैलरी का ये फर्क यूं ही नहीं है. बल्कि इसके पीछे एक खिलाड़ी के तौर पर, एक कप्तान के तौर पर की गई रोहित शर्मा की मेहनत भी है. साल 2008 में जब इंडियन प्रीमियर लीग का पहला ऑक्शन हुआ था, तब रोहित शर्मा उस नीलामी में एक कैप्ड प्लेयर की हैसियत से शामिल हुए थे. वो आज की तरह नामचीन नहीं बल्कि क्रिकेट जगत के एक उभरते हुए स्टार थे. तब वो आज की तरह लीग के सबसे सफल कप्तान भी नहीं थे. अब जाहिर है कि ऐसे में नीलामी में जो बोली रोहित शर्मा की लगी होगी, वो भी उनके तब तक के प्रदर्शन को देखते हुए ही लगी होगी. IPL के पहले मेगा ऑक्शन में, जो कि साल 2008 में हुआ था, उसमें रोहित शर्मा की कीमत 3 करोड़ रुपये लगाई गई. ये वो रकम थी, जिसे आप उनकी पहली IPL सैलरी भी कह सकते हैं. उन्हें 3 करोड़ रुपये की बोली लगाकर तब डेक्कन चार्जर्स फ्रेंचाइजी ने खुद से जोड़ा था. कमाल की बात ये है कि 3 करोड़ रुपये पाकर भी रोहित शर्मा इंडियन प्रीमियर लीग के पहले ऑक्शन में बिके सबसे महंगे खिलाड़ियों में से एक थे. अब सवाल है कि रोहित शर्मा का मुंबई इंडियंस से साथ कब जुड़ा, जिससे एक सीजन के वो आज 16 करोड़ रुपये वसूल रहे हैं. तो इसका जवाब है- साल 2011. इस साल जो आईपीएल की नीलामी में उसमें पिछली फ्रेंचाइजी से रिलीज होने के बाद रोहित शर्मा के नाम की एक बार फिर से बोली लगी. और, इस बार नीता अंबानी की मुंबई इंडियंस इस सुपरस्टार को खुद से जोड़ने में कोई चूक नहीं की. रोहित शर्मा और मुंबई इंडियंस का साथ अब एक दशक से भी ज्यादा पुराना हो गया है. अब साथ साथ सफर जितना लंबा, भरोसा भी उतना ही तगड़ा. इसी का प्रमाण है कि मुंबई इंडियंस IPL की सबसे सफल टीम है, तो रोहित शर्मा इस लीग के सबसे सफल कप्तान. वैसे मुंबई इंडियंस को अब तक 5 बार IPL चैंपियन बना चुके रोहित शर्मा ने अपना पहला IPL खिताब तभी जीत लिया था, जब उनकी सैलरी इस लीग में 3 करोड़ रुपये थी. साल 2009 में जब डेक्कन चार्जर्स विजेता बनी थी, तब रोहित शर्मा उस टीम का हिस्सा थे. यानी, सिर्फ एक खिलाड़ी की हैसियत से रोहित 6 बार IPL चैंपियन बनने का स्वाद चख चुके हैं और ये एक रिकॉर्ड है. यह भी पढ़ेंः IPL 2022 Mega Auction: भारतीय गेंदबाज जो 9 ऑक्शन में हुआ शामिल, हर बार बिका और कमाए करोड़ों!
IPL दो हज़ार बाईस: रोहित शर्मा की IPL सैलरी में बंपर उछाल, जानें लीग के पहले सीजन में मिलते थे कितने रुपये? रोहित शर्मा की IPL सैलरी का ग्राफ हर सीजन के साथ बढ़ा है. उनकी पहली और मौजूदा सैलरी के बीच एक बड़ा फर्क है. रोहित शर्मा आज आईपीएल से कितना कमा लेते हैं? कहने का मतलब उनकी आईपीएल सैलरी क्या होगी? जवाब है सोलह करोड़ रुपये. इसी रकम पर मुंबई इंडियंस ने उन्हें रिटेन किया है. लेकिन, लीग के पंद्रहवें सीजन में आकर सोलह करोड़ रुपये सैलरी उठाने वाले रोहित शर्मा की पहली IPL सैलरी क्या थी? तो आपको बताते चलें कि उनकी पहली और मौजूदा IPL सैलरी के बीच बहुत बड़ा अंतर है. अपनी पहली आईपीएल सैलरी के मुकाबले आज वो पाँच गुणा से भी ज्यादा पैसे ले रहे हैं. हालांकि, तब और अब की सैलरी का ये फर्क यूं ही नहीं है. बल्कि इसके पीछे एक खिलाड़ी के तौर पर, एक कप्तान के तौर पर की गई रोहित शर्मा की मेहनत भी है. साल दो हज़ार आठ में जब इंडियन प्रीमियर लीग का पहला ऑक्शन हुआ था, तब रोहित शर्मा उस नीलामी में एक कैप्ड प्लेयर की हैसियत से शामिल हुए थे. वो आज की तरह नामचीन नहीं बल्कि क्रिकेट जगत के एक उभरते हुए स्टार थे. तब वो आज की तरह लीग के सबसे सफल कप्तान भी नहीं थे. अब जाहिर है कि ऐसे में नीलामी में जो बोली रोहित शर्मा की लगी होगी, वो भी उनके तब तक के प्रदर्शन को देखते हुए ही लगी होगी. IPL के पहले मेगा ऑक्शन में, जो कि साल दो हज़ार आठ में हुआ था, उसमें रोहित शर्मा की कीमत तीन करोड़ रुपये लगाई गई. ये वो रकम थी, जिसे आप उनकी पहली IPL सैलरी भी कह सकते हैं. उन्हें तीन करोड़ रुपये की बोली लगाकर तब डेक्कन चार्जर्स फ्रेंचाइजी ने खुद से जोड़ा था. कमाल की बात ये है कि तीन करोड़ रुपये पाकर भी रोहित शर्मा इंडियन प्रीमियर लीग के पहले ऑक्शन में बिके सबसे महंगे खिलाड़ियों में से एक थे. अब सवाल है कि रोहित शर्मा का मुंबई इंडियंस से साथ कब जुड़ा, जिससे एक सीजन के वो आज सोलह करोड़ रुपये वसूल रहे हैं. तो इसका जवाब है- साल दो हज़ार ग्यारह. इस साल जो आईपीएल की नीलामी में उसमें पिछली फ्रेंचाइजी से रिलीज होने के बाद रोहित शर्मा के नाम की एक बार फिर से बोली लगी. और, इस बार नीता अंबानी की मुंबई इंडियंस इस सुपरस्टार को खुद से जोड़ने में कोई चूक नहीं की. रोहित शर्मा और मुंबई इंडियंस का साथ अब एक दशक से भी ज्यादा पुराना हो गया है. अब साथ साथ सफर जितना लंबा, भरोसा भी उतना ही तगड़ा. इसी का प्रमाण है कि मुंबई इंडियंस IPL की सबसे सफल टीम है, तो रोहित शर्मा इस लीग के सबसे सफल कप्तान. वैसे मुंबई इंडियंस को अब तक पाँच बार IPL चैंपियन बना चुके रोहित शर्मा ने अपना पहला IPL खिताब तभी जीत लिया था, जब उनकी सैलरी इस लीग में तीन करोड़ रुपये थी. साल दो हज़ार नौ में जब डेक्कन चार्जर्स विजेता बनी थी, तब रोहित शर्मा उस टीम का हिस्सा थे. यानी, सिर्फ एक खिलाड़ी की हैसियत से रोहित छः बार IPL चैंपियन बनने का स्वाद चख चुके हैं और ये एक रिकॉर्ड है. यह भी पढ़ेंः IPL दो हज़ार बाईस Mega Auction: भारतीय गेंदबाज जो नौ ऑक्शन में हुआ शामिल, हर बार बिका और कमाए करोड़ों!
कोरोना वायरस की वजह से देश को 21 दिनों के लिए लॉकडाउन करने का फैसला किया गया है. ऐसे में घरों में कैद लोगों के मनोरंजन के लिए दूरदर्शन के चैनलों पर पौराणिक धारावाहिक 'रामायण' और 'महाभारत' का रिटेलीकास्ट किया गया है. इस पर बोलते हुए अभिनेता मुकेश खन्ना ने अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा पर टिप्पणी कर दी है. उनका कहना है कि रामायण के रिटेलीकास्ट से सोनाक्षी को काफी मदद मिल सकती है. अभिनेता मुकेश खन्ना को 90 के दशक में बीआर चोपड़ा के पौराणिक धारावाहिक महाभारत में भीष्म पितामह के किरदार में देखा गया था. मीडिया से बातचीत के दौरान सोनाक्षी सिन्हा पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि 'मुझे लगता है कि रामायण का रिटेलीकास्ट कई लोगों के लिए अपयोगी साबित होगा जिन्होंने पहले इस शो को नहीं देखा है. इससे सोनाक्षी सिन्हा जैसे लोगों को भी मदद मिलेगी जिन्हें हमारे पौराणिक गाथाओं के बारे में कोई जानकारी नहीं है. 'बता दें कि एक टेलीविजन रियलिटी शो के दौरान सोनाक्षी से पुछा गया था कि 'महाकाव्य रामायण के अनुसार भगवान हनुमान किसके लिए संजीवनी लेकर आए थे. ' सोनाक्षी इसका जवाब देने में नाकामयाब रही थी. जिसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें काफी ट्रोल किया गया था.
कोरोना वायरस की वजह से देश को इक्कीस दिनों के लिए लॉकडाउन करने का फैसला किया गया है. ऐसे में घरों में कैद लोगों के मनोरंजन के लिए दूरदर्शन के चैनलों पर पौराणिक धारावाहिक 'रामायण' और 'महाभारत' का रिटेलीकास्ट किया गया है. इस पर बोलते हुए अभिनेता मुकेश खन्ना ने अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा पर टिप्पणी कर दी है. उनका कहना है कि रामायण के रिटेलीकास्ट से सोनाक्षी को काफी मदद मिल सकती है. अभिनेता मुकेश खन्ना को नब्बे के दशक में बीआर चोपड़ा के पौराणिक धारावाहिक महाभारत में भीष्म पितामह के किरदार में देखा गया था. मीडिया से बातचीत के दौरान सोनाक्षी सिन्हा पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि 'मुझे लगता है कि रामायण का रिटेलीकास्ट कई लोगों के लिए अपयोगी साबित होगा जिन्होंने पहले इस शो को नहीं देखा है. इससे सोनाक्षी सिन्हा जैसे लोगों को भी मदद मिलेगी जिन्हें हमारे पौराणिक गाथाओं के बारे में कोई जानकारी नहीं है. 'बता दें कि एक टेलीविजन रियलिटी शो के दौरान सोनाक्षी से पुछा गया था कि 'महाकाव्य रामायण के अनुसार भगवान हनुमान किसके लिए संजीवनी लेकर आए थे. ' सोनाक्षी इसका जवाब देने में नाकामयाब रही थी. जिसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें काफी ट्रोल किया गया था.
सागर हिरन का सींग, चीनी के साथ मैश्ड - सबसे उपयोगी तैयारी है, जो आप पतझड़ के अंत में कर सकते हैं में से एक। यह इस समय था पकाना चमकीले पीले जामुन flavonoids, एंटीऑक्सिडेंट, विटामिन और विभिन्न खनिज, आवश्यक तेलों और अन्य पदार्थों कि मदद स्वास्थ्य और प्रतिरक्षा को बनाए रखने में अमीर हैं। , एक बेर तैयार करने के लिए शायद सबसे उपयुक्त तरीका है क्योंकि यह आसान है - - हिरन का सींग, चीनी के साथ मला आप इसकी आवश्यकता नहीं है, यहां तक कि खाना पकाने। रखें workpiece भी मुश्किल नहीं है - बैंकों भी रोल करने, पर्याप्त प्लास्टिक ढक्कन या चर्मपत्र को बंद करने और एक ठंडा जगह में डाल करने के लिए की जरूरत नहीं है, थर्मल प्रसंस्करण की कमी विटामिन की अधिकतम राशि को बरकरार रखता है। दुकान में खाना बनाना करने के लिए, आप केवल एक परिपक्व लेकिन नरम नहीं जामुन चुनते हैं, तो धीरे धोने और एक तौलिया पर उन्हें सुखाने के लिए की जरूरत है। चीनी से एक करने के लिए एक के अनुपात में लेने की जरूरत है। बस रेत हिरन का सींग, हलचल डालना, और फिर एक पूर्व निष्फल जार पर बाहर फैल गया। बंद ढक्कन आवश्यक नहीं है - यह एक तौलिया के शीर्ष पर रख दिया और प्रतिदिन भरा कंटेनर खड़े करने के लिए छोड़ने के लिए आवश्यक है। इस समय के दौरान, यह एक बेर व्यवस्थित होगा, और आप लगभग गर्दन के लिए एक नए सिरे से करने के लिए रिपोर्ट करने के लिए की आवश्यकता होगी, और चीनी के शीर्ष इंच सो जाते हैं। और फिर आप या तो जार को बंद करने और सुरक्षित रखने के लिए चर्मपत्र निकाल सकते हैं। जाम जाम और बरकरार रखता है से अलग क्या है? जवाब आसान हैः पहले मामले में, जामुन या फल पूरे या आधा है, और दूसरा कर रहे हैं - एक मांस ग्राइंडर या ब्लेंडर का उपयोग कर कुचल कर रहे हैं। खाना पकाने आप की आवश्यकता होगी के बिना जाम करने के लिएः - ताजा समुद्र हिरन का सींग किलो; - चीनी के 1-1. 5 किलोग्राम (स्वाद द्वारा निर्देशित)। बेरी, पुनः धोने और पॅट सूखी। एक कटोरी में डालो, जोड़ने चीनी और लकड़ी के मूसल के साथ अच्छी तरह से मैश। बेशक, आप ब्लेंडर या मांस ग्राइंडर उपयोग कर सकते हैं, इस मामले में प्रक्रिया एक छोटे से तेजी से हो जाएगा। मैश के बाद तैयार है, यह निष्फल जार में फैल, zakuporte और ठंड में दुकान। आप "शुद्ध" जाम जिसमें कोई अन्य अशुद्धियों, तो यह नुस्खा की तरह का उपयोग पसंद हैः समुद्र हिरन का सींग तैयार की 1 किलो, आप चीनी के आधा किलोग्राम की आवश्यकता होगी। जामुन धो लें और पुनः, और फिर उन्हें कुछ मिनट के लिए उबलते पानी में डुबकी। वे बहुत नरम होना चाहिए। बाद एक छलनी जाली की कई परतों के माध्यम से एक छोटा सा जाल निचोड़ होने के माध्यम से बड़े पैमाने पर मिटा सकते हैं। आप एक बहुत मोटी रस है, जो गड्ढों और खाल नहीं है होना चाहिए। अब, चीनी के साथ यह मिश्रण बाद के पूरा विघटन तक रोल और, एक बैंक में संग्रहीत किसी भी अन्य टुकड़ा की तरह। यह समुद्र हिरन का सींग, चीनी के साथ मैश्ड, जो खाना पकाने के नुस्खा मतलब यह नहीं है, तो आप आवश्यक प्राकृतिक विटामिन पूरे परिवार के प्रदान करने के लिए अनुमति देते हैं। हर दिन, पानी की एक लीटर में सर्दियों आपूर्ति का एक बड़ा चमचा पतला और खुशी के साथ पीते हैं। स्वाद आप शहद, ताजा संतरे का रस, या यहाँ तक कि मसाले जोड़ सकते हैं - लौंग और दालचीनी। इस प्रकार आप सिंथेटिक मल्टीविटामिन और अन्य दवाओं के उपयोग के बिना प्रतिरक्षा प्रणाली को समर्थन करते हैं।
सागर हिरन का सींग, चीनी के साथ मैश्ड - सबसे उपयोगी तैयारी है, जो आप पतझड़ के अंत में कर सकते हैं में से एक। यह इस समय था पकाना चमकीले पीले जामुन flavonoids, एंटीऑक्सिडेंट, विटामिन और विभिन्न खनिज, आवश्यक तेलों और अन्य पदार्थों कि मदद स्वास्थ्य और प्रतिरक्षा को बनाए रखने में अमीर हैं। , एक बेर तैयार करने के लिए शायद सबसे उपयुक्त तरीका है क्योंकि यह आसान है - - हिरन का सींग, चीनी के साथ मला आप इसकी आवश्यकता नहीं है, यहां तक कि खाना पकाने। रखें workpiece भी मुश्किल नहीं है - बैंकों भी रोल करने, पर्याप्त प्लास्टिक ढक्कन या चर्मपत्र को बंद करने और एक ठंडा जगह में डाल करने के लिए की जरूरत नहीं है, थर्मल प्रसंस्करण की कमी विटामिन की अधिकतम राशि को बरकरार रखता है। दुकान में खाना बनाना करने के लिए, आप केवल एक परिपक्व लेकिन नरम नहीं जामुन चुनते हैं, तो धीरे धोने और एक तौलिया पर उन्हें सुखाने के लिए की जरूरत है। चीनी से एक करने के लिए एक के अनुपात में लेने की जरूरत है। बस रेत हिरन का सींग, हलचल डालना, और फिर एक पूर्व निष्फल जार पर बाहर फैल गया। बंद ढक्कन आवश्यक नहीं है - यह एक तौलिया के शीर्ष पर रख दिया और प्रतिदिन भरा कंटेनर खड़े करने के लिए छोड़ने के लिए आवश्यक है। इस समय के दौरान, यह एक बेर व्यवस्थित होगा, और आप लगभग गर्दन के लिए एक नए सिरे से करने के लिए रिपोर्ट करने के लिए की आवश्यकता होगी, और चीनी के शीर्ष इंच सो जाते हैं। और फिर आप या तो जार को बंद करने और सुरक्षित रखने के लिए चर्मपत्र निकाल सकते हैं। जाम जाम और बरकरार रखता है से अलग क्या है? जवाब आसान हैः पहले मामले में, जामुन या फल पूरे या आधा है, और दूसरा कर रहे हैं - एक मांस ग्राइंडर या ब्लेंडर का उपयोग कर कुचल कर रहे हैं। खाना पकाने आप की आवश्यकता होगी के बिना जाम करने के लिएः - ताजा समुद्र हिरन का सींग किलो; - चीनी के एक-एक. पाँच किलोग्रामग्राम । बेरी, पुनः धोने और पॅट सूखी। एक कटोरी में डालो, जोड़ने चीनी और लकड़ी के मूसल के साथ अच्छी तरह से मैश। बेशक, आप ब्लेंडर या मांस ग्राइंडर उपयोग कर सकते हैं, इस मामले में प्रक्रिया एक छोटे से तेजी से हो जाएगा। मैश के बाद तैयार है, यह निष्फल जार में फैल, zakuporte और ठंड में दुकान। आप "शुद्ध" जाम जिसमें कोई अन्य अशुद्धियों, तो यह नुस्खा की तरह का उपयोग पसंद हैः समुद्र हिरन का सींग तैयार की एक किलो, आप चीनी के आधा किलोग्राम की आवश्यकता होगी। जामुन धो लें और पुनः, और फिर उन्हें कुछ मिनट के लिए उबलते पानी में डुबकी। वे बहुत नरम होना चाहिए। बाद एक छलनी जाली की कई परतों के माध्यम से एक छोटा सा जाल निचोड़ होने के माध्यम से बड़े पैमाने पर मिटा सकते हैं। आप एक बहुत मोटी रस है, जो गड्ढों और खाल नहीं है होना चाहिए। अब, चीनी के साथ यह मिश्रण बाद के पूरा विघटन तक रोल और, एक बैंक में संग्रहीत किसी भी अन्य टुकड़ा की तरह। यह समुद्र हिरन का सींग, चीनी के साथ मैश्ड, जो खाना पकाने के नुस्खा मतलब यह नहीं है, तो आप आवश्यक प्राकृतिक विटामिन पूरे परिवार के प्रदान करने के लिए अनुमति देते हैं। हर दिन, पानी की एक लीटर में सर्दियों आपूर्ति का एक बड़ा चमचा पतला और खुशी के साथ पीते हैं। स्वाद आप शहद, ताजा संतरे का रस, या यहाँ तक कि मसाले जोड़ सकते हैं - लौंग और दालचीनी। इस प्रकार आप सिंथेटिक मल्टीविटामिन और अन्य दवाओं के उपयोग के बिना प्रतिरक्षा प्रणाली को समर्थन करते हैं।
गोरखपुर की महामंडलेश्वर किरन नंद गिरी बाबा के 15 दिवसीय चार धाम की यात्रा से सोमवार को गोरखपुर पहुंची। यहां युवा दर्पण की ओर से चेतना तिराहे भव्य स्वागत किया गया। युवा दर्पण के संरक्षक पंडित नरेंद्र उपाध्याय के नेतृत्व में संस्था के सदस्य सुबह 10 बजे चेतना तिराहे पहुंचे पर जहां किरन बाबा का फूलमाता पहनाकर जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान वहां किन्नर समाज के लोगों ने ढोल-नगाड़ों की धुन पर जमकर नृत्य किया। स्वागत के बाद गोरखपुर किन्नर समाज की महामंडलेश्वर किरन नंद गिरी बाबा ने बताया कि हम लोगों का अपना कोई नहीं है। हमारे लिए यजमान ही सब कुछ होता हैं। आज जो स्वागत गोरखपुर में हमारा किया गया यह एक सपने की तरह लग रहा है। महामंडलेश्वर किरन बाबा यजमानों के लिए छठ का पूजा करती हैं। तीन दिन निर्जल व्रत रहती हैं हजारों की तादाद में छठ पूजा देखने के लिए लोग इनके पीपीगंज के आवास पर आते हैं। महामंडलेश्वर किरन बाबा की अगर बात करे तो करोना काल में भी लॉकडाउन के समय जरूरतमंदों तक हर रोज भोजन, मास्क, सैनिटाइजर आदि सामग्री का वितरण कराती थी। स्वागत करने वालों में नैना सिंह, मधु सोनकर, सुमन पांडेय, शकुंतला, श्वेता, निहारिका त्रिपाठी, किन्नर समाज की शिल्पा, सिंदूर, नैना,भाजप महिला मोर्चा की क्षेत्रीय अध्यक्ष अमिता गुप्ता, अस्मिता चंद, नेहा त्रिपाठी आदि शामिल रहे।
गोरखपुर की महामंडलेश्वर किरन नंद गिरी बाबा के पंद्रह दिवसीय चार धाम की यात्रा से सोमवार को गोरखपुर पहुंची। यहां युवा दर्पण की ओर से चेतना तिराहे भव्य स्वागत किया गया। युवा दर्पण के संरक्षक पंडित नरेंद्र उपाध्याय के नेतृत्व में संस्था के सदस्य सुबह दस बजे चेतना तिराहे पहुंचे पर जहां किरन बाबा का फूलमाता पहनाकर जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान वहां किन्नर समाज के लोगों ने ढोल-नगाड़ों की धुन पर जमकर नृत्य किया। स्वागत के बाद गोरखपुर किन्नर समाज की महामंडलेश्वर किरन नंद गिरी बाबा ने बताया कि हम लोगों का अपना कोई नहीं है। हमारे लिए यजमान ही सब कुछ होता हैं। आज जो स्वागत गोरखपुर में हमारा किया गया यह एक सपने की तरह लग रहा है। महामंडलेश्वर किरन बाबा यजमानों के लिए छठ का पूजा करती हैं। तीन दिन निर्जल व्रत रहती हैं हजारों की तादाद में छठ पूजा देखने के लिए लोग इनके पीपीगंज के आवास पर आते हैं। महामंडलेश्वर किरन बाबा की अगर बात करे तो करोना काल में भी लॉकडाउन के समय जरूरतमंदों तक हर रोज भोजन, मास्क, सैनिटाइजर आदि सामग्री का वितरण कराती थी। स्वागत करने वालों में नैना सिंह, मधु सोनकर, सुमन पांडेय, शकुंतला, श्वेता, निहारिका त्रिपाठी, किन्नर समाज की शिल्पा, सिंदूर, नैना,भाजप महिला मोर्चा की क्षेत्रीय अध्यक्ष अमिता गुप्ता, अस्मिता चंद, नेहा त्रिपाठी आदि शामिल रहे।
सीमा पर तैनात टैंक अब रात में भी दुश्मन के छक्के- छुड़ा सकेंगे। यह हो सकेगा ऑप्टो इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्री (ओएलएफ) देहरादून में तैयार नाइट विजन लैंस की मदद से। स्वदेशी डिवाइस की मदद से टैंक रात में भी लंबी दूरी तक निशाना लगाने में सक्षम रहेंगे। चीन सीमा पर जारी गतिरोध के बीच एलएसी के नजदीक तैनात किए गए बीएमपी टू टैंक के लिए ऑप्टो इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्री (ओएलएफ) देहरादून में नाइट विजन लैंस तैयार किया है। यह रात में दुश्मन की गतिविधियों को देखकर निशाना साधने में मदद करेगा। इसकी क्षमता चार किलोमीटर तक है। इन टैंकों पर अभी तक ओएलएफ में बनने वाली सामान्य लैंस डिवाइस लगाई जा रही थी। टैंक से इस डिवाइस के जरिए दुश्मन पर केवल दिन में ही निशाना साधा जा सकता था। हाल में जिस तरह एलएसी पर गतिरोध बना है, उसे देखते हुए सेना की डिमांड पर ओएलएफ ने स्वदेशी नाइट विजन डिवाइस बनाई है। यह ट्रायल के बाद टैंक पर लगा दी गई है। ओएलएफ के महाप्रबंधक एसके यादव ने बताया कि डिवाइस की नाइट विजन क्षमता चार किलोमीटर तक है। यानी चार किलोमीटर तक रात में दुश्मन या वाहनों को देखकर निशाना साधा जा सकता है।
सीमा पर तैनात टैंक अब रात में भी दुश्मन के छक्के- छुड़ा सकेंगे। यह हो सकेगा ऑप्टो इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्री देहरादून में तैयार नाइट विजन लैंस की मदद से। स्वदेशी डिवाइस की मदद से टैंक रात में भी लंबी दूरी तक निशाना लगाने में सक्षम रहेंगे। चीन सीमा पर जारी गतिरोध के बीच एलएसी के नजदीक तैनात किए गए बीएमपी टू टैंक के लिए ऑप्टो इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्री देहरादून में नाइट विजन लैंस तैयार किया है। यह रात में दुश्मन की गतिविधियों को देखकर निशाना साधने में मदद करेगा। इसकी क्षमता चार किलोमीटर तक है। इन टैंकों पर अभी तक ओएलएफ में बनने वाली सामान्य लैंस डिवाइस लगाई जा रही थी। टैंक से इस डिवाइस के जरिए दुश्मन पर केवल दिन में ही निशाना साधा जा सकता था। हाल में जिस तरह एलएसी पर गतिरोध बना है, उसे देखते हुए सेना की डिमांड पर ओएलएफ ने स्वदेशी नाइट विजन डिवाइस बनाई है। यह ट्रायल के बाद टैंक पर लगा दी गई है। ओएलएफ के महाप्रबंधक एसके यादव ने बताया कि डिवाइस की नाइट विजन क्षमता चार किलोमीटर तक है। यानी चार किलोमीटर तक रात में दुश्मन या वाहनों को देखकर निशाना साधा जा सकता है।
भोजपुर। जिले के पताही प्रखंड मुख्यालय स्थित पताही पूर्वी पटेल कॉलोनी, पताही पश्चिमी, बेलाहीराम, बोकाने काला और बड़ाशंकर पंचायत में प्रशांत किशोर की प्रेरणा से पीके यूथ क्लब कार्यालय का भव्य उद्घाटन हुआ। जहां पर सभी गांव से भारी संख्या में युवा व ग्रामीण शामिल हुए। साथ ही युवाओं ने समाजिक कार्यों के साथ विकास की शपथ ली। पीके यूथ क्लब के उद्घाटन समारोह में पताही पूर्वी अध्यक्ष संतोष राउत, पताही पश्चिमी अध्यक्ष दिलीप कुमार मेहता, बेलाहीराम अध्यक्ष कौशल कुमार, बोकनेकला अध्यक्ष रवि महतो और बड़ाशंकर अध्यक्ष प्रिंस कुमार शामिल हुए। इस दौरान पीके यूथ क्लब की टीम ने जन सुराज यात्रा और क्लब के उद्देश्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पीके यूथ क्लब की टीम ने जानकारी देते हुए बताया कि जन सुराज द्वारा मोतिहारी जिले के 405 पंचायतों में क्लब का उद्घाटन होने वाला है। इसमें से ज्यादातर पंचायतों में पीके यूथ क्लब का उद्घाटन हो चुका है। इस क्लब का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर से ऐसे युवाओं के लिए राजनीतिक मंच तैयार करना है जो अपने पंचायत में सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते है। पश्चिमी चंपारण में यूथ क्लब के द्वारा अलग अलग प्रतियोगिताओं की शुरुआत हो गई है, जिसमें अच्छा प्रदर्शन करने वालों युवाओं को नकद पुरस्कार से नवाजा जा रहा है। साथ ही क्लब के द्वारा पंचायत के अलग-अलग गावों से गरीब बच्चों को शिक्षा का अवसर प्रदान किया जाएगा। यहां पर यूथ क्लब के द्वारा कैंप लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं को भी सुना जाएगा। मौके रामकिशोर मेहता, निरंजन राउत, संतोष महतो, भोला राउत, सत्यम कुमार, गौरव कुमार, आकाश कुमार, सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे। पीएम आवास, वृद्धा पेंशन, राशन कार्ड, शौचालय आदि योजनाओं से वंचित ग्रामीणों को लाभ पहुंचाने के लिए प्रयास करना।
भोजपुर। जिले के पताही प्रखंड मुख्यालय स्थित पताही पूर्वी पटेल कॉलोनी, पताही पश्चिमी, बेलाहीराम, बोकाने काला और बड़ाशंकर पंचायत में प्रशांत किशोर की प्रेरणा से पीके यूथ क्लब कार्यालय का भव्य उद्घाटन हुआ। जहां पर सभी गांव से भारी संख्या में युवा व ग्रामीण शामिल हुए। साथ ही युवाओं ने समाजिक कार्यों के साथ विकास की शपथ ली। पीके यूथ क्लब के उद्घाटन समारोह में पताही पूर्वी अध्यक्ष संतोष राउत, पताही पश्चिमी अध्यक्ष दिलीप कुमार मेहता, बेलाहीराम अध्यक्ष कौशल कुमार, बोकनेकला अध्यक्ष रवि महतो और बड़ाशंकर अध्यक्ष प्रिंस कुमार शामिल हुए। इस दौरान पीके यूथ क्लब की टीम ने जन सुराज यात्रा और क्लब के उद्देश्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पीके यूथ क्लब की टीम ने जानकारी देते हुए बताया कि जन सुराज द्वारा मोतिहारी जिले के चार सौ पाँच पंचायतों में क्लब का उद्घाटन होने वाला है। इसमें से ज्यादातर पंचायतों में पीके यूथ क्लब का उद्घाटन हो चुका है। इस क्लब का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर से ऐसे युवाओं के लिए राजनीतिक मंच तैयार करना है जो अपने पंचायत में सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते है। पश्चिमी चंपारण में यूथ क्लब के द्वारा अलग अलग प्रतियोगिताओं की शुरुआत हो गई है, जिसमें अच्छा प्रदर्शन करने वालों युवाओं को नकद पुरस्कार से नवाजा जा रहा है। साथ ही क्लब के द्वारा पंचायत के अलग-अलग गावों से गरीब बच्चों को शिक्षा का अवसर प्रदान किया जाएगा। यहां पर यूथ क्लब के द्वारा कैंप लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं को भी सुना जाएगा। मौके रामकिशोर मेहता, निरंजन राउत, संतोष महतो, भोला राउत, सत्यम कुमार, गौरव कुमार, आकाश कुमार, सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे। पीएम आवास, वृद्धा पेंशन, राशन कार्ड, शौचालय आदि योजनाओं से वंचित ग्रामीणों को लाभ पहुंचाने के लिए प्रयास करना।
नई दिल्ली । । बहुत वक्त से खबर आ रही थी कि बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण डायरेक्टर कबीर सिंह की फिल्म "83" में काम कर सकती हैं। खबर थी कि दीपिका इस फिल्म में रणवीर सिंह की वाइप का रोल निभाती नजर आएंगी। अब अफवाहों को सही करार देते हुए दीपिका ने खुद कहा है कि वे फिल्म "83" का हिस्सा हैं। खबर के अनुसार, एक इंटरव्यू में दीपिका ने कहा कि वे फिल्म "83" में कपिल देव की वाइफ रोमी भाटिया का रोल निभाने वाली हैं। उन्होंने ये भी कहा कि कपिल देव का रोल यदि रणवीर सिंह के बजाय कोई और भी निभा रहा होता तो भी वे रोमी के रोल को करतीं। दीपिका ने बताया कि हमारी पर्सनल एक्वेशन हमारे काम को प्रभावित नहीं करती है। मैं किसी और अभिनेता के बारे में सोच भी नहीं सकती जो कपिल देव के रोल के साथ न्याय कर सकता था, लेकिन यदि इस फिल्म में कोई और अभिनेता भी उनका रोल कर रहा होता तो भी मैं अपना रोल निभाती।
नई दिल्ली । । बहुत वक्त से खबर आ रही थी कि बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण डायरेक्टर कबीर सिंह की फिल्म "तिरासी" में काम कर सकती हैं। खबर थी कि दीपिका इस फिल्म में रणवीर सिंह की वाइप का रोल निभाती नजर आएंगी। अब अफवाहों को सही करार देते हुए दीपिका ने खुद कहा है कि वे फिल्म "तिरासी" का हिस्सा हैं। खबर के अनुसार, एक इंटरव्यू में दीपिका ने कहा कि वे फिल्म "तिरासी" में कपिल देव की वाइफ रोमी भाटिया का रोल निभाने वाली हैं। उन्होंने ये भी कहा कि कपिल देव का रोल यदि रणवीर सिंह के बजाय कोई और भी निभा रहा होता तो भी वे रोमी के रोल को करतीं। दीपिका ने बताया कि हमारी पर्सनल एक्वेशन हमारे काम को प्रभावित नहीं करती है। मैं किसी और अभिनेता के बारे में सोच भी नहीं सकती जो कपिल देव के रोल के साथ न्याय कर सकता था, लेकिन यदि इस फिल्म में कोई और अभिनेता भी उनका रोल कर रहा होता तो भी मैं अपना रोल निभाती।
स्थान पर एक युवक मंत्र के द्वारा अपनी प्रेयसी के घर वालों को सुलाना चाहता है। इन उल्लेखों से एवं व्याह के बाद ही होने वाले संस्कारों से साफ जाहिर है कि उन दिनों बाल-विवाह को प्रथा नहीं थी। ऋग्वेद में न तो कही बाल विवाह का उल्लेख है और न कोई ऐसी बात है जिससे बालविवाह का जरा भी अनुमान हो सके। इसके विपरीत एक उल्लेख से प्रगट होता है कि स्त्रियां कभी २ अधेपन के बाद व्याह करती थी । उदाहरणार्थ, घोषा नामक एक स्त्री बड़ी उम्र तक कुमारी ही रही । कोई कोई स्त्रियां ऐसी भी थी जो शादी से बिल्कुल इन्कार कर देती थीं और अपने पिता या भाई के साथ रहती थीं। एक जगह एक स्त्री का उल्लेख है जो अपने मा बाप के घर पर ही बूढ़ी होती जाती है ।। सगाई पक्की हो जाने के बाद नियत मित्रों की बरात व्याह की रस्म यहां जाना था। यहां दुलहिन के सम्बन्धी और मित्र उन सब की श्राव भगत करने थे। नियत मुहूत पर दूलह दुलहिन को एक पत्थर पर चढ़ा कर उसका पाणिग्रहण करता था। तब दोनों अग्नि की परिक्रमा करते थे। व्याह की इस रस्म के बाद बड़ा उत्सव होना था जिस में लड़की लड़के, स्त्री पुरुष, अच्छे से अच्छे कपड़े और जे घर पहिन कर शामिल होते थे । कभी कभी व्याह में दहेज भी दिया जाता था। उत्सव इत्यादि के बाद बरात विदा हो जाती थी। दूलह दुलहिन को रथ
स्थान पर एक युवक मंत्र के द्वारा अपनी प्रेयसी के घर वालों को सुलाना चाहता है। इन उल्लेखों से एवं व्याह के बाद ही होने वाले संस्कारों से साफ जाहिर है कि उन दिनों बाल-विवाह को प्रथा नहीं थी। ऋग्वेद में न तो कही बाल विवाह का उल्लेख है और न कोई ऐसी बात है जिससे बालविवाह का जरा भी अनुमान हो सके। इसके विपरीत एक उल्लेख से प्रगट होता है कि स्त्रियां कभी दो अधेपन के बाद व्याह करती थी । उदाहरणार्थ, घोषा नामक एक स्त्री बड़ी उम्र तक कुमारी ही रही । कोई कोई स्त्रियां ऐसी भी थी जो शादी से बिल्कुल इन्कार कर देती थीं और अपने पिता या भाई के साथ रहती थीं। एक जगह एक स्त्री का उल्लेख है जो अपने मा बाप के घर पर ही बूढ़ी होती जाती है ।। सगाई पक्की हो जाने के बाद नियत मित्रों की बरात व्याह की रस्म यहां जाना था। यहां दुलहिन के सम्बन्धी और मित्र उन सब की श्राव भगत करने थे। नियत मुहूत पर दूलह दुलहिन को एक पत्थर पर चढ़ा कर उसका पाणिग्रहण करता था। तब दोनों अग्नि की परिक्रमा करते थे। व्याह की इस रस्म के बाद बड़ा उत्सव होना था जिस में लड़की लड़के, स्त्री पुरुष, अच्छे से अच्छे कपड़े और जे घर पहिन कर शामिल होते थे । कभी कभी व्याह में दहेज भी दिया जाता था। उत्सव इत्यादि के बाद बरात विदा हो जाती थी। दूलह दुलहिन को रथ
रायपुर। कोयला ढुलाई की वजह से लगातार ट्रेनों के रद्द होने की वजह से पिछले तीन महीने से यात्री पहले ही बेहद परेशान हैं, लेकिन रेलवे लगातार यात्रियों को झटके दे रहा है। पहले ही 24 ट्रेनें रद्द होने के बाद मुश्किलों का सामना कर रहे यात्रियों को पहले तो शुक्रवार को 22 ट्रेनों के रद्द होने से झटका लगा। इन ट्रेनों के यात्री रिफंड भी नहीं ले पाए थे कि रेलवे ने शनिवार को एक बार फिर 18 ट्रेनों को रद्द कर की सूचना जारी कर दी। रेलवे ने शनिवार को अनूपपुर-अमलाई सेक्शन में तीसरी रेल लाइन विद्युतीकरण के चलते 19 से 27 जून तक 18 ट्रेनों को रद्द कर दिया है। इसमें जम्मू, कानपुर, उदयपुर, वलसाड, दिल्ली, नौतनवा समेत गोंदिया, चिरमिरी जाने वाली ट्रेनें शामिल है। लगातार ट्रेनें रद्द होने से यात्रियों का रेलवे पर भरोसा टूटता जा रहा है। अचानक ट्रेनें रद्द होने से पैसे रिफंड लेने और सफर का नया मध्यम चुनने की व्यस्तता एक बार फिर बढ़ गई है। अग्निपथ योजना के विरोध को लेकर देशभर में चल रहे प्रदर्शन के कारण रेलवे ने बिहार से रविवार को ट्रेनों का परिचालन रोक दिया है। इसलिए आज दुर्ग से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 13287 दुर्ग-राजेंद्रनगर एक्सप्रेस और 15232 गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस रद्द रहेगी। इसके अलावा सिकंदराबाद से रवाना होने वाली 17007 सिकंदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 21 जून को दरभंगा से 17008 दरभंगा-सिकंदराबाद एक्सप्रेस रद्द करने का फैसला रेलवे ने लिया है।
रायपुर। कोयला ढुलाई की वजह से लगातार ट्रेनों के रद्द होने की वजह से पिछले तीन महीने से यात्री पहले ही बेहद परेशान हैं, लेकिन रेलवे लगातार यात्रियों को झटके दे रहा है। पहले ही चौबीस ट्रेनें रद्द होने के बाद मुश्किलों का सामना कर रहे यात्रियों को पहले तो शुक्रवार को बाईस ट्रेनों के रद्द होने से झटका लगा। इन ट्रेनों के यात्री रिफंड भी नहीं ले पाए थे कि रेलवे ने शनिवार को एक बार फिर अट्ठारह ट्रेनों को रद्द कर की सूचना जारी कर दी। रेलवे ने शनिवार को अनूपपुर-अमलाई सेक्शन में तीसरी रेल लाइन विद्युतीकरण के चलते उन्नीस से सत्ताईस जून तक अट्ठारह ट्रेनों को रद्द कर दिया है। इसमें जम्मू, कानपुर, उदयपुर, वलसाड, दिल्ली, नौतनवा समेत गोंदिया, चिरमिरी जाने वाली ट्रेनें शामिल है। लगातार ट्रेनें रद्द होने से यात्रियों का रेलवे पर भरोसा टूटता जा रहा है। अचानक ट्रेनें रद्द होने से पैसे रिफंड लेने और सफर का नया मध्यम चुनने की व्यस्तता एक बार फिर बढ़ गई है। अग्निपथ योजना के विरोध को लेकर देशभर में चल रहे प्रदर्शन के कारण रेलवे ने बिहार से रविवार को ट्रेनों का परिचालन रोक दिया है। इसलिए आज दुर्ग से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या तेरह हज़ार दो सौ सत्तासी दुर्ग-राजेंद्रनगर एक्सप्रेस और पंद्रह हज़ार दो सौ बत्तीस गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस रद्द रहेगी। इसके अलावा सिकंदराबाद से रवाना होने वाली सत्रह हज़ार सात सिकंदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस रद्द रहेगी। इक्कीस जून को दरभंगा से सत्रह हज़ार आठ दरभंगा-सिकंदराबाद एक्सप्रेस रद्द करने का फैसला रेलवे ने लिया है।
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
कॉन्स्टेंटिन जॉर्जीविच पहेस्तोस्की के काम का अध्ययन करने वाले छात्र अक्सर सवाल सुनते हैंः आप "हरे पंजे" की कहानी कैसे बताते हैं? अगर आपको इस कहानी की साजिश याद आती है तो इसमें कुछ भी मुश्किल नहीं है। इस कहानी की संरचना पूरी तरह से सामान्य नहीं है, इसमें की घटनाओं को दोबारा बदल दिया गया है। कथा प्रथम व्यक्ति से है - लड़का, जिसका दादा कहानी में मुख्य भूमिका निभाया था। सबसे पहले हम यह पता लगाते हैं कि कहानी कैसे समाप्त होती है, लेकिन प्रारंभिक स्पष्टीकरण के बिना यह स्पष्ट नहीं होगा। आखिर में दोनों - खरगोश और दादा - जंगल को जीवित छोड़ दिया औरकोई नुकसान नहीं पहुंचा। वे घास पर लेटते हैं और लंबे समय तक थक गए हैं। दादाजी ने देखा कि छोटे से बचाने वाले के पास उसके पैर बुरी तरह से जल गए थे वह थकावट और दर्द से बहुत परेशान था - इसी तरह आप कहानी "हरे पंजे" का शीर्षक समझाते हैं। फिर बूढ़े आदमी ने खुद को थोड़ा जानवर लेने का फैसला किया और इसके बारे में ध्यान रखना। स्थानीय डॉक्टर ने बनी नहीं ली और प्याज के साथ रात के खाने के लिए इसे फ्राइंग करने की पेशकश की। इस तरह की निन्दा लड़के को बचाया, बचाया दादा के पोते। वह बीमार जानवर के साथ पारित होने में लंबे समय तक रोया। तब दादा और पोते शहर जाने के लिए फैसला करते हैंज्ञात डॉक्टर सच है, वह पेशे से बाल रोग विशेषज्ञ है, लेकिन उसकी बहुत प्रशंसा की जाती है। जब वे अस्पताल पहुंचे, बूढ़े आदमी और लड़के को पता चला कि डॉक्टर अब रिसेप्शन नहीं ले रहा है। वे अपने घर आए, उन्हें खरगोश का निरीक्षण करने के लिए राजी किया, क्योंकि दादा के अनुसार, जानवर बच्चे से थोड़ा अलग है। डॉक्टर ने एक छोटे से बचावकर्ता को ठीक किया, और अब जानवर को अपने दादा के साथ रहना है। आप "हरे पंजा" कहानी का नाम कैसे समझाते हैं? जवाब बहुत आसान होगा। गरीब जानवर ने अपने दादा को जला दिया, अपने दादा को बचाया। और दादा, बदले में, खरगोश में मदद करता है और उसके घावों को ठीक करता है।
कॉन्स्टेंटिन जॉर्जीविच पहेस्तोस्की के काम का अध्ययन करने वाले छात्र अक्सर सवाल सुनते हैंः आप "हरे पंजे" की कहानी कैसे बताते हैं? अगर आपको इस कहानी की साजिश याद आती है तो इसमें कुछ भी मुश्किल नहीं है। इस कहानी की संरचना पूरी तरह से सामान्य नहीं है, इसमें की घटनाओं को दोबारा बदल दिया गया है। कथा प्रथम व्यक्ति से है - लड़का, जिसका दादा कहानी में मुख्य भूमिका निभाया था। सबसे पहले हम यह पता लगाते हैं कि कहानी कैसे समाप्त होती है, लेकिन प्रारंभिक स्पष्टीकरण के बिना यह स्पष्ट नहीं होगा। आखिर में दोनों - खरगोश और दादा - जंगल को जीवित छोड़ दिया औरकोई नुकसान नहीं पहुंचा। वे घास पर लेटते हैं और लंबे समय तक थक गए हैं। दादाजी ने देखा कि छोटे से बचाने वाले के पास उसके पैर बुरी तरह से जल गए थे वह थकावट और दर्द से बहुत परेशान था - इसी तरह आप कहानी "हरे पंजे" का शीर्षक समझाते हैं। फिर बूढ़े आदमी ने खुद को थोड़ा जानवर लेने का फैसला किया और इसके बारे में ध्यान रखना। स्थानीय डॉक्टर ने बनी नहीं ली और प्याज के साथ रात के खाने के लिए इसे फ्राइंग करने की पेशकश की। इस तरह की निन्दा लड़के को बचाया, बचाया दादा के पोते। वह बीमार जानवर के साथ पारित होने में लंबे समय तक रोया। तब दादा और पोते शहर जाने के लिए फैसला करते हैंज्ञात डॉक्टर सच है, वह पेशे से बाल रोग विशेषज्ञ है, लेकिन उसकी बहुत प्रशंसा की जाती है। जब वे अस्पताल पहुंचे, बूढ़े आदमी और लड़के को पता चला कि डॉक्टर अब रिसेप्शन नहीं ले रहा है। वे अपने घर आए, उन्हें खरगोश का निरीक्षण करने के लिए राजी किया, क्योंकि दादा के अनुसार, जानवर बच्चे से थोड़ा अलग है। डॉक्टर ने एक छोटे से बचावकर्ता को ठीक किया, और अब जानवर को अपने दादा के साथ रहना है। आप "हरे पंजा" कहानी का नाम कैसे समझाते हैं? जवाब बहुत आसान होगा। गरीब जानवर ने अपने दादा को जला दिया, अपने दादा को बचाया। और दादा, बदले में, खरगोश में मदद करता है और उसके घावों को ठीक करता है।
Bihar Politics: पश्चिम बंगाल विधानसभा (bengal vidhan sabha chunav) चुनाव को लेकर बिहार में सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं. गुरुवार शाम बंगाल के कुछ युवाओं नेताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish kumar) से मुलाकात की. और अब शुक्रवार को कांग्रेस (Congress) और बसपा (BSP) के एक मात्र विधायक ने जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह से मुलाकात की. चैनपुर से बीएसपी के विधायक मोहम्मद जमा खान और कांग्रेस के विधायक मुरारी गौतम की जदयू नेता से मुलाकात के बाद कई तरह के कयास लगने शुरू हो गए हैं. हालांकि मुलाकात के बाद बसपा विधायक ने पत्रकारों से कहा कि वे क्षेत्र की समस्या को लेकर जदयू प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह से मिलने आए थे. वहीं चेनारी के कांग्रेस विधायक ने भी कहा कि वे मां मुंडेश्वरी धाम मंदिर की समस्या को लेकर जदयू प्रदेश अध्यक्ष से मिले हैं. इसमें राजनीतिक मायने नहीं निकाले जाने चाहिए. दोनों विधायकों ने यह भी कहा है कि अगर आवश्यकता पड़ी तो वह क्षेत्र की जनता के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी मुलाकात करेंगे. मुलाकात के समय भाजपा के विधान पार्षद संतोष सिंह, जदयू प्रवक्ता अजय आलोक समेत कई अन्य नेता मौजूद थे. दोनों विधायक भले ही इसे औपचारिक मुलाकात बता रहे हो लेकिन बंगाल चुनाव से पहले बिहार में जोड़-तोड़ को लेकर इसे बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार शाम बंगाल से आये कुछ नेताओं से मिले थे हालांकि चुनाव पर चर्चा नहीं हुई है. गुरुवार को करीब चार घंटे तक प्रदेश कार्यालय में रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बंगाल से आये युवा नेताओं से मुलाकात की. जदयू पार्टी कार्यालय से लौटने के क्रम में पत्रकारों से बातचीत करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों के साथ पश्चिम बंगाल से जुड़े कई लोग आये हुए थे. उन्होंने कहा कि हमलोगों की राष्ट्रीय कार्यकारिणी एवं राष्ट्रीय परिषद की बैठक होने वाली है. 26 को मीटिंग है और 27 को उसकी डिटेल मीटिंग होने वाली है. उन्होंने कहा कि पार्टी संविधान के प्रावधानों के तहत ही यह बैठक होने वाली है.
Bihar Politics: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर बिहार में सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं. गुरुवार शाम बंगाल के कुछ युवाओं नेताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की. और अब शुक्रवार को कांग्रेस और बसपा के एक मात्र विधायक ने जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह से मुलाकात की. चैनपुर से बीएसपी के विधायक मोहम्मद जमा खान और कांग्रेस के विधायक मुरारी गौतम की जदयू नेता से मुलाकात के बाद कई तरह के कयास लगने शुरू हो गए हैं. हालांकि मुलाकात के बाद बसपा विधायक ने पत्रकारों से कहा कि वे क्षेत्र की समस्या को लेकर जदयू प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह से मिलने आए थे. वहीं चेनारी के कांग्रेस विधायक ने भी कहा कि वे मां मुंडेश्वरी धाम मंदिर की समस्या को लेकर जदयू प्रदेश अध्यक्ष से मिले हैं. इसमें राजनीतिक मायने नहीं निकाले जाने चाहिए. दोनों विधायकों ने यह भी कहा है कि अगर आवश्यकता पड़ी तो वह क्षेत्र की जनता के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी मुलाकात करेंगे. मुलाकात के समय भाजपा के विधान पार्षद संतोष सिंह, जदयू प्रवक्ता अजय आलोक समेत कई अन्य नेता मौजूद थे. दोनों विधायक भले ही इसे औपचारिक मुलाकात बता रहे हो लेकिन बंगाल चुनाव से पहले बिहार में जोड़-तोड़ को लेकर इसे बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार शाम बंगाल से आये कुछ नेताओं से मिले थे हालांकि चुनाव पर चर्चा नहीं हुई है. गुरुवार को करीब चार घंटे तक प्रदेश कार्यालय में रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बंगाल से आये युवा नेताओं से मुलाकात की. जदयू पार्टी कार्यालय से लौटने के क्रम में पत्रकारों से बातचीत करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों के साथ पश्चिम बंगाल से जुड़े कई लोग आये हुए थे. उन्होंने कहा कि हमलोगों की राष्ट्रीय कार्यकारिणी एवं राष्ट्रीय परिषद की बैठक होने वाली है. छब्बीस को मीटिंग है और सत्ताईस को उसकी डिटेल मीटिंग होने वाली है. उन्होंने कहा कि पार्टी संविधान के प्रावधानों के तहत ही यह बैठक होने वाली है.
Rahul Gandhi News: तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष के अन्नामलाई ने राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने इंडिया टुडे के एक कार्यक्रम में कहा कि कांग्रेस नेता बेरोजगार हैं, इसका मतलब यह नहीं कि पूरा देश बेरोजगार है। उन्होंने दावा किया कि साल 2024 के चुनावों में दक्षिण के राज्यों में बीजेपी को सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार के विकास कार्य और मोदी फैक्टर बीजेपी की जीत में काम करेगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या दक्षिण भारत वो क्षेत्र है, जहां बीजेपी प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं हुई है तो अन्नामलाई ने कहा कि बीजेपी ने कर्नाटक चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया। हमने अपना वोट शेयर बरकरार रखा। पुडुचेरी में हमने दस्तक दी और बीजेपी गठबंधन सरकार का हिस्सा है। साल 2024 में बीजेपी कर्नाटक और केरल के अलावा तमिलनाडु और केरल में चौंकाएगी। क्या दक्षिण भारत बीजेपी के लिए दूर की कौड़ी? राहुल गांधी इस समय अमेरिका में हैं। अमेरिका से वो लगातार बीजेपी पर हमले कर रहे हैं। गुरुवार को उन्होंने कहा कि भारत के 60 फीसदी से ज्यादा लोग बीजेपी और पीएम नरेंद्र मोदी को वोट नहीं करते। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि इस साल के आखिरी में 5 राज्यों में होने वाले चुनाव में उनकी पार्टी बीजेपी को मात देगी। इस साल के अंत में राजस्थान, एमपी, छत्तीसढ़, मिजोरम और तेलंगाना में विधानसभा चुनाव होने हैं।
Rahul Gandhi News: तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष के अन्नामलाई ने राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने इंडिया टुडे के एक कार्यक्रम में कहा कि कांग्रेस नेता बेरोजगार हैं, इसका मतलब यह नहीं कि पूरा देश बेरोजगार है। उन्होंने दावा किया कि साल दो हज़ार चौबीस के चुनावों में दक्षिण के राज्यों में बीजेपी को सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार के विकास कार्य और मोदी फैक्टर बीजेपी की जीत में काम करेगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या दक्षिण भारत वो क्षेत्र है, जहां बीजेपी प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं हुई है तो अन्नामलाई ने कहा कि बीजेपी ने कर्नाटक चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया। हमने अपना वोट शेयर बरकरार रखा। पुडुचेरी में हमने दस्तक दी और बीजेपी गठबंधन सरकार का हिस्सा है। साल दो हज़ार चौबीस में बीजेपी कर्नाटक और केरल के अलावा तमिलनाडु और केरल में चौंकाएगी। क्या दक्षिण भारत बीजेपी के लिए दूर की कौड़ी? राहुल गांधी इस समय अमेरिका में हैं। अमेरिका से वो लगातार बीजेपी पर हमले कर रहे हैं। गुरुवार को उन्होंने कहा कि भारत के साठ फीसदी से ज्यादा लोग बीजेपी और पीएम नरेंद्र मोदी को वोट नहीं करते। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि इस साल के आखिरी में पाँच राज्यों में होने वाले चुनाव में उनकी पार्टी बीजेपी को मात देगी। इस साल के अंत में राजस्थान, एमपी, छत्तीसढ़, मिजोरम और तेलंगाना में विधानसभा चुनाव होने हैं।
विमान ही है और स्वर्गकी वस्तु है, वह इस भूतलमें कैसे आया ? " ऐसापूछते हुए उसने विमान में उस अप्सराको बैठे देखा जिसे देख उसके पीछेदौड़कर मूर्च्छित हुआ था. उसको सम्बोधन कर वह बोला "अय निर्दय । 'इस प्रकार मेरी दुरवस्था कर सखियों में जाकर दूर क्यों बैठीं है ? पहले प्रेमका चिह्न दिखाकर फिर इस तरह त्याग करना क्या तुझ जैसीको उचित हैं ? चाहे मेरे पास आ, नहीं तो मुझको अपने पास लेजा और सुखी कर. हे सुन्दरी ! तेरी सुन्दरताको देख कर तो इस भूमिका सौन्दर्यरूप यह अनुपम वन भी लज्जित होता है. ऐसे अद्भुत शरीरसे क्या तू इस शोभामय स्थानकी शोभा और भी बढ़ा रही है ? क्या तेरे और तेरी इन सखियों के रहनेका इनसे भी बढ़कर कोई विशेष स्थान है ? हे शोभाकी खान ! लावण्यमयी ! अब मुझको दुःखी करना तुझे उचित नहीं है. तू मुझे त्याग देगी तो मेरे प्राण मेरा शरीर छोड़ देंगे और इसका पाप तुझे लगेगा." यह सुनकर वह अप्सरा बोली " हे वीर ! तू जो कहता है सो सत्य है. तेरी सुन्दरता ऐसी है कि जिसको देखकर खीजातिको स्वयम् मोह उत्पन्न हुए बिना नहीं रहता. सुझको भी वैसा ही होनेसे मैं तुझको प्राप्त करने को ललचाई, परन्तु वैसा होनेसे मैं धर्मनीतिके मार्गको लांघती हूं. मर्यादाको तोड़ डालती हूं. इतना ही नहीं किन्तु अपने नियंता (राजा) देवराज इन्द्रकी समर्थ आज्ञा न माननेवाली होऊंगी और इससे न जाने मुझे कितना बड़ा दण्ड मिलेगा. ऐसा स्मरण होनेसे मैंने बड़ी कठिनाईसे अपने मनको खींच लिया है. यद्यपि वह अभीतक पूरी तरहसे खींचा नहीं जासका है. हमारा निवासस्थान इस भूलोकसे बहुत ही श्रेष्ठ, अपार सुखरूप और दिव्य है. वह स्वर्गके नामसे विदित ( जाहिर ) है. हम जातकी अप्सराएं हैं. हमारा कर्तव्य गीत और नाच द्वारा इन्द्रादिक देवोंको प्रसन्न करना है. यदि तेरा और अपना मन प्रसन्न करनेको अर्थात् तेरे प्रेमपाश में बंधकर मैं अपने अप्सरापदको छोड़कर यहां रहूं तो पहले के बड़े पुण्यसमूहसे प्राप्त हुआ यह सुखका पद फिर मुझे न मिले. इतना ही नहीं किन्तु मुझे बड़ा भारी शाप भोगना पड़े और यदि तुझे साथ लेकर स्वर्ग में जाऊं तो पहिले तो अधिकार न होने से वहां तू प्रवेश ही करनेको समर्थ न हो सकेगा और यदि किसी तरह प्रवेश भी करा दिया गया तो उसी समय वात प्रकट हो जायगी और तेरे तथा मेरे नाश होनेका अवसर उपस्थित होगा. "
विमान ही है और स्वर्गकी वस्तु है, वह इस भूतलमें कैसे आया ? " ऐसापूछते हुए उसने विमान में उस अप्सराको बैठे देखा जिसे देख उसके पीछेदौड़कर मूर्च्छित हुआ था. उसको सम्बोधन कर वह बोला "अय निर्दय । 'इस प्रकार मेरी दुरवस्था कर सखियों में जाकर दूर क्यों बैठीं है ? पहले प्रेमका चिह्न दिखाकर फिर इस तरह त्याग करना क्या तुझ जैसीको उचित हैं ? चाहे मेरे पास आ, नहीं तो मुझको अपने पास लेजा और सुखी कर. हे सुन्दरी ! तेरी सुन्दरताको देख कर तो इस भूमिका सौन्दर्यरूप यह अनुपम वन भी लज्जित होता है. ऐसे अद्भुत शरीरसे क्या तू इस शोभामय स्थानकी शोभा और भी बढ़ा रही है ? क्या तेरे और तेरी इन सखियों के रहनेका इनसे भी बढ़कर कोई विशेष स्थान है ? हे शोभाकी खान ! लावण्यमयी ! अब मुझको दुःखी करना तुझे उचित नहीं है. तू मुझे त्याग देगी तो मेरे प्राण मेरा शरीर छोड़ देंगे और इसका पाप तुझे लगेगा." यह सुनकर वह अप्सरा बोली " हे वीर ! तू जो कहता है सो सत्य है. तेरी सुन्दरता ऐसी है कि जिसको देखकर खीजातिको स्वयम् मोह उत्पन्न हुए बिना नहीं रहता. सुझको भी वैसा ही होनेसे मैं तुझको प्राप्त करने को ललचाई, परन्तु वैसा होनेसे मैं धर्मनीतिके मार्गको लांघती हूं. मर्यादाको तोड़ डालती हूं. इतना ही नहीं किन्तु अपने नियंता देवराज इन्द्रकी समर्थ आज्ञा न माननेवाली होऊंगी और इससे न जाने मुझे कितना बड़ा दण्ड मिलेगा. ऐसा स्मरण होनेसे मैंने बड़ी कठिनाईसे अपने मनको खींच लिया है. यद्यपि वह अभीतक पूरी तरहसे खींचा नहीं जासका है. हमारा निवासस्थान इस भूलोकसे बहुत ही श्रेष्ठ, अपार सुखरूप और दिव्य है. वह स्वर्गके नामसे विदित है. हम जातकी अप्सराएं हैं. हमारा कर्तव्य गीत और नाच द्वारा इन्द्रादिक देवोंको प्रसन्न करना है. यदि तेरा और अपना मन प्रसन्न करनेको अर्थात् तेरे प्रेमपाश में बंधकर मैं अपने अप्सरापदको छोड़कर यहां रहूं तो पहले के बड़े पुण्यसमूहसे प्राप्त हुआ यह सुखका पद फिर मुझे न मिले. इतना ही नहीं किन्तु मुझे बड़ा भारी शाप भोगना पड़े और यदि तुझे साथ लेकर स्वर्ग में जाऊं तो पहिले तो अधिकार न होने से वहां तू प्रवेश ही करनेको समर्थ न हो सकेगा और यदि किसी तरह प्रवेश भी करा दिया गया तो उसी समय वात प्रकट हो जायगी और तेरे तथा मेरे नाश होनेका अवसर उपस्थित होगा. "
पाकिस्तान में बढ़ रहे सियासी संकट (Pakistan Political Crisis) के चलते अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव की आशंका जाहिर की है. हाल ही में अमेरिका ने भारत में अपने नागरिकों के लिए जारी ट्रेवल एडवाइजरी को संशोधित करते हुए उन्हें भारत-पाक सीमा के 10 किमी दायरे से दूर रहने के लिए कहा गया है. अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों के लिए जारी नई ट्रेवल एडवाइजरी (US State Department Travel Advisory India) में कहा है, "अपराध और आतंकवाद के कारण भारत को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है." हालांकि मंत्रालय ने कहा कि भारत की यात्रा के जोखिम स्तर को कम करते हुए स्तर-3 से स्तर-2 किया जा रहा है. इससे पहले रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) ने भी भारत में कोविड-19 के कम होते मामलों के मद्देनजर उसके लिए स्तर-1 का 'ट्रेवल हेल्थ नोटिस' जारी किया था. दोनों एडवाइजरी इस बात की ओर इशारा करती हैं कि अमेरिका को लगता है कि भारत में हालात अब सामान्य हो रहे हैं. जम्मू-कश्मीर और भारत तथा पाकिस्तान सीमा पर उसका नजरिया हालांकि अब भी वही है, जहां वह अपने नागरिकों को यात्रा नहीं करने की ही सलाह दे रहा है. एडवाइजरी में कहा गया, "केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमले और हिंसक नागरिक प्रदर्शन की आशंका है. इस केंद्र शासित प्रदेश (पूर्वी लद्दाख क्षेत्र और उसकी राजधानी लेह को छोड़कर) की यात्रा करने से बचें." विदेश मंत्रालय ने कहा, "छिटपुट हिंसा, खासकर भारत-पाकिस्तान की नियंत्रण रेखा (एलओसी) और कश्मीर घाटी के पर्यटन स्थलों - श्रीनगर, गुलमर्ग और पहलगाम में होती हैं. भारत सरकार भी विदेशी पर्यटकों को नियंत्रण रेखा के पास कुछ क्षेत्रों में जाने से रोकती है." मंत्रालय ने कहा कि भारत और पाकिस्तान सीमा के दोनों ओर बड़ी संख्या में सैनिकों की तैनाती है. वे लोग जो भारत या पाकिस्तान के नागरिक नहीं हैं, केवल सीमा के पास भारत में अटारी और पाकिस्तान में वाघा जा सकते हैं. मंत्रालय ने कहा, "सीमा आमतौर पर खुली रहती है, लेकिन यात्रा से पहले मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी हासिल करें. पाकिस्तान में प्रवेश के लिए पाकिस्तानी वीज़ा की आवश्यकता है. भारत में मौजूद अमेरिकी नागरिक, भारत में ही पाकिस्तानी वीज़ा का आवेदन दें. अन्यथा भारत की यात्रा करने से पहले जहां भी हैं, उस देश में पाकिस्तानी वीज़ा के लिए आवेदन दें."
पाकिस्तान में बढ़ रहे सियासी संकट के चलते अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव की आशंका जाहिर की है. हाल ही में अमेरिका ने भारत में अपने नागरिकों के लिए जारी ट्रेवल एडवाइजरी को संशोधित करते हुए उन्हें भारत-पाक सीमा के दस किमी दायरे से दूर रहने के लिए कहा गया है. अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों के लिए जारी नई ट्रेवल एडवाइजरी में कहा है, "अपराध और आतंकवाद के कारण भारत को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है." हालांकि मंत्रालय ने कहा कि भारत की यात्रा के जोखिम स्तर को कम करते हुए स्तर-तीन से स्तर-दो किया जा रहा है. इससे पहले रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र ने भी भारत में कोविड-उन्नीस के कम होते मामलों के मद्देनजर उसके लिए स्तर-एक का 'ट्रेवल हेल्थ नोटिस' जारी किया था. दोनों एडवाइजरी इस बात की ओर इशारा करती हैं कि अमेरिका को लगता है कि भारत में हालात अब सामान्य हो रहे हैं. जम्मू-कश्मीर और भारत तथा पाकिस्तान सीमा पर उसका नजरिया हालांकि अब भी वही है, जहां वह अपने नागरिकों को यात्रा नहीं करने की ही सलाह दे रहा है. एडवाइजरी में कहा गया, "केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमले और हिंसक नागरिक प्रदर्शन की आशंका है. इस केंद्र शासित प्रदेश की यात्रा करने से बचें." विदेश मंत्रालय ने कहा, "छिटपुट हिंसा, खासकर भारत-पाकिस्तान की नियंत्रण रेखा और कश्मीर घाटी के पर्यटन स्थलों - श्रीनगर, गुलमर्ग और पहलगाम में होती हैं. भारत सरकार भी विदेशी पर्यटकों को नियंत्रण रेखा के पास कुछ क्षेत्रों में जाने से रोकती है." मंत्रालय ने कहा कि भारत और पाकिस्तान सीमा के दोनों ओर बड़ी संख्या में सैनिकों की तैनाती है. वे लोग जो भारत या पाकिस्तान के नागरिक नहीं हैं, केवल सीमा के पास भारत में अटारी और पाकिस्तान में वाघा जा सकते हैं. मंत्रालय ने कहा, "सीमा आमतौर पर खुली रहती है, लेकिन यात्रा से पहले मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी हासिल करें. पाकिस्तान में प्रवेश के लिए पाकिस्तानी वीज़ा की आवश्यकता है. भारत में मौजूद अमेरिकी नागरिक, भारत में ही पाकिस्तानी वीज़ा का आवेदन दें. अन्यथा भारत की यात्रा करने से पहले जहां भी हैं, उस देश में पाकिस्तानी वीज़ा के लिए आवेदन दें."
बालक कहांसे आवें । रुपया जमा हो गया। कार्यकर्ता भी मिल गये। अब वालक कहांसे आवें ? कौन माता पिता पचीस वर्षकी आयु तक अपने पुत्रों को अलग करनेक लिये तैयार होंगे ? कौन माता पिता अपने बालकोंको घरसे निकाल कर जङ्गलमें भेजना चाहेंगे ? इस समस्याको भी लाला मुंशीरामजीने ही हल किया। उन्होंने सबसे पहिले अपने दोनों पुत्रों - हरिश्चन्द्र और इन्द्रचन्द्र को इस नये परीक्षण के लिये समर्पित कर दिया। इनको साहसको देख कर और भी कई मित्रों ने हिम्मत बांधी और अपने अपने पुत्रों को गुरुकुलमें भेजना स्वीकार कर लिया । ऊपर जिन सजनोंके नाम लिखे गये हैं उन्होंने केवल १०/१५ बालकों को लेकर गुजरानवालामें स्वामी दयानन्द के 'सत्यार्थप्रकाश' में लिखी पाठ-विधिके अनुसार शिक्षण आरम्भ कर दिया । परन्तु गुजरानवाला उक्त प्रकार के आश्रम के लिये उपयुक्त स्थान नहीं था। ब्रह्मचर्याश्रम तो शहरोंके गन्दे वातावरण के प्रभावसे अलग होना चाहिये। इस लिये अब स्थानकी तलाश होने लगी। विचार किया गया कि यदि कोई ऐसा स्थान मिल जाय जो पंजाब से नज़दीक भी हो और शहरोंसे अलग भी, तो अच्छा होगा। हरिद्वार में प्रकृतिकी रमणीयता और ऊपर बतलाये गये दोनों गुण मौजूद पाये गये । इस लिये लाला मुशीरामजी भण्डारी शालि. प्रामजीको साथ लेकर स्थानकी तलाशके लिये हरिद्वार पहुंचे। वीर संन्यासो- श्रद्धानन्द हरिद्वार में अभी स्थानकी तलाश हो ही रही थी कि एक निःस्वार्थ निरभिमानी दानीने इस कठिनाईको भी हल कर दिया । मुन्शी अमनसिंहजीका सर्वस्व त्याग नजीबाबाद (जि० विजनौर) के मुंशी अमनसिंहजी की हरिद्वारके पास ही कांगड़ी नामक ग्राम में जमींदारी थी। उन्होंने अपनी यह सारी जमींदारो गुरुकुल विश्वविद्यालय के लिये आर्य प्रतिनिधि सभाको समर्पित कर देनेका त्रिवार लाला मुंशीरामजो के सामने प्रकट किया। लाला मुशारामजोके लिये इससे बढ़ कर खुशोकी बात क्या हो सकती थी। बस एक मास बाद हो गुजरांवालासे सब ब्रह्मचारियों और कार्यकर्ताओं सहित लाला मुंशीरामजी कांगड़ी ग्रामके पास जङ्गलमें आ गये। उन दिनों यहां ऐसा घना जंगल था कि दिन के समय भी त्रीतों और बाघों जैसे हिंस्र जन्तुओंसे सामना हो जाना साधारण बात थी । इसो निर्जन और घने जंगलमें गुरु और शिष्य सव मिलाकर केवल छब्बीस व्यक्तियोंने संवत् १९५६ में उस महायज्ञका आरम्भ किया जिसकी कीर्ति-सुगन्ध आज पचीस वर्षों में संसार में सर्वत्र फैल चुकी है। धीरे २ कांगड़ी ग्रामके समोपके जङ्गलों को साफ किया गया और वहां ब्रह्मचारियोंके लिये आश्रम वनवाये गये । आरम्भमे विचार यह था कि गुरुकुलमें केवल ऐसे ही पुरुषोंको अधिष्ठाता और अध्यापक रखा जाय जो दुनियादारी से निवृत्त हो चुके हों। प्रयत्न करने पर इस प्रकारके कई पुरुष मिल भी
बालक कहांसे आवें । रुपया जमा हो गया। कार्यकर्ता भी मिल गये। अब वालक कहांसे आवें ? कौन माता पिता पचीस वर्षकी आयु तक अपने पुत्रों को अलग करनेक लिये तैयार होंगे ? कौन माता पिता अपने बालकोंको घरसे निकाल कर जङ्गलमें भेजना चाहेंगे ? इस समस्याको भी लाला मुंशीरामजीने ही हल किया। उन्होंने सबसे पहिले अपने दोनों पुत्रों - हरिश्चन्द्र और इन्द्रचन्द्र को इस नये परीक्षण के लिये समर्पित कर दिया। इनको साहसको देख कर और भी कई मित्रों ने हिम्मत बांधी और अपने अपने पुत्रों को गुरुकुलमें भेजना स्वीकार कर लिया । ऊपर जिन सजनोंके नाम लिखे गये हैं उन्होंने केवल दस/पंद्रह बालकों को लेकर गुजरानवालामें स्वामी दयानन्द के 'सत्यार्थप्रकाश' में लिखी पाठ-विधिके अनुसार शिक्षण आरम्भ कर दिया । परन्तु गुजरानवाला उक्त प्रकार के आश्रम के लिये उपयुक्त स्थान नहीं था। ब्रह्मचर्याश्रम तो शहरोंके गन्दे वातावरण के प्रभावसे अलग होना चाहिये। इस लिये अब स्थानकी तलाश होने लगी। विचार किया गया कि यदि कोई ऐसा स्थान मिल जाय जो पंजाब से नज़दीक भी हो और शहरोंसे अलग भी, तो अच्छा होगा। हरिद्वार में प्रकृतिकी रमणीयता और ऊपर बतलाये गये दोनों गुण मौजूद पाये गये । इस लिये लाला मुशीरामजी भण्डारी शालि. प्रामजीको साथ लेकर स्थानकी तलाशके लिये हरिद्वार पहुंचे। वीर संन्यासो- श्रद्धानन्द हरिद्वार में अभी स्थानकी तलाश हो ही रही थी कि एक निःस्वार्थ निरभिमानी दानीने इस कठिनाईको भी हल कर दिया । मुन्शी अमनसिंहजीका सर्वस्व त्याग नजीबाबाद के मुंशी अमनसिंहजी की हरिद्वारके पास ही कांगड़ी नामक ग्राम में जमींदारी थी। उन्होंने अपनी यह सारी जमींदारो गुरुकुल विश्वविद्यालय के लिये आर्य प्रतिनिधि सभाको समर्पित कर देनेका त्रिवार लाला मुंशीरामजो के सामने प्रकट किया। लाला मुशारामजोके लिये इससे बढ़ कर खुशोकी बात क्या हो सकती थी। बस एक मास बाद हो गुजरांवालासे सब ब्रह्मचारियों और कार्यकर्ताओं सहित लाला मुंशीरामजी कांगड़ी ग्रामके पास जङ्गलमें आ गये। उन दिनों यहां ऐसा घना जंगल था कि दिन के समय भी त्रीतों और बाघों जैसे हिंस्र जन्तुओंसे सामना हो जाना साधारण बात थी । इसो निर्जन और घने जंगलमें गुरु और शिष्य सव मिलाकर केवल छब्बीस व्यक्तियोंने संवत् एक हज़ार नौ सौ छप्पन में उस महायज्ञका आरम्भ किया जिसकी कीर्ति-सुगन्ध आज पचीस वर्षों में संसार में सर्वत्र फैल चुकी है। धीरे दो कांगड़ी ग्रामके समोपके जङ्गलों को साफ किया गया और वहां ब्रह्मचारियोंके लिये आश्रम वनवाये गये । आरम्भमे विचार यह था कि गुरुकुलमें केवल ऐसे ही पुरुषोंको अधिष्ठाता और अध्यापक रखा जाय जो दुनियादारी से निवृत्त हो चुके हों। प्रयत्न करने पर इस प्रकारके कई पुरुष मिल भी
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने पत्नी की हत्या करने के बाद उसके शव के टुकड़े करके ठिकाने लगाने के आरोपी पति की जमानत याचिका खारिज कर दी। व्यक्ति पर पत्नी की हत्या करके, उसके शव को छह टुकड़ों में काटने और दो झोलों में भरकर उन्हें बाराबंकी के सफेदाबाद क्षेत्र में फेंकने का आरोप है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अभियुक्त पति के जघन्य अपराध को देखते हुए उसे जमानत पर रिहा करने का कोई आधार नहीं है। यह आदेश न्यायमूर्ति डीके सिंह की एकल पीठ ने अभियुक्त समीर खान की जमानत याचिका को खारिज करते हुए पारित किया। अभियोजन के अनुसार, अभियुक्त मुम्बई में एक चिकन शॉप में काम करता था, उसका प्रेम संबंध वहीं की एक युवती से हो गया और दोनों ने शादी कर ली। शादी के कुछ समय बाद 2020 में वह बलरामपुर स्थित अपने गांव चला आया। आरोप है कि उसने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि वह जब भी अपनी पत्नी को फोन करता तो उसका फोन व्यस्त जाता था, इससे उसे पत्नी के चरित्र पर शक होने लगा। इसलिए उसने 25 जून, 2020 को अपनी पत्नी को लखनऊ बुलाया और इंदिरा नगर स्थित किराए के मकान में रहने लगा। यह भी आरोप है कि पांच जुलाई, 2020 को दोनों के बीच झगड़ा हुआ और इसी वजह से समीर खान ने अपने पत्नी की हत्या कर दी और उसकी लाश को छह टुकड़ों में काटकर दो झोलों में भरा व उन्हें बाराबंकी के सफेदाबाद में फेंक दिया। युवती का शव सात जुलाई, 2020 को बरामद हुआ था। जांच के दौरान मृतका की शिनाख्त होने के बाद समीर खान को पुलिस ने गिरफ्तार किया व उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त छुरा व शव फेंकने के लिए इस्तेमाल की गई कार को बरामद किया था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने पत्नी की हत्या करने के बाद उसके शव के टुकड़े करके ठिकाने लगाने के आरोपी पति की जमानत याचिका खारिज कर दी। व्यक्ति पर पत्नी की हत्या करके, उसके शव को छह टुकड़ों में काटने और दो झोलों में भरकर उन्हें बाराबंकी के सफेदाबाद क्षेत्र में फेंकने का आरोप है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अभियुक्त पति के जघन्य अपराध को देखते हुए उसे जमानत पर रिहा करने का कोई आधार नहीं है। यह आदेश न्यायमूर्ति डीके सिंह की एकल पीठ ने अभियुक्त समीर खान की जमानत याचिका को खारिज करते हुए पारित किया। अभियोजन के अनुसार, अभियुक्त मुम्बई में एक चिकन शॉप में काम करता था, उसका प्रेम संबंध वहीं की एक युवती से हो गया और दोनों ने शादी कर ली। शादी के कुछ समय बाद दो हज़ार बीस में वह बलरामपुर स्थित अपने गांव चला आया। आरोप है कि उसने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि वह जब भी अपनी पत्नी को फोन करता तो उसका फोन व्यस्त जाता था, इससे उसे पत्नी के चरित्र पर शक होने लगा। इसलिए उसने पच्चीस जून, दो हज़ार बीस को अपनी पत्नी को लखनऊ बुलाया और इंदिरा नगर स्थित किराए के मकान में रहने लगा। यह भी आरोप है कि पांच जुलाई, दो हज़ार बीस को दोनों के बीच झगड़ा हुआ और इसी वजह से समीर खान ने अपने पत्नी की हत्या कर दी और उसकी लाश को छह टुकड़ों में काटकर दो झोलों में भरा व उन्हें बाराबंकी के सफेदाबाद में फेंक दिया। युवती का शव सात जुलाई, दो हज़ार बीस को बरामद हुआ था। जांच के दौरान मृतका की शिनाख्त होने के बाद समीर खान को पुलिस ने गिरफ्तार किया व उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त छुरा व शव फेंकने के लिए इस्तेमाल की गई कार को बरामद किया था।
दुर्खीम महोदय ने आत्महत्या की कोई स्पष्ट परिभाषा न देकर उसे खुदकशी करने वाला एक अन्तर्राष्ट्रीय कार्य कहा है । परिभाषा न देने का कारण आत्महत्या के प्रयोजनो ( intentions) एव उसे बढ़ावा देने वाले कारकों ( factors) की विभिन्नता एव बहुलता है। अस्तु दुर्खीम महोदय ने आत्महत्या की व्याख्या सामाजिक कारको के रूप में हो की है। यहाँ भूल नही जाना चाहिये कि वे सामाजिक तथ्य के मनोवैज्ञानिक आदि विश्लेषणो मानने को तैयार नही । उन्होने स्पष्ट कहा है कि "सामाजिक जीवन की व्याख्या के लिये मनोविज्ञान में नहीं अपितु समाज की प्रकृति में ही देखना आवश्यक है।" इस प्रकार उनके अनुसार आत्महत्या एक सामाजिक तथ्य (social fact) है, जिसका विश्लेषण सामाजिक प्रक्रियाओं के विवेचन से हो सम्भव है। आत्महत्या की सामाजिक प्रकृति को सिद्ध करने के लिये दुर्बीम अपने निरीक्षण एव परीक्षण के आधार पर तर्क रखते है । उनका सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण तर्क है कि बहुधा लगातार वर्षों तक आत्महत्या की दर एक सी हो बनी रहती है, स्थिर रही आती है। अब वे कहते है कि वैयक्तिक कारको जो कि सर्वथा परिवर्तनशील है, से इस स्थिरता की उचित एव सही व्याख्या कैसे संभव है। अस्तु स्पष्टतः ही इसके लिये किसी ऐसे कारक की आवश्यकता है जो स्वयं भी स्थायी हो। और ऐसा कारक सामाजिक कारक ही हो सकता है, वैयक्तिक या मनोविज्ञान आदि नही । इस प्रकार आत्महत्या की सामाजिक प्रकृति स्वीकार कर दुर्थीम परम चानुयंपूर्ण ढंग से आत्महत्या के तीन रूप देखते है - (१) आत्मालाधी ( Egoistic ), (२) परार्थों ( Altruistic ), (३) अव्यवस्थि! (Anomiquc ) ! (१) आत्मश्लाघी (Egoistic) - जैसा कि Egoistic शब्द से स्पष्ट है कि Ego का तात्पर्य है अहम् और अह का अर्थ है व्यक्ति का अपने आप में हो गीमित हो जाना। यह उस दशा में होता है जब व्यक्ति और समाज के बोध होने पर जाते हैं। दूसरे शब्दों में हम कहते हैं कि यह यह स्थिति है जिसमें व्यक्ति है कि किसी को उसकी आवश्यकता नहीं, काई उगको और आइष्ट नहीं, हर व्यक्ति अपने-अपने कार्य में ही बेतरतू मनम 1. "Not in psychology but in the very nature of society, it is necessary to look for an explanation of social life."
दुर्खीम महोदय ने आत्महत्या की कोई स्पष्ट परिभाषा न देकर उसे खुदकशी करने वाला एक अन्तर्राष्ट्रीय कार्य कहा है । परिभाषा न देने का कारण आत्महत्या के प्रयोजनो एव उसे बढ़ावा देने वाले कारकों की विभिन्नता एव बहुलता है। अस्तु दुर्खीम महोदय ने आत्महत्या की व्याख्या सामाजिक कारको के रूप में हो की है। यहाँ भूल नही जाना चाहिये कि वे सामाजिक तथ्य के मनोवैज्ञानिक आदि विश्लेषणो मानने को तैयार नही । उन्होने स्पष्ट कहा है कि "सामाजिक जीवन की व्याख्या के लिये मनोविज्ञान में नहीं अपितु समाज की प्रकृति में ही देखना आवश्यक है।" इस प्रकार उनके अनुसार आत्महत्या एक सामाजिक तथ्य है, जिसका विश्लेषण सामाजिक प्रक्रियाओं के विवेचन से हो सम्भव है। आत्महत्या की सामाजिक प्रकृति को सिद्ध करने के लिये दुर्बीम अपने निरीक्षण एव परीक्षण के आधार पर तर्क रखते है । उनका सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण तर्क है कि बहुधा लगातार वर्षों तक आत्महत्या की दर एक सी हो बनी रहती है, स्थिर रही आती है। अब वे कहते है कि वैयक्तिक कारको जो कि सर्वथा परिवर्तनशील है, से इस स्थिरता की उचित एव सही व्याख्या कैसे संभव है। अस्तु स्पष्टतः ही इसके लिये किसी ऐसे कारक की आवश्यकता है जो स्वयं भी स्थायी हो। और ऐसा कारक सामाजिक कारक ही हो सकता है, वैयक्तिक या मनोविज्ञान आदि नही । इस प्रकार आत्महत्या की सामाजिक प्रकृति स्वीकार कर दुर्थीम परम चानुयंपूर्ण ढंग से आत्महत्या के तीन रूप देखते है - आत्मालाधी , परार्थों , अव्यवस्थि! ! आत्मश्लाघी - जैसा कि Egoistic शब्द से स्पष्ट है कि Ego का तात्पर्य है अहम् और अह का अर्थ है व्यक्ति का अपने आप में हो गीमित हो जाना। यह उस दशा में होता है जब व्यक्ति और समाज के बोध होने पर जाते हैं। दूसरे शब्दों में हम कहते हैं कि यह यह स्थिति है जिसमें व्यक्ति है कि किसी को उसकी आवश्यकता नहीं, काई उगको और आइष्ट नहीं, हर व्यक्ति अपने-अपने कार्य में ही बेतरतू मनम एक. "Not in psychology but in the very nature of society, it is necessary to look for an explanation of social life."
Morcontin डॉक्टर के द्वारा निर्धारित की जाने वाली दवा है, जो मेडिकल स्टोर से टैबलेट दवाओं के रूप में मिलती है। इस दवा का उपयोग विशेष रूप से दर्द का इलाज करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा, Morcontin के कुछ अन्य प्रयोग भी हैं, जिनके बारें में आगे बताया गया है। आयु, लिंग और रोगी की पिछली स्वास्थ्य जानकारी के अनुसार Morcontin की खुराक दी जाती है। इसकी सही मात्रा इस पर भी निर्भर करती है, कि मरीज की मुख्य समस्या क्या है और उसे किस तरीके से दवा दी जा रही है। यह जानकारी विस्तार से खुराक वाले भाग में दी गई है। Morcontin के कुछ अन्य नुकसान भी हैं जो साइड इफेक्ट के खंड में लिखे गए हैं। Morcontin के ये दुष्प्रभाव आमतौर पर अस्थायी होते हैं और इलाज के पूरा होने के साथ ही समाप्त हो जाते हैं। अगर ये दुष्प्रभाव और बिगड़ जाते हैं या लंबे समय तक बने रहते हैं तो इस बारे में अपने डॉक्टर से बात करें। इसके अलावा Morcontin का प्रभाव प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए मध्यम है और जो महिलाएं बच्चों को दूध पिलाती हैं, उन पर इसका प्रभाव मध्यम है। इसके अतिरिक्त Morcontin का लिवर, हृदय और किडनी पर क्या असर होता है इस बारे में नीचे Morcontin से जुड़ी चेतावनी के सेक्शन में चर्चा की गई है। अगर आपको पहले से दमा, सीओपीडी, लिवर रोग जैसी कोई समस्या है, तो Morcontin देने की सलाह नहीं दी जाती क्योंकि इसके दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं। इनके आलावा कुछ अन्य समस्याएं भी हैं जिनमें Morcontin लेने से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। इसके बारे में जानकरी के लिए आगे पढ़ें। इन उपरोक्त परिस्थितियों के अलावा Morcontin कुछ अन्य दवाओं के साथ लिए जाने पर गंभीर प्रतिक्रिया कर सकती है। इन प्रतिक्रियाओं की विस्तृत सूची नीचे दी गई है। इन सभी सावधानियों के अलावा याद रखें कि वाहन चलाते समय Morcontin को लेना असुरक्षित है, साथ ही इस की लत लगने की संभावना नहीं है। यह अधिकतर मामलों में दी जाने वाली Morcontin की खुराक है। कृपया याद रखें कि हर रोगी और उनका मामला अलग हो सकता है। इसलिए रोग, दवाई देने के तरीके, रोगी की आयु, रोगी का चिकित्सा इतिहास और अन्य कारकों के आधार पर Morcontin की खुराक अलग हो सकती है। ।किशोरावस्था(13 से 18 वर्ष) क्या Morcontin का उपयोग गर्भवती महिला के लिए ठीक है? यदि Morcontin का कोई दुष्प्रभाव प्रेग्नेंट महिला के स्वास्थ्य पर होता है तो इसका सेवन करना तुरंत बंद कर दें। इसके बाद चिकित्सक से सलाह के लेने पर ही इसको दोबारा शुरू करें। क्या Morcontin का उपयोग स्तनपान करने वाली महिलाओं के लिए ठीक है? स्तनपान कराने वाली महिलाएं Morcontin के दुष्प्रभाव को महसूस कर सकती हैं, आप भी यदि इस दवा से कोई दुष्प्रभाव अनुभव करें तो इसको लेना बंद कर दें और चिकित्सक जब बोले तब ही दोबारा शुरू करें। Morcontin का प्रभाव गुर्दे पर क्या होता है? बिना किसी डर के आप Morcontin को ले सकते हैं। यह किडनी के लिए सुरक्षित है। Morcontin का जिगर (लिवर) पर क्या असर होता है? Morcontin का लीवर पर हानिकारक प्रभाव बहुत ही कम होता है, जो आपको महसूस भी नहीं होता। क्या ह्रदय पर Morcontin का प्रभाव पड़ता है? हृदय के लिए Morcontin के साइड इफेक्ट बहुत ही कम मिलते हैं। क्या Morcontin आदत या लत बन सकती है? आपको Morcontin खाने की आदत लग सकती है। इसलिए इसको खाने से पहले डॉक्टरी सलाह लें। क्या Morcontin को लेते समय गाड़ी चलाना या कैसी भी बड़ी मशीन संचालित करना सुरक्षित है? नहींं, Morcontin लेने के बाद आपको नींद आने लगेगी और कोई काम ठीक से नहीं कर पाएंगे। क्या Morcontin को लेना सुरखित है? हां, डॉक्टरी सलाह के बाद। क्या मनोवैज्ञानिक विकार या मानसिक समस्याओं के इलाज में Morcontin इस्तेमाल की जा सकती है? नहीं, Morcontin किसी भी तरह के दिमागी विकार का इलाज नहीं कर पाती है। क्या Morcontin को कुछ खाद्य पदार्थों के साथ लेने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है? Morcontin और खाने को साथ में लेने से कोई परेशानी नहीं होती है। जब Morcontin ले रहे हों, तब शराब पीने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है क्या? शराब दवा के असर को कम करती है और Morcontin के साथ यह कई तरह के विपरीत प्रभाव भी दिखाती है। इसलिए डॉक्टर के निर्देशों पर ही इसका सेवन करें। US Food and Drug Administration (FDA) [Internet]. Maryland. USA; Package leaflet information for the user; Morphine sulfate (morphine sulfate) US Food and Drug Administration (FDA) [Internet]. Maryland. USA; Package leaflet information for the user; Morphine sulfate (morphine sulfate) US Food and Drug Administration (FDA) [Internet]. Maryland. USA; Package leaflet information for the user; Morphine sulfate (morphine sulfate) US Food and Drug Administration (FDA) [Internet]. Maryland. USA; Package leaflet information for the user; Morphabond Er™ (morphine sulfate)
Morcontin डॉक्टर के द्वारा निर्धारित की जाने वाली दवा है, जो मेडिकल स्टोर से टैबलेट दवाओं के रूप में मिलती है। इस दवा का उपयोग विशेष रूप से दर्द का इलाज करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा, Morcontin के कुछ अन्य प्रयोग भी हैं, जिनके बारें में आगे बताया गया है। आयु, लिंग और रोगी की पिछली स्वास्थ्य जानकारी के अनुसार Morcontin की खुराक दी जाती है। इसकी सही मात्रा इस पर भी निर्भर करती है, कि मरीज की मुख्य समस्या क्या है और उसे किस तरीके से दवा दी जा रही है। यह जानकारी विस्तार से खुराक वाले भाग में दी गई है। Morcontin के कुछ अन्य नुकसान भी हैं जो साइड इफेक्ट के खंड में लिखे गए हैं। Morcontin के ये दुष्प्रभाव आमतौर पर अस्थायी होते हैं और इलाज के पूरा होने के साथ ही समाप्त हो जाते हैं। अगर ये दुष्प्रभाव और बिगड़ जाते हैं या लंबे समय तक बने रहते हैं तो इस बारे में अपने डॉक्टर से बात करें। इसके अलावा Morcontin का प्रभाव प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए मध्यम है और जो महिलाएं बच्चों को दूध पिलाती हैं, उन पर इसका प्रभाव मध्यम है। इसके अतिरिक्त Morcontin का लिवर, हृदय और किडनी पर क्या असर होता है इस बारे में नीचे Morcontin से जुड़ी चेतावनी के सेक्शन में चर्चा की गई है। अगर आपको पहले से दमा, सीओपीडी, लिवर रोग जैसी कोई समस्या है, तो Morcontin देने की सलाह नहीं दी जाती क्योंकि इसके दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं। इनके आलावा कुछ अन्य समस्याएं भी हैं जिनमें Morcontin लेने से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। इसके बारे में जानकरी के लिए आगे पढ़ें। इन उपरोक्त परिस्थितियों के अलावा Morcontin कुछ अन्य दवाओं के साथ लिए जाने पर गंभीर प्रतिक्रिया कर सकती है। इन प्रतिक्रियाओं की विस्तृत सूची नीचे दी गई है। इन सभी सावधानियों के अलावा याद रखें कि वाहन चलाते समय Morcontin को लेना असुरक्षित है, साथ ही इस की लत लगने की संभावना नहीं है। यह अधिकतर मामलों में दी जाने वाली Morcontin की खुराक है। कृपया याद रखें कि हर रोगी और उनका मामला अलग हो सकता है। इसलिए रोग, दवाई देने के तरीके, रोगी की आयु, रोगी का चिकित्सा इतिहास और अन्य कारकों के आधार पर Morcontin की खुराक अलग हो सकती है। ।किशोरावस्था क्या Morcontin का उपयोग गर्भवती महिला के लिए ठीक है? यदि Morcontin का कोई दुष्प्रभाव प्रेग्नेंट महिला के स्वास्थ्य पर होता है तो इसका सेवन करना तुरंत बंद कर दें। इसके बाद चिकित्सक से सलाह के लेने पर ही इसको दोबारा शुरू करें। क्या Morcontin का उपयोग स्तनपान करने वाली महिलाओं के लिए ठीक है? स्तनपान कराने वाली महिलाएं Morcontin के दुष्प्रभाव को महसूस कर सकती हैं, आप भी यदि इस दवा से कोई दुष्प्रभाव अनुभव करें तो इसको लेना बंद कर दें और चिकित्सक जब बोले तब ही दोबारा शुरू करें। Morcontin का प्रभाव गुर्दे पर क्या होता है? बिना किसी डर के आप Morcontin को ले सकते हैं। यह किडनी के लिए सुरक्षित है। Morcontin का जिगर पर क्या असर होता है? Morcontin का लीवर पर हानिकारक प्रभाव बहुत ही कम होता है, जो आपको महसूस भी नहीं होता। क्या ह्रदय पर Morcontin का प्रभाव पड़ता है? हृदय के लिए Morcontin के साइड इफेक्ट बहुत ही कम मिलते हैं। क्या Morcontin आदत या लत बन सकती है? आपको Morcontin खाने की आदत लग सकती है। इसलिए इसको खाने से पहले डॉक्टरी सलाह लें। क्या Morcontin को लेते समय गाड़ी चलाना या कैसी भी बड़ी मशीन संचालित करना सुरक्षित है? नहींं, Morcontin लेने के बाद आपको नींद आने लगेगी और कोई काम ठीक से नहीं कर पाएंगे। क्या Morcontin को लेना सुरखित है? हां, डॉक्टरी सलाह के बाद। क्या मनोवैज्ञानिक विकार या मानसिक समस्याओं के इलाज में Morcontin इस्तेमाल की जा सकती है? नहीं, Morcontin किसी भी तरह के दिमागी विकार का इलाज नहीं कर पाती है। क्या Morcontin को कुछ खाद्य पदार्थों के साथ लेने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है? Morcontin और खाने को साथ में लेने से कोई परेशानी नहीं होती है। जब Morcontin ले रहे हों, तब शराब पीने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है क्या? शराब दवा के असर को कम करती है और Morcontin के साथ यह कई तरह के विपरीत प्रभाव भी दिखाती है। इसलिए डॉक्टर के निर्देशों पर ही इसका सेवन करें। US Food and Drug Administration [Internet]. Maryland. USA; Package leaflet information for the user; Morphine sulfate US Food and Drug Administration [Internet]. Maryland. USA; Package leaflet information for the user; Morphine sulfate US Food and Drug Administration [Internet]. Maryland. USA; Package leaflet information for the user; Morphine sulfate US Food and Drug Administration [Internet]. Maryland. USA; Package leaflet information for the user; Morphabond Er™
उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण कराने वाले सरगना मोहम्मद उमर और सलाउद्दीन की जमानत याचिका एटीएस की विशेष न्यायालय ने खारिज कर दिया। एटीएस की तरफ से दोनों अभियुक्तों की जमानत याचिका पर तर्क पेश करते हुए कहा गया कि इनके बाहर आने पर एविडेंस के साथ छेड़छाड़ किया जा जा सकता है। अभियुक्तों का जेल बाहर आना अब तक की जा रही विवेचना और कार्रवाई पर प्रभाव डाल सकता है। यूपी एटीएस ने बताया कि धर्मांतरण मामले में दर्ज किए गए मुकदमे में जेल बंद 17 अभियुक्तों की जमानत याचिका खारिज की है। एटीएस के अलावा मामले की जांच कर रही ईडी ने भी इस फंडिंग के स्रोतों के बारे में पुख्ता जानकारी जुटाई है। विदेशों से आए यह रुपए कहां खर्च किए गए, एजेंसियों ने इसकी जानकारी जुटा ली हैं। अब इसकी रिपोर्ट कोर्ट को भेजने की तैयारी है। अफसरों का कहना है कि एटीएस अभी तक गिरफ्तार 17 में से 14 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। फंडिंग और उसके खर्च का साक्ष्य सभी आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने में मददगार बनेगा। यूपी एटीएस की टीम ने करीब एक साल पहले धर्मांतरण कराने वाले गिरोह का खुलासा किया था। दिल्ली के जामिया नगर से मुफ्ती काजी जहांगीर आलम (निवासी जोगाबाई, जामिया नगर, नयी दिल्ली) और मोहम्मद उमर गौतम (निवासी बाटला हाउस, जामिया नगर, नयी दिल्ली) को एटीएस ने गिरफ्तार किया था। इन पर मूक-बधिर छात्रों और निर्धन लोगों को धन, नौकरी व शादी का लालच देकर धर्मांतरण कराने का आरोप है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण कराने वाले सरगना मोहम्मद उमर और सलाउद्दीन की जमानत याचिका एटीएस की विशेष न्यायालय ने खारिज कर दिया। एटीएस की तरफ से दोनों अभियुक्तों की जमानत याचिका पर तर्क पेश करते हुए कहा गया कि इनके बाहर आने पर एविडेंस के साथ छेड़छाड़ किया जा जा सकता है। अभियुक्तों का जेल बाहर आना अब तक की जा रही विवेचना और कार्रवाई पर प्रभाव डाल सकता है। यूपी एटीएस ने बताया कि धर्मांतरण मामले में दर्ज किए गए मुकदमे में जेल बंद सत्रह अभियुक्तों की जमानत याचिका खारिज की है। एटीएस के अलावा मामले की जांच कर रही ईडी ने भी इस फंडिंग के स्रोतों के बारे में पुख्ता जानकारी जुटाई है। विदेशों से आए यह रुपए कहां खर्च किए गए, एजेंसियों ने इसकी जानकारी जुटा ली हैं। अब इसकी रिपोर्ट कोर्ट को भेजने की तैयारी है। अफसरों का कहना है कि एटीएस अभी तक गिरफ्तार सत्रह में से चौदह आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। फंडिंग और उसके खर्च का साक्ष्य सभी आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने में मददगार बनेगा। यूपी एटीएस की टीम ने करीब एक साल पहले धर्मांतरण कराने वाले गिरोह का खुलासा किया था। दिल्ली के जामिया नगर से मुफ्ती काजी जहांगीर आलम और मोहम्मद उमर गौतम को एटीएस ने गिरफ्तार किया था। इन पर मूक-बधिर छात्रों और निर्धन लोगों को धन, नौकरी व शादी का लालच देकर धर्मांतरण कराने का आरोप है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
लॉकडाउन के बीच कस्बे में अवैध पशु कटान भी जारी है। शनिवार को कस्बे के भूला श्मशान स्थल के समीप नाले में गोवंश के अवशेष पड़े मिले। उक्त मामले को लेकर कस्बे में हड़कंप मच गया। लोगों में अवैध कटान के विरोध में आक्रोश है। मोके पर पहुंचे भाजपा युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष मोहित मुखिया एवं अन्य कार्यकर्ताओं ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने गोवंश के कटे हुए अवशेष को गड्ढा खुदवा कर दबा दिया। इस संबंध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत भेजकर उक्त मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की। थाना प्रभारी राकेश पुंडीर का कहना है कि मीट के अवशेष कई दिन पुराने है। मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
लॉकडाउन के बीच कस्बे में अवैध पशु कटान भी जारी है। शनिवार को कस्बे के भूला श्मशान स्थल के समीप नाले में गोवंश के अवशेष पड़े मिले। उक्त मामले को लेकर कस्बे में हड़कंप मच गया। लोगों में अवैध कटान के विरोध में आक्रोश है। मोके पर पहुंचे भाजपा युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष मोहित मुखिया एवं अन्य कार्यकर्ताओं ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने गोवंश के कटे हुए अवशेष को गड्ढा खुदवा कर दबा दिया। इस संबंध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत भेजकर उक्त मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की। थाना प्रभारी राकेश पुंडीर का कहना है कि मीट के अवशेष कई दिन पुराने है। मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
द्रव्य छः हैं - जीव, पुद्गल, धर्म, अधर्म, आकाश और काल इनमें साधारण और असाधारण दोनों प्रकार के अनन्त गुण और उनकी विविध प्रकार की पर्यायें तादात्म्य रूप से स्थित है। साधारण गुण वे कहलाते हैं जो एकाधिक द्रव्यों में या सव द्रव्यों में पाये जाते हैं । अस्तित्व, वत्तुत्व, प्रमेयत्व आदि सव द्रव्यों में पाये जानेवाले साधारण गुण हैं और अमूर्तत्व यह पुद्गल के सिवा शेप द्रव्यों में पाया जानेवाला साधारण गुण है। साधारण गुरण वे कहलाते हैं जो प्रत्येक द्रव्य की विशेषता रखते हैं। जीव में चेतना आदि, पुद्गल में रूप आदि, धर्म में गतिहेतुत्व आदि में स्थितिहेतुत्व दाल में वर्तनहेतुत्व आदि उस उस द्रव्य के विशेष गुण हैं। ये प्रत्येक द्रव्य की अनुजीवी शक्तियाँ । इनसे ही उस उस द्रव्य की स्वतंन्त्र सत्ता जानी जाती है । जिस द्रव्य के जितने गुण है उतनी ही प्रति समय उनकी पर्यायें होती है । पर्यायें बदलती रहती हैं । द्रव्य को गुरण पर्यायवाला कहने का हेतु यही है ॥ ३८ ॥ काल द्रव्य की स्वीकारता और उसका कार्य* कालय ॥ ३९ ।। सोऽनन्तसमयः ॥ ४० ॥ काल भी द्रव्य है । वह अनन्त समय ( पर्याय ) वाला है । पहले काल के उपकारों पर प्रकाश डाल आये हैं परन्तु वह भी द्रव्य है ऐसा विधान नहीं किया है इसलिये यहाँ उसे द्रव्य रूप से स्वीकार किया गया है । * श्वेताम्बर परम्परा में 'कालश्चेत्येके' ऐसा पाठ है । तदनुसार वे काल को एकमत से द्रव्य स्वीकार नहीं करते ।
द्रव्य छः हैं - जीव, पुद्गल, धर्म, अधर्म, आकाश और काल इनमें साधारण और असाधारण दोनों प्रकार के अनन्त गुण और उनकी विविध प्रकार की पर्यायें तादात्म्य रूप से स्थित है। साधारण गुण वे कहलाते हैं जो एकाधिक द्रव्यों में या सव द्रव्यों में पाये जाते हैं । अस्तित्व, वत्तुत्व, प्रमेयत्व आदि सव द्रव्यों में पाये जानेवाले साधारण गुण हैं और अमूर्तत्व यह पुद्गल के सिवा शेप द्रव्यों में पाया जानेवाला साधारण गुण है। साधारण गुरण वे कहलाते हैं जो प्रत्येक द्रव्य की विशेषता रखते हैं। जीव में चेतना आदि, पुद्गल में रूप आदि, धर्म में गतिहेतुत्व आदि में स्थितिहेतुत्व दाल में वर्तनहेतुत्व आदि उस उस द्रव्य के विशेष गुण हैं। ये प्रत्येक द्रव्य की अनुजीवी शक्तियाँ । इनसे ही उस उस द्रव्य की स्वतंन्त्र सत्ता जानी जाती है । जिस द्रव्य के जितने गुण है उतनी ही प्रति समय उनकी पर्यायें होती है । पर्यायें बदलती रहती हैं । द्रव्य को गुरण पर्यायवाला कहने का हेतु यही है ॥ अड़तीस ॥ काल द्रव्य की स्वीकारता और उसका कार्य* कालय ॥ उनतालीस ।। सोऽनन्तसमयः ॥ चालीस ॥ काल भी द्रव्य है । वह अनन्त समय वाला है । पहले काल के उपकारों पर प्रकाश डाल आये हैं परन्तु वह भी द्रव्य है ऐसा विधान नहीं किया है इसलिये यहाँ उसे द्रव्य रूप से स्वीकार किया गया है । * श्वेताम्बर परम्परा में 'कालश्चेत्येके' ऐसा पाठ है । तदनुसार वे काल को एकमत से द्रव्य स्वीकार नहीं करते ।
RANCHI : कास्ट, रेसिडेंशियल और इन्कम सर्टिफिकेट बनवाने के लिए अब सीओ, एसडीओ अथवा डीसी ऑफिस का महीनों चक्कर नहीं लगाना होगा। आवेदकों को 24 घंटे के अंदर ये सर्टिफिकेट इश्यू किए जाएंगे। इसके लिए 'तत्काल प्रमाण पत्र सेवा' लांच की गई है। इस सेवा का फायदा उन्हें मिलेगा जिन्हें तत्काल नौकरी के लिए इंटरव्यू देना हो अथवा किसी संस्थान में दाखिला लेना हो। इसके अलावा सामान्य परिस्थितियों में आवेदकों को आवेदन करने की तिथि से 10 दिनों के अंदर कास्ट, इन्कम या रेसिडेंशियल सर्टिफिकेट इश्यू किए जाएंगे। सरकार के तत्काल प्रमाण पत्र सेवा लांच किए जाने के बाद से सीओ ऑफिस में आवेदन देने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कास्ट, रेसिडेंशियल और इन्कम समेत अन्य सर्टिफिकेट इश्यू करने के लिए सेवा की गारंटी अधिनियम के तहत 30 दिन की समय सीमा निर्धारित की गई है। लेकिन, हकीकत में आवेदकों को ये सर्टिफिकेट लेने में दो महीने से भी ज्यादा वक्त लग जाता है। इसकी वजह सर्टिफिकेट इश्यू करने को लेकर कई अहम दस्तावेजों की मांग व उसका वैरीफिकेशन है। ऐसे में नियोजन अथवा नामांकन को लेकर स्टूडेंट्स को किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसकी तत्काल प्रमाण पत्र सेवा शुरू की गई है। इसके तहत नियोजन व नामांकन के मामलों में 24 घंटे के अंदर जरूरी सर्टिफिकेट इश्यू कर दिए जाएंगे। तत्काल प्रमाण पत्र सेवा के तहत कास्ट, रेसिडेंशियल अथवा इन्कम सर्टिफिकेट बनाने के लिए आवेदक को संबंधित कार्यालय अथवा संस्थान, जिनके द्वारा सर्टिफिकेट की मांग की गई हो, उसकी एक प्रति आवेदन के साथ अटैच करनी होगी। ऑनलाइन आवेदन के मामले में आवेदक को संबंधित कार्यालय एवं संस्थान द्वारा जारी मांग पत्र के आधार पर स्थानीय सीओ, बीडीओ, एसडीओ, एसी, डीसी से तत्काल सेवा के लिए अहर्ता का वैरीफिकेशन कराना आवश्यक होगा। इसके अलावा नियोजन, नामांकन अथवा सरकारी योजनाओं के मामले में अगर कास्ट, इन्कम अथवा रेसिडेंशियल सर्टिफिकेट की मांग के लिए 30 दिनों से कम का वक्त दिया जाता है तो ऐसे मामले तत्काल प्रमाण पत्र सेवा के तहत आएंगे। तत्काल प्रमाण पत्र सेवा के तहत विशेष परिस्थितियों में जहां आवेदक को 24 घंटे के अंदर कास्ट, रेसिडेंशियल या इन्कम सर्टिफिकेट इश्यू कर दिया जाएगा, वहीं सामान स्थिति में ये सर्टिफिकेट इश्यू करने की समय सीमा आवेदन देने की तिथि से 10 दिनों का कार्य दिवस तय किया गया है। पहले झारखंड राज्य सेवा गांरटी अधिनियम केयह समय सीमा 30 दिन निर्धारित थी।
RANCHI : कास्ट, रेसिडेंशियल और इन्कम सर्टिफिकेट बनवाने के लिए अब सीओ, एसडीओ अथवा डीसी ऑफिस का महीनों चक्कर नहीं लगाना होगा। आवेदकों को चौबीस घंटाटे के अंदर ये सर्टिफिकेट इश्यू किए जाएंगे। इसके लिए 'तत्काल प्रमाण पत्र सेवा' लांच की गई है। इस सेवा का फायदा उन्हें मिलेगा जिन्हें तत्काल नौकरी के लिए इंटरव्यू देना हो अथवा किसी संस्थान में दाखिला लेना हो। इसके अलावा सामान्य परिस्थितियों में आवेदकों को आवेदन करने की तिथि से दस दिनों के अंदर कास्ट, इन्कम या रेसिडेंशियल सर्टिफिकेट इश्यू किए जाएंगे। सरकार के तत्काल प्रमाण पत्र सेवा लांच किए जाने के बाद से सीओ ऑफिस में आवेदन देने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कास्ट, रेसिडेंशियल और इन्कम समेत अन्य सर्टिफिकेट इश्यू करने के लिए सेवा की गारंटी अधिनियम के तहत तीस दिन की समय सीमा निर्धारित की गई है। लेकिन, हकीकत में आवेदकों को ये सर्टिफिकेट लेने में दो महीने से भी ज्यादा वक्त लग जाता है। इसकी वजह सर्टिफिकेट इश्यू करने को लेकर कई अहम दस्तावेजों की मांग व उसका वैरीफिकेशन है। ऐसे में नियोजन अथवा नामांकन को लेकर स्टूडेंट्स को किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसकी तत्काल प्रमाण पत्र सेवा शुरू की गई है। इसके तहत नियोजन व नामांकन के मामलों में चौबीस घंटाटे के अंदर जरूरी सर्टिफिकेट इश्यू कर दिए जाएंगे। तत्काल प्रमाण पत्र सेवा के तहत कास्ट, रेसिडेंशियल अथवा इन्कम सर्टिफिकेट बनाने के लिए आवेदक को संबंधित कार्यालय अथवा संस्थान, जिनके द्वारा सर्टिफिकेट की मांग की गई हो, उसकी एक प्रति आवेदन के साथ अटैच करनी होगी। ऑनलाइन आवेदन के मामले में आवेदक को संबंधित कार्यालय एवं संस्थान द्वारा जारी मांग पत्र के आधार पर स्थानीय सीओ, बीडीओ, एसडीओ, एसी, डीसी से तत्काल सेवा के लिए अहर्ता का वैरीफिकेशन कराना आवश्यक होगा। इसके अलावा नियोजन, नामांकन अथवा सरकारी योजनाओं के मामले में अगर कास्ट, इन्कम अथवा रेसिडेंशियल सर्टिफिकेट की मांग के लिए तीस दिनों से कम का वक्त दिया जाता है तो ऐसे मामले तत्काल प्रमाण पत्र सेवा के तहत आएंगे। तत्काल प्रमाण पत्र सेवा के तहत विशेष परिस्थितियों में जहां आवेदक को चौबीस घंटाटे के अंदर कास्ट, रेसिडेंशियल या इन्कम सर्टिफिकेट इश्यू कर दिया जाएगा, वहीं सामान स्थिति में ये सर्टिफिकेट इश्यू करने की समय सीमा आवेदन देने की तिथि से दस दिनों का कार्य दिवस तय किया गया है। पहले झारखंड राज्य सेवा गांरटी अधिनियम केयह समय सीमा तीस दिन निर्धारित थी।
एक्टर Bikramjeet Kanwarpal का कोरोना से निधन,सेवन हिल्स अस्पताल थे एडमिट। सुनील थपलियाल ने चखाया पिस्यु ल्वौंण का स्वाद,गीत को खूब पसंद कर रहे श्रोता। चिफली घिची गीत बना दर्शकों की पसंद,यूट्यूब पर बटोरे लाखों व्यूज। गीताराम कंसवाल के इस गीत ने मचाई धूम, लाखों दर्शकों ने किया पसंद।
एक्टर Bikramjeet Kanwarpal का कोरोना से निधन,सेवन हिल्स अस्पताल थे एडमिट। सुनील थपलियाल ने चखाया पिस्यु ल्वौंण का स्वाद,गीत को खूब पसंद कर रहे श्रोता। चिफली घिची गीत बना दर्शकों की पसंद,यूट्यूब पर बटोरे लाखों व्यूज। गीताराम कंसवाल के इस गीत ने मचाई धूम, लाखों दर्शकों ने किया पसंद।
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। लाइपत्सिग जर्मनी के सैक्सनी राज्य के दो सबसे बड़े नगरों में से एक (अन्य ड्रॅस्डन) है। लिपजिग देश की राजधानी बर्लिन से २०० किमी दक्षिण में है। सन् २०१० में कन्सल्टिंग फ़र्म मर्सर द्वारा लिपजिग को विश्वभर के रहने योग्य नगरों की सूची में ६८वें स्थान पर रखा गया था। २०१० में ही न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा लिपजिग को घूमने योग्य नगरों की सूची में शीर्ष दस में रखा गया था। श्रेणीःजर्मनी के नगर. सिग्मण्ड फ्रायड सिगमंड फ्रायड (6 मई 1856 -- 23 सितम्बर 1939) आस्ट्रिया के तंत्रिकाविज्ञानी (neurologist) तथा मनोविश्लेषण के संस्थापक थे। . लाइपत्सिग और सिग्मुंड फ़्रोइड आम में 0 बातें हैं (यूनियनपीडिया में)। लाइपत्सिग 3 संबंध है और सिग्मुंड फ़्रोइड 8 है। वे आम 0 में है, समानता सूचकांक 0.00% है = 0 / (3 + 8)। यह लेख लाइपत्सिग और सिग्मुंड फ़्रोइड के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। लाइपत्सिग जर्मनी के सैक्सनी राज्य के दो सबसे बड़े नगरों में से एक है। लिपजिग देश की राजधानी बर्लिन से दो सौ किमी दक्षिण में है। सन् दो हज़ार दस में कन्सल्टिंग फ़र्म मर्सर द्वारा लिपजिग को विश्वभर के रहने योग्य नगरों की सूची में अड़सठवें स्थान पर रखा गया था। दो हज़ार दस में ही न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा लिपजिग को घूमने योग्य नगरों की सूची में शीर्ष दस में रखा गया था। श्रेणीःजर्मनी के नगर. सिग्मण्ड फ्रायड सिगमंड फ्रायड आस्ट्रिया के तंत्रिकाविज्ञानी तथा मनोविश्लेषण के संस्थापक थे। . लाइपत्सिग और सिग्मुंड फ़्रोइड आम में शून्य बातें हैं । लाइपत्सिग तीन संबंध है और सिग्मुंड फ़्रोइड आठ है। वे आम शून्य में है, समानता सूचकांक शून्य.शून्य% है = शून्य / । यह लेख लाइपत्सिग और सिग्मुंड फ़्रोइड के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
आसनसोल मंडल रेल के शंकरपुर रेलवे स्टेशन के समीप राजकीय रेल पुलिस ने युवक का बरामद किया है। जांच के दौरान शव की शिनाख्त दुमका जिले के जरमुंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत बसबुटिया निवासी वकील यादव (30) के रूप में हुई है। बताया जाता है कि युवक अपने ससुराल शंकरपुर दुर्गा पूजा में आया था और ससुराल में हुए किसी वाद-विवाद में आकर रेल पटरी पर कटकर अपनी जान दे दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
आसनसोल मंडल रेल के शंकरपुर रेलवे स्टेशन के समीप राजकीय रेल पुलिस ने युवक का बरामद किया है। जांच के दौरान शव की शिनाख्त दुमका जिले के जरमुंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत बसबुटिया निवासी वकील यादव के रूप में हुई है। बताया जाता है कि युवक अपने ससुराल शंकरपुर दुर्गा पूजा में आया था और ससुराल में हुए किसी वाद-विवाद में आकर रेल पटरी पर कटकर अपनी जान दे दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
जयपुर, 29 अक्टूबर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पिछले साल अपनी सरकार पर आए संकट को लेकर एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र जादुई संख्या का खेल है और चूंकि वह खुद जादूगर थे तो उनका काम चल गया। साथ ही गहलोत ने कहा कि उनकी सरकार पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी। गहलोत शनिवार को बीकानेर, सीकर, चुरू व जयपुर जिले के दौरे पर थे जहां उन्होंने चार जगहों पर "प्रशासन शहरों/गांवों के संग अभियान" के तहत आयोजित शिविरों का अवलोकन किया। इस दौरान जहां उन्होंने अपनी सरकार के अब तक के काम गिनाए, वहीं वह राज्य सरकार पर पिछले साल आए संकट को लेकर भाजपा व केंद्र सरकार पर कटाक्ष करने से भी नहीं चूके। शाहपुरा के करीरी गांव में एक सभा को संबोधित करते हुए गहलोत ने उक्त संकट के वक्त उनका साथ देने वाले निर्दलीय व बसपा से कांग्रेस में आए छह विधायकों का जिक्र किया और कहा कि इन विधायकों के साथ के कारण उनकी सरकार बची वरना उन्हें पद से इस्तीफा देना पड़ता। उल्लेखनीय है कि तत्कालीन उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट व 18 अन्य विधायकों के गहलोत के नेतृत्व को लेकर बागी रुख अपना लेने से पिछले साल गहलोत सरकार संकट में आ गई थी। हालांकि पार्टी आलाकमान के हस्तक्षेप से मामले को सुलझा लिया गया। इससे पहले बीकानेर के पास बीदासर में उन्होंने लोगों से राज्य में बार बार सरकार बदलने की परंपरा बंद कर अगले चुनाव में एक बार फिर कांग्रेस की सरकार बनाने की अपील की। अपने संबोधनों में गहलोत ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मौजूदा सरकार के लोग धर्म के नाम पर लोगों को बांट रहे हैं। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
जयपुर, उनतीस अक्टूबर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पिछले साल अपनी सरकार पर आए संकट को लेकर एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र जादुई संख्या का खेल है और चूंकि वह खुद जादूगर थे तो उनका काम चल गया। साथ ही गहलोत ने कहा कि उनकी सरकार पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी। गहलोत शनिवार को बीकानेर, सीकर, चुरू व जयपुर जिले के दौरे पर थे जहां उन्होंने चार जगहों पर "प्रशासन शहरों/गांवों के संग अभियान" के तहत आयोजित शिविरों का अवलोकन किया। इस दौरान जहां उन्होंने अपनी सरकार के अब तक के काम गिनाए, वहीं वह राज्य सरकार पर पिछले साल आए संकट को लेकर भाजपा व केंद्र सरकार पर कटाक्ष करने से भी नहीं चूके। शाहपुरा के करीरी गांव में एक सभा को संबोधित करते हुए गहलोत ने उक्त संकट के वक्त उनका साथ देने वाले निर्दलीय व बसपा से कांग्रेस में आए छह विधायकों का जिक्र किया और कहा कि इन विधायकों के साथ के कारण उनकी सरकार बची वरना उन्हें पद से इस्तीफा देना पड़ता। उल्लेखनीय है कि तत्कालीन उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट व अट्ठारह अन्य विधायकों के गहलोत के नेतृत्व को लेकर बागी रुख अपना लेने से पिछले साल गहलोत सरकार संकट में आ गई थी। हालांकि पार्टी आलाकमान के हस्तक्षेप से मामले को सुलझा लिया गया। इससे पहले बीकानेर के पास बीदासर में उन्होंने लोगों से राज्य में बार बार सरकार बदलने की परंपरा बंद कर अगले चुनाव में एक बार फिर कांग्रेस की सरकार बनाने की अपील की। अपने संबोधनों में गहलोत ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मौजूदा सरकार के लोग धर्म के नाम पर लोगों को बांट रहे हैं। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
अभिनेता कार्तिक आर्यन इंटरनेट के 'लेटेस्ट क्रश' हैं। दरअसल, सारा अली खान ने नेशनल टेलीविजन में कहा था कि वह कार्तिक को डेट करना चाहती हैं। सारा ने टॉक शो कॉफी विद करण में कहा था कि कार्तिक उन्हें हॉट लगते हैं और वह उन्हें डेट करनी चाहती है। सारा, 'कॉफी विद करण' में अपने पिता सैफ अली खान के साथ पहुंची थीं। सारा की यह बात इंडस्ट्री मेें तेजी से फैली थी। सारा ही नहीं अनन्या ने भी स्वीकार किया था कि उन्हें भी कार्तिक पर क्रश है। अनन्या ने कहा था कि कार्तिक उन्हें क्यूट लगते हैं। मुंबई मिरर को दिए एक इंटरव्यू में अन्नया ने कहा था कि वह सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें 'भारत के दिलों की धड़कन'(कार्तिक) के साथ काम करने का मौका मिला। कार्तिक ने भी अनन्या के डेब्यू फिल्म 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2' के रिलीज के बाद उन्हें बधाई दी थी। कार्तिक, अनन्या और सारा दोनों के ही साथ इस समय फिल्मों की शूटिंग कर रहे हैं। जहां अन्नया के साथ कार्तिक 'पति पत्नी और वो' के रीमेक में दिखाई देने वाले हैं तो वहीं सारा के साथ कार्तिक, 'लव आजकल 2' की शूटिंग कर रहे हैं। ऐसे में कार्तिक को फिल्म के सिलसिले में अनन्या-सारा दोनों के ही साथ स्पॉट किया जाता है। लोगों को कंफ्यूजन है कि वह ज्यादा बेहतर किस अभिनेत्री को जानते हैं। हाल ही में कार्तिक ने नेहा धूपिया के टॉक शो में शिरकत की। इस दौरान कार्तिक ने उनसे कई सारे सवाल किए। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, जब कार्तिक को अपनी को-स्टार्स अनन्या और सारा में से किसी एक को चुनना था। कार्तिक ने अनन्या का नाम चुना। कार्तिक ने कहा, "मैं इस समय अनन्या को ज्यादा बेहतर जानता हूं। मैं उनके साथ पहले से काम कर रहा हूं। " वहीं, शो के दौरान जब कार्तिक से नेहा ने पूछा कि उन्हें अनन्या के बारे में सबसे खराब चीज क्या लगती है। तो इसके जवाब में कार्तिक ने कहा, "वह सभी को प्यार और प्रशंसा करती है। " सारा को डेट कर रहे हैं कार्तिक!
अभिनेता कार्तिक आर्यन इंटरनेट के 'लेटेस्ट क्रश' हैं। दरअसल, सारा अली खान ने नेशनल टेलीविजन में कहा था कि वह कार्तिक को डेट करना चाहती हैं। सारा ने टॉक शो कॉफी विद करण में कहा था कि कार्तिक उन्हें हॉट लगते हैं और वह उन्हें डेट करनी चाहती है। सारा, 'कॉफी विद करण' में अपने पिता सैफ अली खान के साथ पहुंची थीं। सारा की यह बात इंडस्ट्री मेें तेजी से फैली थी। सारा ही नहीं अनन्या ने भी स्वीकार किया था कि उन्हें भी कार्तिक पर क्रश है। अनन्या ने कहा था कि कार्तिक उन्हें क्यूट लगते हैं। मुंबई मिरर को दिए एक इंटरव्यू में अन्नया ने कहा था कि वह सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें 'भारत के दिलों की धड़कन' के साथ काम करने का मौका मिला। कार्तिक ने भी अनन्या के डेब्यू फिल्म 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर दो' के रिलीज के बाद उन्हें बधाई दी थी। कार्तिक, अनन्या और सारा दोनों के ही साथ इस समय फिल्मों की शूटिंग कर रहे हैं। जहां अन्नया के साथ कार्तिक 'पति पत्नी और वो' के रीमेक में दिखाई देने वाले हैं तो वहीं सारा के साथ कार्तिक, 'लव आजकल दो' की शूटिंग कर रहे हैं। ऐसे में कार्तिक को फिल्म के सिलसिले में अनन्या-सारा दोनों के ही साथ स्पॉट किया जाता है। लोगों को कंफ्यूजन है कि वह ज्यादा बेहतर किस अभिनेत्री को जानते हैं। हाल ही में कार्तिक ने नेहा धूपिया के टॉक शो में शिरकत की। इस दौरान कार्तिक ने उनसे कई सारे सवाल किए। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, जब कार्तिक को अपनी को-स्टार्स अनन्या और सारा में से किसी एक को चुनना था। कार्तिक ने अनन्या का नाम चुना। कार्तिक ने कहा, "मैं इस समय अनन्या को ज्यादा बेहतर जानता हूं। मैं उनके साथ पहले से काम कर रहा हूं। " वहीं, शो के दौरान जब कार्तिक से नेहा ने पूछा कि उन्हें अनन्या के बारे में सबसे खराब चीज क्या लगती है। तो इसके जवाब में कार्तिक ने कहा, "वह सभी को प्यार और प्रशंसा करती है। " सारा को डेट कर रहे हैं कार्तिक!
मनिषा क्यान्सर के उपचार के लिये जसलोक मे भर्ती। काठमाडू, मंसिर १४ - बलिउड हिरोइन मनिषा कोइराला क्यान्सर के उपचार के लिये अस्पताल भर्ती की गयी है। कुछ दिन पहले काठमाडू मे ही विमार होने के कारण मनिषा को बाद मे क्यान्सर होने के वजह से मुम्बई के जसलोक अस्पताल मे भर्ती होने की जानकारि टाइम्स अफ इन्डिया के अनलाइन संस्करण ने दी है। दो दिन पहले मनिषा मुम्बई लायी गइ है । इस महिना के शुरु से ही मनिषा काठमाडू मे थी। कुछ दिन पहले विमार होने का बाद काठमाडू के नर्भिक अस्पताल मे ले जाया जया था। सुरु मे फुड प्वाइजनिङ के आशंका मे उनका उपचार सुरु किया गया था। बाद मे वह बेहोस होने लगी थी तब उसे उपचार के लिये मुम्बई ले जाया गया। मनिषा की मां सुषमा उन्ही के साथ मुम्बई पहुँची है। पिता प्रकाश और छोटा भाई सिद्धार्थ भी मुम्बई जारहें हैं। नेपाली राजनीति के शिखर पुरुष विशेश्वरप्रसाद कोइराला की पौत्री मनिषा ही नही उनका पूरा परिवार ही क्यान्सर पीडित था। कृष्णप्रसाद की तिसरी तथा सबसे छोटी पत्नी दिव्या से पैदा हुये बिपी, केशव और तारणीप्रसाद तिनो को ही क्यान्सर से मृत्यु हुइ थी।
मनिषा क्यान्सर के उपचार के लिये जसलोक मे भर्ती। काठमाडू, मंसिर चौदह - बलिउड हिरोइन मनिषा कोइराला क्यान्सर के उपचार के लिये अस्पताल भर्ती की गयी है। कुछ दिन पहले काठमाडू मे ही विमार होने के कारण मनिषा को बाद मे क्यान्सर होने के वजह से मुम्बई के जसलोक अस्पताल मे भर्ती होने की जानकारि टाइम्स अफ इन्डिया के अनलाइन संस्करण ने दी है। दो दिन पहले मनिषा मुम्बई लायी गइ है । इस महिना के शुरु से ही मनिषा काठमाडू मे थी। कुछ दिन पहले विमार होने का बाद काठमाडू के नर्भिक अस्पताल मे ले जाया जया था। सुरु मे फुड प्वाइजनिङ के आशंका मे उनका उपचार सुरु किया गया था। बाद मे वह बेहोस होने लगी थी तब उसे उपचार के लिये मुम्बई ले जाया गया। मनिषा की मां सुषमा उन्ही के साथ मुम्बई पहुँची है। पिता प्रकाश और छोटा भाई सिद्धार्थ भी मुम्बई जारहें हैं। नेपाली राजनीति के शिखर पुरुष विशेश्वरप्रसाद कोइराला की पौत्री मनिषा ही नही उनका पूरा परिवार ही क्यान्सर पीडित था। कृष्णप्रसाद की तिसरी तथा सबसे छोटी पत्नी दिव्या से पैदा हुये बिपी, केशव और तारणीप्रसाद तिनो को ही क्यान्सर से मृत्यु हुइ थी।
2011 में मध्य विद्यालय परछा के भवन को बारूदी सुरंग से विस्फोट कर उड़ाने, अमहुआ में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ समेत अन्य नक्सली वारदातों में इन नक्सलियों का हाथ रहा है। पुलिस को इनकी तलाश पिछले आठ सालों से थी। बिहार के रोहतास जिले के यदुनाथपुर थाना क्षेत्र के अलग-अलग जगहों से सुरक्षाबलों ने दो नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया। बिहार के रोहतास जिले के यदुनाथपुर थाना क्षेत्र के अलग-अलग जगहों से सुरक्षाबलों ने दो नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया। जिले के नवाडीह और मटियाव गांव से 5 सितंबर की सुबह 8 सालों से फरार चल रहे दो नक्सलियों को छापेमारी कर गिरफ्तार किया गया। 2011 में मध्य विद्यालय परछा के भवन को बारूदी सुरंग से विस्फोट कर उड़ाने, अमहुआ में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ समेत अन्य नक्सली वारदातों में इन नक्सलियों का हाथ रहा है। पुलिस को इनकी तलाश पिछले आठ सालों से थी। सीआरपीएफ की 47वीं कमान के सहायक समादेष्टा सुभाष झा के नेतृत्व में सीआरपीएफ और जिला पुलिस बल के जवानों ने संयुक्त अभियान में यह सफलता हासिल की। जानकारी के मुताबिक, पुलिस को मटियांव के रहने वाले नक्सली तालकेश्वर सिंह और नवाडीह के उमाशंकर राम को उनके गांव आने की सूचना मिली थी। जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए इन दोनों के घर पर छापेमारी कर पुलिस ने इन्हें धर दबोचा। पुलिस के मुताबिक, नक्सली वारदात के बाद पिछले आठ सालों से ये फरार चल रहे थे। साल 2010 के विधान सभा चुनाव के दौरान परछा मध्य विद्यालय में चुनाव कार्य के लिए अर्द्धसैनिक बलों का कैंप लगाया गया था। नक्सलियों ने 31 दिसंबर, 2011 को उस विद्यालय भवन को विस्फोट कर उड़ा दिया था। जिसे मामले में चुटिया थाना में एक दर्जन नामजद व 150 अज्ञात नक्सलियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में पकड़े गए दोनों नक्सली नामजद किए गए थे। वहीं, 2011 में ही तत्कालीन एसपी मनु महाराज के नेतृत्व में अमहुआ के पास जंगल में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में भी ये नक्सली शामिल रहे हैं। हालांकि, अमहुआ मुठभेड़ मामले में उमाशंकर राम फिलवक्त जमानत पर था, परंतु परछा मामले में इसकी तलाश की जा रही थी। जिले में नक्सल उन्मूलन के बाद से दोनों रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में जाकर रह रहे थे। सीआरपीएफ लंबे समय से इनकी गिरफ्तारी की फिराक में थी। इसी बीच उनके गांव आने की सूचना सीआरपीएफ को मिली। इस खुफिया सूचना के आधार पर इनकी गिरफ्तारी हुई।
दो हज़ार ग्यारह में मध्य विद्यालय परछा के भवन को बारूदी सुरंग से विस्फोट कर उड़ाने, अमहुआ में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ समेत अन्य नक्सली वारदातों में इन नक्सलियों का हाथ रहा है। पुलिस को इनकी तलाश पिछले आठ सालों से थी। बिहार के रोहतास जिले के यदुनाथपुर थाना क्षेत्र के अलग-अलग जगहों से सुरक्षाबलों ने दो नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया। बिहार के रोहतास जिले के यदुनाथपुर थाना क्षेत्र के अलग-अलग जगहों से सुरक्षाबलों ने दो नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया। जिले के नवाडीह और मटियाव गांव से पाँच सितंबर की सुबह आठ सालों से फरार चल रहे दो नक्सलियों को छापेमारी कर गिरफ्तार किया गया। दो हज़ार ग्यारह में मध्य विद्यालय परछा के भवन को बारूदी सुरंग से विस्फोट कर उड़ाने, अमहुआ में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ समेत अन्य नक्सली वारदातों में इन नक्सलियों का हाथ रहा है। पुलिस को इनकी तलाश पिछले आठ सालों से थी। सीआरपीएफ की सैंतालीसवीं कमान के सहायक समादेष्टा सुभाष झा के नेतृत्व में सीआरपीएफ और जिला पुलिस बल के जवानों ने संयुक्त अभियान में यह सफलता हासिल की। जानकारी के मुताबिक, पुलिस को मटियांव के रहने वाले नक्सली तालकेश्वर सिंह और नवाडीह के उमाशंकर राम को उनके गांव आने की सूचना मिली थी। जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए इन दोनों के घर पर छापेमारी कर पुलिस ने इन्हें धर दबोचा। पुलिस के मुताबिक, नक्सली वारदात के बाद पिछले आठ सालों से ये फरार चल रहे थे। साल दो हज़ार दस के विधान सभा चुनाव के दौरान परछा मध्य विद्यालय में चुनाव कार्य के लिए अर्द्धसैनिक बलों का कैंप लगाया गया था। नक्सलियों ने इकतीस दिसंबर, दो हज़ार ग्यारह को उस विद्यालय भवन को विस्फोट कर उड़ा दिया था। जिसे मामले में चुटिया थाना में एक दर्जन नामजद व एक सौ पचास अज्ञात नक्सलियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में पकड़े गए दोनों नक्सली नामजद किए गए थे। वहीं, दो हज़ार ग्यारह में ही तत्कालीन एसपी मनु महाराज के नेतृत्व में अमहुआ के पास जंगल में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में भी ये नक्सली शामिल रहे हैं। हालांकि, अमहुआ मुठभेड़ मामले में उमाशंकर राम फिलवक्त जमानत पर था, परंतु परछा मामले में इसकी तलाश की जा रही थी। जिले में नक्सल उन्मूलन के बाद से दोनों रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में जाकर रह रहे थे। सीआरपीएफ लंबे समय से इनकी गिरफ्तारी की फिराक में थी। इसी बीच उनके गांव आने की सूचना सीआरपीएफ को मिली। इस खुफिया सूचना के आधार पर इनकी गिरफ्तारी हुई।
Quick links: पिछले कुछ दिनों में दुनिया के अलग-अलग इलाकों से इस्लाम धर्म की पवित्र पुस्तक कुरान को 'फाड़ने' का मामला सामने आया है। जिसे लेकर कई कट्टरपंथी संगठनों ने ऐसा करने वालों के खिलाफ हिंसा की धमकी दी है। इसे लेकर अब ब्रिटेन की गृहमंत्री सुएला ब्रेवरमेन का बयान सामने आया। ब्रेवरमैन ने कट्टरपंथी संगठनों के हिंसा की धमकी को अभिव्यक्ति की आजादी का मुद्दा बताया। सुएला ब्रेवरमैन ने इस मामले को लेकर मुस्लिम समुदाय को सख्त हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि भी कीमत पर अभिव्यक्ति की आजादी को खत्म नहीं होने दिया जाएगा। ब्रेवरमैन का यह बयान वेस्ट यॉर्कशर के वेकफील्ड मामले के बाद सामने आया है। दरअसल पिछले हफ्ते केटलथोर्प हाई स्कूल में एक 14 साल का बच्चा स्कूल में कुरान ले गया था। मिली जानकारी के अनुसार, इस दौरान पुस्तक का कवर तोड़ा फट गया और कुछ पन्नो पर धूल लग गई। इसके बाद कुछ कट्टरपंथियों ने इसे 'इस्लाम का अपमान करार दे दिया'। अब बच्चे को धमकियां मिल रही हैं। स्कूल ने 4 स्टूडेंट्स को मामले में सस्पेंड कर दिया। घटना की अधिकारी और पुलिस प्रशासन मिलकर जांच कर रहे हैं। स्कूल के हेडमास्टर टुडोर ग्रिफिथ ने कहा, शुरुआती जांच में ऐसा लग रहा है कि इस घटना के पीछे किसी की कोई गलत 'नीयत' नहीं थी। बच्चे की मां ने बताया कि वह ऑटिज्म से पीड़ित है। उसे जान से मारने की धमकियां मिल रही है। इससे उनका बच्चा डर गया है। उसने इस मामले को लेकर माफी मांग ली है। लेकिन काफी लंबे समय से वह मिल रही धमकियों के डर से खाना भी नहीं खा पा रहा है। इस मामले पर बोलते हुए ब्रिटिश गृह मंत्री सुएला ने कहा कि 'धर्म के स्वघोषित ठेकेदारों' को जवाब देने की कोई जरूरत नहीं है। खबरों के अनुसार, ब्रेवरमैन ने कहा कि ब्रिटेन में ईशनिंदा को लेकर कोई कानून नहीं है। हमें इसे लागू करवाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा, "अभिव्यक्ति की आजादी गलत दिशा में जा रही है। इस्लाम को पता हो कि उनके पास अपमान के खिलाफ कोई विशेष सुरक्षा नहीं है।"
Quick links: पिछले कुछ दिनों में दुनिया के अलग-अलग इलाकों से इस्लाम धर्म की पवित्र पुस्तक कुरान को 'फाड़ने' का मामला सामने आया है। जिसे लेकर कई कट्टरपंथी संगठनों ने ऐसा करने वालों के खिलाफ हिंसा की धमकी दी है। इसे लेकर अब ब्रिटेन की गृहमंत्री सुएला ब्रेवरमेन का बयान सामने आया। ब्रेवरमैन ने कट्टरपंथी संगठनों के हिंसा की धमकी को अभिव्यक्ति की आजादी का मुद्दा बताया। सुएला ब्रेवरमैन ने इस मामले को लेकर मुस्लिम समुदाय को सख्त हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि भी कीमत पर अभिव्यक्ति की आजादी को खत्म नहीं होने दिया जाएगा। ब्रेवरमैन का यह बयान वेस्ट यॉर्कशर के वेकफील्ड मामले के बाद सामने आया है। दरअसल पिछले हफ्ते केटलथोर्प हाई स्कूल में एक चौदह साल का बच्चा स्कूल में कुरान ले गया था। मिली जानकारी के अनुसार, इस दौरान पुस्तक का कवर तोड़ा फट गया और कुछ पन्नो पर धूल लग गई। इसके बाद कुछ कट्टरपंथियों ने इसे 'इस्लाम का अपमान करार दे दिया'। अब बच्चे को धमकियां मिल रही हैं। स्कूल ने चार स्टूडेंट्स को मामले में सस्पेंड कर दिया। घटना की अधिकारी और पुलिस प्रशासन मिलकर जांच कर रहे हैं। स्कूल के हेडमास्टर टुडोर ग्रिफिथ ने कहा, शुरुआती जांच में ऐसा लग रहा है कि इस घटना के पीछे किसी की कोई गलत 'नीयत' नहीं थी। बच्चे की मां ने बताया कि वह ऑटिज्म से पीड़ित है। उसे जान से मारने की धमकियां मिल रही है। इससे उनका बच्चा डर गया है। उसने इस मामले को लेकर माफी मांग ली है। लेकिन काफी लंबे समय से वह मिल रही धमकियों के डर से खाना भी नहीं खा पा रहा है। इस मामले पर बोलते हुए ब्रिटिश गृह मंत्री सुएला ने कहा कि 'धर्म के स्वघोषित ठेकेदारों' को जवाब देने की कोई जरूरत नहीं है। खबरों के अनुसार, ब्रेवरमैन ने कहा कि ब्रिटेन में ईशनिंदा को लेकर कोई कानून नहीं है। हमें इसे लागू करवाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा, "अभिव्यक्ति की आजादी गलत दिशा में जा रही है। इस्लाम को पता हो कि उनके पास अपमान के खिलाफ कोई विशेष सुरक्षा नहीं है।"
जलगांव। शिवसेना के एक सांसद द्वारा पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से राष्ट्रपति पद के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के समर्थन की घोषणा का आग्रह करने के एक दिन बाद, पार्टी के एक बागी विधायक ने बुधवार को दावा किया कि 18 सांसदों में से 12 जल्दी ही एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हो जायेंगे। जलगावं जिले में अपने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में संवाददाताओं से बातचीत करते हुये विधायक गुलाब राव पाटिल ने कहा कि शिंदे गुट पार्टी का गौरव बहाल करेगा। पाटिल पूर्ववर्ती उद्धव ठाकरे सरकार में मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने कहा, "हमारे (बागी गुट) पास 55 में से 40 विधायक हैं और 18 में से 12 सांसद हमारे साथ आ रहे हैं। फिर पार्टी किसकी हुई ? मैंने चार सांसदों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की है। हमारे साथ 22 पूर्व विधायक भी हैं। " शिवसेना के लोकसभा सदस्य राहुल शेवाले ने मंगलवार को उद्धव ठाकरे से आग्रह किया कि वह पार्टी के सांसदों से राष्ट्रपति पद की राजग उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करने के लिये कहें क्योंकि मुर्मू आदिवासी हैं और समाज में उनका महती योगदान है। उद्धव ठाकरे गुट और एकनाथ शिंदे गुट के विश्वस्तों ने अपने अपने समूह के असली शिवसेना होने का दावा किया है। शिवसेना के 55 में से 40 विधायक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ हैं। पाटिल ने कहा कि उन्होंने सत्ता के लिए पार्टी नहीं छो़ड़ी बल्कि "सत्ता छोड़ी है जबकि हम मंत्री थे। " उन्होंने कहा "एक नहीं, बल्कि आठ मंत्रियों ने पार्टी छोड़ी, इसका मतलब है कि हम हमारी शिवसेना को बचाना चाहते हैं।
जलगांव। शिवसेना के एक सांसद द्वारा पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से राष्ट्रपति पद के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के समर्थन की घोषणा का आग्रह करने के एक दिन बाद, पार्टी के एक बागी विधायक ने बुधवार को दावा किया कि अट्ठारह सांसदों में से बारह जल्दी ही एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हो जायेंगे। जलगावं जिले में अपने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में संवाददाताओं से बातचीत करते हुये विधायक गुलाब राव पाटिल ने कहा कि शिंदे गुट पार्टी का गौरव बहाल करेगा। पाटिल पूर्ववर्ती उद्धव ठाकरे सरकार में मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने कहा, "हमारे पास पचपन में से चालीस विधायक हैं और अट्ठारह में से बारह सांसद हमारे साथ आ रहे हैं। फिर पार्टी किसकी हुई ? मैंने चार सांसदों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की है। हमारे साथ बाईस पूर्व विधायक भी हैं। " शिवसेना के लोकसभा सदस्य राहुल शेवाले ने मंगलवार को उद्धव ठाकरे से आग्रह किया कि वह पार्टी के सांसदों से राष्ट्रपति पद की राजग उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करने के लिये कहें क्योंकि मुर्मू आदिवासी हैं और समाज में उनका महती योगदान है। उद्धव ठाकरे गुट और एकनाथ शिंदे गुट के विश्वस्तों ने अपने अपने समूह के असली शिवसेना होने का दावा किया है। शिवसेना के पचपन में से चालीस विधायक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ हैं। पाटिल ने कहा कि उन्होंने सत्ता के लिए पार्टी नहीं छो़ड़ी बल्कि "सत्ता छोड़ी है जबकि हम मंत्री थे। " उन्होंने कहा "एक नहीं, बल्कि आठ मंत्रियों ने पार्टी छोड़ी, इसका मतलब है कि हम हमारी शिवसेना को बचाना चाहते हैं।
19वां ओवर लेकर आए बुमराह ने 11 रन दिए। जिसमें मिलर का एक छक्का शामिल है। जीत के लिए 9 रन चाहिए। 18वां ओवर लेकर आए मेरेडिथ ने 9 रन दिए। जिसमें एक चौका शामिल। इसके अलावा इस ओवर में ईशान किशन ने हार्दिक पंड्या को 24 रन के निजी स्कोर पर रन आउट किया। RUN-OUT! 17वां ओवर लेकर आए बुमराह ने 11 रन दिए। जिसमें पंड्या के दो चौके शामिल है। 16वां ओवर लेकर आए कायरन पोलार्ड ने 8 रन दिए। जिसमें सुदर्शन का एक छक्का शामिल है। इसके बाद सुदर्शन (14 रन) हिट विकेट आउट हो गए। B Sai Sudharsan gets out. 15वां ओवर लेकर आए कुमार कार्तिकेय ने 9 रन दिए। जिसमें पंड्या का एक चौका शामिल है। 14वां ओवर लेकर आए मेरेडिथ ने 10 रन दिए। जिसमें हार्दिक पंड्या और सुदर्शन का एक-एक चौका शामिल है। 13वां ओवर लेकर आए मुरुगन अश्विन ने बढ़िया गेंदबाजी करते हुए दो विकेट लिए। अश्विन ने सबसे पहले शुभमन गिल (52 रन) को पोलार्ड के हाथों कैच आउट किया। इसके बाद वृद्धिमान साहा (55 रन) को डेनियल सैम्स के हाथों कैच आउट किया। Shubman Gill and Wriddhiman Saha get out after scoring brisk half-centuries. 12वां ओवर लेकर आए पोलार्ड ने सिर्फ 6 रन दिए। वहीँ शुभमन गिल ने अपना अर्धशतक पूरा किया। 11वां ओवर लेकर आए मेरेडिथ ने बढ़िया गेंदबाजी की और 5 रन दिए। इस ओवर में साहा ने आईपीएल की दूसरी फिफ्टी पूरी की। 10वां ओवर लेकर आए मुरुगन अश्विन ने 7 रन दिए। जिसमें गिल का एक चौका शामिल है। मुंबई. IPL 2022 के ताज़ा सीज़न की 51वीं भिड़ंत में आज, शुक्रवार, 6 मई को गुजरात टाइटंस और मुंबई इंडियंस के बीच (GT vs MI IPL 2022) मुक़ाबला होगा। यह मैच मुंबई ब्रेबोर्न स्टेडियम में शाम 7:30 बजे आरंभ होगा। गौरतलब है कि ये दोनों टीमें इस ताज़ा सीज़न में पहली बार आमने-सामने होंगी। एक तरफ जहां GT इस मैच को जीतकर प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की करने के बुलंद इरादे से मैदान में उतरेगी, वहीं MI की टीम GT के मंसूबों पर पानी फेर सकती है। गुजरात टाइटंस (Gujarat Titans): शुभमन गिल, ऋद्धिमान साहा (Wicket-keeper Batter), साई सुदर्शन, हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya Captain Gujarat Titans), डेविड मिलर (David Miller), राहुल तेवतिया, राशिद खान, अल्जारी जोसेफ (Alzarri Joseph), मोहम्मद शमी (Mohammad Shami), लॉकी फर्ग्यूसन (Lockie Ferguson), प्रदीप सांगवान/यश दयाल। मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians): रोहित शर्मा (Rohit Sharma Captain Mumbai Indians), ईशान किशन (Ishan Kishan Wicket-keeper-Batter), टिम डेविड (Tim Dawid), सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav), तिलक वर्मा (Tilak Varma), कायरन पोलार्ड (Kieron Polard), ऋतिक शौकीन, डेनियल सैम्स (Daniel Sams), कुमार कार्तिकेय, रिले मेरेडिथ (Riley Meredith), जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah)।
उन्नीसवां ओवर लेकर आए बुमराह ने ग्यारह रन दिए। जिसमें मिलर का एक छक्का शामिल है। जीत के लिए नौ रन चाहिए। अट्ठारहवां ओवर लेकर आए मेरेडिथ ने नौ रन दिए। जिसमें एक चौका शामिल। इसके अलावा इस ओवर में ईशान किशन ने हार्दिक पंड्या को चौबीस रन के निजी स्कोर पर रन आउट किया। RUN-OUT! सत्रहवां ओवर लेकर आए बुमराह ने ग्यारह रन दिए। जिसमें पंड्या के दो चौके शामिल है। सोलहवां ओवर लेकर आए कायरन पोलार्ड ने आठ रन दिए। जिसमें सुदर्शन का एक छक्का शामिल है। इसके बाद सुदर्शन हिट विकेट आउट हो गए। B Sai Sudharsan gets out. पंद्रहवां ओवर लेकर आए कुमार कार्तिकेय ने नौ रन दिए। जिसमें पंड्या का एक चौका शामिल है। चौदहवां ओवर लेकर आए मेरेडिथ ने दस रन दिए। जिसमें हार्दिक पंड्या और सुदर्शन का एक-एक चौका शामिल है। तेरहवां ओवर लेकर आए मुरुगन अश्विन ने बढ़िया गेंदबाजी करते हुए दो विकेट लिए। अश्विन ने सबसे पहले शुभमन गिल को पोलार्ड के हाथों कैच आउट किया। इसके बाद वृद्धिमान साहा को डेनियल सैम्स के हाथों कैच आउट किया। Shubman Gill and Wriddhiman Saha get out after scoring brisk half-centuries. बारहवां ओवर लेकर आए पोलार्ड ने सिर्फ छः रन दिए। वहीँ शुभमन गिल ने अपना अर्धशतक पूरा किया। ग्यारहवां ओवर लेकर आए मेरेडिथ ने बढ़िया गेंदबाजी की और पाँच रन दिए। इस ओवर में साहा ने आईपीएल की दूसरी फिफ्टी पूरी की। दसवां ओवर लेकर आए मुरुगन अश्विन ने सात रन दिए। जिसमें गिल का एक चौका शामिल है। मुंबई. IPL दो हज़ार बाईस के ताज़ा सीज़न की इक्यावनवीं भिड़ंत में आज, शुक्रवार, छः मई को गुजरात टाइटंस और मुंबई इंडियंस के बीच मुक़ाबला होगा। यह मैच मुंबई ब्रेबोर्न स्टेडियम में शाम सात:तीस बजे आरंभ होगा। गौरतलब है कि ये दोनों टीमें इस ताज़ा सीज़न में पहली बार आमने-सामने होंगी। एक तरफ जहां GT इस मैच को जीतकर प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की करने के बुलंद इरादे से मैदान में उतरेगी, वहीं MI की टीम GT के मंसूबों पर पानी फेर सकती है। गुजरात टाइटंस : शुभमन गिल, ऋद्धिमान साहा , साई सुदर्शन, हार्दिक पांड्या , डेविड मिलर , राहुल तेवतिया, राशिद खान, अल्जारी जोसेफ , मोहम्मद शमी , लॉकी फर्ग्यूसन , प्रदीप सांगवान/यश दयाल। मुंबई इंडियंस : रोहित शर्मा , ईशान किशन , टिम डेविड , सूर्यकुमार यादव , तिलक वर्मा , कायरन पोलार्ड , ऋतिक शौकीन, डेनियल सैम्स , कुमार कार्तिकेय, रिले मेरेडिथ , जसप्रीत बुमराह ।
नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी हेमंत सैनी ने फरवरी में नियुक्त चार बागवानों की नियुक्ति को शून्य घोषित करते हुए नियुक्ति आदेश वापस ले लिए हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष के कुछ पार्षद नियुक्ति की प्रक्रिया को दूषित बताते हुए निरस्त कराने के लिए एक सप्ताह से आंदोलन कर रहे थे। नगर पालिका प्रशासन द्वारा भ्रष्टाचार करके गलत तरीके से नियुक्त चार बागवानों की भर्ती को निरस्त कराने के लिए भाजपा व कांग्रेस पार्टी के कुछ पार्षद भाजपा नेता यतेंद्र सैनी के नेतृत्व में करीब एक सप्ताह से आंदोलन कर रहे थे। पालिका प्रशासन की खिलाफत करने वाले पार्षदों ने डीएलबी के डॉयरेक्टर, स्वायत्त शासन सचिव, उप निदेशक सहित कई अधिकारियों को ज्ञापन देकर मामले की जांच कराने व नियुक्ति को निरस्त कराने की मांग कर चुके हैं। नियुक्ति का विरोध करने वालों में भाजपा नेता यतेंद्र सैनी, नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र ढेनवाल, पालिका उपाध्यक्ष रुकसाना बानो, पार्षद घनश्याम स्वामी, दिनेश सैनी, उमेश कुमावत, सीताराम जांगिड़, मनीष जांगिड़, तेजस छीपा, शिवदयाल स्वामी, संदीप सोनी, माहिर खान, राधेश्याम रचेता आदि शामिल थे। उदयपुरवाटी नगर पालिका ईओ हेमंत सैनी ने बताया कि नियुक्ति की पत्रावली को चैक करने पर कुछ खामियां थी। आवश्यक दस्तावेज नहीं थे और प्रक्रिया उचित नहीं थी। उच्च अधिकारियों से विचार करने के बाद नियुक्ति को शून्य घोषित करने के आदेश जारी किए गए हैं। भाजपा नेता यतेन्द्र सैनी ने कहा कि बागवानों की नियुक्ति पूरी तरह से नियम विरूद्ध और भ्रष्टाचार से लिप्त भर्ती थी। प्रदेश के युवा इस तरह के भ्रष्ठ आचरण के राजनेताओं के शोषण का शिकार हो रहे है। हम ईमानदारी पूर्वक भर्ती करवाना चाहते हैं। उदयपुरवाटी नगरपालिका पिछले डेढ़ साल से भ्रष्टाचार की यूनिवर्सिटी बन गई है। इसलिए हम एक सप्ताह से आंदोलन कर रहे थे। This website follows the DNPA Code of Ethics.
नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी हेमंत सैनी ने फरवरी में नियुक्त चार बागवानों की नियुक्ति को शून्य घोषित करते हुए नियुक्ति आदेश वापस ले लिए हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष के कुछ पार्षद नियुक्ति की प्रक्रिया को दूषित बताते हुए निरस्त कराने के लिए एक सप्ताह से आंदोलन कर रहे थे। नगर पालिका प्रशासन द्वारा भ्रष्टाचार करके गलत तरीके से नियुक्त चार बागवानों की भर्ती को निरस्त कराने के लिए भाजपा व कांग्रेस पार्टी के कुछ पार्षद भाजपा नेता यतेंद्र सैनी के नेतृत्व में करीब एक सप्ताह से आंदोलन कर रहे थे। पालिका प्रशासन की खिलाफत करने वाले पार्षदों ने डीएलबी के डॉयरेक्टर, स्वायत्त शासन सचिव, उप निदेशक सहित कई अधिकारियों को ज्ञापन देकर मामले की जांच कराने व नियुक्ति को निरस्त कराने की मांग कर चुके हैं। नियुक्ति का विरोध करने वालों में भाजपा नेता यतेंद्र सैनी, नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र ढेनवाल, पालिका उपाध्यक्ष रुकसाना बानो, पार्षद घनश्याम स्वामी, दिनेश सैनी, उमेश कुमावत, सीताराम जांगिड़, मनीष जांगिड़, तेजस छीपा, शिवदयाल स्वामी, संदीप सोनी, माहिर खान, राधेश्याम रचेता आदि शामिल थे। उदयपुरवाटी नगर पालिका ईओ हेमंत सैनी ने बताया कि नियुक्ति की पत्रावली को चैक करने पर कुछ खामियां थी। आवश्यक दस्तावेज नहीं थे और प्रक्रिया उचित नहीं थी। उच्च अधिकारियों से विचार करने के बाद नियुक्ति को शून्य घोषित करने के आदेश जारी किए गए हैं। भाजपा नेता यतेन्द्र सैनी ने कहा कि बागवानों की नियुक्ति पूरी तरह से नियम विरूद्ध और भ्रष्टाचार से लिप्त भर्ती थी। प्रदेश के युवा इस तरह के भ्रष्ठ आचरण के राजनेताओं के शोषण का शिकार हो रहे है। हम ईमानदारी पूर्वक भर्ती करवाना चाहते हैं। उदयपुरवाटी नगरपालिका पिछले डेढ़ साल से भ्रष्टाचार की यूनिवर्सिटी बन गई है। इसलिए हम एक सप्ताह से आंदोलन कर रहे थे। This website follows the DNPA Code of Ethics.
भारत और साउथ अफ्रीका के बीच तीन टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला सेंचुरियन के क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया। हो चुके इस रोमांचक मुकाबले में टीम इण्डिया को एक बार फिर मेजबान साउथ अफ्रीका के हाथों हार का सामना करना पड़ा। इसी के साथ यह टेस्ट सीरीज भी अब मेहमान टीम इण्डिया के हाथों से चली गयी और 2-0 से साउथ अफ्रीका टीम ने अजेय बढ़त बना लिया है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली इस शर्मनाक हार के बाद मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में कप्तान विराट कोहली ने कहा कि, "हमने सोचा था कि यह विकेट वास्तव में सपाट होगी। पर हम बाद में काफी आर्श्चय हुए। मैंने अपने साथी खिलाड़ियों को बताया था कि, टाॅस के पहले विकेट के बारे में हम कुछ भी नहीं कर सकते हैं। ऐसा ही कुछ तब देखने को मिला,जब साउथ अफ्रीका के विकेट पहली पारी में जल्दी आउट हुए। खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में टाॅस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला साउथ अफ्रीका ने किया,जिसमें उसने पहले बल्लेबाजी करते हुए 335 रन बनाए। इसके बाद अपने पहली पारी में बल्लेबाजी करने आयी टीम इण्डिया ने 307 रन ही बना सकी। हालांकि टीम इण्डिया द्वारा बनाए गए पहली पारी में सबसे ज्यादा रन कप्तान विराट कोहली ने खेली,जिसने 217 गेंद पर 153 रन बनाए। इसके बाद अपनी दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने आयी साउथ अफ्रीका की टीम ने भी ज्यादा रन नहीं बना सकी और पूरी टीम महज 258 रनों पर ही सिमट गयी। हालांकि फिर भी यह स्कोर टीम इण्डिया के लिए काफी चुनौतीपुर्ण रहा और 135 रन पहले टीम इण्डिया की पूरी टीम आल आउट हो गई।
भारत और साउथ अफ्रीका के बीच तीन टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला सेंचुरियन के क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया। हो चुके इस रोमांचक मुकाबले में टीम इण्डिया को एक बार फिर मेजबान साउथ अफ्रीका के हाथों हार का सामना करना पड़ा। इसी के साथ यह टेस्ट सीरीज भी अब मेहमान टीम इण्डिया के हाथों से चली गयी और दो-शून्य से साउथ अफ्रीका टीम ने अजेय बढ़त बना लिया है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली इस शर्मनाक हार के बाद मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में कप्तान विराट कोहली ने कहा कि, "हमने सोचा था कि यह विकेट वास्तव में सपाट होगी। पर हम बाद में काफी आर्श्चय हुए। मैंने अपने साथी खिलाड़ियों को बताया था कि, टाॅस के पहले विकेट के बारे में हम कुछ भी नहीं कर सकते हैं। ऐसा ही कुछ तब देखने को मिला,जब साउथ अफ्रीका के विकेट पहली पारी में जल्दी आउट हुए। खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में टाॅस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला साउथ अफ्रीका ने किया,जिसमें उसने पहले बल्लेबाजी करते हुए तीन सौ पैंतीस रन बनाए। इसके बाद अपने पहली पारी में बल्लेबाजी करने आयी टीम इण्डिया ने तीन सौ सात रन ही बना सकी। हालांकि टीम इण्डिया द्वारा बनाए गए पहली पारी में सबसे ज्यादा रन कप्तान विराट कोहली ने खेली,जिसने दो सौ सत्रह गेंद पर एक सौ तिरेपन रन बनाए। इसके बाद अपनी दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने आयी साउथ अफ्रीका की टीम ने भी ज्यादा रन नहीं बना सकी और पूरी टीम महज दो सौ अट्ठावन रनों पर ही सिमट गयी। हालांकि फिर भी यह स्कोर टीम इण्डिया के लिए काफी चुनौतीपुर्ण रहा और एक सौ पैंतीस रन पहले टीम इण्डिया की पूरी टीम आल आउट हो गई।
राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा सप्ताह के अंतर्गत ऊना में 20 अप्रैल तक आमजन को आग के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 14 अप्रैल से शुरू हुए इस कार्यक्रम के उपलक्ष्य में बुधवार को अग्निशमन केंद्र ऊना के कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर अग्निशमन महकमें में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी। वहीं, ऊना शहर में जाकर लोगों को आग की जानकारी देने के लिए पंपलेट बांटे। कार्यक्रम के अंतर्गत नागरिकों को अग्नि से बचाव तथा सावधानी बरतनें के संबंध में जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर लगाए जा रहे है। लोगों को पंपलेट वांटे जा रहे हैं। आग लगने के कारणों व इससे होने वाले नुकसान को लेकर लोगों को बताया जा रहा है। इसके प्रति। अग्निशमन केंद्र ऊना के प्रभारी नितिन धीमान ने इस मौके पर राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा सप्ताह के बारे में बिस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि हर साल 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा सप्ताह मनाया जाता है। 14 अप्रैल 1944 के ही दिन मुंबई में समुद्री जहाज को आग लग गई थी। इस आग को बुझाते हुए 66 फायर फाइटर शहीद हो गए थे। इन शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने व आग से बचाव के उपाय व जागरूक करने के लिए यह सप्ताह 20 अप्रैल तक मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आग की घटनाएं न हो इसके लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। अगर फिर भी आग लग जाती है तो फायर ब्रिगेड ऊना के टॉल फ्री नंबर 101, 01975228101 पर संपर्क करके अग्निशमन विभाग की सहायता ली जा सकती है। चिंतपूर्णी। स्थानीय विधायक बलबीर चौधरी ने बुधवार के दिन लाइन में खड़े होकर माता चिंतपूर्णी के दरबार में पहुंच कर शीश नवाया। उन्होंने लिफ्ट वाली तरफ से न जाकर पोढियों से लाइन में दर्शनों का सौभाग्य प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि मन में इच्छा थी कि सीधे रास्ते से ही आकर लाइन में लग कर दर्शन कर पाऊं और कुछ समय इस तरह से माता के चरणों में व्यतीत कर पाऊं। मन्दिर में ज्यादा भीड़ नहीं है। इस अवसर पर निरंजन कालिया, रामदेव गुजराल, एसडीओ आर के जसवाल, राजपाल संजीव रतन इत्यादि उपस्थित थे।
राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा सप्ताह के अंतर्गत ऊना में बीस अप्रैल तक आमजन को आग के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। चौदह अप्रैल से शुरू हुए इस कार्यक्रम के उपलक्ष्य में बुधवार को अग्निशमन केंद्र ऊना के कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर अग्निशमन महकमें में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी। वहीं, ऊना शहर में जाकर लोगों को आग की जानकारी देने के लिए पंपलेट बांटे। कार्यक्रम के अंतर्गत नागरिकों को अग्नि से बचाव तथा सावधानी बरतनें के संबंध में जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर लगाए जा रहे है। लोगों को पंपलेट वांटे जा रहे हैं। आग लगने के कारणों व इससे होने वाले नुकसान को लेकर लोगों को बताया जा रहा है। इसके प्रति। अग्निशमन केंद्र ऊना के प्रभारी नितिन धीमान ने इस मौके पर राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा सप्ताह के बारे में बिस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि हर साल चौदह अप्रैल से बीस अप्रैल तक राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा सप्ताह मनाया जाता है। चौदह अप्रैल एक हज़ार नौ सौ चौंतालीस के ही दिन मुंबई में समुद्री जहाज को आग लग गई थी। इस आग को बुझाते हुए छयासठ फायर फाइटर शहीद हो गए थे। इन शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने व आग से बचाव के उपाय व जागरूक करने के लिए यह सप्ताह बीस अप्रैल तक मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आग की घटनाएं न हो इसके लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। अगर फिर भी आग लग जाती है तो फायर ब्रिगेड ऊना के टॉल फ्री नंबर एक सौ एक, एक नौ सात पाँच दो दो आठ एक शून्य एक पर संपर्क करके अग्निशमन विभाग की सहायता ली जा सकती है। चिंतपूर्णी। स्थानीय विधायक बलबीर चौधरी ने बुधवार के दिन लाइन में खड़े होकर माता चिंतपूर्णी के दरबार में पहुंच कर शीश नवाया। उन्होंने लिफ्ट वाली तरफ से न जाकर पोढियों से लाइन में दर्शनों का सौभाग्य प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि मन में इच्छा थी कि सीधे रास्ते से ही आकर लाइन में लग कर दर्शन कर पाऊं और कुछ समय इस तरह से माता के चरणों में व्यतीत कर पाऊं। मन्दिर में ज्यादा भीड़ नहीं है। इस अवसर पर निरंजन कालिया, रामदेव गुजराल, एसडीओ आर के जसवाल, राजपाल संजीव रतन इत्यादि उपस्थित थे।
Meerut:आंदोलनकारी वकीलों ने शनिवार को सुबह के समय कचहरी परिसर में पहुंचे कर्मचारियों को हाथों में डंडे लेकर दौड़ा लिया। इस दौरान उन्होंने कई कर्मियों की धुनाई भी की। हालांकि वरिष्ठ वकीलों ने उन्हें ऐसा करने से रोका। कचहरी, कलक्ट्रेट और कमिश्नरी के आसपास के क्षेत्र सुबह से देर शाम तक पुलिस छावनी बने रहे। आंदोलन के मद्देनजर पुलिस और पीएसी के साथ ही आरएएफ, घुड़सवार पुलिस को भी तैनात किया गया था। एडीएम सिटी एसके दूबे, एडी एमएलए डीपी श्रीवास्तव, एसपी सिटी ओमप्रकाश समेत अन्य सभी अधिकारी पूरे दिन आंदोलन पर नजर रखे रहे। राष्ट्रीय क्रांति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जुलूस निकाला। साथ ही मेगा लोक अदालत का पुतला दहन किया। मोर्चा कार्यकर्ता आज हनुमान मंदिर पश्चिमी कचहरी गेट पर एकत्र हुए और मेगा लोक अदालत के बहिष्कार के नारे लगाए। इसके बाद जुलूस के रूप में मोर्चा अध्यक्ष देवकरण शर्मा व महामंत्री प्रमोद चौधरी के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए कचहरी के जजी गेट के पास पहुंचे। वहां मेगा लोक अदालत का पुतला दहन किया। मेगा लोक अदालत के बहिष्कार पर अडिग वकीलों ने शनिवार को आंदोलन को धार देने के लिए राउंड मोर्चा भी बनाया। इस मोर्चा में अधिकांश युवा अधिवक्ता व छात्र संगठन के पदाधिकारी व छात्र-छात्राएं शामिल रहे। मोर्चा में शामिल लोगों ने कचहरी परिसर के आसपास दर्जनों बार जुलूस निकाला। हाईकोर्ट बेंच की मांग के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। साथ ही मेगा लोक अदालत के बहिष्कार भी घोषणा की।
Meerut:आंदोलनकारी वकीलों ने शनिवार को सुबह के समय कचहरी परिसर में पहुंचे कर्मचारियों को हाथों में डंडे लेकर दौड़ा लिया। इस दौरान उन्होंने कई कर्मियों की धुनाई भी की। हालांकि वरिष्ठ वकीलों ने उन्हें ऐसा करने से रोका। कचहरी, कलक्ट्रेट और कमिश्नरी के आसपास के क्षेत्र सुबह से देर शाम तक पुलिस छावनी बने रहे। आंदोलन के मद्देनजर पुलिस और पीएसी के साथ ही आरएएफ, घुड़सवार पुलिस को भी तैनात किया गया था। एडीएम सिटी एसके दूबे, एडी एमएलए डीपी श्रीवास्तव, एसपी सिटी ओमप्रकाश समेत अन्य सभी अधिकारी पूरे दिन आंदोलन पर नजर रखे रहे। राष्ट्रीय क्रांति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जुलूस निकाला। साथ ही मेगा लोक अदालत का पुतला दहन किया। मोर्चा कार्यकर्ता आज हनुमान मंदिर पश्चिमी कचहरी गेट पर एकत्र हुए और मेगा लोक अदालत के बहिष्कार के नारे लगाए। इसके बाद जुलूस के रूप में मोर्चा अध्यक्ष देवकरण शर्मा व महामंत्री प्रमोद चौधरी के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए कचहरी के जजी गेट के पास पहुंचे। वहां मेगा लोक अदालत का पुतला दहन किया। मेगा लोक अदालत के बहिष्कार पर अडिग वकीलों ने शनिवार को आंदोलन को धार देने के लिए राउंड मोर्चा भी बनाया। इस मोर्चा में अधिकांश युवा अधिवक्ता व छात्र संगठन के पदाधिकारी व छात्र-छात्राएं शामिल रहे। मोर्चा में शामिल लोगों ने कचहरी परिसर के आसपास दर्जनों बार जुलूस निकाला। हाईकोर्ट बेंच की मांग के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। साथ ही मेगा लोक अदालत के बहिष्कार भी घोषणा की।
अगर आप नया गेमिंग टैबलेट खरीदना चाहते हैं तो Flipkart पर मिल रही डील का फायदा जरूर उठाना चाहिए। 4GB रैम वाले Realme Pad पर बड़ा डिस्काउंट मिल रहा है और बैंक ऑफर्स के साथ इसे और भी कम कीमत पर खरीदा जा सकता है। मार्केट में अलग-अलग कीमत वाले ढेरों टैबलेट्स मौजूद हैं दमदार प्रोसेसर के अलावा कम से कम 4GB रैम होना जरूरी है। रियलमी के टैबलेट Realme Pad (Wifi+4G) की कीमत 29,999 रुपये है और सेल के दौरान इसे 43 प्रतिशत डिस्काउंट के बाद 16,999 रुपये में लिस्ट किया गया है। फ्लिपकार्ट एक्सिस बैंक कार्ड की मदद से भुगतान करने पर 5 प्रतिशत का अतिरिक्त डिस्काउंट दिया जा रहा है। फ्लिपकार्ट पे लेटर के लिए साइन-अप करने पर 500 रुपये का गिफ्टकार्ड मिलेगा। अगर आप Realme Pad का मॉडल खरीदते हैं, जो 3GB रैम के साथ आता है तो इसे 21,999 रुपये के बजाय 12,999 रुपये में खरीदा जा सकता है। इस वेरियंट पर भी बैंक और एक्सचेंज डिस्काउंट्स मिल रहे हैं। हालांकि, इसकी गेमिंग परफॉर्मेंस पिछले मॉडल जितनी दमदार नहीं होगी।
अगर आप नया गेमिंग टैबलेट खरीदना चाहते हैं तो Flipkart पर मिल रही डील का फायदा जरूर उठाना चाहिए। चारGB रैम वाले Realme Pad पर बड़ा डिस्काउंट मिल रहा है और बैंक ऑफर्स के साथ इसे और भी कम कीमत पर खरीदा जा सकता है। मार्केट में अलग-अलग कीमत वाले ढेरों टैबलेट्स मौजूद हैं दमदार प्रोसेसर के अलावा कम से कम चारGB रैम होना जरूरी है। रियलमी के टैबलेट Realme Pad की कीमत उनतीस,नौ सौ निन्यानवे रुपयापये है और सेल के दौरान इसे तैंतालीस प्रतिशत डिस्काउंट के बाद सोलह,नौ सौ निन्यानवे रुपयापये में लिस्ट किया गया है। फ्लिपकार्ट एक्सिस बैंक कार्ड की मदद से भुगतान करने पर पाँच प्रतिशत का अतिरिक्त डिस्काउंट दिया जा रहा है। फ्लिपकार्ट पे लेटर के लिए साइन-अप करने पर पाँच सौ रुपयापये का गिफ्टकार्ड मिलेगा। अगर आप Realme Pad का मॉडल खरीदते हैं, जो तीनGB रैम के साथ आता है तो इसे इक्कीस,नौ सौ निन्यानवे रुपयापये के बजाय बारह,नौ सौ निन्यानवे रुपयापये में खरीदा जा सकता है। इस वेरियंट पर भी बैंक और एक्सचेंज डिस्काउंट्स मिल रहे हैं। हालांकि, इसकी गेमिंग परफॉर्मेंस पिछले मॉडल जितनी दमदार नहीं होगी।
तमिलनाडु को एक स्वतंत्र देश बनाने की मांग संबंधी द्रमुक नेता के बयान को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सी टी रवि ने सोमवार को क्षेत्रीय पार्टी की द्रविड़ राजनीति की विफलता की स्वीकारोक्ति करार दिया। जे पी नड्डा की अगुवाई वाली भारतीय जनता पार्टी पार्टी के तमिलनाडु प्रदेश प्रभारी रवि ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की बढ़ती लोकप्रियता ने वहां सत्तारूढ़ द्रमुक की बेचैनी बढा दी है । द्रमुक नेता ए राजा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से 'राज्य स्वायत्तता' देने और स्वतंत्र देश की मांग के लिये मजबूर नहीं करने का आग्रह किया था । कर्नाटक के चिकमंगलूर से विधायक रवि ने 2023 के राज्य विधानसभा चुनावों में पार्टी की जीत की भविष्यवाणी करने वाले प्रदेश कांग्रेस के दावों की तुलना "शोर करने वाले खाली जहाजों"से की। उन्होंने कहा कि आम तौर पर कांग्रेस चुनावों से पहले बहुत शोर मचाती है और पार्टी के लिए "इस तरह की बनी चीजों"को पेश करना आम बात है, उन्होंने कहा कि इस तरह के सर्वेक्षण भाजपा में लगातार किए जाते हैं और पार्टी इसे सिर्फ चुनावों के लिए नहीं करती है । भाजपा के मुख्यमंत्री उम्मीदवार के चेहरे के बारे में पूछे जाने के सवाल पर रवि ने कहा कि जब चुनव आयेगा, तो भाजपा संसदीय बोर्ड इसका फैसला करेगा ।
तमिलनाडु को एक स्वतंत्र देश बनाने की मांग संबंधी द्रमुक नेता के बयान को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सी टी रवि ने सोमवार को क्षेत्रीय पार्टी की द्रविड़ राजनीति की विफलता की स्वीकारोक्ति करार दिया। जे पी नड्डा की अगुवाई वाली भारतीय जनता पार्टी पार्टी के तमिलनाडु प्रदेश प्रभारी रवि ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की बढ़ती लोकप्रियता ने वहां सत्तारूढ़ द्रमुक की बेचैनी बढा दी है । द्रमुक नेता ए राजा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से 'राज्य स्वायत्तता' देने और स्वतंत्र देश की मांग के लिये मजबूर नहीं करने का आग्रह किया था । कर्नाटक के चिकमंगलूर से विधायक रवि ने दो हज़ार तेईस के राज्य विधानसभा चुनावों में पार्टी की जीत की भविष्यवाणी करने वाले प्रदेश कांग्रेस के दावों की तुलना "शोर करने वाले खाली जहाजों"से की। उन्होंने कहा कि आम तौर पर कांग्रेस चुनावों से पहले बहुत शोर मचाती है और पार्टी के लिए "इस तरह की बनी चीजों"को पेश करना आम बात है, उन्होंने कहा कि इस तरह के सर्वेक्षण भाजपा में लगातार किए जाते हैं और पार्टी इसे सिर्फ चुनावों के लिए नहीं करती है । भाजपा के मुख्यमंत्री उम्मीदवार के चेहरे के बारे में पूछे जाने के सवाल पर रवि ने कहा कि जब चुनव आयेगा, तो भाजपा संसदीय बोर्ड इसका फैसला करेगा ।
मुंबई। शाहिद कपूर का कहना है कि वह भी उस दौर से गुजर चुके हैं जब दिल टूटने के बाद वह "खुद को नुकसान पहुंचाना" चाहते थे। उनके लिये इन नकारात्मक भावनाओं से उबरने का एक तरीका यह था कि वह अपने काम में पूरी जान झोंक दें। अपनी हालिया फिल्म 'कबीर सिंह' में शाहिद ने एक सर्जन की भूमिका निभायी है जो दिल टूटने के बाद खुद को नुकसान पहुंचाता है। शाहिद ने कहा कि अगर प्यार सच्चा होता है तो वहां गुस्सा भी उतना ही जोरदार हो सकता है। कबीर सिंह एक ऐसा चरण है जो हर किसी के जीवन में आता है और इसी वजह से मैं इस किरदार से जुड़ पाया। शाहिद ने कहा कि उन्होंने अपनी नकारात्मक भावनाओं को कहीं और लगाया। उन्होंने कहा, "आपको हर किस्म की नकारात्मक भावना को कोई और दिशा देनी होगी और इन्हें सकारात्मकता में बदलना होगा नहीं तो ये आपको गर्त में ले जायेंगी। दिल टूटना भी इन्हीं नकरात्मकताओं में से एक है। आपको इन्हें कहीं और इस्तेमाल करने की कला सीखनी होगी। अगर आप ऐसा नहीं कर सकते तो आप कबीर सिंह बन जायेंगे। यह फिल्म 21 जून को रिलीज होगी।
मुंबई। शाहिद कपूर का कहना है कि वह भी उस दौर से गुजर चुके हैं जब दिल टूटने के बाद वह "खुद को नुकसान पहुंचाना" चाहते थे। उनके लिये इन नकारात्मक भावनाओं से उबरने का एक तरीका यह था कि वह अपने काम में पूरी जान झोंक दें। अपनी हालिया फिल्म 'कबीर सिंह' में शाहिद ने एक सर्जन की भूमिका निभायी है जो दिल टूटने के बाद खुद को नुकसान पहुंचाता है। शाहिद ने कहा कि अगर प्यार सच्चा होता है तो वहां गुस्सा भी उतना ही जोरदार हो सकता है। कबीर सिंह एक ऐसा चरण है जो हर किसी के जीवन में आता है और इसी वजह से मैं इस किरदार से जुड़ पाया। शाहिद ने कहा कि उन्होंने अपनी नकारात्मक भावनाओं को कहीं और लगाया। उन्होंने कहा, "आपको हर किस्म की नकारात्मक भावना को कोई और दिशा देनी होगी और इन्हें सकारात्मकता में बदलना होगा नहीं तो ये आपको गर्त में ले जायेंगी। दिल टूटना भी इन्हीं नकरात्मकताओं में से एक है। आपको इन्हें कहीं और इस्तेमाल करने की कला सीखनी होगी। अगर आप ऐसा नहीं कर सकते तो आप कबीर सिंह बन जायेंगे। यह फिल्म इक्कीस जून को रिलीज होगी।
झारखंड विधानसभा में 85 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट पेश करने के बाद सीएम रघुवर दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि पिछले चार साल में उनकी सरकार ने सभी क्षेत्रों में काम किया है और सारे काम धरातल पर दिख भी रहे हैं. सीएम ने कहा कि सूबे में कृषि के क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है. कृषि क्षेत्र में पिछले चार साल में 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. बतौर सीएम बच्चियों के लिए भी सरकार ने कई कदम उठाये हैं. कई योजनाओं को शुरू किया गया है. पत्रकारों के लिए पेंशन योजना पर भी सरकार विचार कर रही है. विधवा व दिव्यांगों को एक हजार रुपया पेंशन के रूप में देने का प्रावधान किया गया है. सीएम ने कहा कि नई कृषि आशीर्वाद योजना के लिए दो हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. उन्होंने कहा कि वे सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें पांचवीं बार बजट पेश करने का मौका मिला. ऐसा राजनीतिक स्थिरता के कारण संभव हो सका. बतौर रघुवर झारखंड विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है. इसके लिए उन्होंने सभी को श्रेय दिया. रघुवर दास ने कहा कि हमारा शासन जनता के प्रति जवाबदेह है और हमने जाे घोषणाएं की थीं, उन सभी को जमीन पर उतारा है. उनके मुताबिक किसानों को इतना मजबूत करना है कि वे कर्ज देने वाला बन सकें. हर सेक्टर में झारखंड विकास की ओर अग्रसर है. देश का सबसे बढ़िया प्रेस क्लब झारखंड का है. सीएम ने कहा कि नीति आयोग के सीओ ने झारखंड की तारीफ की. राज्य में गरीबी उन्मूलन योजनाओं पर जोर दिया जा रहा है. जीएसटी लागू होने से राज्य को कोई घाटा नहीं हुआ. बतौर सीएम लोकतंत्र में सशक्त विपक्ष का होना अच्छी बात है. घाटे का बजट किसी भी राज्य के लिए अच्छा है. .
झारखंड विधानसभा में पचासी हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट पेश करने के बाद सीएम रघुवर दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि पिछले चार साल में उनकी सरकार ने सभी क्षेत्रों में काम किया है और सारे काम धरातल पर दिख भी रहे हैं. सीएम ने कहा कि सूबे में कृषि के क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है. कृषि क्षेत्र में पिछले चार साल में उन्नीस प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. बतौर सीएम बच्चियों के लिए भी सरकार ने कई कदम उठाये हैं. कई योजनाओं को शुरू किया गया है. पत्रकारों के लिए पेंशन योजना पर भी सरकार विचार कर रही है. विधवा व दिव्यांगों को एक हजार रुपया पेंशन के रूप में देने का प्रावधान किया गया है. सीएम ने कहा कि नई कृषि आशीर्वाद योजना के लिए दो हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. उन्होंने कहा कि वे सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें पांचवीं बार बजट पेश करने का मौका मिला. ऐसा राजनीतिक स्थिरता के कारण संभव हो सका. बतौर रघुवर झारखंड विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है. इसके लिए उन्होंने सभी को श्रेय दिया. रघुवर दास ने कहा कि हमारा शासन जनता के प्रति जवाबदेह है और हमने जाे घोषणाएं की थीं, उन सभी को जमीन पर उतारा है. उनके मुताबिक किसानों को इतना मजबूत करना है कि वे कर्ज देने वाला बन सकें. हर सेक्टर में झारखंड विकास की ओर अग्रसर है. देश का सबसे बढ़िया प्रेस क्लब झारखंड का है. सीएम ने कहा कि नीति आयोग के सीओ ने झारखंड की तारीफ की. राज्य में गरीबी उन्मूलन योजनाओं पर जोर दिया जा रहा है. जीएसटी लागू होने से राज्य को कोई घाटा नहीं हुआ. बतौर सीएम लोकतंत्र में सशक्त विपक्ष का होना अच्छी बात है. घाटे का बजट किसी भी राज्य के लिए अच्छा है. .
नर्मदापुरम। नगरपालिका में पदस्थ उपयंत्री विष्णु यादव का प्रेम प्रसंग का मामला उस वक्त उजागर हो गया जब उपयंत्री की प्रेमिका ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। आनन-फानन में महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि सिवनी मालवा निवासी योगिता यादव और नगरपालिका नर्मदापुरम में उपयंत्री के पद पर पदस्थ विष्णु यादव की करीब दो साल पहले मुलाकात हुई थी और कुछ ही दिनों में दोनों ने आर्य समाज में विवाह कर लिया। उपयंत्री विष्णु यादव पहले से ही शादीशुदा हैं। वहीं महिला भी शादी-शुदा बताई जा रही है, लेकिन वह अपने पति से अलग रह रही थी। मामले का खुलासा सोमवार को हुआ जब महिला उपयंत्री विष्णु यादव के घर पहुंची तो उसके साथ मारपीट हुई, जिसकी शिकायत महिला ने देहात थाने में कर दी। इसके बाद दोपहर के समय वह सतरास्ता पर जहरीला पदार्थ या दवाईयों का सेवन कर लिया। जिला अस्पताल में भर्ती योगिता यादव ने घटना के संबंध में बताया कि विष्णु यादव ने 2 जून को आर्य समाज मंदिर से मुझसे विधिवत शादी की है और 13 जून को भोपाल के एक निजी अस्पताल से मेरा आपरेशन खुलवाया, जिसके दस्तावेज भी महिला के पास हैं। महिला का कहना है कि विष्णु यादव ने मुझे अपने साथ रखने की बात कही थी, लेकिन वह कुछ दिनों पहले अपने बात से मुकर गया, कई बार मिलने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मिल रहे थे। सोमवार को उससे मिलने उसके घर ग्लावटोली पहुंची तो उसके परिचित किशोर यादव ने मुझे गंदी-गंदी गालियां देकर मेरे साथ मारपीट कर दी, जिसकी सूचना पुलिस थाने में दी गई है। महिला ने बताया कि विष्णु यादव मुझे पांच लाख रुपये देने की बात कहकर मामले को रफादफा करने की बात कह रहा है। जबकि महिला ने विधिवत शादी की और वह उसके साथ ही रहने की बात कह रही है। बहरहाल महिला का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस भी मामले की जांच में जुट गई है। महिला के संबंध में सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बताया जाता है कि उक्त महिला द्वारा सिवनी मालवा थाने में पदस्थ तत्कालीन एक पुलिस अधिकारी पर भी दबिश बनाने की कोशिश की गई है, लेकिन अधिकारी की सतर्कता से वह कामयाब नहीं हो सकी। इसकी विभाग में भी चर्चाएं जोरों पर रहीं थी। वहीं सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि महिला भी शादी-शुदा है और कुछ सालों से अपने पति और बच्चों से अलग रह रही है। देहात थाना प्रभारी संजय चौकसे का कहना है की महिला ने किसी पदार्थ का सेवन कर लिया है, जिससे उसकी हालत नाजुक बनी हुई है, महिला के होश में आने के बाद बयान दर्ज किये जायेंगे, इसके बाद आगे की कार्यवाही की जायेगी।
नर्मदापुरम। नगरपालिका में पदस्थ उपयंत्री विष्णु यादव का प्रेम प्रसंग का मामला उस वक्त उजागर हो गया जब उपयंत्री की प्रेमिका ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। आनन-फानन में महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि सिवनी मालवा निवासी योगिता यादव और नगरपालिका नर्मदापुरम में उपयंत्री के पद पर पदस्थ विष्णु यादव की करीब दो साल पहले मुलाकात हुई थी और कुछ ही दिनों में दोनों ने आर्य समाज में विवाह कर लिया। उपयंत्री विष्णु यादव पहले से ही शादीशुदा हैं। वहीं महिला भी शादी-शुदा बताई जा रही है, लेकिन वह अपने पति से अलग रह रही थी। मामले का खुलासा सोमवार को हुआ जब महिला उपयंत्री विष्णु यादव के घर पहुंची तो उसके साथ मारपीट हुई, जिसकी शिकायत महिला ने देहात थाने में कर दी। इसके बाद दोपहर के समय वह सतरास्ता पर जहरीला पदार्थ या दवाईयों का सेवन कर लिया। जिला अस्पताल में भर्ती योगिता यादव ने घटना के संबंध में बताया कि विष्णु यादव ने दो जून को आर्य समाज मंदिर से मुझसे विधिवत शादी की है और तेरह जून को भोपाल के एक निजी अस्पताल से मेरा आपरेशन खुलवाया, जिसके दस्तावेज भी महिला के पास हैं। महिला का कहना है कि विष्णु यादव ने मुझे अपने साथ रखने की बात कही थी, लेकिन वह कुछ दिनों पहले अपने बात से मुकर गया, कई बार मिलने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मिल रहे थे। सोमवार को उससे मिलने उसके घर ग्लावटोली पहुंची तो उसके परिचित किशोर यादव ने मुझे गंदी-गंदी गालियां देकर मेरे साथ मारपीट कर दी, जिसकी सूचना पुलिस थाने में दी गई है। महिला ने बताया कि विष्णु यादव मुझे पांच लाख रुपये देने की बात कहकर मामले को रफादफा करने की बात कह रहा है। जबकि महिला ने विधिवत शादी की और वह उसके साथ ही रहने की बात कह रही है। बहरहाल महिला का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस भी मामले की जांच में जुट गई है। महिला के संबंध में सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बताया जाता है कि उक्त महिला द्वारा सिवनी मालवा थाने में पदस्थ तत्कालीन एक पुलिस अधिकारी पर भी दबिश बनाने की कोशिश की गई है, लेकिन अधिकारी की सतर्कता से वह कामयाब नहीं हो सकी। इसकी विभाग में भी चर्चाएं जोरों पर रहीं थी। वहीं सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि महिला भी शादी-शुदा है और कुछ सालों से अपने पति और बच्चों से अलग रह रही है। देहात थाना प्रभारी संजय चौकसे का कहना है की महिला ने किसी पदार्थ का सेवन कर लिया है, जिससे उसकी हालत नाजुक बनी हुई है, महिला के होश में आने के बाद बयान दर्ज किये जायेंगे, इसके बाद आगे की कार्यवाही की जायेगी।
- अब्राहम एकॉर्ड इज़रायल और संयुक्त राज्य अमेरिका की मध्यस्थता में इज़रायल एवं संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, मोरक्को व सूडान सहित कई अरब देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने हेतु समझौतों की एक शृंखला है। - समझौते पर वर्ष 2020 में हस्ताक्षर किये गए और अरब-इज़रायल संघर्ष में एक ऐतिहासिक सफलता मिली। - इस समझौते ने सांस्कृतिक, धार्मिक और भाषायी मतभेदों को दूर कर सीमाओं से परे लोगों को जोड़कर सामान्यीकरण एवं शांति को बढ़ावा दिया। - समझौते ने विस्तारित क्षेत्रीय और बहुराष्ट्रीय सहयोग की नींव रखी, जिससे भारत के लिये आर्थिक अवसर उत्पन्न हुए। - I2U2 समूह, जिसमें इज़रायल, भारत, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका शामिल हैं, जल, ऊर्जा, परिवहन, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य एवं खाद्य सुरक्षा जैसे महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करता है। - चीन में किये गए एक अध्ययन से पता चलता है कि ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्मों में "ग्रीन नज" का उपयोग करने से पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। - ग्रीन नज ऐसे अंतःक्षेप हैं जो लोगों को अधिक स्थायी/सतत् रूप से कार्य करने के लिये प्रोत्साहित करते हैं। ये अपेक्षाकृत एक नवीन नीति उपकरण हैं जिनका उद्देश्य पर्यावरण-समर्थक व्यवहार को बढ़ावा देना है। - "नो डिस्पोज़ेबल कटलरी" विकल्प को अनिवार्य कर ग्राहकों को "ग्रीन पॉइंट्स" से पुरस्कृत किया गया। इस सरल परिवर्तन से नो-कटलरी ऑर्डर में 648% की वृद्धि हुई, जिससे पर्यावरण एवं उपभोक्ता व्यवहार दोनों को लाभ मिला। - अध्ययन में अनुमान लगाया गया है कि शंघाई में 18 महीनों में सिंगल- यूज़ कटलरी (SUCs) के 225.33 मिलियन से अधिक सेट कम हो गए जिससे संभावित रूप से 4,506.52 मीट्रिक टन अपशिष्ट को रोका गया तथा 56,333 पेड़ों को बचाया गया। - भारत के अग्रणी ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म, ज़ोमैटो ने इसी तरह की पहल की, जिससे कटलरी अपशिष्ट में काफी कमी आई। पर्युषण 2023, जैन समुदाय के लिये एक महत्त्वपूर्ण त्योहार है। यह उपवास, ध्यान और शुद्धिकरण अनुष्ठानों के साथ आध्यात्मिक विकास का समय है। भक्त भाषणों में भाग लेते हैं, अहिंसा का पालन करते हैं और अपने पापों के लिये क्षमा मांगते हैं। - ऐसा माना जाता है कि इस त्योहार की शुरुआत ईसा पूर्व छठी शताब्दी में हुई थी जब जैन शिक्षक महावीर ने अपने अनुयायियों को हिंसा से दूर रहने और आध्यात्मिक शुद्धता पर ध्यान केंद्रित करने की शिक्षा दी थी। - श्वेतांबर, जो आठ दिनों तक अनुष्ठान का पालन करते हैं और दिगंबर, जिनके लिये त्योहार 10 दिनों तक चलता है, दोनों के लिये यह आत्मनिरीक्षण, प्रतिबिंब और शुद्धिकरण का समय है। यह वर्षा ऋतु के मध्य में मनाया जाता है। - वे स्वाध्याय भी करते हैं। पर्युषण व्यक्ति को अपनी आत्मा के करीब रहने, अपनी कमियों पर चिंतन करने, गलत कार्यों के लिये सज़ा मांगने और अपनी गलतियों को कम करने का संकल्प लेने का अवसर देता है। केरल को भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने निपाह (Nipah) के निदान के लिये ट्रूनेट परीक्षण का उपयोग करने की मंज़ूरी दे दी है। - ट्रूनेट परीक्षण में किसी सैंपल में वायरस की उपस्थिति का पता लगाने के लिये एक पोर्टेबल, स्मार्ट चिप-आधारित, बैटरी चालित RT-PCR (रिवर्स ट्रांसक्रिपटेस-पॉलीमरेज़ चेन रिएक्शन) किट का उपयोग किया जाता है। - ट्रूनेट भारत में निपाह वायरस परीक्षण करने के लिये ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) द्वारा आपातकालीन उपयोग प्राधिकार (Emergency Use Authorization- EUA) प्राप्त करने वाली पहली किट है। - ट्रूनेट का उपयोग उन अस्पतालों में किया जा सकता है जहाँ द्वितीय स्तर की जैव सुरक्षा सुविधाएँ और सैंपल के संदूषण को रोकने के लिये कुछ सख्त प्रोटोकॉल हैं। ट्रूनेट तेज़ी से परीक्षण करने, रोग के फैलने पर इसका पता लगाने और तेज़ी से निवारक उपाय निर्धारित करने में मदद कर सकता है।
- अब्राहम एकॉर्ड इज़रायल और संयुक्त राज्य अमेरिका की मध्यस्थता में इज़रायल एवं संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, मोरक्को व सूडान सहित कई अरब देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने हेतु समझौतों की एक शृंखला है। - समझौते पर वर्ष दो हज़ार बीस में हस्ताक्षर किये गए और अरब-इज़रायल संघर्ष में एक ऐतिहासिक सफलता मिली। - इस समझौते ने सांस्कृतिक, धार्मिक और भाषायी मतभेदों को दूर कर सीमाओं से परे लोगों को जोड़कर सामान्यीकरण एवं शांति को बढ़ावा दिया। - समझौते ने विस्तारित क्षेत्रीय और बहुराष्ट्रीय सहयोग की नींव रखी, जिससे भारत के लिये आर्थिक अवसर उत्पन्न हुए। - IदोUदो समूह, जिसमें इज़रायल, भारत, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका शामिल हैं, जल, ऊर्जा, परिवहन, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य एवं खाद्य सुरक्षा जैसे महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करता है। - चीन में किये गए एक अध्ययन से पता चलता है कि ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्मों में "ग्रीन नज" का उपयोग करने से पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। - ग्रीन नज ऐसे अंतःक्षेप हैं जो लोगों को अधिक स्थायी/सतत् रूप से कार्य करने के लिये प्रोत्साहित करते हैं। ये अपेक्षाकृत एक नवीन नीति उपकरण हैं जिनका उद्देश्य पर्यावरण-समर्थक व्यवहार को बढ़ावा देना है। - "नो डिस्पोज़ेबल कटलरी" विकल्प को अनिवार्य कर ग्राहकों को "ग्रीन पॉइंट्स" से पुरस्कृत किया गया। इस सरल परिवर्तन से नो-कटलरी ऑर्डर में छः सौ अड़तालीस% की वृद्धि हुई, जिससे पर्यावरण एवं उपभोक्ता व्यवहार दोनों को लाभ मिला। - अध्ययन में अनुमान लगाया गया है कि शंघाई में अट्ठारह महीनों में सिंगल- यूज़ कटलरी के दो सौ पच्चीस.तैंतीस मिलियन से अधिक सेट कम हो गए जिससे संभावित रूप से चार,पाँच सौ छः.बावन मीट्रिक टन अपशिष्ट को रोका गया तथा छप्पन,तीन सौ तैंतीस पेड़ों को बचाया गया। - भारत के अग्रणी ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म, ज़ोमैटो ने इसी तरह की पहल की, जिससे कटलरी अपशिष्ट में काफी कमी आई। पर्युषण दो हज़ार तेईस, जैन समुदाय के लिये एक महत्त्वपूर्ण त्योहार है। यह उपवास, ध्यान और शुद्धिकरण अनुष्ठानों के साथ आध्यात्मिक विकास का समय है। भक्त भाषणों में भाग लेते हैं, अहिंसा का पालन करते हैं और अपने पापों के लिये क्षमा मांगते हैं। - ऐसा माना जाता है कि इस त्योहार की शुरुआत ईसा पूर्व छठी शताब्दी में हुई थी जब जैन शिक्षक महावीर ने अपने अनुयायियों को हिंसा से दूर रहने और आध्यात्मिक शुद्धता पर ध्यान केंद्रित करने की शिक्षा दी थी। - श्वेतांबर, जो आठ दिनों तक अनुष्ठान का पालन करते हैं और दिगंबर, जिनके लिये त्योहार दस दिनों तक चलता है, दोनों के लिये यह आत्मनिरीक्षण, प्रतिबिंब और शुद्धिकरण का समय है। यह वर्षा ऋतु के मध्य में मनाया जाता है। - वे स्वाध्याय भी करते हैं। पर्युषण व्यक्ति को अपनी आत्मा के करीब रहने, अपनी कमियों पर चिंतन करने, गलत कार्यों के लिये सज़ा मांगने और अपनी गलतियों को कम करने का संकल्प लेने का अवसर देता है। केरल को भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने निपाह के निदान के लिये ट्रूनेट परीक्षण का उपयोग करने की मंज़ूरी दे दी है। - ट्रूनेट परीक्षण में किसी सैंपल में वायरस की उपस्थिति का पता लगाने के लिये एक पोर्टेबल, स्मार्ट चिप-आधारित, बैटरी चालित RT-PCR किट का उपयोग किया जाता है। - ट्रूनेट भारत में निपाह वायरस परीक्षण करने के लिये ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया द्वारा आपातकालीन उपयोग प्राधिकार प्राप्त करने वाली पहली किट है। - ट्रूनेट का उपयोग उन अस्पतालों में किया जा सकता है जहाँ द्वितीय स्तर की जैव सुरक्षा सुविधाएँ और सैंपल के संदूषण को रोकने के लिये कुछ सख्त प्रोटोकॉल हैं। ट्रूनेट तेज़ी से परीक्षण करने, रोग के फैलने पर इसका पता लगाने और तेज़ी से निवारक उपाय निर्धारित करने में मदद कर सकता है।
डिब्रूगढ़ जवाहर नवोदय विद्यालय में कुछ छात्रों ने गर्भवती महिला टीचर पर हमला कर दिया. इसके बाद शिक्षिका को अस्पताल ले जाना पड़ा। 22 छात्रों पर कार्रवाई की गई है। असम के डिब्रूगढ़ में कुछ छात्रों ने पांच महीने की गर्भवती टीचर पर हमला कर दिया। जानकारी के मुताबिक 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों ने महिला टीचर के साथ बदसलूकी की। इसके बाद 22 छात्रों को सस्पेंड कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक टीचर ने पैरंट्स टीचर मीटिंग के दौरान एक छात्र के माता-पिता से उसके आचरण और परीक्षा में खराब प्रदर्शन को लेकर शिकायत की थी। जवाहर नवोदय विद्यालय डिब्रूगढ़ में 27 नवंबर को छात्रों ने गर्भवती टीचर से बदसलूकी की। स्कूल में रतीश कुमार उप प्राचार्य हैं और वर्तमान में प्रभापी प्रधानाध्यापक के तौर पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षिका ने छात्र की माता-पिता से शिकायत की थी। इसके बात छात्रों के एक गुट ने उन्हें और इतिहास की शिक्षिका को घेर लिया। छात्रों ने शिक्षकों के साथ हाथापाई करने की कोशिश की। एक ने उन्हें धकेल दिया और बाल खींचने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि घटना के बाद शिक्षिका को अस्पताल ले जाया गया। अब उनकी हालत स्थिर है। छात्रों के इस व्यवहार से महिला शिक्षिका सदमे में आ गई थी। वहीं उप-प्राचार्य ने घठना की जानकारी पुलिस को दी थी। हालांकि पुलिस का कहना है कि छात्रों के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई है। इस घठना की जानकारी डिब्रूगढ़ के उपायुक्त कार्यालय को दे दी गई है। एडीसी ने घटना के मजिस्ट्रियल जांच का आश्वासन दिया है। रतीश कुमार ने कह कि जेएनवी प्रबंधन के उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी गई है।
डिब्रूगढ़ जवाहर नवोदय विद्यालय में कुछ छात्रों ने गर्भवती महिला टीचर पर हमला कर दिया. इसके बाद शिक्षिका को अस्पताल ले जाना पड़ा। बाईस छात्रों पर कार्रवाई की गई है। असम के डिब्रूगढ़ में कुछ छात्रों ने पांच महीने की गर्भवती टीचर पर हमला कर दिया। जानकारी के मुताबिक ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के छात्रों ने महिला टीचर के साथ बदसलूकी की। इसके बाद बाईस छात्रों को सस्पेंड कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक टीचर ने पैरंट्स टीचर मीटिंग के दौरान एक छात्र के माता-पिता से उसके आचरण और परीक्षा में खराब प्रदर्शन को लेकर शिकायत की थी। जवाहर नवोदय विद्यालय डिब्रूगढ़ में सत्ताईस नवंबर को छात्रों ने गर्भवती टीचर से बदसलूकी की। स्कूल में रतीश कुमार उप प्राचार्य हैं और वर्तमान में प्रभापी प्रधानाध्यापक के तौर पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षिका ने छात्र की माता-पिता से शिकायत की थी। इसके बात छात्रों के एक गुट ने उन्हें और इतिहास की शिक्षिका को घेर लिया। छात्रों ने शिक्षकों के साथ हाथापाई करने की कोशिश की। एक ने उन्हें धकेल दिया और बाल खींचने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि घटना के बाद शिक्षिका को अस्पताल ले जाया गया। अब उनकी हालत स्थिर है। छात्रों के इस व्यवहार से महिला शिक्षिका सदमे में आ गई थी। वहीं उप-प्राचार्य ने घठना की जानकारी पुलिस को दी थी। हालांकि पुलिस का कहना है कि छात्रों के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई है। इस घठना की जानकारी डिब्रूगढ़ के उपायुक्त कार्यालय को दे दी गई है। एडीसी ने घटना के मजिस्ट्रियल जांच का आश्वासन दिया है। रतीश कुमार ने कह कि जेएनवी प्रबंधन के उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी गई है।
कनाडा। कनाडा के मैनिटोबा प्रांत में गुरुवार को एक सेमी-ट्रेलर ट्रक ने एक छोटी बस को टक्कर मार दी। इस हादसे में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई। बस में ज्यादातर बुजुर्ग लोग ही सवार थे। स्थानीय पुलिस ने शुक्रवार तड़के यह जानकारी दी। यह दुर्घटना कनाडा के हाल के इतिहास में सबसे घातक सड़क दुर्घटनाओं में से एक है। कनाडा के विन्निपेग शहर के एक अखबार ने बताया कि पीड़ित एक स्थानीय कैसीनो के रास्ते में थे। विन्निपेग से 170 किलोमीटर (105 मील) पश्चिम में दक्षिण-पश्चिमी मैनिटोबा में कारबेरी (Carberry) शहर के पास दो प्रमुख सड़कों के जंक्शन पर दुर्घटना हुई। मैनिटोबा रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस के कमांडर असिस्टेंट कमिश्नर रॉब हिल ने कहा कि इस टक्कर के परिणामस्वरूप कम से कम 15 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। रॉब हिल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दुख की बात है, यह मैनिटोबा और पूरे कनाडा में एक ऐसा दिन है जिसे त्रासदी और अविश्वसनीय दुख के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बस में करीब 25 लोग सवार थे, जिनमें ज्यादातर बुजुर्ग थे। पुलिस ने बताया कि दोनों वाहनों के चालक जीवित हैं। हालांकि, उन्होंने यह कहने से इनकार कर दिया कि दुर्घटना के लिए कौन जिम्मेदार हो सकता है। मीडिया रिपोर्टों ने शुरू में वाहन को बस के बजाय एक वैन के रूप में बताया गया था। उन्होंने बताया कि यह बस हांडी-ट्रांजिट द्वारा संचालित किया जा रहा था। हांडी-ट्रांजिट बुजुर्गों और विकलांग लोगों को ट्रांसपोर्ट की सुविधा प्रदान करता है।
कनाडा। कनाडा के मैनिटोबा प्रांत में गुरुवार को एक सेमी-ट्रेलर ट्रक ने एक छोटी बस को टक्कर मार दी। इस हादसे में कम से कम पंद्रह लोगों की मौत हो गई। बस में ज्यादातर बुजुर्ग लोग ही सवार थे। स्थानीय पुलिस ने शुक्रवार तड़के यह जानकारी दी। यह दुर्घटना कनाडा के हाल के इतिहास में सबसे घातक सड़क दुर्घटनाओं में से एक है। कनाडा के विन्निपेग शहर के एक अखबार ने बताया कि पीड़ित एक स्थानीय कैसीनो के रास्ते में थे। विन्निपेग से एक सौ सत्तर किलोग्राममीटर पश्चिम में दक्षिण-पश्चिमी मैनिटोबा में कारबेरी शहर के पास दो प्रमुख सड़कों के जंक्शन पर दुर्घटना हुई। मैनिटोबा रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस के कमांडर असिस्टेंट कमिश्नर रॉब हिल ने कहा कि इस टक्कर के परिणामस्वरूप कम से कम पंद्रह लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। रॉब हिल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दुख की बात है, यह मैनिटोबा और पूरे कनाडा में एक ऐसा दिन है जिसे त्रासदी और अविश्वसनीय दुख के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बस में करीब पच्चीस लोग सवार थे, जिनमें ज्यादातर बुजुर्ग थे। पुलिस ने बताया कि दोनों वाहनों के चालक जीवित हैं। हालांकि, उन्होंने यह कहने से इनकार कर दिया कि दुर्घटना के लिए कौन जिम्मेदार हो सकता है। मीडिया रिपोर्टों ने शुरू में वाहन को बस के बजाय एक वैन के रूप में बताया गया था। उन्होंने बताया कि यह बस हांडी-ट्रांजिट द्वारा संचालित किया जा रहा था। हांडी-ट्रांजिट बुजुर्गों और विकलांग लोगों को ट्रांसपोर्ट की सुविधा प्रदान करता है।
चंबल के इलाके से हर्ष फायरिंग का एक और वीडियो सामने आया है। मुरैना जिले में सामूहिक भोज के दौरान लोगों में गोली चलाने की होड़ लग गई। पंगत में बैठे लोग काफी देर तक गोलियां दागते रहे जिससे वहां मौजूद बच्चों और महिलाओं के बीच भगदड़ मच गई। पुलिस अब वायरल वीडियो की सच्चाई का पता लगा रही है ताकि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।
चंबल के इलाके से हर्ष फायरिंग का एक और वीडियो सामने आया है। मुरैना जिले में सामूहिक भोज के दौरान लोगों में गोली चलाने की होड़ लग गई। पंगत में बैठे लोग काफी देर तक गोलियां दागते रहे जिससे वहां मौजूद बच्चों और महिलाओं के बीच भगदड़ मच गई। पुलिस अब वायरल वीडियो की सच्चाई का पता लगा रही है ताकि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।
टाटा मोटर्स की सीएनजी से चलने वाली कारों का इंतजार आखिरकार खत्म होता दिख रहा है, क्योंकि तमिलनाडु के नीलगिरि हिल्स क्षेत्र में टेस्ट रन के तहत उनकी जासूसी की गई है। Rushlane ने इनमें से कुछ शेयर किए हैं पूरी तरह से छलावरण वाले Tiago, Tigor और Punch के स्पाई शॉट्स, जिनके बारे में माना जाता है कि ये फैक्ट्री-फिटेड CNG किट पर चल रहे हैं। वर्तमान में, Tata Tiago, Tigor and Punch केवल 1.2-लीटर नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन के साथ उपलब्ध हैं, जो 86 bhp की पावर और 113 Nm का टार्क बनाता है। फैक्ट्री-फिटेड किट से इन इंजनों को पेट्रोल और CNG दोनों पर चलने में सक्षम बनाने की उम्मीद है। हालांकि, उम्मीद है कि इंजन में पावर और टॉर्क के आंकड़ों में गिरावट देखने को मिलेगी। साथ ही, इन कारों से 22-25 किमी/किलोग्राम की ईंधन दक्षता लौटाने की उम्मीद है, जिससे वाहनों की चलने की लागत में काफी कमी आएगी। इन कारों के केवल पेट्रोल संस्करणों के विपरीत, जिनमें 5-स्पीड एएमटी का विकल्प भी मिलता है, CNG संस्करणों में केवल 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स मिलेगा। देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए हाल के दिनों में CNG से चलने वाली कारों की भारतीय बाजार में काफी मांग देखी जा रही है। Maruti Suzuki और Hyundai ने पहले ही CNG से चलने वाली कारों के सेगमेंट में अपनी स्थिति पक्की कर ली है। जहां Maruti Suzuki ने Alto, S-Presso, WagonR, Eeco और Ertiga के CNG संस्करणों के साथ कॉम्पैक्ट कार स्पेस में अपना नेतृत्व मजबूत किया है, वहीं Hyundai भी CNG-संचालित सैंट्रो, Grand i10 Nios और ऑरा के साथ पीछे नहीं है। Tata Motors सबसे पहले Tiago CNG और Tigor CNG लॉन्च करेगी, जो अपने-अपने सेगमेंट में WagonR CNG, Santro CNG और Aura CNG को सीधे टक्कर देगी। Tata Punch CNG के बाद के चरण में आने की उम्मीद है, जो Hyundai Grand i10 Nios CNG और आने वाली Swift CNG को टक्कर देगी। ये सभी कारें लागत को नियंत्रण में रखने के लिए केवल लोअर या मिड-स्पेक वेरिएंट में उपलब्ध होंगी। टियागो, Tigor and Punch के CNG-संचालित संस्करणों को लॉन्च करने के बाद, Tata Motors Altroz CNG और Nexon CNG के साथ आ सकती है यदि मांग इन कारों के लिए Tata Motors द्वारा निर्धारित अपेक्षाओं को पूरा करती है। Tata Motors की नजर CNG बाजार पर काफी समय से थी। हालांकि, सेमीकंडक्टर जहाजों की कमी और COVID-19 महामारी के बाद के प्रभावों ने भारतीय कार निर्माता की योजना में देरी की। हालांकि Tata Motors की ओर से इन CNG-संचालित कारों की आधिकारिक पुष्टि की घोषणा की जानी बाकी है, लेकिन इसके कई अधिकृत डीलरशिप ने इन कारों के लिए अनौपचारिक बुकिंग लेना शुरू कर दिया है। यह इंगित करता है कि इन CNG वेरिएंट्स का लॉन्च निकट ही है। हाल के दिनों में, Tata Motors कैलेंडर वर्ष के पहले महीने में नई कारों या वेरिएंट को लॉन्च करने की परंपरा का पालन कर रही है, और ये CNG-संचालित वेरिएंट जनवरी 2022 के लिए आश्चर्यजनक हो सकते हैं।
टाटा मोटर्स की सीएनजी से चलने वाली कारों का इंतजार आखिरकार खत्म होता दिख रहा है, क्योंकि तमिलनाडु के नीलगिरि हिल्स क्षेत्र में टेस्ट रन के तहत उनकी जासूसी की गई है। Rushlane ने इनमें से कुछ शेयर किए हैं पूरी तरह से छलावरण वाले Tiago, Tigor और Punch के स्पाई शॉट्स, जिनके बारे में माना जाता है कि ये फैक्ट्री-फिटेड CNG किट पर चल रहे हैं। वर्तमान में, Tata Tiago, Tigor and Punch केवल एक.दो-लीटर नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन के साथ उपलब्ध हैं, जो छियासी bhp की पावर और एक सौ तेरह Nm का टार्क बनाता है। फैक्ट्री-फिटेड किट से इन इंजनों को पेट्रोल और CNG दोनों पर चलने में सक्षम बनाने की उम्मीद है। हालांकि, उम्मीद है कि इंजन में पावर और टॉर्क के आंकड़ों में गिरावट देखने को मिलेगी। साथ ही, इन कारों से बाईस-पच्चीस किमी/किलोग्राम की ईंधन दक्षता लौटाने की उम्मीद है, जिससे वाहनों की चलने की लागत में काफी कमी आएगी। इन कारों के केवल पेट्रोल संस्करणों के विपरीत, जिनमें पाँच-स्पीड एएमटी का विकल्प भी मिलता है, CNG संस्करणों में केवल पाँच-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स मिलेगा। देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए हाल के दिनों में CNG से चलने वाली कारों की भारतीय बाजार में काफी मांग देखी जा रही है। Maruti Suzuki और Hyundai ने पहले ही CNG से चलने वाली कारों के सेगमेंट में अपनी स्थिति पक्की कर ली है। जहां Maruti Suzuki ने Alto, S-Presso, WagonR, Eeco और Ertiga के CNG संस्करणों के साथ कॉम्पैक्ट कार स्पेस में अपना नेतृत्व मजबूत किया है, वहीं Hyundai भी CNG-संचालित सैंट्रो, Grand iदस Nios और ऑरा के साथ पीछे नहीं है। Tata Motors सबसे पहले Tiago CNG और Tigor CNG लॉन्च करेगी, जो अपने-अपने सेगमेंट में WagonR CNG, Santro CNG और Aura CNG को सीधे टक्कर देगी। Tata Punch CNG के बाद के चरण में आने की उम्मीद है, जो Hyundai Grand iदस Nios CNG और आने वाली Swift CNG को टक्कर देगी। ये सभी कारें लागत को नियंत्रण में रखने के लिए केवल लोअर या मिड-स्पेक वेरिएंट में उपलब्ध होंगी। टियागो, Tigor and Punch के CNG-संचालित संस्करणों को लॉन्च करने के बाद, Tata Motors Altroz CNG और Nexon CNG के साथ आ सकती है यदि मांग इन कारों के लिए Tata Motors द्वारा निर्धारित अपेक्षाओं को पूरा करती है। Tata Motors की नजर CNG बाजार पर काफी समय से थी। हालांकि, सेमीकंडक्टर जहाजों की कमी और COVID-उन्नीस महामारी के बाद के प्रभावों ने भारतीय कार निर्माता की योजना में देरी की। हालांकि Tata Motors की ओर से इन CNG-संचालित कारों की आधिकारिक पुष्टि की घोषणा की जानी बाकी है, लेकिन इसके कई अधिकृत डीलरशिप ने इन कारों के लिए अनौपचारिक बुकिंग लेना शुरू कर दिया है। यह इंगित करता है कि इन CNG वेरिएंट्स का लॉन्च निकट ही है। हाल के दिनों में, Tata Motors कैलेंडर वर्ष के पहले महीने में नई कारों या वेरिएंट को लॉन्च करने की परंपरा का पालन कर रही है, और ये CNG-संचालित वेरिएंट जनवरी दो हज़ार बाईस के लिए आश्चर्यजनक हो सकते हैं।
"मुझे लगता है कि वर्तमान समय में, जब युद्ध व्यावहारिक रूप से चल रहा है," Ukrainophobes "की जरूरत है, अगर वे अपना मुंह पूरी तरह से बंद नहीं करते हैं, तो अपने बयानबाजी को शून्य पर कम करें। मैं आपसे ऐसा करने का आग्रह करता हूं, क्योंकि इससे किसी का भला नहीं होगा। मैं इसे यूक्रेन की सुरक्षा सेवा के मुख्य जांच विभाग के प्रमुख के रूप में कहता हूं। प्रकाशन याद करता है कि अप्रैल में एक्सएनयूएमएक्स पर, अज्ञात पुरुषों ने कीव में पत्रकार और लेखक ओलेस बुज़िन की हत्या कर दी। एक दिन पहले, एक विपक्षी ओलेग कलाश्निकोव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आंतरिक मंत्री गेरैशचेंको के सलाहकार ने इस बात से इंकार नहीं किया कि ये हत्याएँ रूसी विशेष सेवाओं द्वारा आयोजित की गई थीं। इस अवसर पर, रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि "यूक्रेनी अधिकारियों के एक आधिकारिक प्रतिनिधि के मुंह में अधिक बकवास की कल्पना करना मुश्किल है। "
"मुझे लगता है कि वर्तमान समय में, जब युद्ध व्यावहारिक रूप से चल रहा है," Ukrainophobes "की जरूरत है, अगर वे अपना मुंह पूरी तरह से बंद नहीं करते हैं, तो अपने बयानबाजी को शून्य पर कम करें। मैं आपसे ऐसा करने का आग्रह करता हूं, क्योंकि इससे किसी का भला नहीं होगा। मैं इसे यूक्रेन की सुरक्षा सेवा के मुख्य जांच विभाग के प्रमुख के रूप में कहता हूं। प्रकाशन याद करता है कि अप्रैल में एक्सएनयूएमएक्स पर, अज्ञात पुरुषों ने कीव में पत्रकार और लेखक ओलेस बुज़िन की हत्या कर दी। एक दिन पहले, एक विपक्षी ओलेग कलाश्निकोव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आंतरिक मंत्री गेरैशचेंको के सलाहकार ने इस बात से इंकार नहीं किया कि ये हत्याएँ रूसी विशेष सेवाओं द्वारा आयोजित की गई थीं। इस अवसर पर, रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि "यूक्रेनी अधिकारियों के एक आधिकारिक प्रतिनिधि के मुंह में अधिक बकवास की कल्पना करना मुश्किल है। "
लॉकडाउन और कोरोना महामारी के बीच एक अच्छी खबर लोगों के लिए सबसे बड़ी इम्युनिटी है. यकीन कीजिए कश्मीर में कोरोना महामारी को लेकर ठप्प पड़े कारोबार के बीच खबर आयी है कि कश्मीरी सैफरन यानी जाफ़रान को जीआई टैग मिल गया है. यानी दुनिया भर में मसाला उद्योग से जुड़े कारोबार में कश्मीर की शान में इजाफा हुआ है. जियोग्राफिकल इंडिकेशन रजिस्ट्री ने बाकायदा सर्टिफिकेट जारी कर कश्मीरी सैफरन को जी आई टैग नंबर 635 प्रदान किया है. Kashmir saffron, which is a spice and health rejuvenator and the pride of Jammu and Kashmir, has been given geographical indication (GI) tag, protecting the uniqueness of the farm produce. ईरान प्रतिवर्ष अपने 30,000 हेक्टेयर क्षेत्र में 300 टन से ज्यादा सैफरन पैदा करता है वहीं भारत में सैफ्रन कश्मीर के कुछ इलाकों में लगभग 3 हजार हेक्टर क्षेत्र में उगाया जाता है। लेकिन भारत सरकार के नेशनल सैफरन मिशन ने तक़रीबन 400 करोड़ रुपये खर्च करके न केवल ज्यादा से ज्यादा किसानों को सैफरन खेती के लिए प्रोत्साहित किया है, बल्कि उसके पैकेजिंग से लेकर मार्केटिंग तक में सरकारी सहायता उपलब्ध कराई है. जाहिर है, पिछले वर्षों में मिशन सैफरन ने कश्मीर में काफी विस्तार पाया है. जाफ़रान को केसर, कांग, कांग पोश, आदि भी कहते हैं. घाटी में जाफ़रान के फूलों को ताज़गी और शुद्धता का प्रतीक माना जाता है। जब घाटी में जाफ़रान के फूल खिलते हैं तो ऐसा लगता है कि नई दुल्हन शॉल उढ़े सो रही है। करीब 1. 6 से 1. 7 लाख फूलों से एक किलो जाफ़रान बनती है। 10 ग्राम जाफ़रान की कीमत करीब 1 हजार रुपए होती है। कश्मीर के कुछ हिस्सों में चाय में भी जाफ़रान का प्रयोग किया जाता है. एक समय था जब बाजार में केसर की मांग के बावजूद कश्मीर में सैफरन की खेती से किसानो का मोहभंग होने लगा था। दरअसल लागत और श्रम के हिसाब से कश्मीर में केसर की उत्पादकता प्रति हेक्टेयर कम रही थी। बाद में भारत सरकार ने इस दिशा में एक समग्र योजना के साथ नेशनल सैफरन मिशन की शुरुआत की और किसानों के साथ स्थानीय कृषि विश्वविद्यालयों को भी जोड़ा। यह पहला मौका है जब कश्मीर में इस बार केसर के उत्पादन में 200 फीसद की वृद्धि दर्ज हुई है। पहले यह खेती पुलवामा जिला के पाम्पोर इलाके तक सिमित थी. आज, इसका दायरा जम्मू के किश्तवाड़ तक फैल गया है. कश्मीरी केसर में औषधीय गुणों के अलावा कई पारम्परिक खान-पान में केसर के बगैर पकवान अधूरा है. भारत के बाजारों में ईरानी केसर इसे चुनौती देती आयी है। उम्मीद है कि जीआई टैग मिलने से इसके रुतबे में इजाफा होगा और इससे जुड़े हजारों किसानो को पैदावार का उचित मूल्य मिलेगा.
लॉकडाउन और कोरोना महामारी के बीच एक अच्छी खबर लोगों के लिए सबसे बड़ी इम्युनिटी है. यकीन कीजिए कश्मीर में कोरोना महामारी को लेकर ठप्प पड़े कारोबार के बीच खबर आयी है कि कश्मीरी सैफरन यानी जाफ़रान को जीआई टैग मिल गया है. यानी दुनिया भर में मसाला उद्योग से जुड़े कारोबार में कश्मीर की शान में इजाफा हुआ है. जियोग्राफिकल इंडिकेशन रजिस्ट्री ने बाकायदा सर्टिफिकेट जारी कर कश्मीरी सैफरन को जी आई टैग नंबर छः सौ पैंतीस प्रदान किया है. Kashmir saffron, which is a spice and health rejuvenator and the pride of Jammu and Kashmir, has been given geographical indication tag, protecting the uniqueness of the farm produce. ईरान प्रतिवर्ष अपने तीस,शून्य हेक्टेयर क्षेत्र में तीन सौ टन से ज्यादा सैफरन पैदा करता है वहीं भारत में सैफ्रन कश्मीर के कुछ इलाकों में लगभग तीन हजार हेक्टर क्षेत्र में उगाया जाता है। लेकिन भारत सरकार के नेशनल सैफरन मिशन ने तक़रीबन चार सौ करोड़ रुपये खर्च करके न केवल ज्यादा से ज्यादा किसानों को सैफरन खेती के लिए प्रोत्साहित किया है, बल्कि उसके पैकेजिंग से लेकर मार्केटिंग तक में सरकारी सहायता उपलब्ध कराई है. जाहिर है, पिछले वर्षों में मिशन सैफरन ने कश्मीर में काफी विस्तार पाया है. जाफ़रान को केसर, कांग, कांग पोश, आदि भी कहते हैं. घाटी में जाफ़रान के फूलों को ताज़गी और शुद्धता का प्रतीक माना जाता है। जब घाटी में जाफ़रान के फूल खिलते हैं तो ऐसा लगता है कि नई दुल्हन शॉल उढ़े सो रही है। करीब एक. छः से एक. सात लाख फूलों से एक किलो जाफ़रान बनती है। दस ग्राम जाफ़रान की कीमत करीब एक हजार रुपए होती है। कश्मीर के कुछ हिस्सों में चाय में भी जाफ़रान का प्रयोग किया जाता है. एक समय था जब बाजार में केसर की मांग के बावजूद कश्मीर में सैफरन की खेती से किसानो का मोहभंग होने लगा था। दरअसल लागत और श्रम के हिसाब से कश्मीर में केसर की उत्पादकता प्रति हेक्टेयर कम रही थी। बाद में भारत सरकार ने इस दिशा में एक समग्र योजना के साथ नेशनल सैफरन मिशन की शुरुआत की और किसानों के साथ स्थानीय कृषि विश्वविद्यालयों को भी जोड़ा। यह पहला मौका है जब कश्मीर में इस बार केसर के उत्पादन में दो सौ फीसद की वृद्धि दर्ज हुई है। पहले यह खेती पुलवामा जिला के पाम्पोर इलाके तक सिमित थी. आज, इसका दायरा जम्मू के किश्तवाड़ तक फैल गया है. कश्मीरी केसर में औषधीय गुणों के अलावा कई पारम्परिक खान-पान में केसर के बगैर पकवान अधूरा है. भारत के बाजारों में ईरानी केसर इसे चुनौती देती आयी है। उम्मीद है कि जीआई टैग मिलने से इसके रुतबे में इजाफा होगा और इससे जुड़े हजारों किसानो को पैदावार का उचित मूल्य मिलेगा.
बताया जा रहा है कि युवक पीजी कालेज नाहन में पढ़ाई कर रहा था और वह नाहन में अपने किसी रिश्तेदार के साथ रहता था। मौके पर पहुंची एम्बुलेंस में घायल को नाहन मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उधर नाहन पुलिस मौके पर जांच में जुटी है। मेडिकल कालेज नाहन में एमएस डॉ डीडी शर्मा ने बताया कि युवक की अस्पताल लाये जाने से पहले मौत हो चुकी थी। हिमाचल : PG कॉलेज नाहन के छात्र की कार गहरी खाई में गिरी, मौत Reviewed by news himachali on December 16, 2019 Rating:
बताया जा रहा है कि युवक पीजी कालेज नाहन में पढ़ाई कर रहा था और वह नाहन में अपने किसी रिश्तेदार के साथ रहता था। मौके पर पहुंची एम्बुलेंस में घायल को नाहन मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उधर नाहन पुलिस मौके पर जांच में जुटी है। मेडिकल कालेज नाहन में एमएस डॉ डीडी शर्मा ने बताया कि युवक की अस्पताल लाये जाने से पहले मौत हो चुकी थी। हिमाचल : PG कॉलेज नाहन के छात्र की कार गहरी खाई में गिरी, मौत Reviewed by news himachali on December सोलह, दो हज़ार उन्नीस Rating:
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि सरकार ने केन्द्रीय बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवंटन में वृद्धि की है ताकि सभी जरूरतमंद लोगों को घर मिल सके। उन्होंने कहा कि लोगों की भागीदारी से विभिन्न सरकारी पहल सफल हुई हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कृष्णगुरु के कार्यों से लोगों को देश के कल्याण के लिए समर्पण भाव से काम करने की प्रेरणा मिली। आज असम के बरपेटा में विश्व शांति के लिए कृष्णगुरु एकनाम अखंड कीर्तन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लेते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के केंद्रीय बजट में की गई नई घोषणाओं से असम और पूर्वोत्तर को बहुत लाभ होगा। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि प्रस्तावित एकता मॉल से असम के दस्तकारों के उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। असम के गमोशा का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 8-9 वर्षों में देश में गमोशा की मांग बढ़ी है। उन्होंने असम के गमोशा उत्पादन में शामिल महिला स्व-सहायता समूह की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि एमवी गंगा विलास नदी क्रूज के माध्यम से असम की संस्कृति और विरासत आगे बढ़ेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि असम के स्थानीय बांस उत्पाद समूचे देश और विदेश में लोकप्रिय हुए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने बांस और इससे निर्मित उत्पादों के जरिए रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए पुराने कानूनों में बदलाव किया। उन्होंने कृष्णगुरू सेवाश्रम से योग, बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं, खेलों इंडिया जैसी पहल के माध्यम से समाज की बेहतरी के लिए काम करने का आग्रह किया। हमारे संवाददाता ने बताया है कि पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने कृष्णगुरु सेवाश्रम के कार्यक्रम में भाग लिया। कृष्णगुरु सेवाश्रम में 6 जनवरी से एक महीने तक विश्व शांति के लिए कृष्णगुरु एकनाम अखंड कीर्तन आयोजित किया गया है। कृष्णगुरु सेवाश्रम की स्थापना 1974 में निचले असम के बरपेटा जिले के नसात्रा गांव में की गई थी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि सरकार ने केन्द्रीय बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवंटन में वृद्धि की है ताकि सभी जरूरतमंद लोगों को घर मिल सके। उन्होंने कहा कि लोगों की भागीदारी से विभिन्न सरकारी पहल सफल हुई हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कृष्णगुरु के कार्यों से लोगों को देश के कल्याण के लिए समर्पण भाव से काम करने की प्रेरणा मिली। आज असम के बरपेटा में विश्व शांति के लिए कृष्णगुरु एकनाम अखंड कीर्तन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लेते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के केंद्रीय बजट में की गई नई घोषणाओं से असम और पूर्वोत्तर को बहुत लाभ होगा। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि प्रस्तावित एकता मॉल से असम के दस्तकारों के उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। असम के गमोशा का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले आठ-नौ वर्षों में देश में गमोशा की मांग बढ़ी है। उन्होंने असम के गमोशा उत्पादन में शामिल महिला स्व-सहायता समूह की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि एमवी गंगा विलास नदी क्रूज के माध्यम से असम की संस्कृति और विरासत आगे बढ़ेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि असम के स्थानीय बांस उत्पाद समूचे देश और विदेश में लोकप्रिय हुए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने बांस और इससे निर्मित उत्पादों के जरिए रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए पुराने कानूनों में बदलाव किया। उन्होंने कृष्णगुरू सेवाश्रम से योग, बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं, खेलों इंडिया जैसी पहल के माध्यम से समाज की बेहतरी के लिए काम करने का आग्रह किया। हमारे संवाददाता ने बताया है कि पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने कृष्णगुरु सेवाश्रम के कार्यक्रम में भाग लिया। कृष्णगुरु सेवाश्रम में छः जनवरी से एक महीने तक विश्व शांति के लिए कृष्णगुरु एकनाम अखंड कीर्तन आयोजित किया गया है। कृष्णगुरु सेवाश्रम की स्थापना एक हज़ार नौ सौ चौहत्तर में निचले असम के बरपेटा जिले के नसात्रा गांव में की गई थी।
पीड़ित युवती ने सोहाना थाने के एसएचओ से मामले की शिकायत की लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में जब मामला अधिकारियों तक पहुंचा तो ड्यूटी में लापरवाही बरतने व आलाधिकारियों को सूचना न देने पर एसएचओ को सस्पेंड किया गया। बता दें कि मूल रूप से युवती हिमाचल की रहने वाली है। वह मोहाली में कॉल सेंटर में काम करती है। फिलहाल आरोपी कार चालक फरार है। हिमाचल की युवती से मोहाली में रेप कॉल सेंटर जा रही थी Reviewed by News Himachali on April 17, 2019 Rating:
पीड़ित युवती ने सोहाना थाने के एसएचओ से मामले की शिकायत की लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में जब मामला अधिकारियों तक पहुंचा तो ड्यूटी में लापरवाही बरतने व आलाधिकारियों को सूचना न देने पर एसएचओ को सस्पेंड किया गया। बता दें कि मूल रूप से युवती हिमाचल की रहने वाली है। वह मोहाली में कॉल सेंटर में काम करती है। फिलहाल आरोपी कार चालक फरार है। हिमाचल की युवती से मोहाली में रेप कॉल सेंटर जा रही थी Reviewed by News Himachali on April सत्रह, दो हज़ार उन्नीस Rating:
संसदीय कार्य और योजना राज्य मंत्री श्री राजीव शुक्ला ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि आधार का उद्देश्य एक ऐसी पहचान उपलब्ध कराना है जिसका उपयोग लोक सेवाएं हासिल करने के लिए किया जा सके ताकि लोगों को कुशल और बेहतर सेवाएं मिल सकें। राज्य सरकारों तथा केंद्रीय सरकार के मंत्रालयों को सेवा प्रदानकारी विभिन्न स्कीमों की समीक्षा करने तथा सेवा प्रदान करने हेतु आधार के उपयोग को बढावा देने की सलाह दी गई है। उनसे यह अनुरोध भी किया गया है कि वे विभिन्न लोकोन्मुख स्कीमों के लिए पहचान और पते के प्रमाण के तौर पर आधार को मान्यता देने पर विचार करें। आधार को बैंक खाते खोलने और मोबाइल कनेक्शन हासिल करने तथा एलपीजी कनेक्शन प्राप्त करने के लिए पहचान और पते के प्रमाण के तौर पर मान्यता दी गई है। सड़क परिवहन तथा राजमार्ग मंत्रालय ने ड्राइविंग लाइसेंस हासिल करने तथा वाहनों के पंजीकरण हेतु पहचान और पते के प्रमाण के तौर पर मान्यता देने हेतु आवश्यक अनुदेश जारी किए हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने भी गरीबी रेखा से नीचे के ऐसे लोगों को किसी अतिविशिष्ट चिकित्सा वाले अस्पतालों/ संस्थानों अथवा किसी अन्य सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए राष्ट्रीय आरोग्य निधि से आर्थिक सहायता देने के लिए आधार को पहचान और पते के प्रमाण के रूप में मान्यता दी है जो बड़े जानलेवा रोगों से जूझ रहे हैं। रेल मंत्रालय, ने भी रेल यात्रा के लिए आधार को पहचान के प्रमाण के रूप में मान्यता दी है। हाल ही में, विदेश मंत्रालय, भारत के निर्वाचन आयोग और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड से अनुरोध किया गया है कि वे क्रमशः पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र तथा पैन कार्ड प्राप्त करने के लिए "आधार" को पहचान / पते को प्रमाणित करने वाले दस्तावेज के रूप में मान्यता दें। भारत के निर्वाचन आयोग ने मतदान के समय मतदाता पहचान-पत्र न होने की स्थिति में, आधार को पहचान तथा पते के वैकल्पिक दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया है। कुछ राज्य सरकारों/ संघ राज्य क्षेत्रों, जैसे - सिक्किम, त्रिपुरा, आंध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, चंडीगढ़, नगालैंड, हरियाणा, मणिपुर तथा राजस्थान ने भी विभिन्न लोकोन्मुख योजनाओं के लिए आधार को पहचान और पते के प्रमाण के तौर पर मान्यता दी है। यूआईडीएआई ने निवासियों तक आधार पत्र को पहुंचाने के लिए भारतीय डाक के साथ साझेदारी की है। 21.11.2012 तक, 18.63 करोड़ आधार पत्र भारतीय डाक की स्पीड पोस्ट सेवा के माध्यम से मुद्रित तथा प्रेषित किए जा चुके हैं।
संसदीय कार्य और योजना राज्य मंत्री श्री राजीव शुक्ला ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि आधार का उद्देश्य एक ऐसी पहचान उपलब्ध कराना है जिसका उपयोग लोक सेवाएं हासिल करने के लिए किया जा सके ताकि लोगों को कुशल और बेहतर सेवाएं मिल सकें। राज्य सरकारों तथा केंद्रीय सरकार के मंत्रालयों को सेवा प्रदानकारी विभिन्न स्कीमों की समीक्षा करने तथा सेवा प्रदान करने हेतु आधार के उपयोग को बढावा देने की सलाह दी गई है। उनसे यह अनुरोध भी किया गया है कि वे विभिन्न लोकोन्मुख स्कीमों के लिए पहचान और पते के प्रमाण के तौर पर आधार को मान्यता देने पर विचार करें। आधार को बैंक खाते खोलने और मोबाइल कनेक्शन हासिल करने तथा एलपीजी कनेक्शन प्राप्त करने के लिए पहचान और पते के प्रमाण के तौर पर मान्यता दी गई है। सड़क परिवहन तथा राजमार्ग मंत्रालय ने ड्राइविंग लाइसेंस हासिल करने तथा वाहनों के पंजीकरण हेतु पहचान और पते के प्रमाण के तौर पर मान्यता देने हेतु आवश्यक अनुदेश जारी किए हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने भी गरीबी रेखा से नीचे के ऐसे लोगों को किसी अतिविशिष्ट चिकित्सा वाले अस्पतालों/ संस्थानों अथवा किसी अन्य सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए राष्ट्रीय आरोग्य निधि से आर्थिक सहायता देने के लिए आधार को पहचान और पते के प्रमाण के रूप में मान्यता दी है जो बड़े जानलेवा रोगों से जूझ रहे हैं। रेल मंत्रालय, ने भी रेल यात्रा के लिए आधार को पहचान के प्रमाण के रूप में मान्यता दी है। हाल ही में, विदेश मंत्रालय, भारत के निर्वाचन आयोग और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड से अनुरोध किया गया है कि वे क्रमशः पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र तथा पैन कार्ड प्राप्त करने के लिए "आधार" को पहचान / पते को प्रमाणित करने वाले दस्तावेज के रूप में मान्यता दें। भारत के निर्वाचन आयोग ने मतदान के समय मतदाता पहचान-पत्र न होने की स्थिति में, आधार को पहचान तथा पते के वैकल्पिक दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया है। कुछ राज्य सरकारों/ संघ राज्य क्षेत्रों, जैसे - सिक्किम, त्रिपुरा, आंध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, चंडीगढ़, नगालैंड, हरियाणा, मणिपुर तथा राजस्थान ने भी विभिन्न लोकोन्मुख योजनाओं के लिए आधार को पहचान और पते के प्रमाण के तौर पर मान्यता दी है। यूआईडीएआई ने निवासियों तक आधार पत्र को पहुंचाने के लिए भारतीय डाक के साथ साझेदारी की है। इक्कीस.ग्यारह.दो हज़ार बारह तक, अट्ठारह.तिरेसठ करोड़ आधार पत्र भारतीय डाक की स्पीड पोस्ट सेवा के माध्यम से मुद्रित तथा प्रेषित किए जा चुके हैं।
भारत सरकार के दंत चिकित्सक एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ एच पी सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा जिसमें इन्होंने मंत्री जी का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि भारत सरकार के 31.05.2016 के आदेश के अनुसार सीएचएस के गैर-शिक्षण विशेषज्ञ उप-संवर्ग, सार्वजनिक स्वास्थ्य उप-संवर्ग, जीडीएमओ उप-संवर्ग के लिए सेवानिवृत्ति की आयु सीमा बढ़ाकर 65 वर्ष कर दी गई पर यह केन्द्र सरकार के अधीन कार्य कर रहे दंत चिकित्सकों पर लागू नहीं है। उन्होंने कहा कि दंत चिकित्सकों को इस भेदभाव से अत्यंत दुख पहुंचा है और हम इसी भावना से आपको अवगत कराने आये हैं। ज्ञापन के माध्यम से हम सरकार का इस ओर भी ध्यान आकृष्ट कराना चाहते हैं कि भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत पूरे देश में दंत चिकित्सकों के 34 स्वीकृत पद हैं जिनमें अभी 24 पद ही भरे गये हैं, इसका मतलब यह हुआ कि इसके अंतर्गत केन्द्र सरकार के केन्द्रीय स्वास्थ्य सेवा के अधीन सिर्फ यही 24 दंत चिकित्सक लाभ हेतु आयेंगे। प्रतिनिधिमंडल में आये हुये चिकित्सकों ने कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को पहले ही अपनी भावना से अवगत करा दिया है और उसके बाद ही हमलोगों ने आपसे (डॉ. जितेंद्र सिंह) मुलाकात करने आये हैं। डॉ. जितेंद्र सिंह ने प्रतिनिधिमंडल में आये हुये सदस्यों की बातों को ध्यान से सुना और कहा कि मैं आपलोगों की शिकायत से केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को अवगत कराउंगा। डॉ एच पी सिंह के अलावा इस प्रतिनिधिमंडल में डॉ गौतम खटक, डॉ डी कबी, डॉ राहुल मिनोत्रा, डॉ एम बसु, डॉ मीनाक्षी पांडा और निष्ठा रामावत भी शामिल थे।
भारत सरकार के दंत चिकित्सक एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ एच पी सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा जिसमें इन्होंने मंत्री जी का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि भारत सरकार के इकतीस.पाँच.दो हज़ार सोलह के आदेश के अनुसार सीएचएस के गैर-शिक्षण विशेषज्ञ उप-संवर्ग, सार्वजनिक स्वास्थ्य उप-संवर्ग, जीडीएमओ उप-संवर्ग के लिए सेवानिवृत्ति की आयु सीमा बढ़ाकर पैंसठ वर्ष कर दी गई पर यह केन्द्र सरकार के अधीन कार्य कर रहे दंत चिकित्सकों पर लागू नहीं है। उन्होंने कहा कि दंत चिकित्सकों को इस भेदभाव से अत्यंत दुख पहुंचा है और हम इसी भावना से आपको अवगत कराने आये हैं। ज्ञापन के माध्यम से हम सरकार का इस ओर भी ध्यान आकृष्ट कराना चाहते हैं कि भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत पूरे देश में दंत चिकित्सकों के चौंतीस स्वीकृत पद हैं जिनमें अभी चौबीस पद ही भरे गये हैं, इसका मतलब यह हुआ कि इसके अंतर्गत केन्द्र सरकार के केन्द्रीय स्वास्थ्य सेवा के अधीन सिर्फ यही चौबीस दंत चिकित्सक लाभ हेतु आयेंगे। प्रतिनिधिमंडल में आये हुये चिकित्सकों ने कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को पहले ही अपनी भावना से अवगत करा दिया है और उसके बाद ही हमलोगों ने आपसे मुलाकात करने आये हैं। डॉ. जितेंद्र सिंह ने प्रतिनिधिमंडल में आये हुये सदस्यों की बातों को ध्यान से सुना और कहा कि मैं आपलोगों की शिकायत से केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को अवगत कराउंगा। डॉ एच पी सिंह के अलावा इस प्रतिनिधिमंडल में डॉ गौतम खटक, डॉ डी कबी, डॉ राहुल मिनोत्रा, डॉ एम बसु, डॉ मीनाक्षी पांडा और निष्ठा रामावत भी शामिल थे।
क्या IPL 2023 के कारण दूर रह गई ICC Mace? World Test Championship Final विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में भारत ऑस्ट्रेलिया के हाथों 209 रनों से खिताब गंवा बैठा। IPL आईपीएल के सिर्फ 8 दिनों के बाद हुए इस आईसीसी फाइनल में भारत के खिलाड़ी थके हुए नजर आए। वहीं ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी तरोताजा नजर आए। आईपीएल 2023 में 10 टीमों में लगभग सभी भारतीय खिलाड़ियों ने जमकर हिस्सा लिया। अंतिम समय तक टीम को प्लेऑफ में पहुंचाने की कोशिश की। हालांकि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने भी यह ही कोशिश की लेकिन उनके सिर्फ 2 खिलाड़ियों ने ही हिस्सा लिया। प्लेऑफ में पहुंचने वाली मुंबई इंडियन्स के लिए कैमरून ग्रीन थे जो क्वालिफायर 2 तक पहुंची। वहीं दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान डेविड वॉर्नर की टीम आईपीएल से बाहर होने वाली पहली टीम थी। वहीं भारतीय टीम की ओर से सिर्फ 1 खिलाड़ी है जिसने आईपीएल ना खेल टेस्ट क्रिकेट में ध्यान दिया था। वह हैं चेतेश्वर पुजारा उन्होंने काउंटी में ससेक्स की कप्तानी की थी। हालांकि उनसे जितनी उम्मीदें थी वह भी पानी में बह गई क्योंकि वह पहली पारी में 14 और दूसरी पारी में 27 रन बना पाए। भारत की पहली पारी में उन्होंने Cameron Green की गेंद छोड़ी और वे बोल्ड हो बैठे। वे इस पारी में 25 गेंदों में केवल 14 ही बना पाए। दूसरी पारी में भी उन्होंने ऐसा शॉट खेला जो वे नहीं खेलते नहीं दिखाई देते हैं। उन्होंने Pat Cummins की बॉल पर अपर कट खेलना चाहा और उन्होंने आसानी से 27 रन बनाकर अपना विकेट ऑस्ट्रेलिया के झोले में डाल दिया। एक बार अर्धशतक बनाना तो दूर दोनों पारियों में मिलाकर वह अर्धशतक नहीं बना पाए। ऐसा ही प्रदर्शन उनका न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में था। वहीं गुजरात टाइटंस के बल्लेबाज केएस भरत यूं तो आईपीएल का हिस्सा थे लेकिन एक भी बार कप्तान हार्दिक पांड्या ने उनको नहीं आजमाया। बल्ले से उनका प्रदर्शन भी खास नहीं रहा। केएस भरत की बात करें तो पहली पारी में वह सिर्फ 4 रन बनाकर बौलेंड की गेंद पर बोल्ड हो गए। दूसरी पारी में विराट कोहली के आउट होने के बाद क्रीज पर आए केएस भरत के पास कुछ अलग करने का मौका था लेकिन वह सिर्फ 24 रनों पर एक गैरजिम्मेदाराना शॉट खेल बैठे और नेथन लॉयन को कैच दे बैठे। थकावट पर रोहित शर्मा ने हाल ही में बयान दिया था कि तेज गेंदबाजों को 8 दिनों के भीतर उतना आराम नहीं मिला और इस मैच के लिए उनको 20 से 25 दिन का समय चाहिए था जो नहीं मिला। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के तीन दिन तो थकावट नहीं पता चली लेकिन चौथे दिन पर स्लिप में खड़े फील्डर्स गेंद रोकने का प्रयास भी नहीं कर रहे थे। एलेक्स कैरी की 1 गेंद रोहित शर्मा और विराट कोहली के बीच से चली गई लेकिन किसी ने डाइव नहीं लगाई। वहीं ऑस्ट्रेलिया के कैमरन ग्रीन ने इस ही दिन शुभमन गिल का शानदार कैच पकड़ा। हालांकि इस पर खासा विवाद हुआ लेकिन यह शानदार प्रयास था। मैच के अंतिम दिन ऑस्ट्रेलिया को जो पहला और बड़ा विकेट मिला वह भी स्टीव स्मिथ के शानदार डाइव की बदौलत मिला जिससे विराट कोहली अर्धशतक नहीं बना पाए।
क्या IPL दो हज़ार तेईस के कारण दूर रह गई ICC Mace? World Test Championship Final विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में भारत ऑस्ट्रेलिया के हाथों दो सौ नौ रनों से खिताब गंवा बैठा। IPL आईपीएल के सिर्फ आठ दिनों के बाद हुए इस आईसीसी फाइनल में भारत के खिलाड़ी थके हुए नजर आए। वहीं ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी तरोताजा नजर आए। आईपीएल दो हज़ार तेईस में दस टीमों में लगभग सभी भारतीय खिलाड़ियों ने जमकर हिस्सा लिया। अंतिम समय तक टीम को प्लेऑफ में पहुंचाने की कोशिश की। हालांकि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने भी यह ही कोशिश की लेकिन उनके सिर्फ दो खिलाड़ियों ने ही हिस्सा लिया। प्लेऑफ में पहुंचने वाली मुंबई इंडियन्स के लिए कैमरून ग्रीन थे जो क्वालिफायर दो तक पहुंची। वहीं दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान डेविड वॉर्नर की टीम आईपीएल से बाहर होने वाली पहली टीम थी। वहीं भारतीय टीम की ओर से सिर्फ एक खिलाड़ी है जिसने आईपीएल ना खेल टेस्ट क्रिकेट में ध्यान दिया था। वह हैं चेतेश्वर पुजारा उन्होंने काउंटी में ससेक्स की कप्तानी की थी। हालांकि उनसे जितनी उम्मीदें थी वह भी पानी में बह गई क्योंकि वह पहली पारी में चौदह और दूसरी पारी में सत्ताईस रन बना पाए। भारत की पहली पारी में उन्होंने Cameron Green की गेंद छोड़ी और वे बोल्ड हो बैठे। वे इस पारी में पच्चीस गेंदों में केवल चौदह ही बना पाए। दूसरी पारी में भी उन्होंने ऐसा शॉट खेला जो वे नहीं खेलते नहीं दिखाई देते हैं। उन्होंने Pat Cummins की बॉल पर अपर कट खेलना चाहा और उन्होंने आसानी से सत्ताईस रन बनाकर अपना विकेट ऑस्ट्रेलिया के झोले में डाल दिया। एक बार अर्धशतक बनाना तो दूर दोनों पारियों में मिलाकर वह अर्धशतक नहीं बना पाए। ऐसा ही प्रदर्शन उनका न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में था। वहीं गुजरात टाइटंस के बल्लेबाज केएस भरत यूं तो आईपीएल का हिस्सा थे लेकिन एक भी बार कप्तान हार्दिक पांड्या ने उनको नहीं आजमाया। बल्ले से उनका प्रदर्शन भी खास नहीं रहा। केएस भरत की बात करें तो पहली पारी में वह सिर्फ चार रन बनाकर बौलेंड की गेंद पर बोल्ड हो गए। दूसरी पारी में विराट कोहली के आउट होने के बाद क्रीज पर आए केएस भरत के पास कुछ अलग करने का मौका था लेकिन वह सिर्फ चौबीस रनों पर एक गैरजिम्मेदाराना शॉट खेल बैठे और नेथन लॉयन को कैच दे बैठे। थकावट पर रोहित शर्मा ने हाल ही में बयान दिया था कि तेज गेंदबाजों को आठ दिनों के भीतर उतना आराम नहीं मिला और इस मैच के लिए उनको बीस से पच्चीस दिन का समय चाहिए था जो नहीं मिला। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के तीन दिन तो थकावट नहीं पता चली लेकिन चौथे दिन पर स्लिप में खड़े फील्डर्स गेंद रोकने का प्रयास भी नहीं कर रहे थे। एलेक्स कैरी की एक गेंद रोहित शर्मा और विराट कोहली के बीच से चली गई लेकिन किसी ने डाइव नहीं लगाई। वहीं ऑस्ट्रेलिया के कैमरन ग्रीन ने इस ही दिन शुभमन गिल का शानदार कैच पकड़ा। हालांकि इस पर खासा विवाद हुआ लेकिन यह शानदार प्रयास था। मैच के अंतिम दिन ऑस्ट्रेलिया को जो पहला और बड़ा विकेट मिला वह भी स्टीव स्मिथ के शानदार डाइव की बदौलत मिला जिससे विराट कोहली अर्धशतक नहीं बना पाए।
फोर्ब्स के अनुसार रिहाना की कुल संपत्ति 1. 7 बिलियन डॉलर यानी भारतीय मुद्रा में करीब 12618. 68 करोड़ रुपये है। रिहाना की यह कमाई उनकी कॉस्मेटिक प्रोडक्ट कंपनी फेंटी ब्यूटी के जरिए हुई है। स्टार सिंगर रिहाना (Rihanna) बहुत जल्द अपने बॉयफ्रेंड रॉकी संग अपने पहले बच्चे को जन्म देने वाली हैं। इस बीच रिहाना ने अपने नाम एक और उपलब्धि दर्ज कराई है। दुनिया के सबसे अमीर लोगों की फोर्ब्स की लिस्ट में रिहाना का नाम भी शामिल हो गया है। यह पहली बार है जब वह फोर्ब्स की अरबपतियों की सूची में शामिल हुई हैं। फोर्ब्स की वर्ल्ड बिलियनेयर्स लिस्ट से यह जानकारी मिली है। फोर्ब्स के अनुसार रिहाना की कुल संपत्ति 1. 7 बिलियन डॉलर यानी भारतीय मुद्रा में करीब 12618. 68 करोड़ रुपये है। रिहाना की यह कमाई उनकी कॉस्मेटिक प्रोडक्ट कंपनी फेंटी ब्यूटी के जरिए हुई है। रिहाना ने साल 2017 में फ्रेंच लग्जरी फैशन-ब्यूटी प्रोडक्ट कंपनी एलवीएमएच के साथ मिलकर फेंटी ब्यूटी नाम से कॉस्मेटिक ब्रांड शुरू किया था। फेंटी ब्यूटी में रिहाना की 50 फीसदी हिस्सेदारी है। पिछले दिनों बारबाडोस ने उन्हें नेशनल हीरो का खिताब दिया था। यहां के प्रधानमंत्री मिया मोटली ने गणतंत्र दिवस के मौके पर उन्हें नेशनल हीरो की उपाधि दी थी। बारबाडोस में पैदा हुईं रिहाना का असली नाम रॉबिन रिहाना फेंटी है। 'Don't stop the music', 'Love the way you lie', 'Umbrella' जैसे सुपरहिट गाने देने वाली रिहाना सोशल मीडिया की भी क्वीन हैं। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
फोर्ब्स के अनुसार रिहाना की कुल संपत्ति एक. सात बिलियन डॉलर यानी भारतीय मुद्रा में करीब बारह हज़ार छः सौ अट्ठारह. अड़सठ करोड़ रुपये है। रिहाना की यह कमाई उनकी कॉस्मेटिक प्रोडक्ट कंपनी फेंटी ब्यूटी के जरिए हुई है। स्टार सिंगर रिहाना बहुत जल्द अपने बॉयफ्रेंड रॉकी संग अपने पहले बच्चे को जन्म देने वाली हैं। इस बीच रिहाना ने अपने नाम एक और उपलब्धि दर्ज कराई है। दुनिया के सबसे अमीर लोगों की फोर्ब्स की लिस्ट में रिहाना का नाम भी शामिल हो गया है। यह पहली बार है जब वह फोर्ब्स की अरबपतियों की सूची में शामिल हुई हैं। फोर्ब्स की वर्ल्ड बिलियनेयर्स लिस्ट से यह जानकारी मिली है। फोर्ब्स के अनुसार रिहाना की कुल संपत्ति एक. सात बिलियन डॉलर यानी भारतीय मुद्रा में करीब बारह हज़ार छः सौ अट्ठारह. अड़सठ करोड़ रुपये है। रिहाना की यह कमाई उनकी कॉस्मेटिक प्रोडक्ट कंपनी फेंटी ब्यूटी के जरिए हुई है। रिहाना ने साल दो हज़ार सत्रह में फ्रेंच लग्जरी फैशन-ब्यूटी प्रोडक्ट कंपनी एलवीएमएच के साथ मिलकर फेंटी ब्यूटी नाम से कॉस्मेटिक ब्रांड शुरू किया था। फेंटी ब्यूटी में रिहाना की पचास फीसदी हिस्सेदारी है। पिछले दिनों बारबाडोस ने उन्हें नेशनल हीरो का खिताब दिया था। यहां के प्रधानमंत्री मिया मोटली ने गणतंत्र दिवस के मौके पर उन्हें नेशनल हीरो की उपाधि दी थी। बारबाडोस में पैदा हुईं रिहाना का असली नाम रॉबिन रिहाना फेंटी है। 'Don't stop the music', 'Love the way you lie', 'Umbrella' जैसे सुपरहिट गाने देने वाली रिहाना सोशल मीडिया की भी क्वीन हैं। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
घनश्याम डी. रामावत जोधपुर। जेडीए की ओर से माता का थान में आयोजित नियमन शिविर में जिले के पभारी व राजस्थान सरकार में उद्योगमंत्री राजेन्द पारीक ने पट्टे वितरित किए। उन्होंने कहा कि 90 बी के बाद 90 ए में भी आमजन को राहत मिलेगी। जेडीए अध्यक्ष राजेन्दसिंह सौलंकी ने कहा कि खुद की जमीन होने के बाद भी पट्टे के लिए जेडीए के चक्कर लगाने के झंझट से राहत दिलाने के लिए पिछले दो महिने में संबंधित खसरों में ही नियमन शिविर लगाकर पट्टे वितरित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंशा के अनुरूप आमजन व ाs राहत देने के पूरे पयास किए जाएंगे। पभारी मंत्री पारीक ने नगर निगम की ओर से करवाए गए विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। शास्त्राr नगर एच-सेक्टर में नगर निगम की ओर से 40 लाख रूपए से नवनिर्मित सडक्वक का उद्घाटन उद्योग मंत्री पारीक व महापौर रामेश्वर दाधीच ने किया7 इसके बाद मिल्कमैन कॉलोनी उद्यान में करवाए विकास कार्य तथा नवनिर्मित स्नानघर का लोकार्पण किया। इसी तरह वार्ड संख्या 53 में पार्प विकास व हाईमास्ट लाइट, कागा में महिला स्नानघर का उद्घाटन पभारी मंत्री ने किया।
घनश्याम डी. रामावत जोधपुर। जेडीए की ओर से माता का थान में आयोजित नियमन शिविर में जिले के पभारी व राजस्थान सरकार में उद्योगमंत्री राजेन्द पारीक ने पट्टे वितरित किए। उन्होंने कहा कि नब्बे बी के बाद नब्बे ए में भी आमजन को राहत मिलेगी। जेडीए अध्यक्ष राजेन्दसिंह सौलंकी ने कहा कि खुद की जमीन होने के बाद भी पट्टे के लिए जेडीए के चक्कर लगाने के झंझट से राहत दिलाने के लिए पिछले दो महिने में संबंधित खसरों में ही नियमन शिविर लगाकर पट्टे वितरित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंशा के अनुरूप आमजन व ाs राहत देने के पूरे पयास किए जाएंगे। पभारी मंत्री पारीक ने नगर निगम की ओर से करवाए गए विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। शास्त्राr नगर एच-सेक्टर में नगर निगम की ओर से चालीस लाख रूपए से नवनिर्मित सडक्वक का उद्घाटन उद्योग मंत्री पारीक व महापौर रामेश्वर दाधीच ने कियासात इसके बाद मिल्कमैन कॉलोनी उद्यान में करवाए विकास कार्य तथा नवनिर्मित स्नानघर का लोकार्पण किया। इसी तरह वार्ड संख्या तिरेपन में पार्प विकास व हाईमास्ट लाइट, कागा में महिला स्नानघर का उद्घाटन पभारी मंत्री ने किया।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण गरीबों और जरूरतमंदों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिये सभी राशन कार्ड धारकों को 3 माह की अवधि तक राशन मुफ्त देने का फैसला लिया है. योगी सरकार ने फैसला लिया है कि जिन पात्र व्यक्तियों के राशन कार्ड नहीं बने हैं. अभियान चलाकर उनके भी राशन कार्ड बनाए जाएंगे और उन्हें तत्काल राशन उपलब्ध कराया जाएगा. उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव ने नई सूचना सभी जिलों के संबंधित अधिकारियों को भेज दी है. निर्णय के अनुपालन में सभी राशन कार्ड धारकों को 03 माह (जून, जुलाई एवं अगस्त, 2021 ) का राशन निशुल्क दिया जाना है. भारत सरकार द्वारा निर्गत SDRF की गाइडलाइन के अन्तर्गत उक्त व्यय अनुमन्य नहीं है. वित्त विभाग द्वारा इस संबंध में खाद्य एवं रसद विभाग को पहले ही अतिरिक्त बजट आवंटित किया जा चुका है. ऐसे में सभी राशन कार्ड धारकों को निशुल्क खाद्यान्न वितरण खाद्य एवं रसद विभाग को आवंटित विभागीय बजट से किया जाएगा. वित्तीय वर्ष 2021-22 में वितरण की प्रक्रिया के सम्बन्ध में विस्तृत दिशा-निर्देश खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा अलग से जारी किए जायेंगे. सभी राशन कार्ड धारकों को खाद्य एवं रसद विभाग के Public Distribution System के माध्यम से 03 माह (जून, जुलाई एवं अगस्त, 2021 ) का निशुल्क राशन उपलब्ध कराने के साथ ही जिन पात्र व्यक्तियों के राशन कार्ड नहीं बने हैं, उन्हें अभियान चलाकर बनवाते हुए उन्हें भी तत्काल निशुल्क राशन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है.
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कोविड-उन्नीस से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण गरीबों और जरूरतमंदों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिये सभी राशन कार्ड धारकों को तीन माह की अवधि तक राशन मुफ्त देने का फैसला लिया है. योगी सरकार ने फैसला लिया है कि जिन पात्र व्यक्तियों के राशन कार्ड नहीं बने हैं. अभियान चलाकर उनके भी राशन कार्ड बनाए जाएंगे और उन्हें तत्काल राशन उपलब्ध कराया जाएगा. उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव ने नई सूचना सभी जिलों के संबंधित अधिकारियों को भेज दी है. निर्णय के अनुपालन में सभी राशन कार्ड धारकों को तीन माह का राशन निशुल्क दिया जाना है. भारत सरकार द्वारा निर्गत SDRF की गाइडलाइन के अन्तर्गत उक्त व्यय अनुमन्य नहीं है. वित्त विभाग द्वारा इस संबंध में खाद्य एवं रसद विभाग को पहले ही अतिरिक्त बजट आवंटित किया जा चुका है. ऐसे में सभी राशन कार्ड धारकों को निशुल्क खाद्यान्न वितरण खाद्य एवं रसद विभाग को आवंटित विभागीय बजट से किया जाएगा. वित्तीय वर्ष दो हज़ार इक्कीस-बाईस में वितरण की प्रक्रिया के सम्बन्ध में विस्तृत दिशा-निर्देश खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा अलग से जारी किए जायेंगे. सभी राशन कार्ड धारकों को खाद्य एवं रसद विभाग के Public Distribution System के माध्यम से तीन माह का निशुल्क राशन उपलब्ध कराने के साथ ही जिन पात्र व्यक्तियों के राशन कार्ड नहीं बने हैं, उन्हें अभियान चलाकर बनवाते हुए उन्हें भी तत्काल निशुल्क राशन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है.
Ranchi : नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव विनय कुमार चौबे ने कहा है कि शहरों में तालाबों का संरक्षण हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए न कि उसके सौंदर्यीकरण के नाम पर कंक्रीट वर्क करना. मंगलवार को नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा ऑनलाइन नगर निकायों की समीक्षा बैठक में विभागीय सचिव ने ये बातें कहीं. 15 वें वित्त आयोग के तहत तालाबों के संरक्षण की योजना पर सचिव ने कहा कि आप ऐसा प्रस्ताव बनाइये जिसमें तालाब का संरक्षण हो. उसे चहारदिवारी से घेरिये मत और न ही आसपास सड़क बनाइये. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि तालाब की अगर चहारदिवारी जरूरी है तो उसे हेज और इंटरलॉकिंग पेवर्स ब्लॉक का इस्तेमाल कर संरक्षित कीजिए. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश के बच्चों को खेल के क्षेत्र में सकारात्मक माहौल मिले इसलिए शहरों से गायब हो रहे खेल के मैदानों को बचायें और विकसित करें. इसके साथ ही विभागीय सचिव ने कहा कि हमारी प्राथमिकता शहरों की साफ-सफाई और घर घर तक पेयजल उपलब्ध कराने की है. इस दिशा में हमें और गति के साथ काम करने की जरूरत है. विभागीय सचिव ने कहा कि हम सफाई के क्षेत्र में जरूरी संसाधन और मशीन खरीद रहे हैं पर ध्यान रहे कि उसकी गुणवत्ता के साथ कोई समझौता न हो. इसके साथ ही सचिव द्वारा दिये गये कुछ महत्वपूर्ण निर्देश इस प्रकार हैं. ऑनलाइन बैठक में विभागीय सचिव विनय कुमार चौबे, सूडा डायरेक्टर अमित कुमार, डीएमए डायरेक्टर विजया जाधव, अपर सचिव केके मिश्रा, संयुक्त सचिव अरविन्द कुमार मिश्रा और सभी नगर निकायों के नगर आयुक्त और कार्यपालक पदाधिकारी मौजूद थे. 1. शहरों में तालाबों के सौंदर्यीकरण के नाम पर कंक्रीट का कार्य न करें, इसके संरक्षण की है जरूरत. 2. तालाबों का गहरीकरण कीजिए और कैचमेंट एरिया को संरक्षित कीजिए. 3. कंक्रीट कार्य के लिए प्रस्ताव भेजा तो पदाधिकारियों पर होगी कार्रवाई. 4. शहर के खेल के मैदानों को विकसित करने को लेकर जो नगर निकाय प्रस्ताव नहीं भेज सके हैं, उसे अविलंब भेजें. 5. खेल मैदानों में भी केवल जरूरी फीचर ही डालें. 6. शहरों में मूलभूत सुविधाओं के साथ वेंडर जोन बनाने के लिए प्रस्ताव भेजें. 7. इलेक्ट्रिक क्रेमोटोरियम को नगर निगम और नगर परिषद तक ही सीमित रखें. विभागीय सचिव ने अमृत योजना की समीक्षा की और कई आवश्यक निर्देश दिये. उन्होंने नगर निकायों और जुडको के अधिकारियों से पूछा कि वर्तमान स्कीम के तहत अगर हम और भी अतिरिक्त वैध कनेक्शन दे सकते हैं तो हमारी रफ्तार धीमी क्यों है. इस मौके पर राज्य शहरी विकास अभिकरण के निदेशक अमित कुमार ने कहा कि पेयजल के लिए अमृत योजना से कुल सवा तीन लाख कनेक्शन दिये जाने हैं पर वर्तमान में जो आधारभूत संरचना है, उसमें 80 हजार कनेक्शन दिया जा सकता है पर इस दिशा में कार्य काफी धीमा है. सचिव ने जुडको को निर्देश दिया कि आप कनेक्शन देने की दिशा में गति लाइये. बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और एंबिएंट एयर क्वालिटी पर भी बात हुई. कहा गया कि 15 वें वित्त आयोग के तहत ग्रांट के लिए जरूरी है कि शहरों के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और एंबिएंट एयर क्वालिटी पर काम हो. रांची को जल्द से जल्द सिटी माइक्रो प्लान सबमिट करने का निर्देश दिया गया. इसके साथ ही प्रदेश के जितने निकायों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर कार्य चल रहा है उसकी भी समीक्षा की. निदेशक नगरीय प्रशासन निदेशालय विजया जाधव ने बताया कि वर्टिकल 4 में सभी स्वीकृत घरों का निर्माण कार्य शुरु हो गया है. पर अन्य वर्टिकल में कई शहरों में विभिन्न स्तर पर घर निर्माण का कार्य रुका हुआ है. विभागीय सचिव ने निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लंबित मामलों पर संज्ञान लेते हुए जल्द से जल्द कार्य पूरा करायें और अगर कोई लाभुक नन स्टार्टर की सूची में है तो उसे अविलंब शुरू कीजिए.
Ranchi : नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव विनय कुमार चौबे ने कहा है कि शहरों में तालाबों का संरक्षण हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए न कि उसके सौंदर्यीकरण के नाम पर कंक्रीट वर्क करना. मंगलवार को नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा ऑनलाइन नगर निकायों की समीक्षा बैठक में विभागीय सचिव ने ये बातें कहीं. पंद्रह वें वित्त आयोग के तहत तालाबों के संरक्षण की योजना पर सचिव ने कहा कि आप ऐसा प्रस्ताव बनाइये जिसमें तालाब का संरक्षण हो. उसे चहारदिवारी से घेरिये मत और न ही आसपास सड़क बनाइये. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि तालाब की अगर चहारदिवारी जरूरी है तो उसे हेज और इंटरलॉकिंग पेवर्स ब्लॉक का इस्तेमाल कर संरक्षित कीजिए. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश के बच्चों को खेल के क्षेत्र में सकारात्मक माहौल मिले इसलिए शहरों से गायब हो रहे खेल के मैदानों को बचायें और विकसित करें. इसके साथ ही विभागीय सचिव ने कहा कि हमारी प्राथमिकता शहरों की साफ-सफाई और घर घर तक पेयजल उपलब्ध कराने की है. इस दिशा में हमें और गति के साथ काम करने की जरूरत है. विभागीय सचिव ने कहा कि हम सफाई के क्षेत्र में जरूरी संसाधन और मशीन खरीद रहे हैं पर ध्यान रहे कि उसकी गुणवत्ता के साथ कोई समझौता न हो. इसके साथ ही सचिव द्वारा दिये गये कुछ महत्वपूर्ण निर्देश इस प्रकार हैं. ऑनलाइन बैठक में विभागीय सचिव विनय कुमार चौबे, सूडा डायरेक्टर अमित कुमार, डीएमए डायरेक्टर विजया जाधव, अपर सचिव केके मिश्रा, संयुक्त सचिव अरविन्द कुमार मिश्रा और सभी नगर निकायों के नगर आयुक्त और कार्यपालक पदाधिकारी मौजूद थे. एक. शहरों में तालाबों के सौंदर्यीकरण के नाम पर कंक्रीट का कार्य न करें, इसके संरक्षण की है जरूरत. दो. तालाबों का गहरीकरण कीजिए और कैचमेंट एरिया को संरक्षित कीजिए. तीन. कंक्रीट कार्य के लिए प्रस्ताव भेजा तो पदाधिकारियों पर होगी कार्रवाई. चार. शहर के खेल के मैदानों को विकसित करने को लेकर जो नगर निकाय प्रस्ताव नहीं भेज सके हैं, उसे अविलंब भेजें. पाँच. खेल मैदानों में भी केवल जरूरी फीचर ही डालें. छः. शहरों में मूलभूत सुविधाओं के साथ वेंडर जोन बनाने के लिए प्रस्ताव भेजें. सात. इलेक्ट्रिक क्रेमोटोरियम को नगर निगम और नगर परिषद तक ही सीमित रखें. विभागीय सचिव ने अमृत योजना की समीक्षा की और कई आवश्यक निर्देश दिये. उन्होंने नगर निकायों और जुडको के अधिकारियों से पूछा कि वर्तमान स्कीम के तहत अगर हम और भी अतिरिक्त वैध कनेक्शन दे सकते हैं तो हमारी रफ्तार धीमी क्यों है. इस मौके पर राज्य शहरी विकास अभिकरण के निदेशक अमित कुमार ने कहा कि पेयजल के लिए अमृत योजना से कुल सवा तीन लाख कनेक्शन दिये जाने हैं पर वर्तमान में जो आधारभूत संरचना है, उसमें अस्सी हजार कनेक्शन दिया जा सकता है पर इस दिशा में कार्य काफी धीमा है. सचिव ने जुडको को निर्देश दिया कि आप कनेक्शन देने की दिशा में गति लाइये. बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और एंबिएंट एयर क्वालिटी पर भी बात हुई. कहा गया कि पंद्रह वें वित्त आयोग के तहत ग्रांट के लिए जरूरी है कि शहरों के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और एंबिएंट एयर क्वालिटी पर काम हो. रांची को जल्द से जल्द सिटी माइक्रो प्लान सबमिट करने का निर्देश दिया गया. इसके साथ ही प्रदेश के जितने निकायों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर कार्य चल रहा है उसकी भी समीक्षा की. निदेशक नगरीय प्रशासन निदेशालय विजया जाधव ने बताया कि वर्टिकल चार में सभी स्वीकृत घरों का निर्माण कार्य शुरु हो गया है. पर अन्य वर्टिकल में कई शहरों में विभिन्न स्तर पर घर निर्माण का कार्य रुका हुआ है. विभागीय सचिव ने निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लंबित मामलों पर संज्ञान लेते हुए जल्द से जल्द कार्य पूरा करायें और अगर कोई लाभुक नन स्टार्टर की सूची में है तो उसे अविलंब शुरू कीजिए.
- #Basant PanchamiBasant Panchami : क्या ब्रह्माजी ने अपनी बेटी सरस्वती से विवाह किया था? - #Basant PanchamiBasant Panchami 2023: बसंत पंचमी और पीले रंग का क्या है संबंध? Basant Panchami 2023: बसंत पंचमी का पर्व मां सरस्वती के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। मां सरस्वती ज्ञान और कला की देवी हैं,उनके आशीष के बिना इंसान कभी भी तरक्की प्राप्त नहीं कर सकता है। उन्हीं की कृपा से इंसान को सही-गलत का अंतर पता चलता है। इस खास दिन मां सरस्वती की विशेष आरती करनी चाहिए, इससे भक्त को मां के दूने आशीष की प्राप्ति होती है। इस दिन पूजा का प्रारंभ सरस्वती वंदना से और पूजा का अंत मां सरस्वती की आरती से करनी चाहिए। - या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता। - या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता। - शुक्लाम् ब्रह्मविचार सार परमाम् आद्यां जगद्व्यापिनीम्। - हस्ते स्फटिकमालिकाम् विदधतीम् पद्मासने संस्थिताम्। - मैया जय सरस्वती माता । - सदगुण वैभव शालिनी, - चन्द्रवदनि पद्मासिनि, - द्युति मंगलकारी । - सोहे शुभ हंस सवारी, - बाएं कर में वीणा, - दाएं कर माला । - शीश मुकुट मणि सोहे, - देवी शरण जो आए, - उनका उद्धार किया । - पैठी मंथरा दासी, - विद्या ज्ञान प्रदायिनि, - ज्ञान प्रकाश भरो । - मोह अज्ञान और तिमिर का, - धूप दीप फल मेवा, - माँ स्वीकार करो । - ज्ञानचक्षु दे माता, - माँ सरस्वती की आरती, - जो कोई जन गावे । - हितकारी सुखकारी, - जय सरस्वती माता, - जय जय सरस्वती माता । - सदगुण वैभव शालिनी, Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए . पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन. Basant Panchami 2023 on 26th January. its holy day. on this day read Maa Saraswati Vandana and Aarti and will get the blessings.
- #Basant PanchamiBasant Panchami : क्या ब्रह्माजी ने अपनी बेटी सरस्वती से विवाह किया था? - #Basant PanchamiBasant Panchami दो हज़ार तेईस: बसंत पंचमी और पीले रंग का क्या है संबंध? Basant Panchami दो हज़ार तेईस: बसंत पंचमी का पर्व मां सरस्वती के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। मां सरस्वती ज्ञान और कला की देवी हैं,उनके आशीष के बिना इंसान कभी भी तरक्की प्राप्त नहीं कर सकता है। उन्हीं की कृपा से इंसान को सही-गलत का अंतर पता चलता है। इस खास दिन मां सरस्वती की विशेष आरती करनी चाहिए, इससे भक्त को मां के दूने आशीष की प्राप्ति होती है। इस दिन पूजा का प्रारंभ सरस्वती वंदना से और पूजा का अंत मां सरस्वती की आरती से करनी चाहिए। - या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता। - या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता। - शुक्लाम् ब्रह्मविचार सार परमाम् आद्यां जगद्व्यापिनीम्। - हस्ते स्फटिकमालिकाम् विदधतीम् पद्मासने संस्थिताम्। - मैया जय सरस्वती माता । - सदगुण वैभव शालिनी, - चन्द्रवदनि पद्मासिनि, - द्युति मंगलकारी । - सोहे शुभ हंस सवारी, - बाएं कर में वीणा, - दाएं कर माला । - शीश मुकुट मणि सोहे, - देवी शरण जो आए, - उनका उद्धार किया । - पैठी मंथरा दासी, - विद्या ज्ञान प्रदायिनि, - ज्ञान प्रकाश भरो । - मोह अज्ञान और तिमिर का, - धूप दीप फल मेवा, - माँ स्वीकार करो । - ज्ञानचक्षु दे माता, - माँ सरस्वती की आरती, - जो कोई जन गावे । - हितकारी सुखकारी, - जय सरस्वती माता, - जय जय सरस्वती माता । - सदगुण वैभव शालिनी, Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए . पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन. Basant Panchami दो हज़ार तेईस on छब्बीस जनवरीuary. its holy day. on this day read Maa Saraswati Vandana and Aarti and will get the blessings.
PATNA : कई महीनों से एक साथ रहने वाली दो दोस्त एक दूसरे की इतनी बड़ी दुश्मन हो जाएगी, यह किसी ने नहीं सोचा भी नहीं था। सुनीता और सुरभि के झगड़े के इस अंजाम को देखकर हॉस्टल की दूसरी लड़कियां भी डरी और सहमी हुई है। क्योंकि सुनिता सोनम ने सुरभि के उपर चाकू से हमला कर दिया और खुद भी मरना चाहती थी। मामला कदमकुआं थाना एरिया के नया टोला के यादव भवन स्थित लक्ष्मी गर्ल्स हास्टल का है। दोनों दोस्त एक साथ रहकर प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रही थी। इन दोनों के बीच एक ब्वॉयफ्रेड के आ जाने से सुनीता सोनम व सुरभि के बीच झगड़ा चल रहा था। चाकू से हमला करने वाली सुनीता को कदमकुआं थाना पुलिस की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। वहीं सुरभि को इलाज के लिए पीएमसीएच भेजा गया है। जहां डाक्टर उसे स्टेबल बता रहे हैं। जानकारी हो कि समस्तीपुर की रहने वाली सुरभि और बांका की रहने वाली सुनिता सोनम की इस घटना की सूचना हास्टल संचालक ने पुलिस व फैमिली मेंबर को दी। पुलिस इस घटना की जांच में जुट गई है। इस बावत पुलिस उस लड़के से भी बात करेगी जिसकी वजह से दोनों में इस तरह की जंग हुई है। सुनिता सोनम के ब्वायफ्रेंड के साथ सुरभि भी बात किया करती थी। इसकी को लेकर दोनों में पहले झगड़ा शुरू हुआ। पचास से अधिक लड़की इस घटना के बाद पूरी तरह से डरी सहमी है। एक ही कमरे में रहने वाली सुनिता सोनम और सुरभि का झगड़ा बुधवार की रात भी हुआ था, लेकिन दोस्तों ने मिलकर दोनों की दोस्ती करवा दी। फिर गुरुवार की दोपहर अचानक से दोनों के बीच झगड़ा हुआ। सुनिता सोनम ने सुरभि पर पहले एसिड फेंका फिर उसके पीठ पर चाकू से वार कर दिया। घटना के वक्त हॉस्टल में पचास के आसपास लड़कियां मौजूद थी। आनन फानन में लड़की को पीएमसीएच भेजा गया।
PATNA : कई महीनों से एक साथ रहने वाली दो दोस्त एक दूसरे की इतनी बड़ी दुश्मन हो जाएगी, यह किसी ने नहीं सोचा भी नहीं था। सुनीता और सुरभि के झगड़े के इस अंजाम को देखकर हॉस्टल की दूसरी लड़कियां भी डरी और सहमी हुई है। क्योंकि सुनिता सोनम ने सुरभि के उपर चाकू से हमला कर दिया और खुद भी मरना चाहती थी। मामला कदमकुआं थाना एरिया के नया टोला के यादव भवन स्थित लक्ष्मी गर्ल्स हास्टल का है। दोनों दोस्त एक साथ रहकर प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रही थी। इन दोनों के बीच एक ब्वॉयफ्रेड के आ जाने से सुनीता सोनम व सुरभि के बीच झगड़ा चल रहा था। चाकू से हमला करने वाली सुनीता को कदमकुआं थाना पुलिस की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। वहीं सुरभि को इलाज के लिए पीएमसीएच भेजा गया है। जहां डाक्टर उसे स्टेबल बता रहे हैं। जानकारी हो कि समस्तीपुर की रहने वाली सुरभि और बांका की रहने वाली सुनिता सोनम की इस घटना की सूचना हास्टल संचालक ने पुलिस व फैमिली मेंबर को दी। पुलिस इस घटना की जांच में जुट गई है। इस बावत पुलिस उस लड़के से भी बात करेगी जिसकी वजह से दोनों में इस तरह की जंग हुई है। सुनिता सोनम के ब्वायफ्रेंड के साथ सुरभि भी बात किया करती थी। इसकी को लेकर दोनों में पहले झगड़ा शुरू हुआ। पचास से अधिक लड़की इस घटना के बाद पूरी तरह से डरी सहमी है। एक ही कमरे में रहने वाली सुनिता सोनम और सुरभि का झगड़ा बुधवार की रात भी हुआ था, लेकिन दोस्तों ने मिलकर दोनों की दोस्ती करवा दी। फिर गुरुवार की दोपहर अचानक से दोनों के बीच झगड़ा हुआ। सुनिता सोनम ने सुरभि पर पहले एसिड फेंका फिर उसके पीठ पर चाकू से वार कर दिया। घटना के वक्त हॉस्टल में पचास के आसपास लड़कियां मौजूद थी। आनन फानन में लड़की को पीएमसीएच भेजा गया।
अग्निहोत्री एवं सभरवाल शिक्षा दर्शन एवं समाजशास्त्रं माता पिता को घायु जितनी कम होती है, बच्चा वे समाजोवरण म उनको भूमिका उतनी ही अधिक माघनमूलब एवं सवगात्मक होती है । बडी प्रायु वाला की अपेक्षा छोटो प्रायु वाल माता पिता अधिव माघनमूना भूमिका निभात है। सुशिक्षित मातामा की अपेक्षा शिक्षित मानाएँ अधिन मवेगारमा होती हैं । सामाजिर सरचना से ही संबंधित प्राय तीन मध्ययना म माध्यमिक विद्यालया वा शहरी (भटगरी 1966), ग्रामीण ( सक्सेना 1966) तथा प्रादिवामी (दुवे 1966) परिवश में अध्ययन किया गया। तीना हो अध्ययना म एक सर्वानिष्ठ निरप यह मिलता है कि शहरी, ग्रामीण भोर प्रादिवामी-जीना ही प्रकार की सामाजिक सरच नामा म उच्चवर्गीय छात्रा की शनिव सप्राप्ति निम्नवर्गीय छात्रा की अपेक्षा अधिक है, भौर सामाजिक सभागम नीय उच्चवर्गीय छात्र अधिक सत्रिय हैं। दुवे न एक प्रय निषय यह भी निकाना है कि ग्रामीण क्षेत्रा के छात्र सामाजिव समाग और सामाजिक व्यवहार दोना हो बाता म शहरी छात्रा को अपना गुणात्मक एवं यात्म दृष्टि से बेहतर हैं। सामाजिक व्यवस्था के रूप में विद्यालय सामाजिर व्यवस्था के रूप में विद्यालय सम्बन्धी अनुसंधाना म अन शिया का अध्ययन भी किया गया है। माथुर (1965) व अनुसार छात्रावामा म लडकिया वे व्यक्ति वा जो विकास होता है यह शत्री ग्रामीण, निश्रित प्रतिक्षित जम अभियाना मे विशषित नहीं होता । मानी (1967) न छात्रावास की सामाजिक व्यवस्था म प्रोपचारिक एवं अनौपचारिक की व्यवस्था पर बल दिया, मगर पाण्डेय (1972) न समाज कल्याण विभाग द्वारा मचालित छात्रावासा वा वातावरण शनिव दृष्टि से उपयुक्त नहीं पाया । शिक्षण संस्थाग्रा के वातावरण पर गर शक्षणित कारका का अध्ययन वरने पर दशारा (1969) न पाया कि विद्यार्थी परिषदें विद्यालया म जनतन्त्रीय प्रादर्शों का पापण करन म श्रममथ रही हैं। य परिषदें राजनतिक दलका प्रकि सहायता में प्रवाचित । त्यागी (1972) न सग भाई-बहना के मध्य स्पर्धा और विद्यालय की परिस्थितिया पर पडन वाले उमक प्रभाव का अध्ययन कर आयामकता निर्भीकता, सरrat के प्रति असन्ताप आदि का स्पया का ही प्रति फ्लन बताया। इसी प्राधार पर उ हाने अध्यापक तथा सरक्षा के लिए बच्चा के प्रति स्नेह सहिष्णुता और सहानुभूति युक्त व्यवहार करन को प्रावश्यक्ता पर बल दिया। पानीवाल (1961) न सास्कृतिक सरचना का अध्ययन करते हुए विद्यालय द्वारा प्रति पादित निम्नलिखित चार मान्यताम्रा का विद्यालय की संस्कृति का श्राधार बताया ( 1 ) मानव व्यक्तित्व के लिए सम्मान, ( 2 ) स्वतन्त्रता, (3) समुदाय सेवा द्वारा प्रारम परिताप तथा (4) संजना जय आनन्द । तोमर (1968) न उच्च सप्राप्ति तथा निम्न मप्राप्ति वाले विद्यालया के सामाजिक वातावरण वा तुलनात्मक अध्ययन करके यह सिद्ध किया कि विद्यालय में मानवीय सम्वत्र छात्रा के सप्राप्ति स्तरा का विशेष रूप से प्रभावित करत हैं ।
अग्निहोत्री एवं सभरवाल शिक्षा दर्शन एवं समाजशास्त्रं माता पिता को घायु जितनी कम होती है, बच्चा वे समाजोवरण म उनको भूमिका उतनी ही अधिक माघनमूलब एवं सवगात्मक होती है । बडी प्रायु वाला की अपेक्षा छोटो प्रायु वाल माता पिता अधिव माघनमूना भूमिका निभात है। सुशिक्षित मातामा की अपेक्षा शिक्षित मानाएँ अधिन मवेगारमा होती हैं । सामाजिर सरचना से ही संबंधित प्राय तीन मध्ययना म माध्यमिक विद्यालया वा शहरी , ग्रामीण तथा प्रादिवामी परिवश में अध्ययन किया गया। तीना हो अध्ययना म एक सर्वानिष्ठ निरप यह मिलता है कि शहरी, ग्रामीण भोर प्रादिवामी-जीना ही प्रकार की सामाजिक सरच नामा म उच्चवर्गीय छात्रा की शनिव सप्राप्ति निम्नवर्गीय छात्रा की अपेक्षा अधिक है, भौर सामाजिक सभागम नीय उच्चवर्गीय छात्र अधिक सत्रिय हैं। दुवे न एक प्रय निषय यह भी निकाना है कि ग्रामीण क्षेत्रा के छात्र सामाजिव समाग और सामाजिक व्यवहार दोना हो बाता म शहरी छात्रा को अपना गुणात्मक एवं यात्म दृष्टि से बेहतर हैं। सामाजिक व्यवस्था के रूप में विद्यालय सामाजिर व्यवस्था के रूप में विद्यालय सम्बन्धी अनुसंधाना म अन शिया का अध्ययन भी किया गया है। माथुर व अनुसार छात्रावामा म लडकिया वे व्यक्ति वा जो विकास होता है यह शत्री ग्रामीण, निश्रित प्रतिक्षित जम अभियाना मे विशषित नहीं होता । मानी न छात्रावास की सामाजिक व्यवस्था म प्रोपचारिक एवं अनौपचारिक की व्यवस्था पर बल दिया, मगर पाण्डेय न समाज कल्याण विभाग द्वारा मचालित छात्रावासा वा वातावरण शनिव दृष्टि से उपयुक्त नहीं पाया । शिक्षण संस्थाग्रा के वातावरण पर गर शक्षणित कारका का अध्ययन वरने पर दशारा न पाया कि विद्यार्थी परिषदें विद्यालया म जनतन्त्रीय प्रादर्शों का पापण करन म श्रममथ रही हैं। य परिषदें राजनतिक दलका प्रकि सहायता में प्रवाचित । त्यागी न सग भाई-बहना के मध्य स्पर्धा और विद्यालय की परिस्थितिया पर पडन वाले उमक प्रभाव का अध्ययन कर आयामकता निर्भीकता, सरrat के प्रति असन्ताप आदि का स्पया का ही प्रति फ्लन बताया। इसी प्राधार पर उ हाने अध्यापक तथा सरक्षा के लिए बच्चा के प्रति स्नेह सहिष्णुता और सहानुभूति युक्त व्यवहार करन को प्रावश्यक्ता पर बल दिया। पानीवाल न सास्कृतिक सरचना का अध्ययन करते हुए विद्यालय द्वारा प्रति पादित निम्नलिखित चार मान्यताम्रा का विद्यालय की संस्कृति का श्राधार बताया मानव व्यक्तित्व के लिए सम्मान, स्वतन्त्रता, समुदाय सेवा द्वारा प्रारम परिताप तथा संजना जय आनन्द । तोमर न उच्च सप्राप्ति तथा निम्न मप्राप्ति वाले विद्यालया के सामाजिक वातावरण वा तुलनात्मक अध्ययन करके यह सिद्ध किया कि विद्यालय में मानवीय सम्वत्र छात्रा के सप्राप्ति स्तरा का विशेष रूप से प्रभावित करत हैं ।
केएल राहुल की 55 गेंदों में 74 रन की पारी के बावजूद टीम इंडिया पर्थ में दूसरे अभ्यास मैच में 36 रन से हार गया। केएल राहुल को उनके स्ट्राइक रेट के लिए ट्रोल किया जा रहा है। टीम इंडिया दूसरे अभ्यास मैच में वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया से 36 रन से हार गया। भारतीय टीम के लिए टी20 वर्ल्ड कप से पहले ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों से अभ्यस्त होने के लिए यह मैच महत्वपूर्ण था। टीम इंडिया के लिए इस मैच में केएल राहुल ने सर्वाधिक 74 रनों की पारी खेली। हालांकि, रिक्वायर रनरेट के बढ़ने के बावजूद केएल राहुल ने तेज गति से रन नहीं बनाए और टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा। केएल राहुल 18.1 ओवर तक टिक रहे बावजूद इसके भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा। केएल राहुल के इस प्रदर्शन के बाद यूजर्स उन्हें ट्रोल कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, 'टी20 विश्व कप अभ्यास मैच में केएल राहुल की मास्टरक्लास टेस्ट पारी चल रही है क्योंकि वह हमेशा टेस्ट खेलना पसंद करते हैं चाहे वह टेस्ट हो या टी 20 क्रिकेट।' दूसरे यूजर ने लिखा, 'अभी भी समझ नहीं आ रहा है कि केएल राहुल की पहले 6 ओवरों में धीमी शुरुआत भारत को 20 ओवर का मैच हारने दे रही है। #T20WorldCup हार सकते हैं।' एक ने लिखा, 'भारत Wc में मैच हार सकता है अगर आप केएल राहुल के साथ जारी रखते हैं जो ना केवल रनरेट में धीमा है बल्कि अन्य बल्लेबाजों पर भी दबाव डालता है।' एक अन्य यूजर ने लिखा, 'क्या स्वार्थी पारी है। केएल अब क्या ऑरेंज कैप दून इज सेल्फिश इनिंग के लिए गया वर्ल्ड कप इस बार भी।' वहीं अगर मैच की बात करें तो निकोलस हॉब्सन और डी आर्सी शॉर्ट के शानदार अर्धशतकों के दम पर वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया ने 168 रन बनाए। हॉब्सन ने 41 गेंदों में 64 रन और शॉर्ट ने 38 गेंदों में 52 रन की पारी खेली। अश्विन ने तीन विकेट हासिल किए और दो रनआउट किए। इसके अलावा हर्षल पटेल ने दो औऱ अर्शदीप सिंह ने एक विकेट झटका।
केएल राहुल की पचपन गेंदों में चौहत्तर रन की पारी के बावजूद टीम इंडिया पर्थ में दूसरे अभ्यास मैच में छत्तीस रन से हार गया। केएल राहुल को उनके स्ट्राइक रेट के लिए ट्रोल किया जा रहा है। टीम इंडिया दूसरे अभ्यास मैच में वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया से छत्तीस रन से हार गया। भारतीय टीम के लिए टीबीस वर्ल्ड कप से पहले ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों से अभ्यस्त होने के लिए यह मैच महत्वपूर्ण था। टीम इंडिया के लिए इस मैच में केएल राहुल ने सर्वाधिक चौहत्तर रनों की पारी खेली। हालांकि, रिक्वायर रनरेट के बढ़ने के बावजूद केएल राहुल ने तेज गति से रन नहीं बनाए और टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा। केएल राहुल अट्ठारह.एक ओवर तक टिक रहे बावजूद इसके भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा। केएल राहुल के इस प्रदर्शन के बाद यूजर्स उन्हें ट्रोल कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, 'टीबीस विश्व कप अभ्यास मैच में केएल राहुल की मास्टरक्लास टेस्ट पारी चल रही है क्योंकि वह हमेशा टेस्ट खेलना पसंद करते हैं चाहे वह टेस्ट हो या टी बीस क्रिकेट।' दूसरे यूजर ने लिखा, 'अभी भी समझ नहीं आ रहा है कि केएल राहुल की पहले छः ओवरों में धीमी शुरुआत भारत को बीस ओवर का मैच हारने दे रही है। #TबीसWorldCup हार सकते हैं।' एक ने लिखा, 'भारत Wc में मैच हार सकता है अगर आप केएल राहुल के साथ जारी रखते हैं जो ना केवल रनरेट में धीमा है बल्कि अन्य बल्लेबाजों पर भी दबाव डालता है।' एक अन्य यूजर ने लिखा, 'क्या स्वार्थी पारी है। केएल अब क्या ऑरेंज कैप दून इज सेल्फिश इनिंग के लिए गया वर्ल्ड कप इस बार भी।' वहीं अगर मैच की बात करें तो निकोलस हॉब्सन और डी आर्सी शॉर्ट के शानदार अर्धशतकों के दम पर वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया ने एक सौ अड़सठ रन बनाए। हॉब्सन ने इकतालीस गेंदों में चौंसठ रन और शॉर्ट ने अड़तीस गेंदों में बावन रन की पारी खेली। अश्विन ने तीन विकेट हासिल किए और दो रनआउट किए। इसके अलावा हर्षल पटेल ने दो औऱ अर्शदीप सिंह ने एक विकेट झटका।
जौनपुर में पति की मार पिटाई से तंग आकर एक विवाहिता ने खुदकुशी कर ली है. फांसी लगाने से पहले महिला ने एक वीडियो बनाकर अपना दर्द बयांं किया और इसे फेसबुक पर अपलोड किया है. उत्तर प्रदेश के जौनपुर में एक विवाहिता ने फांसी लगाकर जान दे दी है. सुसाइड से पहले विवाहिता ने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में अपलोड किया है. इसमें बताया है कि वह रोज रोज की मारपीट से परेशान हो चुकी है. आठ साल बाद भी कम दहेज लाने की बात पर पति मारपीट करता है, हालात बर्दाश्त के बाहर हो चुके हैं. कहा कि अब मौत ही उसके पास एकमात्र विकल्प बचा है. यह कहकर पीड़िता ने पंखे के कुंडे में चुन्नी बांध कर फांसी लगा लिया. सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला के मायके वालों की शिकायत पर पति और सास ससुर समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है. जौनपुर पुलिस के मुताबिक वायरल वीडियो भी कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू कर दी गई है. इस वीडियो को देखने से जाहिर होता है कि महिला ने घरेलू कलह के चलते इस घटना को अंजाम दिया है. वायरल वीडियो में महिला कह रही है कि उसकी शादी आठ साल पहले हुई थी. उसी समय से उसे दहेज के लिए ससुराल में प्रताड़ित किया जा रहा है. पुलिस के मुताबिक महिला की पहचान जौनपुर के बदलापुर थाना क्षेत्र में भीमपुर गांव निवासी मनोज खरवार की बेटी लाडली के रूप में हुई है. उसकी शादी तेजी बाज़ार थाना क्षेत्र के खुंसापुर गांव में रहने वाले राजेश खरवार के बेटे कुलदीप के साथ हुई थी. इन दोनों का एक तीन साल का बेटा भी है. महिला के परिजनों ने पुलिस को दिए शिकायत में दहेज के लिए मारपीट का आरोप लगाया है. कहा कि शादी के बाद से ही ससुराल वालों ने उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था. महिला के ससुर आए दिन उसके खिलाफ उसके पति का कान भरते थे. इसके बाद घर में आकर आरोपी पति उसके साथ मारपीट करता था. रोज रोज की मारपीट से परेशान होकर पीड़िता ने बुधवार को वीडियो बनाया और फेसबुक पर पोस्ट करने के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. इस वीडियो में भी महिला ने अपने पति ओर ससुर पर गंभीर आरोप लगाए हैं. इसके साथ ही उन घावों को दिखाया है, जो आरोपियों द्वारा की गई मारपीट में आई है. वायरल वीडियो में महिला कह रही है कि वह फांसी लगाने जा रही है. इसी के साथ वह पुलिस से आग्रह कर रही है कि उसके बेटे को उसके मायके भेज दिया जाए. इस वीडियो में महिला यह भी कह रही है कि उसका पति दूसरी शादी करना चाहता है. इसलिए वह मारपीट कर रहा है. उसकी मंशा है कि मारपीट से परेशान होकर वह उसे छोड़ देगी. लेकिन वह चाहती है कि आरोपी पति अब जेल जाए. तेजीबाजार थाना प्रभारी निरीक्षक रामप्रवेश कुशवाहा ने बताया की शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
जौनपुर में पति की मार पिटाई से तंग आकर एक विवाहिता ने खुदकुशी कर ली है. फांसी लगाने से पहले महिला ने एक वीडियो बनाकर अपना दर्द बयांं किया और इसे फेसबुक पर अपलोड किया है. उत्तर प्रदेश के जौनपुर में एक विवाहिता ने फांसी लगाकर जान दे दी है. सुसाइड से पहले विवाहिता ने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में अपलोड किया है. इसमें बताया है कि वह रोज रोज की मारपीट से परेशान हो चुकी है. आठ साल बाद भी कम दहेज लाने की बात पर पति मारपीट करता है, हालात बर्दाश्त के बाहर हो चुके हैं. कहा कि अब मौत ही उसके पास एकमात्र विकल्प बचा है. यह कहकर पीड़िता ने पंखे के कुंडे में चुन्नी बांध कर फांसी लगा लिया. सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला के मायके वालों की शिकायत पर पति और सास ससुर समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है. जौनपुर पुलिस के मुताबिक वायरल वीडियो भी कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू कर दी गई है. इस वीडियो को देखने से जाहिर होता है कि महिला ने घरेलू कलह के चलते इस घटना को अंजाम दिया है. वायरल वीडियो में महिला कह रही है कि उसकी शादी आठ साल पहले हुई थी. उसी समय से उसे दहेज के लिए ससुराल में प्रताड़ित किया जा रहा है. पुलिस के मुताबिक महिला की पहचान जौनपुर के बदलापुर थाना क्षेत्र में भीमपुर गांव निवासी मनोज खरवार की बेटी लाडली के रूप में हुई है. उसकी शादी तेजी बाज़ार थाना क्षेत्र के खुंसापुर गांव में रहने वाले राजेश खरवार के बेटे कुलदीप के साथ हुई थी. इन दोनों का एक तीन साल का बेटा भी है. महिला के परिजनों ने पुलिस को दिए शिकायत में दहेज के लिए मारपीट का आरोप लगाया है. कहा कि शादी के बाद से ही ससुराल वालों ने उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था. महिला के ससुर आए दिन उसके खिलाफ उसके पति का कान भरते थे. इसके बाद घर में आकर आरोपी पति उसके साथ मारपीट करता था. रोज रोज की मारपीट से परेशान होकर पीड़िता ने बुधवार को वीडियो बनाया और फेसबुक पर पोस्ट करने के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. इस वीडियो में भी महिला ने अपने पति ओर ससुर पर गंभीर आरोप लगाए हैं. इसके साथ ही उन घावों को दिखाया है, जो आरोपियों द्वारा की गई मारपीट में आई है. वायरल वीडियो में महिला कह रही है कि वह फांसी लगाने जा रही है. इसी के साथ वह पुलिस से आग्रह कर रही है कि उसके बेटे को उसके मायके भेज दिया जाए. इस वीडियो में महिला यह भी कह रही है कि उसका पति दूसरी शादी करना चाहता है. इसलिए वह मारपीट कर रहा है. उसकी मंशा है कि मारपीट से परेशान होकर वह उसे छोड़ देगी. लेकिन वह चाहती है कि आरोपी पति अब जेल जाए. तेजीबाजार थाना प्रभारी निरीक्षक रामप्रवेश कुशवाहा ने बताया की शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
Bihar Police Constable PET 2020: केंद्रीय चयन बोर्ड कांस्टेबल चयन (CSBC) ने अपनी वेबसाइट पर शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) शुरू होने के संबंध में एक महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है। पीईटी के लिए क्वालिफाई करने वाले उम्मीदवार सीएसबीसी की आधिकारिक वेबसाइट csbc. bih. nic. in के माध्यम से पूरा कार्यक्रम डाउनलोड कर सकते हैं। चयन बोर्ड की तरफ से जारी अपडेट के अनुसार, 24 फरवरी से 11 मार्च 2022 तक का कार्यक्रम वही रहेगा, जबकि पीईटी के कार्यक्रम में कुछ बदलाव हैं, जो 28 जनवरी से 22 फरवरी 2022 के बीच होने थे। अब, यह 15 मार्च ससे 08 अप्रैल 2022 तक होगा। बता दें कि आयोग परीक्षा के लिए नया प्रवेश पत्र जारी नहीं करेगा। पहले जारी किए गए एडमिट कार्ड ही उक्त परीक्षा में उपयोग किए जाएंगे। जिन लोगों ने अभी तक बिहार पुलिस कांस्टेबल एडमिट कार्ड 2022 डाउनलोड नहीं किया है, वे http://www. csbc. bih. nic. in पर लॉग इन कर ई-एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। जो उम्मीदवारों शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) में उपस्थित नहीं होंगे, उन्हें कांस्टेबल पदों की नियुक्ति के लिए अपात्र माना जाएगा। किसी भी उम्मीदवार को आगे कोई मौका नहीं दिया जाएगा। शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान उम्मीदवारों को फोटोकॉपी के साथ अपने दस्तावेजों को ले जाना आवश्यक है। विभिन्न विभागों में कांस्टेबल के पद के लिए कुल 8415 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और पीईटी/पीएसटी के आधार पर किया जाएगा। बता दें कि परीक्षा कोविड प्रोटोकॉल के बाद आयोजित की जाएगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे नवीनतम अपडेट के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर चेक करते रहें।
Bihar Police Constable PET दो हज़ार बीस: केंद्रीय चयन बोर्ड कांस्टेबल चयन ने अपनी वेबसाइट पर शारीरिक दक्षता परीक्षा शुरू होने के संबंध में एक महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है। पीईटी के लिए क्वालिफाई करने वाले उम्मीदवार सीएसबीसी की आधिकारिक वेबसाइट csbc. bih. nic. in के माध्यम से पूरा कार्यक्रम डाउनलोड कर सकते हैं। चयन बोर्ड की तरफ से जारी अपडेट के अनुसार, चौबीस फरवरी से ग्यारह मार्च दो हज़ार बाईस तक का कार्यक्रम वही रहेगा, जबकि पीईटी के कार्यक्रम में कुछ बदलाव हैं, जो अट्ठाईस जनवरी से बाईस फरवरी दो हज़ार बाईस के बीच होने थे। अब, यह पंद्रह मार्च ससे आठ अप्रैल दो हज़ार बाईस तक होगा। बता दें कि आयोग परीक्षा के लिए नया प्रवेश पत्र जारी नहीं करेगा। पहले जारी किए गए एडमिट कार्ड ही उक्त परीक्षा में उपयोग किए जाएंगे। जिन लोगों ने अभी तक बिहार पुलिस कांस्टेबल एडमिट कार्ड दो हज़ार बाईस डाउनलोड नहीं किया है, वे http://www. csbc. bih. nic. in पर लॉग इन कर ई-एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। जो उम्मीदवारों शारीरिक दक्षता परीक्षा में उपस्थित नहीं होंगे, उन्हें कांस्टेबल पदों की नियुक्ति के लिए अपात्र माना जाएगा। किसी भी उम्मीदवार को आगे कोई मौका नहीं दिया जाएगा। शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान उम्मीदवारों को फोटोकॉपी के साथ अपने दस्तावेजों को ले जाना आवश्यक है। विभिन्न विभागों में कांस्टेबल के पद के लिए कुल आठ हज़ार चार सौ पंद्रह रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और पीईटी/पीएसटी के आधार पर किया जाएगा। बता दें कि परीक्षा कोविड प्रोटोकॉल के बाद आयोजित की जाएगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे नवीनतम अपडेट के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर चेक करते रहें।
कमेनियस विश्वविद्यालय (उस समय स्लोवाक विश्वविद्यालय) के फार्मेसी के स्वतंत्र संकाय की स्थापना सरकारी विनियमन द्वारा की गई थी जो 1 सितंबर, 1952 को लागू हुई थी। विश्वविद्यालय के पहले डीन थे जे। Krasnec और उप-डीन L. Zathurecký। शैक्षणिक वर्ष 1953-1954 से फार्मास्युटिकल प्रोग्राम को पांच साल तक बढ़ा दिया गया था। 1958 में Odbojárov Street पर फार्मेसी संकाय के लिए एक नए भवन के निर्माण का काम शुरू हुआ। इसे 1960 में खोला गया था। उसी वर्ष के दौरान ब्रनो और ब्रातिस्लावा में दो फार्मास्युटिकल संकायों का विलय हो गया और ब्रातिस्लावा चेकोस्लोवाकिया में फार्मेसी के एकमात्र राष्ट्रीय संकाय का निवास बन गया। यह संकाय के सबसे महत्वपूर्ण अवधियों में से एक था। बाद में ह्राडेक क्रालोव में अपने मुख्यालय के साथ चार्ल्स विश्वविद्यालय के फार्मेसी संकाय की स्थापना की गई। ब्रातिस्लावा में कोमेनियस विश्वविद्यालय का नाम विश्व स्तरीय गुणवत्ता है। 2019 में, प्रबंधन के संकाय, कॉमेनियस विश्वविद्यालय स्लोवाकिया में एकमात्र ऐसा है जिसे डेटाबेस उत्कृष्ट बिजनेस स्कूल में उत्कृष्ट मूल्यांकन से सम्मानित किया गया है। Košice में Pavol Jozef afárik University न केवल स्लोवाक गणराज्य में बल्कि उन्नत यूरोप में भी महत्वपूर्ण और मान्यता प्राप्त शैक्षिक और वैज्ञानिक संस्थानों में शुमार है। वर्तमान में, विश्वविद्यालय में चिकित्सा, विज्ञान, कानून, लोक प्रशासन और कला संकाय के संकाय शामिल हैं। इस दूसरे सबसे पुराने शास्त्रीय स्लोवाक विश्वविद्यालय से स्नातक इस देश और विदेश दोनों में अच्छी प्रतिष्ठा रखते हैं। कला संकाय की ताकत इसकी अनुसंधान क्षमता में है जिसमें सभी चार अनुसंधान क्षेत्रों (शैक्षणिक विज्ञान, मानविकी, सामाजिक और व्यवहार विज्ञान, ऐतिहासिक और नृवंशविज्ञान विज्ञान) के साथ-साथ एकल प्रमुख, डबल प्रमुख की संबंधित लचीली और विस्तृत श्रृंखला शामिल है। शिक्षण और पोस्टडॉक्टोरल अध्ययन कार्यक्रम। प्रस्तावित अध्ययन कार्यक्रमों की गुणवत्ता भाषा योग्यता पाठ्यक्रमों और सॉफ्ट स्किल्स पाठ्यक्रमों द्वारा पूरक है जो रोजगार बाजार में सफल होने में स्नातकों की संभावनाओं को बढ़ाते हैं। Košice में Pavol Jozef afárik University के कला संकाय द्वारा निगरानी की गई शिक्षा और अनुसंधान में प्रदर्शन के गुणवत्ता संकेतक उच्च गुणवत्ता वाले मानदंडों में परिलक्षित होते हैं जो आवास और नियुक्ति की कार्यवाही के लिए आवश्यक हैं। सीईआईटीईसी (सेंट्रल यूरोपियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) एक अनूठा अनुसंधान केंद्र है जो मुख्य रूप से जीवन विज्ञान, उन्नत सामग्री और नैनो प्रौद्योगिकी पर केंद्रित है। 2011 में अपनी स्थापना के बाद से, CEITEC तेजी से अनुसंधान के लिए एक अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे के रूप में विकसित हुआ है जो यूरोप के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों के साथ-साथ अत्यधिक प्रदर्शन करता है। कॉन्सटेंटाइन, फिलोफर यूनिवर्सिटी इन नाइट्रा, एक आधुनिक शैक्षिक, वैज्ञानिक और कलात्मक संस्थान है जो नाइट्रा और स्लोवाकिया के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों में से एक का नाम रखता है - कॉन्स्टेंटाइन द फिलोसोफर (सेंट सिरिल, 827 - 869)। इसका मिशन एक सामंजस्यपूर्ण व्यक्तित्व विकसित करना है, ज्ञान, ज्ञान, ईमानदारी और मानवीय रचनात्मकता का प्रसार करना है और ज्ञान आधारित समाज को लाभान्वित करने के लिए शिक्षा, संस्कृति और स्वास्थ्य के विकास में योगदान करना है। DTI University का मिशन मान्यता प्राप्त अध्ययन कार्यक्रमों में शिक्षा प्रदान करना, संगठित करना और आपूर्ति करना है, रचनात्मक वैज्ञानिक अनुसंधान का एहसास करना है, और पाठ्यक्रम और शैक्षिक गतिविधियों की एक विस्तृत श्रृंखला के रूप में आगे के शिक्षा कार्यक्रमों की पेशकश करना है। मतेज बेल विश्वविद्यालय एक सार्वजनिक विश्वविद्यालय है जिसने 2010 में विश्वविद्यालय का दर्जा हासिल किया और यूरोपीय विश्वविद्यालय संघ का सदस्य है। विश्वविद्यालय रचनात्मक वैज्ञानिक और कलात्मक अनुसंधान को प्रोत्साहित करके उच्च गुणवत्ता वाले विश्वविद्यालय और आगे की शिक्षा दोनों प्रदान करता है। वैज्ञानिक विकास और व्यावहारिक मुद्दों दोनों की आवश्यकताओं को मिलाकर ज्ञान उन्नत होता है।
कमेनियस विश्वविद्यालय के फार्मेसी के स्वतंत्र संकाय की स्थापना सरकारी विनियमन द्वारा की गई थी जो एक सितंबर, एक हज़ार नौ सौ बावन को लागू हुई थी। विश्वविद्यालय के पहले डीन थे जे। Krasnec और उप-डीन L. Zathurecký। शैक्षणिक वर्ष एक हज़ार नौ सौ तिरेपन-एक हज़ार नौ सौ चौवन से फार्मास्युटिकल प्रोग्राम को पांच साल तक बढ़ा दिया गया था। एक हज़ार नौ सौ अट्ठावन में Odbojárov Street पर फार्मेसी संकाय के लिए एक नए भवन के निर्माण का काम शुरू हुआ। इसे एक हज़ार नौ सौ साठ में खोला गया था। उसी वर्ष के दौरान ब्रनो और ब्रातिस्लावा में दो फार्मास्युटिकल संकायों का विलय हो गया और ब्रातिस्लावा चेकोस्लोवाकिया में फार्मेसी के एकमात्र राष्ट्रीय संकाय का निवास बन गया। यह संकाय के सबसे महत्वपूर्ण अवधियों में से एक था। बाद में ह्राडेक क्रालोव में अपने मुख्यालय के साथ चार्ल्स विश्वविद्यालय के फार्मेसी संकाय की स्थापना की गई। ब्रातिस्लावा में कोमेनियस विश्वविद्यालय का नाम विश्व स्तरीय गुणवत्ता है। दो हज़ार उन्नीस में, प्रबंधन के संकाय, कॉमेनियस विश्वविद्यालय स्लोवाकिया में एकमात्र ऐसा है जिसे डेटाबेस उत्कृष्ट बिजनेस स्कूल में उत्कृष्ट मूल्यांकन से सम्मानित किया गया है। Košice में Pavol Jozef afárik University न केवल स्लोवाक गणराज्य में बल्कि उन्नत यूरोप में भी महत्वपूर्ण और मान्यता प्राप्त शैक्षिक और वैज्ञानिक संस्थानों में शुमार है। वर्तमान में, विश्वविद्यालय में चिकित्सा, विज्ञान, कानून, लोक प्रशासन और कला संकाय के संकाय शामिल हैं। इस दूसरे सबसे पुराने शास्त्रीय स्लोवाक विश्वविद्यालय से स्नातक इस देश और विदेश दोनों में अच्छी प्रतिष्ठा रखते हैं। कला संकाय की ताकत इसकी अनुसंधान क्षमता में है जिसमें सभी चार अनुसंधान क्षेत्रों के साथ-साथ एकल प्रमुख, डबल प्रमुख की संबंधित लचीली और विस्तृत श्रृंखला शामिल है। शिक्षण और पोस्टडॉक्टोरल अध्ययन कार्यक्रम। प्रस्तावित अध्ययन कार्यक्रमों की गुणवत्ता भाषा योग्यता पाठ्यक्रमों और सॉफ्ट स्किल्स पाठ्यक्रमों द्वारा पूरक है जो रोजगार बाजार में सफल होने में स्नातकों की संभावनाओं को बढ़ाते हैं। Košice में Pavol Jozef afárik University के कला संकाय द्वारा निगरानी की गई शिक्षा और अनुसंधान में प्रदर्शन के गुणवत्ता संकेतक उच्च गुणवत्ता वाले मानदंडों में परिलक्षित होते हैं जो आवास और नियुक्ति की कार्यवाही के लिए आवश्यक हैं। सीईआईटीईसी एक अनूठा अनुसंधान केंद्र है जो मुख्य रूप से जीवन विज्ञान, उन्नत सामग्री और नैनो प्रौद्योगिकी पर केंद्रित है। दो हज़ार ग्यारह में अपनी स्थापना के बाद से, CEITEC तेजी से अनुसंधान के लिए एक अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे के रूप में विकसित हुआ है जो यूरोप के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों के साथ-साथ अत्यधिक प्रदर्शन करता है। कॉन्सटेंटाइन, फिलोफर यूनिवर्सिटी इन नाइट्रा, एक आधुनिक शैक्षिक, वैज्ञानिक और कलात्मक संस्थान है जो नाइट्रा और स्लोवाकिया के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों में से एक का नाम रखता है - कॉन्स्टेंटाइन द फिलोसोफर । इसका मिशन एक सामंजस्यपूर्ण व्यक्तित्व विकसित करना है, ज्ञान, ज्ञान, ईमानदारी और मानवीय रचनात्मकता का प्रसार करना है और ज्ञान आधारित समाज को लाभान्वित करने के लिए शिक्षा, संस्कृति और स्वास्थ्य के विकास में योगदान करना है। DTI University का मिशन मान्यता प्राप्त अध्ययन कार्यक्रमों में शिक्षा प्रदान करना, संगठित करना और आपूर्ति करना है, रचनात्मक वैज्ञानिक अनुसंधान का एहसास करना है, और पाठ्यक्रम और शैक्षिक गतिविधियों की एक विस्तृत श्रृंखला के रूप में आगे के शिक्षा कार्यक्रमों की पेशकश करना है। मतेज बेल विश्वविद्यालय एक सार्वजनिक विश्वविद्यालय है जिसने दो हज़ार दस में विश्वविद्यालय का दर्जा हासिल किया और यूरोपीय विश्वविद्यालय संघ का सदस्य है। विश्वविद्यालय रचनात्मक वैज्ञानिक और कलात्मक अनुसंधान को प्रोत्साहित करके उच्च गुणवत्ता वाले विश्वविद्यालय और आगे की शिक्षा दोनों प्रदान करता है। वैज्ञानिक विकास और व्यावहारिक मुद्दों दोनों की आवश्यकताओं को मिलाकर ज्ञान उन्नत होता है।
नई दिल्ली, 18 मई (आईएएनएस)। दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश पर दो आप विधायकों द्वारा कथित तौर पर हमला करने के मामले में दिल्ली पुलिस शुक्रवार को पूछताछ के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर पहुंची। एक पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि मुख्यमंत्री से उनके आवास पर शाम करीब 5 बजे पूछताछ शुरू हुई। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त हरेंद्र सिंह, सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी), सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन व चार निरीक्षक रैंक के अधिकारियों के साथ केजरीवाल के घर में दाखिल हुए । अधिकारी ने कहा कि पूछताछ के दौरान मुख्यमंत्री के कमरे में छह से सात वकील थे। अधिकारी ने कहा कि पूरी पूछताछ की प्रक्रिया की पुलिस द्वारा वीडियोग्राफी कराई जा रही है। केजरीवाल के घर के बाहर करीब एक दर्जन से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात थे। मुख्य सचिव ने 20 फरवरी को आरोप लगाया था कि आम आदमी पार्टी (आप) के दो विधायकों ने केजरीवाल की उपस्थिति में मुख्यमंत्री आवास पर उन पर हमला किया। इन विधायकों में अमानतउल्ला खान व प्रकाश जरवाल शामिल थे। इन्हें बाद में गिरफ्तार किया गया।
नई दिल्ली, अट्ठारह मई । दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश पर दो आप विधायकों द्वारा कथित तौर पर हमला करने के मामले में दिल्ली पुलिस शुक्रवार को पूछताछ के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर पहुंची। एक पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि मुख्यमंत्री से उनके आवास पर शाम करीब पाँच बजे पूछताछ शुरू हुई। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त हरेंद्र सिंह, सहायक पुलिस आयुक्त , सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन व चार निरीक्षक रैंक के अधिकारियों के साथ केजरीवाल के घर में दाखिल हुए । अधिकारी ने कहा कि पूछताछ के दौरान मुख्यमंत्री के कमरे में छह से सात वकील थे। अधिकारी ने कहा कि पूरी पूछताछ की प्रक्रिया की पुलिस द्वारा वीडियोग्राफी कराई जा रही है। केजरीवाल के घर के बाहर करीब एक दर्जन से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात थे। मुख्य सचिव ने बीस फरवरी को आरोप लगाया था कि आम आदमी पार्टी के दो विधायकों ने केजरीवाल की उपस्थिति में मुख्यमंत्री आवास पर उन पर हमला किया। इन विधायकों में अमानतउल्ला खान व प्रकाश जरवाल शामिल थे। इन्हें बाद में गिरफ्तार किया गया।
मीटिंग संबंधी विवरण देते हुए सरदार सिद्धू ने बताया कि बैंक द्वारा सहमति जताने से मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की विकासमुखी सोच के अनुसार बनाऐ गए प्रोजेक्टों को अमली जामा पहनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि वित्तीय संकट से जूझ रही पंजाब सरकार को यह बड़ी राहत होगी कि बैंक ने लंबे समय के कर्जे देने की सहमति जताई है। इनकी ब्याज दर भी नाममात्र है। उन्होंने कहा कि आज की मीटिंग के सार्थक परिणामों से स्थानीय निकाय और सांस्कृतिक एवं पर्यटन विभाग की तमन्नाओं को नई उड़ान मिलेगी और अब जहाँ शहरों की मुकम्मल कायाकल्प होगी वहीं पंजाब के प्रमुख पर्यटन स्थल सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बनेंगे। बैंक के राष्ट्रीय प्रमुख द्वारा आने वाले समय में मुख्यमंत्री के साथ भी मीटिंग की जाएगी जिसके और भी सार्थक परिणाम निकलेंगे।
मीटिंग संबंधी विवरण देते हुए सरदार सिद्धू ने बताया कि बैंक द्वारा सहमति जताने से मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की विकासमुखी सोच के अनुसार बनाऐ गए प्रोजेक्टों को अमली जामा पहनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि वित्तीय संकट से जूझ रही पंजाब सरकार को यह बड़ी राहत होगी कि बैंक ने लंबे समय के कर्जे देने की सहमति जताई है। इनकी ब्याज दर भी नाममात्र है। उन्होंने कहा कि आज की मीटिंग के सार्थक परिणामों से स्थानीय निकाय और सांस्कृतिक एवं पर्यटन विभाग की तमन्नाओं को नई उड़ान मिलेगी और अब जहाँ शहरों की मुकम्मल कायाकल्प होगी वहीं पंजाब के प्रमुख पर्यटन स्थल सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बनेंगे। बैंक के राष्ट्रीय प्रमुख द्वारा आने वाले समय में मुख्यमंत्री के साथ भी मीटिंग की जाएगी जिसके और भी सार्थक परिणाम निकलेंगे।
बलूचिस्तान प्रांत में जारी आतंकवादी गतिविधियां पाकिस्तान और चीन दोनों देशों की सरकारों के लिए बड़ा सिरदर्द बनती जा रही हैं। चीन की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) परियोजना के तहत बन रहे चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कोरिडोर (सीपीईसी) वहां सक्रिय बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) का खास निशाना बना हुआ है। इस प्रतिबंधित संगठन के हमलों में दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है। बीएलए ने सबसे हालिया हमला पिछले 26 अप्रैल को कराची यूनिवर्सिटी कैंपस में किया था, जिसमें तीन चीनी शिक्षकों की जान गई। बीएलए के कुख्यात गुरिल्ला सेल- माजिद ब्रिगेड ने कराची यूनिवर्सिटी में हुए की जिम्मेदारी ली। बीएलए के एक प्रतिनिधि ने एक अंतरराष्ट्रीय न्यूज चैनल से बातचीत में कहा है- 'यह हमला चीन को साफ संदेश है कि बलूचिस्तान में उसकी मौजूदगी को स्वीकार नहीं किया जाएगा। ' कराची हमले के बाद चीन के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के अधिकारियों से दो टूक कहा था कि इस 'आतंकवादी संगठन' पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ इस घटना पर शोक जताने के लिए खुद इस्लामाबाद स्थित चीनी दूतावास गए थे। इसके जरिए उन्होंने चीन को संदेश दिया कि वे इस मामले में चीन के साथ हैं। सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि महिला फिदायीन का भर्ती होना बीएलए के तौर-तरीकों में आया एक गुणात्मक बदलाव है। बीएलए एक सेक्युलर संगठन समझा जाता है। बताया जाता है कि उसने माजिद ब्रिगेड का गठन खास तौर पर सीपीईसी और चीन से जुड़े अन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किया है। बलूच राष्ट्रवादियों का कहना है कि पाकिस्तान सरकार ने इस प्रांत में मानवाधिकारों के घोर हनन किए। उसके ही जवाब में वहां हिंसक विद्रोह की स्थिति बनी है। सत्ताधारी दल पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के सीनेटर मुशाहिद हुसैन सईद ने कहा है- 'कराची में चीनी नागरिकों पर हुआ हमला खतरे की घंटी था। इससे इस बात का भी संकेत मिला कि बलूचिस्तान में लोगों के मन में गहरी शिकायतें बैठी हुई हैं, जिनका अब तक समाधान नहीं ढूंढा गया है। ' हुसैन ने कहा कि बीएलए अब कराची, डासू, ग्वादार, बल्कि देश में कहीं भी हमला करने में सक्षम हो गया है। Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
बलूचिस्तान प्रांत में जारी आतंकवादी गतिविधियां पाकिस्तान और चीन दोनों देशों की सरकारों के लिए बड़ा सिरदर्द बनती जा रही हैं। चीन की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव परियोजना के तहत बन रहे चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कोरिडोर वहां सक्रिय बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी का खास निशाना बना हुआ है। इस प्रतिबंधित संगठन के हमलों में दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है। बीएलए ने सबसे हालिया हमला पिछले छब्बीस अप्रैल को कराची यूनिवर्सिटी कैंपस में किया था, जिसमें तीन चीनी शिक्षकों की जान गई। बीएलए के कुख्यात गुरिल्ला सेल- माजिद ब्रिगेड ने कराची यूनिवर्सिटी में हुए की जिम्मेदारी ली। बीएलए के एक प्रतिनिधि ने एक अंतरराष्ट्रीय न्यूज चैनल से बातचीत में कहा है- 'यह हमला चीन को साफ संदेश है कि बलूचिस्तान में उसकी मौजूदगी को स्वीकार नहीं किया जाएगा। ' कराची हमले के बाद चीन के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के अधिकारियों से दो टूक कहा था कि इस 'आतंकवादी संगठन' पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ इस घटना पर शोक जताने के लिए खुद इस्लामाबाद स्थित चीनी दूतावास गए थे। इसके जरिए उन्होंने चीन को संदेश दिया कि वे इस मामले में चीन के साथ हैं। सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि महिला फिदायीन का भर्ती होना बीएलए के तौर-तरीकों में आया एक गुणात्मक बदलाव है। बीएलए एक सेक्युलर संगठन समझा जाता है। बताया जाता है कि उसने माजिद ब्रिगेड का गठन खास तौर पर सीपीईसी और चीन से जुड़े अन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किया है। बलूच राष्ट्रवादियों का कहना है कि पाकिस्तान सरकार ने इस प्रांत में मानवाधिकारों के घोर हनन किए। उसके ही जवाब में वहां हिंसक विद्रोह की स्थिति बनी है। सत्ताधारी दल पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के सीनेटर मुशाहिद हुसैन सईद ने कहा है- 'कराची में चीनी नागरिकों पर हुआ हमला खतरे की घंटी था। इससे इस बात का भी संकेत मिला कि बलूचिस्तान में लोगों के मन में गहरी शिकायतें बैठी हुई हैं, जिनका अब तक समाधान नहीं ढूंढा गया है। ' हुसैन ने कहा कि बीएलए अब कराची, डासू, ग्वादार, बल्कि देश में कहीं भी हमला करने में सक्षम हो गया है। Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ सीआरपीएफ और राज्य पुलिस के चलाए गए अभियान से अब सिर्फ 103 इनामी नक्सली राज्य में बचे हैं। झारखंड पुलिस ने 14 दिनों तक ऑपरेशन डबल बुल के नाम से चलाया, जिसमें काफी सफलता मिली। अभियान के दौरान 11 नक्सली भी गिरफ्तार किए गए हैं। जेपीसी को छोड़ शेष चार संगठन के 103 हार्डकोर नक्सलियों-उग्रवादियों के खिलाफ राज्य सरकार ने एक लाख रुपये से लेकर एक करोड़ रुपये तक का इनाम रखा है। इनकी तलाश जारी है। झारखंड में पिछले 37 दिनों के दौरान आठ बड़े इनामी नक्सली कम हुए हैं। इन 37 दिनों के दौरान झारखंड सरकार की सरेंडर नीति से प्रभावित होकर 25 लाख का इनामी विमल यादव सहित चार नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया। तीन बड़े नक्सली गिरफ्तार हुए, जबकि एक नक्सली मुठभेड़ में मारा गया। झारखंड पुलिस चार जोन में बांटकर नक्सलियों के खिलाफ अभियान चला रही है। इनमें एक जोन है सारंडा का जो सबसे बड़ा है। इसमें सरायकेला-खरसांवा, खूंटी, रांची और पश्चिमी सिंहभूम का सीमावर्ती क्षेत्र, पारसनाथ क्षेत्र, गुमला, लोहरदगा और लातेहार का क्षेत्र तथा बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र इसमें गढ़वा, पलामू, लातेहार आदि की सीमा आती है। इन क्षेत्रों में नक्सलियों का अलग-अलग गिरोह सक्रिय है। राज्य के 16 जिलों में पांच नक्सली संगठन लगातार झारखंड पुलिस को चुनौती दे रहे हैं। इनमें भाकपा माओवादी, पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआइ), तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी), झारखंड जन मुक्ति परिषद (जेजेएमपी) और झारखंड प्रस्तुति कमेटी (जेपीसी) शामिल हैं। इनमें रांची, खूंटी, बोकारो, चतरा, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, गढ़वा, गिरिडीह, गुमला, हजारीबाग, लातेहार, लोहरदगा, पलामू, सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम शामिल हैं। दूसरी ओर आठ अति उग्रवाद प्रभावित जिलों में चतरा, गिरिडीह, गुमला, खूंटी, लोहरदगा, लातेहार, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम शामिल हैं। 22 जनवरी को 10 लाख इनामी नक्सली महाराजा प्रमाणिक ने सरेंडर किया,10 फरवरी को लोहरदगा में एक लाख इनामी नक्सली दिनेश नगेशिया मारा गया। 25 फरवरी को 25 लाख इनामी नक्सली विमल यादव ने सरेंडर किया। 22 फरवरी को 10 लाख का इनामी नक्सली बलराम उरांव गिरफ्तार। 26 फरवरी को पांच लाख इनामी दो नक्सली सुदर्शन भुइयां और बालक गंझू को गिरफ्तार किया गया। एक मार्च को दस लाख इनामी सुरेश मुंडा और दो लाख इनामी लोदरो लोहरा ने सरेंडर किया। झारखंड पुलिस के प्रवक्ता सह आईजी अभियान एवी होमकर ने बताया कि नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है । अभियान के दौरान पुलिस को सफलता भी मिल रही है। धीरे-धीरे इनामी नक्सलियों की संख्या कम हो रही है। सरकार के सरेंडर नीति से प्रभावित होकर नक्सली सरेंडर कर रहे हैं।
झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ सीआरपीएफ और राज्य पुलिस के चलाए गए अभियान से अब सिर्फ एक सौ तीन इनामी नक्सली राज्य में बचे हैं। झारखंड पुलिस ने चौदह दिनों तक ऑपरेशन डबल बुल के नाम से चलाया, जिसमें काफी सफलता मिली। अभियान के दौरान ग्यारह नक्सली भी गिरफ्तार किए गए हैं। जेपीसी को छोड़ शेष चार संगठन के एक सौ तीन हार्डकोर नक्सलियों-उग्रवादियों के खिलाफ राज्य सरकार ने एक लाख रुपये से लेकर एक करोड़ रुपये तक का इनाम रखा है। इनकी तलाश जारी है। झारखंड में पिछले सैंतीस दिनों के दौरान आठ बड़े इनामी नक्सली कम हुए हैं। इन सैंतीस दिनों के दौरान झारखंड सरकार की सरेंडर नीति से प्रभावित होकर पच्चीस लाख का इनामी विमल यादव सहित चार नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया। तीन बड़े नक्सली गिरफ्तार हुए, जबकि एक नक्सली मुठभेड़ में मारा गया। झारखंड पुलिस चार जोन में बांटकर नक्सलियों के खिलाफ अभियान चला रही है। इनमें एक जोन है सारंडा का जो सबसे बड़ा है। इसमें सरायकेला-खरसांवा, खूंटी, रांची और पश्चिमी सिंहभूम का सीमावर्ती क्षेत्र, पारसनाथ क्षेत्र, गुमला, लोहरदगा और लातेहार का क्षेत्र तथा बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र इसमें गढ़वा, पलामू, लातेहार आदि की सीमा आती है। इन क्षेत्रों में नक्सलियों का अलग-अलग गिरोह सक्रिय है। राज्य के सोलह जिलों में पांच नक्सली संगठन लगातार झारखंड पुलिस को चुनौती दे रहे हैं। इनमें भाकपा माओवादी, पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया , तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी , झारखंड जन मुक्ति परिषद और झारखंड प्रस्तुति कमेटी शामिल हैं। इनमें रांची, खूंटी, बोकारो, चतरा, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, गढ़वा, गिरिडीह, गुमला, हजारीबाग, लातेहार, लोहरदगा, पलामू, सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम शामिल हैं। दूसरी ओर आठ अति उग्रवाद प्रभावित जिलों में चतरा, गिरिडीह, गुमला, खूंटी, लोहरदगा, लातेहार, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम शामिल हैं। बाईस जनवरी को दस लाख इनामी नक्सली महाराजा प्रमाणिक ने सरेंडर किया,दस फरवरी को लोहरदगा में एक लाख इनामी नक्सली दिनेश नगेशिया मारा गया। पच्चीस फरवरी को पच्चीस लाख इनामी नक्सली विमल यादव ने सरेंडर किया। बाईस फरवरी को दस लाख का इनामी नक्सली बलराम उरांव गिरफ्तार। छब्बीस फरवरी को पांच लाख इनामी दो नक्सली सुदर्शन भुइयां और बालक गंझू को गिरफ्तार किया गया। एक मार्च को दस लाख इनामी सुरेश मुंडा और दो लाख इनामी लोदरो लोहरा ने सरेंडर किया। झारखंड पुलिस के प्रवक्ता सह आईजी अभियान एवी होमकर ने बताया कि नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है । अभियान के दौरान पुलिस को सफलता भी मिल रही है। धीरे-धीरे इनामी नक्सलियों की संख्या कम हो रही है। सरकार के सरेंडर नीति से प्रभावित होकर नक्सली सरेंडर कर रहे हैं।
जबलपुर में कांग्रेस विधायक तरुण भनोत की ओर से दो दिवसीय विधायक कप पुरुष व महिला कुश्ती स्पर्धा का आयोजन किया गया है। बुधवार को इसका शुभारंभ विधायक तरुण भनोट ने किया। कुश्ती स्पर्धा खेल युवा कल्याण विभाग द्वारा महादेव ट्रस्ट मैदान पोलीपाथर में किया जा रहा है। आयोजन समिति के सचिव अर्जुन यादव ने बताया कुश्ती स्पर्धा के लिए सुबह पहलवानों का वजन किया गया। स्पर्धा विभिन्न वर्गो में आयोजित की गई है। जिसमें जूनियर वर्ग के 16 वर्ष से कम आयु के 35, 40 व 45 किलोग्राम के पहलवान, सीनियर वर्ग के 50, 55 व 60 किलोग्राम और विधायक कप टाइटल के लिए 65 से 80 किलोग्राम तक के पहलवानों ने स्पर्धा में हिस्सा लिया। इसी प्रकार महिला पहलवानों में 45 से 50 किलोग्राम की कुश्ती स्पर्धा आयोजित की गई। आयोजन समिति के अध्यक्ष गौरव भनोत ने बताया कुश्ती स्पर्धा में प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान के प्रतिभागी को नगद राशि, मेडल के साथ प्रत्येक प्रतिभागी को प्रमाण पत्र से सम्मानित किया जाएगा। आयोजन के दौरान विभिन्न अखाड़ों के उस्ताद व पहलवान मौजूद रहे। This website follows the DNPA Code of Ethics.
जबलपुर में कांग्रेस विधायक तरुण भनोत की ओर से दो दिवसीय विधायक कप पुरुष व महिला कुश्ती स्पर्धा का आयोजन किया गया है। बुधवार को इसका शुभारंभ विधायक तरुण भनोट ने किया। कुश्ती स्पर्धा खेल युवा कल्याण विभाग द्वारा महादेव ट्रस्ट मैदान पोलीपाथर में किया जा रहा है। आयोजन समिति के सचिव अर्जुन यादव ने बताया कुश्ती स्पर्धा के लिए सुबह पहलवानों का वजन किया गया। स्पर्धा विभिन्न वर्गो में आयोजित की गई है। जिसमें जूनियर वर्ग के सोलह वर्ष से कम आयु के पैंतीस, चालीस व पैंतालीस किलोग्रामग्राम के पहलवान, सीनियर वर्ग के पचास, पचपन व साठ किलोग्रामग्राम और विधायक कप टाइटल के लिए पैंसठ से अस्सी किलोग्रामग्राम तक के पहलवानों ने स्पर्धा में हिस्सा लिया। इसी प्रकार महिला पहलवानों में पैंतालीस से पचास किलोग्रामग्राम की कुश्ती स्पर्धा आयोजित की गई। आयोजन समिति के अध्यक्ष गौरव भनोत ने बताया कुश्ती स्पर्धा में प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान के प्रतिभागी को नगद राशि, मेडल के साथ प्रत्येक प्रतिभागी को प्रमाण पत्र से सम्मानित किया जाएगा। आयोजन के दौरान विभिन्न अखाड़ों के उस्ताद व पहलवान मौजूद रहे। This website follows the DNPA Code of Ethics.
सौवीं सेंचुरी के लिए सचिन ने पूरे एक साल तक इंतजार किया. इसके लिए उनकी भारी आलोचना भी हुई, लेकिन सचिन अकेले ऐसे क्रिकेटर नहीं हैं. उनके अलावा भी कई क्रिकेटर्स ने करियर के दौरान माइल्सटोन हासिल करने के लिए लंबे वक्त तक इंतजार किया. राहुल द्रविड़ लॉड्र्स में 1996 में अपने टेस्ट डेब्यू के दौरान महज 5 रन से अपनी पहली सेंचुरी मिस कर गए थे. इसके बाद उन्हें पहली सेंचुरी के लिए पूरे एक साल तक इंतजार करना पड़ा. साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहली सेंचुरी बनाने के बाद वह फिर 20 इनिंग्स तक दूसरी सेंचुरी नहीं जमा सके. हाल ही में एक न्यूच चैनल पर सचिन को रिटायरमेंट लेने की सलाह देकर सुर्खियां बटोरन वाले कपिल देव को भी सबसे अधिक टेस्ट विकेट्स के रिकॉर्ड को बनाने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा था. एक फरवरी 1992 को कपिल ने 400 टेस्ट विकेट्स का आंकड़ा छुआ था. इसके बाद रिचर्ड हेडली के 432 विकेट्स के वल्र्ड रिकॉर्ड को तोडऩे में उन्हें दो साल और 16 टेस्ट मैचों का वक्त लग गया. सचिन और कपिल की तरह फॉर्मर इंडियन क्रिकेट कैप्टन सौरव गांगुली को भी अपने ग्लोरियस करियर में कुछ माइल्सटोन हासिल ·रने में समय लगा. दादा अपने पूरे करियर में सिर्फ एक डबल सेंचुरी लगा सके और वो भी 99वें टेस्ट मैच में. मौजूदा श्रीलंकन कैप्टन महेला जयवर्धने को विदेशी मैदान पर पहली सेंचुरी जमाने में चार साल लगे थे. अभी ज्यादा दिन नहीं हुए, जब खराब फॉर्म से जूझ रहे सचिन को कुछ महान क्रिकेटर संन्यास लेने की सलाह दे रहे थे. कपिल देव ने कहा था कि हर खिलाड़ी का एक वक्त होता है और सचिन का वक्त अब गुजर गया है. इसमें कोई शक नहीं कि वह दुनिया का सबसे महान खिलाड़ी है, लेकिन मुझे लगता है कि उनके लिए वल्र्ड कप के बाद का समय रिटायरमेंट लेने के लिए सबसे अच्छा था. इसी तरह इमरान खान ने भी कहा था, हम सभी कुछ बड़ा करके रिटायर होना चाहते हैं और सचिन के करियर में वल्र्ड कप वही मुकाम था. उन्हें तभी क्रिकेट को गुडबॉय कह देना चाहिए था. डीन जोंस तो इन सबसे एक कदम आगे निकल गए. उन्होंने कहा था कि सचिन अब थक चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद टीम इंडिया के सेलेक्टर्स सचिन को रिटायरमेंट के लिए कहने से डरते हैं.
सौवीं सेंचुरी के लिए सचिन ने पूरे एक साल तक इंतजार किया. इसके लिए उनकी भारी आलोचना भी हुई, लेकिन सचिन अकेले ऐसे क्रिकेटर नहीं हैं. उनके अलावा भी कई क्रिकेटर्स ने करियर के दौरान माइल्सटोन हासिल करने के लिए लंबे वक्त तक इंतजार किया. राहुल द्रविड़ लॉड्र्स में एक हज़ार नौ सौ छियानवे में अपने टेस्ट डेब्यू के दौरान महज पाँच रन से अपनी पहली सेंचुरी मिस कर गए थे. इसके बाद उन्हें पहली सेंचुरी के लिए पूरे एक साल तक इंतजार करना पड़ा. साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहली सेंचुरी बनाने के बाद वह फिर बीस इनिंग्स तक दूसरी सेंचुरी नहीं जमा सके. हाल ही में एक न्यूच चैनल पर सचिन को रिटायरमेंट लेने की सलाह देकर सुर्खियां बटोरन वाले कपिल देव को भी सबसे अधिक टेस्ट विकेट्स के रिकॉर्ड को बनाने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा था. एक फरवरी एक हज़ार नौ सौ बानवे को कपिल ने चार सौ टेस्ट विकेट्स का आंकड़ा छुआ था. इसके बाद रिचर्ड हेडली के चार सौ बत्तीस विकेट्स के वल्र्ड रिकॉर्ड को तोडऩे में उन्हें दो साल और सोलह टेस्ट मैचों का वक्त लग गया. सचिन और कपिल की तरह फॉर्मर इंडियन क्रिकेट कैप्टन सौरव गांगुली को भी अपने ग्लोरियस करियर में कुछ माइल्सटोन हासिल ·रने में समय लगा. दादा अपने पूरे करियर में सिर्फ एक डबल सेंचुरी लगा सके और वो भी निन्यानवेवें टेस्ट मैच में. मौजूदा श्रीलंकन कैप्टन महेला जयवर्धने को विदेशी मैदान पर पहली सेंचुरी जमाने में चार साल लगे थे. अभी ज्यादा दिन नहीं हुए, जब खराब फॉर्म से जूझ रहे सचिन को कुछ महान क्रिकेटर संन्यास लेने की सलाह दे रहे थे. कपिल देव ने कहा था कि हर खिलाड़ी का एक वक्त होता है और सचिन का वक्त अब गुजर गया है. इसमें कोई शक नहीं कि वह दुनिया का सबसे महान खिलाड़ी है, लेकिन मुझे लगता है कि उनके लिए वल्र्ड कप के बाद का समय रिटायरमेंट लेने के लिए सबसे अच्छा था. इसी तरह इमरान खान ने भी कहा था, हम सभी कुछ बड़ा करके रिटायर होना चाहते हैं और सचिन के करियर में वल्र्ड कप वही मुकाम था. उन्हें तभी क्रिकेट को गुडबॉय कह देना चाहिए था. डीन जोंस तो इन सबसे एक कदम आगे निकल गए. उन्होंने कहा था कि सचिन अब थक चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद टीम इंडिया के सेलेक्टर्स सचिन को रिटायरमेंट के लिए कहने से डरते हैं.
मुंबई. बिग बॉस 13 से वापस करने के बाद सिद्धार्थ की पॉपुलैरिटी कफी बढ़ गई है। ऐसे में एक्टर ने सोमवार को इंस्टाग्राम पर लाइव जाकर फैंस से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने मैरिज प्लान्स भी शेयर किए। जब एक फैन ने उनसे शादी के प्लान्स के बारे पूछा तो सिद्धार्थ ने कहा कि क्या बताऊं ? इसके लिए लोग चाहिए होते हैं।
मुंबई. बिग बॉस तेरह से वापस करने के बाद सिद्धार्थ की पॉपुलैरिटी कफी बढ़ गई है। ऐसे में एक्टर ने सोमवार को इंस्टाग्राम पर लाइव जाकर फैंस से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने मैरिज प्लान्स भी शेयर किए। जब एक फैन ने उनसे शादी के प्लान्स के बारे पूछा तो सिद्धार्थ ने कहा कि क्या बताऊं ? इसके लिए लोग चाहिए होते हैं।
जोशीमठ में सामने आई आपदा को झारखंड के सम्मेद शिखरजी विवाद से जोड़ते हुए ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने बड़ा बयान दिया है। शंकराचार्य ने कहा कि तीर्थस्थलों को पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा तो वही जोशीमठ जैसे परिणाम ही आएंगे। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि झारखंड के पारसनाथ में सम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थल बनने से रोकने के लिए जैन समाज ने जो संघर्ष किया वो आदरयोग्य है। उन्होंने कहा कि हिंदुओं को भी तीर्थस्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित नहीं होने देना होगा। उन्होंने कहा कि हिन्दू समाज समझे कि तीर्थ और पर्यटन स्थल अलग-अलग हैं। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जोशीमठ सहित उत्तराखंड को पर्यटन स्थल बना दिया गया। जमीन फट रही है। प्रकृति अपनी प्रतिक्रिया दे रही है। उन्होंने कहा कि जोशीमठ के लोगों में काफी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि जोशीमठ में आज जो भी हो रहा है, वे अचानक नहीं हुआ। वर्षों से इसकी प्रक्रिया चल रही थी अब सामने आई है। उन्होंने कहा कि सरकारें जागी तो हैं लेकिन देर से। एक हिंदी दैनिक अखबार से बातचीत में अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि 2005 में यहां हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट लाया गया था। यहां 17 किमी लंबी सुरंग बनाई जानी थी। जोशीमठ के इलाके में लगातार धमाके किए जा रहे हैं। बता दें कि जोशीमठ में बीते कुछ दिनों से लगातार मकानों में दरारें आ रही है। जमीन धंस रही है। लोगों को मकान छोड़कर सुरक्षित जगाह पर पनाह लेना पड़ रहा है। सरकार ने भी लोगों को अविलंब मकान खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा है। मकान ढहाए जाएंगे। गौरतलब है कि इसरो द्वारा जारी नई सेटेलाइट तस्वीरों में दिखा है कि जोशीमठ की जमीन लगातार ढह रही है। जोशीमठ में तो लगातार मकानों में दरारें आ रही है। कुछ ऐसा ही झारखंड के रामगढ़ में भी हुआ है। रामगढ़ में गुरुवार देर रात अचानक कई मकानों की दीवारें धमाके के साथ फट गई। जमीन पर दरारें आ गई। दीवारें फटने लगी। जानकारों का मानना है कि रामगढ़ में भूमिगत खदानों में अनियंत्रित खनन की वजह से ऐसा हो रहा है। झारखंड के धनबाद में भी अक्सर भू-धंसान और सड़क पर दरारें पड़ने की खबर सामने आती है। मैदानों, सड़कों और घरों के आंगन में कभी भी धमाके के साथ गोफ का निर्माण हो जाता है। तालाबों से आग और धुआं निकलते देखा जा सकता है। बता दें कि राज्य सरकार की अनुशंसा पर केंद्र सरकार ने झारखंड के गिरिडीह जिला स्थित पारसनाथ पहाड़ी को इको सेंसेटिव जोन घोषित कर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की अधिसूचना जारी की थी जिसका जैन समाज ने खूब विरोध किया। देशभर में जैन धर्मावलंबियों ने प्रदर्शन किया। आंदोलन के परिणामस्वरूप सरकार ने अपना फैसला वापस ले लिया और सम्मेद शिखरजी में पर्यटन संबंधी गतिविधियों पर रोक लगा दी। हालांकि, ये आदेश पारित होते ही आदिवासी भड़क उठे। उनका आरोप है कि सरकार ने उनके पारसनाथ पहाड़ अथवा मरांग बुरु को जैनियों के हाथ सौंप दिया। हालांकि, ये स्पष्ट नहीं है कि आदिवासी सरकार की पर्यटन नीति के साथ हैं या नहीं। वे पारसनाथ को मरांग बुरु घोषित करने की मांग कर रहे हैं।
जोशीमठ में सामने आई आपदा को झारखंड के सम्मेद शिखरजी विवाद से जोड़ते हुए ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने बड़ा बयान दिया है। शंकराचार्य ने कहा कि तीर्थस्थलों को पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा तो वही जोशीमठ जैसे परिणाम ही आएंगे। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि झारखंड के पारसनाथ में सम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थल बनने से रोकने के लिए जैन समाज ने जो संघर्ष किया वो आदरयोग्य है। उन्होंने कहा कि हिंदुओं को भी तीर्थस्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित नहीं होने देना होगा। उन्होंने कहा कि हिन्दू समाज समझे कि तीर्थ और पर्यटन स्थल अलग-अलग हैं। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जोशीमठ सहित उत्तराखंड को पर्यटन स्थल बना दिया गया। जमीन फट रही है। प्रकृति अपनी प्रतिक्रिया दे रही है। उन्होंने कहा कि जोशीमठ के लोगों में काफी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि जोशीमठ में आज जो भी हो रहा है, वे अचानक नहीं हुआ। वर्षों से इसकी प्रक्रिया चल रही थी अब सामने आई है। उन्होंने कहा कि सरकारें जागी तो हैं लेकिन देर से। एक हिंदी दैनिक अखबार से बातचीत में अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि दो हज़ार पाँच में यहां हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट लाया गया था। यहां सत्रह किमी लंबी सुरंग बनाई जानी थी। जोशीमठ के इलाके में लगातार धमाके किए जा रहे हैं। बता दें कि जोशीमठ में बीते कुछ दिनों से लगातार मकानों में दरारें आ रही है। जमीन धंस रही है। लोगों को मकान छोड़कर सुरक्षित जगाह पर पनाह लेना पड़ रहा है। सरकार ने भी लोगों को अविलंब मकान खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा है। मकान ढहाए जाएंगे। गौरतलब है कि इसरो द्वारा जारी नई सेटेलाइट तस्वीरों में दिखा है कि जोशीमठ की जमीन लगातार ढह रही है। जोशीमठ में तो लगातार मकानों में दरारें आ रही है। कुछ ऐसा ही झारखंड के रामगढ़ में भी हुआ है। रामगढ़ में गुरुवार देर रात अचानक कई मकानों की दीवारें धमाके के साथ फट गई। जमीन पर दरारें आ गई। दीवारें फटने लगी। जानकारों का मानना है कि रामगढ़ में भूमिगत खदानों में अनियंत्रित खनन की वजह से ऐसा हो रहा है। झारखंड के धनबाद में भी अक्सर भू-धंसान और सड़क पर दरारें पड़ने की खबर सामने आती है। मैदानों, सड़कों और घरों के आंगन में कभी भी धमाके के साथ गोफ का निर्माण हो जाता है। तालाबों से आग और धुआं निकलते देखा जा सकता है। बता दें कि राज्य सरकार की अनुशंसा पर केंद्र सरकार ने झारखंड के गिरिडीह जिला स्थित पारसनाथ पहाड़ी को इको सेंसेटिव जोन घोषित कर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की अधिसूचना जारी की थी जिसका जैन समाज ने खूब विरोध किया। देशभर में जैन धर्मावलंबियों ने प्रदर्शन किया। आंदोलन के परिणामस्वरूप सरकार ने अपना फैसला वापस ले लिया और सम्मेद शिखरजी में पर्यटन संबंधी गतिविधियों पर रोक लगा दी। हालांकि, ये आदेश पारित होते ही आदिवासी भड़क उठे। उनका आरोप है कि सरकार ने उनके पारसनाथ पहाड़ अथवा मरांग बुरु को जैनियों के हाथ सौंप दिया। हालांकि, ये स्पष्ट नहीं है कि आदिवासी सरकार की पर्यटन नीति के साथ हैं या नहीं। वे पारसनाथ को मरांग बुरु घोषित करने की मांग कर रहे हैं।
साउथ अफ्रीकी के विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डीकॉक को भारतीय स्पिनर युजवेंद्र चहल ने 35 रन पर एलबी डब्लू कर पवेलियन भेज दिया। ये खबर लिखे जाने तक साउथ अफ्रीकी के 2 विकेट 87 रन बन गए हैं। आपको बता दें कि भारत के खिलाफ क्विंटन डीकॉक साउथ अफ्रीकी धरती पर पिछले 4 वनडे मैचों में 135, 106, 101 और 35 रन बना सके हैं। आज यदि डीकॉक शतक जमा देते तो भारत के खिलाफ साउथ अफ्रीका में वनडे में लगातार 4 शतक जमा देतें।
साउथ अफ्रीकी के विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डीकॉक को भारतीय स्पिनर युजवेंद्र चहल ने पैंतीस रन पर एलबी डब्लू कर पवेलियन भेज दिया। ये खबर लिखे जाने तक साउथ अफ्रीकी के दो विकेट सत्तासी रन बन गए हैं। आपको बता दें कि भारत के खिलाफ क्विंटन डीकॉक साउथ अफ्रीकी धरती पर पिछले चार वनडे मैचों में एक सौ पैंतीस, एक सौ छः, एक सौ एक और पैंतीस रन बना सके हैं। आज यदि डीकॉक शतक जमा देते तो भारत के खिलाफ साउथ अफ्रीका में वनडे में लगातार चार शतक जमा देतें।
बडूही - ग्राम पंचायत चौैकीमन्यार में पेजयल समस्या को लेकर आक्रोशित महिलाओं ने खाली मटकों के साथ चौकी खास आईपीएच कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाओं ने आईपीएच विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। महिलाओं ने विभाग को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही उन्हें पेयजल उपलब्ध नहीं हुआ तो उन्हें उग्र प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। महिलाओं में स्वर्णी देवी, सोनू, सीमा देवी, पूजा, रेनू वाला, ज्योति, तृप्ता और नीरज कुमारी ने बताया कि चौकीमन्यार के वार्ड तीन, मुहल्ला ब्राह्मणा, खन्ना मुहल्ला और साहनी मोहल्ला में पिछले काफी समय से पेयजल समस्या बनी हुई है। समस्या को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों के समक्ष रखा गया, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। इस संबंध में आईपीएच विभाग के जेई सुनील कुमार ने कहा कि मामला ध्यान में है। समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा।
बडूही - ग्राम पंचायत चौैकीमन्यार में पेजयल समस्या को लेकर आक्रोशित महिलाओं ने खाली मटकों के साथ चौकी खास आईपीएच कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाओं ने आईपीएच विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। महिलाओं ने विभाग को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही उन्हें पेयजल उपलब्ध नहीं हुआ तो उन्हें उग्र प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। महिलाओं में स्वर्णी देवी, सोनू, सीमा देवी, पूजा, रेनू वाला, ज्योति, तृप्ता और नीरज कुमारी ने बताया कि चौकीमन्यार के वार्ड तीन, मुहल्ला ब्राह्मणा, खन्ना मुहल्ला और साहनी मोहल्ला में पिछले काफी समय से पेयजल समस्या बनी हुई है। समस्या को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों के समक्ष रखा गया, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। इस संबंध में आईपीएच विभाग के जेई सुनील कुमार ने कहा कि मामला ध्यान में है। समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा।
जेटली ने कहा कि इस विधेयक को संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत से पारित होना जरूरी है और देश के आधा राज्यों में इसे पारित होना आवश्यक है, तब जाकर यह कानून बन पाएगा। उन्होंने कहा कि बुनियादी मुद्दों पर एक साझा राष्ट्रीय दृष्टिकोण का आह्वान किया। उल्लेखनीय है कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने वर्ष 2011 में जीएसटी पेश करने की दिशा में लोकसभा में एक संविधान संशोधन विधेयक पेश किया था। राज्य पांच वर्ष का मुआवजा पैकेज चाहते हैं और विधेयक में इसे शामिल कराना चाहते हैं। जेटली ने राज्यसभा में शुक्रवार को यह विधेयक पेश किया। उन्होंने कहा कि विधेयक का मकसद देशभर में वस्तुओं एवं सेवाओं का अबाध आवागमन सुनिश्चित कराना है। इससे पहले सात राज्यों के वित्त मंत्रियों ने गुरुवार को जीएसटी विधेयक के मसौदे को अस्वीकार कर दिया और कहा कि इस विधेयक में मुआवजे, प्रवेश कर और पेट्रोलियम उत्पादों पर कर को लेकर उनकी चिंता पर विचार नहीं किया गया है। राज्य पेट्रोलियम उत्पादों, शराब और तंबाकू को जीएसटी के दायरे से बाहर रखना चाहते हैं। जीएसटी में राज्य एवं केंद्र द्वारा लगाए जाने वाले सभी करों जैसे आबकारी, सेवा कर, वैट और बिक्री कर को जीएसटी में ही समावेशित कर दिया गया है, जिससे कि पूरे देश में बाजार एकसमान हो सके।
जेटली ने कहा कि इस विधेयक को संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत से पारित होना जरूरी है और देश के आधा राज्यों में इसे पारित होना आवश्यक है, तब जाकर यह कानून बन पाएगा। उन्होंने कहा कि बुनियादी मुद्दों पर एक साझा राष्ट्रीय दृष्टिकोण का आह्वान किया। उल्लेखनीय है कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार ने वर्ष दो हज़ार ग्यारह में जीएसटी पेश करने की दिशा में लोकसभा में एक संविधान संशोधन विधेयक पेश किया था। राज्य पांच वर्ष का मुआवजा पैकेज चाहते हैं और विधेयक में इसे शामिल कराना चाहते हैं। जेटली ने राज्यसभा में शुक्रवार को यह विधेयक पेश किया। उन्होंने कहा कि विधेयक का मकसद देशभर में वस्तुओं एवं सेवाओं का अबाध आवागमन सुनिश्चित कराना है। इससे पहले सात राज्यों के वित्त मंत्रियों ने गुरुवार को जीएसटी विधेयक के मसौदे को अस्वीकार कर दिया और कहा कि इस विधेयक में मुआवजे, प्रवेश कर और पेट्रोलियम उत्पादों पर कर को लेकर उनकी चिंता पर विचार नहीं किया गया है। राज्य पेट्रोलियम उत्पादों, शराब और तंबाकू को जीएसटी के दायरे से बाहर रखना चाहते हैं। जीएसटी में राज्य एवं केंद्र द्वारा लगाए जाने वाले सभी करों जैसे आबकारी, सेवा कर, वैट और बिक्री कर को जीएसटी में ही समावेशित कर दिया गया है, जिससे कि पूरे देश में बाजार एकसमान हो सके।
36 साल पहले इंग्लैंड में ही हुआ तीसरा वर्ल्ड कप वो दौर था जब वेस्ट इंडीज़ को क्रिकेट में चुनौती देने वाला कोई नहीं था. 1975 और 1979 में हुए पहले और दूसरे वर्ल्ड कप में वेस्ट इंडीज़ ने ही ट्रॉफी पर विजेता के तौर पर अपना नाम लिखाया था. इंग्लैंड के मानचेस्टर में 10 जुलाई 2019 को वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में न्यूज़ीलैंड से 18 रन से हारने के बाद सवा अरब से ज़्यादा भारतीयों के दिल टूट गए. उनका सपना टूट गया कि वो विराट कोहली को भी 36 साल पहले के कपिल देव की तरह लॉर्ड्स की गैलरी से वर्ल्ड कप ट्रॉफी के साथ दर्शकों का अभिवादन करते देखते. कपिल देव ने तब कैसे नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया था, इस कहानी पर आने से पहले थोड़ी बात मानचेस्टर में भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच हुए सेमीफाइनल की कर ली जाए. बारिश की वजह से ये वनडे सेमीफाइनल दो दिन तक चला. न्यूज़ीलैंड ने 50 ओवर खेलकर 8 विकेट पर 239 रन का स्कोर खड़ा किया. लेकिन भारत की शुरुआत इतनी खराब रही कि आखिर तक नहीं संभल सका. हालत ये थी कि स्कोरबोर्ड पर 5 रन ही टंगे थे कि रोहित शर्मा, केएल राहुल और कप्तान विराट कोहली तीनों ही 1-1-1 रन बना कर पवेलियन लौट चुके थे. स्कोर 24 तक ही पहुंचा कि दिनेश कार्तिक भी 6 के निजी स्कोर पर कैच थमा कर चलते बने. अब विकेट पर ऋषभ पंत का स्थान देने आए आलराउंडर हार्दिक पांड्या. दोनों ने स्कोर 71 रन पहुंचाया. इसी स्कोर पर पंत (32) का विकेट गिरा. स्कोर 71 रन पर 5 विकेट. पांड्या का साथ देने अब आए अनुभवी और 'मिस्टर फिनिशर' की पहचान रखने वाले विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी. धोनी और पांड्या ने स्कोर 92 तक पहुंचाया कि पांड्या भी गैर जिम्मेदाराना शॉट खेल कर 32 के निजी स्कोर पर आउट. स्कोर 92 रन पर 6 विकेट. ऐसे में रविंद्र जडेजा पवेलियन से निकल कर धोनी का साथ देने के लिए पहुंचे. बैटिंग की पहचान रखने वाली ये आखिरी जोड़ी क्रीज़ पर थी. इसके बाद बोलर्स ही पवेलियन में बचे थे. लगने लगा कि भारत की पारी अब लंबी नहीं चलेगी. लेकिन मिस्टर कूल धोनी और जोशीले सर जडेजा मैदान में थे तो तब भी भारतीय क्रिकेट प्रेमियों की आस बाक़ी थी. धोनी ने संभल संभल कर और जडेजा को समझाते हुए पारी को बढ़ाना शुरू किया. जडेजा ने फिर ताबड़तोड़ न्यूज़ीलैंड की बोलिंग पर प्रहार करने भी शुरू किए. भारतीय फैंस को लगा कि चमत्कार हो सकता है और भारत फाइनल में पहुंच सकता है. स्कोर 208 पर पहुंचा कि जडेजा 77 रन की शानदार पारी (59 गेंद, 4 चौके, 4 छक्के) खेलने के बाद न्यूज़ीलैंड के कप्तान विलियमसन को कैच थमा कर आउट हो गए. ये 48वें ओवर की 5वीं गेंद थी. इसके बाद 13 गेंदें ही बची थीं. अब भी भारत से जीत 32 रन दूर थी. सबको उम्मीद थी कि धोनी का पराक्रम ही अब भारत के लिए मैच जिता सकता है. लेकिन भारत का स्कोर 216 रन तक ही पहुंचा कि गुप्टिल के शानदार थ्रो ने धोनी को रन आउट कर दिया. धोनी ने 72 गेंद खेल कर एक चौके और एक छक्के के साथ 50 रन बनाए. धोनी के आउट होते ही भारत की पारी का अंत होने में देर नहीं लगी. 49. 3 ओवर में भारत 221 रन बनाकर आल आउट हो गया. साथ ही 18 रन से हार कर फाइनल की जगह घर वापसी का टिकट कटा बैठा. ये तो रही मौजूदा वर्ल्ड कप की बात. आइए अब चलते हैं अतीत में झांकते हुए 36 साल पहले इंग्लैंड में ही हुए तीसरे वर्ल्ड कप की ओर. ये वो दौर था जब वेस्ट इंडीज़ को क्रिकेट में चुनौती देने वाला कोई नहीं था. 1975 और 1979 में हुए पहले और दूसरे वर्ल्ड कप में वेस्ट इंडीज़ ने ही ट्रॉफी पर विजेता के तौर पर अपना नाम लिखाया था. इन दोनों वर्ल्ड कप में भारत का प्रदर्शन बेहद खराब रहा और ऐसी कोई बात नहीं जिसे भारतीय क्रिकेट फैंस याद रख पाते. 1983 में तीसरे वर्ल्ड कप में खेलने के लिए भारतीय टीम इंग्लैंड पहुंची तो सभी उन्हें सिर्फ़ सैलानियों की तरह ले रहे थे. टूर्नामेंट शुरू होने से पहले किसी को उम्मीद नहीं थी कि भारत इसमें कोई विशेष प्रदर्शन दिखा सके. लेकिन तब 24 वर्षीय कप्तान कपिल देव के दिल में कुछ और ही चल रहा था. तब शक्तिशाली वेस्ट इंडीज़ को भारत ने ग्रुप मैच में हराया तो उम्मीद जगी कि टीम इंडिया सैलानियों की तरह नहीं बल्कि सच में क्रिकेट खेलने आई है. उस टूर्नामेंट में ज़िम्बाब्वे की नौसीखिया टीम भी हिस्सा ले रही थी. सब को उम्मीद थी कि ज़िम्बाब्वे को भारत आसानी से मात दे देगा और सेमीफाइनल की ओर कदम बढ़ाएगा. लेकिन होनी को कुछ और ही मंज़ूर था. 18 जून 1983 को टर्नब्रिज वेल्स में भारत और ज़िम्बाब्वे एक दूसरे के खिलाफ मैदान में उतरे. भारत ने पहले बैटिंग करना शुरू की. सुनील गावस्कर और कृष्णमाचारी श्रीकांत ओपनिंग करने आए. गावस्कर भारत की पारी की दूसरी ही गेंद पर बिना खाते खोले एलबीडब्लू आउट होकर पवेलियन वापस. स्कोर शून्य पर 1 विकेट. तब मोहिंदर अमरनाथ श्रीकांत का साथ देने आए. स्कोर 6 तक पहुंचा, श्रीकांत भी अपना खाता खोले बिना कैच थमा कर आउट. स्कोर- 6 रन पर 2 विकेट. इसी स्कोर पर ही अमरनाथ भी 5 रन बनाकर कैच आउट. स्कोर- 6 रन पर 3 विकेट. भारत के स्कोर में 3 रन और जुड़े और संदीप पाटिल भी 1 रन के निजी स्कोर पर चलते बने. स्कोर 9 रन पर 4 विकेट. संयोग की बात है कि भारत की पारी शुरू होने के कुछ ही देर बाद कपिल देव नहाने चले गए थे. उन्हें बॉथरूम के बाहर से ही बताया जा रहा था कि ये भी आउट, वो भी आउट. कपिल हड़बड़ाहट में बॉथरूम से निकले और जल्दी से पैड्स पहनकर क्रीज़ पर पहुंचे. भारत का सारा टॉप आर्डर पवेलियन वापस हो चुका था. सिर्फ खालिस बैट्समैन की पहचान रखने वाले यशपाल शर्मा क्रीज़ पर कपिल के साथ थे. 17 रन तक स्कोर पहुंचा तो यशपाल भी 9 के निजी स्कोर पर पवेलियन लौट गए. 17 रन पर पांच विकेट के स्कोर के साथ लगने लगा कि भारत का वर्ल्ड कप में आगे बढ़ने का रास्ता यहीं खत्म हो जाएगा. साथ ही ये खतरा भी कहीं भारत न्यूनतम स्कोर का रिकॉर्ड ही ना बना दे. लेकिन मैच के इसी मोड़ से शुरू हुई वो कहानी जिसे वर्ल्ड कप क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी वन मैन फाइट कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं. भारत के 17 रन के स्कोर पर कपिल के साथ दूसरे छोर पर साथ देने के लिए अब खड़े थे रोज़र बिन्नी. कपिल ने जहां अपने शाट्स लेना शुरू किया वहीं बिन्नी संभल कर खेलते हुए साथ दे रहे थे. दोनों ने 60 रन साथ जोड़े. लेकिन 77 के स्कोर पर रोज़र बिन्नी भी 22 के निजी स्कोर पर आउट हो गए. स्कोर 77 रन पर 6 विकेट. बिन्नी का स्थान लेने आए रवि शास्त्री. लेकिन ये क्या 1 रन ही और जुड़ा कि शास्त्री भी 1 रन के निजी स्कोर पर आउट. स्कोर अब 78 रन पर 7 विकेट. अब ये चिंता होने लगी कि भारत 100 रन का स्कोर पार करेगा या नहीं. लेकिन कपिल देव इस सब से अविचलित वन मैन आर्मी की तरह मैदान में डटे थे. अब मदन लाल कप्तान का साथ देने आए. पवेलियन में अब विकेट कीपर सैयद किरमानी और बोलर बलविंदर सिंह संधू ही बचे थे. कपिल और मदन स्कोर को 110 तक ले गए. लेकिन ये क्या मदन भी 17 के निजी स्कोर पर कैच थमा कर चलते बने. स्कोर 110 पर 8 विकेट. इसके बाद विकेटकीपर किरमानी मैदान में उतरे. इसके बाद जो हुआ वो सब कुछ सपने सरीखा ही था. कपिल शाट्स भी लेते रहे और साथ ही किरमानी को शील्ड भी करते रहे. जब भारत की पारी के 60 ओवर ख़त्म हुए तो बोर्ड पर भारत का स्कोर था 8 विकेट पर 266 रन. जैसे भारत की पारी शुरू हुई थी तो इतने स्कोर तक पहुंच पाने की किसी ने उम्मीद भी नहीं की थी. भारत की पारी के 60 ओवर पूरे होने पर कपिल देव का निजी स्कोर था- 175 रन नॉट आउट. इसके लिए उन्होंने कुल 138 गेंद (23 ओवर) खेलीं. कपिल ने इस पारी में 16 चौके और 6 छक्के लगाए. दूसरे छोर पर कपिल देव का शानदार साथ देने वाले किरमानी 56 गेंद पर 24 रन बनाकर नॉट आउट पवेलियन लौटे. फिर भारत ने ज़िम्बाब्वे का 235 रन पर ही 57 ओवर में पुलिंदा बांध कर मैच 31 रन से जीत लिया और सेमीफाइनल में पहुंचने का रास्ता आसान किया. बोलिंग में जहां कपिल ने बेस्ट इकॉनमी के साथ 11 ओवर में सिर्फ़ 32 रन खर्च कर एक विकेट लिया वहीं फील्डिंग में भी दो कैच लिए. वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में भारत की हार दो साल पहले ही तय हो गई थी ! Ind vs NZ सेमीफाइनल में धोनी के साथ अंपायर का 'धोखा' बर्दाश्त नहीं हो रहा!
छत्तीस साल पहले इंग्लैंड में ही हुआ तीसरा वर्ल्ड कप वो दौर था जब वेस्ट इंडीज़ को क्रिकेट में चुनौती देने वाला कोई नहीं था. एक हज़ार नौ सौ पचहत्तर और एक हज़ार नौ सौ उन्यासी में हुए पहले और दूसरे वर्ल्ड कप में वेस्ट इंडीज़ ने ही ट्रॉफी पर विजेता के तौर पर अपना नाम लिखाया था. इंग्लैंड के मानचेस्टर में दस जुलाई दो हज़ार उन्नीस को वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में न्यूज़ीलैंड से अट्ठारह रन से हारने के बाद सवा अरब से ज़्यादा भारतीयों के दिल टूट गए. उनका सपना टूट गया कि वो विराट कोहली को भी छत्तीस साल पहले के कपिल देव की तरह लॉर्ड्स की गैलरी से वर्ल्ड कप ट्रॉफी के साथ दर्शकों का अभिवादन करते देखते. कपिल देव ने तब कैसे नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया था, इस कहानी पर आने से पहले थोड़ी बात मानचेस्टर में भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच हुए सेमीफाइनल की कर ली जाए. बारिश की वजह से ये वनडे सेमीफाइनल दो दिन तक चला. न्यूज़ीलैंड ने पचास ओवर खेलकर आठ विकेट पर दो सौ उनतालीस रन का स्कोर खड़ा किया. लेकिन भारत की शुरुआत इतनी खराब रही कि आखिर तक नहीं संभल सका. हालत ये थी कि स्कोरबोर्ड पर पाँच रन ही टंगे थे कि रोहित शर्मा, केएल राहुल और कप्तान विराट कोहली तीनों ही एक-एक-एक रन बना कर पवेलियन लौट चुके थे. स्कोर चौबीस तक ही पहुंचा कि दिनेश कार्तिक भी छः के निजी स्कोर पर कैच थमा कर चलते बने. अब विकेट पर ऋषभ पंत का स्थान देने आए आलराउंडर हार्दिक पांड्या. दोनों ने स्कोर इकहत्तर रन पहुंचाया. इसी स्कोर पर पंत का विकेट गिरा. स्कोर इकहत्तर रन पर पाँच विकेट. पांड्या का साथ देने अब आए अनुभवी और 'मिस्टर फिनिशर' की पहचान रखने वाले विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी. धोनी और पांड्या ने स्कोर बानवे तक पहुंचाया कि पांड्या भी गैर जिम्मेदाराना शॉट खेल कर बत्तीस के निजी स्कोर पर आउट. स्कोर बानवे रन पर छः विकेट. ऐसे में रविंद्र जडेजा पवेलियन से निकल कर धोनी का साथ देने के लिए पहुंचे. बैटिंग की पहचान रखने वाली ये आखिरी जोड़ी क्रीज़ पर थी. इसके बाद बोलर्स ही पवेलियन में बचे थे. लगने लगा कि भारत की पारी अब लंबी नहीं चलेगी. लेकिन मिस्टर कूल धोनी और जोशीले सर जडेजा मैदान में थे तो तब भी भारतीय क्रिकेट प्रेमियों की आस बाक़ी थी. धोनी ने संभल संभल कर और जडेजा को समझाते हुए पारी को बढ़ाना शुरू किया. जडेजा ने फिर ताबड़तोड़ न्यूज़ीलैंड की बोलिंग पर प्रहार करने भी शुरू किए. भारतीय फैंस को लगा कि चमत्कार हो सकता है और भारत फाइनल में पहुंच सकता है. स्कोर दो सौ आठ पर पहुंचा कि जडेजा सतहत्तर रन की शानदार पारी खेलने के बाद न्यूज़ीलैंड के कप्तान विलियमसन को कैच थमा कर आउट हो गए. ये अड़तालीसवें ओवर की पाँचवीं गेंद थी. इसके बाद तेरह गेंदें ही बची थीं. अब भी भारत से जीत बत्तीस रन दूर थी. सबको उम्मीद थी कि धोनी का पराक्रम ही अब भारत के लिए मैच जिता सकता है. लेकिन भारत का स्कोर दो सौ सोलह रन तक ही पहुंचा कि गुप्टिल के शानदार थ्रो ने धोनी को रन आउट कर दिया. धोनी ने बहत्तर गेंद खेल कर एक चौके और एक छक्के के साथ पचास रन बनाए. धोनी के आउट होते ही भारत की पारी का अंत होने में देर नहीं लगी. उनचास. तीन ओवर में भारत दो सौ इक्कीस रन बनाकर आल आउट हो गया. साथ ही अट्ठारह रन से हार कर फाइनल की जगह घर वापसी का टिकट कटा बैठा. ये तो रही मौजूदा वर्ल्ड कप की बात. आइए अब चलते हैं अतीत में झांकते हुए छत्तीस साल पहले इंग्लैंड में ही हुए तीसरे वर्ल्ड कप की ओर. ये वो दौर था जब वेस्ट इंडीज़ को क्रिकेट में चुनौती देने वाला कोई नहीं था. एक हज़ार नौ सौ पचहत्तर और एक हज़ार नौ सौ उन्यासी में हुए पहले और दूसरे वर्ल्ड कप में वेस्ट इंडीज़ ने ही ट्रॉफी पर विजेता के तौर पर अपना नाम लिखाया था. इन दोनों वर्ल्ड कप में भारत का प्रदर्शन बेहद खराब रहा और ऐसी कोई बात नहीं जिसे भारतीय क्रिकेट फैंस याद रख पाते. एक हज़ार नौ सौ तिरासी में तीसरे वर्ल्ड कप में खेलने के लिए भारतीय टीम इंग्लैंड पहुंची तो सभी उन्हें सिर्फ़ सैलानियों की तरह ले रहे थे. टूर्नामेंट शुरू होने से पहले किसी को उम्मीद नहीं थी कि भारत इसमें कोई विशेष प्रदर्शन दिखा सके. लेकिन तब चौबीस वर्षीय कप्तान कपिल देव के दिल में कुछ और ही चल रहा था. तब शक्तिशाली वेस्ट इंडीज़ को भारत ने ग्रुप मैच में हराया तो उम्मीद जगी कि टीम इंडिया सैलानियों की तरह नहीं बल्कि सच में क्रिकेट खेलने आई है. उस टूर्नामेंट में ज़िम्बाब्वे की नौसीखिया टीम भी हिस्सा ले रही थी. सब को उम्मीद थी कि ज़िम्बाब्वे को भारत आसानी से मात दे देगा और सेमीफाइनल की ओर कदम बढ़ाएगा. लेकिन होनी को कुछ और ही मंज़ूर था. अट्ठारह जून एक हज़ार नौ सौ तिरासी को टर्नब्रिज वेल्स में भारत और ज़िम्बाब्वे एक दूसरे के खिलाफ मैदान में उतरे. भारत ने पहले बैटिंग करना शुरू की. सुनील गावस्कर और कृष्णमाचारी श्रीकांत ओपनिंग करने आए. गावस्कर भारत की पारी की दूसरी ही गेंद पर बिना खाते खोले एलबीडब्लू आउट होकर पवेलियन वापस. स्कोर शून्य पर एक विकेट. तब मोहिंदर अमरनाथ श्रीकांत का साथ देने आए. स्कोर छः तक पहुंचा, श्रीकांत भी अपना खाता खोले बिना कैच थमा कर आउट. स्कोर- छः रन पर दो विकेट. इसी स्कोर पर ही अमरनाथ भी पाँच रन बनाकर कैच आउट. स्कोर- छः रन पर तीन विकेट. भारत के स्कोर में तीन रन और जुड़े और संदीप पाटिल भी एक रन के निजी स्कोर पर चलते बने. स्कोर नौ रन पर चार विकेट. संयोग की बात है कि भारत की पारी शुरू होने के कुछ ही देर बाद कपिल देव नहाने चले गए थे. उन्हें बॉथरूम के बाहर से ही बताया जा रहा था कि ये भी आउट, वो भी आउट. कपिल हड़बड़ाहट में बॉथरूम से निकले और जल्दी से पैड्स पहनकर क्रीज़ पर पहुंचे. भारत का सारा टॉप आर्डर पवेलियन वापस हो चुका था. सिर्फ खालिस बैट्समैन की पहचान रखने वाले यशपाल शर्मा क्रीज़ पर कपिल के साथ थे. सत्रह रन तक स्कोर पहुंचा तो यशपाल भी नौ के निजी स्कोर पर पवेलियन लौट गए. सत्रह रन पर पांच विकेट के स्कोर के साथ लगने लगा कि भारत का वर्ल्ड कप में आगे बढ़ने का रास्ता यहीं खत्म हो जाएगा. साथ ही ये खतरा भी कहीं भारत न्यूनतम स्कोर का रिकॉर्ड ही ना बना दे. लेकिन मैच के इसी मोड़ से शुरू हुई वो कहानी जिसे वर्ल्ड कप क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी वन मैन फाइट कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं. भारत के सत्रह रन के स्कोर पर कपिल के साथ दूसरे छोर पर साथ देने के लिए अब खड़े थे रोज़र बिन्नी. कपिल ने जहां अपने शाट्स लेना शुरू किया वहीं बिन्नी संभल कर खेलते हुए साथ दे रहे थे. दोनों ने साठ रन साथ जोड़े. लेकिन सतहत्तर के स्कोर पर रोज़र बिन्नी भी बाईस के निजी स्कोर पर आउट हो गए. स्कोर सतहत्तर रन पर छः विकेट. बिन्नी का स्थान लेने आए रवि शास्त्री. लेकिन ये क्या एक रन ही और जुड़ा कि शास्त्री भी एक रन के निजी स्कोर पर आउट. स्कोर अब अठहत्तर रन पर सात विकेट. अब ये चिंता होने लगी कि भारत एक सौ रन का स्कोर पार करेगा या नहीं. लेकिन कपिल देव इस सब से अविचलित वन मैन आर्मी की तरह मैदान में डटे थे. अब मदन लाल कप्तान का साथ देने आए. पवेलियन में अब विकेट कीपर सैयद किरमानी और बोलर बलविंदर सिंह संधू ही बचे थे. कपिल और मदन स्कोर को एक सौ दस तक ले गए. लेकिन ये क्या मदन भी सत्रह के निजी स्कोर पर कैच थमा कर चलते बने. स्कोर एक सौ दस पर आठ विकेट. इसके बाद विकेटकीपर किरमानी मैदान में उतरे. इसके बाद जो हुआ वो सब कुछ सपने सरीखा ही था. कपिल शाट्स भी लेते रहे और साथ ही किरमानी को शील्ड भी करते रहे. जब भारत की पारी के साठ ओवर ख़त्म हुए तो बोर्ड पर भारत का स्कोर था आठ विकेट पर दो सौ छयासठ रन. जैसे भारत की पारी शुरू हुई थी तो इतने स्कोर तक पहुंच पाने की किसी ने उम्मीद भी नहीं की थी. भारत की पारी के साठ ओवर पूरे होने पर कपिल देव का निजी स्कोर था- एक सौ पचहत्तर रन नॉट आउट. इसके लिए उन्होंने कुल एक सौ अड़तीस गेंद खेलीं. कपिल ने इस पारी में सोलह चौके और छः छक्के लगाए. दूसरे छोर पर कपिल देव का शानदार साथ देने वाले किरमानी छप्पन गेंद पर चौबीस रन बनाकर नॉट आउट पवेलियन लौटे. फिर भारत ने ज़िम्बाब्वे का दो सौ पैंतीस रन पर ही सत्तावन ओवर में पुलिंदा बांध कर मैच इकतीस रन से जीत लिया और सेमीफाइनल में पहुंचने का रास्ता आसान किया. बोलिंग में जहां कपिल ने बेस्ट इकॉनमी के साथ ग्यारह ओवर में सिर्फ़ बत्तीस रन खर्च कर एक विकेट लिया वहीं फील्डिंग में भी दो कैच लिए. वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में भारत की हार दो साल पहले ही तय हो गई थी ! Ind vs NZ सेमीफाइनल में धोनी के साथ अंपायर का 'धोखा' बर्दाश्त नहीं हो रहा!
अमरावती/प्रतिनिधि दि. 23 - अमरावती शहर पुलिस आयुक्तालय सहित अमरावती रेंज में शामिल पांचों जिलों में क्राईम रेट को कम करने के साथ ही कानून व व्यवस्था की स्थिति को बनाये रखने हेतु प्रभावी तौर पर पुलिसिंग की जाये, ताकि अपराधमुक्त वातावरण में आम नागरिक चयन से जी सके. इस आशय के दिशानिर्देश राज्य के गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटील द्वारा अमरावती शहर पुलिस आयुक्तालय सहित अमरावती रेंज में शामिल पांचों जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालयों के नाम जारी किये गये है. अपने एक दिवसीय दौरे पर अमरावती पहुंचे गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने सबसे पहले अमरावती जिला ग्रामीण पुलिस विभाग के मंथन हॉल में क्षेत्र के सभी पुलिस अधिकारियों की एक बैठक में हिस्सा लिया. इस बैठक में अमरावती परिक्षेत्र के विशेष पुलिस महानिरीक्षक चंद्रकिशोर मीणा, अमरावती शहर की पुलिस आयुक्त डॉ. आरती सिंह तथा अमरावती के ग्रामीण पुलिस अधीक्षक अविनाश बारगल, अकोला के पुलिस अधीक्षक जी श्रीधर, यवतमाल के पुलिस अधीक्षक दिलीप भुजबल पाटील, बुलडाणा के पुलिस अधीक्षक अरविंद चावरिया, वाशिम के पुलिस अधीक्षक बच्चन सिंह तथा अमरावती के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशीकांत सातव सहित रेंज में शामिल जिलों उपविभागीय पुलिस अधिकारी, ग्रामीण पुलिस की अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक तथा अमरावती शहर पुलिस आयुक्तालय के पुलिस निरीक्षक उपस्थित थे. यह बैठक दो हिस्सों में आयोजीत की गई थी. जिसमें गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटील ने सबसे पहले अमरावती रेंज में शामिल ग्रामीण पुलिस महकमे के अधिकारियों से संवाद साधा और बैठक के दूसरे हिस्से में शहर पुलिस आयुक्तालय के अधिकारियों से बातचीत की. इन दोनों ही बैठकों में राज्य की महिला व बालविकास मंत्री तथा जिला पालकमंत्री यशोमति ठाकुर उपस्थित थी. इस बैठक में अमरावती शहर सहित रेंज में शामिल पुलिस अधीक्षक कार्यालय अंतर्गत पुलिस थाना स्तर पर कामकाज में क्या परेशिनिया है और दिक्कतों को दूर करने के लिए कौनसे उपाय किये जाने चाहिए, इसे लेेकर भी गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटील ने अधिकारियों से चर्चा की. साथ ही कानून व व्यवस्था की स्थिति को बनाये रखने हेेतु हर संभव कदम उठाने के निर्देश जारी किये. इस समय गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटील ने कोविड संक्रमण काल के दौरान पुलिस कर्मियों द्वारा अपने प्राणों की परवाह किये बिना पूरे समर्पित भाव के साथ कर्तव्य निभाये जाने की प्रशंसा करते हुए कहा कि, सरकार द्वारा पुलिस कर्मियों के आर्थिक व सामाजिक विकास पर भी पूरा ध्यान दिया जा रहा है. जिसके तहत जहां एक ओर पुलिस कर्मचारियों को सर्वसुविधायुक्त निवास उपलब्ध कराने के लिए गृहनिर्माण प्रकल्प साकार किये जा रहे है, वहीं दूसरी ओर पुलिस सिपाही पद पर पुलिस सेवा में शामिल होनेवाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्त तक पुलिस उपनिरीक्षक पद तक पदोन्नति देने का प्रावधान भी सरकार की ओर से किया जा रहा है. ताकि हर कर्मचारी सेवानिवृत्ती के बाद सम्मानपूर्ण जीवन जी सके. इस समय जिला पालकमंत्री यशोमति ठाकुर ने गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटील के समक्ष यातायात पुलिस कर्मचारियों की समस्याएं उठाते हुए कहा कि, यातायात पुलिस द्वारा पूरा दिन सार्वजनिक स्थानों पर ड्यूटी की जाती है. जिनमें महिला पुलिस कर्मियों का भी समावेश होता है. किंतु अधिकांश स्थानों पर स्वच्छता गृह उपलब्ध नहीं रहने से उन्हें असुविधा का सामना करना पडता है. चूंकि यह सीधे स्वास्थ्य से जुडा मसला है. अतः इस ओर ध्यान दिया जाना चाहिए और इस कार्य हेतु आवश्यक प्रावधान किये जाने चाहिए. इस बैठक के दौरान विशेष पुलिस महानिरीक्षक चंद्रकिशोर मीणा ने अमरावती परिक्षेत्र तथा शहर पुलिस आयुक्त डॉ. आरती सिंह ने शहर पुलिस आयुक्तालय की आस्थापना, क्षेत्र में घटित अपराध व की गई कारवाईयों के साथ ही प्रभावी पुलिसिंग के लिए किये जा रहे कामों को लेकर जानकारी देते हुए प्रेझेंटेशन किया. वहीं इस अवसर पर शहर पुलिस आयुक्तालय द्वारा प्रकाशित 'साईबर अपराधों को लेकर जनजागृति' व 'सम्मान' नामक दो पुस्तिकाओं का विमोचन गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटील के हाथों किया गया. इस बैठक के बाद गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटील के हाथों शहर पुलिस आयुक्तालय अंतर्गत आपातकालीन सहायता क्रमांक 112 एवं 112 सहायता वाहन का भी विधिवत उद्घाटन किया गया. इस सेवा का शुभारंभ करते हुए गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटील ने उम्मीद जतायी कि, इस जरिये किसी भी आपदा अथवा मुसीबत में फंसनेवाले लोगों को सही समय पर मदद प्राप्त हो सकेगी. साथ ही इस जरिये प्रभावी पुलिसिंग की जा सकेगी.
अमरावती/प्रतिनिधि दि. तेईस - अमरावती शहर पुलिस आयुक्तालय सहित अमरावती रेंज में शामिल पांचों जिलों में क्राईम रेट को कम करने के साथ ही कानून व व्यवस्था की स्थिति को बनाये रखने हेतु प्रभावी तौर पर पुलिसिंग की जाये, ताकि अपराधमुक्त वातावरण में आम नागरिक चयन से जी सके. इस आशय के दिशानिर्देश राज्य के गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटील द्वारा अमरावती शहर पुलिस आयुक्तालय सहित अमरावती रेंज में शामिल पांचों जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालयों के नाम जारी किये गये है. अपने एक दिवसीय दौरे पर अमरावती पहुंचे गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने सबसे पहले अमरावती जिला ग्रामीण पुलिस विभाग के मंथन हॉल में क्षेत्र के सभी पुलिस अधिकारियों की एक बैठक में हिस्सा लिया. इस बैठक में अमरावती परिक्षेत्र के विशेष पुलिस महानिरीक्षक चंद्रकिशोर मीणा, अमरावती शहर की पुलिस आयुक्त डॉ. आरती सिंह तथा अमरावती के ग्रामीण पुलिस अधीक्षक अविनाश बारगल, अकोला के पुलिस अधीक्षक जी श्रीधर, यवतमाल के पुलिस अधीक्षक दिलीप भुजबल पाटील, बुलडाणा के पुलिस अधीक्षक अरविंद चावरिया, वाशिम के पुलिस अधीक्षक बच्चन सिंह तथा अमरावती के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशीकांत सातव सहित रेंज में शामिल जिलों उपविभागीय पुलिस अधिकारी, ग्रामीण पुलिस की अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक तथा अमरावती शहर पुलिस आयुक्तालय के पुलिस निरीक्षक उपस्थित थे. यह बैठक दो हिस्सों में आयोजीत की गई थी. जिसमें गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटील ने सबसे पहले अमरावती रेंज में शामिल ग्रामीण पुलिस महकमे के अधिकारियों से संवाद साधा और बैठक के दूसरे हिस्से में शहर पुलिस आयुक्तालय के अधिकारियों से बातचीत की. इन दोनों ही बैठकों में राज्य की महिला व बालविकास मंत्री तथा जिला पालकमंत्री यशोमति ठाकुर उपस्थित थी. इस बैठक में अमरावती शहर सहित रेंज में शामिल पुलिस अधीक्षक कार्यालय अंतर्गत पुलिस थाना स्तर पर कामकाज में क्या परेशिनिया है और दिक्कतों को दूर करने के लिए कौनसे उपाय किये जाने चाहिए, इसे लेेकर भी गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटील ने अधिकारियों से चर्चा की. साथ ही कानून व व्यवस्था की स्थिति को बनाये रखने हेेतु हर संभव कदम उठाने के निर्देश जारी किये. इस समय गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटील ने कोविड संक्रमण काल के दौरान पुलिस कर्मियों द्वारा अपने प्राणों की परवाह किये बिना पूरे समर्पित भाव के साथ कर्तव्य निभाये जाने की प्रशंसा करते हुए कहा कि, सरकार द्वारा पुलिस कर्मियों के आर्थिक व सामाजिक विकास पर भी पूरा ध्यान दिया जा रहा है. जिसके तहत जहां एक ओर पुलिस कर्मचारियों को सर्वसुविधायुक्त निवास उपलब्ध कराने के लिए गृहनिर्माण प्रकल्प साकार किये जा रहे है, वहीं दूसरी ओर पुलिस सिपाही पद पर पुलिस सेवा में शामिल होनेवाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्त तक पुलिस उपनिरीक्षक पद तक पदोन्नति देने का प्रावधान भी सरकार की ओर से किया जा रहा है. ताकि हर कर्मचारी सेवानिवृत्ती के बाद सम्मानपूर्ण जीवन जी सके. इस समय जिला पालकमंत्री यशोमति ठाकुर ने गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटील के समक्ष यातायात पुलिस कर्मचारियों की समस्याएं उठाते हुए कहा कि, यातायात पुलिस द्वारा पूरा दिन सार्वजनिक स्थानों पर ड्यूटी की जाती है. जिनमें महिला पुलिस कर्मियों का भी समावेश होता है. किंतु अधिकांश स्थानों पर स्वच्छता गृह उपलब्ध नहीं रहने से उन्हें असुविधा का सामना करना पडता है. चूंकि यह सीधे स्वास्थ्य से जुडा मसला है. अतः इस ओर ध्यान दिया जाना चाहिए और इस कार्य हेतु आवश्यक प्रावधान किये जाने चाहिए. इस बैठक के दौरान विशेष पुलिस महानिरीक्षक चंद्रकिशोर मीणा ने अमरावती परिक्षेत्र तथा शहर पुलिस आयुक्त डॉ. आरती सिंह ने शहर पुलिस आयुक्तालय की आस्थापना, क्षेत्र में घटित अपराध व की गई कारवाईयों के साथ ही प्रभावी पुलिसिंग के लिए किये जा रहे कामों को लेकर जानकारी देते हुए प्रेझेंटेशन किया. वहीं इस अवसर पर शहर पुलिस आयुक्तालय द्वारा प्रकाशित 'साईबर अपराधों को लेकर जनजागृति' व 'सम्मान' नामक दो पुस्तिकाओं का विमोचन गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटील के हाथों किया गया. इस बैठक के बाद गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटील के हाथों शहर पुलिस आयुक्तालय अंतर्गत आपातकालीन सहायता क्रमांक एक सौ बारह एवं एक सौ बारह सहायता वाहन का भी विधिवत उद्घाटन किया गया. इस सेवा का शुभारंभ करते हुए गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटील ने उम्मीद जतायी कि, इस जरिये किसी भी आपदा अथवा मुसीबत में फंसनेवाले लोगों को सही समय पर मदद प्राप्त हो सकेगी. साथ ही इस जरिये प्रभावी पुलिसिंग की जा सकेगी.
Gwalior pollution Board News: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। कागजों में चल रहे पांच अस्पताल संचालकों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कारण बताओ नोटिस थमा दिया। प्रदूषण बोर्ड के अफसरों का कहना है कि 15 दिन में जबाव मांगा है। जिसके बाद अस्पताल संचालन की अनुमति रद्द कर दी जाएगी और अस्पताल की मान्यता के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखा जाएगा। इसके अलावा सिंगलयूज प्लास्टिक का पैकेजिंग मटेरियल बना रही तीन इंडस्ट्री को भी नोटिस दिया है। गौरतलब है कि नईदुनिया टीम ने शहर के चार और एक दतिया जिले में कगजों में संचालित हो रहे कुल पांच अस्पतालों का गड़बड़झाला उजागर किया था। 15 जनवरी के अंक में 'सिर्फ कागजों में संचालित हो रहे अस्पताल ,जिम्मेदारों ने कर दिया भौतिक सत्यापन"नाम से खबर का प्रकाशन किया था। जिसके बाद भोपाल के अफसरों ने अस्पताल संचालन की मान्यता रद्द करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों को निर्देश जारी किए थे। इसके साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पूर्व में जो अफसरों ने भौतिक सत्यापन किया उनके खिलाफ जांच बैठाने के निर्देश दिए हैं। असल में यह सभी पांचों अस्पताल 100 बेड से अधिक की अनुमति स्वास्थ्य विभाग से लेकर नर्सिंग कालेज से संबंद्ध हैं। शहर में बड़ागांव पर संचालित गालव सुपर स्पेशियलिटी हास्पिटल,निरावली पर फैमिली केयर अस्पताल, पिछोर तिराह पर स्थित ईश्वर अस्पताल, गौतम अस्पताल और दतिया के धीरपुरा में स्थित अर्चना अस्पताल । यह सभी अस्पताल जिस स्थान पर संचालित होना बताया जाता है वह उस स्थान पर मौजूद नहीं पाए गए थे। जबकि इन अस्पतालों काे मान्यता देने से पहले भौतिक सत्यापन मुख्य चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से कराया जाता है इसके बाद संचालन की अनुमति के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा इनका भौतिक सत्यापन किया जाता है। 100 बेड से अधिक के अस्पताल में आक्सीजन प्लांट या टैंक की उपलब्धता सुनश्चित करनी होती है तथा इन्हें गूगल मैप पर इसकी लोकेशन देनी होती है। जिम्मेदारों ने इन अस्पतालों का भौतिक सत्यापन करने के साथ उनकी लोकेशन गूगल मैप पर भी डाल दी। हजीरा में ग्वालियर प्लास्टिक, झूलेलाल इंडस्ट्री और शिवपुरी में ओम पैकेजिंग इंडस्ट्री प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से बिना अनुमति लिए सिंगल यूज प्लासिट का पैकेजिंग सामान बना रही हैं। जिसको लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा इन तीनों के खिलाफ नोटिस जारी करते हुए 15 दिन में जबाव प्रस्तुत करने के लिए कहा है। यदि 15 दिन में संतुष्टीपूर्वक जबाव नहीं मिलता तो इनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी। जो अस्पताल कागजों में संचालित हो रहे हैं उन्हें नोटिस जारी कर दिया गया है। 15 दिन बाद उनके संचालन की अनुमति रद्द कर दी जाएगी। इसके साथ ही तीन इंडस्ट्री जो सिंगल यूज प्लास्टिक के पैकेजिंग सामान बना रही है उन्हें भी नोटिस जारी किया गया है।
Gwalior pollution Board News: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। कागजों में चल रहे पांच अस्पताल संचालकों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कारण बताओ नोटिस थमा दिया। प्रदूषण बोर्ड के अफसरों का कहना है कि पंद्रह दिन में जबाव मांगा है। जिसके बाद अस्पताल संचालन की अनुमति रद्द कर दी जाएगी और अस्पताल की मान्यता के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखा जाएगा। इसके अलावा सिंगलयूज प्लास्टिक का पैकेजिंग मटेरियल बना रही तीन इंडस्ट्री को भी नोटिस दिया है। गौरतलब है कि नईदुनिया टीम ने शहर के चार और एक दतिया जिले में कगजों में संचालित हो रहे कुल पांच अस्पतालों का गड़बड़झाला उजागर किया था। पंद्रह जनवरी के अंक में 'सिर्फ कागजों में संचालित हो रहे अस्पताल ,जिम्मेदारों ने कर दिया भौतिक सत्यापन"नाम से खबर का प्रकाशन किया था। जिसके बाद भोपाल के अफसरों ने अस्पताल संचालन की मान्यता रद्द करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों को निर्देश जारी किए थे। इसके साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पूर्व में जो अफसरों ने भौतिक सत्यापन किया उनके खिलाफ जांच बैठाने के निर्देश दिए हैं। असल में यह सभी पांचों अस्पताल एक सौ बेड से अधिक की अनुमति स्वास्थ्य विभाग से लेकर नर्सिंग कालेज से संबंद्ध हैं। शहर में बड़ागांव पर संचालित गालव सुपर स्पेशियलिटी हास्पिटल,निरावली पर फैमिली केयर अस्पताल, पिछोर तिराह पर स्थित ईश्वर अस्पताल, गौतम अस्पताल और दतिया के धीरपुरा में स्थित अर्चना अस्पताल । यह सभी अस्पताल जिस स्थान पर संचालित होना बताया जाता है वह उस स्थान पर मौजूद नहीं पाए गए थे। जबकि इन अस्पतालों काे मान्यता देने से पहले भौतिक सत्यापन मुख्य चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से कराया जाता है इसके बाद संचालन की अनुमति के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा इनका भौतिक सत्यापन किया जाता है। एक सौ बेड से अधिक के अस्पताल में आक्सीजन प्लांट या टैंक की उपलब्धता सुनश्चित करनी होती है तथा इन्हें गूगल मैप पर इसकी लोकेशन देनी होती है। जिम्मेदारों ने इन अस्पतालों का भौतिक सत्यापन करने के साथ उनकी लोकेशन गूगल मैप पर भी डाल दी। हजीरा में ग्वालियर प्लास्टिक, झूलेलाल इंडस्ट्री और शिवपुरी में ओम पैकेजिंग इंडस्ट्री प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से बिना अनुमति लिए सिंगल यूज प्लासिट का पैकेजिंग सामान बना रही हैं। जिसको लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा इन तीनों के खिलाफ नोटिस जारी करते हुए पंद्रह दिन में जबाव प्रस्तुत करने के लिए कहा है। यदि पंद्रह दिन में संतुष्टीपूर्वक जबाव नहीं मिलता तो इनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी। जो अस्पताल कागजों में संचालित हो रहे हैं उन्हें नोटिस जारी कर दिया गया है। पंद्रह दिन बाद उनके संचालन की अनुमति रद्द कर दी जाएगी। इसके साथ ही तीन इंडस्ट्री जो सिंगल यूज प्लास्टिक के पैकेजिंग सामान बना रही है उन्हें भी नोटिस जारी किया गया है।
शरीर में हड्डियों का मजबूत होना क्योंकि अगर हड्डियां कमजोर हो गईं तो आपका चलना फिरना भी मुश्किल हो जायेगा। मौजूदा समय में लोग खराब खान पान की वजह से कम उम्र में ही गठिया, घुटनों और कूल्हों के दर्द की समस्या से परेशान रहने लगे हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे फ़ूड बतायेंगे जिन्हें खाने में शामिल करके आप बोन संबंधित परेशानियों से खुद को बचा सकते हैं। आइए जानते हैं वो कौन-कौन से फूड हैं। (Calcium Food Sources) कैल्शियम फूड (Calcium Food Sources) - कैल्शियम की जरूरत को पूरा करने के लिए आप डेयरी प्रोडक्ट का सेवन कर सकते हैं। अगर आप चाहती हैं आपकी हड्डियां मजबूत बनी रहें तो पनीर, दूध, खोया, दही को अपने खाने में जरुर शामिल करें। - अंडा भी एक अच्छा ऑप्शन है हड्डियों की मजबूती के लिए। अंडे में विटामिन डी भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो बोन की हेल्थ के लिए बहुत आवश्यक होता है। रोजाना उबला अंडा या फिर उसका आमलेट खाने से हड्एडियां मजबूत होती हैं। यह गुड फैट को भी बढ़ाता है। (Calcium Food Sources) - सोयाबीन को भी कैल्शियम का एक अच्छा स्रोत माना जाता है। इसमें विटामिन बी, विटामिन डी और कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। आप इसकी सब्जी, टोफू, सोया मिल्क, चंक्स आदि के तरीके से इसका सेवन कर सकते हैं। - अंकुरित मूंग में भी कैल्शियम पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। यह शरीर के वजन को भी कम करने में मददगार होता है। (Calcium Food Sources) - गुड़ को अलग-अलग तरह से खाया जाता है। आपको बता दें की 100 ग्राम गुड़ 1638 मिलीग्राम कैल्शियम पाया जाता है। प्रतिदिन थोडा सा गुड खाने से कैल्शियम की अच्छी खासी मात्रा प्राप्त की जा सकती है। (Calcium Food Sources)
शरीर में हड्डियों का मजबूत होना क्योंकि अगर हड्डियां कमजोर हो गईं तो आपका चलना फिरना भी मुश्किल हो जायेगा। मौजूदा समय में लोग खराब खान पान की वजह से कम उम्र में ही गठिया, घुटनों और कूल्हों के दर्द की समस्या से परेशान रहने लगे हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे फ़ूड बतायेंगे जिन्हें खाने में शामिल करके आप बोन संबंधित परेशानियों से खुद को बचा सकते हैं। आइए जानते हैं वो कौन-कौन से फूड हैं। कैल्शियम फूड - कैल्शियम की जरूरत को पूरा करने के लिए आप डेयरी प्रोडक्ट का सेवन कर सकते हैं। अगर आप चाहती हैं आपकी हड्डियां मजबूत बनी रहें तो पनीर, दूध, खोया, दही को अपने खाने में जरुर शामिल करें। - अंडा भी एक अच्छा ऑप्शन है हड्डियों की मजबूती के लिए। अंडे में विटामिन डी भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो बोन की हेल्थ के लिए बहुत आवश्यक होता है। रोजाना उबला अंडा या फिर उसका आमलेट खाने से हड्एडियां मजबूत होती हैं। यह गुड फैट को भी बढ़ाता है। - सोयाबीन को भी कैल्शियम का एक अच्छा स्रोत माना जाता है। इसमें विटामिन बी, विटामिन डी और कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। आप इसकी सब्जी, टोफू, सोया मिल्क, चंक्स आदि के तरीके से इसका सेवन कर सकते हैं। - अंकुरित मूंग में भी कैल्शियम पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। यह शरीर के वजन को भी कम करने में मददगार होता है। - गुड़ को अलग-अलग तरह से खाया जाता है। आपको बता दें की एक सौ ग्राम गुड़ एक हज़ार छः सौ अड़तीस मिलीग्राम कैल्शियम पाया जाता है। प्रतिदिन थोडा सा गुड खाने से कैल्शियम की अच्छी खासी मात्रा प्राप्त की जा सकती है।
Highlightsभारत के कप्तान विराट कोहली ने अर्धशतक बनाया। बुमराह ने छह ओवर में 15 रन देकर दो विकेट चटकाये। कोहली 96 गेंद में 50 रन बनाकर आउट हुए। IND vs ENG: भारतीय टीम के आलराउंडर शारदुल ठाकुर ने विस्फोटक पारी खेली। मात्र 31 बॉल पर 50 रन बनाए। कुल मिलाकर 36 बॉल में 57 रन की पारी खेली। जिसमें 7 चौके और तीन छक्के शामिल हैं। ठाकुर ने भारत के पूर्व ओपनर वीरेंद्र सहवाग का रिकार्ड तोड़ डाला। वीरेंद्र सहवाग ने पाकिस्तान (2008) के खिलाफ 32 बॉल में अर्धशतक बनाया था। ठाकुर से आगे केवल भारत के पूर्व कप्तान कपिलदेव हैं, जिन्होंने 30 गेंद में पाकिस्तान के खिलाफ 50 रन बनाए थे। यह रिकॉर्ड 1982 में बना था। शारदुल ठाकुर को छोड़कर भारत का कोई बल्लेबाज इंग्लैंड के गेंदबाजों की स्विंग और सीम का सामना नहीं कर सका। ठाकुर ने टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक बनाने के वीरेंद्र सहवाग के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया। "द पालघर एक्सप्रेस" अब पूर्व कप्तान कपिल देव के बाद सूची में दूसरे स्थान पर है। शारदुल ठाकुर ने इयान बॉथम के इंग्लैंड की धरती पर सबसे तेज टेस्ट अर्धशतक बनाने का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। बॉथम ने 1986 में 32 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की थी। भारत ने सात विकेट 127 रन पर गंवा दिये थे लेकिन अपना चौथा टेस्ट खेल रहे गेंदबाजी हरफनमौला खिलाड़ी ठाकुर ने 36 गेंद में 57 रन बनाकर टीम को 200 के करीब पहुंचाया। उन्होंने उमेश के साथ आठवें विकेट के लिये 63 रन जोड़े। भारतीय पारी 61 . 3 ओवर में खत्म हो गई और एक बार फिर नामी गिरामी बल्लेबाजों ने निराश किया । ठाकुर के अलावा कप्तान विराट कोहली ने अर्धशतक जमाया लेकिन इन दोनों को छोड़कर कोई और बल्लेबाज 20 रन के पार नहीं पहुंच सका। जसप्रीत बुमराह ने खतरनाक पहले स्पैल में दो विकेट चटकाकर चौथे क्रिकेट टेस्ट के पहले दिन भारत को मैच में लौटाया । पहले दिन का खेल समाप्त होने पर भारत के 191 रन के जवाब में इंग्लैंड ने तीन विकेट 53 रन पर गंवा दिये थे।
Highlightsभारत के कप्तान विराट कोहली ने अर्धशतक बनाया। बुमराह ने छह ओवर में पंद्रह रन देकर दो विकेट चटकाये। कोहली छियानवे गेंद में पचास रन बनाकर आउट हुए। IND vs ENG: भारतीय टीम के आलराउंडर शारदुल ठाकुर ने विस्फोटक पारी खेली। मात्र इकतीस बॉल पर पचास रन बनाए। कुल मिलाकर छत्तीस बॉल में सत्तावन रन की पारी खेली। जिसमें सात चौके और तीन छक्के शामिल हैं। ठाकुर ने भारत के पूर्व ओपनर वीरेंद्र सहवाग का रिकार्ड तोड़ डाला। वीरेंद्र सहवाग ने पाकिस्तान के खिलाफ बत्तीस बॉल में अर्धशतक बनाया था। ठाकुर से आगे केवल भारत के पूर्व कप्तान कपिलदेव हैं, जिन्होंने तीस गेंद में पाकिस्तान के खिलाफ पचास रन बनाए थे। यह रिकॉर्ड एक हज़ार नौ सौ बयासी में बना था। शारदुल ठाकुर को छोड़कर भारत का कोई बल्लेबाज इंग्लैंड के गेंदबाजों की स्विंग और सीम का सामना नहीं कर सका। ठाकुर ने टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक बनाने के वीरेंद्र सहवाग के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया। "द पालघर एक्सप्रेस" अब पूर्व कप्तान कपिल देव के बाद सूची में दूसरे स्थान पर है। शारदुल ठाकुर ने इयान बॉथम के इंग्लैंड की धरती पर सबसे तेज टेस्ट अर्धशतक बनाने का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। बॉथम ने एक हज़ार नौ सौ छियासी में बत्तीस गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की थी। भारत ने सात विकेट एक सौ सत्ताईस रन पर गंवा दिये थे लेकिन अपना चौथा टेस्ट खेल रहे गेंदबाजी हरफनमौला खिलाड़ी ठाकुर ने छत्तीस गेंद में सत्तावन रन बनाकर टीम को दो सौ के करीब पहुंचाया। उन्होंने उमेश के साथ आठवें विकेट के लिये तिरेसठ रन जोड़े। भारतीय पारी इकसठ . तीन ओवर में खत्म हो गई और एक बार फिर नामी गिरामी बल्लेबाजों ने निराश किया । ठाकुर के अलावा कप्तान विराट कोहली ने अर्धशतक जमाया लेकिन इन दोनों को छोड़कर कोई और बल्लेबाज बीस रन के पार नहीं पहुंच सका। जसप्रीत बुमराह ने खतरनाक पहले स्पैल में दो विकेट चटकाकर चौथे क्रिकेट टेस्ट के पहले दिन भारत को मैच में लौटाया । पहले दिन का खेल समाप्त होने पर भारत के एक सौ इक्यानवे रन के जवाब में इंग्लैंड ने तीन विकेट तिरेपन रन पर गंवा दिये थे।
टीवी एक्ट्रेस अनुष्का सेन आज किसी भी परिचय की मोहताज नहीं हैं। महज 20 साल की उम्र में एक्ट्रेस ने कामयाबी हासिल की है। गर्मी के सीजन में क्या पहना जाए ये सबसे ज्यादा मुश्किल है, लेकिन एक्ट्रेस के ये लुक्स आपको समर में भी स्टाइलिश लुक देंगे। समर में ज्यादातर लोग फ्लावर प्रिंट पहनना पसंद करते हैं, एक्ट्रेस के इस वन पीस से आप भी इंस्पिरेशन ले सकते हैं। ब्लैक कलर के क्रॉप टॉप और डेनिम जीन्स में एक्ट्रेस का ये लुक आप समर में कैरी कर सकते हैं। अगर आप भी अनुष्का सेन की तरह ही पार्टीज के दीवाने हैं तो एक्ट्रेस की इस हाई थाई स्लिट ड्रेस से आइडिया लें। वेस्टर्न लुक हो या फिर इंडियन अनुष्का सेन हर आउटफिट में बेहद खूबसूरत लगती हैं, एक्ट्रेस का ये सूट लुक भी गजब का है। अनुष्का सेन सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा एक्टिव रहती हैं और अपनी खूबसूरत फोटोज शेयर करती रहती हैं। फैन फॉलोइंग के मामले में एक्ट्रेस कई सेलिब्रिटीज को टक्कर देती हैं, इंस्टाग्राम पर उन्हें करीब 40 मिलियन लोग फॉलो करते हैं।
टीवी एक्ट्रेस अनुष्का सेन आज किसी भी परिचय की मोहताज नहीं हैं। महज बीस साल की उम्र में एक्ट्रेस ने कामयाबी हासिल की है। गर्मी के सीजन में क्या पहना जाए ये सबसे ज्यादा मुश्किल है, लेकिन एक्ट्रेस के ये लुक्स आपको समर में भी स्टाइलिश लुक देंगे। समर में ज्यादातर लोग फ्लावर प्रिंट पहनना पसंद करते हैं, एक्ट्रेस के इस वन पीस से आप भी इंस्पिरेशन ले सकते हैं। ब्लैक कलर के क्रॉप टॉप और डेनिम जीन्स में एक्ट्रेस का ये लुक आप समर में कैरी कर सकते हैं। अगर आप भी अनुष्का सेन की तरह ही पार्टीज के दीवाने हैं तो एक्ट्रेस की इस हाई थाई स्लिट ड्रेस से आइडिया लें। वेस्टर्न लुक हो या फिर इंडियन अनुष्का सेन हर आउटफिट में बेहद खूबसूरत लगती हैं, एक्ट्रेस का ये सूट लुक भी गजब का है। अनुष्का सेन सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा एक्टिव रहती हैं और अपनी खूबसूरत फोटोज शेयर करती रहती हैं। फैन फॉलोइंग के मामले में एक्ट्रेस कई सेलिब्रिटीज को टक्कर देती हैं, इंस्टाग्राम पर उन्हें करीब चालीस मिलियन लोग फॉलो करते हैं।